Tamil Nadu के छात्रों को मिलेंगे Intel Core i5 लैपटॉप, CM Vijay ने दी ₹2000 करोड़ की मंजूरी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कॉलेज के छात्रों के लिए 'वेट्री लैपटॉप योजना' शुरू करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। 2026-27 के बजट में घोषित इस योजना का उद्देश्य सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप उपलब्ध कराना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इसके लिए कौन पात्र होगा, किस तरह के लैपटॉप दिए जाएंगे और उनकी खरीद की क्या व्यवस्था होगी। विजय की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति इस योजना के कार्यान्वयन की देखरेख करेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। यह पहल TVK के नेतृत्व वाली सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को विस्तार देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इनमें से कई कार्यक्रमों के नाम के आगे 'वेत्री' (Vetri) शब्द जुड़ा है। 'वेत्री' शब्द का अर्थ है 'जीत'। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में कॉलेज छात्रों को मिलेगा फ्री Laptop, CM विजय ने जारी किए 2,000 करोड़ रुपये 'वेत्री' योजना के तहत किसे मुफ्त लैपटॉप मिलेंगे? इस योजना में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के दौरान स्नातक (अंडरग्रेजुएट) स्तर के पहले और दूसरे वर्ष के छात्र, तथा पॉलिटेक्निक और ITI पाठ्यक्रमों में नामांकित डिप्लोमा छात्र शामिल होंगे। इन छात्रों का सरकारी या राज्य-सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ाई करना अनिवार्य है। कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, पशु चिकित्सा विज्ञान, कृषि, मत्स्य पालन और कानून (लॉ) जैसे पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे छात्र इसके लिए पात्र होंगे। सरकार ने उन छात्रों को भी इसमें शामिल किया है जो शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान मुफ्त लैपटॉप योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे। इसके अलावा, जो छात्र अभी सरकारी या राज्य-सहायता प्राप्त संस्थानों में किसी प्रोफेशनल कोर्स के तीसरे या चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेंगे इंटेल कोर i5 प्रोसेसर वाले लैपटॉप राज्य सरकार ने लैपटॉप के स्पेसिफिकेशन तय करते समय इंजीनियरिंग छात्रों की खास जरूरतों का ध्यान रखा है। उन्हें इंटेल कोर i5 प्रोसेसर या इसके बराबर के प्रोसेसर वाले लैपटॉप दिए जाएंगे। राज्य सरकार की संस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु (ELCOT) को लैपटॉप खरीदने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने कहा है कि इन लैपटॉप को तय किए गए सभी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (गुणवत्ता मानकों) को पूरा करना होगा। मुफ्त लैपटॉप योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित इस पहल की घोषणा 2026-27 के बजट में की गई थी। अब मुख्यमंत्री ने इसे लागू करने की मंजूरी दे दी है और इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया गया है। सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी करके इस फंड को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है और योजना को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी तय कर दिए हैं। विजय के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति इस योजना के क्रियान्वयन (लागू होने की प्रक्रिया) पर नजर रखेगी। यह लैपटॉप योजना छात्रों की कैसे मदद करेगी इस पहल की जरूरत के बारे में बताते हुए सरकार ने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में लैपटॉप पढ़ाई-लिखाई का एक जरूरी साधन बन गए हैं, खासकर उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए। लैपटॉप मिलने से छात्रों को अपनी तकनीकी जानकारी बढ़ाने, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रमों में हिस्सा लेने, ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने और भविष्य में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। सरकार को भरोसा है कि यह योजना वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए एक बड़ा कदम साबित होगी। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों को वे डिजिटल कौशल (डिजिटल स्किल्स) सीखने में मदद मिलेगी, जिनकी जरूरत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और रोजगार पाने के मौके बेहतर करने के लिए होती है।
Tamil Nadu में कॉलेज छात्रों को मिलेगा फ्री Laptop, CM विजय ने जारी किए 2,000 करोड़ रुपये
(फाइल फोटो के साथ)चेन्नई, सात नवंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कॉलेज छात्रों के लिए ‘वेत्री लैपटॉप योजना’ लागू करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने शनिवार को बताया कि इस योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कॉलेज के छात्रों के लिए 2026-27 के बजट में घोषित ‘मुफ्त लैपटॉप योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू करने और इसकी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। ‘वेत्री’ का अर्थ है ‘विजय’। तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार की कई पहलों के नाम के आगे ‘वेत्री’ शब्द जोड़ा गया है जिसमें महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा योजना भी शामिल है। इस मुफ्त लैपटॉप योजना का लाभ सरकारी और राज्य सरकार से सहायता प्राप्त कॉलेजों में 2026-27 शैक्षणिक सत्र के दौरान पढ़ने वाले स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम और द्वितीय वर्ष तथा डिप्लोमा (पॉलिटेक्निक और आईटीआई) के विद्यार्थियों को मिलेगा। इसमें कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, पशु चिकित्सा विज्ञान, कृषि, मत्स्य पालन और कानून सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा, 2025-26 शैक्षणिक सत्र के दौरान मुफ्त लैपटॉप योजना का लाभ नहीं उठा सके और अब सरकारी एवं सहायता प्राप्त संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के तीसरे और चौथे वर्ष में पढ़ रहे छात्रों को भी इस योजना के दायरे में लाया जाएगा। इंजीनियरिंग के छात्रों को उनकी विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इंटेल कोर आई5 (इंटेल कोर आई5) प्रोसेसर या उसके समकक्ष संस्करण वाले लैपटॉप दिए जाएंगे। सरकार ने लैपटॉप की खरीद सुनिश्चित करने के लिए सरकारी कंपनी ईएलसीओटी (एल्कॉट) को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। कंपनी को गुणवत्ता के सभी मानकों पर खरे उतरने वाले लैपटॉप खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा है कि आज की डिजिटल दुनिया में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए लैपटॉप एक अत्यंत आवश्यक शैक्षणिक उपकरण बन गया है। ये लैपटॉप छात्रों को तकनीकी ज्ञान बढ़ाने, कौशल विकास प्रशिक्षण लेने, ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने और भविष्य के रोजगार के अवसरों के लिए तैयार होने में काफी मदद करेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 2026-27 के बजट में घोषित इस योजना को लागू करने का निर्देश दिया है। इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया गया है। सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘इस वित्तीय आवंटन के लिए प्रशासनिक मंजूरी देते हुए एक सरकारी आदेश जारी किया गया है जिसमें योजना को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं।’’सरकार ने यह भी उम्मीद जताई है कि यह योजना वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इससे वे आज के डिजिटल युग में खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकेंगे, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी कौशल हासिल कर सकेंगे और अपनी रोजगार पाने की क्षमता को बढ़ा सकेंगे।
सर्वेक्षण: देश के औद्योगिक नक्शे पर चमका तमिलनाडु, उत्पादन में गुजरात आगे; राष्ट्रीय आय में महाराष्ट्र अव्वल- Tamil Nadu shines on industrial map Gujarat leads in production Maharashtra tops national income contribution
Bijnor News: दून एक्सप्रेस की चपेट में आकर तमिलनाडु के शिक्षक की मौत
Tamil Nadu teacher dies after being hit by Doon Express
Tamil Nadu news: कल्लार में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड बाधित
24 अक्टूबर, शनिवार: तमिलनाडु के कल्लार में भारी बारिश के कारण मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड पर भूस्खलन हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया और घटना के विजुअल्स सामने आए हैं।
Tamil Nadu CM Vijay की स्कूली बच्चों को सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme
Tamilnadu CM Vijay ने Govt School के बच्चों को दी सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme अच्छी पढ़ाई के लिए सिर्फ स्कूल और किताबें ही जरूरी नहीं होतीं...
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

