नर्मदापुरम पुलिस ने नाबालिग से हुए रेप और पॉक्सो एक्ट केस में 4 साल से फरार दंपत्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी पति-पत्नी जबलपुर में नर्मदा घाट किनारे रह रहे थे। सरस्वती घाट से पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर नर्मदापुरम लाया। केस में मुख्य आरोपी गणेश मेहरा दंपत्ति का बेटा है। मामले में पति-पत्नी सहआरोपी हैं। उनके बेटे गणेश मेहरा को अपराध में सजा हो चुकी है और वह जेल में है। 2022 में नाबालिग का किया था अपहरणपुलिस के मुताबिक वर्ष 2022 में एक नाबालिग लड़की को गणेश मेहरा ने बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया था। लालच देकर पीड़िता के साथ गलत हरकत की गई। एसआई विशाल नागवे ने बताया कि वारदात के कुछ दिन बाद पीड़िता को आरोपी के घर से छुड़ाया गया था। उसके बयान के आधार पर आरोपी गणेश मेहरा के खिलाफ धारा 366, 376, 376(2)(n) आईपीसी और 4/6 पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आरोपी के माता-पिता भी बनाए गए थे सहआरोपीपीड़िता के बयान पर आरोपी के पिता अशोक मेहरा और मां सरोज मेहरा को भी सहआरोपी बनाया गया था। दोनों पिछले 4 साल से फरार चल रहे थे। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सांई कृष्णा एस थोटा द्वारा इनाम की घोषणा भी की गई थी। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारीपुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों अशोक मेहरा और सरोज मेहरा को जबलपुर के सरस्वती घाट से गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान उपनिरीक्षक विशाल नागवे, प्रधान आरक्षक राजकुमार धाकड़ और महिला आरक्षक प्रतीक्षा रघुवंशी टीम में शामिल रहे।
उमरिया जिला मुख्यालय की जीवनदायिनी उमडार नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। नदी किनारे किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर हटाया गया। यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों और प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान के निर्देश के बाद अमल में लाई गई। प्रशासन की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया। एक जगह बड़े क्षेत्र में मिट्टी डालकर कब्जा करने की तैयारी थी, जबकि दूसरी जगह बाउंड्री बनाकर जमीन घेर ली गई थी। दोनों ही स्थानों पर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। कार्रवाई के दौरान एसडीएम अंबिकेश सिंह, तहसीलदार सहित राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। अतिक्रमण हटाने के बाद मौके पर शासकीय भूमि आरक्षित के बोर्ड लगा दिए गए। प्रशासन की इस सख्ती से अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया है। अन्य कब्जाधारियों में भी डर का माहौल है। नदी किनारे हुई इस कार्रवाई की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। आम लोगों द्वारा इसे प्रशासन की सराहनीय पहल बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल नदी का संरक्षण होगा, बल्कि भविष्य में अतिक्रमण पर भी रोक लगेगी। कार्रवाई के दौरान कोई भी अतिक्रमणकर्ता सामने नहीं आया। कार्रवाई की अन्य तस्वीरें…
देवास में ब्लैकमेलिंग के एक मामले में शहर के डॉक्टर बड़ी संख्या में कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को आवेदन देकर बताया कि एक महिला डॉक्टर का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग उन्हें परेशान करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। सीएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टरों ने आवेदन में कहा है कि वे अपना काम करने में असहज महसूस कर रहे हैं और कुछ लोग इस मौके का फायदा उठाकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। 7 लोगों पर मामला दर्ज, 5 गिरफ्तारइस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कोतवाली पुलिस ने मरीज बनकर डॉक्टरों से बातचीत करने, स्टिंग ऑपरेशन करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। रेलवे स्टेशन से पकड़े गए आरोपीगिरफ्तार आरोपियों में पटियाला निवासी विनय अरोरा और उसकी साथी रजनी भाटिया शामिल हैं, जिन्हें देवास रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। दोनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। एक अन्य आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जबकि एक महिला और एक अन्य व्यक्ति को जेल भेजा जा चुका है। महिला डॉक्टर का लाइसेंस निरस्तघटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर चारू तिवारी के नर्सिंग होम का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार सपना शर्मा की मौजूदगी में डॉ. अशोक सेन, डॉ. मनीषा मिश्रा और डॉ. अमरीन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर परामर्श कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड को सील कर दिया।
गोरखपुर में मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत‘बहू-बेटी सम्मेलन’ का आयोजन कर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस अभियान के जरिए खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं को जागरूक बनाने का काम किया जा रहा है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और जरूरत पड़ने पर मदद ले सकें। अभियान के तहत महिला पुलिस टीम गांव-गांव पहुंच रही है और महिलाओं व बालिकाओं से सीधे बातचीत कर रही है। इस दौरान उन्हें आसान भाषा में बताया जा रहा है कि किसी भी तरह की समस्या या अपराध की स्थिति में क्या करना चाहिए और कहां शिकायत करनी चाहिए। पुलिस ने उन्हें साइबर अपराध, धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल से बचने के तरीके भी समझाए। घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ के मामलों में क्या करें सम्मेलन में महिलाओं को यह भी बताया गया कि घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहें, बल्कि तुरंत आवाज उठाएं। उन्हें कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देते हुए समझाया गया कि कानून उनके साथ है और पुलिस हर समय मदद के लिए तैयार है। कार्यक्रम के दौरान 1090, 181 और 112 जैसे जरूरी हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया गया। महिलाओं को यह समझाया गया कि इन नंबरों पर कॉल करके वे तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग से मदद ले सकती हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि शिकायत करने पर उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किया प्रेरित महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उनसे जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। बताया गया कि इन योजनाओं का लाभ लेकर वे आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं और अपने परिवार को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं। कार्यक्रम के अंत में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक रहने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी गलत घटना के खिलाफ आगे आकर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या में वे अकेली नहीं हैं और प्रशासन हर समय उनके साथ खड़ा है।
नरसिंहपुर के गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने यात्रियों पर हमला कर दिया। इस घटना में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इंटरसिटी के आगमन के बीच हुआ हमलाघटना उस समय हुई, जब इंटरसिटी एक्सप्रेस के आने से प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ थी। इसी दौरान स्टेशन परिसर के पास बनी पानी की टंकी में लगे छत्तों से बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकलकर प्लेटफॉर्म पर पहुंच गईं और अचानक यात्रियों पर हमला कर दिया। भगदड़ जैसी स्थिति, प्लेटफॉर्म खाली कराया गयामधुमक्खियों के हमले से प्लेटफॉर्म पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 1 को तुरंत खाली कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक यात्री पर एक साथ कई मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घबरा गया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारीघटना में घायल हुए करीब एक दर्जन यात्रियों को तुरंत गाडरवारा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। रेलवे की लापरवाही पर उठे सवालघटना के बाद कई यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी और कुछ समय के लिए स्टेशन पर आवागमन भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन परिसर में लंबे समय से मधुमक्खियों के छत्ते लगे थे, लेकिन रेलवे प्रशासन ने उन्हें हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। अब इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हरियाणा की मिट्टी से निकले प्रतिभाशाली कलाकार और बॉलीवुड के दमदार अभिनेता रणदीप हुड्डा एक बार फिर चर्चा में हैं। रोहतक के रहने वाले रणदीप हुड्डा हाल ही में पिता बने हैं और उन्होंने अपनी इस नई जिम्मेदारी को बड़े ही भावुक और खास अंदाज में सोशल मीडिया पर साझा किया है। बेटी के जन्म के बाद अब उन्होंने पहली बार अपनी पत्नी लिन लैशराम और नवजात बेटी की एक साथ वाली तस्वीर साझा कर फैंस को इस खुशी में शामिल किया है, जिससे उनके चाहने वालों में भी उत्साह और खुशी का माहौल है।रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम ने 29 नवंबर 2023 को मणिपुर के इंफाल में पारंपरिक मैतेई रीति-रिवाज से शादी की थी।रणदीप हुड्डा ने अपनी पोस्ट में लिखा:“A new center to our world – NYOMICA HOODA - Divine Grace, Freedom and limitless like the sky”“हमारी दुनिया का एक नया केंद्र – न्योमिका हुड्डा – ईश्वरीय कृपा, आज़ादी और आसमान की तरह असीम।” पिता बनने की खुशी की पहले दी थी जानकारीरणदीप हुड्डा ने 10 मार्च को सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता बनने की खुशखबरी साझा की थी। इस खबर के सामने आते ही उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने उन्हें जमकर बधाइयां दी थीं। यह उनके जीवन का बेहद खास और भावुक पल था, जिसे उन्होंने अपने चाहने वालों के साथ साझा किया।महीने बाद बेटी की पहली झलक साझाबेटी के जन्म के ठीक एक महीने बाद, 10 अप्रैल को रणदीप हुड्डा ने अपनी पत्नी लिन लैशराम के साथ बेटी की पहली तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इस तस्वीर में मां और बेटी के बीच का प्यार साफ झलक रहा है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। बेटी का नाम रखा ‘न्योमिका हुड्डा’इस खास पोस्ट के जरिए रणदीप हुड्डा ने अपनी बेटी के नाम का भी खुलासा किया। उन्होंने अपनी बेटी का नाम ‘न्योमिका हुड्डा’ रखा है, जो बेहद यूनिक और खूबसूरत नाम माना जा रहा है। पोस्ट के साथ उन्होंने एक ऑडियो भी अटैच किया है, जिससे यह पल और भी खास बन गया।सोशल मीडिया पर मिल रही ढेरों शुभकामनाएंजैसे ही यह पोस्ट सामने आई, फैंस और सेलेब्रिटीज ने कमेंट्स के जरिए रणदीप हुड्डा और उनके परिवार को बधाई देना शुरू कर दिया। हर कोई इस नन्ही परी के लिए दुआएं कर रहा है और अभिनेता के इस नए सफर के लिए शुभकामनाएं दे रहा है। एक्टर रणदीप हुड्डा के बारे में जानिए.... पिता सर्जन, मां सामाजिक कार्यकर्ता: रणदीप हुड्डा का जन्म 20 अगस्त 1976 को हरियाणा के रोहतक में एक हरियाणवी जाट परिवार में हुआ। उनके पिता डॉ. रणबीर सिंह हुड्डा एक मेडिकल सर्जन हैं, और माता आशा हुड्डा सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका बचपन अपनी दादी के साथ बीता है, क्योंकि उनके माता-पिता काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते थे। उनकी बड़ी बहन अंजलि हुड्डा सांगवान डॉक्टर हैं। छोटे भाई संदीप हुड्डा सिंगापुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। तैराकी, घुड़सवारी में मेडल जीत चुके: रणदीप ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सोनीपत के राई स्थित मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स (MNSS) से पूरी की। यहां उन्होंने तैराकी और घुड़सवारी में राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते। स्कूल में उन्होंने थिएटर में भी रुचि दिखाई और कई नाटकों में भाग लिया, जिनमें से एक का निर्देशन भी किया। बाद में उनका तबादला दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरके पुरम में हो गया। ऑस्ट्रेलिया में टैक्सी ड्राइवर बने: 1995 में हुड्डा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न चले गए, जहां उन्होंने मार्केटिंग में ग्रेजुएशन और व्यवसाय प्रबंधन एवं मानव संसाधन प्रबंधन में मास्टर डिग्री प्राप्त की। वहां रहते हुए उन्होंने चीनी रेस्टोरेंट, कार वॉश, वेटर और टैक्सी ड्राइवर जैसे काम किए। 2000 में भारत लौटने के बाद उन्होंने एक एयरलाइन के मार्केटिंग विभाग में काम किया, और साथ ही दिल्ली में मॉडलिंग और थिएटर में भी हाथ आजमाया। 2023 में मणिपुर की एक्ट्रेस से शादी की: 'टू टीच हिज ओन' नाटक की रिहर्सल के दौरान निर्देशक मीरा नायर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें फिल्म में काम का प्रस्ताव मिला। रणदीप हुड्डा ने नवंबर 2023 में मणिपुरी एक्ट्रेस और मॉडल लिन लैशराम से शादी की। मां ने पोस्ट किया-हमारे घर आई नन्हीं राजकुमारीः रणदीप हुड़्डा की माता आशा हुड्डा ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्ट शेयर किया है। जिसमें लिखा- भगवान की कृपा से हमारे घर एक नन्हीं राजकुमारी का आगमन हुआ है और आज हम दादा-दादी बन गए हैं। भगवान उसे जीवन में सुख, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दें।
मिर्जापुर में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष पुनरीक्षण-2026 के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शुक्रवार को एक पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। प्रारंभिक मतदाता सूची 6 जनवरी 2026 को जारी की गई थी, जिसमें जनपद में 15,67,539 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक दावा-आपत्ति की प्रक्रिया चली। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरवाए गए। 10 अप्रैल 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, जनपद में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 16,82,966 हो गई है। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 1,15,427 नए मतदाता जोड़े गए हैं। विधानसभावार मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है: छानबे में 3,41,339, मिर्जापुर में 3,32,896, मझवां में 3,60,100, चुनार में 3,12,956 और मड़िहान में 3,35,675 मतदाता शामिल हैं। जनपद में 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 23,498 नए मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 1.4 प्रतिशत है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। इस विशेष पुनरीक्षण कार्य में 5 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 30 सहायक अधिकारी, 145 अतिरिक्त सहायक अधिकारी, 2258 बीएलओ और 225 सुपरवाइजर तैनात किए गए थे। 16 जनपद स्तरीय अधिकारियों ने इस पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की। विभिन्न राजनीतिक दलों के 10,950 बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) ने भी इसमें सहयोग दिया। प्रकाशित मतदाता सूची को आम नागरिक भारत निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की वेबसाइट पर देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, संबंधित तहसीलों और बीएलओ के माध्यम से भी यह सूची एक सप्ताह तक अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम अभी भी सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वा सकता है। विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 और किसी आपत्ति के लिए फॉर्म-7 भरने की सुविधा भी उपलब्ध है। इन कार्यों के लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मतदाता विवरण की जांच अवश्य कर लें। आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुधार कराएं, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
ग्वालिय में एक रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत हो गई है। परिजन का कहना है की बंदूक साफ करते में गोली लगी है जबकि पुलिस का कहना है कि यह खुदकुशी है। घटनास्थल से बंदूक और एक शराब का क्वार्टर मिला है। आसपास बंदूक साफ करने का कोई भी सामान नहीं मिला है। घटना गुरुवार रात 11:00 की है। पड़ोसी घायल फौजी को लेकर पहले बिरला हॉस्पिटल पहुंचे फिर ज्यारोग्य अस्पताल। यहां डॉक्टर ने फौजी को मृत घोषित कर दिया। रात 1 बजे पुलिस को सूचना दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम निवासी 58 वर्षीय रामस्वरूप भदौरिया आर्मी से रिटायर्ड जवान हैं। वह भिंड के अटेर स्थित मोरा गांव के रहने वाले हैं। कुछ दिन पहले उनका बेटा और अन्य परिजन गांव में खेती का काम देखने के लिए गए थे और घर पर वह अकेले थे। रात 11 बजे के लगभग उनके घर से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनते ही पड़ोसी उनके घर में पहुंचे तो रामस्वरूप घायल हालत में कमरे में पड़े हुए थे। पास ही उनकी लाइसेंसी राइफल पड़ी हुई थी। साथ ही एक शराब का क्वाटर भी पड़ा था। मामले की सूचना पड़ोसियों ने उनके बेटे विजय को दी। मामले का पता चलते ही विजय ने पड़ोसियों से पिता को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने को बोला और पास ही रहने वाले अपने बहनोई रायसिंह को बताया। मामले का पता चलते ही वह उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीने में लगी है गोलीमामले का पता चलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रिटायर्ड फौजी का शव निगरानी में लेकर पीएम हाउस पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला है कि गोली उनके सीने में लगी है। राइफल साफ करते चली गोली या सुसाइड पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि गोली रामस्वरूप के सीने में लगी है और उनके बगल में ही उनकी राइफल पड़ी हुई थी। अब पुलिस पता लगा रही है कि गोली राइफल साफ करते समय असावधानी से चली या फिर उन्होंने सुसाइड किया है। पुलिस का कहना इस मामले में टीआई महारजपुरा यशवंत गोयल ने बताया कि एक रिटायर्ड फौजी की गोली लगने से मौत हुई है। अभी मामला सुसाइड का लग रहा है। परिजन बन्दूक साफ करते समय गोली चलने से हादसे कि बात कह रहे हैं।
हांसी में फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने शुक्रवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। फरीदाबाद फैक्ट्री ब्लास्ट के मृतकों को शहीद का दर्जा देने, उनके आश्रितों को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने अपनी दो दिवसीय हड़ताल को दो दिन और बढ़ाने का ऐलान किया। सरकार द्वारा बातचीत के लिए न बुलाए जाने पर यह निर्णय लिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि 16 फरवरी को फरीदाबाद की फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट में जान गंवाने वाले कर्मचारियों को अब तक न्याय नहीं मिला है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगों को दोहराते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की। कर्मचारी बोले- सरकार को दी हड़ताल से पहले चेतावनी फायर ब्रिगेड कर्मचारी संघ के नेता विनोद कुमार ने बताया कि यह समय गेहूं की कटाई का है, जब आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल पर जाने से पहले सरकार को आपात स्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की चेतावनी दी गई थी। फायर ब्रिगेड कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान संदीप कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में सरकार के साथ कई बार बातचीत हुई, लेकिन किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 16 फरवरी की घटना के दो महीने बाद भी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। सरकार से नहीं मिला ठोस आश्वासन : संदीप संदीप ने यह भी बताया कि 9 अप्रैल को एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात की थी, लेकिन ठोस आश्वासन न मिलने के कारण कर्मचारियों को हड़ताल बढ़ानी पड़ी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द बातचीत के लिए नहीं बुलाती, तो आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है। कर्मचारियों की अन्य मांगों में पे रोल और रिस्क भत्ता शामिल हैं। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के नेता सुरेंद्र यादव ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यदि फायर ब्रिगेड कर्मियों की मांगें नहीं मानी गईं, तो अन्य कर्मचारी यूनियन भी इस आंदोलन में शामिल होंगी और पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।
सोनभद्र में जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा का पुतला दहन किया। यह विरोध प्रदर्शन रॉबर्ट्सगंज के बढ़ौली चौक पर किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर नाराजगी जताई गई। जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ अभद्र भाषा और अमर्यादित टिप्पणी का इस्तेमाल कर अपनी गरिमा खो दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल माफी मांगने और भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। गोंड ने आगे कहा कि संविधान की शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री ने सत्ता के लालच में अपना आपा खो दिया है और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान किया है। कांग्रेस इस कृत्य का कड़ा विरोध और निंदा करती है। उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से ऐसे अमर्यादित और असभ्य भाषा बोलने वाले मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की अपील की। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ता बढौली चौक पर जमा हुए और प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में पूर्व शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष स्वामी अरविंद सिंह, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शशांक मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष हाजी नूरुद्दीन खान, जिला उपाध्यक्ष बृजेश तिवारी, जिला उपाध्यक्ष कन्हैया पांडे, आरटीआई के जिलाध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष राजबली पांडे, अमरेश देव पांडे, लल्लू राम पांडे, मृदुल मिश्रा, रोहिल मिश्रा, ओमप्रकाश रावत, दयाशंकर पांडे, आशीष सिंह, स्वतंत्र साहनी, प्रांजल श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार चौबे, शंकर लाल भारती, विशिष्ट चौबे, ददन प्रसाद, अनीता गोंड, रोजनी खान, पंकज मिश्रा, राहुल सिंह पटेल, गुलाब तिवारी, दयाराम प्रजापति, ऋषि राज कुमार और सुनील कुमार मिश्रा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जालौन में दलित युवक से मारपीट:थप्पड़ और घूंसे मारे, घटना सीसीटीवी में हुई कैद; पुलिस जांच में जुटी
जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जवाहर नगर में एक दलित युवक के साथ मारपीट की गई। यह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है। तिलक नगर कोंच निवासी निशा पत्नी सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि घटना 9 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे की है। उनका पुत्र कृष्णा जवाहर नगर स्थित एक मोबाइल की दुकान पर इंटरनेट कार्ड डलवाने गया था। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद पवन उर्फ गरम पुत्र सुरेंद्र अग्रवाल और विक्की पुत्र रामबाबू राठौर सहित कुछ युवकों ने कृष्णा के साथ अभद्रता शुरू कर दी। दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने कृष्णा को जातिसूचक गालियां देते हुए वहां से भगा देने की कोशिश की। जब कृष्णा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे थप्पड़ व घूंसे मारे। किसी तरह वह वहां से बचकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें मारपीट साफ तौर पर देखी जा सकती है। मामले को लेकर पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र जिले में गेहूं खरीद केंद्रों पर बोरों की भारी कमी के कारण किसानों की फसल खरीद प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित हो गई है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के बैनर तले किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने जल्द से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि शासन ने 1 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने का आदेश दिया था, लेकिन कई केंद्रों पर बोरे उपलब्ध नहीं हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया ठप पड़ी है। किसानों ने आरोप लगाया कि आवश्यक संसाधनों की अनुपलब्धता गंभीर लापरवाही है। बोरे न होने के कारण गेहूं की खरीद बंद है, जिससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश संयोजक चंद्रभूषण पांडेय ने बताया कि मौजूदा हालात में किसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूरी में गेहूं को खुले बाजार में औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं। इससे उन्हें उनकी मेहनत और लागत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पांडेय ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए शासन की मंशा के अनुरूप क्रय केंद्रों पर तत्काल बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। उनका उद्देश्य है कि गेहूं की खरीद सुचारु रूप से शुरू हो सके और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान प्रभाशंकर मिश्रा, विजेंद्र सिंह, बंटी, कमला प्रसाद, संतोष यादव, रंगनाथ मिश्रा, आलोक, रामसेवक सिंह, सत्यदेव, निलोकनाथ, विजय मौर्य, बृजभूषण मिश्रा सहित कई किसान मौजूद रहे।
अयोध्या के सोहावल ब्लॉक में दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत सोहावल के तीन गांव पक्की सड़क से जुड़ेंगे, जबकि परानापुर से लहरापुर तक की सड़क को भी पिच किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए कुल 2.38 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। पहली परियोजना में कपासी, दुनिया का पुरवा और अंजनाई तारा गांव एक पक्की सड़क से जुड़ेंगे। ये गांव अयोध्या-लखनऊ रेल प्रखंड के रेल लाइन के किनारे स्थित हैं। वर्तमान में कपासी से वाया दुनिया का पुरवा होते हुए अंजनाई तारा तक पहुंचने के लिए कच्ची सड़क है, जिसके डामरीकरण की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे। लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के प्रस्ताव पर शासन ने इस लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण को मंजूरी दी है। इसके लिए दो करोड़ 38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पीडब्ल्यूडी सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा क्योंकि शासन से सड़क स्वीकृत होने की प्रत्याशा में पहले ही टेंडर प्रकाशित किए जा चुके हैं। सोहावल ब्लॉक की एक और महत्वपूर्ण सड़क, परानापुर से लहरापुर तक की लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क को भी पिच किया जाएगा। लहरापुर के ग्राम प्रधान शिवाकांत तिवारी ने बताया कि इस सड़क को पक्का करने की मांग भी लंबे समय से की जा रही थी। इस सड़क परियोजना के लिए शासन से लगभग एक करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इसे त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत मंजूरी मिली है। जिलाधिकारी को धनराशि आवंटित की गई थी, जिन्होंने इसे कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) को निर्माण शुरू करने के लिए हस्तांतरित कर दिया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की पेन्ड्रा नगर इकाई के कार्यकर्ताओं ने देश और छत्तीसगढ़ प्रदेश से नक्सलवाद के अंत के प्रतीक के रूप में एक प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। यह शवयात्रा पेन्ड्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने नक्सलवाद विरोधी नारे लगाए और देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाली ताकतों के प्रति अपना रोष व्यक्त किया। अंततः यह शवयात्रा दुर्गा चौक पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ नक्सलवाद के पुतले का दहन किया। नक्सलवाद लोकतंत्र और विकास में बाधा इस कार्यक्रम में हाल ही में नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। एबीवीपी पेन्ड्रा नगर मंत्री श्रेयांश पांडेय ने कहा कि नक्सलवाद हमारे लोकतंत्र और विकास के मार्ग में एक बड़ी बाधा है, जो केवल हिंसा और रक्तपात पर आधारित है। उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए बस्तर से लेकर पूरे देश में शांति एवं सुरक्षा की कामना की। एबीवीपी नगर सह मंत्री आदित्य चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये प्रयास सभी को नई दिशा प्रदान करते हैं और भारत को विश्वगुरु बनने की दिशा में सशक्त बनाते हैं। इस कार्यक्रम में गौरेला नगर मंत्री रूप सेन, सुमन ग्वास, विभव नामदेव, आयुष चंद्रा, विकास सोनकर, सुहानी बर्मन, शौर्य जैसवाल, अभय ताम्रकार, श्याम गुप्ता, यश राठौर, अंश वर्मा सहित बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
देवरिया में पूर्व नपा अध्यक्ष के घर विजिलेंस छापा:आय से अधिक संपत्ति की जांच तेज, अभिलेख खंगाले गए
देवरिया। सतर्कता विभाग लखनऊ की एक टीम ने गुरुवार को गौरा बरहज नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रेनू जायसवाल के आवास पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच की। टीम ने नगर पालिका कार्यालय और रजिस्ट्री कार्यालय में भी संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया। रेनू जायसवाल वर्ष 2001 से 2006 तक नगर पालिका गौरा बरहज की अध्यक्ष रही हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2002 में प्रदेश के विभिन्न शहरों में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी शिकायत की जांच के क्रम में लखनऊ मुख्यालय से विजिलेंस टीम बरहज पहुंची। दस्तावेजों की पड़ताल की मुख्य सतर्कता अधिकारी कमलेश यादव के नेतृत्व में टीम उनके आवास पर पहुंची। हालांकि, रेनू जायसवाल घर पर मौजूद नहीं थीं, जिसके कारण उनके आवास पर जांच आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद टीम ने रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर उनकी चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। साथ ही, नगर पालिका कार्यालय में भी अभिलेखों की जांच की गई। टीम देर शाम तक नगर में मौजूद रही, जिससे नगरपालिका में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। टीम ने शिकायतकर्ता से भी जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में रेनू जायसवाल की बहू नगर पालिका बरहज की चेयरपर्सन हैं।
पीथमपुर में एक 17 साल के छात्र ने अज्ञात कारणों के चलते अपने घर में फांसी लगा ली। घटना सेक्टर-1 थाना क्षेत्र स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई। 12 वीं में पढ़ता था छात्र मृतक की पहचान आदित्य (17) के रूप में हुई है, जो रामायण पटेल का पुत्र था। आदित्य महू के एक्सीलेंस स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। परिजनों के अनुसार मृतक पढ़ने में अच्छा था उसने यह आत्मघाती कदम कई उठाया समझ से परे हे। माता-पिता और भाई-बहन ड्यूटी पर गए थे घटना के समय आदित्य के माता-पिता और भाई-बहन ड्यूटी पर थे, जिससे वह घर पर अकेला था। उसने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और साड़ी का फंदा बनाकर पंखे से लटक गया। जब परिजन घर लौटे और दरवाजा बंद पाया, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़ने पर आदित्य का शव फंदे पर लटका मिला। तलाशी में नहीं मिला कोई सुसाइड नोट सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने पुष्टि की है कि मौत फांसी लगाने के कारण हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कमरे की तलाशी में किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ हे।
बहराइच में महिला पर बंदर का हमला:सिर में आई गंभीर चोट, जिला अस्पताल में चल रहा है इलाज
बहराइच जिले के मोतीपुर इलाके में एक महिला पर घर में घुसे बंदर ने हमला कर दिया। इस हमले में महिला के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना झाला ग्राम में हुई, जहां रीता देवी नामक महिला के घर में एक बंदर घुस आया था। बंदर घर में रखा अनाज खा रहा था। जब रीता देवी ने उसे भगाने का प्रयास किया, तो बंदर ने उन पर हमला कर दिया। अस्पताल में महिला का इलाज जारी रीता देवी की चीख सुनकर परिवार के सदस्य दौड़े, जिसके बाद बंदर वहां से भाग गया। हमले में उनके सिर में गंभीर घाव हो गया। परिवारजन उन्हें तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा रीता देवी का इलाज किया जा रहा है। उनकी हालत में अब सुधार बताया जा रहा है।
अवैध जल कनेक्शन, बूस्टर पर चलेगा सख्त अभियान:जलदाय विभाग ने ब्यावर निवासियों को दी चेतावनी
जलदाय विभाग ने ब्यावर शहर के निवासियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। इसके तहत शहर में अवैध जल कनेक्शनों को हटाने और गैरकानूनी रूप से लगाए गए बूस्टरों को जब्त करने के लिए एक सघन अभियान चलाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत टीमें पेयजल आपूर्ति के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण करेंगी। इस दौरान जहां भी अवैध जल कनेक्शन पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल प्रभाव से विच्छेद किया जाएगा। साथ ही, अवैध रूप से संचालित बूस्टरों को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जलदाय विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध जल संबंध पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जब्त किए गए बूस्टरों पर नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाएगा। विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अवैध जल कनेक्शन अथवा बूस्टर का उपयोग न करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर में सभी को समान रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
समस्तीपुर में तेज रफ्तार बाइक ने बुजुर्ग को टक्कर मार दी। गंभीर हालत परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां इलजा के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान रामनगर गांव के रहने वाले गुलटन पासवान(80) के तौर पर हुई है। घटना खानपुर थाना क्षेत्र की है। परिजन ने बताया कि गुरुवार रात को अपने दरवाजे के पास रोड क्रॉस कर रहे थे। इस दौरान ओवरस्पीड बाइक ने रौंद दिया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इलाज के लिए सदर हॉस्पिटल लेकर गए। जहां शुक्रवार सुबह मौत हो गई। मामले की सूचना पर नगर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस इस संबंध में सदर डीएसपी-2 संजय कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत हुई है। प्राथमिकी दर्ज की गई है। फरार बाइक सवार की तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। छानबीन की जा रही है।
बिजली चोरी पर कार्रवाई, 18 जगहों पर छापेमारी:बुलंदशहर में 48 किलोवाट चोरी पकड़ी
बुलंदशहर में विद्युत विभाग ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने शहर के कई क्षेत्रों में छापेमारी कर 18 परिसरों में अवैध रूप से बिजली का उपयोग पकड़ा। इस दौरान लगभग 48 किलोवाट बिजली चोरी का मामला सामने आया, जिससे करीब 25.38 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान आंका गया है। यह अभियान 9 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 5 बजे चलाया गया। अधीक्षण अभियंता सीमिल सिन्हा के नेतृत्व में विद्युत विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ मिलकर कार्रवाई की। इसमें अधिशासी अभियंता सुनीत सिंह और सहायक अभियंता विकल्प मेहरा सहित लगभग 25-30 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। विशेष चेकिंग अभियान चलाया टीम ने बुलंदशहर नगर के मोहल्ला नरसलघाट और सराय काजी क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान कई स्थानों पर बिना मीटर के अवैध कनेक्शनों के माध्यम से बिजली का उपयोग करते हुए उपभोक्ता पकड़े गए। विद्युत विभाग ने पकड़े गए उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार जुर्माना लगाते हुए राजस्व वसूली की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में भी बिजली चोरी वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर लगातार अभियान जारी रहेगा। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे मीटर के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और अवैध कनेक्शन से बचें।
सवाई माधोपुर एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने जिले के थानों के एचएम (हेड मोहर्रिर) की मीटिंग ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर कार्य के दौरान आ रही समस्याओं की समीक्षा करना एवं उनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना रहा। बैठक के दौरान विभिन्न थानों से आए एच.एम ने ड्यूटी के दौरान थाने पर आने वाली प्रशासनिक, तकनीकी एवं संसाधनों से जुड़ी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने रिकॉर्ड संधारण, ऑनलाइन कार्यप्रणाली, स्टाफ की कमी, उपकरणों की उपलब्धता एवं अन्य दैनिक कार्यों में आने वाली बाधाओं को सामने रखा। थानों में किसी प्रकार की बाधा न आए इस पर एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित उच्चाधिकारियों को इनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि थाना स्तर पर कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाए। कार्यप्रणाली को जवाबदेह बनाने पर दिया जोर इसके अलावा बैठक में पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। एसपी ने सभी एच.एम को निर्देशित किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करें तथा आमजन को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं प्रदान करने में सहयोग करें। बैठक का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ, जहां सभी अधिकारियों ने बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया।
जींद जिले की जुलाना की नई अनाज मंडी में प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया। आढ़तियों ने मंत्री श्याम सिंह राणा को बताया कि जुलाना में बनी सब्जी मंडी में सब्जियों का उत्पादन बहुत कम होता है। इससे मंडी अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रही है। ज उन्होंने मांग की कि इस मंडी को अनाज मंडी में बदला जाए, ताकि इसका उचित उपयोग हो सके और किसानों को सीधा लाभ मिल सके। आढ़तियों ने उठाई फसल भंडारण न होने की समस्या इसके अतिरिक्त, आढ़तियों ने मंडी में केवल दो खरीद एजेंसियों के कार्यरत होने की समस्या उठाई। उनके अनुसार, इन एजेंसियों के पास पर्याप्त भंडारण क्षमता नहीं है, जिससे गेहूं और अन्य फसलों की खरीद में किसानों को परेशानी होती है। उन्होंने एक और खरीद एजेंसी आवंटित करने की मांग की, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सभी समस्याओं को ध्यान से सुना और जल्द ही ठोस कदम उठाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने घोषणा की कि जुलाना की सब्जी मंडी को अनाज मंडी में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही, हैफेड को भी यहां खरीद एजेंसी के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जिससे किसानों और आढ़तियों को राहत मिलेगी।
लखनऊ में दो महीने के बच्चे की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उसके शरीर पर काले चकत्ते जैसे निशान बन गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे की मौत टीकाकरण के बाद हुई है। उसे 6 अप्रैल को CHC की टीम ने टीका लगाया था। उसके बाद से तबीयत खराब होने लगी। 4 दिन में उसने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। मामला रहीमाबाद थाना क्षेत्र के गहदो गांव का है। जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माल की टीम टीकाकरण करने गांव पहुंची थी। साहिल के दो माह के बेटे उमर को भी टीका लगाया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि टीका लगने के बाद से ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी थी। और भी बच्चों की तबीयत खराब हुई मृतक शिशु के अलावा, मोहल्ले के अन्य बच्चे इमरान, अलिजा, आकिब और एक अन्य शिशु की तबीयत भी खराब हो गई। सभी बीमार बच्चों को तत्काल इलाज और जांच के लिए सीएचसी माल भेजा गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि टीकाकरण गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर किया गया था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में अब तक कोई बयान नहीं आया है। खबर अपडेट की जा रही है…
राजस्थान में जमीनों से जुड़े मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां रेवेन्यू कोर्ट्स में 6.72 लाख से ज्यादा केस लंबित हैं। इनमें से करीब 64 फीसदी मामले केवल एसडीएम स्तर पर ही अटके हुए हैं। हालात यह हैं कि कई कोर्ट में पूरे साल में सिर्फ एक ही केस का निपटारा हो पा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल, जमीनों से जुड़े विवादों का निपटारा होने में हो रही देरी के कारण सरकार और रेवेन्यू कोर्ट पर काम का दबाव बढ़ता जा रहा है। कोर्ट में काम के हालात ये है कि कई तो ऐसे है जहां पूरे साल में एक ही केस का डिस्पोजल कर पा रहे है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट बताती है कि वर्तमान समय में राज्य के विभिन्न रेवेन्यू कोर्ट (राजस्व मंडल और अधीनस्थ राजस्व कोर्ट) में 6.72 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग है। इस पेंडेंसी के पीछे सबसे बड़ा कारण कर्मचारियों की प्रोपर ट्रेनिंग न होना और कोर्ट में स्टाफ की कमी बताया जा रहा है। पिछले दिनों सरकार के स्तर पर हुई एक रिव्यू बैठक में ये रिपोर्ट रखी गई। इसमें बताया गया कि राजस्थान में रेवेन्यू कोर्ट में बड़ी संख्या में मामले पेंडिंग है। इनकी संख्या 6 लाख 72 हजार से ज्यादा है। कोर्ट वाइज देखें तो सबसे ज्यादा करीब 4.33 लाख से ज्यादा मामले तो केवल एसडीएम कोर्ट में ही पेंडिंग चल रहे है, जो कुल पेंडेंसी का 64 फीसदी से ज्यादा है। केस लंबित होने ये है तीन बड़े कारण सरकार को पेश की गई रिपोर्ट में कोर्ट केसेज के लंबित होने के पीछे कुछ कारण भी बताए है। इसमें सबसे बड़ा कारण कोर्ट में काम करने वाले कर्मचारियों का प्रशिक्षित न होना है। अधिकांश कर्मचारी जो रेवेन्यू कोर्ट या अधीनस्थ कोर्टों में लगे हैं, उन्हें कोर्ट में काम करने का अनुभव या तो कम है या उन्हें प्रोपर ट्रेनिंग नहीं दी गई है। इसके अलावा दूसरा बड़ा कारण कोर्ट से जारी नोटिस, आदेशों को तामिल करने में हो रही देरी मान रहे है। अक्सर कोर्ट में लगे केसों पर सुनवाई में देरी का बड़ा कारण पक्ष या विपक्ष को तामिल होने वाले नोटिस में देरी होना है। इसी तरह तीसरा बड़ा कारण कोर्ट में लगने वाले केसों की मौका रिपोर्ट में होने वाली देरी है। अक्सर केस लगने के बाद मौके की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों से मांगी जाती है, तो उसके लिए तहसीलदार, पटवारी या अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट में देरी को माना है। 2.17 लाख मामले 5 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग इन रेवेन्यू कोर्ट में लंबित केसों में करीब 2.17 लाख केस ऐसे है, जो पिछले 5 साल या उससे भी ज्यादा समय से पेंडिंग चल रहे है। रिपोर्ट के मुताबिक, 1.34 लाख से ज्यादा केस (5 से 10 साल की अवधि से), 75 हजार से अधिक केस ऐसे (10 से 20 साल की अवधि) और 6 हजार से ज्यादा केस (20 से 30 साल की अवधि) और 330 से ज्यादा केस ऐसे है, जो 30 साल या उससे ज्यादा समय से पेंडिंग है। पूरे साल में केवल एक ही केस का डिस्पोजल कोर्ट में केसों की पेंडेंसी के हालात कितने बुरे हैं ये रिपोर्ट में भी सामने आया है। कुछ कोर्ट तो ऐसी है, जहां पूरे साल में केवल एक ही केस का डिस्पोजल हुआ है। इसमें एसडीओ कोर्ट सादूलशहर (गंगानगर), सहायक कलेक्टर कोर्ट टोंक और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (SDM) कोर्ट फलोदी शामिल है। इन दोनों ही कोर्ट में बीते एक साल वित्तवर्ष (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक) में केवल एक-एक केसों का ही डिस्पोजल हुआ है।
सहरसा नगर निगम क्षेत्र के पूरब बाजार स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में 1000 से अधिक महिलाओं और कुमारी कन्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे शहर में भक्तिमय वातावरण बन गया। यह कलश यात्रा कथा स्थल से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी और वापस आयोजन स्थल पर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालु महिलाओं ने अपने सिर पर कलश रखकर भक्ति गीत गाए और जयघोष किए, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक हो गया। मार्ग में लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। वृंदावन से आई कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला वृंदावन से पधारीं प्रसिद्ध कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला भी इस कलश यात्रा में शामिल हुईं, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। यह सात दिवसीय भागवत कथा 10 अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी, जिसमें डॉ. शुक्ला प्रतिदिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगी। सहरसा आगमन पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कथा वाचिका डॉ. शिवानी कृष्णा शुक्ला ने कहा कि वह पहली बार इस शहर में आई हैं। उन्होंने यहां के लोगों, विशेषकर युवाओं में धर्म के प्रति गहरी आस्था देखकर संतोष व्यक्त किया। डॉ. शुक्ला ने युवाओं की धार्मिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी को समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया। 5 सालों से किया जा रहा आयोजन आयोजकों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों से इस प्रकार के धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। हालांकि, इस बार लोगों का उत्साह और सहभागिता पहले से कहीं अधिक देखने को मिल रही है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। इस आयोजन से न केवल धार्मिक माहौल मजबूत हो रहा है, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और संस्कारों का भी प्रसार हो रहा है। आने वाले दिनों में कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
बागपत के मविकला स्थित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि एक सड़क हादसा हुआ। इस दुर्घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, रामनगर बड़ौत निवासी आकाश (पुत्र बाबूराम) और चौधरान पट्टी बड़ौत निवासी शिवम (पुत्र ओमवीर) अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से बिजरोल से एक्सप्रेसवे पर चढ़े थे। वे दिल्ली की ओर जा रहे थे। एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ते ही उनकी मोटरसाइकिल अचानक हाईवे पर लगे पत्थर के बैरियर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया। हालांकि, परिजनों ने उन्हें मेरठ ले जाने के बजाय बड़ौत के नरेंद्र हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। फिलहाल दोनों का इलाज वहीं जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें लगातार निगरानी में रखा जा रहा है।
झाबुआ में गेहूं खरीदी शुरू:18 केंद्रों पर तुलाई का आगाज, 30 हजार टन उपज का लक्ष्य
झाबुआ जिले में शुक्रवार से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य 18 केंद्रों पर विधिवत शुरू हो गया है। प्रशासन ने इस वर्ष कुल 30 हजार टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले चरण में 2 हेक्टेयर तक की खेती वाले छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन किसानों से अधिकतम 100 क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी मिलेगा। इस वर्ष पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में जहां 5333 किसानों ने पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 7134 तक पहुंच गई है। पेटलावद और रायपुरिया के छापरापाड़ा केंद्रों पर एसडीएम तनुश्री मीणा ने तोल कांटे का पूजन कर खरीदी का शुभारंभ किया। पेटलावद में विपणन सहकारी संस्था के प्रबंधक गजराज सिंह देवड़ा ने बताया कि किसानों के स्लॉट पहले ही बुक किए जा चुके थे और पहले दिन लगभग एक हजार क्विंटल गेहूं तुलाई का लक्ष्य रखा गया। रायपुरिया केंद्र पर पहुंचे पहले किसानों हरिराम पाटीदार, रामेश्वर पाटीदार और नानालाल पाटीदार का स्वागत किया गया। केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, छाया और अन्य बुनियादी इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। किसानों की समस्याएं सुनीं शुभारंभ के दौरान एसडीएम ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। छापरापाड़ा में संस्था प्रबंधक भागीरथ पाटीदार ने केंद्र पर एक बड़े डोम (चद्दर शेड) के निर्माण की मांग रखी। किसान नेताओं का मानना है कि गेहूं रिजेक्ट होने और लोन की राशि समायोजित होने जैसे कारणों से अभी भी कई किसान अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर लाने से कतराते हैं, जिसे दूर करना प्रशासन के लिए चुनौती होगी। इस अवसर पर खाद्य विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुरेश तोमर, शाखा प्रबंधक मनोज शुक्ला सहित कई विभागीय कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
आगरा के थाना कोतवाली क्षेत्र के किनारी बाजार में गुरुवार देर रात करीब 12:45 बजे एक चार मंजिला पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय बाजार बंद होने के कारण बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन पास की दुकानों को भारी क्षति पहुंची है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फिलहाल पुलिस ने रास्ता बैरिकेड कर दिया गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गिरी हुई इमारत करीब 150 साल पुरानी थी और सामान्य रूप से भी खाली ही रहती थी। लोगों का आरोप है कि इसके पीछे पिछले करीब एक साल से चल रहे निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था और लापरवाही बरती जा रही थी। उनका कहना है कि नियमानुसार पहले सामने की इमारत को तोड़ा जाना था, लेकिन उससे पहले ही यह ढह गई। बताया जा रहा है कि दिन में यहां मजदूर काम कर रहे थे, जबकि हादसा रात में हुआ। प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप ने बताया, “अचानक तेज आवाज आई और चारों तरफ धुआं फैल गया। हम पास में ही थे, बिल्डिंग गिरते ही हमारी धड़कनें तेज हो गईं। भगवान की कृपा से हम बाल-बाल बच गए। वहीं हादसे का सीसीटीवी सामने आया है। हादसे में एक सजावट के सामान की दुकान पूरी तरह मलबे में दब गई, जिससे उसमें रखा सारा सामान नष्ट हो गया। वहीं बगल में स्थित ‘पंजाब बूट हाउस’ नाम की फुटवियर दुकान भी प्रभावित हुई है। दुकान के सामने मलबा जमा होने के कारण उसे खोला नहीं जा सका है और उसमें दरार आने की आशंका जताई जा रही है। दुकान में काम करने वाले पूरन ने बताया, “मालिक ने फोन कर जानकारी दी तो हम तुरंत मौके पर पहुंचे। यहां देखा कि मलबा हटाने के लिए ट्रॉलियां लगाई गई थीं और जेसीबी भी काम कर रही थी। फिलहाल दुकान के सामने मलबा पड़ा है, इसलिए दुकान नहीं खुल पाई है। खुलने के बाद ही नुकसान का अंदाजा लग सकेगा।” स्थानीय निवासी जगदीश का कहना है कि बिल्डिंग गिरने से फुटवियर की दुकान में दरार आना तय है। वहीं सजावट की दुकान के मालिक के बेटे हर्षित ने बताया कि उनकी दुकान में काफी सामान था, जो पूरी तरह मलबे में दब गया है। घटना के बाद मलबा सड़क पर फैल गया, जिससे रास्ता भी बंद हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए मलबा हटाने का काम शुरू कराया। फिलहाल हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर स्थानीय लोग इसे निर्माण कार्य में लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं। इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, जबकि मलबे में दबे सामान के कारण व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
इंदौर की संयोगितागंज पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजगढ़ के रहने वाले हैं और शहर के नवलखा क्षेत्र में लगने वाले हाट बाजार को निशाना बनाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हाट बाजार में भीड़ का फायदा उठाकर मौका देखकर लोगों की गाड़ियां चुरा लेते थे और फिर फरार हो जाते थे। हाल ही में पुलिस ने हाट बाजार से एक आरोपी को पकड़ लिया था। पूछताछ में उसने अपने दो साथियों के नाम बताए, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि चोरी की गाड़ियों को वे राजगढ़ ले जाकर सस्ते दामों में बेच देते थे। पकड़े गए आरोपियों में अनवर सहित उसके दो अन्य साथी शामिल हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
ललितपुर में 20 लाख की ठगी का आरोप:लोन सब्सिडी का लालच देकर मशीनरी हड़पी, FIR दर्ज कर जांच शुरू
ललितपुर कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला रावतयाना निवासी एक युवक ने 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने लोन राशि और सब्सिडी का पैसा हड़पकर मशीनरी भी हड़प ली है। रावतयाना निवासी अमन झा ने पुलिस को बताया कि एनएच-44 झांसी-ललितपुर रोड पर बड़ी नहर के पास उनकी पारिवारिक दुकान शिवलाल झाँ को किराए पर दी गई थी। इस दुकान में शिवलाल के साथ सरदार मनोज सिंह (पिता बलराम सिंह, निवासी बांसी, थाना जखौरा) पार्टनरशिप में काम करता था। एक दिन दुकान पर बैठे अमन के पिता ने अपने बड़े बेटे अमित झाँ को बीएएमएस कराने की चर्चा की। इसी दौरान सरदार मनोज सिंह ने उन्हें विश्वास में लिया और कहा कि बैंक में उसकी अच्छी पहचान है, वह कम ब्याज पर लोन और सरकारी सब्सिडी दिलवा देगा। आवश्यक दस्तावेज सरदार मनोज सिंह को सौंप दिए आरोपी ने कुल 50 लाख रुपये (30 लाख लिमिट + 20 लाख सीसी कैश क्रेडिट) के दो लोन स्वीकृत करवाने का झांसा दिया। साथ ही 17.50 लाख रुपये सरकारी सब्सिडी और 7.50 लाख रुपये अन्य सब्सिडी का लालच भी दिया। परिवार ने भरोसा कर सभी आवश्यक दस्तावेज सरदार मनोज सिंह को सौंप दिए। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 8 लाख रुपये सी.ए., पंजाब नेशनल बैंक (गुडलक होटल शाखा) के तत्कालीन मैनेजर और खादी उद्योग कर्मचारियों के नाम से निकाले। इसके अलावा, 18 लाख रुपये की मशीनरी अपनी फर्मों 'रूप एग्रो इंडस्ट्रीज', 'शिवा इंडस्ट्रीज' (राइस मिल रोड, टिब्बी हरिसिंह बाला, सरदोईगढ़, पंजाब) और 'कुमार ट्रेडर्स' (चौकाबाग, ललितपुर) से मंगवाई। उसने 1,65,280 रुपये एफडी के नाम पर अपने खाते में भी डलवा लिए। एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी मंगवाई गई मशीनरी में जानबूझकर कई पार्ट्स नहीं लगवाए गए, जिसके कारण वह बंद पड़ी है। जब परिवार ने मशीनरी पूरी करवाने या पैसा वापस करने को कहा तो आरोपी टालमटोल करता रहा। बाद में पता चला कि वह इसी तरह कई अन्य लोगों से भी ठगी कर चुका है। शिकायतकर्ता अमन झा ने बताया कि उनके पिता की सारी जमा पूंजी और मां मीना कुमारी के नाम का लोन भी ठगा गया है। अब वे लोन की किस्तें भरने में असमर्थ हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है और माता-पिता बीमार हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सतना के उचेहरा थाना क्षेत्र के गोबरांव कला गांव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया। सुबह करीब 10 बजे ग्रामीणों ने मूर्ति टूटी हुई देखी, जिसके बाद उन्होंने सड़क पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस घटना के कारण उचेहरा-नागौद मार्ग पर यातायात अवरुद्ध हो गया। गोबरांव कला गांव के तिराहे पर स्थापित अंबेडकर प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोती गई थी और उसका एक हाथ भी तोड़ दिया गया था। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सोमेश द्विवेदी के साथ उचेहरा एवं नागौद थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बीते दिनों गांव के कुछ लोगों को बाबा साहब की प्रतिमा तोड़ने की धमकी दी गई थी। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और खंडित प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। लगभग डेढ़ घंटे की समझाइश के बाद, ग्रामीण नई प्रतिमा स्थापित करने और दोषी आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई किए जाने की बात पर सहमत हो गए। प्रशासन द्वारा चित्रकूट से नई अंबेडकर प्रतिमा मंगाई जा रही है। ग्रामीणों ने भी पूजा-पाठ के साथ नई मूर्ति की स्थापना की तैयारी कर ली है। एसडीएम सोमेश द्विवेदी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है और नई प्रतिमा आते ही विधि-विधान के साथ स्थापित करा दी जाएगी।
शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे हाईकोर्ट के सामने अचानक ही चलती बाइक में आग लग गई। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बाइक चालक भी बीच रोड में जलती बाइक छोड़कर दूर हो गया। घटना हाईकोर्ट के गेट नंबर छह के सामने की है। इस दौरान हाईकोर्ट की सुरक्षा में मौजूद एसएएफ के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए मौके पर पहुंचे और फायर बूसर से आग को बुझाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की दमकल वाहन को भी बुलाया गया, पर उससे पहले ही बाइक में लगी आग बुझ गई थी। चलती बाइक में अचानक लगी आग जानकारी के मुताबिक, मछली व्यवसायी की बाइक थी। व्यवसायी बाइक से बाजार की तरफ जा रहा था, जैसे ही हाईकोर्ट के सामने पहुंचा तो उसकी बाइक में आग लग गई। चालक बंशी फौरन बइक से नीचे उतरा और बाइक वहीं छोड़कर दूर हो गया। पुलिस ने दोनों तरफ का रास्ता बंद करते हुए राहगीरों को दूर हटा दिया। हाईकोर्ट की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मीयों ने बुझाई आग यह घटना पास ही मौजूद हाईकोर्ट की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मीयों ने देखी, जिसके बाद गेट पर रखे फायर बूसर से ना सिर्फ जल्द ही आग बुझाई, इसके साथ ही घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग को भी सूचना दी है। अच्छी बात यह है कि समय रहते बाइक में लगी आग को बुझा दिया गया। फिलहाल घटना के बाद बाइक सवार वहां से आगे के लिए रवाना हो गया।
जौनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। यह विरोध कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ सरमा द्वारा कथित तौर पर अमर्यादित भाषा के प्रयोग को लेकर किया गया। जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेसियों ने हिमंत बिस्वा सरमा का चुनाव रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की। पुतला दहन के बाद सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने हिमंत बिस्वा सरमा को देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा के कार्यकाल में असम में सरकारी संरक्षण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और उनके परिवार ने राज्य के धन का गबन कर विदेशों में निवेश किया। तत्काल गिरफ्तारी और जेल भेजने की बात कही डॉ. सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद सरमा ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर चुनाव के दौरान असम पुलिस के दुरुपयोग और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। डॉ. सिंह ने चुनाव आयोग से सरमा का निर्वाचन तत्काल रद्द करने और उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की, साथ ही आयोग पर भाजपा के भ्रष्टाचार का समर्थन करने का भी आरोप लगाया। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आरिफ खान ने भी भाजपा पर भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को गाली देना भाजपा की आदत बन गई है। खान ने हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी के खिलाफ ईडी और सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही उनकी तत्काल गिरफ्तारी और जेल भेजने की बात कही। आरिफ खान ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकु भुइयां सरमा की विदेशी संपत्तियों, पासपोर्ट और विदेशी गोल्डन कार्ड की जांच की भी मांग की। इस मौके पर शेर बहादुर सिंह जिला उपाध्यक्ष, निलेश सिंह जिला महासचिव, लाल प्रकाश पाल जिला उपाध्यक्ष, अरुण शुक्ला, बाड़ू राम, मनीष सिंह, तौफीक अहमद शहर उपाध्यक्ष, वैस खान, सैफ खान, राज कुमार गुप्ता, ताहिर, राजा, रिजवान अली, अशरफ अली, अरविन्द यादव, संतोष निषाद, इक़बाल, शशि यादव आदि मौजूद रहे।
मोतिहारी जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस ने स्प्रिट माफियाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में पिपराकोठी थाना क्षेत्र से स्प्रिट तस्कर सुनील सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसकी निशानदेही पर एक मुर्गी फार्म में छापेमारी कर 52 लीटर स्प्रिट बरामद की गई, साथ ही दो अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया। पुलिस ने पिपराकोठी थाना कांड संख्या 88/24 में नामजद अभियुक्त सुनील सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने मुर्गी फार्म पर मारा छापा सुनील सिंह से मिली जानकारी के आधार पर डीएसपी सदर-02 के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के रूलही सनीचरी गांव स्थित एक मुर्गी फार्म पर छापा मारा। यह फार्म मदन प्रसाद और शम्भु प्रसाद का बताया जा रहा है। छापेमारी के दौरान मौके से प्रकाश साह (पिता छोटेलाल साह, निवासी पोखरा शेख टोली, थाना कोटवा) और दिलीप राम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने फार्म से कुल 52 लीटर अवैध स्प्रिट भी बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से स्प्रिट का अवैध कारोबार करते थे। वे स्प्रिट माफियाओं से माल खरीदते थे और उसे सुनसान जगहों पर उतारकर आगे विभिन्न स्थानों पर सप्लाई करते थे। नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश जारी इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एक नया केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब और स्प्रिट के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान जारी रहेगा।
भागलपुर पुलिस ने अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। अलग-अलग थाना क्षेत्र से लूटकांड, तस्करी और जमीन पर कब्जा मामले में 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। SSP प्रमोद कुमार ने इसकी पुष्टि की है। जमीन पर कब्जा मामले में 8 बदमाश को पकड़ा प्रेस वार्ता में एसएसपी ने बताया कि बरारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने जमीन पर जबरन कब्जा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित के आवेदन पर बरारी थाना कांड संख्या 75/2026 दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। बाबूलाल कुमार यादव, फुकन तांती, अमर कुमार, सूरज कुमार, सागर कुमार, कमल कुमार चौधरी, रोहित कुमार और प्रिंस पांडेय की गिरफ्तारी हुई है। जमीन से जुड़े कई कागजात मिले हैं। कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया गया है। 8 लाख रुपए की हुई थी लूट अकबरनगर थाना क्षेत्र के बंसतपुर निवासी मेंदू कुमार 4 अप्रैल को पेट्रोल पंप से रुपए जमा करने जा रहे थे। इस दौरान सादपुर मोड़ के पास अज्ञात अपराधियों ने कट्टा दिखाकर करीब आठ लाख रुपए लूट लिए थे। इस संबंध में शाहकुंड थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तकनीकी एवं मानवीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गोराडीह के भैरोगंज निवासी सतन कुमार यादव को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए। लूट में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर रामपुरखुर्द के पास छापेमारी कर पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान इंदु कुमार के रूप में हुई है। 3.82 ग्राम ब्राउन शुगर, मोबाइल और पांच हजार कैश बरामद हुआ है। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गाजियाबाद में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आज असम के मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का प्रयास किया। इस मौके पर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जबरन पुतला छीन लिया। इसके लेकर उनके बीच धक्का मुक्की हुई। बाद में पुलिस पुतला ले गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पुलिस ने धक्का मुक्की कर हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिराने का प्रयास किया है। खड़गे पर टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन कांग्रेस जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा और पूर्व महानगर अध्यक्ष लोकेश चौधरी का कहना है कि आज कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर जुटे। कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिसवा शर्मा का नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। यह प्रदर्शन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति की गई कथित अभद्र और अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में किया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि असम के मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। यह एक मुख्यमंत्री शोभा नहीं देता। हालांकि पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को पुतला दहन नहीं करने दिया और जबरन पुतला छीन कर ले गई।
बुलन्दशहर पुलिस ने NAFIS रैंकिंग में प्रथम स्थान पाया:वर्ष 2025 में प्रदेश स्तर पर हासिल की उपलब्धि
बुलन्दशहर पुलिस ने NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) प्रणाली की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में वर्ष 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में हासिल की गई। NAFIS प्रणाली अपराधियों के फिंगरप्रिंट डेटा का डिजिटल संकलन और विश्लेषण कर उनकी त्वरित पहचान सुनिश्चित करती है। इससे अपराधों के अनावरण और अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी आती है। जनपदीय पुलिस ने आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है।इस उपलब्धि पर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी जनसेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते रहने के निर्देश दिए।NAFIS प्रणाली का कार्य देख रहे पुलिसकर्मियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
जालंधर जिले में प्रशासनिक फेरबदल के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी वरजित सिंह वालिया ने नए डिप्टी कमिश्नर (DC) के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। उन्होंने डॉ. हिमांशु अग्रवाल के जगह पदभार संभाला है़, जिनका हाल ही में तबादला हुआ था। पदभार ग्रहण करने से पहले वालिया को पुलिस की टुकड़ी द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। इस दौरान स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों ने फूलों के गुलदस्ते भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। डॉ. हिमांशु अग्रवाल की जगह ली 2018 बैच के IAS वरजित सिंह वालिया ने डॉ. हिमांशु अग्रवाल से चार्ज लिया है। डॉ. अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान जिले में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य और चुनाव प्रक्रियाएं संपन्न हुई थीं। अब जालंधर की कमान वालिया के हाथों में है, जिनसे शहरवासियों और प्रशासन को काफी उम्मीदें हैं।फूलों के गुलदस्तों से अभिनंदनपदभार संभालने के तुरंत बाद, जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और स्थानीय निवासियों ने नए डीसी से मुलाकात की। लोगों ने उन्हें फूलों के गुलदस्ते भेंट किए और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। वालिया ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया और प्रशासनिक टीम के साथ संक्षिप्त परिचय बैठक भी की। प्रशासनिक प्राथमिकताएं इस अवसर पर मीडिया और अधिकारियों से रूबरू होते हुए डीसी वरजित सिंह वालिया ने कहा कि वह 2018 बैच के आईएएस ऑफिसर है। इस दौरान उन्होंने जालंधर वासियों को विश्वास दिलाया कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सरकार की पॉलिसी को जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।इसी के साथ लोगों की समस्याओं को हल किया जाएगा। इसी के साथ कमियों को जल्द दूर किया जाएगा। डीसी ने कहा कि वह इससे पहले रूप नगर में सेवाएं निभा चुके है। उस दौरान उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वें दिवस के दौरान सेवाएं निभाने का अवसर प्राप्त हुआ था। इस बड़ी जिम्मेदारी को उन्होंने टीम के साथ मिलकर श्रद्धा के साथ निभाया। उसके बाद पटियाला में डिप्टी कमिशनर की सेवाएं निभा चुके है, वहीं आज से जालंधर में डिप्टी कमिशनर की सेवाएं निभाने जा रहे है।उन्होंने कहा कि आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान वह जालंधर में एक साल रह चुके है। दरअसल, कोविड के दौरान उनकी जालंधर में एक साल की ट्रेनिंग थी। इस दौरान कोविड, बाढ़ के दौरान काफी काम किया था। डिप्टी कमिशनर ने कहा कि जालंधर के साथ उनका पुराना नाता है। ऐसे में उस दौरान की गई मेहनत को अब आगे ले जाने का समय है। डिप्टी कमिशनर ने कहा कि सबसे पहले पंजाब सरकार की पब्लिक की फायदों की सेवाएं को जल्द से जल्द लागू करना मुख्य उद्देश्य रहेंगा।
पठानकोट के मलिकपुर चौक में 13 दिन पहले थार से कुचल दुकानदार को बुरी तरह घायल करने वालों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे निराश दुकानदार के परिवार, दोस्तों और इलाका वासियों ने आज एसएसपी दफ्तर पहुंच इंसाफ मांगा है। घायल दुकानदार मुनीष डीएमसी लुधियाना में भर्ती है और उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। घायल मुनीष की मां ने रोते हुए कहा कि पुलिस आरोपियों को जानबूझ कर नहीं पकड़ रही। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपियों की कार पुलिस ने बरामद कर ली है और आरोपियों को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा। पूरी वारदात 26 मार्च को हुईबता दें, उक्त पूरी वारदात 26 मार्च को हुई। मलिकपुर चौक के पास ट्रक ड्राइवर और थार चालक के बीच रोडरेज के बाद स्थानीय दुकानदार मुनीष उनका झगड़ा सुलझाने के लिए गया था। मनीष ने उक्त कार चालक को उसके हुए नुकसान की भरपाई के बदले 2000 रुपए लेकर झगड़ा खत्म करने के लिए कहा। लेकिन, कार चालक झगड़ने लगा और ट्रक चालक को धमकियां देने लगा। इसके बाद माहौल इतना गरमा गया कि दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। मुनीष कार चालकों को समझा ही रहा था कि कार चालक मुनीष से भिड़ गए और धमकियां देने लगे। मुनीष पर चढ़ाई कारविवेक महाजन ने बताया कि थार गाड़ी सवार युवकों ने उसके भाई मुनीष को धमकाना शुरू कर दिया और थार में सवार हो वहां से चले गए। उसका भाई रोड से कुछ साइड पर खड़ा था। थार गाड़ी सवार अचानक वापिस आए और थार गाड़ी उसके भाई मुनीष पर चढ़ा दी। उसका भाई जमीन पर गिर गया और थार गाड़ी के नीचे आ गया। मुनीष के दोनों पैर और दांत भी टूटेविवेक महाजन ने बताया कि इससे मुनीष के सिर, मुंह व डिस्क पर काफी गंभीर चोटें लगीं। घायल मुनीष के दोनों पैर टूट गए और दांत भी टूट गए। घायल मुनीष के शरीर पर काफी गंभीर चोटें लगीं। इस दौरान थार गाड़ी सवार युवक गाड़ी लेकर मौके से जम्मू साइड की ओर भाग गए। 13 दिनों से जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहा मुनीषविवेक महाजन ने बताया कि पिछले 13 दिनों से मनीष जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। मुनीष डीएमसी लुधियाना में भर्ती है और मनीष की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। परिवार सदस्यों ने पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई ना करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि परिवार की मांग है, कि उनके बेटे की इस हालत के जिम्मेदार फरार कार चालकों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों ने पुलिस चौकी स्थापित करने की उठाई मांगस्थानीच दुकानदारों ने इस झगड़े संबंधी पुलिस प्रशासन को भी शिकायत दी है। दुकानदारों की मांग है कि उक्त घटनास्थल पर के निकट एक पुलिस चौकी होती थी। जिसको दोबारा स्थापित कर ऐसी घटनाओं पर विराम लगाया जाए। क्योंकि, मलिकपुर चौक से लोग हिमाचल, जेएंडके और अन्य राज्यों में जाते है। लोगों की यहां भारी भीड़ रहती है।पूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने कार्रवाई की उठाई मांगवहीं, पूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने आज पीड़ित परिवार के साथ दुख साझा किया और कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े है। पुलिस प्रशासन चाहता तो समय पर कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिला सकता था। लेकिन, समय रहते पुलिस ने भी कार्रवाई नहीं की है। अब वे भी पुलिस से यह मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार को बनता इंसाफ दिलाया जाए।कार बरामद आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारीथाना सुजानपुर प्रभारी मोहित टाक ने कहा कि 4 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया गया है। कार भी रिकवर कर ली गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी का जा रही है। जल्द की आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) दफ्तर के पास एक डेयरी संचालक पर गोली चलाने का मामला सामने आया है। बाइक सवार दो युवकों ने डेयरी संचालक पर फायरिंग की। हालांकि, संचालक के नीचे झुक जाने से वह गोली लगने से बाल-बाल बच गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर कसोला पुलिस मौके पर पहुंची और बाद में दोनों आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत CIA धारूहेड़ा ने गिरफ्तार कर लिया गया। बाइक पर डेयरी पर पहुंचा था संचालक पुलिस को दी शिकायत में आसलवास निवासी सतबीर ने बताया कि HSIIDC दफ्तर के पीछे उसकी गाय के दूध की डेयरी है। बीते दिन सुबह करीब 6 बजे वह अपने गांव से बाइक पर डेयरी पहुंचा था। उसने आरोप लगाया कि वहां बाइक सवार अन्नू और नीरज आ गए। अन्नू ने उस पर पिस्टल से दो राउंड फायर किए। जिस पर वह नीचे झुक गया, जिससे गोलियां उसके सिर के ऊपर से निकल गईं। फायरिंग के बाद दोनों आरोपी बाइक लेकर फरार हो गए। सतबीर ने तुरंत कसोला पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सीन ऑफ क्राइम टीम को भी बुलाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटनास्थल पर गोली चलने की पुष्टि की और गोली का खाली खोल भी बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, गोली हवा में चलाई गई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर दो आरोपियों को पकड़ा गोली चलने की सूचना पर कसोला थाना पुलिस के साथ डीएसपी सुरेंद्र श्योराण भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। गोली चलने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उनकी तलाश शुरू की। डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग जगहों से CIA धारूहेड़ा ने गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी पूरे मामले की आरोपियों से पूछताछ की जा रही।
अमित शाह ने जारी किया बंगाल के लिए भाजपा का 'संकल्प पत्र'; महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
अमित शाह ने कोलकाता में BJP का 'संकल्प पत्र' जारी कर पश्चिम बंगाल में बदलाव का वादा किया है। यह संकल्प पत्र भाजपा की 2026 विधानसभा चुनाव रणनीति का अहम हिस्सा है।
मैनपुरी में 2.27 लाख मतदाता सूची से हटाए गए:जिलाधिकारी ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण पर दी जानकारी
मैनपुरी में शुक्रवार को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक प्रेसवार्ता में बताया कि जनपद की मतदाता सूची से 2,27,000 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। यह कार्रवाई मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत की गई है। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद की चारों विधानसभाओं में कुल 14 लाख मतदाता थे, जिनमें से 2,27,000 नाम विलुप्त पाए गए। हटाए गए मतदाताओं में वे लोग शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो दूसरे जिलों की मतदाता सूची में शामिल हो गए हैं। इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत सभी पोलिंग बूथों और राजनीतिक दलों का सहयोग लिया गया। घर-घर जाकर सर्वेक्षण कराया गया, जिसके बाद यह आंकड़े सामने आए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया अभी भी जारी है। प्रेसवार्ता में विभिन्न राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्ष भी उपस्थित थे। इनमें समाजवादी पार्टी के आलोक शाक्य, भारतीय जनता पार्टी की ममता राजपूत, आम आदमी पार्टी के संतोष कुमार, अपना दल के रवि पाल और कांग्रेस पार्टी के गोपाल कुलश्रेष्ठ प्रमुख थे। बहुजन समाज पार्टी के प्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद रहे।
हनुमानगढ़ जिले में डकैती की साजिश रचने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फेफाना थाना पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 7 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामनिवास उर्फ अर्जुनराम (34) निवासी कागदाना और सुनील उर्फ डेला उर्फ डेलिया (30) निवासी जांडवाला छोत्तर, फतेहाबाद के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं और गिरफ्तारी के समय भादरा क्षेत्र में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, डकैती, चोरी और ठगी जैसे लगभग 10 मामले दर्ज हैं। इन दोनों की गिरफ्तारी से पहले, इस मामले में 5 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था। गौरतलब है कि 29 मार्च 2026 को गोगामेड़ी थाना पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे गिरोह के 5 सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से एक विदेशी पिस्टल, एक देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, धारदार हथियार, हथौड़ी और पेचकस बरामद किए गए थे। इस संबंध में गोगामेड़ी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस की ऑनलाइन वर्किंग के तहत किए गए CCTNS रिव्यू में अजमेर जिले का दरगाह थाना प्रदेश के टॉप-5 थानों में शामिल हुआ है। वहीं अजमेर रेंज में भी दरगाह थाना टॉप-3 में जगह बनाने में सफल रहा है। इस उपलब्धि के बाद अब दरगाह थाना प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ थानों की अंतिम दौड़ में शामिल हो गया है। पुलिस मुख्यालय जयपुर की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, पूरे राजस्थान से चयनित टॉप-10 थानों में से अब टॉप-3 सर्वश्रेष्ठ थानों का चयन किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून-व्यवस्था) के निर्देश पर एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो चयनित थानों का फील्ड निरीक्षण कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगी। जारी आदेश में बताया गया है कि चयन प्रक्रिया के तहत थानों में जनता की संतुष्टि, पुलिस स्टाफ की टीम भावना, कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, CCTNS सिस्टम का प्रभावी उपयोग, भौतिक संसाधन और थाने की साफ-सफाई जैसे विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन किया जाएगा। कमेटी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा में निरीक्षण कर अपनी अनुशंसा पेश करनी होगी। इसके बाद प्रदेश के तीन सर्वश्रेष्ठ थानों का अंतिम चयन किया जाएगा। गौरतलब है कि जारी सूची में अजमेर का दरगाह थाना 5वें स्थान पर रहा है, माना जा रहा है कि जिले की पुलिस कार्यप्रणाली और डिजिटल सिस्टम के उपयोग में सुधार हुआ है। अब अंतिम चयन में स्थान बनाने के लिए दरगाह थाना मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। अजमेर जिले के लिए यह उपलब्धि अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे न केवल पुलिस की कार्यशैली को मान्यता मिली है, बल्कि आमजन में भी पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।
भीलवाड़ा में सड़क किनारे खड़ी कार में लगी आग:लोगों ने बाल्टी-केन से पानी भरकर डाला; पूरी राख हुई
भीलवाड़ा शहर के सांगानेरी गेट क्षेत्र में आज रोड के साइड में खड़ी एक कार में अचानक आग लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाया। मामला शहर के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के सांगानेरी गेट रोड का है। यहां रोड किनारे खड़ी एक कार में अचानक आग लग गई। कार में आग लगती देख मौके पर बड़ी संख्या मे लोग इकट्ठा हो गए। अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। लोगों ने बाल्टियों में पानी भर भर कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पार पहुंची और आग पर काबू पाया तब तक कार जलकर राख हो गई। कार में आग कैसे लगी फिलहाल इसका पता नहीं लग पाया है। सूचना मिलने पर सुभाष नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और कार मालिक की जानकारी जुटाई। लोगों ने केन से लाकर पानी डाला मौके पर मौजूद लोगों ने बताया- ये कार कुछ दिनों से यही खड़ी थी। अचानक से इसमें से धुआं और आग निकलती दिखाई दी। कार में आग लगती हुई देखकर लोग इकट्ठा हुए और बाल्टियों में पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। देखें मौके की तस्वीरें…
शहर के बेलाताली पार्क में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों को लेकर अमर सिंह मानव कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई है। समिति के सदस्यों ने पार्क में चोरी, नशेबाजी और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि बेलाताली पार्क स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। यहां कुछ असामाजिक तत्व लगातार अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे पार्क की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इन गतिविधियों के कारण आसपास रहने वाले लोगों में भी भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। समिति ने इस स्थिति को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। शिकायत मिलने पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल अपने अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का आश्वासन दिया। एसपी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान समिति के सदस्य रजत श्रीवास्तव, रविन्द्र सिंह, गौरव दिवेदी, विपिनेश दिवेदी, अमितेन्द्र सिंह और अनुराग सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। समिति के प्रतिनिधि अनूप सिंह मोनू (आवास विकास कॉलोनी, हरदोई) ने उम्मीद जताई कि पुलिस की सक्रियता से पार्क में जल्द ही शांति और सुरक्षा बहाल होगी।
शामली के जिला अस्पताल के सामने एक महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने और पैसे न देने पर महिला को भर्ती न करने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना शामली के जिला संयुक्त चिकित्सालय की है। बागपत के गांव असर निवासी उस्मान अपनी गर्भवती पत्नी कोसर को लेकर पहले कांधला अस्पताल गए थे। वहां से रेफर किए जाने के बाद वे कल रात लगभग 8 बजे जिला अस्पताल पहुंचे थे। जिला अस्पताल पहुंचने पर कोसर को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। परिजनों ने उपचार के लिए नर्सिंग ऑफिसर डॉ. मोनिका यादव से संपर्क किया। परिजनों का आरोप है कि भर्ती करने के लिए उनसे 50 हजार रुपए की मांग की गई। रकम न दे पाने के कारण महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। परिजनों को उच्च केंद्र रेफर करने की बात कही गई। इसके कुछ देर बाद ही महिला ने अस्पताल के ठीक सामने सड़क पर बच्चे को जन्म दे दिया। बच्चे के जन्म के तुरंत बाद अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंचा और महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के सीएमएस किशोर आहूजा ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
महासमुंद जिले में गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में विशेष न्यायालय ने दो आरोपियों को 15-15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) (।।) (ग) के तहत आया है। विशेष न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी ने यह सजा सुनाई। यदि दोषी पेनल्टी नही देते हैं, तो उन्हें एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। जानिए क्या था पूरा मामला अभियोजन पक्ष (Prosecutors) के अनुसार, यह मामला 25 अप्रैल 2023 का है। थाना कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति सफेद महिंद्रा मार्शल वाहन (क्रमांक OR 02 N 4031) में अवैध गांजा लेकर ओडिशा से बिक्री के इरादे से आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने टेमरीनाका में घेराबंदी की। संदिग्ध वाहन के मौके पर पहुंचते ही उसे रोक लिया गया और उसमें सवार व्यक्तियों से पूछताछ की गई। वाहन चालक ने अपनी पहचान मामड़ी पाका सतीश, पिता माधवराव, निवासी कोमादारी, विशाखापट्टनम बताई। उसके साथ बैठे व्यक्ति ने अपना नाम वंकरा सुनील माइकल, पिता बी. जेसूदास, निवासी कोमादारी, विशाखापट्टनम बताया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को सीट के नीचे बने गुप्त चेंबर और छत के हिस्से में छिपाकर रखा गया कुल 100 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। गांजा बरामद होने के बाद, दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक नूतन साहू ने प्रभावी पैरवी की। उनकी सशक्त दलीलों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए यह कठोर सजा सुनाई।
करनाल की तरावड़ी अनाज मंडी में मार्किट कमेटी चेयरमैन पर मंडी प्रधान को थप्पड़ मारने के आरोप के बाद माहौल गर्मा गया। घटना के विरोध में आज आढ़तियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और चेयरमैन के इस्तीफे की मांग उठाई। आढ़तियों ने मंडी में काम बंद करने का ऐलान भी किया, हालांकि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने की बात कही गई है। विवाद बढ़ने पर नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। कमिश्नर के दौरे के दौरान शुरू हुआ विवादमंडी प्रधान सुभाष गुप्ता ने बताया कि गुरूवार को तरावड़ी अनाज मंडी में चंडीगढ़ से कमिश्नर खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान एडीसी करनाल और एसडीएम तरावड़ी भी मौजूद थे। बैठक के दौरान मंडी की समस्याओं को उठाया गया। इसी बीच ज्ञान प्रसाद नामक ट्रांसपोर्टर ने पिछले साल की माल ढुलाई के भुगतान न मिलने की बात कही और आगे काम करने में असमर्थता जताई। चेयरमैन के बयान से भड़का मामलासुभाष गुप्ता के अनुसार, ट्रांसपोर्टर की बात के दौरान चेयरमैन रणदीप ने टिप्पणी की कि इन लोगों के पैसे नहीं आने चाहिए और इन्हें अंदर कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आढ़तियों ने स्कूटरों पर माल ढोया और मंडी के सभी आढ़ती गलत काम करते हैं। इस पर सुभाष गुप्ता ने मौके पर ही विरोध जताते हुए कहा कि चेयरमैन झूठ बोल रहे हैं और यदि एक भी आढ़ती दोषी साबित हो जाए तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। एसआईटी जांच में मिल चुकी है क्लीन चिटमंडी प्रधान ने बताया कि पहले हुई जांच में एसआईटी ने आढ़तियों को क्लीन चिट दी थी। इसके अलावा डीएफएससी के साथ बातचीत के बाद ट्रांसपोर्ट भुगतान का मुद्दा भी सुलझ चुका है। इसके बावजूद चेयरमैन द्वारा सभी आढ़तियों को चोर बताना गलत है। रात को थप्पड़ मारने का आरोपसुभाष गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के जाने के बाद उन्होंने चेयरमैन से इस बारे में बात की। इसके बाद रात करीब 8 बजे जब वे अपना स्कूटर लेने मार्किट कमेटी पहुंचे, तो चेयरमैन रणदीप ने पीछे से आकर उन्हें थप्पड़ मार दिया। उन्होंने कहा कि यह थप्पड़ सिर्फ उन्हें नहीं बल्कि पूरी मंडी को मारा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वे सिर्फ तरावड़ी मंडी ही नहीं, बल्कि जिले की सभी मंडियों के प्रधान हैं और अन्य मंडियों से भी समर्थन मिल रहा है। मंडी बंद, लेकिन किसानों को राहतघटना के बाद तरावड़ी मंडी के सभी आढ़ती एकत्रित हुए और मंडी को पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया। हालांकि सुभाष गुप्ता ने स्पष्ट किया कि किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। किसानों का अनाज दुकानों पर उतरवाया जाएगा और उसकी सफाई भी की जाएगी, लेकिन जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक न तुलाई होगी, न बिक्री और न ही उठान किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पूरे जिले की मंडियां बंद की जा सकती हैं। विधायक ने लिया संज्ञान, समाधान का भरोसामामले की गंभीरता को देखते हुए नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी मंडी पहुंचे। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है और इसकी पूरी जानकारी ली जा रही है। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने का भरोसा दिया।मंडी में हुए इस घटनाक्रम के बाद आढ़तियों में भारी रोष है। वे इसे अपने सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
3 टुकड़ों में मिला जनपद सदस्य का शव:दमोह में नाबालिग से रेप केस में फरार था, DNA टेस्ट कराएगी पुलिस
दमोह के मगरोंन थाना क्षेत्र में नाबालिग से रेप के फरार आरोपी जनपद सदस्य कूदन आदिवासी का शव शुक्रवार सुबह 9.30 बजे समन्ना रेलवे ट्रैक पर मिला। जबलपुर नाका चौकी पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दरअसल, कूदन आदिवासी पर एक 14 साल की नाबालिग से रेप का आरोप था। पीड़िता पांच महीने की गर्भवती है। शिकायत के बाद से फरार था आरोपी बुधवार दोपहर जब पीड़िता के पेट में दर्द हुआ, तब परिजनों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद परिजनों ने मगरोंन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। नाबालिग को मेडिकल टेस्ट के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया था। पुलिस आरोपी कूदन आदिवासी की तलाश कर रही थी। आरोपी बुधवार से ही घर से फरार था। परिजन बोले-झूठे आरोपों की वजह से की आत्महत्या मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कूदन आदिवासी पर झूठा आरोप लगाया गया था, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने न्याय की मांग की है। मृतक की पत्नी राधा रानी आदिवासी ने बताया कि उनके तीन बेटे और दस नाती-पोते हैं। उन्होंने दावा किया कि नाबालिग ने उनके पति पर झूठा आरोप लगाया था, जिसे वह सहन नहीं कर पाए और ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। बहन बोली-भाई अचानक से लापता हुआ मृतक की बहन शारदा आदिवासी ने बताया कि कि उनके भाई बुधवार रात को समन्ना गांव आए थे उन्होंने इस घटना के बारे में बताया था। गुरुवार को उनकी भाभी भी गांव पहुंची थीं। शुक्रवार सुबह कूदन आदिवासी अचानक घर से लापता हो गए, जिसके कुछ देर बाद ग्रामीणों ने समन्ना रेलवे ट्रैक पर उनके शव पड़े होने की सूचना दी। बेटा बोला-चुनावी रंजिश में गांव के लोगों ने झूठा फंसाया मृतक के बेटों ने कहा है कि पिता पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है, इसलिए उन्हें न्याय चाहिए। बेटे गुड्डा आदिवासी ने आरोप लगाया है कि चुनावी रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने पिता को झूठे मामले में फसवा दिया है। वह चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। मृतक का डीएनए टेस्ट कराएगी पुलिसजबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल ने बताया की समन्ना रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। वह मौके पर पहुंची मृतक की पहचान कूदन आदिवासी के रूप में हुई है। वह रेप के मामले में फरार चल रहा था। पोस्टमार्टम कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। आगे अब पुलिस मृतक का डीएनए टेस्ट कराएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके। भाजपा समर्थित नेता था मृतक जनपद सदस्य कूदन आदिवासी भाजपा समर्थित हैं। आदिवासी होने के चलते पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा ने समर्थन दिया था। इसके पहले उनकी पत्नी आदिवासी कोटे से फतेहपुर से सरपंच रह चुकी हैं। जनपद सदस्य पर लगे आरोपों पर बटियागढ़ जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि मंगल सिंह कुशवाहा ने बताया की जनपद सदस्य कूदन आदिवासी भाजपा समर्थित हैं। सुसाइड से पहले कुदन आदिवासी ने बताया उनके ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। वह इस उम्र में ऐसा काम क्यों करेंगे। इसलिए पुलिस निष्पक्ष तरीके से इस मामले में जांच करें। अगर वह दोषी हैं तो उन पर कार्रवाई की जाए। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…भाजपा नेता ने 14 साल की लड़की से किया दुष्कर्म:दमोह में पांच महीने की गर्भवती हुई दमोह के मगरोन थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता पांच माह की गर्भवती बताई जा रही है। आरोप फतेहपुर के भाजपा समर्थित जनपद सदस्य 50 साल के कुंदन आदिवासी पर लगा है। पूरी खबर पढ़ें...
सिरसा जिले के डबवाली खंड के गांव गंगा की दसवीं कक्षा की छात्रा महकदीप कौर ने 35वीं नेशनल सब जूनियर कबड्डी चैंपियनशिप 2026 में हरियाणा टीम को प्रथम स्थान दिलाया है। महाराष्ट्र के आलंदी पुणे में आयोजित तीन दिवसीय प्रतियोगिता के फाइनल में हरियाणा ने महाराष्ट्र को हराकर यह जीत हासिल की। हरियाणा टीम के विजेता बनते ही गांव गंगा में खुशी की लहर दौड़ गई। महकदीप कौर के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। खिलाड़ी महकदीप कौर के गांव लौटने पर आसपास के गांवों की ग्राम पंचायतों ने उनका भव्य स्वागत किया और आशीर्वाद दिया। उनके अभ्यास स्थल, गांव के खेल स्टेडियम में भी सैकड़ों की संख्या में खिलाड़ियों और गणमान्य लोगों ने बेटी का अभिनंदन किया। खुली जीप में गांव की गलियाें से गुजारा महकदीप को नोटों और फूलों की मालाएं पहनाकर खुली जीप में ढोल-नगाड़ों के साथ गांव की गलियों से गुजारा गया, जहां पुष्प वर्षा कर बेटी को आशीर्वाद दिया गया। खुली जीप पर विजय चिन्ह बनाए महकदीप कौर जब मोडी गांव पहुंचीं, तो वहां भी प्रवेश द्वार पर सैकड़ों महिलाओं, बच्चों, खिलाड़ियों और गणमान्य लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। अपने पैतृक गांव गंगा पहुंचने पर, गांव के अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने बेटी की इस उपलब्धि पर आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गांव के खेल स्टेडियम में भी महकदीप कौर के आगमन पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा जानकारी के अनुसार, महकदीप कौर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्रा हैं। उन्होंने पिछले काफी समय से सब जूनियर कबड्डी के लिए कड़ी मेहनत की थी, जिसका परिणाम इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में टीम की जीत के रूप में सामने आया। विद्यालय के प्राचार्य प्रेम कुमार ने बताया कि बेटी महकदीप कौर खेलों के साथ पढ़ाई में भी अहम रुचि रखती है। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरा क्षेत्र अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रांगण में शिक्षा के साथ खेलों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।जिसका जीता जागता उदाहरण महक दीप कौर है। उन्होंने अन्य खिलाड़ियों को भी खेलों में भाग लेकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाने की सलाह दी।
फरीदकोट में 2007 बैच की आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर बराड़ ने शुक्रवार को डिविजनल कमिश्नर के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया। इस अवसर पर पंजाब पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कार्यभार संभालने के दौरान डीसी पूनमदीप कौर और एसडीएम फरीदकोट पुनीत शर्मा समेत डिविजनल कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। कंवलप्रीत कौर बराड़ ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि लोगों को समय पर सरकारी सेवाएं मिल सकें। जनता की शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने का निर्देश इस दौरान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका त्वरित निपटारा किया जाए। साथ ही हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। बता दें कि कंवलप्रीत कौर बराड़ एक अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। फरीदकोट के प्रमुख प्रशासनिक पदों पर महिला अधिकारियों का दबदबा दिलचस्प बात यह है कि फरीदकोट जिले में प्रमुख प्रशासनिक पदों पर महिला अधिकारियों का दबदबा बढ़ गया है। इससे पहले डिप्टी कमिश्नर (पूनमदीप कौर) एसएसपी (डॉ. प्रज्ञा जैन) और फरीदकोट रेंज की आईजी (निलांबरी जगदले) पहले से तैनात हैं। अब डिविजनल कमिश्नर के रूप में कंवलप्रीत कौर बराड़ की तैनाती के साथ जिले के चार बड़े पदों पर महिला अफसरों की मजबूत मौजूदगी हो गई है।
जालंधर कैंट में तैनात मेजर गौरव अग्निहोत्री से तलाक लेकर ढोल पर नाचने वाली प्रणिता पर कई आरोप लगे हैं। मेजर ने कैमरे के सामने न आते हुए बताया कि प्रणिता से शादी अखबार से विज्ञापन से हुई थी। उन्होंने भी विज्ञापन दिया था, जिसे देख लड़की वालों ने बात की और मिले। दोनों में बात बनी तो रिश्ता तय हो गया। शादी के 11 महीने तक सब ठीक चला लेकिन इसके बाद ससुराल की दखलअंदाजी बढ़ गई और प्रणिता ने झगड़ा करना शुरू कर दिया। मेजर के पिता रिटायर्ड सूबेदार श्याम किशोर अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि बहू 55 लाख के गहने भी हड़प कर गई है, जबकि वह उनका सामान वापस कर रहे हैं। पिता रिटायर्ड सूबेदार श्याम किशोर अग्निहोत्री ने कहा कि बहू ने प्रापर्टी को लेकर भी झगड़े किए और कहने लगी कि मेरे नाम पर भी जमीन करवाओ, इसके चलते मैंने उसके नाम पर 3 बीघा जमीन करवाई, जिसके डॉक्यूमेंट भी उनके पास हैं। शादी के एक साल बाद ही बहू ने प्रताड़ित करने का आरोप लगा उनको अरेस्ट करवाना चाहा। बिना दहेज की शादी, नहीं तो जेल में होता- मेजर के पितामेजर के पिता ने कहा कि अभी उन्होंने बिना दहेज के शादी की है, नहीं तो वो जरूर जेल में होते। मेजर के पिता रिटायर्ड सूबेदार श्याम किशोर अग्निहोत्री ने बताया कि 14 दिसंबर 2018 को शाहजहांपुर निवासी उनके बेटे (आर्मी मेजर) की शादी मेरठ की प्रणिता शर्मा से हुई थी। एक बार बहू को मनाकर लाए भीहमारे बेटे ने इस रिश्ते को बचाने के लिए कई प्रयास किए। एक बार बहू को मनाकर लाए भी, लेकिन अब हमारे पोते में बहू के पिता को अपना बेटा नजर आने लगा तो ये सारा षड़यंत्र रचा गया। दादा श्याम किशोर का छलका दर्द, बोले- उसने मुझसे दादा होने का अधिकार छीन लिया। हम आज भी 2019 के उन झूठे मुकदमों का दंश झेल रहे हैं जो उन्होंने हमें जेल भेजने के लिए किए थे। समझौते की शर्तों का उल्लंघन कर बेटे की पहचान उजागर कीपिता रिटायर्ड सूबेदार श्याम किशोर अग्निहोत्री ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच लिखित एग्रीमेंट हुआ था कि तलाक के बाद कोई भी एक-दूसरे की सोशल लाइफ, नाम या रैंक का खुलासा मीडिया में नहीं करेगा। हालांकि प्रणिता ने मेजर का नाम और पद सार्वजनिक कर पूरे देश में परिवार को बदनाम किया है। बच्चे को उसके पिता से छीन लिया गया पिता रिटायर्ड सूबेदार श्याम किशोर अग्निहोत्री ने रुंधे गले से कहा कि बहू के पिता रिटायर्ड जज हैं, जिनके दबाव में उन्होंने कागजों पर साइन किए। प्रणिता ने उनसे उनका पोता और बेटे से उसका बच्चा छीन लिया है। अब उन्हें बच्चे से मिलने तक नहीं दिया जा रहा। मीडिया ट्रायल के कारण बेटा डिप्रेशन मेंजालंधर में तैनात मेजर के माता-पिता के अनुसार, इस पूरे विवाद और मीडिया ट्रायल के कारण उनका बेटा डिप्रेशन में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रणिता द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोप झूठे हैं, बल्कि असलियत में प्रताड़ना उनके परिवार ने झेली है। मेजर की मां ने बताईं 3 अहम बातें… बहू नहीं उसके मायके ने षड्यंत्र रचा: मेजर गौरव की मां अनीता अग्निहोत्री ने कहा कि यह तलाक सामान्य विवाद नहीं, बल्कि बहू के मायके वालों की ओर से रचा गया षड्यंत्र है। बहू के परिवार ने अपने बेटे की एक्सीडेंट में मौत के बाद उनके पोते पर अधिकार जमाने के उद्देश्य से यह सब किया। उनके अनुसार, बहू पर दबाव डालकर जानबूझकर झगड़े करवाए गए, ताकि बच्चे को पिता और दादा-दादी से अलग किया जा सके। माता-पिता को अलग कर क्या कोई बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कामना कर सकता है? मैंने बहू को हमेशा बेटी की तरह माना: अनीता ने बताया कि उन्होंने अपनी बहू को हमेशा बेटी की तरह माना। अपने दूसरे बीमार बेटे को छोड़कर उसकी सेवा की। इसके बावजूद उन्हें कभी सम्मान नहीं मिला। अनीता के अनुसार, बहू का परिवार रसूखदार (वकील और जज) होने के कारण उन पर हमेशा मानसिक दबाव बनाता रहा और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की। उन्होंने अपने बेटे के घर को बचाने के लिए लंबे समय तक हर अत्याचार को चुपचाप सहा। तलाक के बाद फौज को बदनाम किया: मेजर की मां ने कहा- समझौते के बावजूद मेरे बेटे की पहचान, फोटो और लोकेशन को सार्वजनिक किया गया। तलाक के बाद भी हमारा भरोसा तोड़ दिया। एक फौजी की सुरक्षा और गरिमा के साथ खिलवाड़ भी किया गया। जिस बेटे ने मीडिया में एक शब्द नहीं बोला, उसे इस तरह बदनाम करना गलत है। मैंने अपनी बहू की तन-मन-धन से सेवा की, लेकिन अंत में मुझे केवल बदनामी और अपने पोते से जुदाई ही मिली। एक-दूसरे के खिलाफ न बोलने के एग्रीमेंट को तोड़कर भारतीय सेना को भी बदनाम किया। जानिए मायके वालों ने क्या बताया पूरा मामला…मेरठ में रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि मेरी बेटी प्रणिता शर्मा के लिए शादी के बाद से ही ससुराल वालों का व्यवहार ठीक नहीं रहा। 7 सालों में उसने काफी परेशानियां झेलीं। पति और ससुराल के लोग उसे प्रताड़ित करने लगे। इस दौरान उसका एक बेटा भी हुआ, लेकिन बच्चे के जन्म के बाद भी हालात नहीं बदले। मेरठ फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाईससुराल वाले उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते। आखिरकार प्रणिता ने तलाक लेने का फैसला किया। उसने मेरठ फैमिली कोर्ट में अर्जी लगाई। 4 अप्रैल को कोर्ट ने तलाक मंजूर कर लिया। इसके बाद परिवार बेटी प्रणिता शर्मा को पूरे सम्मान के साथ घर वापस लाया है। बेटी शादी में बाजे-गाजे के साथ विदा हुई थीपिता ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि अगर मेरी बेटी शादी में दुखी थी, तो उसे खुशी देना मेरा दायित्व था। बेटी शादी में बाजे-गाजे के साथ विदा हुई थी। आज मैं उसे उसी सम्मान के साथ वापस लाया हूं। मैंने उन लोगों से कोई एलीमनी या सामान नहीं लिया। बेटी को ससुराल में रहने के लिए मजबूर करना गलतउन्होंने कहा कि बेटी को हर हाल में ससुराल में रहने के लिए मजबूर करना गलत है। बेटी कोई सामान नहीं, वह परिवार का हिस्सा है। महिलाओं का सशक्तीकरण सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे जमीन पर उतारना जरूरी है।
लखनऊ में कांग्रेस का जोरदार हंगामा विरोध प्रदर्शन। असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा का पुतला फूंक कर नाराजगी जताई। कांग्रेस के नाराज कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी और हेमंत विश्व शर्मा के खिलाफ जमकर हंगामा नारेबाजी और विरोध किया। प्रदर्शनकारी हेमंत विश्व शर्मा का दो पुतला लेकर आए थे। कांग्रेस के लोग एक पुतला फूंकने में तो सफल हो गए जबकि दूसरा पुतला पुलिस छीन कर भाग गई। प्रदर्शन कर रहे मौके पर कांग्रेस शहर कमेटी के अध्यक्ष शहजाद आलम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष के नेताओं में असम के सीएम की गिनती होती है। और उनकी भाषा बेहद खराब और निंदनीय है जब एक राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहा है तो ऐसे में पार्टी के दूसरे नेताओं और कार्यकर्ताओं से क्या उम्मीद की जा सकती है। हमारी मांग है कि तत्काल हेमंत विश्व शर्मा माफी मांगे । कांग्रेस शहर कमेटी के अध्यक्ष अमित त्यागी ने कहा कि यह भाषा बेहद शर्मनाक और अपमानजनक है। खुद को देश की सबसे सांस्कृतिक और सभ्य पार्टी कहने वाले दल। इन्होंने बेहद गलत और निंदनीय बयान बाजी किया है इसके लिए सिर्फ कांग्रेस पार्टी से नहीं बल्कि पूरे देश से माफी मांगे। जो पार्टी अपने आप तो सबसे ज्यादा सभ्य और संस्कारी करती है उसी की भाषा सबसे अधिक खराब है। अमित त्यागी ने कहा कि वह बताएं कि एक राज्य का मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहा है इसे कहां से संस्कारी कहेंगे। यह जिस तरीके की भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं क्या जीवन भर सत्ता में रहेंगे। हम लोग भी सत्ता में रहे मगर कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया। इन्होंने कहा कि हमारे प्रवक्ता पवन खेड़ा ने उनकी पत्नी के डॉक्यूमेंट पर सवाल खड़े किए थे उसका जवाब देना चाहिए ना कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
छतरपुर: केंद्र सरकार की केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों का गुस्सा फूट पड़ा है। मुआवजे के वितरण में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलन स्थल से खदेड़ दिया। अधिकारी अपने जूते-चप्पल छोड़कर भागने को मजबूर हुए। रिश्वत कांड के बाद बढ़ा आक्रोशविस्थापितों का आरोप है कि मुआवजा वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। हाल ही में सामने आए पटवारी रिश्वत कांड के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। दिल्ली पैदल जा रहे थे प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोकाकेन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आदिवासी किसान और ग्रामीण अपनी समस्याओं की सुनवाई न होने पर प्रधानमंत्री से मिलने पैदल दिल्ली जा रहे थे। प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया और उनके द्वारा घर-घर से एकत्र किया गया राशन भी छीन लिया। इसके बाद प्रभावितों ने परियोजना के मुख्य डोधन बांध पर डेरा डाल दिया और ‘चिता आंदोलन’ शुरू कर दिया। गुरुवार को इस आंदोलन का दूसरा दिन था, जिसमें प्रदर्शनकारी चिता बनाकर उस पर लेट गए। राशन-पानी रोकने का आरोपआंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन पहले उनका राशन-पानी छीन चुका है और अब उनकी व्यवस्था भी रोकी जा रही है, ताकि वे आंदोलन छोड़ दें। वहीं प्रशासन का कहना है कि अमित भटनागर ने भोली-भाली जनता को बरगलाकर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन कराया और निर्माण कार्य बंद कराया। अधिकारियों की टीम को वापस लौटना पड़ागुरुवार को जिला प्रशासन की टीम, जिसमें जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया शामिल थे, मौके पर पहुंची। टीम को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक इंतजार कराया गया, जिसके बाद बड़ी भीड़ एकत्र हो गई और तनाव की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने पर अधिकारियों को बेरंग लौटना पड़ा। प्रशासन के अनुसार, करीब 600 से 700 लोगों की भीड़ मौजूद थी, जिसमें लगभग 500 लोग पन्ना जिले के बताए जा रहे हैं। प्रशासन का तर्क- बिना अनुमति हो रहा प्रदर्शनप्रशासन का आरोप है कि भीड़ ने सोची-समझी योजना के तहत टीम पर हमला करने की कोशिश की और प्रशासनिक कार्य में बाधा डाली। प्रशासन का कहना है कि टीम ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों की समस्याएं सुनने तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेने पहुंची थी, ताकि डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव हो सके और बांध का कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके। बता दें कि आंदोलन के चलते जिला मजिस्ट्रेट ने पूरे क्षेत्र में धारा 163 लागू की है। जन आंदोलन बना जनसंघर्षकेन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासियों और किसानों का यह आंदोलन अब बड़ा रूप ले चुका है। हजारों आदिवासी महिलाएं और किसान इसमें शामिल हैं। स्थिति बिगड़ने पर सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने लोगों को शांत कराया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा, ‘चिता आंदोलन’ जारी रहेगा। देखें तीन तस्वीरें इस वजह से विरोध कर रहे आदिवासी ‘चिताओं’ पर लेटे बुंदेलखंड के आदिवासी, सीमाएं सील छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन के दबाव के बावजूद बुधवार दोपहर से बड़ी संख्या में आदिवासी किसान, खासकर महिलाएं, 'चिता आंदोलन' के जरिए विरोध कर रही हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं आदिवासी महिलाएं और जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। महिलाएं छोटे बच्चों के साथ प्रतीकात्मक चिताओं पर लेटकर विरोध कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
महोबा के पुलिस लाइन रोड स्थित काशीराम कॉलोनी के कंपोजिट विद्यालय में 'स्कूल चलो अभियान' के तहत वार्षिक उत्सव और प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और नाटकों के माध्यम से सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाई। उत्तर प्रदेश सरकार के 'स्कूल चलो अभियान' को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद इरफान ने मुख्य अतिथियों का बैच लगाकर स्वागत करते हुए किया। बच्चों ने मंच पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें शिक्षा के महत्व और बड़ों के सम्मान पर आधारित नाटक शामिल थे। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर आधारित एक नाटक रहा। इस प्रस्तुति में इंटरनेट और मोबाइल के बच्चों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया, जिसने उपस्थित अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने वर्ष भर कड़ी मेहनत की। मंडल, राज्य, ब्लॉक और जिला स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मेडल प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। शैक्षिक सत्र में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया। कक्षा 8 से शालिनी, शिवांकी यादव, दिव्यांशी, कार्तिक और शुभम कुमार को मोमेंटो दिए गए। कक्षा 7 के मोहित, मोहिनी, रितिक, रिहान और कक्षा 6 की राधा, महिमा, शैली, दिव्यांश, जोया खान को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय में नए प्रवेश लेने वाले बच्चों का भी स्वागत किया गया और उन्हें उपहार भेंट किए गए। इस कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग से डीसी संजीव अवस्थी और एसआरजी रिचा आदि अधिकारी भी मौजूद रहे। यादव और एआरपी रतना शर्मा मौजूद रहे। साथ ही प्रेस क्लब ऑफ यूपी के संरक्षक अमित श्रोतीय, बुंदेलखंड अध्यक्ष इरफान पठान, और सभासद जीवेद मंसूरी, फरमान अली, राजेंद्र सहित कई गणमान्य नागरिकों ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। अंत में शिक्षिका भवानी वर्मा और इकरा, अतिका ने सभी का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया।
राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में एक बार फिर हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मामूली विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि एक जीजा ने अपने ही साले की जान ले ली। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जीजा का नाम गोपी और मृतक का नाम घनश्याम बताया जा रहा है। पूरे मामले का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे। अब पढ़े क्या है पूरा मामला उरला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उरला थानाक्षेत्र निवासी गोपी और घनश्याम रिश्ते में जीजा साला है। शुक्रवार की सुबह गोपी ने अपने साले घनश्याम को शराब लाने के लिए 150 रुपए दिया था। पैसे लेकर घनश्याम गया, लेकिन अकेले शराब पीकर वापस आ गया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई। गुस्से में आकर आरोपी गोपी ने पास में रखा गमछा उठाया और घनश्याम के गले में लपेटकर जोर से दबा दिया। दम घुटने से घनश्याम की मौके पर ही मौत हो गई। उरला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची उरला थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या का कारण महज 150 रुपए और शराब को लेकर हुआ विवाद है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इंदौर में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) बेचने के संदेह में एटीएस ने क्राइम ब्रांच के दो पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। दोनों को नोटिस देकर बुलाया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है, हालांकि आगे भी जरूरत पड़ने पर मुख्यालय बुलाया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक एक डिटेक्टिव एजेंसी संचालक की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नंबर सामने आए। इसी कड़ी में एटीएस को पता चला कि एएसआई राम और सिपाही रविंद्र का एजेंसी से संपर्क रहा है। नोटिस के बाद पहुंची ATS की टीम सूत्रों के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों को नोटिस दिए गए थे, लेकिन समय पर पेश नहीं होने पर कर्नाटक एटीएस की टीम इंदौर पहुंची। गुरुवार शाम रवींद्र से पूछताछ की गई और बाद में उसे छोड़ दिया गया। वहीं एएसआई राम किसी मामले में बाहर होने के कारण शुक्रवार को भोपाल स्थित एटीएस कार्यालय में पेश होंगे। CDR बेचने की आशंका प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों का संपर्क डिटेक्टिव एजेंसी संचालक मुकेश तोमर से था। आशंका जताई जा रही है कि आम लोगों की सीडीआर मोटी रकम लेकर बेची जा रही थी। अधिकारी बोले सामान्य पूछताछ, गिरफ्तारी नहीं क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह सामान्य पूछताछ है। दोनों पुलिसकर्मी पहले भी इस मामले में जांच कर चुके हैं, इसलिए उनके नंबर संदिग्धों के मोबाइल में मिले। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की बात नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल को बनाया कॉन्स्टेबल:अनुशासनहीनता पर पुलिस कमिश्नर ने की कार्रवाई इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में अनुशासनहीनता और लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत लगातार कार्रवाई जारी है। इस अभियान में जहां बाहरी व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है, वहीं विभाग के भीतर भी सख्ती बरती जा रही है। डीआरपी लाइन (तत्कालीन क्राइम ब्रांच) में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 2801 दीपक थापा पर विभागीय कार्रवाई की गई है। पूरी खबर पढ़ें
हापुड़ में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्कीम नंबर-02 के तहत जिले के सभी अग्निशमन केंद्र इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। वही लोगों को आग से बचाव को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है। सीएफओ अजय शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और अन्य शैक्षिक संस्थानों में लगातार फायर ऑडिट किए जा रहे हैं। इस दौरान अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता की जांच की जा रही है। जहां भी कमियां पाई जा रही हैं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। ईवैक्युएशन ड्रिल आयोजित साथ ही, इन संस्थानों में प्रशिक्षण कार्यक्रम और ईवैक्युएशन ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के तरीके सिखाना है। शुक्रवार को अग्निशमन तथा आपात सेवा मुख्यालय उत्तर प्रदेश के निर्देशों का पालन करते हुए जनपद हापुड़ के फायर स्टेशन गढ़मुक्तेश्वर, पिलखुवा और हापुड़ पर लैडर ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान अग्निशमन और रेस्क्यू उपकरणों की साफ-सफाई कर उनकी कार्यशीलता भी जांची गई, ताकि आपात स्थिति में कोई बाधा न आए। सुरक्षित बाहर निकालने के उपाय अग्निशमन विभाग भवनों में पर्याप्त निकास मार्ग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रहा है। संस्थानों के प्रबंधन को सभी अग्नि सुरक्षा उपायों को स्थापित करने और उन्हें नियमित रूप से कार्यशील बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता से कार्य करने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के उपाय भी बताए गए। संपत्ति के नुकसान को रोकना सीएफओ अजय शर्मा ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य संभावित अग्नि दुर्घटनाओं में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकना है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी अग्निशमन केंद्र को सूचना दें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
लखनऊ में ऑटो से घर आ रही महिला लापता:चारबाग से PGI के लिए बैठी थी, फोन हुआ बंद
लखनऊ में शाहजहांपुर से आ रही महिला रास्ते में लापता हो गई। आखिरी बार उसने पति को फोन कर बताया था कि वह चारबाग से पीजीआई के लिए ऑटो में बैठ चुकी है। इसके कुछ देर बाद ही उसका मोबाइल बंद हो गया। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी है। पति अर्पित कन्नौजिया ने हुसैनगंज थाने में दी तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी लवली 8 अप्रैल को खुटार (शाहजहांपुर) से लखनऊ स्थित उनके घर श्री कृष्णा विहार कॉलोनी आ रही थी। दोपहर करीब 1:20 बजे उसने फोन पर बताया कि वह चारबाग से पीजीआई के लिए ऑटो में बैठ गई है। डालीगंज में उतरी, फिर लिया दूसरा ऑटो परिजनों के मुताबिक, महिला को पहले डालीगंज में उतारा गया था। वहां से वह चारबाग पहुंची और फिर पीजीआई जाने के लिए दूसरा ऑटो लिया। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। काफी देर तक महिला के घर नहीं पहुंचने और फोन बंद मिलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद पति ने हुसैनगंज थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। महिला की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई जा रही है।
UP Final Voter List: निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि 6 जनवरी को जारी लिस्ट में 12 करोड़ 55 लाख से ज़्यादा थी। आज अंतिम मतदाता सूची में 13,39,84,792 मतदाता हैं। इनके पुरुष वोटर्स 7,30,71,061 और महिला वोटर्स 6,09,09,525 हैं।
मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग का शव झाड़ियों में मिलने से सनसनी फैल गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। पहचान कर परिजनों को सूचना दी। मृतक की पहचान परतापुर निवासी सूरज के रूप में हुई है, जो किराए के मकान में रहता था। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं और पुलिस हत्या समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
मकान की छत पर युवक को लगा करंट:काम करते समय बिजली के तार की चपेट में आया
सिरोही जिले में पालडीएम थाना क्षेत्र के अंदौर गांव में एक श्रमिक को मकान की छत पर काम करते समय 440Kv का करंट लग गया। गंभीर रूप से झुलसे श्रमिक को इलाज के लिए सिरोही ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार उदयपुर जिले के तुलिखेत देवला निवासी रामाराम पुत्र गीता राम अंदौर गांव में एक मकान की छत पर निर्माण कार्य कर रहा था। काम के दौरान अचानक उसके हाथ में बिजली का करंट लगा और वह नीचे गिर गया। शरीर पर कई जगह करंट लगने के निशानगंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में उसे तुरंत सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। ट्रॉमा सेंटर में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया। युवक के हाथ, कमर, पेट और पीठ पर करंट लगने के गहरे निशान हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक ठेकेदार की देखरेख में ठेके पर काम कर रहा था।जिस समय युवक छत पर चढ़ा था, उस दौरान बिजली के तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था। हादसे के बाद युवक के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
पलवल के हसनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती से छेड़खानी का विरोध करने पर उसके भाई के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर गांव के ही एक नामजद सहित तीन अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हसनपुर थाना प्रभारी दिनेश कुमार के अनुसार, थाना क्षेत्र की एक गांव निवासी पीड़ित युवती ने शिकायत में बताया कि 29 मार्च की सुबह वह अपने घर के सामने सब्जी लेने गई थी। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद अजय नामक युवक ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विरोध करने पर भाई के साथ की गाली-गलौज जब युवती ने इसका विरोध किया, तो अजय और उसके साथ खड़े दो-तीन अन्य युवकों ने उसके भाई के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़िता रोती हुई अपने घर पहुंची और अपने भाई को आपबीती बताई। जब उसका भाई आरोपी अजय से बात करने पहुंचा, तो अजय और उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट कर हाथापाई की। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे एक ग्रामीण ने बीच-बचाव कराया। जाते समय आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी और युवती को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि परिवार की प्रतिष्ठा को देखते हुए वे पहले चुप रहे। आरोपी ने दी थाने में झूठी शिकायत हालांकि, 5 अप्रैल को उन्हें पता चला कि अजय ने ही उल्टा उनके खिलाफ हसनपुर थाने में झूठी शिकायत दे दी है, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी झगड़ालू और राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति हैं, जो अपनी पहुंच का फायदा उठाकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। हसनपुर थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर एक नामजद सहित चार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजस्थान में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अफसरों को जयपुर के एक होटल में बुलाकर रिश्वत बांटी गई थी। घोटाले में शामिल पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 9 अफसर 17 फरवरी को पकड़े गए थे। अब भी जलदाय विभाग के जितेंद्र शर्मा (तत्कालीन अधिशाषी अभियंता), मुकेश गोयल (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता) और इनका साथी संजीव गुप्ता फरार है। इन्होंने इरकॉन कंपनी के काम का हवाला देते हुए फर्मों को फर्जी सर्टिफिकेट से टेंडर दिलाने में मदद की थी। अब फरार अफसरों की संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। पढ़िए- पूर्व IAS और जलदाय विभाग के अफसरों ने कैसे किया घोटाला होटल में बुलाकर बांटे थे घूस के रुपए 1- DIG (एसीबी) डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि 960 करोड़ के जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट में फर्मों को टेंडर दिया जाना था। मेसर्स गणपति ट्यूबवैल और मेसर्स श्याम ट्यूबवैल फर्म के मालिकों पदमचंद जैन और महेश मित्तल ने जेजेएम संबंधित अफसरों से मिलीभगत कर ली थी। फर्म मालिकों ने अफसरों को सिंधीकैंप स्थित एक होटल में बुलाया और रिश्वत के रुपए बांटे थे। लाखों रुपए लेकर वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट किया था तैयार इस घोटाले में फरार संजीव गुप्ता, जितेंद्र शर्मा (तत्कालीन अधिशाषी अभियंता)और मुकेश गोयल (तत्कालीन अधीक्षण अभियंता) की तलाश में 260 से ज्यादा जगहों पर दबिश दी जा चुकी है। एसीबी जांच में सामने आया है कि भगौड़े आरोपी एसई मुकेश गोयल ने मुकेश पाठक (इरकॉन में प्राइवेट ऑफिस सहायक) के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया था। मेसर्स श्याम ट्यूबवैल कंपनी के ऑनर महेश मित्तल के कहने पर मुकेश पाठक ने 15 लाख रुपए लेकर इरकॉन के फेक वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट तैयार किया था। PHED की ओर से भेजे सत्यापन ई-मेल का भी जबाव दिया था। अफसरों ने फर्जी सर्टिफिकेट का किया था सत्यापन मेसर्स गणपति ट्यूबवैल और मेसर्स श्याम ट्यूबवैल ने टेंडर के लिए फर्जी सर्टिफिकेट लगाया था। सर्टिफिकेट में इरकॉन के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर पूर्व में काम करने का बताया गया था। जलदाय विभाग के अफसरों ने फेक ई-मेल आईडी बनाकर इस फर्जी सर्टिफिकेट का सत्यापन किया था। फर्जी फर्मों की मिली शिकायत को दबा दिया था DIG (एसीबी) ने बताया कि इससे पहले 16 फरवरी 2023 को इस्कॉन ने फर्मों के फर्जी सर्टिफिकेट को लेकर तत्कालीन IAS सुबोध अग्रवाल को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी थी। ई-मेल में लिखा गया था कि कंपनी की ओर से इरकॉन के नाम से लगाए गए सर्टिफिकेट फेक है। इस शिकायत को तत्कालीन IAS सुबोध अग्रवाल ने अफसरों के साथ मिलकर दबा दिया था। इसके बाद 9 मई 2023 को फाइनेंशियल कमेटी की ओर से इन फर्मों को कार्यादेश जारी करने का अप्रूव्ल दे दिया था। पूर्व IAS और 9 अफसर पकड़े जा चुके जेजेएम घोटाले में पूर्व सुबोध अग्रवाल को 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। वह दिल्ली में हुलिया बदलकर रह रहे थे। करीब 51 दिन बाद ACB ने दिल्ली से अग्रवाल को पकड़ा। बाकी 3 फरार है। भगौड़े तीनों आरोपियों की तलाश में एसीबी टीमें दबिश दे रही है। गिरफ्तारी वारंट जारी होने के साथ ही अब इन तीनों की संपत्ति कुर्क की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जलदाय विभाग के 9 अफसर भी 17 फरवरी को पकड़े जा चुके थे। जलदाय विभाग के ये अफसर पकड़े जा चुके- ये खबर भी पढ़िए- 960 करोड़ के घोटाले में पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल गिरफ्तार:ACB टीम दिल्ली से लेकर जयपुर पहुंची, 3 फरार आरोपियों की संपत्ति करेगी अटैच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) टीम ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में फरार चल रहे पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। (पढ़िए पूरी खबर) पूर्व IAS से 5 सवालों के जवाब मांगेगी ACB:घोटाले के बावजूद क्यों होने दिए ठेके, पसंद के इंजीनियर से जांच, फर्जी सर्टिफिकेट को बताया सही IAS सुबोध अग्रवाल का 31 दिसंबर, 2025 को रिटायरमेंट था, इससे ठीक पहले भजनलाल सरकार ने मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी। (पढ़िए पूरी खबर)
कोरबा में वन विभाग ने 6 ठिकानों पर मारा छापा:लाखों की अवैध लकड़ी जब्त, 359 नग चिरान बरामद
कोरबा वनमंडल के बालको वन परिक्षेत्र के ग्राम सतरेंगा में वन विभाग ने अवैध वनोपज के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर विभाग ने एक साथ 6 ठिकानों पर छापा मारकर लाखों रुपये की अवैध लकड़ी जब्त की। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देश और उपवनमंडलाधिकारी सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में की गई। अभियान का नेतृत्व वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार और देवव्रत सिन्हा ने किया। टीम ने सर्च वारंट के साथ सतरेंगा के छह घरों में एक साथ दबिश दी। बीजा,साल,हल्दू अन्य कीमती प्रजातियों के लकड़ी जब्त छापेमारी के दौरान कुल 359 नग चिरान बरामद किए गए। इनकी मात्रा लगभग 5.405 घनमीटर और अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.25 लाख रुपये आंकी गई है। जांच में सामने आया कि यह लकड़ी अवैध व्यापार के उद्देश्य से संग्रहीत की गई थी। इस कार्रवाई में बीजा,साल,हल्दू सहित अन्य कीमती प्रजातियों के लकड़ी जब्त की गई है। दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई: वन विभाग इस कार्रवाई में वन विभाग के 15 से 20 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। विभाग ने मामले में वन अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी वन विभाग ने कोरबा वन मंडल के करतला क्षेत्र में अवैध वन तस्करों पर कार्रवाई की थी। उस दौरान वन तस्करों द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी, जिस पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
अमेठी में स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सवाल:नियमों की अनदेखी, बिना फिटनेस के ई-रिक्शा का इस्तेमाल
अमेठी में स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के बावजूद, सड़कों पर बिना फिटनेस और आवश्यक उपकरणों के वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। फिलहाल, जिले का परिवहन विभाग लगातार स्कूलों का दौरा कर वाहनों की जांच और कार्रवाई कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में 382 स्कूल बसें और 443 स्कूल वैन पंजीकृत हैं, जिनकी कुल संख्या 825 है। इनमें से बड़ी संख्या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही है। 56 स्कूल बसों और 139 स्कूल वैन की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, 89 वाहनों को फिटनेस न होने के कारण निलंबित किया गया है, जबकि 106 वाहन संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सबके बावजूद, कई वाहन नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिले में ई-रिक्शा स्कूली वाहन के रूप में कहीं भी पंजीकृत नहीं हैं, फिर भी इन्हीं के माध्यम से बच्चों को स्कूल ले जाया जा रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश स्कूली वाहनों में न तो जीपीएस सिस्टम लगा है, न सीसीटीवी कैमरा और न ही खिड़कियों पर सुरक्षा जाली। कई वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। जिले के एआरटीओ महेंद्र बाबू गुप्ता ने बताया कि स्कूली वाहनों को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी सभी स्कूलों में जाकर सरकार द्वारा निर्धारित 'अप इंटीग्रेटेड व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल' पर रजिस्ट्रेशन के लिए कह रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे ई-रिक्शा से अपने बच्चों को स्कूल न भेजें, क्योंकि यह गलत है।
शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला
शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे के जगतपुर तिराहा पर गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से दूसरी ट्रॉली ने टक्कर मार दी, जिससे आगे खड़ा ट्रैक्टर बिना ड्राइवर के ही स्टार्ट होकर अनियंत्रित दौड़ पड़ा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार, कुमरौआ गांव निवासी किसान राजेंद्र धाकड़ अपनी फसल बेचकर कोलारस अनाज मंडी से वापस गांव लौट रहे थे। उन्होंने जगतपुर तिराहा पर अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़ा कर दिया और पास की दुकान पर सामान लेने चले गए। इसी दौरान, खोंकर गांव निवासी उत्तम चंदेल अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से वहां पहुंचे और पीछे से खड़े ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। बताया गया है कि राजेंद्र का ट्रैक्टर गियर में खड़ा था, जिसके कारण टक्कर लगते ही वह स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया। बिना ड्राइवर के ही ट्रैक्टर कुछ दूरी तक सड़क पर चलता रहा और फिर सड़क से उतरकर एक पेड़ से टकराकर रुक गया। घटना के वक्त आसपास कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
गुना में युवक की करंट लगने से मौत:भूसे की ट्रॉली पर काम करने गया था; वेल्डिंग करते समय हुआ हादसा
जिले के म्याना थाना इलाके के गजनाई गांव में एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। वह भूसा भरने के लिए गया था। इसी दौरान ट्रॉली पर वेल्डिंग करते समय उसे करंट लग गया। हालांकि, परिवार वालों का कहना है कि उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार पगारा का रहने वाला प्रमोद अहिरवार(32) पुत्र नीलम अहिरवार मजदूरी करता था। उसके पास तीन बीघा जमीन है। परिवार उस पर खेती करता है। गुरुवार सुबह 8 बजे के आसपास वह पगारा से भूसे की ट्रॉली पर काम करने गजनाई गया था। रात भर वह काम करता था। आज सुबह लगभग 6 बजे परिवार वालों से उसकी बात हुई। उसने कहा कि दोपहर तक आ जाएगा। तभी लगभग 8 बजे परिवार वालों को कॉल आया कि प्रमोद को करंट लग गया है। उसे जिला अस्पताल लेकर आ रहे हैं। परिवार वाले जिला अस्पताल पहुंचे, तो पता चला कि उसे करंट लग गया है, जिससे उसकी मौत हो गई। साथ में काम करने वालों ने परिवार वालों को बताया कि सुबह लगभग 7 बजे एक दूसरा मजदूर ट्रॉली पर वेल्डिंग कर रहा था। प्रमोद भी वहीं खड़ा था। इसी दौरान प्रमोद को अचानक करंट लग गया। उसे अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रमोद के पिता नीलम ने बताया कि बेटे की शादी हो चुकी है और दो छोटे छोटे बच्चे हैं। आज सुबह ही उससे बात हुई थी, तब तक सब ठीक था। अचानक से फोन आया कि उसे करंट लग गया है। हम अस्पताल पहुंचे, तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है। उसके शरीर पर करंट लगने जैसे निशान ही नहीं हैं। उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। मामले की जांच की जाना चाहिए। जिला अस्पताल में पीएम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया है। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
भिवानी के बॉक्सरों ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। मंगोलिया के उलानबातर में एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया गया है। जिसमें भिवानी की 4 महिला बॉक्सरों ने मेडल देश को दिलाने का काम किया है। जिनमें 2 गोल्ड मेडल, एक सिल्वर मेडल व एक ब्रांज मेडल शामिल हैं। भिवानी के गांव बड़ेसरा निवासी बॉक्सर प्रीति ने 54 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया और मुकाबला 5:0 से जीतते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनके कोच विनोद कुमार ने बताया कि फाइनल मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड चैंपियन व वर्तमान की चैंपियन तथा टोक्यो ओलिंपिक की ब्रांज मेडलिस्ट खिलाड़ी को हराया। इस मुकाबले के दौरान प्रीति में काफी आत्मविश्वास था। वहीं फाइनल में पहुंचना भी जरूरी था, फाइनल में पहुंचने वाली बॉक्सर के लिए एशियन गेम व कामनवेल्थ गेम में चयन पक्का हो गया। अब प्रीति ने गोल्ड मेडल जीता है तो वह बिना ट्रायल एशियन गेम्स व कामनवेल्थ गेम में भाग लेगी। प्रीति ने 2017 में बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। जैस्मिन ने जीता सिल्वर मेडलभिवानी की बॉक्सर जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में मुकाबले खेले और सिल्वर मेडल जीता। जैस्मिन के कोच संदीप लंबोरिया ने बताया कि जैस्मिन का फाइनल मुकाबला थाईलेंड की बॉक्सर के साथ हुआ। फाइनल मुकाबले में जैस्मिन लंबोरिया ने काफी अच्छे से खेला, लेकिन उसको जीत में तब्दील नहीं कर पाई। फाइनल में पहुंचने के साथ ही जैस्मिन का चयन कामनवेल्थ व एशियन गेम के लिए भी हो गया है। प्रिया ने गोल्ड तो पूजा ने जीता ब्रांज मेडलभिवानी के गांव धनाना निवासी प्रिया ने 60 किलोग्राम भावर्ग में भाग लिया। जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिंग में प्रतिद्वंद्वी को 3:0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं भिवानी की बॉक्सर पूजा रानी बोहरा ने इस चैंपियनशिप के 80 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लिया। वहीं अपनी बेहतर बॉक्सिंग का प्रदर्शन करते हुए ब्रांज मेडल जीता।
डिंडौरी में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस लगातार सख्ती बरत रही है। गुरुवार देर रात सिटी कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कार से 101 लीटर अवैध शराब जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदीपुलिस को सूचना मिली थी कि एक कार में अवैध शराब लाई जा रही है। इसके बाद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की। कार क्रमांक एमपी 20 जेडजेड 3373 को रोककर जांच की गई, जिसमें भारी मात्रा में शराब मिली। जबलपुर से लाकर डिंडोरी में खपाने की तैयारीपुलिस के अनुसार, आरोपी अर्पित चौकसे, जो अनूपपुर जिले के करण पठार थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबलपुर से शराब लेकर डिंडोरी आया था। वह मस्जिद मोहल्ला, वार्ड क्रमांक चार में शराब उतारने की तैयारी में था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। मोबाइल और नकदी भी बरामदथाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि आरोपी के पास से 101 लीटर अवैध शराब, दो मोबाइल फोन और 1700 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। जब्त शराब की कीमत करीब 94 हजार रुपये और कार की कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। जांच में जुटी पुलिस, नेटवर्क खंगालने की कोशिशपुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल भी जांची जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
राजगंज थाना क्षेत्र के धवाचिता निवासी 75 वर्षीय धनेश्वर महतो की शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दुर्घटना रायगंज स्थित इंटर कॉलेज के पास हुई, जब एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि धनेश्वर महतो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद वाहन चालक बिना रुके फरार हो गया। सूचना मिलते ही राजगंज थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल, धनबाद भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ भी की है। पुलिस और ग्रामीणों द्वारा परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता सुबह घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। उन्होंने यह भी बताया कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तो पिता के शरीर पर गंभीर चोटें थीं और उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उधर, पुलिस ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
राजधानी के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान के कर्मचारी द्वारा लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी सेल्समैन ने दुकान के आधिकारिक QR कोड की जगह अपना निजी QR कोड लगाकर ग्राहकों से भुगतान अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राहकों को भुगतान के बावजूद सामान नहीं मिला और उन्होंने दुकान संचालक से शिकायत की। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक साल पहले लगा था नौकरी में पुलिस के अनुसार, टैगोर नगर निवासी गौरव डागा की कोतवाली चौक के पास “युनिवर्सल सर्विसेस” नाम से इलेक्ट्रॉनिक दुकान है। यहां शुभम देवांगन पिछले एक साल से सेल्समैन के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान उसने विश्वास का फायदा उठाते हुए दुकान में लगे QR कोड को बदलकर अपना निजी QR कोड लगा दिया। आरोपी ने ग्राहकों को भुगतान के लिए वही फर्जी QR कोड स्कैन करवाया और रकम सीधे अपने खाते में मंगवाई। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में उसने नकद राशि भी ली। ग्राहकों को जब तय समय पर सामान नहीं मिला, तब उन्होंने दुकान प्रबंधन से संपर्क किया, जिससे पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बोनी सोनी से 26 हजार रुपए नकद, त्रिलोक यादव से 29 हजार रुपए नकद, कामिनी सोनकर से 47,900 रुपए यूपीआई और दुष्यंत नेताम से 41 हजार रुपए यूपीआई के जरिए लिए। इस तरह कुल 1.43 लाख रुपए की ठगी की गई है। दुकान संचालक की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तरह की ठगी में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपने टीकमगढ़ दौरे के दौरान मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से मुलाकात की। यह मुलाकात गुरुवार रात करीब 10:30 बजे भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद सिविल लाइन रोड स्थित उमा भारती के बंगले पर हुई। इस दौरान खंडेलवाल ने प्रमुख लोगों के साथ उमा भारती से चर्चा की। लगभग 20 मिनट रुकने के बाद वे बाहर निकले। उमा भारती उन्हें छोड़ने के लिए बाहर तक आईं। जाते समय हेमंत खंडेलवाल ने उमा भारती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। भाजपा ने कभी विचारधारा से समझौता नहीं किया इससे पहले, भाजपा कार्यालय में हेमंत खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की विचारधारा सभी को साथ लेकर चलने की है। उन्होंने बताया कि जनसंघ के गठन से लेकर आज तक पार्टी की विचारधारा नहीं बदली और भाजपा ने कभी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया। खंडेलवाल ने कहा कि यही कारण है कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और परिश्रम से विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को विचारधारा के साथ पार्टी की रीति-नीति बताने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग भी चलाती रहती है। योग्यता के आधार पर मिलती है जिम्मेदारी उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी योग्यता और पार्टी की आवश्यकता के अनुसार जिम्मेदारी दी जाती है। सभी को एक परिवार की तरह काम करना चाहिए। खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि यदि दूसरे की कोई गलती हो तो उसे माफ करें, लेकिन अपनी गलती को जीवनभर याद रखें, ताकि वह फिर से न हो। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि हम राजनीति में सत्ता के लिए नहीं, बल्कि एक मजबूत विचारधारा और कार्यपद्धति के लिए आए हैं, जिससे देश सही दिशा में आगे बढ़ सके। उन्होंने हर बूथ को मजबूत करते हुए सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करने का आह्वान किया। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि बुंदेलखंड भाजपा संगठन और सरकार के दिल में बसता है।
करप्शन में दोषी पटवारी सेवा से बर्खास्त:कलेक्टर ने जारी किया आदेश, हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि बरकरार रखी
हनुमानगढ़ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के एक मामले में दोषी पाए गए पटवारी जगवीर सिंह को जिला प्रशासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने इस संबंध में आदेश जारी किए। विशिष्ट न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रकरण) श्रीगंगानगर ने 28 नवंबर 2025 को अपने फैसले में जगवीर सिंह को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने उसे अलग-अलग धाराओं में 2 साल के कारावास के साथ 5 हजार रुपए और 3 साल के कारावास के साथ 7 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि बरकरार रखीइस फैसले के खिलाफ जगवीर सिंह ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने अपील के अंतिम निर्णय तक सजा को स्थगित कर दिया था, लेकिन दोषसिद्धि को स्थगित नहीं किया।इसी आधार पर जिला प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उसे सेवा में बनाए रखना उचित नहीं समझा। कलेक्टर के आदेश में राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 1958 के नियम 19(1) और राज्य सरकार के परिपत्र का उल्लेख किया गया है। 2003 में लगा था नौकरी परआदेश के अनुसार तहसील भादरा के गांव बैर निवासी जगवीर सिंह पुत्र दुनीराम को 9 अप्रैल 2026 से राजकीय सेवा से पदच्युत कर दिया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उसे निलंबन अवधि के दौरान दिए गए निर्वाह भत्ते के अलावा अन्य कोई लाभ नहीं मिलेगा। जगवीर सिंह की नियुक्ति 23 अप्रैल 2003 को पटवारी के पद पर हुई थी। उस पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें अब दोषसिद्धि के बाद उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है।
फाजिल्का जिले के एसएसपी गुरमीत सिंह ने शुक्रवार को अबोहर शहर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) गाड़ियों का जायजा लिया और पुलिस टीमों को कड़े निर्देश दिए। पंजाब सरकार द्वारा लोगों की सुरक्षा के लिए फाजिल्का पुलिस को दर्जन भर ईआरवी गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। एसएसपी ने रात करीब 10 बजे से 12 बजे तक अबोहर के आभा स्क्वायर में सभी थानों के प्रभारियों और पुलिस कर्मचारियों के साथ एक विशेष बैठक की। उन्होंने शहर में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए नाकों की जांच भी की। संवेदनशील स्थिति में सतर्क रहने का निर्देशईआरवी टीमों से मुलाकात के दौरान, एसएसपी ने उनकी कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया। उन्होंने ड्यूटी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। एसएसपी ने पुलिस टीमों को जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और हर संवेदनशील स्थिति में सतर्क रहने का निर्देश दिया। विदेश में पुलिस 6 मिनट में पहुंच सकती है, तो पंजाब में क्यों नहींएसएसपी गुरमीत सिंह ने कहा कि जब विदेश में पुलिस 6 मिनट में घटना स्थल पर पहुंच सकती है, तो पंजाब में भी ऐसा क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन गाड़ियों की शुरुआत इसीलिए की गई है, ताकि 112 पर कॉल आने के बाद 6 मिनट के भीतर मौके की लोकेशन ट्रेस की जा सके और पुलिस पहुंच सके। सुरक्षित वातावरण देना हमारी प्राथमिकताएसएसपी गुरमीत सिंह ने यह भी दोहराया कि पुलिस की उपस्थिति से लोगों में विश्वास पैदा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर उनके साथ एसपी आसवंत सिंह, थाना प्रभारी मनिंदर सिंह, दविंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारी मौजूद थे।
जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र की इंदू देवी पिछले सात साल से अपने लापता बेटे निवास मंडल की तलाश कर रही हैं। गुरुवार को जनता दरबार में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के बाद बाहर निकलीं इंदू देवी ने कहा कि अगर उनका बेटा नहीं मिला तो वह अपनी जान दे देंगी।इंदू देवी ने रोते हुए बताया, “साहब ने कह दिया अब कुछ नहीं हो सकता। अगर मेरा बेटा नहीं मिला या उसका पता नहीं चला तो मैं यहीं जान दे दूंगी। आखिर किस लिए है ये शासन-प्रशासन, जब एक मां को न्याय ही नहीं मिल पा रहा।” रोजगार दिलाने के बहाने गुजरात ले गए थे गांव वालेइंदू देवी के अनुसार, उनके 22 वर्षीय बेटे निवास मंडल को गांव के कुछ लोग सात साल पहले रोजगार दिलाने के बहाने गुजरात ले गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण निवास काम करने चला गया था। उसके बाद से न तो उसका कोई फोन आया और न ही कोई खबर मिली।इंदू देवी ने बताया कि सात साल चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन निवास का कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने हर जगह तलाश की, थाने में आवेदन दिया और अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। 2018 में मामला हुआ था दर्ज इस मामले पर जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि वर्ष 2018 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि युवक अपने साथियों के साथ काम करने गुजरात गया था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया।पुलिस ने अनुसंधान किया, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि सात साल से अधिक समय बीत जाने पर ऐसे मामलों को बंद करने का प्रावधान है, फिर भी वे देखेंगे कि क्या किया जा सकता है। दुर्गेश मंडल पर सऊदी में बेचने का आरोप हालांकि, इंदू देवी का आरोप है कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले गांव के ही दुर्गेश मंडल ने उसे पहले गुजरात और फिर विदेश सऊदी में बेच दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि निवास शादीशुदा था और जब वह सात साल से घर नहीं लौटा तो एक महीने के भीतर ही उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई और दूसरी शादी कर ली। इंदू देवी के पति मजदूरी करते हैं।
सीकर में SK मेडिकल कॉलेज के 55 नर्सिंग संविदाकर्मियों ने आज धरना शुरु कर दिया। संविदाकर्मियों ने बिना सूचना दिए ड्यूटी हटाने और कार्यरत संविदाकर्मियों की जगह नए कार्मिक लेने का आरोप लगाया है। संयुक्त संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के निकेंद्र सिंह ने बताया कि 2023-24 से 55 संविदा कर्मचारी बतौर नर्सिंग स्टाफ सीकर SK मेडिकल कॉलेज से संबद्ध SK अस्पताल और जनाना अस्पताल में ड्यूटी कर रहे थे। निकेंद्र सिंह ने बताया कि संविदाकर्मी के तौर पर काम कर रहे सभी नर्सिंग कर्मियों को हर साल 1 साल का एक्सटेंशन दिया जाता है। इस बार एक्सटेंशन का लेटर आने से पहले ही सीकर मेडिकल कॉलेज के 55 नर्सिंग संविदा कर्मियों को ड्यूटी से हटा दिया गया। जबकि इसी योजना के तहत प्रदेश भर के अन्य मेडिकल कॉलेज में लगे संविदा कर्मी लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। सिर्फ सीकर में बिना सूचना दिए 55 संविदा कर्मियों की ड्यूटी हटा दी गई। संविदा कर्मियों का कहना है कि जब तक सभी 55 नर्सिंग संविदा कर्मी की बहाल नहीं किया जात, तब तक धरना जारी रहेगा। नर्सिंग संविदाकर्मियों की मांग है कि सीकर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत संविदाकर्मियों को बहाल किया जाए। धरना दे रहे संघर्ष समिति के सदस्यों ने सीकर जिले के जनप्रतिनिधियों को मांग पत्र सौंपने भी शुरू कर दिए हैं। वहीं, दूसरी ओर सीकर SK अस्पताल के नर्सिंग कर्मचारी भी धरनार्थियों को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं। धरना देने वालों में सुरेंद्र सिंह, जुगल किशोर, मनीषा मुंडेल, सुमन देवी, दिनेश समेत सभी नर्सिंग संविदाकर्मी शामिल हैं।
वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध सागौन जब्त:बलौदाबाजार में 5 तस्कर गिरफ्तार, वाहन सहित लकड़ी बरामद
बलौदाबाजार जिले में वन विभाग ने अवैध सागौन लकड़ी के परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अर्जुनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत एक महिंद्रा जीतो प्लस वाहन से सागौन के लट्ठे जब्त किए गए। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया था। 8 अप्रैल की रात लगभग 11:30 बजे बंगलापाली के पास दबिश देकर आरोपियों को लकड़ी सहित रंगे हाथों पकड़ा गया। लकड़ी और गाड़ी वन विभाग की कस्टडी में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गंगाराम सागर (महकम), शिवप्रसाद केवट (सोनाखान), अंजोर साहू (मानाकोनी), कैलाश यादव (सोनाखान) और भुनेश्वर पटेल (महकम) शामिल हैं। जब्त की गई लकड़ी और वाहन को वन विभाग ने अपनी कस्टडी में ले लिया है, और आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। निगरानी और विशेष गश्त कर रहा है वन विभाग वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर के निर्देशानुसार, वन विभाग अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी और विशेष गश्त कर रहा है। इस कार्रवाई को वन संपदा की सुरक्षा और अवैध कटाई एवं परिवहन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अलवर में बीयर बार संचालक को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। बार मालिक ने अपने परिचित के कहने पर किसी को रुपए उधार दिया था। पैसे लौटाने की जगह वो लोग धमकी देने लगे। मामला 28 अगस्त 2025 का है। पुलिस की ओर से लंबे समय तक मामला दर्ज नहीं करने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। इसके बाद इस्तगासे के जरिए अब मामला दर्ज किया गया है। केस वापस लेने के लिए धमकाया अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्टेशन रोड पर स्थित कैफे के संचालक मोहन ने बताया कि वह अपने कैफे में 28 अगस्त 2025 की रात करीब 12 बजे ऑफिस में बैठा था। तब उसे किसी ने आवाज लगाकर कहा कि 'डॉ. रवि का केस वापस ले लो, वरना जान से मार दिए जाओगे।' बाहर जाकर देखा तो कोई नजर नहीं आया। सीसीटीवी फुटेज देखने पर एक नकाबपोश व्यक्ति दिखाई दिया, जिसके हाथ में पिस्टल थी। मोहन ने आरोप लगाया कि उसने साल 2022 और 2024 में डॉ. रवि यादव, उनकी पत्नी इंदु यादव और पवन गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर रखे हैं, जो अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं। उसका कहना है कि इन मामलों को वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। पहले भी कई बार उसे धमकाया जा चुका है। चेक भी हो गए थे बाउंस पीड़ित के अनुसार- साल 2019 में पवन गुप्ता उसका बार में पार्टनर था। उसी दौरान पैसों के लेन-देन में उसने पवन के कहने पर डॉ. रवि यादव को करीब 23 लाख रुपए दिए थे। कुछ रकम बैंक खातों में ट्रांसफर की गई और कुछ नगद दी गई थी। जब पैसे वापस मांगे तो उन्होंने देने से इनकार कर दिया। उनके दिए चेक भी बाउंस हो गए थे। इसके बाद लगातार धमकी मिल रही है। उन्होंने ही बदमाश भेजकर केस वापस लेने की धमकी दिलवाई है। AEO बोली-मामले से मेरा लेना-देना नहीं पीड़ित ने आबकारी विभाग में अधिकारी इंदु यादव पर भी आरोप लगाया है। उसका कहना है कि वो अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर उसे डराने-धमकाने का काम कर रही है। इस पर इंदु यादव AEO ने कहा कि बार संचालक मोहन ,मेरी शिकायत मेरे विभाग में भी कर चुके है, जिनका मैं जवाब दे चुकी हूं। मेरा कोई लेनाञदेना नहीं है पीड़ित मोहन ने बताया कि घटना के बाद वह सीसीटीवी फुटेज लेकर कोतवाली थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। उसने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में इस्तगासा दायर किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए एक बड़ा विजन पेश किया है। भोपाल में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय किसानों, विशेषकर छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति केवल गेहूं और धान पैदा करने से नहीं सुधरेगी। आय में क्रांतिकारी बदलाव के लिए किसानों को 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' (एकीकृत कृषि) की ओर मुड़ना ही होगा। अनाज के साथ शहद और मछली भी पालें किसान शिवराज सिंह ने कहा कि भारत में औसतन जोत का आकार मात्र 0.96 हेक्टेयर है। इतने छोटे खेत में पारंपरिक खेती से गुजारा मुश्किल है। उन्होंने समाधान देते हुए कहा, किसान अनाज के साथ-साथ फल, सब्जियां, दूध, और 'श्री अन्न' (मोटा अनाज) पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि, एक ही खेत में फसल के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मछली पालन और कृषि वानिकी जैसे काम करने होंगे। वहीं, नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन की लागत घटाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इसी 'इंटीग्रेटेड मॉडल' का लाइव प्रदर्शन दिखाने के लिए 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में 'उन्नत कृषि महोत्सव' आयोजित किया जा रहा है, जहां देश के दिग्गज वैज्ञानिक किसानों को ट्रेनिंग देंगे। जीतू पटवारी के धरने पर किया प्रहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा बोरियां लेकर उनके बंगले पर धरने को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने इसे 'अपरिपक्व राजनीति' करार देते हुए कहा, अगर कृषि सुधार के लिए कोई काम होता है, तो उसका स्वागत है। लेकिन किसी नेता के बंगले पर बिना किसी पूर्व सूचना के बोरे लेकर पहुंच जाना एक बड़े नेता के लिए शोभा नहीं देता। राजनीति गरिमा और तथ्यों के साथ होनी चाहिए। सब्सिडी पर कहा ग्लोबल संकट का बोझ किसानों पर नहीं मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि ईरान और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर खाद (DAP और यूरिया) की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारत सरकार इसका बोझ किसानों पर नहीं आने देगी।
असम कांग्रेस के प्रभारी व पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने असम में जमीन आवंटन को लेकर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि रामदेव, अडानी और अंबानी को 1.30 लाख बीघा जमीन दी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा को ‘प्रॉपर्टी डीलर’ तक कह दिया। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या पर फिल्म नहीं बनने को लेकर सवाल उठाते हुए सियासी बहस को और तेज कर दिया। जूली ने धुरंधर और कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों पर कहा कि बीजेपी के नेता आतंकवादियों को कंधार छोड़ने गए थे। उस पर फिल्म नहीं बनवाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बम और इंदिरा गांधी को गोली मार दी थी गई थी, उस पर फिल्म नहीं बनवाएंगे। दरअसल, असम चुनाव होने के बाद अलवर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह का शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित अन्य नेताओं ने फूल बाग में स्वागत किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि असम में बंपर वोटिंग हुई है। जो साफ संदेश देता है कि सरकार की एंटी इंन्कम्बंसी के खिलाफ वोटिंग हुई है। उन्होंने असम सीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि वे मुख्यमंत्री हैं या प्रॉपर्टी डीलर। रिश्तेदार और परिवार वाले प्रॉपर्टी की तरह काम करते हैं। सीएम बिस्वा ने असम में बाबा रामदेव को 60 हजार बीघा, अडाणी को 40 हजार बीघा और अंबानी को 30 हजार बीघा जमीन दे रखी है। सीएम बिस्वा देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री है। जिन्होंने बहुत हल्की भाषा बोलकर राजनीति का स्तर गिरा दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा था कि मुख्यमंत्री के पास कई पासपोर्ट हैं और उनकी अलग-अलग देशों में प्रॉपर्टी है। हमने सवाल उठाया तो जांच करने की जगह उल्टी सीधी पोस्ट डाल रहे हैं। दूसरी एंबेसी को मना करना पड़ता है। ये सब जांच में आना चाहिए। उल्टा पवन खेड़ा के घर असम पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस पहुंचती है। ये दर्शाता है कि दाल में काला है। ईवीएम को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने उठाए सवाल ईवीएम को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईवीएम को लेकर आम आदमी भी बहुत कम भरोसा करता है। ईवीएम के अंदर बहुत सारी खामियां निकली हैं। पिछले साल अलवर में भी ऐसा देखने को मिला कि वोट किसी को दिया और वोट गया किसी को। चुनाव के समय गड़बड़ी होती है। इसके कई उदाहरण है। महाराष्ट्र के पंचायत चुनाव में प्रत्याशी का खुद का वोट उसे नहीं गया। ईवीएम में धांधली है। ईवीएम को बंद करना चाहिए। महिला आरक्षण पर सभी पार्टियां सहमत महिला आरक्षण पर जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की सोच का परिणाम है कि महिलाओं को आरक्षण देने का विषय आगे बढ़ा है। अब चुनाव के समय बीजेपी के नेताओं को याद आता है। महिला आरक्षण पर सब पार्टियां सहमत हैं। जूली बोले - राजीव गांधी व इंदिरा गांधी पर फिल्म नहीं बनवा रहे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली बीजेपी नेताओं पर सवाल करते हुए कहा कि फिल्मों में काम करने वाले इन्होंने ही भर्ती कर रखे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बम और इंदिरा गांधी को गोली मार दी थी, उस पर फिल्म नहीं बनवाएंगे। अब जीडीपी कहां हैं। बेरोजगारी व महंगाई चरम पर है। इस पर कोई जिक्र नहीं करते हैं। सोनिया गांधी ने की थी महिला आरक्षण बिल की शुरुआत जूली ने कहा कि महिला आरक्षण बिल की शुरूआत सबसे पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने की थी। अब बीजेपी ने इसको पास करा लिया। अब चलते चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन करने में लगे हैं। ऐसे विषय पर विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। कच्चे तेल की कीमतें कम थी, तब नहीं मिला जनता को फायदा नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की नीतियों पर कहा कि कच्चे तेल की कीमतें बहुत कम थी, तब जनता को फायदा नहीं दिया गया। अब 50 प्रतिशत टैक्स वसूल रहे हैं। हर चीज पर टैक्स और तेल पर भी टैक्स लेते हैं। जब कच्चा तेल सस्ता हो तो फायदा मिलता नहीं है। महंगा होने पर टैक्स लाद देते हैं। जनता की सुनते नहीं हैं।
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में झाड़ियों में मिले कंकाल की पहचान हो गई। घरवालों ने कहा- बेटी का मर्डर किया गया है। वह 11 फरवरी से लापता थी, लेकिन पुलिस उसे ढूंढने के बजाय परिजनों को यह कहकर टालती रही कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से गई होगी। परिजनों ने कहा कि आरती 11 फरवरी की सुबह यह कहकर घर से निकली थी कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगी, लेकिन वह नहीं लौटी। इसके बाद सीधा उसकी लाश मिली है। लड़की के परिवार ने सोशल मीडिया पर कंकाल मिलने का वीडियो देखा और खुद ही इंडस्ट्रियल एरिया थाने पहुंच गए। पुलिस परिवार को जीएमएसएच-16 की मॉर्चरी ले गई, जहां अंगूठी और मौके से मिले कपड़ों के आधार पर पहचान की गई। मृतका का नाम आरती (21) है, जो बापूधाम की रहने वाली थी। हालांकि मृतक का कंकाल अभी तक उसके परिजनों को नहीं सौंपा गया है। 5 पॉइंट में जानिए पूरा मामला… थाना प्रभारी बोले- जांच कर रहे मामले में इंडस्ट्रियल एरिया थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतनाम ने बताया कि मामले में जांच के लिए सीएफएसएल रिपोर्ट भेजी गई है, वहां से रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। आसपास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की जा रही है और लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। **************** ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में महिला का कंकाल मिला: निगमकर्मी ने घास काटते समय खोपड़ी देखी, पास में चप्पल पड़ी थी; हाथ-पैर गल चुके चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में एक महिला का कंकाल मिला है। इसे घास काटते समय नगर निगम के माली ने इसकी खोपड़ी देखी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। (पढ़ें पूरी खबर)
लखनऊ में BSNL इंजीनियरों की बैठक:20 साल पुराने पे-स्केल पर नाराजगी, कर्मचारियों ने उठाई आवाज
राजधानी के भूतनाथ स्थित बीएसएनएल एक्सचेंज ऑफिस में शुक्रवार को संचार निगम एग्जीक्यूटिव एसोसिएशन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए इंजीनियरों और अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया। यह बैठक एक खुले अधिवेशन के रूप में आयोजित की गई, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों, इंजीनियरों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच संवाद स्थापित कर नीतिगत और जमीनी स्तर की चुनौतियों पर चर्चा की गई जनसमस्याओं से लेकर कर्मचारियों के हित तक उठा हर मुद्दा बैठक में बीएसएनएल सेवाओं से जुड़ी जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। इंजीनियरों ने नेटवर्क की गुणवत्ता, सेवा में देरी, कनेक्टिविटी की दिक्कतों और ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इसके साथ ही कर्मचारियों ने अपने व्यक्तिगत और सेवा से जुड़े मुद्दों को भी मंच पर रखा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं का उच्च स्तर पर समीक्षा कर समाधान निकाला जाएगा। टारगेट आधारित कार्यप्रणाली पर सवाल, क्वालिटी सुधार की मांग बैठक का सबसे अहम मुद्दा कर्मचारियों को दिए जा रहे इंटरनेट कनेक्शन लगाने के टारगेट को लेकर रहा। एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों पर अधिक से अधिक कनेक्शन देने का दबाव है, लेकिन सेवा की गुणवत्ता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि कई मामलों में लगाए गए कनेक्शन टिकाऊ नहीं होते और 10 में से 8 कनेक्शन एक-दो महीने के भीतर ही बंद हो जाते हैं। इससे न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा कमजोर होता है, बल्कि विभाग की छवि भी प्रभावित होती है। इंजीनियरों ने सुझाव दिया कि केवल संख्या बढ़ाने के बजाय नेटवर्क की गुणवत्ता, रखरखाव और ग्राहक संतुष्टि पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। खुले अधिवेशन की परंपरा, सरकार से सीधा संवाद संगठन के सचिव सुशील त्रिपाठी ने बताया कि इस तरह के खुले अधिवेशन का उद्देश्य सरकार और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि इसमें सरकार के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और जिले स्तर के पदाधिकारी एक मंच पर आकर नीतियों और योजनाओं पर चर्चा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएनएल एक ऐसा संस्थान है जो केवल व्यावसायिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय हित से जुड़े कई अहम कार्य करता है। ग्रामीण क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और सुरक्षा एजेंसियों को संचार सेवाएं उपलब्ध कराना इसकी प्राथमिकता है। स्वदेशी 4G-5G नेटवर्क और BTS विस्तार पर चर्चा बैठक में स्वदेशी तकनीक के तहत 4G और 5G नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। बताया गया कि देश में बड़े पैमाने पर स्वदेशी BTS (बेस ट्रांससीवर स्टेशन) लगाए जा रहे हैं और आने वाले समय में इस संख्या में और वृद्धि की जाएगी। इस पहल को भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस विस्तार के साथ नेटवर्क की गुणवत्ता और स्थिरता सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। भारतनेट परियोजना: गांवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की योजना बैठक में भारतनेट परियोजना को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाकर हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इंजीनियरों ने बताया कि पंचायत भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सचिवालय और स्कूलों को इस नेटवर्क से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। साथ ही, इस परियोजना में सुधार की संभावनाओं और क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर भी विचार किया गया। 20 साल से पुराना पे-स्केल, कर्मचारियों में नाराजगी बैठक में कर्मचारियों ने वेतन विसंगति का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। कई इंजीनियरों और कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें अब भी वर्ष 2007 के पे-स्केल के आधार पर ही वेतन मिल रहा है, जबकि अन्य सरकारी विभागों में समय-समय पर वेतन संशोधन हो चुका है। कर्मचारियों का कहना था कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से सैलरी स्ट्रक्चर में पीछे चल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मनोबल दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि वेतन पुनरीक्षण कर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप सैलरी तय की जाए, ताकि कर्मचारियों को न्याय मिल सके और वे बेहतर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। कर्मचारी हितों पर भी हुआ मंथन बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से रखा गया। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जरूरी है, क्योंकि बेहतर कार्य वातावरण से ही सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
अररिया जिले में निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों को किताबों, ड्रेस और अन्य शैक्षणिक सामग्रियों की खरीद के लिए किसी विशेष दुकान से बाध्य करने की प्रथा पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों की गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नजर है और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने बताया कि सभी निजी विद्यालयों को अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट (नोटिस बोर्ड) पर किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक सामग्रियों की पूरी सूची अनिवार्य रूप से जारी करनी होगी। किसी भी दुकान से किताब खरीद सकेंगे पेरेंट्स अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार इन सामग्रियों को कहीं से भी खरीद सकेंगे। किसी भी विद्यालय को अभिभावकों को किसी खास दुकान या स्थान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने की अनुमति नहीं होगी।डीएम ने चेतावनी दी कि यदि कोई विद्यालय इस नियम का उल्लंघन करता है या अभिभावकों पर विशेष दुकान से खरीदारी का दबाव बनाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ त्वरित और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने अररिया के सभी जिलेवासियों, विशेषकर अभिभावकों से अपील की है कि यदि किसी निजी विद्यालय द्वारा इस प्रकार की कोई शिकायत या अनियमितता सामने आए, तो वे तुरंत जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने पर होगी त्वरित कार्रवाई शिकायत मिलने पर प्रशासन द्वारा त्वरित जांच और उचित कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाने और निजी स्कूलों में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई अभिभावक लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं कि स्कूल प्रबंधन महंगी किताबें और ड्रेस केवल अपनी सुझाई दुकानों से ही खरीदने को मजबूर करते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। जिला प्रशासन का यह निर्देश राज्य सरकार की शिक्षा नीति के अनुरूप है, जिसमें अभिभावकों के अधिकारों को प्राथमिकता दी गई है। डीएम विनोद दूहन ने सभी निजी विद्यालयों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी है, अन्यथा उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
पन्ना पुलिस ने भैंसों से भरा ट्रक पकड़ा,:यूपी के 4 बदमाश गिरफ्तार, नवोदय विद्यालय तिराहा से कार्रवाई
पन्ना जिले की बृजपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पशुओं से भरा एक ट्रक पकड़ लिया और उत्तर प्रदेश के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नवोदय विद्यालय तिराहे के पास की गई। सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा ट्रकथाना प्रभारी शक्ति प्रकाश पांडे को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। जांच के दौरान एक ट्रक (UP 78 KN 6734) को रोका गया। ट्रक में 14 भैंस और पड़वे ठूंस-ठूंस कर भरे गए थे। चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वालेपुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान सहजाद (32) निवासी बबेरू, मुईन खान (43) निवासी बबेरू, रामप्रकाश राजपूत (30) निवासी चोरही जामलपुर और वसीम (21) निवासी खागा (हाल निवासी बबेरू) के रूप में हुई है। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ जारी, और खुलासे की उम्मीदपुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में इलाके की अन्य घटनाओं से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस टीम की रही अहम भूमिकाइस कार्रवाई में थाना प्रभारी के साथ प्रदीप हरदानिया, राजेश कुमार, सुधीर अर्जरिया, दिलीप शर्मा, अमर सिंह, दीपक सोनकिया, संजय बघेल और चालक संतोष की अहम भूमिका रही।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में न्यायिक मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए 3 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है। यह धमकी भरा पत्र डाक के जरिए भेजा गया है। पत्र मिलने के बाद मजिस्ट्रेट की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक प्रशांत कुमार देवांगन गुंडरदेही न्यायालय में पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। लेटर भेजने वाले का आरोप है कि प्रशांत देवांगन रिश्वत लेकर गलत आदेश देते हैं और गरीबों को परेशान करते हैं। लेटर में यह भी लिखा गया है कि मजिस्ट्रेट को अपने पद का घमंड है और अगर मांगी गई राशि नहीं दी गई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इसके अलावा लेटर भेजने वाले खुद को नक्सली संगठन से जुड़ने का दावा किया है। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 27 मार्च की दोपहर करीब 3:25 बजे दफ्तर में पोस्टमैन मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन को बंद लिफाफा दिया। लिफाफा खोलने पर उसमें मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। साथ ही तीन करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने शिकायत दर्ज कराई, जिस पर गुंडरदेही पुलिस ने बुधवार शाम करीब 5 बजे केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पत्र में लिखा है अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि वे रिश्वत लेकर गलत फैसले करते हैं और गरीब लोगों को परेशान करते हैं। पैसे लेकर फाइल दबाने का आरोप उनके दफ्तर के कर्मचारियों पर भी पैसे लेकर फाइल गायब करने और आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही कहा गया है कि मजिस्ट्रेट को अपने पद का घमंड है। इस धमकी भरे पत्र में लिखने वाले ने खुद को नक्सली संगठन से जुड़ा बताया है। बस्तर, कांकेर, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय होने का दावा उसने दावा किया है कि वह बस्तर, कांकेर, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय है। पत्र में यह भी लिखा है कि ऐसे लोगों को मारकर देश को बचाना उनका मकसद है। मजिस्ट्रेट पर हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने और पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है। चेतावनी दी गई है कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें कोई नहीं बचा पाएगा। पुलिस बोली- जल्द होगी आरोपी की गिरफ्तारी गुंडरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर ने बताया कि मामले की शिकायत पर बीएनएस की धारा 308 और 351(3) के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उनका दावा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। ………………….. यह खबर भी पढ़िए… 15 दिन में दूसरी बार हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी: सुनवाई रोककर की गई जांच, बालोद-बेमेतरा जिला कोर्ट को भी मिला मेल छत्तीसगढ़ में सोमवार को बालोद, बेमेतरा जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को भी धमकी भरा मेल मिला। जिसमें हाईकोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। इस मेल के बाद कैंपस में डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड की टीम ने पहुंचकर जांच की। एहतियात के तौर पर जांच के दौरान सभी अदालतों में सुनवाई रोक दी गई थी। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल के बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने शुक्रवार की सुबह से कार्रवाई फिर शुरू दी है। बैरागढ़ तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह टीम के साथ हलालपुरा क्षेत्र में पहुंचे। यहां पर कई अतिक्रमण लिस्टेड किए गए हैं। इन्हें जेसीबी की मदद से हटाया जा रहा है। चार दिन पहले भदभदा क्षेत्र में कार्रवाई की गई थी। बता दें कि प्रशासन ने तालाब के चारों ओर कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जिन्हें अगले 15 दिनों में हटाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने (16 मार्च 2022) के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। बड़ा तालाब के FTL (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर तक के अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। इसके चलते शुक्रवार को तहसीलदार सिंह ने हलालपुरा स्थित तालाब किनारे पर कार्रवाई शुरू की। एक मैरिज गार्डन के आगे एक फार्म हाउस पर कर्रवाई की गई है। इसके अवैध कब्जे को हटाया जा रहा है। कार्रवाई की देखिए तस्वीरें… दो महीने में लिस्टेड किए कब्जेपिछले दो महीने से जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्निंत कर रहा था। टीटी नगर एसडीएम वृत्त के गौरा गांव, बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा कब्जे सामने आए थे। वहीं, बैरागढ़, बहेटा में भी लोगों ने तालाब की सीमा पर निर्माण कर लिए हैं। किस दिन, कहां होगी कार्रवाई? गांवों में सबसे ज्यादा कब्जेटीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निर्माण किए गए हैं। वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में भी सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्माण वेटलैंड नियमों के खिलाफ हो सकता है। बैरागढ़ सर्कल में भी बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आया है। मामला NGT तक पहुंचने की तैयारीपर्यावरणविद् राशिद नूर के मुताबिक, मामला गंभीर है और इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाया जाएगा।
सोनीपत में शार्ट-सर्किट से डोना-प्लेट फैक्ट्री में आग:सुबह 5 बजे लगी आग; लाखों का नुकसान
सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र के एक गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मकान के साथ चल रही दोना-प्लेट बनाने की छोटी फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। घटना तड़के सुबह करीब 5 बजे की है, जब परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। आग फैक्ट्री वाले हिस्से में लगी, लेकिन देखते ही देखते धुआं पूरे घर में फैल गया। समय रहते परिवार और स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, हालांकि फैक्ट्री मालिक को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। सुबह उठते ही धुएं से भरा मिला घरगन्नौर के गांव नया बांस में फैक्ट्री मालिक दिनेश के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे जब परिवार के सदस्यों की नींद खुली तो कमरे में चारों तरफ धुआं ही धुआं फैला हुआ था। तुरंत बाहर जाकर देखा तो फैक्ट्री वाले हिस्से में मशीनों और कच्चे माल में आग लगी हुई थी।देखते ही देखते तैयार माल भी जलाआग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री में तैयार रखा हुआ दोना-प्लेट का माल भी इसकी चपेट में आ गया। आग तेजी से फैलती गई, जिससे नुकसान बढ़ता चला गया।घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पास में लगे सबमर्सिबल पंप को चालू कर पानी डालना शुरू किया। सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पाया गया, जिससे आग आगे फैलने से रुक गई। 6 महीने पहले ही शुरू किया था कामदिनेश ने बताया कि उन्होंने करीब 6 महीने पहले ही दोना-प्लेट बनाने का कुटीर उद्योग शुरू किया था। इस काम में उन्होंने लगभग 5 लाख रुपये की लागत से मशीन और कच्चा माल खरीदा था और यही उनका मुख्य रोजगार था।शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंकाप्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग में मशीन, कच्चा माल और बिजली की फिटिंग पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।फैक्ट्री मालिक के मुताबिक इस हादसे में उन्हें करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि यही उनका परिवार चलाने का एकमात्र सहारा था, जो अब आग की भेंट चढ़ गया।
कोटपूतली में चोर ने घर में लगे गैस सिलेंडर को महज 45 सेकंड में चुरा लिया। चोर 10 फीट का गेट कूदकर अंदर घुसा। पॉर्च के पास लगे सिलेंडर को चुराया और सिर पर उठाकर फरार हो गया। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। घटना शहर के गढ़ कॉलोनी में गुरुवार तड़के करीब सवा 4 बजे की है। चोर 4ः11 बजे घर में घुसा और 4ः12 बजे महज 45 सेकंड में पूरी वारदात कर भाग निकला। सवेरे जब घर वाले उठे तो सिलेंडर अपनी जगह पर नहीं था। सीसीटीवी देखने पर पूरी घटना का पता चला। मकान मालिक लक्ष्मीनारायण अग्रवाल ने गुरुवार शाम को कोटपूतली थाने में शिकायत दी है। घटना का सीसीटीवी शुक्रवार को सामने आया है। पहले देखें चोरी के PHOTOS टीवी टॉवर एसपी ऑफिस की तरफ से आया चोरसीसीटीवी में साफ नजर आ रहा है कि चोर टीवी टॉवर एसपी ऑफिस की तरफ से अकेला आया। पहले चारों तरफ नजर घूमाकर देखा। आस-पास कोई नजर नहीं आया तो 10 फीट के लोहे के गेट पर चढ़ा और घर के अंदर घुस गया। कनेक्शन हो रखे सिलेंडर को चुरायापॉर्च में सीढ़ियों के पास दो सिलेंडर रखे हुए थे। एक सिलेंडर भरा हुआ साइड में था, जबकि दूसरे का कनेक्शन घर के अंदर हो रखा था। चोर ने कनेक्शन हो रखे सिलेंडर का कनेक्शन हटाया और उठाकर मैन गेट की तरफ चला गया। सिर पर रखकर फरार हुआचोर ने सिलेंडर को 6 फीट ऊंची दीवार पर रख दिया और खुद 10 फीट के गेट को फांदकर घर के बाहर निकल गया। बाहर से दीवार पर रखे सिलेंडर को उठाकर सिर पर रखते हुए वापस टीवी टॉवर एसपी ऑफिस की तरफ निकल गया। कोटपूतली एसएचओ राजेश शर्मा ने बताया- मकान मालिक की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर सिलेंडर की बरामदगी कर ली जाएगी।

