बूंदी जिले के प्रसिद्ध बिजासन माता मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कोटा जिले के अयाना क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं और मंदिर परिसर के एक दुकानदार के बीच कहासुनी के बाद लाठी-डंडे चले। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इंद्रगढ़ थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़िए क्या है पूरा मामला इंद्रगढ़ थानाधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। घटना के समय मौजूद लोगों और दुकानदारों से पूछताछ की जा रही है। शिकायत, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच में बुधवार दोपहर सरदार पटेल सेवा समिति के सदस्यों ने दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में लोगों ने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की निंदा की। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने घटना की सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देश पर जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन में नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लीक करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। प्रदर्शन के समापन के बाद, समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भेजा। इस दौरान अनिल पटेल, अखिल कुमार, अनूप पटेल, मनोज सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक शेफ का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। घटना कलियासोत डेम के पास तेरा शटर क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान बृजधाम कॉलोनी, नीलबड़ निवासी रामश्रवण पटेल (37) के रूप में हुई, जो कोलार रोड स्थित एक बंगले में शेफ का काम करता था। मौके से उसकी बाइक और पैंट की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था परिजनों के मुताबिक रामश्रवण मंगलवार दोपहर घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। देर रात उसका शव कलियासोत डेम क्षेत्र में पेड़ से लटका मिला। सुसाइड नोट में लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। सुसाइड नोट में सूदखोर और रिकवरी एजेंट पर आरोप सुसाइड नोट में रामश्रवण ने लिखा कि मकान निर्माण के लिए उसने बृज पटेल नामक व्यक्ति से 3.70 लाख रुपए उधार लिए थे। उसका दावा था कि वह पूरी मूल रकम चुका चुका है, लेकिन इसके बाद भी उससे रोजाना 10 हजार रुपए ब्याज की मांग की जा रही थी। उसने यह भी लिखा कि एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट भी लगातार उस पर दबाव बना रहे थे। इसी मानसिक तनाव के कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। भाई बोला- गहने गिरवी रखकर भी कर्ज चुकाया मृतक के भाई अरुण पटेल ने बताया कि रामश्रवण ने कर्ज चुकाने के लिए परिवार के गहने तक गिरवी रख दिए थे। इसके बावजूद तकादेदार लगातार उसे परेशान कर रहे थे। परिवार के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में था। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि तीन दिन पहले रामश्रवण को चुनाभट्टी थाने बुलाया गया था। वहां उसे घंटों बैठाकर कर्ज चुकाने का दबाव बनाया गया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि ऐसी कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है। चार दिन पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में कर्ज के कारण मानसिक तनाव की बात सामने आई है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि चार दिन पहले भी रामश्रवण ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय उसकी जान बच गई थी। पुलिस कई पहलुओं की कर रही जांच पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम लिखे गए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कर्ज वसूली के नाम पर किसी तरह की अवैध वसूली या प्रताड़ना तो नहीं की गई। रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लगाए गए आरोपों की हर पहलू से जांच की जाएगी। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
महिला ने सल्फॉस खाया, इलाज के दौरान मौत:पति बाहर गया था, गेहूं में गोली रखने के दौरान जहर खाया
हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम बारजा की 33 वर्षीय महिला की सल्फॉस खाने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने अज्ञात कारणों से सल्फॉस का सेवन किया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बारजा निवासी लक्ष्मण धुर्वे की पत्नी श्यामा बाई (33) ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे सल्फॉस की गोलियां खा ली थीं। उस समय उनके पति मकान निर्माण के लिए दरवाजा खरीदने टिमरनी गए हुए थे। गेहूं में रखने के दौरान सल्फॉस खाईपति लक्ष्मण धुर्वे ने पुलिस को बताया कि घर में गेहूं की कोठी में सल्फॉस रखा था। इसी दौरान उनकी पत्नी ने सल्फॉस की दो गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले टिमरनी अस्पताल ले जाया गया। वहां से हरदा जिला अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों ने उपचार के बाद भोपाल ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन बुधवार सुबह करीब 8 बजे जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। महिला के परिवार में पति के अलावा 10 साल का एक बेटा और 8 साल की एक बेटी है। पुलिस के अनुसार, महिला के आत्मघाती कदम उठाने के कारणों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि श्यामा बाई मूल रूप से बैतूल जिले की चिचोली तहसील की रहने वाली थीं।
खरगोन से गुजर रहे खलघाट-पाल 347सी राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन इंदौर रोड फ्लाईओवर का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। आगामी गुरु पूर्णिमा महोत्सव को देखते हुए प्रशासन ने निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। फ्लाईओवर के अप्रोच रोड और अंडरपास पर डामरीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रशासन का लक्ष्य 25 जुलाई तक निर्माण कार्य पूरा कर श्रद्धालुओं के लिए मार्ग को सुचारु बनाना है। गुरु पूर्णिमा से पहले पूरा होगा फ्लाईओवर 29 जुलाई को इंद्र टेकड़ी स्थित पूर्णानंद बाबा की समाधि पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजित होना है। इस धार्मिक आयोजन में करीब एक लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन चाहता है कि फ्लाईओवर का निर्माण समय रहते पूरा हो जाए, ताकि यातायात बाधित न हो और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। ट्रस्ट की मांग के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय वहीं मंदिर समिति ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर एसडीएम सत्येंद्र बैरवा से मुलाकात कर फ्लाईओवर जल्द पूरा कराने की मांग की थी। इसके बाद एसडीएम ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर 25 जुलाई तक कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। प्रशासन की सख्ती के बाद निर्माण कंपनी ने मौके पर मशीनों और श्रमिकों की संख्या बढ़ा दी है। अप्रोच रोड, अंडरपास और अन्य अधूरे हिस्सों पर तेजी से काम किया जा रहा है। संकेतक लगाने का काम अभी बाकी फ्लाईओवर का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल अप्रोच रोड और अंडरपास पर डामरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। हालांकि, फ्लाईओवर पर यातायात संकेतक (साइन बोर्ड) और कुछ सुरक्षा संबंधी कार्य अभी बाकी हैं, जिन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। निर्माण एजेंसी ने दिया समय पर काम पूरा करने का भरोसा वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण विभाग के एसडीओ अविनाश सोनी ने बताया कि फ्लाईओवर के शेष निर्माण कार्य और संकेतक लगाने का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव से पहले फ्लाईओवर को पूरी तरह तैयार करने के लिए निर्माण एजेंसी लगातार काम कर रही है। श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने से गुरु पूर्णिमा महोत्सव में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को जाम और यातायात बाधा से राहत मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि समय पर निर्माण पूरा होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन भी अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।
कस्ता विधानसभा में भाजपा का बूथ सम्मेलन:लखीमपुर-खीरी में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर दिया जोर
लखीमपुर खीरी के कस्ता विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का बूथ सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन बाबूराम रामेश्वर दयाल डिग्री कॉलेज में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला। इसमें संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय करने और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बूथ ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आह्वान किया। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहकर पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफल बनाने पर भी जोर दिया। कस्ता विधायक सौरभ सिंह 'सोनू' ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं की सक्रियता और बूथ स्तर पर सुदृढ़ व्यवस्था पर निर्भर करती है। विधायक ने सभी बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ संगठनात्मक कार्यों में जुटने की अपील की। इस सम्मेलन में कस्ता विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथ अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा आगामी चुनावी तैयारियों में पूरी शक्ति से जुटने का संकल्प लिया गया।
नीट को लेकर दिल्ली जंतर मंतर पर स्टूडेंट एवं युवाओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में जननायक जनता पार्टी (JJP) ने आज बुधवार को सिरसा में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जजपा नेताओं व समर्थकों ने लघुसचिवालय गेट पर सरकार एवं प्रशासन विरोधी नारेबाजी की और आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाना चाहती है। जजपा ने स्वयं डीसी को ज्ञापन सौंपने की मांग रखी। उस समय प्रशासन से अधिकारी ने आकर ज्ञापन देने की बात कही और कहा, इस समय मीटिंग चल रही है। ऐसे में वे आ नहीं सकते। मगर जजपा नेता डीसी को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर डीसी के न आने पर सभी गेट के बाहर धरना देकर बैठे गए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में जजपा व इनसो से जुड़े नेता व समर्थन शामिल रहे। कुछ देर बाद डीसी उनसे मिलने पहुंचे और जजपा नेताओं ने मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद प्रदर्शन का समापन किया। जिलाध्यक्ष वर्मा बोले, प्रदेश का माहौल खराब हो रहा जजपा से जिलाध्यक्ष अशोक वर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया, छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया और पानी की बौछार की गई। निर्दोष बच्चों पर लाठियां मारी गई है और ये अन्याय न करो। जिन लोगों ने लाठीचार्ज किया है, उनको टर्मिनेट करो। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए। इसी के कारण देश व प्रदेश का माहौल खराब हो रहा है। दिग्विजय ने लाइव आकर खुलासे की चेतवानी दूसरी ओर जजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला आज दोपहर एक बजे लाइव आकर किसी मुद्दे को लेकर बड़ा खुलासा करेंगे। दिग्विजय चौटाला ने तीन दिन पहले ही नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना प्रदर्शन के समर्थन में जिला स्तर पर मांग सौंपने को कहा था।
बदायूं में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष आशीष यादव को बुधवार को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। यह कार्रवाई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद हुई। सुबह से ही पुलिस उनके घर पर तैनात रही और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस को अलर्ट पर रखा गया था और विभिन्न जिलों में विपक्षी नेताओं की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में बदायूं में पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव को उनके घर से बाहर निकलने से रोक दिया। आशीष यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस मंगलवार रात से ही उनके आवास पर डटी हुई थी। उन्होंने कहा कि पूरी रात न तो उन्हें सोने दिया गया और न ही खाना खाने दिया गया। आशीष यादव के अनुसार, बिना किसी लिखित आदेश के पुलिस उन्हें अपने साथ बैठाए रही और घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। आशीष यादव ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन की गई है। आशीष यादव के साथ वरिष्ठ सपा नेता सुरेश पाल सिंह चौहान, नरोत्तम यादव, वैभव उपाध्याय, परवेज अहमद, जावेद और सर्वेश सिंह सहित दर्जनों अन्य लोग भी हाउस अरेस्ट किए गए हैं।
डीडवाना के दोजराज गणेश मंदिर में लदनिया परिवार द्वारा श्रद्धालुओं को राम एवं श्याम तुलसी के पौधे वितरित किए गए। इस आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन का संदेश देना था। यह आयोजन बजरंग लाल लदनिया, मुन्नी देवी लदनिया, राजेश लदनिया, रेखा देवी लदनिया, राकेश लदनिया और ललिता देवी लदनिया के परिवार के सौजन्य से किया गया। मंदिर के पुजारी रामावतार दाधीच ने तुलसी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में तुलसी का पौधा अच्छी तरह फलता-फूलता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। राजेन्द्र प्रसाद पटवारी ने तुलसी के औषधीय गुणों का उल्लेख करते हुए बताया कि यह पौधा शरीर को स्वस्थ रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी है। इस अवसर पर ट्रस्टी मनोज ध्यावाला, अनिल छितरका, राजेन्द्र पटवारी, सुगन सिंगोदिया, लक्ष्मीनारायण ध्यावाला, सुनील बगड़िया, बाबूलाल प्रजापति, बंशीलाल अग्रवाल, अरविन्द उपाध्याय, बनवारी दईदानका, मांगीलाल माली, सागर गौड़, राजेन्द्र दाधीच, राजू सोनी, ऋषिराज दाधीच, अनिल लखारा, रामनिवास पंवार, रूपचंद जांगिड़, तुलसीराम सैनी, देवीलाल जांगिड़, धर्माराम भाटी, गणेश गिनोड़िया, नथमल प्रजापत, दीपक स्वामी, सुरेश मरोठिया, पुष्पा प्रजापति, कांता टेलर, पूजा प्रजापति और मंजू सैनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
महराजगंज के नौतनवा में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में यूरिया की अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत नौतनवा पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने तीन लोगों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर की गई। 66वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नौतनवा पुलिस की संयुक्त टीम सीमा क्षेत्र में गश्त कर रही थी। आराजी सरकार उर्फ बैरिहअवा गांव के पास बार्डर रोड पर एक पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। जांच में वाहन से 40 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई। वाहन चालक से यूरिया के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रथम दृष्टया यह मामला यूरिया की अवैध तस्करी कर नेपाल ले जाने का प्रतीत हुआ। पुलिस ने तत्काल खाद को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने चालक दीपक कुमार (निवासी कुसहा, थाना कोल्हुई), वाहन स्वामी राजेश (निवासी वार्ड नंबर-15 सरोजनी नगर, थाना नौतनवा) और सोनू यादव (निवासी आराजी सरकार उर्फ बैरिहअवा, थाना नौतनवा) के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर खाद, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अवैध तस्करी रोकने के लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की विवेचना जारी है और आगे की जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले बुधवार सुबह जिला प्रशासन ने कई सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की। सुबह 9 बजे से ही स्थानीय पुलिस विभिन्न नेताओं के आवासों पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी। यह कार्रवाई अंबेडकर चौराहे पर जनसमस्याओं और सरकारी नीतियों के विरोध में सपा के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का प्रयास कर रही है। सपा नेताओं ने एक बयान जारी कर कहा कि नेताओं को हाउस अरेस्ट किया जाना दर्शाता है कि सरकार डरी हुई है और लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सपा नेताओं ने प्रतापगढ़ में कार्यकर्ताओं को नजरबंद किए जाने को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी ने प्रशासन की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इसका विरोध करती है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी हमेशा जनता के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लेती है।
सुलतानपुर में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष सरताज खान ने कब्रिस्तान व कर्बला की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने डीएम को संबोधित एक मांग पत्र एसडीएम सदर को सौंपा। बोर्ड ने आरोप लगाया है कि जयसिंहपुर ग्राम सभा स्थित कब्रिस्तान (गाटा संख्या 97 और 98) पर भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है। बोर्ड ने राजस्व विभाग से तत्काल पैमाइश और सीमांकन कराकर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। भविष्य में सुरक्षा के लिए कब्रिस्तान के चारों ओर स्थायी चारदीवारी (बाउंड्रीवॉल) के निर्माण का भी अनुरोध किया गया है। इसी प्रकार, ग्राम सभा गंगेव में स्थित कर्बला की भूमि की भी राजस्व विभाग से पैमाइश कराकर बाउंड्रीवॉल बनवाने की मांग की गई है। मांग पत्र में यह भी अपील की गई है कि जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति अवैध कब्जे का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। जिलाध्यक्ष सरताज खान ने इस प्रकरण को धार्मिक आस्था और जनहित से जुड़ा बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। इसलिए प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है। सरताज खान ने यह भी बताया कि जयसिंहपुर ग्राम सभा स्थित कब्रिस्तान का खाता संख्या राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इसके बावजूद, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा अन्य गांव के व्यक्तियों को इस भूमि पर अवैध रूप से पट्टा आवंटित कर दिया गया है। खान का आरोप है कि प्रशासन जबरन बुलडोजर चलाकर पट्टेदारों को कब्जा दिलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान की जिस जमीन पर 40 से 50 पुरानी कब्रें मौजूद हैं, वहां जबरन बुलडोजर चलाकर कब्जा दिया जा रहा है। ग्रामीणों को एक हफ्ते के भीतर जगह खाली करने की धमकी भी दी जा रही है। ग्रामीणों और बोर्ड के प्रतिनिधियों ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर एसडीएम को अभिलेखीय साक्ष्य व राजस्व प्रति सौंपते हुए ज्ञापन दिया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ज्ञापन देने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई या आश्वासन नहीं मिला है।
जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना मानसरोवर से टोंक रोड होते हुए सीतापुरा तक का काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीतापुरा स्थित मेट्रो डिपो में भूमि पूजन कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इसके बाद सीएम इलेक्ट्रिक बस से मानसरोवर मेट्रो स्टेशन जा रहे है। रास्ते में टोंक रोड पर विरोध-प्रदर्शन के चलते पुलिस ने सीएम काफिले को डायवर्ट किया है। अब वैकल्पिक मार्ग जगतपुरा से मालवीय नगर होकर मानसरोवर मेट्रो स्टेशन ले जाया जा रहा है। वहां पहुंचकर सीएम मेट्रो में सफर भी करेंगे। बता दें कि इस परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से 50-50 की भागीदारी में पूरा करेंगी। इससे पहले 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था। 41 किलोमीटर लंबा होगा मेट्रो कॉरिडोर 13 हजार 37 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को जयपुर के बढ़ते यातायात को व्यवस्थित करने के लिए काफी अहम माना जा रहा है। राजस्थान मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (RMRC) की इस योजना के तहत करीब 41 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें कुल 36 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें 34 एलिवेटेड और 2 भूमिगत स्टेशन शामिल होंगे। परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के दक्षिणी हिस्से से लेकर प्रमुख प्रशासनिक, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों तक सफर पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान सुगम और तेज हो जाएगा। मानसरोवर से टोंक रोड के रास्ते सीतापुरा तक होगा विस्तार फेज-2 के तहत मेट्रो नेटवर्क को मानसरोवर से टोंक रोड के रास्ते सीतापुरा तक विस्तारित किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के कई महत्वपूर्ण जगहों को आपस में जोड़ेगा। ऐसे में आम जनता को जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, गांधीनगर रेलवे स्टेशन, सवाई मानसिंह अस्पताल, राजस्थान सचिवालय, कलेक्ट्रेट, जेएलएन मार्ग, टोंक रोड, सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र और बी-2 बाईपास तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही खाटू श्यामजी मंदिर क्षेत्र से जुड़े स्टेशन को मौजूदा मेट्रो फेज-1 से जोड़ा जाएगा, जिससे जनता को बिना किसी परेशानी के इंटरचेंज सुविधा मिल सकेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद टोंक रोड और सीतापुरा क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और आम जनता के लिए यात्रा का समय काफी कम होगा। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहर के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के बीच आवागमन पहले की तुलना में ज्यादा सुगम हो जाएगा। मेट्रो परियोजना के साथ 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य बता दें कि सरकार इस परियोजना को केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ रही है। हरियालो राजस्थान अभियान के तहत मेट्रो परियोजना के शुभारंभ के मौके पर जिले में 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों में कमी आएगी। बता दें कि वर्तमान में जयपुर मेट्रो से हर दिन लगभग 50 हजार यात्री सफर करते हैं। फेज-2 के पूरा होने के बाद यह संख्या बढ़कर 2.5 लाख से 4 लाख यात्रियों प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा चाकसू और चौमूं जैसे आस-पास के कस्बों को फीडर बस सेवा के माध्यम से मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
हरदोई जिले की अभिनेत्री चेतना शुक्ला को अभिनय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था जन समस्या मेला समिति भारत के 11वें स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। गोमती नगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के ऑडिटोरियम में यह समारोह आयोजित हुआ। इसका शुभारंभ उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र प्रताप सिंह वत्स और उत्तर प्रदेश फिल्म बंधु के पूर्व उपनिदेशक दिनेश कुमार सहगल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फिल्म अभिनेता सतेंद्र सिंह यादव 'हीरो भैया' ने की, जबकि राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट डॉ. अंकित मित्तल सह-अध्यक्ष रहे। समारोह में कला, समाजसेवा, न्याय, पत्रकारिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई हस्तियों को सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में हरदोई की अभिनेत्री चेतना शुक्ला को अभिनय के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि वीरेंद्र प्रताप सिंह वत्स ने इस अवसर पर कहा कि अपनी प्रतिभा, मेहनत और संस्कृति से जुड़ाव के बल पर प्रदेश और देश स्तर पर पहचान बनाना हरदोई के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवा कलाकारों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। सम्मान प्राप्त करने के बाद चेतना शुक्ला ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में अभिनय के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। चेतना शुक्ला ने हरदोई का नाम प्रदेश और देश स्तर पर रोशन करने का प्रयास जारी रखने की बात कही। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भिवानी में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे बेकसूर युवाओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले दागने के विरोध में जजपा युवा प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला के निर्देशानुसार प्रदर्शन किया। रोष जताते हुए केंद्र सरकार के नाम मांगपत्र सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि युवाओं की आवाज को दबाने की हर कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व जजपा युवा जिला अध्यक्ष सेठी धनाना ने किया। ज्ञापन के माध्यम से जजपा व इनसो नेताओं ने मांग की कि 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के प्रयोग की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। घायल हुए सभी छात्र-युवाओं को समुचित चिकित्सा सुविधा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। भविष्य में किसी भी शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर अनावश्यक बल प्रयोग ना किया जाए तथा छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। यह लोकतंत्र की हत्याजजपा युवा जिला अध्यक्ष सेठी धनाना, जजपा युवा जिला प्रभारी ओमी राजपुत ने कहा कि नीट परीक्षा पास करने के लिए एक युवा साल भर रात-दिन एक करके कड़ी मेहनत करता है। इसमें लाखों रुपए खर्च होते हैं, जिन्हें वहन करना कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बेहद मुश्किल होता है। इसके बावजूद मां-बाप अपने पेट काटकर बच्चों को पढ़ाते हैं। लेकिन पेपर लीक होते ही उनके सभी सपने चकनाचूर हो जाते हैं। जब यही युवा अपने हक के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते है तो उन पर तानाशाही रवैया अपनाते हुए बर्बरता से लाठियां बरसाई जाती हैं। यह सरासर लोकतंत्र की हत्या है। सरकार युवाओं से आवाज उठाने का हक छीन रहीइनसो जिला अध्यक्ष जयदीप ग्रेवाल, इनसो सीबीएलयू इकाई प्रधान रोहित सांगवान, महिला प्रधान सपना ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं से उनके अधिकारों की आवाज उठाने का बुनियादी हक भी छीन रही है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। युवाओं पर लाठीचार्ज करना बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का सीधा अपमान है। सरकार की इस तानाशाही के खिलाफ देश के युवाओं में भारी रोष है। इस अवसर पर सुमित ढुल, आशु वाल्मीकि, राजेश ग्रेवाल, भोलू धनाना, निखिल ग्रेवाल, संकेत झुल्ली व मदन जूसवाला सहित अनेक युवा मौजूद रहे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से जारी NEET (UG) 2026 के परिणाम पर शहडोल की छात्रा पारुल यादव ने गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्रा का दावा है कि उत्तर कुंजी से मिलान करने पर उसके 593 अंक बन रहे थे, जबकि अंतिम परिणाम में उसे 381 अंक मिले हैं। बुधवार को छात्रा पारुल ने NTA से अपनी स्कैन OMR शीट उपलब्ध कराने और उत्तरों की पुनः जांच करने की मांग की है। OMR शीट से मिलान पर 593 अंक का दावा, मिले सिर्फ 381 परिजनों के अनुसार, परीक्षा के बाद उत्तरों का मिलान करने पर छात्रा को 593 अंक मिलने का अनुमान था। हालांकि, NTA के आधिकारिक परिणाम में पारुल को 720 में से 381 अंक, 83.82 परसेंटाइल और 3,21,447वीं ऑल इंडिया रैंक मिली है। छात्रा का कहना है कि वह आधिकारिक वेबसाइट से अपनी OMR शीट डाउनलोड नहीं कर सकी, जिससे वह सही उत्तरों का सत्यापन नहीं कर पा रही है। करियर और भविष्य को लेकर मानसिक तनाव में छात्रा छात्रा ने NTA को भेजे ईमेल में बताया है कि अंकों के इस बड़े अंतर के कारण वह काफी मानसिक तनाव में है। उसने आशंका जताई है कि यदि समय रहते OMR शीट और परिणाम का पुनर्मूल्यांकन नहीं हुआ, तो उसके मेडिकल प्रवेश और शैक्षणिक भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। NTA की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार मामले में फिलहाल NTA की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। छात्रा द्वारा दर्ज शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है। वास्तविक स्थिति NTA के जवाब और जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
बरनाला में बुधवार को सफाई सेवकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। यह घटना शहर में कचरा हटाने के प्रशासन के प्रयास के दौरान हुई, जिसका सफाई कर्मचारी विरोध कर रहे थे। तनाव बढ़ने के बाद एसडी कॉलेज के पास सफाई सेवकों ने धरना दिया। सफाई सेवक अपनी वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से हड़ताल पर हैं, जिसके कारण शहर की सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए थे। स्थिति को देखते हुए, सिविल और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने स्वयं कचरा हटवाना शुरू किया। जब सफाई कर्मचारी इसका विरोध करने एसडी कॉलेज के पास पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, आक्रोशित सफाई सेवकों ने एसडी कॉलेज के पास ही सड़क पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि सरकार ने उनसे किए गए वादों को पूरा नहीं किया और अब उनके 'जायज संघर्ष' को दबाने का प्रयास कर रही है। कर्मचारियों का आरोप-सरकार मांगों को लेकर गंभीर नहीं कर्मचारियों ने बताया कि वे मात्र आठ-आठ हजार रुपये के वेतन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर रही है। सफाई सेवकों ने चेतावनी दी कि वे प्रशासन के इस 'दमनकारी रवैये' से पीछे नहीं हटेंगे और अपनी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं दिख रही।
जयपुर के नाहरगढ़ रोड थाना क्षेत्र स्थित तालकटोरा में एक युवक शव तैरता मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को बाहर निकाला। पुलिस जांच में मृतक कि पहचान गणगौरी बाजार निवासी मनमोहन शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि एक दिन पहले ही मृतक मनमोहन के लापता होने पर गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्च्यूरी में भिजवा दिया है। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाहरगढ़ रोड थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और मौत के कारणों का खुलासा जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
औरैया के कुदरकोट थाना क्षेत्र के इकघरा गांव में बुधवार सुबह करीब आठ बजे एक 40 वर्षीय युवक का शव खेत में नीम के पेड़ से फंदे पर लटका मिला। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब आठ बजे गांव का एक युवक तालाब किनारे शौच के लिए गया था। इसी दौरान उसने दुबे के खेत में स्थित नीम के पेड़ पर अरविंद का शव फंदे से लटका देखा। उसने तुरंत ग्रामीणों और परिजनों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक की पहचान गांव इकघरा निवासी अरविंद कुमार पुत्र दुर्जन सिंह के रूप में हुई है। अरविंद पुताई का काम करता था और कथित तौर पर शराब पीने का आदी था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम को भी अरविंद ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन तब लोगों ने उसे बचा लिया था। मृतक दो भाइयों में बड़ा था, उसके छोटे भाई का नाम धीरेंद्र कुमार है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कुदरकोट थाना पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने बताया कि युवक मजदूरी करता था और शराब पीने का आदी था। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी और अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन (ताई) का एक पत्र सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है। पश्चिम रेलवे की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए लिखे गए इस पत्र में ताई ने रेलवे पर इंदौर की उपेक्षा का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इस पत्र को मुद्दा बनाते हुए भाजपा सांसद और सरकार पर निशाना साधा है। 'पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया' 20 जुलाई को लिखे इस पत्र में सुमित्रा महाजन ने रेलवे अधिकारी रामश्रय पांडे को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्हें अत्यंत खेद के साथ यह पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। नई यात्री ट्रेनें शुरू करने के बजाय अन्य रेलवे जोनों के प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में डाल दिए गए हैं। रेल सुविधाओं की गिनाईं कमियां ताई ने पत्र में लिखा कि जयपुर–इंदौर और रीवा–इंदौर रेल सेवाओं के प्रस्ताव लंबित हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक इंदौर से हटा दिया गया, जबकि उसकी जगह पुराने DEMU रैक चलाए जा रहे हैं, जो अक्सर खराब हो जाते हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि पुणे–इंदौर ट्रेन लंबे समय से बंद है, लेकिन उसे वैकल्पिक मार्ग से शुरू नहीं किया गया। वहीं अजमेर और ग्वालियर की ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा पटना, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम) जाने वाली ट्रेनों के फेरे नहीं बढ़ाए गए हैं, जबकि इनकी मांग लगातार बनी हुई है। महू–उज्जैन के बीच लोकल ट्रेन और अयोध्या के लिए सीधी रेल सेवा नहीं होने का भी उन्होंने उल्लेख किया। 'शब्दों के बीच की पीड़ा समझिए' पत्र में ताई ने लिखा कि लक्ष्मीबाई नगर में दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में अतिरिक्त लाइन क्षमता उपलब्ध होने के बावजूद रेलवे द्वारा सुविधाएं नहीं बढ़ाई जा रहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि 40 लाख की आबादी वाले शहर के लिए क्या मौजूदा रेल सुविधाएं पर्याप्त हैं? पत्र के अंत में उन्होंने लिखा, आप सक्षम अधिकारी हैं, शब्दों के बीच की पीड़ा को समझेंगे। आशा है कि मेरी पीड़ा और उसके पीछे की भावना को भी समझेंगे। कांग्रेस ने भाजपा को घेरा ताई का पत्र सामने आने के बाद कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जब केंद्र, प्रदेश और इंदौर—तीनों जगह भाजपा की सरकार है और सांसद भी भाजपा का है, तब यदि इंदौर को अनाथ कहा जा रहा है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने भाजपा सांसद शंकर लालवानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि नई ट्रेनें अटकी हुई हैं, रेल सुविधाएं कम हुई हैं और इंदौर लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहा है। ऐसे में सांसद ने शहर के लिए क्या किया, इसका जवाब जनता जानना चाहती है।
उन्नाव में नहर पटरी मार्ग का शिलान्यास:विधायक पंकज गुप्ता ने किया भूमिपूजन, NH-25 से जुड़ेगी सड़क
उन्नाव शहर के आदर्श नगर क्षेत्र में लंबे समय से प्रतीक्षित नहर पटरी मार्ग का निर्माण बुधवार को शुरू हुआ। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने एनएच-25 से आदर्श नगर नहर पटरी तक बनने वाले मिसिंग लिंक मार्ग का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से संपन्न हुआ। विधायक पंकज गुप्ता ने शिलान्यास समारोह में बताया कि इस रास्ते के निर्माण से आदर्श नगर और आसपास के हजारों निवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी कई सालों से इस सड़क के निर्माण की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो रही है। विधायक ने आगे कहा कि नई सड़क से लोगों को जाम और खराब रास्तों की समस्या से निजात मिलेगी, जिससे आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रदेश सरकार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर निरंतर कार्य कर रही है। पंकज गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मार्ग क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेगा और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता कमलेश कुमार, नगर अध्यक्ष अवनीश गुप्ता, राजेंद्र मिश्रा, सभासद राकेश कुमार साहू, नामित सभासद विनय सिंह, प्रधान पवन यादव, संजय सिंह, शिव देवी, अंकित कुमार गुप्ता, प्रभात चंद्र, सभासद प्रतिनिधि सौरभ साहू, नेहा शर्मा, पूजा अवस्थी, प्रशांत शुक्ला, राकेश शर्मा, अनमोल तिवारी, विनोद गुप्ता, सोनू लोधी, रंजीत, कुशमा, केशव, शीशू तिवारी और नामित सभासद दिनेश चौरसिया सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित थे। मार्ग निर्माण शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्र में विकास गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी।
चित्तौड़गढ़ में सांवलियाजी मंदिर में बुधवार को मध्यप्रदेश के देवास जिले से आए एक श्रद्धालु ने 11 किलो 400 ग्राम वजन चांदी की 19 सिल्लियां भेंट कीं। मौजूदा बाजार भाव के अनुसार, इनकी कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपए आंकी गई है। श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन मंदिर प्रशासन को बताया कि उसने बेटे से जुड़ी एक मनोकामना लेकर सांवलिया सेठ के दरबार में प्रार्थना की थी। जब उसकी इच्छा पूरी हुई तो वह धन्यवाद देने के लिए इतनी बड़ी भेंट लेकर मंदिर पहुंचा। बुधवार सुबह पहुंचा मंदिर, नाम गुप्त रखने की इच्छा जताईबुधवार सुबह देवास जिले के सोहनगंज क्षेत्र का रहने वाला श्रद्धालु श्री सांवलियाजी मंदिर पहुंचा। दर्शन करने के बाद उसने मंदिर ऑफिस में 11 किलो 400 ग्राम वजन की चांदी की 19 सिल्लियां मंदिर प्रशासन को सौंप दीं। उसने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की इच्छा जताई, इसलिए मंदिर प्रशासन ने भी उसका नाम गोपनीय रखा। बातचीत के दौरान श्रद्धालु ने बताया कि उसके परिवार में बेटे से जुड़ी एक मनोकामना थी। इसी इच्छा को लेकर उसने पहले सांवलिया सेठ के दरबार में हाजरी लगाई थी। कुछ समय बाद उसकी मन्नत पूरी हो गई। इसके बाद उसने तय किया कि वह भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और आभार व्यक्त करने के लिए चांदी की सिल्लियां भेंट करेगा। मंदिर प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस चांदी को मंदिर के भंडार में सुरक्षित जमा करा दिया। सर्राफा संघ ने बताई चांदी की कीमतराजस्थान सर्राफा संघ के प्रदेश महामंत्री किशन पिछोलिया ने बताया कि मौजूदा बाजार भाव के अनुसार 11 किलो 400 ग्राम चांदी की कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपए है। बता दें कि श्री सांवलियाजी मंदिर में हर महीने बड़ी मात्रा में नकद दान के साथ-साथ सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुएं भी श्रद्धालुओं की ओर से भेंट की जाती हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा भेंटों का रिकॉर्ड रखा जाता है और उन्हें सुरक्षित भंडार में जमा करता है। बाद में इन्हें मंदिर की नियमित दान गिनती और रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है। सांवलिया सेठ के दरबार में लगातार बढ़ रही श्रद्धाश्री सांवलियाजी मंदिर देश के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में गिना जाता है। यहां राजस्थान ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, गुजरात और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। कई लोग इच्छा पूरी होने के बाद अपनी क्षमता के अनुसार नकद राशि, सोना, चांदी या दूसरी कीमती वस्तुएं भगवान को अर्पित करते हैं। देवास के इस श्रद्धालु की ओर से चढ़ाई गई 11.4 किलो चांदी की सिल्लियां भी उसी अटूट विश्वास का उदाहरण हैं। ग्राफिक्स में देखिए सांवलिया सेठ का इतिहास… …. सांवलिया सेठ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सांवलिया सेठ के चढ़ावे का रिकॉर्ड टूटा, ₹51 करोड़ आए:भक्तों ने 1 किलो से ज्यादा सोना, 207 किलो से ज्यादा चांदी दान की चित्तौड़गढ़ के सांवलिया धाम में दीवाली पर चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बना था। इस दौरान चढ़ावे ककी रकम 51 करोड़ से ज्यादा था। इसके अलावा सोने-चांदी की ज्वलेरी भी आई थी। पढ़ें पूरी खबर…
जालोर में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने खरीदे गए खराब ई-रिक्शा के बदले 1 लाख 67 हजार रुपए की पूरी राशि लौटाने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही आयोग ने 17 हजार का जुर्माना भी लगाया। पीठासीन अधिकारी धनश्याम यादव ने उपभोक्ता के पक्ष में यह फैसला सुनाया है। विनोद इंटरप्राइजेज जोधपुर पर जुर्माना लगाया है। बार-बार ई-रिक्शा खराब हो रहा था परिवादी छगनलाल सुन्देशा ने उपभोक्ता आयोग जालोर के सामने परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि उसने गोशाला के कार्य के लिए विनोद इंटरप्राइजेज जोधपुर से ई-रिक्शा खरीदा था, लेकिन कुछ ही समय बाद वाहन बार-बार खराब होने लगा। शिकायत के बावजूद कंपनी ने न तो वाहन को ठीक कराया और न ही उसे बदलकर नया दिया। वाहन खराब रहने के कारण परिवादी को गोशाला के लिए अलग से किराए का वाहन लेना पड़ा, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ। आयोग के अध्यक्ष घनश्याम यादव और सदस्य निंरजन शर्मा ने दोनों पक्षों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों पर विचार करने के बाद पाया कि कंपनी की ओर से सेवा में कमी हुई है। इसके आधार पर आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी 45 दिनों के अंदर नया ई-रिक्शा उपलब्ध कराए या उसकी 1 लाख 67 हजार रुपए की कीमत लौटाए। पुराने ई-रिक्शा को वापस लेने के लिए कंपनी स्वतंत्र रहेगी। यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
गोंडा में कांग्रेसियों ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। आज बुधवार दोपहर 12 बजे से 12.40 बजे तक कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में कर्नलगंज तहसील में यह विरोध प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ता गोंडा-लखनऊ राजमार्ग से विरोध प्रदर्शन करते हुए कर्नलगंज तहसील पहुंचे। लगभग 40 मिनट तक चले इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने तहसील परिसर में नारेबाजी की और तहसील गेट पर तख्त लगाकर भी विरोध जताया। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेसियों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम कर्नलगंज को सौंपा। कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी ने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार और राहुल गांधी को हिरासत में लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। तिवारी ने बताया कि पुतला दहन का कार्यक्रम था, लेकिन कोतवाल की नौकरी को देखते हुए इसे रद्द कर दिया गया। 3 तस्वीरें देखिए- कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और जब छात्र आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज किया जाता है। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को हिरासत में लेने की भी आलोचना की है। प्रमोद मिश्रा ने यह भी कहा की आकार के देश के नौजवानों से सरकार को इस लाठी चार्ज को लेकर के माफी मांगना चाहिए और युवाओं की आवाज को सरकार द्वारा दबाने का काम ना किया जाए। जब बात नहीं सुनी जाएगी तो आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी द्वारा और बड़ा विरोध प्रदर्शन पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
सोहना में जीएलएस अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी में पार्किंग विवाद हिंसक हो गया है। मंगलवार देर रात अज्ञात लोगों ने सोसाइटी परिसर में खड़ी करीब 14 कारों के शीशे तोड़ दिए। इस घटना के बाद आक्रोशित निवासियों ने देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर दोनों पक्षों से बातचीत की। पुलिस की मध्यस्थता के बाद एक अंतरिम समाधान निकाला गया। इसके तहत 23 जुलाई तक पूर्व आरडब्ल्यूए उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, प्रमोद शर्मा, पूर्व पार्षद जगमिंदर खटाना और अमित गुप्ता सहित सोसाइटी के निवासी अपने चारपहिया वाहन परिसर के भीतर खड़े कर सकेंगे। इसी दिन सोहना के उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) के समक्ष इस विवाद की सुनवाई होनी है, जिसके बाद पार्किंग व्यवस्था पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सोसाइटी प्रबंधन नहीं दे रहा पार्किंग की अनुमति जानकारी के अनुसार, सोसाइटी प्रबंधन कुछ समय से परिसर के भीतर चारपहिया वाहनों की पार्किंग की अनुमति नहीं दे रहा है। प्रबंधन का तर्क है कि एसडीएम के निर्देशों के अनुसार सोसाइटी के अंदर कार पार्किंग का कोई प्रावधान नहीं है। इसी कारण परिसर में वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाई गई है। हालांकि, कई लोग अभी भी अपनी कारें परिसर के भीतर खड़ी कर रहे हैं, जिससे विवाद बढ़ रहा है। दूसरी ओर, सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि उन्हें जबरन बाहर स्थित निजी पार्किंग का उपयोग करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका कहना है कि निजी पार्किंग संचालक मनमाने ढंग से शुल्क वसूल रहे हैं, जिससे प्रत्येक वाहन मालिक पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सोसाइटीवासी बोले- आरडब्ल्यूए भंग होने से हो रही परेशानी निवासियों के अनुसार, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के भंग होने के बाद से पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। उनका कहना है कि पहले सोसायटी परिसर में लगभग 300 से 400 चारपहिया वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग थी। तब किसी को वाहन खड़ा करने में परेशानी नहीं होती थी। लेकिन, यह व्यवस्था अचानक समाप्त कर दी गई है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को अपने वाहन बाहर निजी पार्किंग में खड़े करने पड़ रहे हैं। यहां के रहने वाले लोगों की मांग है कि यदि सोसाइटी परिसर में पुरानी पार्किंग व्यवस्था बहाल कर दी जाए, तो विवाद स्वतः समाप्त हो जाएगा। उनका यह भी कहना है कि बाहर पार्किंग करने से वाहनों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं और अनावश्यक आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। शीशे तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग देर रात हुई तोड़फोड़ की घटना ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। वाहन मालिकों ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
गुस्से में कुल्हाड़ी से किया ताबड़तोड़ हमला पत्नी को लगातार आवाज लगाने से नाराज कैलाश धनवार गुस्से में आ गया। उसने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और आंगन में बैठे मथुरा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में मथुरा गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही लहूलुहान हो गया। अस्पताल में डॉक्टर ने किया मृत घोषित घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल मथुरा को 108 एंबुलेंस की मदद से पौड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज वारदात के बाद आरोपी कैलाश धनवार मौके से फरार हो गया। मृतक की पत्नी प्रमिला धनवार की शिकायत पर बांगो थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर लगातार तलाश की जा रही है।
अजमेर के मदार में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 9 लाख लीटर क्षमता वाली पेयजल टंकी का वॉल (वाल्व) अचानक टूट गया। वॉल्व टूटते ही तेज दबाव के साथ फव्वारे की तरह पानी बाहर निकलने लगा। जानकारी के अनुसार टंकी में करीब 9 लाख लीटर पानी भरा था, जो वॉल्व टूटने से महज आधे घंटे में सड़कों पर बह गया। टंकी पूरी तरह खाली हो गई। टंकी से आज सुबह 7 बजे पानी की सप्लाई होनी थी, लेकिन वॉल्व में तकनीकी समस्या आने के कारण सप्लाई रोक दी गई थी। विभाग की ओर से 11 बजे पानी छोड़ने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान अचानक वॉल्व टूट गया और टंकी का पूरा पानी तेज बहाव से सड़कों पर बह गया। लोगों को तीन दिन बाद मिलता पानी इस टंकी से 10 से ज्यादा कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति की जानी थी। क्षेत्र के लोगों को रोटेशन के हिसाब से तीन दिन बाद पानी मिलने वाला था, लेकिन वॉल्व टूटने से पूरी सप्लाई प्रभावित हो गई। जिन घरों तक पानी पहुंचना था, वहां नलों में पानी नहीं आया, जबकि लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहता रहा। घटना के दौरान पास के घरों में भी पानी घुस गया। राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ। वॉल्व में पहले भी आई थी समस्या सूचना मिलने पर निवर्तमान पार्षद सुनील धानका मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वॉल्व में समस्या पहले भी आ चुकी थी और इसी कारण पिछले दिनों भी पानी की सप्लाई प्रभावित हुई थी। बुधवार को लोगों को तीन दिन बाद पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वॉल्व टूटने से पूरा कार्यक्रम बिगड़ गया। अब गुरुवार को मिलेगा पानी जलदाय विभाग की एक्सईएन निशा मीना ने बताया कि सूचना मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। क्षतिग्रस्त वॉल को बदलने और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। विभाग ने गुरुवार को प्रभावित क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बहाल करने की संभावना जताई है।
हरदोई मुख्यालय से करीब 40 किमी दूर टोडारपुर ब्लॉक के पारा गांव में चकबंदी और कब्जा परिवर्तन से जुड़ा मामला सामने आया है। बुधवार सुबह 11 बजे करीब 150 से ज्यादा ग्रामीण नुमाइश चौराहा स्थित चकबंदी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने अपनी समस्या से संबंधित प्रार्थना पत्र बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी को दिया। गांव निवासी एडवोकेट बृजेंद्र अवस्थी ने बताया कि गांव में गांव में डुग्गी पिटवाकर चकबंदी निरस्त होने का प्रचार किया जा रहा है। जानकारी दी कि मंगलवार की सुबह एक व्यक्ति ने पूरे गांव में घूम-घूमकर डुग्गी पीटी और चकदारों को अपने नए चकों का कब्जा छोड़कर पुराने मूल नंबरों पर वापस जाने को कहा। बृजेंद्र अवस्थी ने कहा इस कथित मौखिक आदेश के बाद गांव का माहौल काफी संवेदनशील हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, चकबंदी प्रक्रिया के तहत पुलिस और चकबंदी टीमों की मौजूदगी में कब्जा परिवर्तन का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। लगभग 90 प्रतिशत चकदार अपने नए चकों पर काबिज हो चुके हैं, पुरानी मेड़ें समाप्त हो चुकी हैं और अधिकांश किसानों द्वारा धान की फसल की रोपाई भी की जा चुकी है। ऐसी स्थिति में अचानक डुग्गी पिटवाकर लोगों को पुराने नंबरों पर लौटने के लिए कहना असंभव और अव्यवहारिक है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इस तरह के कृत्यों से कब्जादारी को लेकर जान-माल की क्षति हो सकती है और दबंग भू-माफिया इसका फायदा उठाकर जबरन चकों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर विमल कुमार, बशीर, देवेंद्र सिंह, राहुल गुप्ता, सोमेंद्र, अमिताभ, मुख्तार, सुमित, दलजीत सिंह, अशोक कुमार, अमजद, रणदीप सिंह, नरेंद्र अवस्थी, राजेश, ज्ञानेंद्र और सुखविंदर सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने चकबंदी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से गुहार लगाई। उन्होंने मांग कि गांव में कथित तौर पर डुग्गी पिटवाकर माहौल बिगाड़ने और कब्जा परिवर्तन के इस मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए। जिससे क्षेत्र में आपसी सौहार्द बना रहे और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
डूंगरपुर जिले के मोदर गांव के बरण्डा फला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र तक सीसी सड़क निर्माण और आंगनवाड़ी सहायिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचने के लिए लगभग एक किलोमीटर कच्चा रास्ता है। इस कारण बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पोषाहार पहुंचाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में रास्ता खराब होने के कारण छोटे बच्चे आंगनवाड़ी तक नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों का आरोप है कि पोषाहार का सामान मुख्य सड़क पर ही उतार दिया जाता है। इसके बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उनके पति को यह सामान सिर पर उठाकर नदी पार कर केंद्र तक पहुंचाना पड़ता है। ज्ञापन में आंगनवाड़ी सहायिका पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार सहायिका समय पर केंद्र नहीं आती, बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करती है, भोजन बनाने में सहयोग नहीं करती और कार्यकर्ता के साथ भी असहयोगपूर्ण रवैया अपनाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सीसी सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सहायिका पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है। स्थानीय ग्रामीण मणिलाल बरंडा ने इन समस्याओं पर प्रकाश डाला।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बाद मुरादाबाद पुलिस ने जिले में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस दिल्ली आने-जाने वाले छात्रों और युवाओं की गतिविधियों पर नजर रख रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में मुरादाबाद के कुछ समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए हैं। 20 जुलाई को हुए बवाल और पुलिस कार्रवाई के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। धरना-प्रदर्शन की तैयारियों पर नजर एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) समेत अन्य खुफिया एजेंसियां लगातार इनपुट जुटा रही हैं। यह भी निगरानी की जा रही है कि जिले में प्रदर्शन के समर्थन या विरोध में कहीं धरना, जुलूस या प्रदर्शन की तैयारी तो नहीं हो रही। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और सभी थाना प्रभारियों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी बोले- कानून व्यवस्था से समझौता नहीं एसएसपी सतपाल अंतिल ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहरसा के बनगांव रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान सोमवार की शाम 14 वर्षीय बालिका की मौत का मामला गरमा गया है। पीड़ित परिजनों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को जांच का निर्देश दिया है। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने बताया कि जांच टीम में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) डॉ. विवेकानंद सिंह, मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरी शेखर भारती और जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार शामिल हैं। यह टीम पूरे मामले की जांच कर जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। ब्रेन से पानी निकालने के लिए हो रहा था ऑपरेशन महिषी थाना क्षेत्र के झाड़ा गांव, वार्ड संख्या-7 निवासी गंगाराम मुखिया की बेटी काजल कुमारी(14) को इलाज के लिए बनगांव रोड स्थित आशा इमरजेंसी हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि बालिका के मस्तिष्क से पानी निकालने के लिए ऑपरेशन किया जा रहा था, तभी उसकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही उनकी बेटी की जान गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार रात अस्पताल के बाहर हंगामा किया। दोषियों के खिलाफ जांच कर होगी कार्रवाई उन्होंने बनगांव रोड पर सड़क जाम कर आगजनी की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही कहरा अंचलाधिकारी और सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद जाम समाप्त कराया गया। सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि पीड़ित परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिली है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल, जांच टीम पूरे मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक शुरू हो गई है। बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत मामलों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद कैबिनेट कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा सकती है। प्रदेश में सक्रिय मानसून और खरीफ सीजन को देखते हुए बैठक में कृषि, किसानों की राहत, मानसूनी तैयारियों और अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, सरकार की ओर से बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी कैबिनेट समाप्त होने के बाद सामने आएगी। सरकार के निर्णयों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार देर रात बुरहानपुर जिले के नेपानगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रात करीब 11 बजे राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए कांग्रेस नेताओं ने विशेष रूप से एसडीएम कार्यालय खुलवाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ हुई कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए इसकी निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। रात 11 बजे खुलवाया गया SDM कार्यालय आम तौर पर इस समय तक बंद रहने वाले एसडीएम कार्यालय को कांग्रेस नेताओं के अनुरोध पर खोला गया। कांग्रेस नेता धीरज करोसिया ने तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले से फोन पर संपर्क किया। इसके बाद तहसीलदार ने कार्यालय कर्मचारी राजेश चौबे को मौके पर भेजा, जिन्होंने कांग्रेस नेताओं से ज्ञापन प्राप्त किया। राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन नेपानगर विधानसभा क्षेत्र की मंडलम कांग्रेस के नेतृत्व में यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नेपानगर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि राहुल गांधी के विरुद्ध की गई कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले नागरिकों में व्यापक आक्रोश है। कांग्रेस ने मांग की कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज का सम्मान किया जाए और सभी कानूनी कार्रवाइयां निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विधि सम्मत तरीके से की जाएं। लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग ज्ञापन में राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कराने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही विपक्षी नेताओं के साथ कानून के समक्ष समान और निष्पक्ष व्यवहार किए जाने पर भी जोर दिया गया। 'विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं' मंडलम कांग्रेस अध्यक्ष पांडुरंग आमले ने कहा कि लोकतंत्र सत्ता और विपक्ष दोनों के सम्मान से मजबूत होता है। यदि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जाएगा तो कांग्रेस पार्टी इसका लगातार विरोध करेगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आईटी एवं सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश महासचिव धीरज करोसिया ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर पूरे मध्यप्रदेश में जिला और तहसील स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और लोकतंत्र विरोधी कदमों के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद इस अवसर पर राजेश पटेल, कैलाश पटेल, पंकज मलन्ना, संदीप करोसिया, कुणाल तोमर, गणेश पाटिल, प्यारेलाल बोरसे, देवानंद म्हस्के सहित मंडलम कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
बरेली में खरीफ सीजन के बीच खाद की कमी और स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिलों के विरोध में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस कमेटी ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपकर किसानों और बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। महानगर अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश दादा और प्रदेश प्रवक्ता राज शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार पर किसानों और आम जनता की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। खाद के लिए भटक रहे किसान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि धान की रोपाई के समय किसान यूरिया और डीएपी खाद के लिए परेशान हैं। कई जगह घंटों लाइन में लगने के बाद भी किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रही है। स्मार्ट मीटर पर उठाए सवाल प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने स्मार्ट मीटरों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में असामान्य बढ़ोतरी हुई है, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन में खाद की आपूर्ति व्यवस्था सुधारने, स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र जांच कराने और प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पार्टी व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। प्रदर्शन में डॉ. हरीश गंगवार, मनोज शर्मा, देवेंद्र प्रकाश, मोसीन अंसारी, सुरेश दिवाकर, सतीश चंद्रा, पूर्व विधायक छोटेलाल गंगवार, मुजम्मिल हुसैन समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारत-अमेरिका (USA) के बीच प्रस्तावित 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट', पंजाब सरकार की विवादित 'लैंड पूलिंग स्कीम' और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चे (पंजाब चैप्टर) ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त मोर्चे की राज्यव्यापी कॉल के तहत आज पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों के घरों का घेराव किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य के सभी टोल प्लाजा को दोपहर तक के लिए पूरी तरह फ्री कर दिया गया है। इसी कड़ी में पठानकोट-अमृतसर रोड स्थित लदपालवां टोल प्लाजा पर किसानों ने रोष प्रदर्शन किया और लोगों का टोल फ्री कर दिया। वहीं, लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि अगर ऑटोमेटिक टोल कट जाए तो संयुक्त किसान मोर्चा से संपर्क किया जाए। ऐसा करने पर टोल प्लाजा पर धरने को बढ़ा दिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के माझा प्रधान बलविंदर सिंह ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगा। बताया कि पूरे पंजाब के टोल प्लाजा को किसानों द्वारा 'टोल फ्री' कराया गया है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में भाजपा के बड़े नेताओं के घरों का घेराव कर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया जा रहा है। खेती और डेयरी को संकट में डाल रही सरकार बलविंदर सिंह का आरोप है कि केंद्र सरकार भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील को लेकर देश को गुमराह कर रही है। सरकार का दावा है कि इसमें कृषि और डेयरी सेक्टर को बाहर रखा गया है, लेकिन लिखित में कोई जानकारी साझा नहीं की जा रही है।उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा खेती करने वाले पंजाब के किसान हैं। अगर अमेरिका से कृषि उत्पाद फ्री ट्रेड के तहत भारत आते हैं, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब को होगा। हमने कई बार सरकार से लिखित ब्योरा मांगा है कि कौन-से उत्पाद आ रहे हैं और कौन-से दिए जा रहे हैं, लेकिन सरकार कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही है। पंजाब सरकार की 'लैंड पूलिंग स्कीम' पूरी तरह खारिज केंद्र के साथ-साथ संयुक्त मोर्चे ने पंजाब सरकार की 'लैंड पूलिंग स्कीम' के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। बलविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की इस नीति को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को जमीन बेचनी या खरीदनी होती है, तो किसान आपस में ही एक-दूसरे की जरूरत के हिसाब से जमीन खरीद लेते हैं। वे सरकार को अपनी उपजाऊ जमीन नहीं सौंपेंगे। दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक का कड़ा विरोध किसान मोर्चे ने दिल्ली में नीट (NEET) व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस अत्याचार की भी कड़े शब्दों में निंदा की है। नेताओं ने कहा कि पेपर लीक के कारण रात-दिन पढ़ाई करने वाले योग्य छात्र सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं, जबकि कम नंबर वाले लोग मेरिट में आ रहे हैं। किसानों ने कहा कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने और उन्हें प्रताड़ित करने की बीजेपी सरकार की नीति बेहद शर्मनाक है। आंदोलन को तेज करेंगे किसान बलविंदर सिंह ने दिल्ली के गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधकीय कमेटियों और सिख जत्थेबंदियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने घायल और प्रताड़ित छात्रों के लिए लंगर और रहने-खाने की व्यवस्था की। संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की मान सरकार ने जनविरोधी नीतियां वापस नहीं लीं, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गोरखपुर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरांनद की गविष्ट यात्रा का बुधवार को समापन हो गया। इस दौरान शंकराचार्य ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा- हमारी यात्रा से लेकर आगामी कार्यक्रमों तक को प्रशासनिक स्तर पर रोकने का प्रयास किया गया। यह लड़ाई आगे और तेज होगी। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा- CM योगी ने न तो धर्म और न ही संविधान की लाज रखी। हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर कभी नमाज पढ़ी ही नहीं गई है। उन्होंने सफेद झूठ बोला। जब ये अयोध्या पहुंचे तो इन्होंने कहा- दूध का दूध पानी का पानी कर दूंगा। लेकिन ये कर नहीं पाए। दोबारा गए तो इन्होंने झूठी कहानी गढ़ ली। शंकराचार्य की 5 बड़ी बातें देशभर में गोहत्यापर पूर्ण प्रतिबंध तक आंदोलन जारी रहेगा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का अभियान था। 81 दिनों में लाखों लोगों का समर्थन मिला और देशभर में गौ संरक्षण का संदेश पहुंचा। उन्होंने दोहराया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। युवा किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य के लिए लड़ रहे शंकराचार्य ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा- देश का युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। उनका कहना था कि छात्र किसी राजनीतिक दल या संगठन के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा-यदि कोई भी उनके भविष्य की गारंटी देगा तो युवा उसके साथ खड़े हो जाएंगे। इसलिए इस आंदोलन को किसी एक पार्टी या संगठन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा- आंदोलन के दौरान उन्होंने ऐसा दृश्य देखा, जहां संसद की ओर बढ़ रहे छात्रों के सामने पुलिस और सुरक्षा बल हथियारों के साथ खड़े थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताते हुए कहा कि जिस तरह छात्रों के साथ सख्ती की गई, उसी तरह भविष्य में आम नागरिकों के साथ भी व्यवहार किया जा सकता है। लोकतंत्र में विरोध की आवाज का जवाब संवाद से होना चाहिए, बल प्रयोग से नहीं। उत्तर कोरिया जैसे हालात बनने का खतरा शंकराचार्य ने कहा- देश में असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास हो रहा है। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा- यदि यही स्थिति बनी रही तो वह दिन दूर नहीं जब भारत की स्थिति उत्तर कोरिया जैसी हो जाएगी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा बताया। 24 जुलाई के कार्यक्रम को प्रशासन ने रोक दिया शंकराचार्य ने कहा- 24 जुलाई को लखनऊ में उनकी आशीर्वाणी सेना का संकल्प समारोह प्रस्तावित था। इसके लिए लगभग एक महीने पहले ही मैदान का शुल्क जमा कर दिया गया था और 15 दिन पहले प्रशासन को अनुमति के लिए आवेदन भी भेज दिया गया था। इसके बावजूद आज तक अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा- यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का मामला नहीं, बल्कि जानबूझकर उनके कार्यक्रम को विफल करने की कोशिश है। जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम को इस तरह रोकना उचित नहीं है। समर्थकों को धमकाया गया शंकराचार्य ने कहा- गविष्ठि यात्रा के दौरान लगातार प्रशासनिक दबाव बनाया गया। जिन लोगों ने उन्हें अपने घर पर ठहराने या सहयोग देने की इच्छा जताई, उन्हें धमकाया गया। कई स्थानों पर उनके समर्थकों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए। यात्रा को सफल होने से रोकने के लिए प्रशासन ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद लोगों का समर्थन लगातार बढ़ता गया। उन्होंने कहा- अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने अपनी आशीर्वाणी सेना को निर्देश दिया है कि सभी कार्यकर्ता अपनी-अपनी विधानसभा में संकल्प कार्यक्रम आयोजित करें। वहीं वह स्वयं 24 जुलाई को तय समय और तय स्थान पर लखनऊ पहुंचकर अपने समर्थकों को संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक प्रतिबंध से आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
चित्रकूट में समाजवादी छात्र सभा ने बुधवार को अखिलेश यादव की गिरफ्तारी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। सुबह करीब 11 बजे समाजवादी पार्टी कार्यालय से छात्र सभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय के लिए रवाना हुए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। लगभग छह थानों की पुलिस फोर्स को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जुलूस निर्धारित मार्ग से होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचा। एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि अखिलेश यादव की गिरफ्तारी से जुड़े मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं के अधिकारों का सम्मान किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। हालांकि, भारी पुलिस मौजूदगी के बीच पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया। इस दौरान समाजवादी छात्र सभा के नेता मानसिंह पटेल, रोहित पटेल, हरिमोहन यादव, दीपक पटेल सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वापस लौट गए। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए रहा, जिससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही।
लखीमपुर-खीरी में किसानों का धरना समाप्त:DM से वार्ता के बाद सौंपा ज्ञापन, आंदोलन करने को बाध्य
लखीमपुर खीरी में क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों का धरना मंगलवार को प्रशासन से वार्ता के बाद समाप्त हो गया। किसान अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने आए थे। किसानों ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी द्वारा तत्काल ज्ञापन नहीं लिए जाने से वे आहत होकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान किसानों ने कहा कि वे क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। किसानों ने यह भी कहा कि जब तक जिलाधिकारी स्वयं आकर उनका ज्ञापन स्वीकार नहीं करेंगे, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। उनकी मुख्य मांगें क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान से संबंधित थीं। किसानों का ज्ञापन स्वीकार धरने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान नेताओं से वार्ता की। बातचीत के बाद किसानों का ज्ञापन स्वीकार किया गया और उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं, प्रशासन ने कहा है कि किसानों द्वारा उठाई गई मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
श्योपुर में बुधवार को जय स्तम्भ चौक पर युवा कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पुतला छीन लिया। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का उपयोग किया। शुरुआत जय स्तम्भ चौक पर धरने से हुई। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि देश में छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। युवा कांग्रेस नेताओं ने नागरिकों से छात्रों के समर्थन में आने की अपील की। उन्होंने तर्क दिया कि प्रत्येक परिवार से कोई न कोई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। छात्रों के साथ अन्याय का असर समाज पर पड़ेगा, इसलिए उन्होंने छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया। धरना-प्रदर्शन के दौरान जय स्तम्भ चौक पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पुतला छीनने को लेकर खींचतान के बावजूद नारेबाजी जारी रही। अंततः, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर प्रदर्शन को समाप्त कराया। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामभरत मीणा, जसवंत मीणा, लक्ष्मी शिवहरे, पीयूष शिवहरे समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जय स्तम्भ चौक पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
'अंगदान-जीवनदान' के नारों से गूंजा धौलपुर:GNM छात्रों ने जगाई नई उम्मीद, जागरूकता रैली निकाली
धौलपुर में बुधवार को जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) के छात्र-छात्राओं ने अंगदान के प्रति जागरूकता रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू होकर गांधी पार्क तक पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में नर्सिंग विद्यार्थियों ने भाग लिया। रैली के दौरान छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे। उन्होंने अंगदान—जीवनदान, मृत्यु के बाद भी किसी को जीवन दें और एक अंगदान, कई जिंदगियां जैसे नारों के माध्यम से शहरवासियों को अंगदान के महत्व से अवगत कराया। आयोजकों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना है। उनका कहना था कि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े होने के कारण उनकी जिम्मेदारी केवल मरीजों की देखभाल तक सीमित नहीं है। उन्होंने समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने को भी अपना कर्तव्य बताया और लोगों से अंगदान के लिए आगे आने की अपील की। रैली का समापन गांधी पार्क में हुआ। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और मानवता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सिरसा जिले में डबवाली पुलिस ने नीट परीक्षा और छात्र मुद्दों पर दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे युवा कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है। यह कार्रवाई देर रात की गई, जब नेता दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस नेता जग्गा सिंह बराड़ ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार, सोमवार-मंगलवार की रात करीब 12 बजे पुलिस की दो गाड़ियां उनके आवास पर पहुंचीं। इन नेताओं को किया गया नजरबंद पुलिस ने पार्षद समनदीप बराड़, पूर्व हलका प्रधान शगन बराड़, भूपिंदर सिंह बंटी, विक्की भाटी और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उन्हें नजरबंद किया गया है। जग्गा सिंह बराड़ ने इस पूरी कार्रवाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो वायरल हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने चार नामजद और तीन अन्य कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाया। बराड़ ने तत्काल सांसद कुमारी सैलजा को फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत के छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यहां देखें फोटो… भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप जग्गा सिंह बराड़ ने कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन भाजपा सरकार पुलिस के माध्यम से विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल नहीं टूटेगा और छात्रों व जनहित के मुद्दों पर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। बराड़ का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट कारण के कार्यकर्ताओं को जबरन अपने वाहनों में बैठाया और उन्हें उनके घरों के भीतर ही नजरबंद कर दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में भी उन्होंने लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और उन्हें भी पुलिस निगरानी में नजरबंद किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्रवाई की आलोचना की।
सीहोर जिले के शाहगंज स्थित ग्राम पनारी में अवैध खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पोकलेन और जेसीबी जैसी भारी मशीनों से दिन-रात मिट्टी, गिट्टी और मुरुम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, लगातार हो रही गहरी खुदाई से पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। भूजल स्तर प्रभावित हो रहा है। आसपास के खेतों और सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद खनिज विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों का आरोप- उत्खनन रोकन नहीं होती बड़ी कार्रवाईग्रामीणों का कहना है कि इस साल जिले में अवैध उत्खनन रोकने के लिए केवल छिटपुट कार्रवाई हुई है। पनारी जैसे बड़े खनन क्षेत्रों में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि कभी-कभी वाहन जब्त कर कार्रवाई पूरी कर दी जाती है, जबकि मुख्य आरोपी और संरक्षण देने वाले लोग कानून की पकड़ से बाहर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पनारी में अवैध खनन पर जल्द रोक नहीं लगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेंगे। इस मामले में जिला खनिज अधिकारी राजकुमार बराठे ने कहा कि जिले में समय-समय पर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
नेपाल और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे तराई क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा मंडरा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार सुबह पलियाकलां (बेस) गेज स्टेशन पर शारदा नदी का जलस्तर 154.68 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 154.59 मीटर से 9 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। निघासन तहसील के ग्रांट नंबर-12 गांव में शारदा नदी का विकराल रूप देखा जा रहा है। नदी का तेज बहाव तटबंधों और किनारों का तेजी से कटान कर रहा है। कई स्थानों पर संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं और नदी की धारा गांव की आबादी के बेहद करीब पहुंच गई है। खेतों में बाढ़ का पानी फैलने से फसलें जलमग्न हो गई हैं, जबकि उपजाऊ भूमि नदी में समाती जा रही है। गांव के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के आसपास भी जलभराव की स्थिति बन गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई या कटान इसी गति से जारी रहा, तो विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग भी प्रभावित हो सकता है। इससे बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों के आवागमन पर संकट गहराने की आशंका है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में नदी कई मीटर जमीन काट चुकी है। हर साल बरसात के मौसम में कटान की समस्या होती है, लेकिन इस बार नदी का बहाव अधिक तेज होने से लोग दहशत में हैं। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपना आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नदी लगातार अपना रुख बदल रही है और हर साल कृषि भूमि का एक बड़ा हिस्सा कटकर नदी में समा जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राजस्व, सिंचाई और पुलिस विभाग की टीमों को निगरानी के लिए तैनात किया है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने, अफवाहों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय करने की तैयारी भी की गई है। उधर, बनबसा बैराज से छोड़े जा रहे पानी और नेपाल के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 24 से 48 घंटे तक बारिश जारी रही तो शारदा नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे ग्रांट नंबर-12 सहित नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा और गंभीर हो सकता है।
बिलासपुर में राज्य शासन और पुलिस की सख्ती के बाद भी नशे का अवैध कारोबार नहीं थम रहा है। शहर में कई ऐसे अवैध हुक्का बार हैं, जहां युवक-युवतियों के साथ ही स्कूल-कॉलेज स्टूडेंट्स नशा करते हैं। मंगलवार की शाम पुलिस ने एक मकान में संचालित अवैध हुक्का बार में दबिश दी, जहां भारी मात्रा में हुक्का पॉट, फ्लेवर और अन्य सामान जब्त किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के पास एक मकान की तीसरी मंजिल पर अवैध हुक्का बार चल रहा है, जहां युवक-युवतियों के साथ ही स्कूल-कॉलेज के नाबालिग लड़के-लड़कियां भी हुक्का पीने जाते हैं। बार संचालक यहां ग्राहकों से प्रति घंटे के हिसाब से मोटी रकम वसूलकर उन्हें सिगरेट व तंबाकू युक्त फ्लेवर का हुक्का पिलाते हैं। पुलिस के पहुंचते ही मची भगदड़, पीने और पिलाने वाले गायब खबर पुख्ता करने के बाद पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची। सभी पुलिस के पहुंचने से पहले ही इधर-उधर भाग निकले। वहीं, पुलिस को देखकर हुक्का बार संचालक और मैनेजर भी फरार हो गए। जांच के दौरान पुलिस ने मौके से 6 कांच के हुक्का पॉट, 10 पाइप, फ्लेवर पैकेट और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश करने का दावा कर रही है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई फिर भी बेखौफ चल रहा था बार जिस जगह पर पुलिस ने दबिश दी, वहां करीब साल भर पहले भी छापेमारी की गई थी। तब हुक्का बार संचालक और मैनेजर समेत दर्जन भर लड़कों को पकड़ा गया था। पुलिस की इस कार्रवाई के कुछ समय बाद से ही यहां फिर से बार का संचालन होने लगा। लेकिन, पुलिस हाथ पर हाथ धरी बैठी रही। शहर में कई जगह चल रहा अवैध हुक्का बार राज्य शासन ने हुक्का बार को प्रतिबंधित किया है। इसके बाद भी शहर में कई जगह बेधड़क हुक्का बार संचालित है। होटल और ढाबों की आड़ में यह अवैध कारोबार चल रहा है। खास बात यह है कि पुलिस सब कुछ जानते हुए इसे बंद कराने के बजाए अनजान बनी रहती है। शिकायत मिलने पर दिखावे की कार्रवाई कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है।
सिवनी जिले में पिछले पांच दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। लगभग एक सप्ताह तक कमजोर मानसून और तेज धूप के कारण चिंतित किसानों की धान और मक्का की फसलें सूखने की कगार पर थीं, जिन्हें अब नया जीवन मिला है। खेतों में नमी लौटने से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। पिछले सप्ताह बारिश की कमी के कारण खेतों की ऊपरी सतह सूख गई थी। विशेष रूप से हाल ही में बोई गई धान और मक्का की फसलें प्रभावित हो रही थीं। किसानों को आशंका थी कि बारिश न होने पर उन्हें दोबारा बुआई या अतिरिक्त सिंचाई करनी पड़ सकती है,जिससे खेती की लागत में वृद्धि होती। शुक्रवार से बुधवार तक जारी इस बारिश ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। जिले का बरघाट विकासखंड धान उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है,जहां बड़े पैमाने पर धान की खेती होती है। धान की रोपाई के बाद खेतों में लगातार पानी की उपलब्धता आवश्यक होती है। पिछले पांच दिनों की बारिश से धान के खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है, जिससे पौधों की जड़ों को मजबूती मिलेगी और फसल का बेहतर विकास होगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार,वर्तमान मौसम धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल है।जिन किसानों की रोपाई अभी शेष है,उन्हें भी पर्याप्त पानी मिलने से अपने कार्य में तेजी लाने में मदद मिलेगी। इस लगातार बारिश का लाभ केवल खरीफ फसलों तक ही सीमित नहीं है।इससे तालाबों,कुओं,नलकूपों और छोटे जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। कई नदी-नाले उफान पर हैं और पुल-पुलियों तथा रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। इन स्थितियों को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों से जलमग्न मार्गों को अनावश्यक रूप से पार न करने और सतर्कता बरतने की अपील की है। जिले में 1 जून से अब तक 376.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।केवलारी में सर्वाधिक 45 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा छपारा में 26.2 मिमी, घंसौर में 25 मिमी, कुरई में 17 मिमी, धनौरा में 16 मिमी,सिवनी में 13.8 मिमी, लखनादौन में 12 मिमी तथा बरघाट में 9.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
डीडवाना में 12 बसों के काटे चालान:नियम तोड़ने वाली और बिना डाक्युमेंट्स के मिली गाड़ियों को किया सीज
डीडवाना में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाया। जिला परिवहन अधिकारी सुप्रिया बिश्नोई के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान 12 बसों के चालान किए गए। जांच के दौरान बालवाहिनी परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने वाली और आवश्यक दस्तावेजों के बिना संचालित पाई गई बसों को सीज किया गया। इसके अलावा बस बॉडी कोड मानकों का उल्लंघन करने और अपूर्ण दस्तावेजों के साथ चल रही बसों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। जिला परिवहन अधिकारी सुप्रिया बिश्नोई ने बताया कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने वाहन संचालकों से सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखने, निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने और नियमों के अनुरूप ही वाहनों का संचालन करने की अपील की।
NEET पेपर लीक मामले, छात्रों के भविष्य से कथित खिलवाड़ और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को नागौर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के बाहर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद कुछ देर तक धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी रही। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष हनुमान बांगड़ा, मनीष मिर्धा सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं से देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के हितों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। कुछ देर तक कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि पुलिस की सतर्कता से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।
रायबरेली में भाकपा (माले) का प्रदर्शन:दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में DM को सौंपा ज्ञापन
रायबरेली में भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। विजय विद्रोही के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और घटना की निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन भाकपा (माले) नेता विजय विद्रोही के नेतृत्व में हुआ। कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजय विद्रोही ने दिल्ली की घटना को 'भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक शर्मनाक अध्याय' बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में निहत्थे छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पुलिस के हमले में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। विद्रोही ने दिल्ली पुलिस के इस रवैये को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की पुलिस पहले से ही इस तरह की कार्रवाई के लिए जानी जाती है, और अब दिल्ली पुलिस भी उसी राह पर चल पड़ी है। भाकपा (माले) नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का रवैया आम जनता के खिलाफ हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
भिंड लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार रात भिंड में कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। जिला कांग्रेस कमेटी शहर एवं ग्रामीण, नगर ब्लॉक कांग्रेस और शहर ब्लॉक कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट परिसर पर दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक सिद्धांतों की हत्या करार दिया। रात 9 से 11 बजे तक चले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना के विपरीत बताते हुए सरकार के रवैये की निंदा की। कांग्रेस नेता बोले- आवाज दबाने की कोशिश कीधरने को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. राधेश्याम शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है। लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेगी।नगर कांग्रेस अध्यक्ष संतोष त्रिपाठी ने कहा कि सत्य और जनता के अधिकारों की लड़ाई को किसी भी कार्रवाई से दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की हर कोशिश का कांग्रेस शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी। धरने के समापन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर डॉ. राधेश्याम शर्मा, महेश जाटव, संतोष त्रिपाठी, संदीप मिश्रा, हलीम पठान, अनिल भारद्वाज, शैलेंद्र भदौरिया, राहुल कुशवाह, दीपू दुबे, अरविंद यादव, मोहम्मद इरफान, रामस्वरूप गोयल, अभिषेक मौर्य, गोपाल मिश्रा, राजेंद्र यादव, सत्येंद्र यादव, सलमान खान, बॉबी तोमर, छोटू शर्मा, दिनेश यादव, राजू दुबे और दीपेंद्र पाराशर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फाजिल्का के बीडीपीओ लाल सिंह सस्पेंड:पंजाब सरकार ने लिया एक्शन; बैठकों से लगातार गायब रहने का आरोप
फाजिल्का में बीडीपीओ लाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इस संबंध में पंजाब सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग ने पत्र भी जारी कर दिया है। प्रशासन के सीनियर अधिकारियों द्वारा बीडीपीओ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए लिखा गया था। फाजिल्का में सीनियर अधिकारियों द्वारा बैठक बुलाई गई थी, जिसमें बीडीपीओ के शामिल होना यकीनी किया गया था। इसके बावजूद बीडीपीओ की गैरहाजिरी को लेकर उनके द्वारा लिखित में विभागीय कार्यवाही के लिए भेजा गया। हालांकि अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास जगविंदरजीत सिंह गरेवाल ने बताया कि बीडीपीओ लाल सिंह के खिलाफ इससे पहले भी 4 बार विभागीय कार्यवाही के लिए लिखा जा चुका है। इस बार लाल सिंह के खिलाफ विभाग ने एक्शन लिया है। बर्खास्त समय के दौरान कर्मचारी को पंजाब सिविल सेवा नियम जिल्द-1, भाग-1 के नियम 7.2 अधिनियम गुजारा भत्ता इस शर्त पर दिया जाएगा कि वह निर्धारित हेडक्वार्टर से यह सर्टिफिकेट पेश करेगा कि वह इस समय कोई नौकरी या अन्य काम नहीं करेंगे।
सोनार समाज को एकजुट करने की मुहिम तेज:गांव-गांव और शहर-शहर बनेंगी इकाइयां, संगठन विस्तार का ऐलान
मुजफ्फरनगर में बिखरे हुए सोनार समाज को एक मंच पर लाने की दिशा में श्री मेढ़ क्षत्रिय सोनार समाज समन्वय समिति ने संगठन विस्तार अभियान तेज कर दिया है। शहर की वसुंधरा कॉलोनी में बुधवार सुबह करीब 11 बजे समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें समाज के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर एकजुटता, संगठन विस्तार और सर्राफा कारोबार से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का आयोजन जितेंद्र वर्मा के आवास पर समिति के जिला अध्यक्ष पवन कुमार वर्मा के नेतृत्व में हुआ। बैठक की अध्यक्षता राजकुमार मास्टर ने की, जबकि संचालन पूर्व सभासद राजेश वर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान पवन वर्मा ने राजकुमार मास्टर को पटका पहनाकर सम्मानित किया और समाज के अग्रज अजमीढ़ जी महाराज का चित्र भेंट कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। समिति के जिला अध्यक्ष एवं सर्राफा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पवन कुमार वर्मा ने कहा कि समन्वय समिति का उद्देश्य केवल बैठकें करना नहीं, बल्कि पूरे जिले में बिखरे समाज को जागरूक कर एक सूत्र में पिरोना है। उन्होंने कहा कि समिति लगातार गली-मोहल्लों में बैठकें आयोजित कर रही है और अब गांव-गांव तथा कस्बों में भी छोटी-छोटी इकाइयों का गठन किया जाएगा, ताकि समाज की भागीदारी और संगठनात्मक शक्ति दोनों बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि बैठकों के माध्यम से समाज के लोग एक-दूसरे से परिचित हो रहे हैं और सामाजिक व पारिवारिक समस्याओं के समाधान का भी प्रयास किया जा रहा है। समाज की नई पीढ़ी को संगठन से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। बैठक में कटरा मोचियान और सर्राफा बाजार के स्वर्ण एवं रजत कारोबारियों के समक्ष आने वाली विभिन्न व्यावसायिक समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। व्यापारियों ने सुरक्षा, व्यवसायिक चुनौतियों और संगठन की भूमिका को लेकर अपने सुझाव भी रखे। बैठक में भोला शंकर सर्राफ, प्रदीप वर्मा, प्रमोद कुमार, शुभम वर्मा, पूर्व सभासद राजेश वर्मा, महेश वर्मा, आशीष वर्मा, आशु गर्ग, सतीश फौजी, शिवकुमार वर्मा, विजय वर्मा, नरेंद्र भारती, शिवम वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड निवासी दीपक कुमार एमसीए की पढ़ाई के साथ आधुनिक खेती में मिसाल बन गए हैं। वो अपनी चार एकड़ बंजर जमीन पर ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन उगाकर हर महीने 70 हजार रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी यह सफलता क्षेत्र के युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। दीपक ने अपनी मेहनत और आधुनिक कृषि तकनीक का उपयोग कर इस बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया है। उन्होंने ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाई है, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ फसल का उत्पादन और गुणवत्ता भी बेहतर हुई है। गांव में अपनी जमीन पर खेती शुरू की दीपक ने बताया कि एमसीए की पढ़ाई के बाद उन्होंने मुंबई में कुछ दिनों तक जॉब किया पर खुद के कारोबार की ललक ने उन्हें गांव वापस आने का आइडिया दिया। गांव में अपनी जमीन पर उन्होंने खेती शुरू की और आज वो सफल किसान बन गए हैं। दीपक ग्राफ्टेड पौधों का उपयोग करते हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इससे फसलों को नुकसान कम होता है और उत्पादन में वृद्धि होती है। उन्हें आधुनिक खेती की प्रेरणा छत्तीसगढ़ से मिली। वहां किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करते देख उन्होंने अपने गांव में भी इसे अपनाने का निश्चय किया। छत्तीसगढ़ से मंगवाया ग्राफ्टेड पौधे दीपक ने छत्तीसगढ़ से 12 रुपए प्रति पौधे की दर से 2,500 ग्राफ्टेड बैंगन और 1,500 ग्राफ्टेड टमाटर के पौधे मंगाकर खेती शुरू की। दीपक ने बताया कि ग्राफ्टेड पौधे तैयार करने के लिए जंगली बैंगन की मजबूत जड़ का उपयोग किया जाता है, जो रोगों और कीटों के प्रति अधिक प्रतिरोधी होती है। ऊपरी भाग (सायन) के रूप में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों का प्रयोग होता है। उन्होंने बैंगन में बीएनआर-212 और टमाटर में साहू किस्म का उपयोग किया है। ग्राफ्टेड बैंगन और टमाटर की खेती से सामान्य पौधों की तुलना में काफी अधिक उत्पादन मिलता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। आने वाले दिनों में मासिक आय बढ़ने की उम्मीद साथ ही पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रहने से किसानों को अच्छी गुणवत्ता की उपज और अधिक आमदनी मिलती है। यही कारण है कि उन्होंने ग्राफ्टेड बैंगन और टमाटर की खेती शुरू की है। दीपक ने बताया कि वर्तमान में बैंगन और टमाटर की खेती से उन्हें प्रतिमाह लगभग 70 हजार रुपए की आमदनी हो रही है। फसल का उत्पादन बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में उनकी मासिक आय एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक पहुंचने की संभावना है। गांवों से पलायन को भी काफी हद तक रोका जा सकता है: दीपक दीपक का कहना है कि खेती को यदि वैज्ञानिक तरीके से किया जाए तो यह किसी भी नौकरी से कम लाभदायक नहीं है। दीपक की इस पहल से गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। वर्तमान में उनकी खेती में 10 से 12 लोग नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा उनके कई रिश्तेदार और आसपास के किसान भी उनसे प्रेरित होकर आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। दीपक का मानना है कि खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाकर गांवों से पलायन को भी काफी हद तक रोका जा सकता है। अगले सीजन में गोभी की खेती की तैयारी उन्होंने बताया कि इससे पहले वे शिमला मिर्च, मिर्च और तरबूज की खेती भी कर चुके हैं, जिसमें उन्हें अच्छा लाभ मिला था। अब वे अगले सीजन में गोभी की खेती की तैयारी कर रहे हैं और नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। दीपक ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप उपलब्ध कराया जाए तो सिंचाई की लागत काफी कम हो जाएगी और उत्पादन में और वृद्धि होगी। इसके अलावा यदि कोली हाउस तथा पौधशाला (नर्सरी) स्थापित करने में सरकारी सहयोग मिले तो वे आसपास के किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर ग्राफ्टेड पौधे तैयार कर सकेंगे। इससे किसानों को बाहर से महंगे पौधे मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और क्षेत्र में आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। दीपक कुमार की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा और खेती एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि क्षेत्र के किसानों और युवाओं के सामने आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल भी पेश की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. साजिद खान ने आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले आरोग्य मित्रों और आरोग्य सखियों को सम्मानित किया। उन्होंने झालावाड़ कार्यालय में उनसे मुलाकात कर उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. खान ने आरोग्य मित्रों और आरोग्य सखियों से उनके कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।्र उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की। गेहूखेड़ी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की प्रभारी डॉ. सोनिका मीणा ने बताया कि सीएमएचओ ने योजना के तहत किए जा रहे नवाचारों और गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीणों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए आरोग्य मित्रों और आरोग्य सखियों के प्रयासों की प्रशंसा की और उन्हें बेहतर कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्हें प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। डॉ. सोनिका मीणा ने आगे बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, लोगों को उच्च रक्तचाप (बीपी), मधुमेह (शुगर) और औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक करना भी शामिल है। आरोग्य मित्र और आरोग्य सखियां घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर रहे हैं। वे उन व्यक्तियों को, जिनमें बीपी या शुगर के लक्षण पाए जाते हैं, तत्काल अस्पताल या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच और उपचार कराने की सलाह भी देते हैं। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में आरोग्य मित्र और आरोग्य सखियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके प्रयासों से लोगों में समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जिससे गंभीर बीमारियों की रोकथाम में भी सहायता मिल रही है।
जालौन में फौजी की खरीदी जमीन पर कब्जे का प्रयास:DM से शिकायत, SDM माधौगढ़ को जांच के निर्देश
भारतीय सेना में तैनात एक सैनिक ने अपनी खरीदी गई दुकान और प्लॉट पर अवैध कब्जे के प्रयास, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी जालौन से न्याय की गुहार लगाई है। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी माधौगढ़ को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता सूर्यकांत मिश्रा, पुत्र आदर्श कुमार मिश्रा, ग्राम जगम्मनपुर, थाना रामपुरा के निवासी हैं और वर्तमान में जैसलमेर (राजस्थान) में भारतीय सेना में सैनिक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने ग्राम जगम्मनपुर में संध्या पुत्री श्याम बाबू से एक दुकान और प्लॉट विधिवत खरीदा था। खरीद के समय संपत्ति से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध थे और उन्होंने खरीद के बाद संपत्ति पर कब्जा भी प्राप्त कर लिया था। इसके बाद वह अपनी ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। सैनिक का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पड़ोसी राजकुमार पुत्र बैजनाथ और सुनील कुमार पुत्र राजबहादुर उनकी भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। जान से मारने की धमकी दी जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वह अवकाश लेकर गांव पहुंचे। विरोध करने पर आरोपितों ने उनके साथ अभद्रता की, गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और झूठे मुकदमों, यहां तक कि महिला संबंधी गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी भी दी। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि गांव का एक व्यक्ति पप्पू कथित रूप से आरोपितों का सहयोग कर रहा है और उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई से बचाने का भरोसा देकर विवाद को बढ़ावा दे रहा है। पीड़ित सैनिक ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उसकी खरीदी गई संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा रोका जाए, उसे सुरक्षा प्रदान की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली कस्बे से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियों में कुछ पुलिसकर्मी एक रोडवेज बस के आगे ईंट-पत्थर लेकर चलते दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, बस के ब्रेक फेल होने के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित बस स्टैंड तक पहुंचाने में मदद की। यह घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। उरई डिपो की एक बस राठ पहुंची थी। शहर के अलग-अलग इलाकों में सवारियों के उतरने के बाद जब ड्राइवर ने बस आगे बढ़ाई, तो उसके ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने बस को सुरक्षित तरीके से बस स्टैंड तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने ड्राइवर को बस धीरे चलाने का निर्देश दिया और खुद आगे-आगे चलकर ट्रैफिक को हटाते हुए बस के लिए रास्ता साफ किया। पुलिसकर्मी अपने हाथों में पत्थर लेकर चल रहे थे, ताकि यदि बस को अचानक रोकना पड़े तो पहियों के आगे लगाकर उसे रोका जा सके। पुलिस के इस कार्य की सराहना की जा रही है, जबकि लोग परिवहन निगम की खस्ताहाल बसों को लेकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सवारियों से भरी बस का ब्रेक रास्ते में फेल हो जाता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
शिवपुरी जिले के बैराड़ कस्बे में पुलिस की सतर्कता से सराफा बाजार में एक बड़ी चोरी की वारदात टल गई। बुधवार देर रात तीन बदमाश गैस कटर और अन्य उपकरणों के साथ सोने-चांदी की दुकान का ताला काटने पहुंचे थे। इसी दौरान रात्रि गश्त कर रही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस वाहन को देखते ही बदमाश जलता हुआ गैस कटर मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पूरी घटना दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। गैस कटर से काट रहे थे दुकान का ताला घटना 22 जुलाई की रात करीब 12 बजे बैराड़ कस्बे के मेन रोड स्थित सराफा बाजार की है। बदमाशों ने जगदीश गुप्ता की सोने-चांदी की दुकान को निशाना बनाया। तीनों आरोपी एक बैग में गैस कटर और अन्य औजार लेकर पहुंचे और दुकान का ताला काटने का प्रयास शुरू कर दिया। पुलिस को देखते ही मौके से भागे आरोपी इसी दौरान इलाके में गश्त कर रही डायल-112 की टीम वहां पहुंच गई। पुलिस वाहन को अपनी ओर आता देख तीनों बदमाश घबरा गए और चालू हालत में गैस कटर वहीं छोड़कर भाग निकले। गैस कटर चालू होने के कारण उसमें आग लग गई और कुछ ही देर बाद हल्का विस्फोट भी हुआ। पुलिस ने तत्काल आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी की, लेकिन घनी आबादी और अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी फरार होने में सफल रहे। रात्रि गश्त कर रही टीम की सतर्कता से टली वारदात बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया कि घटना के समय उपनिरीक्षक अजय कुमार खलको, डायल-112 में तैनात प्रधान आरक्षक इकबाल अहमद, आरक्षक देवेंद्र, आरक्षक धर्मपाल धाकड़ और आरक्षक अतरसिंह रावत रात्रि गश्त पर थे। पुलिस टीम की समय पर मौजूदगी के कारण बदमाश चोरी की वारदात को अंजाम नहीं दे सके और लाखों रुपये के नुकसान से बचाव हो गया। CCTV फुटेज में कैद हुए तीनों बदमाश वहीं इस घटना के दौरान दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में तीनों संदिग्ध साफ दिखाई दिए हैं। फुटेज में बदमाश गैस कटर लेकर दुकान का ताला काटते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सुरेश शर्मा के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने व्यापारियों से भी रात के समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
उदयपुर शहर से सटे लकड़वास गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में बुधवार सुबह एक लेपर्ड कैद हो गया। पिछले कई दिनों से गांव और आसपास के क्षेत्रों में लेपर्ड की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में थे। उसके पकड़े जाने के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार, गांव के हनुमान मंदिर के पास कल्याणजी वैष्णव के मकान के पीछे वन विभाग ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। बुधवार सुबह करीब 7 बजे लेपर्ड इसी पिंजरे में फंस गया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लेपर्ड गांव के आसपास लगातार दिखाई दे रहा था। उसने एक-दो गायों का शिकार भी किया था, जिससे लोगों में भय का माहौल था। ग्रामीणों और माधव गोशाला की ओर से वन विभाग को कई बार शिकायत कर लेपर्ड को पकड़ने की मांग की गई थी। ग्रामीण दिनेश मेघवाल ने बताया कि लगातार शिकायतों के बाद वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगाया था और आखिरकार बुधवार सुबह लेपर्ड उसमें कैद हो गया। सूचना पर पहुंची वन-विभाग की टीम ने आवश्यक कार्रवाई के बाद लेपर्ड को सुरक्षित अपने साथ ले गई। इस दौरान लेपर्ड को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि वे वन्यजीवों के मूवमेंट की सूचना तुरंत विभाग को दें और किसी भी स्थिति में उनके पास जाने का प्रयास न करें।
अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर बिहारशरीफ सदर अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई है। दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई न होने से राज्य भर के चिकित्सकों में असुरक्षा और रोष व्याप्त है। ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार के कारण अस्पताल में मरीजों का पर्चा कटना पूरी तरह से बंद रहा। इसके चलते दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जमुआरा (भीखन टोला) से आए रामप्रवेश रविदास, इस्लामपुर से पहुंचे निरंजन, कालू पंडित और पिंकी देवी जैसे कई मरीजों ने बताया कि वे सर्दी-खांसी, बदन दर्द, कमजोरी और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए आए थे। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर बताया गया कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं और ओपीडी बंद है। मजबूरी में इन मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। हालांकि, संघ के निर्देशानुसार इस दौरान अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं ताकि गंभीर मरीजों के इलाज में कोई बाधा न हो। हम सुरक्षित ही नहीं तो इलाज क्या करेंगे बिहारशरीफ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि जब डॉक्टर और सिविल सर्जन ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो वे आम लोगों का इलाज कैसे कर पाएंगे। उन्होंने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां हमेशा लॉ एंड आर्डर की गंभीर समस्या बनी रहती है, लेकिन आज तक अस्पताल परिसर में पुलिस पिकेट का निर्माण नहीं किया गया है। जिला प्रशासन और सरकार से चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए इस ओर अविलंब ठोस कदम उठाने की मांग की है। ओपीडी में 500 मरीजों का होता था इलाज सदर अस्पताल बिहार शरीफ में रोजाना 500 से अधिक लोग ओपीडी की सेवा लेते थे। अचानक डॉक्टर के हड़ताल पर चले जाने के कारण दूर-दराज से आए मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र में गामड़ी अहाड़ा गांव के पास दो मोटरसाइकिल की टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामसागड़ा थाने के एएसआई चंदुलाल ने बताया कि नलवा निवासी दर्शन कोटेड ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया- उनका बेटा अमित कोटेड (24) और रिश्तेदार का पुत्र पंकज (19) एक मोटरसाइकिल पर बलवाड़ा से जालूकुआं जा रहे थे। उनके साथ ही दूसरी बिना नंबरी मोटरसाइकिल पर सतीश बरण्डा, कल्पेश डामोर और अनिल भी चल रहे थे। गंगेश्वर महादेव मंदिर से थोड़ा आगे डेंडपम्प घाटी के पास अमित और पंकज की मोटरसाइकिल धीमी गति से अपनी साइड में जा रही थी। तभी पीछे से आ रही सतीश बरण्डा की बिना नंबरी मोटरसाइकिल ने तेज गति और लापरवाही से चलाते हुए अमित की बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अमित और पंकज दोनों सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार कल्पेश और अनिल भी नीचे गिरकर घायल हो गए। टक्कर मारने वाला सतीश बरण्डा मामूली चोटें लगने के बाद मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों और मृतकों को डूंगरपुर के जनरल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने अमित और पंकज के शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया, जबकि गंभीर रूप से घायल कल्पेश और अनिल का इलाज जारी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रेमी से मिलाने का झांसा, महिला को कोसी में धकेला:सुपौल में इंजीनियर-मजदूर ने उफनती नदी से बचाई जान
सुपौल में मंगलवार देर रात एक नवविवाहिता के मामा और बहनोई ने प्रेमी से मिलवाने के बहाने घर उसे ले गए और रास्ते में कोसी नदी में धक्का दे दिया। घटना सदर प्रखंड के बसबिट्टी पंचायत स्थित पूर्वी कोसी तटबंध के 64/95 स्पर के पास हुई। कोसी नदी में बह रही नवविवाहिता को कनीय अभियंता और एक मजदूर ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। युवती की पहचान आशा कुमारी (28) के रूप में हुई है। फिलहाल पुलिस ने युवती को अपने संरक्षण में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब सिलसिलेवार जानिए पूरी घटना… टॉर्च लेकर नदी की ओर दौड़े इंजिनियर और मजदूर घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे की है। पूर्वी कोसी तटबंध पर रात्रि ड्यूटी कर रहे कनीय अभियंता चितरंजन कुमार और मजदूर सुभाष कुमार ने बताया कि खाना खाने के बाद वे बाहर हाथ धोने निकले थे। तभी कोसी नदी की ओर से किसी युवती के बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दी। दोनों बिना समय गंवाए टॉर्च लेकर नदी की ओर दौड़े। इंजिनियर ने दी डायल 112 पुलिस को सूचना मजदूर सुभाष कुमार ने उफनती कोसी नदी में छलांग लगा दी। तेज बहाव के बीच काफी मशक्कत के बाद उन्होंने युवती तक पहुंचकर उसे सुरक्षित नदी किनारे लाया। जिसके बाद इंजिनियर ने नदी किनारे से युवती को खींचकर जमीन पर लाया। इसके बाद कनीय अभियंता चितरंजन कुमार ने तुरंत डायल-112 पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पति के साथ नहीं रहना चाहती थी बचाई गई युवती ने अपनी पहचान सदर प्रखंड के लखनिपट्टी निवासी आशा कुमारी (28) के रूप में कराई। उसने पुलिस और मौजूद लोगों को बताया कि वह एक युवक से प्रेम करती थी, लेकिन उसके परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। करीब एक महीने पहले परिजनों ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दूसरे युवक से शादी करा दी। शादी के बाद भी वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती थी और अपने प्रेमी के पास जाना चाहती थी। दोनों ने अचानक नदी में धक्का दिया आशा कुमारी का आरोप है कि मंगलवार की रात उसके मामा और बहनोई उसे यह कहकर घर से ले गए कि वे उसे उसके प्रेमी से मिलवा देंगे। रास्ते में पिपरा खुर्द के पास कोसी नदी के किनारे पहुंचने के बाद दोनों ने अचानक उसे नदी में धक्का दे दिया। तेज बहाव में बहते हुए वह किसी तरह तटबंध के स्पर के पास पहुंची और लगातार मदद के लिए आवाज लगाती रही। उसकी चीख सुनकर ड्यूटी पर मौजूद अभियंता और मजदूर मौके पर पहुंचे और उसकी जान बचा ली। युवती को सुरक्षित बाहर निकाला - ASI घटना के बाद मौके पर पहुंचे डायल-112 में तैनात एएसआई दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि कोसी नदी से एक युवती को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। युवती ने अपने मामा और बहनोई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके बयान से संबंधित पूरी जानकारी वरीय अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। अधिकारियों के निर्देश के अनुसार पूरे मामले की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। युवती के आरोपों की सच्चाई की जांच कर रही पुलिस घटना के बाद इलाके में देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। स्थानीय लोगों ने मजदूर सुभाष कुमार और कनीय अभियंता चितरंजन कुमार की बहादुरी की तारीफ की। लोगों का कहना था कि अगर दोनों समय पर आवाज नहीं सुनते और तत्परता नहीं दिखाते तो तेज बहाव में युवती की जान बचाना संभव नहीं था। फिलहाल पुलिस युवती के आरोपों की सच्चाई की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने प्रेम संबंध, पारिवारिक विवाद और कथित हत्या की साजिश जैसे कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साहिबाबाद में मालगाड़ी पटरी से उतरी:हाथरस में पैसेंजर ट्रेनें रद्द, हजारों यात्री परेशान हुए
उत्तर रेलवे के साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी के पटरी से उतरने के कारण आज हाथरस में रेल यातायात प्रभावित हुआ। बुधवार को सुबह कई पैसेंजर ट्रेनों का संचालन नहीं हो सका, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाथरस किला स्टेशन से चलने वाली एचएडी पैसेंजर ट्रेन का आज संचालन रद्द कर दिया गया। यह हाथरस किला रेलवे स्टेशन से संचालित एकमात्र पैसेंजर ट्रेन है, जिससे रोजाना हजारों यात्री यात्रा करते हैं। इसके अतिरिक्त, टूंडला से दिल्ली जाने वाली टीएडी पैसेंजर ट्रेन भी आज नहीं चली, जिससे भी हजारों यात्री प्रभावित हुए। यह ट्रेन भी उत्तर मध्य रेलवे के हाथरस जिले के सभी स्टेशनों पर रुकती है। आज सुबह जब यात्रियों को ट्रेनों के रद्द होने या देरी की जानकारी मिली तो काफी यात्री अन्य वाहनों से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। एक्सप्रेस ट्रेनें भी देरी से पहुंची... हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर महानंदा एक्सप्रेस सहित कुछ अन्य ट्रेनें भी काफी देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को इंतजार करना पड़ा और वे परेशान दिखाई दिए। एक यात्री केशव देव शर्मा ने बताया कि वह काफी देर से इलाहाबाद जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ट्रेन अभी तक नहीं आई है। एक अन्य यात्री रामनाथ कौशिक ने भी कहा कि वे हाथरस जंक्शन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें बताया गया है कि ट्रेन डेढ़ घंटे की देरी से चल रही है।
सोनभद्र में छात्रों से भरी स्कूल बस पलटी:साइकिल सवार को बचाने के दौरान हादसा, सभी बच्चे सुरक्षित
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज सदर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। यह घटना नई बाजार-देवरी गांव के पास सुबह करीब 7 बजे हुई। बस में एमवीएम स्कूल के 28 से 30 छात्र सवार थे। हादसे में करीब आधा दर्जन बच्चों को मामूली चोटें आईं, लेकिन कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार, रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग पर रूट डायवर्जन के कारण स्कूल बस गांव के वैकल्पिक मार्ग से गुजर रही थी। इसी दौरान बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिससे बच्चों में चीख-पुकार मच गई। बस चालक बचऊ ने बताया कि सामने एक साइकिल सवार अचानक आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बस का पहिया सड़क किनारे गीली मिट्टी और गड्ढे में उतर गया, जिससे बस पलट गई। चालक के मुताबिक, सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे के बाद अभिभावक भी घटनास्थल पर पहुंच गए और अपने बच्चों को घर ले गए। बस में कहरोल और रामगढ़ क्षेत्र के बच्चे सवार थे। इस घटना के बाद अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता देखी गई। स्थानीय लोगों ने स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन, वैकल्पिक मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन से ऐसे मार्गों पर यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग की है।
कंजिया गांव की लभेर नदी में दिखे बड़े-बड़े तीन मगरमच्छ:पानी और किनारे पर आए नजर, दहशत में ग्रामीण
कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम कंजिया से गुजरी लभेर नदी में बुधवार सुबह तीन विशालकाय मगरमच्छ देखे गए। ग्रामीणों द्वारा एक साथ तीन बड़े मगरमच्छों को पानी में तैरते देखने के बाद गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले लभेर नदी में कभी मगरमच्छ नहीं देखे गए थे। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, यह नदी हमेशा से जल स्रोतों और पशुओं के लिए सुरक्षित मानी जाती रही है। हालांकि, पिछले दो-तीन वर्षों से नदी में मगरमच्छ दिखाई देने लगे हैं। अब एक साथ तीन बड़े मगरमच्छों के आने से ग्रामीणों को अपने पशुओं, खेती-किसानी के कामों और बच्चों की सुरक्षा की गंभीर चिंता सता रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी वन विकास निगम के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर वन अमला सतर्क हो गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वन विकास निगम, कुंडम परियोजना के रेंजर जुहैद हुसैन ने बताया, लभेर नदी में तीन मगरमच्छ देखे जाने की जानकारी मिली है। मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। मगरमच्छों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने और दूसरे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए जल्द ही रेस्क्यू टीम बुलाई जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से गांव में मुनादी करवाई जा रही है, ताकि ग्रामीण नदी किनारे जाने से बचें और सतर्क रहें। वन विभाग ने ग्रामीणों को हिदायत दी है कि जब तक रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा न हो जाए, तब तक नदी तट पर न जाएं। मवेशियों को नदी में पानी पिलाने या नहलाने ले जाने से बचें और छोटे बच्चों को नदी के आसपास बिल्कुल न जाने दें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करने की सलाह दी गई है।
संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष इंद्रदेव पाल के नेतृत्व में सुबह 11:30 बजे हुए इस प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मोर्चा ने विंध्य एक्सप्रेसवे पक्षी विहार योजना को रद्द करने की प्रमुख मांग रखी। इसके साथ ही, किसानों की भूमि कृषि हेतु सुरक्षित रखने और जबरन भूमि अधिग्रहण न करने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग भी इसमें शामिल थी। मोर्चा की अन्य मांगों में भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता बंद करना, अमेरिकी कृषि उत्पादों के हमले से भारतीय किसानों की रक्षा करना, बिजली का निजीकरण रोकना और ईंधन चार्ज के नाम पर बिजली बिल में 10% की वृद्धि न करना शामिल है। उन्होंने किसी भी प्रकार का स्मार्ट मीटर न लगाने, फसलों का समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाने की भी मांग की। किसानों ने वन्य और आवारा जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की। धनापुर, कधिया, इमाम अली और जोलहापुर के किसानों की जमीन से यूपीसीडा का नाम खारिज कर किसानों का नाम पूर्ववत दर्ज करने की मांग की गई। भदोही विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान रद्द करने और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। मांगों को मानने की अपील छात्रों और सोनम वांगचुक की मांगों को मानने की अपील भी की गई। इस अवसर पर घनश्याम गौतम, हीरालाल यादव, केशव प्रसाद, मिठाई लाल, अमरावती, बंसराज, सूबेदार, सुनील कुमार, हीरा नारायण, रामलाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीतापुर में डीएम राजागणपति आर. बुधवार सुबह अचानक प्राथमिक स्कूल पहुंचे। कमलापुर में संचालित वीएचएसएनडी सत्र का निरीक्षण किया। कागजों में अनियमितताएं मिलने पर एएनएम के खिलाफ कार्रवाई करने और अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्री के अभिलेखों में भी त्रुटियां मिलने पर कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने आंगनबाड़ी कक्ष में पहुंचकर वीएचएसएनडी सत्र की जानकारी एएनएम से ली। उन्होंने आईस बॉक्स, वैक्सीनेशन किट और टीकाकरण व्यवस्था का निरीक्षण किया और गर्भवती महिलाओं से बातचीत कर टीकाकरण संबंधी जानकारी ली। इस दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) रजिस्टर की जांच में कई त्रुटियां मिलीं, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने अन्य विभागीय रजिस्टरों और बीपी मशीन का भी निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा तैयार अभिलेखों में भी कमियां मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और सुधार के निर्देश दिए। सबसे गंभीर लापरवाही तब सामने आई, जब एएए (आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम) बैठक से संबंधित कोई भी अभिलेख अथवा सूची मौके पर उपलब्ध नहीं मिली। इस पर डीएम ने एएनएम के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने और अगले आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय कमलापुर में मिड-डे मील की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया। उन्होंने खाने की गुणवत्ता देखी और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुखरंजन समद्दर भी मौजूद रहे।
बेगूसराय में विवाहिता की मौत हुई है। मायके वालों का कहना है कि मंगलवार रात ससुराल वालों ने हत्या कर दी। फंदे से लटका दिया और इलाज कराने का नाटक करने के लिए एंबुलेंस से अस्पताल ले गए। जिसके बाद एंबलुेंस से लाश लेकर वापस लौट रहे थे, बीच रास्ते में ही लाश को एंबुलेंस में छोड़कर ससुराल वाले फरार हो गए। मृतका रोहित पासवान की पत्नी रानी कुमारी (20) है। मायके वालों का आरोप है कि ससुराल वाले 2 लाख रुपए के लिए रानी को प्रताड़ित करते थे। 8 महीने पहले बेटी को जन्म दिया तो और प्रताड़ित करने लगे। मुफस्सिल थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भर्रा गांव का है। भाई का आरोप- फांसी लगाकर मार डाला मृतका के भाई बलहा निवासी विनोद ने कहा कि रानी के पति, ससुर, सास, ननद, भैंसुर समेत पूरे ससुराल वालों ने मिलकर मेरी बहन को फांसी लगाकर मार दिया है। एंबुलेंस ड्राइवर की सूचना पर मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। जिसके बाद पुलिस ने हमलोगों को घटना की जानकारी दी। हमलोग जब मौके पर पहुंचे तो लाश एंबुलेंस में ही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बीती रात पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल पहुंची। सुसाइड किया तो सुसराल वाले क्यों भागते मृतका की भाभी सीता कुमारी ने बताया कि कुछ दिन पहले विवाद बढ़ने पर रानी को मायके ले आया गया था, लेकिन भर्रा गांव के जनप्रतिनिधियों ने बीच-बचाव किया था। जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया था कि वे पूरी जिम्मेदारी लेते हैं और आगे कोई विवाद नहीं होगा। उनके भरोसे पर ही रानी को वापस ससुराल भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही साजिश के तहत उसकी जान ले ली गई। अगर आत्महत्या की तो सबको भागने की क्या जरूरत थी। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई किया जाए। FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, जांच जारी इस संबंध में मुफस्सिल थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एंबुलेंस ड्राइवर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लाश बरामद किया गया। मेडिकल बोर्ड की निगरानी में सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया गया है। FSL की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस नेता हाउस अरेस्ट:मिर्जापुर में जंतर मंतर प्रदर्शन में शामिल होने से पहले पुलिस ने रोका
मिर्जापुर में पुलिस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कांग्रेस के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने मंगलवार रात ही इन नेताओं को इसकी सूचना दी और उनके आवासों पर निगरानी शुरू कर दी, ताकि वे दिल्ली के लिए रवाना न हो सकें। कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष राजन पाठक ने बताया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाना था। इसी के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए कई नेताओं को उनके घरों में ही रोक दिया। राजन पाठक ने बताया कि उनके अलावा पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी और छोटे खान को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया है। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसका विरोध किया। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक मामले में दोषियों पर अब तक कठोर कार्रवाई न होने के विरोध में किया जा रहा था। इस संबंध में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
बड़वानी में बुधवार सुबह से रिमझिम और हल्की बारिश का दौर जारी है। इस बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों की सूखती खरीफ फसलों को नया जीवन मिला है। लंबे अंतराल के बाद हुई इस वर्षा से लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। सुबह से ही आसमान में काले बादलों की आवाजाही बनी रही, जिसके चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। बूंदाबांदी और हल्की बारिश ने बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ा दी और लोगों को गर्मी से राहत मिली। खरीफ सीजन में सोयाबीन, मक्का और कपास की फसलें नमी की कमी से जूझ रही थीं। इस बारिश से इन फसलों को सींचने में मदद मिलेगी। किसान अब आगामी दिनों में अच्छी वर्षा की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि अगले एक सप्ताह तक लगातार बारिश होती है, तो फसलों की स्थिति और बेहतर हो जाएगी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 22 जुलाई तक जिले में कुल 85.91 इंच वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 93.94 इंच बारिश हुई थी, जिससे इस वर्ष अब तक 8.03 इंच कम वर्षा हुई है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 746.3 मिमी (29.38 इंच) है। वर्तमान में जिले की औसत वर्षा 201.9 मिमी (लगभग 8 इंच) तक ही पहुंच पाई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 238 मिमी (9.4 इंच) था। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, सेंधवा तहसील में सर्वाधिक 13.82 इंच वर्षा दर्ज की गई है। इसके बाद चाचरिया पाटी में 12.12 इंच और राजपुर में 12.08 इंच बारिश हुई। वरला में 10.67 इंच, बड़वानी में 7.87 इंच, पाटी में 7.63 इंच, अंजड़ में 6.82 इंच और निवाली में 6.61 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। पानसेमल तहसील में सबसे कम, मात्र 1.85 इंच बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जिले में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से अगले 48 घंटों में जिले के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है।बारिश से जनजीवन सामान्य हुआ है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति न बने इसके लिए प्रशासन भी अलर्ट पर है।
कवर्धा जिले के पांडातराई थाना क्षेत्र के ग्राम मड़मढ़ा स्थित महामाया देवी मंदिर में मंगलवार रात चोरी हो गई। चोर मंदिर से देवी के सोने-चांदी के गहने लेकर फरार हो गए। बुधवार सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि महामाया देवी की प्रतिमा से करीब दो तोला सोने का हार, दो सोने की कान की पत्ती, चार सोने के लॉकेट और चांदी की करधन गायब थी। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही पांडातराई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। इससे पहले 5 जुलाई को ग्राम सिल्हाटी पोड़ी स्थित बाबा विश्वेश्वर महादेव मंदिर में देर रात चोरी हुई थी। अज्ञात चोर बाबा विश्वेश्वर महादेव का त्रिकुंड और माता गौरी का मुकुट चुरा ले गए थे। कई मंदिर बन चुके हैं चोरों का निशाना हनुमान मंदिर से भी मुकुट चोरी हो चुका है, जिसका अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। इसके अलावा हरमो, कटगो, समनापुर, नवागांव, मोहगांव, बोड़ला और कामटी समेत जिले के कई मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है।
DM ने पशु टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया:22 जुलाई से 8 सितंबर तक 2.09 लाख पशुओं को लगेगा टीका
भदोही में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर इस अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 22 जुलाई से 8 सितंबर 2026 तक आठ चरणों में चलेगा। इसके तहत जनपद के लगभग 2.09 लाख गोवंश और भैंसवंशीय पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। यह एफएमडी टीकाकरण अभियान का आठवां चरण है। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से सुरक्षित रखने के लिए निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं। उन्होंने टीकाकरण दलों का पूर्ण सहयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि समय पर टीकाकरण ही इस संक्रामक रोग की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. सचान ने बताया कि जनपद में कुल 2,18,650 गोवंश एवं भैंसवंशीय पशु पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 2.09 लाख पशुओं को टीका लगाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए 15 टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें ब्लॉकवार निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गांव-गांव जाकर पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी। इस अवसर पर पशु विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और चिकित्सक भी उपस्थित रहे।
पलवल में नूंह मार्ग पर सेंट एंथनी स्कूल के निकट एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने दो बाइकों और एक अन्य कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आलदोका गांव निवासी कुंवर चंद अपनी पत्नी राजेश के साथ बाइक पर सवार होकर पलवल से अपने गांव लौट रहे थे। जब उनकी बाइक पलवल-नूंह रोड पर सेंट एंथनी कॉन्वेंट स्कूल के सामने पहुंची, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित सफेद रंग की कार ने पहले उनके आगे चल रही एक बाइक को टक्कर मारी। बाइक के बाद मारी कार को टक्कर इसके बाद, कार ने सीधे कुंवर चंद की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुंवर चंद और उनकी पत्नी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। कार ड्राइवर अपनी गाड़ी को नियंत्रित नहीं कर पाया और उसने एक अन्य कार को भी टक्कर मार दी। इस हादसे में नूंह निवासी राजन नामक एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायलों को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल पलवल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद पति-पत्नी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर थाना प्रभारी नरेंद्र राणा के अनुसार, घायल कुंवर चंद की शिकायत पर कार के अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कार के नंबर के आधार पर चालक का पता लगा रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 जुलाई 2026 को आगरा दौरे पर आएंगे। वे डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में आयोजित 'कैशलेस योजना' के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। CM के प्रस्तावित दौरे को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कुलपति प्रो. आशु रानी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कार्यक्रम को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 8 अलग-अलग समितियों का गठन किया गया। सभी समिति अध्यक्षों और सदस्यों को उनके दायित्व विस्तार से बताए गए। कुलपति ने निर्देश दिए कि सभी समितियां आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से काम पूरा करें। कार्यक्रम गरिमामय हो, इसमें किसी तरह की चूक न हो। कुलसचिव अजय मिश्रा पीसीएस को प्रशासनिक और व्यवस्थागत तैयारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करेंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजामCM की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट है। कार्यक्रम स्थल और पूरे खंदारी परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। एंट्री गेट पर मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे और पुलिस बल तैनात रहेगा। वीवीआईपी मार्ग, पार्किंग और अतिथि कक्ष की सुरक्षा का जिम्मा एसपी सिटी को दिया गया है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड भी परिसर की जांच करेगा। प्रदर्शनी और डॉक्यूमेंट्री होगी आकर्षणइस अवसर पर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचारों और सामाजिक सरोकारों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगेगी। विवि का सामुदायिक रेडियो 90.4 'आगरा की आवाज़' विश्वविद्यालय के गौरवशाली 100 साल के इतिहास और छात्र कल्याण पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी प्रस्तुत करेगा।सौंदर्यीकरण, मंच, सभागार, भोजन और आवागमन की व्यवस्था अंतिम चरण में है। प्रशासन का मानना है कि CM का यह दौरा विश्वविद्यालय को प्रदेश स्तर पर नई पहचान देगा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के किसान राज्य की रीढ़ हैं। किसानों की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के बिना राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' घोषित किया है, जिसके तहत सभी जिला मुख्यालयों पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। बड़वानी की कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम मुख्यमंत्री वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक खेती और नवीन नवाचारों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने बड़वानी जिले की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभिन्न उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं और ड्रिप इरिगेशन प्रणाली के विस्तार से कपास और मिर्च के उत्पादन क्षेत्र तथा सिंचित रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि बड़वानी में उत्पादित केला अब खाड़ी देशों तक निर्यात किया जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल रहा है। सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता कृषि और किसानों के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिले में आयोजित कृषि कैबिनेट के निर्णय के अनुसार खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों के सतत प्रयासों से किसानों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर खाद, गुणवत्तापूर्ण बीज और सिंचाई की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने खाद और बीज की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। योजनाओं की जानकारी दी गई कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश महामंत्री डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी ने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे बलराम तालाब योजना, ड्रिप इरिगेशन और उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से अंतिम छोर के खेतों तक पानी पहुँचाने के कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किसानों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए सरकार किसान सम्मान निधि, सब्सिडी, 5 हार्स पावर के कृषि पंपों पर बिजली छूट तथा सोसायटियों के माध्यम से 3 लाख तक का शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में कृषकों के साथ मजबूती से खड़ी है। कृषि विज्ञान केंद्र बड़वानी के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एस. के. बड़ोदिया ने उपस्थित कृषकों को संतुलित फसल पोषण तथा कपास की एचडीपीएस (हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम) तकनीक के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। कृषकों को किया गया सम्मानितबलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य एवं उपलब्धि हासिल करने वालों को मंच से सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रगतिशील कृषक, प्राकृतिक खेती, उन्नत कृषि, जैविक कपास, बायो रिसोर्स सेंटर एवं बायोगैस प्लांट गतिविधियों के लिए अनिया महारिया, संगीता विनोद, सीमा मुकेश, अनीता मांगीलाल, नानूराम, पीयूष पाटीदार, ल झाबाई आफिया, तुलसीराम जाधव, पवन पाटीदार तथा तुकाराम चौहान को सम्मानित किया गया। वही जिले के 10 मेधावी विद्यार्थियों अवनी यादव, विवेक चौहान, साक्षी गोस्वामी, शोभित सोनगरा, विपिन सोलंकी, सृष्टि मेहता, पीयूष राठौड़, वंशिका सिसोदिया, आर्यन कनासे एवं मोहित मंडलोई को सम्मानित किया गया। डिजिटल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक प्रचार-प्रसार के लिए सुष्मित जोशी, शुभ जोशी, प्रियाशु सोलंकी, प्रिंस लोनारे एवं अभ्युदय शर्मा को सम्मानित किया गया। ये रहे उपस्थित...कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कपिल यार्दे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंत सिंह पटेल, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष भगवान सिंह पटेल, सांसद प्रतिनिधि वासुदेव मुकाती, कलेक्टर जयति सिंह, पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।
लखनऊ में कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया है। कांग्रेसी पार्टी ऑफिस के बाहर लाठी लेकर जुटे हैं। यहां से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकल रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने 3 रास्तों पर 4 लेयर की बैरिकेडिंग की है। कांग्रेस ऑफिस के बाहर से लेकर सीएम आवास तक जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात है। कांग्रेसी ऑफिस से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस उन्हें रोक रही है। कांग्रेसियों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो रही है। कांग्रेसियों का कहना है कि यहां आने वाले भाजपाइयों का उन्हीं की भाषा में स्वागत करेंगे। दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम आवास के पास धरना-प्रदर्शन किया था। इसके जवाब में भाजपा ने लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था। इसके जवाब में कांग्रेसियों ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में बैठक की। उसमें भाजपा को जवाब देने के लिए सीएम आवास घेरने की रणनीति बनाई। देखिए 3 तस्वीरें… पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
लखनऊ में बुधवार दोपहर में कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गया। कांग्रेसी पार्टी के राज्य मुख्यालय के बाहर लाठी लेकर जुटे हैं। यहां से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकल रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने 3 रास्तों पर 4 लेयर की बैरिकेडिंग की है। पार्टी मुख्यालय के बाहर से लेकर सीएम आवास तक जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात है। दरअसल, मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम आवास के पास धरना-प्रदर्शन किया था। इसके जवाब में भाजपा ने लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था। इसके जवाब में कांग्रेसियों ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में बैठक की। उसमें भाजपा को जवाब देने के लिए सीएम आवास घेरने की रणनीति बनाई। देखिए 3 तस्वीरें… पल-पल के अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
औरैया में एक विचित्र पहल सेवा समिति और पंजाब नेशनल बैंक ने पौधारोपण अभियान चलाया गया। यमुना तट मार्ग पर बने पिंडदान स्थल पर ट्री गार्ड सहित घने और छायादार पौधे लगाए गए। समिति का लक्ष्य कुल 5100 पौधे रोपित करना है। संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। इसमें चितवन, नीम, पकड़िया और अशोक जैसे पौधे रोपे गए। इन पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी समिति के सदस्यों को सौंपी गई है। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि खानपुर के पिंडदान स्थल पर हर दिन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 10 दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान क्रिया की जाती है। यहां हजारों लोगों का आवागमन होता है, जिन्हें कड़ी धूप से बचाने के लिए छाया की आवश्यकता होती है। पौधारोपण से अंत्येष्टि में शामिल होने वाले लोगों को पेड़ों की छाया से राहत मिलेगी। पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु) ने जानकारी दी कि जीवनधारा पौधारोपण अभियान के तहत बारिश के मौसम में यमुना तट, मंगला काली मंदिर, परिक्रमा मार्ग, देवकली मंदिर, सार्वजनिक पार्कों और यमुना तट मार्ग जैसे विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा रहा है। समिति के सदस्य प्रतिदिन पौधों की सुरक्षा और देखभाल करते हैं। नष्ट हुए पौधों को दोबारा रोपा जाता है और लोगों को उनकी पसंद के पौधे निःशुल्क वितरित किए जाते हैं। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल ने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की। इस अभियान में पंजाब नेशनल बैंक औरैया के शाखा प्रबंधक आशीष वर्मा, सहायक प्रबंधक जितेंद्र प्रताप सिंह, सिद्धार्थ पुरवार व सौरभ शुक्ला, पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु), डॉ शिवकुमार सोनी, विनोद कुमार पोरवाल, अनिल कुमार सोनी, संजय अग्रवाल, बैंक से सेवानिवृत्त तेज बहादुर वर्मा, राकेश गुप्ता, संतोष कुशवाहा, अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) और संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट सहित कई पर्यावरण प्रहरी मौजूद रहे।
लकड़वास में पिंजरे में कैद हुआ लेपर्ड:मवेशियों का शिकार करने से गांव में थी दहशत
गिरवा के लकड़वास गांव में बुधवार सुबह वन विभाग को बड़ी सफलता मिली। गांव के हनुमान मंदिर के पास कल्याणजी वैष्णव के मकान के पीछे लगाए गए पिंजरे में लेपर्ड कैद हो गया। यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई। गाय का शिकार किया था पिछले कुछ दिनों से यह लेपर्ड गांव के आसपास लगातार घूम रहा था। इस दौरान उसने एक-दो गायों का शिकार भी किया था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल था। ग्रामीणों और माधव गोशाला ने वन विभाग से लेपर्ड को पकड़ने की लगातार मांग की थी। पिंजरे में कैद होने से गांव में दहशत खत्म ग्रामीण दिनेश मेघवाल ने बताया कि कई बार सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। बुधवार सुबह लेपर्ड के पिंजरे में कैद होने से गांव के लोगों ने राहत महसूस की। लेपर्ड के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लेपर्ड का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियमानुसार उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों ने वन विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब क्षेत्र में लोगों और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
धौलपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में महिला का शव रखकर प्रदर्शन करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम-2023 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दर्ज इस मामले में एंबुलेंस ड्राइवर, संचालक और मृतका के परिजनों को आरोपी बनाया गया है। अधिनियम के तहत शव का उपयोग प्रदर्शन या किसी पर दबाव बनाने के लिए करना दंडनीय अपराध माना गया है। 21 जुलाई की घटना पर कार्रवाई एफआईआर के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को मृतका का शव जिला कलेक्ट्रेट परिसर में रखकर प्रदर्शन किया गया था। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर संस्थापक अधिकारी ऋतुराज शर्मा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रसव के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत घटनाक्रम के अनुसार, महिला ने सामान्य प्रसव के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई, जिस पर जिला अस्पताल से उसे उच्च केंद्र के लिए रेफर किया गया। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। गांव की बजाय कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन महिला की मौत के बाद परिजन शव को गांव ले जाने के बजाय एंबुलेंस से सीधे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। निजी क्लीनिक पर भी हुई कार्रवाई घटना के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर शहर के गौरव पथ स्थित एक निजी क्लीनिक पर भी कार्रवाई की गई। देर रात प्रशासन ने क्लीनिक को सीज कर दिया। मामले की जांच और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल जारी है।
युवाओं को नशा सप्लाई करने वाला गिरफ्तार:एमडी-गांजे के साथ पकड़ा, आरोपी पर पहले से 8 मामले दर्ज है
पाली में युवाओं को एमडी-गांजा सप्लाई करने वाले को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही स्कूटी और एमडी-गांजा भी जब्त किया है। आरोपी पर पहले से ही 8 मामले दर्ज है। एमडीएमए 15 ग्राम और 524 ग्राम अवैध गांजा मिला औद्योगिक नगर थानाप्रभारी निरमा विश्नोई ने बताया- मुखबिर की सूचना पर टीम ने 20 जुलाई को राजेश बंजारा (32) पुत्र मोहनलाल निवासी सरदार पटेल नगर रेलवे लाइन के पास को उसके घर से कुछ दूरी पर पकड़ा है। तलाशी में उसके पास से एमडीएमए 15 ग्राम और 524 ग्राम अवैध गांजा मिला। वहीं काम में ली गई स्कूटी और मादक पदार्थ भी जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पहले से 8 मुकदमे दर्ज है। युवाओं को नशा बेचने का काम आरोपी करता है। इसे पकड़ने में कांस्टेबल शंकरलाल बॉस और ओमप्रकाश की मुख्य भूमिका रही।
चूरू में साइबर थाना पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए लाखों रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 9 लाख 60 हजार रुपए के अवैध लेनदेन से जुड़े इस मामले में नया बास निवासी समीर खान उर्फ चीकू (22) को पकड़ा है। इस मामले में एक अन्य आरोपी श्रीजैन आई को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने किराए पर लिए गए बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन और निकासी के लिए किया। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने चूरू और सरदारशहर क्षेत्र से 30 से 40 बैंक खाते जुटाकर साइबर ठगी के नेटवर्क में इस्तेमाल किए थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गाजियाबाद में सावन की कांवड़ यात्रा के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लाखों कांवड़ियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, यातायात और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। यात्रा के लिए जिले को 11 जोन, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे, जो व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। जिले में लगभग 300 कांवड़ शिविर स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 205 से अधिक कांवड़ संघ भाग लेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समन्वय स्थापित करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवड़ मार्ग पर 24 से अधिक मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए 65 एंबुलेंस तैनात रहेंगी और सरकारी अस्पतालों में 250 से अधिक बेड आरक्षित रखे गए हैं। मुरादनगर गंग नहर के घाटों पर बैरिकेडिंग का कार्य जारी है, जहां जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। बिजली विभाग ने कांवड़ मार्ग पर लगभग 90 हजार बिजली के खंभों को सुरक्षित करने का कार्य शुरू कर दिया है। करंट लगने जैसी घटनाओं से बचने के लिए ट्रांसफार्मरों को भी ढका जा रहा है। सभी संबंधित विभागों को 25 जुलाई तक कांवड़ मार्ग की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे केवल डाक कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा। कांवड़ मार्ग पर नॉनवेज की दुकानें बंद रहेंगी, जबकि 170 शराब की दुकानों को पर्दों से ढका जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की 14 टीमें ढाबों और रेस्तरां की नियमित जांच करेंगी। निगरानी के लिए मेरठ रोड पर एक आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, छह अन्य कंट्रोल रूम और पुलिस लाइन स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने डीजे संचालकों को निर्धारित मानकों का पालन करने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
उन्नाव में बुधवार को सपा ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश यादव और पूर्व सांसद अन्नू टंडन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता डीएम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका और बाद में उन्हें बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले गई। सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसमें योगी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी और जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है जैसे नारे शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। सपा नेताओं ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना देकर छात्रों की आवाज उठाई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की थी। सपा नेताओं का आरोप है कि बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव सहित कई सांसदों को हिरासत में ले लिया, जिसके विरोध में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्नाव में भी इसी क्रम में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने डीएम कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। कुछ देर तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद पुलिस ने सभी प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों से पुलिस लाइन भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान डीएम कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। हालांकि, पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ की कोई सूचना नहीं मिली। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
फतेहाबाद जिले के जाखल में मंगलवार देर रात जाखल-चंडीगढ़ रोड पर एक बोलेरो और थार की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में थार सवार दो युवक घायल हो गए। वहीं, बोलेरो में सवार दोनों व्यक्ति गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, लोहे के पाइपों से लदी एक बोलेरो कडैल चौक की ओर से आ रही थी, जबकि थार गाड़ी पंजाब के मूनक की तरफ जा रही थी। कडैल चौक और शहर के बस अड्डे के बीच स्थित शिव शक्ति मंदिर के पास दोनों वाहनों की जोरदार टक्कर हुई। राहगीरों ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल इस दुर्घटना में थार सवार मूनक निवासी साहिल बंसल और सूरज घायल हो गए। सूरज के हाथ और नाक पर चोटें आई हैं। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए नागरिक अस्पताल टोहाना पहुंचाया। सूचना मिलने पर थाना जाखल पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। जाखल थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरार बोलेरो सवारों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।
दरभंगा समाहरणालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में मंगलवार को उत्पाद विभाग की ओर से जब्त किए गए वाहनों की नीलामी आयोजित की गई। देर शाम तक चली इस प्रक्रिया में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और वाहनों पर बढ़-चढ़कर बोली लगाई। नीलामी के दौरान दोपहिया, तीनपहिया, ऑटो रिक्शा, पिकअप, चारपहिया वाहन और ट्रक समेत कुल 57 वाहनों की बोली लगाई गई। निर्धारित नियमों के तहत इच्छुक लोगों ने प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से भाग लेकर वाहनों की खरीद के लिए बोली लगाई। दरभंगा, समस्तीपुर समेत कई जिले के लोग हुए शामिल उत्पाद विभाग के पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया, ‘पूरी नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, पटना समेत बिहार के कई जिलों से लोग नीलामी में शामिल होने पहुंचे थे।’ उन्होंने बताया कि सफल बोलीदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर नीलामी की राशि जमा करनी होगी। राशि जमा होने के बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित वाहनों का हस्तांतरण उनके नाम किया जाएगा। 30 जुलाई को होगी अगली नीलामी प्रदीप कुमार ने जानकारी दी कि जब्त वाहनों की अगली नीलामी 30 जुलाई को आयोजित की जाएगी। उन्होंने इच्छुक लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए समय पर पहुंचकर नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।
मधुबनी सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने अरवल जिले में सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार सुबह 8:00 बजे से एकदिवसीय धरना दिया। इस धरने के कारण सुबह 8 बजे से अस्पताल की ओपीडी सेवा पूरी तरह ठप रही, जिससे दूर-दराज से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ा और उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। धरना कार्यक्रम का नेतृत्व मधुबनी के सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने किया। अस्पताल परिसर में ओपीडी के बाहर चिकित्सकों ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों से बातचीत में डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि अरवल की घटना सिर्फ एक चिकित्सक पर हमला नहीं, बल्कि पूरे चिकित्सा समुदाय की गरिमा और सुरक्षा पर हमला है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मारपीट में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। डॉ. कुमार ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो चिकित्सकों का आंदोलन और तेज हो सकता है। मधुबनी सदर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कुणाल कौशल ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, ऐसे में उनके साथ हिंसा की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। डॉ. कौशल ने राज्य सरकार से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानून बनाने और अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर है। उन्होंने जोर दिया कि एक सुरक्षित वातावरण में ही चिकित्सक निर्भय होकर मरीजों की बेहतर सेवा कर सकते हैं।
बांसवाड़ा में लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मंगलवार को जिले के कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे जिलेभर के किसानों ने राहत की सांस ली। वहीं पानी के बिना मुरझा रही फसलों में भी अब उम्मीद जागी है। इस बीच हल्की बूंदाबांदी से जिले में पारा 4 डिग्री लुढ़ककर 32 से 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 से 26 जुलाई तक जिले के विभिन्न इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान 24 और 25 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम के इस मिजाज के बीच जिले के ग्रामीण अंचलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई। गांगड़तलाई में 15 एमएम और बागीदौरा में 21 एमएम बरसात दर्ज की गई, जिससे वहां खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल को बरसाती पानी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जुलाई को संभावित भारी बारिश को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक 23 जुलाई से पहले या फिर 26 जुलाई के बाद ही सोयाबीन की फसल में जरूरी स्प्रे कर सकते हैं। साथ ही भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव का खतरा हो सकता है, जिसे रोकने के लिए खेतों की नालियों को साफ रखें, जिससे अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।
नूंह जिले के निजामपुर छावा गांव में मंगलवार देर शाम चुनावी रंजिश को लेकर दो गुटों के बीच संघर्ष हो गया। इस घटना में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान युवक के माथे में गोली लगी थी। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक युवक की पहचान साजिद पुत्र खुर्शीद के रुप में हुई है। युवक की मौत की खबर फैलते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने दावा किया है कि दोनों पक्षों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिससे गांव में दहशत फैल गई। हालांकि, पुलिस ने फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।पहले ये फोटो देखिए… विवाद की सूचना मिलते ही गांव पहुंचे पुलिस अधिकारी दो पक्षों में विवाद की सूचना मिलते ही आकेड़ा थाना पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के पीछे पुरानी चुनावी रंजिश है, जो मंगलवार देर शाम खूनी संघर्ष में बदल गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम आकेड़ा थाना प्रभारी जसबीर ने बताया कि निजामपुर गांव में हुए झगड़े में एक व्यक्ति की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि कितने राउंड फायरिंग हुई है, इसकी जांच की जा रही है। मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। घटना के बाद पूरे निजामपुर गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
मैनपुरी में घर में घुसकर हमला,VIDEO:दबंगों पर सरिया-धारदार हथियार से पीटा, रुपये और मोबाइल छीना
मैनपुरी में घर में घुसकर मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दबंगों ने लोहे की सरिया, धारदार हथियार और तमंचे के बल पर हमला कर परिवार के कई सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। ग्राम सिमरई निवासी समोद कुमार पुत्र रामपाल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि यह घटना 21 जुलाई 2026 को दोपहर करीब तीन बजे हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के महेश चंद्र, प्रवेश कुमार, विपिन, सरोजिनी, राजवीर की पत्नी और अजय पुत्र मनीराम लोहे की सरिया, धारदार हथियार और देसी तमंचा लेकर उनके घर में घुस आए। समोद कुमार के अनुसार, हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके भाई विनोद कुमार, प्रमोद कुमार, ओमप्रकाश और सिनोद कुमार धारदार हथियारों से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को परिजन थाना बिछवां ले गए, जहां से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज भेजा गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल और फिर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना का मारपीट संबंधी वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग आपस में झगड़ते दिख रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उसकी मजदूरी के रुपये और मोबाइल फोन भी छीन लिया। पीड़ित समोद कुमार ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
क्रिकेटर विराट कोहली ने पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। दोनों बुधवार तड़के 4 बजे महाराजजी के नए आश्रम यमुना विहार कुंज पहुंचे। चेहरे पर मास्क लगाकर नंगे पांव आश्रम के अंदर गए। बारिश की वजह से रास्ते में कीचड़ था। विराट, अनुष्का का हाथ थामकर कीचड़ में चलते नजर आए। प्रेमानंदजी के शिष्यों ने उनकी अगवानी की। दोनों करीब 1 घंटे तक आश्रम में रहे। बाहर आए तो विराट के माथे पर चंदन का टीका और हाथ में प्रसाद था। फिर कार से दोनों आश्रम से 15 किमी. दूर महाराजजी के गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे। उनके दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इससे पहले, IPL जीतने के बाद 2 जून को विराट और अनुष्का ने संत प्रेमानंद के दर्शन किए थे। दोनों 2 घंटे तक आश्रम में रहे थे। माथे पर चंदन, त्रिपुंड और हाथ में एक किताब लेकर बाहर आए थे। विराट-अनुष्का की 4 तस्वीरें… इंग्लैंड सीरीज में हार के बाद वृंदावन पहुंचे कोहली विराट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली हार के बाद वृंदावन पहुंचे। इंग्लैंड ने 3 मैचों की सीरीज में भारत को 2-1 से हराया था। सीरीज के विराट ने 48 के औसत से कुल 144 रन बनाए थे। लॉर्ड्स में खेले गए निर्णायक मुकाबले में विराट ने 74 रन की पारी खेली थी। इससे पहले, एडगबास्टन में पहले वनडे में 5 और कार्डिफ में दूसरे वनडे में 65 रन बनाए थे। गुरु पूर्णिमा महोत्सव से पहले प्रेमानंदजी के दर्शन किए प्रेमानंदजी के नए आश्रम यमुना विहार कुंज में कल यानी 23 जुलाई से 29 जुलाई तक गुरु पूर्णिमा महोत्सव होने जा रहा है। इसमें अलग-अलग राज्यों के शिष्यों के लिए अलग-अलग दिन तय किया गया है। यहां 28 जुलाई तक महाराज जी दर्शन देंगे। 29 जुलाई को वह केली कुंज आश्रम जाएंगे। जहां उनसे दीक्षा ले चुके संतों को दर्शन देंगे। 8वीं बार प्रेमानंदजी से मिलने पहुंचे विराट-अनुष्का विराट और अनुष्का ने अब तक 8 बार संत प्रेमानंद से मुलाकात की है। दोनों पहली बार 4 जनवरी 2023 को संत प्रेमानंद से मिले थे। 3 साल में दोनों की यह 8वीं और इस साल चौथी मुलाकात है। जून से पहले 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन महाराजजी के दर्शन किए थे। सत्संग सुना था। 16 फरवरी को बेटे अकाय के जन्मदिन के बाद भी दोनों यहां आए थे। 2025 में भी यह कपल तीन बार आश्रम पहुंचा था। जनवरी में बच्चों के साथ पहुंचे। इसके बाद मई और दिसंबर में प्रेमानंदजी के दर्शन किए थे। खबर अपडेट की जा रही है…
बैतूल जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार से बुधवार सुबह तक हुई रिमझिम बारिश से जिले में औसतन 13.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लंबे अंतराल के बाद हुई इस बारिश से खरीफ फसलों को नई संजीवनी मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, इस मानसून सीजन में अब तक जिले में 324.6 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में हुई 367.1 मिमी बारिश की तुलना में 42.5 मिमी कम है। 24 घंटे में घोड़ाडोंगरी में सबसे ज्यादा बारिश जिला वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, 21 जुलाई सुबह 8 बजे से 22 जुलाई सुबह 8 बजे तक सबसे अधिक 20 मिमी बारिश घोड़ाडोंगरी में दर्ज की गई। इसके अलावा चिचोली में 19 मिमी, भैंसदेही और भीमपुर में 17-17 मिमी, शाहपुर में 15 मिमी, मुलताई में 14.6 मिमी, बैतूल में 11.6 मिमी, प्रभातपट्टन में 8.2 मिमी, आठनेर में 8.1 मिमी तथा आमला में 8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। संचयी वर्षा में चिचोली सबसे आगे इस मानसून सीजन में संचयी वर्षा के मामले में चिचोली 470.9 मिमी बारिश के साथ जिले में पहले स्थान पर है। इसके बाद घोड़ाडोंगरी में 439 मिमी, मुलताई में 349.4 मिमी, प्रभातपट्टन में 335.2 मिमी, भैंसदेही में 325 मिमी, शाहपुर और आमला में 300-300 मिमी, भीमपुर में 277 मिमी, आठनेर में 228.1 मिमी और बैतूल में 221 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। खरीफ फसलों को मिला नया जीवन वहीं बारिश की वापसी से जिले के किसानों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ दिनों से वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में नमी कम हो गई थी और सोयाबीन, मक्का, धान सहित खरीफ की अन्य फसलें प्रभावित होने लगी थीं। अब लगातार बारिश शुरू होने से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है। किसान भी कृषि कार्यों में तेजी से जुट गए हैं। अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम भारतीय मौसम विभाग के अनुसार बैतूल जिले में अगले पांच दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा। इस दौरान आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की भी चेतावनी दी है। अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। लगातार बारिश से कृषि गतिविधियों को गति मिलने के साथ जल स्रोतों के भरने की भी संभावना बढ़ गई है।

