राजगढ़ जिले के जीरापुर में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की मंडल स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया। समापन सत्र में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष और प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रवक्ता बनवारी सोनी ने मंच से अपने ही पार्टी के नेताओं के तौर-तरीकों पर तंज कसा। अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने संगठन के भीतर अनुशासन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और नेताओं के व्यवहार को लेकर खुलकर टिप्पणी की। सबसे पहले कार्यशाला में अपेक्षाकृत कम कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को देखकर बनवारी सोनी ने मंच से ही नाराजगी जाहिर की और कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को विचारधारा से जोड़ने का माध्यम है। कहा- मैं जामवंत बनकर आया हूंसोनी ने कहा कि याद रखना यह प्रशिक्षण केवल इस बात का है कि मैं केवल जामवंत बनकर आया हूं, हनुमानों को जगाने के लिए। याद रखना, 2037 में जब दादाजी-नानाजी बनेंगे, तब हमारे बच्चे पूछेंगे कि काकाजी, जब मोदी जी 2047 में विश्व गुरु बनाने का संकल्प लेकर आह्वान कर रहे थे, तब तुम बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन करने क्यों गए? वो पूछेंगे हमारे बच्चे कि जब हमारी औलादें इस विषय को देखेंगी कि उस समय मोदी जी अपेक्षाकृत होकर हमारे बुजुर्गों को साथ देने की बात कर रहे थे, प्रशिक्षित नेता बाहर घूम रहे थे, कैसे विश्व गुरु बनेगा यह देश? यह विश्व गुरु तभी बनेगा जब हम ईमानदारी से यहां प्रशिक्षण ग्रहण कर हमारे विधायक जी, हमारे सांसद जी और हमारी पार्टी की ताकत बढ़ांगे। ‘हमारे नेता सायरन से जनता को डराते हैं’उन्होंने कहा कि समय बहुत कठिन है, कांग्रेस में नेता नहीं हैं, उसके बाद भी अगर बराबरी से जीते, तो समझ लेना विरोध हो गया। और विरोध पैदा कौन करता है? विधायक जी विरोध पैदा नहीं करते, सांसद जी विरोध पैदा नहीं करते। हमारे नेता 7 लाख की बोलेरो आती है ना, उसमें कांच चढ़ा लेते हैं, और उस पर रखते हैं दो सायरन, और चू-चू, पू-पू करके निकलते हैं, क्षेत्र और जनता को डराते फिरते हैं। बजाओ, बजाओ सायरन, लेकिन जब समय आएगा ना तो जनता तुमको बजा देगी, फिर काहे का सायरन बजाओगे? इसलिए प्रशिक्षण करके भारतीय जनता पार्टी में संस्कार पैदा करो। भाजपा की असली ताकत कार्यकर्ता हैंसोनी ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण, अनुशासन और संस्कार जरूरी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर संगठन के लिए काम करें और विधायक, सांसद तथा पार्टी नेतृत्व को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। कांग्रेस में मजबूत नेतृत्व नहीं होने के बावजूद यदि मुकाबला कड़ा हो जाता है, तो इसके पीछे संगठन के भीतर पैदा होने वाला विरोध भी एक कारण हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि कार्यकर्ता आपसी मतभेद छोड़कर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करें। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और पार्टी की विचारधारा को समाज के बीच पहुंचाने का आह्वान किया, ताकि संगठन की ताकत और जनाधार दोनों मजबूत हो।
सहारनपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 50 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस स्मैक की कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई थाना गंगोह पुलिस ने ऑपरेशन सवेरा अभियान के तहत की। सीओ गंगोह अशोक सिसोदिया ने बताया कि डीआईजी अभिषेक सिंह के निर्देश पर जिलेभर में नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसएसपी अभिनन्दन के निर्देश पर थाना गंगोह प्रभारी संजीव कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान पुलिस टीम को गांव बाढ़ी माजरा के पास निर्माणाधीन पुल के नीचे एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। शक के आधार पर उसे रोका गया और पूछताछ की गई। युवक ने अपनी पहचान मोनिश पुत्र जाहिद, निवासी गांव बाढ़ी माजरा, थाना गंगोह के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसके पास से 50 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी मोनिश को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ थाना गंगोह में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब उसके नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था, नशीला पदार्थ कहां से लाता था और किन क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति करता था। इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में एसआई आजाद सिंह, हेड कांस्टेबल उदित मलिक, मुकेश कुमार, अंकुश गौदारा और कांस्टेबल सूरज शर्मा शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
मथुरा के विश्राम घाट पर अनोखी पहल:फिल्टर कर श्रद्धालुओं को यमुना जल का आचमन कराया गया
मथुरा में यमुना जन्मोत्सव के अवसर पर विश्राम घाट पर एक अनोखी पहल की गई। यमुना शुद्धिकरण के लिए कार्यरत संस्था प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर ने श्रद्धालुओं को मौके पर ही फिल्टर किया हुआ यमुना जल आचमन के लिए उपलब्ध कराया। इस दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर के सदस्यों ने कोरिया से आए सहयोगियों के साथ मिलकर सैकड़ों श्रद्धालुओं के सामने यमुना जल को तुरंत शुद्ध करने की तकनीक का प्रदर्शन किया। इस अनोखे प्रयोग ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और इसे विज्ञान व तकनीक के बेहतर उपयोग का उदाहरण बताया गया। संस्था के सदस्यों ने जानकारी दी कि वे पिछले कई वर्षों से यमुना नदी को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि यदि आधुनिक तकनीकों का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो नदी के प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयोग न केवल समाधान प्रस्तुत करते हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी कार्य करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि जब एक संस्था अपने स्तर पर इस प्रकार का प्रभावी कार्य कर सकती है, तो सरकार भी ठोस कदम उठाकर यमुना को स्वच्छ बना सकती है। लोगों ने सरकार से यमुना शुद्धिकरण के लिए स्थायी और प्रभावी योजनाएं लागू करने की मांग की। यह आयोजन तकनीकी संभावनाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण साबित हुआ। साथ ही, इसने समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया।
राजधानी के भाठागांव इलाके में भू-माफियाओं के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को 'केसरी बगीचा' क्षेत्र में लगभग 2 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को निगम के बुलडोजर ने ढहा दिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है, कि अवैध प्लाटिंग करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। अफसरों ने कार्रवाई का ब्योरा दिया, लेकिन अवैध प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं को अज्ञात बता रहे है। निगम अधिकारियों की इस कार्रवाई पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़ा किए है। कांग्रेस नेताओं का कहना है, कि पार्षद का भाई अवैध प्लाटिंग कर रहा है। निगम के अधिकारी केवल खानापूर्ति करके लौटे है। निगम के अधिकारी इसीलिए अवैध प्लाटिंग करने वालों की जानकारी देने से बच रहे है। निगम अधिकारी बोले आवागमन रोका रायपुर नगर निगम मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया, कि आयुक्त विश्वदीप के आदेश और जोन-6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध रूप से बनाई गई मुरुम सड़कों को जेसीबी की मदद से काटकर आवागमन अवरुद्ध कर दिया। कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता दिनेश सिन्हा, सहायक अभियंता आशीष श्रीवास्तव और उप अभियंता सागर ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अब पढ़े कार्रवाई जिसकी जमीन पर हुई वो किसकी कांग्रेस नेताओं के अनुसार केसरी बगीचा के पास खसरा नंबर 1360/1, 1366/1, 1367/3, सहित आसपास के भूखंडों पर प्लॉटिंग गतिविधियों की शिकायत निगम अधिकारियों से की थी। यह जमीन लखन नाम के व्यक्ति की बताई जा रही है। ये व्यक्ति अपने साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से अवैध प्लाटिंग कर रहा है। सोमवार 24 मार्च को टीम पहुंची, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करके लौटी। शंकरा विहार कार्रवाई पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल भाठागांव क्षेत्र में इससे पहले भी “शंकरा विहार” निगम के अधिकारियों ने कार्रवाई की। इस कार्रवाई पर भी कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है, कि अफसरों ने कार्रवाई की, लेकिन आरोपियों पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। इसके साथ ही आरोपियों ने प्लाटिंग करने के लिए हरे पेड़ों को काट दिया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई में इस बिंदु को शामिल नहीं किया है। कांग्रेस नेताओं ने दोनो मामलों में ठोस कार्रवाई करने की मांग अफसरों से की है। अब पढ़े कांग्रेस नेता ने क्या कहा शहर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर के प्रवक्ता ब्रम्हा सोनकर पूरे मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की मांग क है। कांग्रेस नेता का कहना है, कि अवैध तरीके से प्लाटिंग करने वाले आरोपी पार्षद के रिश्तेदार है, इसलिए ठोस कार्रवाई करने के बजाए उनके बचाने का काम विभागीय अधिकारी कर रहे है। अब पढ़े निगम अधिकारियों ने क्या कहा निगम निगम जोन 6 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने बताया, कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी और उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ नगर निगम ने गृहकर बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को भी शहर में व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान निगम की टीम ने शहर के तारापुरी और लिसाड़ी रोड क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 56 दुकानों को सील कर दिया। लंबे समय से गृहकर जमा न करने वाले व्यापारियों पर यह कार्रवाई की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, बकाया कर की वसूली को लेकर लगातार नोटिस और चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन कई व्यापारियों द्वारा इसे नजरअंदाज किया जा रहा था। इसके चलते निगम को सख्त कदम उठाने पड़े। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान निगम की टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। वहीं, कर वसूली अभियान के तहत नगर निगम को आज कुल 2 लाख 14 हजार रुपये की नकद वसूली भी प्राप्त हुई। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और बकायेदारों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। मुख्य कर निर्धारक एस.के. गौतम ने बताया कि जिन संपत्तियों पर लंबे समय से गृहकर बकाया है, उनके खिलाफ सीलिंग और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपना गृहकर जमा करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या कार्रवाई से बचा जा सके।
अमेठी के शुकुल बाजार थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में कामाख्या भवानी मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक ऑटो पलट गया। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के नौ लोग घायल हो गए, जिनमें से दो को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह हादसा पूरे पितई गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि सड़क पर अचानक बंदर आ जाने से ऑटो चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार मचने लगी। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को वाहन से बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से सीएचसी शुकुल बाजार अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इनमें से विंध्यवासिनी सिंह और रीता सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों में उदयराज सिंह, उनकी पत्नी विंध्यवासिनी सिंह, सुनीता सिंह, रीता सिंह, सरिता सिंह, प्रीती सिंह, मानसी सिंह, आनंद सिंह और श्रेया सिंह शामिल हैं। ये सभी रायबरेली जनपद के थाना शिवगढ़ क्षेत्र के ग्राम कोडरा के निवासी बताए जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकांश घायलों की हालत खतरे से बाहर है। थाना अध्यक्ष विवेक वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि श्रद्धालु दर्शन कर लौट रहे थे, तभी पूरे पितई गांव के पास ऑटो पलटने से यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि दो घायलों को रेफर किया गया है, जबकि अन्य इलाज के बाद अपने निजी वाहन से घर वापस चले गए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप पर नोटिस भेजकर आरोपी को गिरफ्तार करने के मामले में आईपीएस अधिकारी और एसीबी के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ को अवमानना का दोषी माना हैं। जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने उन्हें 6 अप्रेल को सजा के बिंदू पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह आदेश रवि मीणा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही अदालत ने पुलिस की इस तरह की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए व्हाट्सएप पर नोटिस भेजने के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने को अवैध ठहराया है। गिरफ्तार व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हननहाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि केवल व्हाट्सएप के जरिए भेजा नोटिस कानूनी तौर पर सीआरपीसी की धारा 41-ए के तहत वैध नहीं है। वहीं ऐसे नोटिस के आधार पर की गई गिरफ्तारी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। अदालत ने कहा कि नोटिस की तामील कानून में निर्धारित प्रक्रिया यानि व्यक्तिगत तामील, चस्पा और स्पीड पोस्ट आदि से ही होनी चाहिए। यदि आरोपी नोटिस का पालन करता है, तो उसे बिना ठोस कारण गिरफ्तार नहीं करना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई अदालत की अवमाननायाचिकाकर्ता के अधिवक्ता मोहित खंडेलवाल ने बताया कि आरएसएलडीसी में हुए घूसकांड से जुडे मामले में एसीबी ने याचिकाकर्ता को एक फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था। इससे पहले एसीबी के जांच अधिकारी ने 25 जनवरी, 2023 को उसे व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजा और 31 जनवरी को पेश होने के लिए कहा। इस पर उसने एसीबी के नोटिस का जवाब देते हुए अपनी पत्नी की बीमारी के कारण समय मांगा था, लेकिन पुलिस ने बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए ही उसे सीधे ही गिरफ्तार कर लिया। इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि यह कार्रवाई सीआरपीसी की धारा 41 ए की अवहेलना है और मामले में कानूनी प्रक्रिया का अनुसरण नहीं किया है। ऐसे में एसीबी की कार्रवाई कानून और अदालत की अवमानना हैं। एसीबी ने कहा-दवाब बनाने के लिए याचिकाइसके जवाब में एसीबी की ओर से कहा गया कि उन्होंने आरोपी को नोटिस दिया था, लेकिन उसने जवाब में टालमटोल रवैया रखा। इसके अलावा याचिकाकर्ता एफआईआर को रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जा चुके हैं और असफल रहे हैं। इसके बाद ही अनुसंधान एजेंसी पर दबाव बनाने के लिए उसने यह अवमानना याचिका दायर की है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर एसीबी की गिरफ्तारी की कार्रवाई को गलत मानते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को तलब किया है।
कानपुर में मंगलवार को दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। सचेंडी थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे खड़े ट्रक में कंडक्टर का शव मिलने से हड़कंप मच गया। वहीं, जूही इलाके में काम न मिलने से परेशान युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सचेंडी थाना क्षेत्र में चकरपुर मंडी के पास खड़े ट्रक में 22 वर्षीय साजन सविता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। वह कानपुर देहात के रनियां जैनपुर का निवासी था और गांव के ही चालक मोनू के साथ पिछले डेढ़ महीने से खलासी का काम कर रहा था। घटना के समय चालक मौके से फरार मिला, जिससे मामले ने संदेह और गहरा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप मृतक के परिजनों ने ट्रक चालक मोनू पर गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चालक के फरार होने से संदेह और बढ़ गया है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मृतक के गले पर मिले निशान को पुरानी चोट बताया जा रहा है। सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि विसरा सुरक्षित रखकर जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जूही में युवक ने फांसी लगाई इसी दिन जूही थाना क्षेत्र के रत्तूपुरवा इलाके में 40 वर्षीय राजू ने आत्महत्या कर ली। वह पेंटर का काम करता था और अपनी मां के साथ रहता था। मंगलवार दोपहर उसका शव स्वदेशी मिल कंपाउंड में नीम के पेड़ से लटका मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी मर्जी से जान देने की बात लिखी है और इसके लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराने को कहा है। नोट में काम न मिलने से परेशान होने की बात भी सामने आई है। जूही इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार पटेल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है।
मोदीनगर में रसोई गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने मंगलवार को दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया। यह घटना मोदी मंदिर के सामने स्थित धीरेंद्र गैस एजेंसी पर हुई। बुकिंग के बावजूद सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ता आक्रोशित हो गए। एजेंसी पर पहुंचने के बाद लोगों को बताया गया कि रसोई गैस सिलेंडर खत्म हो गए हैं। इस जानकारी के बाद वहां मौजूद उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एसडीएम और थाना प्रभारी को मौके पर बुलाने की मांग की। अधिकारियों के न पहुंचने पर लोगों ने दिल्ली-मेरठ मार्ग को जाम कर दिया। जाम लगने से दिल्ली-मेरठ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लगभग तीन किलोमीटर तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारी लोगों का आरोप है कि बुकिंग के बावजूद उन्हें रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि एजेंसी संचालक खुलेआम सिलेंडरों की कालाबाजारी कर रहा है। उपभोक्ताओं ने एजेंसी संचालक की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक अधिवक्ता की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने धीरेंद्र गैस एजेंसी पर छापेमारी की थी और संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसीपी भास्कर वर्मा ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने हंगामा किया था, जिन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है।
IIT जोधपुर में देशभर से आए विशेषज्ञ:उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों का लिया प्रशिक्षण
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर में 24-25 मार्च को राष्ट्रीय स्तर के I-RISE ऑपरेटर प्रशिक्षण कार्यक्रम (I-OTP) का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय कार्यक्रम जोधपुर सिटी नॉलेज एंड इनोवेशन फाउंडेशन (JCKIF) द्वारा केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (CRF), IIT जोधपुर और I-STEM के संयुक्त सहयोग से आयोजित हो रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से करीब 100 प्रतिभागी शामिल हुए हैं, जिनमें इंजीनियरिंग छात्र, डिप्लोमा धारक, प्रयोगशाला ऑपरेटर, पीएचडी शोधार्थी, संकाय सदस्य और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों के संचालन में तकनीकी दक्षता बढ़ाना तथा सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित अनुसंधान अवसंरचना के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना है। विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में IIT जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत मानव संसाधन और शिक्षा-उद्योग-सरकार के समन्वय से ही देश का अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय से जुड़े वैज्ञानिक-एफ डॉ. विशाल चौधरी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्लस्टर्स की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा- इस तरह की पहल संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देती है। वहीं डॉ. श्याम सुंदर धाकर ने I-STEM के माध्यम से राजस्थान में अनुसंधान सुविधाओं की उपलब्धता पर जानकारी दी। I-STEM के मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ. हरिलाल भास्कर ने प्रतिभागियों को देशभर में उपलब्ध उन्नत उपकरणों तक पहुंच के बारे में अवगत कराया। इनका दिया जा रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (SEM), एक्स-रे विवर्तन (XRD), ICP-MS, FTIR, HPLC सहित कई अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन सत्रों का संचालन IIT जोधपुर के विशेषज्ञ संकाय सदस्यों और उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है। ये संस्थान हो रहे शामिल देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IITs, NITs, MNIT जयपुर, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर और रक्षा प्रयोगशाला जोधपुर सहित कई संस्थानों के प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों को केंद्रीय अनुसंधान सुविधा (CRF) में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें उपकरणों के संचालन, रखरखाव और कैलिब्रेशन की जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम डॉ. आकांक्षा चौधरी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें CRF टीम का तकनीकी सहयोग डॉ. रवि प्रकाश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में मिल रहा है।
चित्रकूट के जानकीकुंड में श्री सदगुरु गौ सेवा केंद्र का वार्षिक उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। परमहंस संत श्री रणछोड़ दास महाराज की प्रेरणा से संचालित यह केंद्र श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के अंतर्गत आता हैं। इस कार्यक्रम में रामकथा व्यास पूज्य महाराज श्री मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज, ट्रस्टी श्रीमती रूपल बेन, संचालिका ऊषा जैन, ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन, मिलोनी बेन, पूज्य दमयंती बेन, पूज्य रमाबेन हरियाणी सहित देशभर से आए गुरुभाई-बहन और गौभक्त शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ संतों के पूजन और गौ माता की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर गौ माताओं को 108 व्यंजनों का भव्य अन्नकूट भोग अर्पित किया गया। केंद्र की संचालिका उषा जैन ने बताया कि श्री सदगुरु गौ सेवा केंद्र विगत 30 वर्षों से गौ माता की सेवा में समर्पित है। यह केंद्र असहाय, बीमार और बेसहारा गायों की सेवा के लिए स्थापित किया गया था। वर्तमान में यहां 1300 से अधिक गौमाताएं निवास कर रही हैं, जिनकी देखभाल, पोषण और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र की स्थापना 1998 में स्वर्गीय अरविंद भाई मफतलाल की प्रेरणा से की गई थी। ट्रस्ट द्वारा गौ सेवा को पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता से जोड़ा गया है। यह गौशाला न केवल गायों का आश्रय स्थल है, बल्कि गौ-काष्ठ और गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रही है। पूज्य महाराज मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि गौ सेवा सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण अंग है। भारतीय संस्कृति में गौ माता को विशेष स्थान प्राप्त है, क्योंकि उनमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष विशद भाई, ट्रस्टी श्रीमती रूपल बेन, पद्मश्री स्व. डॉ. बी.के. जैन, डॉ. इलेश जैन, डॉ. विष्णु भाई, मनोज भाई और रघु भाई सहित अन्य सभी ट्रस्टियों के योगदान को सराहनीय बताया गया। गौशाला के समर्पित कार्यकर्ताओं एवं गौपालकों की सेवा भावना की भी सराहना की गई, जो हर परिस्थिति में गौ माता की सेवा में तत्पर रहते हैं।अंत में, श्रीमती जैन ने सभी गौभक्तों से आह्वान किया कि वे गौ माता की रक्षा एवं सेवा के लिए आगे आएं और इस पुण्य कार्य को अपनी अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें।
गोंडा बेसिक शिक्षा विभाग के फर्नीचर आपूर्ति सरकारी टेंडर में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार जिला समन्वयक निर्माण विद्या भूषण मिश्र को जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम नित्या पांडेय ने मंगलवार को उन्हें एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और उसी धनराशि की जमानत प्रस्तुत करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया। विद्या भूषण मिश्र को 18 मार्च को पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर गोंडा मंडलीय कारागार भेजा था। वह भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों में बीते छह दिनों से जेल में बंद थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता उपेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि सुनवाई के दौरान मामले के तथ्यों, साक्ष्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए विशेष न्यायाधीश ने आरोपित का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। इसी भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी मामले में पूर्व गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी भी निलंबित चल रहे हैं। उनके खिलाफ भी इन्हीं आरोपों में नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है, हालांकि उन्हें गोरखपुर एंटी करप्शन कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस धोखाधड़ी मामले में जिला समन्वयक जेम पोर्टल प्रेम शंकर मिश्रा अभी भी फरार हैं। उन्हें किसी भी कोर्ट से राहत नहीं मिली है। गोंडा नगर कोतवाल ने बताया कि प्रेम शंकर मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हुई हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। प्रेम शंकर मिश्रा विभाग से छुट्टी लेकर फरार चल रहे हैं।
गौशाला में घुसे तेंदुए ने बछड़े पर हमला किया:हरदोई के अंबारी गांव में दहशत, नाइट विजन कैमरे लगाए गए
हरदोई के पिहानी ब्लॉक के अंबारी गांव में तेंदुए के घुसने से दहशत फैल गई है। तेंदुए ने एक गौशाला में घुसकर बछड़े पर हमला किया, जिससे गांव में भय का माहौल है। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए अलर्ट मोड पर है और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। वन विभाग के अनुसार, मंगलवार को तेंदुए ने अंबारी गांव की एक गौशाला में गाय के बछड़े पर हमला किया था। इससे दो दिन पहले, तेंदुए ने एक ग्रामीण पर भी हमला किया था, जिससे ग्रामीण घायल हो गया था। घटना की जानकारी मिलते ही उप प्रभागीय वन अधिकारी अर्चना रावत, क्षेत्रीय वन अधिकारी पिहानी नीलम मौर्या, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी पिहानी नरेंद्र वर्मा, वन दरोगा आशीष पाल, वन रक्षक राहुल कुमार और विपिन पाल की टीम अंबारी गांव पहुंची। टीम ने तेंदुए के पैरों के निशानों के आधार पर उसकी मूवमेंट की जांच शुरू की है और नाइट विजन कैमरे भी लगाए हैं। वन रक्षक राहुल कुमार ने बताया कि पैरों के निशानों से पता चला है कि तेंदुआ लखीमपुर की ओर से अंबारी पहुंचा था और अब बरबर की दिशा में गया है। वन विभाग की टीम लगातार कॉम्बिंग कर रही है और स्थानीय लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में दो साल पहले हुए उमर हत्याकांड में न्यायालय ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 48 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया। सजा पाने वाले दोषियों में शफीक उर्फ हड्डी, समीर, कदीम और तौफीक शामिल हैं। पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को अदालत ने पर्याप्त मानते हुए सभी को दोषी ठहराया। यह घटना 12 अप्रैल को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में हुई थी, जहां मोबाइल को लेकर हुए विवाद में उमर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस संबंध में मृतक के भाई वाजिद ने मुकदमा दर्ज कराया था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक सैनी ने बताया कि गवाहों के बयानों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सहारनपुर में 90 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में इन पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025 के आंकड़ों के आधार पर हासिल की गई है। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में डीएम मनीष बंसल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में, 7 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ये पंचायतें वर्ष 2023 से लगातार तीन वर्षों से टीबी मुक्त बनी हुई हैं। उन्हें महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2024 से लगातार दो वर्षों से टीबी मुक्त रहने वाली 13 पंचायतों के प्रधानों को रजत प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2025 में पहली बार टीबी मुक्त घोषित हुई 70 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। डीएम मनीष बंसल ने इस उपलब्धि को जनपद के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सहारनपुर टीबी मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने टीबी मरीजों की समय पर पहचान, पूर्ण इलाज और मरीजों व उनके परिजनों को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वे दवा का कोर्स समय पर पूरा करें। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में जनपद में टीबी उन्मूलन के लिए सघन अभियान चलाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्राम प्रधानों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। शाम को कलेक्ट्रेट में एनआईसी के सहयोग से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा नोएडा से शुरू किए गए 100 दिवसीय टीबी रोगी खोज अभियान का लाइव प्रसारण भी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने देखा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
जोधपुर में बिजली लाइनों के रखरखाव कार्य के चलते गुरुवार को कई क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक करीब 3 घंटे का पावरकट रहेगा, जिसके बाद आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। बिजली विभाग के अनुसार लाइनों और उपकरणों के मेंटेनेंस कार्य के चलते यह शटडाउन लिया जा रहा है, ताकि भविष्य में तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके। इन क्षेत्रों में रहेगा सुबह 8 से 11 बजे तक पावरकट सुबह 8 बजे से 11 बजे तक दासपा हाउस, जग्गु की होटल, सत्यम हॉस्पिटल, शक्ति कॉलोनी, लड्डा कॉलोनी, पुरानी लोको से संबंधित रेलवे वर्कशॉप, राजस्थान उद्योग, बारियों का बास, दुग्ध मंदिर सोजती गेट, गोती चौक, गोलन की मस्जिद, कैसरबाग, ओल्ड कैंपस, पुलिस लाइन, सेंट्रल जेल, उगम जी का बंगला और आसपास के क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। इसके अलावा 33/11 केवी पुराने पावर हाउस सब-स्टेशन से जुड़े सभी क्षेत्रों में भी इस दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि निर्धारित समय के दौरान आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और मेंटेनेंस कार्य में सहयोग करें, ताकि समय पर बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल की जा सके।
उज्जैन में मंगलवार शाम कुछ पेट्रोल पंप बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देशभर में ईंधन की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह स्थिति सामने आई, जिससे स्थानीय स्तर पर भ्रम और चिंता बढ़ गई। देश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर इन दिनों व्यापक चर्चाएं चल रही हैं। कई स्थानों पर लोग एहतियात के तौर पर अधिक मात्रा में ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे स्थानीय आपूर्ति पर दबाव बन रहा है। इसी पृष्ठभूमि में उज्जैन में भी कुछ पंपों के बंद होने से आमजन को दिक्कतें हुईं। शहर के दो तालाब क्षेत्र और नाना खेड़ा स्थित पेट्रोल पंपों पर शाम के समय पेट्रोल-डीजल की बिक्री बंद कर दी गई। इससे वहां पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा और कई लोग ईंधन के लिए भटकते दिखे। हालांकि, सीएनजी उपलब्ध थी। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि पंप कर्मचारियों ने उन्हें अगले दिन सुबह ईंधन मिलने की जानकारी दी। इस स्थिति से फूड डिलीवरी जैसे कार्यों से जुड़े युवाओं का काम भी प्रभावित हुआ, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ा। हालांकि, जिला आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी शालू वर्मा ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उज्जैन जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में ईंधन का स्टॉक मौजूद है। इंडियन ऑयल के पंपों पर लगभग 690 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 904 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। भारत पेट्रोलियम के पंपों पर 280 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 550 हजार किलो लीटर डीजल मौजूद है। इसी तरह, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर 450 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 650 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। नायरा कंपनी के पंपों पर 112 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 195 हजार किलो लीटर डीजल स्टॉक में है। एचपी गैस/अन्य पंपों पर 74 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 118 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। कुल मिलाकर, उज्जैन जिले में लगभग 1605 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 2417 हजार किलो लीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है।
संभल में मंगलवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार जीजा-साले गंभीर रूप से घायल हो गए। थाना नखासा क्षेत्र के खेड़ा चौराहे पर एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घायलों में साले जावेद की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। रुकुनुद्दीन सराय निवासी जावेद ने हाल ही में एक नई अपाचे बाइक खरीदी थी। वह अपनी नई बाइक की खुशी में अपने जीजा इमरान के साथ दरगाह पर नियाज़ दिलाने गए थे। इसके बाद दोनों अपनी नानी के घर बाइक दिखाने और नियाज़ बांटने पहुंचे। नानी के घर से लौटते समय जैसे ही उनकी बाइक खेड़ा चौराहे पर पहुंची, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जावेद की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। जीजा इमरान का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। घायल जावेद की बहन और इमरान की पत्नी उमरा ने बताया कि दोनों नानी के घर से वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर थाना नखासा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की पहचान की जा सके। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।
ट्रेन में यात्री पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने अवैध चाकू बरामद किया, आगे की जांच जारी
मथुरा जंक्शन जीआरपी पुलिस ने ट्रेन में एक यात्री पर हमला करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्त के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया अवैध चाकू भी बरामद किया है। यह घटना 20 मार्च 2026 को हुई थी। ट्रेन संख्या 55334 में रेलवे स्टेशन राया पार करने के बाद आरोपी रवेन्द्र ने मथुरा निवासी एक यात्री पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया था। पीड़ित की शिकायत पर जीआरपी मथुरा जंक्शन में मुकदमा अपराध संख्या 102/2026, धारा 109(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले के खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक पुलिस टीम लगातार चेकिंग अभियान चला रही थी। मुखबिर की सूचना पर टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने रेलवे स्टेशन राया से मथुरा की ओर प्लेटफॉर्म के अंतिम छोर के पास एक पेड़ के नीचे से आरोपी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान रवेन्द्र पुत्र चन्द्रपाल के रूप में हुई है, जो ग्राम नगला गजू, थाना राया, जनपद मथुरा का निवासी है और उसकी उम्र करीब 28 वर्ष है। तलाशी के दौरान उसके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया अवैध चाकू बरामद हुआ। बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास के संबंध में अन्य थानों से जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपी को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार शाम को जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक हुई। इसमें सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। जिलाधिकारी ने मुख्य मार्गों पर बने सभी अवैध कटों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही, सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को कहा गया। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए, जिसमें चालान के साथ ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई भी शामिल होगी। नवयुवकों की ओर से किए जाने वाले स्टंट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए तीन चरणों में कार्रवाई की व्यवस्था लागू की जाएगी। पहले चरण में चालान, दूसरे में लाइसेंस जब्ती और तीसरे चरण में वाहन जब्ती या स्क्रैप की कार्रवाई होगी। इसके अलावा, अंडरएज वाहन चालकों, खासकर छात्र-छात्राओं के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-रिक्शा चालकों, विशेषकर हाईवे पर चलने वाले ई-रिक्शाओं पर नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। स्कूल वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने और निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने उन क्षेत्रों में हाईट बैरियर लगाकर भारी वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जहां यह लागू है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों को भी अव्यवस्थित ढंग से खड़ा न होने देने को कहा गया। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री राहत योजना का भी जिक्र किया। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के सात दिनों के भीतर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। सभी विभागों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के आधार पर 36 हॉटस्पॉट और 15 अतिरिक्त संवेदनशील स्थलों की पहचान की गई है, जहां जल्द ही सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।
कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी के नौ माह की गर्भवती होने का मामला सामने आया है। किशोरी को पेट दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह डॉक्टरों की विशेष निगरानी में है। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने मामले की वैधानिक जांच और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंची थी किशोरी को अचानक पेट में तेज दर्द होने पर परिजन पहले बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। वहां प्राथमिक जांच में स्थिति संदिग्ध लगने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मंगलवार को जिला अस्पताल के विशेषज्ञों ने जांच के बाद किशोरी के नौ माह की गर्भवती होने की पुष्टि की, जिसके बाद महिला थाने को सूचित किया गया। गांव के ही किशोर के साथ मंदिर में प्रेम विवाह का दावा अस्पताल स्टाफ को दिए प्रारंभिक बयान में किशोरी ने बताया कि उसने अपने ही गांव के एक किशोर के साथ मंदिर में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वे कुछ समय तक गांव से बाहर भी रहे थे। जिला अस्पताल के डिलीवरी वार्ड की इंचार्ज दुर्गा के अनुसार, किशोरी पूर्ण रूप से गर्भवती है और संभावना है कि उसकी डिलीवरी आज रात तक हो सकती है। महिला थाने में संबंधित धाराओं के तहत दर्ज होगा मामला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि नाबालिग के गर्भवती होने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और चूंकि मामला नाबालिग से संबंधित है, इसलिए महिला थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा। पुलिस मामले के सभी कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।
यूपी के 1.86 लाख शिक्षक अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) दे सकेंगे। मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटेट के विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका में तीन बड़े संशोधन किए हैं। इन संशोधनों के बाद बीएड पास अभ्यर्थी सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा ही दे सकेंगे। वे प्राथमिक (1 से 5) के लिए अब पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा बीएड/बीटीसी में अध्ययनरत छात्र भी अब इस परीक्षा में बैठ सकेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 20 मार्च को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया था। यूपी में ये परीक्षा चार साल बाद होने जा रही है। इस बार की परीक्षा में 15 से 20 लाख आवेदकों के शामिल होने का अनुमान है। इसमें प्रदेश के 1.86 लाख प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के टीचर भी शामिल हैं, जो अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। हालांकि इन टीचरों में 50 हजार ऐसे शिक्षक भी थे, जो टीईटी की परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं रखते हैं। इन शिक्षकों के सामने संकट ये है कि सितंबर 2027 से पहले उन्होंने टीईटी पास नहीं किया तो उनकी नौकरी छिन जाएगी। दैनिक भास्कर ने 23 मार्च को यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट': शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें टीईटी परीक्षा के लिए अपात्र 50 हजार शिक्षकों के दर्द को प्रमुखता से उठाया था। अब मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने तीन संशोधनों के माध्यम से इन 50 हजार शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है। आयोग ने ये तीन महत्वपूर्ण संशोधन किए तीन से चार लाख आवेदकों को बड़ी राहत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने बताया कि आयोग के तीन बड़े संशोधनों से टीईटी के लिए अपात्र 50 हजार सहायक अध्यापकों के साथ ही तीन से चार लाख उन अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिली है, जो अभी बीएड या बीटीसी में प्रवेश लिए होंगे। --------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट':TET परीक्षा दें या फिर SIR और जनगणना के टारगेट पूरे करें यूपी में 1.86 लाख शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं हैं। ये शिक्षक प्राथमिक (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8 तक) विद्यालयों के हैं। इनमें 50 हजार तो ऐसे हैं, जो न्यूनतम योग्यता न होने के कारण परीक्षा में बैठ भी नहीं सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने के लिए सितंबर, 2027 की समय सीमा तय कर रखी है। ऐसे में यूपी में चार साल बाद जुलाई में होने वाली UPTET-2026 शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है। मुश्किल ये है कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की गुत्थी में उलझे इन शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि मई में होने वाले राष्ट्रीय जनगणना की ड्यूटी के बीच वे परीक्षा की तैयारी कब करेंगे? परीक्षा का शेड्यूल क्या है, शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना क्यों जरूरी है? सेवा चयन आयोग ने यूपी टीईटी में शिक्षकों के लिए क्या शर्तें जोड़ी हैं? शिक्षक संघ क्यों 2011 से पहले कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जा चुके टीईटी का विरोध कर रहे हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट…
संभल के सिद्धपीठ चामुंडा देवी मंदिर में मंगलवार को मां कात्यायनी देवी की महाआरती का आयोजन किया गया। इसमें 500 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह से लेकर रात तक 2500 से अधिक भक्तों ने मां दुर्गा के दर्शन किए। नवरात्रि के छठे दिन मंदिर परिसर को गेंदा, चमेली और आम की पत्तियों से सजाया गया था। तिरंगा और अन्य लाइटों से मंदिर जगमगा रहा था। मंगला आरती के बाद दर्शन के लिए कपाट खोले गए। महाआरती शाम 7 बजे शुरू हुई और रात 8:30 बजे संपन्न हुई। मंदिर के कपाट रात 12 बजे बंद किए गए। मंदिर के महंत मुरली सिंह ने मुख्य यजमान मनोज कुमार गुप्ता और योगिता गुप्ता से विधि-विधान पूर्वक महाआरती संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि यह मंदिर 800 साल से भी अधिक पुराना है। यह सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी मां चामुंडा देवी का सिद्धपीठ है। मनोज कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि सिद्धपीठ चामुंडा देवी मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। शाम की आरती में भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। मंदिर में साल में दो बार नवरात्रि मेला लगता है। महिला श्रद्धालु सारिका आर्य ने बताया कि वह प्रतिदिन शाम को आरती में शामिल होने आती हैं। मंदिर परिसर के बाहर चैत्र नवरात्र के 9 दिन के मेले का आयोजन हो रहा है। बच्चों के लिए झूलों के अलावा खाने-पीने की दुकानें लगी हैं। मां ज्वाला देवी से आई दिव्य ज्योत के श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं वहीं अखंड ज्योत घर लेकर गए हैं। देखें महाआरती की फोटो…
प्रयागराज में 15 बीघा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त:पीपलगांव और कसारी मसारी में PDA ने चलाया बुलडोजर
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने मंगलवार को शहर में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जोन-02, उपजोन-2ए क्षेत्र में लगभग 15 बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की टीम ने सबसे पहले शॉहा उर्फ पीपलगांव क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां वाजित अली उर्फ गुड्डू भूषा पुत्र आबिद अली और अन्य लोगों द्वारा लगभग 10 बीघा में की गई अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया गया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में अधिकारी और प्रवर्तन टीम मौजूद थी, जिससे किसी प्रकार का विरोध नहीं हुआ। इसके बाद टीम ने कसारी मसारी इलाके में शकील, दानिस और अन्य द्वारा करीब 5 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी पूरी तरह से जमींदोज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों मामलों में प्राधिकरण की अनुमति के बिना प्लॉटिंग कर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। PDA अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों ही मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी के साथ अवर अभियंता, सुपरवाइजर, PDA की प्रवर्तन टीम और थाना एयरपोर्ट की पुलिस मौजूद रही। प्रशासन का कहना है कि अवैध प्लाटिंग से न सिर्फ शहर का सुनियोजित विकास प्रभावित होता है, बल्कि आम लोगों को भी धोखाधड़ी का सामना करना पड़ता है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
सहारनपुर SBI शाखा में AC ब्लास्ट से आग:बैंक में भगदड़ मची, ग्राहकों और कर्मचारियों में दहशत फैली
सहारनपुर के कोर्ट रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा में मंगलवार दोपहर को एक बड़ा हादसा टल गया। बैंक के एक कमरे में लगे एयर कंडीशनर (AC) में अचानक तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया, जिससे आग लग गई और पूरे कमरे में धुआं व गैस फैल गई। घटना के समय बैंक में कई ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे। धमाके और आग के बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे, जिससे कुछ ही मिनटों में पूरा बैंक खाली हो गया और बाहर सड़क पर भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ब्लास्ट इतना जोरदार था कि आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। एसी से निकली गैस और धुएं के कारण बैंक के अंदर कुछ देर तक दृश्यता प्रभावित रही। यह हादसा बैंक की डिस्पेंसरी के कमरे में हुआ। एसी फटने के बाद बैंक कर्मचारियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए आग बुझाने का प्रारंभिक प्रयास किया। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) तेज प्रताप सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि एसी में तकनीकी खराबी के कारण ब्लास्ट हुआ था, जिससे मामूली आग लगी। समय रहते आग बुझाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलने पर थाना सदर बाजार पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने बैंक परिसर को खाली कराकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और भीड़ को नियंत्रित किया। बैंक प्रबंधन के अनुसार, इस घटना में लगभग 20 से 30 हजार रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। बैंक प्रबंधन ने इसे एक मामूली घटना बताया है।
मथुरा नगर निगम में 'सम्भव दिवस' पर जनसुनवाई:स्ट्रीट लाइट, सफाई, अतिक्रमण की शिकायतें प्रमुख रहीं
मंगलवार को मथुरा के भूतेश्वर स्थित नगर निगम कार्यालय में 'सम्भव दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर आयुक्त जग प्रवेश ने जनसुनवाई कर आम जनता की समस्याएं सुनीं। वृंदावन जोनल कार्यालय में सहायक अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक और जनरल गंज स्थित मथुरा-वृंदावन नगर निगम कार्यालय में अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने भी शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। 'सम्भव दिवस' में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। नगर निगम के सभी विभागाध्यक्ष इस दौरान मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। भूतेश्वर जोन में कुल 10 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 4 स्ट्रीट लाइट, 2 अवैध अतिक्रमण, 1 जलकल और 3 सफाई से संबंधित थीं। दो स्ट्रीट लाइट शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वृंदावन जोन में 3 शिकायतें मिलीं, जिनमें 1 नजूल और 2 जलकल विभाग से संबंधित थीं। सिटी जोन में 2 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 1 स्ट्रीट लाइट और 1 हाउस टैक्स से जुड़ी थी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह, सहायक नगर आयुक्त राकेश कुमार त्यागी, कल्पना सिंह चौहान, अनुज कौशिक, अधिशासी अभियंता निर्माण अमरेंद्र गौतम और अधिशासी अभियंता जल राम कैलाश सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
गोंडा जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार देर शाम राजस्व वसूली और विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान लापरवाही मिलने पर राज्य कर उपायुक्त आरएस यादव का वेतन रोकने और खनन अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में कर करेत्तर राजस्व वसूली में गंभीर लापरवाही सामने आई। गोंडा राज्य कर उपायुक्त आरएस यादव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। समीक्षा में पाया गया कि राज्य कर विभाग के चार खंडों में वसूली के नोडल अधिकारी होने के बावजूद यादव की प्रगति काफी खराब थी और बार-बार निर्देश के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। इसी बैठक में गोंडा खनन विभाग की खराब रैंकिंग पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने खनन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विभाग में सुधार लाने के निर्देश दिए और खनन अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को नायब तहसीलदारों के न्यायालयों में वादों के निस्तारण की जांच करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और सभी नायब तहसीलदारों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने चेतावनी दी कि वाद निस्तारण में किसी भी लापरवाही या अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम और लोक निर्माण विभाग खंड द्वितीय एवं प्रांतीय खंड के एक्सईएन को स्पष्ट निर्देश दिया है। कि जिन कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया गया है वह तत्काल रॉयल्टी का भुगतान करना सुनिश्चित करें। रॉयल्टी भुगतान न करने वाले कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्टेड करने की भी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही साथ डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है। कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य में गति लाना और जनता को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
अयोध्या जिले के रुदौली कोतवाली अंतर्गत शुजागंज पुलिस चौकी में एक पीड़ित परिवार के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि चौकी प्रभारी की मौजूदगी में एक सिपाही ने छेड़छाड़ पीड़िता के परिवार से शिकायती पत्र छीन लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। पीड़ित परिवार ने बताया कि वे अपनी शिकायत दर्ज कराने चौकी पहुंचे थे। वहां मौजूद एक सिपाही ने उनसे तहरीर छीन ली और अभद्रता करते हुए पाबंद करने की धमकी दी। सिपाही ने कहा कि वह आज मुलजिम लेकर जनपद जा रहा है और कल देखेगा। इस दौरान चौकी प्रभारी वहीं बैठे रहे और उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। यह पूरा मामला एक किशोरी से छेड़छाड़ से जुड़ा है। चौकी क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसकी 17 वर्षीय बेटी 20 मार्च 2026 को अपनी बड़ी बहन को भेलसर चौराहे छोड़ने गई थी। घर लौटते समय देवकली का पुरवा भट्ठे के पास गांव के ही एक युवक ने अपने साथियों के साथ उसकी स्कूटी रोक ली। आरोप है कि युवक ने किशोरी की स्कूटी की चाभी निकाल ली और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। उसने किशोरी को धमकी दी कि यदि उसने घर पर बताया तो उसे जान से मार देगा। पीड़ित किशोरी की बड़ी बहन ने बताया कि उसी दिन चौकी पर तैनात सिपाही अनुज को फोन करके घटना की जानकारी दी गई थी, क्योंकि वह उनके घर आते-जाते थे। डायल 112 पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। किशोरी ने अपने परिजनों को भी घटना की जानकारी दी।परिजनों ने शुजागंज पुलिस चौकी को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का कहना है कि लोगों के कहने पर पहले सुलह-समझौता कर लिया गया था, क्योंकि आरोपी शराब के नशे में था। हालांकि, अब आरोपी और उसके परिजन गाली-गलौज करते हैं और पिता को उठवा लेने की धमकी देते हैं, जिसके चलते आज उनके पिता चौकी पर तहरीर लेकर गए थे। इस संबंध में पुलिस क्षेत्रधिकारी आशीष निगम ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शेखपुरा में चैती छठ पर्व के अवसर पर मंगलवार को जिले के विभिन्न घाटों पर हजारों छठव्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस आस्था के महापर्व का समापन होगा। जिला प्रशासन ने छठव्रतियों की सुविधा के लिए घाटों और मार्गों पर विशेष व्यवस्था की थी। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु छठ के पारंपरिक गीत गाते हुए घाटों पर पहुंचे। वे विभिन्न प्रकार के फल और पकवान बांस की डलिया में लेकर जा रहे थे। इस दौरान बच्चों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया। लोगों ने श्रद्धापूर्वक व्रतियों का सम्मान किया। छठ से जुड़ी तस्वीरें… छठ घाटों पर पुलिस बल तैनात किए गए शहर के अरगौती पोखर सहित सभी प्रमुख छठ घाटों पर पुलिस बल तैनात किए गए थे। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सरकारी गोताखोरों की भी तैनाती की गई थी। नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए थे। 'खरना' के अवसर पर व्रतियों ने दिनभर उपवास रखाचैती छठ का अनुष्ठान रविवार को 'नहाय-खाय' के साथ शुरू हुआ था। सोमवार को 'खरना' के अवसर पर व्रतियों ने दिनभर उपवास रखा और शाम को खीर-गुड़ आदि का सेवन कर 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ किया। मंगलवार को पहला अर्घ्य प्रदान किया गया। अब बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती पारण करेंगे, जिसके साथ इस चार दिवसीय पर्व का समापन हो जाएगा। छठ व्रत को लेकर जिलेभर में लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है।
प्रयागराज में एक मॉडल शॉप में शटर तोड़कर शातिरों ने 40 हजार रुपये, कंप्यूटर सिस्टम और बीयर केन-बोलतें उड़ा दीं। शटर का ताला तोड़ने के बाद धीरे धीरे शटर उठाया गया। इसके बाद चोरों वारदात अंजाम दी। चोरी का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें दो से अधिक संख्या में शातिर शटर का लॉक तोड़ पहले बाहर से ही चोरी का प्रयास करते हैं। बाद में शटर के अंधर घुस सामान उड़ाते हैं। मॉडल शॉप सिविल लाइंस में हार्ट लाइन अस्पताल के नजदीक है। सोमवार रात चोरी की वारदात अंजाम दी गई। मंगलवार को शॉप खोलने पहुंचे कर्मचारियों ने शटर का ताला टूटा देख पुलिस को सूचना दी। मॉडल शॉप संचालक ने सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। सिटी जोन की सिविल लाइंस थाना पुलिस सीसीटीवी के आधार पर शातिर चोरों की तलाश में जुटी है।
अररिया में मंगलवार को लोक आस्था का महापर्व चैती छठ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न घरों, छठ घाटों और नहर-नदी किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। पूरे जिले में छठ मैया की आराधना की गई। शहर के ओम नगर वार्ड संख्या 08 में वार्ड पार्षद माला देवी के आवास के बाहर मंदिर प्रांगण में विशेष तैयारी की गई थी। यहां एक पोखर का निर्माण कर चैती छठ का आयोजन किया गया। वार्ड निवासियों ने सामूहिक रूप से डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। श्रद्धालु ठेकुआ, फल, मिठाई और अन्य प्रसाद से सजी डलियां लेकर घाट पर पहुंचे। विभिन्न वार्डों में लोगों ने अपने घरों के सामने अस्थायी छठ घाट बनाए। नहर और नदी किनारे भी भक्तों की भीड़ उमड़ी। महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में पर्व में शामिल हुए। पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान भी मौके पर उपस्थित रहेवार्ड संख्या 07 के पार्षद श्याम कुमार मंडल और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजेश पासवान भी मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि छठ पर्व शक्ति, समर्पण और शुद्धता का प्रतीक है। राजेश पासवान ने अपनी व्यक्तिगत अनुभूति साझा करते हुए बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से चैती छठ कर रहे हैं। संतान सुख नहीं होने पर छठी मैया की कृपा से उन्हें दो संतानें प्राप्त हुईं। इसके बाद से वह इस पर्व की आराधना करते आ रहे हैं। पूरे अररिया जिले में व्रतियों ने शुद्धता का पालन करते हुए खरना के बाद संध्या अर्घ्य दिया। युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी इस पर्व में शामिल हुए। छठ घाटों पर गीत और भजन गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कींस्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। चैती छठ सूर्य देवता और छठी मैया की उपासना का पर्व है, जो स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और संतान प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। इस बार भी यह पर्व बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाते हुए नजर आया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को छठ की शुभकामनाएं दीं और मां छठी से पूरे परिवार के कल्याण की कामना की।
सहारनपुर नगर निगम में मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न वार्डों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। कुल आठ शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से एक का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जनसुनवाई में वार्ड 6 हलालपुर-बालपुर से एक गंभीर मामला सामने आया। क्षेत्र के स्कूल शिक्षक राकेश ने लिखित शिकायत में एक व्यक्ति पर अवैध कब्जा कर पैलेस निर्माण करने का आरोप लगाया। अपर नगरायुक्त ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रवर्तन दल प्रभारी को मौके पर जाकर जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वार्ड 27 मोहल्ला रोहिणी गार्डन निवासी विभू काम्बोज ने कॉलोनी में साफ-सफाई न होने की समस्या उठाई। इस पर अपर नगरायुक्त मृत्यंजय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक और सफाई कर्मचारियों को मौके पर भेजा। इसके बाद तत्काल सफाई कराकर समस्या का समाधान किया गया।इसके अतिरिक्त, वार्ड 23 लोहानी सराय निवासी विशाल ने भी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। वार्ड 34 पंजाबी बाग निवासी अरविंद ने विकास स्टील फैक्ट्री के पास खाली प्लॉट में डाले जा रहे गोबर को हटवाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस मामले में पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जनसुनवाई में अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। वार्ड 2 बसंत विहार निवासी अनीता कौर और वार्ड 23 निवासी अक्षय तनेजा ने अपने-अपने क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की मांग की। इन मामलों में भी प्रवर्तन दल को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।वार्ड 46 शाकुंभरी विहार निवासी दिनेश सैनी ने कॉलोनी में हाई मास्ट लाइट लगवाने की मांग रखी। जनसुनवाई में सहायक नगरायुक्त बिकास धर दुबे, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार और मुख्य अभियंता सुरेश चंद सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
गाजियाबाद में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य शहर के विकास, फिटनेस और श्रमिकों के हितों को बढ़ावा देना रहा। इन कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण शामिल हुए। उन्होंने दोनों कार्यक्रमों में भाग लेकर लोगों को फिटनेस, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। विकास भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडियन ऑयल गाजियाबाद हेरिटेज रन 2026 की आधिकारिक टी-शर्ट लॉन्च की गई। इस दौरान राज्यमंत्री असीम अरुण भी मौजूद रहे।जानकारी दी गई कि यह रन 11 अप्रैल 2026 को आयोजित होगा। इसे उत्तर प्रदेश का पहला नाइट हेरिटेज रन बताया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागी रात के समय दौड़ का अनुभव ले सकेंगे। यह दौड़ गाजियाबाद के एलिवेटेड रोड और ग्रीन सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र में आयोजित होगी। इस बड़े आयोजन में 21.1 किमी हाफ मैराथन, 10 किमी, 5 किमी, 3 किमी वॉक और 2 किमी व्हीलचेयर रेस जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं। अनुमान है कि इसमें 10 हजार से ज्यादा लोग भाग लेंगे। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगभग 28.91 लाख रुपये के नगद इनाम भी रखे गए हैं। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को फिट रहने के लिए प्रेरित करना और गाजियाबाद को खेल और फिटनेस के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा दुर्गावती सभागार में राज्यमंत्री असीम अरुण की मौजूदगी में श्रमिकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। राज्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक सबसे पहले अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखें और काम करते समय हेलमेट, बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों को समाज कल्याण विभाग के स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके |श्रमिकों से अपील की गई कि वे खुद भी जागरूक बनें और अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। साथ ही कंपनियों और फैक्ट्रियों से कहा गया कि वे श्रमिकों को समय पर वेतन और जरूरी सुविधाएं दें। इन दोनों कार्यक्रमों का उद्देश्य गाजियाबाद में फिटनेस, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर जीवन को बढ़ावा देना है।
पूर्णिया में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ रविवार, 22 मार्च को 'नहाए-खाए' के साथ शुरू हो गया। चार दिनों तक चलने वाले इस कठिन व्रत में सूर्य उपासना और लोक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के विभिन्न छठ घाटों पर दोपहर से ही व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, जो सूर्यास्त के समय तक आस्था के सैलाब में बदल गई। छठ व्रती महिलाएं और पुरुष नदी, तालाबों और पोखरों में खड़े होकर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किए। इस दौरान छठी मैया की जय और सूर्य देव की जय के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। हर तरफ भक्ति और श्रद्धा का गहरा भाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। घाटों को सुंदर ढंग से सजाया गया था, और व्रती व श्रद्धालु पीले तथा लाल वस्त्रों में नजर आए। छठ के लिए सजाए गए 'डाला' में नारियल, केला, केतारी (गन्ना), ठकुआ सहित विभिन्न प्रकार के पकवान और फल चढ़ाए गए थे। पूर्णिया शहर के पक्की तालाब, कला भवन छठ घाट, सौरा नदी घाट और गुलाबबाग जैसे प्रमुख स्थानों पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इन घाटों पर चैती छठ का भव्य दृश्य देखने को मिला। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे, साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी पुलिस की पैनी नजर थी। पूर्णिया के लाइन बाजार निवासी श्रद्धालु शंकर साहनी ने बताया कि चैती छठ उनके लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वे चार दिनों तक पूरे नियम और निष्ठा के साथ यह व्रत रखते हैं, जिससे परिवार में खुशहाली, संतान की लंबी उम्र और समृद्धि बनी रहती है। शंकर साहनी ने आगे कहा कि वे छठ मैया से कामना करते हैं कि सभी लोग खुशहाल रहें और आंधी-तूफान से जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन पर छठी मैया अपनी कृपा बनाए रखें।
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मंगलवार शाम 4 बजे जिले के पटेहरा, खटखरी और बड़इया मोड़ क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सर्विस रोड से अतिक्रमण हटाने के आदेश कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान सर्विस रोड पर अवैध कब्जे पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि सड़क किनारे लगे अवरोधों और अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए। उनके अनुसार, ये अवैध कब्जे यातायात में बाधा डालने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनते हैं। कन्या हाई स्कूल का जर्जर भवन होगा ध्वस्त खटखरी दौरे के दौरान कलेक्टर ने शासकीय कन्या हाई स्कूल के पुराने और जर्जर भवन का मुआयना किया। भवन को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक और अनुपयोगी पाते हुए उन्होंने इसे तत्काल जमींदोज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय संभावित हादसों को रोकने और भविष्य की नई संरचनाओं के लिए स्थान सुरक्षित करने हेतु लिया गया है। अंतरराज्यीय बस स्टैंड (ISBT) निर्माण के अवरोध हटाएंगे हनुमना नगर परिषद क्षेत्र में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस स्टैंड की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पाया कि अतिक्रमण के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने एसडीएम और पुलिस प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्रवाई कर प्रस्तावित भूमि को मुक्त कराने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी और एसडीएम रश्मि चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज में हुई दर्दनाक घटना पर समाजवादी पार्टी ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने अपने फेसबुक पोस्ट पर मृतकों और घायलों को आर्थिक मदद देने की बात की है। साथ उन्होंने लिखा है कि सरकार पीड़ितों को मुआवजा दे। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता दान बहादुर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के निर्देश पर प्रत्येक मृतक के परिजन को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। पार्टी के शीर्ष नेता और स्थानीय कार्यकर्ता इससे बेहद आहत हैं। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति की कामना की।पूर्व विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर सिंह ने कहा कि यह जांच का विषय है। घटना कैसे और किन परिस्थितियों में घटी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि कोल्ड स्टोरेज को अपने कब्जे में ले या प्रभावित परिवार को सौंपे, क्योंकि वहां लाखों रुपये के आलू रखे हैं जो आम किसानों की मेहनत हैं। इससे किसानों का नुकसान न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो। FIR में कई लोगों के नाम शामिल होने पर निष्पक्ष जांच की मांग की। बिना वजह लोगों के खिलाफ कार्रवाई गलत है। जो भी दोषी पाया जाए, उसे कानूनी सजा मिले, लेकिन निर्दोषों को परेशान न किया जाए। समाजवादी पार्टी इसके लिए संघर्ष करती रहेगी।
सहरसा जिले के बनगांव थाना क्षेत्र के मुरली बसंतपुर गांव में आपसी विवाद के चलते एक युवक और उसकी पत्नी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने के एक चौकीदार सहित कई पड़ोसियों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल युवक की पहचान 26 वर्षीय संतोष पासवान के रूप में हुई है। मंगलवार को संतोष पासवान ने सहरसा सदर अस्पताल स्थित पुलिस चौकी में थानाध्यक्ष गुंजन कुमार के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। पीड़ित ने बताया कि यह घटना बीते रविवार रात करीब 8 बजे हुई, जब वह अपने घर के दरवाजे पर खाना खाने के बाद मोबाइल देख रहा था। विवाद आंधी में गिरे टांट को लेकर हैसंतोष के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले हरेराम पासवान, विकास पासवान, पप्पू पासवान, भावेश पासवान, हरिश्चंद्र पासवान, बिंदेश्वरी पासवान और रोहित पासवान सहित अन्य लोग हथियारों जैसे दबिया, कुल्हाड़ी, लाठी-डंडा और देसी कट्टा के साथ वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित ने बताया कि विवाद की जड़ 20 मार्च को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान गिरे एक टांट (बांस-बल्ले का ढांचा) को लेकर है। संतोष ने 22 मार्च को उसे उठाकर पुनः खड़ा कर दिया था, इसी बात को लेकर आरोपियों ने हमला कर दिया। संतोष की एक आंख में गंभीर चोट लगीसंतोष ने बताया कि आरोपियों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी को भी नहीं बख्शा। इस दौरान संतोष की एक आंख में गंभीर चोट लगी और सिर फट जाने से कई टांके लगाने पड़े। संतोष ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उसकी बेटी को जबरन घर से खींचकर ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ और भी अधिक मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस संबंध में सहरसा सदर अस्पताल के प्रभारी थानाध्यक्ष गुंजन कुमार ने बताया कि पीड़ित का आवेदन संबंधित बनगांव थाना को अग्रसारित कर दिया गया है। मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी का धरना:कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की, कहा- पूरी राशि का भुगतान हो
मुजफ्फरपुर में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को सहायक, लेखापाल और उच्चवर्गीय लिपिक के पदों पर पदोन्नत करने और इसकी अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 से 2026 के बीच लंबित MACP (Modified Assured Career Progression) के निष्पादन, वेतन निर्धारण और भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने छठे और सातवें वेतनमान के बकाया अंतर की पूरी राशि का भुगतान करने की मांग की। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी और संविदा पर कार्यरत कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान के अनुसार भुगतान करने और उनकी सेवाओं को नियमित करने की भी अपील की। चुनाव कराने की भी मांग रखी धरना में शामिल कर्मियों ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने और उच्च न्यायालय के निर्णय के आलोक में उनके नियमितीकरण की मांग की। उन्होंने विश्वविद्यालय के सीनेट में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए चुनाव कराने की भी मांग रखी। अन्य प्रमुख मांगों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए अनुकंपा समिति की बैठक शीघ्र बुलाना, तृतीय वर्ग में प्रोन्नत चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों का वेतन निर्धारण करना, कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा/सामूहिक बीमा लागू करना और संघ कार्यालय के लिए कमरा आवंटित करना शामिल है। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय स्तर पर गठित अलग-अलग समितियों में कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों को शामिल करने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जोधपुर में विधि और न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- पंचायती राज चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है। उन्होंने कहा- जो कांच के मकान में रहते हैं, वह दूसरों के मकान पर पत्थर नहीं फेंकते हैं। जोधपुर में मंगलवार रात आए मंत्री जोगाराम पटेल ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए यह कहा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- जिन्होंने इस पंचायती राज का पूर्ण रूप से भट्ठा बिठा दिया। प्रदेश में तीन से पांच चरणों में पंचायतीराज के चुनाव करवाए। कोर्ट से बार-बार एक्सटेंशन लेते रहे। वह हम पर आरोप नहीं लगाएं। इस दौरान पत्रकारों ने पूछा कि कांग्रेस के निकाय और पंचायती राज चुनाव को लेकर विरोध हो रहा है। इस पर मंत्री ने कहा- जो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की बात कह रहे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि कांग्रेस ने पंचायत चुनाव को 4 से 5 चरणों में पूरा करवाया, जिसमें एक से डेढ़ साल लगा दिए। वे हमसे यह प्रश्न पूछने का अधिकारी ही नहीं हैं। मंत्री ने कहा- सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2021 और 2022 में मध्यप्रदेश में और महाराष्ट्रा के केस में हिंदुस्तान के सभी सरकारों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि आप यदि OBC को राजनीतिक लाभ देना चाहते हैं, आरक्षण देना चाहते हैं तो OBC कमीशन की नियुक्ति करें। ओबीसी कमीशन 3 स्तरीय जांच करें और वह रिपोर्ट सरकार को पेश करें। उसके बाद सरकार उसकी जांच करने के बाद राजनीतिक लाभ आरक्षण का दे सकती है। उसके बगैर लाभ दे पाना उचित नहीं है। इस दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली। मंत्री बोले- कांग्रेस ने जानबूझकर ओबीसी कमीशन की नियुक्ति नहीं की विधि और न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- क्या कांग्रेस का ये दायित्व नहीं था कि वर्ष 2021 में जब सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हो गया तो OBC कमीशन की नियुक्ति करते। जबकि पूरे कार्यकाल में जानबूझकर कांग्रेस ने ओबीसी कमीशन की नियुक्ति नहीं की। जबकि भाजपा सरकार आने के बाद मई 2025 में ओबीसी कमीशन की नियुक्ति कर दी। ये एक स्वतंत्र निकाय है। पटेल ने कहा- राजस्थान सरकार को पंचायती राज चुनाव के संबंध में जो निर्णय करने थे। चाहे मतदाता सूची का पुनर्गठन हो, चाहे पंचायत का पुनर्गठन हो या इससे संबंधित सभी कार्य वो राजस्थान सरकार ने कर दिए हैं। अब चुनाव कराने का काम राजस्थान चुनाव आयोग का है। आयोग जब चाहे, तब चुनाव कराए। सरकार के स्तर पर चुनाव न करने से संबंधित कोई बात नहीं है। ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट पर कांग्रेस रखे अपना स्टैंड विधि और न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- यदि कांग्रेस पार्टी का यह स्टैंड है कि बिना ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट के और बिना ओबीसी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण का लाभ दिए बगैर चुनाव हो तो सरकार चुनाव कराने को तैयार है। अगर चुनाव आयोग इसकी घोषणा करे। इसलिए कांग्रेस अपना स्टैंड क्लियर करें कि वो ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट आने से पहले ही ये कहने को तैयार है कि ओबीसी वर्ग को आरक्षण की जरूरत नहीं है। कहा- राजनीतिक नियुक्तियां लगातार हो रहीं विधि और न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर देरी से जुड़े सवाल पर कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल के नेतृत्व में प्रारंभिक नियुक्तियां करनी शुरू कर दी। नियुक्तियां निरंतर हो रही हैं। ये संगठन और मुख्यमंत्री के क्षेत्राधिकार का विषय है। मेरी जानकारी के अनुसार जहां-जहां आवश्यकता है, वो नियुक्तियां करते हैं। बाकी इसका उचित जवाब संगठन के स्तर पर दिया जा सकता है। नदियों के प्रदूषण पर बोले- रोकने के नहीं किए उपाय नदियों में प्रदूषण में सवाल पर मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- कांग्रेस के पूरे पांच साल के दौरान जोजरी, बांडी और लूणी नदी में प्रदूषण रोकने के कोई उपाय नहीं किए गए। जबकि हमारी सरकार आने से पहले बहुत बार कार्य किए गए। 172 करोड़ रुपए CETP के निर्माण के लिए दिए थे। ताकि इन नदियों में प्रदूषित पानी नहीं जाएं। प्रदेश सरकार ने इन नदियों के प्रदूषित पानी को पाइप के जरिए रिफाइनरी तक लेकर जाएं। इसके लिए बजट में DPR बनाने की घोषणा की गई है। ऐसी स्थिति में ये नहीं कह सकते कि सरकार इसके लिए गंभीर नहीं है। वहीं कांग्रेस इस संबंध में सवाल पूछने की अधिकारी नहीं है, क्योंकि उन्होंने इस दिशा में कुछ नहीं किया। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ‘अधिकारियों की नौकरी खराब कर दूंगा’ वाले बयान पर मंत्री ने कहा- वो इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।
रायपुर में ICMR नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च के फील्ड यूनिट में 16 से 20 मार्च 2026 तक पांच दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों को तैयार करना था। 20 जिलों के अधिकारी हुए शामिलइस प्रशिक्षण में प्रदेश के 20 जिलों से वेक्टर जनित रोग सलाहकार और सुपरवाइजर शामिल हुए। उन्हें मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों की पहचान और रोकथाम के बारे में सिखाया गया। क्लास के साथ मैदान में भी सीखप्रशिक्षण में केवल कक्षा में पढ़ाई नहीं हुई, बल्कि व्यवहारिक अभ्यास भी कराया गया। प्रतिभागियों को मच्छरों के पनपने वाले स्थानों की पहचान के लिए मैदान में ले जाया गया। नदी किनारे और धान के खेतों में दो दिन तक सर्वे कराया गया, जिससे उन्हें जमीनी स्तर पर समझ मिल सके। देशभर के विशेषज्ञों ने दी जानकारीइस प्रशिक्षण में देश के अलग-अलग संस्थानों से विशेषज्ञ वैज्ञानिक शामिल हुए, जिनमें ICMR नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे और ICMR वेक्टर रिसर्च सेंटर पुदुचेरी के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोरप्रशिक्षण की शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि ने प्रदेश की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों को खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार काम जरूरी है। किट वितरण और जागरूकता पर फोकसप्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एंटोमोलॉजी किट भी दी गई, ताकि वे अपने जिलों में निगरानी का काम बेहतर ढंग से कर सकें। डॉ. प्रिया रानी और डॉ. डी. पी. सिन्हा ने कहा कि लोगों की भागीदारी और साफ-सफाई बेहद जरूरी है। अगर आसपास पानी जमा नहीं होगा, तो मच्छरों की संख्या कम होगी और बीमारियों पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। इस पूरे प्रशिक्षण का आयोजन रायपुर स्थित आईसीएमआर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मलेरिया रिसर्च की टीम ने किया, जिसका मकसद जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
खरगोन में मंगलवार देर शाम गणगौर पर्व का समापन ज्वारा विसर्जन के साथ हुआ। शहर के विभिन्न मोहल्लों से 500 से अधिक रथों के चल समारोह निकाले गए। श्रद्धालु नाचते-गाते कुंदा नदी तक पहुंचे, जहां गणगौर घाट पर माताजी की आरती की गई। आतिशबाजी के बीच ज्वारों को विसर्जित किया गया। घाटों पर पुलिस और नगर पालिका प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की थी। नदी किनारे होमगार्ड के जवान तैनात रहे। बोरावा में पूर्व मंत्री और कसरावद विधायक सचिन यादव अपनी पत्नी के साथ रथ उठाकर समारोह में शामिल हुए। वेदा नदी घाट पर श्रद्धापूर्वक ज्वारों का विसर्जन किया गया। इस दौरान महिला और पुरुष टोलियों ने भक्ति गीत गाकर आराधना की। जिले के कसरावद, धूलकोट और बालसमुद सहित अन्य स्थानों पर लगातार दो दिनों तक माताजी को बौड़ाने की रस्म निभाई गई। मंगलवार को यह चार दिवसीय गणगौर पर्व संपन्न हुआ।
शेखपुरा में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने शहर के एक निजी सभागार में बैठक आयोजित कर हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा की और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। पार्टी के जिला प्रमुख प्रवक्ता इमाम शमी ने बताया कि प्रशांत किशोर ने पार्टी के विस्तार के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करने का वादा भी किया। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें… पार्टी के मुख्य कार्य अभी भी प्रासंगिक शमी ने यह भी बताया कि जन सुराज पार्टी के कार्यक्रम ऊपर से थोपे नहीं जाते हैं। पार्टी आम लोगों की भावनाओं और विचारों के अनुसार काम करती है, जिसमें जनता ही पार्टी को दिशा प्रदान करती है। प्रवक्ता के अनुसार, विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद जन सुराज के लिए लोगों के मन में सम्मान है। बिहार में बदलाव के लिए पार्टी के मुख्य कार्य अभी भी प्रासंगिक हैं और राज्य को इसकी आवश्यकता है। आगामी पंचायत चुनाव में पार्टी के भाग लेने या न लेने पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह फैसला भी आम लोगों की राय से ही लिया जाएगा। प्रशांत किशोर ने चुनावी हार का मुख्य कारण सरकार द्वारा चुनाव के दौरान महिलाओं को 10-10 हजार रुपये देना और बुजुर्ग, विधवा तथा दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाना बताया। अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहामुख्य प्रवक्ता ने यह भी बताया कि जन सुराज का वर्तमान मुख्य कार्य संगठन का विस्तार करना है, जिसके तहत अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता, जिसमें शेखपुरा के लोग भी शामिल हैं, जन सुराज पार्टी के प्रति सम्मान रखती है। पार्टी लोगों के इस सम्मान और विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेगी। पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर के यहां पहुंचने पर एक निजी सभागार में कार्यकर्ताओं के साथ विचार मंत्रणा के पूर्व उनके गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल माला से लाभ दिया और उनके सार गर्वित विचारों को ग्रहण कर उसे पर अमल करने का वादा किया। इस मौके पर पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश सिंह, गोपाल कुमार ,मो क्यूम, चंदन सिंह, मो इमाम राजी ,मो इमाम साफी, राजे सिंह ,कुंदन यादव सहित अन्य मौजूद थे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा धर्म परिवर्तन के साथ ही अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का इस ऐतिहासिक फैसले से खुशी हुई है। इससे धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। जनजाति समाज के करीब 5 लाख लोग डि-लिस्टिंग की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। पूर्व मंत्री ने कहा कि हमारे सरगुजा, जशपुर जिलों में तेजी से धर्म परिवर्तन हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से धर्मांतरण पर अंकुश लगेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद उम्मीद जगी है कि जनजाति समाज के लिए भी आने वाले समय में कुछ ऐसा ही फैसला आएगा। गणेशराम भगम ने कहा कि देश भर में जनजाति समाज का धर्म परिवर्तन तेजी से हो रहा है। अपनी परंपरा संस्कृति को छोड़ने वाला आदिवासी नहीं हो सकता है। 24 को लाखों लोग करेंगे दिल्ली में प्रदर्शन गणेश राम भगत ने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए 24 मई को दिल्ली में 5 लाख की संख्या में जनजाति समाज के लोग धर्मांतरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि जो जनजाति समाज से धर्मांतरित हो गया उनके आरक्षण को खत्म किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनकर जनजाति समाज के लिए भी आगे का रास्ता साफ कर दिया है। डि-लिस्टिंग रैली की तैयारी छत्तीसगढ़ में हजारों की संख्या में धर्मांतरित लोग अब भी अनुसूचित जन जाति वर्ग को दिए गए आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। गणेश राम भगत ने बताया कि डि-लिस्टिंग की मांग को लेकर देशभर के लोग अजजा वर्ग के लोग दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं डि-लिस्टिंग कानून को लागू किया जाए।
प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय को रेल सेवा से जोड़ने का लंबे समय से चला आ रहा सपना अब साकार होने की ओर बढ़ गया है। केंद्र सरकार ने नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद नई रेल लाइन को प्रतापगढ़ शहर से होकर गुजारने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गोपाल धाभाई ने बताया- केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने सांसद C. P. Joshi को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। पत्र में रेल मंत्री ने बताया कि पश्चिम रेलवे को नई रेल लाइन का अलाइनमेंट प्रतापगढ़ शहर से होकर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे का काम जारी गोपाल धाभाई ने बताया कि वर्तमान में नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद नई रेल लाइन के लिए अलाइनमेंट सर्वे का कार्य प्रगति पर है। सांसद सी.पी. जोशी द्वारा 9 मार्च 2026 को किए गए पत्राचार और उनके निरंतर प्रयासों के बाद यह निर्णय संभव हो पाया है। इससे प्रतापगढ़ जिले के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस निर्णय के बाद प्रतापगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और सांसद सी.पी. जोशी के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। वहीं क्षेत्रीय विधायक और राजस्थान के राजस्व मंत्री हेमंत मीना के प्रयासों की भी सराहना की जा रही है। रेल लाइन से विकास और रोजगार की उम्मीद भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि रेल लाइन शुरू होने से प्रतापगढ़ जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी। व्यापारिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई है कि रेल सेवा शुरू होने से परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
किशनगंज के फरिंगगोरा मोहल्ले में एक महिला ने अपने बहनोई पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि उसके बहनोई ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल का उपयोग कर उसकी विवाहित बेटी की अश्लील तस्वीरें बनाईं और उन्हें वायरल करने की धमकी दी। महिला ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी बेटी की शादी 28 दिसंबर 2026 को हुई थी। शादी समारोह में उनके बहनोई अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान बहनोई ने लड़की की तस्वीरें ली थीं। नाजायज मांगें पूरी कराने का दबाव भी बनायाशिकायत के अनुसार, आरोपी ने AI का उपयोग कर इन तस्वीरों को अश्लील रूप में एडिट किया। इसके बाद उसने ये तस्वीरें व्हाट्सएप पर भेजकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि इससे लड़की की शादी टूट जाएगी, समाज में बदनामी होगी और उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। साथ ही, उसने मोटी रकम की मांग करते हुए अपनी नाजायज मांगें पूरी कराने का दबाव भी बनाया। महिला ने अपने आवेदन में आरोपी तौकिर आलम के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घृणित कार्य उनकी बेटी की जिंदगी को खतरे में डाल रहा है और आरोपी उनके परिवार को बदनाम कर आर्थिक लाभ लेने की साजिश रच रहा है। जांच में मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप चैट की पुष्टि हुईसदर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संबंधित मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप चैट की पुष्टि हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पश्चिम बंगाल का निवासी है, जिसके कारण दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता होगी। पुलिस मामले में आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है। यह मामला डिजिटल युग में AI टूल के दुरुपयोग का एक और उदाहरण है, जिसमें युवतियों की फोटो को बिना उनकी जानकारी के अश्लील बनाकर ब्लैकमेल किया जा रहा है। किशनगंज पुलिस ने महिलाओं से अपील की है कि ऐसी घटना होने पर तुरंत थाना पहुंचें और चैट, नंबर आदि सुरक्षित रखें।
जमुई में तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से युवक गंभीर:अस्पताल में चल रहा इलाज, ड्राइवर फरार
जमुई-गिद्धौर मुख्य मार्ग पर चौरा के समीप मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें सड़क किनारे शौच कर रहे एक युवक को तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सड़क किनारे खड़े युवक को मारी टक्कर घायल की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के धोबनी गांव निवासी बाबूलाल मुर्मू के पुत्र विजय मुर्मू के रूप में हुई है। बताया जाता है कि विजय अपने एक साथी के साथ ऑटो से अपनी बहन के घर झुमराज स्थान गया था। वहां से लौटने के दौरान चौरा के पास वह कुछ खाने के लिए रुका। इसी दौरान वह सड़क किनारे शौच के लिए गया, तभी अचानक तेज रफ्तार से आ रहा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विजय मुर्मू सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के तुरंत बाद पिकअप चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल को संभाला और तत्काल इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चल रहा इलाज, हालत नाजुक सदर अस्पताल में भर्ती विजय मुर्मू का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे लगातार ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। पुलिस जांच में जुटी, वाहन की तलाश जारी इधर घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। फरार पिकअप वाहन की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपी चालक की तलाश कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही आरोपी को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद इलाके में तेज रफ्तार वाहनों को लेकर लोगों में चिंता भी देखी जा रही है।
मोतिहारी शहर में मनचलों के बढ़ते हौसले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला छतौनी थाना क्षेत्र के बंगाली कॉलोनी गली नंबर तीन का है, जहां लड़कियों से छेड़खानी का विरोध करने पर बदमाशों ने एक युवक, उसकी मां और कई महिलाओं के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। छेड़खानी का विरोध पड़ा भारी प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भटहा गांव के कुछ युवक बंगाली कॉलोनी पहुंचे और वहां मौजूद दो लड़कियों के साथ छेड़खानी करने लगे। इसी दौरान उन्होंने वहां खड़े अभय कुमार से लड़कियों के बारे में जानकारी मांगी। अभय द्वारा जानकारी देने से इंकार करने पर आरोपी युवक भड़क गए और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। मां और महिलाओं को भी पीटा मारपीट की सूचना मिलते ही अभय की मां विशाखा दास मौके पर पहुंचीं और अपने बेटे को बचाने की कोशिश की। लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने आई मोहल्ले की अन्य महिलाओं को भी बदमाशों ने नहीं बख्शा और उनके साथ भी हाथापाई की। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल युवक अस्पताल में भर्ती मारपीट में घायल अभय कुमार को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। पीड़ित पक्ष ने छतौनी थाना में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद काफी समय तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर पुलिस पहुंचती, तो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था। इलाके में बढ़ रही छेड़खानी की घटनाएं मोहल्ले की महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र में आए दिन कुछ युवक स्कूलों के आसपास मंडराते रहते हैं और छात्राओं के साथ छेड़खानी करते हैं। विरोध करने पर वे मारपीट और जान से मारने की धमकी देते हैं, जिससे लड़कियां घर से निकलने में भी डर महसूस कर रही हैं। इस घटना के बाद महिलाओं और अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। पुलिस ने दिया कार्रवाई का भरोसा इस मामले में सदर डीएसपी-वन दिलीप कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है और मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और किसी भी मनचले को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और स्कूलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। महिलाओं में दहशत, कार्रवाई की मांग इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार प्रशासन से जल्द कार्रवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
रामानुजगंज में सूर्य उपासना का महापर्व चैती छठ श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। व्रत के तीसरे दिन, मंगलवार को व्रतधारियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। बुधवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस महापर्व का समापन होगा। पर्व को लेकर नगर में कई दिनों पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रमन अग्रवाल के नेतृत्व में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। दूसरे प्रदेश से भी आए श्रद्धालु व्रतधारियों के आवागमन के मार्गों की अच्छी तरह सफाई कराई गई तथा रास्तों को पानी से धुलवाया गया। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना था। नगर के प्रमुख छठ घाटों, विशेषकर राम मंदिर स्थित कन्हर नदी घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। यहां न केवल छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से, बल्कि अन्य प्रदेशों से भी लोग छठ व्रत करने और इस पर्व को देखने पहुंचे।
बालाघाट में भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नए आदेश के बाद होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की चिंता बढ़ गई है। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के बंटवारे के लिए एक नया कोटा (प्राथमिकता क्रम) तय किया है, जिससे कारोबारी खुश नहीं हैं। नए आदेश के मुताबिक, रेस्टोरेंट को उनकी कुल जरूरत का केवल 9 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर ही दिया जाएगा। होटल संचालकों का कहना है कि इतने कम गैस में काम चलाना नामुमकिन है। व्यापारी अविनाश जायसवाल ने सवाल उठाया कि जहां महीने में 30 सिलेंडरों की जरूरत होती है, वहां सिर्फ 3 सिलेंडरों से गुजारा कैसे होगा। व्यापारियों की मांग है कि कम से कम 50 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित की जाए, तभी धंधा पटरी पर रह पाएगा। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने का डर गैस की किल्लत की वजह से कई होटल संचालकों ने अब कोयले और डीजल वाली भट्टियों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। संचालकों का कहना है कि इन दूसरे ईंधनों के इस्तेमाल से लागत बढ़ रही है। उनका अनुमान है कि अगर यही हाल रहा, तो जो खाने की चीज आज 100 रुपए की मिल रही है, उसकी कीमत 125 से 150 रुपए तक पहुंच सकती है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। किसे कितना मिलेगा कोटा? सरकार ने अलग-अलग संस्थानों के लिए गैस आवंटन का प्रतिशत तय कर दिया है। शैक्षणिक और मेडिकल संस्थान: 30 प्रतिशत आवंटन। पुलिस, जेल, रेलवे और सरकारी विभाग: 35 प्रतिशत आवंटन। महिला बाल विकास और दीनदयाल रसोई: 35 प्रतिशत आवंटन। रेस्टोरेंट और अन्य: मात्र 9 प्रतिशत आवंटन। व्यापारियों की चेतावनी व्यापारियों का मानना है कि सरकार की यह नई व्यवस्था न तो व्यापार के हक में है और न ही जनता के। अगर गैस की सप्लाई में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में बाहर खाना-पीना काफी महंगा हो सकता है।
मुजफ्फरपुर के एक निजी होटल में प्रेस इंर्फोमेशन ब्यूरो (पीआईबी) की ओर से क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला हुई। ‘वार्तालाप’ में इस बार फोकस जिले की पहचान लीची की खेती और उसमें तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से लीची की पैदावार में लगातार वृद्धि हो रही है और खेती पहले से अधिक लाभकारी बन रही है। ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के तहत आयोजित इस कार्यशाला में एग्री-स्टैक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन तकनीक के जरिए लीची की खेती को और उन्नत बनाने पर चर्चा हुई। बताया गया कि इन तकनीकों की मदद से बागानों की सटीक निगरानी, रोग और कीट प्रबंधन, और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है, जिससे उत्पादन में इजाफा और लागत में कमी आ रही है। तकनीकों के उपयोग से बढ़ रहा पैदावार नगर विधायक रंजन कुमार ने भी अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र तेजी से तकनीक आधारित हो रहा है और इसका सीधा लाभ लीची किसानों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नई तकनीकों के उपयोग से न सिर्फ पैदावार बढ़ी है, बल्कि किसानों का खर्च भी घटा है और उनकी आमदनी में सुधार हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुजफ्फरपुर की लीची को और आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाना जरूरी है। लीची फसल बीमा का मुद्दा सरकार के सामने रखेंगे वहीं, चर्चा के दौरान लीची फसल के बीमा का मुद्दा भी उठा। इस पर विधायक रंजन कुमार ने कहा कि इस विषय को सरकार के सामने रखा जाएगा, ताकि किसानों को सुरक्षा मिल सके। हालांकि, कार्यशाला में मुख्य रूप से तकनीक के जरिए लीची उत्पादन बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने पर ही जोर रहा।
उत्तर प्रदेश योगासन स्पोर्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में अस्मिता खेलो इंडिया योगासन वूमेन सिटी लीग का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता चौहान और एटा के एसएसपी श्यामनारायण सिंह ने दीप प्रज्वलन कर लीग का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों और श्रेणियों में मुकाबले हुए। ट्रेडिशनल इवेंट के 18 वर्ष से कम आयु वर्ग में गुलशन और कुलसुम ने प्रथम, काकुल और रितिका ने द्वितीय, जबकि अनुष्का और जिया मलिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में रजनी और सुधा प्रथम, अंजली और मुस्कान द्वितीय, तथा तनीषा और मुस्कान तृतीय स्थान पर रहीं। कलात्मक योगासन एकल में गुलशन ने प्रथम, काकुल ने द्वितीय और सुधा ने तृतीय स्थान हासिल किया। उद्घाटन समारोह में डॉ. बबिता चौहान ने योग को भारतीय संस्कृति की धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि योग युवाओं को स्वस्थ और अनुशासित बनाता है। महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। उत्तर प्रदेश योगासन स्पोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को योगासन के प्रति प्रेरित करना और उन्हें शारीरिक-मानसिक रूप से फिट रखना है। इसमें पारंपरिक, कलात्मक और लयबद्ध योगासन (पारंपरिक, एकल, युग्म) श्रेणियों में महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। डॉ. बबिता चौहान ने इस दौरान बच्चियों को जागरूक करने पर जोर दिया और एटा जैसे जनपद में जिला स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बच्चियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और पढ़ने वाले बच्चों के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि योगी सरकार महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। अंत में, सभी विजेता खिलाड़ियों को मेडल और पुरस्कार वितरित किए गए।
मंगलवार शाम बांका जिले में चैती छठ महापर्व की संध्या पूजा श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। जिले के विभिन्न छठ घाटों पर व्रतियों ने पूरे विधि-विधान से डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। महिला, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में विभिन्न तालाबों और घाटों पर एकत्रित हुए। चैती छठ पर्व रजौन, अमरपुर, धोरैया, बाराहाट, कटोरिया, बेलहर, बौसी, फुल्ली डूमर, शंभूगंज और चांदन सहित जिले के सभी प्रखंडों में धूमधाम से मनाया जा रहा है। रजौन प्रखंड के सकहारा, मंझोनी, आसमानीचक, पुनसिया, नवादा, बनगांव, राजावर और कठौन जैसे कई गांवों के छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। व्रतियों ने घाटों पर दीप जलाकर, फल, प्रसाद और ठेकुआ के साथ भगवान सूर्य की आराधना की। इस वर्ष चैती छठ पर्व की शुरुआत की गईरजौन प्रखंड के मंझोनी गांव में युवा नेता नयन सिंह नटवर की पहल पर इस वर्ष चैती छठ पर्व की शुरुआत की गई है। उनके इस प्रयास की स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है, जिससे लोगों में विशेष उत्साह है। छठ घाटों के आसपास बच्चों और युवाओं ने आतिशबाजी की, जिससे पर्व का माहौल और भी जीवंत हो उठा। पूरे इलाके में छठ गीतों की गूंज सुनाई दे रही है और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने घाटों की साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई। चार दिवसीय चैती छठ महापर्व का समापन बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। इस अवसर पर व्रती एक बार फिर भगवान सूर्य से परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करेंगे।
दरभंगा के नगर पंचायत हायाघाट के ऑफिस में आज सामान्य बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता उप मुख्य पार्षद मो० अकबर ने की। बैठक में 154 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया ।इस दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। साफ-सफाई, जल निकासी व्यवस्था, नल-जल योजना, जल-जीवन-हरियाली अभियान, सड़क और नाला निर्माण व मरम्मत के साथ-साथ खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की मांग प्रमुख रूप से सामने आई। पार्षदों ने कहा कि बजट का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित कर नगर क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा। इसके अलावा नगर पंचायत की आय बढ़ाने, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और स्थानीय व्यापारियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यपालक पदाधिकारी स्वेताभ सिन्हा ने कहा कि पारित बजट के अनुसार विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जमीन पर उतारा जाएगा। उन्होंने पार्षदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही नगर का विकास संभव है। काम की निगरानी और पारदर्शिता पर दिया जोर बैठक में मुख्य पार्षद आतिया अंजुम अस्वस्थता के कारण अनुपस्थित रहीं। स्थानीय विधायक डॉ. रामचंद्र प्रसाद की उपस्थिति ने बैठक को विशेष महत्व प्रदान किया। इस अवसर पर स्वच्छता पदाधिकारी शशि रंजन सहित कई वार्ड पार्षद- विकाश कुमार सिंह, नीतीश प्रकाश, राजेश साह, अरुण सहनी, रमेश शर्मा, अनीता देवी, रामशंकर पासवान, मरनी देवी, सरफराज जैदी, कमरे आलम समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में विकास काम की समयबद्ध निगरानी और पारदर्शिता पर भी विशेष बल दिया गया, ताकि नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
हरदोई में बस ने व्यक्ति को रौंदा, मौत:दुकान के बाहर हुआ हादसा, लोगों ने गाड़ी और ड्राइवर को पकड़ा
हरदोई के मल्लावां-राघौपुर मार्ग पर शुक्लापुर में मंगलवार दोपहर एक हादसा हो गया। दुकान के बाहर खड़े 27 वर्षीय मजदूर चिम्मन सिंह को एक निजी बस ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के सुमेरपुर निवासी चिम्मन सिंह मजदूरी करते थे। उनके भाई सोनू ने बताया कि चिम्मन शुक्लापुर में छविनाथ सिंह यादव की सीमेंट-मोरंग की दुकान पर कार्यरत थे और वहीं पास में किराए के मकान में रहते थे। मंगलवार की दोपहर चिम्मन सिंह दुकान के बाहर खड़े थे, तभी मल्लावां से राघौपुर जा रही एक अनियंत्रित बस ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चिम्मन सिर के बल सड़क पर गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने कुछ दूरी पर मिननगर मोड़ के पास बस को रुकवा लिया और चालक सहित बस को पुलिस के हवाले कर दिया। चिम्मन सिंह अविवाहित थे और अपने आठ भाई-बहनों में सातवें नंबर पर थे। कोतवाल शिवाकांत पांडेय ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर में मंगलवार को श्रीजी मेले की ऐतिहासिक जमीन को बचाने के लिए सैकड़ों लोग जिला मुख्यालय पर पहुंचे और सड़क पर उतरे। यह सकल हिंदू समाज के नेतृत्व में पुरुष और महिलाएं ढोल के साथ “रघुपति राघव राजा राम” भजन गाते हुए मिडवे ट्रीट से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यह कलेक्ट्रेट गेट पर उन्हें रोक दिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए। भजन-कीर्तन और ढोल की थाप के साथ उन्होंने अपनी मांगों को जोरदार तरीके से प्रशासन तक पहुंचाया। यह प्रदर्शन लगभग आधे घंटे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। इस दौरान एसडीएम निधि भारद्वाज प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा से उनके केबिन में मिला और अतिक्रमण हटाने तथा जमीन की सुरक्षा की मांग रखी। फर्जी तरमीम और अतिक्रमण का आरोपस्थानीय लोगों का आरोप है कि मेले की जमीन पर फर्जी तरीके से तरमीम उठाई गई और अतिक्रमण किया गया। 4 नवंबर को नगर परिषद की बैठक में 12 पार्षदों में से 9 ने विरोध किया, फिर भी नगर परिषद अध्यक्ष ने जमीन जनपद को देने की एनओसी जारी कर दी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू करवाया। हाईकोर्ट के स्टे के बाद निर्माण ठप पड़ा। प्रदर्शन की तैयारी दो दिन पहले ही सनातन मेले यज्ञशाला कार्यालय में बैठक कर की गई थी। नगर बंद का आह्वान किया गया, हालांकि सुबह इसका असर सीमित रहा। फिर भी दोपहर तक सैकड़ों लोग बस, चार पहिया और बाइक से राजगढ़ पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाई। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा, “खसरे के सीमांकन के निर्देश दिए हैं, जो भी अतिक्रमण परिसर में है उसकी बेदखली के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही जो तरमीम उठ गए हैं, उसमें फाइनल आदेश पर एसडीएम कोर्ट में फाइल लगी हुई है। फिलहाल वहां स्टे है, उसमें आगे की कार्रवाई में हम लगे हुए हैं। अतिक्रमण किसी का भी हो हम उसे हटाएंगे।
होशियारपुर जिले में गढ़दीवाला में पुलिस ने एक दुकान लूटने की योजना बना रहे सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से हथियार बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई पंजाब सरकार के नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। डीएसपी टांडा दविंदर सिंह बाजवा ने बताया कि गढ़दीवाला के एसएचओ सतपाल सिंह बाजवा की टीम अड्डा राम टटवाली में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर ने सूचना दी कि कुछ हथियारबंद लोग कंडी क्षेत्र के गांव मोहल्ला रणजीतगढ़ धूसी बन्न जंगल में बैठे हैं। ये लोग एक दुकान में डकैती डालने की योजना बना रहे थे। तेजधार हथियार बरामद मुखबिर ने पुलिस टीम को बताया कि ये अपराधी संगठित अपराध करने के आदी हैं और जेल में बंद अपने एक साथी के कहने पर वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। सूचना के आधार पर एसएचओ सतपाल सिंह बाजवा ने पुलिस टीम के साथ बताई गई जगह पर छापा मारा और सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक 32 बोर का पिस्तौल, लोहे का खंडा, गंडासी, कृपाण और किरचें जैसे धारदार हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा, एक स्विफ्ट कार और एक स्प्लेंडर बाइक भी जब्त की गई है। डीएसपी बाजवा ने बताया कि आरोपियों से आगे की पूछताछ के लिए उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। काउंसिल की चल रही चुनावी प्रक्रिया के तहत मतगणना (काउंटिंग) पूरी होने तक साप्ताहिक अवकाश के दिनों में अस्थायी परिवर्तन लागू किया गया है। नए आदेश के अनुसार अब काउंसिल कार्यालयों में साप्ताहिक अवकाश मंगलवार और दूसरे बुधवार के स्थान पर रविवार और दूसरे शनिवार को रहेगा। यह व्यवस्था मतगणना प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। यह निर्णय चुनावी कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने और प्रशासनिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा न आने के उद्देश्य से लिया गया है। काउंटिंग के दौरान कार्यालयों में कार्यदिवसों की संख्या और उपलब्धता बढ़ाने के लिए यह बदलाव आवश्यक माना गया है, ताकि मतगणना से जुड़े कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा सकें। सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया में बड़ी संख्या में उम्मीदवार और मत शामिल हैं, जिसके चलते काउंटिंग कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। इससे संबंधित दस्तावेज (आगरा जनपद की सूची) में भी बड़ी संख्या में प्रत्याशियों और मतों का विवरण दर्ज है, जो इस प्रक्रिया की व्यापकता को दर्शाता है। काउंसिल ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे इस अस्थायी बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यों की योजना बनाएं और सहयोग प्रदान करें। बताया जा रहा है कि जैसे ही मतगणना प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, साप्ताहिक अवकाश की पुरानी व्यवस्था (मंगलवार व दूसरा बुधवार) पुनः लागू कर दी जाएगी।
लुधियाना थाना लाडोवाल के अंतर्गत आते गांव चाहड़ में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 19 वर्षीय युवक ने मानसिक परेशानी के चलते छत पर बने स्टोर रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अमरजोत सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक सोमवार की रात सब कुछ सामान्य लग रहा था। अमरजोत ने रात को परिवार के साथ बैठकर खाना खाया। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने के लिए गया लेकिन काफी देर तक जब वह वहां नहीं पहुंचा तो परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने घर में उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 9:30 बजे जब वे छत पर बने स्टोर रूम में पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। अमरजोत का शव लोहे के गाडर (चैनल) के सहारे रस्सी से लटक रहा था। मृतक के बड़े भाई नवजोत सिंह ने बताया कि अमरजोत ने 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी और घर पर डेयरी फार्मिंग के काम में मदद करता था। उसके अधिकतर दोस्त विदेश (कनाडा/ऑस्ट्रेलिया) में सेटल हो चुके थे जिसे देख अमरजोत भी लंबे समय से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। असफलता बनी कारण काफी कोशिशों के बाद भी उसका विदेश जाने का काम नहीं बन पा रहा था। इसी बात को लेकर वह पिछले 4-5 महीनों से गहरे डिप्रेशन में था और शहर के एक निजी अस्पताल से उसका इलाज भी चल रहा था। घटना की सूचना मिलते ही गांव के पूर्व सरपंच सरूप सिंह ने लाडोवाल पुलिस को सूचित किया। ASI मेजर सिंह ने पुलिस टीम के साथ पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।परिजनों के भाई नवजोत ने स्पष्ट किया कि अमरजोत ने मानसिक तनाव के कारण यह कदम उठाया है और उन्हें किसी पर कोई शक नहीं है। पुलिस ने धारा 194 (BNSS) के तहत कार्रवाई की है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर अगली जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के साजा क्षेत्र में बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग में किसान की सालभर की मेहनत जलकर राख हो गई। घटना ग्राम पंचायत तेंदूभाटा की है, जहां करीब ढाई से तीन एकड़ में लगी गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। जानकारी के मुताबिक, किसान मानसिंह साहू ने रेघा में ली गई जमीन पर गेहूं की खेती की थी। खेत के मालिकों में अशोक साहू, सुनील, छोटेलाल, रामकुमार और सुखालू शामिल हैं। किसान ने मेहनत से फसल तैयार की थी और कटाई के ठीक पहले शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई। डेढ़ से दो लाख का नुकसान किसान मानसिंह साहू ने भावुक होकर बताया कि, उन्होंने फसल को छोटे बच्चे की तरह पाल-पोसकर तैयार किया था, लेकिन अंतिम समय में सब कुछ जलकर खत्म हो गया। इस आगजनी में करीब डेढ़ से दो लाख रुपए तक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, जो एक छोटे किसान के लिए बहुत बड़ा झटका है। ग्रामीणों ने मिलकर बुझाई आग आग लगने की सूचना मिलते ही किसान ने गांव के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने डंडों से पीटकर और बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया और उसे अन्य खेतों में फैलने से रोक लिया गया। प्रशासन ने लिया नुकसान का जायजा घटना की सूचना मिलने पर पटवारी दुर्गेश वर्मा मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आग से करीब 40 क्विंटल से अधिक उत्पादन की फसल नष्ट हुई है। पटवारी ने कहा कि घटना की रिपोर्ट तैयार कर शासन-प्रशासन को भेजी जाएगी, ताकि किसान को जल्द मुआवजा मिल सके। किसान ने की मुआवजे की मांग पीड़ित किसान ने प्रशासन से जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके और भविष्य में अपनी आजीविका को फिर से संभाल सके।
डीग जिले के सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में बढ़ते नशे के जाल को तोड़ने के लिए पुलिस प्रशासन ने 'जनशक्ति' का सहारा लिया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के आईजी विकास कुमार ने पहाड़ी कस्बे में एक जनसंवाद सभा का आयोजन किया। इसमें उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से नशे के खिलाफ सीधा युद्ध छेड़ने का आह्वान किया। सभा को संबोधित करते हुए आईजी विकास कुमार ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों और समाज की नींव को कमजोर कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की कार्रवाई तब तक पूरी तरह सफल नहीं होगी, जब तक हर नागरिक इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं समझेगा। जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने नशे के कारण बर्बाद हो रहे कई घरों की जमीनी हकीकत बयां की। इस पर डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम के दौरान आईजी ने बच्चों और युवाओं को नशा मुक्ति के संदेश वाली विशेष टी-शर्ट्स वितरित कीं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को नशे की गर्त में धकेलने के बजाय खेल के मैदानों और शिक्षा पर केंद्रित करें।
बर्रा बाईपास में कार सवारों ने यादव मार्केट पुलिस चौकी के सामने डीसीएम चालक को केबिन से खींच कर सड़क पर पटका, इसके बाद लात घूसों से जमकर पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आरोप है कि डीसीएम चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए कार में जबरदस्त टक्कर मार दी, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों में समझौता हो गया। पहले देखिए दो तस्वीरें… सोशल मीडिया पर मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें तीन युवक एक डीसीएम चालक को केबिन से खींच कर पीटते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे चालक अचेत हो गया तो वहां मौजूद होमगार्ड और राहगीर उसके हाथ पैर पकड़ कर सड़क के किनारे रखते हुए नजर आ रहे हैं। बर्रा इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार दोपहर नौबस्ता बाईपास से बर्रा बाईपास के बीच डीसीएम गाड़ी और पंच कार के बीच भिड़ंत हो गई। हादसे में कार का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जिसके बाद कार चालकों ने बर्रा बाईपास के पास आकर डीसीएम चालक कश्यप की गाड़ी रोक ली और उसे केबिन से नीचे खींच कर पीटा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और थाने लाई, जहां दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह व अन्य की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने उन्हें कोई राहत देने से इनकार करते हुए भानवी सिंह द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी और कूटरचना के आरोपों को गंभीर माना। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह और रामदेव यादव की ओर से दाखिल याचिका को खारिज करते हुए पारित किया। याचिका में विशेष न्यायाधीश (MP-MLA), लखनऊ के 18 फरवरी के आदेश को चुनौती दी गई थी। दरअसल, रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी भानवी सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म मेसर्स सारंग एंटरप्राइजेज की मूल्यवान संपत्तियों को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के जरिए कूटरचना करके संपत्तियों को स्थानांतरित किया गया। उन्होंने हजरतगंज पुलिस को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने का निर्देश देने की मांग की थी। इस मामले में पहले संबंधित मजिस्ट्रेट ने 19 अक्टूबर 2023 को एफआईआर दर्ज करने के बजाय इसे परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था। इस आदेश को चुनौती देने पर विशेष न्यायाधीश (MP-MLA) ने 18 फरवरी को मजिस्ट्रेट का आदेश निरस्त कर पुनः सुनवाई का निर्देश दिया। इसी आदेश के खिलाफ अक्षय प्रताप सिंह व अन्य ने उच्च न्यायालय का रुख किया था। हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया और उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
उन्नाव में बाइक से गिरी महिला:सिर में आई गंभीर चोट, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार शाम एक वृद्ध महिला की बाइक से गिरने से मौत हो गई। परिजनों द्वारा गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाए जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान शुक्लागंज निवासी 60 वर्षीय फूलमती पत्नी सोने लाल के रूप में हुई है। वह मंगलवार शाम परिजनों के साथ बाइक से किसी काम से जा रही थीं। गजिया खेड़ा स्थित मरहला चौराहे के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई। बाइक से गिरने के कारण फूलमती को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी हालत नाजुक हो गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों की मदद की और घायल महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद फूलमती को मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर गंगाघाट कोतवाली पुलिस भी अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला बाइक से गिरने के कारण हुए हादसे का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत का स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना स्थल पर सड़क पर हल्की भीड़ और वाहनों की आवाजाही थी, इसी दौरान बाइक का संतुलन बिगड़ गया था।
लखनऊ में कथक संध्या, कला प्रेमियों का दिल जीता:बिरजू महाराज संस्थान ने युवा कलाकारों को दिया मंच
लखनऊ में बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से मासिक कथक संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया, जिसने कला प्रेमियों को आकर्षित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुनीता मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष कुमकुम धर और उपाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी भी उपस्थित रहीं। संध्या की मुख्य प्रस्तुति डॉ. मनीषा मिश्रा ने दी। उन्होंने 'ऊँ नमः शिवाय' पर आधारित नृत्य से अपनी प्रस्तुति आरंभ की, जिसमें भगवान शिव के विभिन्न रूपों को दर्शाया गया। 'कर्पूरगौरं' और 'जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले' जैसे पदों पर उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इस नृत्य में राधा-कृष्ण के संबंधों को दर्शाया गया डॉ. मनीषा मिश्रा ने पारंपरिक कथक शैली में तीनताल पर ठाठ, आमद, तोड़े, परन और जुगलबंदी प्रस्तुत की। उनकी लयकारी और भावों को दर्शकों ने सराहा। कार्यक्रम का समापन दादरा 'डगर बिच कैसे चलूं, पग रोके कन्हैया' की प्रस्तुति से हुआ। इस नृत्य में राधा-कृष्ण के संबंधों को दर्शाया गया। संगत कलाकारों में तबले पर रविनाथ मिश्रा और आराध्या प्रवीण, गायन और हारमोनियम पर प्रवीण कश्यप और मंजूषा मिश्रा तथा सितार पर नवीन मिश्रा शामिल थे। पढ़ंत में आराध्या प्रवीण और सह-नृत्यांगनाओं के रूप में प्रेरणा विश्वकर्मा व वंशिका शर्मा ने सहयोग किया।
प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र में स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में 23 मार्च 2026 को एक बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब 1:30 बजे कोल्ड स्टोरेज में कूलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले अमोनिया गैस का चैंबर फट गया, जिससे कोल्ड स्टोरेज की दीवार और छत ढह गई। इस घटना में कई मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और नगर निगम की संयुक्त बचाव टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मलबे में फंसे कुल 18 लोगों को बाहर निकाला और तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों की हालत इलाज के बाद सामान्य बताई जा रही है। मृतकों के शवों का नियमानुसार पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है। इस घटना का संज्ञान लेते हुए फाफामऊ थाने में मु0अ0सं0-44/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 127, 287, 289, 125(b), 118(1) और आपराधिक कानून अधिनियम की धारा 07 के तहत मामला दर्ज किया गया। यह मामला अंसार अहमद, जावेद, मो. असलम बाबा, अलाउद्दीन, उस्मान मैनेजर, मंजूर, मो. इरफान और 4-5 अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 मार्च 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों को फाफामऊ थाना क्षेत्र के मलाक हरहर स्थित भदरी रेलवे ओवर ब्रिज के पास से अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक फॉर्च्यूनर कार (UP 70 DZ 1504) और कोल्ड स्टोरेज से संबंधित महत्वपूर्ण कागजात व रजिस्टर भी बरामद किए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंसार अहमद (पुत्र स्व. नवाबअली, उम्र करीब 70 वर्ष), अलाउद्दीन (पुत्र अनवर अहमद, उम्र करीब 32 वर्ष) और मंजूर इलाही (पुत्र अंसार अहमद, उम्र करीब 32 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी चंदापुर, फाफामऊ, प्रयागराज के निवासी हैं। पुलिस ने नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सविन तोमर, उपनिरीक्षक सुखचैन तिवारी (प्रभारी एसओजी), उपनिरीक्षक दिनेश कुमार यादव, उपनिरीक्षक मुकेश यादव और हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। हादसे की तस्वीरें देखिए- कोल्ड स्टोरेज 27 साल पुरानाआदर्श कोल्ड स्टोरेज नाम से यह बिल्डिंग फाफामऊ इलाके में थी। इसके मालिक सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद हैं। हादसे के बाद से अंसार घर से लापता हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उनके 2 भतीजे समेत 4 को हिरासत में लिया है। 27 साल पुराने इस कोल्ड स्टोरेज में तीन बिल्डिंग हैं। करीब 10 हजार स्क्वायर फीट की एक बिल्डिंग ढही है। यहां 100 से ज्यादा लोग काम करते हैं। कुछ मजदूर खाना खा रहे थे, कुछ आराम कर रहे थे, तभी ये हादसा हुआ। पीएम मोदी और सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। घटना पर दुख जाहिर किया है। घटना के 24 घंटे बाद भी बचाव कार्य जारीकोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद सोमवार सुबह से एक बार फिर राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है, जबकि मौके पर कई विभागों की टीमें मुस्तैदी से डटी हुई हैं। घटनास्थल पर सुबह से 12 जेसीबी, 2 हाईड्रा और 4 डंपर लगाए गए हैं, जिनकी मदद से तेजी से मलबा हटाया जा रहा है। हटाया गया मलबा पास के कछार क्षेत्र में गिराया जा रहा है। एफआईआर दर्ज, पूर्व मंत्री हिरासत में इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत 7 लोगों को नामजद करते हुए कुल 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कोल्ड स्टोरेज के मालिक अंसार अहमद और उनके भतीजे उस्मान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। सपा ने मुआवजे का किया एलानघटना को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। कछार में गिराए जा रहे मलबा, मची लूटकछार क्षेत्र में मलबा गिराए जाने के साथ ही वहां लूट जैसी स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में आलू डंप था, जिसे मलबे के साथ कछार में डाला जा रहा है। इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और लोग मलबे से आलू निकालकर अपने घर ले जाने लगे। यही नहीं, मलबे में दबे सरिया और अन्य कीमती सामान पर भी लोग हाथ साफ करते नजर आए। कई लोग मलबे में घुसकर सामान बटोरते दिखे।
गोरखपुर से श्रीलंका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास की बुधवार देर शाम को विदाई हुई। MCC हाई परफॉर्मेंस कैंप के दौरान उन्होंने चार दिन तक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को नजदीक से समझा और उनकी कमियों को सुधारने के लिए सीधे मार्गदर्शन किया। खिलाड़ियों और अभिभावकों ने उनके अनुभव और सरल स्वभाव की सराहना की। चामिंडा वास ने खिलाड़ियों को आसान भाषा में गेंदबाजी की तकनीक, फिटनेस और मैच के दौरान सही सोच के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ी रोज अभ्यास करें, धैर्य रखें और अपने खेल पर ध्यान दें, तो आगे बढ़ना आसान हो जाता है। खिलाड़ियों ने भी माना कि उन्हें यहां नई बातें सीखने को मिलीं, जो आगे काम आएंगी। विदाई के समय भावुक हुआ माहौलप्रकाश क्रिकेट ग्राउंड पर छठे दिन जब वास को विदाई दी गई, तो माहौल भावुक हो गया। खिलाड़ियों ने उनके साथ बिताए समय को खास बताया। वास ने गोरखपुर के लोगों के प्यार और सम्मान के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि मौका मिला तो वह फिर यहां जरूर आएंगे। कैंप का सातवां और अंतिम दिन गुरुवार को होगा। समापन पर पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर, विनायक सामंत और कोच ज्वाला सिंह सहित कई अनुभवी लोग मौजूद रहेंगे। ये सभी खिलाड़ी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए जरूरी सलाह देंगे। पूरी टीम के सहयोग से सफल हुआ आयोजनइस कैंप को सफल बनाने में डॉ. विनय सक्सेना की भूमिका अहम रही। उनके साथ राकेश जी और प्रबंधन टीम के रतनदीप, आनंद पाल, सुजीत सिंह, आशीष सिंह और ऋषभ सिंह ने भी पूरी जिम्मेदारी निभाई। स्थानीय कोचों ने भी खिलाड़ियों को लगातार सहयोग दिया, जिससे कैंप सुचारु रूप से चला। करीब 60 खिलाड़ियों ने इस कैंप में हिस्सा लिया। सभी खिलाड़ियों को बड़े स्तर के खिलाड़ी और अनुभवी कोचों से सीधे सीखने का मौका मिला। इससे उनके खेल में सुधार के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है। मजबूत हो रहा क्रिकेट का माहौलऐसे कैंप से गोरखपुर में क्रिकेट को नई पहचान मिल रही है। स्थानीय खिलाड़ियों को अब बेहतर प्रशिक्षण और मौके मिल रहे हैं, जिससे वे आगे बड़े स्तर पर खेलने के लिए तैयार हो सकें। कार्यक्रम के अंत में सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया गया। खास तौर पर विक्रमादित्य गौर के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि आगे भी ऐसे कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को लगातार बेहतर अवसर मिलते रहें।
धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर स्थित शिवम इंडस्ट्रीज नामक ऑयल कंपनी में मंगलवार को भीषण आग लग गई। पीथमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई इस घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल आग बुझाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है और पुलिस बल तैनात है। ऑयल कंपनी में अचानक भड़की आग तेजी से फैली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, शिवम इंडस्ट्रीज में आग लगने की घटना करीब 8:15 बजे हुई। तेल की मौजूदगी के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों से भी दमकल वाहन बुलाए गए हैं। पुलिस बल और दमकल की टीमें बुझाने में जुटीं घटनास्थल पर पीथमपुर थाना प्रभारी अपने स्टाफ के साथ मौजूद हैं और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। वर्तमान में फायर ब्रिगेड की दो से अधिक गाड़ियां आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं। अभी तक इस अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इस कारखाने में हो चुकी दो मजदूरों की मौत उल्लेखनीय है कि शिवम इंडस्ट्रीज में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। करीब दस महीने पहले भी इसी फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी। उस पिछले हादसे में कारखाने में कार्यरत दो मजदूरों की झुलसने से मौत हो गई थी। पुलिस प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।
तरनतारन में विश्व टीबी दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन कार्यालय में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने किया। डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने बताया कि ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) माइक्रो-बैक्टीरिया से होने वाली गंभीर बीमारी है, जो शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है, लेकिन मुख्य रूप से यह फेफड़ों में पाई जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि टीबी के बैक्टीरिया की खोज रॉबर्ट कॉक ने 24 मार्च 1882 को की थी, जिसकी याद में हर साल 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। 2026 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य कार्यक्रम में बताया गया कि भारत सरकार ने वर्ष 2026 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जागरूकता और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। टीबी के लक्षणों पर दी जानकारी डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राघव गुप्ता ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, सुबह-शाम बुखार, भूख न लगना, कफ और खून वाली खांसी इसके प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं और मुफ्त इलाज लें। बचाव के उपाय बताए डॉ. राघव गुप्ता ने टीबी से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह ढकने, खुले में न थूकने, पौष्टिक आहार लेने, बीड़ी-सिगरेट से दूर रहने, दवाओं का पूरा कोर्स करने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने नियमित व्यायाम को भी जरूरी बताया। टीकाकरण और नई वैक्सीन के बारे में बताया मेडिकल ऑफिसर डॉ. रॉबिन ने बताया कि नवजात शिशुओं को टीबी से बचाव के लिए जन्म के समय बीसीजी टीका लगाया जाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि भविष्य में आम लोगों के लिए ‘एमटीबी वैक’ भी उपलब्ध कराई जाएगी। अन्य अधिकारी भी रहे मौजूद इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट वैक्सीनेशन ऑफिसर डॉ. वृंदपाल कौर, डॉ. भारती धवन, डिस्ट्रिक्ट मास मीडिया ऑफिसर सुखवंत सिंह सिद्धू और डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर इंद्रजीत सिंह भुल्लर सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
नीमच शहर और पूरे जिले में मंगलवार शाम को पेट्रोल खत्म होने और कीमतें बढ़ने की अफवाह ने हंगामा खड़ा कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली, लोग अपना सारा काम छोड़कर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े, जिससे हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं। हर कोई जल्द से जल्द पेट्रोल भरवाना चाहता था, जिसके चक्कर में लोगों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की की नौबत तक आ गई। कई लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने पहुंचे थे, तो कुछ लोग खाली बोतलें और कुप्पियां लेकर पेट्रोल का स्टॉक जमा करने की कोशिश में जुटे रहे। अफवाहों के चलते लोग हुए परेशान पेट्रोल भरवाने आए मयंक शर्मा ने बताया कि उन्हें खबर मिली थी कि कल से पेट्रोल मिलना बंद हो जाएगा, इसलिए उन्होंने ऑफिस और घर के काम न रुकें, यह सोचकर टंकी फुल करवाने का फैसला किया। वहीं, पलक मालवीय और शमीना कुरैशी जैसी उपभोक्ताओं ने बताया कि एक-एक घंटे लाइन में लगने के बाद भी उन्हें मायूसी हाथ लगी क्योंकि भीड़ बहुत ज्यादा थी। पंप संचालकों ने शुरू की राशनिंग हालात को बेकाबू होते देख पेट्रोल पंप संचालकों ने पेट्रोल की राशनिंग शुरू कर दी है। अब एक वाहन को केवल 1 लीटर पेट्रोल ही दिया जा रहा है। पंप संचालक अली ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि यह सब अचानक फैली एक अफवाह का नतीजा है। स्टॉक खत्म होने का डर संचालक ने यह भी जानकारी दी कि पेट्रोल कंपनियां अब एडवांस पेमेंट मिलने के बाद ही सप्लाई भेज रही हैं, जिससे वितरण में थोड़ी दिक्कत आई है। उनका कहना है कि जिस तेजी से लोग पेट्रोल भरवा रहे हैं, उससे रात तक स्टॉक खत्म हो सकता है। अब नया स्टॉक आने के बाद ही व्यवस्था दोबारा सामान्य हो पाएगी। कलेक्टर ने कहा- पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख तेल कंपनियों के अधिकारियों से चर्चा कर पुष्टि की है कि जिले में ईंधन की आपूर्ति निरंतर जारी है और भविष्य में भी इसे सुचारू रखा जाएगा। कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे तेल की कमी से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और न ही घबराकर अनावश्यक स्टॉक करें। जिले के हर पंप पर पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है और तेल कंपनियां नियमित रूप से सप्लाई भेज रहीं हैं।
रतलाम जिले के शिवगढ़ में बस स्टैंड पर 15 मार्च की रात जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने अपने समर्थकों के साथ शराब दुकान पर जबरन ताला लगा दिया था। आधे घंटे तक दुकान बंद रही, जिसके बाद पुलिस की समझाइश पर दुकान खोली गई। इस घटना के सात दिन बाद, आबकारी विभाग की शिकायत पर उपाध्यक्ष के खिलाफ नामजद और अज्ञात के खिलाफ शिवगढ़ थाना में केस दर्ज किया गया। शिवगढ़ थाने के बाहर जमकर नारेबाजी की गई इस मामले के विरोध में मंगलवार दोपहर को आदिवासी अंचल के लोग और उपाध्यक्ष के समर्थक शिवगढ़ थाने पर एकत्र हुए। लोग “लोकसभा ना विधानसभा सबसे बड़ी ग्राम सभा”, “आदिवासी क्षेत्र में शराब बंद करो” जैसे नारे लगाते रहे। सैलाना एसडीएम तरुण जैन को उन्होंने दस बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें ज्ञापन में मांग की गई कि शराब दुकान हटाई जाए, वहां काम कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए, आबकारी विभाग की मिलीभगत की जांच की जाए और ग्रामीण अंचल में शराब की दुकानों को बंद किया जाए। आदिवासी अंचल के लोगों ने चेतावनी दी है कि 7 अप्रैल तक यदि जिला पंचायत उपाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज केस नहीं लिया गया, तो वे रतलाम आकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करेंगे।
अयोध्या में पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हालात ऐसे हैं कि पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई पंपों पर वाहनों की कतारें सड़क तक पहुंच गई हैं। इससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल-डीजल की कमी और कीमत बढ़ने की आशंका को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से लोग भ्रमित हो रहे हैं। इसी के चलते अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ ड्रम, केन और बोतलों में भी ईंधन भरवा रहे हैं। प्रशासन ने बताया निराधार, डीएसओ बाेले- अफवाह पर ध्यान न दें इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया है। डीएसओ बृजेश मिश्र ने बताया कि अयोध्या में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। जिले में वर्तमान में करीब 13 लाख लीटर पेट्रोल और 18 लाख लीटर डीजल का पर्याप्त भंडारण मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि तेल कंपनियों की ओर से लगातार सप्लाई जारी है। आगे भी पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा। भंडारण की तुलना में खपत काफी कम है, इसलिए किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं, ताकि अनावश्यक भीड़ और परेशानी से बचा जा सके।
कपूरथला निवासी सिविल सर्जन डॉ. राजीव का मोबाइल हैक हो गया है। हैकर्स ने उनके परिचितों को व्हाट्सएप पर आपातकालीन स्थिति का हवाला देते हुए पैसों की मांग वाले संदेश भेजे, जिससे हड़कंप मच गया। अधिकारी और उनके परिवार ने तत्काल परिचितों को सतर्क किया और साइबर क्राइम विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। फिरोजपुर में तैनात सिविल सर्जन डॉ. राजीव निवासी अर्बन एस्टेट कपूरथला का मोबाइल मंगलवार की दोपहर हैक हुआ। हैकरों ने उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर 65 हजार रुपए की तत्काल आवश्यकता बताई। उन्होंने पैसे 9250828580 नंबर के फोन-पे पर भेजने का अनुरोध किया और दो घंटे में रकम लौटाने का वादा किया। परिचितों ने किया संपर्क करने का प्रयास व्हाट्सएप पर आए इन संदेशों को देखकर परिचितों ने पहले चिंता व्यक्त की और डॉ. राजीव से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल हैक होने के कारण बात नहीं हो सकी। बाद में उनके परिवार से संपर्क करने पर पता चला कि मोबाइल हैक हो चुका है और ऐसे किसी भी संदेश को नजरअंदाज करने की अपील की गई। डॉ. राजीव की पत्नी डॉ. ममता ने बताया कि सभी जानकारों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया है कि सब कुछ ठीक है और कोई भी व्यक्ति दिए गए नंबर पर पैसे न भेजे। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मामले की शिकायत ऑनलाइन साइबर क्राइम को दे दी गई है और संबंधित मोबाइल नंबर की जानकारी भी साझा की गई है। डीएसपी दलजीत सिंह ने लोगों से अपील की है कि ऐसे संदेश मिलने पर सतर्क रहें और बिना पुष्टि किए किसी को भी पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने ऐसे मामलों में ऑनलाइन हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
कानपुर में शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल के नेतृत्व में मंगलवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शहर के विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान सुभाष स्मारक इंटर कॉलेज, एबी विद्यालय इंटर कॉलेज और डीएवी इंटर कॉलेज में पहुंचकर शिक्षकों से बात भी किया। दौरे के दौरान शिक्षक विधायक चंदेल ने मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों से कहा कि, उन्होंने विधान परिषद में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य सहित विभागीय अधिकारियों के समक्ष लगातार शिक्षकों की समस्याएं उठाईं। इसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण मांगें पूरी कराई गईं। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रयासों से वित्तविहीन और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, ग्रेच्युटी की सीमा 25 लाख रुपए तक बढ़ाने, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने और अंकेक्षण पारिश्रमिक दरों में वृद्धि जैसी मांगों पर सफलता मिली है। चंदेल ने कहा- अब संगठन की अगली प्राथमिकता 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिलाना, वित्तविहीन शिक्षकों को राजकीय कोषागार से सम्मानजनक मानदेय दिलाना और व्यावसायिक शिक्षकों का समायोजन कराना है। इसके लिए सभी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया गया। दौरे में आरपी अवस्थी, डॉ. सत्येंद्र कुमार शुक्ल, नारायण मिश्र, कानपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. अखंड प्रताप सिंह, आरके गुप्ता, राज बिहारी वाजपेई, संजय गुप्ता, बीएन टंडन, बीके अवस्थी, आलोक पांडेय, अशोक सचान, जय राम सिंह, विनय पांडेय, इंद्रजीत सिंह यादव और संरक्षक डॉ. आरपी सिंह सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
धमतरी में चैत्र नवरात्र के अवसर पर पंचमी के दिन धूमधाम से चुनरी यात्रा निकाली गई। यह यात्रा देर रात तक चली। यात्रा में डांग डोरी, राधा कृष्ण डांडिया नृत्य, बस्तरिया नृत्य और कर्मा नृत्य की आकर्षक झांकियां शामिल थीं। छत्तीसगढ़ की प्रमुख देवियों के लिए रथ सजाए गए थे। नौ दुर्गा रूपों सहित भूत-प्रेत की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यह चुनरी यात्रा शहर के अलग-अलग वार्डों से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें बालक चौक, गोल बाजार, मठ मंदिर चौक, कचहरी चौक, सदर बाजार, गणेश चौक और रामबाग जैसे स्थान शामिल थे। यात्रा विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। चुनरी यात्रा का 6वां वर्ष मंदिर पहुंचने पर मां बिलाई माई विंध्यवासिनी माता को चुनरी और छप्पन भोग चढ़ाया गया। यात्रा देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और वे चुनरी यात्रा के साथ विंध्यवासिनी मंदिर तक पहुंचे। यात्रा प्रारंभ होने से पहले माता की आरती उतारी गई थी। चुनरी यात्रा देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा पिछले कुछ वर्षों से धमतरी की आराध्य देवी मां बिलाई माता को चुनरी चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई है। और चुनरी यात्रा हिंदू भाई बड़े धूमधाम से निकालते हैं।विशेष रूप से बाहर से झांकियां लाई गई। कुछ चीज ऐसी देखने को मिल मिला जो दब चुकी थी। माता सेवा बन कर जो नाचा होता था वह सेवा पार्टी बंद हो चुकी थी। जिसको उभारने का काम लोग कर रहे हैं।जो कि शहर में आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। मां बिलाई माता सेवादार समिति के गौरव सोलंके और आर्यन सोनकर ने बताया, डांग डोरी जस झांकी माता पालकी से लेकर धुमाल आकर्षण का केंद्र रहा है। यह 6वां वर्ष है,और इससे भव्य करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्षद कोमल सार्वाने बताया की बताया कि धमतरी शहर में सनातन जागरण हो रहा है। जैसे नवरात्रि के पंचमी का विशेष महत्व है। पंचमी के दिन कहा जाता है की पंचमी के दिन माता रानी से किसी भी प्रकार के मन्नत मांगे वह अवश्य पूर्ण होगा।
कोटा में सिर पर गंभीर चोट लगने से एक युवक की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक शराब के नशे में सड़क पर गिर गया था, जिससे उसे घातक चोट आई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं सामने आया है कि उसकी पत्नी पिछले 6 महीने से उससे अलग रह रही थी। युवक विनोद पांचाल (42) मोखा पाड़ा थाना थाना कैथूनीपोल का रहने वाला था। 22 मार्च को कैथूनीपोल थाने के सामने टनाटन गणेश मंदिर के पास शराब के नशे में अचेत हालत में पड़ा था। जिसे इलाज के लिए न्यू मेडिकल हॉस्पिटल लाया गया। जहां उसने इलाज के दौरान आज(मंगलवार) दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया है। कैथूनीपोल थाना ASI लाल सिंह ने बताया कि युवक लाइट का काम करता था, जिसे शराब पीने की लत थी। ज्यादा शराब पीने के कारण पति-पत्नी के बीच रोजाना झगड़ा होता रहता था। इसी कारण 6 महीने पहले पत्नी अलग हो गई और अपनी बहन के पास जगपुरा में रहने लगी। उन्होंने बताया कि विनोद को पत्नी और रिश्तेदारों ने हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। जांच में सिर की नस फटना सामने आया। इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई। इस दौरान परिवार के लोग घरेलू विवाद के चलते मॉर्च्युरी के बाहर ही बहस करने लगे। पुलिस ने दोनों पक्षों से समझाइश कर शव पत्नी को सौंप दिया। शराब के नशे में सड़क पर गिरा पत्नी के मुताबिक, शराब के नशे में सड़क पर गिरा था, जिसकी सूचना किरायेदार ने दी थी। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। जहां उन्हें होश नहीं आया तो सीटी स्कैन जांच करवाई गई, जिसमें सिर की नस फटना बताया। मेरे पीहर वाले मेरा साथ देने वाले को गलत बता रहे है और मेरी कोई व्यक्ति मदद कर रहा है तो उसे गलत मान रहे है।
छतरपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रविंदर सिंह ने मंगलवार को छतरपुर जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों से सीधे बातचीत कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। न्यायाधीश सिंह ने जेल की प्रत्येक बैरक का दौरा किया और बंदियों से उनके मामलों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पेशी, वकील की उपलब्धता, अपील, जमानत और मुलाकात जैसी व्यवस्थाओं पर बंदियों से चर्चा की। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी बंदियों की नियमित पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से सुनिश्चित की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे। निरीक्षण के दौरान बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। न्यायाधीश ने भोजन व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए, ताकि बंदियों को बेहतर और स्वच्छ भोजन मिल सके। बंदियों को अधिकारों के बारे में जागरुक कियाजेल परिसर की साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जेल अधीक्षक योगेन्द्र पमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, लॉकअप में खराब पड़े पंखों को तत्काल ठीक कराने का भी निर्देश दिया गया, ताकि बंदियों को गर्मी या अन्य असुविधा का सामना न करना पड़े। न्यायाधीश ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता के उनके अधिकारों के बारे में भी जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाति निवेश जायसवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विष्णु प्रसाद सोलंकी और जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र चढार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के इंडोर स्टेडियम में 25-29 मार्च तक 'बिहार ओपन फिडे रेटिंग चेस टूर्नामेंट' का आयोजन किया जा रहा है। देश और विदेश से 650 से ज्यादा खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। अंडर 7, 9, 11, 13 और 15 आयुवर्ग के बालक-बालिका के अलावा ओपन ग्रुप के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि इसमें देशभर खिलाड़ियों के अलावा जिंबाब्वे, नेपाल और रूस के दिग्गज खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। 10 लाख रुपए की इनाम राशि बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि इस बार आयोजित होने वाला बिहार ओपन फिडे रेटिंग चेस टूर्नामेंट बिहार में होने वाला अबतक का सबसे बड़ा चेस रेटिंग टूर्नामेंट है। कुल 10 लाख रुपए की इनाम राशि नगद पुरस्कार के रूप में दी जा रही है। अलग-अलग आयुवर्ग के विजेताओं को मेडल, ट्रॉफी के साथ सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के भोजन और आवासन की समुचित व्यवस्था खेल प्राधिकरण की ओर से की जा रही है। हर दिन सुबह 9 बजे से शुरू होगा गेम बिहार चेस संघ के सचिव धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि रोज सुबह 9 बजे से शुरू हो जाएगी और शाम तक चलेगी। इस बार देश के अलावा विदेश के भी खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं जो हमारे लिए गर्व की बात है। जिंबाब्वे के इंटरनेशनल मास्टर मामोम्बे कुदजानी, नेपाल के नेशनल चैंपियन रूपेश जायसवाल, रूस के ग्रैंड मास्टर पेत्र क्रियाकोव और भारत के ग्रैंड मास्टर नारायणन श्रीनाथ भी इस टूर्नामेंट का गौरव बढ़ाने के लिए शामिल हो रहे हैं। टूर्नामेंट के सफल संचालन और खिलाड़ियों की सुविधा और जरूरतों की समुचित व्यवस्था खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और अखिल बिहार चेस संघ द्वारा की जा रही है।
कानपुर के रावतपुर इलाके में रामनवमी के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में निकलने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी और एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ रावतपुर क्षेत्र में रूट मार्च किया। रावतपुर थाना क्षेत्र में हर साल रामनवमी पर बड़ी शोभायात्रा निकलती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। क्षेत्र की संवेदनशीलता और पूर्व में हुए तनाव को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। गलियों से लेकर मुख्य मार्ग तक नजर पुलिस ने तंग गलियों और मुख्य मार्गों पर बाइक से रूट मार्च किया। इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ ही लोगों में भरोसा कायम करना रहा। शोभायात्रा के पूरे रूट पर चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात की जाएगी। पुलिस ने संभावित अराजक तत्वों की पहचान शुरू कर दी है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों से बातचीत कर आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। ड्रोन से होगी निगरानी डीसीपी वेस्ट ने बताया कि शोभायात्रा की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी। यात्रा पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में निकाली जाएगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और लोगों से सहयोग की अपील की गई है।
कपूरथला में श्री सनातन धर्म सभा द्वारा श्री राम नवमी के उपलक्ष्य में एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा में सैकड़ों भक्तों ने केसरी पगड़ी धारण कर भाग लिया और 'जय श्री राम' के जयकारे लगाए। सनातन धर्म सभा कमेटी ने शोभायात्रा से पहले 1100 से अधिक भक्तों के लिए केसरी पगड़ियों का इंतजाम किया था। अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने के बाद इस श्री राम नवमी को यादगार बनाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। केसरी पगड़ी धारण किए भक्तों से पूरा कपूरथला केसरी रंग में रंग गया और 'जय श्री राम' के जयघोष से गूंज उठा। शोभायात्रा श्री सनातन धर्मसभा से शुरू हुई यह शोभायात्रा श्री सनातन धर्मसभा से शुरू होकर श्री हनुमान मंदिर रोड, श्री सत्यनारायण मंदिर बाजार, शहीद भगत सिंह चौक, सदर बाजार और जलौखाना से होते हुए वापस श्री सनातन धर्मसभा में संपन्न हुई। इस विशाल शोभायात्रा में सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शामिल होकर भगवान श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त किया। शोभायात्रा से पहले पूजा की शोभायात्रा के शुभारंभ से पूर्व श्री सनातन धर्मसभा में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद केसरी झंडों के साथ प्रभु श्री राम की सुंदर पालकी के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा का आरंभ हुआ। शोभायात्रा का पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा की शोभायात्रा में संकीर्तन मंडली ने प्रभु श्री राम की महिमा का गुणगान करते हुए मनमोहक भजन प्रस्तुत किए, जिससे भक्तजन मंत्रमुग्ध हो गए। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा कर प्रभु श्री राम की पालकी के समक्ष माथा टेका और सुख-शांति व समृद्धि के लिए प्रार्थना की। सनातन धर्म सभा के प्रबंधकों ने सभी भक्तों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। कई लोग रहे मौजूद इस अवसर पर पूर्व विधायक राजबंस कौर राणा, नरेश गोसांई, उमेश शारदा, कुलदीप शर्मा, कर्मवीर सिंह, कुंवर इकबाल सिंह, पुरुषोत्तम पासी, दीपक सलवान, पंकज शर्मा, चेतन सूरी, करण महाजन और राजेश पासी सहित कई हिंदू नेता उपस्थित थे।
जिला प्रशासन, श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्वास्थ्य सेवा मिशन और रोटरी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वृहद स्वास्थ्य शिविर का मंगलवार को शिवपुरी के सीएम राइज स्कूल में भव्य समापन हुआ। इस शिविर में हजारों मरीजों को निःशुल्क जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा मिली। समापन समारोह में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महानार्यमन सिंधिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक महेंद्र यादव, विधायक प्रीतम लोधी, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ सहित कई जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, आशा कार्यकर्ता, एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों ने भी इसमें भाग लिया। प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने शिविर में अपनी सेवाएं देने वाले चिकित्सकों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। सहयोगियों को सम्मानित किया मुख्य अतिथि महानार्यमन सिंधिया ने इस शिविर को जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से एक ही स्थान पर व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। सिंधिया ने आयोजन से जुड़े सभी लोगों के टीमवर्क की प्रशंसा की। शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और अन्य सहयोगियों को इस दौरान सम्मानित भी किया गया। यह स्वास्थ्य शिविर 17 से 24 मार्च तक आयोजित किया गया था। इस पहल ने जिले में जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे हजारों लोगों को सीधा लाभ मिला। देखिए तस्वीरें…
मंडला जिला मुख्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक अजीब मामला सामने आया। बिछिया तहसील के ग्राम मांद से आए एक युवक ने कलेक्टर से मांग की है कि उसे सीधे आईएएस अधिकारी बना दिया जाए। युवक ने अपना नाम अंकित श्रीवास बताया और कहा कि वह बीएससी कर चुका है। उसने कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह पहले भी दो-तीन बार यूपीएससी की तैयारी के लिए किताबें दिलाने का आवेदन दे चुका है, लेकिन उसे किताबें नहीं मिलीं। अंकित का दावा है कि किताबों के अभाव में उसके कीमती 9 साल बर्बाद हो गए और गरीबी की वजह से वह इस साल की परीक्षा भी नहीं दे पाया। सीधे आईएएस बनकर करना चाहता है विकास युवक ने मांग रखी कि उसे अब सीधे आईएएस अधिकारी बना दिया जाए ताकि वह मंडला जिले का विकास कर सके। उसने कलेक्टर से कहा कि वह मंडला में अच्छी सड़कें, बेहतर अस्पताल और लोगों को अच्छी सुविधाएं देना चाहता है। उसका मानना था कि कलेक्टर साहब उसे अफसर बना सकते हैं और उसने यह भी साफ कर दिया कि वह मंडला के अलावा कहीं और काम नहीं करना चाहता। कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता इस अनोखी मांग को सुनकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने युवक से काफी देर तक शांति से बात की। मामले की स्थिति और युवक की मानसिक स्थिति को समझते हुए, कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाई और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को बुलाकर युवक को उनके सौंप दिया ताकि उसकी उचित देखभाल और जांच की जा सके।
देवास के मल्हार स्मृति मंदिर में मंगलवार को “संकल्प से समाधान अभियान” और “जल गंगा संवर्धन अभियान” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और कन्या पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर देवास विधायक गायत्रीराजे पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। संकल्प से समाधान अभियान: 73 शिविरों में 1.02 लाख आवेदन उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहितैषी कार्यों को तेजी से लागू कर रही है। “संकल्प से समाधान अभियान” के तहत 12 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक पूरे प्रदेश और देवास जिले में शिविर लगाए गए। देवास जिले में कुल 73 शिविरों में 1,02,486 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 92,098 आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। आज आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को उनके हितलाभ प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उपमुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “जल ही जीवन है और जल है तो हम हैं।” उन्होंने बताया कि शासन ने जल संचयन को मूर्त रूप देने के लिए “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रारंभ किया है। इस अभियान के तहत पुराने तालाबों, कुओं, बावड़ियों, नदियों और नालों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। देवड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतिम पंक्ति के हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिविरों और अभियानों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए गए, उनका निराकरण किया गया और हितलाभ सीधे हितग्राहियों को वितरित किए गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।
फरीदाबाद के मुजेसर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुरूरपुर इंडस्ट्री एरिया में पुलिस ने मंगलवार शाम नकली जर्दा बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई प्लॉट नंबर 37/38, गली नंबर 6 में स्थित रामित इंडस्ट्री नामक कंपनी में की गई, जहां कथित तौर पर गुटखा में मिलाए जाने वाले जर्दा (तंबाकू) का अवैध निर्माण किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि रामित इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर नकली जर्दा तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा है। इस सूचना पर फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में मुजेसर थाना प्रभारी और संजय कॉलोनी पुलिस चौकी की टीम को शामिल किया गया। पुलिस ने कच्चा और तैयार माल बरामद किया पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कंपनी परिसर की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान फैक्ट्री के अंदर से जर्दा बनाने से संबंधित भारी मात्रा में कच्चा माल, तैयार उत्पाद और विभिन्न उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने सभी सामान को अपने कब्जे में लेकर फैक्ट्री परिसर को सील कर निगरानी में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यहां नकली जर्दा तैयार कर उसे बाजार में सप्लाई किया जाता था। यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता है, इसकी भी जांच की जा रही है। नारकोटिक्स और फूड विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची मामले की गंभीरता को देखते हुए नारकोटिक्स विभाग, फूड एंड सप्लाई विभाग और फूड एंड सेफ्टी विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंची। सभी विभागों के अधिकारी संयुक्त रूप से जांच की और फैक्ट्री से सैंपल कलेक्ट किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। सैंपलों की रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद सामग्री कितनी मात्रा में नकली है और इसमें कौन-कौन से प्रतिबंधित या हानिकारक पदार्थ शामिल हैं। फिलहाल इस मामले में किसी भी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
छतरपुर जिले ने राज्य स्तरीय अंग्रेजी ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह प्रतियोगिता राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल और लीप फॉर वर्ड संस्था द्वारा ग्वालियर में आयोजित की गई थी। डी.पी.सी. अरुण शंकर पाण्डेय ने बताया कि जिला कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन और सी.ई.ओ. जिला पंचायत नम: शिवाय अरजरिया के मार्गदर्शन में जिले के 13 सदस्यीय दल ने इसमें भाग लिया। इस दल का नेतृत्व ए.पी.सी. अकादमिक ने किया। ओलंपियाड में प्रत्येक जिले से कक्षा दूसरी से पांचवीं तक के एक-एक चयनित छात्र, उनके अभिभावक और मार्गदर्शी शिक्षक शामिल हुए थे। प्रतियोगिता के सेमीफाइनल राउंड में प्रदेश भर से कक्षावार कुल 52 छात्रों ने हिस्सा लिया। इनमें छतरपुर जिले से शासकीय प्राथमिक शाला विपतपुरा के कक्षा 5वीं के छात्र अनमोल राज, शासकीय प्राथमिक शाला मोटे का पुरवा के कक्षा चौथी के छात्र प्रथम कुमार दीक्षित, शासकीय प्राथमिक शाला बम्हौरी के कक्षा तीसरी के छात्र गोपाल शरण बिल्थरे और शासकीय मॉडल स्कूल बकस्वाहा के कक्षा दूसरी के छात्र असद खान शामिल थे। प्रथम राज्य में पांचवें स्थान परफाइनल राउंड में छतरपुर जिले से अनमोल राज और प्रथम कुमार दीक्षित ने क्रमशः कक्षा 5वीं और 4वीं में अंतिम छह छात्रों में जगह बनाई। कक्षा 5वीं के छात्र अनमोल राज ने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं, कक्षा चौथी के छात्र प्रथम कुमार दीक्षित ने राज्य में पांचवां स्थान प्राप्त किया। राज्य शिक्षा केंद्र ने सफल छात्रों को प्रमाण पत्र, शील्ड और उपहार देकर सम्मानित किया। मार्गदर्शी शिक्षकों को भी उपहार और प्रमाण पत्र दिए गए। इसके अतिरिक्त, लीप फॉर वर्ड संस्था द्वारा आयोजित इंग्लिश लिटरेसी प्रोग्राम में शिक्षकों की उत्कृष्ट सहभागिता के लिए छतरपुर जिले को तीसरा स्थान मिला। इस उपलब्धि के लिए जिले के ए.पी.सी. अकादमिक नीरज खरे को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और राज्य शिक्षा केंद्र के प्रतिनिधियों ने शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
उदयपुर नगर निगम की मतदाता सूची का प्रारूप जारी:7 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज करें, यहां देखें सूची
नगर निगम उदयपुर के चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। आज निर्वाचन विभाग ने नगर निगम उदयपुर की मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन कर दिया है। उदयपुर के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर), उदयपुर ने मंगलवार को मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन कर दिया है। यह सूचियां 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि(Qualifying Date) के आधार पर तैयार की गई है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा ने मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर उन्हें प्रारूप प्रकाशन से अवगत कराया। साथ ही दावे और आपत्तियां आमंत्रित किए जाने की भी जानकारी दी। इसमें बताया कि प्रारूप प्रकाशन के बाद अब मतदाता अपने नाम जुड़वाने, हटवाने या संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। यहां कर सकेंगे मतदाता सूचियों का अवलोकन आम नागरिक और मतदाता सूचियों का अवलोकन संबंधित प्रगणकों के पास, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी कार्यालय, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) कार्यालय, नगर निगम कार्यालय में कर सकते हैं।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को दसवीं का रिजल्ट जारी कर दिया। परिणामों में कोटा के स्टूडेंटस ने अच्छे नंबर हासिल किए हैं। जिला स्तर पर इटावा की कृतिका टॉप पर रही हैं। कृतिका ने 98.50% अंक हासिल किए हैं। कृतिका ने पांच सब्जेक्ट में 100 में 100 नंबर हासिल किए। कृतिका के हिंदी अंग्रेजी, साइंस,मैथ्स और संस्कृत में पूरे सौ में से सौ नंबर आए है। सोशल साइंस में उसे 91 नंबर मिले हैं। हालांकि इसे लेकर भी वह रिचैकिंग पर जा सकती है। कृतिका यादव के पिता भूपेंद्र कुमार यादव टीचर है। इनकी डयूटी अभी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सहनावदा में है। कृतिका ने बताया कि उन्होंने बिना किसी तनाव के पढ़ाई पर ध्यान दिया है। कृतिका के अनुसार उनका पढ़ाई का शेडयूल पांच से 6 घंटे का रहा है। कोई टयूशन नहीं ली। पढ़ाई के दौरान बीच बीच में पंद्रह से बीस मिनट का ब्रेक भी लेती थी। स्कूल में जो पढ़ाते थे, उनको रिवाईज करने के साथ साथ अपने क्वेश्चन तैयार करती थी। इससे एग्जाम के लिए मदद मिली। घर में पिता टीचर हैं तो शिक्षा को लेकर माहौल है। कृतिका आईआईटी में जाना चाहती है। इसके लिए अब साइंस मैथ्स लेकर आगे 11 और 12वीं की पढ़ाई करेगी। कृतिका आठवीं कक्षा में भी अव्वल रही थी। उसे इन्द्रा प्रियदर्शनी अवार्ड भी मिला था। स्कूल के बाद दो से तीन घंटे ही पढ़ाई विज्ञाननगर की रहने वाली रितिका ने 98.17 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। उसके अंग्रेजी और गणित विषय में सौ में से सौ नंबर आए है। रितिका के पिता मार्केटिंग का काम करते हैं। रितिका ने बताया- पढ़ाई को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करती थी। स्कूल में जो पढ़ा वह घर आकर रिवीजन करती थी। स्कूल के अलावा सेल्फ स्टडी को दो तीन घंटे देती थी। इसके अलावा कभी लगा कि नहीं लंबे समय तक पढ़ने बैठना है तो चार से 6 घंटे भी पढ़ लेती थी। एग्जाम के समय जरूर चार चार घंटे के स्लॉट में पढ़ती थी। रितिका के अनुसार वह नीट करना चाहती है। साइंस सबसे फेवरेट सब्जेक्ट है और बायोलॉजी में लगाव है। उसने स्टूडेंटस के लिए भी यही मैसेज दिया कि दूसरो के शेडयूल को देखकर अपना शेडयूल कभी मत बनाओ। अपने हिसाब से अपनी पढ़ाई का शेडयूल तय करो। श्रेया ने संघर्षों के बीच हासिल किए 95.33% अंक रंगपुर की श्रेया मालव ने 95.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह साबित किया कि कठिन परिस्थितियां भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनतीं। उनके पिता धनराज मिस्त्री हैं। बाइक रिपेयरिंग का काम करते हैं। परीक्षा के दौरान उनके दादा की तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिससे पढ़ाई प्रभावित हुई। बावजूद इसके श्रेया ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बिना कोचिंग के 2–3 घंटे नियमित अध्ययन किया और परीक्षा के समय इसे बढ़ाकर 5–6 घंटे कर दिया। श्रेया का लक्ष्य भी आईआईटी में प्रवेश लेना है। दूधवाले का बेटा बनना चाहता है शिक्षक बावड़ी खेड़ा गांव के शिवम चारण ने 95.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनके पिता कन्हैया लाल दूध विक्रेता हैं और घर-घर जाकर दूध सप्लाई करते हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले शिवम का सपना बीएड कर शिक्षक बनना है। 6 बहनों के बाद सबसे छोटे भाई शिवम की सफलता के बाद घर में खुशी का माहौल है। शिवम के अनुसार पिता दूध बेचते है, उसी से घर कर गुजारा चलता है। ग्रामीण परिवेश में रहते हैं तो ज्यादा सुविधाएं भी नहीं है। बड़ा परिवार होने के बाद भी पिता ने कभी पढ़ाई में दिक्कत नहीं आने दी। प्राइवेट स्कूल में नहीं भेज सकते लेकिन पढ़ाने को लेकर कभी इंकार नहीं किया, हर जरूरत को पूरा किया है।
हिसार में जिला कोर्ट ने 5 साल पुराने मुकद्दमें में किसान नेता संदीप धीरणवास की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। किसान नेता संदीप पर 2021 में डिप्टी स्पीकर रहे रणबीर गंगवा की गाड़ी में तोड़फोड़ करने के आरोप लगे थे। इस मामले में पुलिस ने डिप्टी स्पीकर के सुरक्षाकर्मी संदीप की शिकायत पर 7 नामजद सहित 20 अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि कार्यक्रम के दौरान आरोपितों ने डिप्टी स्पीकर का घेराव किया था। इस दौरान किसानों ने विरोधस्वरूप डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया था। जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी। वहीं इस दौरान गाड़ी के शीशे पर डंडे से वार कर उसे तोड़ दिया गया था। इसके बाद आजाद नगर थाना हिसार में जनवरी 2021 में केस दर्ज हुआ था। 4 अप्रैल तक गिरफ्तारी के आदेश कोर्ट ने संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे में आरोपी संदीप के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जुडिशल मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अजीतपाल सिंह की कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए 4 अप्रैल तक आजाद नगर थाना पुलिस को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। आरोपी संदीप (निवासी धीरणवास) के खिलाफ साल 2021 में आजाद नगर थाने में FIR नंबर 13 दर्ज की गई थी। उस पर आईपीसी की कई गंभीर धाराओं के तहत केस चल रहा है। जिनमें धारा 307, धारा 332 व 353, धारा 147 व 149, धारा 186, 291, 341 और 506 के तहत भी आरोप तय हैं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'लापरवाही बर्दाश्त नहीं'कोर्ट ने वारंट जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि वारंट तामील नहीं होता है, तो संबंधित पुलिस अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देना होगा। कोर्ट ने लिखा गैर-जमानती वारंट में किसी तीसरे पक्ष को सूचना देने का प्रावधान नहीं होता। पुलिस अधिकारी भविष्य में सावधानी बरतें और सीआरपीसी के नियमों के तहत आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामलापुलिस ने धीरणवास निवासी संदीप, रावतखेड़ा निवासी मंजीत बिश्नोई, बांडाहेड़ी निवासी अमित बिश्नोई, बालसमंद निवासी सतीश लौरा, बांडाहेड़ी निवासी अमित बिसला, सातरोड निवासी राजेश भाकर, गोरछी निवासी अनिल सहित 20 के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
हापुड़ में फर्जी फर्म के जरिए करीब 20 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने के मामले में आरोपी शाहिद को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिर्फ 8वीं तक पढ़ा है। फिलहाल टैक्सी चलाता है। लेकिन किताबों की खरीद-फरोख्त के नाम पर फर्जी बिल काटकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर रहा था। मामला नगर कोतवाली का है। राज्य कर विभाग खंड-एक के सहायक आयुक्त जितेंद्र कुमार ने 12 जुलाई को नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि 2 मई 2023 को उमेरुल निशा के नाम पर निशा इंटरप्राइजेज फर्म का पंजीकरण कराया गया था। दस्तावेज सही मिलने पर विभाग ने फर्म को रजिस्ट्रेशन दे दिया। जांच में फर्म अस्तित्वहीन हालांकि 12 जुलाई 2024 को स्थलीय जांच में फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। इसके बाद नोटिस जारी कर लगभग 5.37 करोड़ रुपये की ITC ब्लॉक कर दी गई और 25 जुलाई 2024 को फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि बिना किसी वास्तविक खरीद-फरोख्त के, केवल कागजों पर कारोबार दिखाकर वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 15.08 करोड़ रुपये की ITC हड़प ली गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 5 करोड़ रुपए की ITC और ट्रांसफर की गई। इस मामले में विभाग ने तत्कालीन सीटीओ सरिता रानी, सहायक आयुक्त अभय पटेल और सहायक आयुक्त जितेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति शाहिद निवासी गढ़मुक्तेश्वर को गिरफ्तार किया है। कोतवाली प्रभारी विनोद पांडेय ने बताया- फर्जी फर्म बनाकर ITC हड़पने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। मामले की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब के बठिंडा में माल गोदाम रोड स्थित नगर निगम कार्यालय के सामने एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही सहारा जन सेवा की लाइफ सेविंग ब्रिगेड हेल्पलाइन टीम के सदस्य विक्की कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। टीम ने तुरंत थाना कोतवाली बठिंडा पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस के पहुंचने के बाद शव की जांच की गई, लेकिन मृतक के पास से कोई ऐसा दस्तावेज बरामद नहीं हुआ, जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस शव की पहचान के प्रयास कर रही सहारा जन सेवा की टीम ने पुलिस की मदद से शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया। थाना कोतवाली के अधिकारी नरेंद्र सिंह होलदार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। 72 घंटे के लिए सुरक्षित गया शव उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखा गया है। साथ ही पुलिस द्वारा आसपास के इलाकों में इश्तहार जारी किए जा रहे हैं। पहचान होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग की टीम ने शिवपुरी के चड्डा होटल में घरेलू एलपीजी गैस के दुरुपयोग की जांच की। नबाब साहब रोड स्थित इस होटल में टीम को घरेलू गैस सिलेंडरों पर समोसे और गुजिया बनते हुए मिले। टीम ने जब सिलेंडर जब्त करने की कार्रवाई शुरू की, तो होटल संचालक दीपक शर्मा ने विरोध करते हुए हंगामा किया। आरोप है कि शर्मा ने अपने स्टाफ के साथ मिलकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया और कार्रवाई के दबाव में बाजार बंद कराने की धमकी भी दी। मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा, जिससे आसपास के दुकानदारों और लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ती देख खाद्य विभाग की टीम को बिना कार्रवाई किए ही लौटना पड़ा। जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुरें ने बताया कि प्रशासन ने होटल-ढाबों में घरेलू गैस सिलेंडरों के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। चड्डा होटल में घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल की सूचना मिली थी, जिसकी पुष्टि जांच के दौरान हुई। कुरें ने यह भी बताया कि संचालक द्वारा विरोध और बाधा डालने के कारण टीम कार्रवाई नहीं कर पाई। पूरे मामले की वीडियो साक्ष्य के साथ कलेक्टर को रिपोर्ट भेज दी गई है और होटल के खिलाफ आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

