Tamil Nadu jailbreak: 17 कैदियों के भागने पर एक्शन, CM Joseph Vijay ने डिप्टी जेलर को किया सस्पेंड
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस सप्ताह की शुरुआत में हुई जेल से कैदियों के बड़े पैमाने पर भागने की घटना के बाद, लापरवाही बरतने के आरोप में थेक्कम्पट्टी उप-जेल के डिप्टी जेल अधीक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया है। उन्होंने जेल कर्मियों के खिलाफ भी कर्तव्य में लापरवाही और सुरक्षा चूक के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। थेनी जिले में 26 अक्टूबर की घटना में 17 कैदी भाग गए थे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। 30 अक्टूबर के अपने आदेश में, डिप्टी जेल अधीक्षक (प्रभारी) एन. रामलिंगम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, डिप्टी जेलर एन. नागेश्वरन, जो 6 अगस्त 2024 से थेनी जिला उप-जेल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे, उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Delhi Riots 2020: युवक की हत्या में 5 दोषियों की 7 साल कैद बरकरार, High Court ने खारिज की अपील विजय ने जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के तत्काल तबादले का भी आदेश दिया है। इनमें मदुरै केंद्रीय कारागार के अधीक्षक आर. कृष्णराज भी शामिल हैं। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जेल अधिकारियों को अपनी ड्यूटी पूरी लगन और पूरी सतर्कता के साथ निभानी चाहिए, ताकि जेल की सुरक्षा में कोई चूक न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी, और भविष्य में जो भी अधिकारी सुस्ती, लापरवाही या ढिलाई बरतने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Thekrampatti Sub Jail से 17 कैदियों के भागने पर कार्रवाई, CM Vijay ने जेल उपाधीक्षक को किया निलंबित थेक्कम्पट्टी में जेल से कैदियों के बड़े पैमाने पर भागने की घटना यह घटना 26 अक्टूबर की रात को हुई, जब कैदियों ने मेडिकल इमरजेंसी का नाटक किया और गार्डों तथा सुरक्षाकर्मियों को काबू में करके सब-जेल से फरार हो गए। इस घटना के बाद पुलिस को एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा और फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष टीमें गठित करनी पड़ीं। बाद में, 43 घंटों के भीतर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। राज्य सरकार ने बताया कि इन फरार कैदियों को सलेम, वेल्लोर, कुड्डालोर, पुझल और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में स्थित उच्च-सुरक्षा वाली जेलों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस घटना के बाद, जेल विभाग के पुलिस महानिदेशक (DGP) संदीप राय राठौर को थेक्कम्पट्टी सब-जेल से हटाकर, चेन्नई में TANGEDCO के पुलिस महानिदेशक/मुख्य सतर्कता अधिकारी के पद पर तैनात कर दिया गया। वहीं, चेन्नई में एनफोर्समेंट ब्यूरो CID के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, के. शंकर को राठौर की जगह जेल और सुधार सेवाओं के पुलिस महानिदेशक (DG) के रूप में नियुक्त किया गया है।
Tamil Nadu Government Jobs Age Limit : सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं और वर्षों से आयु सीमा पार होने के कगार पर खड़े उम्मीदवारों के लिए तमिलनाडु से एक ऐतिहासिक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए सरकारी सेवाओं में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की एकमुश्त छूट देने का फैसला किया है। इस संशोधन के तहत विभिन्न सेवा संवर्गों में आयु सीमा बढ़ाई गई है, जिसके चलते विशेष रूप से आरक्षित वर्ग के दिव्यांग (Persons with Disabilities - PwD) उम्मीदवारों को अब 52 वर्ष की आयु तक ग्रुप-1 प्रशासनिक सेवाओं में आवेदन करने का ऐतिहासिक अवसर प्राप्त होगा।प्रतियोगी छात्रों की मांग पर लिया गया फैसला, 5 साल तक रहेगा प्रभावीतमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) और राज्य के विभिन्न भर्ती बोर्डों की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवार लंबे समय से अधिकतम उम्र सीमा में छूट की गुहार लगा रहे थे। भर्ती प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और समय सीमा समाप्त होने के कारण कई योग्य अभ्यर्थी बिना परीक्षा दिए ही अयोग्य हो रहे थे। अभ्यर्थियों के ज्ञापन और अभ्यावेदन पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट मौजूदा सभी वैधानिक छूटों (Existing Relaxations) के ऊपर जोड़ी जाएगी। यह संशोधित आयु दायरा आगामी 5 वर्षों की अवधि तक होने वाली सभी राज्य सरकारी भर्तियों पर पूरी तरह प्रभावी रहेगा।52 वर्ष तक किसे मिलेगा मौका: ग्रुप-1 सेवाओं में आयु सीमा का नया ढांचाराज्य की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं (जैसे डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी आदि) के लिए आयोजित होने वाली ग्रुप-1 परीक्षा के आयु नियमों में व्यापक फेरबदल किया गया है:आरक्षित वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थी: पहले आरक्षित वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 47 वर्ष थी, जिसे अब 5 वर्ष बढ़ाकर 52 वर्ष कर दिया गया है।सामान्य वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थी: सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 42 वर्ष से बढ़ाकर 47 वर्ष तय की गई है।आरक्षित वर्ग (BC, MBC, SC, ST): सामान्य शारीरिक क्षमता वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा 37 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है।सामान्य वर्ग (General Category): सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए ग्रुप-1 में आवेदन की आयु सीमा 32 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष निर्धारित की गई है।ग्रुप-2, ग्रुप-2A और ग्रुप-4 भर्तियों के लिए नई आयु सीमाग्रुप-1 के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख भर्ती परीक्षाओं के लिए भी संशोधित नियम लागू किए गए हैं:ग्रुप-2 और 2A सेवाएं: इन सेवाओं में सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 30 वर्ष से बढ़ाकर 35 वर्ष की गई है। सामान्य वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 40 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष हो गई है। उल्लेखनीय है कि ग्रुप-2 सेवाओं में अधिकांश पदों के लिए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पहले से ही कोई ऊपरी आयु सीमा (No Upper Age Limit) का नियम लागू नहीं है।ग्रुप-4 और अधीनस्थ सेवाएं: ग्रुप-4 एवं ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (VAO) स्तर की परीक्षाओं में भी पिछड़ा वर्ग (BC), अति पिछड़ा वर्ग (MBC) और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को बढ़ी हुई आयु सीमा के दायरे में लाकर नए अवसर दिए गए हैं।लाखों अभ्यर्थियों को सीधा लाभ, भर्ती परीक्षाओं में बढ़ेगा मुकाबलासरकारी नौकरियों में 5 साल की इस एकमुश्त छूट से तमिलनाडु के उन लाखों अभ्यर्थियों को नया जीवनदान मिला है, जो कोरोना काल या नियमित भर्ती चक्र प्रभावित होने के कारण ओवरएज होने के कगार पर पहुंच गए थे। विशेष रूप से दिव्यांग और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के उन प्रौढ़ अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा संबल है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से राज्य की आगामी TNPSC और विभागीय परीक्षाओं में आवेदकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी और प्रतियोगिता अधिक व्यापक तथा समावेशी बनेगी।
CM Vijay ने Tamil Nadu में सरकारी भर्ती की Age Limit 5 साल बढ़ाई, छात्रों को बड़ी राहत
प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की मांगों के बीच, तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा पांच साल बढ़ा दी। एक बयान में सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस कदम के लिए आदेश जारी किए। आयु सीमा में यह छूट, पिछड़े वर्गों, अति पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए पहले से मौजूद रियायतों के अतिरिक्त होगी। इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु के 30 ITI में शुरू हुईं आधुनिक इलेक्ट्रिकल लैब्स, CM Vijay ने किया उद्घाटन सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए, सिविल सेवा की 'ग्रुप 1' परीक्षा देने की आयु सीमा 32 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष कर दी गई है। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए, यह सीमा 37 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है। 'ग्रुप II' और 'ग्रुप II-A' परीक्षाओं के लिए, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की आयु सीमा 30 वर्ष से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए, ऊपरी आयु सीमा का कोई बंधन नहीं है। 'ग्रुप IV' परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के लिए, आयु सीमा 32 वर्ष से बढ़ाकर 37 वर्ष कर दी गई है। बयान में कहा गया है कि ऊपरी आयु सीमा में यह विस्तार 30 अक्टूबर 2026 से पांच साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। इसमें आगे कहा गया है कि इससे राज्य भर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब विजय के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार कल्याणकारी और अन्य कदम उठा रही है। सरकार के प्रमुख फैसलों में पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए हर दो महीने में मिलने वाली मुफ्त बिजली की सीमा को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करना, महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल का गठन करना, और शिक्षण संस्थानों, धार्मिक स्थलों तथा परिवहन केंद्रों के पास स्थित 717 TASMAC शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश देना शामिल है। इसे भी पढ़ें: DMK प्रवक्ता Elangovan का आरोप, Karur केस के डर से BJP के आगे झुके CM Vijay सरकार ने शिक्षा से जुड़ी कई पहलें भी शुरू करने की घोषणा की है, जिनमें स्कूली छात्रों के लिए नाश्ते की योजना का विस्तार और कॉलेज के छात्रों के लिए लैपटॉप वितरण कार्यक्रम शामिल हैं। कृषि क्षेत्र में, सरकार ने 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण माफ करने की घोषणा की है, साथ ही 1 लाख रुपये तक के ऋणों पर अतिरिक्त राहत भी दी जाएगी। इस ऋण माफी योजना से 13.34 लाख किसानों को फायदा होगा।
Hockey World Cup 2030 की मेजबानी के लिए Punjab Tamil Nadu और ओडिशा सबसे आगे
(सौमोज्योति एस चौधरी)जालंधर, 30 अक्टूबर हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने पीटीआई को बताया कि पंजाब, ओडिशा और तमिलनाडु 2030 में होने वाले पुरुष और महिला एफआईएच विश्व कप की मेजबानी की दौड़ में सबसे आगे हैं। ओडिशा दो बार पुरुषों के विश्व कप का मेजबान रह चुका है जबकि तमिलनाडु ने पिछले साल चेन्नई और मदुरै में पुरुषों के जूनियर विश्व कप की मेजबानी की थी। भारतीय हॉकी का गढ़ रहे पंजाब ने कभी विश्व कप की मेजबानी नहीं की है। वह अभी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। यह पिछले 17 वर्ष में पहला मौका है जबकि पंजाब किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। भोलानाथ ने पीटीआई से कहा, ‘‘ओडिशा, तमिलनाडु और पंजाब सभी विश्व कप की मेजबानी की दौड़ में शामिल हैं। अगर ओडिशा को फिर से विश्व कप की मेजबानी मिलती है तो यह उसके भी बड़ी उपलब्धि होगी। ओडिशा हमारी पहली प्राथमिकता होगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं यूं ही हवा में तीर नहीं मारता। मुझे झूठ बोलना नहीं आता।’’भोलानाथ ने कहा कि महासचिव बनने के बाद उनकी प्राथमिकता हॉकी को देश के हर कोने में पहुंचाना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं हॉकी को देश के हर कोने तक पहुंचाना चाहता हूं। मध्य प्रदेश ने अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है लेकिन अब महिला चैंपियंस ट्रॉफी 19 से 28 नवंबर तक भोपाल में खेली जाएगी।’’भोलानाथ ने कहा कि पंजाब को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि उसकी हॉकी में समृद्ध विरासत रही है। उन्होंने कहा, ‘‘‘जब मैं हॉकी इंडिया का महासचिव बना तो मैंने देखा कि टीम के अधिकतर खिलाड़ी पंजाब से थे। जब मैंने पंजाब के खिलाड़ियों से बात की तो उन्होंने कहा कि वह दुनिया भर के देशों में खेल चुके हैं, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें कभी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते नहीं देखा था। इसलिए मैं पंजाब में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध था।’’पीटीआई ने इस महीने की शुरुआत में खबर दी थी कि चार सीनियर खिलाड़ी मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में भारत की तरफ से अपना अंतिम टूर्नामेंट खेलेंगे। नीलाकांता पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यह उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा, वहीं मनदीप, जरमनप्रीत और रोहिदास ने टीम में बने रहने की इच्छा व्यक्त की है। भोलानाथ ने कहा, ‘‘यह हॉकी इंडिया का फैसला नहीं है। मैं नहीं जानता कि यह किसका फैसला है। हमने ऐसा कोई फैसला नहीं किया है। जो खिलाड़ी फिट और सक्षम हैं, वे खेलते रहेंगे। ईश्वर भी उन्हें खेलने से नहीं रोक पाएगा और जो सक्षम नहीं हैं, भगवान भी उन्हें नहीं खिला पाएंगे। हम अगले ओलंपिक में पदक जीतना चाहते हैं।’’
मुथुरामलिंग थेवर की जयंती: गुरु पूजा पर तमिलनाडु में उमड़ा जनसैलाब; सीएम विजय, स्टालिन समेत नेताओं ने किया नमन thevar jayanthi guru puja tamil nadu tight police security tamilNadu
Tamil Nadu Diwali Holiday: तमिलनाडु में दीपावली के त्योहार को लेकर राज्य सरकार ने एक और छुट्टी का ऐलान किया है। रविवार, 8 नवंबर 2026 को दीपावली मनाई जाएगी, जबकि इसके अगले दिन यानी सोमवार, 9 नवंबर को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों और छात्रों को राहत मिलेगी।9 नवंबर की छुट्टी के बदले शनिवार, 28 नवंबर 2026 को काम होगा। इस दिन सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे, ताकि छुट्टी के कारण काम बाकी न रहे।राज्य सरकार की ओर से घोषित यह अतिरिक्त छुट्टी इन पर लागू होगी: स्टेट गवर्नमेंट ऑफिस स्कूल और कॉलेज एजुकेशनल इंस्टिट्यूट सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) जरूरी कामों के लिए ट्रेजरी और सब-ट्रेजरी दफ्तर खुले रहेंगे और वहां कुछ कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। वहीं, निजी दफ्तरों और दुकानों को बंद रखने का कोई आदेश नहीं है। वहां कामकाज पहले की तरह जारी रहेगा।दीपावली पर छुट्टी बढ़ाने का ये है कारणदीपावली पर बहुत से लोग अपने घर जाते हैं, जिससे ट्रेन और बसों में भीड़ बढ़ जाती है। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों ने सफर की परेशानी कम करने के लिए एक दिन की और छुट्टी मांगी थी। इसी वजह से सरकार ने 9 नवंबर को भी छुट्टी देने का फैसला किया है।
Tamil Nadu news: कल्लार में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड बाधित
24 अक्टूबर, शनिवार: तमिलनाडु के कल्लार में भारी बारिश के कारण मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड पर भूस्खलन हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया और घटना के विजुअल्स सामने आए हैं।
Tamil Nadu CM Vijay की स्कूली बच्चों को सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme
Tamilnadu CM Vijay ने Govt School के बच्चों को दी सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme अच्छी पढ़ाई के लिए सिर्फ स्कूल और किताबें ही जरूरी नहीं होतीं...
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

