Tamil Nadu में सड़क दुर्घटना में परिवार के चार लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने अनुग्रह राशि घोषित की

तमिलनाडु में सलेम के समीप बुधवार सुबह सड़क हादसे में दो महिलाओं और साल भर के एक शिशु समेत एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि मुरुगन और उनकी पत्नी नंदिनी अपने बच्चे कविन के साथ तथा वेधाहल्ली अपने पति लक्ष्मणन के साथ दो मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे, उसी दौरान एक निजी बस ने पीछे से उन्हें टक्कर मार दी। यह बस सलेम जा रही थी। पुलिस के अनुसार मुरुगन, नंदिनी और वेधाहल्ली की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि कविन ने सलेम के जिला सरकारी अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक इस हादसे में लक्ष्मणन गंभीर रूप से घायल हो गये और उनका इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि उन्होंने अधिकारियों को घायल व्यक्ति का विशेष देखभाल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के सिलसिले में परिवारों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एक लाख रुपये दिये जाएंगे।

प्रभासाक्षी 12 Jun 2024 7:05 pm

चुनाव हारने के बाद के अन्नामलाई के रोने का वीडियो हुआ वायरल, क्या है इसके पीछे की सच?

तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष के अन्नामलाई का मंच पर भाषण देने के दौरान रोने का एक वीडियो ऑनलाइन वायरल हो रहा है। वीडियो शेयर करने वाले यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो उनके लोकसभा चुनाव में कोयंबटूर सीट हारने के बाद रिकॉर्ड किया गया था। दावे में कहा गया है कि उन्होंने 3 साल तक 24x7 काम किया। वह तमिलनाडु के हर हिस्से तक पहुंचे। तमिलनाडु में बीजेपी का वोट शेयर अब 19% है और जब उन्होंने कार्यभार संभाला तो यह सिर्फ 8% था। उनकी आंखों में आंसू बहुत मायने रखते हैं। लेकिन वह वापस आएंगे। अन्नामलाई तमिलनाडु का भविष्य हैं। मैं उनसे प्यार करता हूं और हमेशा उनका समर्थन करूंगा। इसे भी पढ़ें: जीत के नये मानक गढ़ती भाजपा और निस्तेज होता विपक्ष वीडियो का सच क्या है यह वीडियो हाल का नहीं है और 4 जून को चुनाव नतीजों से पहले का है। यह वीडियो अप्रैल 2024 का है, जब अन्नामलाई कोयंबटूर के कस्तूरी नैकेनपालयम में एक भाषण के दौरान भावुक हो गए थे। अन्नामलाई से संबंधित कुछ प्रासंगिक कीवर्ड के साथ Google पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर एक यूट्यूब वीडियो से इसकी सच्चाई सामने आई। यह न्यूज18 तमिलनाडु द्वारा 17 अप्रैल को साझा किया गया था जो चुनाव परिणामों से पहले का है। 17 अप्रैल को कहा गया था कि अन्नामलाई कोयंबटूर के कस्तूरी नाइकेनपालयम में मंच पर फूट-फूट कर रोने लगे थे। He worked 24x7 for 3 years. He reached to every part of Tamil Nadu. BJP vote share is now 19% in Tamil Nadu & when he took charge it was just 8%. Tears in his eyes means a lot. But he will come back. Annamalai is the future of Tamil Nadu . I love him & will always support… pic.twitter.com/lGjpr3z4bp — Vikram Pratap Singh (@VIKRAMPRATAPSIN) June 7, 2024

प्रभासाक्षी 11 Jun 2024 2:45 pm

सहमति: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय भारत को लौटाएगा 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति, तमिलनाडु के मंदिर से हुई थी चोरी

सहमति: ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय भारत को लौटाएगा 500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति, तमिलनाडु के मंदिर से हुई थी चोरीOxford University will return 500 year old bronze statue stolen from Tamil Nadu temple to India

अमर उजाला 11 Jun 2024 12:20 am

Kachchatheevu का मुद्दा उठाया जाना प्रधानमंत्री का ‘अत्यंत गैर जिम्मेदाराना’ कदम था : Jairam Ramesh

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कच्चातीवु द्वीप का मुद्दा उठाने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए इसे ‘‘अत्यंत गैरजिम्मेदाराना’’ कदम बताया और कहा कि इससे श्रीलंका के साथ भारत के रिश्ते बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया। कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या मोदी और उनके सहयोगी श्रीलंका के साथ इतना बड़ा विवाद पैदा करने के लिए माफी मांगेंगे। रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर इस बात का जिक्र किया कि रविवार शाम हुए शपथ ग्रहण समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘कच्चातिवु मुद्दे को याद करें जिसे चुनाव प्रचार के दौरान एक तिहाई प्रधानमंत्री ने गढ़ा था और तमिलनाडु में भाजपा के लिए समर्थन हासिल करने के मकसद से उनके सहयोगियों ने इसे उठाया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद गैर-जिम्मेदाराना और इतिहास को गंभीर रूप से विकृत करने वाला कदम था। इससे श्रीलंका के साथ हमारे रिश्ते पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया।’’ रमेश ने तमिलनाडु में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) गठबंधन की एकतरफा जीत का हवाला देते हुए कहा कि राज्य की जनता ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु के मछली पकड़ने वाले समुदायों की चिंताओं को स्थायी आधार पर सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने की आवश्यकता है।’’ रमेश ने कहा, ‘‘क्या मोदी जी और उनके सहयोगी हमारे पड़ोसी के साथ इतना बड़ा विवाद पैदा करने के लिए माफी मांगेंगे, खासकर तब जब वह ‘‘पड़ोसी प्रथम’’ नीति का दावा करते हैं?’’ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दावा किया था कि अतीत में प्रधानमंत्री रहे कांग्रेस के नेताओं ने कच्चातीवु द्वीप के प्रति उदासीनता दिखाई और कानूनी नजरिए के विपरीत होने के बावजूद भारतीय मछुआरों के अधिकारों को छीन लिया। जयशंकर की इस टिप्पणी से पहले मोदी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि नए तथ्यों से पता चला है कि कांग्रेस ने कच्चातीवु द्वीप को ‘‘संवेदनहीन तरीके से’’ श्रीलंका को सौंप दिया था। The Sri Lankan President was present at last night's swearing-in ceremony. Remember the Katchateevu issue that was 'manufactured' by the एक तिहाई PM during the election campaign and taken up by his colleagues to gather support for the BJP in Tamil Nadu. This was highly… https://t.co/AFF6hjqIpi — Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 10, 2024

प्रभासाक्षी 10 Jun 2024 12:11 pm

होटल के कमरे से आती थी रोने की आवाज, पुलिस को आया कॉल, कहा- वहां कपल तो...

Tamil Nadu News: बिहार की दो महिलाओं और कोयंबटूर के एक किसान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने कथित तौर पर उनसे सात दिन की बच्ची खरीदी थी. पुलिस ने इस केस में एक बड़ा खुलासा किया है. बिहार के मूल निवासी एम महेश कुमार (34) और उनकी पत्नी एम अंजलि कुमारी सुलूर के पास अप्पानाइकेनपट्टी में एक होटल चलाते हैं. इसी होटल की आर में बाल तस्करी का काम चल रहा था.

न्यूज़18 10 Jun 2024 8:37 am

मध्यप्रदेश में खास रही 'स्त्री शक्ति' की भूमिका, लोकसभा की सभी सीटें जीतकर भाजपा ने रचा इतिहास

मध्यप्रदेश में सभी लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त कर भाजपा ने कठिन समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बड़ा सहारा दिया है। जिसमें मध्यप्रदेश की महिला मतदाताओं का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। विधानसभा चुनाव अभियान से ही प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश में सबसे खास चेहरा बने हुए हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा ने मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा था और भारी जनसमर्थन प्राप्त किया। 'मोदी के मन में मध्यप्रदेश, मध्यप्रदेश के मन में मोदी' यह मुख्य नारा था, जिसमें संगठन के परिश्रम ने प्राण फूंक दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सत्ता में तीसरी बार वापसी एक असाधारण घटना है। भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र में अपनी लोकप्रियता और प्रासंगिकता बनाए रखना इतना आसान नहीं होता। भाजपा जैसे दल के लिए जिसने 8 वें दशक में सिर्फ दो लोकसभा सीटों के साथ अपनी यात्रा प्रारंभ की हो, यह चमत्कार ही है। अनपेक्षित परिणामों के बाद भी केंद्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी और एनडीए सबसे बड़ा गठबंधन है। मध्यप्रदेश वैसे भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के अद्भुत समन्वय से चलने वाला राज्य रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संगठन मंत्री हितानंद शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गजों की जुगलबंदी ने जो इतिहास रचा है, उसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। इसके अलावा नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राजेन्द्र शुक्ल, फग्गन सिंह कुलस्ते, वीरेंद्र कुमार जैसे अनेक नेता भाजपा के सामाजिक और भौगोलिक विस्तार को स्थापित करते हैं। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu के परिणामों ने भाजपा को निराश किया है या भविष्य के लिए नई उम्मीद जगाई है? संघ की प्रयोगभूमि होने के कारण मध्यप्रदेश पर पूरे देश की निगाह थी। मध्यप्रदेश में यह वैचारिक यात्रा हिंदुत्व, भारतबोध की यात्रा तो है ही समाज के सभी वर्गों की हिस्सेदारी ने इसे सफल बनाया है। स्त्री शक्ति इसमें सबसे प्रमुख है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहां स्त्री शक्ति को भाजपा के साथ गोलबंद करने में अहम भूमिका निभाई, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता में आते ही सामान्य जन के जीवन स्तर को उठाने के प्रयास किए। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को संबल दिया, जिस बदलाव को स्त्री शक्ति ने महसूस किया। स्त्री भारतीय परिवारों की धुरी है। भारतीय राजनीति में स्त्री को इस तरह से केंद्र में रखकर कभी विचार नहीं किया गया। यह बात रेखांकित करना चाहिए कि आखिर देश की राजनीति में स्त्री के सवाल हाशिए पर क्यों रहे हैं? स्त्री आखिर चाहती क्या है? वह चाहती है सुखद, सुरक्षित, आनंदमय जीवन और अपने बच्चों का सुनहरा भविष्य। एक अदद छत जिसमें वह अपने परिवार के साथ चैन से रह सके। नरेंद्र मोदी ने सामान्य भारतीय स्त्री के इस मन और जीवन की समस्याओं को संबोधित किया। स्त्री को सुरक्षित परिवेश और बेटियों को आसमान छूने की प्रेरणा दी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सिर्फ नारा नहीं एक सामाजिक संकल्प बन गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़े हैं। वे परिवारों को चलाने वाली स्त्री के दर्द, उसकी जरूरतों को समझने वाले राजनेता हैं। उज्जवला गैस जैसे योजना उनके संवेदनशील मन की गवाही देती है। लकड़ियां लेटर आने,गोबर के उपलों से खाना बनाती स्त्री, उसके कष्ट सब नहीं समझ सकते। धुएं के नाते उसको होने वाले स्वास्थ्यगत नुकसान को भी सब नहीं समझ सकते। बात छोटी है,पर संवेदना बहुत बड़ी। इसी तरह शौचालय न होने के कारण स्त्री के कष्ट से हर घर शौचालय का विचार एक क्रांतिकारी कदम था। यह मुद्दा महिला सुरक्षा ,स्वास्थ्य और स्वच्छता सबसे जुड़ा हुआ मुद्दा है। मध्यप्रदेश ने केंद्र की सभी योजनाओं का श्रेष्ठ क्रियान्वयन किया। इस पहल ने देश और प्रदेश में परिवर्तन का सूत्रपात किया। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी दिशा में उठाया गया एक ऐसा कदम था, जिसने परिवार को छत दी। आप लाख कहें महिला के लिए उसके घर से बड़ी कोई चीज नहीं होती। यह बहुत भावनात्मक विषय है, जो सामान्य मन से समझ में नहीं आएगा। कोरोना संकट में देश और उसके नागरिकों की अभिभावक की तरह चिंता करके प्रधानमंत्री ने लोगों के मन में जगह बना ली। वैक्सीन से लेकर 80 करोड़ परिवारों को राशन ने स्त्रियों के मन में सरकार के प्रति भरोसा जगाया। स्त्री कल्याण की योजनाएं मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान को 'मामा' के रूप में स्थापित कर गयीं। शिवराज जी मध्यप्रदेश में इसी लोकप्रियता के कारण अपनी सीट आठ लाख से ज्यादा मतों से जीते और मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी सफलता मिली। भाजपा मध्यप्रदेश की सरकार सामाजिक कल्याण की योजनाएं और केंद्र की योजनाओं ने कमाल किया। भरोसा पैदा किया। मोदी ने 2014 में सत्ता में आते ही अपनी सरकार को गरीबों के कल्याण के समर्पित होने की 'घोषणा' की थी। यह घोषणा बाद के 10 सालों में 'संकल्प' सरीखी नजर आई। भरोसा जगाते हुए मोदी देश के दिल में उतरते चले गए। मध्यप्रदेश में नरेंद्र मोदी के प्रति गहरा प्रेम और सम्मान तब भी प्रकट हुआ, जब विधानसभा चुनावों में भाजपा ने अभूतपूर्व जनादेश प्राप्त किया। इसके लिए पीएम ने सार्वजनिक मंच पर प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की पीठ भी ठोंकी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि महिला कल्याण की कोई योजना बंद नहीं होगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी लालड़ी बहना योजना को चुनावों में प्रभावित करने वाला बताते हैं। संसद और विधानसभाओं के लिए महिला आरक्षण बिल पास करवाना भी केंद्र सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि रही। लंबे समय से लंबित यह बिल अनेक सरकारों के प्रयास के बाद भी पास नहीं हो सका था। मोदी सरकार की स्त्री मुद्दों पर प्रतिबद्धता भी इससे जाहिर हुई। साथ ही इस संसदीय चुनाव में देश में भाजपा ने 69 महिलाओं को टिकट दिया। कांग्रेस ने 41 महिला प्रत्याशी उतारे।‌ संकेत और संदर्भ राजनीति को प्रभावित करते हैं। ऐसे में भाजपा की ओर स्त्री शक्ति का आकर्षण सहज ही है। आंकड़े बताते हैं कि हर वर्ग की महिलाओं में भाजपा की लोकप्रियता किसी अन्य दल से ज्यादा है। मोदी वैसे भी सामान्य रूप से सभी वर्गों के आकर्षण के केंद्र हैं। महिलाओं और युवाओं में उनकी लोकप्रियता बहुत है। सही मायनों में भारतीय लोकतंत्र में बढ़ती महिलाओं की हिस्सेदारी और उनका वोट प्रतिशत बड़े बदलाव का सूचक है। राष्ट्रपति के रूप में श्रीमती द्रोपदी मुर्मू के चुनाव ने राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को प्रेरित किया। नरेंद्र मोदी ने 'आकांक्षावान भारत' की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य को लेकर महिलाएं सदैव चिंतित रहती हैं। अपने विकास केंद्रित विजन से मोदी सरकार भविष्य के आत्मविश्वासी भारत की नींव रख चुकी है। भरोसा यहीं से आता है। महिलाएं जानती हैं यह मोदी की गारंटी है, पूरी होनी चाहिए। स्त्री शक्ति के इस सहयोग और आशीर्वाद के बाद मोदी सरकार की जिम्मेदारियां बहुत बढ़ गई हैं, देखना है केंद्र सरकार आने वाले समय में इन प्रश्नों को किस तरह संबोधित करती है। फिलहाल तो देश की जनता और स्त्री शक्ति के जनादेश से सत्ता में आई एनडीए सरकार को शुभकामनाएं ही दी जा सकती हैं। मध्यप्रदेश ने साबित किया है कि सत्ता और संगठन में समन्वय से ही अच्छे परिणाम पाए जा सकते हैं। महिलाओं को अपने साथ गोलबंद कर भाजपा ने अपना आधार मध्यप्रदेश में बहुत मजबूत कर लिया है। महिला आरक्षण बिल के बाद निश्चित ही आने वाले समय में राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए महिलाओं को आगे आना ही होगा। ऐसे में मध्यप्रदेश में होने वाले संगठनात्मक प्रयोग अन्य राज्यों के लिए भी सबक होंगे। - प्रो. संजय द्विवेदी (लेखक वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार हैं)

प्रभासाक्षी 9 Jun 2024 4:28 pm

Supreme Court on Tamil Nadu Governor: CJI Chandrachud की फटकार का असर

देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच की फटकार के बाद तमिलनाडु के गवर्नर आर एन रवि ने अपने स्टैंड से यू-टर्न ले लिया है। वह अब डीएमके नेता के.पोनमुडी को मंत्री पद की शपथ दिलाने को तैयार हो गए हैं। राज्यपाल रवि ने आज (शुक्रवार को) पोनमुडी को शपथ लेने का न्योता भेजा है। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने आज सुप्रीम कोर्ट को गवर्नर के बदले रुख से अवगत कराया...

लाइव हिन्दुस्तान 23 Mar 2024 7:40 am