हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने एक विशेष स्मारिका का प्रकाशन किया है। हिंदी पत्रकारिता के गौरवमयी 200 साल की गौरव गाथा (1826-2026) शीर्षक से तैयार इस संग्रहणीय पत्रिका के पहले भाग का शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने सेंटर फॉर अकादमिक में आयोजित कार्यक्रम में स्मारिका का लोकार्पण किया। यह स्मारिका हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका, बदलते मीडिया परिदृश्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर तक के विकास को समेटती है। उदंत मार्तंड से डिजिटल युग तक की कहानी स्मारिका में 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कलकत्ता से प्रकाशित देश के पहले हिंदी समाचार पत्र 'उदंत मार्तंड' से लेकर वर्तमान डिजिटल पत्रकारिता तक की यात्रा को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। इसमें हिंदी पत्रकारिता के विभिन्न पड़ावों, चुनौतियों और सामाजिक योगदान का विश्लेषण किया गया है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह प्रकाशन केवल एक स्मारिका नहीं, बल्कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आने वाली पीढ़ियों को हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और विकासक्रम को समझने में मदद करेगी। देश के प्रमुख साहित्यकारों और पत्रकारों के 29 लेख शामिल स्मारिका के पहले भाग में देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, मीडिया विशेषज्ञों और वरिष्ठ पत्रकारों के कुल 29 शोधपरक लेख प्रकाशित किए गए हैं। लेखों में पत्रकारिता के मिशनरी दौर, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका, मीडिया की बदलती चुनौतियों, डिजिटल राष्ट्रवाद और नई तकनीकों के प्रभाव जैसे विषयों को शामिल किया गया है। राज्यपाल, रक्षा मंत्री और शिक्षा मंत्री ने दी शुभकामनाएं इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी संदेश भेजकर इस पहल की सराहना की और हिंदी पत्रकारिता के योगदान को रेखांकित किया। शिक्षकों और छात्रों की टीम ने तैयार की स्मारिका स्मारिका का संपादन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने किया है। सामग्री के संपादन, तथ्य सत्यापन और भाषाई परिष्कार का दायित्व डॉ. ओम शंकर गुप्ता, डॉ. योगेंद्र पांडे, डॉ. जितेंद्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम और डॉ. हरिओम कुमार ने निभाया। वहीं पत्रिका के डिजाइन, लेआउट, ग्राफिक्स और प्रूफरीडिंग का कार्य शिक्षक सागर कनौजिया के निर्देशन में विभाग के छात्र हिमांशु मौर्य और प्रांजल सचान ने किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे हिंदी पत्रकारिता के इतिहास को संजोने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
हिंदी पत्रकारिता के 200वें साल पर विशेषज्ञों की दो टूक:बिना फैक्ट चेक खबर चलाई तो मचेगा सामाजिक तनाव
हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूरे होने पर सीएसजेएमयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में आयोजित वर्चुअल व्याख्यान में मीडिया के बदलते स्वरूप, नैतिक मूल्यों और फेक न्यूज के बढ़ते खतरे पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना का प्रसार आसान हुआ है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ गई है। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्य सूचना आयुक्त पदुम नारायण द्विवेदी ने कहा कि आज हर नागरिक के हाथ में मौजूद स्मार्टफोन एक तरह का ‘ग्लोबल ब्रॉडकास्टिंग स्टेशन’ बन चुका है। ऐसे में बिना सत्यापन के किसी भी सूचना को साझा करना समाज के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही फेक न्यूज वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। आरटीआई और मीडिया का लक्ष्य एक, पारदर्शिता और जवाबदेही पदुम नारायण द्विवेदी ने कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) और मीडिया एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा शुरू किए गए देश के पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ को याद करते हुए कहा कि उस दौर की पत्रकारिता मिशन आधारित थी, जिसका उद्देश्य समाज को जागरूक करना और बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाना था। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के स्वरूप में भले ही बदलाव आया हो, लेकिन उसके मूल मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को बनाए रखना जरूरी है। तकनीक के साथ नैतिकता भी जरूरी कार्यक्रम में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि मीडिया शिक्षा केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पत्रकारिता के विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भी समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते मीडिया परिदृश्य में एथिक्स की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहा कि पत्रकारिता अब केवल प्रिंट माध्यम तक सीमित नहीं रही। डिजिटल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने इसके स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि नई तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ अखबार पढ़ने की आदत भी बनाए रखें, क्योंकि यह पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित करने में मदद करती है। फैक्ट चेक के बिना खबर साझा करना खतरनाक कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने सोशल मीडिया, डिजिटल पत्रकारिता और फेक न्यूज से जुड़े सवाल पूछे। सूचना आयुक्त ने कहा कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसका फैक्ट चेक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि अपुष्ट जानकारी समाज में भ्रम, तनाव और अविश्वास की स्थिति पैदा कर सकती है। वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरिओम कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ओमशंकर गुप्ता ने दिया। कार्यक्रम में डॉ. योगेंद्र पांडे, डॉ. जितेंद्र डबराल सहित 50 से अधिक छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शामिल हुए।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह के नेतृत्व में निषाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर मुलाकात कर अयोध्या के निर्मली कुंड, गुप्तार घाट और जमथरा घाट क्षेत्र के निषाद परिवारों की समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि रक्षा सम्पदा निदेशालय द्वारा इन क्षेत्रों में रहने वाले कई परिवारों को जमीन खाली करने की नोटिस जारी की गई है, जिससे लोगों में चिंता व्याप्त है।पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने रक्षामंत्री को बताया कि निर्मली कुंड, गुप्तार घाट और जमथरा घाट में निषाद समाज के दर्जनों परिवार कई पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं। इन परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार सरयू नदी है तथा उनका नदी से गहरा सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि यदि इन परिवारों को विस्थापित किया गया तो सदियों पुरानी परंपरा और जीवन शैली प्रभावित हो जाएगी।रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि निषाद समाज के हितों की पूरी चिंता की जाएगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने छावनी परिषद को इन क्षेत्रों के समुचित विकास के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि निषाद समाज सरयू नदी की परंपरा और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। समाज के लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।प्रतिनिधिमंडल में छावनी परिषद के उपाध्यक्ष राममिलन निषाद, पूर्व सभासद अमरजीत, भाजपा बूथ अध्यक्ष वीरेंद्र निषाद, शिवकुमार, राजेंद्र निषाद, राकेश निषाद, विनोद निषाद, फिरोज एवं सुनील कुमार चौरसिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सिरोही के बरलूट गांव के राजकीय स्कूल खेल मैदान में शनिवार को मोयला समाज की चौथी क्रिकेट प्रीमियर लीग (MPL-4) शुरू हो गई। इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में सिरोही जिले की कुल 24 टीमें ट्रॉफी के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 2 जून को खेला जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, इस प्रतियोगिता में जिलेभर की 24 टीमों के लगभग 300 खिलाड़ी अपनी खेल क्षमता और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। नॉक-आउट दौर के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी। इस आयोजन को लेकर मोयला समाज सहित पूरे बरलूट गांव में उत्साह का माहौल है। सुबह से ही खेल मैदान पर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। समाज के बुजुर्गों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का मंच मिलता है, साथ ही आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता भी मजबूत होती है। आयोजकों ने बताया कि 2 जून को होने वाले समापन समारोह में मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कार बांटे जाएंगे। प्रतियोगिता की विजेता टीम को चमचमाती ट्रॉफी के साथ 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। उपविजेता टीम को ट्रॉफी और 15 हजार रुपए की नकद राशि से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, पूरी सीरीज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए 'मैन ऑफ द सीरीज', 'बेस्ट बैट्समैन' और 'बेस्ट बॉलर' जैसे विशेष पुरस्कार भी रखे गए हैं। उद्घाटन के दौरान कई सामाजिक कार्यकर्ता, पंच-पटेल और सैकड़ों खेल प्रेमी मौजूद रहे।
जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पिता के साथ इलाज के लिए आई महिला से उसके ही पहचान के एक युवक ने रेप किया। घटना 25 मई की रात की है। शनिवार को महिला गढ़ा थाने पहुंची, जहां उसने अपने साथ हुई ज्यादती की घटना पुलिस को बताई। गढ़ा थाना पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले प्रेम संबंध थे। दरअसल, 13 मई 2026 को महिला के पिता का एक्सीडेंट हो गया था, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उनकी देखरेख के लिए महिला भी अस्पताल में पिता के साथ ही रहती थी। 25 मई को पड़ोस में रहने वाला राहुल करसा, जो उसका पुराना परिचित था, अपनी पत्नी के साथ मेडिकल कॉलेज आया था। रात करीब 10 बजे महिला पानी भरने के लिए मेडिकल कॉलेज के नीचे आई, जहां राहुल पहले से ही अकेला खड़ा था। दोनों के बीच सामान्य बातचीत होने लगी। पीड़िता का कहना है कि कुछ बात करने का बोलकर आरोपी राहुल उसे पल्मोनरी बिल्डिंग के पास ले गया और धमकी देकर रेप किया। महिला ने पुलिस को बताया कि राहुल धमकी दे रहा था कि अगर तुम मेरे साथ नहीं गई, तो तुम्हारे पति को बता दूंगा कि तुम्हारा मेरे साथ पहले अफेयर है। महिला का कहना है कि जबरजस्ती करने के दौरान आरोपी उसके कमर में भी चोट पहुंचाई। डर के कारण बिना किसी से कुछ कहे मेडिकल कॉलेज आ गई। शनिवार को महिला पति के साथ गढ़ा थाने पहुंची और राहुल के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज करवाई। सीएसपी आशीष साहू ने बताया कि महिला की शिकायत के बाद पुलिस फौरन एक्शन में आई और आरोपी राहुल को शनिवार दोपहर गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजते हुए घटना की जांच शुरू कर दी गई है ।।
उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज मंडल कार्यालय में अत्याधुनिक विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र (ट्रैक्शन रिमोट कंट्रोल सेंटर) का उद्घाटन किया है। शुक्रवार को महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इस केंद्र का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस केंद्र का उद्घाटन टीआरडी विभाग के वरिष्ठ तकनीशियन ओम प्रकाश से फीता कटवाकर कराया गया। ओम प्रकाश दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। रेलवे अधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के प्रति सम्मान और उनके योगदान की सराहना के रूप में बताया। यह नवस्थापित विद्युत कर्षण नियंत्रण केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है। इसके माध्यम से विद्युत आपूर्ति प्रणाली की निगरानी, नियंत्रण और संचालन को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और दक्ष बनाया जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह केंद्र रेल परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, ऊर्जा प्रबंधन और तकनीकी निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्घाटन के बाद महाप्रबंधक ने नियंत्रण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग कर यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने इस सुविधा को उत्तर मध्य रेलवे के सुरक्षित और आधुनिक रेल संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (टीआरडी) वीरेन्द्र वर्मा ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से नई प्रणाली की कार्यप्रणाली और साइबर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रयागराज मंडल का यह केंद्र पुरानी RDSO SPEC-130 प्रणाली से अपग्रेड होकर नई RDSO SPEC-134 प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। नई RDSO SPEC-134 प्रणाली की प्रमुख विशेषता तेज डेटा एक्सेस गति है। इसके अलावा, नेटवर्क मैनेजमेंट सिस्टम (NMS) में संचार बाधित होने पर भी सटीक और त्वरित जानकारी मिलती रहेगी, जिससे परिचालन में निरंतरता बनी रहेगी।
संभल की जामा मस्जिद के इमाम, उनके भाई और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। लेखपाल मुकेश कुमार यादव ने शिकायत दर्ज कराई है कि पेड़ लगाने के लिए निर्धारित भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद, दरगाह और मकान बनाए गए हैं। मामला तहसील संभल के ब्लॉक पंवासा क्षेत्र के गांव सैफ खां सराय की गाटा संख्या 452 से संबंधित है। यह 0.1340 हेक्टेयर (दो बीघा) सरकारी भूमि है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शनिवार को बताया कि थाना संभल में लेखपाल मुकेश कुमार यादव की शिकायत पर विवादित धार्मिक स्थल श्रीहरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन पुत्र खुर्शीद के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले, जिलाधिकारी न्यायालय में तहसीलदार संभल धीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा विवादित धार्मिक स्थल शाही जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद, दरगाह और मकान बनाने के आदेश के संबंध में अंतिम बहस हुई थी। एडीजीसी गजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकारी गाटा संख्या 452 पर अवैध कब्जा करके मस्जिद और दरगाह आदि बना ली गई थी। संबंधित लेखपाल द्वारा न्यायालय में रिपोर्ट दी गई थी, जिसके बाद इनके विरुद्ध बेदखली के आदेश पारित हुए। उन्होंने बताया कि इस मामले में बीती 22 मई को अंतिम बहस हुई थी और जिलाधिकारी ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। संभल तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 452 चकबंदी के दौरान पेड़ लगाने के स्थान के रूप में आरक्षित की गई थी। 1972 में तहसीलदार संभल द्वारा इस भूमि को ग्राम समाज की संपत्ति घोषित किया गया। यह भूमि 1359 (फसली वर्ष) से लेकर कभी भी किसी व्यक्तिगत स्वामित्व में नहीं थी। छह महीने पहले धारा 67 के तहत रिपोर्ट हुई थी। इस सरकारी भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 6 करोड़ 94 लाख 19 हजार रुपए है।
गैंगस्टर एक्ट के तीन दोषियों को सजा:चित्रकूट कोर्ट ने 5-5 साल की सजा सुनाई, 30 हजार जुर्माना लगाया
चित्रकूट पुलिस को ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास और कुल 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले से पुलिस महकमे में संतोष का माहौल है। यह मामला वर्ष 2018 में मानिकपुर थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और न्यायालय में मजबूत पैरवी के कारण यह सजा सुनिश्चित हो सकी है। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत लंबित मामलों में तेजी से सुनवाई कराकर दोषियों को सजा दिलाने का अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में, प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर अजीत कुमार पाण्डेय, पैरोकार मुख्य आरक्षी अजय कुमार और मॉनिटरिंग सेल प्रभारी प्रभुनाथ यादव की टीम ने इस मामले की लगातार निगरानी की। वहीं, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संगीता सिंह ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा और सशक्त बहस की। दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास जारी माननीय एएसजे/एफटीसी न्यू (डकैती कोर्ट) के न्यायाधीश राममणि पाठक ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने ब्रिजेन्द्र आरख पुत्र फूलचन्द्र आरख (निवासी सरैया, थाना मानिकपुर), ओमप्रकाश उर्फ मुन्ना पुत्र श्यामलाल आरख (निवासी गणेशपुर कटरी डेढ़ावल, थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशाम्बी) और नन्द किशोर उर्फ ननका पुत्र बोड़ीलाल आरख (निवासी कटरी हेणहावड़, थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशाम्बी) को दोषी पाया। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट के तहत पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के माध्यम से गंभीर मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। इस न्यायिक फैसले को कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सिवनी में तेज हवा के साथ बारिश:नौतपा के बीच मौसम बदला, आगे भी पानी गिरने की संभावना
सिवनी जिले में नौतपा की भीषण तपिश के बीच शनिवार शाम को मौसम बदल गया। शाम करीब 4:30 बजे आसमान में घने बादल छाए और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। पिछले कई दिनों से 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गर्मी झेल रहे लोगों को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। तेज गर्जना और बिजली की चमक के साथ हुई इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, तेज हवा के चलते कुछ इलाकों में पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं, लेकिन किसी बड़ी जनहानि की खबर नहीं है। बारिश का लुत्फ उठाने के लिए बच्चे और युवा घरों से बाहर निकल आए, जबकि सड़कों पर आवाजाही कम हो गई। मौसम विभाग का अनुमान मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्री-मानसून गतिविधियों का असर है। आने वाले दिनों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने के आसार हैं। विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की चेतावनी दी है। प्रशासन की अपील आकाशीय बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खेतों में काम करते समय मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई है। उपार्जन केंद्रों पर संकट अचानक हुई इस बारिश ने गेहूं उपार्जन केंद्रों की चिंता बढ़ा दी है। कई केंद्रों पर भारी मात्रा में गेहूं खुले में रखा है या सिर्फ तिरपाल के भरोसे है, जिसके भीगने का डर बना हुआ है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अनाज को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत जरूरी इंतजाम किए जाएं ताकि नुकसान से बचा जा सके।
कानपुर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आईएमए और आईडीए की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टरों ने तंबाकू के खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू से होने वाली मौतों में बड़ी संख्या उन लोगों की भी है, जो खुद धूम्रपान नहीं करते, बल्कि दूसरों के धुएं के संपर्क में आने से गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। कानपुर में शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉक्टरों ने बताया कि दुनिया भर में हर साल तंबाकू के कारण करीब 80 लाख लोगों की मौत होती है। इनमें से लगभग 13 लाख लोग ऐसे होते हैं, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया, लेकिन सेकेंड हैंड स्मोकिंग के कारण कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए। एड्स, ड्रग्स और सड़क हादसों से भी ज्यादा जान ले रहा तंबाकू आईएमए कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने कहा कि तंबाकू आज वैश्विक स्तर पर महामारी का रूप ले चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू से होने वाली मौतों का आंकड़ा एचआईवी, मादक पदार्थों के सेवन, शराब, सड़क दुर्घटनाओं और हत्या जैसी घटनाओं से होने वाली कुल मौतों से भी अधिक है। डॉक्टरों ने बताया कि फेफड़ों के लगभग 90 प्रतिशत कैंसर मामलों के पीछे धूम्रपान प्रमुख कारण है। वहीं क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से होने वाली करीब 80 प्रतिशत मौतों के लिए भी तंबाकू जिम्मेदार है। विशेषज्ञों ने कहा कि प्रतिदिन कुछ सिगरेट पीने वाले लोगों में भी हृदय रोग और कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। युवाओं को लुभाने के लिए बदल रही कंपनियों की रणनीति इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश: निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला” रखी गई है। डॉक्टरों ने कहा कि तंबाकू कंपनियां युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए नए-नए तरीके अपना रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार चमकदार पैकेजिंग, आकर्षक विज्ञापन और अलग-अलग फ्लेवर वाले उत्पादों के जरिए किशोरों और युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि निकोटीन अत्यधिक नशे की लत पैदा करने वाला पदार्थ है, जिससे छुटकारा पाना आसान नहीं होता। गुटखा और पान मसाले से बढ़ रहे मुंह के कैंसर के मामले आईएमए की सचिव प्रो. डॉ. शालिनी मोहन और आईडीए के अध्यक्ष डॉ. जगवीर सिंह सलूजा समेत अन्य चिकित्सकों ने बताया कि कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में गुटखा व पान मसाले के सेवन से मुंह और गले के कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाएं और अपने परिवार व बच्चों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उनका कहना था कि तंबाकू से दूरी ही स्वस्थ और लंबा जीवन सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बाराबंकी जनपद का दौरा किया। उन्होंने भाजपा के पूर्व सांसद उपेंद्र सिंह रावत के आवास पर प्रधानों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी-जी राम जी’ के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि मनरेगा में कई त्रुटियां और बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आ रही थीं। इन शिकायतों के मद्देनजर केंद्र सरकार 'वीबी-जी राम जी' योजना लेकर आई है। उन्होंने कहा कि इस नई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वह विभिन्न जिलों का दौरा कर अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली नई कार्ययोजनाओं पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री और विभागीय अधिकारी जिला स्तर पर योजनाओं की प्रगति का आकलन कर रहे हैं। इसी क्रम में मंत्री पासवान बाराबंकी पहुंचे थे। बैठक में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने भाग लिया, जिनसे सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना गया। मंत्री पासवान ने अधिकारियों को ग्राम प्रधानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मनरेगा के स्थान पर 'वीबी-जी राम जी' योजना लागू होने के बाद प्रधानों को भुगतान से संबंधित आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार को इन समस्याओं की जानकारी है और भुगतान संबंधी दिक्कतों का समाधान जल्द कर दिया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को केंद्र सरकार और उसके प्रतिनिधि मिलकर साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य जारी रहेगा।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर में छात्राओं ने तंबाकू के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। महाविद्यालय की 19 उत्तर प्रदेश गर्ल्स एनसीसी विंग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कैडेट्स ने पोस्टर और नारों के माध्यम से लोगों को तंबाकू से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय की अध्यक्षता और एनसीसी अधिकारी डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। छात्राओं ने अपने रचनात्मक पोस्टरों और प्रभावशाली नारों के जरिए स्पष्ट किया कि तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। निकोटीन शरीर के लिए बेहद हानिकारक जागरूकता अभियान के दौरान बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों का सेवन न केवल उपभोक्ता को, बल्कि आसपास मौजूद लोगों को भी प्रभावित करता है। तंबाकू में मौजूद निकोटीन शरीर के लिए बेहद हानिकारक है, जिससे कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियां और लकवा जैसी जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं।प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को नशे की लत से दूर रहने और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर दिया कि एक स्वस्थ युवा पीढ़ी ही देश के भविष्य को मजबूत बना सकती है। युवाओं से तंबाकू के सेवन से दूर रहने का संदेश कार्यक्रम संयोजक डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि केसर नहीं, कैंसर है इसके दाने-दाने में। उन्होंने युवाओं से तंबाकू के सेवन से दूर रहने और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। इस जागरूकता कार्यक्रम में आस्था त्रिपाठी, प्रीति कुमारी, सादिया, अवंतिका, रिया, अरुंधति, गरिमा, वर्तिका, भूमिका, छवि, सृष्टि, शुभी, खुशी, अनन्या, अलिशा, नैंसी, सिद्धि, मुस्कान, निकिता और प्रिया तिवारी सहित बड़ी संख्या में कैडेट्स ने सक्रिय भागीदारी की।
करौली में अवैध स्मैक बरामदगी मामले में एक आरोपी को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। वर्ष 2022 के इस मामले में आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 70 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। विशिष्ट न्यायाधीश, स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) प्रकरण, करौली के अरुण कुमार बैरीवाल ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने धौलपुर जिले के चिलाचौंद निवासी ओपेश पुत्र रामसहाय को दोषी मानते हुए दंडित किया। लोक अभियोजक रीतेश सारस्वत ने बताया कि यह कार्रवाई 29 जुलाई 2022 को हुई थी। तत्कालीन थानाधिकारी दिनेश चंद ने थाना कोतवाली करौली की टीम के साथ रणगंवा ताल मोड़ के पास आरोपी ओपेश के कब्जे से 18 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 8 गवाहों के बयान और 23 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
बीमारी से परेशान बुजुर्ग ने की आत्महत्या:मेरठ के रेलवे रोड क्षेत्र में घर में फंदे से मिला शव
मेरठ के रेलवे रोड थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक 75 वर्षीय बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली। उनका शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान ब्रह्मपुरी निवासी रामजीलाल (75) के रूप में हुई है। वह पिछले काफी समय से रेलवे रोड क्षेत्र के शांति नगर स्थित शिव मंदिर परिसर में अपने भांजे मनीष के साथ रह रहे थे। मनीष मंदिर में पुजारी हैं और अपने परिवार के साथ मंदिर परिसर में ही रहते हैं। शनिवार सुबह मनीष की पत्नी रामजीलाल को चाय देने उनके कमरे में गईं। दरवाजा खोलने पर उन्होंने रामजीलाल का शव फंदे से लटका देखा। इसके बाद उन्होंने शोर मचाया, जिससे परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। रेलवे रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को फंदे से उतारकर कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि रामजीलाल लंबे समय से बीमारी से पीड़ित थे। बढ़ती उम्र और बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान रहते थे। परिजनों ने बताया कि बीमारी और शारीरिक कष्टों से तंग आकर रामजीलाल ने यह कदम उठाया होगा। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
झालावाड़ के पीएम श्री गवर्मेंट उच्च माध्यमिक स्कूल, दुर्गपुरा में आयोजित 15 दिवसीय अभिरुचि शिविर का शनिवार को सीबीईओ दिलीप कुमार मित्तल ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया और स्टूडेंट्स से संवाद कर उनकी सीखने की प्रक्रिया की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान, सीबीईओ मित्तल ने स्वयं स्टूडेंट्स को पेपर एक्टिविटी का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने रचनात्मक कार्यों के माध्यम से नवाचार और सृजनात्मकता विकसित करने के लिए छात्रों को प्रेरित किया। स्टूडेंट्स ने भी उत्साहपूर्वक इन गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिविर प्रभारी संगीता शर्मा ने बताया कि 15 दिवसीय इस अभिरुचि शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा स्टूडेंट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संगीत गतिविधियों के तहत प्रशिक्षक हर्षित रावल ने स्टूडेंट्स को विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्रों का परिचय दिया और उन्हें बजाने का प्रशिक्षण प्रदान किया। वहीं, आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों के अंतर्गत प्रशिक्षिका हेमलता बाई ने स्टूडेंट्स की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने के लिए विविध कलात्मक गतिविधियाँ आयोजित कीं। खेल गतिविधियों में प्रशिक्षिका कमलेश बाई ने स्टूडेंट्स को विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण देते हुए शारीरिक दक्षता, टीम भावना और अनुशासन का महत्व समझाया। सीबीईओ मित्तल ने शिविर में संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभिरुचि शिविर स्टूडेंट्स के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स को नियमित रूप से ऐसी गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। स्कूल स्टाफ और शिविर से जुड़े प्रशिक्षकों ने निरीक्षण के दौरान शिविर की प्रगति और उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की।
अमेठी के गौरीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में शनिवार को रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में कुल 98 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 39 युवाओं को निजी क्षेत्र की कंपनी डिक्शन द्वारा रोजगार का प्रस्ताव दिया गया। डिक्शन कंपनी ने चयनित अभ्यर्थियों को 16 हजार रुपये से अधिक के शुरुआती पैकेज पर नौकरी की पेशकश की है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन युवाओं को नियुक्ति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, एसीसी अदाणी ग्रुप और सिंचाई विभाग में दो-दो अभ्यर्थियों का अप्रेंटिसशिप के लिए चयन किया गया। आईटीआई के प्रधानाचार्य विवेक यादव ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्तर पर मिलने वाला यह पैकेज युवाओं के लिए अनुभव प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर है। कार्यस्थल पर कौशल और अनुभव बढ़ने के साथ उन्हें भविष्य में बेहतर वेतन और बड़ी कंपनियों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्लेसमेंट अधिकारी भारत भूषण मिश्रा और अनिल मिश्रा ने जानकारी दी कि रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने भाग लिया। निजी कंपनियों के साथ-साथ सिंचाई विभाग ने भी इसमें प्रतिभाग कर युवाओं के चयन की प्रक्रिया पूरी की। मेले के दौरान अभ्यर्थियों का साक्षात्कार और कौशल परीक्षण किया गया, जिसके आधार पर उनका चयन हुआ। रोजगार मेले के आयोजन से युवाओं में काफी उत्साह देखा गया। चयनित अभ्यर्थियों ने इसे अपने करियर की एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताते हुए संस्थान और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्थान प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेलों के आयोजन की बात कही है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
पनकी में तेज रफ्तार कार डिवाइडर तोड़ पेड़ से टकराई:कार सीख रहे दो नाबालिग बाल-बाल बचे, हल्की चोट आई
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। रतनपुर चौकी के पास स्टेडियम के सामने कार चलाना सीख रहे दो नाबालिग लड़कों की होंडा आई-20 अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए सड़क किनारे पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि दोनों किशोरों को मामूली चोटें आईं और कोई जनहानि नहीं हुई। रतनपुर चौकी के पास हुआ हादसा जानकारी के अनुसार दो नाबालिग लड़के होंडा आई-20 कार से काशीराम चौराहे से कैंब्रिज चौराहे की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि उनमें से एक किशोर कार चलाना सीख रहा था। जब कार रतनपुर चौकी के पास स्थित स्टेडियम के सामने पहुंची, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। अनियंत्रित कार सड़क के बीच बने डिवाइडर को तोड़ते हुए दूसरी ओर निकल गई और सड़क किनारे खड़े एक पेड़ से जा टकराई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने कार से बाहर निकाला प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने कार में मौजूद दोनों किशोरों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पनकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया। घायल किशोरों को प्राथमिक उपचार दिया गया। कार किसकी है, जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कार किसकी है और नाबालिगों के हाथ में वाहन कैसे पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेडियम के आसपास का इलाका काफी व्यस्त रहता है। यदि हादसे के समय सड़क पर ज्यादा भीड़ होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। थाना प्रभारी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई पनकी थाना प्रभारी दिनेश विष्ट ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वाहन स्वामी और संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। दुर्घटना के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि हादसे में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। तहरीर मिलने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
करनाल जिला पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए थाना निगदू पुलिस ने खेतों से गेहूं और लोहे का गेट चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं एंटी नारकोटिक्स सेल ने नशीली गोलियों की तस्करी मामले में सातवें आरोपी को काबू किया है। थाना निगदू पुलिस टीम ने एएसआई गुलजार सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए राजकुमार, संदीप, और तरुण, निवासी गांव निगदू को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सतनाम सिंह ने थाना निगदू में शिकायत दी थी कि बीती 24 मई की रात उनके खेत के कमरे से कुछ कट्टे गेहूं और लोहे का गेट चोरी हो गया। शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एक सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को काबू किया। उनके कब्जे से चोरी की गई बाइक रेहड़ी, तीन कट्टे गेहूं और लोहे का गेट बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नशीली गोलियों की तस्करी में सातवां आरोपी काबू दूसरी ओर, एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम ने सब इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए नशीली गोलियों की तस्करी के मामले में रिंकू उर्फ बिल्लू निवासी गली नंबर-3, विशाल नगर, सोनीपत को गिरफ्तार किया है। टीम इंचार्ज हिम्मत सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले ही छह आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना रामनगर में मुकदमा दर्ज है। पूछताछ में हुआ खुलासा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान रिंकू उर्फ बिल्लू की संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर उसे काबू किया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान उससे गहन पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और वहां संचालित हो रही इकाइयों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में नए निवेश को आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है। मूलभूत सुविधाओं को लेकर MPIDC को कड़े निर्देश कलेक्टर ने एमपीआईडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए निवेशकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने उद्योग स्थापना के लिए जरूरी जमीन, बिजली, पानी और बेहतर सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर मुहैया कराने पर जोर दिया। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए आवंटित जमीन का राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया और वहां पहुंच मार्ग के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार करने को कहा। युवा उद्यमी के प्लांट का निरीक्षण और सराहना दौरे के दौरान कलेक्टर चंद्रा झांझरवाड़ा स्थित एसीसी (AAC) ब्लॉक बनाने वाली फैक्ट्री पहुंचे। उन्होंने वहां काम कर रहे मजदूरों की संख्या, कच्चे माल की उपलब्धता और सुरक्षा के इंतजामों को देखा। कलेक्टर ने युवा उद्यमी हातिम नजमी द्वारा किए गए नवाचार और कम समय में उद्योग स्थापित कर स्थानीय लोगों को काम देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्लांट में फायर सेफ्टी उपकरणों की मौजूदगी की भी जांच की। राजस्व और उद्योग विभाग के अधिकारी रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ एसडीएम पराग जैन, तहसीलदार संतोष कुमार और एमपीआईडीसी के अमित सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में जो भी समस्याएं लंबित हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा ताकि नीमच में उद्योगों के लिए और भी बेहतर माहौल बन सके।
कानपुर के चकेरी गांव में देशी शराब का ठेका खुलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को ठेका शुरू होने की जानकारी मिलते ही 150 से अधिक महिला-पुरुष मौके पर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित महिलाओं ने ठेके के बाहर लगा बोर्ड उखाड़ दिया। हंगामे के बीच ठेके का सेल्समैन भी मौके से भाग निकला। स्थिति बिगड़ती देख आबकारी विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में ठेके का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। मंदिर और स्कूल के पास ठेका खोलने का आरोप पूर्व पार्षद बाबूराम सोनकर ने आरोप लगाया कि शराब का ठेका घनी आबादी वाले क्षेत्र में खोला गया है। उन्होंने कहा कि ठेके के आसपास मंदिर और शैक्षणिक संस्थान भी हैं, जिससे महिलाओं, युवतियों और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे स्थान पर शराब की दुकान खोलना नियमों और जनभावनाओं के विपरीत है। अपराध और असामाजिक गतिविधियां बढ़ने की आशंका प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि गांव में शराब की बिक्री शुरू होने से अपराध, घरेलू विवाद और असामाजिक गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। उनका आरोप था कि बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के आबादी वाले इलाकों तथा स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास शराब के ठेके खोले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने ठेका तत्काल हटाने की मांग की। पुलिस और आबकारी विभाग ने संभाला मोर्चा हंगामे की सूचना पर चकेरी पुलिस और आबकारी विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद हालात को देखते हुए ठेके का संचालन अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया। ग्रामीणों राजन गुप्ता, किशोर यादव, आरती देवी, सपना और आंचल समेत कई लोगों ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा ठेका खोला गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पुलिस बोली- शांति व्यवस्था कायम चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है और शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विदिशा जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जिले के विभिन्न थानों, पुलिस लाइन, यातायात शाखा और विशेष इकाइयों में पदस्थ 99 आरक्षकों एवं महिला आरक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। जारी सूची के अनुसार, कोतवाली, सिविल लाइन, शमशाबाद, सिरोंज, लटेरी, नटेरन, ग्यारसपुर, कुरवाई, बासौदा शहर, बासौदा देहात, गुलाबगंज, आनंदपुर और हैदरगढ़ सहित कई थानों के कर्मचारियों को नई पदस्थापना मिली है। पुलिस लाइन, साइबर सेल, डीएसबी और यातायात शाखा से भी कर्मचारियों को अन्य थानों में भेजा गया है। इन तबादलों में कुछ कर्मचारियों के स्वयं के आवेदन और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है। वहीं, कई स्थानांतरण प्रशासनिक आवश्यकताओं और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस महकमे में हुए इस व्यापक फेरबदल को आगामी समय में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा पुलिसिंग की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिले में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आरक्षकों के तबादले चर्चा का विषय बने हुए हैं। जानिए कहां किसका तबादला…
चंडीगढ़ सेक्टर-47 स्थित माउंट कार्मल स्कूल द्वारा वर्ष 2017-18 में की गई फीस बढ़ोतरी को जिला अदालत ने अवैध करार दिया है। कोर्ट के इस फैसले से 349 पेरेंट्स को राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्कूल केवल 8 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकता है। इससे ज्यादा फीस वसूलने या फीस न देने पर किसी छात्र का दाखिला रोकने की अनुमति नहीं होगी। यह मामला वर्ष 2017 में सामने आया था, जब स्कूल ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए फीस में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके खिलाफ 349 पेरेंट्स ने स्कूल प्रबंधन, चंडीगढ़ प्रशासन और सीबीएसई के खिलाफ जिला अदालत में सिविल केस दायर किया था। फीस दोगुनी करने का आरोप पेरेंट्स के अनुसार फरवरी 2017 में हुई पेरेंट्स-टीचर मीटिंग के दौरान उन्हें नोटिस बोर्ड पर फीस बढ़ोतरी की जानकारी मिली। उनका आरोप था कि स्कूल ने नर्सरी से 12वीं तक की मासिक ट्यूशन फीस में 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी। पहले जहां फीस करीब 2700 रुपए थी, उसे बढ़ाकर 4800 से 4975 रुपए तक कर दिया गया। पेरेंट्स का कहना था कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी से पहले उनसे कोई राय नहीं ली गई और न ही इसका कोई संतोषजनक कारण बताया गया। फीस बढ़ोतरी का विरोध करने के लिए पेरेंट्स ने स्कूल प्रबंधन से बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद 5 फरवरी 2017 को माउंट कार्मल पेरेंट्स एसोसिएशन का गठन किया गया। एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासन और सीबीएसई को भी शिकायत दी, लेकिन जब वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पेरेंट्स ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। फीस तय करना उसका अधिकार स्कूल प्रबंधन ने अदालत में कहा कि वह एक गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल है और फीस तय करना उसका अधिकार है। स्कूल का कहना था कि छात्रों को बेहतर सुविधाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त धन की जरूरत होती है। स्कूल ने यह भी दलील दी कि फीस में बढ़ोतरी की जानकारी पहले से फीस बुक में दी जाती रही है और पेरेंट्स पहले भी ऐसी बढ़ोतरी स्वीकार करते आए हैं। 8 प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते पेरेंट्स ने अदालत को बताया कि उस समय पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों को एक साल में 8 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए थे। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी इसी तरह की नीति अपनाई थी। इसके बावजूद स्कूल ने फीस में बहुत अधिक बढ़ोतरी कर दी। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला अदालत ने पेरेंट्स की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने वर्ष 2017-18 की फीस बढ़ोतरी को अवैध घोषित करते हुए कहा कि स्कूल केवल 8 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पेरेंट्स केवल 8 प्रतिशत बढ़ी हुई फीस देने के लिए बाध्य होंगे। इसके अलावा स्कूल किसी छात्र का दाखिला सिर्फ इसलिए नहीं रोक सकता क्योंकि उसके पेरेंट्स ने बढ़ी हुई फीस जमा नहीं की।
रोहतक में भालौठ सब ब्रांच नहर को पक्का करने के खिलाफ धरने के 14वें दिन ग्रामीणों को समर्थन देने के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे और कहा कि किसानों की मांग जायज है। नहर पक्की हो गई तो नलकूप सूख जाएंगे और ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो जाएगा। नहर को किसी कीमत पर पक्का होने नहीं देंगे। भालौठ सब ब्रांच नहर को पक्का करने के खिलाफ धरने पर रिठाल, किलोई, धामड़, काहनी, घिलौड़, रुड़की सहित अन्य गांवों के ग्रामीण पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि नहर को पक्का करने से किसानों को परेशानी होगी और भूमिगत जलस्तर भी नीचे चला जाएगा। साथ ही खेतों में पानी की समस्या खड़ी हो जाएगी। ईंटों से पक्की नहर में क्यों डाल रहे कंक्रीट गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि नहर में 41 दिन में एक सप्ताह पानी आता है। सरकार कह रही है कि नीचे से पक्की करेंगे, लेकिन यह पहले से ईंट से पक्की है और किनारे पक्के है। सिमेंटिड कंक्रीट से पक्का करने की बात सरकार कर रही है, जिसकी जरूरत नहीं है। नहर की सफाई तो करते नहीं, पानी आगे जाएगा कैसे। समस्या हल करने की बजाय समस्या पैदा कर रही सरकार गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि नहर पक्की करने से नल खराब हो गए है। नहर के साथ लगे ट्यूबवैल को हटाने के नोटिस दिए गए है। ऐसे में किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए तैयार है। सरकार लोगों की समस्या हल नहीं करती, बल्कि समस्या पैदा करती है। विपक्ष भी कुछ नहीं बोलता। लोगों को ही अपनी समस्या सुलझानी पड़ेगी। नहर को नीचे से पक्का होने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन जायज मांगों को नहीं कर रहा हल किसान नेता उमेद सिंह ने बताया कि प्रशासन जायज मांगों को हल न कर हठधर्मिता पर उतारू है। भीषण गर्मी के बावजूद लोग दिन रात धरने पर बैठे है, जो सरकार के गांव विरोधी चरित्र को उजागर करता है। पीने के पानी पर सबका बराबर हक है लेकिन अगर ये तली आरसीसी से पक्की हो जाती है तो आने वाले समय में पीने का पानी उपलब्ध नहीं होगा । नहर पर लगे नलकों पर निर्भर ग्रामीण उमेद सिंह ने बताया कि भालौठ सब ब्रांच नहर के किनारे नलके लगा रखे है, जिन पर ग्रामीण पीने के पानी के लिए निर्भर है। अब प्रशासन और सरकार द्वारा नहर को पक्का करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को पीने का पानी भी नसीब नहीं होगा । आसपास भूमिगत मीठे जल के स्त्रोत खत्म हो जाएंगे। नहर के बेड को कच्चा रखने की मांग रणधीर सिंह ने बताया कि सरकार दोहरी नीति बनाकर ग्रामीणों को परेशान कर रही है, जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न ही किसी भी कीमत पर नहर को पक्का होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने धरने के माध्यम से नहर के बेड को कच्चा रखने, हर पुल के पास घाट छोड़ने और उसमें ढाल बनाने, दो पुलों के बीच में दोनों तरफ सीढ़ियां बनाने की मांग की।
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग:बकरीद पर मुस्लिम समुदाय के युवा गौशाला पहुंचे, उठाई मांग
मैहर में बकरीद के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की। शुक्रवार को अरकंडी स्थित गौशाला पहुंचकर उन्होंने गायों की सेवा की और देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। गौशाला पहुंचे मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने सबसे पहले गायों को फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। इसके बाद उन्होंने अपने हाथों से गायों को हरा चारा, गुड़ और अन्य खाद्य सामग्री खिलाई। इस अवसर पर कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे फारुख बाबर ने बताया कि जैसे पूरे देश भर में गाय की हत्याएं हो रही हैं। ये मुस्लिम समुदाय यह नहीं चाहता की गाय की हत्या हो। गाय जब राष्ट्रीय पशु घोषित करने की सबकी मांग है तो हमारी भी मांग है कि राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। केंद्र और और राज्य में मोदी की सरकार है।जब एक रात में नोबंदी हो सकती है तो गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित क्यों नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर अब मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतर चुका है। हम लोगों के बकरीद के पर्व पर अरकन्डि गौशाला जाकर गायों चारा दिया गया है। वहीं से एक पहल शुरू की अब मैहर शहर में और आसपास और भी शहरों में मांग शुरू होती है कि गाय की हत्या बिल्कुल नहीं होनी चाहिए और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।
शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के कमता में एक पेट्रोल पंप संचालक को धमकी देने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। डीजल की मांग को लेकर हुए इस विवाद के बाद संचालक ने पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। भारत पेट्रोलियम के डीलर मो. नादिर खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्तमान में डीजल और पेट्रोल का स्टॉक सीमित है। शुक्रवार रात जब कमता निवासी प्रतीक बरगाही उर्फ सिब्बू बरगाही पंप पर पहुंचा, तो उसने कर्मचारियों पर ज्यादा डीजल देने का दबाव बनाया। स्टॉक कम होने के कारण जब कर्मचारियों ने मना किया, तो युवक ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी संचालक का आरोप है कि आरोपी युवक ने घटना का वीडियो बना लिया और अब उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा है। शिकायत के अनुसार, युवक ने 50 लीटर डीजल की मांग की और मांग पूरी न होने पर पंप में आग लगाने, पंप बंद करवाने और पुलिस में शिकायत करने पर बंदूक से हमला करने की धमकी दी है। सुरक्षा को लेकर चिंतित संचालक मो. नादिर खान ने आवेदन में कहा है कि रात के समय वह और उनके बेटे पंप पर रहते हैं, ऐसे में आरोपी की धमकियों से उनका पूरा परिवार डरा हुआ है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने का आग्रह किया है। पुलिस कर रही है जांच जैतपुर थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें लिखित शिकायत मिल गई है। पुलिस फिलहाल आरोपों की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बरनाला जिले में महल कलां पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गश्त के दौरान दो युवकों को देसी पिस्तौल (कट्टा) और .315 बोर के एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना महल कलां की पुलिस पार्टी नियमित गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस टीम अनाज मंडी महल कलां पहुंची। वहां पुलिस कर्मचारियों की नजर दो युवकों पर पड़ी, जो पुलिस पार्टी को देखते ही घबराकर वहां से खिसकने का प्रयास करने लगे। युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने तुरंत उन्हें रोककर काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान पहले युवक ने अपनी पहचान हरदीप सिंह उर्फ निक्कू निवासी नई कॉलोनी, महल कलां के रूप में बताई, जबकि दूसरे युवक ने अपना नाम कुलदीप सिंह उर्फ बॉबी निवासी महल कलां बताया। तलाशी के दौरान देसी पिस्तौल बरामद पुलिस द्वारा की गई तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल (कट्टा) और .315 बोर का एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। हथियार संबंधी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश न किए जाने पर पुलिस ने दोनों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच के बाद थाना महल कलां पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने यह हथियार कहां से हासिल किया था और इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में किया जाना था या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध हथियारों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी है। संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और नियमित गश्त के चलते ऐसे मामलों का खुलासा हो रहा है। मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हनुमानगढ़ में अरोड़वंश समाज के आदि प्रवर्तक अरुट महाराज की जयंती पर शनिवार को सामाजिक एकता का प्रदर्शन हुआ। पहली बार हनुमानगढ़ जंक्शन और टाउन के अरोड़वंश समाज ने संयुक्त रूप से शोभायात्रा निकाली। इस दौरान अरुट महाराज के जयकारों से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा का शुभारंभ जंक्शन स्थित अरोड़वंश धर्मशाला से हुआ। सुसज्जित रथों, धार्मिक झांकियों और डीजे के साथ निकली यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए टाउन स्थित अरोड़वंश धर्मशाला पर संपन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग पैदल, दुपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर छबील, शीतल जल, लस्सी और अन्य पेय पदार्थों की व्यवस्था भी की गई थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. निशांत बतरा ने कहा कि अरुट महाराज ने समाज को भाईचारे, अहिंसा, परिश्रम और स्वाभिमान का मार्ग दिखाया। उन्होंने बताया कि अरोड़वंश समाज ने संघर्ष और मेहनत के बल पर देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। आज की संयुक्त शोभायात्रा इसी संगठन शक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। अपना घर वृद्धाश्रम के अध्यक्ष नरेंद्र मिड्ढा ने युवाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि अरोड़वंश समाज सदैव नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहा है और नई पीढ़ी को भी इस परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए। मिड्ढा ने युवाओं से परिवार, समाज और मानवता की सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने का आग्रह किया। अरोड़वंश सभा जंक्शन के उपाध्यक्ष विकास जुनेजा ने इसे दोनों शहरों के समाजजनों का एक मंच पर आना एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज की यह एकता भविष्य में भी बनी रहेगी और अरुट महाराज के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा। शोभायात्रा ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और संगठन की मजबूत भावना का संदेश दिया।
जींद जिले के अलेवा थाना क्षेत्र में चोरों ने एक राहगीर की मोटरसाइकिल चोरी कर ली। यह घटना नगूरां गांव के पास नेशनल हाईवे पर रात के अंधेरे में हुई, जब एक युवक लघु शंका के लिए रुका था। दो अज्ञात चोर उसकी बाइक लेकर फरार हो गए। कैथल जिले के पाई गांव निवासी सुनील ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने बड़े भाई बलराज से मिलने जींद आया था। बलराज जींद की विश्वकर्मा कॉलोनी (आरा रोड) में सपरिवार रहते हैं। बीती रात करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच सुनील अपने भाई की बिना नंबर वाली 'हीरो एचएफ डीलक्स' मोटरसाइकिल लेकर अपने गांव पाई के लिए वापस निकला। जब सुनील नगूरां गांव से थोड़ा आगे निकला, तो उसे पेशाब करने की तलब लगी। उसने अपनी मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़ी की और खेतों में उतर गया। इसी दौरान एक अन्य मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे। सुनील के देखते ही देखते उनमें से एक चोर उसकी बाइक पर बैठा, उसे स्टार्ट किया और तेजी से फरार हो गया। रात का अंधेरा होने के कारण पीड़ित दोनों चोरों के चेहरे नहीं देख पाया और न ही उनकी बाइक का नंबर नोट कर सका। पीड़ित ने तुरंत नगूरां पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दी। चौकी इंचार्ज एएसआई जयबीर सिंह ने शिकायत का अध्ययन करने के बाद मामले को तुरंत अलेवा थाने भिजवाया। शिकायत प्राप्त होते ही 30 मई 2026 को दोपहर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हाईवे के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पंजाब में हुए निकाय चुनावों में आठ में से एक नगर निगम में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसी तरह 75 नगर काउंसिलों में से 32 नगर काउंसिल ऐसी हैं जहां पर किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 20 में से 7 नगर पंचायतों में भी कोई पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई। पंजाब में हुए निकाय चुनावों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। आप ने राज्य के आठ नगर निगमों में से पांच, 75 नगर काउंसिलों में से 37 और 20 नगर पंचायतों में से 8 पर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं कांग्रेस ने एक नगर निगम, 3 नगर काउंसिल व 1 नगर पंचायत में जीत हासिल की। भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो पार्टी ने एक नगर निगम में स्पष्ट बहुमत हासिल किया जबकि एक नगर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने एक नगर काउंसिल में जीत हासिल की जबकि दो नगर काउंसिल में सबसे ज्यादा वार्ड जीते। नगर पंचायत में भाजपा खाता नहीं खोल पाई। उधर, शिअद एक भी नगर निगम और नगर काउंसिल में 20 बहुमत हासिल नहीं कर पाया। राहत की बात यह रही कि अकाली दल ने पांच नगर पंचायतों में जीत हासिल की। इस चुनाव में आजाद उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में जीत हासिल की है। दो नगर काउंसिलों में तो आजाद उम्मीदवार मिल जाएं तो उनके पास स्पष्ट बहुमत हो जाएगा। जबकि फंसी हुई नगर काउंसिलों व नगर पंचायतों में अध्यक्ष चुनने की चाबी आजाद उम्मीदवारों के हाथ में रहगी। राजनीतिक दलों ने अपना अध्यक्ष बनाने के लिए आजाद उम्मीदवारों के साथ संपर्क साधना शुरू कर दिया है। पंजाब के 8 नगर निगमों की पार्टी वाइज स्थिति जानिए… 1. आम आदमी पार्टी (AAP) को इन 5 निगमों में पूर्ण बहुमत मिला: आम आदमी पार्टी ने बरनाला में 36 सीटें, बठिंडा में 35 सीटें, बटाला में 30 सीटें, मोगा में 30 सीटें और मोहाली में 27 सीटें जीती और इन पांचों नगर निगमों में बहुमत हासिल किया। आप इन पांचों निगमों में अपना मेयर बनाएगी। 2. भारतीय जनता पार्टी (BJP) को इस 1 निगम में पूर्ण बहुमत मिला भारतीय जनता पार्टी को अबोहर (फाजिल्का) नगर निगम में 50 में से 28 सीटें मिली। भाजपा अब यहां अपना मेयर बनाएगी। वहीं पठानकोट में पार्टी को सबसे ज्यादा 22 सीटें मिली जो कि बहुमत से 4 सीटें कम है। 3. कांग्रेस (INC) को इस 1 निगम में पूर्ण बहुमत मिला कांग्रेस को कपूरथला नगर निगम चुनाव में 50 में से 31 सीटें मिली। कांग्रेस यहां अपना मेयर चुनेगी। विधायक राणा गुरजीत कपूरथला में कांग्रेस की लाज बचाने में कामयाब हो सके। जिलेवार नगर काउंसिलों में पार्टियों की स्थिति, जानिए.. 1. अमृतसर जंडियाला गुरु : AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 13, कांग्रेस: 1, अकाली दल: 1) मजीठा : AAP (कुल 13 वार्ड — आप: 7, अकाली दल: 6) रामदास: AAP (कुल 11 वार्ड — आप: 10, अकाली दल: 1) 2. बरनाला भदौड़: AAP (कुल 13 वार्ड — आप: 8, निर्दलीय: 4, भाजपा: 1) धनौला: AAP (कुल 13 वार्ड — आप: 8, निर्दलीय: 5) तपा: निर्दलीय (IND) (कुल 15 वार्ड — निर्दलीय: 8, आप: 5, अकाली दल: 2) 3. बठिंडा रामां : AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 13, कांग्रेस: 1, अकाली दल: 1) भुच्चो मंडी: त्रिशंकु: कुल 13 वार्ड (अकाली दल: 6, कांग्रेस: 3, निर्दलीय: 3, आप: 1) गोनियाना : त्रिशंकु: कुल 13 वार्ड (निर्दलीय: 8, आप: 5) कोटफत्ता : त्रिशंकु: कुल 11 वार्ड (निर्दलीय: 7, आप: 3, अकाली दल: 1) मौड़ : त्रिशंकु: कुल 17 वार्ड (कांग्रेस: 6, अकाली दल: 6, आप: 4, निर्दलीय: 1) संगत : त्रिशंकु: कुल 9 वार्ड (अकाली दल: 6, निर्दलीय: 2, आप: 1) 4. फरीदकोट जैतू: AAP (कुल 17 वार्ड — आप: 12, अकाली दल: 3, कांग्रेस: 2) कोटकपूरा : AAP (कुल 29 वार्ड — आप: 20, कांग्रेस: 5, निर्दलीय: 2, अकाली दल: 2) फरीदकोट: त्रिशंकु कुल 25 वार्ड (आप: 9, कांग्रेस: 8, अकाली दल: 7, निर्दलीय: 1) 5. फतेहगढ़ साहिब MC बस्सी पठाना : AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 9, निर्दलीय: 4, भाजपा: 1, अकाली दल: 1) MC गोबिंदगढ़: AAP (कुल 29 वार्ड — आप: 19, कांग्रेस: 6, भाजपा: 3, अकाली दल: 1) MC सरहिंद फतेहगढ़ साहिब: AAP (कुल 23 वार्ड — आप: 17, कांग्रेस: 6) 6. फाजिल्का MC फाजिल्का: त्रिशंकु: कुल 25 वार्ड (भाजपा: 11, कांग्रेस: 9, आप: 5) 7. फिरोजपुर फिरोजपुर : कांग्रेस (कुल 33 वार्ड — कांग्रेस: 18, भाजपा: 7, आप: 5, निर्दलीय: 2, बसपा: 1) जीरा : AAP (कुल 17 वार्ड — आप: 9, कांग्रेस: 7, निर्दलीय: 1) तलवंडी भाई: त्रिशंकु: कुल 13 वार्ड (आप: 5, कांग्रेस: 3, निर्दलीय: 2, अकाली दल: 2, भाजपा: 1) 8. गुरदासपुर धारीवाल : AAP (कुल 13 वार्ड — आप: 7, कांग्रेस: 2, अकाली दल: 2, भाजपा: 1, निर्दलीय: 1) फतेहगढ़ चूड़ियां : त्रिशंकु: कुल 13 वार्ड (कांग्रेस: 6, आप: 4, अकाली दल: 2, निर्दलीय: 1) श्री हरगोबिंदपुर: त्रिशंकु कुल 11 वार्ड (कांग्रेस: 4, निर्दलीय: 4, आप: 3) 9. होशियारपुर दसूहा: AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 13, कांग्रेस: 2) गढ़दीवाला :AAP (कुल 11 वार्ड — आप: 7, कांग्रेस: 3, निर्दलीय: 1) गढ़शंकर : AAP (कुल 13 वार्ड — आप: 8, निर्दलीय: 4, कांग्रेस: 1) हरियाना : AAP (कुल 11 वार्ड — आप: 7, कांग्रेस: 3, भाजपा: 1) उड़मुड़ टांडा : AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 10, कांग्रेस: 5) मुकेरियां : त्रिशंकु कुल 15 वार्ड (भाजपा: 7, कांग्रेस: 6, आप: 1, निर्दलीय: 1) 10. जालंधर आदमपुर : AAP (कुल 13 वार्ड — आप: 10, निर्दलीय: 3) करतारपुर : AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 9, कांग्रेस: 3, निर्दलीय: 2, भाजपा: 1) नकोदर : त्रिशंकु: कुल 17 वार्ड (आप: 7, निर्दलीय: 5, कांग्रेस: 4, भाजपा: 1) नूरमहल : AAP कुल 13 वार्ड (निर्दलीय: 8, आप: 4, भाजपा: 1) फिल्लौर : APP: 15 वार्ड (आप: 8, कांग्रेस: 3, भाजपा: 2, निर्दलीय: 2) 11. कपूरथला सुल्तानपुर लोधी: आजाद : कुल 13 वार्ड (निर्दलीय: 7, आप: 5, अकाली दल: 1) 12. लुधियाना: दोराहा : AAP (कुल 15 वार्ड , आप: 8, कांग्रेस: 5, निर्दलीय: 2) खन्ना ): AAP (कुल 33 वार्ड — आप: 24, कांग्रेस: 4, अकाली दल: 3, निर्दलीय: 1, भाजपा: 1) रायकोट : कांग्रेस (कुल 15 वार्ड — कांग्रेस: 11, आप: 4) समराला: AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 8, अकाली दल: 4, कांग्रेस: 2, भाजपा: 1) जगराओं : त्रिशंकु: कुल 23 वार्ड (आप: 9, कांग्रेस: 9, भाजपा: 4, निर्दलीय: 1) पायल : त्रिशंकु: कुल 11 वार्ड (कांग्रेस: 5, आप: 3, अकाली दल: 2, निर्दलीय: 1) 13. मलेरकोटला मलेरकोटला: AAP : (कुल 33 वार्ड — आप: 20, कांग्रेस: 8, निर्दलीय: 3, भाजपा: 1, अकाली दल: 1) अहमदगढ़ : त्रिशंकु: कुल 17 वार्ड (आप: 7, कांग्रेस: 6, निर्दलीय: 3, अकाली दल: 1) 14. मानसा बरेटा : आजाद: कुल 13 वार्ड (निर्दलीय: 11, आप: 2) बुढलाडा : त्रिशंकु: कुल 19 वार्ड (आप: 7, अकाली दल: 5, निर्दलीय: 4, कांग्रेस: 2, बसपा: 1) मानसा: त्रिशंकु: कुल 27 वार्ड (आप: 8, भाजपा: 6, निर्दलीय: 5, अकाली दल: 5, कांग्रेस: 3) 15. श्री मुक्तसर साहिब गिद्दड़बाहा : AAP (कुल 19 वार्ड — आप: 17, कांग्रेस: 2) श्री मुक्तसर साहिब: AAP (कुल 31 वार्ड — आप: 22, कांग्रेस: 4, अकाली दल: 4, भाजपा: 1) मलौट : त्रिशंकु: कुल 27 वार्ड (आप: 12, कांग्रेस: 8, अकाली दल: 7) 16. पठानकोट सुजानपुर : त्रिशंकु: कुल 15 वार्ड (आप: 4, भाजपा: 4, कांग्रेस: 4, निर्दलीय: 3) 17. पटियाला पातड़ां : AAP (कुल 17 वार्ड — आप: 10, कांग्रेस: 4, भाजपा: 2, निर्दलीय: 1) समाना : AAP (कुल 21 वार्ड — आप: 13, अकाली दल: 3, भाजपा: 2, कांग्रेस: 2, निर्दलीय: 1) नाभा : त्रिशंकु: कुल 23 वार्ड (आप: 11, कांग्रेस: 5, भाजपा: 3, अकाली दल: 2, निर्दलीय: 2) राजपुरा: त्रिशंकु: कुल 31 वार्ड (भाजपा: 9, कांग्रेस: 9, आप: 7, अकाली दल: 4, निर्दलीय: 2) 18. रूपनगर / रोपड़ आनंदपुर साहिब : AAP (कुल 13 वार्ड — आप: 11, निर्दलीय: 2) मोरिंडा : कांग्रेस (कुल 15 वार्ड — कांग्रेस: 10, निर्दलीय: 4, अकाली दल: 1) रूपनगर : AAP (कुल 21 वार्ड — आप: 12, भाजपा: 4, अकाली दल: 3, कांग्रेस: 1, निर्दलीय: 1) चमकौर साहिब : कांग्रेस: कुल 13 वार्ड (कांग्रेस: 7, आप: 3, निर्दलीय: 3) नंगल: त्रिशंकु: कुल 19 वार्ड (कांग्रेस: 8, आप: 7, भाजपा: 3, निर्दलीय: 1) 19. एस.ए.एस. नगर / मोहाली बनूड़ : AAP: (कुल 13 वार्ड — आप: 10, कांग्रेस: 3) डेराबस्सी : AAP (कुल 19 वार्ड — आप: 12, अकाली दल: 3, भाजपा: 2, कांग्रेस: 2) लालड़ू : AAP (कुल 17 वार्ड — आप: 12, कांग्रेस: 2, भाजपा: 1, निर्दलीय: 1, अकाली दल: 1) नया गांव : भाजपा: (कुल 21 वार्ड — भाजपा: 16, निर्दलीय: 3, आप: 1, कांग्रेस: 1) जीरकपुर : AAP (कुल 31 वार्ड — आप: 16, अकाली दल: 6, भाजपा: 4, कांग्रेस: 4, निर्दलीय: 1) कुराली : त्रिशंकु: कुल 17 वार्ड (आप: 6, कांग्रेस: 5, निर्दलीय: 4, भाजपा: 1, अकाली दल: 1) 20. एस.बी.एस. नगर / नवांशहर बंगा : AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 10, निर्दलीय: 2, भाजपा: 1, बसपा: 1, अकाली दल: 1) राहों : निर्दलीय (कुल 13 वार्ड — निर्दलीय: 12, अकाली दल: 1) नवांशहर : त्रिशंकु: कुल 19 वार्ड (कांग्रेस: 8, आप: 6, निर्दलीय: 2, अकाली दल: 2, बसपा: 1) 21. संगरूर धूरी : AAP (कुल 21 वार्ड — आप: 19, निर्दलीय: 2) लोंगोवाल : AAP (कुल 15 वार्ड — आप: 10, निर्दलीय: 4, अकाली दल: 1) सुनाम : AAP (कुल 23 वार्ड — आप: 19, निर्दलीय: 3, भाजपा: 1) भवानीगढ़ : त्रिशंकु: कुल 15 वार्ड (आप: 7, कांग्रेस: 7, अकाली दल: 1) 22. तरनतारन पट्टी : त्रिशंकु: कुल 19 वार्ड (कांग्रेस: 9, आप: 6, निर्दलीय: 4) नोट: हाशियारपुर में चुनाव नहीं हुए। कुल 75 काउंसिल: आम आदमी पार्टी (AAP) बहुमत: 37 काउंसिल कांग्रेस (INC) बहुमत: 3 काउंसिल भारतीय जनता पार्टी (BJP) बहुमत: 1 काउंसिल निर्दलीय (IND) बहुमत: 2 काउंसिल नगर पंचायत चुनावों के जिलेवार परिणाम अमृतसर — कुल नगर पंचायत: 1 रैय्या: AAP (कुल 13 वार्ड — AAP: 11, कांग्रेस: 2) जालंधर — कुल नगर पंचायत: 2 लोहियां खास: AAP (कुल 13 वार्ड — AAP: 9, कांग्रेस: 4) मेहतपुर: कांग्रेस (INC) (कुल 13 वार्ड — कांग्रेस: 7, AAP: 2, निर्दलीय: 2, अकाली दल: 2) तरनतारन — कुल नगर पंचायत: 1 भिखीविंड: AAP (कुल 13 वार्ड — AAP: 7, अकाली दल: 3, कांग्रेस: 2, निर्दलीय: 1) फतेहगढ़ साहिब — कुल नगर पंचायत: 1 खमाणों: त्रिशंकु (कुल 13 वार्ड — AAP: 6, निर्दलीय: 3, कांग्रेस: 2, अकाली दल: 2) फाजिल्का — कुल नगर पंचायत: 1 अरनीवाला शेख सुभान: त्रिशंकु (कुल 11 वार्ड — AAP: 6, अकाली दल: 4, कांग्रेस: 1) फिरोजपुर — कुल नगर पंचायत: 1 मुदकी: AAP (कुल 13 वार्ड — AAP: 7, अकाली दल: 6) बठिंडा — कुल नगर पंचायत: 8 भाई रूपा: AAP (कुल 13 वार्ड — AAP: 9, निर्दलीय: 2, कांग्रेस: 1, अकाली दल: 1) मलूका: शिरोमणि अकाली दल (SAD) (कुल 11 वार्ड — अकाली दल: 9, AAP: 2) कोट शमीर: शिरोमणि अकाली दल (SAD) (कुल 13 वार्ड — अकाली दल: 9, निर्दलीय: 2, AAP: 1, कांग्रेस: 1) नथाना: शिरोमणि अकाली दल (SAD) (कुल 11 वार्ड — अकाली दल: 6, निर्दलीय: 3, AAP: 2) भागता भाई का: शिरोमणि अकाली दल (SAD) (कुल 13 वार्ड — अकाली दल: 7, कांग्रेस: 5, AAP: 1) लेहरा मोहब्बत: शिरोमणि अकाली दल (SAD) (कुल 11 वार्ड — अकाली दल: 6, निर्दलीय: 5, AAP: 0) कोठा गुरु: आप (कुल 11 वार्ड — AAP: 7, निर्दलीय: 2, अकाली दल: 2) मेहराज:आप (कुल 13 वार्ड — AAP: 8, अकाली दल: 5) मलेरकोटला — कुल नगर पंचायत: 1 अमरगढ़: आजाद (कुल 11 वार्ड — निर्दलीय: 6, AAP: 3, बसपा: 1, कांग्रेस: 1) मानसा — कुल नगर पंचायत: 2 जोगा: आजाद (कुल 13 वार्ड — निर्दलीय: 8, AAP: 5) बोहा: आजाद (कुल 13 वार्ड — निर्दलीय: 7, AAP: 3, अकाली दल: 3) मोगा — कुल नगर पंचायत: 1 कोट इसे खान: AAP (कुल 13 वार्ड — AAP: 12, निर्दलीय: 1) रूपनगर (रोपड़) — कुल नगर पंचायत: 1 कीरतपुर साहिब: आजाद (कुल 11 वार्ड — निर्दलीय: 6, AAP: 4, अकाली दल: 1) कुल 20 नगर पंचायतों में से AAP के पास 8, अकाली दल के पास 5, आजाद के पास 4, कांग्रेस के पास 1 और 2 नगर पंचायतें त्रिशंकु रही हैं।
कासगंज में पेयजल संकट को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विवेक त्रिपाठी को एक ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय ने उप जिलाधिकारी/अधिशासी अधिकारी को संबोधित इस ज्ञापन में घंटाघर से मालगोदाम चौराहे तक सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि नगर क्षेत्र के इस प्रमुख मार्ग पर आम जनता के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है। सार्वजनिक नल और हैंडपंपों की कमी के कारण राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को पीने के पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मनोज पाण्डेय ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में पुलिस चौकी नदरई गेट के बाहर स्थित सार्वजनिक नल को बंद कर दिया गया है, जिससे समस्या और बढ़ गई है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में कई सार्वजनिक नल और हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिनकी तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जनहित में खराब पड़े नलों/हैंडपंपों की शीघ्र मरम्मत कराने के साथ-साथ घंटाघर से मालगोदाम चौराहे तक कम से कम तीन नए हैंडपंप अथवा सार्वजनिक नल लगवाने का अनुरोध किया है, ताकि आम जनता को पेयजल की समस्या से राहत मिल सके।
कौशांबी में हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार:तीन दिन पहले बाइक जलाई थी, फावड़े से हमला किया था
कौशांबी की कड़ा धाम कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी पर तीन दिन पहले बाइक जलाने और फावड़े से हमला करने का आरोप है। पीड़ित कृष्ण दत्त ओझा पुत्र लक्ष्मी नारायण ओझा ने कड़ा धाम पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह जब वह अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी पप्पू निषाद फावड़ा लेकर आया और जान से मारने की नीयत से उन पर हमला कर दिया। कृष्ण दत्त ओझा किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे। पीड़ित ने यह भी बताया कि इसी युवक ने बीते 27 मई को कलेश्वर मंदिर पर उन पर प्रहार किया था और उनकी पल्सर मोटरसाइकिल जला दी थी, जिसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। कड़ा धाम पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर शनिवार शाम को आरोपी पप्पू निषाद सुड्ड पुत्र हुबलाल को रसूलपुर ताजपुर मल्लाहन के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक फावड़ा भी बरामद किया है। विधिक कार्यवाही पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
मैनपुरी में दलित युवक का खोखा जलाया:जमीन की रंजिश में दबंगों पर आग लगाने का आरोप, हजारों का नुकसान
मैनपुरी शहर कोतवाली क्षेत्र में एक दलित परिवार ने जमीनी रंजिश के चलते अपने खोखे में आग लगाने का आरोप लगाया है। पीड़ित बृजेश कुमार ने इस संबंध में कोतवाली पुलिस को शिकायत दी है। आरोप है कि 28 मई की रात करीब 11 बजे कुछ लोगों ने टट्टर में डीजल डालकर आग लगा दी, जिससे हजारों का सामान जलकर राख हो गया। बड़ी नगरिया निवासी बृजेश कुमार ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गाटा संख्या 572 और 573 पर उनके पूर्वजों के समय से एक पुराना कमरा और टट्टर बना हुआ है। आग लगने से खोखे में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे उन्हें 50 से 60 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। पीड़ित का आरोप है कि यह घटना जमीनी विवाद का परिणाम है। उन्होंने बताया कि आरोपी लगातार उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना से पहले 9 मई को भी आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकाया था और छप्पर व कमरे को तोड़ने की चेतावनी दी थी। बृजेश कुमार ने उमेशचंद्र सक्सेना, राकेशचंद्र, बृजेश कुमार, अवधेश कुमार और प्रखर को नामजद करते हुए आरोप लगाया है कि वे विवादित जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित ने आरोपियों को 'भूमाफिया प्रवृत्ति' का बताते हुए उन पर फर्जी तरीके से जमीन हड़पने का आरोप भी लगाया है। पीड़ित ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद से उनके परिवार में भय का माहौल है और उन्हें किसी अनहोनी की आशंका है।
सिरसा में जलघर की डिग्गी में मिला युवक का शव:ग्रामीणों की जुटी भीड़, अविवाहित था, पुलिस जांच में जुटी
सिरसा जिले में आज शनिवार को जलघर की डिग्गी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव जमाल निवासी 24 वर्षीय राजवीर के रूप में हुई है। जमाल चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के नागरिक अस्पताल पहुंचाया है। जानकारी के अनुसार, ये घटना जमाल गांव की है। शनिवार दोपहर को ग्रामीणों ने जलघर की डिग्गी में एक युवक का शव तैरता हुए देखा। उन्होंने तत्काल जमाल चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही अन्य ग्रामीण भी जलघर पर एकत्रित हो गए। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने शव को डिग्गी से बाहर निकाला। जमाल चौकी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के नागरिक अस्पताल भेज दिया है। युवक के डूबने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के परिजनों के बयान पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। अविवाहित था युवक ग्रामीणों ने बताया कि राजवीर अविवाहित था और उसका एक भाई भी है। दोनों भाई मजदूरी का काम करते थे। उनके माता-पिता का कई साल पहले निधन हो चुका है। ऐसे में युवक की मौत के बारे में पता नहीं चल पाया है।
बिजनौर में अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है। पिछले सात दिनों में अनियमितता पाए जाने पर 45 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 4.12 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। शासन, खान निदेशालय और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जनपद में गठित टास्क फोर्स ने 23 मई, 2026 से यह अभियान शुरू किया था। इस दौरान टीम ने सात खनन स्थलों का निरीक्षण किया, जिनमें से तीन स्थानों पर अनियमितताएं पाई गईं। मौके पर तीन वाहनों को सीज किया गया और दो अनुज्ञा पत्र धारकों को नोटिस जारी किए गए। एक अवैध खननकर्ता के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है। इन सात दिनों की अवधि में उपखनिजों से लदे कुल 389 वाहनों की जांच की गई। इनमें से 45 वाहनों में अनियमित परिवहन पाया गया। इन 45 वाहनों में से 11 से 4.12 लाख रुपये की धनराशि सरकारी खजाने में जमा कराई गई, जबकि शेष 34 वाहनों को निकट की थाना चौकियों में रोककर रखा गया है। 127 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई इसके अतिरिक्त, एक अनुज्ञा पत्र धारक पर पूर्व में लगाए गए 34.95 लाख रुपये के जुर्माने की राशि भी जमा कराई गई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, मई 2026 में अब तक टास्क फोर्स के सदस्यों द्वारा कुल 1526 वाहनों की जांच की जा चुकी है। इसमें अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग में संलिप्त 127 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 48 वाहन चालकों/मालिकों से 15.76 लाख रुपये की धनराशि सरकारी खजाने में जमा कराई गई है। मई माह में सात खनन स्थलों का भी निरीक्षण किया गया, जिनमें से दो स्थलों पर अनियमितताएं पाए जाने पर अनुज्ञा पत्र धारकों को नोटिस जारी किए गए। एक अवैध खननकर्ता के खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है। साथ ही, पूर्व में एक अनुज्ञा पत्र धारक पर अधिरोपित 34.95 लाख रुपये की धनराशि भी सरकारी कोष में जमा कराई गई है। अवैध भंडारण के दो मामलों में भंडारकर्ताओं से 12.50 लाख रुपये की अधिरोपित धनराशि सरकारी खजाने में जमा कराई गई।
छत्तीसगढ़ में फर्जी निवास प्रमाण पत्र के जरिए CRPF में भर्ती होने वाले जवान की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा है। पुलिस ने फेक सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह फर्जी निवास प्रमाणपत्र बलरामपुर तहसील से जारी किया गया था। इस मामले में पहले ही बलरामपुर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज है। आरोपी एक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए हर व्यक्ति 3 से 4 लाख रुपए लेता था। जांच में आरोपी ने करीब 20 से 25 फर्जी निवास प्रमाणपत्र बनवाने की बात स्वीकार की है। CRPF भर्ती में छत्तीसगढ़ का कटऑफ बाकी राज्यों की तुलना में कम होता है। इस कारण दूसरे राज्यों के लोग यहां से फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर भर्ती हो गए। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ तहसील कार्यालय से करीब 20 से 25 फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाए गए हैं, जिनमें से कई लोग सशस्त्र बलों में भी भर्ती हो चुके हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। अब जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, 204 कोबरा बटालियन सीआरपीएफ जगदलपुर में पदस्थ कॉन्स्टेबल सुमित सिंह का निवास प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाया गया है। सुमित सिंह राजस्थान के धौलपुर जिले के मनिया गांव का रहने वाला है। सुमित ने छत्तीसगढ़ राज्य कोटे का गलत तरीके से लाभ लेकर साल 2023 में एसएससी के जरिए सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। जांच में खुलासा हुआ कि सुमित सिंह का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बलरामपुर तहसील से जारी किया गया था। यह प्रमाण पत्र ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से बनवाया गया था। बलरामपुर तहसीलदार सुनील कुमार गुप्ता ने 28 अप्रैल 2026 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि सीआरपीएफ कॉन्स्टेबल सुमित सिंह का निवास प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाया गया है। यह प्रमाण पत्र विशाल सोनी के शैक्षणिक और अन्य दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर तैयार किया गया था। पुलिस ने सुमित सिंह और अन्य के खिलाफ धारा 318(2), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस और 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट का अपराध दर्ज किया था। सुमित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में पता चला कि फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाने का मुख्य आरोपी विवेक सिंह तोमर (24) है, जो मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अंबा का रहने वाला है। अब तक 4 आरोपी किए गए गिरफ्तार इसके बाद पुलिस ने विवेक सिंह तोमर (24) और उसके साथी आकाश सिंह (22) निवासी मुरैना को रायपुर से हिरासत में ले लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि विवेक सिंह तोमर ने डोंगरगढ़ से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छत्तीसगढ़ का निवास प्रमाण पत्र भी बनवाया था। वहीं आकाश सिंह ने अपना नाम बदलकर तुकेश्वर (पिता भोजराम, निवासी पुलिस लाइन के पीछे, बलरामपुर) के नाम से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवा लिए थे। तहसील कार्यालय में ऑनलाइन एप्लीकेशन जमाकर अवैध तरीके से स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र बनवाने वाले आरोपी ओमप्रकाश चंद्रवंशी (28) निवासी राजनांदगांव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। 3 से 4 लाख रुपए में फर्जी प्रमाणपत्र पुलिस जांच में पता चला कि, विवेक सिंह तोमर छत्तीसगढ़ के बाहर रहने वाले लोगों को राज्य का निवासी प्रमाण पत्र दिलाने का काम अपने साथियों से करवाता था। उसके साथी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर लोगों के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर ऑनलाइन आवेदन जमा करते थे। मास्टरमाइंड आरोपी विवेक सिंह तोमर ने एक-एक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रति व्यक्ति 3 से 4 लाख रुपए लिए थे। सीआरपीएफ भर्ती में छत्तीसगढ़ का कटऑफ अन्य राज्यों की तुलना में कम होने के कारण दूसरे राज्यों के लोग यहां से फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर भर्ती हो गए। ……………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… फर्जी निवास प्रमाण पत्र से CRPF में पाई नौकरी: बलरामपुर का निवासी बनकर हासिल किया था पद, बर्खास्त आरक्षक गिरफ्तार बलरामपुर पुलिस ने CRPF से बर्खास्त एक आरक्षक को फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बलरामपुर का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में भर्ती लेने का आरोप है। पढ़ें पूरी खबर…
मुज़फ़्फ़रनगर में एक शादीशुदा युवती ने अपने पूर्व प्रेमी पर लगातार पीछा करने, उत्पीड़न करने और वैवाहिक जीवन में दखल देने का आरोप लगाया है। युवती ने अपने परिजनों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा के कार्यालय पहुंचकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए एक प्रार्थना पत्र सौंपा है। मंसूरपुर क्षेत्र की निवासी युवती ने बताया कि 27 मई को जब वह तितावी थाना क्षेत्र में अपनी ससुराल जा रही थी, तब खालापार थाना क्षेत्र के शहीद चौक पर वसीम पुत्र शाकिर अपने कुछ साथियों के साथ मिला। युवती का आरोप है कि वसीम ने उसके साथ छेड़छाड़ की। युवती के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है, बल्कि आरोपी उसे लंबे समय से परेशान कर रहा है। पीड़िता ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उसका वसीम के साथ प्रेम प्रसंग था। जब उसके परिवार को इस संबंध की जानकारी हुई और उसकी शादी तय कर दी गई, तब उसने अपने परिजनों को पूरी बात बता दी थी। युवती का दावा है कि उसके पिता ने वसीम के परिवार से बातचीत कर विवाह का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन उस समय वसीम और उसके पिता ने शादी से इनकार कर दिया था। इसके बाद युवती ने अपने परिवार की इच्छा के अनुसार विवाह कर लिया और अपना वैवाहिक जीवन शुरू किया। आरोप है कि अब वही युवक उस पर अपने पति को छोड़ने, तलाक लेने और उससे दूसरी शादी करने का दबाव बना रहा है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार उसका पीछा करता है और उसके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। युवती ने SSP से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और आरोपी व उसके साथियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पंचकूला ट्रैफिक पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने बरेली (उत्तर प्रदेश) से मनीमाजरा (चंडीगढ़) जा रही एक निजी बस को बिना वैध परमिट के संचालित होते हुए पकड़ा। इस बस का 41 हजार रुपए का चालान किया गया और बस को जब्त कर लिया। सूरजपुर ट्रैफिक थाना के एसएचओ अभिषेक को सूचना मिली थी कि एक निजी बस अवैध रूप से बिना परमिट के यात्रियों को ले जा रही है। सूचना के आधार पर, एसएचओ अभिषेक ने अपनी टीम के साथ बस का पीछा किया और उसे पंचकूला-यमुनानगर हाईवे पर गांव मौली के पास रोक लिया। पुलिस ने बस को किया इंपाउंड एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर बस के दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। जांच में पाया गया कि बस ड्राइवर के पास रूट पर संचालन के लिए कोई वैध परमिट नहीं था। मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने बस का 41 हजार रुपए का चालान किया और उसे इंपाउंड कर लिया। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने इस संबंध में कहा कि शहर में बेहतर और सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा और यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यूपी संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। मेरठ जिले में 13 केंद्र बनाए गए है। इन केंद्रों पर 6343 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और विश्वविद्यालय ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न दो अंक का होगा, जबकि हर गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक काटा जाएगा। सीसीएसयू क्षेत्र के मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 10 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी गाजियाबाद जिले में परीक्षा देंगे, जबकि मेरठ दूसरे स्थान पर है, जहां 6,343 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। प्रत्येक दो केंद्रों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट, हर केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और दो-दो पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। साथ ही पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया है। सभी अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन किया जाएगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र, उसकी एक फोटोयुक्त प्रति और वैध फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। इनके बिना परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए विश्वविद्यालय में अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई।
बारां के गवर्नमेंट कॉलेज में फीस वसूली को लेकर छात्रों और प्रिंसिपल के बीच विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल की प्रिंसिपल डॉ. मुनेश चंद्र शर्मा से मुलाकात के दौरान कथित तौर पर धक्का-मुक्की और जातिसूचक टिप्पणी का मामला सामने आया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एबीवीपी के छात्र नेता रोहित मीणा ने आरोप लगाया कि फर्स्ट ईयर ज्योग्राफी प्रैक्टिकल और फर्स्ट व थर्ड सेमेस्टर की फीस रसीदें खो जाने के बाद छात्रों से दोबारा फीस जमा करवाई गई। छात्रों ने अतिरिक्त राशि वापस दिलाने की मांग को लेकर 18 मई को कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। छात्रों का आरोप है कि शुक्रवार को प्रिंसिपल से बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। प्रिंसिपल ने छात्र नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया और लोहे की पाइप से हमला करने का प्रयास किया। रोहित मीणा ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज डिलीट करवा दी गई। इस घटना के विरोध में शनिवार को छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया और प्रिंसिपल का घेराव किया। बाद में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने पहुंचकर प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने राज्य सरकार से प्रिंसिपल को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। वहीं, प्रिंसिपल डॉ. मुनेश चंद्र शर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता रोहित मीणा और उनका एक साथी कार्यालय में आए थे। उन्हें बताया गया था कि फीस संबंधी मामले में आयुक्तालय से मार्गदर्शन मांगा गया है, लेकिन इसके बावजूद छात्र नेता अभद्रता करने लगा और धमकी देने लगा। प्रिंसिपल ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने शुक्रवार को ही कोतवाली थाने में शिकायत दे दी थी। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज कराई गई हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार आरोपी पीयूष पाठक पर SP सुरेंद्र जैन ने ₹2,000 का इनाम घोषित किया है। पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन वह अब तक पकड़ से बाहर है। जोधपुर नदी के पास पकड़ी शराब से भरी कार पुलिस के अनुसार, कुछ समय पहले लौर थाना पुलिस ने उमरिहा बेउहरियान स्थित जोधपुर नदी के पास घेराबंदी की थी। इस दौरान एक दिल्ली पासिंग कार (DL3CCQ4003) को रोका गया था। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 360 पाव अवैध शराब बरामद हुई थी, जिसकी कुल मात्रा 64.8 लीटर थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते भागने में सफल रहे थे। पलिया दुवान निवासी है आरोपी जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इस अवैध शराब के कारोबार में पलिया दुवान गांव का निवासी पीयूष पाठक शामिल था। इसके बाद पुलिस ने उसे आबकारी एक्ट के तहत आरोपी बनाया। काफी समय तक सुराग न मिलने पर अब एसपी ने इनाम की घोषणा की है। फिलहाल लौर पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गुप्त एसपी ने बताया कि जो भी व्यक्ति आरोपी पीयूष पाठक की गिरफ्तारी में मदद करेगा या उसके ठिकाने की सही जानकारी देगा, उसे ₹2,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
बठिंडा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर जयपुर से आने वाली एक रेलगाड़ी में एक व्यक्ति का शव मिला। सूचना मिलने पर सहारा जन सेवा की लाइफ सेविंग ब्रिगेड हेल्पलाइन टीम मौके पर पहुंची और जीआरपी को सूचित किया। सहारा टीम के संदीप गोयल और विक्की कुमार ने जीआरपी अधिकारियों के साथ मिलकर शव को रेलगाड़ी से बाहर निकाला। मृतक के पास से एक आधार कार्ड भी मिला मृतक के पास से एक आधार कार्ड भी मिला, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वह उसी व्यक्ति का था या किसी और का। प्रथम दृष्टया मृतक बेसहारा प्रतीत हो रहा था।सहारा टीम ने शव को सहारा एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया, जहां उसे सुरक्षित रख दिया गया है। पुलिस अब मृतक की शिनाख्त के प्रयास कर रही है। थाना जीआरपी के गुरपाल सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान भूपिंदर सिंह (43) के रूप में हुई है, जो हुस्नर का रहने वाला था। गुरपाल सिंह के अनुसार, भूपिंदर सिंह डबवाली दवाई लेने गए थे, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा। परिवार के सदस्यों ने भी दिल का दौरा पड़ने की बात कही है। इस संबंध में धारा 194 बी एन एन एस के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के रिश्तेदारों ने प्लॉटिंग के लिए ससुरखदेरी नदी पाट दी। यही नहीं शत्रु संपत्ति पर भी कब्जा कर लिया। इनमें माफिया का चचेरा भाई और पत्नी का भाई शामिल हैं। सदर तहसील के लेखपाल महेश मिश्रा ने इस मामले में करेली थाने में चार लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। लेखपाल ने दी तहरीरलेखपाल ने करेली थाने में दी गई तहरीर में बताया, मेरे कार्यक्षेत्र कसारी-मसारी के ग्राम ऐनुद्दीनपुर में कई गाटे शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज हैं। इन जमीनों का वैध तरीके से विभाजन कराए बिना उन पर बड़े पैमाने पर मिट्टी डालकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है।तीन गाटा संख्या की भूमि शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आती है। इन भूखंडों पर मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया जा रहा है और प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही है। यह कार्य नियमों के विपरीत किया जा रहा है। ससुर खदेरी नदी को पाटने का भी आरोपसंबंधित लोग केवल शत्रु संपत्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ससुर खदेरी नदी में भी मिट्टी डलवा रहे हैं। इससे नदी का प्राकृतिक और भौतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है। यह बेहद गंभीर मामला माना है क्योंकि नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या भराव प्रतिबंधित है।अतीक के रिश्तेदारों के नाम भी शामिलतहरीर में अफजल, मोहम्मद राशिद उर्फ नीलू, जबी अहमद उर्फ जैकी तथा मोहम्मद असलम को नामजद किया गया है। नीलू माफिया अतीक अहमद का चचेरा भाई है, जबकि जबी अहमद उर्फ जैकी अतीक अहमद का साला है। करेली एसओ आशीष सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिकायत और राजस्व अभिलेखों के आधार पर मामले की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।बेखौफ हो कर कर रहे प्लॉटिंगइस मामले में आरोपी बनाया गया नीलू और जकी पहले भी कई मामलों में नामजद रहे चुके हैं। दोनों अतीक के ही एक अन्य रिश्तेदार के साथ मिलकर करेली धूमनगंज, पूरामुफ्ती में जगह-जगह अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं। खुद को एक विधायक का करीबी बताने वाला भूमाफिया भी उनके इस अवैध काम में पार्टनर है।
चित्रकूट में आठ साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास और कुल 32 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह सजा कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या का प्रयास करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सुनाई गई है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोतवाली कर्वी प्रभारी निरीक्षक दुर्गविजय सिंह, पैरोकार आरक्षी प्रशांत कुमार, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी उपनिरीक्षक प्रभुनाथ यादव और उनकी टीम ने मामले की लगातार निगरानी की। अपर शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। अदालत ने थाना कोतवाली कर्वी में दर्ज मुकदमा संख्या 501/2018 के आरोपी विनय कुमार सिंह और धीरेन्द्र सिंह, दोनों निवासी खोह, को दोषी मानते हुए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। मामले के अनुसार, 20 जुलाई 2018 को खोह निवासी कृष्णकांत पाण्डेय ने कोतवाली कर्वी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विनय कुमार सिंह और धीरेन्द्र सिंह ने उनके भाई शिवाकांत पर कुल्हाड़ी से हमला किया। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से वार किए, मारपीट की और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। तत्कालीन उपनिरीक्षक दयालदास ने विवेचना पूरी कर आरोपियों को 22 जुलाई 2018 को गिरफ्तार किया था। 19 अगस्त 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। पुलिस ने इसे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' की एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
बहराइच में पति ने दांत से काटी पत्नी की नाक:विवाद के बाद की मारपीट; जिला अस्पताल में महिला भर्ती
बहराइच के जरवल थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद पति ने अपनी पत्नी की नाक दांत से काट ली। घटना के बाद घायल महिला ने अपने मायके वालों को सूचना दी। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति पर मामला दर्ज कर लिया है। रसूलपुर गांव में अमर बहादुर परिवार के साथ रहते हैं। उनका पत्नी शुभांगी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि अमर बहादुर ने गुस्से में अपनी पत्नी शुभांगी की नाक दांत से काट दी। जिससे शुभांगी चीख पड़ीं। गंभीर रूप से घायल शुभांगी ने तत्काल मेरठ में रहने वाले अपने मायके वालों को घटना की जानकारी दी। उसे इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र मुस्तफाबाद ले जाया गया। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।जरवल थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया, पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद पति ने पत्नी पर हमला किया है। पुलिस ने घायल महिला के परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जा रही है।
मुज़फ़्फ़रनगर में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित गन्ना (नियंत्रण) आदेश-2026 वापस लेने के बाद गन्ना किसानों और किसान संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन में ड्राफ्ट शुगरकेन कंट्रोल ऑर्डर-2026 को वापस लेने की घोषणा की गई है। इस फैसले को किसानों की बड़ी जीत माना जा रहा है। निर्णय के बाद भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और इसे किसानों के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया। भाकियू (सेवक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनीत त्यागी ने कहा कि प्रस्तावित आदेश में यह प्रावधान था कि किसी भी चीनी मिल के 15 किलोमीटर के दायरे में नया कोल्हू या खांडसारी उद्योग स्थापित नहीं किया जा सकेगा। यदि यह नियम लागू हो जाता तो किसानों के सामने गन्ना बेचने के विकल्प सीमित हो जाते और उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती विनीत त्यागी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर चलने वाले कोल्हू और खांडसारी इकाइयां अक्सर चीनी मिलों की तुलना में 15 से 20 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मूल्य पर गन्ना खरीदती हैं। ऐसे में यह प्रस्ताव किसानों के हितों के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि किसानों और विभिन्न संगठनों के लगातार विरोध के बाद केंद्र सरकार ने किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ड्राफ्ट आदेश को वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने सभी किसानों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि किसान की कोई जाति या धर्म नहीं होता, किसान केवल किसान होता है। साथ ही उन्होंने मांग उठाई कि किसानों को उनकी संख्या के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी भी मिलनी चाहिए। भाकियू (सेवक) ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख चौधरी जयंत सिंह का आभार व्यक्त किया। संगठन का कहना है कि इस निर्णय से गन्ना उत्पादकों, कोल्हू संचालकों और खांडसारी उद्योग से जुड़े हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के रामानुजनगर स्थित प्राथमिक शाला में एक सहायक शिक्षक की लंबे समय से अनुपस्थिति के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जनदर्शन में शिकायत पहुंचने के बाद मामला सामने आया है, जिससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सहायक शिक्षक नीतेश कुमार पांडेय ने 3 अक्टूबर 2023 को विद्यालय में पदभार ग्रहण किया था। आरोप है कि वे 20 सितंबर 2024 से बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार अनुपस्थित हैं। इस दौरान उन्होंने न तो विद्यालय प्रबंधन को और न ही विभाग को अपनी अनुपस्थिति की कोई जानकारी दी। एक शिक्षक के भरोसे चल रही पूरी स्कूल व्यवस्था प्राथमिक शाला रामानुजनगर में करीब 30 छात्र अध्ययनरत हैं। विद्यालय में केवल दो शिक्षकों की पदस्थापना है। ऐसे में एक शिक्षक के लंबे समय से गायब रहने के कारण पूरे स्कूल का संचालन एकमात्र कार्यरत शिक्षक के भरोसे चल रहा है। स्थिति यह है कि एक ही शिक्षक को सभी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बीईओ ने जारी किया था नोटिस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने 30 दिसंबर 2024 को संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी किया था। नोटिस में उल्लेख किया गया था कि यदि कोई शासकीय सेवक एक माह या उससे अधिक समय तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहता है तो उसकी अनुपस्थिति को सेवा व्यवधान माना जाएगा। शिक्षक को सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण और मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही जवाब नहीं देने पर सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब विभागीय सूत्रों के अनुसार नोटिस जारी होने के कई महीने बाद भी शिक्षक की ओर से कोई जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं होने से शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। डीईओ को भेजी गई रिपोर्ट वर्तमान विकासखंड शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार पांडेय ने भी शिक्षक की लगातार अनुपस्थिति की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी है। इसके बाद भी कार्रवाई लंबित रहने से स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है। अभिभावकों ने उठाए सवाल ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला होने के बावजूद विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यार्थियों की पढ़ाई और अधिक प्रभावित होगी। जिला शिक्षा अधिकारी बोले- नियमानुसार होगी कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है। हालांकि लंबे समय से शिक्षक की अनुपस्थिति और कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर अब शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में है।
श्रावस्ती में भीषण गर्मी और संभावित हीटवेव के मद्देनजर आमजन को राहत पहुंचाने के लिए रेडक्रास सोसाइटी ने पहल की है। रेडक्रास अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में जिले में नि:शुल्क प्याऊ स्थापित किए जा रहे हैं। शनिवार को तहसील परिसर इकौना तथा सीताद्वार मोड़ पर दो नए प्याऊ का शुभारंभ किया गया। इन प्याऊ का संयुक्त रूप से उद्घाटन श्रावस्ती के विधायक रामफेरन पांडेय और जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने किया। इस अवसर पर विधायक और जिलाधिकारी ने स्वयं लोगों को गुड़ और शीतल जल वितरित कर जलसेवा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, अधिवक्ता, वादकारी, श्रद्धालु और राहगीर मौजूद रहे। इन प्याऊ से उन्हें स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। सीताद्वार मोड़ पर रेडक्रास सदस्य राजेश शुक्ला द्वारा वाटर कूलर की व्यवस्था कर प्याऊ संचालित किया जाएगा। वहीं, तहसील परिसर में सत्या द आर्यन स्कूल के सहयोग से नि:शुल्क पेयजल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। विधायक रामफेरन पांडेय ने बताया कि लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, वादकारियों, श्रद्धालुओं और राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए इन प्याऊ की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी इसी प्रकार की व्यवस्था की जाएगी। जिलाधिकारी एवं रेडक्रास अध्यक्ष अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले में हीटवेव की परिस्थितियां बन रही हैं और तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, ऐसे में लोगों को गर्मी से बचाने और उन्हें राहत पहुंचाने के उद्देश्य से रेडक्रास द्वारा महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर नि:शुल्क प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जरूरत के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नए प्याऊ स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन की इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है।
अयोध्या में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से संचालित वन जीपी वन बीसी योजना के अंतर्गत जनपद की 154 रिक्त ग्राम पंचायतों में बीसी सखी चयन के लिए आयोजित लिखित परीक्षा का सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन कराया गया। परीक्षा जनपद के सभी 11 विकास खंडों के सभागारों में एक साथ संपन्न हुई, जहां बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) सखी की नियुक्ति की जानी है, ताकि ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराई जा सकें। वर्तमान में जनपद की 154 ग्राम पंचायतों में यह पद रिक्त था, जिसके लिए पात्र अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया के तहत लिखित परीक्षा आयोजित की गई। वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएंगी उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विकास खंडों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। परीक्षा केंद्रों पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई थी, जिन्होंने परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। परीक्षा के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या शिकायत प्राप्त नहीं हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि लिखित परीक्षा के परिणाम एवं निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित ग्राम पंचायतों में बीसी सखी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। चयनित बीसी सखियां ग्रामीणों को बैंकिंग लेन-देन, धन निकासी, जमा, आधार आधारित भुगतान, सरकारी योजनाओं की धनराशि वितरण सहित विभिन्न वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। आर्थिक भागीदारी को मजबूत किया उन्होंने बताया कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, वहीं स्थानीय महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधाएं सुलभ हों और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत किया जा सके। परीक्षा के सफल आयोजन पर जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागी अभ्यर्थियों का आभार व्यक्त किया।
मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बेटीखेड़ी में शनिवार को राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने मोर का शिकार करने के आरोप में दो युवकों को पकड़ लिया और उन्हें डायल-112 पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के साथ मृत मोर को लेकर नाहरगढ़ थाने पहुंची, जबकि मामले की जांच के लिए वन विभाग को भी सूचना दे दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेटीखेड़ी क्षेत्र में मोर के शिकार की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने कथित रूप से शिकार करने वाले दो युवकों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने साथ लेकर नाहरगढ़ थाने पहुंची। मृत मोर को भी पुलिस द्वारा कब्जे में लिया गया है। वन विभाग करेगा मामले की विस्तृत जांचमामले को लेकर जिला वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) संजय रायखेरे ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मंदसौर से नाहरगढ़ के लिए रवाना कर दी गई है। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा मौके और परिस्थितियों की जांच किए जाने के बाद ही पूरे मामले के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल वन विभाग पूरे घटनाक्रम की तफ्तीश में जुटा हुआ है। आरोपियों के साथ मारपीट का वीडियो भी आया सामनेघटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपियों को पुलिस के हवाले किए जाने के दौरान कुछ लोग उन्हें लकड़ी और हाथ से मारता हुआ दिखाई दे रहें है। वीडियो में दोनों आरोपी पुलिस के निकट खड़े होकर हाथ जोड़ते हुए भी नजर आ रहे हैं। हालांकि मारपीट की इस घटना को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल दोनों आरोपी नाहरगढ़ थाने में मौजूद हैं। पुलिस और वन विभाग मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि जांच के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोहाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर-47 से भाजपा उम्मीदवार रहीं सुखदीप कौर ने चुनाव परिणामों को लेकर प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार परमिंदर कौर के मुकाबले महज एक वोट से पराजित घोषित किया गया, लेकिन मतगणना प्रक्रिया के दौरान उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। सुखदीप कौर ने आरोप लगाया कि 29 मई को हुई मतगणना में कुल 1624 वोटों में से उन्हें 424 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार परमिंदर कौर को 425 वोट प्राप्त हुए। इसके बाद उन्हें एक वोट से पराजित घोषित कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर समक्ष दर्ज कराई आपत्ति भाजपा उम्मीदवार का कहना है कि उन्होंने मतगणना को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर (एसडीएम) दमनदीप कौर, शमिंदर सिंह और अन्य अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुनर्गणना और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए तो पुलिस की मदद से उन्हें मतगणना केंद्र से बाहर करवा दिया गया। सुखदीप कौर ने कहा कि उन्होंने मौके पर विरोध दर्ज कराया और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे चुनाव के दौरान प्रशासन और पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई। सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप सुखदीप कौर ने आरोप लगाया कि चुनाव में सत्ताधारी दल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस बल का पूरा सहयोग लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि विजेता उम्मीदवार को जारी किए गए जीत प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में भी कई अनियमितताएं हुईं। उनके अनुसार, संबंधित दस्तावेजों में आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दोबारा चुनाव कराने की मांग भाजपा उम्मीदवार ने मांग की है कि वार्ड नंबर-47 में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा चुनाव करवाया जाए, ताकि मतदाताओं की वास्तविक राय सामने आ सके और सही उम्मीदवार का चयन हो सके।
चित्रकूट साइबर सेल ने फर्जी शेयर निवेश और नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ठगी के 17 पीड़ितों को राहत दिलाई है। सेल ने कुल 3 लाख 90 हजार 870 रुपए की ठगी गई रकम उनके खातों में वापस कराई है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण में साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों पर काम कर रही है। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार राय और उनकी टीम ने शिकायतों की जांच कर संबंधित बैंकों और एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया, जिसके बाद यह रकम वापस कराई जा सकी। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को फर्जी शेयर निवेश में अधिक मुनाफे का लालच दिया था। इसके अलावा, मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर और घर बैठे रोजगार दिलाने के नाम पर भी लोगों से ठगी की गई थी। पीड़ितों ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। साइबर सेल ने आम जनता को चेतावनी दी है कि इन दिनों ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से फर्जी एपीके फाइलें भेज रहे हैं। ये फाइलें आरटीओ चालान, एम-परिवहन, योनो एसबीआई जैसे विभिन्न नामों से भेजी जाती हैं। इन्हें डाउनलोड करते ही मोबाइल में मालवेयर सक्रिय हो जाता है, जिससे फोटो, कॉन्टैक्ट, मैसेज, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी चोरी हो सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने और सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने ऑफर के झांसे में आने से बचने की सलाह दी गई है। घर बैठे रोजगार, ऑनलाइन निवेश और सस्ते सामान के नाम पर मांगे जाने वाले एडवांस भुगतान से भी सावधान रहने को कहा गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित कराया जा सके।
आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक का उठाया मुद्दा सपा नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है। डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। इसके साथ ही नीट समेत विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया गया। आरक्षण और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्ग और दलितों के आरक्षण के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। साथ ही धर्म और जाति के आधार पर लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाने, कथित फेक एनकाउंटर, महिलाओं पर अत्याचार और बढ़ते अपराधों को लेकर भी चिंता जताई गई। लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप ज्ञापन में सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत कार्य कर रही हैं। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। 'पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों पर बढ़ रहा उत्पीड़न' सपा पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में पिछड़े वर्ग, दलितों और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने तहसील, थाना और अन्य सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि आम लोगों को न्याय पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा और सामाजिक सौहार्द का भी उठाया मुद्दा पार्टी नेताओं ने कहा कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक सौहार्द को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ये नेता रहे मौजूद प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक डॉ. संग्राम यादव, नफीस अहमद, कमलाकांत राजभर, डॉ. एच.एन. सिंह पटेल, एमएलसी शाह आलम गुड्डू जमाली, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव, राकेश कुमार यादव गुड्डू, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अररिया सदर अस्पताल परिसर में शनिवार को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम तम्बाकू और निकोटीन की लत का मुकाबला करने की अपील को उजागर करें के तहत लोगों को तम्बाकू एवं निकोटीन उत्पादों के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. केके कश्यप, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जमील अहमद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संतोष कुमार, डीपीसी राकेश कुमार, कैंसर स्क्रीनिंग टीम की डॉ. साइना एवं डॉ. मैत्रेयी, पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर संजय कुमार झा और राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के मनोवैज्ञानिक शुभम कुमार सहित कई स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि तम्बाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़ों की बीमारियों और मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण है। उन्होंने इसके सेवन से होने वाले विभिन्न स्वास्थ्य जोखिमों पर प्रकाश डाला। युवा पीढ़ी में ई-सिगरेट का चलन बढ़ा सिविल सर्जन डॉ. केके कश्यप ने कहा, तम्बाकू न सिर्फ व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। युवा पीढ़ी में ई-सिगरेट और निकोटीन युक्त वेब पाउच के बढ़ते उपयोग को देखते हुए हमें अब और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान एक जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। रैली के बाद अस्पताल परिसर में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से तम्बाकू मुक्त जीवन अपनाने, परिवार एवं समाज को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराने और युवाओं को नशे की लत से दूर रखने का संकल्प लिया। लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं मनोवैज्ञानिक शुभम कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ई-सिगरेट को सुरक्षित विकल्प समझना एक बड़ी भूल है। यह भी निकोटीन की लत का कारण बनता है और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है। जिला स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तम्बाकू नियंत्रण को मजबूत करना और लोगों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। उपस्थित नागरिकों ने सरकार की तम्बाकू नियंत्रण नीतियों का समर्थन करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नूंह जिले में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के दो वर्ष पुराने मामले में नूंह की स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने दोषी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और सात हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी को पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया था कि 16 जुलाई 2024 को दोपहर करीब दो बजे उसके परिवार के सदस्य नए मकान पर थे। उसकी करीब 16 वर्षीय बेटी पुराने मकान से कपड़े लेने गई थी। पुराने मकान के पास ही आरोपी की दुकान थी। पहले ही घर में घुसकर बैठा आरोपी आरोप है कि दुकान में लगे कैमरे से आरोपी ने लड़की को अकेले आते देख लिया और पहले से ही घर के अंदर घुस गया। जैसे ही नाबालिग लड़की घर पहुंची, आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। पीड़िता ने विरोध किया और शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने रोते हुए अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। शिकायत करने पर पिता से मारपीट इसके बाद पीड़िता के पिता आरोपी की दुकान पर शिकायत करने पहुंचे, जहां आरोपी ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामला कोर्ट में विचाराधीन रहा। शनिवार को नूंह की स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. आसू संजीव तिंजन ने आरोपी मुशर्रफ परवेज को दोषी करार दिया। उन्हें तीन वर्ष के कठोर कारावास और सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
टीकमगढ़ के पीएम श्री पीजी कॉलेज में शनिवार को समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई। कानूनविद् अनूप नायर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समिति ने समाज के विभिन्न वर्गों, विधि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में समान कानून लागू करने से पहले आम जनता और संगठनों के विचार जानना था। SC-ST एक्ट के दुरुपयोग पर जिपं अध्यक्ष ने जताई चिंता बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता सिंह और भाजपा जिला अध्यक्ष सरोज राजपूत ने एससी-एसटी एक्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने समिति से सवाल किया कि क्या समान नागरिक संहिता में इस एक्ट को भी शामिल किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि वर्तमान में इस कानून का दुरुपयोग बढ़ रहा है, जिस पर विचार करना आवश्यक है। विधायक बोले- समानता आने तक खत्म न हो आरक्षण जतारा विधायक हरिशंकर खटीक ने सामाजिक समानता पर जोर देते हुए कहा कि आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक सभी वर्गों का जीवन स्तर एक जैसा न हो जाए। वहीं, कोऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश में UCC लागू करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कानूनों में मौजूद मौजूदा विसंगतियों को दूर करने के लिए यह एक जरूरी कदम है। विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर आए सुझाव समिति सदस्य अनूप नायर ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनपरामर्श कर सुझाव जुटाए जा रहे हैं। बैठक में मौजूद नागरिकों और न्यायविदों ने विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे पारिवारिक कानूनों पर अपनी राय दी। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय और एसपी मनोहर सिंह मंडलोई की मौजूदगी में दर्ज किए गए इन सुझावों को समिति अपनी रिपोर्ट में शामिल कर शासन को सौंपेगी।
रायपुर के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक युवक की चाकू मारकर हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ कर दी और बाहर खड़ी गाड़ी में आग लगा दी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, सतनामी मोहल्ला निवासी तोषक भारती की आपसी विवाद के बाद चाकू मारकर हत्या कर दी गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर पर हमला कर तोड़फोड़ की। वहीं घर के बाहर खड़ी गाड़ी में आग लगा दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बीते दो दिनों में मंदिर हसौद इलाके में हत्या की यह दूसरी घटना है, जिससे इलाके में दहशत और नाराजगी का माहौल है। मंदिर हसौद थाना पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस हत्या के पीछे आपसी रंजिश और विवाद के एंगल से जांच कर रही है।8 दिन पहले युवक की हत्या कर रेत में दफनाया था शव इसी मंदिर हसौद इलाके में 22 मई को लापता हुए भुवनेश्वर यादव हत्याकांड का खुलासा भी हाल ही में हुआ था। मामले में महासमुंद पुलिस ने निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि शराब भट्ठी के पास पानी को लेकर विवाद और गाली-गलौज के बाद भुवनेश्वर यादव की हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने शव को कार में ले जाकर महासमुंद के महानदी किनारे रेत में दफना दिया था। बाद में पुलिस ने खुदाई कर शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में नोहर रात्रे, अमित सिंह राजपूत और हेमचंद बंजारे को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। लगातार सामने आ रही हत्या की घटनाओं के बाद मंदिर हसौद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बलरामपुर के सदर तहसील सभागार में जिला युवा बार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने न्याय और जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। समारोह की शुरुआत शपथ ग्रहण से हुई। विशेष सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) अवधेश कुमार ने अध्यक्ष और महामंत्री को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूप कुमार पांडे ने अन्य निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण कराई। नवनिर्वाचित अध्यक्ष मृगेंद्र उपाध्याय और महामंत्री श्याम सुंदर मिश्र सहित अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान जयनारायण पांडे ने सभी पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार श्रीवास्तव ने बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित व्यक्ति न्याय की उम्मीद लेकर अधिवक्ताओं के पास आता है, इसलिए अधिवक्ताओं का दायित्व है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें। वरिष्ठ अधिवक्ता रवीन्द्र यादव ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा नेतृत्व अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। अपने आशीर्वचन में महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अधिवक्ताओं का कार्य केवल मुकदमों की पैरवी तक सीमित नहीं है। उन्हें पीड़ित और वंचित लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में ईमानदारी से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से निष्पक्षता, सेवा और समर्पण की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। समारोह के अंत में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार मिश्रा ने सभी विजयी पदाधिकारियों को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर जिला बार संघ के अध्यक्ष मुर्तुजा हुसैन, महामंत्री संजय तिवारी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा थाने में एक वाटरपार्क के संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 16 मई को यहां टोंक के अलीगढ़ का रहने वाला एक युवक हादसे का शिकार हो गया था। उसका इलाज 15 दिन से जयपुर के SMS हॉस्पिटल में चल रहा है। युवक वेंटिलेटर पर जिंदगी के लिए जंग कर रहा है। शुक्रवार को युवक के परिजन चौथ का बरवाड़ा थाने पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। युवक के चाचा ने संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दोस्तों के साथ नहाने गया था जानकारी के अनुसार- अलीगढ़ क्षेत्र के कोहल्या गांव का रहने वाला विजय मीना (24) पुत्र मुनीम 16 मई को अपने दोस्तों अविनाश, रामभरोस मीना निवासी बिलोता के साथ चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) स्थित शिव शक्ति वाटरपार्क में नहाने गए थे। आरोप है कि वाटरपार्क रूल्स और पैरामीटर पर खरा नहीं है। यहां स्लिपिंग स्लाइड नियमनुसार नहीं हैं। स्लिपिंग स्लाइड की ढलान ठीक नहीं है और सेफ्टी रेलिंग भी नहीं लगी है। वाटर पार्क का स्टाफ ट्रेंड नहीं है। न ही कोई सुरक्षा मानक हैं। हादसे के बाद भी संचालक ने घायल की सुध नहीं ली। चाचा ने दी थाने में रिपोर्ट शुक्रवार को विजय के चाचा रामकल्याण मीणा ने चौथ का बरवाड़ा थाने में संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार को विजय के परिजन और ग्रामीण चौथ का बरवाड़ा थाने पहुंचे और प्रदर्शन किया। रामकल्याण ने बताया- वाटरपार्क की खामियों के कारण विजय स्लिपिंग स्लाइड से फिसल गया था। उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई और वो बेहोश हो गया था। अगर ढलान सुरक्षा मानकों के अनुसार होती तो भतीजा घायल नहीं होता। फिसलकर गिरने के बाद विजय के फेफड़ों में केमिकल युक्त पानी भर गया। उसे समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया। इससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। दोस्तों ने बुलाई थी एंबुलेंस रामकल्याण ने बताया- वाटरपार्क संचालक ने संवेदना नहीं दिखाई। विजय के दोस्तों ने ही एम्बुलेंस बुलाई और अस्पताल ले गए। जहां से हालात गंभीर होने से उसे जयपुर रेफर कर दिया।
देवरिया जिले के लार स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का उपजिलाधिकारी दिशा श्रीवास्तव ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) में हिस्सा लिया और छात्राओं व उनके अभिभावकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। एसडीएम ने छात्राओं के साथ भोजन भी किया। उपजिलाधिकारी ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं को लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही घर ले जाएं, ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाएं विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे सीधे विद्यालय प्रशासन या शिक्षा विभाग से संपर्क कर सकते हैं, ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने विद्यालय परिसर का भी जायजा लिया। उन्होंने कायाकल्प योजना के तहत परिसर में इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी और जूनियर इंजीनियर को विद्यालय में कराए गए कार्यों के खर्च से संबंधित बिलों का सत्यापन करने के भी निर्देश दिए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। निरीक्षण के उपरांत, एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया। उनके इस आत्मीय व्यवहार से छात्राओं में उत्साह देखा गया। छात्राओं ने उनसे बातचीत की, हाथ मिलाया और स्नेह व्यक्त किया। उपजिलाधिकारी के विद्यालय से विदा होने के दौरान कई छात्राएं भावुक भी हो गईं। इस अवसर पर वार्डेन अर्चना सिंह, पूनम यादव, मृत्युंजय सिंह, गणेश पांडेय, संजीव पांडेय सहित विद्यालय के अन्य कर्मचारी और अभिभावक उपस्थित थे।
फाजिल्का के कैलाश नगर में घर में लगी आग:बुजुर्ग महिला अकेली थीं मौजूद, लाखों रुपए का सामान जला
फाजिल्का के कैलाश नगर की गली नंबर-4 स्थित एक मकान में शनिवार दोपहर अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय घर में एक बुजुर्ग महिला अकेली मौजूद थीं। घर से धुआं और आग की ऊंची लपटें निकलती देख आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और राहत कार्य शुरू करते हुए फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई किए जाने से आग को आसपास के मकानों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग की वजह से घर में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। मकान मालिक बोले- मैं बैंक गया था मकान मालिक आशू गांधी ने बताया कि वह किसी जरूरी काम से बैंक गए हुए थे, जबकि उनकी माता घर पर अकेली थीं। इसी दौरान अचानक घर में आग लग गई। उन्होंने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। आग की घटना में घर का एसी, बैड, अलमारी, फर्नीचर, कपड़े और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। इससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय लोगों के अनुसार आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची, तब तक आग काफी फैल चुकी थी। लगातार प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
धार के नौगांव थाना क्षेत्र में तीन साल पुराने जमीन सौदे में धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। सादलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कलसाड़ा बुजुर्ग निवासी किसान श्यामसिंह राजपूत की शिकायत पर नौगांव निवासी भारतसिंह ठाकुर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। किसान ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने बेहतर कृषि भूमि दिलाने का झांसा देकर उनसे 89 लाख रुपए लिए, लेकिन न तो पूरी जमीन की रजिस्ट्री कराई और न ही राशि लौटाई। नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत ने शनिवार बताया कि शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पारिवारिक संबंधों और आपसी विश्वास का हवाला देते हुए फरियादी को दूसरी जगह अच्छी कृषि भूमि दिलाने का भरोसा दिया था। इसी विश्वास में आकर फरियादी ने अपनी करीब 7 बीघा कृषि भूमि बेच दी थी। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी के खाते में 22 अगस्त 2023 को 6 लाख रुपए, 6 सितंबर 2023 को 20 लाख रुपए और 18 सितंबर 2023 को 34 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। इस तरह, बैंकिंग माध्यम से कुल 60 लाख रुपए दिए गए। नकद राशि को मिलाकर कुल लेनदेन लगभग 89 लाख रुपए बताया गया है। बहाने बनाकर टाल रहा थाफरियादी का आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने कुछ जमीन की रजिस्ट्री तो करा दी, लेकिन शेष भूमि की रजिस्ट्री नहीं कराई। बाद में वह विभिन्न बहाने बनाकर समय टालता रहा। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि 18 दिसंबर 2024 को एक इकरारनामा तैयार किया गया था, जिसमें 18 नवंबर 2025 तक 89 लाख रुपए लौटाने या वैकल्पिक रूप से भूमि की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो राशि लौटाई गई और न ही पूरी जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। रुपए मांगने पर आरोपी द्वारा धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है। नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत ने शनिवार को बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक स्टेटमेंट और शिकायत के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 318 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
31 मई 1857 को हुए 'ऐलान-ए-मुकम्मल आज़ादी' की 169वीं वर्षगांठ के अवसर पर चकरनगर स्थित क्रांतिकारी राजा निरंजन सिंह चौहान की ऐतिहासिक राजगढ़ी में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। चंबल फाउंडेशन परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 1857 की जनक्रांति के ज्ञात और अज्ञात शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस अवसर पर चंबल क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। चंबल फाउंडेशन के अनुसार, 31 मई 1857 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की एक महत्वपूर्ण तिथि है, जब किसानों, राजाओं और आम जनता के संयुक्त संघर्ष ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को खुली चुनौती दी थी। संगठन ने बताया कि 1857 की क्रांति के दौरान पूरा चंबल अंचल क्रांतिकारी राजा निरंजन सिंह चौहान के नेतृत्व में अंग्रेजी शासन के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हुआ था। इसी ऐतिहासिक विरासत को स्मरण करते हुए यह आयोजन किया जा रहा है। राजगढ़ी परिसर में आयोजित 'चंबल मिशन' कार्यक्रम रविवार सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इसमें सबसे पहले 1857 के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद पिछले दो महीनों से चलाए जा रहे 'चंबल मिशन' अभियान की समीक्षा की जाएगी तथा भविष्य की रणनीति और विभिन्न योजनाओं पर विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम में क्षेत्र के इतिहासकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी अपेक्षित है। इस अवसर पर चंबल फाउंडेशन परिवार अपनी 14 सूत्रीय मांगों को भी सरकार के समक्ष रखेगा। इन मांगों में चंबल शौर्य स्मारक का निर्माण, चंबल केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना, स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर संस्थानों का नामकरण, क्रांतिवीरों पर पुस्तक और डॉक्यूमेंट्री तैयार कराना, शैक्षिक पाठ्यक्रम में उनके योगदान को शामिल करना, पर्यटन विकास को बढ़ावा देना, स्मारक डाक टिकट जारी करना तथा सेनानी परिवारों को सम्मान और सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है। संगठन ने केंद्र और प्रदेश सरकार से चंबल क्षेत्र के गुमनाम क्रांतिकारियों को उचित सम्मान देने तथा चंबल को अपराध नहीं बल्कि क्रांति, बलिदान और शौर्य की भूमि के रूप में पहचान दिलाने की मांग की है। साथ ही आम नागरिकों से कार्यक्रम में पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि देने की अपील की गई है।
जामताड़ा के मिहिजाम थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की के अपहरण के एक मामले का खुलासा करते हुए पोक्सो एक्ट के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर धनबाद निवासी गणेश गोराय (19) को गिरफ्तार किया और नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने मिहिजाम थाना क्षेत्र के बोदमा गांव की 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रेमजाल में फंसाया था। इसके बाद वह उसे बहला-फुसलाकर घर से ले गया। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पीड़ित पिता ने मिहिजाम थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 23/26 दर्ज किया। एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना की मदद से पुलिस ने धनबाद के कालू बाथन क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर नाबालिग को बरामद कर लिया। मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने युवाओं से सोशल मीडिया के उपयोग में सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यमों पर किसी के बहकावे में आकर उठाया गया गलत कदम गंभीर परिणाम ला सकता है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पोक्सो जैसे मामलों में कानून बेहद सख्त है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नाबालिग की चिकित्सीय जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
समस्तीपुर में दंपती की पिटाई, पड़ोसी पर हमले का आरोप:घायल बोला- तीन फीट रास्ते को लेकर अटैक हुआ
समस्तीपुर में पति-पत्नी पर हमला हुआ है। घायलों का जमीन और 3 फीट रास्ते के विवाद में हिंसा हुई है। घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अजना गांव की है। इस हमले में दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि रास्ते को लेकर चल रहे पुराने विवाद में पड़ोसी ने पति-पत्नी पर हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान अजना वार्ड संख्या-9 निवासी स्वर्गीय रामाश्रय दास के 44 साल के बेटे संतोष दास और उनकी 34 साल की पत्नी बुलंती देवी के रूप में की गई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तैनात डॉक्टर निशांत कुमार की देखरेख में दोनों घायलों का इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर ने बताया कि दोनों को अंदरूनी चोटें आई हैं और उनकी चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पड़ोसी से है रास्ते का विवाद घायल संतोष दास ने बताया कि उनकी निजी जमीन पर लगभग तीन फीट चौड़ा रास्ता है, जिसका उपयोग वह साल 2006 से करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, पड़ोसी शत्रुघ्न दास लंबे समय से इस रास्ते को लेकर विवाद कर रहा था। संतोष दास ने बताया कि बुलंती देवी दुकान से लौट रही थीं, तभी रास्ते में विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान उनकी पत्नी के साथ मारपीट की गई। पत्नी को बचाने पहुंचे संतोष दास को भी लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया गया। संतोष दास गांव में रहकर खेती-बाड़ी का काम करते हैं और उनके तीन बच्चे हैं। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना नगर थाना पुलिस को दे दी। नगर थाना अध्यक्ष ने बताया कि मारपीट की सूचना मिली हुई है। घायलों का बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को अस्पताल भेजा जा रहा है। पीड़ितों का बयान दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत में कंपनी के केबिन से दो AC चोरी:शीशा तोड़कर घुसे चोर, स्टेबलाइजर और मार्बल टेबल भी ले गए
सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित महादेव इंडस्ट्रियल टाउनशिप (M.I.T) की एक निर्माण साइट पर चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने साइट के मुख्य द्वार पर बने केबिन का शीशा तोड़कर दो एसी यूनिट, वोल्टेज स्टेबलाइजर और मार्बल की टेबल चुरा लीं। खरखौदा थाना पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रोहतक के सुंडाना गांव निवासी साइट इंजीनियर संजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साइट के मुख्य गेट पर सुरक्षा के लिए करीब 10 दिन पहले केबिन स्थापित किए गए थे। 29 मई 2026 की सुबह लगभग 7 बजे जब वे साइट पर पहुंचे, तो उन्होंने केबिन का शीशे का दरवाजा टूटा हुआ पाया। अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। साइट इंजीनियर ने की तलाश, नहीं लगा सुराग इंजीनियर संजीत के अनुसार, चोरों ने 27 और 28 मई की दरमियानी रात को इस वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने केबिन से ओ जनरल कंपनी की दो स्प्लिट एसी आउटडोर यूनिट (जो केबिन के ऊपर रखी थीं), केबिन के अंदर लगी दो एसी इनडोर यूनिट, दो वोल्टेज स्टेबलाइजर और मार्बल की दो टेबल चुरा लीं। चोरी का पता चलने के बाद, संजीत कुमार ने अपने स्तर पर साइट के आसपास और मजदूरों से पूछताछ की। हालांकि, कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी। खरखौदा थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना अधिकारी ने बताया कि चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए इंडस्ट्रियल टाउनशिप के मुख्य गेट और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:2 साल पहले हुई थी शादी, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
दिबियापुर के भटपुरा गांव में शनिवार को एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों द्वारा उसे चिचौली अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।अस्पताल से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला के परिजनों ने बताया कि उसकी मौत बीमारी के कारण हुई है। मृतका की पहचान ककोर क्षेत्र के भटपुरा निवासी सोनू उर्फ ब्रह्हेश की 40 वर्षीय पत्नी रजनी के रूप में हुई है। उसकी शादी दो साल पहले ही हुई थी। परिजनों के अनुसार, रजनी कुछ समय से बीमार चल रही थी। कोतवाली दिबियापुर के प्रभारी निरीक्षक पंकज मिश्रा ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
श्री सिंधी सेंट्रल पंचायत सोसायटी रजिस्टर्ड, ब्यावर द्वारा आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में झूलेलाल वॉरियर्स ने फाइनल मुकाबले में सिंधी ब्लास्टर को हराकर खिताब अपने नाम किया। कुल 14 टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। फाइनल मैच झूलेलाल वॉरियर्स और सिंधी ब्लास्टर के बीच खेला गया। सिंधी ब्लास्टर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 6 ओवर में 77 रन बनाए और झूलेलाल वॉरियर्स के सामने 78 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में, झूलेलाल वॉरियर्स ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मात्र 4 ओवर में जीत हासिल कर ली। प्रतियोगिता में विशाल को 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया। भावेश को 'बेस्ट बैट्समैन' और मनीष को 'बेस्ट बॉलर' के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विजेता टीम झूलेलाल वॉरियर्स को 5100 रुपए नकद और एक ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता सिंधी ब्लास्टर को 3100 रुपए नकद और ट्रॉफी मिली। समापन समारोह में समाज के गणमान्य नागरिकों और पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर आसनदास वासवानी, रमेश आलवानी, दीपक रामचंदानी, नरेश रामचंदानी, सुनील मोतियानी, जैकी तिलोकानी, दीपेश भोजवानी, चंदू मुरझानी और महेश पारवानी सहित कई समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सागर जैसवानी, भूपेश गंगवानी और यश गोकलानी ने किया। अंत में, सोसायटी के अध्यक्ष प्रेम मंगलानी ने सभी खिलाड़ियों, आयोजकों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए प्रतियोगिता की सफलता पर प्रसन्नता जताई।
बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित बारीजोत गांव में छह दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण परेशान हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नगर विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल बिजली बहाल करने की मांग की। गांव की करीब 500 की आबादी लगातार छह दिनों से अंधेरे में है। ग्रामीणों ने बताया कि छह दिन पहले आई तेज आंधी के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी, जिसके बाद से गांव में बिजली नहीं आई है। भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घरों में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है, वहीं बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। अधिकारियों की कथित उदासीनता के कारण उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना है कि छह दिनों से अंधेरे में रहना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेने और बारिजोत गांव में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करने की मांग की है।
बाड़े से निकालकर 3 शावक खुले वन में छोड़े:इनमें दो नर और एक मादा, उम्र लगभग 13 महीने
कूनो नेशनल पार्क में चीता परियोजना के तहत शनिवार को मादा चीता निर्वा और उसके तीन शावकों को बाड़े से निकालकर खुले जंगल में छोड़ दिया गया। इस नई बढ़त के साथ अब कूनो के खुले वन क्षेत्र में घूमने वाले चीतों की कुल संख्या 20 हो गई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निर्वा के साथ छोड़े गए तीनों शावकों में दो नर और एक मादा हैं, जिनकी उम्र लगभग 13 महीने है। इन सभी को पालपुर ईस्ट रेंज के आहेरा पर्यटन क्षेत्र में रिलीज किया गया है। इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा अधिकारियों का मानना है कि चार नए चीतों के खुले जंगल में आने से यहां आने वाले पर्यटकों का उत्साह बढ़ेगा। प्राकृतिक माहौल में चीतों को देखने के बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे न केवल वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता आएगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। सुरक्षा और कड़ी निगरानी जंगल में छोड़े जाने के बाद भी इन चीतों की सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अत्याधुनिक रेडियो टेलीमेट्री सिस्टम और वन विभाग की समर्पित टीमें चौबीसों घंटे इनकी निगरानी करेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चीते नए वातावरण में सुरक्षित रहें और खुद को ढाल सकें। परियोजना की बड़ी सफलता चीता परियोजना के फील्ड डायरेक्टर (APCCF) ने बताया कि वर्तमान में सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और जंगल के माहौल में तालमेल बिठा रहे हैं। उन्होंने इस कदम को परियोजना की एक बड़ी उपलब्धि बताया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूनो नेशनल पार्क की पहचान और मजबूत होगी।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुरा गांव में शनिवार सुबह घर से शौच जाने की बात कहकर निकले एक बुजुर्ग का शव गांव के तालाब में मिला। तालाब किनारे पड़े साफा, जूते और कपड़ों ने पहले ग्रामीणों की चिंता बढ़ाई। ग्रामीण पानी में उतरकर बुजुर्ग को तलाशते रहे। शव की पहचान गंगाराम वर्मा (66) निवासी मोतीपुरा के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक वे सुबह करीब 6 बजे घर से शौच जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। इसी दौरान तालाब के पास बकरी चरा रहे एक युवक की नजर किनारे रखे साफा, जूते और कपड़ों पर पड़ी। उसने आसपास देखा, लेकिन तालाब में कोई दिखाई नहीं दिया। शक होने पर युवक ने गांव में सूचना दी। कुछ ही देर में परिजन और ग्रामीण तालाब पर पहुंच गए। गांव के कई लोग बिना देर किए तालाब में उतर गए और बुजुर्ग की तलाश शुरू कर दी। घटना की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। परिवार की महिलाएं रोते-बिलखते तालाब किनारे बैठी रहीं। माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद खिलचीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक चले सर्च के बाद बुजुर्ग का शव तालाब के अंदर गहरे पानी से मिला। ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि गंगाराम वर्मा शौच के बाद तालाब में नहाने उतरे होंगे और गहरे पानी में चले जाने से डूब गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खिलचीपुर अस्पताल भिजवाया। दोपहर करीब 1 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कन्नौज जिला अस्पताल के सीएमएस ने कार्यालय में बैठकर गुटखा खाया तो तम्बाकू नियंत्रण विभाग ने एक्शन ले लिया। सीएमएस को 200 रुपये जुर्माना का चालान थमा दिया गया। विभाग के इस एक्शन को लेकर अब चर्चाएं हो रही है। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर अशोक प्रियदर्शी को इसी महीने के शुरुआत में अस्पताल अधीक्षक का चार्ज मिला। महीने के अंत में जिला अस्पताल के कार्यालय में सरकारी कुर्सी पर बैठकर गुटखा खाने लग गए। जिसका किसी ने वीडियो बना लिया था। वीडियो सामने आने पर राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर केपी त्रिपाठी ने एक्शन ले लिया। उन्होंने सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी पर 200 रुपये का जुर्माना लगाते हुए गुटखा अधिनियम के तहत चालान काट दिया। उन्होंने चालान की रशीद भी सीएमएस अशोक प्रियदर्शी को थमा दी। इन मामले को लेकर सीएमएस से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया। तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के डॉक्टर रवि ने बताया कि गुटखा खाने के मामले में सीएमएस पर 200 रुपए का चालान विभाग ने किया है।
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने एक दिन में 15 ऑपरेशन कर नई उपलब्धि हासिल की है। इनमें दूरबीन तकनीक के जरिए पित्त की थैली निकालने (लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी) जैसी जटिल सर्जरी शामिल रही। अस्पताल प्रशासन ने इसे एक उपलब्धि बताया है और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में शामिल कराने के प्रयास शुरू कर दिए है। डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और टीमवर्क के चलते यह संभव हो पाया। मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क किए गए सभी ऑपरेशन प्रिसिंपल डॉ. अनिल सामरिया, अस्पताल अधीक्षक (एमएस) डॉ. अरविंद खरे ने बताया कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। ये उच्च तकनीकी दक्षता, उत्कृष्ट समन्वय और अनुभवी टीम से संभव हो पाया है। सभी ऑपरेशन मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत अत्यंत आधुनिक उपकरणों से निशुल्क किए गए। टीम की मेहनत, समर्पण और मरीजों के विश्वास का परिणाम डॉ. शिवकुमार बुनकर ने बताया कि यह उपलब्धि पूरी टीम की सामूहिक मेहनत, समर्पण और मरीजों के विश्वास का परिणाम है। आधुनिक दूरबीन तकनीक से मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ लाभ मिलता है। वरिष्ठ सर्जन डॉ. श्याम भूतड़ा के मार्गदर्शन में डॉ. शिवकुमार बुनकर, डॉ.नरेश एवं उनकी टीम, सर्जिकल टीम में डॉ. हितेश, डॉ. मेरुल, डॉ. आशुतोष, डॉ. पारस तथा डॉ. कौशल, एनेस्थीसिया टीम में डॉ. अरविंद खरे, डॉ. पूजा माथुर, डॉ. रतन एवं डॉ. प्रदीप, डॉ. शशिबाला, ओटी स्टाफ टीम में गीता सिस्टर एवं प्रदीप सिस्टर सहित समस्त नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। ……….. पढें ये खबर भी…. रजिस्ट्रेशन के बाद भी कैंडिडेट्स को नहीं मिल रही फ्री-यात्रा:रोडवेज की नई व्यवस्था ने बढ़ाई परेशानी, कोचिंग से जाने पर देना पड़ रहा किराया रोडवेज की नई व्यवस्था के कारण एग्जाम देने आने वाले कई कैंडिडेट्स के लिए परेशानी हो गई है। रोडवेज ने अभ्यर्थियों के लिए कोचिंग व तैयारी स्थल से फ्री यात्रा की सुविधा दी है, लेकिन रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी स्टूडेंट्स को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में उनको टिकट लेकर यात्रा करनी पड़ रही है। (पूरी खबर पढें)
शामली की कांधला थाना पुलिस ने हरियाणा से तस्करी कर मिलावटी डीजल-पेट्रोल बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि पेट्रोल पंप संचालक सहित तीन अन्य फरार हैं। यह गिरोह हरियाणा से 70 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से डीजल-पेट्रोल खरीदकर यहां 100 रुपये प्रति लीटर में बेचता था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला शामली के कैराना कोतवाली क्षेत्र के कस्बा कैराना स्थित कांधला-कैराना मार्ग पर बने स्टार फिलिंग पेट्रोल पंप से जुड़ा है। यहां हरियाणा से ड्रमों में भरकर मिलावटी डीजल और पेट्रोल लाया जाता था। पुलिस को मिली सटीक सूचना के आधार पर कांधला थाना पुलिस ने घेराबंदी की और कांधला व कैराना के पूर्ति निरीक्षकों को मौके पर बुलाकर जांच कराई। जांच में तेल मिलावटी होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से कुल 1350 लीटर मिलावटी डीजल और पेट्रोल बरामद किया है। इसमें स्टार फिलिंग स्टेशन, कैराना से 600 लीटर मिलावटी तेल मिला। इसके अतिरिक्त, छह बड़े बैरल से 1200 लीटर और दो छोटी कैन से 150 लीटर तेल जब्त किया गया। पुलिस ने तेल निकालने वाली हाथ से चलने वाली मशीन, कीप, प्लास्टिक के पाइप और एक सफेद रंग की पिकअप गाड़ी (यूपी 14 एसटी 1319) भी बरामद की है। इस मामले में खाद्य पूर्ति विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, क्योंकि यह पेट्रोल पंप खुलेआम संचालित हो रहा था। पुलिस ने मौके से राहुल पुत्र रामकुमार निवासी धनोरा थाना बिनौली जनपद बागपत,राजन पुत्र उदयवीर निवासी गांव दुलेरा थाना शाहपुर मुजफ्फरनगर, अशोक पुत्र रामपाल निवासी जगदीशपुर थाना राय जनपद सोनीपत हरियाणा, और पेट्रोल पंप के मैनेजर मुजम्मिल पुत्र इकबाल निवासी मोहल्ला शेख बद्द कस्बा थाना कैराना शामली को मौके से गिरफ्तार किया है। माही पुलिस हिरासत में आरोपी राहुल ने बताया कि बीते 4 सालों से इस तरह का गोरख धंधा किया जा रहा है। यह लोग हरियाणा में ढाबों पर खाना खाने के लिए रुकने वाले डीजल पेट्रोल के टैंकर के चालकों को लालच देकर डीजल पेट्रोल खरीदते थे और फिर उसे अपने मन मुताबिक यहां लाकर बेचते थे। फुटकर में खरीद कर यहां पर 70 से 80 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बचकर जाते थे।वहीं इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह शामली ने बताया।कि कांधला थाना पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर हरियाणा व अन्य जगहों से मिलावटी व चोरी का डीजल पेट्रोल लाकर कैराना कोतवाली क्षेत्र के कैराना कांधला मार्ग पर स्थित स्टार फिलिंग पेट्रोल पंप पर बेचने का काम करते थे। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से बड़ी संख्या में डीजल पेट्रोल व अन्य उपकरण भी बरामद हुए हैं।पुलिस अब फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।वहीं इस मामले में खाद्य पूर्ति निरीक्षक को भी सूचना देकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में चोरी की नीयत से घर में घुसे एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी घर में चोरी की वारदात को अंजाम देने पहुंचा था, लेकिन गृहस्वामी के जाग जाने से उसकी योजना विफल हो गई। पुलिस के मुताबिक, घटना 28 मई की रात करीब 1:30 बजे ग्राम अमोदा में हुई। प्रार्थी शत्रुघ्न करियरे अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान एक युवक चोरी की नीयत से उनके घर में घुस गया।आरोपी ने पहले घर के बाहर और अंदर जल रहे बल्बों को निकालकर फेंक दिया, ताकि अंधेरे का फायदा उठाकर चोरी कर सके। इसके बाद वह घर के भीतर प्रवेश कर गया। आहट सुनकर जागे घर वाले घर के भीतर हलचल और आवाज सुनकर शत्रुघ्न करियरे की नींद खुल गई। उन्होंने आरोपी को देख लिया और पकड़ने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख आरोपी ने घर के मालिक को धक्का दिया और मौके से भाग निकला। जल्दबाजी में छोड़ गया अहम सबूत फरार होने के दौरान आरोपी अपनी मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, एक गमछा और चप्पल घटनास्थल पर ही छोड़ गया। घटना की सूचना मिलते ही नवागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सामान से हुई आरोपी की पहचान घटनास्थल से मिले सामान के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान हरदीहरि निवासी सुनील कश्यप (35) के रूप में की। पुलिस ने उसकी तलाश कर हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी की नीयत से घर में घुसने की बात स्वीकार कर ली। कोर्ट में पेश कर भेजा जेल पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। नवागढ़ पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
मथुरा में आशा कार्यकर्ती-संगिनी श्रमिक संघ (एटक) के बैनर तले शनिवार को आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन माह से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। जिला अध्यक्ष कुसुम देवी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि आशा वर्करों को कुष्ठ रोग, जेएसआई, एलटीओ, आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड नवीनीकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इसके अतिरिक्त, कोरोना काल में किए गए कार्यों का भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया है। टीकाकरण का भुगतान नहीं मिला संघ की जिला मंत्री अनीता चौधरी ने जानकारी दी कि स्कूलों में 10 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण कार्य का भुगतान भी आशा कार्यकर्ताओं को नहीं मिला है। वहीं, 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के स्वास्थ्य संबंधी सर्वे और फॉर्म भरवाने का भुगतान भी बकाया है। उन्होंने मांग की कि सभी लंबित भुगतानों का एकमुश्त निस्तारण किया जाए। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने तथा उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने की भी मांग उठाई गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उनके श्रम के अनुरूप सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा है। संघ की संरक्षक राधा चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आशा कार्यकर्ता आंदोलन, धरना और हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को भी भेजी गई है।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नया संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। यह पुनरीक्षण अभियान 1 अक्टूबर 2026 की योग्यता तिथि (Eligibility Date) के आधार पर चलाया जा रहा है, यानी इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकेंगे। अब 31 जुलाई के बजाय 3 अगस्त को होगा मतदाता सूची का प्रकाशन जिला चुनाव अधिकारी राहुल ने इस संबंध में विस्तृत प्रशासनिक दिशानिर्देश जारी किए हैं। संशोधित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन (Draft Publication) अब पूर्व निर्धारित तिथि 31 जुलाई 2026 के स्थान पर 3 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इसी तरह मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) दर्ज करने की समय-सीमा भी बदल दी गई है। अब योग्य नागरिक 3 अगस्त 2026 से 02 सितंबर 2026 तक अपने फॉर्म और आपत्तियां संबंधित अधिकारियों के पास जमा करा सकेंगे। दावों के निपटारे के लिए निर्धारित की गई नई समय-सीमा आयोग द्वारा जारी नए शेड्यूल के अनुसार, प्राप्त दावों और आपत्तियों के निपटारे (Disposal) की पूरी प्रक्रिया और उससे संबंधित 'नोटिस चरण' को 3 अगस्त से 28 सितंबर तक पूरा किया जाएगा। डीसी स्पष्ट किया कि मुख्य तिथियों में हुए इन बदलावों के अतिरिक्त, इस विशेष सुधार अभियान की बाकी गतिविधियां और प्रक्रियाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलेंगी। उनमें कोई अन्य फेरबदल नहीं किया गया है। जिला प्रशासनिक परिसर के कमरा नंबर 217 में बना ‘हेल्प डेस्क’ लोगों की सुविधा के लिए जिला प्रशासनिक परिसर (DAC) के कमरा नंबर 217 में एक विशेष 'हेल्प डेस्क' स्थापित कर दिया गया है। इस हेल्प डेस्क का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से दिव्यांगजनों (PwD), अनिवासी भारतीयों (NRIs) और वरिष्ठ नागरिकों की चुनावी प्रक्रिया में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना और उन्हें बिना किसी बाधा के फॉर्म भरने में मदद करना है। जिला चुनाव अधिकारी की अपील; इन नंबरों पर करें संपर्क जिला चुनाव अधिकारी श्री राहुल ने जिले के सभी योग्य नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे इस बदले हुए संशोधित कार्यक्रम का लाभ उठाएं और निर्धारित समय के भीतर अपने फॉर्म जमा करना सुनिश्चित करें। नागरिक किसी भी प्रकार की पूछताछ, तकनीकी सहायता या जानकारी के लिए प्रशासनिक परिसर में स्थापित 'हेल्प डेस्क' पर जा सकते हैं। इसके अलावा, घर बैठे चुनाव आयोग के राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 अथवा जिला चुनाव कार्यालय के दूरभाष नंबर 01851-224115 पर भी संपर्क कर हर प्रकार की सहायता प्राप्त की जा सकती है।
गोंडा जिले में तैनात 21 उप निरीक्षकों का देवीपाटन परिक्षेत्र से गैर परिक्षेत्र में तबादला किया गया है। इनमें 12 उप निरीक्षक वे हैं जिन्होंने परिक्षेत्र में 12 वर्ष पूरे कर लिए थे, जबकि 8 का स्थानांतरण अनुकंपा के आधार पर हुआ है। एक निलंबित उप निरीक्षक भी इसमें शामिल है। अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देश पर हुए इस तबादले में उप निरीक्षक यासिन खान, शिव चंद्र सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, प्रभु नाथ यादव, जनार्दन यादव, राजदेव यादव, गऊचरन, विपिन बिहारी वर्मा, साहेब कुमार, ब्रह्मानंद सिंह और संगम प्रसाद को गोरखपुर और बस्ती परिक्षेत्र में भेजा गया है। छपिया थाना अध्यक्ष प्रबोध कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक के पेशकार केदार राम का भी गोरखपुर परिक्षेत्र में तबादला हुआ है। अनुकंपा के आधार पर स्थानांतरित किए गए उप निरीक्षकों में सीताराम यादव, महेंद्र यादव, अलाउद्दीन अली, जाहिद अली, उमेश कुमार सिंह, मानिक चंद्र राम और मुकेश कुमार शामिल हैं, जिन्हें बस्ती परिक्षेत्र भेजा गया है। वहीं, एक प्रकरण में निलंबित पूर्व परसपुर थाना अध्यक्ष अनुज त्रिपाठी को गोरखपुर परिक्षेत्र भेजा गया है। एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन ने गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को तत्काल इन पुलिसकर्मियों को रिलीव करने का निर्देश दिया है, ताकि वे दूसरे परिक्षेत्र में कार्यभार ग्रहण कर सकें। एडीजी जोन ने बताया कि गोंडा ही नहीं, बल्कि देवीपाटन रेंज के चारों जिलों से कुल 56 उप निरीक्षकों का 12 वर्ष पूर्ण होने पर और 29 उप निरीक्षकों का अनुकंपा के आधार पर तबादला किया गया है।
पंजाब सरकार के शिकायत पोर्टल पर व्यापारियों की तरफ से आने वाली शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु जैन ने शनिवार को सभी सरकारी विभागों के बड़े अफसरों के साथ एक अहम मीटिंग की। मीटिंग में डीसी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि व्यापारियों की जायज समस्याओं को सुलझाने में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी अफसर ने काम लटकाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने बैठक में मौजूद सभी महकमों के प्रमुखों को कड़े लहजे में कहा कि पंजाब सरकार राज्य में व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। ऐसे में जमीनी स्तर पर दुकानदारों और व्यापारियों को आने वाली हर छोटी-बड़ी दिक्कत का समाधान सबसे पहले होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि शिकायतें एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर चक्कर काटती रहती हैं और इस टालमटोल की वजह से काम लटके रहते हैं, लेकिन अब अफसरों का ऐसा ढीला रवैया बिल्कुल नहीं चलेगा। आपसी तालमेल बेहतर करने और तुरंत एक्शन के निर्देश डीसी ने सभी सरकारी विभागों को आपस में मिलकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जब तक अलग-अलग महकमों के अधिकारी आपस में तालमेल नहीं बिठाएंगे, तब तक किसी भी समस्या का तुरंत हल निकलना मुमकिन नहीं है। व्यापारियों की कई शिकायतें ऐसी होती हैं जिनमें एक से ज्यादा विभागों का जुड़ाव होता है, इसलिए अफसरों को आपस में बात करके फाइलों को आगे बढ़ाना होगा ताकि व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और काम तेजी से हो सके। इन प्रमुख विभागों को दिए गए पेंडिंग काम निपटाने के आदेश मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने जिले के कई महत्वपूर्ण विभागों के काम की समीक्षा की और उन्हें पेंडिंग पड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा। डीसी ने कहा कि इन विभागों से जुड़ी काफी शिकायतें पेंडिंग हैं। बिजली बोर्ड (PSPCL): बिजली कनेक्शन और बिलों से जुड़ी व्यापारियों की पुरानी शिकायतों को फौरन दूर किया जाए। नगर निगम: बाजारों की साफ-सफाई, पीने के पानी और सड़कों से जुड़े मुद्दों को तुरंत सुलझाया जाए। पुलिस विभाग: व्यापारिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए और व्यापारियों की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जाए। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI): हाईवे और मुख्य सड़कों से जुड़े रुके हुए कामों को तेजी से पूरा किया जाए। इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट और ग्लैडा (GLADA): व्यापारिक प्रॉपर्टी और विकास कार्यों से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा हो। वॉटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड: पानी की किल्लत और सीवरेज जाम होने जैसी रोजमर्रा की समस्याओं को तय समय में ठीक किया जाए। हर हफ्ते होगी समीक्षा, सीधे तौर पर तय होगी अफसरों की जवाबदेही डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि हमारा मकसद हर शिकायत का साफ-सुथरे तरीके से और समय पर निपटारा करना है। व्यापारियों और सरकार के बीच की दूरी को कम करने के लिए प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है ताकि लोगों को सही समय पर सरकारी सेवाएं मिल सकें। उन्होंने साफ किया कि वह खुद हर हफ्ते पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की जांच करेंगे। नियमित निगरानी के जरिए लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, जिससे काम की रफ्तार बढ़ेगी और व्यापारियों का भरोसा भी जीतेगा। मीटिंग में ये सभी बड़े अधिकारी रहे मौजूद जिला प्रशासनिक परिसर में हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से ग्लैडा के मुख्य प्रशासक ओजस्वी अलंकार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (एडीसी) पूनम सिंह, एडीसी अमित बांबी, डॉ. नरिंदर सिंह धालीवाल शामिल हुए। इनके अलावा एसडीएम जसलीन कौर भुल्लर, एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़, एसडीएम प्रीत इंदर बैंस, एसडीएम खुशप्रीत सिंह, एस्टेट ऑफिसर अमन गुप्ता, जॉइंट कमिश्नर विनीत कुमार, जॉइंट कमिश्नर तपन भनोट के साथ-साथ अलग-अलग विभागों के मुखिया भी मौजूद रहे। डीसी ने सभी को कड़े निर्देश देकर मीटिंग खत्म की कि अगली बार वह काम पेंडिंग रहने का कोई बहाना नहीं सुनेंगे।
नारनौल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान देसराज निवासी इसरा का बास, जिला कोटपूतली-बहरोड़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। साइबर थाना नारनौल की टीम ने तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 29 मई की रात आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार किया। आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए 65 हजार पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगों द्वारा पीड़ित के बैंक खातों से निकाली गई धोखाधड़ी की राशि में से 65 हजार रुपए आरोपी देसराज के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसी आधार पर पुलिस ने उसे मामले में गिरफ्तार किया। जल महल के पास खोया था मोबाइल पुलिस प्रवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि नारनौल निवासी मनोज कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 3 मई, 2025 को जल महल के पास आयोजित एक शादी समारोह के दौरान उसका मोबाइल फोन कहीं खो गया था। इसके बाद उसने अपना सिम कार्ड बंद करवा दिया था। सिम पोर्ट करवाया, खाते से निकाले पैसे हालांकि, साइबर ठगों ने उसके मोबाइल नंबर को दूसरी टेलीकॉम कंपनी में पोर्ट करवा लिया और उसी नंबर का इस्तेमाल कर अगले दिन 4 मई को उसके यूनियन बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खातों से कुल 99,999 रुपए निकाल लिए। जांच के आधार पर आरोपी गिरफ्तार शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाना नारनौल में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
बठिंडा में एक युवक की मौत के एक महीने बाद भी न्याय न मिलने से नाराज़ परिवार ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहा है और चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने तक विरोध जारी रहेगा। मृतक की पहचान निर्मल सिंह उर्फ टीटू के रूप में हुई है। परिवार का आरोप है कि टीटू की मौत को एक महीना बीत चुका है, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। परिजनों के अनुसार, उनके बेटे को पुलिस की मौजूदगी में गोली मारी गई थी और यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। परिवार ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपे परिवार ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सहित सभी संबंधित सबूत सौंप दिए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि यह घटना पंजाब सरकार और मौजूदा पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार संधवां के उकसावे पर हुई थी, जिसमें एक एसएचओ भी शामिल है। परिवार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से उन्हें केवल झूठे दिलासे दिए जा रहे हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में टीटू के शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।
आलीराजपुर जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान करीब 34,720 बल्क लीटर अवैध शराब को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई नगर पालिका के ट्रेंचिंग ग्राउंड पर आबकारी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बुलडोजर और रोड रोलर की मदद से की। यह नष्टीकरण कलेक्टर की अनुमति के बाद किया गया। वर्ष 2018 से 2024 के बीच दर्ज 44 प्रकरणों में जब्त की गई शराब का न्यायालयीन निराकरण होने के बाद नियमानुसार उसे नष्ट किया गया। जिला आबकारी अधिकारी राधेश्याम राय ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा जब्त 21,964 बल्क लीटर और आबकारी विभाग द्वारा जब्त 12,756 बल्k लीटर शराब को नष्ट किया गया। इस प्रकार कुल 34,720 बल्क लीटर अवैध शराब पर प्रशासन का बुलडोजर चला। नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई। इस दौरान आबकारी विभाग, पुलिस विभाग और विभिन्न थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। शराब को ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कर उस पर बुलडोजर और रोड रोलर चलाया गया ताकि उसका दोबारा उपयोग न हो सके। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
करनाल जिले में गांव गोल्ली के बस अड्डे पर शराब को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हमले से युवक के पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे पहले असंध के अस्पताल और फिर पानीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका ऑपरेशन हुआ। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गांव गोल्ली निवासी नरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह सफीदों में ड्राइवर का काम करता है। 19 मई को वह बल्ला गांव से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में गांव गोल्ली के बस अड्डे पर उसने शराब की दुकान से एक बोतल खरीदी। जिसके बाद जैसे ही वह घर की तरफ बढ़ा तो गांव का ही राजबीर उसके पास आया और शराब या पैसे देने की मांग करने लगा। मना करने पर आरोपी ने उसके साथ हाथापाई शुरू कर दी। थप्पड़ मारकर गिराया, ईंट से किया वार नरेंद्र के अनुसार आरोपी राजबीर ने उसके चेहरे पर जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद आरोपी ने उसके पैर पर घुटना मारा और पास में पड़ी ईंट उठाकर पैर पर वार कर दिया। जाते समय आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गया। राहगीर ने पहुंचाया घर, फिर अस्पताल में कराया भर्ती घटना के बाद पास की जूस की दुकान पर मौजूद अनिल ने घायल नरेंद्र को उठाकर उसके घर पहुंचाया। इसके बाद परिजन उसे असंध के अस्पताल लेकर गए, जहां एक्स-रे में उसकी जांघ में फ्रैक्चर मिला। हालत गंभीर होने पर उसे पानीपत के सुनील मैमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। डॉक्टर ने फिट घोषित किया, पुलिस ने दर्ज किए बयान 22 मई को पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली। 24 मई को पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और डॉक्टर से परमिशन लेकर घायल का बयान दर्ज किया। डॉक्टर ने उसे बयान देने के लिए फिट बताया। पुलिस ने एक्स-रे रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेज भी कब्जे में लिए। मौके पर जांच और गवाहों से पूछताछ के बाद केस दर्ज पुलिस ने 24 मई को डीडी नंबर 09 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। 27 मई और 29 मई को पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर गवाहों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद आरोपी राजबीर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। मुनक थाना पुलिस के अनुसार केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
खरगोन के गायत्री मंदिर क्षेत्र स्थित एक शॉपिंग मॉल में भीषण आग लग गई। मल्टी मार्ट कपड़ा शोरूम में लगी इस आग से रेडीमेड कपड़े, प्लास्टिक का सामान और आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित अन्य वस्तुएं जलकर राख हो गईं। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। इस घटना में लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। यह घटना शनिवार सुबह उस समय सामने आई जब मल्टी मार्ट कपड़ा शोरूम की ऊपरी मंजिल से अचानक धुआं उठता देखा गया। मेन रोड से गुजर रहे लोगों ने आग देखकर तत्काल शोरूम संचालक अब्दुल लतीफ और नगरपालिका के फायर फाइटर को सूचना दी। शॉर्ट सर्किट के कारण हादसे की आशंकाशोरूम संचालक अब्दुल लतीफ ने बताया कि संभवतः अलसुबह शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। शोरूम के अंदर कपड़ों, पैकिंग कार्टून, फर्नीचर और इलेक्ट्रिक सामान में से आग की लपटों के साथ धुएं के गुबार निकल रहे थे। खरगोन नगरपालिका की दमकल टीम ने आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत की। इमरजेंसी गेट न होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर घुसने में परेशानी हुई। पहली मंजिल के कांच जेसीबी की मदद से तोड़कर अंदर जाने का रास्ता बनाया गया। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
जोधपुर शहर में शनिवार सुबह बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 43 डिग्री सेल्सियस के करीब था। वहीं, न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया। शहर में गर्मी से बचाव के लिए दुकानों में पानी के फुव्वारे लगाए गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले सात दिनों में जोधपुर में आंधी, तूफान, बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। वर्कशॉप में पानी के फुव्वारे जोधपुर के पांचवी रोड स्थित एक कार वर्कशॉप में ग्राहकों और कर्मचारियों को गर्मी से बचाने के लिए पानी के फुव्वारे लगाए गए हैं। सुरेंद्र राठी ने बताया कि जोधपुर में बहुत ज्यादा गर्मी है, लेकिन इन फुव्वारों से तापमान में गिरावट आती है। गर्मी के इस मौसम में शहर का तापमान 45 डिग्री के करीब है, जिससे काम करने में दिक्कत होती है। इसलिए, कारखाने में फुव्वारे लगाए गए हैं ताकि काम करने में आसानी हो। बारिश की उम्मीद, उमस से परेशानी शहर में पिछले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। अब आने वाले दिनों में बारिश होने से तापमान में गिरावट की उम्मीद है, हालांकि उमस से शहर के लोग परेशान हैं।
सहारनपुर के गंगोह थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनौती गांव में शनिवार को दो पक्षों के बीच हुआ एक मामूली विवाद अचानक उग्र हो गया। शुरुआत में हुई कहासुनी कुछ ही समय में हिंसक झड़प में बदल गई, जिसके बाद दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे और लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया गया। घटना से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में भय की स्थिति पैदा हो गई। जानकारी के अनुसार, किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। पहले यह मामला केवल बहस तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों पक्षों के लोग मौके पर एकत्र होने लगे। देखते ही देखते तनाव बढ़ गया और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से भी हमला किया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। हालात सामान्य होने का इंतजार इस झड़प में कई लोगों को चोटें आईं। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। घटना के दौरान आसपास के लोगों ने एहतियातन अपने घरों और दुकानों के दरवाजे बंद कर लिए और हालात सामान्य होने का इंतजार किया। घटना की सूचना मिलते ही गंगोह थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग कर माहौल को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस की तत्परता से कुछ ही देर में हालात सामान्य हो गए। पुलिस बल तैनात कर दिया इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि दोबारा किसी प्रकार का तनाव न उत्पन्न हो। एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. निगमकर्मी ने खुले में कचरा फेंककर जलाया देश में लगातार आठ बार स्वच्छता में अव्वल रहने वाले इंदौर की सफाई व्यवस्था को नगर निगम के कर्मचारी ही पलीता लगा रहे हैं। ऐसे तीन वीडियो सामने आए हैं, जिनमें निगम के कर्मचारी रहवासी क्षेत्र में खुले में कचरा फेंकते नजर आ रहे हैं और इसमें रात में आग लगा दी जाती है। पढ़ें पूरी खबर... 2. भाजपा का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग शुरू बीजेपी का प्रशिक्षण वर्ग-2026 शनिवार से इंदौर में शुरू हो गया। भाजपा इंदौर शहर और ग्रामीण इकाई द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में जिले के जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और चयनित कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर... 3. दो कारों की भिड़ंत, एक पलटी बीआरटीएस स्थित रसोमा चौराहे पर देर रात तेज रफ्तार दो कारों की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक कार दो पलटियां खा गई। हादसे में एक कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे लोगों की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर... 4. सूने मकान को चोरों ने बनाया निशाना परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना उस समय हुई जब परिवार रिश्तेदारी में घर से बाहर गया हुआ था। पढ़ें पूरी खबर... 5. टायर एवं फर्नीचर के गोदाम में आग एलआईजी लिंक रोड पर शुक्रवार देर रात गोदाम में आग लग गई। यहां पर चार अलग-अलग लोगों का कामकाज था। आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पढ़ें पूरी खबर... 6. शहर में कहीं रिमझिम तो कहीं बूंदाबांदी शनिवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। सुबह से बादल छाए और ठंडी हवा चली। फिर कुछ देर कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम हुई। इसके पूर्व शुक्रवार को दिन और रात के तापमान में 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। पढ़ें पूरी खबर... 7. नायता मुंडला इलाके में लगी आग मामले में केस दर्ज तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों लगी आग के मामले में पुलिस ने जांच के बाद दुकानदार और किराएदार पर FIR दर्ज की है। जांच में पुलिस को दोनों की लापरवाही मिली, जिसके बाद पुलिस ने कायमी की है। पढ़ें पूरी खबर... 8. छावनी में कार्रवाई का विरोध, जनहित पार्टी की 'न्याय रैली' छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर की गई तोड़फोड़ को लेकर अब राजनीतिक विरोध तेज होने लगा है। जनहित पार्टी ने नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए इसके विरोध में शनिवार शाम 7 बजे ‘न्याय रैली’ निकालने की घोषणा की है। पढ़ें पूरी खबर... 9. महिला से वसूले 4.50 लाख, ऐप से लिया था लोन एक महिला की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने साइबर फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है। महिला के मुताबिक, 40 हजार रुपए के लोन के बदले उससे 4 लाख 50 हजार रुपए वसूले गए। वहीं आरोपियों ने उसके फोटो एडिट कर अश्लील बनाए और उन्हें परिवार के लोगों को भी भेज दिया। पढ़ें पूरी खबर... 10. सौतेले पिता ने 12 साल की बेटी से की छेड़छाड़ 12 साल की लड़की की शिकायत पर पुलिस ने उसके सौतेले पिता के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी आए दिन उसके साथ गलत हरकत करता था। दो दिन पहले जब उसकी हरकतें बढ़ गईं। पढ़ें पूरी खबर...
सिविल अस्पताल तरनतारन में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय की अध्यक्षता में, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरिंदर कुमार के नेतृत्व में और नोडल ऑफिसर डॉ. हरप्रीत सिंह की देखरेख में आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों और शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों का सेवन या बिक्री कानूनी अपराध है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पादों का सेवन या बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है। उन्होंने संबंधित विभागों के प्रमुखों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उनके संस्थानों में तंबाकू अधिनियम का पूरी तरह से पालन हो और वे इस संबंध में एक स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत करें। उल्लंघन पर जुर्माना, चालान और सजा का प्रावधान है। डॉ. हरप्रीत सिंह ने कम उम्र में तंबाकू के सेवन और इससे बचाव के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी, विशेषकर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में चीनी-खैनी, जर्दा और हुक्का जैसे तंबाकू उत्पादों का सेवन काफी प्रचलित है। इससे मुंह, तालू और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। सुखवंत सिंह सिद्धू बोले- पब्लिक जगहों पर सिगरेट बेचने पर रोक है जिला मास मीडिया अधिकारी सुखवंत सिंह सिद्धू ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया में दिल की बीमारियों से होने वाली 15 प्रतिशत मौतें सक्रिय या निष्क्रिय धूम्रपान के कारण होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्रिय धूम्रपान का अर्थ स्वयं सिगरेट पीने वालों पर तंबाकू का बुरा प्रभाव है। जबकि निष्क्रिय धूम्रपान उन लोगों को प्रभावित करता है जो धूम्रपान नहीं करते लेकिन धूम्रपान करने वालों के संपर्क में आते हैं। तंबाकू के धुएं में कई हानिकारक रसायन होते हैं जो विभिन्न प्रकार के कैंसर से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि एक्ट के अनुसार पब्लिक जगहों पर और दूसरी संस्थाओं के 100 गज के अंदर खुलेआम सिगरेट बेचने और किसी भी तरह के नशीले प्रोडक्ट बेचने पर पूरी तरह से रोक है। नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स और आम लोगों के अलावा माई भागो कॉलेज के स्टाफ, भूपिंदर सिंह हेल्थ सुपरवाइजर, अमरजीत सिंह गिल टोबैको कोऑर्डिनेटर, आरुष भल्ला BCC कोऑर्डिनेटर, मंदीप सिंह आदि मौजूद थे।
बूंदी के डाबी बरड़ क्षेत्र में एनएच-27 कोटा-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 8:50 बजे बुधपुरा के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। डाबी थाने के एएसआई परमेश्वर ने बताया कि मृतक की पहचान सूतड़ा निवासी सीताराम मेहता (34) पुत्र रेखलाल मेहता के रूप में हुई है। सीताराम शुक्रवार शाम अपने ससुराल उदपुरिया से वापस घर लौट रहा था। बुधपुरा के निकट अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एम्बुलेंस की सहायता से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाबी पहुंचाया। डाबी सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद, गंभीर हालत को देखते हुए उसे कोटा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालांकि, कोटा पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार सुबह कोटा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक अपने पीछे तीन बेटियां और एक 2 साल बेटा छोड़ गया है। वह परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य था। मृतक के बड़े भाई कैलाश मेहता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनके भाई सीताराम अपने ससुराल उदपुरिया गए हुए थे और लौटते समय यह हादसा हो गया। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर अज्ञात वाहन सवार की तलाश शुरू कर दी है। कंटेंट: शंकर सिंह, डाबी
सिवनी जिले के युवा किकबॉक्सर अथर्व कौरव ओडिशा में आयोजित जूनियर नेशनल किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह प्रतियोगिता 3 जून, 2026 तक भुवनेश्वर में आयोजित की जा रही है। अथर्व वरिष्ठ पवन कुमार कौरव के सुपुत्र हैं। अथर्व ने खेलों के प्रति अपनी रुचि और निरंतर मेहनत से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है। उन्होंने विगत वर्ष आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया था। हाल ही में इंदौर में हुई द्वितीय एमपी स्टेट किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में अथर्व ने जूनियर वर्ग के 69 किलोग्राम भार वर्ग में लाइट कॉन्टैक्ट और किक लाइट दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। मुख्य प्रशिक्षक और जिला किकबॉक्सिंग संघ के सचिव निकेश पद्माकर ने बताया कि अथर्व ने कोच योगेश नाविक के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता की तैयारी की है। वे बेहतर प्रदर्शन के उद्देश्य से ओडिशा के लिए रवाना हो गए हैं। अथर्व की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी पर विधायक दिनेश राय मुनमुन, प्रभारी कलेक्टर अनिल कुमार राठौर, पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी मनु धुर्वे तथा जिला क्रीड़ा अधिकारी जस्सी थॉमस ने शुभकामनाएं दी हैं। उनकी सफलता में जिला किकबॉक्सिंग संघ, सिवनी के पदाधिकारियों और मार्गदर्शकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इनमें संतोष अग्रवाल, अजय “बाबा” पांडे, सुरेंद्रनाथ शुक्ला, आशीष नागपुरे, अवधेश “पिंकी” त्रिवेदी, देवेंद्र सिंह ठाकुर, आशीष अग्रवाल, देवेंद्र सेन, माधव दुबे, देवेंद्र सिंह राजपूत, नवीन नाविक, दिनेश सेन तथा महात्मा गांधी स्कूल की प्राचार्य रश्मि गौर शामिल हैं। मध्य प्रदेश किकबॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष विनोद सोनडवाले और महासचिव आशुतोष दाधीच ने भी अथर्व को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारतीय भाषाओं में उच्च शिक्षा की गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में भारतीय भाषा पुस्तक योजना को लेकर राज्य स्तरीय प्रारंभिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार और मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुई। बैठक में मध्यप्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद, लेखक और विषय विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान भारतीय भाषाओं, विशेष रूप से हिंदी में, पाठ्यक्रम आधारित पुस्तकों के लेखन की व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। तीन वर्षों में 22 भारतीय भाषाओं में ढाई लाख पुस्तकें भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अकादमिक समन्वयक डॉ. चंदन श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 22 भारतीय भाषाओं में करीब 2 लाख 50 हजार पुस्तकें लिखी जाएंगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग 6 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने बताया कि पुस्तकों का लेखन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप किया जाएगा। इन पुस्तकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ (ONOS) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। पुस्तकें इंटरैक्टिव स्वरूप में होंगी और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएंगी। नए लेखकों को मिलेगा अवसर बैठक में वक्ताओं ने कहा कि इस योजना से नए लेखकों का एक बड़ा वर्ग सामने आएगा। राज्यवार उत्कृष्ट लेखकों की सूची तैयार की जाएगी, जो विभिन्न विषयों पर मौलिक और अकादमिक पुस्तकें लिखेंगे। पुस्तक लेखन के लिए लेखकों को प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और मानदेय भी दिया जाएगा। मातृभाषा में शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष प्रो. रवींद्र कान्हेरे ने कहा कि भारतीय भाषाओं में पाठ्यक्रम आधारित पुस्तकें तैयार करना समय की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों को मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और भारतीय ज्ञान परंपरा को भी बढ़ावा मिलेगा। अंग्रेजी पर निर्भरता होगी कम मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मिलिंद द दांडेकर ने कहा कि उच्च शिक्षा में अंग्रेजी पर निर्भरता कम करने के लिए भारतीय भाषा पुस्तक योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि पुस्तकों में सरल और मानक शब्दावली के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश जरूरी है। जल्द होगी प्रदेश स्तरीय कार्यशाला बैठक में निर्णय लिया गया कि पुस्तक लेखन की व्यवस्थित कार्ययोजना के लिए जल्द ही प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें विषय विशेषज्ञों और लेखकों को पुस्तक लेखन की प्रक्रिया, गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। बैठक में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद, लेखक और प्राध्यापक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

