बड़वानी जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप संचालक लक्ष्मण सिंह बघेल को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर की। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बड़वानी जिले को इस योजना के तहत 10 प्रकरणों का लक्ष्य दिया गया था। हालांकि, 24 मार्च 2026 तक की समीक्षा में पाया गया कि जिले में एक भी प्रकरण न तो बैंक द्वारा स्वीकृत हुआ और न ही किसी लाभार्थी को राशि वितरित की गई। कार्य में लापरवाही संभागायुक्त ने समीक्षा के दौरान पाया कि उप संचालक लक्ष्मण सिंह बघेल ने योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित रुचि नहीं ली और अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। इसे प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई। जारी आदेश के अनुसार, यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के प्रतिकूल पाया गया। इसी के तहत नियम 9 के अंतर्गत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, जिला बड़वानी निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान लक्ष्मण सिंह बघेल को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
चैत्र नवरात्र के आठवें दिन महाअष्टमी के अवसर पर गुरुवार को शहरभर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। सुबह से ही सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। सुबह मंगला आरती के साथ ही मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों का आना शुरू हो गया। श्रद्धालु पूजा की थाली, नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर माता के दरबार में पहुंचे। जय माता दी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठे और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। शहर के छोटे-बड़े सभी देवी मंदिरों में विशेष सजावट की गई। फूलों और रोशनी से सजे मंदिरों में मां महागौरी का आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों द्वारा व्यवस्था भी की गई, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर लोगों को दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा। महाअष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पूजा-अर्चना की। कई परिवारों ने आज ही नवमी मानते हुए कन्या पूजन भी किया। घरों और मंदिरों में कन्याओं को मां का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें हलवा-पूरी व चने का प्रसाद खिलाया गया। महिलाओं और युवतियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं सुबह से ही मंदिरों में पहुंचीं। वहीं, कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन भी किया गया, जो देर शाम तक चलता रहा। नवरात्र का अंतिम दिन नवमी शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहरभर में भंडारों का आयोजन होगा। मंदिरों और सामाजिक संगठनों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे धार्मिक उल्लास और भी बढ़ने की संभावना है।
पलवल में युवक पर जानलेवा हमला:हथौड़े और कुल्हाड़ी से किया वार; सोने की चेन और कैश लूटने का आरोप
पलवल जिले के हसनपुर थाना क्षेत्र में करीमपुर नहर के पास एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया है। हमलावरों ने युवक को हथौड़े और कुल्हाड़ी से गंभीर रूप से घायल कर दिया। हसनपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुशक गांव निवासी विनोद कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा नवीन बुधवार दोपहर करीब 2 बजे कौराली गांव निवासी पप्पी को डेढ़ लाख रुपए देने जा रहा था। रास्ते में करीमपुर नहर के पास कमरावली गांव के मनीष, अजय, आकाश, कुनाल, गौरव, राहुल, गौतम, सुशांत, राजसिंह और रोहित ने उसे घेर लिया। हथौड़े और कुल्हाड़ी से किया हमला आरोप है कि इन लोगों ने नवीन पर हथौड़े और कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे उसके हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। नवीन ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर उसके गले से सोने की चेन और नकदी लूटकर ले गए। हालांकि, पुलिस जांच में अभी तक लूट के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस घटना के बाद घायल नवीन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर पर 8 चोटें दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, सभी चोटें कुंद हथियार से लगी पाई गई हैं। हसनपुर थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फतेहपुर में चलती बस में दो महिलाओं में मारपीट:सीट को लेकर भिड़ीं, प्रयागराज से इटावा जा रही थी बस
फतेहपुर जिले में गुरुवार सुबह एक रोडवेज बस के अंदर सीट को लेकर दो महिलाओं के बीच विवाद हो गया। यह घटना उस समय हुई जब बस प्रयागराज से इटावा की ओर जा रही थी। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि सीट को लेकर शुरू हुई बहस ने जल्द ही तीखी नोकझोंक का रूप ले लिया। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों महिलाएं एक-दूसरे से हाथापाई करने लगीं। बस में मौजूद अन्य यात्रियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग करने की कोशिश की और किसी तरह स्थिति को शांत कराया। इस दौरान बस में सवार किसी यात्री ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों महिलाएं पहले बहस करती हैं और फिर एक-दूसरे पर हाथ उठाती हैं, जबकि अन्य यात्री उन्हें रोकने का प्रयास कर रहे हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग बसों में बढ़ती भीड़ और सीट को लेकर होने वाले विवादों पर चिंता जता रहे हैं, तो वहीं कई लोग इस तरह के सार्वजनिक व्यवहार को अनुचित बता रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी नहीं मिली है। वायरल वीडियो को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
नूंह शहर में डंपिंग यार्ड और गंदगी को लेकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। शहर की कई महिलाओं ने एकजुट होकर नए बाईपास रोड को कुछ समय के लिए जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए साफ-सफाई और प्रदूषण की समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि जिला सचिवालय से कुछ किलोमीटर दूर शहर के बीच बने डंपिंग यार्ड के कारण आसपास के निवासी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बच्चों में सांस और फेफड़ों से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ समाधान गंदगी के ढेर, दूषित पानी और डंपिंग यार्ड में लगने वाली आग से निकलने वाला धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन को दी चेतावनी महिलाओं का कहना है कि केवल दिखावे के लिए कभी-कभार सफाई की जाती है, जबकि स्थायी समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी। शहर की सड़कों को जाम करने की चेतावनी उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही डंपिंग यार्ड को हटाने और साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। महिलाओं ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे कूड़ा उठाकर प्रशासनिक कार्यालयों में डालेंगी और शहर की मुख्य सड़कों को जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगी। महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को गोरखपुर पहुंचे। यहां वो एक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने गोरखपुर की तारीफ करते हुए इसे त्रिवेदी की भूमि बताया। `उन्होंने कांग्रेस और सपा पर जमकर हमला बोला। आगे उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां हमारी सरकार से पूरी तरह हताश हैं। उसका नतीजा आगामी चुनाव में देखने के लिए मिलेगा। सरकार की तारीफ किए शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में तेजी से विकास हो रहा है और कई बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास लगातार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब ऐसा समय आ गया है जब जो नेता शिलान्यास करता है, वही उसका लोकार्पण भी करता है, जो पहले कम देखने को मिलता था। विपक्ष पर साधा निशाना विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को हताश और निराश बताया। उन्होंने कहा कि- विपक्षी दल बौखलाहट में ऐसे मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री का विरोध करते हैं, जो देशहित से जुड़े होते हैं। ये ऐसे लोग हैं जो आपदा में अवसर खोजते हैं। ज्ञान, भक्ति और कर्म का त्रिवेदी संगम यहाँ दिखता है। ये भगवान बुद्ध की शांति की, कबीर साहब की क्रांति की और गुरु गोरखनाथ की शक्ति की भूमि है। जिसमें एक नहीं अनेकों क्रांतिकारियों ने जन्म लिया। आजादी की लड़ाई हो या जनता की सेवा करनी हो इसके लिए कई महापुरुष हुए हैं। मैं ऐसे लोगों को नमन करता हूँ। इसके बाद उन्होंने कहा कि- पहले ऐसे मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष एक साथ खड़े रहते थे, लेकिन अब कुछ दल हर स्थिति में राजनीतिक अवसर तलाशते हैं और प्रधानमंत्री को घेरने की कोशिश करते हैं। अब की जनता सब समझती है और लोग प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ खड़े हैं।
कानपुर में गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। लोग चार बजे से लाइन में लगे हुए है। लोगों का कहना है- एजेंसी वाले नेट न चलने का हवाला दे रहे है। शहर में गैस की किल्लत इस कदर बढ़ गई है, अब CSA यूनिवर्सिटी में चूल्हे पर खाना बनने लगा है। लोग गैस की बुकिंग के लिए 4 दिनों से चक्कर लगा रहे है, लेकिन गैस सिलेंडर कब मिलेगा, ये उपभोक्ताओं को खुद नहीं पता है। कई उपभोक्ताओं ने बताया- हमारा सिलेंडर बुक होने के बाद डिलीवर हो गया, एकाउंट में सब्सिडी के पैसे भी आ गए लेकिन सिलेंडर नहीं आया है। 3 तस्वीरों मे देखिए गैस की किल्लत ... जितेंद्र गैस एजेंसी पर आए गुरुदीप सिंह बताते है, हमने पिछला सिलेंडर 20 फरवरी को लिया था, लेकिन अब यहां आए है सिलेंडर लेने के लिए, लेकिन यहां कह दिया गया। अभी नंबर नहीं आया है। इस समय घर में सिलेंडर खत्म हो गया है। खाना चूल्हे और इंडक्शन पर बन रहा है। एके सैनी बताते है, हम दो दिन से गैस एजेंसी पर आ रहे है, 15 दिन पहले बुक की थी, एजेंसी का कोई रिप्लाई नहीं आ रहा है। पहले कहते थे, कंज्यूमर आईडी लाओ, अब कह रहे है कस्टमर नंबर नहीं है। ये लोग केवल हरेसमेंट (परेशान) कर रहे है। यहां आदमी कई दिनों से आ रहा है। ये लोग कहते है नेट नहीं चल रहा है। अब बताओ कैसे सिलेंडर मिलेगा। कैलाश नगर की रहने वाली बृज कुमारी बताती है- मैनें 17 मार्च को सिलेंडर बुक किया था, उसके बाद 23 तारीख को गैस डिलीवर हो गई और एकाउंट में सब्सिडी के पैसे आ गए है। लेकिन सिलेंडर नहीं आया है, अब एजेंसी वालों ने कहा है, दो दिन में सिलेंडर मिल जाएगा। मोहम्मद असम बताते है, हमारे घर में सिलेंडर खत्म हो गया है, अबही तो सिलेंडर लेने के लिए DSC नंबर के लिए तीन दिनों से लाइन में लग रहे है, पहले नंबर लेने के बाद, दोबारा से फिर से लाइन में लग के साइन मुहर कराएंगे, उसके बाद सिलेंडर के लिए लाइन में लगेंगे, उसके बाद सिलेंडर मिलेगा। रहमत अली बताते है, हम यहां 4 दिनों से लगातार आ रहे है। लेकिन कंपनी (एजेंसी) बंद रह रही है। यहां कोई भी एजेंसी का आदमी दिखाई नहीं देता है। बस केवल यहां ऐसे ही आते है और निकल जाते है। यहां बताते है उसके बाद साइन और मुहर होगा उसके बाद सिलेंडर मिलेगा। गोदाम में सिलेंडर नहीं है, सिलेंडर कब तक मिलेगा इसका कोई पता ही नहीं है। अभी लाइन में केवल नंबर लेने के लिए खड़े हुए है। सोहेल अंसारी बताते है, यहां पर हम लोग 4 बजे से लाइन में लगे हुए है। गैस की गाड़ी 10.30 पर आई है। पहले कंपनी के द्वारा गैस बुकिंग के नंबर दिये गए थे, अब काम नहीं कर रहे है। नंबर चेंज कर दिये गए है। लोगों को इसके लिए काफी संघर्ष करना पड रहा है। शरीफ बताते है, मैंने सुबह 8 बजे से लाइन में लगे हुआ हूं। इन लोगों ने एक नया सिस्टम KYC का बना दिया है। उसके बाद आपको गैस की टाइमिंग दी गई है। लेकिन यहां तो अपने आप सिलेंडर बुक हो जाता है, डिलिवर हो जाता है। लेकिन गैस घर पर नहीं पहुंच रहा है। गैस एजेंसी वाले अपनी तरफ से नंबर दे रहे है, वही मान्य कर रहे है। इन लोगों को अच्छी सर्विस देनी चाहिए।
अलवर में करणी माता मेले के दौरान रामनवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बालाकिला रोड के मुख्य गेट से मंदिर तक लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जिससे कई जगह जाम जैसे हालात बन गए हैं। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। देखे मेले से जुड़ी PHOTOS…. अधिकांश श्रद्धालु पैदल ही माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया गया है। मंदिर के बाहर सड़क किनारे दोपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। मंदिर परिसर में पंडित राहुल के अनुसार सुबह 5 बजे से ही दर्शन के लिए भीड़ लगी हुई है और प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं प्रसाद विक्रेता सब्बीर ने बताया कि दोपहर तक हजारों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं और दोपहर बाद करीब एक लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। करीब 5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। कई भक्त नंगे पांव दर्शन करने पहुंच रहे हैं और पत्थरों से छोटे-छोटे घर बनाकर मन्नत मांग रहे हैं। यह मेला शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे तक जारी रहेगा।
पलवल जिले में अलग-अलग जगहों पर हुए दो सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित थानों में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पहला हादसा दुधौला-धतीर रोड पर हुआ, जहां एक निजी कंपनी के सुपरवाइजर अभिषेक कुमार (35) की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। गदपुरी थाना प्रभारी कुलदीप के अनुसार, मृतक बिहार के किशनपुर अमखेरिया गांव का निवासी था। ट्रक ने युवक को टक्कर मारी अभिषेक के भाई अश्वनी कुमार ने शिकायत में बताया कि 24 मार्च को उन्हें कंपनी के एचआर विभाग से अभिषेक के एक्सीडेंट की सूचना मिली थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया। कंपनी से पता चला कि एक अज्ञात ट्रक ड्राइवर ने अभिषेक को टक्कर मारकर फरार हो गया था। गदपुरी थाना पुलिस ने अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घर लौट रहे व्यक्ति को बस ने टक्कर मारी दूसरा हादसा, नेशनल हाईवे-19 पर औरंगाबाद गांव के पास हुआ, जहां खटैला गांव निवासी कुलदीप ड्यूटी खत्म कर घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान होडल की तरफ से तेज गति से गलत दिशा में आई एक बस ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल कुलदीप के बेटे साहिल ने बताया कि हादसे में उनके पिता के पैर की हड्डी टूट गई और पसलियों में फ्रैक्चर हो गया। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुंडकटी थाना पुलिस ने अज्ञात बस ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
फरीदाबाद के दो नंबर इलाके में डेढ़ महीने पहले शादी के बाद ससुराल में मिल रहे तानों और घरेलू झगड़ों से परेशान होकर एक नवविवाहिता ने फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश कर ली। परिजनों ने समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल सिविल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार इंद्रजीत तीन नंबर इलाके की रहने वाली है। उसकी शादी 4 फरवरी को दो नंबर इलाके के रहने वाले राहुल नाम के युवक के साथ दोनों परिवारों की सहमति से बड़े ही धूमधाम के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन इंद्रजीत का आरोप है कि शादी के करीब 5 दिन बाद से ही उसका पति राहुल और उसकी सास उसे छोटी-छोटी बातों को लेकर ताने देने लगे और अक्सर झगड़ा करने लगे। वॉशिंग मशीन और फ्रिज मांगने का आरोप इंद्रजीत ने बताया कि शादी के दौरान एक रस्म में उसने अपनी ननद को 1100 रुपए दिए थे। लेकिन इस बात को लेकर भी उसे बार-बार ताने सुनने पड़ते थे। इसके अलावा ससुराल पक्ष की ओर से वॉशिंग मशीन और फ्रिज की मांग की गई थी, जिसे उसके माता-पिता ने अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च कर पूरा भी कर दिया था। इसके बावजूद भी उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा। गाली-गलौज करते हुए पति ने मारे थप्पड़ पीड़िता ने बताया कि एक दिन जब वह वॉशिंग मशीन से कपड़े धोने लगी तो वहां बिजली का एक्सटेंशन बोर्ड नहीं था। इस पर उसने अपने पति राहुल से एक्सटेंशन बोर्ड लाने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और राहुल ने गाली-गलौज करते हुए उसे 5-6 थप्पड़ मार दिए। मायके जाने से रोका इंद्रजीत ने यह भी बताया कि वह घर में छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है, लेकिन ससुराल वाले उसे ट्यूशन पढ़ाने से भी मना करते थे। इसके अलावा जब वह अपने पति से मायके जाने के लिए कहती थी तो वह उसे जाने नहीं देता था। यहां तक कि मंदिर जाने की बात कहने पर भी उसे घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। घर में खाना बनाने को लेकर भी उसे अक्सर ताने दिए जाते थे, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। परेशान होकर पिया फिनाइल बुधवार दोपहर इन सभी बातों से परेशान होकर इंद्रजीत ने फिनाइल पी लिया। फिनाइल पीने के बाद उसने अपने माता-पिता को फोन कर इस बारे में जानकारी दी। सूचना मिलते ही उसके माता-पिता तुरंत उसके ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचने पर इंद्रजीत अपने कमरे में रो रही थी और बार-बार कह रही थी कि उसने फिनाइल पी लिया है। इसके बाद परिजन तुरंत उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे और वहां भर्ती कराया, जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। पिता बोले-4 दिन पहले भी हुआ था झगड़ा इंद्रजीत के पिता त्रिलोकचंद ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी 4 फरवरी को बड़े ही धूमधाम से की थी और अपनी हैसियत से ज्यादा सामान ससुराल वालों को दिया था। लेकिन शादी के 5-6 दिन बाद से ही उनकी बेटी को परेशान किया जाने लगा था। उन्होंने बताया कि 4 दिन पहले भी ससुराल में झगड़ा हुआ था और बेटी के साथ मारपीट की गई थी। उस समय दोनों परिवारों के लोग बैठकर बातचीत के जरिए मामला शांत करवाया गया था। मामले की जांच में जुटी पुलिस उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह फिर से बेटी के साथ उसके पति और सास ने झगड़ा किया, जिससे वह काफी परेशान हो गई और इसी कारण उसने फिनाइल पीकर अपनी जान देने की कोशिश की। वहीं दो नंबर चौकी इंचार्ज सुदर्शन कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार और नवविवाहिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और परिवार की ओर से शिकायत भी मिल गई है। इस मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, उसके अनुसार मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत मोगा पुलिस ने जिले में एक विशेष घेराबंदी एवं तलाशी अभियान (CASO) चलाया। यह अभियान मोगा के सब-डिवीजन निहाल सिंह वाला में नशा प्रभावित हॉटस्पॉट्स और अन्य संदिग्ध स्थानों पर केंद्रित था। इस अभियान में लगभग 150 पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिन्होंने क्षेत्र में व्यापक स्तर पर चेकिंग की। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों की बारीकी से तलाशी ली, साथ ही नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी। एसएसपी ने बताया कि यह कार्रवाई इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नशे के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। SSP की अपील- नशा बेचने वालों की जानकारी दें एसएसपी ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके पास नशा बेचने या खरीदने संबंधी कोई भी जानकारी हो, तो वे मोगा पुलिस के कंट्रोल रूम नंबर 96568-96568 या सेफ पंजाब हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। एसएसपी अजय गांधी ने दोहराया कि मोगा पुलिस गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह मुहिम पंजाब सरकार के नशा मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
पानीपत शहर के विकास नगर इलाके में चोरी की एक वारदात सामने आई है। यहां किराए के मकान में रहने वाले एक युवक के कमरे का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने नगदी समेत करीब डेढ लाख रुपए के कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने इस संबंध में स्थानीय पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। काम पर गया था परिवार, पीछे से हुई वारदात मूल रूप से पुनिया जमालपुर (जिला सहारनपुर) निवासी ओमबीर पुत्र हरिपाल, वर्तमान में पानीपत के विकास नगर में युधिष्ठिर नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रहते हैं और प्राइवेट नौकरी करते हैं। ओमबीर के अनुसार, उन्होंने अपनी मजदूरी के बचाए हुए 65 हजार रुपए कमरे में रखे थे। 25 मार्च की सुबह वह हमेशा की तरह कमरे पर ताला लगाकर काम पर चले गए थे। लाखों का सामान साफ शाम को जब ओमबीर काम से वापस लौटे, तो उन्हें कमरे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखे 65 हजार रुपए नकद, उनकी पत्नी के सोने के कुंडल, मंगलसूत्र और चांदी की पाजेब गायब थे। चोरी हुए कुल सामान और नकदी की कीमत डेढ लाख रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। पुलिस को दी शिकायत पीड़ित ओमबीर ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों का सुराग लगाया जा सके।
खरगोन में गुरुवार को रामनवमी के अवसर पर रघुवंशी समाज ने भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया और सुबह 9 बजे पहाड़सिंहपुरा से शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा पर मुस्लिम समाज सहित अन्य समुदायों के लोगों ने पुष्प वर्षा कर सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया। दोपहर 12 बजे महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। वहीं, शुक्रवार दोपहर 2 बजे श्रीराम जन्मोत्सव समिति रक्षक समिति द्वारा 15 झांकियों के साथ एक और जुलूस निकाला जाएगा, जिसके लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सुबह 9 बजे कलश चौक मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा गुरुवार सुबह 9 बजे पहाड़सिंहपुरा स्थित कलश चौक मंदिर से रघुवंशी समाज की शोभायात्रा प्रारंभ हुई। समाज के अध्यक्ष दीपक डंडीर और अन्य प्रतिनिधियों की अगुआई में यह यात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए और भक्ति गीतों पर सामूहिक नृत्य किया। शोभायात्रा मार्ग में जगह-जगह इसका स्वागत किया गया। दोपहर 12 बजे महाआरती का आयोजन हुआ और उसके बाद श्रद्धालुओं को भंडारे का वितरण किया गया। मुस्लिम समाज ने फूल बरसाकर पेश की सौहार्द की मिसाल शहर में निकाली गई इस शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। मुस्लिम समाज के सदस्यों ने भी आगे आकर शोभायात्रा का स्वागत किया और उस पर फूलों की वर्षा की। शहर के अन्य समुदायों के लोगों ने भी यात्रा का जगह-जगह स्वागत कर भाईचारे का संदेश दिया। शुक्रवार को 15 झांकियों के साथ निकलेगा जुलूस रामनवमी के उपलक्ष्य में शहर में शुक्रवार को दोपहर 2 बजे से श्रीराम जन्मोत्सव समिति रक्षक समिति द्वारा भी एक जुलूस निकाला जाएगा। इस जुलूस में 15 झांकियां और ढोल-ताशा-नगाड़ा दल शामिल होंगे। यह जुलूस भोला चौक से शुरू होकर बस स्टैंड स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचेगा, जहां महाआरती के साथ इसका समापन होगा। इस आगामी जुलूस और भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। देखिए शोभायात्रा की और भी तस्वीरें…
फाजिल्का फिरोजपुर हाईवे पर लाधुका के नजदीक एक सड़क हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि जलालाबाद की ओर से फाजिल्का आ रहे लोहे के सरियों से भरी ट्रैक्टर ट्राली बेकाबू होकर पलट गई । हादसे में ट्रैक्टर ट्राली पर सवार 5 लोगों में से दो लोग घायल हो गए । बता दे कि घटना की सूचना पर सड़क सुरक्षा फोर्स मौके पर पहुंची । टीम ने ट्रैक्टर ट्राली में लोड किए गए लोहे के सरियों के नीचे दबे युवक को भी बाहर निकाला गया । और हादसे में दो घायलों को इलाज के लिए फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है । जिनका इलाज अस्पताल में किया जा रहा है । सरियों से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलटी जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा फोर्स के पुलिस अधिकारी एएसआई ढोला राम ने बताया फाजिल्का से अमीर खास का रूट है जिसपर वह रोजाना ड्यूटी करते है । उन्होंने बताया कि लाधुका के नजदीक लोहे के सरिए से भरी ट्रैक्टर ट्राली सड़क पर पलटने की सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे। हादसे में दो लोग घायल घटनास्थल पर जाकर पता चला कि ट्रैक्टर ट्राली जलालाबाद से फाजिल्का आ रही थी। इस दौरान वह लधुका के नजदीक बेकाबू होकर पलट गई । उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर ट्राली पर कुल पांच लोग सवार थे । जिसमें से दो ट्रैक्टर पर और तीन लोग ट्राली पर सवार थे। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी हालांकि इस हादसे के दौरान दो लोग घायल हो गए जिनमें से एक ट्राली में भरे सरिए के नीचे आ गया । मौके पर पहुंची सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम ने घायलों को इलाज के लिए फाजिल्का के सरकारी अस्पताल ने भर्ती करवाया है । जहां डॉक्टरों द्वारा घायलों का इलाज किया जा रहा है ।
हापुड़ के विकास कुमार बने लेफ्टिनेंट:लोदीपुर छपरा निवासी का ब्राह्मण महासभा ने किया सम्मान
हापुड़ के ग्राम लोदीपुर छपरा निवासी विकास कुमार लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। ब्राह्मण महासभा ने उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नानक चंद शर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने विकास कुमार को सम्मानित किया। सभी ने विकास कुमार को फूलमाला पहनाकर और भगवान परशुराम का चित्र भेंट कर शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए नानक चंद शर्मा ने कहा कि विकास कुमार ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देश सेवा में जाना एक बड़ी उपलब्धि है। विकास कुमार की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया जा रहा है। लोगों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को भी प्रोत्साहित करेगी। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष विक्की शर्मा, कोषाध्यक्ष भरत लाल शर्मा, प्रधान अमरनाथ शर्मा और संजय गहलोत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बदायूं में मजार के रास्ते को लेकर पथराव:दो गुटों में हिंसक झड़प, छतों से ईंट-पत्थर चले, कई घायल
बदायूं के सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव हिंडौर में मजार के रास्ते और जमीन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुए पथराव में कई लोग घायल हो गए। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। यह विवाद खजूर वाले बाबा की मजार तक जाने वाले रास्ते को लेकर शुरू हुआ। दोनों पक्ष मुस्लिम समुदाय से हैं और उनके बीच पहले से ही आपसी रंजिश के कारण तनाव था। पथराव के दौरान मजार की एक दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि इसके कारणों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग ईंट-पत्थर फेंकते दिख रहे हैं। सहसवान कोतवाली के एसएचओ धनंजय सिंह ने बताया कि यह विवाद जमीन से जुड़ा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजार की दीवार तोड़ी नहीं गई, बल्कि पैमाइश के दौरान वह गिर गई थी। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की है। नई रेट आज सुबह से प्रदेशभर में लागू कर दी गई हैं। कंपनी के इस फैसले के बाद नायरा के फ्यूल पंपों पर ईंधन भरवाने वाले वाहन चालकों को अब पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक साथ हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों और परिवहन क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। प्रदेश में नायरा के लगभग 900 से अधिक फ्यूल पंप संचालित हैं, जबकि देशभर में कंपनी के 6700 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। खासकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर, टैक्सी-ऑटो चालकों और रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों की जेब पर इसका अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऑपरेटिंग लागत में वृद्धि जैसे कारण माने जा रहे हैं। हालांकि कंपनी की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत कारणों को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं।
दमोह जिले में पेट्रोल और डीजल के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। इसके चलते शहर के सभी पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल है। स्थिति इतनी गंभीर है कि पुलिस विभाग का पेट्रोल पंप बंद करना पड़ा है, क्योंकि वहां डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति समाप्त हो गई है। यह भीड़ अफवाहों के कारण बढ़ रही है। पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिले में डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। बुधवार को दैनिक भास्कर की टीम ने शहर के चार पेट्रोल पंपों का जायजा लिया। अस्पताल चौराहे पर स्थित कन्हैया पेट्रोल पंप पर सैकड़ों दोपहिया वाहन चालक अपने टैंक फुल कराने पहुंचे थे, जहां काफी गहमागहमी थी। बस स्टैंड स्थित टंडन पेट्रोल पंप पर भी ऐसे ही हालात थे, जहां केवल पेट्रोल मिल रहा था और डीजल खत्म हो चुका था। पुलिस विभाग का पेट्रोल पंप बुधवार रात से ही बंद है, क्योंकि वहां डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति खत्म हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, शाम तक टैंकर आने पर आपूर्ति फिर से शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, जेल विभाग के पेट्रोल पंप पर भी बड़ी संख्या में लोग अपने वाहन लेकर पहुंचे थे। सहायक जेल अधीक्षक रोहित सिंह ने बताया कि उनके पास अभी पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन यदि लोग अफवाहों के चलते इसी प्रकार भीड़ में आते रहे तो उनके यहां भी स्टॉक खत्म हो सकता है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में के स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर युवाओं को स्वरोजगार व उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। कैंपस में 27 से 29 मार्च तक एमएसएमई एंटरप्रेन्योरशिप कांक्लेव एंड रिजनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान समेत सांसद व विधायक शिरकत करेंगे। तीन दिन की इस वर्कशाप में युवाओं को कृषि के जरिए एमएसएमई से जुड़ने के तरीके बताए जाएंगे। कृषि, एमएसएमई व टेक्सटाइल में बांटा सीएसए के वीसी कमेटी हाल में गुरुवार को प्रेसवार्ता करते हुए सीएसए वीसी व मंडलायुक्त के विजयेंद्र पंडियन ने बताया कि इस कांक्लेव में प्रतिभागियों को बिजनेस आइडिया को शुरु करने के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा इसको तीन भागों में बांटा गया है, जिसमें पहला भाग कृषि, दूसरा एमएसएमई व तीसरा भाग टेक्सटाइल है। 150 से ज्यादा स्टार्टअप आ रहे इस प्रोग्राम में प्रदेश भर से 150 से ज्यादा स्टार्टअप के स्टाल लगेंगे। सीएसए वीसी ने बताया कि इस कार्यक्रम में युवाओं को यह बताने का प्रयास किया जाएगा कि कृषि के बिना कुछ भी संभव नहीं है। इसके अलावा अपने स्टार्टअप आइडिया को बिजनेस में बदलने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया जाएगा कि कैसे अपना बिजनेस शुरु करने के लिए सरकार से फंडिंग आदि में मदद ली जा सकती है। आईआईटी समेत तीन संस्थानों से होगा एमओयू यूनिवर्सिटी के स्वर्ण जयंती वर्ष के मौके पर होने वाले इस प्रोग्राम में सीएसए का आईआईटी के स्टार्टअप इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर, एचबीटीयू व एफएफडीसी से एमओयू भी होगा। इन तीनों एमओयू का उद्देश्य स्टार्टअप, तकनीक व एरोमेटिक प्लांट्स के डेवलपमेंट पर काम करना है। इसमें प्रवेश व पार्टिसिपेशन निशुल्क है।
बैतूल-भोपाल नेशनल हाईवे पर बरेठा घाट के पास गुरुवार दोपहर ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया। महाराष्ट्र से राजस्थान जा रहे बिनौले की खली से भरे इस वाहन में पलटने के बाद आग लग गई। हालांकि, इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, ट्राला चढ़ाई चढ़ते समय अचानक पीछे की ओर खिसक गया, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। आशंका है कि इसी दौरान फ्यूल पाइप फटने से ट्राले में आग लग गई। हादसे के वक्त ट्राले में चालक शिवनाथ (निवासी नागौर, राजस्थान) अकेला मौजूद था। इंजन वाला हिस्सा पूरी तरह जलाआग लगने से ट्राले के सभी टायर और इंजन का हिस्सा पूरी तरह जल गया। गनीमत रही कि पलटने के दौरान अधिकांश खली बाहर गिर जाने के कारण आग की चपेट में आने से बच गई। घटना की सूचना मिलते ही शाहपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमरे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शाहपुर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड ने भी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। देखें तस्वीरें
डीडवाना में रामनवमी के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा शहर भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन के साक्षी बने। शोभायात्रा का शुभारंभ पं. बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर से हुआ। यह शहर के प्रमुख मार्गों जैसे सुभाष सर्किल, कुचामन रोड, अजमेरी गेट, भगत सिंह सर्किल, नागौरी गेट, अशोक स्तंभ, बांगड़ कॉलेज, पंचायत समिति और उपाध्याय सर्किल से होते हुए शीतलकुंड बालाजी मंदिर पहुंची। मंदिर में भगवान श्रीराम की भव्य आरती और संतों के प्रवचनों के साथ यात्रा का समापन हुआ। शोभायात्रा में विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा 60 से अधिक आकर्षक झांकियां सजाई गईं। इन झांकियों में भगवान श्रीराम सहित विभिन्न देवी-देवताओं का सजीव चित्रण किया गया था। भगवान श्रीराम की विशेष झांकी को एक भव्य रथ में सजाया गया था, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। शाही लवाजमा, नासिक बैंड और पंजाबी ढोल के साथ कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं। इसके अतिरिक्त 15 फीट ऊंची नंदी की सवारी और अघोरी समूह की प्रस्तुति ने इस आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। रामनवमी के अवसर पर सुबह श्याम महाराज मंदिर से एक विराट प्रभातफेरी भी निकाली गई। यह प्रभातफेरी शहर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा के पूरे मार्ग में जगह-जगह रंगोलियां सजाई गई थीं। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। शहर में 70 से अधिक स्वागत द्वार बनाए गए थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एएसपी और डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया। व्यापारियों ने भी दिखाया उत्साहरामनवमी शोभायात्रा को लेकर व्यापारियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। सर्वसम्मति से निर्णय लेकर शोभायात्रा के दौरान बाजार बंद रखे गए और जगह-जगह स्वागत मंडप लगाए गए। कुल मिलाकर, डीडवाना में आयोजित यह रामनवमी शोभायात्रा आस्था, उत्साह और भव्यता का अद्भुत संगम बनकर इतिहास में दर्ज हो गई।ि
प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत चमनगंज बाजार में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मस्ताना स्वीट्स हाउस के सामने एक महिला की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस और पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान स्वीटा (निवासी गुरदासपुर, पंजाब) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में अपने पति के साथ चमनगंज (कनिहार) में रह रही थी। मृतका का विवाह 12 नवंबर 2021 को हेमंत कुमार वर्मा, पुत्र स्वर्गीय माता प्रसाद वर्मा, के साथ हुआ था।क्या है पूरा मामला?प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाह के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बुधवार रात को भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। आरोप है कि इसी दौरान गुस्से में आकर पति हेमंत कुमार वर्मा ने पास में रखी कपड़े प्रेस करने वाली आयरन (इलेक्ट्रिक इस्त्री) से पत्नी के सिर पर ताबड़तोड़ करीब छह वार कर दिए।बताया जा रहा है कि घटना रात करीब 1:30 बजे की है। वार इतने गंभीर थे कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति करीब पांच घंटे तक शव के साथ ही घर में बैठा रहा। सुबह उसने खुद 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है।मौके पर क्या कार्रवाई हुई?सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही, मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।एसीपी बोलींएसीपी झूंसी कुंज लता ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
पन्ना के अजयगढ़ क्षेत्र के धरमपुर थाना अंतर्गत ग्राम बजरंगपुर के पास एक सड़क हादसे में 32 साल के युवक की मौत हो गई। बाइक और बैलगाड़ी के बीच हुई टक्कर में युवक का साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना गुरुवार सुबह की है। अनियंत्रित होकर बैलगाड़ी से टकराई बाइक जानकारी के अनुसार, अजयगढ़ के माधोगंज निवासी अरविंद सुनकर (पिता जमुना) अपने एक साथी के साथ बाइक से अजयगढ़ लौट रहे थे। ग्राम बजरंगपुर के पास सड़क पर जा रही एक बैलगाड़ी से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर निजी वाहन की व्यवस्था की। घायलों को तत्काल अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। पुलिस ने पीएम के लिए भेजा शव अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अरविंद सुनकर को मृत घोषित कर दिया। दूसरे घायल युवक का इलाज अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलने पर अजयगढ़ थाना पुलिस ने अस्पताल और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या की बीकापुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए डॉ. अमित कुमार सिंह चौहान ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल को विकास के लिहाज से ऐतिहासिक बताया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक काम हुए हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिला है। बीकापुर, मसौधा, सोहावल और हैरिंग्टनगंज के गांवों को जोड़ने के लिए 100 से अधिक सड़कों का निर्माण कराया। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए चार वर्षों में 3.50 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई गई। उन्होंने कहा कि हैरिंग्टनगंज में डिग्री कॉलेज का निर्माण, बीकापुर में ड्रग वेयर हाउस की स्थापना और एक मानसिक मंदित प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल है। विधायक का दावा है कि उनके कार्यकाल में बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में जितना विकास काम हुआ है, उतना पिछले कई वर्षों में कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि जनता ने उनके कामकाज पर भरोसा जताते हुए उन्हें विजयी बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐतिहासिक काम पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ योजनाओं के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। पढ़िए सवाल-जवाब में डॉ. अमित सिंह चौहान का इंटरव्यू… सवाल: अपने चार साल के कार्यकाल को आप 10 में से कितने अंक देंगे?जवाब: 2017 से पहले और उसके बाद के समय में बड़ा अंतर आया है। पहले जनप्रतिनिधि और जनता के बीच दूरी रहती थी, जिसे हमने खत्म करने का काम किया। पिछले नौ वर्षों (माता शोभा सिंह चौहान के कार्यकाल सहित) में हमने लगातार जनता के बीच रहकर काम किया है। हम खुद को अंक नहीं दे सकते, यह जनता तय करेगी। हैरिंग्टनगंज में डिग्री कॉलेज बनकर तैयार है। बीकापुर में ड्रग वेयर हाउस बन गया है, जहां पूरे जिले की दवाएं स्टोर हो रही हैं। इसके अलावा मानसिक मंदित प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया गया है, जहां दिव्यांग बच्चों के रहने की सुविधा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमने महत्वपूर्ण कार्य किया है। मेरी कोशिश रही कि कोई भी गरीब परिवार इलाज से वंचित न रहे। जिनके पास आर्थिक संसाधन नहीं थे, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाई गई। चार वर्षों में 3.50 करोड़ रुपए की मदद जरूरतमंदों को दिलाई गई। सवाल: आपके क्षेत्र में सबसे बड़ा काम कौन सा रहा?जवाब: पहले क्षेत्र में अधिकांश सड़कें कच्ची थीं और गांवों के बीच संपर्क का अभाव था। हमारी प्राथमिकता कनेक्टिविटी बढ़ाना थी। ढेमवा पुल से सोहावल तक सड़क निर्माण कराया गया। सुचित्तागंज बाजार की सड़क का चौड़ीकरण किया गया। बड़ा गांव-ढेवड़ी होते हुए मिल्कीपुर मार्ग का विस्तार हुआ। सोहावल-ढेवड़ी-रौनाही मार्ग का निर्माण हुआ। इसके अलावा सुचित्तागंज से मसौधा चीनी मिल तक सड़क का चौड़ीकरण और उच्चीकरण किया गया। बीकापुर में जलालपुर-चनहा और जलालपुर-शाहगंज मार्ग का निर्माण कराया गया।कुल मिलाकर 100 से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ, जिससे आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी पूरा नहीं हो सका?जवाब: विकास कार्यों की कोई सीमा नहीं होती। पिलखांवा से ढेवड़ी जाने वाले मार्ग और भरतकुंड से जुड़ने वाली सड़क का निर्माण अभी बाकी है। रूसिया माफी पुल भी एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे मसौधा से भदरसा होते हुए बीकापुर की दूरी 10 से 14 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा लखनऊ-अयोध्या रोड से देवराकोट, सारंगापुर, रामकोट ग्रंट, सीबार से हनुमान मंदिर तक और बड़ा गांव बाजार की सड़क पर जल्द काम शुरू होगा। इसके अलावा कुछ और कार्य शासन को भेजे गए है। सवाल: क्या 2027 में पार्टी आपको फिर से उम्मीदवार बनाएगी?जवाब: मैं भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं। 2022 में पार्टी ने मुझे मौका दिया और जनता ने आशीर्वाद दिया। 2027 में पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी पिष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगा। सवाल: क्षेत्र के पौराणिक और आध्यात्मिक स्थलों का कितना विकास हुआ?जवाब: हमारी विधानसभा में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं, जहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं। भरतकुंड के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए गए हैं। सीता कुंड का विकास कार्य जारी है। मां ज्वाला देवी मंदिर और महादेवपुर मंदिर का भी विकास कराया गया है। महादेवपुर में गेस्ट हाउस की सुविधा भी विकसित की गई है। इसके अलावा कई अन्य मंदिरों और पौराणिक स्थलों का भी विकास हुआ है। सवाल: रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोग परेशान हैं?जवाब: इस समस्या को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। सवाल: UGC को लेकर सामान्य वर्ग में विरोध की स्थिति दिख रही है?जवाब: भाजपा सरकार सर्व समाज के हित में काम करती है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार इस मुद्दे पर बातचीत कर रही है और सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। डॉ. अमित सिंह चौहान का दावा है कि बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। वहीं, अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने का भरोसा भी उन्होंने जताया है।
फतेहाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 12 हजार रुपए कैश भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने ऐड के जरिये कुल 1,04,549 रुपए की धोखाधड़ी की। आरोपियों की पहचान पंजाब के फरीदकोट जिले के हरगोबिंद नगर निवासी सुरिंद्र सिंह और टिब्बी साहिब रोड की जीवन नगर बस्ती निवासी बिट्टू के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। सोशल मीडिया पर ऐड के जरिये दिया झांसा थाना साइबर क्राइम प्रभारी राहुल देव ने बताया कि यह कार्रवाई टोहाना के किला मोहल्ला निवासी जितेंद्र की शिकायत पर की गई। जितेंद्र ने साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायत में बताया था कि आरोपियों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पुराने सिक्के व नोट खरीदने के ऐड दिखाकर उसे झांसे में लिया। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए आरोपियों ने विभिन्न शुल्कों के नाम पर जितेंद्र से कई बार ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए। इस तरह उन्होंने शिकायतकर्ता से कुल 1,04,549 रुपए की धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर, थाना साइबर क्राइम फतेहाबाद में 21 मार्च को केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को काबू कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र के बगरा मोड़ पर गुरुवार को एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने 50 वर्षीय महिला को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव को बीच सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। घंटों से जारी इस जाम के कारण रांची-चतरा मार्ग पूरी तरह ठप रहा। हादसा उस वक्त हुआ जब लावालौंग थाना क्षेत्र के कासीमहुआ गांव निवासी आशा देवी अपनी बेटी के घर से लौट रही थीं। बगरा मोड़ के पास सड़क पार करने के दौरान एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। उचित मुआवजे की मांग पर सड़क जाम टक्कर इतनी भीषण थी कि आशा देवी की सांसें मौके पर ही थम गईं। घटना की खबर मिलते ही मृतका के पुत्र जुगेश्वर साव और भारी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए। आक्रोशित परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई और उचित मुआवजे का एलान नहीं करता, तब तक सड़क से शव नहीं हटेगा। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा नेता विनोद बिहारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सड़क हेवी ट्रांसपोर्टिंग के लिए नहीं है, फिर भी कोयला लदे ट्रकों की लापरवाही से आए दिन लोग कुचले जा रहे हैं। सिमरिया सीओ गौरव कुमार ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि सरकारी प्रावधानों के तहत मृतका के परिवार को हर संभव आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक की तलाश जारी है।
बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कटिहार के पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अहमद अशफाक करीम के एक बयान ने इन अटकलों को हवा दी है। डॉ. करीम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि निशांत लगातार जनता के बीच काम कर रहे हैं और जमीन से जुड़कर अपनी पहचान बना रहे हैं। डॉ. करीम ने बताया कि ईद के अवसर पर भी निशांत कुमार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से मिलने पहुंचे थे, जो उनकी सक्रियता और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है। पिता की कार्यशैली को आगे बढ़ाने की है क्षमता डॉ. करीम ने यह भी कहा कि निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार की तरह इंजीनियर हैं। उनमें नीतीश कुमार की कार्यशैली को आगे बढ़ाने की क्षमता है। डॉ. करीम का मानना है कि भविष्य में पार्टी या सरकार में निशांत कुमार को जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, वे उसे बखूबी निभाने में सक्षम होंगे। पूर्व सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो इसका यह अर्थ नहीं होगा कि वे बिहार की राजनीति से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में रहकर विकास कार्यों और संगठन दोनों को संभालते रहेंगे। साथ ही, वे निशांत कुमार को भी मार्गदर्शन देंगे। इस बयान के बाद बिहार की सियासत में कयासों का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि आने वाले समय में निशांत कुमार राज्य की राजनीति में एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
आगामी मप्र लीग 2026 (MPL 2026) के लिए इंदौर पिंक पैंथर्स ने भारतीय ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर को 12.50 लाख की सर्वोच्च राशि पर रिटेन किया है। इसके साथ ही वे इस सीजन के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। टीम ने उन्हें एक बार फिर कप्तान की जिम्मेदारी भी सौंपी है। इस वर्ष MPL 2026 का आयोजन इंदौर में होने जा रहा है, जिससे शहर के क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। घरेलू मैदान का लाभ उठाने के इरादे से इंदौर पिंक पैंथर्स इस बार खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। यह आयोजन आईपीएल सीरिज खत्म होने के बाद होगा। टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट संदीप जैन के मुताबिक वेंकटेश अय्यर जैसे अनुभवी और ऊर्जावान खिलाड़ी को सर्वोच्च राशि पर रिटेन करना रणनीतिक रूप से अहम निर्णय है। उनके नेतृत्व और अनुभव से टीम को दिशा और आत्मविश्वास मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर में होने वाला यह सीजन टीम के लिए यादगार साबित होगा। MPL 2026 के आयोजन के साथ इंदौर एक बार फिर प्रदेश के क्रिकेट उत्सव का केंद्र बनने जा रहा है, जहां दर्शकों को रोमांचक मुकाबलों की सौगात मिलेगी। अन्य टीमों के प्रमुख रिटेंशन MPL 2026 के लिए अन्य फ्रेंचाइजियों ने भी अपने प्रमुख खिलाड़ियों को बरकरार रखा है -
कथा वाचक प्रदीप मिश्रा के सात दिवसीय शिव महापुराण की कथा का गुरुवार को समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव असली स्वरूप में कभी दर्शन नहीं देते हैं। अगर तुम सोचते हो कि वह गले में नाग पहनकर, जटा बांधकर, माथे पर चंद्रमा धारण करके सामने आएंगे तो ऐसा नहीं है।उन्होंने कहा कि भगवान शिव तुम्हें तुम्हारे माता के रूप में, पिता के रूप में, तुम्हारे इष्ट मित्र के रूप में मिलते हैं। जब तुम्हारे ऊपर संकट आता है, तब उसी समय वह तुम्हारे साथ खड़े होते हैं, लेकिन तुम उन्हें पहचान नहीं पाते।उन्होंने कहा कि जैसे इंसान जीते जी अपने मां-बाप को नहीं पहचान पाता, पति-पत्नी एक-दूसरे को नहीं समझ पाते, उसी तरह परमात्मा को भी पहचान नहीं पाते।जीते जी प्रेम नहीं, बाद में दिखावा क्योंप्रदीप मिश्रा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति इस दुनिया में होता है, तब हम उसे उतना महत्व नहीं देते। लेकिन उसके जाने के बाद उसकी पसंद की मिठाई बनवाते हैं।उन्होंने कहा कि अगर वही व्यक्ति जब जिंदा था, तब उसे मिठाई नहीं भी खिलाते, लेकिन उससे प्रेम से मीठी वाणी बोल देते, तो वह आशीर्वाद देकर ही जाता।परमात्मा को केवल मूर्ति में नहीं, हर जीव में देखोप्रदीप मिश्रा ने कहा कि इंसान ने परमात्मा को केवल मूर्ति में ढूंढने की कोशिश की है, लेकिन उसे सहजता में ढूंढा ही नहीं।उन्होंने कहा कि भगवान हर जीव में विराजते हैं, जरूरत है तो उन्हें पहचानने और महसूस करने की।
रामपुर कलां थाना पुलिस ने 17 मार्च को सिगर्दे खालसा गांव से चोरी हुई 5 भैंस और 2 पड़िया के मामले में 22 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी हल्के उर्फ हरपाल यादव को रामपुर सेमई रोड रुनधान से उस वक्त पकड़ा, जब वह चुराए गए मवेशियों को बेचने जा रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गई सभी 5 भैंसों और 2 पड़िया को बरामद कर लिया है और वर्तमान में उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। 17 मार्च को हुई थी चोरी, 19 को दर्ज हुआ था केस सिगर्दे खालसा गांव निवासी फरियादी किसान बंटी कुशवाह (पुत्र बद्री कुशवाह) की 5 भैंस और 2 पड़िया बीते 17 मार्च को किसी अज्ञात चोर ने चुरा ली थीं। घटना के बाद किसान ने रामपुर कलां पुलिस को इसकी सूचना दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 19 मार्च को मामला दर्ज कर मवेशियों और चोर की तलाश शुरू की थी। बेचने की फिराक में था चोर, रास्ते में दबोचा पुलिस को सूचना मिली थी कि अज्ञात चोर किसान बंटी कुशवाह की चोरी गई भैंसों को बेचने जा रहा है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्राम छापर रामपुर निवासी 22 वर्षीय चोर हल्के उर्फ हरपाल (पुत्र फरन यादव) को भैंसों के साथ रामपुर सेमई रोड रुनधान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी गई सभी भैंसे बरामद कर ली हैं। थाना प्रभारी बोले- तलाश में लगी थी पुलिस रामपुर कलां थाना प्रभारी एएसआई रामकुमार वर्मा ने इस कार्रवाई को लेकर बताया कि, चोरी गई भैंसों की तलाश में पिछले दिनों से पुलिस लगी थी । आज सफलता हाथ लगी आरोपी चोर को भी गिरफ्तार किया गया ।
जालंधर में नूरमहल पुलिस की छापेमारी:नशीली गोलियों समेत युवक को अरेस्ट किया, सप्लाई करने के खड़ा था
जालंधर के नूरमहल पुलिस ने नशे के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए अश्विनी कुमार नाम के एक व्यक्ति को 24 नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को उस समय दबोचा गया जब वह नशीली सामग्री की सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना नूरमहल के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति नशीली गोलियों की खेप लेकर जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा। चेकिंग के दौरान बरामद हुई नशीली गोलियां पुलिस टीम ने आरोपी को नूरमहल के औजला मार्केट स्थित ईंट वाला राह, चीमा कलां के पास से काबू किया। जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से 24 नशीली गोलियां बरामद हुईं। इन गोलियों का रंग हल्का नारंगी बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले आई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पकड़े गए आरोपी की पहचान अश्विनी कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22-61-85 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रहीपुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी यह नशीली गोलियां कहां से लेकर आया था और आगे किसे सप्लाई करने वाला था। पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
शहर में अब गाड़ी चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में टीमें तैनात कर दी गई हैं, जो टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर चालकों पर नजर रख रही हैं। दो दिन में 80 चालान, अब और सख्तीडीसीपी (ट्रैफिक) राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, बीते दो दिनों में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े गए 80 वाहन चालकों के चालान बनाए जा चुके हैं। फिलहाल आंकड़ा कम है, लेकिन आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा। एक हजार रुपए का लगेगा जुर्मानाट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग करते पाए जाने पर 1000 रुपए का चालान किया जाएगा। यह कार्रवाई शहरभर में लगातार जारी रहेगी। लापरवाही बन सकती है हादसे की वजहडीसीपी ने बताया कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर ध्यान देने से सड़क से फोकस हट जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए पुलिस न सिर्फ चालान करेगी, बल्कि लोगों को समझाइश भी देगी। अभियान रहेगा जारीट्रैफिक पुलिस की सभी टीमों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ-साथ इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करें। आने वाले दिनों में शहर में यह अभियान और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
प्रयागराज में 13 साल के लंबे कानूनी संघर्ष के बाद मोनिका मिश्रा को परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति पत्र मिला। बुधवार को मम्फोर्डगंज स्थित सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह नियुक्ति पत्र सौंपा गया। यह नियुक्ति विज्ञान और गणित विषय की 29,334 सहायक अध्यापक भर्ती के तहत हुई है। मोनिका मिश्रा की यह नियुक्ति 13 वर्षों की कानूनी लड़ाई और अनिश्चितता के बाद मिली है। भर्ती प्रक्रिया की कानूनी जटिलताओं और अदालती लड़ाइयों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। नियुक्ति पत्र हाथ में लेते समय उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। अपनी नियुक्ति पर मोनिका मिश्रा ने कहा, 13 साल का इंतजार आज खत्म हुआ। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि मेरे धैर्य और सच्चाई की जीत है। अब वह परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए तैयार हैं। यह कार्यक्रम परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में विज्ञान और गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा था। इस विशेष काउंसलिंग में कुल 52 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया था। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि आमंत्रित 52 अभ्यर्थियों में से 47 उपस्थित हुए। अनुपस्थित 5 अभ्यर्थियों को छोड़कर, उपस्थित सभी सफल उम्मीदवारों के मूल अभिलेखों की सघन जांच की गई। जांच के बाद उन्हें पदस्थापन आदेश सौंपे गए। नियुक्ति पत्र वितरण से पहले, अभ्यर्थियों ने अपने सभी मूल शैक्षिक व प्रशिक्षण अभिलेख, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, आधार एवं पैन कार्ड जमा किए। इसके अतिरिक्त, 29,334 भर्ती के ऑनलाइन आवेदन की प्रति, पंजीकरण शुल्क रसीद और निर्धारित शपथ पत्र भी जनपदीय चयन समिति को सौंपे गए। इन नियुक्तियों से जनपद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही कमी दूर होगी। बीएसए ने सभी नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए उन्हें पूरी निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य करने का निर्देश दिया।
पूर्व प्रधान की हत्या तीसरा आरोपी गिरफ्तार:25 हजार का था इनाम, अवैध संबंधों के चलते हुई थी हत्या
प्रतापगढ़ में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध संबंध और सुनियोजित साजिश से जुड़े इस हत्याकांड में पुलिस ने तीसरे आरोपी अरुण उर्फ रंजीत कुमार को गिरफ्तार किया है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसे मान्धाता मोड़ के पास से पकड़ा गया। इस मामले में पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। यह मामला मान्धाता थाना क्षेत्र के मिसिरपुर मुस्तर्का गांव का है। वादी ने पुलिस को बताया था कि उनके पिता 18 मार्च 2026 को मोटरसाइकिल से प्रयागराज जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। 20 मार्च को उनकी गुमशुदगी दर्ज की गई थी। पुलिस की जांच में यह मामला हत्या का निकला। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी सुमन देवी ने अतुल कुमार और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वादी के पिता को अपने मायके बगियापुर (थाना जेठवारा) बुलाया। वहां पूर्व नियोजित योजना के तहत उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर सहायक शारदा नहर में फेंक दिया गया था। 22 मार्च को नहर से शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान परिजनों ने पूर्व प्रधान के रूप में की थी। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अरुण ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि उसने अपने साथी अतुल और सुमन के साथ मिलकर हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी। आरोपियों ने शव को बोरे में भरकर मोटरसाइकिल से ले जाकर नहर में फेंका और मृतक की बाइक को किसी अन्य स्थान पर छोड़ दिया ताकि किसी को शक न हो। घटना के बाद से ही अरुण फरार चल रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर उसे मान्धाता मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
िवंगत पंजाबी सिंगर सुखदीप सिंह सिद्धू मूसेवाला के फेंस के लिए एक गुड न्यूज है। बरोटा की सफलता के बाद जल्दी ही उनका एक और नया गीत जारी होने वाला है। इसकी जानकारी सिद्धू मूसेवाला इंस्टाग्राम पेज पर दी गई। इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी लगाई गई है और उस पर संदेश दिया गया है कि जल्दी ही नया गाना आने वाला है। इसके अलावा उसमें बरोटा को पसंद करने के लिए भी फेंस को धन्यवाद कहा गया है। सिद्धू मूसेवाला के नए गीत आने के संकते मिलते हुए उनके प्रशंसकों में भारी उत्साह है। इंस्टाग्राम पर 25 मार्च को यह स्टोरी शेयर की गई है। प्रशंसक अब उनके नए गीत का इंतजार कर रहे हैं। करीब तीन महीने पहले लांच हुआ बरोटा गीत ने नए रिकार्ड बना दिए हैं। यूट्यूब पर जहां इस गीत को 10 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं वहीं इस पर 1 करोड़ से ज्यादा लोग कमेंट भी कर चुके हैं। कमेंट के मामले में यह गाना दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। मई में चार साल पूरे होंगे सिद्धू मूसेवाला की मौत को मई में चार साल पूरे हो जाएंगे। उनकी मौत 29 मई 2022 को हुई थी। तब उनकी उम्र महज 28 साल थी। मौत से पहले भी उनके काफी प्रशसंक थे लेकिन मौत के बाद उनके प्रशंसकों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। मौत के बाद रिलीज हुए गीतों को मिल रहा भारी समर्थन सिद्धू मूसेवाला की मौत के बाद करीब 12 गीत रिलीज हो चुके हैं। मूसेवाला के गीत जैसे ही यू ट्यूब पर अपलोड होते हैं उनके प्रशसंक टूट पड़ते हैं। व्यू व कमेंट करके हर बार नया रिकार्ड बना देते हैं। बरोटा के बाद अब प्रशसंकों को नए गीत का इंतजार है। सिद्धू मूसेवाला की मौत के बार रिलीज हुए गीत एस.वाई.एल (SYL): 23 जून 2022, 50M+ (हटने से पहले), 10 लाख+ कमेंट वार (Vaar): 8 नवंबर 2022, 54M+ व्यू, 5–8 लाख+ कमेंट मेरा ना (Mera Na): 2023 (जुलाई के आसपास), 100M+ व्यू, 10 लाख+ कमेंट चोरनी (Chorni): 2023, 60M+ व्यू, 5 लाख+ कमेंट वॉच आउट (Watch Out): 11 नवंबर 2023, 53M+ व्यू , 4–6 लाख+ कमेंट ड्रिप्पी (Drippy): 2 फरवरी 2024, 90M+ व्यू, 6–8 लाख+ कमेंट 410 (चार सौ दस): 11 अप्रैल 2024, 57M+ व्यू , 4–6 लाख+ कमेंट अटैच (Attach): 30 अगस्त 2024, 30M+ व्यू, 3–5 लाख+ कमेंट लॉक (Lock): जनवरी 2025, 8M, 1–2 लाख+ कमेंट 0008 (डबल ज़ीरो जीरो एट) : 10 जून 2025, 49M+ व्यू, 5–7 लाख+ कमेंट बारोटा (Barota) : 2025 (लेटेस्ट), ️ 100M+ व्यू , 10 मिलियन+ (बहुत ज्यादा एंगेजमेंट)
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के दिनारा विधायक आलोक सिंह गुरुवार को भभुआ सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने बिहार की आगामी राजनीति और नेतृत्व पर अपनी स्पष्ट राय रखी। मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए विधायक ने कहा कि एनडीए का शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि आगे की कमान किसके हाथ में होगी। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि बिहार का भविष्य नीतीश कुमार के बनाए पदचिन्हों पर ही टिका है। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आलोक सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास की जो लंबी लकीर खींची है, आने वाले समय में जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे उसी मार्ग पर चलना होगा। नीतीश जी ने बिहार को विकास के जिस मुकाम पर पहुंचाया है, उससे पीछे मुड़कर देखने का सवाल ही नहीं उठता। नीतीश कुमार का बिहार के प्रति स्नेह नहीं होगा कम मुख्यमंत्री की दिल्ली जाने की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं या दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होते हैं, तब भी बिहार के प्रति उनका स्नेह और विजन कम नहीं होगा। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री जी दिल्ली में रहें या कहीं और, बिहार को हमेशा उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। आलोक सिंह ने आगे कहा कि एनडीए गठबंधन से जो भी नया नेतृत्व आएगा, वह नीतीश जी के अनुभव और उनकी नीतियों को साथ लेकर ही आगे बढ़ेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि बिहार में विकास की गाथा रुकने वाली नहीं है और एनडीए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश की जनता की सेवा करता रहेगा।
बुलंदशहर के कोतवाली नगर क्षेत्र में एक महिला ने अपने ससुर पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में ससुर के आपराधिक इतिहास और ड्रग्स बेचने का भी जिक्र किया गया है। देवीपुरा-2 निवासी सताक्षी दीक्षित ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अपने पति पीयूष पाण्डेय के साथ रहती हैं। जिस मकान में वे रहते हैं, उसमें उनके ससुर राधा कृष्ण पाण्डेय का भी हिस्सा है। सताक्षी का आरोप है कि उनके ससुर आए दिन उनके घर आकर गाली-गलौज करते हैं और विवाद पैदा करते हैं। महिला ने बताया कि 21 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11:11 बजे उनके ससुर ने फोन पर उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि उन्होंने महिला की दो वर्षीय बेटी के बारे में भी आपत्तिजनक बातें कहीं और धमकी दी। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके ससुर का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी जेल जा चुके हैं। उन पर ड्रग्स बेचने का भी आरोप है। सताक्षी दीक्षित ने एसएसपी से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कोतवाली नगर पुलिस को भी इस मामले में निर्देशित करने की अपील की है। नगर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र राठौर ने पुष्टि की है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में गहराए गैस संकट के बीच आम जनता की परेशानी बढ़ गई है। गैस किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) राकेश कुमार खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। कलेक्ट्रेट के कंट्रोल रूम में 1 हजार शिकायतें मिल चुकी हैं। करीब 500 शिकायतों का समाधान हो गया है। टीमों को फील्ड में उतारकर कार्रवाई की जा रही है। दैनिक भास्कर से बातचीत में DSO ने बताया- अब तक हुई छापेमारी में 110 से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं। 40 से 50 कमर्शियल सिलेंडर जब्त हुए हैं। 10 लोगों के खिलाफ अलग-अलग क्षेत्रों में FIR दर्ज कराई गई है। सवाल: कंट्रोल रूम में अब तक कितनी शिकायतें आई हैं?जवाब: अब तक करीब 1000 शिकायतें आ चुकी हैं। हमने एक रजिस्टर बनाकर सभी शिकायतों का रिकॉर्ड रखा है। लगभग 50% शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है, बाकी पर काम जारी है। सवाल: सबसे ज्यादा शिकायत किस बात की आ रही है?जवाब: लोगों की सबसे बड़ी समस्या है कि बुकिंग के बाद भी गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही। मैसेज आ जाता है, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचता। हम लोगों से धैर्य रखने की अपील कर रहे हैं और जरूरी मामलों में तुरंत कार्रवाई भी कर रहे हैं। सवाल: फील्ड में आपकी टीमें कैसे काम कर रही हैं?जवाब: पूरे जिले को जोन में बांटा गया है। शहर में 11 टीमें और ग्रामीण क्षेत्रों में 4 टीमें काम कर रही हैं। हर टीम में इंस्पेक्टर, एआरओ और स्टाफ शामिल है। मैं खुद और एडीएम भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जहां भी गड़बड़ी की सूचना मिलती है, तुरंत छापा मारा जाता है। सवाल: क्या कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है?जवाब: हां, कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। 4 टीमें 6-6 घंटे की शिफ्ट में काम कर रही हैं। कोशिश है कि कोई भी शिकायत अनसुनी न रहे। सामान्य तौर पर डिलीवरी में 4 से 6 दिन का समय लग रहा है। सवाल: कालाबाजारी पर क्या कार्रवाई की गई है?जवाब: छापेमारी में अब तक 110 से ज्यादा घरेलू सिलेंडर और 40-50 कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। सवाल: आगे क्या रणनीति है?जवाब: हमारी प्राथमिकता है कि सप्लाई चेन को सुचारू रखा जाए और हर जरूरतमंद तक गैस पहुंचे। इसके लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार नवादा के पथरा इंग्लिश पहुंचे। उन्होंने नवादा विधायक विभा देवी के शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। विधायक के छोटे पुत्र अखिलेश यादव का हाल ही में सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया था। मुलाकात के दौरान विधायक विभा देवी ने धर्मशिला देवी अस्पताल पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की अनदेखी के कारण उनके बेटे की जान चली गई। परिवारजनों का भी कहना है कि यदि अस्पताल ने उनके बेटे को 6-7 घंटे तक अपने पास नहीं रखा होता, तो वह आज जीवित होता। धर्मशिला देवी अस्पताल पर कार्रवाई का आदेश विधायक ने मंत्री को बताया कि इस संबंध में मुफ्फसिल थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए नवादा के डीएम और एसपी को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मामले की जल्द से जल्द और निष्पक्ष कानूनी जांच कर धर्मशिला देवी अस्पताल पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जदयू के जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद डांगी ने बताया कि पूर्व राज्य मंत्री के पुत्र अखिलेश कुमार का निधन हुआ है और धर्मशिला देवी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी जांच की है, जिसमें लापरवाही उजागर हुई है। सरकार इस पूरे मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करेगी और गलत करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। इस दुखद घड़ी में नवादा सदर एसडीओ अमित अनुराग और बीडीओ भी वहां उपस्थित रहे। जदयू के जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद, राजीव रंजन, रामाश्रय प्रसाद हरिकृपाल, प्रिंस प्रभात सहित कई अन्य नेता भी विधायक के साथ मौजूद थे।
प्रतापगढ़ में गैस सिलेंडर और पेट्रोल को लेकर हाल ही में फैली अफवाहों तथा बढ़ती मांग के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में गैस गोदामों और ग्राहक सेवा केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। एसडीएम अश्विन मालु, जिला रसद अधिकारी रामचंद्र, एलपीजी जिला नोडल अधिकारी विवेक कुमार और डीएसपी गजेंद्र सिंह राव सहित अन्य अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गैस वितरण प्रणाली, स्टॉक स्थिति और उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं की गहन जांच की। जहां कमियां पाई गईं, वहां सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अरनोद क्षेत्र में भी एक व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। प्रशासनिक टीम ने वहां के विभिन्न गैस गोदामों पर पहुंचकर स्टॉक और वितरण व्यवस्था की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी स्थानों पर गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मिला। आपूर्ति व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि उपभोक्ताओं को ओटीपी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी तरीके से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर का भंडारण न करें। यह भी बताया गया कि गैस बुकिंग के लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन किया जा रहा है और वर्तमान में आपूर्ति पूरी तरह संतुलित है। प्रशासन ने कहा कि व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए आगे भी इसी प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे।
चैत्र नवरात्र के अवसर पर जसोलधाम में आयोजित दो दिवसीय देव दर्शन यात्रा 25 मार्च 2026 को संपन्न हुई। यह यात्रा पूज्य महंत नारायणगिरी जी महाराज (श्री दूधेश्वर महादेव मंदिर, गाजियाबाद) और पूज्य महंत गणेशपुरी महाराज (श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल) के सानिध्य में आयोजित की गई। सर्व समाज की कन्याओं को विधिवत पूजन यात्रा का शुभारंभ जसोलधाम की पुण्यभूमि पर सनातन परंपरा के अनुसार सर्व समाज की कन्याओं के विधिवत पूजन से हुआ। कन्याओं को फल, अन्न-प्रसाद और दक्षिणा अर्पित कर नारी सम्मान का संदेश दिया गया। देव दर्शन यात्रा का विधिवत शुभारंभ इस अनुष्ठान के बाद मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा के श्रीचरणों में नमन कर देव दर्शन यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रथम दिवस (24 मार्च 2026) यात्रा मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा की जन्मस्थली, जोगीदास धाम से प्रारंभ हुई। जोगीदास धाम में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ दर्शन किए। इस स्थल पर स्थानीय श्रद्धालुओं और प्रबुद्धजनों द्वारा यात्रा का आत्मीय स्वागत और सम्मान किया गया। इसके पश्चात यात्रा श्री आवड़ माता जन्मस्थली (ग्राम चेलक) पहुंची, जहां मातेश्वरी के श्रीचरणों में नतमस्तक होकर समस्त जनमानस के सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की गई। आगे यात्रा श्री तेमडेराय मंदिर पहुंची, जहां शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में विधिवत पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। इसके उपरांत प्रणवीर गौभक्त श्री पाबूजी राठौड़ मंदिर (करियाप) में लोकदेवता के श्रीचरणों में नमन किया गया। तनोट राय मंदिर में दर्शन लाभ लिया यात्रा के क्रम में श्री मातेश्वरी घंटियाली माता मंदिर में दर्शन कर मातेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्रामवासियों द्वारा स्नेहपूर्ण स्वागत इस यात्रा की गरिमा को और अधिक बढ़ाने वाला रहा। तत्पश्चात भारत-पाक सीमा क्षेत्र में स्थित आस्था एवं चमत्कारों के प्रतीक श्री मातेश्वरी तनोट राय मंदिर में दर्शन लाभ प्राप्त किया गया। यहां राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा एवं समृद्धि हेतु विशेष प्रार्थना की गई। सीमांत क्षेत्र में स्थित इस दिव्य धाम का आध्यात्मिक एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत वातावरण अंतर्मन को भावविभोर करने वाला रहा। मातेश्वरी श्री तनोट राय मंदिर दर्शन उपरांत चेलक निवासी भीम सिंह भाटी के स्नेहिल निमंत्रण पर उनके फार्म हाउस (चक 1SD) में पारंपरिक राजस्थानी आतिथ्य के साथ आत्मीय मिलन का अवसर प्राप्त हुआ, जो इस यात्रा का विशेष एवं स्मरणीय आयाम रहा। भगवान लक्ष्मीनाथ की पावन तस्वीर भेंट की इसी क्रम में जैसलमेर आगमन पर हमीरा निवासी भवानी सिंह द्वारा संचालित जिज्ञासा पैलेस में जैसलमेर की युवा शक्ति द्वारा अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर युवा साथियों द्वारा भगवान श्री लक्ष्मीनाथ जी की पावन तस्वीर भेंट कर श्रद्धाभाव प्रकट किया गया, जो इस आयोजन की आध्यात्मिक भावना का सुंदर प्रतीक रहा। यात्रा के दौरान नाचना हवेली, जैसलमेर में जाने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जहां महाराज विक्रम सिंह, उनकी पूज्य राजमाता साहिबा एवं राणीसा द्वारा राजसी परंपरा के अनुरूप अत्यंत आदर, सम्मान एवं गरिमामय स्वागत एवं सत्कार किया गया। उनका स्नेह, विनम्रता एवं आतिथ्य भाव अत्यंत हृदयस्पर्शी रहा। यात्रा के दौरान जैसलमेर स्थित शहीद जयसिंह सर्किल, रामगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर स्थानीय प्रबुद्धजनों, समाजबंधुओं एवं युवा साथियों द्वारा भव्य, स्नेहपूर्ण एवं गरिमामय स्वागत किया गया। यात्रा में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया द्वितीय दिवस (25 मार्च 2026) को यात्रा का क्रम आगे बढ़ाते हुए जैसलमेर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक भगवान श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर में श्रद्धापूर्वक दर्शन एवं पूजन किया गया। इसके पश्चात मातेश्वरी श्री भादरिया राय मंदिर (भादरिया) में दर्शन कर दिव्य शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया। निरोगी जीवन की कामना की इसके बाद लोक आस्था के महान केंद्र श्री बाबा रामदेव जी मंदिर (रामदेवरा) में बाबा के श्रीचरणों में नमन कर समस्त जनमानस के सुख, शांति एवं निरोगी जीवन की कामना की। इसके उपरांत कुलदेवी श्री नागणेच्या माता मंदिर (नागाणा) में श्रद्धापूर्वक दर्शन कर अखंड कल्याण एवं समृद्धि की मंगलकामनाएं की गईं। दो दिवसीय इस पावन देव दर्शन यात्रा का समापन पुनः जसोलधाम में मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा के श्रीचरणों में नमन एवं दर्शन लाभ के साथ सम्पन्न हुआ। जहां से यात्रा का शुभारम्भ हुआ, वहीं आकर इसका समापन होना इस संपूर्ण यात्रा को पूर्णता एवं आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करने वाला रहा। महंत नारायणगिरी महाराज बोले-श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक चेतना आएगी पूज्य महंत नारायणगिरी जी महाराज का आशीर्वचन “चैत्र नवरात्रा का यह पावन पर्व साधना, शक्ति उपासना एवं आत्मशुद्धि का विशेष समय है। इस पावन अवसर पर आयोजित यह देव दर्शन यात्रा श्रद्धा, भक्ति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। विभिन्न शक्तिपीठों एवं देवस्थलों के दर्शन से श्रद्धालुओं के अंतर्मन में आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। संतों का सानिध्य व्यक्ति को संयम, सेवा एवं संस्कारों की ओर प्रेरित करता है। समाज में धर्म के प्रति जागरूकता, एकता एवं सद्भाव का विस्तार ऐसे आयोजनों के माध्यम से होता है। समस्त आराध्य देवी-देवताओं की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे, यही मंगलकामना है।” गणेशपुरी महाराज बोले-श्रद्धालुओं का उत्साह, अनुशासन एवं आस्था अत्यंत प्रेरणादायक पूज्य महंत गणेशपुरी जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “यह दो दिवसीय देव दर्शन यात्रा भक्ति, अनुशासन एवं सेवा भाव का अनुपम संगम रही। प्रत्येक पड़ाव पर श्रद्धालुओं का उत्साह, अनुशासन एवं आस्था अत्यंत प्रेरणादायक रही। सनातन परंपरा में इस प्रकार की यात्राएं व्यक्ति को ईश्वर के निकट ले जाती हैं तथा समाज में सद्भाव एवं संस्कारों का प्रसार करती हैं। सेवा, समर्पण एवं सहयोग की भावना इस यात्रा में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। यह यात्रा सभी के जीवन में शांति, प्रेरणा एवं आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम बने, यही प्रार्थना है।” कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल बोले-देव दर्शन यात्रा प्रेरणादायक रही कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने इस अवसर पर कहा कि “चैत्र नवरात्रा के पावन अवसर पर संतों के सानिध्य में सम्पन्न यह देव दर्शन यात्रा अत्यंत सौभाग्यपूर्ण एवं प्रेरणादायक रही। पश्चिमी राजस्थान के इन प्राचीन पवित्र स्थलों पर दर्शन एवं पूजन के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ, जिसने जीवन को नई दिशा प्रदान करने का कार्य किया। इस यात्रा के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा जो स्नेह, सम्मान एवं सहयोग प्राप्त हुआ, वह अत्यंत अभिभूत करने वाला है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, संस्कार एवं सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं तथा संतों का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। सभी श्रद्धालुओं, समाजबंधुओं एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। मां भगवती से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल का वास बना रहे।” इस पावन देव दर्शन यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर शहीद जयसिंह सर्किल (जैसलमेर), जोगीदास ग्राम, नाचना हवेली एवं जिज्ञासा पैलेस में आयोजित स्वागत एवं सत्कार कार्यक्रमों के दौरान अनेक गणमान्यजन, प्रबुद्धजन एवं समाजबंधु उपस्थित रहे। ये रहे मौजूदइनमें प्रमुख रूप से ठाकुर दलपत सिंह, ठाकुर नखत सिंह, गिरधर सिंह, जय सिंह, मोती सिंह (जोगीदास गांव), छोटू सिंह (तेजमालता), भोम सिंह (झिंझिनियाली), दीपाराम, हिन्दू सिंह, भगवान सिंह, लाल सिंह, हाथी राम, भंवर सिंह (साधना) एवं खेमेंद्र सिंह (जाम), नरेंद्र सिंह करड़ा, भवानी सिंह (हमीरा), घेवर सिंह (बडोड़ा गांव), दिलीप सिंह (खेलाणा), कुन्दन सिंह (झिझनियाली), रावल सिंह (बडोड़ा गांव), शोभ सिंह (चोचरा), स्वरूप सिंह (डांवरा), श्रवण सिंह (बईया), नारायण सिंह (बडोड़ा गांव), दौलत सिंह (बडोड़ा गांव), कुन्दन सिंह (राजगढ़), बाबू सिंह (सोढा खिरजा), नरेन्द्र सिंह (जामड़ा), महेन्द्र सिंह (नगा), दौलत सिंह, श्रवण सिंह (बडोड़ा गांव), जोरावर सिंह (बडोड़ा गांव), महावीर सिंह (बडोड़ा गांव), भवानी सिंह (बईया), हितेंद्र सिंह (हमीरा), महेन्द्र सिंह (बडोड़ा गांव), राजेन्द्र सिंह (चम्पावत), नरेन्द्र सिंह (करड़ा), शम्भू सिंह (छतागढ़), नरेंद्र सिंह (पूनमनगर) एवं अमृत सिंह (मूलाना) सहित अनेक सम्माननीय जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा एवं कुलदेवी श्री नागणेच्या माता सहित समस्त देवी - देवताओं से विनम्र प्रार्थना की गई कि उनकी असीम कृपा समस्त श्रद्धालुओं पर सदैव बनी रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल का सतत संचार होता रहे।
करौली में चैत्र नवरात्र के अवसर पर कैलादेवी धाम पर दुर्गाष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल कैलादेवी के इस वार्षिक लक्खी मेले को 'लघु महाकुंभ' के नाम से भी जाना जाता है। लाखों भक्तों ने माता के दरबार में हाजिरी लगाकर खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। दुर्गाष्टमी पर तड़के 3 बजे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। 'जय माता दी' के जयकारों के साथ भक्त धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए माता के दर्शन कर रहे थे। भारी भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लगभग एक घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। 1 अप्रैल तक चलेगा मेला16 मार्च से 1 अप्रैल तक चलने वाले इस मेले में अब तक लगभग 30 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। पूरे मेले में 40 लाख से ज्यादा भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा सहित कई राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में भक्त ध्वजा लेकर पैदल यात्रा करते हुए माता के दरबार तक आते हैं। कालीसिल नदी में स्नान कर फिर करते है दर्शनकैलादेवी में बहने वाली कालीसिल नदी में स्नान की विशेष मान्यता है। श्रद्धालु पहले नदी में स्नान कर स्वयं को पवित्र करते हैं, इसके बाद माता के दर्शन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से ही मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मेले में नवविवाहित जोड़े, बच्चों का मुंडन संस्कार कराने वाले परिवार और मनौती पूरी होने पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यहां हर उम्र के भक्तों की भागीदारी देखने को मिलती है, जो आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम दर्शाती है। 1500 जवानों ने संभाली व्यवस्थाएंप्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। लगभग 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, वहीं परिवहन के लिए 300 से अधिक रोडवेज बसें चलाई जा रही हैं। मेले में बाजार, झूले, खानपान और विभिन्न मनोरंजन साधनों से भी रौनक बनी हुई है। इस वर्ष दुर्गाष्टमी और रामनवमी का पर्व एक साथ होने के कारण मेले में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ गई है। इससे कैलादेवी धाम में आस्था का एक विशाल महासागर उमड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
बेगूसराय में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्टेट हाईवे-55 पर 24 मार्च की देर शाम सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान लाखो पंचायत के अयोध्याबाड़ी वार्ड नंबर-2 के रहने वाले जितेंद्र राय (42) के रूप में हुई है। पेशे से पेंटर और कारपेंटर (बढ़ई) का काम करता था। तेज रफ्तार वाहन ने रौंदा चचेरे भाई सुनील कुमार ने बताया कि काम करने के लिए मंझौल गया था। काम खत्म होने के बाद साइकिल से घर लौट रहा था। खम्हार गांव के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि जितेंद्र सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से मुफस्सिल थाना पुलिस ने सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां से परिजन प्राइवेट अस्पताल लेकर चले गए। इलाज के दौरान गुरुवार(26 मार्च 2026) को दम तोड़ दिया।
बलिया पुलिस लाइन में 27 मार्च को निष्प्रयोज्य सरकारी संपत्ति की नीलामी आयोजित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के 'ऑपरेशन क्लीन' अभियान के तहत यह नीलामी सुबह 10 बजे से प्रस्तावित है। इसमें पुराने कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य राजकीय संपत्ति शामिल होगी। इच्छुक व्यक्ति निर्धारित तिथि और समय पर पुलिस लाइन बलिया में उपस्थित होकर नीलामी में भाग ले सकते हैं। नीलामी में शामिल होने के लिए प्रत्येक बोलीदाता को सबसे पहले 40,000 रुपये की धरोहर राशि जमा करनी होगी। सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यक्ति को नीलामी की पूरी धनराशि तत्काल जमा करनी होगी। इसके अतिरिक्त, नीलामी लेने वाले व्यक्ति को नियमानुसार जीएसटी और सेल टैक्स का भुगतान भी करना होगा। बलिया पुलिस ने आम जनता से इस नीलामी में स्वेच्छा से भाग लेने की अपील की है। पुलिस ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया है, ताकि नीलामी में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
लखनऊ में टाइल्स कारीगर को दोस्तों ने मारने के बाद उसकी गर्दन से मांस निकाल लिया था। उसे शराब पार्टी के लिए बुलाया था। सबने जमीन पर पड़ी ईंटों पर बैठकर पार्टी की। जब युवक नशे में हो गया तो उसे दोस्तों ने मौत के घाट उतार दिया। उसकी गर्दन से किसी हथियार से मांस निकाल लिया। घटना चिनहट थानाक्षेत्र की मंगलवार रात की है। मृतक की पहचान चिनहट के कल्याणी बिहार कॉलोनी के रितेश सिंह के रूप में हुई थी। मां ने घटनास्थल पर रोते हुए बताया था- रितेश बिना बताए घूमने निकला था। अंतिम बार उसने फोन पर बात की थी। कहा था- निशातगंज में हूं। इसके बाद कॉल काट दिया। इस रिपोर्ट में पढ़िए हत्या में पुलिस की इन्वेस्टिगेशन कहां तक पहुंची, युवक की डेडबॉडी पर कौन-से निशान थे, उस पर कैसा मुकदमा था और परिजनों का क्या कहना है… अब पूरा मामला पढ़िए- चिनहट के कल्याणी बिहार कॉलोनी के रहने वाला रितेश सिंह टाइल्स कारीगर था। मंगलवार शाम को वह घर से बिना बताए अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला था। चिनहट के हरदासीखेड़ा स्थित मैदान में स्थानीय लोगों ने उसे घायल अवस्था में पड़ा देखा। रितेश के गले पर गहरा घाव था और खून निकल रहा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। 108 एंबुलेंस की मदद से रितेश को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता ने उसके दोस्त प्रियांशु के खिलाफ हत्या की शिकायत दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोट के निशान मिले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रितेश की डेडबॉडी पर कई चोट के निशान मिले हैं। युवक को पहले पीटा गया। उसके बाद हत्या कर दी गई। पुलिस की तीन टीमें नामजद आरोपी दोस्त प्रियांशु की तलाश में लगी हैं। वहीं, दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस हर एंगल पर जांच-पूछताछ कर रही है। रितेश के गले में काफी गहरे जख्म थे। गले का आधा हिस्सा कट चुका था, जो गायब भी था। ऐसा लग रहा था कि चापड़ जैसे धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया हो। गले पर कई बार वार किया गया। इस दौरान उसके गले से ज्यादातर मांस निकल गया। ज्यादा खून भी बहा। परिजन बोले- साजिश कर हत्या की गई परिजनों का कहना है कि कोई एक आदमी रितेश को कंट्रोल नहीं कर सकता। आरोपियों ने योजना के तहत बुलाया है। शराब पिलाई फिर दो ने हाथ पकड़े और एक ने गला रेत दिया। घटना के बाद रितेश का मोबाइल फोन भी नहीं मिला। घटनास्थल पड़े ईटों और सबूत से पता चल रहा है कि हत्यारे दो से तीन थे। सभी ने ईंट पर बैठकर शराब पी। इसके बाद उन्होंने रितेश से विवाद शुरू किया। हाथापाई होने पर उसी समय धारदार हथियार से रितेश का गला रेत दिया गया। वाहन चोरी मामले में जेल गया था रितेश रितेश के खिलाफ वाहन चोरी और मारपीट समेत करीब छह मुकदमे दर्ज हैं। वह वाहन चोरी में करीब डेढ़ साल पहले जेल गया था। करीब दो से तीन महीने जेल में भी रहा था। उसके और प्रियांशु के पास से चोरी की बाइक भी बरामद हुई थी। इस पर रितेश के मामा ने बताया कि बाइक प्रियांशु के दोस्तों ने चोरी की थी। रितेश को इसकी जानकारी नहीं थी। वह उस पर बैठकर सिर्फ प्रियांशु के साथ जा रहा था। इस दौरान चिनहट की डूडा कॉलोनी में चेकिंग के दौरान वे पकड़ लिए गए। देर रात हुआ रितेश का अंतिम संस्कार पुलिस ने रितेश का शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार देर शाम शव घर पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। इकलौते बेटे की हत्या से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। मां आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग करती रहीं। प्रेम प्रसंग सहित अन्य बिंदुओं पर जांच इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एक युवक का परिजनों नामजद कराया है। उसकी तलाश जारी है, उसके पकड़े जाने पर कुछ साफ हो सकेगा। घटनास्थल को जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि रितेश के साथ और कौन था? शुरुआती जांच में रंजिश सामने आ रही है। फिलहाल रुपए के लेनदेन, प्रेम प्रसंग सहित हर बिंदुओं पर जांच चल रही है। आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होंगे। ------------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ में दोस्तों ने युवक की गला रेतकर हत्या की : वारदात से पहले शराब पार्टी, मैदान में मिली लाश; 2 हिरासत में लखनऊ में युवक की गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसकी खून से लथपथ लाश सुनसान मैदान में पड़ी मिली। मौके से शराब और कोल्ड ड्रिंक की बोतलें भी मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि दोस्तों ने ही शराब के नशे में युवक की हत्या की है। पुलिस 2 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घटना चिनहट इलाके में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात हुई। (पूरी खबर पढ़िए)
नरसिंहपुर में राजराजेश्वरी मां त्रिपुर सुंदरी का नवरात्र की अष्टमी पर दिव्य श्रृंगार किया गया। मां त्रिपुर जिले के श्रीवनम की पहाड़ियों में स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में विराजित हैं। गुरुवार को माता रानी को सिंहवाहिनी स्वरूप में सजाया गया, जिसमें उनके हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुशोभित है। मां के इस विशेष श्रृंगार में दरबार की पृष्ठभूमि को अंगूरों से सजाया गया था। इस अनोखी और मनमोहक साज-सज्जा ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। साधना से भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती माता के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त आश्रम पहुंचे। उन्होंने भक्ति भाव से आरती में भाग लिया और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। नवरात्र के दौरान यहां प्रतिदिन माता का अलग-अलग रूपों में श्रृंगार किया जाता है, जो क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि मां त्रिपुर सुंदरी की साधना से भक्तों को भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। इसी कारण अष्टमी के इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं में अत्यधिक आस्था और उत्साह देखा गया।
करौली जिले में राष्ट्रीय पशु बाघ की छठी सर्वव्यापी गणना गुरुवार से शुरू हो गई है। इस बार यह गणना पूरी तैयारी और आधुनिक तकनीकों के साथ की जा रही है, ताकि बाघों का सटीक और वैज्ञानिक आकलन सुनिश्चित हो सके। रणथंभौर बाघ अभयारण्य द्वितीय के उपवन संरक्षक पीयूष शर्मा ने बताया कि करौली जिले के वन क्षेत्रों में गणना के लिए 400 से अधिक कैमरा-ट्रैप लगाए गए हैं। फील्ड कर्मियों को डाटा संग्रहण में त्रुटि से बचने के लिए मोबाइल उपकरण भी दिए गए हैं। यह गणना लगभग एक माह में पूरी कर ली जाएगी। इस सर्वे में कैमरा-ट्रैप, एम-STRIPES मोबाइल ऐप, जीआईएस तकनीक और वैज्ञानिक वीडियो एनालिटिक्स का उपयोग किया जा रहा है। सर्वे से जुड़े सभी कार्मिकों को पहले ही विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें पगमार्क पहचान, शिकार-जीवों का डाटा संकलन, वीडियो रिकॉर्डिंग, मोबाइल एप का उपयोग और लोकेशन मैपिंग की वैज्ञानिक विधियों का अभ्यास शामिल है। बाघ भारत का राष्ट्रीय पशु होने के साथ-साथ एक स्वस्थ और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक भी है। बाघों की घटती संख्या को देखते हुए, देशभर में पहली बार ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन की शुरुआत वर्ष 2006 में की गई थी। इसके बाद से हर चार साल में हुए सर्वेक्षणों में बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2006 में 1,411 बाघ दर्ज किए गए थे, जो 2010 में बढ़कर 1,706, 2014 में 2,226, 2018 में 2,967 और 2022 में लगभग 3,682 हो गए। देशभर के 57 से अधिक टाइगर रिजर्व में यह गणना की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि उन्नत तकनीकों के उपयोग से वर्ष 2026 का यह सर्वे अब तक का सबसे सटीक और विश्वसनीय बाघ आकलन साबित होगा।
जहानाबाद में जिला गंगा समिति के तत्वावधान में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अमित कुमार ने की। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता (एडीएम), खेल पदाधिकारी और कला-संस्कृति अधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके साथ स्काउट-गाइड, एनसीसी के सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया। उपस्थित अधिकारियों ने गंगा और अन्य नदियों की स्वच्छता बनाए रखने, पर्यावरण संरक्षण तथा जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का मंच संचालन अमरितेश कुमार ने किया। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
केंद्र सरकार की अधिसूचना के विरोध में प्रदेश के पेंशनर्स संगठनों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि नए प्रावधान लागू होने पर करीब 5 लाख पेंशनरों को नुकसान हो सकता है और असमानता बढ़ेगी। पेंशनर्स एसोसिएशन ने 29 मार्च 2025 को जारी अधिसूचना को नुकसानदायक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। नए वर्गीकरण से पुराने पेंशनर प्रभावित संगठन के अनुसार पेंशन पात्रता और सेवानिवृत्ति तिथि के आधार पर किए गए नए वर्गीकरण से पुराने पेंशनरों को लाभ कम मिल सकता है। पेंशनर्स ने मांग की है कि सातवें वेतन आयोग के दौरान लागू व्यवस्था के आधार पर ही सभी को समान लाभ दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला ज्ञापन में ‘डीएस नाकारा केस’ का जिक्र करते हुए कहा गया कि पेंशन सामाजिक सुरक्षा का हिस्सा है और इसमें भेदभाव नहीं होना चाहिए। संगठन ने 25 मार्च 2025 के वित्त विधेयक में किए गए प्रावधानों को सामाजिक सुरक्षा नीति के विपरीत बताया है। ऐसे में अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने विरोध में 25 मार्च 2026 को “काला दिवस” मनाया गया। विभिन्न राज्यों के संगठनों ने इसका समर्थन किया। सरकार से पुनर्विचार की मांग संगठन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार पेंशनरों की मांगों पर विचार कर सकारात्मक निर्णय लेगी।
अमरोहा की जोया सीएचसी में 25 फरवरी को आत्महत्या करने वाले संविदा कर्मी अंकुर चीमा की पत्नी ने गुरुवार को एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में मानसिक उत्पीड़न का जिक्र था। मृतक अंकुर चीमा (35) जोया सीएचसी में नर्सिंग में संविदा कर्मी के पद पर तैनात थे। उन्होंने 25 फरवरी को अपने सरकारी आवास पर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। अंकुर मूल रूप से अमरोहा जिले के नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव भेड़ा भरतपुर के निवासी थे और जोया सीएचसी में नवजात शिशु स्थिरीकरण इकाई में कार्यरत थे। उनकी पत्नी गरिमा सिंह बलरामपुर जिले में प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका हैं। अंकुर की शादी 2022 में हुई थी और उनका एक आठ माह का बेटा है। गरिमा सिंह ने सोमवार को एक वीडियो भी वायरल किया था, जिसमें उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने और आरोपियों से खुद व अपने मासूम बेटे को खतरा होने का आरोप लगाया था। गरिमा सिंह का कहना है कि आरोपियों द्वारा बार-बार उत्पीड़न और मानसिक रूप से परेशान किए जाने के कारण ही उनके पति ने आत्महत्या की थी। सुसाइड नोट में उनके भाई, भाभी और पिता पर मानसिक उत्पीड़न तथा मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से नाराज गरिमा अपने मायके पक्ष के लोगों और अन्य परिचितों के साथ गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने डिडौली पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। गरिमा ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उन पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने शिकायती पत्र देकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
दौसा जिला हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए मरीज के साथ मारपीट की गई। स्टाफ और गार्ड ने पीटने के साथ ही उसे घसीटते हुए कमरे में बंद कर दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मरीज की शिकायत पर दोनों पक्षों को कोतवाली थाने बुलाकर पूछताछ की गई। पहले घटना से जुड़ीं ये तस्वीरें देखिए … अब पूरा घटनाक्रम पढ़िए … जानकारी के अनुसार, सोमनाथ क्षेत्र का रहने वाला नंदलाल मीणा गुरुवार सुबह करीब 8:20 बजे पथरी के दर्द के चलते दौसा जिला हॉस्पिटल पहुंचा था। इमरजेंसी में 8:33 बजे रजिस्ट्रेशन पर्ची बनवाने के बाद उसने डॉक्टर को दिखाया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के बाद पर्ची पर ट्रीटमेंट लिख दिया था। इसके बाद जल्दी इंजेक्शन लगाने की बात को लेकर मरीज और मेडिकल स्टाफ के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। घसीटते हुए कमरे में बंद कर मारपीट मरीज नंदलाल मीणा ने कहा - तेज दर्द के कारण उसने जल्दी इलाज करने के लिए कहा था। इस पर भड़कते हुए स्टाफ और गार्ड ने उसके साथ मारपीट करते हुए घसीटा। इसके बाद उसे एक कमरे में बंद कर फिर मारपीट की गई। पीएमओ डॉ. आर.के. मीणा ने बताया - मरीज हो या स्टाफ हो किसी के साथ भी मारपीट करना गलत है। मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों को भेजा थाने, जांच शुरू जिला हॉस्पिटल पुलिस चौकी के महेश ने बताया - इलाज में देरी को लेकर मरीज और स्टाफ के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद मारपीट हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली थाने भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। स्टाफ ने आरोपों को बताया गलत वहीं, मेडिकल स्टाफ का कहना है कि मरीज ने पहले गाली-गलौज की थी, जिससे विवाद की स्थिति बनी। स्टाफ ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।
मैहर में साल 2026-27 के लिए भांग की फुटकर दुकानों के लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला आबकारी विभाग ने इच्छुक लोगों से टेंडर मंगाए हैं। यह लाइसेंस 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक के लिए रहेगा। मैहर और अमरपाटन में मिलेंगे लाइसेंस जानकारी के मुताबिक मैहर और अमरपाटन में दो दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इन दोनों दुकानों का कुल आरक्षित मूल्य 25 लाख 16 हजार 489 रुपए रखा गया है। वहीं, आवेदन करने के लिए 10 प्रतिशत यानी 2 लाख 51 हजार 649 रुपए की अमानत राशि तय की गई है। 27 मार्च से शुरु होगी प्रक्रिया टेंडर की प्रक्रिया 27 मार्च 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार मैहर में होगी। दोपहर 3:30 बजे से टेंडर खोले जाएंगे। टेंडर फॉर्म 25 मार्च से 27 मार्च दोपहर 2 बजे तक मिलेंगे। आवेदन जमा करने की आखिरी समय सीमा 27 मार्च दोपहर 3 बजे रखी गई है। जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि जो लोग आवेदन करना चाहते हैं, वे तय समय के अंदर प्रक्रिया पूरी कर लें। ज्यादा जानकारी के लिए जिला आबकारी कार्यालय मैहर से संपर्क किया जा सकता है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी और भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री के अंग्रेजी ट्वीट पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह ट्वीट उन्होंने खुद नहीं लिखा, बल्कि एआई के जरिए किया गया है, जिसका झूठ पकड़ा जा चुका है। कहा-जो एआई का फुलफॉर्म नहीं जानते हैं वह पीडीए को क्या समझेंगे। पीडीए का दु:ख-दर्द क्या समझेंगे। उनकी बातों में न आओ, वो योगी नहीं हैं। वो कुछ भी बोल सकते हैं। चली चला की बेला है। सुनने में आया है कि गांजा गंज फिल्म बनने जा रही है। पूजा पाल के योगी के धुरंधर कहने पर कहा- धुरंधर से भी बड़े धुरंधर हैं। हमारी विधायक को गुमराह कर ले गए। बताओ कहां एफआईआर कराएं। सपा प्रमुख गुरुवार को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने सरकार के एमओयू साइन किए जाने पर भी सवाल खड़े किए। कहा- एमओयू का कोई वित्तीय आधार नहीं है। सभी एमओयू की जांच कराई जाए। पढ़िए अखिलेश यादव की प्रमुख बातें... 1- धुरंधर से भी बड़े धुरंधर योगी, हमारी महिला विधायक को गुमराह कर ले गए पूजा पाल के योगी को धुरंधर कहने पर अखिलेश ने कहा- धुरंधर से भी बड़े धुरंधर हैं। हमारी विधायक को गुमराह कर ले गए। बताओ कहां एफआईआर कराएं। महिला थीं इसलिए पहले निकाला नहीं। बाद में मजबूरी में निकालना पड़ा। ये स्टेटमेंट इस लिए दिए जा रहे हैं कि कहीं से टिकट मिल जाए। असली लड़ाई यही चल रही है। जहां मिलेगी , वहां से हमारे प्रदेश अध्यक्ष जोर लगाएंगे। 2- जितनी पीड़ा बढ़ेगी, उतना ही पीडीए बढ़ता चला जाएगा सीएम योगी ने कहा- जो एआई का फुलफॉर्म नहीं जानते हैं वह पीडीए को क्या समझेंगे। पीडीए का दु:ख-दर्द क्या समझेंगे। उन्हें अपमानित होना पड़ रहा वे क्या समझेंगे। जितनी पीड़ा बढ़ेगी, उतना ही पीडीए बढ़ता चला जाएगा। इसलिए पीडीए को सम्मान दिलाने के लिए हम समाजवादी लोग उनको जोड़कर आगे बढ़ते जा रहे। 3- भाजपा सरकार के एमओयू की जांच कराई जाए अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार में हुए कई एमओयू (MoU) का कोई वित्तीय आधार नहीं था। हम मांग करते हैं कि अब तक हुए सभी एमओयू की जांच कराई जाए। ये जनता को गुमराह करने के लिए किए गए। उन्होंने कहा कि एआई के नाम पर भी सरकार भ्रम फैला रही है। एक कंपनी की बात हो रही है, वह 2025 में बनी और उसकी वेबसाइट 2026 में बनी। 5% इंसेंटिव से ही पूरा मामला सामने आ गया। 4- भाजपा में सब प्रोपगंडा मिनिस्टर अखिलेश ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हिटलर के समय एक प्रोपगंडा मिनिस्टर होता था, लेकिन भाजपा सरकार में केंद्र और प्रदेश के सभी मंत्री प्रोपगंडा मिनिस्टर हैं। हर कोई खुद को प्रधानमंत्री समझ रहा है। कहा- भाजपा दुनिया की पहली राजनीतिक पार्टी है जो दूसरों की छवि खराब करने के लिए अरबों रुपए खर्च करती है। उन्होंने कहा- लोक भवन में जिस सोफे को तोड़ रहे हैं, वो किसका बनवाया हुआ है? लोकभवन किसका बनवाया हुआ है। उनकी बातों में न आओ, वो योगी नहीं हैं। वो कुछ भी बोल सकते हैं। चली चला की बेला है। सुनने में आया है कि गांजा गंज फिल्म बनने जा रही है। 5- भाजपा ने सिर्फ लाइन में लगाया अखिलेश ने महंगाई और गैस सिलेंडर पर तंज कसते हुए कहा कि नया महीना आ रहा है, भाजपा सरकार में लोगों को लाइन के अलावा क्या मिला? लोग बजट बनाकर चलते हैं कि महीने के आखिर में सिलेंडर भरवाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने 14.2 किलो सिलेंडर को घटाकर 10 किलो कर दिया। कहा- हमने अपने घर में मिट्टी के दो चूल्हे बनवा लिए। अपने यहां लकड़ी और कोयले से खाना बनाने का इंतजाम कर लिया है। एक महीने दिक्कत और रही तो सबको यही करना पड़ेगा। 6- संसद में ड्रेसकोड पर पूछा- क्या नेकर पहनकर जाएं अखिलेश यादव ने संसद में ड्रेस कोड पर कहा- क्या नेकर पहन कर जाएं? अगर भाजपा के सभी लोग नेकर पहन कर आ जाएं तो हम भी पहन कर आ जाएंगे। 7- सम्राट अशोक की मूर्ति का ऐलान अखिलेश ने घोषणा की कि लखनऊ में रिवर फ्रंट पर सम्राट अशोक की मूर्ति लगाकर उन्हें सोने के सिंहासन पर बैठाने का काम किया जाएगा।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और पंजाब की राजनीति के चर्चित चेहरे नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर सोशल मीडिया पर छा गए हैं। इस बार वजह न तो उनका कोई सियासी बयान है और न ही उनकी चर्चित शायरी। बल्कि उनका बेहद मासूम और देसी अंदाज लोगों का दिल जीत रहा है। दरअसल, हाल ही में सामने आए एक वीडियो में नवजोत सिंह सिद्धू अपने बचपन की यादों में खोए नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह गली-मोहल्ले में खेले जाने वाले पारंपरिक खेल गुल्ली-डंडा खेलते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा- “बचपन के दिन भूल मत जाना।” यही सादगी और अपनापन लोगों को खूब पसंद आ रहा है। 18 घंटे में 11 लाख से ज्यादा व्यूज करीब 18 घंटे पहले अपलोड किए गए इस वीडियो को अब तक 11 लाख (1.1 मिलियन) से ज्यादा बार देखा जा चुका है। सोशल मीडिया यूजर्स इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोग सिद्धू की सादगी और जमीन से जुड़े स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि इस वीडियो ने उन्हें अपने बचपन की यादें ताजा करा दीं, तो कुछ ने उन्हें दिल का अच्छा इंसान बताया। बिना दिखावे का अंदाज, दिलों को छू गया वीडियो वीडियो में सिद्धू का अंदाज बिल्कुल अलग नजर आता है न कोई दिखावा, न कोई राजनीतिक रंग, सिर्फ बचपन की मासूमियत। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और हर उम्र के लोगों को जोड़ रहा है। कुल मिलाकर, इस वीडियो ने यह साबित कर दिया है कि बचपन की सादगी और पुरानी यादें आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखती हैं, और जब कोई चर्चित चेहरा इस अंदाज में नजर आता है, तो वह सीधे दिलों को छू जाता है।
चैत्र नवरात्रि के अष्ठमी और नवमी पर गुरूवार को कोटा शहर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। शहर के मंदिरों और घर-घर में सुबह से ही पूजा-अर्चना, हवन, कन्या पूजन और भंडारों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के नौवें स्वरूप की विधिवत पूजा कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस मौके पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने कोटा स्थित निजी आवास पर कन्या पूजन किया। इस दौरान नन्हीं कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका तिलक किया गया। मंत्री ने उनकी पूजा कर उपहार दिए और अर्शीवाद लिया। मंत्री दिलावर ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को रामनवमी और नवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, धर्म और आदर्शों का पालन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कामना की कि प्रभु श्रीराम और मां दुर्गा की कृपा सभी पर बनी रहे। वहीं दादाबाड़ी स्थित वैष्णो देवी ज्योति मंदिर में गुरुवार को मंदिर परिसर में महाअष्टमी का पूजन विधि-विधान से किया गया। मंदिर प्रबंधक सनमीत सिंह ने बताया कि महाअष्टमी के विशेष अवसर पर पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन अनुष्ठान आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में यजमानों ने आहुतियां दी। इसके बाद पारंपरिक कन्या पूजन का आयोजन हुआ। जिसमें नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें चुनरी व प्रसाद भेंट कर आशीर्वाद लिया गया। इस दौरान माता रानी का अलौकिक श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे देख भक्त भावविभोर हो उठे। पूरा मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गुंजायमान रहा।माता रानी का भव्य दरबार सजाकर छप्पन भोग की मनमोहक झांकी सजाई गई। सनमीत सिंह ने बताया कि नवरात्रि महोत्सव का विधिवत समापन शुक्रवार को नवमी तिथि पर होगा। इस अवसर पर सुबह विशेष महाआरती की जाएगी और शाम को भंडारे का आयोजन होगा।
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इससे पहले ही हरदा जिले की कृषि मंडियों में गेहूं के दाम गिर गए हैं। जिला मुख्यालय की मंडी में गेहूं सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल से काफी नीचे बिक रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा भाववर्तमान में हरदा मंडी में गेहूं 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। किसानों का कहना है कि आगामी मूंग फसल की तैयारी और परिवार में विवाह कार्यक्रमों के कारण उन्हें रुपयों की तत्काल आवश्यकता है। इस वजह से उन्हें कम भाव पर अपनी उपज बेचना मजबूरी बन गई है। नमी के कारण कम मिल रहा दाम: मंडी सचिववहीं, मंडी सचिव का कहना है कि गेहूं 2400 रुपये से अधिक दाम पर भी बिक रहा है। उन्होंने बताया कि किसान कटाई के बाद सीधे अपनी उपज मंडी ला रहे हैं और उपज में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण भाव में कुछ कमी आ रही है। 1 अप्रैल से खरीदी, 54 केंद्र बनाए गएआगामी 1 अप्रैल से शुरू हो रही समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए जिले में 54 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष गेहूं का उत्पादन बेहतर रहने के बावजूद किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। समर्थन मूल्य से करीब 300 रुपये कम भावमंडियों में गेहूं का भाव समर्थन मूल्य से करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल कम मिलने से किसानों में गहरी नाराजगी है। किसान संगठनों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद खुले बाजार में गेहूं के दाम समर्थन मूल्य से नीचे बने हुए हैं। मजबूरी में बेच रहे किसानकई किसानों ने बताया कि घर-परिवार की जरूरतें पूरी करने और कर्ज चुकाने के दबाव के कारण उन्हें मजबूरी में फसल बेचनी पड़ रही है। किसान संगठनों ने मांग की है कि समर्थन मूल्य पर तुरंत और व्यापक खरीदी सुनिश्चित की जाए। साथ ही खरीदी केंद्रों की संख्या और क्षमता बढ़ाई जाए। उन्होंने निजी खरीदारों पर निगरानी रखने और भाव गिराने की प्रवृत्ति को रोकने की भी अपील की है। उनका कहना है कि अच्छा उत्पादन होने के बावजूद उचित मूल्य न मिलना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर जल्द ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
भीलवाड़ा में अवैध बजरी खनन पर दबिश:एक जेसीबी और तीन डंपर जब्त,आगे कार्रवाई माइनिंग डिपार्टमेंट करेगा
भीलवाड़ा में डीएसटी ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे डंपर और जेसीबी को जब्त किया है। एक जेसीबी और तीन डंपर जब्त डीएसटी ने देर रात अवैध बजरी खनन और परिवहन का इनपुट मिलने के बाद बड़लियास थाना क्षेत्र के जीव का खेड़ा गांव में दबिश दी।टीम ने मौके पर अवैध खनन के काम में लगी एक जेसीबी और तीन डंपर को जब्त किया है। जब्त वाहन थाने में खड़ा करवाया डीएसटी ने अवैध बजरी खनन और परिवहन में पकड़े हुए सभी वाहनों को बड़लियास थाने में खड़ा करवाया और आगे की कार्रवाई के लिए माइनिंग डिपार्टमेंट को सूचना दी। इनपुट मिलने के बाद हुई कार्रवाई बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में पिछले लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था,इनपुट मिलने के बाद टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।कार्रवाई के बाद से थाना क्षेत्र में अवैध खनन करने वाले माफिया में हड़कंप का माहौल है।
शिवपुरी में 2 सड़क हादसे : अज्ञात वाहनों की टक्कर से ससुर और मामा की मौत; दामाद-भांजा गंभीर घायल शिवपुरी जिले के देहात और पिछोर थाना क्षेत्रों में बुधवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में अज्ञात वाहनों की टक्कर से ससुर और मामा की मौत हो गई, जबकि दामाद और भांजा गंभीर रूप से घायल हो गए। पहला हादसा बुधवार शाम करीब 7 बजे शिवपुरी-झांसी लिंक रोड पर मछली फार्म के पास हुआ, जहां बलारी माता मंदिर से लौट रहे ससुर-दामाद की बाइक को अज्ञात वाहन ने सामने से टक्कर मार दी। वहीं दूसरा हादसा बुधवार दोपहर पिछोर के भरतपुर गांव के पास हुआ, जहां मल्हावनी से लौट रहे मामा-भांजे की बाइक को अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर गुरुवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया है और अज्ञात वाहनों की तलाश शुरू कर दी है। बलारी माता मंदिर से लौट रहे थे ससुर-दामाद, 45 वर्षीय बहादुर की मौत देहात थाना क्षेत्र के शिवपुरी-झांसी लिंक रोड स्थित मछली फार्म के पास बुधवार शाम करीब 7 बजे पहला हादसा हुआ। खरईभाट गांव निवासी किशन वाल्मीक अपने ससुर बहादुर वाल्मीक (45) के साथ बाइक से बलारी माता मंदिर दर्शन कर वापस लौट रहा था। तभी सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सड़क से नीचे जा गिरी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल, दामाद का इलाज जारी हादसे के बाद राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां जांच के बाद डॉक्टरों ने ससुर बहादुर वाल्मीक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दामाद किशन का इलाज अस्पताल में जारी है। देहात पुलिस ने मामले में अज्ञात वाहन के खिलाफ केस दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जीजा के गांव मल्हावनी से लौट रहे थे मामा-भांजा दूसरा सड़क हादसा पिछोर थाना क्षेत्र के भरतपुर गांव के पास बुधवार दोपहर हुआ। जानकारी के अनुसार, नांद गांव निवासी 33 वर्षीय कल्याण सिंह लोधी अपने भांजे सतेंद्र लोधी के साथ मल्हावनी गांव (जीजा के गांव) से अपने गांव नांद लौट रहा था। भरतपुर गांव के पास एक अज्ञात वाहन ने पीछे से उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मामा-भांजा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम, अज्ञात वाहन की तलाश हादसे में घायल दोनों लोगों को सबसे पहले पिछोर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में 33 वर्षीय कल्याण सिंह लोधी की मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है और टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।
अखिलेश यादव का तंज, बोले- यूपी में एलपीजी का मतलब लापता गैस, भाजपा ने लोगों को लाइन में लगाया
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने एलपीजी संकट को लेकर कोई तैयारी नहीं की है। यूपी में एलपीजी का मतलब लापता गैस हो गया है।
डिजिटल अरेस्ट की शिकार 83 साल की बुजुर्ग महिला के मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने डीजीपी, एसपी साइबर क्राइम को हाईकोर्ट में तलब किया हैं। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने यह आदेश आरोपी नवीन तेमानी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। आरोपी की ओर से कहा गया था कि उसका वृद्धा के साथ 10 लाख रुपए में समझौता हो गया हैं, उसे में उसे जमानत दी जाए। इस पर अदालत ने कोर्ट में मौजूद बुजुर्ग महिला से पूछा तो उसने कहा- जांच एजेंसी द्वारा न्याय न मिलने से अत्यधिक हताशा के कारण, उन्हें समझौता करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उन्हें 80 लाख रुपए के अपने वैध दावे को मात्र 10 लाख रुपये में निपटाने के लिए विवश किया गया है। न्यायालय की अंतरआत्मा को झकझोर दियाकोर्ट ने कहा कि यह विशिष्ट और अनूठा मामला है, जिसने इस न्यायालय की अंतरात्मा को गहराई से झकझोर दिया है। पीड़ित की स्थिति और कथित साइबर अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, यह न्यायालय उच्च पुलिस अधिकारियों को तलब करना उचित समझता है। कोर्ट ने आदेश दिया कि 27 मार्च को डीजीपी और एसपी साइबर क्राइम वीसी के जरिए उपस्थित हो। वहीं मामले से जुड़े जांच अधिकारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहेंगे। साइबर अपराध की असहाय शिकारकोर्ट ने कहा कि हमारे सामने एक 83 साल की बुजुर्ग महिला व्हील चेयर पर अपने दिव्यांग भतीजे के साथ उपस्थित हुई हैं। जो अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं, पूरी तरह से अकेली रहती हैं और उनकी देखभाल करने के लिए कोई करीबी रिश्तेदार नहीं है। वह आरोपियों द्वारा किए गए एक गंभीर सफेदपोश आर्थिक साइबर अपराध की असहाय शिकार हैं। शहर में रहना चाहे तो सरकार व्यवस्था करेंकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश देते हुए कहा कि अगर बुजुर्ग महिला केस के सिलसिले में शहर में रहना चाहती है तो उनके लिए उच्च गुणवत्ता वाले आवास और भोजन की पूरी व्यवस्था सरकार करेगी। वहीं इसका संपूर्ण खर्चा भी राज्य द्वारा ही वहन किया जाएगा। वहीं अगर इस निर्देश की पालना में किसी भी तरह की कोताही बरती जाती है तो न्यायालय द्वारा इसे गंभीरता से लिया जाएगा। दुबई में आरोपियों के अकाउंट में गया पैसासरकारी अधिवक्ता विवेक शर्मा ने बताया कि महिला अजमेर की रहने वाली हैं। उसे डिजिटल अरेस्ट में रखकर आरोपियों से उससे 80 लाख रुपए ठगे। वहीं यह पूरा पैसा लेयर अकाउंट्स के जरिए दुबई में अलग-अलग अकाउंट्स में विड्रो हुआ। पुलिस ने मामले में जांच करके चार्जशीट पेश कर दी हैं। लेकिन आरोपी दुबई में रहते है, ऐसे में उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी हैं। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह अगली तारीख से पहले इस केस से जुड़े समस्त दस्तावेज एकत्रित करके कोर्ट के समक्ष पेश करें।
पति ने पत्नी पर हंसिए से किया हमला:महिला ने एक महीने पहले खरीदा था मकान, पति चाहता था बेचना
नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र में एक पति द्वारा पत्नी पर हंसिए से हमला करने का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार को हुई। पीड़िता रानू राजपूत (30 वर्ष), निवासी करेली ने बताया कि उसने पिछले महीने 10 फरवरी को मायके पक्ष की मदद से एक घर खरीदा था। इस बात को लेकर ससुराल पक्ष नाराज था और पति को भड़का रहा था। रानू के अनुसार, उसका पति दीपक राजपूत उस पर घर बेचने का दबाव बना रहा था। रानू ने घर बेचने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच फोन पर विवाद हुआ। इस दौरान पति ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोपी ने घर के अंदर से हंसिया लिया। इसके बाद उसने रानू पर हमला कर दिया, जिससे उसे चोटें आईं। महिला बच्चों के साथ पहुंची थाने हमले के बाद रानू किसी तरह अपने बच्चों के साथ करेली थाने पहुंची। पुलिस ने उसकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए नर्सिंग होम रेफर किया गया है। करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी दीपक राजपूत को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में डीजल पेट्रोल खत्म होने की अफवाह के बाद इसका असर आजमगढ़ जिले में भी पड़ता हुआ दिख रहा है। जिले के सिविल लाइन स्थित सुदर्शन पेट्रोल पंप पर भी ग्राहकों की लंबी-लंबी लाइन देखी गई इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग ड्रमों में डीजल और पेट्रोल भर कर लेकर जा रहे हैं। हालांकि पेट्रोल पंप के मालिक आम जनमानस से इस बात की अपील कर रहे हैं कि पेट्रोल और डीजल का अभी कोई संकट नहीं है। इसके बावजूद भी जनता की भारी भीड़ पेट्रोल पंपों पर देखी जा रही है। जो लगातार अपनी गाड़ियों की टैंक फुल करने के साथ-साथ अलग से डिब्बे भी लेकर आ रहे हैं। जिसमें तेल की डिमांड कर रहे हैं। हालांकि पेट्रोल पंप की एजेंसियों के मालिक अलग से तेल देने से मना कर रहे हैं। बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग ड्रमो और बड़े-बड़े जरकिन में तेल ले रहे हैं। ऐसे लोगों का कहना है कि हम लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं आने वाले समय में तेल का संकट ना हो जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए हम लोग तैयारी में जुट गए हैं। सबसे पहले ये तस्वीरें देखिए श्रीलाल यादव बोले 1 घंटे में लगता है 50 लीटर डीजल दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए पेट्रोल पंप पर डीजल लेने आए श्री लाल यादव ने बताया कि 1 घंटे में 50 लीटर डीजल लगता है ऐसे में हम लोगों को अपना स्टोर बंद होने का डर सता रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए 300 लीटर से अधिक डीजल लेने आया हूं। इसके साथ ही डीजल लेने आए सौरभ पांडे एक स्टोर पर काम करते हैं। सौरभ पांडे बोले- आने वाले समय में परेशानी न हो इसलिए तेल लेने आया सौरभ पांडे का कहना है कि ऑनलाइन स्टोर है ऐसे में आने वाले समय में किसी तरह की समस्या ना हो। इसी को ध्यान में रखते हुए 250 लीटर से अधिक डीजल लेकर जा रहा हूं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल के लिए लाइन में लगे हुए हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में गाड़ियां भी लाइन में लगी हुई हैं। मालिक बोले नहीं है कोई संकट पेट्रोल पंप पर लगी भीड़ के सवाल पर मलिक रवि अग्रवाल का कहना है कि अभी तक किसी तरह का संकट नहीं है। आम जनमानस से अपील है कि वह किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान ना दें।
सलूम्बर में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य जिले से टीबी का उन्मूलन करना है। इस अभियान का शुभारंभ जिला अस्पताल से एक रैली के माध्यम से हुआ। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वी.डी. मीणा ने बताया कि ये विशेष अभियान अगले 100 दिनों तक पूरे जिले में चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य टीबी के मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर निशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है। रैली में एएनएम स्टूडेंट्स, स्वच्छ परियोजना से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी, समन्वयक, डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डॉ. आशुतोष शर्मा, एसटीएस इमरान खान पठान और राजेंद्र प्रसाद मीणा सहित कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान आमजन को टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले चिन्हित गांवों में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में 14 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की टीबी जांच के साथ ही हीमोग्लोबिन, शुगर, ब्लड प्रेशर, बीएमआई और एक्स-रे जांच भी की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की एक्स-रे रिपोर्ट में असामान्यता पाई जाती है, तो उसका बलगम नमूना लेकर NAAT जांच की जाएगी। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीज को तुरंत निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा। अभियान के दौरान छात्रावास, वृद्धाश्रम, अनाथालय, जेल, किशोर निरोध केंद्र, रैन बसेरा, बीपीएल आवास और औद्योगिक क्षेत्रों जैसे संवेदनशील स्थानों पर भी विशेष जांच और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। खांसी, बुखार और वजन कम होने जैसे टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करवाएं। विभाग ने मीडिया से भी इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया है।
गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पास: उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य बना, जानें क्या होंगे बदलाव ?
यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है, चाहे उनका धर्म या जाति कोई भी हो। गुजरात में इस कानून के लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में एक समान कानूनी ढांचा लागू होगा।
भिलाई के खुर्सीपार इलाके में स्थित शताक्षी गैस एजेंसी में संचालक ने बाउंसर तैनात कर रखे हैं। सिलेंडर लेने गए एक ग्राहक के साथ बाउंसरों ने धक्का-मुक्की कर मारपीट की है। जिसका वीडियो भी सामने आया है। जिस पर बाकी ग्राहकों ने नाराजगी जताई, तो उनको भी चिल्लाते दिखे। मामला खुर्सीपार थाना इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार को गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग लाइन में लगे थे। भीड़ अधिक होने के कारण एजेंसी संचालकों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाउंसर तैनात किया था। इसी दौरान लाइन में खड़े एक युवक और बाउंसर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि, बाउंसर ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। लाइन में खड़े बाकी ग्राहकों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना की सूचना मिलते ही खुर्शीपार पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। देखिए तस्वीरें… प्रबंधन बोलने से बच रहा, पुलिस में कोई शिकायत नहीं पुलिस ने लोगों से बातचीत कर मामले की जानकारी ली। हालांकि गैस एजेंसी के प्रबंधक ने इस मामले में कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया और मीडिया से दूरी बनाए रखी। पुलिस का कहना है कि, अभी तक इस मामले में किसी ने भी लिखित शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने के बाद जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ग्राहकों के साथ होती है बदसलूकी स्थानीय लोगों का आरोप है कि, गैस एजेंसी में अक्सर अव्यवस्था रहती है और ग्राहकों के साथ सही व्यवहार नहीं किया जाता है। लोगों ने प्रशासन से एजेंसी की व्यवस्था सुधारने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। शहर में गैस एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ और बाउंसर तैनाती का मुद्दा अब चर्चा में है। आम जनता का कहना है कि, सिलेंडर लेने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है। ऊपर से मारपीट और बदसलूकी की जा रही है।
दमोह के बड़ी देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर 'विधर्मियों का प्रवेश निषेध' के पोस्टर लगाए गए हैं। इसके साथ ही और महिलाओं से पारंपरिक परिधान में पूजा करने की अपील वाले बैनर लगाए गए हैं। सर्व हिंदू समाज की ओर से लगाए गए ये बैनर मंदिर के मुख्य द्वार पर लगे हैं और अब चर्चा का विषय बन गया है। मुख्य गेट के बाहर लगे इन पोस्टरों में स्पष्ट रूप से 'विधर्मियों का प्रवेश निषेध' लिखा है। इसके अलावा, मंदिर के अंदर टीन शेड पर भी लव जिहाद जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए अन्य पोस्टर लगाए गए हैं। सनातन धर्म में आस्था नहीं रखने वालों के लिए लगाए हिंदू संगठन के नित्या प्यासी ने बताया कि बड़ी देवी मंदिर एक धार्मिक क्षेत्र है, न कि घूमने-फिरने का स्थान। उन्होंने कहा कि ये पोस्टर उन लोगों के लिए लगाए गए हैं जिनकी आस्था हिंदू धर्म और सनातन धर्म में नहीं है। संगठनकर्ता ने आगे बताया कि पिछले कुछ वर्षों में मंदिर परिसर में विशेष समुदाय के युवक घूमते हुए देखे गए हैं। उनके अनुसार, इन लोगों की ओर से कई बार छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी की गई हैं, जिसके बाद पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई भी की गई थी। गैर-हिंदू लोग मंदिर में षड्यंत्र रचने आते हैं संगठन का कहना है कि जब किसी की आस्था हिंदू और सनातन धर्म में नहीं है, तो उन्हें बड़ी देवी मंदिर में नहीं आना चाहिए। उनका आरोप है कि ये लोग लव जिहाद की घटनाओं को अंजाम देने और षड्यंत्र रचने के उद्देश्य से यहां आते हैं, जबकि माताएं और बहनें नौ दिनों का उपवास रखकर यहां आराधना करती हैं। आस्था का उल्लंघन रोकने का चेतावनी संदेश संगठन ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति लव जिहाद फैलाने या गलत उद्देश्य से मंदिर क्षेत्र में आता है, तो प्रशासन के पहुंचने से पहले वे खुद कार्रवाई करेंगे। उनका कहना है कि यदि कोई धार्मिक स्थान पर जाना चाहता है, तो अपने माता और बहनों को साथ लेकर जाए और उनका स्वागत फूल-मालाओं से किया जाएगा। वहीं, लव जिहाद या छेड़छाड़ जैसी हरकत करने वालों के खिलाफ संगठन के हाथ में डंडा है, जिस पर झंडा लगा रहता है, और इसका परिणाम उन्हें भुगतना होगा। टीआई बोले-मामले में एसडीएम करेंगे आगे की कार्रवाई बड़ी देवी मंदिर के बाहर लगे पोस्टर के संबंध में कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि इस बात की जानकारी एसडीएम को दी गई है। एसडीम और अन्य अधिकारी बड़ी देवी मंदिर पहुंचेंगे इसके बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में कुछ कहा जा सकता है।
आर्यिका माताओं ने की मुनिसंघ की आगवानी:सतना में निकाली शोभायात्रा, रामनवमी पर होगी धर्मसभा
निर्यापक श्रमण 108 श्री समता सागर जी और 108 श्री पवित्र सागर जी मुनिसंघ का गुरुवार को सतना में मंगल आगमन हुआ। सम्मेद शिखर जी की यात्रा से लौटे मुनिसंघ की आगवानी के लिए यहां पहले से विराजमान 47 आर्यिका माताएं उपस्थित थीं, जिन्होंने भक्तिभाव से संतों का स्वागत किया। मुनिसंघ का स्वागत करने के बाद एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए श्री नेमीश्वर धाम विद्या ज्योतिर्मय तीर्थ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में पुरुष वर्ग श्वेत वस्त्रों में और महिला वर्ग केसरिया साड़ियों में शामिल हुआ। जैन समाज के विभिन्न संगठनों के सदस्य भी अपनी वेशभूषा में उपस्थित थे। जैन समाज के श्रावकों ने अपने घरों के बाहर मनमोहक रंगोलियां बनाईं और पूज्य मुनि संघ का पाद प्रक्षालन किया। शोभायात्रा का समापन श्री मंदिर में हुआ, जहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री जी के चित्र अनावरण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर पूज्य मुनि संघ के साथ पद विहार कर रहे सभी श्रावकों का पारमार्थिक संस्था द्वारा सम्मान किया गया। तत्पश्चात पूज्य मुनि श्री जी ने अपना उद्बोधन दिया। उन्होंने सतना से जुड़े अपने पुराने संस्मरणों को याद किया। मुनि श्री ने बताया कि शुक्रवार को रामनवमी के अवसर पर एक और धर्मसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वे भगवान राम के 'नर से नारायण' बनने की गाथा सुनाएंगे। धर्मसभा का समापन मां जिनवाणी की स्तुति के साथ हुआ।
कश्मीर घाटी में ईरान के समर्थन में करोड़ों रुपए का चंदा जुटाने मामले में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इनको आशंका है कि इस पैसे का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, अब तक 17.91 करोड़ रुपए चंदा जुटाया गया है, इनमें से 85% राशि शिया समुदाय ने दान की है। कश्मीर का बडगाम शिया बहुल इलाका है। यहां से करीब 9.5 करोड़ रुपए जुटाए गए हैं। यह फंडरेजिंग अभियान जकात और सदका के जरिए लिया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष से प्रभावित ईरानी नागरिकों की मदद करना बताया गया है। ईरानी दूतावास ने बैंक अकाउंट और क्यूआर कोड शेयर किया सूत्रों के मुताबिक भारत में ईरानी दूतावास ने सीधे पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक विशेष बैंक अकाउंट भी खोला है, जिसमें UPI के जरिए भुगतान की सुविधा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि चंदे की राशि और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सीधे दूतावास के आधिकारिक माध्यमों से ही पैसा भेजें, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। खुफिया सूत्रों ने यह भी बताया कि पहले भी चैरिटी के नाम पर जुटाए गए फंड के दुरुपयोग के मामले सामने आ चुके हैं। खुफिया एजेंसियां फंड की निगरानी बढ़ाई खुफिया एजेंसियां फंड की निगरानी कर रही हैं। उनका कहना है कि चंदे का कुछ हिस्सा गलत हाथों में जा सकता है या उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। अधिकारियों ने माना कि लोगों की भावना सही हो सकती है, लेकिन बीच में काम कर रहे बिचौलिये और बिना सत्यापन वाले संगठन पारदर्शिता को प्रभावित कर सकते हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ शिया धार्मिक नेता और संगठन विभिन्न गतिविधियों के लिए ईरान से आर्थिक सहायता प्राप्त करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त निगरानी न होने पर इस तरह के फंड का इस्तेमाल राजनीतिक या अन्य गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
कोटपूतली के टापरी रोड स्थित मेघवाल महिला छात्रावास में मेघवाल विकास समिति और अंबेडकर विचार मंच के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान छात्रावास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। छात्रावास निर्माण के लिए 11 हजार रुपए दिए दांतिल निवासी बाबूलाल वर्मा पुत्र रूड़ाराम धोलीवाल ने मेघवाल महिला छात्रावास में एक कमरे के निर्माण के लिए 1 लाख 51 हजार रुपए का चेक पदाधिकारियों को सौंपा। परविंदर कुमार पुत्र मदनलाल वर्मा ने भी छात्रावास निर्माण के लिए 11 हजार रुपए की राशि भेंट की। पदाधिकारियों ने दानदाताओं का आभार व्यक्त किया। नगर परिषद पार्क में होगी बैठक समिति की अगली संयुक्त बैठक 29 मार्च रविवार को सुबह 10 बजे कस्बे के नगर परिषद पार्क में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में 14 अप्रैल को भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाने की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। सहयोग देने की अपील समिति के पदाधिकारियों ने समाज के प्रबुद्धजनों से बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर सहयोग देने की अपील की। इस अवसर पर मेघवाल विकास समिति जिलाध्यक्ष एड. सूबेसिंह मोरोड़िया, अंबेडकर विचार मंच ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश मेघवाल, मेघवाल विकास समिति ब्लॉक अध्यक्ष मदनलाल वर्मा, अंबेडकर विचार मंच ब्लॉक सचिव बदलूराम आर्य, अंबेडकर छात्रावास अधीक्षक चिरंजीलाल आर्य सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
नीमच नगर पालिका परिषद शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण के टॉप-10 शहरों में शामिल करने के उद्देश्य से रात्रिकालीन सफाई अभियान चला रही है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और सीएमओ दुर्गा बामनिया ने टैगोर मार्ग पर चल रहे सफाई अभियान का पैदल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, लगभग 15 सफाई कर्मियों की दो टीमें रात में सड़क की सफाई कर रही थीं। स्वास्थ्य सभापति सहित नगर पालिका के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर उपस्थित थे। अध्यक्ष और सीएमओ ने सफाई व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने टैगोर मार्ग पर पैदल घूमकर सभी दुकानदारों से स्वच्छता नियमों का पालन करने की अपील की। इस दौरान कुछ दुकानदारों ने सफाई के बाद मिट्टी छोड़ दिए जाने की शिकायत की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। नपा अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि बार-बार सूचित करने के बाद भी गंदगी पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष चोपड़ा ने बताया कि टैगोर मार्ग शहर का मुख्य मार्ग है। रात्रि में वाहनों की आवाजाही कम होने से सफाई बेहतर तरीके से हो पाती है, जिससे सुबह शहरवासियों को स्वच्छ वातावरण मिलता है। उन्होंने बोहरा गली के निवासियों की शिकायत पर अब वहां रात्रि में भी कचरा वाहन चलाने की घोषणा की। उन्होंने समस्त नीमच वासियों से इस मुहिम में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता से बीमारियां दूर रहती हैं और शहर को नंबर-1 बनाने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। इस अवसर पर स्वच्छता निरीक्षक भेरु अहीर भारद्वाज, गोपाल जी नरवाले, अविनाश घेघट, दरोगा ऋषि, गैंग प्रभारी दीपक गौहर और आकाश सौदे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
सिरसा में कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया और जिला परिषद के सीईओ सुभाष चंद्र का विवाद एक फिर चर्चाओं में आ गया है। कारण है कि CEO सुभाष चंद्र का सिरसा से तबादला हो गया है। साथ ही ADC वीरेंद्र सहरावत का भी तबादला हो गया है। दोनों HCS व IAS अधिकारियों को एक ही जिला चरखी दादरी में पोस्टिंग मिली है। अब इनकी जगह दोनों चार्ज IAS अर्पित संगल को चार्ज दिया गया है। खास बात है कि बीतें दिनों पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सिरसा में विधायक गोकुल सेतिया से उनके आवास पर मिलने आए थे। सीडीएलयू में सरकारी कार्यक्रम में सीएम सैनी के साथ एक मंच पर दिखे थे और सीएम की काफी तारीफें कर रहे थे। अब अचानक रातों-रात दोनों अधिकारियों के तबादले कर दिए गए। ये मामला काफी चर्चाओं में रहा और विधायक व सीईओ के बीच काफी नोंकझोंक हुई है। एडीसी पर भी फोन न उठाने व कार्रवाई न करने के आरोप लगे। इससे पहले विधायक सेतिया ने सीईओ का मुद्दा विधानसभा सेशन में भी उठाया था और विधानसभा स्पीकर से कार्रवाई की मांग की थी। उस वक्त विधायक ने कहा था कि वह इस बारे में सीएम नायब सिंह व कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को शिकायत सौंप चुके हैं, पर कार्रवाई नहीं होती। मंत्री गंगवा पर सीईओ सह देने का आरोप लगाया था। जिसके बाद आखिरकार इस मामले का समाधान हो गया। एक को सीईओ तो एक सिटी मजिस्ट्रेट लगाया अब सरकार की ओर से IAS वीरेंद्र सहरावत को चरखी दादरी में जिला परिषद सीईओ नियुक्त किया गया है और HCS सुभाष चंद्र को चरखी दादरी में सिटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है। विधायक ने सीईओ पर भ्रष्टाचार व हलके के गावं में विकास कार्य न करने के आरोप लगाए। सीएम व मंत्री व विधानसभा स्पीकर को भी शिकायत की, पर किसी ने संज्ञान नहीं लिया। आखिर राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद कई आईएएस, आईपीएस व एचसीएस अधिकारियों तबादले हुए, उनमें इनका नाम भी सामने आया। हालांकि, विधायक की अभी इस पर प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, इस बारे में एचसीएस सुभाष चंद्र से फोन पर संपर्क किया गया, पर नहीं उठाया। 19 अगस्त को सीईओ की गाड़ी का पीछा करते हुए आए थे विवादों में विधायक दरअसल, 19 अगस्त को विधायक सेतिया गांवों के दौरे पर थे, जहां ग्रामीणों ने तालाब की गंदगी और जल निकासी की समस्या रखी। विधायक ने सीईओ को मौके पर बुलाया, लेकिन उनकी जगह बीडीपीओ आए। जब विधायक ने सीईओ को फोन किया, जिन्होंने मीटिंग का हवाला दिया और कहा कि वे उनके गुलाम नहीं हैं। इस पर विधायक भड़क गए। विधायक सीईओ से मिलने उनके ऑफिस गए, लेकिन सीईओ सरकारी गाड़ी से निकल गए। विधायक ने उनका पीछा किया और गाड़ी रोकने की कोशिश की, पर सीईओ ने गाड़ी नहीं रोकी। विधायक ने इस घटना का लाइव वीडियो भी जारी कर दिया था। इस पर सरपंचों व इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला व भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने सेतिया के आचरण पर टिप्पणी की थी और कहा-एक अधिकारी के साथ ऐसा करना ठीक नहीं है। इस पर काफी सियासी बवाल मचा था।
बिजनौर में अष्टमी पर मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़:विशेष पूजा-अर्चना और सुरक्षा के इंतजाम किए गए
बिजनौर जिले में अष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। सुबह से ही बिजनौर शहर के प्राचीन चामुंडा देवी धाम और मां काली देवी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, मंदिर समितियों ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिरों के अंदर और आसपास विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया है, और इन्हें रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों व अन्य सजावटों से आकर्षक रूप से सजाया गया है। बिजनौर शहर के झालू रोड स्थित प्राचीन देवी मंदिर और चामुंडा धाम देवी मंदिर, साथ ही चांदपुर का प्राचीन देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। जिले के चांदपुर, नगीना, धामपुर, नहटौर, अफजलगढ़, शेरकोट, नजीबाबाद, किरतपुर और बढ़ापुर के मंदिरों में भी विशेष साफ-सफाई की गई है। देखें 3 तस्वीरें… कालिका मंदिर के पास एक मेले का भी आयोजन किया गया है। इस मेले में दुकानें, झूले और विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ लगाए गए हैं, जहां बच्चे और महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं। इस अवसर पर शिव प्रकाश बाल्मीकि ने बताया कि चामुंडा देवी धाम एक ऐतिहासिक मंदिर है। उन्होंने कहा कि यहां अष्टमी की पूजा की जा रही है और सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। बाल्मीकि के अनुसार, यह मनोकामना पूर्ण मंदिर है, जिसे एक मुस्लिम व्यक्ति शादी खान ने मंदिर कमेटी को दान में दिया था। उनका कहना है कि जो भी परेशान व्यक्ति यहां आता है, माता उसकी मनोकामना पूरी करती हैं। मंदिर के पुजारी रमाकांत शर्मा ने बताया कि यह मंदिर लगभग 90 साल पुराना है। उन्होंने जानकारी दी कि आज अष्टमी की पूजा चल रही है और सुबह से ही हजारों की संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि जो भक्त यहां सच्चे दिल से मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। नौमी के दिन यहां विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं।
पंजाब के पठानकोट कैंट स्टेशन पर ऋषिकेश जा रही एक परिवार ट्रेन से खुद उतर गया। मगर, अपने 10 वर्षीय बच्चे को ट्रेन में ही भूल गया। जब ट्रेन चल पड़ी तो परिवार ने बच्चे को तलाश किया। परिवार डर गया और आरपीएफ को सूचित किया। आरपीएफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल मैनेजर को ट्रेन रुकवाने का संकेत दिया। किसी अनहोनी के डर से रेल मैनेजर ने तुरंत गाड़ी रुकवाई और आरपीएफ से संपर्क किया। मामले की जानकारी मिलते ही बच्चे को ट्रेन में ढूंढ कर उसके परिवार के हवाले किया गया। बता दें कि, श्री माता वैष्णो देवी कटरा से चलकर ऋषिकेश जाने वाली 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस पठानकोट कैंट स्टेशन खड़ी थी। निर्धारित 5 मिनट के स्टॉपेज के बाद ट्रेन जैसे ही रवाना हुई तो जम्मू से लुधियाना तक ड्यूटी पर तैनात ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने देखा कि पॉइंट्समैन और आरपीएफ कर्मचारी ट्रेन रोकने का इशारा कर रहे हैं। उनके साथ एक महिला यात्री भी परेशान दिखी। प्लेटफॉर्म छोड़ते समय पूरी तरह अलर्ट बृजेश ने तुरंत इशारों को भांपते हुए गाड़ी रुकवाई। आरपीएफ से सूचना मिली कि एक 10 साल का मासूम बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया है। एम-1 कोच में अकेला रो रहा था बच्चा ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने आरपीएफ से सूचना के आधार पर तुरंत एम-1 कोच में जाकर उस बच्चे को ढूंढ निकाला। खुद को अकेला पाकर बच्चा रो रहा था। ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बच्चे को साहस बंधाया और चंद पलों में उसके परिवार के हवाले कर दिया। बृजेश कुमार ने बताया कि बच्चे की तरह ही परिवार भी काफी परेशान था। ट्रेन मैनेजर की इस सूझबूझ से बच्चा सुरक्षित अपने परिवार से मिल सका। एआईजीसी (All India Guards Council) ने बृजेश कुमार के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। आखरी पलों में ट्रेन से उतरा था परिवार ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बताया कि] 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस रात 8:48 पर कैंट स्टेशन पर पहुंची। जिसमें हिमाचल का एक परिवार श्री माता वैष्णों देवी का दर्शन कर पठानकोट वापस आया था। माता वैष्णों देवी की चढ़ाई कर परिवार थका था और उन्हे ट्रेन के पठानकोट पहुंचने का पता ही नहीं चला। जैसे ही उन्हे किसी ने बताया तो वह जल्दबाजी में सामान लेकर ट्रेन से उतर गए। लेकिन, परिवार बच्चे को उतारना भूल गया। प्रेशर ब्रेक से ट्रेन रुकवाई जैसे ही उन्हें इस भूल का एहसास हुआ, ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी। परिवार ने शोर मचाया। बच्चे के पिता और चाची ने आरपीएफ को मामले की जानकारी दी तो आरपीएफ ने उन्हें इशारा कर जानकारी दी। ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने प्रैशर ब्रेक से ट्रेन रुकवाई और बच्चा परिवार के हवाले किया। इसमें ट्रेन 5 मिनट जरूर लेट हुई पर एक परिवार को उनका बच्चा मिल गया। ट्रेन से उतरते समय सावधानी बरतें यात्री ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने बताया कि अक्सर लोग ट्रेन में उतरने में जल्दबाजी दिखाते हैं। ऐसे में कई यात्रियों को सामान ट्रेनों में ही छूट जाता है। फिर वही सामान उन्हें लौटाने में अन्य यात्रियों का समय बर्बाद होता है। लोगों को ट्रेन से उतरते समय अपने बच्चों और सामान का ध्यान रखना चाहिए। अब एआईजीसी (All India Guards Council) ने बृजेश कुमार के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। बृजेश कुमार जालंधर मुख्यालय के मेल ट्रेन मैनेजर हैं।
सोन नदी में बोरे में बंधी अज्ञात लाश मिली:सीधी के गऊ घाट पर पुलिस जांच में जुटी
सीधी जिले में गुरुवार सुबह सोन नदी के गऊ घाट पर एक अज्ञात शव मिलने से हड़कंप मच गया। लाश बोरे और कपड़ों में लिपटी हुई थी और रस्सियों से कसकर बंधी हुई थी, जिससे मामला काफी संदिग्ध नजर आ रहा है। राहगीर ने बनाया वीडियो बनाकर किया पोस्ट सुबह एक राहगीर वहां से गुजर रहा था, तभी उसकी नजर नदी में इस संदिग्ध चीज पर पड़ी। उसने तुरंत वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। देखते ही देखते खबर फैल गई और लोग मौके पर जुटने लगे। गांव के युवक ने दी पुलिस को सूचना देवघटा गांव के रहने वाले अभिलाष साकेत ने सुबह करीब 9 बजे पुलिस को जानकारी दी कि नदी में लाश जैसी चीज दिखाई दे रही है। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और काफी मेहनत के बाद नदी के बीच से शव को बाहर निकालकर किनारे लाया गया। इस दौरान घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
डीडवाना-कुचामन जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित 1000 रुपए के इनामी बदमाश को पकड़ा है। पीलवा थाना प्रभारी महीराम विश्नोई की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस थाना परबतसर में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण में यह बदमाश वांछित चल रहा था। इसी मामले में पहले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। अनुसंधान के दौरान एक और आरोपी नारायणलाल उर्फ नारायणराम (29) पुत्र देवीलाल, निवासी दलेल सिंह का खेड़ा, थाना मंगरूप, जिला भीलवाड़ा के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया गया था, जिसके बाद से वह फरार था।पुलिस द्वारा लगातार तलाश के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आ रहा था, जिसके चलते पुलिस अधीक्षक ने उस पर 1000 रुपए का इनाम घोषित किया था। पीलवा थाना पुलिस ने आरोपी को कालेटड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
गिरिडीह के शहर में रामनवमी को लेकर उत्साह चरम पर है और इसी के साथ महावीरी पताका की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक यह पताका न केवल श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक समरसता की मिसाल भी पेश कर रहा है। गिरिडीह के भंडारीडीह निवासी मो. इम्तियाज का परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से महावीरी पताका बनाने का काम कर रहा है। मो. इम्तियाज बताते हैं कि वे पिछले लगभग 40 वर्षों से इस काम से जुड़े हुए हैं। पिता ने 14 साल की उम्र में पताका सिलना सिखाया उन्होंने यह हुनर अपने पिता से सीखा, जिन्होंने उन्हें महज 14 साल की उम्र में पताका सिलना सिखाया था। परिवार की यह परंपरा आज भी पूरी निष्ठा और लगन के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि हमलोगों की शहर के बड़ा चौक में महावीर झंडा बनाने की दुकान है। सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी: मो. इम्तियाजमो. इम्तियाज का कहना है कि उनके लिए यह केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। वे बताते हैं कि रामनवमी के मौके पर हर साल बड़ी संख्या में लोग उनके यहां से पताका बनवाते हैं। खास बात यह है कि अलग-अलग आकार और डिजाइन के पताके तैयार किए जाते हैं, जिनकी कीमत 10 रुपए से लेकर 500 रुपए तक होती है। जबकि विशेष ऑर्डर पर 15 हजार से 20 हजार तक के आकर्षक और बड़े पताके भी बनाए जाते हैं। इस तरह मो. इम्तियाज का परिवार न केवल एक परंपरा को जीवित रखे हुए है, बल्कि गिरिडीह में भाईचारे, सांस्कृतिक एकता और धार्मिक सौहार्द का भी मजबूत संदेश दे रहा। हर ओर भगवा रंग की छटाबाजारों में इन दिनों महावीरी पताका की बिक्री जोरों पर है। श्रद्धालु इन्हें खरीदकर अपने घरों, मंदिरों और पूजा स्थलों पर लगाते हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में दुकानें सजी हुई हैं और हर ओर भगवा रंग की छटा दिखाई दे रही है। मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर तैयारियां अंतिम चरण मेंजिले भर में 27 मार्च को मनाई जाने वाली रामनवमी को लेकर मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। टॉवर चौक स्थित हनुमान मंदिर, बरगंडा का संकट मोचन मंदिर, अरगाघाट का बड़ा बजरंगबली मंदिर और गिरिडीह कॉलेज के पास स्थित मंदिरों में विशेष सजावट की जा रही है। यहां श्रद्धालु महावीरी पताका के साथ ध्वजारोहण कर पूजा-अर्चना करेंगे।
बांदा-झांसी-मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह करीब छह बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। कबरई से गिट्टी लेकर आ रहे एक ट्रेलर की तेज रफ्तार दूसरे ट्रेलर से आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई, जिसमें तीन लोगों की जलकर मौत हो गई। हादसे में गिट्टी से भरे ट्रेलर के चालक सुरेश पांडेय (55, निवासी सुल्तानपुर) और खाली ट्रेलर के चालक सूरज नाथ (50, निवासी आजमगढ़ अहिरौला) व उसके खलासी शनि (30) की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं, गिट्टी से भरे ट्रक का खलासी अभिषेक (23, पुत्र रवेंद्र कुमार) गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की 3 तस्वीरें देखिए… राहगीरों की सूचना पर मटौंध थाना निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि जब तक उस पर काबू पाया गया, दोनों वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टाक ने बताया कि घायल खलासी अभिषेक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके मालिकों को घटना की सूचना दे दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। खबर अपडेट की जा रही है…
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर दंपती से 16.61 लाख की ठगी की गई है। पहले व्हाट्सऐप पर लिंक भेजा गया है, फिर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। शुरुआत में मुनाफा दिया गया। लालच में आकर दंपती ने ठगों में खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उन्हें मुनाफे का पैसा नहीं मिला। मामला नेवई थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रिसाली के रहने वाले राजीव अग्रवाल (36) की हार्डवेयर की दुकान है। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर 2024 को व्हाट्सऐप पर मैसेज आया, जिसमें ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए से हर दिन 2 हजार से 3 हजार रुपए कमाने का लालच दिया गया था। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए बढ़ाया जाल शुरुआत में कारोबारी ने इस मैसेज को नजरअंदाज कर दिया था। कुछ दिनों बाद ठगों ने दोबारा संपर्क किया और बिना किसी निवेश के कमाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कारोबारी को लिंक भेजा, जिसे खोलने पर 1055 रुपए मिलने का दावा किया गया। बैंक डिटेल शेयर करने के बाद पैसे रिवीस होने का मैसेज आया। अलग-अलग लेनदेन किए इस शुरुआती मुनाफे के बाद पीड़ित पूरी तरह से ठगों के झांसे में आ गए। आरोपियों के कहने पर उन्होंने 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2024 के बीच कई अलग-अलग लेनदेन किए। राजीव अग्रवाल ने अपने पंजाब नेशनल बैंक खाते से 7,31,890 रुपए और उनकी पत्नी एकता अग्रवाल के खाते से 9,30,531 रुपए ट्रांसफर कर दिए। शक होने पर साइबर हेल्पलाइन में शिकायत इस प्रकार कुल 16,61,421 रुपए साइबर ठगों के खातों में चले गए। जब लंबे समय तक कोई मुनाफा नहीं मिला और संपर्क टूट गया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जहां से उन्हें अलगअ-अलग एक्नॉलेजमेंट नंबर जारी किए गए। इन धाराओं के तहत केस दर्ज नेवई थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस बोली- ऐसे जाल से बचें पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक, व्हाट्सऐप मैसेज या टेलीग्राम ग्रुप के झांसे में न आएं और किसी भी प्रकार की बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले सतर्क रहें।
रायपुर में बिजली सप्लाई को बेहतर और बिना रुकावट के बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने मेटल पार्क सिलतरा में 132/33 केवी का नया उपकेंद्र शुरू किया है। इस उपकेंद्र की क्षमता 126 एमवीए है। इसका शुभारंभ प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बटन दबाकर किया। इस परियोजना से राजधानी के साथ उरला-सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र को अच्छी और भरोसेमंद बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। राजधानी में निवेश के तहत कई जरूरी परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें यह नया उपकेंद्र भी शामिल है। औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार मेटल पार्क में बने इस उपकेंद्र में 63-63 एमवीए के दो पावर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसकी अनुमानित लागत करीब 28 करोड़ रुपए है। यहां से 33 केवी के आठ फीडरों के जरिए बिजली सप्लाई की जा रही है, जिससे शहर और औद्योगिक क्षेत्रों के कई हिस्सों को फायदा मिल रहा है। इस परियोजना से ट्रांसपोर्ट नगर, कैलाश नगर, रावांभाटा, बंजारी मंदिर क्षेत्र, धनेली, निमोरा, अछोली, उरकुरा के साथ उरला और रावांभाटा के औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे बिजली की गुणवत्ता बेहतर होगी और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।
व्यापमं महाघोटाले की जांच की आंच एक बार फिर तेज होने वाली है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए CBI और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि सकलेचा द्वारा दी गई 320 पन्नों की डिटेल शिकायत पर अब तक क्या एक्शन लिया गया? जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने आदेश दिया कि जांच एजेंसी और राज्य शासन अब तक की गई पूरी जांच और दाखिल चार्जशीट का ब्यौरा शपथ पत्र (एफिडेविट) के साथ पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल 2026 को तय की गई है। सकलेचा की ओर से सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा , सर्वम रितम खरे , विपुल तिवारी, इंद्रदेव सिंह मौजूद थे। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल श्रीधर पोटराजू, सीबीआई की और से दविंदर पाल सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने कर दी थी याचिका खारिज दरअसल, इंदौर हाईकोर्ट ने अप्रैल 2024 में सकलेचा की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वे इस मामले में सीधे तौर पर 'प्रभावित पक्ष' नहीं हैं। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सकलेचा के वकील विवेक तन्खा और उनकी टीम ने दलील दी कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतकर्ता की भूमिका अहम होती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए जवाब तलब किया है। केस फाइल: 11 साल का सफर और फाइलों में दबी शिकायत
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल(SMS Hospital) में RGHS योजना की व्यवस्थाओं पर उस वक्त सवाल खड़े हो गए, जब पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को भी MRI जांच के लिए नकद भुगतान करना पड़ा। कैशलेस सुविधा नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था की खामियों को उजागर किया। सोमवार को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा रूटीन जांच के लिए एसएमएस अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें पैसे देकर MRI जांच करवानी पड़ी। इस दौरान उन्होंने यहां के आरजीएचएस और अन्य सिस्टम पर सवाल खड़े किए और हॉस्पिटल प्रशासन पर नाराजगी जताई। SMS हॉस्पिटल में रूटीन चेकअप के लिए पहुंचे थे पूर्व मंत्री दरअसल, 23 मार्च(सोमवार) को पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा एसएमएस हॉस्पिटल रूटीन जांच के लिए पहुंचे। डॉक्टर ने उनको देखने के बाद एमआरआई जांच लिखी। वह जब एमआरआई करवाने पहुंचे तो वहां आरजीएचएस के तहत टीआईडी जनरेट करने के लिए वापस धनंवतरी ब्लॉक जाने के लिए कहा गया, जिससे वह नाराज हो गए। पूर्व मंत्री ने एसएमएस की व्यवस्थाओं पर खड़े किए सवाल उन्होंने कहा कि वे तो अभी इतने अस्वस्थ्य नहीं है कि कहीं चल फिर नहीं सकते, लेकिन कोई दूसरा मरीज जो ट्रॉली पर गंभीर स्थिति में हो या बहुत बुजुर्ग हो, जिसे चलने-फिरने में दिक्कत हो तो क्या उसे भी इसी तरह इधर-उधर लंबे चक्कर काटने पड़ेंगे। नकद पैसे देकर करवाई जांच इस व्यवस्था से नाराज होकर पूर्व मंत्री ने फिर नकद पैसे देकर एसएमएस हॉस्पिटल के बाहर से जांच करवाई। उन्होंने सोनी एमआरआई सेंटर के पृथ्वीराज रोड स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर पर जाकर 3500 रुपए दिए और वहां जांच करवाई।
मुख्यमंत्री सामाजिक विवाह योजना के तहत अब प्रति जोड़े को मिलने वाली सहायता राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025 के लिए 1881 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 1854 जोड़े पहले ही परिणय सूत्र में बंध चुके हैं। सहायता राशि में वृद्धि के साथ ही योजना का बजट भी दोगुना हो गया है। वित्तीय वर्ष 2025 के लिए कुल 18 करोड़ 81 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस राशि में वधू के खाते में 60 हजार रुपये, विवाह सामग्री के लिए 25 हजार रुपये और समारोह के आयोजन पर व्यय के लिए 15 हजार रुपये शामिल हैं। हाल ही में जौनपुर महोत्सव के दौरान शाही किले में एक सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया था। इसमें 650 पंजीकृत जोड़ों में से 623 ने विवाह किया, जबकि 27 जोड़े समारोह में शामिल नहीं हो सके। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस बार बायोमेट्रिक पहचान की व्यवस्था की गई थी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सामूहिक विवाह योजना के तहत 1800 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए नौ करोड़ 18 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। सामूहिक विवाह के आयोजनों में स्वयंसेवी संस्थाएं भी सक्रिय रूप से हिस्सा ले रही हैं। गत 15 मार्च को शीतला चौकिया धाम परिसर में सो चौकिया जन कल्याण सेवा ट्रस्ट ने 18 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया। इसी प्रकार, 22 मार्च को खुटहन स्थित खुटहन ग्रास विकास इंटर कॉलेज मैदान में भारतीय वैश्य चेतना महासभा की ओर से 22 जोड़ों का विवाह हुआ। जिला समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में कुल 1854 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ है, जिसमें शाही किले में हुए 623 विवाह भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सहायता राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने के कारण इस बार बजट में वृद्धि हुई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जौनपुर महोत्सव के अंतिम दिन शाही किले में आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में अनियमितताएं सामने आई थीं। इसमें 1001 जोड़ों के लक्ष्य के मुकाबले कुल 1038 जोड़े शामिल हुए थे। जांच के दौरान मड़ियाहूं ब्लॉक के भाई-बहन सहित छह जोड़े अपात्र पाए गए थे, जिनके खातों में भेजी जाने वाली 35-35 हजार रुपये की धनराशि रोक दी गई थी।
कवर्धा में पुलिस ने रानीदहरा जलप्रपात से बरामद महिला के शव मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड के आरोपी देवेंद्र जायसवाल को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने प्रेम संबंध और आपसी विवाद के चलते महिला की हत्या की थी। मृतका मुंगेली की रहने वाली थी और दो बच्चों की मां थी। उसका आरोपी देवेंद्र जायसवाल के साथ प्रेम संबंध था। जानिए पूरा मामला देवेंद्र महिला से शादी करना चाहता था, लेकिन शादीशुदा होने और बच्चों की वजह से महिला इसके लिए तैयार नहीं थी। इससे पहले दोनों एक बार दिल्ली भी भाग चुके थे, लेकिन बाद में महिला के कहने पर वापस लौट आए थे। वापस लौटने के बाद महिला ने आरोपी से दूरी बनाना शुरू कर दिया था। आरोपी ने बताया कि महिला ने संबंध खत्म करने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने की धमकी भी दी। नाराज होकर आरोपी ने महिला की हत्या की साजिश रची। योजना के अनुसार, आरोपी देवेंद्र 16 मार्च को महिला को घुमाने के बहाने रानीदहरा जलप्रपात ले गया। वहां उसने महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी। शव की पहचान न हो सके, इसके लिए उसने एक पत्थर बांधकर उसे पानी में फेंक दिया। घटना के तीन दिन बाद, 19 मार्च को पर्यटकों ने जलप्रपात में लाश देखी और पुलिस को जानकारी दी। बोड़ला पुलिस ने लाश की पहचान होने के बाद साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर देवेंद्र जायसवाल को पुणे से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
हिसार जिले के बरवाला शहर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। ताजा मामले में एक बाइक सवार युवक ने स्कूटी पर जा रही महिला के गले से चेन तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान महिला संतुलन खो बैठी और स्कूटी सहित सड़क पर गिर गई, जबकि आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। बरवाला की महिला सुनीता स्कूटी पर सवार होकर गांव भैणी बादशाहपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। रास्ते में एक अज्ञात बाइक सवार युवक काफी दूरी तक उसका पीछा करता रहा। महिला ने बताया कि जब वह मिड्डा फार्म के पास पहुंची, तभी पीछे से आए युवक ने चलती स्कूटी के दौरान ही उसके गले से चेन छीनने का प्रयास किया। अचानक हुए हमले से महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह स्कूटी सहित सड़क पर गिर पड़ी। घटना के बाद आरोपी युवक तुरंत मौके से फरार हो गया। गनीमत रही कि महिला को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना से वह काफी सहम गई। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद इस पूरी वारदात की फुटेज शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। वीडियो में आरोपी युवक को दो अलग-अलग स्थानों पर महिला का पीछा करते हुए साफ देखा जा सकता है, जिससे पुलिस को उसकी पहचान में मदद मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही बरवाला में बाइक सवार बदमाशों ने पांच दुकानों के ताले तोड़कर लाखों रुपए की नगदी चोरी कर ली थी। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से शहरवासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। मामले की जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी सुरेश जाखड़ ने पुलिस को सूचित किया और आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से शहर में गश्त बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
रामनवमी पर आज प्रदेशभर के मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। जयपुर के आराध्य श्री गोविंददेवजी मंदिर में भी ठाकुर श्रीजी का भव्य श्रृंगार किया गया। ठाकुरजी को नवीन केसरिया लप्पा जामा की राजसी पोशाक धारण करवाई गई। जयपुर के चांदपोल बाजार स्थित अतिप्राचीन श्री रामचंद्रजी मंदिर में सुबह 6 बजे मंगला आरती के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। इसके बाद बधाई उत्सव शुरू हुआ। भगवान को रत्न और सोने-चांदी के गहने पहनाए गए। दोपहर 12 बजे जन्माभिषेक किया गया। इसमें भगवान को 500 किलो से अधिक दूध में इत्र, गुलाब, केसर और केवड़ा मिलाकर भगवान को स्नान कराया गया। शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी। सवाई माधोपुर में मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने श्रीराम दरबार की आरती कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। वहीं जोधपुर में भी झांकियां सजाकर शोभायात्रा निकाली जा रही है। देखिए, रामनवमी पर धार्मिक अनुष्ठान की PHOTOS… पल-पल का अपडेट पढ़ने के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
फाजिल्का में एक आटा चक्की संचालक की किस्मत रातों-रात बदल गई। दरअसल गांव सजराना के रहने वाले जरनैल सिंह ने फाजिल्का के रूपचंद लॉटरी के यहां से होली बंपर का टिकट खरीदा था। जिसका नतीजा आया तो पता चला कि उसे इस नतीजे में 50 लाख रुपए का इनाम लगा है। रूपचंद लाटरी के संचालक बॉबी का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वह विजेता की तलाश कर रहे थे, क्योंकि वह उनके यहां से होली बंपर का टिकट तो खरीद ले गए, लेकिन अपना नंबर पता नहीं बता कर गए। अब पता चला तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। लाटरी सेंटर के संचालक बॉबी ने बताया कि फाजिल्का के गांव सजराना में आटा चक्की चलाने वाले व्यक्ति की किस्मत ने उसका साथ दिया है। उन्होंने बताया कि गांव सजराना के रहने वाले जरनैल सिंह ने होली बंपर लॉटरी नंबर B-862817 की खरीद की थी। जब नतीजा आया तो पता चला कि इस लॉटरी नंबर पर 50 लाख रुपए का इनाम लगा है, हालांकि उक्त व्यक्ति उनके पास अपना नंबर व कुछ भी लिखवा कर नहीं गया। जिसके चलते वह पिछले कुछ दिनों से उसकी तलाश कर रहे थे। 12 दिन बाद पता चलाअब उसका लॉटरी विजेता का पता चला तो उसके साथ संपर्क कर वह उनकी दुकान पर पहुंचा। जिसके बाद जरनैल सिंह की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। बॉबी ने बताया कि 50 लाख के इनाम की राशि के विजेता के रूप में जरनैल सिंह का नाम सामने आते ही पूरे इलाके में खुशी के लिए दौड़ गई है। गांव सजराना की ढाणी माछीराम लाहोरिया के निवासी जरनैल सिंह लंबे समय से अपने परिवार का गुर्जर बसर करने के लिए आटा चक्की चलाने का काम करते हैं। उन्होंने रूपचंद लाटरी के यहां से होली बंपर की टिकट खरीदी थी। लॉटरी का नतीजा आने के बाद काफी समय से विभाग और स्टॉल संचालक विजेता की तलाश कर रहे थे। जरनैल सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी एक छोटी सी टिकट उनकी जिंदगी इस कदर बदल देगी।
सम्भल में बुजुर्गों के सम्मानजनक जीवन और उनकी बेहतर देखभाल को लेकर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। “गरिमा और देखभाल के लिए शिक्षा” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारियों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान की रिसर्च ऑफिसर तान्या सेन गुप्ता ने कहा कि बुजुर्गों को गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। सेन गुप्ता ने यह भी बताया कि बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता की शुरुआत परिवार से होनी चाहिए, ताकि यह सोच पूरे समाज में प्रसारित हो सके। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें प्रस्तुत शोध पत्रों और निष्कर्षों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना का निर्धारण होगा। सम्मेलन में वक्ता नेहा ठाकुर ने चिंता जताई कि आज के समय में कई बुजुर्गों को अकेला छोड़ दिया जाता है अथवा उन्हें वृद्धाश्रम भेजा जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को स्कूली स्तर से ही बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल की शिक्षा दी जानी चाहिए। इससे नई पीढ़ी में संवेदनशीलता विकसित होगी और पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को कम किया जा सकेगा। इस दौरान वक्ताओं ने 'एजिंग इन प्लेस' की अवधारणा पर भी बल दिया, जिसका अर्थ है कि बुजुर्गों को अपने घर और परिवार के बीच सम्मानपूर्वक जीवन जीने की सुविधा मिलनी चाहिए। सम्मेलन में यह भी कहा गया कि तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी और घटती सक्रिय जनसंख्या के बीच संतुलन स्थापित करना एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सम्मेलन का निष्कर्ष यह रहा कि बुजुर्गों की देखभाल केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। सामूहिक प्रयासों से वरिष्ठ नागरिकों का जीवन अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बनाया जा सकता है।
टीकमगढ़ में गुरुवार को नवरात्र की अष्टमी पर प्रसिद्ध बगाज माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु अष्टमी पूजन के लिए मंदिर पहुंचे हैं। नवरात्र की अष्टमी तिथि मनाई जा रही है। बुंदेलखंड में नवरात्र के दौरान जवारे रखने की परंपरा है, जिनका पूजन अष्टमी के दिन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत हजारों श्रद्धालु सुबह 5 बजे से ही बगाज माता मंदिर में जवारे पूजन के लिए पहुंचने लगे थे। मंदिर और मेला परिसर में सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ग्राम पंचायत सुंदरपुर से बगाज माता मंदिर तक के मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि मंदिर और मेला परिसर में सुरक्षा के लिए पुलिस बल मौजूद है। बकपुरा पंचायत के सरपंच सुरेश तिवारी के अनुसार, आज बगाज माता मंदिर में 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कलेक्टर ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम किए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने भक्तों की भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शहर के छोटी देवी मंदिर, बड़ी देवी मंदिर सहित अन्य प्रमुख देवी मंदिरों में भी महिलाएं अष्टमी पूजन के लिए पहुंचीं। उन्होंने विधि-विधान से देवी मां की पूजा-अर्चना कर घर की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। नौ दिनों का व्रत रखने वाले श्रद्धालु कल नवमी पर दोपहर 12 बजे भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाने के बाद अपना उपवास खोलेंगे। इसके साथ ही नौ दिनों तक चली देवी मां की आराधना का समापन होगा।
गयाजी में रामनवमी पर भव्य शोभा यात्रा की तैयारी है। रामनवमी से एक दिन पहले गुरुवार(26 मार्च 2026) को शोभा यात्रा अलग-अलग इलाकों से निकलेगी। पूरे शहर में धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल है। भव्य आयोजन का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय हिंदू युवा शक्ति संघ और श्री रामनवमी केंद्रीय पूजा समिति संयुक्त रूप से कर रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि हजारों की संख्या में राम भक्त शामिल होंगे। वार्ड नंबर 19 से निकलने वाली विशाल शोभायात्रा में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार शामिल होंगे। झांकियां भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों को दर्शाएंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण होंगी। अलर्ट मोड में प्रशासन ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों की मधुर धुन और 'जय श्री राम' के उद्घोष से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहेगा। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शोभा यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके, इसके लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है।
भोपाल के परवलिया इलाके में गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक के सिर पर ट्रॉली का पहिया चढ़ने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घर से एक किलोमीटर दूर हुआ हादसा पुलिस के अनुसार मनोज विश्वकर्मा (38) रतनपुर कॉलोनी परवलिया रोड का रहने वाला था। वह प्लंबिंग का काम करता था। गुरुवार सुबह काम पर जा रहा था। मुख्य मार्ग पर टक्कर के बाद ट्रैक्टर कच्चे रास्ते से नीचे उतरकर खेत में जाकर पलट गया। हादसे में ड्राइवर को भी चोट आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ड्राइवर मौके से भाग गया। उसकी तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही गई है। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में भेजा गया है। दो बच्चों के पिता था मनोज मनोज विश्वकर्मा का विवाह 2015 में हुआ था। उसके एक बेटा और एक बेटी हैं।

