देवरिया में गुरुवार को लेखपाल चयन परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4968 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सुबह आठ बजे परीक्षा केंद्रों के गेट खोले गए, जिसके बाद अभ्यर्थियों को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले त्रिस्तरीय जांच की गई। इसमें प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच के साथ सुरक्षा उपकरणों से तलाशी ली गई। अभ्यर्थियों को गेट पर बेल्ट उतारने के निर्देश भी दिए गए। बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। देखें 5 तस्वीरें… STF और SOG टीमों की निगरानी परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए एसटीएफ और एसओजी की टीमें तैनात की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था में करीब 150 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट और एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इंस्पेक्टर, दरोगा और पुलिस बल लगातार परीक्षा केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में गश्त करते रहे। इन कॉलेजों में बनाए गए परीक्षा केंद्र जिले में अशोक इंटर कॉलेज डुमरी रामपुर कारखाना, बाबा राघव दास इंटर कॉलेज, दीनानाथ पाण्डेय राजकीय महिला पीजी कॉलेज, गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज मझगांवा, राजकीय इंटर कॉलेज, जनता इंटर कॉलेज सोनूघाट और जनता इंटर कॉलेज रामपुर कारखाना सहित 12 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इसके अलावा लाला करमचंद थापर इंटर कॉलेज बैतालपुर, महाराजा अग्रसेन बालिका इंटर कॉलेज, महाराजा इंटर कॉलेज जलकल रोड, पीएम श्री कस्तूरबा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बांस देवरिया और एसएसबीएल इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। प्रशासन ने दी सख्ती की चेतावनी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभ्यर्थियों से परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
बलौदाबाजार के गिधौरी में लक्की ड्रा और सेल प्रमोशन का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को गिधौरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ग्राम गिधौरी निवासी खगेन्द्र नाथ साहू (43) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी खगेन्द्र नाथ साहू ने सेल प्रमोशन ऑफर के तहत एक योजना चलाई थी। इसमें वह ग्रामीणों से प्रतिमाह 4000 रुपए और 2500 रुपए का सदस्यता शुल्क जमा करवाता था। शुरुआत में कुछ लोगों को लक्की ड्रा में पैसे वापस कर उसने ग्रामीणों का विश्वास जीता। विश्वास जीतकर 2 लाख की ठगी इसी विश्वास का फायदा उठाकर चूड़ामणि साहू और गीताराम साहू नामक दो ग्रामीणों ने कुल 2,00,000 रुपए जमा कर दिए। इसके बाद आरोपी ने न तो कोई ड्रा निकाला और न ही उनकी रकम लौटाई। यह धोखाधड़ी 10 दिसंबर 2023 से 23 मार्च 2026 के बीच हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म थाना प्रभारी संदीप बंजारे ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया (अपराध क्रमांक 94/2026, धारा 318(4) बीएनएस)। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया है। अन्य पीड़ितों से शिकायत दर्ज कराने की अपील पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इसी तरह कई अन्य लोगों को भी ठगा है। इसलिए, गिधौरी पुलिस ने अन्य पीड़ितों से तत्काल थाना गिधौरी में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। गिरफ्तार आरोपी खगेन्द्र नाथ साहू को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और लोगों से ऐसे प्रलोभनों से बचने की सलाह दी गई है।
महेंद्रगढ़ में मां की हत्या कर बेटा कुएं में कूदा:देर रात वारदात; 70 वर्षीय महिला का शव घर में मिला
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में गुरुवार अल सुबह एक व्यक्ति ने अपनी मां की हत्या कर खुद कुएं में छलांग लगा ली। आसपास के लोगों ने पुलिस की सहायता से व्यक्ति को कुएं से निकाला। इससे व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया हुआ है। शहर के मोहल्ला कायमपुरा निवासी करीब 45 वर्षीय सुनील कुमार ने बुधवार-गुरुवार रात को करीब दो बजे बाद अपनी 70 वर्षीय मां ब्रह्मादेवी के साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी। मां की हत्या करने के बाद वह भी सब्जी मंडी के पास शंकर भगवान मंदिर के नजदीक कुएं में कूद गया। 50 फुट गहरे कुएं में कूदा कुएं में कूड़ा पड़ा हुआ था तथा उसकी गहराई भी करीब 50 फुट ही है। सुबह जब सब्जी मंडी में आए लोगों ने उसको कुएं में कूदते हुए देखा तो इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सुबह करीब सात बजे व्यक्ति को कुएं से बाहर निकाला। गंभीर रूप से हुआ घायल कुएं में कूदने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिस पर उसको नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसको पीजीआईएमएस रोहतक के लिए रेफर कर दिया गया। जेठानी को मिली डेडबॉडी वहीं सुबह महिला घर से बाहर नहीं निकली तो उसकी जेठानी घर में गई, उसने महिला ब्रह्मादेवी की डेडबॉडी घर के अंदर देखी। इस पर उसने अपने परिजनों को बताया। परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव कब्जे में लिया मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। पुलिस के अनुसार व्यक्ति ने पहले अपनी मां की हत्या की है। जिसके बाद वह कुएं में कूद गया। शराबी है व्यक्ति, करता है लड़ाई झगड़ा आस पड़ोस व परिजनों का कहना है कि व्यक्ति सुनील झगड़ालू है तथा अपनी मां के साथ लड़ाई झगड़ा करता रहता है। घर में उसकी मां व वह दोनों अकेले ही रहते थे। वह मजदूरी करता था तथा शाम को शराब पीकर घर आता था।
रामपुर में भीषण गर्मी का असर अब बिजली व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान और बिजली की अधिक खपत के कारण विद्युत ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर गर्म हो रहे हैं, जिससे शहर में जगह-जगह फाल्ट की समस्या बढ़ गई है। ताजा मामला बुधवार-गुरुवार की मध्य रात्रि करीब 12 बजे गंगापुर आवास विकास कॉलोनी का है। यहां का ट्रांसफार्मर अत्यधिक गर्म हो गया, जिसके चलते विद्युत लाइनों में लगातार फाल्ट होने लगे और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कर्मचारी बोले- लोड बढ़ने से बार-बार आ रही दिक्कत बिजली घर संख्या 270 के संविदा कर्मचारी पारस ने बताया कि ट्रांसफार्मर पर लोड काफी बढ़ गया है। इसकी वजह से अलग-अलग स्थानों पर लगातार फाल्ट हो रहे हैं। टीम फाल्ट ठीक करने पहुंचती है, लेकिन थोड़ी देर बाद दूसरी जगह समस्या उत्पन्न हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय निवासी दीपक ने बताया कि गर्मी में बिजली की जरूरत पहले से अधिक बढ़ गई है, लेकिन लगातार कटौती और फाल्ट से लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही। रातभर बिजली गुल रहने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। स्टाफ की कमी से बढ़ा दबाव स्थानीय निवासी राधेश्याम ने कहा कि एक फाल्ट ठीक होते ही दूसरा फाल्ट हो जाता है, जिससे पूरी रात लोग परेशान रहते हैं। वहीं अंकुर ने बताया कि जिन घरों में इन्वर्टर नहीं हैं, वहां हालात और गंभीर हैं। संविदा कर्मचारियों के अनुसार विभाग में स्टाफ की भारी कमी है। पहले जितने कर्मचारियों से काम चलता था, अब उसी संख्या में कई गुना ज्यादा काम करना पड़ रहा है। हालांकि विभागीय टीमें लगातार फाल्ट ठीक करने में जुटी हुई हैं।
जौनपुर के बक्शा थाना क्षेत्र के उतरीजपुर गांव में गुरुवार को जमीन विवाद को लेकर एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और हाईवोल्टेज ड्रामा करने लगा। युवक ने राजस्व विभाग और पुलिस पर गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। विशेषरपुर (साईनाथ) निवासी 30 वर्षीय श्रीप्रकाश यादव पुत्र राजाराम यादव जमीन के सीमांकन को लेकर नाराज था। युवक का आरोप है कि उसकी जमीन गाटा संख्या 250 का राजस्व कर्मियों द्वारा गलत सीमांकन किया जा रहा है और दबाव में उसकी जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है। जब तक उच्च अधिकारी नहीं आएंगे, नीचे नहीं उतरूंगा मोबाइल टावर पर चढ़े युवक ने कहा कि जब तक उच्च अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, वह नीचे नहीं उतरेगा। युवक करीब तीन घंटे तक कड़ी धूप में टावर पर चढ़ा रहा। उसकी मां और स्थानीय लोग लगातार उसे नीचे उतरने के लिए समझाते रहे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस को मौके पर बुलाया गया। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था और युवक टावर पर ही मौजूद था। इलाके में स्थिति को देखते हुए लोगों की भारी भीड़ जमा रही।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से जिले के 37 केंद्रों पर लेखपाल मुख्य परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को लेकर युवाओं में भारी उत्साह देखा गया, लेकिन इसके साथ ही उनके चेहरों पर एक अनजाना डर भी साफ नजर आया। नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के मामलों के बाद दूर-दूर से आए अभ्यर्थी इस बात को लेकर बेहद आशंकित हैं कि कहीं उनकी सालों की मेहनत इस बार भी पेपर लीक की भेंट न चढ़ जाए। मेटल डिटेक्टर से जांच और बायोमेट्रिक के बाद ही मिला प्रवेशदैनिक भास्कर की टीम ने जब बरेली कॉलेज के विधि विभाग (Department of Law) केंद्र का जायजा लिया, तो वहां सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। सालों से तैयारी कर रहे ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवा, बेरोजगारी के कारण बने अभ्यर्थी भीषण गर्मी में प्रशासन के दावे, अस्पतालों को रखा गया अलर्ट मोड परइस परीक्षा में कुल 16,968 अभ्यर्थियों को शामिल होना है। परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक आयोजित की गई, जिसके लिए प्रवेश सुबह 8:00 बजे से ही शुरू कर दिया गया है। नियमों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले यानी सुबह 9:15 बजे गेट पूरी तरह बंद कर दिए गए। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने सभी केंद्रों पर पीने के पानी और बिजली की सुचारू व्यवस्था के निर्देश दिए है। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नजदीकी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़ेरिया बायपास के पास देर रात सड़क हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार ऑटो और हाइवा के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने घायलों को वाहन से बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलते ही बरगवां थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। हादसे में ऑटो में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान बसंती शाह, रुक्मिणी देवी और बसंत कुमार के रूप में हुई है। तीनों को प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए बैढ़न ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। तेज रफ्तार वाहन बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भिड़ंत इतनी तेज थी कि टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। हादसे के कारण कुछ समय तक मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। बरगवां थाना प्रभारी मो शमीर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह वाहन का अनियंत्रित होना सामने आया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर लोगों में एक बार फिर चिंता का माहौल है।
रायसेन नगर पालिका ने स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के तहत कमर कस ली है। इसी क्रम में बुधवार देर रात नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) सुरेखा जाटव ने टीम के साथ पीछे बाजार क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गंदगी फैलाने वाले 10 दुकानदारों पर चालानी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान सीएमओ सुरेखा जाटव के साथ स्वच्छता निरीक्षक शशिकांत और स्वच्छता सर्वेक्षण टीम मौजूद थी। टीम ने दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने गंदगी न करने और कचरा सड़क पर न फेंकने की समझाइश दी। जांच में ऐसे 10 दुकानदार पाए गए जिनकी दुकानों में डस्टबिन नहीं थे और वे कचरा दुकान के सामने सड़क पर फेंक रहे थे। इस पर नगर पालिका ने इन दुकानदारों पर चालानी कार्रवाई की। सभी व्यापारियों को अपनी दुकानों में डस्टबिन रखना अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए। सीएमओ सुरेखा जाटव ने कहा कि नगर पालिका के कर्मचारी सुबह से देर रात तक शहर में सफाई कर रहे हैं। कचरा वाहन भी नियमित रूप से मोहल्लों और बाजारों में पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोग घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़क पर फेंक रहे हैं, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में जिन घरों और दुकानों के सामने कचरा पाया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने शहरवासियों से स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका का सहयोग करने और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने में अपनी भागीदारी निभाने की अपील भी की। नगर पालिका के अनुसार, स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी के तहत एक टीम शहर में घर-घर और दुकानों पर जाकर लोगों से फीडबैक भी ले रही है।
आगरा के थाना एत्माददौला क्षेत्र के प्रकाश नगर स्थित छदामी नगर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। शराब के नशे में धुत एक कलयुगी बेटे ने महज 1500 रुपए न मिलने पर अपने ही पिता की ईंट से हमला कर हत्या कर दी। आरोपी ने अपने भाई को भी नहीं बख्शा और उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के मुताबिक आरोपी धर्मवीर ने शराब पीने के लिए अपने पिता लीलाधर से ₹1500 मांगे थे। पिता द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर उसने घर में जमकर हंगामा किया और गाली-गलौज शुरू कर दी। परिवार के लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया, लेकिन आरोपी के सिर पर नशा और गुस्सा दोनों सवार थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात करीब 2 बजे धर्मवीर दोबारा घर पहुंचा और दरवाजे पर उत्पात मचाने लगा। बुधवार सुबह जब पिता लीलाधर अपने बेटे राजेश के साथ सब्जी मंडी जाने के लिए निकले, तभी आरोपी ने रास्ते में दोनों को रोक लिया। इसके बाद उसने इंटरलॉकिंग ईंट उठाकर पिता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में लीलाधर गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। बीच-बचाव करने आए भाई राजेश पर भी आरोपी ने ईंट से हमला कर दिया। अचानक हुई इस खूनी वारदात से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और आरोपी वहां से फरार हो गया। घायल पिता और बेटे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से लीलाधर को गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के दौरान बुजुर्ग लीलाधर ने दम तोड़ दिया। पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना एत्माददौला पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी धर्मवीर के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी धर्मवीर शराब का आदी था और अक्सर घर में विवाद करता रहता था। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह एक दिन अपने ही पिता की जान ले लेगा।
जींद पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपए ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये महिलाएं रेप के झूठे मामले में समझौता कराने के नाम पर 6 लाख रुपए की मांग कर रही थी और पहले ही 2.50 लाख रुपए वसूल चुकी थी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जींद के निर्देश और डीएसपी नरवाना के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ नरवाना, थाना गढ़ी और चौकी धमतान साहिब की संयुक्त टीम ने की। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान कुचराना निवासी सोनिया, यमुनानगर की दशमेश कॉलोनी निवासी संगीता और यमुनानगर की कंसोपुर कॉलोनी निवासी सीमा के रूप में हुई है। डेयरी पर काम करती थी डीएसपी नरवाना ने बताया कि धमतान साहिब निवासी मलकियत ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, कुचराना की एक महिला, जो मलकियत के भतीजे की डेयरी पर काम करती थी, ने उसके भतीजे नरेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। बाद में, यह महिला अपने साथियों के साथ मिलकर समझौते के लिए 6 लाख रुपए की मांग कर रही थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी महिलाएं पहले ही 2.50 लाख रुपए ले चुकी थी। पुलिस ने रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक योजना बनाई। शिकायतकर्ता को 3 लाख रुपए दिए गए, जिनके नोटों के सीरियल नंबर पहले ही दर्ज कर लिए गए थे। आरोपी महिलाओं ने शिकायतकर्ता को जमींदारा ढाबा के पास बुलाया। जैसे ही महिलाओं ने ये 3 लाख रुपए लिए, पुलिस टीम ने छापा मारकर उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी महिलाओं के खिलाफ थाना गढ़ी में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके।
गोंडा में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से बुधवार को लेखपाल मुख्य भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर पहली पाली में कुल 4920 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। गोरखपुर समेत विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही परीक्षार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अभ्यर्थियों को तीन स्तरीय सघन चेकिंग के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया गया। बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने की अनुमति मिली। भीषण गर्मी को देखते हुए पानी की बोतलों से रैपर हटाकर ही अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परीक्षा ड्यूटी में 200 कक्ष निरीक्षक, 50 से अधिक सब इंस्पेक्टर, 200 से ज्यादा कांस्टेबल और 200 से अधिक महिला पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बनाए गए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से लगातार की जा रही है। LIU और STF भी रख रही नजर परीक्षा केंद्रों पर स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) और यूपी एसटीएफ की टीमें भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन के इस्तेमाल से सख्ती से रोका गया है। गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए सभी केंद्रों पर पेयजल, प्रकाश और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
एटा में विवाहिता की मौत:मायके पक्ष बोला- पीटकर लटकाया गया, दो बेटियां होने पर प्रताड़ना का आरोप
एटा के अवागढ़ थाना क्षेत्र स्थित नगला रूपी गांव में 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका की पहचान कीर्ति देवी (26) पत्नी पंकज के रूप में हुई है। उनका विवाह वर्ष 2023 में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही कीर्ति को प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका के भाई प्रशांत ने बताया कि कीर्ति को दो बेटियां हुई थीं, जिसके चलते पति और ससुराल पक्ष के लोग उससे आए दिन मारपीट करते थे। उन्होंने कहा कि बहन की मौत की सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे तो वह मृत अवस्था में मिली। पिता बोले- पीटकर लटकाया गया मृतका के पिता वीरेश ने आरोप लगाया कि पुत्र न होने के कारण उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि कीर्ति को पीटकर फंदे से लटकाया गया है। वीरेश ने बताया कि जब वे गांव पहुंचे तो उनकी बेटी वहां नहीं मिली। बाद में पोस्टमार्टम गृह में उन्होंने शव देखा। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। डेढ़ साल और दो माह की हैं बेटियां परिजनों के मुताबिक, मृतका का पति पंकज नोएडा में निजी नौकरी करता है। कीर्ति की डेढ़ साल की बेटी किट्टू और दो माह की दूसरी बेटी लाली है। घटना की सूचना पर क्षेत्राधिकारी जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया, जिन्होंने साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस बोली- प्रथम दृष्टया आत्महत्या सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो शव को परिजनों द्वारा नीचे उतार लिया गया था। घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य संकलित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
इंद्रगढ़, जमीतपुरा में आज बिजली बंद:डिस्कॉम करेगा रखरखाव, कई गांवों में आपूर्ति प्रभावित
बूंदी जिले के इंद्रगढ़ क्षेत्र में डिस्कॉम द्वारा रखरखाव कार्य के कारण आज बिजली आपूर्ति बाधित है। 33 केवी दौलतपुरा लाइन पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है, जिससे संबंधित क्षेत्रों में बिजली बंद है। दौलतपुरा जीएसएस से जुड़े सभी विद्युत फीडरों और गांवों में गुरुवार सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रहेगी। यह जानकारी जेईएन लक्षित गौतम ने दी है। इसके अलावा डिस्कॉम द्वारा 33 केवी पीपल्दा लाइन और पीपल्दा ग्रिड पर भी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इस जीएसएस से जुड़े 11 केवी कोठिया, पीपल्दा, अंथड़ा और साथेली फीडरों की बिजली गुरुवार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बंद रखी गई है।
मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी के सोमवार को जिले में आगमन ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति लेकर पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से मुलाकात की। इसके बाद उनका सीधे समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचना जिले की राजनीति में बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब्बास अंसारी भारी सुरक्षा व्यवस्था और करीब आधा दर्जन गाड़ियों के काफिले के साथ मऊ पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर और जिलाधिकारी आनंद वर्धन से मिलकर अपने आगमन की औपचारिक जानकारी दी। सपा कार्यालय में लस्सी पिलाई, मरम्मत के दिए निर्देश प्रशासनिक मुलाकातों के बाद अब्बास अंसारी सीधे समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने मीडिया कर्मियों और सपा कार्यकर्ताओं को लस्सी पिलाई। साथ ही कार्यालय की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए। गौरतलब है कि उसी परिसर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और भाजपा गठबंधन का कार्यालय आमने-सामने स्थित है, लेकिन अब्बास अंसारी वहां नहीं गए। सपा कार्यालय में उनकी करीब चार घंटे की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया। ‘लापता विधायक’ वाले पोस्टर के बाद बढ़ीं अटकलें कुछ दिन पहले जिले के एक सामाजिक संगठन ने थाना सरायलखनसी में अब्बास अंसारी को “लापता विधायक” बताते हुए उनकी तलाश की मांग की थी। ऐसे में उनका अचानक मऊ पहुंचना और लंबे समय तक सपा कार्यालय में सक्रिय रहना कई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कसा तंज इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा जिलाध्यक्ष रामाश्रय मौर्य ने तंज कसते हुए कहा, “वह हमारे यहां क्यों आएंगे? यह मामला सुभासपा का है। गठबंधन जरूर है, लेकिन फैसला ओमप्रकाश राजभर को करना है।” उन्होंने यह भी कहा कि अब्बास अंसारी और उनका परिवार लगातार विवादों में रहा है तथा उन पर प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है। दौरे के बाद छोड़ गए कई सवाल करीब चार घंटे के प्रवास के बाद अब्बास अंसारी गाजीपुर के लिए रवाना हो गए। हालांकि, उनका यह दौरा मऊ की राजनीति में कई नए सवाल छोड़ गया है। जिले में अब इस बात की चर्चा तेज है कि क्या मुख्तार अंसारी की राजनीतिक विरासत अब समाजवादी पार्टी के साथ नई दिशा लेने जा रही है।
संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों का दोपहर में घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 169 रहा। तेज धूप के साथ 15 से 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। गुरुवार सुबह 09 बजे जिले का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस था, जो दोपहर 12 बजे से शाम 06 बजे तक अधिकतम 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के बाद बादल छाए रहने की संभावना है। अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि मई में 15 दिन मौसम सुहाना रहा था और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस था। विभाग ने 15 जून से मानसून की दस्तक का अनुमान लगाया है, लेकिन इससे पहले तापमान में वृद्धि होगी। हालांकि, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गर्मी कम पड़ने का दावा भी किया गया है। भीषण गर्मी के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में पेट दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएमएस डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि लू के प्रकोप से निपटने के लिए आठ बेड का एक विशेष वार्ड तैयार किया गया है, हालांकि अभी तक कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है। डॉ. चमन प्रकाश ने गर्मी के मौसम में सूती कपड़े पहनने, अधिक से अधिक पानी पीने और घर का बना स्वस्थ भोजन करने की सलाह दी है। इस बीच, मई की शुरुआत में हुई दो दिन की बारिश से मक्का, बाजरा और मेंथा जैसी पानी वाली फसलों को फायदा हुआ था। हालांकि, लगभग 25 प्रतिशत किसानों की फसलें आंधी और बारिश के कारण गिरकर क्षतिग्रस्त हो गई थीं। दुकानदार अमित भारद्वाज ने बताया कि दोपहर में भीषण गर्मी के कारण बाजार में सन्नाटा हो जाता है सुबह और शाम को लोग खरीददारी के लिए निकल रहे हैं। हर एक व्यक्ति चिलचिलाती धूप से बच रहा है।
अंबेडकरनगर जिले में पशुओं के चारे की कमी को दूर करने के लिए नैपियर घास का सीड बैंक तैयार किया जा रहा है। इस पहल के तहत किसानों और पशुपालकों को नैपियर घास की जड़ें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। जिले की 23 गौशालाओं में भी नैपियर घास लगाई गई है। पशुपालन विभाग द्वारा स्थापित यह सीड बैंक गौशालाओं में रहने वाले पशुओं के साथ-साथ अन्य पशुओं के लिए भी पौष्टिक चारे की कमी को पूरा करेगा। लाभार्थियों को नैपियर घास की निराई-गुड़ाई के लिए अनुदान देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के अनुसार, अगले वर्ष लाभार्थियों को सीड बैंक को दोगुनी नैपियर घास की गांठें वापस करनी होंगी। इसका उद्देश्य प्रतिवर्ष लाभार्थियों की संख्या और नैपियर घास की पैदावार में वृद्धि करना है, जिससे चारे की आत्मनिर्भरता बढ़ाई जा सके। जिले की गौशालाओं को पशुओं के भूसा-चारे के लिए शासन से धनराशि और दान मिलता है, फिर भी पौष्टिक चारे की कमी बनी रहती है। इस समस्या के समाधान हेतु पशुपालन विभाग ने चारा नीति के तहत तहसील स्तर पर नैपियर घास का सीड बैंक बनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में विभाग ने जनपद की 23 गौशालाओं में नैपियर घास लगवाई है। इसके अतिरिक्त, 20 किसान/पशुपालकों के चार हेक्टेयर खेतों में भी नैपियर घास लगाई गई है। इन किसानों को निराई-गुड़ाई के लिए प्रति किसान चार हजार रुपये का अनुदान भी दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अंबेडकरनगर, डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि ये किसान घास को गौशालाओं में बेच सकेंगे और अन्य किसानों को भी इसकी जड़ें उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से जिले में चारे की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
बिलासपुर जिले में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने के लिए बुधवार को 24 नई हाईटेक डायल-112 गाड़ियों को रवाना किया गया। लाइव CCTV कैमरों और आधुनिक सुरक्षा तकनीक से लैस ये वाहन अब सड़क हादसों, ट्रैफिक जाम, चोरी-लूट, महिला अपराध और आगजनी जैसी घटनाओं में तेजी से मौके पर पहुंच सकेंगे। नई गाड़ियों के शामिल होने के बाद पुलिसिंग में क्विक रिस्पॉन्स मिलने का दावा किया जा रहा है। बिलासागुड़ी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों से लैस इन वाहनों के जुड़ने से जिले में पुलिस रिस्पॉन्स टाइम और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में डायल-112 की पुरानी गाड़ियां कंडम होने के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ऐसे में नई गाड़ियों का मिलना आम लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। विधायकों और पुलिस अफसरों ने दिखाई हरी झंडी पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से नई डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ऑनलाइन जुड़कर शुभकामनाएं दीं। वहीं मौके पर तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, महापौर पूजा विधानी, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर वाहनों को रवाना किया। बड़े थानों को मिलीं 2-2 डायल-112 गाड़ियां नई डायल-112 गाड़ियों को जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में तैनात किया गया है। कोटा, मस्तूरी, सिविल लाइन, सिरगिट्टी, सरकंडा और कोनी थानों को 2-2 वाहन आवंटित किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन वाहनों के शामिल होने से रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और सड़क हादसे, अपराध या अन्य आपात स्थितियों में पुलिस पहले से अधिक तेजी से मौके पर पहुंच सकेगी। लाइव CCTV से होगी निगरानी नई डायल-112 गाड़ियों में लाइव सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। इनकी मदद से सड़क हादसे, ट्रैफिक जाम, तस्करी, चोरी, लूट, डकैती तथा महिला और बाल अपराधों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। इसके अलावा आगजनी और अन्य आपात स्थितियों में भी ये वाहन अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नई तकनीक से लैस इन वाहनों के संचालन से आपातकालीन सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बता दें कि इससे पहले रायपुर में केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और गृहमंत्री ने प्रदेशभर के लिए 400 से अधिक आधुनिक डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। आईजी गर्ग बोले- ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत होगी पहुंच आईजी रामगोपाल गर्ग ने बताया कि डायल-112 सेवा का विस्तार अब प्रदेश के सभी 33 जिलों तक कर दिया गया है। इस सेवा में पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सेवाओं को भी जोड़ा गया है, जिससे लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर त्वरित सहायता मिल सकेगी। जनप्रतिनिधियों ने बताया भरोसे की सेवा तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि डायल-112 सेवा लोगों के भरोसे का प्रतीक बन चुकी है। वहीं, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि किसी भी हादसे या अपराध की स्थिति में सबसे पहले पुलिस ही मौके पर पहुंचती है और यही सेवा लोगों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करती है। कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने पुलिस की संवेदनशील कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि डायल-112 ने आम नागरिकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। महापौर पूजा विधानी ने कहा कि पुलिस विभाग जिस संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने में डायल-112 महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पंजाब में नशा और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स और अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5.5 किलो हेरोइन, 4 पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सीमा पार बैठे तस्करों के संपर्क में थे।आरोपी पाकिस्तान से भेजी गई हथियार और गोला-बारूद की खेप को पंजाब में आगे सप्लाई करने का काम कर रहे थे। नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों से जुड़े पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं। इस मामले में थाना एसएसओसी अमृतसर में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। पंजाब में शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर जोर पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में नशे, अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, युवाओं को नशे के जाल से बचाने और राज्य में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। इस बड़ी कार्रवाई को पंजाब पुलिस की एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे राज्य में सक्रिय तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
PAU में खेती और कृषि रिसर्च को लेकर बैठक:CM मान और केजरीवाल रहेंगे मौजूद,सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पंजाब में खेती, कृषि अनुसंधान और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर जल्द ही आज हाई-लेवल बैठक आयोजित की जाएगी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल विशेष तौर पर शामिल होंगे। बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पंजाब सरकार और पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के कई वरिष्ठ अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। बैठक में फसल अनुसंधान, धान की नई किस्में, कृषि तकनीक, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक में डॉ. मंगी लाल जाट, सचिव DARE एवं महानिदेशक ICAR, आईएएस अधिकारी अर्शदीप सिंह थिंद, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ. नचिकेत कोटवाली वाले, डॉ. एच.एस. जाट, डॉ. परविंदर श्योराण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) लुधियाना से डायरेक्टर रिसर्च डॉ. अजमेर सिंह धत्त, डायरेक्टर एक्सटेंशन एजुकेशन डॉ. माखन सिंह भुल्लर, एडिशनल डायरेक्टर रिसर्च डॉ. गुरजीत सिंह मंगत और एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विशाल बेक्टर भी बैठक में शामिल होंगे। धान अनुसंधान से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. रणवीर सिंह गिल, डॉ. बूटा सिंह ढिल्लों, डॉ. जगजीत सिंह लोरे और डॉ. नितिका संधू भी बैठक का हिस्सा बनेंगे। माना जा रहा है कि पंजाब में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए इस बैठक में कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
बीकानेर में गर्मी लगातार अपने तेवर दिखा रही है। दिन के साथ अब रातें भी लोगों को राहत नहीं दे रही हैं। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं रात का न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा रहा। खास बात यह रही कि दिन के मुकाबले रात में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की गई। मौसम विभाग ने संभाग के चारों जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। ये अलर्ट 24 मई तक रहेगा। मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए गुरुवार को भी राहत के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। अनुमान है कि तापमान एक बार फिर 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर में थम रही शहर की रफ्तार भीषण गर्मी का असर अब शहर की दिनचर्या पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू के कारण बाजारों और मुख्य मार्गों पर आवाजाही कम हो गई है। कई दिनों से 44-45 डिग्री के बीच बना हुआ है पारा बीकानेर में पिछले कई दिनों से तापमान लगातार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। लगातार ऊंचे तापमान के चलते गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है और लोगों को दिन के साथ रात में भी राहत नहीं मिल रही। 25 मई से नौतपा शुरू होने के कारण गर्मी से एक जून तक किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी। बीकानेर में 24 मई तक येलो अलर्ट मौसम विभाग ने बीकानेर संभाग के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू चारों जिलों में 24 मई तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। श्रीगंगानगर तो पिछले चौबीस घंटे में राज्य में सबसे ज्यादा गर्म जिला रहा है। जहां तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
मैहर जिले में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। बदेरा क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकान गोरइया के विक्रेता और समिति प्रबंधक के खिलाफ बुधवार रात बदेरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर 23 लाख 25 हजार रुपए से अधिक का खाद्यान्न उपभोक्ताओं को वितरित न करने का आरोप है। आरोप है कि दोनों ने उपभोक्ताओं से पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया। रिकॉर्ड में जनवरी से जून 2026 तक का खाद्यान्न वितरित दिखाया गया, लेकिन वास्तव में यह हितग्राहियों तक नहीं पहुंचा। मामले की शिकायत मिलने पर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने एसडीएम दिव्या पटेल को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रियंका अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों और वितरण व्यवस्था की गहन जांच की। 23 लाख के खाद्यान्न उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंची जांच में खुलासा हुआ कि दुकान की ओर से 15 लाख 52 हजार 691 रुपए मूल्य का 552 क्विंटल गेहूं, 7 लाख 27 हजार 861 रुपए मूल्य का 181 क्विंटल चावल, 16 हजार 704 रुपए मूल्य की 3.48 क्विंटल शक्कर और 28 हजार 645 रुपए मूल्य का 29.38 क्विंटल नमक वितरित नहीं किया गया। कुल मिलाकर 23 लाख 25 हजार 901 रुपए मूल्य के खाद्यान्न में गड़बड़ी पाई गई। प्रमाणिक साक्ष्य मिलने के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रियंका अग्रवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी। इसी आधार पर बुधवार देर रात थाना बदेरा में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(5) एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया। एसडीएम दिव्या पटेल ने दोनों आरोपियों को कुल राशि का 50-50 प्रतिशत हिस्सा आगामी 25 मई तक शासन के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन न करने पर कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितता करने वालों में सतर्कता बढ़ी है।
खेमपिपरा रोड पुलिया की टूटी रेलिंग:हर दिन गुजर रहे लोग, विभाग अब तक बेखबर
महराजगंज जिले के वीर बहादुर नगर से खेमपिपरा रोड जाने वाले मार्ग पर स्थित पुलिया की टूटी रेलिंग राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन गई है। लंबे समय से रेलिंग क्षतिग्रस्त होने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय निवासी सुभावती देवी, रामसूरत और दिनेश ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। रात के समय और बारिश में पुलिया की टूटी रेलिंग के कारण हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों और संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगरवासियों ने प्रशासन से जल्द पुलिया की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीपुर गांव में देर रात सनसनीखेज वारदात सामने आई। दो पहिया वाहन से जा रहे दो युवकों पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का इलाज जारी है। मृतक सुशील बगल के ही कोढ़वा गांव थाना जहानागंज का बताया जा रहा है। घायल पिंटू यादव है। हालांकि पिंटू को गोली छू कर निकली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव में चर्चा है कि प्रॉपर्टी का मामला है। पहले भी धमकी दी जा रही थी। पुलिस को सूचना भी दी गई थी। हालांकि अभी कोई पुष्टि नहीं हो सकी। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायल युवक से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने बाइक सवार युवकों को निशाना बनाकर कई राउंड फायरिंग की। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना से गांव समेत आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस की चार टीमों का गठन इस घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। SSP का कहना है कि 4 टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
महराजगंज सदर ब्लॉक परिसर में लगाया गया वाटर एटीएम इन दिनों खराब पड़ा हुआ है। भीषण गर्मी के बीच इसके बंद होने से ब्लॉक कार्यालय आने वाले लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए ब्लॉक पहुंचते हैं, लेकिन शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने से उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार ने आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाटर एटीएम लगवाया था, लेकिन लंबे समय से खराब पड़े इस उपकरण की सुध लेने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं कराई गई। वहीं, इस मामले में एडीओ पंचायत देवेंद्र पटेल ने बताया कि उनके पास इसके लिए कोई बजट नहीं है। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी विकासखंड अधिकारी महराजगंज की बताई। भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों ने प्रशासन से जल्द वाटर एटीएम को दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि ब्लॉक परिसर में आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
यमुनानगर के गांव अहड़वाला स्थित गोगा मेड़ी में चोरी की दो वारदातों को अंजाम देने वाले दो युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। आरोपियों को पुलिस के हवाले करने की बजाय ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई। इस दौरान उन्होंने करीब 10 मीटर तक जमीन पर नाक रगड़कर अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में चोरी नहीं करने का वादा किया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।आरोप है कि दोनों युवकों ने मेड़ी में रखी गुल्लकों को तोड़कर करीब 50 हजार रुपए चोरी किए थे। घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके बाद आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा। पहली चोरी में सीसीटीवी मिले थे बंद ग्रामीण सुरेंद्र ने बताया कि पहली चोरी सोमवार दोपहर को हुई थी। उस समय मेड़ी में कोई मौजूद नहीं था। आरोपी अंदर घुसे और गुल्लक तोड़कर उसमें रखी नकदी चोरी कर फरार हो गए। शाम को जब श्रद्धालु मेड़ी में पहुंचे तो चोरी का पता चला। सूचना मिलने पर ग्रामीण मौके पर एकत्रित हुए और जांच शुरू की गई। जब सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए तो वे बंद मिले। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में चोरों की पहचान करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। दूसरी बार रात को दीवार फांदकर पहुंचे घटना के बाद ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी वारदात रोकने के लिए मेड़ी में लगे कैमरों को ठीक करवाया। चूंकि मेड़ी में रात के समय कोई नहीं रुकता, इसलिए आरोपियों ने दोबारा वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। मंगलवार रात करीब दो बजे दोनों युवक मेड़ी की दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए और फिर से दोनों गुल्लकों को तोड़कर चोरी कर ली। ग्रामीणों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक आरोपी मेड़ी के अंदर रहे और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पास के गांव के निकले आरोपी, हाथ जोड़कर मांगी माफी हालांकि इस बार मेड़ी में लगे सीसीटीवी कैमरे चालू थे और पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। बुधवार सुबह जब श्रद्धालु मेड़ी में पहुंचे तो गुल्लक फिर से टूटी हुई मिली। इसके बाद ग्रामीण दोबारा मौके पर एकत्रित हुए और सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दो युवक गुल्लक तोड़ते और नकदी निकालते साफ दिखाई दिए। वीडियो के आधार पर ग्रामीणों ने दोनों युवकों की पहचान पास के गांव मिलक खास और अराइयांवाला निवासी के रूप में की। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर गोगा मेड़ी में लाया। वहां दोनों युवकों ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी तथा भविष्य में कभी चोरी न करने का वादा किया। जमीन पर 10 मीटर तक रगड़ी नाक वायरल वीडियो में दोनों युवक मंदिर परिसर में जमीन पर लेटकर नाक रगड़ते हुए आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब 10 मीटर तक नाक रगड़ते हुए गोगा महाराज की मूर्ति तक पहुंचकर क्षमा मांगी। इस दौरान वे लगातार हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार करते रहे। ग्रामीणों ने आरोपियों को पुलिस के हवाले करने की बजाय सामाजिक स्तर पर माफी मंगवाकर छोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
यूपी की बड़ी खबरें:गाजियाबाद में पिलर से टकराकर पलटी कार, 2 की मौत, दिल्ली से मेरठ जाते समय हादसा
गाजियाबाद के मोदीनगर में मेरठ रोड पर गुरुवार सुबह तेज रफ्तार सफेद रंग की स्विफ्ट कार डिवाइडर पर बने नमो भारत के पिलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पलट गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि सामने से आ रहा एक ट्रक कार की चपेट में आने से बच गया। सूचना मिलते ही मोदीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शीशा तोड़कर शवों को बाहर निकाला। यह हादसा मोदीनगर में मेरठ रोड स्थित ईएसआई अस्पताल के सामने हुआ। कार सवार सभी युवक दिल्ली से मेरठ की ओर लौट रहे थे। यहां पढ़ें पूरी खबर मऊ में तेज रफ्तार अर्टिगा दीवार पलटी: 3 युवकों की मौत, नदवासराय से घोसी जाते समय हादसा मऊ में तेज रफ्तार अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान की दीवार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी पलटकर गड्ढे में गिर गई। हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। हादसा बुधवार देर रात घोसी थाना क्षेत्र के बलुआ पोखरा के पास का है। यहां पढ़ें पूरी खबर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बोले- पहले भर्तियां निकलते ही ‘चाचा-भतीजा’ झोला लेकर निकल पड़ते थे यूपी सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर तीखा हमला बोला। दोनों मंत्रियों ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी भर्तियां भ्रष्टाचार, जातिवाद और पैसे के खेल का केंद्र बन गई थीं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सपा शासन में जब भी नौकरियों के विज्ञापन निकलते थे, तब “चाचा-भतीजा” लूट के लिए झोला लेकर निकल पड़ते थे। उस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर भर्ती तक हर जगह खुला रेट चलता था और बिना पैसे या सिफारिश के कोई काम नहीं होता था। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में करीब 9 लाख सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की गई हैं। इसमें समाज के सभी वर्गों के युवाओं को अवसर मिला और चयन केवल योग्यता के आधार पर हुआ। स्वतंत्र देव सिंह ने दावा किया कि आज हर गांव में 4-5 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। अपर्णा के घर पहुंचे एमपी CM मोहन यादव: प्रतीक के निधन पर शोक जताया, परिवार को ढांढस बधाया मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव बुधवार को लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट से सीधे उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पहुंचे और उनके पति प्रतीक यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मोहन यादव ने शोकाकुल परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया। वह अपर्णा यादव और उनकी दोनों बेटियों, पिता सहित पूरे परिवार के साथ काफी देर तक बैठे रहे। मोहन यादव ने कहा- प्रतीक यादव एक युवा और ऊर्जावान व्यक्ति थे। उनका इस तरह चले जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। अपर्णा जी और उनका परिवार इस दुख की घड़ी में अकेला नहीं है, पूरा भाजपा संगठन उनके साथ खड़ा है। 38 वर्षीय प्रतीक यादव का 13 मई को कार्डियक अरेस्ट के कारण अचानक निधन हो गया था। पूरी खबर पढ़िए
गाजियाबाद के फेसिफिक मॉल के सिनेमाघर में आग लग गई। आग से वहां मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया गया। जिसके बाद दमकल को सूचना दी। दमकल विभाग की 10 गाड़ियां आग बुझाने मौके पर पहुंची। आग के बाद मॉल में धुआं फैल गया। मॉल के गेट पर सिक्योरिटी गार्डों ने अंदर किसी को नहीं जाने दिया। गनीमत रही की समय रहते ही आग पर काबू पा लिया। लिंक रोड थाना क्षेत्र में है मॉल फेसिफिक मॉल गाजियाबाद में दिल्ली बार्डर के नजदीक है, यह लिंक रोड थाना क्षेत्र में है। जबकि सड़क पर कौशांबी थाने की सीमा लगी है। सूचना पर कौशांबी और लिंकरोड थाना पुलिस थी पहुंच गई। मॉल में आग का मामला था इसलिए आसपास के फायर स्टेशनों से भी गाड़ियां बुलाईं गई। करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। CFO राहुल पाल ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, अभी तक पता चला है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है।
अलवर में हीटवेव चल रही हैं। बुधवार रात से ही मौसम बदल गया। रात भर गर्म हवाएं चलती रहीं। वहीं आज सुबह करीब 3 बजे से तेज धूलभरी आंधी शुरू हुई, जिसका असर सुबह तक बना रहा। तेज धूप और लू के कारण आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लोग सिर्फ सुबह-शाम ही बाहर निकल रहे हैं। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आज तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। गर्मी से राहत देने के लिए अलवर नगर निगम और जिला प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों में फॉग गन मशीनों के जरिए पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। मुख्य बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है ताकि सड़क और जमीन का तापमान कम हो सके और लोगों को कुछ राहत मिल सके। निगम अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यह व्यवस्था जारी रहेगी। बुधवार को अलवर का अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को इसके 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। तेज गर्म हवाओं और लू के चलते डिहाइड्रेशन, बुखार, उल्टी और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर कम निकलने, ज्यादा पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है
भिवानी के मैकेनिक ने एक मिनी बाइक पिंकी-2 नाम से तैयार की है। जिसे तैयार करने में करीब सवा महीने का समय लगा है और इस पर 35-40 हजार रुपए का खर्च आया है। वहीं इसकी स्पीड भी 25-30 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। वहीं अब इसे इलेक्ट्रिक बनाने का प्रयास किया जाएगा। भिवानी के नेहरू पार्क के सामने (घंटाघर से हांसी गेट के बीच) के दुकानदार एवं मैकेनिक दीपक ने बताया कि उन्होंने मिनी बाईक बनाई है। जिसको एक्टिवा स्कूटी से इजात किया है। इसको पिंकी-2 नाम दिया गया है। उसने बताया कि दिल्ली में एक व्यक्ति ने तैयार की थी, उसने चैलेंज किया था। उसके बाद उन्होंने खुद बनाया है। यह एक्टिवा स्कूटी थी। आधी एक्टिवा स्कूटी व आधी अपने हाथ से तैयार करके बाईक बनाया है। सवा महीने में की तैयारदीपक ने बताया कि इसको तैयार करने में करीब सवा महीने का समय लगा है। वहीं यह बच्चे के लिए बनाई गई है। हमने इसकी स्पीड भी निर्धारित कर रखी है 25-30 किलोमीटर प्रतिघंटा। हालांकि कोई नई चीज बनाते हैं तो परेशानी आती ही हैं। लेकिन अब पता लग गया। अगर आगे फिर से और बनानी पड़ी तो इसे करीब 15 दिन में तैयार कर देंगे। अलग-अलग वाहनों के उपकरण लगाएउन्होंने बताया कि इसमें बुलेट मोटरसाकिल की टंकी लगाई गई है। बुलेट मोटरसाइकिल की टंकी को काटकर छोटा किया। वहीं हेंडल-टी आरएक्स 100 मोटरसाइकिल की लगाई गई है। हीरो होंडा के शोकर लगाए गए हैं। शोकर के नीचे की लैग एक्टिवा की लगाई गई है। इसको तैयार करने में करीब 35 हजार रहा। इसका उद्देश्य यही था कि हरियाणा में भी टैलेंट है। टैलेंट निकलकर आए। हालांकि उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि इस मिनी बाईक को चलाने की अनुमति दी जाए। इसके बाद अब इसे इलेक्ट्रिक बनाने का प्रयास चल रहा है। अब इलेक्ट्रिक बाइक बनाएंगेभिवानी के नेहरू पार्क के सामने वर्कशॉप संचालक पवन सैनी ने बताया कि यह मिनी बुलेट बाइक बनाई है, जो एक्टिवा स्कूटी की बनाई है। यह छोटी बाइक बच्चों के लिए बनाई है। इसको अब इलेक्ट्रिक में कंन्वर्ट करेंगे। हालांकि इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करने के लिए सामान इकट्ठा किया जा रहा है। उसमें करीब 2 महीने का समय लगेगा। इसकी सुरक्षा के लिहाज से स्पीड लिमिट 25-30 किलोमीटर प्रतिघंटा रखी गई है। दिल्ली निवासी एक व्यक्ति जिसने मिनी बाइक बनाई थी, उसको देखकर प्रेरणा मिली। इसके कुछ पार्ट दिल्ली से भी मंगवाए गए हैं। जिसके चलते 35-40 हजार रुपए खर्च हुआ। यह हमने बेचने के लिए नहीं बनाई, घर के लिए बनाई है।
ओरंगाबाद के ओबरा देवी मंदिर से किडनैप मासूम आद्विक को 16 मई को गयाजी पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर दिया। आद्विक को उसके परिजन से मिलाने के बाद पुलिस ने महिला के घर से मिले दूसरे बच्चे की गुत्थी भी सुलझा ली है। यह बच्चा भी चोरी का निकला है। चार साल पहले साल 2022 में वट सावित्री पूजा के ही दिन दी ही मंदिर से महिला रंजू देवी बहलाकर ले भागी थी। आद्विक के अपहरण मामले की जांच के दौरान पुलिस को जो शक हुआ था, वह अब सही साबित हो गया है। बीते मंगलवार के दिन मगध रेंज के आईजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आद्विक की बरामदगी की जानकारी डेल्हा थाना क्षेत्र खरखुरा से होने की दी थी। उसी दिन उन्होंने यह आशंका जताई थी कि महिला रंजू देवी के पास मिला दूसरा बच्चा भी चोरी का हो सकता है। आईजी ने तब कहा था कि पुलिस इस दिशा में गंभीरता से जांच कर रही है। हालांकि डेल्हा पुलिस मंगलवार की रात तक इस बात से इनकार कर रही थी, लेकिन ओबरा थाने की पुलिस की जांच पूरी होने के बाद यह खुलासा हो गया है कि दूसरा बच्चा भी चोरी का ही था। 4 साल पहले मंदिर से ले भाई थी दरअसल, छापेमारी के दौरान महिला रंजू देवी के घर से एक आठ साल का बच्चा शिवा पांडे भी मिला था। उस समय महिला उसे अपना बेटा बता रही थी। लेकिन पुलिस को उसके व्यवहार पर शुरू से शक था। इसी शक के आधार पर बच्चे की पहचान और पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए। ओबरा थाने में दर्ज 4 साल पहले बच्चे की गुमशुदगी का रिकार्ड खंगाला गया तो जांच और शक गहराता चला गया। खास बात यह कि महिला ने शिवा पांडे को भी ओबरा के उसी मंदिर से चुराया था, जहां से आद्विक को चुराया था। इस दिन भी वट सावित्री व्रत का ही दिन था। पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं शिवा ओबरा निवासी शिवम पांडेय का बेटा है। चार साल पहले उसके गायब होने के बाद परिवार ने काफी खोजबीन की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था। उस समय ओबरा पुलिस के सुस्त रवैये से निराश परिवार दिल्ली चला गया था। जहां शिवम पांडेय मजदूरी का काम करते हैं। चार साल के बाद परिवार में खुशी का माहौल पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चार साल तक रंजू देवी के साथ रहने के कारण शिवा अपने असली माता-पिता को लगभग भूल चुका था। वह रंजू देवी को ही अपनी मां मानने लगा था। पुलिस ने पुराने फोटो और परिवार की तस्वीरें दिखाकर धीरे-धीरे बच्चे को उसकी असली पहचान से जोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पूरा मामला साफ हो गया। बेटे के मिलने की खबर मिलते ही परिवार के लोग गया पहुंचे। बच्चा नहीं होने से परेशान थी, पति साथ नहीं रहते पूछताछ में रंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी कोंच थाना क्षेत्र के खजुरी मंजाठी निवासी रविंद्र पासवान से हुई थी। शादी के कई साल बाद भी बच्चा नहीं होने पर उसके पति ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद वह डेल्हा में किराए के मकान में अकेली रहने लगी। उसका पति शिक्षक था। अकेलेपन और बच्चा नहीं होने की टीस उसके मन में थी। उसने पहले बच्चा गोद लेने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुई। इसके बाद उसने भीड़भाड़ वाले मंदिरों से बच्चों को चुराने की योजना बनाई। चार साल तक बच्चे को अपने साथ रखी पुलिस के अनुसार, इसी योजना के तहत वह साल 2022 में वट सावित्री पूजा के दिन ओबरा देवी मंदिर पहुंची थी और पूजा में व्यस्त महिलाओं के बीच से चार साल के शिवा को लेकर भाग गई थी। इसके बाद चार साल तक उसे अपने बच्चे की तरह पालती रही। अब आद्विक केस की जांच में ही इस पूरे राज से पर्दा उठ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच सही दिशा में नहीं बढ़ती, तो शायद शिवा का सच कभी सामने नहीं आ पाता। इधर पुलिस विभाग के एक्सपर्ट जांच अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकत करने वाली महिला साइको होती है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के मूड़घाट पुल पर गुरुवार सुबह एक विवाहिता ने पारिवारिक विवाद के चलते पुल से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि, उसके परिजनों ने समय रहते उसे रोक लिया। यह घटना सुबह करीब आठ बजे हुई। महिला मानसिक तनाव और घरेलू कलह से परेशान थी। वह पुल के किनारे पहुंचकर नदी में छलांग लगाने की तैयारी कर रही थी। तभी उसके परिजन वहां पहुंच गए और उसे पकड़ लिया। इस दौरान कुछ परिजनों ने महिला को समझाने के बजाय उसकी पिटाई शुरू कर दी। पुल पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। राहगीरों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि परिजन और आसपास मौजूद लोग समय रहते मौके पर नहीं पहुंचते तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में परिजन महिला को अपने साथ घर लेकर चले गए।
पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के संचालित एक अवैध मदरसे को प्रशासन ने सील कर दिया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। यह मामला पूरनपुर तहसील के ग्राम सिमर तालुके महाराजपुर का है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार के नेतृत्व में विभाग की टीम ने यहां औचक छापेमारी की। जांच के दौरान पता चला कि तस्लीम खान बरकती नामक व्यक्ति बिना किसी कानूनी कागजात और अनुमति के मदरसे का अवैध संचालन कर रहा था। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध मदरसे को सील कर दिया। संचालक तस्लीम खान बरकती के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देश पर की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मान्यता और अनुमति के किसी भी शैक्षणिक या धार्मिक संस्थान को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने आरोपी संचालक तस्लीम खान बरकती को गिरफ्तार किया, लेकिन गंभीर धाराओं के बजाय शांति भंग की धारा में उसका चालान कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं हैं।
पंजाब से राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह एक्स पर विरोधियों के साथ भिड़ गए। एक्स पर सार्वजनिक रूप से भिड़ने का ये उनका दूसरा मामला है। इससे पहले कमेंट्री विवाद में भी उन्होंने विरोधियों को जवाब दिया था। ताजा मामला मोहाली में बुधवार को बच्ची की किडनैपिंग से जुड़ी एक्स पोस्ट से पैदा हुआ। एक्स पर हरभजन भज्जी ने लिखा कि पंजाब में ये क्या हो रहा है। @DGP पंजाब इस मसले को देखें और बच्ची के परिवार की मदद करें। जैसे ही भज्जी ने ये पोस्ट की तो बीएस दारा नामक यूज ने लिखा कि जब सेलिब्रिटी और राजनेता जमीनी हकीकत से दूर रातों-रात अपनी विचारधाराएं बदलते हैं, तो जनता का अपनी समस्याओं को लेकर चिंतित होना और जवाबदेही की मांग करना पूरी तरह स्वाभाविक है। इस पर भज्जी ने जवाब दिया कि क्या बात है सरदार जी, इसका मतलब कि आप किडनैपिंग को सही मानते हो। इसके बाद मनीष नामक यूजर ने ये तक कह डाला कि जब तुम आप में थे तो क्या इस तरह के मुद्दे उठाते थे। इस पर भज्जी ने कहा कि पहले फेक्ट चेक करो फिर बात करो। इस लड़ाई में कूदते हुए हर्ष गोयंका ने कहा कि अपने आप को इंप्रूव करने के लिए वक्त न कि प्रूव करने के लिए। आप छोड़ने के बाद अचानक भज्जी ट्रोलर के निशाने परबता दें कि कुछ समय पहले पंजाब के 6 राज्यसभा सदस्य आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा के पाले में चले गए थे। इनमें हरभजन का नाम भी शामिल है। पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने दावा किया था कि हरभजन भी भाजपा जाइन करेंगे। हालांकि हरभजन का इसे लेकर सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया। आप छोड़ने के बाद हरभजन ने जैसे ही पंजाब के मुद्दे पर डीजीपी को एक्स पर पोस्ट किया तो वो ट्रोलर के निशाने पर आ गए। कुछ यूजर्स ने उनके खिलाफ पोस्ट कर गुस्सा भी निकाला और पार्टी छोड़ने वाला बताया। इससे पहले भी हरभजन के घर के बाहर दीवारों और गेट पर गद्दार लिखा गया। जालंधर में आम आदमी पार्टी वर्करों गद्दार के नारे लगाए और घर के बाहर प्रदर्शन किया। हरभजन की सिक्योरिटा का विवाद भी हाईकोर्ट मेंआम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद हरभजन के जालंधर की छोटी बारादरी स्थित घर के बाहर से पंजाब सरकार ने अपनी सिक्योरिटी वापस ले ली थी। इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने सीआपीएफ के जवाब सिक्योरिटी में तैनात कर दिए थे। सिक्योरिटी हटाने के मामले में भज्जी ने हाईकोर्ट का रूख किया। बुधवार को ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से सिक्योरिटी हटाने पर जवाब मांगा है।
सीतापुर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित लेखपाल मुख्य परीक्षा जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई जा रही है। परीक्षा में कुल 2976 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि अभ्यर्थियों को बालों में लगे क्लेचर, हाथों में पहने कड़े और यहां तक कि नगदी,पानी को बोतलें भी बाहर रखवाकर ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन ने परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से गड़बड़ी रोकने के लिए मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक और आईटी गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में स्थित फोटोकॉपी मशीनों के संचालन पर भी रोक लगाई गई है, ताकि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो सके। परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से 7 इंस्पेक्टर, 14 सब इंस्पेक्टर तथा 80 से अधिक महिला एवं पुरुष आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और सख्त चेकिंग व्यवस्था के चलते अभ्यर्थियों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई थी।
ठाणे सब्जी मंडी में भीषण आग: दो की मौत, कई घायल
महाराष्ट्र के ठाणे में गुरुवार तड़के भीषण आग लगने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई। ठाणे नगर निगम के अधिकारियों ने बताया है कि दो अन्य लोग आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलसे हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जैसलमेर के रेगिस्तान में आर्टिफिशियल झील तैयार की गई है। जलदाय विभाग (PHED) का दावा है कि इस जिगजैग झील से जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में 365 दिन पानी सप्लाई की जा सकेगी। 28 किमी लंबी यह झील 33 फीट गहरी है। दावा है कि इस झील को पार (एक से दूसरे छोर) करने में करीब 24 घंटे का समय लगेगा। रेगिस्तानी मिट्टी इसमें भरा पानी न सोख ले, इसके लिए इसमें नीचे 300 माइक्रोन की स्पेशल प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। जो पानी को जमीन में जाने से रोकती है। इसमें इंदिरा गांधी नहर से आया बारिश का पानी स्टोर किया जाएगा। इसके बाद फिल्टर प्लांट से बाड़मेर-जैसलमेर के घरों में पहुंचाया जाएगा। इससे 50 लाख की आबादी को एक साल तक लगातार पानी दिया जा सकेगा। पढ़िए भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास घंटियाली (जैसलमेर) में बनी झील की यह स्टोरी… झील की जरूरत क्यों पड़ी… PHED के अधिशाषी अभियंता (XEN) रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया- बॉर्डर इलाकों में साल में एक बार 1 महीने के लिए नहर रखरखाव के लिए नहरबंदी की जाती है। इसके कारण इन (बाड़मेर-जैसलमेर) इलाकों में पानी की समस्याएं आती हैं। अब तक ऐसा कोई बड़ा स्टोरेज भी नहीं था जहां पानी को रोककर नहरबंदी के समय में यूज लिया जा सके। पानी की समस्या और स्टोरेज नहीं होने के कारण इसकी आवश्यकता पड़ी। 2024 में हुई थी काम की शुरुआत XEN रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया- नहरबंदी को लेकर आने वाली समस्या के चलते साल 2024 में इसकी शुरुआत हुई थी। अब यह बन गई है। पंजाब के रास्ते होते हुए आने वाली इंदिरा गांधी नहर से इसे जोड़ा गया है। इसे बनाने के लिए 400 मजदूर और 10 इंजीनियर की टीम ने काम किया। इसे सचिन कंस्ट्रक्शन कंपनी और गुडविल एडवांस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मिलकर बनाया। इसे इंदिरा गांधी नहर से कनेक्ट करने के लिए पहले से एस्केप चैनल मौजूद था, लेकिन पक्का नहीं था। यहां इंदिरा गांधी नहर में पानी भरने के बाद आगे छोड़ दिया जाता था। ऐसे में इसी एस्केप चैनल को मजबूत कर झील और नहर से जोड़ा। एक साल के पानी का बैकअप XEN रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया- झील 28 किलोमीटर लंबी है। इसके तल (पेंदा) का एरिया 71 लाख स्क्वायर मीटर है। इसे जमीन के अंदर 10 मीटर (लगभग 33 फीट) तक खोदा गया है। इसकी भराव क्षमता 1413 मिलियन क्यूबिक फीट है। इसमें एक साल के बैकअप के लिए 141 करोड़ लीटर पानी स्टोर किया जा सकता है। अगर एक इंसान इसको देखने जाए तो उसे इसे घूम कर आने में पूरा एक दिन लग जाएगा। संभवत: डेजर्ट एरिया होने के चलते यह एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। इतना बड़ा खाली इलाका कहीं और नहीं है। झील में बिछाई शीट, पानी जमीन न सोख ले रेगिस्तान में सबसे बड़ी दिक्कत यह होती है कि यहां की रेतीली मिट्टी पानी को बहुत तेजी से सोख लेती है। अगर इस झील में सीधा पानी भरा जाता तो करोड़ों लीटर पानी जमीन के नीचे रिस कर गायब हो जाता। पूरी झील के निचले हिस्से (बेस) में जमीन के नीचे 300 माइक्रोन की स्पेशल प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। यह मजबूत प्लास्टिक लेयर पानी को नीचे रिसने से पूरी तरह रोकती है। इस जिगजैग झील में 76 लाख स्क्वायर मीटर प्लास्टिक बिछाया गया है। इसमें HDPE प्लास्टिक शीट यानी हाई डेंसिटी पोलिथिलीन का यूज किया गया है। इस प्लास्टिक पर 80 सेमी यानी ढाई फीट मिट्टी की परत बिछाई गई है। इससे यह 100 साल तक खराब नहीं होगी। इसकी ये खासियत भी है कि इसके ऊपर बिछाई मिट्टी बदली भी जा सकेगी। एक्सेस पानी को झील में भरेंगे XEN रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया- मानसून के दिनों में जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होती है, तब इंदिरा गांधी नहर में क्षमता से ज्यादा पानी आ जाता है। बारिश के दिनों में खेतों में पानी होने के कारण किसानों को भी सिंचाई के लिए नहर के पानी की जरूरत नहीं होती। इसी समय नहर के एक्स्ट्रा बहने वाले (एक्सेस) पानी को मोड़कर इसमें भर दिया जाएगा। इसके लिए करीब 1KM का एस्केप चैनल बनाया गया है। इसके 2 गेट हैं, इसमें एक गेट इंदिरा गांधी नहर से पानी आने के लिए और दूसरा झील में पानी डालने के लिए खोला जाएगा। फिल्टर होकर घरों तक जाएगा पानी XEN रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया- एस्केप चैनल के जरिए बारिश के पानी से जब झील भर जाएगी, तब इसमें इंटेक वेल में से डेढ़-डेढ़ मीटर (60 इंच) के 4 पाइप से सप्लाई आगे दी जाएगी। इन पाइप के जरिए पानी को पंप करके पहले मोहनगढ़ फिल्टर प्लांट भेजा जाएगा। फिल्टर प्लांट में पानी को पूरी तरह साफ और शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद इसे पाइपलाइन के जरिए जैसलमेर और बाड़मेर के घरों में सप्लाई किया जाएगा। यह बाड़मेर-जैसलमेर की करीब 50 लाख की आबादी को 365 दिन लगातार पानी दे सकती है।
रामपुर के बजरंग चौक में गुरुवार सुबह 7: 30 बजे उस समय सनसनी फैल गई। जब प्रसिद्ध बर्तन व्यापारी सुनील रस्तौगी और उनकी पत्नी नेहा रस्तौगी के शव घर की दूसरी मंजिल की छत पर खून से लथपथ पड़े मिले। सुबह के समय मोहल्ले के लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी थी। आवाज सुनने के बाद आसपास के लोग घर की ओर पहुंचे, लेकिन तब तक घटना की सही जानकारी नहीं हो सकी थी। इसके बाद व्यापारी के बेटे पीयूष रस्तौगी और बेटी कृषि जब दूसरी मंजिल पर पहुंचे। तो उन्होंने खून से लथपथ शव देखे। नजारा देखते ही बच्चों की चीख निकल गई और घर में कोहराम मच गया। घटना जिला मुख्यालय से करीब 34 किलोमीटर दूर शाहबाद नगर के मुख्य बाजार में हुई है। देखिए 2 तस्वीरें… पुलिस ने कब्जे में ले लिया दोनों शव… घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी देवकी नंदन और प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी। मौके से एक राइफल भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है ताकि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। घटना के बाद बजरंग चौक और आसपास के बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया। मोहल्ले के लोगों के अनुसार, सुनील रस्तौगी का परिवार काफी मिलनसार था और इस तरह की घटना से हर कोई स्तब्ध है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हरियाणा में वरिष्ठ BJP नेता कुलदीप बिश्नोई हरियाणा भाजपा के सीनियर नेताओं से किनारा कर रहे हैं। इसके संकेत उन्होंने रात को अपने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर दिए हैं। उन्होंने फेसबुक और एक्स हैंडल की कवर ईमेज से पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर का फोटो हटा दिया है। इसके साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जेपी नड्डा का भी फोटो रिमूव कर दिया है। अब कवर ईमेज में सबसे आगे अपने पिता स्व. चौधरी भजनलाल का फोटो लगाया है, इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का फोटो लगाया है। मोदी और शाह के फोटो पहले की तरह कवर ईमेज में हैं मगर नड्डा और खट्टर का फोटो हटाने को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है। बता दें कि कुलदीप बिश्नोई अपने पिता चौधरी भजनलाल पर भाजपा सांसद रेखा शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली द्वारा की गई टिप्पणियों से आहत हैं। इन तीन नेताओं ने की थी पूर्वी सीएम पर टिप्पणी... 1. रणजीत चौटाला की सभा में खट्टर ने सुनाया था किस्साकेंद्रीय मंत्री और पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर 10 अप्रैल 2024 को भाजपा प्रत्याशी रणजीत चौटाला के लिए प्रचार करने हिसार आए थे। कैमरी गांव में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने मंच से कुछ किस्से सुनाए जो हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्रियों से जुड़े थे। मनोहर लाल ने ईशरों-ईशारों में पूर्व सीएम को भ्रष्टाचारी बताया था। इसके बाद बिश्नोई परिवार ने चुनाव में उनसे दूरी बनाई और भाजपा प्रत्याशी चौटाला को हार का भी सामना करना पड़ा था। 2. राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने भजनलाल को 'बदमाश' कहा राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पंचकूला में 24 अप्रैल को नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी के सामने मंच से कहा था कि इस इलाके में भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन (कांग्रेस विधायक) की 'बदमाशी' थी। इन्होंने 'बदमाशी करके' चुनाव जीते थे। रेखा शर्मा के मुंह से बंसीलाल का नाम भी निकला था, लेकिन वे तुरंत रुक गईं। 3. बड़ौली ने कहा था-जरूरी नहीं बाप जैसा बेटा हो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने हिसार में कहा था चौधरी भजनलाल हरियाणा के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे। यह जरूरी नहीं होता कि जैसा बाप हो बेटा भी वैसा ही हो। भजनलाल के बारे में रेखा शर्मा ने कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया। वह चुनावी सभा थी। रेखा शर्मा के शब्दों के चयन में चूक हुई। कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अब इस बात को बढ़ाने का काम किया है। बड़ौली ने पूर्व सीएम का बिना आदर लिए भजनलाल कहा था। कुलदीप ने वीडियो जारी कर साधा था निशाना इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने वीडियो जारी कर भाजपा नेताओं को आड़े हाथों लिया था और कहा था- रेखा शर्मा का बयान भूल नहीं, उनकी सोच बताती है। इन जैसी नौसिसियों को ये नहीं पता कि इतिहास पढ़ना आसान है, लेकिन रचने के लिए खून पसीना एक करना पड़ता है। जिसे औकात से ज्यादा मिल जाए तो बहुत कम लोग उसे पचा पाते हैं। रेखा का भी यही हाल है। राज्यसभा के पद की गरिमा तो रख लेते। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने भी ऐसी ही बात कही। मैं इसकी निंदा करता हूं। एक ऐसा व्यक्ति जिसकी कुछ औकात नहीं, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बैठे हो भाजपा ने आपको थोपा या बनाया। चौधरी भजनलाल जैसे सम्मानित व्यक्ति के पीछे जी लगाना जरूरी नहीं समझा।
सुपौल में गुरुवार की सुबह शराब तस्करों की तेज रफ्तार कार ने जदयू नेता को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें राघोपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना रतनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-106 नई बाजार रतनपुर की है। मृतक की पहचान जदयू नेता एवं किराना व्यवसायी मनोज कुमार के रूप में हुई है। पुलिस कर रही थी तस्कर का पीछा पुलिस नेपाल से लाई जा रही अवैध शराब की खेप का पीछा कर रही थी। इसी दौरान तस्करों की HR-26BX 6782 नंबर की होंडा सिटी कार अनियंत्रित होकर पहले एक ट्रैक्टर से टकराई और फिर सड़क किनारे जा रहे मनोज कुमार को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर का अगला चक्का टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि मनोज कुमार अपनी पोती को स्कूल छोड़कर रतनपुरा चौक स्थित किराना दुकान खोलने जा रहे थे। तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ हालत में उन्हें तुरंत रेफरल अस्पताल राघोपुर पहुंचाया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक की पत्नी पुष्पा कुमारी रतनपुर वार्ड-5 में आंगनबाड़ी सेविका के पद पर कार्यरत हैं। मनोज कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इलाके में भी शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने 2 तस्कर को किया गिरफ्तार इधर, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शराब लेकर भाग रहे दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक तस्कर मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार तस्करों की पहचान वीरपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर वार्ड 1 निवासी विष्णु देव पोद्दार के बेटे अभिषेक कुमार और नरेश पौद्दार के बेटे विपिन कुमार के रूप में हुई है। गिरफ्तार तस्करों के पास से 1050 बोतल नेपाल ब्रांड की देसी शराब बरामद की गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शराब की खेप नेपाल के लाही क्षेत्र से लाई जा रही थी और सिमराही में इसकी डिलीवरी की योजना थी। घटना को लेकर रतनपुर थानाध्यक्ष पिंटू कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। मामले में पुलिस जांच कर रही है तथा फरार तस्कर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।
सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र में मनरेगा कार्यों में कथित फर्जी हाजिरी लगाने का दबाव न मानने पर रोजगार सेवक और उसके बेटे के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित ने बिहारीगंज के प्रधान प्रतिनिधि अनीस और उसके बेटे रिजवान पर हमला कराने का आरोप लगाया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार देना गांव निवासी रोजगार सेवक परशुराम पटेल का आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि अनीस लंबे समय से उन पर मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाने का दबाव बना रहा था। परशुराम का कहना है कि उन्होंने सरकारी नियमों का हवाला देते हुए गलत तरीके से हाजिरी लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। आरोप है कि बुधवार शाम को परशुराम पटेल सरकारी कार्य के तहत गांव में जियोटैगिंग करने पहुंचे थे। इसी दौरान प्रधान प्रतिनिधि के बेटे रिजवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन पर हमला कर दिया। पीड़ित के मुताबिक हमलावरों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके बेटे प्रवीण को भी मारपीट का शिकार बनाया गया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसेंडी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि इलाके में प्रधान प्रतिनिधि दबंग प्रवृत्ति का है। कोतवाली देहात थाना प्रभारी अमर सिंह ने बताया कि घायलों का मेडिकल कराया गया है और मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एटा के जलेसर में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर जलेसर तहसील प्रशासन ने गुरुवार देर रात छापेमारी कर अवैध खनन में संलिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक रीपर मशीन जब्त की। जलेसर तहसीलदार संदीप सिंह को क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। गुरुवार रात करीब 12:30 बजे उन्हें ग्राम बछेपुरा में अवैध खनन की सूचना मिली। इस पर तहसीलदार संदीप सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और छापेमारी की। मौके पर जांच के दौरान अवैध खनन की पुष्टि हुई। प्रशासन ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक ट्रैक्टर रीपर मशीन को जब्त कर लिया। इन वाहनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जलेसर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। तहसीलदार संदीप सिंह ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट खनिज विभाग को भेजी जा रही है। विभाग नियमानुसार विधिक कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि शासन के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर के स्याना में स्टांप चोरी:बाहरी व्यापारी कम सर्किल रेट पर जमीन खरीदकर सरकार को राजस्व हानि
गंगा एक्सप्रेसवे लिंक मार्ग बनने के बाद स्याना तहसील क्षेत्र की जमीनों के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसके बावजूद, दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के व्यापारी कम सर्किल रेट का लाभ उठाकर सरकार को स्टांप ड्यूटी में करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे लिंक मार्ग से लगभग 2 से 3 किलोमीटर दूर स्थित गांवों में जमीनों की कीमतें 20 से 30 लाख रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई हैं। बाहरी व्यापारी इन जमीनों को वास्तविक बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दाम पर खरीद रहे हैं, लेकिन रजिस्ट्री में इन्हें कम सर्किल रेट पर कृषि भूमि के रूप में दर्शाकर बैनामा करा रहे हैं। इस प्रक्रिया से सरकार को स्टांप ड्यूटी के रूप में भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। व्यापारी कम सर्किल रेट पर जमीन खरीदने के बाद वहां निर्माण कर कई गुना मुनाफा कमा रहे हैं। स्याना तहसील के वैरा फिरोजपुर, बीहटा और इकलैडी गांवों में यह धांधलेबाजी सबसे अधिक देखी जा रही है। निजी लोग कृषि भूमि की आड़ में व्यावसायिक उपयोग के लिए जमीनें खरीदकर सरकार की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की कथित अनदेखी के कारण रजिस्ट्रार कार्यालय में यह अनियमितता खुलेआम चल रही है। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि भविष्य में स्थानीय किसानों को भी हानि उठानी पड़ सकती है। प्रशासन से मांग की गई है कि सर्किल रेट का पुनर्निर्धारण कर स्टांप चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। राष्ट्रीय मानव सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजा मलिक ने बताया कि इस मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराने के लिए एक शिकायती पत्र दिया जाएगा और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
जौनपुर के शीतला चौकिया धाम में चल रहे श्रीराम कथा महोत्सव के चौथे दिन वाराणसी से आए मानस कोविद डॉ. मदन मोहन मिश्र ने प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि सात्विक वृत्तियों का संग ही सत्संग है। डॉ. मिश्र ने इस बात पर जोर दिया कि तामसी वृत्तियों का संग कुसंग होता है, जिसका प्रभाव अत्यंत भयानक होता है। उन्होंने श्रोताओं से सदैव सत्संग करने का आग्रह किया। अपने प्रवचन के दौरान डॉ. मिश्र ने शिव-पार्वती संवाद को रामायण का एक शुभ संवाद बताया। उन्होंने मैया पार्वती के कथन का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने भगवान शिव से कहा था कि वे पहले पूरे विश्व के नाथ हैं, और बाद में उनके। पार्वती ने कहा कि यदि भगवान शिव पूरे विश्व का भरण-पोषण करेंगे, तो उसी में उनका भी गुजर-बसर हो जाएगा। मैया पार्वती के लोक कल्याणकारी प्रश्नों से भगवान शंकर अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने पार्वती को धन्यवाद दिया। डॉ. मिश्र ने आगे कहा कि जब श्रद्धा और विश्वास से उत्पन्न ज्ञान के स्वामी कार्तिकेय द्वारा तर्क के तारकासुर का वध होता है, तभी राम कथा जीवन में उतरती है। इस अवसर पर डॉ. अखिलेश चंद्र पाठक ने भी सारगर्भित प्रवचन दिया। कार्यक्रम का संचालन गुड्डू उपाध्याय ने किया, जबकि शिवाश्रय गिरी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। महोत्सव में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। घनी आबादी वाले मोहल्ला हाता में हुई इस वारदात के बाद मामला सीधे शासन स्तर तक पहुंच गया। शासन ने बदायूं पुलिस से जवाब मांगा कि आबादी के बीच इतनी बड़ी डकैती कैसे हुई और पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी। बदायूं से भेजी गई शुरुआती रिपोर्ट से शासन के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद देर रात बरेली रेंज के डीआईजी अनिल साहनी को बदायूं भेजा गया। डीआईजी साहनी रात में ही इस्लामनगर पहुंचे और पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली। डीआईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अफसरों से अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा मांगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि वारदात का जल्द खुलासा किया जाए और इसमें शामिल गैंग को हर हाल में गिरफ्तार किया जाए। तस्वीरें देखिए… शासन इस बात को लेकर गंभीर है कि बदमाश आधे घंटे तक घर में उत्पात मचाते रहे, परिवार को पीटते रहे और आराम से लूटपाट कर फरार हो गए, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसी कारण शासन ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। डीआईजी ने मौके पर हालात का जायजा लेने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी। मंगलवार रात हुई इस डकैती में बदमाशों ने किसान नजाकत के घर धावा बोला था। उन्होंने परिवार को बंधक बनाकर दंपति, पुत्रवधू और बेटी को बेरहमी से पीटा। बदमाश चार तोला सोना, 50 हजार रुपये नकद और चांदी के जेवरात लूटकर ले गए। यह भी सामने आया है कि घर में मुर्गा बनने को लेकर महिलाओं से मारपीट की गई। घटना के खुलासे के लिए एसओजी और सर्विलांस समेत चार टीमें गठित की गई हैं। पीड़ित परिवार सात बदमाशों के शामिल होने की बात कह रहा है, जबकि पुलिस अब तक चार बदमाशों की संलिप्तता बता रही है।
सिरोही जिले के स्वरूपगंज थाना क्षेत्र में बनास के पास उदयपुर-पालनपुर फोरलेन पर तेज रफ्तार बाइक और ट्रक में टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार उपला फली भूल निवासी निंबाराम पुत्र दिनेश गमेती पिंडवाड़ा से बाइक पर अपने घर लौट रहा था। बनास के पास उसके आगे चल रहे एक ट्रक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे निंबाराम की बाइक ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। बाइक सवार की नाक आधी कटीइस टक्कर में निंबाराम के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और उसकी नाक आधी कट गई। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के पायलट लक्ष्मण मीणा ने उसे प्राथमिक उपचार दिया और सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां उसकी हालत चिंताजनक होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उसका इलाज शुरू किया। घायल निंबाराम के परिजनों ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि उसकी बाइक के आगे कौन सा ट्रक चल रहा था।
पानीपत में चेक बाउंस के अलग-अलग मामलों में लगातार अदालत से गायब रहने और कानून से भागने वाले आरोपियों पर अदालत ने कड़ा एक्शन लिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMIC) डॉ. तरुण कुमार वर्मा की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभिन्न मामलों में तीन आरोपियों को आधिकारिक तौर पर उद्घोषित अपराधी यानी भगोड़ा घोषित कर दिया है। अदालत ने इन तीनों ही मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों को आरोपियों के खिलाफ अदालती अवहेलना की नई एफआईआर दर्ज करने तथा उनकी गाड़ियां व बैंक खाते कुर्क करने के सख्त आदेश दिए हैं। केस 1: सोनीपत का अजीत धर्मपाल भगोड़ा, गाड़ी होगी कुर्क अदालती आदेश के अनुसार, एचडीएफसी बैंक बनाम अजीत में आरोपी अजीत धर्मपाल निवासी गांव व डाकखाना भवर, जिला सोनीपत के खिलाफ लंबे समय से अदालती प्रक्रिया चल रही थी। आरोपी को हाजिर होने के लिए गत 15 दिसंबर 2025 को निर्धारित माध्यम से मुनादी कराई गई थी। इसके बावजूद आरोपी तय 30 दिनों की अवधि में कोर्ट नहीं पहुंचा। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए उसके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बैंक द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर आरोपी की गाड़ी को कुर्क करने का वारंट जारी किया है। केस 2: कुरुक्षेत्र का हिमांशु कौशिक भी फरार, बैंक खाता होगा सीज दूसरा मामला एचडीएफसी बैंक बनाम हिमांशु कौशिक का है। इसमें आरोपी हिमांशु कौशिक निवासी सेक्टर-13, अर्बन एस्टेट, थानेसर, जिला कुरुक्षेत्र भी अदालत की तमाम चेतावनियों और 16 दिसंबर 2025 को शुरू हुई उद्घोषणा प्रक्रिया के बाद भी पेश नहीं हुआ। दोपहर पौने तीन बजे तक इंतजार करने के बाद अदालत ने उसे कानून से भागा हुआ माना। कोर्ट ने पुलिस को हिमांशु के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आरोपी के केनरा बैंक के खाता को तुरंत प्रभाव से कुर्क (फ्रीज/जब्त) करने के आदेश जारी किए हैं। केस 3: सोनीपत के नरेंद्र पर भी चला चाबुक, वाहन जब्ती की तैयारी तीसरे मामले में अदालत ने एचडीएफसी बैंक बनाम नरेंद्र के आरोपी नरेंद्र निवासी गांव बजाना कलां, जिला सोनीपत पर कार्रवाई की है। नरेंद्र के खिलाफ भी 15 दिसंबर 2025 को भगोड़ा घोषित करने की कानूनी मुनादी प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन वह जानबूझकर छिपता रहा। अदालत ने उसे उद्घोषित अपराधी करार देते हुए संबंधित पुलिस को नई एफआईआर दर्ज करने को कहा है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी नरेंद्र के नाम दर्ज वाहन को कुर्क करने के लिए संबंधित आरटीओ/विभाग को वारंट जारी करने का आदेश दिया। 25 मई को होगी अगली बड़ी कार्रवाई माननीय जज डॉ. तरुण कुमार वर्मा की अदालत ने तीनों ही मामलों में कोर्ट स्टाफ (Ahlmad) को आदेश जारी किए हैं कि वे संबंधित विभागों और थानों को कुर्की व एफआईआर के लिए तुरंत पत्र और वारंट भेजें। अदालत ने इन तीनों मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने (Under Section 299 CrPC) और कुर्की की अनुपालना रिपोर्ट सौंपने के लिए 25 मई 2026 की अगली तारीख तय की है।
रेगिस्तानी बाड़मेर में नहरबंदी से जल संकट गहराया गया। इधर जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद जलदाय विभाग भी एक्टिव हो गया है। जल संकट से बचाने के लिए पानी चोरों और अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू करते हुए 59 अवैध कनेक्शनधारकों पर करीब 48.70 लाख रुपए का जुर्माना लगाया हे। पानी चोरी करने वाले टैंकर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने पानी संकट को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में टैंकरों की संख्या को बढ़ाया गया है। जलदाय विभाग ने सप्लाई के लिए पानी टैंकरों का अधिग्रहण किया गया है। जलदाय विभाग के लाइनमैंन समेत कर्मचारियों को शिकायतें आ रहे है। प्रमाणित पाए जाने पर उनको तुंरत हटाने को कहा है। दो-तीन लाइनमैंन को हटाने के आदेश दे दिए है। दरअसल, तेज गर्मी और नहरबंदी के बीच लोगों को पेयजल संकट से बचाने के लिए जलदाय विभाग ने पानी चोरों और अवैध कनेक्शन धारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। इसको लेकर जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, मुख्य अभियंता जोापुर देवराज सोलंकी ने जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर अवैध कनेक्शन और पाइप लाइनों को नुकसान पहुंचाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने बताया- जिले में कुछ टैंकर और चलाने की आवश्यकता है। जलदाय विभाग के एसई को निर्देश दिया गया है कि जिले में जितने भी टैंकर उपलब्ध है। उनसे सप्लाई शुरू करवाएं। आवश्यकतानुसार टैंकर का अधिग्रहण करके टैंकर से पानी सप्लाई शुरू करवा देंगे। कुछ लाइनमैंन की शिकायतें आ रही थी। पीएचईडी विभाग को निर्देश कर दिए गए है अनुचित लाभ में शामिल है उनको तुंरत प्रभाव से हटाया जाए। वहीं अवैध कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई पुलिस के सहयोग से की जा रही है। 59 अवैध कनेक्शन काटे और लगाया 48.70 लाख का जुर्माना परियोजना खंड-प्रथम के अधिशाषी अभियंता भवनेश कुलदीप ने बताया- बाड़मेर लिफ्ट जल प्रदाय परियोजना के पार्ट ए व सी क्षेत्र में अब तक कुल 59 अवैध कनेक्शनधारकों पर लगभग 48.70 लाख रुपए की जुर्माना लगाया गया है। प्रकरणों में अनिल चौधरी, जेठाराम चौधरी हाईवे होटल कवास, जगदीश पुत्र खरथाराम सारण छीत्तर का पार, शंकरलाल, चेतनराम, भैराराम व चन्द्र प्रकाश निवासी काऊ खेड़ा छीत्तर का पार, वीरसिंह व तनसिंह जिप्सम हॉल्ट के नाम शामिल हैं।
कॉलेज के बाहर लगी आग, मची अफरा-तफरी:तेज हवा के कारण फैली, दमकल की 2 गाड़ियों ने पाया काबू
करौली में जिला मुख्यालय पर NH-23 स्थित राजकीय महाविद्यालय के बाहर बुधवार देर रात सूखे पत्तों और कचरे के ढेर में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉलेज के बाहर पेड़ों के सूखे पत्ते और कचरा जमा था। देर रात अचानक इनमें आग भड़क उठी। हवा तेज होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबूसूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र करौली से दमकल वाहन मौके के लिए रवाना किया गया। वाहन चालक नरेश कुमार खटीक के साथ फायरमैन पिकेश मीणा, आमिर खान और उपदेश मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग अधिक फैलने पर दूसरी दमकल गाड़ी को भी बुलाया गया, जिसके चालक राजेंद्र शर्मा अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे।दोनों दमकल वाहनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया।
जिले में 17 अप्रैल से चल रही नहरबंदी के बाद गुरुवार को एक बार फिर घरों में नियमित रूप से पानी दिया जाएगा। पंजाब से पानी छोड़े जाने पर बुधवार को नहरी पानी, बीकानेर जिले को जलापूर्ति करने वाले बीछवाल एवं शोभासर जलाशयों तक पहुंच गया है। इसके साथ ही गुरुवार, 21 मई से बीकानेर शहरी क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति शुरू करने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार नहरी पानी बुधवार दोपहर ढाई बजे बीछवाल जलाशय तथा शाम 5:10 बजे शोभासर जलाशय पहुंचा। पानी पहुंचने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा पूजा-अर्चना कर जल का अभिनंदन एवं स्वागत किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता नगर वृत्त बीकानेर खेमचंद सिंगारिया, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण वृत्त राजेश पूनिया, अधीक्षण रसायनज्ञ क्षेत्रीय प्रयोगशाला डॉ. मनोज कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता बलवीर सिंह, नितेश सागर, सुभाष जनागल, सहायक अभियंता योगेंद्र सहायक एवं चंद्र मोहन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। विभाग ने बताया कि अब 21 मई 2026 से बीकानेर शहरवासियों को नियमित रूप से जलापूर्ति की जाएगी। विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अधीक्षण रसायनज्ञ डॉ. मनोज कुमार शर्मा के अनुसार जल की गुणवत्ता जांच में डिसोल्व ऑक्सीजन सहित किसी प्रकार की कोई कमी नहीं पाई गई है तथा पानी पूर्णतः गुणवत्तायुक्त एवं पेय उपयोग के लिए उपयुक्त है।
बड़वानी में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक व वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'रात्रि चौपाल एवं कृषक संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजपुर के ग्राम सांगवी में आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर जयति सिंह ने ग्रामीणों और किसानों से सीधा संवाद किया। कलेक्टर ने किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाने पर विशेष बल दिया, जिसका उद्देश्य आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण व भूमि के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कपास की अधिक पैदावार के लिए 'हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम' (HDPS) तकनीक, खाद वितरण की ई-टोकन प्रणाली, सौर ऊर्जा हेतु प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना और जल संरक्षण की महत्ता पर भी मार्गदर्शन दिया। जैविक खेती पर जोर दिया गया इसके अतिरिक्त, किसानों को अतिरिक्त आय के साधन के रूप में मुर्गी व बकरीपालन (पशुपालन) जैसे विषयों पर भी जागरूक किया गया। चौपाल के दौरान, कलेक्टर जयति सिंह ने क्षेत्र की प्रगतिशील महिला कृषक अनीता वास्केल की ओर से संचालित 'बायो-रिसोर्स सेंटर' का अवलोकन किया। उन्होंने जैविक खेती के संवर्धन में किए जा रहे उनके सराहनीय कार्यों व प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। किसानों ने जैविक खेती के सफल अनुभव साझा किए इसी कड़ी में, एक अन्य जागरूक और प्रगतिशील कृषक घमण्डी भाई ने भी अपने कृषि अनुभवों को साझा किया। उन्होंने जैविक खेती के आर्थिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस पद्धति में किसान पारंपरिक बाजार पर निर्भर रहने के बजाय अपनी उपज का दाम स्वयं तय कर सकता है। घमण्डी भाई ने बताया कि उन्होंने अपने खेत में एक 'पोषण वाटिका' बनाई है, जिसे 7 खंडों में विभाजित कर वे जैविक तरीके से विभिन्न पौष्टिक सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने केंचुआ खाद, वर्मी वॉश और जैविक खाद के बारे में भी जानकारी दी। कलेक्टर ने इन दोनों प्रगतिशील किसानों के नवाचारों की सराहना की और अन्य ग्रामीणों को भी इनसे प्रेरणा लेकर स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।
जोधपुर पुलिस ने माता का थान थाना क्षेत्र में 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगों के एक ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो युवाओं को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर लेते थे और फिर उन खातों (म्यूल अकाउंट) का इस्तेमाल देश भर के लोगों से ठगी करने में करते थे। थानाधिकारी मोहम्मद शफीक खान के निर्देशन में भदवासिया रोड स्थित यूको बैंक शाखा के चार संदिग्ध खातों की जांच की गई। इन खातों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के लोगों से ठगी गई लगभग 3.30 लाख रुपये की राशि जमा हुई थी। पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र रचने, पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने और आईटी एक्ट की धाराओं में चार अलग-अलग मामले दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ गहनता से जांच की जा रही है। केस-1: नाई की दुकान पर बनाई ठगी की योजना माता का थान थाने के एसआई हरखाराम की रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर जिले के चामू हाल माता का थान के सीताराम नगर निवासी धर्मेन्द्र चौधरी (21) पुत्र भूराराम चौधरी का यूको बैंक खाता संदिग्ध पाया गया। पूछताछ में सामने आया कि धर्मेन्द्र अक्टूबर 2025 में एक नाई की दुकान पर बाल कटवाने गया था, जहां उसकी मुलाकात महावीर नाई से हुई। महावीर ने उसे कमीशन का लालच दिया। इसके बदले धर्मेन्द्र ने 10 हजार रुपये लेकर अपनी बैंक डायरी और एटीएम उसे दे दिए। इस खाते का इस्तेमाल कर आरोपियों ने महाराष्ट्र के भंडारा निवासी एक व्यक्ति से 49 हजार 999 रुपये की साइबर ठगी की। केस-2: पटाखा दुकान पर दोस्ती, शुगर मिल में काम करते लिया एटीएम दूसरे मामले में एसआई मांगीलाल की जांच में सामने आया कि माता का थान के मंगरा पूंजला स्थित गर्ल्स स्कूल के पीछे के निवासी राहुल बंजारा (19) पुत्र सेठाराम का खाता भी साइबर ठगी में प्रयुक्त हुआ है। राहुल ने बताया कि वह घंटाघर में पटाखे की दुकान पर काम करता था, जहां उसकी मुलाकात रूडकली निवासी विनोद सोलंकी से हुई। बाद में दोनों मंडोर स्थित शुगर मिल में काम करने लगे। इसी दौरान विनोद ने राहुल का बैंक खाता खुलवाकर एटीएम और पासबुक खुद के पास रख लिए। इस खाते के जरिए कर्नाटक और केरल के दो लोगों से कुल 60 हजार 175 रुपये की ठगी की गई। केस-3: पुरानी प्याऊ पर 10 हजार में बेचा बैंक खाता एएसआई पप्पाराम की रिपोर्ट के अनुसार, माता का थान स्थित अशोक कॉलोनी गली नंबर 1 निवासी विनय पंवार कलाल (20) पुत्र शांतिलाल का खाता भी म्युल अकाउंट निकला। विनय ने बताया कि करीब आठ-नौ महीने पहले करवड़ हाल माता का थान निवासी कुलदीप पटेल उसे एक पुरानी प्याऊ पर चाय की थड़ी पर मिला था। कुलदीप ने उसे 10 हजार रुपए देकर उसका बैंक खाता, एटीएम और सिम कार्ड ले लिया। इस खाते में बेंगलुरु और गंगाशहर (बीकानेर) के पीड़ितों से ठगे गए 95 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए थे। केस-4: 80 फीट रोड पर हुई डील, तीन राज्यों के लोग शिकार एसआई भागूराम द्वारा दर्ज किए गए मामले में माता का थान के गांधी नगर स्थित शिवाजी नगर निवासी अंकुश कुमार प्रजापत (19) पुत्र मुकेश कुमार का खाता जांच के दायरे में आया। अंकुश ने पुलिस को बताया कि पांच-छह महीने पहले 80 फीट रोड पर उसकी मुलाकात फिरोज खां से हुई थी। उसने भी कमीशन के लालच में अपनी बैंक डायरी और एटीएम फिरोज को सौंप दिए थे। इस खाते का इस्तेमाल मध्य प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के तीन लोगों से 1 लाख 25 हजार रुपए की साइबर ठगी करने के लिए किया गया।
सिरसा जिले के एक परिवार ने अपने पिता की बरसी पर बेटी को गोद लिया है। ये अनूठी पहल ओमप्रकाश सुथार ने की है, जो डबवाली स्थित सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां कार्यालय में मुख्य लिपिक के पद पर कार्यरत है। गोद लेने के इस कार्य के साथ ही, परिवार ने गांव की गौशाला में 10 हजार रुपये का चारा दिया। इसके अलावा वन मित्र टीम, खेल स्टेडियम विकास कमेटी रिसालियाखेड़ा और मंडी डबवाली एंबुलेंस सेवा ट्रस्ट को भी 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भेंट की गई। जानकारी के अनुसार, गांव रिसालियाखेड़ा के पूर्व सरपंच स्वर्गीय आसा राम सुथार के परिवार ने एक प्रेरणादायक पहल की है। परिवार ने इस अवसर पर न केवल सामाजिक कार्यों में योगदान दिया, बल्कि पूर्व सरपंच की पांचवीं बरसी पर एक बेटी को गोद लेकर समाज को सकारात्मक संदेश भी दिया। परिवार के अनुसार, पूर्व सरपंच आसा राम सुथार अपनी ईमानदारी और सादगी के लिए क्षेत्र में आज भी जाने जाते हैं। बताया जाता है कि सरपंच रहते हुए वे अपने सभी खर्चों का हिसाब एक डायरी में दर्ज करते थे। यह डायरी आज भी उनके बेटे ओमप्रकाश सुथार के पास सुरक्षित है। ओमप्रकाश के दो बेटे, जिनमें एक शिक्षा विभाग में दूसरा पुलिस में ओमप्रकाश सुथार के दो बेटे हैं, जिनमें मनोज, जो शिक्षा विभाग में हैं और भीम, जो हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं। परिवार में बेटी की कमी महसूस होने पर उन्होंने बरसी के अवसर पर एक बेटी को गोद लिया। ओमप्रकाश बोले, मृत्यु भोज एक कुप्रथा ओमप्रकाश सुथार ने इस अवसर पर समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज एक कुप्रथा है और यह समाज के लिए एक अभिशाप बन चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे श्रद्धांजलि सभाओं में सादगी अपनाएं और फिजूलखर्ची से बचकर सामाजिक कार्यों में सहयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने विचार किसी पर थोपना नहीं चाहते। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि यदि लोग मृत्यु भोज पर होने वाले खर्च को जरूरतमंदों और सामाजिक संस्थाओं को दान करें, तो इससे समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा मिल सकती है।
लुधियाना के व्यस्त इलाके आरती चौक के नजदीक सत्यम हॉस्पिटल रोड पर देर रात एक तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला। करीब रात 1:30 बजे (तड़के) एक डस्टर कार बेकाबू होकर सीधे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खंभे में जोरदार शॉर्ट-सर्किट हुआ और चिंगारियां निकलने के साथ ही पूरे मोहल्ले की बिजली गुल हो गई। इस हादसे की लाइव वीडियो वहां लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि डस्टर कार काफी तेज गति से आ रही थी और बिना नियंत्रण के सीधे बिजली के खंभे में जा घुसी। ड्राइवर ने पी रखी थी शराब, लोगों ने पुलिस को सौंपा आसपास के लोगों के मुताबिक, हादसे के वक्त कार में सिर्फ एक ही नौजवान सवार था। टक्कर की आवाज सुनकर लोग तुरंत घरों से बाहर निकले और उन्होंने कार सवार युवक को मौके पर ही पकड़ लिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार चालक नौजवान ने भारी मात्रा में शराब पी रखी थी, जिसके कारण वह गाड़ी पर से संतुलन खो बैठा। आरोपी चालक को पुलिस के हवाले किया घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। लोगों ने आरोपी चालक को पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और बिजली विभाग को भी सूचित कर दिया गया है ताकि इलाके की बिजली बहाल की जा सके।
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र स्थित बनीपारा सिमरामऊ गांव में देर रात एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर एक मकान में जा घुसी। इस हादसे में घर में सो रहे परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए और मकान का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। गांव निवासी सक्सेना परिवार के सदस्य रात्रि में घर के बाहर विश्राम कर रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार नई बोलेरो अनियंत्रित होकर सीधे मकान में जा घुसी। घायलों में संजय सक्सेना, राजन सक्सेना, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सुमन देवी, शिवम सक्सेना और नीतू सक्सेना शामिल हैं। 5 तस्वीरें देखिए… घटना की सूचना मिलते ही रूरा थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल रूरा सीएचसी भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि यह बोलेरो गांव में एक मुस्लिम परिवार में शादी समारोह में आई थी। हादसे के बाद वाहन घटनास्थल पर ही खड़ा मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि चालक शराब के नशे में था और तेज गति से वाहन चला रहा था। थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चालक घटना से फरार हो गया है। पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर मिलने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा आज (गुरुवार) को फतेहाबाद में जिला विकास एवं समन्वय समिति (दिशा) की मीटिंग लेगी। यह मीटिंग लघु सचिवालय के पास स्थित डीपीआरसी हॉल में सुबह 10 बजे बाद होगी। मीटिंग में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, बजट खर्च और लाभार्थियों तक पहुंच को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। जानकारी के अनुसार, बैठक में पिछली दिशा मीटिंग में उठाए गए मुद्दों और दिए गए निर्देशों पर भी फीडबैक लिया जाएगा। जिन विभागों में कार्य लंबित हैं या योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी हुई है, वहां अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। सांसद विकास कार्यों की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा करेंगी। बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े मामलों पर विशेष फोकस रहेगा। कार्यकर्ताओं से भी करेंगी मुलाकात कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने बताया कि दिशा मीटिंग से पहले सांसद कुमारी सैलजा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगी। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, क्षेत्रीय मुद्दों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की जाएगी।
प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र में एक किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 मई की शाम करीब 7:30 बजे हुई। थाना क्षेत्र की किशोरी खेत की ओर गई थी, तभी वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने किशोरी के मुंह में कपड़ा बांधकर उसे जबरन एक निर्माणाधीन मकान में उठा लिया। वहां दोनों युवकों ने तमंचा सटाकर किशोरी के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता को पूरी रात बंधक बनाकर रखा गया। मंगलवार सुबह किशोरी किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर अपने घर पहुंची। उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने महेशगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। महेशगंज के एसओ संदीप तिवारी ने पुलिस टीम के साथ बुधवार को कार्रवाई की। उन्होंने नामजद आरोपी 19 वर्षीय कौनेन खान और 23 वर्षीय सैफ हुसैन को आईटीडी अंडरपास राय असकरनपुर के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
गुरुग्राम में सेक्टर-20 के उद्योग विहार फेस-दो स्थित कंपनी में काम करने वाले रामपुकार यादव के सुसाइड मामले में नया खुलासा हुआ है। मृतक के कमरे से सुसाइड नोट में पता चला है कि उसकी कंपनी का सुपरवाइजर उससे लड़की की डिमांड करता था। इतना ही नहीं जब उसने लड़की अरेंज करने में असमर्थता जताई तो सुपरवाइजर ने पत्नी भेजने को कहा। मूल रूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले 30 साल के रामपुकार यादव गुरुग्राम से सटे दिल्ली के इलाके में किराए पर कमरा लेकर रहता था। उसके सुसाइड करने के मामले की दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। रामपुकार ने सुसाइड नोट को अपने भाई और भांजा के वॉट्सएप पर 17 मई को भेजा था। इसके 15 मिनट बाद ही उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 8 पेज के सुसाइड नोट में उसने लिखा………. “मुझे ब्लैकमेल कर देवेंद्र ने पहले मेरे साथ संबंध बनाया, फिर लड़की की डिमांड की। मना किया तो कहा- अपनी पत्नी को बुला लो। वो मुझे बिहारी कहकर जलील करता था। कहता था- हरियाणा में भैंस 1 लाख 30 हजार की मिलती है, बिहारन 80 हजार में बिकती हैं। मैं देवेंद्र की ब्लैकमेलिंग, जलील करने से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी आत्महत्या का जिम्मेदार मेरा सुपरवाइजर देवेंद्र कुमार ही है। सॉरी ऑल ऑफ यू…।” परिजन बेगूसराय ले गए डेडबॉडीरामपुकार यादव की लाश को तीन दिन बाद यानी बुधवार को बेगूसराय ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि रामपुकार यादव के सुसाइड करने के 30 घंटे बाद तक दिल्ली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। परिजन सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी देवेंद्र के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। चार साल से गुरुग्राम रहता था रामपुकार यादव बेगूसराय के गढ़पुरा थाना क्षेत्र के रक्सी गांव का रहने वाला था। वह 31 जनवरी 2022 से गुरुग्राम के सेक्टर-20 में उद्योग विहार फेज-II स्थित TUV SUD South Asia Pvt Ltd नाम की कंपनी में काम करता था। उसकी पत्नी रूबी देवी अपने इकलौते बेटे के साथ गांव में परिवार के साथ रहती है। वह पहले गुरुग्राम के डूंडाहेड़ा गांव में रहता था, लेकिन कुछ समय पहले उसने साथ लगती दिल्ली की कॉलोनी में किराए पर कमरा ले लिया था। दोपहर में लगाया फंदा रामपुकार ने 17 मई की दोपहर करीब 12 बजे कमरे में लगे पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले रामपुकार ने 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा और उसे अपने भाई पंकज कुमार उर्फ माया यादव और भांजा पप्पू कुमार के वॉट्सएप पर भेज दिया। करीब 15 मिनट बाद परिजनों ने मैसेज देखा तो रामपुकार के कमरे के पड़ोस में रहने वाले शख्स से देखने को कहा। पड़ोसी रामपुकार के मकान में पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद अंदर से रिस्पॉन्स नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर रामपुकार यादव की लाश पंखे से लटकी थी। घटनास्थल पर 8 पेज का सुसाइड नोट भी पड़ा था। सुसाइड से पहले भाई को कॉल किया था मृतक के रिश्तेदार राजीव कुमार ने बताया कि सुसाइड से पहले रामपुकार ने अपने बड़े भाई पंकज कुमार को कॉल किया था, लेकिन पंकज ने किसी वजह से फोन रिसीव नहीं किया। रामपुकार यादव की आत्महत्या की जानकारी के बाद गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली में रहने वाले उसके नजदीकी रिश्तेदार और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। आत्महत्या की जानकारी लोकल पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। भाई ने जानकार को भेजा कमरे पर पंकज ने एक लड़के को फोन किया तो पता चला कि गेट बंद है। पकंज के कहने पर ही रामपुकार का दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस ने लाश को नीचे उतारा और जांच करके लाश को थाना ले गई। थाना में पुलिस ने कहा कि आज संडे है, इसलिए पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाएगा। राजीव कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे तक पोस्टमॉर्टम हाउस में कोई भी पुलिसकर्मी नहीं आया। मृतक का सुसाइड नोट 8 पेज के सुसाइड नोट में रामपुकार ने लिखा है कि TUV SUD South Asia Pvt Ltd का सुपरवाइजर देवेंद्र मुझे 3 साल से प्रताड़ित कर रहा है। मैं उसके साथ एक ही कमरे में रहता था। मैं शराब नहीं पीता था, एक दिन उसने मुझे कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर शराब पिला दी। जब मैं नशे में बेसुध हो गया तो उसने मेरे साथ गलत काम किया। दूसरे दिन भी उसने कोशिश की, लेकिन मैंने विरोध किया तो उसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। फरवरी 2022 से जुलाई 2023 तक ब्लैकमेल करता रहा। जुलाई 2023 के बाद देवेंद्र अपने भाई के साथ रहने के लिए पालम चला गया। वहां जाने के बाद देवेंद्र मुझसे पैसे की डिमांड करने लगा। मैंने पैसे देने से इनकार किया, तो उसने मुझे धमकी दी कि मेरे अंकल हरियाणा पुलिस में हैं, उनसे बोलकर तुम्हारी पिटाई करा दूंगा। मैंने मजबूरी में देवेंद्र को कैश में 10 से 15 हजार देने लगा। मैं ऑनलाइन पैसे देता था तो पहले तो वो मना करता था, हालांकि कभी-कभी ऑनलाइन लिए हुए पैसे वापस भी कर देता था, लेकिन जो भी उसने मुझसे कैश में लिया, वह वापस नहीं किया। जब मैं पैसे मांगता था तो वो मुझे पिटवाने की धमकी देता था।” 'तुम लड़की की व्यवस्था करो, नहीं तो गांव से अपनी पत्नी को बुला लो' मृतक ने सुसाइड नोट में ये भी लिखा कि कुछ दिन तक देवेंद्र किसी लड़की के साथ घुमने लगा। जब लड़की भाग गई तो मुझसे कहने लगा कि तुम मेरे लिए लड़की की व्यवस्था करो, मैंने मना कर दिया। मैं गांव में अपना घर बना रहा था। मेरे पास पैसे नहीं थे, लड़की कहां से लाता? लड़की की व्यवस्था नहीं हुई तो देवेंद्र ने मुझे काफी गालियां दी। इसके बाद मैंने अपने मैनेजर से कहा कि आप मेरा डिपार्टमेंट चेंज कर दीजिए। मैनेजर को सारी बातें बताई तो उसने जवाब में कहा- मैं देवेंद्र को समझा दूंगा, तुम अपना काम करो। मैनेजर के समझाने के बाद कुछ दिनों तक देवेंद्र ने मुझे परेशान करना छोड़ दिया। करीब 4 से 5 महीने बाद दोबारा बातचीत शुरू की और कहा- हाउसकीपिंग में काम करने वाली लड़की से मेरे लिए बात करो। जब मैंने मना किया तो उसने मुझसे कहा कि तुम गांव से अपनी पत्नी को बुला लो। पत्नी की डिमांड पर मैंने अपने एडमिन पंकज मिश्रा को इसकी जानकारी दी। उनको बताया कि देवेंद्र मुझे टारगेट कर परेशान कर रहा है। पंकज ने कहा कि तुम मैनेजर से बात करो। मैंने दोबारा मैनेजर से बात की तो उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद मैं HR के पास भी गया, लेकिन उन्होंने भी मुझे मैनेजर के पास भेजा और कहा- मामला खत्म करो। मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं बचा है। देवेंद्र मुझे लगातार प्रताड़ित कर रहा है, गालियां दे रहा है। ‘बिहारी कहकर जलील करता है, कहता है- बिहारन 80 हजार में मिल जाती हैं’ रामपुकार ने सुसाइड नोट में आगे लिखा कि देवेंद्र मुझे बिहारी कहकर जलील करता था। कहता था कि हम हरियाणा वालों का बिहार इंटरनेशनल ससुराल है। बिहारन को 80 हजार रुपए में खरीदकर लाते हैं। तुम्हारे यहां की बिहारन 80 हजार में बिकती है और हरियाणा में भैंस भी 1 लाख 30 हजार से बिकनी शुरू होती है। इससे परेशान होकर मैं कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेकर गांव चला आया। वापस आया तो देवेंद्र मुझे फिर से जलील करने लगा। रामपुकार ने लिखा, आई एम सॉरी नितिन सर, आप कहते थे कि अगर तुम्हें कोई परेशान करता है, तो उससे भागो मत, उसका सामना करो। लगभग साढ़े तीन साल तक मैंने देवेंद्र का सामना किया, लेकिन जब मेरी वाइफ पर बात पहुंच गई तो मैं अंदर से टूट गया। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है, इसलिए मैं सुसाइड करने जा रहा हूं। इसके लिए सिर्फ देवेंद्र ही रिस्पॉन्सिबल होगा और कई नहीं। मुझे माफ कर देना। Sorry All of You!
गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के भभुआ गांव में एक खाली प्लाट में देर रात एक युवक का सड़ा-गला शव मिला। शव करीब एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है, जो पूरी तरह से सड़ चुका था और उससे दुर्गंध आ रही थी। चेहरा विकृत होने के कारण युवक की पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। यह शव रिटायर्ड पुलिसकर्मी ब्रजेश बहादुर सिंह के मकान के बगल स्थित खाली प्लाट में मिला। सूचना मिलने पर करनैलगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया। टीमों ने साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के प्रयास तेज कर दिए हैं। मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। जिस खाली प्लाट में शव मिला है, वहां किसी प्रकार का कोई निर्माण नहीं है। मृतक युवक की उम्र करीब 30 साल बताई जा रही है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि देर रात स्थानीय लोगों से सूचना मिली थी कि एक खाली प्लाट में युवक का शव पड़ा है और उससे काफी दुर्गंध आ रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां युवक का चेहरा पूरी तरह से खराब हो चुका था, जिससे पहचान नहीं हो पा रही थी। कोतवाल ने आगे बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आज गुरुवार को लेखपाल भर्ती परीक्षा हो रही है। इसके लिए जनपद में कुल 43 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह परीक्षा महज एक पाली में होनी है जिसकी टाइमिंग सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक है। 21 हजार के लगभग परीक्षार्थी वाराणसी में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क है। सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट तथा कक्ष निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं केंद्र पर पहुंचने वाले प्रत्येक परीक्षार्थी की विधिवत तलाशी व जांच पड़ताल के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जाए। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर एक घंटे पहले पहुंचने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। सुबह 9 बजे से एंट्री दिए जाने की व्यवस्था है। 9:30 बजे के बाद केंद्र पर पहुंचने वालों को केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। CCTV के जरिए प्रत्येक अभ्यर्थियों पर नजर दरअसल, 7,994 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा 21 मई को आयोजित कराई जा रही है। इस मुख्य परीक्षा के लिए लगभग 8.90 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा में किसी तरह की सेंधमारी न होने पाए इसके लिए विशेष सख्ती बरती जा रही है। प्रत्येक परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए CCTV को एक्टिव मोड में किया गया है। प्रत्येक परीक्षार्थियों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी का भी सहारा लिया गया है। खास बात यह है कि इस परीक्षा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी केंद्रों पर पहुंची हुई हैं।
सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम गुरुवार को प्रशासनिक अमले के साथ साइकिल पर नगर परिषद क्षेत्र के निरीक्षण के लिए निकले। इस दौरान जिला परिषद सीईओ गौरव बुढ़ानिया, एडीएम संजय शर्मा, एसडीएम गौरव मित्तल सहित नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी और पीएचईडी विभाग के अधिकारियों ने सफाई एवं पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचाने का दिया संदेश कलेक्टर कानाराम ने महावीर पार्क में भ्रमण कर मॉर्निंग वॉक पर आने वाले नागरिकों से पेयजल, सफाई और बिजली आपूर्ति को लेकर फीडबैक लिया। इसके बाद वे साइकिल से पटेल नगर पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों से दैनिक पेयजल एवं सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने हम्मीर सर्किल पर सफाई कर्मियों से संवाद करते हुए सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन से जुड़े कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। इसी के साथ ही सड़क पर कचरा डालने वाले लोगों को भी पाबंद किया। यहां कलेक्टर ने रेहड़ी व सब्जी विक्रेताओं के फैलाए कचरे को कचरा पात्र में डलवाया और आगे से कचरा नहीं फैलाने के लिए पाबंद किया। इस दौरान जिला कलेक्टर कानाराम ने कहा कि आज का निरीक्षण साइकिल से किया। जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। जिससे ईंधन के इस संकट से निपटा जा सके।
बिलासपुर में लगातार बढ़ती गर्मी और तेज लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालात को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति ने नागरिकों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। जिले के साथ-साथ शहर में भी सूरज के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं, जिससे पूरा इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा। इस आंकड़े के साथ बिलासपुर लगातार तीसरे दिन पूरे छत्तीसगढ़ का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया है। इससे पहले 18 मई को 43 डिग्री सेल्सियस और 19 मई को 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। मई महीने में बीते 10 सालों में यह पांचवीं बार है, जब बिलासपुर में रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी महसूस की जा रही है। अगले 5 दिन हीट वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी पांच दिनों तक बिलासपुर सहित मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो इलाकों में तीव्र ग्रीष्म लहर यानी हीट वेव चलने की प्रबल आशंका है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। यानी पारा मौजूदा स्तर के आसपास ही बना रह सकता है। लू लगने के प्रमुख लक्षण जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि लू लगने पर तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी-मितली, सिरदर्द, बेहोशी और त्वचा का लाल व सूखा होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण महसूस होने पर व्यक्ति को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना चाहिए। साथ ही पानी या ओआरएस पिलाने की सलाह दी गई है। स्थिति गंभीर होने पर मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराने और डॉक्टर से इलाज कराने की सलाह दी गई है। क्या करें, क्या न करें स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को दिनभर अधिक मात्रा में पानी, ओआरएस, छाछ, नींबू पानी समेत अन्य तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। साथ ही तरबूज, खीरा, ककड़ी, मौसमी फल समेत हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाने को कहा गया है। धूप में बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंकने की सलाह दी गई है। इसके अलावा हल्के, ढीले कपड़े पहनने समेत खाली पेट धूप में बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चाय, कॉफी समेत अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने की अपील की है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे अधिक संवेदनशील स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं लू के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होती हैं। ऐसे में उनका विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए परिवार के सदस्यों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति में यहां करें संपर्क गर्मी और लू से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 87706-64365 और 75870-38622 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करें, ताकि भीषण गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
मेरठ के गंगानगर थानाक्षेत्र स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के खिलाफ गंगानगर थाने में देर रात मुकदमा लिखा गया है। एमबीए स्टूडेंट अनु की सुसाइड के बाद उसके पिता ओमकार गोयल की तरफ से थाने में तहरीर दी गई। जिसमें पिता ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर बेटी को प्रताड़ित करने, मानसिक दबाव बनाकर सुसाइड के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। इसी के आधार पर यूनिवर्सिटी के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बता दें कि छात्रा अनु की मौत के बाद से ही यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पिछले 22 घंटों से लगातार स्टूडेंट्स का धरना यूनिवर्सिटी गेट पर जारी है। जिसमें आईआईएमटी स्टूडेंट्स के साथ ही बाहरी छात्र, सीसीएसयू से छात्र नेता शान मोहम्मद और मेरठ कॉलेज से छात्र नेता विजित तालियान भी है। रातभर शान मो. और विजित तालियान के नेतृत्व में सैकड़ों स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी गेट के बाहर ही धरनारत रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने वहीं गेट के बाहर रात डेढ़ बजे गद्दे मंगाए और गद्दे डालकर धरने पर बैठे रहे। गर्ल्स हॉस्टल में देर रात पहुंचे मेल फैकलिटी यूनिवर्सिटी गर्ल्स हॉस्टल का भी देर रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें मेल फैकलिटी हॉस्टल में अंदर नजर आ रही है। ये वीडियो छात्राओं ने खुद बनाकर वायरल किया है। इसमें छात्राओं की फैकलिटी के साथ बहस हो रही है। छात्राओं का आरोप है कि रात को करीब 2 बजे गर्ल्स हॉस्टल में अचानक विश्वविद्यालय के ही शिक्षक लखविंदर सिंह घुस गए और लड़कियों के साथ अभद्रता करते हुए नजर आए। उन्होंने लड़कियों को साफ आदेश दिए गए हैं कि आज हॉस्टल खाली कर दें। छात्रों को समझाने देर रात पुलिस पहुंची लेकिन वार्ता विफल छात्र-छात्राओं को धरने से उठाने के लिए देर रात गंगानगर थाना पुलिस और सीओ सुधीर सिंह भी यूनिवर्सिटी गेट पर पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट़स को समझाया लेकिन छात्र नहीं माने। छात्रों की पहली मांग है कि यूनिवर्सिटी की तरफ से कुलपति आकर छात्रों से मिलें और उनकी मांगों को माने। लेकिन पिछले 22 घंटों में अब तक विवि की तरफ से कोई जिम्मेदार अफसर छात्रों के बीच नहीं आया है। न ही उनकी बात सुनी है। इसके कारण छात्रों का गुस्सा यूनिवर्सिटी के खिलाफ लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्रा के परिजन लौटे लेकिन स्टूडेंट्स मांग रहे न्याय मृतक छात्रा अनु के पिता बुधवार को देर शाम ही थाने में मुकदमा लिखाने के बाद सहारनपुर वापस लौट गए। क्योंकि उनको बेटी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी थी। छात्रा के परिजनों के जाने के बाद भी छात्र-छात्राएं प्रदर्शन करते रहे। उन्होनंेविवि प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद और हाय-हाय के नारे लगाए। कहा कि ये विवि छात्र-छात्राओं को मानसिक, आर्थिक शोषण करता है। यूनिवर्सिटी में आज अनु के लिए कैंडलमार्च छात्र-छात्राओं ने आज आईआईएमटी के गेट के बाहर ही एक कैंडल मार्च रखा है। इसमें मृतक छात्रा अनु की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी। साथ ही जस्टिस फॉर अनु, वी वांट जस्टिस की मांग भी स्टूडेंट्स कर रहे हैं। छात्रनेता बोले आईआईएमटी पर हो एक्शन सीसीएसयू के छात्रनेता शान मो. भी विवि में धरने पर बैठे है। शान ने कहा कि आईआईएमटी विवि लगातार छात्रों को परेशान करता है। समय पर फीस न दे पाने, अटेंडेंस पूरी नहीं है तो पैसे भर दो इस तरह छात्रों को आर्थिक रूप से परेशान किया जाता है। विवि के खिलाफ एक्शन होना चाहिए। हम विवि के कुलपति से मिलकर अपनी मांगें रखना चाहते हैं लेकिन वीसी हमसे मिलने भी नहीं आ रहे। ये छात्रों के हकों का हनन है। हम इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। जब तक हमारी मांगें मानी नहीं जाएंगी यहां धरने पर बैठे रहेंगे। मानसिक, आर्थिक प्रताड़ित करने वाले बख्शे नहीं जाएं मेरठ कॉलेज से धरने में सबसे पहले पहुंचे छात्रनेता विजित तालियान ने कहा कि छात्राओं का आरोप है कि मृतक छात्रा अनु के नाम पर एक गलत फर्जी सुसाइड नोट लिखवाया गया है। छात्राओं पर दबाव बनाकर एक नोट लिखवाया गया कि अनु ने अपनी मर्जी से जान दी है हम इसकी सहमति देते हैं। वहीं कहा कि आईआईएमटी प्रबंधन ने मृतक छात्रा अनु को मानसिक, आर्थिक प्रताड़ित किया। उसकी मां की मृत्यु होने और छात्रा स्वयं बीमार थी इसकी वजह से उसकी अटेंडेंस शॉर्ट हुई। परिवार फाइनेंशियली काफी कमजोर है। अनु के पिता कोरियर बांटते हैं। वो किसी तरह अपनी तीन बेटियों को पालपोस रहे हैं। दो बेटियों की शादी कर चुके हैं। तीसरी अनु को पढ़ा रहे थे। इसके बावजूद विवि प्रशासन ने अनु से हाजिरी पूरी करने के लिए पैसे मांगे। लगातार उस पर फीस का दबाव बनाया, अन्यथा उसे पेपर में नहीं बैठने देंगे ये भी धमकी दी थी। इसी से परेशान होकर छात्रा ने दबाव में आकर ये गलत कदम उठाया है। इसके लिए विवि प्रशासन जो स्टाफ दोषी हैं उन पर एक्शन होना चाहिए। यह हैं छात्रों की प्रमुख मांगें 1. आईआईएमटी हॉस्टल की वार्डन को बदला जाए महिला छात्रावास की जो वार्डन है वो बहुत बेकार हैं। छात्राओं को प्रताड़ित कर परेशान करती है। उन्हें फाइनेंस के नाम पर टॉर्चर करती है। 2. अगर किसी छात्र-छात्रा की बैक आए या वो डिबार हो जाए तो उस पर तनाव बनाकर दबाव न बनाया जाए 3. फीस या हॉस्टल फीस का दबाव छात्र-छात्राओं पर न बनाया जाए, अगर किसी स्टूडेंट की फाइनेंशियल कंडीशन खराब है तो उसे कॉलेज, यूनिवर्सिटी प्रशासन सपोर्ट करे। 4. अनु गुप्ता की मौत मामले में कॉलेज प्रशासन फुटेज सार्वजनिक करे। 5. अनु की रूममेट को सामने लाकर उससे बात कराई जाए। 6. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। 7. एमबीए के एचओडी, डीन को हटाया जाए। 8. मृतक छात्रा अनु के परिवार को यूनिवर्सिटी की ओर से 50लाख रुपयों की आर्थिक मदद की जाए।
पंजाब में पेट्रोल-डीजल की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिसके चलते कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति पैदा हो गई है। इसके पीछे ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) द्वारा समय पर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई न देना बताया गया है। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन (PPDAP) ने इसको लेकर पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा है। एसोसिएशन का कहना है कि सप्लाई में लगातार देरी के कारण राज्य के कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो चुका है। लोगों को तेल के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियों द्वारा ईंधन आपूर्ति में की जा रही कटौती ने पंजाब में संकट को और गहरा कर दिया है। ₹10 महंगा प्रीमियम पेट्रोल लेने को मजबूर कर रहे बताया जा रहा है कि इंडियन ऑयल (IOCL) की तुलना में हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) के पेट्रोल पंपों पर संकट सबसे ज्यादा है। कई डीलरों ने आरोप लगाया है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल उपलब्ध करवाने से पहले उन्हें प्रीमियम फ्यूल खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसकी कीमत सामान्य ईंधन से करीब 10 रुपए प्रति लीटर अधिक है। डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले-पूरे पंजाब के पंपों पर संकट पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (PPDAP) के अध्यक्ष परमजीत सिंह ने कहा- राज्यभर के पेट्रोलियम डीलरों की ओर से आपका ध्यान पंजाब में सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के रिटेल आउटलेट्स पर उत्पन्न गंभीर ईंधन आपूर्ति संकट की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। इस संकट का प्रभाव पूरे पंजाब के पेट्रोल पंपों पर पड़ रहा है, लेकिन विशेष रूप से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के पेट्रोल पंप सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिनके बाद भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के आउटलेट्स पर भी संकट बढ़ रहा है। पेट्रोल-डीजल में 3 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में भी करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है। इससे आम जनता, ट्रांसपोर्ट कारोबार और उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। राज्य में एलपीजी गैस की भी कमी पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ राज्य में एलपीजी गैस की भी कमी बताई जा रही है। उद्योगों और व्यावसायिक इकाइयों को गैस सप्लाई प्रभावित होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।ईंधन संकट के कारण लोगों में चिंता का माहौल है और सरकार से जल्द स्थिति सामान्य करने की मांग की जा रही है।
आतंकवाद विरोधी दिवस : आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बना 21 मई का दिन
भारत में हर वर्ष 21 मई को राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश को आतंकवाद के खतरों के प्रति जागरूक करने, युवाओं को हिंसा और कट्टरपंथ से दूर रखने तथा समाज में शांति और एकता का संदेश देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
पाली शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र में बुधवार रात तीन नकाबपोश युवक हाथ में सरिया लेकर दुकानों के बाहर पहुंचे। बदमाशों ने पहले दो दुकानों के बाहर लगे CCTV कैमरे तोड़े और फिर एक जनरल स्टोर का ताला तोड़ने का प्रयास किया। हालांकि लोगों की आवाजाही के चलते बदमाश चोरी की वारदात को अंजाम नहीं दे सके और मौके से फरार हो गए। पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। मामले की सूचना टीपी नगर थाना पुलिस को दी गई है। सुंदर नगर रोड पर देर रात पहुंचे तीन युवक पाली शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र में चुंगी नांके से सुंदर नगर की तरफ जाने वाली रोड पर चार-पांच दुकानें बनी हुई हैं। बुधवार रात करीब साढ़े बजे तीन नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। तीनों के हाथ में सरिया था और उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे। पहले CCTV कैमरे तोड़ बदमाशों ने वहां स्थित एक जनरल स्टोर का ताला तोड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान उन्हें पास में लगी मोबाइल शॉप और शैलून के बाहर लगे CCTV कैमरे नजर आए। पहचान छिपाने के लिए बदमाशों ने सरिया मारकर दोनों दुकानों के बाहर लगे CCTV कैमरे तोड़ दिए। जनरल स्टोर का ताला तोड़ा CCTV कैमरे तोड़ने के बाद बदमाशों ने जनरल स्टोर के शटर पर लगा एक ताला तोड़ दिया। बदमाश दूसरा ताला तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान वहां लोगों की आवाजाही शुरू हो गई। पकड़े जाने के डर से तीनों युवक मौके से भाग निकले। सुबह दुकान खुली तो सामने आई घटना गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे जनरल स्टोर संचालक जयसिंह दुकान पर पहुंचे। वहां एक ताला टूटा मिला। इसके बाद उन्होंने आसपास के दुकानदारों को कॉल कर मौके पर बुलाया। तब पता चला कि मोबाइल शॉप और शैलून के बाहर लगे CCTV कैमरे भी तोड़े गए हैं। CCTV फुटेज में नजर आए तीन संदिग्ध दुकानों के बाहर लगे CCTV कैमरे में तीन संदिग्ध युवक नजर आए हैं। फुटेज में तीनों युवक सरिया से दुकानों के बाहर लगे CCTV कैमरे तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। चेहरा कैमरे में नजर न आए इसलिए तीनों ने कपड़े से अपना चेहरा ढक रखा था। घटना की जानकारी टीपी नगर थाना पुलिस को दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवकों की पहचान करने में जुटी है।
लुधियाना में जनगणना ड्यूटी के दौरान एक सरकारी प्राइमरी स्कूल टीचर को लकवे का अटैक आने का मामला सामने आया है। घटना के बाद शिक्षकों में प्रशासन की आपातकालीन व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। आरोप है कि भीषण गर्मी के बीच फील्ड ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के लिए न तो कोई हेल्पलाइन थी और न ही तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध करवाई गई। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8.30 बजे सरकारी प्राइमरी स्कूल इंद्रापुरी में तैनात शिक्षक राम सिंह, भामियां कलां इलाके में जनगणना ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क किनारे गिर पड़े। मूल रूप से मोगा निवासी राम सिंह की ड्यूटी लुधियाना में लगाई गई थी। सुपरवाइजर मौके पर नहीं पहुंचा स्कूल के ही शिक्षक पासी सिंह ने बताया कि शुरुआत में स्थानीय लोगों को लगा कि शिक्षक बेसुध हालत में हैं। बाद में इलाके के एक बच्चे ने उन्हें पहचान लिया और पास में रहने वाले दूसरे शिक्षक को सूचना दी। सुपरवाइजर को भी संपर्क किया गया, लेकिन मौके पर कोई तत्काल मदद नहीं पहुंची। पासी सिंह ने बताया कि स्कूल प्रशासन से सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे तो राम सिंह की हालत गंभीर थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों का आरोप-नहीं उपलब्ध हुई एंबुलेंस परिजनों का आरोप है कि राम सिंह ने खुद भी जनगणना इंचार्ज से मदद मांगी थी, लेकिन उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई। पहले उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 60 हजार रुपए का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी, लेकिन दवा उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में उन्हें फरीदकोट रेफर कर दिया गया। फिलहाल वह बोलने की स्थिति में नहीं हैं। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के महासचिव रूपिंदर सिंह गिल ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद महिला कर्मचारियों समेत शिक्षकों की ड्यूटी उनके गृह जिलों से दूर लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि फील्ड ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के लिए न हेल्पलाइन है, न इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम और न ही उचित समन्वय, जिसके चलते ऐसे हादसे हो रहे हैं। ADC ने दिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश घटना के बाद ADC (जनरल)-कम-अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन के अनुसार कंट्रोल रूम फील्ड स्टाफ को तत्काल सहायता, मार्गदर्शन और आपातकालीन मदद उपलब्ध करवाएंगे। साथ ही सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में इसकी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुजफ्फरपुर शहर के अघोरिया बाजार स्थित होटल सेंट्रल प्वाइंट एक बार फिर पुलिस कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आ गया है। इस बार होटल में शराब पार्टी करते हुए पकड़े एक युवती सहित कुल 10 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान कमरा नंबर 202 और 203 को सील कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आगे जांच में अगर होटल प्रबंधन की संलिप्तता सामने आती है तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी। देर रात हुई छापेमारी, शराब के साथ पकड़े गए युवक-युवती पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मंगलवार देर रात मुजफ्फरपुर शहर के विभिन्न होटलों और लॉज में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसी क्रम में काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के अघोरिया बाजार स्थित होटल सेंट्रल प्वाइंट में रात करीब 11 बजे छापेमारी की गई। थानेदार चंद्रभूषण कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने होटल के अलग-अलग कमरों में जांच की। जांच के दौरान पुलिस को कई युवक शराब पार्टी करते मिले। मौके से शराब की बोतलें भी बरामद की गईं। पुलिस ने कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 9 युवक और एक युवती शामिल थी। क्या हुआ छापेमारी के दौरान थानेदार चंद्रभूषण कुमार सिंह ने बताया कि लगातार शिकायत के बाद उनके नेतृत्व में टीम ने होटल में छापेमारी की। इस दौरान होटल के कमरा नंबर 202 में चार लड़के और एक लड़की खाना खाते मिले। तलाशी लेने पर पलंग के नीचे से शराब की बोतलें मिलीं। इसके बाद कमरा नंबर 203 की तलाशी ली तो वहां भी चार लड़के खाना खाते मिले। कमरे से कई खाली व भरी हुईं शराब की बोतलें जब्त हुईं। पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया कि वे यहां शराब पीने आए थे। इसके बाद पुलिस ने होटल के मैनेजर प्रणव राज को दबोच लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाई। पूछताछ के बाद बुधवार को उनके बयान पर एफआईआर दर्ज की ग। इसमें गिरफ्तार होटल मैनेजर और एक लड़की और आठ लड़के के अलावा फरार होटल संचालक को भी आरोपी बनाया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में ये शामिल गिरफ्तार आरोपियों में भागलपुर के सबौर थाना क्षेत्र के कुरपट के होटल मैनेजर प्रणव राज, नगर थाना क्षेत्र के पुरानी गुदरी भवानी सिंह मार्ग का आशीष कुमार, लालगंज का कौशल कुमार, सिकंदरपुर लकड़ीढाई का गणेश कुमार, जर्दा फैक्ट्री रोड का आदित्य राज, रानी सती मंदिर रोड का आर्यन राज, मिठनपुरा के कन्हौली मठ रोड निवासी देव कश्यप, पश्चिम चंपारण के चनपटिया के गिद्दा लौकरिया का प्रिंस कुमार, नगर थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी मोहर्रम चौक का कुमार सन्नी व पटना की युवती शामिल है। पहले भी विवादों में रहा है यह होटल, नाम बदलकर खोला था नया होटल 19 अक्टूबर 2019: पुलिस छापेमारी में होटल से नशे की हालत में पांच लड़के और पांच लड़कियों को हिरासत में लिया गया था। फरवरी 2021: होटल में पति-पत्नी बन कर ठहरे प्रेमी-प्रेमिका के बीच गोली चलने की घटना हुई थी, जिसमें युवती की मौत व युवक के खुदकुशी किए जाने की बात आई थी। 8 मई 2025: ओडिशा के बालासोर पुलिस ने छापेमारी कर मुंबई, समस्तीपुर और राजस्थान के साइबर फ्रॉड गिरोह के तीन शातिरों को गिरफ्तार किया था। 13 जून 2025: जिस्मफरोशी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक आदेश पर होटल को सील कर दिया गया था। सील होने के बाद बदले नाम से खोला गया होटल जांच में सामने आया है कि पहले इस होटल का नाम 'सेंट्रल पार्क' था, जिसे सील किए जाने के बाद होटल संचालक ने नाम बदल कर 'सेंट्रल प्वाइंट होटल' खोल दिया।
समस्तीपुर के हसनपुर इलाके में 13 साल की नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता के पिता का आरोप है कि घटना 20 अप्रैल की है। 22 अप्रैल को थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था, लेकिन FIR दर्ज न कर जांच के नाम पर आवेदन रख लिया गया था। पीड़िता के पिता के मुताबिक, घटना के बाद से लेकर 18 मई तक कुल पांच बार हसनपुर थाना गया, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। 19 मई को दोपहर बाद तब FIR दर्ज की गई, जब मेरी बेटी से साथ गैंगरेप का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आरोपियों ने ही वारदात के बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। 20 अप्रैल को नाबालिग के साथ क्या हुआ था? घटना को लेकर नाबालिग के माता-पिता ने क्या बताया? एक महीने तक FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर पुलिस ने क्या बताया? पुलिस की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है? आरोपी कौन हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब जानिए, 20 अप्रैल को नाबालिग के साथ क्या हुआ था? छठी क्लास में पढ़ने वाली नाबालिग के पड़ोस में एक महिला रहती है। आरोप है कि महिला वारदात में शामिल दो आरोपियों के साथ मिलकर अवैध रूप से शराब बेचने का काम करती है। महिला के साथ शराब का कारोबार करने वाले दोनों युवकों की नजर पहले से ही नाबालिग पर थी। आरोपियों ने महिला के साथ मिलकर प्लान बनाया और वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। प्लानिंग के तहत महिला नाबालिग को 20 अप्रैल की शाम को अपने साथ लेकर खेत की ओर आई। चूंकि इसकी जानकारी पहले से आरोपियों को थी। जब महिला ने देखा कि खेत में पहले से आरोपी मौजूद हैं, वो खेत में अंधेरे में नाबालिग को छोड़कर भाग निकली। वहीं, पहले से खेत में मौजूद दोनों आरोपियों के साथ मौजूद एक अन्य आरोपी ने मिलकर नाबालिग को पकड़ लिया। इस दौरान एक आरोपी ने नाबालिग को पकड़ा, दूसरे ने जबरदस्ती की कोशिश की जबकि तीसरे ने वीडियो बनाना शुरू किया। हालांकि, किसी तरह नाबालिग तीनों आरोपियों के चंगुल से खुद को छुड़ाकर भाग घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी घरवालों को दी। मजदूर पिता ने कहा- पहले पंचायत में शिकायत करेंगे, फिर पुलिस के पास जाएंगे जब नाबालिग ने घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी, तो पेशे से मजदूर नाबालिग के पिता ने कहा कि पुलिस के पास जाने से पहले मामले की शिकायत पंचायत में करेंगे। उन्होंने 21 अप्रैल को मामले की शिकायत पंचायत में की लेकिन तीनों आरोपियों और महिला के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाबालिग के पिता के मुताबिक, जब पंचायत में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 22 अप्रैल को पुलिस को आरोपियों के खिलाफ आवेदन दिया गया। हसनपुर थाना में मौजूद SHO अकमल खुर्शीद ने जांच के नाम पर आवेदन रख लिया और हम लोगों को घर जाने को कहा। पीड़िता के पिता के मुताबिक, जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे कुल पांच बार थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। पीड़िता के पिता के मुताबिक, हर बार एसएचओ की ओर से कहा जाता था कि मामले को पंचायत में ही सुलझा लीजिए, मुखिया या फिर सरपंच से मिलकर कॉम्प्रोमाइज कर लीजिए। सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR नाबालिग के पिता ने बताया कि जब पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई, तो कुछ दिनों पहले एक लोकल न्यूज चैनल से मदद ली, घटना से जुड़ी कहानी बताई और जब इसका वीडियो पुलिस के पास पहुंचा तो 19 मई को एफआईआर दर्ज की गई। वहीं, नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश के मामले में करीब एक महीने तक FIR दर्ज नहीं किए जाने के संबंध में रोसरा डीएसपी संजय कुमार सिन्हा से बात की गई तो उन्होंने बताया नाबालिग के पिता की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर 19 मई को एक महिला समेत तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला पिंकू देवी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 18 साल के अंशु कुमार और 19 साल के काशी कुमार और एक अन्य अज्ञात की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।
इंदौर में राजेन्द्र नगर पुलिस ने तीन दिन पहले ममता नगर के पास एक युवक को पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई टीआई यशवंत बडोले की टीम ने की थी। आरोपी की पहचान अक्षय शर्मा निवासी द्वारकापुरी के रूप में हुई। पुलिस ने अक्षय शर्मा को ममता नगर के पास से पिस्टल के साथ पकड़ा था। इसके बाद उसे थाने लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अक्षय शर्मा ने बताया कि पिस्टल उसे चेतन नाथ निवासी अहीरखेडी ने बेची थी। दो माह में एक दर्जन लोगों को हथियार बिक्री का आरोप अक्षय के बयान के अनुसार चेतन नाथ पिछले दो महीनों में इलाके में करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को पिस्टल बेच चुका है। राजेन्द्र नगर पुलिस ने चेतन नाथ के ठिकाने पर दबिश दी, लेकिन वह मौके से फरार मिला। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार चेतन नाथ पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे अतुल बंसल हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। सीमा नाथ के अवैध कारोबार से जुड़ाव के आरोप जानकारी के मुताबिक चेतन नाथ द्वारकापुरी की ड्रग माफिया सीमा नाथ का भाई है। उस पर इलाके में अवैध कारोबार से जुड़े होने के आरोप हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी गैंग गतिविधियों में भी शामिल बताया जा रहा है। द्वारकापुरी में गैंगवार की घटनाओं के बीच हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी है।
भोपाल में रोज 81 लोग डॉग बाइट के शिकार:5 साल में साढ़े 8 करोड़ रुपए खर्च; फिर भी बढ़ी घटनाएं
भोपाल में हर रोज 81 लोग डॉग बाइट के शिकार हो रहे हैं। डॉग्स की नसबंदी और वैक्सीनेशन पर नगर निगम पांच साल में करीब साढ़े 8 करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। बावजूद डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ गई हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन भोपाल में इसका पालन आसान नहीं दिख रहा। शहर में करीब 1.20 लाख आवारा कुत्ते हैं, लेकिन नगर निगम के पास एक भी स्थायी डॉग शेल्टर नहीं है। नगर निगम के अनुसार हर रोज 15 शिकायतें मिल रही हैं। जेपी और हमीदिया अस्पताल में डॉग बाइट के शिकार बच्चे और बुजुर्ग पहुंच रहे हैं। इन इलाकों में ज्यादा खतरा अशोका गार्डन, अयोध्या बायपास, पिपलानी, कोहेफिजा, शाहजहांनाबाद, करोंद, मीनाल रेसीडेंसी, पटेल नगर, छोला, बैरागढ़, लालघाटी-हलालपुर रोड, रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी और न्यू मार्केट के आसपास रात में कुत्तों के झुंड सबसे ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। कई जगह फुटपाथों पर कुत्तों के डेरों के कारण पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है। 600 कुत्तों की क्षमता, डॉग सवा लाख जानकारी के अनुसार नगर निगम के पास फिलहाल अरवलिया, आदमपुर छावनी और कजलीखेड़ा में तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर हैं। तीनों की कुल क्षमता सिर्फ 600 कुत्तों की है। यहां रोज 20 से 25 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण हो रहा है। ये सेंटर केवल नसबंदी के लिए हैं, जबकि कोर्ट के निर्देश के मुताबिक स्थायी डॉग शेल्टर एक भी नहीं है। अब तक इतनी नसबंदी पिछले 5 साल में नगर निगम ने नसबंदी और टीकाकरण पर 8.56 करोड़ रुपए खर्च किए। इस दौरान 81,207 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का दावा किया गया, लेकिन शहर में डॉग बाइट और आवारा कुत्तों की शिकायतें लगातार बढ़ती रहीं। इंदौर में अप्रैल में हर दिन 146 केस इंदौर में अप्रैल के 24 दिनों (24 अप्रैल तक) में डॉग बाइट के 3493 मामले सामने आए हैं। यानी औसतन करीब 146 केस प्रतिदिन दर्ज किए गए हैं। जनवरी में 5198, मार्च में 5109 मामले आए थे। वहीं दिसंबर में 5471 केस थे। एमपी में डॉग बाइट के इतने आंकड़े पूरे मध्यप्रदेश में कुत्तों के काटने का खतरा बना रहता है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां कुत्तों के डर से बच्चे घरों के बाहर खेलने तक नहीं जाते। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 2024 के आंकड़े बताते हैं कि मध्यप्रदेश में 10.09 लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। इनमें से 6 लाख से अधिक बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में हैं। 9 लोगों की रेबीज से मौत भी हुई केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 से जनवरी 2025 तक प्रदेश में करीब 3.39 लाख डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। इनमें 2022 में 66,018, 2023 में 1,13,499, 2024 में 1,42,948 और 2025 (जनवरी) में 16,710 मामले दर्ज हुए। इसी अवधि में कम से कम 9 लोगों की रेबीज से मौत भी हुई है। देशभर के आंकड़ों से तुलना करें तो मध्यप्रदेश डॉग बाइट मामलों में शीर्ष राज्यों में शामिल है, जहां हर साल मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। 2022 में जहां करीब 21.89 लाख मामले देशभर में थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 37.15 लाख से अधिक हो गई। गर्मी में क्यों बढ़ते हैं कुत्तों के हमले पशु चिकित्सक एसआर नागर के मुताबिक गर्मी का मौसम कुत्तों के व्यवहार को आक्रामक बना देता है। कुत्तों के शरीर में स्वेट ग्लैंड (पसीना निकालने वाले छिद्र) नहीं होते, इसलिए वे इंसानों की तरह शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर पाते। इस वजह से उनमें चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ जाती है। अगर उन्हें खाने-पीने की कमी हो या किसी तरह का खतरा महसूस हो, तो वे तुरंत हमला कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल से जून के बीच तापमान बढ़ने के साथ डॉग बाइट के मामलों में और तेजी आ सकती है। इस दौरान कुत्तों के खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें पर्याप्त पानी देना और तेज धूप से बचाना जरूरी है, ताकि उनका व्यवहार शांत बना रहे। यह खबर भी पढ़ें… रेबीज संक्रमित महिला लोगों को काटने दौड़ी, VIDEO मध्य प्रदेश के सतना और मनावर में आवारा कुत्तों के हमलों ने दहशत फैला दी। बुधवार शाम कुत्ते ने तीन घंटे में करीब 40 लोगों को काट लिया, जबकि मनावर में गुरुवार सुबह कुत्ते ने तीन घंटे के भीतर 26 लोगों और 3 पशुओं को घायल कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर कथित दबाव का मामला अदालत तक पहुंच गया है। राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ में पेट्रोलियम डीलर्स डिस्ट्रीब्यूटर्स ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दायर सिविल रिट याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की कोर्ट ने आगे की सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख तय की है। वॉट्सएप पर दिए जा रहे सीमित बिक्री के निर्देश याचिका में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की कथित मनमानी को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता एसोसिएशन के अनुसार, इन कंपनियों के अधिकारियों द्वारा मौखिक निर्देशों और वॉट्सएप संदेशों के जरिए पेट्रोल पंप संचालकों को सीमित मात्रा में ईंधन बेचने के निर्देश दिए गए। इतना ही नहीं, तय सीमा से ज्यादा बिक्री करने पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति रोकने और बिक्री निलंबित करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। बिना सरकारी आदेश कंपनियों की कार्रवाई अवैध याचिकाकर्ता एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जोशी और उनके सहयोगी अधिवक्ता हिमांशु रंजन सिंह भाटी ने कोर्ट में पैरवी की। याचिका में तर्क दिया गया है कि पेट्रोलियम उत्पाद आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक वस्तु की श्रेणी में आते हैं। इनके उत्पादन, वितरण और बिक्री को नियंत्रित या सीमित करने का कानूनी अधिकार केवल केंद्र या राज्य सरकार के पास है, जो विधिवत अधिसूचना जारी कर ऐसा कर सकते हैं। एसोसिएशन की दलील है कि वर्तमान में ऐसा कोई वैधानिक आदेश जारी नहीं हुआ है, इसलिए ऑयल कंपनियों द्वारा लगाई गई यह पाबंदी पूरी तरह से अवैध और उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। कोर्ट का आदेश: वकीलों को याचिका की कॉपी उपलब्ध कराएं अदालत के समक्ष यह तथ्य आया कि याचिका की कॉपी पहले ही भारत सरकार को दी जा चुकी है। इस पर कोर्ट ने अधिवक्ता भरत व्यास को निर्देश दिया कि वे इस मामले में भारत संघ की ओर से पैरवी करें। साथ ही, कोर्ट ने संबंधित ऑयल कंपनियों के वकीलों को याचिका की कॉपियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने रजिस्ट्री को अधिवक्ता समीर श्रीमाली और निशांत बोड़ा का नाम रेस्पोंडेंट्स के वकील के रूप में कॉज लिस्ट में दर्शाने के निर्देश दिए हैं। इधर, मंत्री को बैठक बुलाने का अल्टीमेटम, रैलियों में अब उधार तेल नहीं हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई के साथ ही एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा को विस्तृत मांग-पत्र सौंपकर 3 दिन के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक बुलाने का अल्टीमेटम दिया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि शासकीय कार्यक्रमों, रैलियों और चुनाव के दौरान पेट्रोल पंपों से उधार में ईंधन लिया जाता है, जिसका कई साल तक भुगतान नहीं होता। अब बिना स्पष्ट लिखित आदेश और अग्रिम भुगतान के उधार तेल की आपूर्ति बिल्कुल नहीं की जाएगी। आरोप: नाप-तौल विभाग खुद जांच अधिकारी, खुद ही जज पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने अपने मांग-पत्र में नाप-तौल विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए उस पर दमनकारी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन का कहना है कि विभाग के अधिकारी मशीनों में मामूली तकनीकी अंतर बताकर जानबूझकर डीलरों की छवि खराब कर रहे हैं। आमेर में महिला डीलर के पंप पर एकतरफा कार्रवाई एसोसिएशन ने 4 मई को आमेर तहसील के नींदड़ हरमाड़ा स्थित 'मैसर्स विनायक इंडियन ऑयल' पर हुई कार्रवाई का विशेष उल्लेख किया है। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान शॉर्टेज (कमी) का गलत आकलन किया गया और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं बरती गईं। महिला डीलर को पक्ष रखने या सुनवाई का अवसर दिए बिना ही भारी जुर्माना थोप दिया गया। जोधपुर में 3 दिन पहले सत्यापन, फिर भी बताया चोर पत्र के अनुसार, इसी तरह का रवैया जोधपुर में भी अपनाया गया। 11 मई को जोधपुर के एक पेट्रोल पंप डीलर के खिलाफ मीडिया में एकतरफा खबरें छपवाकर उसे चोर की तरह पेश किया गया। एसोसिएशन ने हैरानी जताते हुए कहा कि उस पंप की मशीनों का मात्र तीन दिन पहले ही विभाग द्वारा सत्यापन किया गया था। 26-27 ML का तकनीकी विवाद, अपील का अधिकार नहीं एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि डीलर केवल मशीनों के संरक्षक होते हैं, जबकि उनका सत्यापन और कॉनिकल माप खुद नाप-तौल अधिकारी ही तय करते हैं। आज तक कोई ऐसी मशीन नहीं बनी जिसमें शून्य प्रतिशत त्रुटि (जीरो एरर) हो। इसके बावजूद मशीनों में 25, 26 या 27 एमएल के मामूली अंतर पर सीधे डीलरों को पूरे साल भर के लिए दोषी मान लिया जाता है। मांग-पत्र में तंज कसते हुए कहा गया है, अधिकारी ही वकील हैं और अधिकारी ही जज। डीलरों को न तो अपील करने का अधिकार दिया जा रहा है और न ही 'अंडर प्रोटेस्ट' जुर्माना जमा करने का विकल्प है। विभाग की नीति केवल 'पहले जुर्माना भरो और फिर बदनामी सहो' वाली बनकर रह गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज से डूंगरपुर जिले के 2 दिवसीय दौरे पर रहेंगे। सीएम शर्मा बांसवाड़ा से सड़क मार्ग के जरिए डूंगरपुर पहुंचेंगे। रास्ते में मुख्यमंत्री का कई जगह पर कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री आज दोपहर करीब 3:30 बजे डूंगरपुर कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। यहां जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे। जिसमें मुख्यमंत्री सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा और अधिकारियों से फीडबैक लेंगे। इसके बाद सीएम चौरासी विधानसभा क्षेत्र के धंबोला ग्राम पंचायत पहुंचेंगे। जहां वे रात्रि चौपाल में हिस्सा लेंगे। यहां मुख्यमंत्री महिलाओं, किसानी, युवाओं से बातचीत करेंगे और लोगों की समस्याएं जानते हुए उन्हें समाधान के निर्देश देंगे। कल मॉर्निंग वॉक के दौरान लोगों से करेंगे बातचीतइसके बाद मुख्यमंत्री धंबोला में ही भोजन और रात्रि विश्राम भी करेंगे। अगले दिन 22 मई को मुख्यमंत्री मॉर्निंग वॉक करेंगे। इस दौरान लोगों से बातचीत करते हुए उनकी बातें और समस्याएं सुनेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री उदयपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट है।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की टीम में जल्द ही 4 नए चेहरों को एंट्री मिल सकती है। लंबे समय से अटके मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ मंत्रियों पर ड्रॉप होने और कुछ पर कद घटने का संकट खड़ा हुआ है। कुछ मंत्रियों को मजबूत विभाग देकर उनका कद बढ़ाने की तैयारी है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी लाइन के अनुसार, अगला फेरबदल पंचायत-निकाय चुनाव को देखते हुए जातिगत समीकरण साधने वाला होगा। हिंदूवादी छवि को और मजबूत करने वाले चेहरों को भी विस्तार में जगह मिल सकती है। भजनलाल सरकार में वर्तमान में 24 मंत्री हैं और 6 पद खाली चल रहे हैं। अगले फेरबदल में दो पद खाली रह सकते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की टीम करीब 28 की हो सकती है। आलाकमान का फीडबैक पूरा, सब कुछ परफॉर्मेंस के आधार पर जानकारी के अनुसार, भाजपा आलाकमान ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर फीडबैक का काम पूरा कर लिया है। मौजूदा मंत्रियों की परफॉर्मेंस को लेकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया है। मंत्रियों के पब्लिक कनेक्ट और विकास को ज्यादा तवज्जो दी गई है। फीडबैक के दौरान कार्यकर्ताओं से पूछा गया- ऐसे सवालों के आधार पर मंत्रियों के कामकाज का आंकलन किया गया है। सीएम भजनलाल ने इसी महीने 11 मई को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। 2023 में राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनी थी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 2024 में ही मंत्रिमंडल विस्तार हो चुका है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मंत्रिमंडल फेरबदल हुआ और अब आलाकमान की नजरें राजस्थान पर टिक गई हैं। वसुंधरा राजे समर्थकों को जगह देने के भी संकेत सूत्रों के अनुसार, आलाकमान को सीनियर लीडरशिप से मिले फीडबैक के बाद माना जा रहा है कि कुछ अनुभवी चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। राजस्थान में सीनियर लीडरशिप में रहे वसुंधरा राजे, गुलाबचंद कटारिया जैसे नेताओं के समर्थकों को भी जगह मिलने के संकेत मिल रहे हैं। इनमें ये नाम रेस में हैं... श्रीचंद कृपलानी : निम्बाहेड़ा विधानसभा (चित्तौड़गढ़) से विधायक हैं। दो बार सांसद और चौथी बार विधानसभा सदस्य हैं। वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री रह चुके हैं। अनिता भदेल : अजमेर दक्षिण विधानसभा से विधायक हैं। वे पांचवी बार विधायक हैं। वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। पुष्पेंद्र सिंह : बाली विधानसभा (पाली) से छठी बार विधायक हैं। वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। हिंदूवादी छवि : दो और विधायक रेस में मंत्रिमंडल विस्तार पर हिंदूवादी छवि वाले दो एमएलए भी नजरें बनाए हुए हैं और खुद को रेस में मान रहे हैं। दोनों विधायक अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। ये भी माना जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान उत्तर प्रदेश व असम के जैसे राजस्थान में भी हिंदूवादी छवि को और मजबूत करने का मैसेज देने की तैयारी कर रही है। 1. महंत बालकनाथ महंत बालकनाथ तिजारा से विधायक हैं। पिछला विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पहले मंत्रिमंडल विस्तार के समय बीजेपी नेताओं का मानना था कि महंत बालकनाथ को भजनलाल टीम में जगह जरूर मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें काफी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। 2. महंत प्रतापपुरी महंत प्रतापपुरी, पोकरण (जैसलमेर) से विधायक हैं। मारवाड़ में बीजेपी का एक बड़ा हिंदूवादी चेहरा हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव काफी मजबूती से लड़ा और चंद वोटों से हारे थे। बीजेपी ने फिर 2023 में मौका दिया और जीते। अगले मंत्रिमंडल विस्तार में इन्हें रेस में माना जा रहा है। इन मंत्रियों का बढ़ सकता है कद, कुछ पर ड्रॉप का संकट भी राजस्थान में करीब 4 महीने बाद पंचायत और निकाय चुनाव होने की संभावना है। ये चुनाव सरकार की अब तक की परफॉर्मेंस और लोकप्रियता की परीक्षा की तरह देखे जा रहे हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार पर भी इन चुनावों की छाया देखी जाएगी। इस फेरबदल में जातिगत समीकरणों के साथ कुछ मंत्रियों के परफॉर्मेंस के आधार पर कद बढ़ाए जाएंगे और कुछ के विभागों की कटौती कर उनके कद घट सकते हैं। कढ़ बढ़ने की रेस में शामिल मंत्री 1. जवाहर सिंह बेढ़म क्यों? : जातिगत समीकरणों में फिट बैठते हैं। भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल में बेढ़म गुर्जर समाज के एकमात्र मंत्री हैं। गुर्जर समाज आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर से बड़े आंदोलन के लिए जमीन तलाश रहा है। सरकार को समाज को संतुष्ट करना जरूरी है। ये मुख्यमंत्री भजनलाल के गृह जिले भरतपुर की नगर विधानसभा से विधायक हैं। मुख्यमंत्री के नजदीकियों में शामिल हैं। अगले विस्तार में इन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल सकता है। फिलहाल राज्यमंत्री के रूप में बेढ़म के पास गृह विभाग, गो-पालन, पशुपालन व डेयरी और मत्स्य विभाग है। 2. डॉ. मंजू बाघमार क्यों? : राज्यमंत्री के रूप में पीडब्ल्यूडी, महिला एवं बाल विकास और बाल अधिकारिता विभाग देख रही हैं। दूसरी बार की विधायक हैं और पेशे से प्रोफेसर हैं। पंचायत चुनाव को देखते हुए उच्च शिक्षित दलित और महिला चेहरे के कारण इनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। कद बढ़ाने में राजनीतिक समीकरण साथ दे सकते हैं। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष को जमकर घेरा। लेकिन भजनलाल कैबिनेट में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ही एकमात्र महिला विधायक शामिल हैं। ऐसे में डॉ. मंजू बाघमार का प्रमोशन हो सकता है। इन पर ड्रॉप होने का संकट 1. विजय सिंह चौधरी क्यों? : मुख्यमंत्री भजनलाल की टीम में विजय सिंह राज्यमंत्री हैं और राजस्व विभाग, उपनिवेशन और सैनिक कल्याण जैसे विभाग इनके पास हैं। जाट समाज के चेहरे के रूप में इन्हें मंत्री पद सौंपा गया था। सूत्रों के अनुसार विजय सिंह मंत्री के रूप में ज्यादा प्रभावशाली नजर नहीं आए। केवल अपने विधानसभा क्षेत्र में ही सीमित रहे। विभाग में कम एक्टिव रहने का फीडबैक आलाकमान के पास गया है। 2. ओटाराम देवासी क्यों? : बीजेपी आलाकमान ने हिंदूवादी छवि और वसुंधरा राजे सरकार में मंत्री रहने के अनुभव के कारण इन्हें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल में शामिल किया था। पंचायती राज, ग्रामीण विकास और आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री का पद दिया गया। लेकिन अपने मंत्रालय में बिलकुल सक्रिय नहीं रहे और कामकाज संभाला ही नहीं। सचिवालय में भी बहुत कम दिखाई देते हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसी तरह का फीडबैक दिया है। कद में कटौती की आशंका गजेंद्र सिंह खींवसर क्यों? : कैबिनेट मंत्री के रूप में चिकित्सा विभाग का जिम्मा है। सूत्रों के अनुसार, गजेंद्र सिंह खींवसर के पास से चिकित्सा विभाग को बदलकर दूसरा बड़ा विभाग देने की तैयारी चल रही है। जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल की आग की घटना और कोटा में प्रसूताओं की मौत के मामले में सरकार कि छवि को थोड़ा झटका लगा है। विभाग बदल कर डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास मंत्रिमंडल विस्तार में देखने को मिल सकता है। दीया कुमारी और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ क्यों? : डिप्टी सीएम दिया कुमारी और राज्यवर्धन सिंह राठौड़, दोनों केबिनेट मंत्रियों के पास काफी बड़े और महत्वपूर्ण महकमे हैं। ज्यादा जिम्मेदारियों के चलते व्यस्तता के कारण कुछ कम महत्व के महकमों में से एक-दो को अन्य मंत्रियों को सौंपा जा सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चुड़ादा गांव में रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार सुबह गांव का भ्रमण किया। सुबह मुख्यमंत्री गांव की चौपाल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ खाट पर बैठकर चाय पी। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से पानी, बिजली, सड़क और सरकारी योजनाओं को लेकर बातचीत की। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव सहित मौजूद अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए। गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से चॉकलेट और टॉफियां भी बांटी। अलसुबह गांव भ्रमण पर निकले मुख्यमंत्री कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चुड़ादा गांव में रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अलसुबह गांव के भ्रमण पर निकल पड़े। इस दौरान मुख्यमंत्री का साधारण और आत्मीय रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचे और चौपाल पर बैठकर लोगों से बातचीत की। खाट पर बैठकर पी चाय, ग्रामीणों से पूछा हाल मुख्यमंत्री शर्मा गांव की एक चौपाल पर पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ खाट (चारपाई) पर बैठकर चाय की चुस्की ली। मुख्यमंत्री को अपने बीच इस तरह बैठा देखकर ग्रामीणों ने भी उनसे खुलकर बातचीत की। चाय पीते-पीते मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से गांव की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि गांव में पानी, बिजली और सड़कों की क्या स्थिति है और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। मुख्यमंत्री के गांव में भ्रमण के दौरान की तस्वीरें देखिए… अधिकारियों को मौके पर दिए निर्देश संवाद के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं को नोट करने और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। बच्चों को दुलारा, बांटी चॉकलेट और टॉफियां गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री की नजर बच्चों पर पड़ी तो वह उनसे मिलने पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उनसे बातचीत की और अपने हाथों से चॉकलेट व टॉफियां बांटीं। मुख्यमंत्री के हाथों से चॉकलेट मिलने पर बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री के गांव भ्रमण के दौरान भाजपा पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ग्रामीणों से लगातार संवाद करते नजर आए और लोगों की समस्याओं के बारे में जानकारी लेते रहे।
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) में डॉक्टरों ने दूरबीन विधि (लैप्रोस्कोपिक तकनीक) से दुर्लभ पैंक्रियाज कैंसर का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। करीब 12 घंटे तक चली इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी के बाद मरीज अब स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।कई समस्याओं से जूझ रहा था मरीजआजमगढ़ निवासी 32 वर्षीय हरिराम यादव लंबे समय से पेट दर्द और पीलिया की समस्या से परेशान थे। कई स्थानों पर इलाज कराने के बावजूद राहत नहीं मिली। बाद में उन्हें खून की उल्टियां, मलद्वार से रक्तस्राव और लगातार बुखार की शिकायत भी होने लगी। जांच के बाद लोहिया संस्थान में डॉक्टरों ने पैंक्रियाज के सिर वाले हिस्से में गंभीर कैंसर की पुष्टि की।इसके बाद जनरल सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। आमतौर पर इस तरह की सर्जरी बड़े चीरे के साथ की जाती है, लेकिन डॉक्टरों ने आधुनिक तकनीक अपनाकर बिना बड़े चीरे के सफल ऑपरेशन किया।डॉक्टरों के अनुसार, इस तकनीक से मरीज को कम दर्द होता है, संक्रमण का खतरा घटता है और रिकवरी भी तेजी से होती है। प्रदेश में इस तरह की सुविधाएं अभी सीमित संस्थानों में ही उपलब्ध हैं।इस टीम ने किया ऑपरेशनसर्जरी टीम में डॉ. विकास सिंह के नेतृत्व में डॉ. सपना सिंह, डॉ. हिमांशु मिश्रा, डॉ. मोहम्मद साद, डॉ. समाय बाजपेयी और डॉ. आकाश त्रिपाठी शामिल रहे। वहीं एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने भी ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नर्मदापुरम जिले के इटारसी में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के बदले 6 हजार रुपए की रिश्वत की शिकायत करने वाले किसान को धमकी मिलने का मामला सामने आया है। केंद्र प्रभारी के जेल जाने से नाराज उसके साले ने फोन कर किसान को धमकाया और खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताया। पुलिस ने किसान की शिकायत और कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। किसान लाड़ली पटेल ने मामले की शिकायत इटारसी थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को करीब 2 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। इसके आधार पर पुलिस ने देर रात बाईखेड़ी निवासी हिमांशु साहू के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 296 और 351 के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी हिमांशु साहू बालाजी वेयरहाउस पर गेहूं खरीदी करने वाले तपस्या स्व सहायता समूह के केंद्र प्रभारी मुकेश साहू का साला है। सिटी मजिस्ट्रेट ने किसान बनकर की थी कार्रवाईकिसान लाड़ली पटेल के अनुसार, 18 मई को वे रैसलपुर स्थित बालाजी वेयरहाउस पर गेहूं बेचने गए थे। वहां केंद्र प्रभारी मुकेश साहू और सर्वेयर सूरज सराठे ने अनाज खरीदने के एवज में 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। उन्होंने इसकी शिकायत क्रांतिकारी किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण पटेल के माध्यम से कलेक्टर से की। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह खुद किसान बनकर वेयरहाउस पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रभारी और सर्वेयर ने अधिकारियों के साथ अभद्रता की, जिसके बाद इटारसी सिटी थाने में केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया था। खुद को बीजेपी नेता बताकर दी गंदी गालियांकिसान ने बताया कि 19 मई को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपनी पहचान हिमांशु साहू के रूप में दी और खुद को बीजेपी से जुड़ा बताया। आरोपी ने शिकायत करने को लेकर नाराजगी जताते हुए किसान को गालियां दीं। वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में हिमांशु यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि, मैं बीजेपी से बोल रहा हूं, तूने जो शिकायत की है, तेरी... कर दूंगा। मैं तेरे जैसे कई लोगों की जमीन बिकवा चुका हूं, तू ज्यादा नेता बन रहा है। आरोपी ने वजनदारी दिखाते हुए किसान को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस ने ऑडियो रिकॉर्डिंग को जांच में लियाइटारसी थाना प्रभारी गौरव बुंदेला ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि, किसान लाड़ली पटेल की शिकायत पर बाईखेड़ी निवासी हिमांशु साहू के खिलाफ धमकी देने और अभद्रता करने का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग को जांच में ले लिया है और इसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। हिमांशु साहू द्वारा किसान लाड़ली पटेल को धमकाने का ऑडियो कॉलर हिमांशु साहू : हिमांशु साहू बात कर रहा बीजेपी से। कल आपने शिकायत कराई केंद्र प्रभारी मुकेश साहू, सर्वेयर की। किस बात की बात हुई थी आपकी। किसान लाड़ली पटेल: 6 हजार रुपए की डिमांड थी। हिमांशु : कितना गेहूं तुलवाना है। किसान: सब कुछ हो गया है। तुल गया है। हिमांशु : ओर कितना तुलवाना है, ये बताओ। किसान : मेरा स्लॉट बुक नहीं हो रहा था, इसलिए दूसरे के स्लॉट पर गेहूं बेचने के लिए लेकर आया था। क्या मैंने कोई अपराध कर दिया क्या। हिमांशु: जब आपका स्लॉट बुक नहीं हुआ तो दूसरे के खाते से क्यों गेहूं लेकर गए। तुम्हारे नाम बताओ। अपराध जब किया है, तो 2 हजार मांगने की डिमांड की शिकायत क्यों कर रहे। किसान: 2 हजार नहीं, 6 हजार रुपए। हिमांशु: मैं आपको बता दूं। तारारोड़ा, पूरी डोलरिया, आपके गुलाबदास पटेल साहू है बाई खेड़ीवाले। लाला मसाहब की.... सुनो मेरी बात, लाला मसाहब सुनील चौधरी की .... कर दूंगा। लाला मसाहब की एक एकड़ जमीन बिकवा कर बैठा हूं। किसान: तेरा बात करने का यह कौन से तरीका है। हिमांशु: तरीका कोई सा नहीं है, तूने जो शिकायत की है, तेरी ...कर दूंगा। तुम्हें बताऊं मैं, तुम्हें कुछ पता नहीं है, देवेंद्र प्रताप सिंह ओर.... बोलकर कॉल कट हो गया। किसान को धमकाना गलत, ब्लैकलिस्ट करने की मांग भारतीय किसान संघ के जिला महामंत्री रजत दुबे ने बताया जो किसान भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है, भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही की मांग कर रहा है, उसको धमकी देना स्वीकार्य नहीं है, किसानों से उपज तुलाने के एवज मैं पैसे मांगे जाते है। उचित माध्यम होने से वह शिकायत कर पाता है, लेकिन अगर शिकायत करने के बाद ऐसी धमकियां मिलेगी तो भ्रष्टाचारियों के हौंसले बुलंद होगें, किसान संघ मांग करता है कि प्रशासन उक्त उपार्जन केन्द्र को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई करें। इस संबंध में कलेक्टर से मुलाकात करके भाकिसं कार्रवाई की मांग करेगा।
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में स्थित ‘निदान नशा मुक्ति केंद्र’ में बुधवार को 61 साल के बुजुर्ग ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद केंद्र के कर्मचारी उन्हें जेएएच अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी का रहने वाला था और रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 6 दिन पहले नशा छुड़ाने के लिए कराया था भर्ती जानकारी के अनुसार, झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र निवासी राजकुमार (61) लंबे समय से शराब और अन्य नशे के आदी थे। परिजनों ने उन्हें नशा छुड़ाने के लिए 14 मई 2026 को बहोड़ापुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। केंद्र से आया कॉल, अस्पताल ले जाते समय मौत परिजनों के अनुसार बुधवार शाम अचानक नशा मुक्ति केंद्र से फोन आया कि राजकुमार ने फांसी लगा ली है। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में जेएएच अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जीआरएमसी अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, मरीज को केंद्र के कर्मचारी जतिन और विजेंद्र सिंह जेएएच के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बुजुर्ग को अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो चुकी थी। बेटे ने कराया मर्ग कायम मृतक के बेटे अंकित राज ने बहोड़ापुर थाने में मर्ग कायम कराया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अब केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि फांसी लगाने के लिए सामग्री कैसे उपलब्ध हुई और उस समय स्टाफ कहां था।
भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में पुलिस की पांच बड़ी चूकें सामने आई हैं, जिसके चलते मुख्य आरोपी समर्थ सिंह घटना के 9 दिन बाद भी फरार है। हालांकि, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दी है। आरोपी की तलाश में छह टीमें लगाई गई हैं। मामले में एसआईटी गठित की गई है और लुक-आउट नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन अब तक आरोपी गिरफ्त में नहीं आया है। बताया जा रहा है कि भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिल गई थी। रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर कई चोटों के निशान होने का उल्लेख था। इसके बावजूद पुलिस समय रहते आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। वहीं परिजन शुरुआत से ही ट्विशा की मौत को संदिग्ध बता रहे थे। कार्रवाई में लापरवाही के आरोप लगा रहे थे। परिजनों ने जांच पर उठाए सवाल, दूसरी एजेंसी से जांच की मांग ट्विशा के परिजन भोपाल पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि 13 मई की रात वे कटारा हिल्स थाने पहुंचे थे, जहां थाना प्रभारी सुनील दुबे और स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता की। परिजनों का कहना है कि थाने के गेट बंद कर उन्हें बाहर जाने के लिए कहा गया। मामले में अब तक किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिवार हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। कोर्ट ने बॉडी प्रिजर्व कराने के दिए निर्देश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनूदिता गुप्ता ने अपने आदेश में कहा कि प्रदेश के बाहर दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। हालांकि, बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए कटारा हिल्स थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने बॉडी को माइनस 80 डिग्री तापमान में प्रिजर्व कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया प्रभावित न हो, क्योंकि एम्स की जिस मर्चुरी में बॉडी रखी गई है, वहां केवल माइनस चार डिग्री तापमान में बॉडी को रखने की सुविधा है। इस तापमान में बॉडी अधिकतम चार से पांच दिन तक ही सुरक्षित रह सकती है। कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होकर पक्ष रखने के लिए कहा गया है। पुलिस बोली- निष्पक्ष जांच कर रही SIT पुलिस कमिश्नर संजय सिंह का कहना है कि SIT हर एंगल से निष्पक्ष जांच कर रही है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि मृतका के गले पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने के हैं। वहीं, कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने परिजनों के साथ अभद्रता के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पूरे थाना परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। थाने में परिजनों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की गई। ये खबरें भी पढ़ें… 1. कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग खारिज की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में भोपाल कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि शव को ऐसी मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए, जहां उसे डीकंपोज होने से बचाया जा सके। पूरी खबर यहां पढ़ें... 2. सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा #JusticeForTwisha भोपाल में 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForTwisha तेजी से ट्रेंड कर रहा है। लोग इंस्टाग्राम, एक्स और वॉट्सएप पर ट्विशा से जुड़े पोस्ट शेयर कर रहे हैं। लेकिन ‘Justice For Twisha’ जैसे अभियान चलते कैसे हैं? क्या इनके पीछे पूरी टीम काम करती है? और क्या इसमें पैसे भी खर्च होता है? पढे़ं पूरी खबर… 3. भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा की मौत से पहले का VIDEO भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सोमवार को CCTV फुटेज सामने आया है। मौत से पहले वह घर की छत पर जाती दिखाई दी है। कुछ देर बाद उसके शव को तीन लोग नीचे लाते दिख रहे हैं। पढे़ं पूरी खबर… 4. रिटायर्ड जज की बहू ने लगाई फांसी, थाने में हंगामा भोपाल में रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की आत्महत्या के मामले में गुरुवार दोपहर में मृतक के परिजन महिला थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। पुलिस से पिछले 24 घंटे में हुई कार्रवाई का हिसाब मांगा। आरोप लगाया कि रसूखदार परिवार होने की वजह से पति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर… 5. ट्विशा के परिजन का सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन भोपाल में रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की सुसाइड का मामला सीएम हाउस तक पहुंच गया है। ट्विशा के मायके वालों ने रविवार को यहां मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों से बात की। इसके बाद ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने कहा- अधिकारियों ने माना कि जांच के लिए मध्य प्रदेश के बाहर की एजेंसी की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पति की करंट लगने से मौत के बाद सदमे में पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई। इसी कारण पति की मौत के दो दिन बाद उसने भी जान दे दी। घटना पचपेड़ी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार ग्राम गोपालपुर निवासी रामनारायण केंवट का विवाह करीब 4 साल पहले सुनीता बाई केंवट से हुआ था। 17 मई को रामनारायण घर में मोटर पंप चालू करने के दौरान करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पति की अचानक मौत के बाद सुनीता पूरी तरह टूट गई थी। रिश्तेदारों का कहना है कि वह लगातार गुमसुम रहने लगी थी। किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रही थी। परिवार के लोग उसे संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पति के बिछड़ने का दुख वह सहन नहीं कर पाई। पहले देखिए ये तस्वीरें- घर में फंदे पर लटकती मिली लाश मंगलवार देर रात सभी घर वाले सो रहे थे। इसी दौरान सुनीता ने अपने कमरे में सीलिंग फैन से साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। देर रात घरवालों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बुधवार सुबह घटना की सूचना पचपेड़ी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। रिश्तेदारों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन नहीं बचा पाए बताया गया कि मंगलवार देर रात सुनीता ने घर के कमरे में सीलिंग फैन से साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। देर रात जब रिश्तेदारों की नजर उस पर पड़ी, तब वह फंदे पर झूल रही थी। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घर में दो दिन में उठीं दो अर्थियां रविवार को करंट लगने से रामनारायण की मौत के बाद परिवार पहले से ही गहरे सदमे में था। वहीं मंगलवार रात सुनीता की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उनके घर पहुंच गए। पोस्टमॉर्टम के बाद जब सुनीता का शव गांव लाया गया, तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। गांव के लोगों की आंखें नम थीं। शोक के माहौल में महिला का अंतिम संस्कार किया गया। लगातार दो दिनों में एक ही घर से पति-पत्नी की अर्थियां उठने से गांव में मातम पसरा है। पति की मौत के दूसरे दिन पत्नी ने फांसी लगाई इस मामले में पचपेड़ी थाना पुलिस के मुतबिक करंट की चपेट में आने से पति की जान गई थी। हादसे के दूसरे दिन पत्नी ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया और आगे की कार्रवाई की जा रही है। ………………….. क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बच्चों के सामने पत्नी का गला काटा, सिर लेकर घूमा,VIDEO: बोला- बहुत प्यार करता था, कैरेक्टर पर शक करती थी, इसलिए मार डाला छत्तीसगढ़ के कोरबा में पति ने पत्नी का चाकू से सिर धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद कटा हुआ सिर लेकर गांव में घूमता रहा। फिर कटे हुए सिर को बोरी में रखकर बैठ गया। गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस पहुंची तो बोला- सर इसकी मुंडी मैंने काट दिया। मैं इसको बहुत प्यार करता था। अपने जान से ज्यादा। इसीलिए इसे चाकू से काटा हूं। पढ़ें पूरी खबर…
ग्वालियर के उपनगर मुरार थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक 23 साल की नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना हुरावली लिंक रोड स्थित गेरू वाला बंगला के पास की है। परिजन उसे तुरंत जेएएच अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की शादी 25 दिन पहले ही हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मायके में रह रही थी महिला जानकारी के अनुसार, मृतका मेघा उर्फ ज्योति की शादी 1 मई को पिंटो पार्क कुंज विहार कॉलोनी निवासी सिद्धार्थ कांदिल के साथ हुई थी। शादी के बाद वह 1 मई को ही ससुराल से मायके आ गई थी और तभी से वहीं रह रही थी। घटना के दिन मृतका के पिता रिश्तेदार के यहां गमी में शामिल होने गए थे। इसी दौरान घर में मौजूद मां गीता ने कमरे में जाकर बेटी को फंदे से लटका पाया। इसके बाद परिजन उसे फंदे से उतारकर तुरंत जेएएच अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट नहीं मिला, कारण स्पष्ट नहीं पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कमरे की जांच की, लेकिन कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। इस कारण आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और मामला संदिग्ध बना हुआ है। मोबाइल की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मृतका का मोबाइल जब्त कर लिया है। उसकी कॉल डिटेल और चैट की जांच की जा रही है ताकि घटना से जुड़े संकेत मिल सकें। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल से कुछ अहम जानकारी सामने आ सकती है। मायके और ससुराल पक्ष से होगी पूछताछ पुलिस ने बताया कि मामले में मायके और ससुराल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। घटना को लेकर अभी तक किसी प्रकार की प्रताड़ना की शिकायत सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई मृतका का शव जेएएच मर्चुरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी के अनुसार, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
गाजियाबाद के मोदीनगर में मेरठ रोड पर गुरुवार तड़के तेज रफ्तार सफेद रंग की स्विफ्ट कार डिवाइडर पर बने नमो भारत के पिलर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पलट गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि सामने से आ रहा एक ट्रक कार की चपेट में आने से बच गया। सूचना मिलते ही मोदीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकाला। ईएसआई अस्पताल के सामने हुआ हादसा यह हादसा मोदीनगर में मेरठ रोड स्थित ईएसआई अस्पताल के सामने हुआ। कार सवार सभी युवक दिल्ली से मेरठ की ओर लौट रहे थे। सुबह करीब पांच बजे मोदीनगर पहुंचते ही तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और नमो भारत के पिलर से जा भिड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में दो की मौत, चार गंभीर जानकारी के मुताबिक मेरठ के परतापुर निवासी रोहित अपने दोस्तों आदेश पुत्र संजय, हिमांशु कुमार, कुलदीप, आदेश और लोनी निवासी अंकित तिवारी के साथ बुधवार को दिल्ली गए थे। गुरुवार सुबह सभी मेरठ लौट रहे थे। कार अंकित तिवारी चला रहा था। ईएसआई अस्पताल के सामने पहुंचते ही कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलटी खा गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बाहर निकालकर जीवन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आदेश और अंकित को मृत घोषित कर दिया। वहीं कुलदीप, रोहित, आदेश और हिमांशु की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाया दुर्घटना के बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। मोदीनगर सहायक पुलिस आयुक्त भास्कर वर्मा ने बताया कि हादसे में दो युवकों की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि चार घायलों का मेरठ में इलाज चल रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कार की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। यह कार परतापुर के कुंडा गांव निवासी संजय के नाम पर पंजीकृत है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में LLB (3 ईयर) और पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम (5 ईयर LLB) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रावधान लागू किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोषणा की है कि नई व्यवस्था वर्तमान सत्र से ही प्रभावी मानी जाएगी। बड़ी संख्या में छात्रों को मिलेगा लाभ लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दी गई व्यवस्था के अनुसार, परीक्षा परिणामों के परिप्रेक्ष्य में निर्णय लिया गया है कि LLB तीन और LLB पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के सभी छात्रों को विषम से सम सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। इस कदम से विधि संकाय के सैकड़ों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी और सत्र भी नियमित बना रहेगा। स्टूडेंट्स को बेहतरीन अवसरकुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि यह निर्णय वर्तमान सत्र से ही प्रभावी माना जाएगा। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालना और छात्रों के शैक्षणिक मार्ग को सुलभ बनाना समय की सबसे बड़ी मांग थी।उन्होंने कहा कि NEP के तहत विषम से सम सेमेस्टर में प्रमोशन की व्यवस्था से छात्रों को राहत मिलेगी। वर्तमान सत्र में पढ़ रहे विद्यार्थियों का भविष्य इस नीति के आने से और उज्ज्वल, सुरक्षित व बहुआयामी होगा। विधि संकाय और संबंधित विभागाध्यक्षों को पाठ्यक्रम व प्रमोशन नियमावली की संरचना को तत्काल अंतिम रूप देने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को आगे किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ताप्ती बैराज की एक मोटर चालू हुई:33 वार्डों में गुरुवार दोपहर से सामान्य होगी वाटर सप्लाई
बैतूल के ताप्ती बैराज स्थित इंटेकवेल की खराब हुई दो मोटरों में से एक को सुधार लिया गया है। नगर पालिका की तकनीकी टीम की मदद से मोटर दोबारा चालू होने के बाद शहर में गहराए पेयजल संकट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार दोपहर बाद से शहर के 33 वार्डों में जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। नगर पालिका की तकनीकी टीम में शामिल एई (AE) नीरज धुर्वे, धीरेन्द्र राठौर, भवेंद्र मालवीय और राहुल शर्मा लगातार सुधार कार्य में जुटे रहे। टीम ने रात करीब 3 बजे तक काम करके मोटर को ठीक किया। एई नीरज धुर्वे ने बताया कि मोटर की बेरिंग प्लेट गर्म होकर जल रही थी। इस तकनीकी खामी को सुधारने के बाद मोटर को सफलतापूर्वक दोबारा चालू कर दिया गया है। एक साथ खराब हुई थीं 335 एचपी की दो मोटरेंबुधवार देर रात नगर पालिका ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि इंटेकवेल पर लगी 335 एचपी की दो मोटरें एक साथ खराब हो गई हैं। इनमें से स्टैंडबाय मोटर की बेरिंग शीट खराब होने पर उसे तत्काल सुधार के लिए भोपाल भेजा गया था। वहीं, रोटेशन में चल रही दूसरी मोटर का कवर हेड टूट गया था और वह ओवरहीट हो गई थी, जिसे अब स्थानीय स्तर पर सुधार लिया गया है। फिल्टर प्लांट तक पहुंचने लगा रॉ वाटरनगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे ने बताया कि एक मोटर के चालू होने से फिल्टर प्लांट तक रॉ वाटर (कच्चा पानी) पहुंचाने का काम फिर से शुरू हो गया है। दोपहर बाद से शहर की जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी। इससे पहले दोनों मोटरों के एक साथ खराब होने से शहर के सभी 33 वार्डों में पानी की सप्लाई बाधित होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा था। ढाई महीने की राहत का किया गया था दावाउल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही घोघरी डैम से छोड़ा गया पानी ताप्ती बैराज पहुंचा था। इसके बाद नगर पालिका ने दावा किया था कि इससे शहरवासियों को करीब ढाई महीने तक पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन, मोटरों में अचानक आई तकनीकी खराबी ने पेयजल व्यवस्था पर फिर से संकट खड़ा कर दिया था, जो अब एक मोटर चालू होने से टल गया है।
गिरिडीह के बजरंग चौक स्थित सेंट्रल जीएसटी एवं एक्साइज कार्यालय में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग के सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बिरनी प्रखंड के खाखीपीपर निवासी राजू अंसारी की शिकायत पर की गई। उन्होंने आरोप लगाया था कि वर्ष 2023 में उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट अनीश कुमार सेठ और जीएसटी अधिकारियों ने मिलकर उन्हें 95 लाख रुपए के जीएसटी टैक्स का नोटिस भेजा था। लगातार तीन नोटिस मिलने के बाद उन्हें मामले में गड़बड़ी का संदेह हुआ। जब वे ऑफिस आ कर पता किए तो मामले को निपटाने के लिए अधिकारियों और सीए द्वारा उनसे 90 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। जिसे बाद में बातचीत के जरिए 65 हजार रुपए पर तय किया गया। सीबीआई ने केमिकल लगे नोटों से पकड़ा शिकायत मिलने के बाद धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय में एसपी भंवर लाल मीणा के निर्देश पर ट्रैप की योजना बनाई गई। पूर्व निर्धारित योजना के तहत राजू अंसारी 50 हजार रुपए लेकर गिरिडीह जीएसटी कार्यालय पहुंचे। जहां अधिकारियों ने रकम सीधे लेने के बजाय एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से अपने घर भिजवा दी। सीबीआई ने पहले ही नोटों पर विशेष केमिकल लगा रखा था। पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही थी। सीबीआई इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में टीम सुबह करीब 11 बजे कार्यालय पहुंची और छापेमारी शुरू की। करीब 13 घंटे तक चली पूछताछ के बाद सुपरिटेंडेंट के घर से रिश्वत की राशि बरामद की गई। केमिकल टेस्ट में इसकी पुष्टि भी हो गई। संपत्ति और बैंक लेनदेन की जांच तेज कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को देर रात करीब 2 बजे धनबाद ले जाया गया। इस पूरे मामले में सीबीआई ने झारखंड और बिहार के कई जिलों में एक साथ छापेमारी भी की है। अधिकारियों के घरों, रिश्तेदारों और अन्य ठिकानों पर जांच जारी है। सूत्रों के मुताबिक, सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी का सेवानिवृत्ति से पहले जमशेदपुर में फेयरवेल कार्यक्रम प्रस्तावित था। उससे पहले ही इस कार्रवाई ने विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया। फिलहाल सीबीआई बैंक खातों, दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी को इस मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे विभागीय स्तर पर और भी कार्रवाई हो सकती है।
ग्वालियर में इंदरगंज थाना क्षेत्र के राम मंदिर के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए दो यात्री वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक ऑटो सड़क पर पलट गया और ऑटो चालक सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना 18 मई की रात करीब 2.30 बजे की है। जिसका सीसीटीवी फुटेज बुधवार रात सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। राम मंदिर के पास तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद रंग की तेज रफ्तार कार गश्त के ताजिया की ओर से आ रही थी। इसी दौरान उसने पहले एक ई-रिक्शा और फिर एक ऑटो को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बीच सड़क पर पलट गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई। ई-रिक्शा से उतरकर ऑटो में बैठे थे युवक पुलिस के अनुसार, बावन पायगा (नई सड़क) निवासी 16 वर्षीय अनिकेत सविता अपने दोस्त राजीव जाटव, नौमित जाटव और कृष्णा राठौर के साथ रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा में घर लौट रहे थे। राम मंदिर के पास ई-रिक्शा की बैटरी अचानक खत्म हो गई, जिसके बाद सभी युवक ई-रिक्शा से उतरकर पास खड़े सतीश प्रजापति के ऑटो में सवार हो गए। ऑटो में बैठते ही हुआ हादसा युवक अभी ऑटो में पूरी तरह बैठे भी नहीं थे कि तेज रफ्तार कार ने सीधे ऑटो को टक्कर मार दी। इसके बाद ई-रिक्शा भी चपेट में आ गया। टक्कर के बाद ऑटो पलट गया और सभी लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। टक्कर के बाद आरोपी चालक फरार हादसे के बाद आरोपी कार चालक ने मौके से भागते समय गाड़ी को पीछे लिया और तेज रफ्तार से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन चलाकर मौके से भागा। भागते समय एक और ई-रिक्शा को मारी टक्कर भागते समय आरोपी ने पास खड़े एक अन्य ई-रिक्शा को भी टक्कर मार दी। इसके बाद एक परिवार सवार ऑटो भी बाल-बाल बच गया, क्योंकि समय रहते सभी लोग वाहन से उतर गए। इस हादसे में अनिकेत सविता (16), राजीव जाटव, नौमित जाटव, कृष्णा राठौर और ऑटो चालक सतीश प्रजापति घायल हो गए। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। CCTV फुटेज के आधार पर जांच इंदरगंज थाना पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मैरिज गार्डन और राम मंदिर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि वाहन और चालक की पहचान की जा सके। टीआई दीप्ति सिंह तोमर के अनुसार, फुटेज के आधार पर कार की पहचान की जा रही है और जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
छतरपुर शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रानी की बगिया में मंगलवार देर रात एक कूलर और पंखे के गोदाम में आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया, हालांकि किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। डाकखाना चौराहे के पास स्थित इस गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री, कूलर, पंखे और इलेक्ट्रॉनिक सामान रखा हुआ था। ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैल गई और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने खुद शुरू किया बचाव कार्यआग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए आसपास के घरों और अन्य गोदामों से सामान सुरक्षित स्थानों पर हटाना शुरू कर दिया। कई लोगों ने बाल्टियों और घरेलू पाइपों की मदद से आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन आग का रूप विकराल होने के कारण वे काबू नहीं पा सके। संकरी गली होने के कारण राहत कार्य में आई दिक्कतसूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। संकरी गली और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होने के कारण फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को राहत कार्य में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। पुलिस ने इलाका कराया खाली, नुकसान का आकलन जारीसुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने तत्काल आसपास के क्षेत्र को खाली कराते हुए लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए। इस बड़े हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, जो एक बड़ी राहत की बात है। फिलहाल, प्रशासन द्वारा आग लगने के सटीक कारणों और हुए कुल आर्थिक नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
बिहार के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थानों में शामिल PMCH में बुधवार को आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। 2022 बैच के करीब 200 एमबीबीएस छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के फैसले के विरोध में सामूहिक रूप से परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। छात्रों के इस कदम से कॉलेज प्रशासन भी हैरान रह गया। औषधि विभाग की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक आयोजित की जानी थी। निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू हुई, लेकिन एक भी छात्र परीक्षा हॉल नहीं पहुंचा। पूरा एग्जाम हॉल खाली रहा, जबकि ड्यूटी पर तैनात शिक्षक छात्रों का इंतजार करते रहे। पूरे बैच को दी गई सामूहिक सजा- छात्र छात्रों का आरोप है कि कुछ सहपाठियों पर लगे कथित कदाचार के आरोप की सजा पूरे बैच को दी गई है। इसी के विरोध में छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और शुचिता बनाए रखना संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी की गई थी। कई चिकित्सक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी और निगरानी के लिए उड़नदस्ता टीम भी तैनात की गई थी। परीक्षा कक्ष की निगरानी के लिए डॉ. राजन कुमार, डॉ. डीके सिन्हा, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. पीएन झा और डॉ. रवि कुमार रंजन को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस घटना के बाद पूरे कॉलेज परिसर में दिनभर इस मुद्दे की चर्चा होती रही। 11 मई की परीक्षा रद्द होने के बाद भड़का गुस्सा विवाद की शुरुआत 11 मई को आयोजित पहली आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा के बाद हुई। उस दिन औषधि विभाग के छात्रों की लिखित परीक्षा ली गई थी, जबकि 12 मई को प्रैक्टिकल और वाइवा कराया गया था। परीक्षा खत्म होने के बाद कॉलेज प्रशासन को कथित रूप से कदाचार की शिकायत मिली। मामले को गंभीर मानते हुए प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप ने 16 मई को पूरी परीक्षा रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही दोबारा परीक्षा कराने के लिए 20 और 21 मई की नई तारीख तय की गई। 20 मई को लिखित परीक्षा और 21 मई को प्रैक्टिकल एवं वाइवा होना था। लेकिन प्रशासन के इसी फैसले ने छात्रों में नाराजगी पैदा कर दी। छात्रों का कहना है कि यदि कुछ छात्रों पर अनियमितता का आरोप था तो केवल उन्हीं पर कार्रवाई होनी चाहिए थी। पूरे बैच की परीक्षा रद्द करना गलत और अन्यायपूर्ण फैसला है। छात्रों का आरोप- मेहनत करने वालों के साथ हुआ अन्याय छात्रों का कहना है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ परीक्षा दी थी। ऐसे में बिना स्पष्ट जांच और दोषियों की पहचान किए पूरे बैच की परीक्षा रद्द कर देना सही नहीं है। कुछ छात्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि, प्रशासन के फैसले से उन छात्रों का मनोबल टूट गया है, जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से परीक्षा दी थी। मेडिकल शिक्षा पहले ही काफी दबाव वाली होती है और ऐसे फैसलों से मानसिक तनाव और बढ़ जाता है।छात्रों का यह भी आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की बात सुने बिना एकतरफा निर्णय लिया। इसी विरोध में छात्रों ने सामूहिक रूप से दोबारा आयोजित परीक्षा में शामिल नहीं होने का फैसला किया। प्रशासन सख्त, प्राचार्य ने साफ कहा- अब नई तिथि नहीं कॉलेज प्रशासन अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग नजर आ रहा है। प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा बहिष्कार छात्रों का निजी निर्णय है और अब इस परीक्षा के लिए फिर से कोई नई तिथि जारी नहीं की जाएगी। प्राचार्य ने यह भी संकेत दिया कि परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को आगे शैक्षणिक स्तर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अब छात्रों के सामने बढ़ा अकादमिक दबाव एमबीबीएस पाठ्यक्रम में आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक बैच के छात्रों को तीन आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाएं देनी अनिवार्य होती हैं। इन्हीं परीक्षाओं के अंकों के आधार पर छात्रों को सेंटअप परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलती है। यदि कोई छात्र निर्धारित मूल्यांकन परीक्षा में शामिल नहीं होता है तो आगे विश्वविद्यालय परीक्षा में बैठने में भी दिक्कत हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, दूसरी आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा अगस्त में प्रस्तावित है। ऐसे में पहली परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों पर अब अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। यदि आगे की परीक्षाओं में प्रदर्शन प्रभावित हुआ तो कई छात्रों का शैक्षणिक सत्र संकट में पड़ सकता है। गतिरोध की स्थिति में पहुंचा मामला परीक्षा बहिष्कार के बाद अब मामला पूरी तरह गतिरोध की स्थिति में पहुंच गया है। एक तरफ छात्र सामूहिक सजा का विरोध कर रहे हैं तो दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन परीक्षा की शुचिता और अनुशासन का हवाला देकर पीछे हटने को तैयार नहीं। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच किसी समझौते या बातचीत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह यह विवाद बढ़ा है, उससे आने वाले दिनों में PMCH का शैक्षणिक माहौल और गर्म होने की आशंका जताई जा रही हैं।
भागलपुर से एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवक गंगा किनारे बैठकर जल हाथ में लिए हथियार छोड़ने की शपथ लेता दिखाई दे रहा है। वह लोगों के सामने यह कहते नजर आ रहा है कि अब वह अपराध की दुनिया से दूरी बनाएगा। दोबारा हथियार नहीं उठाएगा। बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कैलाश मंडल है। जिस पर हत्या, रंगदारी समेत कई मामले दर्ज है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में भागलपुर और आसपास के इलाकों में पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद अपराध जगत से जुड़े लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। खासकर सुल्तानगंज में हुए चर्चित पुलिस एनकाउंटर के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है। सभापति हत्याकांड में शामिल कुख्यात अपराधी रामधनी यादव पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। मामले की छानबीन की जा रही है इसी कार्रवाई के बाद कई अपराधियों के भूमिगत होने और कुछ के अपराध छोड़ने की चर्चा क्षेत्र में लगातार हो रही है। वायरल वीडियो को भी लोग उसी कड़ी से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान और वीडियो की सत्यता को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुख्ता पहचान और पते को लेकर जांच जारी होने की बात सामने आ रही है।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर में एक सरकारी शिक्षक का शराब के नशे में धुत होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जन शिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाली अक्टोहा प्राथमिक कन्या पाठशाला के प्रभारी प्रधानाध्यापक कालीचरण अहिरवार उर्फ कारेलाल शनिवार को जनगणना ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में सड़क किनारे पड़े मिले। ग्रामीणों ने इस हालत में शिक्षक का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक अक्सर शराब के नशे में ही स्कूल पहुंचते हैं। शिक्षक के इस रवैये से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। लगातार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधारग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने शिक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी कई बार मौखिक रूप से शिकायतें की हैं। इस मामले से जुड़ा एक शिकायत पत्र भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताई है। लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांगगांव की गलियों में अत्यधिक नशे की हालत में पड़े शिक्षक का वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। ग्रामीण चाहते हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएं। फिलहाल, इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पंचकूला के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में बुधवार रात आग लग गई। आग मंदिर के बाहर लगे बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई, जिसने मंदिर कार्यालय को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय मंदिर में शाम की आरती चल रही थी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले बिजली के खंभे में जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद निकली चिंगारी मंदिर कार्यालय तक पहुंच गई। कार्यालय में रखे गद्दे, चादर और अन्य ज्वलनशील सामान ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। आग लगते ही पूरे मंदिर परिसर की बिजली गुल हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, मंदिर प्रबंधन, पुजारियों और सेवादारों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया। समय रहते सभी लोगों को बाहर निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया। एक घंटे में आग पर पाया काबू सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग से मंदिर कार्यालय में रखा सामान जलकर राख हो गया, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। प्रशासन और बिजली विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।

