छात्रा से मोबाइल छीनने का प्रयास, गंभीर घायल:शामली में कॉलेज से लौटते समय हुई घटना, आरोपी फरार
शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में कॉलेज से लौट रही एक छात्रा से मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। इस दौरान छीना-झपटी में छात्रा की स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, झिंझाना क्षेत्र के मोहल्ला सक्कान निवासी ने पुलिस को बताया कि उनकी भांजी (पुत्री , निवासी सहारनपुर) बचपन से उनके पास रहकर पढ़ाई कर रही है। बुधवार दोपहर करीब 1:10 बजे कशिश अपनी सहेली निशा के साथ आर.के. डिग्री कॉलेज से स्कूटी पर घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में झिंझाना क्षेत्र के बानीपुर निवासी अशोक ने चलती स्कूटी के पास आकर कशिश का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। अचानक हुई इस छीना-झपटी से स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और कशिश सड़क पर गिर गई। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़िता की मौसी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अशोक काफी समय से कशिश का पीछा कर रहा था। उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन पहले भी आरोपी ने कशिश को जान से मारने और उसके साथ गलत करने की धमकी दी थी। पीड़ित पक्ष ने मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्लॉट दिलवाने के नाम पर 5 लाख लूटे:बुकिंग अमाउंट लेने के बहाने बुलवाया,फिर थैला लूटकर भागे
सीकर के सदर थाना इलाके में प्लॉट दिलवाने के नाम पर 5 लाख रुपए लूटने का मामला सामने आया है। बुकिंग अमाउंट लेने के बहाने पीड़ित को बुलवाया गया। इसके बाद दो गाड़ियों में बैठे लोग रुपए का थैला लेकर वहां से फरार हो गए। डूकिया के मूलनिवासी ओमप्रकाश जाट ने सीकर के सदर पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह वर्तमान में सीकर में पालवास चौराहे के पास किराए के मकान में रहते हैं। उनके पास पड़ोसी आदित्य का कॉल आया। जिसने कहा कि पालवास रोड पर कोई प्लॉट है जो किसी को अर्जेंट बेचना है। इसके बाद 30 जून की दोपहर करीब 1:30 बजे योगेश पुत्र महेंद्र वर्मा निवासी कूदन और नरेंद्र भामू ओमप्रकाश के फ्लैट पर आए और कहा कि हमें 5 लाख रुपए का बुकिंग अमाउंट दे दो। इसके बाद ओमप्रकाश अपने फ्लैट से योगेश और नरेंद्र के साथ गाड़ी में बैठकर पालवास चौराहे पर आ गया। चौराहे पर पहले से एक गाड़ी खड़ी थी। योगेश और नरेंद्र ने भी गाड़ी को वहीं खड़ा किया और फिर फोन पर बात करते हुए कहा कि दूसरी गाड़ी में पैसे लेकर जाओ। जैसे ही ओमप्रकाश दूसरी गाड़ी की तरफ जाने लगा तो योगेश,नरेंद्र और उनके साथी रुपए का थैला छीनकर वहां से फरार हो गए। फिलहाल ओमप्रकाश की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने योगेश और नरेंद्र के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है। मामले की जांच ASI संतकुमार कर रहे हैं। फर्जी साइन और मोहर लगाकर रजिस्ट्री करवाकर लाखों रूपए हड़पने वाला गिरफ्तार सीकर की नेछवा थाना पुलिस ने तहसीलदार की फर्जी साइन और मोहन लगाकर रजिस्ट्री करके जमीन बेचने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रकाश जाट(28) पुत्र हुक्माराम जाट निवासी जायल को उसके गांव में दबिश देकर पकड़ा है। आरोपी के गिरोह में और भी कई लोग शामिल हैं। जिनकी अब पुलिस तलाश कर रही है।
हरदा जिले में विपणन वर्ष 2026-27 के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए कुल 33 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने शुक्रवार को उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारियों की बैठक ली और निर्देश दिए कि किसानों को मूंग बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने सभी केंद्रों पर उपयुक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा जारी सूची के अनुसार, हरदा तहसील में 6, हंडिया में 3, सिराली में 5, रहटगांव में 5, टिमरनी में 9 और खिरकिया में 5 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। डीडीए प्रकाश ठाकुर से मिली जानकारी के अनुसार, हरदा तहसील के मसनगांव में सेवा सहकारी समिति मर्यादित मसनगांव द्वारा एमपी वेयरहाउसिंग के वेयरहाउस पर मूंग उपार्जन किया जाएगा। सुल्तानपुर में सेवा सहकारी समिति मर्यादित बालागांव द्वारा लक्ष्मी वेयरहाउस तथा आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित मोहनपुर, मगरधा द्वारा प्रेमसुधा वेयरहाउस पर खरीदी होगी। इसी प्रकार, अबगांवखुर्द में सेवा सहकारी समिति अबगांवखुर्द द्वारा शिव शक्ति वेयरहाउस, कोटल्याखेड़ी में विपणन सेवा सहकारी समिति हरदा द्वारा ग्रेसिया वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन और उड़ा में सेवा सहकारी समिति रूपीपरेटिया द्वारा जयप्रकाश वेयरहाउस में मूंग का उपार्जन किया जाएगा। इन वेयरहाउस पर होगा उपार्जन का कामहंडिया तहसील के ग्राम खेड़ा में सेवा सहकारी समिति खेड़ा द्वारा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के वेयरहाउस, सोनतलाई में सेवा सहकारी समिति सोनतलाई बिछोलामाल द्वारा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के वेयरहाउस और पीपलघटा में सेवा सहकारी समिति पीपलघटा द्वारा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के वेयरहाउस में मूंग उपार्जन का कार्य होगा। सिराली तहसील के दीपगांवकला में सेवा सहकारी समिति दीपगांवकला, सोमगांवकला में सेवा सहकारी समिति सोमगांव कला, जूनापानी में सेवा सहकारी समिति जूनापानी व कृषि उपज मंडी सिराली द्वारा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के वेयरहाउस में खरीदी की जाएगी। रहटाकला में सेवा सहकारी समिति रहटाकला द्वारा एसआर. वेयरहाउस और पिपल्या में सेवा सहकारी समिति पिपल्या मकड़ाई द्वारा वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के वेयरहाउस में उपार्जन कार्य होगा। रहटगांव तहसील के टेमागांव में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति टेमागांव द्वारा विद्या वेयरहाउस, सोडलपुर में सेवा सहकारी समिति सोडलपुर द्वारा कृष्णा एग्रो पार्क, आलमपुर में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति आलमपुर द्वारा मां दुलारी वेयरहाउस में खरीदी होगी। दूधकच्छ कला में आदिम जाति सहकारी समिति रहटगांव द्वारा सार्थक वेयरहाउस तथा टेमागांव में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति राजाबरारी द्वारा समग्र वेयरहाउस में उपार्जन कार्य किया जाएगा।
पाकिस्तान के फारूकाबाद में 125 साल पुराने ऐतिहासिक श्री गुरुद्वारा साहिब को ध्वस्त करने से सिख समाज में आक्रोश है। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में भाजपा और सिख समाज के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान रोष रैली निकाली गई और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल सिंह टीटी के नेतृत्व में रोष जुलूस बाजार से होते हुए लाइटवाला चौंक पहुंचा। जहां पाकिस्तान के खिलाफ संबोधन हुआ। सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने सम्बोधित करते हुए कहा- पाकिस्तान में गुरुद्वारा में हुई यह बेअदबी पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी हिंदू मंदिरों पर हमले होते आए हैं, मंदिर तोड़े गए और हिंदुओं के साथ अत्याचार किया जाता रहा है। अब फारूकाबाद के गुरुद्वारा साहिब को तोड़ दिया गया है और वहां कब्जा कर लिया गया है। गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गई है। टीटी ने कहा- हिंदुस्तान सरकार को मजबूती के साथ पाकिस्तान को इसका जवाब देना चाहिए। भारत सरकार को पाकिस्तान सरकार से सीधे बात कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को सिख समाज की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत पर सीधा हमला बताया। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार तुरंत कूटनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को उठाए और सिख तीर्थ स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित कराए। इसके साथ ही अनूपगढ़ व घड़साना में भी सिख समाज के लोगों ने इस घटना का विरोध जताया और भारत सरकार से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की अपील की। पाकिस्तान में सिख गुरुद्वारों और हिंदू मंदिरों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर भारत में सिख और हिंदू समाज में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है।
चूरू शहर में भालेरी रोड पर चढ़ाई चढ़ रहा एक अनियंत्रित ट्रक पीछे की ओर लुढ़कते हुए एक शोरूम की पार्किंग में जा घुसा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक बारह चक्का ट्रक चढ़ाई पर चढ़ते समय असंतुलित हो गया और तेजी से पीछे की ओर लुढ़कने लगा। इससे आसपास के राहगीरों और वाहन ड्राइवरों में अफरातफरी मच गई। ट्रक अनियंत्रित होकर पास के एक शोरूम की पार्किंग में घुस गया। वहां एक पोल से टकराकर रुकने के कारण बड़ा हादसा टल गया। यदि पोल बीच में नहीं आता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। घटना के समय कई लोग मौजूद थे, लेकिन वे समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले गए। घटना में शोरूम की पार्किंग में बने टीनशेड को नुकसान पहुंचा है। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिससे हादसे की तस्वीरें सामने आई हैं। शोरूम संचालक अर्जुन प्रजापत ने बताया कि पार्किंग शेड को क्षति पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क का स्तर वैज्ञानिक तरीके से नहीं बनाए जाने के कारण भारी वाहन चढ़ाई पर संतुलन खो देते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस स्थान का तकनीकी निरीक्षण कर सड़क की ऊंचाई और ढाल का स्थायी समाधान किया जाए। उन्होंने अपील की है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधार कार्य कराए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
कानपुर देहात में जल जीवन मिशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। मलासा विकासखंड के सिथरा खुर्द गांव की दिव्यांग महिला नीतू देवी ने आरोप लगाया है कि उनके घर में लगभग एक साल से नल का पानी नहीं आ रहा था। कई शिकायतों के बाद भी सुनवाई न होने पर उन्होंने जिलाधिकारी कपिल सिंह से गुहार लगाई। जिलाधिकारी के संज्ञान लेने के बाद जल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव पहुंचे। महिला के घर पानी की आपूर्ति शुरू की गई। विभागीय कर्मचारियों ने नीतू देवी का बयान भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने पानी आने की बात कही। विभाग ने इस वीडियो को प्रसारित कर अपनी कार्रवाई का प्रचार किया। हालांकि, महिला का आरोप है कि यह राहत केवल अधिकारियों की मौजूदगी तक ही सीमित थी। उनके अनुसार, जैसे ही टीम गांव से वापस लौटी, उनके घर की जलापूर्ति फिर से बंद हो गई। इसके बाद नीतू देवी ने स्वयं एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया और आरोप लगाया कि विभाग ने केवल औपचारिकता पूरी की। नीतू देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि जल विभाग के सीनियर इंजीनियर रामदेव उनसे अभद्र भाषा में बात करते हैं। उनके मुताबिक, इंजीनियर ने कहा, जहां शिकायत करनी है कर लो। महिला का कहना है कि पानी की समस्या अभी भी बनी हुई है। यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी कपिल सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, जल विभाग के अधिशासी अभियंता ने कहा है कि एक टीम भेजकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा। यह घटना जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत और विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अधिकारियों के लौटने के तुरंत बाद पानी की आपूर्ति बंद हो जाना, यह दर्शाता है कि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ था। एक दिव्यांग महिला को अपनी बुनियादी जरूरत के लिए बार-बार गुहार लगानी पड़ रही है।
गोरखपुर के बड़हलगंज कस्बे में शुक्रवार सुबह 10:30 बजे सरयू नदी में एक मोटरबोट मछली पकड़ने वाली नाव से टकराकर पलट गई। हादसे के समय मोटरबोट पर पांच लोग सवार थे। सभी नदी में गिर गए, लेकिन लाइफ जैकेट पहने होने और स्थानीय नाविकों की मदद से सभी को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। रिश्तेदारों को घुमाने निकला था चालक मुक्तिपथ निवासी धर्मेंद्र साहनी आज सुबह अपने रिश्तेदारों को मोटरबोट से सरयू नदी की सैर कराने निकले थे। मोटरबोट पर भोला साहनी, दीपक साहनी, दो महिलाएं और एक बच्चा सवार थे। नाव से टकराकर पलटी मोटरबोट मुक्तिपथ घाट से कुछ दूरी आगे बढ़ने पर मोटरबोट की टक्कर मछली पकड़ रहे नागेंद्र साहनी की नाव से हो गई। टक्कर के बाद मोटरबोट असंतुलित होकर पलट गई और सभी सवार नदी में गिर पड़े। लाइफ जैकेट पहनने के कारण बची जान हादसे के समय सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। इससे वे पानी में सुरक्षित तैरते रहे। शोर सुनकर आसपास मौजूद नाविक तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी गोला अमित कुमार जायसवाल, कोतवाली प्रभारी अतुल कुमार श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार जयप्रकाश समेत पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटना की जानकारी लेकर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। सुरक्षा नियमों के पालन करने की अपील घटना के बाद प्रशासन ने नदी में मोटरबोट संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। स्थानीय लोगों ने भी लाइफ जैकेट के उपयोग और समय पर हुए बचाव कार्य की सराहना की, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
आगरा के पिनाहट थाना क्षेत्र के जोधपुरा गांव में शुक्रवार को 25 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर बंद पड़ी गौशाला में फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान विष्णु पुत्र गौरी शंकर के रूप में हुई है। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, तो गौशाला के भीतर उसका शव लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घर से निकला, गौशाला में मिला शव जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जोधपुरा निवासी 25 वर्षीय विष्णु पुत्र गौरी शंकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विष्णु संदिग्ध परिस्थितियों में घर से निकला था। घर से करीब 300 मीटर दूर बीहड़ के पास स्थित एक बंद पड़ी पुरानी गौशाला में उसने रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया। तलाश के दौरान परिजनों को मिली जानकारी काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान गौशाला के अंदर विष्णु का शव फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना पर थाना अध्यक्ष बीपी गिरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना अध्यक्ष बीपी गिरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
फरीदाबाद के सूरजकुंड थाना क्षेत्र स्थित अरावली के संरक्षित वन क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग के अधिकारियों के साथ कथित रूप से मारपीट की गई, सरकारी वर्दी फाड़ दी गई और जान से मारने की धमकी दी गई। सूरजकुंड थाना पुलिस ने घटना के बाद प आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गश्त के दौरान मिला अवैध निर्माण पुलिस से मिली जानकारी ते अनुसार बीते बुधवार को वन दरोगा राजेश और सुरेंद्रपाल नियमित गश्त के दौरान अनंगपुर गांव के डोमका मोहल्ला पहुंचे। यहां अधिसूचित वन क्षेत्र में टिन शेड का निर्माण कराया जा रहा था। दोनों ने मौके पर मौजूद लोगों को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का गैर-वानिकी निर्माण प्रतिबंधित है और निर्माण कार्य तुरंत बंद कराया। निर्माण जारी रखने को लेकर हुआ विवाद इसी दौरान निर्माण स्थल पर मौजूद युवक का पिता गजराज भी वहां पहुंच गया। आरोप है कि उसने अधिकारियों से बहस शुरू कर दी और अपने प्रभाव का हवाला देते हुए निर्माण जारी रखने की बात कही। जब वन विभाग की टीम मौके की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करने लगी तो विवाद बढ़ गया। वन अधिकारियों से मारपीट, वर्दी फाड़ी वन विभाग का आरोप है कि पिता-पुत्र ने सरकारी कार्रवाई का विरोध करते हुए अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस दौरान वन दरोगा राजेश की सरकारी वर्दी भी फाड़ दी गई। साथ ही दोनों अधिकारियों को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों आरोपित मौके से फरार हो गए। घायल वन दरोगा को बीके अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया गया। पुलिस पहुंचने से पहले आरोपी फरार सूरजकुंड थाना पुलिस ने वन विभाग की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
शाजापुर नगर पालिका परिषद ने आगामी मानसून को देखते हुए शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत नालों और पुलियाओं की व्यापक सफाई की गई, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से बचा जा सके और पानी की निकासी सुचारु बनी रहे। जलभराव की संभावित समस्या वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए जेसीबी, फायर वाहन और स्वच्छता टीम की मदद से नालों से गाद और कचरा हटाया गया। यह अभियान नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) भूपेंद्र कुमार दीक्षित, नपा अध्यक्ष प्रेम जैन, उपाध्यक्ष संतोष जोशी और स्वास्थ्य सभापति दुष्यंत सोनी के निर्देशन में संचालित किया गया। नगर के नालों की सफाई की स्वच्छता पर्यवेक्षक संजय पार्छे और धर्मेंद्र टाक ने बताया कि शहर के जिन क्षेत्रों में हर वर्ष जलभराव की स्थिति बनती है, वहां विशेष रूप से सफाई कराई गई है। अभियान के तहत बस स्टैंड से नई सड़क चौक तक की बड़ी नालियों, आजाद चौक, वार्ड क्रमांक 24 के नाले और वार्ड क्रमांक 28 स्थित काशी नगर के नाले सहित अन्य प्रमुख स्थानों की सफाई की गई। नगर पालिका का उद्देश्य मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत दिलाना है। नपा ने बताया कि आने वाले दिनों में भी शहर के अन्य वार्डों में इसी प्रकार सफाई अभियान जारी रहेगा, ताकि बारिश के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
टोंक में मालपुरा के हिंडोला गांव में जमीन कब्जे को लेकर मारपीट को लेकर पीड़िता ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। दरअसल, 20-25 लोगों ने पीड़िता और उसके परिवार के साथ मारपीट कर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। जबकि कोर्ट स्टे लगा हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर जमानत पर छोड़ दिया, जबकि आरोपी पहले से ही पाबंद थे। पुलिस ने उनके खिलाफ महज शांतिभंग की धारा लगाकर छोड़ दिया गया। इसके चलते पीड़िता और उसका परिवार सहमा हुआ है। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा इसे लेकर पीड़िता और उसका परिवार सहमा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़िता और समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन दिया है। खेत में घुसकर मारपीट की पीड़िता प्रियंका नाई ने बताया- हमारे परिवार के कब्जे काश्त व खातेदारी की हिंडोला में खसरा नंबर 0864, 869, 870, 871 है। इसमें हमारे परिवार द्वारा मूंग फसल बोह रखी है। इस फसल को 1 जून को सुबह 9.15 बजे मूंग़ की फसल को नष्ट करने और खेत में घुसकर तारबन्दी करने की मंशा से जीतराम, राजू, पिसरान लाला, मदन पुत्र राधा किशन माली निवासी ग्राम हिण्डोला और लेखराज पुत्र रामकिशन माली ग्राम केसरपुरा (जूनिया) के साथ इनके समाज के अन्य 20-25 व्यक्ति खेत पर आये और पीड़ित परिवार के साथ मारपीट की। अपनी तारबंदी करने लगे। इसके लिए मना किया तो मेरी जैठानी जगदीशी, जेठ रामनारायण, रामप्रसाद, शंकर आदि के साथ मारपीट की। लेखराज पुत्र रामकिशन नाली निवासी सरपुरा (जूनिक) और अन्य अपराधियों द्वारा पीड़िता को पकड़ लिया और धक्का देकर गिरा दिया और अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान पीड़ित को बचाने उसकी जेठानी जगदीशी देवी आई तो उसको लेखराज पुत्र रामकिशन माली द्वारा उसके कपड़े फाड़कर नीचे गिरा दिया और पेट में लात घूंसों से घायल कर दिया। जिससे वह बेहोश हो गई, साथ ही उसके गले का सोने का मंगलसूत्र को भी झपट कर ले गए।
विधानसभा चुनाव की आहट तेज होने लगी है। ऐसे में अम्बेडकरनगर की जलालपुर विधानसभा सीट प्रदेश की सबसे दिलचस्प राजनीतिक सीटों में शामिल होती जा रही है। यहां चुनावी लड़ाई से ज्यादा चर्चा उस सियासी पहेली की है, जिसका जवाब अभी किसी दल के पास खुलकर नहीं दिख रहा। सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर जलालपुर में किस पर दांव लगेगा, पिता राकेश पांडेय पर, जो अभी भी समाजवादी पार्टी के विधायक हैं, या फिर बेटे रीतेश पांडेय पर, जो भारतीय जनता पार्टी का प्रमुख चेहरा माने जा रहे हैं। इस सियासी उलझन की शुरुआत राज्यसभा चुनाव से हुई थी। उस समय राकेश पांडेय ने पार्टी व्हिप से अलग जाकर भाजपा के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने कई बागी विधायकों को तत्काल बाहर का रास्ता दिखा दिया, लेकिन राकेश पांडेय पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही चुप्पी अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा बनी हुई है। सवाल उठ रहा है कि आखिर सपा ने उन्हें अब तक क्यों नहीं निकाला। क्या इसके पीछे कोई रणनीति है या चुनाव तक कोई बड़ा फैसला होना बाकी है। दूसरी तरफ उनके बेटे रीतेश पांडेय भाजपा में पूरी सक्रियता के साथ मैदान में हैं। जलालपुर से विधायक रह चुके रीतेश 2024 का लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है। यही वजह है कि समर्थक उन्हें विधानसभा टिकट का स्वाभाविक दावेदार मान रहे है, लेकिन भाजपा के लिए फैसला इतना आसान नहीं है। हालांकि चुनाव लड़ने का रीतेश ने कोई एलान नहीं किया है। वहीं जलालपुर सीट पर पार्टी के कई पुराने और प्रभावशाली नेता भी लंबे समय से टिकट की तैयारी में जुटे हैं। संगठन के भीतर कई दावेदार अपनी-अपनी ताकत दिखाने में लगे हैं। ऐसे में टिकट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा का फैसला कई नेताओं के भविष्य की दिशा तय करेगा। फिलहाल जलालपुर विधानसभा में प्रत्याशी से ज्यादा चर्चा संभावनाओं की है।
जयपुर में चोरी करने फ्लैट में घुसना एक महिला को उस वक्त भारी पड़ गया। जब अपने मोबाइल में सीसीटीवी देखकर ऑनर को फ्लैट में महिला की एंट्री का पता चल गया। फ्लैट के ऑनर ने पड़ोसी से कहकर बाहर से गेट लॉक करवाकर अंदर घुसी महिला को बंद करवा दिया। घटना गुरुवार रात करीब 8:15 बजे की है। जब ऑनर ने मौके पर पहुंचकर पकड़े जाने का वीडियो बनाया तो महिला ने हंगामा कर झूठे केस में फंसाने की धमकी दे डाली। मुहाना थाने में पीड़ित की ओर से महिला के खिलाफ गुरुवार रात को शिकायत दर्ज करवाई गई है। 7 लाख की चोरी होने के बाद लगाया था CCTV कैमरा पुलिस ने बताया कि मुहाना के एक रेजीडेंसी में रहने वाले युवक ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। आरोप है कि करीब एक साल पहले उनके फ्लैट में चोरी हुई थी। फ्लैट से करीब 7 लाख रुपए कीमत के गहने-कैश चोरी हुए थे। उसे पड़ोस के फ्लैट में रहने वाली महिला पर ही चोरी का शक था। फिर से चोरी पकड़ने के लिए उसने चोरी-छिपे कमरे में CCTV कैमरा भी लगवाया था। फुटेज में अलमारी खंगालते दिखी पीड़ित का कहना है कि गुरुवार शाम को वह परिवार के साथ परिचित के बर्थ-डे पार्टी में शामिल होने गया था। रात करीब 8:15 बजे CCTV फुटेज देखने पर पड़ोस में रहने वाली महिला उसके फ्लैट के अंदर घूमते हुए नजर आई। अलमारी खोलकर उसमें रखे सामान को खंगाल रही थी। फुटेज देखकर तुरंत उसने दूसरे पड़ोसी को कॉल कर मदद मांगी। पड़ोसी को कहकर उसके फ्लैट का गेट बाहर से लॉक करवा दिया। डूप्लीकेट चाबी से खोला लॉक चोरी करने फ्लैट में घुसी आरोपी महिला कैमरे में कैद हो गई। इस दौरान ऑनर भी पार्टी छोड़कर घर के लिए रवाना हो गया। कुछ देर बाद आरोपी महिला ने खुद को फ्लैट के अंदर कैद होना पाया। बाहर निकलने की कोशिश के दौरान ही ऑनर भी पहुंच गया। जाली गेट के अंदर मौजूद आरोपी महिला का ऑनर ने वीडियो बनाया तो महिला ने हंगामा करना शुरू कर दिया। खुद के कपड़े फाड़कर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी। फ्लैट में चोरी करने घुसी महिला के पकड़ने की सूचना पर मुहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने समझाइश कर मामले को शांत करवाया। पीड़ित फ्लैट ऑनर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। SHO (मुहाना) गुर भूपेंद्र ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर महिला के खिलाफ गलत तरीके से फ्लैट में घुसने का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पड़ोसी महिला ने डूप्लीकेट चाबी से लॉक खोलकर फ्लैट में चोरी करने घुसी थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में 50 साल बाद भी सुरक्षाकर्मियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वारों पर 24 घंटे ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को शौचालय, पेयजल और गार्ड रूम जैसी आवश्यक सुविधाओं के अभाव में परेशानी हो रही है। विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर तीन शिफ्टों में कुल 12 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनकी जिम्मेदारी दिन-रात विश्वविद्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि, उनके लिए न तो पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था है और न ही उपयोगी शौचालय की सुविधा। लंबे समय तक ड्यूटी करने वाले इन कर्मचारियों को दैनिक जरूरतों को पूरा करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समस्याओं का जल्द समाधान होगा गेट नंबर-2 पर स्थिति और भी खराब है, जहां अब तक गार्ड रूम का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश के दौरान सुरक्षाकर्मियों को खुले में ड्यूटी करनी पड़ती है, जिससे उन्हें भीगने और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों के अनुसार, गेट नंबर-2 पर शौचालय तो बना है, लेकिन उसमें पानी की व्यवस्था नहीं है। पीपल के पेड़ के नीचे होने के कारण कुछ कर्मचारी इसका उपयोग करने से भी बचते हैं। सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को इन समस्याओं से कई बार अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। उनका तर्क है कि सुचारु सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस संबंध में 3 जुलाई, शुक्रवार दोपहर को विश्वविद्यालय के निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ. सुशांत श्रीवास्तव से बात की गई। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में कुशीनगर में एक बैठक में हैं। डॉ. श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से लंबित समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई को प्रस्तावित जोधपुर दौरे से पहले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। मीडिया से बातचीत करते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि 4 जुलाई का दिन जोधपुर और पूरे मारवाड़ के लिए ऐतिहासिक होगा। सालों के लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों जोधपुर के नए अत्याधुनिक एयरपोर्ट टर्मिनल का लोकार्पण होने जा रहा है, जो पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नया टर्मिनल केवल जोधपुर शहर ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान की जरूरतों को पूरा करेगा। वर्तमान एयरपोर्ट की तुलना में इसकी यात्री संभालने की क्षमता लगभग दस गुना बढ़ जाएगी, जिससे बढ़ती हवाई सेवाओं और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। शेखावत ने कहा कि पचपदरा में एचआरआरएल रिफाइनरी के राष्ट्र को समर्पित होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। ऐसे में बेहतर एयर कनेक्टिविटी निवेश, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। 12 साल के बाद संकल्प हो रहा पूरा शेखावत ने कहा कि करीब 12 साल पहले सांसद बनने के बाद उन्होंने जोधपुरवासियों से एयरपोर्ट के विस्तार का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि लंबे प्रयासों के बाद आज वह सपना साकार हो रहा है और यह जोधपुर की जनता के विश्वास की जीत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 12 सालों में मोदी सरकार के कार्यकाल में जोधपुर के बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव आया है। शहर को नई सड़कें, राष्ट्रीय राजमार्ग, लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की रिंग रोड, आधुनिक रेलवे स्टेशन, 42 नई लंबी दूरी की ट्रेनें, वंदे भारत एक्सप्रेस तथा एलिवेटेड रोड जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं मिली हैं। पचपदरा रिफाइनरी पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को देगी नई दिशा शेखावत ने कहा- जोधपुर को जिस स्तर का विकास मिलना चाहिए था, वह अब लगातार हो रहा है। नया एयरपोर्ट टर्मिनल और पचपदरा रिफाइनरी पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे और क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। शेखावत ने जोधपुर और पूरे मारवाड़ की जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा पश्चिमी राजस्थान के विकास के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने शेखावत का स्वागत किया। एयरपोर्ट परिसर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल की सौगात दिलाने पर एयरपोर्ट कार टैक्सी समिति ने भी केंद्रीय मंत्री का अभिनंदन किया। समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह चौहान के नेतृत्व में शेखावत का साफा और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ठाणे के मुंब्रा में बारिश के पानी में करंट से किशोरी की मौत, मुंबई में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
ठाणे, 3 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में बारिश के दौरान एक हादसे में 17 वर्षीय लड़की की करंट लगने से मौत हो गई। पिछले 24 घंटों में शहर के कई हिस्सों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री कल बालोतरा जिले की पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री परियोजना का निरीक्षण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का लोकार्पण करेंगे, साथ ही उड़ान योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री लेंगे तैयारियों का जायजा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज पचपदरा पहुंचकर तैयारियों की अंतिम समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2 बजे मंडापुरा पहुंचेंगे, जहां एचपीसीएल के नए आउटलेट का उद्घाटन करेंगे और पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वे रिफाइनरी परिसर में अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे और शाम करीब 6 बजे जोधपुर के लिए रवाना होंगे, जहां रात्रि विश्राम करेंगे। वहीं, राज्य मंत्री के. के. विश्नोई भी बालोतरा में अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। दोपहर 12 से 2 बजे तक प्रधानमंत्री पचपदरा में रहेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली से रवाना होकर 10:40 बजे जोधपुर वायुसेना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे पुराने टर्मिनल के रास्ते नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन पहुंचेंगे। करीब 20 मिनट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री दो मिनट की वीडियो प्रस्तुति देखेंगे, नए टर्मिनल का अवलोकन करेंगे और प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विधायकों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सुबह 11:20 बजे हेलिकॉप्टर से पचपदरा के लिए रवाना होंगे और दोपहर करीब 12 बजे रिफाइनरी परिसर पहुंचेंगे। यहां वे राजस्थान रिफाइनरी परियोजना का लोकार्पण कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके बाद परियोजना का निरीक्षण करेंगे और विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। लगभग दो घंटे के कार्यक्रम के बाद वे दोपहर 2 बजे पचपदरा से रवाना होंगे। गेट नंबर-7 से होगी आमंत्रितों की एंट्री प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। आमंत्रितों के वाहनों की पार्किंग गेट नंबर-7 पर बनाई गई है, जहां करीब 3 हजार वाहनों की पार्किंग क्षमता है। पार्किंग स्थल से कार्यक्रम स्थल तक शटल बस सेवा उपलब्ध रहेगी और आमंत्रितों का प्रवेश भी गेट नंबर-7 से कराया जाएगा। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, सुरक्षा जांच और भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी यह रिफाइनरी HPCL (74%) और राजस्थान सरकार (26%) का संयुक्त उपक्रम है। 15 साल के लंबे इंतजार और ₹42,229 करोड़ की अतिरिक्त लागत (शुरुआती लागत से तुलना) के बाद अब यह रेगिस्तान की तस्वीर बदलने को तैयार है। पचपदरा रिफाइनरी की सबसे बड़ी खासियत इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (NCI) है। यह लगभग 17 है। तकनीकी भाषा में इसका मतलब है कि यह देश की सबसे उन्नत, हाई-कन्वर्जन रिफाइनरी है। यह दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले भारी, निम्न गुणवत्ता (लो क्वालिटी) वाले कच्चे तेल को भी बेशकीमती पेट्रोल, डीजल, पेट्रोकेमिकल में बदलने की क्षमता रखती है। आत्मनिर्भर भारत का जीवंत उदाहरण देते हुए इस रिफाइनरी के अधिकांश रिएक्टर, कॉलम, भारी टैंक भारत में ही बने हैं। इसका दिमाग यानी कंट्रोल सिस्टम, हाई-प्रेशर कंप्रेसर के लिए अमेरिका, जापान, यूरोप की तकनीक का सहारा लिया गया है। इसकी फिनिशिंग, वेल्डिंग की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाए रखने के लिए नीदरलैंड के तकनीशिय ने पचपदरा की तपती धूप में पसीना बहाया है। खास हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई कच्चे तेल की प्रकृति वैक्सी (मोम जैसी) होती है। इसे पाइपलाइन में जमने से रोकने के लिए मुंद्रा (गुजरात) से पचपदरा तक एक विशेष हीटिंग पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें जगह-जगह हीटिंग स्टेशन, थर्मल इंसुलेशन लगाया गया है। इससे तेल का तापमान बना रहेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के पीछे दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी दिमाग काम कर रहे हैं। इंजीनियर्स इंडिया इसकी कमान संभाल रही है। लमस टेक्नोलॉजी, यूओपी, यूनिवेशन टेक्नोलॉजीज जैसी ग्लोबल कंपनियों ने अपनी पेट्रोकेमिकल, क्रैकर यूनिट्स की तकनीक प्रदान की है। लाखों टन स्ट्रक्चरल स्टील और विशेष एलॉय स्टील से स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। हजारों किलोमीटर की केबलिंग और मोटरों में कॉपर का अधिक उपयोग किया गया है, जिससे वायरिंग फ्रिक्वेंसी मजबूत रहे। रिफाइनरी शुरू होते ही राजस्थान भी मजबूती से आर्थिक क्षेत्र में उभरेगा। रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू होने के बाद राजस्थान केवल कच्चा तेल निकालने वाला राज्य नहीं रहेगा। वह उसे प्रोसेस कर वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट (जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलिमर) बनाने वाला हब बन जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक, केमिकल उद्योगों की बाढ़ आएगी।
दतिया में विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के बाद दतिया की राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है। उपचुनाव के ऐलान के बाद पहली बार मंच पर पहुंचे पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने टेऊराम धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में विरोधियों पर जमकर शब्दबाण चलाए। डॉ. मिश्रा ने अपने पूरे भाषण में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर बिना नाम लिए सीधा और बेहद आक्रामक निशाना साधा। तालाबों की दुर्दशा से लेकर भ्रष्टाचार और परिवारवाद के मुद्दे पर उन्होंने विपक्षी खेमे को बुरी तरह घेरा, तो वहीं अंत में एक बदले हुए सुधारवादी अंदाज में जनता के सामने झुकने का संकल्प भी दोहराया। नरोत्तम मिश्रा ने दतिया के जल संकट और तालाबों की स्थिति पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्षी खेमे के धरने-प्रदर्शनों पर तंज कसा। कहा, हम मन से दतिया के विकास में डूबे रहे और अपने 15 साल के कार्यकाल में एक बार भी यहां के तालाबों को सूखने नहीं दिया। चाहे वह सीतासागर हो, रामसागर हो या लाला का तालाब हो। लाला के तालाब पर कांग्रेस के धरने पर कहा कि कांग्रेस के मित्र वहां धरना दे रहे थे। धरने की नौटंकी करने के बजाय अगर वे लाला के तालाब पर 50 लाख रुपए लगवा देते, उसकी मरम्मत करवा देते, तो मुझे भी मन से अच्छा लगता कि इन्होंने मेहनत की और सरकार की तरफ से कोई कमी रह गई थी। लेकिन उन्हें काम में नहीं, केवल राजनीति में दिलचस्पी है। बोले- पूर्व विधायक को कमीशन से फुर्सत नहीं थीडॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व विधायक की विधानसभा में कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कमीशनखोरी का मुद्दा उछाला। उन्होंने कहा, दतिया की समस्याओं को विधानसभा में कभी नहीं उठाया गया। विधानसभा में प्रश्न तो खूब दिए जाते थे, लेकिन वे सदन के पटल पर उठाए नहीं जाते थे। इन प्रश्नों को लगाने और फिर उन्हें उठाने के बीच में जो बड़ा गोलमाल था, जो भारी कमीशन का खेल था, उन्हें उस कमीशन को खाने से ही फुर्सत नहीं थी। क्षेत्र में विकास की तुलना करते हुए पूर्व गृहमंत्री ने राजेंद्र भारती के परिवार के लंबे राजनीतिक इतिहास पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ये लोग आकर केवल बातें करते हैं, लेकिन अपने 15 साल की कोई एक उपलब्धि नहीं गिना सकते। अगर इनके पिताजी के कार्यकाल को भी जोड़ लें, तो इनके परिवार का दतिया की राजनीति में 40 साल का इतिहास है। देश को आजाद हुए 79 साल हो गए हैं और पिछले 75 सालों से केवल इनके परिवार ने ही यहां चुनाव लड़ा है, एक भी चुनाव नहीं छोड़ा। इतने दशकों तक सत्ता के केंद्र में रहने के बावजूद दतिया के लिए इनका योगदान शून्य है। उन्होंने घोषणा की कि उपचुनाव के बाद जो भी काम सबसे पहले हाथ में लिया जाएगा, वह दतिया की शान और जान लाला का तालाब की मरम्मत और जीर्णोद्धार का होगा, क्योंकि यह दतिया के इतिहास और वाटर लेवल दोनों के लिए बेहद जरूरी है। अंत में कहा- हम सुधारवादी हैं, झुककर पास आएंगेपूरे भाषण में आक्रामक तेवर दिखाने के बाद, डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक बिल्कुल अलग और संवेदनशील रूप देखने को मिला। उन्होंने आत्ममंथन की मुद्रा में खुद में सुधार लाने की बात कही। डॉ. मिश्रा ने बेहद भावुक लहजे में कहा, हम सुधारवादी हैं और हम खुद में सुधार करेंगे। हम अपने विचारों में, अपने व्यवहार में और सबके दृष्टिकोण में परिवर्तन लाएंगे। अब हम जनता के बीच और अधिक झुककर जाएंगे, उनके पास आएंगे और उनकी सेवा करेंगे।
अनूपपुर में रात से रुक-रुक कर बारिश:खेतों की तैयारी में जुटे किसान; खरीफ फसलों की 21% बुवाई
अनूपपुर जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक जिला मुख्यालय सहित कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है। हालांकि जिले में बारिश एक जैसी नहीं हुई। अनूपपुर जिला मुख्यालय और बदरा में सुबह तक रिमझिम बारिश होती रही, जबकि जैतहरी, राजेंद्रग्राम, कोतमा, फुनगा और दैखल क्षेत्र में रात की बारिश के बाद सुबह धूप निकल आई। इससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। औसतन 20.6 मिमी बारिश दर्ज अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश का वितरण सभी क्षेत्रों में समान नहीं है। विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले में औसतन 20.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं 1 जून से अब तक कुल 99.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। 21 प्रतिशत ही हो सकी खरीफ की बुवाई बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विभाग के अनुसार, इस साल जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 21 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई हो सकी है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार धान की 18 प्रतिशत, मक्का की 77 प्रतिशत, उड़द की 18 प्रतिशत, मूंग की 19 प्रतिशत, अरहर की 26 प्रतिशत, मूंगफली की 56 प्रतिशत और सोयाबीन की 55 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि तक जिले में 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में बुवाई हो चुकी थी।
हांसी के गांव चैनत में ग्रामीणों का धरना शुक्रवार को 49वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीण भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को समर्थन देते हुए किसान संगठनों और खाप प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गांव को 36 इंच की मुख्य पेयजल पाइपलाइन से 6 इंच का कनेक्शन देने और अमृत-2 योजना से जोड़ने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में किसान नेता दशरथ मलिक, विकास सीसर और मांगेराम मलिक सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल थे। किसान नेता बोले- लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा चैनत गांव किसान नेताओं ने बताया कि चैनत गांव लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहा है, जिस कारण ग्रामीण पिछले 49 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे हैं। उनका तर्क है कि हांसी के लिए बिछाई जा रही 36 इंच की पाइपलाइन गांव की जमीन से गुजर रही है, इसलिए इसी लाइन से 6 इंच का टी-कनेक्शन देकर गांव को अमृत-2 योजना का लाभ मिलना चाहिए। किसानों ने दावा किया कि इस कनेक्शन से हांसी की जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी, बल्कि सरकार के करीब तीन करोड़ रुपए की बचत होगी। उन्होंने अमृत-2 योजना के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि मार्ग में पड़ने वाले गांवों को भी इस योजना का लाभ दिया जा सकता है। प्रदेश के सभी जिलों में डीसी को सौंपे जा रहे ज्ञापन किसान नेताओं ने यह भी जानकारी दी कि आज हरियाणा के 23 जिलों में उपायुक्तों को इसी संबंध में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। ज्ञापन के बाद किसान नेताओं ने कहा कि पाइपलाइन का रूट बदलने की अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रूट बदलने का प्रयास हुआ तो संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीण भी इसका विरोध करेंगे। किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि यह ग्रामीणों की मुख्यमंत्री से अंतिम अपील है और सरकार को जल्द से जल्द उनकी वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान करना चाहिए।
चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र से यौन शोषण का एक मामला सामने आया है। एक शिक्षक पर युवती को शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक यौन शोषण करने का आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आहत पीड़िता ने 24 घंटे के भीतर थाना परिसर में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। यह घटना हंटरगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव की है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी गौतम कुमार, जो किशोरी साव का पुत्र है, ने उसे एक निजी स्कूल में पढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। स्कूल में ही दोनों के बीच फोन नंबरों का आदान-प्रदान हुआ, जिसके बाद आरोपी ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। पीड़िता का आरोप है कि गौतम कुमार ने शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक उसका यौन शोषण किया। अब जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, तो न्याय के लिए भटक रही पीड़िता ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए थाना परिसर में आत्मदाह करने की बात कही है। होटल ले जाकर शारीरिक संबंध बनाया आरोप है कि जब वह नाबालिग थी, तभी से आरोपी ने शादी का पक्का वादा कर कई बार होटल ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसे गर्भनिरोधक दवाइयां भी दी जाती रहीं। लेकिन जब पीड़िता ने शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया। मामले को सुलझाने के लिए गांव में दो बार पंचायत भी बैठी। पंचायत के सामने आरोपी ने संबंध होने की बात स्वीकारी और 24 जून को शादी के लिए राजी भी हुआ, लेकिन तय दिन उसके परिजनों ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी पक्ष द्वारा केस रफा-दफा करने के लिए 6 से 7 लाख रुपए का प्रलोभन और धमकियां दी जाने लगीं। पंचायत से कानूनी कदम उठाने की अनुमति मिलने के बाद पीड़िता ने हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। केस दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता एसपी कार्यालय से लेकर थाने तक न्याय की गुहार लगा रही है। तीन दिन पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पंचायत में बात बिगड़ने के बाद से ही आरोपी घर से फरार है, जिसकी धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। -प्रभात कुमार, हंटरगंज थाना प्रभारी।
रेप के प्रयास मामले में आरोपी उदयपुर के भाजपा नेता को जोधपुर हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने साफ किया कि ट्रायल में लंबा समय लगने की संभावना को देखते हुए आरोपी को लंबे सयम तक जेल में रखने से कोई ठोस मकसद पूरा नहीं होगा। जज सुनील बेनीवाल की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए ये आदेश दिए। बता दें, आरोपी को उदयपुर शहर की घंटाघर थाना पुलिस ने 28 मई 2026 को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद इन्हें जेल भेज दिया था। करीब एक माह जेल में रहने के बाद उन्हें अब जमानत मिली है। जबरन घर में घुसने का आरोपजानकारी अनुसार, यह मामला 5 जून 2025 का है, जिसमें पीड़िता ने अगले दिन 6 जून को एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ जबरन घर में घुसने, बदसलूकी करने और रेप के प्रयास के आरोप लगाए थे। जिसके बाद आरोपी ने भी दूसरे दिन क्रॉस केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया था। 4 अगस्त 2025 को आरोपी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। जिसे मई माह के अंत में निरस्त कर दिया था। आरोपी ने इसे व्यापारिक विवाद बताते हुए फंसाने की साजिश बताई थी। पुलिस ने दोनों ही एफआईआर के मामलों में अपनी जांच पूरी ली।
मोगा के मैहना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने एक युवक की प्रताड़ना और डराने-धमकाने से तंग आकर जहरीली दवाई पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। पीड़िता को गंभीर हालत में मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद पीड़िता के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर लापरवाही और सुनवाई न करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पीड़िता के भाई ने भी पुलिस की ढिलाई को लेकर रोष प्रकट किया है। फिलहाल पीड़िता की हालत पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर इस घटना के बाद से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। लगातार डरा धमका रहा था युवक, तंग होकर उठाया कदम अस्पताल में उपचाराधीन पीड़िता ने बताया कि गांव के ही एक लड़के ने कुछ समय पहले उसके साथ बदसलूकी की थी। इसके बाद से ही वह उसे लगातार डरा-धमका रहा था और दोबारा बदसलूकी करने के लिए मजबूर कर रहा था। इस मानसिक प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर आखिरकार उसने खौफनाक कदम उठाते हुए जहरीली दवा पी ली। मां का आरोप— बेटी को हवस का शिकार बनाना चाहता था आरोपी पीड़िता की मां ने रोते हुए बताया कि उनके गांव का एक व्यक्ति लंबे समय से उनकी नाबालिग बेटी के पीछे पड़ा हुआ था और उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था। हाल ही में बेटी ने अपनी मां को बताया था कि वह बुरी तरह मानसिक रूप से परेशान है, क्योंकि आरोपी उसे रास्ते में जबरन रोकता है और उसके मोबाइल फोन पर भी लगातार परेशान करता है। मां के अनुसार, उन्होंने आरोपी के परिवार से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन आरोपी और उसके परिजनों ने पीड़िता के परिवार को धमकियां दीं और बीच-बचाव करने आए पंचायत सदस्यों के साथ भी गाली-गलौज की। पुलिस ने नहीं की सुनवाई, थाने के बाहर ही बेटी ने उठाया कदम पीड़िता के परिवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मां ने बताया कि आरोपी से तंग आकर उन्होंने गांव के सरपंच मनदीप सिंह और अन्य पंचायत सदस्यों के साथ मिलकर मैहना थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। पीड़िता की मां का कहना है कि हमें दोबारा थाने बुलाया गया था, लेकिन पुलिस ने फिर भी हमारी बात नहीं सुनी। पुलिस के इस ढुलमुल रवैए से निराश होकर जब हम थाने से बाहर आए, तो हमारी बेटी ने अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर जहरीली दवाई पी ली और वहीं गिर पड़ी। हम उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर भागे।
चंदौली के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के ओरवा गांव में शुक्रवार सुबह एक 35 वर्षीय मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। मृतक की पहचान ओरवा गांव निवासी देवलाल राजभर के पुत्र जितेंद्र राजभर के रूप में हुई है। जितेंद्र ने अपने करकटनुमा घर में लगी बल्ली से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फांसी का फंदा लगाया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी। मृतक की पत्नी रीता देवी, पुत्र शुभम और पुत्रियां प्रिया व परी का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी थानाध्यक्ष वरुणेंद्र राय ने बताया कि युवक ने फांसी लगाकर जान दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। इस दौरान क्षेत्रीय दरोगा अभिमन्यु राय सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे।
उन्नाव में लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन और बिजली विभाग ने अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर होटल, मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कोचिंग संस्थानों की जांच की जा रही है। जिन संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) हिमांशु गौतम ने बताया कि अग्निशमन विभाग ने 12 ऐसे विद्युत कनेक्शनों की सूची उपलब्ध कराई थी, जिनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए थे। विभाग ने सूची में शामिल चार संस्थानों, जिनमें भजन होटल और सिटी कार्ट शामिल हैं, के बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से काट दिए थे। संबंधित संस्थानों ने बाद में आवेदन देकर अग्निशमन संबंधी कमियों को दूर करने के लिए 10 से 15 दिन का समय मांगा। मानवीय आधार पर उनके बिजली कनेक्शन फिलहाल दोबारा जोड़ दिए गए हैं। हालांकि, उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर यदि वे अग्निशमन विभाग से एनओसी प्राप्त कर बिजली विभाग को उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो उनके कनेक्शन फिर से काट दिए जाएंगे। एक्सईएन ने यह भी बताया कि कार्रवाई केवल इन्हीं संस्थानों तक सीमित नहीं है। जिले के सभी व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, होटल और मॉल, जिनके 5 किलोवाट से अधिक क्षमता के बिजली कनेक्शन हैं, उनकी भी जांच कराई जा रही है। बिजली विभाग की टीमें मौके पर जाकर विद्युत सुरक्षा और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की भी जांच शुरू कर दी है। एसडीएम सदर द्वारा बिजली विभाग को 33 कोचिंग संस्थानों की सूची उपलब्ध कराई गई है। इन संस्थानों का संयुक्त निरीक्षण अग्निशमन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भजन होटल का बिजली कनेक्शन एक दिन पहले और सिटी कार्ट का कनेक्शन लगभग आठ दिन पहले काटा गया था। फिलहाल दोनों संस्थानों को आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के बाद जिन संस्थानों के पास वैध अग्निशमन एनओसी नहीं होगी, उनके खिलाफ बिजली कनेक्शन विच्छेदन सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र से अवैध हथियारों के साथ युवकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक चारपाई पर रखे कई अवैध हथियारों के साथ नजर आ रहे हैं और कुछ लोगों को गालियां देते हुए जान से मारने तथा मारपीट करने की धमकी दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो करीब 2 मिनट 15 सेकंड का है। इसमें कुछ युवक चारपाई पर रखे कथित अवैध ऑटोमेटिक और देशी हथियारों का प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक कुछ लोगों को खुलेआम धमकी देते हुए नजर आते हैं। इसी के साथ एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक कुछ लोगों का नाम लेकर उन्हें गालियां देता है और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। वीडियो में बागपत, भाभीसा और कांधला का नाम लेते हुए मारपीट और हिंसा की बात भी कही जा रही है। वीडियो में एक युवक यह कहते हुए भी सुनाई दे रहा है कि यह तो केवल नाम मात्र हैं, इससे कहीं ज्यादा हथियार हैं, जरूरत पड़ने पर निकाल लिए जाएंगे। इस कथित बयान ने स्थानीय स्तर पर अवैध हथियारों की उपलब्धता और उनकी सप्लाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान और हथियारों की वैधता की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिरोजाबाद में सीसीटीवी फुटेज से मोबाइल चोर की पहचान,VIDEO:लोगों ने खुद पीछा कर पकड़ा, पुलिस को सौंपा
फिरोजाबाद में कोटला रोड स्थित किशन नगर गली के सामने शुक्रवार को एक मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर से चोरी कर फरार हुए युवक को सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचान कर लोगों ने पकड़ लिया। आरोपी को मंडी परिषद क्षेत्र से दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। दुकानदार मोनू कुशवाहा ने बताया कि उनकी दुकान से एक युवक ने मोबाइल चोरी किया था। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज देखने के बाद आरोपी की पहचान हुई, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। बताया जाता है कि मोबाइल के मालिक और स्थानीय लोगों ने आरोपी को मंडी परिषद क्षेत्र में देख लिया। उन्होंने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई, और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने अपनी दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
मथुरा में शुक्रवार दोपहर 1 बजे झमाझम बारिश हुई, जिससे कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। दोपहर करीब 12:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। पिछले कई दिनों से तेज धूप और चिपचिपी गर्मी से परेशान लोगों को इससे बड़ी राहत मिली। बारिश की 2 तस्वीरें देखिए… बारिश से किसानों को होगा फायदा बारिश का असर शहर की सड़कों पर भी देखने को मिला। कई स्थानों पर वाहन चालकों ने अपनी रफ्तार धीमी कर दी। दोपहिया वाहन चालक बारिश से बचने के लिए पुलों और दुकानों के शेड के नीचे रुकते दिखे। कुछ लोगों ने बारिश का आनंद लिया, वहीं बच्चों और युवाओं में भी उत्साह देखा गया। इस बारिश से किसानों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। इस समय धान की रोपाई का कार्य शुरू हो चुका है और इसके लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। किसानों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे जनपद में तापमान सामान्य बना रहेगा।
इटावा में नेताजी मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा का अनावरण, शिवपाल सिंह यादव ने किया लोकार्पण इटावा जिला के विकास खंड बसरेहर की ग्राम पंचायत अभिनयपुर पाठकपुर में शुक्रवार 12 बजे समाजवादी पार्टी के संस्थापक, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रक्षा मंत्री एवं 'नेताजी' के नाम से विख्यात मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पहुंचे और विधिवत प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा अनावरण समारोह में समाजवादी पार्टी के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नेताजी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने तथा समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया। कार्यक्रम स्थल पर समर्थकों का उत्साह देखने लायक रहा। प्रतिमा अनावरण के बाद शिवपाल सिंह यादव ने मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया।
जींद पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए सीआईए स्टाफ नरवाना ने सुंदरपुरा रोड से अंशुल उर्फ गोल्डी नामक एक आरोपी को 9.82 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के निर्देशन में सीआईए प्रभारी सुखदेव सिंह की टीम ने यह कार्रवाई की। टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी सुंदरपुरा रोड स्थित रजवाहा पुलिया के पास हेरोइन की सप्लाई करने वाला है। तलाशी में बरामद हुई हेरोइन सीआईए प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि उपनिरीक्षक रोशन लाल के नेतृत्व में टीम मेला मंडी गेट पर गश्त कर रही थी। सूचना मिलते ही टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया और तुरंत मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी अंशुल उर्फ गोल्डी की पैंट की जेब से 9.82 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ थाना शहर नरवाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि नशे की खेप के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों का पता लगाया जा सके।
लखनऊ में संपूर्ण समाधान दिवस:पीड़ित बोले यह आश्वासन दिवस, बिल जमा करने के बाद भी आया 19 हजार
लखनऊ में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने कर निर्धारण, गलत बिलिंग और रिकॉर्ड में गड़बड़ियों को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। कई मामलों में अधिकारियों ने सर्वे कराने और दस्तावेजों की जांच के बाद निस्तारण का आश्वासन दिया। पीड़ित बोले यह आश्वासन दिवस नीलमथा बाजार से अमरनाथ रावत ने बताया कि मेरी दुकान है। उसपर 4,242 का टैक्स है। पहले यह 700 रुपए था। ये जो सैटेलाइट सर्वे हुआ है। इसमें एकदम से टैक्स जंप कर गया। नगर निगम में सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। मैं मार्च में भी आया था कि इसको देख के कम कर दिया जाए, जो वास्तविक है वो लिया जाए। लेकिन ये कहा गया था कि देखा जाएगा, अभी तक हुआ नहीं। आज फिर मैं आया हूं, मैंने एप्लीकेशन दिया है। आज भी मुझे आश्वासन ही मिला है कि देख के इसको सही कर दिया जाए। इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि ये पूर्ण समाधान दिवस नहीं है, ये केवल आश्वासन दिवस है। बिल जमा करने के बाद भी आया 19 हजार विक्रमादित्य वार्ड से पहुंचे सुमित रावत ने बताया कि उपविजेता पार्षद हूं । मेरी ये समस्या है कि हमारा पानी का टैक्स 2023 में जब हम चुनाव लड़े थे। तो मैंने पूरा बिल जमा किया था। उसके बाद फिर भी 19,000 बिल आ गया। इसे सही करना चाहिए। खराब सीवर और टैक्स रिवाइज की मांग जसवंत सिंह पटेल ने बताया कि अलीगंज वार्ड से आए हैं। उनका कहना है कि मकान टूट गया था, 22-25 साल हो रहे हैं। सीवर लाइन आज़ादी के बाद से अभी तक नहीं पड़ी। सीवर लाइन का भी पैसा उसमें जलकल में लिया जा रहा है। तीन बार आया हूं, समस्या का समाधान नहीं हुआ है। आज चौथी बार आया हूं, मेयर साहब से मिला और जो बचा है वो हमसे जमा करा लिया जाए, बाकी जो है इतने दिन से ब्याज वो माफ़ करके। मेरी बुजुर्ग मां 85 साल की है। मेरी बहन पैरालाइसिस से पीड़ित है तीन बरस से, ऑन बेड है। और मैं पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगार बैचलर हूं। 64 साल की उम्र है मेरी। इस समस्या से मैं 25 साल से पीड़ित रहा हूं। उन्होंने कहा कि हमारा टैक्स रिवाइज किया जाए। इस मामले में मेयर ने रिपोर्ट देने को कहा है। पटरी दुकानों की रसीद नहीं कट रही राजा राम मोहन राय वार्ड से पहुंचे राजू कश्यप ने बताया कि पटरी दुकानदार की समस्या लेकर आया था, रसीद कटनी थी जो कि 2023 से रसीद नहीं कट पा रही थी। उसके लिए हमने कई बार ज्ञापन दिया है और अभी भी उसपे संज्ञान नहीं लिया गया है। आने वाले समय में कहा कि जब वेंडिंग जोन की बैठक होगी। तब हम इसको देखेंगे। हमारे हिसाब से तो समाधान दिवस तो रखा गया है, लेकिन उसपे निगरानी नहीं होती है। हाउस टैक्स जो 10,000 आता था, अब 50,000 आ रहा है। यह अधिकारियों की लापरवाही है। नाला बंद कर दिया रीना वर्मा बादशाह खेड़ा, तकरोही में रहती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी नाली बंद कर दे रहे हैं। इतनी बार उनसे मैंने बोला कि नाली का पानी आगे जाने दो क्योंकि बिल्कुल काला-काला पानी हो गया है। इतनी भयानक तरीके से बंद करते हैं कि जाड़ा, गर्मी, बरसात में समस्या बनी रहती है। मुझे 3 साल हो गया है, मैं, यही काम कर रही हूं। अधिकारियों से बहुत शिकायत कर ली, कोई फ़र्क नहीं पड़ा बस। अब यह लास्ट एक ऑप्शन है, इसमें आए हैं, देखते हैं पे क्या होता है। बाकी अपने ज़ोन में हमने कई बार कम्प्लेन करी है।
श्रावस्ती के नवीन मॉडर्न थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में दोनों ट्रक चालकों की मौत हो गई, जबकि सड़क किनारे सो रहे एक परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से गंभीर घायलों को बहराइच मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। दरअसल एक ट्रक बलरामपुर से बहराइच की ओर जा रहा था और उसमें ठंडे पेय पदार्थ लदे थे। दूसरा ट्रक लकड़ी से भरा हुआ था और वह बहराइच से बलरामपुर की दिशा में जा रहा था। खरगौरा बस्ती विजयी पुरवा के पास नेशनल 730 हाइवे मार्ग पर यह टक्कर हुई। ठंडे पेय पदार्थ वाले ट्रक के चालक अंशु यादव (40), निवासी गुलरिया जगत, बरेली, की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, लकड़ी लदे ट्रक के चालक अमजद हुसैन, निवासी देवरी, सिद्धार्थनगर, को जेसीबी की मदद से केबिन तोड़कर बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के दौरान, लकड़ी गिरने से बौद्ध परिपथ के पास अपने घर के सामने सो रहे अरुण कुमार पांडेय (32), उनकी पत्नी सीमा पांडेय (30) और पुत्र पीयूष पांडेय (13) गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अतिरिक्त, ठंडे पेय पदार्थ वाले ट्रक के खलासी गोपी सिंह (42), एक सवारी मोहम्मद सद्दाम (30) और लकड़ी वाले ट्रक के खलासी नबीउल्लाह भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायल खलासी गोपी सिंह ने बताया कि वे बांसी, सिद्धार्थनगर से लकड़ी लोड कर तंबौर की ओर जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सामने से आ रहा ट्रक अचानक उनकी साइड में आ गया, जिससे यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर सीओ आलोक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि दोनों ट्रक विपरीत दिशाओं से आ रहे थे। एक चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी, जबकि दूसरे चालक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद मलबा हटवाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मऊ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को दो सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने किसानों की कर्जमाफी और निजी विद्यालयों की मनमानी फीस पर रोक लगाने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के मंडल अध्यक्ष वीरेन्द्र पासवान ने कहा कि प्रदेश में निजी विद्यालय मनमाने ढंग से फीस वसूल रहे हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने में असमर्थ हैं। उन्होंने सरकार से निजी स्कूलों की फीस का न्यूनतम मानक तय करने और इसके लिए प्रदेश स्तर पर स्पष्ट नियमावली बनाने की मांग की। पासवान ने आगे कहा कि प्रदेश का किसान आज कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। ऐसे में वर्ष 2026 तक लिए गए किसानों के 1.50 लाख रुपये तक के कृषि ऋण को माफ किया जाए, ताकि किसान सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। जिला महामंत्री मोहम्मद जैनुद्दीन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। वहीं, जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद फारूख ने सवाल उठाया कि जब बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों का कर्ज माफ किया जा सकता है, तो किसानों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मांगें पूरी न होने पर किसानों के सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी। राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र सिंह ने भी कहा कि यदि निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वसूली पर रोक नहीं लगाई गई तो भारतीय किसान यूनियन (भानु) प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन करेगी। इस दौरान मनीष कुमार चौहान, जीता चौहान, राजवीर पासवान, रामकरन चौहान, लालता चौहान, फैजूर रहमान, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद तावीज, मोहम्मद अहमद, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद सुफियान सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मोतिहारी के पिपरा कोठी प्रखंड स्थित वाट गंज में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए अधिग्रहित जमीन को मुक्त कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को किसान महासभा का आयोजन किया गया। सांसद सुधाकर सिंह के नेतृत्व में हुई इस सभा में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर जमीन वापस करने की मांग की। किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर उनकी जमीन की जमाबंदी अचानक रद्द कर दी गई है। उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में एडीएम से रिपोर्ट मांगी तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इस मुद्दे पर प्रशासन की भूमिका को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है। जमीन छीन जाने से संकट में पड़ जाएगा जीवन सभा के दौरान कई महिलाएं भावुक हो गईं और उन्होंने बताया कि यह जमीन ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है। इसे छीन लेने से उनका जीवन संकट में पड़ जाएगा। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना उचित प्रक्रिया और जानकारी के उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। किसानों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के लाठीचार्ज किया, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी घायल हुए। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पूंजीपतियों को जमीन देने की हो रही कोशिश सभा में मौजूद किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन छीनकर पूंजीपतियों को देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ किसानों के हित की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर उनकी जमीन छीनी जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र के टांगरपानी में शुक्रवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। रामगढ़ (झारखंड) से कोरबा जा रही 'जय बाला' ट्रैवल्स की यात्री बस सुबह करीब 3:30 बजे अनियंत्रित होकर डायवर्शन में पलट गई। बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने डायवर्शन में पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस और ग्रामीणों ने चलाया रेस्क्यू हादसे की सूचना मिलते ही कुनकुरी पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। 10 से ज्यादा घायल, एक महिला की हालत गंभीर हादसे में 10 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए कुनकुरी अस्पताल भेजा गया। घायलों में जशपुर निवासी शोभंती भगत (50) और उनकी बेटी रीमा भगत (23) भी शामिल हैं। एक महिला यात्री की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए होली क्रॉस अस्पताल, कुनकुरी में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति को लेकर अंतिम पुष्टि डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद होगी। हादसे के कारणों की जांच शुरू हादसे के बाद कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। बाद में पुलिस ने बस को हटाकर यातायात सामान्य कराया। जानकारी के अनुसार, बस रामगढ़ (झारखंड) से कोरबा जा रही थी। हादसा किन कारणों से हुआ, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस सड़क की स्थिति, डायवर्शन और चालक की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी।
पानीपत जिले में समालखा खंड के गांव भोड़वाल माजरी में धान रोपाई के दौरान खेत में करंट आने से एक मजदूर की मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य मजदूर झुलस हो गए, जिन्हें समालखा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मजदूर बिहार के सहरसा जिले के गांव पामा के रहने वाले हैं। मृतक की पहचान मनोज कामत (36) के रूप में हुई है, जबकि झुलसे लोगों में मुलायम और परमीत हैं। झुलसे लोगों ने बताया कि वे पंद्रह-बीस दिन पहले धान रोपाई के लिए अपने साथियों के साथ बिहार से भोड़वाल माजरी आए थे। वे वर्षों से धान की रोपाई और कटाई के मौसम में यहां काम करने आते हैं और गांव के सुशील के खेत में रहते हैं। खेत में भरे पानी में फैला करंट वीरवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे दस मजदूर किसान ईश्वर के खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी हो रही थी। खेत में लगे 11 हजार केवीए की बिजली लाइन के एक खंभे पर डिस्क पंक्चर होने से धमाका हुआ और फ्लैश हुआ। खंभे के माध्यम से बिजली का करंट खेत के पानी में फैल गया। मृतक मनोज कामत खंभे के पास काम कर रहा था, जिससे उसे तुरंत करंट लग गया और उसकी जान चली गई। मनोज के आसपास होने के कारण मुलायम और परमीत भी घायल हो गए। खेत में काम कर रहे सात अन्य मजदूर भी पानी में गिर गए, लेकिन गनीमत रही कि इस दौरान बिजली लाइन ट्रिप हो गई, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस कर रही मामले की जांच मनोज कामत अपने दो भाइयों में बड़ा था। उसके परिवार में तीन लड़कियां और एक लड़का है। स्थानीय पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है और मामले की छानबीन कर रही है।
हरियाणा को वर्ष 2047 तक विकसित और टिकाऊ कृषि मॉडल वाला राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हरियाणा विजन-2047 के एक्शन प्लान को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में कृषि, बागवानी, मत्स्य और पशुपालन विभागों की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति पर मंथन हुआ।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अगले पांच वर्षों में अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए विभाग गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाएं और किसानों को तकनीकी व वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं। प्राकृतिक खेती पर सरकार का फोकसमुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती, जीरो बजट खेती और कृषि की आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को नई तकनीक अपनाने, प्रशिक्षण लेने और उत्पादन बढ़ाने में सरकार हर स्तर पर सहयोग करेगी, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों की आय में बढ़ोतरी हो।चार विभागों की योजनाओं की समीक्षाबैठक में कृषि, बागवानी, मत्स्य और पशुपालन विभागों की मौजूदा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही विजन-2047 के तहत इन क्षेत्रों में उत्पादन, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने के लिए नए लक्ष्य तय करने पर चर्चा हुई।विजन-2047 का उद्देश्यसरकार का लक्ष्य हरियाणा को वर्ष 2047 तक कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में आधुनिक, टिकाऊ और तकनीक आधारित राज्य के रूप में विकसित करना है। इसके लिए प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, आधुनिक कृषि उपकरण, मूल्य संवर्धन और कृषि विविधीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।हरियाणा सरकार अब खेती के पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़कर प्राकृतिक और टिकाऊ कृषि पर बड़ा दांव लगा रही है। यदि अगले पांच वर्षों में बड़े स्तर पर किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ते हैं तो इससे खेती की लागत कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
सलूम्बर के सराडा तहसील में वीबीजीरामजी का जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं के लाभ वितरित किए गए। क्षेत्रीय विधायक शांता अमृतलाल मीणा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सपेला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विधायक शांता मीणा ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को सहायता सामग्री और स्वीकृति पत्र वितरित किए। श्रमिकों को टूल किट तथा माताओं को मातृत्व किट प्रदान की गईं। सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता भी उपलब्ध कराई गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सपेला ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम के समापन पर, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने तहसील परिसर में पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में एसीईओ दिनेश पाटीदार, उपखंड अधिकारी बिंदुबाला राजावत, विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह चुंडावत, तहसीलदार आस्था रानी बामणिया, सारड़ा मंडल अध्यक्ष करण जोशी और जयसमंद मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
सांप के डसने से साढ़े 3साल के बच्चे की मौत:खांडी ओबरी गांव में आंगन में खेलते समय काटा था
उदयपुर जिले के खेरवाड़ा थाना क्षेत्र के खांडी ओबरी गांव में सर्पदंश से साढ़े 3 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। बच्चे को गंभीर हालत में डूंगरपुर जिला अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना सुबह के समय हुई जब बच्चा आर्यन डामोर अपने घर के आंगन में खेल रहा था। उसकी मां पास में ही बर्तन मांज रही थी। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने आर्यन को डस लिया। बच्चे के चिल्लाने पर परिजनों को घटना का पता चला। पुलिस मामले की जांच में जुटीसांप के काटने के बाद परिजन तुरंत अचेत होते बच्चे को लेकर खेरवाड़ा अस्पताल पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने बिना समय गंवाए बच्चे को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, जांच के बाद डॉक्टरों ने मासूम आर्यन को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना खेरवाड़ा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिरोजाबाद के टूंडला कस्बे में एक ज्वैलर्स की दुकान में लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए। चोरों ने दुकान की दीवार काटकर वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। यह घटना टूंडला क्षेत्र के महावीर वाटिका निवासी आकाश जूरैल की स्टेशन रोड स्थित श्रीजी ज्वैलर्स में देर रात हुई। शुक्रवार सुबह 11 बजे जब वह दुकान खोलने के लिए पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई। चोरों ने दुकान के पीछे की दीवार काटकर प्रवेश किया। उन्होंने दुकान में रखी तिजोरी काटने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद चोर दुकान से करीब 5 किलो चांदी और लगभग 100 ग्राम सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में चोर की गतिविधियां कैद हो गई हैं। फुटेज में चोर सलवार-सूट और चुनरी ओढ़े हुए दिखाई दे रहा है, जिससे उसने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही थाना टूंडला पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान का डीवीआर अपने कब्जे में लेकर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चोर की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें सक्रिय हैं और घटना का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
कानपुर प्राणि उद्यान (जू) के लिए यह वक्त भावुक कर देने वाला है। अभी कुछ ही दिन पहले अपनी तेज दहाड़ से जू की शान बढ़ाने वाले बुजुर्ग शेर 'अजय' की मौत के सदमे से स्टाफ उबर भी नहीं पाया था कि अब एक और विदाई की खबर ने सबकी आंखें नम कर दी हैं। करीब आठ साल पहले कानपुर जू के जिस बाड़े में भारी-भरकम और कोकाकोला रंग वाले हिप्पो (दरियाई घोड़ा) 'सतीश' ने जन्म लिया था, अब वह इस शहर को अलविदा कहने वाला है। वन्यजीवों की अदला-बदली (एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम) के तहत सतीश को इंदौर जू भेजा जा रहा है। इसके बदले इंदौर से शेरनी 'रीवा' कानपुर जू की नई मेहमान बनेगी। हर 100 किमी पर लगेगी ब्रेक, 'सतीश' पूरे रास्ते नहाते हुए जाएगा इंदौर कानपुर से इंदौर का सफर काफी लंबा है, इसलिए सतीश को भेजने के लिए जू प्रशासन ने बेहद खास तैयारियां की हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी फिरोज खान ने बताया कि सामान्य वन्यजीवों की तुलना में हिप्पो को शिफ्ट करना बड़ी चुनौती है। हिप्पो को पानी में रहना सबसे ज्यादा पसंद होता है। अगर वह ज्यादा देर पानी से बाहर रहे, तो उसकी त्वचा फटने लगती है। सतीश को रास्ते में कोई तकलीफ न हो, इसके लिए एक विशेष पिंजरा डिजाइन किया गया है। गाड़ी में पानी का एक बड़ा कंटेनर रखा जाएगा। सफर के दौरान हर 100 किलोमीटर पर गाड़ी को रोका जाएगा और सतीश को पानी से नहलाया जाएगा। यानी सतीश पूरे रास्ते 'कूल-कूल' होकर सफर तय करेगा। स्टाफ बोला हर वन्यजीव परिवार के सदस्य जैसा, सतीश की कमी खलेगी जू प्रशासन के मुताबिक, इस समय कानपुर चिड़ियाघर में कुल पांच हिप्पो हैं, जिनमें से सतीश को इंदौर भेजा जा रहा है। क्षेत्रीय वन अधिकारी फिरोज खान का कहना है कि जू के स्टाफ का हर वन्यजीव से जुड़ाव एक परिवार के सदस्य जैसा हो जाता है। सतीश को बचपन से यहां की मिट्टी में खेलते और बड़े होते देखा है। इसलिए उसे विदा करते वक्त दिल भारी है। हालांकि, उसके सुरक्षित सफर के लिए डॉक्टरों और कीपर्स की टीम पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई है। अब कानपुर जू के स्टाफ को इंदौर से आने वाली शेरनी 'रीवा' का इंतजार है, ताकि शेर अजय के जाने से खाली हुआ बाड़ा एक बार फिर आबाद हो सके।
शहडोल जिले के खनौधी वन परिक्षेत्र में भालू के हमले से एक किसान की मौत हो गई। मुर्गा महरोई गांव का 52 वर्षीय किसान गुरुवार को मवेशी चराने गया था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह उसका शव खेत में मिला। जिले में एक सप्ताह के भीतर भालू के हमले से मौत का यह दूसरा मामला है। पुलिस के अनुसार, किसान गुरुवार सुबह मवेशी लेकर घर से निकला था। देर शाम तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में शव देखा और इसकी सूचना पुलिस व वन विभाग को दी। शरीर पर मिले हमले के निशान सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में शरीर पर मिले गहरे घाव और घटनास्थल के आसपास के निशानों के आधार पर भालू के हमले की आशंका जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वन विभाग की जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी। ग्रामीणों ने बढ़ाई गश्त की मांग घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अब खेतों में काम करना और मवेशी चराना भी जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, भालू की निगरानी करने और गांवों में लोगों को सतर्क करने की मांग की है। एक सप्ताह पहले भी गई थी एक जान इससे पहले गोहपारू वन परिक्षेत्र के धनवाह गांव में भी भालू के हमले में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। वह जंगल से लकड़ी लेने गया था और हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। लगातार दूसरी घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।
आमेर महल में तैनात होमगार्ड जवान ने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है। आमेर महल घूमने आए ओडिशा निवासी पर्यटक नित्यानंद साहू का बैग कहीं छूट गया था। बैग में ₹1.06 लाख नकद, अन्य कीमती सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। आमेर महल में ड्यूटी पॉइंट पर तैनात होमगार्ड जवान फैज़ल खान (बेल्ट नंबर 1041) को शीश महल के पास यह लावारिस बैग दिखाई दिया। बैग की जांच करने पर उसमें बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य कीमती सामान मिला। फैज़ल खान ने बिना देर किए इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी और पर्यटक की तलाश शुरू कराई। इस बीच पर्यटक नित्यानंद साहू बैग मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे। जब उन्हें सूचना दी गई कि उनका बैग और उसमें रखा पूरा कैश व सामान सुरक्षित है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आमेर महल प्रशासन की मौजूदगी में फैज़ल खान ने बैग में रखे ₹1.06 लाख नकद, कीमती सामान और सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रूप से पर्यटक को सौंप दिए। अपना खोया हुआ बैग वापस मिलने पर पर्यटक ने भावुक होकर होमगार्ड जवान फैज़ल खान का धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी की सराहना करते हुए एक वीडियो भी बनाया। फैज़ल खान की इस सराहनीय पहल ने एक बार फिर अतिथि देवो भवः की भावना को साकार करते हुए पर्यटकों के बीच राजस्थान की सकारात्मक छवि को मजबूत किया।
प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन (युवा) के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह और उनके साथियों में एक साथ 8 एफआईआर दर्ज की गई है। सभी मुकदमें पीडीए ने जांच के बाद कराए हैं। हर एफआईआर क्षेत्र के लेखपाल ने वादी बनकर दर्ज कराई है। सभी मामलों में अवैध प्लाटिंग करने, नक्शा न पास कराने, दूसरे की जमीन पर प्लाटिंग शुरू करने। विरोध करने पर धरना प्रदर्शन कर सरकारी कार्यों में बाधा डालने आदि के केस दर्ज कराए गए हैं। सभी रिपोर्ट प्रयागराज के एयरपोर्ट थाने में दर्ज हुई है। पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है। जल सत्याग्रह कर रहे दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन अजुन सिंह के नेतृत्व में संगम तट पर जल सत्याग्रह कर रही है। इससे पहले एयरपोर्ट थाने में धरना प्रदर्शन किया गया था। एयरपोर्ट थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन में हंगामा भी हुआ था। इसी मामले को लेकर अध्यक्ष अजुन सिंह आज प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। बता दें कि भाकियू लगातार प्रयागराज के थानों के बाहर जमीन संबंधित मामलों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर दबाव बनाती रही है। सभी में अजुन सिंह नामजद एयरपोर्ट थाने में दर्ज मुकदमे की तहरीर में कहा गया है कि ग्राम शाहा उर्फ पीपलगांव परगना व तहसील सदर की अराजी पर अनुज सिंह पुत्र देवेन्द नाथ सिंह प्रयागराज विकास प्राधिकरण बगैर नक्शा पास कराये अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। ऐसे ही आठों एफआईआर में अलग अलग प्लाटिंग को लेकर आरोप लगाए ग्ए हैं। मामला लाखों की जमीनों का है। एफआईआर में अजुन सिंह के साथ ही राजु कुमार कनौजिया, मो. शकील, शहबाज सईद, पप्प् पाल आदि को नामजद किया गया है। सभी एफआईआर में अनुज सिंह नामजद हैं जबकि कई अज्ञात पर केस दर्ज हुआ है।
NDPS के दो मामलों में कोर्ट ने 3 आरोपियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। पहला मामला साल 2021 रायपुर के आरंग थाना क्षेत्र का है। जहां पुलिस ने तीन तस्करों को 17 किलो गांजा के साथ पकड़ा था। इनमें से एक मौके से फरार हो गया। अन्य दो को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस कोर्ट पंकज कुमार सिन्हा रायपुर ने 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं दूसरा मामला साल 2023 का है, जीआरपी पुलिस ने आरोपी अनुज कुमार गुप्ता को लगभग 10 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। मामले में विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) रायपुर किरण थवाईत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। बाइक से रायपुर ला रहे थे गांजा, पुलिस ने पकड़ा सरकारी वकील केके चंद्राकर ने बताया कि मामला दिसंबर 2021 का है, उस समय रायपुर की आरंग थाना पुलिस नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए सीमा पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाइक से 3 लोग गांजा लेकर रायपुर आ रहे हैं। पुलिस ने महासमुंद की ओर से आ रही बाइक को रोका। पुलिस को देखकर तीनों घबरा गए। तलाशी लेने पर बाइक में रखे बोरे से 17 किलो गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की कीमत करीब ढाई लाख रुपए बताई गई। पूछताछ में आरोपियों की पहचान महासमुंद जिले के तेंदूकोना निवासी भुवनेश्वर देवांगन, बागबाहरा के फिरगी गांव निवासी सुरेश यादव और गरियाबंद जिले के खैरझिठी निवासी यशवंत बघेल के रूप में हुई। तीनों ने पुलिस को बताया था कि वे रायपुर में किसी व्यक्ति को गांजा सप्लाई करने जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने शहर में गांजा खरीदने वाले की तलाश भी शुरू की थी। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, भुवनेश्वर देवांगन और सुरेश यादव को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(2)(बी) के तहत दोषी ठहराया गया। दोनों को 10-10 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं तीसरा आरोपी यशवंत बघेल अब भी फरार है। रायपुर रेलवे स्टेशन से 9.5 किलो गांजा के साथ पकड़ाया युवक दूसरे मामले की जानकारी देते हुए सरकारी वकील भुवन लाल साहू ने बताया 18 अप्रैल 2023 को जीआरपी रायपुर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ युवक बैग में गांजा लेकर स्टेशन पहुंचे हैं और ट्रेन से प्रयागराज जाने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 के बिलासपुर छोर स्थित टॉयलेट के पास पहुंची। वहां पुलिस ने घेराबंदी कर एक युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम अनुज कुमार गुप्ता बताया। पुलिस ने नियमों के मुताबिक तलाशी की प्रक्रिया पूरी की और उसके बैग की जांच की बैग में दो बड़े पैकेट मिले। जांच करने पर दोनों पैकेट में गांजा मिला। पुलिस ने वजन किया तो एक पैकेट में 5 किलो और दूसरे में 4 किलो 500 ग्राम गांजा मिला। यानी कुल 9.5 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर सैंपल लेकर उसे फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल भेजा। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बरामद पदार्थ गांजा ही था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई। मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) रायपुर श्रीमती किरण थवाईत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
शामली जनपद के कैराना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सेपथ में शुक्रवार सुबह धान के खेत में एक अज्ञात युवक का शव मिला। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी ऋषिपाल पुत्र अजब सिंह के धान के खेत में शुक्रवार सुबह नीरज पुत्र प्रेम खाद डालने गया था। इसी दौरान उसकी नजर खेत में पड़े शव पर पड़ी। शव देखकर वह घबरा गया और तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलने पर सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, शव काफी पुराना प्रतीत हो रहा है और पूरी तरह सड़-गल चुका है, जिसके कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आसपास के थानों से गुमशुदगी के मामलों का मिलान कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पहचान होने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
महराजगंज में कमरे के अंदर मिला युवक का शव:अंदर से बंद था दरवाजा, घर वाले नहीं बता सके कारण
महराजगंज के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र स्थित पैसिया ललाइन गांव में शुक्रवार को एक युवक का शव उसके कमरे के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृतक की पहचान ओमप्रकाश चौहान पुत्र ओमकार चौहान के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि जब युवक काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आया तो उन्होंने आवाज लगाई। कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर दरवाजा खोला गया, जहां ओमप्रकाश मृत अवस्था में पड़े मिले। घटना की सूचना तुरंत पुरंदरपुर पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। फोरेंसिक साक्ष्यों के लिए भी आवश्यक जांच की गई। युवक की मौत का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही चल पाएगा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में बोतलबंद पेयजल इकाइयों पर कार्रवाई:एक का उत्पादन बंद, दूसरी को सुधार का नोटिस जारी
देवरिया में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुक्रवार को तीन बोतलबंद पेयजल इकाइयों का निरीक्षण किया। सहायक आयुक्त (खाद्य)-2 हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में एक इकाई का उत्पादन बंद कराया गया, जबकि दूसरी को सुधार नोटिस जारी किया गया। एक बंद मिली इकाई के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया। भाटपाररानी क्षेत्र के भठवा तिवारी स्थित IFFSO Beverages Pvt. Ltd. के निरीक्षण में कई कमियां पाई गईं। विभाग ने इस इकाई को सुधार नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय-सीमा में सभी खामियों को दूर करने का निर्देश दिया है। लार स्थित Everbest Foods Beverages इकाई निरीक्षण के दौरान बंद पाई गई। टीम ने प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया। निर्देश दिया गया है कि इकाई को दोबारा संचालित करने से पहले विभाग को सूचित कर आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उसरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित Deoria Beverages Pvt. Ltd. में निरीक्षण के दौरान बोतलबंद पेयजल निर्माण से संबंधित आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। इस पर विभाग ने इकाई में पेयजल निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। यह कार्रवाई आवश्यक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होने तक प्रभावी रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन प्रतिष्ठानों पर पूर्व में अंतरजनपदीय टीमों द्वारा छापेमारी कर खाद्य नमूने भी एकत्र किए गए थे। नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में 37 खाद दुकानों पर छापा:16 नमूने लिए गए, दो लाइसेंस निलंबित; 6 को नोटिस
देवरिया में खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और जबरन टैगिंग रोकने के लिए कृषि विभाग ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। प्रमुख सचिव (कृषि) के निर्देश और जिलाधिकारी के आदेश पर गठित संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 37 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान जांच के लिए 16 उर्वरकों के नमूने लिए गए। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि छह विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जिला कृषि अधिकारी उदय शंकर सिंह ने बताया कि सदर, सलेमपुर, भाटपाररानी, रुद्रपुर और बरहज तहसीलों में कृषि एवं अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने एक साथ छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान मेसर्स कृषि सेवा केंद्र बीरसिंहपुर, मिश्रा एग्री केयर अलवलापुर, रामदरस चौरसिया घांटी, गुप्ता खाद भंडार प्रतापपुर और नितिश खाद भंडार टेकुआ के संचालक अपनी दुकानें बंद कर फरार पाए गए। लक्ष्मी खाद भंडार, फुलवरिया करन में अभिलेख अधूरे मिलने पर उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जांच के दौरान मेसर्स सिंह ट्रेडर्स, फुलवरिया लच्छी और मेसर्स कृषक सेवा केंद्र, फुलवरिया करन के अभिलेख निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके परिणामस्वरूप, इन दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड और पीओएस मशीनों की भी जांच की। सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि वे किसानों को केवल पीओएस मशीन से फार्मर आईडी सत्यापन के बाद ही उर्वरक बेचें। साथ ही, बिक्री की रसीद अनिवार्य रूप से दें और उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग न करें। जिला कृषि अधिकारी ने चेतावनी दी कि अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी या जबरन टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
कानपुर में परमट स्थित प्रसिद्ध बाबा आनंदेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार की सुबह 7 बजे एक बेहद अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। सावन के इस पावन महीने में बाबा आनंदेश्वर का शुक्रवार की सुबह ऐसा भव्य शृंगार किया गया, जिसने भी देखा वह बस देखता ही रह गया। भोर की पहली किरण के साथ ही बाबा के दरबार को देशी-विदेशी फूलों और ताजे फलों से महल की तरह सजाया गया। शृंगार पूरा होने के बाद जब बाबा की महाआरती शुरू हुई, तो पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। मोगरा और जरबेरा के फूलों से बना दिव्य चक्र शुक्रवार सुबह 7 बजे के इस विशेष शृंगार की सबसे बड़ी खासियत इसकी भव्य सजावट रही। मन्दिर के महंतों ने कई घंटों की मेहनत के बाद शिवलिंग के चारों तरफ रंग-बिरंगे ताजे फूलों की कई परतें तैयार की थीं। मखमली अहसास देने वाले सफेद मोगरा और बेला के फूलों के बीच पीले और नारंगी रंग के गेंदे और जरबेरा के फूलों का ऐसा शानदार मेल बिठाया गया, मानो बाबा के चारों ओर कोई प्राकृतिक पुष्प चक्र घूम रहा हो। फूलों की सुगंध से पूरा गर्भगृह महक रहा था। चारों कोनों पर खिले गुलाबी कमल, फलों की अनोखी माला इस अद्भुत शृंगार में सबसे ज्यादा ध्यान बाबा के दरबार में सजे गुलाबी रंग के बड़े और खिले हुए कमल के फूलों ने खींचा। शृंगार के चारों कोनों और ठीक बीचों-बीच रखे गए ये कमल के फूल बाबा की भव्यता को कई गुना बढ़ा रहे थे। इसके साथ ही, फूलों के चक्र के बीच में लाल रंग के गोल-गोल ताजे फलों की एक खूबसूरत गोलाकार माला बनाकर सजाई गई थी, जो इस पूरे शृंगार को एक बिल्कुल अनोखा और नया रूप दे रही थी। पीले चंदन पर दमक उठा लाल त्रिपुंड भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बाबा का ज्योतिर्लिंग स्वरूप रहा। शृंगार के दौरान बाबा के दिव्य स्वरूप पर सबसे पहले पीले चंदन का गाढ़ा लेप लगाया गया। इसके बाद उसके ठीक ऊपर लाल रंग से बेहद आकर्षक और स्पष्ट 'त्रिपुंड' व तिलक बनाया गया। चंदन की शीतलता और लाल त्रिपुंड की चमक बाबा के चेहरे पर एक अलग ही तेज बिखेर रही थी। इसके अलावा शृंगार के बीच-बीच में पवित्र बेलपत्र अर्पित किए गए थे और कोनों पर चांदी के कलश व नैवेद्य (भोग) सजाकर रखे गए थे। सुबह-सुबह इस दिव्य रूप के दर्शन पाकर भक्त निहाल हो गए।
शिवपुरी जिले के लाड़करन गांव में जमीन पर कब्जे के विवाद को लेकर पिता-पुत्र पर हमला किया गया। लाठी-डंडों से हुई इस मारपीट में दोनों घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि घायलों के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। जिला अस्पताल में भर्ती 32 वर्षीय संजीव परिहार ने बताया कि उनकी 8 बीघा कृषि भूमि पर खेरौना गांव के भरत रावत और हजारी रावत ने कब्जा कर रखा था। लगभग दो माह पहले राजस्व विभाग ने सीमांकन कर जमीन से कब्जा हटवाया था। 10 से 12 लोगों ने हमला कियासंजीव के अनुसार, उन्होंने तीन दिन पहले अपनी जमीन की जुताई कराई थी। गुरुवार शाम उन्हें सूचना मिली कि भरत रावत और हजारी रावत दोबारा ट्रैक्टर से उनकी जमीन जोत रहे हैं। इस पर वह अपने पिता राम सिंह परिहार (52) के साथ खेत पहुंचे और उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि खेत पर पहले से मौजूद भरत रावत, हजारी रावत, राजेश रावत, बुद्धा, टिल्लू, बलवीर रावत सहित 10 से 12 लोगों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से पिता-पुत्र पर हमला कर दिया। आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट की और घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस दर्ज कर रही घायलों के बयानघटना के बाद परिजन दोनों घायलों को गुरुवार रात जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उनका उपचार जारी है। तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं और बयानों के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर नगर पालिका में 2.32 अरब का बजट पास:सभासदों के विरोध के बाद 42.65 करोड़ की कटौती
जौनपुर नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों के लिए 2 अरब 32 करोड़ 35 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया। मूल रूप से 2 अरब 75 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन सभासदों की आपत्ति के बाद इसमें 42 करोड़ 65 लाख रुपये की कटौती की गई। यह बजट स्वीकृति कई बैठकों में हंगामे के बाद मिली है। इससे पहले 29, 30 मई और 12 जून को हुई बैठकों में सभासदों के विरोध के कारण बजट पर चर्चा नहीं हो पाई थी। सभासदों ने जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने की शर्त रखी थी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एक लाख रुपये से अधिक के किसी भी कार्य को सभासदों की मंजूरी के बिना शुरू नहीं किया जाएगा। पिछली बैठकों में हुए हंगामे के मद्देनजर, इस बार मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित था और सभी सीसीटीवी कैमरे बंद रखे गए थे। सभासद नंदलाल ने फिजूलखर्ची रोकने और बजट में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया। सभासद डॉ. अर्चना सिंह ने कालीकुत्ती क्षेत्र में जल भराव की समस्या उठाते हुए नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की। नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या ने सभी सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। अधिशासी अधिकारी (ईओ) धर्मराज ने बताया कि विस्तृत चर्चा के बाद बजट पारित कर दिया गया है। इस बैठक में मुकेश सिंह, रेनू पाठक, अबुजर शेख सहित अन्य सभासद उपस्थित थे।
हाथरस में दो सगे भाइयों को गोली मारी:हालत गंभीर, आपसी विवाद के बाद की फायरिंग
हाथरस के चंदपा कोतवाली क्षेत्र के कछपुरा गांव में शुक्रवार सुबह आपसी विवाद के बाद हुई फायरिंग में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, कछपुरा गांव निवासी महेश उपाध्याय (65) और उनके सगे भाई गिरीश उपाध्याय (60) के बीच शुक्रवार सुबह किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान पास के गांव का एक व्यक्ति भी विवाद में शामिल हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उक्त व्यक्ति ने पहले गाली-गलौज की और वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह तमंचा लेकर अपने साथियों और परिजनों के साथ वापस लौटा तथा दोनों भाइयों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से महेश उपाध्याय और गिरीश उपाध्याय गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों ने दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा जिला अस्पताल पहुंचे तथा घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। घायलों के परिजनों ने नगला ओझा निवासी धर्मेंद्र और उसके कुछ साथियों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बांदा जनपद के बबेरू कस्बे में एक भूमि विवाद का मामला सामने आया है। एक भूमिधर ने अपनी जमीन पर जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित रमेश चंद्र मौर्य के अनुसार, वह आराजी संख्या 1501, रकबा 1.019 हेक्टेयर का संक्रमणीय भूमिधर है। यह भूमि बांदा रोड स्थित पेट्रोल पंप के आगे स्थित है। मौर्य का दावा है कि सहखातेदारों से उनका कोई विवाद नहीं है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जबरन मिट्टी, गिट्टी, मौरंग, सरिया और ईंट डालकर अवैध निर्माण कराया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई है। रमेश चंद्र मौर्य ने इस मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी न्यायालय, बबेरू में धारा 164 बीएनएस के तहत की थी। उनका आरोप है कि प्रस्तुत रिपोर्ट तथ्यों के अनुरूप नहीं थी, जिसके आधार पर बिना उचित सुनवाई के उनका वाद खारिज कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि जिस तारीख पर उनके मुकदमे की सुनवाई निर्धारित थी, वह पूरे समय न्यायालय में मौजूद रहे। हालांकि, बाद में उन्हें जानकारी मिली कि उनका वाद निरस्त कर दिया गया है। इसे लेकर उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवाने के बजाय कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण अवैध निर्माण लगातार जारी है। रमेश चंद्र मौर्य ने उच्च अधिकारियों से अपील की है कि उनकी भूमि पर हो रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल रुकवाया जाए, निर्माण सामग्री हटवाई जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भागलपुर में बिल्डर बजरंगी नीलकंठ (48) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिल्डर की हत्या उसकी प्रेमिका ने की थी। पुलिस ने पीरपैंती से उसे गिरफ्तार किया है। वारदात वाली रात बजरंगी ने नशे की हालत में रिलेशन बनया। इस दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। जिसके बाद महिला ने उसके सोने का इंतजार किया। सोने के बाद धारदार हथियार से पहले गले पर, फिर आंख पर वार किया। इसके बाद उसने बजरंगी का प्राइवेट पार्ट काट दिया। 2 जुलाई (गुरुवार) को तिलकामांझी थाने से 10 कदम दूर ऑफिस के अंदर बिल्डर की न्यूड बॉडी मिली थी। महिला ने अवैध संबंध की बात को स्वीकार किया है। पुलिस की पूछताछ में बताया कि बिल्डर ने अनकंडीशनल सेक्सुअल रिलेशन बनाया। इनकार करती रही, लेकिन नशे में रहने के कारण उन्होंने कुछ नहीं सुना। इसी गुस्से में वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की पहचान मनोज कुमार यादव की पत्नी सीमा कुमारी के तौर पर हुई है। करीब 12 साल से दोनों का अफेयर चल रहा था। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… कमरे में न्यूड बॉडी पड़ी थी बजरंगी नीलकंठ नगर हवाई हड्डे के पास रहते थे। बुधवार देर रात पत्नी ने फोन किया तो फोन नहीं उठाया। इसके बाद गुरुवार को पत्नी ऑफिस पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज दी, पर गेट नहीं खुला। पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर ऑफिस में घुसी। कमरे में बजरंगी की न्यूड लाश पड़ी थी। बेड पर सामान बिखरा हुआ था। कमरे में खून के निशान थे जिन्हें साफ करने की कोशिश की गई थी। पत्नी ने पुलिस को बताया था कि वो अक्सर रात का खाना खाने के बाद थोड़ी देर के लिए अपने ऑफिस जाते हैं। वहां से वो 1-2 घंटे में घर लौटते थे और फिर हम लोगों के साथ ही सोते थे, लेकिन उस दिन ऐसा नहीं हुआ। पार्टनर की निशानदेही पर खुलासा SSP प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मामले सामने आने के बाद 5 सदस्यीय SIT टीम बनाई गई थी। टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मानवीय सूचना और टेक्निकल एविडेंस के आधार पर छापेमारी शुरू की। पुलिस ने मृतक के बिजनेस पार्टनर से पूछताछ की, जिसके निशानदेही पर प्रेमिका का पता चला। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें एक महिला सिर पर हेलमेट और हाथ में थैला लेकर निकलती दिखाई दी। वह थोड़ी दूर जाकर सड़क पर ऑटो में बैठी और महागामा के रास्ते झारखंड होते हुए पीरपैंती चली गई। पुलिस ने सभी बिंदुओं को जोड़ते हुए महिला के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया। इसके बाद उसके ठिकाने पर छापेमारी की गई, जहां से वारदात में इस्तेमाल दबिया, थैले में रखे प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड बरामद किए गए। सेक्सुअल रिलेशन बनाने को लेकर मर्डर या प्रॉपर्टी विवाद? पुलिस की थ्योरी और घटनाक्रम पूरी तरह अलग है। अगर 12 साल से अमृता रिलेशनशिप में थी तो रात में ऐसी क्या स्थिति हुई कि इतने गुस्से में आ गई। इससे पहले भी कई बार सेक्सुअल रिलेशन बनाया था। इतनी क्रूरता से वारदात को अंजाम देने के बाद आखिरकार प्रॉपर्टी से संबंधित कागजात क्यों लेकर गई? दूसरा सवाल यह भी उठ रहा है कि थाना से महज 10 कदम की दूरी पर हथियार से वार होता है। दोनों के बीच संघर्ष भी होता है, क्योंकि गिरफ्तार महिला के शरीर पर भी कई जख्म मिले हैं। पुलिस को इस बारे में पता क्यों नहीं चला?
लखीमपुर खीरी में 80 लाख की ब्राउन शुगर बरामद:चार तस्कर गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
लखीमपुर खीरी के पलिया थाना पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 400 ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई गई है। यह गिरफ्तारी अतरिया क्रॉसिंग से पहले भीरा रोड पर मेला घाट मोड़ के पास हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सनी कुमार गुप्ता, पप्पू सिंह, तरसेम सिंह और परमजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से स्मैक के अलावा मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी बरामद की है। संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा सभी चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई आरोपियों के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस सहित अन्य गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।
बड़वानी में जगह-जगह खुले बिजली बॉक्स नजर आ रहे हैं। बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों तक में ये खुले बॉक्स लगे हुए हैं, जहां लोगों की दिनभर आवाजाही रहती है। ऐसे में जरा सी चूक से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पूर्व में भी खुले विद्युत बॉक्स के कारण कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर बिल्कुल नहीं है। शहरवासी लगातार इस लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने खर्च हो रहे पैसे झंडा चौक में फल-सब्जी बेचने वाले मोहन लाल ने बताया कि बिजली कंपनी को लोगों की समस्याओं को दूर करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जबकि मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है। यही कारण है कि शहर में दर्जनों खुले विद्युत बॉक्स लोगों के लिए भय का कारण बने हुए हैं। मोहन लाल ने यह भी बताया कि जब भी लाइनमैन आते हैं, वे बॉक्स का ढक्कन खुला छोड़कर चले जाते हैं। दुर्घटना के डर से कोई दूसरा व्यक्ति भी इन बॉक्स को बंद करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। शहर की किसी भी गली या मोहल्ले में ऐसे खुले विद्युत बॉक्स आसानी से देखे जा सकते हैं। डीपी जमीन पर खुली पड़ी है शहरवासी रजाक शेख ने जानकारी दी कि शहर की प्रमुख सड़कों सहित मोहल्लों में दर्जनों की संख्या में खुले विद्युत बॉक्स दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। झंडा चौक पर एक डीपी जमीन पर खुली पड़ी है, जहां दिनभर चहल-पहल रहती है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि खदान मोहल्ले, कोतवाली थाने के पास, आशाग्राम रोड और करंजा चौराहे पर चौपाटी के पास तो डीपी के पोल पर ही दुकानदारों को अस्थायी मीटर लगाकर दिए गए हैं। इस पोल पर चार से पांच मीटर लगे हुए हैं, जो पूरी तरह से खुले हैं और तार भी खुले पड़े हैं, जिससे आमजनों को हमेशा खतरा बना रहता है। रजाक शेख ने बताया कि कई स्थानों पर मेंटेनेंस के बाद कर्मचारी इन्हें बंद नहीं करते, तो कई जगहों से बॉक्स के ढक्कन ही गायब हो चुके हैं। खुले बॉक्सों की चपेट में आने से हादसों का खतरा लेकिन ऐसे स्थानों के डीपी को कवर्ड नहीं किया गया है ऐसे में यहां पर घटना होने का डर बना रहता है और आए दिन किसी न किसी विद्युत बॉक्स के पास व विद्युत बॉक्स में आग लगने की घटनाएं भी आम बात हो गई है। इसके साथ ही कई निराश्रित जानवर इन खुले बॉक्सों की चपेट में आने से झुलस जाते हैं। खुले पड़े बॉक्स के आसपास करंट के तार झूलने के कारण यहां पर कोई आम लोग ढक्कन को बंद करने की हिम्मत भी नहीं जुट पाते हैं। आसपास के रहवासियों की माने तो बच्चे भी कई बार इसके खेलते हुए खुले बॉक्स के पास पहुंच जाते हैं। इयकी शिकायत के बाद भी बिजली कंपनी बॉक्स को बंद नहीं करती। बिजली कंपनी बोला-जल्द ही ठीक किया जाएगा बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री कैलाश चोपड़ा ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से इन सभी बिजली के बॉक्सेस को जल्द ही ठीक किया जाएगा। मामला संज्ञान में आने के बाद इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि बारिश के मौसम में किसी भी तरह की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े.
करंट की चपेट आने से बुजुर्ग महिला की मौत:हरदोई में कूड़ा फेंकते समय बिजली का पोल छूने से हुआ हादसा
हरदोई में शुक्रवार सुबह बिजली के खंभे से करंट लगने से बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। घटना मझिला थाना क्षेत्र के शहादत नगर में सुबह 7 बजे हुई। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने सुबह 8:21 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहादत नगर निवासी मृतक के पुत्र बबलू के अनुसार, मां रामवती (65) घर के आंगन की सफाई के बाद कूड़ा फेंकने जा रही थीं। सुबह लगभग 7 बजे घर से कुछ दूरी पर स्थित घूरे पर कूड़ा फेंकते समय उनका शरीर रास्ते में लगे एक बिजली के पोल से छू गया। दावा है कि पोल में पहले से ही करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट की चपेट में आने से रामवती गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजन उन्हें तुरंत एम्बुलेंस से टोडरपुर सीएचसी ले गए। वहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टर ने सुबह 8:21 बजे रामवती को मृत घोषित कर दिया। मृतका के पति नरेश का 20 साल पहले निधन हो चुका था। वह अपने बेटे बबलू और दो बेटियों, अनीता व मैंना, के साथ रहती थीं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि यह हादसा मझिला थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग की कथित लापरवाही को लेकर आक्रोश है।
व्यापारी नेता पर भतीजे ने चाकू से हमला किया:घटना CCTV में कैद, आसपास के लोगों ने चाकू छीनकर जान बचाई
संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मगहर कस्बे में एक व्यापारी नेता विजय प्रकाश कान्दू पर उनके भतीजे ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले का सीसीटीवी फुटेज शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। विजय प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस को दी गई तहरीर में शुभम कान्दू ने बताया कि यह घटना 1 जुलाई 2026 की शाम करीब 5 बजे हुई, जब उनके पिता विजय प्रकाश अपनी दुकान के बाहर बैठे थे। इसी दौरान उनके भतीजे अमरनाथ उर्फ भोलू ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में हमलावर चाकू छिपाकर आता और अचानक वार करता दिख रहा है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उसे पकड़कर चाकू छीन लिया, जिसके बाद हमलावर भीड़ से भाग निकला। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी पक्ष ने पुलिस को गुमराह करने और उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की। परिजनों ने यह भी बताया कि पहले वे पारिवारिक संबंधों के कारण कानूनी कार्रवाई से बचना चाहते थे। हालांकि, रात में विजय प्रकाश की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से लौटते समय रात करीब 1 बजे रवि प्रकाश और दो अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी ओवरटेक कर रोक ली। उन पर मुकदमा न करने का दबाव डाला गया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। कोतवाली प्रभारी पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान एक यात्री बस को जब्त किया। जांच में बस चालक शराब के नशे में धुत मिला, जबकि बस की डिक्की से 11 बकरियां अमानवीय तरीके से ठूंसकर ले जाते हुए बरामद की गईं। पुलिस ने चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट और अवैध पशु परिवहन से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। शुक्रवार को थाना प्रभारी एएसआई चंद्रपाल खांडे अपनी टीम के साथ पसान मुख्य मार्ग पर वाहन जांच अभियान चला रहे थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान पेंड्रा से कोरबा जा रही जय श्री बस सर्विस को रोककर जांच की गई। ब्रेथ एनालाइजर में चालक नशे में मिला जांच के दौरान चालक का ब्रेथ एनालाइजर से परीक्षण किया गया, जिसमें वह अत्यधिक शराब के नशे में पाया गया। बस में मौजूद यात्रियों ने भी पुलिस को बताया कि चालक तेज रफ्तार से बस चला रहा था, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया गया। डिक्की में ठूंसकर भरी थीं 11 बकरियां बस की डिक्की की तलाशी लेने पर पुलिस को 11 बकरियां अमानवीय तरीके से ठूंसकर भरी हुई मिलीं। पूछताछ में पता चला कि एक यात्री इन्हें अवैध रूप से ले जा रहा था और परिवहन के लिए अलग से पैसे भी दिए गए थे। पुलिस ने पशु क्रूरता और अवैध पशु परिवहन के मामले में भी संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। अभियान रहेगा जारी थाना प्रभारी एएसआई चंद्रपाल खांडे ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाहन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नशे में वाहन चलाने वालों और अवैध पशु परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में फोर्टिस हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. आशुतोष रघुवंशी ने भारत में चिकित्सा और तकनीक के बढ़ते तालमेल पर चर्चा की। उन्होंने घोषणा की कि फोर्टिस कैंसर के मरीजों के उपचार के लिए 'प्रोटॉन रेडिएशन' नामक एक अत्याधुनिक तकनीक का प्रोजेक्ट लगाने जा रहा है, जो बेहद प्रभावी साबित होगा। डॉ. रघुवंशी ने बताया कि देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम, खासकर चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। इस दिशा में फोर्टिस ने हाल ही में तीन प्रमुख स्टार्टअप्स के साथ सहयोग किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि इन नए स्टार्टअप्स से चिकित्सा पद्धतियों और स्वास्थ्य परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। एआई और रोबोटिक्स सर्जरी को लेकर फैली भ्रांति : डॉ. रघुवंशी चिकित्सा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स सर्जरी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए डॉ. रघुवंशी ने स्पष्ट किया कि मरीजों को तकनीक से डरने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में, AI का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग बीमारियों के सटीक निदान में हो रहा है, जिससे शुरुआती चरणों में ही बीमारी का पता चलने पर इलाज आसान और प्रभावी हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि रोबोटिक सर्जरी कुछ विशेष परिस्थितियों में की जाती है, और अब तो कई किलोमीटर दूर से भी सफल रिमोट सर्जरी की जा रही है। मरीजों की बेहतर देखभाल करना फोर्टिस का ध्येय फोर्टिस हेल्थकेयर के भविष्य के लक्ष्यों और विस्तार योजनाओं पर बात करते हुए डॉ. रघुवंशी ने कहा कि उनका मुख्य ध्येय हमेशा मरीजों की बेहतर देखभाल करना है। इसी क्रम में, फोर्टिस अपने मौजूदा अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ा रहा है। हाल ही में जालंधर और बैंगलोर में नए अस्पतालों को भी फोर्टिस नेटवर्क में शामिल किया गया है।
दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हाे रहे लगातार भीषण सड़क हादसों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है। सांसद ने कहा- एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसों में हर माह कई लोगों की जान जा रही है। जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नितिन गडकरी को पत्र लिखा सांसद ने अपने पत्र में 1 जुलाई को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के NE-4 एवं NE-4C जंक्शन पर हुई भीषण बस-ट्रक दुर्घटना का जिक्र करते हुए बताया- हादसे में 8 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात करने और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण करने का भी उल्लेख किया। एक्सप्रेस-वे पर कमियों में सुधार की मांग पत्र में सांसद ने एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था में कई कमियां गिनाते हुए कहा- इंटरचेंज और एग्जिट पर पर्याप्त एवं स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड नहीं हैं, कई पुलों और फ्लाईओवरों पर सड़क की सतह असमान है, जगह-जगह गड्ढे एवं लहरदार सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। सांसद ने बताया- इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 की रात्रिकालीन प्रतिक्रिया, क्षतिग्रस्त किलोमीटर संकेतक, अग्निशमन सुविधाओं की कमी तथा स्पीड मैनेजमेंट सिस्टम की आवश्यकता पर भी ध्यान आकर्षित किया है। उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग सांसद ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए, ताकि दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का तकनीकी अध्ययन कर स्थायी समाधान लागू किए जा सकें। साथ ही एक्सप्रेसवे पर एसी स्लीपर बसों के सुरक्षा मानकों की विशेष जांच कर उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराई जाए।
लुधियाना के मॉडल टाउन इलाके में शुक्रवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली प्रॉपर्टी कारोबारी की पत्नी की हादसे में मौत हो गई। तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर ने महिला और उसकी सहेली को टक्कर मार दी। हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। गंभीर रूप से घायल महिला ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी मुताबिक चार खंभा चौक, मॉडल टाउन क्षेत्र में हरप्रीत कौर अपनी सहेली के साथ सुबह करीब 6 बजे सैर करने निकली थी। दोनों महिलाएं सड़क किनारे चलते हुए आपस में बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार आई और दोनों महिलाओं को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों महिलाएं सड़क पर जा गिरीं। घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। 5 से 10 मीटर तक महिला को ड्राइवर ने घसीटा सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि कार चालक ने महिलाओं को टक्कर मारने के बाद वाहन नहीं रोका। आरोप है कि कार महिला को करीब 5 से 10 मीटर तक घसीटते हुए ले गई, जिससे उसके सिर और छाती पर गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। कारोबारी की पत्नी थी हरप्रीत कौर लोगों की मदद से दोनों घायल महिलाओं को तुरंत दीप अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने हरप्रीत कौर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरी महिला का उपचार जारी है। मृतका हरप्रीत कौर चार खंभा चौक, मॉडल टाउन इलाके की रहने वाली थीं। परिवार के अनुसार उनकी एक बेटी है, जिसकी कुछ समय पहले ही शादी हुई थी। उनके पति प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े हुए हैं। हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया घटना की सूचना मिलते ही थाना मॉडल टाउन पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार कार चालक की पहचान करने में जुटी हुई है।
सोनीपत जिले के खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शुक्रवार को कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। आउटसोर्स, एचकेआरएन और अन्य विभागों से जुड़े 500 से अधिक कर्मचारी एकजुट होकर सांकेतिक धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों के प्रदर्शन का असर कुछ ही घंटों में अस्पताल की व्यवस्थाओं पर दिखाई देने लगा, जिससे प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर ने कर्मचारी प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया।लंबी बातचीत के बाद कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी और लिखित आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। नए आदेश के विरोध में हुए एकजुट बीपीएस खानपुर मेडिकल कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हाजिरी पहले संबंधित वार्डों में लगती थी, लेकिन हाल ही में प्रशासन ने आदेश जारी कर उनकी उपस्थिति सुपरवाइजर के पास दर्ज कराने का निर्णय लिया। कर्मचारियों का कहना था कि इससे अनावश्यक परेशानी बढ़ेगी और कार्य व्यवस्था भी प्रभावित होगी। इसी आदेश के विरोध में सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर धरना देने का फैसला लिया और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग रखी। ड्रेस अलाउंस, कार्य समय में समानता की मांग धरने के दौरान कर्मचारियों ने ड्रेस अलाउंस से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि इस संबंध में पहले भी डायरेक्टर को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके अलावा कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि स्थायी कर्मचारियों को निर्धारित समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ड्यूटी के बाद भेज दिया जाता है, जबकि एचकेआरएन कर्मचारियों से अधिक समय तक काम कराया जाता है। कर्मचारियों ने दोनों वर्गों के लिए समान कार्य समय लागू करने की मांग की। 210 कर्मियों के वेतन का मुद्दा भी उठाया कर्मचारी नेताओं ने बताया कि करीब 210 कर्मचारियों का वेतन लंबे समय से रुका हुआ है। उनका कहना है कि संबंधित फाइल प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया। कर्मचारियों ने प्रशासन से जल्द वेतन जारी कराने की मांग भी रखी। अस्पताल की व्यवस्थाओं पर पड़ा असर प्रदर्शन में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सफाई सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। एक साथ बड़ी संख्या में कर्मचारियों के धरने पर बैठने से अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित होने लगी। मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल कर्मचारी प्रतिनिधियों से बातचीत शुरू की। डायरेक्टर से वार्ता के बाद बनी सहमति कर्मचारी नेता अर्जुन मलिक ने बताया कि डायरेक्टर के साथ काफी देर तक सकारात्मक बातचीत हुई। इस दौरान कर्मचारियों की सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनी और लिखित रूप में आश्वासन दिया गया। इसके बाद कर्मचारी संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। दो बार बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान कर्मचारी प्रतिनिधि अशोक ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हाजिरी सुपरवाइजर के पास लगाने के आदेश को लेकर पहले भी दो बार डायरेक्टर से मुलाकात की गई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके चलते कर्मचारियों ने सांकेतिक धरना देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के एकजुट होने के बाद प्रशासन ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और अंततः मांगें स्वीकार कर ली। धरने में महिला और पुरुष कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखी। लिखित सहमति बनने के बाद सभी कर्मचारी काम पर लौट गए, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं भी सामान्य हो गईं।
आगर मालवा के नलखेड़ा थाना पुलिस ने गुरुवार को बस स्टैंड स्थित कृषि सेवा केंद्र पर नकली नोट छापने के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से 500-500 रुपए के कुल 115 नकली नोट जब्त किए, जिनकी कीमत 57,500 रुपए है। कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। थाना प्रभारी नागेश यादव ने शुक्रवार को मामले का खुलासा किया। बताया कि कस्बा भ्रमण के दौरान बस स्टैंड चौराहे पर एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि पंवार कृषि सेवा केंद्र में दो युवक रंगीन प्रिंटर की मदद से 500 रुपए के नकली नोट तैयार कर रहे हैं और उन्हें एक काले बैग में रखकर किसी को देने की तैयारी में हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया सूचना की गंभीरता को देखते हुए, अतिरिक्त पुलिस बल और आवश्यक अनुसंधान सामग्री बुलाई गई। पंचों की उपस्थिति में मुखबिर सूचना का पंचनामा तैयार करने के बाद पुलिस टीम ने कृषि सेवा केंद्र पर दबिश दी। दुकान में मौजूद युवकों की पहचान ग्राम पिपल्यासेत निवासी नरेंद्र सिंह (23) और नलखेड़ा निवासी शुभम सोलंकी (27) के रूप में हुई। 500-500 रुपए के 115 नकली नोट बरामद तलाशी के दौरान, नरेंद्र के काले बैग से 500-500 रुपए के 115 नकली नोट बरामद हुए। जांच में पाया गया कि कई नोटों पर एक ही सीरियल नंबर था, जिससे उनके नकली होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कैनन रंगीन प्रिंटर से असली नोटों की रंगीन कॉपी बनाते थे और फिर पेपर कटर से काटकर नकली नोट तैयार करते थे। रंगीन प्रिंटर, पेपर कटर जब्त पुलिस ने मौके से कैनन कंपनी का रंगीन प्रिंटर, पेपर कटर और दोनों आरोपियों के कब्जे से एक-एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया है। सभी जब्त सामग्री को विधिवत सीलबंद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। थाना नलखेड़ा पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 178 एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने नकली नोट तैयार किए, उनका उपयोग या वितरण कहां-कहां किया गया तथा इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। ये खबर भी पढ़े… ₹200 का नकली नोट चलाने रेस्टोरेंट पहुंचा था युवक: 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन जब्त इंदौर में ₹200 का नकली नोट चलाने एक युवक रेस्टोरेंट पहुंचा, लेकिन संचालक की सतर्कता से पकड़ा गया। पूछताछ में उसके साथी का नाम सामने आया, जिसके पास से ₹40 हजार के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई। आरोपी को पहले दो बार नकली नोट के मामलों में गिरफ्तार कर चुकी है। पढ़े पूरी खबर…
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में कई सरकारी विभाग लंबे समय से नियमित अधिकारियों के बिना चल रहे हैं। महत्वपूर्ण पदों पर अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है, जिससे आम जनता को सरकारी कार्य कराने में परेशानी हो रही है। तहसीलदार-ईओ, बीडीओ पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं राजस्व विभाग सबसे अधिक प्रभावित है। किशनगढ़बास तहसील में नियमित तहसीलदार का पद रिक्त है। खैरथल तहसील के तहसीलदार अभिषेक यादव को इसका अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। दोनों तहसीलों का कार्यभार संभालने से राजस्व संबंधी कार्यों में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी तरह, किशनगढ़बास नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी (ईओ) का पद भी खाली है। वर्तमान में राहुल अग्रवाल बर्डोद किशनगढ़बास, कोटकासिम और बड़ौदा मेव सहित चार नगरपालिकाओं का कार्यभार देख रहे हैं। इससे नगर निकाय से जुड़े विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों पर असर पड़ रहा है। ग्रामीण विकास विभाग की स्थिति भी ऐसी ही है। किशनगढ़बास पंचायत समिति में विकास अधिकारी (बीडीओ) का पद रिक्त है। मुंडावर के बीडीओ संजय यादव को इसका अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जो दोनों पंचायत समितियों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। लोग बोले-अधिकारी नहीं मिलने पर बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर स्थानीय निवासियों का कहना है कि अधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अधिकारी के दूसरे क्षेत्र के दौरे पर होने से कई बार आवश्यक फाइलें लंबित रह जाती हैं और कार्य समय पर पूरे नहीं हो पाते। क्षेत्रवासियों ने कहा है कि यदि रिक्त पदों पर जल्द नियमित नियुक्तियां नहीं की गईं तो प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक प्रभावित होगी। लोगों ने राज्य सरकार से मांग की है कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी रिक्त पदों पर स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि सरकारी कामकाज सुचारु रूप से संचालित हो सके।
कानपुर देहात में एक 18 वर्षीय युवती 22 दिनों से लापता है। उसकी तलाश में माता-पिता दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलने नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि थाना स्तर पर उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। यह मामला रूरा थाना क्षेत्र का है। परिजनों ने तहरीर में बताया कि 10 जून 2026 की सुबह वे परिवार के साथ खेत पर काम करने गए थे। घर पर उनकी 18 वर्षीय बेटी अकेली थी। सुबह करीब 10:30 बजे छोटे बेटे ने घर पर ताला लगा होने की सूचना दी। वापस लौटने पर परिवार ने देखा कि बेटी घर से गायब थी। उसके कपड़े, लगभग पांच हजार रुपये और कुछ अन्य सामान भी नहीं मिले। आसपास के लोगों ने बताया कि बेटी को सड़क किनारे रिक्शा रोकने की कोशिश करते देखा गया था। पुलिस ने फोन की जांच की मां ने बताया कि उनकी बेटी के पास अपना मोबाइल फोन नहीं था। वह कभी-कभी मां का फोन इस्तेमाल करती थी। पुलिस ने उस फोन की जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध बातचीत सामने नहीं आई। इसके बावजूद पुलिस लगातार यही कह रही है कि लड़की अपनी मर्जी से घर से गई है। माता-पिता का सवाल है कि यदि युवती स्वेच्छा से गई भी है, तो 22 दिनों बाद भी उसका पता क्यों नहीं लगाया जा सका। मां का कहना है कि वे केवल अपनी बेटी को सुरक्षित देखना चाहते हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने अब तक प्रभावी तलाश नहीं की है और उन्हें एसपी कार्यालय के बाहर से ही लौटा दिया गया। फिलहाल, परिजन बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहे हैं। इस मामले में सदर सीओ संजय सिंह ने बताया कि वे स्वयं संज्ञान लेकर जांच कराएंगे।
विदिशा जिला अस्पताल में प्रसूति सेवाओं को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार रात सिरोंज तहसील की एक गर्भवती महिला की डिलीवरी लेबर रूम के बजाय अस्पताल के मुख्य गेट पर हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर इलाज न देने और डिलीवरी के बाद भी स्टाफ के मौके पर न पहुंचने का आरोप लगाया। नवजात को गंभीर हालत में एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। सिरोंज तहसील के सहस्ताबाद गांव निवासी सुनील यादव अपनी गर्भवती पत्नी सुखवती बाई को गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, महिला की गर्भावस्था का सातवां महीना चल रहा था। डॉक्टर को दिखाने के दौरान ही उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई, जिसके बाद उसे भर्ती कर बोतल और इंजेक्शन लगाए गए। आरोप- निगरानी तो दूर, ध्यान तक नहीं दियापरिजनों का आरोप है कि भर्ती होने के बाद महिला की न तो नियमित निगरानी की गई और न ही उसकी स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दिया गया। महिला के साथ रुकी उसकी मां को भी नर्सिंग स्टाफ ने वार्ड से बाहर निकाल दिया। जब परिजनों ने मरीज की हालत के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रात करीब 9:40 बजे सुखवती बाई को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उसने परिजनों से उसे अस्पताल से बाहर ले जाने को कहा। परिजन उसे सहारा देकर अस्पताल के बाहर ला रहे थे, तभी मुख्य गेट पर ही उसकी डिलीवरी हो गई। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद भी काफी देर तक कोई डॉक्टर, नर्स या दाई मौके पर नहीं पहुंची। बाद में नवजात को गंभीर हालत में एनआईसीयू में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। लोगों ने इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इलाज नहीं कर सकते तो रेफर कर देतेसिरोंज निवासी प्रेम नारायण यादव ने बताया कि वे अपने रिश्तेदार के साथ जिला अस्पताल आए थे। उनका कहना है कि दोपहर एक बजे भर्ती कराने के बाद भी परिजनों को मरीज से मिलने नहीं दिया गया और उसकी स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जिला अस्पताल में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी तो मरीज को समय रहते मेडिकल कॉलेज, भोपाल या किसी अन्य अस्पताल रेफर कर देना चाहिए था, ताकि बेहतर उपचार मिल सके। उनका कहना है कि जानकारी मांगने पर अस्पताल का गार्ड परिजनों पर हावी हो जाता है और कार्रवाई कराने की धमकी देने लगता है। प्रत्यक्षदर्शी बोले- हमारे सामने गेट पर हुआ प्रसवविदिशा की राघवजी कॉलोनी निवासी हर्ष यादव, जिनकी पत्नी भी उसी समय जिला अस्पताल में भर्ती थी, उन्होंने बताया कि पूरी घटना उनकी आंखों के सामने हुई। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला अस्पताल परिसर में खड़ी थी और उसका पति लगातार स्टाफ से उसे देखने की गुहार लगा रहा था। यह स्पष्ट नहीं था कि महिला खुद बाहर आई थी या उसे बाहर भेजा गया था, लेकिन करीब 10 मिनट तक वह दर्द से तड़पती रही। अचानक उसे लगा कि प्रसव होने वाला है और कुछ ही क्षणों में बच्चा जमीन पर गिर गया। हर्ष यादव के अनुसार, वे और उनके परिवार के लोग तत्काल अस्पताल के अंदर भागे और स्टाफ को सूचना दी, लेकिन उस समय कर्मचारी किसी दूसरे केस में व्यस्त थे। उन्होंने कई बार आवाज लगाई कि कोई दाई या नर्स बाहर आ जाए, लेकिन काफी देर तक कोई नहीं आया। बाद में स्टाफ को लगभग खींचकर बाहर लाना पड़ा। उनका दावा है कि नवजात करीब 10 मिनट तक वहीं पड़ा रहा और उसकी धड़कन चल रही थी। इसके बाद उसे उठाकर अस्पताल के अंदर ले जाया गया। “मरीजों की जान से खिलवाड़ क्यों?”हर्ष यादव ने कहा कि यदि जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी है तो प्रशासन को इसे स्वीकार करना चाहिए। मरीजों को भ्रम में रखने के बजाय साफ बता देना चाहिए कि यहां इलाज संभव नहीं है, ताकि लोग निजी अस्पताल या अन्य संस्थान में इलाज करा सकें। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन ऐसी घटनाएं लोगों का भरोसा तोड़ रही हैं। अस्पताल दावा करता है कि सभी सुविधाएं और पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध है, जबकि हकीकत में मरीजों को भर्ती होने से लेकर इलाज तक के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनका आरोप है कि जो लोग दबाव बनाना जानते हैं, उनका काम जल्दी हो जाता है, जबकि सीधे-सादे मरीजों की सुनवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि नवजात सीधे जमीन पर गिरा है। यदि उसे गंभीर चोट आई होगी तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी , फिलहाल बच्चा एनआईसीयू में भर्ती है। गार्ड के व्यवहार पर भी उठे सवालपरिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि मरीजों और परिजनों की बात सुनने के बजाय गार्ड उन्हें डराने-धमकाने का काम करते हैं। उन्होंने मांग की कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की जाए, मरीजों और परिजनों को सही जानकारी दी जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। सिविल सर्जन बोले- जांच करवाएंगेमामले में जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा ने बताया कि महिला सिरोंज अस्पताल से रेफर होकर जिला चिकित्सालय आई थी। उसे ब्लड प्रेशर की समस्या थी और बच्चेदानी से ब्लीडिंग भी हो रहा था। उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए दवाइयां दी गईं और इलाज किया गया। उन्होंने कहा कि मुझे अस्पताल के मुख्य गेट के पास डिलीवरी होने की जानकारी मिली है। पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाएगी। इसके लिए जांच दल गठित किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी डॉक्टर, नर्स या अन्य कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि नक्सलवाद के खत्म होने के बाद अब बस्तर को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने यह बात मंगलवार को भैरमगढ़ में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में कही। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद भी चुनावी वादे पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने आगामी चुनाव में बस्तर की सभी 12 विधानसभा सीटों पर जीत का लक्ष्य तय करते हुए कार्यकर्ताओं से संगठन को और सक्रिय बनाने का आह्वान किया। 'आदिवासियों को रोका जा रहा, उद्योगपतियों को मिल रही छूट' दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों को तेंदूपत्ता तोड़ने की अनुमति नहीं दे रही, जबकि उद्योगपतियों को खनिज उत्खनन की खुली छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जल, जंगल और जमीन की रक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है और कांग्रेस जनता के साथ मिलकर इनके संरक्षण के लिए संघर्ष करेगी। 'बस्तर शांति और भाईचारे की धरती' : चरणदास महंत नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बस्तर शांति, प्रेम और भाईचारे की भूमि है। यह क्षेत्र लंबे समय तक संघर्ष और हिंसा का सामना करता रहा है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के विकास और उसके प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। राहुल गांधी के संदेश का किया जिक्र महंत ने राहुल गांधी के संदेश का उल्लेख करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आदिवासियों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने बोधघाट परियोजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा और जनहित में निर्णय लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के बहुचर्चित फंड घोटाले में सीबीआई ने हरियाणा चुनाव आयोग में तैनात चीफ अकाउंट्स ऑफिसर प्रवीन कुमार को कोर्च में पेश कर 4 दिन पुलिस रिमांड की मांग की। पंचकूला की विशेष कोर्ट ने 3 दिन का रिमांड मंजूर किया है। CBI ने कोर्ट में दायर आवेदन में दावा किया है कि प्रवीन कुमार की भूमिका सरकारी धन को नियमों के विपरीत निवेश कराने, गुप्त बैंक खाता खुलवाने और शेल कंपनियों तक राशि पहुंचाने की साजिश में सामने आई है।सीबीआई के अनुसार, प्रवीन कुमार HSPCB में सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे। उनके कार्यकाल के दौरान IDFC फर्स्ट बैंक, सेक्टर-32 में खोले गए खाते से 169 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ, जिसमें से करीब 110 करोड़ रुपए की फर्जी निकासी उनके कार्यकाल में हुई। पूछताछ के लिए बुलाया, फिर किया गिरफ्तार सीबीआई के अनुसार, प्रवीन कुमार को 2 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच कराई गई और अगले दिन दोबारा मेडिकल कराया गया। आरोपी के खिलाफ CBI का खुलासा… जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप जांच एजेंसी ने आवेदन में कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी सहयोग नहीं कर रहा, संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा और यदि पुलिस हिरासत नहीं मिली, तो साक्ष्यों एवं गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है। इसी आधार पर अदालत से चार दिन की पुलिस रिमांड देने का अनुरोध किया गया है, जो कि बाद में कोर्ट ने 3 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया।
कुशीनगर में अर्टिगा कार से अवैध शराब जब्त:पुलिस ने 3 लाख की अंग्रेजी शराब बरामद की, कार भी जब्त
कुशीनगर जनपद में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तरयासुजान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक अर्टिगा कार से 392 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की, जिसकी कुल मात्रा 294 लीटर है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत लगभग तीन लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, यह बरामदगी 3 जुलाई की सुबह थाना तरयासुजान क्षेत्र में जांच के दौरान हुई। अर्टिगा कार (संख्या यूपी 32 एचई 0921) में शराब को छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने शराब के साथ कार को भी जब्त कर लिया है। इस संबंध में थाना तरयासुजान में मुकदमा अपराध संख्या 182/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धारा 60, 63 और 72 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शराब बरामद करने वाली टीम में थानाध्यक्ष नितिन रघुनाथ सिंह, उपनिरीक्षक अतुल कुमार बिंद, हेड कांस्टेबल अरविंद यादव, कांस्टेबल विपिन पांडेय और रिजर्व कांस्टेबल अजीत यादव शामिल थे। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान जारी रहेगा।
पंचकूला जिले के पिंजौर में एक दुकानदार से ठगी का मामला सामने आया है। अब्दुल्लापुर कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब के समीप मनजीत किरयाना स्टोर पर एक युवक ने दुकान संचालिका से 2100 रुपए ठग लिए। दुकान संचालिका मनजीत ने बताया कि एक युवक उनकी दुकान पर आया। उसने घर में कन्या पूजन के लिए बिस्कुट और अन्य सामान खरीदने की बात कही। इसी दौरान युवक के मोबाइल पर लगातार फोन आने लगे, जिस पर उसने अपनी मां का फोन होने का बहाना बनाया। गुगल-पे से भुगतान करने का बहाना बनाया युवक ने दुकानदार से पंडितों और कन्याओं को देने के लिए खुले पैसे मांगे। विश्वास करते हुए दुकानदार मनजीत ने उसे लगभग 2100 रुपए के 50 और 100 रुपए के नोट दे दिए। जब दुकानदार ने युवक से पैसे वापस मांगे, तो उसने गूगल-पे से भुगतान करने का बहाना बनाया। फोन पर व्यस्त होने का नाटक करते हुए वह दुकान से बाहर निकला और मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दुकानदार मनजीत ने अन्य व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि नकद या ऑनलाइन भुगतान की पुष्टि किए बिना किसी भी अजनबी को खुले पैसे न दें। शहर में ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए सभी दुकानदारों और व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।
यूपी के फतेहपुर में नाबालिग बहन से दो साल में कई बार रेप करने वाले भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बकौल थाना प्रभारी, आरोपी ने जेल जाते समय कहा– मुझे अपनी छोटी बहन में अपनी मरी हुई पत्नी दिखाई देती थी, इसीलिए मैं उसका रेप करता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने तीन साल पहले नशे के लिए मना करने पर अपनी पत्नी की पीट–पीटकर हत्या कर दी थी। दो साल पहले जेल से छूटकर बाहर आया था। करीब डेढ़ साल से नाबालिग बहन के साथ रेप कर रहा था। बहन ने कई बार परिजनों से शिकायत की, पर किसी ने भरोसा नहीं किया। फिर बहन ने अपनी सहेलियों की मदद से आरोपी का रेप करते हुए वीडियो बनाया और परिवार को दिखाया। वीडियो देख परिवार दंग रह गया। फिलहाल पीड़िता के एक अन्य भाई की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी को जेल भेज दिया है। मामला जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर दूर थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव का है। अब सिलसिलेवार जानिए रिश्तों को तार–तार करने की कहानी… पुलिस के अनुसार, आरोपी (38) मजदूरी करता है और नशे का आदी है। करीब 3 साल पहले सितंबर 2023 में उसने शराब पीने से मना करने पर अपनी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जेल गया था। जून 2024 को जेल से छूटकर घर लौटा था। तभी से सगी छोटी बहन (16) के साथ जबरन दुष्कर्म करना कर रहा था। पीड़िता आरोप है कि वह बहन को धमकी देता था कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देगा। पीड़िता ने करीब 15 दिन पहले परिजनों को पूरी घटना बताई, लेकिन किसी ने उसकी बात पर विश्वास नहीं किया। इसके बाद उसने अपनी छोटी भाभी और सहेलियों को आपबीती बताई। जब छोटी भाभी ने आरोपी का विरोध किया तो उसने उनके साथ भी मारपीट की। सच्चाई साबित करने के लिए किशोरी ने सहेलियों की मदद से घटना का वीडियो बनवाया। वीडियो देखने के बाद परिवार को घटना की जानकारी हुई। भाभी की तहरीर पर केस, मेडिकल के बाद आरोपी जेल भेजा छोटी भाभी की शिकायत पर थरियांव थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और पुलिस अन्य साक्ष्य जुटा रही है। हत्यारा पति बोला- बहन में पत्नी नजर आती थी थरियांव थाना प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर ने बताया– जेल ले जाते समय आरोपी ने कहा कि पत्नी की मौत के बाद उसे अपनी बहन में पत्नी नजर आती थी, इसलिए वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। हालांकि इस मामले में पीड़िता और उसके परिजनों ने मीडिया के सामने कोई बयान देने से इनकार किया है। 7 साल पहले हो गई थी पिता की मौत परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिवार में उसकी मां, मंझला भाई और उसकी पत्नी हैं। पिता की 7 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। पीड़िता फिलहाल हाईस्कूल में पढ़ाई कर रही है। वहीं आरोपी भाई मजदूरी करता है। आरोपी को दिलाएंगे सख्त से सख्त सजा– थाना प्रभारी थरियांव थाना प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर ने बताया– 16 साल की बहन ने अपने 38 साल के सगे भाई पर रेप का आरोप लगाया है। वीडियो साक्ष्य भी दिए हैं। मेडिकल में रेप की पुष्टि हुई है। पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने की कोशिश रहेगी। --------------------------------------ये खबर भी पढ़िए- एटा में कंटेनर ने यात्रियों को रौंदा, 5 की मौत:रोडवेज बस खराब होने पर खड़े थे, सड़क पर बिखरे शव यूपी के एटा में गुरुवार देर रात साढ़े 11 बजे बेकाबू कंटेनर ने रोडवेज बस के यात्रियों को रौंद दिया। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। 12 लोग घायल हो गए। 40 यात्रियों से भरी बस एटा से दिल्ली जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रोडवेज बस खराब होकर सड़क किनारे खड़ी हो गई थी। कुछ यात्री गर्मी के चलते बस से उतरकर बाहर खड़े थे। तभी तेज रफ्तार कंटेनर आया और सभी को कुचलते हुए बस में पीछे से टक्कर मार दी। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर की निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सामने आई लापरवाही के बाद लोक निर्माण विभाग (सेतु) ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और निर्माण एजेंसी को सभी श्रमिकों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन कराने के निर्देश दिए। दरअसल, एक दिन पहले फूलबाग क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान कुछ श्रमिक करीब 30 फीट ऊंचाई पर बने गार्डर पर बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम करते हुए दिखाई दिए थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य कर रही पीएनसी कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण कर दिए सख्त निर्देश कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव ने निरीक्षण के दौरान कंपनी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी श्रमिक से बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के कार्य नहीं कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कंपनी ने भी की आंतरिक कार्रवाई विभाग की सख्ती के बाद पीएनसी कंपनी ने भी अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। कंपनी ने सुरक्षा अधिकारी सहित दो अन्य कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कंपनी का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी और अधिक सख्त की जाएगी, ताकि इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। 1100 करोड़ की परियोजना ग्वालियर में करीब 1,100 करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड रोड परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। यह शहर की महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। विभाग का कहना है कि निर्माण कार्य की गति के साथ-साथ श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा।
अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों पर महंगी निजी किताबें खरीदने के लिए पेरेंट्स पर दबाव बनाने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है, जिसे तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने सरगुजा कलेक्टर से शिकायत की है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ बोर्ड के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पहली से दसवीं तक सरकार मुफ्त किताबें देती है। इसके बावजूद कई स्कूल निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़ा रहे हैं। शिकायत में आरोप है कि कुछ स्कूल निजी प्रकाशकों और किताब दुकानों से मिलकर काम कर रहे हैं। पेरेंट्स को व्हाट्सएप पर किताबों की सूची भेजी जाती है और तय दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए कहा जाता है। 2 हजार से 5 हजार तक के सेट आलोक दुबे के अनुसार, पहली कक्षा की किताबों का सेट करीब 2 हजार रुपए में और पांचवीं कक्षा की किताबों का सेट करीब 5 हजार रुपए में बेचा जा रहा है। जबकि इन्हीं कक्षाओं की किताबें सरकार मुफ्त उपलब्ध कराती है। पार्षद का कहना है कि कई पेरेंट्स शिकायत करना चाहते हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य की चिंता से सामने नहीं आते। उन्हें डर रहता है कि स्कूल प्रबंधन कहीं उनके बच्चों को परेशान न करे। कलेक्टर के निर्देश पर बनी जांच टीम सरगुजा कलेक्टर के निर्देश के बाद डीईओ दिनेश कुमार झा ने जांच टीम बनाई है। टीम में एलपी गुप्ता, मीना पुरोहित और संजय सिंह को शामिल किया गया है। सभी सदस्यों को तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। पहले भी हुई थी जांच इससे पहले भी सीबीएसई से मान्यता प्राप्त कुछ स्कूलों के खिलाफ निजी किताबें चलाने की शिकायत हुई थी। उस समय जिला शिक्षा अधिकारी ने कई बड़े स्कूलों को नोटिस जारी किया था। स्कूलों ने दी यह सफाई सीबीएसई स्कूलों का कहना था कि बोर्ड की किताबें समय पर और पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हो पातीं। इसी वजह से उन्हें निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ानी पड़ती हैं।
मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के शताब्दी नगर सेक्टर-4सी स्थित पार्क वाली गली में गुरुवार देर रात एक युवक ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह जब परिजन उसे उठाने पहुंचे तो कमरे का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। युवक का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। उसने अपने बाएं हाथ में एक नोट भी लिख रखा था। नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मौके से सबूत इकट्ठा कर मामले की जांच शुरू कर दी। देखिए घटना की तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… परतापुर थाना क्षेत्र के शताब्दी नगर सेक्टर-4सी के रहने वाले सुभाष पांडेय (30) पुत्र रामबालक पांडेय एक निजी फैक्ट्री में मजदूर हैं। सुभाष के माता-पिता की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है। सुभाष चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। बड़ा भाई अजय पांडे(44) ठेकेदारी के तहत मजदूरी का काम करता है। सबसे छोटा भाई नकुल पांडे(25) झारखंड में ट्रक ड्राइविंग का काम करता है। सुभाष बड़े भाई अजय के साथ एक ही मकान में रहता था। गुरूवार की रात रोजाना की तरह खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। शुक्रवार सुबह काफी देर तक बाहर नहीं आने पर भाई उसे उठाने कमरे में गया। कमरे में सुभाष रस्सी के फंदे से लटका था। भाई का शव देख अजय चीख पड़ा। अजय की चीक सुनकर आसपास मौजूद लोग वहां पहुंचे। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। हाथ में लिखा था सुसाइड नोट शव का बारीकी से निरीक्षण करन पर सुभाष के बाएं हाथ पर एक नोट लिखा मिला। जिसे पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया है। हाथ पर लिखा था, “राधे-राधे... मेरी मौत का कारण मैं खुद हूं। इसमें किसी की कोई जिम्मेदारी नहीं है। ऐसा कदम कोई न उठाए।”। पुलिस इस नोट के साथ-साथ मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सके। भाई बोला- कोई रंजिश नहीं थी, पता नहीं क्यो उठाया ऐसा कदम भाई अजय का कहना है कि सुभाष का किसी से कोई विवाद नहीं था। न तो किसी प्रकार की रंजिश थी और न ही किसी प्रेम-प्रसंग की जानकारी या आशंका थी। अचानक उठाए गए इस कदम से परिवार सदमे में है। भाई का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? परतापुर थाना प्रभारी अजय शुक्ला ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
लगातार हो रही बारिश के बीच नगर निगम ने जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को परदेशीपुरा क्षेत्र में एक जर्जर मकान तोड़ने पहुंची निगम की टीम को परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा। काफी देर तक समझाइश के बाद जब बात नहीं बनी तो रिमूवल प्रभारी ने महिला के पैर पकड़कर उसे मकान खाली करने के लिए मनाया। नगर निगम की रिमूवल टीम वर्मा नर्सिंग होम के पास स्थित रतिराम खटके के जर्जर मकान को तोड़ने पहुंची थी। इस भवन को पहले ही कई बार नोटिस दिए जा चुके थे। टीम ने परिवार को बताया कि लगातार बारिश के कारण मकान कभी भी गिर सकता है और इससे जनहानि हो सकती है। सामान को लेकर जताई चिंता मकान में रहने वाली महिला ने घर खाली करने से पहले सामान रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इस पर रिमूवल टीम प्रभारी बबलू कल्याणे ने मकान के अंदर जाकर पूरा सामान देखा और बाहर आकर परिवार को समझाया कि उनका सामान पास की दुकान में सुरक्षित रखवा दिया जाएगा। समझाने के लिए महिला के पैर पड़े अधिकारी जब महिला फिर भी नहीं मानी तो रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे ने भावुक होकर उसके पैर पकड़ लिए और कहा कि वे परिवार की सुरक्षा के लिए ही यह कार्रवाई कर रहे हैं। काफी देर समझाइश के बाद परिवार मकान खाली करने के लिए तैयार हो गया। 2021 से जारी थे नोटिस रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि संबंधित मकान को वर्ष 2021 से लगातार नोटिस दिए जा रहे थे। चार दिन पहले हुए निरीक्षण में भवन की नींव कमजोर और संरचना बेहद जर्जर पाई गई थी। परिवार के मकान खाली नहीं करने के कारण पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 2 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने इस मकान को तोड़ने की कार्रवाई की गई। यहां अलग-अलग परिवार निवास कर रहे थे। नगर निगम ने बताया कि बारिश के मौसम को देखते हुए शहर के अन्य जर्जर भवनों पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
रिटायर्ड सहायक निरीक्षक के घर पड़ा EOW का छापा:नरसिंहपुर में आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में शुक्रवार सुबह आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर की टीम ने नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक निरीक्षक योगेंद्र ढिमोले के घर छापा मारा। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के बाद विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने पर की गई। सुबह करीब 15 से 20 सदस्यीय ईओडब्ल्यू टीम एमपीईबी कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंची। टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। जांच में कई संपत्तियों की जानकारी ईओडब्ल्यू के डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि योगेंद्र ढिमोले लखनादौन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार भी संभाल चुके हैं और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके खिलाफ लखनादौन में पदस्थापना के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। उन्होंने बताया कि जांच में पर्याप्त तथ्य मिलने पर विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट लिया गया। प्रारंभिक जांच में गाडरवारा में दो प्लॉटों पर बने मकान, लखनादौन में एक मकान और एक खाली प्लॉट, दो कृषि भूमि, बेटे के नाम पर एक दुकान, एक कार, एक थार, तीन मोटरसाइकिल, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक मिक्सर मशीन की जानकारी सामने आई है। नकदी और आभूषणों का भी हो रहा आकलन ईओडब्ल्यू की टीम सभी संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। घर से मिली नकदी और आभूषणों का भी आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी संपत्तियों का मूल्यांकन होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आय की तुलना में कितनी संपत्ति अर्जित की गई है। फिलहाल ईओडब्ल्यू की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद में शुक्रवार सुबह लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिन में तेज धूप है। सुबह न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिन में 5 किमी प्रति घंटा की स्पीड से हवा चल रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों में हल्की बारिश का अनुमान है, जहां गाजियाबाद और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। गाजियाबाद में 30 जून की रात को बारिश से मौसम बदला। गाजियाबाद के अलावा एनसीआर और आसपास के जिलों में मानसूनी बारिश से मौसम सुहावना हुआ। बिजली कटौती लगातार कर रही परेशान गाजियाबाद में एक तरफ उमस भरी गर्मी है, दूसरी तरफ बिजली कटौली लोगों को परेशान कर रही है। सुबह से लेकर रात तक दो- दो घंटे की बिजली कटौती हो रही है। 2 दिन पहले गुस्साए लोगों ने सड़क पर उतरकर बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। गाजियाबाद में विजयनगर, इंदिरापपुरम, कनावनी, लोनी, कोतवाली, हापुड़ रोड अलग अलग क्षेत्रों में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं।
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-अलवर नेशनल हाईवे-248ए पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा होते-होते टल गया। पाटखोरी गांव के पास एक ट्रेलर ने सड़क पर बने गड्ढे से बचने के प्रयास में राजस्थान रोडवेज की बस को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस बेकाबू होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इस घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ, लेकिन कुछ को मामूली चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार सुबह करीब सात बजे हुआ। राजस्थान रोडवेज की एक बस अलवर से दिल्ली जा रही थी। पाटखोरी गांव के बस स्टैंड के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ड्राइवर ने सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बचने के लिए अपनी साइड दबाई, जिससे वह बस से टकरा गया। बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए यात्रियों की जान बचाने के लिए बस को सड़क से नीचे उतार दिया, जिससे बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। ट्रेलर मौके पर छोड़कर ड्राइवर हुआ फरार हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके पर अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सोलपुर, ढाढोली और पाटखोरी गांव के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर थाना सदर फिरोजपुर झिरका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि ट्रेलर को कब्जे में ले लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। फरार ड्राइवर की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों की गहनता से जांच कर रही है। स्थानीय लोग बोले- गड्ढों की वजह से हो रहे हादसे स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बने गहरे गड्ढों को दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बताया है। उन्होंने प्रशासन से इन गड्ढों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
गुना शहर के कैंट इलाके के किशनगढ़ में दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर लाठी डंडों से हमला बोल दिया। हादसे में 7 लोग घायल हो गए। वहीं मारपीट में एक गर्भवती महिला जमीन पर गिर गई। देर रात उसे दर्द हुआ तो अस्पताल ले जाया गया। वहां पता चला कि उसके पेट में पल रहे जुड़वा बच्चों कि मौत हो गई है। इसके बाद उसका गर्भपात कराया गया। जानकारी के अनुसार किशनगढ़ इलाके में गुरुवार की शाम करीब 5 बजे गाली-गलौज को लेकर चल रहा पुराना विवाद एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के लगभग आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को गुना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पहले पक्ष के सोनू लोधा ने बताया कि रामस्वरूप लोधा के पिता पिछले कई दिनों से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज कर रहे थे। गुरुवार शाम को इसी बात को लेकर जब बातचीत चल रही थी, तभी रामस्वरूप के घर पर कई लोग इकट्ठा थे। आरोप है कि रामस्वरूप और उसके परिवार ने अचानक लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में सोनू लोधा और उसकी गर्भवती पत्नी सहित करीब पांच लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घर पर आकर हमला कर दिया दूसरे पक्ष के रामस्वरूप लोधा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अलग कहानी बताई है। उनके अनुसार, सोनू लोधा और उसके साथी गाली-गलौज करते हुए अचानक उनके घर पर आ धमके और हमला कर दिया। रामस्वरूप पक्ष का दावा है कि इस हमले में संजय नामक युवक की 5 माह की गर्भवती पत्नी राजकुमारी के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई। इस मारपीट के कारण राजकुमारी के गर्भ में पल रहे जुड़वां भ्रूण की मौत हो गई। इस पक्ष से भी करीब पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों ही पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस मामला दर्ज कर लिया है। कैंट पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों में विवाद और मारपीट की सूचना मिली थी। घायलों का मेडिकल कराया गया है और मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गर्भवती महिला के मामले में डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
जीपीएम के मरवाही थाना क्षेत्र में 20 जून 2026 को ग्राम उषाढ़ निवासी 41 वर्षीय गिरीश यादव का दो बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर अपहरण कर लिया था। आरोपी उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले गए थे। घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने मरवाही थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गिरीश यादव को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस अभी भी तीन फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। इनमें प्रीत उर्फ प्रीतम खूटे (जिला सक्ती), अब्दुल खान उर्फ पप्पू (जिला कोरबा) और मुकेश संधू (जिला रायपुर) शामिल हैं। फरार आरोपियों पर कई गंभीर मामले दर्ज पुलिस के अनुसार, तीनों फरार आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनके खिलाफ मरवाही के अलावा कोरबा, सक्ती और ओडिशा के मलकानगिरी जिले में भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने लोगों से मांगी मदद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन फरार आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या जीपीएम पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में शुक्रवार सुबह अचानक सीएम योगी पहुंचे। उन्होंने ICU में भर्ती महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महंत का इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी उनकी हेल्थ का अपडेट लिया। डॉक्टरों ने सीएम योगी को बताया कि उनकी कंडीशन की लगातार निगरानी की जा रही है। और फिलहाल इंफेक्शन कंट्रोल में है। इससे पहले गुरुवार मेदांता ने मेडिकल बुलिटेन जारी कर उनका हेल्थ अपडेट शेयर किया। CCM की निगरानी में चल रहा इलाज मेदांता में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कपूर के अनुसार, 89 वर्षीय महंत को 29 जून की दोपहर अचेत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। जांच में उन्हें सांस लेने में तकलीफ और मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) की पुष्टि हुई। फिलहाल उन्हें ICU में भर्ती कर क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. दिलीप और उनकी टीम की निगरानी में रखा गया है। इससे पहले जनवरी में बिगड़ी थी तबीयत महंत नृत्य गोपाल की तबीयत इसके पहले जनवरी के महीने में भी बिगड़ गई थी तब लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चला था। हालांकि, वो ठीक हो गए थे। मेदांता अस्पताल में उनके भर्ती होने पर सीएम योगी आदित्यनाथ उनसे मिलने गए थे और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किया अपना जीवन महंत नृत्य गोपाल दास राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संतों में से एक हैं। वे राम मंदिर आंदोलन से शुरुआती दिनों से ही जुड़े रहे और अपना पूरा जीवन राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। वह 1986 में राम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के उपाध्यक्ष बने। 1992 के बाद राम जन्मभूमि न्यास (वीएचपी द्वारा गठित) के प्रमुख बने और 2006 में बने। महंत नृत्य गोपाल दास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वे वर्तमान अध्यक्ष हैं। राम मंदिर आंदोलन के दौरान कोर्ट-कचहरी, सड़क आंदोलन और संत-समाज को एकजुट करने में उनकी अग्रणी भूमिका रही। उन्होंने मणिराम दास छावनी के महंत के रूप में सैकड़ों साधुओं को संगठित किया। उन्होंने भूमि पूजन, राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मौजूद रहकर प्रमुख योगदान दिया। वह 88 वर्ष के हैं और पहले भी कई बार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया जा चुका है।
बागपत के पुरा महादेव मेले की तैयारी:श्रावण मास में लगने वाले तीन दिवसीय मेले पर प्रशासन ने की बैठक
बागपत के ऐतिहासिक पुरा महादेव परशुरामेश्वर मंदिर में श्रावण मास के दौरान लगने वाले तीन दिवसीय मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बागपत प्रशासन ने इस संबंध में मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों और मुख्य पुजारी पंडित जय भगवान शर्मा के साथ एक बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने मेले से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इसमें मंदिर परिसर में लाइटिंग, आने-जाने के रास्ते, सुरक्षा व्यवस्था और शिव भक्तों के लिए जलपान की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल थे। पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने बताया कि मंदिर परिसर में आने वाले शिव भक्तों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। पुलिस प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट पर रहेगा। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंदिर कमेटी के सदस्यों के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया है ताकि शिव भक्तों को कोई परेशानी न हो। मंदिर समिति के सचिव संजीव शर्मा ने जानकारी दी कि इस वर्ष भी 20 से 22 लाख शिव भक्तों के मेले में पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले को सुचारु रूप से संपन्न कराने की योजना बनाई गई है। यह तीन दिवसीय मेला 9 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। मंदिर में शिव भक्तों के लिए जलपान और ठहरने की उचित व्यवस्था की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में 2 लोगों की मौत हो गई। एक मामले में अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जबकि दूसरे मामले में तेज रफ्तार बाइक की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की जान चली गई। दोनों मामलों में पुलिस ने संबंधित चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र की है। गुरुवार शाम बाइक सवार युवक अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पूंजीपथरा के पास अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में उसका पैर बुरी तरह कुचल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान ग्राम छिरभौना निवासी संतोष मांझी (35) के रूप में हुई है। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है। तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत दूसरी घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र की है। ग्राम कमरगा सराईपारा निवासी घसिया राम चौहान (58) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके पिता रामनाथ चौहान गुरुवार दोपहर पैसे निकालने के लिए कियोस्क शाखा जाने के लिए घर से पैदल निकले थे। रास्ते में अटल चौक के पास गांव के ही रहने वाले सुरेश सिदार ने उन्हें सूचना दी कि एक तेज रफ्तार बाइक चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए पीछे से उनके पिता को जोरदार टक्कर मार दी। घसिया राम चौहान मौके पर पहुंचे तो उनके पिता खून से लथपथ पड़े थे और उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दमोह में मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी। शुक्रवार सुबह से रुक-रुक कर करीब तीन घंटे हुई बारिश के बाद कई इलाकों में नालियां उफन गईं। गंदा पानी घरों, दुकानों और सड़कों पर भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किल्लाई नाका, क्रिश्चियन कॉलोनी और गायत्री शक्तिपीठ इलाके में नालियों का पानी घरों और दुकानों के सामने जमा हो गया। वहीं कोतवाली के सामने भी नालियां ओवरफ्लो हो गईं और गंदा पानी जेपीबी स्कूल के मुख्य गेट तक पहुंच गया। इससे स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों और अभिभावकों को दिक्कत हुई। कोतवाली के सामने भी बिगड़े हालात कोतवाली के मुख्य गेट के बाहर भी पानी भर जाने से शिकायत लेकर पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोतवाली के पास से गुजरने वाले बड़े नाले की समय पर सफाई नहीं होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गया। लोगों का कहना है कि यदि बारिश लगातार होती रही तो नालियों का पानी घरों के भीतर तक पहुंच सकता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाएगी। हाईवे पर फैली मिट्टी से फिसल रहे वाहन दमोह-जबलपुर हाईवे पर नगर पालिका की ओर से बनाए जा रहे नाले के पास भी बारिश के कारण सड़क पर काफी मिट्टी फैल गई है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को फिसलन का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। सीएमओ बोले-कराएंगे जांच नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजेंद्र सिंह ने कहा कि शहर में जहां-जहां पानी भरने की शिकायत मिली है, वहां की स्थिति की जांच कराई जाएगी।
एटा में हुए भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें से तीन मृतक फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के निवासी थे, जो अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दिल्ली जा रहे थे। पोस्टमार्टम के बाद जब उनके शव पैतृक गांव पहुंचने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतकों की पहचान नवाबगंज थाना क्षेत्र के राजेश, सुखराम और शैलेश के रूप में हुई है। तीनों दिल्ली में रहकर नौकरी करते थे। बस खराब होने के बाद हुआ हादसा गुरुवार शाम नवाबगंज से दिल्ली जा रही रोडवेज बस एटा के बागवाला थाना क्षेत्र में खराब हो गई। चालक ने बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। गर्मी के कारण कुछ यात्री बस से उतरकर सड़क किनारे टहलने लगे, जबकि कुछ बस के भीतर ही बैठे रहे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में राजेश, सुखराम और शैलेश समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक दिन पहले ही गांव आया था शैलेश परिजनों के अनुसार, शैलेश चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। करीब पांच साल पहले उसकी शादी चांदनी से हुई थी और उसकी एक बेटी है। वह पिछले दस वर्षों से दिल्ली में निजी नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। बुधवार को वह दिल्ली से गांव आया था और गुरुवार रात फिर से रोडवेज बस से दिल्ली लौट रहा था। रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। शैलेश के एक भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मौत के बाद मां गमला देवी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के साथ गांव आया था राजेश गांव दौलतपुर निवासी राजेश अपनी पत्नी पूनम, बेटियों आंचल और प्रज्ञा तथा बेटे हर्ष के साथ मंगलवार को दिल्ली से गांव आया था। वह दिल्ली में रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। गुरुवार को वह अपने छोटे भाई अवधेश के साथ वापस दिल्ली जा रहा था। हादसे के समय अवधेश बस के पीछे खड़ा था, जबकि राजेश बस के आगे खड़ा था और कंटेनर की चपेट में आ गया। करीब दस साल पहले राजेश की शादी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शी ने बताई हादसे की पूरी कहानी मृतक राजेश के भाई और प्रत्यक्षदर्शी अवधेश ने बताया कि बस खराब होने के बाद चालक ने उसे सड़क किनारे खड़ा कर दिया था, लेकिन बस के इंडिकेटर नहीं जल रहे थे। तभी पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर आया और बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस दो-तीन फीट आगे खिसककर तिरछी हो गई। उसी दौरान सामने से भी एक वाहन आ गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। अवधेश ने बताया कि बस में करीब 40 यात्री सवार थे। बस खराब होने के बाद कुछ यात्री नीचे उतर आए थे, जबकि कई लोग बस के अंदर बैठे थे। उन्होंने कहा, गुरुवार शाम करीब सात बजे मैं अपने भाई राजेश के साथ दिल्ली के लिए निकला था। क्या पता था कि दिल्ली पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो जाएगा और मेरा भाई हमेशा के लिए हमसे बिछड़ जाएगा। हादसे के बाद मृतकों के गांवों में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। साइड से खड़ी कर ली थी बसप्रत्यक्षदर्शी अवधेश ने बताया बस खराब होने के बाद उसकी साइड से चालक ने खड़ा कर लिया था। इंटीकेटर भी नहीं जल रहे थे। बताया पीछे से एक गाड़ी आई उसने टक्कर मारी बस 2 से 3 फीट आगे बड़ी और तिरछी होकर खड़ी हो गई। इस दौरान सामने से भी गाड़ी आई। उससे बड़ी दुर्घटना हो गई। बताया बस में करीब 40 यात्री सवार थे खराब होने के बाद कुछ यात्री नीचे उतर आए थे तो कुछ बस में ही बैठे थे। बताया गुरुवार की शाम को सात बजे भाई राजेश के साथ दिल्ली जाने के लिए निकला था। उसे क्या पता था कि दिल्ली पहुंचने से पहले ही हादसा हो जाएगा और भाई राजेश हम लोगों से दूर चला जाएगा।
छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा के ग्राम खड्डी में लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार देर रात विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीण गौरिहार पावर हाउस पहुंचे और राज्यमंत्री तथा चंदला विधायक दिलीप अहिरवार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली व्यवस्था खराब है, जिसका समाधान नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने बताया कि दिन में कई घंटों तक बिजली गुल रहती है और रात में भी बार-बार कटौती होती है। पूरी रात बिजली न आने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री बनने के बाद भी क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे उनमें असंतोष बढ़ रहा है। लोग बोले- बहुत उम्मीद थी, पूरी नहीं हुईंप्रदर्शनकारियों ने कहा कि चंदला विधानसभा से पहली बार विधायक बनने के बाद दिलीप अहिरवार को राज्यमंत्री बनाया गया था। क्षेत्र की जनता को उम्मीद थी कि विकास कार्यों में तेजी आएगी और बिजली, सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली संकट का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग कीइससे पहले भी मंत्री दिलीप अहिरवार के खिलाफ विरोध के स्वर उठ चुके हैं। हाल ही में एक युवक ने मंत्री और उनके भाई के खिलाफ छतरपुर एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। युवक ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में मनमानी की जा रही है और विरोध करने वालों पर दबाव बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई करते हुए बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
'हमारा लिखा कोई नहीं काट सकता':मुजफ्फरनगर में लेखपाल-कानूनगो ने विधवा महिला को धमकाया
शहर कोतवाली क्षेत्र के मिमलाना गांव की एक महिला ने लेखपाल और कानूनगो पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे ज़िला कलेक्ट्रेट पहुंची महिला ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद में शिकायत करने पर दोनों राजस्व अधिकारियों ने उसकी मदद करने के बजाय उसे धमकाया और कहा- जो मिल रहा है, ले लो, वरना इससे भी हाथ धो बैठोगी... हमारा लिखा कोई नहीं काट सकता…। पीड़िता अपने भाई के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर DM के नाम शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पीड़िता रसीला पुत्री कालू, निवासी ग्राम मिमलाना का कहना है कि उसने गांव के खसरा संख्या-518 की भूमि खरीदी थी। जमीन पर उसने बाउंड्री कराई और एक कमरा भी बनवाया था। आरोप है कि 27 जून को गांव के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और कथित रूप से उसका कमरा, बरामदा और दीवारें तोड़ दीं। महिला का कहना है कि इस भूमि विवाद में कमिश्नर स्तर से आदेश जारी हो चुके हैं, जिनमें केवल कब्जा दिलाने (कुर्रा) की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश थे। इसके बावजूद कथित रूप से निर्माण ध्वस्त कर दिया गया। महिला का दावा है कि इस आदेश के विरुद्ध मामला बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, प्रयागराज में भी लंबित है। पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप राजस्व अधिकारियों पर है। उसने प्रार्थना पत्र में कहा है कि जब वह सदर तहसील के लेखपाल और कानूनगो के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंची तो उन्होंने उसकी बात सुनने के बजाय कथित रूप से धमकाया। महिला के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि हम जैसा चाहेंगे, वैसा ही होगा, हमारे लिखे को कोई नहीं काट सकता। महिला ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, लेखपाल और कानूनगो की भूमिका की भी जांच हो तथा कथित रूप से निर्माण तोड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
बक्सर के चौसा थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत 22 वर्षीय मजदूर शुभम कुमार की मौत के बाद देर रात तक चले विरोध प्रदर्शन का समाधान हो गया है। कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच हुए समझौते के बाद मृतक के माता-पिता को 23 लाख रुपए मुआवजा और आजीवन मासिक पेंशन मिलेगी। समझौते के तहत, कंपनी ने शुभम कुमार के परिवार को 23 लाख रुपए का मुआवजा देने पर सहमति व्यक्त की है। इसके अतिरिक्त, दाह संस्कार के लिए तत्काल 50 हजार रुपए नगद दिए गए हैं। मृतक के माता-पिता को आजीवन 18 हजार रुपए मासिक पेंशन (प्रत्येक को 9-9 हजार रुपए) भी मिलेगी। यह समझौता अभिमन्यु कुशवाहा की पहल पर हुआ। प्रशासनिक स्तर पर पीएफ और सरकारी आपदा राहत से मिलने वाली सहायता राशि दिलाने को लेकर भी बातचीत की गई है। परिजन को मिलेगा आजीवन मासिक पेंशन अभिमन्यु कुशवाहा ने बताया कि शुरुआत में कंपनी उचित मुआवजा देने को तैयार नहीं थी। श्रम कानून और लेबर रूल के प्रावधानों को सामने रखने के बाद कंपनी 50 लाख रुपए एकमुश्त देने को तैयार हुई थी। हालांकि, माता-पिता की भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, 23 लाख रुपए नगद और आजीवन मासिक पेंशन पर सहमति बनी, ताकि परिवार को लंबे समय तक सहारा मिल सके। इस सहमति के बाद ग्रामीणों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराया गया और परिजनों ने शव पुलिस को सौंप दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार सुबह शव अंतिम संस्कार के लिए परिवार को सौंप दिया गया। यह घटना गुरुवार को हुई थी। राजपुर थाना क्षेत्र के देवढ़िया गांव निवासी 22 वर्षीय शुभम सिंह, जो पिछले एक साल से प्लांट में सिविल विभाग के तहत काम कर रहे थे, ड्यूटी के दौरान प्लांट परिसर में बने पानी स्टोरेज तालाब के पास किसी काम से गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। शव को रखकर परिजन ने मुआवजे की मांग की थी घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने बक्सर रोहतास को प्लांट के पास पांच घंटे तक जाम कर दिया। हालात तनावपूर्ण होते देख CISF के जवानों के साथ राजपुर, मुफस्सिल और इटाढ़ी थाना पुलिस मौके पर तैनात रही। शव को देर रात तक प्लांट परिसर के अंदर ही रखा गया और उचित मुआवजे की मांग जारी रही। इस दौरान मजदूर नेता पप्पू पांडेय और रामप्रवेश सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन प्लांट गेट पर तैनात CISF जवानों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। बाद में मृतक के परिजन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्लांट के अंदर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत शुरू हुई। सूचना मिलने पर अभिमन्यु कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे और देर रात तक कंपनी अधिकारियों के साथ वार्ता कर पीड़ित परिवार के लिए समझौता कराया। 3 हजार मजदूर करते है काम वहीं इंटक के जिला अध्यक्ष पप्पू पांडेय ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्लांट में करीब तीन हजार मजदूर काम करते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए एक तय मानक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी मांग थी कि मृतक परिवार को 32 लाख रुपए मुआवजा मिले, क्योंकि इससे पहले भी प्लांट में दुर्घटना में एक मजदूर की मौत पर इसी तरह का मुआवजा दिलाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने स्थानीय राजनीति के कारण अन्य मजदूरों के भविष्य से जुड़े बड़े मुद्दे को कमजोर करने का काम किया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर SJVN Thermal Power Plant में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर सेफ्टी मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच अब स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों की नजर इस बात पर है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कंपनी क्या ठोस कदम उठाती है।

