इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा कि कोई महिला जिसने सरकारी स्कूल टीचर के तौर पर नियुक्त होने से पहले दूसरी शादी की थी, उसे इस आधार पर यूपी सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली और यूपी सरकारी कर्मचारी (अनुशासन और अपील) नियमावली के तहत दुराचरण के लिए दंडित नहीं किया जा सकता। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा कि वह उम्मीदवार, जिसने 2009 में ऐसे व्यक्ति से शादी की, जिसकी पहली शादी अभी भी कायम थी, वह 'उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा शिक्षक सेवा नियमावली, 1981' के नियम 12 के तहत टीचर के तौर पर नियुक्ति के लिए अयोग्य मानी जाएगी, क्योंकि यह कमी नियुक्ति की जड़ पर ही वार करती है, जिससे नियुक्ति शुरू से ही अमान्य हो जाती है। सरकारी सेवा से पहले के कार्य दायरे में नहीं जस्टिस मंजू रानी चौहान ने यह आदेश अध्यापिका रीना की याचिका पर पारित किया है। मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता, जिसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं, उन्होंने 2009 में एक ऐसे व्यक्ति से शादी की थी, जब उसकी किसी दूसरी महिला के साथ पहली शादी अभी भी कायम थी। जबकि याचिकाकर्ता को असिस्टेंट टीचर के तौर पर 2015 में नियुक्त किया गया। कोर्ट ने कहा: उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 का नियम 29 सरकारी कर्मचारी के सेवाकाल के दौरान के आचरण पर लागू होता है। सरकारी सेवा में आने से पहले किए गए कार्य या चूकें उक्त नियम के दायरे में नहीं आतीं। चूंकि कथित वैवाहिक अनियमितता वर्ष 2009 से संबंधित है, यानी याचिकाकर्ता की 2015 में हुई नियुक्ति से काफी पहले की बात है, इसलिए आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 के प्रावधान याचिकाकर्ता के मामले पर स्पष्ट रूप से लागू नहीं होते। तदनुसार, आचरण नियमावली, 1956 के नियम 29 का हवाला देकर याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने की कोशिश, उस घटना के आधार पर जो उसके सरकारी सेवा में आने से पहले हुई, कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। इसे बरकरार नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने फैसले में कहा कि आचरण नियमावली, 1956 की प्रयोज्यता केवल उन लोगों तक सीमित है, जो सरकारी सेवा में आ चुके हैं। नियुक्ति से पहले के चरण में किसी व्यक्ति के खिलाफ इन नियमों का हवाला नहीं दिया जा सकता। हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि यह मामला याचिकाकर्ता के आचरण से संबंधित नहीं था, बल्कि उसकी पात्रता से संबंधित था, अदालत ने 'उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा शिक्षक सेवा नियमावली' के नियम 12 का हवाला दिया और टिप्पणी की कि नियम 12 नियुक्ति पर एक कानूनी रोक लगाता है, जहां किसी उम्मीदवार ने ऐसे व्यक्ति से विवाह किया हो जिसका जीवनसाथी अभी जीवित है। ऐसी नियुक्ति शून्यकरणीय है। वर्ष 2015 में याचिकाकर्ता को एक प्राथमिक विद्यालय में 'सहायक शिक्षक' के पद पर नियुक्त किया गया। इस शिकायत के आधार पर कि याचिकाकर्ता ने ऐसे व्यक्ति से विवाह किया था, जो पहले से ही विवाहित था, उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। याचिकाकर्ता ने अपनी सेवा-समाप्ति के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कहा गया कि उसकी सेवाएं समाप्त करने से पूर्व कोई जांच नहीं की गई, और उसे अपने पति के पहले विवाह के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि यूपी सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 का नियम 29(2) यह प्रावधान करता है कि कोई भी महिला कर्मचारी, सरकार की पूर्व अनुमति के बिना, ऐसे पुरुष से विवाह नहीं करेगी, जिसकी पत्नी जीवित हो। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि यूपी बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972 की धारा 19, राज्य सरकार को यह अधिकार देती है कि वह बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के पदों पर भर्ती तथा नियुक्त व्यक्तियों की सेवा शर्तों के संबंध में नियम बनाए। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की सेवा समाप्त करने वाला आदेश रद्द कर दिया है और प्रतिवादी अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता को उचित नोटिस देने के बाद एक नया और तर्कसंगत आदेश पारित करें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में कथित मस्जिद में रमजान में अधिक लोगों को नमाज़ पढ़ने से रोकने को लेकर दाखिल याचिका निस्तारित कर दी। कोर्ट ने कहा है कि फोटोग्राफ से स्पष्ट है कि वह स्थल मस्जिद नहीं है। याचियों को निर्देश दिया है कि 1995 से चली आ रही परंपरा का कड़ाई से पालन करें। कोर्ट ने कहा कि याची ने सही जानकारी नहीं दी थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी को भी अपने विश्वास व आस्था के अनुरूप निजी संपत्ति या धार्मिक स्थल पर पूजा करने या नमाज पढ़ने का अधिकार है, इसपर कोई रोक नहीं है। यदि कोई इसमें बाधा डालता है तो सरकार संज्ञान लेगी और जरूरत के अनुसार स्थल व पूजा करने वाले लोगों को सुरक्षा देगी। सरकार ने भी हाईकोर्ट में साफ कहा कि किसी की निजी संपत्ति में पूजा या नमाज पढ़ने पर सरकार हस्तक्षेप नहीं करती। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने यह आदेश मुनाजिर खान की याचिका पर दिया है। राज्य पूजा, नमाज में हस्तक्षेप या बाधा नहीं डालेगा कोर्ट ने कहा राज्य ने एक बार फिर वही बात दोहराई है जो उसने पहले भी कही थी कि राज्य किसी भी संप्रदाय द्वारा अपनी निजी संपत्तियों में या अपने-अपने पूजा स्थलों पर की जाने वाली पूजा में हस्तक्षेप या बाधा नहीं डालेगा। कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 की व्याख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि भारत में इस्लामी धर्म के अनुयायियों को कोई विशेष दर्जा प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने कहा है कि अनुच्छेद 25 भारत में प्रत्येक धर्म और आस्था को अपने धर्म को मानने (अपनी आस्था घोषित करने), उसका आचरण करने (रीति-रिवाज, प्रार्थना, समारोह आयोजित करने और त्योहार मनाने) और उसका प्रचार करने का समान और अपरिवर्तनीय अधिकार देता है;। यह अधिकार बिना किसी किंतु-परंतु के सभी पर समान रूप से लागू होता है।, बशर्ते यह लोक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन हो। कोर्ट ने कहा यह अनुच्छेद 25 ऐसे कार्यों और भाषणों को भी प्रतिबंधित करता है जिनमें एक धार्मिक संप्रदाय को दूसरे के विरुद्ध खड़ा करके लोक व्यवस्था को बिगाड़ने की प्रवृत्ति हो।; ऐसा निषिद्ध कार्य अनुच्छेद 25 के संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएगा और उस व्यक्ति को आपराधिक कानून की पूरी कठोरता का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा यह अधिकार एक नास्तिक को भी लॉजिक, कारण और साइंस के आधार पर यह मानने, प्रैक्टिस करने और उसे फैलाने में मदद करता है कि कोई भगवान नहीं है। इंसानियत वाले इस रिपब्लिक देश की यही शान कोर्ट ने कहा धरती के 1.4 अरब इंसानियत वाले इस रिपब्लिक देश की शान इसके लचीलेपन और उस ताकत में है, जो इसकी ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई विविधता से आती है,। इस धरती पर कोई भी दूसरे देश की तरह नहीं का नहीं है, जहाँ हर धर्म, संस्कृति और अलग-अलग भाषाएँ सदियों से शांति, मेल-जोल और आपसी सम्मान के साथ साथ रही हैं।, जिसे भारत के संविधान के आर्टिकल 25 के लागू होने के बाद औपचारिक रूप दिया गया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति डी जी पी व अपर मुख्य सचिव गृह को भेजने का भी निर्देश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने 20 से अधिक लोगों को नमाज़ पढ़ने से रोकने पर खड़ा रूख अपनाया था और राज्य सरकार को स्थल का फोटोग्राफ सहित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को वास्तविकता की जानकारी दी और कहा कि याची ने नहीं बताया कि किस अधिकारी ने ऐसा आदेश दिया है।जिसे मस्जिद बताया ,उसपर दो अन्य लोगों का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज है। जबकि याची ने। हलफनामा दाखिल कर कहा कि 1995 में उसके बाबा छिद्दा खान ने मस्जिद बनाई थी,वक्फ भी किया है। जमीन उसके कब्जे में है।एक कमरे में नमाज पढ़ी जाती रही है। कोर्ट ने दाखिल फोटोग्राफ देखने के बाद कहा स्थल मस्जिद नहीं है।बाईं तरफ दो मंजिला भवन है और दाईं तरफ दो बेडरूम बने हैं, जिसमें नमाज पढ़ी जाती है। जिसमें किसी द्वारा अवरोध नहीं उत्पन्न किया गया। 17 मार्च को कोर्ट प्रशासन का आदेश रद्द कर नमाज की अनुमति दी थी संभल की एक मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने के जिला प्रशासन के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को नमाज के समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने का आदेश दिया है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति नमाज में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने फैसला संभल के रहने वाले मुनाजिर खान की याचिका पर सुनाया। याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संभल DM और SP को फटकार लगाई थी। कहा था- प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। अगर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई को लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। कोर्ट ने कहा था- यह राज्य का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा कर सके। अगर वह निजी संपत्ति है, तो राज्य से किसी इजाजत की जरूरत नहीं। कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि राज्य का दखल सिर्फ वहीं जरूरी है, जहां प्रार्थना या धार्मिक काम सार्वजनिक भूमि पर आयोजित किए जाने हों। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान ने याचिका में कहा था कि पिछले साल फरवरी में हयातनगर थाने से पुलिसवाले आए। कहा कि सिर्फ 20 लोग ही मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई। आज 16 मार्च को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। सरकारी वकील की दलील- कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए प्रशासन ने रोका याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि रमजान के दौरान मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। रमजान चल रहा है। ऐसे में परिसर के भीतर नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं। वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के वकील के तर्क को खारिज कर दिया। 450 वर्गफीट में मस्जिद, मालिकाना हक दूसरे के नाम पर दरअसल, हयातनगर गांव में 2700 से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां 450 वर्गफीट में घोसिया नाम की मस्जिद है। प्रशासन के मुताबिक, जमीन का गाटा नंबर- 291 है। डॉक्यूमेंट्स में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर है। अब संभल डीएम और एसपी के बारे में जानिए- बरेली के डीएम-एसएसपी हाईकोर्ट में तलब किए गए थे इससे पहले हाईकोर्ट ने घर में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया था कि अगर वे हाजिर नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने याची को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया। यह आदेश भी जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया था। कोर्ट ने मामले में पिछली सुनवाई पर बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना नोटिस जारी किया था। बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गत 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके घर के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है, जिसमें साफ किया गया था कि निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी नहीं है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- ओवैसी बोले- सुनो संभल DSP मुल्क आपके बाप का नहीं, इजराइली प्रधानमंत्री की भाषा बोल रहे संभल में CO कुलदीप कुमार का 'जहाज में बैठकर ईरान चले जाओ' वाला बयान तूल पकड़ता जा रहा है। AIMIM नेता सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा- ये मुल्क आपके बाप का नहीं। तुम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जुबान बोल रहे हो। पूरी खबर पढ़िए
वाराणसी के विभिन्न थानों में तैनानी के दौरान अपनी कारगुजारियों से चर्चा में रहने वाले इंस्पेक्टर वीरेंद्र सोनकर फिर रडार पर हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की शिकायतों के बीच इंस्पेक्टर चौबेपुर पर अब कोर्ट में अभियोजन अधिकारी का अपमान करने का आरोप लगा है। एसएचओ चौबेपुर ने कोर्ट में पहुंचकर अभियोजन अधिकारी की अनदेखी की और कोर्ट में उनका अभिवादन नहीं किया। इंस्पेक्टर पे ग्रेड से उच्च वेतनमान वाले अधिकारी के पास जाकर उनको आदेशात्मक भाव से संवाद किया। इससे खफा अभियोजन अधिकारी ने अंकित कुमार सिंह ने डीसीपी से शिकायत की है। अभियोजन अधिकारी ने डीसीपी से संबंधित इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार सोनकर पर कार्रवाई की मांग करते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। वहीं डीजीसी समेत न्यायिक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया। एसएचओ के व्यवहार के बाद वकीलों में भी आक्रोश है। पहले जानिए कोर्ट में इंस्पेक्टर का दुस्साहस…
लखनऊ में फर्राटा रेसर्स पर पुलिस का शिकंजा:26 बाइक सीज: मॉडिफाइड साइलेंसर पर भी एक्शन
लखनऊ की सड़कों पर तेज रफ्तार और स्टंट कर दहशत फैलाने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने गुरुवार को बड़ा अभियान चलाया। मध्य जोन में हजरतगंज और गौतमपल्ली थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 26 फर्राटा और मॉडिफाइड बाइकों को सीज किया गया। कार्रवाई पुलिस कमिश्नर और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत की गई। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सड़कों पर रेसिंग और तेज आवाज वाले साइलेंसर अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। हजरतगंज: 22 बाइक सवारों पर कार्रवाई हजरतगंज थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान ऐसे युवकों को पकड़ा, जो सड़कों पर तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते हुए आम लोगों में भय पैदा कर रहे थे। कुल 22 बाइकों को मौके पर ही सीज किया गया। इनमें यामाहा R15, KTM, कावासाकी, बुलेट, पल्सर, अवेंजर, एक्टिवा और पैशन जैसे मॉडल शामिल हैं। पुलिस ने सभी वाहनों को थाने में खड़ा कर दिया है और चालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह के नेतृत्व में की गई। गौतमपल्ली मॉडिफाइड साइलेंसर वाली 4 बाइक सीज गौतमपल्ली थाना क्षेत्र में पुलिस ने खासतौर पर मॉडिफाइड साइलेंसर पर फोकस किया। चेकिंग के दौरान 4 बाइकों को पकड़ा गया, जिनमें साइलेंसर में बदलाव कर तेज आवाज निकाली जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, ये आवाज न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ध्वनि प्रदूषण और आम लोगों के लिए परेशानी का कारण भी बनती है। अभियान रहेगा जारी पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि राजधानी में फर्राटा रेसिंग, स्टंटबाजी और मॉडिफाइड वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यूपी और बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गोमतीनगर से छपरा के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी तेज हो गई है। इस ट्रेन को रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इसके संचालन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि इसी महीने ट्रेन पटरी पर दौड़ने लगेगी। गोरखपुर और बलिया होकर तय करेगी सफर नई वंदे भारत ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन से छपरा तक चलेगी और इसका रूट गोरखपुर व बलिया होकर तय किया गया है। इससे पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों को तेज और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। पहले से कई शहरों के लिए चल रही हैं वंदे भारत ट्रेनें फिलहाल लखनऊ से पटना, देहरादून, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी के लिए वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अब छपरा के लिए नई ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को एक और बड़ा विकल्प मिल जाएगा। नई ट्रेनों और डिपो निर्माण की भी योजना पूर्वोत्तर रेलवे ने गोरखपुर समेत प्रमुख स्टेशनों से सात वंदे भारत और दो अमृत भारत ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा ट्रेनों के रखरखाव और धुलाई के लिए भटनी में डिपो बनाने की योजना भी तैयार की गई है। स्लीपर वंदे भारत की भी तैयारी रेल प्रशासन गोरखपुर से दिल्ली और आगरा के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना पर भी काम कर रहा है। हालांकि, इसके लिए अभी रेलवे बोर्ड से मंजूरी नहीं ली गई है।
नसों के बीच विकसित हुए खतरनाक ट्यूमर ने एक 40 वर्षीय महिला की जिंदगी पूरी तरह बदल दी थी। हालत यह हो गई थी कि उनका उठना-बैठना तक मुश्किल हो गया और धीरे-धीरे वे बिस्तर पर निर्भर हो गईं। कई निजी अस्पतालों ने इस जटिल सर्जरी को जोखिम भरा बताकर हाथ खड़े कर दिए, जिससे परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। ऐसे कठिन समय में एम्स Bhopal के डॉक्टरों ने चुनौती स्वीकार की और माइक्रोसर्जिकल तकनीक के जरिए नसों के बीच मौजूद ट्यूमर को निकालकर मरीज को नई जिंदगी दी। बिस्तर तक सीमित हो गई थी जिंदगी भोपाल निवासी 40 वर्षीय महिला पिछले कई महीनों से इस न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रही थीं। स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि वे खुद से उठ-बैठ भी नहीं पा रही थीं। धीरे-धीरे उन्होंने अपने शरीर पर नियंत्रण खोना शुरू कर दिया, जिसमें सबसे बड़ी समस्या मल और मूत्र पर नियंत्रण खत्म होना था। डॉक्टरों ने बताया कि महिला को इंट्रामेडुलरी स्पाइनल ट्यूमर की समस्या थी। यह वह गांठ होती है जो रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) के अंदर विकसित होती है। यह बेहद दुर्लभ स्थिति है और कुल स्पाइनल ट्यूमर मामलों में इसका प्रतिशत बहुत कम होता है। इस तरह के ट्यूमर में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि यह सीधे नसों के बीच विकसित होता है, जिससे सर्जरी के दौरान जरा सी चूक स्थायी लकवे का कारण बन सकती है। इसके लक्षणों में शरीर के हिस्सों में कमजोरी, सुन्नपन, चलने में दिक्कत, और मल-मूत्र नियंत्रण में समस्या शामिल हैं। समय पर पहचान और विशेषज्ञ इलाज ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। एक प्रतिशत मामलों में होती है यह बीमारी यह ट्यूमर स्पाइनल श्वाननोमा के बेहद कम, लगभग 1.1 प्रतिशत मामलों में ही देखने को मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति रीढ़ की सर्जरी में सबसे जटिल मानी जाती है, क्योंकि इसमें स्पाइनल कॉर्ड के भीतर से ट्यूमर निकालना होता है। जरा सी चूक भी स्थायी लकवा जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। कई अस्पतालों ने ठुकराया, एम्स में मिली उम्मीद मरीज और उनके परिजनों ने इलाज के लिए कई अस्पतालों का रुख किया, लेकिन कहीं सर्जरी को टाल दिया गया तो कहीं इसे अत्यधिक जोखिम भरा और महंगा बताया गया। लगातार निराशा और आर्थिक संकट के बीच परिवार ने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी। ऐसे कठिन समय में उन्होंने एम्स का रुख किया, जहां उन्हें नई उम्मीद मिली। ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. पंकज मिश्रा के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण केस को स्वीकार किया। सर्जरी से पहले विस्तृत जांच और सटीक योजना बनाई गई। ऑपरेशन के दौरान माइक्रोसर्जिकल तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे स्पाइनल कॉर्ड के भीतर मौजूद ट्यूमर को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इस प्रक्रिया में नसों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। ये सावधानियां जरूरी अलग-अलग विभागों के डॉक्टरों ने मिलकर की सर्जरी इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में कई विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. एसआरएएन भूषण ने ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा। वहीं, शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग के डॉ. विट्ठल पुरी ने सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई। उनकी देखरेख में मरीज ने धीरे-धीरे अपनी शारीरिक क्षमता वापस पाना शुरू किया। आयुष्मान योजना से मिला फ्री इलाज इस पूरे इलाज की एक और खास बात यह रही कि सर्जरी और उपचार पूरी तरह आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्री किया गया। इससे मरीज और उसके परिवार पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। यह योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। तेजी से हो रहा सुधार, लौट रही सामान्य जिंदगी सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिला। उन्होंने धीरे-धीरे अपनी ताकत वापस पाना शुरू कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने फिर से मल-मूत्र पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है, जो उनके लिए बड़ी राहत की बात है। अब वह धीरे-धीरे सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ रही हैं।
नवरात्र शुरू होते ही माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए जम्मू जाने वाले यात्रियों की भीड़ ने रेलवे सिस्टम की क्षमता की पोल खोल दी है। लखनऊ से चलने वाली ज्यादातर ट्रेनों में सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं और लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है। हालात इतने खराब हैं कि कई ट्रेनों में ‘रिग्रेट’ की स्थिति बन गई है, यानी अब टिकट बुकिंग ही बंद हो चुकी है। इससे श्रद्धालुओं में भारी निराशा देखने को मिल रही है। बेगमपुरा और अमरनाथ एक्सप्रेस में हालात सबसे खराब लखनऊ से जम्मू जाने वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस में बृहस्पतिवार से पूरे सप्ताह स्लीपर कोच में रिग्रेट की स्थिति है। सिर्फ 22 मार्च को ही 79 वेटिंग दर्ज है। थर्ड एसी में 19 और 20 मार्च को क्रमश: 48 और 38 वेटिंग है, इसके बाद यहां भी रिग्रेट हो गया है। अमरनाथ एक्सप्रेस की बात करें तो स्लीपर और थर्ड एसी दोनों में पूरे हफ्ते रिग्रेट चल रहा है, जिससे यात्रियों के लिए विकल्प लगभग खत्म हो गए हैं। कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में भी हालात राहत देने वाले नहीं हैं। स्लीपर कोच में 20 मार्च को 98, 21 को 72, 22 को 70 और 23 मार्च को 84 वेटिंग चल रही है। वहीं थर्ड एसी में भी टिकट बुकिंग बंद हो चुकी है। फ्लाइट किराया 28 हजार के पार रेलवे में सीट नहीं मिलने पर यात्रियों की नजर अब हवाई यात्रा पर है, लेकिन यहां भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। लखनऊ से जम्मू की कनेक्टिंग फ्लाइट्स के किराए आसमान छू रहे हैं। एयर इंडिया की उड़ान का किराया करीब 28,583 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि इंडिगो की फ्लाइट 21,415 रुपये में मिल रही है। ऐसे में हवाई सफर भी आम यात्रियों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। टैक्सी का किराया भी कम नहीं जो यात्री सड़क मार्ग से जाने की सोच रहे हैं, उनके लिए भी खर्च कम नहीं है। लखनऊ से जम्मू तक वैगनआर टैक्सी करीब 20,190 रुपये में मिल रही है। अर्टिगा के लिए करीब 27,750 रुपये और इनोवा क्रिस्टा के लिए 50 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं के सामने बढ़ी मुश्किल नवरात्र के मौके पर वैष्णो देवी जाने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के सामने इस बार यात्रा एक बड़ी चुनौती बन गई है। ट्रेन में जगह नहीं, फ्लाइट महंगी और टैक्सी भी जेब पर भारी तीनों विकल्प मुश्किल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में यात्रियों की यात्रा योजना प्रभावित होती नजर आ रही है।
भास्कर अपडेट्स:महाराष्ट्र में नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने के आरोप में 16 साल का लड़का हिरासत में
महाराष्ट्र के बीड शहर में एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप में 16 साल के एक लड़के को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, छह साल की वह लड़की आरोपी के घर के सामने से गुजर रही थी, तभी उसने फल देने का लालच देकर उसे अपने पास बुलाया। इसके बाद लड़का लड़की को अपने घर की पहली मंजिल पर ले गया और सोमवार शाम को उसका यौन शोषण किया। घर पहुंचने पर, पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मां ने मंगलवार को पेठबीड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
भोपाल के बैरसिया में पानी की पाइप लाइन बिछाने में हुई देरी पर पार्षद प्रतिनिधि का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज पार्षद प्रतिनिधि रवि करोसिया ने ठेकेदार के सुपरवाइजर के मुंह पर कालिख पोत दी। कहा कि जनता दो साल से परेशान हो रही है। बैरसिया नगर पालिका में शहरी अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना के तहत काम चल रहा है। यह शमशाबाद डेम से बैरसिया शहर तक पाइप लाइन बिछा हर घर तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से 13 सितंबर 2023 को शुरू की गई थी। इसे दो साल हो चुके हैं, लेकिन यह अधूरी है। करीब 22 करोड़ रुपए की इस योजना ने जहां लोगों को राहत देने का वादा किया था, वहीं अब यह नगरवासियों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गई है। कारण प्रोजेक्ट के ठेकेदार द्वारा नगर के वार्डों की सड़कों और गलियों में जगह-जगह खुदाई कर पाइप लाइन डाली गई, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। इस नाराजगी के चलते मंगलवार को नगर पालिका में पार्षद प्रतिनिधि करोसिया सहित अन्य पार्षदों ने ठेकेदार के सुपरवाइजर के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित पार्षदों ने काम में लापरवाही को लेकर सुपरवाइजर के चेहरे पर कालिख पोतकर अपना विरोध जताया। हंगामे की देखिए 3 तस्वीरें… दो साल से आश्वासन ही मिल रहा नाराज पार्षदों का कहना है कि ठेकेदार पिछले दो वर्ष से सिर्फ आश्वासन दे रहा है, लेकिन काम पूरा करने की कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा। अगर काम नहीं करना है तो ठेका छोड़ दें, ताकि किसी दूसरे जिम्मेदार ठेकेदार को काम सौंपा जा सके। पूरे नगर की सड़कें उखड़ीजानकारी के अनुसार, पूरे नगर के वार्डों में उखड़ी सड़कें और खुले गड्ढे अब हादसों को न्योता दे रहे हैं। आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। जिससे आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
लखनऊ से बाहर जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम राजधानी से कई राज्यों के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसमें हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं। इसको लेकर परिवहन मंत्री ने संबंधित राज्यों की सरकारों को पत्र भेजकर अनुमति और समन्वय की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अन्य राज्यों से मांगी गई अनुमति परिवहन विभाग ने अंतरराज्यीय बस सेवाओं को बढ़ाने के लिए संबंधित राज्यों से औपचारिक अनुमति मांगी है। जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, बस संचालन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा अधिकारियों के मुताबिक इन राज्यों में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के लोग पढ़ाई, नौकरी और व्यापार के सिलसिले में रहते हैं। इसके अलावा पर्यटकों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। ऐसे में सीधी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और सफर ज्यादा आसान हो जाएगा। रूट और किराया जल्द होगा तय निगम अधिकारियों का कहना है कि संबंधित राज्यों से मंजूरी मिलने के बाद बसों के रूट, टाइम टेबल और किराए की घोषणा की जाएगी। इस पहल से जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी, वहीं रोडवेज की आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
सांसद-विधायकों और आम लोगों की आपत्ति के बाद भोपाल की कुल 732 लोकेशन पर प्रॉपर्टी गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। कुल 63 दावे-आपत्ति को लेकर मंथन जरूर हुआ है और कुछ को मान्य भी कर लिया, लेकिन उन जगहों को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई, जहां प्रस्ताव 181 प्रतिशत तक बढ़ाने का है। पंजीयन विभाग ने एक महीने के अंदर 100 लोकेशन और बढ़ा दी। कमेटी ने अलार्क रेजीडेंसी की प्रस्तावित दरों को कम करने का सुझाव पास किया। वहीं, भौंरी की कृषि भूमि की दरों को बढ़ाए जाने या प्रचलित दरों अनुरूप रखे जाने के लिए और भूखंड की दरों को कम किए जाने का सुझाव दिया गया था। समिति ने इसे यथावत रखने का निर्णय लिया है। नूर-उस-सबाह रेजीडेंसी कोहेफिजा की ओर से प्रस्तुत सुझाव को अमान्य कर दिया गया। नगर निगम के वार्ड-74 स्थित महोली की मेयर कॉलोनी की प्रस्तावित दरों को प्रचलित गाइड लाइन की दर की श्रेणी में शामिल करने के सुझाव को मंजूर कर लिया गया। कृष्णा होम्स द्वारा भोजपुर रोड ग्राम दीपड़ी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं करने का सुझाव दिया गया था। जिसे मंजूर कर लिया गया। गोल्डन सिटी जाटखेड़ी की प्रस्तावित दरें कम नहीं होगी। ग्राम अचारपुरा, परेवाखेड़ा, चांदपुर, मनीखेड़ी, अरवलिया, परवलिया, ईंटखेड़ी, इमालिया आदि क्षेत्रों में गाइड लाइन को भी नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। री-ट्रांसफर को लेकर प्रस्तावक्रेडाई ने री-ट्रांसफर को लेकर सुझाव दिया था। इसमें अनुसार, महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी कोई संपत्ति तीन वर्ष की अवधि के भीतर पुनः अंतरण (री ट्रांसफर) की जाती है तो संबंधित संपत्ति के पूर्व पंजीयन में जमा की गई स्टॉम्प ड्यूटी की राशि का समायोजन (इनपुट क्रेडिट) नवीन पंजीयन में प्रदान किया जाना चाहिए। इससे संपत्ति के बार-बार क्रय-विक्रय की स्थिति में नागरिकों एवं व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा। वर्तमान व्यवस्था में एक ही संपत्ति पर अल्प अवधि में पुनः पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी देना पड़ती हैं, जो व्यवहारिक एवं न्याय संगत नहीं है। स्टॉम्प ड्यूटी समायोजन की सुविधा मिलने से रियल एस्टेट क्षेत्र में लेन-देन सरल होंगे। निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और संपत्ति बाजार में तरलता बढ़ेगी। जिससे शासन को भी दीर्घकाल में राजस्व वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। इस सुझाव से सहमत होकर विधायक भगवानदास सबनानी ने उनकी ओर से भी अनुशंसा की जाकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड और शासन को सुझाव भेजने के लिए कहा है। अन्य सुझाव जो शासन एवं केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड से संबंधित होने से उन्हें केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भेजे जाने के लिए कहा। सांसद ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई… 23 मार्च को फिर होगी बैठककलेक्टर एवं जिला मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष सिंह ने प्रस्तावित गाइड लाइन वर्ष 2026-27 को अंतिम रूप दिये जाने के लिए 23 मार्च को फिर से बैठक करने की बात कहीं। इसके बाद यह केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजी जाएगी। इन इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ेंगे रेटजानकारी के अनुसार निर्मल सिटी, निशातपुरा रोड, मुर्गी बाजार, समर ग्रीन में 181% बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। वहीं, यशोदा नगर, भोपाल टॉकीज से सेफिया रोड, मालीपुरा, माया विहार, पाल विहार, रेत घाट से वीआईपी रोड, कबाड़खाना, गौतम नगर, पंचशील नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा, सेवनिया गौंड, चौकी बरखेड़ी, एयरोसिटी परिसर, बेहटा, दामखेड़ा समेत में रेट बढ़ेंगे। इसके अलावा कोलार रोड, बंजारी, अकबरपुर, बावड़ियाकलां, मिसरोद, एयरपोर्ट, अयोध्या बायपास में भी गाइड लाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। भौंरी क्षेत्र में 58 प्रतिशत कटौती का प्रस्तावएक ओर जहां सैकड़ों इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। वहीं, दूसरी ओर भौंरी क्षेत्र में गाइड लाइन को 58 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव भी लाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जहां सरकार के बड़े प्रोजेक्ट हैं, वहां पर रेट घटाना समझ से बाहर है। भौंरी क्षेत्र की 3700 एकड़ में प्रदेश की पहली एआई एंड नॉलेज सिटी प्रस्तावित है। इसे लेकर किसानों ने भोपाल कलेक्टर के पास जाकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। हालांकि, इसे यथावत रखने की बात कही गई है। लगातार दूसरे साल बढ़ेगी गाइड लाइनभोपाल जिला मूल्यांकन समिति 12 महीने में दूसरी बार गाइड लाइन बढ़ेगी। इसके पहले 1 हजार 312 लोकेशन पर औसत 11% गाइडलाइन बढ़ाई थी। इनमें सुल्तानिया रोड, गांधीनगर, दानिश हिल्स, मैकेनिकल मार्केट, नयापुरा, जहांगीराबाद समेत अन्य इलाके शामिल हैं। इतनी लोकेशन का ड्राफ्ट जारीकुल 2175 लोकेशन का ड्राफ्ट जारी किया गया है। नगर निगम सीमा में 607 लोकेशन पर प्रॉपर्टी के रेट 5% से लेकर 181% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। पंजीयन विभाग ने 628 लोकेशन पर दरें बढ़ाने और 795 लोकेशन को मर्ज करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी दाम बढ़ेंगे। ड्राफ्ट के अनुसार नगर निगम क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी भानपुर स्थित निर्मल सिटी में प्रस्तावित है, जहां दर 6400 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 18 हजार रुपए की गई है, यानी 181% तक वृद्धि। भोपाल में 4 सब-रजिस्ट्रार ऑफिसजिले में जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन उप पंजीयक कार्यालयों में होता है। लोगों की सुविधा के लिए भोपाल शहर में चार उप पंजीयक कार्यालय काम कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए संपदा 2.0 का नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन से पहले संपत्ति का वास्तविक स्थल निरीक्षण किया जाता है। जियो-टैगिंग के जरिए फोटो अपलोड की जाती है। इससे संपत्ति की सही लोकेशन और जानकारी की पुष्टि हो सके और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने। इन कारणों से बढ़ सकती हैं गाइडलाइन दरेंटीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियों और आम जनता की सुविधाओं के कारण 38 लोकेशन प्रभावित हुईं। नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास और रिंग रोड बनने से 18 लोकेशन पर असर पड़ा। वहीं नए औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से 3 लोकेशन प्रभावित पाई गईं। इस तरह जिले की कुल 621 लोकेशनों पर दर वृद्धि का प्रस्ताव है। इनमें कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, भोपाल बायपास और कई पॉश इलाके शामिल हैं, जहां प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो सकता है।
बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश कुमार दास के फेफड़े से पानी निकालने के बाद वे लगातार स्वास्थ हो रहे।आज दशरथ महल के महंत विंदुगद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य और जानकीघाट बड़ा स्थान के महंत जनमेजय शरण ने लखनऊ पहुंचकर पीड़ित महंत से स्नेहिल मुलाकात की। महंत महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य ने लखनऊ से लौटकर बताया कि महंत अवधेश कुमार दास की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। वे ठोस आहार लेने के साथ लोगों से बातचीत कर रहे हैं। उनकी जांच 19 तारीख को फिर होगी।सभी रिपोर्ट ठीक रहा तो चिकित्सकों के निर्देश पर उनको कल अयोध्या लाया जा सकता है। बताते चले कि महंत अवधेश कुमार दास लखनऊ के मैक्स अस्पताल में भर्ती है।फेफेड़े में दर्द के बाद उनको अयोध्या से लखनऊ ले जाया गया।वे पिछले 4 दिनों से वहां भर्ती हैं।अस्पताल में उनकी देखभाल अर्जुन द्वाराचार्य महंत रामभूषण देवाचार्य कृपालु कर रहे हैं। वे अपने हाथों से महंत को भोजन करा रहे हैं।
हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों के लिए जींस और टी-शर्ट बैन, सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्ती
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कार्यालय के पहनावे और सोशल मीडिया पर व्यवहार संबंधी नए निर्देश जारी किए हैं, जिनमें जींस और टी-शर्ट पर प्रतिबंध लगाया गया है
प्रयागराज में भीम आर्मी के चीफ और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पूर्व मंडल सचिव और वर्तमान कार्यकर्ता एडवोकेट सुशांत चौधरी ने बुधवार की रात अपने कार्यकर्ताओं के साथ औद्योगिक थाने पर पहुंचकर घेराव किया। इसके साथ वीडियो बनाकर वायरल करने वाले मिश्र बंधु के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में सत्य प्रकाश मिश्रा और देव प्रकाश मिश्रा (मिश्रा बंधु) के खिलाफ औद्यौगिक क्षेत्र थाने में तहरीर भी दी गई है। तहरीर के अनुसार, सत्य प्रकाश मिश्रा और देव प्रकाश मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर चंद्रशेखर आजाद के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने सांसद आजाद को कई अमर्यादित शब्दों से संबोधित किया। उनका कहना है कि यह टिप्पणी जानबूझकर वायरल की गई थी। इसलिए मिश्र बंधु के खिलाफ कार्रवाई की जाए। थाने पर पहुंचे भीम आर्मी के कार्यकर्ताअमर्यादित टिप्पणी किए जाने के बाद आक्रोशित कार्यकर्ता एडवोकेट चौधरी के साथ औद्योगिक थाने पहुंच गए। उन्हींने बताया कि इस घटना से आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी टिप्पणियों से समाज में वैमनस्य फैल सकता है। तहरीर में कहा गया है कि मिश्रा बंधुओं के इस कृत्य से सांसद चंद्रशेखर आजाद का सार्वजनिक रूप से अपमान हुआ है। मिश्र बंधु का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलमिश्र बंधु ने एक वीडियो वायरल किया है। जिसमें भीम आर्मी चीफ और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर अमर्यादित टिप्पणी की गई है। साथ ही अपशब्दों का प्रयोग भी किया है। वीडियो में कई ऐसी बातों का जिक्र किया गया है जिससे भीम आर्मी के कार्यकर्ता आग बबूला हो गए है। हालांकि दैनिक इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि 2027 में जनता समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने जा रही है। अंधभक्तों की जमात भाजपा राजनीतिक पार्टी नहीं गैंग है। भाजपाई समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के षड्यंत्र रच रही है। भाजपा की षड्यंत्रकारी चुनौतियों से निपटने के लिए समाजवादी पार्टी तैयार है। अखिलेश यादव आज समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। अखिलेश के संबोधन से पहले यूट्यूबर्स को पार्टी की छवि को कैसे बेहतर बनाएं, किस तरह के कंटेंट बनाएं और स्थानीय मुद्दों को अधिक तवज्जोह दें। तार्किक बहस और गुस्से पर कंट्रोल से बनेगी बेहतर छवि इस मौके पर सपा की ओर से चुनाव के लिए हायर की गई एजेंसी की ओर से यूट्यूबर्स को कुछ टिप्स दिए गए। यूट्यूबर्स से कहा गया कि फेक न्यूज़ का शिकार न बनें और न फैलाएं। यानी खुद भी फेक खबरों में न फँसें और दूसरों को भी जागरूक करें। भाजपा या दूसरी पार्टियों की अफवाहों झूठी खबरों पर भड़कें नहीं, पहले चेक करें। एआई की चुनौतियों पर कहा गया कि आजकल डीपफेक और एआई से बने फर्जी वीडियो बहुत आ रहे हैं। जैसे किसी नेता के मुंह से फर्जी बातें निकलवाना। इन पर विशेष नजर रखें, इन्हें एक्सपोज करें और लोगों को बताएं कि ये नकली हैं। सोशल मीडिया पर तार्किक और रचनात्मक चर्चा करें। गुस्से में, बिना सोचे-समझे कमेंट न करें। बहस करें तो तर्क से करें, गाली-गलौज या व्यक्तिगत हमला न करें। इससे पार्टी की छवि अच्छी बनेगी। बैठक में साफ कहा गया कि गाली-गलौज या अपशब्द वाली भाषा से बचें। ट्रोलिंग या गाली-गलौज न करें। सभ्य तरीके से बात रखें, ताकि लोग सपा को जिम्मेदार और सुसंस्कृत माने। छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण खबरों को प्रमोट और शेयर करें। सिर्फ बड़ी-बड़ी हेडलाइंस पर ही ध्यान न दें। छोटी लेकिन असली या महत्वपूर्ण खबरें जैसे गरीबों की समस्या, सरकारी योजनाओं की खामियां को ज्यादा वायरल करें। भारत के नागरिकों का जीवन संकट में इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकतंत्र पर बहुत खतरा है। लोकतंत्र में संवाद आवश्यक है। सामाजिक, सदभाव से ही लोकतंत्र साकार होता है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों का जीवन संकट में है। आज की राजनीति में सकारात्मक दिशा पीडीए के रास्ते ही तय हो सकती है। बिना सकारात्मक सोच के कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता है। बिना विचारों के अभियान दिशाहीन और भ्रम का शिकार हो सकता है। अखिलेश ने कहा कि सोशलिस्ट और सोशल के बीच रिश्ता है। सकारात्मकता से निष्ठा बनती है। वैचारिकी सिद्धांतों और आंदोलनों से देश और समाज की दिशा बदलती रही है। भाजपा सरकारों से जनता में हताशा और निराशा है। सरकार और प्रशासन बेजा इस्तेमाल करके भाजपा समाजवादी पार्टी के सामने चुनौतियां पैदा करना चाहती हैं। समाजवादी पार्टी भाजपा की हर चुनौती का मुकाबला करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठ और अफवाह को अपनी ताकत मानती है। समाजवादी सबके साथ है। वह झूठ का भरपूर विरोध करते है। समाजवादी साथियों को यह लड़ाई बड़ी मानकर लड़ना चाहिए। अखिलेश यादव ने सलाह दी है कि हमारे व्यवहार और भाषा में सादगी होनी चाहिए। हमें अनुशासित रहना होगा। किसी को आक्रोशित नहीं करना है। समाजवादी सिद्धांतनिष्ठ पार्टी है वह कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने लैपटॉप देकर सामाजिक बराबरी पर लाने और युवाओं के जीवन में विकास तथा प्रगति के नए रास्ते खोलने की शुरुआत की थी। भाजपा डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए करती है। भाजपा के अपवाह तंत्र का मुकाबला सच से करना हैं भाजपा के कुप्रचार से सावधान रहना है।
झारखंड मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी की 5वीं चार्जशीट में 14 अफसर फंसे
झारखंड के ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002 की धाराओं 44 और 45 के तहत विशेष पीएमएलए न्यायालय, रांची के समक्ष 5वीं पूरक अभियोजन शिकायत दायर की है
ललितपुर में अधिवक्ता कृपाल सिंह के साथ मारपीट के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय ने दो दरोगा और एक सिपाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता कृपाल सिंह ने कोर्ट में दिए शिकायत में बताया कि 7 दिसंबर 2023 की शाम एक विवाद की सूचना पर डायल-112 के माध्यम से चौकी प्रभारी दैलवारा, दरोगा ललित उज्जवल और दरोगा दीपक डागर उनके आवास पर पहुंचे थे। हवालात में बंद कर पीटा आरोप है कि पुलिसकर्मी उन्हें और उनके चचेरे भाई को जबरन कोतवाली ले गए और हवालात में बंद कर दिया। अधिवक्ता का कहना है कि कोतवाली परिसर में दोनों दरोगाओं और एक सिपाही ने मिलकर उनके साथ पट्टों, लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी पीड़ित ने आरोप लगाया कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। घटना का वीडियो बनाया गया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। गंभीर चोटों के बावजूद समय पर मेडिकल परीक्षण न कराए जाने की बात भी सामने आई है। मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अपराध मानते हुए कोतवाली प्रभारी को निर्देश दिया है कि दो दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही जांच की प्रगति से कोर्ट को अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि उन्हें अभी तक कोर्ट का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। कोर्ट के इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
गाजियाबाद में 'उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण के 9 वर्ष' पूरे होने के उपलक्ष्य में जिला प्रशासन ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कविनगर स्थित जानकी सभागार, रामलीला मैदान में संपन्न हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। मंच पर महापौर सुनीता दयाल, विधायक संजीव शर्मा, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ सहित अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद थे। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अपने संबोधन में बताया कि पिछले नौ वर्षों में शिक्षा, स्वच्छता, प्रौद्योगिकी और विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने नागरिकों से जिले के विकास में सहयोग करने और अपनी जिम्मेदारियों को समझने की अपील की। विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि सरकार के नेतृत्व में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। उन्होंने गाजियाबाद में रैपिड रेल, मेट्रो विस्तार और एलिवेटेड रोड जैसे बड़े विकास कार्यों का उल्लेख किया, जिनसे लोगों को सुविधा मिली है और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। महापौर सुनीता दयाल ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को उनका लाभ मिल सके। इस कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत कई लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। इसमें आर्थिक मदद, टूल किट वितरण और आवास योजना का लाभ शामिल था। गाजियाबाद जिले में पिछले नौ वर्षों में रैपिड रेल सेवा, मेट्रो विस्तार, सड़क निर्माण, अस्पताल सुविधाओं में वृद्धि, आवास योजनाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। इन प्रयासों से गाजियाबाद तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।
मेरठ में पुलिस ने नकली टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह लोग नया टेलीफोन एक्सचेंज लगाने वाले थे, उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। किसके यहां टेलीफोन एक्सचेंज लगाया जाना था, इसका पता नहीं लग पाया है। पुलिस ने उनके पास से टेलीफोन एक्सचेंज में लगाए जाने वाले उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लाखों में है। पहले एक नजर पूरे मामले पर मामला लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में दो संदिग्ध मौजूद हैं। उनके पास कुछ संदिग्ध सामान भी है। संभवत: वह दोनों नकली टेलीफोन एक्सचेंज चलाने का काम करते हैं। पुलिस ने सूचना के आधार पर तलाश शुरु की और जल्द ही दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम उस्मान पुत्र अब्दुल रहमान निवासी शाहजहां कालोनी थाना लिसाड़ीगेट और नदीम पुत्र खलील निवासी जिलानी गार्डन थाना लिसाड़ी गेट बताए। तलाशी में मिले एक्सचेंज के उपकरण पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से एक बार में 32 सिम डील करने वाली डिनस्टार मशीन के अलावा एक लैपटप, तीन मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, एक लेन केबल, चार पावर केबल और 10 हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस ने माल जब्त कर मुकदमा दर्ज कर लिया। माल की देने आए थे डिलीवरी एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि उस्मान और नदीम नकली टेलीफोन एक्सचेंज लगाने का काम करते हैं। यह जानकारी दोनों ने पूछताछ के दौरान दी है। उन्होंने बताया कि यह सारा माल वह किसी को डिलीवर करने आए थे। इससे पहले कि वह सामान सौंप पाते, पुलिस ने दबोच लिया। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले यह आर्डर मिला था। मामले की छानबीन में जुटी पुलिस एसएचओ ने बताया कि यह जो सामान मिला है, उसका उपयोग टेलीफोन एक्सचेंज के संचालन में होता है। इन उपकरणों की संख्या करीब 12 से 15 लाख रुपये है। पहले भी इस तरह के मामले सामने आए हैं, जिनमें चोरी का माल सस्ते दाम में बेचकर आरोपी फरार हो जाते हैं। फिलहाल पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्हें टेलीफोन एक्सचेंज लगाना था। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा प्रभारी चौकी पिल्लोखड़ी चौकी मुन्नेश सिंह की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा - 318 (4)/338/336 (3)/340(2) /3 (5) BNS व66सी/66डी आईटी एक्ट व 3/6 भारतीय तार व बेतार यान्त्रिकी अधिनियम 1933 व 4/20/21/25 इण्डियन टेलीग्राफी एक्ट-1885 व धारा 42(1)/42(2) (ए)/42(3) (बी) (सी) (डी) (ई) (एफ)/42(6) इण्डियन टेलिकम एक्ट 2023 में मुकदमा पंजीकृत किया गया ।
हीट वेव अलर्ट: यूपी में जागरूकता अभियान तेज़
उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और संभावित हीट वेव को देखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलों में बचाव उपायों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं
यूपी में 9 लाख लोगों को मिली बिना रिश्वत नौकरी-नंदी:बोले- अराजकता से विकास की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश
मिर्जापुर में प्रदेश सरकार के 9 साल पूरे होने पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल को प्रस्तुत किया। विंध्याचल स्थित अष्टभुजा गेस्ट हाउस में कैबिनेट मंत्री ने प्रदेश सरकार के 9 वर्षों की उपलब्धियों को विस्तार से बताया। इस दौरान ‘नव निर्माण के 09 साल’ विकास पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने कहा कि 2017 का जनादेश केवल सरकार परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का संदेश था। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर विकासशील प्रदेश बन चुका है। मंत्री नंदी ने ‘डबल इंजन सरकार’ की नीतियों को विकास का आधार बताते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज, पारदर्शी प्रशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक लोगों को बिना रिश्वत सरकारी नौकरियां दी गईं। महिला सशक्तिकरण के तहत 1.6 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिनमें से 18 लाख ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। कानून व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि पहले जहां दंगे और कर्फ्यू की स्थिति रहती थी, वहीं अब ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा’ का माहौल है। माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए हजारों करोड़ की संपत्तियां जब्त की गई हैं। मंत्री ने एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और औद्योगिक परियोजनाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। साथ ही काशी और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। इस अवसर पर रत्नाकर मिश्र, रमाशंकर सिंह पटेल, शुचिस्मिता मौर्य और भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के नूरपुर रोड स्थित जानकीपुरम कॉलोनी में एक बंद मकान में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर लाखों रुपये के जेवरात और नगदी चुराकर फरार हो गए। पीड़ित परिवारों ने पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना नूरपुर रोड की जानकीपुरम कॉलोनी में अवनीश कुमार के मकान में हुई। अवनीश कुमार बीएसएफ में कार्यरत हैं और दिल्ली में तैनात हैं। उनके मकान में उनकी रिश्तेदार वर्षा कुमारी और एक किराएदार डॉ. राजीव कुमार रहते हैं। चोरी की वारदात उस समय हुई जब वर्षा कुमारी अपने परिवार के साथ मुकरनपुर हल्दौर गई हुई थीं। वहीं, डॉ. राजीव कुमार एक सेमिनार में शामिल होने रुड़की गए हुए थे। इस कारण दोनों हिस्से बंद थे। वर्षा कुमारी (पत्नी सोहित कुमार) के अनुसार, चोर उनके घर से 3 जोड़ी पायल, एक गले की चेन, दो अंगूठी, 2 जोड़ी कुंडल और 60 हजार रुपये नकद चुरा ले गए। डॉ. राजीव कुमार, जो विवेक अस्पताल में कार्यरत हैं, उनके घर से एक मंगलसूत्र, सोने की अंगूठी, सोने की चेन, सोने का कड़ा, सोने का टीका, चांदी के जेवरात और 40 हजार रुपये नकद चोरी हुए हैं। डॉ. राजीव कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में बिजनौर थाना अध्यक्ष राम प्रताप सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे फोन पर बात नहीं हो सकी।
आगरा में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ताजगंज के रोशन नगर और गोबर चौकी इलाके में आपूर्ति विभाग और पुलिस की टीम ने छापा मारकर सिलेंडर, उपकरण और रिफिलिंग में शामिल लोगों को पकड़ा। इस कार्रवाई से इलाके में चल रहे गैस के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। पहला मामला: मकान में चल रहा था रिफिलिंग का अड्डा जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि रोशन नगर में दिनेश चौहान के मकान में ईशू चौहान और योगेश ठाकुर घरेलू गैस को कमर्शियल सिलेंडरों में भरते हुए पकड़े गए। मौके से 5 कमर्शियल और 9 घरेलू सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और रिफिलिंग के औजार बरामद हुए। दोनों आरोपी सब्सिडी वाली गैस को ऊंचे दाम पर बेच रहे थे। दूसरा मामला: छापे से पहले ही आरोपी फरार इसी इलाके में केशव के मकान पर छापेमारी की गई, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही वह भाग गया। यहां से 4 कमर्शियल और 2 घरेलू सिलेंडर के साथ 27 सील कैप, रेगुलेटर, रॉड और रिफिलिंग उपकरण मिले। इससे साफ हुआ कि यहां भी बड़े स्तर पर अवैध काम चल रहा था। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल पूरी तरह गैरकानूनी है। प्रशासन की चेतावनी, अभियान रहेगा जारी आपूर्ति विभाग ने सभी दुकानदारों और वेंडर्स को चेतावनी दी है कि नियमों का पालन करें। घरेलू सिलेंडर का गलत इस्तेमाल, कालाबाजारी या ओवररेटिंग पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही सभी को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्व पार्षद तिलकवीर चौधरी के समर्थन में बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने बीएसए रोड पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगाकर तिलकवीर चौधरी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया और उनके पक्ष में नारेबाजी की। यह प्रदर्शन तिलकवीर चौधरी पर हाल ही में दर्ज हुए एक मुकदमे के विरोध में किया गया। आरोप है कि कुछ दिन पहले एक मैरिज होम में बारात के साथ तिलकवीर चौधरी और उनके समर्थकों ने मारपीट की थी, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि तिलकवीर चौधरी क्षेत्र में लगातार जनहित के कार्य कर रहे हैं और उनकी छवि अच्छी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विरोधी तत्व उनकी लोकप्रियता से घबराकर साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। महिलाओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। जाम के कारण बीएसए रोड पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई और सच्चाई उजागर नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। उन्होंने कहा कि वे अपने जनप्रतिनिधि के सम्मान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं।
जगद्गुरु कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् बुधवार को गाजियाबाद स्थित अपने आवास पर पैर फिसलने से घायल हो गए। उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया। उपचार के बाद रात 08 बजे उन्हें घर भेज दिया गया। यह घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई, जब आचार्य प्रमोद कृष्णम् यूपी सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने आवास से बाहर निकल रहे थे। अचानक उनका पैर फिसल गया और वे जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई, जिसमें करीब ढाई इंच गहरा घाव हो गया। चिकित्सकों ने घाव का उपचार करते हुए लगभग 25 टांके लगाए और प्लास्टिक सर्जरी भी की। डॉक्टरों द्वारा किए गए सीटी स्कैन की रिपोर्ट सामान्य आई है, जिससे किसी अंदरूनी गंभीर चोट की आशंका नहीं है। इस हादसे के बाद उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल बन गया। तमाम श्रद्धालु फोन और अन्य माध्यमों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने में जुटे रहे और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम् का कुशलक्षेम जानने के लिए उनके गाजियाबाद स्थित आवास पर संतों का आना लगातार जारी रहा। श्रीमद् जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि महाराज, अखाड़ा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव नारायण गिरी और महामंडलेश्वर कंचन गिरी महाराज सहित कई अन्य संत और अनुयायी उनसे मिलने पहुंचे।
यूपी के नव निर्माण के 9 वर्ष पूरे:सहारनपुर में कार्यक्रम, लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ
सहारनपुर में उत्तर प्रदेश सरकार के 'नव निर्माण' के नौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान लखनऊ में हुए मुख्य समारोह का सजीव प्रसारण भी देखा गया, जिसमें प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास) जसवंत सैनी, राज्यमंत्री (लोक निर्माण विभाग) बृजेश सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई योजनाओं की स्टॉलों का निरीक्षण किया गया और आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जसवंत सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, सड़क, रोजगार, पेयजल, बिजली और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि किसानों को बेहतर बीज, खाद और फसलों का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय बढ़ी है। सैनी ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया, जिनसे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिल रही है। उन्होंने इन नौ वर्षों को प्रदेश के 'नव निर्माण' का आधार बताते हुए विकसित भारत में उत्तर प्रदेश के अहम योगदान पर जोर दिया। राज्यमंत्री बृजेश सिंह ने बताया कि नवरात्रि की पूर्व संध्या पर शुरू हुआ यह कार्यक्रम नौ दिनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की सकारात्मक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश को विकास की राह पर आगे बढ़ाया गया है। सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश ने 'बीमारू राज्य' की छवि से निकलकर एक विकासशील राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाई है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पांच लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए गए, जबकि मुख्य बाल सेवा योजना के तहत पांच बच्चों को लैपटॉप वितरित किए गए। पशुपालन विभाग के लाभार्थियों को मुर्गी पालन के लिए सहायता पत्र प्रदान किए गए और कृषि विभाग के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी गईं। इसके अतिरिक्त, अन्य योजनाओं के तहत भी लाभ वितरित किए गए।
अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। विश्वविद्यालय के एक कर्मी द्वारा अपने बहनोई एवं प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना उनके लिए भारी पड़ गया। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कर्मी को निलंबित कर दिया, साथ ही उनकी पत्नी का भी स्थानांतरण कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र में विषय वस्तु विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार सिंह ने अपने बहनोई डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के समर्थन में फेसबुक पर टिप्पणी की थी। यह टिप्पणी उस समय की गई जब डॉ. विनोद सिंह की कुलपति पद पर नियुक्ति का आदेश राज्यपाल द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इस पोस्ट में एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक के प्रति तिरस्कार को निंदनीय बताया गया था, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता मान लिया। प्रभारी कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने इस टिप्पणी को कर्मचारी सेवा नियमावली का उल्लंघन मानते हुए डॉ. विनोद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, उन्हें उनके मूल कार्यस्थल से हटाकर नेपाल सीमा के निकट स्थित श्रावस्ती कृषि विज्ञान केंद्र से संबद्ध कर दिया गया। विवाद यहीं नहीं थमा। विश्वविद्यालय परिसर स्थित डीएबी पब्लिक स्कूल में कार्यरत उनकी पत्नी भक्ति सिंह, जो नर्सरी टीचर ट्रेनिंग पद पर कार्यरत थीं, उनका भी स्थानांतरण अंबेडकर नगर के टांडा स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में कर दिया गया। इस कार्रवाई को लेकर विश्वविद्यालय परिसर और क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। निलंबित डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने केवल अपने विचार व्यक्त किए थे और यह उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई को उत्पीड़नात्मक बताते हुए कहा कि वह इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली और सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
किसान पुराने जल स्रोतों पर कब्जे से आक्रोशित:समस्या समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बरेली में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा तहसील बहेड़ी के ग्राम शरीफनगर में स्थित 500 साल पुराने कुओं और तालाबों पर कथित अवैध कब्जा था। किसानों ने बताया कि ये जल स्रोत ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ-साथ गांव की जल व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन पर निर्माण कार्य से ग्रामीणों में रोष है। तहसील मीरगंज के ग्राम हौसपुर के किसानों ने धारा 122-बी के तहत की गई कार्रवाई को अनुचित बताया। उनका आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई का उपयोग किसानों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने अमीन द्वारा कथित उत्पीड़न के खिलाफ भी शिकायत की। किसानों ने अपनी गेहूं की फसल को उचित मूल्य पर ही बेचने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी दबाव में फसल नहीं बेचेंगे और उचित मूल्य न मिलने पर विरोध जारी रखेंगे। प्रदर्शन के दौरान आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान, गौशालाओं में चारे की कमी, खराब पड़े सरकारी हैंडपंप, राशन वितरण में अनियमितता और सरकारी कार्यालयों में दुर्व्यवहार जैसे कई अन्य मुद्दे भी उठाए गए। किसानों ने इन समस्याओं को लंबे समय से अनसुलझा बताया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में सईद कुरैशी, हरपाल सिंह यादव, अकरम, सईद अहमद, मदनलाल, रिंकू गंगवार, अजय राठौर, शरीफ अहमद, शमशुल हसन और राम रहीम यादव सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल थे।
चैत्र नवरात्रि से पहले बाजार सजा:खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़, चुनरी, प्रतिमा, फूल-मालाएं खरीद रहे लोग
मुरादाबाद में गुरुवार से चैत्र नवरात्रि पर्व का शुभारंभ हो रहा है। इसे लेकर शहरभर के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। पर्व के आगमन से पहले ही बाजारों और मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं, जिससे पूरे शहर में भक्तिमय माहौल छा गया है। सड़कों के किनारे पूजा सामग्री की दुकानों पर विशेष रौनक देखी जा रही है। श्रद्धालु माता की पूजा के लिए नारियल, चुनरी, प्रतिमा, फूल-मालाएं, अगरबत्ती, दीपक और कलश जैसी वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार नवरात्रि को लेकर बाजार में अच्छी बिक्री हो रही है। विशेष रूप से लाल चुनरी और श्रृंगार सामग्री की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शहर के प्रमुख मंदिरों को भी आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है, जिससे वहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिरों में सुबह-शाम माता के भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। प्रशासन भी इस त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर सतर्क है। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसमें श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखते हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने आगामी संगठनात्मक कार्यों और चुनावी चुनौतियों को देखते हुए पीलीभीत की नई जिला कार्यकारिणी की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ब्रज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पीलीभीत के लिए यह सूची प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति के बाद जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य द्वारा जारी की गई। नई कार्यकारिणी में अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन समावेश किया गया है। जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह टीम केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करेगी। संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां जिसमें 8 जिला उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। जिनमें आयुष मिश्रा, विकास श्रीवास्तव, मनोज गुप्ता, रेखा सिंह परिहार, लेखराज भारती, मान सिंह राठौर, नमन प्रताप सिंह और अतेन्द्र पाल सिंह शामिल हैं। संगठनात्मक कार्यों के संचालन के लिए महादेव गायन, मंगली प्रसाद वर्मा और अनुराग अग्निहोत्री को जिला महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम में 8 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें सतपाल वर्मा, अमित कुशवाहा, विकास बाल्मीकि, नागेन्द्र प्रताप सिंह,पंकज तिवारी, रेनू राज, रिचा सिंह पटेल सिंह और श्रृष्टि गुप्ता शामिल हैं। विकास पाल सिंह को जिले के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य पदाधिकारियों के अलावा 68 सदस्यों की एक विशाल जिला कार्यसमिति भी गठित की गई है। इस सूची में साकेत सक्सेना, सुमित गंगवार, परमजीत कौर, डॉ. अनुरिता सक्सेना और भीम सिंह चौहान जैसे नामों सहित समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले कार्यकर्ताओं को स्थान मिला है। मिशन 2027 की तैयारीराजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई कार्यकारिणी के जरिए भाजपा ने अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश की है। जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य ने कहा, हमारी नई टीम पूरी निष्ठा के साथ संगठन के सिद्धांतों पर काम करेगी। हम सभी मिलकर पीलीभीत में भाजपा के विजय रथ को और तेजी से आगे बढ़ाएंगे।
ईदगाह में दो बार होगी ईद की नमाज:मुरादाबाद में पीस कमेटी बैठक में लिया गया फैसला
मुरादाबाद में आगामी चैत्र नवरात्रि और ईद त्योहारों के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीस कमेटी की बैठक हुई। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में पंचायत भवन सभागार में हुई इस बैठक में ईदगाह में ईद की नमाज दो बार अदा करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह फैसला ईदगाह में सीमित स्थान को देखते हुए लिया गया है, ताकि सभी नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और व्यवस्था सुचारु बनी रहे। प्रशासन ने इस व्यवस्था को सफल बनाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती का आश्वासन दिया है। बैठक के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए सतर्क रहने तथा अपने दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद सहित नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के इमाम, धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने तथा प्रशासन का सहयोग करने का संकल्प लिया। शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद ने लोगों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और ईद की नमाज केवल ईदगाह परिसर के अंदर ही अदा करें। उन्होंने कहा कि त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक हैं, इसलिए सभी लोग मिल-जुलकर इन्हें शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। अंत में, प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया कि त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी गई है।
दिल्ली से नाराज होकर आई नाबालिग बालिका बरामद:मथुरा जंक्शन पर जीआरपी पुलिस ने परिजनों को सकुशल सौंपा
मथुरा जीआरपी पुलिस ने दिल्ली से नाराज होकर आई एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका को मथुरा जंक्शन से सकुशल बरामद किया है। किशोरी अपने घर से बिना बताए ट्रेन से करीब 150 किलोमीटर दूर मथुरा पहुंच गई थी। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग बालिका दिल्ली से गीता जयंती एक्सप्रेस ट्रेन से मथुरा आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को अलर्ट कर दिया गया और मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने प्राप्त फोटो के आधार पर बालिका की पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन परिसर और ट्रेनों में गहन तलाशी ली। काफी प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने बालिका को ढूंढ निकाला और उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। इसके बाद बालिका को थाना लाकर उसके परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन दिल्ली से मथुरा पहुंचे और अपनी बेटी को सकुशल देखकर भावुक हो उठे। परिजनों ने जीआरपी पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। थाना प्रभारी ने बताया कि बालिका घर से किसी बात को लेकर नाराज थी, जिसके कारण वह बिना बताए निकल गई थी।
रामपुर में एसटीएफ ने 3 अफीम तस्कर को पकड़ा:होंडा सिटी कार से 1 किलो अफीम बरामद, केस दर्ज
लखनऊ एसटीएफ ने रामपुर के भोट थाना क्षेत्र में बुधवार को तीन अफीम तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से एक किलो 36 ग्राम अवैध अफीम बरामद की। जिसे कार में छिपाकर रखा गया था। यह कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई। एसटीएफ टीम ने मिलक बिचौला के पास कोयला गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर हाईवे किनारे खड़ी एक होंडा सिटी कार को घेराबंदी कर रोका। कार की गहन तलाशी लेने पर उसकी गोपनीय कैविटी के नीचे छिपाई गई अफीम मिली। इसके बाद कार में सवार तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया। वहीं गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शमीम, हातम सिंह और कन्हैया के रूप में हुई है। ये सभी मेरठ जिले के किठौर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। तलाशी के दौरान उनके पास से एक आईफोन 11 प्रो, कुल 3120 रुपए नकद, ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड भी बरामद हुए। एसटीएफ ने थाना भोट में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से अवैध नशे के कारोबार में सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब इसके अन्य नेटवर्क की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
ग्वालियर में एक पोल गिरने से 14 साल की छात्रा की मौत हो गई है। पड़ोसी बिजली के पोल पर लाइट सुधार रहा था तभी उसने वह तार काट दिया जिससे पोल बंधा था। पोल पास ही खड़ी 14 वर्षीय रजिया पर आकर गिरा और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे से लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। घटना बुधवार दोपहर पठान मोहल्ला पुरानी छावनी की है। जिस तार को काटने से हादसा हुआ है उसे काटने के लिए मृतका के चाचा ने कई बार पड़ोसी को रोका था पर वह नहीं माना। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। ग्वालियर मुरैना बॉर्डर पर स्थित पठान मोहल्ला निवासी वसीम खान पुत्र शहाबुद्दीन खान ने बताया है कि वह मूल रूप से परीक्षा गांव मुरैना के रहने वाले हैं। यहां पुरानी छावनी स्थित पठान मोहल्ला में उनके घर के सामने ही बिजली का खंभा लगा हुआ है। बुधवार दोपहर वह घर के बाहर खड़े थे। पास ही उनकी भतीजी 14 वर्षीय रजिया खड़ी थी। इसी समय पास ही रहने वाले विशाल खान, सुहाना बेगम, ऋतिक बिजली के पोल पर अपनी लाइट सुधारने के लिए आए थे। जिस तार से बंधा था पोल उसे ही काटा हुआ हादसा पड़ोसी विशाल खान नसैनी लगाकर खंभे पर चढ़ा था। वह लाइट के तार काट रहा था इसी समय वसीम खान ने उसको तार न काटने की हिदायत दी और बताया की इसी तार पर पोल बंधा है। काटने से पोल गिर पड़ेगा, लेकिन वह नहीं माना और उसके तार काटते ही खंभा नीचे गिरा और रजिया उसकी चपेट में आकर घायल हो गई। अस्पताल ले गए पर नहीं बचा सके जान घटना के बाद घायल रजिया को उसका चाचा और अन्य परिजन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने नब्ज टटोलते ही उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही आरोपी पक्ष मौके से भाग गया है। सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि बिजली का पोल पड़ोसी की लापरवाही से 14 साल की बच्ची पर गिरा है। हादसे में बालिका की मौत हो गई है। हादसे की जांच की जा रही है।
दमोह के फुटेरा वार्ड नंबर चार में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक घर के अंदर जंगली जीव 'कब्र बिज्जू' (हनी बेजर) घुस आया। वन विभाग की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे पकड़ लिया। फुटेरा निवासी अभिषेक गौतम के घर में शाम करीब 5 बजे यह जंगली जीव छत के रास्ते एक कमरे में दाखिल हो गया। घर के सदस्यों ने जैसे ही उसे देखा, वे डरकर कमरे से बाहर भागे और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। अभिषेक उस समय अपने कार्यालय में थे, खबर मिलते ही वे भी घर पहुंचे। एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन सूचना मिलते ही वनकर्मी पिंजरा लेकर मौके पर पहुंचे। कब्र बिज्जू छत के एक कोने में जाकर छिप गया था। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया। इस दौरान जंगली जीव को देखने के लिए वार्ड के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद हटाया। सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया दमोह रेंजर विक्रम चौधरी ने बताया कि खबर मिलते ही तत्काल टीम को मौके पर रवाना किया गया था। टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर कब्र बिज्जू को पकड़ लिया और बाद में उसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया है। इसके बाद ही परिवार और मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली।
योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई कर सूबे में न सिर्फ कानून का राज स्थापित किया, बल्कि बेटियों को उनका शक्ति का रूप लौटाया। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में बेटियां पूरी निडरता से नाइट शिफ्ट में भी काम पर जातीं हैं। यूपी अब आम जनता, व्यापारी के साथ-साथ निवेशकों के लिए भी सुरक्षित प्रदेश बनकर उभरा है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश और व्यापार में काफी उछाल आया है। वर्तमान में देश ही नहीं दुनिया के बड़े-बड़े निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए लालायित हैं। प्रदेश सरकार के नौ साल पूरे होने पर बुधवार को कानून व्यवस्था को लेकर आंकड़े जारी किए। 9 साल में 269 अपराधियों को किया ढेर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए 7 बड़े महानगरों में पुलिस कमिश्नरेट को लागू किया गया। इससे पुलिसिंग, जनसमस्याओं के निस्तारण व अपराध नियंत्रण में गुणात्मक सुधारा हुआ। यही वजह है कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में एक भी सांप्रदायिक दंगा और जातिगत संघर्ष की घटना नहीं हुई। योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए दुर्दांत अपराधियों के विरुद्ध एनकाउंटर की कार्रवाई की। इस दौरान अब तक 269 अपराधी मुठभेड़ में मारे गये जबकि एवं 10,990 घायल हुए। इनमें 22,306 इनामी अपराधियों को जेल भेजा गया। वहीं, 85,118 अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम तथा 977 अपराधियों के विरुद्ध एनएसए की कार्रवाई की गई। इसके अलावा गैंगस्टर अधिनियम के तहत 145 अरब 79 करोड़ से अधिक लागत मूल्य की चल/अचल अवैध सम्पत्तियों को जब्त किया गया। इसके साथ ही चिन्हित 68 माफिया व उनके गैंग के सदस्यों/ सहयोगियों के कुल 1,459 के विरुद्ध 875 अभियोग पंजीकृत किए गये तथा 638 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 18 के विरुद्ध एनएसए, 785 के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई। इन माफिया एवं अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित 4,137 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति जब्त की गई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत सवा लाख अभियुक्तों को दिलाई सजा पिछले नौ वर्षों में न केवल अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर की कार्रवाई हुई बल्कि न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर कठोर सजा दिलाई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत कुल 1,25,985 अभियुक्तों को दोषसिद्ध कराया गया। इस दौरान 79 अपराधियों को मृत्युदंड, 10,414 को आजीवन कारावास और 1,921 अपराधियों को 20 वर्ष से अधिक की सजा दिलाई गई। इसके अलावा 6,321 अपराधियों को 10 से 19 वर्ष तक की सजा, 9,484 अभियुक्तों को 5 से 9 वर्ष तक की सजा और 97,766 अभियुक्तों को 5 वर्ष से कम की सजा दिलाई गई। वहीं, चिन्हित माफिया गैंग के खिलाफ प्रभावी पैरवी करते हुए 35 माफिया और उनके 94 सहयोगियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई जबकि दो अपराधियों को मृत्युदंड की सजा दिलाई गई। इसके साथ ही बुलडोजर कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई, जिससे अपराधियों के मनोबल पर गहरा असर पड़ा है। कानून व्यवस्था में सुधार का असर अपराध के आंकड़ों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वर्ष 2016 की तुलना में प्रदेश में कई गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार डकैती में 90 प्रतिशत, लूट में 85 प्रतिशत, हत्या में 47 प्रतिशत, बलवा की घटनाओं में 70 प्रतिशत, फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं में 62 प्रतिशत, दहेज हत्या में 19 प्रतिशत और बलात्कार की घटनाओं में 53 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। एंटी रोमियो स्क्वायड ने की 5 करोड़ व्यक्तियों की जांच योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके तहत प्रदेश में मिशन शक्ति, ऑपरेशन गरुड़, ऑपरेशन शील्ड, ऑपरेशन दृष्टि, ऑपरेशन बचपन, ऑपरेशन खोज, ऑपरेशन डिस्ट्रॉय और ऑपरेशन रक्षा जैसे अभियानों को प्रभावी रूप से संचालित किया गया। इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की गई। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में 1090 वूमेन पावर लाइन, जीआरपी, फायर सर्विस और महिला हेल्पलाइन 181 जैसी सेवाओं का एकीकरण करते हुए प्रत्येक जिले में एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया है। एंटी रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक व्यक्तियों की जांच की गई, जिसमें 1 करोड़ 85 लाख से अधिक लोगों को चेतावनी दी गई और 38,835 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन 1090 का गठन कर महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की गई। प्रदेश के प्रत्येक जिले में महिला थानों के साथ अतिरिक्त थानों में महिला थाना प्रभारी की तैनाती भी की गई है। प्रदेश में महिला सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है जबकि बलरामपुर, जालौन, मीरजापुर, शामली और बिजनौर में नई महिला बटालियन बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं और इन केंद्रों के संचालन के लिए लगभग 40 हजार पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। दावा:महिला अपराध के निस्तारण में यूपी नंबर वन मिशन शक्ति केंद्रों के गठन के बाद प्रदेश में महिलाओं से जुड़े अपराधों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच के आंकड़ों के अनुसार बलात्कार की घटनाओं में 33.92 प्रतिशत की कमी, महिलाओं एवं बच्चों के अपहरण में 17.03 प्रतिशत की कमी, दहेज हत्या में 12.96 प्रतिशत की कमी और घरेलू हिंसा में 9.54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यौन अपराधों की जांच को प्रभावी बनाने के लिए आईटीएसएसओ (Investigation Tracking System for Sexual Offences)पोर्टल का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में महिला संबंधी मामलों के निस्तारण की दर 98.90 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश में सबसे अधिक है। इसके साथ ही पेंडेंसी दर के आधार पर भी उत्तर प्रदेश 0.20 प्रतिशत के साथ देश में प्रथम स्थान पर है। न्यायालय में प्रभावी पैरवी के जरिये महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ हुए अपराधों में 32,575 अभियोगों, पॉक्सो अधिनियम के 14,111 अभियोगों एवं बलात्कार के 4,564 अभियोगों में अभियुक्तों को सजा दिलाई गई। इतना ही नहीं, 19,839 महिला पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की गई है, जबकि 9,172 महिला बीटों का आवंटन किया गया है।
देवास में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर पहली बार माता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शहर में नौ दिवसीय आराधना महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार शाम को माता की प्रतिमा को जुलूस के रूप में शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर विकास नगर स्थित आयोजन स्थल तक पहुंचाया। पांच दिन गरबा का भी आयोजनशहर में महोत्सव 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक चलेगा। 19 मार्च को घट स्थापना के साथ इसका शुभारंभ होगा। इस दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। महोत्सव के दौरान 19 से 23 मार्च तक रात 7 बजे से पांच दिवसीय गरबा महोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 24 से 26 मार्च तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। 27 मार्च को महाप्रसादी, 28 को निकलेगा चल समारोह27 मार्च को शाम 6 बजे महोत्सव में महाभोजन प्रसादी का आयोजन होगा, जिसमें आमजन को प्रसादी वितरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन आरती के बाद भी महाप्रसादी बांटी जाएगी। महोत्सव का समापन 28 मार्च को शाम 4 बजे होगा। समापन के अवसर पर भव्य झांकी और गरबा के साथ विसर्जन चल समारोह आयोजित किया जाएगा। यह चल समारोह सयाजी गेट से शुरू होकर मीठा तालाब तक जाएगा। आयोजन स्थल के रूप में वीर सावरकर चौराहा, विकास नगर, देवास तय किया गया है।
मुंगेर विश्वविद्यालय का आठवां स्थापना दिवस बुधवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज सभागार में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह का उद्घाटन कुलपति प्रो. संजय कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. महेश्वर मिश्रा, प्राचार्य प्रो. बिजेंद्र कुमार और कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. संजय कुमार ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी समय है। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक की प्रगति पर प्रकाश डाला। कुलपति ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मियों और छात्रों से समर्पण के साथ विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रमुख चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया वहीं, कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय ने विश्वविद्यालय के समक्ष प्रमुख चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण का मामला अब भी लंबित है। कुलसचिव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रस्तावित मुंगेर दौरे के दौरान भूमि शिलान्यास की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत हुई है, जिन्होंने 24-25 मार्च के बाद इस दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया है। मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को जीवंत बना दिया स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर समारोह को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, डीन, पीजी विभागाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
बालोतरा में तेज रफ्तार ट्रक मोड़ पर एक बाइक सवार से टच हो गया। हादसे में बाइक सवार को चोट नहीं आई, लेकिन विवाद बढ़ गया। मौके पर मौजूद लोगों ने मामला शांत करवाया। लेकिन गुस्साए बाइक सवार दोनों युवकों ने करीब 6 किलोमीटर तक ट्रक का पीछा किया। फिर सुनसान जगह पर ट्रक पर आगे से पत्थर फेंका, जो कांच तोड़ते हुए ड्राइवर को लगा। घटना में ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। साथी खलासी ने सड़क पर गुजर रहे लोगों से मदद मांगी। घटना बालोतरा जिले के गुड़ामालानी रोड पर खरड़ गांव में आज रात करीब 8 बजे की है। सूचना पर मौके पर पहुंची धोरीमन्ना पुलिस ने आरोपी बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी है। घुमाव पर टच हुआ तो बाइक सवार युवक गुस्सा हुएजानकारी के अनुसार- ईसरोल निवासी ट्रक ड्राइवर विशनाराम(40) बाड़मेर से गाड़ी खाली कर अपने ससुराल लोहरवा की तरफ जा रहा था। नेशनल हाईवे 68 से गुड़ामालानी रोड की तरफ घुमाने के दौरान एक बाइक सवार से ट्रक टच हो गया। इससे बाइक पर सवार दोनों युवकों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। लेकिन दोनों ट्रक ड्राइवर से उलझ पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने मामला शांत करवाया। बाइक से 6 किलोमीटर तक पीछा कर हमला कियाहालांकि शांति बनने के बाद ड्राइवर विशनाराम गुड़ामालनी में अपनी ससुराल के लिए रवाना हो गया। लेकिन गुस्साए बाइक सवार दोनों युवकों ने करीब 6 किलोमीटर तक ट्रक का पीछा किया। सुनसान जगह पर बड़ा पत्थर सामने से ट्रक के कांच पर मारा, जो कांच तोड़ते हुए सीधे ड्राइवर विशनाराम को लगा। उसकी गर्दन पर लगते ही ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से घबराए साथी खलासी ने सड़क से गुजर रहे लोगों से मदद की गुहार लगाई। सूचना पर धोरीमन्ना पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए और घटना का विरोध किया। मृतक ड्राइवर के परिजन भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। थानाधिकारी बोले- हमलावरों की तलाश कर रहे हैंधोरीमन्ना थानाधिकारी दीपसिंह ने बताया कि मौके पर पुलिस जाप्ता मौजूद है। स्थिति को देखते हुए परिजन और ग्रामीणों से समझाइश की जा रही है। हमलावारों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल मौके पर एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी सुखराम विश्नोई और धोरीमन्ना थानाधिकारी दीपसिंह समेत पुलिस जाब्ता तैनात है। इनपुट : दिनेश ढाका
नवरात्र और ईद के त्यौहारों को देखते हुए प्रदेश में पुलिस अधीक्षकों को एक्स्ट्रा अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा है कि इन त्यौहारों के मद्देनजर निकलने वाले सभी जुलूस एवं शोभायात्राएं केवल पारंपरिक एवं गैर-विवादित मार्गों से बाकायदा परमिशन के बाद ही निकाली जाएं और उसकी वीडियोग्राफी की जाए। जुलूस के दौरान डीजे एवं लाउडस्पीकर के उपयोग को कंट्रोल में रखें और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध रखा जाए। धार्मिक स्थलों के पास एवं जुलूस निकालते समय विशेष सतर्कता बरती जाए ताकि किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत न हों। नवरात्रि, गुडीपड़वा, चैती चांद एवं ईद के त्यौहारों पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर डीजीपी मकवाणा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में यह निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में सभी एडीजी, आईजी, पुलिस आयुक्त भोपाल एवं इंदौर रेंज, डीआईजी एवं सभी पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में एडीजी (इंटेलिजेंस) ए.साईं मनोहर और डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर तरुण नायक तथा डीआईजी डी. कल्याण चक्रवर्ती भी उपस्थित रहे।डीजीपी मकवाणा ने कहा कि धार्मिक आयोजनों, जुलूसों एवं शोभायात्राओं के दौरान शांति एवं साम्प्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनात रखें तथा विशेष सतर्कता बरती जाए। मंदिरों में पर्याप्त बैरिकेटिंग कर भीड़ नियंत्रण उपाय किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को लगातार दर्शन हो सकें। सामुदायिक पुलिस के माध्यम से संवाद और समन्वय बनाए रखें उन्होंने कहा कि जिला, थाना एवं बीट स्तर पर शांति समिति एवं नगर, ग्राम रक्षा समितियों की बैठक की जा चुकी हैं। दोनों समुदायों के प्रतिष्ठित नागरिकों एवं धर्मगुरुओं से लगातार बातचीत एवं समन्वय बनाए रखा जाए। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जाए। महिला सुरक्षा को लेकर रहें अलर्ट डीजीपी मकवाणा ने कहा कि त्यौहारों के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि महिलाओं के साथ कोई अभद्रता की घटना न हो। महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान डीजीपी मकवाणा ने जोर देते हुए कहा कि डीजे पर आपत्तिजनक गाने न बजाए जाएं, इसके लिए डीजे संचालकों को निर्देशित करें। विशेषकर शरारती तत्वों और उपद्रव फैलाने वाले लोगों की पहचान पहले ही कर ली जाए और उन पर विशेष नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थलों, मिली-जुली आबादी वाले क्षेत्रों और जुलूस मार्गों पर प्रतिबंधित आतिशबाजी के उपयोग पर निगरानी रखी जाए। उन्होंने सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिये निगरानी और प्रमुख स्थानों पर डायल 112 को मुस्तैद किए जाने के निर्देश दिए। सुरक्षा के दृष्टिगत अन्य विभागों से करें समन्वय डीजीपी मकवाणा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निगम, नगर पालिका, विद्युत विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया जाए कि वे अपने शासकीय वाहनों में आवश्यक दंगा-रोधी उपकरण (Anti Riot Gear) एवं अन्य संसाधन उपलब्ध रखें। ड्यूटी में लगाए गए पुलिस बल को पूर्व में समुचित ब्रीफिंग एवं ड्यूटी उपरांत डी-ब्रीफिंग की जाए तथा आसूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए। जहां सांप्रदायिक विवाद हुए वहां विशेष निगरानी कराएं डीजीपी मकवाणा ने कहा कि पिछले सालों में जिन स्थानों पर सांप्रदायिक घटनाएं एवं विवाद की परिस्थितयां बनीं हैं, उन सभी संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर उनकी विशेष निगरानी की जाए। त्यौहारो पर निकलने वाले जुलूस के मार्गों को चिन्हांकित कर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। इस दौरान पुलिस की निगरानी के लिए वीडियोग्राफी करें।
मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड स्थित रामपट्टी दुर्गा मंदिर प्रांगण में राजा सलहेश महोत्सव का आयोजन किया गया। यह महोत्सव बिहार के कला एवं संस्कृति विभाग और मधुबनी जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से मनाया गया। महोत्सव का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव, जयनगर के कैलाश पासवान, रामपट्टी के मुखिया अरुण चौधरी, राजनगर के बीएओ, बलराम पासवान, पार्षद गणेश पासवान, पार्षद राजेश मंडल, प्रशांत सिंह, विजय पासवान और राकेश पासवान सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से किया। इस महोत्सव में नाटक, वादन, लोक धुन और गाथा गायन जैसे विभिन्न विषयों पर प्रकाश डाला गया। विशेष रूप से, गाथा गायन के माध्यम से राजा सलहेश के जीवन पर आधारित कथाएं प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष बिंदु गुलाब यादव, मुखिया अरुण चौधरी, पंचायत समिति सदस्य अमोद कुमार मंडल, शंकर झा और डॉक्टर नीरज पाराशर सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 के स्वागत में पाली शहर के कई हिस्से रोशनी से जगमग दिखाई दिए। मंदिरों में विशेष आयोजन हुए, वहीं भारतीय नववर्ष आयोजक समिति की ओर से बुधवार को अणुव्रत नगर में मेला लगाया गया। इसमें करीब 65 समाज के प्रतिनिधियों ने स्टॉल्स लगाई। मेले में मंत्री जोराराम कुमावत और पूर्व सांसद सहित कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। मेला शाम चार बजे से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। समिति पदाधिकारी बोले- हिंदू समाज को एकजुट करना ही उद्देश्यसमिति के कमल किशोर गोयल, बजरंगलाल हुरकट एवं विनय बंब ने बताया कि सर्व हिन्दू समाज को एकजुट करना एवं उनमें समरसता का भाव उत्पन्न करना मेले का उद्देश्य है। इस अवसर पर सभी समाज एक साथ मिलकर नववर्ष का स्वागत करते हैं और आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत बनाते हैं। इससे पहले मेले का उद्घाटन मेले का शुभारंभ बीसीएम ग्रुप परिवार के मगराज, आशीष एवं राहुल संकलेचा के करकमलों से किया गया। मेले में विशेष आकर्षण के रूप में राम मंदिर झांकी, महाकाल झांकी एवं अखंड भारत की झांकी रही। 65 समाज के प्रतिनिधियों ने लगाई 200 स्टॉलमेले में इस बार 65 समाज के लोगों की ओर से करीब 200 स्टॉलें लगाई गई। जहां 5 रुपए से लेकर अधिकतम 30 रुपए में तरह-तरह के आइटम मिले रहे थे। 5 रुपए में फ्रूड क्रीम, 10 रुपए में दो मिर्ची बड़े, 20 रुपए में मावा कचौरी, 30 रुपए में पुड़ी-सब्जी, दाल-तंदूरी रोटी जैसे कई आइटम शहरवासियों को किफायती दर पर उपलब्ध करवाए जा रहे थे। इनके अलावा रियायती रेट पर आइस्क्रीम, पाव भाजी, दाल पकवान, पकोड़े, इडली-डोसा, छोला- भटूरे जैसे व्यंजनों का भी शहरवासियों ने स्वाद चखा। बच्चों के लिए तरह-तरह के झूले भी लगाए गए हैं। इन्होंने लगाई स्टॉलजेसीआई पाली डायनेमिक (मावा कचोरी, अमेरिकन भुट्टा), जैन युवा संगठन (छोला पुड़ी), भारत विकास परिषद विवेकानंद शाखा व मां आशापुरा छात्रावास (फ्रूट क्रीम), सिंधी समाज (दाल पकवान, इडली सांभर), वैष्णव समाज (पाव भाजी), खालसा सेवा संस्थान (छोले भटूरे), अग्रवाल पंचायत (मिर्ची बड़ा, कोफ्ता), माहेश्वरी समाज (दाल फ्राई, तंदूरी रोटी), सिखवाल ब्राह्मण समाज (सूजी हलवा), राजपुरोहित समाज (मोमोज, चुस्की), माली समाज (मसाला उत्तपम), यादव समाज (चाउमीन), जाट समाज (वाफल्स) सहित अनेक समाजों की भागीदारी रही । बीपी- शुगर की जांच निशुल्क मेले में विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल द्वारा भगवा ध्वज किफायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं श्रद्धा हॉस्पिटल द्वारा निशुल्क बीपी, शुगर व वजन जांच और हिन्दू लखारा समाज द्वारा निशुल्क जल सेवा की व्यवस्था की गई है। यह लोग जुटे व्यवस्थाओं मेंसोहन सिंह, धर्मेन्द्र खत्री, मीडिया प्रभारी प्रवीण तातेड़, निमित लश्करी, पंकज दुबे, ललित जालान, जुगल किशोर दाधीच, भरत निंबार्क, गौरव हेडा, अनिल गादिया, दीपक जैन, धीरज मूंदड़ा धर्मेन्द्र कोठारी, जयशंकर त्रिवेदी, अशोक जोशी, प्रदीप दवे, वरुण सिंघल सहित कई जने मौजूद रहे।
गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आज दोपहर थाईलैंड के डॉन मुआंग एयरपोर्ट से आई थाई एयर एशिया की फ्लाइट से 4 यात्रियों को 25 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (विदेशी गांजा) के साथ पकड़ा गया है। कीमत 25 करोड़ रुपए से अधिक की आंकी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कस्टम की टीम ने 5 अलग-अलग बैग की जांच में यह मादक पदार्थ बरामद किया है। अचरज की बात है कि इस मामले में कार्रवाई हुई और गिरफ्तारी भी हुई। ऐसा कतई नही है कि यह पहली बार हुआ है। यह इस साल का तीसरा मामला है। जनवरी में 4 यात्री पकड़े गए थे। उनके पास भी हाइड्रोपोनिक गांजा था। 14 मार्च को 10 करोड़ का गांजा लावारिस बैग से मिला। आज तक यह स्पष्ट नहीं कि वह बैग किसका था। अब 25 किलो फिर पकड़ा गया है। एयरपोर्ट की सुरक्षा तीन परतों में होती है। ये कस्टम, CISF और एयरपोर्ट अथॉरिटी है। लेकिन हर बार खुलासा होने के बाद तीनों विभाग एक ही लाइन बोलते हैं कि जानकारी नहीं है। अधिकारी कैमरे के सामने आने से बच रहे पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ जारी है। लेकिन उनके नाम तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। अधिकारी कैमरे के सामने आने से बच रहे हैं। आधिकारिक बयान देने से भी पल्ला झाड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों में भी चर्चा है कि गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अब तस्करों का सुरक्षित रास्ता बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि हर बड़े खुलासे के बाद सख्ती के दावे होते हैं।
दमोह के मोरगंज गल्ला मंडी स्थित श्रीराम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बुधवार रात हनुमानगढ़ी मंदिर से भगवान श्रीराम की प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गल्ला मंडी पहुंची। श्री राम उत्सव समिति हर साल हिंदू नव वर्ष से पहले प्रभु श्रीराम की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा निभाती है। इस वर्ष भी प्रतिमा की विधिवत स्थापना के लिए यह आयोजन किया गया। यह शहर का इकलौता ऐसा कार्यक्रम माना जाता है जहां चैत्र नवरात्रि से पहले ही प्रभु श्रीराम की प्रतिमा स्थापित की जाती है। अखाड़े के करतब रहे आकर्षण का केंद्र हनुमानगढ़ी मंदिर से शुरू हुई इस शोभायात्रा में छोटे बच्चों ने अखाड़े के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। शहर के प्रमुख चौराहों पर फूल बरसाकर यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। नौ दिनों तक चलेगी विशेष पूजा नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक भगवान श्रीराम की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन किया जाएगा। समिति को उम्मीद है कि इस धार्मिक अनुष्ठान में शहर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ लेंगे।
किशनगंज में ईद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए बुधवार को सदर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अनिकेत कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर राजा और सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन मौजूद रहे। बैठक के दौरान एसडीएम अनिकेत कुमार ने कहा कि किशनगंज जिला अपनी गंगा-जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईद का पर्व भी यहां आपसी भाईचारे के साथ संपन्न होगा। उन्होंने सभी मस्जिदों और ईदगाहों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देशसमिति को बताया गया कि अंजुमन इस्लामिया, करबला और कदम रसूल मुख्य रूप से तीन ऐसे स्थल हैं जहां ईद की नमाज अदा की जाती है। इन स्थलों के साथ-साथ अन्य भीड़भाड़ वाली मस्जिदों और ईदगाहों पर सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने की बात भी कही गई। सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन ने जानकारी दी कि पर्व को लेकर पूरे जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, और लोगों से सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल न करने की अपील की गई। यातायात व्यवस्था पर भी कई निर्णय लिए गएबैठक में उपस्थित लोगों से कई महत्वपूर्ण सुझाव भी लिए गए। लोगों ने कहा कि किशनगंज में सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न होते हैं, और ईद का त्योहार भी इसी तरह मनाया जाएगा। अलविदा जुमा की नमाज को लेकर यातायात व्यवस्था पर भी कई निर्णय लिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को स्थल तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। इसके लिए एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया जा रहा है।
शाजापुर जिला जेल से रविवार को दीवार फांदकर फरार हुए कैदी जयराम उर्फ जीवन को पुलिस ने बुधवार शाम छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा से गिरफ्तार कर लिया है। मक्सी निवासी आरोपी जेल से भागने के बाद सीधे अपनी पत्नी के पास दल्लीराजहरा के भोयाटोला स्थित ससुराल में जाकर छिप गया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश जेल से फरार होने के बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। मुखबिर से सटीक सूचना मिलने पर पुलिस और जेल प्रशासन की टीम ने छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा में दबिश दी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर आरोपी को उसके ससुराल से हिरासत में लिया गया। गुरुवार तक लाया जाएगा शाजापुर उपजेल अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि आरोपी फिलहाल दल्लीराजहरा थाने की अभिरक्षा में है। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे गुरुवार तक शाजापुर लाया जाएगा। यहां पहुंचने पर उससे जेल से भागने के तरीके और इस दौरान की गतिविधियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जेल की सुरक्षा और लापरवाही की होगी जांच कैदी के फरार होने की घटना के बाद से ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे थे। अब गिरफ्तारी के बाद जेल प्रशासन उस समय ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की संभावित लापरवाही और सुरक्षा में हुई चूक को लेकर भी विभागीय जांच शुरू कर सकता है।
सहरसा जिला प्रशासन ने गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी शत-प्रतिशत अनिवार्य कर दी है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार के आदेश के बाद अब जिले के किसी भी गैस गोदाम या व्यावसायिक प्रतिष्ठान से सीधे सिलेंडरों का वितरण नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं को रसोई गैस केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ही उपलब्ध होगी। यह निर्णय गैस गोदामों पर उमड़ रही भारी भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए लिया गया है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के गैस भंडारों पर उपभोक्ताओं की अत्यधिक भीड़ देखी जा रही थी, जिससे ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका भी थी। डिलीवरी सुनिश्चित करने की सख्त चेतावनीप्रशासन ने सभी गैस विक्रेताओं को केवल होम डिलीवरी सुनिश्चित करने की सख्त चेतावनी दी है। यदि कोई विक्रेता अपने प्रतिष्ठान या गोदाम से गैस वितरण करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सहरसा के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुविधा और सुरक्षा के लिए गैस गोदामों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी गैस की बुकिंग कराएं और डिलीवरी मैन के माध्यम से अपने घर पर ही सिलेंडर प्राप्त करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एमपी में ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन के लिए एसएईएल 3200 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसको लेकर आज कम्पनी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की है। उधर, मुख्य सचिव अनुराग जैन से आज आईजीआई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संस्थापक इशान हैडन ने मुलाकात कर ड्रोन सेगमेंट को लेकर शुरू करने को लेकर चर्चा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से एसएईएल के पदाधिकारियों ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में मुलाकात की। इस दौरान कंपनी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश में अपनी भावी निवेश योजना की जानकारी दी। एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सुखबीर सिंह आवला ने मध्यप्रदेश में बॉयोमास एग्रीकल्चर वेस्ट उर्जा उत्पादन के लिए 3200 करोड़ रुपए निवेश करने का प्रस्ताव दिया। मुलाकात के दौरान प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, मप्र औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला, एसएईएल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पदाधिकारी इंदरदीप सिंह गिल एवं संदीप सिंह चढ्ढा भी उपस्थित थे। सीएस जैन से मिले आईजीआई वेंचर्स के हेड इशान हैडनदूसरी ओर मुख्य सचिव अनुराग जैन से बुधवार को मंत्रालय में आईज़ीआई वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संस्थापक इशान हैडन ने मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में ड्रोन इको-सिस्टम को और मजबूत करने, संभावित नई साझेदारियों को विकसित करने तथा इस क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति करने पर चर्चा हुई। आईज़ीआई कंपनी भारत में नैनो और माइक्रो श्रेणी के ड्रोन सेगमेंट में मध्यप्रदेश सरकार की ड्रोन नीति के तहत राज्य में अपने मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस की शुरुआत कर रही है। आईजीआई मध्यप्रदेश में इस स्तर पर ड्रोन निर्माण शुरू करने वाली शुरुआती कंपनी है। ये उन्नत ड्रोन सर्विलांस, टेक्नीकल मिशन, इंफ्रा-स्ट्रक्चर निरीक्षण, सर्वेक्षण तथा विभिन्न औद्योगिक और सुरक्षा उपयोगों के लिए डिजाइन किए गए हैं। निवेश संवर्धन समिति की बैठक में 12 उद्योगों को सुविधा देने की मंजूरी इसके पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई निवेश संवर्धन संबंधी समिति सीसीआईपी की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में जिन इकाइयों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। उनमें मेसर्स पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्रा.लि., मेसर्स पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशन्स प्रा.लि., मेसर्स ट्राइडेंट लि., अंबुजा कंक्रीट नॉर्थ प्रा.लि., अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी लि., बालाजी वेफर्स प्रा.लि., बारमॉल्ट मॉल्टिंग इंडिया प्रा.लि., एसीसी लि., एलेंबिक फार्मास्युटिकल्स लि., रॉलसर टायर लि. एवं दौलतराम एन.आर.ई.सी. लोकोमोटिव्स शामिल हैं। इन इकाइयों की स्थापना से लगभग 12 हजार व्यक्तियों को रोजगार सुलभ होगा। सीहोर और शिवपुरी जिलों में होगा ट्राइडेंट और अदाणी डिफेंस के प्रस्तावों पर अमल
बालाघाट कोतवाली के गर्रा स्थित वैनगंगा पुल पर बुधवार शाम एक सड़क हादसे में 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से दंपत्ति की बाइक को टक्कर मार दी, जिससे महिला ट्रक के पिछले पहिए की चपेट में आ गई। हादसे के बाद वैनगंगा पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बेकाबू होकर ट्रक के पहिए के नीचे आई महिला मृतका की पहचान बेनी निवासी प्रेमबती पति सुबेलाल बुराडे के रूप में हुई है। वह अपने पति सुबेलाल के साथ चांगोटोला में अपने भाई के गृह प्रवेश कार्यक्रम से वापस गांव लौट रही थीं। शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच वैनगंगा नदी के बड़े पुल पर टीवीएस बाइक (MP50S9643) को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद प्रेमबती सड़क पर गिर गईं और ट्रक की चपेट में आने से उनकी तत्काल मौत हो गई। पुल पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाली स्थिति हादसे के बाद वैनगंगा पुल पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही 112 वाहन के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और बाधित यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। पति सुबेलाल को घटना में मामूली चोटें आई हैं। पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया शव पुलिस ने महिला का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है। शाम अधिक होने के कारण बुधवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जो अब गुरुवार को किया जाएगा। कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर ट्रक चालक पर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की स्वीकृति के बाद 8 जिलों (रीवा शहर, रीवा ग्रामीण, सिंगरौली शहर, सिंगरौली ग्रामीण, दमोह, उमरिया और भोपाल ग्रामीण, बुरहानपुर शहर) की जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी है। संगठन प्रभारी महामंत्री डॉ. संजय कामले द्वारा जारी इन नियुक्तियों में जिला अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिवों की नियुक्ति की गई है। अब जिलेवार लिस्ट पढ़िए भोपाल ग्रामीण: 29 पदाधिकारी नियुक्त किए भोपाल ग्रामीण के जिला अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल की जिला कार्यकारिणी में 29 पदाधिकारी नियुक्त किए हैं। इनमें दस महासचिव, दस सचिव, 6 उपाध्यक्षों के साथ एक-एक मीडिया प्रभारी, कोषाध्यक्ष, और संगठन महासचिव की नियुक्ति की है। रीवा शहर: 29 पदाधिकारी बनाए रीवा ग्रामीण: 48 पदाधिकारी बनाए, इनमें 20 सचिव सिंगरौली शहर: 12 सचिव, 10 महामंत्री बनाए जिला आईटीसेल अध्यक्ष (1): विवेक सिंह बघेल संगठन महासचिव (1): सुरेश कुमार दुवे, कोषाध्यक्ष (1): विजय सिंह सिंगरौली ग्रामीण संगठन महासचिव (1): संकठा सिंह चौहान दमोह: जिला अध्यक्ष (1): मानक पटैल सोशल मीडिया अध्यक्ष (2): शानू जुनेजा, प्रभू पटेल उमरिया अध्यक्ष : विजय कोल बुरहानपुर शहर: अध्यक्ष: हर्ष रिंकू टाक
सीकर के जीणमाता थाना क्षेत्र में स्थित हर्ष पहाड़ी पर बुधवार शाम को एक युवक का शव मिला। युवक दो दिन पहले अस्पताल जाने की बात कहकर घर से लापता हो गया था। पुलिस को घटनास्थल से जहर की एक शीशी और एक बाइक बरामद हुई है। मृतक की पहचान रौनक जाट (27) पुत्र लालचंद जाट, निवासी कटराथल के रूप में हुई है। जीणमाता थाना के SHO राकेश कुमार मीणा के अनुसार, शव हर्ष पर्वत पर मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर वॉच टावर के पास मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, रौनक 16 मार्च को दोपहर करीब 12 बजे घर से अस्पताल जाने की बात कहकर निकला था और उसके बाद से लापता था। उसके भाई सूरजभान ने 17 मार्च को दादिया पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्राथमिक तौर पर अंदेशा है कि युवक मानसिक रूप से परेशान था, जिसके चलते उसने आत्महत्या की हो। युवक के पास जहर की शीशी मिली है। युवक की 4 महीने पहले शादी हुई थी दादिया थाना SHO बुद्धिप्रसाद ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार युवक की तलाश कर रही थी। उसकी अंतिम लोकेशन हर्ष पर्वत की पहाड़ियों पर मिली थी। आज टीम को पहले युवक की बाइक मिली और उससे करीब 200 मीटर दूर युवक का शव मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
मुजफ्फरपुर में BRA बिहार विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के देखरेख में “क्षेत्रीय स्थिरता में विशाल भारत की भूमिका” विषय पर एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने की, जबकि नगर विधायक रंजन कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोलक बिहारी राय ने भारत की वैश्विक भूमिका, क्षेत्रीय संतुलन और सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत लगातार सशक्त हो रहा है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभर रहा है। नगर विधायक रंजन कुमार ने कहा कि क्षेत्रिए स्थिरता में भारत का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत वसुधैव कुटुंबकम पर चलने वाला देश है। सभी देश के मदद के लिए भारत की अग्रणी भूमिका होती है। इसलिए विश्व में बढ़ रही अस्थिरता में शांति के लिए भारत की पहल अव्वल है। युवाओं से देशहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान इस अवसर पर विक्रमादित्य सिंह (संगठन महामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच) सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक एकता और जन-जागरूकता के महत्व पर बल देते हुए युवाओं से देशहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद् और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संवाद के दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई और प्रतिभागियों ने भी अपने प्रश्न और जिज्ञासाएं साझा कीं।
औरंगाबाद में तीन अलग-अलग स्थानों पर सड़क दुर्घटना हुई। इसमें तीन युवक घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पहली घटना जम्होर थाना क्षेत्र के मोड़ डिहरी के पास की है। यहां एक कुत्ते से बाइक की टक्कर हो जाने से ओबरा थाना क्षेत्र के गौरी सोनबरसा गांव निवासी अवधेश राम के बेटे राजेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने बताया कि राजेश किसी काम से पड़रांवां गया था और वापस लौटने के दौरान अचानक सड़क पर आए कुत्ते से उसकी बाइक टकरा गई। हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गया, जिसे परिजनों की मदद से सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज जारी है। दूसरी घटना झारखंड के पलामू जिला अंतर्गत हरिहरगंज थाना क्षेत्र के कटैया मोड़ के पास हुई। यहां एक बाइक और पिकअप वाहन के बीच टक्कर हो गई, जिसमें हरिहरगंज थाना क्षेत्र के डेमा गांव निवासी सत्येंद्र मेहता के बेटे मणिकांत कुमार वर्मा घायल हो गए। स्नातक की परीक्षा देकर घर लौट रहे थे वह स्नातक की परीक्षा देकर घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पहले उन्हें हरिहरगंज स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया। यहां डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर भेज दिया है। तीसरी घटना रिसियप थाना क्षेत्र के बभंडी गांव के समीप एनएच 139 पर हुई, जहां एक बाइक सवार ने ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिश्रामपुर गांव निवासी विनोद पासवान के बेटे दीपक कुमार घायल हो गए। परिजनों के अनुसार, दीपक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने जा रहा था, तभी अनियंत्रित होकर ट्रक से जा टकराया। उसे भी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।तीनों घटनाओं के बाद परिजनों में चिंता का माहौल है। डॉक्टरों की ओर से सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है।
बालाघाट के लालबर्रा स्थित ग्राम बोरी और बोरीटोला के बीच बुधवार को एक तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में बाइक सवार दुर्गेश उर्फ बंटी मेश्राम (28) और उनके 4 वर्षीय बेटे हार्दिक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतनी भीषण था कि टक्कर के बाद कार सड़क पर ही पलट गई। इलाज कराकर लौट रहा था परिवार बोरीटोला निवासी दुर्गेश अपनी पत्नी मौतिका (26) और दो बच्चों के साथ लालबर्रा से इलाज कराकर वापस गांव लौट रहे थे। बोरीटोला के पास तालाब के समीप सामने से आ रही कार (MP09CP5490) ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। पत्नी के पैर में फ्रैक्चर हादसे में दुर्गेश मेश्राम (28) और उनके 4 वर्षीय बेटे हार्दिक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दुर्गेश की पत्नी के पैर में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोट आई हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए गोंदिया रेफर किया गया है। परिवार की 2 वर्षीय बेटी काव्या इस घटना में सुरक्षित बच गई। आरोपी कार चालक भी घायल आरोपी कार चालक बोरीटोला निवासी विजय मडावी उर्फ करिया अपने 10 वर्षीय बेटे और दो साथियों के साथ लालबर्रा की ओर जा रहा था। हादसे में चालक विजय को भी चोट आई हैं, जिसका उपचार लालबर्रा अस्पताल में चल रहा है। लालबर्रा थाने के एएसआई विजय कुमार बघेल मामले की जांच कर रहे हैं। परिजनों ने किया प्रदर्शन घटना के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। परिजनों ने फिलहाल शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते शवों को मॉर्चुरी में रखवाया गया है। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
रायबरेली जिले के ऊंचाहार-सबीसपुर मार्ग पर बीती रात एक सड़क हादसे में एक ग्रामीण की मृत्यु हो गई। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने पैदल जा रहे व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के मैकूलाल के पुरवा निवासी अर्जुन प्रसाद (75) किसी निजी कार्य से सबीसपुर गए थे। रात करीब 8:00 बजे जब वह पैदल अपने घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय राहगीरों की मदद से घायल अर्जुन प्रसाद को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ऊंचाहार पहुंचाया गया। वहां तैनात डॉ. वान्या मिश्रा ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रायबरेली रेफर करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन एंबुलेंस पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉ. वान्या मिश्रा ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को रात में अस्पताल लाया गया था। काफी प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और रात लगभग 9:00 बजे उनकी मृत्यु हो गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की कथित सहयोगी कांति सिंह को एक जमीन विवाद से जुड़े मामले में अंतरिम राहत दी है। न्यायालय ने उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने कांति सिंह की याचिका पर पारित किया। न्यायालय ने मामले को विचारणीय मानते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। याचिकाकर्ता कांति सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 में गोंडा के मनकापुर थाने में उनके और केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, इसी मामले में 2015 में दर्ज एक अन्य प्राथमिकी के संबंध में हाईकोर्ट पहले ही पूरी कार्यवाही रद्द कर चुका था। याची की ओर से दलील दी गई कि मूल विवाद सिविल प्रकृति का है और सिविल कोर्ट में लंबित है। आपराधिक कार्यवाही का सहारा लेकर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने विपक्षी अजय सिंह और मनीषा सिंह को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
बीते सोमवार को मेरठ कॉलेज में बागपत निवासी मुकुल धाम जो एक राष्ट्रीय खिलाड़ी भी हैं उन पर कुछ छात्रों ने मामूली बात को लेकर लाठी डंडों से हमला कर दिया था( जिसमें 6 नामजद पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए उसमें से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अन्य आरोपियों की तलाश में भी टीम लगातार दअभिस दे रही है जल्दी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। सबसे पहले जानिए क्या था घटनाक्रम…… 16 मार्च को सेल्फ फाइनेंस विभाग में पढ़ने वाला छात्र औश्र राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बागपत निवासी मुकुल धामा अपना प्रेक्टिकल देने कॉलेज आया था। इस दौरान उसका , वहीं पढ़ने वाले नमन से कंधा टकरा गया। जिसके बाद इसी बात को लेकर उनमें आपस में विवाद हो गया और नमन के साथियों ने मुकुल पर लाठी- डंडों से हमला कर दिया और तमंचा दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार इसी दौरान भराला गांव निवासी प्रशांत ने उसको यह कहते हुए मारा कि हमारी पहुंच मंत्री तक है हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता हमारी रिपोर्ट भी कर लेना कुछ नहीं होगा। बाकी आरोपी अभी भी फरार पीड़त मुकुल धामा द्वारा 6 जामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है जिसमें से अभी दो की ही गिरफ्तारी की गई है। बाकी अभी भी फरार हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपियों में से एक अपने आप को किसी बड़े नेता का रिश्तेदार का परिचित बताता है इसलिए कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
लखनऊ विधान भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:महिलाओं को मिला सम्मान : सशक्तिकरण पर हुई चर्चा
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ के मौके पर विधान भवन में महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य विधान मंडल पेंशनर्स संस्थान और मेडिटेक ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग में हुए इस आयोजन में 'महिला सशक्तिकरण' विषय पर सेमिनार और मातृशक्ति सम्मान समारोह ने खास आकर्षण बटोरा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति मौजूद रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि आईपीएस अपर्णा कुमार ने भी शिरकत की। दोनों अतिथियों ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। महिलाओं को मिला सम्मान सम्मानित होने वाली महिलाओं में पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह, रेड ब्रिगेड की संस्थापिका उषा विश्वकर्मा, एंकरिंग क्षेत्र की समरीन सिद्दीकी और मोहिता देवास्कर, उद्यमिता में अनिभा सैनी, चिकित्सा में डॉ. कल्पना सिंह, योग में डॉ. पुष्पा यादव और शोभा रानी, राजनीति में रूपा देवी और कला में रोली सिंह प्रमुख रहीं। इसके अलावा लेखन क्षेत्र में डॉ. मृदुला मिश्रा और आशा राय, जबकि समाज सेवा में कनक लता निगम, रीता अरोड़ा, आशा मिश्रा और इन्दु सुभाष को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान को सराहते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। निःशुल्क आंखों की जांच और चश्मा वितरण किया कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सरोकार भी देखने को मिले। यहां भंडारे का आयोजन किया गया, साथ ही ‘संत राम चश्मे वालों’ द्वारा निःशुल्क आंखों की जांच और चश्मा वितरण किया गया, जिसका बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. अरुण कुमार भरारी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को सशक्त बनने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वहीं अध्यक्षता कर रहे डॉ. सी.पी. शर्मा ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरि प्रकाश अग्रवाल और डॉ. अरुण भरारी ने किया। इस अवसर पर डॉ. दिनेश चन्द्र अवस्थी, गोविन्द जांगिड़, राहुल गुप्ता समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। बुधवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बिजनौर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘मॉड गैलेक्सी सिटी’ में बने 9 अवैध रो-हाउस भवनों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई दिनभर चली। एलडीए के मुताबिक, बिजनौर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद खालसा में बिल्डर मोहम्मद इमरान द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के करीब 9,500 वर्गफीट में रो-हाउस बनाए जा रहे थे। इस मामले में न्यायालय से ध्वस्तीकरण के आदेश मिलने के बाद प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण गिरा दिया। गुड़ंबा में 19 रो-हाउस सील प्रवर्तन जोन-5 की टीम ने गुड़ंबा के कंचना बिहारी मार्ग पर भी कार्रवाई की। यहां अलग-अलग बिल्डरों द्वारा बिना नक्शा पास कराए 19 रो-हाउस बनाए जा रहे थे। एलडीए ने सभी निर्माणों को सील कर दिया। ठाकुरगंज में 3 कॉमर्शियल बिल्डिंग सील प्रवर्तन जोन-7 की टीम ने ठाकुरगंज के जल निगम रोड पर अभियान चलाकर 3 अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया। ये निर्माण 150 से 250 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर बिना अनुमति के कराए जा रहे थे। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर शहर के अलग-अलग इलाकों में यह संयुक्त कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने साफ किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के होने वाले निर्माणों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ में बुधवार को भारतीय नववर्ष के स्वागत में एक सांस्कृतिक महाकुंभ का आयोजन किया गया।यह आयोजन निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में 'भारतीय नववर्ष महोत्सव समिति' की ओर से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला। इसका उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़ना और विक्रम संवत 2083 के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भारतीय नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि हमारी ऋषि परंपरा और प्रकृति के चक्र का उत्सव है। पाठक ने लोगों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवन में अपनाने और आने वाली पीढ़ी तक इसे पहुंचाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया भारतीय मूल्यों की ओर देख रही है, ऐसे में हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना होगा। भारतीय नववर्ष खगोलीय गणनाओं पर आधारित मुख्य वक्ता डॉ. नीरज सिंह ने भारतीय कालगणना के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय नववर्ष खगोलीय गणनाओं पर आधारित है और इसका प्रकृति से गहरा संबंध है। डॉ. सिंह ने युवाओं को अपनी संस्कृति पर गर्व करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'मां गायत्री दीपयज्ञ' रहा, जिसमें हजारों दीपों की रोशनी से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ध्वज फहराकर नववर्ष का स्वागत करने का आग्रह समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह अभियान नई पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने लोगों से चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा पर अपने घरों में दीप जलाने और भगवा ध्वज फहराकर नववर्ष का स्वागत करने का आग्रह किया।कार्यक्रम के अंत में संयोजक अभिषेक खरे ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हर घर में दीपावली जैसा उत्साह पैदा करना है, ताकि भारतीय संस्कृति की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।
लखनऊ में भारतीय नववर्ष का उत्साह:अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने निकाली भव्य स्वागत यात्रा
लखनऊ में भारतीय नववर्ष के स्वागत का उत्साह बुधवार को सड़कों पर साफ दिखाई दिया। हजरतगंज क्षेत्र में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के तत्वावधान में सैकड़ों व्यापारियों ने एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली। यात्रा का नेतृत्व संदीप बंसल ने किया, जिसमें व्यापारियों का जोश और सांस्कृतिक रंग देखने लायक था। यात्रा का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अनिल ने किया। इस अवसर पर बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति राजकुमार मित्तल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। यहां सैकड़ों व्यापारी एकत्र हुए स्वागत यात्रा केडी सिंह बाबू स्टेडियम से शुरू हुई। यहां सैकड़ों व्यापारी एकत्र हुए और ऊंचे झंडों तथा ढोल-नगाड़ों के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़े। इस आयोजन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। प्रदेश की महिला महामंत्री एकता अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिसमें वंदना बंसल भी शामिल थीं।हजरतगंज के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए इस यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। सड़क किनारे खड़े लोगों ने भी इस आयोजन का आनंद लिया और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। यात्रा का समापन गांधी प्रतिमा हुईं सभा को संबोधित करते हुए संदीप बंसल ने कहा कि व्यापारियों की इस आयोजन में भागीदारी दर्शाती है कि विक्रम संवत को नववर्ष के रूप में स्वीकार करने की भावना तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में पूरा देश इसे ही नववर्ष के रूप में मनाएगा।यात्रा का समापन गांधी प्रतिमा पर एक सभा के साथ हुआ। इस दौरान महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी, युवा महानगर अध्यक्ष अश्वन वर्मा और प्रदेश महामंत्री आकाश गौतम सहित कई पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
राजगढ़ के माचलपुर थाना क्षेत्र के मल्हारपुरा गांव में खेत में रखी धनिया फसल में आग लगाने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार रात की है, जिसमें किसानों को करीब 4 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस ने बुधवार को प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव निवासी फूलसिंह राठौर और ओंकारलाल राठौर के खेत में कटाई के बाद रखी करीब 5 बीघा धनिया फसल आग की चपेट में आ गई। पीड़ितों के अनुसार, रात करीब 9 बजे एक व्यक्ति ने फसल में आग लगाई और मौके से फरार हो गया। भागते हुए आरोपी ने खुद बताई पहचान घटनास्थल पर मौजूद किसानों ने एक व्यक्ति को भागते हुए देखा, जिसने अपना नाम भेरू सिंह गुर्जर निवासी गरडा (राजस्थान) बताया। आरोपी ने भोजराज गुर्जर से पैसों और चांदी के विवाद का हवाला देते हुए धमकी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर गांव में आगजनी करता रहेगा। मौके से मिली धमकी भरी चिट्ठी घटनास्थल से एक चिट्ठी भी बरामद हुई है, जिसमें विवाद और मांग का जिक्र किया गया है। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पूरी फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी। माचलपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है।
जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में सरकारी प्रदर्शनी के पोस्टर फाड़ने का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। मामले में जमानत पर छूटे एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने बैनर हटाने को 'गांधीवादी तरीका' बताया। तो, इसके जवाब में भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे आलाकमान को खुश करने वाला 'कुकृत्य' और 'गुंडागर्दी' करार दिया है। रातानाडा थाने में दर्ज मामले में जमानत मिलने के बाद एनएसयूआई जिलाध्यक्ष बबलू सोलंकी ने कहा- कोई तोड़फोड़ नहीं की, बल्कि केवल जेएनवीयू का नाम छिपाने वाले बैनर को हटाया था, क्योंकि मुख्य द्वार को पूरी तरह से ढक दिया गया था। सोलंकी ने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन आरएसएस और भाजपा के षड्यंत्र पूर्वक दबाव में काम कर रहा है। छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका यह विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक और 'गांधीवादी तरीके' से किया गया था। भाजपा का पलटवार- क्या बैनर फाड़ना मोहब्बत की दुकान का नमूना है? एनएसयूआई के 'गांधीवादी' वाले बयान पर भाजपा शहर जिला उपाध्यक्ष मनीष पुरोहित ने पलटवार किया है। पुरोहित ने कहा कि जिस तरीके से बैनर फाड़ने का कृत्य किया गया, उसे तोड़फोड़ नहीं तो और क्या कहेंगे। पुरोहित ने सवाल उठाया कि जो कुकृत्य किया गया है, क्या यह आपकी मोहब्बत की दुकान का नमूना है और क्या आप इसे लोकतांत्रिक तरीका कहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएसयूआई के छुटभैया नेता केवल अपने आलाकमान को खुश करने और अपने नंबर बढ़ाने के लिए भाजपा व आरएसएस को बदनाम कर रहे हैं। भाजयुमो ने सौंपा ज्ञापन, आरोपियों के डॉप टेस्ट की मांग इस घटना के विरोध में भाजयुमो जिलाध्यक्ष गौरव जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर गौरव अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। जैन ने कहा कि रात के अंधेरे में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना सीधे तौर पर गुंडागर्दी है। उन्होंने घटना के समय हंगामा कर रहे युवाओं के नशीले पदार्थ के सेवन की आशंका जताते हुए उनका चिकित्सीय परीक्षण (डॉप टेस्ट) करवाने की भी मांग उठाई है। क्या था मामला: तीन दिन पहले हुआ था बवाल तीन दिन पहले जेएनवीयू के केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अभिलेखागार व संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से 'भारत की विश्व विरासत: राजस्थान' नामक प्रदर्शनी लगाई गई थी। शनिवार सुबह केंद्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने इसका उद्घाटन किया था। शनिवार देर रात एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने यह आरोप लगाते हुए प्रदर्शनी के बैनर-पोस्टर फाड़ दिए थे कि इनसे विश्वविद्यालय की पट्टिका छुप रही है। इसके बाद विवि के नोडल ऑफिसर की शिकायत पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष बबलू सोलंकी को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद से ही दोनों छात्र और राजनीतिक संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
शेखपुरा में बुधवार शाम डीएम शेखर आनंद ने जिले के अरियरी प्रखंड के हजरतपुर मडरो पंचायत स्थित चांदी गांव में जीविका द्वारा संचालित सुखसागर जीविका महिला प्याज प्रसंस्करण उत्पादक समूह इकाई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम शेखर आनंद ने जीविका दीदियों द्वारा प्याज पाउडर बनाने की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने प्याज की खेती से लेकर उसके पाउडर के रूप में बाजार में बिक्री तक की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। डीएम ने प्याज के साथ-साथ अदरक, लहसुन और हरी मिर्च की खरीददारी, भंडारण तथा उनके सूखे पाउडर बनाने में उपयोग होने वाली डिहाइड्रेटर और पीसने की मशीनों के कार्यों का भी जायजा लिया। बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज स्थापित करने पर जोर निरीक्षण के बाद डीएम ने उत्पादों की पैकेजिंग और बाजार में बिक्री के लिए मार्केट लिंकेज स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने उचित भंडारण के लिए कार्य योजना बनाने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कल्याणी जीविका महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड के तहत संचालित इस व्यवसाय से जुड़ी दीदियों से भी बातचीत की। डीएम ने उनकी आजीविका गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और चर्चा की। नीति आयोग ने 50 लाख 90 हजार 800 रुपये की राशि स्वीकृत की जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक संतोष कुमार सोनू ने बताया कि इन उत्पादों की बिक्री पटना सहित नई दिल्ली, भुवनेश्वर और रांची जैसे विभिन्न राज्यों की राजधानियों में आयोजित होने वाले सरस मेला और आजीविका मेला में स्टॉल लगाकर की जाती है। प्याज पाउडर और अन्य मसालों की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए, नीति आयोग ने इस इकाई को और अधिक सुदृढ़ तथा सफल बनाने के लिए 50 लाख 90 हजार 800 रुपये की राशि स्वीकृत की है।
गोमतीनगर स्थित होटल हिल्टन गार्डन इन में 'सेलिब्रेट HER – उत्सव सीजन 2' का आयोजन किया गया। वूमेनशाइन चैंबर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व और उद्यमिता को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) और प्रसिद्ध पर्वतारोही अपरना कुमार थीं। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मबल और दृढ़ता ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी और ज्ञानधारा इंडस्ट्रीज की एमडी ऋतु अग्रवाल ने भी महिलाओं के सर्वांगीण विकास पर चर्चा की । 11 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली 11 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इनमें शाइस्ता अंबर, रूपाली गुप्ता, मानसी डिडवानिया, डॉ. दीप्ति चोपड़ा, करिश्मा खन्ना, स्वाति शर्मा, चारु श्रीवास्तव, प्रिया खन्ना, डॉ. ऋतु जैन, विदुषी विजयवर्गीय और शिप्रा आनंद शामिल थीं। कारोबारी अनुभव साझा किए कार्यक्रम में 'हर ब्रांड हर स्टोरी' नामक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. हंसा श्रीवास्तव और प्रियल रस्तोगी ने अपने कारोबारी अनुभव साझा किए। वित्तीय साक्षरता पर बाल सचिन गुप्ता ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिसका संचालन डॉ. सुप्रिया अग्रवाल ने किया। टैली के अधिकारियों ने भी तकनीकी जानकारी प्रदान की।
बीएचयू के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. ओम शंकर ने कहा कि मैंने कर्मचारी का प्रमोशन नहीं किया तो मेरे खिलाफ जांच बैठा दी गई। विभागाध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान एक कर्मचारी का प्रमोशन का दबाव बनाया जा रहा था, मना करने पर जांच शुरू कर दी गई। इतना ही नहीं बीएचयू में ओपीडी पर्ची शुल्क का रेट बढ़ाने का मैंने विरोध किया तो इस मामले में भी मेरे खिलाफ जांच शुरू कर दी गई।बुधवार को अपने चेंबर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रोफेसर ओम शंकर ने यह बड़ा आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि जो सीसीएस रूल बीएचयू में लागू ही नहीं हुआ है उसी के अधीन मेरे खिलाफ जांच बैठाई गई है। बोले- सोमवार तक कुलपति मांगे माफी इसका मतलब यह है कि यह कमेटी भी सही नहीं है। ऐसे में इस कमेटी के सामने मैं अपना बयान क्यों दर्ज कराऊं ? उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल में 500 से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ सीसीएस रुल के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें स्वयं मैं खुद भी 15 महीने तक सस्पेंड रहा। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सोमवार तक कुलपति, कुलसचिव और उपकुलसचिव इस मामले माफी नहीं मांगते हैं तो मैं इनके खिलाफ मानहानि का केस करूंगा और थाने में मुकदमा कराऊंगा।
लखनऊ पुस्तक मेला पाठकों के लिए खास आकर्षण:हिंदी, अंग्रेजी के साथ उर्दू साहित्य में दिख रही गहरी रुचि
लखनऊ के रवीन्द्रालय चारबाग में आयोजित पुस्तक मेला इन दिनों पाठकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ उर्दू किताबों का भी विशाल संग्रह उपलब्ध है, जिसमें नवाबी शहर के लोग गहरी रुचि दिखा रहे हैं। विलायत पब्लिकेशन के स्टॉल पर 'दि स्टेटस ऑफ वुमेन' पुस्तक की विशेष मांग है, जो इस्लामी दृष्टिकोण से महिलाओं की स्थिति पर केंद्रित है। स्टॉल संचालक रियाज हैदर ने बताया कि सैयद मोहम्मद तबा तबाई की उर्दू कृति 'इस्लाम और आज का इंसान' भी पाठकों द्वारा खूब सराही जा रही है। पुस्तकें मेले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं इसके साथही , सैयद अली खामेनई की 'दो सौ पचास साला इंसान' हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जो पाठकों को आकर्षित कर रही है। अवध के नवाब अमजद अली शाह पर आधारित पुस्तकें भी मेले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। नेशनल बुक ट्रस्ट के स्टॉल पर मध्यकालीन भारत, ग़ालिब, फिराक गोरखपुरी, बलराज साहनी और साहिर लुधियानवी जैसे साहित्यकारों पर आधारित पुस्तकें लोकप्रिय हैं। साथ ही, जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस पर केंद्रित कृतियाँ भी पाठकों को आकर्षित कर रही हैं। ग्रीन पाम के स्टॉल पर उपनिवेशवाद के इतिहास पर आधारित 12 पुस्तकों का एक विशेष सेट भी उपलब्ध है। काव्य पाठ कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की पुस्तक मेले में 'अफसाना लिख रहा हूं' का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक का संपादन डॉ. राखी बख्शी और मनीष शुक्ल ने किया है। विमोचन समारोह में विधायक अनुपमा जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जहां पुस्तक की विशेषताओं पर विस्तृत चर्चा की गई।इसी क्रम में, दिन में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के कवियों ने अपनी रचनाओं से साहित्यिक माहौल तैयार किया। रचनाकारों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की। नवसृजन संस्था के तत्वावधान में भी कई पुस्तकों का विमोचन हुआ और साहित्यिक चर्चाएँ आयोजित की गईं। शाम को मीर तकी मीर फाउंडेशन द्वारा आयोजित मुशायरे ने मेले की शोभा बढ़ाई। कुल मिलाकर, यह पुस्तक मेला साहित्य प्रेमियों के लिए एक समृद्ध और यादगार अनुभव प्रदान कर रहा है।
रेवाड़ी में कार चालक ने किया खतरनाक स्टंड:तीन पहाड़ियों की घटना, दिल्ली पुलिस का जवान, गाड़ी की इंपाउंड
रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर हाइवे की तीन पहाड़ियों पर कार एक चालक ने फिल्मी स्टाइल में खतरनाक स्टंड किए। जिससे देखने वालों में दहशत फैल गई। चालक ने कार के दाएं पिछले पहिये का टायर निकाला हुआ था और तीन टॉयर और एक रिम पर कार दौड़ा रहा था। सूचना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने पीछा कर को रोका। पूछताछ में चालक दिल्ली पुलिस का जवान निकला। पुलिस ने कार को इंपाउंड कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गुलाबी बाग थाने में तैनात जानकारी के अनुसार कार चालक दीपक दिल्ली किशनगंज के गुलाबी बाग थाने में तैनात है। वह दिल्ली से हाइवे के रास्ते बहरोड़ जाने के लिए निकला था। बीच रास्ते में कुछ लोगों से उसकी झड़प हो गई। उन्होंने उसका मोबाइल फोन व नगदी छीन ली। उसके पास पैसे नहीं होने के कारण वह पंक्चर व टायर नहीं बदलवा सका और कार को चलाता रहा। जिससे अगले हिस्से का एक टायर घिस कर अलग हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीछा कर कार को पकड़ा बावल ट्रैफिक पुलस अधिकारी महेंद सिंह राणा ने बताया कि पुलिस को तीन पहाड़ियों में कार चालक के स्टंड करने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ा। पुलिस ने पीछा कर उसे रुकवाया तो पूछताछ में चालक ने स्वयं को दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल दीपक बताया। वह थाना किशनगंज गुलाबी बाग में तैनात है। वह लोगों की जान जोखिम में डालकर तीन पहियों पर कार दौड़ा रहा था।ट्रैफिक पुलिस ने कार को इंपाउंड कर दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।
छतरपुर जिले के बाजना वन परिक्षेत्र के शाहगढ़ गांव में बुधवार सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में आ गया। हिरण के भटकते ही वहां मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। घटना के समय बच्चों ने शोर मचाया और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुत्तों को खदेड़ा और घायल हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। हिरण को प्राथमिक उपचार देने के बाद ग्रामीणों ने केरखोरा वन क्षेत्र ले जाकर वापस जंगल में छोड़ दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने घटना की जानकारी डिप्टी रेंजर गेहरू प्रजापति और वन रक्षक मनीष पटेल को दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग का अमला घटना स्थल पर लगभग दो घंटे की देरी से पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी रेंजर से दिशा-निर्देश लेने के नाम पर समय बर्बाद करते रहे। वहीं, ग्रामीणों ने बाजना वन परिक्षेत्र में वनों की अवैध कटाई और रेंजर की कथित मिलीभगत को लेकर पहले भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विभागीय संरक्षण में जंगल काटे जा रहे हैं, जिससे वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में है। इस गांव में हिरण के शिकार का भी मामला सामने आ चुकावन्यजीवों के सुरक्षित ठिकानों में कमी के कारण वे अब गांवों की ओर आने लगे हैं। लगभग दो साल पहले भी बाजना वन में शिकारियों द्वारा हिरण के शिकार का मामला सामने आया था। उस समय सीसीएफ नरेश यादव को मामले की जानकारी दी गई थी और उच्चाधिकारियों ने फटकार भी दी थी, लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग फिर से पुरानी कार्यप्रणाली पर लौट आया है। बाजना वन परिक्षेत्र के रेंजर रजत तोमर ने कहा कि जानवर कहीं भी पहुंच सकते हैं। डिप्टी रेंजर मौके पर गए हैं। वहीं डीएफओ छतरपुर ऋषि मिश्रा ने बताया सोशल मीडिया वीडियो की जांच की जा रही है। तथ्य सामने आने पर कार्रवाई करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर वनों की कटाई पर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में वन्यजीव और इंसानों के बीच संघर्ष की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। सीसीएफ छतरपुर नरेश सिंह यादव ने कहा जानकारी मिली है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बालोतरा में आयोजित विश्वविख्यात श्री रावल मल्लीनाथ जी पशु मेले के दौरान मारवाड़ी अश्व प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल तथा ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसायटी, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। प्रतियोगिता में देश-विदेश से आए अश्व पालकों ने भाग लिया। मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों ने अपनी चाल, संतुलन, बनावट और शुद्धता का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन स्थल पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा डॉम/एरिना की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिसमें अश्वों, अश्व पालकों और दर्शकों के लिए छाया, बैठने, आवागमन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पूरे आयोजन में अनुशासन, सुगमता और भव्यता का वातावरण बना रहा। प्रतियोगिता में प्रजनन योग्य घोड़ी (Brood Mare), अदंत बछेरी, अदंत बछेरा, दो दांत बछेरी, दो दांत बछेरा, नर घोड़ा (Stallion) तथा शो का सर्वश्रेष्ठ अश्व (Best Horse of the Show) श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निर्णायक मंडल में पशुपालन विभाग के डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. बाबूराम चौधरी, डॉ. सूरजाराम चौधरी तथा ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसायटी, जोधपुर के धनश्याम सिंह पाटोदी, आनंद सिंह देसू, अमित विक्रम सिंह जोजावर और धनंजय सिंह बीजापुर शामिल रहे। प्रतियोगिता परिणाम (2026) Brood Mare (घोड़ी वर्ग)प्रथम – परी (मालिक मेघराजसिंह झुंझानी)द्वितीय – योगेश्वरी (मालिक ऋतुराज सिंह, रोहतक)तृतीय – सावित्री (मालिक वीराराम रणोदर, चितलवाना) अदंत बछेरीप्रथम – लुना (रवि मेवाड़ा, सुमेरपुर)द्वितीय – राजसूगंध (कृष्णपाल सिंह, सर लूणी जोधपुर)तृतीय – भैरवी (सिद्धांत सिंह रांठिया, मेड़ता) अदंत बछेराप्रथम – रुझान (सरदारसिंह सोलंकी, पाटन भुज)द्वितीय – मेघताना (उमेदाबाद, जालोर)तृतीय – उकाब (सिद्दीकी भाई, अहमदाबाद) दो दांत बछेरीप्रथम – सीरत (इंदरजीत सिंह, रणसी गांव)द्वितीय – ओमिनी (रामसिंह, सिवाना)तृतीय – शिवानी (पहाड़सिंह, नैनावा, गुजरात) दो दांत बछेराप्रथम – साहेब जादा (तनराज सिंह जोधा)द्वितीय – रघुराज (सहदेव भाई, मेहसाणा)तृतीय – ऊदल (एच.एस. राठौर, नागौर) Stallion (नर घोड़ा वर्ग)प्रथम – अभि सुंदर (पहाड़सिंह, नैनावा गुजरात)द्वितीय – राजहंस (हरीदास, तमिलनाडु)तृतीय – गुरुदेव (गणेश गुर्जर) शो का सर्वश्रेष्ठ अश्व प्रतियोगिता में कुल 115 अश्व पालकों ने भाग लिया। इनमें दो दांत बछेरे 19, दो दांत बछेरियां 7, अदंत बछेरे 36, अदंत बछेरियां 22, प्रजनन योग्य घोड़ियां 10 तथा नर घोड़े 21 शामिल रहे। इस अवसर पर रावल किशन सिंह जसोल ने कहा- यह मेला हमारी परंपरा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है तथा मारवाड़ी अश्व हमारी शौर्य परंपरा की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला लगभग 700 वर्ष पुरानी संत परंपरा से जुड़ा हुआ है और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। 700 साल से लूणी नदी के तट पर होता है मेला उन्होंने कहा कि इस मेले ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता पर भी प्रकाश डाला। बताया गया कि श्री रावल मल्लीनाथ पशु मेला लगभग 700 वर्षों से लूणी नदी के पावन तट पर आयोजित होता आ रहा है और इसकी शुरुआत संत समागम की परंपरा से हुई थी। समय के साथ यह मेला राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना चुका है। पूर्व में इस मेले में एक लाख तक पशु आते थे, जो अब घटकर लगभग 15 से 20 हजार रह गए हैं। इसके बावजूद जोधपुर दरबार और ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसायटी के प्रयासों से पिछले दो दशकों में इस मेले को पुनर्जीवित करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरण, भजन संध्या तथा मरूगंगा के रूप में प्रसिद्ध लूणी नदी की आरती जैसे धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं। आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया। मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल की सराहना की गई और लूणी नदी में हो रहे अवैध खनन को रोकने तथा क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने की आवश्यकता जताई गई। आयोजकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में मेले की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। साथ ही वर्ष 2027 में मेले के दौरान आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नेत्र कुंभ जैसे बड़े आयोजन की योजना भी बनाई जा रही है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अश्व प्रेमी, पशुपालक, श्रद्धालु, पत्रकार और फोटोग्राफर उपस्थित रहे। 'ऐसे मेले सांस्कृतिक नई पीढ़ी तक पहुंचाने का जरिया' ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसायटी के अध्यक्ष कुंवर गजेंद्रपाल सिंह पोषाणा ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं मारवाड़ी नस्ल के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। कुंवर हरीशचंद्र सिंह जसोल ने बताया- श्री रावल मल्लीनाथ पशु मेला राजस्थान के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक मेलों में से एक है, जिसकी शुरुआत लगभग 700 वर्ष पूर्व संत समागम से हुई थी। संस्थान द्वारा मेले में आने वाले अश्वों, पशुपालकों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। कार्यक्रम में गुडा राणा सुरेंद्रसिंह, बाड़मेर रावत त्रिभुवन सिंह, कोटड़ा राणा नरेंद्र प्रताप सिंह, उपखण्ड अधिकारी बालोतरा अशोक कुमार बिश्नोई, पुलिस उप अधीक्षक बालोतरा अनिल राजपुरोहित सहित छत्तीस कौम के प्रबुद्धजन, पशुपालक और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दमोह के जबलपुर नाका स्थित खाटू श्याम मैरिज ब्यूरो द्वारा आयोजित विवादास्पद परिचय सम्मेलन के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है। एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया के अनुसार, मैरिज ब्यूरो की गतिविधियां प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई हैं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अब आयोजकों के विरुद्ध आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। परिचय के नाम पर लोगों से वसूले 1100 रुपए तीन दिन पहले आयोजक राजा खटीक और रीना खटीक ने खाटू श्याम मैरिज ब्यूरो के बैनर तले परिचय सम्मेलन का आयोजन किया था। इसमें दमोह और आसपास के जिलों के हजारों लोगों से पंजीयन के नाम पर 1100-1100 रुपए लिए गए थे। कार्यक्रम में जब वर पक्ष को लड़कियां नहीं दिखाई गईं, तो विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और लोगों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। प्रशासन ने दिया था तीन दिन का समय पैसे वापस न मिलने से आक्रोशित हजारों की भीड़ ने दमोह-जबलपुर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया था। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर तीन दिन के भीतर जांच पूरी करने और सभी का पैसा वापस दिलाने का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन की समय सीमा बुधवार को समाप्त हो रही है, जिससे पीड़ितों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। संचालकों के बयान दर्ज, गांव-गांव जाकर किए थे रजिस्ट्रेशन एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि मैरिज ब्यूरो के संचालकों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आयोजकों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों का रजिस्ट्रेशन किया था और परिचय सम्मेलन के नाम पर भीड़ जुटाई थी। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के पहलुओं की सूक्ष्मता से जांच कर रही है।
औरैया के सहार थाना क्षेत्र में बुधवार को एक ट्रैक्टर पलटने से चालक की मौत हो गई। इस हादसे में ट्रैक्टर पर सवार एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों की मदद से दोनों को ट्रैक्टर से बाहर निकाला गया, जिसके बाद घायल को इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। थाना क्षेत्र के गांव सौथरा की ओर जा रहा एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। ट्रैक्टर पलटते ही चालक और उसमें बैठा एक अन्य युवक भारी इंजन के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहार पहुँचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर नवीन ने परीक्षण के बाद चालक विकेश सिंह उर्फ बंटू (41), पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल हुए महेश निषाद (28), पुत्र होतीलाल की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुंगेर में बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने बुधवार शाम मुंगेर के जमालपुर में एक ज्वेलरी शोरूम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर करिश्मा की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोशल मीडिया पर करिश्मा के मुंगेर पहुंचने की खबर फैलते ही शाम 4 बजे से ही लोग जुटने लगे थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया था। ''नमस्ते बिहार का मुंगेर'' समारोह के बाद करिश्मा कपूर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, नमस्ते बिहार का मुंगेर। उन्होंने बिहार और मुंगेर आकर काफी अच्छा महसूस करने और लोगों से मिले प्यार के लिए आभार व्यक्त किया। अभिनेत्री ने कहा कि मुंगेर के जमालपुर शहर में कल्याण ज्वेलर्स का शोरूम खुलना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक 356 से अधिक कल्याण ज्वेलर्स शोरूम खुल चुके हैं। 'चलती है क्या 9 से 12' पर जमकर डांस किया करिश्मा कपूर ने शोरूम में उपलब्ध आकर्षक और विभिन्न डिजाइनों की ज्वेलरी की सराहना की, जो ग्राहकों को पसंद आएंगी। कार्यक्रम के अंत में, समर्थकों की मांग पर बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने अपने लोकप्रिय गानों 'तन तना तन तन तन तारा' और 'चलती है क्या 9 से 12' पर जमकर डांस किया। करिश्मा के डांस शुरू करते ही मौजूद भीड़ भी इन गानों का आनंद लेते हुए नाचने लगी। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए उद्घाटन कार्यक्रम को जल्द ही समाप्त कर दिया गया। पुलिस बल लगातार बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे। उद्घाटन समारोह सड़क किनारे खुले में आयोजित किया जा रहा था, जिससे सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ के कारण जमालपुर-सफियाबाद मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई।
छिंदवाड़ा में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर सिवनी रोड स्थित श्री रामेश्वरम धाम मंदिर परिसर में आयोजित हो रहे 1008 कुण्डीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ की शुरुआत भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। शोभायात्रा का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धालु सिर पर कलश रखकर जयकारे लगाते और भक्ति गीत गाते हुए नगर भ्रमण पर निकले। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई। सांसद ध्वज लेकर निकले इस भव्य धार्मिक आयोजन का आयोजन छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू के परिवार द्वारा किया जा रहा है। कलश यात्रा में सांसद अपने पूरे परिवार के साथ शामिल हुए और हाथ में ध्वज लेकर श्रद्धालुओं के बीच चलते नजर आए, जिससे आयोजन में विशेष आकर्षण देखने को मिला। गुरुवार से सहस्त्र चंडी महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ होगा। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश और अरणी मंथन जैसे धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न किए जाएंगे। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना के साथ यज्ञ की शुरुआत की जाएगी। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
जींद जिले के झांझ कलां गांव में एक युवक पर चाकू और सुए से हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित के पिता की शिकायत पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह घटना 16 मार्च 2026 की शाम को हुई थी। झांझ कलां के रहनंे वाले सुरेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके बेटे नीरज को शाम के समय भैंसों को पानी पिलाने के लिए तालाब पर भेजा था। कुछ देर बाद उन्हें नीरज के घायल होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर नीरज जमीन पर पड़ा मिला। नीरज ने बताया कि अजय उर्फ बीला, रितेश उर्फ काकड़ी (दोनों राजेश उर्फ मन्नू के बेटे), सागर (बलकार का बेटा) निवासी झांझ कलां और विशाल (कृष्ण का बेटा) निवासी झांझ खुर्द ने उसका रास्ता रोककर चाकू और सुई से हमला किया तथा जान से मारने की धमकी दी। सुरेश घायल नीरज को तुरंत जींद के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया। पुलिस को अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट (MLR No. NP/158/2026) मिली, जिसमें नीरज को तीन चोटें लगने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने इन चोटों को 'ब्लंट' (भारी वस्तु से लगी) बताया है। एएसआई सुमन ने जानकारी दी कि मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर थाना सदर जींद में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2), 351(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करनाल के पाल नगर क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई की। डीटीपी विभाग ने जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध कॉलोनी में बने ऑफिस और सड़कों को उखाड़ दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। विभाग का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती की जाएगी। बता दे कि पाल नगर की इस अवैध कॉलोनी पर यह चौथी बार कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद कॉलोनी को फिर से विकसित करने की कोशिश की जा रही थी। डीटीपी विभाग ने निर्माण कार्यों को ध्वस्त किया प्रशासन को सूचना मिलने पर डीटीपी विभाग ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान किसी भी विरोध या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अवैध कॉलोनियों पर विभाग की कार्रवाई जारी कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, जिससे कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके। प्रशासन ने पहले ही क्षेत्र को चिन्हित कर तैयारी कर ली थी। डीटीपी गूंजन वर्मा ने बताया कि अवैध कॉलोनियों पर विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रशासन ने की लोगों से अपील उन्होंने कहा कि जितनी बार अवैध कॉलोनियां बसाने की कोशिश होगी, उतनी बार प्रशासन उन्हें ध्वस्त करेगा। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे अपनी मेहनत की कमाई केवल वैध कॉलोनियों में ही लगाएं और अवैध प्लॉट खरीदने से बचें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
फर्रुखाबाद में जिला अधिकारी के निर्देश पर बुधवार को एआरटीओ प्रवर्तन विभाग ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान ओवरलोडिंग, परमिट उल्लंघन और बकाया कर के आरोप में कुल 6 ट्रक और 3 स्लीपर बसों को सीज किया गया। एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत के नेतृत्व में चले इस अभियान में तीन स्लीपर बसें जब्त की गईं। इनमें से एक बस बरेली से आ रही थी, जिसका राजस्थान राज्य में पंजीयन निलंबित पाया गया। इस बस पर 93 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर रोडवेज बस अड्डे पर सीज किया गया। एक अन्य स्लीपर बस बिना परमिट संचालित पाई गई, जिस पर 58 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसे भी रोडवेज बस अड्डे पर सीज किया गया। तीसरी बस पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर सीज करने की कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल ढोते हुए तीन ट्रकों को भी सीज किया गया। इन ट्रकों पर 1.15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, बकाया कर के मामले में तीन अन्य ट्रकों को जब्त किया गया। इन ट्रकों पर कुल 1.55 लाख रुपये का कर बकाया था। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी नियम विरुद्ध संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
चंडीगढ़ प्रशासन के फाइनेंस डिपार्टमेंट ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए। ये सभी आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। आदेश फाइनेंस सेक्रेटरी दीप्रवा लाकड़ा की ओर से जारी किए गए। जानिए किस अधिकारी का कहां हुआ ट्रांसफर जारी आदेशों के अनुसार अलग-अलग विभागों में अधिकारियों को नई जगहों पर भेजा।कुलभूषण चौधरी को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड से फाइनेंस एंड अकाउंट्स विभाग। रजनी देव शर्मा को एग्रीकल्चर विभाग से स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी। अखिल कुमार को CCET-26 से पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज। दीपक कुमार को फूड एंड सप्लाइज विभाग से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड।राजेश शर्मा को हाउसिंग बोर्ड से नगर निगम चंडीगढ़।सुमेर सिंह को नगर निगम से फाइनेंस एंड अकाउंट्स विभाग।राजेश कुमार मोंगा को पुलिस विभाग से फाइनेंस एंड अकाउंट्स। इसके अलावा प्रमोशन के बाद अरुण, मनदीप कुमार, दीपक पठानिया, लेखराज और राम सिंह को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सेक्शन ऑफिसर स्तर पर भी बदलाव सेक्शन ऑफिसर (SAS) स्तर पर भी कई अधिकारियों के तबादले। उषा देवी को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड।राकेश कुमार को CCET-26 से GMSH-16 मीनू को समग्र शिक्षा अभियान से पब्लिक रिलेशंस विभाग।राजिंदर कुमार हूडा को पब्लिक रिलेशंस से सचिवालय स्टैटिस्टिकल सेल।अशु को सचिवालय से रेंट ऑर्गेनाइजेशन।अनिल यादव को शिक्षा विभाग से DSE कुछ अधिकारियों को फाइनेंस एंड अकाउंट्स विभाग में नए बनाए गए पदों पर भी नियुक्त किया गया है। इन अफसरों को सौंपी अतिरिक्त जिम्मेदारियां प्रशासन ने कई अधिकारियों को उनके मौजूदा काम के साथ अतिरिक्त चार्ज।सुनील कुमार को एग्रीकल्चर विभाग का अतिरिक्त कार्यभार।सीमा ठाकुर को राइट टू सर्विस कमीशन।मीनाक्षी रावत को नगर निगम में अतिरिक्त जिम्मेदारी।अरुण कुमार को इंडस्ट्रीज विभाग और खादी बोर्ड का कार्य सौंपा।सुदेश कुमारी को आर्किटेक्चर कॉलेज सेक्टर-12 का अतिरिक्त चार्ज।नूपुर गुलाटी को गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी का काम सौंपा।
मऊगंज जिले के ग्राम हंडिया में एक तेज रफ्तार बाइक ने सड़क किनारे जा रही वृद्ध महिला को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर घायल महिला की अस्पताल से छुट्टी होने के बाद घर लौटते समय अचानक फिर से तबीयत बिगड़ गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने बुधवार देर शाम करीब 8 बजे मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तेज रफ्तार बाइक ने पीछे से मारी टक्कर नवागांव कोठार निवासी कल्पना सोधिया ने पुलिस को बताया कि 9 मार्च 2026 को उनकी मां लक्ष्मी सोधिया ग्राम हंडिया में एक दुकान की ओर जा रही थीं। इसी दौरान गढ़ की ओर से आ रही बाइक (MP53MH3901) के चालक ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। सिर और कमर में आईं गंभीर चोट टक्कर लगने के कारण लक्ष्मी सोधिया सड़क पर गिर गईं, जिससे उनके सिर के पिछले हिस्से और कमर में गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तत्काल गंगेव अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर परिजन उन्हें घर ला रहे थे, तभी रास्ते में उनकी स्थिति पुनः खराब हो गई। फरार बाइक चालक की तलाश जारी तबीयत बिगड़ने पर वृद्धा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। नईगढ़ी थाना पुलिस के प्रधान आरक्षक रामकुमार भास्कर ने बताया कि दुर्घटना में शामिल बाइक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब फरार बाइक चालक की तलाश और मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
बसपा ने बनाई चुनावी रणनीति:विधानसभावार 20-20 बैठकों का रखा लक्ष्य
बहुजन समाज पार्टी के कार्यालय पर आज मंडल के मुख्य कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। जिसके मुख्य अतिथि नवनियुक्त मंडल प्रभारी सूरज सिंह व दूसरे प्रभारी जफर मलिक रहे। पार्टी द्वारा बूथ स्तर तक की कमेटी का गठन मेंबरशिप सेक्टरों पर होने वाली मीटिंग का समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विधान सभा स्तर पर सेक्टर स्तर की कम से कम 20 मीटिंग में आयोजित होनी है। जिसमें नए मेंबर बनाए जाएंगे और इन मीटिंग को मंडल प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारी संबोधित करेंगे। बैठक मुख्य रूप से उपस्थित मंडल प्रभारी सतपाल पीपला, मंडल प्रभारी शाहजहां सैफी, एडवोकेट मेघानंद जाटव, डॉक्टर कमल सिंह, दिनेश काजीपुर, ओमप्रकाश कश्यप, महेश प्रजापति, डॉक्टर सुभाष जाटव, सभी मंडल प्रभारी जिला अध्यक्ष मोहित जाटव, ऐ के कर्दम, मनोज जाटव, लखमी सिंह, रवि निगम, विक्रम भाटी सभी सामाजिक भाईचारे के कार्यकर्ता आदि मुख्य रहे।
मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र मेले के मद्देनजर यातायात शाखा ने व्यापक डायवर्जन प्लान लागू किया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 27 मार्च की रात 10 बजे तक शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। प्रयागराज की ओर से आने वाले भारी वाहनों को गैपुरा चौराहा से विजयपुर होते हुए लालगंज की ओर मोड़ा जाएगा। नटवा तिराहा से विंध्याचल की ओर किसी भी भारी वाहन (पेट्रोलियम और गैस वाहनों को छोड़कर) के प्रवेश पर रोक रहेगी। इन वाहनों को बथुआ तिराहा, लालगंज और विजयपुर मार्ग से वापस प्रयागराज की ओर भेजा जाएगा। भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पर पूरी तरह रोक वहीं बरकछा से शहर की ओर केवल आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को ही रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक जांच के बाद प्रवेश दिया जाएगा। अन्य सभी वाहनों को चुनार और लालगंज मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। बालू, गिट्टी, मोरंग और लोहा लदे वाहनों के शहर में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रयागराज की ओर से आने वाली बसों को अष्टभुजा पार्किंग में खड़ा किया जाएगा। सोनभद्र और मध्य प्रदेश से आने वाली बसों के लिए अमरावती और घमहापुर पार्किंग निर्धारित की गई है। शिवपुर ओवरब्रिज के पास वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था वहीं, वाराणसी, जौनपुर और भदोही से आने वाले वाहनों को निर्धारित बस स्टैंड और बरतर तिराहा स्थित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। पार्किंग भर जाने की स्थिति में दूधनाथ तिराहा, ओझला पुल हाईवे, पुरानी वीआईपी रोड और शिवपुर ओवरब्रिज के पास वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अमरावती चौराहे पर एक अस्थायी ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही, क्रेन और मोबाइल टीम भी तैनात रहेगी, जो सड़क पर खड़े वाहनों पर कार्रवाई करेगी। आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस, स्कूल बस और पेट्रोलियम वाहनों को इस डायवर्जन से छूट दी गई है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करते हुए व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
मोतिहारी में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार शाम गांधी चौक स्थित जमुना होटल समेत तीन होटलों पर छापेमारी कर सात घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा के नेतृत्व में की गई। शिकायतें मिल रही थीं कि जिले में एलपीजी गैस की कथित कमी और कालाबाजारी हो रही है, जिसके बाद प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा था छापेमारी दल में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी कृष्णकांत भी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि इन होटलों में घरेलू उपभोक्ता श्रेणी के सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए किया जा रहा था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। प्रशासन ने तत्काल सभी सात सिलेंडरों को जब्त कर लिया। संबंधित होटल संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि इस संबंध में टाउन थाना में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य अनुमंडल पदाधिकारी निशांत सिहारा ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक बुकिंग न करें। सिहारा ने यह भी चेतावनी दी कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक कार्यों में उपयोग करना गैरकानूनी है। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने बताया कि गैस की होम डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है, इसलिए उपभोक्ताओं को गैस गोदामों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए भविष्य में भी ऐसे छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे।
मुजफ्फरपुर में नाबालिग के अपहरण मामले में दोषी को सजा:3 साल की जेल, 10 हजार रुपए का जुर्माना लगा
मुजफ्फरपुर की एक अदालत ने साल 2024 के एक नाबालिग अपहरण और बाल विवाह मामले में आरोपी मुकेश सहनी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। कटरा थाना क्षेत्र में हुए इस मामले में सुनवाई की गई। मुजफ्फरपुर पुलिस की ओर से पेश पुख्ता सबूत और गहनता से तैयार की गई चार्जशीट के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को कारावास और आर्थिक दंड दोनों से दंडित किया है। 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया न्यायालय ने मुकेश सहनी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपहरण के मामले में तीन साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए का जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा, बाल विवाह निषेध अधिनियम के उल्लंघन के लिए आरोपी को दो साल का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे तीन माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे आम जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और समाज में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, जिसके लिए कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
चंदौली में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई:परिवहन विभाग ने 15 वाहन सीज किए, 20 से अधिक का चालान
चंदौली में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया। वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के नौ सदस्यीय अधिकारियों की टीम ने बुधवार शाम को हाइवे पर जांच की। इस दौरान 15 वाहनों को सीज किया गया और 20 से अधिक का चालान काटा गया। यह अभियान नौबतपुर से लेकर औद्योगिक नगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलाया गया। जांच टीमों ने प्रत्येक गुजरने वाले ट्रक को रोककर उसके परमिट और वजन की गहनता से जांच की। मानक के विपरीत पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की गई। परिवहन विभाग ने यह कार्रवाई हाइवे पर भारी और ओवरलोड वाहनों के संचालन की शिकायतों के बाद की। इसके अलावा, वाहनों को लोकेशन बताकर पास कराने की भी शिकायतें मिली थीं, जिसके मद्देनजर यह विशेष अभियान चलाया गया। परिवहन विभाग के जोन अधिकारी भीमसेन सिंह ने बताया कि वाहनों की जांच का यह अभियान देर रात तक जारी रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि भविष्य में भी हाइवे पर ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए ऐसे अभियान चलते रहेंगे। अभियान में वाराणसी आरटीओ मनोज वर्मा, एआरटीओ सर्वेश गौतम, राम सिंह यादव, दलवीर यादव, एसपी सिंह, सत्येंद्र सिंह, विजय कुमार, सुधांशु सहित अन्य परिवहन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
निवाई विधायक रामसहाय वर्मा का कहना है- सचिन पायलट साहब अच्छे है, वो कोई विरोध नहीं करते है, ना कोई इस तरह की ओछी राजनीति करते है। वो आम आदमी के लिए अच्छा सोचते है, लेकिन पार्टी धर्म के नाते कांग्रेस की बात को उठाना है तो उठाएंगे। उन्होंने कहा- मैं तो पायलट साहब को धन्यवाद देता हूं, सहजता और सरलता जो उनके अंदर है, वो शायद ही किसी नेता में होगी, राजनीति में बिना पेशेंस के कुछ नहीं होता, उनमें इतना पेशेंस है कि उनके मुखिया अशोक गहलोत ने पायलट को निकम्मा तक कह दिया, फिर भी पायलट ने एक शब्द नहीं बोला, ये उनके संस्कार है। मैं उनका प्रशंसक हूं। मेरे से जो सीनियर है, चाहे कांग्रेस के हो या बीजेपी के, मैं उनका सम्मान करता हूं। दरअसल, निवाई विधायक रामसहाय वर्मा बुधवार को टोंक में थे। उन्होंने पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में हुई पथराव और मारपीट की घटना में घायल हुए सत्यनारायण खटीक के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कीं। विधायक वर्मा ने कहा कि समाज में जो अपराधिक लोग उनका सबको मिलकर विरोध करना चाहिए, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में सौहार्द बना रहे। गैस सिलेंडर के हालात को लेकर कहा कि आमजन कोई परेशान नहीं है,कांग्रेस वाले भी क्या करे, से पार्टी धर्म निभा रहे है। पार्टी के आदेश की पालना कर रहे हैं, जबकि घरों में एक गैस सिलेंडर चूल्हे के लगा हुआ है तो दूसरा भर कर रख रखा है। पीड़ित के घर मिलने पहुंचे विधायकबता दें कि सत्यनारायण खटीक और उसके परिवारजनों पर धुलंडी पर समुदाय विशेष के लोगों ने हमला कर दिया था। दोनों पक्षों में मारपीट की घटना हुई थी। उसके दो दिन बाद ही फिर पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में ही समुदाय विशेष के लोगों ने वाल्मिकी समाज के घरों पर पथराव कर दिया था। इसके बाद आज शाम करीब 4 बजे निवाई विधायक रामसहाय वर्मा पीड़ित सत्यनारायण खटीक के घर गए और उनकी सार संभाल पूछी। इस दौरान वाल्मीकि समाज के लोग भी उनके पास पहुंचे और अपनी पीड़ा सुनाई।
राजस्थान दिवस पर सलूंबर में महाआरती:राजकीय तेजानंद बिहारी मंदिर में आयोजन, कलेक्टर विधायक रहे मौजूद
राजस्थान दिवस के अवसर पर जिले के प्रसिद्ध राजकीय तेजानंद बिहारी मंदिर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस धार्मिक कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने शिरकत की। उनके साथ अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। मंदिर के महंत ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं महाआरती संपन्न कराई। इस अवसर पर कलेक्टर अवधेश मीना ने कहा कि राज्य सरकार भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने का माध्यम बनते हैं। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी, भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से आरती में भाग लिया और सुख-समृद्धि तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी जगदीश चंद्र बामनिया और एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। मंदिर समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का सुव्यवस्थित संचालन किया। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, प्रसाद वितरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मिर्जापुर में विंध्याचल धाम में 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र मेले के लिए रेलवे प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा श्रद्धालु यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मेला अवधि में विंध्याचल स्टेशन पर पहले से चल रही 25 जोड़ी ट्रेनों के अलावा 5 अतिरिक्त ट्रेनों को ठहराव दिया गया है, जिससे कुल 30 ट्रेनों का ठहराव होगा। रेलवे प्रशासन के अनुसार, विंध्याचल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर, साइनेज और सहायक सेवाएं शुरू की जा रही हैं। स्टेशन पर 3 अनारक्षित और 1 आरक्षित टिकट काउंटर के साथ 12 अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि टिकट लेने में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। स्काउट-गाइड के स्वयंसेवक यात्रियों की सहायता में तैनात यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसर में समय सारिणी, किराया सूची, प्रवेश-निकास और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, एक खोया-पाया केंद्र और एक पूछताछ केंद्र भी संचालित रहेगा। भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर अस्थायी रूप से 3 अतिरिक्त वाटर प्वाइंट, 15 पुरुष और 15 महिला शौचालय तथा 10 स्नानघर बनाए जा रहे हैं। सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड, नागरिक सुरक्षा संगठन और भारत स्काउट-गाइड के स्वयंसेवक यात्रियों की सहायता के लिए तैनात रहेंगे। सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की पर्याप्त तैनाती की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मेले के दौरान यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष मेला स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया जाएगा। गाड़ी संख्या 04113/04114 मिर्जापुर से लखनऊ के बीच एक अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेन 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चलाई जाएगी, जो कुल 15 फेरे लगाएगी। इसी तरह, गाड़ी संख्या 04112/04111 प्रयागराज से पटना के बीच भी मेला स्पेशल ट्रेन संचालित होगी। इन स्पेशल ट्रेनों में 12 मेमू कोच लगाए जाएंगे और यह विभिन्न प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए यात्रियों को सुगम यात्रा सुविधा प्रदान करेंगी। रेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान रेलवे नियमों का पालन करें और भीड़भाड़ की स्थिति में धैर्य बनाए रखें, ताकि सभी को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल सके।
सुपौल में प्रशासनिक सख्ती के तहत जिला पदाधिकारी सावन कुमार के एक्शन मोड का असर लगातार देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, लक्ष्मीनियां (प्रखंड-छातापुर) में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक जयशंकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों और विभागीय जांच के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयशंकर सिंह पर विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने, भौतिक रूप से अनुपस्थित रहने के बावजूद प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से उपस्थिति दर्ज कराने तथा शिक्षण कार्य छोड़कर सहरसा में मेडिकल दुकान चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। यह शिकायत लक्ष्मीनियां निवासी अभिषेक झा द्वारा लिखित रूप में विभाग को दी गई थी। निरीक्षण में शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए मामले की जांच के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, छातापुर द्वारा 16 मार्च 2026 को किए गए निरीक्षण में शिक्षक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। जब उनसे दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने स्वयं को सुपौल में होने की बात कही, लेकिन लाइव लोकेशन मांगने पर उनका स्थान सहरसा में पाया गया, जिससे आरोप और भी पुख्ता हो गए। इसके अलावा ई-शिक्षा कोष की समीक्षा में भी यह सामने आया कि संबंधित शिक्षक बीते माह और शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान लगातार अनुपस्थित रहे हैं, जबकि रिकॉर्ड में ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ दिखाया गया था। इस संबंध में विभाग द्वारा 16 मार्च 2026 को स्पष्टीकरण भी मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय तक कोई जवाब नहीं दिया गया। मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर निर्धारित किया गया इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 की धारा 09 के तहत जयशंकर सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, किशनपुर निर्धारित किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के तहत उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही, अलग से आरोप पत्र जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य कर्मियों को भी स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यमुनानगर जिले में सामने आए करीब 70 करोड़ रुपये के बहुचर्चित धान घोटाले में हरियाणा सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तीन इंस्पेक्टर और एक एएफएसओ (सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी) को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई विभाग के निदेशक अंशज कुमार द्वारा जारी आदेशों के तहत की गई, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि संबंधित अधिकारियों की गंभीर लापरवाही, कर्तव्य में चूक और संभावित मिलीभगत के कारण सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। अधिकारियों को सौंपी गई थी राइस मिलों की जिम्मेदारी जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, यह पूरा घोटाला धान खरीद सीजन 2025-26 के दौरान हुआ, जब संबंधित अधिकारियों को विभिन्न अनाज मंडियों और राइस मिलों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन अधिकारियों में इंस्पेक्टर सविता छछरौली क्षेत्र, विनोद कुमार प्रतापनगर और मनोज यादव रणजीतपुर मंडी में तैनात थे, जबकि एएफएसओ देवेंद्र कुमार प्रतापनगर मंडी में सुपरवाइजरी भूमिका निभा रहे थे। इन सभी के कार्यकाल में संबंधित राइस मिलों में धान की भारी कमी सामने आई। निरीक्षण में सामने आई भारी गड़बड़ी पूरा मामला 13 नवंबर 2025 को उस समय उजागर हुआ, जब विभाग के निदेशक ने प्रतापनगर क्षेत्र की राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फिजिकल वेरिफिकेशन में भारी मात्रा में धान की कमी सामने आई। उदाहरण के तौर पर, विनोद कुमार से जुड़े मामले में 6108 मीट्रिक टन धान का आवंटन किया गया था, लेकिन मौके पर केवल लगभग 17464.59 मीट्रिक टन की कमी पाई गई, जिससे सरकार को करीब 22.70 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। करोड़ों की वित्तीय हानी का अनुमान इसी तरह, मनोज कुमार यादव के मामले में भी राइस मिलों में 5443 मीट्रिक टन धान की कमी और कुल मिलाकर 4233.25 मीट्रिक टन की गड़बड़ी सामने आई, जिससे लगभग 11 करोड़ 64 रुपये से अधिक की वित्तीय हानि का अनुमान लगाया गया। वहीं इंस्पेक्टर सविता के कार्यकाल में भी 3995.85 मीट्रिक टन धान के आवंटन के मुकाबले भारी कमी पाई गई, जिससे लगभग 8.17 करोड़ रुपये का नुकसान सामने आया। एएफएसओ देवेंद्र कुमार के मामले में भी प्रतापनगर की राइस मिलों में धान की कमी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और निगरानी में गंभीर चूक सामने आई, जिसमें लगभग 22.70 करोड़ रुपये के नुकसान का जिक्र किया गया है। फर्जी गेट पास और रिकॉर्ड में हेराफेरी जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मंडियों में फर्जी गेट पास जारी कर कागजों में धान की खरीद दिखा दी गई, जबकि वास्तविक रूप से धान का स्टॉक मौजूद नहीं था। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे राइस मिलों में धान की आवक, भंडारण और स्टॉक का मिलान सुनिश्चित करें, लेकिन उन्होंने न केवल यह जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई, बल्कि कई मामलों में रिकॉर्ड को छुपाने और गलत जानकारी देने का भी आरोप लगा। रिपोर्ट के अनुसार, कई राइस मिलें एक ही मिलर—संदीप सिंगला—के नाम पर संचालित हो रही थीं और इन मिलों में धान की भारी कमी लगातार बनी रही। इसके बावजूद अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। नियमों का उल्लंघन और विभागीय आदेशों की अनदेखी जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित अधिकारियों ने 19 सितंबर 2025 को जारी विभागीय निर्देशों का पालन नहीं किया। इन निर्देशों में स्पष्ट रूप से धान के भंडारण और सत्यापन के लिए सख्त नियम तय किए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने इनकी अनदेखी की। इसके अलावा, हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियमावली, 2016 के कई प्रावधानों का उल्लंघन भी पाया गया। जांच प्रक्रिया और जवाब मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पहले संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्हें आरोपों का जवाब देने और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। 17 मार्च 2026 को सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने अपने पक्ष रखे, लेकिन जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर उनके जवाब असंतोषजनक पाए गए। जांच रिपोर्ट (10 मार्च 2026) में स्पष्ट रूप से कहा गया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण धान का भौतिक सत्यापन सही तरीके से नहीं हुआ, जिससे बड़े स्तर पर सरकारी अनाज का गबन संभव हुआ। बर्खास्तगी का आदेश इन सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने हरियाणा सिविल सेवा (Punishment Appeal) Rules, 2016 के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए आज बुधवार को चारों अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि “dismissal” एक गंभीर दंड है, जिसके तहत संबंधित कर्मचारी भविष्य में सरकारी सेवा के लिए अयोग्य हो जाता है।
मिर्जापुर में चैत्र नवरात्र मेला-2026 को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। चैत्र नवरात्र मेला-2026 को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 18 मार्च को अपर्णा रजत कौशिक और पवन कुमार गंगवार ने सैमफोर्ड पब्लिक स्कूल में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्रीफ किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिले। माँ विंध्यवासिनी मंदिर, अष्टभुजा मंदिर और कालीखोह धाम में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं बेहतर प्रबंधन के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 1 सुपर जोन, 10 जोन और 21 सेक्टर में विभाजित किया गया है। नितेश सिंह को नोडल अधिकारी, विवेक जावला को मेला पुलिस अधिकारी और अरविंद कुमार मिश्रा को मेला प्रकोष्ठ प्रभारी बनाया गया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को साफ वर्दी, अनुशासन और विनम्र व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, गुमशुदा श्रद्धालुओं को खोया-पाया केंद्र पहुंचाने, बीमार व्यक्तियों को तुरंत चिकित्सा सुविधा देने और कंट्रोल रूम को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला पुलिसकर्मियों को सादे वर्दी और यूनिफॉर्म दोनों में तैनात किया गया है। मेला क्षेत्र में पुलिस, यातायात पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, आरएएफ, एंटी चैन स्नैचर स्क्वाड, फायर ब्रिगेड के साथ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को शांतिपूर्ण और सफल मेला संपन्न कराने की शपथ दिलाई गई, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में दर्शन का लाभ मिल सके।

