दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन ने यात्रियों की सुविधा के लिए कोरबा-अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। यह सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ प्रदान करना है। यह अतिरिक्त एसी-3 कोच गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 10 जून से उपलब्ध होगा। वहीं, गाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यह सुविधा 12 जून से शुरू होगी। रेल प्रशासन ने गर्मियों के दौरान ट्रेनों में होने वाली भीड़ को देखते हुए यह पहल की है। इस कदम से यात्रियों को यात्रा के दौरान कंफर्म सीट मिलने में आसानी होगी और उनकी परेशानी कम होगी।
मनेंद्रगढ़ जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने नगरपालिका कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ मिश्रा और सांसद प्रतिनिधि गोपाल गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन विपक्षी वार्डों के विकास कार्यों की लगातार उपेक्षा कर रहा है। कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि नागरिकों से राशि जमा कराने के बाद भी कांग्रेसी वार्डों में नल कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं, जबकि भाजपा पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। भाजपा पार्षदों के परिजनों के हस्तक्षेप पर जताई आपत्ति कांग्रेस नेताओं ने नगरपालिका के कार्यों में भाजपा की महिला पार्षदों के पतियों के अनावश्यक और अवैध हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। दूषित पेयजल आपूर्ति को लेकर नाराजगी कांग्रेस पार्षदों ने शहर के कई वार्डों में दूषित पेयजल आपूर्ति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने और व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। छह पार्षद रहे प्रदर्शन में शामिल नगरपालिका कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कुल नौ पार्षदों में से छह पार्षद मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुए। डिप्टी कलेक्टर ने की चर्चा प्रदर्शन के दौरान माहौल गरमाता देख प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं और पार्षदों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन डिप्टी कलेक्टर ने समस्याओं के निराकरण और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पश्चिम मध्य रेलवे के विजिलेंस विभाग ने गोंडवाना एक्सप्रेस में कार्रवाई करते हुए तीन टीटीई को पकड़ लिया। जांच के दौरान तीनों के पास तय राशि से करीब 46 हजार रुपए अधिक मिले। मामले में जबलपुर रेल मंडल ने तीनों टीटीई को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक सोमवार को दिल्ली से जबलपुर पहुंची गोंडवाना एक्सप्रेस में विजिलेंस टीम ने जांच की। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच में टीटीई मनोज कुशवाहा, कुंदन कुमार और अनिकेश कुमार की ड्यूटी लगी थी। ट्रेन के जबलपुर पहुंचने से पहले यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों से शिकायत की थी कि टीटीई यात्रियों से जुर्माना और पैसे तो वसूल रहे हैं, लेकिन उन्हें रसीद नहीं दे रहे। जुर्माना वसूला पर रसीद नहीं दी शिकायत मिलने के बाद रेलवे की विजिलेंस टीम जबलपुर स्टेशन पर तैनात हो गई और ट्रेन पहुंचते ही तीनों टीटीई की जांच की गई। जांच में टीम को उनके पास घोषित राशि से अधिक नकदी मिली। विजिलेंस टीम ने जब कैश का मिलान किया तो कुंदन कुमार के पास 32 हजार रुपए, अनिकेश कुमार के पास 14 हजार रुपए और मनोज कुशवाहा के पास 300 रुपए अतिरिक्त मिले। एक ने दूसरे टीटीई को दे दी थी राशि सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि एक टीटीई ने अपनी अतिरिक्त राशि दूसरे टीटीई को दे दी थी, जिसके कारण तीसरे कर्मचारी के पास कम राशि मिली। हालांकि विजिलेंस टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि ट्रेन में ड्यूटी कर रहे तीनों टीटीई के पास अधिक राशि मिलने पर विजिलेंस ने कार्रवाई की है। मामले की जानकारी मिलते ही तीनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कनीना स्थित उन्हाणी गांव में पेयजल और बिजली संकट से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार रात करीब 8:30 बजे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। जाम करीब दो घंटे चला। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। ग्रामीण रामरति, माया, संतोष व सरोज का आरोप है कि गांव में लंबे समय से न तो पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो रही है और न ही नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। हरिजन बस्ती के लोगों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जहां पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बस्ती के लोग पानी को तरसे प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि एक ओर बस्ती के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गांव में कई स्थानों पर नल खुले रहने से पानी की बर्बादी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी ग्रामीणों ने कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। देर रात हटाया जाम जाम की सूचना मिलने पर संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रशासनिक प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से अनुसूचित बस्ती में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने और पूरे गांव में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद रात करीब साढ़े दस बजे जाम खोला गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन अमेठी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहा हूं। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 4,752 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दे रहे है। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार सुबह आठ बजे खोले गए। प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। प्रत्येक अभ्यर्थी की सघन तलाशी, दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक जांच के बाद ही उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। केंद्रों के अंदर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध था। सुरक्षा कर्मियों ने अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन जांच की। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया था। पूरे जिले को 3 जोन और 12 सेक्टर में विभाजित किया गया था। उच्चाधिकारियों ने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लिया। ड्रोन और सीसीटीवी कंट्रोल रूम से भी परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की गई। यूपी-112 की पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) और एम्बुलेंस भी केंद्रों के बाहर तैनात रहीं। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण बताया, जिस पर अभ्यर्थियों ने भी संतोष व्यक्त किया।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फेरबदल करते हुए प्रदेश में 141 उप पुलिस अधीक्षकों (DySP) के तबादले कर दिए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक बीजू जॉर्ज जोसफ द्वारा जारी आदेश के तहत सीमावर्ती जिले जैसलमेर के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों पोकरण और नाचना में नए अधिकारी लगाए गए हैं। पोकरण सीओ भवानी सिंह का ट्रांसफर फलौदी साइबर क्राइम में किया गया है, उनकी जगह जोधपुर आरएसी से बुद्धाराम विश्नोई नए सीओ होंगे। वहीं नाचना सीओ गजेन्द्र सिंह चम्पावत को जोधपुर भेजकर बीकानेर ट्रैफिक पुलिस के किशन सिंह को नाचना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी को तुरंत जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं। पोकरण में अब बुद्धाराम विश्नोई संभालेंगे कमान तबादला सूची के अनुसार, पोकरण के वर्तमान पुलिस अधिकारी (सीओ) भवानी सिंह का यहाँ से ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें अब फलौदी जिले में साइबर क्राइम का उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। उनकी जगह पर अब बुद्धाराम विश्नोई पोकरण के नए सीओ होंगे। विश्नोई इससे पहले जोधपुर में आरएसी (RAC) की पहली बटालियन में सहायक कमाण्डेन्ट के पद पर काम कर रहे थे। किशन सिंह होंगे नाचना के नए पुलिस अधिकारी इसी तरह नाचना इलाके में भी बदलाव किया गया है। नाचना के वर्तमान सीओ गजेन्द्र सिंह चम्पावत को यहाँ से हटाकर जोधपुर आरपीटीसी (RPTC) में भेज दिया गया है। अब उनकी जगह किशन सिंह को नाचना का नया पुलिस अधिकारी (सीओ) नियुक्त किया गया है। किशन सिंह इससे पहले बीकानेर जिले में ट्रैफिक पुलिस (यातायात) के उप पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात थे। तुरंत संभालना होगा काम पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी कर कहा है कि ये सभी तबादले प्रशासनिक कारणों से किए गए हैं और सभी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए स्थानों पर पहुंचकर काम संभालना होगा। सीमा पर बसे होने के कारण पोकरण और नाचना में इन नए अफसरों की पोस्टिंग सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से काफी अहम है। इस स्थानान्तरण सूची (आदेश दिनांक 08-06-2026) के अनुसार कुल 141 उप पुलिस अधीक्षक (Dy SP) स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं । पूरी सूची नीचे दी गई है: उप पुलिस अधीक्षक (Dy SP) स्थानान्तरण सूची क्रमांक 1 से 30 क्रमांक 31 से 65 क्रमांक 66 से 100 क्रमांक 101 से 141
पुलिस मुख्यालय जयपुर की ओर से प्रदेश भर में 141 डीएसपी रैंक अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी की गई है। इस फेरबदल में अजमेर जिले के कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ट्रैफिक, ग्रामीण क्षेत्र, महिला अपराध अनुसंधान सेल और हाडीरानी महिला बटालियन समेत कई इकाइयों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। हाल ही में पुष्कर घाटी में खाटू श्याम समिति की गाड़ी से हुए हादसे के बाद चर्चा में आए अजमेर ट्रैफिक सीओ संजय बोथरा का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब कोटा में द्वितीय बटालियन आरएसी में सहायक कमांडेंट लगाया गया है। ट्रैफिक सीओ की कमान महिपाल सिंह को अजमेर में उप पुलिस अधीक्षक महिला अपराध अनुसंधान सेल के पद पर कार्यरत महिपाल सिंह को ट्रैफिक सीओ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं महिला अपराध अनुसंधान सेल के रिक्त हुए पद पर गोमाराम को नियुक्त किया गया है। गोमाराम इससे पहले सिरोही जिले के माउंट आबू में सीओ पद पर कार्यरत थे। ग्रामीण सीओ पद पर विजय कुमार आर्य की नियुक्ति खाली चल रहे अजमेर ग्रामीण सीओ पद पर विजय कुमार आर्य को लगाया गया है। आर्य इससे पहले उदयपुर के खेरवाड़ा स्थित पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) में सीओ के पद पर कार्यरत थे। उनकी नियुक्ति से ग्रामीण क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जैतारण सीओ बने रामेंद्र सिंह हाडा अजमेर स्थित हाडीरानी महिला बटालियन में सहायक कमांडेंट के पद पर कार्यरत रामेंद्र सिंह हाडा को ब्यावर जिले के जैतारण वृत्ताधिकारी (सीओ) की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं उनके स्थान पर अनीता मीणा को हाडीरानी महिला बटालियन का नया सहायक कमांडेंट नियुक्त किया गया है। अनीता मीणा इससे पहले जयपुर में सीओ लीव रिजर्व सतर्कता के पद पर तैनात थीं। जीआरपी सीओ अरविंद कुमार का भी तबादला अजमेर जीआरपी के सीओ अरविंद कुमार को टोंक स्थित 9वीं बटालियन आरएसी में सहायक कमांडेंट लगाया गया है।
बदायूं में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह से शुरू हो गया। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई, जिसके लिए अभ्यर्थियों को सुबह 9:30 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। निर्धारित समय के बाद केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। जिला प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई। जांच के बाद ही उन्हें परिसर में प्रवेश दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया गया। जिले में कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 14 बदायूं शहर में और एक उझानी में स्थित है। जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने अधिकारियों को परीक्षा शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की लगातार निगरानी बनी हुई है। देखें 3 तस्वीरें एडीएम प्रशासन एवं परीक्षा नोडल अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि यह भर्ती परीक्षा 8 जून से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी। तीन दिनों तक दो पालियों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए जिले में कुल 33,984 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी समय से पहले केंद्रों पर पहुंचे, जिससे सुबह से ही चहल-पहल का माहौल रहा।
गायों की लाशों की यह भयावह तस्वीर राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर परिषद इलाके की है। सोमवारिया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में जगह-जगह गायों के शव और कंकाल पड़े हैं। नगर परिषद के कर्मचारी मृत गायों को यहां लाकर गड्ढे में एक के ऊपर एक फेंक देते हैं। आवारा कुत्ते इन्हें रात-दिन नोचते रहते हैं। दैनिक भास्कर की टीम जब मौके पर पहुंची तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ट्रेंचिंग ग्राउंड के पीछे स्थित सुनसान हिस्से में जगह-जगह गायों की खाल, पसलियां और हड्डियों के ढेर पड़े मिले। कई शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुके थे, जबकि कुछ शव हाल ही में फेंके गए थे। पढ़िए रिपोर्ट... भास्कर टीम ने 70 से अधिक शव और कंकाल गिने… भास्कर टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में गायों के शव और कंकाल चारों तरफ पड़े थे। टीम ने यहां खुले मैदान में पड़े 70 से अधिक गायों के शव और कंकाल गिने। दूर-दूर तक फैले इस मैदान में जहां तक नजर जाती थी, वहां हड्डियां, खोपड़ियां और सड़ते हुए शव दिखाई दे रहे थे। कई गायों के शव आधे सड़ चुके थे, जिन्हें आवारा कुत्ते नोच रहे थे। ट्रेंचिंग ग्राउंड का माहौल इतना भयावह था कि वहां कुछ देर तक खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा था। पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई थी। उसी कचरे में भोजन तलाशती रहीं जिंदा गायें सबसे चिंताजनक तस्वीर यह थी कि एक ओर मरी हुई गायें पड़ी थीं तो दूसरी ओर जिंदा गायें उसी कचरे के ढेर में भोजन तलाश रही थीं। भूख से परेशान गायें कचरे में पड़ी पॉलिथीन को फाड़ने की कोशिश में जुटी थीं। कुछ सड़ा-गला कचरा खाती नजर आईं। मामले में स्थानीय लोग सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा- नगर में घूमने वाली कई गायें भूख के कारण कचरे में पड़ी पॉलिथीन निगल लेती हैं। इससे उनकी सेहत खराब होती जाती है। कई मामलों में उनकी मौत तक हो जाती है। यहां भी ज्यादातर का यह हाल इसी कारण हुआ है। यदि हमने ज्यादा कुछ बोला तो हमें ही सुनना पड़ेगा। लोगों का आरोप- खुले में फेंके जा रहे गायों के शव लोगों का आरोप है कि नगर और गौशालाओं में मरने वाली गायों के शवों को नगर परिषद के कर्मचारी ट्रेंचिंग ग्राउंड में लाकर खुले में फेंक देते हैं। शवों के वैज्ञानिक निस्तारण या उन्हें दफनाने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि पूरा क्षेत्र अब गायों के शवों और कंकालों के ढेर में तब्दील होता जा रहा है। भास्कर की टीम सोमवार को जब इस डरावने दृश्य को कैमरे में कैद कर रही थी, तभी नगर परिषद के कर्मचारी एक वाहन में चार मृत गायों को ट्रेंचिंग ग्राउंड लेकर पहुंचे। शवों को खुले मैदान में खोदे गए एक गड्ढे में डालकर वहां से जाने लगे। पूछने पर बोले- मृत गायें गौशाला की थीं। गायों की मौत का जिम्मेदार कौन? लोगों का सवाल है कि आखिर नगर में इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत क्यों हो रही है। शवों का खुले में निस्तारण क्यों किया जा रहा है। लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी की। हकीकत में ट्रेंचिंग ग्राउंड का यह दृश्य कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर नगर में इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत क्यों हो रही है? क्या गायें भूख और पॉलिथीन खाने के कारण दम तोड़ रही हैं? क्या बीमार होने पर उनका समय पर इलाज नहीं हो पा रहा है? या फिर नगर में घूमने वाले निराश्रित गौवंश के लिए चारे, पानी और देखभाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है? भास्कर की टीम ने इन सवालों को भी जानने की कोशिश की, लेकिन सीधा जवाब नहीं मिला। गौसंरक्षण के दावों पर उठे सवाल नगर में गौसेवा और गौसंरक्षण को लेकर समय-समय पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ट्रेंचिंग ग्राउंड की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। एक ओर मृत गायों के शव और कंकाल खुले में पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर जीवित गायें उसी कचरे के ढेर में भोजन तलाशने और पॉलिथीन खाने को मजबूर दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, गायों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने और ट्रेंचिंग ग्राउंड में पड़े शवों का वैज्ञानिक तरीके से तत्काल निस्तारण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गौवंश की उपेक्षा और संरक्षण व्यवस्था की गंभीर खामियों का उदाहरण बन जाएगा। पन्नी और कचरा खाने से हो रही गायों की मौत खिलचीपुर के पूर्व पार्षद राकेश जायसवाल का कहना है कि नगर के ट्रेंचिंग ग्राउंड में खुले में गायों के शव पड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गायों के नाम पर सरकारें बनीं, लेकिन आज उन्हीं गायों की दुर्दशा हो रही है। जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारियां निभाने के बजाय केवल स्वार्थ साधने में लगे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार शासन और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, गायों की मौत का मुख्य कारण कचरा और पॉलिथीन खाना है। पर्याप्त और उचित भोजन नहीं मिलने के कारण वे दम तोड़ रही हैं। जांच के बाद गायों की मौत का कारण पता चलेगा डॉ. डीआर अहिरवार (उपसंचालक पशु विभाग) का कहना है कि डॉ. मधुसूदन शाक्य ने इसकी जानकारी मुझे दी है। डॉक्टरों की एक टीम को मौके पर भेजकर जांच करवा रहे हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद की गायों की मौत का कारण पता चल पाएगा। यह खबर भी पढ़ें अनुदान बंद…तो गायें भूखे मर रहीं, शव कुत्ते नोचते रहे मध्य प्रदेश का राजगढ़। राज्य के सबसे ठंडे जिलों में शुमार। जनवरी में यहां का पारा 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ठंड ने इंसान ही नहीं, पशुओं को भी अपनी चपेट में लिया है। सर्दी के साथ भूख से 3 दिन में ही यहां 16 गायों की मौत हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
प्रतापगढ़ में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन आज आयोजित किया जा रहा है। जिले के 17 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न हो रही है, जिसमें करीब 11 हजार परीक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षा के पहले दिन 2758 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे थे। कुल तीन दिनों में 33 हजार से अधिक परीक्षार्थियों के शामिल होने का अनुमान है। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। देखें 3 तस्वीरें सुबह 8 बजे से ही कड़ी चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों के पहचान पत्र की भी जांच की जा रही है और उनके मोबाइल फोन जमा कराए जा रहे हैं। शहर के एमडीपीडी परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। कई परीक्षार्थी देर रात ही ट्रेन, बस और निजी वाहनों से परीक्षा केंद्रों के पास पहुंच गए थे। प्रशासनिक अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
महराजगंज में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती परीक्षा-2025 का दूसरा दिन मंगलवार को शांतिपूर्ण माहौल और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो रहा है परीक्षा।जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। यह भर्ती परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी, जिसके लिए जनपद में कुल 13 केंद्र बनाए गए हैं। कुल 34,560 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हो रही है। प्रत्येक पाली में 5,760 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रतिदिन कुल 11,520 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले सघन जांच और फ्रिस्किंग की गई। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। केंद्र प्रभारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त निगरानी में पूरी परीक्षा प्रक्रिया संचालित की गई। देखें 3 तस्वीरें… जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे है। दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधाओं और परीक्षा संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा भी ले रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं जिसमें समयबद्ध प्रवेश, सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया गया। पुलिस भर्ती परीक्षा के सफल संचालन के लिए जनपद में कुल 554 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने बताया कि परीक्षा को पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। दूसरे दिन भी सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित और सुव्यवस्थित रही, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें।
गोरखपुर के सहजनवा में 14 साल की लड़की से उसके प्रेमी ने रेप किया था और दोस्तों से वीडियो भी बनवाया था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को सहजनवा इलाके से ही पकड़ लिया।जबकि एक साथी को भागते समय जीआरपी झांसी ने पकड़कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस की टीम उसे गोरखपुर लाने के लिए रवाना हो गई है। अब तक की जांच और पूछताछ में दोनों आरोपी नाबालिग निकले हैं। वहीं तीसरा आरोपी भी घर से फरार है। पूछताछ में पता चला है कि वह मुंबई जाने के लिए ट्रेन पकड़ लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 3 टीमें बनाई गई हैं। जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अब पूरा मामला सिलसिलेवार जानिए सहजनवा थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 साल की लड़की अपने परिवार के साथ रहती है। उसी गांव में आरोपी युवक भी रहता है। युवक काफी दिनों से लड़की से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। लड़की का कहना है कि आरोपी ने 5 जून की देर रात उसको गांव के सिवान की ओर मिलने के लिए बुलाया। पहले लड़की ने रात में आने से इनकार कर दिया। लेकिन, बार-बार कहने पर वह मिलने के लिए तैयार हो गई। दोनों रात के अंधेरे में खेतों की तरफ पहुंचे। वहां आरोपी बॉयफ्रेंड के साथ उसके 2 दोस्त भी मौजूद थे। लड़की ने जब वहां दो दोस्तों को देखा, तो वह घबरा गई। लेकिन, बॉयफ्रेंड ने लड़की को भरोसा दिलाया कि वे उसके दोस्त हैं। डरने की कोई बात नहीं है। इसके बाद बातचीत के दौरान बॉयफ्रेंड ने लड़की से रेप किया। इस बीच उसके दोनों साथी घटना का वीडियो बनाते रहे। घटना के बाद लड़की ने रोते हुए पुलिस से शिकायत करने की बात कही। इस पर तीनों युवक वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी देने लगे। 6 जून को बॉयफ्रेंड ने लड़की को दोबारा मिलने के लिए बुलाया, लेकिन उसने आने से मना कर दिया। इस पर आराेपी ने रेप के कुछ फोटो लड़की के मोबाइल पर भेजकर उसे डराने की कोशिश की। धमकियों और लोकलाज के डर से लड़की ने यह बात कुछ समय तक अपने घरवालों को नहीं बताई। मोबाइल पर वीडियो पहुंचते ही खुला मामला जब लड़की किसी भी तरह आने को तैयार नहीं हुई, तो आरोपी बॉयफ्रेंड ने उसके मोबाइल पर रेप का वीडियो भेजा और ब्लैकमेल करने लगा। साथ ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इससे घबराई लड़की ने रोते हुए पूरी घटना अपने घरवालों को बताई। वीडियो देखने के बाद घरवालों ने डायल- 112 पर सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीआरवी टीम और सहजनवा थाना पुलिस शनिवार रात ही गांव पहुंच गई। पुलिस की पूछताछ के दौरान लड़की ने वीडियो दिखाया। साथ ही आरोपियों की पहचान करते हुए उनके नाम बताए। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई, जहां कार्रवाई के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा गया था।
देश की सीमा सुरक्षा में नया अध्याय: अमित शाह आज लॉन्च करेंगे लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम
देश की सीमा और आंतरिक सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे।
गोरखपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन मंगलवार को शुरू हो गया। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे से ही अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू कर दी गई। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन दूरबीन और सीसीटीवी से चप्पे चप्पे पर निगरानी बनाई हुई है। तीन दिनों में 1.16 लाख से अधिक अभ्यर्थी देंगे परीक्षा जिले के 44 परीक्षा केंद्रों पर 8, 9 और 10 जून को परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस दौरान कुल 1,16,784 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। प्रत्येक पाली में 19,464 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, एसटीएफ और सर्विलांस टीम सक्रिय परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि नकल, फर्जीवाड़े या किसी अन्य गड़बड़ी की कोशिश को समय रहते रोका जा सके। परीक्षा केंद्र पर एक घंटा पहले पहुंचने के निर्देश अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए समय से पहुंचना जरूरी है। पहले दिन 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित सोमवार को परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों में कुल 38,928 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, लेकिन केवल 28,237 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे। इस तरह कुल 10,691 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। पहली पाली में 19,464 अभ्यर्थियों के मुकाबले 14,037 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 5,427 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 19,464 अभ्यर्थियों में से 14,200 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे और 5,264 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर बढ़ाई गई निगरानी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के गोरखपुर पहुंचने को देखते हुए रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं ताकि अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो। रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क और होल्डिंग एरिया की व्यवस्था रेलवे स्टेशन परिसर में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष होल्डिंग एरिया बनाया गया है। साथ ही हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। यहां पुलिसकर्मियों के साथ शिक्षक भी तैनात हैं, जो अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और संबंधित विद्यालयों की जानकारी देने में मदद कर रहे हैं। ट्रेनों की जानकारी देने के निर्देश, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड भी तैनात पुलिसकर्मियों को ट्रेनों और प्लेटफॉर्म की जानकारी उपलब्ध कराकर अभ्यर्थियों की सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेलवे स्टेशन पर एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का दावा, शांतिपूर्ण ढंग से हो रही परीक्षा प्रशासन का कहना है कि अब तक परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और सभी केंद्रों पर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
संभल में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2026 के लिए 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कुल 27,936 अभ्यर्थियों को तीन दिनों में यह परीक्षा देनी है। बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। बिजनौर, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं जनपदों से भी अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे हैं। मंगलवार को संभल में पुलिस भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है: सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक दूसरी पाली। परीक्षा केंद्रों के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी पुलिसकर्मी या परीक्षा अधिकारी को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। अभ्यर्थियों के जूते उतरवाकर भी गहन तलाशी ली जा रही है। गेट पर तैनात दरोगा लगातार घोषणा कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल या नकल संबंधी सामग्री लाना वर्जित है। बदायूं के कस्बा इस्लामनगर निवासी सुहैल ने बताया कि उन्होंने इससे पहले एसएससी जीडी का पेपर दिया था, जो लीक होने के बाद रद्द हो गया था। अब वह पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल हुए हैं। बिजनौर के नूरपुर निवासी नेहा रानी ने कहा कि वह पहली बार यूपी पुलिस की परीक्षा दे रही हैं और उन्होंने अच्छी तैयारी की है। नोडल अधिकारी और एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह ने जानकारी दी कि जनपद में नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन की परीक्षा में 1893 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी। संभल जनपद में बनाए गए 13 परीक्षा केंद्रों में आचार्य मुक्तेश हकीम रईस सरस्वती इंटर कॉलेज संभल, बृजरत्न सुंदर आर्य कन्या इंटर कॉलेज संभल, हिंद इंटर कॉलेज संभल, जवाहर लाल मेमोरियल नगर पंचायत इंटर कॉलेज सिरसी, महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज संभल, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज सिरसी, राजकीय महाविद्यालय हयातनगर संभल, शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज संभल, जेड. यू. इंटर कॉलेज सरायतरीन संभल, इंटरमीडिएट कॉलेज स्टेशन रोड बहजोई, चंद्रपाल आर्य आदर्श इंटर कॉलेज बहजोई और हीरादेवी तोताराम कन्या इंटर कॉलेज बहजोई शामिल हैं।
अम्बेडकरनगर में एक समय ऐसा था जब खान मुबारक और उसके भाई का नाम अपराध की दुनिया में प्रभाव और खौफ दोनों का पर्याय माना जाता था। पूर्वांचल के कई जिलों तक फैले नेटवर्क, गंभीर आपराधिक मुकदमों और गैंग संचालन के आरोपों ने खान बंधुओं को लंबे समय तक सुर्खियों में बनाए रखा। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद वर्षों तक यह नाम चर्चा के केंद्र में रहा, लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। हालांकि कुख्यात माफिया खान मुबारक मर चुका है, लेकिन अब तमाम कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है जो किसी न किसी रूप में ऐसे नेटवर्क से जुड़ी रही हैं। बसखारी पुलिस द्वारा चोरी के एक मामले में खान मुबारक की बहन, भांजे और भांजी की गिरफ्तारी ने जिले में नई चर्चा छेड़ दी है। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 43 लाख रुपये से अधिक कीमत के सोने-हीरे के आभूषण और नकदी बरामद करने का दावा किया है। गिरफ्तारी के बाद तीनों को न्यायालय भेज दिया गया। यह कार्रवाई अपने आप में एक आपराधिक मामले का खुलासा है, लेकिन इसके राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ भी कम नहीं हैं। दरअसल, संगठित अपराध की दुनिया में किसी गैंग की ताकत केवल उसके मुखिया से नहीं बल्कि उसके आसपास खड़े सहयोगी तंत्र, आर्थिक स्रोतों और सामाजिक नेटवर्क से भी तय होती है। यही कारण है कि पुलिस अब उन बिंदुओं पर भी नजर रख रही है जो वर्षों से चर्चा से दूर रहे। माना जा रहा है कि अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान का फोकस अब केवल नामी अपराधियों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके प्रभाव क्षेत्र और संपर्क तंत्र तक भी पहुंच रहा है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के कार्यकाल में अपराधियों के खिलाफ लगातार आक्रामक कार्रवाई देखने को मिली है। हिस्ट्रीशीटरों, गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों पर की जा रही कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि पुलिस अपराध के पुराने ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है। माफिया नेटवर्क भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन उसकी बची हुई कड़ियों पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है।
प्रतापगढ़ शहर के नीमच नाका तिराहे पर देर रात कार और स्कूटी की टक्कर हो गई। हादसे में स्कूटी चालक घायल हो गया। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में मारपीट और विवाद हो गया। कार चालक हर्षवर्धन ग्वाला ने स्कूटी चालक पर मारपीट और वाहन तोड़फोड़ के आरोप लगाए। घटना के बाद से हर्षवर्धन लापता है। घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। टक्कर में घायल स्कूटी चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मारपीट में घायल हर्षवर्धन को भी जिला अस्पताल लाया गया। हादसे के बाद मौके पर दोनों पक्षों की ओर से लोग जमा हो गए, जिससे विवाद और बढ़ गया। अस्पताल में भी दोनों पक्षों में कहासुनी अस्पताल परिसर में हर्षवर्धन के परिजन और परिचित पहुंचे तो दोनों पक्षों में फिर कहासुनी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस उप अधीक्षक गजेंद्र सिंह राव, कोतवाली थाना अधिकारी शंभू सिंह झाला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने समझाइश कर स्थिति को शांत किया। परिजनों ने कोतवाली थाने में दर्ज कराया मामला घटना के बाद हर्षवर्धन के भाई अनिल ग्वाला ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में मारपीट, जानलेवा हमले और वाहन तोड़फोड़ के आरोप लगाए। साथ ही बताया कि घटना के बाद से हर्षवर्धन लापता है। डीएसपी गजेंद्र सिंह राव ने बताया -मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और लापता युवक का पता लगाना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सूरजपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासनिक अमला व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर रेना जमील ने विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आमजन तक पहुंचे। बैठक में खाद वितरण, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने खरीफ फसल को देखते हुए कृषि, सहकारिता और संबंधित विभागों को खाद के पर्याप्त भंडारण और सुचारु वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्टॉक और वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए राजस्व और कृषि विभाग को सक्रिय रहने को कहा।औचक निरीक्षण कर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार औचक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेयजल संकट नहीं होना चाहिए बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल स्रोतों के संधारण, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और जरूरत वाले स्थानों पर राइजिंग पाइप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया गया। आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर समेत जिले के विद्यालयों के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने और आगामी वर्षों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थानों का होगा मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर ने जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए जाएं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश बैठक में एग्रीस्टैक, राशन कार्ड पंजीयन, धान उठाव और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय-सीमा की बैठक में खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी। राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं सोमवार को कलेक्टर रेना जमील ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख सुधार, भू-अर्जन, पट्टा वितरण और अभिलेख दुरुस्तीकरण जैसे मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। बैठक में न्यायालयवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बुजुर्ग को पहनाया श्रवण यंत्र कलेक्टर रेना जमील ने जनदर्शन कार्यक्रम में 81 साल के बुजुर्ग मकल राम डनसेना को श्रवण यंत्र प्रदान किया। बुजुर्ग कई सालों से सुनने की समस्या से जूझ रहे थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या सुनकर तत्काल समाधान के निर्देश दिए। मकल राम डनसेना पिछले छह से सात सालों से श्रवण क्षमता में कमी के कारण सामान्य बातचीत और दैनिक कार्यों में कठिनाई महसूस कर रहे थे। वे अपनी समस्या लेकर जनदर्शन में पहुंचे थे।कलेक्टर ने बुजुर्ग की स्थिति को गंभीरता से समझा। कलेक्टर के निर्देशों के बाद जनदर्शन की कार्यवाही समाप्त होने से पहले ही श्रवण यंत्र की व्यवस्था कर दी गई।
मुजफ्फरपुर के मुसहरी थाना क्षेत्र में देर रात अपराधियों ने एक फाइनेंस कंपनी के कर्मी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना बकटपुर हाट बाजार के समीप हुई, जहां गोली लगने के बाद युवक सड़क किनारे गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पुलिस को जानकारी दी गई। सूचना पर पहुंची मुसहरी थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घायल युवक की पहचान सकरा थाना क्षेत्र के मुरौल ओपी अंतर्गत मोहम्मदपुर गांव निवासी अजय पासवान के 25 वर्षीय पुत्र राजीव कुमार के रूप में हुई है। उसे पहले मुसहरी पीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए शहर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया। घर लौटने के दौरान हुई वारदात घायल राजीव कुमार ने बताया कि वह शहर में काम खत्म करने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। बकटपुर हाट बाजार से आगे बढ़ने पर उन्होंने देखा कि तीन बदमाश राहगीरों को रोक रहे थे। आशंका होने पर उन्होंने अपनी बाइक नहीं रोकी और आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने उनका पीछा किया और एक हवाई फायरिंग के बाद उन्हें निशाना बनाकर गोली चला दी। राजीव के अनुसार गोली उनके पेट के निचले हिस्से में लगी। गोली लगते ही वह बाइक से गिर पड़े, जबकि तीनों बदमाश शहर की ओर फरार हो गए। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल युवक की मदद की। परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों ने बताया कि राजीव रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। 5 किलोमीटर में की चार बार फायरिंग मिली जानकारी के अनुसार, बदमाश हाई स्पीड बाइक पर सवार थे। राजीव को गोली मारने से पहले उन्होंने ने एक साइकिल सवार से मोबाइल छीना था। इसके बाद फायरिंग की, इसके बाद फाइनेंस कर्मी राजीव पर गोली चला दी। इसके बाद आगे जाकर भी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस मामले की सूचना मिलते ही मुसहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पूर्वी-2 के डीएसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि घायल युवक के पेट में गोली लगी है और उसका इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अपराधी पहले एक साइकिल सवार से मोबाइल और रुपए छीनकर भाग रहे थे। इसी दौरान गोलीबारी की घटना हुई। पुलिस सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। डॉक्टर ने बताया हालत चिंताजनक मुजफ्फरपुर के बैरिया स्थिति मां जानकी हॉस्पिटल के संचालक सह इलाज कर रहे डॉक्टर डॉ अमितांशु प्रांजल ने बताया कि गोली लगा हुआ एक मरीज आया है स्थिति थोड़ी चिंता जनक है पेट में बुलेट लगा है, इलाज किया जा रहा है।
नालंदा में बिहटा-सरमेरा मार्ग पर नगरनौसा थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप सोमवार की देर शाम एक भीषण सड़क हादसे में 19 साल के बाइक सवार युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान चंडी थाना क्षेत्र के जागो बीघा निवासी इंदु राम के पुत्र संजीव कुमार के रूप में हुई है। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के संबंध में मृतक के चाचा ऋतु राम ने बताया कि संजीव नगरनौसा बाजार स्थित एक मिठाई की दुकान में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बाइक से घर (जागो बीघा) से नगरनौसा मिठाई दुकान जा रहा था। इसी बीच नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास एक बेलगाम ट्रक ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि संजीव गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। आनन-फानन में स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश चिकित्सकों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। महज एक साल पहले हुई थी शादी, सदमे में पत्नी संजीव की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। संजीव का विवाह एक साल पहले ही 5 मई 2025 को बेना थाना क्षेत्र के सिरनाम गांव निवासी मोहन राम की पुत्री पुनीता कुमारी के साथ हुआ था। अभी उनकी कोई संतान भी नहीं थी। पति की इस असामयिक मौत की खबर से पत्नी पुनीता कुमारी गहरे सदमे में है और बदहवास हो गई है। घर-आंगन में जो खुशियां एक साल पहले आई थीं, वे अचानक मातम में बदल गई हैं। ट्रक जब्त, चालक की तलाश जारी मामले की जानकारी देते हुए नगरनौसा थानाध्यक्ष शशि मिश्रा ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। हालांकि, हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक मौके से फरार होने में सफल रहा। फिलहाल पुलिस वाहन नंबर के आधार पर आरोपी चालक की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
गुरुग्राम में दिल्ली-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक पर एक युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। वह लक्ष्मण नगर की तरफ बनाई गई करीब 8 से 10 फीट की दीवार कूदकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और सामने से आ रही ट्रेन के आगे कूद गया। ट्रेन के लोको पायलट ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। सूचना मिलने के बाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम तुरंत हरकत में आई और घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। युवक के हाथ पर ब्लेड से नस काटने के निशान मिले हैं, हालांकि ये निशान पूरी तरह से ठीक हो गए थे। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसे सुसाइड के ख्याल आते थे। मृतक की उम्र लगभग 23 वर्ष बताई जा रही है। जीआरपी टीम ने आसपास के लोगों और स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ की है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। समाचार को लगातार अपडेट कर रहे है…
भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाले चंडीगढ़ प्रशासन के विजिलेंस विभाग में चंडीगढ़ पुलिस के दो इंस्पेक्टरों को डेपुटेशन पर तैनात किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने इस संबंध में चंडीगढ़ पुलिस को पत्र जारी कर सभी यूनिटों तक सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इच्छुक इंस्पैक्टर निर्धारित समय के भीतर आवेदन कर सकें। सूत्रों के अनुसार, आवेदन करने के लिए अब केवल एक दिन का समय बचा है। डेपुटेशन पूरी तरह स्वैच्छिक प्रक्रिया है और किसी भी इंस्पेक्टर को उसकी इच्छा के बिना विजिलेंस विभाग में नहीं भेजा जा सकता। इच्छुक अधिकारियों को अपने संबंधित डीएसपी की सिफारिश के माध्यम से आवेदन भेजना होगा। वहीं इंस्पेक्टर पात्र जिनका सेवा रिकॉर्ड साफ प्रशासन द्वारा जारी शर्तों के अनुसार, विजिलेंस विभाग में डेपुटेशन के लिए वही इंस्पेक्टर पात्र होंगे जिनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह साफ हो। उनके खिलाफ किसी प्रकार की विभागीय जांच, विजिलेंस जांच या आपराधिक मामला लंबित नहीं होना चाहिए। इसके अलावा उनकी कार्यशैली और छवि भी बेदाग होनी आवश्यक है। फिलहाल चंडीगढ़ प्रशासन के विजिलेंस विभाग में इंस्पेक्टर अजय कुमार, लखबीर सिंह, रोहित और ज्ञान तैनात हैं। ये अधिकारी भ्रष्टाचार और अन्य शिकायतों से जुड़े मामलों की जांच कर रहे हैं। हाल ही में विजिलेंस विभाग में तैनात इंस्पेक्टर रणजोत सिंह को पदोन्नत कर डीएसपी बनाया गया है। वहीं विजिलेंस विभाग में तैनात इंस्पेक्टर शादी लाल का तबादला कर उन्हें सेक्टर-34 थाना का प्रभारी बनाया गया था। एक माह पहले भेजे दो इंस्पेक्टर करीब एक महीने पहले चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इंस्पेक्टर ज्ञान और इंस्पेक्टर रोहित को विजिलेंस विभाग में भेजा था। उस समय डेपुटेशन के लिए पद नहीं निकाले गए थे। अब प्रशासन ने नियमों के तहत दो पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। विजिलेंस विभाग में तैनाती अहम मानी जाती है। यहां भ्रष्टाचार और प्रशासनिक शिकायतों से जुड़े मामलों की जांच होती है। इसलिए इस विभाग में उन्हीं अधिकारियों को तैनात किया जाता है, जिनका रिकॉर्ड साफ हो और जिनके पास अच्छा अनुभव हो।
पटना में 30 फीट गहरे मैनहोल में साफ-सफाई के दौरान 2 मजदूर फंस गए। अंदर गैस का रिसाव हो रहा था, इस कारण दोनों बेहोश हो गए। मजदूर ढाई घंटे तक अंदर ही फंसे रहे। उन्हें पहले ऊपर से ऑक्सीजन दिया गया, फिर रस्सी के सहारे उन्हें बाहर निकाला गया। पहले मौके पर डायल-112 की टीम पहुंची, फिर रेस्क्यू के लिए अग्निशमन की टीम भो भी सूचना दी गई। मजदूरों की पहचान रामजान अली (30) और सद्दाम हुसैन (20) के रूप में हुई है। घटना श्री कृष्णा पुरी थाना क्षेत्र के AN कॉलेज पानी टंकी की है। घटनास्थल से तस्वीरें… निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ADFO इंद्रजीत कुमार ने बताया रात 12:46 बजे निदेशक सह राज्य अग्निशमन पदाधिकारी सुनील के नंबर पर मैसेज आया था। इसके बाद मेरे नेतृत्व में क्यूआरटी मौके पर पहुंची और दोनों व्यक्तियों को रेस्क्यू कर के बाहर निकाला गया। इसके बाद दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए पास के निजी अस्पताल में भेज दिया गया। काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गहराई होने के चलते निकालने में परेशानी हो रही थी। रात का वक्त था। लोगों की जुटी थी भीड़ मजदूरों के अंदर फंसे होने की खबर के बाद आसपास के दुकानदार, दूसरे मजदूर और वहां से गुजर रहे राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पहले लोगों को लगा कि कोई मैनहोल में गिर गया है। इसलिए जो भी आता था पहचानने के ख्याल से वहां खड़ा हो जाता था। हालांकि स्थानीय थाने की पुलिस लगातार लोगों को समझा बुझाकर वहां से हटाती रही। ताकि रेस्क्यू में बेवजह परेशानी नहीं हो।
बिहार में MLC चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक शिवचंद्र राम ने सोमवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। अब लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव शिवचंद्र राम के समर्थन में उतर आए हैं। तेजप्रताप ने कहा कि शिवचंद्र राम जी का पार्टी पद से इस्तीफा देना बेहद दुख की बात है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- MLC कैंडिडेट नहीं बनाने पर फूट-फूटकर रोने लगे शिवचंद्र राम बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (एक उपचुनाव) पर होने वाले MLC चुनाव में सोमवार को महागठबंधन की ओर से RJD के सुनील सिंह ने पर्चा भरा। इसके बाद बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और RJD के SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम की नाराजगी सामने आई। शिवचंद्र राम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा, पार्टी ने मुझे वादा किया था कि MLC बनाएंगे, लेकिन मेरे साथ वादाखिलाफी की गई है। रोते हुए उन्होंने कहा, “मैं 4 रात सो नहीं पाया, ऐसी जिंदगी भगवान किसी को ना दें।” इसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने SC/ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह केवल संगठनात्मक पद छोड़ रहे हैं, पार्टी की सदस्यता नहीं। वह आगे भी राजद के सक्रिय सदस्य बने रहेंगे। शाम में शिवचंद्र राम की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वो अस्पताल में भर्ती हैं। शिवचंद्र राम के भावुक होने की तस्वीरें.., MLC की रेस में थे शिवचंद्र राम बता दें कि आरजेडी की ओर से MLC कैडिंडेट की लिस्ट में शिवचंद्र राम का नाम भी चर्चा में था। जेडीयू और बीजेपी ने इस बार किसी दलित नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है। ऐसे में चर्चा थी कि तेजस्वी बड़ा दलित कार्ड खेल सकते हैं। सम्राट सरकार ने राबड़ी आवास दलित मंत्री को दिया है। राबड़ी द्वारा बंगला खाली नहीं करने पर सत्ता पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि दलित मंत्री को घर नहीं दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष के इस दांव की काट के लिए उम्मीद थी कि तेजस्वी शिवचंद्र के रूप में एक दलित नेता को उच्च सदन भेज सकते हैं। दलित समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप शिवचंद्र राम ने कहा, विधान परिषद की सीट को लेकर दलित और रविदास समाज के लोगों में काफी उम्मीद थी. लेकिन हाल के फैसले से समाज में निराशा फैल गई है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘जहां भी जाते हैं, लोग उनसे सवाल पूछते हैं और जवाब मांगते हैं। समाज की पीड़ा देखकर उनका मन व्यथित हो जाता है।’ शिवचंद्र राम ने राजद नेतृत्व से मांग की है कि पार्टी विधान परिषद और राज्यसभा में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाएं और इस मुद्दे पर आंदोलन खड़ी करें। इस्तीफे के लास्ट में शिवचंद्र राम ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी व्यक्ति के प्रति कोई कटुता नहीं है, लेकिन समाज और कार्यकर्ताओं की पीड़ा को देखते हुए इस पद पर बने रहना उनके लिए नैतिक रूप से संभव नहीं था। जानिए कौन हैं राजद के शिवचंद्र राम 1990 से राजद और सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़े उन्होंने कहा कि वो साल 1990 से सामाजिक न्याय की विचारधारा और राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया और कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पूरे बिहार में दलित, रविदास और वंचित समाज के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाने का काम किया। सुनील सिंह ने किया नॉमिनेशन सुनील सिंह ने आज RJD की ओर से नॉमिनेशन किया। उन्होंने कहा, पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे निभाएंगे। गरीब, किसानों की बात सदन में उठाऊंगा। पार्टी की उम्मीद पर खरा उतरूंगा। कुछ भी हो जाए पार्टी का झंडा झुकने नहीं दूंगा। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए हैं। सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर तेजस्वी को घेरते हुए उन्होंने कहा- RJD में कोई नेता नहीं बचे क्या। NDA के 9 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (एक सीट पर उपचुनाव) पर होने वाले MLC चुनाव के लिए NDA के सभी 9 कैंडिडेट ने सोमवार को नॉमिनेशन किया। वहीं मंत्री दीपक प्रकाश ने नामांकन नहीं भरा। दीपक प्रकाश बिना किसी पद पर रहते मंत्री बने हैं। 6 महीने में उन्हें किसी सदन की सदस्यता लेना जरूरी है, लेकिन NDA ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया है। इससे उनके मंत्री पद पर खतरा मंडरा रहा है।
झांसी में आज हीट वेव का यलो अलर्ट:44 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है पारा, राहत की उम्मीद नहीं
झांसी में मंगलवार की शुरुआत उमस और गर्मी के साथ हुई। सुबह अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन मौसम विज्ञान विभाग ने दिन में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई है। जिले के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं, न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।सोमवार को झांसी 42 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म जिला रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए बारिश होने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन बारिश के बाद निकली तेज धूप और बढ़ी उमस ने परेशानी और बढ़ा दी। गर्म हवाओं और चिपचिपी गर्मी के कारण लोग दिनभर बेहाल नजर आए।उमस का असर इतना अधिक रहा कि कूलर और पंखे भी खास राहत नहीं दे सके। बाजारों और सड़कों पर दोपहर के समय आवाजाही कम दिखाई दी, जबकि लोग धूप से बचने के लिए छांव और ठंडे स्थानों का सहारा लेते रहे।मंगलवार सुबह से शहर में बादल छाए हुए हैं, जिससे लोगों को थोड़ी राहत महसूस हो रही है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार दिन चढ़ने के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
भीषण गर्मी और तपिश के बीच बिहारशरीफ शहर का भू-जलस्तर तेजी से पाताल की ओर खिसक रहा है। शहर में पानी की किल्लत इस कदर बढ़ गई है कि अगर अगले एक महीने के भीतर झमाझम बारिश नहीं हुई, तो शहरवासियों को भयंकर जल संकट का सामना करना पड़ेगा। पानी का लेयर लगातार नीचे जाने का सीधा और गंभीर असर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है। हालात ये हैं कि शहरी इलाके के लोगों के कंठ तर करने में लगे 97 पंप हाउस अब हांफने लगे हैं और शहर के 51 में से 25 वार्ड पूरी तरह से ड्राई जोन में तब्दील हो चुके हैं। इन सूखाग्रस्त वार्डों में फिलहाल शहर के बाहरी हिस्सों की बोरिंग से पानी की सप्लाई कर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। 50 से 45 एमएलडी पहुंचा पानी का सप्लाई भू-जलस्तर में भारी गिरावट के कारण शहर में पानी की कुल सप्लाई 50 एमएलडी (मिलियन लीटर पर डे) से घटकर अब मात्र 45 एमएलडी पर आ गई है। पानी का स्तर नीचे जाने से पंपों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। पानी छोड़ने और ओवरलोडिंग के कारण पिछले महज दो महीनों के भीतर शहर के 50 पंप हाउसों (बोरिंग) के मोटर जल चुके हैं। शहरवासियों की मांग को पूरी करने के लिए दिन के 24 घंटों में से 20-20 घंटे मोटर चलाने पड़ रहे हैं, जिससे तकनीकी खराबी और मोटर जलने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हालात की गंभीरता को लेकर बुडको के कार्यपालक अभियंता कुंदन त्रिपाठी ने गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने बताया कि नगर निगम और बुडको के अधीन कुल 97 पंप हाउस संचालित हैं। जलस्तर नीचे जाने के कारण हर दिन एक-दो बोरिंग के मोटर जल रहे हैं। हाल के तीन दिनों में ही खासगंज, लेबर हाउस और बिहार थाना स्थित बोरिंग के मोटर जल गए। बचाव कार्य के तहत जलापूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए 50 से अधिक पंप हाउसों में 10 फीट तक अतिरिक्त पाइप जोड़कर मोटरों को और नीचे लटकाया गया है। शहर में 500 फीट की गहराई तक उच्च क्षमता वाली बोरिंग विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शहर में 450 से 500 फीट गहराई तक की उच्च क्षमता वाली बोरिंग की गई है, लेकिन पानी नीचे खिसकने से मोटरों को 250 फीट गहराई तक लटकाना पड़ा है। इसका अधिकतम तकनीकी मानक 270 फीट ही है। अगर पानी का स्तर 270 फीट से भी नीचे गया, तो मोटर को और गहराई में ले जाने के बावजूद पर्याप्त पानी ऊपर खींचना संभव नहीं हो पाएगा। एक तरफ पानी का मुख्य स्रोत (भू-जल) दम तोड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी पूरी तरह से ध्वस्त नजर आ रही हैं। जलापूर्ति बाधित होने पर जनता को राहत देने के लिए शहर में बनाए गए कई स्टैंड पोस्ट आज सिर्फ शो-पीस बनकर रह गए हैं, जिनसे पानी की एक बूंद भी नहीं टपकती। कभी शहर की प्यास बुझाने वाले चापाकल तो अब पूरी तरह इतिहास बन चुके हैं। सार्वजनिक स्थलों पर अब हैंडपंप ढूंढने से भी नहीं मिलते। साल 2007 में नगर परिषद से नगर निगम बनने के बाद 2015 तक जलापूर्ति की जिम्मेदारी पीएचईडी के पास थी, तब केवल तीन जलमीनारें थीं जो अब बढ़कर 10 हो गई हैं। वर्तमान में शहर के लगभग 63 हजार घरों में पानी की सप्लाई इन्हीं 97 पम्प हाउसों, 10 जलमीनारों और 2 संप हाउस के भरोसे टिकी है। अगर जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई, तो बिहारशरीफ में पानी के लिए हाहाकार मचना तय है।
हरदोई में खेत की मेड़ के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में लाठी-डंडों और भालों का इस्तेमाल हुआ, जिससे चार लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला पिहानी कोतवाली क्षेत्र के नेवादिया इटारा गांव का है। पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नेवादिया इटारा में सोमवार दोपहर खेत की मेड़ काटने और उसकी सीमा तय करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस दौरान लाठी-डंडों के साथ भालों का भी प्रयोग किया गया, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना में एक पक्ष के हरविंदर सिंह पुत्र इंदर सिंह और मनप्रीत सिंह पुत्र हरविंदर सिंह घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के भगवंत सिंह पुत्र चरण सिंह और करमजीत सिंह पुत्र भगवंत सिंह को भी गंभीर चोटें आईं। परिजनों का आरोप है कि करमजीत सिंह पर भाले से हमला किया गया, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं दूसरे पक्ष के एक युवक के सिर और शरीर पर भी गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही पिहानी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिहानी भेजा, जहां प्राथमिक इलाज के बाद दो गंभीर घायलों को हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर मिलने के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बक्सर के डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में नवजात शिशुओं का इलाज मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) वार्ड के बाहर पेड़ की छांव में किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बिजली आपूर्ति ठप होने और भीषण गर्मी के कारण चिकित्सकों को यह कदम उठाना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। शनिवार को आई तेज आंधी और बारिश के कारण अस्पताल के कई वार्डों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। अस्पताल का चेंजर पहले से ही खराब था, जिसके कारण एमएनसीयू में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। रविवार दोपहर जब गंभीर स्थिति वाले नवजात शिशुओं को एमएनसीयू में भर्ती करने लाया गया, तो वार्ड में बिजली नहीं थी, जिससे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। बताया गया कि एक नवजात की हालत गंभीर थी और उसे तत्काल विशेष देखभाल की आवश्यकता थी। बिजली न होने के कारण प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. प्रेमा कुमारी और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार ने तत्परता दिखाते हुए एमएनसीयू वार्ड के बाहर गेट के पास पीपल के पेड़ की छांव में ही नवजात का उपचार शुरू किया। इस त्वरित कार्रवाई से बच्चे की जान बचाई जा सकी। इलाज के बाद एक अन्य बच्चे को बेहतर उपचार के लिए बक्सर रेफर किया गया। कई महीनों से खराब था चेंजर यह मामला तब और गंभीर हो गया जब सामने आया कि अस्पताल का चेंजर कई महीनों से खराब पड़ा है। अस्पताल प्रबंधन ने 22 मई को ही सिविल सर्जन कार्यालय को इसकी लिखित सूचना दे दी थी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया था। अंततः, हंगामे और अफरा-तफरी के बीच एक मिस्त्री को बुलाकर चेंजर को हटाया गया और सीधे तार जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार एमएनसीयू में भर्ती नवजातों के लिए नियंत्रित तापमान अत्यंत आवश्यक होता है। नवजात का शरीर तापमान 36.5 से 37.4 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखना जरूरी है। वहीं एमएनसीयू कक्ष का तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में बिजली गुल होने से नवजातों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। भवन हुआ जर्जर, छत से टपकता है पानी अस्पताल की बदहाल स्थिति भी इस घटना से उजागर हुई है। कई स्थानों पर एमसीबी खराब हैं, भवन जर्जर हो चुका है, छत से पानी टपकता है और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। बढ़ते बिजली लोड के कारण लगाया गया विशेष ट्रांसफार्मर भी पर्याप्त साबित नहीं हो रहा है। मामले के सामने आने के बाद सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद चक्रवर्ती ने कहा है कि घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। संबंधित कर्मियों और अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां जीवन बचाने के लिए बने वार्ड में ही बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से नवजातों का इलाज खुले में करना पड़ रहा है।
पाली में हमले में मामा-भांजा घायल:बाइक-कार में हल्की टक्कर के बाद हुआ झगड़ा
पाली में सोमवार रात को 20-25 जनों ने हमला कर तीन युवकों को घायल कर दिया। सभी को रात को ही इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। घटना जानकारी मिलने पर उनके परिजन भी बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे। जानकारी के अनुसार पाली शहर के मंडिया रोड पर सोमवार रात को बाइक पर ओमाराम और उसका रिश्तेदार आ रहे थे। इस दौरान कार से उनकी बाइक को हल्की टक्कर हो गई। जिससे दोनों नीचे गिर गए। आरोप है कि घटना के बाद कार सवार मौके से चले गए। गुस्से में दोनों बाइक सवार ने कार के कुछ पत्थर मारकर शीशे क्षतिग्रस्त कर मंडिया रोड न्यू प्रताप नगर चले गए। बाद में कार सवार कुछ युवकों को लेकर आया। आरोप है कि लोहे के पाइप, लाठियों से मारपीट की। जिसमें 28 साल का लक्ष्मण भारती पुत्र रूपा भारती, 44 साल के ओमपुरी पुत्र भोपाल भारती और 22 साल के शंकर भारती पुत्र रूपाभारती घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए रात को ही पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उनका उपचार किया गया। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
जालंधर के न्यू ज्वाहर नगर में मंगलवार को एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के घर पर ईडी ने छापेमारी की है। ईडी की टीम सुबह मौके पर पहुंची और घर में दस्तावेजों की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि पंजाब में कई जगहों पर भी ईडी की रेड की गई है। हालांकि, संबंधित व्यापारी और CA को लेकर अभी तक पुलिस या ईडी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। छापेमारी को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। रेड के बाद व्यापारी वर्ग में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जालंधर के दो नेताओं के घर भी ईडी टीम के पहुंचने की सूचना मिली है। इससे पहले ईडी जालंधर में लवली यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और पंजाब से राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के घर भी छापेमारी कर चुकी है। एजेंसी की इस कार्रवाई पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा- ED पार्टी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ED की रेड कर रही है। ED पार्टी पंजाब के छोटे छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है। पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ED पार्टी का मुकाबला करेंगे। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम जनता की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिला पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सोमवार को एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने झुंझुनू-नवलगढ़ मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मौके पर ही अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) देवेंद्र सिंह राजावत, राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कॉरपोरेशन (RSRDC) के अधिशाषी अभियंता (XEN) परशुराम वर्मा और यातायात शाखा प्रभारी राधेश्याम सांखला सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अवैध कट और होर्डिंग्स हटेंगे निरीक्षण के दौरान एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने पाया कि झुंझुनू-नवलगढ़ मार्ग पर कई जगह अनधिकृत (अवैध) कट बने हुए हैं और बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे हैं, जो वाहन चालकों का ध्यान भटकाते हैं और हादसों का कारण बनते हैं। एसपी ने इन सभी अवैध कटों और होर्डिंग्स को चिन्हित करने के निर्देश दिए और कहा कि इन्हें जल्द से जल्द हटाया जाएगा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) का सुधरेगा हाल अधिकारियों की टीम ने मार्ग पर उन जगहों का भी जायजा लिया जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। इन ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने के लिए चर्चा की गई। एसपी ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। चालकों को सचेत करने के लिए चेतावनी संकेतक (साइन बोर्ड) और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। यातायात सुरक्षा से जुड़े अन्य जरूरी कदम तुरंत उठाए जाएं। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन वाहन जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। मौके पर ही नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर एक फॉर्च्यूनर कार, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक डम्पर को पुलिस ने तुरंत जब्त कर लिया। लापरवाही की तो होगी जेल जिला पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में कहा कि तेज गति (ओवरस्पीडिंग) से वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब नियमित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जो लोग राजमार्गों पर अपनी मर्जी से अवैध कट बनाते हैं या सड़क को नुकसान पहुंचाते हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला पुलिस और संबंधित विभागों ने स्पष्ट किया है कि आमजन की जिंदगी की सुरक्षा उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है और सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
लुधियाना का लाडोवाल टोल प्लाजा आज दो घंटे के लिए टोल-फ्री रहेगा। कौमी इंसाफ मोर्चा ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के तहत आज (9 जून) दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक टोल वसूली बंद रखने का ऐलान किया है। कौमी इंसाफ मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे वर्षों से जेलों में बंद सिंह कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। उनका आरोप है कि कैदियों की रिहाई तो दूर, उन्हें पैरोल तक नहीं दी जा रही। इसी के विरोध में और अपनी आवाज दिल्ली तक पहुंचाने के लिए मोर्चा ने यह कदम उठाने का फैसला किया है। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह से अलर्ट है। टोल प्लाजा पर किसी भी तरह की अनहोनी से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस की पैनी नजर हर गतिविधि पर रहेगी। कौमी इंसाफ मोर्चा ने साफ कर दिया है कि यह तो सिर्फ एक ट्रेलर है। अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन भयानक रूप ले लेगा। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि 4 जुलाई को पूरे पंजाब में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। वहीं, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीधे पंजाब के राज्यपाल के घर का घेराव किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल में 15 वर्षीय लड़की से रेप के मामले को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रदेश भर में नर्सिंग आफिसर आज दो घंटे के लिए सांकेतिक हड़ताल रखेगी। नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता के अनुसार नर्सिंग स्टाफ के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। महिला आयोग अध्यक्ष को भी समझना चाहिए कि सामने नर्सिंग ऑफिसर भी महिलाएं ही हैं, जिनकी सार्वजनिक तौर पर बेइज्जती की गई। वे इस प्रकार से अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सकती, इसलिए पहले सांकेतिक हड़ताल करने का फैसला लिया है। प्रदेशभर में विरोध शुरू हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया के छोड़ूं आपकी बेटी को किसी के साथ 15 मिनट एक कमरे में वाले बयान पर नर्सों में नाराजगी फैल गई है। सोमवार को केवल कुरूक्षेत्र के कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश में वर्क सस्पेंड रखा गया था, लेकिन अब यह विरोध प्रदेश भर में शुरू हो गया है। उधर, ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेटर लिखा है। इन्होंने राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया को पद से हटाने की मांग की है। भाटिया की इन दो टिप्पणियों पर नर्सें नाराज... अब जानिए रेणू भाटिया ने अस्पताल स्टाफ से क्या-क्या कहा था… 29 मई को लड़की से रेप हुआ 29 मई को पास के एक गांव की 15 साल की लड़की अपने पिता के साथ अस्पताल आई थी। उसके पिता को भर्ती कर लिया गया था। इसी दौरान लड़की ने भी पेट में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसने OPD में जांच कराई। वहां डॉक्टर शैली ने उसे फीमेल वार्ड में भर्ती कर लिया। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर शैली ने लड़की को OPD में ले जाकर कई बार उसके साथ रेप किया। जब लड़की को खून बहने लगा, तो उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इसके बाद लड़की ने सीनियर डॉक्टरों को अपने साथ हुए रेप की जानकारी दी। इसके बाद डॉ. शैली अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। 31 मई को डॉ. शैली के खिलाफ केयूके थाने में पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शैली की सेवाएं समाप्त कर दीं। 1 जून को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी डॉक्टर ने कहा कि मुझसे गलती हो गई।
बेगूसराय में शादी समारोह में हर्ष फायरिंग और हथियार प्रदर्शन का मामला सामने आया है। एक शादी समारोह में दो युवकों की ओर से सरेआम हथियार लहराते हुए डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। ये वीडियो फुलवड़िया थाना क्षेत्र के दीनदयाल रोड बरौनी का बताया जा रहा है। पुलिस अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ में जुट गई है। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला शनिवार की देर रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच का है। दीनदयाल रोड बरौनी में एक शादी समारोह चल रहा था। वायरल वीडियो की 3 तस्वीरें देखिए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया पिस्टल के साथ डांस कर रहे युवकों का किसी शख्स ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। सूत्रों के अनुसार, हथियार लहराने और फायरिंग में कथित तौर पर शामिल युवक मो. सद्दाम, मो. कयूम राजा, मो. रेहान, मो. लुल्हा एवं मो. शहाबुद्दीन आदि बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन लोगों ने पहले शादी की खुशियों के बीच दहशत फैलाते हुए फायरिंग की और फिर कट्टा और पिस्टल के बल पर अपनी धौंस जमाते हुए नाचने लगे। तेघड़ा डीएसपी बोले- वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान की जा रही है किसी भी समारोह में हथियार का प्रदर्शन या फायरिंग करना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जहां हर्ष फायरिंग के दौरान किसी मासूम की जान चली गई या लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद भी कानून की धज्जियां उड़ाने का यह वीडियो पुलिस की गश्ती और मुस्तैदी पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। तेघड़ा DSP कृष्ण कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। मामले की छानबीन और वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान की जा रही है। शादी समारोह या किसी भी अन्य अवसर पर हथियारों का प्रदर्शन और हर्ष फायरिंग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रायसेन जिले के सिलवानी थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ग्राम बेरुआ के पास एक हार्वेस्टर और बाइक की आमने-सामने की टक्कर में 56 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बाइक चला रहा उनका बेटा घायल हो गया है। जानकारी के अनुसार, सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुरा निवासी 56 वर्षीय शाहेजहां अपने बेटे के साथ जैथारी क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर गई थीं। सोमवार शाम दोनों वहां से चंदनपिपरिया की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम बेरुआ के पास उनकी बाइक सामने से आ रहे हार्वेस्टर से टकरा गई। हार्वेस्टर के नीचे दबी बाइक, बेटे ने नहीं पहना था हेलमेटदोनों वाहनों के बीच टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सीधे हार्वेस्टर के नीचे जा घुसी और दब गई। इस दर्दनाक हादसे में शाहेजहां ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और उनका बेटा घायल हो गया। प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि बाइक चला रहे बेटे ने घटना के वक्त हेलमेट नहीं पहना था। मंगलवार सुबह होगा मृतका का पोस्टमार्टमहादसे की सूचना मिलते ही जैथारी चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को घटनास्थल से उठवाकर सिलवानी सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मंगलवार सुबह मृतका का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल हार्वेस्टर पंजाब नंबर का बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर रास्ता साफ कराया है। फिलहाल घटना के असल कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है
पंजाब में एक बार फिर ईडी एक्टिव हो गई। आज फिर से रेड चल रही है। यह दावा आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि ED पार्टी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ED की रेड कर रही है। ED पार्टी पंजाब के छोटे छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है - घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है, हम सब मिलकर ED पार्टी का मुकाबला करेंगे। पंजाब ही ED पार्टी का खेल खत्म करेगा इसी तरह आम आदमी पार्टी के हरियाणा के प्रेसिडेंट सुशील कुमार गुप्ता का भी ईडी को लेकर बयान बाया है। उन्होंने केजरीवाल की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि ED पार्टी का खेल खत्म करने की शुरुआत पंजाब ही करेगा । हिंदुओं को बर्बाद करने पर तुले ED Party वाले आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता व राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि - ED Party पंजाब के हिंदू व्यापारियों के मन में डर बिठाना चाहती है। कितने शर्म की बात है हिंदुओं के वोट मांगते हैं और हिंदुओं को ही बर्बाद करने पर तुले हैं ED Party वाले।
नर्मदापुरम के केसला ब्लॉक के ग्राम चिचवानी, छीतापुरा में सोमवार रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड मापी गई। झटके महसूस होते ही कुछ ग्रामीण लोग डर गए। हालांकि अब तक किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। मौसम केंद्र भोपाल और NCS की वेबसाइड पर भूकंप के झटके की जानकारी अपडेट हुई है। रात 9.38 बजे आएं थे झटके 8 जून 2026 रात 09:39 बजे (IST) रिक्टर स्केल पर 3.8 मापी की तीव्रता दर्ज की गई। केंद्र बिंदु: अक्षांश 22.367 N, देशांतर 77.688 Eगहराई: जमीन के अंदर 10किमी है। छत सो रहा था, अचानक से कंपन हुआ ग्राम चिचवानी से 2 किमी दूर स्थित छीतापुरा में भी झटके महसूस हुए। जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया रात करीब 9.30 बजे के आसपास जब में छत पर सो रहा था, तब कुछ पलभर के लिए कंपन हुआ। ऐसा लगा मानो घर हिल गया है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है जानकारों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। इसमें आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन झटके साफ महसूस होते हैं। एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया मुझे इसकी जानकारी मिली है। अधिकृत पता करके थोड़ी देर में बताऊंगा।
खरगोन जिले की भगवानपुरा तहसील परिसर में जमीन के सरकारी रिकॉर्ड की मांग को लेकर 250 आदिवासी किसानों का धरना सत्याग्रह सोमवार रात से जारी है। दगड़खेड़ी गांव के इन किसानों ने रातभर धरनास्थल पर ही डेरा डाला और वहीं भोजन किया। इस आंदोलन में 60 से अधिक महिलाएं भी शामिल हैं। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन का प्रशासन के पास कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। भू-अभिलेख में नाम दर्ज न होने के कारण उन्हें प्रधानमंत्री सम्मान निधि और खाद के टोकन सहित किसी भी सरकारी ऑनलाइन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सालों से खेती करने के बावजूद वे अपने हक से वंचित हैं। इंडस्ट्रियल लीज पर जमीन दिए जाने की आशंकाप्रदर्शनकारी किसानों को अब इस बात की आशंका सता रही है कि प्रशासन उनकी जमीन को औद्योगिक लीज पर देने की तैयारी कर रहा है। किसान सुरेश महिले ने बताया कि उनके परिवार पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं और उन्हीं का कब्जा है। इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज नहीं किए गए हैं। 2004 से गायब है भू-अभिलेख, 12 साल से काट रहे चक्करधुलकोट पंचायत के हल्का नंबर 6 के अंतर्गत आने वाले दगड़खेड़ी गांव का भू-अभिलेख रिकॉर्ड वर्ष 2004 से ही उपलब्ध नहीं है। किसान इस बड़ी समस्या के समाधान के लिए वर्ष 2012 से लगातार तहसील, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वे कई बार ज्ञापन भी सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। तहसीलदार को बताई समस्या, मिला आश्वासनधरने पर बैठने से पहले सोमवार दोपहर को किसानों ने एक रैली निकाली और तहसीलदार संजय चौहान को अपनी समस्या से अवगत कराया। तहसीलदार ने ज्ञापन लेने के बाद बताया कि उन्होंने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद ही आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं में बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। सहसवान कोतवाली क्षेत्र की काशीराम कॉलोनी में हुई इस घटना में आरोपी ने अपने दोस्त की मां की ईंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में हत्या के आरोप पुष्ट होने के बाद आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य संकलित किए गए हैं। यह घटना 31 जनवरी की रात की है। काशीराम कॉलोनी निवासी जावित्री देवी अपने घर पर अकेली थीं। उनका छोटा बेटा सौदान रोजगार के सिलसिले में अलीगढ़ गया हुआ था। सौदान ने अपनी मां की देखभाल के लिए अपने दोस्त कृष्णपाल उर्फ भोला निवासी गांव ठिरिया, थाना वजीरगंज को घर पर छोड़ा था। आरोप है कि रात के समय किसी बात को लेकर जावित्री देवी और कृष्णपाल के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि कृष्णपाल ने घर में रखी चूल्हे की ईंट उठाकर जावित्री के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घर के भीतर हुई इस सनसनीखेज वारदात की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू की। मृतका के बेटे सौदान की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने घटना के कुछ घंटों के भीतर ही आरोपी कृष्णपाल उर्फ भोला को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि विवाद के दौरान उसे गुस्सा आ गया और उसने ईंट से हमला कर दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य जांच बिंदुओं के आधार पर आरोपी की भूमिका की पुष्टि की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी कृष्णपाल उर्फ भोला के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई अदालत में होगी।
उत्तराखंड के देवप्रयाग हादसे में लापता जैसलमेर निवासी मां-बेटियों के शव सात दिन बाद गंगा से बरामद कर लिए गए हैं, जिनका आज हरिद्वार में ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले रविवार देर शाम तक व्यास घाट से 15 वर्षीय ज्योत्सना का शव बरामद किया गया था। एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को मां गुड्डी देवी (40) व नम्रता (20) के शव बरामद किए। कोतवाल प्रशांत बहुगुणा के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस दर्दनाक हादसे में डॉक्टर दिनेश माली व ड्राइवर अमित गुप्ता समेत 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में एकमात्र बचे आयुष्मान (12) का ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में इलाज जारी है। सातवें दिन पूरा हुआ सर्च ऑपरेशन हादसे के बाद से ही लापता गुड्डी देवी (40), उनकी बड़ी बेटी नम्रता (20) और छोटी बेटी ज्योत्सना (15) की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार गंगा की तेज धाराओं के बीच 'डीप डाइविंग' कर सर्च अभियान चला रही थी। कड़े संघर्ष के बाद रविवार को सबसे पहले 15 वर्षीय ज्योत्सना का शव देवप्रयाग से करीब 15 किलोमीटर दूर व्यास घाट से बरामद किया गया। इसके बाद सोमवार को देर शाम तक रेस्क्यू टीम ने व्यास घाट से ही मां गुड्डी देवी और ताज होटल के समीप से दूसरी बेटी नम्रता का शव भी ढूंढ निकाला। परिजनों को सौंपे गए शव देवप्रयाग के कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर और तेज बहाव के बीच बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में यह तलाशी अभियान चलाया गया। सोमवार को तीनों शवों को पूरी कानूनी प्रक्रिया और शिनाख्त के बाद जैसलमेर से पहुंचे उनके शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया गया है। डॉक्टर सहित परिवार के अन्य सदस्यों की पहले ही हो चुकी थी मौत यह हादसा उस समय हुआ था जब जैसलमेर का यह परिवार उत्तराखंड के तीर्थस्थलों के दर्शन कर लौट रहा था। तेज रफ्तार इनोवा कार अनियंत्रित होकर सुरक्षा पैराफिट तोड़ते हुए सीधे गंगा नदी में समा गई थी। हादसे के तुरंत बाद ही परिवार के सदस्य डॉ. दिनेश, उनकी माता कमला देवी, अश्लेषा और कार चालक अखिलेश के शव बरामद कर लिए गए थे, जबकि 12 वर्षीय बालक आयुष्मान को बेहद गंभीर हालत में बचा लिया गया था, जिसका इलाज चल रहा है। माँ-बेटियों के शव मिलने के बाद अब इस हादसे से जुड़ी तलाश पूरी हो गई है। आज होगा हरिद्वार में अंतिम संस्कार मिली जानकारी के अनुसार दोनों मां- बेटी के शवों को परिजनों सौंपने के बाद आज हरद्वार में दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले मिले शवों का भी अंतिम संस्कार भी हरिद्वार में ही किया गया। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है और एक 12 साल का बच्चा गंभीर घायल है जिसका इलाज ऋषिकेश स्थित एम्स हॉस्पिटल में जारी है। ये खबर भी पढ़ें…. उत्तराखंड हादसा-6 दिन बाद मिला ज्योत्सना का शव:मां-बेटी की तलाश जारी; जैसलमेर से चारधाम यात्रा पर निकला था परिवार उत्तराखंड के टिहरी जिले में देवप्रयाग के गंगा दर्शन होटल के पास 2 जून को एक इनोवा कार बेकाबू होकर अलकनंदा नदी में गिर गई थी। जैसलमेर से चारधाम की यात्रा पर गए परिवार के लोग नदी के तेज बहाव में बह गए थे। दुर्घटना के छह दिन बाद रविवार को लापता ज्योत्सना (16) परिहार का शव घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर कौड़ियाला क्षेत्र में बरामद किया गया। (खबर पढ़ें)
भीषण गर्मी के बीच रोडवेज की लग्जरी वातानुकूलित बसों की खराब हालत एक बार फिर सामने आई है। अवध डिपो से सोमवार को विभिन्न रूटों पर रवाना हुई छह लग्जरी बसें बीच रास्ते तकनीकी खराबी का शिकार हो गईं। इनमें पांच बसों के एसी ने काम करना बंद कर दिया, जबकि एक बस ओवरहीटिंग के कारण रास्ते में रुक गई। एसी फेल होने से यात्रियों को उमस और घुटन के बीच सफर करना पड़ा। कई यात्रियों ने इस संबंध में रोडवेज के प्रबंध निदेशक (एमडी) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। एसी बंद होते ही बस बनी भट्टी, यात्रियों को खोलने पड़े दरवाजे जानकारी के मुताबिक लखनऊ-अलीगढ़ मार्ग पर चलने वाली बस संख्या यूपी 78 एफएन 7524, बढ़नी रूट की बसें यूपी 33 एटी 5753, यूपी 33 एटी 5861, यूपी 33 एटी 5875 और लखनऊ-वाराणसी मार्ग की बस यूपी 14 एफटी 3802 के एसी बीच रास्ते में खराब हो गए। एसी बंद होने के बाद बसों के भीतर तापमान तेजी से बढ़ गया और यात्रियों को राहत के लिए दरवाजे खोलकर सफर करना पड़ा। लखनऊ से वाराणसी जा रहे यात्री अखिलेंद्र सिंह ने बताया कि एसी की कूलिंग बंद होते ही बस के अंदर का माहौल भट्टी जैसा हो गया। गर्मी और उमस के कारण यात्रियों का हाल बेहाल हो गया और मजबूरी में मुख्य दरवाजा खोलकर यात्रा पूरी करनी पड़ी। मुसाफिरखाना के पास ओवरहीट होकर रुक गई बस वहीं लखनऊ से वाराणसी जा रही बस संख्या यूपी 78 एफएन 7516 मुसाफिरखाना के पास ओवरहीट हो गई। इंजन का तापमान बढ़ने पर बस को रास्ते में रोकना पड़ा। बस रुकने के बाद यात्रियों को नीचे उतरना पड़ा। चालक और परिचालक ने मौके पर इंजन की जांच कर तकनीकी खराबी दूर की, जिसके बाद बस को दोबारा गंतव्य के लिए रवाना किया गया। रखरखाव पर उठे सवाल, रोजाना हो रहे ब्रेकडाउन अवध डिपो में संचालित 87 लग्जरी वातानुकूलित बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी के पास है। बावजूद इसके बसों में लगातार तकनीकी खराबियां सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार पर्याप्त रखरखाव और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण औसतन 35 बसें प्रतिदिन डिपो में खड़ी रहती हैं। वहीं सड़क पर चलने वाली आठ से दस बसें रोज किसी न किसी तकनीकी खराबी या ब्रेकडाउन का शिकार हो रही हैं। शिकायतों पर कार्रवाई के संकेत रोडवेज के प्रवक्ता अमरनाथ सहाय ने कहा कि बीच रास्ते लग्जरी बसों के एसी फेल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दमोह और पन्ना जिले को जोड़ने वाले गैसाबाद स्थित व्यारमा नदी के नए पुल पर आठ महीने बाद आज मंगलवार से आवागमन बहाल हो गया है। इस पुल के खुलने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और मरीजों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें अब तक 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था। पुल करीब आठ महीने पहले बारिश के मौसम में क्षतिग्रस्त हो गया था। पुराने पुल में दरारें आने के बाद किसी भी संभावित हादसे से बचने के लिए तत्कालीन कलेक्टर सुधीर कोचर ने आवागमन बंद करने का आदेश दिया था। पुल बंद होने से लोगों का व्यापार ठप था पुल बंद होने के कारण गैसाबाद के लोगों का व्यापार ठप हो गया था। मरीजों को अस्पताल आने-जाने में कठिनाई हो रही थी और दमोह से पन्ना जिले की सीधी कनेक्टिविटी बाधित हो गई थी। लोगों को आवागमन के लिए 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था। नए पुल का निर्माण कार्य जारी था, जिसमें कुछ काम बाकी था। अब एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा होने के बाद सोमवार शाम से वाहनों की आवाजाही विधिवत प्रारंभ कर दी गई है। सांसद ने कलेक्टर से बात कर पुल निर्माण करवाया भाजपा नेता लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि आठ महीने से पुल बंद होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी। एक प्रतिनिधिमंडल ने दमोह सांसद राहुल सिंह से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था। सांसद ने पन्ना और दमोह कलेक्टर से बात कर पुल का अधूरा कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया। हटा विधायक ने भी अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, क्षेत्रवासियों को अब नए पुल की सुविधा मिल गई है। अब दमोह से पन्ना, भोपाल, जबलपुर जाने के लिए लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पठानकोट में कपड़ों के शोरूम में चोरी का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। महिला चोर गैंग ने शॉल की ओट में शटर खींचकर जगह बनाई। फिर दुबली-पतली महिला को दुकान के अंदर घुसा दिया। कुछ ही मिनटों में कैश काउंटर से नकदी लेकर गैंग फरार हो गया। वारदात के दौरान गैंग की अन्य सदस्य बाहर निगरानी करती रहीं। पूरी घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। शोरूम मालिक करण ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शटर को खींचकर बनाई जगह से शोरूम में घुसी सोमवार तड़के करीब 4:28 बजे गैंग की 6 महिलाएं शोरूम के बंद शटर के पास आकर बैठ गईं। सभी ने चुनरी से अपना चेहरा ढक रखा था। कुछ देर तक उन्होंने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद करीब 4:29 बजे तीन महिलाएं उठीं और शॉल को पर्दे की तरह इस्तेमाल कर शटर को ढक लिया। महज 20 सेकंड में दो महिलाओं ने शटर को बीच से बाहर की ओर खींचकर करीब 25 इंच की जगह बना दी। इसके बाद गैंग की सबसे दुबली-पतली महिला शटर के नीचे से रेंगकर दुकान के अंदर घुस गई। बाहर होती रही निगरानी महिला के अंदर घुसते ही बाहर मौजूद गैंग की पांचों महिलाएं वापस बैठ गईं। कुछ देर इधर-उधर देखने के बाद वे शोरूम से हटकर सड़क पर अपनी-अपनी पोजिशन में खड़ी हो गईं, ताकि किसी भी गतिविधि पर इशारा कर सकें। इसी बीच अंदर घुसी दुबली-पतली महिला ने दुकान खंगाल डाली और महज 2 मिनट में गल्ले में रखे 7500 रुपए निकाल लिए। यह पूरी वारदात शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फिर वापिस आई महिलाएं और शटर से निकाला बाहर आसपास मौजूद गैंग की बाकी महिलाओं ने फिर से पॉजिशन ली और पहले दुकान के बाहर आकर बैठ गईं। फिर से शॉल का पर्दा बनाकर शटर को खींचकर गैप बनाया। इसके बाद रेंगते हुए कैश चुराने वाली महिला वापस बाहर निकल आई। वारदात को अंजाम देकर महिला चोर गैंग पैदल फरार हो गई। खाली गल्ला देख हुआ शक, CCTV देख उड़े होश सोमवार सुबह करीब 10 बजे शोरूम मालिक करण दुकान पर पहुंचे। गल्ले में रखा कैश गायब मिला। शक होने पर करण ने CCTV फुटेज खंगाले तो महिला चोर गैंग की करतूत देख होश उड़ गए। दुकान में अजब-गजब तरीके से महिला चोर गैंग की शिकायत थाना-1 में की। अब पुलिस CCTV के आधार पर महिला चोर गैंग की तलाश कर रही है। 24 घंटे चलता है रोड करण ने रोष जताते हुए कहा कि डलहौजी रोड शहर का ऐसा व्यस्त इलाका है, जो 24 घंटे चलता है। पास में ही प्रसिद्ध शनि मंदिर है और बड़े-बड़े शोरूम खुले हुए हैं। पुलिस का दावा रहता है कि पीसीआर की गाड़ियां यहां 24 घंटे गश्त करती हैं। अगर पुलिस मुस्तैद थी, तो सुबह साढ़े चार बजे मुंह लपेटकर घूम रही इन संदिग्ध महिलाओं पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी? इस तरह की घटनाओं से व्यापारियों में डर का माहौल है, पुलिस को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। पुलिस ने शुरू की जांच थाना-1 प्रभारी अमनप्रीत कौर ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महिलाओं के इस अनोखे गैंग की तलाश कर रही है। आरोपी महिलाओं की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। हालांकि, खबर लिखे जाने तक संदिग्धों की पहचान नहीं हो सकी थी।
चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि बाइक सवार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। युवक बाइक लेकर भीलवाड़ा की ओर जा रहा था। इसी दौरान भादसोड़ा के पास पुलिया पर पहुंचते ही उसकी बाइक सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी गई। कुछ ही देर में भादसोड़ा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और सड़क पर जमा लोगों तथा गाड़ियों के कारण प्रभावित हुए ट्रैफिक को सुचारु करवाया। युवक का 6 दिन बाद ही जन्मदिन था। घटना के बाद कुछ समय के लिए रास्ते पर अव्यवस्था की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस ने संभाला। तेज रफ्तार और अचानक हुई टक्कर पुलिस ASI अमीचंद ने बताया कि मृतक की पहचान भीलवाड़ा जिले के ईरास गांव निवासी जसवंत भील पुत्र अम्बालाल भील के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह देर रात अपनी बाइक से भीलवाड़ा की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक की रफ्तार काफी ज्यादा थी। जैसे ही युवक भादसोड़ा के पास पुलिया पर चढ़ा, उसकी बाइक सामने खड़े ट्रेलर में जा घुसी। बाइक की रफ़्तार तेज होने के कारण ब्रेक भी नहीं लगा। टकराने के बाद बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आधार कार्ड से हुई पहचान, चालक मौके से फरार हादसे के बाद शुरुआत में युवक की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उसकी जेब की तलाशी ली तो उसके पास आधार कार्ड मिला। इसी आधार पर उसकी पहचान जसवंत भील के रूप में की गई। पुलिस ने पहचान होने के बाद उसके परिजनों को सूचना दे दी। वहीं जिस ट्रेलर से बाइक टकराई, उसका चालक घटना के बाद मौके से चला गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर उदयपुर पासिंग का था, जबकि बाइक शाहपुरा नंबर की थी। युवक के जन्मदिन को सिर्फ 6 दिन बाकी थे उससे पहले ही यह हादसा हो गया। युवक के शव को मंडफिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई परिजनों के पहुंचने के बाद की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
चित्रकूट में सोमवार को तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा- आशुतोष ब्रह्मचारी ने जो कहा उससे मुझे यह आशंका हो गई है कि वह मेरी और मेरे उत्तराधिकारी की छवि खराब करना चाहता है। वह साजिश रच रहा है। मुझे इसका आपराधिक इतिहास जानकर डर लगने लगा है, मैं कांप रहा हूं। आशुतोष महाराज ने एक वीडियो में आरोप लगाते हुए कहा था- आज मैं प्रशासन से और माननीय प्रधानमंत्री और माननीय मुख्यमंत्री से भी मांग करता हूं और कहना चाहता हूं, यदि मेरे पूज्य गुरुदेव जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की हत्या होती है या कोई भी उनके साथ अप्रिय घटना होती है। उसकी जिम्मेदारी रामचंद्र दास की होगी। जो उनका उत्तराधिकारी बना बैठा है। क्योंकि यह मेरे गुरु की हत्या कराना चाहता है। मेरे पास पर्याप्त सबूत है। ऐसे सबूत हैं कि यदि उसकी जांच हो जाए तो यह साबित हो जाएगा गुरु की हत्या कराना चाहता है। पहले पढ़िए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने क्या कहा...मेरे और मेरी उत्तराधिकारी की छवि नष्ट कर रहावीडियो में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा- आज मेरे मन को बहुत आघात लगा है। मैं देश-विदेशों में कथा करता हूं। प्रयास करता हूं कि आचार्य धर्म निभाता रहूं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने जो कहा उससे मुझे आशंका हो गई है कि यह कोई साजिश तो नहीं कर रहा है? मेरे और मेरे उत्तराधिकारी की छवि नष्ट करने के लिए। मैं इसका आपराधिक इतिहास जानकर कांप रहामुझे इससे डर लगने लगा है। मैं अनेक स्थानों पर कथा करने जाता हूं। कहीं आकर इसने दीक्षा ली होगी। मैं यह नहीं जानता था कि इसका मन ऐसा काला होगा। मैं तो यह मानता हूं कि इस प्रकार की घटना की घोर निंदा होनी चाहिए। प्रशासन के द्वारा इस प्रकार की हरकतों के लिए कठोरतम दंड की व्यवस्था होनी चाहिए। इसका आपराधिक इतिहास है। यह जानकर मैं कांप रहा हूं। मैं प्रशासन से भी कहूंगा कि इसकी जांच हो और जो संवैधानिक रूप से उचित हो, वही किया जाए। मैं बहुत आहत हूं। मेरी हत्या कभी नहीं हो सकतीमेरी हत्या का कोई सवाल नहीं उठता। एक ऐसा शिष्य जो गुरु के लिए संभावना जताए कि उनकी हत्या हो जाएगी। मेरी हत्या कभी नहीं हो सकती। मुझे, मेरे पीठ को, मेरे उत्तराधिकारी को इससे खतरा है। मुझे डर लग रहा है। अब पढ़िए आशुतोष महाराज ने क्या आरोप लगाया…आशुतोष महाराज ने एक वीडियो में आरोप लगाते हुए कहा था- आज मैं प्रशासन से और माननीय प्रधानमंत्री और माननीय मुख्यमंत्री से भी मांग करता हूं और कहना चाहता हूं, यदि मेरे पूज्य गुरुदेव जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की हत्या होती है या कोई भी उनके साथ अप्रिय घटना होती है। उसकी जिम्मेदारी रामचंद्र दास की होगी। जो उनका उत्तराधिकारी बना बैठा है। क्योंकि यह मेरे गुरु की हत्या कराना चाहता है। मेरे पास पर्याप्त सबूत है। ऐसे सबूत हैं कि यदि उसकी जांच हो जाए तो यह साबित हो जाएगा गुरु की हत्या कराना चाहता है। जिसने छोटे-छोटे बच्चों के साथ कुकर्म किया था और कुछ अधिकारियों ने उसे बचा लिया था। मेरे पूज्य गुरुजी का आशीर्वाद उसके ऊपर था, इसलिए वह बच गया। लेकिन कुकर्मी कोई भी हो, मैंने पहले ही चुनौती दी है कि जो भी बटुकों के साथ कुकर्म करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई कराऊंगा। इस व्यक्ति ने तो बटुकों के साथ नहीं, बल्कि मालिश करने वाले व्यक्ति के साथ कुकर्म किया है। रामचंद्र नाम का यह व्यक्ति, जो खुद को बड़ा बताता है, एक फ्रॉड है। उसने मेरे गुरुजी को अपने प्रभाव में ले रखा है और उनके खिलाफ साजिश रच सकता है। मुझे आशंका है कि वह कभी भी मेरे गुरुजी को नुकसान पहुंचा सकता है। रामचंद्र का एक भाई गुजरात में सोने का कारोबार करता है। आरोप है कि गुरुजी की कथाओं और अन्य स्रोतों से जो धन आता है, उसे इकट्ठा करके अपने भाई के पास भेज दिया जाता है। वहां सोने का सामान खरीदकर उसका कारोबार किया जाता है। आज मैं सार्वजनिक रूप से इन बातों का खुलासा कर रहा हूं। आरोप है कि इसने मथुरा में दो आश्रमों पर अवैध कब्जा कर रखा है। दोनों आश्रमों से जुड़े मामलों में फर्जी वसीयत तैयार की गई है। इसके अलावा, बाबा गोपी दास जी महाराज के साथ भी इसने गलत व्यवहार किया और उन्हें पिटवाने का काम किया। मैं, आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, आज यह ऐलान करता हूं कि पहले अपने घर से ही सुधार की शुरुआत करूंगा। इसी कारण मैं अपनी प्रस्तावित 'सनातन न्याय यात्रा' को फिलहाल स्थगित करता हूं। साथ ही यह भी घोषणा करता हूं कि इस कथित कुकर्मी रामचंद्र को कानून के दायरे में लाने का प्रयास करूंगा। चाहे वह कोई भी हो, चाहे रामचंद्र हो या कोई और, मेरे लिए न्याय सबके लिए समान है। सनातन धर्म के हित में, चाहे वह मेरा सगा भाई ही क्यों न हो या गुरु भाई, यदि कोई गलत करेगा तो उसके खिलाफ आवाज उठाऊंगा। यह मेरा सार्वजनिक ऐलान है। जानिए आशुतोष महाराज कौन है? आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली जनपद के कांधला कस्बे के एक पंडित परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर की करते थे। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज कांधला के प्राचीन शाकंभरी सिद्धप्पीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी, इसके बाद से वह सन्यासी जीवन जी रहे है। ---------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- हरियाणवी डांसर बोली- ब्लाउज में पैसे रखने लगा, कमर पकड़ी:मुझे गंदा लगा तो थप्पड़ जड़े; हाथरस में बयान दर्ज कराए, 3 आरोपी गिरफ्तार हाथरस में स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान कमर छूने के मामले में पीड़ित हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी ने सासनी थाने में अपने बयान दर्ज कराए हैं। डांसर ने बताया, एक लड़के ने मेरे ब्लाउज में पैसे रखने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसका विरोध किया। दूसरा लड़का आया उसने मेरे कमर पकड़ी। मुझे गंदा महसूस हुआ, गुस्से में मैंने उसे थप्पड़ जड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…
ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भविष्य में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने का डर अब आम जनता को सताने लगा है। यही वजह है कि झुंझुनूं के लोग अब ईंधन के पारंपरिक साधनों को छोड़ 'इलेक्ट्रिक व्हीकल' (EV) का रुख कर रहे हैं। जिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का क्रेज इतनी तेजी से बढ़ा है कि पिछले महज 5 महीनों में ही रिकॉर्ड तोड़ गाड़ियां बिकी हैं। 5 महीने में 1063 गाड़ियां रजिस्टर्ड, मार्च में रही सबसे भारी डिमांड परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 1 जनवरी से 31 मई के बीच जिले में 1063 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। अगर महीने वार आंकड़ों पर नजर डालें, तो मार्च के महीने में लोगों ने सबसे ज्यादा गाड़ियां खरीदीं। पिछले साल का रिकॉर्ड टूटना तय अगर पिछले साल यानी पूरे 2025 की बात करें, तो सालभर में जिले में कुल 1720 इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे। लेकिन इस बार ट्रेंड बिल्कुल बदला हुआ है। साल के शुरुआती 5 महीनों में ही आंकड़ा एक हजार को पार कर चुका है। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और बाजार के जानकारों का अनुमान है कि जिस रफ्तार से डिमांड बढ़ रही है, उसे देखते हुए इस साल पिछला रिकॉर्ड बहुत पीछे छूट जाएगा। बुकिंग और डिलीवरी की कमी न होती, तो आंकड़ा होता दोगुना परिवहन इंस्पेक्टर रमेश यादव ने इस ट्रेंड पर बात करते हुए बताया कि बाजार में इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों की भारी डिमांड है। हालांकि, कंपनियों की तरफ से बुकिंग और डिलीवरी में कुछ समस्याएं आ रही हैं, जिसके कारण गाड़ियां मिलने में समय लग रहा है। यादव का कहना है कि फिलहाल सप्लाई कम होने की वजह से यह आंकड़ा 1063 दिख रहा है, वरना युद्ध के जो हालात हैं और लोगों में जो पेट्रोल की कीमतों को लेकर चिंता है, उसे देखते हुए यह आंकड़ा अब तक दोगुना (2000 के पार) हो चुका होता। क्यों बढ़ रहा लोगों में EV का क्रेज युद्ध के चलते तेल की सप्लाई प्रभावित होने और पेट्रोल के दाम बढ़ने की आशंका ने लोगों को भविष्य के लिए सतर्क कर दिया है। रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा और युवाओं के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर चलाना पेट्रोल के मुकाबले बेहद सस्ता पड़ रहा है। जिले में 1 जनवरी 2026 से 31 मई तक का EV का रजिस्ट्रेशन जनवरी: 185 वाहन फरवरी: 153 वाहन मार्च: 302 वाहन (सबसे ज्यादा बिक्री) अप्रैल: 241 वाहन मई: 182 वाहन कुल योग: 1063 इलेक्ट्रिक गाड़ियां
पंचकूला में चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार:सप्लाई करने जा रहा था; कैरी बैग में छिपाया नशीला पदार्थ
हरियाणा पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल ने सेक्टर-24 क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 716 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना चंडी मंदिर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार 8 जून को एंटी नारकोटिक सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि सेक्टर-24 निवासी हर्षवर्धन नाहरवाल चरस की सप्लाई करने के लिए सेक्टर-24 जाने वाली सड़क के पास पार्किंग क्षेत्र में आने वाला है। सूचना को पुख्ता मानते हुए एएसआई परविंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर निगरानी की गई। पुलिस टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति हाथ में कैरी बैग लेकर आता दिखाई दिया। मुखबिर की निशानदेही पर पुलिस ने उसे घेरकर काबू कर लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान हर्षवर्धन नाहरवाल (42), निवासी जीएच-12, सेक्टर-24, पंचकूला के रूप में बताई। तलाशी में मिले 2 मोबाइल व चरस मौके पर AETO एवं एनडीपीएस नोडल अधिकारी सुनील सीले को भी बुलाया गया। पूरी तलाशी और बरामदगी की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से कराई गई। तलाशी के दौरान आरोपी के हाथ में पकड़े कैरी बैग से काले रंग की पॉलीथिन बरामद हुई। पॉलीथिन को खोलकर जांच करने पर उसमें चरस मिली। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर चरस का कुल वजन 716 ग्राम पाया गया। पुलिस ने बरामद चरस को सील कर कब्जे में ले लिया। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस थाना चंडीमंदिर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b)(II)(B) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित मामला दर्ज हो चुका है।
इजराइल-ईरान युद्ध के बीच छत्तीसगढ़ के युवाओं को इजराइल में नौकरी देने की तैयारी जिला प्रशासन कर रहा है। दुर्ग जिला कार्यालय से इजराइल में नौकरी को लेकर सीधी भर्ती के संबंध में सूचना जारी की गई है। जिला प्रशासन दुर्ग ने युवाओं के लिए इजराइल में नौकरी को लेकर पूरी गाइडलाइन जारी की है। यह भर्ती नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) के जरिए भारत-इजराइल फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत ‘होम बेस्ड केयर गिवर’ के 3500 पदों पर भर्ती की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती तौर पर करीब 1.99 लाख रुपए महीने तक वेतन मिलेगा। इधर इजराइल और ईरान के बीच दोबारा जंग शुरू हो चुकी है। दोनों देश एक दूसरे पर अब हमले शुरू कर चुके हैं। ऐसे वक्त पर जिला प्रशासन ने इजराइल में नौकरी के लिए प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को अवसर प्रदान किया है। नौकरी के लिए इन योग्यताओं का होना जरूरी जिला प्रशासन की ओर से इजराइल में नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता भी जारी कर दी है। इसके अनुसार अभ्यर्थियों को भारतीय नियामक प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त 990 घंटे का ओजेटी (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) सहित केयर गिविंग प्रमाणपत्र अनिवार्य है। जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, फिजियोथेरेपी या नर्स असिस्टेंट में से कोई एक प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। इच्छुक और पात्र आवेदकों को छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। जिला प्रशासन ही करेगा चयन प्रक्रिया पूरी, अंतिम इंटरव्यू इजराइल लेगा भर्ती की चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ रोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों की जांच व सत्यापन, स्वास्थ्य परीक्षण, पुलिस क्लीयरेंस करवाना होगा। अंतिम में इजराइल के नियोक्ता की ओर से ऑनलाइन इंटरव्यू लिया जाएगा। जिसके बाद ही नौकरी में चयन हो सकेगा। इच्छुक और पात्र आवेदक छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल पर जारी लिंक के माध्यम से तुरंत अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। दो साल के कांट्रेक्ट पर मिलेगी नौकरी जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा-रोजगार विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए इस अवसर के तहत चयनित उम्मीदवारों को लगभग 2 लाख रुपए प्रति माह का प्रारंभिक वेतन मिलेगा। अलग-अलग कटौतियों (जैसे चिकित्सा बीमा, आवास और भोजन भत्ता) के बाद आवेदकों को शुद्ध रूप से 1,99,770 रुपए प्रति माह वेतन दिया जाएगा। यह नियुक्ति शुरुआती तौर पर दो साल के अनुबंध पर होगी, जिसे आवश्यकतानुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इजराइल में पहले काम किए युवक नहीं कर सकेंगे आवेदन जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इजराइल में प्रदेश के युवाओं को जो नौकरी करने जाएंगे उनको आवास, भोजन, चिकित्सा बीमा सहित 9 दिनों के राष्ट्रीय अवकाश, 16 दिनों के वार्षिक अवकाश और सप्ताह में 6 दिन कार्य की सुविधा दी जाएगी। इस पद के लिए आवेदकों की आयु 25 से 45 वर्ष के बीच, न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ इंटरमीडिएट स्तर पर अंग्रेजी विषय का होना अनिवार्य है। साथ ही आवेदक के पास न्यूनतम 3 वर्ष की वैधता वाला पासपोर्ट होना चाहिए। वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हो, लंबाई 1.5 मीटर से अधिक और वजन 45 किलोग्राम से अधिक होना चाहिए। इसके अलावा आवेदक ने पूर्व में इजराइल में कार्य न किया हो।
बाड़मेर हेल्थ विभाग जिले भर में संदेह के आधार खाद्य पदार्थो के सैंपल लेकर जांच करवा रहे है। इसी कड़ी में आईस्क्रीम के सैंपल लिए गए। जांच में तीन फर्मो की आईस्क्रीम में मिलावट पाई गई। अब विभाग इन मामलों में कोर्ट के सक्षम पेश करेगा। दरअसल, राजस्थान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर के आयुक्त टी शुभ मंगला एवं जिला कलेक्टर बाड़मेर के निर्देशन में शुद्ध आहार मिलावट पर अभियान चलाया जा रहा है। बाड़मेर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के फ्रूड इंस्पेक्टर जिले भर में अलग-अलग खाद्य पदार्थ बेचने वालों के सैंपल लेकर जांच के लिए जोधपुर भेजते है। जांच रिपोर्ट में मिलावट पाई जाने वाले मामलों को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाता है। बीते दिनों फ्रूड इंस्पेक्टर राजेश कुमार जागिड़ ने फर्म मैससे नीलम आईसक्रीम इंदिरा कॉलोनी खाद्य पदार्थ लूज कुल्फी का सैंपल लिया था। इसी तरह मैसर्स आशापुरा आइसक्रीम भियाड़ में भी कूल्फी और मानसरोवर आइसक्रीम एंड लस्सी स्टेशन रोड बाड़मेर का भी आइस्क्रीम का सैंप लिया गया। इन सैंपलों को पब्लिक हेल्थ लेबोरट्री जोधपुर में भेज गए। जांच रिपोर्ट में इन नमूने अमानक (नॉन स्टैंडर्ड) पाए गए। अब विभाग इन मामलों की जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में पेश करेगा।
उन्नाव में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती (एनरोलमेंट-2025) लिखित परीक्षा का दूसरा दिन मंगलवार को भी कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो रहा है। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर 3662 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को गहन तलाशी, दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाओं के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। मंगलवार सुबह से ही विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। आगरा, लखनऊ, रायबरेली, फतेहपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से अभ्यर्थी परीक्षा देने उन्नाव पहुंचे हैं। केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई है, जहां अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्रों की गहन जांच की जा रही है। जिले में अटल बिहारी इंटर कॉलेज, डीएसएन इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ओपीडी इंटर कॉलेज, श्यामलाल इंटर कॉलेज, एसएवी इंटर कॉलेज और अचलगंज सहित कुल 12 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, लगभग 3662 अभ्यर्थी इसमें भाग ले रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। समय से पहले केंद्रों पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही परीक्षा कक्षों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा की निगरानी के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं। अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी अभ्यर्थी को कोई परेशानी न हो। इसके लिए शहर में पुलिस सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जहां बाहर से आए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों की जानकारी और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
बिहार के 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की कहानी तो आपने फिल्मों में देखी होगी, लेकिन मध्य प्रदेश के बड़वानी में यह कहानी आज हकीकत बन चुकी है। जिले के खेड़ी पलास फलियां गांव के लोगों ने नेताओं के झूठे वादों और अफसरों के चक्कर काटने से तंग आकर खुद ही 150 फीट ऊंचे पहाड़ को काटकर सड़क बनाना शुरू कर दिया है। करीब 250 की आबादी वाले इस गांव में मई-जून की भीषण गर्मी के बीच गांव का हर बच्चा, बूढ़ा और महिला अलग-अलग शिफ्ट में 'दशरथ मांझी' बनकर कुदाल-फावड़ा चला रहा है। मुसीबत का रास्ता: क्यों उठाना पड़ा यह कदम? दरअसल, मुख्य सड़क से गांव 3 किमी अंदर है। इसमें 1 किमी कच्ची पगडंडी है और 2 किमी का रास्ता सीधे खतरनाक पहाड़ से होकर गुजरता है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर ऊबड़-खाबड़ रास्तों से बाइक निकालते थे। बारिश के दिनों में गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते। दैनिक भास्कर की टीम बड़वानी से करीब 40 किलोमीटर दूर सड़क बना रहे इन ग्रामीणों से मिलने पहुंची। यहां पहुंचने के लिए कार को गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर पार्क करना पड़ा। इसके बाद पैदल चलकर पहाड़ी तक पहुंचे। यहां देखा कि करीब 35 से 40 महिला-पुरुष पांच फीट चौड़ी सड़क बनाने में जुटे हैं। गर्भवती को झोली में लटका कर ले जाना पड़ता है… गांव की रेवती बाई घूंघट की ओट से अपनी बारेली बोली में बताती हैं- सड़क न होने की सबसे बड़ी कीमत यहां की महिलाओं और बीमारों को चुकाना पड़ती है, अगर गांव में कोई महिला गर्भवती हो या कोई अचानक बीमार पड़ जाए तो उसे कपड़े की झोली में डालकर ले जाना पड़ता है। एक बीमार को उठाने में 8 मर्द लगते हैं और ढाई से तीन घंटे में पहाड़ी पार हो पाती है। खाद-बीज और अनाज भी सिर पर लादकर चढ़ना पड़ता है। अब हम थक चुके हैं, इसलिए खुद ही रास्ता बना रहे हैं। सरकार के भरोसे नहीं बैठे, खुद जुटाए एक लाख रुपए गांव के साब्जिया आदिवासी ने बताया कि सालों तक जनसुनवाई और दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद जब सिर्फ आश्वासन मिले तो ग्रामीणों ने एक महीने पहले बैठक की। गांव के सक्षम परिवारों ने 10-10 हजार रुपए दिए। बाकी लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार मदद की। इस तरह 1 लाख रुपए का फंड जमा हुआ। 2 किलोमीटर की सड़क में से आधा काम ग्रामीणों ने खुद खोदकर कर लिया है। बाकी का काम अब इस चंदे के पैसे से जेसीबी मशीन बुलाकर कराया जाएगा। चुनाव के समय नेता वादा कर चले गए ग्रामीण साबा कहते हैं कि हर चुनाव के समय नेताओं ने गांव तक सड़क बनवाने की बात कही। न जाने कितने चुनाव निकल गए, लेकिन सड़क नहीं बन पाई। बारिश के दिनों में गांव का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से लगभग टूट जाता था, जिससे हर साल परेशानी होती है। बच्चों को कई बार कीचड़ और पानी से भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था। कच्ची हम बना रहे हैं, पक्की सरकार बना दे ग्रामीणों का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ रास्ता बनाना नहीं, बल्कि सोए हुए सिस्टम को जगाना और सामूहिक ताकत की मिसाल देना है। ग्रामीणों ने कहा- हम बारिश से पहले किसी भी तरह रास्ता चालू करना चाहते हैं। फिलहाल, हम मिट्टी-पत्थर हटाकर कच्ची सड़क तो बना ही लेंगे, ताकि गाड़ियां आ-जा सकें। अब प्रशासन को थोड़ी भी शर्म आए तो वो इस पर पक्की सड़क बनवा दे। इस मामले में क्या बोले जिम्मेदार? मामले में जब बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) के महाप्रबंधक अंकित अवस्थी ने बताया कि उबादगढ़ गांव वैसे तो सीसी रोड से जुड़ा है, लेकिन अंदरूनी कनेक्टिविटी के लिए इस मार्ग को मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में शामिल किया गया है। इसका सर्वे हो चुका है और 100 से अधिक आबादी वाली बसाहटों को जल्द ही सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
अमेठी में सोमवार सुबह शौच के लिए जा रहे 75 वर्षीय बुजुर्ग हीरालाल दुबे की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के लोढ़ियावा गांव में हुई। बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के बाद हाइवे के रास्ते फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सात टीमें गठित की हैं। यह घटना सोमवार सुबह करीब पांच बजे की है, जब हीरालाल दुबे हाइवे के किनारे झाड़ियों में शौच के लिए जा रहे थे। हाइवे पर पहुंचते ही अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के नाती वीरेंद्र कुमार द्विवेदी पुत्र अंजनी कुमार द्विवेदी की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने बताया कि सर्विलांस और एसओजी सहित पुलिस की सात टीमें गठित की गई हैं, जो हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही हैं। उन्होंने जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया है। सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड को सुपारी किलर द्वारा अंजाम दिया गया है और इसका मास्टरमाइंड कोई करीबी व्यक्ति हो सकता है। सूत्रों ने यह भी बताया कि हत्यारों को बुजुर्ग के आने-जाने की पूरी जानकारी थी, जिसके चलते वारदात को हाइवे पर अंजाम दिया गया ताकि उन्हें भागने में कोई दिक्कत न हो।
दालमंडी ध्वस्तीकरण का कार्य तेजी से हो रहा है। इसी क्रम में अब यहां बानी अट्टालिकाओं को तोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी ने पोकलैंड मशीन मंगवा ली है। सोमवार की शाम पोकलैंड मशीन दालमंडी के अंदर घुसी और रास्ता बनाते हुए दालमंडी के बीचों-बीच बनी जगह पर जाकर खड़ी हुई। यह मशीन रास्ते में कई मकानों को जमीदोज करते हुए आयी जिन्हे मजदूर काफी दिनों से हथौड़े से तोड़ रहे थे। वहीं पीडब्ल्यूडी ने सोमवार को दालमंडी में मुनादी कराई और 16 मकानों को 11 जून तक खाली करने का निर्देश दिया है। 11 जून को बड़ी कार्रवाई दालमंडी में की जाएगी। जिसमें एक बार फिर पोकलैंड मशीन चलते हुए दिखाई देगी। देखें पोकलैंड मशीन का ध्वस्तीकरण… 16 मकानों में होगा ध्वस्तीकरण पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केके सिंह ने बताया - हम लगातार बचे हुए मकानों की रजिस्ट्री करवा रहे हैं। इसी क्रम में रजिस्ट्री के बाद और कुछ वीडीए द्वारा अवैध घोषित मकानों की लिस्ट के अनुसार 16 मकानों की मुनादी करवाई गयी है। इन सभी में 11 जून को ध्वस्तीकरण करवाया जाएगा। इसे लेकर सभी को पूर्व में खाली करने की नोटिस भी दी जा चुकी है। जून के अंतिम सप्ताह तक हो जाएगी फेंसिंग केके सिंह ने बताया - हमारा लक्ष्य जून के अंतिम सप्ताह तक लैंड को खाली करवा लेने का लक्ष्य है। हम खुद ही इस प्रोजेक्ट की कार्यदायी संस्था हैं और सड़क को मॉडल रूप में पीडब्ल्यूडी ही विकसित करेगी। ऐसे में हमारा लक्ष्य है की हम अक्टूबर तक जनता को यह सड़क मॉडल रूप में सुपुर्द कर दें। दलमण्डी मॉडल सड़क के लिए कुल 187 प्रॉपर्टी चिह्नित की गई थी। इनमें 181 मकान और 6 मस्जिदें हैं। यहां करीब 1400 दुकानें भी थीं। पहली बार 29 अक्टूबर 2025 को PWD ने मकान तोड़ना शुरू किया। अब तक कुल 70 मकान तोड़े जा चुके हैं। अभी भी 111 मकान बाकी हैं जिनमे से कुछ में काम लगा है। वहीं 6 मस्जिदें भी बची हैं। फिलहाल मस्जिदों को तोड़ा नहीं जा रहा है। बताया जा रहा कि उसे लास्ट में तोड़ा जाएगा। सोमवार को हुई मुनादी सोमवार को दालमंडी में राजस्व कर्मी ने सभी मकानों के पास जाकर मुनादी की और उन्हें 11 जून तक मकान और उसमें बनी दूकान खाली करने की अपील किया। और बताया कि 11 जून को पीडब्ल्यूडी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। पहुंची पोकलैंड मशीन दालमंडी में सोमवार को पोकलैंड मशीन भी गरजी।रैवार की शाम पहुंची पोकलैंड मशीन; सोमवार की शाम दालमंडी प्रवेश कर गयी। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों ने पोकलैंड मशीन को दालमंडी में प्रवेश करवाया। इस दौरान कई मकान जिनपर काम लगा हुआ था। उन्हें पोकलैंड मशीन ने जमीदोंज किया और उसे लाकर दालमंडी के बीचों-बीच खड़ा कर दिया गया है। जहां से उसे जरूरत के आधार पर इस्तेमाल किया जाएगा। पोकलैंड मशीन ने एक घंटे की कार्रवाई में चार टूट रहे मकानों को जमीदोंज कर दिया अब सिर्फ वहां मलबा बचा है।अब जानिए क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट… पीएम ने रखी थी प्रोजेक्ट की आधारशिला वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। 60 फुट चौड़ी होगी सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा। 220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू हुई और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी हैं। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 60 से अधिक मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। धीरे-धीरे मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।
बांसवाड़ा शहर के राजतालाब थाना पुलिस ने बाइक चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पीसी रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। हुसैनी चौक से चुराई गई थी बाइकपुलिस के अनुसार 4 जून को हडमतिया निवासी दिनेश कलासुआ (32) सैनिटरी कार्य के सिलसिले में हुसैनी चौक स्थित काली कल्याण धाम आया था। इस दौरान उसने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की थी, जिसे अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। घटना के बाद पीड़ित की रिपोर्ट पर राजतालाब थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मुखबिर तंत्र से मिली सफलतामामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। उप निरीक्षक गंगाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने हुसैनी चौक, कस्टम चौराहा और कलेक्ट्री परिसर क्षेत्र से दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में कबूला जुर्मकड़ाई से पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बाइक चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रेहान मोहम्मद उर्फ टेपा (20) पुत्र शाबीर मोहम्मद निवासी शेर विलास डुंगरी, सरगड़ावाड़ा तथा निजाम खान (20) पुत्र शाहरुख खान निवासी गोरख इमली, हाल निवासी हुसैनी चौक मण्डिया के रूप में हुई है।
व्यापारी पर हमले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार:हिण्डोली में वारदात में इस्तेमाल कार-कुल्हाड़ी बरामद
बूंदी जिले की हिण्डोली थाना पुलिस ने एक व्यापारी पर जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार और कुल्हाड़ी भी बरामद की है। यह मामला 30 मई का है, जब फरियादी नरेश कुमार ने हिण्डोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 5-7 लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उनकी कार में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की जांच के लिए थानाधिकारी मुकेश कुमार यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।इस टीम ने 7 जून को मुख्य आरोपी मुकट बिहारी उर्फ मुकट (28) निवासी धनपुरा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। न्यायालय से पुलिस रिमांड मिलने के बाद आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कार और कुल्हाड़ी जब्त की गई। अन्य आरोपियों की तलाश जारीपुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी तथा सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में थानाधिकारी मुकेश कुमार यादव, सहायक उपनिरीक्षक भागचंद, आरटी लोकेश, कॉन्स्टेबल सुनील और कॉन्स्टेबल कालूराम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भागलपुर के सबौर थाने में तैनात डायल 112 के पीटीसी जवान की मौत हो गई। रविवार रात सोने के बाद वह जगे ही नहीं। वे खर्राटा लेते थे। कमरे में उनके साथी जवान ने जब खर्राटे की आवाज नहीं सुनी तो उन्हें हिलाया पर शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद उन्हें मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जवान आलोक रंजन (31) दरभंगा के बहादुरपुर स्थित मनेरा गांव के रहने वाले थे। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। घटना की जानकारी मिलने पर सोमवार की शाम दरभंगा से परिजन पहुंचे। परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताई है। मामा अर्जुन ने बताया कि मामले की जांच होनी चाहिए। आलोक को कोई बीमारी नहीं थी। शारीरिक रूप से वह काफी मजबूत था। सिटी एसपी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि जवान की मौत की जानकारी मिली है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इसके बारे में पता चलेगा। जहां जवान मृत हालत में पड़े थे, वहां जांच के लिए एफएसएल की टीम भी पहुंची थी। शाम में अनजान शख्स के साथ लौटे थे रविवार की शाम करीब साढ़े आठ बजे आलोक किसी अनजान शख्स के साथ लौटे थे। बेसुध हालत में वे मकान की सीढ़ी के पास पड़े थे। साथी की मदद से उन्हें कमरे में सुला दिया गया। आलोक ने रात में खाना भी नहीं खाया था। रविवार को वे ड्यूटी पर भी नहीं गए थे। पत्नी रुणा देवी से रविवार दोपहर के बाद बात भी नहीं हुई। रात में पत्नी ने कई बार कॉल किया, लेकिन आलोक से संपर्क नहीं हो पाया। सोमवार सुबह करीब 6 बजे परिजन को घटना की जानकारी मिली। शरीर पर खरोंच के निशान थे आलोक के किराए के मकान में साथ रहने वाले यूसुफ ने बताया कि मैं और आलोक रंजन थाना के बगल में किराए के मकान में एक साथ रहते थे। रविवार रात आलोक बिना खाना खाए ही सो गया। अक्सर वह सोने के दौरान खर्राटा लेता था। रात करीब तीन बजे जब मैं जगा तो वह खर्राटे नहीं ले रहा था। पास जाकर देखा तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। मैंने उसी मकान में रहने वाले आयुर्वेदिक चिकित्सक देवव्रत को बुलाया और थाने को जानकारी दी। उसके शरीर पर खरोंच के निशान थे। आलोक के पिता माधुरी राम सिपाही थे। वर्ष 2007 में रोहतास में नक्सली हमले में वह शहीद हो गए थे। इसके बाद अनुकंपा के आधारपर साल 2015 में आलोक को नौकरी मिली थी। आलोक एक साल से भागलपुर में तैनात थे। पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके ऊपर ही थी। घर में पत्नी के अलावा दो बहनें हैं। दोनों अविवाहित हैं। आलोक को दो बेटियां हैं, जिनमें एक तीन जबकि दूसरी एक साल से छोटी है। ये हो सकते हैं मौत के कारण मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर हेमशंकर शर्मा ने आलोक की मौत को लेकर दो संभावित कारण बताए। 1- अगर उम्र के अनुसार ज्यादा वजन है तो स्लिप एप्निया की बीमारी से कई बार लोगों की मौत हो जाती है। इसमें खर्राटा ज्यादा आता है और सांस की गति रुक जाती है।2- अगर वजन ज्यादा नहीं और उम्र कम है, इसके बाद भी खर्राटे आते हैं और नींद में ही मौत हो जाती है तो कार्डियोमायोपैथी बीमारी मानी जाती है। इसमें एक से तीन मिनट के अंदर अचानक हार्ट बंद हो जाता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का आज मंगलवार को दूसरा दिन है। परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित होनी है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी जबकि दूसरी पाली की परीक्षा तीन बजे से शाम पांच बजे तक होनी है। आठ जून से यह परीक्षा आयोजित हो रही है जो 10 जून तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों के कपड़ों की चेकिंग हुई। जूते उतरवाकर तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा सिस्टम की निगरानी AI आधारित कैमरों से की जा रही है। कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस परीक्षा में कुल 1.32 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इसके लिए 50 परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वहीं, पहले दिन (आठ जून) की परीक्षा में करीब 29% अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जारी आंकड़ों के अनुसार, पहली पाली की परीक्षा में 22032 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। यहां 6560 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यानी पहली पाली में 15472 परीक्षार्थी परीक्षा दिए। इसी तरह दूसरी पाली की परीक्षा में 22032 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे जिसमें 15339 परीक्षार्थी शामिल रहे। दोनों पाली की परीक्षा में करीब 70% परीक्षार्थी शामिल हुए।
राम मंदिर के दानपात्र में जमा रकम में कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ने लगा है। अखिलेश यादव के बयान के बाद अब इस पर सियासत गरमाने लगी है। विपक्ष जहां रोज नए -नए दावे कर रहा है। वहीं भाजपा के नेता और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोग आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप के दौर बीच अब मंदिर की आय और चढ़ावे से जुड़े आधिकारिक आंकड़े सामने आ गए हैं। मंदिर को दानपात्रों के माध्यम से हर महीने औसतन करीब पांच करोड़ रुपये का चढ़ावा मिल रहा है। ट्रस्ट का दावा है कि रामलला को मिलने वाले चढ़ावे और दान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित होती है और उसका हिसाब रखा जाता है। इसलिए दानपात्र में मिली रकम में हेरफर का आरोप बेबुनियाद है। 2025-26 में मंदिर को 220.81 करोड़ रुपये की आय हुई राम मंदिर ट्रस्ट की बीते मार्च महीने में हुई बैठक में प्रस्तुत वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर को विभिन्न माध्यमों से 220.81 करोड़ रुपये की आय हुई। इनमें सबसे अधिक 54.79 करोड़ रुपये रामलला की हुंडी (दानपात्र) से प्राप्त हुए। इस आधार पर मंदिर को दानपात्रों के माध्यम से हर माह औसतन करीब पांच करोड़ रुपये का चढ़ावा मिल रहा है। वहीं ऑनलाइन दान के रूप में 8.33 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों पर 1800 करोड़ रुपये खर्च भारतीय स्टेट बैंक खाते में वर्तमान में लगभग 1940 करोड़ रुपये जमा हैं, जबकि राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्यों पर अब तक करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आय के मामले में राम मंदिर देश के प्रमुख मंदिरों में शीर्ष मंदिरों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। 40 लोगों की उपस्थिति में रोज होती है चढ़ावे में मिली रकम की गिनतीदानपात्रों से निकलने वाली धनराशि की गिनती प्रतिदिन की जाती है। इस प्रक्रिया में करीब 15 बैंक कर्मचारी और 25 ट्रस्ट कर्मचारी शामिल रहते हैं। गिनती सीसीटीवी निगरानी में होती है और पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। गिनी गई धनराशि को रजिस्टर में दर्ज करने के बाद मंदिर परिसर में बने सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है तथा अगले दिन बैंक खाते में जमा करा दिया जाता है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर और दर्शन मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर करीब चार दर्जन दानपात्र स्थापित किए हैं। श्रद्धालु दर्शन के बाद इनमें स्वेच्छा से नकद दान अर्पित करते हैं। ट्रस्ट ने इस व्यवस्था के संचालन और धनराशि की गिनती के लिए भारतीय स्टेट बैंक को अधिकृत किया है। चढ़ावे में मिली रकम का समय-समय पर होता है ऑडिटट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास के अनुसार- आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा व्यवस्थित तरीके से रखा जाता है। हर तीन माह में होने वाली ट्रस्ट की बैठक में सभी ट्रस्टियों के सामने वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है। इसके अलावा समय-समय पर आंतरिक ऑडिट भी कराया जाता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। गबन व चोरी का सवाल ही नहीं उठता। ये खबर भी पढ़ेंः- हरियाणवी डांसर बोली- ब्लाउज में पैसे रखने लगा, कमर पकड़ी, मुझे गंदा लगा तो थप्पड़ जड़े हाथरस में स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान कमर छूने के मामले में पीड़ित हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी ने सासनी थाने में अपने बयान दर्ज कराए हैं। डांसर ने बताया, एक लड़के ने मेरे ब्लाउज में पैसे रखने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसका विरोध किया। दूसरा लड़का आया उसने मेरे कमर पकड़ी। मुझे गंदा महसूस हुआ, गुस्से में मैंने उसे थप्पड़ जड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…
कौशांबी के चरवा थाना क्षेत्र में एक संविदा लाइनमैन की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने सोमवार देर रात इस वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि प्रेम प्रसंग के चलते युवक की हत्या की गई थी। इस मामले में नाबालिग प्रेमिका के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उनका बेटा फरार है। मृतक की पहचान चरवा थाना क्षेत्र के पंसौर निवासी राजकुमार (30) उर्फ राजू पुत्र स्व. देवीदीन के रूप में हुई है, जो बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन था। मृतक की मां शांति देवी के अनुसार, राजकुमार रविवार सुबह करीब 10 बजे ड्यूटी जाने की बात कहकर बाइक से घर से निकला था। देर शाम तक जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सोमवार को राजकुमार का शव चरवा कस्बे के मीरनपर (दीनदयाल उपाध्याय नगर) में एक निर्जन स्थान पर मिला। पुलिस की सूचना पर घटनास्थल पहुंचे परिजनों ने देखा कि राजकुमार की गला रेतकर हत्या की गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सत्यनारायण प्रजापत और सीओ चायल अभिषेक सिंह फॉरेंसिक टीम व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर रात एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने बयान जारी करते हुए बताया कि मृतक की मां की तहरीर पर मीरनपर निवासी अंगद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अंगद और उसकी पत्नी राजकुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने बेटे लवकुश के साथ मिलकर राजकुमार की हत्या की थी। आरोपी लवकुश की तलाश जारी है। एसपी ने यह भी बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अंगद की नाबालिग बेटी के साथ राजकुमार का प्रेम संबंध चल रहा था। इसी प्रेम प्रसंग के चलते राजकुमार की हत्या की गई। पुलिस टीम द्वारा मामले की तह तक जाने के लिए मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है और सर्विलांस सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन गोंडा जिले में रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते और परीक्षा देकर अपने घरों को लौटते नजर आए। गोंडा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करते हुए परीक्षार्थियों की भारी भीड़ जमा रही। कई अभ्यर्थी ट्रेनें लेट होने के कारण स्टेशन के फर्श पर बैठकर इंतजार करते दिखे। उमस भरी गर्मी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी। बसों में भीड़, किराया छूट न मिलने की शिकायत गोंडा रोडवेज बस स्टैंड पर भी परीक्षार्थियों की भारी भीड़ रही। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और वापस लौटने के लिए बसों का सहारा लेते दिखे। हालांकि, सरकारी आदेश के बावजूद बसों में अभी भी परीक्षार्थियों से पूरा किराया वसूला जा रहा था। गोरखपुर से परीक्षा देकर आईं अभ्यर्थी रेखा ने बताया कि उन्हें अभी तक किराए में छूट का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वे गोंडा से अयोध्या जा रही हैं और उम्मीद है कि वहां लाभ मिलेगा। अतिरिक्त बसें चलाई गईं, रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई गई भीड़ को देखते हुए गोंडा रोडवेज प्रशासन ने 20 अतिरिक्त आरक्षित बसें चलाई हैं, ताकि परीक्षार्थियों को आवागमन में परेशानी न हो। वहीं रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
बेगूसराय में सोमवार देर रात खेले गए नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में धबौली ने मेजबान नौलागढ़ को आठ विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। यह रोमांचक मुकाबला उच्च विद्यालय नौलागढ़ के मैदान में संपन्न हुआ। फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए नौलागढ़ की टीम 11 ओवर में 81 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। धबौली की ओर से दिलशाद आलम ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके। 82 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए धबौली की टीम ने मात्र 5.5 ओवर में दो विकेट खोकर आसानी से जीत हासिल कर ली। अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए धबौली के दिलशाद आलम को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। वहीं, पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नौला के कमलेश को 'मैन ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को शील्ड देकर सम्मानित किया। मैच में लालू और कृष्णा ने अंपायर की भूमिका निभाई, जबकि ओम कुमार और राजा स्कोरर रहे। कमेंट्री का जिम्मा भरत और अमरेश ने संभाला।
मधेपुरा में महिला की गोली मारकर हत्या:बेटे के साथ बाइक से लौट रही थी घर; सिर में लगी है बुलेट
मधेपुरा के पुरैनी थाना क्षेत्र में सोमवार रात अपराधियों ने एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। मृतका की पहचान औराय पंचायत के वार्ड-18 स्थित दीवान टोला चंदा निवासी सईद नदाफ की पत्नी जेरून खातून (65) के रूप में हुई है। जेरून खातून सोमवार की रात अपने बेटे नसीम के साथ सरपंच के पास गई थी। रात लगभग 8.30 वह बाइक से घर लौट रही थी। इसी दौरान चंदा से रसूल टोला जाने वाली सड़क पर खेरहो मुसहरिया के समीप घात लगाए अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। गोली लगने से जेरून खातून गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना पाकर पुरैनी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए थाना लाया। अपराधियों की पहचान के लिए छापेमारी जारी महिला की हत्या किन कारणों से की गई, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। पुलिस विभिन्न एंगल को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना से मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच में जुटी FSL की टीम उदाकिशुनगंज एसडीपीओ अविनाश कुमार ने बताया कि लगभग 65 साल की एक महिला की अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी है। पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है। मौके पर एफएसएल टीम भी पहुंच गई है। साक्ष्य एकत्रित किया जा रहा है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
भदोही पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जिले में चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर 3 जेसीबी और 8 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए हैं। इस संबंध में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में कुल 7 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि थानेदारों और चौकी प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, जिसके तहत किसी भी शिकायत पर तत्काल जांच कर दोषी पाए जाने पर बिना किसी संकोच के सख्त कार्रवाई की जा रही है। इससे अवैध खनन की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। अवैध खनन जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपदीय पुलिस द्वारा 'व्हाट्सएप चैट बॉट' (पुलिस सतर्क मित्र) प्लेटफॉर्म गोपनीय तरीके से संचालित किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान उजागर किए बिना मोबाइल नंबर 7839860411 पर सूचना, फोटो, वीडियो या ऑडियो भेज सकता है। भदोही पुलिस ने जनता से अपील की है कि अवैध खनन, बालू माफिया या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत 'व्हाट्सएप चैट बॉट' पर भेजें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एटा में एक लाइनमैन बिजली के पोल पर काम करते समय करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया। घटना के बाद वह करीब 20 मिनट तक पोल पर उल्टा लटका रहा। लाइनमैन को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह घटना सोमवार देर रात करीब 10 बजे कोतवाली नगर के आगरा रोड स्थित सिविल लाइन चौकी के पास हुई। लाइनमैन रेशमपाल पुत्र अनोखेलाल, निवासी एटा, विद्युत लाइन खराब होने की सूचना पर उसे ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा था। तभी अचानक करंट दौड़ गया। करंट लगने से रेशमपाल बुरी तरह झुलस गया और पोल पर ही उल्टा लटक गया। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बिजली आपूर्ति बंद करने के बाद उसे पोल से नीचे उतारा गया। गंभीर रूप से झुलसे लाइनमैन को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे आगरा के हायर सेंटर रेफर कर दिया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। जेई मनीष कुमार ने बताया कि घटना के समय वह मौजूद नहीं थे और मामले की जांच की जा रही है।
डूंगरपुर को मिले 2 नए डीएसपी:हेरंब जोशी डूंगरपुर, अब्दुल रहमान सागवाड़ा में; 141 डीएसपी के तबादले
राज्य सरकार ने सोमवार देर शाम 141 उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) के तबादले किए। इस सूची में डूंगरपुर जिले को दो नए डीएसपी मिले हैं। हेरंब जोशी को डूंगरपुर और अब्दुल रहमान को सागवाड़ा का नया डीएसपी नियुक्त किया गया है। आरपीएस अधिकारी हेरंब जोशी को सलूंबर से स्थानांतरित कर डूंगरपुर का डीएसपी बनाया गया है। जोशी इससे पहले डूंगरपुर जिले में सीआई और एसीबी में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें जिले की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियों का अनुभव है। 17 दिनों से रिक्त था डूंगरपुर डीएसपी का पदडूंगरपुर डीएसपी का पद पिछले 17 दिनों से रिक्त था। तत्कालीन डीएसपी तपेंद्र मीणा को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 22 मई को धम्बोला दौरे के बाद एपीओ कर दिया गया था। यह कार्रवाई विभिन्न शिकायतों के बाद की गई थी। सागवाड़ा के डीएसपी रूप सिंह का तबादला सलूंबर जिले के सराड़ा कर दिया गया है। उनके स्थान पर जीआरपी में कार्यरत अब्दुल रहमान को सागवाड़ा का नया डीएसपी नियुक्त किया गया है। जिले में इन नई नियुक्तियों से कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को नई गति मिलने की उम्मीद है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर में लघु सचिवालय परिसर की ग्रीन बेल्ट में मंगलवार को सुबह-सुबह बुलडोजर चलाया गया। अवैध रूप से बने चैंबरों को प्रशासन ने बुलडोजर से हटा दिया। एसडीएम आकाश शर्मा ने इस अतिक्रमण हटाओ अभियान की अगुवाई की। इस कार्रवाई से सात दिन पहले और फिर एक दिन पहले कॉमन नोटिस जारी किए गए थे। एसडीएम के अनुसार, अधिकांश लोगों ने अपना सामान स्वयं हटा लिया था, जबकि शेष सामान प्रशासन द्वारा हटवाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में किसी का कोई नुकसान नहीं किया गया है। ये चैंबर ग्रीन बेल्ट की जमीन पर बने थे, जहां अब पेड़ लगाए जाएंगे। एसडीएम ने बताया कि यहां कोई स्थायी निर्माण या विभाजन नहीं था, लोग समूहों में बैठे थे, इसलिए उनकी गिनती नहीं हो सकी। ग्रीन बेल्ट को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है। खाली पड़ी जगह की जाएगी आवंटित चैंबर में काम करने वाले लोगों की रोजगार संबंधी चिंताओं पर एसडीएम ने कहा कि पहले ही सभी को बुलाकर बैठक की जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सामने खाली पड़ी जगह में दोबारा आवंटन किया जाएगा। कई लोग पहले ही यहां से जा चुके थे और उनके चैंबर खाली थे। कुछ जगहों पर एक-एक व्यक्ति बैठा था। सभी प्रभावित व्यक्तियों को एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत सामने वाली जगह पर स्थानांतरित किया जाएगा। एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को भी पूरी तरह से हटाया नहीं जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रीन बेल्ट को खाली कर पर्यावरण का संरक्षण करना है। आठ साल पहले बने थे चैंबर जानकारी के अनुसार, ये चैंबर लगभग आठ साल पहले बनने शुरू हुए थे और इनकी संख्या बढ़कर दस हो गई थी। यह कार्रवाई विभाग द्वारा सुबह 6 बजे की गई। जिसमें नगर परिषद और बिजली निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार, सचिव मनीष, जेई रमनदीप और बिजली निगम के जेई सुरेश की टीम भी इस दौरान उपस्थित रही।
एटा में सोमवार देर रात करीब 1 बजे 22 वर्षीय आशीष की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। आशीष अपनी दिव्यांग पत्नी को शौच कराकर घर लौट रहा था, तभी घर के सामने उसे घेर लिया गया और सीने में गोली मार दी गई। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पत्नी ने बताया कि तीन लोगों ने उसके पति को घर के सामने से खींचकर ले जाकर गोली मारी। वारदात उसके सामने हुई है। सूचना पर पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। डॉग स्क्वायड व फील्ड यूनिट ने साक्ष्य जुटाए हैं। एसएसपी ने जल्द खुलासे के निर्देश दिए हैं। पुलिस हत्या के कारणों और आरोपियों की तलाश में जुटी है। देखिए घटना से जुड़ी तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… अलीगंज थाना क्षेत्र के साडरपुर निवासी आशीष सोमवार रात करीब 1 बजे अपनी पत्नी प्रीति को शौच कराने के लिए घर से कुछ दूरी पर लेकर गया था। पत्नी के शौच से निवृत्त होने के बाद दोनों घर लौट रहे थे। तभी घर के सामने कुछ अज्ञात लोगों ने आशीष को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शी पत्नी के अनुसार तीन लोग अचानक आए और आशीष को पकड़कर जबरन घर के सामने से खींचकर कुछ दूरी पर ले गए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने उसके सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही आशीष जमीन पर गिर पड़ा और हमलावर मौके से फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने आशीष को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल उपचार के लिए फर्रुखाबाद स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी प्रीति ने बताया कि वह दिव्यांग है और उसके पति ही उसकी देखभाल करते थे। घटना वाली रात भी आशीष उसे शौच कराने के लिए घर से बाहर लेकर गए थे। वापस लौटते समय तीन लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और जबरन खींचकर ले गए। कुछ ही क्षण बाद गोली चलने की आवाज आई और उनके पति जमीन पर गिर पड़े। हत्या की खबर फैलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई। आधी रात को हुई इस हत्या ने लोगों के मन में भय पैदा कर दिया है। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फील्ड यूनिट टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। आसपास के क्षेत्रों की भी जांच की गई और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र की गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। एसएसपी पहुंचे गांव, जल्द खुलासे के निर्देश घटना की सूचना मिलने पर एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलमारन भी साडरपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। एसएसपी ने हत्या के शीघ्र खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आशीष की हत्या किसने और क्यों की। हमलावरों को उसके घर लौटने की जानकारी कैसे मिली और क्या हत्या किसी पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या अन्य कारणों से की गई, इसकी जांच की जा रही है। अलीगंज क्षेत्राधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही घटना का खुलासा किए जाने का दावा किया जा रहा है।
वाराणसी में युवक की गोली मारकर हत्या:अखरी इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया
वाराणसी के रोहनिया थानाक्षेत्र के सौरव विहार कालोनी, अखरी के पास युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक की पीठ में गोली मारी गई। बीती रात हुई इस घटना में घायल युवक जितेंद्र सिंह को रोहनिया पुलिस ने ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। जहां आज सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है। 2 तस्वीरें देखिए… घर जाते समय मारी गयी गोली पुलिस के अनुसार हमें देर रात गोली चलने की सूचना मिली थी। इसपर मौके पर पहुंचकर सौरव विहार कालोनी से घायल युवक को ट्रामा सेंटर में एडमिट कराया गया था। वहां रात भर इलाज चला लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका और सुबह उसकी मौत हो गई। फिलहाल परिजनों से बातचीत के आधार पर अपराधियों की तलाश की जा रही है। युवक ने मरने से पहले बताया था कि मोटरसाइकिल से 2 बदमाश आये थे जिन्होंने गोली मारी और फरार हो गए। सीसीटीवी कैमरों की हो रही सघन तलाशी पुलिस ने बताया - हम सीसीटीवी कैमरों की सघन तलाशी कर रहे हैं। ह्त्या और हत्या के बाद उस स्थान या आस-पास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किये जा रहे हैं। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिजनों से तहरीर ली जा रही है। मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मानसून की आहट के साथ ही वन विभाग ने पौधारोपण की तैयारियां तेज कर दी हैं। जुलाई में मानसून की पहली बारिश के साथ ही 'हरियालो राजस्थान अभियान 2026' की शुरुआत होगी। इस अभियान के तहत जिले में कुल 12 लाख 38 हजार 44 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की चार नर्सरियों में पिछले तीन माह से विभिन्न प्रजातियों के 6 लाख 80 हजार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। फलोदी जिले की गर्म जलवायु को ध्यान में रखते हुए खेजड़ी, कुमटा, गुलमोहर, जाल, नीम, शीशम, खारी बादाम, जामुन, पीपल, कनेर और गुड़हल जैसे पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इस साल वन विभाग अकेले 1030 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 5 लाख 38 हजार 827 पौधे लगाएगा। वहीं, अन्य 28 विभाग मिलकर 4 लाख 14 हजार 983 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा करेंगे। 6 लाख 80 हजार पौधे तैयार वन विभाग के रेंजर मुरलीमनोहर छंगाणी ने बताया कि जिले की चार नर्सरियों में अलग-अलग किस्म के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। फलोदी नर्सरी में 2 लाख 20 हजार, एका भाटियान में 1 लाख 20 हजार, खींचन नर्सरी में 1 लाख 20 हजार और बाप नर्सरी में 2 लाख 20 हजार पौधे तैयार हो चुके हैं। इन सभी 6 लाख 80 हजार पौधों की वृद्धि का कार्य अंतिम चरण में है। फलोदी नर्सरी को जल्द ही 'नमो नर्सरी' के रूप में विकसित किया जाएगा। वन विभाग फलोदी ने इसके लिए 50 लाख रुपए के प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजे हैं। इसके अतिरिक्त, जिले की दो अन्य नर्सरियां, एका भाटियान और खींचन नर्सरी को 'श्री राम वाटिका' के रूप में विकसित किया जाएगा।
इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल, अवैध तमंचे, कारतूस और चोरी की वारदात से जुड़े 15 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। घटना उस समय हुई जब बकेवर थाना पुलिस इकनौर तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन संदिग्ध युवक इकनौर तिराहे की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में सघन चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपियों ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और ग्राम इकनौर की ओर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने दूसरी मोबाइल टीम को सूचना देकर घेराबंदी दोनों तरफ से पुलिस से घिरता देख बदमाशों ने एक बार फिर पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आशीष कुमार उर्फ भोला के बाएं पैर और राज उर्फ कौशल के दाहिने पैर में गोली लग गई। दोनों घायल होकर गिर पड़े, जबकि तीसरे आरोपी को भी मौके से दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज उर्फ कौशल पुत्र जनविजय सिंह निवासी गुलजार नगर थाना बकेवर, आशीष कुमार उर्फ भोला पुत्र रामशंकर निवासी टिलीटिला थाना बकेवर तथा शिवा पुत्र मकरंद सिंह निवासी भवानीपुर थाना बकेवर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध तमंचे 315 बोर, छह जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस, एक मिस कारतूस, चोरी की एक हीरो स्पलेंडर मोटरसाइकिल, घटना में प्रयुक्त एक अपाचे मोटरसाइकिल तथा 15 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि बरामद 15 हजार रुपये उन्होंने लखना तिराहे के पास हुई चोरी की घटना से हासिल किए थे। इस मामले में थाना बकेवर में पहले से मुकदमा दर्ज है। बरामद हीरो स्पलेंडर मोटरसाइकिल भी चोरी की बताई गई है। घायल बदमाशों को पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है। जिला अस्पताल के डॉक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि दो घायलों को बकेवर सीएचसी से घायल अवस्था में लाया गया है, पुलिस के द्वारा गोली लगने की जानकारी दी गई, दोनों को भर्ती कर लिया गया है। एसपी ग्रामीण श्रीशचन्द्र ने बताया कि इकनौर तिराहे के पास चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहे तीन बदमाशों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी है। आरोपियों के कब्जे से अवैध असलहे, कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल और नकदी बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विदिशा में आज 4 घंटे बिजली कटौती:राघवजी कॉलोनी और मोहनगिरी समेत 11 से ज्यादा इलाकों में शटडाउन
विदिशा शहर में 11 केवी राघवजी (सिटी) फीडर पर आवश्यक रखरखाव (मेंटेनेंस) के चलते आज चार घंटे की बिजली कटौती रहेगी। बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शटडाउन लिया जाएगा। इस दौरान शहर के एक बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। कंपनी द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, राघवजी कॉलोनी, राजपूत कॉलोनी, जतरापुरा, रामलीला चौराहा और मोहनगिरी क्षेत्र में विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इसके साथ ही वैस दरवाजा, वाटर वर्क्स रोड, कृष्णा धाम कॉलोनी और राधारानी कॉलोनी में भी बिजली नहीं रहेगी। महलघाट, मंडी रोड और इससे लगे आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को भी इस शटडाउन का सामना करना पड़ेगा। उपभोक्ताओं में आक्रोश, व्यवस्था पर उठाए सवालशहर में आए दिन हो रहे इन मेंटेनेंस कार्यों को लेकर आम उपभोक्ताओं ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। रहवासियों का आरोप है कि लगातार शटडाउन लिए जाने के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। हल्की बारिश या तेज हवा चलने पर भी बत्ती गुल हो जाती है और उसे बहाल होने में कई घंटे लग जाते हैं, जिससे दैनिक कार्यों में भारी परेशानी होती है। कंपनी ने मांगा सहयोग, कहा- निर्बाध सप्लाई के लिए काम जरूरीस्थानीय लोगों ने मांग की है कि बार-बार होने वाली कटौती का लाभ जमीन पर दिखना चाहिए और बरसात से पहले व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। दूसरी तरफ, बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग का कहना है कि सुरक्षित और बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह रखरखाव जरूरी है। कार्य की अवधि में आवश्यकतानुसार बदलाव हो सकता है और काम पूरा होते ही तत्काल बिजली चालू कर दी जाएगी।
कोटा से लोग दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ में लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं। लोगों की पोस्ट से कोटा में बुनियादी सुविधाओं से जूझ रही आम जनता की परेशानियां भी सामने आ रही हैं। कहीं कॉलोनी में बरसात के पानी से जलभराव हो गया है तो कहीं मानसून से पहले नालियां ही साफ नहीं हुईं। पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर कर देने से उनके मुरझाने का डर है वहीं 25 फीट चौड़ा खोदा लेकिन फेंसिंग नहीं की। हालांकि, भास्कर ‘समाधान’ के तहत जब इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, तब कई मामलों में विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत भी दी है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए... कॉलोनी में जलभराव से परेशान कोटा में दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर शहर से बापावर रोड, कैथून के जितेश गुर्जर ने पोस्ट कर अपनी समस्या बताई है। उन्होंने लिखा कि उनकी कॉलोनी में बरसात का पानी जमा होने से जलभराव हो जाता है। इससे लोगों को आने–जाने में बहुत परेशान होता पड़ता है। कई बार शिकायत कर चुके लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। खाली प्लाट में 25 फीट गड्ढा, फेंसिंग नहीं कोटा के राजीव गांधी नगर, झालावाड़ रोड के पंकज जैन ने फेंसिंग नहीं होने की समस्या बताई है। उन्होंने लिखा है कि उनकी कॉलोनी के पास राजीव गांधी स्पेशल में झालावाड़ रोड पर जूडियो शोरूम के पास एक बड़े प्लॉट में 25 से 30 फीट चौड़ा गड्ढा खुदा हुआ है। लेकिन फेंसिंग नहीं होने से किसी के भी गिरने का डर बना हुआ है। मानसून सिर पर लेकिन नालियां साफ नहीं बोरखेड़ा कैनाल रोड, महात्मा गांधी कॉलोनी, रेलवे स्टेशन एरिया से संदीप कुमार ने पोस्ट कर अपनी समस्या शेयर की है। उन्होंने लिखा है कि सुंदर नगर नाले के पास की उनकी कॉलोनी की सभी नालियां कचरे और मिट्टी से अटी पड़ी हैं लेकिन निगम ने मानसून से पहले इनकी सफाई नहीं करवाई है। सीमेंट से घेरकर हरे पेड़ों का दम घोंटा लार्ज स्केल इंडस्ट्रियल एरिया के गोविंद नगर से अंकित शुक्ला ने पार्क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि गोविंद नगर के पार्क में 12 अधिक पेड़ों की जड़ों को सीमेंट के घोल से कवर कर दिया हैं। इससे इन हरे–भरे पेड़ों के सूख जाने की आशंका बनी हुई है। पोस्ट के बाद कवर किया नाला बसंत विहार, दादाबाड़ी से निशांत ने पोस्ट किया था कि रावतभाटा रोड से हनुमान नगर जाने वाले रास्ते पर नाले का ढक्कन खुला पड़ा है। सड़क पर फैली रोड़ी–गिट्टी से फिसलकर दोपहिया चालक गिर जाते हैं। पोस्ट के बाद संबंधित विभाग ने उनकी समस्या का समाधान कर दिया है। अब नियमित आएगी कचरे की गाड़ी वल्लभ नगर, गुमानपुरा से अर्चना गोयल ने समस्या पोस्ट की थी कि उनके एरिया में कचरा लेने वाली गाड़ी नियमित रूप से नहीं आ रही है। घर में रोज का कचरा जमा हो गया है और बदबू से सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। इस समस्या का संबंधित जनप्रतिनिधी ने समाधान करवा दिया है। पार्षद सुरेन्द्र बने ‘पब्लिक के स्टार’ गुमानपुरा से अर्चना गोयल ने कचरे की गाड़ी के नियमित रूप से न आने की समस्या पोस्ट की थी। पोस्ट पब्लिश होने के बाद वार्ड 60 के पार्षद सुरेन्द्र राठौर ने इस समस्या को दिखाया तो सामने आया कि टिपर गाड़ी खराब हो गई थी। इस वजह से नहीं आ पाई थी। सफाई कर्मचारी ने हाथ गाड़ी से कचरा उठा लिया है। ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए लेकिन टिप्पर की गाड़ियां नहीं रुके। अब समस्या नहीं होगी। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 2.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’ 3.जयपुर में खुले नाले, सीवर ओवरफ्लो से लोग परेशान:प्रशासन की अनदेखी से समस्याएं जस की तस, कई जगहों पर हुआ समाधान
बस्तर पुलिस ने करीब 25 लाख 66 हजार 750 रुपए के गांजा के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 51 किलो 335 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। 2 अलग-अलग जगह पर पुलिस ने कार्रवाई की है। एक के घर पर रेड मारकर गांजा पकड़ा गया है, जबकि दूसरा युवक बस का इंतजार कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। मामला भानपुरी और नगरनार थाना क्षेत्र का है। दरअसल, भानपुरी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम केशरपाल आवासपारा में एक व्यक्ति अपने घर में बड़ी मात्रा में गांजा रखकर उसकी बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी हर्ष कुमार धुरंधर की टीम ने रविवार को आरोपी के घर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस ने युवक से पूछताछ के बाद उसके घर की तलाशी ली। इस दौरान कमरे में रखे एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम के अंदर से करीब 33.25 किलो गांजा बरामद किया। जब्त गांजे की कीमत 16 लाख 62 हजार 500 रुपए है। पकड़े गए आरोपी की पहचान किशोर बघेल (36) के रूप में हुई है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। ओडिशा से रायपुर ले जा रहा था गांजा दूसरी कार्रवाई नगरनार थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि धनपुंजी फॉरेस्ट नाका के पास एक युवक दो बैग में गांजा लेकर जगदलपुर जाने वाली बस का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष सिंह की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम राहुल पांडेय (28) निवासी मंगला चौक बिलासपुर बताया। पुलिस ने उसके कब्जे में रखे दो बैग की तलाशी ली। बैग के भीतर तीन पैकेटों में भरा 18 किलो गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत 9 लाख 4 हजार 250 रुपए बताई गई है। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि आरोपी गांजा ओडिशा से बिलासपुर ले जा रहा था। पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जिसे भी कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया है। तस्करों पर लगातार कार्रवाई पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर होने वाली गांजा तस्करी और जिले में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दोनों कार्रवाई की गई हैं। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
जोधपुर शहर में लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्या अब रियल टाइम में दैनिक भास्कर ऐप के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट हो रही हैं। यूजर खुद पोस्ट कर बता रहे हैं कि कौन–सा सरकारी विभाग कितना मुस्तैद है। रोज मिल रहीं ऐसी सैकड़ों पोस्ट में सीवर, बिजली, पानी, सड़क, जलभराव और साफ–सफाई से जुड़ी समस्याएं सबसे ज्यादा हैं। कहीं बिजली के पोल में तार से आग निकल रही, कहीं पक्की सड़क की मांग लंबित है। कचरा प्रबंधन भी खस्ताहाल है। हालांकि, भास्कर ‘समाधान’ के तहत जब इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, तब कई मामलों में विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत भी दी है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... बिजली के तारों में स्पार्क से खतरा दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान’ पर शहर के भिश्तियों का बास से गिरीश बोहरा एडवोकेट ने पोस्ट कर बताया कि उनकी गली में लगे खंभे में बिजली के तारों के ज्वॉइंट में होने वाली इस स्पार्किंग से घरों के उपकरणों के फुंकने और शॉर्ट सर्किट का डर बना रहता है। उन्होंने संबंधित विभाग से इस समस्या का समाधान करने की अपील की है। मेन रोड पर सीवरेज का ढक्कन टूटा जोधपुर के मन्डोर रोड, खेतनाडी से भुवनेश गौतम ने पोस्ट किया है। उन्होंने बताया कि चंद्र मंगल हॉस्पिटल के सामने कृषि मंडी सर्किल से पहले मेन रोड पर सीवरेज का ढक्कन टूटा हुआ है। इससे गहरा गड्ढा हो गया है जिसमें वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। एक सप्ताह से नहीं उठा कचरा चतुर्भुज गहलोत मार्ग, विजय चौक से सोना ने पोसट कर बताया कि उनकी गली से बीते एक सप्ताह से कचरा नहीं उठाया गया है। पूरी गली में बदबू की वजह से लागों का घरों में भी सांस लेना मुश्किल हो गया है। उन्हांने इसके जल्द निस्तारण की अपील की है। पक्की सड़क का तीन साल से इंतजार चांद कतरन वाली गली, बीआरडी पंप के सामने से मोईन खान ने पोस्ट कर बताया कि बीते साल से यहां सड़क टूटी हुई है। पूरी सड़क रोड़ियों और गिटि्टयों में बदल गइ है। पत्थर भरे इस रास्ते से चलना भ्ज्ञी मुश्किल है। कई बार सड़क की मरम्मत के लिए कह चुके लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। कचरा नहीं उठता था, पोस्ट के बाद मिला हल जोधपुर के रिडिया चौराहा, सूर सागर से रणजीत सिंह ने पोस्ट कर अपनी समस्या बताई थी। उन्होंने लिखा था कि बार–बार शिकायत करने के बावजूद उनके यहां से कचरा नहीं हटाया जा रहा है। पहले यहां निगम की ओर से डस्टबिन भी रखे हुए थे लेकिन अब वह भी नहीं हैं। इस पर संबंधित अधिकारी ने समाधान प्रक्रिया शुरू कर दी है। घर पर लटका बिजली का खंभा हटाया यूजर नाथु सिंह ने पोस्ट कर अपनी समस्या बताई थी कि बिजली का एक खंभा बीते तीन–चार दिनों से उनके घर की बालकनी पर लटका हुआ है। इस समस्या के भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने समस्या का समाधान करवा दिया है। वान्या मालवीय बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ जोधपुर की गोयला की ढाणी से नाथु सिंह ने पोस्ट किया था कि बीते कुछ दिनों से बिजली का पोल उनके घर की बालकनी पर लटका हुआ है। कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। इस पर डिस्कॉम कॉल सेंटर, जोधपुर की टीम लीडर वान्या मालवीय ने कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान करवा दिया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.5 दिनों से बंद बिजली आपूर्ति का हुआ समाधान:शिकायतों के बाद कुछ समस्याओं का हुआ समाधान, कुलदीप सिंह बने आज के 'पब्लिक के स्टार' 2.‘भास्कर समाधान’, एक पोस्ट से मिल रहे हल:आंधी में गिरे बिजली के पोल अब तक नहीं लगाए, गंदे पानी से निकलने को मजबूर 3.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी कर रहे समस्याओं का निपटारा:जोधपुर में कहीं जलभराव से कॉलोनी वाले परेशान, कहीं अतिक्रमण से 5 फीट घट गई सड़क की चौड़ाई 4.‘भास्कर समाधान’ का असर, अधिकारी ले रहे एक्शन:जोधपुर में सुविधाओं के लिए जूझ रहे लोग, टूटे फैरो कवर, जलभराव की समस्या से परेशानी
अजमेर शहर राजस्थान की धार्मिक पर्यटन नगरी है। लेकिन दरगाह बाजार समेत विभिन्न वार्डों से लोगों की शिकायत है कि गलियों में कई दिनों तक साफ सफाई नहीं हो रही। ‘भास्कर समाधान’ पर यूजर खुद पोस्ट कर रियल टाइम में बता रहे हैं कि कौन सा सरकारी विभाग कितना मुस्तैद है। रोज मिल रहीं ऐसी सैकड़ों पोस्ट में सीवर, बिजली, पानी, सड़क, जलभराव और साफ–सफाई से जुड़ी समस्याएं सबसे ज्यादा हैं। हालांकि, भास्कर ‘समाधान’ के तहत जब इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया, तब कई मामलों में विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत भी दी है। भास्कर एप पर समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक करिए... कॉलोनी में गंदगी, नहीं होती सफाई ‘भास्कर समाधान’ पर शहर के मोची मोहल्ला, धान मंडी, दरगाह बाजार से शानू अली ने पोस्ट शेयर कर समस्या बताई है। उन्होंने लिखा कि दरगाह बाजार स्थित उनकी गली में 3–4 साल से साफ–सफाई बिल्कुल भी नहीं है। गंदगी का ऐसा हाल लगभग पूरे दरगाह बाजार की गलियों का है। कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन निगम एक्शन नहीं लेता है। नालियों के कवर टूटे, बच्चे हो रहे चोटिल अजमेर के बोरज रोड, गोटा कॉलोनी रावत नगर से दरिया मुन्ना लाल ने पोस्ट किया है कि उनके यहां नालियों के कवर बहुत दिनों से टूटे हुए हैं। छोटे बच्चे साइकिल चलाते समय इनसे गुजरते वक्त गिर जाते हैं। गाड़ियां और टैक्सियां भी गली में नहीं आ पा रही हैं। शिकायत के बावजूद अब तक इस समस्या की कोई सुनवाई नहीं हुई है। सात दिनों से बंद पड़ी हैं रोड लाइट्स सुभाष नगर रोड, विज्ञान नगर से हरीश अरोड़ा ने पोस्ट कर शिकायत की है कि उनकी गली में लगी स्ट्रीट लाइट 10 दिन से बंद पड़ी है। गली में अंधेरे के चलते रात को काफी परेशानी होती है। पूरी गली में एक ही लाइट है वह भी बंद पड़ी है। पोल पर बिजली के तारों का गुच्छा केशव पथ, कृष्ण विहार, कुंदन नगर से ओमप्रकाश लढ़ा ने समस्या भेजी है कि उनके घर के सामने खंभे पर बिजली के तारों का जाल सा बना हुआ है। आपस में बुरी तरह उलझे इन तारों से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। पोस्ट के बाद शुरू हुआ रुका काम अजमेर से ‘भास्कर समाधान’ पर सुनहरी कॉलोनी, भट्टा नगरा से हिमांशु ने पोस्ट किया था कि उनकी गली में नालियां बनाने के लिए पांच दिन से गड्ढा खोदकर छोड़ा हुआ है। आने-जाने का रास्ता भी नहीं बचा है और काम भी बंद पड़ा है। पोस्ट होते ही इस समस्या पर संबंधित विभाग ने काम शुरू करवाकर समाधान करवा दिया है। बिजली की समस्या पर हुआ एक्शन चचियावास रोड, सर्वोदय कॉलोनी, पुलिस लाइंस से मोनिका सैनी ने पोस्ट किया था कि उनके यहां तीन दिन से लाइट की बड़ी समस्या है। रात को भी कट रहता है। दिन में भी बिना सूचना लाइट काटी जाती है। समस्या पोस्पट होते ही संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए इसका समाधान करवा दिया गया है। पीआरओ लक्ष्मीकांत बने ‘स्टार ऑफिसर’ सर्वोदय कॉलोनी, पुलिस लाइंस से रात और दिन में अनियमित बिजली कटौती की शिकायत भास्कर समाधान पर पोस्ट हुई थी। इसके बाद टाटा पॉवर के पीआरओ लक्ष्मीकांत शर्मा ने पोस्ट पर कमेंट कर बताया कि इस समस्या पर काम जारी है और जल्द ही इसका समाधान कर दिया जाएगा। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 2.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 3.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
सीकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से भास्कर समाधान पर एक बार फिर जनसुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई हैं। शहर के लोगों ने स्ट्रीट लाइट खराब होने, खुली नालियों, सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी और बिजली की अनावश्यक बर्बादी जैसी शिकायतें पोस्ट कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं, एक मामले में विभागीय कार्रवाई के बाद समाधान होने से लोगों को राहत भी मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) खराब स्ट्रीट लाइट से अंधेरे में गुजरने को मजबूर लोग फतेहपुर रोड स्थित शिव मंदिर सिनेमा के सामने से आशीष शर्मा ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब पड़ी हुई है। रात के समय पूरी सड़क अंधेरे में डूबी रहती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरा होने के कारण असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही और जल्द स्ट्रीट लाइट ठीक करवाने की मांग की है। खुली नाली बनी दुर्घटना का कारण पिपराली रोड स्थित गणपति प्लाजा के सामने से महिपाल बुरड़क ने पोस्ट किया कि सड़क किनारे बनी नाली का एक हिस्सा काफी समय से खुला पड़ा हुआ है। नाली के ऊपर लगी स्लैब क्षतिग्रस्त होने से वहां बड़ा गड्ढा बन गया है। क्षेत्र से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन और पैदल लोग गुजरते हैं, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। दिन में भी जल रही रोड लाइट, बिजली की हो रही बर्बादी आरटीओ ऑफिस रोड स्थित कैलाश नगर रेलवे स्टेशन कॉलोनी से सुनील ने पोस्ट किया कि सरकारी क्वार्टर क्षेत्र में लगी रोड लाइट दिन के समय भी लगातार चालू रहती है। उन्होंने बताया कि कई दिनों से यह स्थिति बनी हुई है, जिससे अनावश्यक बिजली खर्च हो रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि एक ओर बिजली बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की लापरवाही से सरकारी संसाधनों की बर्बादी हो रही है। लोगों ने संबंधित विभाग से व्यवस्था सुधारने की मांग की है। सरकारी प्लॉट में फैली गंदगी से बढ़ रही परेशानी राधाकिशनपुरा सरकारी क्वार्टर क्षेत्र से सुनील ने पोस्ट किया कि बड़ी पानी की टंकी के पास स्थित सरकारी प्लॉट में लंबे समय से कचरा और गंदगी जमा है। कचरे के कारण बदबू फैल रही है और आसपास के क्षेत्र का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से मच्छरों और अन्य कीटों की संख्या बढ़ रही है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने जल्द सफाई अभियान चलाने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। भास्कर समाधान में हुआ पानी लीकेज का समाधान फतेहपुर रोड स्थित डाक बंगला सर्किल, आनंद नगर से हरीश ने पोस्ट किया था कि क्षेत्र में पाइपलाइन लीकेज होने के कारण पिछले तीन दिनों से हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर व्यर्थ हो रहा था। पानी बहने से सड़क खराब होने के साथ-साथ लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पाइपलाइन की मरम्मत करवाई और लीकेज बंद कर दिया। समाधान होने की जानकारी संबंधित अधिकारी द्वारा कमेंट के माध्यम से दी गई। समस्या के समाधान से क्षेत्रवासियों को राहत मिली और पानी की बर्बादी भी रुकी। सड़क की समस्या का हुआ समाधान फतेहपुर रोड, सबलपुरा से पंडित मुरारी झा ने पोस्ट किया था कि मदनी महल के सामने की सड़क काफी समय से खराब हालत में थी। सड़क पर गड्ढे होने और पानी जमा रहने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए सड़क की मरम्मत करवा दी। समस्या का समाधान होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। आज के पब्लिक के स्टार :वाजिद अहमद फतेहपुर रोड, सबलपुरा से पंडित मुरारी झा ने पोस्ट किया था कि मदनी महल के सामने की सड़क लंबे समय से खराब थी। सड़क पर गड्ढे होने और पानी जमा रहने के कारण राहगीरों व वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस समस्या के समाधान में एईएन वाजिद अहमद ने अहम भूमिका निभाई। शिकायत सामने आने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टीम से समन्वय किया और सड़क सुधार कार्य करवाया। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.एक क्लिक पर हुआ सड़क की समस्या का समाधान:नालियों और सीवरेज की समस्याओं से लोग परेशान, JEN हरिराम बने आज के 'पब्लिक के स्टार' 2.भास्कर ‘समाधान’, एप पर शिकायत से प्रशासन हुआ अलर्ट:पानी, सफाई और आवारा पशुओं की समस्या से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों का हुआ समाधान 3.सीकर में समाधान सेगमेंट का असर:कचरा गाड़ी और नाली की समस्या में सुधार, AEN अमित शर्मा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.सीकर में सड़क और सीवर समस्याओं से लोग परेशान:कई इलाकों में जलभराव, टूटी सड़कें और खुले चैंबर; AEN वाजिद अहमद बने स्टार ऑफिसर 5. भास्कर समाधान असर, एक पोस्ट से मिल रहा समाधान:बिजली, सीवरेज और टूटी सड़कों की समस्याओं से लोग परेशान, विवेक ओला बने आज 'पब्लिक के स्टार' 6.सीकर में भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज:स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति की समस्या पर कार्रवाई, हरिराम बने आज के 'पब्लिक के स्टार'
उदयपुर शहर के विभिन्न इलाकों से भास्कर समाधान पर एक बार फिर नागरिक सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। कहीं कचरे के कारण नाले जाम हो गए हैं तो कहीं बंद पड़ी रोड लाइटें लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं। कई क्षेत्रों में बारिश के दौरान नालों का पानी सड़कों पर बहने से गंदगी और जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। वहीं कुछ स्थानों पर लंबे समय से खुले पड़े नालों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और कई बार शिकायतों के बावजूद समाधान में देरी हो रही है। दूसरी ओर, भास्कर समाधान पर उठाए गए कुछ मुद्दों पर विभागों ने कार्रवाई कर राहत भी पहुंचाई है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) कचरे से जाम हुआ नाला, पानी निकासी बंद शोभागपुरा बायपास मार्ग से देवेश माहेश्वरी ने पोस्ट किया कि मीरा नगर स्थित सिल्वर पैराडाइज के पीछे खाली प्लॉट में बड़ी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है। लगातार कचरा जमा होने के कारण वहां से गुजरने वाला नाला पूरी तरह जाम हो गया है। नाले का पानी आगे नहीं निकल पा रहा, जिससे आसपास के क्षेत्र में गंदगी फैलने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान यह समस्या और गंभीर हो सकती है तथा जलभराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने जल्द सफाई करवाकर नाले को चालू करने की मांग की है। हाईवे पर बंद रोड लाइट, हादसों का खतरा कैलाश कॉलोनी, सेक्टर-11 से नीतू साहू ने पोस्ट किया कि अहमदाबाद हाईवे पर कई रोड लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। रात के समय सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंधेरे के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द रोड लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। बारिश में नाले का पानी सड़कों पर फैल रहा जनार्दन राय नगर से मंजू पुरोहित ने पोस्ट किया कि बारिश के दिनों में नाले का पूरा पानी सड़क पर आ जाता है। इससे सड़क पर कीचड़ और गंदगी जमा हो जाती है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार जलभराव के कारण सड़क की स्थिति भी खराब हो जाती है। उन्होंने नाले की उचित सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। 45 दिन से खुला पड़ा नाला, लोग परेशान एचपी पेट्रोल पंप के पास से रमेश मेघवाल ने पोस्ट किया कि उनकी दुकान के बाहर करीब 45 दिनों से नाला खुला पड़ा हुआ है। खुले नाले के कारण राहगीरों के गिरने का खतरा बना रहता है। साथ ही नाले से आने वाली बदबू के कारण दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने नाले को जल्द ढंकने और मरम्मत करवाने की मांग की है। बिजली आपूर्ति की समस्या का हुआ समाधान बड़गांव, महावीर कॉलोनी पार्क से भवानी सिंह ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में करीब 2-3 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी समस्या को दूर किया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। इससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। बार-बार खराब हो रही रोड लाइट की समस्या दूर चित्रकूट नगर से करणवीर सिंह ने पोस्ट किया था कि राम पार्क के पास लगी रोड लाइट कई दिनों से बंद थी। मरम्मत के बाद भी यह बार-बार खराब हो रही थी, जिससे क्षेत्र में अंधेरा बना रहता था। शिकायत सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर आवश्यक तकनीकी सुधार किए गए और रोड लाइट को सुचारू कर दिया गया। इसके बाद क्षेत्रवासियों को राहत मिली और रात में आवागमन सुरक्षित हुआ। आज के पब्लिक के स्टार : आशीष कुमावत चित्रकूट नगर स्थित राम पार्क के पास रोड लाइट की लगातार बनी हुई समस्या के समाधान में सहायक अभियंता आशीष कुमावत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिकायत सामने आने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टीम को मौके पर भेजा और तकनीकी खामी की जांच करवाई। उनकी निगरानी में आवश्यक सुधार कार्य कराया गया, जिससे बार-बार खराब हो रही रोड लाइट की समस्या का स्थायी समाधान हो सका। उनके प्रयासों से क्षेत्र में रोशनी व्यवस्था बेहतर हुई और लोगों को राहत मिली। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.उदयपुर में ‘भास्कर समाधान’ का असर:स्ट्रीट लाइट और झुका बिजली पोल हुआ ठीक; कुंभा नगर, बड़गांव, मीरा नगर में समस्याएं बरकरार 2.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:ज्योति नगर और पत्रकार कॉलोनी की स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त; सेक्टर-6, विक्रमचार्या नगर और पहाड़ा में समस्याओं से जनता परेशान 3.उदयपुर में कहीं अंधेरे से खतरा,कहीं सड़क-नालियों का संकट:जीएसटी विभाग के क्वार्टर्स में कचरा; भास्कर समाधान से मिली कई समस्याओं से राहत 4. भास्कर समाधान असर, एक पोस्ट से घर बैठे समाधान:कहीं नदी में मिल रहा गंदे नाले का पानी, कहीं टूटी सड़कें बनी मुसीबत, जेईएन शिवानी बनीं 'पब्लिक की स्टार' 5. राजस्थान के 5 और शहरों में 'भास्कर समाधान' लॉन्च:डिप्टी सीएम बैरवा, शिक्षा, कानून और वन मंत्री ने की शुरुआत, समस्या से समाधान तक ऑनलाइन 6. उदयपुर शहर में भास्कर समाधान का असर:खुला नाला और गंदे पानी से लोग परेशान, राजकुमार मावलिया बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’
उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का दूसरा दिन सोमवार को आयोजित होगा। लखनऊ के 55 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में 45,312 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सभी केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाएगी। प्रति पाली 22,656 अभ्यर्थी होंगे शामिल लखनऊ में 8 से 10 जून तक चल रही परीक्षा के तहत दूसरे दिन भी पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। प्रत्येक पाली में 22,656 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 1626 पुलिसकर्मियों की तैनाती परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 55 निरीक्षक, 255 उपनिरीक्षक, 300 मुख्य आरक्षी, 600 आरक्षी और 300 महिला आरक्षियों समेत कुल 1626 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा 110 सेक्टर मजिस्ट्रेट हमराही भी निगरानी व्यवस्था में लगाए गए हैं। सीसीटीवी और कंट्रोल रूम से रखी जा रही निगरानी जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने पहले दिन विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को पूरी पारदर्शिता और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी के माध्यम से स्मार्ट मॉनिटरिंग की जा रही है और कंट्रोल रूम से लगातार नजर रखी जा रही है। पहले दिन 70 फीसदी से अधिक रही उपस्थिति पहले दिन दोनों पालियों में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 70 प्रतिशत से अधिक रही। प्रथम पाली में 70.03 फीसदी और द्वितीय पाली में 70.97 फीसदी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गरारू गांव में सोमवार शाम एक पगड़ी बंधन समारोह के दौरान हिंसक झड़प हो गई। मामूली विवाद ने देखते ही देखते मारपीट का रूप ले लिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समारोह में मौजूद कुछ लोगों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस दौरान लात-घूंसे और बेल्ट का इस्तेमाल किया गया। अचानक हुई इस हिंसा से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जिससे महिलाएं और बच्चे भयभीत होकर भागने लगे। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो।
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी ने सोमवार को विदेशी छात्रों के लिए इस बार भी फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। पिछले करीब तीन वर्षों से इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की फीस में इजाफा नहीं किया गया है। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य अधिक से अधिक विदेशी छात्रों को आकर्षित करना और अंतरराष्ट्रीय दाखिलों को बढ़ावा देना है। पीयू के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आईसीसीआर, सार्क और अंडर डिवेलप्ड देशों से छात्र पढ़ने आते हैं। आईसीसीआर के तहत पढ़ने वाले छात्रों को भारत सरकार की ओर से स्कॉलरशिप दी जाती है। वहीं सार्क और अंडर डिवेलप्ड देशों से आने वाले छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने फीस आधी कर रखी है। विदेशी छात्रों के लिए कुल 1135 सीटें पीयू में विदेशी छात्रों के लिए कुल 1135 सीटें निर्धारित हैं, जिन पर एनआरआई और विदेशी नागरिकों को दाखिला दिया जाता है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, सत्र 2024-25 के लिए जो फीस ढांचा तय किया गया था, उसी के आधार पर इस वर्ष भी दाखिले किए जाएंगे। डीन इंटरनेशनल स्टूडेंट्स प्रो. कृष्ण मोहन ने बताया कि इस बार भी विदेशी और एनआरआई छात्रों के लिए फीस नहीं बढ़ाई गई है। वर्ष 2024-25 में तैयार किए गए प्रस्तावों और गाइडलाइन के अनुसार ही दाखिले होंगे। 2024 से पीयू ने लिया फैसला गौरतलब है कि सत्र 2024 से पीयू ने विदेशी छात्रों को बढ़ावा देने के लिए एंट्रेंस टेस्ट से छूट देने का फैसला किया था। साथ ही सार्क देशों से आने वाले छात्रों के लिए फीस में भी कमी की गई थी। इस बार भी फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सत्र 2024 के दौरान करीब 700 विदेशी छात्रों ने आवेदन किया था। इनमें अमेरिका, कनाडा, नेपाल, ईरान, बोत्सवाना, केन्या, मालावी, जिम्बाब्वे, नाइजीरिया और थाईलैंड समेत कई देशों के छात्र शामिल थे। यूनिवर्सिटी को उम्मीद है कि फीस स्थिर रखने के फैसले से इस वर्ष भी विदेशी छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
भारतीय वायु सेना अक्टूबर में वाराणसी के नमो घाट पर एक एयर शो आयोजित करेगी। गंगा नदी के किनारे होने वाले इस आयोजन में वायु सेना के युद्धक विमान और एरोबेटिक टीमें हवाई करतबों का प्रदर्शन करेंगी। इस शो को देखने का अवसर काशीवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगा। एयर शो की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बैठकें शुरू हो गई हैं। जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी और भारतीय वायु सेना के अधिकारी आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार चर्चा कर रहे हैं। इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था, विमान संचालन, दर्शकों की सुविधा और यातायात प्रबंधन जैसे विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि भारतीय वायु सेना के अधिकारियों के साथ दो-तीन बार बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने पुष्टि की कि एयर शो अक्टूबर में प्रस्तावित है और इसके लिए एयरपोर्ट पर विशेष तैयारियां की जाएंगी। एयर शो में भाग लेने वाले अधिकांश विमानों के ठहराव, ईंधन भरने और उड़ान संचालन की व्यवस्था वाराणसी एयरपोर्ट से ही की जाएगी। निदेशक गुप्ता ने बताया कि भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध एरोबेटिक टीम 'सूर्य किरण' के नौ विमानों के रुकने की व्यवस्था एयरपोर्ट पर की जाएगी। यह टीम अपने सटीक हवाई करतबों के लिए जानी जाती है। इसके अतिरिक्त, आसपास के अन्य एयरबेस और एयरपोर्ट से भी कई फाइटर जेट्स वाराणसी पहुंचेंगे। ये विमान नमो घाट और गंगा नदी के ऊपर विभिन्न प्रकार के हवाई प्रदर्शन करेंगे।
छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिसे लेकर मौसम विभाग का कहना है कि 11 जून से आंधी-बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी। इसी के साथ अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन सोमवार शाम रायपुर और दुर्ग जिले के कई इलाकों में जमकर बादल बरसे। वहीं इस दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 43.5 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अब ये दो तस्वीरें देखिए… 40-50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं मौसम विभाग ने आज (बुधवार) के लिए प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ते हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसके अलावा हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। अगले दो दिनों तक भी इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है। रायपुर का मौसम आज बादल छाए रह सकते हैं। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
रेवाड़ी शहर में चोरों ने चोरी की तीन घटनाओं को अंजाम दिया। शहर के सेक्टर-4 में एक पीजी से सामान व पटौदी रोड पर आईटीआई के पास दुकान पर रखे गल्ले से 20 हजार कैश और कनूका गांव में एक मकान से गहने और नकदी चोरी कर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। दुर्गा कॉलोनी निवासी संजय ने सदर थाना पुलिस को शिकायत की। जिसमें बताया कि पटौदी रोड पर आईटीआई के पास अपने घर में ही सुपर स्टोर के नाम से किराने की दुकान की हुई है। मेरी पत्नी बेटी को पेपर दिलाने के लिए दिल्ली गई हुई थी। मैं दुकान को खाली छोड़कर पेशाब करने के लिए चला गया। जब वापस आकर एक ग्राहक को सामान देने के बाद पैसे रखने के लिए गल्ला खोला, तो उसमें रखे 20 हजार रुपए गायब मिले। पड़ोस में लगा सीसीटीवी भी गायब मिला। शिकायत में शंका जताई की पास के प्लाट में चिनाई कर रहे मजदूरों में से ही किसी ने मेरी दुकान से पैसे चोरी किए है। उन्होंने चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। यमुनानगर का रहने वाला कंपनीकर्मी गांव जठलाना यमुनानगर के लविश ने मॉडल टाउन थाना पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में बताया कि वह निमराना राजस्थान की एक कंपनी में काम करता है। रेवाड़ी के सेक्टर-4 के पीजी में रहता है। सुबह वह अपने कमरे में सो रहा था। इसी दौरान मेरे कमरे से मेरा सामान चोरी हो गया। सीसीटीवी में दो युवक चोरी कर जाते दिखाई दे रहे है। शिकायत में पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। प्लास्टिक के ड्रम से कैश और गहने गांव कनुका निवासी गुड्डी देवी ने रामपुरा थाना पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह खेतों में रहती है, जहां बने कमरे पर दरवाजा नहीं लगा है। वह किसी काम से खेत से गांव चली गई। जब वापस आने के बाद कमरे में रखे प्लास्टिक के ड्रम से 50 हजार नकद और सोने के कुंडल गायब मिले। पुलिस ने चोरों की पहचान कर सामान बरामद करने की मांग की है।
कुशीनगर में घर में मिले दो बहनों के शव:प्रेम संबंधों के चलते ऑनर किलिंग का आरोप, दो भाई गिरफ्तार
कुशीनगर जिले के सेवरही थाना क्षेत्र के पिपराघाट एहतमाली स्थित देवनारायण टोला में सोमवार देर शाम एक ही परिवार की दो सगी बहनों के शव घर में मिले। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम संबंधों के चलते कथित ऑनर किलिंग से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतकों की पहचान रामप्रसाद निषाद की पुत्रियों लाली (20) और शीला (18) के रूप में हुई है। घर की एक कोठरी में दोनों युवतियों के शव मिलने के बाद गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही सेवरही पुलिस और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों बहनों का गांव के ही दो युवकों से प्रेम संबंध था। इस रिश्ते को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक युवतियों के पिता रामप्रसाद ने पूर्व में तीन बार संबंधित युवकों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराए थे। पुलिस ने उन मामलों में युवतियों को बरामद भी किया था, लेकिन इसके बावजूद उनका युवकों से संपर्क बना रहा। जांच में पता चला है कि करीब 15 दिन पहले परिवार के सदस्यों ने दोनों बहनों के मोबाइल फोन छीन लिए थे, जो कथित तौर पर संबंधित युवकों ने दिए थे। इसके बाद घर में तनाव और बढ़ गया। पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के चलते परिवार के सदस्यों ने दोनों बहनों की डंडे से पिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि इस मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों भाइयों सूरज और नितीश को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और उन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद देवनारायण टोला में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच पूरे दिन इसी घटना की चर्चा होती रही। एक ही घर से दो जवान बेटियों की अर्थियां उठने से गांव का माहौल गमगीन हो गया है। पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। यदि जांच में पुलिस के प्रारंभिक दावे पुष्ट होते हैं तो यह मामला सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक असहमति के नाम पर दो बेटियों की जान लेने वाली एक गंभीर ऑनर किलिंग की घटना के रूप में सामने आ सकता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम तस्वीर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के बाद स्पष्ट होगी।
फिरोजाबाद के थाना टूंडला क्षेत्र के गांव खेड़ा में एक युवक ने कथित तौर पर तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान गांव खेड़ा निवासी आकाश पुत्र राजेश उर्फ पप्पू यादव (28) के रूप में हुई है। आकाश अविवाहित था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। परिजनों के अनुसार, नौकरी न मिल पाने के कारण आकाश पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। उसे शराब पीने की भी लत थी। सोमवार देर रात आकाश ने कथित तौर पर शराब के नशे में अपने घर पर देशी तमंचे से सिर में गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में आकाश को तत्काल उपचार के लिए सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर थाना टूंडला पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक ने स्वयं को गोली मारी है। शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवाकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ के प्रसिद्ध धजरई हनुमान मंदिर में सात दिवसीय साकेत महोत्सव जारी है। सोमवार देर रात तक चली कथा में निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष और धीर समीर वृंदावन के महंत मदनमोहन दास महाराज ने शरणागति की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान अपने शरणागत की हर परिस्थिति में रक्षा करते हैं। जब मनुष्य सांसारिक आशाओं को त्यागकर पूरी तरह से प्रभु के आश्रित हो जाता है, तब भगवान बिना किसी देरी के अपने भक्त की रक्षा के लिए प्रकट होते हैं। कथा में द्रौपदी चीरहरण का प्रसंग सुनाया कथा के दौरान महाराज श्री ने महाभारत के द्रौपदी चीरहरण का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भरी सभा में जब भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और राजा धृतराष्ट्र जैसे महारथी मौन रहे और द्रौपदी की रक्षा किसी ने नहीं की, तब द्रौपदी ने अपनी पूरी शक्ति और संसार की आस छोड़कर दोनों हाथ उठाकर द्वारकाधीश को पुकारा। भक्त की इस अनन्य शरणागति को देखकर भगवान ने तुरंत वस्त्रावतार धारण किया। प्रभु ने चीर बढ़ाकर द्रौपदी की लज्जा और मान की रक्षा की, जिससे पंडाल में मौजूद कई श्रद्धालुओं की आंखें सजल हो उठीं। महोत्सव में आज श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज ने बताया कि साकेत महोत्सव अब अपने आनंदमयी पड़ाव पर पहुंच रहा है। महोत्सव में आज श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष झांकियां सजाई जाएंगी और नंदोत्सव के दौरान खिलौने व माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा जाएगा। महोत्सव में आध्यात्मिक रसधार के साथ-साथ प्रसाद की भी अनवरत व्यवस्था जारी है। प्रतिदिन कथा विश्राम के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हजारों भक्त प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं।
141 आरपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई। सवाई माधोपुर में जिले के सीओ सिटी और सीओ ग्रामीण दोनों पदों पर तैनात अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। तबादला सूची के अनुसार सवाई माधोपुर के सीओ सिटी उदय सिंह मीणा को उनके वर्तमान पद से हटाकर एसटीएससी सेल कोटा ग्रामीण में नियुक्त किया गया है। वहीं उनकी जगह जयपुर कोतवाली में एसीपी के पद पर कार्यरत राजेन्द्र मीणा को सवाई माधोपुर का नया सीओ सिटी बनाया गया है। सीओ ग्रामीण हंसराज बैरवा भी बदले गएसूची में सवाई माधोपुर के सीओ ग्रामीण हंसराज बैरवा का भी तबादला किया गया है। उन्हें जयपुर कमिश्नरेट में एसीपी शास्त्री नगर के पद पर नियुक्त किया गया है। हंसराज बैरवा के स्थान पर धौलपुर में एसटीएससी सेल के सीओ पद पर कार्यरत रामधन जाट को सवाई माधोपुर का नया सीओ ग्रामीण लगाया गया है। नए अधिकारियों को जल्द मिलेगा कार्यभारतबादला आदेश जारी होने के बाद जिले में पुलिस प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए नियुक्त अधिकारियों के जल्द ही कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है, जिसके बाद जिले में पुलिस व्यवस्था की कमान नए अधिकारियों के हाथों में होगी।
हरदा के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) में एनसीवीटी (NCVT) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन 26 मई से शुरू हो गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार 30 जून तक अपना आवेदन कर सकते हैं। इस साल की प्रवेश प्रक्रिया में खास बात यह है कि 10वीं अनुत्तीर्ण (फेल) छात्र भी 8वीं कक्षा की अंकसूची के आधार पर वेल्डर ट्रेड में प्रवेश ले सकेंगे। आईटीआई हरदा के प्राचार्य ने बताया कि प्रवेश के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के बाद ही 1 जून से 30 जून तक संस्था और व्यवसाय (ट्रेड) के लिए चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। उम्मीदवार इंटरनेट के माध्यम से स्वयं, एमपी ऑनलाइन के अधिकृत सहायता केंद्रों या किसी भी कियोस्क पर जाकर www.dsd.mp.gov.in वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। मार्कशीट के आधार पर ही करना होगा पंजीयनप्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थियों को अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 10वीं या 8वीं की अंकसूची (मार्कशीट) में दर्ज जानकारी के अनुसार ही करना होगा। जो छात्र 10वीं कक्षा पास नहीं कर सके हैं, उनके लिए वेल्डर ट्रेड में दाखिला लेने का यह एक अच्छा अवसर है। वे अपनी 8वीं कक्षा की मार्कशीट लगाकर इस व्यवसाय में प्रवेश पा सकते हैं। हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन नंबर जारीछात्रों की सुविधा के लिए शासकीय आईटीआई हरदा में एक हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है। प्रवेश से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए उम्मीदवार सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक यहां संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, घर बैठे जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर 9329192910 और 7879295044 जारी किए गए हैं। संस्था ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से अंतिम तिथि से पहले अपना पंजीयन पूरा करने की अपील की है।
सतना में पुश्तैनी जमीन हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 85 वर्षीय जीवित बुजुर्ग को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। बुजुर्ग के भतीजे ने नगर निगम कर्मचारियों, पार्षद और पटवारी की मिलीभगत से यह पूरी साजिश रची। मामले का खुलासा तब हुआ, जब बुजुर्ग के बेटे ने पुलिस और प्रशासन से इसकी शिकायत की, जिसके बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शहर के कामता टोला निवासी 85 वर्षीय ईश्वर्दीन सोनी रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। कोठी इलाके में उनकी 0.1680 हेक्टेयर पुश्तैनी जमीन है। इसी बेशकीमती जमीन को हड़पने के लिए भतीजे रामकरण सोनी ने जून 2024 में नगर निगम में चाचा का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया था। इस आवेदन में चाचा की मौत का कारण लंबी बीमारी बताया गया था। पार्षद और निगम कर्मचारियों ने किया फर्जी सत्यापनइस फर्जीवाड़े में वार्ड 43 के पार्षद सौरव मलिक गोल्डी ने एक पंचनामा जारी कर बताया कि ईश्वर्दीन की मृत्यु 18 जुलाई 2015 को हो गई है। पार्षद के पत्र पर पांच लोगों ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर भी किए। आवेदन के आधार पर स्वास्थ्य अधिकारी और जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार ने सफाई दरोगा से सत्यापन कराया। दरोगा ने पड़ोसियों की गवाही पर मृत्यु को प्रमाणित कर दिया, जिसके बाद तहसीलदार रघुराजनगर ने मृत्यु पंजीयन का आदेश जारी कर दिया। पटवारी ने बुजुर्ग को संतानहीन बताकर पत्नी को बेची जमीनइस पूरी साजिश में स्थानीय पटवारी प्रवीण सिंह की भी अहम भूमिका रही। उसने अपनी रिपोर्ट में जीवित बुजुर्ग को मृत और 'लावल्द' (संतानहीन) बताकर पुश्तैनी जमीन भतीजे रामकरण और कताहुर के नाम कर दी। इसके बाद पटवारी ने यही जमीन अपनी पत्नी माधवी सिंह के नाम 9 लाख रुपए में खरीद ली। जबकि हकीकत यह है कि ईश्वर्दीन जीवित हैं और उनके तीन बेटे भी हैं। बेटे की शिकायत पर कलेक्टर का एक्शनइस बड़े फर्जीवाड़े का पता चलने पर ईश्वर्दीन के बेटे राजेश सोनी ने तुरंत कलेक्टर, सिटी कोतवाली और कोठी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और यह घोटाला उजागर हुआ। सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
दौसा के भांडारेज कस्बे की दिव्यांशी जांगिड़ (18) ने मिस राजस्थान 2026 की टॉप-28 फाइनलिस्ट जगह बनाई है। जयपुर में आयोजित सैश सेरेमनी में 6500 प्रतिभागियों में से उनका चयन हुआ। अब वे प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित ब्यूटी पेजेंट के फाइनल मुकाबले में भाग लेंगी। चयन प्रक्रिया में उनकी स्टेज प्रेजेंस, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व ने निर्णायकों को प्रभावित किया। एक जवाब ने दिलाई फाइनलिस्ट की जगहऑडिशन के दौरान निर्णायकों ने दिव्यांशी से पूछा कि ग्रामीण परिवेश में मॉडलिंग को लेकर कई भ्रांतियां होती हैं, ऐसे में उन्हें परिवार का सहयोग कैसे मिला। इस पर दिव्यांशी ने बताया कि उनके पिता दीनदयाल जांगिड़ फर्नीचर कारीगर हैं और माता मुत्री देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण रही और दोनों बड़े भाई अपने सपनों को पूरा नहीं कर सके तथा पिता के काम में हाथ बंटाने लगे। ऐसे समय में उनकी मां ने उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर साथ देने का भरोसा दिया। 'गांव की बेटियों के लिए बनना चाहती हूं प्रेरणा'दिव्यांशी ने निर्णायकों से कहा कि यदि वह सफल होती हैं तो गांव की लड़कियों के लिए मॉडलिंग के क्षेत्र में प्रेरणा बनेंगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों की युवतियां अभी भी इस क्षेत्र में कम आगे आती हैं। उनके इस आत्मविश्वासपूर्ण जवाब और स्पष्ट सोच से निर्णायक काफी प्रभावित हुए, जिसके चलते उन्हें टॉप-28 फाइनलिस्ट में स्थान मिला। बीए-बीएसटीसी की छात्रा, पहली बार में ही सफलतादिव्यांशी वर्तमान में बीए-बीएसटीसी की पढ़ाई कर रही हैं और अपने गांव में ही रहती हैं। उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से मिस राजस्थान प्रतियोगिता की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने आवेदन किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही ब्यूटी क्वीन बनने का सपना देखा था। 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उन्होंने पहली बार इस प्रतियोगिता के लिए ऑडिशन दिया और सीधे फाइनलिस्ट की सूची में जगह बना ली। फाइनलिस्ट बनने की खबर उन्होंने सबसे पहले अपनी मां को दी। बेटी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार उत्साहित है। ग्रामीण सोच की चुनौतियों को किया पारग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी दिव्यांशी के लिए मॉडलिंग की दुनिया तक पहुंचना आसान नहीं था। गांवों में आज भी फैशन और मॉडलिंग को लेकर सीमित सोच देखने को मिलती है। शुरुआत में उन्हें भी कई सामाजिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। परिवार को अपने सपनों पर विश्वास दिलाने के बाद उन्होंने जयपुर का रुख किया और लगातार मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। ग्रुमिंग और ट्रेनिंग ने बढ़ाया आत्मविश्वासदिव्यांशी ने बताया - मिस राजस्थान मंच पर एक माह तक चली ग्रुमिंग ट्रेनिंग, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सेशन और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी। इन सत्रों ने उन्हें मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने और खुद को निखारने का अवसर दिया। फाइनल में ताज जीतने का लक्ष्यदिव्यांशी जांगिड़ का कहना है कि मिस राजस्थान से जुड़े कई विजेता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्यूटी पेजेंट्स में अपनी पहचान बना चुके हैं। अब उनका लक्ष्य फाइनल मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर ताज जीतना और फैशन जगत में अपनी अलग पहचान बनाना है। खास बात यह है कि इस वर्ष दौसा जिले से फाइनलिस्ट सूची में पहुंचने वाली वह एकमात्र युवती हैं।

