NEET paper leak: नीट यूजी, यूजीसी नेट और महाराष्ट्र टीईटी के प्रश्नपत्र लीक का खुलासा होने के बाद चौरतरफा दबाव झेल रही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। परीक्षा एजेंसी के नई दिल्ली ऑफिस की सुरक्षा व्यवस्था अब केंद्रीय सुरक्षा बलों के हाथ में होगी। एनटीए के उस हिस्से की पहरेदारी अब सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के करेगी, जहां गोपनीय एग्जामिनेशन मटीरियल को स्टोर किया जाता है।अधिकारियों ने कहा कि यह तैनाती अगले दो से तीन महीनों में पूरी होने की उम्मीद है। यह कदम नीट यूजी पेपर लीक विवाद और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े कई दूसरे मामलों के बाद उठाया गया है। एनटीए ने अपनी सभी संवेदनशील गतिविधियां मिंटो रोड पर भारत सरकार की प्रेस बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दी है।एनटीए ऑफिस में सुरक्षा के उपायमिंटो रोड स्थित एनटीए के नए ऑफिस पर 39 सीआईएसएफ कर्मी होंगे जो प्रवेश नियंत्रण, जांच और तलाशी के लिए जिम्मेदार होंगे। सुरक्षा जांच में एक्स-रे बैगेज स्कैनर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी शामिल होंगे, जबकि कॉन्फिडेंशियल एरिया के अंदर आने-जाने पर कड़ी नजर रखी जाएगी। एनटीए कड़े एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन, टैम्पर-एविडेंट स्टोरेज और इम्यूटेबल लॉग के जरिए अपनी डिजिटल सुरक्षा को भी मजबूत कर रहा है। बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेशियल रिकग्निशन, सीसीटीवी और लाइव मॉनिटरिंग को भी मजबूत किया जा रहा है।प्रश्नपत्रों की सख्त जांच के लिए बनी व्यवस्थाएजेंसी ने एक चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) की पोस्ट बनाई है और इंडिपेंडेंट साइबर-सिक्योरिटी ऑडिट कर रही है। सरकार ने चार-लेवल का क्वेश्चन-पेपर चेकिंग सिस्टम भी शुरू किया है और एनटीए की विशेषज्ञ और प्रशासनिक टीमों को मजबूत किया है।कई पेपर लीक बने फैसले की वजहयह फैसला 2026 में नीट यूजी पेपर लीक मामले के बाद आया है। सीबीआई ने 3 मई के परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के कथित सर्कुलेशन को लेकर केस दर्ज किया था। एजेंसी ने तब से गिरफ्तारियां की हैं और केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर के कथित लीक की जांच की है। सीबीआई के मुताबिक, प्रश्नपत्र तक पहुंच रखने वाले एक केमिस्ट्री प्रवक्ता ने परीक्षा से पहले कथित तौर पर कोचिंग सेशन किए थे। जांच करने वालों ने कहा कि इन सत्र के दौरान, जिन सवालों और जवाबों पर चर्चा हुई वे परीक्षा में आए नीट यूजी पेपर से मेल खाते थे। यूजीसी नेट और महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) समेत दूसरी परीक्षाओं में भी पेपर लीक के आरोप सामने आए हैं, जहां हाल ही में दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था।Tamil Nadu gold ring scheme: तमिलनाडु में आज से शुरू हो रही है गोल्ड रिंग स्कीम, सरकारी अस्पताल में जन्मे नवजात को मिलेगी 22 कैरट की अंगूठी
Tamil Nadu gold ring scheme: तमिलनाडु में आज से बहुत खास सरकारी योजना लॉन्च होने जा रही है। राज्य के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय आज, सोमवार, 28 सितंबर, को थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम लॉन्च करेंगे। यह राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना है, जिसके तहत राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में पैदा होने वाले योग्य बच्चों को एक ग्राम, 22 कैरेट सोने की अंगूठी देगी। यह स्कीम मदुरै के सरकारी राजाजी हॉस्पिटल में लॉन्च की जाएगी, जहां विजय 25 नए जन्मे बच्चों को सोने की अंगूठियां देंगे। सीएम विजय मैटरनिटी वॉर्ड में आज जन्मे बच्चों को खुद अंगूठियां दे सकते हैं।कौन योग्य है?सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस स्कीम के तहत सोने की अंगूठी उन शिशुओं को दी जाएगी, जिनकी मांएं तमिलनाडु की स्थायी निवासी होंगी। इन बच्चों का जन्म राज्य के किसी सरकारी अस्पताल में होना चाहिए। योग्य लाभार्थियों को प्रेग्नेंसी एंड इन्फैंट कोहोर्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (PICME) सिस्टम के तहत पंजीकृत होना चाहिए और उनके पास रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (RCH) ID होनी चाहिए। सोने की अंगूठी तब दी जाएगी जब लाभार्थी को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाएगी।सरकार क्या देगी?इस स्कीम के तहत हर योग्य नवजात शिशुओं को एक ग्राम, 22 कैरेट सोने की अंगूठी मिलेगी। सरकार के मुताबिक, अंगूठियों पर यूनिक सीरियल नंबर होंगे और इन्हें टैम्पर-प्रूफ पैकेजिंग में बांटा जाएगा। राज्य ने इस स्कीम के लिए सालाना ₹755.83 करोड़ का खर्च तय किया है। पहले चरण में, 1.28 लाख सोने की अंगूठियां तैयार की गई हैं। सोने की अंगूठियों की सप्लाई के लिए जोयालुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं।यह स्कीम कहां लागू होगी?यह स्कीम पूरे तमिलनाडु में लागू होगी, सिवाय मदुरंथकम और धारापुरम विधानसभा सीटों के इलाकों के, जहां 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। हर जिले में संबंधित जिला कलेक्टर की अगुवाई में एक खास मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है जो इसे लागू करने, इन्वेंट्री ट्रैकिंग और बांटने में ट्रांसपेरेंसी की देखरेख करेगी।तमिलनाडु ने यह स्कीम क्यों शुरू की है?इस स्कीम का नाम तमिल परंपरा के नाम पर रखा गया है, जिसमें मामा नए जन्मे बच्चे को तोहफे देते हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस पहल का मकसद सरकारी हेल्थकेयर सेवाओं में लोगों का भरोसा बढ़ाना और अस्पतालों में सुरक्षित डिलीवरी को बढ़ावा देना है। सरकार के मुताबिक, तमिलनाडु में हर साल करीब 7.80 लाख बच्चे पैदा होते हैं। इनमें से करीब 4.20 लाख डिलीवरी, यानी 53%, सरकारी अस्पतालों में होती हैं।सरकार ने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के डेटा का भी जिक्र किया, जिसके मुताबिक तमिलनाडु में 99.9% जन्म हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन में होते हैं। करीब 90% सरकारी इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी कॉम्प्रिहेंसिव इमरजेंसी ऑब्सटेट्रिक एंड नियोनेटल केयर (CEmONC) सेंटर पर होती हैं।15 सितंबर को हुई थी स्कीम की घोषणायह स्कीम 15 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई की जयंती पर लॉन्च होने वाली थी। लेकिन विजय के विदेश दौरे की वजह से इसे टाल दिया गया था। इस स्कीम को लागू करने के लिए एक सरकारी ऑर्डर 23 जून, 2026 को नोटिफाई किया गया था।15 अक्टूबर से बदल जाएगा यूपी में मिठाई खरीदने का नियम! जानिए FSDA का नया आदेश
बिना लिखित परीक्षा पाएं सरकारी नौकरी! NHM में 4,724 स्टाफ नर्स पदों पर सीधी भर्ती, जानें आखिरी तारीख
pc: abplive नेशनल हेल्थ मिशन, तमिलनाडु (NHM-TN) ने तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत स्टाफ नर्स के 4,724 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती राज्य के विभिन्न जिलों में संविदा (Contractual) आधार पर की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को इसके लिए ऑफलाइन आवेदन जमा करना होगा। भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें: कुल पद: 4,724 (स्टाफ नर्स) आवेदन की अंतिम तिथि: 25 सितंबर (शाम 5:00 बजे तक) आवेदन का तरीका: ऑफलाइन (जिला स्वास्थ्य कार्यालय या जिला स्वास्थ्य समिति में जमा करें) मासिक वेतन: ₹21,000 प्रति माह (संविदा आधार पर) चयन प्रक्रिया: बिना लिखित परीक्षा — शैक्षणिक अंक, अनुभव और मेरिट के आधार पर (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ)। शैक्षणिक योग्यता व पात्रता: डिग्री/डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संस्थान (Indian Nursing Council से संबद्ध) से B.Sc Nursing या GNM होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन: उम्मीदवार का Tamil Nadu Nurses and Midwives Council में वैध रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। किन विभागों/संस्थानों में होगी नियुक्ति? जिला स्तर पर पदों का आवंटन निम्नलिखित विभागों के अधीन आने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में होगा: डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एंड रूरल हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? फॉर्म डाउनलोड करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nhm.tn.gov.in पर जाकर आवेदन फॉर्म और जिलावार वैकेंसी डिटेल्स डाउनलोड करें। दस्तावेज़ संलग्न करें: फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें। इसके साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रेशन, फोटो और पहचान पत्र की कॉपियां अटैच करें। फॉर्म जमा करें: भरा हुआ आवेदन फॉर्म 25 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले संबंधित जिले के District Health Officer (DHO) या District Health Society (DHS) के कार्यालय में पहुँचाएँ।
Tamil Nadu CM Vijay की स्कूली बच्चों को सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme
Tamilnadu CM Vijay ने Govt School के बच्चों को दी सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme अच्छी पढ़ाई के लिए सिर्फ स्कूल और किताबें ही जरूरी नहीं होतीं...
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
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Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
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Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

