हार के बाद MK Stalin का DMK में मास्टरस्ट्रोक, तय की उम्र-कार्यकाल सीमा; युवा-महिला पर दांव
DMK अपने संगठन में बड़े बदलाव करने जा रही है। पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पार्टी पदाधिकारियों के लिए नए नियम और ज़िला स्तर पर एक बड़ा ढांचा बनाने की घोषणा की है। ये बदलाव तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के कुछ महीनों बाद हो रहे हैं। इस हार के कारण स्टालिन का मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल भी खत्म हो गया था। DMK की कार्यकारी समिति ने पार्टी के आगामी 16वें संगठनात्मक चुनावों के तहत इन प्रस्तावों को मंज़ूरी दे दी है। इसे भी पढ़ें: DMK ने संगठन में किया बदलाव, MK Stalin की अगुवाई में तय हुई पदाधिकारियों की उम्र सीमा स्टालिन ने कहा कि पार्टी को चुनावी हार की वजहों पर चर्चा करने से बचने के बजाय अपनी कमियों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर पार्टी के पदाधिकारियों के कामकाज का ज़िक्र किया और कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर हुई गलतियों का असर पूरे संगठन पर पड़ सकता है। स्टालिन ने कहा कि हालांकि हमारी हार की कई वजहें हैं, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों का कामकाज भी उनमें से एक है। हमें इसे छिपाने की ज़रूरत नहीं है। हमें सबसे पहले अपनी गलतियों को मानना होगा। हमें उन्हें खुलकर स्वीकार करना होगा। भले ही गलती किसी एक व्यक्ति ने की हो, लेकिन उसका नुकसान 75 साल पुरानी पार्टी को उठाना पड़ता है। उन्होंने DMK को वापसी करने में सक्षम पार्टी बताया और कहा कि वह राजनीतिक रूप से फिर से अहम भूमिका में आएगी। DMK प्रमुख ने कहा कि पार्टी मूलधन और ब्याज समेत इसका जवाब देगी। एक अहम बदलाव पार्टी के पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की संख्या पर पाबंदियां लगाना होगा। स्टालिन ने कहा कि इस पुनर्गठन से युवा लोग संगठन के पदों पर आएंगे और पार्टी को लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहने में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu सरकार ने Gold Ring Scheme के लिए दो आभूषण कंपनियों को दिया कार्यादेश उन्होंने कहा कि मैंने DMK के प्रशासनिक ढांचे में कई बदलाव करने का फ़ैसला किया है। ये बदलाव कड़े होंगे। इससे कुछ लोग निराश हो सकते हैं, लेकिन यह अच्छे मकसद के लिए होगा। मैं सभी के सहयोग की अपील करता हूं। इन बदलावों से DMK अगले 100 सालों तक मज़बूती से बनी रहेगी। हमारे कामों का मकसद युवाओं और महिलाओं का भरोसा फिर से जीतना होना चाहिए। हम पार्टी के पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा तय कर रहे हैं। पार्टी के पदों के लिए नए चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत, ब्रांच सेक्रेटरी की उम्र 45 साल या उससे कम होनी चाहिए और वे ज़्यादा से ज़्यादा दो कार्यकाल तक ही इस पद पर रह सकते हैं। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया जाएगा। DMK जिलों की संख्या 77 से बढ़ाकर 110 कर दी जाएगी। नए ढांचे में मोटे तौर पर रेवेन्यू जिलों की सीमाओं का पालन किया जाएगा, और पार्टी का हर जिला आम तौर पर दो विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगा। जिन मामलों में पुनर्गठन के बाद सिर्फ़ एक विधानसभा क्षेत्र बचेगा, उसे उसी रेवेन्यू जिले के किसी दूसरे उपयुक्त पार्टी जिले के साथ मिला दिया जाएगा, जिससे वह उस यूनिट का तीसरा विधानसभा क्षेत्र बन जाएगा।
DMK ने संगठन में किया बदलाव, MK Stalin की अगुवाई में तय हुई पदाधिकारियों की उम्र सीमा
इस वर्ष अप्रैल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल द्रमुक ने शनिवार को अपने संगठन में बड़े बदलाव की घोषणा की। इसके तहत पार्टी के पदों के लिए उम्र की सीमा तय करने के साथ ही कार्यकाल भी सीमित करने का फैसला किया गया है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के राज्य मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी समिति की बैठक में संगठन के ढांचे में बड़े बदलाव लाने के लिए अहम प्रस्ताव पारित किए गए। इस नयी व्यवस्था के तहत द्रमुक अपने संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर 110 करेगी, जिनमें स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले को व्यापक रूप से दो विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत विभाजित किया जाएगा। कोयंबटूर और तांबरम जैसे बड़े शहरी केंद्रों में ‘शहर सचिव’ का अलग पद खत्म कर दिया गया है। इसके बजाय, शहरी क्षेत्रों का मतदाताओं की संख्या के आधार पर पुनर्गठन किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu सरकार ने Gold Ring Scheme के लिए दो आभूषण कंपनियों को दिया कार्यादेश चेन्नई निगम क्षेत्र की प्रत्येक समिति में औसतन 40,000 मतदाता, जबकि अन्य निगमों में प्रत्येक समिति में औसतन 30,000 मतदाता होंगे। पार्टी के कामकाज को पेशेवर बनाने और नई पीढ़ी को आगे लाने के उद्देश्य से नेतृत्व ने उम्र की सख्त सीमा, सभी पदों के लिए अधिकतम दो कार्यकाल की अनिवार्यता और संगठनात्मक जिलों का व्यापक विस्तार किया है।
DMK मीटिंग में MK Stalin का CM Vijay पर हमला, TN विधानसभा को बनाया मूवी सेट
DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शनिवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की राज्य विधानसभा में उनके व्यवहार के लिए आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय सदन को किसी फ़िल्म के सेट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और ज़ोरदार डायलॉग बोलने पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं—यह शायद विजय के एक्टर होने की पृष्ठभूमि की ओर इशारा था। पार्टी की एक एग्जीक्यूटिव मीटिंग में बोलते हुए स्टालिन ने कहा कि मुख्यमंत्री का ज़्यादातर ध्यान DMK के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं के नाम बदलने पर ही है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu सरकार ने Gold Ring Scheme के लिए दो आभूषण कंपनियों को दिया कार्यादेश स्टालिन ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री हमारी शुरू की गई सभी योजनाओं के नाम बदलने में व्यस्त हैं। वह विधानसभा को सिनेमा के सेट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और ज़ोरदार डायलॉग बोल रहे हैं। जहाँ तक हमारी बात है, हम जीतें या हारें, हम ऐसे लोग हैं जो हमेशा आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से गहराई से जुड़े रहते हैं। बैठक के दौरान, DMK ने पार्टी में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से कई प्रस्ताव पास किए और पार्टी के कई पदों के लिए तय कार्यकाल और उम्र सीमा लागू की। स्टालिन ने हालिया चुनावी हार को पार्टी के भविष्य की योजना बनाने के एक मौके के तौर पर देखा। उन्होंने कहा कि आइए इसे पार्टी के भविष्य की योजना बनाने के एक मौके के तौर पर देखें। यह पार्टी के इतिहास में एग्जीक्यूटिव कमेटी की एक बहुत अहम बैठक होने जा रही है। आपकी मंज़ूरी से, हम पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े और अहम बदलाव करने जा रहे हैं। जवाबदेही पर ज़ोर देते हुए, स्टालिन ने माना कि पार्टी पदाधिकारियों के कामकाज का हार में योगदान था और गलतियों को खुलकर मानने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने अलग-अलग चुनाव क्षेत्रों की बारीकी से जांच करने और लोगों को बदलने के बजाय, व्यापक आत्म-मूल्यांकन करने के अपने नज़रिए के बारे में बताया। उन्होंने कहा, भले ही गलती किसी एक व्यक्ति ने की हो, लेकिन इसका नुकसान 75 साल पुरानी पार्टी को उठाना पड़ता है। हार के बाद कई कारण बताए जाते हैं। हर चुनाव क्षेत्र की अलग-अलग जांच करने, कमियों की पहचान करने और बस लोगों को बदलने के बजाय, मैंने तय किया कि हमें व्यापक आत्म-मूल्यांकन करने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Mekedatu Dam पर तमिलनाडु और पुडुचेरी के हितों की रक्षा का दिया भरोसा इन प्रस्तावों में पार्टी के अलग-अलग पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा तय की गई। ब्रांच कमेटी सेक्रेटरी के लिए ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 45 साल और कार्यकाल ज़्यादा से ज़्यादा दो टर्म तय किया गया। वार्ड कमेटियों को मज़बूत करने के लिए चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और सलेम कॉरपोरेशन और ज़रूरत के हिसाब से दूसरी नगरपालिकाओं में ब्रांच कमेटियां बनाई जाएंगी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी संगठनात्मक गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करना, जमीनी स्तर की रणनीतियों को मजबूत बनाना और देश के युवाओं तक पार्टी की पहुंच को प्रभावी ढंग से बढ़ाना था। बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में अगले वर्ष होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और चुनावी रणनीति पर विस्तृत मंथन किया गया। इसके साथ ही केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर सहमति बनी। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में हाल ही में 65 सदस्यों वाली नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की गई थी, जिसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन देखा जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu सरकार ने Gold Ring Scheme के लिए दो आभूषण कंपनियों को दिया कार्यादेश नबीन, जो BJP के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, BJP की राज्य इकाइयों के अध्यक्षों, राज्य प्रभारियों और BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी और बैठकें करेंगे। यह घटनाक्रम BJP द्वारा नबीन की टीम की घोषणा के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें 65 पदाधिकारी शामिल हैं। इस टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, जिनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और राम माधव शामिल हैं। इस फेरबदल के तहत, BJP ने कहा कि बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) होंगे, जबकि शिवप्रकाश और सौदान सिंह राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) होंगे। वहीं, विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया राष्ट्रीय महासचिव होंगे। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को BJP का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया। BJP ने अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को अपने IT विभाग का प्रमुख भी नियुक्त किया है। वहीं, लोकसभा सदस्य तेजस्वी सूर्या की जगह हेमांग जोशी को BJP युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पहले ट्विटर) पर नए पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा, BJP के नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों और पार्टी में विभिन्न जिम्मेदारियां पाने वाले सभी लोगों को बधाई। यह नई टीम संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा और ज़मीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव का संगम है। मुझे भरोसा है कि वे हमारी पार्टी को मज़बूत करने और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। मेरी शुभकामनाएँ उनके साथ हैं। इसे भी पढ़ें: US- Canada में छिड़ी 'ट्रेड वॉर'! Donald Trump के 50% टैरिफ के आगे नहीं झुके कार्नी, बातचीत तोड़ 'ईंट का जवाब पत्थर से' देने का ऐलान! यह फेरबदल 2015 में तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में हुए इसी स्तर के पिछले संगठनात्मक बदलाव के एक दशक से भी ज़्यादा समय बाद हुआ है। इस बदलाव ने जल्द ही कैबिनेट में भी फेरबदल होने की अटकलों को हवा दे दी है।
Tamil Nadu सरकार ने Gold Ring Scheme के लिए दो आभूषण कंपनियों को दिया कार्यादेश
तमिलनाडु सरकार ने नवजात शिशुओं के लिए ‘थाई मामन स्वर्ण अंगूठी योजना’ के तहत सोने की अंगूठियां खरीदने के वास्ते दो आभूषण कंपनियों को कार्यादेश जारी किया है। सरकार ने यह जानकारी दी। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर को शुरू की जाएगी। सरकार ने शुक्रवार देर रात बताया कि तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम (टीएनएमएससी) ने जून से सितंबर तक के लाभार्थियों के लिए आवश्यक सोने की 1,28,499 अंगूठियों की आपूर्ति के वास्ते जॉय अलुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में कार्यादेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की घोषणा की थी। इसका लाभ सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए शिशुओं को मिलेगा ताकि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव को प्रोत्साहित किया जा सके। सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘एक ग्राम वजन की सोने की 4,41,667 अंगूठियां उपलब्ध कराने के शासकीय आदेश के बाद तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम ने 14 जुलाई को निविदा जारी की थी। इसमें 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया और ‘टीएन टेंडर्स’ पोर्टल के जरिए अपनी कीमतों का ब्योरा दिया।’’विज्ञप्ति के अनुसार, जॉय अलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर प्रसंस्करण शुल्क, बीमा, परिवहन और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की मुहर लगाने सहित सभी अतिरिक्त शुल्क के लिए सबसे कम 0.01 रुपये की बोली लगाई। तमिलनाडु गैर-प्रकटीकरण समझौता अधिनियम और नियमों के तहत कल्याण ज्वैलर्स ने भी सबसे कम कीमत की बोली प्रस्तुत की। विज्ञप्ति में कहा गया कि योजना 15 सितंबर 2026 को शुरू की जानी है, इसलिए जून से चार महीने के दौरान लाभार्थियों को सोने की 1,28,499 अंगूठियां उपलब्ध कराने के लिए जॉय अलुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में कार्यादेश जारी किया गया है। सरकारी अस्पतालों में 22 जून 2026 से जन्म लेने वाले बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
POCSO Court ने Tamil Nadu में 4 नाबालिगों के उत्पीड़न के मामले में उपदेशक को दी मौत की सजा
तिरुनेलवेली की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने चार नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में 47 वर्षीय उपदेशक को चारों मामलों में फांसी की सजा सुनाई। उपदेशक एस. अब्राहम को तिरुनेलवेली की विशेष ‘यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण’ (पॉक्सो) अदालत ने सजा सुनाई। आरोपी जिले में गंगाइकोंडन थेवरकुलम के पास मेला इलंथैकुलम में एक ईसाई प्रार्थना सभा संचालित करता था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित लड़कियों की उम्र आठ, 12 और 13 वर्ष थी। आरोपी ने स्कूल की छुट्टियों के दौरान नैतिक शिक्षा और बाइबिल की कक्षाएं आयोजित करने के बहाने उन्हें अपने परिसर में बुलाया। अपराध को अंजाम देने के बाद उसने चारों लड़कियों को धमकी दी कि अगर उन्होंने घटना के बारे में किसी को बताया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। बच्चियों के माता-पिता की ओर से तिरुनेलवेली ग्रामीण महिला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद आरोपी को पांच जुलाई, 2022 को गिरफ्तार किया गया। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को हुई, जिसके बाद विशेष अदालत के न्यायाधीश के. सुरेश कुमार ने आरोपी को ‘‘संदेह से परे दोषी’’ पाया और चारों मामलों में दोषी को मौत की सजा सुनाई, साथ ही उस पर कुल 52,000 रुपये का जुर्माना लगाया। उन्होंने कहा कि अब्राहम ने उन्हीं बच्चों को अपना शिकार बनाया जिनका मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी उस पर थी और उसने अपने कृत्य पर कोई वास्तविक पश्चाताप नहीं दिखाया। अदालत ने तमिलनाडु सरकार को आदेश दिया कि वह चारों बच्चियों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दे।
गृहमंत्री अमित शाह से मिले CM विजय: पहली बार हुई दोनों नेताओं की मुलाकात; दक्षिण के मुख्यमंत्रियों की बैठक आज- Tamil Nadu CM Vijay met Home Minister Amit Shah both leaders met first time before meeting of Southern CMs
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

