जयपुर प्रदेश की राजधानी होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से जूझ रहा है। कहीं जेडीए अप्रूव्ड कॉलोनी होने के बावजूद सालों से सड़कें कच्ची हैं, तो कहीं खुले सीवर चैंबर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। शहर के विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों के लोग टूटी सड़क, जाम सीवर, फेल कचरा प्रबंधन और अवैध डेयरियों से हो रही गंदगी से त्रस्त हैं। महीनों विभागीय दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से आमजन में भी नाराजगी है। दैनिक भास्कर ऐप के ‘समाधान’ सेगमेंट के जरिए शहरभर से ऐसी ढेरों शिकायतें हमें मिल रही हैं। आमेर रोड, निर्माण नगर और आगरा रोड जैसी जगहों से स्थानीय नागरिकों ने अपनी परेशानी हमसे साझा की है। भास्कर की मुहिम का असर भी दिख रहा है। हरमाड़ा और अशोक मार्ग जैसे इलाकों में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीवर और कचरे की समस्या का समाधान किया है, जिससे सजग अधिकारियों के प्रयासों से जनता को बड़ी राहत मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) आमेर में डेयरी के पशुओं से हो रही गंदगी जयपुर के जल महल-आमेर रोड के डिफेंस कॉलोनी से रामस्वरूप मीणा ने लिखा कि कॉलोनी में किसी ने अवैध डेयरी खोल रखी है। जिसके कारण पूरे रास्ते में सुबह शाम जाम की स्थिति बनी रहती है। साथ ही रोड पर इन पशुओं के कारण गंदगी भी हो रही है। शिकायत के बावजूद ऐसी अवैध डेयरी संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। शिकायतों के बाद भी नहीं सुलझी सीवर की समस्या निर्माण नगर के जन पथ इलाके से विनीत वशिष्ठ ने लिखा कि 200 फीट अजमेर चौराहा से मानसरोवर मेट्रो की तरफ की सर्विस रोड पर एक सीवर चैंबर खुला हुआ है। कई दिनों से इसकी शिकायत संबंधित विभाग को करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। सालों से जलभराव और टूटी सड़क से जनता त्रस्त आगरा रोड के पालड़ी मीणा, सिद्धार्थ नगर से राहुल शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में सड़क और सीवर की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी समस्या हो रही है। यहां 8 सालों से सड़क नहीं बनी है। जिससे मानसून में जलभराव से और भी परेशानी होती है। साथ ही मच्छरों के पनपने से मौसमी बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। कॉलोनी जेडीए अप्रूव्ड, लेकिन पक्की सड़क तक नहीं सांगानेर के शिव विहार कॉलोनी से सौरभ ने लिखा कि हमारी कॉलोनी जेडीए अप्रूव्ड है। इसके बाद भी इस इलाके में सड़क का निर्माण नहीं हो रहा है। पूरे कॉलोनी के लोगों को ऊबड़-खाबड़ और कच्चे रास्ते से घर से काम पर जाना पड़ता है। स्थानीय लोग सालों से परेशान हैं। सीवर चैंबर की समस्या का हुआ समाधान जयपुर शहर के हरमाड़ा इलाके से विशाल सिंह ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर लिखा कि नींदड़ मोड़ गोविंद टावर के पीछे पिछले कई दिनों से सीवर चैंबर टूटा हुआ है। जिसके बाद संबंधित विभाग ने मामले में एक्शन लेते हुए समाधान करवा दिया है। कचरे की समस्या का हुआ समाधान शहर के अशोक मार्ग अग्रसेन सर्कल से योगेंद्र गोस्वामी ने समाधान सेगमेंट पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा कि सुभाष मार्ग के फुटपाथ पर करीब 20 दिनों से कचरा पड़ा था। समस्या पोस्ट होने के बाद हैल्थ इंस्पेक्टर ने साफ-सफाई करवाकर समाधान करवा दिया है। जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। मनोज भीवाल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ अग्रसेन सर्किल से योगेंद्र गोस्वामी ने फुटपाथ पर करीब 20 दिनों से कचरा पड़ा होने की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा कि कई दिनों से कचरा उठाने वाली गाड़ी कचरा नहीं उठा रही है। जिसके कारण हर तरफ गंदगी फैली हुई है। भास्कर के समाधान सेगमेंट पर समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य निरीक्षक मनोज भीवाल ने सफाई करवा कर समाधान करवा दिया है। पब्लिक की आवाज बन रहा ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों तक सीधे पहुंच रहीं जन समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में खुले गड्ढों से हादसे का डर:टूटी सड़कें, सीवर और ट्रैफिक जाम, भास्कर में समस्या पोस्ट करने पर कई वार्डों में समाधान 2.जयपुर में स्ट्रीटलाइट बंद होने से चोरियों का डर:कचरा नहीं उठने और जलभराव से लोग परेशान; भास्कर की पोस्ट से हुआ समस्याओं का समाधान 3.जयपुर में मानसून से पहले ही बिगड़े शहर के हालात:कहीं जाम, सीवर चोक कहीं खस्ताहाल सड़कें, भास्कर एप पर शिकायत के बाद कई इलाकों में हुआ समाधान 4.जयपुर में सीवर और कचरे से मिली राहत:कहीं टूटी सड़कें और जलभराव अब भी बड़ी आफत; नंदकिशोर डंडोरिया बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 5.जयपुर में अधूरे कार्य बने लोगों की परेशानी का कारण:टूटी सड़कें, खुले गड्ढे और अधूरे पड़े काम से बढ़ी परेशानी, शिकायतों के बाद कई जगह राहत 6.जयपुर में टूटी सड़कें, सीवर लीकेज और जलभराव से परेशानी:सफाई व्यवस्था बदहाल, समस्याओं से घिरे शहर में कुछ जगह मिला समाधान 7.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:समस्याओं पर जागे विभाग; कहीं नाले की सफाई शुरू तो कहीं गंदे पानी से मिली राहत 8.बढ़ा पेयजल संकट, टूटी सड़कों से हादसों का डर:शिकायतों के बाद कुछ जगहों पर कार्रवाई, दशरथ सिंह शेखावत बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर समाधान का असर:जयपुर में कई समस्याओं का हुआ निस्तारण, दशरथ सिंह शेखावत बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ 10.जयपुर के मुरलीपुरा में ठीक हुई टूटे झूलों की समस्या:पब्लिक की शिकायतों पर तुरंत हो रहा समाधान; रविन्द्र सिंह बने आज ‘पब्लिक के स्टार’
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने शहर के जल संकट और प्राचीन जल स्रोतों की दुर्दशा पर ऐतिहासिक स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। कोर्ट ने कहा- ‘संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देता है और साफ पेयजल इसके बिना असंभव है।’ जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की खंडपीठ ने इस मानवीय संकट पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित कर ‘मास्टर वाटर सिक्योरिटी, रिस्टोरेशन एंड कंजर्वेशन प्लान’ पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव, पीएचईडी, जेडीए, नगर निगम और उत्तर-पश्चिम रेलवे सहित 14 विभागों के आला अधिकारियों को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामले की अगली सुनवाई आज (22 मई) को होगी। खबरों की सुर्खियों ने खोली दावों की पोल सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने स्थानीय अखबारों में प्रकाशित 17 प्रमुख खबरों का विशेष रूप से संज्ञान लिया। कोर्ट ने दैनिक भास्कर में प्रकाशित 'बाई रे! 14 करोड़ डूब गए...', 'जोधपुर में जल इमरजेंसी... बस 2 दिन का पानी बचा', 'पानी की बूंद-बूंद जरूरी, पर माफिया चुराकर बेच रहा' और 'टैंकर लूट के बाद दिस दिन में 10 प्रदर्शन और मारपीट भी' जैसी प्रमुख खबरों का हवाला देते हुए शहर की स्थिति को भयावह माना। कोर्ट ने कहा- 210 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) की जरूरत वाले इस शहर के 43 में से 19 बांध पूरी तरह सूख चुके हैं और पूरी आबादी 300 ट्यूबवेल व 80 टैंकरों के आपात सहारे पर टिकी है। यह संकट केवल नहर बंदी का अस्थायी असर नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक जलाशयों की उपेक्षा, भूजल के अंधाधुंध दोहन, अव्यवस्थित शहरी विस्तार और दीर्घकालिक वॉटर रिचार्ज उपायों की कमी जैसी गहरी ढांचागत विफलताओं का नतीजा है। पानी मौलिक अधिकार, सुप्रीम कोर्ट के चार बड़े फैसलों की नजीर हाईकोर्ट ने अपने 25 पेज के विस्तृत आदेश में लीगल फ्रेमवर्क को मजबूत करते हुए सुप्रीम कोर्ट के चार ऐतिहासिक फैसलों का हवाला दिया। कोर्ट ने 'सुभाष कुमार बनाम बिहार राज्य', 'नर्मदा बचाओ आंदोलन', 'एपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड बनाम प्रो. एम.वी. नायडू' और 'हिंच लाल तिवारी मामला' नजीर के तौर पर पेश करते हुए कहा कि प्रदूषण मुक्त पानी का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है और प्राकृतिक जल स्रोतों की रक्षा करना राज्य का प्राथमिक संवैधानिक कर्तव्य है। इसके साथ ही कोर्ट ने अनुच्छेद 47 (सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार), अनुच्छेद 48A (पर्यावरण व झीलों की रक्षा) और अनुच्छेद 51A(g) के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों की भी व्याख्या की। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की अनदेखी पर फटकार, विशेषज्ञ समिति करेगी निगरानी खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2009 की धारा 238(1), भवन उप-विधियों और राजस्थान शहरी जल आपूर्ति नीति, 2018 के तहत रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य होने के बावजूद जोधपुर में इसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। नई इमारतों को प्रमाण-पत्र देते समय इसकी मॉनिटरिंग में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। इसके स्थाई समाधान के लिए कोर्ट ने सरकार को एक 'उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति' बनाने का आदेश दिया है, जिसमें केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं बल्कि हाइड्रोलॉजिस्ट, भूजल विशेषज्ञ, पर्यावरण वैज्ञानिक, वेटलैंड व इकोलॉजी एक्सपर्ट, टाउन प्लानर्स, जल संरक्षण से जुड़े प्रतिष्ठित एनजीओ और केंद्रीय भूजल बोर्ड के प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से शामिल होंगे। लागत, टाइमलाइन और रेलवे वाटर ट्रेन पर अंतरिम निर्देश कोर्ट ने अंतरिम राहत के तौर पर प्रशासन को कई कड़े निर्देश जारी करते हुए बिंदुवार हलफनामा मांगा है- जीपीएस और फोटो- चांद बावड़ी, तापी बावड़ी, गुलाब सागर, गांगलाव तालाब और तूरजी का झालरा जैसे ऐतिहासिक स्रोतों की वर्तमान स्थिति, अतिक्रमण और दुर्दशा को साबित करने के लिए प्रशासन को उनकी जीपीएस लोकेशन और ताजा तस्वीरें कोर्ट में पेश करनी होंगी। सीवरेज पर तुरंत रोक- गुलाबसागर-फतेहसागर नहर और अन्य पारंपरिक जल चैनलों में सीवरेज का गंदा पानी, प्लास्टिक और कचरा गिरने पर तुरंत रोक लगाई जाए और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसकी पानी की गुणवत्ता की जांच करे। वाटर ट्रेन की व्यवहार्यता- आपातकालीन पेयजल आपूर्ति के लिए वॉटर ट्रेनों के माध्यम से पानी लाने की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी रिपोर्ट) और उसकी वर्तमान स्थिति का पूरा ब्योरा दिया जाए। मास्टर प्लान का खाका- पारंपरिक जल धरोहरों के जीर्णोद्धार, गाद निकालने (डीसिल्टेशन), अतिक्रमण हटाने और नए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना के लिए लगने वाली अनुमानित लागत, सटीक टाइमलाइन और एक्शन प्लान को 'मास्टर वाटर सिक्योरिटी प्लान' में शामिल किया जाए। माफिया पर सख्ती- अवैध जल दोहन, पानी की कालाबाजारी और बिना अनुमति चल रहे टैंकर माफिया पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और शहर में पानी का समान वितरण सुनिश्चित हो। इस पूरे मामले में कोर्ट की सहायता के लिए अधिवक्ता अभिषेक मेहता और अदिति मोड को न्याय मित्र नियुक्त किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।
बाड़मेर में हर साल आने वाले पानी संकट को देखते हुए सरकार की ओर से 50 करोड़ स्वीकृति जारी की है। इस बजट से मोहनगढ़ और भांगू के गांव में पुराने पंपों को बदलकर नए पंप लगाए जाएंगे। इससे पानी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ेगी। इससे बाड़मेर की जनता को लाभ मिलेगा। कुछ माह में टेंडर प्रक्रिया होने के बाद काम शुरू हो जाएगा। अगले साल की गर्मियों को बाड़मेर को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। दरअसल, बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियाेजना साल 2012 में शुरू हुई। इसमें बाड़मेर शहर, डिफेंस समेत 851 गांव 2011 की जनगणना के अनुसार पानी पाइप लाइन से पहुंच रहा है। दूसरे गांवों में जलजीवन मिशन काम चल रहा है। कई गांवों में पूरा हो गया है। इस सीजन में क्लोजर होने की वजह से बाड़मेर में पेयजल संकट गहराया गया। इससे शहर समेत पूरे इलाके में पानी किल्लत से लोग परेशान नजर आए। हालांकि क्लोजर खुलने के बाद मोहनगढ़ में नहर का पानी पहुंच गया है। लेकिन बाड़मेर तक पहुंचने में कम से कम एक वीक लगेगा। इसके बाद ही पानी के संकट से राहत मिलेगी। पीएचईडी एसई हजारीलाल बालवा ने बताया- मोहनगढ़ और भांगू गांव में जल प्रोडक्शन क्षमता कम हो रही थी। राजस्थान सरकार इस बजट में 50 करोड़ की स्वीकृति जारी की है। उसमें मोहनगढ़ और भागू का गांव में नए पंप लगाए जाएंगे। इन पंपों की क्षमता अधिक होगी। मोहनगढ़ में फिल्टर प्लांट की क्षमता 172 एमएलडी होनी चाहिए। उससे जल उत्पादन कम हो रहा है। इसके लिए स्वीकृति मिली है। इसका जल्दी काम करवाएंगे। आगामी कुछ माह बाद इसका रिजल्ट मिलेगा। उत्पादन क्षमता बढ़ने से बाड़मेर लिफ्ट केनाल में पानी पहुंचेगा। गांवों और ढाणियों में गहराया संकट बीते दो माह में बाड़मेर जल संकट की चपेट में है। कई इलाकों में जलापूर्ति का अंतराल 10 से 15 दिन तक पहुंच गया है। केवल पानी का अभाव नहीं था। बल्कि प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसने जिले भर में पेयजल संकट पैदा किया था। स्थानीय लोग लंबे समय से नहर के पानी का इंतजार कर रहे थे ताकि वे भीषण गर्मी में कुछ सुकून की सांस ले सकें।
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास स्थित सेक्टर-112 में एक प्लास्टिक वेस्ट प्लांट में भीषण आग लग गई है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। आग की ऊंची लपटों को काफी दूर से देखा जा सकता है। प्लास्टिक की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैल रही है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। हालांकि, राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य चलने की वजह से रास्ता पूरी तरह बंद है। इस वजह से दमकल और पुलिस के वाहनों को मुख्य सड़क से जाने का रास्ता नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां खेतों के कच्चे और संकरे रास्तों से होकर चक्कर काटने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन और दमकल कर्मी वैकल्पिक रास्तों से प्लांट तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्लांट में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…………..
नर्मदापुरम जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मढ़ई और रेनी पानी में टैक्स वसूली को लेकर जिला पंचायत और लग्जरी रिसॉर्ट संचालकों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। जंगल और देनवा नदी के किनारे बसे इन क्षेत्रों में करीब 40 छोटे-बड़े लग्जरी रिसॉर्ट्स और होम-स्टे हैं, जिनका सालाना कारोबार करोड़ों रुपए का है, लेकिन जब बात पंचायत टैक्स चुकाने की आती है तो ये पीछे हट जाते हैं। कई संचालकों ने तो 7 साल से टैक्स नहीं दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस डिफॉल्टर लिस्ट में निजी रिसॉर्ट्स के साथ-साथ सरकारी संस्थान एमपी टूरिज्म का नाम भी शामिल है। पढ़िए रिपोर्ट… 72 लाख बकाया में से सिर्फ 4 लाख ही जमा हुए जिला पंचायत ने सोहागपुर ब्लॉक की दो पंचायतों टेकापार (मढ़ई) और मगरिया (रेनी पानी) में संचालित 40 रिसॉर्ट और होम-स्टे संचालकों को चिह्नित किया है। इन पर पंचायत का करीब 72 लाख रुपए टैक्स बकाया है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन के निर्देश पर पंचायत सचिवों ने नोटिस जारी कर टैक्स जमा करने के लिए कहा। बैठकें की, लेकिन टैक्स केवल 4.34 लाख रुपए ही जमा हो सका। सीईओ ने टैक्स जमा नहीं करने वालों पर कार्रवाई की बात कही है। वहीं रिसॉर्ट संचालकों का आरोप है कि पंचायत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रही। उनका कहना है कि पंचायत ने कचरा निपटान तक की व्यवस्था नहीं की है। रिसॉर्ट संचालकों के अनुसार, कचरा निपटान पर ही उन्हें हर साल 35 से 40 हजार रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ते हैं। उनका सवाल है कि जब सुविधाएं नहीं मिल रहीं तो टैक्स किस बात का? नोटिस के बाद सिर्फ 4 ने भरा टैक्स इन संस्थानों का टैक्स आकलन बाकी अमोली होम स्टे, सिल्क स्टेट मढ़ई, सतपुड़ा सिल्क रिट्रीट होम स्टे, माउंटेन मिस्ट होम स्टे, बनवास होम स्टे, जयराम धुर्वे, पलकमती होम स्टे (सरवन धुर्वे), जंगल व्यू होम स्टे (हरिओम), महिला होम स्टे (संजीव मर्सकोले), सतपुड़ा ट्राइबल होम स्टे (सुखदेव धुर्वे), चिंकारा होम स्टे (रेवती धुर्वे) और द लेपर्ड हिल होम स्टे (लीला यादव) का टैक्स आकलन अभी बाकी है। सबसे ज्यादा बकाया रेनी पानी जंगल लॉज पर दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि ग्राम पंचायत मगरिया के रेनी पानी जंगल लॉज पर सबसे ज्यादा 15 लाख 22 हजार 312 रुपए का टैक्स बकाया है। इसके अलावा देनवा बैकवॉटर स्क्रैप पर 11 लाख 89 हजार 842 रुपए और मनीष कालानी इंदौर फार्महाउस पर 6 लाख 89 हजार 946 रुपए का टैक्स बकाया है। सबसे कम बकाया होटल सतपुड़ा वैली पर 8,790 रुपए है। टेकापार और रेनी पानी पंचायतों का कुल बकाया टैक्स 72 लाख 20 हजार 756 रुपए है। टैक्स जमा करने में एमपी टूरिज्म भी पीछे पंचायत का राजस्व नहीं चुकाने वालों में निजी रिसॉर्ट के साथ सरकारी संस्थान का नाम भी शामिल है। एमपी टूरिज्म के मढ़ई स्थित बायसन लॉज पर 4.99 लाख रुपए का टैक्स बकाया है। वर्ष 2020 से 2026 तक पंचायत टैक्स जमा नहीं कराया गया। एमपीटी के रीजनल मैनेजर एयू खान का कहना है कि एमपी टूरिज्म की किसी भी होटल या रिसॉर्ट पर इस प्रकार का पंचायत टैक्स लागू नहीं होता। फॉरसिथ लॉज ने जमा कराया टैक्स दो महीने पहले जिस फॉरसिथ लॉज में वन्यजीवों के अंग मिलने का मामला सामने आया था, उसका नाम भी बकायादारों की सूची में शामिल था। हालांकि, पिछले महीने रिसॉर्ट प्रबंधन ने पंचायत खाते में 2 लाख 35 हजार 689 रुपए जमा करा दिए हैं। टैक्स नहीं देने वालों पर कार्रवाई होगी जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने कहा कि मगरिया और टेकापार पंचायत क्षेत्रों में कई रिसॉर्ट और होम-स्टे संचालकों ने पंचायत टैक्स जमा नहीं किया है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी। रिसॉर्ट संचालकों का पक्ष- सुविधा शून्य, फिर टैक्स क्यों? पंचायत टैक्स को लेकर दैनिक भास्कर टीम ने गौरीशा, लहरहा, ड्रीम व्यू समेत अन्य रिसॉर्ट संचालकों से बात की। उन्होंने ऑफ कैमरा कहा कि पंचायत टैक्स वसूलने के लिए तो सक्रिय है, लेकिन सुविधाएं देने में पीछे है। उनका कहना है कि न सड़कों की सफाई होती है, न स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है और न ही कचरा निपटान की कोई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। रिसॉर्ट से निकलने वाला कचरा हर सप्ताह विशेष वाहन से सोहागपुर भेजा जाता है। एक बार में 1 से 2 हजार रुपए तक खर्च आता है। इस तरह सालभर में केवल कचरा निपटान पर 35 से 40 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। ईको सेंसिटिव जोन में आते हैं रिसॉर्ट ग्राम पंचायत टेकापार के सारंगपुर-मढ़ई क्षेत्र में बने अधिकांश रिसॉर्ट सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बागड़ा बफर क्षेत्र में आते हैं। देनवा नदी का बैकवॉटर क्षेत्र बफर और कोर जोन से जुड़ा है, जो ईको सेंसिटिव जोन के दायरे में आता है। इसी कारण यहां नए व्यावसायिक निर्माण पर रोक है। रिसॉर्ट संचालक नए निर्माण नहीं कर सकते। यहां तक कि लाइटिंग का उपयोग भी निर्धारित नियमों के तहत ही करना पड़ता है। ‘पंचायत दोबारा हिसाब लगाकर टैक्स तय करे’ देनवा बैकवॉटर और ड्रीम व्यू रिसॉर्ट के संचालकों ने पंचायत के टैक्स नोटिस पर जवाब देते हुए कहा है कि पंचायत ने गलत तरीके से टैक्स तय किया है। उनका कहना है कि रिसॉर्ट की जमीन और निर्माण के हिसाब से दोबारा सही आकलन कर टैक्स लगाया जाए। संचालकों के मुताबिक, ड्रीम व्यू रिसॉर्ट के लिए जमीन जून 2018 में खरीदी गई थी, 2019 में निर्माण शुरू हुआ और साल 2021 में रिसॉर्ट शुरू हुआ। इसके बावजूद पंचायत ने 2018 और 2019 का भी टैक्स जोड़ दिया, जबकि हकीकत में टैक्स 2022 से लगना चाहिए। रिसॉर्ट संचालक का कहना है कि वे 44 हजार रुपए का चेक पंचायत को पहले ही जमा कर चुके हैं और पंचायत को निर्माण लागत व वास्तविक समय के आधार पर दोबारा टैक्स तय करना चाहिए।
नोएडा में भीषण गर्मी का कहर:44 डिग्री तक पहुंचेगा पारा, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
नोएडा के इलाकों में भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को जिले के लिए हीट वेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को तापमान 44 डिग्री तक जाएगा। आगामी 23 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने की संभावना है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोगों को दिनभर उमस और झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हवा में नमी की मात्रा करीब 60 प्रतिशत रहने से गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा। इसके साथ ही रात में भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। IMD ने वार्म नाइट की स्थिति को लेकर भी चेतावनी जारी की है। इसका मतलब है कि रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा, जिससे लोगों को बेचैनी और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने 23 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं 24 मई से 26 मई तक नोएडा में हीट वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भी तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच बना रह सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और सीधे धूप के संपर्क से बचने की सलाह दी है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के चलते शहर में दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही भी कम दिखाई दे रही है।
हरियाणा में 5 दिन तक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ब्रांच बंद रहेंगी। जिसकी वजह है कि कर्मचारी 25 और 26 मई को दो दिवसीय हड़ताल रहेंगे। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई है। यूनियन ने बैंक प्रबंधन के सामने 16 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें कर्मचारियों की भर्ती, पेंशन, आउटसोर्सिंग और जबरन क्रॉस-सेलिंग जैसे मुद्दे शामिल हैं। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर शाखाओं में होने वाले कामकाज पर देखने को मिल सकता है। चेक क्लियरिंग, कैश जमा-निकासी, पासबुक अपडेट, नए खाते खोलने और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। खासतौर पर वर्कमैन कैटेगरी के कर्मचारियों की भागीदारी के कारण शाखा संचालन धीमा पड़ सकता है। हालांकि बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप, यूपीआई ट्रांजैक्शन और एटीएम सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। AISBISF की प्रबंधन से मुख्य मांग…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लगभग 200 लोगों की समस्या सुनी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। यदि कोई अवैध रूप से किसी की जमीन पर कब्जा करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। CM योगी दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे हैं। सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन आयोजित किया गया। सुबह से ही लोग मंदिर पहुंचे थे। उन्हें कुर्सियों पर बैठाया गया। कुछ देर बाद मुख्यमंत्री वहां पहुंचे और एक-एक कर सभी की समस्या सुनी। एक महिला ने रोडवेज बस का पास बनवाने की अपील की। सीएम ने अधिकारियों से इस मामले को दिखवाने को कहा। कुछ लोग अपनी जमीन से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे थे। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि इसकी जांच करा ली जाए। यदि कोई गलत तरीके से कब्जा कर रहा है तो उसपर कार्रवाई करें। जनता दर्शन में गोरखपुर से बाहर के लोग भी पहुंचे थे। उन्होंन भी अपनी समस्याएं बताईं। सीएम ने साथ मौजूद अधिकारियों से संबंधित जिलों के अधिकारियों से समस्या का निराकरण कराने को कहा। कई लोग अपने परिजनों की गंभीर बीमारी के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम ने कहा कि सरकार इलाज में भरपूर मदद करेगी। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस्टीमेट बनवाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की सीएम जनता दर्शन से पहले गोरखनाथ मंदिर की गोशाला गए। वहां गायों की सेवा की। सीएम को देखकर गोवंश उनके पास चले आए। उन्होंने उन्हें गुड़-चना खिलाया और साफ-सफाई का ध्यान रखने को कहा। गर्मी में गोवंश को नहलाने का निर्देश भी दिया। बच्चों को दुलारा, चॉकलेट दी गोरखनाथ मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान सीएम को बच्चे दिखे को अपने पास बुला लिया। बच्चे लाइन से सीएम के पास खड़े हो गए। मुख्यमंत्री ने उनका नाम पूछा, पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और मन लगाकर पढ़ने की सीख दी। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी दिया।
लखनऊ में शुक्रवार को जिले के करीब 70 जज साइकिल से कोर्ट के लिए रवाना हुए। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से यह अनोखा अभियान चलाया गया। जिला जज मलखान सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए इस कार्यक्रम को हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला जज मलखान सिंह के डालीबाग स्थित आवास पर सभी जज इकट्ठा हुए। जिला जज के नेतृत्व में सभी जज सुबह 9 बजे साइकिल से कोर्ट के लिए निकले। इस दौरान सभी जजों ने आम लोगों को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जस्टिस राजेश चौहान ने दिखाई हरी झंडी लखनऊ हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश चौहान ने इस अभियान की शुरुआत हरी झंडी दिखाकर की। उन्होंने इसे एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में जागरूकता लाने के लिए बेहद जरूरी हैं। अभियान में शामिल होने के लिए जिन जजों को साइकिल चलाना नहीं आता था, वे ई-रिक्शा से कोर्ट पहुंचे। वहीं, कई वकील भी इस पहल से जुड़े और साइकिल या ई-रिक्शा से अदालत पहुंचे। पेट्रोल संकट और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बढ़ते ईंधन संकट के प्रति लोगों को जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। पीएम मोदी की अपील से जुड़ी पहल बताया जा रहा है कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील से भी प्रेरित है। न्यायिक अधिकारियों ने इस माध्यम से आम जनता को वैकल्पिक साधनों को अपनाने का संदेश दिया।
गोरखपुर के गोरखनाथ थाना क्षेत्र की एक युवती को प्रेमजाल में फंसाकर युवक ने गहने और नकदी हड़प लिए थे। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान महाराजगंज जिले के नौतनवा थाना क्षेत्र के बरनहवा चकद निवासी अभिषेक शर्मा के रूप में हुई है। जो वर्तमान में गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रामनगर में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को नौतनवा से गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक आईफोन भी बरामद किया है। युवती के घरवालों गोली मारने की देता था धमकी थाना प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने आरोप लगाया था कि अभिषेक शर्मा ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर पिता और भाई को गोली मारने की धमकी दी और लगातार दबाव बनाता रहा। आरोप है कि आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी दबाव डाला। पीड़िता के अनुसार विरोध करने पर आरोपी ने उससे घर के जेवरात और नकदी मंगवा लिए। इसमें सोने का चैन, माता का मंगलसूत्र, टीका, नथिया, चांदी की पायल, झुमके (दो जोड़ा) और चार जोड़ा पायल शामिल हैं। इसके अलावा करीब 40 हजार रुपये नकद भी लिए जाने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सर्विलांस की मदद से आरोपी को नौतनवा से गिरफ्तार किया। उसके पास से एक आईफोन भी बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि आईफोन भी युवती के पैसे ही उसने खरीदा था।
आय से अधिक संपत्ति, FIR से पहले सफाई जरूरी नहीं:लखनऊ हाईकोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में लोक सेवक से एफआईआर दर्ज करने से पहले स्पष्टीकरण लेना कानूनी रूप से आवश्यक नहीं है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच एजेंसी के पास प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध दर्शाने वाली पर्याप्त सामग्री उपलब्ध हो, तो अलग से प्रारंभिक जांच किए बिना भी एफआईआर दर्ज की जा सकती है। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने दीनानाथ यादव की याचिका खारिज करते हुए पारित किया। यादव ने 17 दिसंबर 2025 को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी। सतर्कता विभाग की खुली जांच में 1.95 करोड़ का आया था मामला एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि सतर्कता विभाग की खुली जांच में याची की ज्ञात आय लगभग 1.95 करोड़ रुपये पाई गई। वहीं, उनके द्वारा करीब 2.51 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के प्रमाण मिले। इस प्रकार, लगभग 55 लाख रुपये की अतिरिक्त संपत्ति और व्यय सामने आया, जिसका संतोषजनक स्रोत नहीं बताया गया। याची की ओर से न्यायालय को बताया गया कि एफआईआर दर्ज करने से पहले उनसे उनकी आय, खर्च और संपत्तियों के संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया था। यह भी तर्क दिया गया कि बिना प्रारंभिक जांच और जवाब का अवसर दिए एफआईआर दर्ज करना कानून के विपरीत है। सफाई देने का कोई अधिकार नहीं है राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही कई फैसलों में स्पष्ट कर चुका है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में एफआईआर दर्ज होने से पहले आरोपी लोक सेवक को सफाई देने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं है। सरकार ने कहा कि यदि जांच एजेंसी को उपलब्ध रिकॉर्ड और दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया अपराध दिखाई देता है, तो वह सीधे एफआईआर दर्ज कर सकती है। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि जांच अधिकारी का दायित्व केवल यह देखना होता है कि उपलब्ध सामग्री से प्रथम दृष्टया अपराध बनता है या नहीं। इस स्तर पर आरोपी को सुनवाई या स्पष्टीकरण का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
दमोह एसपी आनंद कलादगी ने गुरुवार रात रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एएसपी सुजीत सिंह भदोरिया, सीएसपी एचआर पांडेय और कोतवाली टीआई मनीष कुमार भी मौजूद रहे। एसपी सबसे पहले रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने परिसर के बाहर और अंदर का मुआयना किया। उन्होंने ऑटो चालकों से उनके दस्तावेजों की जानकारी ली और यात्रियों से भी बातचीत की। इसके बाद उन्होंने आरपीएफ चौकी पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज की जांच की। एसपी ने स्टेशन पर पुलिस बल तैनात के निर्देश दिए रेलवे स्टेशन पर रात के समय शराबखोरी और असामाजिक तत्वों के जमावड़े की शिकायतें मिलती रही हैं। एक महीने पूर्व सीएसपी के ड्राइवर के साथ भी यहां मारपीट की घटना हुई थी। इन गंभीर अपराधों को देखते हुए एसपी ने स्टेशन पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे स्टेशन के बाद एसपी बस स्टैंड पहुंचे। यहां उन्होंने बस संचालकों से बातचीत की और बसों के परमिट व अन्य आवश्यक कागजात मांगे। एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि उनका उद्देश्य शहर के प्रत्येक चौराहे पर पुलिस गश्त बढ़ाना है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने चैंबर से बाहर निकलकर क्षेत्र का भ्रमण करने के निर्देश दिए, ताकि अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे और अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के देवरिया दौरे से पहले जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे कई समाजवादी पार्टी (सपा) नेताओं और आंदोलनकारियों को पुलिस ने देर रात उनके घरों में नजरबंद कर दिया। विपक्षी दलों और संगठनों ने इस कार्रवाई को आवाज दबाने का प्रयास बताया है। सपा नेता अवनीश यादव ने आरोप लगाया कि बरहज विधानसभा क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे में घोषित परियोजनाओं की सूची में बरहज क्षेत्र के लिए एक भी योजना शामिल नहीं है, जिससे स्थानीय जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। यादव ने बताया कि बरहज की जनता ने भाजपा को सांसद से लेकर विधायक तक जिताया है, फिर भी विकास योजनाओं में क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया। अवनीश यादव ने जानकारी दी कि उन्होंने शुक्रवार सुबह 10 बजे शहर के सुभाष चौक पर धरना-प्रदर्शन का निर्णय लिया था। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें उनके घर में नजरबंद कर दिया। इसी तरह, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ यादव को भी उनके गांव स्थित आवास पर नजरबंद किया गया है। उधर, बैतालपुर चीनी मिल को चालू कराने और बैतालपुर रेलवे ढाले पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन चला रही “चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति” के अध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी को भी पुलिस ने देर रात घर पर नजरबंद कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने से रोकने के लिए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। बृजेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि बैतालपुर चीनी मिल लाखों किसानों, मजदूरों और परिवारों की आजीविका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और गृह मंत्री अमित शाह पहले भी चीनी मिल चालू कराने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी क्रम में, खुखुन्दू ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक नथुन राय और अध्यक्ष सोबराती किदवई को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। बताया जा रहा है कि ये दोनों मुख्यमंत्री को खुखुन्दू को ब्लॉक बनाए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपने वाले थे।
ऑपरेशन नवजीवन रांची मुख्यालय में आत्म समर्पण करने वाले 25 नक्सलियों की मेडिकल जांच चाईबासा सदरअस्पताल में गुरुवार को कराई गई। सभी 25 नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बस पर चाईबासा लाया गया। लगभग डेढ़ दशक तक कोल्हान के गांव-गांव में जंगल पहाड़ में सागेन अंगरिया के दस्ते का खौफ था। उस पर पांच लाख का इनाम था। सब जोनल कमेटी मेंबर था। 2010 के बाद वह 16 साल में 123 कांड को अंजाम दिया। सागेन की कद काठी सेना के जवान जैसी है। चार भाइयों में सबसे बड़ा सागेन अंगारिया। चाईबासा जेलब्रेक कांड से लेकर पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला कर दो गार्ड को मारने व बड़ाजामदा में मैगजिन हाउस लूटने में वह शामिल रहा। गांव में कच्चा मकान है। उसके छह बच्चे हैं। सबसे बड़ी बिटिया विनीता नर्स है। एक बेटी की शादी हो चुकी है। दो छोटे बेटे अंग्रेजी माधयम स्कूल में पढ़ रहे हैं। पत्नी गांव के स्कूल में रसोइया है। गांव के लोग बताते हैं कि सांगजाटा कभी नक्सलियों के विरोध में था। तब सागेन खुद गांव का ग्राम प्रधान था। लेकिन 2010 में सागेन खुद नक्सली दस्ते में शामिल हो गया। 16 साल के अंतराल में सांगजाटा के आसपास इलाके में उसका खौफ घर-घर में छाने लगा। मुखबिर के नाम पर कई हत्याएं उसने खुद की। उसके डर से दर्जनों लोगों ने गांव छोड़ दिया था। मुठभेड़ में लगी गोली, तब रात को एंबुलेंस से पहुंचा रांची29 अप्रैल को सांगजाटा गांव के पास सागेन अंगरिया के दस्ते के साथ कोबरा जवानों का एनकाउंटर रूटागुटू और सांगजाटा गांव के बीच हुआ था।। इसमें सागेन का ही साथी इसराइल पूर्ति एक लाख का इनामी मारा गया था। इसी मुठभेड़ में सागेन को भी कमर में गोली लगी थी। मुठभेड़ के बाद वह चल फिर नहीं सका। तब 1 मई की रात को दस्ते के अन्य सदस्य, जिसमें दो लाख का इनामी डांगुर तियू भी था, सबने सागेन को घर पहुंचा दिया। उसी रात को एक एंबुलेंस गांव पहुंची और सागेन को रांची इलाज के लिए ले जाया गया। अब भी उसका इलाज जारी है। यूरिन इंफेक्शन है। इस मुठभेड़ के बाद उसके दस्ते के सभी मेंबर ने सरेंडर की योजना बना ली। बड़े कांड, जिसको सागेन के दस्ते ने अंजाम दियाजनवरी 2022: पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला और बॉडीगार्ड्स की हत्या।14 अगस्त 2023: तुंबाहाका मुठभेड़ झारखंड जगुआर के दो जवान शहीद।बड़ाजामदा के बालजोड़ी में मैगजीन हाउस से 7,000 डिटोनेटर और विस्फोटक की लूट।
पीलीभीत जिले के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला मामला सामने आया है। मोहल्ला कायस्थान में पुलिस की मौजूदगी के बीच दबंगों द्वारा एक परिवार के साथ मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, मोहल्ला कायस्थान निवासी आशीष गुप्ता का उनके पड़ोसियों संजीव कुमार उर्फ संजय जायसवाल, अनमोल, कार्तिक और विमल जायसवाल से लंबे समय से विवाद चल रहा है। आशीष गुप्ता ने कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि आरोपी उनसे रंजिश रखते हैं और आए दिन गाली-गलौज तथा झगड़ा करते हैं। दरवाजे पर पानी डालने से बढ़ा विवाद पीड़ित के अनुसार, 21 मई की सुबह करीब आठ बजे आरोपियों ने जानबूझकर उनके दरवाजे पर पानी डाल दिया। जब परिवार ने इसका विरोध किया तो आरोपी पक्ष ने मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दबंगों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। आरोप है कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भी आरोपी पक्ष हंगामा करता रहा और पीड़ित परिवार के साथ दोबारा हाथापाई करने लगा। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो शुक्रवार सुबह पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित पक्ष ने मामले में न्याय की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
एनडीपीएस केस में आरोपी को सुने बिना संज्ञान नहीं:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दायर परिवाद मामलों में अदालत आरोपी को सुनवाई का मौका दिए बिना संज्ञान नहीं ले सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223(1) का पालन करना अनिवार्य है। न्यायालय ने पाया कि इस विशेष मामले में संज्ञान आदेश में केवल परिवाद और संबंधित दस्तावेजों को देखने का उल्लेख था। इसमें आरोपी को सुनवाई का अवसर दिए जाने का कोई जिक्र नहीं था। इसे कानून का उल्लंघन मानते हुए हाईकोर्ट ने निचली अदालत के संज्ञान आदेश को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने शत्रुघ्न कुमार द्वारा दायर एक याचिका पर दिया। याचिका में विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, लखनऊ द्वारा 14 जुलाई 2025 को पारित आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को 29 मई को निचली अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अब निचली अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में नया आदेश पारित करेगी। याचिकाकर्ता की ओर से न्यायालय को बताया गया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसके खिलाफ परिवाद दाखिल किया था, लेकिन अदालत ने आरोपी को सुने बिना ही संज्ञान ले लिया। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि 1 जुलाई 2024 से लागू बीएनएसएस के तहत ऐसे मामलों में आरोपी को पहले सुनवाई का मौका देना आवश्यक है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यह व्यवस्था एनडीपीएस मामलों पर भी लागू होती है।
अनूपशहर के अलीगढ़ रोड स्थित बड़े बिजली घर पर बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चार दिन से विद्युत ट्रिपिंग से परेशान सैकड़ों उपभोक्ताओं ने पावर हाउस पहुंच कर प्रदर्शन कर दिया। आक्रोशित लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जबरन पूरे शहर की बिजली बंद करवा दी। हंगामा बढ़ने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझाया। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद रात 2 बजे सप्लाई बहाल हुई। अफसरों को सौंपा था ज्ञापन छत्ता मोहल्ला, गंगा द्वार, सरदार वाली गली और खिड़की मोहल्ले के लोग पिछले 4 दिनों से जर्जर तारों,फाल्ट और ओवरलोडिंग के कारण बिजली संकट झेल रहे थे। दोपहर में स्थानीय वार्ड मेंबर अमन गर्ग और दिलीप भारद्वाज के नेतृत्व में लोगों ने एसडीओ शैलेंद्र सारस्वत को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद टीम लाइन ठीक करने पहुंची, लेकिन जैसे ही फॉल्ट सुधारा जाता, लाइन फिर ट्रिप हो जाती। 'जब पूरा शहर अंधेरे में डूबेगा, तभी जागेंगे अफसर'* रात 10 बजे तक जब बिजली नहीं आई तो चारों मोहल्लों से सैकड़ों लोग बिजली घर पहुंच गए। लोगों का आरोप है कि एसडीओ और जेई (टाउन) को फोन लगाया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। इससे गुस्साए लोग बिजली घर के अंदर घुस गए और ऑपरेटर से पूरे शहर की सप्लाई बंद करा दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक पूरा शहर अंधेरे में नहीं डूबेगा, तब तक सोते हुए अफसरों को जनता का दर्द समझ नहीं आएगा। रात 2 बजे आई लाइट पूरे शहर की बत्ती गुल होते ही महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही 10 मिनट के भीतर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दरोगा योगेंद्र ने गुस्साए लोगों को समझा-बुझाकर पहले शहर की सप्लाई चालू कराई। इसके बाद दरोगा खुद रात डेढ़ बजे तक मोहल्ले में खड़े रहे और अपनी निगरानी में बिजली कर्मियों से फॉल्ट ठीक करवाया। रात 2 बजे सप्लाई चालू होने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली। SDO शैलेंद्र सारस्वत ने बताया कि- मामला संज्ञान मे आया है, देर रात विभाग के द्वारा विद्युत आपूर्ति बहाल कराई गई है। भीषण गर्मी एवं ओवरलोडिंग के कारण इस तरह की समस्याएं सामने आती हैं, विभाग इस प्रकार की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रयासरत है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि आरक्षित वर्ग का कोई उम्मीदवार सामान्य वर्ग की कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसे मुख्य परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जा सकता। न्यायालय ने इसे समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन बताया। न्यायालय ने स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती के विज्ञापन की एक शर्त और लोक सेवा आयोग के 9 जनवरी 2020 के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 मई को निर्धारित की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने भावना यादव व अन्य की विशेष अपील पर दिया। अपीलार्थियों ने एकल पीठ द्वारा उनकी याचिका खारिज किए जाने के बाद यह विशेष अपील दायर की थी। मामले में भर्ती विज्ञापन की उस शर्त को चुनौती दी गई थी, जिसमें प्रावधान था कि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सामान्य वर्ग में केवल अंतिम चयन के समय ही माना जाएगा, प्रारंभिक परीक्षा या स्क्रीनिंग के दौरान नहीं। खंडपीठ ने टिप्पणी की कि यदि सामान्य वर्ग का उम्मीदवार कम अंक प्राप्त कर मुख्य परीक्षा में जा सकता है, तो उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को बाहर करना प्रथम दृष्टया गलत प्रतीत होता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा आयोजित होने से पहले इस मामले में हस्तक्षेप करना आवश्यक था, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
बिजनौर के एक किशोर के जम्मू-कश्मीर में कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे के आधार पर की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 18 मई को सामने आया, जब खानजहांपुर बहादुरपुर गढ़ी निवासी कृष्ण कुमार ने शहर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका बेटा विशाल कुमार, काजीवाला निवासी वसीम के साथ नाई का काम सीखने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा गया था। वहां वसीम ने विशाल का जबरन धर्म परिवर्तन कराया। कृष्ण कुमार की तहरीर के आधार पर, शहर कोतवाली में आरोपी वसीम के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 2021 की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने गुरुवार को काजीवाला निवासी वसीम पुत्र लियाकत को गिरफ्तार किया। शहर कोतवाली थानाध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने बताया कि मामले में साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बिजनौर के खांजनपुर बहादरपुर गढ़ी गांव का रहने वाला विशाल तीन साल पहले वसीम के साथ जम्मू-कश्मीर में एक सैलून में काम करने गया था। उसके पिता को 15 मई को विशाल के धर्मांतरण से संबंधित वीडियो और तस्वीरें मिलीं, जिसके बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर वसीम और किशोर विशाल को जम्मू-कश्मीर से बिजनौर लेकर आई। लंबी पूछताछ के बाद किशोर को गुरुवार को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने उसे मंदिर ले जाकर शुद्धिकरण कराया और ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत किया। गिरफ्तार आरोपी वसीम का चालान कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि वसीम की बेटी और विशाल के बीच प्रेम प्रसंग था, और दोनों शादी करना चाहते थे। इसी कारण वसीम ने कथित तौर पर किशोर का धर्म परिवर्तन कराया। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
हरियाणा समेत पूरे देश में सोशल मीडिया पर वायरल हुई “कॉकरोच जनता पार्टी” को लेकर अब तक कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। यह फिलहाल कोई आधिकारिक चुनावी पार्टी नहीं है, बल्कि युवाओं के गुस्से, बेरोजगारी और सिस्टम पर व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ एक डिजिटल मूवमेंट माना जा रहा है। सबसे बड़ा अपडेट यह है कि इस मूवमेंट की हरियाणा में भी एंट्री हो चुकी है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के विधायक अर्जुन चौटाला से जुड़े बयान और सोशल मीडिया चर्चाओं के बाद हरियाणा की राजनीति में भी “कॉकरोच पार्टी” को लेकर बहस शुरू हो गई है। इस पूरे आंदोलन की शुरुआत कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें बेरोजगार युवाओं को “कॉकरोच” कहे जाने को लेकर सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखने को मिली। यहां पढ़ते हैं INLD विधायक का कॉकरोच पर पूरा बयान... मैं पहले उस जनरेशन से हूं जिसे आलसी और कॉकरोच कहा गया: अर्जुन चौटाला ने कहा कि विधायक बनने से पहले वह उसी युवा पीढ़ी का हिस्सा हैं, जिसे बेरोजगार, आलसी और “कॉकरोच” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। उन्होंने इसे युवाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। मैंने किसी व्यक्ति नहीं, संविधान की शपथ ली: उन्होंने कहा कि विधायक के तौर पर उन्होंने किसी नेता या पार्टी नहीं, बल्कि संविधान की शपथ ली है। संविधान हर नागरिक को सरकार से सवाल पूछने और जवाब मांगने का अधिकार देता है। युवा टैक्स देता है, सरकार में इन्वेस्ट करता है: चौटाला ने कहा कि देश का युवा टैक्स देता है, पढ़ाई करता है और नौकरी करके देश की अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। ऐसे युवाओं को “कॉकरोच” कहना गलत है। सरकार युवाओं से सेना में जाने की उम्मीद भी करती है: उन्होंने सवाल उठाया कि जिन युवाओं को आलसी और पैरासाइट कहा जा रहा है, उन्हीं से देश सेवा, सेना में भर्ती और जागरूक नागरिक बनने की उम्मीद भी की जाती है। वोटर सवाल नहीं पूछ सकता तो विधायक होने का क्या मतलब: अर्जुन चौटाला ने कहा कि अगर जनता अपने विधायक से सवाल नहीं पूछ सकती, तो जनप्रतिनिधित्व का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का जवाब देना विधायक की जिम्मेदारी है। मैं अपने संगठन में बदलाव देखना चाहता हूं: उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से यह मुद्दा उनके मन में चल रहा था और वह राजनीति व संगठनात्मक सोच में बदलाव देखना चाहते हैं। कॉकरोच जनता पार्टी मूवमेंट तेजी से बढ़ा: चौटाला ने दावा किया कि “कॉकरोच जनता पार्टी ” मूवमेंट इतनी तेजी से बढ़ा कि उसके सोशल मीडिया फॉलोअर्स बीजेपी के इंस्टाग्राम पेज से आगे निकल गए। पेज बंद करना आवाज दबाने की कोशिश: उन्होंने आरोप लगाया कि मूवमेंट लोकप्रिय होने के बाद रातों-रात उसका सोशल मीडिया पेज बंद कर दिया गया, ताकि युवाओं की आवाज दबाई जा सके। कॉकरोच को मारना आसान नहीं: अपने बयान में उन्होंने कहा, “कॉकरोच को दस बार भी कुचलोगे तो भागना आपको ही पड़ेगा।” उन्होंने इसे युवाओं के संघर्ष और जिद का प्रतीक बताया। कॉकरोच भाइयों के साथ एक विधायक भी: अर्जुन चौटाला ने कहा कि वह खुद को भी इस मुहिम का हिस्सा मानते हैं और “कॉकरोच जनता पार्टी” के साथ एक विधायक भी खड़ा है। युवा मुद्दे भेजें, मैं सवाल उठाऊंगा: उन्होंने युवाओं से राज्य और देश के बड़े मुद्दों पर सवाल भेजने की अपील की। चौटाला ने कहा कि एक विधायक को हर महीने तीन सवाल पूछने का अधिकार होता है और वह युवाओं की आवाज विधानसभा तक पहुंचाएंगे। ई-मेल के जरिए संपर्क की अपील: उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि उन्हें किसी मुद्दे पर सवाल उठाना है तो वे ई-मेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं। हरियाणा में क्यों हो रही ज्यादा चर्चा? हरियाणा में युवाओं के बीच बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर पहले से नाराजगी रही है। ऐसे में सोशल मीडिया पर “मैं भी कॉकरोच” जैसे ट्रेंड्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई हरियाणा आधारित इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज भी इस कंटेंट को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र की बदरका चौकी अंतर्गत बंथर बाजार में दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे और जमकर मारपीट हुई। इस घटना में कई युवक घायल हो गए। बाजार में अचानक हुई मारपीट से अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंथर बाजार में किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते लाठी-डंडों से हमला शुरू हो गया। मारपीट के दौरान बाजार में काफी देर तक हंगामा होता रहा। आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते रहे। घटना में कई युवकों के चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। मारपीट की घटना से बाजार में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस नहीं पहुंचती तो विवाद और बढ़ सकता था। सूचना मिलते ही अचलगंज थाना पुलिस और बदरका चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों के बारे में जानकारी जुटाई। घटना के बाद कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिलने के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बाजार और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 177 रहा। 15 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं के थपेड़ों से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह 8 बजे संभल का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। पिछले तीन दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना हुआ है, जिसके कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में तीन से चार घंटे तक सड़कों पर न निकलने की सलाह दी है। अप्रैल महीने में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि मई की शुरुआत में 15 दिन मौसम सुहावना रहा था और आंधी-बारिश के कारण तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। डॉ. नीरज शर्मा और डॉ. चमन प्रकाश ने भीषण गर्मी में सूती कपड़े पहनने और घर का बना हल्का भोजन करने की सलाह दी है। उन्होंने शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए बार-बार पानी पीने और बाहर के खाने से बचने को कहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों जैसे पेट दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। स्थानीय निवासी विपिन कुमार ने बताया कि गर्मी के कारण सुबह और शाम को बाजारों में रौनक रहती है, लेकिन दोपहर में सड़कें सूनी हो जाती हैं। सभासद राजेंद्र कुमार के अनुसार, मई की शुरुआत में बारिश और तेज हवाओं से मौसम सुहावना था, लेकिन पिछले 8 दिनों से मौसम ने करवट ली है और भीषण गर्मी से हर कोई परेशान है।
आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित फायरिंग और हत्या के प्रयास मामले में पुलिस दबिश का असर अब साफ दिखने लगा है। लंबे समय से फरार चल रहे नामजद आरोपी ने आखिरकार गुरुवार को आरा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिसकी पहचान श्री टोला निवासी जय प्रकाश यादव के तौर पर हुई है। घटना 11 दिसंबर 2025 की शाम की है। जब श्रीटोला निवासी रघुरंजन कुमार अपने भाई रिशु रंजन और दोस्तो आकाश कुमार, आशीष कुमार के साथ प्राइवेट बस स्टैंड के पास पानी-पुरी खाने गया था। आरोप है कि इसी दौरान पवन कुमार उर्फ ढेलु ने फोन कर उसे बस स्टैंड के अंदर बुलाया, जहां पहले से मौजूद युवकों के साथ विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते गाली-गलौज मारपीट और फिर फायरिंग में बदल गई। गोली लगने से आशीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि रॉड से हमले में रिशु रंजन जख्मी हो गया था। इस मामले में रघुरंजन कुमार के बयान पर जय प्रकाश यादव समेत सात लोगों के खिलाफ नवादा थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मुख्य आरोपी का कोर्ट में सरेंडर नवादा थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी ने बताया कि इस मामले में पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अब मुख्य फरार आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज किया घायल रघुरंजन ने बताया कि घटना की शाम करीब 6:15 बजे वह अपने भाई रिशु रंजन और दोस्तों के साथ बस स्टैंड के पास गोलगप्पा खा रहा था। इसी दौरान पवन उर्फ ढेलू के फोन पर बुलावे के बाद वह बस स्टैंड के अंदर पहुंचा, जहां सभी नामजद आरोपी पहले खड़े थे। पवन ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और कहा कि इन्हीं लोगों के कारण शराब का धंधा बंद हुआ है। विरोध करने पर स्थिति बिगड़ गई और इसी दौरान राहुल यादव ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी, जिसमें आशीष कुमार गोली लगने से घायल हो गया। वहीं भोला, प्रकाश और अंशु ने लोहे के रॉड से हमला कर रघुरंजन और रिशु रंजन को घायल कर दिया। रघुरंजन के अनुसार, नौ दिसंबर को उसके दादा के श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान भी आरोपी शराब बेच रहे थे, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ा था।
मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक शातिर बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी फिरोजाबाद का रहने वाला है और उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुरावली थाना पुलिस और एसओजी टीम देवीनगर कट के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान देवीनगर की ओर से एक युवक पैदल आता दिखा। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और तेजी से भागने लगा। पुलिस टीम ने जब उसका पीछा किया, तो आरोपी ने उन पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान आरोपी राजकुमार पुत्र छोटेलाल, निवासी करबला, फिरोजाबाद साउथ, थाना दक्षिण, जनपद फिरोजाबाद के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि आरोपी के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में आया था। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी राजकुमार के खिलाफ फिरोजाबाद में चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने 'यक्ष' ऐप के माध्यम से आरोपी की पहचान और उसके आपराधिक इतिहास की पुष्टि की। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी, एसओजी प्रभारी गगन गोड सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे। एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
होम्योपैथिक फार्मासिस्ट भर्ती 2024 का परिणाम जारी न होने से नाराज अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। शुक्रवार सुबह 9 बजे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गोमतीनगर स्थित पिकअप भवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) कार्यालय पहुंचे और अंतिम परिणाम जल्द घोषित करने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि 8 महीने से वे अनिश्चितता और मानसिक दबाव में जी रहे हैं। 8 महीने पहले पूरा हुआ था डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, अब भी परिणाम लंबित अभ्यर्थियों के मुताबिक इस भर्ती प्रक्रिया के तहत डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) करीब 8 महीने पहले ही पूरा हो चुका है। इसके बावजूद अब तक अंतिम चयन सूची जारी नहीं की गई है। उनका कहना है कि सामान्य प्रक्रिया में इतना लंबा समय लगना असामान्य है और इससे आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ‘भविष्य अधर में’, मानसिक तनाव और अनिश्चितता का दौर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि रिजल्ट में देरी ने उन्हें “सफलता और असफलता के बीच लटका” दिया है। लगातार इंतजार के कारण मानसिक तनाव, अवसाद और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि वे न तो अन्य विकल्प चुन पा रहे हैं और न ही आगे की योजना बना पा रहे हैं। आर्थिक और पारिवारिक दबाव भी बढ़ा अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से परिणाम न आने के कारण उन पर आर्थिक और पारिवारिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है। खासकर ग्रामीण और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों के लिए यह स्थिति और भी कठिन होती जा रही है। परिवार और समाज के सवालों के बीच वे लगातार दबाव झेल रहे हैं। ‘मिशन रोजगार’ का हवाला देकर त्वरित निर्णय की मांग अभ्यर्थियों ने सरकार की ‘मिशन रोजगार’ नीति का हवाला देते हुए आयोग से अपील की है कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए इस भर्ती को प्राथमिकता पर लिया जाए और जल्द से जल्द अंतिम परिणाम घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का रिजल्ट नहीं, बल्कि सैकड़ों युवाओं के करियर और जीवन का सवाल है। चेतावनी-जल्द निर्णय नहीं तो आंदोलन होगा तेज अभ्यर्थियों ने साफ संकेत दिया है कि यदि जल्द परिणाम जारी नहीं किया गया तो उनका आंदोलन और तेज होगा। फिलहाल उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी है, लेकिन लंबा इंतजार अब उनके लिए असहनीय होता जा रहा है।
शिक्षक भर्ती नोटिफिकेशन TRE 4 को लेकर लगातार हो रहे प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी बैठक बुलाई है। सीएम सम्राट चौधरी आज शिक्षा विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ शाम 5 बजे बड़ी बैठक करेंगे। बैठक में शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन पर प्रमुख तौर पर चर्चा होगी। शिक्षक बहाली को लेकर इस बैठक में चर्चा होगी और नोटिफिकेशन को लेकर अधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा। बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के साथ-साथ शिक्षा विभाग के सभी बड़े अधिकारी मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी मौजूद होंगे। इस दौरान शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी।
महराजगंज नगर पालिका परिषद के सरोजनी नगर वार्ड स्थित सूचना कार्यालय के पास उस समय हड़कंप मच गया, जब दो युवतियां एक मोबाइल टावर पर चढ़ गईं। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी युवतियों को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि टावर पर चढ़ी युवतियों में से एक पंजाब की निवासी है। वह स्थानीय आर्केस्ट्रा में डांसर के तौर पर काम करती है। दूसरी युवती की पहचान और उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास पुलिस द्वारा किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी युवती ने आर्केस्ट्रा संचालक के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। आशंका जताई जा रही है कि युवतियां इसी मामले या किसी अन्य विवाद के कारण टावर पर चढ़ी हैं। हालांकि, उनके टावर पर चढ़ने की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना के बाद से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। पुलिस लगातार युवतियों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है। सदर कोतवाल निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे दो युवतियों के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
मऊ जनपद में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को सहारा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। शहर कोतवाल अनिल सिंह, जो स्वयं राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं, इस मुहिम के प्रेरणास्रोत बने हैं। उनकी पहल पर पुलिस अधिकारी, व्यवसायी और खेल प्रेमी मिलकर आर्थिक अभाव से जूझ रहे खिलाड़ियों की मदद कर रहे हैं। कोतवाल अनिल सिंह प्रतिदिन स्थानीय स्टेडियम में करीब डेढ़ घंटा खिलाड़ियों के बीच बिताते हैं। वह खिलाड़ियों के साथ अभ्यास भी करते हैं और उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को समझने की कोशिश करते हैं। खेल जीवन में खुद आर्थिक संघर्ष झेल चुके अनिल सिंह खिलाड़ियों की परेशानियों से भली-भांति परिचित हैं। यही वजह है कि वे अब जरूरतमंद खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। इसी दौरान उन्हें 16 वर्षीय एथलेटिक्स खिलाड़ी स्नेहा की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी मिली। स्नेहा लगातार चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है, लेकिन संसाधनों की कमी से जूझ रही थी। उसके माता-पिता 21 हजार रुपए कीमत के आधुनिक स्पोर्ट्स शूज़ खरीदने में सक्षम नहीं थे। मजबूरी में स्नेहा सामान्य जूतों में ही अभ्यास कर रही थी। कारोबारी ने उपलब्ध कराए स्पोर्ट्स शूज़ स्नेहा ने अपनी समस्या कोतवाल अनिल सिंह को बताई, जिसके बाद उन्होंने मदद के लिए पहल की। उनकी प्रेरणा से शहर की एक टीवीएस एजेंसी के संचालक शादाब आगे आए और स्नेहा के लिए आधुनिक स्पोर्ट्स शूज़ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। ‘अब देश के लिए पदक जीतने का सपना’ स्नेहा ने बताया कि बेहतर संसाधन मिलने से उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। अब वह देश के लिए पदक जीतने का सपना और मजबूती से देख रही है। वहीं शादाब ने कहा कि यदि समाज का हर सक्षम व्यक्ति एक खिलाड़ी की जिम्मेदारी उठा ले, तो मऊ खेल के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। जिले में चर्चा का विषय बनी पहल शहर कोतवाल अनिल सिंह अब खिलाड़ियों के बीच सिर्फ पुलिस अधिकारी नहीं, बल्कि प्रेरणा और भरोसे का नाम बन चुके हैं। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की उनकी पहल पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
फिनायल पीने वाले युवक की पत्नी ग्वालियर से बरामद:इटावा में महिला ने दो भाइयों पर लगाया अपहरण का आरोप
इटावा में कलेक्ट्रेट स्थित एसएसपी कार्यालय के बाहर फिनायल पीकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले युवक की लापता पत्नी को पुलिस ने ग्वालियर से सकुशल बरामद कर लिया है। महिला ने पुलिस पूछताछ में बताया कि गांव के ही दो लोगों ने खेत के विवाद में उसका अपहरण कर लिया था और उसे अपने साथ ले गए थे। पुलिस ने कोर्ट की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद महिला को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया है। वहीं महिला ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर दो सगे भाइयों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पति ने जमीन विवाद में पत्नी को गायब करने का लगाया था आरोप इकदिल क्षेत्र के रायपुरा गांव निवासी शिशुपाल सिंह की पत्नी 5 अप्रैल से लापता थी। पत्नी के अचानक गायब होने के बाद शिशुपाल ने थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि पत्नी के नाम खरीदी गई दो बीघा जमीन को लेकर गांव में विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उसकी पत्नी को गायब कर दिया गया। युवक लगातार पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई और पत्नी की बरामदगी की मांग कर रहा था। एसएसपी कार्यालय के बाहर पी लिया था फिनायल पत्नी की बरामदगी न होने से परेशान शिशुपाल 18 मई को कलेक्ट्रेट स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने अधिकारियों से पत्नी को जल्द तलाशने की गुहार लगाई थी। आरोप है कि कार्रवाई से नाराज होकर उसने एसएसपी कार्यालय के बाहर ही फिनायल पी लिया। युवक की हालत बिगड़ने पर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और महिला की तलाश तेज कर दी गई। जांच और सर्विलांस के जरिए ग्वालियर में मिली महिला मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने सर्विलांस और अन्य माध्यमों से महिला की तलाश शुरू की। बुधवार को पुलिस टीम ने महिला को ग्वालियर से बरामद कर लिया। पूछताछ में महिला ने बताया कि गांव के सतेंद्र और कमलेश पुत्र हुकम सिंह करीब डेढ़ माह पहले उसका अपहरण करके ले गए थे। कोर्ट में बयान के बाद पिता को सौंपा गयापुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश कर उसके बयान दर्ज कराए। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। महिला ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की कही बातप्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि महिला को सकुशल बरामद कर लिया गया है। कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद उसे उसके पिता के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि महिला और उसका पति जमीन विवाद में अपहरण की बात कह रहे हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात के समय 6 से 7 घंटे तक लगातार बिजली गुल रहने से लगभग 25 लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि 'रोस्टिंग' के नाम पर केवल गांवों की बिजली काटी जा रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। बिजली न होने से पंखे, कूलर और पानी की मोटरें बंद हो जाती हैं, जिससे लोग पूरी रात जागने को मजबूर हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में विद्युत विभाग के तीन डिवीजन और 32 पावर हाउस हैं, जिनसे लगभग 4 लाख 25 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। यदि प्रत्येक परिवार में औसतन छह सदस्य माने जाएं, तो करीब 25 लाख लोग सीधे तौर पर इस बिजली संकट से जूझ रहे हैं। रात होते ही गांवों में अंधेरा छा जाता है, और कई लोग घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे रात बिताने को विवश हैं। गांवों में हालात इतने खराब हैं कि लोग हाथ के पंखे से बच्चों को हवा कर रहे हैं। बिजली न होने से पानी की टंकियां खाली हो रही हैं, जिससे पेयजल संकट भी गहरा रहा है। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनभर की मेहनत के बाद रात में भी उन्हें आराम नहीं मिल पा रहा है। वे बिजली विभाग पर शहर और गांव के बीच भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही हर बार कटौती का बोझ क्यों झेलें।
अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) विभाग द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए कराई गई पैमाइश से व्यापारियों और नगरवासियों में भारी आक्रोश है। गुरुवार शाम कस्बे में विभाग की टीम ने नापजोख की, जिसके बाद से दुकानदारों और आम नागरिकों में चिंता का माहौल है। इस मुद्दे पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, अमेठी ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन के जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने कहा कि यह कार्रवाई अनावश्यक है। उन्होंने बताया कि अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र के चारों ओर रिंग रोड और बाईपास का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। भारी वाहन अब शहर के बाहर से बाईपास का उपयोग कर रहे हैं, जिससे नगर के अंदर सड़क चौड़ीकरण की कोई आवश्यकता नहीं रह गई है। महेश सोनी के अनुसार, एनएच विभाग की इस कार्रवाई से नगरवासियों और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी हो रही है। आशंका है कि कई दुकानें और मकान सड़क के दायरे में आ सकते हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों का मानना है कि बिना जरूरत चौड़ीकरण का यह प्रयास सिर्फ उजाड़ने वाला कदम है। इस गंभीर विषय को लेकर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल डीएम को ज्ञापन सौंपकर नगरवासियों और व्यापारियों के हितों की रक्षा की मांग करेगा और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने का अनुरोध करेगा। महेश सोनी ने सभी व्यापारियों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल हर परिस्थिति में व्यापारियों के साथ खड़ा है और किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अमर गोजिया गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। संघर्ष में दोनों पक्षों से कुल आठ लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक, विवाद सरजू पुत्र विजय सिंह और उनके भतीजों के बीच लंबे समय से चल रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जमीन कब्जाने का आरोप लगा रहे हैं। गुरुवार को विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडे चलने लगे। संघर्ष में कई लोग घायल हो गए। एक पक्ष के पांच लोग घायल घायलों में एक पक्ष से उमेश (45), पिंकी (40), सरजू (40), साबी (17) और ऊषा (34) शामिल हैं। वहीं दूसरे पक्ष से सुनील (26), रिंकू यादव (30) और नीतू (35) घायल हुए हैं। सभी अमर गोजिया गांव के निवासी बताए गए हैं। घायल सरजू ने आरोप लगाया कि उनके पांच भतीजे हैं और पुरानी जमीन में उनका भी हिस्सा है। उनका कहना है कि चौपाल के लिए छोड़ी गई जमीन पर भतीजे कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। विरोध करने पर भतीजों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी पीटा गया, जिससे उनके पक्ष के पांच लोग घायल हो गए। दूसरे पक्ष ने भी लगाए आरोप दूसरे पक्ष से घायल नीतू ने बताया कि उमेश पक्ष पहले भी मारपीट कर चुका है, जिसकी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उन्होंने कहा कि विवाद छज्जे को लेकर चल रहा है और गुरुवार को फिर मारपीट की घटना हो गई। कोतवाली देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार ने बताया कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद में भीषण गर्मी में गर्म हवाएं:दिन में लगातार तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा
गाजियाबाद में भीषण गर्मी लगातार बनी हुुई है। पिछले 5 दिनों से दिन में हीट वेव चल रही है। मौसम विभाग के अनुसार आज शुक्रवार सुबह तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। हवा की गति 13 किमी प्रति घंटा है, दोपहर के समय तापमान बढ़ने पर गर्म हवाएं चल रहीं हैं। जहां सुबह से ही तेज धूप के साथ तापमान बढ़ रहा है। दिन के 2 से 3 बजे के बीच अधिकतम तापमान रिकार्ड किया जा रहा है। लगातार चल रहीं गर्म हवाएं 5 दिन से लगातार गर्म हवाएं चलन रहीं हैं, दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। शहर में करीब 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। एक वीक से दोपहर के समय तेज गर्म हवा लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई माह में एक सप्ताह बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसी सप्ताह नौतपा शुरु होने से तापमान और भी बढ़ेगा। दोपहर के बाद सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक गर्मी और उमस के कारण डिहाइड्रेशन, ऐंठन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मजदूरों और बीमार लोगों पर पड़ता है। शहरी इलाकों में लगातार बढ़ते तापमान के कारण अर्बन हीट आइलैंड जैसी स्थिति भी बन रही है। दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह विशेषज्ञ वैभव पाण्डये ने लोगों से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचने की अपील की है। उन्होंने हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनने, सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढकने और नियमित रूप से पानी पीते रहने की सलाह दी है। सफर के दौरान पानी साथ रखने को भी कहा गया है। ओआरएस और घरेलू पेय पदार्थ पीने की सलाह विशेषज्ञों ने शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, नारियल पानी, छाछ, लस्सी, नींबू पानी और आम का पन्ना जैसे घरेलू पेय पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। साथ ही कमजोरी, चक्कर या तबीयत खराब महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है।
श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र के बीरंगज बाजार में बीती रात एक सड़क हादसे में तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक बालक की पहचान बहराइच जिले के रिसिया थाना क्षेत्र स्थित भक्तापुर निवासी तीन वर्षीय सैफुल्ला पुत्र मुनीम अहमद के रूप में हुई है। सैफुल्ला अपने माता-पिता के साथ बीते शुक्रवार को बीरंगज बाजार आया था। वह मेराज अहमद के घर आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचा था। बीती रात शादी समारोह के दौरान परिजन और रिश्तेदार कार्यक्रम में व्यस्त थे। इसी बीच मासूम खेलते हुए अचानक सड़क पर आ गया। परिजनों का आरोप है कि उसी समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार एंबुलेंस ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर मल्हीपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया गया है कि शादी समारोह स्थल के पास से ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर का मार्ग गुजरता है, जिससे इस रास्ते पर एंबुलेंस का आवागमन अक्सर होता रहता है। हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी। इस घटना से शादी की खुशियां गम में बदल गईं। परिवार सदमे में है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक के कच्ची गढ़ी कुआं मोहल्ला निवासी एक परिवार पर 19 मई की देर रात को 3 युवकों द्वारा जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट पीड़ित परिवार ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवार ने एसपी को सारा घटनाक्रम बताते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। पीड़ित परिवार से मनीषा पत्नी अमित कुमार ने बताया कि वह 19 मई को अपने जेठ के घर भतीजे की बहू के पास गई थी। इसी दौरान 3 लड़के हाथों में हथियार लेकर आए और जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों को देखकर बाहर का दरवाजा बंद किया तो कुल्हाड़ी व फरसों से वार करके दरवाजे को तोड़ने का प्रयास किया। भतीजे की बहू को दी जान से मारने की धमकीमनीषा ने बताया कि हमला करने के दौरान जब आरोपी बाहर का दरवाजा नहीं तोड़ पाए तो आरोपियों ने उसके भतीजे की बहू को जान से मारने की धमकी दी। साथ ही बच्चों को भी मारने की धमकी देकर फरार हो गया। तीनों आरोपी कुंआ मोहल्ल के ही रहने वाले है। शिकायत के बावजूद पुलिस नहीं कर रही कार्रवाईमनीषा ने बताया कि घर पर हमला करने वाले आरोपियों में बल्लू पुत्र पदम, विजय पुत्र पोपली व आर्यन है। तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस की तरफ से आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में एसपी को शिकायत दी है और एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस मामले में कर रही जांच सिटी थाना पुलिस ने बताया कि एक शिकायत उन्हें मिली है, जिसमें एक वीडियो भी दी गई है। पुलिस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर जांच कर रही है। मामले में जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जल्द आरोपियों को काबू कर लेगी।
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के भूतपूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक वयोवृद्ध 104 वर्षीय सहीराम धारणिया का स्वर्गवास हो गया है। उन्होंने वीरवार रात्रि को अंतिम सांस ली। सूचना पर परिवार और रिश्तेदार पहुंचना शुरू हुए। आज शनिवार शाम 5 बजे उनके निवास स्थान सिरसा जिले के डबवाली तहसील में स्थित गांव सकताखेड़ा में अंतिम संस्कार होगा। सहीराम धारणिया वर्ष 1957 में अबोहर विधानसभा से जनसंघ से विधायक बने थे। वे बिश्नोई समाज से विधायक बनने वाले पहले विधायक थे। इसके अलावा लगातार 40 साल तक अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष रहे। वे अखबार पढ़ने के काफी शौकीन थे। इसे लेकर बिश्नोई महासभा हिसार के प्रधान जगदीश कड़वासरा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि सहीराम धारणिया जी ने वीरवार रात को अंतिम सांस ली। उनके चले जाने से समाज में काफी कमी महसूस होगी और हर किसी को दु:ख है। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने में बहुत योगदान दिया। हरियाणा ही नहीं दूसरे राज्यों से भी महासभा के प्रतिनिधि व अन्य लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित कूकड़ा चौकी बुधवार को उस समय हंगामे का केंद्र बन गई, जब पुलिस कार्रवाई से नाराज पीड़ित परिवारों ने चौकी परिसर में ही विरोध शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिसकर्मी ऋतिक नाम के युवक को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उसकी मां बेटे को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों से भिड़ गई। मां की चीख-पुकार और मौके पर बन रहे वीडियो के बीच चौकी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चाऊमीन ठेले के विवाद से शुरू हुआ मामला जानकारी के अनुसार, ऋतिक कूकड़ा चौक पर सूरज जैन की दुकान के बाहर चाऊमीन का ठेला लगाता है। उस पर सूरज जैन के करीब 6 हजार रुपए और पवन नाम के युवक के करीब 7 हजार रुपए उधार बताए गए हैं। आरोप है कि बुधवार को पवन अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा और पैसे मांगने को लेकर ऋतिक से विवाद करने लगा। ऋतिक ने कुछ दिन की मोहलत मांगी, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर उसका ठेला खींचकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। महिला से भी धक्का-मुक्की का आरोप शोर सुनकर मौके पर पहुंचीं सूरज जैन की पत्नी के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसके बाद ऋतिक ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को पकड़कर कूकड़ा चौकी ले आई, लेकिन पीड़ित परिवारों का आरोप है कि कार्रवाई आरोपियों पर करने के बजाय पुलिस उन्हीं पर सख्ती दिखाने लगी। नाबालिग बेटे को पीटने का आरोप सूरज जैन और उनकी पत्नी का आरोप है कि चौकी के अंदर उनके 13 वर्षीय बेटे के साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। परिवार का कहना है कि सेकेंड चौकी इंचार्ज आकाश ओझा समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने बच्चे को फट्टे से पीटा, जिससे उसकी कोहनी में चोट आई। परिजनों के मुताबिक, उनका बेटा सिर्फ अपने माता-पिता के साथ चौकी गया था, लेकिन उसके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया। ‘चार घंटे बैठाकर रखा, आरोपी बच निकले’ पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें करीब चार घंटे तक चौकी में बैठाकर रखा गया, जबकि दूसरी तरफ आरोपी पक्ष पुलिस से सांठगांठ कर बच निकला। इसी बात को लेकर चौकी में माहौल गर्म हो गया और परिवारों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कैमरे ऑन होते ही बदले तेवर हंगामे की सूचना पर कुछ मीडियाकर्मी भी चौकी पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कैमरे ऑन होते ही पुलिस का रवैया नरम पड़ गया। सूत्रों का कहना है कि मामला बढ़ता देख पुलिस ने आरोपी पक्ष पर कार्रवाई शुरू की, लेकिन पवन और उसके साथी का केवल शांतिभंग में चालान किया गया। इलाके में नाराजगी, वीडियो आया सामने स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपियों ने एक गरीब युवक की रोजी-रोटी छीनने की कोशिश की, उसके साथ मारपीट की और महिला के साथ अभद्रता भी की। इसके बावजूद मामूली कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। घटना के बाद चौकी पुलिस की कार्यशैली को लेकर इलाके में नाराजगी है। वहीं चौकी में रोती मां और पुलिस से बहस करते परिवारों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। चौकी इंचार्ज बोले- आरोप निराधार प्रभारी चौकी इंचार्ज आकाश ओझा ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के दो लोगों का चालान किया गया है और किसी के साथ मारपीट नहीं की गई।
सीआरपीएफ ASI और बेटे सहित 3 पर जानलेवा हमला:शेखपुरा में ई-रिक्शा विवाद में हमला, ASI की हालत गंभीर
शेखपुरा में गुरुवार शाम एक सीआरपीएफ असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), उनके बेटे और साले पर जानलेवा हमला किया गया। यह घटना शहर के बंगाली पर मुहल्ले में हुई, जिसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। डायल 112 की पुलिस टीम ने उन्हें सदर अस्पताल शेखपुरा में भर्ती कराया, जहां ASI की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों की पहचान सीआरपीएफ जवान सुधांशु कुमार उर्फ पिंटू, उनके पुत्र प्रियांशु कुमार और साले कुंदन कुमार के रूप में हुई है। सुधांशु कुमार वर्तमान में सिलीगुड़ी में तैनात हैं और हाल ही में छुट्टी पर अपने घर शेखपुरा आए थे। उनका घर जवाहर नवोदय विद्यालय के पूरब-दक्षिण दिशा में बंगाली पर मुहल्ले में है। ई-रिक्शा चालक से सीढ़ी हटाने को लेकर विवाद बताया गया है कि घटना उस समय हुई जब सुधांशु कुमार अपने घर की सफाई के लिए बांस की सीढ़ी लगाकर काम कर रहे थे। इसी दौरान गली से गुजर रहे एक ई-रिक्शा चालक से सीढ़ी हटाने को लेकर उनका विवाद हो गया। ई-रिक्शा पंडाल का सामान लेकर बंगाली पर मुहल्ले की ओर जा रहा था। विवाद बढ़ने पर ई-रिक्शा पर बैठे तीन युवकों ने सीआरपीएफ जवान पर हमला कर दिया। उन्हें बचाने आए उनके साले और पुत्र पर भी हमलावरों ने लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर से वार किया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। ई-रिक्शा चालक ने मोबाइल फोन करके अपने दर्जन भर से अधिक सहयोगियों को बुला लिया, जिन्होंने मिलकर तीनों पर हमला किया। घायलों को सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती घटना के बाद मुहल्ले में दहशत का माहौल है। खून से लथपथ तीनों घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, सीआरपीएफ जवान सुधांशु कुमार की हालत गंभीर है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है।
ऊर्जा संकट को देखते हुए योगी सरकार ने सरकारी अधिकारियों की गैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर 7 महीनों के लिए रोक लगा दी है। साथ ही शहरों में 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में साइकिल चलाने के लिए अलग ट्रैक बनाने को कहा है। ऐसे ही 10 साल से पुराने सरकारी वाहनों, जनरेटर और दफ्तरों की बिजली खपत की जांच कराई जाएगी। यूपी सरकार के विशेष सचिव प्रवीण कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर विकास विभाग की सभी बैठकें ऑनलाइन कराई जाएं। जिलों के बीच होने वाली बैठकें, प्रशिक्षण और सेमिनार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही किए जाएं। दफ्तरों में AC, लाइट और लिफ्ट का उपयोग कम से कम किया जाए। AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखा जाए। आदेश मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका और इजराइल जंग की वजह से पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटने के लिए नगर विकास विभाग ने 21 मई को जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई। इसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है। पीएम मोदी ने 10 और 11 मई को लोगों से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के संयमित उपयोग, अनावश्यक विदेश यात्रा कम करने, सोने की खरीदारी पर ब्रेक लगाने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की अपील की थी। अब पॉइंटवार पढ़िए अहम निर्देश- योगी ने मंत्रियों-विधायकों का काफिला घटाने समेत 7 बड़े फैसले लिए थे इससे पहले, योगी सरकार ने पिछले हफ्ते मंगलवार को 7 बड़े फैसले लिए थे। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का काफिला 50% तक घटा दिया जाएगा। हफ्ते में एक दिन इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो से चलने को कहा गया। सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप वर्चुअल करने और राज्य सचिवालय की 50% बैठकें वर्चुअल कराने का फैसला लिया गया था। सीएम ने कहा था कि जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। पीएम ने लगातार 2 दिन कहा- पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 और 11 मई को सार्वजनिक मंच से कहा था कि आज के समय में पेट्रोल-डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करना होगा। पड़ोस में चल रहे युद्ध के असर से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। भारत पर इस वैश्विक संकट का असर ज्यादा है। हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि आज हमें वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों की जरूरत है। जिन शहरों में मेट्रो है, वहां लोग मेट्रो का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि पहले जब युद्ध होता था लोग सोना दान में दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है, लेकिन हमें आज ये संकल्प लेना होगा कि अगले 1 साल तक कोई भी कार्यक्रम हो, सोना न खरीदें। इससे विदेशी मुद्रा भी बचेगी। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में पारा 47.6C, गोवंशों के लिए शावर लगाए:अस्पतालों में कोल्ड रूम बने; 50 जिलों में लू का अलर्ट, रातें भी गर्म होंगी यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। गुरुवार को बांदा लगातार 5वें दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा। तापमान 47.6C रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के 7 शहरों का पारा 45C के पार चला गया है। प्रयागराज में 46.6C, वाराणसी में 45.6C, हमीरपुर-सुल्तानपुर में 45.2C और अमेठी में 45.1C रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ में तापमान 43.6C रहा, जो इस सीजन में सबसे ज्यादा है। पूरी खबर पढ़िए
जिला क्रिकेट संघ दौसा द्वारा आरसीए की ओर से आयोजित होने वाली सीनियर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए जिले की टीम का चयन ट्रायल 23 मई शनिवार को किया जाएगा। ट्रायल सुबह 8 बजे से राजेश पायलट राजकीय स्टेडियम में होगा। जिला क्रिकेट संघ सचिव बृजकिशोर उपाध्याय ने बताया कि आरसीए द्वारा सीनियर महिला प्रतियोगिता का आयोजन 2 जून से किया जाएगा। प्रतियोगिता के लिए जिले की टीम चयन के लिए ट्रायल में 15 वर्ष से अधिक आयु की महिला खिलाड़ी भाग ले सकेंगी। ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों के डाक्यूमेंट्स की भी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल जिले की महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर महिला चैंपियनशिप के सेमीफाइनल तक जगह बनाकर जिले का नाम रोशन किया था। इसे देखते हुए मजबूत और संतुलित टीम तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। सचिव ने कहा कि जिले में महिला खिलाड़ियों की संख्या कम होने के कारण प्रोफेशनल खिलाड़ियों को भी मौका दिया जाएगा, ताकि प्रतियोगिता में दौसा टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके।
दामाद ने ससुर को लाठी से पीटकर की हत्या:लखीमपुर खीरी में पत्नी के नेपाल जाने से था नाराज, आरोपी फरार
लखीमपुर-खीरी के खीरी कस्बे में घरेलू विवाद ने देर रात दामाद ने अपने ही ससुर की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना थाना खीरी क्षेत्र के हानियाँ टोला मोहल्ले की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, हानियाँ टोला निवासी गणेश (करीब 50 वर्ष) पर उनके दामाद कमली (करीब 28 वर्ष), निवासी अरनिया खाना, ने अचानक लाठी से हमला कर दिया। हमले में गणेश को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना खीरी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लखीमपुर-खीरी भेज दिया। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कमली मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। घटना की जानकारी मिलते ही सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी, थाना अध्यक्ष निराला तिवारी और चौकी इंचार्ज संजय कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी की पत्नी खुशबू अपने भाई विमल के साथ घर छोड़कर नेपाल चली गई थी। इसी बात को लेकर कमली अपने ससुराल पक्ष से नाराज चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और हत्या जैसी वारदात हो गई।
नोएडा के थाना फेस-2 पुलिस ने श्रमिक आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ पोस्ट और वीडियो शेयर करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 20 मई 2026 को गोपनीय सूचना के आधार पर मदरसन कंपनी के पीछे स्थित हनुमान मंदिर के पास से आरोपी अनिल कुमार को पकड़ा गया। वह मूल रूप से हापुड़ जिले के बाबूगढ़ छावनी क्षेत्र के मुक्तेशरा गांव का रहने वाला है और फिलहाल नोएडा फेस-2 के नया गांव में किराये पर रह रहा था। सोशल मीडिया पर किए गए दावों को पुलिस ने बताया गलत जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और वीडियो वायरल किए जा रहे थे। इनमें दावा किया गया था कि अनिल कुमार यूपी पुलिस के एक डीसीपी का ड्राइवर है और उसे श्रमिक आंदोलन में हिंसा फैलाने के लिए शामिल किया गया। पुलिस ने इन दावों को गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि अनिल कुमार किसी भी पुलिस अधिकारी का ड्राइवर नहीं है और न ही वह सरकारी कर्मचारी है। पहले कंपनी में कर चुका है काम पुलिस के मुताबिक आरोपी दिल्ली की एक निजी संस्था में ड्राइवर का काम करता है। उसका वर्तमान में रिचा ग्लोबल कंपनी से कोई संबंध नहीं है। हालांकि वह करीब दो साल पहले इस कंपनी में काम कर चुका है। सोशल मीडिया ग्रुप को लेकर भी जांच पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को रिचा ग्लोबल के सोशल मीडिया ग्रुप में पुलिस ने नहीं, बल्कि आंदोलन से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने जोड़ा था। पुलिस का कहना है कि ग्रुप में कई ऐसे पोस्ट किए गए थे, जिनसे माहौल खराब होने की आशंका थी। इन पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान सड़क जाम करने जैसे संदेश भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस को मिले अहम सुराग पुलिस के अनुसार मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी अनिल कुमार के खिलाफ थाना फेस-2 में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। साथ ही उसके खिलाफ साल 2023 में हापुड़ नगर थाने में आयुध अधिनियम के तहत भी केस दर्ज हो चुका है।
लुधियाना के गांव हसनपुर में लंबे समय से पड़ रहे बिजली कटों से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बिजली कटों से परेशान लोग बीती रात सड़कों पर उतर आए। नाराज लोगों ने फिरोजपुर-लुधियाना हाईवे पर जाम लगाकर प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन घंटों जाम में फंसे रहे, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में बिजली बाधित होने से लोग परेशान ग्रामीण गुरप्रीत सिंह, गुरसेवक सिंह का आरोप है कि इलाके में लगातार लंबे-लंबे बिजली कट लगाए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में बिजली सप्लाई बाधित होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने कहा कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। दिन पर लोग काम करते है रात को नींद भी ढंग से नहीं ले सकते। सोते समय रोजाना रात को भी 3 से 4 बार बिजली गुल होती है। दिन में कई बार बिजली के कट लगते है जिससे लोगों के काम प्रभावित हो रहे है। लोग पावरकाम दफ्तरों में चक्कर काटते है अधिकारी किसी की सुनवाई नहीं करते। लोगों को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर भेज दिया जाता है। यदि बिजली ठीक करने कोई मुलाजिम आता भी है तो टेंपरेरी ठीक की जाती है। मुलाजिम के जाने के तुरंत बाद फिर से बिजली गुल हो जाती है। बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो संघर्ष करेंगे प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म करवाने की कोशिश शुरू हुई।
फरीदकोट पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हल्का इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर कम एसडीएम की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत के अनुसार नगर कौंसिल चुनाव प्रक्रिया के तहत 18 मई को एसडीएम कार्यालय में नामांकन पत्रों की जांच चल रही थी। उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने और विभिन्न विभागों से रिपोर्ट आने में देरी के चलते प्रक्रिया लंबी हो गई थी। इसी दौरान अकाली नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने एसडीएम दफ्तर के कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के साथ बहस की तथा उन्हें धमकियां तक भी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना सिटी फरीदकोट में बंटी रोमाणा व अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सतीश ग्रोवर की रिहाई लटकी, हाई कोर्ट का रुख करेगा अकाली दल उधर, इस कार्रवाई के बाद फरीदकोट की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इससे एक दिन पहले ही शिरोमणि अकाली दल के जिला अध्यक्ष सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर शहर में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। अकाली दल कार्यकर्ताओं ने थाना सिटी के बाहर धरना दिया था, जिसमें पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल भी शामिल हुए थे। प्रशासन ने सतीश ग्रोवर को रिहा करने का लिखित भरोसा देकर प्रदर्शन समाप्त करवाया लेकिन बाद में उन्हें रिहा नहीं किया गया। अकाली दल ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है और अब सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी में है। नगर काउंसिल चुनावों के बीच लगातार हो रहे घटनाक्रमों से फरीदकोट की राजनीति में तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है।
जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़उर गांव में दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एहसान खान ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन पीड़ित परिवार के घर पर हो रहा है, जिसमें परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। एहसान खान ने घोषणा की कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के 21 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हत्यारोपियों को पकड़ने में विफल रही है। खान ने पुलिस की कार्यशैली को अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और गरीब परिवारों को न्याय दिलाने में निराशाजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस लगातार दबिश और कार्रवाई के दावे कर रही है, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। उनके अनुसार, यदि पुलिस सक्रिय होती तो आरोपी इतने दिनों तक फरार नहीं होते। धरने के दौरान एहसान खान ने समर्थकों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि गरीब और कमजोर तबकों की आवाज उठाने का आंदोलन है। मृतक आजाद बिंद की मां, बहन सौम्या बिंद और पिता राम लखन बिंद भी धरने में शामिल हैं। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। एहसान खान ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन के बाद भूख हड़ताल और फिर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन को देखते हुए गांव में पुलिस प्रशासन भी सतर्क है।
सतना जिले में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार, 22 मई को भी जिले में लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने सतना जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गुरुवार को 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमानमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की तरफ से आ रही रेतीली और शुष्क गर्म हवाओं के कारण सतना समेत पूरे रीवा संभाग में हीटवेव जैसे हालात बने हुए हैं। पिछले 10 दिनों से जिले का तापमान लगातार 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हवा में सुबह की नमी 22 प्रतिशत और शाम को 13 प्रतिशत रही। मौसम विभाग ने दोपहर में घर से न निकलने की सलाह दीदोपहर के समय चल रही लू ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। गर्म हवाओं के थपेड़ों के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रात के तापमान में भी कमी नहीं आने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार पंखे, कूलर और एसी चलने से बिजली की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। जरूरी होने पर सिर पर गमछा या कपड़ा ढंककर निकलने और हर घंटे शीतल पेयजल पीने की सलाह दी गई है।
पीएससी यूरिया खाद कालाबाजारी प्रकरण में पुलिस ने दो और ट्रांसपोर्टरों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही मामले में अब तक कुल 5 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। यह कार्रवाई 10 मई को अनूपशहर गंगा पुल पर जिला कृषि अधिकारी द्वारा यूरिया से भरे ट्रक पकड़े जाने के बाद शुरू हुई थी। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर दिलशाद पुत्र इश्तियाक (निवासी शीश महल, थाना बिसौली, बदायूं) और सलीम पुत्र तहसीन खां (निवासी थाना गंज, रामपुर) को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। इस मामले में पीसीएफ कर्मचारी हरेंद्र पाल सिंह, यश राघव और जिला प्रबंधक अभी भी फरार चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, किसानों को मिलने वाले यूरिया की कालाबाजारी के इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड जिला भाजपा का एक बड़ा नेता बताया जा रहा है, जो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी में बाधा डाल रहा है। जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। करोड़ों रुपए के इस यूरिया घोटाले का एक अन्य मास्टरमाइंड, जो एक सहकारी समिति के डायरेक्टर का बेटा है, एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में दबिश दे रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बीते दिनों अनूपशहर गंगा पुल से तीन ट्रक पकड़े थे। इन ट्रकों से यूरिया के कुल 1575 बोरे बरामद हुए थे। ट्रक चालकों से पूछताछ में पता चला कि यह यूरिया संभल, रामपुर, मुरादाबाद और बदायूं ले जाया जा रहा था। पुलिस ने यूरिया जब्त कर ट्रक चालकों को हिरासत में लिया था। सहायक आयुक्त अमित कुमार त्यागी ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक दिव्यांशु वर्मा, सहायक लेखाकार यश राघव और भंडार नायक हरेंद्र प्रताप सिंह व रावेंद्र के निलंबन की संस्तुति की थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। जिलाधिकारी की संस्तुति पर अनूपशहर कोतवाली में मोहम्मद हारुन (हमीरपुर टांडा, रामपुर), असलम (सैलानी शाहबाद, रामपुर), शेर अली (बिहटा, बदायूं), सौपाल सिंह (बहजोई, सम्भल), पीसीएफ कर्मचारी हरेंद्र पाल सिंह, पीसीएफ कर्मचारी यश राघव, जिला प्रबंधक पीसीएफ बुलंदशहर और भंडार नायक पीसीएफ बुलंदशहर रावेंद्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।
बंगाल के पूर्व DCP शांतनु सिन्हा के घर ईडी की रेड, 'सोना पप्पू' गैंग से क्या कनेक्शन
पश्चिम बंगाल में एक्सटॉर्शन रैकेट की जांच के सिलसिले में ED ने पूर्व DCP शांतनु सिन्हा और 'सोना पप्पू' से जुड़े कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। कोलकाता से मुर्शिदाबाद तक जारी एक्शन की पूरी जानकारी पढ़ें।
रेवाड़ी में GLS केमिकल फैक्ट्री में आग का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने आयोग को भेजी अपनी शिकायत में जिले की सभी कंपनियों का स्पेशल फायर सेफ्टी ऑडिट करवाने और नियमित रूप से सुरक्षा जांच करवाने की मांग की है। शिकायत में इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। बावल के सेक्टर-5 की कंपनी में 19 मई की सुबह लगी आग में झुलसने से एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है तथा पांच उपचाराधीनों में से एक की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। कंपनी के दो कर्मचारी लापता हैं। सुरक्षा मानकों की खामियां उजागर सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश खरखड़ा ने अपनी शिकायत में कहा कि इस भीषण अग्निकांड ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का उजागर कर दिया है। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। जो श्रमिकों के जीवन और सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। कंपनी में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए आसपास के जिलों से भी फायरबिग्रेड बुलानी पड़ी थी। करीब 12 घंटे से अधिक समय की कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पाया जा सका था। जिससे कंपनियों में काम करने वाले कर्मियों में असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है। औपचारिकता बनें सुरक्षा मानक आयोग को भेजी शिकायत में कहा कि कंपनियों में सुरक्षा मानक केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। आगजनी की घटनाओं के बाद कंपनियों में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह से नाकारा साबित हुए हैं। कंपनी प्रबंधन और अधिकारियों की मिलीभगत से सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर श्रमिकों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए सभी की जवाबदेही तय करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। जानिए क्या हैं प्रमुख मांगें पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए दोषी फैक्ट्री प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो बावल औद्योगिक क्षेत्र की सभी फैक्ट्रियों का विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए घायल कर्मचारियों को उचित मुआवजा एवं बेहतर उपचार मिले औद्योगिक इकाइयों में नियमित सुरक्षा निरीक्षण अनिवार्य किया जाए श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कठोर दिशा-निर्देश लागू किए जाएं
औरंगाबाद में अपराधियों ने एक नाबालिग की हत्या कर दी। सुबह घर से शौच के लिए निकला था। इस दौरान पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान अमरेश दास के पुत्र रितीश कुमार(17) के रूप में हुई है। घटना रफीगंज थाना क्षेत्र के अदलपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार रितीश शुक्रवार की सुबह गांव से बाहर नहर की ओर शौच के लिए गया था। इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उस पर हमला कर दिया। कुछ समय बाद ग्रामीणों की नजर नहर किनारे पड़े खून से सने शव पर पड़ी। शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। बेटे का शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके से बांस के टुकड़े बरामद घटनास्थल की स्थिति को देखकर हत्या काफी बेरहमी से किए जाने की आशंका जताई जा रही है। शव के पास से बांस के दो टुकड़े बरामद किए गए हैं। माना जा रहा है कि अपराधियों ने इन्हीं बांस के टुकड़ों से रितीश की जमकर पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बॉडी पर कई गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। आपसी रंजिश में वारदात प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक के परिवार का कुछ लोगों के साथ पहले से विवाद चल रहा था। सूत्रों की मानें तो परिजनों ने हत्या में शामिल कुछ संदिग्ध लोगों की पहचान भी कर ली है। प्राथमिकी में उनके नाम शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रही है। सख्त कार्रवाई का आश्वासन सूचना मिलते ही रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, जो वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाएगी। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि हत्या में शामिल अपराधियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गुरुग्राम यूनिट ने नशे के खिलाफ एक बड़े अभियान के तहत भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। कुछ देर बाद एसटीएफ चीफ पूरे मामले का खुलासा करेंगे। एसटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम में ड्रग्स की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स ने जाल बिछाया और भारी मात्रा में हेरोइन जब्त करने में सफलता हासिल की। बरामद की गई ड्रग्स की कीमत करोड़ों रुपए होने का अनुमान है। इस ऑपरेशन के दौरान कुछ ड्रग तस्करों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल ड्रग रिकवरी और पूरे ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी साझा करने के लिए एसटीएफ चीफ कॉन्फ्रेंस करेंगे। यह कॉन्फ्रेंस डीएलएफ फेज-1 थाना के पास स्थित एसटीएफ कार्यालय में होगी। एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी इस दौरान नशे की इस खेप के रूट और सिंडिकेट के बारे में बताएंगे। गुरुग्राम और आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में इसे एक बहुत बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…
सिरसा जिले के डबवाली खंड के गांव कालूवाना स्थित सरकारी अस्पताल में बन रही चारदीवारी के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अस्पताल के चौकीदार दूनी राम ने नींव में पुरानी और टूटी हुई ईंटें लगाने का आरोप लगाया है। इसे लेकर निर्माण कार्य का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है, जिसके बाद प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। चौकीदार दूनी राम का कहना है कि सरकारी पैसे से हो रहे इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। चारदीवारी की नींव में नई ईंटों के बजाय पुरानी ईंटें लगाई जा रही हैं। इससे दीवार की मजबूती नहीं बनेगी और सरकारी धन की बर्बादी होगी। वायरल वीडियो में पुरानी ईंटें दिखाई दे रही है। इस मुद्दे पर गांव में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि ये कार्य जनता के टैक्स के पैसे से होते हैं। दरअसल, गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना है, जिसकी चारदीवारी कंडम होने से उसे गिरा दिया गया। उसकी जगह नई दीवार बन रही है। अक्सर कार्य सरपंच के अधीन होते हैं। मगर दीवार में वहीं ईंटे दोबारा लगा रहे हैं, जबकि इनकी बोली लगनी थी। ऐसा नहीं है। लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक संबंधित विभाग या ठेकेदार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरपंच बोले,विभाग अपने स्तर पर काम करवा रहे वहीं, सरपंच दौलतराम का कहना है कि इस दीवार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने मेरे को कई बार अवगत करवाया। इसके लिए इन ईंटों की बोली के लिए सुझाव दिया था, लेकिन विभाग ने अपने स्तर पर ही एस्टीमेट देकर टेंडर करवाया है। घटिया सामग्री निर्माण पर चिंताजनक चौकीदार दूनी राम ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाने की अपील की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में उनके आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, पुरानी ईंटों को हटाकर नई ईंटें लगवाई जाएं। ग्रामीणों ने अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को चिंताजनक बताया है। उन्होंने संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की निगरानी और जांच करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या से बचा जा सके। एमओ बोली, इसकी स्वीकृति पंचायती विभाग से मिलीइस बारे में मेडिकल ऑफिसर परमजीत कौर ने बताया कि 42 लाख का एस्टीमेट बनाकर विभाग को भेजा गया था। जितनी राशि टेंडर की स्वीकृत हुई उसको पंचायती राज विभाग को ट्रांसफर कर दी गई। इसी के तहत पंचायती राज विभाग द्वारा टेंडर के माध्यम से 27 लाख की राशि से ठेकेदार द्वारा यह निर्माण कार्य किया जा रहा है।
आगरा में सुबह से निकली तेज धूप, पारा 43°C:2°C की दर्ज की जा सकती है गिरावट, गर्म हवाएं करेंगी परेशान
आगरा में शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप निकली हुई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दोपहर में शहर में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। आज अधिकतम तापमान लगभग 44 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। पिछले दिनों के मुकाबले तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद गर्मी और लू से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। ताजमहल पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर में पर्यटकों की संख्या कम नजर आ रही है। जो पर्यटक पहुंच रहे हैं, वे तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान दिखाई दे रहे हैं। कई पर्यटक छांव और पानी का सहारा लेते नजर आए। स्थानीय गाइडों के अनुसार अब सुबह और शाम के समय ही ज्यादा पर्यटक पहुंच रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक आगरा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि पिछले दिनों के मुकाबले तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, लेकिन दोपहर में हीटवेव और गर्म हवाओं के हालात बने रहेंगे। सप्ताह के आखिर में हल्के बादल छाने की संभावना है, लेकिन बड़ी राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं। पिछले सात दिनों से आगरा लगातार भीषण गर्मी की चपेट में बना हुआ है। दिन निकलते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो जा रहा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दे रही है। कई निजी स्कूलों ने गर्मी और हीटवेव को देखते हुए छुट्टियां घोषित कर दी हैं। अभिभावक भी बच्चों को दोपहर की धूप से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले 7 दिनों का तापमान
सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक के आदिवासी बहुल परसमनिया क्षेत्र में डायरिया से एक सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई है। बच्चे के दादा ने बाबूलाल दहिया ने बताया कि बेल का शरबत पीने के बाद परिवार के चार सदस्यों की तबीयत बिगड़ी थी, जिनमें से तीन अन्य को सतना के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। वहीं ग्रामीणों ने दूषित पानी को बीमारी का संभावित कारण बताया है। बुधवार को मासूम किशुन दहिया की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। गुरुवार को परिवार के अन्य सदस्य शिवम दहिया (12 वर्ष), बाबूलाल दहिया (65 वर्ष) और शांति बाई (55 वर्ष) की भी हालत खराब हो गई। सभी प्रभावितों को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया था। बाद में, कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह परिवार लंबे समय से कुएं का पानी पी रहा था, जिससे दूषित पानी से डायरिया फैलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से प्रभावित क्षेत्र में जांच दल भेजने की मांग की है ताकि बीमारी की असली वजह सामने आ सके और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला और इंटीग्रेटेड सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) अभी तक अंजान है।
अयोध्या में नशे में टावर पर चढ़ा युवक:लोगों ने समझाया पर नहीं माना, पुलिस ने आधे घंटे बाद उतारा
अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र के बेगमगंज में गुरुवार देर रात एक युवक आकाशवाणी के टावर पर चढ़ गया। युवक को ऊंचे टावर पर चढ़ता देख आसपास के लोग हैरान रह गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को समझाकर नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। युवक काफी ऊंचाई तक पहुंच गया था, जिससे लोग चिंतित नजर आए। स्थानीय लोग भी युवक से नीचे उतरने की अपील करते रहे। इस दौरान कई लोग मौके पर मौजूद रहे और देर रात तक इलाके में हलचल बनी रही। करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद पुलिस ने युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद उसे थाने ले जाया गया। पुलिस के अनुसार युवक शराब के नशे में था। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच की जा रही है।
नालंदा के दौलतपुर मिल्कीपर गांव में मंगलवार को आपसी विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल युवक की मौत हो गई है। पटना में इलाज चल रहा था। मृतक की पहचान सुरेन्द्र महतो के पुत्र हरेन्द्र कुमार(32) के तौर पर हुई है। पुलिस ने मामले में एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया है। घटना चंडी थाना क्षेत्र की है। 20 मई को चंडी पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों ने हरेन्द्र कुमार को लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घायल के भाई इन्द्रजीत कुमार के आवेदन पर चंडी थाना में कांड दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। गंभीर हालत में घायल हरेन्द्र को इलाज के लिए पटना के कुम्हरार स्थित यूनिवर्सल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने गुरुवार को दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर चंडी में सड़क जाम कर दिया। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जांच के लिए FSL को बुलाया हत्या की इस वारदात के बाद चंडी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामदा आरोपी विक्की राम को गिरफ्तार कर लिया है, जो चंडी थाना क्षेत्र के गोसईमठ गांव का रहने वाला है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लाठी को भी बरामद कर लिया है। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए बारीकी से निरीक्षण किया और जमीन पर गिरे खून के धब्बे और लाठी को जांच के लिए जब्त कर लिया है।
गोंडा में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ जिलाधिकारी की सख्ती के बाद खनन विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू कर दी है। देर रात की गई छापेमारी में बिना अनुमति के अवैध खनन करते हुए कुल छह वाहन जब्त किए गए, जिनमें चार ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर लोडर मशीन शामिल हैं। यह कार्रवाई जिले के इटियाथोक, वजीरगंज और मोतीगंज थाना क्षेत्रों में की गई है। मोतीगंज थाना क्षेत्र में अवैध खनन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक जेसीबी मशीन को पकड़ा गया है। इन वाहनों को जब्त कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इसी तरह वजीरगंज और राजा सागर क्षेत्र में भी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर पुलिस के हवाले किया गया। इटियाथोक में भी अवैध मिट्टी खनन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक ट्रैक्टर लोडर मशीन को पकड़ा गया, जिसे इटियाथोक कोतवाली पुलिस को सौंपा गया है। ये सभी वाहन बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी का खनन कर रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने खनन विभाग के अधिकारियों को अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद यह अभियान चलाया गया गोंडा के जिला खनन अधिकारी डॉ. अभय रंजन ने बताया कि तीन स्थानों पर देर रात छापेमारी की गई। जहां से कुल छह वाहन बरामद कर पुलिस को सौंपे गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति के अवैध रूप से मिट्टी का खनन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खेतों से मिट्टी निकालने या कहीं और ले जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा और जांच के बाद ही अनुमति दी जाएगी।
“दो बेटियां पहले ही दूसरे समुदाय में शादी कर चुकी थीं… छोटी भी वही करने जा रही थी… मना करने पर नहीं मानी, इसलिए उसे मार दिया…”लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच में मिले नाबालिग शब्बा के टुकड़ों में शव मामले में पिता ने पुलिस पूछताछ में यह चौंकाने वाला कबूलनामा किया है। जीआरपी की जांच में सामने आया कि यह ‘ऑनर किलिंग’ का मामला है, जिसमें पिता ने बहन और बहनोई के साथ मिलकर बेटी की हत्या कर दी और शव को ट्रेन में ठिकाने लगा दिया। S-1 कोच में सीट के नीचे मिला था 6 टुकड़ों में शव 17 मई को छपरा-गोमती एक्सप्रेस के S-1 कोच में सफाई के दौरान सीट के नीचे एक बक्सा और बैग मिला। खोलने पर बॉक्स में युवती का धड़ और बैग में हाथ-पैर अलग-अलग रखे मिले। शव कुल छह टुकड़ों में था, जबकि सिर मौके से गायब था। कुशीनगर में गला काटकर की हत्या, फिर काटे टुकड़े पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पिता विगन अंसारी ने कुशीनगर के सेवरही इलाके में अपने घर पर ही नाबालिग बेटी शब्बा की गला काटकर हत्या की। इसके बाद शव के कई टुकड़े किए गए। सिर को अलग जगह फेंक दिया गया, जबकि शरीर के हिस्सों को बैग और बक्से में पैक किया गया। ई-रिक्शा से ट्रेन तक लाए, CCTV में कैद हुए आरोपी हत्या के बाद तीनों आरोपी शव के टुकड़ों को ई-रिक्शा से लेकर ट्रेन तक पहुंचे और कोच में रखकर फरार हो गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। 800 CCTV खंगालने के बाद खुला राज जीआरपी की तीन टीमों ने करीब 800 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान कुशीनगर के तमकुही रोड स्टेशन पर तीन संदिग्धों की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पिता, बहन और बहनोई गिरफ्तार, हथियार बरामद इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा जीआरपी एसपी रोहित मिश्रा की टीम ने किया। तीन टीमों की लगातार पड़ताल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने आरोपी पिता विगन अंसारी, उसके बहनोई मोजिबुल्लाह अंसारी और पत्नी नूरजहां अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल दो ‘बांका’ बरामद किए गए हैं। प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, ‘ऑनर’ के नाम पर खौफनाक वारदात पूछताछ में सामने आया कि शब्बा का दूसरे समुदाय के युवक से प्रेम प्रसंग था और वह शादी करना चाहती थी। इससे नाराज पिता ने परिवार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इससे पहले भी उसकी दो बेटियां प्रेम विवाह कर चुकी थीं, जिससे वह पहले से ही नाराज और दबाव में था।सिर की तलाश जारी, आगे की जांच में जुटी पुलिस हालांकि अब तक मृतका का सिर बरामद नहीं हो सका है। पुलिस टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
बरेली में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। शुक्रवार को दिन की शुरुआत होते ही तेज धूप निकल गई। सुबह 7 बजे से ही धूप इतनी तेज निकली की लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और गर्म हवाओं (हीट वेव) से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे स्किन झुलसाने वाली स्थिति बन गई है। इस भीषण गर्मी और उमस के बीच भी शहर के पार्कों में सुबह के समय लोगों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। दैनिक भास्कर की टीम ने जब मॉर्निंग वॉक और योग के लिए निकली महिलाओं से बातचीत की, तो उन्होंने इस तपते मौसम में भी अपने हौसले और सेहत के प्रति अपनी सजगता को साझा किया। सेहत सबसे ऊपर, टहलना और योग है जरूरीपार्क में सहेलियों के साथ टहलने आईं महिलाओं ने बताया कि गर्मी भले ही बहुत ज्यादा है, लेकिन शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मॉर्निंग वॉक करना बेहद जरूरी है। मौसम चाहे सर्दी का हो या फिर इतनी भीषण गर्मी का, वे अपनी इस दिनचर्या को बिल्कुल नहीं छोड़ती हैं। कंपनी गार्डन की शुद्ध हवा देती है राहतमहिलाओं का कहना है कि कंपनी गार्डन का माहौल और यहाँ की हरियाली इस तपन में भी सुकून देती है। यहाँ की ताजी हवा और ऑक्सीजन शरीर को पूरी तरह रिफ्रेश कर देती है। यही वजह है कि वे हर सुबह यहाँ खिंची चली आती हैं। योग और वॉक से दूर रहती हैं बीमारियांएक अन्य महिला ने बताया कि उनका पूरा ग्रुप हर मौसम में यहां आता है। वे सभी सिर्फ वॉक ही नहीं करतीं, बल्कि नियमित रूप से योग भी करती हैं। योग करने से शरीर पर इस तरह के बदलते और कड़े मौसम का ज्यादा विपरीत असर नहीं पड़ता और वे खुद को ऊर्जावान महसूस करती हैं। सहेलियों से मिलना और मोटिवेशनमहिलाओं ने यह भी साझा किया कि सुबह पार्क में आने का एक बड़ा फायदा यह भी है कि वे अपनी सहेलियों से मिल पाती हैं। एक-दूसरे को देखकर टहलने और स्वस्थ रहने का मोटिवेशन मिलता है। आपस में बातचीत करने से दिनभर के लिए सकारात्मक ऊर्जा मिल जाती है, जिससे वे मौसम की इस बेरुखी का आनंद लेते हुए सामना कर रही हैं।
ट्विशा शर्मा डेथ केस, जिसकी चर्चा आज मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो रही है। ट्विशा की 12 मई की रात मौत हो गई थी। वह प्रेग्नेंट थीं। ससुराल पक्ष ने फांसी लगाकर मौत की बात कही है, जबकि मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। वहीं पति अभी भी फरार है। ट्विशा की रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह का कहना है कि ट्विशा नशा करती थीं और डिप्रेशन में आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। मामला फिलहाल कोर्ट में है और जांच जारी है। हालांकि इस मामले को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। इस पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया है, जानने के लिए देखें पूरा वीडियो…
सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र के भोदसा गांव स्थित प्राचीन महावीर मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा खंडित कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंदिर के पुजारी के आवेदन पर यह कार्रवाई की गई है। एकमा थाना प्रभारी रामबालक यादव ने बताया कि मंदिर के पुजारी हरेन्द्र उपाध्याय उर्फ पूरी बाबा ने आवेदन दिया था। आवेदन के अनुसार, 20 मई की शाम जब पुजारी पूजा के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने हनुमान जी की प्रतिमा को खंडित अवस्था में पाया। आशंका जताई गई है कि किसी असामाजिक तत्व ने धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जमा हो गए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम सदर नवीन कुमार, एसडीपीओ-2 राजकुमार, बीडीओ डॉ. अरुण कुमार, सीओ अमलेश कुमार और एकमा थाना प्रभारी राम बालक यादव पुलिस बल के साथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। प्रशासन ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, विधि-विधान के साथ नई प्रतिमा स्थापित कर धार्मिक गतिविधियों को पूर्ववत शुरू कराने की बात भी कही गई है। भोदसा गांव का यह महावीर मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर परिसर में भगवान शंकर-पार्वती, गणेश जी, नन्दनी महाराज और महावीर जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती रही है। प्रतिमा खंडित होने की इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया था।
बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में पुलिस जांच की दिशा बदल गई है। पहले गैर-प्रांतीय बदमाशों पर केंद्रित जांच अब स्थानीय गिरोहों पर केंद्रित हो गई है। बरेली रेंज के डीआईजी एके साहनी को पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद ऐसे इनपुट मिले हैं, जो स्थानीय बदमाशों की संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे हैं। पीड़ित परिवार ने डीआईजी को बताया कि डकैतों की बोलचाल की भाषा पूरी तरह स्थानीय थी। बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नकाब और मास्क का इस्तेमाल किया था। कुछ ने चेहरा कपड़े से ढका था, तो कुछ मास्क लगाए हुए थे। इस आधार पर पुलिस अब इस पहलू पर भी काम कर रही है कि गिरोह में ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्हें परिवार पहचान सकता था। जांच में एक अहम बात यह भी सामने आई है कि पूरे गिरोह में केवल सरगना के पास ही तमंचा था, जबकि अन्य सदस्य डंडों के सहारे परिवार को धमका रहे थे। इससे यह संकेत मिलता है कि वारदात भले ही योजनाबद्ध थी, लेकिन गिरोह पूरी तरह से पेशेवर या हाईटेक नहीं था। इस घटना ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश भर में डकैती जैसी वारदातें लगभग खत्म हो चुकी हैं, ऐसे में बदायूं में हुई इस घटना ने विभाग की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। चर्चा यह भी है कि शुरुआत में थाना स्तर से लेकर उच्चाधिकारियों तक मामले को 'डकैती' की बजाय 'लूट' के रूप में पेश करने की कोशिश की गई, ताकि विभागीय फजीहत कम हो सके। पुलिस को यह भी संदेह है कि वारदात में किसी करीबी या परिचित का इनपुट शामिल हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि बदमाश लगातार अपना चेहरा छिपाने का प्रयास कर रहे थे। खाना मांगने के बयान ने उलझाया इधर, पीड़ित परिवार की बहू फिजा के बयान ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिजा के मुताबिक बदमाश वारदात के दौरान बार-बार खाना मांग रहे थे। उन्होंने घर में रखे खरबूजे खाए और पानी भी पिया। सामान्य तौर पर देखा जाए तो पेशेवर डकैत या लुटेरे वारदात को जल्द अंजाम देकर निकलने की कोशिश करते हैं, ऐसे में खाना मांगना और आराम से समय बिताना पुलिस के लिए भी जांच का बड़ा बिंदु बन गया है।
राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह को अपने दौरे के समय एक अनोखा गिफ्ट मिला। एक बच्ची ने उन्हें 'बुद्धि का घड़ा' गिफ्ट दिया। इस घड़े में एक कद्दू फंसा हुआ है और सवाल यही है कि इसे बिना घड़े को फोड़े बाहर कैसे निकाला जाए। जयवर्धन सिंह ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अपने समर्थकों से भी जवाब देने को कहा है। बता दें कि राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने गुरुवार सुबह राघौगढ़ किले पर क्षेत्र से आए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के लिए प्रयास किए। इसके बाद विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर निकले। इस दौरान विधायक जयवर्धन सिंह पगारा गांव पहुंचे। यहां उन्होंने प्रीतम लोधा के घर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और हालचाल जाना। इसी दौरान उनकी बेटी पायल लोधा ने जयवर्धन सिंह को एक अनोखा गिफ्ट दिया। पायल ने उन्हें एक 'बुद्धि का घड़ा' भेंट किया। इस घड़े में एक पहली है। घड़े में एक कद्दू फंसा है और उसे बिना घड़े को तोड़े बाहर निकालना है। इस पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए विधायक जयवर्धन सिंह ने लिखा - ग्राम पगारा की होनहार बेटी पायल लोधा से आज एक अनोखा और रोचक “बुद्धि का घड़ा” प्राप्त हुआ। पायल के पिता प्रीतम लोधा जी गुना जिले के ऐसे प्रगतिशील कृषक हैं, जो बिना पॉलीहाउस के 8 बीघा में गुलाब की खेती कर नई मिसाल कायम कर रहे हैं। इस घड़े के अंदर कद्दू का फल रखा गया है और चुनौती यह है कि- बिना घड़ा फोड़े कद्दू को बाहर कैसे निकाला जाए? अब देखना यह है कि हमारे क्षेत्र के बुद्धिमान साथी इसका सही जवाब दे पाते हैं या नहीं। जो भी इस पहेली का सही समाधान बताएगा, उसे मेरी और पायल की तरफ से शानदार तोहफा दिया जाएगा। जल्दी से कमेंट कर अपने जवाब बताइए…।
मुजफ्फरपुर में बुधवार को दिनदहाड़े हुए प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन उर्फ प्रभात मिश्रा हत्याकांड में गुरुवार को एफआईआर दर्ज हुआ है। साथ ही घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पीछा करने के बाद बदमाशों ने अंकित का मर्डर किया। मामला मुसहरी थाना क्षेत्र के रोहुआ का है। आरोपी निखिल से पुलिस ने पूछताछ की है। आरोपी की मां ने थाने में आकर कहा है कि उसका बेटा निर्दोष है। मृतक की पत्नी आरती कुमारी ने मुसहरी थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र के गद्दोपुर गांव निवासी अमित सिंह समेत दो अज्ञात बदमाशों को आरोपित बनाया गया है। इधर, पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि कई स्थानों पर लगातार छापेमारी चल रही है। आरती कुमारी ने अपने आवेदन में बताया कि बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे उनके पति घर से निकले थे। कुछ देर बाद जब उन्होंने पति के मोबाइल पर फोन किया तो फोन उनके ममिया ससुर अजय झा ने उठाया और बताया कि प्रभात को गोली मार दी गई है और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि शाम करीब पांच बजे उनके पति का शव गांव लाया गया, जहां से ससुराल पक्ष शव को वैशाली के गद्दोपुर गांव ले गया और वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया। आवेदन में उन्होंने कहा कि उनके पति अक्सर अमित सिंह से जान का खतरा होने की बात कहते थे। दोनों के बीच पहले से जमीन और अन्य विवाद चल रहा था। पुराने विवाद से जुड़ रहा हत्या का तार परिजनों का कहना है कि साल 2024 में भी मृतक के बड़े भाई पंकज मिश्रा पर जानलेवा हमला हुआ था। उस गोलीकांड में पंकज मिश्रा घायल हो गए थे और मामले में अमित सिंह का नाम सामने आया था। उस वक्त महुआ थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसमें चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। परिजनों का आरोप है कि उस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन मुख्य आरोपी अमित सिंह अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। मृतक के भाई मुकुल मिश्रा ने बताया कि पुराने विवाद को लेकर लगातार धमकी मिल रही थी। मृतक के मामा अजय झा ने दावा किया कि पूर्व गोलीकांड के बाद ही प्रभात को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज से जांच तेज पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार बदमाशों की गतिविधियां कैद हुई हैं। फुटेज में संदिग्ध युवक नवादा इलाके से ही प्रभात का पीछा करते दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर पुलिस ने वैशाली और मुजफ्फरपुर में छापेमारी शुरू की है। मामले में वैशाली के गद्दोपुर और माधोपुर समेत कई ठिकानों पर पुलिस ने दबिश दी। इस दौरान निखिल नाम के युवक समेत तीन लोगों को उठाकर पूछताछ की गई। हालांकि पुलिस आधिकारिक रूप से सिर्फ एक युवक को हिरासत में लेने की पुष्टि कर रही है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिया गया युवक आरोपी अमित सिंह का रिश्तेदार है। आरोपी निखिल की मां ने मुसहरी थाना पहुंचकर कहा कि उनके बेटे का इस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सिर्फ रिश्तेदारी के आधार पर उसे परेशान कर रही है। पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं डीएसपी पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। मुजफ्फरपुर और वैशाली में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस घटना में प्रयुक्त बाइक, शूटर और पूरे नेटवर्क की पहचान में जुटी है। उन्होंने कहा कि अभी हत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन जमीन विवाद और पुरानी रंजिश समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। दिनदहाड़े मारी गई थी गोली बता दें कि बुधवार को रोहुआ इलाके में बाइक सवार दो बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर अंकित रंजन उर्फ प्रभात मिश्रा को दिनदहाड़े गोली मार दी थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस का मानना है कि हत्या पूरी प्लानिंग के तहत की गई है और शूटर पहले से रेकी कर रहे थे। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और पुराने विवादों के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती करने वाली दो एजेंसियों के भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग और मप्र कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है और पांच जून से इसको लेकर प्रदेश के लोगों से सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को छोड़कर सभी सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होंगी। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने 5 जून 2026 तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड पर होगी भर्ती नियमों में बदलाव के लिए तैयार ड्राफ्ट में कहा गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया “पात्रता परीक्षा” और “स्कोर कार्ड सिस्टम” पर आधारित होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा जो सामान्य पात्रता परीक्षा, तकनीकी पात्रता परीक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा के रूप में होंगी। पात्रता परीक्षा में तय न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग विभिन्न सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए किया जा सकेगा। सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उनका स्कोर कार्ड भी सीमित अवधि तक ही मान्य रहेगा। एक स्कोर से कई भर्तियों में आवेदन नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार अच्छा स्कोर आने पर उसी स्कोर कार्ड के आधार पर कई विभागों की भर्तियों में आवेदन किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने का दावा किया गया है। ऐसा होगा परीक्षा पैटर्न सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे, जिन्हें चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान एवं योजनाएं, गणित, तार्किक क्षमता, डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर ज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। तकनीकी पात्रता परीक्षा में भी 100 प्रश्न होंगे, जिनमें 25 प्रश्न सामान्य विषयों से और 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषय से होंगे। पीएससी परीक्षा के नियम तैयार, लागू करने से पहले मांगे सुझाव उधर राज्य शासन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को संचालित करने के लिए नए प्रारूप नियमों को तैयार किया है और इन्हें लागू करने से पहले 5 जून 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026 अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित नियमों के प्रारूप विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रस्तावित नियमों के संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या हितधारक को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे 5 जून 2026 तक लिखित रूप में अपने सुझाव ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही सुझाव gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी विभाग को दिए जा सकते हैं। समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर जिलों के महाविद्यालयों में नए सत्र के लिए स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। दाखिले के लिए फॉर्म का वितरण भी आरंभ हो गया है। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में सीटों को भरने की तैयारियां तेज हो गई हैं। नए सत्र को नियमित करने और कक्षा संचालन के मानकों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सहायता प्राप्त (एडेड) कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से सीटें भरी जाएंगी, जिसके लिए फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं। शासन ने निर्देश दिया है कि नए सत्र से कॉलेजों में कक्षा संचालन जुलाई से शुरू कर दिया जाए। स्नातक और स्नातकोत्तर की सीटों को भरने के लिए कॉलेजों ने अपनी योजनाएं तैयार कर ली हैं। विश्वविद्यालय से जौनपुर और गाजीपुर जनपदों में कुल 604 महाविद्यालय संबद्ध हैं, जिनमें जौनपुर में 231 और गाजीपुर में 373 महाविद्यालय शामिल हैं। वित्तपोषित कॉलेजों में दाखिले के लिए अधिक प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है।
बिहार में बच्चों के हृदय उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। पटना स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) में आयोजित दो दिवसीय विशेष शिविर के दौरान 19 बच्चों का बिना चीरा-फाड़ सफल हृदय ऑपरेशन किया गया। यह ऑपरेशन मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पूरी तरह नि:शुल्क संपन्न हुआ। यह विशेष शिविर 20 और 21 मई को आयोजित किया गया था। इसमें जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित उन बच्चों का इलाज किया गया, जिनके परिवार आर्थिक अभाव के कारण उपचार कराने में असमर्थ थे। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अत्याधुनिक डिवाइस क्लोजर तकनीक का उपयोग कर बच्चों का सफल इलाज किया। बिना ओपन हार्ट सर्जरी हुआ इलाज संस्थान प्रशासन के मुताबिक, सभी ऑपरेशन अत्याधुनिक उपकरणों और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी तकनीक की मदद से किए गए। इस प्रक्रिया में सीने पर बड़ा चीरा लगाने या ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसमें शरीर की नसों के जरिए एक विशेष डिवाइस हृदय तक पहुंचाई जाती है, जिससे हृदय में मौजूद छेद या दोष को बंद किया जाता है। संक्रमण का खतरा कम, जल्दी मिलती है छुट्टी विशेषज्ञों के मुताबिक, यह प्रक्रिया पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती है। इसमें संक्रमण और अन्य जटिलताओं की संभावना काफी कम होती है। साथ ही मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की जरूरत नहीं पड़ती। अधिकांश बच्चे ऑपरेशन के एक-दो दिन के भीतर सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकते हैं, जिससे परिवारों को भी बड़ी राहत मिलती है। दिल्ली और पटना के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने निभाई अहम भूमिका पूरे ऑपरेशन का संचालन संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। इस विशेष शिविर में नई दिल्ली के प्रसिद्ध बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अवस्थी और आईजीआईसी पटना की डॉ. पूजा कुमारी की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टरों ने अत्याधुनिक कैथ लैब तकनीक का उपयोग करते हुए सभी बच्चों का सफल ऑपरेशन किया। चिकित्सकों के अनुसार, ज्यादातर बच्चे जन्मजात हृदय रोग यानी जन्म से हृदय में छेद या अन्य दोष की समस्या से पीड़ित थे। गरीब परिवारों के लिए राहत, खुशी जाहिर किया इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सभी ऑपरेशन पूरी तरह नि:शुल्क किए गए। कई परिवार ऐसे थे जो अपने बच्चों का इलाज कराने के लिए वर्षों से परेशान थे। निजी अस्पतालों में ऐसे ऑपरेशन पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, जो गरीब परिवारों के लिए संभव नहीं होता। बाल हृदय योजना के तहत राज्य सरकार ऐसे बच्चों की पहचान कर उनका मुफ्त इलाज सुनिश्चित कर रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बिहार में ही इतना आधुनिक और बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की अहम भूमिका इस अभियान को सफल बनाने में संयुक्त निदेशक सह नोडल पदाधिकारी डॉ. विरेंद्र कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मिता सिंह और डॉ. अभिषेक नंदन भारद्वाज ने भी पूरी प्रक्रिया में सक्रिय योगदान दिया। वहीं, ओटी बैकअप सीटीवीएस टीम, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार सहयोग करते हुए ऑपरेशन को सफल बनाया। संस्थान प्रशासन ने सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। बिहार में ही संभव हो रहा जटिल इलाज विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले तक बिहार के मरीजों को ऐसे जटिल हृदय उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। लेकिन अब आईजीआईसी में लगातार बढ़ रही सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक तकनीकों की वजह से राज्य में ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो रहा है। इस तरह के विशेष शिविरों से न सिर्फ बच्चों को समय पर उपचार मिल रहा है, बल्कि राज्य के स्वास्थ्य ढांचे पर लोगों का भरोसा भी मजबूत हो रहा है। विशेषज्ञों बोले- समय पर पहचान जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कहा कि जन्मजात हृदय रोग के मामलों में समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी होता है। यदि बच्चों में सांस फूलना, जल्दी थक जाना, वजन नहीं बढ़ना या बार-बार बीमार पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। डॉक्टरों के मुताबिक, सही समय पर इलाज मिलने से बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं। देर होने पर स्थिति गंभीर भी हो सकती है। जीवनदायी साबित हो रही बाल हृदय योजना राज्य सरकार की बाल हृदय योजना अब गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को बेहतर और समय पर हृदय उपचार उपलब्ध कराना है, ताकि पैसे के अभाव में किसी बच्चे का इलाज प्रभावित न हो। आईजीआईसी में आयोजित यह विशेष शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सफल ऑपरेशन के बाद अब 19 बच्चों और उनके परिवारों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिखाई दे रही है। बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में यह उपलब्धि आने वाले समय में और अधिक बच्चों के लिए नई उम्मीद बन सकती है।
गयाजी एयरपोर्ट को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब गयाजी से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लिए सालभर सीधी विमान सेवा शुरू होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर लिए गए इस फैसले को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। इससे बिहार के पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक बैंकॉक के लिए फ्लाइट सेवा सिर्फ पर्यटन सीजन यानी अक्टूबर से मार्च तक ही संचालित होती थी। छह महीने सेवा बंद रहने के कारण विदेशी श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब सरकार के नए फैसले के बाद यह सेवा पूरे साल जारी रहेगी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इंडिगो की एकल निविदा को भी स्वीकृति दे दी गई है। इस फैसले से खासकर महाबोधि टेंपल आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। थाईलैंड समेत बौद्ध धर्म से जुड़े देशों के पर्यटकों का आवागमन अब पूरे साल बना रहेगा। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बोधगया में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और मजबूत होगी। समय और पैसा बचेगा बिहार के आम यात्रियों को भी इस सेवा का सीधा फायदा मिलेगा। अब विदेश यात्रा के लिए लोगों को दिल्ली, कोलकाता या लखनऊ जैसे दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान मिलने से यात्रियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही सफर से जुड़ी परेशानियां भी कम होंगी। इस नई विमान सेवा को स्थानीय कारोबार और रोजगार के लिए भी बड़ा अवसर माना जा रहा है। होटल उद्योग, ट्रैवल एजेंसियों, गाइड व छोटे दुकानदारों को इससे सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। समाजसेवी और ट्रेवल्स संचालकों का मानना है कि सरकार का यह फैसला सरहानीय है। इससे पर्यटन और व्यापार दोनों को मजबूती मिलेगी। पर्यटन को होगा फायदा वहीं, इस घोषणा के बाद बोधगया में गाइड का काम कर रहे लोगों में भी खुशी का माहौल है। गाइड के पेशे से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले छह महीने सेवा बंद रहने से लोगों को दूसरे एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता था। अब सालभर सीधी उड़ान मिलने से स्थानीय व्यवसाय और पर्यटन दोनों को बड़ा फायदा होगा।
सुलतानपुर में पुलिस ने चार दिनों के भीतर तीसरे गोतस्कर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। शुक्रवार तड़के अखंडनगर थाना क्षेत्र में पुलिस और गोतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में जौनपुर निवासी मोहम्मद अनवर पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पुलिस को 22 मई की सुबह करीब 4 बजे सूचना मिली थी कि गोकशी से जुड़े कुछ अपराधी ग्राम रायपुर क्षेत्र में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना पर अखंडनगर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घेराबंदी का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें एक आरोपी मोहम्मद अनवर के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अनवर पुत्र लाल मोहम्मद के रूप में हुई है, जो जौनपुर जिले के खुटहन थाना क्षेत्र के पतेला गांव का निवासी है। उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, अनवर के खिलाफ पहले भी गोकशी सहित विभिन्न धाराओं में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अखंडनगर भेजा गया है। यह इस सप्ताह की तीसरी ऐसी घटना है। इससे पहले बुधवार को जय सिंहपुर में हुई मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी गोतस्कर विनोद यादव को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, मंगलवार को अखंडनगर में ही मोहम्मद आसिफ को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा था।
जोधपुर के झालामंड इलाके में मोती मार्केट के पास रिंग रोड पर एक स्कूटी पीछे से ट्रक में घुस गई, जिससे 21 साल के युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा परिवहन विभाग के उड़नदस्ता को देखकर ट्रक में अचानक ब्रेक लगाने से हुआ। हादसे के बाद आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोगों ने सड़क पर धरना दे दिया, जिससे करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। वहीं एडीसीपी (पश्चिम) नरेंद्र सिंह देवड़ा, एडीसीपी (ट्रैफिक) शालिनी राज और एसीपी (बोरानाडा) आनंद सिंह सहित अन्य अधिकारी पुलिस टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव को एम्स हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। जिम से घर लौट रहा था नाबालिग एडीसीपी (पश्चिम) नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि मृतक की पहचान झालामंड चौराहे के पास हनुमान नगर निवासी दिव्यांशु प्रजापत (21) पुत्र कुलदीप प्रजापत के रूप में हुई है। दिव्यांशु गुरुवार रात करीब 9 बजे जिम से निकलकर स्कूटी से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान मोती मार्केट के पास यह हादसा हुआ। आरटीओ की चेकिंग को बताया हादसे का कारण मृतक के चाचा दयाल प्रजापत ने आरोप लगाया है कि हादसे वाली जगह पर अक्सर आरटीओ की गाड़ी खड़ी रहती है। गुरुवार रात भी आरटीओ का उड़नदस्ता रिंग रोड पर भारी वाहनों की चेकिंग कर रहा था। इसी दौरान एक ओवरलोड ट्रक वहां से गुजरा। आरटीओ उड़नदस्ते को देखकर ट्रक ड्राइवर घबरा गया और उसने अचानक ब्रेक लगा दिए। रफ्तार तेज होने के कारण पीछे स्कूटी पर चल रहा दिव्यांशु नियंत्रण नहीं रख सका और वह सीधे ट्रक के पीछे जा टकराया। जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने सड़क पर लगाया जाम किशोर की मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय और समाज के लोग मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने रिंग रोड और नीचे की सर्विस लेन पर पत्थर और बड़े-बड़े केबल के रोल डालकर पूरा रास्ता ब्लॉक कर दिया। मौके पर पुलिस अधिकारियों ने देर रात तक लोगों से समझाइश का प्रयास किया। जब काफी देर तक प्रदर्शनकारी नहीं माने, तो पुलिस को रास्ता खुलवाने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद वहां भीड़ कम हो गई। परिजन और समाज के लोगों की तीन मांग प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी तीन मांगें रखी हैं। इनमें मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी दी जाए और एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही इस हादसे के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार ठहराए जा रहे आरटीओ उड़नदस्ते के कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने और उस स्थान पर भविष्य में आरटीओ की चेकिंग पूरी तरह से बंद करने की मांग की गई है।
बुरहानपुर जिले की नावरा रेंज के साईंखेड़ा में पांच राष्ट्रीय पक्षी मोर और दो उल्लू मृत पाए गए हैं। नेपानगर एसडीओ वन विक्रम सुलिया ने इसकी पुष्टि की। शव सोमवार को मिले थे जिसका खुलासा विभाग ने गुरुवार को किया।बुरहानपुर डीएफओ विद्याभूषण सिंह के अनुसार, पशु चिकित्सक सीवल डॉ. अजय और डोइफोड़िया डॉ. रविंद्र गोले ने मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम किया। चिकित्सकों के दल ने प्रथम दृष्टया हीटस्ट्रोक को मृत्यु का संभावित कारण बताया है। अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कियाहालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सैंपल जांच हेतु सागर स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जलस्रोत से पानी के सैंपल भी लिए गए हैं। गुरुवार को एसडीओ ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में हीटस्ट्रोक को मौत का कारण बताया गया है, लेकिन विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से भाजपा नेत्री के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि झारखंड के रांची निवासी कारोबारी संजय सिंह ने दिल्ली में महिला के साथ रेप किया। बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात पहले दिल्ली में हुई थी, जहां आरोपी ने माइनिंग कारोबार में निवेश का झांसा देकर महिला से नजदीकियां बढ़ाईं। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कारोबार के दौरान हुई पहचान जानकारी के मुताबिक भाजपा नेत्री सिविल लाइन क्षेत्र की रहने वाली हैं। वह भाजपा से टिकट की दावेदारी भी कर रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका दिल्ली आना-जाना लगा रहता था। करीब 2 साल पहले उनकी पहचान संजय सिंह से हुई थी। इस दौरान संजय सिंह ने खुद को बड़ा कारोबारी बताते हुए माइनिंग कारोबार में निवेश पर अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने व्यापार में साझेदारी और मोटे लाभ का झांसा देकर महिला से निवेश कराया। इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया। रेप के बाद करने लगा ब्लैकमेल भाजपा नेत्री का आरोप है कि कारोबारी ने भरोसे का फायदा उठाते हुए सितंबर 2025 में नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में दिल्ली में दुष्कर्म किया। महिला ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद आरोपी लगातार ब्लैकमेल करता रहा और पैसों की मांग भी करता था। 2.50 करोड़ कराया निवेश, अवैध वसूली का भी आरोप भाजपा नेत्री ने अपनी शिकायत में बताया कि कारोबारी संजय ने उनसे अलग-अलग किश्तों में करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपए लिए। आरोप है कि संजय ने आरटीजीएस समेत अलग-अलग माध्यमों से रकम लेने के बाद कैश में निवेश कराने का झांसा दिया। बाद में जब भाजपा नेत्री ने अपने पैसे वापस मांगे, तब आरोपी उल्टा ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने लगा। मानसिक रूप से परेशान होने के बाद भाजपा नेत्री ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। झारखंड में पुलिस ने दी दबिश पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले में मोबाइल चैट, कॉल डिटेल्स, लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी की तलाश में पुलिस टीम झारखंड भी गई थी। हालांकि, फिलहाल आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। ………………….. क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…. छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारी को रेप केस में उम्रकैद: कॉलेज फ्रेंड से संबंध बनाए, नौकरी लगते ही बोला- लड़की नीची जाति की, शादी नहीं करूंगा छत्तीसगढ़ के बालोद के रहने वाले कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को रेप के आरोप में उम्रकैद की सजा हुई है। आरोपी ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान अपनी कॉलेज फ्रेंड से दोस्ती की थी, कई सालों के अफेयर के बाद उसे शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए। पढ़ें पूरी खबर…
सिवनी जिले के ग्रामीण अंचलों में खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन की सख्त चेतावनियों और कार्रवाई के प्रावधानों के बावजूद किसान इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इससे पर्यावरण और जनसुरक्षा दोनों पर खतरा बढ़ रहा है। गुरुवार रात धूमा क्षेत्र के घोघरी सहित आसपास के गांवों में खेतों में नरवाई जलाई गई, जिसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दीं। जलती नरवाई से उठने वाला धुआं और राख हवा के साथ गांवों से होते हुए शहर तक पहुंचा, जिससे वातावरण प्रदूषित हुआ और लोगों को परेशानी हुई। नरवाई जलाने से आग लगने का खतरा बढ़ रहा इससे पहले छिंदवाड़ा रोड बायपास और लखनवाड़ा क्षेत्र में भी नरवाई जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से आग फैलने का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर आग आसपास के खेतों तक पहुंच गई, जिससे खड़ी फसल और कृषि सामग्री को नुकसान की आशंका बनी रही। कुछ दिनों पूर्व नरवाई की आग से कच्चे मकानों और मवेशियों के जलने की घटनाएं भी सामने आई थीं। पिछले दिनों में नरवाई जलाने से लगी थी आग छपारा क्षेत्र में खेत में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया था और गांव के अंतिम छोर तक पहुंच गई थी। ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास कर आग पर काबू पाया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। वहीं, धुएं के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी प्रभावित हो रही है, जिससे सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता कम होती है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नरवाई जलाने वालों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत जुर्माना, आर्थिक दंड तथा कृषि योजनाओं के लाभ से वंचित करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। बार-बार उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज करने का भी प्रावधान है।
छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र में अगले 5 दिनों तक अलग-अलग इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना जताई है। वहीं अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। वहीं सुबह 11 से 12 बजे के बीच घर से न निकलें। इस एक घंटे के दौरान प्रदेश में UV रेज की तीव्रता एक्सट्रीम लेवल पर होगी। यानी इस बीच अगर आप सीधे सन लाइट के कान्टैक्ट में आते हैं तो आपकी त्वचा और आंखों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। मेकाहारा में डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD मृत्युजंय सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों में त्वचा पर सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले गर्मी में पानी बचाने के 11 तरीके जान लीजिए गर्मियों में पीने, नहाने, खाना पकाने और साफ-सफाई में भी पानी की खपत बढ़ जाती है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम पानी स्टोर करने के आसान टिप्स समझेंगे। साथ ही जानेंगे- गर्मियों में पानी की किल्लत क्यों होती है और गर्मियों में घर में कितने पानी का स्टोरेज होना चाहिए? पढ़ें पूरी खबर… सुबह 10 बजे के बाद तेजी से बढ़ेगा खतरा सुबह 8 बजे UV रेज की तीव्रता 1 रहेगी, जो 9 बजे तक बढ़कर 5 पर आ सकता है। 10 बजे यह सीधे 9 तक पहुंच जाएगा। 11 से 12 बजे के बीच 11 के बीच होगा। इसके बाद दोपहर 1 बजे तक 9 के स्तर तक पहुंचेगा। ऐसे में बहुत जरूरी काम हो तभी 12 के बाद निकलें। क्योंकि 9 का लेवल भी खतरनाक है। 2 बजे के बाद सावधानी के साथ आप निकल सकते हैं। रायपुर माना सबसे गर्म, अंबिकापुर रहा सबसे ठंडा पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। इस दौरान रायपुर के माना क्षेत्र में सबसे अधिक 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई, लेकिन इसका गर्मी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। अगले दो दिन मौसम रहेगा शुष्क मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो दिनों तक प्रदेश में शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दिन के समय लू का असर बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय सतर्क रहने की सलाह दी है। रायपुर में दिन और रात गर्म आज मौसम साफ रहेगा, अधिकतम तापमान 45C और न्यूनतम तापमान 30C के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। बिलासपुर में 45 तापमान, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी बिलासपुर में तापमान 45 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा सतर्क रहने कहा गया है। इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर 87706-64365 और 75870-38622 जारी किए गए हैं। रायगढ़ में पंखे-कूलर भी पड़े बेअसर रायगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। जिले का तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे दिन में तपती धूप और रात में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार शाम हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन उमस और गर्मी से राहत नहीं मिली। हालत यह है कि पंखे और कूलर भी बेअसर नजर आ रहे हैं। धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। ब्रेन और इमोशंस पर हीट का असर गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर ज्यादातर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी बढ़ती है। हीट वेव या लगातार हाई टेम्परेचर से स्ट्रेस लेवल, स्लीप प्रॉब्लम्स और मूड स्विंग्स से जुड़े केस बढ़ सकते हैं। ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गर्मियों में मेंटल हेल्थ डिपार्टमेंट के केस 8% तक बढ़ जाते हैं। डिहाइड्रेशन, खराब स्लीप पैटर्न और डेली रूटीन में बदलाव मिलकर ‘मेंटल बैलेंस’ को प्रभावित करते हैं। इसलिए जानेंगे कि गर्मी ब्रेन को कैसे प्रभावित करती है। किन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है? इससे बचने के आसान उपाय क्या हैं? ……………………. मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- टेंपरेचर बढ़ने पर बढ़ता गुस्सा, चिड़चिड़ापन:समझें ब्रेन और इमोशंस पर हीट का असर, जानें दिमाग को कैसे शांत रखें गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर ज्यादातर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी बढ़ती है। हीट वेव या लगातार हाई टेम्परेचर से स्ट्रेस लेवल, स्लीप प्रॉब्लम्स और मूड स्विंग्स से जुड़े केस बढ़ सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर
हरदा में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या:पत्नी डेढ़ महीने से मायके में थी, ड्राइविंग का काम करता था
हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र की माधव कॉलोनी में गुरुवार को एक 36 वर्षीय युवक ने जहर का सेवन कर आत्महत्या कर ली। मृतक के शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया था, जिसका शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। अस्पताल चौकी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। ड्राइविंग का काम करता था युवकपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान संदीप पिता गजराज सिंह राजपूत (36) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम सामरधा का निवासी था और माधव कॉलोनी में अपनी मां के साथ रहता था। संदीप ड्राइविंग का काम करता था। बताया गया है कि संदीप की पत्नी बच्चों के साथ पिछले डेढ़ महीने से खंडवा जिले के ग्राम गुराड़या स्थित अपने मायके में रह रही थी। इस दौरान संदीप और उसकी मां ही घर पर अकेले थे। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे संदीप ने घर पर सल्फॉस का सेवन कर लिया। आत्महत्या के कारण अभी साफ नहींजहर के सेवन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल टिमरनी अस्पताल पहुंचाया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान शाम करीब 6 बजे संदीप की मौत हो गई। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुदर्शन चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा, हालांकि प्रथम दृष्टया यह जहर के सेवन से हुई मौत प्रतीत हो रही है।
आर्मी में रहते हुए मिशन टेक्नीशियन (एमटेक) के तौर पर कई अहम ऑपरेशन संभाले। रिटायरमेंट के बाद भी ‘मिशन’ खत्म नहीं हुआ। पेंशन के भरोसे आराम की जिंदगी चुनने के बजाय खेती को चुना। 3 बीघा में मिर्च की फसल उगाना शुरू किया। मुनाफा हुआ तो खेती 10 बीघा तक पहुंच गई। अब सालाना 10 लाख रुपए की कमाई हो रही है। फौजी से किसान बने सीकर के शिवराज सिंह ख्यालिया (61) का कहना है- किसान को आंखें खोलकर चौकस रहना पड़ता है। फौजी की तरह किसान को भी खेत में 100 प्रतिशत देना पड़ता है। जरा सी चूक होते ही सब कुछ चौपट हो जाता है। पेंशन के रुपयों से रिस्क लेना आसान नहीं था। री-सेटलमेंट सेशन में ही खेती को अपनाने का विचार कर चुका था। आज म्हारे देश की खेती में बात सीकर के किसान शिवराज सिंह ख्यालिया की… 34 साल सेना में रहे सीकर में लक्ष्मणगढ़ के नरोदड़ा गांव के रहने वाले शिवराज सिंह साल 1985 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सेना में रहते हुए सिकंदराबाद स्थित जबलदार कॉलेज ऑफ मटेरियल मैनेजमेंट से डिप्लोमा भी किया। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में उनकी पोस्टिंग रही। करीब 34 साल की सेवा के बाद वह साल 2019 में कैप्टन पद से रिटायर हुए। सेना से रिटायरमेंट से पहले उन्हें री-सेटलमेंट के लिए प्रशिक्षण भी मिला था, जिससे उन्होंने खेती को व्यवस्थित ढंग से अपनाने का फैसला किया। 3 बीघा से शुरू की खेती, अब 10 बीघा में शिवराज सिंह बताते हैं- रिटायरमेंट के बाद शुरुआत में 3 बीघा जमीन में मिर्च की खेती शुरू की थी। धीरे-धीरे उत्पादन और मुनाफा बढ़ता गया। अब मैं 10 बीघा में मिर्च की खेती कर रहा हूं। वर्तमान में खेत में एक बार तुड़ाई में करीब 280 क्विंटल मिर्च मिल रही है। बाजार में मिर्च 8 से 10 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है। ज्यादातर व्यापारी खेत पर ही पहुंचकर फसल खरीद लेते हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बच जाता है। व्यापारी पहले से ही संपर्क कर लेते हैं और डिमांड के अनुसार तुड़ाई कर माल उठाते रहते हैं। क्लॉज किस्म की मिर्च से बेहतर उत्पादन शिवराज सिंह बताते हैं- खेत में प्रयोग के बाद क्लॉज वैरायटी को सिलेक्ट किया। इसमें मिर्च का वजन अच्छा रहता है और पौधे की उम्र भी अधिक होती है। शुरुआती दो तुड़ाई में मिर्च कम तीखी रहती है, जबकि बाद की तुड़ाई में तीखापन बढ़ जाता है। पूरी खेती मल्चिंग पद्धति से कर रहे हैं, जिससे नमी बनी रहती है। खरपतवार भी कम उगते हैं। अगस्त में पौध तैयार, मार्च से शुरू होती है तुड़ाई शिवराज सिंह बताते हैं- अगस्त में मिर्च की पौध तैयार की जाती है। नवंबर में इन पौधों को खेत में लगाया जाता है। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक पौधों में फूल आना शुरू हो जाते हैं। मार्च में पहली तुड़ाई होती है और इसके एक महीने बाद दूसरी तुड़ाई शुरू हो जाती है। जुलाई तक करीब पांच महीनों में मिर्च की पांच बार तुड़ाई की जाती है। गोबर खाद और ड्रिप सिस्टम से कर रहे खेती किसान ने बताया- खेत तैयार करने के लिए सबसे पहले प्रति बीघा एक ट्रॉली गोबर खाद डाली जाती है। इसके बाद कल्टीवेटर चलाकर जमीन को समतल किया जाता है और फिर बेड तैयार किए जाते हैं। पहली सिंचाई में फुल पानी दिया जाता है। जब बेड की नमी बाहर आने लगती है, तब पौधों को लगाया जाता है। सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम का उपयोग करते हैं। गर्मियों में रोजाना करीब एक घंटे तक ड्रिप से पानी छोड़ना पड़ता है, जबकि सामान्य दिनों में एक-दो दिन छोड़कर नमी के अनुसार सिंचाई की जाती है। खेत में सीधे बोरवेल से पानी दिया जाता है। कई बार बोरवेल से मिट्टी या अन्य चीजें पानी के साथ आती है। इसे ड्रिप में पाइप में जाने से रोकने के लिए फिल्टर सिस्टम लगाया गया है। सर्दी और गर्मी में मिर्च की फसल को खतरा शिवराज सिंह बताते हैं कि मिर्च के पौधों को सर्दी और गर्मी, दोनों से नुकसान होने की आशंका रहती है। पाला पड़ने पर पौधे खराब हो जाते हैं। सर्दियों में खेत में घास जलाकर धुआं करने से पाले का असर कम किया जा सकता है। वहीं तेज गर्मी में पौधे झुलस जाते हैं। इससे बचाव के लिए खेत में मिनी फव्वारों से छिड़काव किया जा सकता है। --- खेती-किसानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए... 35 बीघा में तरबूज बोया, 35 लाख कमाई की उम्मीद:सेना में सिलेक्शन नहीं हुआ तो युवक ने खेती में आजमाई किस्मत, कश्मीर-दिल्ली तक सप्लाई सेना में जाने का सपना था। सफल नहीं हुए तो खेतों की ओर लौट आए। सब्जी की खेती से शुरुआत की। 6 साल से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए
लुधियाना में ट्रांसपोर्टेशन संबंधी टेंडर दिलाने का झांसा देकर 11 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पंजाब, चंडीगढ़ की शिकायत पर थाना सलेम टाबरी पुलिस ने 2 आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह मामला डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, पंजाब, चंडीगढ़ को दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत क्रमांक 1005-A/CC-1 21 मार्च 2025 के बाद मामले की जांच की गई। इसके बाद 26 मई, 2025 को शिकायत सलेम टाबरी पुलिस को भेजी गई। FCI जलालाबाद में दिलवाना था टेंडर शिकायतकर्ता मनवीर सिंह धालीवाल निवासी गांव कासाबाद, लुधियाना ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से उसे FCI के जलालाबाद स्थित ट्रांसपोर्टेशन (ढोआ-ढोआई) टेंडर दिलाने का भरोसा दिया था। पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने टेंडर पास करवाने के नाम पर उससे 11 लाख ले लिए, लेकिन न तो टेंडर दिलवाया और न ही रकम वापस की। इसके बाद उसे अपने साथ धोखाधड़ी होने का पता चला। कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने आरोपी अनमोल रतन सिंह और बलकरण सिंह भट्टी निवासी फेज-7, मोहाली के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना सलेम टाबरी पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
ऊर्जा संकट को देखते हुए यूपी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी अधिकारियों की गैर-जरूरी यात्राओं पर 7 महीनों के लिए रोक लगा दी गई है। साथ ही शहरों में 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में साइकिल चलाने के लिए अलग ट्रैक बनाए जाएंगे। 10 साल से पुराने सरकारी वाहनों, जनरेटर और दफ्तरों की बिजली खपत की जांच कराई जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव प्रवीण कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नगर विकास विभाग की सभी बैठकें ऑनलाइन कराई जाएं। जिलों के बीच होने वाली बैठकें, प्रशिक्षण और सेमिनार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही किए जाएं। दफ्तरों में एसी, लाइट और लिफ्ट का उपयोग कम से कम किया जाए। एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखा जाए। अब पॉइंटवार पढ़िए अहम निर्देश मेरठ के IIMT में एमबीए छात्रा की मौत मामले में एसआईटी गठित; टीचर और 2 वार्डन सस्पेंड मेरठ की IIMT यूनिवर्सिटी में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत मामले में हॉस्टल निदेशक और 2 वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया। तीनों ने छात्राओं से अभद्रता की थी। इसके साथ ही मामले की एक 13 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। यह समिति अनु गुप्ता की मौत कैसे हुई? ये सुसाइड या हत्या? इसकी जांच करेगी। गुरुवार को उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला कैंपस पहुंची। अनु का कमरा देखा। कमरे की दीवार पर अनु ने लिखा था- होप। छात्राओं ने बताया अनु जीना चाहती थी, मगर यूनिवर्सिटी ने उसे मरने के लिए मजबूर कर दिया। उसे मेंटली टॉर्चर किया जा रहा था। टीचर रात में गर्ल्स हॉस्टल में घुस आता था। अनु पर 30 हजार रुपए अटेंडेंस फीस का दबाव बनाया जा रहा था। दरअसल, 20 मई को यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल की लॉबी में अनु की डेडबॉडी पड़ी मिली थी। वह तीसरी मंजिल पर रहती थी। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए गंगानगर थाने में आईआईएमटी यूनिवर्सिटी पर सुसाइड के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था। पढ़िए पूरी खबर कारगिल शहीद की पत्नी को पेंशन नहीं पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब; मेरठ का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ की रहने वाली विमलेश देवी की पारिवारिक पेंशन बंद किए जाने के संयुक्त सचिव सैनिक कल्याण अनुभाग उत्तर प्रदेश शासन व जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी मेरठ के आदेश की चुनौती याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने दिया है। याची के पति सतीश कुमार वर्ष 1999 में ऑपरेशन विजय और रक्षक के दौरान कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। सरकार ने याची के पति को सेना मेडल से भी सम्मानित किया था। याची को पेंशन दिए जाने के आदेश में ही उसी परिवार में पुनर्विवाह किए जाने पर समस्त सुविधाओ का लाभ मिलने की बात पेंशन प्रपत्र में कही गई थी। लेकिन शादी के सभी सुविधाएं रोक दी गईं। पढ़िए पूरी खबर लखीमपुर में जनरेटर फटने से महिला की मौत, 3 घायल; 500 मीटर दूर गिरा पहिया, घर-बस की छत फटी लखीमपुर में गुरुवार शाम कारखाने में जनरेटर तेज धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि जनरेटर के लोहे का भारी पहिया दो हिस्सों में टूटकर 500 मीटर दूर गिरा। एक हिस्सा घर की टीन शेड तोड़कर नीचे काम कर रही महिला पर गिरा। सिर में गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पहिया का दूसरा हिस्सा रोडवेज बस पर जा गिरा, जिससे छत फट गई। अंदर बैठी लड़की और एक युवक घायल हो गए। धमाके के दौरान कारखाने में काम कर रहा कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामला महेवागंज कस्बे का है। पढ़ें पूरी खबर
मध्यप्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जमीन के नामांतरण से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि राजस्व अभिलेखों में किया गया म्यूटेशन किसी व्यक्ति के स्वामित्व अधिकार का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि नामांतरण की प्रक्रिया केवल राजस्व और कर निर्धारण के उद्देश्य से होती है, जबकि वास्तविक मालिकाना हक का निर्णय सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। मामला मुरैना की जमीन से जुड़ा यह मामला मुरैना जिले के ग्राम हिंगोना खुर्द स्थित भूमि से संबंधित है। याचिकाकर्ता जंडेल शर्मा ने एसडीओ कार्यालय मुरैना द्वारा 10 अप्रैल 2019 को पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। एसडीओ ने एक रजिस्टर्ड एक्सचेंज डीड के आधार पर विपक्षी पक्ष का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की अनुमति दी थी। वसीयत और बंटवारे को लेकर विवाद याचिकाकर्ता का कहना था कि विवादित जमीन उनके दिवंगत चाचा हरगोविंद की थी, जिन्होंने उनके पक्ष में वसीयत छोड़ी थी। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि बंटवारे का आदेश पहले ही कमिश्नर चंबल संभाग द्वारा निरस्त किया जा चुका है और मामला हाईकोर्ट में लंबित है। एसडीओ आदेश में अनियमितता नहीं पाई गई सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि एसडीओ ने उपलब्ध रिकॉर्ड और पंजीकृत विनिमय पत्र के आधार पर नामांतरण किया था। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया में किसी प्रकार की गंभीर त्रुटि या अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन नहीं हुआ है। केवल म्यूटेशन से नहीं बनता मालिकाना हक अदालत ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि राजस्व रिकॉर्ड में किया गया नामांतरण अंतिम स्वामित्व अधिकार निर्धारित नहीं करता। भूमि के वास्तविक अधिकारों का अंतिम निर्णय केवल सक्षम सिविल न्यायालय द्वारा ही किया जा सकता है।
बांसवाड़ा जिले के घाटोल थाना क्षेत्र में महिला के गले से सोने की चेन झपटने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से महिला से लूटी गई करीब 2 तोले से अधिक वजन की सोने की चेन भी बरामद कर ली। तीनों आरोपी डूंगरपुर जिले के रहने वाले हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के सुपरविजन में की गई। महिला से झपटा मारकर छीनी थी सोने की चेन घाटोल थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस चौराहा निवासी 46 साल की चेतना गांधी पत्नी मुकेश गांधी जैन ने 18 मार्च को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि वह शाम करीब 4:45 बजे पटेलवाड़ा घाटोल से गुजर रही थीं। इसी दौरान पीछे से मोटरसाइकिल पर आए बदमाशों ने उनके गले से करीब 2 तोले से अधिक वजन की सोने की चेन झपट ली। वारदात के दौरान जोरदार झटका लगने से महिला सड़क पर गिर गईं और आरोपी मौके से फरार हो गए। डूंगरपुर जिले के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस ने मामले में डूंगरपुर जिले के रहने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में 22 साल का दिनेश पिता दायालाल खराड़ी निवासी नवाघरा थाना झौथरी चौरासी, 22 साल का किरीट पिता शांतिलाल खराड़ी निवासी गेजी फला नवाघरा थाना चौरासी और 33 साल का संजयदास साधु पिता रामदास साधु निवासी कोलखण्डा खास थाना दोवड़ा जिला डूंगरपुर शामिल हैं। मुखबिर और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए घाटोल थानाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए सागवाड़ा और डूंगरपुर जेल से वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात करना कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने लूटी गई सोने की चेन बरामद कर ली। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए।
मेरठ में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के नौ बजते ही सड़कें सूनी दिखाई देने लगती हैं, जबकि दोपहर होते-होते तपती लू लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर रही है। मई के तीसरे सप्ताह में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आज तापमान 44 डिग्री पार करने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिर्फ सामान्य मौसमी बदलाव नहीं बल्कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन, अल नीनो और तेजी से बढ़ते शहरीकरण का संयुक्त असर है। आईसीएआर-आईआईएफआर मोदीपुरम के वरिष्ठ कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद शमीम ने बताया कि वर्तमान में वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह शुष्क हैं और आकाश में बादलों की भारी कमी बनी हुई है। मानसून गतिविधियों में देरी के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरातल तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। डॉ. शमीम के मुताबिक तेजी से बढ़ती कंक्रीट की इमारतें, चौड़ी सड़कें और हरित क्षेत्रों में कमी “अर्बन हीट आइलैंड” प्रभाव को बढ़ा रही हैं। दिनभर इमारतें और सड़कें गर्मी सोखती हैं और रात में उसे वातावरण में छोड़ देती हैं। यही कारण है कि अब देर रात और तड़के भी लोगों को गर्म हवाओं से राहत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो परिस्थितियों के कारण बादलों का निर्माण कमजोर हो गया है और सामान्य से कम वर्षा हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लू और भीषण गर्मी के रूप में दिखाई दे रहा है। गर्मी का असर अब कृषि क्षेत्र पर भी साफ नजर आने लगा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से मिट्टी की नमी तेजी से खत्म हो रही है। जिससे फसलों को अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। आने वाले दिनों में भूजल और जल संसाधनों पर दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
दतिया पीजी कॉलेज में 35 छात्र परीक्षा से चूके:टाइम-टेबल की गलतफहमी से हंगामा, प्राचार्य से तीखी बहस
कॉलेज परिसर में अक्सर छात्र पढ़ाई या सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन दतिया के अग्रणी स्नातकोत्तर (पीजी) कॉलेज में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां टाइम-टेबल को ठीक से न समझ पाने के कारण करीब 35 छात्र अपनी मुख्य परीक्षा से ही वंचित हो गए। छात्र ऑर्गेनिक फार्मिंग के थ्योरी पेपर के दिन कॉलेज न आकर, प्रैक्टिकल वाले दिन परीक्षा देने पहुंच गए। जब उन्हें सच पता चला तो कॉलेज में जमकर हंगामा और तीखी बहस हुई। तारीखों के गणित में उलझे छात्र पूरा मामला तारीखों के गणित में उलझने का है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, जैविक खेती विषय की थ्योरी परीक्षा 8 मई को आयोजित की गई थी, जबकि इसका प्रैक्टिकल 19 मई को होना तय था। लेकिन कुछ छात्रों ने बिना सोचे-समझे यह मान लिया कि थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों एक ही दिन यानी 19 तारीख को होंगे। 11 दिन की इस भारी गलतफहमी का नतीजा यह हुआ कि जब छात्र 19 तारीख को सज-धजकर पेपर देने पहुंचे, तो परीक्षा कक्ष के बजाय उन्हें बड़ा झटका लगा। प्राचार्य कक्ष में हंगामा, छात्रों ने उठाए सवाल परीक्षा छूटने से नाराज और परेशान छात्र जब प्राचार्य कक्ष पहुंचे, तो माहौल गर्मा गया। वीडियो में सुनाई दे रहा है कि छात्रों की बहस प्राचार्य डॉ. जय श्री त्रिवेदी और वहां मौजूद एक प्रोफेसर से हो रही है। प्रोफेसर ने जब छात्रों की नियमितता पर सवाल उठाते हुए पूछा, “तुम लोग रेगुलर आते हो या सिर्फ ग्रुप में पढ़ते हो? अगर रोज आते तो पेपर नहीं छूटता।” इस पर एक छात्र ने सीधे सिस्टम पर सवाल उठाते हुए पलटकर जवाब दिया, “सर, कॉलेज में पढ़ाई ही कहां होती है।” छात्रों ने सुविधाओं की कमी पर भी जताई नाराजगी बात यहीं नहीं रुकी। छात्रों ने कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं पर भी गुस्सा निकाला। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में न पंखे चल रहे हैं और न पीने के पानी की सही व्यवस्था है। ऐसे में छात्र हर बात पर समझौता क्यों करें। प्राचार्य बोले- परीक्षा दोबारा कराना हमारे हाथ में नहीं इस पर प्राचार्य डॉ. जय श्री त्रिवेदी ने छात्रों को संयम बरतने की सलाह दी और कहा, “अनावश्यक बहस मत करो, बेटा सच पर जियो। परीक्षा दोबारा कराना हमारे हाथ में नहीं है।” छात्रों ने प्रबंधन को घेरते हुए तर्क दिया कि हाल ही में अंग्रेजी का पेपर गलत छपने पर जब परीक्षा दोबारा आयोजित हो सकती है, तो उनके लिए ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा।
हरियाणा के सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित, 25 मई से 30 जून तक रहेंगे बंद
भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है
करीब 7300 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इंदौर-बुधनी रेलवे प्रोजेक्ट में सबसे चुनौतीपूर्ण काम देवास जिले के कमलापुर क्षेत्र में बन रही हाईटेक रेल टनल है। यहां 8.640 किलोमीटर और 1.156 किलोमीटर लंबी दो टनल आधुनिक तकनीक से बनाई जा रही हैं। खास बात यह है कि ये दोनों टनल पूरी तरह ईको फ्रेंडली होंगी। ऊपर खेती होगी, जंगल सुरक्षित रहेंगे और नेशनल हाईवे पर सामान्य यातायात चलता रहेगा जबकि नीचे ट्रेनें दौड़ेंगी। पहली बार इस टनल में इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए अलग एस्केप टनल भी बनाई जा रही है, जो मुख्य टनल के समानांतर चलेगी। इस टनल में क्या नया है और इस रेल प्रोजेक्ट से यात्रियों को क्या फायदा होगा…पढ़िए, रिपोर्ट दोनों टनल को हर 375 मीटर पर एग्जिट पॉइंट से जोड़ा जाएगा इस तरह 205 किलोमीटर लंबे इंदौर-बुधनी रेलवे प्रोजेक्ट में दो बड़ी टनल बनाई जा रही हैं। इसे मध्य भारत की सबसे बड़ी रेल टनल बताया जा रहा है। इतनी लंबी टनल में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का था। अगर कभी आग, धुआं या अन्य इमरजेंसी स्थिति बने तो यात्रियों को बाहर कैसे निकाला जाएगा? इसका समाधान खोजते हुए मुख्य टनल के समानांतर एक और टनल बनाने का निर्णय लिया गया। इसे ‘एस्केप टनल’ यानी बचाव सुरंग का नाम दिया गया है। मुख्य टनल और एस्केप टनल को हर 375 मीटर पर एग्जिट पॉइंट से जोड़ा जाएगा। किसी भी आपात स्थिति में यात्री इन एग्जिट पॉइंट के जरिए एस्केप टनल तक पहुंच सकेंगे। इसी रास्ते से राहत और बचाव दल भी अंदर पहुंच सकेगा। दिन-रात जुटी टीम, 300 मीटर खुदाई हो चुकी रेलवे लाइन को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस वजह से टनल निर्माण का काम भी तेज गति से किया जा रहा है। दोनों टनल की खुदाई चार दिशाओं से की जा रही है, ताकि समय कम लगे। टनल निर्माण में करीब 100 इंजीनियर और 500 विशेषज्ञ मजदूर 24 घंटे काम कर रहे हैं। अभी निर्माण शुरुआती चरण में है। मुख्य टनल करीब 300 मीटर और एस्केप टनल लगभग 150 मीटर तक खुद चुकी है। काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए तीन किलोमीटर दूर जमीन के भीतर एक अतिरिक्त एडिट टनल भी बनाई जा रही है। यह दोनों टनल के बीच पहुंचेगी, जिससे खुदाई के लिए अतिरिक्त रास्ते खुल जाएंगे और निर्माण की गति तेज होगी। ऑस्ट्रियन तकनीक से बन रही मेन टनल टनल को बनाने में न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का उपयोग किया जा रहा है। यह दुनिया की आधुनिक और सुरक्षित टनल निर्माण तकनीकों में शामिल है। इस तकनीक में पहाड़ या मिट्टी की प्राकृतिक मजबूती का उपयोग किया जाता है। पुरानी तकनीकों में खुदाई के साथ भारी कंक्रीट या स्टील सपोर्ट लगाए जाते थे, लेकिन NATM में चट्टानों के व्यवहार को लगातार मॉनिटर किया जाता है और जरूरत के हिसाब से सपोर्ट दिया जाता है। टनल को एक साथ नहीं खोदा जाता। पहले 1 से 3 मीटर तक खुदाई होती है, फिर तुरंत सपोर्ट लगाया जाता है। इससे ढहने का खतरा कम होता है। टनल की खुदाई में सामने आ रही चुनौतियां टनल निर्माण के दौरान कई चुनौतियां सामने आने लगी हैं। खुदाई में कच्चे पत्थर निकल रहे हैं, जो मिट्टी बनकर गिर रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए लोहे की 99 रॉड्स से आर्च बनाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी जर्मनी की सेमी ऑटोमैटिक बूमर मशीन और रोबोटिक आर्म का उपयोग कर रही है। इसके बावजूद अभी खुदाई की गति केवल 10 से 15 मीटर प्रतिदिन है। एडिट टनल बनने के बाद यह गति 40 से 50 मीटर प्रतिदिन तक पहुंचने की उम्मीद है। आगे नदी-नाले और कठोर चट्टानों वाला क्षेत्र आने पर पानी रिसने और ब्लास्टिंग जैसी चुनौतियां भी सामने आएंगी। जमीन से 30 मीटर नीचे दौड़ेगी ट्रेन टनल का शुरुआती हिस्सा जमीन से करीब 6 मीटर नीचे है, लेकिन आगे इसकी गहराई 30 मीटर तक पहुंच जाएगी। सबसे खास बात यह है कि इतनी लंबी टनल के ऊपर खेत, घर, जंगल और नया नेशनल हाईवे रहेगा। यानी नीचे ट्रेनें दौड़ेंगी और ऊपर किसान खेती करेंगे और सड़क पर वाहन गुजरते रहेंगे। धनतालाब घाट क्षेत्र के जंगल में हजारों पेड़ हैं। टनल जमीन के भीतर बनने से इन पेड़ों को काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसी वजह से इसे ईको फ्रेंडली प्रोजेक्ट भी कहा जा रहा है। सिर्फ 8 मिनट में टनल के पार होगी ट्रेन टनल को 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चलने वाली ट्रेनों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है। इसकी अनुमानित उम्र 100 साल बताई जा रही है। मुख्य टनल का व्यास 6.4 मीटर होगा, जबकि एस्केप टनल से जुड़ने वाले रास्तों की लंबाई 17 मीटर और चौड़ाई 2.15 मीटर होगी। रेलवे लाइन बिछने के बाद ट्रेन इस पूरी टनल को करीब 8 मिनट में पार कर सकेगी। टनल बनने से यात्रियों को ये फायदे होंगे इस टनल के बनने से इंदौर से जबलपुर की दूरी 68 किलोमीटर कम हो जाएगी। जबलपुर पहुंचने के लिए नया रूट मिलेगा। इटारसी नहीं जाना पड़ेगा। ये सुरंग मध्य प्रदेश में व्यापार और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देगी, क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अभी इंदौर-जबलपुर की दूरी करीब 554 किमी दूरी है, जो नई लाइन से 486 किमी तक रह जाएगी। करीब एक घंटे तक का समय बचेगा। इसके अलावा उत्तर से दक्षिण की ट्रेनों को भी फायदा होगा। मालगाड़ी, यात्री ट्रेनों के लिए नया रूट तैयार हो जाएगा। दूसरी टनल-2 देवास जिले के ग्राम बागली, कन्नौद तहसील के अंतर्गत कमलापुर, थालघेवारिया और हटनोरा गांवों से होकर गुजरेगी। ये खबर भी पढ़ें… एमपी की सबसे लंबी टनल खुदाई, 2 महीने में 100 मीटर इंदौर-बुधनी के बीच 205 किमी नई ब्रॉड गेज रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस रास्ते में बनने वाली दो टनल में से एक एमपी की सबसे लंबी टनल होगी, जो 8.64 किमी की बनाई जानी है। वहीं, दूसरी टनल 1.24 किमी ही रहेगी। टनल निर्माण के काम में 100 मीटर खुदाई पूरी हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…
ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक अहम फैसले में जीवाजी क्लब को उपभोक्ता की एडवांस राशि लौटाने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि कोरोना काल में सरकारी प्रतिबंधों के कारण शादी समारोह आयोजित नहीं हो पाने की स्थिति में पूरी राशि जब्त करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार की श्रेणी में आता है। आयोग की पीठ में अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा शामिल रहे। पीठ ने आदेश दिया कि क्लब केवल 20 हजार रुपए ही काट सकता है, जबकि शेष 1 लाख 8 हजार रुपए परिवादी को लौटाने होंगे। इसके अलावा 3 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना और 2 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में भी अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। 5 साल पहले बुक कराया गार्डन मामले के अनुसार, राकेश सिंह राजपूत ने अपनी बहन के विवाह समारोह के लिए दिसंबर 2020 में जीवाजी क्लब का गार्डन नंबर-3 बुक कराया था। मई 2021 में प्रस्तावित इस कार्यक्रम के लिए उन्होंने 1 लाख 28 हजार रुपए अग्रिम जमा किए थे। लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते सरकार ने शादी और सार्वजनिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिए, जिससे कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। कार्यक्रम कैंसिल हुआ लेकिन राशि नहीं लौटाई परिवादी का आरोप था कि कार्यक्रम रद्द होने के बाद उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी, लेकिन क्लब प्रबंधन ने पहले मामला टालते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान क्लब प्रबंधन ने तर्क दिया कि बुकिंग रसीद में यह शर्त शामिल थी कि कोरोना जैसी परिस्थितियों में राशि वापस नहीं होगी, जिसे परिवादी ने स्वीकार किया था। हालांकि आयोग ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि महामारी और सरकारी प्रतिबंधों के कारण कार्यक्रम रद्द हुआ था, ऐसे में पूरी राशि रोकना उचित नहीं है।
औरंगाबाद में गर्मी से हाल बेहाल है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। तेज धूप के चलते लोगों का घर से निकला मुश्किल है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। इसको देखते हुए जिला अधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बड़ा फैसला लिया है। भीषण गर्मी के चलते जिले में 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए। आदेश के अनुसार सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8वीं तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। जबकि क्लास 9वीं से 13वीं तक सुबह 11:30 बजे तक ही पढ़ाई होगी। यह आदेश 22 मई 2026 से 27 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। अलर्ट मोड में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग वहीं, हीटवेव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सदर अस्पताल में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए विशेष तैयारी की गई है। अस्पताल में 35 बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि दोपहर के समय अत्यधिक जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। आम जनता से जिला प्रशासन की अपील भीषण गर्मी और लू को देखते हुए आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि दोपहर के समय अत्यधिक जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के एवं सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर को ढंकने की सलाह दी है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए छाता, गमछा या टोपी का उपयोग करने की अपील की गई है। बच्चों को अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न भेजें। साथ ही लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क करने को कहा गया है।
नौतपा से पहले तप रहा नर्मदापुरम:हीट वेव का यलो अलर्ट, धूप से बचने की सलाह, 40 डिग्री के पार तापमान
नर्मदापुरम समेत मप्र इन दिनों गर्मी और धूप से तप रहा है। सुबह से ही झुलसाने वाली धूप पड़ रही है। जिससे हालत बिगड़ रहे है। फ़िलहाल जिले में अगले चार दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है। वातावरण शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने 23 और 24 मई के लिए जिले में हीट वेव का यलो अलर्ट जारी किया है। जिससे धूप से बचने की सलाह दी गई है। पिछले तीन दिनों से जिले में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। गुरुवार को नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री रहा। पचमढ़ी में भी दोपहर में गर्मी से हालत बेहाल हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। दोपहर में तापमान 36डिग्री के पार दर्ज हो रहा है। जिससे पचमढ़ी घूमने जाने वाले अधिकांश पर्यटक 12 से 3बजे तक होटलों में ही रह रहे। कुछ गर्मी से बचने बी फॉल, अप्सरा फॉल पहुंच ठंडे पानी में नहाकर गर्मी से राहत पा रहे है। हीट वेव और लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने संभावित जनहानि और स्वास्थ्य आपात स्थितियों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने और सार्वजनिक स्थानों पर पानी व छायादार विश्राम स्थल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को अधिक पानी पीने, दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप से बचने, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर ढंकने के लिए जागरूक करने को कहा गया है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों, ओआरएस, पेयजल और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। निर्माण कार्य, मनरेगा और श्रमिक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए छाया, विश्राम और पानी की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सिविल लाइन थाना पुलिस के द्वारा एक अवैध रेत का परिवहन करके जा रहे ट्रेक्टर ट्रॉली को पकड़ा है। पुलिस को देख ट्रेक्टर चालक अंधेरे का फायदा उठा भाग गया। ट्रेक्टर बिना रजिस्ट्रेशन का है अब पुलिस ट्रेक्टर के इंजन और चेसिज नम्बर से ट्रेक्टर मालिक की तलाश में जुट गई है। चंबल में रेत उत्खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है फिर भी यह उत्खनन नहीं रुक रहा। चैकिंग के दौरान जब्त अवैध रेत उत्खनन परिवहन रोकने जिले भर के प्रत्येक थाने को निर्देशित किए गए है। इसी के चलते प्रत्येक थाने क्षेत्र में चेकिंग प्वाइंट बना कर पुलिस लगातार चेकिंग कर रही है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सेल्टेक्स बैरियर नेशनल हाईवे 44 के पास चेकिंग कर रही पुलिस टीम को एक ट्रेक्टर ट्रॉली अवैध रेत भरा परिवहन कर जा रहा था। पुलिस ने पीछा किया तो पुलिस अपने पीछे देख चालक ट्रैक्टर छोड़ भाग गया। पुलिस ट्रेक्टर ट्रॉली जब्त कर थाने ले आई। अब ट्रेक्टर को राजसात करने की कार्यवाही की जा रही है। सत लाख कीमत का ट्रेक्टर सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के अनुसार चेकिंग प्वाइंट सेल्टेक्स बैरियर के पास था जब ट्रेक्टर ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया तो चालक पुलिस देख ट्रेक्टर ट्रॉली छोड़ भाग गया ।राजसात की कार्यवाही को जा रही है। ट्रेक्टर की कीमत सात लाख रुपए बताई गई है।
बीकानेर जिले के बज्जू क्षेत्र में गुरुवार रात एक ज्वेलर को हथियार दिखाकर धमकाने और पीछा करने का मामला सामने आया है। मुख्य बाजार में दुकान बंद कर घर लौट रहे ज्वेलर लालचंद सोनी का तीन युवकों ने पीछा किया। आरोप है कि युवकों ने रास्ते में हथियार दिखाकर धमकाया। ज्वेलर सीधे थाने पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया तो वे राजासर भाटियान क्षेत्र के पास कार छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से वाहन जब्त कर लिया है। वहीं एक युवक को हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई है, लेकिन पुलिस ने अभी उसकी भूमिका की पुष्टि नहीं की है। दुकान बंद कर लौट रहे थे ज्वेलर पुलिस के अनुसार मुख्य बाजार में लालचंद सोनी की ज्वेलरी की दुकान है। गुरुवार रात दुकान बंद करने के बाद वह कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में तीन युवक उनकी कार के पास पहुंचे और हथियार दिखाकर धमकाने लगे। घटना के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई। कार दौड़ाकर थाने पहुंचे व्यवसायी ज्वेलर लालचंद सोनी ने घबराने के बजाय अपनी कार तेजी से दौड़ा दी। इसके बाद बदमाश भी अपनी गाड़ी से उनका पीछा करने लगे। इस दौरान लालचंद की कार का एक टायर भी फट गया, लेकिन उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी और सीधे थाने पहुंच गए। थाने पहुंचकर उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस पीछा करती पहुंची तो कार छोड़ भागे आरोपी सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और आरोपियों का पीछा शुरू किया। पुलिस को पीछा करते देख आरोपी राजासर भाटियान क्षेत्र के पास अपनी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से संदिग्ध वाहन जब्त कर लिया है और आसपास के क्षेत्रों में आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुराने विवाद को लेकर आशंका थानाधिकारी गंगाराम विश्नोई ने बताया कि करीब 10 से 15 दिन पहले लालचंद सोनी का कुछ लोगों के साथ विवाद हुआ था। पुलिस को आशंका है कि उसी विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एक युवक हिरासत में, पुलिस ने नहीं की पुष्टि जानकारी में सामने आया है कि पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है, लेकिन अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद यदि युवक की घटना में भूमिका सामने आती है, तभी आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र में एक डॉक्टर के घर के गृह प्रवेश के दिन 12 लाख से अधिक के सामान की चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चोर घर में से तीन से चार बैग चुरा ले गया। वारदात के समय घर के सदस्य सो रहे थे। पुलिस ने सीसीटीवी के माध्यम से चोर को पकड़ा है। चोरी का सामान भी जप्त कर लिया। चोरी की घटना 16 मई को रतलाम के अष्टापक कॉलोनी सेफायर स्कूल के पास रहने वाले पूनमचंद पिता स्व. भोगजी खराड़ी के मकान में हुई थी। फरियादी के बेटे शंकरलाल ने नया मकान बनाया था। शंकरलाल सरकारी डॉक्टर होकर जावरा में बीएमओ के पद पर पदस्थ है। 16 मई को नए मकान में गृह प्रवेश हुआ था। रात के समय सभी सो गए थे। तभी रात में एक अज्ञात व्यक्ति घर में से तीन से चार बैग चुरा कर ले गया था। एक बैग में सोने का हार, कान के सोने के लोंग, सोने की बोर, तीन मोबाइल फोन एवं नगदी करीब 30 हजार रुपए रखे थे। वह भी चोर चोरी कर ले गया था। चोर की तलाश के लिए बनाई टीम चोर की तलाश के लिए टीम बनाई गई। पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। निगरानी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान सूरज उर्फ सुरेश पिता अमरसिंह चारेल निवासी सिमलावदा थाना बिलपांक, हाल मुकाम छत्रीपुल रतलाम के रूप में हुई। संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी द्वारा चोरी करना स्वीकार किया गया। आरोपी के कब्जे से 1 विवो कंपनी का मोबाइल, 1 ओप्पो कंपनी का मोबाइल, 1 सैमसंग मोबाइल, 1 अन्य मोबाइल फोन तथा सोने का हार एवं कान के सोने के लोंग समेत कुल लगभग 12 लाख रुपए का सामान जप्त किया। आरोपी के खिलाफ पूर्व से 5 केस शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज है। इनकी रही भूमिका चोर को पकड़ने में थाना प्रभारी गायत्री सोनी, सब इंस्पेक्टर ध्यानसिंह सोलंकी, हेड कॉन्स्टेबल लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी (सायबर सेल), कॉन्स्टेबल दिलीप रावत (थाना नामली), सायबर सेल के कॉन्स्टेबल विपुल भावसार, राहुल पाटीदार, अर्जुनसिंह, दुर्गालाल गुजराती, मोहन पाटीदार, पवन मेहता, कान्हा मेघवाल, विजय मालवीय, पारस चावला एवं लाखन (सीसीआर) की भूमिका रही। सीएसपी अजय सारवान ने बताया आरोपी के खिलाफ पूर्व में नकबजनी समेत कई केस दर्ज है। टीम बनाकर चोर को पकड़ने में सफलता मिली है। पूर्व की चोरी का भी सामान बरामद हुआ है।

