तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने बुधवार को कहा कि 'थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम' (Thaimaman Gold Ring Scheme) का उद्घाटन, जो 25 सितंबर को होना था, उसे टाल दिया गया है क्योंकि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। अरुणराज ने लाभार्थियों को भरोसा दिलाया कि इस स्कीम के तहत बांटे जाने वाले सोने की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा; सोने की अंगूठियों पर रजिस्टर्ड हॉलमार्क सर्टिफिकेशन होगा और वे शुद्ध सोने की बनी होंगी। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने कहा, थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम, जिसका उद्घाटन 25 सितंबर को होना था, उसे टाल दिया गया है क्योंकि मुख्यमंत्री विदेश जा रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए, क्योंकि सोना रजिस्टर्ड हॉलमार्क वाला और शुद्ध होगा। इसे भी पढ़ें: DMK का बड़ा ऐलान: CM Vijay की टिप्पणियों पर 12 सितंबर को statewide protest इस बीच, स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार जीवन बचाने वाले ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बोन मैरो रजिस्ट्री बना रही है। यह रजिस्ट्री ब्लड और आई डोनेशन के मौजूदा सिस्टम की तर्ज पर होगी। मीडिया से बात करते हुए अरुणराज ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विज़न के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों को प्राइवेट हेल्थकेयर सुविधाओं के बराबर लाने के लिए पब्लिक हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, तमिलनाडु राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग बोन मैरो रजिस्ट्री शुरू करने जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे हम ब्लड और आई डोनेशन के लिए करते हैं। कोई भी व्यक्ति खुद को रजिस्टर करके बोन मैरो डोनेट करने के लिए आगे आ सकता है... अब से सरकारी अस्पतालों में प्लास्टिक का इस्तेमाल करके खाना परोसने की इजाज़त नहीं होगी। इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु में 'Secular Social Justice Victory Alliance' की धमक, Vijay-Congress साथ मिलकर देंगे चुनौती स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि अधिकारियों को अस्पताल परिसर में चूहों की समस्या से निपटने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही मरीज़ों के अनुभव पर नज़र रखने और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नया फ़ीडबैक सिस्टम भी शुरू किया जा रहा है। केजी अरुणराज ने कहा, हम अस्पताल परिसर में और उसके आस-पास चूहों को घूमते हुए देख सकते हैं, और उन पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। हम मरीज़ों के अनुभव के बारे में फ़ीडबैक लेंगे... मुख्यमंत्री विजय स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता दे रहे हैं। वह चाहते हैं कि सरकारी अस्पताल भी प्राइवेट अस्पतालों के बराबर हों।
तमिलनाडु में 'Secular Social Justice Victory Alliance' की धमक, Vijay-Congress साथ मिलकर देंगे चुनौती
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) और कांग्रेस, आईयूएमएल, वीसीके और एमडीएमके के बीच सत्तारूढ़ गुट के आधिकारिक नाम के रूप में धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय विजय गठबंधन (एसएसजेवीए) का खुलासा किया गया है। गठबंधन के सदस्य हैं तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके), कांग्रेस, थोल थिरुमावलवन की विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), वाइको की मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके), और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल)। इसे भी पढ़ें: उधर विपक्ष बेकार के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, इधर Modi Cabinet ने कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंका दिया गठबंधन के नाम को अंतिम रूप देने का निर्णय बुधवार को चेन्नई में टीवीके मुख्यालय में ब्लॉक के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया गया। यह बैठक पनायूर में TVK मुख्यालय में हुई और इसमें गठबंधन में शामिल पार्टियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कांग्रेस की ओर से मणिकम टैगोर, थारागाई कथबर्ट और प्रवीण चक्रवर्ती बैठक में शामिल हुए। VCK का प्रतिनिधित्व उसके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने किया, साथ ही वन्नी अरासु, रवि कुमार और सिंदनाई सेलवन भी मौजूद रहे। MDMK नेता वाइको ने दुरई वाइको के साथ बैठक में हिस्सा लिया, जबकि IUML का प्रतिनिधित्व के.एम. कादर मोहिदीन और शाहजहाँ ने किया। यह गठबंधन धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित करने वाली पार्टियों को एक साथ लाता है और उम्मीद है कि यह तमिलनाडु की चुनावी लड़ाई में अहम भूमिका निभाएगा। इस बैठक में वामपंथी पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए। CPI(M) और CPI, दोनों ने ही पनायुर में हुई इस बैठक में शामिल न होने का फ़ैसला किया। CPI(M) पहले ही साफ़ कर चुकी है कि TVK के नेतृत्व वाली सरकार को उसका समर्थन मुद्दों पर आधारित होगा और वह सरकार में शामिल नहीं होगी। पार्टी ने औपचारिक गठबंधन से दूर रहने का फ़ैसला किया है और कैबिनेट में हिस्सेदारी की मांग करने से भी इनकार कर दिया है। मंगलवार को CPI(M) नेता पी. शनमुगम ने साफ़ किया कि सरकार के बाहर से मुद्दों पर आधारित समर्थन देने का पार्टी का फ़ैसला विधानसभा में TVK के नेतृत्व वाली सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करने के मकसद से लिया गया था। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly Bypolls: DMK ने Madurantakam और Dharapuram सीटों पर उतारे उम्मीदवार पार्टी कैबिनेट में हिस्सेदारी मिले बिना ऐसे किसी औपचारिक गठबंधन ढांचे में शामिल नहीं होना चाहती थी, जिसका मकसद भविष्य के स्थानीय निकाय और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए आधार तैयार करना हो। पार्टी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखना चाहती थी और साथ ही मज़दूरों, खेती और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना करने की आज़ादी भी बनाए रखना चाहती थी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
DMK का बड़ा ऐलान: CM Vijay की टिप्पणियों पर 12 सितंबर को statewide protest
मुख्य विपक्षी पार्टी DMK ने बुधवार को कहा कि वह 12 सितंबर को राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा विधानसभा में पार्टी प्रमुख एम.के. स्टालिन और पार्टी के दिवंगत नेता एम. करुणानिधि के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करने के लिए किया जाएगा, जिसमें उनके शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। DMK ने कहा कि विधानसभा में विजय का भाषण कड़ी निंदा के योग्य है क्योंकि इसमें पार्टी, उसके दिवंगत नेता और पांच बार मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि, दिवंगत केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन और पार्टी प्रमुख स्टालिन के बलिदानों को कमतर आंका गया। इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination पार्टी ने एक बयान में इस बात पर ज़ोर दिया कि स्टालिन ने कुख्यात इमरजेंसी (1975-77) के दौरान अपनी एक साल की जेल की सज़ा में यातना सही थी और उन्हें MISA (मेंटेनेंस ऑफ़ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत गिरफ़्तार किया गया था। पार्टी का आरोप है कि विधानसभा ने कभी भी इतना घिनौना भाषण नहीं देखा था और ऐसी बातें कहकर विधानसभा की गरिमा, परंपरा और इतिहास को ताक पर रख दिया गया। DMK का आरोप है कि शासन की नाकामियों पर सवालों का जवाब न दे पाने के कारण, मुख्यमंत्री विजय ने भद्दी बयानबाजी करके खुद को बिना किसी स्तर वाले व्यक्ति के रूप में पेश किया है। विजय के भाषण की निंदा करते हुए, पार्टी अपने ज़िला सचिवों के नेतृत्व में 12 सितंबर को पूरे राज्य में ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन करेगी। 7 सितंबर को विधानसभा में DMK पर ज़बरदस्त हमला करते हुए, आक्रामक तेवर अपनाए विजय ने पार्टी के पिछले शासनकाल के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर और सुनियोजित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उसे घेरा। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu के मुख्यमंत्री Joseph Vijay बोले- विधानसभा में जबड़े पर हाथ रखना अनजाने में हुआ विजय ने दशकों पहले करुणानिधि के नेतृत्व वाली DMK सरकार पर निशाना साधने के लिए सरकारिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया। मुख्यमंत्री ने मारन का भी ज़िक्र किया। मुख्यमंत्री ने DMK के 2021-26 के कार्यकाल के दौरान कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार के साथ साझा किए गए ED के आधिकारिक दस्तावेज़ों का ज़िक्र किया और इस सिलसिले में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्टालिन और उनके डिप्टी उदयनिधि का नाम लिया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Mahatransco IPO: आईपीओ से ₹10000 करोड़ जुटा सकती है महाट्रांसको, जानिए क्या है कंपनी का प्लान
महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (एमएसईटीसीएल) आईपीओ से 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इस ट्रांसमिशन कंपनी को महाट्रांसको भी कहा जाता है। यह किसी राज्य सरकार की ट्रांसमिशन कंपनी का पहला आईपीओ होगा। अभी कंपनी का यह प्लान शुरुआती अवस्था में है।महाट्रांसको इनवेस्टमेंट बैंक की नियुक्ति करने वाली हैMaharashtra State Electricity Transmission Company Ltd (MSETCL) अभी इनवेस्टमेंट बैंक और लीगल काउंसल की नियुक्ति करने वाली है। इस मामले में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि आईपीओ के साइज और स्ट्रक्चर के बारे में फैसला ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के करीब हो सकता है।40000-50000 की वैल्यूएशन पर आ सकता है IPOइस मामले में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने बताया, इस आईपीओ के करीब 40,000-50,000 की वैल्यूएशन पर आने की उम्मीद है। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा। महाट्रांसको इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि इसकी पेरेंट कंपनी एमएसईबी होल्डिंग कंपनी अपने कुछ शेयर बेचेगी।महावितरण भी इश्यू से 50-100 करोड़ डॉलर जुटाएगीमनीकंट्रोल ने सबसे पहले 18 अगस्त को यह बताया था कि महाट्रांसको ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित की है। इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी (महावितरण) ने आईपीओ के लिए छह इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त किए हैं। ब्लूमबर्ग ने बताया है कि यह कंपनी 50 करोड़ डॉलर से 100 करोड़ डॉलर जुटा सकती है।राज्य सरकारों की ये कंपनियां पहले से सूचीबद्धशेयरों की लिस्टिंग के बाद महाट्रांसको और महावितरण राज्य सरकारों की कुछ चुनिंदा कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगी, जिनके शेयरों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों में होती है। इस लिस्ट में Gujarat Energy, Gujarat Alkalies and Chemicals, Gujarat Mineral Development Corporation, Tamil Nadu Newsprint and Papers, Punjab Communications और Jammu & kashmir Bank शामिल हैं।काउंसल की नियुक्ति के लिए भी प्रस्ताव आमंत्रितरिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के मुताबिक, महाट्रांसको छह मर्चेंट बैंकर्स का चुनाव कर सकती है। मर्चेंट बैंकर्स के लिए बोलियां सब्मिट करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी। एलिजिबल बिडर्स की तरफ से 15 से 17 सितंबर के बीच प्रजेंटेशन होगा। कंपनी ने काउंसल की नियुक्ति के लिए लॉ फर्मों से भी अलग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।यह भी पढ़ें:IPO News: एक-दो नहीं, खुले 6 कंपनियों के आईपीओ; इसकी GMP सबसे तगड़ीकंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनमहाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की रीस्ट्रक्चरिंग के बाद महाट्रांसको की शुरुआत हुई थी। इसका मालिकाना हक MSEB Holding Company के पास है। यह महाराष्ट्र सरकार की ट्रासमिशन यूटिलिटी के रूप में ऑपरेट करती है। कंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन और 760 एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज सबस्टेशन हैं, जिसका वह मेंटेनेंस भी करती है। इस तरह से यह देश की सबसे बड़ी स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी है।
Tamil Nadu Assembly Bypolls: DMK ने Madurantakam और Dharapuram सीटों पर उतारे उम्मीदवार
चेन्नई, नौ सितंबर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने बुधवार को तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों के लिए मदुरांतकम और धारापुरम की आरक्षित सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। यहां द्रमुक मुख्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी की विधिक शाखा के संयुक्त सचिव और एग्मोर के पूर्व विधायक आई. पारंथमन को मदुरांतकम (आरक्षित) सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह, धारापुरम (आरक्षित) सीट से एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपचुनावों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके साथ ही मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया नौ से 16 सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। छह अक्टूबर को उपचुनाव के बाद नौ अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
Tamil Nadu Politics: ईपीएस ने डीएमके को ही दे डाली खुली चुनौती, बोले- ‘क्या आप हमारे साथ आएंगे?’
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Tamil Nadu के मुख्यमंत्री Joseph Vijay बोले- विधानसभा में जबड़े पर हाथ रखना अनजाने में हुआ
चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा में अपने जबड़े को छूने का उनका हाव-भाव जानबूझकर नहीं किया गया था और पूरी तरह अनजाने में हुआ। विजय ने सात सितंबर की विधानसभा की अपनी भाव-भंगिमा का जिक्र करते हुए कहा, “मेरी शारीरिक हाव-भाव की वह प्रतिक्रिया अनायास हुई थी। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि वह किसी भी तरह जानबूझकर नहीं की गई थी।”सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा, इसलिए मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि इसे किसी की व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्य के रूप में न देखा जाए। विजय का एक हाथ से जबड़े को पकड़ने का हावभाव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था। कुछ लोगों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन का मजाक उड़ा रहे थे, क्योंकि आपातकाल (1975-77) के दौरान हिरासत में रहने के दौरान स्टालिन के जबड़े में फ्रैक्चर हो गया था। इस मुद्दे पर माकपा के राज्य सचिव पी. षणमुगम ने कहा कि आपातकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन को पुलिस ने बुरी तरह पीटा था और उनका जबड़ा टूट गया था। षणमुगम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, ‘‘बॉडी शेमिंग कोई भी करे, वह निंदनीय है। खुद मुख्यमंत्री का ऐसा करना गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है।’’माकपा नेता ने कहा कि विधानसभा को व्यक्तिगत हमलों के मंच में बदलना, जिसका जनकल्याण से कोई लेना-देना नहीं है या इसे केवल अपने नेता की प्रशंसा करने का मंच बना देना पूरी तरह अनैतिक कृत्य है। माकपा उन दलों में शामिल है जो टीवीके सरकार का समर्थन करते हैं और यह सरकार कांग्रेस, वाम दलों, आईयूएमएल और वीसीके के समर्थन पर टिकी है। विजय ने यह हाव-भाव उस समय किया था, जब वह 1970 के दशक की सरकरिया आयोग की रिपोर्ट और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर मुख्य विपक्षी दल द्रमुक पर कथित भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साध रहे थे। इस दौरान उन्होंने हाथ से अपना जबड़ा ऊपर उठाने और सिर को थोड़ा एक ओर झुकाने जैसा हाव-भाव किया था। इस पृष्ठभूमि में विजय ने स्पष्ट किया कि उनका यह हाव-भाव पूरी तरह अनजाने में हुआ था। पिछले कुछ वर्षों में अन्नाद्रमुक के कुछ नेताओं और समर्थकों ने दावा किया था कि आपातकाल के दौरान स्टालिन को मीसा (आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम) के तहत जेल नहीं भेजा गया था। हालांकि, उन्होंने स्टालिन के जेल जाने से इनकार नहीं किया था। स्टालिन ने 2019 में यह भी कहा था कि उनसे यह साबित करने के लिए कहा जाना कि उन्हें मीसा के तहत गिरफ्तार किया गया था, अपमानजनक था। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर चर्चा करना अनुचित है। अपनी आत्मकथा ‘उंगलिल ओरुवन’ (आप में से एक) में स्टालिन ने 1976 में अपनी गिरफ्तारी और उसके बाद जेल में बिताए समय का उल्लेख किया है। उन्होंने संक्षेप में यह भी बताया है कि जेल को एक यातना कक्ष में बदल दिया गया था, जहां मौत की आवाजें गूंजती थीं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार को विधानसभा में किए गए अपने उस वायरल इशारे पर सफाई दी, जिसे DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन के टूटे हुए जबड़े का मज़ाक उड़ाने के तौर पर देखा गया था। उन्होंने कहा कि यह इशारा अचानक हुआ था और इसका मकसद किसी को दुख पहुँचाना नहीं था। विधानसभा में विपक्षी पार्टी के ख़िलाफ़ एक तीखे भाषण के दौरान, विजय ने अपने जबड़े को छूने वाला जो इशारा किया था, उसके लिए उनकी आलोचना हुई। इस इशारे को स्टालिन के शारीरिक रूप-रंग का मज़ाक उड़ाने के तौर पर देखा गया था। मुख्यमंत्री पर DMK प्रमुख का बॉडी-शेमिंग का आरोप लगा था। इसे भी पढ़ें: महिपाल ढांडा को ‘जाट समाज पर कलंक’ बताना ओछी और संकीर्ण राजनीति: शमशेर खरक विजय ने X पर लिखा कि मैं यह साफ़ करना चाहता हूँ कि 7 सितंबर 2026 को विधानसभा में पुलिस विभाग के लिए अनुदान की माँगों पर जवाब देते समय अनजाने में जो बॉडी लैंग्वेज दिखी, वह पूरी तरह से स्वाभाविक थी और उसका कोई छिपा हुआ मकसद नहीं था। इसलिए, मैं ईमानदारी से अनुरोध करता हूँ कि इसे किसी को व्यक्तिगत रूप से चोट पहुँचाने या नाराज़ करने की कोशिश के तौर पर न देखा जाए। यह बात तब सामने आई जब CPI(M) नेता पी. शनमुगम ने स्टालिन के बॉडी शेमिंग (शारीरिक बनावट का मज़ाक उड़ाने) के लिए विजय की आलोचना की और कहा कि विधानसभा को व्यक्तिगत हमलों का मंच नहीं बनना चाहिए। शनमुगम ने इमरजेंसी के दौर को याद किया, जब लोकतंत्र के बचाव में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और उसके बाद दमन और ज्यादतियां हुई थीं। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान स्टालिन पर हुए हमले का भी ज़िक्र किया, जब उन्हें 'मेंटेनेंस ऑफ़ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट' (MISA) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि किसी के शारीरिक रूप-रंग का मज़ाक उड़ाना निंदनीय है, चाहे कोई भी ऐसा करे; खुद मुख्यमंत्री का ऐसा करना गैर-ज़िम्मेदाराना हरकत है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan civic polls में गरमाई सियासत, BJP ने 41 बागी नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता विजय ने ED के एक दस्तावेज़ और दशकों पुरानी सरकारिया कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पिछली DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए। विजय ने कहा कि सरकारिया कमीशन की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि पर अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। 1976 की जस्टिस सरकारिया कमीशन रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए, विजय ने दावा किया कि उसमें सरकारी कॉन्ट्रैक्ट देने के बदले पार्टी फंड की मांग करने के मामले दर्ज थे और तर्क दिया कि आज के समय में भी वैसी ही हरकतें हो रही हैं। उदयनिधि ने आरोपों का जवाब देने की अनुमति मांगी, लेकिन सदन में हंगामे के कारण स्पीकर ने तुरंत जवाब देने की इजाजत नहीं दी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Tamil Nadu की 2 सीटों पर By-election 6 अक्टूबर को, TVK सरकार की पहली परीक्षा
चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव महज तीन महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री बने सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के लिए पहली महत्वपूर्ण चुनावी परीक्षा होगी। यह उपचुनाव मदुरंतकम और धारापुरम सीटों पर होगा। इस कड़े चुनावी मुकाबले में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीवीके अन्नाद्रमुक के उन पूर्व विधायकों को टिकट देगी जो अप्रैल में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद पद से इस्तीफा देकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए थे या फिर वह अपने किसी पुराने उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी। अन्नाद्रमुक के पूर्व विधायकों मरगथम कुमारवेल और पी सत्यभामा के क्रमश: मदुरंतकम और धारापुरम सीटों से इस्तीफा देने के बाद ये दोनों विधानसभा सीटें खाली हो गई थीं, जिसके बाद भारत निर्वाचन आयोग ने इन पर उपचुनाव कराने की घोषणा की है। दोनों ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) छोड़ने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर को अपना इस्तीफा सौंपने वाले दिन ही तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) पार्टी की सदस्यता ले ली थी। राज्य में उपचुनावों में सत्तारूढ़ दलों को बढ़त मिलने की परंपरा रही है लेकिन टीवीके के चुनाव प्रचार में उतरने के साथ ही उसे गठबंधन के भीतर मतभेद, आक्रामक विपक्ष और अहम विधायी समीकरणों की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मई 2026 में विधानसभा चुनाव के बाद साधारण बहुमत से पीछे रहने के कारण टीवीके ने कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और वाम दलों के समर्थन से सरकार बनाई। अन्नाद्रमुक के 22 बागी विधायकों द्वारा की गई क्रॉस-वोटिंग की बदौलत विजय सरकार को कुल 144 विधायकों का समर्थन मिला जिसकी वजह से वह सदन में बहुमत साबित कर पाई। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके पास 107 सीट हैं और वह 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े के लिए बाहरी समर्थन पर निर्भर है। वहीं, अन्नाद्रमुक के लिए यह मुकाबला बेहद निजी होने की संभावना है, क्योंकि वह अपने सदस्यों के दलबदल के कारण खोई हुई सीटों पर फिर से कब्जा करने की कोशिश में है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नौ से 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 19 सितंबर है। इन सीटों पर छह अक्टूबर को उपचुनाव होगा और नौ अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।
Tamil Nadu FIR against former minister KN Nehru ₹1,020 crore scam; accused extortion name of party funds.
तमिलनाडु विधानसभा में मीसा पर महाभारत: स्पीकर के चेंबर के सामने बैठे डीएमके विधायक, मार्शल ने जबरन उठाया- Opposition uproar over MISA in Tamil Nadu Assembly DMK MLAs sat outside Speaker chamber were forcibly removed
Tamil Nadu Assembly: CM के आरोपों पर DMK का हंगामा, मार्शल ने विधायकों को सदन से निकाला
चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के उस बयान को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की जिसमें उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। द्रमुक विधायकों ने इसके साथ ही नारेबाजी की, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल के कई विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही द्रमुक के सचेतक ई वी वेलु ने सोमवार को विजय द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मुख्यमंत्री के संदर्भों को सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए, क्योंकि यह सदन के नियमों के विरुद्ध है। वेलु ने सरकारिया आयोग के संदर्भों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि आयोग ने माना था कि कोई अपराध नहीं हुआ था। कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और ईडी के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर मुख्यमंत्री के बयान का बचाव किया। उन्होंने तत्कालीन द्रमुक सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को भी दोहराया। द्रमुक सदस्यों ने इसका विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को सदन के रिकॉर्ड से हटाने की मांग खारिज कर दी, जिसके बाद द्रमुक विधायकों की नारेबाजी जारी रही। द्रमुक के कई विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने एकत्र हो गए और अपनी मांग दोहराते हुए नारेबाजी करते रहे। सदन के नेता के. ए. सेंगोट्टैयन ने सदन के नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। विधानसभा कक्ष से बाहर ले जाए जाते समय भी द्रमुक विधायक इस मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे।
Kaushambi News: तमिलनाडु से पटाखा लाकर नौशाद के जरिये कौशाम्बी में खपाता था शोएब
Shoaib used to source firecrackers from Tamil Nadu and sell them in Kaushambi through Naushad.
CM Vijay का DMK पर निशाना, कहा – ED Report में है Karur Gang के भ्रष्टाचार का सबूत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को DMK पर आरोप लगाया कि वे पार्टी फंड के नाम पर सरकारी ठेकेदारों से रिश्वत वसूलते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों को अपने कॉन्ट्रैक्ट की कीमत का एक हिस्सा किश्तों में देना पड़ता था, ठीक वैसे ही जैसे लोन की EMI चुकाई जाती है। विधानसभा में तीखा हमला करते हुए, विजय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक दस्तावेज का हवाला दिया और आरोप लगाया कि पिछली DMK सरकार के दौरान ठेकेदारों को कॉन्ट्रैक्ट की कीमत का 10 प्रतिशत तक पार्टी फंड के तौर पर देना पड़ता था। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly में भारी हंगामा! कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के तेवरों के बीच बोले CM विजय- 'पुलिस को पावर सेंटर नहीं, रक्षक बनना चाहिए' विजय ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली शराब कंपनी 'टासमैक' (Tasmac) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में ED द्वारा करूर गैंग का ज़िक्र किए जाने का भी हवाला दिया और कहा कि गैर-कानूनी काम भी सुनियोजित तरीके से किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि DMK सरकार के दौरान यह वैज्ञानिक भ्रष्टाचार जैसा था। भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने के लिए विपक्ष की बार-बार सबूत मांगने की मांग पर कड़ा जवाब देते हुए विजय ने कहा कि ED के दस्तावेज़ में ही वे सबूत मौजूद हैं, जिनकी विपक्ष मांग कर रहा था। विजय ने कहा कि ED के दस्तावेज़ में कहा गया है कि पार्टी फंड के तौर पर 7.5% से 10% तक की रकम वसूली गई। यानी, उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट की दरों के हिस्से के तौर पर यह प्रतिशत मांगा और वसूला। इसमें यह भी कहा गया है कि यह रकम पार्टी फंड के नाम पर रिश्वत के तौर पर वसूली गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पैसा म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन एंड वॉटर सप्लाई (MAWS) डिपार्टमेंट के तहत काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टरों से वसूला गया था। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में पुलिसकर्मियों का कार्यभार घटाने और Welfare Schemes को सरकार देगी प्राथमिकता विजय ने ED के दस्तावेज़ से पढ़ते हुए कहा कि सरकारी कामों के लिए MAWS विभाग के ठेकेदारों से पार्टी फंड के तौर पर रिश्वत वसूली गई थी। विजय ने दस्तावेज का हवाला देते हुए आगे कहा, पार्टी फंड के तौर पर ली गई यह रिश्वत सत्ताधारी पार्टी के फायदे के लिए वसूली गई थी, जो तमिलनाडु सरकार चला रही है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
तमिलनाडु विधानसभा का सत्र सोमवार को हंगामेदार मोड़ के साथ शुरू हुआ। विपक्षी दल DMK के विधायकों ने राज्य में हाल ही में हुई हत्याओं और कथित तौर पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर जोरदार नारेबाजी की और तुरंत चर्चा की मांग की। सदन में हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी सरकार के रुख का बचाव करते हुए पुलिसिंग व्यवस्था पर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को जनता का रक्षक बनना चाहिए, न कि कोई स्वतंत्र 'पावर सेंटर' (सत्ता का केंद्र)। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि सत्ता का केंद्र बनना चाहिए। विजय ने ज़ोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो। तमिलनाडु पुलिस के लिए CM विजय का संदेश विधानसभा को संबोधित करते हुए, विजय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस विभाग की भूमिका पर ज़ोर दिया। CM विजय ने कहा, मैं इस सदन में एक महत्वपूर्ण बात रखना चाहता हूँ - जहाँ तक पुलिस विभाग का सवाल है, उसे अच्छे लोगों का दोस्त और बुरे लोगों का दुश्मन होना चाहिए। कानून सभी के लिए समान है। जो कोई भी अपराध करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो। यही हमारी नीति है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को एक स्वतंत्र सत्ता केंद्र बनने देने के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि इसकी मुख्य ज़िम्मेदारी लोगों की सुरक्षा करना और जनता का भरोसा बनाए रखना होनी चाहिए। अपराध अचानक नहीं हुए: विजय पिछले तीन महीनों में हुई अपराधों की घटनाओं पर बात करते हुए, विजय ने कहा कि इन घटनाओं को एक ही बार में हुई अचानक घटना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने इनमें से कई घटनाओं के पीछे पुरानी रंजिश और बदले की भावना जैसे कारणों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, पुलिस को सत्ता का केंद्र नहीं बनना चाहिए; उन्हें लोगों का रक्षक होना चाहिए। पिछले तीन महीनों में हुए अपराध अचानक नहीं हुए। ये सभी पुरानी दुश्मनी और बदले की भावना के कारण हुए। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी आरोप लगाया कि वे सत्ताधारी सरकार को निशाना बनाने के लिए ऐसी घटनाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि अपराधों के कई अंतर्निहित कारण होते हैं। तमिलनाडु सरकार के लिए ड्रग्स की समस्या एक बड़ा मुद्दा विजय ने कहा कि उनकी सरकार राज्य में ड्रग्स की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे एक प्राथमिकता वाला मुद्दा बताया, खासकर युवाओं के संदर्भ में। उन्होंने कोयंबटूर में एक कॉलेज छात्र की हत्या का भी ज़िक्र किया और कहा कि इस मामले में 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मैं पुलिस विभाग में एक नया बदलाव लाना चाहता हूँ। कोयंबटूर कॉलेज में एक छात्र की हत्या के मामले में 36 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। हर अपराध के पीछे कई कारण होते हैं। विपक्षी पार्टियाँ ऐसी स्थितियों का इस्तेमाल सत्ताधारी सरकार पर आरोप लगाने के लिए करती हैं। युवाओं के एक बड़े भाई के तौर पर, मैं तमिलनाडु में ड्रग कल्चर को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ, मुख्यमंत्री ने कहा। सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस का वादा किया मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर अपनी सरकार का रुख़ भी दोहराया और कहा कि इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने युवाओं में ड्रग्स के इस्तेमाल के बढ़ने के पीछे साथियों के दबाव (पीयर प्रेशर) को एक कारण बताया और इसे रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी ज़ीरो टॉलरेंस की नीति है। साथियों का दबाव तमिलनाडु में ड्रग कल्चर का एक कारण बन गया है। सभी 37 ज़िलों में एंटी-ड्रग स्क्वाड बनाए गए हैं। NDPS एक्ट के तहत, पिछले तीन महीनों में चेन्नई में 330 मामले दर्ज किए गए और 556 लोगों को गिरफ़्तार किया गया। महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों के पीछे कई कारण होते हैं। हमारा मकसद अपराध होने से पहले ही उन्हें रोकना है। इस सरकार ने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों को रोकने के लिए 'सिंगप्पेन स्पेशल फ़ोर्स' का गठन किया है, उन्होंने आगे कहा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर फ़ोकस विजय ने अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय महिलाओं और बच्चों के ख़िलाफ़ अपराधों को रोकने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को निशाना बनाने वाले अपराधों के ख़िलाफ़ रोकथाम के उपायों को मज़बूत करने के प्रयासों के तहत 'सिंगप्पेन स्पेशल फ़ोर्स' की स्थापना की है। उनकी ये बातें सार्वजनिक सुरक्षा और राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विधानसभा में चल रही व्यापक बहस के दौरान सामने आईं। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया में तीन मुख्य क्षेत्रों पर ज़ोर दिया गया: कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना, ड्रग्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई को मज़बूत करना और समाज के कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा के लिए रोकथाम-आधारित पुलिसिंग पर ध्यान केंद्रित करना। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
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Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
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CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
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Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK
तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi

