लखनऊ में उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दिया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार बत्ती गुल रह रही है जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर जलने और बिजली कटौती से लोग जूझ रहे हैं । तेलीबाग , मोहान रोड और जानकीपुरम न्यू कैंपस के उपकेंद्र समेत विभिन्न क्षेत्र में बिजली गायब रही। तेलीबाग क्षेत्र में रात 11 बजे कल्ली पश्चिम के जगत खेड़ा में 250 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। इसके साथ ही एबीसी लाइन सड़क पर टूट कर गिर पड़ी जिससे चिंगारियां निकल रही थीं। जगत खेड़ा के रहने वाले आदित्य सिंह, संजय, कुलदीप शर्मा, अंकुश राहुल, जगदेव ने बताया कि इतवार को देर रात बिजली गुल हुई। गुल बिजली सोमवार शाम 7 बजे के बाद चालू हुई। सुबह से शाम तक कर्मचारी ट्रांसफार्मर को ठीक करने और एबीसी लाइन बदलने में जुटे रहे। करीब 20 घंटे तक लोग गर्मी में बिजली-पानी के लिए तरस गए। शाम 7 बजे बिजली चालू हुई तो दोबारा एबीसी में फिर से आग लग गई जिस पर लोगों ने हंगामा किया। इसे देर रात ठीक किया जा सका। पूरी रात जागे, जनरेटर से भरा पानी एफसीआई उपकेंद्र के प्रतीक विहार, पिंक सिटी, पश्चिमी विहार व आसपास के क्षेत्र में केबल जलने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई जो जिससे लोग 7 से 8 घंटा परेशान रहे । बिजली की आस में परिवार पूरी रात जागे। सुबह जनरेटर मंगाकर मोहल्ले के लोगों ने पानी भरा। मोहित याग्निक ने बताया रातभर बिजली न रहने से पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। मोहान रोड के नरौना और पतौरा गांव में भी देर रात करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। एक माह में तीन बार जला केबल बिजली के केबल में आग लगने के कारण गुड़ंबा के सालिक विहार कॉलोनी में डेढ़ घंटे तक बिजली बाधित रही। फैजुल्लागंज क्षेत्र में रविवार रात करीब 11 बजे मिल्लत नगर ढाल पर केबल में भीषण आग लग गई। यहां सोमवार सुबह करीब 5:15 बजे बिजली चालू हो सकी। लोगों का कहना है कि यहां एक माह में तीन बार केबल जल चुका है। इसी प्रकार हरिओम नगर फीडर का 11 केवी केबल क्षतिग्रस्त होने से आईएमए स्कूल, गौरभीट और हरिओम नगर के कुछ क्षेत्रों की सप्लाई सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बंद करनी पड़ी। 8 घंटे नहीं ऐ बिजली छठा मिल मुस्लिम नगर न्यू कैंपस पावर हाउस शाम 5 बजे बत्ती गुल हुई। लगभग 8 घण्टे तक नहीं आई। गोसाईगंज क्षेत्र में अमेठी पावर हाउस अंतर्गत गंगागंज बाजार में सोमवार को लगभग 11 घंटे बिजली गायब थी। मंगलवार को 6 घंटे बिजली गायब रही । स्थानीय निवासी सुनील ने बताया कि 1 लाइन मैन के भरोसे 10 किलोमीटर रेंज का पावर हाउस चल रहा है। इस कारण कोई भी फाल्ट समय से ठीक नहीं हो पाता है। 4 घंटे नहीं बिजली 4 घंटे से अधिक होगया जानकीपुरम न्यू कैम्पस उपेन्द्र पर भी मंगलवार देर शाम से लगभग 4 घंटे बत्ती गुल रही। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के फोन न उठने का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों ने कहा की बत्ती गुल होने से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और छोटे बच्चों को होती है।
211 नए डिग्री कॉलेजों में अतिथि शिक्षक बहाली पर राज्यपाल की रोक
बिहार में नवस्वीकृत 211 डिग्री कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की चल रही प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था तय होने तक गैर-नियमित अतिथि शिक्षकों के चयन या नियोजन की कार्रवाई आगे न बढ़ाई जाए। राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव संजय कुमार के पत्र के अनुसार विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग और कुलाधिपति सचिवालय के अगले निर्देश तक कोई नई चयन प्रक्रिया शुरू न करें। राजभवन ने इसे अत्यावश्यक बताया।
सात बार के विश्व रिकॉर्ड विजेता हिम्मत सिंह राठौड़ वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में पहुंचे।आश्रम आगमन पर उन्होंने हरिदासीय संप्रदाय के आचार्य स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान हिम्मत सिंह राठौड़ ने देश और समाज का गौरव बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए महाराज से आगामी 8वें विश्व रिकॉर्ड को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए मंगलकामनाएं और विशेष आशीर्वाद लिया। पटका और चित्रपट भेंट कर हुआ स्वागत आश्रम परिसर में विश्व रिकॉर्ड विजेता के आगमन पर आध्यात्मिक और हर्षोल्लास का माहौल रहा। इस अवसर पर ललित कुंज आश्रम के महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने हिम्मत सिंह राठौड़ का परंपरागत तरीके से स्वागत किया। उन्होंने राठौड़ को ठाकुर जी का प्रसादी पटका पहनाया और स्मृति चिह्न के रूप में ठाकुर जी का दिव्य चित्रपट भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। महंत मोहिनी शरण महाराज ने कहा कि हिम्मत सिंह राठौड़ जैसे कर्मठ युवा देश की धरोहर हैं, जो अपनी प्रतिभा से वैश्विक पटल पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। संतों की कृपा और आशीर्वाद से मिली सफलता संतों से आशीर्वाद लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए हिम्मत सिंह राठौड़ भावुक हो उठे। उन्होंने अपनी अब तक की सभी जीतों और कीर्तिमानों का श्रेय ब्रज भूमि और यहाँ के संतों की कृपा को दिया। राठौड़ ने कहा, आज मैं जिस भी मुकाम पर हूँ और जितने भी विश्व रिकॉर्ड बना पाया हूँ, वह सब पूज्य महाराज श्री और संतों के आशीर्वाद व दिव्य प्रेरणा का ही परिणाम है। जब भी मैं किसी बड़े संकल्प की शुरुआत करता हूँ, ब्रज की इस पावन माटी और संतों की ऊर्जा मुझे शक्ति देती है। उन्होंने विश्वास जताया कि संतों की इसी असीम अनुकंपा से वह भविष्य में भी लगातार नए कीर्तिमान स्थापित करते रहेंगे। जल्द बनेगा एक और नया विश्व रिकॉर्ड अपनी आगामी योजनाओं का खुलासा करते हुए हिम्मत सिंह राठौड़ ने बताया कि वह अपने सात विश्व रिकॉर्ड्स की श्रृंखला को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने घोषणा की कि आगामी कुछ ही दिनों के भीतर वह एक और नया विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह नया कीर्तिमान भी देश को समर्पित होगा। इस आध्यात्मिक मिलन के दौरान आश्रम के सेवायत, ब्रजवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने राठौड़ को उनकी आगामी चुनौती के लिए शुभकामनाएं दीं। यह रहे मौजूद इस मौके पर भारत सनातन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष छगन सिंह राठौड़, करणी सेना के राष्ट्रीय संरक्षक महेंद्र सिंह सिकरवार, रवि सिंह तोमर, सुग्रीव सिंह सिकरवार, टिल्लू परमार, अजय सिंह सिकरवार, क्षमा राठौड़ आदि मौजूद रहे।
जयपुर के झालाना (जेएलएन मार्ग) क्षेत्र में मंगलवार दोपहर साढ़े 12 बजे बाद एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए बिजली के पोल से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का पोल टूटकर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद वाहन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें बीयर और शराब की बोतलें और कैन मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आगे-पीछे दोनों नंबर प्लेट गायब हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को बोलेरो में आगे और पीछे दोनों तरफ नंबर प्लेट नहीं मिली। ऐसे में वाहन की पहचान और चालक तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस अब चेसिस नंबर और अन्य तकनीकी माध्यमों से वाहन मालिक का पता लगाने में जुटी है। सड़क पर गिरा पोल, फैले बिजली के तार मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजली का पोल टूटकर सड़क पर गिर गया और उसके तार सड़क पर फैल गए। हादसे के बाद काफी देर तक पोल और तार सड़क पर पड़े रहे, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही। युवक ने दिखाई समझदारी, टाला बड़ा खतरा घटना के बाद वहां से गुजर रहे एक युवक ने सड़क पर पड़े पोल और तारों को किनारे करने का प्रयास किया तथा रास्ता साफ कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यह कदम नहीं उठाया जाता तो करंट लगने या सड़क दुर्घटना का खतरा बना रह सकता था। पुलिस ने वाहन किया जब्त सूचना मिलने पर गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त बोलेरो को जब्त कर लिया। पुलिस वाहन मालिक और हादसे के समय गाड़ी चला रहे चालक की तलाश कर रही है। कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था, दुर्घटना की वास्तविक वजह क्या थी, वाहन पर नंबर प्लेट क्यों नहीं थी और चालक हादसे के बाद गाड़ी छोड़कर मौके से क्यों फरार हो गया। मामले की जांच जारी है।
मप्र राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। तीसरी सीट पर बीजेपी ने महेश केवट को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। केवट और मीनाक्षी के बीच मुकाबला था। अब नामांकन रद्द होने के बाद केवट का राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। आखिर रिटर्निंग ऑफिसर के बंद कमरे में क्या हुआ? किस नियम के तहत मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज किया गया? और इस फैसले में क्या कानूनी पेंच हैं? पढ़िए इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी और एक्सपर्ट एनालिसिस... दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक: रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे का घटनाक्रम तय कार्यक्रम के मुताबिक 9 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) हुई। दोपहर 2 बजे विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के कमरे में गहमागहमी शुरू हुई। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर RO का फैसलारिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की अदालत में निजी परिवाद दायर था। कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को समन जारी कर उन्हें पेश होने का आदेश दिया था। रिटर्निंग ऑफिसर की तीन टिप्पणियां थीं.. अंतिम निर्णय: आदेश में कहा गया कि अधूरा एफिडेविट (फॉर्म 26) जमा करना और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाना सिद्ध होता है। इसलिए हैंडबुक के अध्याय 6 के बिंदु 10(xiii) के तहत नामांकन निरस्त किया गया। एक्सपर्ट व्यू: फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी के अनुसार, नामांकन रद्द करने का फैसला नियमों के अनुसार पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने हैंडबुक के आधार पर तीन कानूनी पेंच बताए। अब कांग्रेस के पास क्या कानूनी विकल्प हैं? विकल्प 1: कांग्रेस चुनाव आयोग से यह कहते हुए समीक्षा मांग सकती है कि यह केवल निजी परिवाद था, औपचारिक FIR नहीं। इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख अनिवार्य नहीं था। विकल्प 2: कांग्रेस हाई कोर्ट में याचिका दायर कर RO के आदेश को चुनौती दे सकती है। यह सबसे त्वरित और व्यावहारिक कानूनी विकल्प माना जा रहा है। विकल्प 3: चुनाव और परिणाम के बाद कांग्रेस इलेक्शन पीटिशन के जरिए परिणाम को चुनौती दे सकती है, हालांकि यह लंबी प्रक्रिया होगी। ये खबर भी पढ़ें… एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज:कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली-NCR में 128 kmph की रफ्तार से चलीं हवाएं, कई इलाकों में बारिश
राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों में मंगलवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली
पुलिस कमिश्नर वाराणसी 11 जून को तलब:हाईकोर्ट आदेश न मानने पर फटकारा, अवहेलना माना
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को न्यायालय का आदेश न मानने पर कड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने पुलिस कमिश्नर को 11 जून 2026 को स्पष्टीकरण सहित कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामला क्या है जानिये परमहंस गुप्ता एक कर्मचारी को 10 नवंबर 2024 को निलंबित किया गया था। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ कोई चार्जशीट जारी नहीं की गई, इसलिए उन्हें लंबे समय तक निलंबन में नहीं रखा जा सकता। हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को मामले का निस्तारण करते हुए याचिकाकर्ता को कहा कि वह चार सप्ताह में चार्जशीट का जवाब दे और विभागीय जांच अगले छह सप्ताह में पूरी की जाए। जांच पूरी होने के बाद अगले छह सप्ताह में अधिकारी अंतिम आदेश पारित करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में जांच पूरी न होने पर निलंबन आदेश स्वतः रद्द माना जाएगा और कर्मचारी को बहाल कर वेतन दिया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने अपनी सभी शर्तें पूरी कीं, लेकिन विपक्षी पक्ष ने न तो निर्धारित समय में जांच पूरी की और न ही निलंबन आदेश रद्द किया। उन्होंने यह भी बताया कि वाराणसी सहित कई जिलों में इस प्रकार के कोर्ट के आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही है। हाईकोर्ट का गंभीर रुख इस पर हाईकोर्ट ने गंभीर रूख अपनाते हुए वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को 11 जून 2026 को दोपहर 2 बजे स्पष्टीकरण के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया। साथ ही अपर महाधिवक्ता कार्तिकेय सारन को निर्देश दिया गया कि वे इस आदेश की प्रति उसी दिन पुलिस कमिश्नर तक पहुंचाएं। रजिस्ट्रार (अनुपालन) को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वाराणसी के माध्यम से आदेश की प्रति तत्काल भेजने का निर्देश दिया गया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर नगर के रोमेंद्र मेहता के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करते हुए उसे बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति चवन प्रकाश की एकलपीठ ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर द्वारा 22 अगस्त 2024 को पारित सम्मन आदेश तथा अपर सत्र न्यायाधीश, का 28 जुलाई 2025 का पुनरीक्षण आदेश दोनों को निरस्त कर दिया। क्या है मामला जानिये आरोप है कि याची रोमेंद्र मेहता ने वर्ष 2020 में जिलाधिकारी, कानपुर नगर के कार्यालय में चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय वर्ष 2018 में थाना स्वरूप नगर में दर्ज एफआईआर का तथ्य जानबूझकर छुपाया और इस प्रकार 29 जून 2021 को चरित्र प्रमाण पत्र हासिल किया। इस आधार पर धारा 198, 199, 205 व 420 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कराया गया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि धारा 420 आईपीसी तभी लागू होती है जब धोखाधड़ी से किसी को संपत्ति देने के लिए प्रेरित किया गया हो। प्रस्तुत मामले में न तो बेईमानी से लाभ उठाने का आशय सिद्ध होता है और न ही किसी को संपत्ति का नुकसान हुआ। इसके अतिरिक्त धारा 199 आईपीसी का संज्ञान केवल संबंधित न्यायालय की लिखित शिकायत पर ही लिया जा सकता है, जो इस मामले में नहीं हुआ। विवेचना अधिकारी ने भी विवेचना में कोई अपराध नहीं पाया था। न्यायालय ने कहा कि यह मामला एक व्यक्तिगत विवाद को गंभीर आपराधिक धाराओं की आड़ में चलाने का प्रयास है, जो न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
मुंबई से भोपाल आ रही इंडिगो की फ्लाइट मंगलवार को एक तकनीकी संकेत के चलते टेक-ऑफ के अंतिम चरण में ही रोक दी गई। यह फैसला उस समय लिया गया जब विमान रनवे पर गति पकड़ चुका था और कुछ ही क्षणों में उड़ान भरने वाला था। अचानक ब्रेक लगने से विमान में बैठे 201 यात्रियों में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया। एयरबस A-321 नियो विमान ने दोपहर करीब 3:50 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने की प्रक्रिया शुरू की थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने के बाद जैसे ही विमान ने रफ्तार पकड़ी, पायलट को सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने तत्काल टेक-ऑफ निरस्त कर विमान को रोक दिया। इस घटनाक्रम के दौरान विमान में मौजूद 221 यात्रियों की धड़कनें तेज हो गईं। कई यात्रियों ने इसे बेहद तनावपूर्ण अनुभव बताया। नियमित हवाई यात्री देवाशीष ने कहा कि विमान का अचानक रुकना किसी झटके से कम नहीं था। घटना के बाद विमान को रनवे से हटाकर पार्किंग बे में खड़ा किया गया, जहां इंजीनियरों की टीम ने विस्तृत तकनीकी जांच की। इस फ्लाइट में हज यात्रा से लौट रहे लगभग 25 यात्री भी शामिल थे, जिनके स्वागत के लिए भोपाल एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में परिजन मौजूद थे। उन्हें निर्धारित समय से कहीं ज्यादा इंतजार करना पड़ा। एक घंटे बाद यात्रियों को कराया अवगत करीब एक घंटे बाद यात्रियों को स्थिति से अवगत कराया गया। सभी आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद शाम 6:26 बजे विमान ने दोबारा उड़ान भरी और रात लगभग 7:40 बजे भोपाल पहुंचा। हालांकि, एयरलाइन की ओर से तकनीकी खराबी की प्रकृति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि टेक-ऑफ के अंतिम क्षणों में उड़ान रोकना सामान्य नहीं होता, लेकिन सुरक्षा मानकों के तहत यह एक सतर्क और आवश्यक कदम है।
बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड की जमीनों और विकास शुल्क से जुड़े मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश पर विवेचना कर रहे उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से वर्ष 2016 से 2024 तक का विस्तृत रिकॉर्ड तलब किया है। जांच एजेंसी ने विकास शुल्क जमा होने, नक्शों की स्वीकृति, अवैध निर्माण और जिम्मेदार अधिकारियों से जुड़ी जानकारियां मांगी हैं। मामला थाना गाजीपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 295/2025 से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को इस प्रकरण की जांच विजिलेंस को सौंपते हुए ल आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विजिलेंस टीम मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। विकास शुल्क जमा हुआ या नहीं, यही जांच का केंद्र जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि समिति ने अपने सदस्यों और भूखंड धारकों से विकास शुल्क वसूला था। अब विजिलेंस यह पता लगाने में जुटी है कि यह राशि वास्तव में एलडीए में जमा कराई गई या नहीं। जांच एजेंसी का मानना है कि विकास शुल्क का विवरण पूरे मामले की कड़ी जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में पहले भी एलडीए से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन अर्जन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना से जांच एजेंसी संतुष्ट नहीं हुई। विजिलेंस ने अपने पत्र में कहा है कि हाईकोर्ट में दाखिल की जाने वाली प्रगति रिपोर्ट में विकास शुल्क का विवरण महत्वपूर्ण बिंदु है, इसलिए एलडीए के रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। एलडीए से मांगी गई चार प्रमुख जानकारियां पहला, समिति से संबंधित कितनी जमीनों पर विकास शुल्क जमा है, उसका संपत्तिवार और तिथिवार विवरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन भूखंडों के मानचित्र स्वीकृत किए गए हैं, उनकी जानकारी भी दी जाए। दूसरा, वर्ष 2016 से 2024 के बीच समिति से जुड़ी जमीनों के कितने नक्शे और मानचित्र स्वीकृत किए गए, उसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। तीसरा, यदि समिति की जमीनों पर बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य हुआ है तो उसके खिलाफ एलडीए ने क्या कार्रवाई की, इसकी विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। चौथा, वर्ष 2016 से 2024 तक इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम, पद, वर्तमान तैनाती और संपर्क विवरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आवश्यक होने पर उनके बयान दर्ज किए जा सकें। अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में विजिलेंस ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी को आवश्यक अभिलेखों के साथ जांच में सहयोग करने के लिए उपस्थित कराया जाए। जांच एजेंसी का मानना है कि रिकॉर्ड और अधिकारियों के बयान के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि विकास शुल्क, मानचित्र स्वीकृति और निर्माण कार्यों में कहीं कोई अनियमितता या लापरवाही हुई थी या नहीं। हाईकोर्ट में अगली प्रगति आख्या दाखिल की जानी है। ऐसे में एलडीए से मांगा गया रिकॉर्ड जांच की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकता है। मामले में आने वाले दिनों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है।
जयपुर नॉर्थ जिले की नाहरगढ़ थाना पुलिस ने तलवार और कुल्हाड़ी लहराकर रंगदारी मांगने और कार में तोड़फोड़ करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक तलवार और एक कुल्हाड़ी भी बरामद की है। चाय दुकान संचालक से मांगे पैसे, नहीं देने पर जान से मारने की धमकी डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि 7 जून को गेटोर की छतरियों के पास चाय-पानी की दुकान संचालित करने वाले एक व्यक्ति ने नाहरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दोपहर करीब 3 बजे उसके पड़ोस में रहने वाला नितेश टांक अपने दो साथियों के साथ बाइक पर आया। आरोप है कि तीनों बदमाशों ने तलवार, कुल्हाड़ी और लोहे के पाइप से उसकी सेंट्रो कार (आरजे-20-सीए-1302) के आगे और साइड के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद दुकान के बाहर हथियार लहराते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी और पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देकर फरार हो गए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 9 जून को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितेश टांक (23) निवासी हरिजन बस्ती, न्यू माउंट रोड, ब्रह्मपुरी, थाना नाहरगढ़ और अभिषेक सारसर (20) निवासी सीताबाड़ी हरिजन बस्ती, थाना झोटवाड़ा के रूप में हुई है। हथियार दिखाकर फैलाया था दहशत का माहौल पुलिस जांच में सामने आया कि नितेश टांक कुल्हाड़ी और अभिषेक सारसर तलवार लेकर परिवादी को डराने-धमकाने पहुंचे थे। दोनों ने हथियार लहराकर आसपास के लोगों में भी भय का माहौल पैदा किया और भविष्य में अकेले मिलने पर जान से मारने की धमकी दी। तलवार और कुल्हाड़ी बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त एक तलवार और एक कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी नितेश टांक के खिलाफ नाहरगढ़ थाने में पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। साल 2022 में मारपीट और रास्ता रोकने और साल 2023 में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत अनुसंधान किया जा रहा है, ताकि घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों और उनकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
चलती कार में लगी आग:हापुड़ में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर हादसा, चालक सुरक्षित
हापुड़ में दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार देर रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। रुद्रपुर से फरीदाबाद जा रही इकोस्पोर्ट कार में आग लगने के बाद चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोका और सुरक्षित बाहर निकल आया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद (हरियाणा) के सेक्टर-37 निवासी विनय कुमार सिंह कार चला रहे थे। वे रुद्रपुर से फरीदाबाद जा रहे थे। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बाबूगढ़ क्षेत्र में पहुंचने पर कार के इंजन में अचानक हीटिंग की समस्या हुई। देखते ही देखते इंजन से धुआं निकलने लगा और कुछ ही क्षणों में वाहन आग की लपटों से घिर गया। चालक ने तुरंत वाहन रोककर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कार का अगला हिस्सा काफी हद तक जल चुका था। हाईवे पर इस घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस और फायर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को हाईवे से हटाया गया, जिसके बाद यातायात सुचारु रूप से बहाल हो गया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण वाहन का अत्यधिक गर्म होना माना जा रहा है। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
ललितपुर के कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम करगन में रामअवतार यादव की हत्या के मामले में परिजनों का प्रदर्शन जारी है। परिजन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार रात 11 बजे तक घंटाघर मैदान में धरने पर बैठे थे। पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने पहुंचे, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। धरने पर बैठे परिजनों ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 की रात रामअवतार यादव एक शादी समारोह से वापस अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में ग्राम करगन के पास नाले के निकट पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उन पर डंडों और सरियों से हमला कर दिया। हमले में रामअवतार गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें मरणासन्न अवस्था में छोडक़र आरोपी फरार हो गए। परिजनों के अनुसार, अगले दिन रामअवतार घायल अवस्था में मिले, जिन्हें पहले जिला अस्पताल, फिर झांसी और बाद में ग्वालियर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें पुन: झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां 24 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतक के पिता सरवर सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में बताया कि घटना के संबंध में कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन एफआईआर में नामजद मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं। परिजनों का आरोप है कि फरार आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। साथ ही वे गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए सीओ सिटी सुनील भारद्वाज रात 8 बजे शहर कोतवाल अनुराग अवस्थी के साथ पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली में मंगलवार रात 10 बजे हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में चोरी की बाइक पर सवार एक संदिग्ध युवक की मौत हो गई। हादसा ग्राम धर्मापुर पुलिया के पास हुआ, जहां एक कार और मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिश्रिख भिजवाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक के पास कोई पहचान पत्र न मिलने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल के चेसिस नंबर के आधार पर जांच शुरू की। जांच में बाइक का पंजीकरण नंबर यूपी-30-सीए-6307 पाया गया, जो टड़ियावां थाना क्षेत्र के लोकई पुरवा निवासी शिव कुमार पुत्र चेतराम के नाम दर्ज है। जब पुलिस ने वाहन स्वामी से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनकी मोटरसाइकिल पहले ही चोरी हो चुकी है। इस जानकारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मृतक युवक कौन था और वह चोरी की बताई जा रही बाइक तक कैसे पहुंचा। साथ ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की भी जांच की जा रही है। कोतवाल प्रदीप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया कार और मोटरसाइकिल की टक्कर का मामला सामने आया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की ओर से विकसित की जा रही खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं मिनी एमआईजी फ्लैटों का निर्माण अंतिम चरण में है। मंगलवार की शाम योजना की प्रगति का निरीक्षण करने पहुंचे GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने काम को समय से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कुछ फ्लैटों के आवंटियों को दीपावली तक कब्जा दे दिया जाए। शेष काम में भी तेजी जायी जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति देखी। लगभग 1 घंटे तक परियोजना के विभिन्न ब्लाकों में जाकर वहां हो रहे निर्माण कार्य देखे। आधारभूत संरचना को लेकर किए जा रहे कार्य भी देखे। उन्होंने बिजली व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। मौके पर 600 केवीए के 6 ट्रांसफार्मर लगाने की योजना थी। उपाध्यक्ष ने बड़े-बड़े 3 ट्रांसफार्मर लगाने को कहा। विद्युत अभियंताओं से कहा गया कि 1500 केवीए के 3 ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। इससे जो जगह बचेगी, उसका कुछ और उपयोग कर सकते हैं। खोराबार टाउनशिप में हैं 2000 फ्लैट खोराबार टाउनशिप योजना में लगभग 2000 फ्लैट और 312 आवासीय भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। इनमें विभिन्न आय वर्गों के लिए आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। परियोजना से जुड़ी मेडिसिटी योजना में क्लीनिक लेन के अंतर्गत 46 बड़े भूखंड भी विकसित किए गए हैं, जहां अस्पताल, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित संस्थान स्थापित किए जा सकेंगे। इन भूखंडों पर आवासीय निर्माण की भी अनुमति होगी। मिनी एमआइजी श्रेणी में दो ब्लाकों में कुल 420 आवास बनाए जा रहे हैं। एलआइजी श्रेणी में कुल 480 फ्लैट प्रस्तावित हैं। पहले ब्लाक का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि दूसरे ब्लाक में 13वीं मंजिल तक संरचना कार्य पूरा कर लिया गया है। दोनों ब्लाकों में फिनिशिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी प्रकार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के सात ब्लाकों में से पांच ब्लाक अगले दो महीनों में पूरी तरह तैयार हो जाएंगे। कुल 560 आवासों में से लगभग 400 आवासों में कब्जा देने की तैयारी चल रही है।हालांकि एमआईजी श्रेणी के 10 ब्लाकों में निर्माण कार्य अभी जारी है। इस वर्ग के 560 फ्लैटों को तैयार होने में कुछ और समय लगेगा। अधिकारियों के अनुसार अगस्त-सितंबर तक इनका निर्माण पूरा होने की संभावना है। तीन टावरों में 13 मंजिल तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि अन्य टावरों में ऊपरी मंजिलों का निर्माण जारी है। प्राधिकरण का कहना है कि दिसंबर 2026 तक संपूर्ण टाउनशिप को पूर्ण रूप से विकसित कर देने का लक्ष्य निर्धारित है। खोराबार से लौटकर GDA उपाध्यक्ष ने तारामंडल क्षेत्र में निर्माणाधीन ग्रीनवुड अपार्टमेंट का भी निरीक्षण कर उसकी प्रगति जांची और समय से काम पूरा करने को कहा। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता एके तायल, राजबहादुर सिंह, अवर अभियंता आज्ञाराम वर्मा, मनीष त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बकाएदारों की तैयार हो लिस्ट GDA उपाध्यक्ष ने मंगलवार को दोपहर बाद संपत्ति अनुभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने ओटीएस योजना, संपत्तियों के आवंटन, डिफाल्टर आवंटियों की स्थिति, रिक्त संपत्तियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उपाध्यक्ष ने कहा कि बकाये धनराशि की वसूली की जाए। अलोकप्रिय संपत्तियों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ओटीएस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को दिया जाए। 15 दिन में एक बार संपत्ति अनुभाग की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए सिरे से सभी संपत्तियों का सत्यापन करा लिया जाए। पैडलेगंज में स्थित कियोस्कों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव भी बैठक में लाया गया।
मेरठ नगर निगम के वार्ड-50 के पार्षद संजय सिंह सैनी ने शहर में चल रही स्वच्छता सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों पर हस्तक्षेप के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्षद संजय सिंह सैनी मंगलवार को 22-बी होटल में पहुंचे। यहां उन्होंने आरोप लगातया कि सर्वेक्षण टीम को निगम अधिकारियों द्वारा यहां ठहराया गया है और जमीनी स्तर की रिपोर्ट बिना फील्ड पर जाए यहीं से लगाई जा रही है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वेक्षण टीम को सीधे वार्डों में जाकर निरीक्षण और मूल्यांकन करना चाहिए, लेकिन नगर निगम के कुछ अधिकारी और कर्मचारी, जिनका सर्वेक्षण से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। संजय सिंह सैनी का कहना है कि इस तरह का हस्तक्षेप मेरठ की जनता के साथ धोखा है और इससे सर्वेक्षण की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सकारात्मक रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए लोगों को विभिन्न प्रकार के लालच दिए जा रहे हैं। साथ ही 22-बी में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने सहित अन्य व्यवस्थाएं भी कराई गई हैं। पार्षद ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण टीम का कार्य सीधे जनता के बीच जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना और सही रिपोर्ट तैयार करना है। यदि बाहरी हस्तक्षेप होता है तो सर्वेक्षण की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पीलीभीत में खेत में मिला युवक का शव:दो दिन पहले घर से गुस्सा होकर निकला था, कीटनाशक की बोतल मिली
पीलीभीत जिले में एक खेत में 28 वर्षीय युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मंगलवार दोपहर ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। देर शाम शव की शिनाख्त वार्ड नंबर 7 निवासी विनोद वर्मा के पुत्र सुधांशु वर्मा के रूप में हुई। परिवार में शोक का माहौल है। मृतक के पिता विनोद वर्मा ने बताया कि दो दिन पहले रविवार को घर में किसी बात पर मामूली कहासुनी हुई थी। इसके बाद सुधांशु गुस्से में घर से चला गया था और वापस नहीं लौटा। पुलिस को घटनास्थल से शव से करीब 15 मीटर दूर एक काला बैग, कोल्ड ड्रिंक की बोतल और कीटनाशक की शीशी मिली है। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई जा रही है कि यह आत्महत्या का मामला है। शव लगभग दो दिन पुराना प्रतीत हो रहा है, जिससे अनुमान है कि युवक ने रविवार को घर से निकलने के बाद ही यह कदम उठाया था। सुधांशु के बड़े भाई सौरभ वर्मा ने मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस को लिखित तहरीर देकर पोस्टमार्टम की मांग की है। थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
काजरी में मंगलवार को खजूर दिवस मनाया गया। यहां पश्चिमी राजस्थान के किसानों को नई किस्म के बारे में बताया गया। वहीं राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में पुलिसकर्मियों को सीपीआर की ट्रेनिंग दी गई। इधर, कलेक्टर आलोक रंजन ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक लेकर विभन्नि योजनाओं का रिव्यू किया। इसके साथ ही जोधपुर शहर में कल विभिन्न आयोजन होंगे। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें... किसानों को दी खजूर के वैरायटी की जानकारीकेंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के खजूर ब्लॉक में 'खजूर दिवस' का आयोजन किया गया। इसमें पश्चिमी राजस्थान के किसानों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर काजरी के निदेशक डॉ. हनुमान सहाय जाट ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती जलवायु में शुष्क क्षेत्रों के लिए बागवानी आधारित कृषि प्रणाली सबसे मुनाफे का सौदा है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर खजूर जैसी नकदी फसलों को बढ़ावा देने का आह्वान किया ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। कार्यक्रम के दौरान जोधपुर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा ने भी किसानों के साथ खजूर ब्लॉक का दौरा कर संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों देखी। कार्यक्रम में काजरी के डिविजन सेंकड के अध्यक्ष डॉ. धीरज सिंह ने किसानों को उन्नत किस्मों की जानकारी देते हुए विशेष रूप से 'एडीपी-1' किस्म की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि यह किस्म मानसून आने से पहले ही पककर तैयार हो जाती है, जिससे बारिश से होने वाले नुकसान की आशंका नहीं रहती और फलों की गुणवत्ता बेहतरीन बनी रहती है। इस अवसर पर जोधपुर संभाग के संयुक्त निदेशक (कृषि ) सत्यनारायण गढ़वाल तथा जोधपुर संभाग के उप निदेशक (उद्यानिकी) रूपेश लावा भी मौजूद रहे। काजरी के वैज्ञानिक, अधिकारी और कर्मचारी भी इस दौरान उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक, योजनाओं का किया रिव्यू जिला परिषद सभागार में मंगलवार को कलेक्टर आलोर रंजन की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उन्होंने सरकारी की विभिन्न् योजनाओं और लंबित प्रकरणों का रिव्यू किया। बैठक में कलेक्टर ने सीएम और वीआईपी प्रकोष्ठ में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इनका समय से निस्तारण किया जाए। इसके साथ विभागवार रिव्यू करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर मामलों के निस्तारण में देरी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का भी रिव्यू किया। बैठक में आरजीएलसी परियोजना तृतीय चरण के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही डिस्कॉम की योजनाओं के प्रोग्रेस की भी रिपोर्ट ली। बैठक में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) जवाहर चौधरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर प्रथम) दौलतराम, जिला रसद अधिकारी अंजुम ताहिर सम्मा समेत कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में दी सीपीआर की ट्रेनिंग राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में सात दिन के लिए सीपीआर ट्रेनिंग दी जा रही है। केंद्र के प्रधानाचार्य डॉ. महावीर सिंह राणावत ने बताया कि इस दौरान ट्रेनिंग ले रहे नव नियुक्त कॉन्स्टेबल और प्लाटून कमांडर पद के प्रमोशन केडर कोर्स कर रहे 900 ट्रेनर्स को सीपीआर की ट्रेनिग दी जा रही है। इसमें सीपीआर मैन डॉ. राजेंद्र तातेड़ की ओर से सीपीआर टेक्निक के बारे में बताया जा रहा है। इसके साथ ही डॉ. तातेड़ ने कार्डियक अरेस्ट, हार्ट अटैक तथा हार्ट फैल से संबंधित जानकारी भी दी। कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रधानाचाय डॉ महावीर सिंह राणावत ने पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों को शेयर करने के लिए कहा। कार्यक्रम में आरपीटीसी, जोधपुर के कमान्डेंट गोपाल सिंह भाटी और उप पुलिस अधीक्षक निशा भटनागर ने सभी का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन पंकज राज माथुर, पुलिस निरीक्षक ने किया। जोधाणा वृद्धाश्रम का किया औचक निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जोधपुर महानगर के अध्यक्ष दिनेश त्यागी के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जोधपुर महानगर के सचिव राकेश रामावत द्वारा मंगलवार को जोधाणा वृद्धाश्रम़, जोधपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आश्रम में निवासरत वृद्धजनों से वार्तालाप करते हुए उनके स्वास्थ्य, खान-पान, अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच-पड़ताल कर उन्हें विधिक जानकारी प्रदान कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।महात्मा गांधी स्कूल की तीन स्टूडेंट का स्कॉलरशिप योजना में सिलेक्शन जोधपुर क्षेत्र के महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम), माता का थान की तीन छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर की छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस ) में सिलेक्शन हुआ है। स्कूल की प्रधानाचार्य जया पुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में विद्यालय की पूजा चौधरी पुत्री गंगा राम चौधरी ने 148 अंक, साक्षी परिहार पुत्री मदन लाल परिहार ने 134 अंक और हेमेंद्र कंवर पुत्री महावीर सिंह ने 115 अंकों के साथ सफलता हासिल की है। प्रधानाचार्या ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर की इस कल्याणकारी योजना के तहत चयनित छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए आगामी चार वर्षों तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपए स्कॉलरशिप मिलेगी। यह आर्थिक सहयोग इन होनहार छात्राओं के उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।प्रधानाचार्या ने कहा कि वर्ष 2024 से लेकर अब तक इस विद्यालय से कुल 5 विद्यार्थियों का चयन एनएमएमएस योजना में हो चुका है। यह उपलब्धि महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासित माहौल और विद्यालय के समर्पित स्टाफ की कड़ी मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम है। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त एवं जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन पुलिस थाना कोतवाली परिसर में स्थापित स्वर्गीय फतेहराज कल्ला की प्रतिमा के खंडित होने के मामले में मंगलवार को ज्ञापन सौंपा गया। घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाने तथा प्रतिमा के सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापन की मांग को लेकर द रॉयल्स सोसायटी, जोधपुर एवं रॉयल्स सोसायटी से जुड़े समाज के अधिवक्ता बंधुओं द्वारा अतिरिक्त संभागीय आयुक्त और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर दी रॉयल्स सोसायटी के संरक्षक डॉ आनंद राज पुरोहित,अध्यक्ष एडवोकेट कपिल बोहरा, उपाध्यक्ष निलेश तिवारी,मीडिया प्रभारी हरिगोपाल व्यास,दीपक सोनी,विनोद व्यास,एडवोकेट निलेश बोहरा,गोकुलेश बोहरा एडवोकेट इमरान ख़ान,योगेश बोहरा,आरिफ मलकानी, गोपालराज कल्ला,एडवोकेट मोहसिन खान, एडवोकेट अब्दुल खालिद ,ब्रजराज सिह भाटी,पुष्पेंद्र सिह भाटी,विकास चारण ,अमरनारायण पुरोहित,पुखराज मेघवाल,सुमित कल्ला,भंवरलाल,दिनेश विश्नोई ,सुशील हर्ष,राजकुमार पुरोहित एवं अन्य अधिवक्ता साथियों ने उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपा तथा प्रशासन से शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह मामला केवल एक प्रतिमा तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत, जनभावनाओं एवं कानून-व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। जोधपुर संभाग के 32 मंदिरों में बुधवार को होगा विशेष पूजा-अर्चना एवं मंगल कामना कार्यक्रम जोधुपर संभाग के मंदिरों में बुधवार को विशेष पूजा-अर्चना एवं मंगल कामना कार्यक्रम होगा। इसके तहत संभाग के 32 मंदिरों में सुबह 8 बजे आयोजन होगा। देवस्थान विभाग जोधपुर के सहायक आयुक्त ओमप्रकाश पालीवाल ने बताया कि इसके लिए सभी को निर्देशित कर दिया है और तैयारी भी पूरी कर ली है नारी चौपाल-नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का आयोजन 10 जून को जिला प्रशासन, महिला अधिकारिता विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में जिले में बुधवार सुबह 10:30 बजे नारी चौपाल-नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। महिला अधिकारिता विभाग, जोधपुर के उपनिदेशक फरसाराम विश्नाई ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन जिले के समस्त सेक्टर, मण्डल एवं ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, महिलाएं एवं बालिकाएं प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित होंगी। उन्होंने बताया कि नारी चौपाल के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों तथा उनके हितों के संरक्षण के लिए किए गए विधिक प्रावधानों की जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित विषयों पर भी जागरूक किया जाएगा।संसदीय कार्य मंत्री बुधवार को विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में करेंगे शिरकतसंसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल बुधवार सुब 11 बजे जयपुर से विधानसभा क्षेत्र लूणी पहुंचेंगे। वे सुबह 11.15 बजे से सांय 6.30 बजे तक लूणी विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।वे सांय 7 बजे मण्डलनाथ दईजर में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 12 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर मण्डलनाथ मंदिर में विशेष पूजा अर्चना एवं मंगल कामना कार्यक्रम में भाग लेंगे। वे रात्रि 9.30 बजे सर्किट हाउस जोधपुर पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे।
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए ललितपुर से कानपुर तक एक विशेष ट्रेन चलाई गई। मंगलवार शाम को ललितपुर से कानपुर के लिए रवाना हुई इस ट्रेन में भारी भीड़ देखी गई। यह विशेष ट्रेन शाम 6:30 बजे ललितपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से कानपुर के लिए रवाना हुई। इसके अतिरिक्त, कई अभ्यर्थी झांसी और कानपुर के लिए अन्य ट्रेनों से भी रवाना हुए। शाम 7 बजे ललितपुर स्टेशन पहुंची कुशीनगर एक्सप्रेस की जनरल बोगियों में अत्यधिक भीड़ के कारण छात्रों को स्लीपर कोच में सवार होना पड़ा। जनरल कोचों की स्थिति यह थी कि लोग दरवाजों पर बैठे और खड़े नजर आए। ललितपुर स्टेशन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ थी, जहां कई अभ्यर्थी प्लेटफॉर्म के बाहर भी बैठे दिखे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवान स्टेशन पर तैनात रहे। देर रात 10 बजे तक विभिन्न ट्रेनों से अभ्यर्थियों का ललितपुर स्टेशन पर आना जारी रहा। अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा दो रैन बसेरे भी खोले गए हैं।
मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा देने का नहीं, बल्कि उम्र और पहचान छिपाकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का है। घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के डीएवी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र की है। दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी गजेंद्र पुत्र त्रिलोक चंद शर्मा (निवासी जटपुरा, थाना सलेमपुर, जनपद बुलंदशहर) की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद केंद्र प्रभारी, संस्था प्रतिनिधि और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उसका सत्यापन किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गजेंद्र ने भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए अपना नाम बदलकर हाईस्कूल प्रमाणपत्र दोबारा बनवाया था। उसने अपने आधार कार्ड और जन्मतिथि में भी बदलाव कराया था, ताकि वह पुलिस भर्ती परीक्षा की पात्रता शर्तों को पूरा कर सके। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसकी पहचान उजागर हो गई और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। शुरुआत में उसने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने पूरा सच स्वीकार कर लिया। फर्जी दस्तावेजों का खुलासा होने के बाद परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक अरुण कुमार की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि भर्ती परीक्षा में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा या जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने जानकारी दी कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी ने दस्तावेजों में बदलाव कैसे कराया और क्या इस फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत अंबर सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से हुई मौत की घटना के बाद अब गौर सिटी-1 की 5 एवेन्यू में भी ऐसी ही घटना सामने आई है। सोमवार रात करीब 10 बजे एक फ्लैट के कमरे की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई व्यक्ति उसकी चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना गौर सिटी-1 के एच टावर स्थित फ्लैट नंबर 1265 में हुई, जहां मयंक अपने परिवार के साथ रहते हैं। मयंक ने बताया कि रात करीब 10 बजे छत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सीधे बेड पर गिरा, जिससे बेड के पास रखा टेबल लैंप टूट गया। उस समय मयंक के पिता कमरे में बेड से कुछ ही दूरी पर कुर्सी पर बैठे थे। यदि प्लास्टर कुछ फीट और खिसक जाता, तो उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। घटना से घबराए परिवार ने तुरंत सोसाइटी प्रबंधन को सूचित किया। मयंक ने आरोप लगाया कि यह उनके फ्लैट में प्लास्टर गिरने की पहली घटना नहीं है। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले भी इसी कमरे में इसी जगह से प्लास्टर टूटकर गिरा था। उस समय उनके बच्चे कमरे में मौजूद थे और प्लास्टर की चपेट में आने से उन्हें चोटें आई थीं। पिछली घटना के बाद मरम्मत का कार्य कराया गया था, लेकिन अब दोबारा उसी स्थान पर प्लास्टर गिरने से मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मयंक ने अब एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) से दोबारा निरीक्षण कराकर गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
मथुरा में आंधी से मकान पर पेड़ गिरा:दो बच्चे घायल, कई बिजली के खंभे भी टूटे
मथुरा के नगला भैंसारा गांव में मंगलवार देर शाम तेज आंधी-तूफान के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। थाना जमुनापार क्षेत्र में एक विशालकाय पेड़ अचानक एक मकान पर गिर गया। इस घटना में दो बच्चे घायल हो गए, जबकि कई बिजली के खंभे भी टूट गए। यह घटना शाम करीब छह बजे हुई। पेड़ गिरने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने मलबे और पेड़ की शाखाओं के बीच फंसे बच्चों को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। दोनों बच्चों का इलाज जारी है। पेड़ काफी पुराना और जर्जर हो चुका था स्थानीय निवासी जयप्रकाश ने बताया कि यह पेड़ काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी खतरनाक स्थिति के बारे में पहले भी संबंधित विभागों को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते पेड़ की कटाई या छंटाई कर दी जाती तो इस हादसे को टाला जा सकता था। पेड़ गिरने से कई बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। गनीमत रही कि घटना के समय बिजली आपूर्ति बंद थी, जिससे कोई बड़ा विद्युत हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों का मानना है कि यदि लाइन चालू होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। घटना की सूचना संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घायल बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने गांव और आसपास के क्षेत्रों में खतरनाक एवं जर्जर पेड़ों का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में गंगनहर से एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कार्यवाहक एसीपी मसूरी भास्कर वर्मा ने बताया कि मंगलवार को चितौड़ा पुल से नाहल झाल की ओर गंगनहर में एक शव बहता हुआ दिखाई देने की सूचना मिली थी। मसूरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोताखोरों की सहायता से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के पास स्थित नीले पुल के नजदीक से शव को बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, मृतक के शरीर पर केवल हल्के गुलाबी रंग की शर्ट थी। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव फूल चुका था, जिससे यह कई दिन पुराना होने का अनुमान है। फिलहाल मृतक की उम्र और पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के जिलों और थानों से संपर्क कर शव की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है। पहचान होने तक शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। एसीपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही व्यक्ति की मौत की परिस्थितियों का पता चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं।
हरदोई में मंगलवार शाम एक स्टाम्प वेंडर से करीब 3 लाख रुपए की टप्पेबाजी हो गई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के तहसील परिसर में हुई इस घटना में आरोपी युवक बैग में रखे रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। शाहाबाद नगर के पठकाना मोहल्ला निवासी अक्षत मिश्रा तहसील परिसर में स्टाम्प वेंडर हैं। मंगलवार की शाम 5:55 बजे वह अपने तखत पर सामान पैक कर रहे थे और इस दौरान वह लैपटॉप शटडाउन करने लगे। अक्षत के अनुसार, उनके पास रखी एक बेंच पर उनका एक बैग रखा था, जिसमें करीब 3 लाख रुपये नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। अक्षत ने बताया कि तखत के पास पहले से मौजूद एक युवक अचानक उनका बैग लेकर भागा। कुछ ही सेकंड में वह आंखों से ओझल हो गया। आरोपी लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले से तैयार दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर फरार हो गए। घटना के बाद अक्षत मिश्रा ने कोतवाली में शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक युवक हाथ में बैग पकड़े हुए राजमार्ग पर भागता हुआ और फिर दूसरी बाइक पर बैठकर जाते हुए कैद हो गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
ग्रेटर नोएडा में 2 पक्षों में मारपीट:पुलिस जांच में जुटी, कबाड़ियों के विवाद में लाठी-डंडे चले
ग्रेटर नोएडा में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह घटना मंगलवार शाम बीटा 2 थाना क्षेत्र के सिटी पार्क के पास हुई। किसी बात को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। इसमें लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर भी चले। पूरी वारदात का वीडियो बना लिया मारपीट के दौरान महिलाएं भी शामिल हो गईं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक व्यक्ति ने इस पूरी वारदात का वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि यह विवाद कबाड़ी का काम करने वाले कुछ लोगों के बीच हुआ था। पुलिस ने बताया कि वे वीडियो के आधार पर जानकारी जुटा रहे हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में शामिल दोनों पक्षों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संतकबीरनगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मंगलवार को विकास खंड नाथनगर के कठइचा और पौली ब्लॉक के मझौरा स्थित गो-आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किया। मझौरा गो-आश्रय स्थल में गंभीर अनियमितताएं और गोवंशों की देखरेख में लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान वहां तीन गोवंश मृत पाए गए, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मझौरा गो-आश्रय स्थल पहुंचने पर गौशाला बंद मिली, जबकि पांच केयरटेकर कार्यरत थे। निरीक्षण की सूचना मिलने पर एक केयरटेकर मौके पर पहुंचा और गौशाला का ताला खोला। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि कम से कम दो केयरटेकर हर समय गो-आश्रय स्थल पर मौजूद रहें। यहां कुल 199 गोवंश संरक्षित थे, जिनमें से तीन मृत पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि इनकी मृत्यु उसी दिन हुई थी। जिलाधिकारी ने तत्काल मृत गोवंशों का अंतिम संस्कार कराने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने हरे चारे की फसल को बाहरी पशुओं से बचाने और गोवंशों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां पाए जाने पर खंड विकास अधिकारी पौली, ग्राम पंचायत सचिव मझौरा, एडीओ पंचायत तथा संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, नोडल अधिकारी एवं डीसी एनआरएलएम से स्पष्टीकरण मांगते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा गया। ग्राम पंचायत प्रशासक के निलंबन की कार्रवाई के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इससे पहले, जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कठइचा गो-आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। यहां 73 गोवंश संरक्षित मिले और सभी की ईयर टैगिंग की गई थी। निरीक्षण में गोवंशों के लिए चारा, दाना और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था पाई गई। दो केयरटेकरों में से एक मौके पर उपस्थित था, जबकि दूसरे के पारिवारिक कारणों से अनुपस्थित होने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने टीन शेड के आसपास मिट्टी भरवाकर खड़ंजा लगाने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के मौसम में गोवंशों को परेशानी न हो।
पीलीभीत, उत्तर प्रदेश में पुलिस हिरासत से चोरी का एक आरोपी फरार हो गया। आरोपी को मेडिकल परीक्षण के बाद वापस लाते समय उसने पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और भाग निकला। यह घटना मंगलवार को हुई। आरोपी सुल्तान (पुत्र इरफान, निवासी मोहल्ला ग्यासपुर) को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मोहल्ला पटेल नगर निवासी राकेश कुमार और सुरेंद्र कुमार ने 7 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि सुल्तान उनके घर से एक बैटरी और मोबाइल चोरी कर ले गया था। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने सुल्तान को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया था। मंगलवार को पुलिस सुल्तान को जेल भेजने की तैयारी में थी। वैधानिक प्रक्रिया के तहत, सिपाही प्रबल प्रताप सिंह एक प्रशिक्षु सिपाही के साथ उसे बाइक पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मेडिकल परीक्षण के लिए ले गए थे। डॉक्टर से जांच कराने के बाद, जब सिपाही आरोपी को बाइक पर बैठाकर सीएचसी गेट से बाहर निकल रहे थे, तभी सुल्तान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) विधि भूषण मौर्य ने बताया, “मामला पूरी तरह संज्ञान में है। आरोपी को दोबारा पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” फरार आरोपी का देर शाम तक चली सघन चेकिंग के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
मैहर जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मंगलवार को अमरपाटन क्षेत्र में विशेष जांच और सैंपलिंग अभियान चलाया। इस दौरान मिठाई की दुकानों, केक फैक्ट्रियों और रेस्टोरेंट्स का निरीक्षण किया गया, जहां से खाने-पीने की चीजों के सैंपल लिए गए। गंदगी और जरूरी दस्तावेज न मिलने पर कुछ दुकानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। इस अभियान के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की मदद से खाने के सामान की शुरुआती जांच भी की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौर ने दुकानदारों को साफ-सफाई और नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी। मिठाइयों और मसालों के लिए सैंपल निरीक्षण के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों से सैंपल लिए गए, जिन्हें पूरी जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। मां लक्ष्मी बीकानेर मिष्ठान भंडार से लड्डू, मावा बर्फी, मिल्क केक, बेकरी बिस्कुट और खोया नमकीन। श्री बीकानेर मिष्ठान भंडार से मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्डू, इलायची बर्फी, बादाम बर्फी और सादी बर्फी। आराध्या स्वीट्स से बेसन लड्डू, नमकीन और बिस्कुट। द केक फैक्ट्री से केक। कृष्णा फास्ट फूड से अरहर दाल, चाउमीन, चिली सॉस, कॉन्टिनेंटल सॉस और सांभर मसाला। लापरवाही मिलने पर कृष्णा फास्ट फूड को नोटिस जांच के दौरान कृष्णा फास्ट फूड में साफ-सफाई के इंतजाम ठीक नहीं मिले। इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत जरूरी कागजात भी मौके पर उपलब्ध नहीं थे। इस पर विभाग ने संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और तय समय में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौर ने साफ किया कि अगर समय रहते कमियों को दूर नहीं किया गया, तो नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य मकसद लोगों को शुद्ध व सुरक्षित खाना उपलब्ध कराना और दुकानों पर स्वच्छता बनाए रखना है।
जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह 11 बजे भीषण आग लग गई। अग्निकांड में एक बच्चे, दो भाइयों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने फैक्ट्री संचालक फिरोज की तलाश शुरू कर दी है। एक पुलिस टीम दिल्ली भी रवाना कर दी है। मकान मालिक याकूब भी फरार है। अब तक की जांच में सामने आया है कि फिरोज दिल्ली से माल लाता था और जयपुर में पैकेजिंग कराता था। वहीं एफएसएल टीम आग लगने के कारणों को लेकर जांच कर रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब तक की जांच में सामने आया कि फिरोज दिल्ली का रहने वाला है। यहां पर किराए पर मकान लेकर फैक्ट्री चला रहा था। दिल्ली से माल लाकर जयपुर में पैकेजिंग का काम कराता था। पुलिस को उम्मीद है कि जल्दी ही फिरोज को पकड़ लिया जाएगा। इसके बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। गोदाम में कुछ पकाने या स्मोकिंग के कारण भड़की चिंगारी फैक्ट्री में आग लगने के कारणों को लेकर भी जांच शुरू हो गई है। FSL की टीम ने मौके पर जाकर सबूत जुटाए हैं। हालांकि अभी सही कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि गोदाम में काम करने वाले लोग या तो कुछ पका रहे थे या फिर स्मोकिंग के चलते चिंगारी भड़की हो और पटाखों ने आग पकड़ ली। पुलिस बोली- स्थानीय लोग नहीं कर रहे सहयोग पुलिस का कहना है कि इस मामले में स्थानीय लोगों का भी पुलिस को सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिस मकान में ये काम चल रहा था वो याकूब नाम के शख्स का है। याकूब ने ये मकान दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दे रखा था। फिरोज शादी में आतिशबाजी के लिए पटाखों की पैकेजिंग का काम करवाता था। पुलिस मकान मालिक याकूब और गोदाम संचालक फिरोज की तलाश कर रही है। थाने से 1 KM दूर दो साल से चल रही थी फैक्ट्री, 55 वर्ग गज का था प्लॉट खोह नागोरियान थाने से 1 किलोमीटर की दूरी पर यह अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। 20 बाई 25 यानी 55.5 वर्ग गज के मकान में यह फैक्ट्री दो साल से चल रही थी। यहां पर अवैध रूप से पटाखे का गोदाम भी बना रखा था। बताया जा रहा है कि हादसे के समय फैक्ट्री में 50 किलो बारूद था। कॉलोनी को लेकर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट मांगी जहां अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी, यह कॉलोनी अवैध मानी जा रही है। क्षेत्र से संबंधित तहसीलदार और पटवारी से जिला प्रशासन ने रिपोर्ट मांगी है। हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कॉलोनी अवैध है या वैध। … पटाखा फैक्ट्री में आग की ये खबरें भी पढ़ें… जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत 50 किलो बारूद में लगी आग में 8 लोग जले:ऐसा लगा जैसे बम फटा हो, इलाके में पटाखों की 4 अवैध फैक्ट्रियां और चल रही कपड़ों के साथ निकली चमड़ी, झुलसे लोग छटपटाते रहे:दर्द से तड़पता कोई सीढ़ियों पर बैठा, कोई खड़ा रहा; देखें PHOTOS
झांसी में एंबुलेंस चालक की कथित मनमानी और स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का खामियाजा 22 साल के युवक को जान देकर चुकाना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए युवक को एंबुलेंस चालक निजी अस्पताल ले गया, जहां इलाज के नाम पर पैसे वसूले गए। बाद में मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती न मिलने पर युवक की मौत हो गई। मामला नवाबाद थाना क्षेत्र का है। घायल को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया महरौनी थाना क्षेत्र के छापचौल गांव निवासी हरिश्चंद्र (22) पुत्र घनश्याम 2 जून को कार से टीकमगढ़ जाते समय ट्रक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके बड़े भाई रवि के मुताबिक, घायल अवस्था में उसे पहले टीकमगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रवि का आरोप है कि रेफरल के बाद जिस एंबुलेंस से वे झांसी पहुंचे, उसका चालक उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने के बजाय आरटीओ कार्यालय के पास स्थित एक निजी अस्पताल में ले गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने मरीज के ठीक होने का भरोसा दिलाते हुए इलाज शुरू किया और पहले ही 20 हजार रुपए जमा करा लिए। परिजनों का कहना है कि छह दिन के इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने उनसे करीब 1.35 लाख रुपए वसूल लिए। सोमवार को अस्पताल की ओर से बताया गया कि मरीज की हालत बेहद गंभीर है और उसे मेडिकल कॉलेज या किसी बड़े अस्पताल ले जाना होगा। साथ ही डिस्चार्ज के लिए 60 हजार रुपए और जमा करने की मांग की। डिस्चार्ज को लेकर हुआ विवाद, पुलिस बुलानी पड़ीरवि का आरोप है कि जब उन्हें लगा कि अस्पताल इलाज से ज्यादा पैसे वसूलने पर ध्यान दे रहा है, तो उन्होंने अतिरिक्त रकम देने से इनकार कर दिया। इस बात को लेकर अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद परिजनों ने मंडी चौकी पुलिस से शिकायत की। शिकायत मिलने पर चौकी प्रभारी अस्पताल पहुंचे। परिजनों के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में 25 हजार रुपए जमा करने पर मरीज को डिस्चार्ज करने की सहमति बनी। हालांकि पुलिस के जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने फिर 60 हजार रुपए जमा कराने की मांग शुरू कर दी। परिजनों ने दोबारा पुलिस बुलायी, जिसके बाद मरीज को डिस्चार्ज किया गया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती नहीं करने का आरोप परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे हरिश्चंद्र को लेकर झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन वहां वेंटिलेटर और बेड उपलब्ध न होने का हवाला देकर भर्ती करने से इनकार कर दिया गया।रवि के अनुसार, करीब दो घंटे तक परिवार के लोग डॉक्टरों और कर्मचारियों से भर्ती करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन मरीज को भर्ती नहीं किया गया। अस्पताल के गेट पर टूटीं सांसें परिजनों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती न मिलने के बाद वे हरिश्चंद्र को वापस किसी निजी अस्पताल में ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में ही उसकी हालत और बिगड़ गई तथा उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद परिवार ने एंबुलेंस चालक, निजी अस्पताल प्रबंधन और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमॉर्टम के लिए भी करना पड़ा इंतजार मृतक के भाई रवि ने आरोप लगाया कि मौत के बाद पोस्टमॉर्टम कराने के लिए भी उन्हें करीब छह घंटे तक भटकना पड़ा। उनका कहना है कि शव को लेकर वे एंबुलेंस में इधर-उधर घूमते रहे और डायल-112 पर मदद मांगने के बाद ही पुलिस ने हस्तक्षेप कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
मथुरा में STF ने 50 हजार रुपए के इनामी शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मोहम्मद शाहिद उर्फ कल्लू राठौर गोविंद नगर में एक कारोबारी के घर हुई लाखों रुपये की चोरी की घटना में वांछित था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस के अनुसार, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मेरठ के सिलाढ़ी क्षेत्र निवासी मोहम्मद शाहिद उर्फ कल्लू राठौर जयसिंहपुरा में मौजूद है। इस सूचना पर एसटीएफ के उपनिरीक्षक रजनीश चौधरी के नेतृत्व में एक टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाया। सोमवार रात करीब नौ बजे उसे जयसिंहपुरा चौराहे के निकट पथवारी मंदिर मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। 15 वर्षों से अपने गिरोह के साथ सक्रिय पूछताछ में शाहिद ने बताया कि वह पिछले लगभग 15 वर्षों से अपने गिरोह के साथ विभिन्न जिलों में घरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसका गिरोह टैक्सी के माध्यम से मेरठ, मथुरा, गाजियाबाद सहित अन्य शहरों में पहुंचता था और चोरी के बाद सामान लेकर फरार हो जाता था। आरोपी के खिलाफ मेरठ, गाजियाबाद और मथुरा के विभिन्न थानों में चोरी, आबकारी अधिनियम तथा अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटर को मार गिराया गौरतलब है कि गोविंद नगर के 80 फुटा क्षेत्र निवासी विजय प्रकाश अग्रवाल ने 31 अक्टूबर को अपने बंद मकान से 80 हजार रुपये नकद और लाखों रुपये के आभूषण चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में चार बदमाश चोरी करते हुए दिखाई दिए थे। पुलिस ने एक आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था, जबकि शाहिद उर्फ कल्लू, गिरोह का सरगना नौशाद उर्फ छेतरिया और आजाद उर्फ जुबैर उर्फ पीटर फरार हो गए थे। बाद में बुलंदशहर पुलिस ने एक अन्य मामले में मुठभेड़ के दौरान आजाद उर्फ जुबैर को मार गिराया था। वहीं, मास्टरमाइंड नौशाद को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब फरार चल रहे शाहिद की गिरफ्तारी को पुलिस एक बड़ी सफलता मान रही है। गोविंद नगर थाना प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया गया है।
बरेली पुलिस ने सक्रिय शराब माफियाओं के एक संगठित गिरोह की कमर तोड़ दी है। एसएसपी अनुराग आर्य ने मंगलवार 9 जून को शराब तस्करी में लिप्त पांच बड़े अपराधियों को विधिवत माफिया घोषित कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत मनोज कुमार जायसवाल, अशोक दीक्षित, अजय जायसवाल, अरुण कुमार पांडेय और संजय कुमार को माफिया की श्रेणी में रखा गया है। इन सभी पर आर्थिक और भौतिक लाभ कमाने के उद्देश्य से अवैध शराब तस्करी का संगठित गिरोह संचालित करने का आरोप है। माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाईबरेली पुलिस की यह कार्रवाई कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में प्रशासन ने अपराधियों की नकेल कसने के लिए एक सुनियोजित अभियान चलाया है। आज की कार्रवाई उस कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस का उद्देश्य केवल तस्करी रोकना नहीं, बल्कि उन माफियाओं के पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है, जिन्होंने रसूख के दम पर काली कमाई के साम्राज्य खड़े कर लिए थे। अब इन घोषित माफियाओं पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी और उनकी हर संदिग्ध गतिविधि की गहन निगरानी की जाएगी। मार्च 2021 से शुरू हुआ था सख्ती का दौरशराब माफियाओं के खिलाफ जारी इस जंग की नींव मार्च 2021 में पड़ी थी। उस दौरान उत्तर प्रदेश एसटीएफ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सहारनपुर के चर्चित टपरी डिस्टलरी कांड का खुलासा किया था। इस मामले में मनोज जायसवाल समेत कई नामी शराब माफियाओं की भूमिका सामने आई थी। जांच में पाया गया कि इस सिंडिकेट ने सरकारी खजाने को करीब 100 करोड़ रुपए का चूना लगाया था। ईडी ने उस समय गिरोह की करोड़ों रुपए की चल और अचल संपत्ति कुर्क कर एक बड़ा संदेश दिया था कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं। बीडीए के बुलडोजर से अवैध कॉलोनियों पर चला हथौड़ाइस साल 20 जनवरी को बरेली विकास प्राधिकरण ने बारादरी के हरूनगला में मनोज जायसवाल की 6000 वर्गमीटर में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को जमींदोज कर दिया था।अप्रैल माह में प्रशासन ने शराब माफिया मनोज जायसवाल की उन संपत्तियों को कुर्क कर लिया जो उसने गलत तरीके से कमाई गई काली कमाई से बनाई थीं। डीएम अविनाश सिंह के आदेश पर पुलिस और राजस्व टीम ने बारादरी और इज्जतनगर क्षेत्र में स्थित कीमती जमीन और मकानों को अपने कब्जे में लिया। पीलीभीत बाईपास स्थित 46 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का व्यावसायिक भूखंड और हरूनगला की कृषि भूमि व आवासीय प्लॉट कुर्क किए गए। इस दौरान ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराकर कुर्की की कार्रवाई की गई थी। हिस्ट्रीशीटर बनाकर पुलिस ने कसी नकेलबीते 30 मई को बरेली पुलिस ने मनोज जायसवाल समेत 18 शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर कानून का शिकंजा और कस दिया। इनमें मनोज जायसवाल सबसे मुख्य टारगेट रहा, जिस पर बरेली, लखनऊ और सहारनपुर में धोखाधड़ी व गैंगस्टर एक्ट समेत छह गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की इस सूची में हत्या, लूट और गोकशी जैसे अपराधों में शामिल अन्य अपराधी भी शामिल हैं।एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 2021 से लेकर अब तक पुलिस, एसटीएफ और प्रवर्तन निदेशालय ने शराब माफियाओं के सिंडिकेट को तोड़ने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। हमारा लक्ष्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इन माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ना है ताकि वे फिर से संगठित न हो सकें। हमने संपत्तियां कुर्क की हैं, अवैध निर्माण ढहाए हैं और अब इन्हें विधिवत माफिया घोषित किया है। इन सभी अपराधियों की अवैध गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी निगरानी है और भविष्य में कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम केस में मंगलवार को अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के जरिए पूरे केस को एक्सप्लेन किया। अभी यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहने वाली है। फिलहाल केस में अगली तारीख बुधवार की लगाई गई है। आशंका जताई जा रही है कि इस माह के अंत तक सुनवाई पूरी हो सकती है। मेरठ के ब्रह्मपुरी में 3 मार्च, 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई। हत्या सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ की और फिर शव को छिपाने की नीयत से कई टुकड़ों में बाटकर एक नीले ड्रम में भरते हुए ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया। इसके बाद दोनों घूमने निकल गए। 17 मार्च को हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने पहले मुस्कान और फिर साहिल को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया। 22 की गवाही से मुस्कान-साहिल संकट में सौरभ हत्याकांड में पिछले पांच महीने में 22 गवाहों की गवाही हो चुकी है। यह सभी गवाह मुस्कान और साहिल के खिलाफ गवाही दे चुके हैं। माना जा रहा है कि इनकी गवाही के बाद दोनों को सजा बुलना तय है। सरकारी वकील का कहना है कि उनके पास मजबूत साक्ष्य हैं, जिनसे दोनों पर खुद-ब-खुद अपराध साबित हो रहा है। मंगलवार को केस में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष 14 साक्ष्यों तक पहुंच गया है। ऐसे में अभियोजन पक्ष ने 1 से 14 तक के साक्ष्यों के जरिए कोर्ट को बताया कि क्यों साहिल-मुस्कान इस मामले में दोषी साबित हो रहे हैं। फाइनल बहस में अभी आगे भी अभियोजन अपना पक्ष रखेगा। बुधवार को भी होगी केस में सुनवाई केस में फाइनल बहस जारी है और अभियोजन पक्ष रख रहा है। बुधवार को भी अभियोजन पक्ष को मौका मिलेगा। सौरभ के निजी अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह की मानें तो अभियोजन के बाद अभी डिफेंस काउंसिल को भी अपना पक्ष रखना है। ऐसे में कुछ समय और लग सकता है। उम्मीद है कि जून के अंतिम सप्ताह तक सुनवाई पूरी हो सकती है।
भिंड जिले की लहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक अंबरीश शर्मा की माताजी अरुणा देवी का मंगलवार शाम निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, अरुणा देवी पिछले लगभग चार माह से अस्वस्थ चल रही थीं और उनका दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बाद उन्हें कुछ समय से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। मंगलवार शाम उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। अरुणा देवी के निधन की सूचना मिलते ही विधायक समर्थकों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के लोगों ने शोक व्यक्त किया। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी उनके निधन पर संवेदना जताई है। कल होगा अंतिम संस्कारपरिवार से मिली जानकारी के अनुसार, अरुणा देवी का अंतिम संस्कार कल (बुधवार) उनके गृह ग्राम सिकरी जागीर में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है।
पैसों के लेन-देन को लेकर छोटे से विवाद ने एक युवक की जान ले ली। गुस्साए ट्रैक्टर ड्राइवर ने पंचर ठीक करने वाले मिस्त्री को अपने ट्रैक्टर के नीचे कुचल दिया। दर्दनाक घटना रायसिंहनगर के शहीद भगत सिंह कॉलेज के पास भारत माला रोड पर 7 जून को हुई थी। रात करीब 9 बजे छतरगढ़ की ओर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रेलर का टायर पंचर हो गया। ड्राइवर विकास धाणक ने रायसिंहनगर के पास बलजीत सिंह की पंचर दुकान पर टायर ठीक करवाया। काम पूरा होने के बाद बलजीत सिंह ने 500 रुपए मांगे तो दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में आए 22 साल के विकास धाणक ने ट्रैक्टर स्टार्ट किया और मिस्त्री बलजीत सिंह को कुचल दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल बलजीत सिंह को रायसिंहनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। थाना प्रभारी महावीर प्रसाद की टीम ने टेक्निकल तरीके से लोकेशन ट्रेस कर और पूछताछ के आधार पर आरोपी विकास धाणक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पंजाब के फाजिल्का जिले के मुरादवाला, भोमगढ़ का रहने वाला है।
सीतामढ़ी जिले के सदर अस्पताल परिसर में झाड़फूंक का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्था और लोगों में व्याप्त अंधविश्वास पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बेलसंड थाना क्षेत्र के चंदौली गांव निवासी वंदना कुमारी को सांप ने काट लिया था। परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। महिला ने अस्पताल में पर्चा भी कटवाया। हालांकि, चिकित्सकीय उपचार कराने के बजाय वंदना अस्पताल परिसर में मौजूद एक 'भगता' से झाड़फूंक कराने लगीं। यह नजारा देखकर अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजन हैरान रह गए। झाड़फूंक कर रहे ओझा तथा महिला को वहां से हटायालोगों ने तत्काल इसकी सूचना अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और झाड़फूंक कर रहे ओझा तथा महिला को वहां से हटाया। पुलिस ने दोनों को अस्पताल परिसर से बाहर खदेड़ दिया। करोड़ों की लागत से आधुनिक मॉडल अस्पताल बनाए गएयह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सीतामढ़ी में करोड़ों की लागत से आधुनिक मॉडल अस्पताल बनाए गए हैं। इसके बावजूद लोग डॉक्टरों से इलाज कराने के बजाय अंधविश्वास का सहारा ले रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शाजापुर के सोमवारिया बाजार स्थित 'द मून लाइट कैफे' पर मजदूरी के पैसे मांगने गए चार युवकों के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन पर चाकू से भी हमला किया गया। इस मामले में कुलदीप सौराष्ट्रीय (18 वर्ष) निवासी मझानिया ने अपने साथियों के साथ शाजापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कुलदीप, सुमित और कुनाल ने अजय उर्फ कल्लू उदासी की दुकान पर काम किया था और उन्हें अपनी मजदूरी के पैसे लेने थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 जून 2026 की सुबह 11 बजे पैसे देने का समय तय हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें शाम को आने के लिए कह दिया गया। पैसे मांगने पर दीं जातिसूचक गालियां रात करीब 8 बजे जब सभी युवक पैसे लेने दुकान पर पहुंचे, तो वहां अजय उदासी और आनंद उदासी मौजूद थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जैसे ही उन्होंने अपने पैसे मांगे, आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें गाली-गलौज की और अपमानित किया। चाकू से किया हमला, तीन युवक घायल वकीलों और पीड़ितों के मुताबिक, जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया तो एक आरोपी ने चाकू जैसी नुकीली चीज निकालकर कुनाल पर हमला कर दिया। इस हमले में कुनाल के सिर, गर्दन और पेट में गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। बीच-बचाव करने पहुंचे सुमित और कुलदीप के साथ भी लात-घूंसों से जमकर मारपीट की गई, जिससे वे भी घायल हो गए। घटना के समय चिराग और आयुष भी वहीं मौजूद थे। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। पीड़ितों ने आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
बेगूसराय सदर में आंधी-बारिश से भारी तबाही:कई गांवों में पेड़ गिरे, बिजली गुल, आवागमन बाधित
बेगूसराय सदर प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। चांदपुरा, परना, सांख और कैथ सहित कई गांवों में तेज हवाओं के कारण बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिर गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। तुलसीपुर और बरैठ में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया। यहां आधे दर्जन से अधिक मकानों के टिन, एस्बेस्टस और अन्य शेड तेज हवा में उड़ गए। कई कच्चे एवं फूस के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पशुओं के आश्रय स्थल भी आंधी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए। आंधी के दौरान तुलसीपुर, कैथ और बरैठ सहित कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिर जाने से घंटों तक आवागमन बाधित रहा। तुलसीपुर से कैथ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग 800 मीटर के दायरे में आधा दर्जन से अधिक विशाल पेड़ गिरे, जिससे सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और उन्हें वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त, बिजली आपूर्ति प्रभावित तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। गिरे हुए पेड़ों की चपेट में आने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई। रजौरा, जिनेदपुर, सांख, कैथ, परना और चांदपुरा सहित कई गांवों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली बाधित होने से लोगों को पेयजल, संचार और अन्य दैनिक कार्यों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया, ताकि यातायात व्यवस्था जल्द बहाल हो सके।
जबलपुर जिला प्रशासन पुलिस और खानिज विभाग के साथ मिलकर लगातार अवैध रेत खनन को लेकर कार्रवाई कर रहा है। दैनिक भास्कर की खबर के बाद से दावा किया जा रहा है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्यवाही करते हुए 5 माह में 14.60 करोड़ रुपए का अर्थदंड खनन माफियाओं पर लगाया है, इसके साथ ही दो पोकलेन, चार जेसीबी, तीन हाइवा, तीन डंपर और चार ट्रैक्टर ट्राली जब्त की है। वहीं, रेत के अवैध उत्खनन में प्रयुक्त सात नावों को भी नष्ट किया है। दरअसल, जिले में इस साल एक भी रेत खदान की नीलामी नहीं हुई, जिससे कि शासन को राजस्व का करोड़ों का नुकसान तो हुआ, पर खनन माफियाओं की चांदी हो गई। जिले के 31 घाटों में से लगातार रेत चोरी होती रही। पहले करीब साढ़े 16 करोड़ के घाट नीलाम नहीं हुए, उसके बाद फिर नर्मदा, हिरण और गौर नदी से लगातार रेत खनन होने के कारण सरकार को दोहरा नुकसान उठाना पड़ा। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग के अमले द्वारा संयुक्त रूप से एवं अलग -अलग लगातार कार्यवाही की जा रही है। खनिज शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में जनवरी 2026 से अभी तक खनिज विभाग द्वारा विभिन्न खनिजों का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 61 वाहनों को जब्त कर प्रकरण तैयार किए गए हैं और उन पर 92 लाख 47 हजार 696 रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसके अतिरिक्त जिले में स्थापित ई-चेक गेट के माध्यम से संज्ञान में आए 63 वाहनों के संचालकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन नोटिस जारी किए हैं। इसी प्रकार अवैध उत्खनन के कुल 8 प्रकरण तैयार किए गए हैं, जिनमें से 6 प्रकरणों में 10 करोड़ 39 लाख 27 हजार 490 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है और 2 प्रकरणों में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इस दौरान अवैध उत्खनन में संलिप्त 2 पोकलेन मशीन, 4 जेसीबी, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 3 हाईवा और 3 डम्फर जब्त किए हैं। कार्यवाही के दौरान गिट्टी, फायरक्ले और मिट्टी के अवैध भण्डारण के तीन प्रकरणों में 3 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए का अर्थदंड भी अधिरोपित किया है। रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भण्डारण पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। राजस्व, खनिज एवं पुलिस की जांच के दौरान शहपुरा तहसील के ग्राम मालकछार में 84 घन मीटर, सिहोरा तहसील के ग्राम सचुली में 18 घन मीटर, पौड़ा तहसील के ग्राम खिन्नी में 80 घन मीटर तथा पाटन तहसील के अंतर्गत 195 घन मीटर रेत जब्त की गई है। साथ ही अवैध रूप से रेत निकालने में प्रयुक्त ग्राम सचुली, खिरहेनीकलां, मुडता, जुगपुरा और पावला गांवों से 07 नावों को नष्ट किया है, ताकि इनका पुन: उपयोग न किया जा सके। खनिज रियायत के आवेदनों का परीक्षण करते हुए उत्खनन पट्टा आवेदन के 52 प्रकरणों को निरस्त करने का प्रस्ताव संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म, भोपाल को प्रेषित किया है। इसके साथ ही खनिज राजस्व संग्रहण को बढ़ाने के दृष्टिगत ग्राम घुघरा एवं हृदयनगर में लेटेराईट तथा ग्राम कटैया, दर्शनी, खुड़ावल, झीटी और ताला में आयरन ओर के खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
कानपुर की फजलगंज पुलिस ने दो माह पूर्व युवती से रेप के आरोपी युवक को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। आरोपी युवती के साथ नोएडा में काम करता था। इस दौरान उसने युवती के कुछ वीडियो बना लिए, जिसके नाम पर ब्लैकमेल करते हुए उसे वायरल करने का डर दिखाकर रेप किया था। युवती ने बताया कि फजलगंज में वह अपनी बुआ के यहां रहकर पढ़ाई करती थी। इसके बाद उसकी नोएडा में नौकरी लग गई। जहां मूलरूप से बिहार के मुजफ्फपुर सीतामढ़ी कालमबाग निवासी विवेक राज से दोस्ती हो गई। इस दौरान विवेक राज ने उसके कुछ फोटो खींच लिए, जिसे सोशल मीडिया और आफिस ग्रुप में वायरल करने की धमकी दी। आरोपी ने पिछले साल 16 अगस्त को उसके परिजनों को फोटो दिखाने का दबाव बनाकर रेप किया। इस साल 16 अप्रैल को वह परिवारिक समारोह में शामिल होने आई जहां विवेक राज आया और दोबारा रेप किया। 20 अप्रैल को आरोपी उसका मोबाइल छीनकर भाग निकला और खाते से 14 हजार रुपए पार कर दिए। इसके साथ ही उसकी फोटो उसके रिश्तेदारों को भेज दी। फजलगंज थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
मुंगेर में बिहार पुस्तक परिक्रमा के दूसरे पड़ाव के रूप में 11 से 14 जून तक चार दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा। इंडोर स्टेडियम में लगने वाला यह मेला केवल पुस्तकों की बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। इसका आयोजन समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची तथा स्थानीय आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मेले का उद्घाटन 11 जून को सुबह 11 बजे होगा। उद्घाटन समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होंगे। आम पाठकों के लिए मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। आयोजकों ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। मेले में देश के प्रमुख प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। इनमें समय प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, डायमंड बुक्स, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, उपकार प्रकाशन और मनोज पब्लिकेशंस शामिल हैं। विस्तृत श्रृंखला पाठकों को एक ही स्थान पर मिलेगीसाहित्य, इतिहास, विज्ञान, धर्म, जीवनी, प्रेरक साहित्य, बच्चों की किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला पाठकों को एक ही स्थान पर मिलेगी। यह मेला प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा। पुस्तक मेले के दौरान बच्चों और युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। चित्रकला, कविता पाठ, कहानी सुनाओ, गायन, नृत्य और भाषण जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे। विजेताओं को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और पुस्तकें देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कवि सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठियां, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रेरक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा सहित कई आमंत्रित कवि और साहित्यकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। स्थानीय लेखकों के लिए रहेगा विशेष कोना पुस्तक मेले में स्थानीय लेखकों और रचनाकारों को भी विशेष मंच दिया जाएगा। आयोजक चंद्र भूषण ने बताया कि जिले और आसपास के लेखक अपनी प्रकाशित पुस्तकों की पांच-पांच प्रतियां मेले में बिक्री के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। बिक्री होने पर संबंधित राशि लेखकों को दी जाएगी। इससे स्थानीय साहित्यकारों को पाठकों तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिलेगा। समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि पुस्तकें समाज को जागरूक, शिक्षित और संस्कारित बनाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से परिवार सहित पुस्तक मेले में शामिल होकर ज्ञान और साहित्य के इस महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की।
कार में मिली बैंक मैनेजर की लाश:24 घंटे से लापता थे, तलाश कर रहे परिजनों ने गाड़ी के शीशे तोड़कर देखा
श्रीगंगानगर में घर से लापता बैंक मैनेजर की लाश मंगलवार को एक कार में मिली। बैंक मैनेजर मुकेश सुथार (32) पुत्र बलराम सुथार, निवासी 42 एनपी रायसिंहनगर, आईडीएफसी बैंक की मीरा चौक ब्रांच, श्रीगंगानगर में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। मुकेश सुथार कल (सोमवार) दोपहर से लापता था और उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। तलाश के दौरान परिजनों ने बिहानी चिल्ड्रन्स एकेडमी स्कूल के पास हवमोर आइसक्रीम पार्लर के बाहर खड़ी उनकी कार को पहचाना। कार के शीशे तोड़कर देखने पर अंदर मुकेश का शव मिला। सूचना मिलने पर जवाहर नगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल हरदेव मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। कार के अंदर शराब की बोलते भी मिली। पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और सुबह पोस्टमॉर्टम होगा। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
मानेसर कांड को लेकर सचिन पायलट के खिलाफ दिए गए बयानों को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी रह चुके लोकेश शर्मा ने अब उन पर पलटवार किया है। लोकेश शर्मा ने कहा- अशोक गहलोत सबसे बड़े षड्यंत्रकारी हैं। सरकार गिराने की साजिश से लेकर मानेसर के आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं, जिनके कोई सबूत नहीं है। कांग्रेस हाईकमान सचिन पायलट को राजस्थान में कोई बड़ी जिम्मेदारी देने वाला है, इससे गहलोत बौखला गए हैं। लोकेश शर्मा ने जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए यह कहा। लोकेश शर्मा ने कहा- गहलोत ने हाल ही जिस तरह की बयाबाजी की है, वो उनकी हताशा के अलावा कुछ नहीं है। बयान देते समय गहलोत की बॉडी लैंग्वेज, चेहरे पर लकीरें, माथे पर शिकन थी। इसे मुझसे बेहतर कोई नहीं पहचान पाता, क्योंकि यह तभी होता है, जब कोई चीज उन्हें परेशान कर रही हो। सचिन पायलट से नफरत करते-करते उन्होंने हाईकमान पर सीधा निशाना साधकर षड्यंत्रकारी तक बता दिया। मठाधीश बनकर कांग्रेस को जेब में लेकर घूम रहे थे वो जेब फट चुकी लोकेश शर्मा ने कहा- गहलोत पिछले 40 साल से कांग्रेस को मठाधीश की तरह जेब में रखकर घूम रहे थे, अब वो जेब फट गई है। अब गहलोत ‘खुद न खा सके तो उसे ढुलवा दीजिए’ वाली तर्ज पर काम कर रहे हैं। सचिन पायलट को हाईकमान बड़ी जिम्मेदारी देने जा रहा है। गहलोत उसे नहीं होने देने के प्रयास में बेवजह की बयानबाजी कर रहे हैं। मानेसर का बार-बार नाम लेकर गहलोत उस मनगढ़ंत कहानी को जिंदा रखने की कुचेष्टा ही करते हैं। केवल मनगढ़ंत कहानियां सुनाकर खिसकती जमीन बचाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार गिराने की साजिश के सबूत हैं तो देते क्यों नहीं? लोकेश शर्मा ने कहा- गहलोत कह रहे थे कि तमाशा किया। तमाशा तो 2020 से गहलोत खुद कर रहे हैं। बार-बार ये कहते हैं सरकार गिराने की साजिश के सबूत हैं तो फिर आप उन सबूतों की ममी बनवाकर पिरामिड बनवाएंगे क्या? सबूत हों तो सार्वजनिक कीजिए। सबूत होते तो आपकी एसीबी एसओजी कोर्ट में जाकर नहीं कहती कि कुछ नहीं मिला। अशोक सिंह और भरत मालानी को एसीबी की रिपोर्ट के आधार पर ही कोर्ट से क्लीन चिट मिली। कोर्ट में एसीबी कह चुकी सरकार गिराने का षड्यंत्र नहीं हुआ लोकेश शर्मा ने कहा- कोर्ट में एसीबी कह चुकी है कि सरकार गिराने का कोई षड्यंत्र नहीं हुआ, इसके कोई सबूत नहीं। कोर्ट में एसीबी के इन बयानों के बावजूद ये बार-बार मानेसर का नाम लेते हैं। इनके पास सबूत होते तो एसीबी को क्यों नहीं दिए? केवल बातों से कुछ नहीं होता।
बिहार सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों के संचालन और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग को कई आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचार-मुक्त बनाने के लिए भी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोचिंग संस्थानों को देना होगा छात्रों का पूरा ब्योरा सरकार के नए निर्देश के अनुसार अब राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों की जानकारी संबंधित जिला प्रशासन को देनी होगी। इसमें छात्रों की संख्या और अन्य जरूरी विवरण शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि इससे कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सकेगा। स्कूल-कॉलेज के समय में नहीं चलेंगी कोचिंग कक्षाएं सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल और कॉलेज के निर्धारित समय के दौरान कोचिंग संस्थानों का संचालन नहीं होना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र नियमित रूप से अपने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पर ध्यान दें। हालांकि यह नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होगा, जिन्होंने अपनी स्कूली या कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली है और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग विस्तृत नियम तैयार करेगा। शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार चाहती है कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिले और पढ़ाई की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो। इसी उद्देश्य से कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव और डीजीपी ने की तैयारियों की समीक्षा इसी बीच 21 जून को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर भी सरकार पूरी तरह अलर्ट है। पटना में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। 34 जिलों में 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए इस परीक्षा के लिए बिहार के 34 जिलों में कुल 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में 1 लाख 56 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था करने का फैसला किया है। प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रश्न-पत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ हवाई मार्ग से लाया जाए और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया जाए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या लीक की आशंका को रोकने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया और संदिग्ध कोचिंग संस्थानों पर नजर परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि अफवाह, फर्जी सूचना या प्रश्न-पत्र लीक जैसी किसी भी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही ऐसे कोचिंग संस्थानों पर भी नजर रखी जाएगी, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध मानी जाती हैं। परीक्षार्थियों को मिलेगी मुफ्त बस सेवा और जरूरी सुविधाएं सरकार ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने का निर्णय लिया है। परीक्षा देने जाने वाले छात्रों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, ORS, प्राथमिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि गर्मी के मौसम में छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कैमूर जिले में 28 जून से पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा। इसे सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में डॉ. चंद्रेश्वरी रजक की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाने और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नवजात शिशुओं की विशेष ट्रैकिंग की जाएगी ताकि कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे। ट्रांजिट टीमों को रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मुख्य चौराहों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। निर्धारित ड्रेस में रहने का निर्देश दिया गयाइसके अतिरिक्त, फील्ड में तैनात सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित ड्रेस में रहने का निर्देश दिया गया है ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। कैमूर सिविल सर्जन ने बताया कि 28 जून से 2 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले के 3,06,205 घरों को कवर किया जाएगा। इसके लिए 593 डोर-टू-डोर टीमों का गठन किया गया है। चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर 103 अतिरिक्त कर्मी तैनात रहेंगे। अभियान की सुचारू निगरानी के लिए 216 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं और जिले में 49 डिपो व सब-डिपो बनाए गए हैं। बैठक में एसीएमओ डॉ. शांति कुमार मांझी सहित कई वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे।
रेलवे की अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (UTS) में तकनीकी रखरखाव और सिस्टम अपग्रेडेशन के चलते आज रात कुछ डिजिटल सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित रहेंगी। रेलवे के अनुसार 9 और 10 जून की मध्यरात्रि 11:50 बजे से 12:20 बजे तक UTS प्रणाली में तकनीकी कार्य किया जाएगा। इस दौरान रेलवन (RailOne) ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। वहीं सीपीएस (CPS) के जरिए R-Wallet रिचार्ज भी नहीं किया जा सकेगा। हालांकि जिन यात्रियों के R-Wallet में पहले से बैलेंस उपलब्ध है, वे उस राशि का उपयोग कर सामान्य रूप से टिकट बुक कर सकेंगे। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि केवल रिचार्ज सुविधा प्रभावित रहेगी। रेल प्रशासन के मुताबिक निर्धारित तकनीकी कार्य पूरा होते ही सभी सेवाएं तत्काल सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएंगी। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे रात के समय यात्रा की योजना बनाने वाले हैं तो टिकट बुकिंग और R-Wallet रिचार्ज पहले ही कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।
बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई। मामले को लेकर जोधपुर मेडिकल कॉलेज से एक टीम वहां भेजी गई है। टीम मंगलवार दोपहर को बीकानेर पहुंच गई। 6 डॉक्टर्स की टीम ने वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से बातचीत की। साथ ही उनको अब तक दिए ट्रीटमेंट के बारे में पूछा। इधर, कोटा और बीकानेर के इन मामलों के बाद जोधपुर में भी भर्ती महिलाओं की डिटेल्स मांगी गई है। ये टीम बीकानेर में क्लिनिकली असेस्मेंट के बाद रिपोर्ट बनाकर जयपुर भेजेगी। टीम में इन लोगों को किया शामिल मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इसमें माइक्रोबॉयलॉजिस्ट, फिजिशियन, नेफ्रॉलॉजिस्ट, पीएसम और गायनी डॉक्टर शामिल है। इस टीम ने पोस्ट कोविड आईसीयू में पहुंचकर प्रसूताओं से बातचीत की। उन्होंने अब तक दिए गए इलाज की रिपोर्ट भी ली। इसके साथ ही जो इंजेक्शन उन्हें दिए गए थे, उसकी भी रिपोर्ट हॉस्पिटल मैनेजमेंट से ली। टीम वहां सभी क्लिनिकली असेस्मेंट को देखा। साथ ही सारे डॉक्यूमेंट और सभी रिपोर्ट भी देखी। उन्होंने बताया कि यदि जरूरत लगी तो वहां सैंपल लिए। इसके बाद ये टीम जयपुर रिपोर्ट बनाकर भेजेगी। डॉक्टर्स की ये टीम मामले की जांच कर रही है। इसमें टीम ये जानकारी जुटा रही है कि महिलाओं के इलाज में क्या प्रोसेस अपनाया गया और डिलीवरी करवाई गई। उन्हें कौन से इंजेक्शन दिए गए और किस तरह इन इंजेक्शन का उपयोग हुआ था। सभी पीड़ित महिलाओं के रिकार्ड भी टीम ने एकत्र किया है। कोटा में केस मिलने के बाद जोधपुर में शुरू किया था फॉलोअप मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- कोटा में पहली बार केस मिलने के बाद ही शहर के हॉस्पिटल्स से लगातार फॉलोअप लिया जा रहा है। अभी तक जोधपुर में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण बैक्टिरियल इंफेक्शन है। गर्मी ज्यादा होने की वजह से ये इंफेक्शन जल्दी फैलने लगता है। हालांकि यहां के सभी सरकारी हॉस्पिटल्स में सभी प्रोटोकॉल को फॉलो किया जा रहा है।
बिलासपुर में कलेक्टर जनदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें जर्जर सड़कों के निर्माण, बिजली के लिए ट्रांसफार्मर और खंभे लगाने, प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, मनरेगा मजदूरी भुगतान और भूमि के सही सीमांकन जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सेंवार के सरपंच दिलहरण लाल रजक और ग्रामीणों ने नगपुरा से झाला तक सड़क निर्माण काम जल्द शुरू कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग नगपुरा, धमनी, कड़ार, सेंवार, कया और बुंदेला जैसे कई गांवों को जोड़ता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और छात्र इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। जर्जर सड़क से हादसे का खतरा ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की जर्जर स्थिति के कारण आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने कलेक्टर से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया। इसी कड़ी में, ग्राम बरतोरी निवासी देवकी मानिकपुरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत अपने अपूर्ण आवास के निर्माण को पूरा करने की अनुमति मांगी। उन्होंने कलेक्टर को आवेदन देकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया। मस्तूरी तहसील के दर्राभाठा निवासी रामसरोज ने मनरेगा के तहत किए गए 32 दिनों के कार्य का भुगतान दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि गड्ढा खुदाई सहित विभिन्न कार्यों में मजदूरी करने के बावजूद उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है, जबकि रोजगार सहायक ने आश्वासन दिया था। रतनपुर क्षेत्र के रकैहापारा निवासी सखाराम ने अपनी कृषि भूमि के सही सीमांकन न होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पूर्व में आवेदन देने के बावजूद उनकी भूमि का सही तरीके से सीमांकन नहीं किया गया है। सखाराम ने भूमि का दोबारा और सही सीमांकन कराने की मांग की। पशु चिकित्सालय भवन जर्जर, हादसे का डर सता रहा ग्राम पंचायत सेंवार के सरपंच दिलहरण लाल रजक ने नए पशु चिकित्सालय भवन निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की। आवेदन में उन्होंने बताया कि वर्तमान भवन जर्जर स्थिति में है और कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे पशु चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बिजली समस्या से परेशान लोगों ने ट्रांसफार्मर की परमिशन मांगी नगर निगम क्षेत्र के एकता नगर (लिटिल एंजेल गली), सिद्धिविनायक वार्ड क्रमांक-4 घुरू के रहवासियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ट्रांसफार्मर और बिजली खंभा लगाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर और पर्याप्त बिजली व्यवस्था नहीं होने से लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार खुद के व्यय पर आवश्यक व्यवस्था करने की इच्छा जताते हुए नगर निगम से जल्द एनओसी जारी करने की मांग की है। जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में बुधवार को बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तीन घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली अजीत कॉलोनी, सूर्या अपार्टमेंट, वेस्ट एवं ईस्ट पटेल नगर, अजीत भवन, सर्किट हाउस के आस-पास का क्षेत्र, उम्मेद भवन पैलेस, रसाला रोड, बैंक कॉलोनी, पुरानी पुलिस लाइन, राजमाता कृष्णा कुमारी स्कूल, हरिजन बस्ती, कमला नेहरू कॉलेज, उम्मेद भवन, एल.आई.सी. रामदेव कॉलोनी, उम्मेद क्लब, राई का बाग के आस-पास का क्षेत्र, पुलिस कंट्रोल रूम, मोधियों की गली, जसंवत कॉलेज, हनवंत कॉलोनी, होटल बेनिवाल एवं 33/11 केवी सर्किट हाउस सब-स्टेशन से संबधित सम्पूर्ण क्षेत्र।
बिलासपुर में कांग्रेस ने खाद, बीज, बिजली और डीजल समेत किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से बैलगाड़ियों में रैली निकालकर कलेक्टोरेट का घेराव करने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच अंदर जाने को लेकर जोरदार धक्का-मुक्की हुई। भीषण गर्मी के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बना रहा। जुलूस निकालने से पहले कार्यकर्ताओं को लाल गमछे बांटे गए। बैलगाड़ियों में सवार होकर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, सियाराम कौशिक, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, पूर्व मेयर रामशरण यादव, जावेद मेमन, महेश दुबे, विजय पांडेय और समीर बबला जैसे नेता तिरंगा लहराते और नारे लगाते दिखे। कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अटल श्रीवास्तव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और बिजली की आपूर्ति में कटौती कर सरकार किसानों के उत्पादन को कम करना चाहती है, ताकि धान की खरीदी कम करनी पड़े। विधायक श्रीवास्तव ने आगे आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों के हाथ में खाली कटोरा थमाना चाहती है और जल, जंगल, जमीन को अडानी व अंबानी के हाथों बेचना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन इसी के विरोध में किया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा। देखिए तस्वीरें… मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा- गंगोत्री जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने आरोप लगाया कि, केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार किसानों के हितों के साथ लगातार कुठाराघात कर रही है। धान की खेती शुरू होने के पहले ही किसानों को खाद, बीज, बिजली, डीजल आदि की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो रही है। इसलिए किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टोरेट का घेराव किया। उन्होंने कहा कि सरकार को जगाने के लिए सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर किसानों की 9 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगे पूर्ण नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक रहा ठप कांग्रेसियों के कलेक्टोरेट घेराव के दौरान करीब 25-30 मिनट तक मेन रोड पर ट्रैफिक ठप रहा, पुलिस का सारा ध्यान कलेक्टोरेट के गेट पर ही कांग्रेसियों को रोकने में लगा रहा। बाहर रस्सी बांधे और उसके पीछे पुलिस के जवान खड़े रहे, अंदर गेट को धक्का रहे कांग्रेसियों से बचाने के लिए पुलिस जोरआजमाइश करती रही। किसानों पर अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सोसाइटियों और पेट्रोल पंपों पर कड़े प्रशासनिक नियम थोपकर किसानों को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों की प्रमुख मांगों में बिजली कटौती बंद करने, खाद कटौती का 'तुगलकी फरमान' वापस कराने, खरीफ सीजन के लिए प्रति एकड़ मात्र 1 बोरी खाद की पात्रता का नियम निरस्त कर वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति शामिल है। इसी प्रकार तीन किस्तों में खाद देने की नीति बंद करने, 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को तीन किश्तों में खाद देने का नियम बंद कर सभी किसानों को एकमुश्त खाद सप्लाई करने, 'सुपर फ्लॉप' टोकन व्यवस्था को तुरंत बंद करने और खाद-बीज पर प्रशासनिक नियंत्रण तत्काल हटाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
मंगलवार शाम मोहाली के चंडीगढ़-खरड़ फ्लाईओवर पर गिलको वैली के पास 3 वाहन आपस में टकरा गए। जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हादसे के कारण फ्लाईओवर पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से खरड़ की ओर जा रही एक ऑल्टो कार का फ्लाईओवर पर अचानक टायर फट गया। ड्राइवर ने गाड़ी को सड़क किनारे डिवाइडर के पास खड़ी कर दी और टायर बदलने का प्रयास कर रहा था। वह कार के पास ही मौजूद था। ऑल्टो से टक्कर के बाद पलटी स्विफ्ट कार प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उसी समय चंडीगढ़ की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक स्विफ्ट कार ऑल्टो के पीछे पहुंची। स्विफ्ट ड्राइवर ने सामने खड़ी ऑल्टो को देखकर बचाने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण खो बैठा। स्विफ्ट कार पीछे से ऑल्टो से जोरदार टक्कर के बाद पलट गई और सड़क पर कई फीट तक घिसटती चली गई। इस टक्कर के तुरंत बाद पीछे से आ रही एक किया कार भी स्विफ्ट से टकरा गई। देखते ही देखते तीनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के दौरान ऑल्टो कार के पास खड़ा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अभी तक घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। स्विफ्ट और किया कार में सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। घायल का अस्पताल में चल रहा इलाज सूचना मिलते ही पीसीआर टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से घायल को सिविल अस्पताल खरड़ पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, पर्याप्त दूरी न रखना और सड़क पर खड़े वाहन के प्रति लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ के नरही स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल का ताला बुधवार यानी 10 जून सुबह 10 बजे खोला जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस स्कूल का ताला खुलवाकर परिसर को विद्यालय प्रबंध समिति के सुपुर्द करेगी। इसके बाद स्कूल में सामान्य कामकाज शुरू हो सकेगा और ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 1 जुलाई से छात्राएं इसी विद्यालय में पढ़ाई कर सकेंगी। एडीएम कोर्ट ने वापस लिया पुराना आदेश एडीएम कोर्ट ने सोमवार को DIOS की ओर से उपलब्ध कराई गई पत्रावलियों का निरीक्षण करने के बाद विद्यालय प्रबंधन की अर्जी स्वीकार कर ली थी। कोर्ट ने अपना पूर्व आदेश वापस लेते हुए विद्यालय प्रबंधन को तत्काल कब्जा दिलाने के निर्देश जारी किए थे। शुल्क मांगने का आरोप, अधिकारियों ने लिया संज्ञान विद्यालय की मैनेजर संतोष रस्तोगी, प्रधानाचार्या रश्मि यादव और अन्य शिक्षिकाएं मंगलवार को ताला खुलवाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाती रहीं। उन्होंने एडीएम, डीआईओएस और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। प्रबंधन की ओर से आरोप लगाया गया कि स्कूल के पास स्थित चौकी प्रभारी ने ताला खुलवाने के लिए पुलिस फोर्स का शुल्क जमा कराने की बात कही थी। इस शिकायत पर अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि सहायता प्राप्त विद्यालय होने के कारण किसी प्रकार का शुल्क जमा कराने की आवश्यकता नहीं है। ये है पूरा मामला वर्ष 1936 से संचालित नरही स्थित इस विद्यालय को किरायेदारी विवाद के मामले में एडीएम पूर्वी की अदालत ने 21 अप्रैल को विद्यालय पक्ष को सुने बिना परिसर खाली करने का आदेश दिया था। इसके बाद 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में स्कूल खाली कराया गया था। कार्रवाई के दौरान विद्यालय के अभिलेख, फर्नीचर, पंखे, कंप्यूटर और अन्य शैक्षिक सामग्री बाहर निकाल दी गई थी। इस घटना के विरोध में छात्राओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री से स्कूल का ताला खुलवाने की मांग की थी। मामले में समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा और माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा समेत कई लोगों ने विद्यालय के समर्थन में आवाज उठाई थी। सुबह 10 बजे होगी कार्रवाई डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडेय के अनुसार, बुधवार सुबह 10 बजे पुलिस की मौजूदगी में विद्यालय का ताला खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि सहायता प्राप्त स्कूल होने के कारण विद्यालय प्रबंधन से पुलिस फोर्स के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बात हो चुकी है।
बांका में शादी करने को लेकर एक प्रेमी जोड़े को स्थानीय लोगों ने पिटाई की। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें कई लोग लड़की के हाथ, गर्दन और बाल पकड़कर खींचते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पूरा गांव मौके पर इक्कट्ठा हो गया, और घंटों तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। घटना रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत पुनसिया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर की है। लड़की नाबालिग है, जबकि लड़के की उम्र 20 साल बताई जा रही है। थानाध्यक्ष राजरतन ने बताया कि इस मामले में फिलहाल कोई आवदेन नहीं मिला है, मारपीट से संबंधित भी कोई जानकारी सामने नहीं आई। आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़ी तस्वीरें… अब पूरा मामला सिलसिलेवार पढ़िए… धोरैया थाना क्षेत्र की रहने वाली लगभग 14 साल किशोरी का उसी प्रखंड के घोड़ा बाजार का रहने वाला 21 वर्षीय संतोष कुमार से करीब आठ माह से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मंगलवार को दोनों सुबह-सुबह घर से भागकर पास के ही पुनसिया बाजार पहुंचे। इसके बाद दोनों घंटों एक मिठाई की दुकान में बैठकर शादी की प्लानिंग करने लगे। इसके बाद दोपहर बीतते ही दोनों बाजार के दुर्गा मंदिर पहुंचे। जहां पुजारी से दोनों ने अपनी शादी की बात की। इस दौरान कई लोग उनसे पूछताछ शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शी अमित ने बताया कि लड़की नाबालिग थी इसलिए पहले ग्रामीणों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन नहीं माने तो लोगों ने उसे शादी करने के लिए छोड़ दिया। हालांकि इसी दौरान दोनों का पता पूछकर लोगों ने उसके परिजनों को मौके पर बुलाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि लड़की के परिजन इस विवाह का विरोध कर रहे थे, जबकि किशोरी शादी करने की बात पर अड़ी हुई थी। इसी दौरान दोनों पक्षों तथा स्थानीय लोगों के बीच काफी देर तक बहस और हंगामे की स्थिति बनी रही। इसी दौरान भीड़ ने लड़की और लड़के की पिटाई भी की। घरवालों ने कहीं और तय की थी शादी लड़की का कहना है कि परिजनों ने 15 साल की उम्र में ही उसकी शादी तय कर दी। लेकिन जहां शादी तय हुई वह लड़का उसे पसंद नहीं था। इस कारण वह अपने दोस्त संतोष से घर से भागकर शादी करने का फैसला किया। वहीं लड़का संतोष ने कहा कि उसने किशोरी को भगाकर नहीं लाया, बल्कि दोनों की आपसी सहमति से विवाह हुआ है। इधर, किशोरी के पिता ने युवक पर पुत्री के अपहरण का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय थाना में आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
जोधपुर में टूर बिजनेस में साझेदारी का झांसा देकर 92.50 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दिल्ली के एक टूर ऑपरेटर ने निवेश के नाम पर रकम लेने के बाद पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने जब अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे न सिर्फ जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि सोशल मीडिया पर उसकी फोटो लगाकर उसकी छवि को भी सार्वजनिक रूप से धूमिल किया गया। महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 10 के आदेश पर नागौरी गेट थाना पुलिस ने दिल्ली निवासी मुख्य आरोपी फराज़ खान सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जोधपुर आकर ले गया कैश मेड़ती गेट निवासी सैय्यद हैदर अली ने रिपोर्ट में बताया- उन्होंने जुलाई 2023 में उमराह और टूर एंड ट्रेवल्स का काम शुरू किया था। इसी दौरान उनकी मुलाकात दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी 'हिंदुस्तान टूर एंड ट्रेवल्स' के फराज़ खान से हुई। इसके बाद जब दोनों सऊदी अरब में उमराह के दौरान मिले, तो उनके बीच हज 2024 के बिजनेस को लेकर बातचीत हुई। फराज़ ने खुद को बड़ा ऑपरेटर बताकर झांसे में लिया और जोधपुर आकर व्यवसाय के नाम पर 25 लाख रुपए कैश ले गया। इसके बाद अलग-अलग समय कैश और ऑनलाइन राशि ली गई। इस तरह से कुल 92 लाख 50 हजार रुपए का भुगतान किया गया। आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने 29 हाजियों की फ्लाइट टिकटें भी बुक करवा दीं, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। कॉल किया तो वहीं गोली से उड़वा दूंगा पीड़ित ने रिपोर्ट में बताया- जब वीजा नहीं आया और पीड़ित ने पैसे वापस मांगे, तो मुख्य आरोपी फराज़ खान ने पहले तो 15 लाख रुपए ऑनलाइन वापस किए, लेकिन उसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने जब दूसरे नंबरों से संपर्क किया, तो आरोपी ने धमकी देते हुए कहा- अब कॉल किया तो जिस जगह होगा, उसी जगह गोली से उड़वा दूंगा, फिर ले लेना मुझसे पैसा। आरोपी के पास जानलेवा हथियार होने की बात भी सामने आई है। सोशल मीडिया पर फोटो डाल किया बदनाम रिपोर्ट के अनुसार, पैसे हड़पने के बाद जब पीड़ित ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। फराज़ खान ने पीड़ित सैय्यद हैदर अली की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी और उनकी साख खराब करने की कोशिश की। धमकी दी गई कि अगर दोबारा पैसे मांगे, तो समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेंगे। पुलिस में मामला दर्ज नहीं होने पर पीड़ित ने परिवाद के जरिए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दमोह में मंगलवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे कई छोटी पुलिया पानी में डूब गईं और सड़कों पर बाढ़ जैसा नजारा दिखने लगा। जहां दमोह शहरी क्षेत्र में सिर्फ बादल छाए रहे, वहीं तेंदूखेड़ा ब्लॉक में शाम छह बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सबसे ज्यादा दर्ज की गई। तेंदूखेड़ा ब्लॉक के तारादेही क्षेत्र में एक घंटे की तेज बारिश से चारों तरफ पानी भर गया। आसपास के गांवों में भी रुक-रुककर हुई इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। सड़कों और पुलिया पर बहा पानी, रास्ते हुए बंद समनापुर क्षेत्र में भी एक घंटे की तेज बारिश ने लोगों की रफ्तार रोक दी। समनापुर से जामुन जाने वाले रास्ते पर बनी भरभरा की पुलिया पर करीब डेढ़ फीट तक पानी बहने लगा, जिससे यह मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया और पुलिया के दोनों तरफ कई ग्रामीण फंस गए। स्थानीय निवासी भगवान सिंह ने बताया कि जंगल में तेज बारिश होने की वजह से अचानक यह स्थिति बनी है। इसके अलावा, तेंदूखेड़ा के सर्रा में भी सड़कों पर दो फीट तक पानी बहता हुआ देखा गया। प्री-मानसून की इस पहली जोरदार बारिश से लोगों में अब जल्द ही मानसून आने की उम्मीद जग गई है। हालांकि, जिले में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। सुबह से ही तेज धूप चुभने लगती है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।
फतेहाबाद जिले के जाखल में शहर को गांव से जोड़ने वाली 17 लाख रुपए की लागत से बनी सड़क के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क बनने के महज 10 दिन बाद ही कई स्थानों पर मेनहोल के चैम्बर टूट गए हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क का निर्माण पूरा हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन मेनहोल चैम्बरों का टूटना निर्माण में कथित लापरवाही को दर्शाता है। उनका आरोप है कि यदि सड़क और संबंधित ढांचों का निर्माण मानकों के अनुसार किया गया होता, तो इतनी जल्दी नुकसान नहीं होता। संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग वीडियो में टूटे हुए मेनहोल चैम्बर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। लोगों ने संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन से किए गए विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों और राहगीरों ने चिंता व्यक्त की है कि टूटे हुए चैम्बर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। यदि इनकी समय पर मरम्मत नहीं की गई, तो वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नगर पालिका सचिव ने कही कार्रवाई की बात स्थानीय निवासी राजेश कुमार, अमर कुमार, रामेश और जनक राज ने बताया कि सड़क बने अभी 10 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं और मेनहोल टूटने लगे हैं। उन्होंने लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद इतनी जल्दी नुकसान होने पर जांच की मांग की है। इस मामले में जाखल नगर पालिका सचिव प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि यदि कोई अनियमितता सामने आती है, तो बुधवार को इसकी जांच कर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मधुबनी में युवक पर धारदार हथियार से हमला:CCTV में कैद हुई वीडियो, थाने से 100 मीटर दूर हुई घटना
मधुबनी नगर थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे एक युवक पर जानलेवा हमला किए जाने से शहर में सनसनी फैल गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घायल युवक की पहचान कोतवाली चौक निवासी दिलीप बारी के रूप में हुई है। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल हमले के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल दिलीप बारी को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल, मधुबनी पहुंचाया। अस्पताल में उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और घायल से घटना की जानकारी ली। जेल से रिहा होने के बाद हुआ हमला घायल दिलीप बारी ने पुलिस को बताया कि वह हाल ही में एक शराब मामले में जेल से रिहा हुआ है। उसका आरोप है कि उत्पाद विभाग ने उसे झूठे मामले में फंसाया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर वरीय अधिकारियों को आवेदन दिया था। समझौता नहीं करने पर हमले का आरोप दिलीप बारी का दावा है कि आवेदन देने के बाद उससे कई बार समझौता करने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उसने इनकार कर दिया। उसने आरोप लगाया कि समझौता न करने के कारण कथित तौर पर शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने उस पर हमला करवाया है। हालांकि पुलिस ने अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है।
जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई। छोटे से गोदाम में भरे बारूद में सभी चल गए। हादसे के बाद जो तस्वीरें सामने आईं, वो भयावह थी। हादसे का दर्द बयां कर रही थीं। आग में झुलसने के बाद भी एक व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा था। दर्द के कारण बार-बार गिरने लगता, लेकिन फिर संभलता। दो व्यक्ति गोदाम के पास सीढ़ियों बैठे और लेटे दर्द से तड़पते रहे। लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। कोई 90% तो कोई 70% झुलस गया था। जो लाशें हॉस्पिटल पहुंची वो पूरी तरह से जल गई। जो झुलसे थे उन्होंने भी हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। जहां हादसा हुआ वहां लोगों की चमड़ी कपड़ों के साथ सड़क पर पड़ी दिखी। आगे देखें घटना की 10 भयावह तस्वीरें… ये भी पढ़ें.. जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह 11 बजे भीषण आग लग गई। अग्निकांड में एक बच्चे, दो भाइयों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़ें) 50 किलो बारूद में लगी आग में 8 लोग जले:ऐसा लगा जैसे बम फटा हो, इलाके में पटाखों की 4 अवैध फैक्ट्रियां और चल रही जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार को पटाखों के धमाकों में 8 लोगों की जान चली गई। 55 वर्ग गज के मकान में पटाखों की फैक्ट्री थी, जिसके अंदर लगभग 50 किलो बारूद भरा हुआ था। (पूरी खबर पढ़ें)
मधुबनी साइबर थाना पुलिस ने सिम स्वैप कर साइबर धोखाधड़ी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक वृद्ध व्यक्ति के बैंक खाते से 45 हजार रुपये की अवैध निकासी की थी। इस संबंध में मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। एसपी ने बताया कि भेजा थाना क्षेत्र के दलदल गांव निवासी 76 वर्षीय जयमंद्र राय ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते से धोखाधड़ी कर 45 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं। इस शिकायत के आधार पर साइबर थाना में कांड संख्या-24/26, दिनांक 08 जून 2026 को धारा 318(4), 303(2), 319(2) बीएनएस एवं 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट 2000 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दलदल गांव निवासी नीलकमल महतो (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह सीएसपी केंद्र पर आने वाले लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। पीड़ित जयमंद्र राय वृद्धावस्था पेंशन निकालने और मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए सीएसपी केंद्र आते थे। आरोपी ने धोखे से जयमंद्र राय के मोबाइल का सिम अपने नाम पर पोर्ट करा लिया। इसके बाद, उसने ओटीपी प्राप्त कर पीड़ित के बैंक खाते को अपने नियंत्रण में ले लिया और फोन-पे के माध्यम से 45 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। छापेमारी दल में पुलिस अवर निरीक्षक मुकुल रंजन कुमार सिंह, संतोष कुमार, रवि रंजन, परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक अजय कुमार, अनिश कुमार, गृह रक्षक राधा कुमारी, दुर्गानंद कुमार चौधरी एवं तेज नारायण साह शामिल थे।
सोनभद्र में रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने ऑटो यात्रियों से नकदी और कीमती सामान चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की धनराशि में से ₹4,000 नकद बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत हुई। पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को मंडी गेट क्षेत्र में ऑटो में यात्रा कर रही एक महिला यात्री के पर्स से ₹10,000 नकद और एक चांदी का लॉकेट चोरी कर लिया गया था। इस मामले में रॉबर्ट्सगंज थाने में बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही थी। जांच के दौरान, सोमवार को उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय और उनकी टीम को मुखबिर ने सूचना दिया कि ऑटो में चोरी करने वाला गिरोह बिजौली चुर्क संपर्क मार्ग पर हैं, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिजौली-चुर्क संपर्क मार्ग स्थित एक अर्द्धनिर्मित मकान के सामने से एक महिला सहित तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से ₹4,000 नकद बरामद हुए। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों में यात्रा करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाते थे। वे भीड़-भाड़ का फायदा उठाकर पर्स से नकदी और कीमती सामान चुरा लेते थे। आरोपियों ने 6 जून को हुई चोरी की घटना को भी स्वीकार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रियंका पत्नी दिनेश वर्मा (निवासी बभनगवां, थाना पन्नूगंज), सूरज पुत्र जयश्री (निवासी सोनारी, थाना रॉबर्ट्सगंज) और जितेन्द्र पुत्र सालिगराम (निवासी पथरहा, थाना पन्नूगंज) के रूप में हुई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक योगेन्द्र पाण्डेय, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, कांस्टेबल मनीष यादव और महिला कांस्टेबल रेखा सरोज शामिल थे।
बलिया के सहतवार में बड़े मंगल के अवसर पर पूजन-अर्चन, हवन और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने देर शाम तक प्रसाद ग्रहण किया। ज्येष्ठ अधिमास की नवमी तिथि मंगलवार को बांसडीह विधानसभा के वरिष्ठ सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू ने सहतवार नगर पंचायत में इस कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन प्रतिवर्ष की भांति किया गया। बड़ा पोखरा के तट पर स्थित हनुमान जी मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इस अवसर पर बजरंगबली को 1100 लड्डू भी चढ़ाए गए। पूजन के पश्चात हवन का आयोजन हुआ, जिसमें नगर पंचायत, बांसडीह विधानसभा और पूरे जनपद के विकास के लिए आहुतियां दी गईं। पंच मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जहां हजारों लोगों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया। सपा नेता नीरज सिंह गुड्डू और सहतवार की चेयरमैन सरिता सिंह ने मनोयोग से सभी की सेवा की। चेयरमैन सरिता सिंह ने सबसे पहले विप्रजनों को अपने हाथों से भोजन कराया। इसके बाद भंडारा प्रारंभ हुआ, जिसमें नीरज सिंह गुड्डू ने सभी को शर्बत पिलाया और प्रसाद वितरण में सहयोग किया। भंडारा देर शाम तक जारी रहा।
हिसार जिले के रावलवास खुर्द में तेज आंधी के कारण एक बरगद का पेड़ गिरने से 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना देर शाम मौसम में अचानक हुए बदलाव के दौरान हुई, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, रोहित बामल अपने चचेरे भाई के साथ खेत से घर लौट रहे थे। रास्ते में मौसम बिगड़ने लगा और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। बचाव के लिए दोनों भाई मात्रश्याम रोड पर स्थित एक बरगद के पेड़ के नीचे रुक गए थे। परिवार का इकलौता बेटा था तेज आंधी के चलते बरगद का पेड़ अचानक टूटकर रोहित पर गिर गया, जिससे उसकी वहीं पर मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि रोहित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी एक बहन है। वह हाल ही में बारहवीं कक्षा की परीक्षा देकर भविष्य की योजनाएं बना रहा था। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस दुखद हादसे के बाद पूरे गांव में गमगीन माहौल है।
मथुरा रेलवे ट्रैक पर मिले शव की पहचान:परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया
मथुरा के धौली प्याऊ स्थित रेलवे ट्रैक पर सोमवार को मिले एक युवक के शव की पहचान भरतपुर निवासी 26 वर्षीय देवेंद्र सैनी के रूप में हुई है। परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। इसके बाद उन्होंने ससुराल पक्ष पर देवेंद्र की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के चाचा गोपाल प्रसाद सैनी ने बताया कि देवेंद्र और उसकी पत्नी के बीच कुछ समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। चार जून को देवेंद्र मथुरा के नटवर नगर स्थित अपनी ससुराल आया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका था। सोमवार को धौली प्याऊ क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हत्या की और फिर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया मंगलवार को पोस्टमार्टम गृह पहुंचे परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने देवेंद्र की हत्या की और फिर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया, ताकि इसे एक दुर्घटना के रूप में दिखाया जा सके। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। मृतक के परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शव की पहचान हो चुकी है पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव की पहचान हो चुकी है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
लखनऊ में पीएचडी छात्र ने लगाई फांसी:3 दिन पुराना शव फंदे से लटका मिला, बदबू आने पर जानकारी हुई
लखनऊ के जानकीपुरम थानाक्षेत्र में पीएचडी छात्र का तीन दिन पुराना शव कमरे में फंदे से लटका मिला। कमरे से बदबू आने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। जानकारी सेक्टर-9 निवासी डॉ. राजेंद्र सिंह पत्नी सुनीता, बेटी शिवानी और बेटा आकाश राजपूत (28) रहते हैं। परिजनों के मुताबिक आकाश पीएचडी कर रहा था। वह अधिकतर समय अपने कमरे में अकेले रहता था। कई बार दो-दो से तीन-तीन दिन तक कमरे से बाहर नहीं निकलता था और रात में खाना लेकर अपने कमरे में चला जाता था। मां ने फंदे पर लटका मिला शव परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ समय से उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। मंगलवार को ग्राउंड फ्लोर पर बने उसके कमरे से तेज बदबू आने लगी। इस पर मां सुनीता ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिली। संदेह होने पर उन्होंने दरवाजे को जोर से धक्का दिया जिससे वह खुल गया। कमरे के अंदर बेटे को लटका देखकर मां के होश उड़ गए। आकाश का शव अंगौछे के सहारे पंखे से लटका हुआ था। शव काफी हद तक सड़ चुका था। मां की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही जानकीपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकीपुरम इंस्पेक्टर विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजन भी आत्महत्या के पीछे की वजह के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर नंदोत्सव का आयोजन:श्रद्धालुओं में उपहार पाने को दिखा उत्साह
मथुरा के विश्व प्रसिद्ध श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में मंगलवार को नंदोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भागवत भवन में एकत्र हुए। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी में उपहार वितरित किए गए, जिन्हें पाने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। पारंपरिक नंदोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान के जयकारे लगाए। पूरे परिसर में उत्साह का वातावरण बना रहा। भागवत भवन में उपस्थित श्रद्धालुओं पर उपहारों की वर्षा की गई, जिसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण कर लोग स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे। पुरुषोत्तम मास में वर्ष भर मनाए जाने वाले प्रमुख पर्वों और त्योहारों का धार्मिक आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा इस नंदोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और वरिष्ठ हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने लल्ला के जन्मोत्सव की खुशी में श्रद्धालुओं के बीच उपहार वितरित किए। इस दौरान उपहारों को प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग का माहौल दिखाई दिया। पूरे आयोजन के दौरान भागवत भवन परिसर भक्ति रस में सराबोर रहा। श्रद्धालु लगातार “नंद के आनंद भयो, जय हो नंदलाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” जैसे जयघोष करते रहे। भजनों और जयकारों से गूंजते परिसर ने सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई।
मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र से तीन नाबालिग लड़कियों को काम दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जाने और वहां बेचने की आशंका का मामला सामने आया है। लड़कियों के अनुसार, उन्हें दिल्ली ले जाने के बाद परिस्थितियां संदिग्ध लगीं, जिसके चलते वे किसी तरह वहां से भाग निकलीं और वापस मनेन्द्रगढ़ लौट आईं। परिजनों और नाबालिगों के मुताबिक, मनेन्द्रगढ़ के अमाखेरवा निवासी एक व्यक्ति उन्हें रोजगार दिलाने का भरोसा देकर दिल्ली ले गया था। दिल्ली पहुंचने के बाद कुछ लोगों की बातचीत और गतिविधियों को देखकर लड़कियों को संदेह हुआ कि उन्हें बेचने की नीयत से वहां लाया गया है। आशंका होने पर तीनों लड़कियां मौके का फायदा उठाकर वहां से निकलने में सफल रहीं और बाद में सुरक्षित मनेन्द्रगढ़ लौट आईं। परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप घटना के बाद परिजनों ने सिटी कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार वहीं, सिटी कोतवाली पुलिस ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। पुलिस के अनुसार, तीनों नाबालिगों के बयान बाल कल्याण समिति (CWC) तथा न्यायालय में दर्ज कराए जा चुके हैं और उन्हीं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बयानों में भिन्नता से जांच प्रभावित पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों लड़कियों के बयानों में कुछ बिंदुओं पर अंतर सामने आया है, जिससे जांच में चुनौतियां आ रही हैं। इसके अलावा कथित आरोपी के संबंध में भी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और सबूतों का परीक्षण किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सभी पहलुओं की जांच जारी पुलिस ने बताया कि मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए हर पहलू की पड़ताल की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा डिवीजन में 9 जून 2025 को प्रेशर IED की चपेट में आने से एएसपी आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए थे। जिसके बाद सरकार ने आकाश राव गिरपुंजे की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया था। आज मंगलवार को शहीद ASP की प्रथम पुण्यतिथि है। शहर के लाखे नगर चौक में शहीद आकाश राव गिरपुंजे के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उनकी मूर्ति भी स्थापित की जानी थी। लेकिन जो मूर्ति बनकर आई उसके चेहरे में आकर्षक नहीं था। जिसके बाद घर वालों ने मूर्ति को वापस लौटा दिया। उन्होंने मूर्तिकार से सुधार के साथ नई मूर्ति तैयार करने के लिए कहा है। पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि जल्द ही नई मूर्ति की स्थापना की जाएगी। गश्त के दौरान चपेट में आए थे नक्सलियों की तरफ से 10 जून 2025 को बंद आयोजित किए जाने की घोषणा को देखते हुए 9 जून को कोंटा में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे, पुलिस अधिकारी और जवान पैदल गश्त पर निकले थे। एएसपी की टीम जब कोंटा-एर्राबोरा मार्ग पर डोंड्रा गांव के करीब पहुंचे, तभी प्रेशर बम की चपेट में आ गए। विस्फोट में एसडीओपी चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला भी घायल हुए थे। हादसे के बाद ADG विवेकानंद सिन्हा ने इस घटना को नक्सलियों का ट्रैप बताया था। नक्सलियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए 8 जून की रात को डोंड्रा गांव की खदान में जेसीबी और अन्य मशीनों में पहले आग लगाई थी। आग लगाने के बाद जेसीबी से कुछ दूरी पर जमीन के 2 फीट अंदर IED प्लांट किया था। पत्नी को बनाया गया है DSP शहीद ASP की पत्नी स्नेहा गिरपुंजे को राज्य सरकार ने डीएसपी बनाया है। डीएसपी के रूप में उनकी पहली नियुक्ति चंद्रखुरी पुलिस अकादमी में की गई है। साय कैबिनेट के निर्देश पर अनुकंपा नियुक्ति और पोस्टिंग का आदेश गृह विभाग ने 17 अक्टूबर को जारी किया था।
छतरपुर के हनुमान टौरिया के पीछे स्थित बालाजीपुरम में दुकानदार से रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने और चाकू से हमला करने के आरोप में सिटी कोतवाली पुलिस ने आदतन अपराधी कुलदीप उर्फ लल्लू दुबे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ पहले से हत्या, लूट, रंगदारी, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं। रंगदारी मांगने और धमकाने के आरोपदुकानदार प्रदीप सोनी ने पुलिस को बताया कि 4 जून की रात करीब 8 बजे लल्लू दुबे नशे की हालत में उसकी दुकान पर पहुंचा। उसने पुराने मुकदमों में खर्च हुए पैसों का हवाला देते हुए 25 हजार रुपए की मांग की और दुकान चलाने के लिए हर सप्ताह 5 हजार रुपए रंगदारी देने को कहा। विरोध करने पर आरोपी ने परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी और चाकू से हमला कर दिया। शोर सुनकर मोहल्ले और परिवार के लोग पहुंचे तो वह धमकियां देता हुआ वहां से भाग गया। गेट पर लातें मारकर किया हंगामापुलिस के अनुसार 8 जून की रात आरोपी फिर सोनी परिवार के घर पहुंचा और गेट पर लातें मारते हुए हंगामा किया। लोगों के जमा होने पर वह अपने घर में घुस गया और पथराव करने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों में कुछ देर पत्थरबाजी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। प्रकरण की जांच कर रहे सिटी कोतवाली के एएसआई शिवकुमार प्रजापति ने बताया कि जांच के बाद लल्लू उर्फ कुलदीप दुबे पिता स्व. वेदप्रकाश द्विवेदी के खिलाफ अपराध क्रमांक 369/2026 दर्ज किया गया। आरोपी पर बीएनएस की धारा 119(1), 296(बी), 115(2) और 351(3) के तहत मामला पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। आरोपी पर पहले से कई मामले में केस दर्जपुलिस के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी अपनी पत्नी और बेटे के साथ कोतवाली पहुंचा था। वहां उसने दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया और हंगामा किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक लल्लू दुबे के खिलाफ कोतवाली थाने में 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2014 से हत्या, लूट, रंगदारी, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जिला दंडाधिकारी द्वारा उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। मामले की विवेचना जारी है।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को एसीबी कोर्ट ने वैध माना हैं। मंगलवार को एसीबी कोर्ट ने संख्या-2 ने महेश जोशी के उस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होने परिजनों को लिखित सूचना नहीं देने पर अपनी गिरफ्तारी को अवैध करार देने की मांग की थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी में संवैधानिक अधिकारों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों की पूरी पालना की गई है। परिजनों को गिरफ्तारी के आधार और हालात की सूचना तकनीकी व मौखिक माध्यमों से समय पर मिल चुकी थी, इसलिए गिरफ्तारी को अवैधानिक नहीं माना जा सकता हैं। इस मामले में महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी द्वारा लगाई गई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी हैं। परिजनों को लिखित सूचना नहीं दीमहेश जोशी के वकील ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश करके कहा कि 7 मई को जब उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में 5 दिन के पुलिस रिमांड के लिए पेश किया गया, तो नियमों की अनदेखी की गई। सुप्रीम कोर्ट के अनिवार्य दिशा-निर्देशों के तहत गिरफ्तारी के आधारों की लिखित सूचना और उसकी पावती परिजनों अथवा अधिवक्ता को रिमांड मांगने से पूर्व नहीं दी गई। लिखित सूचना के अभाव में यह गिरफ्तारी पूरी तरह गैर-कानूनी है, इसलिए उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। एसीबी ने कहा-व्हाट्सएप कॉल पर सूचना दीइसका विरोध करते हुए विशिष्ट लोक अभियोजक मंजूला जैन ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र सिंह टीम के साथ पूर्व मंत्री के आवास पर आदेश लेकर पहुंचे, जहां उनके पुत्र रोहित जोशी, पुत्रवधू और बड़ी बहन मौजूद थीं। टीम ने अपना परिचय पत्र दिखाकर महेश जोशी को ब्यूरो मुख्यालय ले जाने की पूरी जानकारी दी। ब्यूरो मुख्यालय पर महेश जोशी को गिरफ्तार किया गया। इसकी सूचना सुबह सामान्य फोन कॉल और फिर रोहित जोशी के मोबाइल पर 'व्हाट्सएप कॉल' के जरिए दी गई। इसके बाद कोर्ट ले जाते समय और कोर्ट परिसर पहुंचने पर भी व्हाट्सएप कॉल से सूचना दी गई, जिसके स्क्रीनशॉट अदालत में पेश किए गए। कोर्ट ने कहा-रिमांड के समय वकील मौजूद थेजज राजेश कुमार दड़िया ने प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए कहा बीएनएसएस की धारा 48 का मुख्य उद्देश्य अभियुक्त के 'बचाव करने के अधिकार' को सुरक्षित करना है। इस मामले में जब कोर्ट में रिमांड पेश किया गया, तब आरोपी के वकील वहां पहले से मौजूद थे और उन्होंने रिमांड पर बहस भी की, जिससे सिद्ध होता है कि परिजनों को समय पर पूरी जानकारी थी।
रामपुर के भमरौआ गांव में एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान से तीन मजारों को हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन ने मृतक एहसन रजा के परिजनों को शिक्षा विभाग के माध्यम से नोटिस जारी किया है। यह मजारें पति-पत्नी और उनके बेटे की बताई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एहसन रजा गांव में धार्मिक शिक्षा देते थे। उनकी मृत्यु लगभग 50 वर्ष पहले हुई थी, जबकि उनकी पत्नी का निधन करीब 30 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके बेटे की मौत लगभग 18 वर्ष पहले हुई थी। तीनों को उसी स्थान पर दफनाया गया था जहां एहसन रजा लोगों को दीनी तालीम देते थे। गांव के प्रधान लाइक ने बताया कि एहसन रजा अपने पिता की इकलौती संतान थे और उनके परिवार में वर्तमान में तीन बेटे और एक बेटी हैं। प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, यह भूमि सरकारी प्राथमिक विद्यालय के खेल मैदान का हिस्सा है। इसी आधार पर शिक्षा विभाग ने परिजनों को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित समय का नोटिस दिया है। नोटिस के बाद से परिवार की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस संबंध में रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि सरकारी स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले यहां मदरसा बनाने का प्रयास किया गया था जिसे हटाया गया था, और अब एक स्थान पर तीन मजारें बनी हुई हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष को नोटिस दिया जा चुका है और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ ग्रामीण नाम न छापने की शर्त पर प्रशासन की कार्रवाई के समय पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों ने एहसन रजा को वहीं दफनाया था क्योंकि वह अपनी इच्छा व्यक्त करते थे कि उन्हें उसी स्थान पर दफनाया जाए जहां वे तालीम देते थे।
सहारनपुर में सरसावा के गदरहेड़ी फीडर की 11 हजार वोल्ट लाइन में खराबी ठीक करते समय एक संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मृत्यु हो गई। यह घटना मंगलवार दोपहर बाद सरसावा क्षेत्र में हुई। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार बच्चे छोड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, गांव रायपुर निवासी अनिल (45) पुत्र ओमप्रकाश पिछले करीब 15 वर्षों से विद्युत विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार दोपहर बाद गदरहेड़ी फीडर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट लाइन में ब्रेकडाउन की सूचना मिली थी। खराबी दूर करने के लिए अनिल अपने सहकर्मी रोहित के साथ मौके पर पहुंचे और बिजलीघर से शटडाउन लेकर लाइन की मरम्मत का कार्य शुरू किया। विद्युत निगम के अवर अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान समीप से गुजर रही एक क्रॉसिंग लाइन के संपर्क में आने से अचानक संबंधित लाइन में करंट प्रवाहित हो गया। करंट लगते ही अनिल नीचे जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। घायल लाइनमैन को तत्काल पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अनिल की मृत्यु की सूचना मिलने पर उनके परिवार में गहरा सदमा लगा। परिजनों ने बताया कि मृतक अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी बड़ी बेटी करीब 15 वर्ष की है, जबकि तीन अन्य बच्चे अभी छोटे हैं। परिवार का पालन-पोषण अनिल की आय पर ही निर्भर था।
हमीरपुर में ईंट भट्ठे से गिरकर मजदूर की मौत:शराब के नशे में था, 20 घंटे बाद परिजन पहुंचे
हमीरपुर जिले के मुस्करा थाना क्षेत्र में एक ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर की हादसे में मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि मजदूर का शव करीब 20 घंटे तक भट्ठे में ही पड़ा रहा और पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई। मंगलवार शाम परिजन रायबरेली से पहुंचने के बाद मजदूर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना मुस्करा कस्बे के बंडवा रोड स्थित एक ईंट-भट्ठे पर हुई। मृतक की पहचान रायबरेली जिले के भल्ला बरौला गांव निवासी 45 वर्षीय रामनरेश के रूप में हुई है, जो पिछले छह माह से इस भट्ठे पर मजदूरी कर रहा था। उसके भाई विजयी ने बताया कि रामनरेश परिवार का भरण-पोषण करने के लिए यहां काम करता था। साथी मजदूर इंद्रमोल के अनुसार, घटना सोमवार देर रात करीब एक बजे नाइट शिफ्ट के दौरान हुई। मजदूर भट्ठे में ईंधन डाल रहे थे। इसी दौरान रामनरेश, जो कथित रूप से शराब के नशे में था, भट्ठे के ऊपर से संतुलन बिगड़ने के कारण लगभग आठ फीट नीचे ईंटों पर गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी साथी मजदूरों ने मुनीम हजारी को दी, जिसके बाद भट्ठा मालिक को सूचित किया गया। रामनरेश को भट्ठे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। भट्ठा मालिक ने बताया कि उन्होंने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी थी और परिजनों ने उनके पहुंचने तक शव को कहीं न ले जाने का अनुरोध किया था। मंगलवार शाम करीब सात बजे परिजन रायबरेली से मुस्करा पहुंचे और रामनरेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा के बेनीपुर बाजार में आज एक युवक पर एक महिला का बैग छीनकर भागने का आरोप लगा। महिला के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने युवक की जमकर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक महिला का बैग लेकर भाग रहा था। महिला के चिल्लाने पर बाजार में मौजूद लोगों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूर जाने के बाद लोगों ने युवक को दबोच लिया। पकड़ में आते ही भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा और युवक को लात-घूंसे और बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया। कई लोगों ने उसे जमीन पर पटक-पटक कर भी मारा, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों के मुताबिक, महिला के बैग में लाखों रुपये मूल्य के सामान होने की बात कही जा रही है। हालांकि बैग में क्या-क्या सामान था और उसकी वास्तविक कीमत कितनी थी, इसकी अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जाता है कि पुलिस ने भीड़ के बीच फंसे युवक को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। हालांकि युवक की वर्तमान स्थिति और उसे पुलिस के हवाले किए जाने को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। बहेड़ा थानाध्यक्ष पंकज कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें भी मिली है,लेकिन अभी तक युवक को पुलिस को नहीं सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि युवक कहां है और उसकी क्या स्थिति है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद बाजार क्षेत्र में लोगों के बीच काफी चर्चा रही। वायरल वीडियो को लेकर भी विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बैग में मौजूद सामान और घटना के वास्तविक तथ्यों का पता लगाने में जुटी हुई है।
देवास जिले के राजोदा क्षेत्र में एक कंपनी की छत से गिरने के कारण एक युवक की मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। मृतक की पहचान अभिषेक पिता गोविंद चौहान (27) निवासी नागदा के रूप में हुई है। अभिषेक बैंक में कलेक्शन का कार्य करता था। उसके पिता सोलर पैनल लगाने का काम करते हैं। मंगलवार शाम अभिषेक राजोदा स्थित एक कंपनी की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए साइट देखने गया था। 20 फीट नीचे गिरा अभिषेकइसी दौरान वह कंपनी की छत से करीब 20 से 25 फीट नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। परिजनों ने एक घंटे प्रदर्शन कियाहादसे की सूचना मिलते ही परिजन कंपनी पहुंच गए और आरोप लगाया कि अभिषेक को बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के छत पर चढ़ाया गया था। परिजनों ने एक घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे, जहां मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। नाहर दरवाजा थाना प्रभारी आलोक सोनी ने बताया कि युवक की मौत कंपनी की छत से गिरने के कारण हुई है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और लोगों को समझाइश दी गई। मामले से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए हैं और पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
अमरोहा के दो भाई सऊदी में गिरफ्तार:मां-बाप ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री से रिहाई की गुहार लगाई
अमरोहा के नौगावां सादात कस्बे के दो सगे भाईयों को सऊदी अरब में हिरासत में लिए जाने के बाद उनके माता-पिता ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से अपने बेटों मोहम्मद जफर और मोहम्मद राहिब की सुरक्षित रिहाई और वतन वापसी के लिए हस्तक्षेप की अपील की है। परिवार के अनुसार, बड़ा बेटा मोहम्मद जफर पिछले दो वर्षों से सऊदी अरब में प्लंबर का काम कर रहा था। वह दूसरी बार रोजगार के लिए वहां गया था। उसका छोटा भाई मोहम्मद राहिब लगभग एक वर्ष पहले अपने भाई के साथ काम करने के लिए सऊदी पहुंचा था। करीब तीन महीने पहले सऊदी पुलिस दोनों भाइयों को अपने साथ ले गई, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। जब पत्रकारों की टीम उनके घर पहुंची, तो मां फरजाना और पिता हसन अब्बास ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। फरजाना ने बताया कि उनके पति हसन अब्बास भी पहले सऊदी अरब में काम करते थे, लेकिन लगभग सात साल पहले एक दुर्घटना में उनके सिर में गंभीर चोट लग गई थी। ऑपरेशन के बाद वे पैरालाइज हो गए और अब बिस्तर पर हैं। हसन अब्बास की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी पत्नी फरजाना निभा रही हैं। परिवार का कहना है कि घर की आर्थिक जिम्मेदारी दोनों बेटों के कंधों पर थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद से पूरा परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। फरजाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से भावुक अपील की है कि उनके बेटों के बारे में जानकारी जुटाई जाए और उन्हें जल्द से जल्द रिहा कराया जाए। उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का भी आग्रह किया।
प्रतापगढ़ में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान 2,866 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 11,616 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। प्रत्येक पाली में 5,808 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। कड़ी सख्ती के कारण इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। देखें, 2 तस्वीरें… जनपद के 17 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सभी केंद्र सीसीटीवी कैमरों से लैस थे और परीक्षार्थियों को तीन स्तरीय सघन तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया। जिले के उच्च अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों पर नजर बनाए हुए थे। डीएसपी ने भी केंद्रों का लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन की सख्ती और सतर्कता के कारण परीक्षा निष्पक्ष और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
देवरिया में स्वास्थ्य विभाग में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षकों के तबादलों के बाद विवाद उत्पन्न हो गया है। इस मामले में सामूहिक त्यागपत्र की खबरें सामने आने के बाद जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने शनिवार को जिले के कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए तबादला आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के बाद देर रात करीब 16 प्रभारी चिकित्सा अधीक्षकों और चिकित्सा अधिकारियों ने अपने प्रशासनिक पदों से सामूहिक त्यागपत्र देने की सूचना दी, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, सामूहिक त्यागपत्र की जानकारी मिलने पर सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों से बात की और उन्हें एक दिन का समय देने का अनुरोध किया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की समीक्षा शुरू हुई। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि यह तबादले शासन की नीति के तहत किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। स्थानांतरित किए गए अधिकांश चिकित्सा अधिकारी तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही पद पर तैनात थे। यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है। डीएम ने आगे बताया कि संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की गई है। सभी अधिकारियों ने अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने की सहमति व्यक्त की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा और सभी अधिकारी शीघ्र ही अपने नवीन तैनाती स्थलों पर कार्यभार संभालेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस तबादला प्रकरण को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा जारी है।
आगरा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी भर्ती परीक्षा दूसरे दिन भी कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 19,826 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 5,710 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा 28 केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जा रही है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई—सुबह 10 से 12 बजे तक और दोपहर 3 से 5 बजे तक। प्रत्येक पाली में 12,768 अभ्यर्थियों के शामिल होने का अनुमान था। पहली पाली में 2,871 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, जबकि 9,897 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं दूसरी पाली में 2,839 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे और 9,929 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले गहन चेकिंग की गई और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। इस बार कक्ष निरीक्षकों का भी बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया, जिससे परीक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ रही। अधिकारियों के अनुसार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में सम्पन्न हुई। एक केंद्र पर समय सीमा के बाद पहुंचे अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। फिरोजाबाद से आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि पेपर अपेक्षाकृत आसान था और उनका पेपर अच्छा हुआ है। वहीं मैनपुरी से आई एक अभ्यर्थी ने कहा कि पेपर अच्छा आया था और उनका प्रदर्शन भी संतोषजनक रहा। अभ्यर्थियों के अनुसार सामान्य अध्ययन (GS) के कुछ प्रश्न जरूर थोड़े कठिन लगे, लेकिन कुल मिलाकर पेपर संतुलित और आसान रहा।
जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार को पटाखों के धमाकों में 8 लोगों की जान चली गई। 55 वर्ग गज के मकान में पटाखों की फैक्ट्री थी, जिसके अंदर लगभग 50 किलो बारूद भरा हुआ था। आग में पटाखे, बारूद समेत अन्य सामान जलकर राख हो गया। फर्श और दीवारें भी कोयले की तरह जल गईं। ऐसा लगा मानो बम फटा हो। माना जा रहा है कि आग संभवत: शॉर्ट सर्किट या बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी बारूद में लगने से लगी हो। इस फैक्ट्री को दिल्ली में रहने वाला फिरोज नाम का व्यक्ति अवैध रूप से चला रहा था। सूत्रों के अनुसार- थाना इलाके में 3 से 4 और अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनके मालिकों के पास न लाइसेंस है और न फैक्ट्री में सुरक्षा के प्रबंध हैं। नियमों को दरकिनार करते हुए फैक्ट्रियों को चलाया जा रहा है। इस कॉलोनी में बने करीब 150 मकानों में 600 से ज्यादा लोग रहते हैं। ऐसे में लोगों की जान पर खतरा बना रहता है। आग की भयावहता के 4 PHOTOS… 600 से ज्यादा लोगों की जान खतरे में थी पटाखा फैक्ट्री आयशा नगर तलाई क्षेत्र आईटीआई कॉलेज के पास थी। कॉलोनी में मुख्य सड़क से अंदर जाने पर करीब 150 मकान बने हुए हैं। इनमें ही एक मकान की दीवारें आज कोयले की तरह काली हो गईं। इस आबादी इलाके में आज सुबह करीब 11 बजे ऐसा मंजर था, जिसने भी देखा, रूह कांप गई। एक घर में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके के साथ आग लग गई। इसके अंदर काम करने वाले मजदूर शरीर पर आग की लपटों के साथ चीखते-चिल्लाते सड़क पर आ गए। कुछ अंदर ही जल गए और मौत हो गई। 50 किलो बारूद बना आग का कारण यहां रहने वाले एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक मंजिला मकान में यह अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। इसमें करीब 10 लोग काम करते थे। इस मकान में करीब 50 किलो बारूद था। वहीं एक अलग कमरे में भारी मात्रा में तैयार पटाखे रखे हुए थे। बारूद के रूप में काम आने वाला एक ऐसा पाउडर था, जिसका नाम नहीं पता चला है। ये बारूद ही आग का कारण बना है। व्यक्ति ने बताया कि अवैध फैक्ट्री में शादी समारोह में काम में आने वाले पटाखे तैयार किए जाते थे। जिस कमरे में पटाखे की पैकिंग की जाती थी या पटाखे बनाए जाते थे। मजदूर यहां खाना भी बनाते थे। एक घरेलू गैस सिलेंडर भी रखा था। ऐसा लगा मानो बम फटा हो व्यक्ति ने बताया कि आग से पहले जोरदार धमाके हुए। ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो या कोई सिलेंडर ब्लास्ट या बम फट गया हो। आग की लपटें दो मंजिला मकान से भी ऊंची थी। धमाके और आग की लपटों में मकान के आगे पूरा काला हो गया। शुरुआत में तो आग इतनी तेज थी कि घर के पास जाना भी नामुमकिन था। पटाखों की 4 अवैध फैक्ट्रियां और चल रही स्थानीय निवासी ने बताया कि खोह नागोरियान थाना इलाके में 3 से 4 अवैध पटाखा फैक्ट्रियां चल रही हैं। इनके मालिकों के पास न लाइसेंस है और न नियमानुसार काम होता है। जिस फैक्ट्री में आग लगी, उसका मालिक भी अवैध रूप से चला रहा था। इसके बाद भी इन फैक्ट्रियों पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होती है। … पटाखा फैक्ट्री में आग की ये खबरें भी पढ़ें… जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री 500 रुपए देकर ‘मौत की फैक्ट्री’ में धकेल देते:कई साल से बना रहे थे पटाखे, दिल्ली तक सप्लाई; आग लगने से 8 की मौत
फतेहाबाद जिले में रतिया के सरदूलगढ़ रोड स्थित रताखेड़ा माइनर में मंगलवार शाम नहाते समय एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान पंजाब के मानसा जिले के गांव रयोंद कला निवासी 22 वर्षीय मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। उसका शव डूबने के स्थान से कुछ किलोमीटर आगे तामसपुरा-हड़ोली गांव के पास नहर से बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, मनप्रीत सिंह अपने 27 वर्षीय दोस्त जसविंदर सिंह के साथ किसी काम से रतिया आया था। दोपहर में अधिक गर्मी होने के कारण दोनों दोस्त सरदूलगढ़ रोड स्थित रताखेड़ा माइनर में नहाने चले गए। नहर में अचानक गायब हुआ युवक जसविंदर सिंह ने बताया कि वे दोनों नहर में नहा रहे थे, तभी कुछ समय बाद मनप्रीत दिखाई नहीं दिया। उसने काफी देर तक मनप्रीत की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद वह अकेला अपने गांव लौट गया और मनप्रीत के परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मनप्रीत के परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस हेल्पलाइन 112 पर जानकारी दी। परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से नहर में तलाश शुरू की। तलाश के दौरान मनप्रीत सिंह का शव तामसपुरा-हड़ोली गांव के पास नहर में मिला। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
झांसी में 4,613 ने छोड़ी पुलिस भर्ती परीक्षा:दूसरे दिन दोनों पाली में 18,235 अभ्यर्थियों दिया एग्जाम
झांसी में आयोजित की जा रही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन 18,235 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 4,613 ने परीक्षा छोड़ दी। मंगलवार को दोनों पाली में परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी सीधे स्टेशन की तरफ रवाना हो गए। यहां रेलवे ने अभ्यर्थियों के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, जिससे प्लेटफार्म पर किसी तरह की आपाधापी भी देखने को नहीं मिली। इससे पहले परीक्षा नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल तथा पुलिस अधीक्षक नगर प्रीति सिंह ने बुंदेलखंड महाविद्यालय, नेशनल हाफिज सिद्दीकी कॉलेज समेत विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने केंद्रों के कंट्रोल रूम में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग और रिकॉर्डिंग व्यवस्था की जांच की। साथ ही विद्युत आपूर्ति, पेयजल, शौचालय, रैंप और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी सत्यापन किया। प्रशासन के अनुसार प्रत्येक पाली में 11,424 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। दूसरे दिन की प्रथम पाली में 9,092 अभ्यर्थी उपस्थित रहे जबकि 2,332 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में 9,143 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 2,281 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए।इस प्रकार दूसरे दिन दोनों पालियों को मिलाकर कुल 22,848 अभ्यर्थियों में से 18,235 उपस्थित और 4,613 अनुपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा और वरिष्ठ अधिकारी लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
भाजपा मासिक बैठक में संगठन मजबूती पर मंथन:बागपत में कार्यकर्ताओं को दिए गए अहम निर्देश
बागपत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मासिक बैठक मंगलवार को चमरावल रोड स्थित जिला कार्यालय में आयोजित की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें संगठन को मजबूत बनाने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है। उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए जिला, मंडल, शक्ति केंद्र और बूथ स्तर पर नियमित बैठकों के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। नीरज शर्मा ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्तर पर महीने में कम से कम एक बैठक अवश्य आयोजित की जाए, ताकि संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिल सके और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो। शर्मा ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि मजबूत मंडल और मजबूत बूथ ही संगठन की सफलता की आधारशिला हैं। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सक्रिय, मजबूत और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। साथ ही, सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर सहमति बनी। बैठक का संचालन जिला महामंत्री अमित चौधरी ने किया। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, आईटी एवं सोशल मीडिया टीम के सदस्य तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
बैठक में कुर्सियों पर बैठकर योग करते दिखे डीएम, एडीएम और सीडीओ, वीडियो हुआ वायरल
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर मुरादाबाद जिला प्रशासन द्वारा योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
मोबाइल खोने या चोरी होने के बाद अधिकांश लोग उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ देते हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान ऐसे लोगों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा रहा है। अभियान के तहत पुलिस ने करीब 35 लाख रुपये मूल्य के 106 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना की। मोबाइल पाकर खुश दिखे लोग, देखिए तस्वीरें… मोबाइल मिलने के बाद लोगों की खुशी देखते ही बन रही थी। कल्याणी निवासी मदन कुमार पटेल ने बताया कि मंदिर से घर लौटने के दौरान उचक्कों ने उनका मोबाइल छीन लिया था। घटना के बाद वह काफी परेशान थे और मोबाइल मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे। लेकिन शिकायत के महज 15 दिनों के भीतर पुलिस ने उनका मोबाइल बरामद कर उन्हें सौंप दिया। उन्होंने कहा कि मोबाइल वापस मिलने की अब कोई उम्मीद नहीं थी, इसलिए पुलिस का यह प्रयास उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है। 4 महीने बाद पुलिस ने लौटाया मोबाइल औराई की रहने वाली आशा कुमारी ने बताया कि उनका मोबाइल 24 फरवरी को चोरी हो गया था। मोबाइल में कई जरूरी दस्तावेज और संपर्क नंबर थे, जिसके कारण वह काफी परेशान थीं। समय बीतने के साथ उन्होंने भी मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी और नया फोन खरीद लिया था। लेकिन करीब चार महीने बाद जब मुजफ्फरपुर पुलिस ने उनका मोबाइल वापस लौटाया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एसएसपी के निर्देश पर बनी थी विशेष टीम वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 2 फरवरी 2026 को जिले में गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन की पहचान और बरामदगी के लिए विशेष सांख्यिकी उपकरण बरामदगी इकाई (एसयूबीई) का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल फोन बरामद किए। 2026 में अब तक 519 मोबाइल लौटाए पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक ऑपरेशन मुस्कान के तहत कुल 519 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को वापस किया जा चुका है। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत करीब 1 करोड़ 92 लाख रुपये है। ताजा कार्रवाई में बरामद 106 मोबाइल फोन की कीमत लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है। मोबाइल, लैपटॉप या आईपैड खो जाए तो क्या करें? मुजफ्फरपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल, लैपटॉप या आईपैड गुम अथवा चोरी हो जाता है तो वे निर्धारित प्रपत्र, क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा गूगल फॉर्म भरकर अपनी जानकारी पुलिस नियंत्रण कक्ष के व्हाट्सएप नंबर 9431896700 पर उपलब्ध करा सकते हैं। सूचना मिलने के बाद तकनीकी सहायता से डिवाइस की खोज और बरामदगी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस पर बढ़ा लोगों का भरोसा ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार हो रही बरामदगी से आम लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने के लिए विशेष टीम लगातार काम कर रही है और आगे भी यह अभियान और तेज गति से जारी रहेगा। कई ऐसे लोग, जिन्होंने अपना मोबाइल हमेशा के लिए खोया हुआ मान लिया था, आज उसे वापस पाकर पुलिस का धन्यवाद कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार शाम निरस्त होने के बाद मंदसौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता गांधी चौराहे पर एकत्र हुए। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और 'मोदी-मोहन हाय-हाय' के नारे लगाए। इस दौरान भाजपा सरकार का पुतला भी दहन किया गया। देखें प्रदर्शन के दौरान की तस्वीरें… रिटर्निंग ऑफिसर ने रद्द किया नामांकनभारतीय जनता पार्टी की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर अर्पित शर्मा ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने हैदराबाद की एक अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में नहीं दी थी। नामांकन निरस्त होने की खबर फैलते ही कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता गांधी चौराहे पर पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और पुतला दहन कर विरोध जताया गया। कांग्रेस जिलाअध्यक्ष बोले- भाजपा लोकतंत्र को कुचल रहीजिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों को कुचल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को अब चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा नहीं रहा है। गुर्जर ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के नाम पर पूरे देश में कोई प्रकरण दर्ज नहीं है, फिर भी सरकार और प्रशासन के दबाव में उनका नामांकन निरस्त किया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों के खिलाफ बताया। महेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले का कड़ा विरोध करती है। भाजपा चुनाव परिणामों का इंतजार करने के बजाय नामांकन निरस्त कराने जैसी राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर काला कलंक बताया। उनके अनुसार, संविधान और लोकतंत्र विरोधी मानसिकता के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। नेता प्रतिपक्ष बोले- यह लोकतंत्र की हत्यामंदसौर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष रफत पयामी ने भी फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। एक ईमानदार और स्वच्छ छवि वाली महिला नेता मीनाक्षी नटराजन को संसद पहुंचने से रोकना करोड़ों महिलाओं की आस्था और विश्वास पर चोट है। उन्होंने कहा कि राजनीति में सक्रिय महिलाओं के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण संदेश है।
मुक्तसर में स्थित सदर थाना की दूसरी मंजिल के एक कमरे में एक युवक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि यह सुसाइड 2 दिन पहले किया हो सकता है। मंगलवार शाम को कमरे से दुर्गंध आने पर पुलिस कर्मचारियों द्वारा कमरा खोल कर देखा तो शव पड़ा मिला। मृतक की पहचान सुनील कुमार पुत्र प्रभदयाल निवासी लाधुका मंडी के रूप में हुई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है। कमरे से दुर्गंध आने पर पता चला इस मामले में डीएसपी बचन सिंह ने बताया कि मृतक सुनील कुमार थाना सदर में सेवक के रूप में कार्य कर रहा था। वह यहां पुलिस कर्मचारियों को चाय-पानी देता था और अधिकांश समय वह थाने में ही रहता था। 2 दिन से उसे किसी ने देखा नहीं था। मंगलवार को थाने की दूसरी मंजिल पर उसके कमरे से दुर्गंध आ रही थी, जिसके बारे पता चलने पर अंदर जाकर देखा तो उसका शव पड़ा मिला था। उसने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। घरेलू कलह के चलते कदम उठाया-डीएसपी डीएसपी के अनुसार जांच करने पर पता चला कि 2 दिन पहले उसने सुसाइड किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उसने यह कदम घरेलू कलह के चलते उठाया है। परिवार में अनबन के चलते उसने सुसाइड किया है। मृतक की एक 3 साल की बेटी है। परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल मुक्तसर की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। इस मामले में अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पटियाला जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। समाना-पटियाला रोड पर गांव ककराला के पास भाखड़ा नहर से लगभग 8 वर्षीय बच्चे का सिर कटा हुआ शव बरामद किया गया है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों ने नहर में शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शव को नहर से बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्चे के पैर बंधे हुए थे और उसके पेट पर भी तेजधार हथियार से वार के निशान थे। बच्चे की नहीं हुई पहचान फिलहाल बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के जिलों और थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जांच कर रही है ताकि मृतक बच्चे की शिनाख्त की जा सके। फॉरेंसिक टीमों को भी जांच में लगाया गया है और घटनास्थल के आसपास से महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा रहे हैं। पटियाला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि बच्चे की पहचान होने के बाद इस जघन्य हत्याकांड के आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी और मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
सहारनपुर DM ने गौशाला का निरीक्षण किया:गोवंश को हरा चारा खिलाया, 116 गोवंश के लिए फोगर लगाने के आदेश
सहारनपुर के DM अरविंद कुमार चौहान ने मंगलवार को रामपुर मनिहारान तहसील के ग्राम नंदपुर स्थित अस्थायी गौ आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गौशाला में 116 गोवंश सुरक्षित और स्वस्थ पाए गए, जिनकी संख्या गो आश्रय पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के अनुरूप थी। जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और गोवंश को हरा चारा खिलाया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए गोवंश की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नंदपुर गौशाला में गोवंश को ठंडक पहुंचाने के लिए लगाए गए पानी के फोगर की सराहना की। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि जिले की अन्य सभी गौशालाओं में भी गर्मी से बचाव के लिए इसी प्रकार के प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं। पशु आहार की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की सभी गौशालाओं में गोवंश के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त छाया की व्यवस्था हर समय उपलब्ध रहे। उन्होंने गौशाला परिसर की साफ-सफाई, स्वच्छ जल की उपलब्धता, भूसा भंडारण, हरे चारे और पशु आहार की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया, जो संतोषजनक पाई गईं। सभी केयर टेकर अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देशों के अनुरूप गौशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसा संरक्षित किया गया है। बताया गया कि 175 कुंतल भूसा दान के माध्यम से प्राप्त हुआ है, जबकि 639 कुंतल भूसा खरीदकर सुरक्षित रखा गया है, ताकि आगामी समय में गोवंश के चारे की उपलब्धता बनी रहे। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सुमित राजेश महाजन ने जिलाधिकारी को बताया कि गोबर के बेहतर प्रबंधन और उससे आय सृजन के उद्देश्य से जिले के सभी गौ आश्रय स्थलों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षित किया गया है। इस पहल से गौशालाओं में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। गोवंश के चारे की उपलब्धता बनी रहे निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध गोयल तथा पशुधन प्रसार अधिकारी शेर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध गोयल तथा पशुधन प्रसार अधिकारी शेर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर में करंट लगने से महिला की मौत:कूलर साफ करते समय हुआ हादसा, परिजनों में मची चीख-पुकार
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के नानकारी इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में कूलर की सफाई कर रही महिला की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। नानकारी निवासी अजय तिवारी पेशे से बिल्डर हैं। उनके परिवार में पत्नी सुधा तिवारी (45), पुत्र आशुतोष तिवारी और पुत्री जागृति तिवारी हैं। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे सुधा तिवारी घर में रखे कूलर की सफाई कर रही थीं। उस समय परिवार के अन्य सदस्य घर के दूसरे कमरों में मौजूद थे। बताया गया कि सफाई के दौरान अचानक कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से सुधा तिवारी गंभीर रूप से झुलस गईं और मौके पर ही गिर पड़ीं। कुछ देर बाद बेटी जागृति की नजर मां पर पड़ी तो वह घबरा गई। उसने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले बिजली की आपूर्ति बंद की और मां को कूलर से अलग किया। इसके बाद उसने तत्काल अपने पिता अजय तिवारी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही अजय तिवारी घर पहुंचे और पत्नी को लेकर तत्काल लाला लाजपत राय (हैलट) अस्पताल पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद सुधा तिवारी को मृत घोषित कर दिया। पत्नी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना पर कल्याणपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में कूलर में करंट उतरने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि महिला की करंट लगने से मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के आगापुर गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में युवक की मौत फांसी लगाने से होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। आगापुर गांव निवासी 36 वर्षीय बल्लू संखवार ट्रक में खलासी का काम करता था और उसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। रविवार को उसका शव घर के कमरे के अंदर साफी के सहारे खूंटी से लटका मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। मृतक की मां ने गांव के दो लोगों पर बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू की थी। मंगलवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बल्लू संखवार की मौत फांसी के फंदे पर लटकने से हुई थी। रिपोर्ट आने के बाद मामले में हत्या की आशंका को बल नहीं मिला है। वहीं, जिन लोगों पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था, उन्होंने भी राहत की सांस ली है। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि परिजनों ने दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत का कारण फांसी लगना पाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मामले की स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।

