तमिलनाडु: दिवाली के अगले दिन भी रहेगी छुट्टी, अतिरिक्त अवकाश घोषित; विजय सरकार ने क्यों लिया ये फैसला? tamil nadu government nov 9 diwali holiday koyambedu vegetable market closure
Tamil Nadu jailbreak: 17 कैदियों के भागने पर एक्शन, CM Joseph Vijay ने डिप्टी जेलर को किया सस्पेंड
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस सप्ताह की शुरुआत में हुई जेल से कैदियों के बड़े पैमाने पर भागने की घटना के बाद, लापरवाही बरतने के आरोप में थेक्कम्पट्टी उप-जेल के डिप्टी जेल अधीक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया है। उन्होंने जेल कर्मियों के खिलाफ भी कर्तव्य में लापरवाही और सुरक्षा चूक के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। थेनी जिले में 26 अक्टूबर की घटना में 17 कैदी भाग गए थे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। 30 अक्टूबर के अपने आदेश में, डिप्टी जेल अधीक्षक (प्रभारी) एन. रामलिंगम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, डिप्टी जेलर एन. नागेश्वरन, जो 6 अगस्त 2024 से थेनी जिला उप-जेल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे, उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Delhi Riots 2020: युवक की हत्या में 5 दोषियों की 7 साल कैद बरकरार, High Court ने खारिज की अपील विजय ने जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के तत्काल तबादले का भी आदेश दिया है। इनमें मदुरै केंद्रीय कारागार के अधीक्षक आर. कृष्णराज भी शामिल हैं। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जेल अधिकारियों को अपनी ड्यूटी पूरी लगन और पूरी सतर्कता के साथ निभानी चाहिए, ताकि जेल की सुरक्षा में कोई चूक न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी, और भविष्य में जो भी अधिकारी सुस्ती, लापरवाही या ढिलाई बरतने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Thekrampatti Sub Jail से 17 कैदियों के भागने पर कार्रवाई, CM Vijay ने जेल उपाधीक्षक को किया निलंबित थेक्कम्पट्टी में जेल से कैदियों के बड़े पैमाने पर भागने की घटना यह घटना 26 अक्टूबर की रात को हुई, जब कैदियों ने मेडिकल इमरजेंसी का नाटक किया और गार्डों तथा सुरक्षाकर्मियों को काबू में करके सब-जेल से फरार हो गए। इस घटना के बाद पुलिस को एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा और फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष टीमें गठित करनी पड़ीं। बाद में, 43 घंटों के भीतर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। राज्य सरकार ने बताया कि इन फरार कैदियों को सलेम, वेल्लोर, कुड्डालोर, पुझल और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में स्थित उच्च-सुरक्षा वाली जेलों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस घटना के बाद, जेल विभाग के पुलिस महानिदेशक (DGP) संदीप राय राठौर को थेक्कम्पट्टी सब-जेल से हटाकर, चेन्नई में TANGEDCO के पुलिस महानिदेशक/मुख्य सतर्कता अधिकारी के पद पर तैनात कर दिया गया। वहीं, चेन्नई में एनफोर्समेंट ब्यूरो CID के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, के. शंकर को राठौर की जगह जेल और सुधार सेवाओं के पुलिस महानिदेशक (DG) के रूप में नियुक्त किया गया है।
Tamil Nadu Government Jobs Age Limit : सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं और वर्षों से आयु सीमा पार होने के कगार पर खड़े उम्मीदवारों के लिए तमिलनाडु से एक ऐतिहासिक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए सरकारी सेवाओं में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की एकमुश्त छूट देने का फैसला किया है। इस संशोधन के तहत विभिन्न सेवा संवर्गों में आयु सीमा बढ़ाई गई है, जिसके चलते विशेष रूप से आरक्षित वर्ग के दिव्यांग (Persons with Disabilities - PwD) उम्मीदवारों को अब 52 वर्ष की आयु तक ग्रुप-1 प्रशासनिक सेवाओं में आवेदन करने का ऐतिहासिक अवसर प्राप्त होगा।प्रतियोगी छात्रों की मांग पर लिया गया फैसला, 5 साल तक रहेगा प्रभावीतमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) और राज्य के विभिन्न भर्ती बोर्डों की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवार लंबे समय से अधिकतम उम्र सीमा में छूट की गुहार लगा रहे थे। भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और समय सीमा समाप्त होने के कारण कई योग्य अभ्यर्थी बिना परीक्षा दिए ही अयोग्य हो रहे थे। अभ्यर्थियों के ज्ञापन और अभ्यावेदन पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट मौजूदा सभी वैधानिक छूटों (Existing Relaxations) के ऊपर जोड़ी जाएगी। यह संशोधित आयु दायरा आगामी 5 वर्षों की अवधि तक होने वाली सभी राज्य सरकारी भर्तियों पर पूरी तरह प्रभावी रहेगा।52 वर्ष तक किसे मिलेगा मौका: ग्रुप-1 सेवाओं में आयु सीमा का नया ढांचाराज्य की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं (जैसे डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी आदि) के लिए आयोजित होने वाली ग्रुप-1 परीक्षा के आयु नियमों में व्यापक फेरबदल किया गया है:आरक्षित वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थी: पहले आरक्षित वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 47 वर्ष थी, जिसे अब 5 वर्ष बढ़ाकर 52 वर्ष कर दिया गया है।सामान्य वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थी: सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 42 वर्ष से बढ़ाकर 47 वर्ष तय की गई है।आरक्षित वर्ग (BC, MBC, SC, ST): सामान्य शारीरिक क्षमता वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा 37 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है।सामान्य वर्ग (General Category): सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए ग्रुप-1 में आवेदन की आयु सीमा 32 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष निर्धारित की गई है।ग्रुप-2, ग्रुप-2A और ग्रुप-4 भर्तियों के लिए नई आयु सीमाग्रुप-1 के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख भर्ती परीक्षाओं के लिए भी संशोधित नियम लागू किए गए हैं:ग्रुप-2 और 2A सेवाएं: इन सेवाओं में सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 30 वर्ष से बढ़ाकर 35 वर्ष की गई है। सामान्य वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष हो गई है। उल्लेखनीय है कि ग्रुप-2 सेवाओं में अधिकांश पदों के लिए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पहले से ही कोई ऊपरी आयु सीमा (No Upper Age Limit) का नियम लागू नहीं है।ग्रुप-4 और अधीनस्थ सेवाएं: ग्रुप-4 एवं ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (VAO) स्तर की परीक्षाओं में भी पिछड़ा वर्ग (BC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC) और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को बढ़ी हुई आयु सीमा के दायरे में लाकर नए अवसर दिए गए हैं।लाखों अभ्यर्थियों को सीधा लाभ, भर्ती परीक्षाओं में बढ़ेगा मुकाबलासरकारी नौकरियों में 5 साल की इस एकमुश्त छूट से तमिलनाडु के उन लाखों अभ्यर्थियों को नया जीवनदान मिला है, जो कोरोना काल या नियमित भर्ती चक्र प्रभावित होने के कारण ओवरएज होने के कगार पर पहुंच गए थे। विशेष रूप से दिव्यांग और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के उन प्रौढ़ अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा संबल है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से राज्य की आगामी TNPSC और विभागीय परीक्षाओं में आवेदकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी और प्रतियोगिता अधिक व्यापक तथा समावेशी बनेगी।
CM Vijay ने Tamil Nadu में सरकारी भर्ती की Age Limit 5 साल बढ़ाई, छात्रों को बड़ी राहत
प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की मांगों के बीच, तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा पांच साल बढ़ा दी। एक बयान में सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस कदम के लिए आदेश जारी किए। आयु सीमा में यह छूट, पिछड़े वर्गों, अति पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए पहले से मौजूद रियायतों के अतिरिक्त होगी। इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु के 30 ITI में शुरू हुईं आधुनिक इलेक्ट्रिकल लैब्स, CM Vijay ने किया उद्घाटन सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए, सिविल सेवा की 'ग्रुप 1' परीक्षा देने की आयु सीमा 32 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष कर दी गई है। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए, यह सीमा 37 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है। 'ग्रुप II' और 'ग्रुप II-A' परीक्षाओं के लिए, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की आयु सीमा 30 वर्ष से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए, ऊपरी आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। 'ग्रुप IV' परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के लिए, आयु सीमा 32 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष कर दी गई है। बयान में कहा गया है कि ऊपरी आयु सीमा में यह विस्तार 30 अक्टूबर 2026 से पांच साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। इसमें आगे कहा गया है कि इससे राज्य भर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब विजय के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार कल्याणकारी और अन्य कदम उठा रही है। सरकार के प्रमुख फैसलों में पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर दो महीने में मिलने वाली मुफ्त बिजली की सीमा को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करना, महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल का गठन करना, और शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों तथा परिवहन केंद्रों के पास स्थित 717 TASMAC शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश देना शामिल है। इसे भी पढ़ें: DMK प्रवक्ता Elangovan का आरोप, Karur केस के डर से BJP के आगे झुके CM Vijay सरकार ने शिक्षा से जुड़ी कई पहलें भी शुरू करने की घोषणा की है, जिनमें स्कूली छात्रों के लिए नाश्ते की योजना का विस्तार और कॉलेज के छात्रों के लिए लैपटॉप वितरण कार्यक्रम शामिल हैं। कृषि क्षेत्र में, सरकार ने 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की है, साथ ही 1 लाख रुपये तक के ऋणों पर अतिरिक्त राहत भी दी जाएगी। इस ऋण माफी योजना से 13.34 लाख किसानों को फायदा होगा।
Hockey World Cup 2030 की मेजबानी के लिए Punjab Tamil Nadu और ओडिशा सबसे आगे
(सौमोज्योति एस चौधरी)जालंधर, 30 अक्टूबर हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने पीटीआई को बताया कि पंजाब, ओडिशा और तमिलनाडु 2030 में होने वाले पुरुष और महिला एफआईएच विश्व कप की मेजबानी की दौड़ में सबसे आगे हैं। ओडिशा दो बार पुरुषों के विश्व कप का मेजबान रह चुका है जबकि तमिलनाडु ने पिछले साल चेन्नई और मदुरै में पुरुषों के जूनियर विश्व कप की मेजबानी की थी। भारतीय हॉकी का गढ़ रहे पंजाब ने कभी विश्व कप की मेजबानी नहीं की है। वह अभी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। यह पिछले 17 वर्ष में पहला मौका है जबकि पंजाब किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। भोलानाथ ने पीटीआई से कहा, ‘‘ओडिशा, तमिलनाडु और पंजाब सभी विश्व कप की मेजबानी की दौड़ में शामिल हैं। अगर ओडिशा को फिर से विश्व कप की मेजबानी मिलती है तो यह उसके भी बड़ी उपलब्धि होगी। ओडिशा हमारी पहली प्राथमिकता होगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं यूं ही हवा में तीर नहीं मारता। मुझे झूठ बोलना नहीं आता।’’भोलानाथ ने कहा कि महासचिव बनने के बाद उनकी प्राथमिकता हॉकी को देश के हर कोने में पहुंचाना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हॉकी को देश के हर कोने तक पहुंचाना चाहता हूं। मध्य प्रदेश ने अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है लेकिन अब महिला चैंपियंस ट्रॉफी 19 से 28 नवंबर तक भोपाल में खेली जाएगी।’’भोलानाथ ने कहा कि पंजाब को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि उसकी हॉकी में समृद्ध विरासत रही है। उन्होंने कहा, ‘‘‘जब मैं हॉकी इंडिया का महासचिव बना तो मैंने देखा कि टीम के अधिकतर खिलाड़ी पंजाब से थे। जब मैंने पंजाब के खिलाड़ियों से बात की तो उन्होंने कहा कि वह दुनिया भर के देशों में खेल चुके हैं, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें कभी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते नहीं देखा था। इसलिए मैं पंजाब में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध था।’’पीटीआई ने इस महीने की शुरुआत में खबर दी थी कि चार सीनियर खिलाड़ी मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में भारत की तरफ से अपना अंतिम टूर्नामेंट खेलेंगे। नीलाकांता पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यह उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा, वहीं मनदीप, जरमनप्रीत और रोहिदास ने टीम में बने रहने की इच्छा व्यक्त की है। भोलानाथ ने कहा, ‘‘यह हॉकी इंडिया का फैसला नहीं है। मैं नहीं जानता कि यह किसका फैसला है। हमने ऐसा कोई फैसला नहीं किया है। जो खिलाड़ी फिट और सक्षम हैं, वे खेलते रहेंगे। ईश्वर भी उन्हें खेलने से नहीं रोक पाएगा और जो सक्षम नहीं हैं, भगवान भी उन्हें नहीं खिला पाएंगे। हम अगले ओलंपिक में पदक जीतना चाहते हैं।’’
Tamil Nadu news: कल्लार में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड बाधित
24 अक्टूबर, शनिवार: तमिलनाडु के कल्लार में भारी बारिश के कारण मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड पर भूस्खलन हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया और घटना के विजुअल्स सामने आए हैं।
Tamil Nadu CM Vijay की स्कूली बच्चों को सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme
Tamilnadu CM Vijay ने Govt School के बच्चों को दी सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme अच्छी पढ़ाई के लिए सिर्फ स्कूल और किताबें ही जरूरी नहीं होतीं...
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
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Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi

