शहडोल के एक निजी अस्पताल में रविवार-सोमवार दरमियानी रात एक युवक अस्पताल परिसर में मौजूद एक बच्चे को बिस्किट खिलाया और उसे गोद में उठा लिया। घटना के बाद बच्चे के परिजनों और अन्य लोगों को संदेह हुआ कि युवक बच्चा चोर है। संदेह के चलते अस्पताल में भीड़ जमा हो गई और लोगों ने युवक को घेरकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से बचाकर अपने कब्जे में लिया। पत्नी की तबीयत जानने अस्पताल पहुंचा था प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस वाहन तक ले जाते समय भी कुछ लोगों ने युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने युवक से पूछताछ की। जांच में पता चला कि युवक बुढार क्षेत्र का निवासी है और उसका अपनी पत्नी से पारिवारिक विवाद चल रहा है। उसकी पत्नी मायके में रह रही है। युवक ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ने तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वह पाली रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचा था। बच्चे को गोद में बैठाकर बिस्किट खिलाया पत्नी का इंतजार करते समय उसने वहां मौजूद एक बच्चे को बिस्किट खिलाया और गोद में उठा लिया, जिससे लोगों को उस पर बच्चा चोर होने का संदेह हो गया। उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जांच के दौरान युवक के किसी बच्चा चोरी गिरोह से जुड़े होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि युवक नशे की हालत में था। लोगों ने गलतफहमी और संदेह के आधार पर उसके साथ मारपीट की। सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने कहा कि प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल जारी है।
धार के दो स्कूलों के पीछे कचरे का अंबार:वार्ड 3 में बदबू से रहवासी परेशान, बीमारी फैलने का खतरा
धार शहर के वार्ड क्रमांक-3 में स्थित क्रमांक-2 स्कूल और उत्कृष्ट विद्यालय के पीछे लंबे समय से कचरे का अंबार लगा हुआ है। स्कूलों के आसपास फैली गंदगी और बदबू के कारण स्थानीय रहवासियों, विद्यार्थियों और यहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को लेकर नगर पालिका की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्कूलों के पीछे जमा हो रहा कचरा स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूलों के पीछे मौजूद खाली जगह और सड़क किनारे लगातार कचरा डाला जा रहा है। नगर पालिका समय-समय पर यहां सफाई अभियान चलाती है, लेकिन स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ दिनों बाद फिर से कचरे के ढेर लग जाते हैं। रहवासियों का कहना है कि समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है। बदबू और गंदगी से बढ़ रही परेशानी कचरे के ढेर से लगातार दुर्गंध उठ रही है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र में गंदगी बढ़ने के कारण मच्छरों और अन्य बीमारी फैलाने वाले कीटों की संख्या भी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा यह समस्या इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि कचरे का ढेर दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के ठीक पीछे मौजूद है। इन स्कूलों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को रोजाना गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ता है। उनका मानना है कि ऐसी स्थिति विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। बारिश के मौसम को लेकर चिंता क्षेत्रवासियों और अभिभावकों ने बारिश के मौसम को लेकर विशेष चिंता जताई है। उनका कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद कचरे से निकलने वाला गंदा पानी आसपास फैल सकता है। इसके साथ ही बदबू और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे बच्चों और स्थानीय लोगों में बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है। किसानों को भी हो रही परेशानी इसी क्षेत्र में किसानों के लिए खाद और बीज उपलब्ध कराने वाली एक सोसाइटी भी संचालित होती है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान विभिन्न कार्यों से पहुंचते हैं। किसानों का कहना है कि सोसाइटी के आसपास फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण उन्हें भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार समस्या की जानकारी अधिकारियों को दी गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई बार की जा चुकी है शिकायत स्थानीय निवासी वीरेंद्र ने बताया कि रहवासी कई बार नगर पालिका को लिखित और मौखिक शिकायतें दे चुके हैं। शिकायतों के बाद कुछ समय के लिए सफाई तो करवा दी जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता। उनका कहना है कि खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जिसके कारण सफाई के कुछ दिन बाद फिर से वही स्थिति बन जाती है। स्थायी कचरा प्रबंधन की मांग रहवासियों का कहना है कि केवल सफाई अभियान चलाने से समस्या खत्म नहीं होगी। नगर पालिका को स्थायी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करनी चाहिए और खुले में कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था लागू की जाए, ताकि विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण मिल सके। सीएमओ से नहीं हो सका संपर्क मामले को लेकर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) विश्वनाथ सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में इस समस्या को लेकर नगर पालिका का पक्ष सामने नहीं आ पाया है।
ग्वालियर-चंबल अंचल में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक ओर तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं अरब सागर से आ रही नमीयुक्त हवाओं के कारण उमस भी बढ़ गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों को गर्मी और चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह भी मौसम गर्म और उमस भरा रहा। सुबह से आसमान साफ रहने के कारण सूर्य की तपिश अधिक महसूस हुई। अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री कम दर्ज किया गया। अरब सागर की हवाओं से बढ़ी नमी मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। अरब सागर से आने वाली नमीयुक्त हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है। इसी वजह से गर्मी के साथ उमस का असर भी महसूस किया जा रहा है। हल्की बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर-चंबल अंचल के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके साथ ही बादल छाने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। 30 जून तक मानसून पहुंचने के आसार मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की गति सामान्य बनी हुई है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए 30 जून तक मानसून के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मानसून की दस्तक के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जबकि उमस का असर भी जारी रह सकता है।
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा रखते हुए जयपुर के सन सिटी नीदड़ निवासी भागचंद बलेसरा ने बाबा महाकाल को 1 किलो 300 ग्राम चांदी से निर्मित अत्यंत सुंदर और कलात्मक छत्र अर्पित किया। भक्त भागचंद बलेसरा ने अपनी धर्मपत्नी सीता देवी, पुत्र गोविंद बलेसरा व सीताराम बलेसरा, पुत्री ममता, सुमन और अनिता तथा पौत्र महावीर बलेसरा के साथ 3.25 लाख रुपए मूल्य का चांदी का छत्र भेंट स्वरूप समर्पित किया। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर यह दिव्य छत्र बाबा महाकाल के मुखमंडल पर धारण कराया। छत्र अर्पण के बाद मंदिर समिति ने श्रद्धालु का सम्मान भी किया। सोने-चांदी की कीमतों में उछाल आने के बाद भी भगवान को आभूषण दान करने वालों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
लखीमपुर में कार नहर में गिरी:पांच लोग गंभीर घायल, लोगों ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला, सभी लखनऊ रेफर
लखीमपुर खीरी में लखीमपुर-सीतापुर मुख्य मार्ग पर देर रात एक वैगनआर कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित नहर में गिर गई। इस हादसे में कार में सवार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। जानकारी के मुताबिक, कार में सवार सभी पांच लोग लखीमपुर शहर के मोहल्ला शांतिनगर के निवासी हैं। घायलों में आशुतोष नंदन दीक्षित (52) पुत्र रविशंकर दीक्षित, उनकी पत्नी रेनू दीक्षित (50), पुत्र शिवांशु दीक्षित (15), अधिवक्ता राम प्रकाश तिवारी (50) और उनकी पत्नी सरिता तिवारी शामिल हैं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने सभी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार के अनियंत्रित हो जाने के कारण यह दुर्घटना हुई।
पैसों के लेनदेन में विवाद, VIDEO:जालौन में लात-घूसों से युवक को पीटा, मारपीट CCTV में कैद
जालौन के कदौरा थाना क्षेत्र के मुख्य बाजार में पैसों के लेनदेन को लेकर दो युवकों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में जमकर मारपीट हुई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों युवकों के बीच पहले पैसों के लेनदेन को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते यह कहासुनी मारपीट में बदल गई। एक युवक ने दूसरे पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। कुछ देर तक सड़क पर ही मारपीट चलती रही, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया और मामला शांत कराया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। फुटेज सामने आने के बाद कदौरा थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवकों की पहचान की जा रही है। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बाजार के बीच हुई इस मारपीट की घटना से कुछ समय के लिए स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों में चिंता का माहौल रहा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाजार क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
रायबरेली का राणा बेनी माधव पार्क बदहाल:60 लाख की लागत से बना, चारों तरफ उगी घास
रायबरेली के मुंशीगंज स्थित शहीद स्मारक परिसर में बना राणा बेनी माधव बख्श सिंह पार्क उपेक्षा का शिकार हो गया है। लोगों को स्वस्थ वातावरण और सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बना यह पार्क, देखरेख के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। इस पार्क का लोकार्पण 20 नवंबर 2018 को तत्कालीन स्टाम्प तथा न्यायलय शुल्क पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने किया था। लगभग 60 लाख रुपये की लागत से बने इस पार्क में नक्षत्र वाटिका, योग वेलनेस सेंटर और अन्य जन-सुविधाएं विकसित की गई थीं। हालांकि, लोकार्पण के कुछ ही वर्षों बाद यह पार्क सरकारी उदासीनता का शिकार हो गया है। फिटनेस प्रेमियों के लिए लगाई गई जिम मशीनें टूट चुकी हैं और उपयोग लायक नहीं बची हैं। देखरेख के अभाव में पार्क में लगे फूलों के पेड़ सूख गए हैं, जिससे हरियाली गायब हो गई है। गार्डन की नियमित सफाई न होने से चारों ओर झाड़ियाँ उग आई हैं। परिसर में बना शौचालय भी बदहाल स्थिति में है, जहाँ पानी की आपूर्ति न होने के कारण आगंतुकों को परेशानी होती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर संवारे गए इस पार्क की प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह वीरान हो गया है। पार्क की यह स्थिति न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि नागरिकों के अधिकारों का भी हनन है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल ध्यान देने और पार्क का कायाकल्प कर इसे पुनः उपयोग योग्य बनाने की मांग की है।
शहर के सेक्टर-30बी में पिछले करीब एक महीने से पेयजल संकट गहराया हुआ है। तीन मंजिला मकानों वाली इस कॉलोनी में पानी का दबाव लगातार कम बना हुआ है, जिसके कारण दूसरी और तीसरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। हालात ऐसे हैं कि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नगर निगम के टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले 30 दिनों से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सुबह-शाम सबसे ज्यादा रहती है समस्या निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय पानी का दबाव सबसे अधिक कम हो जाता है। इसी दौरान घरेलू कामकाज का सबसे ज्यादा दबाव रहता है, लेकिन कम प्रेशर के कारण छतों पर रखी पानी की टंकियां तक नहीं भर पा रही हैं। कई परिवारों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए अतिरिक्त पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। टैंकर आने का इंतजार करना अब रोजमर्रा की मजबूरी बन गया है। टैंकरों पर बढ़ी निर्भरता स्थानीय निवासी कमल ने बताया कि पिछले एक महीने से कॉलोनी में टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। लो-प्रेशर के कारण घरों में पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोगों को अपना काम छोड़कर बार-बार टैंकरों से पानी भरना पड़ता है। वहीं, निवासी जसप्रीत सिंह का कहना है कि पानी की समस्या ने पूरी दिनचर्या प्रभावित कर दी है। टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता के कारण कई जरूरी काम भी प्रभावित हो रहे हैं। पार्षद ने अधिकारियों को दी जानकारी स्थानीय पार्षद तरुणा मेहता ने बताया कि सेक्टर-30बी में पानी के कम दबाव की समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द समस्या के कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान निकालें।
आजमगढ़ में 39°C पहुंचा तापमान:प्रदेश के 5 जिलों में और बारिश का अलर्ट, 38 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
आजमगढ़ में सोमवार का तापमान 39 सेंटीग्रेड पहुंच गया। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और उमस के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता हुआ दिख रहा है।मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 5 जिलों में आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 38 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया है। इसके साथ ही अगले 2 दिनों तक प्रदेश में तेज हवाओं के चलने के साथ ही मौसम कहीं साफ रहेगा तो कहीं बादल रहेंगे। हालांकि इस दौरान तापमान में चार से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यूपी बॉर्डर पर मानसून पहुंच चुका है और निश्चित रूप से जल्दी प्रदेश के अन्य जिलों में भी पहुंचेगी मानसून पहुंचने के बाद जिलों की जनता को राहत मिलेगी। 25 जून तक मानसून के यूपी पहुंचने की संभावना है। जिला प्रशासन ने जारी किया हुआ है अलर्ट हालांकि जिला प्रशासन ने 20 दिन पूर्व ही जिले की आम जनता से जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से लेकर शाम 4 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। इसके साथ ही लिक्विड ज्यादा से ज्यादा लेने की भी अपील की है। जिससे कि भीषण गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव से बचा जा सके। मौसम बदलने पर भी जिला प्रशासन ने तेज हवाओं के चलने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
इंदौर क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने NEET परीक्षा का पेपर बेचने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट डालकर छात्रों को पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था और उनसे ऑनलाइन पैसे वसूलता था। शनिवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी अक्षय मालवीय निवासी आंगन शक्करखेड़ी, लसूड़िया है। वह इंदौर लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर का छात्र है। उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है। कोटा पुलिस के मेल के बाद हुई कार्रवाई जानकारी के मुताबिक शनिवार को कोटा पुलिस ने आरोपी के संबंध में इंदौर पुलिस को ई-मेल भेजा था। इसके बाद टीआई नीरज मेढ़ा के नेतृत्व में एसआईटी सक्रिय हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इंस्टाग्राम पर वायरल करता था पोस्ट पुलिस जांच में सामने आया है कि अक्षय NEET परीक्षा से पहले इंस्टाग्राम पर फर्जी पोस्ट वायरल करता था। पोस्ट में परीक्षा का पेपर या विशेष सामग्री उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था। पोस्ट देखने के बाद छात्र आरोपी की प्रोफाइल में दिए गए लिंक पर पहुंचते थे। लिंक खोलने के लिए उनसे ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था। भुगतान के बाद उन्हें कथित पेपर या सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी। 30 से 35 लोगों से वसूले पैसे क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी ने यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से करीब 30 से 35 लोगों से भुगतान प्राप्त किया था। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि वह सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को गुमराह कर आर्थिक लाभ ले रहा था। पहले भी साइबर पुलिस के रडार पर था पुलिस अधिकारियों के अनुसार NEET परीक्षा रद्द होने के दौरान भी आरोपी ने इसी तरह की भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल की थीं। इसी वजह से वह पहले से साइबर पुलिस की निगरानी में था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पुराने प्रश्नपत्रों और उपलब्ध सामग्री को एडिट कर नए पेपर के नाम पर प्रचारित करता था। लिंक पर भुगतान करने के बाद ही सामग्री खुलती थी। पूछताछ जारी क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं तथा कुल कितने लोगों से रकम वसूली गई है। मामले की जांच जारी है।
पिपरदेउरा कॉलोनी की सड़कें जर्जर:बरसात के दिनों में लगेगा पानी, जल्द मरम्मत की मांग
महराजगंज नगर के गांधीनगर वार्ड स्थित पिपरदेउरा पोखरा आवास कॉलोनी में जर्जर सड़कें और बदहाल जलनिकासी व्यवस्था स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। मान्यवर श्री कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत वर्ष 2008 से 2011 के बीच विकसित इस कॉलोनी की अधिकांश सड़कें अब गहरे गड्ढों में बदल चुकी हैं, जिससे बरसात में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। स्थानीय निवासियों, जिनमें सुभाष, मनजीत, संदीप, कैलाशी देवी और पूजा देवी शामिल हैं, ने बताया कि खराब सड़कों के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सड़क और नाली की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से शिकायत की गई है। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि अधिशासी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्य शुरू नहीं कराया गया है। समस्या का समाधान न होने से कॉलोनीवासियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने विभागीय उदासीनता पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और सड़क निर्माण के साथ जलनिकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। कॉलोनीवासियों ने जिलाधिकारी महराजगंज से हस्तक्षेप की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
शहडोल जिले में अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान लगभग 1000 टन कोयला जब्त किया गया, 450 घन मीटर अवैध रेत भंडारण नष्ट किया गया और अवैध परिवहन में शामिल एक हाइवा वाहन को भी पकड़ा गया। ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम टिहकी स्थित पाण्डेय ब्रदर्स के कोयला यार्ड में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबिश दी। थाना प्रभारी जिया उल हक के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने यार्ड का निरीक्षण किया, जहां लगभग 1000 टन कोयला संग्रहित पाया गया। इसकी अनुमानित कीमत 40 लाख रुपए से अधिक है। भंडारण से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं देने पर कार्रवाई मौके पर मौजूद यार्ड मैनेजर भूपेन्द्र तिवारी (42) कोयले के स्वामित्व और भंडारण से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत पूरे कोयला भंडार को जब्त कर लिया। जब्त कोयले को यार्ड में ही सुरक्षित रखा गया है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 450 घन मीटर रेत को मिट्टी में मिलाया कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ अभियान चलाया। ग्राम कोल्हुआ, लुकामपुर, चंद्रपुरा और लाखनटोला में शासकीय भूमि पर बड़ी मात्रा में रेत का अवैध भंडारण मिला। अधिकारियों ने लगभग 450 घन मीटर रेत को जेसीबी मशीनों की सहायता से मिट्टी मिलाकर नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान जयसिंहनगर और ब्यौहारी क्षेत्र में रात्रिकालीन जांच भी की गई। इसी क्रम में हाइवा क्रमांक MP17ZQ7711 को अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए पकड़ा गया। वाहन को जब्त कर ब्यौहारी थाना की अभिरक्षा में रखा गया है और खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
रामपुर में पुलिस मुठभेड़, दो गोकश गिरफ्तार:एक घायल, तमंचा और गौकशी के उपकरण बरामद
रामपुर के केमरी थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और गौकशी के दो आरोपितों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए सीएचसी बिलासपुर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, केमरी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीलाखार नदी डैम से जनूनागर जाने वाले कच्चे रास्ते पर कुछ संदिग्ध व्यक्ति मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान डैम की ओर से बिना नंबर प्लेट की लाल रंग की हीरो होंडा करिज्मा मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस वाहन देखकर दोनों ने वापस मुड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। पुलिस का आरोप है कि खुद को घिरा देख आरोपितों ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान भूरा पुत्र अल्लन, निवासी भैसोडी, थाना मिलक के दाहिने पैर में गोली लग गई। दूसरे आरोपी मुकीम पुत्र फईम, निवासी भैसोडी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल तथा गौकशी में प्रयुक्त होने वाले बांका, दो छुरियां, सूजा, रस्सी, सफेद पन्नी और प्लास्टिक का थैला बरामद किया। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर दोनों आरोपितों के खिलाफ थाना केमरी में संबंधित धाराओं तथा आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घायल आरोपी भूरा पर गौकशी, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में पहले से 11 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, मुकीम पर भी आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा दर्ज है। मुठभेड़ और गिरफ्तारी की यह कार्रवाई थानाध्यक्ष हिमांशु चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की।
हरियाणा के बहुचर्चित 661 करोड़ रुपये के IDFC-AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले में नया मोड़ आ गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव आईएएस दुष्मंत कुमार (डीके) बेहरा ने विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक अनीश यादव को पत्र लिखकर पूरे मामले में इंटरनल इन्क्वायरी कराने की मांग की है।CBI की जांच के बीच सामने आए इस लेटर में बेहरा ने पंचायती राज शाखा के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए 10 गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फाइलों और बैंक दस्तावेजों की समीक्षा के दौरान कई ऐसी विसंगतियां सामने आईं, जिनका अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। इन आईएएस अफसरों से CBI कर चुकी पूछताछ… बेहरा का दावा- मेरे नाम की सही जानकारी सिर्फ एक्सिस बैंक में, बाकी खातों में क्यों नहीं? बेहरा ने पत्र में कहा कि एमजीजीबीवाई 2.0 योजना के तहत एक्सिस बैंक, आईडीएफसी बैंक और स्मॉल एयू बैंक में खाते खोले गए थे। लेकिन एक्सिस बैंक में उनके नाम और आधिकारिक मोबाइल नंबर समेत सही जानकारी दर्ज थी, जबकि IDFC और AU स्मॉल बैंक के खातों में कथित तौर पर गलत जानकारियां दर्ज हो गईं। उन्होंने पूछा कि ऐसा कैसे हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। यहां पढ़िए लेटर में उठाए गए 10 बड़े सवाल 1. तीन बैंक खाते खुले तो सत्यापन सिर्फ एक्सिस बैंक का क्यों?: जब एक्सिस, आईडीएफसी और AU स्माल तीनों बैंकों में खाते खोले गए, तो केवल एक्सिस बैंक के खाते के दस्तावेज ही डिप्टी डायरेक्टर द्वारा सत्यापित क्यों किए गए? 2. IDFC और Small AU के फॉर्म में गलत जानकारी कैसे पहुंची?: एक्सिस बैंक के फॉर्म में सही आधिकारिक विवरण था, फिर बाकी दो बैंकों के खाते खोलने वाले दस्तावेजों में गलत जानकारी क्यों भरी गई? 3. खाते खोलने के दस्तावेज विभाग के रिकॉर्ड में क्यों नहीं रखे गए?: IDFC और स्मॉल AU बैंक के अकाउंट ओपनिंग फॉर्म शाखा के रिकॉर्ड में उपलब्ध क्यों नहीं थे और तत्कालीन डीजी को क्यों नहीं दिखाए गए? 4. बिना दस्तावेज देखे 75 करोड़ ट्रांसफर कैसे कर दिए?: अगर बैंकों ने फॉर्म नहीं दिखाए थे, तो फिर खातों की पुष्टि किए बिना करोड़ों रुपये ट्रांसफर करने की फाइल आगे कैसे बढ़ाई गई? 5. एक्सिस बैंक ने ई-मेल से पुष्टि ली, बाकी बैंकों ने क्यों नहीं?: Axis Bank ने ई-मेल के जरिए जानकारी की पुष्टि की थी, तो IDFC और स्मॉल AU बैंक में यही प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई?6. बैंक शाखा का नाम फाइल नोटिंग में क्यों छिपाया गया?: IDFC और स्मॉल AU बैंक की शाखा का नाम और लोकेशन फाइल नोटिंग में दर्ज क्यों नहीं की गई? 7. अंबाला शाखा की जानकारी मिलने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?: जब स्मॉल AU बैंक का खाता अंबाला शाखा में खुला था, तो इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई? 8. चेकबुक लेने में लापरवाही क्यों हुई?: एक्सिस बैंक की चेकबुक विभाग तक पहुंच गई, लेकिन आईडीएफसी और स्मॉल AU बैंक की चेकबुक लेने के लिए कोई सक्रिय प्रयास क्यों नहीं किया गया? 9. IDFC की चेकबुक वापस क्यों की गई?: अगर IDFC बैंक की चेकबुक प्राप्त हो चुकी थी, तो उसे बैंक मैनेजर को वापस क्यों लौटाया गया? क्या इसका कोई लिखित रिकॉर्ड मौजूद है?10. 75 करोड़ ट्रांसफर की इतनी जल्दबाजी क्यों हुई?: बेहरा ने पूछा कि IDFC बैंक में 50 करोड़ और स्मॉल AU बैंक में 25 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का प्रस्ताव इतनी जल्दबाजी में क्यों रखा गया, जबकि सभी औपचारिकताएं पूरी नहीं हुई थीं। बेहरा का दावा: मुझे खाते खोलने के दस्तावेज तक नहीं दिखाए गए लेटर के अनुसार, बेहरा अगस्त से अक्टूबर 2025 तक राज्यपाल सचिवालय में तैनात थे और विकास एवं पंचायत विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। उन्होंने कहा कि बाद में फाइल नोटिंग और रिकॉर्ड देखने पर कई विसंगतियां सामने आईं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि:IDFC और AU बैंक के खाता खोलने वाले फॉर्म विभागीय रिकॉर्ड में क्यों नहीं रखे गए? उन्हें तत्कालीन DG होने के बावजूद ये दस्तावेज क्यों नहीं दिखाए गए? बिना पूरी जांच के सरकारी धन इन खातों में ट्रांसफर करने की अनुमति कैसे दी गई? जांच कमेटी बनाने की मांग बेहरा ने पत्र में वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित कर पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि फंड ट्रांसफर से पहले क्या-क्या हुआ, किस स्तर पर चूक हुई और किन अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। उनका कहना है कि फाइल नोटिंग और बैंक खातों के संचालन में कई ऐसी विसंगतियां हैं, जिनका जवाब अब तक नहीं मिला है।
गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच अब घर खरीदारों का रुझान तेजी से बदल रहा है। एमजी रोड स्थित ब्रिस्टल होटल में आयोजित दो दिवसीय 'एक्जिम प्लस एक्सपो' में पहुंचे देश के दिग्गज प्रॉपर्टी एक्सपर्ट, बिल्डरों और प्रमोटरों ने यह साफ किया है कि एनसीआर की प्रॉपर्टी अब आम घर खरीदारों के बजट से बाहर हो चुकी है। एक्सपो में शामिल हुए निवेशकों और रियल एस्टेट विशेषज्ञों ने गुरुग्राम, दिल्ली और एनसीआर के शहरों के मौजूदा हालात पर विचार विमर्श भी किया। जिसके चलते लोग अब वृंदावन, देहरादून और गोवा जैसे उभरते हुए टियर-2 और टियर-3 शहरों का रुख कर रहे हैं, जहां कम निवेश में बेहतर और नियमित रिटर्न मिल रहा है। एक्सपर्ट का कहना है कि आज के समय में गुरुग्राम जैसे बड़े शहर में कम से कम एक करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदने पर हर महीने महज 20 से 30 हजार रुपये का ही किराया मिल पाता है। इसके विपरीत यदि कोई व्यक्ति वृंदावन, देहरादून या गोवा जैसी टूरिस्ट लोकेशन पर निवेश करता है, तो वहां कम पूंजी लगानी पड़ती है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि इन धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर होमस्टे या हॉलिडे होम्स के जरिए 'डेली बेसिस' पर शानदार इनकम हो रही है, जो एनसीआर के मंथली रेंट से कहीं ज्यादा है। देश के नामी बिल्डर पहुंचे इस एक्सपो में रियल एस्टेट सेक्टर के कई बड़े और प्रतिष्ठित नाम शामिल हुए हैं। इनमें लोधा, हीरो होम्स, एचसीबीएस, एआईएल डेवलपर्स, युगेन इन्फ्रा, रूफ वेदमान ग्रुप और राविस्टा जैसे बिल्डर और डेवलपर्स के नाम शामिल है। इन्होंने सभी निवेशकों को देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे किफायती और हाई-रिटर्न प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। बदलती कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का असर प्रॉपर्टी विशेषज्ञ राजीव खोसला ने बताया कि वे 20 साल से ज्यादा समय से गुरुग्राम और आसपास की प्रॉपर्टी में निवेशकों और बिल्डरों के साथ काम कर रहे हैं और 90 हजार से ज्यादा यूनिट्स डिलीवर कर चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है, जब निवेशकों का टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में रूझान पहले के मुकाबले बढ़ा है। यह ट्रेंड बताता है कि दिल्ली-एनसीआर की प्रॉपर्टी अब आम खरीदारों के बजट से बाहर हो चुकी है। खरीदारों के लिए विकल्प बढ़ रहे बिहार के सीतामढ़ी से आए अमन कुमार ने कहा कि आज भारत के कई बड़े और छोटे शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। बेहतर हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और नई टाउनशिप के तेजी से विकसित होने के कारण निवेशकों के पास अब विकल्पों की कोई कमी नहीं है। छोटे शहर इसलिए भा रहेप्रॉपर्टी एक्सपर्ट सुरजीत झा ने बताया कि आध्यात्मिक और धार्मिक झुकाव के कारण वृंदावन में प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल आया है। यहां सप्ताहांत और त्योहारों पर आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हॉलिडे होम्स, सर्विस अपार्टमेंट्स और विला की मांग बहुत ज्यादा है। इसी तरह दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते प्रदूषण और भीड़भाड़ से परेशान लोग अब देहरादून जैसी शांत और वादियों से घिरी जगहों पर अपने 'सेकंड होम' या रिटायरमेंट होम की योजना बना रहे हैं। गुरुग्राम के बाद अब गोवा गोवा हमेशा से ही पर्यटकों की पहली पसंद रहा है। अब वहां मोपा हवाई अड्डे के चालू होने और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण रियल एस्टेट में बूम आया है। निवेशक वहां विला या अपार्टमेंट खरीदकर उन्हें होमस्टे के रूप में चला रहे हैं, जिससे उन्हें साल भर बेहतरीन और नियमित रेंटल इनकम मिल रही है।
श्रावस्ती में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से 5.270 किलोग्राम चरस बरामद हुई है। यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। दरअसल 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, भिनगा के कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। आसूचना शाखा को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि नेपाल से भारत की ओर एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से मादक पदार्थ की तस्करी करने वाला है। इस सूचना के आधार पर, ई समवाय गुज्जरगुरी के सशस्त्र सीमा बल के जवान और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग पार्टी ने थाना सिरसिया क्षेत्र के गजरीनाला के पास गहन जांच अभियान चलाया। भारतीय सीमा क्षेत्र के भीतर लगभग 1.5 किलोमीटर अंदर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रोका गया। तलाशी लेने पर, उसके पास से 5.270 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इसके साथ ही एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। तस्कर को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। बरामद चरस, जब्त मोटरसाइकिल और गिरफ्तार अभियुक्त को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए श्रावस्ती के थाना सिरसिया को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध गतिविधियों और सीमा अपराधों की रोकथाम के लिए पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
एटा जिले के मारहरा विधानसभा क्षेत्र के पिलुआ गांव में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण एवं जनविश्वास' अभियान के तहत एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल की अध्यक्षता विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विधायक लोधी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं, सुझावों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान से सुना। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। चौपाल में विधायक ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना, विश्वकर्मा योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। इस अवसर पर कुछ कल्याणकारी कार्यक्रम भी हुए। विधायक ने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया और गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। अपने संबोधन में विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' की भावना के साथ समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, किसानों की आय वृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर जोर दिया। चौपाल में मौजूद अधिकारियों ने भी विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। देर रात तक चली रात्रि चौपाल में विकास, जनकल्याण और जनभागीदारी से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जबकि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। चौपाल का मुख्य संदेश यही रहा कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
अमरोहा के जोया रोड स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हालांकि, बाद में परिजनों ने कोई कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया और महिला के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। नौगांवा सादात के एक मोहल्ले की निवासी 30 वर्षीय महिला गर्भवती थी। शनिवार रात करीब 10:50 बजे प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें जोया रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया, जिसमें महिला ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार, प्रसव के बाद अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर अस्पताल स्टाफ ने उन्हें मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया। परिजन तत्काल महिला को मुरादाबाद ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह और डिडौली कोतवाली प्रभारी जितेंद्र बालियान मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। बाद में अस्पताल प्रशासन और महिला के परिजनों के बीच आपसी सहमति बन गई, जिसके बाद विवाद शांत हो गया। सीओ सिटी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में परिजनों ने कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है और कोई तहरीर भी नहीं दी गई है।
प्रतापगढ़ के कुंडा कोतवाली क्षेत्र के लाखीपुर लरु गांव में पानी निकासी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस मामले में पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गांव निवासी तारा देवी पत्नी मनोज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके ससुर ने आरसीसी सड़क के नीचे पानी निकालने के लिए पाइप डाला था। इसी बात से नाराज होकर मोहल्ले के कुछ लोग 19 जून की सुबह करीब 8 बजे उनके घर पहुंच गए। तहरीर के अनुसार, आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर तारा देवी के साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। कुंडा पुलिस ने तारा देवी की तहरीर पर शैलेन्द्र कुमार, संदीप कुमार, अखिलेश उर्फ नन्हें और दीपक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है। स्थानीय लोगों ने इस तरह की हिंसा पर चिंता व्यक्त की है।
NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान बिहार के लखीसराय में सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा हुआ है। 9 फर्जी परीक्षार्थियों समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी समिति के खाली छह पदों के लिए आज यानी सोमवार को होने वाला चुनाव निर्विरोध होने की संभावना है। छह पदों के लिए केवल छह प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद मुकाबला लगभग तय माना जा रहा है। इसको लेकर नगर निगम मुख्यालय, लालबाग स्थित त्रिलोकनाथ सभागार में सुबह 11 बजे विशेष अधिवेशन बुलाया गया है।नगर निगम की 12 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति के छह सदस्यों का दो वर्षीय कार्यकाल इसी माह पूरा हुआ था। इनमें भाजपा के पांच और समाजवादी पार्टी के एक सदस्य शामिल थे। रिक्त हुए पदों पर भाजपा ने पांच और सपा ने एक प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। ऐसे में सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना प्रबल हो गई है। कार्यकारिणी समिति नगर निगम के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली प्रमुख इकाई है। यदि किसी कारणवश नामांकन छह से अधिक हुए तो मतदान कराया जाएगा। मतदान की स्थिति में महापौर, 110 निर्वाचित पार्षदों और 20 पदेन सदस्यों को मतदान का अधिकार होगा। नगर निगम की इस अहम प्रक्रिया पर सभी राजनीतिक दलों और पार्षदों की नजर बनी हुई है, हालांकि मौजूदा समीकरणों को देखते हुए चुनाव निर्विरोध संपन्न होने की पूरी संभावना है। भाजपा के प्रत्याशी सपा प्रत्याशी चुनाव कार्यक्रम
देवरिया के युवक से 10 लाख की साइबर ठगी:अच्छी कमाई का झांसा देकर बना शिकार, साइबर पुलिस कर रही जांच
देवरिया में एक युवक से 10 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने अच्छी कमाई और मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर यह धोखाधड़ी की। पीड़ित की शिकायत पर सदर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर के सोमनाथ मंदिर मोहल्ला निवासी अब्दुल रहमान खान को 2 जून को टेलीग्राम के माध्यम से एक कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को निवेश संबंधी जानकारी देने वाला बताया और कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया। आरोपी ने अब्दुल रहमान को विभिन्न योजनाओं के जरिए अच्छी कमाई का लालच देकर अपने झांसे में ले लिया। विश्वास में लेने के बाद, आरोपी ने पीड़ित से अलग-अलग माध्यमों से एक खाते में करीब 10 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम भेजने के बाद जब पीड़ित ने दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया, तो संबंधित व्यक्ति का फोन बंद मिला। इसके बाद अब्दुल रहमान को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और मामले की शिकायत की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर सदर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ट्रांजैक्शन से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम आईडी की जानकारी जुटाने में लगी है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। सदर कोतवाल राकेश कुमार राय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और बैंकिंग तथा डिजिटल लेनदेन से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया, टेलीग्राम या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से मिलने वाले निवेश और अधिक मुनाफे के प्रलोभन से सावधान रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर धनराशि ट्रांसफर न करने की सलाह दी गई है।
श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान प्रबंधन प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा पूछताछ किए गए लोगों को बिना अनुमति अयोध्या न छोड़ने की मौखिक चेतावनी दिए जाने के बीच एक नया घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी मिली है कि जांच के दायरे में आए गोपाल राव अयोध्या से कर्नाटक के लिए रवाना हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने जांच प्रक्रिया को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, SIT ने बीते दिनों कई व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की थी और उन्हें जांच पूरी होने तक उपलब्ध रहने की हिदायत दी गई थी। ऐसे में गोपाल राव के अयोध्या छोड़कर कर्नाटक जाने की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक और जांच हलकों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्होंने जांच एजेंसी को अपने प्रस्थान की जानकारी दी थी या नहीं। संपर्क करने की कोशिश नाकाम इस पूरे मामले पर पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर टीम ने गोपाल राव से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया। उनके मोबाइल नंबर पर फोन किए गए, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। संदेश भेजकर भी प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, किंतु समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। SIT की अगली कार्रवाई पर नजर सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोपाल राव का अयोध्या से बाहर जाना पूर्व अनुमति के साथ हुआ है या नहीं। यदि बिना सूचना या अनुमति के उन्होंने स्थान छोड़ा है, तो SIT इस पर अलग से संज्ञान ले सकती है। वहीं, आधिकारिक स्तर पर अभी किसी अधिकारी ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। गोपाल राव के कर्नाटक रवाना होने की खबर ऐसे समय सामने आई है जब SIT अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटी है। ऐसे में यह घटनाक्रम जांच की दिशा और गति दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में महिलाओं के गले से सोने की चेन झपटकर फरार होने वाले इंटर-स्टेट गिरोह के 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं। उन्होंने पहले शहर में किराए का मकान लिया और रेकी करने के बाद सुबह के समय अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दिया। गिरोह के 3 सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर में पिछले कुछ दिनों से एक बाइकर्स गैंग सक्रिय था, जो सुबह के समय अकेली महिलाओं को देखकर चेन स्नैचिंग और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरोह ने एक के बाद एक तीन वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं था। आरोपी अलग-अलग राज्यों में जाकर स्थानीय सहयोगियों की मदद से ठहरते थे। वहां भी महिलाओं को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग और लूट करते थे। CCTV फुटेज से मिला सुराग, 6 आरोपी गिरफ्तार वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे दर्जनों CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक बिना नंबर की संदिग्ध स्कूटी दिखाई दी। इसी बीच सिरगिट्टी क्षेत्र में एक महिला से मारपीट कर चेन लूटने की घटना भी सामने आई। इससे पहले तोरवा क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदात हुई थी। दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की गतिविधियों का मिलान करने पर पुलिस को एक ही गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि मिली। जांच में मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। रेकी कर वारदात को अंजाम देता था गिरोह जांच में पता चला कि गिरोह खासकर रूप से उन महिलाओं को निशाना बनाता था, जो सुबह टहलने निकलती थीं, घर के बाहर सफाई करती थीं या अकेली रहती थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों का तरीका बेहद सुनियोजित था। वे पहले इलाके की रेकी करते, फिर महिलाओं की दिनचर्या और आवाजाही पर नजर रखते थे। मौका मिलते ही बिना नंबर की स्कूटी से पहुंचकर झपट्टा मारते और कुछ ही सेकंड में फरार हो जाते थे। स्थानीय युवक बना गिरोह का मददगार जांच के दौरान पुलिस गणेश नगर, सिरगिट्टी निवासी नवीन साहू तक पहुंची। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपने ओडिशा निवासी साथियों को बिलासपुर बुलाया था। वह आरोपियों को अपने घर में ठहराने के साथ स्थानीय स्तर पर उनकी मदद भी कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम शहर में तीन वारदात, संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं पूछताछ में आरोपियों ने तोरवा और सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में हुई तीन वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने मामले में लूट और चेन स्नैचिंग के अलावा संगठित अपराध तथा आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं भी जोड़ी हैं। इससे आरोपियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद स्कूटी भी पुलिस ने जब्त कर ली है। इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
सोनीपत जिले में सोमवार सुबह पुलिस और कुख्यात बदमाश बीच हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल होने के बाद अस्पताल में दम तोड़ गया, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान हेड कांस्टेबल देवेंद्र के बाएं हाथ में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और डीसीपी क्राइम नरेंद्र सिंह के अनुसार आरोपी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, फायरिंग और अन्य संगीन अपराधों के 25 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने गांव में एक और हत्या की वारदात को अंजाम देने की फिराक में क्षेत्र में घूम रहा है। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। घायल आरोपी और पुलिसकर्मी को खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान आरोपी की मौत हो गई। गुप्त सूचना पर की गई घेराबंदी, पुलिस पर शुरू कर दी फायरिंग पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और डीसीपी क्राइम नरेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह करीब 5:30 बजे सूचना मिली थी कि कुख्यात अपराधी गोपाल उर्फ गोपी नहर के रास्ते एमपी माजरा, खूबडू होते हुए अटायल गांव की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर सीआईए-1 गन्नौर की टीम ने क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार जैसे ही टीम आरोपी के करीब पहुंची तो उसने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पार्टी पर लगातार फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने पुलिस वाहन को भी निशाना बनाया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं। दो अवैध हथियार बरामद, मौके पर बुलानी पड़ी एफएसएल टीममुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से दो अवैध हथियार और बिना नंबर की बाइक बरामद किए हैं। घटनास्थल से बड़ी संख्या में कारतूसों के खोल भी मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मौके से 11 से अधिक खोल बरामद हुए हैं। घटनास्थल की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस पूरे घटनाक्रम की तकनीकी और फोरेंसिक जांच कर रही है। मनोज की हत्या करने की फिराक में गांव पहुंचा था आरोपी इंस्पेक्टर राजीव ने बताया आरोपी गोपाल उर्फ गोपी गांव अटायल का निवासी था और सोमवार सुबह अपने ही गांव के मनोज नामक व्यक्ति की हत्या करने के इरादे से क्षेत्र में आया हुआ था। पुलिस का कहना है कि इससे पहले भी वह मनोज पर फायरिंग कर चुका था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने समय रहते घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसने पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पैरोल पर बाहर आने के बाद लगातार कर रहा था वारदातें पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने बताया कि गोपाल उर्फ गोपी करीब ढाई महीने पहले 70 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल पर आने के बाद उसने लगातार कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। मई महीने में उसने अपने गांव अटायल में मनोज के घर पर फायरिंग की थी। इसके करीब 15 से 20 दिन बाद गांव के शराब ठेके पर लूट के इरादे से फायरिंग और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा पानीपत के समालखा क्षेत्र से एक ब्रेजा कार चोरी करने का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज है। पुलिस के अनुसार सोमवार को वह चौथी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए गांव पहुंचा था। जवाबी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल देवेंद्र घायल मुठभेड़ के दौरान आरोपी की गोली हेड कांस्टेबल देवेंद्र के बाएं हाथ में लगी। गंभीर रूप से घायल देवेंद्र को तत्काल खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में उपचार चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मी की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। दो बार मिल चुकी थी आजीवन कारावास की सजा पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने बताया कि गोपाल उर्फ गोपी बेहद खतरनाक और आदतन अपराधी था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और अन्य संगीन अपराधों के करीब 25 मुकदमे दर्ज थे। उन्होंने बताया कि आरोपी को अदालत द्वारा दो अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी थी। इसके बावजूद वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहा था। मुठभेड़ में शामिल रही सीआईए-1 गन्नौर की टीम इस कार्रवाई में सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव के नेतृत्व में टीम ने हिस्सा लिया। टीम में पीएसआई रविकांत, पीएसआई ओमवीर, सब इंस्पेक्टर मुकेश सीआई ए गन्नौर इंचाज, एएसआई विजेश्वर, एएसआई कृष्ण, हेड कांस्टेबल देवेंद्र, हेड कांस्टेबल राकेश, कांस्टेबल विकास सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टीम ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसके द्वारा की गई फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस कमिश्नर बोलीं- एक और बड़ी वारदात टली पुलिस कमिश्नर ममता सिंह के अनुसार आरोपी गोपाल उर्फ गोपी एक और हत्या की वारदात को अंजाम देने की योजना बनाकर क्षेत्र में आया था। पुलिस को समय रहते सूचना मिल गई, जिसके चलते उसकी घेराबंदी की गई। उन्होंने कहा कि आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि बेहद गंभीर थी और उसकी गिरफ्तारी अथवा निष्क्रिय किए जाने से क्षेत्र में संभावित बड़ी वारदात टल गई
किशनगंज के पौआखाली नगर पंचायत के वार्ड-3 सिमलबाड़ी में रविवार को एक बच्चा बूढ़ी कनकई नदी में डूबकर लापता हो गया। 9 वर्षीय समदानी का नदी किनारे कपड़े मिलने के बाद से उसकी डूबने की आशंका जताई जा रही है। परिजन ने बताया कि समदानी अपने साथियों के साथ बकरी चराने गया था। इसी दौरान वह नदी में नहाने उतरा और गहरे पानी में चला गया। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। नदी किनारे समदानी के कपड़े मिलने से उसके डूबने की आशंका और पुख्ता हो गई। अंचलाधिकारी ने घटनास्थल का लिया जायजा घटना की सूचना मिलते ही पौआखाली थानाध्यक्ष शंख राज कर्ण पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ठाकुरगंज अंचलाधिकारी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। बच्चे की तलाश के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को सूचित कर दिया गया है। SDRF टीम के पहुंचने के बाद नदी में व्यापक सर्च अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल, स्थानीय गोताखोरों द्वारा तलाश जारी है। थानाध्यक्ष शंखराज कर्ण ने बताया कि लापता बच्चे की पहचान सिमलबाड़ी निवासी मो. समीरूद्दीन के 9 वर्षीय पुत्र समदानी के रूप में हुई है। घटनास्थल से उसके कपड़े बरामद किए गए हैं। रविवार रात करीब 10:30 बजे तक स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की मदद से नदी में तलाश जारी रही, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। नदी का बहाव तेज होने से तलाशी में कठिनाई इस घटना के बाद से परिजनों में शोक का माहौल है। सिमलबाड़ी गांव में भी लोग चिंतित हैं। मौके पर नगर उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि अबुनसर सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद थे, जो SDRF टीम का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि नदी का बहाव तेज होने के कारण तलाशी अभियान में कठिनाई आ रही है।
पूर्णिया में इस्कॉन मंदिर के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरित किया। प्रत्येक रविवार को इस्कॉन मंदिर द्वारा जिले भर में प्रसाद वितरण किया जाता है। इसी क्रम में रविवार रात लाइन बाजार स्थित जीएमसीएच अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को प्रसाद दिया गया। विभिन्न राज्यों और जिलों की तरह अब पूर्णिया शहर में भी इस्कॉन मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। पूर्णिया में एक भव्य इस्कॉन मंदिर बनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय इस्कॉन मंदिर संगठन ने पूर्णिया के भट्ठा बाजार, हटिया के पास अपना नया केंद्र खोला है। यहां अक्सर ईश्वर से आस्था से जुड़े भक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस्कॉन मंदिर के सदस्य आनंद घोष उर्फ गोपाल दा ने बताया कि पूर्णिया में मंदिर निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा। मंदिर के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है, लेकिन रजिस्ट्री की प्रक्रिया अभी बाकी है। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद भूमिपूजन के दिन एक भव्य कार्यक्रम आयोजित कर मंदिर निर्माण की आधिकारिक घोषणा की जाएगी और मंदिर का नक्शा सार्वजनिक किया जाएगा। गोपाल दा ने यह भी बताया कि वर्तमान में पूर्णिया में उनका एक छोटा केंद्र संचालित है। सदस्यों का प्रयास है कि प्रत्येक रविवार को केंद्र के 10 किलोमीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।
बरेली के सिटी सेंटर एलए मॉल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट बंद होने से उसमें महिलाएं, बच्चे और पुरुष फंस गए। करीब 35 मिनट तक सभी लोग फंसे रहे। इस बीच वहां चीख-पुकार मच गई। महिलाएं और बच्चे रोने लगे और लोगों का दम अंदर घुटने लगा। जिसके बाद लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। मूवी देखने गए लोग मॉल की लिफ्ट में फंसेबरेली के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के चौकी चौराहा स्थित सिटी सेंटर एलए मॉल में रविवार रात बड़ी संख्या में लोग मूवी देखने पहुंचे थे। रात 9 बजकर 24 मिनट पर लोग मूवी देखकर लिफ्ट से नीचे उतर रहे थे। दूसरे फ्लोर से लिफ्ट जैसे ही पहले फ्लोर पर पहुंचने वाली थी, तभी अचानक बिजली चली गई, जिससे लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट में फंसे लोगों ने घबराहट में लिफ्ट के दरवाजे पर लात मारी, जिससे उसका सेंसर खराब हो गया। इसके बाद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। हालांकि, फौरन जनरेटर शुरू हुआ, लेकिन सेंसर खराब होने के कारण लिफ्ट का गेट नहीं खुला, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। 3 बच्चे, 4 महिलाओं समेत 13 लोग फंसेकड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर सभी को बाहर निकाला गया। इस दौरान एक लड़की बेहोश हो गई। लिफ्ट में 3 बच्चे और 4 महिलाओं समेत कुल 13 लोग फंसे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मेरठ के ब्रहमपुरी थानाक्षेत्र में शनिवार देर रात ढाई बजे कारोबारी रमन जोली के बेटों अमन और नमन ने पुलिसकर्मियों पर कार से हमला कर दिया। दोनों भाई अपनी इनोवा, थार गाड़ी से बीच सड़क स्टंट कर रहे थे। एक दूसरे से गाड़ी ओवरटेक करते हुए जिंदगी-मौत का खेल खेल रहे थे। तभी दोनों ने मिलकर सड़क पर देर रात ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मियों को अपनी गाड़ियों से टक्कर मार दी।कारोबारी के बेटों के वाहनों की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि पुलिस की गाड़ी में टक्कर लगते ही पुलिसवैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और 7 पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हो गए। ड्राइवर का पैर भी टूट गया। सभी पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है। वहीं दोनों रईसजादों को अरेस्ट कर जेल भेज दिया गया है। ये था पूरा मामला दिल्ली रोड पर टीपीनगर गेट के सामने शनिवार देर रात करीब 2.30 बजे कार ने पुलिस जीप में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में जीप चालक रविन्द्र मलिक समेत सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। रविन्द्र की हालत गंभीर बनी है। घायलों को न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।पुलिस के अनुसार शनिवार देर रात ब्रह्मपुरी पुलिसकर्मी जीप से गश्त कर रहे थे। अचानक टीपीनगर गेट के सामने हनुमान मंदिर के पास तेज गति से आ रही कार ने जीप में जबरदस्त टक्कर मार दी। गाड़ी की गति इतनी तेज थी कि जीप के पास खड़ी फैंटम भी चपेट में आ गई। 7 पुलिसकर्मियों को आई चोटें घटना में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को गंभीर अवस्था में केएमसी अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर उन्हें न्यूटिमा अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल सिपाही रविन्द्र मलिक की हालत गंभीर बनी है। उनके पैर में पैर में फ्रैक्चर आया है। उनका आपरेशन चल रहा है।थार-इनोवा गाड़ियों से कर रहे थे मौत के स्टंट पुलिस ने दोनों आरोपियों की इनोवा और सफेद रंग की थार गाड़ी जब्त कर सीज कर दी है। आरोपी नमन जोली और उसका भाई अमन जोली पुत्र रमन जोली दोनों भाइयों को अरेस्ट कर लिया है। दोनों ही सगे भाई हैं। सुपरटेक पामग्रीन बिजली बंबा रोड ब्रहमपुरी थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं। बड़ा भाई नमन 37 साल और छोटा भाई अमन 35 साल का है। दोनों भाइयों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। ये दोनों ही भाई अपनी बड़ी, महंगी गाड़ियों से सड़क पर स्टंट कर रहे थे, एक दूसरे से ओवरटेक कर रहे थे। जिसके दरम्यान इन्होंने पुलिसकर्मियों पर अपनी कारों से टक्कर मार दी। पुलिसकर्मी बुरी तरह घायल हो गए। दोनों के खिलाफ ब्रहमपुरी थाने में मुकदमा लिखा गया है। ये पुलिसकर्मी हुए घटना का शिकार इस घटना के दौरान ड्यूटी दे रहे ड्यूटीरत का0 लोकेन्द्र पंवार, रि0का0 सतेन्द्र कुमार, रि0का0 विक्रम सिंह तथा पीआरवी 7609 रजि0 नं0 UP32DG7609 पर ड्यूटीरत का0 कपिल भाटी, हो0गा0 राजेश कुमार एवं फैन्टम 5/3 पर ड्यूटीरत है0का0 रविन्द्र मलिक व वादी के ऊपर जानबूझकर गाड़ी चढ़ा दी गयी, जिससे सभी पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गये तथा सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गये।
गाजियाबाद के कविनगर में एयरगन से पिछले 20 दिन में गोली लगने के 2 मामले सामने आए हैं। इनमें एक 17 साल की लड़की भी है। अब जब किशोर को गोली लगी तो परिजन और आसपास के लोग कविनगर थाने पहुंचे। पुलिस का कहना है कि यह मामला पुराना है। जिसमें आसपास लगे सीसी टीवी की जांच से ही पता चल सकता है। परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर अज्ञात में तहरीर दी है। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। पहले 18 जून का मामला जानिए कविनगर थाना क्षेत्र के पंचशील प्राइमरोज सोसायटी निवासी अंकित मित्तल नेबताया कि मेरा 17 साल का बेटा कार्तिक 18 जून को साेसायटी में नीचे गया था। जहां अचानक उसके पैद में दर्द होने लगा। जब कपड़ा हटाकर देखा तो पता चला कि पैर में बारीक छेद दिखा। पहले इसका उपचार किया। बाद में पता चला है कि यह एयरगन से किसी ने गोली चलाई है। 20 जून को डॉक्टर के पास पहुंचे। जहां रविवार को एक्सरे में आया कि एक बुलेट फंसी है। जिसे डॉक्टरों ने निकाला। इस मामले में सोमवार शाम को कविनगर थाने में शिकायत की गई। 25 मई को किशोरी को लगी थी गोली वहीं 25 मई को सोसायटी में रहने वाले अमित शर्मा की 17 साल की बेटी शैलजा के पैर में गोली लगी थी। जिसमें बताया कि कोई नुकीली चीज लगी है। जब ब्लड बंद नहीं हुआ तो डॉक्टर के पास ले गए। जिसमें डॉक्टर ने बताया कि अंदर एयरगन की बुलेट फंसी है। हालांकि इस मामले में थाने में तहरीर नहीं दी गई। एसीपी कविनगर जियाउद्दीन का कहना है कि दोनों मामले पुराने हैं। इनकी जांच की जा रही है। जो परिजनों द्वारा लिखित शिकायत की गई है उसके आधार पर जांच की जा रही है। सीसी टीवी फुटेज भी देखी जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज में मोहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट:संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ी, पीस कमेटी की बैठकें
महराजगंज में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी लगातार जिले के संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर पीस कमेटी की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों के साथ संवाद स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त की जा रही है। पुलिस बल लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना से माहौल प्रभावित न हो। भारत-नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा सोनौली बॉर्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीमा पर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों को पहचान पत्रों की जांच के बाद ही अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां डॉग स्क्वायड और अन्य आधुनिक संसाधनों की मदद से वाहनों और संदिग्ध वस्तुओं की जांच कर रही हैं। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि मोहर्रम पर्व को लेकर सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मोहर्रम के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, 12 फीट से अधिक ऊंचे ताजिये नहीं बनाए जाएंगे तथा सभी आयोजन निर्धारित नियमों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही संपन्न कराए जाएंगे। प्रशासन इन निर्देशों के अनुपालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
संभल में तेज धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सुबह से 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाने का अलर्ट जारी किया है। आज सुबह का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 114 रहा। सुबह 9 बजे पूरे संभल का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस था। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। पिछले चार दिनों से संभल का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था, जिसमें आज एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सूरज ढलने के बाद हवाओं की रफ्तार में 10 किलोमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी होगी और तापमान में 8 से 10 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। भीषण गर्मी के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहता है, जबकि सुबह के समय थोड़ी चहल-पहल दिखाई देती है। जून महीने की शुरुआत सामान्य मौसम से हुई थी और लगातार चार दिन बारिश होने से मौसम में बदलाव आया था। इस महीने में कुल 8 दिन की बारिश में 28 मिलीमीटर वर्षा होने की संभावना जताई गई है। अप्रैल में अधिकतम 47 डिग्री और मई में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस बार नौतपा का कोई खास असर नहीं दिखा। मानसून में देरी हुई है और इसके 26 या 27 जून तक आने की संभावना है। इस बीच, मुरादाबाद रोड स्थित एकलव्य क्रिकेट अकादमी में युवा खिलाड़ी पेड़ों की ठंडी हवाओं के बीच क्रिकेट का आनंद लेते दिखे। स्थानीय निवासी विकास वर्मा ने बताया कि लगातार पड़ रही गर्मी के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में हुई बारिश से मौसम कुछ सामान्य हुआ था।
सहारनपुर में बिहार का कुख्यात बदमाश लल्लन सिंह उर्फ ललन पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उस पर बिहार और यूपी में दो दरोगा, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत 7 हत्याएं, डकैती और ATM कैश वैन लूटने जैसे कई संगीन मामले दर्ज थे। उस पर 1.25 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात ASP लाल प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सरसावा-नकुड़ रोड पर चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान बाइक से संदिग्ध बदमाश आते दिखे। रोकने को कहा तो फायरिंग करने लगे। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से लल्लन घायल हो गया। उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल बदमाश को पहले CHC ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस बदमाश के फरार साथी की तलाश में दबिश दे रही है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
प्रतापगढ़ में दो कारों की भीषण टक्कर:कड़ा धाम जा रहे लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह लगभग 7 बजे एक अर्टिगा और एक ऑरा कार के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह हादसा महेशगंज बाजार के पास हुआ, जिसमें दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही महेशगंज थाना प्रभारी संदीप कुमार तिवारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कराया और घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेशगंज भेजा।अर्टिगा कार में छह लोग सवार थे, जो सुल्तानपुर के लंभुआ क्षेत्र से कौशांबी के कड़ा धाम दर्शन के लिए जा रहे थे। इस कार के चालक शिवकुमार को मामूली चोटें आई हैं। दूसरी ओर, ऑरा कार फिरोजाबाद से कुंडा होते हुए डेरवा बाजार की ओर जा रही थी। इसमें चार लोग सवार थे, जिनमें से मनोज कुमार अग्रवाल घायल हो गए। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
रायपुर में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। राजधानी के खमतराई थाना क्षेत्र स्थित WRS कॉलोनी के खुले मैदान में एक युवक की सिर कुचली हुई लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने सुबह मैदान में खून से लथपथ शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही खमतराई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक के सिर और चेहरे पर किसी भारी पत्थर या ठोस वस्तु से वार किया गया है। घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में खून फैला हुआ मिला, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या उसी जगह पर की गई है। हाथ पर गुदे नाम से पहचान की कोशिश मृतक की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस को युवक के दाहिने हाथ पर ‘RK सारथी’ नाम का टैटू मिला है। इसी सुराग के आधार पर उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि मृतक की पहचान हो सके। मौके पर पहुंची क्राइम ब्रांच और एफएसएल टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना के समय वहां आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जा सके। हत्या के कारणों की जांच जारी पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या अन्य व्यक्तिगत कारणों को लेकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने रात में गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। फिलहाल खमतराई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मृतक की पहचान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पंजाब से आए 7 निहंगों में से 4 ने फिलहाल वहीं रहने का फैसला किया है। वे पंजाब से आने वाले जत्थे का इंतजार कर रहे हैं, जो 25 जून को यहां पहुंचेगा। अपने साथियों के पहुंचने के बाद वे हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होंगे। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 25 जवान तैनात हैं, जिनमें पुलिस, ITBP और PAC के जवान शामिल हैं। निहंगों की ओर से कहा गया है कि वे किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच अभी भी डर का माहौल बना हुआ है। शांति व्यवस्था में तैनात एक जवान ने बताया कि निहंग बार-बार अपने बयान और जाने की तारीख बदल रहे हैं। इस बीच पंजाब के मोहाली से आए निहंग परमवीर सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा, हमारी बाबा लोगों के साथ थोड़ी अनबन हो गई थी, लेकिन पुलिस-प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद अब हम वापस लौट रहे हैं। निहंग शनिवार शाम चार से गुरुद्वारे में मौजूद है। गुरुद्वारे में देर शाम से अरदास और लंगर पहले की तरह चलने लगे हैं। वहीं, देहरादून में पंजाब से सांसद सर्वजीत सिंह खालसा, MLA मनप्रीत सिंह, और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब के सीएम मान ने धामी से की बात रुद्रप्रयाग में निहंगों के विवाद को लेकर रविवार को पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। मान ने धामी से दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का उचित हल निकालने का अनुरोध किया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि धामी ने पंजाब के मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि मामले में कोई भी कदम निष्पक्ष ढंग से उठाया जाएगा। गुरुद्वारा संचालक बोले- पंजाब से आए निहंगों ने भांग पी रखी, 5 पॉइंट में पूरी बात 1. लंगर में विवाद, गाली-गलौज और कब्जा करने की धमकी- नगरासू स्थित गुरुद्वारा संचालक महंत सिंह ने कहा कि ये तीन लोग पहले आए थे और चार लोग बाद में बाइकों पर आए। उन्होंने भांग पी रखी थी और लंगर में जाकर संगत के साथ झगड़ा करने लगे। सेवादारों पर डंडा उठा लिया और गाली-गलौज की। उनके साथ सफेद कपड़ों में एक युवक था (जिसकी दाढ़ी कटी हुई थी), उसने सबसे ज्यादा गड़बड़ी की और धमकी दी कि “हम गुरुद्वारे पर कब्जा करने आए हैं और यहां से छोड़ेंगे नहीं”। 2. ऋषिकेश और धारी देवी में भी की थी गड़बड़- गुरुद्वारा संचालक के अनुसार, ये वही लोग हैं जिन्होंने ऋषिकेश में भी पुलिस के साथ गड़बड़ की थी, जहां पुलिस ने इन्हें पकड़ा था और इन्होंने एक उंगली भी तोड़ दी थी। इसके बाद इन्होंने धारी देवी में जाकर विवाद किया, रास्ते में देसी घी के लंगर वालों को गाली दी और बाइक दुर्घटना में मारे गए एक लड़के के परिजनों से भी झगड़ा किया था। 3. सम्मान देने के बावजूद ऊपर जाकर की लाखों की तोड़फोड़- गुरुद्वारा प्रबंधन ने उनके मुख्य व्यक्ति को सिरोपा (सत्कार का कपड़ा) देकर शांति से चले जाने को कहा था। लेकिन वे बाहर निकलकर गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए, नीचे का रास्ता बंद कर दिया और लाखों रुपए का नुकसान किया। उन्होंने गुरुद्वारे का सोलर सिस्टम और पानी का पूरा सिस्टम तोड़ दिया। 4. बुजुर्ग सेवादार को बंधक बनाया और फोन पर दी गंदी गालियां- उन्होंने यात्रा में आए एक सफेद दाढ़ी वाले बुजुर्ग सेवादार को रात से बंधक बना रखा है, जो भूखा-प्यासा उनके कब्जे में है। जब गुरुद्वारा संचालक ने उनसे फोन पर बात की, तो उन्होंने फोन पर ऐसी गंदी और भद्दी गालियां दीं जो कभी कानों से सुनी नहीं थीं। कप्तान साहब (एसएसपी) और डीएम साहब से बात होने के बाद भी वे नीचे आने को तैयार नहीं हुए। 5. पुलिस-प्रशासन का सुरक्षित गाड़ी का आश्वासन, फिर भी काटने की धमकी- कप्तान साहब और प्रशासन ने लाउडस्पीकर और फोन पर उनसे कहा कि “आप नीचे आ जाओ, पुलिस आपको नहीं पकड़ेगी और हम बाइज्जत गाड़ी में बैठाकर आपको पंजाब छोड़ेंगे”। कर्णप्रयाग में गिरफ्तार उनके साथियों की जल्दी बेल कराने का भी आश्वासन दिया गया, लेकिन वे अड़े रहे और धमकी दी कि “हम कभी नीचे नहीं आएंगे, जो भी ऊपर आएगा उसे काट देंगे; हमने अरदास कर दी है और यहीं बैठेंगे”। 16 जून से अब तक कब क्या हुआ सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए… 1. 16 जून (मंगलवार)- कर्णप्रयाग बाजार में विवाद और हिंसा की शुरुआत- हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौट रहे 5-6 निहंग बाइक सवारों के एक जत्थे की मोटरसाइकिल कर्णप्रयाग के मुख्य बाजार में खड़ी एक कार से टकरा गई थी। कार मालिक और बाइक सवारों के बीच हुई बहस देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि कुछ निहंगों ने तलवारों और धारदार हथियारों से स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें 3-4 लोग घायल हो गए। एक स्थानीय होटल व्यवसायी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भेजा गया। इस घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 5 घंटे तक चक्काजाम कर दिया, जिससे गौचर से नंदप्रयाग तक 25 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। चमोली के डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पवार ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से 3 को पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया। 2. 20 जून (शनिवार)– नगरासू गुरुद्वारे में हंगामा और बंधक बनाया- कर्णप्रयाग की घटना से नाराज 7 निहंग पिछले 4 दिनों से रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में ठहरे हुए थे। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर थी कि कर्णप्रयाग मामले में स्थानीय लोगों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई और स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने इसके खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई। शनिवार शाम करीब 4 बजे निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार व एक बाबा के साथ मारपीट की और वहां ठहरे एक अन्य यात्री को कथित रूप से बंधक बना लिया। विवाद बढ़ने पर निहंग अपने पारंपरिक शस्त्रों (भाले, डंडे और पत्थरों) के साथ गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल (छत) पर चढ़ गए और खुद को अंदर बंद कर लिया। उन्होंने छत से नीचे पत्थर भी फेंके, जिससे पूरे बाजार में दहशत फैल गई। 3. 21 जून (रविवार)– बातचीत का दौर, इंटरनेट बैन और ITBP की तैनाती- घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी (PAC) के साथ-साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को तैनात किया गया। आईटीबीपी और पुलिस ने पूरे गुरुद्वारे को चारों तरफ से घेर लिया। रविवार सुबह रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर निहंगों को समझाने पहुंचे, लेकिन शुरुआती दौर में उन्होंने बातचीत से इनकार कर दिया। गुरुद्वारे के सेवादारों के मुताबिक, इस दौरान निहंगों ने एसपी निहारिका तोमर को धमकी भी दी। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए गुरुद्वारे के आसपास करीब 15 किलोमीटर के दायरे (गौचर, सिम्पली और कर्णप्रयाग) में इंटरनेट सेवाओं को कई घंटों के लिए बंद कर दिया था, जिसे बाद में बहाल किया गया। 4. 22 जून (सोमवार)– समाधान, निहंगों का समर्पण और यात्रा सुचारू- जिला प्रशासन और निहंगों के बीच करीब चार दौर की बातचीत खत्म हुई। पंजाब के कुछ जनप्रतिनिधियों के देहरादून पहुंचने की खबरों के बीच निहंगों ने बंधकों को मुक्त कर दिया। नीचे उतरने के बाद निहंग अकाल सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, हम कर्णप्रयाग जाने के लिए नगरासू आए थे। यहां किसी बात को लेकर मतभेद हो गया था, जिसके बाद पुलिस आई। हमें लगा कि पुलिस हमारे कारण आई है, इसलिए हमने ऊपर जाकर मोर्चा संभाल लिया था। अब हम सुरक्षित नीचे आ गए हैं, गुरुघर में हैं और अपने घर लौट रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने हमारा पूरा सहयोग किया है। 5. अभी धारा 163 लागू- कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारी (SDM) अल्केश नौटियाल ने कर्णप्रयाग परगना क्षेत्र समेत चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। यह आदेश 27 जून तक प्रभावी रहेगा। उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने या भ्रामक अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आईजी (IG) गढ़वाल राजीव स्वरूप को सौंपी गई है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी कर देश भर के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर के यात्रा पर आएं। हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा मार्ग पूरी तरह से खुले हैं और स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में हैं। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… कर्णप्रयाग विवाद- हरिद्वार पहुंचे पंजाब के MP-MLA:बोले- सिख युवकों पर हुई एकतरफा कार्रवाई; निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा किया कर्णप्रयाग में हुए विवाद को लेकर पंजाब से आए सिख प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल सिख युवकों के साथ अन्याय हुआ है और मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
बस्ती के कोतवाली थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा एक मामला फिर चर्चा में है। युवती के अलग-अलग वीडियो सामने आने और आरोपों से यू-टर्न के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 17 जून को सामने आई थी। आरोप है कि गोडिया गांव निवासी कैफ खान ने युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने कैफ पर गाली-गलौज करने, जान-माल की धमकी देने और शारीरिक संबंधों के दौरान बनाए गए वीडियो को वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने कैफ खान पर गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, बाद में युवती का दूसरा वीडियो भी सामने आया, जिसमें उसने अपने पहले के आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि उसने दबाव में आकर वह वीडियो जारी किया था। युवती ने एक हिंदूवादी नेता पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया था। युवती के दोनों वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इन सभी तथ्यों और प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने 20 जून को आरोपी कैफ खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने बताया कि सभी आरोपों, वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोजपुर में नहर में डूबने से एक शख्स की मौत हो गई। दूसरे दिन शव मिला है। मृतक की पहचना तरारी गांव के लुटन मुसहर(45) के तौर पर हुई है। घटना तरारी थाना क्षेत्र की है। मृतक के भतीजे बैरी मुसहर ने बताया कि शनिवार को बहुत गर्मी थी। चाचा स्नान करने के लिए नहर किनारे गए थे, जहां छठ घाट भी बना हुआ है। सन्ना करने के दौरान एक सीढ़ी से दूसरे सीढ़ी पर जा रहे थे। तभी उनका पैर फिसल गया और गहरे पानी में चले गए। आधे घंटे बाद ग्रामीणों से हादसे की जानकारी मिली। दूसरे दिन मिला शव सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मौके पर एसडीआरफ टीम को बुलाया गया। काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चला। दूसरे दिन रविवार को ग्रामीणों के सहयोग से शव पानी से बाहर निकाला गया। घर में मचा कोहराम सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया। परिवार में पत्नी कविता देवी, चार बेटी और एक बेटा है। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र की चार महत्वपूर्ण संपर्क सड़कों को मुख्य जिला सड़क (एमडीआर) श्रेणी में क्रमोन्नत किया गया है। स्थानीय विधायक छोटूसिंह भाटी के स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र की कनेक्टिविटी, कृषि परिवहन और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। इन चारों मुख्य रास्तों की कुल लंबाई लगभग 326 किलोमीटर है। वर्तमान में कम चौड़ाई और खराब स्थिति के कारण इन मार्गों पर ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य भारी वाहनों के संचालन में काफी परेशानी आ रही थी। दर्जा बढ़ने के बाद अब इन सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम आसान हो सकेगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को सीधे तौर पर सुविधा मिलेगी। खेती और व्यापारिक परिवहन को मिलेगा फायदा इंदिरा गांधी नहर परियोजना से सिंचित रामगढ़, सम और मोहनगढ़ क्षेत्र में कृषि गतिविधियों का लगातार विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही यह मार्ग बसिया और सोढाण क्षेत्र को नहरी इलाके से जोड़ने के लिए उपयोगी साबित होगा। इन क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में कृषि उपज मोहनगढ़ अनाज मंडी सहित प्रदेश के विभिन्न बाजारों तक पहुँचाई जाती है। अभी तक सड़कें सँकरी होने के कारण मालवाहक वाहनों को परिवहन में लंबा समय लगता था। हादसों में आएगी कमी, बेहतर होगा रखरखाव इन मार्गों के मुख्य जिला सड़क श्रेणी में आने से भविष्य में इनके बेहतर रखरखाव और चौड़ीकरण का मार्ग प्रशस्त होगा। सीमित चौड़ाई के कारण अभी तक यहाँ यातायात संचालन में कठिनाइयाँ आ रही थीं और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता था। प्रशासन के अनुसार, सड़क अवसंरचना के मजबूत होने से सड़क हादसों की संभावना में भी कमी आएगी। इस प्रशासनिक निर्णय से न केवल स्थानीय स्तर पर सड़क सुधार होगा, बल्कि जैसलमेर, फलोदी, नाचना, बीकानेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, जोधपुर और हनुमानगढ़ सहित पंजाब की दिशा में होने वाले कृषि एवं व्यापारिक परिवहन को भी गति मिलेगी। सीमांत क्षेत्र के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिहाज से इसे एक जरूरी कदम माना जा रहा है।से एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अमृतसर के 88 फुट रोड इलाके में फायरिंग की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस गोलीबारी में सिमरनजीत सिंह उर्फ बिल्ला घायल हो गया, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सिमरनजीत सिंह अपनी स्विफ्ट कार में जा रहा है। इसी दौरान उसके पीछे आए दो युवक उस पर फायरिंग कर देते हैं। गोली लगने से वह घायल हो जाता है, जबकि आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायरिंग की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद क्षेत्र में डर और सहम का माहौल है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और गश्त बढ़ाने की मांग की है। आरोपियों की तलाश जारी, जांच तेज घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थाना सदर अमृतसर के एसएचओ किरनदीप सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी शनिवार शाम का है। वायरल वीडियो समेत अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है । पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, घायल सिमरनजीत सिंह का इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और फायरिंग के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
छिंदवाड़ा शहर में एक युवक ने कथित प्रताड़ना से परेशान होकर घर में फांसी लगाने की कोशिश की। परिजनों ने समय रहते उसे देख लिया और तत्काल नीचे उतारकर जिला अस्पताल पहुंचाया। युवक की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, शहीद स्मारक के पास गन्ने का ठेला लगाने वाले सुजल साहू का ठेला करीब पांच दिन पहले नगर निगम की कार्रवाई में जब्त कर लिया गया था। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में था। युवक का आरोप है कि उसने कई बार ठेला वापस मांगने की कोशिश की, लेकिन उसे नहीं लौटाया गया। आरोप- 10 हजार रुपए की मांग की थीसुजल साहू ने आरोप लगाया कि निगम के स्वच्छता निरीक्षक अरुण गढ़ेवाल ने ठेला वापस करने के एवज में 10 हजार रुपए की मांग की थी। इसी प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्महत्या का प्रयास किया। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वच्छता निरीक्षक अरुण गढ़ेवाल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां युवक के परिजनों के साथ उनका विवाद हो गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कराया। बाद में पुलिस अरुण गढ़ेवाल को थाने ले गई। कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। देर रात तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए निगम कर्मचारी को घर भेजने के बजाय थाने में ही बैठाया गया। आसपास अन्य ठेले भी लगे हुए थेवहीं अरुण गढ़ेवाल ने पुलिस को बताया कि युवक ने अतिक्रमण कर ठेला लगाया हुआ था, जिसे हटाया गया था। कार्रवाई के बाद युवक और उसके साथियों ने विवाद किया। मामले में एक और बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कार्रवाई के दौरान केवल सुजल साहू का ही ठेला हटाया गया, जबकि आसपास अन्य ठेले भी लगे हुए थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाकी ठेले अब भी वहीं खड़े नजर आ रहे हैं। फिलहाल कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
लुधियाना के साहनेवाल क्षेत्र में 10 हजार रुपये के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि पहले सोशल मीडिया पर गाली-गलौज की गई और फिर शिकायतकर्ता को मिलने के बहाने सुनसान गली में बुलाया गया। वहां आरोपियों ने अपने कई साथियों के साथ मिलकर उसे घेर लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उसने अपने परिवार के सदस्यों को मौके पर बुलाया तो हथियारों से लैस आरोपी पहुंच गए और उस पर, उसके पिता, चाचा तथा मां पर गोलियां चला दीं। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से एक पिस्टल, तीन खोखे और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने इस केस में कुल 11 लोगों पर FIR दर्ज की है। थाना साहनेवाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 10 हजार रुपए को लेकर था विवाद पुलिस को दी शिकायत में गुरिंदर सिंह उर्फ जोधा निवासी प्रीतम नगर, ग्यासपुरा ने बताया कि उसने करीब छह महीने पहले अपने दोस्त सागर वर्मा को ब्याज पर 10 हजार रुपये दिए थे। पैसों की वापसी को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। शिकायतकर्ता के अनुसार 20 जून 2026 को सागर वर्मा ने उसकी इंस्टाग्राम आईडी पर गाली-गलौज की। जब उसने फोन कर इसका विरोध किया तो सागर ने उसे घर के पीछे वाली गली में मिलने के लिए बुला लिया। वहां पहुंचने पर सागर लाल रंग की होंडा कार में 5-6 युवकों के साथ मौजूद था और उससे बहस करने लगा। गुरिंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी एक्टिवा पर वापस घर लौट रहा था, तभी सागर और उसके साथियों ने उसका पीछा कर उसे घेर लिया। इस दौरान उसने अपने पिता को फोन कर मौके पर बुलाया। आरोप है कि सागर ने अपने साथी निखिल शर्मा को भी बुला लिया। कुछ ही देर बाद निखिल शर्मा और उसके साथी सफेद रंग की कार में हथियारों के साथ मौके पर पहुंच गए। जान से मारने की नीयत पर चलाई गोलियां शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से उस पर, उसके पिता, चाचा और मां पर गोलियां चला दीं। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकियां देते हुए फरार हो गए। 6 गोलियां महिला सबरजीत कौर (43) अस्पताल में दाखिल है। जांच के दौरान पुलिस ने निखिल शर्मा, विशाल राणा उर्फ मनी और सागर वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, तीन खोखे और कार नंबर PB65BI-2086 बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि मामले में 7-8 अज्ञात व्यक्तियों को भी नामजद किया गया है, जिनकी तलाश जारी है। थाना साहनेवाल पुलिस ने निखिल शर्मा, विशाल राणा उर्फ मनी, सागर वर्मा तथा अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 109, 190 बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराएं 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ग्वालियर के जेएएच परिसर स्थित हजार बिस्तर अस्पताल में महिला के भेष में एक युवक सर्जिकल वार्ड में घुस गया। बाद में पता चला कि वह वही आरोपी है, जिसने शनिवार-रविवार की रात एक मजदूर पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। घायल की पत्नी ने उसकी चाल-ढाल से पहचान लिया और शोर मचा दिया। इसके बाद अस्पताल में मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। ये मामला रविवार का है। रात में किया था हमला कंपू थाना पुलिस के अनुसार हजीरा के चार शहर का नाका निवासी 32 वर्षीय देवेन्द्र मौर्य मजदूरी का काम करता है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात वह अपनी पत्नी रचना मौर्य और अन्य मजदूरों के साथ गुढ़ा-गुढ़ी नाका क्षेत्र में वॉल पुट्टी का ट्रक खाली करने गया था। काम खत्म होने के बाद देवेन्द्र अपने साथियों पप्पू भदौरिया और धर्मेन्द्र भदौरिया के साथ शराब पीने चला गया। वापस लौटने पर दोनों आरोपी नशे में गाली-गलौज करने लगे। जब देवेन्द्र ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। सीने, पेट और गर्दन पर किए वार रचना मौर्य के मुताबिक गुस्साए पप्पू और धर्मेन्द्र ने चाकू निकाल लिया और देवेन्द्र पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपियों ने उसके सीने, पेट, गर्दन और हाथ पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल देवेन्द्र खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। हमले के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। नशा उतरा तो अस्पताल पहुंच गया आरोपी पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी धर्मेन्द्र भदौरिया को डर सताने लगा कि कहीं देवेन्द्र की मौत न हो जाए और उस पर हत्या का मामला दर्ज न हो जाए। इसी वजह से वह घायल की हालत जानने अस्पताल पहुंचा। पुलिस से बचने के लिए उसने सलवार-सूट पहनकर महिला का भेष बना लिया और सीधे सर्जिकल वार्ड में पहुंच गया। घायल देवेन्द्र के पास उसकी पत्नी रचना मौजूद थी। रचना ने आरोपी की कद-काठी और हाव-भाव देखकर उसे पहचान लिया। उसने तुरंत शोर मचा दिया। हंगामा होते देख आरोपी भागने लगा, लेकिन अस्पताल में मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। बाद में पुलिस को बुलाकर उसके हवाले कर दिया गया। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि रचना मौर्य की शिकायत पर धर्मेन्द्र भदौरिया और पप्पू भदौरिया के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। धर्मेन्द्र भदौरिया को अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं दूसरा आरोपी पप्पू भदौरिया अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि घायल देवेन्द्र मौर्य का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
छुट्टियों के बाद महानगरों की ओर लौट रहे यात्रियों के कारण दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और गुजरात जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्रियों को सीटें मिलने में कठिनाई हो रही है, जिससे कई ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति बन गई है। जौनपुर में आरक्षण काउंटर पर सुबह छह बजे से ही लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन तत्काल टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा रखे हैं, उनकी यात्रा तो आसान है, लेकिन बिना पूर्व बुकिंग वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी की सभी ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं, ऐसे में तत्काल टिकट ही एकमात्र विकल्प बचा है। हालांकि, आरक्षण काउंटर पर केवल शुरुआती दो से तीन यात्रियों को ही तत्काल टिकट मिल पा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट के वापस लौट रहे हैं। जंघई निवासी मोहित तिवारी ने बताया कि मुंबई जाने का उनका वेटिंग टिकट रद्द हो गया, जिसके कारण उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। इसी तरह श्रुति शुक्ला का टिकट भी रद्द हो गया, जिससे उन्हें भी परेशानी हुई। दिल्ली जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस के साथ-साथ मुंबई जाने वाली बांद्रा-गाजीपुर एक्सप्रेस में 'नो रूम' की स्थिति है। अन्य ट्रेनों में भी वेटिंग लिस्ट काफी लंबी है; गोदान एक्सप्रेस में 104, महानगरी एक्सप्रेस में 128, कामायनी एक्सप्रेस में 127, बेगमपुरा एक्सप्रेस में 147, सुहेलदेव एक्सप्रेस में 93 और मऊ आनंद विहार एक्सप्रेस में 76 वेटिंग लिस्ट पहुंच गई है। जौनपुर जंक्शन के प्रभारी स्टेशन अधीक्षक रामप्रकाश ने पुष्टि की कि दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं, और तत्काल टिकट ही यात्रियों के लिए एकमात्र विकल्प शेष है।
जून का महीने का खत्म होने को है, लेकिन मध्यप्रदेश में मानसून अब तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी जरूर हो रही है, लेकिन यह किसानों के लिए पर्याप्त नहीं है। खेतों में धान और अन्य खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी है। ऐसे में यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 जून के आसपास मानसून मध्यप्रदेश में गति पकड़ सकता है। हालांकि तब तक किसानों की चिंता बनी हुई है। मुंबई की ओर से मानसूनी गतिविधियां सक्रिय होते ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री होने की संभावना जताई जा रही है। सूखी मिट्टी में बोए गए बीज जबलपुर के किसान नारायण सिंह बताते हैं कि हर साल मौसम को देखते हुए जून में ही खेतों में बुआई कर दी जाती है। इस बार भी उन्होंने धान की सूखी बोनी कर दी है, लेकिन बारिश नहीं होने से बीज मिट्टी में ही पड़े हैं। उन्होंने बताया कि यदि कुछ दिनों में बारिश हो जाती है तो बीज अंकुरित हो जाएंगे, लेकिन बारिश नहीं हुई तो पूरी फसल खराब हो सकती है। सामान्य स्थिति में रोपा पद्धति से प्रति एकड़ लगभग 30 क्विंटल उत्पादन मिलता है, जबकि सूखी बोनी में उत्पादन आधे से भी कम रह जाता है। नहर में भी नहीं है पानी जबलपुर के गांव सगड़ा-छपनी के किसान कमलेश राय ट्रैक्टर और सीड ड्रिल मशीन से खेतों में बीज डाल रहे हैं। उनका कहना है कि खेत के पास से नहर गुजरती है, लेकिन उसमें भी पानी नहीं है। कमलेश कहते हैं कि इस बार मानसून करीब 15 दिन देरी से चल रहा है। पिछले साल समय से बारिश होने के कारण किसानों ने अच्छी बुआई कर ली थी, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। खेतों में बीज डाल दिए गए हैं, लेकिन अच्छी फसल की उम्मीद कम होती जा रही है। 26 जून के आसपास सक्रिय हो सकता है मानसून मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। जबलपुर सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में 26 जून के आसपास अच्छी बारिश होने की संभावना है। रविवार और सोमवार सुबह जिले के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश की कमी के बावजूद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस बनी हुई है। 35 से ज्यादा जिले बारिश में पीछे जबलपुर सहित प्रदेश के 35 से अधिक जिले सामान्य वर्षा से पीछे चल रहे हैं। मानसून में देरी और प्री-मानसून गतिविधियों के कमजोर रहने के कारण खरीफ फसलों की बुआई भी प्रभावित हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि कम से कम चार इंच बारिश होने के बाद ही मिट्टी में पर्याप्त नमी बनती है। पर्याप्त नमी के बिना बुआई करने पर बीज खराब होने और दोबारा बुआई की नौबत आने का खतरा रहता है। लू और उमस से भी बढ़ी परेशानी मौसम विभाग ने जबलपुर संभाग के कुछ हिस्सों में लू का असर रहने की भी संभावना जताई है। सुबह हल्की बारिश के बावजूद दिन में गर्मी और उमस बनी हुई है। किसानों की निगाहें अब मानसून की पहली अच्छी बारिश पर टिकी हैं, क्योंकि आने वाले कुछ दिन खरीफ सीजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर एक सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक संतोष की मौत हो गई। रानीपुर थाना क्षेत्र के चालहा अंडरपास के पास कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हुई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बगली पिजड़ा निवासी संतोष (28 वर्ष) पुत्र रामनाथ के रूप में हुई है। वह रविवार रात करीब 11:30 बजे एक समारोह से निमंत्रण के बाद अपने घर लौट रहा था। जैसे ही संतोष रानीपुर थाना क्षेत्र के चालहा ग्रामसभा के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सर्विस लेन अंडरपास के पास पहुंचा, सामने से आ रही एक अर्टिका कार से उसकी बाइक की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि संतोष गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस और रानीपुर पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को एम्बुलेंस की मदद से रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान संतोष की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भर्ती कराते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही रानीपुर थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल अर्टिका कार को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की कानूनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। संतोष की मौत की खबर उसके गांव बगली पिजड़ा पहुंचते ही परिवार में गहरा शोक छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में गम का माहौल फैल गया।
हरियाणा के पंचकूला में कंपनी कर्मचारी को झांसे में लेकर उससे 22 हजार रुपए वसूलने, मारपीट करने तथा बाइक और मोबाइल छीन लिया गया। पीड़ित की शिकायत पर महिला समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पंचकूला के सेक्टर-17 स्थित इंदिरा कॉलोनी निवासी अजय कुमार ने बताया कि वह अपनी बाइक से पंचकूला से अमरावती की ओर जा रहा था। माजरी चौक के पास एक महिला ने उससे पिंजौर जाने के लिए लिफ्ट मांगी। युवक ने महिला को बाइक पर बैठाकर अमरावती तक छोड़ दिया। इसके बाद महिला ने ऑटो किराए के लिए 50 रुपए मांगे, जो उसने ऑनलाइन भेज दिए। पैसे लौटाने के बहाने बुलायाशिकायत के अनुसार कुछ देर बाद महिला का फोन आया और उसने 50 रुपए वापस लेने के लिए मल्लाह मोड़ बुलाया। वहां पहुंचने पर महिला ने उसे ईश्वर नगर आने को कहा। जब वह ईश्वर नगर पहुंचा तो महिला ने 50 रुपए लौटा दिए, लेकिन तभी दो अन्य व्यक्ति वहां आ गए। अब जानिए कैसे बनाया पीड़ित को शिकार…….
श्रावस्ती के नासिरगंज कस्बे में 5 मोहर्रम के अवसर पर बीती रात्रि हुसैनिया इमामबाड़े से एक कदीमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया, जिन्होंने नौहाख्वानी और मातम के ज़रिए हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रशासन मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सतर्क है। यह जुलूस इमामबाड़े से शुरू होकर कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुज़रा और जनाब गुड्डू साहब के अज़ाखाने पहुंचा। यहां एक मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए गम-ए-हुसैन का इज़हार किया गया। इसके बाद जुलूस अपने निर्धारित मार्गों पर आगे बढ़ा। नासिरगंज में 5 मोहर्रम से शुरू हुए जुलूसों का यह सिलसिला अगले छह दिनों तक जारी रहेगा। 10 मोहर्रम, जो कि 26 जून को है, को अकीदतमंद अपने-अपने घरों से ताजिया निकालेंगे और उन्हें स्थानीय कर्बला में दफन करेंगे। इसके साथ ही मोहर्रम के कार्यक्रम संपन्न होंगे। आज का यह जुलूस देर रात करीब 11 बजे अपने निर्धारित स्थान पर शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। मोहर्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था और अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे थे, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
बाड़मेर में प्लॉट विवाद की जांच करने पहुंची पुलिस के सामने ही एक पक्ष के लोग उत्सेजित हो गए। फिर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। पुलिस ने शांति भंग के आरोप तीन महिला समेत चार जनों को डिटेन किया है। मामला बाड़मेर जिले के रामसर पुलिस थाना इलाके खारची गांव बीती शाम की है। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि एक पक्ष की ओर से पथराव किया गया था। लेकिन पुलिस पथराव की बात से इनकार कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार खारची गांव में अलाना खान और अली खान दोनों भाइयों के बीच में प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था। रामसर पुलिस रविवार शाम को जांच करने के लिए खारची गांव पहुंची थी। एक पक्ष के लोगों से जांच पड़ताल कर रही थी। इस दौरान दूसरा पक्ष भी उतेजित हो गया। फिर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और माहौल को शांत कराने का प्रयास किया गया। रामसर थानाधिकारी पदमाराम ने बताया- दो दिन पहले दो भाइयों के बीच विवाद हुआ था। इसकी जांच के लिए टीम गई थी। इस दौरान एक पक्ष के लोग उतेजित हो गए थे। इस पर हमने तीन महिलाओं समेत चार जनों को शांति भंग के आरोप में डिटेन किया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। पथराव जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
लखीमपुर खीरी में 165 वाहनों पर कार्रवाई:परिवहन-पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइविंग, ओवरलोडिंग पर कसा शिकंजा
लखीमपुर खीरी में परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर परिवहन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 165 वाहनों के खिलाफ चालान और निरुद्धीकरण की कार्रवाई की गई। अभियान में ड्रंक एंड ड्राइविंग के 10 मामलों में वाहनों को निरुद्ध किया गया। वहीं, ओवरलोडिंग करते पाए गए पांच वाहनों को बंद कराया गया। अनधिकृत रूप से संचालित चार बसों का चालान किया गया, जबकि तीन स्लीपर बसों को बंद किया गया और पांच बसों का चालान भी किया गया। यातायात नियमों के उल्लंघन पर हेलमेट न लगाने वाले 85 वाहन चालकों के चालान किए गए। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) न होने पर 30 वाहनों का चालान किया गया और तीन वाहनों को बंद किया गया। नो पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने पर 10 चालान किए गए तथा तीन वाहनों को निरुद्ध किया गया। एआरटीओ शांति भूषण पांडे ने बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देश पर ऐसे अभियान समय-समय पर चलाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर भी सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की अपील की।
गोपालगंज में बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया है। इस घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना PMCH रेफर किया गया है। घटना बरौली थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की है। विजेंद्र नाथ तिवारी रविवार देर शाम अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान कुछ लोग आए और उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। आसपास के लोगों और परिजनों के मौके पर पहुंचने पर हमलावर फरार हो गए। विजेंद्र नाथ तिवारी को तत्काल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उन्हें पटना PMCH रेफर कर दिया। जमीनी विवाद में हमले की आशंका घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने पीड़ित और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, यह हमला पूर्व के जमीनी विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है, लेकिन वारदात को अंजाम देने के बाद से वे फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित महाजन भवन में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आयोजित कार्यकर्ता मिलन समारोह शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक महिलाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके साथ ही श्री श्याम प्रचार सेवा मंडल के प्रधान ललित गोयल भी अपने सहयोगियों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। बड़ी संख्या में महिलाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का आयोजन भाजपा महिला मोर्चा चंडीगढ़ की प्रदेश अध्यक्ष सोनम वर्मा की अध्यक्षता में किया गया, जबकि इसकी रूपरेखा महिला मोर्चा की प्रदेश सचिव कशिश महाजन ने तैयार की। समारोह में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री रामबीर भट्टी तथा भाजपा के हिमाचल प्रदेश सह-प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से मौजूद रहे। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से संगठन को मजबूती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय टंडन ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा लगातार मजबूत हो रहा है और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि प्रधानमंत्री की महिला सशक्तिकरण की सोच को समाज का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की महिलाएं भाजपा के साथ जुड़कर संगठन को नई ऊर्जा देने का काम कर रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कहा कि एक ही कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भाजपा से जुड़ना पार्टी के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रहे हैं और इसका सकारात्मक प्रभाव संगठन के विस्तार में दिखाई दे रहा है। निगम चुनाव में होगा बेहतर प्रदर्शन मल्होत्रा ने कहा कि जिस तरह से विभिन्न वर्गों के लोग भाजपा से जुड़ रहे हैं, उससे पार्टी को आगामी नगर निगम चुनावों में लाभ मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। संगठन को और मजबूत करेगा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सोनम वर्मा ने भाजपा में शामिल हुई महिलाओं का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपनी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि महिला मोर्चा आने वाले समय में समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाकर संगठन को और मजबूत करेगा। प्रदेश सचिव कशिश महाजन ने कहा कि सेक्टर-37 और सेक्टर-38 क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाजपा की नीतियों और कार्यशैली से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ली है। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा लगातार जनसंपर्क अभियान चलाकर महिलाओं को संगठन से जोड़ने का कार्य कर रहा है। मंडल के जुड़ने से बढ़ी संगठन की ताकत कार्यक्रम के दौरान श्री श्याम प्रचार सेवा मंडल के प्रधान ललित गोयल ने अपने सहयोगियों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ विकास जैन, दिनेश जैन, भोज राज सिंगला, अमित गर्ग, सुरिंदर मित्तल, सुमित सिंगला, संजय सोलंकी, शैंकी गोयल, प्रवीण बंसल, तरसेम बंसल, अजय नरवाल, तरुण गोयल, महावीर जिंदल, मनोज गोयल, अनूप जांगड़ा सहित कई सदस्य भाजपा में शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कहा कि सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के पार्टी में आने से संगठन का जनाधार और मजबूत होगा तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ेगी। ये नेता भी रहे मौजूद कार्यक्रम में पूर्व मेयर सुभाष चावला, पूर्व मेयर रविकांत शर्मा, जिला अध्यक्ष रेखा सूद, भाजयुमो जिला अध्यक्ष आशीष कुमार, मंडल अध्यक्ष योगेश कुमावत, महिला मोर्चा महामंत्री रूबी गुप्ता, सचिव रजिया सुल्तान, कोषाध्यक्ष सुधा, रिद्धि सोनी और सोशल मीडिया संयोजक शैलजा शर्मा समेत बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लुधियाना के साहनेवाल स्थित गिल ड्रेपरी नामक रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाने वाले दो सगे भाइयों ने नशे की हालत में धारदार हथियार (कृपाण) से लैस होकर एक परिवार पर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। न्यू सतगुरु नगर (लोहारा) निवासी सतनाम सिंह (43 साल) ताले-चाबी बनाने का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 16 जून को उनका बेटा हरनाम सिंह घर लौटा। उसने रोते हुए बताया कि प्रेम नगर निवासी वरिंदर सिंह और उसके भाई असनील ने रास्ते में बिना किसी वजह उसे रोक लिया। शिकायत देने गया था परिवार आरोप है कि दोनों उस समय नशे में धुत थे और उन्होंने हरनाम सिंह के साथ जमकर मारपीट की। जब पिता सतनाम सिंह को पता चला, तो वह मामले को शांत कराने और शिकायत (उलाहना) देने आरोपियों की दुकान पर पहुंचे। पीड़ित परिवार ने जैसे ही लोहारा रोड स्थित आरोपियों की दुकान गिल ड्रेपरी के पास अपनी स्कूटी रोकी आरोपी वरिंदर सिंह और उसका भाई असनील पहले से ही हाथों में नंगी तलवारें (कृपाण) थामे दुकान के मुख्य गेट पर खड़े थे। पीड़ित परिवार को देखते ही दोनों भाइयों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। बिना कोई बात किए या स्पष्टीकरण दिए, आरोपियों ने सीधे तेजधार हथियारों से सतनाम सिंह और उनके दोनों बेटों पर हमला बोल दिया। इस हिंसक हमले में पिता और उनके दोनों बेटों को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़ित परिवार को सरेआम जान से मारने की खौफनाक धमकियां भी दीं। पुलिस की कार्रवाई, संगीन धाराओं के तहत FIR दर्ज इस वारदात के बाद साहनेवाल पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 21 जून को दोनों आरोपी भाइयों वरिंदर सिंह और असनील के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 118(1), 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
यूपी के सीतापुर में सरकारी जमीन पर बने सपा कार्यालय को जिला प्रशासन ने आनन–फानन में ध्वस्त कर दिया। ध्वस्तीकरण के लिए सोमवार सुबह 10 बजे का समय दिया गया था। पर अधिकारियों की टीम तड़के 5 बजे ही पहुंच गई। 4 बुलडोजर लगाकर महज 2 घंटे में ही पूरे भवन जमींदोज कर दिया गया। एक हॉल और दो कमरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। फिलहाल अभी मलबा हटाने का काम जारी है। 21 साल पहले करीब 2500 स्क्वायर फिट नजुल की जमीन पर सपा कार्यालय के संचालन के लिए पट्टा जारी किया गया था। पर 4 महीने के बाद ही पट्टा निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद यहां पर कार्यालय का संचालन जारी था। 15 दिन पहले प्रशासन की ओर से सपा जिलाध्चयक्ष को ध्वस्तीकरण कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया था। रविवार तक का समय दिया गया था। सोमवार सुबह 10 बजे से कार्रवई शुरू होनी थी। पर 5 बजे से ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस दौरान एक भी सपा पदाधिकारी या कार्यकर्ता मौके पर मौजूद नहीं दिखा। जिसके कारण ध्वस्तीकरण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई। अब पूरा मामला सिलसिलेवार जानिए– नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) सीमा सिंह ने बताया– 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय संचालन के लिए करीब 2500 वर्ग फीट जमीन आवंटित की थी। इसके लिए मात्र 100 रुपए वार्षिक किराया निर्धारित किया गया था। हालांकि कुछ ही महीनों बाद यह आवंटन विवादों में आ गया। जांच के दौरान आवंटन प्रक्रिया में नियमों और कानूनी प्रावधानों के पालन में अनियमितताएं सामने आईं। नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को उक्त आवंटन निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद नजूल भूमि पर सपा का जिला कार्यालय लगातार संचालित होता रहा। मामला वर्षों तक विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन रहा। बाद में प्रशासन ने भूमि की स्थिति और स्वामित्व को लेकर कार्रवाई तेज की। DM कोर्ट के आदेश के बाद चला बुलडोजर मामले की सुनवाई के बाद 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा कार्यालय को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का आदेश दिया था। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन काफी समय से कार्रवाई की तैयारी कर रहा था। अंतिम आदेश मिलने के बाद ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया। सोमवार सुबह 10 बजे से कार्रवाई का समय तय किया गया था। 5 बजे ही पहुंचा प्रशासन, 4 जेसीबी ने शुरू की कार्रवाई सोमवार सुबह 10 बजे की बजाय तड़के 5 बजे ही नगर पालिका, राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच टाउन हॉल परिसर पहुंच गई। किसी भी विरोध प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पहले से व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्रवाई शुरू होते ही चार जेसीबी मशीनों ने एक साथ भवन को गिराना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे के भीतर पूरी इमारत जमींदोज कर दी गई। मौके पर एक भी सपाई मौजूद नहीं था। 5 थानों की फोर्स और 50 PAC जवान रहे तैनात कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) सीमा सिंह, सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पांच थानों की पुलिस फोर्स, करीब 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात किए गए थे। पूरे क्षेत्र की निगरानी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाती रही। कार्रवाई से पहले खाली कराया गया था भवन बताया जा रहा है कि प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगने के बाद सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने करीब 24 घंटे पहले ही कार्यालय खाली करा दिया था। भवन में रखा फर्नीचर और अन्य सामान पहले ही हटा लिया गया था। इसी वजह से कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध या टकराव देखने को नहीं मिला। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए- महिला रेसलर ने थाने में खुद को आग लगाई:हालत गंभीर, बिजनौर में फौजी पर रेप की FIR कराई थी, पुलिस के एक्शन न लेने से भड़की बिजनौर के कोतवाली शहर थाने में रविवार रात एक महिला रेसलर ने इंस्पेक्टर के चैंबर में पेट्रोल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। घटना रात 10:45 बजे की है। आग लगते ही महिला रेसलर जान बचाने के लिए चिल्लाने लगी और इधर-उधर भागने लगी। इस दौरान चैंबर के पर्दों में भी आग लग गई, जिससे थाने में अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 2 युवतियों ने चलती कार का सनरूफ खोलकर खतरनाक स्टंटबाजी की, जबकि ड्राइवर ने हाईवे पर कार को लापरवाही और खतरनाक तरीके से लहराते हुए चलाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे का है। वीडियो शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब 4 से 4:30 बजे के बीच का बताया जा रहा है, जिसमें कार (CG-10-BE-4400) हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ती दिखाई दे रही है। हालांकि, वायरल वीडियो सामने आने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन मालिक की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। देखिए पहले ये तस्वीरें- चलती कार में खतरनाक स्टंट, वीडियो वायरल वीडियो में दो युवतियां सनरूफ से बाहर निकलकर खड़ी नजर आ रही हैं और चलती कार में मस्ती करती दिखाई दे रही हैं। वहीं, ड्राइवर कार को लापरवाही से लहराते हुए चलाता नजर आ रहा है। इस दौरान पीछे चल रहे किसी वाहन सवार ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं एक्सपर्ट का कहना है कि तेज रफ्तार वाहन में इस तरह का स्टंट मामूली झटके या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में जानलेवा साबित हो सकता है। चालक का वाहन को बार-बार लहराते हुए चलाना हादसे की आशंका को और बढ़ा रहा था। कार्रवाई के बाद भी नहीं रुक रही स्टंटबाजी पुलिस और यातायात विभाग पिछले कई महीनों से स्टंट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। कई लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जा चुका है और कुछ वाहनों को भी जब्त किया गया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर मशहूर होने की चाह में कुछ युवा यातायात नियमों की अनदेखी कर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार की जा रही जांच वहीं, ट्रैफिक एएसपी रामगोपाल करियारे ने कहा कि इस तरह के मामलों में पुलिस लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। इस मामले में भी कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन मालिक और संबंधित लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। चलती BMW पर युवती ने किया था डांस बता दें कि इससे पहले भी रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर युवती चलती BMW कार की सनरूफ खोलकर डांस करती नजर आई थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार सवार रसूखदार युवक को पकड़ लिया थी और उसकी कार जब्त कर ली थी। …………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोरबा में चलती स्कॉर्पियो में स्कूल स्टूडेंट्स का स्टंट...VIDEO: विंडो से बाहर निकलकर रील्स बनाई, सेल्फी ली, लड़कियों ने दिए पोज, फेयरवेल-पार्टी में पहुंचे थे छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्कूल स्टूडेंट्स 3 स्कॉर्पियो में सवार होकर स्टंट करते नजर आए हैं। चलती कार के विंडो से निकलकर किसी ने रील बनाया, तो कोई सेल्फी लेता नजर आया। इस दौरान लड़कियों ने भी विंडो से बाहर निकलकर पोज दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला बालको क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग:महेश्वर से घर जा रहा था परिवार; पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद
इंदौर में रविवार रात आगजनी की दो अलग-अलग घटनाओं हुई। एक ओर भेरूघाट पर चलती कार में आग लग गई, वहीं शहर के झंडा चौक क्षेत्र में दो दुकानों में भी आग भड़क उठी। दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। भेरूघाट पर चलती कार में लगी आग भेरूघाट स्थित भगवती ढाबे के पास रविवार रात कार क्रमांक MP13CE3547 में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार कार की बैटरी से धुआं निकलने के बाद आग भड़क गई और कुछ ही देर में वाहन आग की चपेट में आ गया। सूचना मिलने पर मानपुर और सिमरोल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बताया गया है कि उज्जैन निवासी एक परिवार महेश्वर घूमकर लौट रहा था। हादसे के समय कार में छह वयस्क और दो बच्चे सवार थे। सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। पुलिस और एफआरवी टीम ने की मदद घटना की सूचना मिलते ही एफआरवी के जवान और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। परिवार को सुरक्षित दूसरी गाड़ी से उज्जैन रवाना किया गया। आग लगने के कारण घाट क्षेत्र में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई थी। आग बुझने और वाहन हटाने के बाद यातायात सामान्य कराया गया। झंडा चौक में दो दुकानों में आग वहीं, शहर के जवाहर मार्ग स्थित रानीपुरा के पास झंडा चौक क्षेत्र में रविवार रात दो दुकानों में आग लग गई। स्थानीय लोगों के अनुसार कचरा जलाने के दौरान आग फैलकर दुकानों तक पहुंच गई। आग से मोहम्मद इख्तियार की स्क्रैप दुकान और पास स्थित मोहम्मद याकूब की दुकान प्रभावित हुई। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड के अनुसार आग बुझाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
नरसिंहपुर में सड़क सुरक्षा अभियानों और 'गोल्डन ऑवर' पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जनवरी से मई 2026 के बीच जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 33 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस अवधि में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 23 प्रतिशत और गंभीर रूप से घायल होने वाले लोगों की संख्या में 52 प्रतिशत की गिरावट आई है। पुलिस विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मई 2025 के दौरान जिले में कुल 464 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। जिनमें 149 लोगों की जान गई थी और 680 लोग घायल हुए थे। इसके विपरीत, वर्ष 2026 की इसी अवधि में दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 309 रह गई। मृतकों की संख्या 115 और घायलों की संख्या 326 दर्ज की गई है। 'गोल्डन ऑवर' में सहायता से बची जान अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी 'गोल्डन ऑवर' में त्वरित सहायता उपलब्ध होने से अनेक लोगों की जान बचाई जा सकी। यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए। इन अभियानों के तहत ढाबा संचालकों, पेट्रोल पंप कर्मचारियों और ग्रामीणों को सीपीआर और प्राथमिक इलाज का प्रशिक्षण दिया गया। त्वरित सूचना के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए और प्राथमिक इलाज किट भी उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त, स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को हेलमेट पहनने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। ब्लैक स्पॉट पर संकेतक बोर्ड लगाए गए यातायात थाना प्रभारी ममता तिवारी ने जानकारी दी कि दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा संबंधी सुधार कार्य भी कराए गए हैं। जिले के 10 ब्लैक स्पॉट में से तीन अति संवेदनशील स्थान दिघोरी मगरमुंहा तिराहा, ररिया तिराहा और कंजई पुलिया से ढाबा मार्ग को अब सुरक्षित घोषित कर ब्लैक स्पॉट सूची से हटा दिया गया है। इन स्थानों पर संकेतक बोर्ड, पोलार्ड, मानक अनुसार स्पीड ब्रेकर और रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था की गई है। घायल मिलने पर पुलिस को सूचना दें पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने या पुलिस को सूचना देने में सहयोग करें, ताकि समय पर इलाज उपलब्ध कराकर उसकी जान बचाई जा सके। हाइवे पर तड़पते व्यक्ति को पहुंचाया अस्पताल नेशनल हाइवे-44, बचई गांव के पास ढाबा चलाने वाले नीलेश सोनी भी आए दिन घायलों को अस्पताल पहुंचाते हैं। नीलेश के मुताबिक, 15 दिन पहले ही वाहनों की टक्कर में एक व्यक्ति बुरी तरह से घायल हो गया था। मैंने तत्काल उसकी मलहम पट्टी की। उसकी सांसें न उखड़े इसके लिए सीपीआर देकर अन्य जरूरी उपाय किए। डायल 112 व एंबुलेंस 1031 के आने तक घायल की देखभाल की। उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। नीलेश के अनुसार हाइवे पर आए दिन हादसे होते हैं। ऐसे में अच्छा लगता है कि आप किसी की जान बचा पाते हैं। सीपीआर, पट्टी कर पहुंचाया अस्पताल तेंदूखेड़ा के खमरिया गांव में किराना दुकान चलाने वाले दीपराज पटेरिया अब तक आधा दर्जन से ज्यादा लोगों की जान बचा चुके हैं। दीपराज के अनुसार मार्च महीने में दोपहर के वक्त एक चलती बुजुर्ग बाइक से गिर गए थे। लहूलुहान होने के साथ ही उनकी सांसें धीमी पड़ गईं थीं। हमने उन्हें तत्काल सीपीआर दी। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई किट से टिंचर लगाकर पट्टी की और खुद ही अस्पताल लेकर गए। जिसके कारण उनकी जान बच सकी। इसके लिए पुलिस विभाग ने हमें सम्मानित भी किया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का तीन दिवसीय पंजाब दौरा आज समाप्त हो जाएगा। उन्होंने तीसरे दिन की शुरुआत प्रसिद्ध कृषि अर्थशास्त्री और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सरदारा सिंह जौहल के साथ मुलाकात से की। अब वह पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं, सांसदों, पूर्व सांसदों और अन्य नेताओं के साथ पंजाब चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में वे पंजाब के लिए रणनीति तैयार करने को लेकर नेताओं से फीडबैक लेंगे। इसके बाद वह युवाओं के साथ संवाद करेंगे और दोपहर बाद दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। नितिन नबीन के कार्यक्रमों का शेड्यूल जानिए…
दरभंगा जिला प्रशासन एनटीए की ओर से आयोजित होने वाली UGC NET एग्जाम को लेकर अलर्ट मोड में है। यह परीक्षा कुल छह दिन तक चलेगी। परीक्षा का आयोजन 22, 23, 24, 25, 29 और 30 जून को दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगी। जिले में केवल एक केंद्र बनाया गया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी सोनल कुमार ने केंद्र के आसपास 100 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लाने की पाबंदी एसडीओ सोनल कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह 7:00 बजे से परीक्षा की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। आदेश के तहत परीक्षा केंद्र के आसपास पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, आग्नेयास्त्र, घातक हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा एग्जाम टाइम में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों एवं परीक्षा कार्य से जुड़े अन्य व्यक्तियों के लिए मोबाइल फोन, सेल्युलर फोन और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह आदेश परीक्षा ड्यूटी में तैनात पदाधिकारियों, पुलिस एवं सुरक्षा बलों, सरकारी पासधारियों, शवयात्रा, धार्मिक जुलूस तथा शादी-विवाह कार्यक्रमों में शामिल लोगों पर लागू नहीं होगा। जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों एवं आम लोगों से परीक्षा के दौरान जारी निर्देशों का पालन करने और प्रशासन को सहयोग करने की अपील की है।
रायसेन में रविवार को इस सीजन की पहली तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। दो घंटे तक हुई 61 मिमी (ढाई इंच) बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। तेज बारिश से रामलीला मैदान पूरी तरह जलमग्न हो गया। वहीं, शहर के मुख्य बाजार महामाया चौक पर सड़क पर करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में 2 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से नाला निर्माण कार्य जारी है, लेकिन पहली ही तेज बारिश में इसकी खामियां सामने आ गईं। सागर रोड से लेकर सांची रोड तक नाले का निर्माण कार्य अभी अधूरा है। इस कारण बारिश का पानी पहले की तरह सड़कों और निचले इलाकों में भर गया। निचली बस्तियों में भी जलभरावकई निचली बस्तियों में भी जलभराव की समस्या बनी रही। बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। आज भी आंधी-बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने सोमवार के लिए भी आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिले में मानसून के 25 जून तक पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद 26 जून से मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। इधर, रविवार को हुई अच्छी बारिश से किसानों को राहत मिली है। खेतों में नमी बढ़ने के बाद किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं, जिससे कृषि कार्यों में तेजी आई है।
वाराणसी के दालमंडी से रविवार की रात पांच मोहर्रम का जुलूस उठाया गया। यह जुलूस दालमंडी की मलबे से भरी सड़कों और उफनते सीवर के बीच से निकला और दरगाह फातमान पर देर रात समाप्त हुआ। जुलूस में अलम व दुलदुल मौजूद रहा। वक्फ इमामबाड़ा व मस्जिद मीर इमाम अली व मेहंदी बेगम से निकलने वाला यह जुलूस सैकड़ों साल पुराना जुलूस है। जिसमें नई सड़क पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खां शहनाई पर आंसुओं का नजराना पेश करते थे। वहीं रामनगर में काशी नरेश महाराज बलवंत बलवंत सिंह की मन्नत का दुलदुल उठाया गया। जिसमें मन्नत मांगने के लिए जायरीन उमड़े। देखिये जुलूस की तस्वीरें… जुलूस उठने पर मुजफ्फरपुर से आये वज्जन खां के पोते ने पढ़ी सवारी इमामबाड़े के मुतवल्ली मुनाजिर हुसैन ने बताया कि यह इमामबाड़ा और मस्जिद सैकड़ों साल पुराने हैं। यहां से पांचवीं मोहर्रम को कदीमी (पुराना) जुलूस सैंकड़ों सालों से उठाया जा रहा है। इस जुलूस में मुजफ्फरपुर के वज्जन खां के पोते नजाकत अली ने सवारी पढ़ी। कई पीढ़ियों से जुलूस में सवारी पढ़ने आ रहे नजाकत ने कहा कि 'यहां आने से दिल को सुकून मिलता है। इमाम हुसैन की हाजिरी लगाने हम हर साल यहां आते हैं। हकीम काजिम के मकान से शुरू हुआ नौहा-मातम मुनाजिर हुसैन ने बताया- जुलूस; गोविंदपुरा, नारियल बाजार, चौक होते हुए दालमंडी स्थित हकीम काजिम जाफरी के आवास पर पहुंचा। यहां से अंजुमन हैदरी ने नौहाख्वानी व मातम शुरू किया और जुलूस को लेकर आगे बढ़ी। जुलूस में रास्ते भर नौहाख्वानी व मातम होता रहा। जिसमें शराफत हुसैन, लियाकत अली खां, साहब जैदी, शफाअत हुसैन शोफी, अंसार बनारसी, शानू, राजा आदि ने नौहाख्वानी की l जुलूस लल्लापुरा स्थित दरगाह फातमान पहुंचा और फिर यहां से वापस औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मार्केट होता हुआ देर रात इमामबाड़े में समाप्त हुआ। उठाया गया काशी नरेश की मन्नत का दुलदुल का जुलूस, लोगों ने मांगी मन्नतें रामनगर में महाराज बनारस की मन्नत का दुलदुल उठा पांचवीं मोहर्रम को ही महाराज बनारस की मन्नत का दुलदुल का जुलूस उठाया गया। यह जुलूस गोलाघाट स्थित काशी नरेश के इमामबाड़े से निकाला गया। यह दुलदुल हिंदू भाई हरि नारायण सिंह ने सजाया और जमील अहमद उर्फ बाबू खां के परिजनों ने उठाया। इस जुलूस में मन्नत मांगने वालों का जमावड़ा लगा रहा।350 साल पुराना है जुलूस जुलूस उठा रहे जमील खां ने बताया कि यह जुलूस 1738 से 1770 तक काशी के नरेश रहे महाराजा बलवंत सिंह की मन्नत का जुलूस है। इस जुलूस को तभी से हम लोग का परिवार उठा रहा है। इसमें राज परिवार से आज भी खर्च मिलता है। इस जुलूस में कौमी एकता की झलक दिखाई देती है। सही धर्म और वर्ग के लोग इमाम हुसैन के दुलदुल पर मन्नत मांगने आते हैं। पंचवटी कर्बला पर हुआ समाप्त जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ पंचवटी मंदिर के पास स्थित कर्बला पहुंचा और ठंडा हुआ। इस जुलूस में हजारों की संख्या में लोग उमड़े और जुलूस के साथ-साथ चलते रहे।
मप्र में इस बार मानसून के आने में देरी हो रही है। जिससे सोयाबीन की बोवनी में पिछड़ेगी। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाएं बैठा है, जैसे ही बारिश हो और वो बोवनी में जुटे। वहीं बारिश नहीं होने से जिले में भीषण गर्मी, तपन और उमस से लोग परेशान है। दिन और रात दोनों के तापमान में उतार चढ़ाव की स्थिति बनी है। हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी बारिश नहीं होने से गर्मी अधिक पड़ रही है। इस बार मानसून तय समय से करीब 10 दिन पीछे है। 15 से 17 जून तक नर्मदापुरम में मानसून आ जाता है लेकिन इस बार अभी तक गर्मी पड़ रही है। अभी मानसून की एंट्री में 4,5दिन ओर लगने की सम्भावना है। इस साल अल-नीनो के प्रभाव और कमजोर ला-नीना की स्थिति के चलते मानसून की गति धीमी है। इस सीजन में मानसून तेलंगाना के भद्राचलम के पास कुछ दिन अटका रहा, इस कारण संभाग में इसकी एंट्री में समय लग रहा है। दक्षिण पश्चिम से मानसून की लेट एंट्री मौसमविद एसएन साहू ने बताया दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में रुकी है। हालांकि, 23 जून के आसपास इसके महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 22 से 24 जून के दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक, वज्रपात और 40-50 किमी घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। जिले में मानसून के पहुंचने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। पांच दिनों का तापमान पिछले पांच दिनों में नर्मदापुरम और पचमढ़ी के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 17 जून को नर्मदापुरम का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और पचमढ़ी का 34.0 डिग्री दर्ज किया गया। 18 जून को तापमान बढ़कर क्रमशः 38.2 और 35.0 डिग्री पहुंच गया। 19 जून को नर्मदापुरम में सबसे अधिक 39.1 डिग्री तथा पचमढ़ी में 34.8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। 20 जून को नर्मदापुरम का तापमान 38.6 डिग्री और पचमढ़ी का 35.6 डिग्री दर्ज हुआ, जो इस अवधि में पचमढ़ी का सर्वाधिक तापमान रहा। वहीं 21 जून को दोनों स्थानों पर तापमान में गिरावट आई और नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री तथा पचमढ़ी में 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
छिंदवाड़ा पहुंचे द्वारिका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रविवार देर रात उन्होंने कहा कि लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि मंदिर जैसी पवित्र जगहों पर भी भ्रष्टाचार हो सकता है। श्रद्धालु अपनी मेहनत की कमाई भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं, ऐसे धन का सदुपयोग होना चाहिए, न कि आस्था की बलि दी जानी चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू समाज की आस्था को ठेस पहुंची है। मंदिरों के ट्रस्ट, अधिकारी या कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंदिर भी सुरक्षित नहीं रहे, तो फिर कौन सी जगह सुरक्षित मानी जाएगी। उन्होंने देशभर के मंदिरों को “सनातन बोर्ड संरक्षण समिति” के अधीन लाने की मांग की। उनका कहना था कि सरकारी अधिकारियों को धर्म और नैतिकता की समझ नहीं होती, इसलिए मंदिरों के संचालन और संरक्षण के लिए अलग व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग धर्मांतरण और लव जिहाद के मुद्दे पर भी शंकराचार्य ने सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस देश में जिस समुदाय की संख्या अधिक होती है, शासन भी उसी का प्रभावी होता है।
सड़कों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। पुरानी कॉलोनियों के बीच पूरे क्षेत्र में संकरे रास्ते हैं। वार्ड का मुख्य इलाका लालकुआं सड़क पर अवैध पार्किंग और वाहनों के खड़े होने से अतिक्रमण की समस्या झेल रहा है। वहीं, सीवर ओवरफ्लो, गंदी नालियां और बदहाल पार्कों के कारण इलाके में दुर्गंध फैली रहती है, जिससे लोग परेशान हैं। यह हाल राजधानी लखनऊ के हजरतगंज चौराहे से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित लालकुआं वार्ड नंबर-33 का है। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है…इसकी तीसरी कड़ी में आज हजरतगंज चौराहा से 3 किलोमीटर दूर स्थित लालकुआं वार्ड 33 का जायजा लिया। इसमें बांस मंडी, नाका तिराहा, मकबूलगंज आदि इलाके आते हैं। सबसे पहले 3 तस्वीरों में देखिए वॉर्ड की ग्राउंड रियलिटी… वार्ड की बड़ी समस्याएं शिवपुरी, लालकुआं का सबसे विकसित इलाका माना जाता है। यहां लंबी और चौड़ी सड़कें हैं, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है। सेंट्रल बैंक से सेवानिवृत्त जीएम हेमंत पंत ने बताया कि क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर है और नगर निगम की ओर से नियमित सफाई कराई जाती है। लोग बोले- नाले का पानी घरों में भरता है न्यू गणेशगंज मातादीन के हाता की शारदा बताती हैं कि नाले का पानी घर के दोनों कमरों में भर जाता है। इसके कारण सो तक नहीं पाती हैं। ज्योति कश्यप का घर भी मातादीन इलाके में हैं। उनका कहना है कि घर में नाले का पानी भरने से आफत हो गई है। उफना रहे प्राइवेट सीवर, बढ़ रही समस्या पंडित राम शर्मा, लालकुआं स्थित श्री श्याम मंदिर के व्यवस्थापक पुजारी हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में प्राइवेट सीवर की व्यवस्था होने के कारण आए दिन सीवर का पानी सड़कों पर भर जाता है। उनका कहना है कि यह सीवर मेन लाइन से जुड़ा नहीं है, जिससे समस्या और बढ़ रही है। पर्यटन विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी गोविंद गौतम ने सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है। लालकुआं भेड़ीमंडी में वह रहते हैं। उन्होंने बताया कि समस्या बहुत हैं। मुख्य सड़क पर अतिक्रमण कर पार्किंग भाजपा नेता विकल्प भट्ट का कहना है कि लालकुआं की मुख्य सड़क पर अवैध पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नालियां भरी रहती हैं, शिकायत को कोई सुनने वाला नहीं जहां अटल बिहारी वाजपेयी आते थे, उस घर के बाहर आज नालियों में भरा है गंदा पानी गणेशगंज के समाजेसवी अरुण कपूर हैं। उनका कहना है कि हमारा परिवार जनसंघ से है। नाना जी देशमुख और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई भी हमारे घर आते रहते थे। हमारे ताऊ राधेश्याम कपूर जनसंघ से लखनऊ से विधायक रहे हैं। वह बताते हैं कि नाली की ढाल खराब कर दी गई है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था खराब न्यू गणेशगंज में रहने वाले डॉक्टर ब्रिजेश मिश्रा बताते हैं कि हमारे क्षेत्र में हमारे घर के पास में जो गली है। यह टूटी हुई है। यहां पर हम लोग खुद ही मिट्टी डाले हैं। पूर्व पार्षद बोले- एलएसए कंपनी कर रही भ्रष्टाचार लालकुआं में रहने वाले पूर्व पार्षद और 2023 के चुनाव में रनर रहे अमित सोनकर ने बताया कि समस्याएं सिर्फ उनके वार्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर जगह ऐसी स्थिति बनी हुई है। इलाके के पास बहने वाले नाले में आसपास से कूड़ा आकर जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। उनका कहना है कि फॉगिंग की व्यवस्था भी बहुत कम देखने को मिलती है, जिससे लोगों में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जब से प्राइवेट कंपनियों के हाथ में वार्ड और लखनऊ नगर निगम चला गया है। जैसे रामकी (एलएसए) कंपनी है, कई करोड़ रुपये महीने का लाभ नगर निगम से उठा रही है और नगर निगम अपने पास से नहीं देता है, जनता की गाढ़ी कमाई है। इसलिए हमारा हक है सवाल पूछना और सवाल को रखना। रामकी कंपनी आज की तारीख में कई हजार लाख करोड़ रुपए का घोटाला कर रही है, जिस पर कहीं संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। ना उनकी गाड़ियां ढंग से दिखती हैं, ना उनके कर्मचारी ढंग से दिखती हैं। पार्षद बोले- सीवर की समस्या का जल्द समाधान लालकुआं वार्ड से पार्षद और भाजपा पार्षद दल के नेता सुशील कुमार तिवारी पम्मी ने बताया कि सीवर की गंभीर रूप से समस्या है। क्योंकि पुरानी जर्जर पाइपलाइनें हैं। पेयजल पाइप भी हैं, जिनको बदलने की आवश्यकता है। कभी-कभी उनमें सीवर का पानी आ जाता है जब सीवर ओवरफ्लो होते हैं। सबको चेंज करने की जरूरत है। मैंने यह आवाज अपने सदन में भी उठाई है। मैं बराबर एक ही आवाज उठाता हूं कि सीवर की समस्या से हमें निजात दिलाएं। हमारी महापौर समस्याओं का प्राथमिकता से खत्म करा रही हैं। सीवर का उन्होंने बदलाव के लिए प्रस्ताव भी भेजा है। ----------------------------------- इस वार्ड का हाल भी जानिए- लखनऊ के इस वार्ड का तालाब पाट रहा नगर निगम : कूड़े के ढेर, उफनते नालों से लोग परेशान; 'मकान बिकाऊ है' के पोस्टर सड़कों पर मैला फैला है, घरों के बाहर गंदगी का अंबार लगा है। जगह-जगह जमा कचरे से मच्छर पनप रहे हैं। वार्ड में कूड़ाघर नहीं होने के कारण सड़क किनारे और खाली प्लॉटों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम की ओर से तालाब को पाटकर खुले में कचरा डाला जा रहा है। (पूरी ग्राउंड रिपोर्ट पढ़िए)
शाहजहांपुर में सोमवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति की मौत हो गई, जबकि उनका 10 वर्षीय बेटा घायल हो गया। यह घटना अल्हागंज थाना क्षेत्र के ततियारी मोड़ के पास हुई। दंपति अपने बेटे के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। मृतकों की पहचान अल्हागंज के बगिया मोहल्ला निवासी संतोष (50) और उनकी पत्नी किरन के रूप में हुई है। उनका बेटा शोभित (10) घायल है। जिसका फर्रुखाबाद जिले में इलाज चल रहा है। सुबह करीब छह बजे घर से एक किलोमीटर दूर ततियारी मोड़ के पास भूसे से भरी एक पिकअप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप सड़क किनारे खेत में पलट गई। बाइक सवार किरन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संतोष और शोभित गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को फर्रुखाबाद के अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने संतोष को भी मृत घोषित कर दिया। घायल शोभित का इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद बाइक और पिकअप के पुर्जे तथा मृतकों की चप्पलें सड़क किनारे करीब 20 मीटर के दायरे में बिखर गईं। संतोष पेशे से कारपेंटर थे और फर्नीचर का काम करते थे। दंपति मदनापुर थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर में एक रिश्तेदार के घर शादी में जा रहे थे। उनके परिवार में घायल शोभित के अलावा सबसे बड़ा बेटा रोहित, बड़ी बेटी शिवा और छोटी बेटी दिव्या भी हैं। थाना प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि पिकअप की टक्कर से पति-पत्नी की मौत हुई है। पुलिस पिकअप चालक की जानकारी जुटा रही है।
औरैया: उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के साथ वृहद गौ संरक्षण केंद्र उमरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में 187 गौवंश संरक्षित पाए गए। वहां भूसा, हरा चारा और दाना भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिला। गौ पूजन के बाद, अध्यक्ष ने गौ संरक्षण केंद्र का भ्रमण किया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी भाग्यनगर को छोटे गौवंशों के लिए कम ऊंचाई की चरही और बड़े पशुओं के लिए लोहे के पाइपों से नेक कंट्रोलर बनवाने का निर्देश दिया, ताकि गौवंश आराम से चारा खा सकें और चरही में न चढ़ें। उन्होंने छोटे गौवंशों, गायों और सांडों के लिए अलग-अलग बाड़े बनाने, टूटी चरहियों की मरम्मत करने और बायोगैस प्लांट से गैस उत्पन्न कर उसे गौशाला में उपयोग करने पर जोर दिया। अध्यक्ष ने पंचगव्य औषधि निर्माण, गोबर से निर्मित पंचगव्य औषधियों, गौ उत्पादों, मूर्तियों और गोकाष्ठ बनाने पर भी बल दिया, साथ ही गौशाला परिसर में छायादार वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। इसके बाद, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष ने अस्थायी गौ आश्रय स्थल सौथरा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को गौवंशों को कृमिनाशक दवा पिलाने का निर्देश दिया। खंड विकास अधिकारी सहार को मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गौशाला से गौवंश दिलाने, गौशाला से संबद्ध गोचर भूमि पर हरा चारा उगवाने और एनआरएलएम (NRLM) के अंतर्गत महिलाओं को गौ आधारित रासायनिक खाद विहीन खेती व गौ उत्पाद की ट्रेनिंग दिलवाने हेतु निर्देशित किया गया। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बी. एस. विकल, गौशाला संचालक जय गौ माता ग्रामोद्योग सेवा समिति के संतोष कुमार गुप्ता, खंड विकास अधिकारी भाग्यनगर और पशु चिकित्साधिकारी दिबियापुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इटावा में आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर आवारा सांड की वजह से हुए सड़क हादसे में एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। हादसा रविवार रात करीब 9 बजे इकदिल थाना क्षेत्र के पिलखर नहर के पास हुआ। बाइक के सामने अचानक सांड आ जाने से बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। हादसे में 48 वर्षीय मेघ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक मेघ सिंह पुत्र मुंशीलाल निवासी कथगवा थाना इकदिल परिवार में अकेले थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। उनकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जानकारी के मुताबिक रविवार देर शाम मेघ सिंह अपने भतीजे विजय सिंह पुत्र राम प्रकाश और नाती चुन्नीलाल निवासी कथगवा के साथ बाइक से दतावली स्थित एक निजी अस्पताल गए थे। बताया गया कि वहां परिवार के युवक रोहित पुत्र पातीराम को देखने के बाद तीनों लोग बाइक से वापस अपने गांव कथगवा लौट रहे थे। रविवार रात करीब 9 बजे जब उनकी बाइक इकदिल क्षेत्र के पिलखर नहर के पास आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर पहुंची, तभी अचानक बाइक के सामने एक आवारा सांड आ गया। सांड से टकराने के बाद बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में बाइक सवार मेघ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विजय सिंह और चुन्नीलाल घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मेघ सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं विजय सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है। जबकि चुन्नीलाल को मामूली चोटें आने पर प्राथमिक उपचार दिया गया। हादसे में घायल चुन्नीलाल ने बताया कि वह लोग दतावली स्थित एक निजी अस्पताल में परिवार के दो युवकों को देखने गए थे। वापस घर लौटते समय पिलखर नहर के पास अचानक बाइक के सामने सांड आ गया, जिससे बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उनके साथ बैठे मेघ सिंह की मौत हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर श्याम मोहन ने बताया कि पुलिस तीन लोगों को लेकर अस्पताल आई थी। जांच के बाद मेघ सिंह को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य दोनों घायलों का उपचार किया जा रहा है। इकदिल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
खैरथल-तिजारा जिले की कोटकासिम पंचायत समिति में प्रधान पद पर दोबारा बहाली हो गई है। कांग्रेस की प्रधान डॉ. विनोद कुमारी सांगवान को पंचायती राज विभाग ने फिर से पद संभालने का आदेश दे दिया है। विभाग के उपायुक्त त्रिलोक मीणा ने आदेश जारी कर बताया कि जांच प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद डॉ. सांगवान को प्रधान पद पर बहाल किया गया है। मारपीट मामले में किया था सस्पेंड दरअसल बीते साल विनोद कुमारी सांगवान को कोटकासिम पंचायत समिति में तत्कालीन कार्यवाहक अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय यादव के साथ कथित मारपीट के मामले में निलंबित किया गया था। एक ही दिन में बहाल कर दोबारा निलंबन इसके बाद 6 अगस्त 2025 को विनोद कुमारी को बहाल किया गया था, लेकिन उसी दिन दोबारा निलंबन आदेश जारी कर दिया गया था। डॉ. सांगवान के निलंबन के बाद भाजपा की उपप्रधान संता गुर्जर कार्यवाहक प्रधान के रूप में पंचायत समिति का कार्यभार संभाल रही थीं। अब नए आदेश के बाद उनका कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाएगा और पंचायत समिति की कमान फिर से कांग्रेस की डॉ. विनोद सांगवान के हाथों में आ जाएगी।
सवाई माधोपुर में आज बारिश का अलर्ट:मौसम विभाग ने आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया
सवाई माधोपुर जिले में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इसके चलते मौसम विभाग ने सोमवार को सवाई माधोपुर के लिए आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर तेज हवाएं चलने के साथ जिले के कई क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। यहां दो-तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद भी जिले में मौसम सुहावना हो गया था और तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। तीन दिन से अधिकतम तापमान 37 डिग्री पर स्थिर मौसम विभाग के अनुसार रविवार को सवाई माधोपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां पिछले दो तीन दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान स्थिर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से आगामी दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि अभी तक यहां झमाझम बारिश का दौर शुरू नहीं हुआ है। वहीं लोगों मानसून खासी उम्मीदें लगाकर बैठे है। उल्लेखनीय है कि सवाई माधोपुर में बारिश का दौर शुरू होने के साथ ही रणथंभौर के झरने चहकने लगेगलगेंगे।
आगरा में सूरज की लुका-छुपी के बीच गिरा तापमान:दोपहर बाद छा सकते हैं बादल, 27 जून तक साफ रहेगा मौसम
आगरा में सुबह से सूरज की लुका-छुपी चल रही है। कभी धूप निकल रही है तो कभी हल्के बादल छा रहे हैं। इस बीच हल्की हवा भी चल रही है। इससे सुबह अधिक गर्मी का अहसास नहीं हो रहा। दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। बादल छाने के साथ ही तेज हवा भी चल सकती है। इधर, अधिकतम तापमान में 0.4C और न्यूनतम तापमान में 1C की गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 39.6C और न्यूनतम तापमान 28.7C रहा। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 41.0C और न्यूनतम तापमान 29.7C रहा था। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति आगरा के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार सुबह भी सूरज की लुका-छुपी रही। इसके बाद दोपहर में तेज धूप रही। शाम को हल्की हवाएं चलने लगीं। इसके चलते शनिवार की अपेक्षा रविवार के तापमान में गिरावट आई। दिन ही नहीं, रात के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। सोमवार सुबह से भी सूरज की लुका-छुपी चल रही है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, 27 जून तक मौसम साफ रहेगा। आंधी और बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है। 27 जून तक साफ रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, आगरा में 27 जून तक मौसम साफ रहेगा। हालांकि इस बीच दिन और रात दोनों तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। इस समयावधि में अधिकतम तापमान 43C और न्यूनतम तापमान 29C तक जा सकता है। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए
लोको-पायलट बन पहली बार नई ट्रेन लेकर पहुंचा अपने शहर:माता-पिता और बहन ने माला पहनाकर किया स्वागत
नई शुरू हुई बीकानेर-साबरमती दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन रविवार को जब पहली बार जालोर रेलवे स्टेशन पहुंची, तो यह पल जालोर के एक परिवार के लिए खास बन गया। ट्रेन को चला रहे लोको पायलट तेज कुमार अपने गृह जिले पहुंचे तो स्टेशन पर मौजूद माता-पिता और परिजनों ने उनका स्वागत किया। परिजनों ने माला और साफा पहनाकर खुशी जताई। नई ट्रेन सेवा शुरू होने के साथ जालोर के लोगों के लिए यह भावुक और गौरव का पल रहा। ट्रेन के साथ पहुंचे जालोर के तेज कुमार हाल ही में रेल मंत्री द्वारा राजस्थान और गुजरात के यात्रियों के लिए बीकानेर-साबरमती दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू की गई है। इस नई ट्रेन को रविवार को बीकानेर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जालोर के लिए यह मौका उस समय और खास बन गया, जब इस ट्रेन को लेकर जालोर के ही तेज कुमार, पुत्र थानाराम मेघवाल, लोको पायलट के रूप में जालोर स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर हुआ स्वागत ट्रेन के जालोर स्टेशन पर रुकते ही पहले से मौजूद तेज कुमार के पिता थानाराम मेघवाल, माता, बहन, बहनोई और अन्य परिजनों ने उनका माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। आहोर के वादनवाड़ी गांव के निवासी हैं तेज कुमार लोको पायलट तेज कुमार मूल रूप से आहोर क्षेत्र के वादनवाड़ी गांव के निवासी हैं। उनका चयन साल 2019 में रेलवे में लोको पायलट के पद पर हुआ था। वर्तमान में वे जोधपुर जोन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। चार साल पहले हुआ था विवाह परिजनों के अनुसार तेज कुमार का करीब चार साल पहले जालोर के मालपुरा गांव में विवाह हुआ था। नई ट्रेन को अपने गृह जिले तक लेकर पहुंचने पर परिजनों और शहरवासियों ने खुशी जताई।
सीहोर के ग्राम सेवनिया में रविवार रात जमीन और उससे निकलने वाले रास्ते को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें लाठी-डंडे और रॉड का इस्तेमाल हुआ। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। घायल युवक ने बताया कि वह अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहा था, तभी उसके घर के ठीक सामने आरोपियों ने उसे रोक लिया। पीड़ित के अनुसार, हमलावरों की संख्या लगभग छह थी, जिनमें लखन, जितेन, नवीन, राहुल और अभिषेक शामिल थे। इन सभी ने मिलकर उसे रोका और लाठी व लोहे की रॉड से उस पर हमला कर दिया। पीड़ित युवक ने यह भी बताया कि दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर लगभग 10 साल पुराना विवाद चल रहा है। इसी पुराने विवाद के चलते और रास्ते से निकलने की बात को लेकर आरोपी पक्ष लगातार हस्तक्षेप कर रहा था, जिसके परिणामस्वरूप यह घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। पुलिस टीम तत्काल अस्पताल पहुंची और गंभीर रूप से घायल युवक के बयान दर्ज किए। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब एमएसएमई विभाग में तबादले में मनमानी का खुलासा हुआ है। एमएसएमई विभाग में सहायक प्रबंधक और प्रबंधक पद पर काम करने वाले सीनियर अफसरों को दरकिनार करते हुए प्रभारी प्रबंधकों को जिलों में महाप्रबंधक बना दिया गया है। इसका विभाग में जमकर विरोध हो रहा है। इसकी वजह यह भी है कि इस व्यवस्था को लागू करने के बाद जूनियर अफसर सीनियर अफसरों की सीआर लिखेंगे। प्रदेश के एमएसएमई विभाग में 15 और 16 जून को जारी प्रभार आदेशों को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। विभाग में इसे “चार्ज के ऊपर चार्ज” की व्यवस्था बताते हुए अधिकारी सवाल उठा रहे हैं। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि जिन अधिकारियों का मूल पद सहायक प्रबंधक (तृतीय श्रेणी कार्यपालिक) है और जो वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, उन्हें महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र का प्रभार सौंपा गया है। इन अफसरों को जूनियर होने के बाद मिला सीनियर अफसर का चार्ज विभाग द्वारा जारी तबादला और प्रभार आदेशों में सुबोध कुमार श्रीवास्तव को मंडीदीप, जेपी तिवारी को रीवा, शिवशंकर सिंह को निवाड़ी, सुरेश कुमार गोस्वामी को भिण्ड, राममूर्ति खरे को अनूपपुर, अजय तिवारी को शिवपुरी तथा बीएल अहिरवार को जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र दमोह के महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है। ये सभी प्रभारी प्रबंधक हैं जिनको उच्च पद का प्रभार दिया गया है। यही मूल विवाद की वजह है। एमपीपीएससी के माध्यम से चयनित वर्ष 2016, 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी (प्रबंधक, सहायक संचालक) वर्तमान में विभाग में कार्यरत हैं। इसके बावजूद प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक का प्रभार दिए जाने से कई अधिकारियों में असंतोष है। पहले पदोन्नति रोक कर रखी और अब मनमानी कर रहे अधिकारियों का कहना है कि एक ओर पदोन्नति पर रोक लगाकर रखी गई है और दूसरी ओर यह मनमानी व्यवस्था सीनियरिटी को दरकिनार कर लागू की गई है। यह व्यवस्था विभागीय पद अनुक्रम, वरिष्ठता और योग्यता के संबंध में प्रश्न खड़े करती है। विभाग के भीतर यह चर्चा भी है कि यदि नियमित रूप से चयनित राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध हैं, तो उन्हें दरकिनार कर प्रभारी व्यवस्था के माध्यम से उच्च पदों का प्रभार सौंपने के पीछे क्या प्रशासनिक आधार अपनाया गया। विभाग के इस फैसले के बाद कई प्रभावित अधिकारियों में निराशा और असंतोष का माहौल है। इसकी एक वजह यह भी है कि कई जिलों में राजपत्रित सेवा श्रेणी-2 के अधिकारियों को अब गैर राजपत्रित अधिकारी सेवा श्रेणी-3 के अधीन कार्य करना पड़ेगा और उसकी गोपनीय चरित्रावाली (C.R.) भी वही लिखेंगे।
गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि यह यात्रा केवल गो माता की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर निकाली जा रही है
भागलपुर में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग हुई है। गोली लगने से 2 किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। घायलों की पहचान सौरभ कुमार(16) और तूफान कुमार(14) के रूप में हुई है। सौरभ की हालत गंभीर बनी हुई है। सीने के पास बुलेट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मायागंज रेफर कर दिया। वहां से भी पटना भेज दिया गया है। घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के तिनटंगा करारी गांव की है। शादी समारोह में पहुंचे थे बच्चे जानकारी के मुताबिक गांव में शादी के मौके पर डीजे बज रहा था। बड़ी संख्या में रिश्तेदार और ग्रामीण पहुंचे थे। सभी खुशियां मना रहे थे। इस बीच गांव के एक युवक ने अचानक देसी कट्टा से फायरिंग कर दी। गोली पास खड़े 2 बच्चों को जा लगी। दोनों बच्चे शादी समारोह और डीजे देखने पहुंचे थे। प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग परिजनों ने गोपालपुर प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही और अवैध हथियारों का खुलेआम इस्तेमाल समाज के लिए गंभीर खतरा है।
पाली जिले में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार कॉन्स्टेबल की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि उनका सिर फट गया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसा रविवार देर रात खोड़-जवाली रोड पर हुआ। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को बूसी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है। उछलकर सड़क पर गिरे, सिर पर लगी चोट रानी थाना एसएचओ आनंद कुमार ने बताया- पाली पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल महेंद्र मीणा (28) पुत्र पेमाराम मीणा निवासी आकडवास (रानी) बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि महेंद्र मीणा बाइक से उछलकर सड़क पर गिर गए। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। 20-25 दिन से गैरहाजिर चल रहे थे पुलिस लाइन प्रभारी लता बेगड़ ने बताया कि कॉन्स्टेबल महेंद्र मीणा पिछले करीब ढाई साल से पाली पुलिस लाइन में तैनात थे। वह पिछले करीब 20-25 दिन से गैरहाजिर चल रहे थे। विभाग के पास इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वह गैरहाजिर क्यों चल रहे थे। दो-तीन महीने पहले हुई थी शादी जानकारी के अनुसार, महेंद्र के पिता भी पुलिस विभाग में कार्यरत रह चुके हैं। महेंद्र की शादी करीब दो-तीन महीने पहले ही हुई थी। उनकी अचानक मौत की खबर से परिवार सदमे में है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बक्सर में भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। रविवार को जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।जन सुराज पार्टी ने बताया कि कैंडल मार्च का उद्देश्य भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को सशक्त करना और समाज में शांति व एकजुटता का संदेश देना था। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक सामाजिक कार्यकर्ता की कथित मुठभेड़ में मौत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी लंबे समय से जनता के मुद्दों को उठाते रहे थे, और जनहित से जुड़े सवालों पर सक्रिय रहते थे। मिश्रा ने सरकार से मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक इस कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की गई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने की थी सुनवाई वरिष्ठ नेता और सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अभिषेक कुमार पांडेय ने इस मामले में पटना उच्च न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने हाथरस मामले का उदाहरण दिया, जहां इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की थी। पार्टी प्रभारी आनंद सिंह ने पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच होती, तो भरत भूषण तिवारी शायद जीवित होते। पूर्व विधायक श्रीकांत पाठक ने भी न्यायिक जांच की मांग दोहराई और कहा कि पुलिस अधीक्षक (SP) तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। कैंडल मार्च में धनजी पांडे, अरविंद पांडे, अजीत सम्राट, नीरज सिंह, प्रभात कुमार, विनोद मिश्रा, अजय सिंह, करुणानिधि दुबे समेत बड़ी संख्या में जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस प्रदर्शन के बाद मामले को लेकर सियासी हलचल और तेज हो गई है।
लुधियाना में एक 9 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी ने दुष्कर्म किया। आरोपी पिछले करीब एक महीने से बच्ची को पैसे का लालच देकर गलत काम कर रहा था। फिलहाल मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दिए बयान में शिकायतकर्ता महिला अंजू देवी (काल्पनिक) मूल निवासी छपरा (बिहार) ने बताया कि वह वर्तमान में लुधियाना के जीवन नगर स्थित गौरव बंसल के वेहड़े में किराए पर रहती है। उनके ही वेहड़े में रवीकेश पाल उर्फ मोती पाल रहता है। रवीकेश लेबर का काम करता है और वर्ष 2015 से लुधियाना में रह रहा है। उसके दो बच्चे हैं, जो गांव में रहते हैं। महिला ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से अपनी बड़ी बेटी को आरोपी रवीकेश के कमरे से बाहर निकलते हुए देख रही थी। पूछताछ में बच्ची के पास से मिले 50 रुपए शिकायतकर्ता के अनुसार, 21 जून 2026 को जब उन्होंने फिर से अपनी बेटी को आरोपी के कमरे के पास देखा, तो उसे बुलाकर पूछताछ की। इस दौरान बच्ची के पास से 50 रुपए मिले। मां द्वारा सख्ती से पूछने पर बच्ची रोने लगी और उसके शरीर से खून निकलने की बात सामने आई। इसके बाद उसने आरोपी की कथित करतूत का खुलासा किया। बच्ची ने बताया कि अंकल पिछले करीब एक महीने से उसे 20 से 50 रुपए का लालच देकर अपने कमरे में बुलाते थे और उसके साथ गलत काम (शारीरिक शोषण) करते थे। विरोध करने पर भी आरोपी नहीं मानता था। 21 जून को भी आरोपी ने बच्ची को अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती की। पुलिस ने इन धाराओं के तहत दर्ज किया मामला थाना साहनेवाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी रवीकेश पाल उर्फ मोती पाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने बताया है कि कल यानी 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के राज्य के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। इसके चलते कुछ इलाकों में हीट वेव जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। बिलासपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.8C बिलासपुर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.9C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। रायपुर का मौसम रायपुर में आज (सोमवार) बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 40C और न्यूनतम तापमान 29C रहने का अनुमान है।
सोमवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन और आभूषण से राजा स्वरूप श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन-अर्चन किया गया। जटाधारी भगवान महाकाल को रजत आभूषण अर्पित कर राजा स्वरूप में श्रृंगारित किया गया। इससे पहले प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश करते ही भगवान का ध्यान कर मंत्रोच्चार के साथ हरिओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों से बनी मालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्प धारण किए भगवान महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।
मुंबई-बड़ौदा हाईवे पर भीषण हादसा, तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू डिवाइडर से टकराई; 2 दोस्तों की मौत
ठाणे में मुंबई-वड़ौदा हाईवे पर तेज रफ्तार BMW कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में दो युवकों की मौत और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने जांच शुरू की।
जहानाबाद में पीड़ित परिवार से मिले जीतन राम मांझी:बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाए, जल्द हो गिरफ्तारी
केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने रविवार देर शाम को जहानाबाद जिले के भेलावर थाना क्षेत्र के निसरपुरा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को जेल से भी संरक्षण मिल रहा है और वहां से पीड़ित परिवार को धमकियां दी जा रही हैं। मीडिया से बातचीत में मांझी ने इस घटना को पुलिस की लापरवाही का परिणाम बताया। उनका कहना था कि यदि आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करती तो पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आते, लेकिन आत्मसमर्पण के कारण मामले से जुड़े कई पहलू अब भी स्पष्ट नहीं हो सके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इससे अन्य आरोपियों के बच निकलने की संभावना बढ़ गई है। मांझी ने आरोप लगाया कि शिवम की हत्या के बाद उसके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं। इसकी शिकायत कई बार पुलिस प्रशासन से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण परिवार के एक अन्य सदस्य की हत्या को रोका नहीं जा सका। उन्होंने घोसी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। मांझी ने कहा कि मामले में शुरुआती कार्रवाई आईजी की सक्रियता से ही संभव हो सकी। मृतक का मोबाइल फोन अब तक बरामद नहीं होना भी उन्होंने पुलिस की बड़ी विफलता बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उन्होंने इस मामले को लेकर डीजीपी से बातचीत की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दो-तीन दिनों के भीतर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियां नहीं रुकीं, तो वह इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे। मांझी ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिए जाने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्य सचिव से बात कर सरकार से सहायता दिलाने का आग्रह किया गया है। इस दौरे के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक मौजूद रहे। मांझी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
नागौर के भावंडा में लाइमस्टोन के अवैध खनन के लिए थाने से बंधी फिक्स है। अगर डंपर ले जाना है तो 5 हजार, अवैध खनन करना है तो थाने में 20 हजार रुपए हर महीने देने होते हैं। भास्कर ने करीब 7 महीने इस पूरे अवैध सिस्टम का पीछा किया। थाने के हेड कॉन्स्टेबल रहे हनुमान राम खोजा (चौधरी) और रणवीर इसकी उगाई करते थे। दोनों करीब 18 महीने से मौखिक आदेश से ही भावंडा थाने में पोस्टेड थे। 5 मई को रणवीर को मुंडवा थाने और 1 जून को हनुमान राम को पांचौड़ी थाने में लगाया गया है। अवैध वसूली के लिए आरोपी पुलिसवालों ने स्थानीय दुकानदारों के साथ एक नेटवर्क बनाया था। मंथली वसूली के पैसे श्री सालासर बालाजी ई-मित्र और मनी ट्रांसफर के विकास स्वामी और राधे मोबाइल के राधेश्याम भाटी को यह रुपए भेजे जाते थे। ऑनलाइनर ट्रांसफर का स्क्रीनशॉट इन पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर भेजा जाता था। कन्फर्मेशन मिलने के बाद ये पुलिसकर्मी इन दुकानों में जाते और स्क्रीनशॉट दिखाकर यहां से कैश ले लेते थे। अगर पेमेंट लेट होता, कम-ज्यादा होता या कोई मना करता तो पुलिस कार्रवाई में इनकी गाड़ियां पकड़ ली जाती। पूरे मामले में 28 फरवरी 2024 से यहां पर लगे थाना अधिकारी मानवेंद्र सिंह तक की भूमिका संदिग्ध है। इस अवैध वसूली का ज्यादातर काम विकास स्वामी की दुकान पर ही चल रहा था। भास्कर के पास खनन करने वालों और ड्राइवर्स की ओर से इन दुकानों में भेजे गए रुपए के स्क्रीनशॉट, पुलिसकर्मियों के साथ हुई वॉट्सएप कॉल, चैट और दूसरे वीडियो सबूत भी हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दोनों हेड कॉन्स्टेबल को 90,200 रुपए देने का रिकॉर्ड भास्कर ने विकास स्वामी की दुकान से जिस रजिस्टर के फोटो निकाले हैं। उसमें हेड कॉन्स्टेबल हनुमान राम खोजा (रजिस्टर में एचआर खोजा) और रणवीर को सिर्फ 14, 24 और 27 फरवरी के तीन दिनों में ही 90,200 देने का रिकॉर्ड मिला है। एक ही दिन में 50 हजार रुपए तक आए हैं। भावंडा क्षेत्र में ही 70 जगह पर अवैध खनन है और प्रत्येक की मंथली औसत 20 हजार रुपए है। इस हिसाब से 14 लाख रुपए बनते हैं। इसी तरह वैध खनन और डंपर मालिकों से भी करीब 6 लाख रुपए की वसूली होती है। थाने की ओर से हर महीने औसत 20 लाख रुपए अवैध वसूली से जुटाए जा रहे हैं। इस अवैध बंधी को लेकर भास्कर के पास अक्टूबर 2024 से लेकर फरवरी 2026 तक के रिकॉर्ड हैं। इसमें हेड कॉन्स्टेबल हनुमान राम खोजा के लीज मालिक के साथ हुए वॉट्सएप कॉल, मैसेज भी शामिल हैं। पेमेंट लेट तो पकड़ लिया डंपर यहां पारासरिया मिनरल्स के मालिक राजूराम से भी वसूली के लिए यह दोनों पीछे लगे थे। इसकी वॉट्सएप कॉल और चैट रिकॉर्ड भी हैं। वह 20 हजार रुपए देते थे। पेमेंट एक दिन भी लेट होता तो धमकाने लगते। पेमेंट लेट हुआ तो 25 अप्रैल को इनका डंपर पकड़ लिया। जिसकी उन्होंने 28 अप्रैल 2026 को थानाधिकारी मानवेंद्र सिंह, हेड कॉन्स्टेबल हनुमान राम, हेड कॉन्स्टेबल महावीर को लेकर अजमेर रेंज आईजी को लिखित शिकायत भी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ओवरलोड गाड़ियां थाने की गाड़ी के सामने से निकलती रही भास्कर ने यहां से अवैध खनन से संबंधित काफी वीडियो जुटाए। इस दौरान सामने आया कि एक तरफ पुलिस तो दूसरी तरफ माइनिंग विभाग की गाड़ी की देखरेख में अवैध खनन वाले लाइमस्टोन से ओवरलोडिंग गाड़ियां इनके ठीक सामने से निकलती रही। एक पुलिसकर्मी खुद इन्हें यहां से गुजारता भी नजर आया। 7000 की मंथली में चल रहा डंपर रामनारायण मुंडेल का एक डंपर है। इसकी 7 हजार रुपए की मंथली है। भास्कर के पास 4 अक्टूबर 2024 से लेकर 31 अक्टूबर 2025 तक इसके 6 ट्रांजैक्शन विकास स्वामी के मोबाइल पर रुपए भेजने के हैं। इसमें 5 हजार से लेकर 10 हजार रुपए तक भेजे गए हैं। भास्कर ने विकास स्वामी के ई-मित्र वाले रजिस्टर से इन पुलिसकर्मियों को नकद रुपए देने का रिकॉर्ड जुटाया। इसमें 24 जनवरी को राजूराम ने 15 हजार रुपए ऑनलाइन भेजे। जैसे ही विकास स्वामी को रजिस्टर के फोटो खींचने की भनक लगी तो उसने एचआर खोजा का नाम इसमें काट कर एचआर लेबर कर दिया। भास्कर के पास पैसे लेने के वीडियो 24 जनवरी को ही दोपहर 1:38 बजे राजूराम ने विकास स्वामी को 15 हजार रुपए ऑनलाइन भेजे। इसी दिन हनुमान राम ने शाम 4 बजे विकास से 15 हजार रुपए नकद लिए। भास्कर के पास इसका वीडियो भी है। इसमें… हनुमान राम ई-मित्र पर पहुंचता है। 15 हजार रुपए देने का कहता है। विकास कहता है कि आए ही नहीं। इस पर हेड कॉन्स्टेबल दुकानदार विकास को राजूराम की तरफ से 15 हजार रुपए भेजने का स्क्रीनशॉट दिखाता है। इसके बाद विकास कहता है- हां, पेमेंट आ गया है। तब हनुमान कहता है तो फिर दो, मैं कोई झूठ थोड़ी बोल रहा हूं। इसके बाद विकास गल्ले में से रुपए निकालता है और गिनकर 15 हजार रुपए हनुमान राम के हाथ में देता है। हनुमान राम रुपए लेकर निकलता है और इसी दौरान विकास अपने रजिस्टर में इस रुपए की एंट्री करता है। भास्कर के पास राजूराम की तरफ से पुलिसकर्मी और ई-मित्र संचालक दोनों को भेजे गए स्क्रीनशॉट का रिकॉर्ड भी है। राजूराम के ही 19 अक्टूबर 2025 को राधेश्याम भाटी के राधे मोबाइल के बैंक खाते में ऑनलाइन रुपए भेजने का रिकॉर्ड भी है। ई-मित्र वाला प्रति 10 हजार रुपए पर 100 रुपए चार्ज लगाता है 14 फरवरी की निकासी की 11 नंबर एंट्री के अनुसार सुनील से 20,200 रुपए आए और खोजा को नकद दिए। 12 नंबर एंट्री में प्रभाकर गोदारा से 20 हजार आए और एचआर खोजा को दिए। 21 फरवरी को 10 हजार आए और खोजा को नकद दिए। 24 फरवरी की निकासी की 10 नंबर एंट्री में रिद्धीकरण से आए और रणवीर व एचआर खोजा को नकद दिए। 27 फरवरी को निकासी की 6 नंबर की एंट्री में भी भींवदास से 19,800 आए और एचआर खोजा को दिए। यह विकास का परिवार में भाई है इसलिए इसके 20 हजार के पीछे अतिरिक्त 200 रुपए नहीं लिए गए। सात नंबर की एंट्री में 20 हजार आए और एचआर खोजा को नकद दिए। इनमें से ज्यादातर के पास खुद की लीज नहीं है, अवैध खनन करने वाले हैं। मामले में किसका क्या है तर्क हेड कॉन्स्टेबल रणवीर का कहना है- इस तरह का कोई मामला नहीं है। मैं तो वर्तमान में मुंडवा थाने में लगा हूं। मेरे खिलाफ कोई भी शिकायत है तो वह झूठी है। मैं तो हनुमान राम से पहले हेड कॉन्स्टेबल बना था। वह बाद में बने थे। मैंने कभी कोई बंधी नहीं ली। हेड कॉन्स्टेबल हनुमान राम चौधरी ने कहा कि इस तरह का कोई मामला है तो वह झूठा है। मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। अवैध खनन को लेकर हमने तो कार्रवाई की। वर्तमान में मैं पांचौड़ी थाने में लगा हुआ हूं। सारे आरोप बेबुनियाद हैं। मैंने कहीं से कोई पैसा नहीं लिया। भावंडा थानाधिकारी मानवेंद्र सिंह का कहना है कि अवैध खनन को लेकर रुपए के लेनदेन का मामला झूठ है। यह शिकायत झूठी है, इसका कोई मतलब नहीं है। जो शिकायत की गई थी, उसकी भी जांच चल रही है। हम अपना काम कर रहे हैं। अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह का कहना है कि अगर इस संबंध में कोई शिकायत आ रखी है तो फिलहाल मेरे ध्यान में नहीं है। जरूर उस पर कोई न कोई कार्रवाई चल ही रही होगी। अगर निस्तारण भी हो रखा है तो फिर से दिखवा लेंगे। निश्चित रूप से इस मामले पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। विधि समाप्त जो भी होगा हम उसके अनुसार निर्णय करेंगे।
झारखंड से नाबालिग लड़की सकुशल बरामद, फर्जी वीडियो कॉल कर पैसे मांगने वाले अज्ञात लोगों पर केस
पुणे के कोंढवा इलाके से लापता हुई नाबालिग लड़की को पुलिस ने झारखंड के टाटानगर से सकुशल बरामद कर लिया
नीट ड्यूटी छोड़ एसी कार में सोता रहा आरक्षक:मुरैना में परीक्षा के दौरान बैरियर चौराहे पर थी तैनाती
मुरैना में रविवार को आयोजित NEET परीक्षा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे एक आरक्षक का ड्यूटी के समय कार में सोते हुए वीडियो सामने आया है। ड्यूटी के प्रति लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, जिले में NEET परीक्षा के लिए सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई थी। एसी चालू कर सो गया आरक्षक इसी दौरान ट्रैफिक थाने में पदस्थ आरक्षक राहुल गुर्जर की ड्यूटी बैरियर चौराहा, ट्रैफिक थाना परिसर के सामने लगाई गई थी। आरोप है कि आरक्षक ड्यूटी छोड़कर अपनी निजी स्विफ्ट कार (MP07 ZY 6419) में जाकर बैठ गया और एसी चालू कर सो गया। बताया जा रहा है कि वह काफी देर तक कार में ही सोता रहा। इस दौरान किसी व्यक्ति ने आरक्षक का वीडियो बना लिया, जिसमें वह कार के अंदर सोता हुआ दिखाई दे रहा है। मामले में पक्ष जानने के लिए ट्रैफिक थाना प्रभारी संतोष भदौरिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। फोन कॉल किए जाने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के करीब 13 हजार डिफॉल्टर आवंटियों को राहत मिलने की उम्मीदों को झटका लगा है। आज होने वाली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की महत्वपूर्ण बैठक स्थगित कर दी गई। इस बैठक में डिफॉल्टर आवंटियों को बकाया किराया एकमुश्त जमा करने की बजाय किस्तों में भुगतान की सुविधा देने सहित कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होनी थी, लेकिन बैठक टलने से सभी फैसले फिलहाल अधर में लटक गए हैं। CHB आंकड़ों के अनुसार छोटे फ्लैट योजना और अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (ARHC) के लगभग 13 हजार आवंटियों पर करीब 52 करोड़ रुपए का बकाया है। इसमें करीब 25 करोड़ रुपए मूल किराया और 27 करोड़ रुपए ब्याज राशि शामिल है। बोर्ड की प्रस्तावित योजना के तहत डिफॉल्टरों को बड़ी राहत देते हुए ब्याज में छूट और आसान किस्तों में भुगतान का विकल्प देने पर विचार किया जाना था, ताकि लंबे समय से लंबित बकाया राशि की वसूली हो सके। 90 परिवारों की चिंता भी बढ़ गई बैठक के स्थगित होने से उन करीब 90 परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है, जिनके फ्लैटों का आवंटन किराया जमा न करने के कारण रद्द किया जा चुका है। हाउसिंग बोर्ड ने इन परिवारों को मकान खाली करने के नोटिस भी जारी किए हुए हैं। प्रभावित परिवारों को उम्मीद थी कि बैठक में उनके पक्ष में कोई राहत भरा फैसला लिया जाएगा, लेकिन अब उन्हें अगली बैठक का इंतजार करना होगा। नीड-बेस्ड चेंजेज को नियमित करने का प्रस्ताव अटका बैठक के एजेंडे में केवल डिफॉल्टरों का मुद्दा ही नहीं था, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण विषय भी शामिल थे। इनमें नीड-बेस्ड चेंजेज को नियमित करने का प्रस्ताव, हाउसिंग बोर्ड की खाली जमीनों पर हाईराइज आवासीय परियोजनाओं का विकास, आईटी पार्क क्षेत्र के विस्तार और चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा शामिल थी। बैठक टलने से इन सभी मामलों पर निर्णय भी आगे खिसक गया है। नई तारीख जल्द तय की जाएगी CHB रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन के चेयरमैन निर्मल दत्त ने उम्मीद जताई है कि अगली बैठक में लंबित मामलों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। वहीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य शक्ति देवशाली ने कहा कि नई तारीख जल्द तय की जाएगी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद आवंटियों के हित में उचित फैसले लिए जाएंगे। फिलहाल हजारों डिफॉल्टर आवंटी और बेदखली नोटिस झेल रहे परिवार CHB की अगली बैठक की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि उसी बैठक में उनके भविष्य से जुड़े अहम फैसले होने की संभावना है।
3 मई को पेपर लीक होने के बाद रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा हुई। इस दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया है कि असली परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए मेडिकल छात्रों ने 30 से 40 लाख रुपए में सौदा तय किया था। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना समेत PMCH, गया मेडिकल कॉलेज, AIIMS रायबरेली और BHU के मेडिकल छात्रों सहित कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बायोमेट्रिक जांच करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, KRK हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लखीसराय SP प्रेरणा के अनुसार, आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अर्पित राज से 2024 में भी CBI कर चुकी है पूछताछ लखीसराय में गिरफ्तार सॉल्वर गैंग के सरगना अर्पित राज से पहले भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पूछताछ कर चुकी है। अर्पित का नाम पहले भी NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। 2024 में NEET पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI ने उससे कई बार पूछताछ की थी। लखीसराय के 9 'मुन्ना भाई' अरेस्ट लखीसराय में NEET (UG) री-एग्जामिनेशन के दौरान सॉल्वर गैंग के सक्रिय होने की आशंका पर पुलिस और प्रशासन ने 9 संदिग्ध 'मुन्ना भाइयों' को अरेस्ट किया है। सूत्रों के अनुसार, KRK विद्यालय परीक्षा केंद्र से 1, केंद्रीय विद्यालय से 7 और हसनपुर विद्यालय से 1 संदिग्ध को पकड़ा गया है। हिरासत में लिए गए सभी युवक लखीसराय के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि हाजीपुर निवासी मयंक, जो PMCH का मेडिकल छात्र है, बायोमेट्रिक जांच करने वाली कंपनी के कर्मचारियों से मिलीभगत कर खुद कर्मचारी बनकर हसनपुर परीक्षा केंद्र में घुस गया था। हालांकि, पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। मयंक से हुई गहन पूछताछ के बाद बायोमेट्रिक कंपनी के अन्य कर्मचारी भी पकड़े गए, जिसके बाद पूरे सॉल्वर गैंग का बड़ा भंडाफोड़ हो सका। परीक्षा के दौरान कैंपस से बाहर निकलने पर थी रोक NEET-UG परीक्षा में मेडिकल छात्रों के सॉल्वर बनने पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुईं। परीक्षा के दौरान कोई भी MBBS छात्र कैंपस से बाहर न निकल सके, इसके लिए विभाग के विशेष सचिव के निर्देश पर PMCH समेत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में रविवार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक विभागवार सेमिनार और क्विज का आयोजन किया गया। इसमें सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। इसके बावजूद PMCH के थर्ड ईयर के छात्र मयंक कश्यप को लखीसराय में कथित तौर पर सॉल्वर के रूप में गिरफ्तार किया गया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। फिजिक्स का पेपर काफी कठिन था, बायोलॉजी ने संभाला देशभर के 5,400 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर राहत तो दिखी, लेकिन क्वेश्चन पेपर के स्तर को लेकर उनकी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं रहीं। कुल मिलाकर RE-NEET का पेपर मॉडरेट करने वाला था। इस बार रटने की बजाय कॉन्सेप्चुअल समझ और स्पष्टता पर अधिक जोर दिया गया। एक्सपर्ट्स के अनुसार, फिजिक्स का पेपर सबसे कठिन और लंबा था। इसकी वजह से अभ्यर्थियों का औसत स्कोर 10 से 20 अंक तक कम हो सकता है। वहीं, केमिस्ट्री का स्तर सामान्य रहा। इनऑर्गेनिक के अधिकांश सवाल सीधे NCERT पर आधारित थे। बायोलॉजी का पेपर अपेक्षाकृत आसान रहा। एक्सपर्ट का मानना है कि फिजिक्स के कठिन पेपर का असर कट-ऑफ पर भी पड़ सकता है और इस विषय के कारण कुल कट-ऑफ में 10 से 15 अंकों तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। पटना में 16 जून को पहुंचा था क्वेश्चन पेपर नीट री एग्जाम के लिए प्रश्न पत्र वायु सेना के विशेष विमान से 16 जून को पटना एयरपोर्ट पहुंचा था। पटना एयरपोर्ट आने के बाद वायु सेना का विमान ने प्रश्नपत्र दिया था। उसके बाद दरभंगा, गया और फिर गयाजी एयरपोर्ट में प्रश्नपत्र अधिकारियों के हवाले कर दिया। नीट की परीक्षा पटना समेत बिहार के कई जिलों में 21 जून को होगी। यह एग्जाम 3 जून को ही हुआ था, पर पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दिया गया।
सतना जिले में मानसून की दस्तक में लगभग एक सप्ताह की देरी होने की संभावना है। मानसून की धीमी गति के कारण लोगों को अभी कुछ और दिनों तक उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने में विलंब हो रहा है, जिससे अपेक्षित बारिश की गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। सामान्यतः सतना सहित रीवा संभाग में मानसून 20 से 21 जून तक पहुंच जाता है। हालांकि, इस वर्ष यह 26 या 27 जून तक दस्तक देगा। इस दौरान प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी, लेकिन वे सामान्य स्तर से काफी कम हैं। 2 इंच से भी कम बारिश दर्जचालू मानसून सीजन के 21 दिनों में 2 इंच से भी कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि जून माह में औसतन सवा 5 इंच वर्षा होती है। इस कमी के कारण खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। रविवार शाम को तेज हवा के साथ 40 मिनट तक हुई बारिश ने मौसम में थोड़ी ठंडक लाई, लेकिन उमस भरी गर्मी अभी भी बनी हुई है। बारिश के कारण शहर की सड़कें कीचड़ से भर गईं और नालियों की सफाई न होने से कई जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। रविवार को अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में सुबह की नमी 55 प्रतिशत और शाम को 84 प्रतिशत रही।
अजमेर शहर के लंबे समय से अधूरे पड़े गुलाबबाड़ी फाटक (एलसी-44) पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज के लिए अतिरिक्त बजट स्वीकृत होने के बाद काम तेज हो गया है। आरएसआरडीसी सोमवार को रेलवे से सात दिन का ब्लॉक लेने जा रहा है। इसके चलते एकता नगर मार्ग करीब एक सप्ताह के लिए बंद रहेगा। ब्लॉक अवधि में मेयो कॉलेज की ओर ब्रिज के चार पीयर कैप और पिलरों पर स्पान का काम पूरा किया जाएगा। एकता नगर मार्ग बंद होने से मदार क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा। रेलवे लाइन पर 20 से 27 जुलाई के बीच गर्डर डाले जाएंगे। सितंबर-अक्टूबर तक आरओबी और आरयूबी शुरू होने की उम्मीद गुलाबबाड़ी आरओबी के लिए वर्ष 2018-19 में 39 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे और निर्माण 2020 में पूरा होना था, लेकिन 2026 में भी परियोजना अधूरी है। अब 32 करोड़ रुपए का री-टेंडर किया गया है। परियोजना की कुल लागत बढ़कर 49.5 करोड़ रुपए हो गई है। करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों का दावा है कि आरओबी और आरयूबी सितंबर-अक्टूबर तक चालू हो सकते हैं। सुभाष नगर और डेयरी फाटक पर भी 85% काम पूरा सुभाष नगर फाटक पर रेल लाइन के लिए बूस्टिंग गर्डर का फैब्रिकेशन चल रहा है। रेलवे और आरडीएसओ, लखनऊ से मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि राज्य सरकार की ओर से 8.50 करोड़ रुपए की राशि अभी पेंडिंग है। इस परियोजना पर 48 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। वहीं डेयरी फाटक पर 2015 से निर्माण कार्य चल रहा है। शुरुआती लागत 27 करोड़ रुपए थी, जो बढ़कर 46.07 करोड़ रुपए हो चुकी है। यहां भी 85 प्रतिशत काम पूरा बताया गया है। नए गर्डर की खरीद के लिए आरडीएसओ से मंजूरी मिल चुकी है। … ये खबर भी पढें … अजमेर में सरकारी जमीन पर अवैध 'आईलैंड' बनाया, घर बेचे:नाले के ऊपर सड़क बनाई, करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट, अधिकारी देखते रहे अजमेर में एक कॉलोनाइजर ने सरकारी नाले पर एक ‘आइलैंड’ भी बना दिया। इतना ही नहीं खुद की जमीन के साथ नाला और अजमेर विकास प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया। नाले पर आवाजाही के लिए पुलिया बनाने के बजाय सीमेंट के पाइप डालकर सड़क भी बनाई है। मामला चाचियावास में ‘जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट’ का है। दिलचस्प बात यह है कि यह सब उस सिस्टम की निगरानी में हुआ, जिसका काम ऐसे निर्माणों पर नजर रखना था। यही नहीं, पूरे सरकारी सिस्टम ने सेवन वंडर पार्क के टूटने से भी कोई सीख नहीं ली। (पूरी खबर पढे़ें)
बांसवाड़ा शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। बिजली विभाग सोमवार को मानसून पूर्व और रूटीन मेंटेनेंस कार्य करेगा। इसके चलते जनामेड़ी आश्रम फीडर से जुड़े कई इलाकों में सुबह 9:39 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से जरूरी काम पहले ही निपटाने की अपील की है। साढ़े छह घंटे बंद रहेगी बिजली सप्लाई बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जनामेड़ी आश्रम फीडर पर जरूरी सुधार कार्य और पेड़ों की छंटाई की जाएगी। इसके लिए सोमवार सुबह 9:39 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित फीडर से जुड़े क्षेत्रों की बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद रखी जाएगी। इस दौरान करीब साढ़े छह घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती बिजली बंद रहने से मुख्य रूप से जनामेड़ी, पांचलवासा, डांगपाड़ा, आदित्य विला और निहाल ग्रीन सहित आसपास के कई रिहायशी इलाकों और कॉलोनियों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। विभाग ने सहयोग की अपील की सहायक अभियंता ने बताया कि फॉल्ट और ट्रिपिंग की समस्या को दूर करने के लिए यह मेंटेनेंस कार्य जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पानी भरने, मोबाइल चार्ज करने और अन्य जरूरी घरेलू काम सुबह 9:30 बजे से पहले ही पूरे कर लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। विभाग का कहना है कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होते ही बिजली सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी।

