भारतीय जनता पार्टी कानपुर उत्तर ने सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र का बूथ अध्यक्ष सम्मेलन रामबाग स्थित एक गेस्ट हाउस में किया। सम्मेलन में संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा की गई। सीसामऊ विधानसभा से प्रत्याशी सुरेश अवस्थी ने कहा कि जिस तरह से एसआईआर के बाद बिहार और बंगाल में बड़ी जीत मिली है, उसी तरह से यूपी में भी 2027 विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसबार सीसामऊ, आर्यनगर और कैंट तीनों ही सीट पर भी बीजेपी जीत हासिल करेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने की, जबकि संयोजन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी ने किया। मंगलवार को दोपहर 3.30 बजे शुरू हुआ, जिसका समापन शाम 6 बजे हुआ। सम्मेलन में सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के 275 बूथ अध्यक्ष शामिल हुए। जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि बूथ अध्यक्ष संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं और पार्टी की नीतियों एवं योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने बूथ अध्यक्षों से अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जनसंपर्क, सक्रियता और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही संगठन विस्तार और आगामी अभियानों को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की। कार्यक्रम संयोजक सुरेश अवस्थी ने कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की नींव होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में सीसामऊ विधानसभा के 275 बूथ अध्यक्षों ने भाग लिया। सम्मेलन में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प भी लिया।
संभल प्रशासन ने 68 तीर्थों और 19 कूपों में शामिल सुशीला तीर्थ तक पहुंच मार्ग बनाने के लिए 12 लोगों से 420 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया है। इस भूमि के लिए कुल 10.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ कार्य विकास विभाग के पक्ष में विक्रय होने के कारण इस बैनामे पर देय स्टांप शुल्क शून्य रहा। यह प्रक्रिया मंगलवार शाम 7 बजे शुरू हुई, जब नायब तहसीलदार उप निबंधक कार्यालय पहुंचे। रात 8:40 बजे तक भूमि के बैनामे की कार्रवाई पूरी कर ली गई। उक्त अधिग्रहण संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित उप निबंधक कार्यालय में संपन्न हुआ। सुशीला तीर्थ, जो लगभग सात-आठ बीघा भूमि में फैला हुआ है, वर्तमान में जलमग्न है और वहां तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं था। 420 वर्ग मीटर भूमि के अधिग्रहण से अब तीर्थ तक पहुंच मार्ग बनाया जा सकेगा। प्रशासन ने इससे पहले भी संभल में दो अन्य तीर्थों के लिए भूमि का बैनामा कराया है। तहसील संभल के गांव अजीजपुर असदपुर (बाहर चुंगी) में गाटा संख्या 214 व में 0.042 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई है। जिन 12 लोगों ने अपनी भूमि का बैनामा किया है, उनमें हयातनगर कस्बा निवासी राजाराम, लटूरी सिंह पुत्र रामौतार, सुनीता देवी पत्नी राजीव कुमार, सोमपाल पुत्र परमी, गंगा देई पत्नी राम सिंह, विजेंद्र पुत्र राम सिंह, जीराज पुत्र स्वरम, यशपाल, जसबंत पुत्र सियाराम, नीतू पत्नी विजयपाल, मोंटी कुमार पुत्र विजयपाल और 15 वर्षीय सोंटी (संरक्षिका मां नीतू पत्नी विजयपाल) शामिल हैं। नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल ने बताया कि ग्राम अजीजपुर हसनपुर में गाटा संख्या 214 में सुशीला तीर्थ के नाम से यह बैनामा आज कराया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो बैनामे पहले ही हो चुके हैं और दो अन्य होने बाकी हैं, इस प्रकार कुल पांच बैनामे किए जाने हैं। आज लगभग 420 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा हुआ है। हयातनगर कस्बा निवासी राजाराम ने बताया कि उन्होंने तीर्थ के लिए अपने हिस्से की कुछ भूमि का बैनामा किया है। कुल 12 लोग बैनामा करने के लिए कार्यालय आए थे।
मऊगंज में कार की टक्कर से ऑटो चालक की मौत:3 साल का बेटा घायल, घर में अकेला कमाने वाला था
मऊगंज थाना क्षेत्र के फूलकरण सिंह गांव में मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे तेज रफ्तार बेकाबू कार ने घर के सामने खड़े ऑटो चालक प्रदीप साकेत को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में प्रदीप साकेत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका 3 साल का मासूम बेटा प्रियांशु गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया गया कि कार चालक तौर पर नशे में धुत था और दुर्घटना के बाद गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकला। इस घटना के पीछे एक बेहद भावुक करने वाली बात सामने आई है। मृतक प्रदीप साकेत मंगलवार को ही दिन में अपने 3 साल के बेटे प्रियांशु का आधार कार्ड बनवाकर घर लौटे थे। पूरा परिवार प्रियांशु का स्कूल में दाखिला कराने की तैयारियों में जुटा हुआ था। शाम के वक्त प्रदीप अपने बेटे के साथ घर के ठीक सामने खड़े थे, तभी काल बनकर आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। भागते हुए कई लोगों को मारी टक्कर, ट्रैक्टर से टकराकर रुकी कार चश्मदीदों के मुताबिक, प्रदीप को कुचलने के बाद भी कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और वह तेजी से भागने लगा। इस दौरान रास्ते में उसने दो बाइक सवारों मीना शुक्ला और सुरेश शुक्ला (निवासी करह) को भी जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद कार की चपेट में आने से अमिरती के रहने वाले नर्मदा साकेत भी घायल हो गए। रफ्तार इतनी तेज थी कि कार आगे जाकर एक ट्रैक्टर से टकरा गई और वहीं रुक गई। कार रुकते ही उसमें सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। परिवार का इकलौता सहारा था प्रदीप, दो मासूमों के सिर से उठा साया हादसे का शिकार हुए प्रदीप साकेत अपने पूरे परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वे ऑटो चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। प्रदीप की मौत से उनके दो छोटे-छोटे बच्चों (3 साल का बेटा और महज 7 महीने की बेटी) के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और फरार कार सवारों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स और कार्मिकों की शाला दर्पण पोर्टल पर शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करके शिक्षा विभाग राजस्थान ने सख्ती बढ़ा दी है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद,जयपुर की अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सीमा शर्मा ने इसके आदेश गत दिनों जारी किए है। आदेश में राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की शाला दर्पण पोर्टल पर शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य किया है। इसके लिए टोंक समेत राज्य के समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक समसा को आदेशित किया है। आदेश में कहा गया है कि एनसीईआरटी के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र (आरवीएसके) के लिए राज्यभर के सभी विद्यालयों की उपस्थिति संबंधी जानकारी शाला दर्पण पोर्टल से संकलित की जाती है। हाल ही में किए गए डेटा विश्लेषण में सामने आया है कि कई विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज नहीं की जा रही है। इसके कारण राजस्थान एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़े अपूर्ण और असंगत हो रहे हैं। नई व्यवस्था से कार्मिक और स्टूडेंट लापरवाही नहीं कर पाएंगे। हर कार्य दिवस पर ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कार्य दिवस पर सभी विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करनी अनिवार्य होगी। किसी भी कर्मचारी, कक्षा या सेक्शन की उपस्थिति प्रविष्टि लंबित नहीं छोड़ी जा सकेगी। साथ ही अनुपस्थित एवं अवकाश पर रहने वाले विद्यार्थियों और कार्मिकों की जानकारी भी सही एवं नवीन (अपडेट) उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जिला कार्यालयों को उपस्थिति डेटा की नियमित समीक्षा करने और इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय स्तर पर उपस्थिति प्रविष्टियां निर्धारित समयावधि में पूरी कर ली जाएं। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उपस्थिति डेटा के संधारण में लापरवाही, गलत प्रविष्टि अथवा नियमित अपडेट नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं उत्तरदायी होंगे। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष बोले- निर्णय सहीशिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों एवं कार्मिकों की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है, जो स्वागत योग्य निर्णय है। इससे शाला दर्पण पर सटीक और अपडेट उपस्थिति दर्ज होने से विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति का आकलन संभव होगा तथा राष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक मॉनिटरिंग प्रणालियों को विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे शिक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नीति निर्धारण में भी मदद मिलेगी।
कुशीनगर में बौद्ध पर्यटन को नई पहचान देने वाली महत्वाकांक्षी बुद्ध थीम पार्क परियोजना पूरी हो गई है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने गौतम बुद्ध संग्रहालय के समीप लगभग 11.32 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस पार्क में आधुनिक तकनीक और आध्यात्मिक अनुभव का अनूठा संगम तैयार किया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पार्क का उद्घाटन जल्द किया जाएगा। बुद्ध थीम पार्क को केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बौद्ध ज्ञान और आध्यात्मिक अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटक भगवान बुद्ध के जीवन, उनके उपदेशों और बौद्ध दर्शन को आधुनिक एवं संवादात्मक माध्यमों से जान सकेंगे। पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण 40 फीट ऊंची बुद्ध वॉल पर आयोजित होने वाला लाइट एंड साउंड शो होगा। इसके अलावा 3डी झांकियां, डिजिटल गैलरियां, बोधि वृक्ष, आठ तथागत स्तूप, भगवान बुद्ध की आठ विशाल मुद्राएं, तिब्बती शैली के स्तूप, प्रेयर व्हील्स और ट्रेवलॉग इंस्टॉलेशन भी विकसित किए गए हैं, जो आगंतुकों को भगवान बुद्ध के जीवन की यात्रा से रूबरू कराएंगे। पार्क में प्राचीन बौद्ध तोरणों से प्रेरित भव्य प्रवेश द्वार, बुद्ध के जीवन पर आधारित भित्ति चित्र, सांस्कृतिक थीम वाला बच्चों का खेल क्षेत्र और स्मारिका केंद्र भी बनाया गया है। स्मारिका केंद्र पर बौद्ध हस्तशिल्प के साथ स्थानीय कारीगरों के उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बुद्ध थीम पार्क का निर्माण पूरा होना कुशीनगर में बौद्ध पर्यटन को नई ऊंचाई देगा। उनके अनुसार यह परियोजना आध्यात्मिकता, कला, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट में करीब 82 लाख पर्यटक पहुंचे, जिनमें 4.4 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल थे। माना जा रहा है कि बुद्ध थीम पार्क कुशीनगर की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने के साथ उत्तर प्रदेश को विश्वस्तरीय बौद्ध पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अयोध्या में किसान महिला की अनशन की चेतावनी:रास्ता बंद होने और तहसील प्रशासन पर आदेश न मानने का आरोप
अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में गहनाग गांव की निवासी रामसांवरी ने सरकारी रास्ते को अवरुद्ध किए जाने और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। उन्होंने 1 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अन्न-जल त्यागने की बात कही है। रामसांवरी का आरोप है कि 17 नवंबर 2023 को गांव के कुछ लोगों ने उनके घर तक जाने वाले सार्वजनिक मार्ग पर एक पक्की दीवार बना दी। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अतिरिक्त, जल निकासी की नाली भी टूट गई, जिससे गंदा पानी उनके घर के दरवाजे पर जमा होने लगा है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर, तहसीलदार मिल्कीपुर और थाना खंडासा में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय लखनऊ का रुख किया। न्यायालय ने तहसीलदार मिल्कीपुर को 26 जून 2024 तक, आठ सप्ताह के भीतर, 'ग्राम सभा बनाम हरिपाल उर्फ दुखहरन आदि' मामले में अंतिम निर्णय देने का आदेश दिया था। हालांकि, यह प्रक्रिया अभी भी लंबित है। रामसांवरी का आरोप है कि संबंधित तहसीलदार न तो उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कर रहे हैं और न ही जिलाधिकारी के निर्देशों का। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व जिलाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश भी अनसुने कर दिए गए हैं। पीड़िता ने जिलाधिकारी अयोध्या को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि 1 जुलाई को इस मामले की पत्रावली मंगवाकर स्वयं अवलोकन किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे अन्न-जल त्यागकर अनशन करने के लिए विवश होंगी। यह जानकारी रामसवारी ने 30 जून मंगलवार की शाम को दी।
कानपुर सेंट्रल जीआरपी ने 'ऑपरेशन दहन' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर 63 किलो 315 ग्राम मादक पदार्थ नष्ट किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। जीआरपी कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के चार मामलों से संबंधित थी। इन मामलों में 1 मार्च 2026 से 30 जून 2026 के बीच जब्त मादक पदार्थों के संबंध में कोई अपील, विचारण या पुनरीक्षण लंबित नहीं था। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट, कानपुर नगर के आदेश पर नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (जब्ती, भंडारण, नमूनाकरण एवं निपटान) नियम-2022 के तहत निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई। मंगलवार को गठित समिति की मौजूदगी में 63 किलो 315 ग्राम मादक पदार्थ को नियमानुसार नष्ट किया गया। इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय स्नेहा तिवारी, डिस्पोजल कमेटी के सदस्य, जीआरपी, मालखाना मोहर्रिर और भैरो घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह के कर्मचारी उपस्थित रहे। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि 'ऑपरेशन दहन' का मुख्य उद्देश्य जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करना है। इससे उनका दोबारा दुरुपयोग रोका जा सकेगा और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
जोधपुर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते 15 से अधिक कॉलोनियों में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तीन से पांच घंटे तक बिजली कटौती (पावरकट) रहेगी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक यहां रहेगी बिजली बंद: देवलिया फीडर, गुटखा फैक्ट्री के पास, चुन्नीलाल जी की प्याऊ, देवलिया गांव, बावरला गांव, सारण नगर (बावरला), प्रताप नगर (बावरला), शगुन रिसॉर्ट, राज इंजीनियरिंग कॉलेज, एसएलबीएस कॉलेज और 16 मील के आसपास का क्षेत्र। सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक यहां रहेगा पावरकट: खोखरिया, गुजरावास, बोरावास तथा 11 केवी खोखरिया फीडर से जुड़े सभी गांव।
बहराइच में नहर में कूदी युवती का शव मिला:20 घंटे तक चला रेस्क्यू, 7 किमी दूर से बरामद किया
बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में एक युवक और युवती ने सोमवार को गिरजापुरी बैराज से निकली लिंक नहर में छलांग लगा दी थी। मौके पर मौजूद राहगीरों ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन युवती तेज बहाव में बह गई। नहर से सुरक्षित निकाले गए युवक की पहचान मिहींपुरवा निवासी शेख शरीफ के रूप में हुई। युवती की पहचान भी स्थापित की गई थी, लेकिन उसका नाम अभी उपलब्ध नहीं है। सोमवार देर शाम तक गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद भी युवती का कोई सुराग नहीं मिल सका। रेस्क्यू टीम को बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नहर में पानी का बहाव बेहद तेज था और आसपास मगरमच्छों की मौजूदगी ने भी जोखिम बढ़ा दिया था। मंगलवार शाम को युवती का शव घटनास्थल से लगभग सात किलोमीटर दूर बरामद हुआ। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी आनंद चौरसिया ने बताया कि युवती का शव बरामद कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में कुक से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के बाद पहली बार IPL क्रिकेटर शशांक सिंह सामने आए हैं। उन्होंने अपने और परिवार पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक को न तो बंधक बनाया गया न उसका मोबाइल छीना गया और न ही उसके साथ मारपीट हुई। शशांक का दावा है कि युवक कुक बनकर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना ही नहीं आता था। वह घर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर फोटो और वीडियो बना रहा था, जिससे परिवार को चोरी की आशंका हुई। भोपाल के रातीबड़ थाने में दर्ज FIR के बाद मीडिया से बातचीत में शशांक ने कहा कि यह पूरा मामला उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय पुलिस को बुला लिया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। 'दो दिन के लिए आया था, किसी को बंधक क्यों बनाएंगे' शशांक ने कहा, वह सिर्फ दो दिन के लिए आया था। ऐसे में किसी को बंधक बनाने का सवाल ही नहीं उठता। वह यहां आराम से रह रहा था, खाना खा रहा था, वीडियो और फोटो बना रहा था। उनके मुताबिक युवक ने खुद को कुक बताया था, लेकिन वह खाना बनाने में सक्षम नहीं था। अगर कोई बावर्ची बनकर आया है तो उसे घर के मालिक के कमरे में जाकर निजी सामान की फोटो और वीडियो लेने की क्या जरूरत है? 'घर की प्राइवेट तस्वीरें थीं, इसलिए डिलीट कराईं' मोबाइल छीनने के आरोप पर शशांक ने कहा कि युवक का फोन नहीं छीना गया। उन्होंने बताया कि उसके मोबाइल में घर के निजी हिस्सों और सामान की तस्वीरें एवं वीडियो थे, जिन्हें उनकी मां ने डिलीट करवाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने युवक का वीडियो भी बनाया था, जिसमें वह अपने मोबाइल से किसी को कॉल करने की कोशिश कर रहा है। शशांक ने कहा, अगर मोबाइल हमारे पास होता तो वह कॉल कैसे करता? 'चोरी का शक था, एक चांदी के गणपति भी नहीं मिल रहे' शशांक ने कहा कि परिवार को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। उनके मुताबिक, अब तक की जांच में घर से कोई बड़ी चोरी सामने नहीं आई है, लेकिन चांदी के गणपति की एक प्रतिमा नहीं मिल रही है। परिवार अभी भी घर का सामान जांच रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है युवक चोरी के इरादे से आया था, हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। 'बहन ने 100 नंबर पर कॉल करने को कहा, मैंने जाने दिया' क्रिकेटर ने बताया कि जब युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उनकी बहन ने पुलिस बुलाने की सलाह दी थी। हालांकि युवक ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए खुद को गरीब बताया और जाने देने की गुहार लगाई। शशांक ने कहा, मैं भावुक हो गया और मैंने ही कहा कि उसे जाने दो। अब महसूस होता है कि वहीं पुलिस कार्रवाई कर लेनी चाहिए थी। यह हमारी सबसे बड़ी गलती थी। 'बाद में बैकग्राउंड चेक कराया, नशे की जानकारी मिली' शशांक के अनुसार युवक उनके पिता के परिचित के जरिए रीवा से आया था। परिवार ने भरोसे के आधार पर उसे काम पर रख लिया था। उन्होंने कहा कि बाद में बैकग्राउंड की जांच कराई गई, जिसमें उसके नशा करने संबंधी जानकारी मिली। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इसकी जांच एजेंसियां ही कर सकती हैं। 'मेरी छवि खराब करने की कोशिश हो रही' मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों को नकारते हुए शशांक ने कहा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे उनके स्वभाव से परिचित हैं। उन्होंने कहा, हाथापाई तो बहुत दूर की बात है, मैं किसी से गाली-गलौज भी नहीं करता। हो सकता है काम नहीं मिलने या किसी अन्य वजह से मेरे नाम का इस्तेमाल कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही हो। मामला क्या है? रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें कुक के रूप में भोपाल बुलाया गया था। खाना पसंद नहीं आने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में मारपीट की गई। उनकी शिकायत पर रातीबड़ थाना पुलिस ने शशांक सिंह, उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। फिलहाल शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। ये खबर भी पढ़ें IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक और उनके ड्राइवर ने मिलकर मारपीट की। घटना के बाद युवक ने रोते हुए अपना VIDEO भी जारी किया है। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले में शैलेष सिंह का कहना है कि वह बदतमीजी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर
बालाघाट जिले के वारासिवनी में प्रशासन ने किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए कार्रवाई की है। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने एक कृषि केंद्र पर अचानक छापा मारकर एक्सपायरी डेट (अवधि पार) के कीटनाशक जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से इलाके के कृषि व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार शाम के वक्त नगर के मशहूर रूसिया कृषि केंद्र का निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई के दौरान तहसीलदार सुरेश उपाध्याय, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रतिभा टेंभरे और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही। जांच में खुली पोल, स्टॉक रजिस्टर और लाइसेंस खंगाले प्रशासनिक टीम ने कृषि केंद्र के अंदर रखे धान के बीज, अलग-अलग कंपनियों के कीटनाशकों के स्टॉक रजिस्टर, व्यावसायिक लाइसेंस और अन्य जरूरी कागजातों की बारीकी से जांच की। इसी दौरान टीम को दुकान में भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट के कीटनाशक रखे मिले। इसे किसानों की फसलों और पैसों के साथ गंभीर खिलवाड़ मानते हुए अधिकारियों ने पूरी खेप को तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया। जब्त कीटनाशक होंगे नष्ट, दुकानदारों को सख्त चेतावनी एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने बताया कि जब्त किए गए एक्सपायरी कीटनाशकों को नियमों के मुताबिक नष्ट किया जाएगा, जिसके लिए कृषि विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि किसानों की सेहत और फसलों की सुरक्षा से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने क्षेत्र के सभी खाद-बीज और कीटनाशक व्यापारियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे सरकारी नियमों और मानकों का पालन करें। अगर कोई भी दुकानदार एक्सपायरी सामान बेचते हुए पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों के लिए जरूरी सलाह दुकान से कोई भी कीटनाशक, दवा या खाद खरीदते समय पैकेट पर लिखी एक्सपायरी डेट को ध्यान से जरूर देखें। खरीदारी करने के बाद दुकानदार से पक्का बिल (कैश मेमो) मांगना कभी न भूलें, ताकि गड़बड़ी होने पर सबूत रहे।
शिष्या के मामा ने पुजारी को मौत के घाट उतारा:आपत्तिजनक हालत में देखा था, युवती गुमराह करती रही
बांदा के शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव स्थित मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद महाराज हत्याकांड का पुलिस ने घटना के 10 दिन बाद खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, पुजारी की हत्या उनकी शिष्या के मामा ने की थी। आरोपी ने अपनी भांजी (शिष्या) को पुजारी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद आवेश में आकर डंडे से हमला कर दिया था। बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि 20-21 जून की रात तिंदवारा गांव के मंदिर की छत पर सो रहे पुजारी सच्चिदानंद महाराज पर डंडे से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल पुजारी को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुजारी के भाई चिंतामणि की तहरीर पर शहर कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने शुरू से ही पुजारी की शिष्या से पूछताछ की। हालांकि उसने पुलिस को लगातार भ्रामक जानकारी दी और घटना को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, बीटीएस डेटा और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर रोशनी के मामा रामविशाल को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी रामविशाल ने बताया कि उसकी भांजी रोशनी पहले बीमार रहती थी, इसलिए वह उसे इलाज और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पुजारी सच्चिदानंद महाराज के आश्रम लाया था। पिछले दो-तीन वर्षों से रोशनी आश्रम आती-जाती रही और स्वास्थ्य में सुधार के बाद करीब नौ माह से वहीं रह रही थी। इस दौरान पुजारी और रोशनी के संबंधों को लेकर गांव में चर्चाएं होने लगी थीं। एसपी के अनुसार, 20 जून की रात रामविशाल पहले करीब 10 बजे आश्रम पहुंचा था, लेकिन उस समय सब सामान्य मिला। बाद में बच्चे का इलाज कराने जिला अस्पताल जाने के बाद वह रात करीब एक बजे दोबारा आश्रम पहुंचा। वहां उसने रोशनी को पुजारी के साथ सोते हुए देखा। इससे वह गुस्से में आ गया और डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सहारनपुर में अवैध खनन रोकने के अभियान के तहत चिलकाना पुलिस ने मंगलवार दोपहर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने पठेड़-टोडरपुर मार्ग पर बिना रॉयल्टी खनन सामग्री ले जा रहे पांच वाहनों को जब्त किया। इनमें चार ट्रक और एक ट्रैक्टर शामिल हैं। सभी वाहनों को सीज कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया है। सीओ बेहट प्रिया यादव ने मंगलवार शाम 5:30 बजे बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री के परिवहन की शिकायतों के बाद वाहनों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच की। जांच में वाहनों में खनन सामग्री मिली, लेकिन चालक वैध दस्तावेज और रॉयल्टी नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने पांचों वाहनों को कब्जे में ले लिया। पकड़े गए वाहनों में दो डंपर नंबर प्लेट वाले थे, जबकि तीन वाहन बिना नंबर प्लेट के मिले। पुलिस ने मामले की जानकारी संबंधित विभाग को भेज दी है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके। जब्त किए गए वाहनों में डंपर संख्या UK 12-CA-3939, डंपर संख्या UK 08-CB-5250, एक महिंद्रा अर्जुन ट्रैक्टर (बिना नंबर प्लेट) और दो अन्य बिना नंबर प्लेट के ट्रक शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन को रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ चलने वाले वाहनों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई चिलकाना थाना प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक रवि कुमार, हेड कांस्टेबल विवेक कुमार और कांस्टेबल विशाल यादव शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब पकड़े गए वाहनों के दस्तावेजों और खनन सामग्री से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
झज्जर जिले में देर रात दुल्हेड़ा गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 20 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी की मौत हो गई, जबकि उसके साथ कार में सवार तीन से चार अन्य खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कार और ट्रक की जोरदार टक्कर में हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और एक खिलाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना CCTV में कैद हो गई। मृतक की पहचान हिमांशु पुत्र सतीश, निवासी गांव भंडारी, जिला पानीपत के रूप में हुई है। हिमांशु की उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह रोहतक के बहु अकबरपुर में रहकर कबड्डी की प्रैक्टिस करता था। बारात में शामिल होकर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार, हिमांशु अपने तीन-चार खिलाड़ी साथियों के साथ बहादुरगढ़ में एक बारात में शामिल होने आया था। देर रात वापस लौटते समय दुल्हेड़ा गांव के पास उनकी कार की एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। तीन से चार खिलाड़ी घायल हादसे में हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन से चार अन्य खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत होने पर उन्हें रोहतक PGI रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोतिहारी में लग्जरी कार से शराब की खेप बरामद:'फर्जी पति' के साथ महिला गिरफ्तार, 2000 रुपए में डील
पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान एक लग्जरी कार से शराब की बड़ी खेप बरामद की गई और एक महिला सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर जा रहे थे। उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार को सूचना मिली थी कि एक कार में अवैध शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही उन्होंने कोटवा इलाके में वाहन जांच अभियान शुरू कराया। इसी दौरान संदिग्ध लग्जरी कार को रोककर तलाशी ली गई। शुरुआत में कार में मौजूद महिला ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और टीम को धमकाने की कोशिश भी की। हालांकि, पुलिस ने सख्ती बरतते हुए कार की जांच की। कार की सीट के नीचे बनाए गए एक विशेष तहखाने से शराब की बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें फ्रूटी की बोतलों में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। 'फर्जी पति' को मिलता है 2000 रुपए पूछताछ में महिला ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि इस तस्करी में शामिल सभी लोग अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। महिला ने यह भी बताया कि गाड़ी चला रहा व्यक्ति उसका पति नहीं, बल्कि तस्करी के लिए बनाया गया 'फर्जी पति' है, जिसे प्रति खेप 2000 रुपए मिलते हैं। महिला के अनुसार, उसे इस काम के लिए 1500 रुपए और साथ में मौजूद एक बच्चे को 500 रुपए दिए जाते थे। वे उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचाने वाले थे, लेकिन रास्ते में ही पकड़े गए। नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका फिलहाल, उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के पीछे एक बड़े तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है, जिसकी जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद जारी तस्करी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र निवासी एक युवक पर मंगलवार दोपहर 2 बजे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास आधा दर्जन से अधिक लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उससे पांच हजार रुपये नकद और चांदी का ब्रेसलेट भी लूट लिया। घायल युवक ने दो हमलावरों की पहचान कर ली है, जबकि अन्य अज्ञात हैं। पुलिस के अनुसार, एकता कॉलोनी निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू पुत्र स्वर्गीय छोटे लाल मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे अपनी मां और पत्नी के साथ चंदौसी स्थित अपनी मौसी के घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वीरेंद्र अपनी मां और पत्नी को एक ओर खड़ा कर टिकट लेने गया था। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के पास रामतलैया पुलिस चौकी क्षेत्र में पहले से घात लगाए बैठे छह-सात लोगों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। घटना के दौरान वहां से गुजर रहे वीरेंद्र के एक परिचित ने उसे पहचान लिया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। होश में आने पर वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि हमला करने वाले लोग कुछ दिन पहले मंदिर में हुई गुल्लक चोरी की घटना में पकड़े गए थे। उस समय लोगों ने उनकी पिटाई की थी और वह भी मौके पर मौजूद था। वीरेंद्र के अनुसार, आरोपियों को उम्मीद थी कि वह उनका बचाव करेगा, लेकिन ऐसा नहीं होने पर वे उससे रंजिश मानने लगे थे। पीड़ित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने रेलवे स्टेशन पर उसे अकेला पाकर हमला किया। मारपीट के दौरान उसके हाथ से चांदी का ब्रेसलेट और जेब में रखे पांच हजार रुपये निकाल लिए और फरार हो गए। वीरेंद्र ने अपनी तहरीर में दो आरोपियों की पहचान होने की बात कही है, जबकि अन्य को अज्ञात बताया है।
कटिहार के मिरचाईबाड़ी स्थित अंबेडकर चौक निवासी मनीष कुमार सिंह का चयन केंद्रीय आबकारी निरीक्षक के पद पर हुआ है। उन्होंने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा उत्तीर्ण कर यह सफलता हासिल की है। मनीष गृह रक्षा वाहिनी से सेवानिवृत्त विनोद कुमार सिंह के ज्येष्ठ पुत्र हैं। मनीष कुमार सिंह पिछले तीन वर्षों से चेन्नई स्थित आयकर विभाग में कनिष्ठ विभागीय लिपिक के पद पर कार्यरत थे। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और एसएससी सीजीएल की तैयारी की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कई गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दीबचपन से ही मेधावी छात्र रहे मनीष ने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर, माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मनीष ने युवाओं से सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे रहने की अपील की। मनीष के केंद्रीय आबकारी निरीक्षक पद पर चयन होने पर जिले के कई गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी है। इनमें कटिहार सदर विधायक तारकेश्वर प्रसाद, विधान पार्षद अशोक अग्रवाल, नगर निगम की महापौर उषा देवी अग्रवाल, जदयू नेता राजकुमार गुप्ता, सुकुमार सिंह और राजद के वरिष्ठ नेता समरेंद्र कुणाल शामिल हैं। मनीष ने कटिहार का नाम रोशन किया विधायक तारकेश्वर प्रसाद ने कहा कि मनीष की सफलता से जिले के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। विधान पार्षद अशोक अग्रवाल ने कहा कि मेहनत करने वालों को एक दिन सफलता जरूर मिलती है और मनीष ने कटिहार का नाम रोशन किया है। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद मनीष ने कभी हिम्मत नहीं हारी। मोहल्ले के लोगों ने भी मनीष की सफलता पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
वाराणसी में कार ने साइकिल सवार को रौंदा, मौत:नंबर प्लेट टूटी मिली, चालक मौके से फरार
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार कार मोहनसराय से रोहनिया की तरफ जा रही। इस अज्ञात कार ने 55 वर्षीय साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल के परखच्चे उड़ गए और वृद्ध घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। देखिए तस्वीरें… नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। रोहनिया थाना पुलिस ने घायल वृद्ध को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। समाचार लिखे जाने तक घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस वाहन मालिक और फरार चालक की तलाश में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि चालक की पहचान होते ही उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रोटरी इंटरनेशनल के नए रोटरी वर्ष 2026–27 की शुरुआत 1 जुलाई से हो रही है। इस अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अरुण बगड़िया ने सेवा, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को केंद्र में रखते हुए पूरे वर्ष का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि सेवा ही सर्वोपरि केवल रोटरी का आदर्श नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। अरुण बगड़िया ने बताया कि रोटरी इंटरनेशनल पिछले 120 वर्षों से मानव सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और अब डिस्ट्रिक्ट 3056 भी सेवा के नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष रोटरी के आदर्श Service Above Self को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 ने वर्ष 2026–27 में करीब 15 करोड़ रुपये की सेवा परियोजनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नेत्र चिकित्सा, बालिका शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, ग्रामीण विकास, रक्तदान, अंगदान जागरूकता और आपदा राहत जैसी योजनाएं शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ने कहा कि द रोटरी फाउंडेशन को और अधिक सशक्त बनाना इस वर्ष की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही सदस्यता बढ़ाने, नए रोटरी क्लब स्थापित करने तथा युवाओं को जोड़ने के लिए रोटरैक्ट और इंटरैक्ट क्लबों का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने रोटरी कम्युनिटी कॉर्प्स (RCC) को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया, ताकि आम नागरिक भी सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। पर्यावरण संरक्षण को लेकर अरुण बगड़िया ने विशेष अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि 1 जुलाई को प्रत्येक रोटेरियन कम से कम 10 पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प ले। वहीं प्रत्येक क्लब अध्यक्ष 1000 पौधे लगाने और उनका संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास करें। लक्ष्य है कि 30 जून 2027 तक एक लाख से अधिक स्वस्थ एवं विकसित वृक्ष समाज को समर्पित किए जाएं। उन्होंने सभी क्लबों से अपील की कि उनके स्वागत में फूल-मालाओं, साफों और शॉल पर खर्च करने के बजाय उसी राशि का योगदान द रोटरी फाउंडेशन में करें। उनके अनुसार यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा और इससे सेवा कार्यों को नई गति मिलेगी। अरुण बगड़िया ने सभी रोटेरियन्स, रोटरैक्टर्स, इंटरैक्टर्स, आरसीसी सदस्यों, दानदाताओं और डिस्ट्रिक्ट टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से वर्ष 2026–27 को सेवा, सहयोग, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का स्वर्णिम अध्याय बनाया जाएगा।
हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के करहिया गांव में मंगलवार दोपहर एक 27 वर्षीय युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में असफलता के कारण तनाव में थी। मृतका संध्या सोनी के पिता मुन्नीलाल सोनी ने पुलिस को बताया कि संध्या पिछले तीन वर्षों से कानपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। परीक्षा में सफलता न मिलने के बाद वह लगभग एक वर्ष पहले गांव लौट आई थी और बांदा से बीटीसी की पढ़ाई कर रही थी, जिसका एक वर्ष पूरा हो चुका था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब दो बजे संध्या ने अपने पिता से ऊपरी कमरे में आराम करने की बात कही और दूसरी मंजिल पर चली गई। लगभग तीन बजे तक जब वह नीचे नहीं आई, तो उसकी मां उसे देखने कमरे में पहुंचीं। वहां संध्या का शव दुपट्टे के फंदे से बल्ली पर लटका मिला। संध्या चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। उसके पिता गांव में परचून की दुकान चलाते हैं। घटना की सूचना मिलने पर मौदहा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया, क्योंकि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मौदहा कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने युवती के NEET में सफलता न मिलने के कारण मानसिक तनाव में रहने की बात कही है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। परिवार द्वारा पोस्टमार्टम से इनकार के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
बांका में मंगलवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कार्यों में तेजी लाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए, साथ ही पोषण ट्रैकर से जुड़े सभी प्रमुख संकेतकों की विस्तृत समीक्षा की। जिला पदाधिकारी ने सभी लाभार्थियों का फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से सत्यापन एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने गृह भ्रमण, बच्चों का नियमित वजन एवं लंबाई मापन, पूरक पोषाहार वितरण, टीकाकरण और अन्य सभी प्रमुख संकेतकों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला स्तर पर उपलब्ध कराने को भी कहा। 7 दिन में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण से संबंधित लाभार्थियों के एफआरएस सत्यापन की समीक्षा के दौरान फुल्लीडुमर, कटोरिया और बाराहाट परियोजनाओं का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया। इस पर संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से कारण पूछा गया और एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। पोषण ट्रैकर के तहत गर्म पका भोजन वितरण में धोरैया परियोजना का प्रदर्शन 75.53 प्रतिशत और बौंसी परियोजना का 68.80 प्रतिशत रहा। ये परियोजनाएं क्रमशः 10वें और 11वें स्थान पर थीं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने दोनों परियोजनाओं के बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और अगले आदेश तक उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। प्रतिदिन वर्चुअल माध्यम से होगी समीक्षा डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि पोषण ट्रैकर के सभी संकेतकों की प्रतिदिन जिला स्तर से वर्चुअल माध्यम से समीक्षा की जाएगी। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण की स्थिति सभी परियोजनाओं में असंतोषजनक पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला मिशन समन्वयक का मानदेय अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया। वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा के दौरान डीएम ने निष्पादित मामलों का नियमित फॉलो-अप करने और सभी अभिलेखों का समुचित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला समन्वयक, जिला परियोजना प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
पूर्व जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह की स्मृति में एक सर्वदलीय शोक सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने अंजनी कुमार सिंह के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शोक सभा का मुख्य उद्देश्य स्वर्गीय अंजनी सिंह के योगदान को याद करना और उनके विचारों को समाज में आगे बढ़ाना था। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। अशोक सिंह ने बताया कि अंजनी कुमार सिंह का क्षेत्र के विकास और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई बैठक में सर्वसम्मति से यह मांग उठी कि नगर में अंजनी कुमार सिंह के नाम पर एक पार्क और उनकी मूर्ति का निर्माण कराया जाए। उपस्थित लोगों ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि अंजनी सिंह की स्मृतियों और उनके विचारों को जीवंत रखने के लिए इस योजना को साकार किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके सामाजिक कार्यों से प्रेरणा ले सके। शोक सभा के अंत में, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई।
धार प्रदेश सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के धार जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि जल संरक्षण के नाम पर किए गए कार्यों के सरकारी आंकड़े जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। उनका कहना है कि अभियान को सफल दिखाने के लिए उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। ठाकुर ने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक चले इस अभियान के दौरान अधिकांश स्थानों पर जल स्रोतों की सफाई का काम अवकाश के दिनों में ही किया गया। उनका दावा है कि सीमित समय और संसाधनों में जितना काम संभव था, उससे कहीं अधिक उपलब्धियां सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की गई हैं। धार नगर का दिया उदाहरण कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि धार नगर में भी जल स्रोतों की सफाई को लेकर जारी किए गए सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्तर पर हुए कार्यों में बड़ा अंतर है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया। अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि धार जिले में ही सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर है, तो प्रदेश स्तर पर जारी किए गए आंकड़ों की भी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि अभियान को सफल साबित करने के लिए वास्तविक कार्यों से अधिक उपलब्धियां दिखाई गई हैं। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अभियान के तहत हुए कार्यों का वास्तविक विवरण सार्वजनिक करने और कहीं अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कटिहार के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वर्मा नगर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रत्यक्षदर्शी अंजनी सिंह के अनुसार, ट्रक पूर्णिया से मनिहारी की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक बाइक सवार व्यक्ति कथित तौर पर गलत दिशा से आ रहा था। आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अंजनी सिंह ने आशंका जताई कि मृतक दंडखोरा क्षेत्र का निवासी हो सकता है, हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की स्थानीय निवासी मो. सालम ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण भी हादसों की आशंका बनी रहती है। सालम ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग के इस हिस्से में जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है। खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (डीएनटी) समाज ने 10 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। समाज की ओर से बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि इसमें राजस्थान सहित देशभर से करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। मंगलवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएनटी समाज के प्रदेशाध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया और पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने आंदोलन की रूपरेखा साझा की। रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय राजस्थान की करीब 15 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन आज भी समाज के लोग स्थायी आवास, पहचान और मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएनटी समाज पिछले दो वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। पाली में 32 घंटे तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जाम किया गया था और 11 मई से जैसलमेर से 'जेल भरो आंदोलन' भी शुरू किया गया। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया। शाम 4 बजे तक सरकार को अल्टीमेटम रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि सरकार को बुधवार शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि तय समय तक मांगें नहीं मानी गईं तो महापड़ाव से शहीद स्मारक तक कूच किया जाएगा। वहां सभा के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला जाएगा। 'अब मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगी वार्ता' राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक से स्पष्ट हो गया कि सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अब डीएनटी समाज मुख्यमंत्री स्तर के अलावा किसी अन्य अधिकारी से बातचीत नहीं करेगा। समाज की प्रमुख मांग है कि डीएनटी वर्ग की अनुसूचित जाति (एससी) में आने वाली जातियों को 3 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल जातियों को 7 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, ताकि कुल 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को उन्नाव के सोहरामऊ क्षेत्र स्थित एक वाटर पार्क का दौरा किया। उन्होंने यहां बालिकाओं के साथ लगभग चार घंटे का समय बिताया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से संवाद किया, उनके अनुभवों को जाना और राजभवन द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। राज्यपाल दोपहर करीब दो बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने बालिकाओं का स्वागत किया और पूरे वाटर पार्क का भ्रमण कराया। शाम करीब साढ़े पांच बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राज्यपाल लखनऊ के लिए रवाना हुईं। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताया कि राजभवन द्वारा बालिकाओं के लिए नियमित रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक और व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि राजभवन में बालिकाओं को भोजन प्रशिक्षण, जूडो और संगीत सहित अन्य कौशल से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार किया जाता है, जिससे उनमें किसी प्रकार की हीन भावना न आए और वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने राजभवन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, उपजिलाधिकारी हसनगंज प्रज्ञा पाण्डेय और तहसीलदार अवनीश कुमार को अपनी लिखित पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
बिजनौर में ड्यूटी पर सिपाही पर हमला:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, दूसरे की कर रही तलाश
बिजनौर में ड्यूटी पर तैनात एक यातायात सिपाही पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह घटना सोमवार रात कोतवाली शहर क्षेत्र के रामलीला चौक के पास हुई थी, जिसमें बाइक सवार युवकों ने सिपाही को घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना सोमवार रात करीब 8:30 बजे की है। सिपाही सौरभ कुमार (निवासी बुलंदशहर) चांदपुर की चुंगी के तिराहे पर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि कुछ बाइक सवार युवक शराब पीकर सड़क पर हंगामा कर रहे थे। जब सिपाही सौरभ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो युवकों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे सिपाही के सिर में गंभीर चोट आई। हमले में घायल सिपाही सौरभ को आसपास मौजूद लोगों और अन्य यातायात पुलिसकर्मियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को आरोपी ऋतिक (निवासी पृथ्वी मोलड पुर, शहर कोतवाली) को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे ट्रैफिक कांस्टेबल सौरभ के साथ बदसलूकी और उन्हें घायल करने के मामले में केस दर्ज किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि इस वारदात को ऋतिक और हिमांशु नामक दो युवकों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने ऋतिक को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि दूसरे आरोपी हिमांशु की तलाश जारी है।
सिरसा जिले में रानियां की अनाज मंडी में शेड के नीचे दो युवकों पर तेजधार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला किया गया। हमलावरों ने युवकों की बाइक को भी आग के हवाले कर दिया। लाठी, डंडे और तलवारों से वार किए गए, जिससे दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। अपनी जान बचाने के लिए वे बाइक मौके पर छोड़कर भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, जिससे जली हुई बाइक की आग बुझाई जा सकी। घायलों में 18 वर्षीय लवप्रीत निवासी वार्ड नंबर-9, रानिया शामिल है। उसके साथ जसकरण भी घायल हुआ है। गंभीर चोटों के कारण दोनों को सिरसा अस्पताल रेफर किया गया है। क्रिकेट खेल रहा था युवक बताया जा रहा है कि लवप्रीत अपने 5-6 साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। उसी दौरान दीप निवासी फिरोजाबाद, और अजय निवासी वार्ड नंबर-13, अपने 4-5 साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने जसकरण और लवप्रीत के साथ गाली-गलौज और झगड़ा शुरू कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष के युवकों ने तलवारों, लाठी और डंडों से लवप्रीत और जसकरण पर हमला कर दिया। दोनों युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे। अपनी बाइक वहीं पर छोड़कर भाग गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष ही आवारा की किस्म के युवक हैं और आए दिन इनके झगड़े होते रहते हैं और आज दिन में भी बालासर रोड पर इन लोगों की काफी बहस हुई बताई जा रही है। वहीं, जब इस मामले में रानियां थाना प्रभारी सुखबीर सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में आ चुका है और जल्द ही ऐसे शरारती तत्वों को सबक सिखाने का काम करेंगे और इन लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के डीबी रोड स्थित गुरुद्वारा रोड में दहेज के लिए एक विवाहिता को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। इस संबंध में विवाहिता ने अपनी सास और ननदों के खिलाफ महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। डीबी रोड निवासी जयंत चौहान की पत्नी अन्तरा कुमारी ने बताया कि उनकी शादी लगभग एक साल पहले हुई थी। उनकी तीन माह की एक बेटी है। अन्तरा कुमारी का आरोप है कि 15 जून की सुबह करीब 9-10 बजे जब वह अपनी बच्ची को तेल लगा रही थीं, तभी उनकी सास जया देवी (पति स्व. आशुतोष कुमार सिंह) और मायके में रह रहीं दो ननदें पूजा देवी (पति नितिन कुमार सिंह उर्फ अभिषेक सिंह) व दीपा चौहान (पति नीरज सिंह) वहां आ गईं। नवजात बच्ची को मां से छीनकर फेंका अन्तरा कुमारी के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। जब उनके पति ने इसका विरोध किया, तो सास और ननदों ने नवजात बच्ची को मां से छीनकर फेंक दिया। इसके बाद उन्होंने अन्तरा कुमारी और उनके पति दोनों के साथ बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मारपीट के बाद आरोपियों ने उनका सारा सामान और एक ब्रीफकेस जबरन छीन लिया। ब्रीफकेस में लगभग नौ भर सोने के आभूषण थे, जिनकी अनुमानित कीमत 7 लाख 20 हजार रुपए बताई गई है। इन आभूषणों में कान की बाली, झुमका, गले का हार, सोने की चेन और अंगूठियां शामिल थीं। पति के साथ घर से निकाला बाहर इसके अतिरिक्त, करीब 50 हजार रुपए मूल्य की साड़ियां और उनके पति के कीमती कपड़े भी आरोपियों ने अपने पास रख लिए। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद उन्हें और उनके पति को घर से बाहर निकाल दिया गया।
प्रयागराज में पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान झेल रहे प्रयागराजवासियों को मंगलवार देर शाम आखिरकार राहत मिल गई। गरज-चमक के साथ मानसून ने शहर में दस्तक दी और करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश के बाद तापमान में लगभग 5-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। दिनभर उमस और तेज गर्मी से लोग परेशान रहे, लेकिन शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया। लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। देखें तस्वीरें….. बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि, भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बारिश किसी राहत से कम नहीं रही। पिछले एक सप्ताह से शहर का अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा था। मानसून की पहली अच्छी बारिश किसानों के लिए भी राहत लेकर आई है। धान की बुवाई का मौसम शुरू हो चुका है और खेतों को पानी की जरूरत थी। ऐसे में इस बारिश से किसानों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और किसानों की सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आएगी तथा लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलती रहेगी।
गयाजी हवाई अड्डे पर मंगलवार शाम को एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस दौरान विमानपत्तन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें संभावित विमान अपहरण (हाईजैकिंग) जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस व्यापक अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच समन्वय, प्रतिक्रिया क्षमता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का व्यावहारिक परीक्षण करना था। विमानपत्तन समिति किसी भी हवाई अड्डे पर हाईजैकिंग जैसी गंभीर परिस्थितियों में सक्रिय की जाने वाली प्रमुख स्थानीय समिति होती है। बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), जिला प्रशासन, बिहार पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन ऑपरेटर और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुरूप विभिन्न विभागों की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय की समीक्षा की। पुलिस की एटीएस टीम ने भी ड्रिल में भागीदारी निभाई बैठक के बाद आयोजित एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने अपनी रणनीतिक दक्षता और तत्परता का प्रदर्शन किया। बिहार पुलिस की एटीएस टीम ने भी ड्रिल में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसमें संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा, क्षेत्र की घेराबंदी और आपातकालीन कार्रवाई प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया। जिला प्रशासन की ओर से विमानपत्तन समिति की बैठक और मॉक एक्सरसाइज की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी आदित्य कुमार पीयूष ने की। उन्होंने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और नियमित अंतराल पर ऐसे अभ्यास आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसका उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। हवाई अड्डे के विमानपत्तन निदेशक अवधेश कुमार ने मॉक एक्सरसाइज के सफल आयोजन पर सभी सहभागी विभागों, सुरक्षा एजेंसियों और हितधारकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के नियमित अभ्यास से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित होता है और किसी भी अप्रत्याशित चुनौती का सामना करने की क्षमता मजबूत होती है। बता दें कि देश के संवेदनशील हवाई अड्डों पर समय-समय पर इस प्रकार की सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियां हर परिस्थिति में पूरी तरह तैयार रहें।
देवास प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा मंगलवार को ग्राम घिचलाय में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने जल संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से पानी की हर बूंद बचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। देवड़ा ने कहा कि जब पानी पर्याप्त होता है, तब लोग उसकी बर्बादी करते हैं। लेकिन संकट के समय एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश भी पढ़कर सुनाया और अभियान के तहत बनाए गए तालाब का निरीक्षण किया। पुरानी जल संरचनाओं के संरक्षण पर दिया जोर प्रभारी मंत्री ने पूर्वजों द्वारा बनाए गए तालाब, बावड़ी और कुओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार इन प्राचीन जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए काम कर रही है। गांवों में तालाबों का निर्माण और उनका रखरखाव कृषि, पशुपालन और पर्यावरण के लिए जरूरी है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील की देवड़ा ने लोगों से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल और पेड़ दोनों जीवन का आधार हैं। पेड़ पर्यावरण की रक्षा करते हैं और जल जीवन को बनाए रखता है। सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने बताया कि जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल स्रोतों के संरक्षण का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि सोनकच्छ विधानसभा के 52 गांवों को नर्मदा परियोजना से जोड़ा गया है। इससे इन गांवों के लोगों को नर्मदा का पानी उपलब्ध हो सकेगा। 50 हजार से ज्यादा लोगों को मिला योजनाओं का लाभ कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि अभियान के तहत जिले में हजारों नई जल संरचनाओं का निर्माण किया गया। साथ ही पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार भी किया गया। उन्होंने बताया कि जनकल्याण शिविरों के माध्यम से 50 हजार से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अभियान में बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिवपुरी के करैरा में मृत गाय को ट्रैक्टर से बांधकर सड़क पर घसीटने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला करैरा के टीला रोड क्षेत्र का है। वायरल वीडियो में सिल्वर आयशर ट्रैक्टर से मृत गाय को पक्की सड़क और कच्चे पथरीले रास्तों पर घसीटते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता नचिकेता तिवारी ने करैरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। देखिए दो तस्वीरें… धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप शिकायत में नचिकेता तिवारी ने ट्रैक्टर चालक की पहचान करैरा निवासी प्रकाश जाटव के रूप में बताते हुए कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था का प्रतीक है। मृत गाय को इस तरह सड़क पर घसीटने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बीएनएस की धारा 298 में मामला दर्ज पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकाश जाटव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनग में बिजली कटौती को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर मुकदमे के बाद मामला कैबिनेट मंत्री और बिजली विभाग के बीच टकराव तक पहुंच गया। मंगलवार शाम 5 बजे समीक्षा बैठक में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने बिजली विभाग के मुख्य अभियंता विनोद कुमार को फटकार लगा दी। कहा- अगर नेता बनने का इतना ही शौक है तो नौकरी छोड़कर मैदान में आ जाइए। इस दौरान गुस्से में चीफ इंजीनियर कुर्सी से उठकर जाने लगे, लोगों के समझाने पर फिर बैठ गए। बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली और जनता के प्रति व्यवहार पर नाराजगी जताई। जिला मुख्यालय पर हुई समीक्षा बैठक देर शाम तक चली। इस दौरान बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाओं और आम जनता की शिकायतों की समीक्षा की गई। जनता से सम्मानजनक व्यवहार करने की नसीहत बैठक के दौरान मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता विनोद कुमार से कहा- अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों से सम्मानजनक एवं संवेदनशील भाषा में बात करें। सरकारी अधिकारी जनता की सेवा के लिए हैं, राजनीति करने के लिए नहीं। इस दौरान दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि मुख्य अभियंता एक बार अपनी कुर्सी छोड़कर बैठक से बाहर जाने के लिए खड़े हो गए। हालांकि, वहां मौजूद अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाकर दोबारा बैठाया। इसके बाद बैठक आगे जारी रही। पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। अब पढ़िए मंत्री और अफसर में हुई बातचीत… मंत्री: यह सही नहीं है। मेरी बात एक मिनट सुनिए। तर्क-वितर्क मत कीजिए। सब सत्यानाश करके रख दिया है। बिजली विभाग को, चाहे उपभोक्ता हो या जनप्रतिनिधि, सभी के साथ शालीन व्यवहार करना चाहिए। भाषा संयमित और संवैधानिक होनी चाहिए, गुंडागर्दी वाली नहीं। अगर आपको नेता बनना है तो इस्तीफा दे दीजिए। मैदान में आइए और नेता बन जाइए। आपने अखबारों में बयान दिया है कि 'मैं किसी से दबता नहीं, मैं पीछे नहीं हटता, मैंने संभल भी देखा है।' यह क्या तरीका है? यह अधिकारियों की नहीं, नेताओं वाली भाषा है। अधिकारी: नहीं सर, ऐसा कुछ नहीं है… मंत्री: अरे, आपका बयान अखबार में छपा है। अधिकारी: नहीं सर, अखबार में ऐसा नहीं है... जो भी है… मंत्री: एक बात सुनिए, यह 'जो भी है' कहना बंद कीजिए। सीधे और स्पष्ट जवाब दीजिए, जो पूछा जा रहा है उसी का उत्तर दीजिए। अधिकारी: सर, मेरी बात सुनिए। पूरा प्रस्ताव भेजा गया था। कोई भी रिकॉर्ड निकालकर देख सकता है। यहां से प्रस्ताव लखनऊ भेजा गया था, लेकिन वहां से रिजेक्ट हो गया। लाइन लॉस की वजह से चार बिजलीघरों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें केवल एक बिजलीघर स्वीकृत हुआ। क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव भी गया था, उसमें चार ही स्वीकृत हुए। जहां कमर्शियल लॉस और लाइन लॉस कम था, वहीं मंजूरी मिली। मंत्री: एक मिनट, मेरी बात सुनिए। आपका काम यहां से प्रस्ताव भेजना है। अधिकारी: सर, प्रस्ताव नियमानुसार भेजा गया था। मंत्री: कहां भेजा गया था? अधिकारी: लखनऊ मंत्री: फिर रिजेक्ट कैसे हो गया? अधिकारी: वहां से रिजेक्ट हुआ है… मंत्री: किस स्तर से रिजेक्ट हुआ? अधिकारी: सर, मेरी बात… मंत्री: क्या आपने अपनी संस्तुति (Recommendation) के साथ प्रस्ताव भेजा था? अधिकारी: जी सर, बिल्कुल। प्रस्ताव संस्तुति के साथ भेजा गया था। मंत्री: तो उसकी रिपोर्ट मंगाइए। उसकी एक कॉपी मंगाइए। बिल्कुल, कॉपी मंगाइए। प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे से शुरू हुआ विवाद दरअसल, विवाद की शुरुआत 2 दिन पहले गांधी कॉलोनी बिजलीघर पर हुई बिजली कटौती के विरोध प्रदर्शन से हुई थी। बिजली संकट से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद बिजली विभाग ने कुछ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और अभद्रता के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया। बताया गया कि मुकदमा दर्ज होने से पहले कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता को फोन कर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला और गरमा गया। रालोद कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन मंत्री की आपत्ति के बावजूद मुकदमा दर्ज होने से राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। सोमवार को बड़ी संख्या में रालोद कार्यकर्ता मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे थे और विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यालय की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई थी। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई थी। मंत्री बोले- संवाद से निकलेगा समाधान बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा- उन्होंने केवल अधिकारियों को जनता के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली विभाग के सामने तकनीकी चुनौतियां जरूर होती हैं, लेकिन जनता की परेशानियां भी वास्तविक हैं। ऐसे में समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से ही संभव है। उन्होंने यह भी कहा- सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक मंचों और मीडिया में मर्यादित आचरण रखना चाहिए। जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं, वहीं अधिकारियों को भी अपनी प्रशासनिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… बाराबंकी में युवक की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव, SHO बेहोश होकर गिरे, साथियों ने घसीटकर हाईवे से उठाया बाराबंकी में 21 साल के पॉलिटेक्निक छात्र की मौत के बाद मंगलवार दोपहर 2 बजे बवाल हो गया। परिजन शव को लखनऊ-बहराइच हाईवे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए परिजनों पर दबाव डाला तो भीड़ ने पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले में रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के सिर पर पत्थर लगा और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस ऑफिस सभागार में समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी थानों के अपराध की मासिक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपके थानाक्षेत्रों में खुलेआम मादक पदार्थ की बिक्री की सूचना मिल रही हैं। थाने की पुलिस क्या कर रही है? जल्द से जल्द अभियान चलाकर इन नशीले पदार्थों की बिक्री बंद करावाओं। ऐसा न हुआ तो आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। पुलिस कमिश्नर ने चमनगंज, बाबूपुरवा, किदवई नगर और साढ़ थाना प्रभारियों को चेतावनी दी। लंबित विवेचनाओं के जल्द निस्तारण के आदेश बैठक की शुरुआत में उन्होंने बीट सूचनाएं कम दर्ज होने पर रेऊना, हरबंश मोहाल, नजीराबाद और रायपुरवा थाना प्रभारियों को इसमें सुधार कराने के निर्देश दिए। लंबित विवेचनाओं के मामले में बिठूर, बिल्हौर, साढ़ और अरौल थानेदारों को जल्द से जल्द विवेचनाओं के निस्तारण के लिए कहा गया। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों पर दर्ज मामलों में 6 माह में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किए जाएं। कहा कि स्कूल, कॉलेज खुलने जा रहे हैं, ऐसे में छेड़छाड़ की घटनाएं न होने पाएं। स्कूल कॉलेज के पास शोहदों का जमघट न लगे इसकी विशेष निगरानी की जाए। राष्ट्रीय महिला आयोग और शासन स्तर पर लंबित मामलों के जल्द निस्तारण करने को कहा। सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी कि जमानत पर छूटे शातिर और उनके जमानतगीर की विशेष निगरानी की जाए, जिसमें लापरवाही न हो। इसके लिए प्रभावशाली कदम उठाए जाएं। बड़े मेलों और आयोजनों में ड्रोन से निगरानी की जाए। थाना प्रभारियों से कहा कि थानों में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों से कार्य सौंपे जाएं और जिससे पुलिस बल का पूरा उपयोग हो सके। इसके अलावा क्षेत्र में रात की गश्त बढ़ाई जाए ताकि सड़कों पर पुलिस बल देखकर लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़े। वहीं, जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में 14 संवेदनशील बंदी हैं, जिनकी विशेष निगरानी की जा रही है।
गुरदासपुर जिले के कलानौर थाना क्षेत्र के गांव लखन कलां में एक मोबाइल टावर से 24 बैटरी चोरी हो गईं। चोर कार में आए थे और उन्होंने इस वारदात को महज आधे घंटे में अंजाम दिया। चोरी हुई बैटरियों की कीमत करीब साढ़े 3 लाख रुपए बताई जा रही है। यह घटना देर रात करीब 1:28 बजे हुई, जब चोरों ने मोबाइल टावर के गेट की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पास की एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में चोरों की कार कैद हो गई है। फुटेज के अनुसार, चोर रात 1:28 बजे टावर के सामने अपनी कार रोकते हैं और 1:59 बजे उसी रास्ते से वापस लौट जाते हैं। चोरों ने बैटरी खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ औजार भी टावर में छोड़ दिए। तेल भरवाने आए कर्मचारी को पता चला मोबाइल टावर के कर्मचारी सतीश कुमार शर्मा को सुबह टावर में तेल भरवाने आने पर चोरी का पता चला। उन्होंने बताया कि चोरों ने 24 बैटरी चुराई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग साढ़े 3 लाख रुपए है। घटना की जानकारी टावर के अधिकारियों को दे दी गई है और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। टावर के पास के दुकानदार सतिंदर शील शर्मा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह इलाका स्कूल और रिहायशी क्षेत्र के पास है। अगर चोर ऐसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में चोरी कर सकते हैं, तो रिहायशी इलाकों की सुरक्षा पर सवाल उठता है। उन्होंने पुलिस से इलाके में रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान ठगी से जुड़े 19 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए हैं। आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.19 करोड़ रुपये की ठगी की थी। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे प्रेस कांफ्रेंस में सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) अमित सक्सेना ने बताया कि रामप्रस्थ कॉलोनी निवासी राम प्रकाश हुरिया ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 22 मई से 4 जून 2026 के बीच साइबर अपराधियों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। उन्होंने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने पीड़ित को कई दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। इस दौरान मानसिक दबाव बनाकर उनके बैंक खाते से करीब 2.19 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सदस्य शुभम सिंह यादव को 29 जून को गिरफ्तार किया। उसे उन्नाव के थाना अजगैन क्षेत्र से पकड़ा गया। आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी शुभम सिंह यादव ने बताया कि एमबीए करने के बाद उसने होटल लीज और निर्माण कार्य का व्यवसाय शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रयागराज निवासी हरिओम पाण्डेय से हुई। हरिओम ने उसे शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर बैंक खाते उपलब्ध कराने और पांच प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया। शुभम ने हरिओम पाण्डेय को अपने बैंक खाते की इंटरनेट बैंकिंग जानकारी और ओटीपी फॉरवर्ड करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी थी। इस तरह वह इस ठगी में शामिल हो गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सरगना विदेश में बैठे अपने साथियों के संपर्क में थे। उन्हें क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से कमीशन भेजा जाता था। पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट के लिए व्हाट्सएप कॉल कंबोडिया से की गई थी। इस ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम अमरोहा (उत्तर प्रदेश), बहाबलपुर (ओडिशा) और फरीदकोट (पंजाब) से जारी हुए थे। इन सिमों को जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (POS) के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है। एसीपी अपराध अमित सक्सेना ने बताया कि मामले में नामजद हरिओम पाण्डेय, आसिफ अंसारी और अधिवक्ता ओंकार श्रीवास्तव की तलाश की जा रही है। थाना साइबर क्राइम पुलिस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
शाहजहांपुर में एक महिला ने मंगलवार शाम करीब छह बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कुछ घंटे पहले ही मायके से लौटी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका की पहचान 24 वर्षीय सीता देवी के रूप में हुई है। यह घटना पुवायां थाना क्षेत्र के ढकिया बुजुर्ग गांव की है। सीता देवी की शादी आठ साल पहले शिशुपाल से हुई थी और उनका एक पांच साल का बेटा अभि है। सीता सोमवार को अपने मायके भटपुरा चंदू गांव गई थी और मंगलवार दोपहर ससुराल लौटी थी। शाम करीब छह बजे सीता ने कमरे के अंदर धोती से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब वह नहीं दिखी, तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। उन्हें सीता का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। ससुराल पक्ष ने पुलिस को सूचना देने से पहले शव को फंदे से उतार लिया था। सूचना मिलने पर मायके पक्ष और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर सीता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी आरके रावत ने बताया कि महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मायके पक्ष ने आरोप लगाए हैं, लेकिन अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आजमगढ़ में बड़े भाई की चाकू से गोदकर हत्या:मां के सामने पैसे को लेकर हुआ विवाद, आरोपी फरार
आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के नईपुर गांव में मंगलवार शाम सात बजे घरेलू विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पैसे को लेकर हुए विवाद के दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। मृतक की पहचान दिलशेर अहमद (28) पुत्र इश्तियाक के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसका छोटा भाई अनस (24) पुत्र इश्तियाक बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर जहानागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मां की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद परिजनों के अनुसार दिलशेर अहमद विदेश में नौकरी करता था। परिवार के अन्य दो बेटे भी बाहर रहकर काम करते हैं। मंगलवार शाम घर में पैसे और खर्च को लेकर बातचीत हो रही थी। इसी दौरान मां ने कथित तौर पर कहा कि परिवार के अन्य बेटे घर खर्च के लिए पैसे भेजते हैं, लेकिन दिलशेर सहयोग नहीं करता। इसी बात को लेकर घर में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर छोटे भाई अनस ने भी बड़े भाई का विरोध किया और उसे घर से बाहर जाने के लिए कहा। चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला परिजनों के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों भाइयों के बीच तीखी बहस होने लगी। इसी बीच अनस ने चाकू निकालकर दिलशेर पर हमला कर दिया। चाकू के कई वार लगने से दिलशेर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी अनस घटना के बाद फरार हो गया है। उसकी तलाश में टीमों को लगाया गया है। मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी गई है। पुलिस हत्या के कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
गोपालगंज में 3 घंटे की झमाझम बारिश:तापमान 3°C गिरा, धान की रोपनी को मिला सहारा, कई इलाकों में जलजमाव
गोपालगंज जिले में कई दिनों की उमस और भीषण गर्मी के बाद मंगलवार दोपहर मौसम में बदलाव आया। आसमान में काले बादल छा गए और झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिसने पूरे जिले को भिगो दिया। करीब तीन घंटे तक हुई इस मूसलाधार बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं किसानों को भी राहत मिली। बारिश के बाद गोपालगंज का अधिकतम तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस गिर गया, जिससे जिलेवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। जून में सामान्य से करीब 80% कम बारिश होने के कारण किसान धान की रोपनी को लेकर चिंतित थे। आद्रा नक्षत्र में हुई इस बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। भूमिगत जलस्तर को भी लाभ मिलामौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को जिले में लगभग 45 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। महज तीन घंटे की इस बारिश ने पिछले कई हफ्तों की कमी को पूरा कर दिया। हथुआ, कटेया, बरौली, सिधवलिया और सदर प्रखंड सहित जिले के विभिन्न इलाकों में पर्याप्त पानी दर्ज किया गया, जिससे भूमिगत जलस्तर को भी लाभ मिला है। यह बारिश धान के बिचड़ों और रोपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पानी की कमी से सूख रहे खेतों को नया जीवन मिला है, जिससे किसान अब तेजी से धान की रोपनी कर पाएंगे। इससे किसानों को महंगे डीजल और पंपसेट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उनकी लागत में कमी आएगी। आम लोगों को भी उमस भरी गर्मी से निजात मिली है और मौसम सुहाना होने से बाजारों में रौनक लौट आई है। मुख्य सड़कों पर जलजमाव हो गया हालांकि, जहां एक ओर इस बारिश ने राहत दी, वहीं कुछ इलाकों में इसने हल्की मुश्किलें भी पैदा कीं। शहर के निचले इलाकों, सदर अस्पताल परिसर और कुछ मुख्य सड़कों पर जलजमाव हो गया। नालियों की उचित सफाई न होने के कारण तीन घंटे की बारिश में ही सड़कों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी हुई। निचले खेतों में लगी हरी सब्जियों के पौधों में पानी लग जाने से उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश खेती के लिए बेहद मुफीद है। आने वाले दो-तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जो फसलों के लिए टॉनिक का काम करेगी।
रामगढ़ महोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रामगढ़ की पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आस्था, इतिहास और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। वेदों, पुराणों और उपनिषदों सहित अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है। रामगढ़ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाएंगे। रामगढ़ से लगे हसदेव जंगल में कोल ब्लॉक के कारण लाखों पेड़ों की कटाई को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अपने मन से भ्रम दूर करना चाहिए कि पर्यावरण को केवल नुकसान हो रहा है। पेड़ काटे जाएंगे तो उद्योगपति उससे ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। सीएम ने नेशनल हाईवे का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क आसमान में नहीं बन सकती। रामगढ़ में रामायण की जीवंत स्मृतियां दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि मान्यता है कि त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस भूमि पर समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां जीवंत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक सुरंग तथा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहाँ की संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के विकास के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम को पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, कृषिमंत्री रामविचार नेताम ने भी संबोधित किया। हसदेव में कोल खनन से रामगढ़ को खतरा नहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों द्वारा रामगढ़ से लगे हसदेव में कोल खनन से रामगढ़ व पर्यावरण को नुकसान के सवाल पर कहा कि रामगढ़ को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने मन से भ्रम दूर करना चाहिए कि पर्यावरण को केवल नुकसान हो रहा है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भूभाग वनों से ढका हुआ है जो राज्य की प्राकृतिक संपदा को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि राज्य में कैम्पा योजना के तहत वन विभाग द्वारा लगातार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। एक पेड़ मां के नाम अभियान और कैम्पा योजना के तहत राज्य का 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्र कवर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की उद्योग नीति के अनुसार, यदि कोई उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए पेड़ काटता है, तो उसे बदले में उससे कहीं ज़्यादा पेड़ लगाने होते हैं। विकास कार्यों के लिए कई बार पेड़ काटना अनिवार्य हो जाता है। जैसे नेशनल हाईवे 43 को चौड़ा करने के लिए पेड़ काटने ही होंगे, क्योंकि सड़कें आसमान में नहीं बन सकतीं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाने वालों को नसीहत दी कि वे पहले राज्य की उद्योग नीति और विकास की आवश्यकताओं को अच्छी तरह समझें, उसके बाद ही कोई बयानबाजी करें। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा शमारामगढ़ महोत्सव के समापन अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कलाकारों ने लोकनृत्य, नाटक व गीत-संगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं। समापन समारोह में विधायक प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, शकुंतला पोर्ते, उद्देशवरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, अध्यक्ष पुरातात्विक डॉ एम कालीमुथु सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय ने करीब पांच साल पुराने गिरधरपुर डबल मर्डर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने मंगलवार को नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनमें पांच सगे भाई भी शामिल हैं। यह घटना जमीन विवाद को लेकर हुई थी। जमीन को लेकर चल रहा था विवाद एडीजीसी क्राइम धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि मामला 8 फरवरी 2021 का है, जब थाना बादलपुर क्षेत्र के गिरधरपुर सुनारसी गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए एक पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत शुरू होते ही आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाइसेंसी व अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में सुरेश उर्फ सलेक, अमित पुत्र गजेंद्र और प्रेम पुत्र खजान गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया। यशोदा अस्पताल में अमित को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुरेश उर्फ सलेक की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीसरे घायल प्रेम सिंह का लंबे समय तक उपचार चला। घटना के अगले दिन सुनील पुत्र राजेंद्र की तहरीर पर थाना बादलपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अन्य को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा व अन्य धाराओं में आरोपी बनाया गया था। अदालत ने सभी नौ दोषियों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य धाराओं में दोषी ठहराया। आजीवन कारावास के साथ ही सभी पर 86-86 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पुलिस ने बयान दर्ज कर चार्जशीट पेश की थी पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को शामिल करते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अमित बंसल को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत तलब कर मुकदमे में शामिल किया। अदालत ने सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अमित बंसल को दोषी करार दिया। न्यायालय ने कहा कि दंड निर्धारण में अपराध की प्रकृति, उसकी गंभीरता और समाज पर उसके प्रभाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी आधार पर सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास सहित अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। सजा के बिंदु पर बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील करते हुए कहा कि देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र और जितेन्द्र सगे भाई हैं तथा परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उनके पिता का निधन हो चुका है। महिपाल अविवाहित है, जबकि भोपाल और बंसल बंधुओं के छोटे-छोटे बच्चे हैं। साथ ही यह भी दलील दी गई कि किसी भी आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और मामला 'विरल से विरलतम' श्रेणी का नहीं है। हालांकि अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा सुनाई। इस दोहरे हत्याकांड में घायल प्रेम सिंह बाद में सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी गवाह बने थे। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर उन्होंने मामले में अहम गवाही दी। शुरुआती कुछ महीनों तक उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली, लेकिन सुरक्षा हटने के बाद 16 दिसंबर 2021 को खेत से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। अस्पताल में उनकी भी मौत हो गई। इस मामले में भी मुख्य आरोपियों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था।
शेखपुरा में मंगलवार को DM शेखर आनंद और एसपी हिमांशु की संयुक्त उपस्थिति में बरबीघा प्रखंड की पांक पंचायत के पंचायत सरकार भवन में सहयोग शिविर का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर पांक पंचायत की मुखिया संगीता कुमारी ने डीएम और एसपी का शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। शिविर के दौरान जिला पदाधिकारी ने आमजनों से सीधा संवाद किया और उनकी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने प्राप्त आवेदनों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर दिया जोर डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसी क्रम में शेखपुरा और अरियरी प्रखंडों में भी नामित पदाधिकारियों की अध्यक्षता में कसार, हुसैनाबाद, सनैया, कटारी सहित अन्य पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में आमजनों की समस्याओं का निराकरण करने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई की गई। टाइम पर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश जिला पदाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि पंचायतों की समस्याओं का समाधान एक निश्चित समय सीमा के भीतर किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी मामले में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित पदाधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन के कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठापूर्वक कर रहे हैं। इन शिविरों में एडीएम, डीडीसी, डीसीएलआर, एसडीओ, डीटीओ के साथ-साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी और अन्य अधिकारी तथा आमजन उपस्थित थे।
नीमच सिटी थाना क्षेत्र के मनासा नाके पर मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद निजी अस्पताल रेफर किया गया है। घर लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, चावला कॉलोनी का रहने वाला नवीन यादव मंगलवार शाम अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान मनासा नाके के पास सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि नवीन सड़क पर दूर जा गिरा और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। हालत गंभीर, निजी अस्पताल रेफर हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों और नवीन के परिचित दीपक धाकड़ ने उसे तुरंत जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन नवीन की गंभीर हालत और पैर के फ्रैक्चर को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रहवासियों ने की स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग हादसे से गुस्साए परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही रहवासियों ने मनासा नाके पर सड़क के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि पास में ही शासकीय स्कूल और नीमच सिटी थाना होने के बावजूद इस मार्ग से रोजाना तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
डिग्गी में डूबने से मां-बेटी की मौत, बेटा बचा:12 साल के बेटे को लोगों ने बचाया; जांच में जुटी पुलिस
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के जालबसर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में खेत की डिग्गी में डूबने से मां और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। वहीं 12 वर्षीय बेटे को आसपास मौजूद लोगों ने समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, जालबसर निवासी हनुमानराम जाट की पत्नी सावित्री (36) और बेटी ज्योति (6) की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई। वहीं 12 वर्षीय बेटा विकास भी डिग्गी में चला गया था, लेकिन आसपास के लोगों ने तत्काल डिग्गी में छलांग लगाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मां और दोनों बच्चे डिग्गी तक कैसे पहुंचे और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। तीनों के डिग्गी में गिरने के कारणों का भी अभी खुलासा नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकलवाया। पुलिस ने सावित्री और ज्योति के शवों को श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। घटना के बाद जालबसर गांव में शोक का माहौल है।
बालाघाट जिले के लांजी में 28 जून की रात सराफा कारोबारी कपिल आसटकर के साथ हुई सनसनीखेज लूट के आरोपी दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। बदमाशों का सुराग लगाने के लिए अब लांजी पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपए का नगद इनाम देने की घोषणा की है। थाना प्रभारी दीपसिंह परमार ने बताया कि लुटेरों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। पुलिस ने इसके लिए बकायदा संपर्क नंबर भी जारी किया है ताकि लोग बेखौफ होकर सूचना दे सकें। पुलिस ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन फिलहाल किसी की भी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अस्पताल से लौटे पीड़ित कारोबारी ने पुलिस पर उठाए सवाल इस बीच, लूट के दौरान घायल हुए पीड़ित सराफा व्यापारी कपिल आसटकर मंगलवार शाम गोंदिया के एक निजी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपने घर लौट आए हैं। घर लौटते ही उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। कारोबारी ने कहा कि पुलिस जिस तरीके से उनसे पूछताछ और जांच कर रही है, उससे उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे पुलिस लुटेरों को पकड़ने के बजाय उन पर ही शक कर रही हो। अंधेरे का फायदा उठाकर भागे थे 8 नकाबपोश बदमाश पुलिस के मुताबिक, घटना की रात इलाके की बिजली गुल थी, जिसके कारण सीसीटीवी फुटेज खंगालने और जांच को आगे बढ़ाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि, पुलिस को एक सुराग मिला है कि वारदात के बाद आमगांव रोड पर कुछ संदिग्ध लोगों को तेजी से भागते हुए देखा गया था। थाना प्रभारी ने दावा किया है कि पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। क्या थी पूरी घटना? 28 जून की रात लांजी के आमगांव रोड पर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए करीब आठ हथियारबंद बदमाशों ने सराफा कारोबारी कपिल आसटकर को घेर लिया था। बदमाशों ने बंदूक की नोक पर कारोबारी पर हमला किया, दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग की और उन्हें लाठियों से बेरहमी से पीटा था। इसके बाद लुटेरे उनके पास मौजूद दो बैग छीनकर फरार हो गए, जिनमें करीब 8 से 9 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात रखे हुए थे।
जमुई जिले के सोनो पुल के पास मंगलवार को एक सड़क हादसे में महिला और बच्चे समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मुंडन संस्कार में शामिल होने जा रहा एक परिवार तेज रफ्तार मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में टोटो पलटने से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया। टोटो चालक ने अचानक वाहन मोड़ दियाघायलों की पहचान चारकापत्थर थाना क्षेत्र के टहकल गांव निवासी अशोक यादव, प्रियांशु कुमार, सोनी देवी और राकेश कुमार के रूप में हुई है। ये सभी एक बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के लिए टोटो से झाझा जा रहे थे। बताया गया कि सोनो पुल के समीप पहुंचते ही सामने से आ रही तेज रफ्तार मोटरसाइकिल को बचाने के प्रयास में टोटो चालक ने अचानक वाहन मोड़ दिया। इससे टोटो का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गया। घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने टोटो में फंसे घायलों को बाहर निकाला और उन्हें तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी को सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। मोटरसाइकिल चालक मौके से फरार हो गयाप्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद मोटरसाइकिल चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार बाइक चालक की पहचान करने और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
कोरबा के डीएवी स्कूल के शिक्षक दंपती के 19 वर्षीय इकलौते बेटे वासु सरकार ने मंगलवार दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कॉलेज का छात्र था। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल और कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गई। यह मामला कुसमुंडा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, वासु के पिता राजा सरकार कुसमुंडा डीएवी में शिक्षक हैं, जबकि माता कोरबा स्थित डीएवी एसईसीएल में पढ़ाती हैं। मंगलवार सुबह दोनों अपने-अपने स्कूल चले गए थे, जिससे वासु घर पर अकेला था। दोपहर में जब माता-पिता घर लौटे, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर उन्होंने देखा कि वासु कमरे में पंखे से फंदे पर लटका हुआ था। यह दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर वासु को फंदे से उतारा गया और तुरंत विकास नगर स्थित एसईसीएल के विभागीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घर का इकलौता चिराग बुझ जाने से माता-पिता बदहवास हो गए। सूचना मिलते ही दोनों स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षक और शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। कुसमुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव का मर्ग पंचनामा किया। श्री श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर सेवा समिति की एंबुलेंस से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मृतक के परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शव को विकास नगर अस्पताल परिसर स्थित मर्चुरी में रखा गया है, जिसका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। बताया जा रहा है कि वासु ने इससे पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी। इस बार उसने यह घातक कदम उठा लिया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि किन परिस्थितियों और कारणों से वासु ने यह फैसला लिया।
फतेहपुर के औंग थाना क्षेत्र के कौड़िया गांव में मंगलवार को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शादी के एक सप्ताह बाद उसका शव घर के भीतर फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान चांदपुर थाना क्षेत्र के दबसौरा के नारायणपुर गांव निवासी काजल के रूप में हुई है। काजल की शादी 21 जून 2026 को कौड़िया गांव के छोटू निषाद पुत्र स्व. क्षत्रपाल के साथ हुई थी। घटना सोमवार रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, छोटू सोमवार को अपनी पत्नी काजल को उसके मायके चांदपुर छोड़ने गया था। हालांकि, लड़की के परिजनों ने उसे वापस घर ले जाने को कहा। इसके बाद छोटू काजल को अपने घर ले आया, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर औंग थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति छोटू निषाद, सास और ननद उर्मिला को हिरासत में लिया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। थाना प्रभारी दिनेश शुक्ला ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
दरभंगा के बहेड़ा थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव में पानी की बोतल के 10 रुपये मांगने को लेकर विवाद हुआ था। इसमें युवक की हत्या कर दी गई थी। बेनीपुर के एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने मामले के नामजद आरोपी प्रमोद साहु को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। घटना में प्रयुक्त खून लगा चाकू पहले ही बरामद किया जा चुका है। एसडीपीओ ने बताया कि 25 जून की शाम मोतीपुर गांव में पानी की बोतल के 10 रुपये मांगने को लेकर चाचा-भतीजा के बीच विवाद हुआ था। विवाद के दौरान धर्मवीर कुमार उर्फ गोलू कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि चंदन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल चंदन कुमार का इलाज पटना स्थित पीएमसीएच में चल रहा है। घटना के बाद एफएसएल टीम की ओर से मौके से साक्ष्य संकलित किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा पुलिस ने वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ बेनीपुर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। मृतक की मां पवित्री देवी के आवेदन पर बहेड़ा थाना कांड संख्या 382/26 दर्ज कर ललिता देवी, प्रमोद साहु, प्रभाष कुमार और संतोष साहु को नामजद अभियुक्त बनाया गया। आरोपी के बयान पर चाकू हुआ था बरामद पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान नामजद आरोपी ललिता देवी को गिरफ्तार किया था।पूछताछ में उसके बयान के आधार पर घटना में प्रयुक्त खून लगा चाकू बरामद किया गया। इसके बाद 29 जून को गुप्त सूचना के आधार पर नामजद आरोपी प्रमोद साहु को पाली चौक से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने भी घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने 30 जून को मामले में एक नाबालिग बालक को भी पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी प्रमोद साहु मोतीपुर गांव का निवासी है। छापेमारी दल में थानाध्यक्ष पंकज कुमार, अपर थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार, अनुराधा कुमारी, विक्की कुमार और दीपक कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।
बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस रवि चिरानिया की अदालत ने आज पूर्व विधायक की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने 25 जून को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (MLA Fund) से 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के दुरुपयोग और गबन के आरोप में 3 फरवरी को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, ईडी मामलों की विशेष अदालत ने 25 अप्रैल को बलजीत यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद पूर्व विधायक की ओर से हाईकोर्ट का रुख करते हुए जमानत याचिका दायर की गई थी। ईडी ने कहा-गबन की राशि से संपत्तियां खरीदी बहस के दौरान ईडी ने कहा कि इस मामले में एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज करके मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जिन फर्मों को काम के ठेके दिए गए वो वर्क ऑर्डर मिलने के बाद बनाई गई अथवा उनके जीएसटी पंजीकरण फर्जी थे। इन फर्मों के जरिए धनराशि यादव के सहयोगियों और रिश्तेदारों तक पहुंचाई गई। ईडी ने कहा कि बलजीत यादव ने गबन के 2.78 करोड़ रुपए से संपत्तियों की खरीद और राजनीतिक खर्चा किया। यह था घोटाला 2021 में बलजीत यादव ने विधायक रहते हुए अलवर के 32 सरकारी स्कूलों में क्रिकेट बैट, बैडमिंटन किट और अन्य सामग्री खरीदी में भूमिका निभाई थी। आरोप है कि सामान ढाई-तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा। सामग्री घटिया क्वालिटी की थी। 3.72 करोड़ की हेराफेरी में यादव की भूमिका थी। इस केस में बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्रा. लिमिटेड, सूर्या इंटरप्राइजेज, राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज, शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज के संचालक व शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं।
बलरामपुर में मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने किसान नेता अमृत सिंह और नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। किसानों ने धान बिक्री की बकाया राशि का भुगतान और फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण प्रकरण समाप्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। धान बेचने के बाद भी नहीं मिला भुगतान किसानों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2025-26 में धान बेचने के बावजूद उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है। साथ ही, कई किसानों के नाम पर फर्जी केसीसी ऋण दर्ज होने से वे आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। पहले भी कर चुके हैं आंदोलन किसानों ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर 9 जून को भी ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद 17 जून से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, रामानुजगंज शाखा के सामने पांच दिनों तक धरना और दो दिनों तक भूख हड़ताल की गई थी। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उस समय जल्द समाधान का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि कई किसान गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और उनके पास इलाज तक के लिए पैसे नहीं हैं। वहीं, साहूकारों से कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान भी भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। शपथ पत्र देने को भी तैयार ज्ञापन में किसानों ने बताया कि उनकी धान बिक्री की 50 हजार से ढाई लाख रुपये तक की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में लंबित है। किसानों ने यह भी कहा कि वे शपथ पत्र देने को तैयार हैं कि यदि भविष्य में किसी जांच में उनके दावे गलत साबित होते हैं, तो वे पूरी राशि वापस कर देंगे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन, पुलिस रही तैनात किसानों ने शासन से धान बिक्री की बकाया राशि तत्काल जारी करने और फर्जी केसीसी ऋण प्रकरण समाप्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर में एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
राजस्थान के 20 साल पुराने पांचना बांध जल विवाद को सुलझाने के लिए जयपुर में हाईलेवल मीटिंग हुई। सरकार की ओर से तीन मंत्रियों और दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। शिक्षा संकुल के माधव सभागार में मंगलवार शाम 8 बजे कमांड एरिया के किसान बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए। इसके बाद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी नाराज होकर बाहर निकल आए। बैठक में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री सुरेश सिंह रावत और मंत्री जवाहर सिंह बेढम मौजूद रहे। तीनों मंत्रियों ने करीब दो दशक से चले आ रहे विवाद का समाधान निकालने के लिए दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। जल संसाधन मंत्री बोले- समाधान में समय लगेगा जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा- यह विवाद 20 साल पुराना है। इसके समाधान में थोड़ा समय लगेगा। एक दौर की वार्ता से इसका समाधान संभव नहीं है। आज बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी, लेकिन जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के नाराज होकर जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब पर रावत ने कहा- ऐसा नहीं था। जब दो पक्षों में किसी मुद्दे पर बात होती है तो सभी अपना पक्ष रखते हैं इसे विवाद कहना गलत है। इसे आपसी संवाद कहा जाए तो ज्यादा बेहतर रहेगा। 74 गांव आमने-सामने करौली जिले के पांचना बांध को लेकर करीब 20 साल से जल वितरण को लेकर विवाद बना हुआ है। इस विवाद में कुल 74 गांव दो पक्षों में बंटे हुए हैं। एक ओर कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान हैं, जो सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती और फसलों के लिए समय पर पानी मिलना जरूरी है। वहीं दूसरी ओर बांध के डूब क्षेत्र के 39 गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नहरों में पानी छोड़ने से डूब क्षेत्र के गांवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनकी समस्याएं बढ़ेंगी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। समझौते के ड्राफ्ट पर अटकी बातचीत सूत्रों के अनुसार- बैठक के दौरान समझौते के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन जब ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने की बात आई तो दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई। बैठक के दौरान कमांड एरिया के किसानों ने पहले मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से अलग से बातचीत की। इसके बाद भी जब कोई ठोस सहमति नहीं बनी तो वे बैठक छोड़कर बाहर आ गए। किसानों ने जताई नाराजगी बैठक से बाहर निकलने के बाद कमांड एरिया के किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- जब मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई बात का भी पालन नहीं किया जा रहा है तो ऐसी बैठक में बैठे रहने का कोई औचित्य नहीं है। यदि पहले से हुए आश्वासनों को ही लागू नहीं किया जाएगा तो नई बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। बैठक से बाहर आए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की पहल को सरकार सफल नहीं होने देना चाहती। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह खबर भी पढ़ें... पांचना-बांध विवाद पर हाईकोर्ट नाराज, कहा-पानी क्यों नहीं दे रहे:15 दिन का दिया समय; कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा पांचना बांध से पानी छोड़ने के विवाद के बीच राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर नाराजगी जताई हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहरों में पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
कटिहार नगर निगम ने मंगलवार को शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान चलाया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में चलाए गए इस अभियान के तहत, गठित मोबाइल कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलाने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान कुल 37,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। नगर आयुक्त संतोष कुमार और उनकी टीम ने डॉ. राजेंद्र पथ स्थित बाजार क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, दुकानदारों, व्यवसायियों और मॉल संचालकों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें नियमों का पालन करने के लिए जागरूक और प्रेरित किया गया। 4 प्रकार के डस्टबिन रखने की आवश्यकता समझाई नगर निगम टीम ने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चार प्रकार के डस्टबिन रखने की आवश्यकता समझाई। अधिकारियों ने बताया कि गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा और ई-वेस्ट का पृथक्करण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई। 37 हजार रुपए का जुर्माना वसूला नगर आयुक्त ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए मोबाइल कोर्ट का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर कचरा फेंकने, खुले में कचरा जलाने और कचरा पृथक्करण न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने पुष्टि की कि मंगलवार के अभियान में 37 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। नगर निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे घर के कचरे को अलग-अलग कर निगम की गाड़ी में ही दें। शहर को साफ और स्वस्थ बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया गया। इस अभियान में नगर प्रबंधक, स्वच्छता निरीक्षक और प्रवर्तन दल के सदस्य भी मौजूद थे।
कैमूर में मोहनिया पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियार लहराते हुए रील बनाने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के पास से वायरल वीडियो में दिख रही मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के भोखरी गांव निवासी विवेक यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, विवेक यादव ने 26 जून को हथियार के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। तकनीकी सेल की मदद से जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे उसके घर से गिरफ्तार किया। वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाले वायरल वीडियो के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी युवक से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है ताकि वीडियो में दिख रहे हथियार के स्रोत का पता लगाया जा सके। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि युवक वह हथियार कहां से लाया था। थानाध्यक्ष ने कहा कि हथियार की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है और जल्द ही उसे भी जब्त कर लिया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, यह वीडियो तीन साल पुराना बताया जा रहा है।
बिहार के नवादा जिले में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण एक 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। मंगलवार को कादिरगंज थाना क्षेत्र के गोइठाडीह गांव में खेत में टूटी बिजली की तार की चपेट में आने से गोविंद कुमार की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। गोविंद जोगिंदर राजवंशी का पुत्र था। घटना की सूचना मिलते ही कादिरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कई स्थानों पर बिजली की जर्जर तारें लटक रहीगांववासियों ने बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बिजली की जर्जर तारें लटक रही हैं। उनका आरोप है कि विभाग द्वारा समय पर इनकी मरम्मत नहीं की जाती, जिससे खेतों में आवागमन के दौरान सुरक्षा का अभाव रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी लापरवाही के कारण ग्रामीण इलाकों में बिजली के हादसे बढ़ गए हैं। यह घटना नवादा के बिजली विभाग के रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी लाइनें, नंगे तार और नियमित रखरखाव की कमी से होने वाली दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से जिले भर में पुरानी तारों का सर्वेक्षण कर उन्हें बदलने और खेतों तथा बस्तियों के आसपास सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
सांचौर पुलिस ने दो इनामी अपराधी गिरफ्तार किए:25-25 हजार का इनाम था, एक हिसार तो दूसरा चूरू से दबोचा
जालोर जिले की सांचौर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के मामलों में वांछित दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है। प्रत्येक अपराधी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक जालोर के निर्देश पर चलाए जा रहे वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई। इस अभियान का सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आवड़दान रत्नू और वृताधिकारी जयराम मुंडेल ने किया। पहली कार्रवाई में पुलिस ने वर्ष 2020 से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी सुरेंद्र पुत्र दीवानसिंह गुर्जर को हरियाणा के हिसार से दबोचा। सुरेंद्र सांचौर थाना में आबकारी अधिनियम के एक मामले में पिछले छह वर्षों से वांछित था। सुरेंद्र फरार चल रहा था वर्ष 2020 में सांचौर क्षेत्र में एक ट्रक से चावल की भूसी के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही हरियाणा निर्मित 220 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। इस मामले में दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से सुरेंद्र फरार चल रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने रोहतक और हिसार में लगातार निगरानी कर उसे गिरफ्तार किया। दूसरी कार्रवाई में वर्ष 2023 से फरार 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी राजेंद्र पुत्र डूंगरमल जाट निवासी गज्जुवास, जिला चूरू को उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया गया। राजेंद्र सांचौर थाना में दर्ज अवैध शराब तस्करी के एक अन्य मामले में वांछित था। 132 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी वर्ष 2023 में धमाणा क्षेत्र में एक ट्रक से पंजाब निर्मित 132 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। ट्रक मालिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस शराब सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड राजेंद्र की तलाश कर रही थी। विशेष टीम ने चूरू में लगातार रेकी कर आरोपी को अचानक दबिश देकर पकड़ा। दोनों कार्रवाइयों का नेतृत्व सांचौर थानाधिकारी निरीक्षक नेमाराम ने किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वांछित अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
लालसोट में सड़क हादसे में छात्रा की मौत:बस ने स्कूटी को पीछे से मारी टक्कर, ड्राइवर फरार
लालसोट शहर के पास घाटे की ढलान में मंगलवार शाम एक निजी बस ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। लालसोट थानाधिकारी पवन कुमार जाट ने बताया कि लालसोट की ओर आ रही निजी बस ने आगे चल रही स्कूटी को पीछे से टक्कर मारी। स्कूटी पर तुंगा निवासी खुशी सैनी और लालसोट निवासी कल्पना सैनी सवार थीं। दोनों छात्राओं को गंभीर हालत में एंबुलेंस से लालसोट जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने खुशी सैनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि कल्पना सैनी का प्राथमिक उपचार किया गया। बस लेकर फरार हुआ ड्राइवर टक्कर मारने के बाद ड्राइवर बस लेकर फरार हो गया था। सूचना मिलने पर लालसोट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मौका मुआयना किया। मृतका के परिजनों ने लालसोट थाने में बस ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने मेडिकल टीम से पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
रास्ते से अतिक्रमण हटाने गई राजस्व टीम और पुलिस पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने मौके पर पूरी स्थिति को नियंत्रित कर लिया। रास्ते को जेसीबी की मदद से किया चौड़ा मामला किशनगढ़ के सुरसुरा गांव का है। मंगलवार को तहसील प्रशासन खसरा नंबर 641 और 646 ले अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचा। कृषि भूमि तक जाने वाले रास्ते को जेसीबी की मदद से चौड़ा किया गया।जिससे किसान और ग्रामीणों का आवागमन आसान हो सके। इस दौरान पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और शांतिभंग के मामले में एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई। अधिकारी और पुलिस जाप्ता रहा मौजूद कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार सुभाष रोज के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। थाना प्रभारी (सीआई) रामस्वरूप चौधरी, एएसआई बनवारी लाल विश्नोई, गिरदावर मंजू लता, पटवारी दिनेश माली और पुलिस लाइन से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात था। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई। प्रशासन ने कहा-अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों, सरकारी भूमि और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज मार्गों पर किए गए अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। आमजन के आवागमन में बाधा बनने वाले ऐसे अतिक्रमणों के विरुद्ध भविष्य में भी अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बागपत में किसान मजदूर संगठन का धरना:एसडीओ के आश्वासन पर अमीनगर सराय बिजली घर पर प्रदर्शन समाप्त
बागपत के अमीनगर सराय बिजली घर पर किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने अधिकारियों पर लापरवाही और समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नु मलिक के नेतृत्व में यह प्रदर्शन एसडीओ के आश्वासन के बाद शाम को समाप्त हो गया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी किसानों और मजदूरों की समस्याओं के प्रति लापरवाह हैं और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सुबह से शाम तक चले इस धरने में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को उजागर किया। किसानों की प्रमुख मांगों में स्मार्ट मीटर न लगाना, जर्जर विद्युत लाइनों को तुरंत बदलना, किसानों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण, विद्युत कटौती रोकना और फसल बुवाई के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना शामिल था। मौके पर पहुंचे एसडीओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारी किसानों और मजदूरों की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे और विद्युत कटौती नहीं होने दी जाएगी। एसडीओ के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नु मलिक ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं होती हैं, तो आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
मेरठ में अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों पर मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए), विद्युत विभाग, सीएफओ और जिला प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की है। मंगलवार शाम 4 बजे हुई इस कार्रवाई के दौरान कई कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए गए और कुछ इमारतों को सील भी किया गया। इस कार्रवाई के विरोध में कोचिंग संचालकों ने एक संगठन बनाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में कोचिंग संचालकों ने मेरठ के कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी से मुलाकात की। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जब तक सुरक्षा और अन्य निर्धारित मानक पूरे नहीं होंगे, तब तक किसी भी कोचिंग सेंटर को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोचिंग संचालकों का कहना है कि वे अपनी आजीविका चलाने के लिए घर में ही कोचिंग चला रहे हैं, जो कोई अपराध नहीं है। उन्होंने उन बच्चों की फीस का मुद्दा भी उठाया, जिनका भविष्य दांव पर है। संचालकों ने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रुकती है, तो वे बच्चों को टेंट लगाकर पढ़ाने के लिए भी तैयार हैं। कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने कोचिंग संचालकों को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही यह स्पष्ट करेंगे कि कोचिंग सेंटर कहां संचालित किए जा सकते हैं। उन्होंने सील किए गए कोचिंग सेंटरों के संबंध में बताया कि यदि संचालक उनमें फायर सेफ्टी या अन्य कोई काम कराना चाहते हैं, तो उन्हें पहले एक एफिडेविट देना होगा। इसके बाद ही बिल्डिंग खुलेगी और केवल वही काम हो सकेगा। संचालकों ने कमिश्नर से अनुरोध किया कि वे एक बार इमारतों का दौरा करें। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि वहां प्रवेश-निकास मार्ग अलग हैं, सीढ़ियां चौड़ी हैं और अग्निशमन उपकरण लगे हैं, तो उन्हें कुछ समय के लिए रियायत दी जाए। संचालकों ने 20-20 बच्चों के छोटे बैच में पढ़ाने की भी पेशकश की। कोचिंग संचालकों ने यह भी कहा कि यदि उन्हें उचित जगह नहीं मिलती है, तो वे बच्चों को पार्क या टेंट लगाकर कहीं भी पढ़ाने को तैयार हैं। उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई का नुकसान रोकना है।
दुर्ग पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बाइक से गांजा लेकर जा रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 5.189 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने गांजा के साथ परिवहन में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। जब्त गांजा और बाइक की कुल कीमत करीब 2.80 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक मंगलवार 30 जून को ग्राम मुरमुंदा रोड पर अवैध सामान के परिवहन को रोकने के लिए वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक गांजा लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद बताए गए नंबर की मोटरसाइकिल वहां पहुंची। पुलिस ने बाइक को रोककर दोनों युवकों से पूछताछ की। तलाशी लेने पर उनके पास से 5.189 किलोग्राम गांजा मिला। इसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। रायपुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपीपूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सन्नी साहू उर्फ माया साहू (27) और त्रिलोचन साहू उर्फ जय प्रकाश (30) बताया। दोनों रायपुर जिले के उरला थाना क्षेत्र के ग्राम सरोरा के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए गांजा की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपए है। वहीं, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की कीमत करीब 30 हजार रुपए आंकी गई है। इस तरह कुल 2.80 लाख रुपए की सामग्री जब्त की गई है। ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से पकड़ाए आरोपीएडिशन एसपी ट्रैफिक ऋचा मिश्रा ने बताया कि चौक-चौराहों पर पुलिस जवानों की तैनाती की वजह से इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगाम लगता है और आरोपियों को पकड़ने में मदद मिलती है। नंदिनी में भी ट्रैफिक पुलिस जवानों की सतर्कता से गांजा ले जा रहे आरोपियों को पकड़ा गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ नंदिनी नगर थाना में अपराध दर्ज किया गया है। उन पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। इसके बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिसआरोपियों को पकड़कर पुलिस अब उनसे गांजा सप्लाई के नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध तरीके से गांजा का परिवहन कर उससे पैसे कमाने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई में नंदिनी नगर थाना पुलिस और यातायात पुलिस की टीम की अहम भूमिका रही।
UPESSC TGT 2022 रिजल्ट जारी:DV के लिए 1.5 गुना शॉर्टलिस्ट, 3539 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने मंगलवार को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा-2022 का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने विज्ञापन संख्या-01/2022 के तहत 15 विषयों के 3539 रिक्त पदों के लिए 3 और 4 जून को आयोजित लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई थी। परीक्षा प्रदेश के 36 जिलों में 614 केंद्रों पर हुई थी। 8.68 लाख से अधिक पंजीकृत अभ्यर्थियों में से लगभग 50% ने ही परीक्षा दी थी। सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.upessc.up.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। जिसमें अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, वाणिज्य, गृह विज्ञान, कला, विज्ञान, संगीत (गायन), कृषि, जीव विज्ञान, उर्दू और संगीत (वादन) विषय शामिल हैं। 1.5 गुना (डेढ़ गुना) अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गयाशैक्षिक अर्हता और अभिलेख परीक्षण (Document Verification/डीवी) के लिए विषयवार और श्रेणीवार विज्ञापित पदों के सापेक्ष 1.5 गुना (डेढ़ गुना) अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक भी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी। शेड्यूल आयोग की वेबसाइट पर अपलोड दस्तावेज सत्यापन (डीवी) का पूरा तिथिवार तथा विषयवार शेड्यूल आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी 1 जुलाई से अपना डीवी शेड्यूल डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग के मुताबिक दस्तावेज परीक्षण के लिए निर्धारित तिथि पर अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन पर पुनर्विचार नहीं किया जाएगा और उनका दावा निरस्त माना जाएगा। आयोग ने अपील की है सभी शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर समय पर उपस्थित रहें और सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कराएं। शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के प्रयागराज कार्यालय में आयोजित किया जाएगा।
सोनभद्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में एक जुलाई, बुधवार से अदालतों का संचालन पुनः नियमित समय पर होगा। पिछले दो माह से चल रही प्रातःकालीन कोर्ट अब समाप्त हो जाएगी, और सुबह 10 बजे से अदालती कार्यवाही शुरू होगी। सोनभद्र जिले की भौगोलिक स्थिति के कारण मई और जून माह में अत्यधिक गर्मी पड़ती है। इसे देखते हुए सोनभद्र बार एसोसिएशन और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट को प्रस्ताव भेजा था। हाईकोर्ट ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 1 मई से 30 जून तक के लिए प्रातःकालीन कोर्ट संचालित करने का निर्देश दिया था। इस दौरान सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक अदालती कार्यवाही चल रही थी। यह व्यवस्था जनपद न्यायालय सोनभद्र, अधीनस्थ न्यायालयों, अनपरा स्थित ओबरा, दुद्धी के वाह्य न्यायालयों और ग्राम न्यायालय घोरावल पर लागू थी। अब 1 जुलाई, बुधवार से सभी न्यायालयों में सुबह 10 बजे से नियमित कोर्ट का संचालन शुरू हो जाएगा। इस बदलाव के कारण न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों को अपनी दिनचर्या में पुनः समायोजन करना होगा।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने बांसवाड़ा पुलिस की मदद से चोरी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र में एक सरकारी ठेके की तिजोरी तोड़कर 7 लाख की चोरी करने वाले चार शातिर चोरों को पकड़ा है। रायपुर पुलिस की टीम आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हो चुकी है। 7 लाख की नकदी पार की थी कोतवाली थाना अधिकारी बुद्धाराम बिश्नोई ने बताया- रायपुर (छत्तीसगढ़) के आमानाका थाने से पुलिस टीम बांसवाड़ा पहुंची थी। रायपुर पुलिस ने सूचना दी थी कि वहां के एक सरकारी ठेके में नकबजनी की वारदात हुई है, जहां चोरों ने तिजोरी तोड़कर 7 लाख की नकदी पार कर दी थी। इस मामले में बांसवाड़ा इलाके के कुछ वांछित आरोपी शामिल थे। मुखबिर की सूचना से पकड़े गए चारों मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाई। पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि आरोपी अपने घरों के आसपास ही छिपे हुए हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरेापी पवन पाटीदार, सुनील चरपोटा, रायसिंह निनामा, प्रकाश मीणा को डिटेन किया। पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हुई थानाधिकारी बुद्धाराम बिश्नोई के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उनका ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। रायपुर पुलिस की टीम कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को अपने साथ छत्तीसगढ़ लेकर रवाना हो चुकी है, जहां इनसे आगे की पूछताछ और रकम बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।
मिर्जापुर में भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा का प्रथम जनपद आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। भाजपा नगर मंडल पश्चिमी के कार्यकर्ताओं ने इमामबाड़ा चौराहे पर उनका अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण और पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया। इस स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा नगर मंडल पश्चिमी के अध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज, महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष मालती त्रिपाठी, मंडल उपाध्यक्ष दीपा ऊमर और सुमन यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सचिन जायसवाल, रूपेश यादव, गोपाल अग्रवाल, पुनीत मिश्रा, अमरेश सोनकर, शक्ति केंद्र संयोजक सागर आनंद, विनय जायसवाल, विजय निषाद, गुलशन केशरी, राम सजीवन सरोज और शिव शंकर जायसवाल भी मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के दौरान संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने महिला मोर्चा की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
विवाहिता के सुसाइड मामले में पति गिरफ्तार:बहन ने मारपीट, परेशान करने का लगाया था आरोप
बयाना कोतवाली थाना पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में विवाहिता के पति को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी रामगिलास गुर्जर ने बताया कि यह मामला 22 मई को दर्ज किया गया था। कोटा के प्रेमनगर द्वितीय पुनर्वास कॉलोनी निवासी हरिकेश जाटव ने अपनी बहन खुशबू के पति भरत कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हरिकेश ने आरोप लगाया था कि भरत कुमार, जो नगला चिम्मन, बयाना का निवासी है, उसकी बहन के साथ लगातार मारपीट करता था और दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करता था। शिकायत के अनुसार, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर खुशबू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हरिकेश जाटव की शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी भरत कुमार (27) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
बलिया में स्वतंत्रता सेनानी की पुण्यतिथि:लकी ड्रा में विजेताओं को मिले एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन
बलिया के सहतवार कस्बे में मंगलवार शाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कपिल देव चौबे की 26वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग, समाजसेवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय चौबे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने स्वर्गीय कपिल देव चौबे के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चौबे का जीवन राष्ट्रभक्ति, समाजसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत अभिषेक ऑटो की ओर से ग्राहकों के लिए आयोजित लकी ड्रा का कूपन निकाला गया। मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नीरज सिंह 'गुड्डू' ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। प्रथम विजेता आदित्य शर्मा को एलईडी टीवी, द्वितीय विजेता रजनीश तिवारी को वॉशिंग मशीन तथा अन्य विजेताओं को जूसर-मिक्सर-ग्राइंडर एवं मिक्सी भेंट की गई। मुख्य अतिथि नीरज सिंह 'गुड्डू' ने इस प्रकार के सामाजिक और प्रेरणादायी आयोजनों की सराहना की। इस अवसर पर राघव चौबे, राजकुमार वर्मा, अजीत चौबे, राम बहादुर वर्मा, दीपक मिश्रा, योगेश चौबे, राहुल दूबे और नीरज कुमार पाठक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जनार्दन दूबे ने किया, जबकि अंत में अभिषेक चौबे ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सीवान के पचरुखी थाना क्षेत्र के भेखपुरवा गांव में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि प्रेम प्रसंग से जुड़े इस मामले में स्थानीय दबंगों के प्रभाव के कारण न केवल मृतका के परिजनों को न्याय की प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया, बल्कि पुलिस भी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर सकी। सबसे गंभीर आरोप यह है कि फंदे से शव मिलने जैसी संदिग्ध परिस्थिति के बावजूद युवती का बिना पोस्टमार्टम कराए ही आनन-फानन में अंतिम संस्कार करा दिया गया। पड़ोस के एक युवक से प्रेम संबंध थाजानकारी के अनुसार, भेखपुरवा गांव निवासी स्वेता कुमारी का पड़ोस के एक युवक से प्रेम संबंध था। बताया जाता है कि इस रिश्ते का युवक के परिवार द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा था। इसी बीच स्वेता का शव उसके घर में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पचरुखी थाना पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रभावशाली पक्ष के दबाव के आगे पूरी कार्रवाई ठप पड़ गई। मृतका के परिजनों को कथित रूप से डराया-धमकाया गया और बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार करा दिया गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि युवती की मौत सामान्य नहीं थी और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी। युवती की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रहीस्थानीय सूत्रों का कहना है कि युवक के परिवार की आपत्ति के बावजूद दोनों एक-दूसरे से मिलते रहे थे। इसी कारण युवती की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। आरोप यह भी है कि घटना के बाद गांव में यह अफवाह फैलाई गई कि युवती आम खाकर सो गई थी और फिर नहीं उठी। जबकि दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि शव फंदे से लटका मिला था। ऐसे में दोनों दावों के बीच बड़ा विरोधाभास सामने आ रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। जब इस मामले में पचरुखी थाना प्रभारी प्रमोद कुमार से बात की गई तो उन्होंने पहले ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया। बाद में नाम और गांव की जानकारी देने पर उन्होंने कहा कि युवती की मौत आम खाने के बाद सोने से हुई थी। पोस्टमार्टम नहीं कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मृतका के परिजनों ने लिखित आवेदन देकर पोस्टमार्टम से इनकार किया था, इसलिए पुलिस ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।हालांकि, यदि वास्तव में शव फंदे से लटका मिला था, तो ऐसे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और कानूनी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकती है, लेकिन पूरे प्रकरण ने पुलिस की भूमिका, दबंगों के प्रभाव और कानून के पालन को लेकर गंभीर चिंताएं जरूर खड़ी कर दी हैं। जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के नए प्लेटफॉर्म के पास बिना अनुमति की गई खुदाई के दौरान रेलवे की मुख्य सिग्नल कोर केबल क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए एचडीडी (HDD) मशीन जब्त कर उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया। केबल कटने से रेलवे का सिग्नल सिस्टम प्रभावित हुआ और डाउन व अप लाइन पर करीब 2 घंटे 18 मिनट तक रेल परिचालन बाधित रहा। बिना अनुमति हो रही थी खुदाई दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) नागपुर मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त चेतन दिलीपराव जिचकार के निर्देश पर रेल संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान 28 जून 2026 को राजनांदगांव स्टेशन के न्यू प्लेटफॉर्म (किमी 896/25-27) के पास पावर मेक इंफ्रा लिमिटेड द्वारा रेलवे की भूमि पर बिना अनुमति एचडीडी मशीन से खुदाई किए जाने की जानकारी मिली। सिग्नल सिस्टम हुआ फेल, कई ट्रेनें प्रभावित लापरवाही से की गई खुदाई के दौरान रेलवे की 302 और 122 सिग्नल कोर केबल कट गई। इससे सिग्नल सिस्टम फेल हो गया और रेल परिचालन करीब 2 घंटे 18 मिनट तक प्रभावित रहा। इस दौरान समरसता एक्सप्रेस (12152), बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (15231) सहित कई मालगाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। एचडीडी मशीन जब्त, चालक गिरफ्तार सूचना मिलते ही राजनांदगांव आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर खुदाई में प्रयुक्त एचडीडी मशीन जब्त कर ली गई। मशीन चालक संजय राम (34 वर्ष), निवासी सुपौल (बिहार) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अस्थायी पैनल से बहाल हुई व्यवस्था घटना के बाद वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (सिग्नल) की निगरानी में तकनीकी टीम ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त केबल को ठीक कर उसे अस्थायी रूप से दूसरे पैनल से जोड़ा गया, जिसके बाद रेल परिचालन दोबारा सामान्य किया जा सका।
बुरहानपुर नेपानगर पुलिस ने नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि की बंद पड़ी गिट्टी खदान से चोरी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो लोहे की गार्डर, दो लोहे की जाली और एक लोहे का गेट बरामद किया है। जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये बताई गई है। नेपानगर नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण काटकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 28 जून को दोपहर करीब 1 बजे जब वे अपनी बंद पड़ी गिट्टी खदान पर पहुंचे, तो वहां से दो लोहे की गार्डर, दो जाली और एक गेट गायब मिले। पूछताछ करने पर पता चला कि कुछ लोग टाटा एस वाहन में सामान भरकर ले गए थे। चोरी का सामान बेचने ले जाने की मिली थी सूचना नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सातपायरी भातखेड़ा की ओर से एक लोडिंग वाहन में चोरी का सामान बेचने के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कार्रवाई कर संदिग्ध वाहन क्रमांक एमएच 04-एचवाय 3475 को रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें चोरी का सामान मिला। पुलिस ने भीमा पिता रामचंद्र बोरे (निवासी मसक), शिवक उईके, विश्वजीत मश्कोले और संतोष सिंह धुर्वे (निवासी बदनापुर) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि चोरी के बाद सामान जंगल में छिपा दिया था और अब उसे बेचने ले जा रहे थे। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक दिलीप धुर्वे, अमर पवार, आरक्षक नीरज सिंह और गजेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही।
महोबा में कचहरी से घर लौट रहे जिला न्यायालय के एक अधिवक्ता पर मंगलवार को दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया गया। पुरानी रंजिश और पंचायत चुनाव की दुश्मनी को लेकर दबंगों ने पहले उन पर फायरिंग की, फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद अधिवक्ता संघ में भारी आक्रोश फैल गया और वकीलों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। शहर कोतवाली क्षेत्र के मुल्ला खुड़ा के पास मंगलवार को बरात पहाड़ी गांव निवासी जिला न्यायालय के अधिवक्ता सतीश अवस्थी कचहरी से बाइक से घर लौट रहे थे। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। परिजनों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले अवैध तमंचे से उन पर फायर किया। फायरिंग से घबराकर अधिवक्ता बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद कैलाश कुशवाहा, आकाश राजपूत, करन राजपूत सहित अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई। जिला अधिवक्ता समिति के महामंत्री राजेंद्र तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो अधिवक्ता आंदोलन करेंगे। परिजनों का आरोप है कि समाजवादी पार्टी से जुड़े कैलाश कुशवाहा के संरक्षण में आरोपियों ने पहले भी अधिवक्ता के भाई और भतीजे पर हमला किया था, लेकिन उस समय पुलिस ने मामूली धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें छोड़ दिया था। उनका कहना है कि आगामी ग्राम पंचायत चुनाव की रंजिश के चलते यह हमला कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी रविकांत गौड़ अस्पताल पहुंचे और बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर ली जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर नगर ग्रामीण ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस सांसदों को अयोध्या में रामलला के दर्शन से रोके जाने तथा उनकी हिरासत में लिए जाने के विरोध में फूलबाग स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पर सत्याग्रह किया। कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को शाम 6.30 बजे प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। नेताओं की रिहाई और बिना किसी बाधा के दर्शन कराने की मांग की। जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित अनियमितताओं को लेकर भी नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या में एक होटल से पुलिस ने हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया। वहीं, अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा को अयोध्या पहुंचने पर रोकने और बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया को उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का भी दावा किया गया। जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को रामलला के दर्शन से रोकना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मदन मोहन शुक्ला ने भी कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। वहीं नरेश चंद्र त्रिपाठी ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। सत्याग्रह में मदन मोहन शुक्ला, आमोद त्रिपाठी, नरेश त्रिपाठी, अतहर नईम, शक्ति पांडे, सतीश दीक्षित, सुमन तिवारी, विमला पासवान, दिव्यता बाजपेई, बाबूराम सोनकर, विजय निषाद, इखलाक अहमद डेविड, अनुराग पाल, नरेंद्र चंचल कुशवाहा, तुफैल अहमद, पुरुषोत्तम त्रिपाठी, शिवम पटवा, गुड्डू पाल, दीप पांडे, नदीम बेग, सुरेंद्र यादव, कार्तिकेय शुक्ला, रवि कुमार, निखिल गुप्ता, विशाल गुप्ता, हरे राम कटियार, राजेश शुक्ला, सुशील बाजपेई, मोहित पाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गैंगरेप केस को लेकर NSUI का मशाल जुलूस:जिलाध्यक्ष बोले-आरोपियों को फांसी दो, वरना शहर बंद कर देंगे
श्रीगंगानगर में नाबालिग लड़की से हुए गैंगरेप के विरोध में मंगलवार शाम को NSUI ने मशाल जुलूस निकाला। रमेश चौक से शुरू हुए जुलूस ने पूरे शहर में रोष की लहर पैदा कर दी। युवा मशालें लेकर सड़कों पर उतरे और पीड़िता को न्याय दिलाने तथा आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की। युवा हाथों में मशालें लेकर नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। भारत माता चौक तक पहुंचा जुलूस मशाल जुलूस रमेश चौक से रवाना होकर सुखाडिया सर्किल होते हुए भारत माता चौक पहुंचा। इस दौरान युवाओं ने हाथों में मशाल थामे हुए पीड़िता के पक्ष में एकजुटता दिखाई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर पुलिस-प्रशासन जल्दी एक्शन नहीं लेगा तो पूरे शहर को बंद कर दिया जाएगा। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष ईशानवीर मान ने कहा- शहर के कई होटलों में नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी महाराजा गंगा सिंह की पावन धरा पर कलंक है। एनएसयूआई लगातार इस मामले में आरोपियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रही है। हम पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हैं कि अगर आने वाले दिनों में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई शहर बंद कराने को मजबूर हो जाएगी। जब तक नाबालिग को न्याय नहीं मिल जाता, हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। लड़कियां सुरक्षित नहीं एडवोकेट निकिता संधू ने कहा- आज देश में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। घर से निकलने के लिए सौ बार सोचना पड़ता है। श्रीगंगानगर में जिन दरिंदों ने मासूम नाबालिग के साथ यह निंदनीय घटना की, उन्हें जल्द से जल्द फांसी दी जानी चाहिए। न सिर्फ आरोपियों पर, बल्कि श्रीगंगानगर के उन सभी होटलों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जहां ऐसी गतिविधियां चलती हैं। आरोपियों के घरों और होटलों पर बुलडोजर चलना चाहिए। इस दौरान निकिता संधू, पुष्पा, अनिशा, वरजिंद्र सिंह, दीपांशु वर्मा, गौतम छाबड़ा, दर्श नारंग, सरीफ खान, अक्षय चलाना, जतिन इंदौरा, संजय गिरी, प्रेम गधीव और महेंद्र गुरुद्वारा सहित अनेक युवा मौजूद रहे।
दतिया शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई हिस्सों में बुधवार, 1 जुलाई को निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। 33/11 केवी सबस्टेशन और 33 केवी लाइन पर एमडीपी प्रोजेक्ट एवं मेंटेनेंस कार्य के चलते अलग-अलग फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में दो से पांच घंटे तक बिजली बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से पहले से जरूरी कार्य निपटाने की अपील की है। 33 केवी गोराघाट फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इससे गोराघाट, बेहरूका और भादोना उपकेंद्र से जुड़े सभी 11 केवी फीडरों के क्षेत्र प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में भी रहेगी कटौती होलीपुरा, हवाई पट्टी और गल्ला मंडी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इसके अलावा एयरपोर्ट, स्टेडियम, कृषि विज्ञान, गोराघाट आबादी, भादोना (रिछारी) आबादी, सिलोरी, सोनागिर, गुजर्रा, सरसई, दुरसड़ा, डगरई और जिगना आबादी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। लमकना, रिछारी, बड़ोनकला, सीतापुर, सिंदवारी और चिरुला आबादी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बिजली कटौती की जाएगी। बिजली कंपनी के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य की प्रगति के आधार पर बिजली बंद रहने की अवधि में बदलाव संभव है। इसलिए उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय का ध्यान रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले से निपटा लें।
करौली जिले के टोडाभीम में महिला पटवारी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पटवारी किराए के कमरे में रहती थी। घटना टोडाभीम थाना इलाके के जोशी पाड़ा मोहल्ले की मंगलवार शाम करीब 4 बजे की है। थाना अधिकारी सुन्नीलाल मीणा ने बताया- मंगलवार शाम 5 बजे सूचना मिली कि जोशी पाड़ा मोहल्ले में महिला पटवारी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर महिला को नीचे उतारा और टोडाभीम उप जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उगंती प्रजापत (25) अलवर जिले के मालाखेड़ा के लीली गांव की रहने वाली थी। वह टोडाभीम की ग्राम पंचायत भनकपुरा में पटवारी के पद पर कार्यरत थीं। तहसीलदार दिनेश मीणा ने बताया- टोडाभीम के खेड़ी ग्राम पंचायत की ग्राम विकास अधिकारी हेमलता (VDO) और उगंती देवी एक ही मकान में किराए पर कमरे लेकर रहती थीं। शाम 4 बजे हेमलता के पास उगंती देवी के पति का फोन आया। पति ने कहा कि उगंती फोन नहीं उठा रही है। इस पर जब हेमलता चेक करने गई तो उसके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। हेमलता ने खिड़की से झांककर देखा तो उगंती फंदे से लटकी हुई थी। हेमलता ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया। 2025 में हुई थी शादी तहसीलदार दिनेश मीना ने बताया- उगंती देवी की शादी मई 2025 में हुई थी। उनके पति अलवर में सरकारी टीचर हैं। उगंती को फंदे से लटका देखकर हेमलता की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए टोडाभीम उप जिला अस्पताल लेकर गए। थाना अधिकारी सुन्नीलाल मीणा ने बताया- महिला के पीहर पक्ष को सूचना दे दी गई है। शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। … यह खबर भी पढ़ें… DSP को मैसेज भेज व्यापारी ने किया सुसाइड:लिखा- मरने वाला झूठ नहीं बोलता, ASI ने मुझसे 18 हजार रिश्वत ली खैरथल-तिजारा जिले के व्यापारी ने डीएसपी (तिजारा सीओ) को वाट्सएप पर मैसेज भेजकर सुसाइड कर लिया। मैसेज में व्यापारी ने लिखा- ‘मरने वाला झूठ नहीं बोलता। एएसआई ने मुझसे 18 हजार रिश्वत ली। लेकिन केस में से सबूत और मेरी गवाही हटा दी गई।’ (पूरी खबर पढ़ें)
भिवाड़ी नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को कुलदीप दायमा और देवेंद्र बिधूड़ी को हिरासत में लिया गया। यह घटना गत शुक्रवार को नगर परिषद परिसर में हुई थी। मुख्य सफाई निरीक्षक से मारपीट की थी घटना शुक्रवार को भिवाड़ी नगर परिषद कार्यालय में हुई थी। आरोप है कि ऑटो टिपर चालक कुलदीप दायमा और देवेंद्र बिधूड़ी सहित अन्य लोगों ने मुख्य सफाई निरीक्षक मीणा के साथ मारपीट की थी। पीड़ित अधिकारी ने देवेंद्र बिधूड़ी, कुलदीप दायमा समेत करीब पांच लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नगर परिषद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। खैरथल-तिजारा यूनियन ने भी हड़ताल और धरने की चेतावनी दी थी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सोमवार को भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने 72 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया था। दो आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने अपने आश्वासन के अनुसार कार्रवाई करते हुए मंगलवार को मुख्य आरोपी देवेंद्र बिधूड़ी और कुलदीप दायमा को गिरफ्तार कर लिया। कुलदीप दायमा पर थप्पड़ मारने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि अभी भी 4-5 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर परिषद कर्मचारियों ने इन गिरफ्तारियों पर संतोष व्यक्त किया है और कहा है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हड़ताल पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
लालसोट के रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने 1 करोड़ रुपए की सुपारी चोरी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ताजर को हरियाणा के गुरुग्राम से पकड़ा गया है। पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी दिलशाद सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। थाना अधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि 23 जून को पलवल (हरियाणा) निवासी अख्तर मेव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर से दिल्ली भेजी जा रही सुपारी से भरे बैग उसके कंटेनर से रास्ते में चोरी हो गए थे। आरोप है कि कंटेनर चालक दिलशाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर 19 जून को अमराबाद रेस्ट एरिया में कंटेनर में भरी सुपारी को दूसरे कंटेनर में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद वह माल सहित वाहन को लेकर फरार हो गया। रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर टीम की मदद से घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे आरोपियों की पहचान हुई। जांच के दौरान, पुलिस ने 28 जून को चोरी किया गया माल बरामद कर एक आरोपी शाबीर खान को कानपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया था। इसी क्रम में, पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर वांछित आरोपी ताजर पुत्र नवाब हुसैन (32) को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। ताजर नूंह (हरियाणा) जिले के सिकारपुर, थाना तावडू का निवासी है। पुलिस ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी दिलशाद और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
नूंह जिले के गांव संगेल के शहीद सैनिक तेजपाल के परिवार को शहीद स्मारक निर्माण पर खर्च की गई राशि 3 साल बाद भी नहीं मिली है। शहीद की पत्नी मीनू ने हरियाणा सरकार में मंत्री विपुल गोयल से न्याय की गुहार लगाई है। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायता का आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार, गांव संगेल निवासी सैनिक तेजपाल वर्ष 2023 में सैन्य ड्यूटी के दौरान लद्दाख में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की स्मृति में गांव में शहीद स्मारक और प्रतिमा बनाने का निर्णय लिया गया था। शहीद की पत्नी मीनू का आरोप है कि जिला प्रशासन ने स्मारक निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन समय पर कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। पत्नी बोलीं- अब राशि मांगने नहीं आऊंगी प्रशासन से राशि न मिलने पर परिवार ने शहीद के सम्मान को सर्वोपरि मानते हुए अपने निजी संसाधनों से करीब 5 लाख रुपए खर्च कर स्मारक और प्रतिमा का निर्माण कराया। इसके बाद मीनू लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। मंत्री विपुल गोयल से मुलाकात के दौरान मीनू भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह दोबारा स्मारक निर्माण की राशि मांगने नहीं आएंगी और जरूरत पड़ने पर अपने सभी दस्तावेज वहीं फाड़कर लौट जाएंगी। मंत्री ने 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया मीनू ने मंत्री से स्मारक निर्माण पर खर्च हुए करीब 5 लाख रुपए दिलाने की मांग की। उनकी पीड़ा सुनने के बाद मंत्री विपुल गोयल ने तत्काल अपने निजी कोष से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने डीसी के माध्यम से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात भी कही। अब शहीद तेजपाल का परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि वर्षों से लंबित उनकी मांग पूरी होगी।
मोतिहारी पुलिस ने एक अंतरराज्यीय लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी कपड़ा फेरी की आड़ में शहर में लूट की घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपी पिछले दस दिनों से शहर की विभिन्न सोना-चांदी की दुकानों की रेकी कर रहे थे। सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मोतिहारी में एक संदिग्ध गिरोह के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किएजांच के दौरान टीम को पता चला कि छतौनी थाना क्षेत्र के बरियापुर स्थित सिटी होटल के पास एक किराए के मकान में कुछ लोग ठहरे हुए थे। वे खुद को कपड़ा व्यवसायी बता रहे थे, लेकिन उनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस स्थान पर छापेमारी की और पांचों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि वे कपड़ा बेचने के बहाने शहर में घूमते थे और बड़ी ज्वेलरी दुकानों की रेकी करते थे। इसके बाद उपयुक्त मौका देखकर लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। विरोध करने पर वे मारपीट भी करते थे। मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, आठ जिंदा कारतूस, दो चोरी की मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी गिरफ्तार अपराधी उड़ीसा राज्य के जाजपुर जिले के जगपुरा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उनकी पहचान ओउल अजित, डी. गांधी, जीतू राव, मकला दिलीप और किशोर प्रधान के रूप में हुई है। इन सभी के खिलाफ पहले से भी डकैती और लूट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी संभावित वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
ग्वालियर के एक युवक ने अपनी पत्नी से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसकी पत्नी इंस्टाग्राम पर लाइव आकर उसे धमकाती है। वह कहती है, 'तुझे नीले ड्रम में पैक करवा दूंगी।' वह शराब पीकर मुझे गाली देती है। मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हो चुका हूं। मंगलवार को एसपी ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान बिजौली थाना क्षेत्र के ग्राम मुगलपुरा निवासी राहुल मौर्य ने अपनी पत्नी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। राहुल का कहना है कि उनकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी के ग्राम अमौला निवासी राखी जाटव से सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। राहुल का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिन बाद उनकी पत्नी ससुराल छोड़कर चली गई। जाते समय वह घर में रखे जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान भी अपने साथ ले गई। इसके बाद उसने साथ रहने से इनकार कर दिया और लगातार तलाक का दबाव बनाने लगी। राहुल मौर्य का आरोप है कि जब उन्होंने बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की तो उन्हें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार धमकियां मिलने लगीं। इतना ही नहीं, वह परिचितों के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दिलवा रही है। साथ ही अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया जा रहा है। पहले भी की शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई राहुल का कहना है कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय ग्वालियर, थाना बिजौली, पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिवपुरी और थाना अमौला सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने के कारण उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है। शादी का झांसा देकर हड़पती है धन-संपत्ति आवेदन में राहुल मौर्य ने पत्नी पर यह भी आरोप लगाए हैं कि वह ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर सहित अन्य स्थानों पर अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त है। वह लोगों को शादी का झांसा देकर धन-संपत्ति हड़पने का काम करती है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई बार पत्नी को कथित रूप से ऐसी गतिविधियों में देखा था। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। राहुल मौर्य ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराई जाए, सोशल मीडिया पर दी जा रही कथित धमकियों की जांच की जाए तथा उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराते हुए दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। 5 लाख रुपए की डिमांड कर रही है बिजौली थाना सर्किल के सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि राहुल मौर्य जनसुनवाई में आया था। उसने आवेदन देकर बताया है कि शादी के बाद उसकी पत्नी करीब एक महीना उसके साथ रही। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। राहुल का आरोप है कि उसकी पत्नी उससे 5 लाख रुपए की मांग कर रही है। वह कह रही है कि 'अगर पैसे दोगे, तभी तुम्हारे साथ रहूंगी।' सीएसपी ने बताया कि राहुल ने अपने स्तर पर पत्नी के बारे में जानकारी जुटाई। उसका आरोप है कि राखी पहले भी कई लोगों के साथ इस तरह धोखाधड़ी कर पैसों की मांग कर चुकी है। इसी आधार पर राहुल ने अपने आवेदन में पत्नी का चरित्र संदिग्ध होने का आरोप लगाया है। सीएसपी ने बताया कि राखी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर धमकी जैसे कुछ वीडियो भी पोस्ट किए हैं। फिलहाल सभी साक्ष्य ले लिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
जयपुर ग्रामीण पुलिस ने जाली नोट के मामले में पिछले 1 साल से फरार चल रहे वांछित आरोपी विकास यादव को गिरफ्तार किया है। चंदवाजी थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद ने बताया कि यह मामला 18 जून 2025 का है। उस दिन अमरसर थाना पुलिस को जाली भारतीय मुद्रा बनाने और सप्लाई करने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने करीरी गांव में सती माता मंदिर के पास नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान बाइक चालक राघवेंद्र सिंह उर्फ भीम सिंह बेटा खेम सिंह, निवासी श्याम मोहल्ला बिलान्दरपुर को रोका गया। उसके कब्जे से 500-500 रुपए के 806 जाली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 4 लाख 3 हजार रुपए थी। जांच के दौरान नांगल कोजू निवासी विकास यादव बेटा गुलाब चंद यादव की इस मामले में संलिप्तता सामने आई। घटना के बाद से ही विकास फरार चल रहा था। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शाहपुरा रणवीर सिंह और सर्किलअधिकारी जमवारामगढ़ रामकिशन विश्नोई के सुपरविजन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। चंदवाजी थानाधिकारी हीरालाल सैनी के नेतृत्व में इस टीम ने सूचना संकलन और तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए अथक प्रयास किए। इन प्रयासों के बाद वांछित आरोपी विकास यादव को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है।
फलोदी जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने मंगलवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने विभागवार कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रगति के निर्देश दिए। कलक्टर ने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने को कहा। कलेक्टर बोले-पात्र व्यक्तियों को मिले लाभ कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने पीएचईडी अधिकारियों से टैंकर के माध्यम से पेयजल वितरण की रिपोर्ट ली और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और आपदा प्रबंधन के तहत स्थाई मरम्मत कार्यों में सुधार के निर्देश भी दिए गए। उद्योग विभाग के अधिकारियों को बैंकों से समन्वय स्थापित कर केंद्र और राज्य सरकार की बैंकिंग योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, लंबित ऋण आवेदनों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में एसीईओ गौतम चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नेशनल डेवलपर्स की एनसीआर में हिस्सेदारी बढ़ने के बाद भी पश्चिमी यूपी के मेरठ, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद में क्षेत्रीय डेवलपर्स का दबदबा कायम है। मंगलवार को वेस्ट यूपी, एनसीआर के बिल्डर्स ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मुद़दे पर संवाद किया। शाम 7 बजे ये ऑनलाइन सेशन हुआ। इसमें रियल स्टेट के क्षेत्र में बढ़े रहे क्षेत्रीय डेवलपर्स के प्रभाव पर चर्चा हुई। रैपिड, एयरपोर्ट के कारण बढ़ी कीमतें श्री केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल ने कहा कि रीजनल डेवलपर्स का सबसे बड़ा एडवांटेज उनका ओल्ड लैंड बैंक है। यही उन्हें मार्केट में ज्यादा कॉम्पिटिटिव और प्राइस-एफिशिएंट बनाता है। निराला वर्ल्ड के एमडी सुरेश गर्ग बोले कि आने वाले सालों में वेस्ट यूपी, मेरठ में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने वाला है,यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आरआरटीएस जैसे प्रोजेक्ट्स इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आकर्षण को काफी बढ़ाएंगे। स्थानीय डेवलपर्स हैं आगे एनारॉक रिसर्च के अनुसार, एनसीआर में नेशनल डेवलपर्स की नई रेजिडेंशियल सप्लाई 2022 के 3 प्रतिशत से बढ़कर 2025 के अंत तक 13 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इसके बावजूद मेरठ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्थानीय डेवलपर्स आगे ही हैं। मेरठ, नोएडा में दे रहे लग्जरी सुविधाएं रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि “नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट आज भी निवेश से ज्यादा स्वयं उपयोग वाला बाजार है। आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग ने कहा कि अब लग्जरी सिर्फ राष्ट्रीय स्तर के डेवलपर्स की खासियत नहीं रह गई है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के कई क्षेत्रीय डेवलपर्स भी अब परियोजना में उच्च स्तरीय क्लब, हरित क्षेत्र, बहु स्तरीय खेल परिसर और प्रीमियम सुविधाएं दे रहे हैं।
मोतिहारी स्थित सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने बिहार विधानसभा की याचिका समिति अध्यक्ष जनक सिंह अपने सदस्यों के साथ अस्पताल पहुंचे। समिति ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों व उनके परिजनों से सीधे बातचीत की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में अव्यवस्था, दलाली प्रथा और अवैध निजी एंबुलेंसों की मौजूदगी पर समिति ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। समिति अध्यक्ष जनक सिंह ने इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड सहित अन्य विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों से इलाज, दवा, जांच और अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान कई मरीजों ने दवाओं की अनुपलब्धता, जांच में देरी और साफ-सफाई की कमी जैसी शिकायतें दर्ज कराईं। समिति ने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था, डॉक्टरों की उपस्थिति और स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली का भी आकलन किया। विस्तृत रिपोर्ट समिति को सौंपने का निर्देश निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बातचीत में जनक सिंह ने अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दलाली प्रथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और गरीब मरीजों का आर्थिक शोषण करती है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को दलालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और ऐसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया। समिति ने अस्पताल परिसर में अवैध रूप से खड़े निजी एंबुलेंसों पर भी नाराजगी व्यक्त की। जनक सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में इन एंबुलेंसों की मौजूदगी से मरीजों को भ्रमित किया जाता है और उनसे मनमाना किराया वसूला जाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने और एक विस्तृत रिपोर्ट समिति को सौंपने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान समिति सदस्यों ने अस्पताल में पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कमियों को जल्द दूर करने हेतु कई आवश्यक सुझाव दिए। समिति अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि निरीक्षण में सामने आए सभी मुद्दों को सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
जाने-माने चेस्ट फिजिशियन एवं पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नलिन जोशी को नई दिल्ली में आयोजित डॉक्टर्स डे कॉन्क्लेव 2026 पर प्रतिष्ठित ''राजस्थान इंस्पायरिंग चेस्ट स्पेशलिस्ट ऑफ इंडिया” सम्मान से अलंकृत किया है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने प्रदान किया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस राष्ट्रीय मंच पर देशभर के प्रतिष्ठित चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, शोधकर्ता एवं चिकित्सा जगत के अग्रणी व्यक्तित्व एकत्रित हुए। इस अवसर पर भारत सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। डॉ. जोशी को यह राष्ट्रीय सम्मान पल्मोनरी एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन (फेफड़ों एवं श्वसन रोगों) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट चिकित्सीय योगदान, रोगी-केंद्रित सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान, शैक्षणिक उत्कृष्टता और समाज में श्वसन रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदान किया। डॉ. जोशी एक प्रतिष्ठित चिकित्सक होने के साथ-साथ उत्कृष्ट शोधकर्ता एवं शिक्षाविद भी हैं। उनके नाम 95 शोध प्रकाशन दर्ज हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एवं 91 राष्ट्रीय शोध पत्र शामिल हैं।
पानीपत जिले में मंगलवार को खंड कार्यालय इसराना में पंचायत समिति की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। डीडीपीओ राजेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 25 में से 18 सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीडीपीओ राजेश शर्मा ने पंचायत समिति के कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हरियाणा में पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच विकास कार्यों का समन्वय करती है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन कल्याणकारी योजनाओं को खंड स्तर पर लागू करना है। राजेश शर्मा ने बताया कि इन विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें धनराशि उपलब्ध कराती हैं। इसी के तहत इसराना पंचायत समिति की यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता पंचायत समिति चेयरमैन हरपाल मलिक ने की। डीडीपीओ ने ली विकास कार्यों की जानकारी इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा ने उपस्थित सदस्यों से पिछले वर्ष हुए विकास कार्यों की जानकारी ली और आगामी वर्ष में किए जाने वाले विकास कार्यों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। शर्मा ने बताया कि पंचायत समिति के बजट को नियमानुसार समान रूप से वितरित कर विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्षेत्र के कई स्कूलों में पंचायत समिति की ओर से ग्रेनाइट बिछाया गया है, और गांवों की चौपालों पर भी विकास कार्य जारी हैं। पंचायत समिति अध्यक्ष हरपाल मलिक ने सभी सदस्यों को विकास कार्यों में सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया।
मंगलवार को ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय में भाजपा के पूर्व पार्षद ब्रजेश गुप्ता ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने गले में ढोलक लटकाकर और भजन गाते हुए नगर निगम कार्यालय में प्रवेश किया, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ। पूर्व पार्षद ब्रजेश गुप्ता मुरार क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 26 और 27 से संबंधित सीवर, पेयजल और सड़कों की समस्याओं को लेकर निगम पहुंचे थे। उस समय नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय जनसुनवाई कर रहे थे। ढोलक और भजन की आवाज सुनकर आयुक्त ने तुरंत पूर्व पार्षद को अपने पास बुलाया और उनकी शिकायतें विस्तार से सुनीं। आयुक्त ने उन्हें 24 घंटे के भीतर समस्याओं पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। ब्रजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुरार क्षेत्र में सीवर व्यवस्था लंबे समय से खराब है। कई जगहों पर पेयजल पाइपलाइनों में सीवर का गंदा पानी मिल रहा है, जिससे लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गुप्ता ने निगम पर आरोप लगाया कि वह केवल शहर के कुछ हिस्सों को 'लिपस्टिक लगाकर चमका' रहा है, जबकि अधिकांश शहर गंदगी से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि वीआईपी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य जगहों से चार-चार दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं, तो लोगों को बेहतर सड़कें, स्वच्छ पेयजल और अन्य स्मार्ट सुविधाएं क्यों नहीं मिल सकतीं। पूर्व पार्षद ने अमृत योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि लगभग 840 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को आज भी शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह योजना अपने उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रही है।
सीकर एसीबी ने रींगस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सांवताराम गुर्जर और हेड कॉन्स्टेबल जयसिंह जाट को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रेप किया है। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया था कि रींगस पुलिस थाने में हादसे के एक मामले में जब्त उसकी गाड़ी को छुड़वाने के लिए एएसआई सांवताराम 8 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें एएसआई सांवताराम द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद, एसीबी उपमहानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण में एक ट्रेप दल का गठन किया गया। इस दल का नेतृत्व एसीबी इकाई सीकर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार और पुलिस निरीक्षक सुभाष ने किया। दल ने कार्रवाई करते हुए एएसआई सांवताराम के सहयोगी हेड कॉन्स्टेबल जयसिंह को परिवादी से 8,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। एएसआई सांवताराम को इस मामले में संलिप्तता पाए जाने पर खाटूश्यामजी से गिरफ्तार किया गया।
निंबाहेड़ा कॉेलज में सीट बढ़ाने की मांग:NSUI ने सौंपा ज्ञापन, बोले-स्टूडेंट्स की बढ़ रही संख्या
राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की निंबाहेड़ा इकाई ने डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक स्तर की विभिन्न कक्षाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में सोमवार, 30 जून को महाविद्यालय प्राचार्य के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया। कॉलेज में सीट बढ़ाने की मांग एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत सीटों की संख्या सीमित होने के कारण अनेक छात्र-छात्राओं को प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता है। 403 सीटें स्वीकृत ज्ञापन में बताया- कॉलेज में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय की स्नातक कक्षाओं के लिए कुल 403 सीटें स्वीकृत हैं। जबकि, वर्तमान में तीनों संकायों में लगभग 600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में आगामी शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए सीटों में वृद्धि किया जाना आवश्यक है। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कहा कि निंबाहेड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इसी महाविद्यालय पर निर्भर हैं। यदि सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो अनेक योग्य एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। संगठन ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय की सीटों में शीघ्र वृद्धि करने की मांग की है। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपते समय एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष दीपक धाकड़, ब्लॉक अध्यक्ष भंवरसिंह शक्तवात, जिला सचिव नवरत्न प्रजापत, हर्षित सेन, आदित्य पहाड़िया, समकित जैन, भूपेन्द्र टांक, राजू मेघवाल, दुर्गेश कुमावत, तनीष माली, तनीष पाटीदार, नन्दकिशोर गायरी, शिवम, पुष्कर कुमावत, आदित्य जाट, कृष्णा मीणा, करण सिंह, नीलम राणावत, योगिता, लक्की, भावना सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

