Tamil Nadu में रुक-रुककर बारिश के बीच मनी Diwali, पटाखों से 269 लोग झुलसे
चेन्नई, आठ नवंबर तमिलनाडु में रविवार को पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ दीपावली मनाई गई। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुककर हुई बारिश के कारण त्योहार के जश्न में बाधा आई। चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में सुबह रुक-रुककर बारिश हुई। इसके कारण कई लोग घरों से बाहर निकलकर पटाखे नहीं जला पाए। कन्याकुमारी में दीपावली के खास सूर्योदय को देखने के लिए हजारों पर्यटक पहुंचे थे, लेकिन बारिश और बादलों के कारण सूर्योदय दिखाई नहीं दिया। इससे पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ा। वायु और ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए तमिलनाडु सरकार ने पटाखे जलाने के लिए समय तय किया है। इसके तहत सुबह छह से सात बजे और शाम सात से आठ बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति दी गई थी। मौसम और पाबंदियों के बावजूद लोगों में त्योहार का उत्साह बना रहा। पारंपरिक दीपावली भोज की तैयारी के लिए सुबह से ही मांस की दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। चेन्नई में जाने-माने अभिनेता रजनीकांत ने अपनी परंपरा को जारी रखते हुए घर के बाहर जमा प्रशंसकों का अभिवादन किया। उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में प्रशंसक त्योहार की शुभकामनाएं देने के लिए इंतजार कर रहे थे। राज्य के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। बारिश के बावजूद श्रद्धालु चेन्नई के वडापलानी मुरुगन मंदिर पहुंचे। कई लोगों के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई, क्योंकि इससे त्योहार के दौरान मंदिरों में लगने वाली भीड़ कम हो गई और उन्हें जल्दी दर्शन करने का मौका मिला। तूतीकोरिन में भी श्रद्धालुओं ने बारिश के बीच संकररामेश्वरर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मदुरै में अभिनेता शिवकार्तिकेयन अपनी पत्नी आरती के साथ मीनाक्षी अम्मन मंदिर पहुंचे। हालांकि, त्योहार के दौरान कुछ दुखद घटनाएं भी हुईं। पूरे तमिलनाडु में पटाखों से जलने के कारण 269 लोगों को इलाज के लिए लाया गया। इनमें एक बच्चे की झुलसने से मौत हो गई। आपातकालीन सेवाओं से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु की 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को सात नवंबर सुबह सात बजे से आठ नवंबर सुबह सात बजे तक कुल 16,079 कॉल आईं। इनमें से 2,475 कॉल दुर्घटनाओं, 396 मामूली चोटों और 98 कॉल विशेष रूप से झुलसने की घटनाओं से संबंधित थीं। इस दौरान आपातकालीन सेवाओं का संचालन करने के लिए 1,283 एंबुलेंस तैनात की गई थीं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने लोगों से एकता और प्रेम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को गरीबों की मदद करनी चाहिए और अपने अहंकार के अंधकार को दूर करना चाहिए। आर्लेकर ने कहा कि दीपावली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। साथ ही, उन्होंने नागरिकों से ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित तमिलनाडु’ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। मनोरंजन के क्षेत्र में भी दीपावली के सप्ताहांत पर फिल्मों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कोलिवुड (तमिल) फिल्मों के प्रशंसक त्योहार पर रिलीज हुई प्रमुख फिल्मों को देखने के लिए सिनेमाघरों में पहुंचे। जीतू माधवन के निर्देशन में बनी सूर्या की एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘सीन’ बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही। इस फिल्म का मुकाबला ‘मूकुथी अम्मन 2’ से हुआ। इस फिल्म में अभिनेत्री नयनतारा एक बार फिर मुख्य भूमिका में नजर आईं। इसके अलावा, अखिल भारतीय स्तर पर बनी फिल्म ‘रामायण’ का तमिल संस्करण भी सिनेमाघरों में रिलीज हुआ।
Tamil Nadu में TNKET योजना से टीबी मृत्यु दर में 38 फीसदी की गिरावट: BMJ रिपोर्ट
(पायल बनर्जी)नयी दिल्ली, आठ नवंबर तमिलनाडु में स्वास्थ्य से जुड़ी पहल के कारण जुलाई, 2024 से दिसंबर, 2025 के बीच तपेदिक (टीबी) से होने वाली मृत्यु दर में 38 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस पहल के तहत निदान के समय ही गंभीर रूप से बीमार मरीजों की पहचान कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने को प्राथमिकता दी जाती है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान (एनआईई) और तमिलनाडु राज्य टीबी प्रकोष्ठ द्वारा किए गए इस अध्ययन के अनुसार, यह सुधार तमिलनाडु कासनोई एराप्पिला थिट्टम (टीएनकेईटी) नामक कार्यक्रम के अंतर्गत देखा गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य को टीबी से होने वाली मौतों से मुक्त बनाना है। टीएनकेईटी के तहत अपनाए गए निगरानी और मूल्यांकन ढांचे से संबंधित रिपोर्ट शनिवार (सात नवंबर) को अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिका बीएमजे ग्लोबल हेल्थ में एक प्रैक्टिस पेपर के रूप में प्रकाशित हुई है। बीएमजे ग्लोबल हेल्थ के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रैक्टिस पेपर लेखकों को किसी समुदाय, राज्य या राष्ट्रीय स्तर के जमीनी अनुभवों के मूल्यांकन को साझा करने का अवसर देते हैं। यह शोध पत्र उच्च तपेदिक के अत्यधिक मामलों वाले भारतीय राज्यों और अन्य देशों को निदान यानी बीमारी की पहचान के समय ही मरीजों की गंभीरता के आधार पर उनका वर्गीकरण करने और प्राथमिकता से इलाज देने की व्यवस्था को लागू करने तथा उसकी निगरानी करने में मार्गदर्शन प्रदान करेगा, ताकि टीबी से होने वाली मौतों को कम किया जा सके। शोधकर्ताओं द्वारा भारत के पहले राज्यव्यापी विभेदित टीबी देखभाल कार्यक्रम के रूप में वर्णित इस पहल को अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक लागू किया गया था। इसमें राज्य में मानक दवाओं से ठीक होने वाले सामान्य टीबी से पीड़ित 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वयस्कों को शामिल किया गया। तमिलनाडु में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में हर साल लगभग 60,000 वयस्क इस प्रकार की टीबी से पीड़ित पाए जाते हैं। टीएनकेईटी योजना के तहत, बीमारी के निदान के समय ही पांच स्वास्थ्य मानकों के आधार पर मरीजों की स्थिति का आकलन किया जाता है। इनमें बॉडी मास इंडेक्स (वजन और लंबाई का अनुपात), पेडल एडिमा (पैरों तथा टखनों में सूजन), श्वसन दर (सांस लेने की गति), ऑक्सीजन सेचुरेशन (रक्त में ऑक्सीजन का स्तर) और बिना किसी सहारे के खड़े होने की क्षमता शामिल है। अत्यधिक कुपोषण, सांस लेने में गंभीर तकलीफ या शारीरिक रूप से बेहद कमजोर पाए जाने वाले गंभीर मरीजों को अस्पतालों में स्थानांतरित करने और अस्पताल में भर्ती रखकर इलाज के लिए प्राथमिकता दी जाती है। टीएनकेईटी की शुरुआत के समय राज्य में टीबी मृत्यु दर 6.3 प्रतिशत थी। इसके मुकाबले, अक्टूबर-दिसंबर 2024 के दौरान बीमार पाए गए लोगों में मृत्यु दर 38 प्रतिशत घटकर 3.9 प्रतिशत पर आ गई, जबकि जुलाई-सितंबर 2025 के दौरान मरीजों में यह कमी 56 प्रतिशत (घटकर 2.8 प्रतिशत) तक दर्ज की गई। हालांकि, अध्ययन में अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मरीजों की निगरानी प्रक्रिया (फॉलो-अप) में बड़ी कमी भी सामने आई है। निदान के समय गंभीर पाए गए मरीजों की दो महीने बाद दोबारा स्थिति जांचने का आंकड़ा किसी भी तिमाही में 35 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सका। यह दर्शाता है कि तमिलनाडु जैसे मजबूत स्वास्थ्य तंत्र वाले राज्य में भी अस्पताल से छुट्टी के बाद मरीजों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
Tamil Nadu में दिवाली पर पटाखों से 269 लोग झुलसे, एक बच्चे की मौत
चेन्नई, आठ नवंबर दीपावली के त्योहार के दौरान तमिलनाडु में अलग-अलग हादसों में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि पटाखों से झुलसने पर 269 लोगों का उपचार किया गया। आपातकालीन विभाग के गत 24 घंटे के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, राज्य के 108 आपातकालीन एम्बुलेंस नेटवर्क को सात नवंबर की सुबह सात बजे से आठ नवंबर की सुबह सात बजे के बीच 16,079 फोन आए। इनमें 2,475 दुर्घटनाओं, 396 मामूली चोटों और 98 विशेष रूप से झुलसने से संबंधित थीं। बुलेटिन के मुताबिक, त्योहारों के दौरान आपातकालीन स्थिति को संभालने के लिए पूरे राज्य में 1,283 एम्बुलेंस को तैनात किया गया है। आधिकारिक बुलेटिन के मुताबिक, इस दौरान राज्य के सरकारी अस्पतालों में कुल 1,387 मरीजों को भर्ती किया गया। इनमें 956 मामले दुर्घटनाओं के, 321 मामले मामूली चोटों या मारपीट के, और 110 मामले झुलसने के थे। झुलसने से 15 साल से कम उम्र के एक बच्चे की मौत हो गई। झुलसने से संबंधित आंकड़ों के मुताबिक, पीड़ितों में सबसे अधिक संख्या पुरुषों की है। कुल 92 पुरुषों का इलाज बाह्य रोगी के रूप में किया गया जबकि 76 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
Diwali 2026: जगमगाए देशभर के Temple और प्रमुख स्थल, श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना
रविवार को पूरे देश में मंदिरों और प्रमुख स्थलों को रोशनी से सजाया गया। लोग पूजा-स्थलों पर उमड़ पड़े और परिवारों ने एक साथ मिलकर दिवाली मनाई। रोशनी के इस त्योहार ने अपने साथ प्रार्थनाएं, उत्सव और उम्मीद, सद्भाव तथा समृद्धि के संदेश लाए। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर से लेकर दिल्ली के आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर और कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर तक, भक्त प्रार्थना करने के लिए इकट्ठा हुए। वहीं, शहरों और प्रमुख स्थलों को सजावटी रोशनी से जगमगा दिया गया। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने देशवासियों को दी Diwali की बधाई, जवानों संग जारी रखेंगे परंपरा राष्ट्रीय राजधानी में, छतरपुर स्थित प्रसिद्ध आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जो वहां प्रार्थना करने पहुंचे थे। मुख्य पुजारी हरिमोहन झा ने दिवाली को असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत के उत्सव के रूप में बताया, जो धर्म की स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने भगवान गणेश और देवी महालक्ष्मी का आशीर्वाद मांगते हुए, भारत और विदेशों में रहने वाले भक्तों के लिए शांति, खुशी और समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा, नई दिल्ली के छतरपुर स्थित श्री कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर की ओर से सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। उनका जीवन सुखी और शांतिपूर्ण हो। उन्हें खुशी, शांति और समृद्धि मिले। भगवान गणेश और परम माता देवी महालक्ष्मी सभी पर अपना पूर्ण आशीर्वाद बरसाएं। दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर सजावटी रोशनी से जगमगा उठा, जो भक्तों के लिए एक अद्भुत नज़ारा था। लाल किले को भी रोशनी से सजाया गया, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में उत्सव का माहौल और बढ़ गया, वहीं दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर को भी रोशनी से सजाया गया था। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में भारी बारिश के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों संग मनी Diwali ओडिशा के पुरी में, पवित्र 'मंगल आरती' देखने के लिए तड़के हज़ारों श्रद्धालु श्री जगन्नाथ मंदिर में एकत्र हुए। अयोध्या में, बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू घाट पर जुटे, जहाँ उन्होंने पवित्र नदी में डुबकी लगाई और 'महा आरती' के बाद प्रार्थना की। तमिलनाडु के मदुरै में, लोगों ने पारंपरिक उत्साह के साथ त्योहार मनाया और अपने परिवार तथा दोस्तों के साथ आतिशबाज़ी की। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर को काली पूजा और दिवाली के जश्न के दौरान रोशनी से सजाया गया था। उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी विशेष प्रकाश व्यवस्था की गई थी। इस उत्सव के साथ-साथ, देश भर के राजनीतिक नेताओं ने उम्मीद, सद्भाव और समृद्धि के संदेश भी दिए।
Tamil Nadu में भारी बारिश के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों संग मनी Diwali
चेन्नई, आठ नवंबर तमिलनाडु में रविवार को भारी बारिश भी दीपावली के उत्साह को कम नहीं कर सकी और राज्यभर में परिवारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मनाया जा रहा है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से सुबह चेन्नई, उसके आसपास के इलाकों और डेल्टा जिलों में बारिश हुई, लेकिन लोगों ने दिनभर के पारंपरिक उत्सव और अनुष्ठान जारी रखे। दीपावली का जश्न सूर्योदय से काफी पहले सुबह करीब पांच बजे गंगा स्नानम यानी तेल से स्नान की रस्म के साथ शुरू हुआ। इस परंपरा के तहत परिवारों ने तिल के तेल से स्नान किया। इसे नकारात्मक विचारों और बुराइयों को दूर कर नयी शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। नए कपड़े पहनकर लोग सुबह की पूजा-अर्चना के लिए घरों में बने पूजा स्थलों पर एकत्र हुए और स्वास्थ्य, शांति तथा समृद्धि की कामना की। त्योहार के विशेष भोजन के बाद कई परिवारों ने पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार दीपावली लेहियम का सेवन किया। यह जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाने वाला पाचक लेप है। बारिश के कारण खुले स्थानों पर होने वाले उत्सवों में कुछ देर के लिए बाधा आई। हालांकि, बारिश रुकने के बीच मिले अंतराल में लोगों ने पटाखे जलाए। तमिलनाडु सरकार ने पटाखे जलाने के लिए सुबह छह से सात बजे और शाम सात से आठ बजे तक का समय निर्धारित किया था। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शनिवार को दीपावली के संदेश में कहा कि रोशनी का यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से विकसित भारत और विकसित तमिलनाडु के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी से सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने और खुशियां बांटने की अपील की।
Tamil Nadu के छात्रों को मिलेंगे Intel Core i5 लैपटॉप, CM Vijay ने दी ₹2000 करोड़ की मंजूरी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कॉलेज के छात्रों के लिए 'वेट्री लैपटॉप योजना' शुरू करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। 2026-27 के बजट में घोषित इस योजना का उद्देश्य सरकारी और राज्य-सहायता प्राप्त संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप उपलब्ध कराना है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इसके लिए कौन पात्र होगा, किस तरह के लैपटॉप दिए जाएंगे और उनकी खरीद की क्या व्यवस्था होगी। विजय की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति इस योजना के कार्यान्वयन की देखरेख करेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। यह पहल TVK के नेतृत्व वाली सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों को विस्तार देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इनमें से कई कार्यक्रमों के नाम के आगे 'वेत्री' (Vetri) शब्द जुड़ा है। 'वेत्री' शब्द का अर्थ है 'जीत'। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में कॉलेज छात्रों को मिलेगा फ्री Laptop, CM विजय ने जारी किए 2,000 करोड़ रुपये 'वेत्री' योजना के तहत किसे मुफ्त लैपटॉप मिलेंगे? इस योजना में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के दौरान स्नातक (अंडरग्रेजुएट) स्तर के पहले और दूसरे वर्ष के छात्र, तथा पॉलिटेक्निक और ITI पाठ्यक्रमों में नामांकित डिप्लोमा छात्र शामिल होंगे। इन छात्रों का सरकारी या राज्य-सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ाई करना अनिवार्य है। कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, पशु चिकित्सा विज्ञान, कृषि, मत्स्य पालन और कानून (लॉ) जैसे पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे छात्र इसके लिए पात्र होंगे। सरकार ने उन छात्रों को भी इसमें शामिल किया है जो शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान मुफ्त लैपटॉप योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे। इसके अलावा, जो छात्र अभी सरकारी या राज्य-सहायता प्राप्त संस्थानों में किसी प्रोफेशनल कोर्स के तीसरे या चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेंगे इंटेल कोर i5 प्रोसेसर वाले लैपटॉप राज्य सरकार ने लैपटॉप के स्पेसिफिकेशन तय करते समय इंजीनियरिंग छात्रों की खास जरूरतों का ध्यान रखा है। उन्हें इंटेल कोर i5 प्रोसेसर या इसके बराबर के प्रोसेसर वाले लैपटॉप दिए जाएंगे। राज्य सरकार की संस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु (ELCOT) को लैपटॉप खरीदने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने कहा है कि इन लैपटॉप को तय किए गए सभी क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (गुणवत्ता मानकों) को पूरा करना होगा। मुफ्त लैपटॉप योजना के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित इस पहल की घोषणा 2026-27 के बजट में की गई थी। अब मुख्यमंत्री ने इसे लागू करने की मंजूरी दे दी है और इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया गया है। सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी करके इस फंड को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है और योजना को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी तय कर दिए हैं। विजय के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति इस योजना के क्रियान्वयन (लागू होने की प्रक्रिया) पर नजर रखेगी। यह लैपटॉप योजना छात्रों की कैसे मदद करेगी इस पहल की जरूरत के बारे में बताते हुए सरकार ने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में लैपटॉप पढ़ाई-लिखाई का एक जरूरी साधन बन गए हैं, खासकर उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों के लिए। लैपटॉप मिलने से छात्रों को अपनी तकनीकी जानकारी बढ़ाने, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रमों में हिस्सा लेने, ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने और भविष्य में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। सरकार को भरोसा है कि यह योजना वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए एक बड़ा कदम साबित होगी। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों को वे डिजिटल कौशल (डिजिटल स्किल्स) सीखने में मदद मिलेगी, जिनकी जरूरत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और रोजगार पाने के मौके बेहतर करने के लिए होती है।
सर्वेक्षण: देश के औद्योगिक नक्शे पर चमका तमिलनाडु, उत्पादन में गुजरात आगे; राष्ट्रीय आय में महाराष्ट्र अव्वल- Tamil Nadu shines on industrial map Gujarat leads in production Maharashtra tops national income contribution
Bijnor News: दून एक्सप्रेस की चपेट में आकर तमिलनाडु के शिक्षक की मौत
Tamil Nadu teacher dies after being hit by Doon Express
Tamil Nadu news: कल्लार में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड बाधित
24 अक्टूबर, शनिवार: तमिलनाडु के कल्लार में भारी बारिश के कारण मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड पर भूस्खलन हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया और घटना के विजुअल्स सामने आए हैं।
Tamil Nadu CM Vijay की स्कूली बच्चों को सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme
Tamilnadu CM Vijay ने Govt School के बच्चों को दी सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme अच्छी पढ़ाई के लिए सिर्फ स्कूल और किताबें ही जरूरी नहीं होतीं...
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
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Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

