सिवनी में नाबालिग पर तेंदुए का हमला:परिजनों की सतर्कता से बची जान, घायल अस्पताल में एडमिट
सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र के ग्राम गांगपुर में गुरुवार देर रात एक 16 वर्षीय नाबालिग पर तेंदुए ने हमला कर दिया। परिजनों की सतर्कता से उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार सोनू परते नामक नाबालिग अपने घर के आंगन में सो रहा था। देर रात एक तेंदुआ वहां पहुंचा और दबोचकर खींचने का प्रयास किया। तेंदुए के हमले से घबराकर सोनू ने चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य जाग गए और शोर मचाया। इसके बाद तेंदुआ नाबालिग को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। इस हमले में सोनू परते घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, यह क्षेत्र में तेंदुए के हमले की पहली घटना नहीं है। बीते कुछ दिनों से इस क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां बढ़ी हैं। गांव में बकरियों और कुत्तों पर भी हमले हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। नियमित गश्त बढ़ाने की मांग बरघाट निवासी देवेंद्र ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से रात में नियमित गश्त करने और वन विभाग से तेंदुए की निगरानी कर उसे सुरक्षित जंगल में वापस भेजने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में बड़ी जनहानि हो सकती है। उन्होंने आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी उपाय करने की अपील की है।
दौसा जिले के श्यालावास स्थित विशिष्ट केंद्रीय जेल में एक बंदी की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जयपुर निवासी कृष्ण कुमार (37) के रूप में हुई है, जो पॉक्सो एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, बंदी कृष्ण की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां इमरजेंसी यूनिट में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन की सूचना पर पापडदा थाना पुलिस ने जिला अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। मृतक बंदी कृष्ण कुमार नवंबर 2025 में जयपुर से स्थानांतरित होकर श्यालावास जेल आया था। पुलिस ने घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
बेटे पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया:आरोपी पिता को 5 साल की जेल,देना होगा 50 हजार का जुर्माना
अपने बेटे पर कुल्हाड़ी से वार कर गंभीर घायल करने के आरोपी पिता को कोर्ट ने 5 साल जेल और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। यह था मामला लोक अभियोजन अधिकारी अनुराग आचार्य ने बताया की बीगोद थाना क्षेत्र के खटवाड़ा में अभियुक्त सतीशकुमार शर्मा अपनी पुश्तैनी संपत्ति पर उगे बबूल के पेड़ को काट रहा था। तभी उसका बेटा रमेश वहां आया और पेड़ काटने से मना करने लगा।इस दौरान गुस्से में सतीश ने कुल्हाड़ी से बेटे रमेश की गर्दन पर वार कर दिया।इलाज के लिए रमेश को बीगोद ले जाया गया, वहां से उसे भीलवाड़ा ले जाया गया और बाद में हालत गंभीर होने पर उसे उदयपुर रैफर किया गया। 12 साक्ष्य एवं 11 डॉक्युमेंट्स पेश करने के बाद सुनाई सजा इस मामले में बीगोद पुलिस ने जांच करने के बाद चालान पेश किया। कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने 12 साक्ष्य एवं 11 डॉक्युमेंट्स पेश कर जुर्म साबित करवाया जिस पर एडीजे संख्या 3 भीलवाड़ा (शिविर मांडलगढ़) अमित कुमार ने आरोपी को 5 साल जैल एवं 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
डिंडौरी में पुलिस बैंड ने दी प्रस्तुति:युवाओं को भर्ती के लिए किया प्रेरित, चयन प्रक्रिया समझाई
डिंडौरी में गुरुवार शाम छठवीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल कैंप जबलपुर के पुलिस बैंड दल ने वीरांगना रानी अवंती बाई चौक पर प्रस्तुति दी। लगभग आधे घंटे तक चले इस कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और देशभक्ति गीतों की धुनें गूंजीं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को पुलिस बैंड दल में भर्ती के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को पुलिस बैंड दल की भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ने बताया कि प्रदेश में कुल 679 पदों पर भर्ती की जानी है, जिसके लिए युवाओं को पहले से तैयारी करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अभ्यर्थियों को चयन के लिए कई वाद्य यंत्रों की परीक्षा देनी होगी। ऐसे होगा चयन जानकारी के अनुसार, सूची ‘A’ में पिकोलो, फ्लूट, ओबो, क्लारिनेट, ऑल्टो सैक्सोफोन, फ्रेंच हॉर्न, ट्रम्पेट, कॉर्नेट, ट्रॉम्बोन, बासून, यूफोनियम, बेस ट्यूबा, बैग पाइप, बिगुल और साइड ड्रम जैसे वाद्य यंत्र शामिल हैं, जिनमें से किसी एक का चयन अनिवार्य है। वहीं सूची ‘B’ में कीबोर्ड/ऑर्गन/पियानो, गिटार, वायलिन, ड्रम तथा भारतीय शास्त्रीय वाद्य यंत्र जैसे सितार, तबला, हारमोनियम, बांसुरी, सरोद, सारंगी और संतूर शामिल हैं, जिनके लिए अभ्यर्थियों को बोनस अंक प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर सिटी कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे सहित पुलिस बल और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने युवाओं में उत्साह भरने के साथ-साथ उन्हें पुलिस सेवा में करियर बनाने की प्रेरणा भी दी।
जोधपुर और फलोदी में करीब सप्ताहभर रुक-रुककर हुई बारिश से रबी की फसल में बड़े स्तर पर खराबा हुआ है। खेतों में कटी पड़ी फसलें पानी में डूब गईं। कई जगह खड़ी फसलें गिर गईं। किसी किसान ने बैंक से तो किसी ने साहूकार से कर्ज लेकर खेती में पैसा लगाया था। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार फसल अच्छी होगी तो बैंक और साहूकारों का कर्ज लौटा देंगे। लेकिन बेमौसम बारिश और कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब किसानों के सामने आजीविका का संकट तक खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है… फसलें खराब होने से लागत भी निकलना मुश्किल है। वहीं बच्चों की पढ़ाई के लिए भी कर्ज लेना पड़ेगा। सरकार की तरफ से अभी तक किसी स्पेशल गिरदावरी या मुआवजे का ऐलान नहीं किया गया है, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिल सके। 200 किलोमीटर दूर से आकर खेती करते हैं फलोदी के नौसर के किसान श्रवण ने बताया कि हम पिछले 10 साल से पीपाड़ (जोधपुर) से करीब 200 किलोमीटर दूर यहां आकर खेती कर रहे हैं। खेत के मालिक से 40 बीघा जमीन बंटाई पर लेकर जीरा, गेहूं और चना की फसल बोई। अब बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से फसल खराब होने के कारण मजदूरी का पैसा भी घर से देना पड़ रहा है। इससे परिवार का पालन पोषण करना भी कठिन हो गया और बच्चों की पढ़ाई चुनौती बन गई। श्रवण के अनुसार उन पर करीब 4 लाख रुपए का कर्ज है। उन्हें उपज में से एक चौथाई हिस्सा मिलता है। बाकी तीन चौथाई हिस्साा खेत मालिक को देना होता है। परिवार 6 महीने से बेहतर फसल की उम्मीद में मेहनत कर रहा था, लेकिन बरसात ने अरमानों पर पानी फेर दिया। उन्होंने 10 बीघा में जीरे की फसल बोई थी, जो पूरी तरह खराब हो गई। जिस पर उन्होंने अब ट्रैक्टर चला दिया, क्योंकि बची हुई फसल में मजदूरी भी नहीं निकाल पाती। श्रवण के अनुसार 40 बीघा में लागत लगभग ढाई लाख रुपए आई और मुश्किल से अब 50 हजार रुपए की फसल बची है। ऐसा नहीं सोचा था खाली हाथ जाएंगे फसल में नुकसान की ये पीड़ा अकेले श्रवण की नहीं है। यहां के उन सभी किसानों की है जिन्होंने कई किलोमीटर दूर से यहां आकर और एक कमरे में रहकर 6 महीने तक पसीना बहाया। बंटाई पर खेत लेकर फसल को पकाया। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार गांव जाएंगे तो 6 महीने की पसीने की कमाई लेकर जाएंगे, लेकिन इस बार खाली हाथ लौटना पड़ेगा, उन्होंने ऐसा नहीं सोचा था। कुछ साल पहले तक करीब 800 परिवार पीपाड़, भोपालगढ़ और कुड़ी से नौसर क्षेत्र में आकर बंटाईदार किसान के रूप में काम करते थे। धीरे-धीरे इनकी संख्या करीब 200 ही रह गई। इस बार की बर्बादी के बाद तो संख्या और भी कम रह जाएगी। बेटियों की पढ़ाई पर संकट अपनी जमीन पर खेती करने वाले पंवारों की ढाणी निवासी किसान महिपाल बिश्नोई के हालात भी श्रवण से अलग नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे 25 बीघा जमीन में खेती करते हैं। उन्होंने जीरा, मेथी और गेहूं की फसल बोई थी। वे ट्यूबवेल के जरिए फसल की सिंचाई करते हैं। महिपाल ने बताया कि फसल पककर तैयार हो गई और मेथी की फसल काटकर इकट्ठा कर रखी थी, लेकिन बारिश से फसल खेत में ही भीग गई। बारिश से मेथी की फसल लगभग पूरी तरह खराब हो चुकी है। वहीं गेहूं की फसल अभी तक खेत में खड़ी है, जिसके बारिश में भीगने के चलते दाना खराब हो गया है। महिपाल खेत में बने एक कमरे में 4 बच्चों के साथ रहते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उन पर करीब 5 लाख रुपए का कर्ज है। यह पैसा साहूकार से 2 रुपए प्रति सैकड़ा ब्याज के हिसाब से ले रखा है। महिपाल ने बताया कि अब उनके सामने चार बेटियों की पढ़ाई-लिखाई करवाने और परिवार का खर्च चलाने का संकट है। बेमौसम बारिश के चलते उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। परिवार खेती-बाड़ी पर ही निर्भर पंचायत पल्ली प्रथम के गंगाराम कड़वासरा ने अपनी 30 बीघा जमीन पर जीरा, ईसबगोल और गेहूं की फसल बोई थी। उन्हें 4 से 5 लाख रुपए की फसल होने की उम्मीद थी, जो बारिश के चलते टूट गई। परिवार खेतीबाड़ी पर ही निर्भर है। आय का मुख्य साधन भी खेती ही है। गंगाराम ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। एक 10वीं और दूसरा 12वीं क्लास में पढ़ रहा है। खेती करने में उन्होंने करीब दो लाख रुपए खर्च किए, लेकिन अब खेती से 40 से 50 हजार रुपए ही आ पाएगा। ऐसे में उनके सामने परिवार का खर्च चलाने का भी संकट है। गंगाराम पर भी करीब 3 लाख रुपए का कर्ज है, जो उन्होंने साहूकारों से ब्याज पर लिया है। रबी की फसल ही मुख्य फसल होती है। इसलिए किसान आमदनी का बड़ा हिस्सा इसी फसल से प्राप्त करते हैं। ऐसे में बच्चों की स्कूल फीस और घर सहित अन्य खर्चों को चलना मुश्किल हो रहा है। बारिश से तिंवरी, मथानिया, ओसियां, फलोदी, नौसर, लोहावट, बालेसर और बिलाड़ा इलाके ज्यादा प्रभावित हुए हैं। किस फसल को कितना नुकसान जोधपुर और फलोदी की प्रमुख नकदी फसल जीरा है। इस बार किसानों ने 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जीरे की फसल बोई थी। इसमें से 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसल बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। ओसियां, तिंवरी, लोहावट, नौसर और आसपास के क्षेत्रों में पिछेती जीरे की फसल में ज्यादा खराबा हुआ है। कई किसानों का कटा हुआ जीरा भी खेतों में भीगकर खराब हो गया है। इस फसल में 50% से 70% तक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। फसल की गुणवत्ता प्रभावित दोनों जिलों में गेहूं की फसल कटाई के अंतिम चरण में थी। लगातार बारिश और तेज हवा के कारण फसल गिरने (लॉजिंग) से दानों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। कई खेतों में दानों में नमी बढ़ने से अंकुरण की समस्या भी सामने आई है। तिंवरी से लेकर फलोदी और बालेसर क्षेत्रों तक गेहूं में 30% से 60% तक खराबे की स्थिति बन गई है। दोनों जिलों में करीब 70 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की बुवाई की गई थी। चने की फसल में भी नुकसान कटाई के बाद खेतों में सुखाने के लिए रखी गई चने की फसल बारिश में भीग गई, जिससे दाने काले पड़ने लग गए। सड़ने और फफूंदी लगने की समस्या भी हो गई। फलोदी, लोहावट, ओसियां और बिलाड़ा क्षेत्र में चने की फसल में ज्यादा नुकसान हुआ है। बारिश से चने की गुणवत्ता गिरने के कारण मंडियों में कम कीमत मिलने की संभावना है। चना की फसल में 40% तक खराबा माना जा रहा है। दोनों जिलों में 20 हजार हेक्टेयर में चना की बुवाई हुई थी। किसानों को भारी नुकसान भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री तुलछाराम सीवर ने बताया कि मार्च के अंत में और अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश के चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मेथी, चना, गेहूं, ईसबगोल की फसलें खराब हुई हैं। सहयोग: जेठमल जैन, तिंवरी जुगल किशोर शर्मा, नौसर … बारिश से फसल खराब होने की ये खबर भी पढ़ें… किसान बोले- बच्चों की फीस भी नहीं दें सकेंगे:मकान बनाने का सपना तोड़ दिया, कर्ज के बोझ से कमर टूटी; बारिश-ओलावृष्टि से फसल बर्बाद 'इस बार की फसल से पक्की रसोई और रहने के लिए मकान बनाने की सोची थी। बेमौसम बारिश ने सारे सपने चकनाचूर कर दिए।' यह दर्द है सीकर के कुड़ली गांव की किसान झिमकोरी देवी का। उनकी 24 बीघा में लहलहाती फसल खराब हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)
आजमगढ़ जिले के सिधारी थाने में कृषि विभाग के कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन जिले में किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए लगातार सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी कराया था। इसके साथ ही फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों का विभाजन भी किया था। प्रशिक्षण में इस बात के भी निर्देश दिए गए थे कि कोई भी पात्र किस सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से वंचित न रहे। इसके बाद भी हरिहर यादव पदनाम गुप सी ATC द्वारा पिछले कई माह में विभिन्न स्तरो निस्तर दिये गये निर्देशो के बावजूद भी निर्देशो एवं आदेशो की अवहेलना की जाती रही। इनके द्वारा ग्रामो में जाकर किसानो से सम्पर्क स्थापित कर फार्मर आई न बनाकर उन्हे लाभ से वंचित रहने का षड़यत्र किया। बार-बार सूचना लिए जाने पर इनके द्वारा गलत सूचना दी गयी जैसे लाभार्थी लापता है।।गाँव से बाहर है। मो. पर ओटीपी नही आती है। नाम मिसमैच बताकर जिला प्रशासन को गुमराह करता रहा। उक्त के अतिरिक्त इनके द्वारा विभागीय शासकीय कार्य से विरत रहने की भी धमकी दी गयी। सत्यापन करने पर खुला मामलाजिला प्रसासन द्वारा आयोजित विशेष कैम्प के माध्यम से अन्य विभागो के जिला स्तरीय अधिकारी को गांव में भेजकर बचे हुए किसानो को ग्राम में एक स्थान पर बुलाकर सत्यापन कराने पर पाया गया कि इनके द्वारा 59 किसानो को पोर्टल पर गलत मार्क किया गया था। 59 किसानो को ग्राम के बाहर दिखाया गया था। 59 ग्राम में मिले। ताकि इन किसानो की फार्मर रजिस्ट्री न बन सके और ऐ सरकार द्वारा मिलने वाले वित्तीय लाभ से वंचित रहे। विशेष बात यह है कि इस ग्राम में पूर्व में भी विशेष कैम्प का आयोजन किया था। किसानो का सत्यापन कराया गया था। फिर भी इनके द्वारा जानबूझ कर इन किसानो कको पोर्टल पर गलत मार्क कर ग्राम के बाहर दिखाना इनकी गलत मानसिकता व षड्यत्र करके ग्राम के गरीब किसानो को सरकार द्वारा दिये जाने वाले वित्तीय लाभ से विरत रहना दिखाता है। इससे स्पष्ट है कि हरिहर यादव पदनाम ATC आजमगढ़ द्वारा अपने विभागीय दायित्वो का निर्वहन न करके लाभार्थियो को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से वित्ती. लाभ मिलने वाले से वंचित रखकर उनका मानसिक शोषण किया जा रहा है। शासन व जिला प्रशासन का पालन नही किया जा रहा है। तथा किसानो की वस्तु स्थित के बारे में बार बार गलत सूचना देकर (BReach of Trust) किया गया। ऐसे में इनकी विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पीथमपुर में चाय दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट:अवैध वसूली के आरोप में 4 गिरफ्तार, 5 फरार
धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र की छत्रछाया कॉलोनी में मंगलवार दोपहर एक चाय-नाश्ते की दुकान पर बदमाशों ने दुकान में तोड़फोड़ की। साथ ही आरोपियों ने दुकानदार और उसके साथी पर लोहे के सरियों से हमला कर घायल कर दिया। सागोर पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पांच अन्य फरार हैं। जानकारी के अनुसार, फरियादी बुन्दन मंडलोई (25) अपनी 'छत्रछाया' नामक दुकान पर मौजूद थे। तभी प्रतीक शुक्ला, ललित पाल, विशाल प्रजापति और सुनील जाट अपने कुछ अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे। आरोपियों ने बुन्दन से अवैध वसूली (हफ्ता वसूली) की मांग की। जब बुन्दन और उनके साथी दीपक मंडलोई ने इस मांग का विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। वे दुकान के अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की। बदमाशों ने लोहे के एंगल और लाठियों से बुन्दन और दीपक पर हमला कर दिया। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। सेक्टर एक थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गिरफ्तार और फरार आरोपियों के नाम पुलिस ने घेराबंदी कर चार नामजद आरोपियों—प्रतीक, ललित, विशाल और सुनील को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान पांच अन्य आरोपियों सागर उर्फ नितेश, आयुष, प्रखर, विनय उर्फ गज्जू और संदेश के नाम सामने आए हैं। पुलिस टीमें इनकी तलाश में दबिश दे रही हैं। नगर पुलिस अधीक्षक रवि सोनेर ने कहा कि क्षेत्र में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शेष फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मथुरा में टेम्प्रेचर 21°C:तेज हवा चल रही, अस्पतालों में सर्दी -बुखार के मरीज बढ़े
मथुरा में शुक्रवार को मौसम में अचानक बदलाव आया। तापमान बढ़ने से दिन में गर्मी महसूस की जाने लगी है। बीते कई दिनों की बारिश और तेज हवाओं के बाद अब तेज धूप निकलने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। आज मथुरा में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन के समय तेज गर्मी का एहसास हो रहा है, हालांकि सुबह और शाम को हवा में हल्की ठंडक बनी हुई है। सुबह के समय हवा में नमी और हल्की ठंडक महसूस की गई। लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होती गई। दोपहर तक आसमान साफ हो गया और तेज धूप ने गर्मी का अहसास कराया। लोग अब गर्म कपड़ों की जगह हल्के कपड़े पहनने लगे हैं। इसके बावजूद, हवा में अभी भी नमी और ठंडक का हल्का असर बरकरार है, जिसके कारण सुबह-शाम हल्की सर्दी महसूस हो रही है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए लोग अपने पहनावे को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। मौसम में तेजी से हो रहे इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बदलते मौसम में सतर्क रहें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
भिंड के फूप थाने में पदस्थ आरक्षक अश्विनी राणा की उपचार के दौरान मौत हो गई। वे बीते पांच दिन पहले निबुआ चौकी के पास एक डंपर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अश्विनी का इलाज ग्वालियर के बिरला अस्पताल में चल रहा था, जहां गुरुवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली। घटना की जानकारी लगते ही भिंड पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के मुताबिक बीते रविवार रात चंबल पुल के नजदीक बरही गांव के पास लंबा जाम लग गया था। जाम खुलवाने के लिए फूप थाना पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त जवानों की जरूरत पड़ने पर अश्विनी राणा को भी कॉल कर बुलाया गया। वे अपनी बाइक से मौके पर पहुंचे और बरही के पास गुरुजी ढाबा पर बाइक खड़ी कर ड्यूटी में जुट गए। अज्ञात डंपर टक्कर मारकर हो गया था फरारजाम खुलवाने के बाद जब अश्विनी अपनी बाइक लेकर थाने की ओर लौट रहे थे, तभी निबुआ चौकी के पास एक अज्ञात डंपर ने तेज रफ्तार और लापरवाही से उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल भिंड अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया। 2018 में मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थेग्वालियर के बिरला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि अश्विनी राणा मूल रूप से सोनीपत (हरियाणा) के निवासी थे और वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग भिंड में ही हुई थी। परिवार में वे दो भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई सीआरपीएफ में तैनात हैं। अश्विनी अविवाहित थे। उनकी मौत से परिवार और पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त है।
निजी स्कूलों की मनमानी, बढ़ती फीस और महंगी किताबों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी गोंडा से लखनऊ के लिए रवाना हो चुके हैं। आज राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी आज लखनऊ में निजी स्कूलों की मनमानी, बढ़ती फीस और महंगी किताबों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क में सुबह 11 बजे शुरू होगा। संगठन फीस रेगुलेशन बिल लाने की मांग कर रहा है। गोंडा जिले में राष्ट्रीय छात्र पंचायत पिछले 22 दिनों से एक अभियान चला रही थी, जिसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखे जा रहे थे। इन पत्रों में निजी स्कूलों की मनमानी पर ध्यान देने का आग्रह किया गया था। अभियान पर कोई ध्यान न दिए जाने के बाद, कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारी शिक्षा का व्यापार बंद करो, लूट की दुकान बंद करो जैसे नारे लगाएंगे। वे अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी सौंपेंगे। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में एक फीस रेगुलेशन बिल लागू करवाना है। गोंडा से लखनऊ के लिए रवाना होने से पहले, गोंडा पुलिस प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर नजर रखी जा रही थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय लगातार गांवों में जाकर लोगों से सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखवा रहे हैं, ताकि महंगी शिक्षा और किताबों पर रोक लगे और सभी को समान शिक्षा मिल सके। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने कहा, आज एक गरीब परिवार का बच्चा इसलिए अच्छे स्कूल में नहीं पढ़ पा रहा है, क्योंकि वह महंगी किताबें, महंगे ड्रेस और महंगी फीस का भुगतान नहीं कर पा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि उनका लक्ष्य है कि सभी विद्यालयों में फीस एक समान हो, जिससे हर बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके। यह अभियान हमारा तब तक चलता रहेगा जब तक सरकार द्वारा कोई कानून नहीं बना दिया जाता है।
इटावा में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और बिना नंबर प्लेट दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की है। डीएम, एसएसपी के निर्देशन में टास्कफोर्स टीम ने हाईवे और एक्सप्रेस वे पर नाकेबंदी कर 32 डंपर और ट्रकों को सीज किया। साथ ही 5 लाख 18 हजार रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। सख्त अभियान से मचा हड़कंप अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस, राजस्व और परिवहन विभाग की टीमों ने खनन संभावित क्षेत्रों में सघन चेकिंग की। हाईवे और प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच की गई, जिससे अवैध परिवहन करने वालों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 32 डंपर और ट्रक किए गए सीज अभियान के दौरान मौरंग और गिट्टी से भरे कुल 32 ओवरलोड डंपर और ट्रकों को पकड़ा गया। जांच में कई वाहनों के पास वैध परमिट और जरूरी कागजात नहीं मिले। कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट के भी चलते पाए गए। सभी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया। ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई अधिकारियों ने विशेष रूप से उन वाहनों को निशाना बनाया जो क्षमता से अधिक माल लादकर सड़कों को नुकसान पहुंचा रहे थे। बिना परमिट और दस्तावेजों के खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। यातायात नियमों और परिवहन मानकों का उल्लंघन करने पर 5 लाख 18 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। हाईवे पर वाहन छोड़कर भागे चालक बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और आगरा-कानपुर हाईवे पर जैसे ही चेकिंग शुरू हुई, कई वाहन चालक अपनी गाड़ियां छोड़कर मौके से फरार हो गए। भरथना, इकदिल और जसवंतनगर क्षेत्रों में पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में लगातार अभियान चलाया गया, जिससे अवैध गतिविधियों में लगे लोगों में डर का माहौल बना। अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान इस कार्रवाई का नेतृत्व एएसपी श्रीशचन्द्र ने किया। उनके साथ सीओ भरथना रामदबन मौर्य, एआरटीओ प्रदीप देशमणि, यात्रीकर अधिकारी विवेक कुमार सिंह और खनिज अधिकारी बृजबिहारी मौजूद रहे। स्थानीय थाना पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय रही अभियान को सफल बनाया। भरथना में अलग कार्रवाई, 11 वाहन और पकड़े बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के नीचे गोल चक्कर के पास अलग से कार्रवाई करते हुए 11 ओवरलोड डंपर और ट्रकों को पकड़ा गया। इन सभी वाहनों को सीज कर थाना भरथना में खड़ा कराया गया है। परिवहन, खनन और जीएसटी विभाग की टीमों ने जांच करते हुए समन शुल्क की कार्रवाई भी की। अभियान आगे भी रहेगा जारी एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने साफ कहा कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रीवा जिले में बीहर पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का दबाव बेला बायपास पर लगातार बढ़ता जा रहा है। हालत यह है कि सड़क के दोनों ओर 1 हजार से अधिक ट्रक और अन्य भारी वाहन खड़े हैं, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। गुरुवार को भी यहां लंबा जाम लगा। वाहन सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक यही स्थिति बनी रहती है। भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण बेला बायपास अब दुर्घटनाओं को खुला आमंत्रण देता नजर आ रहा है। संकरी सड़क पर दोनों तरफ खड़े ट्रकों के कारण छोटे वाहन निकलने में भी खतरा महसूस कर रहे हैं। हर समय हादसे की आशंका बनी हुई है। पुलिस-प्रशासन की कमी से बिगड़े हालातसबसे चिंताजनक बात यह है कि मौके पर न तो पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी है और न ही प्रशासन की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई दे रही है, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि वे घंटों से जाम में फंसे हुए हैं और उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। चालकों ने बताई परेशानीट्रक चालक रामलाल पटेल ने बताया, “सुबह से लाइन में खड़े हैं, गाड़ी आगे बढ़ने का नाम नहीं ले रही। खाने-पीने तक की व्यवस्था नहीं है, बहुत परेशानी हो रही है।” वहीं शिवकुमार यादव ने कहा, “चारों तरफ सिर्फ ट्रक ही ट्रक खड़े हैं। कोई देखने वाला नहीं है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।” नो एंट्री के कारण 15-15 घंटे रुक रहे वाहनदरअसल, बीहर नदी पर बने पुल के अनफिट होने के बाद 30 अप्रैल तक वहां से वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। लेकिन समस्या तब और बढ़ गई है, जब रात में नो एंट्री खुलने से पहले तक वाहन सड़क पर 15-15 घंटे तक खड़े रह रहे हैं। इनके लिए कहीं और पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग या पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि इस समस्या से राहत मिल सके।
अयोध्या में पत्रकार के परिवार पर हमला:सीओ ने शुरू की जांच, 6 लोगों पर FIR दर्ज
अयोध्या जिले के खण्डासा थाना क्षेत्र के रामनगर अमावासूफी गांव में वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा प्रसाद शुक्ला और उनके परिवार पर गांव के ही कुछ दबंगों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी दी। घटना के कई घंटे बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पत्रकारों के हस्तक्षेप के बाद देर रात मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता पुष्कर शुक्ला के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे गांव निवासी अवधेश शुक्ल अपने साथ उमेश शुक्ल, शिवाकांत, अमन शुक्ल और दो अज्ञात लोगों के साथ उनके घर पहुंचे। उस समय उनके 72 वर्षीय पिता गिरिजा प्रसाद शुक्ला दरवाजे पर बैठे थे। आरोप है कि पहुंचते ही अवधेश शुक्ल ने उनका गला दबाया और आंख के नीचे मुक्का मार दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। पुष्कर शुक्ला ने बताया कि जब उनके पिता जान बचाने के लिए घर के अंदर भागे तो सभी आरोपी भी जबरन घर में घुस आए और उनके साथ भी मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आई उनकी बहन अनामिका के साथ भी अभद्रता की गई, बाल पकड़कर घसीटा गया और घर में रखा गेहूं, चावल सहित खाद्यान्न बिखेर दिया गया। आरोपियों ने घर के बर्तन, कुर्सी और चूल्हा भी तोड़ दिया। घटना के बाद पीड़ित परिवार द्वारा थाने में शिकायत दी गई, लेकिन कई घंटों तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। जब इसकी जानकारी स्थानीय पत्रकारों को हुई तो वे बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद क्षेत्राधिकारी पियूष पाल ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के बाद देर रात करीब 10 बजे पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। घायल पिता-पुत्र का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
महेंद्रगढ़ से दिल्ली के लिए आज से नई बस सेवा का शुभारंभ हो गया है। महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव ने शुक्रवार को वाया झज्जर होते हुए दिल्ली जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर रोडवेज के महाप्रबंधक (जीएम) देवदत्त, अन्य कर्मचारी और समाजसेवी रामनिवास पाटोदा मौजूद रहे। रोडवेज जीएम देवदत्त ने बताया कि नारनौल डिपो की यह बस महेंद्रगढ़ से सुबह 7 बजे रवाना होगी। यह कनीना, नाहड़, कोसली, धारौली, सुबाना, बहादुरगढ़ और पीरागढ़ी होते हुए सुबह 11 बजे कश्मीरी गेट, दिल्ली पहुंचेगी। दिल्ली से 12 बजे वापसी वापसी में यह बस दोपहर 12 बजे दिल्ली से चलकर शाम 4:15 बजे महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पहुंचेगी। महेंद्रगढ़ से दिल्ली की दूरी 152 किलोमीटर है और इसका किराया 140 रुपये निर्धारित किया गया है। लंबे समय से मांग विधायक कंवर सिंह यादव ने इस अवसर पर कहा कि इस रूट पर बसें चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। हरियाणा सरकार का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, विशेषकर उन कर्मचारियों को जिन्हें अपनी ड्यूटी पर आने-जाने में असुविधा का सामना करना पड़ता था। सब डिपो का दर्जा मिला जीएम देवदत्त ने जानकारी दी कि महेंद्रगढ़ को सब-डिपो का दर्जा मिला है। उन्होंने बताया कि 60 नई बसों की मांग उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। भविष्य में स्थानीय और लंबे रूटों पर भी आवश्यकतानुसार और बसें चलाई जाएंगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आगरा-मथुरा भी होंगी शुरू विधायक यादव ने आगे कहा कि महेंद्रगढ़ से आगरा, मथुरा, दिल्ली-पिलानी जैसे लंबे रूटों पर भी धीरे-धीरे बसें शुरू की जाएंगी। उन्होंने लड़कियों के लिए बस सुविधाओं को और बेहतर बनाने का भी आश्वासन दिया, ताकि उन्हें आवागमन में कोई असुविधा न हो।
दुधवा में 25 गिद्धों की संदिग्ध मौत:वन विभाग जांच में जुटा, जहर से मौत की आशंका
लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 25 दुर्लभ गिद्ध मृत पाए गए हैं। इस घटना से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है। शुरुआती जांच में इनकी मौत का कारण जहर होने की आशंका जताई जा रही है। ये गिद्ध तीन दिन पहले भीरा रेंज के सिमरिया गांव के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले थे। मरने वाले गिद्धों में तीन अलग-अलग प्रजातियां शामिल थीं। दुधवा क्षेत्र में भारत में पाई जाने वाली नौ में से छह गिद्ध प्रजातियों—इंडियन, व्हाइट रम्प्ड, स्लेंडर-बिल्ड, हिमालयन, सिनेरियस और यूरेशियन ग्रिफॉन—की मौजूदगी दर्ज की गई थी। पिछले कुछ वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर लगभग 250 हो गई थी, जिससे यह क्षेत्र गिद्ध संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एपीसीसीएफ वाइल्डलाइफ रामकुमार ने मौके का निरीक्षण किया। डीएफओ कीर्ति चौधरी के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
उमरिया में बाघिन का शिकार, पांच गिरफ्तार:करंट लगाकर ली थी जान, 7 दिन बाद मिला था शव
उमरिया में बाघिन के शिकार मामले में गुरुवार रात पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम के चंदिया परियोजना परिक्षेत्र के चंदवार बीट में कक्ष क्रमांक पीएफ 111 के राजस्व क्षेत्र में सोमवार को एक बाघिन का शव मिला था। निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने जांच के बाद यह गिरफ्तारी की है। पूछताछ में सामने आया कि शिकारियों ने 28 और 29 मार्च की रात को जंगली सूअर, चीतल सहित अन्य वन्य प्राणियों के शिकार के लिए बिजली का करंट बिछाया था। इसी करंट की चपेट में आने से बाघिन की मौत हो गई। बाघिन की मौत के बाद शिकारी दहशत में आ गए और उन्होंने उस क्षेत्र में जाना बंद कर दिया। राजस्व क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण और किसान वहां से गुजरते थे। इसी दौरान उन्हें बाघिन का शव दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। इनको किया गिरफ्तार वन विभाग की टीम ने सोमवार को शव को जब्त कर जांच शुरू की। मंगलवार को हुए पोस्टमार्टम में पता चला कि मृत बाघिन की उम्र लगभग सात वर्ष थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजेश, नाथू, पुरुषोत्तम, संजय और अल्लू शामिल हैं। टीम ने गुरुवार को इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया। करंट लगाकर किया था शिकार संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने बताया कि बाघिन का शव 6 अप्रैल को मिला था और तभी से जांच जारी थी। उन्होंने पुष्टि की कि शिकारियों ने बिजली लाइन से करंट लगाकर शिकार किया था। सभी शिकारी मझगंवा गांव के निवासी हैं।
देवरिया जिले के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों के लिए 160 बेड का अत्याधुनिक छात्रावास बनाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 12.48 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी। परियोजना के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है। इससे निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। प्रस्तावित छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जो छात्रों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के कई छात्रों को आवास की समस्या का सामना करना पड़ता है। सीमित छात्रावास सुविधाओं के कारण उन्हें निजी मकानों या किराए के कमरों में रहना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और सुविधाजनक दोनों तरह की परेशानियां होती हैं। नए छात्रावास के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह हॉस्टल आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा। इसमें सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि छात्रों को अध्ययन और रहने का बेहतर माहौल मिल सके। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल मेडिकल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले में चिकित्सा शिक्षा का स्तर भी बेहतर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि बेहतर संसाधनों के साथ प्रशिक्षित होने वाले छात्र जिले में ही सेवाएं देने के लिए प्रेरित होंगे। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होने की संभावना है। कुल मिलाकर, यह परियोजना देवरिया के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ग्वालियर में गुरुवार शाम वीरपुर बांध में एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने बांध में शव तैरता देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों व दमकल कर्मियों की मदद से युवक के शव को बांध से बाहर निकलवाया गया। जांच के दौरान मृतक की पहचान नहीं हो सकी। उसके पास कोई दस्तावेज नहीं मिला है। सूत्रों के अनुसार युवक की उम्र करीब 23 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि युवक किसी हादसे का शिकार हुआ है या उसके साथ कोई अन्य घटना हुई है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मृतक की पहचान के लिए पुलिस शहर के अन्य थानों से गुमशुदा लोगों की जानकारी जुटा रही है, ताकि युवक की शिनाख्त की जा सके।
PM नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा बालोतरा में रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। इधर राजस्थान सीएस से लेकर संभागीय आयुक्त रिफाइनरी इलाके का निरीक्षण कर चुके है। वहीं रिफाइनरी के पास पीएम मोदी की सभा को लेकर जमीन लेवल काम तेजी से चल रहा है। वहां पर हेलीपेंड, वृक्षारोपण स्थल, सभा स्थल, सभा कक्ष ाएवं नियंत्रण कक्ष समेत विभिन्न स्थानों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित राजस्थान रिफाइनरी में तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। गुरुवार को संभागीय आयेक्त जोधपुर आलोक रंजन ने रिफाइनरी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओ का जायजा लिया है। वहीं जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए है। संभागीय आयुक्त ने उन्होंने हेलीपैड, वृक्षारोपण स्थल, सभा स्थल, सभा कक्ष एवं कंट्रोल रूम समेत विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। इस दौरान जोधपुर रेंज आईजी सत्येंद्र सिंह, सीआईडी एएसपी नरपतसिंह, बालोतरा एडीएम भुवनेश्वर बाड़मेर, एडीएम राजेंद्र सिंह चंदावत, रिफाइनरी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर प्रीतम सिंह, जीएमएसआर श्रवण केसरकर, सीआईएसएफ कमाडेंट रवि कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। रिफाइनरी के पास सभा स्थल पर चल रहा लेवलिंग काम रिफाइनरी उद्घाटन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी सभा भी करेंगे। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन ने जमीन लेवल काम जेसीबी मशीनों से करवाया जा रहा है। वहीं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के लिहाज से इलके को अपनी निगरानी में ले लिया है।
जिलाधिकारी का वेतन रोकने का आदेश वापस:जौनपुर में कोर्ट ने स्पष्टीकरण और आश्वासन के बाद दिया निर्देश
जौनपुर: सड़क दुर्घटना के एक मामले में वसूली न होने पर जिलाधिकारी का आधा वेतन रोकने और तहसीलदार को नोटिस जारी करने का आदेश कोर्ट ने वापस ले लिया है। यह आदेश गुरुवार को जिलाधिकारी की ओर से स्पष्टीकरण और तहसीलदार द्वारा वाहन स्वामी के मकान की कुर्की का आश्वासन दिए जाने के बाद दिया गया। इससे पहले, ट्रिब्यूनल जज मनोज कुमार अग्रवाल ने वाहन स्वामी से क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली न करने पर जिलाधिकारी का आधा वेतन रोकने का कमिश्नर वाराणसी को आदेश दिया था। साथ ही तहसीलदार का भी वेतन रोकते हुए नोटिस जारी की गई थी। गुरुवार को जिलाधिकारी की ओर से शासकीय अधिवक्ता शिवराम मिश्रा, एडीएम और तहसीलदार मछलीशहर कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि जानबूझकर कोई शिथिलता नहीं बरती गई, बल्कि कुछ त्रुटियों के कारण कार्रवाई नहीं हो पाई थी। उन्होंने कोर्ट में खेद व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी का आधा वेतन रोकने का आदेश निरस्त करने का अनुरोध किया। तहसीलदार मछलीशहर ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली के लिए विपक्षी मोटर मालिक के मकान की कुर्की की कार्रवाई शीघ्र कर दी जाएगी। इस पर कोर्ट ने तहसीलदार को जारी कारण बताओ नोटिस और जिलाधिकारी के आधे वेतन रोकने के आदेश को नियत तिथि 22 अप्रैल 2026 तक वापस ले लिया। अग्रिम आदेश के लिए 22 अप्रैल 2026 की तिथि नियत कर तहसीलदार मछलीशहर को आदेश दिया गया कि वे मकान की कुर्की के संदर्भ में अपनी आख्या प्रस्तुत करें। मामले में 16 फरवरी 2019 को सुजानगंज के फतेहपुर निवासी रामलाल सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। कोर्ट ने दुर्घटना करने वाले टेंपो के वाहन स्वामी को 1.60 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का आदेश दिया था। हालांकि, वाहन स्वामी ने भुगतान नहीं किया, जिसके बाद कोर्ट ने आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी की थी।
पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक व्यापारी नेता अमनदीप सिंह जॉली के आवास और गोदाम में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में गोदाम में रखा लगभग 50 लाख रुपये का कीमती सामान जलकर राख हो गया। यह घटना सुनगढ़ी थाना क्षेत्र की सुरभि कॉलोनी में हुई। गुरुवार देर रात जब परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे, तभी मकान के पिछले हिस्से में बने गोदाम से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। आग तेजी से फैल गई, जिसके बाद तत्काल दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आशंका है कि गर्मी के कारण बिजली के तारों में घर्षण या लोड बढ़ने से निकली चिंगारी ने गोदाम में रखे ज्वलनशील सामान को अपनी चपेट में ले लिया। व्यापारी नेता अमनदीप जॉली के गोदाम में बड़ी मात्रा में स्टॉक रखा था। आग में नए एसी और कूलर पूरी तरह जल गए। कपड़ों का एक बड़ा स्टॉक भी नष्ट हो गया। व्यापारी के अनुसार, इस अग्निकांड में 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गली और तेज लपटों के बावजूद, दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई से आग को रिहायशी हिस्से में फैलने से रोक लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
बूंदी और नैनवां में आज बिजली कटौती:फीडर रखरखाव और लाइन मरम्मत के चलते 7 घंटे तक आपूर्ति बाधित
बूंदी जिले में शुक्रवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। जयपुर डिस्कॉम की ओर से बूंदी शहर और नैनवां क्षेत्र में रखरखाव एवं मरम्मत कार्यों के कारण कई इलाकों में 7 घंटे तक बिजली कटौती होगी। बूंदी शहर में 132 केवी जीएसएस से निकलने वाले 11 केवी फीडर नंबर 1 और 2 पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते जमाली कॉलोनी, सिलोर रोड, रिलायंस पेट्रोल पंप के आसपास, राणावत भवन, मेडिकल कॉलोनी, खटीक भवन, विष्णु विहार, बीएसएनएल कॉलोनी, लंकागेट, धानमंडी रोड, विकासनगर, मालियों की गली, दाल मिल की गली, गुरुनानक कॉलोनी और चित्तौड़ रोड क्षेत्र में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक, यानी 4 घंटे बिजली बंद रहेगी। वहीं नैनवां क्षेत्र के जरखोदा 132 केवी जीएसएस और बामनगांव के पास बिजली लाइनों की मरम्मत की जाएगी। इस कारण समीधी, बालापुरा और माणी फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कुल 7 घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। यह जानकारी जेईएन लखपत मीणा ने दी।
महराजगंज जिले में दो ट्रेलरों की आमने-सामने भिड़ंत में एक चालक की मौत हो गई। इस हादसे में कई दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। घटना शुक्रवार भोर करीब दो बजे श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत परतावल मेन चौराहे पर हुई। पुलिस के अनुसार, कप्तानगंज की तरफ से आ रही एक ट्रेलर पनियरा रोड की ओर मुड़ रही थी। इसी दौरान गोरखपुर से महराजगंज की ओर जा रही तेज रफ्तार ट्रेलर से उसकी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रेलर का पहिया फट गया और दूसरा पलट गया। एक ट्रेलर की तेल टंकी फटने से डीजल और रिफाइन तेल सड़क पर फैल गया। दोनों ट्रेलरों की टक्कर से फल की दुकान सहित कई दुकानें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को अस्पताल भेजा। हालांकि, चालक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि मृतक चालक के शव को मर्चरी हाउस में रखवा दिया गया है। पुलिस उसकी पहचान कराने का प्रयास कर रही है।
छतरपुर जिले के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत का मामला हत्या निकला है। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग बालिका को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या जैसा प्रतीत हो रहा था। 28 मार्च को मिली थी मौत की सूचनापुलिस के अनुसार, 28 मार्च 2026 को ग्राम सिंग्रामपुरा निवासी रानी उपाध्याय ने अपने पति संतोष उपाध्याय की मौत की सूचना दी थी। बड़ामलहरा थाने में मर्ग क्रमांक 14/26, धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मृतक की गर्दन पर संदिग्ध लिगेचर मार्क पाए गए। मृतक के भाई रामबाबू उपाध्याय और पुत्री शालू उपाध्याय ने भी मौत को संदिग्ध बताते हुए संदेह जताया था। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी से गहन पूछताछ की। पत्नी ने कबूला जुर्मपूछताछ में रानी उपाध्याय ने स्वीकार किया कि पति द्वारा आए दिन झगड़ा और मारपीट किए जाने से वह परेशान थी। इसी कारण उसने दीपक शुक्ला, विक्की ठाकुर और एक नाबालिग बालिका के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। चादर और तार से की हत्यायोजना के तहत आरोपियों ने संतोष उपाध्याय का चादर से मुंह दबाया और टीवी के तार से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को फांसी पर लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दीपक शुक्ला और विक्की ठाकुर का रानी उपाध्याय के घर आना-जाना था, जिससे उनके बीच गलत संबंधों की आशंका थी। मृतक इस बात का विरोध करता था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। इसी वजह से हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कियापुलिस ने अपराध क्रमांक 90/26 धारा 103(1), 238(ए) एवं 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी रानी उपाध्याय (37 वर्ष), दीपक शुक्ला पिता महेश शुक्ला निवासी ग्राम भरवानी टपरियन हाल वार्ड क्रमांक 15 बड़ामलहरा तथा विक्की उर्फ विक्रम सिंह पिता उत्तम सिंह परमार निवासी ग्राम लखनवां हाल वार्ड क्रमांक 15 बड़ामलहरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
हाथरस के हसायन कोतवाली क्षेत्र के नगला आम गांव में पति से विवाद के बाद एक महिला ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतका की पहचान कासगंज के कसेरी गांव निवासी थान सिंह की बेटी रेखा के रूप में हुई है। रेखा की शादी वर्ष 2015 में नगला आम निवासी सुनील से हुई थी। सुनील सूरत में एक कपड़ा फैक्ट्री में कार्यरत है। बताया जा रहा है कि कल रेखा का अपने पति सुनील से फोन पर किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी विवाद के बाद रेखा ने जहर खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी... घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के मायके पक्ष के लोग भी कल देर रात गांव पहुंच गए। मायके पक्ष का आरोप है कि रेखा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। रेखा अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गई है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
लखनऊ के प्रमुख रेलवे स्टेशनों चारबाग रेलवे स्टेशन और लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा सख्त और प्रभावी होगी। 120 HD कैमरों से हर गतिविधि पर नजर नई व्यवस्था के तहत स्टेशनों पर 120 हाई-डिफिनेशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो स्टेशन परिसर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही तीन नए लगेज स्कैनर भी लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों के सामान की बेहतर जांच हो सके। ड्रोन और स्कैनर से बढ़ेगी निगरानी क्षमता सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए चार ड्रोन भी तैनात किए जाएंगे, जिनकी मदद से भीड़भाड़ वाले इलाकों पर नजर रखना आसान होगा। इसके अलावा मेटल डोर डिटेक्टर और हैंडहेल्ड मशीनों के जरिए यात्रियों की जांच को और सख्त किया जाएगा। अनधिकृत प्रवेश पर सख्ती नई योजना के तहत स्टेशन में प्रवेश और निकास को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। तय गेटों के अलावा अन्य रास्तों से आवाजाही पर रोक लगेगी। खासकर यार्ड और कैबवे की ओर से आने-जाने वालों पर सख्ती बरती जाएगी। पुरानी व्यवस्था को मिलेगा नया रूप बताया जा रहा है कि पहले भी इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम शुरू किया गया था, लेकिन समय के साथ कई मशीनें खराब हो गईं। अब एक बार फिर इस सिस्टम को अपग्रेड कर आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे।
यथार्थ भिरानी ने जड़ा टूर्नामेंट का पहला शतक:गलियाकोट जायंट्स ने बिछीवाड़ा बुल्स को 103 रन से हराया
डूंगरपुर के लक्ष्मण मैदान में चल रहे डीपीएल सीजन-3 में गुरुवार को गलियाकोट जायंट्स ने बिछीवाड़ा बुल्स को 103 रन से हरा दिया। इस मैच में यथार्थ भिरानी ने टूर्नामेंट का पहला शतक जड़ा, जिससे गलियाकोट जायंट्स ने बड़ी जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करते हुए गलियाकोट जायंट्स ने निर्धारित 20 ओवर में 198 रन का मजबूत स्कोर बनाया। यथार्थ भिरानी ने नाबाद 100 रन की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 4 छक्के शामिल थे। ओमेश शर्मा ने 41 रन बनाकर उनका साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच 79 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। बिछीवाड़ा बुल्स 103 रन से हारीबिछीवाड़ा बुल्स की ओर से मनीष रेबारी, शोभित सिंह और दिलीप यादव ने एक-एक विकेट लिया। 199 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बिछीवाड़ा बुल्स की टीम 95 रन पर ऑल आउट हो गई। मनोज अमरावत ने 22 और रोहित जट ने 34 रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सके। गलियाकोट जायंट्स के गेंदबाज मयंक वरियानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट लिए। विश्वजीत और श्रेष्ठ पंत ने भी 2-2 विकेट लेकर टीम की जीत सुनिश्चित की। यथार्थ भिरानी को उनके शतक के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।मैच के दौरान नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डुडी, एईएन भक्तेश पाटीदार, एक्सईएन दिलीप पाटीदार और पूर्व पार्षद राजीव चौबीसा सहित कई लोग मौजूद रहे।
पर्यटन नगरी राजगीर में ट्रक के झटके से पेड़ की टहनी गिर गई। टहनी के नीचे दबने से फुटपाथ पर सो रहे सात साल के बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान सोनू मांझी के पुत्र अमरजीत कुमार के तौर पर हुई है। इस घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के नाना दशरथ मांझी ने बताया कि उनका पूरा परिवार फुटपाथ पर ही झोपड़ी बनाकर रहता है। शुक्रवार की सुबह करीब 4:00 बजे अमरजीत झोपड़ी के बाहर ही गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी सड़क से एक तेज रफ्तार ट्रक गुजरा। ट्रक के झटके या उससे टकराने के कारण पेड़ की एक बड़ी टहनी अचानक टूटकर सीधे मासूम के ऊपर जा गिरी। जब तक परिवार के लोग नींद से जागकर बाहर निकले और कुछ समझ पाते, तब तक मासूम टहनी के नीचे पूरी तरह दब चुका था। उसकी सांसें थम चुकी थी। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का लगाया आरोप अमरजीत का परिवार बेहद गरीबी में अपना जीवन यापन कर रहा है। दिन में परिवार के सदस्य ब्रह्म कुंड परिसर में भिक्षाटन कर अपना और अपने बच्चों का पेट पालते हैं। हादसे ने गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सड़क की ओर झुके हुए पेड़ों की टहनियों की समय रहते छंटाई नहीं की गई, जिसके कारण आज एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। अगर संबंधित विभाग की ओर से समय पर सावधानी बरती जाती, तो इस अनहोनी को टाला जा सकता था। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। अज्ञात वाहन के झटके से पेड़ की टहनी गिरी है। पुलिस फिलहाल उस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिसार के सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल अब आज जेल से बाहर आ सकता है। हत्या के दो मामलों में अदालत के आदेश के बाद 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड जमा करा दिए गए हैं। इसके बाद उसकी रिहाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, देशद्रोह से जुड़े एक मामले में जमानत मिलने के बाद रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ। कोर्ट में सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और संबंधित दस्तावेज जेल प्रशासन तक पहुंच चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आज ही उसे जेल से रिहा किया जा सकता है। सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। क्या है पूरा मामला2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच टकराव हुआ था। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले में रामपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब देशद्रोह के मामले में जमानत मिलने और बेल बॉन्ड जमा होने के बाद उसकी रिहाई संभव हो गई है। हालांकि, प्रशासन उसकी रिहाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्क नजर आ रहा है। जेल में कैदी नंबर 1005 की पहचानजेल में रामपाल की पहचान कैदी नंबर 1005 के रूप में है। वह जेल में एक स्पेशल बैरक में रहता है। अधिकतर समय लाइब्रेरी में आध्यात्मिक किताबें पढ़कर गुजारता है। खास बात है कि वह जेल में अन्य कैदियों की मदद करता है। जो कैदी उससे मदद की गुहार लगाता है, वह अपनी लीगल टीम से उनकी कानूनी मदद करता है। अब तक वह हत्या के 4 से 5 मामलों में बंद कैदियों की मदद कर कर चुका है। उसके अनुयायी उसकी रिहाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। हालांकि अब जमानत की खबर अनुनायियों की लगी तो एक दिन पहले ही बड़ी संख्या में जेल के बाहर जुटना शुरू हो गए थे।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में अवैध शराब बिक्री की शिकायत करने वाले ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद ग्रामीण भी एकजुट हो गए और आरोपियों की पिटाई कर दी। इसके बाद चार आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि मुख्य आरोपी और उसका एक अन्य साथी फरार हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी भागवत थवाईत के पिता संतोष थवाईत, चाचा राजेश थवाईत, भाई संजू थवाईत और एक साथी शंकर दुंबे को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है और उसका वांटेड पोस्टर जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी भागवत थवाईत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कसडोल का ग्रामीण अध्यक्ष है। उसके चाचा राजेश थवाईत भाजपा से पूर्व जनपद सदस्य रह चुके हैं, जबकि पिता संतोष थवाईत के खिलाफ 13 साल पहले जिला बदर की कार्रवाई हो चुकी है। इस मामले में आरोपी के परिजनों ने सरपंच पर वसूली का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरपंच शराब बेचने के नाम पर हर साल 50 हजार रुपए लेता था। परिजनों ने इस संबंध में पुलिस को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से मिली शिकायतों की जांच जारी है। मामला कसडोल थाना क्षेत्र का है। मारपीट से जुड़ी ये 3 तस्वीरें देखिए- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, संतोष थवाईत और राजेश थवाईत कटगी गांव के सर्वा मोड़ पर ढाबा संचालित करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस ढाबे पर लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री की जा रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया और इसकी शिकायत भी की थी। ऐसे में मंगलवार की रात भागवत के चाचा राजेश थवाईत ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ग्रामीण के साथ मारपीट की। बुधवार रात भी संतोष, भागवत, राजेश, भाई संजू, शंकर दुबे और सूर्या गांव में घूम-घूमकर ग्रामीणों को धमकाने लगे। आरोप है कि उन्होंने हथियार दिखाकर लोगों को डराया। इसके बाद कटगी स्थित सर्वा मोड़ के पास एक ग्रामीण को बेरहमी से पीट दिया। इस घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। भागवत और सूर्या फरार हो गए, लेकिन ग्रामीणों ने पिता संतोष थवाईत, चाचा राजेश थवाईत, भाई संजू थवाईत और शंकर दुंबे को पकड़ लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने पिता संतोष की जमकर पिटाई की और फिर चारों को पुलिस के हवाले कर दिया। रात 10 बजे गांव में तनाव, एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह कई थानों की पुलिस बल के साथ कटगी गांव पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देकर मामला शांत कराया और दो घंटे में पूरा गांव शांत हो गया। 50 हजार वसूलता था सरपंच इस पूरे मामले में गुरुवार को आरोपियों के परिजनों ने थाने में आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने गांव के सरपंच जयसिंह पैकरा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरपंच हर साल 50 हजार रुपए वसूलता था, जिसका प्रमाण अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के रूप में मौजूद है। पुलिस बोली- फरार आरोपियों की तलाश जारी इस मामले में एसडीओपी केके वासनिक ने बताया कि मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपियों भागवत, सूर्या की तलाश जारी है। भागवत के खिलाफ इनाम घोषित किया गया है। मामले वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ……………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अवैध शराब की शिकायत पर बाप-बेटे ने धमकाया: बलौदाबाजार में ग्रामीणों ने पिता को पीटा, बेटे की तलाश में जुटी पुलिस बलौदाबाजार के कसडोल थाना क्षेत्र स्थित काटगी गांव में अवैध शराब की शिकायत करने वाले ग्रामीणों को हथियार दिखाकर धमकाने का मामला सामने आया है। रात करीब 10 बजे आदतन बदमाश भागवत थवई और उसके पिता संतोष थवई ने गांव में घुसकर हथियार लहराए, जिससे दहशत फैल गई। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ के गाजीपुर इलाके में एक अजीबोगरीब तरीके से छेड़खानी का मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पड़ोसी पर आरोप लगाया है कि वह बालों की विग लगाकर उसे देखकर आई लव यू गाना गाता और अश्लील इशारे करता है। जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने कुत्ता छोड़ने और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने इस मामले में गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। पीड़िता निरमा सिंह ने बताया कि 8 मार्च की सुबह करीब 10 बजे वह अपने घर की छत पर पहुंची थी। तभी पड़ोस में रहने वाला अवनीश बालों की विग लगाकर छत पर आया और उसे देखकर गाना गाने लगा। साथ ही आपत्तिजनक इशारे कर छेड़खानी करने लगा। विरोध करने के लिए जब वह आरोपी के घर पहुंची, तो पत्नी सिम्मी और अवनीश ने गाली-गलौज शुरू कर दी। दोनों ने उसे जान से मारने और कुत्ता छोड़ने की धमकी दी। पीड़िता का कहना है कि सिम्मी ने खुद को सपा नेता और वकील बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। गाजीपुर थाने में तहरीर के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वाराणसी के यूपी कालेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्यारोपी मंजीत चौहान के इलाज के लिए कोर्ट ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है। कोर्ट ने हत्यारोपी छात्र मंजीत चौहान के वकील की एप्लिकेशन पर यह निर्देश दिया है। मंजीत चौहान 21 मार्च से वाराणसी के चौकाघाट जिला जेल में बंद है। वकील के अनुसार मंजीत के पैर में चोट लगी है और असहनीय दर्द है। ऐसे में उसे इलाज की जरूरत है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष मिश्रा की अदालत ने इस एप्लिकेशन पर जेल अधीक्षक को हत्यारोपी छात्र का एक्सरे और इलाज कराने का निर्देश दिया है। देखिये घटना के दिन की तीन तस्वीरें... 20 मार्च को हुई थी छात्र की हत्या 20 मार्च को यूपी कालेज के प्रशासनिक भवन के पास कालेज के स्टूडेंट सूर्य प्रताप सिंह निवासी गाजीपुर को कालेज के ही स्टूंडेट मंजीत चौहान ने चार गोली मारकर स्टूडेंट्स के सामने मौत की नींद सुला दिया था। इसके बाद वह फर्स्ट फ्लोर से कूदकर भाग गया तह और उसके पैर में चोट लगी थी। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया था तब भी वह कोर्ट में लंगड़ाते हुए पहुंचा था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। कोर्ट में दिया था इलाज के लिए अर्जी मंजीत चौहान की तरफ से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में इलाज और एक्सरे के लिए अर्जी दी गई थी। इसपर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने अर्जी को पढ़ने के बाद वकील से जानकारी ली तो बताया गया कि जेल में वादी का इलाज नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में मनीष कुमार की अदालत ने जेल अधीक्षक को हत्यारोपी के इलाज का निर्देश दिया है। जानिए घटना के दी क्या हुआ था ? 20 मार्च की सुबह के 11 बज रहे थे। छात्र अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक, कॉलेज परिसर में बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मनजीत सिंह चौहान ने फिल्मी अंदाज में प्रधानाचार्य और छात्रों के सामने उन्हें गोली मार दी। एक छात्र ने घटना का लाइव वीडियो रिकॉर्ड किया। हत्या के बाद आरोपी ने पिस्तौल को कूड़े के ढेर में फेंककर भाग गया। इसके बाद सबके मन में एक ही सवाल उठा: मनजीत ने सूर्या की हत्या क्यों की? बताया गया कि सूर्या छात्रावास में वरिष्ठ छात्रों को बुलाता था और कनिष्ठ छात्रों के साथ रैगिंग करता था। मनजीत ने इस बारे में प्रधानाचार्य से शिकायत की थी। प्रधानाचार्य ने दोनों को तलब किया था। शुक्रवार को प्रधानाचार्य से मुलाकात के बाद मनजीत और सूर्या के बीच विवाद हो गया। इस विवाद में मनजीत ने अपनी कमीज की आस्तीन ऊपर चढ़ा ली, जिस पर सूर्या ने गाली-गलौज करते हुए मनजीत का कॉलर पकड़ लिया। उसी समय दोस्तों ने बीच-बचाव करके लड़ाई रोक दी। मनजीत अपने घर चला गया। वहां से वह अपने एक दोस्त के साथ पिस्तौल लेकर कॉलेज आया। उसने अपनी पल्सर बाइक कॉलेज के गेट के पास खड़ी कर दी। फिर, कला संकाय के गलियारे में सूर्या को देखते ही उसने उस पर गोली चला दी। सूर्या गिर पड़ा, लेकिन मनजीत ने पिस्तौल से उस पर लगातार गोलियां चलाईं। 20 दिन बाद स्कूल पहुंचा था छात्र छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह अतुलानंद स्कूल में ड्राइवर हैं। उनकी मां किरण सिंह अतुलानंद स्कूल में सहायिका हैं। छात्र की दो बहनें हैं, एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। सूर्य प्रताप को 20 दिन पहले चेचक निकल आई थी, जिसके चलते वह कॉलेज नहीं आ रहा था। ठीक होने के बाद वह आज ही कॉलेज पहुंचा था। आरोपी ने 3 दिन पहले इंस्टा पर लिखा था- हम बागी रहेंगे…. आरोपी मंजीत सिंह चौहान ने इंस्टाग्राम पर rajputmanjeet_1818 नाम से आईडी बनाई है। उसने अब तक 53 पोस्ट किए हैं। 17 दिसंबर को अपनी एक तस्वीर के साथ उसने लिखा था- हम बागी रहेंगे उन महफिलों में, जहां शोहरत तलवे चाटने से मिलती है।
गाजियाबाद में 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ा तापमान:आज तेज धूप में 18 किमी प्रति घंटा से हवा चल रही
गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे में 2 डिग्री सेल्सियस तापमान में बढ़ोतरी हुई है, आज सुबह तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से धूप खिली है, और तेज गति से हवा चल रही है। दिन का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आज हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा से है। अगले दो दिनों में फिर से मौसम में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया गया है। आज हवा की गति अधिक तेज आज शुक्रवार सुबह से ही हवा की गति अधिक तेज है। जहां दिन में दोपहर और तेज हवाओं के झोंके चलने का अनुमान है। आज तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले 20 दिन से लगातार मौसम बदलता रहा है, जिससे बेमौसम बारिश से किसानों को गेहूं और सरसों की फसल में सबसे अधिक नुकसान पहुंचा। कल का मौसम जानिए गाजियाबाद में कल शनिवार को भी मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है। जहां दिन का औसत तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। इससे पहले रात में हल्के बादल छाए रहे। गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री रहा। हवा की गति 6 किलोमीटर प्रति घंटा की रही। 3 दिनों में बढ़ा तापमान मंगलवार सुबह हल्की बारिश के बाद कुछ समय धूप निकली, लेकिन दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ फिर बूंदाबांदी शुरू हो गई। शाम तक रुक-रुक कर बारिश होती रही और रात में भी यही सिलसिला जारी रहा। रात में हुई बारिश से तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। बदलते मौसम से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन बार-बार मौसम बदलने से परेशानी भी बढ़ी।
सीहोर में एक के बाद एक पांच कारें जलकर राख:कबाड़ में खड़ी गाड़ियों में लगी आग, दमकल ने पाया काबू
सीहोर शहर के गंगा आश्रम क्षेत्र स्थित पलटन एरिया में आज सुबह भीषण आग लग गई। इस घटना में एक खड़ी पांच गाड़ियां जलकर राख हो गईं। आग से लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है, हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। जानकारी के अनुसार, यह आग सुबह करीब 4:30 बजे जुबेर के घर के पास लगी। यहां पुरानी गाड़ियां इकट्ठा करके रखी गई थीं। आग इतनी भीषण थी कि पांच गाड़ियां पूरी तरह जल गईं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि इन गाड़ियों में ईंधन होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल ने आग पर पाया काबूसुबह जैसे ही कुछ लोगों ने आग की लपटें उठते देखीं, उन्होंने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल टीम समय पर मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड वाहन के माध्यम से पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस घटना से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घनी आबादी वाले क्षेत्र में बना रखा है गोदाम पलटन क्षेत्र में कबाड़ी के यहां खड़ी पुरानी गाड़ियों में आग लगने की घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार कबाड़ी द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी और जर्जर गाड़ियां एकत्रित कर रखी गई थीं, जिनमें अचानक आग लग गई। कबाड़खाने को हटाने की मांगस्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह घनी बस्ती में बड़ी मात्रा में कबाड़ और वाहन जमा करना बेहद खतरनाक है। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कबाड़ी स्थलों की जांच की जाए और आबादी वाले क्षेत्रों से इन्हें हटाया जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
डीग जिले की सीकरी थाना पुलिस ने हथकड़ शराब पर कार्रवाई करते हुए 8 से 10 लीटर वॉश नष्ट किया है। साथ ही 50 लीटर हथकड़ शराब को जब्त किया गया है। पुलिस की टीम को देखकर शराब माफिया मौके से फरार हो गया। पुलिसकर्मियों ने आरोपी का पीछा भी किया लेकिन, वह भागने में नाकामयाब रहे। पुलिस को देखकर भागा आरोपी सीकरी थाना अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मुखबिर जरिए सूचना मिली थी की फुटाकी के जंगल में अवैध रूप से हथकड़ शराब बनाई जा रही है। जिसके बाद डीग DST टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। जैसे ही पुलिस जंगल में पहुंची तो, आरोपी पुलिस की टीम को देखकर भागने लगा। 8 से 10 लीटर वॉश नष्ट किया गया पुलिस की टीम आरोपी का पीछा भी किया लेकिन, जंगल में भागते हुए पुलिस से बचकर भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने आरोपी की पहचान वीर सिंह निवासी फुटाकी के रूप में हुई। मौके पर तलाशी ली तो, वहां ड्रमों में करीब 8 से 10 हजार लीटर वॉश भरा हुआ था। 50 लीटर हथकड़ शराब को भी किया जब्त पुलिस ने मौके से 50 लीटर हथकड़ शराब को जब्त किया। पुलिस ने वॉश को नष्ट किया और भट्टियों को तोड़ा। पुलिस ने फरार हुए आरोपी की तलाश के लिए जगह-जगह दबिश दी लेकिन, आरोपी का कुछ पता नहीं लगा। आरोपी काफी लंबे समय से हथकड़ शराब का कारोबार कर रहा था।
मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त 71 जिलाध्यक्षों की अगले हफ्ते अग्निपरीक्षा होने जा रही है। दो चरणों में उनके कामकाज की समीक्षा की जाएगी। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलाध्यक्षों पर कार्रवाई, यहां तक कि हटाने तक का फैसला लिया जा सकता है। दिल्ली से वामसी रेड्डी भी आएंगे एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के मुताबिक, जिलाध्यक्षों का दो माह के अंतराल में पहले दो-दो बार रिव्यू हो चुका है। इस बार की समीक्षा अहम मानी जा रही है। दिल्ली से वामसी रेड्डी भी भोपाल आकर पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करेंगे। 15 से 18 अप्रैल तक संभागवार समीक्षा प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी 15 से 18 अप्रैल तक चार दिनों तक संभागवार समीक्षा करेंगे। पीसीसी में जिलाध्यक्षों को बुलाकर संगठन निर्माण, कामकाज, चुनौतियों और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इतने समय में संगठन निर्माण में क्या काम किया है, किस तरह से संगठन का गठन हुआ है, क्या चुनौतियां हैं और आगे किस तरीके से काम करना है इन सब पर चर्चा होगी। 16 अप्रैल को शिवराज के घर के सामने धरना 16 अप्रैल को कांग्रेस, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने धरना देगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन में किसानों से जुड़े मुद्दे, खासकर गेहूं खरीदी में देरी और वादाखिलाफी को उठाया जाएगा। 17 अप्रैल को ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन 17 अप्रैल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें उनकी जिम्मेदारियों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने की रणनीति बताई जाएगी। साथ ही जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों का प्रशिक्षण भी होगा। 21 हजार पंचायत कमेटियां बन चुकीं अगला सप्ताह कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस संगठन का ढांचा लगभग तैयार हो चुका है। पार्टी के मुताबिक 23 हजार में से 21 हजार पंचायत कमेटियों का गठन हो चुका है। इन सब को लेकर कैसे आगे जाएं और ब्लॉक लेवल पर कैसे व क्या कार्यक्रम करें इसे लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
लुधियाना के बद्दोवाल स्थित '17 फील्ड एम्युनिशन डिपो' (Asla Depot) की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। डिपो के प्रतिबंधित दायरे के भीतर अवैध रूप से मकान बनाने के आरोप में थाना सराभा नगर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सेना के उच्च अधिकारियों की शिकायत के बाद की गई है। प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहा था निर्माण17 फील्ड एम्युनिशन डिपो के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (लेफ्टिनेंट कर्नल/मेजर) की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया कि डिपो के सुरक्षा घेरे और अधिसूचित (Notified) क्षेत्र के भीतर अवैध निर्माण की गतिविधियां नोट की गई हैं। यह निर्माण गांव इयाली कलां के पास किया जा रहा है। चेतावनी के बावजूद नहीं रुके भू-माफियाशिकायतकर्ता के अनुसार, सेना द्वारा इस क्षेत्र को 'नो कंस्ट्रक्शन ज़ोन' घोषित किए जाने और बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से मकानों का निर्माण जारी है। गोला-बारूद डिपो के आसपास ऐसा निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक और गैर-कानूनी है। इस केस में थाना सराभा नगर की पुलिस ने 2 अलग-अलग मामलों में 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर पुलिस ने BNS की धारा 223 (लोक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा) के तहत मामला दर्ज। पुलिस का दावा है कि सरकारी नियमों का उल्लंघन कर प्रतिबंधित क्षेत्र में दीवारें और मकान खड़े करने वालों की पहचान की जा रही है। जल्द ही मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवाया जाएगा और आरोपियों पर कार्रवाई होगी।
फरीदाबाद शहर के सेक्टर-37 स्थित नेशनल हाईवे पर एक निजी होटल के बाहर युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है और जांच जारी है। मृतक निजी अस्पतालम में काम करता था। दोस्त से मिलने पहुंचा मृतक की पहचान सचिन महरा (25) के रूप में हुई है, जो पल्ला थाना क्षेत्र के सूर्य विहार का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार, वीरवार देर रात करीब 11 बजे सचिन अपने एक दोस्त से मिलने होटल पहुंचा था, जहां उसका दोस्त काम करता था। पीछा करते हुए पहुंचे तीन युवक बताया जा रहा है कि इसी दौरान तीन युवक उसका पीछा करते हुए होटल के बाहर पहुंचे और सचिन के साथ मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते एक हमलावर ने चाकू निकालकर सचिन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुरानी रंजिश बताई जा रही है कारण सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सचिन को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। बीके अस्पताल में शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। थाना सराय के प्रभारी राकेश ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
12th बोर्ड की हिंदी की परीक्षा शुक्रवार को दोबारा होने जा रही है। इस बार छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) बेहद सतर्क है। गोपनीयता और सुरक्षा के लिए अब प्रश्न पत्रों के पैकेट में वन टाइम लॉक सिस्टम मौजूद होगा। वहीं पूरी गोपनीय सामग्री जीपीएस लॉक युक्त कंटेनर में भेजी गई है। संभावना है कि वन टाइम लॉक सिस्टम को मंडल की आगामी परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा। पेपर लीक होने के बाद 12वीं हिंदी की परीक्षा रद्द कर दी गयी थी। सुबह 9 बजे शुरू होगी परीक्षा मंडल ने बताया है कि हिन्दी विषय की परीक्षा अब 10 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगी। छात्रों को सुबह 9 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। 9:05 बजे उत्तर पुस्तिका मिलेगी, 9:10 बजे प्रश्नपत्र दिया जाएगा और 9:15 बजे से लिखना शुरू करना होगा। पेपर हुआ था लीक दरअसल, 15 और 16 मार्च को सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों में हिन्दी विषय के सेट ‘बी’ का प्रश्नपत्र लीक होने के दावे सामने आए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच के लिए साइबर थाने में लिखित सूचना दी गई। सिटी कोतवाली में FIR भी दर्ज कराई गई। इसके बाद मंडल की परीक्षा समिति की बैठक 23 मार्च 2026 को आयोजित की गई, जिसमें जांच के आधार पर परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया। बता दें कि भास्कर सबसे पहले उन छात्रों तक पहुंचा था, जिन्होंने लीक पेपर अलग-अलग ग्रुप्स में सर्कुलेट किया। कैमरे की भी रहेगी नजर इसके अलावा समन्वय केंद्र में वीडियो कॉल कर पार्टी ऑफिसर, नोडल अधिकारी एवं समन्वय केन्द्र प्रभारी की उपस्थिति में जीपीएस लॉक खोला जाएगा। समन्वय केंद्र में वन टाइम लॉक से स्ट्रांग रूम को सील किया गया है। सील करते समय वीडियोग्राफी कराई जाएगी, यह वीडियोग्राफी पार्टी ऑफिसर को सौंपी जाएगी। केंद्र अध्यक्षों की भी निगरानी केंद्राध्यक्ष द्वारा गोपनीय सामग्री की पेटी समन्वय सेंटर से बाहर ले जाते समय जिला शिक्षा अधिकारी वन टाइम लॉक लगे होने की जांच करेंगे। परीक्षा के बाद समस्त उपयोग किए गए वन टाइम लॉक को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। पूरी प्रक्रिया के दौरान केंद्र अध्यक्षों पर भी पूरी निगरानी बिठाई गई है।
आरा में दानापुर-पीडीडीयू रेलखंड पर मंगलवार को हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे में मृत युवक की पहचान तीसरे दिन गुरुवार को हो सकी। मृतक की पहचान भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के फिनगी गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह (42) के रूप में हुई है। पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ट्रेन से गिरकर हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह बिहिया स्टेशन के पास धर्मेंद्र सिंह ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद रेल पुलिस ने शव को अज्ञात मानते हुए पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया था। दो दिन तक खोजते रहे परिजन मृतक के चचेरे भाई लक्ष्मण कुमार ने बताया कि, धर्मेंद्र सिंह मंगलवार सुबह बिहिया स्टेशन से ट्रेन पकड़कर बक्सर के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र स्थित अपनी बहन हीरामुनी देवी के घर जा रहे थे। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने खोजबीन शुरू की। बुधवार तक भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। तस्वीर देखकर हुई पहचान गुरुवार को जब परिजन बिहिया स्टेशन पहुंचे तो स्थानीय लोगों से हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद वे आरा रेल थाना पहुंचे, जहां शव की तस्वीर देखकर उन्होंने धर्मेंद्र सिंह की पहचान की। हादसा इतना भीषण था कि उनका सिर धड़ से अलग हो गया था, जिससे पहचान में काफी दिक्कत हुई। अंतिम संस्कार, गांव में शोकपहचान के बाद परिजन सदर अस्पताल पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शव को गांव ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। धर्मेंद्र सिंह अपने परिवार में दो भाइयों और एक बहन में दूसरे स्थान पर थे। परिवार में मां, बहन हीरामुनी देवी और भाई उपेंद्र सिंह हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र में देर रात एक सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई। जामडीह गांव के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, बीबीपुर गांव निवासी आज़ाद यादव उर्फ अज्जू पुत्र शिवनाथ यादव, प्रमोद यादव पुत्र अमेरिका यादव और बेचन यादव पुत्र रामसूरत यादव घोसी से अपने घर बीबीपुर लौट रहे थे। यह हादसा उस समय हुआ जब वे जामडीह गांव के समीप पहुंचे। मधुबन की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बोलेरो चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन वाहन लगभग 20 मीटर तक घसीटता हुआ बाइक से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। 5 तस्वीरें देखिए… प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि तीनों युवकों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो चुकी थी। दुर्घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही घोसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो और बाइक को भी अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घोसी के सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि बोलेरो वाहन हरियाणा नंबर का है। चालक की तलाश जारी है। पुलिस फरार आरोपी को पकड़ने और पूरे मामले की गहनता से जांच करने में जुटी है। इस दर्दनाक घटना से बीबीपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने गुरुवार को 859 संपत्तियों पर बने अवैध सेटबैक को दो महीने के भीतर तोड़ने का आदेश दिया है। अवैध सेटबैक यानी इमारत के चारों ओर छोड़ी जाने वाली अनिवार्य खाली जगह में किया गया निर्माण। लाइव लॉ के मुताबिक, कोर्ट ने कहा- मामला सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लिए चेतावनी है। अगर प्रशासन ने समय रहते कदम उठाए होते, तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती।कानून का राज लोगों के शोर-शराबे के आगे झुक नहीं सकता है। व्यवसाय किसी की जिंदगी की कीमत पर नहीं चल सकता है। कोर्ट ने यूपी के अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा- स्कूलों, अस्पतालों और यहां तक कि सरकारी बैंकों को भी ऐसी इमारतों से चलाने की इजाजत कैसे दी, जो पूरी तरह से अवैध और बिना इजाजत हैं। मामले में 6 अप्रैल को कोर्ट ने 859 संपत्तियों में से सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया था और रिपोर्ट मांगी थी। बुधवार को आवास विकास परिषद ने सभी 44 दुकानों को सील कर दिया। प्रशासन ने कोर्ट को जानकारी दी कि 44 संपत्तियां सील कर दी गई हैं। हालांकि, सीलिंग के दौरान अफसरों को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। मामले में अब अगली सुनवाई जुलाई में होगी। 'सेटबैक को किसी भी तरह वैध नहीं किया जा सकता'गुरुवार को जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट में यूपी आवास एवं विकास परिषद की तरफ से पेश हुए वकील राजीव शकधर ने बताया- सील की गई 44 संपत्तियों में 6 स्कूल, 6 अस्पताल, 4 बैंक्वेट हॉल, 3 बैंक और एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी शामिल हैं। इस पर पीठ ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने सवाल उठाया कि इन संस्थानों की अनुमति किसने दी। कहा- हमारे लिए सबसे जरूरी बात मासूम बच्चों, आम लोगों और मरीजों की जान है। हमें आपके बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है। आप किसी की जान की कीमत पर अपना बिजनेस कर रहे हैं। सेटबैक को किसी भी तरह वैध नहीं किया जा सकता। कोई भी व्यक्ति जुर्माना या फीस देकर इस अवैध कब्जे को सही नहीं ठहरा सकता। नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे। 'ध्वस्तीकरण का खर्चा कब्जादारों से वसूले प्रशासन'पीठ ने अवैध निर्माण को गिराने की प्रक्रिया को साफ किया। कोर्ट ने अधिकारियों से कहा कि अवैध निर्माण हटाने के लिए पहले नोटिस दिया जाएगा। कब्जा करने वालों को 10 से 15 दिन का समय मिलेगा कि वे खुद अवैध हिस्सा हटा लें। अगर वे ऐसा नहीं करते तो प्रशासन खुद ध्वस्तीकरण करेगा। इसका खर्च कब्जा करने वालों से वसूला जाएगा। 'लापरवाही से अवैध निर्माण बढ़े, रोक लगाना जरूरी'कोर्ट ने कहा- प्रशासन की लापरवाही के कारण ही अवैध निर्माण इतने बड़े स्तर पर बढ़े हैं। अब इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है। कोर्ट ने आवास एवं विकास परिषद को निर्देश दिया कि 44 संपत्तियों की स्थिति पर हलफनामा दाखिल करे। इसमें हर संपत्ति की सील करने से पहले और बाद की तस्वीरें शामिल हों, ताकि साफ हो कि कार्रवाई सही तरीके से की गई है। .................... ये खबर भी पढ़िए- सेंट्रल मार्केट- एक थप्पड़ की 35 साल पुरानी लड़ाई:बे-सहारा दुकानदार रोते हुए बोले- प्रशासन ने दुकानें सील की, रोजी-रोटी छीन ली; सब खत्म 6 महीने पहले जहां दुकान थी, उस कॉम्प्लेक्स को तो उजाड़ ही दिया था। इसके बाद लाखों रुपए का कर्जा लेकर जब दूसरी जगह दुकान लगाई। तो आज इसको भी तोड़कर बंजर बनाना चाहते हैं। अब कैसे अपना परिवार पालेंगे, बच्चों को पढ़ाएंगे और किसकी कमाई के भरोसे जिंदा रहेंगे। यह कहना है मेरठ की सेंट्रल मार्केट में खालसा कलेक्शन के नाम से दुकान चलाने वाली इंद्रा आहुजा का। जो पिछले 21 सालों से इस मार्केट में कपड़ों की अपनी दुकान चला कर अपना परिवार चला रही हैं। पढ़ें पूरी खबर
गोरखपुर के सिटी मॉल में स्थित बारबेक्यू नेशन में बृहस्पतिवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि कस्टमर आते रहे। लेकिन रेस्टोरेंट बंद होने की वजह से उन्हें बिना खाना खाए ही वापस लौटना पड़ा। होटल मैनेजर सभी ग्राहकों से 1–2 दिन बाद आने की बात कहते रहे। यह कार्रवाई बुधवार को सामने आए एक गंभीर मामले के बाद की गई। दरअसल, रेस्टोरेंट में परोसी गई नॉनवेज बिरयानी में काकरोच का बच्चा मिलने से हड़कंप मच गया था। बृहस्पतिवार को सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया रेस्टोरेंट के संचालन पर रोक लगाया गया है। शुक्रवार को हमारी टीम दुबारा जाएगी और रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को सफाई से जुड़े निर्देश देगी। इसके साथ ही रेस्टोरेंट के भीतर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। ये सब होने के बाद ही आगे के संचालन पर बात स्पष्ट हो पाएगा। रेस्टोरेंट के मैनेजर दिलीप कुमार ने कहा बृहस्पतिवार को साफ सफाई पर पूरा ध्यान दिया गया। इसके अलावा जो भी कस्टमर आ रहे थे उनको कुछ दिनों बाद आने के लिए कहा गया। आगे से साफ सफाई का पूरा ध्यान दिया जाएगा। शिकायत करने वाले सचिन वर्मा ने कहा इतने बड़े नामी जामी रेस्टोरेंट में ऐसी लापरवाही किसी ने सोची भी नहीं थी। अब आगे से मेरा मन तो गवाही नहीं देगा की मैं दुबारा वहां जाकर कुछ खाऊं।” जानिए पूरा मामला पीपीगंज निवासी सचिन वर्मा के बेटे का बुधवार को जन्मदिन था। बेटे के जन्मदिन के मौके पर सचिन अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों को पार्टी देने के लिए गोरखपुर गए। शाम करीब 4:30 बजे उन्होंने बारबेक्यू नेशन रेस्टोरेंट में बर्थडे सेलिब्रेशन रखा। यहां उनके साथ कुल 20 लोग मौजूद थे, जिसमें 6 लोगों ने वेज और 14 लोगों ने नॉनवेज खाना ऑर्डर किया। कुछ देर बाद सभी लोग खाना खाने लगे। इसी दौरान सचिन के दोस्त अमरपाल रावत की नॉनवेज बिरयानी में मरा हुआ काकरोच का छोटा बच्चा निकल आया। बिरयानी में काकरोच दिखते ही टेबल पर मौजूद लोगों ने हंगामे करते हुए होटल मैनेजर से शिकायत की। अनहाइजीनिक खाना परोसा जा रहाघटना के बाद लोगों ने रेस्टोरेंट पर लापरवाही का आरोप लगाया। सचिन वर्मा ने कहा- गंदगी और अनहाइजीनिक तरीके से खाना परोसा जा रहा है। हम लोग विश्वास करके खाने आते हैं, लेकिन बिना देखरेख के खाना परोस दिया जा रहा है। वहीं अमरपाल रावत ने बताया- मैंने पहले एक बार बिरयानी खाई। उसके बाद दोबारा लेकर आया तो देखा कि मेरी प्लेट में काकरोच का छोटा बच्चा मरा हुआ पड़ा है। इसके बाद मैंने बाकी का खाना छोड़ दिया। इस मामले में रेस्टोरेंट के मैनेजर दिलीप कुमार ने कहा- हम लोग साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं। यह पता नहीं कहां से गलती से आ गया। समझ नहीं आ रहा कि कैसे खाने में कॉकरोच निकल आया। सैंपल को जांच के लिए भेजेघटना की जानकारी मिलते ही खाद्य विभाग की टीम होटल पहुंची और जांच शुरू की। इस दौरान काकरोच मिले खाने का सैंपल लिया गया। टीम ने किचन का निरीक्षण किया और स्टॉक में रखे खाने-पीने के सामान की एक्सपायरी डेट भी चेक की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संदिग्ध नमूनों को जांच के लिए लैब भेज दिया है।
धार के सांदीपनी विद्यालय में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान एक शिक्षिका मंच पर भावुक हो गईं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शिक्षिका मेघना शर्मा ने विधायक नीना वर्मा की मौजूदगी में रोते हुए अपने तबादले की मांग रखी। शिक्षिका मेघना शर्मा ने आरोप लगाया कि वह ईमानदारी से काम कर रही हैं, इसके बावजूद उन्हें बार-बार नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अब वह इस विद्यालय में काम नहीं कर पाएंगी और उन्हें कहीं भी स्थानांतरित कर दिया जाए। स्थिति को देखते हुए विधायक नीना वर्मा ने शिक्षिका को शांत कराया और उनकी पूरी बात सुनी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि यदि शिक्षिका यहां काम नहीं करना चाहती हैं, तो उनके तबादले की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी को मानसिक रूप से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित मामले में कार्रवाई भी की जाएगी। प्राचार्य ने आरोपों को बताया निराधारवहीं, विद्यालय की प्राचार्य डॉ. स्मृति रतन मिश्र ने शिक्षिका के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष साइकिल वितरण में हुई लापरवाही के कारण शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस दिया गया था, जिससे वह व्यथित हैं। प्रशासन ने बताया सामान्य प्रक्रियासहायक आयुक्त ट्राइबल विभाग नरोत्तम बरकड़े ने बताया कि साइकिल वितरण में कुछ अनियमितताओं के आधार पर शिक्षिका को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। उनका जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया। इस पूरे घटनाक्रम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। अब इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एसपी द्वारा जारी आदेश के तहत जिले के 9 पुलिस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है, जिसमें महत्वपूर्ण थानों के प्रभारी बदले गए हैं। जारी आदेश के अनुसार पुलिस लाइन में पदस्थ निरीक्षक राजकुमार शर्मा को शहर के सबसे महत्वपूर्ण कोतवाली थाने की कमान सौंपी गई है। वहीं, अब तक कोतवाली थाना प्रभारी रहे चन्द्रप्रकाश सिंह चौहान को (डीसीबी) प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, पुलिस लाइन से निरीक्षक नीरज कुमार राणा को चाचौड़ा थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। इन थानों के भी बदले प्रभारी एसपी के आदेशानुसार म्याना थाना प्रभारी रवीन्द्र सिंह सिकरवार को अब आरोन थाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सिरसी थाना प्रभारी बृजमोहन भदौरिया को म्याना भेजा गया है। जामनेर थाना प्रभारी अजय जाट को राघौगढ़ थाने की कमान सौंपी गई है, जबकि पुलिस लाइन से मनोज कुमार मेहरा को जामनेर थाना प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षकों को भी मिली जिम्मेदारी निरीक्षकों के साथ-साथ दो उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है। चाचौड़ा थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक अरविंद सिंह गौर को सिरसी थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं, कोतवाली थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक रूहित शर्मा को धरनावदा थाने का प्रभार सौंपा गया है। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस फेरबदल को जिले में अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक कसावट की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी अधिकारियों को तत्काल अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने झालावाड़ रोड, सिटी मॉल स्थित रिलायंस स्मार्ट बाज़ार (रिलायंस जियो मार्ट) जरिए मैनेजर को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सामान खरीद के साथ बिना सहमति के कैरी बैग के 14 रूपए काटने के मामले में जवाब तलब किया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, कोटा में अनुराग गौतम एवं सरनाम सिंह की बेंच ने 12 मई तक जवाब पेश करने के आदेश दिए है। यह नोटिस एडवोकेट सुजीत स्वामी द्वारा दायर वाद पर विचार करते हुए जारी किया गया है। जिसमें प्रतिष्ठान पर उपभोक्ताओं के साथ अनुचित व्यापारिक व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एडवोकेट सुजीत स्वामी ने शिकायत में बताया कि 9 फरवरी 2026 को उन्होंने सिटी मॉल स्थित रिलायंस स्मार्ट बाज़ार, कोटा से सूप के तीन पाउच, सिरका (कांच की बोतल) एवं मूंग दाल पापड़ का एक पैकेट की कुल 173 रूपए के सामान की खरीद की। जब वह बिल बनवाने काउंटर पर गए तो बिना पूर्व सूचना और उनकी सहमति के 14 रूपए का कैरी बैग का शुल्क उनके बिल में जोड़ दिया और बिलिंग के बाद काउंटर के नीचे से बैग निकालकर उनको थमा दिया गया। जबकि थमाए गए कैरी बेग कोई टैग, मूल्य या मानक विवरण उपलब्ध नहीं था। इसके अतिरिक्त, कैरी बैग की गुणवत्ता, कीमत, स्पेसिफिकेशन्स अथवा निर्माता की जानकारी भी कही भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एंट्री गेट पर उनका निजी बैग जिसमे उनके बहुमल्य सामान थे, को जबरन बिना सुरक्षित लॉकर या टोकन सुविधा के जमा करवा लिया गया। जिन्हें वापस लेने के लिए उन्हें अनावश्यक रूप से लंबा चक्कर लगाना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया को सुजीत स्वामी ने ‘उपभोक्ता अधिकारों का हनन’ और ‘अनुचित व्यापारिक प्रथा (Unfair Trade Practice)’ बताया है। सुजीत स्वामी ने 14 फ़रवरी को रिलायंस स्मार्ट बाजार को लीगल नोटिस दिया। मार्ट ने विधिक नोटिस के जवाब में लगाए गए सभी आरोपों को नकारते हुए केरी बेग का मूल्य एवं प्रक्रिया को उचित ठहराया था। उसके बाद सुजीत स्वामी ने 11 मार्च 2026 को जिला उपभोक्ता में मामला दायर किया था। सुजीत स्वामी ने बताया कि ‘आधुनिक रिटेल स्टोर्स में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकारों और निष्पक्ष व्यापारिक प्रथाओं की कमी होती है, ग्राहक नहीं समझ पाते इसलिए उनसे इस तरह की वसूली की जाती है जो गलत है।’ सुजीत ने उपभोक्ता आयोग से ₹14/- की अवैध वसूली की वापसी के साथ वाद स्थापित करने में हुए व्यय, मानसिक संताप के लिए 1 लाख मुआवजा दिलवाने की मांग की है। ----------------------------------------------- ये खबर भी पढ़े- मूवी में 28 मिनट एड दिखाए, कोर्ट ने दिया नोटिस:सिनेपोलिस फन सिनेमा मैनेजर व सीईओ को किया जवाब-तलब; उपभोक्ता ने टिकट के पैसे-मुआवजा मांगा कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने सिटी मॉल स्थित सिनेपोलिस फन सिनेमा का संचालन करने वाली सिनेपोलिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Cinepolis India Pvt. Ltd.) के मैनेजर और सीईओ को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मूवी शो टाइम के बाद विज्ञापन दिखाने और फिल्म के आधिकारिक रन-टाइम में कथित विरोधाभास के मामले में जवाब-तलब किया है। खबर पढ़े
रोहतक के आईएमटी थाना क्षेत्र के गांव भालौठ में देर रात को एक युवक पर आपसी रंजिश में फायरिंग करते हुए गोलियां मारी गई। घायल अवस्था में युवक को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना पाकर आईएमटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घायल की पहचान विकास उर्फ नारद पुत्र रमेश के रूप में हुई, जिसका गांव भालौठ निवासी आलोक के साथ झगड़ा चल रहा है। इसी रंजिश के कारण आलोक ने विकास पर फायरिंग करते हुए 4-5 गोलियां मारी है, जिसके कारण विकास की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। पुलिस मामले में अभी जांच कर रही है। शराब ठेके पर फायरिंग का आरोपी रहा विकास गांव भालौठ में 26 मई 2025 को विकास उर्फ नारद और सूरज दहकोरा ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। विकास उर्फ नारद ठेके पर शराब खरीदने आया था और सेल्समैन से कहा था कि ठेका वह लेगा। अगर किसी ने शराब का ठेका लिया तो उसे जान से मार देगा। इसी के चलते ठेके पर फायरिंग की थी, जिसमें 13 गोलियां शटर को चीरते हुए अंदर शीशे में लगी थी। इंस्टाग्राम पर विकास ने डाला था वीडियोगांव भालौठ में 26 मई 2025 को फायरिंग करने के बाद विकास ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर धमकी दी थी कि किसी ने ठेका लेने के लिए फार्म भरा तो इतनी गोलियां मारेंगे कि समझ नहीं आएगा। उसके बाद एक वीडियो ओर वायरल हुआ, जिसमें एक युवक ने कहा कि विकास के साथ अन्य साथी हरिद्वार में हैं। उनके पास खाने के पैसे तक नहीं हैं। पुलिस मामले में कर रही जांच आईएमटी थाना पुलिस ने बताया कि एक युवक को गोलियां मारने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं, घायल एक निजी अस्पताल में भर्ती है, जहां परिजनों से बात कर रहे हैं। परिजनों की शिकायत पर ही केस दर्ज किया जाएगा। वहीं, घायल की हालत अभी नाजुक है।
आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात सुरक्षाकर्मी ने पैसे के विवाद में एक सफाईकर्मी की लाठी-डंडे से जमकर पिटाई कर दी। काफी देर तक पिटाई करने के बाद युवक ने भी अपने बचाव में डंडा चलाया, जिसका वीडियो सामने आया है । सुरक्षाकर्मी ने पांच सेकंड में पांच डंडे जड़ दिए। इसके बाद युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से फरार हो गया। पीड़ित युवक बिहिया थाना क्षेत्र के झौवा गांव निवासी नवनीत ठाकुर है। पैसा मांगने पर मारने लगे पीड़ित नवनीत ने बताया कि सदर अस्पताल में सफाईकर्मी के पद पर तैनात हैं। इसके अलावा बार्बर का काम भी करते हैं। अस्पताल में तैनात प्राइवेट कंपनी के गार्ड विनोद उपाध्याय ने पंद्रह दिन पहले बाल-दाढ़ी बनवाया था। साथ ही अपने के दोस्त का भी बाल कटवाया था। मैंने 40 से 50 रुपए मांगा गया था, लेकिन उन्होंने नहीं दिया। पैसा मांगने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज करते हुए धमकी दी जाती थी। आज जब अपने मेहताना मांगने गए तो भद्दी-भद्दी गालियां और जान से मारने की धमकी देने लगे। जब मैंने इसका विरोध किया तो ताबड़तोड़ डंडे से पिटाई शुरू कर दी गई। हड़ताल पर जाने की चेतावनी वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद निजी कंपनी में तैनात आरोपी गार्ड को तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी से हटा दिया गया। कंपनी के द्वारा चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी गई है। इस घटना के बाद अस्पताल में तैनात सफाईकर्मियों में आक्रोश है। अगर गार्ड का रवैया अच्छा नहीं होगा तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने थाने पर आये मामलों की जांच को 60 दिन से ज्यादा लटकाने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। सीपी ने कैंट थाने पर तैनात निरीक्षक और पांच दरोगाओं को निलंबित किया है। इसके अलावा शिवपुर थाने से तीन और लालपुर-पांडेयपुर थाने से तीन-तीन दरोगाओं को निलंबित किया गया है। पुलिसकर्मियों ने 60 दिन तक मामले की विवेचना लटकाई रखी और आचरण खराब पाया गया। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद वाराणसी पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कंप मचा हुआ है। तीनों थानों के अर्दली रूम के बाद पुलिस कमिश्नर ने यह निर्णय लिया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच की भी संस्तुति की गई है। तीन थानों के अर्दली रूम की समीक्षा पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया - गुरुवार को थाना कैंट, शिवपुर और लालपुर-पांडेयपुर के अर्दली रूम की समीक्षा की गयी। इस लंबित विवेचना, इलेक्ट्रानिक साक्ष्य संकलन, गैर जमानती वारंट का तामिला, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, बिना नंबर के वाहनों पर की गयी कार्रवाई आदि की समीक्षा की गयी। इस दौरान यह मामला प्रकाश में आया कि संबंधित मामलों के विवेचकों के पास कई मामलों की वेवचना 60 दिन से लंबित हैं। और कोई समुचित कार्रवाई नहीं की गई। एक इंस्पेक्टर सहित 12 एसआई निलंबित लापरवाही पाए जाने पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कैंट थाने पर तैनात इंस्पेक्टर संतोष पासवान, सब इन्स्पेक्टर(SI) आशीष श्रीवास्तव, भैरव श्रीवास्तव, मुन्ना यादव, जमुना प्रसाद तिवारी और प्रवेश कुंतल को निलंबित कर दिया। इसी तरह शिवपुर थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, कोमल यादव और आशीष कुमार सिंह एवं लालपुर पांडेयपुर थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार गुप्ता, कोमल कुमार गुप्ता और विजेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। होगी विभागीय जांच पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सभी 13 निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति भी की है। इसमें यह जांच की जाएगी की आखिर क्या कारण था कि इन्होने विवेचनाओं को 60 दिन से अधिक लंबा खींचा और उसे लटकाए रखा। इनका पूर्व का रिकार्ड भी खंगाला जाएगा। अब जानिए क्या है अर्दली रूम अर्दली रूम (Orderly Room) पुलिस और अर्धसैनिक बलों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थों (पुलिसकर्मियों/कर्मचारियों) की समस्याओं, शिकायतों, अनुशासनहीनता या अवकाश संबंधी मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए आयोजित की जाने वाली एक आधिकारिक बैठक या प्रक्रिया है। यह अनुशासन बनाए रखने और विभागीय जांच (सुनवाई) का एक मंच है।
पांच घंटे तक तालाब में छिपे रहने और कमल की डंडी से सांस लेने वाले मोस्ट वांटेड चोर को लेकर कई खुलासे हुए हैं। उसने गोताखोरों और पुलिस कर्मियों से बचने के लिए उन पर हमला भी किया। लेकिन भागने में असफल रहा। 7 अप्रैल को खितौला थाना पुलिस, गोताखोरों और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में हरविंदर सिंह को तालाब में छिपे हुए पकड़ा गया। गुरुवार को उसे रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पूछताछ के लिए भोपाल-इटारसी जीआरपी पुलिस को सौंप दिया गया। अफसरों के मुताबिक चौकी लाते समय आरोपी ने अचानक भागने की कोशिश की और करीब 50 मीटर तक दौड़ा। आरपीएफ आरक्षक विनय मौर्य ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। इसी दौरान आरोपी ने पत्थर से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा। बावजूद इसके उन्होंने आरोपी को नहीं छोड़ा और साथी की मदद से दोबारा पकड़कर पुलिस के हवाले किया। विनय मौर्य ने बताया कि जबलपुर पुलिस की मदद से आरोपी को पकड़कर चौकी लाया जा रहा था। इसी दौरान उसने बाथरूम जाने का बहाना किया। मैं उसे लेकर गया, साथ में साथी आरक्षक आशीष यादव भी थे। अचानक उसने आशीष को धक्का देकर भागने की कोशिश की। मैंने पीछा कर उसे गिरा दिया, तभी उसने पत्थर उठाकर मेरे सिर पर वार करना शुरू कर दिया। काफी देर तक संघर्ष चलता रहा, लेकिन मैंने उसे पकड़े रखा। बाद में आशीष भी आ गया और हम दोनों उसे पकड़कर चौकी ले आए। गंभीर घायल, हालत खतरे से बाहर इस हमले में विनय मौर्य के सिर पर गंभीर चोट आई है। उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उनकी बहादुरी को देखते हुए आरपीएफ आईजी ने विनय मौर्य और आशीष यादव दोनों को पुरस्कृत किया है। 50 मीटर पीछा, फिर आमने-सामने भिड़ंत, पत्थर मारे पर पकड़ नहीं छोड़ी विनय मौर्य ने बताया कि आरोपी चौकी से करीब 50 मीटर ही भाग पाया था, तभी उन्होंने उसे पकड़ लिया। इसके बाद दोनों के बीच जमकर हाथापाई हुई। आरोपी शारीरिक रूप से भारी था और संघर्ष के दौरान वह हावी होने की कोशिश कर रहा था। संघर्ष के दौरान जैसे ही आरोपी जमीन पर गिरा, विनय उसके ऊपर बैठ गए। तभी आरोपी ने पास में पड़ा बड़ा पत्थर उठाकर उनके सिर पर चार से पांच बार वार किए। सिर से खून बहने लगा, लेकिन विनय ने उसे नहीं छोड़ा। उन्हें पता था कि अगर आरोपी भाग गया तो दोबारा पकड़ना मुश्किल होगा। अकेले ही करता था चोरी, ट्रेनों में बन गया था ‘एक्सपर्ट’ बिजनौर निवासी हरविंदर पहले अपने भाई और साथी रिंकू के साथ चोरी करता था, लेकिन बाद में उसने अकेले ही वारदातें करना शुरू कर दीं। कुछ ही समय में वह चलती ट्रेनों में चोरी करने में माहिर हो गया। एसी कोच में सफर कर टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता था और रात में यात्रियों का कीमती सामान चुरा लेता था। केरल सहित कई राज्यों की पुलिस करेगी पूछताछ आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब के अनुसार, आरोपी को रेलवे कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए भोपाल जीआरपी को सौंपा गया है। अब केरल, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और विशाखापट्टनम सहित कई राज्यों की पुलिस उससे पूछताछ के लिए मध्य प्रदेश आने वाली है। ‘हजारों चोरी की, पर पहचान नहीं खुली’ हरविंदर ने बताया कि उसने अब तक हजारों चोरी की वारदातों को अंजाम दिया, लेकिन कभी ऐसा कोई सबूत नहीं छोड़ा जिससे पुलिस उसकी पहचान तक पहुंच सके। जीआरपी, आरपीएफ या जिला पुलिस किसी को भी उसका असली नाम और पहचान पता नहीं थी। यही वजह रही कि लंबे समय तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। उसने यह भी कहा कि अब जब वह पकड़ा जा चुका है, तो पूरे देश को पता चल गया है कि ट्रेनों में चोरी करने वाला कुख्यात चोर कौन है। पार्षद का चुनाव जीता, फिर बना चोर बिजनौर निवासी हरविंदर सिंह ने 2017 में पार्षद का चुनाव भी जीता था। हालांकि, कुछ ही समय में उसने राजनीति छोड़ दी और चोरी की राह पकड़ ली। इसके बाद वह लगातार वारदातों को अंजाम देता रहा और कम समय में बड़ी रकम जुटा ली। कमल-नाल के सहारे पानी में छिपा रहाआरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि जब पुलिस ने उसे घेरा तो वह तालाब में कूद गया और कमल-नाल के सहारे पानी के भीतर छिपा रहा। पूछताछ में उसने बताया कि वह किसी भी कीमत पर पुलिस के हाथ नहीं आना चाहता था, इसलिए यह तरीका अपनाया। आरपीएफ के अनुसार, हरविंदर कभी अपने साथ मोबाइल या कोई पहचान पत्र नहीं रखता था। यही उसकी सबसे बड़ी चाल थी, जिससे उसकी पहचान उजागर नहीं हो पाती थी और वह सालों तक पुलिस को चकमा देता रहा। ये खबर भी पढ़ें… 5 घंटे तालाब में छिपा रहा 400 चोरियों का मास्टरमाइंड जबलपुर में पुलिस और एक शातिर अंतरराज्यीय चोर के बीच मंगलवार शाम फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी खितौला रेलवे स्टेशन के पास एक काई से भरे तालाब में कूद गया। वह करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा। पूरी खबर पढ़ें
गयाजी के गौतमबुद्ध महिला कॉलेज में लंबे समय से ठप पड़े निशुल्क नामांकन को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उग्र आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन को झुकना पड़ा और तत्काल प्रभाव से नामांकन शुरू करने का आदेश जारी कर दिया गया। छात्राओं ने ABVP के बैनर तले विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दबाव में आकर प्रशासन ने नामांकन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी। अब 12 अप्रैल 2026 तक एडमिशन लिया जाएगा। प्रिया और वैष्णवी के नेतृत्व में आंदोलन तेज इस आंदोलन में प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह ने नेतृत्व किया, जबकि कॉलेज स्तर पर अध्यक्ष वैष्णवी कुमारी ने मोर्चा संभाला। दोनों के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ डट गए। प्रिया सिंह ने कहा, ‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। महीनों तक नामांकन लटकाना अन्याय है। छात्राओं को खासतौर पर परेशानी हुई। ABVP ने सड़क से लेकर दफ्तर तक संघर्ष किया। यह फैसला उसी लड़ाई का नतीजा है।’ उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रशासन से सीधी वार्ता का भी असर वैष्णवी कुमारी ने बताया कि, ‘छात्रों की समस्या को लेकर विश्वविद्यालय के DSW और परीक्षा नियंत्रक से सीधी बात की गई। साफ कहा गया कि देरी से हजारों छात्र प्रभावित हो रहे हैं। लगातार दबाव और बातचीत के बाद प्रशासन को फैसला लेना पड़ा।’ नई तारीख जारी, छात्रों में उत्साह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नई तारीख जारी करते हुए 12 अप्रैल तक नामांकन और 16 अप्रैल तक फॉर्म भरने की अंतिम तिथि तय की है। आदेश जारी होते ही कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल दिखा और कई छात्राएं तुरंत नामांकन प्रक्रिया पूरी करने पहुंच गईं। इस आंदोलन में SFD प्रांत संयोजक सूरज सिंह, राज्य यूनिवर्सिटी सह संयोजक मैक्स अवस्थी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, अंकित शर्मा, दीपक कुमार और प्रिंस कुमार समेत कई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया।
शादी के पहले बहू किसी लड़के के संपर्क में थी। मुझे लगता है, वही उसे परेशान कर रहा होगा। बेटे ने तो मुझे कभी कुछ नहीं बताया। भगवान ही जाने, उन दोनों के मन में क्या था। यह बात मुठिया टोला चांदपुर के रहने वाले गणेश पटेल कहते हुए रो पड़ते हैं। 1 अप्रैल को बेटा-बहू घर में फांसी के फंदे पर लटके मिले थे। पिता बोले- रिश्तेदारी में दोनों की पहचान हुई। जिद की तो दोनों परिवारों ने शादी करा दी। मर्जी की शादी। घर में कोई परेशानी नहीं, फिर क्यों मौत को गले लगाया? यही सवाल मुझे रात-दिन परेशान करता है। जब भी सोचता हूं तो एक ही बात दिमाग में घूमती है कि शादी के पहले बहू जिस लड़के से संपर्क में थी, क्या वह परेशान कर रहा था। ये जांच का विषय है, पर ऐसा हो सकता है। शादी के ढाई साल बाद तक सबकुछ सामान्य था। फिर अचानक एक दिन दूल्हा-दुल्हन की तरह सजे। पॉपकॉर्न और शराब लाई। मोबाइल में “साथ जिएंगे, साथ मरेंगे” की रिंगटोन लगाई। इसके बाद दोनों ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। कपल के सुसाइड का कारण जानने दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची। यहां पिता ने तीसरे युवक पर शक जताकर इसे और रहस्यमयी केस बना दिया। पढ़िए रिपोर्ट… पहले दो तस्वीरें देखिए… बहू ने दूध चावल दिए, बेटा सोने चला गया पड़ताल में सामने आया कि घटना वाले दिन सुबह राजेंद्र बाइक से चांदपुर समूह की किस्त भरने गया था। वहां से लौटकर खाना खाया। बहू काजल ने ससुर गणेश को खाने में दूध-चावल दिए। दोपहर के समय राजेंद्र दोबारा बाइक लेकर चांदपुर चला गया। कुछ समय बाद लौटा और कमरे में चला गया। पिता गणेश पटेल ने बताया कि बेटा राजेंद्र रोज दोपहर में दो घंटे आराम करता था, उस दिन भी वह सो रहा था। मैं और छोटा बेटा खेत में गेहूं की फसल इकट्ठा करने चले गए। शाम तक राजेंद्र नहीं आया तो मैंने छोटे बेटे को उसे बुलाने के लिए घर भेजा। बेटा कमरे में पहुंचा तो बिस्तर पर कोई नहीं दिखा। दूसरे कमरे में गया तो हैरान करने वाला दृश्य था। बाजार से खरीदकर लाया रस्सी और पॉपकॉर्नपिता गणेश ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे में जाकर देखा तो पॉपकॉर्न रखे थे। शराब की बोतल भी थी। इसके अलावा जिस रस्सी से उन्होंने फंदा लगाया, वह नई थी। पिता ने शंका जाहिर की कि राजेंद्र उसी दिन रस्सी, पॉपकॉर्न और शराब बाजार से लेकर आया होगा। पिता ने कहा कि मौत से पहले राजेंद्र ने अपने मोबाइल की रिंगटोन में भी साथ जिएंगे, साथ मरेंगे गाना लगाया था। तीन साल पहले रिश्तेदारी में मिले थे दोनों परिजनों ने बताया कि बंडा के पास एक गांव में रिश्तेदारी है। वहां पर बेटा राजेंद्र का आना-जाना था। करीब 3 साल पहले काजल और राजेंद्र की मुलाकात हुई। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। इसी बीच दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। घर में आकर बताया कि शादी करना है। बच्चों की जिद देखकर दोनों परिवारों ने बैठकर बात की और शादी करने पर सहमति दी। दोनों परिवारों ने मिलकर खुशी-खुशी दोनों की शादी कर दी। परिवार में कोई परेशानी नहीं थी और न ही मायके पक्ष से परेशानी थी। परिवार से अलग रहता था राजेंद्र राजेंद्र का मकान खेत में बना है, जिसमें दो पक्के और दो कच्चे कमरे हैं। राजेंद्र के परिवार में 6 सदस्य थे। पिता, दादी, छोटा भाई और बहू अलग पक्के मकान में रहते हैं। वहीं, राजेंद्र और काजल कच्चे मकान में रहते थे। दोनों घरों में अलग-अलग खाना भी बनता था। जमीन बेचकर बाइक दिलाई थी पिता ने बताया कि राजेंद्र को बाइक चाहिए थी। उसने बाइक लेने के लिए बोला, लेकिन पैसे नहीं थे। बच्चों की जरूरत पूरी करने के लिए मैंने जमीन बेची और बाइक खरीद कर दी। बाइक घर पर खड़ी रहती थी, जब जिसे जरूरत हो, वह उपयोग करता था। राजेंद्र को कोई कमी नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि बेटा और बहू ने आखिरी ऐसा क्यों किया, कुछ समझ नहीं आ रहा है। मुझे संदेह है कि दूसरे लड़के से परेशान होकर ही ऐसा किया होगा, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है। यह खबर भी पढ़ेंशादी के जोड़े में फांसी पर लटके मिले पति-पत्नी सागर में पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। दोनों शादी का जोड़ा पहने हुए थे। पोस्टमॉर्टम के दौरान पता चला कि पत्नी डेढ़ महीने की प्रेग्नेंट थी। मौके से कोई सुसाइड नहीं मिला है, लेकिन पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। पूरी खबर पढ़ें…
रणथंभौर टाइगर रिजर्व वन्यजीव प्रेमियों के बीच टाइगर साइटिंग का हॉट स्पॉट है। जहां टाइगर साइटिंग बड़ी आसानी से हो जाती है, लेकिन कई पर्यटक वाहन टाइगरों को घेर लेते हैं। जिससे टाइगर पर्यटक वाहनों के बीच में फस जाते हैं। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जिसमें पर्यटक वाहनों ने टाइगर को घेर रखा था। वन विभाग ओर से जांच के बाद तीन नेत्र गाइड और तीन ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन ड्राइवर और गाइडों पर हुई कार्रवाई दरअसल, 2 अप्रैल को शाम की पारी में पर्यटक घूमने गए थे। इसी दौरान जोन नंबर तीन में पर्यटकों को टाइगर के दीदार हुए थे। यहां कुछ पर्यटक वाहनों ने टाइगर को घेर लिया था। जिससे टाइगर का रास्ता ब्लाक हो गया था। इसी घटना का वीडियो भी सामने आया है। जिसके वन विभाग ने ड्राइवर मुरारी लाल मीणा, महेंद्र माली और तेजराज सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है। वन विभाग ने इसी के साथ ही तीन नेचर गाइड पर भी कार्रवाई की है। वन विभाग ने नेचर गाइड प्रफुल्ल पाराशर, हंसराज गुर्जर, सैयद इरशाद सहित सभी ड्राइवरों का पार्क में प्रवेश प्रतिबंधित किया है। अब यह ड्राइवर और नेचर गाइड अग्रिम आदेश तक सफारी पर नहीं जा सकेगे। इसे लेकर रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटन डीएफओ संजीव शर्मा ने एक आदेश जारी किया है।
छत्तीसगढ़ में गर्मी एक बार फिर जोर पकड़ने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है। इससे दिन में तेज धूप और गर्मी का असर बढ़ेगा। दो दिन बाद यानी 12 अप्रैल से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान राजनांदगांव में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.5C दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19C रहा। गर्मी से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए मौसमी सिस्टम का असर ओडिशा में साइक्लोन सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके साथ ही तमिलनाडु तक एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ भी सक्रिय है। हालांकि इन दोनों सिस्टम्स का छत्तीसगढ़ के मौसम पर फिलहाल ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ रहा है, जिससे प्रदेश में शुष्क मौसम बना हुआ है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार आज (10 अप्रैल) प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है और अगले दो दिनों तक भी शुष्क मौसम बना रहेगा। रायपुर में आसमान साफ रहेगा, जहां अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सावधानी बरतने की सलाह तापमान में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप से बचने, अधिक से अधिक पानी पीने और बच्चों- बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की आवश्यकता है, ताकि गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र में आदिवासी नाबालिग युवतियों के साथ हुए दुष्कर्म मामले को लेकर विवाद और गहरा गया है। जहां एक ओर हिंदू संगठनों ने आरोपियों को थाने में विशेष सुविधा दिए जाने का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था, वहीं अब दूसरे पक्ष ने वीडियो जारी कर इन आरोपों को गलत बताते हुए पलटवार किया है। हिंदूवादी संगठन के नेता अरविंद राजपूत ने पहले आरोप लगाया था कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से जुड़े एक स्थानीय नेता द्वारा दुष्कर्म के आरोपियों को थाने में विशेष सुविधाएं दिलाई जा रही हैं, यहां तक कि उन्हें मिनरल वाटर तक उपलब्ध कराया गया। गोंडवाना पार्टी के नेता ने दी सफाईअब इस मामले में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से जुड़े नेता मोहिद खान ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किसी भी आरोपी को कोई सुविधा नहीं दी गई। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि थाने में मौजूद एक बालिका ने पानी मांगा था, जिसके बाद उन्होंने मानवता के नाते उसे पानी की बोतल दी थी। मोहिद खान ने अरविंद राजपूत पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने इसे भ्रामक प्रचार बताते हुए संबंधित विभाग से अरविंद राजपूत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पॉक्सो एक्ट में हुई है गिरफ्तारीगौरतलब है कि इस मामले में आरोपी पिता सगीर खान और पुत्र उजेर खान को पुलिस ने पड़ोसी जिले की सीमा से गिरफ्तार किया है। दोनों पर दो नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट सहित बलात्कार की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इधर, हिंदू संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा है कि यदि आरोपियों को किसी भी प्रकार की विशेष सुविधा दी गई है, तो इसमें शामिल लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव बना हुआ है।
हरियाणा के करनाल में धान खरीद के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। राजस्थान के हनुमानगढ़ की एक फर्म से इंद्री की फर्म ने धान का सौदा किया, लेकिन तय शर्तों के अनुसार पूरी राशि का भुगतान नहीं किया। करीब 91 लाख रुपए के सौदे में से 46.85 लाख रुपए बकाया रह गए। बार-बार मांग करने के बावजूद रकम नहीं दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दलाल के जरिए हुआ था सौदाशिकायतकर्ता विजय पाल ने थाना इंद्री में दी शिकायत में बताया कि वह फर्म विजय कुमार प्रभात कुमार, दुकान नंबर 133-ए, नई धानमंडी, टिब्बी रोड, हनुमानगढ़ टाउन में पार्टनर है। 7 नवंबर 2025 को दलाल राजकुमार उसकी फर्म पर आया और खुद को धान की फसल का सौदा करवाने वाला बताया। उसने इंद्री की फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड के साथ सौदा करवाने का प्रस्ताव दिया। अगले दिन मालिक को साथ लाकर कराया एग्रीमेंट8 नवंबर 2025 को राजकुमार अपने साथ फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड के मालिक विपिन गर्ग को लेकर आया। दोनों पक्षों के बीच धान खरीद का सौदा तय हुआ। इसमें शर्त रखी गई कि हर बिल के बाद अगला बिल देने से पहले पिछली रकम का भुगतान किया जाएगा। 11 से 15 नवंबर के बीच बेचा गया 91 लाख से ज्यादा का धानशिकायत के अनुसार 11 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक अलग-अलग बिलों के जरिए 91,23,387 रुपए का धान बेचा गया। विपिन गर्ग ने कुछ भुगतान किया, जिसमें 13 नवंबर 2025 को 8.50 लाख रुपए आरटीजीएस से, 15 नवंबर को 6.90 लाख रुपए एटीएम और 10 लाख रुपए आरटीजीएस से, 16 नवंबर को 5.98 लाख रुपए, 19 नवंबर को 4 लाख 99 हजार 500 रुपए, 23 नवंबर को 4 लाख रुपए, 25 नवंबर को विजय पाल के एचडीएफसी खाते में 2 लाख और प्रभात के खाते में 2 लाख रुपए जमा करवाए। कुल मिलाकर 44 लाख 37 हजार 500 रुपए दिए गए। 46.85 लाख रुपए बकाया, टालमटोल करता रहा आरोपीशिकायत में बताया गया कि 46 लाख 85 हजार 887 रुपए बकाया रह गए। रकम लेने के लिए विजय पाल कई बार करनाल स्थित फर्म के पते पर गया, लेकिन विपिन गर्ग नहीं मिला। वहां मुनीम राजबीर शर्मा मिलता था, जो फोन पर बात करवाता था, लेकिन हर बार भुगतान को लेकर टालमटोल किया जाता रहा। 15 दिसंबर को साफ कहा- ठगी करनी थीविजय पाल के अनुसार 15 दिसंबर 2025 को आखिरी बार बात हुई, जिसमें आरोपी पक्ष ने साफ कह दिया कि उन्होंने ठगी करने के इरादे से ही माल खरीदा था और पैसे नहीं देंगे। इसके बाद सभी मोबाइल नंबर बंद कर लिए गए। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच सौंपीप्रार्थी ने बीती 23 मार्च को लिखित शिकायत दी। थाना इंद्री में एमएचसी संदीप कुमार के समक्ष यह परिवाद दर्ज हुआ। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाया गया। 9 अप्रैल को थाना इंद्री में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड, गढ़ी साधान के मालिक विपिन गर्ग और मुनीम राजबीर शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच एएसआई धर्मेंद्र कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
रायसेन जिले में 9 अप्रैल से सरकारी गेहूं खरीदी शुरू की गई, लेकिन कई केंद्रों पर बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर टीम ने सागर रोड स्थित बम्होरी खरीदी केंद्र का दौरा किया। वहां पर्याप्त बारदाना, किसानों के बैठने की व्यवस्था और फसल को धूप से बचाने के लिए छाया का अभाव दिखा। तौल कांटे मौजूद थे, लेकिन खरीदी के लिए अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी थी। किसानों के अनुसार, उन्होंने पहले ही स्लॉट बुक करा लिए थे और उन्हें 10 अप्रैल की तारीख मिली थी। हालांकि, केंद्रों पर अव्यवस्था के कारण वे असमंजस में हैं। तेज गर्मी में खुले आसमान के नीचे इंतजार करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है। कई केंद्रों पर बारदाने की कमी और स्लॉट बुकिंग में भी दिक्कतें आ रही हैं। जिले के कई खरीदी केंद्रों के बाहर हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है, जिससे किसान अपनी उपज की रखवाली करने को मजबूर हैं। उन्हें अगली फसल की तैयारी और वर्तमान उपज की सुरक्षा के बीच निर्णय लेने में कठिनाई हो रही है। गल्ला मंडियों में उचित दाम न मिलने के कारण किसान सरकारी खरीदी पर निर्भर हैं। अधिकारियों ने खरीदी में देरी का कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से बारदाने की आपूर्ति का प्रभावित होना बताया है। जिला विपणन अधिकारी राजू कातुलकर ने जानकारी दी कि व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं और जल्द ही सभी केंद्रों पर खरीदी सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि खरीदी प्रक्रिया जल्द से जल्द सुचारू हो, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान और अन्य परेशानियों से राहत मिल सके।
जयपुर शहर में सफाई व्यवस्था और सीवर से जुड़ी समस्याएं लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। कई इलाकों में टूटी नालियां, जाम सीवर और खाली प्लॉट में फैली गंदगी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। आमजन ने इन समस्याओं को भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए उठाया, जिससे जमीनी हकीकत जिम्मेदार विभागों तक पहुंची। शिकायतों के बाद कई क्षेत्रों में कार्रवाई भी हुई, जिससे लोगों को राहत मिलने लगी है और व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। राम नगर रोड पर टूटी नालियां राम नगर रोड से रघुवीर सिंह ने पोस्ट कर बताया कि शिव कॉलोनी में नालियों के फेरो कवर टूटे हुए हैं। इसके कारण गंदगी फैल रही है और क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भिंडो का रास्ता में सफाई नहीं मोहम्मद मुबारिक कुरैशी ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे गंदगी का अंबार लगा हुआ है। झोटवाड़ा में 2 महीने से बह रहा सीवर का पानी गोपी नगर, झोटवाड़ा से इमरान सामी ने पोस्ट किया कि शिव नगर क्षेत्र में पिछले 2 महीनों से सीवर का गंदा पानी बह रहा है। समस्या लगातार बनी हुई है और अब तक समाधान नहीं हुआ है। खाली प्लॉट बना कचरा घर शिवानंद मार्ग, मालवीय नगर से सुरेश ने पोस्ट किया कि सेक्टर-1 में खाली प्लॉट में लोग कचरा डाल रहे हैं। इससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। नहरू नगर में सफाई शुरू मोनिका शर्मा ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में सड़क पर सफाई नहीं हो रही थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर सफाई व्यवस्था शुरू करवाई, जिससे लोगों को राहत मिली। रामलला जी का रास्ता में कचरे की समस्या दूर हनुमान ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में कचरे की समस्या गंभीर थी। मामला उठने के बाद सफाई करवाई गई और क्षेत्र को कचरे से मुक्त किया गया, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। कुसुम यादव बनी आज की ‘पब्लिक की स्टार’ रामलला जी का रास्ता क्षेत्र में कचरे की समस्या के समाधान में कुसुम यादव ने अहम भूमिका निभाई। शिकायत सामने आने के बाद उन्होंने त्वरित हस्तक्षेप कर संबंधित विभाग से समन्वय किया और सफाई कार्य सुनिश्चित करवाया। इससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली और व्यवस्था में सुधार देखने को मिला। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान में उजागर हुई जयपुर की हकीकत:गंगापोल में कचरा-सीवर से लोग बेहाल, हरनाथपुरा की सड़कें बनीं मुसीबत; मनोज मुदगल फिर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.भास्कर समाधान में उजागर हुई शहर की दुर्दशा:न्यू सांगानेर रोड और झोटवाड़ा में जनता परेशान, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.भास्कर समाधान का असर, जिम्मेदारों तक पहुंचीं शहर की समस्याएं:कई इलाकों में मिली राहत; कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 4.भास्कर-समाधान का असर, जयपुर में गंदे पानी की समस्या दूर:शहरभर से उठीं गंदगी, कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 5.भास्कर समाधान का असर, मानसरोवर में पाइपलाइन ठीक हुई:जयपुर में जाम नालियां-सड़कें बनीं बड़ी समस्या, हिमांशु शर्मा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.बसों में भीड़ से बढ़ी परेशानी, सांगानेर में सीवर ओवरफ्लो:कार्रवाई से कुछ इलाकों में राहत, लोकेश कुमावत बने 'स्टार ऑफिसर' 7.भास्कर समाधान से कनकपुरा में स्ट्रीट लाइट हुई ठीक:जयपुर में खुले सीवर-चैम्बर की समस्याएं उजागर; हिमांशु शर्मा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.जयपुर में सड़क, कचरा और पब्लिक टॉयलेट के हालात खराब:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद हुई कार्रवाई; लोकेश कुमावत बने ‘स्टार ऑफिसर’ 9.जयपुर में सीवर, जलभराव और गंदगी से जनता परेशान:भास्कर समाधान पर मिल रही शिकायतें, नाले की टूटी पट्टियां हटाई, हरेंद्र सिंह बने पब्लिक के स्टार 10.जयपुर में सीवर-नाली और सफाई की समस्याएं उजागर:भास्कर समाधान पर की शिकायतों पर एक्शन, हरेंद्र सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’
कनाडा के ओंटारियो के एलमवेल में गाड़ियों में पेट्रोल की जगह पानी भरने पर पंजाबी मूल के व्यक्ति का पेट्रोल पंप सील कर दिया गया। एक महीने से पेट्रोल पंप की जांच चल रही है। पंप मालिक का कहना है कि ये सब गलती से हुआ है। मुझे नहीं पता कि कैसे पानी आ गया। लोगों के कमेंट के बाद से पंप मालिक सुखविंदर कंधोला ने कहा कि गाड़ियां खराब होने के बाद क्लेम के लिए लोग उनको परेशान कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर उल्टा सीधा कह रहे हैं जिससे वह बहुत परेशान हैं। बता दें कि यहां से पेट्रोल और डीजल भरवाने वाले लगभग 18 ग्राहकों की गाड़ियां कुछ ही किलोमीटर चलकर बंद हो गईं। जांच में पाया गया कि पेट्रोल में 50% से अधिक पानी मिला हुआ था, जिससे इंजन हाइड्रोलिक लॉक हो गए और लोगों को 4 लाख रुपए तक के रिपेयर बिल का सामना करना पड़ा। लोगों की शिकायतों के बाद टेक्निकल स्टैंडर्ड्स एंड सेफ्टी अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्टेशन को बंद कर दिया है। स्टेशन मालिक सुखविंदर कंधोला ने इसे अनजानी तकनीकी खराबी बताते हुए सोशल मीडिया पर हो रहे हेट कमेंट्स पर चिंता जताई है। जानें क्या है पूरा घटनाक्रम स्टेशन मालिक बोला-सबके लिए इंश्योरेंस क्लेम खोल दियालोगों की मांग के बाद कंपनी मालिक सुखविंदर कंधोला ने बताया कि वह 2018 से यह स्टेशन चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम पानी का पता लगाने में विफल रहा। उन्होंने प्रभावित ग्राहकों से माफी मांगी है और अपनी इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से क्लेम सेटल करने की प्रक्रिया शुरू की है। मामले ने तब तूल पकड़ा जब मालिक ने एक इंटरव्यू में ऑनलाइन हो रहे रेसिज्म (नस्लवाद) और हेट कमेंट्स की शिकायत की। उन्होंने कहा कि इन कमेंट्स से उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इसके जवाब में सोशल मीडिया (एक्स और रेडिट) पर लोग भड़क गए। ग्राहकों का तर्क है कि असली पीड़ित वे परिवार हैं जिनकी गाड़ियां खराब हुईं और जिनके पास रिपेयर के पैसे नहीं हैं, जबकि मालिक खुद को 'विक्टिम' के रूप में पेश कर रहे हैं।
धौलपुर में आज बिजली आपूर्ति बंद:दरियापुर सब-स्टेशन रखरखाव से कई क्षेत्रों में कटौती
धौलपुर में शुक्रवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के सहायक अभियंता कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 33/11 केवी सब-स्टेशन दरियापुर पर सीटी, पीटी और वीसीबी रखरखाव कार्य के कारण यह कटौती की जाएगी। यह विद्युत कटौती सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान 11 केवी लक्ष्मीनाथ औद्योगिक फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। बिजली सप्लाई बंद होने से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज, रसूलपुर, औडे़ला, गरिमा, एमसीएफ, जूते-चप्पल निर्माण इकाइयां और नवनिर्मित क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दरियापुर बायपास, उमेदनगर, राठौर कॉलोनी, सुंदर कॉलोनी और बंजारा कॉलोनी आदि इलाकों में भी विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से इस अवधि में सहयोग की अपील की है।
सपोटरा में आज 7 घंटे बिजली बंद:लूलोज जीएसएस पर मेंटेनेंस के चलते आपूर्ति बाधित
करौली जिले के सपोटरा क्षेत्र में आज विद्युत आपूर्ति 7 घंटे तक बाधित रहेगी। यह कटौती 33/11 केवी लूलोज जीएसएस पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के कारण की जा रही है।जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता हिम्मत सिंह परिहार ने बताया कि बिजली आपूर्ति सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगी। लूलोज जीएसएस से जुड़े सभी गांव इससे प्रभावित होंगे। इस अवधि में लाइन सुधार और अन्य तकनीकी कार्य किए जाएंगे, जिससे भविष्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।उन्होंने उपभोक्ताओं से असुविधा से बचने के लिए आवश्यक कार्य पहले ही निपटाने और सहयोग करने की अपील की है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएगी।
पूर्णिया में दसवीं की छात्रा को भगाने के आरोप में भीड़ ने एक लड़के को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। आरोप है कि वो स्कूली छात्रा को अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहा था। जानकारी मिलते ही लड़की के परिजनों मौके पर पहुंच गए। लड़के को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। हंगामे के बीच पुलिस मौके पर पहुंची। लड़का कटिहार का रहने वाला है। पूर्णिया में रहकर पढ़ाई करता है। घटना मधुबनी थाना क्षेत्र के जलसा भवन के पास की है। दरवाजा अंदर से बंद था लड़की की मां का कहना है कि उनकी बेटी रोज की तरह स्कूल के लिए घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में कुछ लड़के उसे जबरन अपने साथ ले गए। बेटी की सहेली से फोन पर मिली जानकारी के बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए। खोजबीन के दौरान उन्हें पता चला कि लड़की को एक कमरे में छिपाकर रखा गया है। जब वहां पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से दरवाजा बंद था। इसी दौरान लड़की को पीछे के रास्ते से भगा दिया गया। लड़की के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि एक महीने पहले भी आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे परिवार पहले से ही डरा हुआ था। हालांकि, पकड़े गए लड़के की कहानी पूरी तरह अलग है। लड़के का कहना है कि वह और लड़की एक-दूसरे को पसंद करते हैं और पिछले पांच-छह महीनों से दोनों के बीच बातचीत हो रही है। उस पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। वो अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था, तभी कुछ लोग आए और दरवाजा खुलते ही उसे पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही मधुबनी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और किसी तरह युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। पुलिस उसे थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। थानाध्यक्ष सूरज प्रसाद ने बताया कि लड़की को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। अगर परिजन लिखित आवेदन देते हैं, तो मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में पिछले दिनों हुई बारिश से ठंडक:दिन में तेज धूप करेगी परेशान, पारा 33°C रहने का है अनुमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आगरा में 10 अप्रैल की सुबह हल्की ठंडक और राहत महसूस हो रही है। पिछले दो दिनों से मौसम में आई नरमी का असर आज भी बना हुआ है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तापमान बढ़ने से तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। ऐसे में दोपहर के समय गर्मी फिर से असर महसूस होगा। आज का मौसम अधिकतम तापमान: 33C (संभावित) न्यूनतम तापमान: 19C मौसम: दिन में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना, हल्के बादल रह सकते हैं बारिश की संभावना: नहीं मौसम विभाग के मुताबिक दिन बढ़ने के साथ तापमान में इजाफा होगा, हालांकि हवाओं के कारण कुछ राहत भी मिल सकती है। अगले सात दिनों में मौसम का पूर्वानुमान पिछले सात दिनों में ऐसा रहा तापमान
लखनऊ में मौसम एकदम साफ, निकली तेज धूप:AQI संतोषजनक श्रेणी में, दिन में चलेगी तेज सतही हवा
लखनऊ में बारिश के बाद मौसम ठंडा हुआ था, लेकिन अब फिर से सामान्य स्थिति के बीच पारा लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा। दिन में तेज सतही हवा चलेगी। अधिकतर समय मौसम साफ बना रहेगा। गुरुवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 6.7 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहा। यह सामान्य से 3.7 डिग्री कम रहा। अधिकतम आर्द्रता 92 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 32 फीसदी रही। सामान्य से 357 फीसदी अधिक बरसात लखनऊ में 1 मार्च से लेकर अभी तक कुल 36.1 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश 7.9 मिलीमीटर की तुलना में 357 फीसदी अधिक है। वहीं, सुबह के समय में लखनऊ के 6 मॉनिटरिंग स्टेशनों का औसत AQI 86 के साथ में संतोषजनक श्रेणी में है। अलीगंज 96, लालबाग 93, तालकटोरा 80, गोमतीनगर 78, अंबेडकर यूनिवर्सिटी 76 और कुकरैल का AQI 64 के साथ में संतोष जनक स्तर पर रहा। गुरुवार शाम 4 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़े के मुताबिक लखनऊ का AQI 52 के साथ में संतोषजनक स्तर पर रहा। 10 डिग्री बढ़ेगा पारा मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आगामी 1 सप्ताह के दौरान मौसम सामान्य रहने से तापमान में 10 डिग्री तक की बढ़त होगी। इससे गर्मी का असर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बेमौसम बरसात होने से मौसम ठंडा हो गया। इस बीच फरवरी जैसे मौसम के हालत बन गए। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। उन्होंने ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदला है। हालांकि, यह असामान्य स्थिति है। अब आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा।
सहारनपुर हादसा: निर्माणाधीन पुल पर पलटा गिट्टी से भरा ट्रक, 3 लोगों की मौत; दो की हालत गंभीर
प्रयागराज में पिछले कुछ दिनों तक चली आंधी और बारिश के बाद अब मौसम पूरी तरह साफ हो गया है। सुबह से ही तेज धूप निकल रही है, जिससे गर्मी ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिन के समय कड़क धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है और मौसम गर्म बना हुआ है। हालांकि, रात के समय तेज ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे रात और सुबह के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है। इस समय प्रयागराज में दिन और रात के मौसम में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है जहां दिन में गर्मी बढ़ रही है, वहीं रात में ठंडक बनी हुई है। मौसम धीरे-धीरे फिर से गर्मी की ओर लौटता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज न्यूनतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं, मौसम साफ होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। बेमौसम बारिश और तेज आंधी के कारण गेहूं की पकी फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। कई जगहों पर फसल खेतों में गिर गई थी और बारिश के कारण भीग भी गई थी, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई थी। अब मौसम साफ होते ही किसानों ने फिर से कटाई और मड़ाई का काम शुरू कर दिया है और राहत की सांस ली है।
लखनऊ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। चुनाव आयोग के द्वारा संचालित इस प्रक्रिया का समापन 10 अप्रैल को होगा, जब आम नागरिकों को मतदाता सूची का अंतिम अवलोकन करने का अवसर मिलेगा। इस दिन सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मौजूद रहेंगे, ताकि लोग अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकें और किसी भी त्रुटि के संबंध में आपत्ति दर्ज करा सकें। अंतिम दिन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। प्रत्येक बूथ पर बीएलओ की तैनाती की गई है, जो मतदाताओं की सहायता करेंगे। नागरिक सीधे बूथ पर पहुंचकर मतदाता सूची में अपने विवरण का सत्यापन कर सकेंगे और आवश्यक होने पर सुधार या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। नौ विधानसभा क्षेत्रों में चला व्यापक अभियान राजधानी लखनऊ की नौ विधानसभा क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हुआ, जिसमें नए मतदाताओं को जोड़ा गया और मृतक, स्थानांतरित तथा डुप्लीकेट नामों को हटाया गया। 10 अप्रैल को नागरिकों के पास यह अंतिम मौका होगा कि वे अपने नाम और अन्य विवरणों की पुष्टि कर लें। इसके बाद निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी, जिसमें किसी भी प्रकार के बदलाव की गुंजाइश बेहद सीमित रह जाएगी। लखनऊ की 9 विधानसभा के सामने आए आंकड़े SIR प्रक्रिया के तहत लखनऊ की नौ विधानसभा उत्तर, पूर्व, पश्चिम, मध्य, कैंट, सरोजनीनगर, बख्शी का तालाब, मलिहाबाद और मोहनलालगंज में मतदाता सूची में बड़े स्तर पर संशोधन हुआ है। अभियान शुरू होने से पहले कुल मतदाता संख्या 39,94,535 थी, जो अब घटकर लगभग 27,94,397 रह गई है। उत्तर विधानसभा में सबसे अधिक करीब 1.91 लाख वोटर सूची से हटाए गए हैं, जबकि कैंट सीट पर लगभग 40 प्रतिशत यानी करीब 1.40 लाख मतदाता कम हुए हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी हजारों की संख्या में नाम हटाए गए हैं, जिससे कुल मिलाकर लगभग 12 लाख मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। तीन लाख नए मतदाताओं की एंट्री से बदला समीकरण SIR के दौरान केवल नाम हटाने की प्रक्रिया ही नहीं हुई, बल्कि नए मतदाताओं को भी जोड़ा गया। फार्म-6 के माध्यम से करीब 3 लाख नए वोटर सूची में शामिल किए गए हैं।सबसे ज्यादा नए मतदाता पश्चिम विधानसभा में करीब 55 हजार जुड़े हैं। इसके बाद सरोजनीनगर में लगभग 47 हजार, उत्तर में करीब 36 हजार और बख्शी का तालाब में 34 हजार नए वोटर शामिल किए गए हैं। इसके अलावा पूर्व, मध्य, कैंट, मलिहाबाद और मोहनलालगंज में भी हजारों नए मतदाता जोड़े गए हैं। SIR प्रक्रिया में क्या-क्या हुआ विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए कई स्तरों पर कार्य किया। इस प्रक्रिया में मृतक मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो लोग शहर छोड़कर जा चुके थे उन्हें सूची से बाहर किया गया और डुप्लीकेट नामों की पहचान कर उन्हें हटाया गया। इसके साथ ही नए पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें युवाओं और नए वोटर्स को जोड़ा गया। घर-घर सत्यापन, बूथ स्तर पर जांच, बीएलओ द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन और दस्तावेजों की जांच जैसे कई चरणों से गुजरकर यह सूची तैयार की गई है। शहर के वोटर्स का पूरा आंकड़ा
पाली में एक बीएड स्टूडेंट और उसके परिवार पर कुछ लोगों ने घर में घुसकर हमला कर दिया। जिसमें बीएड स्टूडेंट और उसके माता-पिता घायल हो गए। तीनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया है। घटना गुरुवार को पाली के सदर थाना क्षेत्र के लांबिया गांव की है। बीएड स्टूडेंट दुर्गा ने बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदार नशे में हंगामा कर रहे थे। इससे उसे पढ़ाई में दिक्कत हो रही थी। इस पर उन्हें टोका तो नाराज हो गए और लाठियां लेकर तीन-चार जने घर में घुस गए और उस पर और उसके माता-पिता पर हमला कर दिया। इस हमले में लांबिया गांव निवासी 20 साल की बीएड स्टूडेंट दुर्गा, उसके 45 वर्षीय पिता रुघाराम पुत्र गुणेशराम और 40 वर्षीय मां दुर्गादेवी घायल हो गई। तीनों को गुरुवार रात को ही इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उनका उपचार किया गया। सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
लुधियाना के हैबोवाल इलाके के जस्सियां रोड पर रिश्तों को तार-तार करने का मामला सामने आया है। यहां एक बेटी ने अपने ही पिता पर पिछले 2 साल से अश्लील हरकतें करने और अब दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी पिता पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लड़की की उम्र 18 साल बताई जा रहा है। आरोपी एक फैक्ट्री में काम करता है। 2 साल से सह रही थी जुल्मपीड़िता कल्पना (काल्पनिक नाम) ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उसका पिता रंजन (काल्पनिक नाम) पिछले करीब 2 साल से उसके साथ गलत हरकतें कर रहा था। वह डर और बेइज्जती के कारण चुप रही, लेकिन पिता की दरिंदगी कम होने के बजाय बढ़ती गई। आरोपी के चंगुल से बचाकर भागने में सफल रहीशिकायत के अनुसार, बीती 15 मार्च, 2026 को पीड़िता घर में अकेली थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी पिता ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने (दुष्कर्म) की कोशिश की। युवती ने हिम्मत दिखाते हुए कड़ा विरोध किया और किसी तरह खुद को आरोपी के चंगुल से बचाकर भागने में सफल रही। इस केस में थाना हैबोवाल की पुलिस ने पीड़िता के बयानों पर आरोपी पिता के खिलाफ BNS की धारा 64 (दुष्कर्म का प्रयास), 75 और 62 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
दरभंगा के अलग-अलग इलाकों में आज(10 अप्रैल 2026) डेढ़ घंटे तक बिजली कटेगी। मेंटेनेंस वर्क को लेकर बेला PSS अंतर्गत 11 केवी कटहलबाड़ी और शिवधारा फीडर से सप्लाई ठप रहेगी। साथ ही क्षेत्र के सभी पोल और जर्जर तार की भी मरम्मती की जाएगी। ताकि उपभोक्ताओं को बिजली से संबंधित कोई भी समस्या उत्पन्न न हो। कटहलबाड़ी फीडर से जुड़े इलाकों में सुबह 8:30 बजे से 10:00 बजे तक सप्लाई बाधित रहेगी। बेला, परमेश्वर चौक, सुंदरपुर, बीरा, छठ्ठी पोखर, जालान कॉलेज, बाघमौर, बेला मोड़, श्यामा रेजिडेंसी, कटहलबाड़ी, भंडार चौक, विद्यापति चौक, एमएलएसएम कॉलेज, दीवानी तकिया, मित्रा हॉस्पिटल, बरही टोला समेत आसपास के क्षेत्रों में असर होगा। इसके अलावा शिवधारा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक बिजली बाधित रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह मेंटनेंस कार्य नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। अधिकारियों ने सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट जारी किया गया है। बिजली से जुड़ा कार्य समय से निपटा लें। पानी स्टोर करके रख लें। असुविधा के लिए खेद है। मेंटेनेंस वर्क पूरा होते ही बिजली सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के बारापत्थर गांव में हुए हत्याकांड के 35 दिन बाद पुलिस ने तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में गुरुवार को 50 वर्षीय अभय उर्फ बब्लू यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उनके 25 वर्षीय बेटे राणा यादव को जानलेवा हमला कर घायल कर दिया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में फरार हिस्ट्रीशीटर चंदन यादव का सहयोगी आलोक सोनी (27 वर्ष), प्रेम पुरवार (18 वर्ष) और संजय साकेत (31 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी आलोक सोनी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। 33 दिन बाद हुई गिरफ्तारीइस हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में डीआईजी हेमंत चौहान ने बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया था। हालांकि, मामले के मुख्य साजिशकर्ता हिस्ट्रीशीटर चंदन यादव और राजू लोहार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। घटना 5 मार्च की रात की है। हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा हिस्ट्रीशीटर चंदन यादव नवंबर 2025 में 15 दिन की पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद वह वापस जेल नहीं गया और फरार हो गया था। गोली मारकर की थी हत्या4 मार्च की शाम को गांव में उत्पात मचा रहे चंदन के छोटे भाई शरद को अभय उर्फ बब्लू यादव ने पीट दिया था। इसकी जानकारी मिलने पर चंदन ने बदला लेने की योजना बनाई। 5 मार्च की रात को उसने आलोक सोनी, राजू लोहार, संजय साकेत और प्रेम पुरवार के साथ मिलकर गांव में घुसकर अभय को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बेटे राणा को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। जेल में दोस्ती हुईआरोपियों ने पूछताछ में पुलिस के सामने चौकाने वाले खुलासे किए हैं। टीआई अशोक पांडेय ने बताया कि आरोपी आलोक पर हत्या समेत कई गंभीर अपराध दर्ज हैं, तो संजय पर रामपुर, कोलगवां और सिविल लाइन में चोरी के प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें दोनों कई दफा जेल की हवा खा चुके हैं। इनकी मुलाकात बदमाश चंदन से जेल में ही हुई थी, जिसके बाद तीनों ने गठजोड़ बना लिया और जब हिस्ट्रीशीटर ने भाई के साथ झगड़े का बदला लेने की योजना बनाई तो इन्हीं दोस्तों को अपने साथ मिला लिया। ऐसे दिया पूरे घटनाक्रम को अंजामवारदात के बाद अलग-अलग बाइकों से पांचों आरोपी खैरुआ मार्ग पकडक़र सिंहपुर, कोठी होते हुए सतना पहुंचे, जहां आलोक अपनी बुआ के घर पर रुक गया, तो चंदन समेत बाकी आरोपी रामपुर में संजय के घर जा छिपे। अगले दिन पांचों हमलावर मनगवां (रीवा) रवाना हो गए, जहां से बस में बैठकर पहले प्रयागराज और फिर ट्रेन से दानापुर-बिहार भाग गए। तीन दिन तक एक ही जगह पर पनाह लेने के पश्चात मास्टरमाइंड तो वहीं रह गया, जबकि अन्य चार आरोपी वापस एमपी आकर फरारी काटने लगे। शूटआउट से पहले फायरिंग की प्रैक्टिसपांचों हमलावर वारदात से पहले गांव के बाहर मिले और असलहों को जांचने के लिए सेमरवारा रोड पर भदभदा जंगल जा पहुंचे, जहां चंदन और आलोक ने अपने-अपने देशी पिस्टल से कई राउंड फायर कर पुख्ता किया कि हमले के समय कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके बाद एक बाइक पर राजू लोहार, आलोक सोनी और चंदन वारदात करने निकले तो दूसरी मोटरसाइकिल पर संजय और प्रेम रेकी करते हुए आए, मगर गांव में घुसने की बजाय बाहर रुककर नजर रखने लगे। घर में घुसकर मृतक अभय यादव पर चंदन और आलोक ने 6 राउंड गोलियां चलाई, जबकि तीसरा साथी बाइक स्टार्ट कर बाहर खड़ा रहा। इन्हीं आरोपियों ने मृतक के बेटे की दुकान पर पहुंचकर उसे भी गोली मारी थी। लगभग 4 महीने पहले ही बालिग हुए आरोपी प्रेम पुरवार पर भी आधा दर्जन प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। गिरफ्त में आए सभी आरोपियों से मिले सुराग पर चंदन और राजू की घेराबंदी तेज कर दी गई है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… हिस्ट्रीशीटर साथियों संग बाइक से पहुंचा था हत्या करने सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के बारा पत्थर में 5 मार्च की रात किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को अंजाम देने मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर चंदन यादव अपने दो साथियों के साथ बाइक से पहुंचा था। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर के डीडी नगर में सांड के हमले में घायल 78 वर्षीय मोहन सिंह कुशवाह की गुरुवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। वे स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त थे। हमले के बाद से ही वे अस्पताल के ICU में भर्ती थे। परिजनों के अनुसार, छह दिन पहले मॉर्निंग वॉक के दौरान सांड ने मोहन सिंह पर हमला कर दिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। इलाज में करीब 3 लाख रुपए खर्च हुए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने बताया कि इसी सांड ने करीब तीन महीने पहले मोहन सिंह की पत्नी सोहद्रा पर भी हमला किया था, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर आया था। शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई पत्नी पर हमले के बाद मोहन सिंह और क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से सांड को पकड़ने की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोहन की मौत के बाद भी सांड उनके घर के पीछे मवेशियों के झुंड में बैठा नजर आया। इलाके में दहशत, लगातार हमले कर रहा सांड स्थानीय लोगों का कहना है कि डीडी नगर में यह सांड लगातार राहगीरों पर हमला कर रहा है। शिकायत करने पर निगमकर्मी भी कार्रवाई से बचते नजर आते हैं। गुरुवार को ही सांड ने एक युवक पर हमला किया, जिसने किसी तरह भागकर जान बचाई। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं शहर में आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। दो महीने पहले मुरार के त्यागी नगर में ट्यूशन जा रहे छात्र गोविंद लक्ष्यकार पर सांड ने हमला कर दिया था, जिससे उसके सिर में 25 टांके आए थे। शिवहरे कॉलोनी में भी एक छात्र पर हमला हो चुका है। वहीं पिछले साल लक्ष्मीगंज में सांड के हमले से एक व्यक्ति की मौत हुई थी।
पटना जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब शिक्षा के नाम पर किसी भी तरह की मनमानी नहीं चलेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। क्या है पूरा मामला पिछले कुछ समय से अभिभावकों की ओर से यह शिकायत सामने आ रही थी कि कई निजी विद्यालय प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क के अलावा भी अलग-अलग नाम पर अतिरिक्त पैसे वसूल रहे हैं। कई मामलों में फीस की स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही थी, जिससे अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी, पटना ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम का सख्त निर्देश जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे निजी स्कूलों पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि सभी विद्यालय राज्य सरकार के निर्धारित प्रावधानों का तुरंत पालन करें। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकता। बिना अनुमति अतिरिक्त शुल्क वसूलना पूरी तरह गलत है। सभी फीस संरचना पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करनी होगी। फीस में पारदर्शिता अनिवार्य प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि हर निजी विद्यालय को अपनी फीस से जुड़ी पूरी जानकारी स्कूल नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इससे अभिभावकों को पहले से ही पूरी जानकारी मिल सकेगी और किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी। शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी अभिभावक की ओर से शिकायत मिलती है तो उसकी तत्काल जांच की जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसा करने पर आर्थिक दंड (जुर्माना), प्रशासनिक कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम उठाया जाएगा। छात्रों के हितों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त- त्यागराजन जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा कि, 'छात्रों और अभिभावकों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षा के नाम पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह गलत है और इसे हर हाल में रोका जाएगा।' सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के तहत शुल्क विनियमन समिति भी सक्रिय रहेगी। यह समिति स्कूलों की फीस से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इससे फीस निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होगी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से चल रही मनमानी फीस वसूली पर अब लगाम लग सकती है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
हिसार के भाजपा के सिटी मंडल प्रमुख एवं पूर्व पार्षद महेंद्र जुनेजा को फर्जी डिग्री मामले में पंचकूला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अंबाला जेल भेज दिया। यह पूरा मामला 12 मई 2023 को पंचकूला सेक्टर-5 थाने में दर्ज FIR नंबर 142 पर आधारित है, जिसमें फर्जी मेडिकल डिग्री और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कराने का खुलासा हुआ था। FIR के मुताबिक शिकायतकर्ता हरियाणा काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन के रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश शर्मा ने दी थी। जांच में सामने आया कि महेंद्र कुमार जुनेजा के नाम पर जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट फर्जी था। रिकॉर्ड मिलान में पता चला कि जिस सर्टिफिकेट नंबर और तारीख का इस्तेमाल किया गया, वह असल में किसी अन्य डॉक्टर (डॉ. नीलम) के नाम जारी हुआ था। यानी जनेजा के नाम का सर्टिफिकेट पूरी तरह फर्जी और बोगस पाया गया। 4 साल पहले दीपेंद्र हुड्डा घर आए तभी से शिकंजा दरअसल, 4 साल पहले मई 2022 में भाजपा पार्षद रहे डॉ. महेंद्र जुनेजा के घर कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा पहुंचे थे और कांग्रेस का पटका उनके गले में डाला था। हालांकि विवाद बढ़ने पर डॉक्टर जुनेजा ने इस औपचारिक मुलाकात बताया था और भाजपा में ही बने रहने की बात कही थी। मगर इसी मुलाकात के 15 दिन डॉक्टर जुनेजा के पटेल नगर स्थित जुनेजा क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। 7 घंटे तक यहां दवाओं और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसके बाद डॉक्टर जुनेजा का पार्षद का टिकट भी काट दिया गया था। जानिए कौन से केस में डॉ. जुनेजा की गिरफ्तारी हुई… 10 लाख रुपए में डिग्री का सौदा : FIR में दर्ज बयान के अनुसार, जनेजा से संपर्क कर कुछ लोगों ने BAMS डिग्री दिलाने का झांसा दिया। 10 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। पहले 5 लाख रुपए तुरंत दिए गए। बाकी 5 लाख डिग्री मिलने पर दिए गए। जुनेजा को BAMS की फर्जी मार्कशीट, प्रोफेशनल सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सौंपे गए। यह डील पंचकूला में हुई। इस केस में महेंद्र जुनेजा, डॉ. नीरज बंसल, डॉ. नवीन कुमार, करण सर्ना और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धाराएं 406, 420, 467, 468, 471 और 120-B के तहत केस दर्ज किया गया था। डॉक्टरों का नेटवर्क भी आया सामने : जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि कई लोगों को फर्जी मेडिकल डिग्रियां और सर्टिफिकेट जारी किए गए। FIR में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों द्वारा MBBS तक की फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, जो समाज और मेडिकल सिस्टम के लिए गंभीर खतरा बताया गया। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती जांच में महेंद्र जनेजा ने खुद को पीड़ित बताते हुए बयान दिया था और सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई थी। उन्होंने पैसे वापस दिलाने की भी मांग की थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के बाद अब उसी केस में उनकी गिरफ्तारी की गई है। जानिए केस की पूरी टाइमलाइन : पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद 2023 में केस दर्ज हुआ था और लंबे समय तक जांच चलती रही। अब साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए जनेजा को गिरफ्तार किया गया। 30 अगस्त और 27 अक्टूबर 2022 को सर्टिफिकेट की जांच के लिए पुलिस को शिकायत दी गई। 29 नवंबर 2022 में डिग्री फर्जी होने की पुष्टि हुई। 12 मई 2023 को पंचकूला के सेक्टर 5 थाने में FIR दर्ज की गई। 9 अप्रैल 2026 को पंचकूला पुलिस ने गिरफ्तार किया।
व्यक्ति ने जहरीला पदार्थ खाया:परिजन बोले- कर्ज में था, मंदसौर जिला अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
मंदसौर जिले के सुवासरा क्षेत्र के धाकड़खेड़ी थाना अंतर्गत ग्राम निवासी 50 वर्षीय उदयलाल पिता भंवरलाल धाकड़ द्वारा गुरुवार रात जहरीले पदार्थ का सेवन करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, उदयलाल को पहले परिजन सुवासरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मंदसौर जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया जहां इलाज जारी है। 2 से 3 लाख रुपए का था कर्जउदयलाल के साले बाला शंकर ने बताया कि उन पर लगभग 2 से 3 लाख रुपये का कर्ज है, संभवतः इसी आर्थिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया होगा। वहीं, उदयलाल के भाई बालाशंकर धाकड़ ने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से सूचना मिली कि उनके भाई ने जहर खा लिया है। सूचना मिलते ही वे गांव पहुंचे और उदयलाल को तत्काल सीतामऊ अस्पताल लेकर गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मंदसौर रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि उदयलाल पर कर्ज जरूर था, लेकिन उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, इसकी स्पष्ट जानकारी फिलहाल किसी को नहीं है।
पूर्णिया में शातिर ठगों ने फर्जी पुलिस बनकर युवक के गहने उड़ा लिए। चेकिंग के नाम पर बाइक सवार युवक को रोका और फिर उससे करीब 2 लाख रुपए की कीमत के सोने की चेन और अंगूठी लेकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित की पहचान मधुबनी थाना क्षेत्र के अमला टोला निवासी प्रभास कुमार के रूप में हुई है। घटना के.हाट थाना क्षेत्र के टैक्सी स्टैंड रोड की है। पीड़ित प्रभास कुमार ने बताया कि बाइक से बस स्टैंड जा रहा था। फोन आने पर शहर के आंबेडकर सेवा सदन के पास बाइक रोककर बात करने लगा। इस दौरान बुलेट से दो युवक पहुंचा। खुद को पुलिस बताते हुए कहा कि सुरक्षा लिहाज से सादे लिवास में घूम रहे हैं। शहर में छिनतई करने वाले घूम रहे हैं, इसलिए सोने के चेन और अंगूठी उतार दीजिए। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस बदमाशों ने चालाकी दिखाते हुए प्रभास से उनकी सोने की चेन और अंगूठी उतरवा ली। इसके बाद उन्होंने गहनों को एक कागज में लपेटा और फिर रुमाल में बांधकर वापस प्रभास के हाथ में दे दिया। बिना किसी शक के उस रुमाल को अपनी पैंट की जेब में रख लिया और वहां से आगे बढ़ गए। कुछ दूर जाने के बाद उन्हें शक हुआ। बाइक रोककर रुमाल खोला तो अंदर गहनों की जगह पत्थर के टुकड़े मिले। यह देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना के बाद प्रभास तुरंत वापस टैक्सी स्टैंड रोड पहुंचे और दोनों बदमाशों की तलाश की, लेकिन वे वहां से फरार हो चुके थे। पीड़ित ने अपने साथ हुई ठगी को लेकर के. हाट थाना में आवेदन दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
रतलाम में दहेज के लिए एक शादीशुदा युवती को ससुराल पक्ष द्वारा परेशान करने का मामला सामने आया है। पति ने पत्नी को तीन तलाक कहते हुए कहा कि अब हमारा रिश्ता खत्म हो गया। पुलिस ने पति व सास के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला स्टेशन रोड थाना क्षेत्र का है। 23 वर्षीय युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया कि बताया कि अक्टूबर 2023 में मेरी शादी रतलाम क्षेत्र के हमजा खान से हुई थी। माता-पिता ने हैसियत के हिसाब से दहेज दिया। एक साल तक ससुरालवालों का व्यवहार अच्छा रहा। फिर पति व सास दहेज को लेकर परेशान करने लगे। 50 हजार रुपए लाने के लिए पति व सास आए दिन परेशान करने लगे। मैंने रुपए देने से मना किया तो धमकी दी कि रुपए नहीं दिए तो तुझे व तेरे लड़के को नहीं रखेंगे। घर से निकाला युवती ने रिपोर्ट में बताया कि 11 दिसंबर 2025 को पति ने रुपए को लेकर झगड़ा किया। मुझे व मेरे 13 माह के लड़के को घर से निकाल दिया। रुपए नहीं लाने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद मैं मेरे माता-पिता के घर आ गई। मेरे माता-पिता ने भी समझाने की कोसिश की लेकिन वो नहीं माने। 31 मार्च को मेरे पति ने मेरी मां को कॉल किया और मुझसे बात करते हुए तीन बार तलाक बोल दिया। बाद में मैसेज कर कहा कि मैने तुझे तलाक, तलाक, तलाक तीन बार बोलते कहा कि अब हमारा रिश्ता खत्म हो गया। वहीं स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन ने बताया पति व सास के खिलाफ केस दर्ज कर मामला जांच में लिया।
पिछले दो दिनों से मेरठ के मौसम में आए बदलाव के बाद अब स्थिति सामान्य होने लगी है। गुरुवार को मौसम पूरी तरह साफ हो गया और तेज धूप निकलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बारिश के बाद जहां लोगों को कुछ राहत मिली थी, वहीं अब धूप के कारण गर्मी का असर फिर से बढ़ने लगा है। मौसम साफ होने के चलते दिन में तेज धूप खिली रही, जिससे तापमान में इजाफा हुआ, जबकि रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने से मौसम में हल्का उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बारिश का असर खेती पर भी पड़ा है। खासतौर पर कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा सरसों, लीची और आम की फसलों पर भी बारिश का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 10 अप्रैल 2026 को मेरठ में मौसम पूरी तरह साफ और गर्म रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान करीब 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हल्की पश्चिमी हवाएं चलेंगी और पूरे दिन धूप खिली रहेगी। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का असर और तेज होने की उम्मीद है।
राजस्थान की महिला किसान के एक प्रयोग ने उन्हें दिल्ली-जयपुर तक पॉपुलर कर दिया है। घर के कमरे में लगाई पहली फसल के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ये प्रयोग था ऑयस्टर मशरूम की फार्मिंग का। किसान यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने मशरूम से अलग-अलग प्रोडक्ट भी बनाना शुरू कर दिए। इनकी डिमांड अब कई बड़े शहरों में हैं। उनकी सालाना इनकम 4 लाख तक पहुंच गई है। म्हारे देश की खेती में इस बार बात सवाई माधोपुर जिले की महिला किसान बीना मीणा की। फार्मिंग का नया तरीका किसान की पहचान बना प्रगतिशील महिला किसान बीना मीणा (65) करौली के नादौती की रहने वाली हैं। अभी गंगापुर सिटी (सवाई माधोपुर) में परिवार के साथ रहती हैं। यहीं पर मकान के दो कमरों में मशरूम की खेती कर रही हैं। करीब ढाई साल पहले पति सीताराम मीणा और बेटे के साथ जोधपुर घूमने गई थी। वहां पहली बार मशरूम की खेती देखी थी। कम जगह और कम मेहनत में अच्छा मुनाफा के बारे में पता चला। वहीं, से खुद भी मशरूम की खेती करने का फैसला किया। गांव लौटने के बाद करौली में एग्रीकल्चर कॉलेज में मशरूम की खेती की ट्रेनिंग ली। एक महीने में फसल, सालाना 3-4 लाख की कमाई बीना बताती हैं - अगस्त 2024 में खेती की शुरुआत की। ऑयस्टर मशरूम में किसी प्रकार के खाद की जरूरत नहीं होती है।आसानी से तैयार होने वाली इस किस्म के बीज पहली बार जयपुर से 130 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मंगवाए थे। अभी उन्होंने करीब 400 स्क्वायर फीट के दो कमरों में 80 प्लास्टिक बैग्स में मशरूम लगा रखी है। एक महीने में फसल तैयार हो जाती है। दो महीने में तीन बार तुड़ाई होती है। एक बैग से एक बार में करीब डेढ़ किलो मशरूम निकलती है। मशरूम की सप्लाई करौली के साथ-साथ सवाईमाधोपुर, जयपुर और दिल्ली तक की जा रही है। न कीटनाशक, न सिंचाई की झंझट किसान बताती हैं - मशरूम को बीमारियों से बचाने के लिए पानी में बाविस्टीन पाऊडर मिलाया जाता है। 12 किलो भूसे को 80 लीटर पानी में 10 ग्राम बाविस्टीन पाऊडर डाला जाता है। सर्दियों में तापमान में 15 से कम नहीं होना चाहिए। वहीं गर्मी 30 से अधिक नहीं होना चाहिए। गर्मी में तापमान को बैलेंस करने के लिए कूलर चलाते हैं। कमरे में नमी बनाए रखने के लिए फॉग मशीन लगा रखी है। मीटर से नमी का सही अंदाज लगाते है। सिंचाई का भी झंझट नहीं है और रातभर जागने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस फार्मिंग में किसी कीटनाशक का भी इस्तेमाल नहीं होता है। सर्दियों में बढ़ती है मांग, 200-250 रुपए किलो बिकता है मशरूम की मांग खासकर सर्दियों में ज्यादा रहती है। गीला मशरूम बाजार में यह 200 से 250 रुपए प्रति किलो तक बिक जाता है, जिससे महिला किसान की हर महीने 30 हजार से ज्यादा की इनकम हो जाती है। हेल्दी होने के कारण होटलों से लेकर घरों तक इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। किसान ने बताया- मशरूम का लंबे समय तक उपयोग के लिए इसे पहले सुखाया जाता है। इसके बाद इससे अचार और प्रोटीन तैयार किया जा रहा है। अचार ₹600 किलो और 100 ग्राम पाउडर 150 रुपए तक बिक रहा है। सम्मान भी मिला, किसान सीखने आ रहे बीना मीणा बताती हैं - उनके इस नवाचार को लेकर उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहित किया गया है और सम्मान भी मिला है। कृषि विभाग से लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सम्मानित किया है। अब कई किसान हमारे पास मशरूम उत्पादन के गुर सीखने के लिए आते हैं। --- खेती-किसानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए... खेती का तरीका बदला, 2 महीने में 8 लाख कमाए:शिमला मिर्च और जुकिनी की खेती कर ट्रेंड सेट किया, जानिए- राजस्थान के किसान का सीक्रेट जब पारंपरिक फसलों ने जवाब दे दिया और मेहनत के बदले घाटा मिलने लगा, तो बहरोड़ के खेड़की गांव के सुनील यादव (48) ने हार मानने के बजाय रास्ता बदलने का फैसला किया। पूरी खबर पढ़िए
मुरैना नगर निगम की लापरवाही से गुरुवार मुरैना में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नेहरू पार्क के पास एमएस रोड पर पानी को पाइप लाइन टूटने से जल भराव हो रहा था। इसी पानी की पाइप लाइन ठीक करने के लिए जेसीबी से खुदाई करते समय अचानक गैस की पाइप लाइन फट गई। इससे तेज धमाके के साथ नाश्ते की दुकान में बाहर तरफ आग लग गई। इससे मौके पर भगदड़ मच गई। इस आगजनी में दुकान संचालक सहित 3 लोग मामूली झुलस गए। घटना की खबर लगते ही एएसपी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने दोनों तरफ से यातायात डायवर्ट कर स्थिति को नियंत्रण में किया। यह है मामला नगर निगम क्षेत्र नेहरू पार्क के पास एमएस रोड पर मां पीताम्बरा नाश्ता सेंटर के नाम से एक दुकान संचालित है। इसके सामने विगत 8-10 दिन से पानी की पाइप लाइन फूटी पड़ी थी। इसे दुरूस्त करने के लिए नगर निगम के कर्मचारी आज सुबह जेसीबी लेकर वहां पहुंच गए। नगर निगम कर्मचारियों ने जेसीबी से खुदाई का काम शुरू किया तो लॉगिन बताया भी कि यहां गैस पाइप लेन है संभल कर खोदना होगा। लेकिन निगम कर्मचारियों ने नहीं सुनी । नतीजा लापरवाही से की गई खुदाई के कारण गैस पाइप लाइन फट गई। विस्फोट नुमा हुआ पितामबरा नाश्ता भंडार के संचालक विमल गुप्ता के अनुसार उनके द्वारा निगम कर्मचारियों को समझाया और गैस लाइन होने को बात बताई थी फिर भी लापरवाही पूर्वक खुदाई की गैस पाइप लाइन टूट गई और अचानक वहां विस्फोट तक हुआ। गनीमत रही कुछ बड़ी अनहोनी नहीं हुई। आग की लपट से ही मेरे आगे की दुकानझूलश गई । सर के बाद जल गए । हम तीन लोग हल्के झुलसे है । मैं मेरा भाई परस गुप्ता और कचहरी लाला खान तीनों झुलस गए। दमकल में आग बुझाई एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल के अनुसार पानी पाइप लाइन सुधारने को गई खुदाई में लापरवाही निगम ने बरती और पानी के साथ साथ गैस पाइप लाइन लोड दी।जिससे विस्फोट टाइप हुआ। सब ठीक है दमकल ने आग पर काबू पाया। ट्रैफिक रूड कुछ समझ डायवर्ड किया गया अब सब सामान्य है दुकान दर तीन हल्के झुलसे है।
वाराणसी के दालमंडी चौड़ीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा। पीडब्ल्यूडी ने आगामी 30 जून ता दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कर फेंसिंग के बाद कार्यदायी योजना को दालमंडी देने का लक्ष्य रखा है। बता दें की यह सड़क मॉडल सड़क के रूप में विकसित की जानी है। जिसकी कुल चौड़ाई 17.05 मीटर है। अभी तक पीडब्ल्यूडी ने 45 मकानों की रजिस्ट्री करवा ली है। जिसमें से 30 मकानों को जमीदोज किया जा चुका है। और बाकी में काम लगा हुआ है। 25 मकानों को तोड़ा जा रहा है पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन केके सिंह ने बताया - जून तक हम दालमंडी में खरीदे गए मकानों को तोड़कर यहां चौड़ाई के मुताबिक जमीन समतल कर देंगे। जिसके बाद कार्यदायी संस्था इस पर कार्य शुरू करेगी। 29 अक्टूबर 2025 को शुरू हुए ध्वस्तीकरण अभियान में अभी तक 20 मकान तोड़े जा चुके हैं। 25 मकानों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू है। उन्हें तोड़ा जा रहा है। इधर कैंप कार्यालय में लगातार लोग आ रहे हैं और अपनी संपत्ति के मुआवजे के बारे में समझने के बाद रजिस्ट्री करवा रहे हैं। राकेश स्टूडियो पर चला था पहला हथौड़ा पीडब्ल्यूडी ने 25 सितंबर 2025 को दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए चौक थाने में अपना कैंप कार्यालय खोला ताकि दालमंडी के रहने वाले लोग आसानी से रजिस्ट्री करवा सकें। सभी चिह्नित 181 मकानों को इस संबंध में नोटिस दी गयी थी। इसके बाद 17 अक्टूबर को नोटिस की मियाद समाप्त होने के बाद सभी के घरों पर लाल निशान पीडब्ल्यूडी ने नापी के बाद लगाया था। जिसके बाद 29 अक्टूबर को चौक थाने की तरफ से घुसते साथ स्थित राकेश स्टूडियों का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ था। यह दालमंडी में ध्वस्तीकरण की पहली कार्रवाई थी। अब जानिए क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। 60 फुट चौड़ी होगी सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा। 220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू हुई और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी हैं। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 46 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। धीरे-धीरे मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है।
राजधानी रायपुर में एक महिला ठगी का शिकार हो गई। ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर खाता बंद होने का झांसा दिया और व्हाट्सऐप पर लिंक भेजकर महिला का मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद ठगों ने उसके बैंक खातों से करीब 5.78 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक पीड़िता का नाम प्रतीमा मसीह (42) है, जो मोवा स्थित गेलेन्डर विहार में रहती है। फिलहाल पुलिस पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ठगों ने खुद को बताया बैंक अधिकारी दरअसल प्रतीमा मसीह ने शिकायत दर्ज कराई है कि 31 मार्च को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका खाता बंद हो गया है और उसे चालू कराने के लिए व्हाट्सऐप पर भेजे गए लिंक को खोलना होगा। ठगों के झांसे में आकर महिला ने जैसे ही लिंक ओपन किया, उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद आरोपियों ने महिला के यूको बैंक और इंडियन बैंक खातों से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकालनी शुरू कर दी। यूको बैंक खाते से करीब 4.58 लाख रुपए और इंडियन बैंक खाते से 1.19 लाख रुपए निकाल लिए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 5,78,821 रुपए की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने नंबरों की जांच शुरू की वहीं, अब पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। खासकर बैंकिंग से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से बचें। व्हाट्सऐप या मैसेज के जरिए भेजे गए लिंक को बिना जांचे-परखे क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।
औरंगाबाद में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और ट्रक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में स्कार्पियो ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जानकारी अनुसार गुरारू थाना क्षेत्र के महुली गांव से एक बारात स्कार्पियो से धंधवा गांव जा रही थी। इस दौरान गोरडीहा के पास सामने से आ रहे ट्रक से स्कार्पियो की सीधी भिड़ंत हो गई। घटना रफीगंज-गयाजी मुख्य मार्ग की है। तीन लोगों की हालत गंभीर मृतक की पहचान गयाजी के बिगहा निवासी लक्ष्मण यादव(55) के तौर पर हुई है। घायलों में महुली गांव निवासी जाहिद हुसैन (56), मो. मिनहाज (60), मो. फरीद(60), रफीगंज थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी मो. रबानी (65), भैसासुर गांव निवासी सामदानी (60) और मो. जमील (57) शामिल है। ग्रामीणों की मदद से घायलों को इलाज के लिए सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रफीगंज लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी की मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है। तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।
राजधानी पटना के डाकबंगला चौराहा के पास स्थित छाबड़ा स्पोर्ट्स के गोदाम में देर रात भीषण आग लग गई। इस घटना में करीब 10 लाख रुपए से अधिक के स्पोर्ट्स सामान जलकर राख हो गए। आग की लपटों को देखकर छबड़ा से सटे दूसरे प्रतिष्ठानों के भी कर्मी परेशान हो गए। आग नहीं फैले इसे लेकर पहले अपने स्तर से ही कोशिश शुरू की। लेकिन लपटें तेज होने के चलते अफरा तफरी का माहौल बना रहा। राहगीर ने देखा, फायर ब्रिगेड को दी सूचना रात करीब 1:20 बजे वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने गोदाम से उठती आग की लपटें देखीं और तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। इसके बाद छाबड़ा स्पोर्ट्स के कर्मचारियों ने भी लगातार कॉल करना शुरू किया। आग लगने की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। 10 मिनट में पहुंची दमकल, बुझाने में आई दिक्कत अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि, ‘सूचना मिलने के लगभग 10 मिनट बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। गोदाम बेसमेंट में होने के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंदर आग की लपटों के साथ धुंआ भी भर गया था।’ ढाई घंटे चला ऑपरेशन, शॉर्ट सर्किट की आशंका अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि, देर रात 1:20 बजे की घटना है। अभी तक की जांच में पाया गया है कि आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट है। दमकल की कर्मियों को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पूरी तरह से आग बुझाने में तकरीबन ढाई घंटे का समय लग गया। मोतीपुर दमकल की 6 बड़ी गाड़ियां पहुंची थी। नुकसान का आकलन कर रहे दुकानदार गनीमत की बात रही कि समय रहती आग बुझा ली गई, नहीं तो रिहायशी इलाके में जिस तरीके से आग लगी थी, उससे और भी प्रतिष्ठानों के चपेट में आने की संभावना थी। फिलहाल, पूरी तरह से आग पर काबू पा लिया गया है। दुकानदार की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
गुना के नानाखेड़ी मंडी गेट के पास गुरुवार को फायरिंग करने वाले आरोपी को पकड़ने का एक वीडियो सामने आया है। पुलिसकर्मियों ने शटर के नीचे घुसकर आरोपी को पकड़ा था। एक युवक ने पुरानी रंजिश के चलते एक वाहन दुकान संचालक पर पिस्तौल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसी दौरान उसका हाथ नीचे कर दिया गया, जिससे किसी को गोली नहीं लगी। बता दें कि राधा कॉलोनी निवासी संजीव जैन की नानाखेड़ी मंडी गेट के पास पुरानी गाड़ियां खरीदने-बेचने की दुकान है। गुरुवार को संजीव अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी शाम 4 बजे अचानक एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधे हुए बाइक से वहां पहुंचा। आरोपी ने चिल्लाते हुए संजीव को ललकारा और कहा, मैं बताता हूं तुझे, तू बहुत बड़ा गुंडा बनता है। इतना कहते ही आरोपी ने पिस्तौल निकाली और करीब 20 फीट की दूरी से संजीव को निशाना बनाकर दनादन दो फायर झोंक दिए। संजीव ने फुर्ती दिखाते हुए खुद को बचाया, जिससे दोनों गोलियां उन्हें छुए बिना दुकान की दीवार में जा धंसी। हमलावर ने जैसे ही तीसरा फायर करने की कोशिश की, गोली पिस्तौल के चैंबर में ही फंस (मिसफायर) गई। तीसरा फायर अटकते ही आरोपी छोटू बैरागी घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन दुकानदार संजीव जैन ने हार नहीं मानी और शोर मचाते हुए स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को घेर लिया। अपनी जान की परवाह न करते हुए संजीव ने आरोपी को पकडक़र दुकान के अंदर धकेला और बाहर से शटर गिराकर उसे कैद कर दिया। सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी अब भी दुकान के अंदर ही था। कैंट पुलिस के एक आरक्षक ने जान की परवाह किए बिना शटर को ऊपर उठाया और एकदम से अंदर घुसी। आरक्षक और TI ने आरोपी को पकड़ लिया। उसके पकड़ने की पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। देर शाम कैंट थाने में आरोपी छोटू बैरागी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। SP हितिका वासल ने बताया कि अभी एक फायरिंग का मामला सामने आया है। जिसमें पुरानी रंजिश और एक्सीडेंट को लेकर एक व्यक्ति ने दुकान के बाहर फायरिंग की। जिसमें पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है। इसमें पुलिस सख्त कार्रवाई करते हुए 109 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस ने आरोपी से शस्त्र कहां से लेकर आया है उसको लेकर पूछताछ कर रही है।
छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा में संत रविदास महाराज मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान गुरुवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। कार्यक्रम में पटवारी मंच से बमनौरा थाना प्रभारी शिशिर तिवारी को हड़काते हुए दिखाई दिए। पटवारी ने मंच से थाना प्रभारी से पूछा कि वे किस थाने में पदस्थ हैं। जवाब मिलने पर उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि भाजपा प्रशासन के दबाव में आकर गरीबों पर अत्याचार किया गया, तो आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “याद रखना, यही गरीब 3 साल बाद ऐसा सबक सिखाएंगे कि याद रखोगे।” पटवारी ने अपने संबोधन के अंत में “भारत माता की जय” का नारा भी लगाया। समर्थकों और विरोधि दल में छिड़ी बहसइस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। पटवारी का यह बयान वहां मौजूद लोगों के बीच तेजी से चर्चा में आ गया। कांग्रेस नेता के इस बयान का वीडियो शेयर किया जा रहा है। कांग्रेस समर्थक इसे गरीबों के हक की आवाज बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल इसे प्रशासनिक व्यवस्था में हस्तक्षेप मान रहे हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, चुनावी माहौल के बीच इस तरह के बयानों ने सियासी पारा बढ़ा दिया है।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में 34 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना के तहत पांच वार्डों में पीने के पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। रेलवे ट्रैक के नीचे से पाइपलाइन डालने के लिए संजय नगर के पास खुदाई की जा रही है। इस परियोजना से लगभग छह से आठ हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। यह परियोजना नेपानगर के 24 वार्डों में से 19 वार्डों में कुछ महीने पहले ही पेयजल वितरण शुरू कर चुकी है। हालांकि, वार्ड नंबर एक से पांच तक के पांच वार्डों में रेलवे लाइन बीच में होने के कारण पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इन वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का काम हाल ही में शुरू किया गया है। गुरुवार को नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने मौके पर पहुंचकर काम का निरीक्षण किया। इस दौरान रेलवे के अधिकारी भी मौजूद थे। खुदाई के लिए आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, ताकि रेलवे ट्रैक के नीचे से पाइपलाइन बिछाई जा सके। इन पांच वार्डों में पाइपलाइन बिछाने में पहले कई बाधाएं आईं। कभी रेलवे से अनुमति मिलने में देरी हुई, तो कभी अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण पाइपों की आपूर्ति प्रभावित हुई। अब रेलवे से अनुमति मिलने और पाइप उपलब्ध होने के बाद काम तेजी से चल रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने बताया कि रेलवे अधिकारियों और पेयजल परियोजना के अधिकारियों ने भी स्थल का निरीक्षण किया, क्योंकि रेलवे की केबल और मोबाइल कंपनियों की लाइनें भी इसी क्षेत्र से गुजर रही हैं। उम्मीद है कि यह काम लगभग एक महीने के भीतर पूरा हो जाएगा। वर्तमान में नगर पालिका इन वार्डों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रही है। यह है पेयजल परियोजना, 2020 में हुई थी स्वीकृत 2020 में नगर में हर घर जल पहुंचानेके लिए 34.35 करोड़ की लागत से पेयजल परियोजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन इसक काम समय पर पूरा नहीं हुआ। कुछ माह पहले ही 19 वार्ड में यह चालू हो पाई है। यह काम 2022 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन कुछ माह पहले ही पूरा हुआ। नपाध्यक्ष के अनुसार अभी संजय नगर के पास रेलवे ट्रैक के नीचे से खुदाई का काम चालू कराया गया है। इसके लिए आधुनिक मशीनें लाई गई है। पहले लोहे के पाइप डाले जाएंगे इसके अंदर पेयजल परियोजना की पाइप लाइन डलेगी ताकि ट्रैक के नीचे से लाइन होने पर किसी तरह की दिक्कत आगे चलकर भी न आए।
नागौर में वकील संघ ने आवास के लिए कलेक्टर को ज्ञापन देकर अहीछत्रपुर योजना में भूखंड आरक्षित करने की मांग की। संघ ने 1000 भूखंडों में से 200 से 250 भूखंड वकीलों के लिए रखने की बात कही। वहीं दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने कबड्डी प्रतियोगिता में घायल महिला कांस्टेबल को 10 हजार रुपये की सहायता दी। दोनों मामलों में अलग-अलग स्तर पर सहयोग और मांग सामने आई है। अधिवक्ताओं ने आवास के लिए रखी मांगवकील संघ ने बालवा रोड स्थित अहीछत्रपुर आवासीय योजना में भूखंड आरक्षण की मांग की। योजना में करीब 1000 भूखंड लॉटरी से दिए जाने हैं। संघ का कहना है कि इनमें से 200 से 250 भूखंड अधिवक्ताओं के लिए तय किए जाएं। आर्थिक परेशानी का मुद्दा उठायासंघ अध्यक्ष डॉ पवन श्रीमाली ने बताया कि वकालत शुरू करने के बाद लंबे समय तक आय तय नहीं रहती। नागौर में करीब 800 अधिवक्ता काम कर रहे हैं, जिनमें से अधिकतर गांवों से हैं और किराए के मकानों में रह रहे हैं। अलग अधिवक्ता कॉलोनी का सुझावसंघ ने भविष्य में अलग अधिवक्ता कॉलोनी बनाने का सुझाव भी दिया है। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, स्थानीय निकाय मंत्री जाबर सिंह खर्रा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ मंजू बागमार, एसडीएम और नगर परिषद आयुक्त को भी भेजा गया है। कई अधिवक्ता रहे मौजूदज्ञापन देते समय भोपाल सिंह राठौर, विजय बेडा, भंवर लाल सारस्वत, हरिराम खाडिया, महेंद्र मेघवाल, रमेश चौधरी, प्रेम सिंह गोरा और रामदेव निम्बड सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हस्ताक्षर कर मांग का समर्थन किया। घायल खिलाड़ी को 10 हजार की सहायतादूसरी ओर नागौर पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने खेल को बढ़ावा देते हुए महिला कांस्टेबल मंजू चाहर को 10 हजार रुपये की सहायता दी। भीलवाड़ा में 27वीं अजमेर रेंज अंतर जिला पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी मैच में उनके हाथ में फैक्चर हो गया था। प्रतियोगिता में नागौर टीम रही विजेता28 से 30 मार्च तक भीलवाड़ा में हुई प्रतियोगिता में नागौर की महिला कबड्डी टीम विजेता रही। इसमें अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, ब्यावर और डीडवाना-कुचामन की टीमें भी शामिल हुई थीं। एसपी ने टीम की जीत पर खुशी जताते हुए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही।
बुरहानपुर में मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार एनएसएपी योजना के अंतर्गत इंदिरा गांधी वृद्धा पेंशन, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन और इंदिरा गांधी निशक्त पेंशन प्राप्त कर रहे हितग्राहियों के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) का सत्यापन किया जाएगा। यह सत्यापन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर किया जाएगा। इस कार्य के लिए नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने गुरुवार शाम एमआईसी हॉल में एक बैठक ली। इसमें कर्मचारियों को ई-केवाईसी और डीएलसी सत्यापन का कार्य घर-घर जाकर संपादित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने नगरीय निकाय क्षेत्र के पेंशनधारियों को समग्र आईडी ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नगर निगम को प्रतिदिन ई-केवाईसी कार्य की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
देसी कपास की बुवाई पर किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ोतरी का हरियाणा सरकार की ओर से अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इस कारण किसानों के हाथ हताश लगी है। अभी देसी कपास की बुवाई होनी है। अगर किसानों को प्रोत्साहन राशि बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिला तो कपास फसल का रकबा बढ़ पाना मुश्किल होगा। इसके चलते अधिकांश किसान धान की बुवाई करने पर मजबूर होंगे। इसका असर सिरसा ही नहीं हिसार, फतेहाबाद, जींद, भिवानी व आसपास क्षेत्र में पड़ेगा। सिरसा कपास उत्पादन में हब माना जाता है और हरियाणा में सबसे ज्यादा कपास की बुवाई यहीं पर होती है। यहां पर कॉटन का केंद्रीय अनुसंधान केंद्र का मुख्यायल भी है, जहां पर अनुसंधान होते हैं। ये मुद्दा हरियाणा विधानसभा में भी उठा था, जिसके बाद किसानों को उम्मीद हुई थी। सरकार ने इस बजट सत्र में देसी कपास बुवाई पर प्रोत्साहन राशि बढ़ोतरी की घोषणा भी की थी। अभी तक सरकार की ओर से भी राशि बढ़ोतरी न करने का ठोस कारण भी नहीं सामने आया है और न ही कृषि विभाग से इस बारे में एरिया बुवाई रकबा की रिपोर्ट मांगी है। इसके बिना ये पता नहीं चल पाएगा कि इसका लाभ इसी खरीफ सीजन में किसानों को मिलेगा या नहीं। नोटिफिकेशन आने के बाद मिलेगा लाभ : डीडीए कृषि विभाग से उप निदेशक सुखबीर सिंह ने दैनिक भास्कर एप टीम से बातचीत में बताया, देसी कपास की बुवाई पर किसानों को तीन हजार रुपए ही प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। अभी प्रोत्साहन राशि बढ़ोतरी का सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। पहले सरकार द्वारा रकबा रिपोर्ट मांगी जाएगी, जिसके बाद इसका लाभ मिल पाएगा। किसानों में रूचि बढ़ पाना मुश्किल वर्तमान समय में करीब सात हजार किसान है, जो 17 हजार एकड़ रकबा में देसी कपास फसल की बुवाई करते हैं। इन किसानों को सरकार की इस योजना का लाभ मिलता है। अभी तक सरकार से इनको तीन हजार रुपए एकड़ प्रोत्साहन राशि मिलती है। ये राशि एक हजार रुपए बढ़ाकर चार हजार रुपए की गई है। इसे बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। कृषि विभाग ने भी देसी कपास की बुवाई पर तीन हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने की अधिकारिक घोषणा की है। दूसरी कपास में गुलाबी सुंडी एवं कई तरह की बीमारियों के चलते बुवाई करना छोड़ दिया है। किसानों में रूचि न बढ़ पाने के कारण कपास का रकबा घटता जा रहा है। लोग धान की बुवाई करते हैं। इसका नतीजा ये है कि जमीनी पानी का स्तर घटता जा रहा है। विधायक गोकुल ने उठाया था मुद्दा सिरसा विस सीट से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने देसी कपास का रकब घटने का मुद्दा हरियाणा विधानसभा बजट सत्र में उठाया था। विधायक सेतिया ने देसी कपास बुवाई के लिए लाभांवित योजना का दायरा बढ़ाने की मांग की थी। हरियाणा सरकार ने विधानसभा बजट सत्र में देसी कपास का मुद्दा उठाने के बाद इस योजना का दायरा बढ़ाने का प्रावधान किया गया। जिस पर कृषि एवं पंचायत मंत्री श्याम सिंह राणा ने जवाब दिया था।

