Tamil Nadu Bypolls: TVK ने मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें जीतीं
चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली अल्पमत सरकार को शुक्रवार को तब बड़ी राहत मिली, जब सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत दर्ज की। वहीं, पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोगी दल ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) ने थट्टानचावाडी सीट आसानी से जीत ली। सत्ता संभालने के करीब पांच महीने बाद छह अक्टूबर को हुए उपचुनावों में टीवीके ने पहली बार चुनावी मुकाबले में जीत हासिल की। यह जीत सत्तारूढ़ दल का मनोबल बढ़ाने वाली है, क्योंकि आने वाले कुछ महीनों में पांच और विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने की उम्मीद है। आधिकारिक तौर पर नतीजों की घोषणा होने से काफी पहले ही सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, जोशीले संगीत पर नृत्य किया और मिठाइयां बांटीं। दोनों विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के उम्मीदवारों के आगे चलने के साथ ही जश्न शुरू हो गया। उपचुनाव से पहले टीवीके पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा वोट के लिए नकदी बांटने का आरोप लगाए जाने और यहां मरीना बीच के पास मछुआरों की बस्ती के पास सचिवालय-विधानसभा परिसर बनाने के प्रस्ताव का भारी विरोध होने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस जीत से 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके की सीटों की संख्या बढ़कर 109 हो गई है। इसके साथ ही राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले का नया चलन भी सामने आया है, जहां पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के बीच मुख्य रूप से सीधा मुकाबला होता था। टीवीके ने दोनों सीटें अन्नाद्रमुक से छीन लीं। अप्रैल के चुनाव में इन सीटों से अन्नाद्रमुक के विधायक जीते थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ दल का दामन थाम लिया था। मदुरंतकम में टीवीके उम्मीदवार मरगाथम कुमारवेल ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। हर दौर की मतगणना के साथ उनके और प्रतिद्वंद्वियों के बीच मतों का अंतर बढ़ता गया, जिससे उनकी स्थिति मजबूत होती गई। कुमारवेल को कुल 74,048 वोट मिले। उन्होंने 20,040 वोट के अंतर से जीत हासिल की और द्रमुक के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आई परंथामेन को हराया, जिन्हें 54,008 वोट मिले। अन्नाद्रमुक उम्मीदवार एस कनिता संपत 47,450 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। माकपा उम्मीदवार पी सुगंधि को 1,986 वोट और एनटीके के जी जनकीरामन को 2,709 वोट मिले। धारापुरम में टीवीके उम्मीदवार पी सत्यबामा के लिए शुरुआत में मुकाबला उतार-चढ़ाव भरा रहा। कई दौर की मतगणना के बाद अन्नाद्रमुक पहले स्थान पर पहुंच गई थी, लेकिन बाद में सत्यबामा ने स्पष्ट बढ़त बना ली। उन्हें कुल 66,841 वोट मिले। उन्होंने द्रमुक की अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी एस सुगन्या को 9,471 वोट के अंतर से हराया। अन्नाद्रमुक उम्मीदवार के. बनुमति को 45,280 वोट मिले। भाकपा उम्मीदवार पी लक्ष्मणन को 1,157 वोट और एनटीके उम्मीदवार एम कार्तिका को 5,268 वोट मिले। चुनावी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय ने द्रमुक या अन्नाद्रमुक प्रमुख ई के पलानीस्वामी का नाम लिये बिना कहा कि यह जीत महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों, व्यक्तिगत हमलों और बेदाग छवि वाले नेताओं एम जी रामचंद्रन तथा जे जयललिता और उनके समर्थकों के साथ विश्वासघात के खिलाफ मतदान का नतीजा है। मुख्य विपक्षी दल द्रमुक के अध्यक्ष एम के स्टालिन ने टीवीके की जीत को ‘‘विश्वासघात की अंतरिम जीत’’ बताया और आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने उपचुनावों में सत्ता का दुरुपयोग किया। उन्होंने दोहराया कि ये उपचुनाव लोकतंत्र की हत्या के कारण कराने पड़े। अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी तमाम मुश्किलों से उबर जाएगी। उन्होंने टीवीके की जीत को अस्थायी बताते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने सत्ता का दुरुपयोग किया और उनकी पार्टी के विधायकों को ‘‘खरीदकर’’ सत्ता में बना हुआ है। टीवीके की सरकार कांग्रेस के पांच, वीसीके के दो और आईयूएमएल के दो विधायकों के समर्थन के अलावा वाम दलों के बाहरी समर्थन के सहारे बनी हुई है। भाकपा और माकपा के दो-दो विधायक हैं। एएमएमके विधायक कामराज भी सत्तारूढ़ टीवीके के पक्ष में नजर आते हैं। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में विधायकों के इस्तीफे के बाद सात सीटें खाली हो गई थीं। पड़ोसी पुडुचेरी में सत्तारूढ़ एआईएनआरसी ने छह अक्टूबर को हुए थट्टानचावाडी उपचुनाव में जीत हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा। पार्टी ने इस विधानसभा सीट को बरकरार रखा। यह सीट पार्टी के संस्थापक और मुख्यमंत्री एन रंगासामी का गढ़ मानी जाती है। नौ अप्रैल को केंद्रशासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद रंगासामी ने यह सीट खाली कर दी थी। इस जीत के साथ एआईएनआरसी के नेतृत्व वाले राजग गठबंधन ने लोकप्रियता की पहली परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी उम्मीदवार अशोक आनंद ने कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी ई विनयगम को 8,400 से अधिक वोट से हराया। थट्टानचावाडी सीट पर उपचुनाव रंगासामी के इस्तीफे के कारण जरूरी हुआ था। नौ अप्रैल के चुनाव में वह मंगलम सीट से भी जीते थे।
Tamil Nadu Bypoll: टीवीके मदुरांतकम और धारापुरम में आगे, पुडुचेरी में AINRC जीती
चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को हुए उपचुनाव के लिए शुक्रवार को जारी मतगणना में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के उम्मीदवारों ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली तथा शीर्ष पर बने हुए हैं। पुडुचेरी में सत्तारूढ़ ‘ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस’ ने कुछ ही माह पहले सत्ता संभालने के बाद अपने पहले राजनीतिक इम्तिहान में परचम लहराया है और पार्टी उम्मीदवार अशोक आनंद ने थट्टानचावाडी विधानसभा उपचुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के ई. विनायगम को 8,000 से अधिक मतों के बड़े अंतर से हरा दिया। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के पक्ष में शुरुआती रुझानों में स्पष्ट बढ़त दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मजबूत होती रही और किसी बड़े उलटफेर की संभावना कम ही दिखी। इससे उत्साहित सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी करना और मिठाइयां बांटना शुरू कर दिया। अगर टीवीके इस चुनावी मुकाबले को जीत लेती है, तो विधानसभा में उसकी ताकत बढ़ेगी और आगे प्रस्तावित पांच उपचुनावों के लिए पार्टी को बड़ा राजनीतिक संबल मिलेगा। मदुरांतकम में टीवीके की मरगथम कुमारवेल शुरुआती दौर से ही आगे हैं और कई दौर की गिनती के बाद भी उन्होंने अपनी बढ़त कायम रखी। द्रमुक के आई. परंथामन दूसरे और अन्नाद्रमुक की एस. कनिथा संपत तीसरे स्थान पर रहे। आठ दौर की गणना पूरी होने के बाद कुमारवेल की बढ़त 10,243 मतो से अधिक हो गई है। धारापुरम में टीवीके की पी. सत्यभामा एक समय अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की के. भानुमति से पीछे थीं, लेकिन बाद के दौर में उन्हें अधिक वोट मिले और वह 9,636 से अधिक मतों के अंतर से आगे हो गईं। द्रमुक उम्मीदवार एस. सुगन्या जो पहले तीसरे स्थान पर थीं, बाद में अन्नाद्रमुक को पछाड़कर दूसरे स्थान पर आ गईं। पड़ोसी पुडुचेरी में अपना दबदबा कायम रखते हुए सत्तारूढ़ एआईएनआरसी ने थट्टानचावाडी सीट बरकरार रखी। इस सीट को पार्टी संस्थापक एवं मुख्यमंत्री एन. रंगासामी का गढ़ माना जाता है, जिसे उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में नौ अप्रैल को हुए चुनाव के बाद खाली किया था। रंगासामी के मण्गलम सीट से भी जीतने के बाद थट्टानचावाडी सीट छोड़ने के कारण यह उपचुनाव जरूरी हो गया। निर्वाचन आयोग के अनुसार चार दौर की मतगणना की समाप्ति पर अशोक आनंद को कुल 13,358 वोट मिले और उन्होंने 8,482 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी ई. विनायगम 4,876 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि द्रमुक उम्मीदवार के. सेतु उर्फ सेतुसेल्वम को मात्र 2,664 वोट हासिल हुए।
Tamil Nadu Bypolls: Dharapuram में AIADMK आगे, Madurantakam में TVK को बढ़त
चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु में छह अक्टूबर को हुए उपचुनाव की मतगणना शुक्रवार को जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शुरुआती दौर में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) से पिछड़ रही अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने धारापुरम सीट पर बढ़त बना ली, जबकि मदुरांतकम सीट पर वह द्रमुक को पछाड़कर दूसरे स्थान पर आ गई। पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में सत्तारूढ़ ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) लगातार कांग्रेस और द्रमुक प्रत्याशियों से आगे है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, तमिलनाडु में ईवीएम में दर्ज मतों की शुरुआती गिनती में दोनों सुरक्षित सीट पर सत्तारूढ़ टीवीके को शुरुआती बढ़त मिलने के संकेत मिले थे। हालांकि, तीन दौर की मतगणना के बाद धारापुरम सीट पर अन्नाद्रमुक की के. भानुमति 8,244 वोट हासिल कर शीर्ष पर पहुंच गईं, जबकि टीवीके उम्मीदवार पी. सत्यभामा 7,434 मत के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गईं। द्रमुक की एस. सुगन्या 6,158 मत के साथ तीसरे स्थान पर पिछड़ रही थीं। वहीं, मदुरांतकम सीट पर टीवीके उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल लगातार अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। दूसरे स्थान पर अन्नाद्रमुक की कनिथा संपत आ गई हैं, जबकि द्रमुक के आई. परंथामन तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। मदुरांतकम में दूसरे दौर की गिनती तकनीकी खराबी के कारण थोड़ी देर के लिए रुक गई थी, जिसे बाद में फिर शुरू कराया गया। पुडुचेरी के थट्टानचावाडी क्षेत्र में दो दौर की मतगणना के बाद सत्तारूढ़ एआईएनआरसी प्रत्याशी अशोक आनंद 6,950 वोट लेकर बढ़त बनाए हुए हैं। यहां कांग्रेस के ई. विनायगम 2,392 मत और द्रमुक के के. सेथु सेल्वम 1,534 वोट के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी के उपचुनाव न केवल सत्तारूढ़ टीवीके और एआईएनआरसी सरकारों के लिए, बल्कि विपक्षी दलों के लिए भी बेहद अहम माने जा रहे हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों के मौजूदा विधायकों के इस्तीफे के कारण उपचुनाव कराने पड़े। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने मण्गलम सीट बरकरार रखते हुए थट्टानचावाडी सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा।
Tamil Nadu और Puducherry उपचुनाव: TVK और AINRC शुरुआती रुझानों में आगे
चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु और पुडुचेरी में छह अक्टूबर को हुए उपचुनावों के लिए शुक्रवार को जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ दलों को बढ़त मिलती दिख रही है। तमिलनाडु में सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) बढ़त बनाती नजर आई। टीवीके ने सर्वाधिक वोट हासिल कर शीर्ष स्थान बरकरार रखा, जिसके बाद द्रमुक और अन्नाद्रमुक का स्थान रहा। इसी तरह, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में शुरुआती रुझान मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) के पक्ष में दिखे। हालांकि, यह देखना अहम होगा कि क्या ये रुझान आगे भी इसी तरह बने रहते हैं या नहीं। तमिलनाडु और पुडुचेरी के ये उपचुनाव न केवल सत्तारूढ़ टीवीके और एआईएनआरसी सरकारों के लिए, बल्कि विपक्षी दलों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। तमिलनाडु में मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे। दोनों सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं। पुडुचेरी में थट्टानचावाडी सीट पर मतदान हुआ था। इन विधानसभा क्षेत्रों के मौजूदा विधायकों के इस्तीफे के कारण उपचुनाव कराने पड़े। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने मण्गलम सीट बरकरार रखते हुए थट्टानचावाडी सीट से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा।
Tamil Nadu और Puducherry की 3 विधानसभा सीटों पर By-Election की मतगणना शुरू
चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु के दो विधानसभा क्षेत्रों और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की एक सीट पर छह अक्टूबर को हुए उपचुनावों की मतगणना शुक्रवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्धारित केंद्रों पर शुरू हुई। अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू की गई और इसके बाद ईवीएम में दर्ज मतों की गणना की जाएगी। इन उपचुनावों को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और पुडुचेरी में एआईएनआरसी के नेतृत्व वाली सरकारों की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्षी दलों के लिए ये चुनाव उनकी राजनीतिक स्थिति की परीक्षा माने जा रहे हैं। तमिलनाडु में मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे। दोनों सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं। पुडुचेरी में थट्टानचावाडी सीट पर मतदान हुआ था। इन विधानसभा क्षेत्रों के मौजूदा विधायकों के इस्तीफे के कारण उपचुनाव कराने पड़े। इस्तीफा देने वालों में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी भी शामिल हैं।
Tamil Nadu में मुफ्त बस योजना के तहत 5.9 करोड़ सफर पूरे, पुरुषों का किराया भी घटा
चेन्नई, आठ अक्टूबर तमिलनाडु में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की विस्तारित ‘वेट्री पयानम’ योजना के तहत दो अक्टूबर को शुरुआत के बाद से करीब 5.9 करोड़ यात्राओं का लाभ लिया गया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि सात अक्टूबर को एक ही दिन में करीब 88 लाख महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि कुछ मार्गों पर बस सेवाओं में बदलाव के कारण किराये में कमी हुई है, जिससे पुरुष यात्रियों को भी फायदा मिला है। तिरुनेलवेली-तिरुचेंदूर मार्ग पर किराया 50 रुपये से घटाकर 38 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह कुछ मार्गों पर एक्सप्रेस बसों का किराया भी कम हुआ है। तिरुवन्नामलाई जिले में पुरुष यात्रियों के लिए टिकट का किराया 10 रुपये से घटाकर सात रुपये कर दिया गया है। कन्याकुमारी जिले में भी 65 बसों में पुरुष यात्रियों को लाभ पहुंचाने के लिए किराये में संशोधन किया गया है। वेल्लोर, तिरुपत्तूर और रानीपेट में विभिन्न सेवाओं के लिए संचालित 128 बसों को साधारण बसों में बदल दिया गया है। इसके अलावा, राज्य के कुछ मार्गों पर पुरुष यात्रियों के लिए टिकट का किराया 12 रुपये तक कम हुआ है। अधिकारी ने बताया कि यह सरकार द्वारा निर्धारित मूल टिकट दर में सीधे कटौती नहीं है, बल्कि कुछ मार्गों पर बसों के संचालन के तरीके में बदलाव का परिणाम है। योजना के विस्तार के बाद यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए परिवहन अधिकारियों ने कई अधिक किराये वाली सेवाओं को साधारण बस सेवाओं में बदल दिया। इस बदलाव के कारण समान मार्गों पर पुरुष यात्रियों के सामान्य टिकट का किराया दूरी के आधार पर तीन रुपये से 12 रुपये तक कम हो गया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गांधी जयंती के अवसर पर यहां कोयम्बेडु बस टर्मिनस से महिलाओं को शून्य-किराये के टिकट जारी कर योजना की आधिकारिक शुरुआत की थी। सरकार के अनुसार, विस्तारित नेटवर्क में रोजाना औसतन 84.32 लाख शून्य-किराये के टिकट जारी किए जा रहे हैं। दो अक्टूबर से योजना के संचालन के पहले सप्ताह में महानगरीय, शहरी, मुफस्सिल और घाट मार्गों पर कुल यात्राओं की संख्या 5.9 करोड़ से अधिक रही। मुख्यमंत्री ने 24 अगस्त को विधानसभा में नियम 110 के तहत इस योजना की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन खर्च के कारण महिलाएं सामाजिक और आर्थिक अवसरों से वंचित न हों। योजना के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा पहले साधारण शहर और कस्बाई बसों तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 40 किलोमीटर तक सीमित थी। अब इसे राज्य के सात परिवहन निगमों द्वारा संचालित 40 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस (एलएसएस), डीलक्स, मुफस्सिल साधारण और घाट साधारण सेवाओं तक बढ़ा दिया गया है। सरकार ने कहा कि इस पहल से छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को शिक्षा, रोजगार, आजीविका तथा चिकित्सा एवं अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन में मदद मिलेगी। लाभार्थियों के लिए कोई आय सीमा नहीं होगी और रोजाना यात्राओं की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं होगी। परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि योजना का उद्देश्य यात्रा की लागत को महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों की शिक्षा, रोजगार तथा आर्थिक सशक्तीकरण में बाधा बनने से रोकना है।
तमिलनाडु में हिंदी को लेकर विवाद एक बार फिर सड़क से अस्पताल तक पहुंच गया है। कुछ दिन पहले तूतुकुड़ी जिले में राज्य राजमार्ग के एक दिशा-सूचक बोर्ड पर तमिल और अंग्रेजी के साथ हिंदी दिखाई दी। राजनीतिक विरोध के बाद हिंदी के अक्षर हटा दिए गए और दो हाईवे इंजीनियरों को निलंबित कर दिया […] यह लेख Tamil Nadu Hindi Controversy: हाईवे के बाद दवा के कवर पर हिंदी, तमिलनाडु में फिर क्यों भड़का भाषा विवाद? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
Tamil Nadu के अस्पतालों में दवाओं पर त्रिभाषा फॉर्मूले का DMK ने किया कड़ा विरोध
चेन्नई, सात अक्टूबर तमिलनाडु में विपक्षी दल द्रमुक ने दो सरकारी अस्पतालों में तीन भाषाओं वाले दवा के पैकेट के इस्तेमाल को लेकर टीवीके सरकार की तीखी आलोचना की है और पूछा है कि क्या राज्य में त्रि-फॉर्मूला लागू किया जा रहा है, वहीं सत्ताधारी टीवीके ने द्रविड़ पार्टी पर अपने अस्तित्व के लिए के मुद्दे को तूल देने का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के. जी. अरुणराज ने यह भी कहा कि पिछली द्रमुक सरकार के दौरान भी ऐसी ही पैकेजिंग को मंजूरी दी गई थी। विवाद के बाद, कोयंबटूर और करूर के सरकारी अस्पतालों के अधिकारियों ने तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में छपे दवा के पैकेट का वितरण तुरंत रोक दिया। यह विवाद तब भड़का जब तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में खुराक के निर्देश छपे पैकेट राज्य सरकार संचालित चिकित्सा प्रतिष्ठानों में मरीजों तक पहुंचे, जिससे द्रमुक की कड़ी आलोचना हुई। द्रमुक नेता और पूर्व मंत्री टी.आर.बी. राजा ने करूर स्वास्थ्य केंद्र में वितरित दवा के पैकेटों की तस्वीरें साझा करते हुए अधिकारियों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क के भीतर चुपचाप त्रि-नीति लागू करने का आरोप लगाया। तमिलनाडु दशकों से राज्य में तमिल और अंग्रेजी का उपयोग करते हुए द्विभाषी (दो भाषाओं के) फॉर्मूले का पालन करता रहा है और हिंदी के उपयोग का विरोध करता रहा है। राजा ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि तमिलनाडु के अस्पतालों में भी त्रि-नीति लागू की जा रही है! पहले करूर... अब कोयंबटूर में भी यही स्थिति है...।’’पलटवार करते हुए, अरुणराज ने द्रमुक पर ‘राजनीतिक अस्तित्व’ के लिए के मुद्दे का सहारा लेने का आरोप लगाया। वरिष्ठ टीवीके नेता ने मुख्य विपक्षी दल पर ‘मगरमच्छी आंसू बहाने’ का भी आरोप लगाया।
Tamil Nadu के सरकारी अस्पतालों में Hindi में छपे दवा कवर के वितरण पर रोक, DMK ने जताया विरोध
कोयंबटूर, सात अक्टूबर तमिलनाडु की नीति को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कोयंबटूर और करूर के सरकारी अस्पतालों ने हिंदी समेत तीन भाषाओं में छपे दवाओं के कवर का वितरण रोक दिया है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को दी जाने वाली दवा की पैकेजिंग पर खुराक संबंधी निर्देश तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में छपे होने के बाद नेताओं ने इसकी तीखी आलोचना की। विवाद उस समय और बढ़ गया जब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता टी. आर. बी. राजा ने करूर के अस्पताल में वितरित दवाओं के कवर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में तीन-नीति को गुपचुप तरीके से लागू किया जा रहा है। पूर्व मंत्री ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “ऐसा लगता है कि तमिलनाडु के अस्पतालों में भी तीन-नीति लागू की जा रही है! पहले करूर... अब कोयंबटूर में भी यही स्थिति है...।”अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि विवादित पैकेजिंग न तो नयी है और न ही यह दवा हाल में खरीदी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चिंतामणि सहकारी समिति के माध्यम से प्रायोजित ये कवर पिछले 18 महीनों से लगातार इस्तेमाल किए जा रहे हैं और इनमें से कुछ का इस्तेमाल पिछली सरकार के कार्यकाल में भी हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि तीन भाषाओं में छपे कवर के वितरण की जानकारी सामने आने के बाद इनके आगे के वितरण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। तमिलनाडु शिक्षा और सरकारी प्रशासन में केवल तमिल और अंग्रेजी के इस्तेमाल वाली अपनी दो-नीति का सख्ती से पालन करता है। राज्य सरकार केंद्र की तीन-नीति का लगातार विरोध करती रही है।
Tamil Nadu में वोटर लिस्ट विवाद पर DMK ने Rahul Gandhi के रुख पर उठाए सवाल
चेन्नई, सात अक्टूबर तमिलनाडु में विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए इस दक्षिणी राज्य में कथित तौर पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर उनकी ‘‘चुप्पी’’ पर सवाल उठाया। द्रमुक के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाया। अन्नादुरई ने कांग्रेस सांसद पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की इस कवायद को लेकर ‘‘असंगत रुख अपनाने’’ का आरोप लगाया और पूछा कि तमिलनाडु में हुई घटनाओं को निर्वाचन आयोग के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान जितनी ही तवज्जो क्यों नहीं मिली। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने मंगलवार को दिल्ली में संसद से निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। द्रमुक ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग की एसआईआर कवायद के दौरान तमिलनाडु की मतदाता सूचियों से लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। द्रमुक प्रवक्ता ने यह भी स्पष्टीकरण मांगा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम से दिए गए एक बयान का सार्वजनिक रूप से समर्थन क्यों नहीं किया। खरगे के हवाले से कथित तौर पर कहा गया था कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद निर्वाचित राज्य सरकारों को भंग कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता ने तमिलनाडु में इस मुद्दे को उठाने से इसलिए परहेज किया क्योंकि वह ‘‘विजय से बात करने को लेकर डरते हैं।’’उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद दशकों पुराना द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन टूट गया। कांग्रेस ने अपने लंबे समय से सहयोगी द्रमुक से संबंध तोड़कर अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को सरकार बनाने में समर्थन दिया, जिसके बाद दोनों दलों के बीच कड़वाहट बढ़ गई।
बिना लिखित परीक्षा पाएं सरकारी नौकरी! NHM में 4,724 स्टाफ नर्स पदों पर सीधी भर्ती, जानें आखिरी तारीख
pc: abplive नेशनल हेल्थ मिशन, तमिलनाडु (NHM-TN) ने तमिलनाडु सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत स्टाफ नर्स के 4,724 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती राज्य के विभिन्न जिलों में संविदा (Contractual) आधार पर की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवारों को इसके लिए ऑफलाइन आवेदन जमा करना होगा। भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें: कुल पद: 4,724 (स्टाफ नर्स) आवेदन की अंतिम तिथि: 25 सितंबर (शाम 5:00 बजे तक) आवेदन का तरीका: ऑफलाइन (जिला स्वास्थ्य कार्यालय या जिला स्वास्थ्य समिति में जमा करें) मासिक वेतन: ₹21,000 प्रति माह (संविदा आधार पर) चयन प्रक्रिया: बिना लिखित परीक्षा — शैक्षणिक अंक, अनुभव और मेरिट के आधार पर (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ)। शैक्षणिक योग्यता व पात्रता: डिग्री/डिप्लोमा: मान्यता प्राप्त संस्थान (Indian Nursing Council से संबद्ध) से B.Sc Nursing या GNM होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन: उम्मीदवार का Tamil Nadu Nurses and Midwives Council में वैध रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है। किन विभागों/संस्थानों में होगी नियुक्ति? जिला स्तर पर पदों का आवंटन निम्नलिखित विभागों के अधीन आने वाले स्वास्थ्य संस्थानों में होगा: डायरेक्टरेट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एंड रूरल हेल्थ सर्विसेज डायरेक्टरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ऑफलाइन आवेदन कैसे करें? फॉर्म डाउनलोड करें: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट nhm.tn.gov.in पर जाकर आवेदन फॉर्म और जिलावार वैकेंसी डिटेल्स डाउनलोड करें। दस्तावेज़ संलग्न करें: फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें। इसके साथ शैक्षणिक प्रमाण पत्र, नर्सिंग काउंसिल रजिस्ट्रेशन, फोटो और पहचान पत्र की कॉपियां अटैच करें। फॉर्म जमा करें: भरा हुआ आवेदन फॉर्म 25 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले संबंधित जिले के District Health Officer (DHO) या District Health Society (DHS) के कार्यालय में पहुँचाएँ।
Tamil Nadu CM Vijay की स्कूली बच्चों को सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme
Tamilnadu CM Vijay ने Govt School के बच्चों को दी सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme अच्छी पढ़ाई के लिए सिर्फ स्कूल और किताबें ही जरूरी नहीं होतीं...
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
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Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
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CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
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Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

