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घूसखोर पुलिसवालों पर गाज! किसी की नौकरी गई तो कोई सस्पेंड, जानें CM विजय के एक्शन की पूरी इनसाइड स्टोरी

Tamil Nadu Police action: तमिलनाडु में रिश्वतखोरी के खिलाफ पुलिस महकमे ने अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। मात्र एक हफ्ते के भीतर 5 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है— किसी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया तो किसी को सस्पेंड।

वेब दुनिया 3 Oct 2026 5:27 pm

VCK प्रमुख Thirumavalavan ने मांगा CEC का इस्तीफा, BJP से मिलीभगत का लगाया आरोप

विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार ने चुनावी गड़बड़ी में BJP और RSS के साथ मिलीभगत की है। थिरुमावलवन ने कहा कि तमिलनाडु में 13 से 15 अक्टूबर तक केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में मुख्यमंत्री विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) भी कांग्रेस, VCK, MDMK और वामपंथी दलों के साथ शामिल होगी। थिरुमावलवन ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के कामों ने संविधान का उल्लंघन किया है और लोकतंत्र को कमज़ोर किया है, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। इसे भी पढ़ें: TVK प्रमुख और मुख्यमंत्री C Joseph Vijay ने मदुरंतकम में ट्रैक्टर चलाकर किया चुनाव प्रचार यह मांग देश भर में कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच उठी है। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे। चुनाव आयोग ने कहा कि अलग-अलग राय होना संस्थागत विचार-विमर्श का एक सामान्य हिस्सा है और ज़ोर देकर कहा कि उसके सभी आदेशों को कानूनी मान्यता प्राप्त है और उनका पालन स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार किया गया है। इस बीच, TVK के चुनाव अभियान प्रबंधन महासचिव, आधव अर्जुन ने तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई। यह शिकायत पार्टी की धारापुरम उम्मीदवार पी. सत्यभामा के बारे में कथित तौर पर 'बॉडी-शेमिंग' (शारीरिक बनावट का मज़ाक उड़ाने वाली) टिप्पणी करने को लेकर की गई है। इसे भी पढ़ें: DMK नेतृत्व ने उपचुनाव प्रचार में खोया संयम: Tamil Nadu मंत्री Nirmal Kumar 3 अक्टूबर की शिकायत में अर्जुन ने आरोप लगाया कि स्टालिन ने 2 अक्टूबर को धारापुरम में एक चुनावी बैठक के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों को बड़े पैमाने पर प्रसारित किया गया और सोशल मीडिया पर फैलाया गया। शिकायत के अनुसार, स्टालिन ने सत्यभामा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कथित नामों, जैसे पेटी बामा (सूटकेस बामा) और पलटी बामा (समरसॉल्ट बामा) का ज़िक्र किया और सवाल उठाया कि उस तरह के रूप-रंग के साथ वह कैसे कलाबाजी (समरसॉल्ट) कर सकती हैं। अर्जुन ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी उनकी नीतियों, सार्वजनिक रिकॉर्ड या राजनीतिक रुख के बजाय उनके रूप-रंग पर केंद्रित थी।

प्रभासाक्षी 3 Oct 2026 3:59 pm

Uttarakhand में SIR पूरा होने के बाद Voter List जारी, कुल 71.58 लाख मतदाता दर्ज

उत्तराखंड की वोटर लिस्ट (इलेक्टोरल रोल) का स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) पूरा होने के बाद शनिवार को इसकी फ़ाइनल लिस्ट जारी की गई। इसके साथ ही राज्य में रजिस्टर्ड वोटरों की कुल संख्या 71,58,949 हो गई है। SIR की प्रक्रिया 8 जून को शुरू हुई थी और इसमें 1 जुलाई, 2026 को क्वालिफ़ाइंग तारीख माना गया था। 14 जुलाई को जारी ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में 71,33,785 वोटर थे, जबकि रिविज़न प्रक्रिया शुरू होने के समय 79,60,762 रजिस्टर्ड वोटर थे। फ़ाइनल लिस्ट जारी होने के बाद राज्य में 8,26,977 वोटर और जुड़ गए। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन का तंज- भाजपा से क्यों डरते हैं टीवीके प्रमुख, मुख्यमंत्री की तरह आचरण करें 14 जुलाई से 13 अगस्त तक चले दावे और आपत्ति के समय में, वोटर आपत्ति जता सकते थे या वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करने के लिए कह सकते थे। फाइनल लिस्ट जारी होने से पहले इन दावों और आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया था। फाइनल वोटर लिस्ट में 37,37,701 पुरुष वोटर, 34,21,036 महिला वोटर और 212 ऐसे वोटर शामिल हैं जो खुद को थर्ड जेंडर मानते हैं। इसमें 18-19 साल की उम्र के 72,656 वोटर और 80 साल से ज़्यादा उम्र के 1,22,892 वोटर भी शामिल हैं। रिविज़न के दौरान कुल 1,29,872 नए वोटर जोड़े गए, जबकि तय नियमों के अनुसार 1,04,708 नाम हटाए गए। राज्य में अभी 12,543 पोलिंग स्टेशन हैं। भारत के चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि जो वोटर फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल नहीं थे, वे अब भी नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 जमा कर सकते हैं। एप्लीकेशन ECI Net ऐप के ज़रिए ऑनलाइन या संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के ज़रिए ऑफलाइन जमा किए जा सकते हैं। नाम जुड़वाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे, साथ ही BLO को घर-घर जाकर संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी की 2021 की चोट फर्जी थी, साबित करने के लिए मेडिकल सबूत मौजूद: Suvendu Adhikari इस कोशिश के तहत, BLO मौजूदा वोटर लिस्ट की तुलना पहले की SIR लिस्ट से करेंगे और ऐसे वोटरों की लिस्ट तैयार करेंगे जो पिछली लिस्ट में तो थे लेकिन मौजूदा लिस्ट में नहीं हैं। वे इन वोटरों के घर जाकर उनकी स्थिति की जांच करेंगे और योग्य लोगों को फॉर्म 6 जमा करने में मदद करेंगे। घर-घर जाकर किए जाने वाले इस अभियान में उन योग्य मतदाताओं पर भी ध्यान दिया जाएगा जो शायद अनजाने में छूट गए हों, जिनमें पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाता भी शामिल हैं। BLO द्वारा तैयार की गई सूचियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ साझा की जाएंगी। योग्य मतदाताओं को शामिल करने में और मदद के लिए, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को बूथ-वार सूचियां भी उपलब्ध कराएंगे।

प्रभासाक्षी 3 Oct 2026 3:24 pm

बचाव करना नामुमकिन था, AAP छोड़ Congress में शामिल हुईं Priyanka Kakkar

प्रियंका कक्कड़ ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी पुरानी पार्टी के उन कामों का अब और बचाव नहीं कर सकतीं, जिन्हें उन्होंने बचाव के लायक न होने वाला बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि वह दिल्ली को हरा-भरा, साफ़-सुथरा, प्रगतिशील और सुरक्षित देखना चाहती हैं, ठीक वैसी ही दिल्ली जैसा वह शहर था जिसमें वह पली-बढ़ी थीं। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन का तंज- भाजपा से क्यों डरते हैं टीवीके प्रमुख, मुख्यमंत्री की तरह आचरण करें प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि मुझे वही दिल्ली वापस चाहिए जिसमें मैं बड़ी हुई—एक ऐसी हरी-भरी, साफ़-सुथरी, प्रगतिशील और सुरक्षित दिल्ली जो मेरे पालन-पोषण का हिस्सा थी। भारतीय राजनीति में एक दशक से ज़्यादा के अनुभव के बाद, मेरा सचमुच मानना ​​है कि सिर्फ़ कांग्रेस ही ऐसा कर सकती है। कक्कड़ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भी तारीफ़ की और कहा कि वह उन्हें एक सच्चे नेता मानती हैं जो अपनी बात कहने से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि मैंने यह भी देखा है कि अगर आज हमारे देश की राजनीति में कोई नेता सचमुच सच्चा है और सच्चाई को बढ़ावा देने से नहीं डरता, तो वह राहुल गांधी हैं। वह आज ऐसे इकलौते नेता हैं जिन्होंने कैमरे के सामने कभी आँसू नहीं बहाए और उन्हें नीचा दिखाने या अपमानित करने के लिए पूरी मशीनरी लगाए जाने के बावजूद मज़बूती से डटे रहे। AAP छोड़ने के अपने फ़ैसले के बारे में बताते हुए, कक्कड़ ने आरोप लगाया कि समय के साथ पार्टी का रवैया बदल गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में पार्टी ने समझदार और समर्पित लोगों को आकर्षित किया था, लेकिन बाद में उन्हें बनाए रखने में उसे मुश्किल हुई। इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी की 2021 की चोट फर्जी थी, साबित करने के लिए मेडिकल सबूत मौजूद: Suvendu Adhikari उन्होंने कहा कि मैं यह बात अपने निजी अनुभव के आधार पर कह रही हूँ। मैंने AAP इसलिए छोड़ी क्योंकि वे पहले दिखाते थे कि वे बंगले वगैरह नहीं लेंगे, लेकिन बाद में वे प्राइवेट हेलीकॉप्टर में सफ़र करने लगे। मैं ऐसी चीज़ों का बचाव नहीं कर सकती थी जिनका बचाव करना मुमकिन ही नहीं था। कक्कड़ ने यह भी आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने राजस्थान में बूथ-स्तर पर अच्छा काम नहीं किया था, उन्हें बाद में पंजाब में पद और दूसरी सुविधाएं दी गईं। उन्होंने पूछा कि मैं कब तक ऐसी चीज़ों का बचाव करती रहूँगी जिनका बचाव करना मुमकिन नहीं है? उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना का भी ज़िक्र किया और वोटिंग के अधिकारों तथा चुनावी संस्थाओं के कामकाज को लेकर चिंता जताई।क्कड़ ने कहा कि उनका मानना ​​है कि इन मुद्दों को जनता के सामने लाया जाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 3 Oct 2026 2:17 pm

Sharad Pawar बोले, Maharashtra में Drought पीड़ितों की मदद करना NCP SP की सर्वोच्च प्राथमिकता

नेशनल कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 3 नवंबर को बारामती दौरे से पहले उनकी पार्टी का ध्यान महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित लोगों की मदद करने पर है। पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा कि पीएम मोदी 3 नवंबर को बारामती का दौरा करेंगे। अभी हमारा पूरा ध्यान सूखे से प्रभावित लोगों की मदद करने पर है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति को लेकर चिंता और पानी व बारिश की कमी से प्रभावित किसानों, खेतिहर मजदूरों और अन्य लोगों के लिए तुरंत राहत उपायों की मांग के बीच पवार का यह बयान आया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन का तंज- भाजपा से क्यों डरते हैं टीवीके प्रमुख, मुख्यमंत्री की तरह आचरण करें इससे पहले 28 सितंबर को, NCP-SP विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को गंभीर बताया था और दावा किया था कि यह 1972 के सूखे से भी बदतर है। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए तुरंत मदद की घोषणा करने की अपील की थी। रोहित पवार ने सूखे से प्रभावित किसानों के लिए कर्ज वसूली रोकने और कर्ज पूरी तरह माफ करने की भी मांग की थी। उन्होंने यह भी मांग की थी कि अगर कोई रियायत नहीं दी जाती है, तो किसानों के बिजली बिल पूरी तरह माफ किए जाएं और साथ ही सूखे से प्रभावित इलाकों में छात्रों की स्कूल फीस भी माफ की जाए। उन्होंने गाय, बैल, भेड़ और बकरी जैसे पशु पालने वाले किसानों के लिए सीधी आर्थिक मदद की भी मांग की थी। सरकार की सूखा-राहत नीति पर सवाल उठाते हुए, रोहित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन के अलग-अलग बयानों का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम तुरंत मदद करेंगे, लेकिन मंत्री गिरीश महाजन कहते हैं कि हम नीति के अनुसार मदद करेंगे। तो असल में नीति क्या है? इसे भी पढ़ें: उत्तराखंड में BJP 60 से ज्यादा सीटें जीतकर बनाएगी सरकार, Ram Madhav ने दिया कार्यकर्ताओं को मंत्र रोहित पवार के बताए आंकड़ों के अनुसार, 27 सितंबर तक महाराष्ट्र में कुल बारिश में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि जून में बारिश सामान्य से 40 प्रतिशत कम थी, जबकि जुलाई में 110 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। अगस्त में 51 प्रतिशत की कमी रही और उसके बाद सितंबर में 49 प्रतिशत की कमी देखी गई।

प्रभासाक्षी 3 Oct 2026 1:55 pm

DMK नेतृत्व ने उपचुनाव प्रचार में खोया संयम: Tamil Nadu मंत्री Nirmal Kumar

कोयंबटूर (तमिलनाडु), तीन अक्टूबर तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान द्रमुक नेताओं ने महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे पार्टी नेतृत्व का ‘‘असली चरित्र’’ उजागर हो गया है। राज्य के ऊर्जा एवं कानून मंत्री ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र में हाल में प्रचार के दौरान द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन और उनके बेटे एवं विपक्ष के नेता उदयनिधि द्वारा इस्तेमाल की गई से उनकी दूरदृष्टि के अभाव का पता चलता है। धारापुरम विधानसभा सीट पर उपचुनाव छह अक्टूबर को होना है। कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘द्रमुक नेतृत्व पूरी तरह हताशा की स्थिति में है क्योंकि उसके पास मतदाताओं को देने के लिए कुछ भी सकारात्मक नहीं है। अनुचित और अपमानजनक का सहारा लेना उनकी आखिरी और हताशा भरी रणनीति है।’’मंत्री ने दावा किया कि द्रमुक का राजनीतिक प्रभाव घट रहा है और उपचुनाव में पार्टी की हार तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टालिन और उदयनिधि ने मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करने के प्रयास में अपना संयम खो दिया और एक महिला उम्मीदवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपमानजनक एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उन्होंने द्रमुक को समाज के लिए ‘‘हानिकारक ताकत’’ बताया।

प्रभासाक्षी 3 Oct 2026 1:32 pm

CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर Jantar Mantar प्रदर्शन, Delhi Police ने दर्ज कीं 3 FIR

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को छात्र संगठनों, राजनीतिक पार्टियों और सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं के विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में कम से कम तीन मामले दर्ज किए हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले कम से कम दो सीनियर अधिकारियों ने जानकारी दी। ये लोग जंतर-मंतर पर इकट्ठा होकर वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग करना चाहते थे, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बलों ने उनकी कोशिशों को नाकाम कर दिया। इसे भी पढ़ें: SIR विवाद पर दिल्ली में बड़ा सियासी बवाल! CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा विपक्ष, 1000 लोग हिरासत में पुलिस अधिकारियों की डेली डायरी (DD) एंट्री के आधार पर दो पुलिस स्टेशनों – पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस – में तीन FIR दर्ज की गईं। अधिकारियों ने बताया कि ये मामले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सरकारी कर्मचारी द्वारा जारी आदेश का पालन न करने के लिए दर्ज किए गए। नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि हालांकि FIR में संदिग्धों/आरोपियों के कॉलम में किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं है, लेकिन FIR की जानकारी में उन आयोजकों और संगठनों का ज़िक्र है जिन्होंने प्रदर्शन का प्रस्ताव रखा और उनमें हिस्सा लिया। यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि शुक्रवार के प्रदर्शनों से जुड़ी FIR में BNS या दूसरे संबंधित कानूनों की और भी धाराएं लगाई गई थीं या नहीं। दूसरे अधिकारी ने, जिन्होंने अपना नाम गुप्त रखने की इच्छा जताई, कहा कि FIR इसलिए दर्ज की गईं क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली ज़िले में बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर और विरोध-प्रदर्शन करके उन निषेधाज्ञाओं का उल्लंघन किया, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पूरे सेंट्रल दिल्ली (नई दिल्ली ज़िला पुलिस अधिकार क्षेत्र) में पहले से ही लागू थीं। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics | विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन का तंज- भाजपा से क्यों डरते हैं टीवीके प्रमुख, मुख्यमंत्री की तरह आचरण करें ऊपर बताए गए दूसरे अधिकारी ने कहा कि BNS की धारा 223 के तहत, अदालत में दोषी पाए जाने पर किसी व्यक्ति को छह महीने तक की साधारण कैद, ₹2,500 तक का जुर्माना, या दोनों की सज़ा हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी के आदेश का पालन नहीं करता है, जिससे इंसानी ज़िंदगी, सेहत या सुरक्षा को खतरा होता है या खतरा हो सकता है, या जिससे दंगा या मारपीट हो सकती है, तो उसे एक साल तक की कैद या ₹5,000 तक का जुर्माना, या दोनों सज़ा हो सकती है।

प्रभासाक्षी 3 Oct 2026 12:11 pm

Tamil Nadu Politics | विपक्ष के निशाने पर मुख्यमंत्री विजय, स्टालिन का तंज- भाजपा से क्यों डरते हैं टीवीके प्रमुख, मुख्यमंत्री की तरह आचरण करें

तमिलनाडु में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के प्रचार के दौरान सूबे का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) विवाद पर चुप्पी साधने को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक विजय पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से डरने का गंभीर आरोप लगाया है। स्टालिन ने छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि टीवीके सरकार को समर्थन देने वाले दल भी सवाल कर रहे हैं कि विजय ने एसआईआर-सीईसी विवाद पर कुछ क्यों नहीं कहा। टीवीके को बाहर से समर्थन दे रहे वाम दल कई मुद्दों को लेकर विजय के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, आपको किस बात का डर है? जब देश भर के सभी नेता इस मुद्दे पर बोल रहे हैं, तो आप इस पर भी मुंह नहीं खोल पा रहे हैं, इसकी क्या वजह है? मुख्यमंत्री जी, क्या आप भाजपा से इतना डरते हैं?’’ स्टालिन ने कहा कि कुछ दिन पहले यहां प्रचार करने आए विजय ने सच बोल दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने यह स्वीकार करके सच बोल दिया कि टीवीके भाजपा की एक शाखा है।’’ इसे भी पढ़ें: MK Stalin ने CM Vijay पर साधा निशाना, SIR विवाद पर चुप्पी पर उठाए सवाल उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा की गरिमा को धूमिल किया है, उन्होंने विधानसभा को उस जगह में बदल दिया जहां मीसा कानून के तहत जेल में रहने के दौरान हुई उनकी तकलीफ़ों का मजाक उड़ाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस तरह आचरण करना चाहिए कि लोग उन्हें सम्मान के साथ मुख्यमंत्री कहें। स्टालिन ने विजय से कहा, ‘‘मुख्यमंत्री की तरह व्यवहार कीजिए और घटिया मंत्री में मत बदलिए। मैं दोहराता हूं, कृपया मुख्यमंत्री की तरह आचरण कीजिए, घटिया मंत्री की तरह व्यवहार मत कीजिए।

प्रभासाक्षी 3 Oct 2026 9:20 am

Tamil Nadu में Vettri Payanam योजना शुरू, महिलाओं को बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा

चेन्नई, दो अक्टूबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर महिलाओं के लिए विस्तारित मुफ्त बस यात्रा योजना ‘वेत्री पयनम’ की शुरुआत की। सरकार ने कहा कि इस योजना से प्रतिदिन 84 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा और लाभार्थी डीलक्स तथा एक्सप्रेस श्रेणियों सहित अन्य बस सेवाओं का भी उपयोग कर सकेंगी। योजना का लाभ उठाने वाली लाभार्थी महिलाओं के लिए आय की कोई सीमा नहीं होगी और रोजाना यात्राओं की संख्या पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस कल्याणकारी योजना का नाम सत्तारूढ़ दल तमिलगा वेत्री कझगम के नाम से लिया गया है और इसका मतलब महिलाओं के लिए “विजयी यात्रा” (वेत्री पयनम) है। इस योजना के दायरे में राज्य के सात परिवहन निगमों की 12,695 बसें शामिल हैं और अनुमान है कि रोजाना 84.32 लाख महिलाएं इससे लाभान्वित होंगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रियों से बातचीत की और योजना की आधिकारिक शुरुआत के मौके पर उन्हें मुफ्त बस टिकट वितरित किए। इस अवसर पर परिवहन मंत्री ए विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देना है ताकि उनकी शिक्षा, रोजगार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिल सके और यात्रा का खर्च उनकी प्रगति में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि यह योजना समानता को बढ़ावा देने का एक जरिया है और यात्रा के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पार्थिबन ने इस पहल को एक “सामाजिक क्रांति” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वतंत्र रूप से सोचने, घरों से बाहर निकलने और राज्य के विकास में योगदान देने में मदद करना है। मंत्री ने कहा, इस योजना की शुरुआत उद्देश्य सामाजिक न्याय और महिलाओं के सशक्तिकरण के सिद्धांतों का सम्मान करना, अर्थव्यवस्था और समाज में उनकी भागीदारी को आसान बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन का खर्च शिक्षा, रोजगार या स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच में बाधा न बने। पहले मुफ्त यात्रा सुविधा केवल विशिष्ट प्रकार की बसों तक सीमित थी लेकिन अब इसका विस्तार कर दिया गया है, जिसमें ‘एक्सप्रेस’, ‘डीलक्स’, ‘मोफसिल ऑर्डिनरी’ और कुछ घाट क्षेत्र की बस सेवाओं जैसी अधिक श्रेणियां शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 2 Oct 2026 1:12 pm

Tamil Nadu में CM Vijay ने Vettri Payanam योजना का दायरा बढ़ाया, महिलाओं को मुफ़्त बस सफ़र

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को महिलाओं के लिए राज्य की मुफ़्त बस यात्रा सुविधा का दायरा बढ़ाते हुए 'वेत्री पयनम' (Vettri Payanam) योजना के विस्तार की शुरुआत की। इस पहल को औपचारिक रूप से 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर शुरू किया गया था और इससे हर दिन लगभग 84.32 लाख महिलाओं को फ़ायदा होने की उम्मीद है। योजना के विस्तार से सरकारी बसों का एक बड़ा बेड़ा मुफ़्त यात्रा सुविधा के दायरे में आ गया है, जिससे पात्र महिलाएँ उन कई सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं जो पहले इस सुविधा में शामिल नहीं थीं। सरकार ने कहा है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आय की कोई सीमा नहीं है और न ही कोई लाभार्थी एक दिन में कितनी भी बार यात्रा कर सकता है, इस पर कोई रोक-टोक है। इसे भी पढ़ें: Vanakkam Poorvottar: Supreme Court और Madras High Court की टिप्पणी Tamil Nadu की Vijay Govt के लिए बनी परेशानी का सबब एक्सप्रेस और डीलक्स बसों में भी मुफ़्त सफ़र की सुविधा इस बढ़ी हुई व्यवस्था के तहत, मुफ़्त सफ़र की सुविधा को आम शहर और कस्बों की बसों से आगे बढ़ाते हुए, कॉर्पोरेशन और म्युनिसिपल इलाकों में चलने वाली एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस और डीलक्स बसों तक भी बढ़ा दिया गया है। इस सुविधा में मोफ़सिल (बाहरी इलाकों की) साधारण बसें और 40 किलोमीटर से ज़्यादा दूरी वाले कुछ घाट रूटों पर चलने वाली साधारण बस सेवाएँ भी शामिल हैं। इस स्कीम में सात राज्य परिवहन निगमों द्वारा चलाई जाने वाली 12,692 सरकारी बसें शामिल होंगी। ये बसें कुल तय बेड़े (scheduled fleet) का लगभग 69 प्रतिशत हैं, जबकि इस स्कीम के तहत आने वाली सेवाएँ राज्य की कुल तय सिंगल ट्रिप का लगभग 85 प्रतिशत हैं। इस बढ़ी हुई सुविधा का मकसद महिलाओं के लिए काम की जगहों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और दूसरी ज़रूरी जगहों तक सफ़र करना आसान बनाना है, ताकि उन्हें रोज़ाना सफ़र के फ़ैसले लेते समय बस के किराए के बारे में न सोचना पड़े। लॉन्च के दौरान विजय ने यात्रियों से बातचीत की लॉन्च इवेंट के दौरान, मुख्यमंत्री विजय ने यात्रियों से बातचीत की और कल्याणकारी योजना के विस्तार की शुरुआत के तौर पर उन्हें मुफ़्त बस टिकट बांटे। इस योजना का नाम 'वेत्री पयनम' रखा गया है, जिसका मतलब है विजयी यात्रा। यह नाम सत्ताधारी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' से लिया गया है। सरकार ने 24 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में इस विस्तार की घोषणा की थी और कहा था कि ट्रांसपोर्ट के खर्च की वजह से महिलाओं को शिक्षा, रोज़गार या दूसरे मौकों से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसे भी पढ़ें: उपचुनाव: CPI(M) ने TVK पर मतदाताओं को नकदी बांटने का लगाया आरोप सरकार का ध्यान मोबिलिटी और सशक्तिकरण पर ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि इस पहल का मकसद ट्रांसपोर्ट के खर्च को एक संभावित रुकावट के तौर पर हटाकर महिलाओं की शिक्षा, रोज़गार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करना है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक पहुँच में समानता को बढ़ावा देना भी है, क्योंकि यात्रा के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पार्थिबन ने इस पहल को एक सामाजिक क्रांति बताया, जिसका मकसद महिलाओं को ज़्यादा आत्मनिर्भर बनने, घरों से बाहर निकलने और राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में हिस्सा लेने में मदद करना है।

प्रभासाक्षी 2 Oct 2026 12:29 pm

Tamil Nadu में वोटर लिस्ट से छूटे लोगों और नए मतदाताओं के लिए चलेगा विशेष अभियान

चेन्नई, दो अक्टूबर तमिलनाडु में निर्वाचन आयोग नए मतदाताओं और ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) अभियान के दौरान जिनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके, उन्हें जोड़ने के लिए पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाएगा। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अर्चना पटनायक ने यह जानकारी दी। सीईओ ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद बृहस्पतिवार को सभी जिला अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके और युवा या पहली बार मतदान के पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए सभी जिलों में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यहां जारी एक बयान में कहा, “भारत निर्वाचन आयोग ने 29 सितंबर, 2026 को जारी अपने पत्र में निर्देश दिया है कि जिन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर पहले ही पूरा हो चुका है, वहां सीईओ, जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) द्वारा सतत अद्यतन की प्रक्रिया के तहत उन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिनका नाम एसआईआर के दौरान नहीं जुड़ पाया। युवा और पहली बार मतदान के पात्र मतदाताओं को भी इसमें शामिल किया जाए।”अर्चना पटनायक ने कहा कि प्रपत्र-छह के साथ संलग्न घोषणा पत्र का उपयोग केवल एसआईआर चरण के दौरान किया जाएगा, जबकि एसआईआर से इतर अवधि के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के अनुसार लागू प्रपत्र का उपयोग किया जाएगा।

प्रभासाक्षी 2 Oct 2026 10:12 am

निवेश के नाम पर 1417 करोड़ का खेल: 35 हजार से ज्यादा लोगों से ठगी, ईडी ने तमिलनाडु से दो को किया गिरफ्तार

निवेश के नाम पर 1417 करोड़ का खेल: 35 हजार से ज्यादा लोगों से ठगी, ईडी ने तमिलनाडु से दो को किया गिरफ्तार--Investment Scam: ED Arrests Two in Rs 1417 Crore Money Laundering Case in Tamil Nadu

अमर उजाला 2 Oct 2026 9:13 am

Tamil Nadu CM Vijay बोले- TVK जनता की सेवा के लिए राजनीति में आई, राजशाही के लिए नहीं

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को धारापुरम उपचुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी, 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK), लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आई है, न कि राजशाही या शाही शासन की सोच के साथ। धरापुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए विजय ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि पार्टी 2026 के चुनावों में जनता से मिले जनादेश को भूल गई है। इसे भी पढ़ें: Sonia Gandhi का CWC में बड़ा बयान, बोलीं- शुक्र है Nitish Kumar समय रहते INDIA Bloc से चले गए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि हम भूल गए हैं कि 2026 के चुनावों में जनता ने 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) को वोट देकर चुना था और DMK को सत्ता से बाहर कर दिया था। उन्हें अभी भी लगता है कि वे मुख्यमंत्री हैं, उनका परिवार अभी भी सत्ता में है और जनता अभी भी उनके परिवार के नियंत्रण में है। विजय ने आगे कहा कि लेकिन हमारी सोच राजशाही या शाही शासन वाली नहीं है। हम जनता के लिए और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए राजनीति में आए हैं। जनता ने हम पर बहुत भरोसा किया है और हम निश्चित रूप से उस भरोसे को कायम रखेंगे। अपनी सरकार की पहलों के बारे में बात करते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा कि TVK सरकार के सत्ता में आने के कुछ ही समय के भीतर जनता से किए गए कई वादे पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन भ्रष्टाचार-मुक्त और रिश्वत-मुक्त शासन व्यवस्था प्रदान करने के संकल्प के साथ काम कर रहा है। विजय ने कहा कि जिस दिन से हमारी सरकार ने कामकाज संभाला है, हम भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi Defamation Case: सुल्तानपुर कोर्ट में सुनवाई टली, 1 अक्टूबर को होगी अगली कार्यवाही कई योजनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार के सत्ता में आने के बाद स्कूलों और पूजा-स्थलों के पास मौजूद 717 TASMAC शराब की दुकानें बंद कर दी गई थीं। उन्होंने आगे कहा कि 200 यूनिट तक मुफ़्त बिजली दी जा रही है, और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सिंगप्पेन नाम की एक स्पेशल टास्क फ़ोर्स बनाई गई है, जिसके तहत 2,546 नए पद बनाए गए हैं। विजय ने यह भी बताया कि 37 ज़िलों और नौ नगर निगमों में ड्रग-रोधी यूनिटें बनाई गई हैं, और 65 टीमें ड्रग से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि दूध की खरीद कीमत में ₹6 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है और थाइमामन थंगा मोधिरम योजना 28 सितंबर से लागू कर दी गई है।

प्रभासाक्षी 30 Sep 2026 7:00 pm

बिना लिखित परीक्षा पाएं सरकारी नौकरी! NHM में 4,724 स्टाफ नर्स पदों पर सीधी भर्ती, जानें आखिरी तारीख

pc: abplive नेशनल हेल्थ मिशन, तमिलनाडु (NHM-TN) ने तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत स्टाफ नर्स के 4,724 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती राज्य के विभिन्न जिलों में संविदा (Contractual) आधार पर की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को इसके लिए ऑफलाइन आवेदन जमा करना होगा। भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें: कुल पद: 4,724 (स्टाफ नर्स) आवेदन की अंतिम तिथि: 25 सितंबर (शाम 5:00 बजे तक) आवेदन का तरीका: ऑफलाइन (जिला स्वास्थ्य कार्यालय या जिला स्वास्थ्य समिति में जमा करें) मासिक वेतन: ₹21,000 प्रति माह (संविदा आधार पर) चयन प्रक्रिया: बिना लिखित परीक्षा — शैक्षणिक अंक, अनुभव और मेरिट के आधार पर (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ)। शैक्षणिक योग्यता व पात्रता: डिग्री/डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संस्थान (Indian Nursing Council से संबद्ध) से B.Sc Nursing या GNM होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन: उम्मीदवार का Tamil Nadu Nurses and Midwives Council में वैध रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। किन विभागों/संस्थानों में होगी नियुक्ति? जिला स्तर पर पदों का आवंटन निम्नलिखित विभागों के अधीन आने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में होगा: डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एंड रूरल हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? फॉर्म डाउनलोड करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nhm.tn.gov.in पर जाकर आवेदन फॉर्म और जिलावार वैकेंसी डिटेल्स डाउनलोड करें। दस्तावेज़ संलग्न करें: फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें। इसके साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रेशन, फोटो और पहचान पत्र की कॉपियां अटैच करें। फॉर्म जमा करें: भरा हुआ आवेदन फॉर्म 25 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले संबंधित जिले के District Health Officer (DHO) या District Health Society (DHS) के कार्यालय में पहुँचाएँ।

राजस्थान खबरे 26 Sep 2026 12:56 pm

Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर

Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर Add Live Hindustan as your preferred source on Google.

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:39 am

Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK

Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं

लाइव हिन्दुस्तान 20 Aug 2026 9:29 am

CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है

लाइव हिन्दुस्तान 19 Aug 2026 11:31 pm

CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu

CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 12:02 pm

Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK

तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 1:24 pm

CJP Protest Remarks Controversy | आलोचना के बाद बदले कंगना रनौत के सुर, Gen Z को बताया 'देश की सबसे बड़ी ताकत'

अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 8 Aug 2026 9:42 am

Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 4:28 pm