सीहोर में गेहूं उपार्जन की तैयारी शुरू:पंजीयन में 116% रकबे में 111% की बढ़ोतरी दर्ज
सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य 10 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर बारदानों की कमी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही तौल कांटे, नमी मापक यंत्र, साफ-सफाई, पेयजल, छाया और किसानों के बैठने की समुचित व्यवस्था समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा कंप्यूटर ऑपरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि खरीदी कार्य बिना किसी बाधा के संचालित हो सके। कलेक्टर ने अधिकारियों से उपार्जन कार्य के दौरान किसानों से लगातार संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने को कहा। उन्होंने उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर किसी भी कमी को तुरंत दूर करने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।जिले में गेहूं उपार्जन की प्रगति पर नजर डालें तो वर्ष 2025-26 में कुल 88,292 किसानों का पंजीयन हुआ था और 2,20,293.55 हेक्टेयर रकबा दर्ज किया गया था। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 1,02,485 किसानों का पंजीयन हो चुका है तथा 2,44,959.65 हेक्टेयर रकबा दर्ज किया गया है। इस प्रकार, पंजीयन में लगभग 116 प्रतिशत और रकबे में 111 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बैठक में कृषि उप संचालक अशोक उपाध्याय, सहकारिता उप पंजीयक सुधीर कैथवास, जिला विपणन अधिकारी नीरज भार्गव, नागरिक आपूर्ति निगम जिला प्रबंधक विवेक रंगारी, जिला आपूर्ति अधिकारी रेशमा भामोर, वेयर हाउस शाखा प्रबंधक एमएल सूर्यवंशी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आकाश चंदेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में जानलेवा अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) की पुष्टि हुई है। दुर्ग जिले के नारधा-मुडपार गांव स्थित सूअर फार्म में इस वायरस के कारण 300 से अधिक सूअरों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पशुपालन विभाग ने बची हुई करीब 150 सूअरों को भी जहरीला इंजेक्शन देकर मार दिया और सभी को प्रोटोकॉल के तहत दफनाया गया। इस वायरस से फार्म मालिक को करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। दरअसल सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम बड़ी संख्या में मुडपार गांव पहुंची थी। अधिकारी और डॉक्टर पीपीई किट पहनकर फार्म के अंदर गए और बचे हुए सूअरों को इंजेक्शन देकर मार दिया। इसके बाद फार्म के पीछे सभी मृत सूअरों को गड्ढा खोदकर दफनाया गया। फिलहाल पूरे फार्म को सील करने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि मुडपार गांव सूअर पालन का एक प्रमुख केंद्र है। यहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर सूअर पालन किया जा रहा था। इस फार्म से न केवल दुर्ग-भिलाई, बल्कि प्रदेश के कई अन्य हिस्सों और पड़ोसी राज्यों में भी पोर्क (Pork) की सप्लाई की जाती थी। देखिए पहले ये तस्वीरें- रिपोर्ट के आने तक हो चुकी थी 300 सूअरों की मौत फार्म मालिक पीओ जॉय ने बताया कि उनके फार्म में कुल 300 से 400 सूअर थे। 29 मार्च को पहली बार सैंपल लिया गया था, जबकि 1 अप्रैल से सूअरों की मौत शुरू हो गई। 6 अप्रैल तक करीब 300 सूअरों की मौत हो चुकी थी और बाकी को विभाग ने मार दिया। उन्होंने बताया कि एक सूअर की कीमत लगभग 30 हजार रुपए थी, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। फार्म में 133 गर्भवती सूअर और करीब 400 बच्चे भी थे। सोमवार को सभी को जहर का इंजेक्शन देकर मारा गया और फार्म के पीछे जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। फॉर्म के मालिक ने दी थी विभाग को सूचना पीओ जॉय ने बताया कि उन्होंने खुद ही विभाग को सूचना देकर बुलाया था, ताकि बीमारी और अधिक न फैल सके। उन्होंने कहा कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक पुरानी और बेहद खतरनाक बीमारी है, जिसका अभी तक दुनिया में कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। यह बीमारी लगने के बाद लगभग सभी सूअरों की मौत हो जाती है। हालांकि यह केवल सूअरों में ही फैलती है और इंसानों या अन्य जानवरों को प्रभावित नहीं करती। प्रदेश में सूअर के मांस की सबसे ज्यादा खपत फार्म मालिक का कहना है कि छत्तीसगढ़ में सूअर के मांस की खपत काफी अधिक है। हर दिन महाराष्ट्र और नागपुर की ओर से बड़ी मात्रा में सूअर यहां लाए जाते हैं। उनका आरोप है कि कई जगहों पर बीमार जानवरों को भी काटा जा रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि यह वायरस नोट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर भी कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। हालांकि इस बीमारी का असर इंसानों पर नहीं होता, लेकिन संक्रमित सूअर का मांस खाने से बचना चाहिए। उनका कहना है कि वायरस गर्मी में नष्ट हो जाता है, फिर भी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मांस के सेवन पर रोक लगाने की सलाह दी है। 24 घंटे के भीतर होनी चाहिए कार्रवाई फार्म मालिक ने कहा किऐसी गंभीर बीमारी की सूचना मिलने के बाद प्रशासन को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि संक्रमण को अन्य फार्म तक फैलने से रोका जा सके। यदि समय रहते कदम उठाए जाते, तो नुकसान कम हो सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने नुकसान से ज्यादा चिंता इस बात की है कि यह बीमारी अन्य फार्म तक न फैले। रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही शुरू हुई कार्रवाई पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर वसीम शम्स ने बताया कि 2 अप्रैल को सूचना मिलने के बाद तुरंत सैंपल भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब भेजा गया था। सोमवार सुबह करीब 10 बजे रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी गई। फिलहाल पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है और संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए फार्म को सील करने की कार्रवाई की जा रही है। जानिए क्या है यह वायरस और कितना खतरनाक है? अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है। इसकी गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें मृत्यु दर 100% तक होती है। यानी यदि कोई सूअर इस वायरस से संक्रमित हो जाता है, तो उसका बच पाना लगभग असंभव होता है। हालांकि राहत की बात यह है कि यह वायरस इंसानों को संक्रमित नहीं करता, लेकिन यह सूअर पालन उद्योग के लिए बेहद विनाशकारी साबित होता है और पूरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इस वायरस की उत्पत्ति अफ्रीका से हुई थी, लेकिन साल 2018 के बाद इसने चीन, वियतनाम और यूरोप के कई देशों में भारी तबाही मचाई। चीन में इस बीमारी के चलते करोड़ों सूअरों को मारना पड़ा, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा। साल 2026 में भी पोलैंड और इटली जैसे देशों में इसके नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं। भारत में इस वायरस की पहली पुष्टि वर्ष 2020 में असम और अरुणाचल प्रदेश में हुई थी, जहां हजारों सूअरों की मौत हुई। इसके बाद धीरे-धीरे यह वायरस पंजाब, केरल और अब छत्तीसगढ़ तक फैल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में यह संक्रमण बाहरी राज्यों से लाए गए संक्रमित सूअरों या दूषित मांस उत्पादों के जरिए पहुंचा हो सकता है। दुर्ग के अलावा बलौदा बाजार और महासमुंद के जंगली इलाकों में भी सूअरों की संदिग्ध मौतों के मामले सामने आए हैं, जिससे प्रशासन और पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में बर्ड फ्लू, 47 हजार पक्षी-अंडे नष्ट किए: संक्रमण के बाद हुई पूरे संभाग में सप्लाई, कानन पेंडारी 7 दिन तक बंद छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में बर्ड-फ्लू वायरस मिला है। यहां 5 हजार मुर्गियां की मौत के बाद 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली 22 हजार से ज्यादा पक्षी और 25 हजार अंडे नष्ट किए गए। पढ़ें पूरी खबर…
बीकानेर में पलाना-उदयरामसर मार्ग पर सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। भादू पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रहे ट्रक ट्रोले ने बस को टक्कर मार दी, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 11 यात्री घायल हो गए, जबकि कुल 25 लोगों को पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर पहुंचाया गया। घायलों में बस चालक भगवानाराम की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज पीबीएम अस्पताल में जारी है, जबकि कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हादसे के समय बस जोधपुर से संगरिया की ओर जा रही थी और शाम को जोधपुर से रवाना हुई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार यात्रियों को चोटें आईं और कई लोग दहशत में आ गए। हादसे में बीकानेर की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर मोनिका राजपुरोहित और उनकी बहन भी घायल हुई हैं। हालांकि दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार खड़गावत और उनकी असहाय सेवा संस्थान की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने राहत कार्य करते हुए घायलों को तुरंत पीबीएम अस्पताल भिजवाने में मदद की।
अशोकनगर में आबकारी अधिकारी निलंबित:शराब ठेकों के टेंडर में लापरवाही, दुकानें बंद होने से राजस्व हानि
अशोकनगर में शराब दुकानों के ठेकों में अनियमितता और राजस्व हानि के मामले में जिला आबकारी अधिकारी गुरु प्रसाद केवट को निलंबित कर दिया गया है। जिले की 33 में से 6 शराब दुकानों के टेंडर अभी तक नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण सरकार को भारी राजस्व घाटा हुआ है। इस स्थिति के चलते पिछले एक सप्ताह से जिले की कई शराब दुकानें बंद हैं, जिससे राजस्व नुकसान और बढ़ गया है। आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर दो अलग-अलग शिकायतें सामने आई थीं। इनमें से एक शिकायत एडवोकेट मनोज जायसवाल ने और दूसरी एनडीए नेता रामकुमार रघुवंशी ने की थी। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि टेंडर निलंबित होने के बाद अपनाई गई प्रक्रिया में खामियां थीं। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में न तो निर्धारित समय सीमा का पालन किया गया और न ही इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया गया। इन शिकायतों के आधार पर कलेक्टर ने आबकारी विभाग को पत्र लिखकर अपनाई गई प्रक्रिया को गलत बताया। इसके बाद ही यह कार्रवाई की गई और आबकारी अधिकारी गुरु प्रसाद केवट को निलंबित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, गुरु प्रसाद केवट के पास गुना जिले का अतिरिक्त प्रभार भी था।
गिरिडीह के बनियाडीह इलाके में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ सीसीएल और मुफ्फसिल थाना पुलिस ने सोमवार देर रात संयुक्त कार्रवाई की। इस अभियान से क्षेत्र में सक्रिय कोयला माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान सुरंग बनाकर कोयला चोरी किए जाने का बड़ा खुलासा हुआ। टीम को देखते ही कई माफिया अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। कार्रवाई के दौरान अवैध कोयला ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही एक दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। कबरीबाद माइंस क्षेत्र के आसपास लंबे समय से इस तरह के अवैध धंधे की शिकायत मिल रही थी, जिस पर यह कार्रवाई की गई। संगठित तरीके से चल रहा था अवैध कारोबार जांच में सामने आया कि अवैध रूप से बनाई गई सुरंगों के जरिए कोयला निकाला जा रहा था। उसे मोटरसाइकिलों पर लादकर दूर-दराज के इलाकों में खपाया जाता था। यह पूरा कारोबार काफी संगठित तरीके से संचालित हो रहा था, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा था। सीसीएल के परियोजना पदाधिकारी जीएस मीणा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि 40 से 50 मोटरसाइकिलें माइंस क्षेत्र में प्रवेश कर अवैध कोयला ढुलाई कर रही हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम गठित कर मुफ्फसिल थाना पुलिस के सहयोग से योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई। खतरनाक सुरंगों से हादसे की आशंका अधिकारियों ने बताया कि यह माइंस क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक है, जहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र में फेंसिंग की गई है, लेकिन कोयला माफिया उसे तोड़कर अंदर प्रवेश कर जाते हैं और मशीनों को रोककर चोरी करते हैं। अवैध खनन के लिए बनाई गई अस्थायी सुरंगें काफी जर्जर हैं। कभी भी धंस सकती हैं। पूर्व में भी ऐसे मामलों में कई मजदूरों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद यह सिलसिला जारी है। फिलहाल पुलिस और सीसीएल की टीम संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
फतेहाबाद जिले के बीटेक स्टूडेंट से ट्रेडिंग में प्रोफिट दिलवाने के नाम पर फ्रॉड कर लिया गया। युवक से एक लाख 55 हजार 800 रुपए ठग लिए गए। अब युवक की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर साइबर ठग की तलाश शुरू की गई है।टोहाना निवासी सागर ने पुलिस को बताया है कि वह मोहाली की सीजीसी यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इसके साथ ही वह करीब सात-आठ महीने से Groww ट्रेडिंग एप पर ट्रेडिंग कर रहा है। 18 मार्च को उसके मोबाइल पर कॉल आई। कॉलर ने खुद को Groww ट्रेडिंग कंपनी का रिसर्चर बताया। कॉलर ने कहा-आपका स्कोर अच्छा, प्रोफिट करवाएंगे सागर ने बताया कि कॉलर ने उससे कहा कि हमने आपकी प्रोफाइल देखी है, जिसमें आपका बहुत अच्छा स्कोर है। हम आपको अच्छा प्रोफिट करवा सकते हैं। उसने हां कह दिया। इसके बाद ट्रेडिंग प्रोफाइल में प्रोफिट हुआ, जिससे उसका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद 19 मार्च को कॉल कर कहा गया कि अगर आप यह सर्विस जारी रखना चाहते हो तो इसके लिए 80 हजार 500 रुपए देने होंगे। पहली तीन ट्रांजैक्शन में भेजे 80 हजार रुपए सागर ने बताया है कि उसके बाद उसको सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का खाता नंबर भेजा गया। उसने उस खाते में 5500 रुपए, फिर 21 मार्च को 15 हजार रुपए, 23 मार्च को 60 हजार रुपए डाल दिए। उसके बाद उन्होंने उसकी ट्रेडिंग प्रोफाइल में सारा लॉस करवा दिया। फिर जब उसने उसी नंबर पर कॉल करके पूछा तो कहा गया कि अगर आप 27 हजार 700 रुपए की पॉलिसी लेते हैं, तो जो भी लॉस हुआ है, वह पूरे पैसे प्रोफिट के साथ वापस आ जाएंगे। फिर 24 मार्च को उसने 27 हजार 700 रुपए भी भेज दिए। इसके बाद उन्होंने उससे 27 हजार 600 रुपए जीएसटी के मांगे। उसने 27 मार्च को यह राशि और भेज दी। ना पैसे वापस दिए, न प्रोफिट करवाया उसके बाद भी 28 मार्च को 20 हजार रुपए और डलवा लिए। इस तरह उसने उनके कहने पर अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल एक लाख 55 हजार 800 रुपए डाल दिए। पैसे देने के बाद भी उसकी प्रोफाइल ठीक नहीं हुई और पैसे नहीं वापस नहीं आए उसे अपने साथ हुए फ्रॉड का अहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। अब थाने में बयान देने के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
मणिपुर में बम धमाका, दो मासूमों की मौत
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में स्थित ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई में मंगलवार तड़के बम विस्फोट में दो बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा
अमेठी के इन्हौना थाना क्षेत्र के राजा फत्तेपुर कस्बे में स्थित संजीवनी हॉस्पिटल के एक पुराने बंद पड़े एसी में एक कोबरा सांप मिलने से हड़कंप मच गया। सांप दिखते ही अस्पताल के कर्मचारियों और आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी गई। बीट प्रभारी रामराज यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू टीम में राजेश कुमार यादव और शकील अहमद भी शामिल थे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर जमा हो गए। एसी में छिपा था कोबरा, सावधानी से रेस्क्यू रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पता चला कि कोबरा एसी के अंदर छिपा हुआ था। वन विभाग की टीम ने सावधानी बरतते हुए एसी को बाहर निकाला और सांप को पकड़ने का अभियान शुरू किया। कई प्रयासों के बाद टीम ने कोबरा को सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। सांप को जंगल में छोड़ा गया, स्थिति हुई सामान्य वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि पकड़े गए कोबरा सांप को बाद में सुरक्षित स्थान पर जंगल में छोड़ दिया गया। रेस्क्यू के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और संतोष व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि उनके सतर्क कदमों से बड़ा हादसा टल गया।
प्रसिद्ध टीवी और फिल्म एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे मंगलवार तड़के कारोबारी पति विक्की जैन के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां दोनों ने भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। अंकिता और विक्की सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे। दोनों ने नंदी हाल में बैठकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और पूरे समय भक्ति में लीन नजर आए। नंदी जी के कान में कही मनोकामना दर्शन के दौरान दोनों ने नंदी जी का पूजन किया और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद मंदिर की देहरी से जल अर्पित कर भगवान का आशीर्वाद लिया। अंकिता बोलीं- पहली बार भस्म आरती का अनुभव अंकिता लोखंडे ने कहा कि वह इंदौर की रहने वाली हैं और बचपन में कई बार महाकाल मंदिर आई हैं, लेकिन भस्म आरती में पहली बार शामिल हुईं। आज जो अनुभूति हुई, उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकती। सोशल मीडिया पर आरती देखना और सामने बैठकर देखना बिल्कुल अलग अनुभव है। ऐसा लगता है जैसे महाकाल की उपस्थिति आपके सामने हो। मंदिर व्यवस्था की भी की तारीफ अंकिता ने मंदिर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि यहां दर्शन की पूरी व्यवस्था बहुत अच्छी है।
पंजाब में चार साल बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) पद पर रेगुलर नियुक्ति की तैयारी हो गई है। पंजाब सरकार अब 14 सीनियर आईपीएस अधिकारियों के नाम UPSC को भेजने की तैयारी कर रही है। इसमें वर्तमान कार्यवाहक DGP गौरव यादव (1992 बैच), शरद सत्या चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी चर्चा में हैं। उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इन अधिकारियों के नाम भेजे सूची सरकार की तरफ से रेगुलर डीजीपी के लिए जो अधिकारियों का पैनल भेजा गया है, उसमें उन्हें तीन हिस्सों में बांटा गया है। 1992 बैच के अधिकारियों में गौरव यादव (वर्तमान कार्यकारी डीजीपी), शरद सत्या चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू शामिल हैं। जबकि 1993 बैच में गुरप्रीत कौर देव, जितेंद्र कुमार जैन और शशि प्रभा द्विवेदी के नाम हैं। वहीं 1994 बैच में सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार सिन्हा, अमरदीप सिंह राय, वी. नीरजा, अनिता पुंज, नरेश कुमार और राम सिंह के नाम शामिल हैं। इससे पहले 1989 बैच के सामंत गोयल ने इस पद के लिए अपनी अनिच्छा व्यक्त की है, जबकि अर्पित शुक्ला और ईश्वर सिंह अपनी सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण इस दौड़ से बाहर हैं। ऐसे होती है सिलेक्शन प्रक्रिया सरकार द्वारा पैनल भेजा जाता है। उस पर विचार करने के लिए एक कमेटी होती है। इसमें UPSC के अध्यक्ष (अध्यक्ष के रूप में), केंद्रीय गृह सचिव या उनका प्रतिनिधि, राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के वर्तमान डीजीपी तथा केंद्रीय पुलिस संगठन का एक प्रमुख (जो उस राज्य कैडर से न हो) शामिल होते हैं। यह कमेटी तीन नाम फाइनल करती है। ये नाम सरकार को भेजे जाते हैं, जिसके बाद सरकार इस पर अंतिम मुहर लगाती है। सुप्रीम कोर्ट भी हो गया सख्त फरवरी और मार्च 2026 में “कार्यवाहक” डीजीपी की व्यवस्था को लंबे समय तक जारी रखने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद यूपीएससी द्वारा भेजे गए अनुस्मारकों के दबाव में पंजाब सरकार ने अब पुनः यूपीएससी प्रक्रिया का पालन करते हुए ताजा पैनल भेजा है। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा समय पर पैनल न भेजने के कारण यूपीएससी ने 5 मार्च और 18 मार्च को फिर से रिमाइंडर भेजे थे। 30 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की कि सरकार यूपीएससी के नियमों का पालन करेगी और पैनल भेजने की प्रक्रिया जारी है। पिछले चार सालों (2022 से) में पहली बार यूपीएससी को डीजीपी के लिए कोई पैनल भेजा गया है, क्योंकि इससे पहले सरकार अपने स्वयं के संशोधन विधेयक के माध्यम से नियुक्ति करना चाहती थी, जो अभी भी लंबित है। विधेयक मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा पंजाब में वीके भावरा को स्थायी डीजीपी नियुक्त किया गया था। इसके बाद वर्तमान आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 2023 में पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक पारित किया था, जिसका उद्देश्य यूपीएससी की प्रक्रिया के बजाय राज्य स्तर पर ही डीजीपी की नियुक्ति करना था। हालांकि, यह विधेयक अभी भी राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए लंबित है। सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश, जिससे UPSC एक्टिव हुई… योग्य-वरिष्ठ पुलिस अफसरों को वंचित किया जा रहा सुप्रीम कोर्ट ने करीब 20 दिन पहले राज्यों में कार्यकारी DGP नियुक्त करने की प्रथा पर सवाल खड़े किए थे। कोर्ट ने कहा कि यह तरीका योग्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को डीजीपी पद के लिए विचार से वंचित करता है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें प्रकाश सिंह मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समय पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को डीजीपी चयन के लिए नाम नहीं भेजतीं। इसके बजाय कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर देती हैं। कोर्ट ने UPSC को कहा कि यदि कोई राज्य ऐसा करने में विफल रहता है तो UPSC सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। कोर्ट ने कहा था- UPSC अपील करे, जवाबदेही तय होगी कोर्ट ने आदेश में कहा था- “हम UPSC को अधिकृत करते हैं कि वह राज्यों को पत्र लिखकर संबंधित डीजीपी की नियुक्ति के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने को कहे। यदि ऐसे प्रस्ताव नहीं भेजे जाते हैं, तो UPSC को प्रकाश सिंह मामले में आवेदन दायर करने का निर्देश देते हैं। यह स्पष्ट है कि ऐसे मामलों में संबंधित राज्यों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक परिणाम सामने आएंगे। DGP की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के क्या निर्देश सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी राज्य में पुलिस प्रमुख (डीजीपी) की नियुक्ति राज्य सरकार की ओर से UPSC द्वारा तैयार किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। इसके लिए सरकार पैनल भेजती है, जिसमें सीनियोरिटी के हिसाब से सरकार को 3 नाम भेजे जाते हैं। इनमें से किसी एक को डीजीपी नियुक्त किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी क्यों की थी कोर्ट का यह निर्देश तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए आया, जिसमें UPSC को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए नामों को प्रक्रिया में लेने का निर्देश दिया गया था। UPSC ने हाईकोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने डीजीपी चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक देरी की है। UPSC के अनुसार, तेलंगाना के अंतिम डीजीपी अनुराग शर्मा 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे और इसके बाद राज्य सरकार ने लंबे समय तक UPSC को कोई सिफारिश नहीं भेजी। UPSC का कहना था कि राज्य सरकार ने अंततः अप्रैल 2025 में सिफारिश भेजी, लेकिन UPSC ने यह कहते हुए उस पर कार्रवाई नहीं की कि 2017 से अब तक अत्यधिक विलंब हो चुका है। UPSC ने इसे एक गंभीर चूक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को पहले प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टीकरण या आदेश लेना चाहिए था। आयोग ने यह भी कहा कि तेलंगाना अकेला ऐसा राज्य नहीं है जो इस तरह की देरी की रणनीति अपना रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चिंता पर सहमति जताई सुप्रीम कोर्ट ने UPSC की चिंता से सहमति जताते हुए कहा था कि इस देरी से कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिनमें से कई अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और डीजीपी पद के लिए उन पर विचार ही नहीं हो सका। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि UPSC की ओर से आपत्ति उठाने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि इससे चूक करने वाले राज्यों को ही लाभ होगा। इसके बाद अदालत ने UPSC को तेलंगाना के लिए डीजीपी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
छतरपुर जिला अस्पताल परिसर में खड़ी एक एंबुलेंस में अचानक आग लगने का मामला सामने आया है। घटना के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। आग इतनी तेजी से बढ़ रही थी कि मौके पर मौजूद लोग घबराए हुए थे और किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि एंबुलेंस के पास जाकर आग बुझाने की कोशिश करे। बताया जा रहा है कि आग एंबुलेंस के इंजन के पास, बोनट के अंदर की ओर से उठती हुई दिखाई दे रही थी। लोगों को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं एंबुलेंस में विस्फोट न हो जाए, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। इसी डर के कारण काफी देर तक कोई भी व्यक्ति आग बुझाने के लिए आगे नहीं आया। गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा इसी बीच अस्पताल का एक गार्ड मौके पर फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने वाला सिलेंडर) सिलेंडर लेकर पहुंचा और उसने हिम्मत दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझा लिए जाने और गार्ड की सतर्कता और साहस से बड़ा हादसा टल गया। कारण और नुकसान का नहीं चला पता फिलहाल एंबुलेंस में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं, इस घटना में कितना नुकसान हुआ है, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अस्पताल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। दो दिन पुराना बताया जा रहा वीडियो घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसे करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय की है जब बारिश हो रही थी। सुरक्षा-व्यवस्था-पर-उठे-सवाल इस घटना के बाद अस्पताल में मौजूद एंबुलेंसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जीवनरक्षक वाहनों में खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण, जैसे फायर सिलेंडर, मौजूद नहीं रहते। यदि अस्पताल में फायर सिलेंडर उपलब्ध न होता, तो यह आग विकराल रूप ले सकती थी और बड़ा हादसा भी हो सकता था। प्रशासन से मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी एंबुलेंसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
अंबेरी में पहाड़ी सुलगी,तेज हवां से बढ़ी लपटे:उदयपुर से दमकल पहुंची, आग से लोगों की भीड़ हाइवे पर
उदयपुर-पिंडवाडा नेशनल हाइवे पर बीती रात को सरकारी पहाड़ी पर आग लग गई। सूचना पर उदयपुर फायर स्टेशन से दमकल भी मौके पर पहुंची लेकिन आग टॉप पर होने से ज्यादा मदद नहीं मिल पाई। रात करीब 9 बजे शहर के अंबेरी से गोगुंदा जाने वाले इस हाइवे पर अंबेरी पुलिया से थोड़ा आगे पहाड़ भभक रहा था। सूचना सबसे पहले फायर स्टेशन को मिली। वैसे पहाड़ी पर आबादी नहीं होने से वहां पहुंची टीमों ने राहत ली। तेज हवा की वजह से आग की लपटे तेजी से आगे बढ़ती गई। जब दमकल मौके पर पहुंची तो देखा गया कि पहाड़ी के ऊंचाई पर आग पहुंच गई जिससे दमकल का पहुंचना मुश्किल था। नीचे वाले इलाके में दमकल ने आग बुझाई और उसके बाद भी एहतियात के तौर पर वहीं खड़ी की गई। रात करीब 2 बजे बाद आग बंद हुई और उसके बाद टीमें रवाना हुई। वैसे आग से सूखी घास को नुकसान पहुंचा। हाइवे से गुजरते लोगों ने अपनी गाड़ियां रोक कर रात को इस आग को देखा और सबने अपने स्तर पर फोन कर सूचना दी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि हमारे यहां से गाड़ी मौके पर पहुंची और वहीं खड़ी कर दी गई। उन्होंने बताया कि आग ऊंचाई पर ज्यादा थी।
IPL में आज का मुकाबला इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। आज मैच में सभी की निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी, जो IPL में अपने 30 सिक्स पूरे करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने गेंद के मामलों में ईशान किशन को भी पिछे छोड़ दिया है। CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। हालांकि, गुजरात टाइटंस के खिलाफ पिछले मैच में वो 18 गेंद पर 31 रन ही बना सके। वैभव के IPL में 30 सिक्स पूरे वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 30 सिक्स पूरे कर लिए हैं। वे 19 साल या उससे कम उम्र में सबसे तेजी से इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सिर्फ 157 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया। ऋषभ पंत और ईशान किशन ने भी 30-30 सिक्स लगाए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेलें। वैभव ने सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की थी चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था वहीं, GT के खिलाफ वैभव ने अपनी पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था। वहीं, सिराज के चौथे गेंद पर भी वैभव ने चौका जड़ा, पहले ओवर में 2 चौके जड़े। जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी का कैच छूट गया था। उनके हाथ से छूटी कैच चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। वैभव ने 18 गेंद पर 31 रन बनाए। IPL में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। वे पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय की ओर से आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था।
लखीमपुर खीरी में तीन युवकों की मौत:दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, एक गंभीर घायल
लखीमपुर खीरी में सोमवार देर शाम भीरा थाना क्षेत्र के मूसेपुर गांव के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को सीएचसी बिजुआ ले जाया गया। चिकित्सकों ने अमरीश गौतम (20) पुत्र बालकराम निवासी हर्रैया, अरबाज (16) पुत्र मुबारक निवासी रड़ा देवरिया और तौहीद (20) पुत्र मुबीन निवासी रड़ा देवरिया (सभी थाना भीरा क्षेत्र) को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में जांच के बाद तीनों की मौत की पुष्टि हुई। हादसे में घायल पवन गौतम (30) पुत्र श्रीपाल निवासी तिखड़ा थाना भीरा को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल रेफर किया गया है। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है और किसी प्रकार की कोई अप्रिय स्थिति नहीं है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) कैंपस में खड़ी लावारिस संदिग्ध कार की जांच के दौरान प्रॉक्टोरियल टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। छात्र नेता और प्रॉक्टर टीम के बीच तीखी नोकझोंक हुई। तलाशी के दौरान कार से पुलिस की टोपी और कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए हैं। भूगोल विभाग के पास 2 दिन से खड़ी थी कार एएमयू के भूगोल विभाग परिसर के पास पिछले दो दिनों से एक बिना नंबर प्लेट की संदिग्ध कार खड़ी थी। कैंपस में हालिया आपराधिक घटनाओं को देखते हुए सतर्क प्रॉक्टोरियल टीम ने सोमवार दोपहर इसकी जांच का फैसला लिया। प्रॉक्टर डॉ. नवेद खां के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि कार एक छात्र नेता के दोस्त की है। जबरन कार छीनकर ले गया छात्र नेता जांच की प्रक्रिया शुरू होते ही वहां एक छात्र नेता अपने साथियों के साथ पहुंच गया। प्रॉक्टर टीम की कार्रवाई का विरोध करते हुए वह जबरन कार को छीनकर आफताब हॉल की ओर ले गया। हालांकि प्रॉक्टर टीम ने पीछे नहीं हटने का फैसला किया और घेराबंदी कर कार को आफताब हॉल के पास दोबारा अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का लगा था स्टीकर प्रॉक्टर टीम की सख्ती के बाद कार की तलाशी की गई। कार के आगे और पीछे कहीं भी नंबर प्लेट नहीं थी। कार पर अवैध रूप से पुलिस का लोगो लगा हुआ था। कार के अंदर से पुलिस की एक कैप और अन्य संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुईं। कार पर नहीं थी नंबर प्लेट एएमयू प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने बताया कि कार दो दिन से लावारिस खड़ी थी और उस पर नंबर प्लेट भी नहीं थी। तलाशी में पुलिस की कैप और अन्य आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले छात्र नेता के खिलाफ भी तहरीर दी गई है। कार सीज कर हो रही जांच प्रॉक्टर टीम ने गाड़ी और संबंधित युवक को सिविल लाइंस थाने के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार को सीज कर दिया है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालौन में बारिश से किसानों की फसलें खराब:ओलावृष्टि के बाद अब गेहूं-चना को नुकसान
जालौन जनपद में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार रात हुई बारिश के बाद मंगलवार सुबह से हल्की बूंदाबांदी जारी है। पहले ही ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की बची हुई फसलें अब बारिश के कारण खराब होने लगी हैं। किसानों के अनुसार, जिन खेतों में ओलावृष्टि से कुछ फसल बच गई थी, वह अब लगातार नमी और बारिश के कारण सड़ने लगी है। गेहूं और चना की फसलें सर्वाधिक प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी भरने से कटाई के बाद रखी फसल भी भीगकर खराब हो रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बूंदाबांदी के कारण किसान अपनी फसल को सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं। कई किसान खेतों में फसल सुखाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर रही है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दे रही है। किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि तत्काल राहत नहीं मिली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है।
सिरसा में घर में घुसकर परिवार पर हमला कर दिया गया। गेट खोलने गई महिला को हमलावर घसीटते हुए घर से बाहर ले गए और उसके साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि महिला के कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ अभद्रता की है। झगड़े में महिला सहित अन्य परिवार के लोगों को चोटें लगी है। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घायलों के अनुसार, हमलावर हाथों में डंडे लिए हुए थे। पहले गाली-गलौज की और सीधा घर के अंदर घुस गए। हमलवार कार में सवार होकर आए थे। इस मामले में पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ 333/115(2)/127(2)/351(2)/3(5) BNS के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और महिला से जुड़े आरोपों की अलग से जांच की जाएगी। पुलिस को दी शिकायत में सोहन लाल ने बताया कि वह शहर के कंगनपुरा रोड शिव नगर की रहने वाला है और उसका कबाड़ का काम है। वह और उसकी पत्नी सुमित्रा व बड़ा बेटा रवि व पुत्रवधू पूजा घर में थे। बीतें दिन वह अपने घर पर घरेलू बातचीत कर रहे थे तो मुख्य गेट बंद था। रात करीब 10.30 बजे घर का दरवाजा खट-खटाने की जोर से आवाज सुनाई दी। पत्नी ने गेट खोला तो सीधा हमला कर दिया शिकायत में आगे बताया, उसकी पत्नी ने घर का गेट खोला तो इतने में दीपांशु व हिमांशु व उसका साथी मनीष व पन्नीवाला मोटा निवासी जयसिंह उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। उसकी पत्नी पर हमला कर दिया। वह और उसका बेटा व पुत्रवधू बीच-बचाव करने लगे तो उन पर भी हमला कर दिया और मारपीट करने लगे। बेटे रवि को कमरे में बंद कर दिया और घरेलू सामान तोड़-फोड़ दिया। उसकी पत्नी के कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ अभद्रता की। इसी वक्त उसका छोटा बेटा आ गया और उससे भी मारपीट की। उनको अंदर घसीट ले गए। पत्नी के कानों की बालियां गुम हो गई। सभी आरोपी कार में आए थे और उनके साथ अन्य व्यक्ति भी हो सकता है। मौके पर पड़ोसी पहुंचे तो बोले, ये घरेलू सामान हमारा है और बीच में ना आओ। उनको जान से मार देने की धमकी दी। इसके बाद उनको अस्पताल में पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी।
‘राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश’, सीएम सिद्दारमैया ने देवेगौड़ा-कुमारस्वामी को घेरा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और भाजपा व विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी पर तंज कसा
बरेली के तीन थाना क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बन चुके शातिर लुटेरे संजू को मंगलवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सुभाषनगर पुलिस के साथ हुई इस सीधी भिड़ंत में बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां उसके दोनों पैरों में जा लगीं। लहूलुहान हालत में गिरे बदमाश के पास से लूट का माल, तमंचा और बिना नंबर की यामाहा बाइक बरामद हुई है। करगैना चौकी के पास घेराबंदीमंगलवार तड़के करीब 4 बजे थाना सुभाषनगर पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि यामाहा FZ बाइक पर सवार एक बदमाश करगैना चौकी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। इसी बदमाश ने अपने साथी के साथ मिलकर 12 मार्च को पराग फैक्ट्री के सामने स्कूटी सवार महिलाओं से मोबाइल और पर्स छीना था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इटौआ मोड़ पर नाकाबंदी कर दी। बदमाश ने सरेंडर की जगह की पुलिस पर फायरिंगसामने से आ रहे बदमाश ने जब खुद को पुलिस से घिरा देखा, तो उसने सरेंडर करने के बजाय जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने उसे चेतावनी देते हुए हवाई फायर किया, लेकिन बदमाश ने दोबारा फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश संजू उर्फ रघु के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। तीन थानों की घटनाओं का खुलासापूछताछ में पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम संजय उर्फ संजू निवासी ग्राम सुकाली, थाना शाही बताया। उसने कुबूल किया कि उसने अपने साथी अमित के साथ मिलकर इज्जतनगर में रेलवे मार्केट के पास, कैंट में बुखारा मोड़ और सुभाषनगर में पराग फैक्ट्री के पास महिलाओं से पर्स और मोबाइल लूटने की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटे गए मोबाइल, नकदी और आधार कार्ड बरामद किए हैं। फिलहाल घायल बदमाश का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसके फरार साथी की तलाश जारी है।
जालंधर फगवाड़ा नेशनल हाईवे पर एक निजी बस और कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यहां एक बड़ा हादसा होने से टल गया। कार चालक गौरव ने बताया कि वह मुकंदपुर से होशियारपुर की ओर जा रहा था। जब वह पुल के नीचे से अपनी गाड़ी निकाल रहा था, तभी पीछे से आ रही एक निजी बस ने उसकी कार को टक्कर मार दी। बस चालक के लापरवाही से हुआ हादसा गौरव के अनुसार, उसने पहले भी बस चालक को सावधानी से गाड़ी चलाने के लिए कहा था, क्योंकि उसे हादसे की आशंका थी। बावजूद इसके, बस चालक ने लापरवाही बरतते हुए उसकी गाड़ी में टक्कर मार दी, जिससे कार को काफी नुकसान हुआ। वहीं, बस चालक प्रभजोत सिंह का कहना है कि कार उसके आगे चल रही थी और अचानक ब्रेक लगाने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चित्तौड़गढ़ में मंगलवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। सुबह से कभी धूप निकल रही है तो कभी आसमान में बादल छा रहे हैं। इसके अलावा ठंडी हवाएं चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने आज के लिए तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर बाद या शाम के समय मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है, जिससे तेज हवाओं के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की स्थिति बन सकती है। पिछले 24 घंटे में तापमान में उतार-चढ़ाव अगर पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो सोमवार को दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर फिर से महसूस किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले रविवार को तापमान थोड़ा कम था, जहां अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री और न्यूनतम 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस तरह तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को कभी गर्मी तो कभी हल्की ठंडक का अहसास हो रहा है। 8 अप्रैल को शेखावाटी में बारिश, चित्तौड़गढ़ में कम संभावना मौसम विभाग के अनुसार 8 अप्रैल को प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि चित्तौड़गढ़ जिले में उस दिन बारिश होने की संभावना कम बताई गई है। इसके बावजूद पूरे राजस्थान में मौसम के बदलते मिजाज का असर देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाए रहने और हवाएं चलने से तापमान में हल्की गिरावट या बदलाव आ सकता है, जिससे लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। 9 अप्रैल से मौसम साफ, तापमान में होगी बढ़ोतरी मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 9 अप्रैल से अगले तीन से चार दिनों तक मौसम साफ रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान साफ रहेगा और धूप तेज हो सकती है। इसके साथ ही तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। यानी आने वाले दिनों में एक बार फिर गर्मी बढ़ने के आसार हैं।
फरीदकोट में भैंसों के एक व्यापारी से 8 लाख की नगदी छीने जाने का मामला सामने आया है। व्यापारी एक कैंटर से डेरा बस्सी पठाना में 15 भैंसें बेचकर वापस फरीदकोट आ रहा था और फरीदकोट पहुंचते ही कैंटर ड्राइवर उससे नकदी लेकर फरार हो गया। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद थाना सदर फरीदकोट पुलिस ने कैंटर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कैंटर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बयान में भोलूवाला रोड फरीदकोट पर रहते मूल रूप से सहारनपुर (यूपी) निवासी अनीश अहमद उर्फ नीटू ने बताया कि वह अपने साथी अजीम उर्फ सब्बू के साथ मिलकर भैंसों की खरीद करता है। 3 अप्रैल को वह 15 भैंसों को बेचने के लिए एक अल्ट्रा कैंटर में डेरा बस्सी पठाना की मंडी गए थे। कैंटर को गांव घुमियारा निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ काला चला रहा था। भैंसों की बिक्री के बाद मिले 8 लाख रुपये उन्होंने एक बैग में रख लिए और उसी कैंटर से वापस फरीदकोट लौट रहे थे। कैंटर में ही सो गया था ड्राइवर शिकायत के अनुसार, अनीश अहमद ने पैसों वाला बैग रख लिया था और वह कैंटर में ही सो गया। 6 अप्रैल की सुबह जब वे गांव पिपली के पास पहुंचे, तो कैंटर ड्राइवर सुखविंदर सिंह ने बैग उठाने की कोशिश की, जिससे अनीश की नींद खुल गई। जब उसने ड्राइवर से गांव पिपली आने का कारण पूछा तो ड्राइवर ने वाहन सड़क किनारे रोक लिया और टूल बॉक्स से लोहे की बड़ी चाबी निकालकर अनीश के सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद वह 8 लाख की नगदी से भरा बैग छीनकर कैंटर छोड़कर मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है: जांच अधिकारी इस मामले के जांच अधिकारी एएसआई कर्मजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपी ड्राइवर सुखविंदर सिंह उर्फ काला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर नगदी बरामद कर ली जाएगी।
बाड़मेर जिले की धनाऊ और सेड़वा पुलिस ने मादक-पदार्थ पर अलग-अलग कार्रवाई की। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सेड़वा पुलिस ने 5.21 ग्राम एमडी जब्त की है। वहीं धनाऊ पुलिस ने 1 किलो 590 ग्राम निर्मित अफीम बरामद किया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- पुलिस मुख्यालय व जोधपुर रेंज आईजी के निर्देशानुसार नशा मुक्त बाड़मेर के तहत चलाए जा रहे अभियान के तहत मादक-पदार्थ तस्करी की रोकथाम एवं वांटेड आरेापियों को डिटेन करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। धनाऊ थानाधिकारी दीपसिंह की टीम ने गांव सांवा में आरोपी सत्यप्रकाश पुत्र उदाराम निवासी जसनाथ नगर सांवा धनाऊ के कब्जे से 1 किलो 590 ग्राम निर्मित अफीम जब्त की है। वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। सेड़वा थानाधिकारी प्रभुराम की टीम ने गश्त के दौरान गुल्ले की बेरी में आरोपी हरिनिवास पुत्र अर्जुनराम को पकड़कर उसके कब्जे से 5 ग्राम 21 मिलीग्राम एमडी बरामद की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सेड़वा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है।
सेक्टर-70 स्थित बीएच-11 बैंक्वेट हॉल के परिसर में सोमवार देर रात टेंट के गोदाम में आग लग गई। आग लगने से वहां रखा टेंट का सामान जल गया। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल की तीन गाड़ियों ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, घटना देर रात की है, जब बैंक्वेट हॉल के प्रांगण में बने अस्थायी गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। आग तेजी से फैलती देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया। गनीमत रही कि हादसे के समय गोदाम में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग में टेंट से जुड़ा काफी सामान जल गया, जिससे आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप चौबे ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच की जा रही है।
पश्चिमी राजस्थान की पावन धरा की पहचान यहाँ की रेत, संस्कृति और प्रकृति से है, लेकिन वर्तमान में यह अनमोल विरासत 'कांच के कचरे' के संकट से जूझ रही है। जैसलमेर राजपरिवार के सदस्य और पूर्व महारावल चैतन्यराजसिंह ने सार्वजनिक स्थानों, खेल मैदानों और खेतों में फैली शराब व बियर की टूटी बोतलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक निर्णायक जन-जागरूकता अभियान का आह्वान किया है। अभियान को गति देने के लिए चैतन्यराजसिंह ने क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से जमीनी स्तर पर जुड़ने की अपील की है। उन्होंने पोकरण विधायक, जैसलमेर विधायक, शिव विधायक आदि से आग्रह किया है कि वे वीडियो संदेश और सोशल मीडिया कैंपेन के जरिए जनता को जागरूक करें। उन्होंने एक विशेष 'नॉमिनेशन चैलेंज' का सुझाव देते हुए कहा कि प्रत्येक नेता इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 5 अन्य साथियों को आमंत्रित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से ही हम अपनी पवित्र धरा को सुरक्षित, स्वच्छ और सुंदर बनाए रख पाएंगे। मिट्टी और मवेशियों के लिए 'धीमा जहर' चैतन्यराजसिंह ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर कांच फोड़ना केवल गंदगी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक विकराल खतरा बन चुका है। कांच 'नॉन-बायोडिग्रेडेबल' है, जो सैकड़ों वर्षों तक नष्ट नहीं होता। जब इसके बारीक कण मिट्टी में मिल जाते हैं, तो वे जमीन की उर्वरता को नष्ट कर देते हैं। सबसे अधिक पीड़ादायक पहलू यह है कि इन कांच के टुकड़ों से बेजुबान पशुओं और वन्यजीवों को गंभीर चोटें आ रही हैं, जो कई बार उनके लिए जानलेवा साबित होती हैं। जनप्रतिनिधियों को आगे आने का आह्वान चैतन्यराजसिंह ने अभियान को गति देने के लिए चैतन्यराजसिंह ने क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से जमीनी स्तर पर जुड़ने की अपील की है। उन्होंने पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव और आजाद सिंह राठौड़ से आग्रह किया है कि वे वीडियो संदेश और सोशल मीडिया कैंपेन के जरिए जनता को जागरूक करें। उन्होंने एक विशेष 'नॉमिनेशन चैलेंज' का सुझाव देते हुए कहा कि प्रत्येक नेता इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 5 अन्य साथियों को आमंत्रित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से ही हम अपनी पवित्र धरा को सुरक्षित, स्वच्छ और सुंदर बनाए रख पाएंगे। समाधान: व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सरकारी नीति पूर्व महारावल ने इस चुनौती से निपटने के लिए द्विस्तरीय रणनीति का सुझाव दिया है: सरकारी स्तर पर: सरकार को कांच की बोतलों के विकल्प के रूप में इको-फ्रेंडली विकल्पों जैसे रीसायक्लेबल प्लास्टिक या कैन को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, कोल्ड ड्रिंक्स की तर्ज पर 'डिपॉजिट रिटर्न स्कीम' (DRS) लागू करने की आवश्यकता है, ताकि खाली बोतलें वापस कचरा प्रबंधन तंत्र में आ सकें। व्यक्तिगत स्तर पर: आम नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सार्वजनिक स्थानों पर कांच का उपयोग सीमित करना होगा और स्वच्छता का संकल्प लेना होगा।
तमिलनाडु में बदलाव की लहर के बीच एनडीए सरकार बनाएगा: सीएम फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एनडीए के पक्ष में तमिलनाडु में बदलाव की एक मजबूत लहर चल रही है और उन्हें विश्वास है कि गठबंधन राज्य में अगली सरकार बनाएगा
सीपीआई-एम और कांग्रेस भाजपा की 'बी टीम' हैं: तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने wमुर्शिदाबाद जिले के जलांगी में एक जनसभा आयोजित की और विपक्षी कांग्रेस और सीपीआई-एम पर तीखा हमला बोला
बांका जिले में आग लगने की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम और राहत-बचाव के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। सोमवार को जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने बांका समाहरणालय परिसर से नुक्कड़ नाटक आधारित जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य जिले के सभी 11 प्रखंडों में लोगों को आग से बचाव और आपदा के समय अपनाए जाने वाले उपायों के बारे में जागरूक करना है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में अग्निकांड की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए यह पहल जान-माल की क्षति को कम करने के लिए की गई है। संवेदनशील इलाकों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी अभियान के तहत 6 से 8 अप्रैल 2026 तक जिले की विभिन्न झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों, कच्ची कॉलोनियों, क्लस्टर क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील इलाकों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ई-रिक्शा के माध्यम से आग से संबंधित ऑडियो संदेशों का प्रसारण भी होगा। इसके अतिरिक्त, आपदा मित्र और सामुदायिक स्वयंसेवक हैंडबिल तथा पम्फलेट वितरित कर लोगों को आग से बचाव के उपाय बताएंगे। आपदा मित्र या सामुदायिक स्वयंसेवक को ई-रिक्शा पर तैनात किया सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि प्रत्येक अंचल में एक-एक आपदा मित्र या सामुदायिक स्वयंसेवक को ई-रिक्शा पर तैनात किया गया है। ये स्वयंसेवक 6 से 8 अप्रैल तक चिन्हित पंचायतों के प्रत्येक वार्ड में जाकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएंगे और पम्फलेट के माध्यम से बचाव के उपाय साझा करेंगे। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में आग से संबंधित संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहें। ज्वलनशील वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी गई इसके अलावा भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए लोगों को बार-बार पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, धूप में निकलते समय सिर ढकने, मौसमी फल और तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। वहीं लू लगने की स्थिति में व्यक्ति को छांव में लिटाकर ठंडे पानी से शरीर को ठंडा करने तथा जरूरत पड़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी गई है।
राज्यसभा सभापति ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने का नोटिस किया खारिज
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए सांसदों द्वारा दिए गए प्रस्ताव (नोटिस) को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है
पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला:बदमाश काली कार में ले गए, पार्क में लहूलुहान फेंका
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर में सोमवार रात एक अंडा दुकानदार पर जानलेवा हमला हुआ। बदमाश उसे काली कार में जबरन उठा ले गए और बुरी तरह पीटकर मरणासन्न हालत में एक पार्क में फेंककर फरार हो गए। यह घटना रात करीब 10:45 बजे की है। श्यामनगर निवासी शनि खान ने बताया कि उसका दोस्त अभिषेक गुप्ता पीएसी मोड़ के पास अंडे की दुकान चलाता है। सोमवार रात काली कार में आए कुछ लोगों ने अभिषेक को गालियां देते हुए जबरन कार में बैठा लिया। कार में सवार आधा दर्जन बदमाशों ने अभिषेक को बेरहमी से पीटा। इसके बाद उसे घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर महाराजा पार्क में लहूलुहान और बेसुध हालत में फेंक दिया। शनि खान को घटना की जानकारी मिलने पर वह अभिषेक की मां मंजू गुप्ता के साथ पार्क पहुंचे, जहां अभिषेक अचेत पड़ा था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अभिषेक को कांशीराम अस्पताल भेजा, जहां हालत गंभीर होने पर उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। अभिषेक के साथियों ने बताया कि वह 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया है। पिछले महीने चकेरी पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। साथियों को आशंका है कि यह हमला उन्हीं लोगों ने किया है जिनसे अभिषेक की पिछले महीने कहासुनी हुई थी। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला:बदमाश काली कार में ले गए, पार्क में लहूलुहान फेंका
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के श्यामनगर में सोमवार रात एक अंडा दुकानदार पर जानलेवा हमला हुआ। बदमाश उसे काली कार में जबरन उठा ले गए और बुरी तरह पीटकर मरणासन्न हालत में एक पार्क में फेंककर फरार हो गए। यह घटना रात करीब 10:45 बजे की है। श्यामनगर निवासी शनि खान ने बताया कि उसका दोस्त अभिषेक गुप्ता पीएसी मोड़ के पास अंडे की दुकान चलाता है। सोमवार रात काली कार में आए कुछ लोगों ने अभिषेक को गालियां देते हुए जबरन कार में बैठा लिया। कार में सवार आधा दर्जन बदमाशों ने अभिषेक को बेरहमी से पीटा। इसके बाद उसे घटनास्थल से करीब 150 मीटर दूर महाराजा पार्क में लहूलुहान और बेसुध हालत में फेंक दिया। शनि खान को घटना की जानकारी मिलने पर वह अभिषेक की मां मंजू गुप्ता के साथ पार्क पहुंचे, जहां अभिषेक अचेत पड़ा था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल अभिषेक को कांशीराम अस्पताल भेजा, जहां हालत गंभीर होने पर उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। अभिषेक के साथियों ने बताया कि वह 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर आया है। पिछले महीने चकेरी पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। साथियों को आशंका है कि यह हमला उन्हीं लोगों ने किया है जिनसे अभिषेक की पिछले महीने कहासुनी हुई थी। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इटावा में हुई दो दिन बारिश के चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आवास परिसर में बने खरगोशों के बाड़े के पास करीब 5 फीट लंबा घोड़ा पछाड़ सांप पहुंच गया। बाड़े में दो दर्जन से अधिक खरगोश मौजूद थे, जिनकी जान खतरे में पड़ सकती थी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे जंगल में छोड़ दिया, जिसके बाद स्टाफ ने राहत की सांस ली। इटावा में लगातार हो रही बरसात के चलते जमीन में रहने वाले सांप अब अपने बिलों से बाहर निकलने लगे हैं। इसी बीच बीते सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आवास परिसर में बने खरगोशों के बाड़े के पास एक बड़ा और फुर्तीला घोड़ा पछाड़ सांप दिखाई दिया। बाड़े में बड़ी संख्या में खरगोश मौजूद थे, जिससे वहां तैनात कर्मचारियों में घबराहट फैल गई। माली की सूझबूझ से टला खतरा ड्यूटी पर तैनात माली ने जैसे ही सांप को देखा, वह घबरा गया और उसे भगाने की कोशिश की। इसी दौरान सांप तेजी से बाड़े के पीछे दीवार से लगे एक बिल में घुस गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और खरगोशों को सुरक्षित रखा जा सके। वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू सूचना मिलते ही वन्य जीव विशेषज्ञ डॉक्टर आशीष त्रिपाठी की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद सांप को बिल से बाहर निकालकर सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह पिटयास म्यूकोसा प्रजाति का सांप था, जो विषहीन होता है, लेकिन काफी ताकतवर और फुर्तीला होता है। अगर यह किसी तरह बाड़े के अंदर पहुंच जाता, तो खरगोशों को गंभीर नुकसान हो सकता था। रेस्क्यू के बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया और परिसर में मौजूद स्टाफ ने राहत महसूस की।
बेतिया नगर निगम क्षेत्र में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को उन्होंने पीपरा स्थित कचरा डंपिंग स्थल का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राष्ट्रीय उच्च पथ 727 के आसपास फैल रही दुर्गंध और प्रदूषण की शिकायतों के बाद किया गया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने पाया कि डंपिंग स्थल पर कचरे का समुचित और सुरक्षित निष्पादन नहीं हो रहा था, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन एकत्रित कचरे को निर्धारित घेरे के भीतर ही रखा जाए और इसे आम लोगों के आवागमन से दूर सुरक्षित ढंग से निष्पादित किया जाए। महापौर ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। महापौर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों को तलब किया निरीक्षण के समय नगर निगम के दोनों स्वच्छता प्रबंधक, अर्पित कुमार और अशफाक अहमद, मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इस पर महापौर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों को तलब किया। बाद में दोनों अधिकारियों ने विभागीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच पाने की जानकारी दी। महापौर ने मौके पर मौजूद स्वच्छता प्रभारी मोहम्मद तबरेज आलम और जुलुम साह को डंपिंग स्थल की नियमित निगरानी करने और कचरे के सुरक्षित रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने स्पष्ट किया कि साफ-सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों को हो रही परेशानी की शिकायत सही पाई गई महापौर ने बताया कि एनएच 727 तक कचरा फैलने और दुर्गंध से आम लोगों को हो रही परेशानी की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद उन्होंने स्वयं मौके पर मौजूद रहकर नगर निगम के दो जेसीबी, एक पोकलेन और तीन हाईवा की सहायता से कचरे का तत्काल निस्तारण कराया। उन्होंने दोहराया कि शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्नाव में गंगा नदी के बढ़ते कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने गंगाघाट क्षेत्र में युद्धस्तर पर अभियान शुरू किया है। यह कार्य पुराने यातायात पुल से लगभग 100 मीटर आगे मिश्रा कॉलोनी घाट की दिशा में शुरू किया गया है। विभाग ने कुल 350 मीटर क्षेत्र में कटान रोकने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य आसपास के रिहायशी इलाकों और घाटों को सुरक्षित करना है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और तेज धारा के कारण इस क्षेत्र में लगातार कटान का खतरा बना रहता है। इस खतरे को देखते हुए तकनीकी मानकों के अनुरूप सुरक्षा कार्य किया जा रहा है। योजना के अनुसार, पहले लगभग 7.30 मीटर तक पानी के अंदर कार्य होगा। इसके बाद 10.30 मीटर का ढलान (स्लोप) तैयार किया जाएगा, जिससे नदी की धारा का दबाव सीधे तट से टकराने के बजाय नियंत्रित हो सके। कटान रोकने के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। कार्य के दौरान सबसे नीचे की सतह पर बड़े रेशम के बैग (सैंड बैग) डाले जा रहे हैं, ताकि आधार मजबूत बन सके। इन सैंड बैग्स के ऊपर जिओ बैग लगाए जाएंगे, जो मिट्टी के कटाव को रोकने में प्रभावी माने जाते हैं। विभाग का दावा है कि इस तकनीक से तट लंबे समय तक सुरक्षित रहेगा और बारिश या बाढ़ के दौरान भी नुकसान की संभावना कम होगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य पुराने यातायात पुल से लेकर टावर तक लगभग 350 मीटर क्षेत्र में किया जाएगा। वर्तमान में लगभग 150 मजदूरों को इस काम में लगाया गया है। मशीनों और श्रमिकों की मदद से निर्माण कार्य तेजी से जारी है। विभाग का लक्ष्य है कि अगले दो से ढाई महीने के भीतर यह पूरा कार्य समाप्त कर दिया जाए। स्थानीय लोगों ने कटान रोकने के लिए शुरू किए गए इस कार्य पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि हर वर्ष गंगा कटान के कारण क्षेत्र में डर का माहौल रहता था और कई बार जमीन तथा रास्तों को नुकसान भी पहुंचा था।
कौशांबी। विश्व प्रसिद्ध संत बाबा मलूक दास की 452वीं जयंती आज मंगलवार को उनकी जन्मस्थली कड़ा धाम स्थित मलूक साधना आश्रम में श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। इस अवसर पर आश्रम में विशेष आयोजनों की तैयारी है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में अनुयाई पहुंच रहे हैं। संत मलूक दास का जन्म वर्ष 1574 में उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के कड़ा धाम में कक्कड़ खत्री अरोड़ा परिवार में हुआ था। उन्होंने कड़ाधाम स्थित ध्यान योग गुफा में साधना कर ज्ञान प्राप्त किया और जनमानस को भक्ति, ज्ञान एवं ध्यान योग का संदेश दिया। उनकी जयंती के लिए आश्रम में दो दिन पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। पूरे परिसर को रंग-रोगन, साफ-सफाई और आकर्षक सजावट से चमकाया गया है। आश्रम के पुजारी शिवाकांत पांडेय और उनकी टीम ने बाबा मलूकदास के मूर्ति स्थल, गद्दी स्थल, ध्यान योग गुफा और पवित्र समाधि स्थल की विशेष साफ-सफाई की है। आश्रम को सुंदर झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जिससे परिसर भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल से सराबोर है। दिल्ली निवासी बाबा की शिष्या रेनू सेठी ने बताया कि संत मलूकदास का प्रसिद्ध दोहा 'अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम' आज भी लोगों को सरल जीवन और ईश्वर पर आस्था का संदेश देता है। जयंती समारोह में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कड़ा धाम पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम के तहत आज आश्रम स्थित राम जानकी लक्ष्मण एवं हनुमान जी की पूजा आराधना के बाद बाबा मलूक दास की मूर्ति, गुफा और समाधि स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। आश्रम प्रशासन ने दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने ईंधन की स्थिरता का आश्वासन दिया, घबराहट की कोई जरूरत नहीं
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच महाराष्ट्र सरकार ने प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के समन्वय से सोमवार को राज्य भर में पर्याप्त ईंधन उपलब्धता का ठोस आश्वासन जारी किया
लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र के निजामपुर मल्हौर इलाके में कुत्तों के हमले से पड़िया की मौत हो गई। विरोध करने पर दबंगों ने पीड़ित को पीट दिया। हमले में एक युवक का सिर फट गया, जबकि महिला घायल हो गई। इस मामले को लेकर पीड़ित ने चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। भुजंगी का पुरवा निवासी राम सजीवन ने बताया कि वह अपने प्लॉट पर गाय-भैंस बांधते हैं। कॉलोनी में रहने वाली सुनीता तिवारी के पाले 3-4 कुत्तों ने उनकी पड़िया को काटकर मार डाला था। पुलिस की चेतावनी के बावजूद कुत्तों को खुला छोड़ा जा रहा था। पीड़ित का कहना है कि 5 अप्रैल की रात करीब 10 बजे वही कुत्ते फिर उनकी गाय पर हमला कर रहे थे। जब उन्होंने शोर मचाकर कुत्तों को भगाने की कोशिश की, तो कुत्ते उन पर ही झपट पड़े। जिसका विरोध करने पर महिला भड़क गई। घर बुलाकर किया हमला आरोप है कि सुनीता तिवारी ने शोर मचाकर अपने परिजनों और आसपास के लोगों को बुला लिया। इसके बाद सुनीता तिवारी, अनुज तिवारी, अमन तिवारी, उनके पति, विनीत मिश्रा, उनके भाई, दीपू तिवारी और रानी तिवारी समेत अन्य लोगों ने एकराय होकर गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया।
संभल में ओलावृष्टि और बारिश के कारण गेहूं व मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। जिले में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 124 रहा। मंगलवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले एक महीने की तुलना में 6 डिग्री कम है। हवा 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है, जिसमें 29 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंके आने की संभावना है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, जिससे छोटे बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। 20 मार्च को हुई बारिश के बाद संभल और चंदौसी तहसील क्षेत्रों में गेहूं की लगभग 60 प्रतिशत फसल खराब हो गई थी। हाल ही में हुई ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने बची हुई गेहूं की फसल को भी नष्ट कर दिया है। इसका प्रभाव मक्का की फसल पर भी पड़ा है। हालांकि, गुन्नौर तहसील क्षेत्र में बारिश न होने के कारण वहां के किसानों की गेहूं की फसल सुरक्षित है। गांव हिरौनी निवासी किसान विजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि ओलावृष्टि से सभी फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, इस समय गेहूं, सरसों, आलू और मक्का की फसलें खेतों में थीं। मेरे 28 बीघा खेत में लगी गेहूं की फसल को बारिश के कारण काफी क्षति पहुंची है। गांव शोभापुर खालसा निवासी होराम सिंह यादव ने भी गेहूं और मक्का की फसल को हुए नुकसान की पुष्टि की। उन्होंने बताया, ओलावृष्टि और बारिश बहुत हुई है। मेरी 40 बीघा गेहूं की फसल को ओले गिरने से भारी नुकसान हुआ है।
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र के गदनापुर गांव में आवारा सांड के हमले से एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना से गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों में कोहराम की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, 55 वर्षीय किसान लोकनाथ रोज की तरह मंगलवार सुबह तड़के अपने मवेशियों को चारा डालने के लिए घर के पास ही गए हुए थे। इसी दौरान अचानक एक आवारा सांड ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि सांड ने किसान को पटक-पटक कर बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। काफी देर तक जब लोकनाथ घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। खोजबीन के दौरान परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि वह खून से लथपथ जमीन पर पड़े हुए थे। यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत अन्य ग्रामीणों की मदद से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे इस तरह की घटनाएं आम होती जा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
जौनपुर की शाहगंज पुलिस ने सोमवार देर रात एक जहरखुरान अपराधी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से तमंचा, कारतूस और 9000 रुपये नकद बरामद हुए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान आजमगढ़ निवासी पंकज निषाद के रूप में हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर चिरैया मोड़ रेलवे लाइन के पास घेराबंदी की गई। घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़ में पंकज निषाद को पकड़ लिया गया। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर उसके तीन साथी मौके से भागने में सफल रहे। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने घायल अभियुक्त पंकज निषाद के कब्जे से 0.315 बोर का एक तमंचा, एक खोखा, एक जिंदा कारतूस और 9000 रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वे ट्रेन और रोडवेज बसों से उतरने वाले यात्रियों को वाहन सुविधा का झांसा देकर अपनी चार पहिया गाड़ी में बैठाते थे। इसके बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर देते और उनका सामान लूट लेते थे। पंकज निषाद ने स्वीकार किया कि बरामद 9000 रुपये 18 मार्च 2026 को शाहगंज रोडवेज से एक वृद्ध महिला को अपनी गाड़ी में बैठाकर नशा देने और उसके गहने व रुपये लूटने के बाद बचे हुए हैं। उसने यह भी बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ आज फिर से अपराध करने आए थे। गिरफ्तार घायल अभियुक्त को इलाज के लिए सीएचसी शाहगंज भेजा गया है। इस संबंध में थाना शाहगंज में मु0अ0सं0-107/2026 धारा 109(1), 352, 351(3), 3(5) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।
मुजफ्फरनगर में मौसम ने ली करवट, छाए बादल:तेज हवाओं संग बारिश के आसार, किसानों की चिंता बढ़ी
मुजफ्फरनगर में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवाओं ने वातावरण में ठंडक घोल दी है। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 124 रिकॉर्ड किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। तेज हवाओं और बादलों की आवाजाही के बीच बारिश के आसार भी बने हुए हैं। यह स्थिति आम लोगों के लिए राहत भरी है, लेकिन किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है और उन्हें भारी नुकसान की आशंका सता रही है। किसान अपनी खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल को लेकर विशेष रूप से चिंतित हैं। कई स्थानों पर गेहूं की फसल कटकर खेतों में ही पड़ी है, जबकि कुछ किसानों का भूसा भी खेतों में ही रखा हुआ है। बारिश या तेज हवाओं से इन फसलों और भूसे को नुकसान पहुंचने का खतरा है। फिलहाल, मौसम का यह बदला मिजाज जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। यदि बारिश होती है, तो गेहूं की फसल को होने वाले नुकसान की आशंका और बढ़ सकती है।
मैहर जिले में अमरपाटन थाना क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र पडक्का में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, 23 वर्षीय राजभान कोल की हत्या उसकी पत्नी के पुराने प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। इस मामले में मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह घटना 3 अप्रैल की शाम को शुरू हुई, जब मौहरिया-जगन्नाथ निवासी राजभान कोल (23) एक फोन आने के बाद घर से निकला और वापस नहीं लौटा। अगले दिन, गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर पडक्का इंडस्ट्रियल एरिया में उसका शव मिला। राजभान के चेहरे और गले पर गहरे घाव थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई थी। पूछताछ में लगा सुराग अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक की पत्नी साधना कोल और परिजनों से पूछताछ की, जिससे प्रेम प्रसंग का सुराग मिला। इसी आधार पर पुलिस ने दिलीप पटेल उर्फ कल्लू को हिरासत में लिया। शुरुआत में दिलीप ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई सख्ती के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी दिलीप पटेल ने बताया कि उसका और साधना का प्रेम-संबंध शादी से पहले का था, जो राजभान से शादी के बाद भी गुपचुप तरीके से जारी रहा। हाल ही में राजभान को अपनी पत्नी और दिलीप के रिश्ते पर शक होने लगा था, जिससे उनके मिलने-जुलने में बाधा आ रही थी। दिलीप ने राजभान को रास्ते से हटाने के लिए अपने दोस्त जितेंद्र उर्फ बिज्जू, करण केवट और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। शराबी पार्टी कर उतारा मौत के घाटआरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए राजभान को ही मोहरा बनाया। 3 अप्रैल को करण केवट ने राजभान को फोन कर पडक्का बुलाया। वहां सभी ने साथ बैठकर जमकर शराब पी। जैसे ही राजभान नशे में धुत हुआ, आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले राजभान को बेदम पीटा, फिर भारी पत्थर से उसका सिर कूच दिया। मौत पक्की करने के लिए टूटी हुई कांच की बोतल से उसका गला रेत दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी दिलीप पटेल और उसके साथी जितेन्द्र कुशवाहा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। जबकी तीन फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
घाटा बंबोरा में शोभायात्रा निकली:मंगलवार को लगेगा मेला, कुश्ती दंगल और रागनी प्रतियोगिता का आयोजन
किशनगढ़बास क्षेत्र के घाटा बंबोरा स्थित हनुमान मंदिर से सोमवार देर शाम भव्य धार्मिक झांकियों का आयोजन किया गया। यह आयोजन मंगलवार को लगने वाले वार्षिक विशाल मेले से एक दिन पूर्व हुआ, जिसमें क्षेत्रभर के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। कस्बे में निकली झांकियां झांकियां मंदिर प्रांगण में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुईं। ये किशनगढ़बास के मुख्य बाजार, तोप चौराहा, अलवर रोड, तिजारा रोड और गंज रोड सहित प्रमुख मार्गों से निकाली गईं। झांकियों में विभिन्न देवी-देवताओं और पौराणिक प्रसंगों की मनमोहक झलकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्हें देखने के लिए मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। कस्बेवासियों और श्रद्धालुओं ने झांकियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में भजन-कीर्तन, जयकारों और धार्मिक गीतों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। बारिश के बाद भी झूमे श्रद्धालु देर शाम मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। बिजली की गड़गड़ाहट भी सुनाई दी, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। तेज हवाओं के बावजूद झांकियां पूरे मार्ग से होकर पुनः मंदिर प्रांगण पहुंचीं। इस दौरान पूरा क्षेत्र जय बजरंगबली के उद्घोष से गूंज उठा। मंगलवार को मेला मंगलवार को आयोजित होने वाले मेले में शाम को कुश्ती दंगल आयोजित होगा, जिसका प्रथम पुरस्कार 31 हजार रुपए है। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत रागनी प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
हरियाणा के गुरुग्राम से अगवा किए गए पिता और उनके दो मासूम बेटों की बरामदगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। बरेली के सीबीगंज इलाके में रविवार शाम को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल तीन बदमाशों की जान ले ली, बल्कि एक सनसनीखेज अपहरण कांड का पर्दाफाश भी कर दिया। रॉन्ग साइड से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो जब कैंटर से टकराई, तो पुलिस को मौके पर दो घायल मासूम मिले। जब यक्ष ऐप के जरिए घायलों और मृतकों का रिकॉर्ड खंगाला गया, तो पता चला कि कार में सवार लोग मामूली राहगीर नहीं, बल्कि हत्या और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में शामिल शातिर अपराधी थे। हादसे से खुला राजरविवार दोपहर सीबीगंज थाना क्षेत्र में परधौली के पास करीब 3 बजे एक बोलेरो कार रॉन्ग साइड से तेज रफ्तार में आ रही थी। अनियंत्रित होकर यह कार सामने खड़े कैंटर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पीछे से आ रही एक बाइक भी कार में घुस गई। इस हादसे में कुल 5 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 स्थानीय बाइक सवार और बोलेरो में सवार 3 युवक शामिल थे। जब थाना सीबीगंज पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया, तो उन्हें कार के अंदर से दो मासूम बच्चे, मयूर (6) और लक्ष्य (3), घायल अवस्था में मिले। पुलिस ने तुरंत सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गाड़ी में मौजूद युवकों की संदिग्ध हरकतों और वहां मिले मोबाइल फोन ने पुलिस के कान खड़े कर दिए। यक्ष ऐप का कमालपुलिस ने जब मौके से बरामद मोबाइल फोन और मृतकों के चेहरों का मिलान यक्ष ऐप के डेटाबेस से किया, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। हादसे में मारे गए मनमोहन, सिकंदर और विशेष साधारण युवक नहीं, बल्कि शातिर बदमाश थे, जिन पर हत्या, लूट और डकैती के दर्जनों मामले दर्ज थे। संदेह गहराने पर पुलिस ने मृतक मनमोहन के पिता नत्थूलाल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। नत्थूलाल ने टूटकर कबूल किया कि इन लोगों ने 4 अप्रैल को गुरुग्राम से मनोज और उसके दो बेटों का अपहरण किया था। बच्चों को लेकर ये लोग कहीं और जा रहे थे, जबकि मनोज को फरीदपुर के एक गुप्त ठिकाने पर बंधक बनाकर रखा गया था। रेस्क्यू ऑपरेशनएसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर तुरंत तीन टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए फरीदपुर कस्बे के उस मकान पर छापा मारा, जहां किडनैपरों ने मनोज को छिपा रखा था। पुलिस ने घेराबंदी कर मनोज को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में मनोज ने बताया कि वह गुरुग्राम में ऑटो चलाता है और आरोपियों ने उसे मंदिर के पास से अगवा किया था। इस बीच गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 थाने से भी संपर्क किया गया, जहां मनोज की पत्नी ने पहले ही अपहरण का मुकदमा दर्ज करा रखा था। बरेली पुलिस की इस मुस्तैदी से न सिर्फ एक परिवार उजड़ने से बच गया, बल्कि बदमाशों के एक खतरनाक गिरोह का भी अंत हो गया। कुदरत का करिश्मा: मासूम सुरक्षित, किडनैपर्स का काल बना हादसाकहते हैं 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय', बरेली में यह कहावत उस वक्त हकीकत में बदल गई जब मासूमों की जान तो बच गई लेकिन उनका अपहरण करने वाले तीन किडनैपर्स की सड़क हादसे में मौत हो गई। पूरी साजिश मनोज के ही गांव के रहने वाले मनमोहन ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर रची थी। गुरुग्राम में ऑटो चलाकर परिवार पालने वाले मनोज और उनके दो मासूम बेटों- 3 वर्षीय लक्ष्य और 6 वर्षीय मयूर- का अपहरण कर आरोपी उन्हें बरेली के फरीदपुर स्थित टांडा सिकंदरपुर ले आए थे। यहाँ पिता मनोज को एक कमरे में बंधक बनाकर डाल दिया गया था। रविवार दोपहर करीब 3 बजे जब मुख्य आरोपी मनमोहन अपने साथियों विशेष यादव और सिकंदर के साथ बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट करने या ठिकाने लगाने के इरादे से बोलेरो से निकला, तभी सीबीगंज इलाके में उनकी तेज रफ्तार गाड़ी सड़क किनारे खड़े टैंकर से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और तीनों किडनैपर्स की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चौथा साथी प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। चमत्कार देखिए कि इस भयानक एक्सीडेंट के बावजूद दोनों मासूम सुरक्षित बच गए। बाद में पुलिस ने घायल प्रिंस की निशानदेही पर फरीदपुर में दबिश देकर बंधक पिता मनोज को भी सकुशल मुक्त करा लिया। मनोज ने अपनी और बच्चों की जान बचाने के लिए बरेली पुलिस और कुदरत का आभार जताया है। दत्तक पुत्री से अफेयर में बाधा बनने पर ऑटो ड्राइवर का दोनों बच्चों सहित हुआ था अपहरणएसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि ऑटो ड्राइवर मनोज की दत्तक पुत्री से अफेयर में बाधा बनने पर आरोपियों ने पिता और दो मासूम बच्चों का अपहरण किया था। लेकिन बरेली के सीबीगंज में किडनैपर्स की बोलेरो एक टैंकर से टकरा गई, जिसमें मुख्य आरोपी समेत तीन बदमाशों की मौत हो गई। पुलिस ने घायल किडनैपर के मोबाइल वीडियो से पूरी साजिश को डिकोड किया और फरीदपुर में बंधक बनाए गए पिता को सकुशल मुक्त कराया।दरअसल, गुड़गांव में ऑटो ड्राइवर के रूप में काम करने वाले मनोज की 15 साल की अडॉप्टेड बेटी से आरोपी मनमोहन का अफेयर चल रहा था। मनोज इस रिश्ते के खिलाफ था क्योंकि लड़की नाबालिग थी और उनकी कास्ट भी अलग थी। इसी से नाराज होकर मनमोहन ने शनिवार शाम करीब 7:30 बजे मनोज और उसके दो मासूम बेटों का अपहरण कर लिया था। हादसे ने बिगाड़ा किडनैपर्स का प्लान; घायल आरोपी प्रिंस के मोबाइल ने खोले कई गहरे राजरविवार दोपहर किडनैपर्स बच्चों को दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट करने की तैयारी में थे। दोपहर करीब 3 बजे उनकी बोलेरो बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े एक टैंकर से टकरा गई। इस क्रैश में मुख्य आरोपी मनमोहन, उसके साथी सिकंदर और विशेष यादव की मौके पर ही डेथ हो गई। पुलिस ने मौके से घायल किडनैपर प्रिंस को पकड़ा और उसका मोबाइल चेक किया, जिसमें मनोज और बच्चों के वीडियो मिले। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो प्रिंस ने बताया कि मनोज को मनमोहन के पिता नत्थू के घर बरेली के फरीदपुर में बंधक बनाकर रखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने मनोज को रेस्क्यू किया। मर्डर केस में जेल काट चुके हैं आरोपी; 15 दिन पहले गोरखपुर से खरीदी गई थी बोलेरोपुलिस जांच में पता चला है कि मनमोहन और उसका पिता नत्थू पहले भी एक मर्डर केस में जेल जा चुके हैं। मनमोहन 11 महीने और नत्थू 27 महीने जेल में रहकर फिलहाल बेल पर बाहर आए थे। वारदात में इस्तेमाल हुई बोलेरो को मनमोहन ने मात्र 15 दिन पहले ही गोरखपुर से खरीदा था, जिसे अभी अपने नाम ट्रांसफर भी नहीं कराया था। फिलहाल आरोपी नत्थू और घायल प्रिंस को हिरासत में लिया गया है। चूंकि अपहरण का मुकदमा गुड़गांव में दर्ज है, इसलिए गुड़गांव पुलिस इन्हें अपने साथ ले जाएगी। प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती हैं मासूम लक्ष्य और मयूरइस हादसे में मनोज के दोनों बेटों- 3 साल के लक्ष्य और 6 साल के मयूर को काफी चोटें आई हैं। दोनों का फिलहाल प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। मनोज और उसकी पत्नी पूजा अस्पताल में बच्चों के पास हैं। पुलिस मामले की डिटेल्ड इन्वेस्टिगेशन कर रही है। जाने क्या, कब, कहाँ, कौन और कैसे हुआ? पूरी टाइमलाइन: 48 घंटे का घटनाक्रम इन 10 पॉइंट्स में समझें पूरी घटना और आरोपियों का प्रोफाइल क्या बोले अधिकारी यह पुलिस की सजगता का परिणाम है। एक्सीडेंट के बाद यक्ष ऐप का प्रयोग कर हमने बदमाशों का प्रोफाइल पकड़ा, जिससे एक बड़े अपहरण कांड का खुलासा हो सका और बंधक को सकुशल छुड़ाया गया।-अनुराग आर्य, एसएसपी बरेली सूचना मिलते ही तीन टीमों का गठन किया गया। फरीदपुर में घेराबंदी कर अपहृत मनोज को बरामद किया गया है। घायल बच्चों का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है, वे खतरे से बाहर हैं।- मानुष पारीक, एसपी सिटी मौके पर स्थिति संदिग्ध लगने पर जब हमने तकनीकी जांच की, तो कड़ियां जुड़ती गईं। आरोपियों का पुराना लंबा आपराधिक इतिहास है। फरार और बचे हुए आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।- प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, इंस्पेक्टर सीबीगंज
गाजियाबाद में हुई बारिश:7 किलोमीटर की स्पीड से हवा चल रही, टेम्प्रेचर 28.5°C
गाजियाबाद में आज मंगलवार सुबह हल्की बारिश हुई। जिससे मौसम में बदलाव आया। हालांकि बारिश के बाद फिर धूप निकली। दिन में भी बारिश जैसा मौसम रहने का अनुमान है, जहां बीच बीच में बादल छाए रहेंगे। आज सुबह तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री रहने का अनुमान है। हवा की गति आज 7 किमी प्रति घंटा से है। जहां अगले 24 घंटे में फिर से बारिश का अलर्ट है। 7 अप्रैल से फिर से बारिश का अनुमान मौसम विज्ञानियों का कहना है कि यूपी में 7 अप्रैल से फिर से बारिश का अनुमान है। इससे पहले पिछले 3 दिनों में पूर्वी यूपी, मध्य यूपी और वेस्ट यूपी के जिलों में बारिश से मौसम बदला। गाजियाबाद से सटे, नोएडा, हापुड़, बागपत और मेरठ में भी मौसम बदलने का अनुमान है। 5 मार्च को बुलंदशहर में अधिक बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस पूरे सप्ताह मौसम बदलता रहेगा। 15 मार्च से लगातार मौसम बदल रहा 15 मार्च के बाद से लगातार मौसम बदल रहा है। बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 20 मार्च को रुक-रुककर हुई बारिश और पूरे सप्ताह चली 30–35 किमी/घंटा की तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। गाजियाबाद में 15 मार्च से लगातार मौसम बदल रहा है। पिछले 20 दिनों में 9 बार मौसम बदल चुका है। अप्रैल माह का पहला सप्ताह बीतने को है, जहां हर तीसरे दिन मौसम बदल रहा है।
झांसी में सरकारी स्कूल के टीचर की मौत:परिजन बोले- अचानक हार्ट अटैक आया, इलाज के दौरान दम तोड़ा
झांसी में सरकारी स्कूल के टीचर की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उनको हार्ट अटैक आया है। पहले सीने में अचानक दर्द उठा तो प्राइवेट अस्पताल ले गए। जहां पर इलाज के दौरान टीचर की मौत हो गई। टीचर की मौत के बाद घर में मातम छाया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला सदर बाजार का है। प्राइमरी स्कूल में टीचर थे मृतक का नाम प्रदीप यादव (48) पुत्र महेंद्र यादव था। वह मूलरूप से मोंठ के बमरौली गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में अपने परिवार के साथ सदर बाजार में रहते थे। मृतक के साथी छत्रपाल सिंह यादव ने बताया कि प्रदीप यादव बबीना के डंगरिया गांव के प्राइमरी स्कूल में टीचर थे। रात को वह घर पर थे, अचानक सीने में दर्द और बेचैनी होने लगी। तब प्रदीप को प्राइवेट अस्पताल में ले गए। वहां पर इलाज के दौरान प्रदीप की मौत हो गई। प्रदीप यादव की मौत के बाद घर में मातम छाया है। प्रदीप यादव के एक बेटा और एक बेटी है।
गाजियाबाद के मोदीनगर में ढाबे पर फायरिंग के मामले में वांछित चल रहे एक इनामी बदमाश को पुलिस मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। बीती रात हुई इस कार्रवाई में उसका एक साथी भी पकड़ा गया। यह सफलता स्वाट टीम, अपराध शाखा कमिश्नरेट गाजियाबाद और थाना मोदीनगर पुलिस की संयुक्त टीम को मिली। खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग की पुलिस के मुताबिक आरोपी थाना मोदीनगर में दर्ज मुकदमा संख्या 144/2026 धारा 109(1)/61(2) बीएनएस और थाना निवाड़ी में पंजीकृत मुकदमा संख्या 181/24 धारा 109 बीएनएस के तहत लंबे समय से फरार था। उस पर इनाम भी घोषित था। पुलिस को सोमवार रात सूचना मिली, जिसके बाद घेराबंदी की गई। खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया। पुलिस ने साथी को भी दबोचा घायल बदमाश को तुरंत हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अवैध .32 बोर की देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक ग्रे रंग की ऑल्टो कार बरामद की है। अन्य फरार साथियों की तलाश जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य फरार साथियों की तलाश की जा रही है। ढाबे पर हुई फायरिंग की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल था, और पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में थी। इस गिरफ्तारी को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा नशा मुक्त पंजाब अभियान के तहत आज सुबह लुधियाना में भारी पुलिस बल के साथ CASO चलाया गया। इस ऑपरेशन में दुगरी इलाके की CRP कॉलोनी और आस-पास के संवेदनशील इलाके रहे जहां लंबे समय से नशा बिकने और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। मौके पर मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। सुबह से जारी है सर्च ऑपरेशन पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आज तड़के ही इन इलाकों को चारों तरफ से घेर लिया। जानकारी के मुताबिक पुलिस प्रशासन काफी सतर्कता बरत रहा है और अलग-अलग समय पर संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। इलाके की घेराबंदी: CRP कॉलोनी के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को सील कर दिया गया है ताकि कोई भी संदिग्ध भाग न सके। नशा तस्करों के संभावित ठिकानों और संदिग्ध घरों की गहन तलाशी ली जा रही है। नशा तस्करों में हड़कंप अभी भी यह रेड जारी है और पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की इस सख्ती से इलाके के नशा तस्करों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इन इलाकों से नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ना है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को बूंदी के तालेड़ा में 109 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि तालेड़ा भविष्य में देश के सबसे बड़े एग्रो-इंडस्ट्री हब के रूप में उभरेगा। बिरला ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में 'डबल इंजन' की सरकार होने का लाभ कोटा-बूंदी के विकास को मिल रहा है। उन्होंने कोटा में शिक्षा हब के विकास से मिले रोजगार का उदाहरण देते हुए कहा कि तालेड़ा में उद्योगों के विस्तार से हर वर्ग में खुशहाली आएगी। सब्जियों और दूध का बड़ा प्रोसेसिंग प्लांट लगेगाउन्होंने बताया कि तालेड़ा में वर्तमान में देश के किसी भी एक इलाके की तुलना में अधिक एग्रो इंडस्ट्रीज हैं। तेजी से विकसित हो रही हाउसिंग कॉलोनियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे। बिरला ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब मदर डेयरी (सफल) इस क्षेत्र के किसानों से 100 प्रतिशत मटर और भिंडी जैसी सब्जियां खरीदेगी, जिसकी खरीद शुरू हो चुकी है। जल्द ही मदर डेयरी द्वारा इस इलाके में सब्जियों और दूध का एक बड़ा प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाया जाएगा। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन से भी अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। उन्होंने मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण चावल निर्यात में आ रही परेशानी का जिक्र करते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि यह संकट भी जल्द टल जाएगा। नहरों के जीर्णोद्धार के लिए 32 करोड़ के टेंडरबिरला ने गरड़दा बांध की नहरों के जीर्णोद्धार के लिए 32 करोड़ रुपए के टेंडर होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगले 25-30 दिनों में काम शुरू हो जाएगा और एक साल में नहरें बनने के बाद किसानों को भरपूर पानी मिलेगा। गरड़दा बांध से 109 गांवों को पीने का पानी उपलब्ध कराने का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।इसके अलावा करवर और इंद्रगढ़ सहित बूंदी के बचे हुए इलाकों को ईआरसीपी (ERCP) योजना के तहत सिंचित किया जाएगा और नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाएगा। नौनेरा बांध के पानी के टेंडर और वर्कऑर्डर जारी बिरला ने कहा कि अब महिलाओं को हैंडपंप का पानी नहीं पीना पड़ेगा। नौनेरा बांध का शुद्ध पानी 'हर घर नल' योजना के तहत लोगों तक पहुंचाने के टेंडर और वर्कऑर्डर जारी हो चुके हैं। किसानों को दिन में थ्री-फेज बिजली मिलना शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का कोई भी मजरा या गांव अब सड़क संपर्क से अछूता नहीं रहेगा। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अब बड़ी ग्राम पंचायतों में उप-स्वास्थ्य केंद्र, दो पंचायतों के बीच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और चार पंचायतों पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बनाए जा रहे हैं। 'चलता-फिरता अस्पताल' हर गांव पहुंचकर 27 तरह की निशुल्क जांच और दवाइयां दे रहा है। गंभीर मरीजों का इलाज बड़े शहरों में सुनिश्चित करवाया जा रहा है। साथ ही, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 'सुपोषित मां अभियान' के तहत गर्भवती महिलाओं को 10 महीने तक पोषण किट दी जा रही है।
चित्रकूट के भरतकूप थाना क्षेत्र में अवैध खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां शाम ढलते ही पहाड़ों पर भारी मशीनों के जरिए खनन शुरू हो जाता है, जो पूरी रात चलता रहता है। जबकि नियमानुसार शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक खदानों में किसी भी प्रकार का कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद इलाके में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह अवैध खनन खनिज विभाग की मिलीभगत से संचालित हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह पर सीधे आरोप लगाए हैं कि उनके संरक्षण में ही रात के अंधेरे में खनन कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों की अनदेखी के बदले मोटी रकम ली जाती है, जिसके चलते कार्रवाई के बजाय पूरे मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है। भास्कर टीम रातभर मौके पर रही, ब्लास्टिंग का मिला सबूत दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जमीनी पड़ताल की। टीम रातभर इलाके में मौजूद रही, जहां शाम होते ही पहाड़ों पर ब्लास्टिंग शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहाड़ों में करीब 6 इंच की गहराई तक विस्फोट किए जाते हैं। इन तेज धमाकों से पूरा पहाड़ी इलाका दहल उठता है। ब्लास्टिंग की आवाज दूर-दूर तक सुनाई देती है, जबकि आसमान में उठते धुएं के गुबार भी साफ नजर आते हैं। रात में पोकलैंड-हाइवा से पत्थरों की लोडिंग पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया कि रात के समय बड़े-बड़े पोकलैंड और हाइवा जैसे भारी वाहनों से पत्थरों की लोडिंग की जा रही थी। इससे साफ है कि खनन का यह कार्य किसी छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि पूरी तरह संगठित तरीके से चल रहा है। रात के अंधेरे में मशीनों की आवाज और लगातार हो रही आवाजाही से पूरा इलाका प्रभावित हो रहा है। पर्यावरण और ग्रामीणों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा अवैध खनन और लगातार हो रही ब्लास्टिंग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। पहाड़ों की कटाई, धूल और धुएं से आसपास का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। तेज धमाकों और भारी वाहनों की आवाजाही से लोगों में दहशत का माहौल है। खनिज अधिकारी बोले- जांच कराएंगे जब इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी रणवीर सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यदि कहीं अवैध खनन हो रहा है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय स्तर पर बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। डीएम की जानकारी पर भी उठे सवाल इस पूरे मामले में जिले के डीएम पुलकित गर्ग की जानकारी और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज अधिकारी लगातार उन्हें गुमराह कर रहे हैं, जिसके कारण अवैध खनन का यह खेल बेखौफ जारी है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
मुजफ्फरपुर में पुलिस ने एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर मोतीपुर थाना क्षेत्र के नरियार में चल रहे एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। मौके से एक नेपाल नंबर का गैस टैंकर, सिलेंडरों से लदी एक पिकअप वैन और डिलीवरी के लिए इस्तेमाल हो रहा एक टोटो रिक्शा बरामद किया है। इनपुट के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने नरियार के पास हाईवे से कुछ दूरी पर स्थित संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने छोटे सिलेंडरों में गैस भरने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष पाइप और अन्य रिफिलिंग उपकरण भी जब्त किए। इसके अतिरिक्त, 54 खाली और भरे हुए गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए हैं। गिरोह में शामिल सदस्यों की तलाश जारी पुलिस की अचानक दबिश को देख मौके पर मौजूद अवैध कारोबारी और मजदूर भागने में सफल रहे। हालांकि, पुलिस ने सभी जब्त वाहनों और भारी मात्रा में गैस सिलेंडरों को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब इन वाहनों के मालिकों और इस गिरोह के सरगनाओं की पहचान करने में जुटी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह एक बड़ा नेक्सस है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर (नेपाल) से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ रही है जो इस सिंडिकेट में शामिल थे। जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध गैस कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
मैनपुरी शहर कोतवाली क्षेत्र के देवपुरा मोहल्ले में एक स्विगी डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस घटना ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि देवपुरा मोहल्ले में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। जानकारी के मुताबिक, डिलीवरी बॉय देर रात एक ग्राहक को ऑर्डर देने के बाद वापस लौट रहा था। रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया और घेरकर मारपीट शुरू कर दी। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि आरोपी युवक को सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीट रहे हैं। वीडियो में पीड़ित डिलीवरी बॉय हमलावरों से बचने के लिए बार-बार गुहार लगाता दिख रहा है। हालांकि, आरोपी उस पर लगातार हमला करते रहे। जब उसने वहां से भागने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसे दोबारा पकड़ लिया और फिर से मारपीट की। पीड़ित की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा होने लगे। भीड़ जुटती देख आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसकी फुटेज अब वायरल है। यह घटना शहर कोतवाली के देवपुरा मोहल्ले की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नाइट लाइफ को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। सेरीखेड़ी इलाके स्थित नाइट क्लब में रविवार देर रात तक पार्टी की गई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ इन्फ्लुएंसर अपने हाथों से शराब परोसती नजर आ रही हैं। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। पियानो क्लब का वीडियो बताया जा रहा है, जहां देर रात तक पार्टी चलती रही। वीडियो में क्लब के अंदर तेज म्यूजिक, भीड़ और खुलेआम शराब परोसते लोग दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान मुंबई से बुलाए गए कुछ कलाकार और इन्फ्लुएंसर भी मौजूद थे, जो पार्टी का हिस्सा बनकर लोगों को ड्रिंक्स सर्व करते नजर आए। पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची वहीं जब लेट लाइन पार्टी की जानकारी मिलते ही तेलीबांधा थाना की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने क्लब प्रबंधन से पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों में नाराजगी वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सेरीखेड़ी और आसपास के इलाकों में इस तरह की लेट नाइट पार्टियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। नाइट क्लब के लिए तय होती है समय सीमा जानकारी के अनुसार नाइट क्लब संचालन के लिए प्रशासन की तय समय सीमा होती है, जिसके बाद गतिविधियां बंद करनी होती हैं। इसके बावजूद वीडियो में देर रात तक कार्यक्रम जारी रहने की बात सामने आई है, जिससे नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस बोली- वीडियो की जांच की जा रही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो क्लब प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। …………………. यह खबर भी पढ़िए… न्यूड-पूल पार्टी में परोस रहे ड्रग्स-शराब...फॉर्म-हाउस में अय्याशी: रायपुर में करीब 20 क्लब,80 फॉर्म-हाउस, कई में चल चुकी गोलियां, शहर में सूखे नशे का बढ़ा कारोबार राजधानी रायपुर आजकल ड्रग्स और फूहड़ पार्टियों की वजह से सुर्खियों में है। हेरोइन, कोकेन, MDMA, गांजा और सूखे नशे की बढ़ती खपत शहर के क्लबों, फॉर्म हाउस, होटलों को अय्याशी और क्राइम के नए अड्डों में बदलती जा रही है। कई क्लब और फॉर्म हाउस ऐसे हैं, जो पहले भी विवादों में रह चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…
सलूंबर में भीषण गर्मी के बीच आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों का आकलन सोमवार को किया गया। ग्राम पंचायत बनोडा स्थित मोरीला महादेव मंदिर के समीप आग लगने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग हरकत में आ गए। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती हुई घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ीं। हालांकि, बाद में पता चला कि यह आपदा प्रबंधन की तैयारियों को जांचने के लिए की गई एक 'मॉक ड्रिल' थी। यह जानकारी मिलने पर अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने इस पूरी कार्रवाई की निगरानी की। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और उनके रिस्पांस टाइम (सूचना मिलने और मौके पर पहुंचने के बीच का समय) को जांचना था। कलक्टर ने मौके पर फायर सिस्टम, अनाउंसमेंट सिस्टम और पानी की सप्लाई जैसे संसाधनों की बारीकी से जांच की।
अलीगढ़ में रेलवे मजिस्ट्रेट के चेंबर की छत गिरी:मरम्मत के दौरान हुआ हादसा, जांच के आदेश
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गया। यहां मरम्मत कार्य के दौरान रेलवे मजिस्ट्रेट चेंबर की छत का एक हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था। मामले में जीआरपी ने चार मजदूरों को हिरासत में लिया था, लेकिन रेलवे यूनियन के भारी दबाव के बाद उन्हें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ना पड़ा। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण स्टेशन परिसर के कई कार्यालयों की छतों से पानी टपकने की समस्या आ रही थी। रेलवे मजिस्ट्रेट चेंबर की छत की हालत भी जर्जर हो गई थी और वहां से लगातार पानी रिस रहा था। सोमवार को रेलवे के चार मजदूर इसी छत की मरम्मत का काम कर रहे थे। काम के दौरान अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। मलबे के गिरते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही आरपीएफ के सहायक आयुक्त सुरक्षा गुलजार सिंह, जीआरपी प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर और सीएमआई संजय शुक्ला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मजदूरों को हिरासत में लेने पर हंगामा हादसे के तुरंत बाद लापरवाही का आरोप लगाते हुए जीआरपी ने मौके पर काम कर रहे चार मजदूरों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले आई। मजदूरों को हिरासत में लेने की खबर फैलते ही रेलवे यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय हो गए। यूनियन का कहना था कि छत पुरानी और जर्जर होने के कारण गिरी है। इसमें मजदूरों की कोई गलती नहीं है। यूनियन के विरोध के आगे झुका प्रशासन काफी देर तक थाने में चले हंगामे और यूनियन के कड़े विरोध के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा। आखिरकार चारों मजदूरों को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जांच के बाद होगी कार्रवाई जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि छत गिरने की घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तकनीकी टीम यह देखेगी कि निर्माण में खामी थी या मरम्मत के दौरान लापरवाही बरती गई। यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यूपी की बड़ी खबरें:कानपुर वाले अखिलेश दुबे की तबीयत बिगड़ी, हार्ट में दिक्कत; ICU में भर्ती
कानपुर में 8 महीने से जेल में बंद अखिलेश दुबे की सोमवार शाम तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने उसे उर्सला अस्पताल के ICU में भर्ती कराया। जेल प्रशासन के मुताबिक, अखिलेश को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। ब्लड प्रेशर भी लो है। डॉक्टरों ने हार्ट से जुड़ी दिक्कत की भी पुष्टि की है। पिछले साल 7 अगस्त को पुलिस ने भाजपा नेता रवि सतीजा से रंगदारी मांगने के मामले में उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके खिलाफ होटल कारोबारी सुरेश पाल से 2.50 करोड़ की रंगदारी मांगने, जूही में होटल संचालिका से रंगदारी और कांग्रेस नेता से 10 लाख की रंगदारी मांगने के मुकदमे दर्ज कराए गए। अखिलेश दुबे को चार मुकदमों में जमानत मिल चुकी है। होटल कारोबारी सुरेश पाल से रंगदारी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत खारिज करते हुए कहा था- आरोपी प्रभावशाली है और गवाहों को डरा सकता है। वक्फ की जमीन पर कब्जे के मामले में भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी है, जिस कारण वह जेल में बंद है। पढ़ें पूरी खबर… रिश्वत से सबकुछ नहीं खरीदा जा सकता : हाईकोर्ट:फर्जी पीएचडी धोखाधड़ी मामले में राहत देने से इनकार किया इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में आम आदमी के बीच बढ़ती इस धारणा पर आपत्ति जताई है कि रिश्वत देकर शैक्षणिक डिग्री और विश्वविद्यालय की नौकरियों सहित कुछ भी खरीदा जा सकता है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने पीएचडी डिग्री और सहायक प्रोफेसर की नौकरी दिलाने के बहाने एक उम्मीदवार से 22 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…. RSS जिला धर्म जागरण प्रमुख पर जानलेवा हमला:घर में घुसकर पीटा, आईसीयू में भर्ती, प्रयागराज के नैनी के शक्ति नगर कॉलोनी में हुई घटना प्रयागराज में RSS के जिला धर्म जागरण प्रमुख कुलदीप तिवारी पर पड़ोस के कुछ लोगों ने घर में घुसकर हमला किया। हमलावरों ने उन्हें बुरी तरह पीटा। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद आरोपी उन्हें मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए। पत्नी के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल कुलदीप को तुरंत सीएचसी चाका ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें शहर के बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज ICU में चल रहा है। कुलदीप तिवारी नैनी क्षेत्र के चाका ब्लॉक की शक्ति नगर कॉलोनी में रहते हैं। पढ़ें पूरी खबर…..
हरिद्वार रेलवे स्टेशन के टिकट घर स्थित महिला शौचालय में साढे चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। बच्ची की चीख-पुकार से मौके पर हड़कंप मच गया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों ने शौचालय का दरवाजा तोड़ा और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर चकमा देकर भाग निकला, लेकिन जीआरपी पुलिस ने घेराबंदी कर 14 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला है, जिसके खिलाफ पॉक्सो समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… तीर्थ यात्रा कर घर लौट रहा था परिवार जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का परिवार पिछले कुछ दिनों से तीर्थ यात्रा पर था। उज्जैन महाकाल, खाटू श्याम और वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद परिवार हरिद्वार और ऋषिकेश पहुंचा था। सोमवार देर शाम यह परिवार वापस मध्य प्रदेश जाने के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन के टिकट घर में ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उनकी साढे चार साल की मासूम बेटी ने शौचालय जाने की इच्छा जताई। शौचालय में मासूम को दबोचा पिता ने बच्ची को टिकट घर के पास बने महिला शौचालय में भेजा और खुद बाहर कुछ दूरी पर खड़े होकर इंतजार करने लगे। कुछ ही देर बाद अंदर से बच्ची के जोर-जोर से चीखने की आवाज आई। पिता और वहां मौजूद लोग तुरंत अंदर भागे, तो देखा कि शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था। लोगों ने मिलकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। अंदर एक युवक ने मासूम बच्ची को गलत इरादे से दबोचा हुआ था और उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। लोगों की मदद से पकड़ा गया आरोपी लोगों ने तुरंत बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया। इस बीच, मौका पाकर आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर वहां से भाग निकला। घटना की सूचना तुरंत जीआरपी को दी गई। जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के निर्देश पर पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी शुरू की और काफी मशक्कत के बाद लोगों के सहयोग से आरोपी को दबोच लिया। 14 घंटे में पुलिस का खुलासा जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 14 घंटे के अंदर पूरी गुत्थी सुलझा ली। पकड़े गए आरोपी की पहचान यश यादव (19), गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 127(1), 62, 64 और 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। नशे और अय्याशी के लिए आया था हरिद्वार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यश यादव अनपढ़ है और घुमक्कड़ प्रवृत्ति का है। वह अक्सर घर से भाग जाता है। पुलिस के अनुसार, आरोपी हरिद्वार में चल रहे यात्रा सीजन और भीड़ का फायदा उठाकर अपने नशे के शौक और अय्याशी के इरादे से यहां आया था। पुलिस अब उसका पुराना आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक टीम बुलाई गई, जिसने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके कपड़ों को साक्ष्य के तौर पर सील कर दिया गया है। कप्तान अरुणा भारती ने इस त्वरित और सफल खुलासे के लिए सब इंस्पेक्टर प्रीति कर्णवाल और उनकी पूरी टीम को शाबाशी दी है। सब इंस्पेक्टर प्रीति कर्णवाल, अपर उप निरीक्षक श्याम दास, हेड कॉन्स्टेबल हरीश पांडे, विनेश पंवार, राकेश दत्त, कॉन्स्टेबल शमशेर अली और खलील। ----------------------------- ये खबर भी पढ़े… प्रॉपर्टी डीलरों पर महिला से गैंगरेप का केस: पति दोस्तों से मिलवाने ऋषिकेश-देहरादून के पेंट हाउस में ले गया; नशीला पदार्थ पिलाकर वारदात की ऋषिकेश में तीन प्रॉपर्टी डीलरों पर एक महिला से गैंगरेप करने का आरोप लगा है। पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर शहर के तीन बड़े प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप), बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। (पढ़ें पूरी खबर)
शहर के एरोड्रम इलाके में कार पार्किंग को लेकर हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक हो गया। गुस्साए पड़ोसी ने जिम संचालक पर तलवार से हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लिया है। मामला 60 फीट रोड का है, जहां आशू व्यास जिम का संचालन करते हैं। उनका पास में रहने वाले व्यक्ति से कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ा कि पड़ोसी तलवार लेकर मौके पर पहुंच गया और अचानक हमला कर दिया। हाथ से रोकी तलवार, लोगों ने बचाया हमले के दौरान आशू व्यास ने हाथ से तलवार रोकने की कोशिश की। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। वीडियो वायरल, पुलिस ने लिया संज्ञान घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामले को संज्ञान में लिया है और जांच शुरू कर दी है। देर शाम दोनों पक्षों में समझौता जानकारी के मुताबिक देर शाम दोनों पक्षों के बीच थाने में समझौता हो गया। हालांकि तलवार से हमले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।
बांका के बौंसी थाना क्षेत्र स्थित पापहरणी सरोवर में सोमवार शाम एक युवक की डूबने से मौत हो गई। आशीष कुमार (22) स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चला गया। घटना के बाद सरोवर परिसर में अफरा-तफरी मच गई।गोताखोरों ने 3 घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद देर शाम युवक का शव बरामद किया। काफी मशक्कत के बाद बरामद हुआ शव। अमरपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी आशीष कुमार अपने चचेरे भाई दिलखुश कुमार के साथ पापहरणी सरोवर में स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान आशीष का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। दिलखुश ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। इस दौरान दिलखुश भी डूबने लगा, जिसे आसपास मौजूद लोगों ने बचा लिया। लगभग दो घंटे बाद गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, गोताखोरों की अनुपलब्धता के कारण युवक की तलाश तुरंत शुरू नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, लगभग दो घंटे बाद गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे और सरोवर में आशीष की खोजबीन शुरू की। काफी देर की मशक्कत के बाद देर शाम गोताखोरों ने आशीष कुमार का शव सरोवर से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी हर्ष पराशर भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीडीओ से बहस इस दौरान मृतक के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीडीओ से बहस की। परिजनों का कहना था कि आशीष के डूबने की सूचना मिलते ही वे पूर्णिया से पापहरणी पहुंच गए थे, लेकिन गोताखोरों को पहुंचने में काफी देर लगी। उनका आरोप था कि यदि समय पर गोताखोर पहुंच जाते तो शायद आशीष की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों और स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पापहरणी सरोवर जैसे बड़े पर्यटन स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और स्थायी गोताखोरों की तैनाती नहीं है। उनका कहना था कि सरोवर के गहरे हिस्सों में सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। गहरे पानी वाले हिस्से में बैरिकेडिंग लगाने की बात कही गई थी लोगों ने बताया कि सरोवर की सफाई के दौरान गहरे पानी वाले हिस्से में बैरिकेडिंग लगाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक यह व्यवस्था नहीं की गई, जिसे विभाग और संवेदक दोनों की लापरवाही बताया जा रहा है। मृतक की मां शोभा देवी, पिता सुभाष राय और भाइयों गोलू तथा प्रिंस का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पापहरणी सरोवर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी हर्ष पराशर ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यमुनानगर जिले में तेजली रोड पर श्री श्याम प्यारे परिवार की ओर से आयोजित भव्य श्याम एवं श्री बालाजी संकीर्तन में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल ने अपनी प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरी रात भजनों पर लोग झूमते रहे। संकीर्तन के दौरान कन्हैया मित्तल ने अपने लोकप्रिय भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। “है मेरे श्याम” जैसे भजनों पर उपस्थित जनसमूह देर रात तक भक्ति में लीन नजर आया। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। दुर्गा बने या काली बने, लेकिन बुर्के वाली न बने अपने संबोधन के दौरान कन्हैया मित्तल ने सामाजिक और धार्मिक विषयों पर भी खुलकर विचार व्यक्त किए। कन्हैया मित्तल ने अपने भजनों और संबोधन में पाकिस्तान को घेरते हुए मुस्लिम समाज पर तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने भजन के माध्यम से लड़कियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे “दुर्गा बने या काली बने, लेकिन कभी बुर्के वाली न बने। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि “बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठिये भारत में नकली आधार कार्ड बनाकर हिंदू बनकर घूम रहे हैं। उन लोगों का टारगेट कोई और नहीं सिर्फ हमारी बेटियां हैं। मित्तल ने कहा कि हमारी बेटियां अब वह बेटियां नहीं रही, जोकि सिर्फ घरों में खाना बनाती हैं। जब पाकिस्तान भारत में आतंकवादी भेजता है, तो पाकिस्तान को फोड़ने के लिए यही बेटियां भेजी जाती हैं। धर्म बदलने पर लगता है पितृ दोष संकीर्तन के दौरान मंच पर एक सिख श्रद्धालु आए तो कन्हैया मित्तल ने उन्हें सम्मानित करते हुए कहा कि हम खुशकिस्मत हैं कि सिख हमें बड़े भाई की तरह मिले हैं। मैं मस्जिद और चर्च नहीं जाता, लेकिन जब भी गुरुद्वारा देखता हूं, तो दिल और जान वारता हूं, क्योंकि मंदिर में जैसे में श्याम बसते हैं, वैसे ही गुरुद्वारे में मेरे रब बसते हैं। कन्हैया मित्तल ने कहा कि हमारे पितृ तब तक नाराज नहीं होते, जब तक हम अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में नहीं चले जाते। अगर हमने हमने अपना धर्म छोड़कर मजारों पर माथा टेका है, तो उसे पितृ दोष लगता ही लगता है, क्योंकि उसने अपना बाप बदल लिया है। जब तब एक के साथ रहोगो पितृ दोष लग ही नहीं सकता। इस दौरान उन्होंने जय हो पितृ देव के उद्घोष भी लगावाए। उनके संकीर्तन में आते हैं कट्टर हिंदू कन्हैया मित्तल ने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि आप जहां पर जाते हैं, वहां इतनी भीड़ क्यों आती है। इस पर जवाब दिया कि बाकि जगह सिर्फ हिंदू आते हैं, लेकिन उनके यहां कट्टर हिंदू आते हैं। संकीर्तन के दौरान भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। बीच-बीच में मित्तल सामाजिक मुद्दों पर लगातार बात करते रहे।
एलपीजी किल्लत और कालाबाजारी को लेकर नर्मदापुरम में युवक और कार्यकर्ताओं ने दिन में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। रात करीब 9.30 बजे छात्र कलेक्ट्रेट के सामने खाना बनाने पहुंचे। 15 से ज्यादा छात्र सब्जी, पोहा और खाना बनाने की अन्य सामग्री लेकर बैठ गए। सूचना मिलते ही तहसीलदार सरिता मालवीय और शक्ति तोमर मौके पर पहुंचे। एक घंटे तक समझाइश दी। जिसके बाद मामला शांत कराया। मप्र आदिवासी विकास परिषद के छात्र प्रभाग ने आरोप लगाया कि तय कीमत करीब 900 रुपए होने के बावजूद 3500 से 4000 रुपए तक में बेचा जा रहा है। हमें सिलेंडर चाहिए। तहसीलदार ने छात्रों से कहा कि आपके खाने की व्यवस्था दीनदयाल रसोई से करवा देते है तो उन्होंने दीनदयाल रसोई के भोजन को ठुकराया। एडवोकेट राजू उईके और नीरज वारिवा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। आश्वासन के बावजूद रात में छात्र विरोध के लिए पहुंच गए। प्रशासन ने छात्रों के लिए दीनदयाल रसोई में भोजन की व्यवस्था भी प्रस्तावित की, लेकिन छात्रों ने इसे ठुकरा दिया। तहसीलदार ने कहा कि जिन जिन के पास नर्मदापुरम जिले के एलपीजी कनेक्शन है। वे अपनी बुक और डीएससी नम्बर लेकर मंगलवार को आएं। जिन्हें दिखवाने के बाद सिलेंडर दिलवाने का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने फिर दीनदयाल रसोई से खान खिलवाने का कहा तो वहां मौजूद कांग्रेस नेता फैजान ने कहा सभी के खाने की व्यवस्था में करवा देता हूं तो दीनदयाल रसोई का खाना ठुकराने वाले युवक तैयार हो गए और प्रदर्शन खत्म किया। प्रदर्शन करने वाले युवक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे है। जो शहर में अलग अलग किराए पर रूम लेकर रह रहे है। अधिकांश के पास लोकल स्थानीय एजेंसी के कनेक्शन भी नहीं है। बावजूद वे प्रशासन से सिलेंडर की मांग कर रहे है।
लखनऊ में आज रात में सड़क किनारे होर्डिंग लगा दिए गए। इन पर पूछा गया है आपको क्या चाहिए... अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम। इसमें एक तरफ पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर काला चश्मा लगाए हुए लगाई गई है। दूसरी तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर कन्या पूजन करते हुए है। दोनों तस्वीरों के नीचे उनके शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं और एक्शन की खबर कटिंग लगाई है। इन कटिंग्स के जरिये बताया गया है कि अखिलेश के सीएम रहते मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली आदि में दंगे हुए। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के नीचे माफिया अतीक, मुख्तार पर एक्शन की कटिंग लगी है। शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे होर्डिंग ये होर्डिंग लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों के साथ मुख्यमंत्री आवास के आसपास भी लगाए गए हैं। ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के नाम से लगाए गए इन होर्डिंग्स ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।होर्डिंगों के सामने आते ही राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। होर्डिंग पर संगठन ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ के पदाधिकारियों के नाम हैं। इनमें संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह, महामंत्री अभिनव तिवारी के नाम फोटो सहित लगे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकार के समय हुए दंगों को ल्यारी राज बताया गया है। समाजवादी पार्टी की सरकार को बताया ल्यारी राज होर्डिंगों में समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान हुए मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली दंगों का उल्लेख करते हुए सपा पर सीधा हमला किया गया है। इन घटनाओं को ‘ल्यारी राज’ की संज्ञा देते हुए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि उस दौर में कानून-व्यवस्था कमजोर रही। सीएम योगी को ‘धुरंधर’ बताया होर्डिंगों में वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ को को ‘धुरंधर’ बताते हुए माफिया के खिलाफ की गई कार्रवाई को प्रमुखता से दिखाया गया है। इनमें अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला से जुड़े मामलों की अखबारों की कटिंग्स भी लगाई गई हैं, जिनके जरिये सख्त कानून-व्यवस्था का संदेश देने की कोशिश की गई है। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में VVIP चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग : 2012-2017 की खबरों की कटिंग लगाई, लिखा- ल्यारी राज नहीं भूलेंगे लखनऊ में VVIP चौराहे पर अखिलेश यादव के खिलाफ होर्डिंग लगाया गया है। इसके जरिये उनके 2012 से 2017 तक के शासनकाल पर सवाल खड़े किए गए हैं। इस होर्डिंग पर लिखा है- सपा का ल्यारी राज न भूले हैं, न भूलेंगे। उस दौरान 5 साल में हुई घटनाओं की खबरों की कटिंग लगाई गई है। इस पर नीचे समाजसेवी देवेंद्र तिवारी लिखा गया है। (पूरी खबर पढ़िए)
बिहार शरीफ में खंदकपर मोड़ के पास सोमवार की शाम बकाया पैसों के लेन-देन को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। हिंसक झड़प में फल व्यवसायी मोहम्मद दानिश गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायल को डायल 112 की टीम की मदद सेमॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल मानपुर थाना क्षेत्र के पलटपुरा गांव का रहने वाला है। पैसे के विवाद में हुई कहासुनी विवाद की जड़ फलों की आपूर्ति के बदले बकाया राशि का भुगतान न करना बताया जा रहा है। घायल ने बताया कि दूसरे पक्ष को फल की सप्लाई की थी। जब उन्होंने अपने पैसे मांगे, तो आरोपी पक्ष ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और धमकी देने लगे। कहा कि पैसे नहीं देंगे, जो करना है कर लो। 10 से ज्यादा लोग आपस में भिड़े, मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों की ओर से 10 से ज्यादा लोग जमा हो गए। देखते ही देखते बाजार में मारपीट शुरू हो गई। व्यस्त इलाका होने के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। लोगों ने इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही बिहार थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। जांच में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में सदर डीएसपी वन नुरुल हक ने बताया कि फल के पैसे को लेकर मारपीट की घटना हुई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
मोतिहारी में जहरीली शराब से 10वीं मौत:रघुनाथपुर के लड्डू साह की इलाज के समय गई जान
मोतिहारी में जहरीली शराब कांड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव निवासी 35 वर्षीय लड्डू साह की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पिछले कई दिनों से मदन राज नर्सिंग होम में भर्ती थे। बताया गया है कि लड्डू साह ने 1 अप्रैल की देर शाम जहरीली शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। 2 अप्रैल को परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। उनके साथ भर्ती हुए तीन अन्य लोगों की हालत में सुधार हुआ, लेकिन लड्डू साह को बचाया नहीं जा सका। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव परिजनों को सौंप दिया गया लड्डू साह की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव परिजनों को सौंप दिया गया। लड्डू साह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। वह टेम्पो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में बूढ़ी मां, पत्नी और पांच बेटियां हैं, जिनमें से एक बेटी विवाह योग्य है। पिता की मृत्यु के बाद से ही घर की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। एक बार फिर प्रशासन और समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। जहरीली शराब कांड ने एक बार फिर प्रशासन और समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहरीली शराबकांड में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 10 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों में लड्डू साह, चंदू कुमार, प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी, हीरालाल भगत, लालकिशोर राय, संपत साह, लड्डू साह, विनोद शाह और योद्धा मांझी हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश, गर्मी से मिली राहत
दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में मंगलवार सुबह बारिश हुई, जिससे बढ़ते तापमान से लोगों को राहत मिली
जोधपुर शहर में देर रात मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। शहर के कई हिस्सों में रात एक बजे के करीब मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। जोधपुर के बासनी क्षेत्र में देर रात तेज धमाके जैसी आवाज से लोग दहशत में नजर आए। बारिश की वजह से जोधपुर में अधिकतम तापमान में भी 3 डिग्री के करीब गिरावट देखने को मिली। शहर में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि सुबह के समय का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि बिजली गिरने को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर लोग सहम गए। इस दौरान कई जगहों पर बिजली भी काट दी गई। वहीं मौसम विभाग की ओर से आज भी जोधपुर, फलोदी सहित कई जिलों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के मुताबिक बारिश के साथ ही बिजली गरजने जैसी भी स्थिति बन सकती है। इसलिए सावधानी बरतें।।
करनाल में डेरे से दो भैंस चोरी:रात में अंधेरे का फायदा उठाकर घुसे चोर; तलाश में जुटी पुलिस
करनाल जिला में मधुबन क्षेत्र के गांव कुटेल में खेत में बने डेरे से रात के समय चोर दो भैंस चोरी कर ले गए। सुबह घटना का पता लगने पर पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चोरी की इस वारदात से क्षेत्र के किसानों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने जल्द से जल्द चोरों को पकड़ने की मांग की है। रात में डेरे से भैंस ले गए चोर गांव कुटेल के महा सिंह पुत्र रामचन्द्र नम्बरदार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने खेत में बने डेरे पर रहता है। 6-7 अप्रैल की रात को अज्ञात चोर उसके डेरे में घुस आए और वहां बंधी दो भैंस चोरी कर ले गए। जब वह सुबह उठा, तो उसे मौके पर भैंस नहीं मिली। इसके बाद आसपास के लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए और तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पीड़ित ने बताया कि भैस चोरी होने से उसका करीब एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पीड़ित ने मधुबन थाना पुलिस में अपनी शिकायत दी है। पीड़ित महा सिंह ने पुलिस से चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उसकी भैंसों को जल्द से जल्द बरामद करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर राममेहर को सौंपी गई है। जांच अधिकारी का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश में जुटी टीम पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू कर दी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि आरोपियों का सुराग लगाया जा सके।
कानपुर सेंट्रल-असारवा स्पेशल ट्रेन शुरू:डूंगरपुर स्टेशन पर भी रुकेगी, यात्रियों को मिलेगी राहत
गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने कानपुर सेंट्रल-असारवा-कानपुर सेंट्रल साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा शुरू करने का फैसला किया है। यह ट्रेन डूंगरपुर रेलवे स्टेशन पर भी रुकेगी, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। उत्तर—पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि यह विशेष ट्रेन सीमित अवधि के लिए चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुगम यात्रा विकल्प प्रदान करना है। गाड़ी संख्या 01905, कानपुर सेंट्रल-असारवा साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक (कुल 15 फेरे) प्रत्येक सोमवार को कानपुर सेंट्रल से सुबह 8:15 बजे रवाना होगी। यह अगले दिन मंगलवार सुबह 5:45 बजे असारवा पहुंचेगी। इसी तरह, गाड़ी संख्या 01906, असारवा-कानपुर सेंट्रल साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 7 अप्रैल से 14 जुलाई तक (कुल 15 फेरे) प्रत्येक मंगलवार को असारवा से सुबह 8:55 बजे चलेगी। यह बुधवार सुबह 7:00 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी।यह ट्रेन अपने मार्ग में इटावा, फिरोजाबाद, टूंडला, ईदगाह, फतेहपुर सीकरी, रूपबास, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, केशोराय पाटन, बूंदी, मांडलगढ़, चंदेरिया, मावली, राणाप्रतापनगर, उदयपुर सिटी, जावर, सेमारी, डूंगरपुर, शामलाजी रोड और हिम्मतनगर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी। रेलसेवा में कुल 19 डिब्बे लगाए जाएंगे। इनमें 1 सेकंड एसी, 2 थर्ड एसी, 9 स्लीपर, 5 सामान्य श्रेणी और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं।रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि इस विशेष ट्रेन के संचालन से गर्मी के मौसम में यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
अशोकनगर में नवीन तहसील कार्यालय का विरोध:उद्घाटन में न बुलाने पर वकीलों ने दी काम न करने की चेतावनी
अशोकनगर में नवीन तहसील कार्यालय के उद्घाटन को लेकर वकीलों ने विरोध किया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में इस कार्यालय का लोकार्पण किया था। वकीलों का आरोप है कि उन्हें इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। सोमवार शाम को सभी वकील तहसील कार्यालय में एकत्रित हुए और उन्होंने जोरदार विरोध दर्ज कराया। वकीलों ने चेतावनी दी है कि वे नए भवन में काम नहीं करेंगे। अभिभाषक संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर साहू ने बताया कि न्याय व्यवस्था में वकीलों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि नए भवन में वकीलों और टाइपिस्टों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। इतने बड़े लोकार्पण कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के किसी भी सदस्य को आमंत्रित नहीं किया गया, जिस पर उन्होंने कड़ा विरोध जताया। अध्यक्ष साहू ने आगे कहा कि इस संबंध में वे अपना विरोध और तेज करेंगे। वे संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे और मुख्यमंत्री तथा पीएमओ में भी इसकी शिकायत करेंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कोई भी वकील नए भवन में प्रवेश नहीं करेगा, जिससे तहसील का संचालन मुश्किल हो जाएगा।
बाड़मेर शहर के शास्त्री नगर अंडरपास के पास सोमवार शाम करीब 7 बजे एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसका दाहिना हाथ कटकर अलग हो गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को एम्बुलेंस के जरिए बाड़मेर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया। मुनाबाव- बाड़मेर पैसेंजर ट्रेन से हुआ हादसाजीआरपी पुलिस के अनुसार मुनाबाव से बाड़मेर आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में युवक आया। हादसा शास्त्री नगर अंडरपास के पास हुआ, जहां वह अचानक ट्रेन के सामने आ गया। शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया का सहाराहेड कॉन्स्टेबल चुन्नीलाल ने बताया - घायल युवक की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने उसकी शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया पर फोटो जारी किए हैं, ताकि परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।
सवाई माधोपुर में मंगलवार को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र जयपुर ने आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं कई जिलों में ओले गिरने की चेतावनी भी दी गई है। सुबह से ही जिले में बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं चल रही हैं। सूरज भी बादलों के बीच लुकाछिपी करता नजर आया। पहले भी गिर चुके हैं ओले, फिर दिख रहा असरइससे पहले 4 अप्रैल को जिले के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि हो चुकी है। अब एक बार फिर नए वेदर सिस्टम का असर दिखाई दे रहा है, जिससे मौसम में अचानक बदलाव हुआ है। तापमान में उतार-चढ़ाव, अब गिरावट के आसारसोमवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को अधिकतम 31 और न्यूनतम 19 डिग्री, शनिवार को अधिकतम 29 और न्यूनतम 18 डिग्री, जबकि शुक्रवार को अधिकतम 27 और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले चार दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 24 घंटे में भी तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन मौसम में बदलाव के चलते अब इसमें गिरावट की संभावना है। 8 अप्रैल तक असर, 9 से मौसम साफ होने के संकेतमौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 8 अप्रैल को भी इस नए सिस्टम का असर पूर्वी राजस्थान के भरतपुर संभाग में रहेगा, जिसका प्रभाव सवाई माधोपुर में भी देखने को मिलेगा। 9 अप्रैल से मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है।
श्री शिव महापुराण कथा की पूर्व संध्या पर आज राजेन्द्र मार्ग स्कूल ग्राउंड से शाम को कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के सानिध्य में निकलने वाली इस शोभायात्रा में महामंडलेश्वर और संत भी शामिल रहेंगे। शोभायात्रा राजेन्द्र मार्ग, लक्ष्मीनारायण मंदिर मार्ग, मुरली विलास रोड, अंबेडकर सर्किल, गोल प्याऊ चौराहा, बालाजी मार्केट, सूचना केंद्र चौराहा होते हुए पेच एरिया, नेताजी सुभाष मार्केट और संकटमोचन हनुमान मंदिर से होकर वापस राजेन्द्र मार्ग स्कूल पहुंचेगी। इसमें महिलाएं सिर पर मंगल कलश और पुरुष साफा व सफेद वेशभूषा में शामिल होंगे। मेडिसिटी ग्राउंड पर तैयारियां पूरी, विशाल डोम तैयार आजादनगर स्थित मेडिसिटी ग्राउंड में कथा के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने बताया कि करीब 11 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में से साढ़े चार लाख वर्ग फीट में तीन बड़े वाटरप्रूफ डोम और पाइप पांडाल बनाए गए हैं। गर्मी से बचाव के लिए कूलर-पंखे, पेयजल, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। साथ ही करीब 250 अस्थायी शौचालय और चलित शौचालय भी उपलब्ध रहेंगे। दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी कथासमिति के अध्यक्ष और भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने बताया - 8 से 14 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक कथा आयोजित होगी। आयोजन को डिस्पोजेबल मुक्त रखने का लक्ष्य रखा गया है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम, नगर विकास न्यास और सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। भीड़ को देखते हुए गहने पहनकर न आने की अपीलसमिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जागेटिया ने बताया - बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कानून व्यवस्था और यातायात को ध्यान में रखते हुए विशेषकर महिलाओं से अपील की गई है कि वे कीमती आभूषण पहनकर न आएं। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और आवागमन के अलग-अलग मार्ग और गेट निर्धारित किए गए हैं। प्रतिदिन 20-20 हजार लोगों के लिए भोजन व्यवस्थाबाहरी श्रद्धालुओं के लिए पन्नाधाय सर्किल के पास भोजनशाला तैयार की गई है। यहां ईंट-मिट्टी की 12 भट्टियों पर भोजन बनाया जाएगा। प्रतिदिन सुबह-शाम करीब 20-20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है, जिसमें पथमेड़ा गोशाला से मंगाया गया शुद्ध घी उपयोग में लिया जाएगा। संतों के सानिध्य में भंडारा, बड़े अतिथि आमंत्रित13 अप्रैल को संतों और महंतों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन होगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और मां मंशादेवी मंदिर हरिद्वार के अध्यक्ष तथा श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा मायापुर हरिद्वार के सचिव महंत रविन्द्रपुरी महाराज के सानिध्य में यह भंडारा होगा, जिसमें देशभर से महामंडलेश्वर और संत शामिल होंगे। इन अतिथियों को किया आमंत्रितश्री शिव महापुराण कथा के लिए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को आमंत्रित किया गया है। पत्रकार वार्ता में समिति के संयोजक गजानंद बजाज, सह संयोजक सत्येन्द्र बिरला, महासचिव पीयूष डाड, कन्हैया लाल स्वर्णकार और सचिव ललित सोमानी मौजूद रहे।
बिहार में एक तरफ जहां तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर जल्द ही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज पूरे राज्य में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में आंधी के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होती रहेगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। खासकर 8 और 9 अप्रैल को मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव से पूरे राज्य में मौसम अस्थिर बना हुआ है। पटना में मौसम का हाल राजधानी में भी मौसम बदला हुआ रहेगा। आज और अगले कुछ दिनों तक यहां बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। गरज-चमक और वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा। तापमान में हल्की गिरावट आएगी, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसा मौसम क्यों बना हुआ है दरअसल, इस समय पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। साथ ही बंगाल की खाड़ी से नमीयुक्त हवाएं बिहार की ओर आ रही हैं। इन दोनों के मिलने से वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। इसके अलावा, क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी सक्रिय है, जिससे बादल तेजी से बन रहे हैं और गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। यही वजह है कि अचानक तेज हवा, बिजली गिरना और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन रही हैं। लोगों के लिए जरूरी सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। सुरक्षित स्थान पर ही रहें। किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। तैयार फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित जगह पर रखें। खेत में रखी फसल को ढंक दें ताकि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान कम हो सके। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने कहा है कि लोग समय-समय पर जारी मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर रखें और उसी के अनुसार अपने दैनिक और कृषि कार्य करें। आने वाले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत है।
लुधियाना में एक व्यक्ति ने स्टूडेंट के साथ श्मशानघाट में रेप किया। आरोपी ने स्टूडेंट को स्कूल जाते हुए धमकी दी और उसके बाद अगवा करके उसे श्मशान घाट में ले गया। आरोपी पीड़ित स्टूडेंट का पड़ोसी है। पुलिस ने पीड़ित स्टूडेंट की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ थाना जमालपुर में एफआईआर दर्ज कर दी है। घटना जमालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साहिबाना की है। आरोपी की पहचान नीरज कुमार के रूप में हुई और उसकी उम्र 35 साल है। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। स्कूल जाते समय रास्ते से किया अगवा पीड़िता की मां ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी 1 अप्रैल को सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। जब वह मोहल्ले से थोड़ी दूर पहुंची तो गली में ही रहने वाले नीरज कुमार ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोपी ने नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी और जबरन अपने मोटरसाइकिल पर बैठाकर राम नगर की ओर ले गया। शादी का दबाव बनाया, फिर श्मशानघाट में की दरिंदगी शिकायत के मुताबिक आरोपी काफी देर तक छात्रा को मोटरसाइकिल पर घुमाता रहा और उस पर शादी करने के लिए दबाव बनाता रहा। जब छात्रा ने घर वापस जाने की गुहार लगाई तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। इसके बाद आरोपी छात्रा को गांव साहिबाना के श्मशान घाट ले गया,जहां उसने नाबालिग की मर्जी के खिलाफ उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे मोहल्ले के पास छोड़कर फरार हो गया। घर पहुंचकर बेटी ने आपबीती सुनाई घटना के बाद जब छात्रा घर पहुंची तो वह काफी डरी और सहमी हुई थी। मां के पूछने पर उसने रोते हुए आपबीती सुनाई। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की कार्रवाई:गंभीर धाराओं में मामला दर्ज जमालपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी नीरज कुमार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज की है,जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2)(अगवा करना), 87,64 (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी बोले शिकायत मिलते ही मामला दर्ज कर लिया गया है। महिला सुरक्षा और बच्चों के खिलाफ अपराध पर पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
बीकानेर में दो समुदायों में पत्थरबाजी:छेड़छाड़ के आरोप पर बढ़ा विवाद, इलाका बना पुलिस छावनी
बीकानेर के नयाशहर थाना क्षेत्र के चौखूंटी इलाके में सोमवार रात छेड़छाड़ के आरोप को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। मामूली कहासुनी के बाद मामला बढ़कर पत्थरबाजी तक पहुंच गया, जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। SHO रोहित चौधरी ने बताया- घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पूरे क्षेत्र में पुलिस बत तैनात किया। हालात को काबू में करने के लिए रातभर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत है। उपद्रव करने वाले युवकों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से परिवाद नहीं दिया गया है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। विरोध करने पर मारपीट, फिर जुटे दोनों पक्षआरोप है कि कुछ युवक छेड़छाड़ कर रहे थे। इसका विरोध करने पर वे मारपीट पर उतारू हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और विवाद बढ़ गया। दोनों पक्षों ने लोगों ने एक-दूसरे पत्थर फेंके। फिलहाल घटना में किसी के भी चोटिल होने की सूचना नहीं है। पुलिस और भाजपा नेता आपस में उलझे घटना की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और भाजपा नेता वेद व्यास मौके पर पहुंचे। इस दौरान वेद व्यास और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। भाजपा नेता विजय उपाध्याय भी देर रात तक मौके पर मौजूद रहे।
संघ प्रमुख मोहन भागवत और सीएम योगी आदित्यनाथ 7 अप्रैल को वृंदावन के वंशीवट स्थित मलूकपीठ में जगतगुरु मलूक दास के 452वीं जयंती समारोह में शामिल होंगे। भक्ति काल में जन्मे संत मलूक दास वैष्णव साधु परंपरा के प्रमुख संतों में से एक हैं। कड़ा में जन्मे (पहले प्रयागराज-इलाहाबाद में आता था…. अब कौशांबी में स्थित है) संत मलूक दास सामाजिक समानता, ईश्वर की आराधना और मानवता के समर्थक थे। 108 वर्ष तक जीवित रहे संत मलूक दास जी का गोलोक गमन वृंदावन में हुआ जहां आज भी उनकी समाधि बनी हुई है। एक समाधि उनके जन्मस्थान कड़ा में भी है। खत्री परिवार में जन्मे मलूक चंद कैसे संत बने…संत बनने की कहानी क्या है? पढ़िए… कारोबारी के परिवार में जन्मे मलूक चंद…बन गए संत मथुरा वृंदावन मलूक पीठ से जुड़े संत धनंजय दास ने बताया कि मलूक दास का बचपन का नाम मलूक चंद था। परिवार कपड़े के व्यापार से जुड़ा था, इसलिए उनसे भी यही अपेक्षा थी कि वे बड़े होकर व्यापार संभालें। एक दिन उनके पिता ने उन्हें कपड़े बेचने के लिए भेजा। प्रयाग में जब वह कपड़े बेचने गए तो…कथा सुनी-संतों के दर्शन हुए। भक्ति मार्ग जागृत हुआ। मन में विचार आया कि जब भगवान ही सबकुछ करने वाले हैं, तो मैं क्यों न भगवान का आश्रय लेकर रहूं। उन्होंने सारे कपड़े संतों को दान कर दिए और जंगल में जाकर पेड़ पर बैठ सीताराम का जाप करने लगे। पूरा दिन निकल गया कुछ नहीं मिला लेकिन जाप नहीं छोड़ा। इसी दौरान एक व्यक्ति झोला लेकर पहुंचा। देर रात होने के कारण झोला पेड़ पर टांग दिया। तभी कुछ डकैतों की आहट सुन वह झोला छोड़कर भाग गया। इसके बाद डकैत आए और झोला देखकर उसको खोला तो खाने-पीने का सामान था। इसी दौरान डकैतों के सरदार ने कहा कि इतने घने जंगल में यह कहां से आया कहीं इसमें जहर तो नहीं है। इसके बाद उसे रखने वाले की तलाश हुई। देखा पेड़ पर संत मलूक दास बैठे हैं। डकैतों ने उनको नीचे उतारा और जबरन उनको झोले में रखे लड्डू कचौड़ी खिलाने लगे। यह देख संत मलूक दास जी की आंखों में आंसू आ गए। उन्हें विश्वास हो गया कि ईश्वर ही सब कुछ हैं। इसी घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने महसूस किया कि संसार का मोह-माया क्षणिक है और सच्चा सुख सेवा, भक्ति और त्याग में है। धीरे-धीरे उन्होंने सांसारिक जीवन से दूरी बनाकर भक्ति का मार्ग अपना लिया। वे ईश्वर की भक्ति, सत्संग और जनसेवा में लग गए। उनकी वाणी में इतनी सादगी और सच्चाई थी कि लोग उनसे प्रभावित होकर उन्हें संत मानने लगे। ये दोहा हुआ प्रसिद्ध संत मलूक दास आलसी होने के बजाय ईश्वर पर विश्वास करने का संदेश देते थे। वह कहते थे कि अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए सबके दाता राम। इसका अर्थ था अजगर किसी की नौकरी न करे, पक्षी काम न करे लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो सबका भला राम जी करते हैं। उन्होंने दीन दुखियों की सहायता को ही सच्ची भक्ति माना। वह कृष्ण भक्ति किया करते थे। वृंदावन को बनाया साधना स्थली संत मलूक दास जी का साहित्य में भी योगदान रहा। उनकी रत्न खान, मलूक शतक और ज्ञान बोध जैसी रचनाएं प्रमुख हैं। उन्होंने पंजाबी, उर्दू, ब्रज भाषा और खड़ी बोली में रचनाएं लिखीं। संत मलूक दास ने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। जहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई। जो वर्तमान में मलूक पीठ के नाम से विख्यात है। संत मलूक दास का जन्म वैशाख की पंचमी को करीब 451 वर्ष पहले (1574) माना जाता है। वह 108 वर्ष तक जीवित रहे। इनकी समाधि मलूक पीठ में ही स्थापित है। निर्गुण सगुण भक्ति के अनुयायी संत मलूक दास जी का स्थान पहले मलूक अखाड़ा था जहां वह संतों के साथ रहते और भगवान कृष्ण की सेवा,भजन और कामों में लीन रहते थे। वर्तमान में मलूक पीठ का संचालन प्रसिद्ध संत देवाचार्य राजेंद्र दास महाराज करते हैं। यहां संत, गौ, बृजवासी सेवा अनवरत चलती है। संत मलूक दास जी को अवध के संत से शिक्षा प्राप्त हुई जिसके बाद उनको आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त हुआ। वह स्वभाव से उदार और कोमल हृदय थे। प्रेमानंद महाराज भी हैं भक्त जगद्गुरु मलूकदास महाराज के भक्त प्रेमानंद महाराज भी हैं। बीते दिनों वह पहाड़ी बाबा गौशाला में आयोजित समारोह में शामिल हुए थे। यहां संत प्रेमानंद महाराज ने साधु संतों के दर्शन किए और भगवान सीताराम के स्वरूपों का पूजन अर्चन किया। संत प्रेमानंद महाराज यहां करीब एक घंटे तक रहे। कौशांबी में मौजूद है संत की गद्दी, साधना केंद्रदैनिक भास्कर कौशांबी स्थित मालूक दास के आश्रम भी पहुंचा। यहां कड़ा में आज भी संत मलूक दास की गद्दी, गुफा और साधना केंद्र मौजूद है। हमने मौजूदा समय में 15 वें उत्तराधिकारी के रूप देख रेख कर रहे महंत शिवा कांत पांडेय से बात की। महंत शिवा कांत पांडेय ने बताया कि उन्होंने औरंगजेब के सामने कुछ चमत्कार दिखाए थे, जिससे औरंगजेब भी उनका भक्त बन गया था। महंत शिवा कांत पांडेय ने बताया कि मालूक दास जी के पारिवारिक लोग लखनऊ, दिल्ली व महाराष्ट्र में रहते हैं बीच-बीच में वो कभी कदार आकर आश्रम में देख रेख करते हैं। हर साल मालूक दास की जयंती पर उनके परिवार से जुड़े लोग आते है यहां पूजा-अर्चना करते हैं और विशाल भंडारे का भी आयोजन होता है जिसमें प्रदेश ही नही अन्य प्रदेश में मौजूद उनके अनुयायी आते हैं। मलूक गुफा में लगी हैं लखौरी ईंट, लिखे हैं संत के लिखे दोहे संत मलूक दास के आश्रम में मलूक गुफा बनी है। महंत शिवा कांत पांडेय का कहना है कि हम सुनते आ रहे हैं कि यहीं पर बैठकर संत मलूक दास साधना जप-तप किया करते थे। गुफा के अंदर लखौरी ईटें लगी हैं। दीवारों पर मलूक दास के तमात तरह के दोहे भी लिखे गए हैं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… जिसके तलाक पर ढोल-नगाड़े बजे, वो बोली-बहुत दुख झेला:मेरठ में रिटायर्ड जज पिता बोले- मेजर से डाइवोर्स अंत नहीं, नई शुरुआत ‘मैंने मानसिक रूप से काफी संघर्ष झेला। एंग्जायटी-डिप्रेशन तक फेस किया, लेकिन आज मैं यहां हूं क्योंकि मेरे परिवार ने मेरा साथ दिया। मेरे माता-पिता ने समाज नहीं, मेरी खुशी को चुना। हर लड़की को ऐसा सपोर्ट मिलना चाहिए। जब तक लड़की अपने पैरों पर खड़ी न हो जाए, उसकी शादी नहीं करनी चाहिए।’ ये बातें मेरठ की प्रणिता शर्मा ने कही। पढ़ें पूरी खबर
मधुबनी जिले के मधेपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर-भगवानपुर स्थित ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल में 12 वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में स्कूल संचालक ऋषि कुमार कर्ण को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। झंझारपुर के एसडीपीओ सुबोध कुमार सिन्हा ने सोमवार शाम पत्रकारों को बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा किया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सह रेफरल अस्पताल से मृतक छात्र का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। घटनास्थल पर तुरंत एफएसएल टीम भी भेजी गई। विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन किया घटना के बाद विद्यालय संचालक सहित सभी शिक्षक स्कूल बंद कर फरार हो गए थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का अवलोकन किया। घटना की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जो सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि विद्यालय संचालक ने छात्र के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया। छात्र को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया गया और उसे झाड़ू लगाने का आदेश दिया गया। छात्र लगभग 40 मिनट तक कमरे में बंद रहा, जहां खिड़कियां भी बाहर से बंद कर दी गई थीं। शिक्षिका ने कमरे का ताला खुलवाया तो छात्र फंदे से लटका मिला फुटेज में साफ तौर पर देखा गया कि छात्र पहले बंद कमरे में झाड़ू लगाता है, फिर कुछ देर तक रोता है। अंत में वह बेडशीट फाड़कर उससे रस्सी तैयार करता है और एक कील पर रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर लेता है। काफी देर बाद एक शिक्षिका ने कमरे का ताला खुलवाया तो छात्र फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में विद्यालय प्रबंधक उसे अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सकों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान भेजा थाना क्षेत्र के सुंदरी गांव निवासी भजन महतो के पुत्र विकेश कुमार के रूप में हुई है। विकेश कुमार पिछले दो वर्षों से इसी विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
दरभंगा में प्रेम ज्वेलरी शॉप से लूटकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। एसटीएफ, दरभंगा और बेगूसराय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार छह बदमाशों को रिमांड पर लेने की तैयारी है। रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ करेगी। घटना बेगूसराय और समस्तीपुर जिला के सीमावर्ती मंसूरचक थाना क्षेत्र के नारायणपुर चौक के पास की है। गिरफ्तार आरोपियों में बेगूसराय जिला निवासी मंगल कुमार, अविनाश कुमार, गौतम कुमार, विक्की कुमार और आर्यन कुमार शामिल है। पवन झा मधुबनी के भैरव स्थान थाना क्षेत्र का रहने वाला है। मंगल कुमार के खिलाफ बेगूसराय के मुफस्सिल थाना में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। आर्यन के खिलाफ समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना में आर्म्स एक्ट का केस दर्ज है। पूछताछ में कबूला जुर्म सभी आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपी मंगल कुमार ने 24 मार्च को बेगूसराय के तेघड़ा क्षेत्र में हुए एक्सिस बैंक लूटकांड में भी शामिल होने की बात कबूल की है। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि बेगूसराय में गिरफ्तार आरोपियों को दरभंगा लाकर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ कर लूटे गए सोना-चांदी की बरामदगी और पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी जारी है। मुठभेड़ के बाद दबोचे गए अपराधी तेघड़ा डीएसपी को शनिवार को सूचना मिली थी कि दरभंगा में 2 करोड़ के जेवरात लूटकांड में शामिल बदमाश होटल पर है। इस सूचना के आधार पर पुलिस की टीम होटल पहुंची तो बदमाश नाश्ता कर रहे थे। पुलिस को देखते ही भागने लगे। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। इसमें एक बदमाश के पैर में गोली गली है। पुलिस ने घायल समेत 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। घायल बदमाश बलिया थाना क्षेत्र के गोखले नगर विष्णुपुर के रहने वाले अखिलेश कुमार का बेटा मंगल कुमार (20) है। मौके से 1 पिस्टल, 1 देसी कट्टा, 9 जिंदा कारतूस, 3 बाइक, 4 मोबाइल, चांदी के जेवरात बरामद की गई। अब जानिए क्या है पूरा मामला शुक्रवार को दिनदहाड़े बड़ा बाजार स्थित प्रेम ज्वेलरी शॉप से 2 करोड़ के जेवरात की लूट हुई थी। 4 अपराधियों ने ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाते हुए हथियार के बल पर इस वारदात को अंजाम दिया है। अपराधी 25 लाख कैश भी लेकर फरार हो गए। घटना नगर थाना क्षेत्र के बड़ा बाजार की है। अपराधियों ने 20 मिनट में वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों के भागने का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जिसमें वो मुंह बांधकर भागते नजर आ रहे है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल है। कुछ बोला तो ठोक देंगे, चुपचाप बैठो ज्वेलरी दुकान के मालिक मनोज ठाकुर ने कहा, मैं ग्राहक से डील कर रहा था। दुकान में सोने और चांदी का सामान बिखरा हुआ था। 4 बदमाश पहुंचे। सभी के हाथ में पिस्टल थी। बदमाशों ने सभी को गाली दी। हमने कोई भी विरोध नहीं किया। बदमाशों ने कहा था कि कोई भी कुछ बोलेगा तो ठोक देंगे। 4 बैग में ज्वेलरी और कैश भरकर ले गए।' 2 करोड़ की ज्वेलरी और 20 लाख के आसपास कैश लेकर बदमाश गए है। दुकान में सेम डे का कैश थोड़ी रहता है। दुकान में उस वक्त 2 ओनर, 2 कर्मी और 2 ग्राहक थे। ग्राहक का कैश भी बदमाश लेकर गए है। बदमाश पूरी तरह से आक्रमक थे।
जैसलमेर में आज आंधी-बारिश का अलर्ट:रात को जमकर हुई बरसात, सुबह फिर से दौर शुरू; किसानों की चिंता बढ़ी
जैसलमेर में मंगलवार अलसुबह चांधन समेत कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हुआ। मौसम विभाग ने जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले 24 घंटों में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। इससे पहले सोमवार रात करीब 9:40 बजे शहर में तेज बौछारों के साथ बारिश शुरू हुई, जो लगभग 15 मिनट तक चली। तेज बारिश के चलते शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। ग्रामीण इलाकों में भी कहीं तेज गर्जना के साथ बारिश हुई तो कहीं हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। दिनभर बादल और तेज हवा, शाम को बदला मौसमसोमवार सुबह से ही शहर में बादलों की आवाजाही बनी रही। दोपहर होते-होते हवाओं की रफ्तार बढ़ी और धूलभरी आंधी जैसा माहौल बन गया। शाम ढलते ही मौसम ने करवट ली और रात में बारिश शुरू हो गई। बारिश से गिरा तापमान, ठंडक बढ़ीतेज हवाओं और बारिश के कारण जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दिनों बढ़ रही गर्मी के बीच मौसम में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को राहत मिली। किसानों के लिए बढ़ी चिंतामौसम में आए बदलाव को देखते हुए कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने किसानों को कटी फसलों को तिरपाल से ढकने और सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है, ताकि पानी भराव से नुकसान न हो। जीरा-ईसबगोल और गेहूं की फसल पर खतराइस समय खेतों में जीरा, ईसबगोल और गेहूं की फसलें तैयार या कटाई के दौर में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश या ओलावृष्टि होने पर जीरा और ईसबगोल की फसल को भारी नुकसान हो सकता है, जबकि गेहूं की फसल में दाने झड़ने और फसल गिरने का खतरा बना हुआ है।
किशनगंज में मजदूर ने किया सुसाइड:पत्नी बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी, कर्ज के दबाव से था परेशान
किशनगंज में पत्नी के फरार होने और कर्ज के दबाव से मानसिक रूप से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रविवार शाम को कोचाधामन थाना क्षेत्र के कन्हैया बाड़ी शर्मा टोला में हुई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय जमरू कुमार शर्मा, पिता करबुलिया शर्मा के रूप में की गई है। जमरू का शव उसके टीन के घर में फांसी के फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और रस्सी काटकर शव को नीचे उतारा। घटनास्थल पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने भी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। 7 साल पहले हुई थी शादी परिजनों ने बताया कि जमरू की शादी सात वर्ष पहले हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं। वह रोजगार के सिलसिले में बाहर रहता था। जमरू की अनुपस्थिति में उसकी पत्नी ने उसे बिना बताए 70 हजार रुपये का कर्ज ले लिया था। बाद में वह बच्चों को घर में छोड़कर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। फाइनेंस कर्मी उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाने लगे पत्नी के फरार होने के बाद जब जमरू घर लौटा, तो फाइनेंस कर्मी उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाने लगे। पत्नी के वियोग और कर्ज के दबाव के कारण जमरू डिप्रेशन में चला गया था और गुमसुम रहने लगा था। उसकी मौत के बाद अब परिजनों को उसके बच्चों के पालन-पोषण की चिंता सता रही है।
प्राइवेट स्कूलों में कमीशन के चक्कर में बच्चों को किताब व ड्रेस अपने ही परिचित दुकान से लेने का दबाव बनाया जाता है। यही कारण है कि मनमानी दामों पर दुकानदार किताबें बेच रहे हैं। सीधा कमीशन स्कूल संचालकों को मिल रहा है। सिर्फ कापी और किताब ही नहीं बल्कि ड्रेस व जूते, मोजे तक बाहर अपने परिचित दुकानों पर खरीदने का दबाव बनाते हैं। इसे लेकर DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त आदेश जारी किया है। सभी स्कूल व कालेजों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सीधे स्कूल प्रिंसिपल और मैनेजर पर होगी। पैरेंट्स लगातार कर रहे हैं शिकायत दरअसल, स्कूलों की इस मनमानी की शिकायतें लगातार उच्चाधिकारियाें व शासन स्तर पर हो रही हैं। अब प्रदेश में नए शैक्षिक सत्र शुरू होते ही निजी स्कूलों की फीस और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शासन ने सख्त रुख अपना लिया है। स्पष्ट जारी निर्देश जारी करते हुए DIOS ने कहा है कि सभी स्ववित्त पोषित विद्यालयों में फीस निर्धारण पूरी तरह नियमों के तहत ही किया जाए और किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2020 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत सत्र 2026-27 के लिए फीस तय करते समय निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। 2018 के आदेश का सख्ती से होगा पालन: DIOS सरकार ने स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने पर भी सख्ती दिखाई है। DIOS के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोई भी विद्यालय यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे आदि को व्यावसायिक दृष्टि से नहीं बेच सकता और न ही अभिभावकों को किसी एक निश्चित दुकान से खरीदारी करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। यह प्रावधान अधिनियम 2018 के अध्याय-2 के तहत पहले से लागू है, जिसे अब सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायत प्राप्त होती है या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन स्वयं जिम्मेदार होगा। अभिभावक DIOS से करें शिकायत शिक्षा विभाग का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य अभिभावकों को राहत देना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। हर साल फीस बढ़ोतरी और जबरन खरीदारी की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी स्कूलों को निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा हो तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग में दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र स्थित स्मृति नगर चौकी इलाके में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने फरार महिला आरोपी सोनिया गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पहले ही आरोपी कांग्रेस नेता राजू पाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार युवक से लगातार पैसों की मांग कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कोहका निवासी सृजन कन्हैया पांडेय ने सूचना दी थी कि मोहन रामटेके (42) 28 मार्च 2026 की सुबह अपने घर में मृत अवस्था में मिला था। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ लोग सृजन से 1 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। पैसे नहीं देने पर वे बार-बार उसके घर जाकर और फोन के माध्यम से उसे परेशान कर रहे थे। मानसिक प्रताड़ना के कारण तनाव में था युवक दोनों आरोपी मोहन रामटेके से एक लाख रुपए की मांग कर रहे थे। लगातार हो रही मानसिक प्रताड़ना के कारण मोहन रामटेके गहरे तनाव में था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि पैसों की मांग और दबाव के चलते ही उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। इसके बाद सुपेला थाना की स्मृति नगर चौकी में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें कांग्रेस नेता राजू पाल और सोनिया गोस्वामी के नाम लिखे हुए थे। जांच के बाद हुई गिरफ्तारी सुसाइड नोट में लिखे नामों की जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया। इसके बाद कांग्रेस नेता राजू पाल को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, मामले में शामिल महिला आरोपी सोनिया गोस्वामी घटना के बाद से फरार चल रही थी और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। 6 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि सोनिया गोस्वामी अपने गांव जेवरासिरसा में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को विधिवत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया।
बंगाल में बनी ट्रफ लाइन के असर से छत्तीसगढ़ में अंधड़ और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिन राज्य के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। प्रमुख वर्षा वाले क्षेत्रों में कपु (20 मिमी), पेंड्रा रोड (20 मिमी), पसान (10 मिमी), कुनकुरी (10 मिमी), तमनार (10 मिमी), कोरबा (10 मिमी) और खड़गांव (10 मिमी) शामिल हैं। तापमान की बात करें तो पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 37.5 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले 2 दिनों का आउटलुक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावनागरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। साइक्लोनिक सर्कुलेशनन के चलती बदल रहा मौसम प्रदेश के मौसम पर दो ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण ( साइक्लोनिक सर्कुलेशनन) का असर बना हुआ है। एक उत्तर-पूर्व विदर्भ और दूसरा ओडिशा के आसपास 0.9 किमी ऊंचाई पर सक्रिय है। यही सिस्टम बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बना रहे हैं। रायपुर का लोकल फोरकास्ट राजधानी में बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम तापमान 25C रहने की संभावना है।
उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र में कथली नदी पर हुए अतिक्रमणों के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य नदियों और जल स्रोतों का संरक्षण है। जिला प्रशासन को कथली नदी के किनारों पर बढ़ते अवैध निर्माणों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन अतिक्रमणों से नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित हो रही है। लगभग एक माह पहले जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भी नदियों को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई में तेजी आई है। स्थानीय लोग चंदिया की कथली नदी को 'रोग मुक्त नदी' भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि इसमें स्नान करने से कई शारीरिक रोग दूर होते हैं। यह नदी चंदिया से लगभग 7 किलोमीटर दूर बरम बाबा के जंगल से निकलती है और जंगलों से होते हुए शहर में प्रवेश करती है। शहर क्षेत्र में नदी की सीमाएं स्पष्ट रूप से चिन्हित न होने के कारण बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है। इससे न केवल नदी की सुंदरता प्रभावित हुई है, बल्कि इसके जल प्रवाह पर भी असर पड़ा है। कलेक्टर के निर्देशों के बाद नदी किनारे अवैध निर्माण करने वालों में अब हलचल देखी जा रही है।
गुरुग्राम में फॉर्म हाउस मालिक का मर्डर:ईंट-पत्थर और तेजधार हथियार से वार; घटना के बाद से नौकर फरार
गुरुग्राम जिले में सोहना स्थित एक फॉर्म हाउस मालिक की हत्या कर दी गई। यह घटना गांव हरचंदपुर के पास स्थित एक फॉर्म हाउस में हुई। मृतक की पहचान घाटा के राहुल के रूप में हुई है। राहुल का हरचंदपुर गांव के पास एक फॉर्म हाउस था। इसी फॉर्म हाउस में उसकी खून से लथपथ बॉडी मिली है। इस फॉर्म हाउस पर राहुल ने एक नौकर भी रखा हुआ था, जो घटना के बाद से लापता है। परिजनों ने नौकर पर हत्या करने का शक जताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह भेजकर नौकर की तलाश शुरू कर दी है। रविवार को फॉर्म हाउस पर गया था परिजनों के अनुसार राहुल रविवार को फॉर्म हाउस पर गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। जब परिजनों ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो कोई जवाब नहीं मिला। आशंका होने पर परिजन फॉर्म हाउस पहुंचे, जहां राहुल का शव मिला। देर रात घटना की सूचना मिलने पर सदर सोहना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राहुल की हत्या ईंट-पत्थरों और किसी तेजधार हथियार से की गई है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार नौकर की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
समस्तीपुर में डीजे संचालक के बेटे राकेश कुमार (18) की हत्या हुई थी। मर्डर गांव के 5 नाबालिगों ने मिलकर किया था। डीजे में गांव का व्यक्ति काम करता था, राकेश का उसी की बेटी के साथ अफेयर था। उससे राकेश छिपकर मिला करता था, ये बात नाबालिगों को पसंद नहीं थी। किशोरों को ये अच्छा नहीं लगता था कि उनके गांव की लड़की से कोई इस तरह से मिले। किशोरों ने राकेश को कई बार लड़की से दूर रहने को कहा था, पर राकेश उनकी बात को अनसुना कर रहा था। जिसके बाद नाबालिगों ने राकेश को क्रिकेट खेलने के लिए बुलाया। झाड़ी में ले जाकर हाथ-पैर बांध दिए। राकेश की चीख न निकले इसलिए मुंह में कपड़ा डाल दिया और फिर गला रेत दिया। पेट-सीना समेत 10 जगह चाकू से वार किए। लाश को खाली प्लॉट में फेंक दिया। चाकू को जमीन में गाड़ दिया। मामला 29 मार्च का है। 1 अप्रैल को लाश मिली थी और 6 अप्रैल को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। घटना हनसपुर थाना के मरांची उजागर गांव की है। बाइक बरामद होने के बाद लाश मिली राकेश नाबालिगों के पास अपनी बाइक से आया था। मर्डर के बाद किशोरों ने राकेश की बाइक और उसकी लाश को अलग-अलग ठिकाने लगाया था। बाइक लाश से 100 मीटर की दूरी पर 31 मार्च को बरामद हुई थी। अगले दिन राकेश की लाश मिली। लाश एक खाली जमीन पर झाड़ियों में थी। उस जमीन की बाउंड्री भी कराई गई थी, इस वजह से हत्या के 2 दिन तक किसी को लाश के बारे में पता नहीं चला। जहां बाइक मिली उसके आसपास जब पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीम ने खोजबीन शुरू की तब लाश मिली। राकेश की लाश पर नाबालिगों के फिंगर प्रिंट मर्डर करने वाले पांचों नाबालिग की उम्र 12 से 16 साल के बीच की है। राकेश की लाश पर इनके फिंगर प्रिंट भी मिले हैं। पांचों को पुलिस ने इनके घर से पकड़ा। किशोरों की निशादेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने चार मोबाइल भी जब्त किए हैं। सभी नाबालिगों को पुलिस जुमिनाइल कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट के आदेश पर किशोरों को रिमांड होम भेजा जाएगा। किशोरों ने कई बार राकेश को धमकाया था एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रोसड़ा के डीएसपी संजय सिन्हा और डीआईयू की टीम ने जांच शुरू की। किशोरों का कहना था कि गांव की लड़की पर नजर नहीं डालों, नहीं तो अंजाम बुरा होगा। लड़की को भी कई बार धमकाया था। इसके बावजूद राकेश लड़की से मिलता रहा। जिस कारण रजवा गांव के पांच लड़कों ने हत्या के लिए साजिश रची। राकेश की गला रेत और शरीर में कई जगहों पर चाकू मार कर हत्या की गई थी।
मधुबनी जिले के साहरघाट थाना क्षेत्र के बड़ाटोल में एक 9 साल के बच्चे का क्षत-विक्षत शव गेहूं के खेत से बरामद किया गया है। बालक 24 घंटे से लापता था। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और मौके पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मृतक की पहचान बड़ाटोल निवासी मो. फिरोज के पुत्र अल्तमस के रूप में हुई है। अल्तमस तीन भाइयों में सबसे छोटा था। रविवार दोपहर करीब 3 बजे वह घर से यह कहकर निकला था कि वह पांच मिनट में लौट आएगा, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं आया। गेहूं के खेत में काम कर रही महिलाओं ने बालक का शव देखा परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद कोई सुराग न मिलने पर साहरघाट थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सोमवार शाम को बड़ाटोल और महुआ के बीच कोशी नहर के पास स्थित एक गेहूं के खेत में काम कर रही महिलाओं ने बालक का शव देखा। उन्होंने तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। खबर फैलते ही घटनास्थल पर हजारों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही साहरघाट थानाध्यक्ष राकेश कुमार रौशन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। बेनीपट्टी सर्किल इंस्पेक्टर नीरज कुमार वर्मा भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम और टेक्निकल टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में दुश्मनी के कारण हत्या की आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद परिजनों में गहरा शोक है, वहीं ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने हाईप्रोफाइल राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। डिवीजन बेंच ने अमित जोगी को क्लीन चिट देने वाले CBI स्पेशल कोर्ट के फैसले को गलत और हास्यास्पद बताते हुए उसे खारिज कर दिया। साथ ही हाईकोर्ट ने अमित जोगी को इस मामले का मास्टरमाइंड भी बताया है। बताया गया है कि आकाश चैनल के डायरेक्टर ने राम अवतार जग्गी पर गोली चलाने के लिए शूटर को 5 लाख रुपए दिए थे। पढ़िए इस रिपोर्ट में आखिर हाईकोर्ट ने अमित जोगी को हत्या का मास्टरमाइंड क्यों बताया… सीएम बनाए जाने के फैसले से बढ़ा टकराव दरअसल छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी को मुख्यमंत्री बनाने के हाईकमान के फैसले को विद्याचरण शुक्ल ने कभी स्वीकार नहीं किया। इसके चलते उनके और अजीत जोगी के बीच गहरी खाई बन गई, जो धीरे-धीरे टकराव से बगावत में बदल गई। इसके बाद विद्याचरण शुक्ल ने कांग्रेस छोड़ दी और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हो गए। उन्होंने अपने साथ पार्टी के कई मजबूत नेताओं को भी जोड़ा, जिनमें रामावतार जग्गी भी शामिल थे। जग्गी कोई साधारण कारोबारी नहीं थे। चुनाव से पहले NCP की रैलियों ने बनाया माहौल 2003 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाला था। लिहाजा विद्याचरण शुक्ल और उनके बेहद करीबी रामवतार जग्गी को पार्टी के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। चुनाव से पहले रायपुर समेत अलग-अलग जिलों में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी। रैलियों के जरिए एनसीपी ने प्रदेश भर में माहौल बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान राज्य सरकार और सत्ताधारी दल के तमाम कोशिशों के बाद भी विद्याचरण और राम अवतार ने रायपुर में रैली निकालकर चुनावी शंखनाद किया। इसी बीच 4 जून 2003 को रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में राम अवतार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। राजनीतिक हत्या का लूट का दिया रंग इस घटना के बाद हमलावर फरार हो गए और पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे लूट से जुड़ा मामला बताया, लेकिन जल्द ही यह केस राजनीतिक रंग लेता गया। जग्गी के परिवार और विपक्ष ने इसे सुनियोजित राजनीतिक हत्या करार देते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी पर साजिश रचने का आरोप लगाया। राजनीतिक बवाल और परिजनों की मांग पर राज्य सरकार ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई गई। बता दें कि रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को हुई थी, तब अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे। केस की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी। राज्य में 2003 में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद रमन सिंह की सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई ने अमित जोगी समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। अमित ने कहा था- जग्गी को खत्म करना होगा, शूटर को दिए 5 लाख हत्याकांड की सीबीआई जांच हुई, जिसके बाद सीबीआई ने अमित जोगी को मास्टरमाइंड बताते हुए 1000 पन्ने का चार्जशीट पेश किया। इसमें आकाश चैनल के तत्कालीन डायरेक्टर रेजिनाल्ड जेरेमिया की गवाही सबसे अहम रही। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 21 मई 2003 को रायपुर के होटल ग्रीन पार्क में एक मीटिंग हुई थी। इसमें अमित जोगी ने खुलेआम कहा था कि एनसीपी की रैली को रोकने के लिए जग्गी को खत्म करना होगा। जेरेमिया ने यह भी बताया कि जोगी के कहने पर ही उन्होंने कोलकाता जाकर मुख्य शूटर चिमन सिंह को 5 लाख रुपए पहुंचाए थे। ट्रॉयल कोर्ट ने अमित को छोड़ सभी 28 आरोपियों को दी सजा इस मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 31 मई 2007 को फैसला दिया था, जिसमें आरोपियों को अलग-अलग सजा सुनाई गई थी। जबकि केवल अमित जोगी को बरी कर दिया था। अब हाईकोर्ट ने ट्रॉयल कोर्ट के फैसले को गलत बताया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि यह मानना हास्यास्पद है कि बाकी दोषियों ने अमित जोगी को खुश करने के लिए उनकी जानकारी के बिना इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। शूटर चिमन से परिचित था अमित जोगी सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर हाईकोर्ट ने माना कि मुख्य आरोपी चिमन सिंह, अमित जोगी का पुराना परिचित था। जांच में सामने आया कि चिमन को अमित के कहने पर ही रायपुर बुलाया गया था और उसके ठहरने का इंतजाम जोगी के करीबियों ने किया था। चिमन ने अपने कबूलनामे में भी जोगी के निर्देशों का जिक्र किया था। होटल और सीएम हाउस में बैठकें हुईं होटल ग्रीन पार्क के मैनेजर और सीएम हाउस के सुरक्षाकर्मियों की गवाही से यह साबित हुआ कि हत्या से पहले और बाद में वहां संदिग्ध बैठकें हुई थी। पैसों का लेन-देन, बत्रा हाउस, होटल ग्रीन पार्क और CM हाउस में आरोपियों की अमित जोगी के साथ बार-बार मीटिंग के सबूत साफ दिखाते हैं कि उसे शुरू से ही सारी एक्टिविटी के बारे में पता था और पूरा जुर्म अमित जोगी के कहने पर ही किया गया था। ट्रायल कोर्ट ने आरोपी अमित जोगी के मामले को दूसरे साजिश करने वालों से अलग करने का कोई कारण नहीं बताया है। कॉल डिटेल्स से भी पुष्टि हुई कि साजिशकर्ता लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। हाईकोर्ट ने कहा कि 2003 के विधानसभा चुनावों से पहले एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी, तत्कालीन सरकार के लिए एक राजनीतिक खतरा बन गए थे। उन्हें रास्ते से हटाना ही इस खूनी साजिश का मुख्य उद्देश्य था। 78 पन्ने में हाईकोर्ट ने अमित जोगी को बताया हत्या का मास्टरमाइंड डिवीजन बेंच ने इस हत्याकांड में 78 पन्नों के अपने ऐतिहासिक फैसले में अमित जोगी को उम्रकैद और 1000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने फैसले में कहा है कि अमित जोगी इस पूरी साजिश के ‘प्रिंसिपल आर्किटेक्ट’ यानी मुख्य योजनाकार थे। डिवीजन बेंच ने माना कि क्योंकि वह तत्कालीन मुख्यमंत्री के बेटे थे, इसलिए उनके पास वह रसूख और ताकत थी, जिससे उन्होंने न केवल हत्या करवाई, बल्कि राज्य की पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग कर जांच को भी भटकाया। पुलिस के साथ मिलकर रची फेक अरेस्ट की साजिश हाईकोर्ट ने कहा कि घटना के बाद तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर 5 फर्जी आरोपियों को सरेंडर कराया गया, ताकि असली दोषियों को बचाया जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि इतना बड़ा ‘सिस्टम मैनिपुलेशन’ बिना किसी पॉवरफुल व्यक्ति के संरक्षण के संभव नहीं था। बता दें कि इन 5 फर्जी आरोपियों विनोद सिंह उर्फ बादल, श्याम सुंदर उर्फ आनंद शर्मा, जाम्बवंत कश्यप, अविनाश सिंह उर्फ लल्लन और विश्वनाथ राजभर को भी 5-5 साल कैद की सजा दी गई थी। जिसे बाद में बरी कर दिया था। मामले में देरी की कोशिश पर सख्त सुनवाई के दौरान अमित जोगी के वकीलों ने बार-बार स्थगन की मांग की और वकील बदले। हाईकोर्ट ने इसे डिलेटरी टैक्टिक्स यानी मामले को लटकाने की रणनीति करार दिया। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जल्द निपटाने का निर्देश दिया है, इसलिए अब और वक्त नहीं दिया जा सकता। हाईकोर्ट ने ट्रॉयल कोर्ट के फैसले को बताया गलत हाईकोर्ट ने कहा कि अनुभवी ट्रायल जज का आरोपी अमित जोगी को बरी करने का फैसला साफ तौर पर गैर-कानूनी और गलत, रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों के खिलाफ और बिना किसी ठोस आधार पर दिया गया है। डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों पर एक ही जुर्म में शामिल होने का आरोप हो तो किसी खास आरोपी के पक्ष में बनावटी फर्क नहीं किया जा सकता। जहां प्रॉसिक्यूशन का केस सभी आरोपियों के खिलाफ एक ही सबूत पर आधारित हो तो एक आरोपी को बरी करना और दूसरों को उसी सबूत के आधार पर दोषी ठहराना न्यायोचित नहीं होगा, जब तक कि ऐसे आरोपियों के पक्ष में बरी करने का कोई मजबूत और स्पष्ट साक्ष्य न हो। जानिए केस में किसे कितनी सजा मिली थी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए 20 अप्रैल की तारीख तय की है। जोगी की ओर से दो आदेशों को चुनौती दी गई है। CBI को अपील करने की अनुमति और हाईकोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सोमवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजीव मेहता की बेंच में अमित जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा और सिद्धार्थ दवे ने पक्ष रखा। वकीलों ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने अपने फैसलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया और बिना सुनवाई का मौका दिए आदेश जारी किया। अब इस केस में 20 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई और फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। ……………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 23 साल पुराना जग्गी मर्डर केस फिर खुला: जोगी बोले- 11000 पन्नों का केस, कॉपी तक नहीं; सतीश बोले- ये एक बेटे की लड़ाई छत्तीसगढ़ के 23 साल पुराने बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर सुनवाई शुरू हो गई है। 2003 में कांग्रेस नेता रामावतार जग्गी की रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी, जिसमें कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया, जबकि अमित जोगी को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर…
अजमेर में बिजली वितरण का जिम्मा संभाल रही टाटा पावर ने मेंटेनेंस काम के लिए बिजली शटडाउन शेड्यूल जारी किया है। आज कईं क्षेत्रों में 4 घंटे तक बिजली बंद रहेगी। कई क्षेत्रों में 9 से साढे़ 3 बजे के बीच बिजली सप्लाई प्रभावित होगी। ………. पढें ये खबर भी…. एसआई भर्ती परीक्षा-2025, मॉडल पेपर जारी:RPSC ने वेबसाइट पर किए अपलोड; 5 व 6 को दो-दो पारियों में हुए थे एग्जाम राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से एसआई भर्ती परीक्षा-2025 के मॉडल पेपर देर रात आयोग की वेबसाइट जारी कर दिए गए है। पूरी खबर पढें
सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के इचौल गांव में 4 साल की नातिन की बेरहमी से पिटाई कर उसे खेत में फेंकने के आरोप में पुलिस ने सोमवार को 48 वर्षीय नाना आशाराम कुशवाहा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी 4 अप्रैल की शाम बच्ची को खेत में ले गया था और मारपीट कर उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर खुद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। लगभग 12 घंटे बाद खेत में मिली बच्ची ने अस्पताल में इलाज के बाद कोर्ट में दिए बयान में नाना की करतूत का खुलासा किया। वर्तमान में बच्ची का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या के प्रयास की धाराएं बढ़ा दी हैं। मां की मौत और पिता के जेल जाने के बाद ननिहाल में रह रही थी पुलिस के अनुसार, मासूम नायरा उर्फ पलक की मां ने एक साल पहले ससुराल में प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद बच्ची के सौतेले पिता को दहेज हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया था। माता-पिता के न होने के कारण नायरा अपने नाना-नानी के साथ इचौल गांव स्थित ननिहाल में ही रह रही थी। खेत में ले जाकर पीटा, फिर थाने में दर्ज कराई झूठी रिपोर्ट 4 अप्रैल की शाम को आरोपी नाना आशाराम कुशवाहा किसी बात से नाराज होकर बच्ची को बहाने से खेत पर ले गया। वहां उसने जान लेने के इरादे से नायरा की बेरहमी से पिटाई की और उसे बेहोशी की हालत में खेत में छोड़कर घर लौट आया। जब परिजनों ने बच्ची के बारे में पूछा, तो उसने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचा और बच्ची के गायब होने की झूठी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी। 12 घंटे बाद खेत में मिली, कोर्ट में नाना की करतूत का खुलासा शिकायत के लगभग 12 घंटे बाद बच्ची खेत में पड़ी मिली। उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत में सुधार होने पर काउंसलिंग के बाद न्यायालय में बच्ची के बयान दर्ज कराए गए, जहां उसने नाना द्वारा पिटाई किए जाने का खुलासा किया। इसके बाद मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपहरण के प्रकरण में हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ीं और आरोपी नाना को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पीड़ित बच्ची का अस्पताल में इलाज जारी है।

