चेन्नई, तीन सितंबर तमिलनाडु विधानसभा ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा पेश किए गए उस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार से मद्रास उच्च न्यायालय की प्रमुख के रूप में तमिल को मान्यता देने का आग्रह किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि यह प्रस्ताव किसी भी के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत का संविधान संघीय व्यवस्था के सिद्धांत को कायम रखते हुए और भारत के बहुभाषी तथा बहुसांस्कृतिक स्वरूप को मान्यता देते हुए, राज्यों को अपनी-अपनी आधिकारिक भाषाओं के इस्तेमाल के लिए विभिन्न कानूनी रास्ते उपलब्ध कराता है।’’विजय ने कहा, ‘‘तमिलनाडु विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से आग्रह करती है कि मद्रास उच्च न्यायालय की प्रमुख के रूप में तमिल के इस्तेमाल को सुगम बनाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।’’प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विधायकों ने लंबे समय से इस मांग को उठाये जाने का उल्लेख किया और इस संबंध में अपने-अपने नेताओं द्वारा की गई पहल और प्रयासों को भी याद किया। मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सहित प्रमुख राजनीतिक दलों के विधायकों ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सदन में अपनी बात रखी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष जे. सी. डी. प्रभाकर ने घोषणा की कि प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। अन्नाद्रमुक के पूर्व मंत्री सी. वी. षणमुगम ने कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय का नाम बदलकर तमिलनाडु उच्च न्यायालय किया जाना चाहिए। द्रमुक के ई. वी. वेलु ने भी इसी तरह की मांग की। षणमुगम ने ‘‘उत्तर-दक्षिण’’ विभाजन का आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को अपने-अपने उच्च न्यायालय में हिंदी के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। हालांकि, मद्रास उच्च न्यायालय में तमिल के इस्तेमाल की मांग को मंजूरी नहीं दी गई है। द्रमुक के एस. रेगुपति ने कहा कि पार्टी के नेता दिवंगत एम. करुणानिधि ने ही उच्च न्यायालय की के रूप में तमिल को मान्यता दिलाने के प्रयास शुरू किए थे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में उच्च न्यायालय में तमिल के इस्तेमाल के पक्ष में दो बार प्रस्ताव पारित किए गए थे। कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी प्रस्ताव में तमिल को उच्च न्यायालय की प्रमुख का दर्जा देने की मांग की गई है। हालांकि, रेगुपति ने दोहराया कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकारें उच्च न्यायालय में तमिल के इस्तेमाल के पक्ष में लगातार आवाज उठाती रही हैं। तमिल को उच्च न्यायालय की प्रमुख का दर्जा देने की मांग वाले प्रस्ताव में तमिल को शास्त्रीय का दर्जा प्राप्त होने, तमिल में कानूनी शब्दावली के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति और तकनीक आधारित अनुवाद जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव में एक ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है, जिसके तहत उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए सभी फैसले और न्यायिक आदेश तमिल में भी उपलब्ध कराए जाएं। प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया कि तमिल दुनिया की प्राचीन भाषाओं में से एक है, जिसकी व्याकरणिक और साहित्यिक विरासत कई हजार वर्षों से चली आ रही है। इसमें केंद्र सरकार से उच्च न्यायालय की के रूप में तमिल के इस्तेमाल की अनुमति देने का आग्रह किया गया है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 348(1)(ए) के अनुसार, उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियां अंग्रेजी में होंगी। हालांकि, किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, उस राज्य में मुख्य पीठ वाले उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी या राज्य के किसी अन्य आधिकारिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाली के उपयोग को अधिकृत कर सकता है। कैबिनेट समिति के 21 मई 1965 के निर्णय में यह प्रावधान किया गया था कि उच्च न्यायालय में अंग्रेजी के अलावा किसी अन्य के इस्तेमाल से संबंधित किसी भी प्रस्ताव पर भारत के प्रधान न्यायाधीश की सहमति लेनी होगी।
Tamil Nadu CM C. Joseph Vijay विधानसभा में Madras High Court की भाषा के लिए प्रस्ताव लाएंगे
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसमें केंद्र से तमिल को मद्रास उच्च न्यायालय की प्रमुख के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री विजय द्वारा पेश किए जाने वाले प्रस्ताव में कहा गया है कि तमिल दुनिया की प्राचीन भाषाओं में से एक है और इसकी व्याकरण तथा साहित्यिक विरासत कई हजार वर्ष पुरानी है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में DVAC की बड़ी कार्रवाई, 1.21 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी व डिजिटल लेनदेन पकड़ा प्रस्ताव में केंद्र से उच्च न्यायालय की कार्यवाही में तमिल के इस्तेमाल की अनुमति देने का आग्रह किया जाएगा। विधानसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। राज्य सरकार के प्रस्ताव में ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की जाएगी, जिसके तहत उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए सभी फैसले, डिक्री और न्यायिक आदेश तमिल में भी उपलब्ध कराए जाएं।
Tamil Nadu में DVAC की बड़ी कार्रवाई, 1.21 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी व डिजिटल लेनदेन पकड़ा
(प्रादे53 डेट लाइन में तारीख सुधारते हुए रिपीट)चेन्नई, दो सितंबर तमिलनाडु सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने अगस्त महीने में राज्यभर में 1.21 करोड़ रुपये से अधिक की बेहिसाब नकदी और डिजिटल लेनदेन का पता लगाया तथा कई सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डीवीएसी की ओर से एक सितंबर को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एक अगस्त से 31 अगस्त के बीच विभाग ने राज्य में 19 जगहों पर जाल बिछाकर कार्रवाई की। ये कार्रवाई उन सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाकर की गई, जो सरकारी काम कराने के बदले 1,000 रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक की रिश्वत मांग रहे थे और ले रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में राजस्व मंडल अधिकारी, प्रखंड विकास अधिकारी, सहायक कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ सहायक, वाणिज्य निरीक्षक, सचिव, ग्राम प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम सहायक, पुलिस उप निरीक्षक और सहायक स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसी अवधि के दौरान डीवीएसी की टीमों और जिला निरीक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने विभिन्न राज्य सरकारी कार्यालयों में औचक जांच की। इस दौरान 28,24,945 रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गई और संदिग्ध गूगल पे लेनदेन के माध्यम से 89,89,663 रुपये के हस्तांतरण का पता चला। कुल मिलाकर यह राशि 1,18,14,608 रुपये रही। इसके अलावा, राज्य की सीमाओं पर स्थित वाहन जांच चौकियों पर की गई औचक जांच में 3,36,200 रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की गई। कुल मिलाकर, औचक निरीक्षणों में 31,61,145 रुपये नकद जब्त किए गए और 89,89,663 रुपये के डिजिटल लेनदेन का पता चला। इससे बेहिसाब राशि का कुल आंकड़ा 1,21,50,808 रुपये हो गया। इस संबंध में मामले दर्ज कर जांच जारी है। डीवीएसी ने इसी अवधि में भ्रष्टाचार के तीन मामलों में दोषसिद्धि की जानकारी भी दी। ये फैसले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की विशेष अदालतों और तिरुनेलवेली, तिरुचिरापल्ली तथा पेरम्बलूर की प्रधान जिला एवं सत्र अदालतों में सुनाए गए। दोषी ठहराए गए अधिकारियों में आदि द्रविड़ कल्याण अधिकारी, आदि द्रविड़ कल्याण अधीक्षक, ग्राम प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस निरीक्षक शामिल हैं। उन्हें दो से चार साल तक के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई, साथ ही 2,000 रुपये से 20,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया।
इंटरनेट डेस्क। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय अपने अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते है। हाल ही में सलेम जिले में मंगलवार की दोपहर खेतों में काम कर रहीं बुजुर्ग महिला चेलम के लिए किसी आम दिन की तरह शुरू हुई थी, उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उनकी जिंदगी का एक ऐसा पल कैमरों में कैद होगा, जिसे वह उम्रभर नहीं भूल पाएंगी। मुख्यमंत्री विजय से करीब 15 मिनट की मुलाकात ने उनके इस साधारण से दिन को बेहद खास बना दिया। क्या बताया महिला ने मीडिया रिपोटर्स की माने तो चेलम की खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने इस मुलाकात को ‘एक करोड़ रुपये जीतने’ जैसा अनुभव बताया। दरअसल सीएम विजय मेट्टूर जलविद्युत बिजलीघर का निरीक्षण करने और सिंचाई के लिए स्टेनली जलाशय के फाटक खोलने के बाद सलेम हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे, रास्ते में उनकी नजर सड़क किनारे खेतों में काम कर रही बुजुर्ग महिलाओं के एक समूह पर पड़ी। इसके बाद विजय ने अचानक अपना काफिला रुकवाया और खुद गाड़ी से उतरकर उन महिलाओं से मिलने पहुंच गए। मुख्यमंत्री के काफिले के रुकते ही आसपास हलचल बढ़ गई, खेतों और सड़क किनारे मौजूद लोग यह देखने के लिए जुटने लगे कि आखिर हो क्या रहा है। इसी दौरान चेलम भी वहां पहुंचीं और मुख्यमंत्री विजय को देखते ही बिना किसी झिझक के उनके पास चली गईं। चेलम ने विजय का हाथ पकड़ लिया, वह बताती हैं कि मुख्यमंत्री ने सबसे पहले उनसे बेहद सामान्य लेकिन अपनापन भरा सवाल पूछा, ‘क्या आपने खाना खा लिया है?’ इस सवाल का चेलम ने जो जवाब दिया, उसने इस मुलाकात को और खास बना दिया उन्होंने विजय से कहा कि उन्होंने अभी खाना नहीं खाया, क्योंकि वह पहले उनसे मिलना चाहती थीं और उनका इंतजार कर रही थीं। गिफ्ट किया महंगा चश्मा विजय ने उनका नाम पूछा, उनका हालचाल जाना और फिर आसपास मौजूद किसान परिवार के घर और पशुओं के बाड़े का भी मुआयना किया, इसके बाद आया वह पल, जिसने पूरे घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया, सीएम विजय ने अपना महंगा चश्मा उतारा और प्यार से चेलम को पहनाया, यह चश्मा कोई आम नहीं, बल्कि मशहूर लग्जरी फैशन ब्रैंड क्रिस्टियन डियोर का था, जिसकी कीमत करीब 39 से 58 हजार रुपये के बीच आती है।
CM Vijay ने खोला Mettur Dam, कहा- कावेरी जल तमिलनाडु का कानूनी अधिकार, Karnataka को दी कड़ी चेतावनी
कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक के साथ चल रहे विवाद के बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने का आदेश दिया, ताकि पीने के पानी की ज़रूरतें पूरी हो सकें और कावेरी डेल्टा में सांबा की खेती हो सके। उन्होंने मंगलवार सुबह सलेम में पानी छोड़ा। हालांकि, विजय ने कहा कि कावेरी नदी का पानी - जो दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है - तमिलनाडु का कानूनी अधिकार है। यह अधिकार कावेरी ट्रिब्यूनल के अंतिम फैसले और सुप्रीम कोर्ट के 16 फरवरी, 2018 के फैसले के तहत मिला है। न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, विजय ने कहा हम किसी भी हाल में यह अधिकार नहीं छोड़ेंगे। सरकार तमिलनाडु का वाजिब हिस्सा दिलाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। 17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को निर्देश दिया कि वह तमिलनाडु को पानी छोड़ने के संबंध में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करे। साथ ही, कोर्ट ने यह देखने के लिए एक हफ़्ते और इंतज़ार करने का फ़ैसला किया कि क्या राज्य पानी के बंटवारे के आदेश का पालन करना जारी रखता है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | TVK और कांग्रेस में मतभेद की खबरें खारिज, सीएम विजय ने राहुल गांधी को माना 2029 का पीएम उम्मीदवार मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। मुख्यमंत्री विजय के कार्यालय ने कहा कि मेट्टूर बांध से छोड़े जाने वाले पानी की हर एक क्यूबिक फ़ीट मात्रा का इस्तेमाल किसानों के फ़ायदे के लिए किया जाएगा। साथ ही, अधिकारी पानी की अनधिकृत निकासी पर सख़्त कार्रवाई करेंगे, जिसमें कावेरी नदी और उसकी नहरों से इलेक्ट्रिक मोटर के ज़रिए पानी निकालना भी शामिल है। जो लोग अधिकृत पंपिंग योजनाओं के तहत तय मात्रा से ज़्यादा पानी निकालेंगे, उनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मेट्टूर बांध में 54.452 TMC पानी जमा है, जलस्तर 91.56 फीट है और पानी का बहाव (इनफ्लो) 10,857 क्यूसेक दर्ज किया गया है। सरकार बांध में जमा पानी और बहाव पर कड़ी नज़र रखेगी और सिंचाई की ज़रूरतों के आधार पर चरणों में पानी छोड़ेगी। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood में साड़ी बनी की लाइफलाइन, 21 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों की ऐसे बचाई जान ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, पानी की सप्लाई का सही तरीके से मैनेजमेंट सुनिश्चित करने के लिए कृषि और किसान कल्याण, जल संसाधन, और राजस्व और आपदा प्रबंधन विभागों को संबंधित ज़िला प्रशासनों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है। इन उपायों को लागू करने के लिए, जल संसाधन, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभागों, पुलिस और TANGEDCO के अधिकारियों की संयुक्त टीमें तैनात की जाएंगी। ये टीमें पानी की अवैध निकासी को रोकने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी करेंगी। इस बीच, राज्य सरकार कावेरी के पानी में तमिलनाडु के हिस्से को सुरक्षित रखने और डेल्टा क्षेत्र के किसानों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रही है और कानूनी व प्रशासनिक कदम उठा रही है।
चीन-नेपाल सीमा के पास स्थित हिमालयी क्षेत्र में बर्फीले पानी, मलबा और हिमस्खलन के कारण आई प्रलयंकारी बाढ़ में नेपाल बुरी तरह तबाह हो गया है। राहत व बचाव कार्य के छठे दिन सोमवार तक नेपाल में मरने वालों की संख्या 939 तक पहुंच गई है, जबकि लगभग 3,925 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। तिब्बत में दर्ज 16 मौतों के साथ इस क्षेत्रीय आपदा में कुल मौतों का आंकड़ा 955 और लापता लोगों की संख्या 4,471 हो चुकी है। नेपाल में लापता लोगों की सूची में 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। जलविद्युत परियोजनाओं से लापता श्रमिकों की संख्या, जो इस बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए थे, सोमवार को घटकर 639 हो गई, जबकि पहले यह संख्या 933 होने का अनुमान था। नेपाल की आपदा एजेंसी ने बताया कि 3,333 नेपाली नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। नुवाकोट जिले से 1,158 लोगों के लापता होने की खबर है, जबकि पड़ोसी रसुवा जिले में 865 लोगों का कोई पता नहीं है। लापता लोगों में नेपाली सेना के 45 जवान, पुलिस के 38 अधिकारी और कस्टम व इमिग्रेशन विभाग के 18 अधिकारी भी शामिल हैं। पड़ोसी देश भारत में, उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने नेपाल से बहकर आने वाली नदियों से 17 शव बरामद किए हैं, जिनके बाढ़ का शिकार होने की आशंका है। इन शवों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं और इन्हें आधिकारिक तौर पर मरने वालों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। PM बालेन शाह ने क्लाइमेट एक्शन की मांग की नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि हिमालय में आई यह जानलेवा बाढ़ कोई सामान्य आपदा नहीं थी। उन्होंने इस त्रासदी को जलवायु परिवर्तन से बढ़ते खतरों से जोड़ा और इस दिशा में बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की। इसे भी पढ़ें: बेंगलुरु दक्षिण में जाली नोट छापने का भंडाफोड़, पुलिस ने सात आरोपियों को किया गिरफ्तार चीन-नेपाल सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने से बर्फीले पानी, बर्फ और मलबे का भारी सैलाब आया था। इस आपदा में कम से कम 939 लोगों की मौत हुई है और लगभग 4,500 लोग लापता हैं, जबकि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पुनर्निर्माण की लागत अरबों डॉलर तक पहुंच सकती है। शाह ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, रसुवा में भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ कोई सामान्य बाढ़ नहीं थी। उन्होंने कहा, यह इस इलाके की बड़ी आपदाओं में से एक थी, जो हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और हिमस्खलन की वजह से हुई थी। हालांकि इसके गिरने की असल वजह अभी साफ़ नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया भर में ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे हैं और ऐसी आपदाओं का ख़तरा बढ़ रहा है। ग्लोबल तापमान बढ़ने के साथ हिमालय तेज़ी से गर्म हो रहा है। शाह ने कहा, यह घटना बताती है कि जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्र में हमारे सामने आने वाले ख़तरे भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस इलाके को सतर्क रहने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | TVK और कांग्रेस में मतभेद की खबरें खारिज, सीएम विजय ने राहुल गांधी को माना 2029 का पीएम उम्मीदवार लगभग 3 करोड़ की आबादी वाला नेपाल, जो मुख्य रूप से एक ग्रामीण देश है, ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देने वाली ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में बहुत कम योगदान देता है, लेकिन इसके विनाशकारी नतीजों के प्रति बहुत ज़्यादा संवेदनशील है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi
Tamil Nadu Politics: CM विजय ने राहुल गांधी को माना PM फेस? कांग्रेस नेता का बड़ा दावा, 2029 को लेकर भी किया ऐलान
मुख्यमंत्री Vijay ने Aavin दूध खरीद मूल्य बढ़ाने के साथ थूथुकुडी में थर्मल पावर प्लांट को दी मंजूरी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को राज्य के दूध उत्पादक किसानों के लिए सहकारी समिति ‘आविन के दूध के खरीद मूल्य में और बढ़ोतरी करने तथा बिजली, सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों में कई करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खरीद मूल्य में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे दूध का खरीद मूल्य 41 रुपये से बढ़कर 44 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मूल्य में इस नयी बढ़ोतरी की घोषणा 19 अगस्त को विधानसभा में की गई उस पिछली वृद्धि के ठीक बाद आई है, जिसमें खरीद मूल्य 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं के चारे की बढ़ती लागत और रखरखाव के खर्चों को लेकर दूध उत्पादक किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इस फैसले से राज्य सरकार पर प्रति माह 60 करोड़ रुपये और सालाना 720 करोड़ रुपये का का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में Aavin दूध का खरीद मूल्य 3 रुपये बढ़ा, अब प्रति लीटर मिलेंगे 44 रुपये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री विजय ने राज्य भर में बिजली, सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में कई करोड़ रुपये के बड़े बुनियादी ढांचे के विकास की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु पारेषण सुधार योजना के तहत 196 नये सब-स्टेशन स्थापित करने और 15,000 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनें बिछाने के लिए 33,066 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत थूथुकुडी में 20,800 करोड़ रुपये के निवेश से 1,600 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु के पूर्व मंत्री थोप्पू एन डी वेंकटचलम ने द्रमुक छोड़ी शहरी क्षेत्रों में बाढ़ से बचाव और बिजली की अधिक मांग से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि चेन्नई के बिजली आपूर्ति नेटवर्क को 1,762 करोड़ रुपये की लागत से सुदृढ़ किया जाएगा। कांचीपुरम जिले के मधुरमंगलम में 175 करोड़ रुपये की लागत से एक सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, डिजिटल वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए कोयंबटूर में 400 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रौद्योगिकी केंद्र बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विजय ने औद्योगिक आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए तिरुचिरापल्ली क्षेत्र में एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब स्थापित करने की योजना की भी घोषणा की।
Tamil Nadu में Aavin दूध का खरीद मूल्य 3 रुपये बढ़ा, अब प्रति लीटर मिलेंगे 44 रुपये
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को आविन दूध के खरीद मूल्य में और बढ़ोतरी करने की घोषणा की। इस निर्णय का उद्देश्य राज्य भर के डेयरी किसानों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करना है। ‘आविन’ तमिलनाडु सरकार का आधिकारिक दूध और डेयरी ब्रांड है, जो ‘अमूल’ की तरह एक सहकारी समिति के रूप में संचालित होता है। इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु में आविन दूध का खरीद मूल्य 3 रुपये बढ़ा, सीएम ने की कई बड़ी विकास परियोजनाओं की घोषणा डेयरी किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इसके बाद दूध का खरीद मूल्य 41 रुपये से बढ़कर 44 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मूल्य में इस नयी वृद्धि की घोषणा 19 अगस्त को विधानसभा में की गई उस पिछली बढ़ोतरी के ठीक बाद आई है, जिसमें खरीद मूल्य 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर किया गया था।
Tamil Nadu में गठबंधन पर संकट, PM उम्मीदवार को लेकर Congress-TVK में ठनी! मंत्री की धमकी
तमिलनाडु के कांग्रेस नेताओं ने धमकी दी है कि अगर मुख्यमंत्री विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के अगले उम्मीदवार के तौर पर स्वीकार नहीं करती है, तो वे राज्य कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे देंगे। शनिवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए, तमिलनाडु के पर्यटन मंत्री एस. राजेश कुमार ने कहा कि अगर TVK 2029 के आम चुनावों में गांधी का समर्थन नहीं करती है, तो कांग्रेस के दोनों मंत्री इस्तीफा दे देंगे। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी को पीएम पद का समर्थन न देने पर इस्तीफा देंगे तमिलनाडु के दोनों कांग्रेस मंत्री कुमार ने आगे कहा कि पार्टी अपने रुख से पीछे नहीं हटेगी और ज़ोर देकर कहा कि राहुल गांधी ही एकमात्र ऐसे उम्मीदवार हैं जिनका कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनावों में समर्थन करेगी। कांग्रेस की ओर से ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब TVK लगातार विजय को अगले प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ा रही है। विधानसभा चुनावों के बाद, कांग्रेस ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए TVK के साथ गठबंधन किया। विजय के नेतृत्व वाली नई बनी पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीतीं। इसके बाद TVK ने VCK, IUML, कांग्रेस, CPI और CPI(M) के समर्थन से राज्य सरकार बनाई। राजेश ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी 2029 के लोकसभा चुनावों के बाद अगले प्रधानमंत्री होंगे। अगर TVK उन्हें अस्वीकार करने का फैसला करती है, तो हमारे दोनों मंत्री कैबिनेट से इस्तीफा दे देंगे। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारी पार्टी ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे भी पढ़ें: Jayalalithaa की रणनीति दोहराएंगे Joseph Vijay? PM महत्वाकांक्षा पर DMK-Congress बिफरे कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के साथ गठबंधन का हिस्सा थी, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनावों में TVK के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद उसने यह गठबंधन खत्म कर दिया। पार्टी ने पांच सीटें जीतीं, जबकि TVK ने 108 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की। वहीं, DMK ने 59 सीटें जीती थीं। DMK ने TVK के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की थी और उस पर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया था; तब से वह INDIA ब्लॉक की किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुई है। ऐसी अटकलें भी हैं कि DMK भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ हाथ मिला सकती है; हालांकि, दोनों ही पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
भगोने में कौन और क्यों पका रहा था लड़की के अंग? | Tamil Nadu Express | Agra | Apradh Lok S2 EP5
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Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
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CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

