भारत के पास युवा आबादी, डिजिटल ताकत, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी की ताकत है। इसके दम पर देश की अर्थव्यवस्था साल 2047 तक यानी अगले 21 साल में 26 ट्रिलियन डॉलर (2,314 लाख करोड़ रुपए) हो सकती है, जो अभी करीब 4.18 ट्रिलियन डॉलर (376 लाख करोड़ रुपए) की है। रेटिंग एजेंसी अर्नेस्ट एंड यंग (EY) की रिपोर्ट में ये बातें कही गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस विकास के साथ भारत में प्रति व्यक्ति आय भी 2.5 लाख रुपए से बढ़कर 13.5 लाख रुपए हो जाएगी। EY का मानना है कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। 7 बड़े फैक्टर, जो उम्मीद बढ़ा रहे 1. बड़ी कामकाजी आबादी : साल 2030 तक भारत की 68.9% आबादी कामकाजी उम्र (15-64 वर्ष) की होगी। तब देश में 1.04 अरब यानी करीब 100 करोड़ लोग कामकाजी होंगे। दुनिया में अगले दशक में जुड़ने वाले 24-25% नए श्रमिक यहीं से होंगे। औसत उम्र 28.4 वर्ष है। 2. मजबूत स्टार्टअप सिस्टम : भारत में 107 यूनिकॉर्न हैं। 4 साल में ये सालाना 66% से बढ़े। इनकी कुल वैल्यू 7.37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। निवेशकों ने करीब 3.82 लाख करोड़ रुपए लाभ कमाया। भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में आगे भी अच्छी संभावनाएं हैं। 3. मैन्युफैक्चरिंग में अवसर : पीएलआई योजना के तहत 14 सेक्टरों में ₹2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे मैन्युफैक्चरिंग में उन 43% लोगों को नए रोजगार मिल सकते हैं, जो अभी कृषि क्षेत्र में लगे हैं। इससे बुनियादी ढांचे में भी निवेश बढ़ेगा। 4. वर्किंग वुमन भी बढ़ेंगी : भारत की उच्च शिक्षा में करीब 49% छात्राएं हैं। इसका साफ मतलब है कि आने वाले वर्षों में भारत के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ने वाली है। ऐसे में देश के लिए उत्पादकता बढ़ाने की लंबी संभावनाएं नजर आ रही हैं। 5. डिजिटल पेमेंट में तेजी : यूपीआई नेटवर्क से 350 से ज्यादा बैंक जुड़े हुए हैं। इसके 26 करोड़ से अधिक यूनिक यूजर हैं। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने 2014-2019 के बीच 15.6% की दर से बढ़ी, जो देश की कुल इकोनॉमी ग्रोथ से 2.4 गुना तेज थी। 6. ज्यादा कर्ज की गुंजाइश : विश्व बैंक के अनुसार 2020 में भारत में निजी कंपनियों और कारोबार को दिया गया कुल कर्ज, देश की जीडीपी का सिर्फ 55% था। यह दुनिया के औसत 148% से काफी कम है। मतलब ये है कि कंपनियां अभी और कर्ज लेने में सक्षम। 7. क्लीन एनर्जी और टिकाऊ विकास : साल 2070 तक भारत ने नेट जीरो का लक्ष्य तय किया है। इसके मायने ये हैं कि इसके बाद भारत फॉसिल फ्यूल जैसे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता खत्म कर लेगा। यह बड़ा अवसर है। इस लक्ष्य के लिए सरकार को 2030 तक जीडीपी के मुकाबले कार्बन के मौजूदा उपयोग में 45% की कमी लानी होगी। सरकार ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट पर जोर दे रही है। केवल ईवी ईको सिस्टम के लिए केंद्र से 14.5 अरब डॉलर का सपोर्ट है। 2030 तक कुल 10 करोड़ लोग ईवी में शिफ्ट हो सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें... भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
लखनऊ के मोहनलालगंज स्थिति प्राथमिक विद्यालय नेवाजखेड़ा में कार्यपुस्तिकाएं कबाड़ी को बेचने के मामले में प्रधानाध्यापक रविंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। बीएसए विपिन कुमार ने माना कि चूक हुई है। बीएसए के मुताबिक भले ही निरीक्षण में लापरवाही हुई हो, लेकिन कार्यपुस्तिकाएं विद्यालय में मौजूद थीं। ऐसी स्थिति में उन्हें कबाड में बेचने के बजाय बच्चों में वितरित किया जाना चाहिए था।इससे पहले मंगलवार को वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी की तरफ से जांच के आदेश दिए गए थे। इसके बुधवार सुबह इस मामले की जांच करने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) नेवाजखेड़ा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से विस्तार से घटनाक्रम के बारे में जाना। कई लोगों से अलग-अलग बात करने बाद फिर कबाड़ी से मिलकर उसका भी पक्ष लिया था। वीडियो वायरल में दिखी थी नए सत्र की नई किताबें वायरल वीडियो में कबाड़ी स्कूल के भीतर से किताबें लेकर बाहर निकलते हुए दिख रहा है। स्कूल के बाहर मौजूद गांव के कुछ बच्चों ने कबाड़ी को रोका और बोरी खोली। जिसमें कक्षा एक से पांचवी के बच्चों को पढ़ाई जाने वाली किताबें थी। वीडियो में एक बाइक सवार पास खड़ा है। पास में खड़े गांव के कुछ लड़के कबाड़ी से पूछ रहे हैं कि बोरी में क्या किताबें हैं? एक लड़के ने ठेले के पास जाकर बोरी खोलने पर उसमें रखी किताबें दिखाई दे रही हैं। ठेलिया पर करीब छह बोरी में किताबें और अन्य सामग्री रखी हुई दिख रही है। जिसका वजन करीब दो क्विंटल बताया जा रहा है। पास में खड़े एक लड़के ने इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। ग्रामीणों से मिलकर तैयार की रिपोर्ट मोहनलालगंज BEO सुशील कनौजिया ने बताया था कि बुधवार को मैं खुद जांच के लिए स्कूल पहुंचा था। यहां मेरे जाने के बाद कई ग्रामीण जुटे थे। मौके पर सभी ने इस बात की तस्दीक करते हुए बताया कि खुद प्रधानाध्यापक शिक्षक के साथ आए थे। और उनकी मौजूदगी में किताबें बेचीं गई है। इसके अलावा मैंने कबाड़ी से भी बात की है। उसने भी ये बताया कि रेट फाइनल करके पहले किताब बेची गई और फिर बाद में ये कह कर वापस ले गए कि इसका वीडियो वायरल हो गया है। ऐसे में प्रकरण पूरा साफ नजर आ रहा है। मैं बुधवार शाम तक जांच रिपोर्ट पूरी करके उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दूंगा। आगे की कार्रवाई उनके द्वारा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। यदि जांच में कोई और भी दोषी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। BEO ने प्रधानाध्यापक से मांगा जवाब मोहनलालगंज बीइओ सुशील कनौजिया ने बीएसए के निर्देश के बाद नेवाजखेड़ा प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बीईओ ने प्रधानाध्यापक से कबाड़ी को बेची गई किताब किस वर्ष की हैं, इसकी जानकारी मांगी है। साथ ही अन्य सामाग्री की भी डिटेल जानकारी मांगी गई है। 20% बच्चों के पास किताबें नहीं नगर व ग्रामीण इलाकों के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 20% बच्चों के पास पाठ्यक्रम की सभी किताबें नहीं हैं। जुलाई व अगस्त में शिक्षकों ने किताबों की डिमांड बीईओ को भेजी थी। अभी तक नहीं पहुंची हैं। वहीं इस प्राइमरी स्कूल में ज्यादा किताबें होने पर प्रधानाध्यापक ने दूसरे स्कूलों के जिन बच्चों के पास किताबें नहीं। उन्हें देने के बजाए बेच दी हैं।
शराब पीने में नोएडा वासियों ने तोड़ा रिकार्ड:23 करोड़ की 4 लाख लीटर गटक गए, 17 करोड़ का मिला राजस्व
नोएडा में नए साल का जश्न का खुमार ऐसा चढ़ा की पिछले तीन साल का रिकार्ड लोगों ने तोड़ दिया। महज एक रात में नोएडा वासी 23 करोड़ की 4 लाख लीटर शराब पी गए। इससे आबकारी विभाग को करीब 17 करोड़ का राजस्व मिला। जिसमें देसी, कंट्री लीकर, फॉरेन लीकर और बियर शामिल है। जबकि 2025 में भी करीब 21 करोड़ के आसपास शराब बिकी थी। नोएडा में 144 बार और रेस्टोरेंट है जिनको लीकर का लाइसेंस मिला है। वहीं 120 से ज्यादा अस्थाई लाइसेंस जारी किए गए थे। नोएडा में 140 फॉरेन लिकर, 138 बीयर शॉप, 25 मॉडल शॉप, 231 देसी शॉप और 15 प्रीमियम रिटेल वेंडर की शॉप्स हैं। इन सबके डेटा को एकत्रित किया गया। जिसके बाद ये आकलन किया गया। देसी ने स्कॉच और व्हिस्की को पछाड़ानए साल के जश्न में इस बार देसी शराब ने विदेशी स्कॉच, व्हिस्की को टक्कर दी। एक दिन में 1.50 लाख लीटर देसी शराब लोग पी गए। वहीं 1.17 लाख लीटर अंग्रेजी यानी स्कॉच और व्हिस्की पी गई। ठंड होने के बाद भी करीब 1 लाख लीटर बीयर लोग पी गए। ये तो तय है नोएडा वासियों ने जश्न और लीकर के मामले में सभी को पछाड़ दिया। साल दर साल बढ़ा आकड़ानोएडा में शराब का सेवन करने वालों का आकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। 2023-24 में नोएडा वासियों ने 9 करोड़ की शराब पी थी। जबकि 2024-25 में 21 करोड़ और 2025-26 में करीब 22 करोड़ की शराब लोग पी गए।
अतिरिक्त यात्री भार और छुट्टियों के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने भगत की कोठी–बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन में कोचों की अस्थायी बढोतरी करने का फैसला किया है। इससे इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को सीट/बर्थ उपलब्धता में राहत मिलेगी और वेटिंग लिस्ट दबाव कुछ हद तक कम होगा। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के अनुसार गाड़ी संख्या 04827 भगत की कोठी-बान्द्रा टर्मिनस-भगत की कोठी स्पेशल ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़े जा रहे हैं। इसके तहत भगत की कोठी से 3 से 31 जनवरी तक होने वाले फेरों में तीन थर्ड एसी और दो सेकंड स्लीपर कोच की अस्थायी बढोतरी की जाएगी। बान्द्रा टर्मिनस से भी बढ़ेगी क्षमता इसी तरह, बान्द्रा टर्मिनस से चलने वाली इस स्पेशल ट्रेन में भी तय अवधि के दौरान अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाएंगे। इसके तहत बान्द्रा टर्मिनस से 4 जनवरी से 1 फरवरी तक चलने वाली ट्रेन संख्या 04828 स्पेशल सेवा में भी 3 थर्ड एसी और 2 स्लीपर कोच अस्थायी रूप से जोड़े जाएंगे। रेलवे का अनुमान है कि पश्चिमी राजस्थान और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को इस अवधि में खासा लाभ मिलेगा। यात्रियों को क्या ध्यान रखना होगा? रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय इन बढ़ाए गए कोचों का लाभ लेने के लिए अग्रिम आरक्षण कराएं। अतिरिक्त कोचों के कारण कुछ फेरों में कोच कंपोजिशन में बदलाव हो सकता है, ऐसे में यात्री अपने कोच नंबर और बर्थ की जानकारी टिकट व स्टेशन डिस्प्ले/एनाउंसमेंट से मिलान कर लें। अस्थायी बढोतरी निर्धारित अवधि तक ही लागू रहेगी, जिसके बाद ट्रेन पूर्व कोच संरचना के साथ संचालित की जा सकती है।
माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि 15 जनवरी से स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे प्रयागराज आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। 15 जनवरी से शुरू होगी 04293 स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 04293 स्पेशल 15 जनवरी को प्रयागराज से रात 8:20 बजे रवाना होगी और रात 2:00 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह ट्रेन माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्वों पर भी चलाई जाएगी, जिसमें 18 जनवरी (मौनी अमावस्या), 23 जनवरी (वसंत पंचमी) और 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) शामिल हैं। मौनी अमावस्या पर 04292 स्पेशल का संचालन इसी तरह मौनी अमावस्या के अवसर पर ट्रेन संख्या 04292 स्पेशल का भी संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन 17 जनवरी को दोपहर 2:00 बजे लखनऊ से रवाना होकर शाम 7:55 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी और नियमित ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम किया जा सकेगा।
उत्तर भारत में घने कोहरे का असर गुरुवार को भी रेल संचालन पर साफ दिखा। लखनऊ से आने-जाने वाली और यहां से होकर गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंचीं। खराब दृश्यता के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम रखनी पड़ी, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालयों में लंबा इंतजार करना पड़ा। तेजस एक्सप्रेस 8:55 घंटे लेट नई दिल्ली से लखनऊ आने वाली 82502 तेजस एक्सप्रेस गुरुवार को 8 घंटे 55 मिनट की देरी से पहुंची। प्रीमियम ट्रेन के इतनी देर से आने के कारण यात्रियों की आगे की यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुईं। शताब्दी से गोरखधाम तक कई ट्रेनें लेट कोहरे का असर दूसरी ट्रेनों पर भी पड़ा— 12004 शताब्दी एक्सप्रेस: 1 घंटा 48 मिनट लेट 12180 आगरा–लखनऊ इंटरसिटी: 6 घंटे 10 मिनट लेट 13240 कोटा–पटना एक्सप्रेस: 7 घंटे 44 मिनट लेट 14866 मरुधर एक्सप्रेस: 3 घंटे 54 मिनट लेट 12226 कैफियात एक्सप्रेस: 6 घंटे 37 मिनट लेट 15566 वैशाली एक्सप्रेस: 5 घंटे 50 मिनट लेट 15734 फरक्का एक्सप्रेस: 7 घंटे 7 मिनट लेट 12556 गोरखधाम एक्सप्रेस: 12 घंटे 26 मिनट लेट चारबाग पर सबसे ज्यादा असर लेट ट्रेनों का सबसे ज्यादा असर चारबाग रेलवे स्टेशन पर दिखा। सुबह से ही प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ जुटती रही। ठंड के बीच बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। राहत के आसार कम मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल कोहरे से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भी ट्रेनों के लेट चलने की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे रेल यात्रियों की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
कैंट सीईओ मनीषा जाट बनी जयपुर डीईओ
सागर| सागर कैंट की सीईओ मनीषा जाट को पदोन्नत किया गया है। दिल्ली से जारी आदेश के तहत उन्हें जयपुर डीईओ के पद पर पदस्थ किया गया है। भोपाल डीईओ अखिल बिहारीदास को सागर सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है। जानकारी के अनुसार सीईओ अभी सागर से रिलीव नहीं हुई हैं। दिल्ली से आदेश आने का इंतजार है।
पहली बार गांव से सड़क सुरक्षा अभियान की शुरूआत
सागर | जिला प्रशासन व परिवहन विभाग 2 जनवरी से सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में अभियान शुरू करने जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि पहली बार किसी अभियान की शुरूआत गांव से की जा रही है। शुक्रवार सुबह 11 बजे बम्हौरी बीका में मुख्य आयोजन होगा, जिसमें कलेक्टर संदीप जीआर, एसपी विकास शाहवाल, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेहनगुरिया सहित अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
SP ओसवाल से धोखाधड़ी का केस:ED कानपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लाई आरोपी,5 दिन का मिला रिमांड
पंजाब के लुधियाना में ओसवाल ग्रुप के मालिक SP ओसवाल से 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गैंग के एक अन्य सदस्य अर्पित राठौर को कानपुर से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर उसे ड्यूटी जज अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्याय जज विशेष कंबोज की अदालत में पेश किया गया। 5 दिन का मिला रिमांड अदालत में ईडी ने आरोपी का 5 दिन का रिमांड हासिल किया है। ED की ओर से पेश वकील अजय पाल सिंह पठानिया ने गैंग के सदस्य का अदालत से 7 दिन का रिमांड मांगा था लेकिन अदालत ने 5 दिन के रिमांड दिया। जानकारी के अनुसार इससे पहले इसी मामले में ED ने रूमी कालिका को गुवाहाटी से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत अदालत में पेश किया गया था। ED द्वारा उसका 10 दिन का रिमांड लिया गया था। 22 दिसंबर को 11 ठिकानों पर की थी छापेमारी यहां यह भी पता चला है कि गिरोह का यही सदस्य रूमी कालिका को इस कार्य में लाने वाला था। ED की जालंधर जोनल ऑफिस की टीम ने 22 दिसंबर को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और असम में 11 ठिकानों पर छापेमारी की। ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA),2002 के तहत मारे गए थे और इस दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। ED ने यह जांच लुधियाना के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। CBI अधिकारी बनकर ठगों ने की थी जाली दस्तावेजजांच में पता चला कि CBI अधिकारी बनकर ठगों ने जाली दस्तावेज और अदालती कागजात का इस्तेमाल कर ओसवाल को 'डिजिटल अरेस्ट' किया और उनसे 7 करोड़ रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। कुल रकम में से 5.24 करोड़ रुपए का पता लगाकर अलग-अलग खातों से वापस ले लिया गया, जबकि बाकी रकम मजदूरों और डिलीवरी करने वालों के नाम पर खोले गए फर्जी खातों के जरिए घुमाई गई। इन खातों से पैसे या तो आगे भेजे गए या तुरंत नकद निकाल लिए गए ताकि पैसे का पता न चल सके। ED को यह भी पता चला कि इन फर्जी खातों को रूमी कलिता नाम की एक महिला चला रही थी, जिसे ठगी की रकम का एक हिस्सा मिलता था। छापेमारी के दौरान मिले सबूतों से पता चला है कि कलिता ने अपराध से कमाए गए पैसे को घुमाने में सक्रिय भूमिका निभाई। 23 दिसंबर को महिला की गिरफ्तार कलिता को 23 दिसंबर को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया। गुवाहाटी की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे चार दिन की ट्रांजिट रिमांड दी, जिसके बाद उसे जालंधर की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 2 जनवरी, 2026 तक 10 दिन की ED हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी ने यह भी बताया कि इसी मामले में 31 जनवरी, 2025 को भी छापेमारी की गई थी, जिसमें कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे। मामले की आगे जांच जारी है।
संगीत विवि में रिजल्ट घोटाला, आउटसोर्स कर्मचारी चढ़ा रहे थे नंबर
संगीत विवि राजा मानसिंह तोमर म्यूजिक एंड आर्टस यूनिवर्सिटी में रिजल्ट घोटाला को उजागर हुए 8 दिन बीत चुके हैं। लेकिन अब तक अनुपस्थित छात्रों के नंबर बढ़ाने वाले जिम्मेदार सामने नहीं आ सके हैं। इस मामले में संगीत विवि के कुलसचिव अरुण चौहान का कहना है कि जांच चल रही है। जबकि कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे का कहना है जांच कमेटी का गठन करने में समय लगा है। जांच शुरू हो चुकी है। कुलसचिव का कहना है कि मामले की जांच अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. के. रत्नम को सौंपी है। चूंकि वह छुट्टी पर हैं इसलिए अभी जांच में समय लग रहा है। हालांकि इस मामले में यह तथ्य सामने आए हैं कि गोपनीय काम में आउटसोर्स व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्टाफ की कमी का हवाला देकर लगाया था। ऐसे कर्मचारियों ने मिलकर उन छात्रों को एग्जाम में पास कर दिया जो परीक्षा में अनुपस्थित थे। इसका खुलासा दैनिक भास्कर ने 26 दिसंबर को परीक्षा में अनुपस्थित छात्र पास... दस्तावेज खुले तो फिर किए फेल शीर्षक नाम से खबर प्रकाशित की थी।
संपत्ति के नामांतरण ऑनलाइन होंगे संपत्ति-जल कर का क्यूआर से पेमेंट
स्मार्ट गवर्नेंस पर नगर निगम लगातार काम कर रहा है। अभी तक संपत्ति, दुकान आदि के नामांतरण के लिए संपत्ति मालिकों को नगर निगम के जोनल कार्यालय और मुख्यालय के चक्कर काटना पड़ते थे। अब इस पर विशेष ध्यान देकर ऑनलाइन सिस्टम से संपत्ति मालिक घर बैठकर आवेदन कर सकेंगे। ये व्यवस्था चालू हो चुकी है। लेकिन अब इस पर कसावट की जा रही है। निगम में इसके अलावा जलकर, संपत्तिकर का पैसा भी ऑनलाइन क्यूआर कोड से लिया जा रहा है। भवन बनाने के लिए स्वीकृति भी संपत्ति मालिक ऑनलाइन कर रहे है। निगम ने इनके टिकट किए ऑनलाइन: नगर निगम ने लोगों की सुविधा को देखते हुए चिड़ियाघर, वोट क्लब और मछली घर आदि के टिकट भी ऑनलाइन बनना शुरू हो चुके है।
भागीरथपुरा:8571 लोगों की जांच, 338 नए संक्रमित मिले, 200 से ज्यादा अब भी भर्ती, 32 की हालत गंभीर
भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार लोगों की संख्या अभी भी 200 के पार है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की 21 टीमों ने क्षेत्र में व्यापक सर्वे किया, जिसमें 1714 घरों के 8571 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 338 नए मरीज सामने आए, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि अब तक कुल 272 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 71 मरीज स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिए गए हैं, जबकि फिलहाल में 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। 32 की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा है। उधर, गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी में हाईलेवल बैठक हुई। नगरीय प्रशासन व आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने जिस लीकेज की बात सामने आ रही है, उससे पूरे इलाके में इतने बड़े स्तर पर पानी का दूषित होना संभव नहीं लगता। जल वितरण लाइनों की दोबारा जांच जरूरी है। साथ ही आसपास की इंडस्ट्री, बोरिंग और अन्य संभावित स्रोतों की भी जांच के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा, लीकेज अकेला कारण नहीं, पूरे सिस्टम की जांच जरूरी है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की भागीरथपुरा में जल संक्रमण से लोगों की मौत के मुद्दे पर शुक्रवार को युवा कांग्रेस नगर निगम मुख्यालय का घेराव करेगी। उधर, सुरक्षा के लिए गुरुवार रात निगम मुख्यालय के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई। महापौर की फिर वही पीड़ा- अफसर सुनते ही नहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव की पीड़ा एक बार फिर सामने आई। बोले- जनहित के मुद्दों पर संवाद ही नहीं होता, फैसले फाइलों में अटक जाते हैं। अफसर सुनते ही नहीं। भागीरथपुरा में चार महीने पहले टेंडर हो चुके थे, लेकिन काम नहीं होने दिया गया। इस पर एसीएस दुबे ने साफ कहा कि पुराने रेट पर ही टेंडर कर काम शुरू किया जाए। एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा ने कहा कि ड्रेनेज लाइन डालने पर इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया, जबकि काम तत्कालीन निगमायुक्त के निर्देश पर हुआ था। ऐसे फैसलों से फील्ड में काम करने का भरोसा टूटता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि सिस्टम में तालमेल की कमी है। मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया व मधु वर्मा, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव मौजूद रहे। टंकी से सप्लाय शुरू, पर पानी पीने की मनाही, नए सिरे से सैंपल ले रहे गुरुवार सुबह अपर मुख्य सचिव संजय दुबे प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने नलों से पानी भरकर सूंघा, कुछ जगह हाथ से पानी की गुणवत्ता परखी और रहवासियों से सवाल किए कि पानी साफ आ रहा है या नहीं। लोगों को समझाइश दी कि फिलहाल इस पानी का उपयोग पीने के लिए न करें। पानी को उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें। रहवासियों ने शिकायत की कि कई दिनों से लाइनों में गंदा पानी आ रहा था। कई बार निगम अफसरों को सूचना दी गई, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतों पर पहले ध्यान दिया जाता तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। दुबे ने आशंका जताई कि नाले का पानी किसी लाइन में तो नहीं जा रहा। उधर, चार दिन बाद जब टंकी से दोबारा पानी सप्लाय शुरू की तो लोगों को आगाह किया कि इस पानी को न पिएं। पानी की सप्लाय के बाद नए सिरे से सैंपल लिए गए। चार दिन में 80 सैंपल पहले ही ले चुके हैं। कांग्रेस ने गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय, विभिन्न जोन और भागीरथपुरा क्षेत्र में विरोध में पोस्टर लगाए। अव्यान के पिता ने नहीं ली आर्थिक मदद : पीड़ितों को मदद के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे। इस दौरान सात लोगों से छह माह के अव्यान के माता-पिता ने आर्थिक मदद लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा बेटा चला गया, मदद लेकर क्या करेंगे।
चार दिन बाद आई पहले सैंपल की रिपोर्ट:भागीरथपुरा के पानी में मिले हैजा फैलाने वाले घातक जीवाणु
भागीरथपुरा क्षेत्र में सप्लाई हो रहे नर्मदा जल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गुरुवार को आई जांच रिपोर्ट में पता चला है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। सैंपल में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक पानी में हैजा फैलाने वाला विब्रियो कोलेरी भी मिला है, लेकिन सरकारी तंत्र इसे अब भी प्रारंभिक रिपोर्ट कहकर टाल रहा है। रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि पानी में जिस तरह के बैक्टीरिया मिले है, इसका मतलब साफ है कि पानी में सीपेज मिल रहा था। भागीरथपुरा से पानी के सैंपल्स रविवार से इकट्ठा किए जा रहे हैं। निगम की खुद की लैब में करीब 80 सैंपल्स भेजे गए। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में पानी और मरीजों के सैंपल कल्चर के लिए भेजे गए। गुरुवार दोपहर निगम की नर्मदा प्रदाय शाखा ने सैंपल्स की रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंपी। इसमें सैंपल्स को ‘अनसेटिस्फेक्ट्री’ बताया गया है। भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपल पीने और अन्य घरेलू उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं था। हां, दूषित तत्व पाए गए हैं भागीरथपुरा से लिए गए पानी के कुछ सैंपल्स की रिपोर्ट मिली है। वे पॉजिटिव है। उसमें पानी को दूषित करने वाले तत्व पाए गए हैं। अभी और रिपोर्ट आना बाकी है। - दिलीप कुमार यादव, निगमायुक्त मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में भी हैजे की आशंका भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से बीमार हुए लोगों का इलाज निजी अस्पतालों के साथ एमवायएच में भी चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में भी हैजा की आशंका सामने आ रही है। इसके बावजूद सरकारी स्तर पर अब तक बीमारी को नोटिफाई नहीं किया गया है। एमवायएच में भर्ती मरीजों को डॉक्सीसायक्लीन दी जा रही है, जो आमतौर पर हैजा के इलाज में उपयोग होती है। मरीजों में दवा का असर भी दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हैंगिंग ड्रॉप टेस्ट से एक घंटे में हैजा की पुष्टि हो सकती है। रविवार से मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रशासन अब भी कल्चर रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया के अनुसार रिपोर्ट आने में दो-तीन दिन लगेंगे। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अब तक हैजा दर्ज नहीं किया गया है। अधीक्षक डॉ. अशोक यादव और डॉ. एडी भटनागर को भी रिपोर्ट की जानकारी नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग ने भी हैजा रिपोर्ट नहीं किया है।
चेन्नई से वाराणसी जा रही इंडिगो की एक उड़ान को खराब मौसम के कारण लखनऊ डायवर्ट किया गया। लखनऊ पहुंचने के बाद एयरलाइन ने उड़ान को निरस्त कर दिया और यात्रियों को दो बसों के ज़रिये वाराणसी भेजने की व्यवस्था की। इसी दौरान बड़ा हादसा सामने आया। 30 दिसंबर की सुबह एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसके बाद यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। नशे में चालक और तेज रफ्तार के आरोप यात्रियों का आरोप है कि बस चालक नशे में थे और घने कोहरे के बावजूद तेज रफ्तार में वाहन चला रहे थे। यात्रियों ने कई बार सुरक्षित और धीमी गति से चलने की अपील की, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। सबसे अहम बात यह रही कि पूरी व्यवस्था के दौरान इंडिगो का कोई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं था। सुबह पांच बजे हादसा, ठंड में सड़क पर फंसे यात्री यात्रियों के अनुसार 30 दिसंबर की सुबह करीब पांच बजे बस हादसे का शिकार हो गई। कड़ाके की ठंड में यात्री घंटों हाईवे पर खड़े रहने को मजबूर रहे। बाद में सौ से अधिक यात्रियों को उनके सामान के साथ दूसरी बस में ठूंस दिया गया, जिससे महिलाओं और बुज़ुर्गों को खासा संकट झेलना पड़ा। सोशल मीडिया पर सामने आई आपबीती यात्री गौतम अशोक और किशोर पहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पूरी घटना साझा की। उनका कहना है कि इंडिगो कस्टमर केयर को 30 से अधिक कॉल की गईं, लेकिन कहीं से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश यात्रियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मंत्रालय ने एयरलाइन की भूमिका, बस व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा में हुई लापरवाही की पड़ताल शुरू कर दी है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स
हादसा:थर्टी फर्स्ट की पार्टी मनाकर लौट रहे युवक-युवती की थार बस में घुसी, नागदा के व्यापारी की मौत
खंडवा रोड स्थित फार्म हाउस से थर्टी फर्स्ट की पार्टी मनाकर लौट रहे दो युवक और एक युवती की थार कार सामने से आ रही बस में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि थार सवार युवक शुभम की मौत हो गई, जबकि एक युवक और युवती घायल हुए हैं। शुभम के परिवार का नागदा में ऑप्टिकल का बड़ा कारोबार है। उसके परिवार में माता-पिता और छोटा भाई है। शुभम की शादी नहीं हुई थी। तेजाजी नगर पुलिस के अनुसार, घटना खंडवा रोड स्थित टपाल घाटी पर गुरुवार तड़के 4 बजे की बताई जा रही है। हादसे में शुभम (24) पिता अंकित कक्कर निवासी नागदा की मौत हो गई। थार में सवार प्रियांश मीणा निवासी नंदानगर और उसकी साथी आयुषी घायल हो गए। दोनों को का उपचार अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि शुभम 28 दिसंबर को अपनी थार लेकर एक प्री-एग्जाम देने इंदौर आया था। फिर प्रियांशु के कहने पर उसके घर पर ही रुक गया था। अस्पताल में शव छोड़ गया युवक: यह भी बताया जा रहा है कि हादसे के बाद सावलिया नामक युवक घायलों और मृतक को अस्पताल लेकर पहुंचा था। वह शव को अस्पताल में छोड़कर चला गया। उधर, बस में भी यात्री सवार थे, हालांकि बस में किसी को चोट नहीं आई। पीछे की सीट पर बीच में बैठा था इसलिए बच नहीं पाया युवक शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों युवा चोखी ढाणी के पीछे स्थित एक निजी फार्म हाउस पर पार्टी मनाने गए थे। लौटते वक्त थार प्रियांश चला रहा था। आगे ही आयुषी भी बैठी थी। शुभम पीछे बैठा था, लेकिन वह दोनों से बात करने के लिए सीट के बीच वाले हिस्से में आ गया था। जैसे ही टक्कर हुई तो थार के बलून खुले। आगे बैठे प्रियांश और आयुषी तो बलून से बच गए, लेकिन शुभम बीच में होने से सीधे थार के डेशबोर्ड से टकराया। उसके सिर में गंभीर चोट लगी और मौत हो गई।
जोधपुर मंडल रेलवे ने प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा करने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ा है। रेलवे ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि वंदे भारत आम ट्रेनों से अलग है; इसमें 'प्लेटफॉर्म टिकट' या 'वेटिंग टिकट' के आधार पर एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। सख्ती का आलम यह है कि रेलवे ने अब तक ऐसे 2100 यात्रियों को पकड़ा है, जिनसे 40 लाख 39 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि वसूल की गई है। 'ऑटोमेटिक लॉक' सिस्टम से फंस रहे परिजन-परिचित वंदे भारत एक्सप्रेस में कई ऐसे लोग भी फंस रहे हैं, जो अपने परिजनों या परिचितों को 'सिर्फ सामान रखवाने' या 'सीट तक छोड़ने' के लिए कोच के अंदर चले जाते हैं। चूंकि ट्रेन के दरवाजे स्वचालित (Automatic) हैं और ट्रेन चलने से कुछ समय पहले सेंट्रल कमांड से लॉक हो जाते हैं, ऐसे में छोड़ने आए लोग अंदर ही कैद हो जाते हैं। ट्रेन सीधा अगले स्टेशन पर ही रुकती है। ऐसे में टीटीई उन्हें 'बिना टिकट यात्री' मानते हुए कार्रवाई करते हैं। जुर्माने का गणित: सामान्य ट्रेन से कई गुना ज्यादा डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे अधिनियम 1989 के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। वंदे भारत में पकड़े जाने पर जुर्माना सामान्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में बहुत ज्यादा है। इस राशि में यात्रा का पूरा किराया और भारी जुर्माना (Penalty) दोनों शामिल होता है। आंकड़े: 18 लाख तो सिर्फ पेनाल्टी के वसूले डीआरएम त्रिपाठी के अनुसार रेलवे टीमों द्वारा कुल वसूली गई 40.39 लाख रुपए की राशि में से 18.57 लाख रुपए तो केवल 'जुर्माना' (Penalty) के हैं, जबकि शेष राशि वास्तविक किराये की है। यानी औसतन हर बिना टिकट यात्री को लगभग 2000 रुपए का फटका लगा है। स्टैंडिंग की अनुमति नहीं रेलवे प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि वंदे भारत पूरी तरह से आरक्षित (Fully Reserved) ट्रेन है। इसमें जनरल कोच नहीं होते, इसलिए 'जुर्माना देकर खड़े होकर यात्रा करने' का भी कोई प्रावधान नहीं है। केवल कन्फर्म टिकट होने पर ही कोच में चढ़ें।
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा आज शुक्रवार को सिरसा आएंगे। यह उनका नए साल में पहला दौरा होगा। जिले की रानियां विधानसभा क्षेत्र में आज पंजाबी महासभा द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शिकरत करेंगे। यह समारोह दोपहर 12 बजे बीडीपीओ दफ्तर रोड पर कालड़ा टेंट हाउस के पास खाली प्लॉट में पंडाल लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, यह आयोजन मेहता और अरोड़ा परिवारों की ओर से किया जा रहा है। हाल में महासभा के सदस्य डिप्टी स्पीकर से मिले थे, जिसके बाद उनका आना तय हुआ। इसे लेकर महासभा पिछले कुछ दिनों से तैयारी कर रही थी। इसके लिए सभी अरोड़ा और मेहता परिवारों को सपरिवार निमंत्रण भेजा गया है। आयोजकों ने समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और पंजाबी महासभा के सदस्यों की भीड़ जुटना शुरू हो गई है। इससे पहले कृष्ण लाल मिड्ढा करीब एक साल पहले माधोसिंघाना गांव में अपना सिरसा एफओयू द्वारा आयोजित किसान मेला और प्रदर्शनी का उद्घाटन करने आए थे।
राज्य सरकार प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का संचालन शुरू करने जा रही है। इसके लिए पटना, गयाजी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, और भागलपुर जिले का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना के तहत बनने वाले इन छात्रावासों में दूसरे जिलों और राज्यों से आकर सरकारी-गैरसरकारी सेवा में कार्यरत महिलाओं को रहने के लिए सुरक्षित और सुलभ सुविधा मिलेगी। छात्रावास का लाभ लेने वाली महिला की मासिक आय अधिकतम 75 हजार प्रति माह होनी चाहिए। छात्रावास की छमता 50 बेड होगी। इसे ‘अपना घर’ की तर्ज पर तैयार महिला विकास निगम संचालन करेगा, ताकि महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक माहौल मिल सके। यह छात्रावास विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाया गया है, जो राज्य में अकेले रहकर सरकारी नौकरी या अन्य सेवाओं में कार्य कर रही हैं। समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रावास में रहने के लिए महिलाओं को किराया नहीं देना होगा। उन्हें केवल भोजन का खर्च उठाना होगा जो तीन हजार रुपए प्रति माह तय की गई है। यहां बेड, टेबल, कुर्सी, 24 घंटे बिजली, शुद्ध पे जल के लिए आरओ, मनोरंजन के लिए टीवी, मुफ्त में वाई-फाई आदि की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद होगा चयन इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास निगम के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगी। अगले माह छात्रावास पूरी तरह तैयार होने के बाद महिलाओं से आवेदन लिए जाएंगे। इसमें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवासन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद काउंसलिंग प्रक्रिया होगी, जिसके आधार पर चयन किया जाएगा। इसके लिए पात्र महिला को जिले में कार्यरत होने से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र पे-स्लिप, स्थानीय अभिभावक का पूर्ण विवरण, दिव्यांगता की स्तिथि में संबंधित प्रमाणपत्र आदि देना अनिवार्य होगा। कामकाजी महिला छात्रावास के संचालन को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी हो चुकी है। छात्रावास की अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, रसोइया और अन्य आवश्यक कर्मियों का चयन किया जा चूका है। सभी संसाधनों की व्यवस्था पूरी होते ही अगले माह से छात्रावास का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। नारी सुरक्षा योजना को मिलेगी मजबूती यह पहल मुख्यमंत्री नारी सुरक्षा योजना को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। सुरक्षित आवास मिलने से महिलाएं बिना किसी भय के नौकरी कर सकेंगी और उनकी आत्मनिर्भरता की राह और आसान होगी। साथ ही यह कदम राजधानी समेत अन्य जगहों पर महिला सुरक्षा और सामाजिक भरोसे को भी मजबूत करेगा। गोला रोड में छात्रावास का संचालन किया जाएगा बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने कहा कि पटना के गोला रोड में छात्रावास का संचालन किया जाएगा। इसके लिए इच्छुक महिलाएं जनवरी महीने से आवेदन कर सकेंगी। छात्रावास को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है, ताकि कामकाजी महिलाओं को घर जैसा माहौल मिल सके।
फतेहाबाद जिले के गांव खजूरी जाटी की बेटी खुशबू बिश्नोई इंडियन एयर फोर्स में भर्ती हुई है। खुशबू अब छह महीने के लिए कर्नाटक में ट्रेनिंग पर रहेंगी। इसके बाद तय होगा कि खुशबू को क्या ड्यूटी मिलेगी। खुशबू ने आठवीं क्लास से ही एयर फोर्स की वर्दी पहनने का सपना देखा था। अब अपने जुनून और कड़ी मेहनत के बल पर उसने अपना मुकाम हासिल किया है। खुशबू की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों ने प्रसन्नता जाहिर की है। दूसरे प्रयास में हुई सफल खुशबू के टीचर रहे सतीश बिश्नोई ने बताया कि खुशबू को दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। इससे पहले उसने पिछले साल भी प्रयास किया था। इंडियन एयर फोर्स साल में दो बार टेस्ट लेती है। पहले टेस्ट पास होता है, फिर फिजिकल पास करना होता है। इस बार के बैच में 16 लड़कियां थी, उनमें खुशबू दूसरे नंबर पर रही हैं। सतीश बिश्नोई ने बताया कि अब खुशबू स्कूल की दूसरी छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बनेंगी। खुशबू ने साबित कर दिया है कि जिस सपने को देखा जाए उसकाे साकार भी किया जा सकता है। जानिए... खुशबू के परिवार और शिक्षा की कहानी प्रिंसिपल ने कहा था, कुछ अलग करके दिखाओ खुशबू के पिता जयसिंह बताते हैं कि खुशबू के स्कूल के प्रिंसिपल सतीश बिश्नोई ने उससे कहा था कि जिले में ज्यादातर छात्र-छात्राएं सामान्य सरकारी नौकरियों पाने के लिए प्रयास करते हैं। तुम कुछ अलग करके दिखाओ। इसके बाद खुशबू ने एयर फोर्स में जाने की ठानी।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री अक्षरा सिंह नए साल के मौके पर गोरखपुर पहुंचीं। नए साल की शुरुआत उन्होंने गोरखनाथ मंदिर जाकर की। अक्षरा सिंह ने गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज के दर्शन किए और विधिवत पूजा-पाठ कर आशीर्वाद लिया। देखिए 2 तस्वीरें... इस खास मौके पर उनके साथ उनके पिता भी मौजूद रहे। पिता के साथ मंदिर पहुंचने से यह पल उनके लिए और भी खास बन गया। मंदिर में दर्शन के बाद अक्षरा सिंह वहां स्थित गौशाला भी गईं। गौशाला में उन्होंने गायों को दुलारा और कुछ समय बिताया। इस दौरान की तस्वीरें और जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा की। एक पोस्ट में अक्षरा सिंह गायों के सामने हाथ जोड़कर खड़ी नजर आ रही हैं, जिसे उनके फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।मीडिया से बातचीत के दौरान अक्षरा सिंह ने कहा कि हमके बहुत अच्छा लागत बा की साल क शुरुआत गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज के आशीर्वाद से होता। आज पापा भी साथे बानी त बड़ा मजा आइल ह कि साल क शुरुआत एकदम अनोखा एकदम शिवमय होखत बा।इससे पहले अक्षरा सिंह 31 दिसंबर की रात गोरखपुर के फ्लोट रेस्टोरेंट में नए साल का जश्न मनाने पहुंची थीं। वहां उन्होंने लोगों के बीच जमकर डांस किया। जैसे ही लोग उन्हें देखे, उनके पास आने लगे। फैंस उनके साथ सेल्फी लेने के लिए काफी उत्साहित नजर आए। अक्षरा ने भी सभी का दिल खोलकर अभिवादन किया और नए साल की शुभकामनाएं दीं।
सिरसा में समाधान ग्रामीण वेलफेयर एंड इम्प्लायमेंट सर्विस लिमिटेड (भारत सरकार) का कार्यालय फर्जी पाए जाने के मामले में अभी तक मुख्य आरोपी पकड़ा नहीं गया है। कार्यालय का हेड बताने वाला हिसार निवासी राममेहर ने लोगों से पैसा ठगने की पूरी प्लानिंग बना रखी थी। उसकी योजना थी कि गांव-गांव फील्ड में जाकर प्रचार करना था और ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ देकर जोड़ना था। पुलिस के अनुसार, इसके लिए आरोपी राममेहर ने स्टाफ काे बकायदा ट्रेनिंग दी थी और पंपलेट भी प्रिंट करवाए और बैनर छपवाए थे। इसी एक तारीख से फील्ड में उतरना था। इससे पहले पुलिस का कार्यालय पर छापा पड़ गया और सारा सामान कब्जे में लेकर उसे सील कर दिया। राममेहर या कोई नुमाइंदा पुलिस के पास नहीं आया है। आरोपी राममेहर का ठिकाना पुलिस को हिसार में मिला है, जो सेक्टर में कोठी पर रहता था। वहां से भी अब ठिकाना बदल लिया है। वह मूलरूप से हिसार के राजपुरा गांव का रहने वाला था। पुलिस जांच में सामने आया है कि हिसार निवासी राममेहर ने साल 2013 में हिसार में भी इसी तरह फर्जी सरकारी कार्यालय खाेला था। वहां भी लोगों से सरकारी योजनाओं के आवेदन भरवाने के नाम पर करीब एक करोड़ रुपए की ठगी की थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और ये केस कोर्ट में चला। आरोपी राममेहर ने इसके अलावा साल 2015 में चंडीगढ़ में इसी तरह का सरकारी कार्यालय खोला था और डेढ़ करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया था। स्टाफ को नौकरी देने के नाम पर पैसे लेता पुलिस के अनुसार, आरोपी राममेहर कार्यालय में स्टाफ को भी पक्की नौकरी देने का झांसा देकर पैसे लेकर ठगी करता। शुरू में बेरोजगार युवाओं को ही निशाना बनाता। कार्यालय में ज्वाइनिंग प्रक्रिया भी सरकार की तरह रखता। ड्यूटी पर टाइम पर आना, लेट होने पर सैलरी काटना या गैरहाजिर लगा देना आदि नियम बना रखे थे। दो से तीन माह तक सैलरी भी नहीं देता। इसके बाद योजनाओं का लाभ दिलाने को लोगों से पैसे ठगी करने का काम करता। कार्यालय में जो भी आमजन आते, उनको ये कहता था कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कार्यालय की सदस्यता लेनी होगी। इसके लिए 1100 रुपए फीस है। तभी कन्या शगुन योजना, लेबर कॉपी व जन्म-मृत्यु से संबंधित योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके लिए आवेदन भरवाने के नाम पर अलग से 500 रुपए तक की फीस लेता। लोग इस बहकावे में आकर आवेदन करवा लेते। जब जरूरत होती तो कुछ नहीं मिलता। सिरसा में दो-ढाई माह पहले खोला था कार्यालय पुलिस के अनुसार, आरोपी राममेहर को सिरसा में फर्जी कार्यालय खोले हुए दो से ढाई माह ही समय बीता था। ऐसे में आमजन से तो नहीं, पर मेल या फीमेल जो स्टाफ रखा था, उनसे नौकरी लगवाने के नाम पर दो से ढाई लाख रुपए लिए थे। उनको सैलरी भी नहीं मिली थी और दो माह तक उनसे काम करवा लिया। मेल के माध्यम से उनको ऑफर लेटर भेजा था। उनमें ज्यादातर नाथुसरी चौपटा एरिया से थे, जो पहले सीएसएसी सेंटर चलाते थे। उनको पूरी जानकारी थी, इसलिए उनको ही चुना। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला 6 नवंबर को पड़ा था छापा सिरसा बस स्टैंड के पास हिसार रोड स्थित तीन मंजिला भवन में कार्यालय खोला था। बैनर, सरकारी योजनाओं के पंपलेट, कंप्यूटर व काउंटर ऐसे लगाए थे, ताकि किसी को फर्जी होने का शक न हो। नीचे बाहर अक्सर नीली बत्ती लगी बोलेरो खड़ी रहती थी। इसी पर पुलिस को शक हो गया और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दी। कार्यालय में फीमेल स्टाफ मिला। स्टाफ ने रजिस्ट्रेशन या अनुमति के दस्तावेज पेश नहीं किए और न ही स्वयं राममेहर आया। पुलिस ने कार्यालय गेट को सील कर दिया और बोलेरो गाड़ी को कब्जे में ले ली, जो रोहतक के व्यक्ति की है।वहीं, समाज कल्याण विभाग ने भी इस समाधान कार्यालय से विभाग का कोई संबंध होने या ऐसी योजना होने से किनारा कर लिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इसे फर्जीवाड़ा मानते हुए राममेहर के खिलाफ सिविल लाइन थाना पुलिस ने धारा 318(2), 205 BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है।
अंग्रेजी नव वर्ष के अवसर पर जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट पर भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से यात्रियों का पारंपरिक तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे पूरे परिसर में भारतीय संस्कार, अतिथि-सत्कार और सांस्कृतिक गरिमा का सुंदर माहौल बन गया। इस पहल ने न सिर्फ यात्रियों का मन जीता, बल्कि आदमपुर एयरपोर्ट को एक विशिष्ट और यादगार पहचान भी दिलाई। नव वर्ष के स्वागत को खास और सांस्कृतिक रूप देने के उद्देश्य से आदमपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने इस बार पारंपरिक अंदाज अपनाया। जैसे ही यात्री एयरपोर्ट परिसर में पहुंचे, उनका स्वागत भारतीय परंपरा के अनुसार माथे पर तिलक लगाकर किया गया। यह दृश्य आधुनिक एयरपोर्ट वातावरण में भारतीय संस्कृति की गहराई और गरिमा को दर्शाता नजर आया। यात्रियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और कई यात्रियों ने इसे अपने सफर का सबसे यादगार पल बताया। इस सांस्कृतिक पहल के दौरान एयरपोर्ट परिसर में सौहार्द और अपनत्व का वातावरण बना रहा। यात्रियों ने कहा कि आमतौर पर एयरपोर्ट पर औपचारिक और व्यस्त माहौल देखने को मिलता है, लेकिन आदमपुर एयरपोर्ट पर मिला यह पारंपरिक स्वागत उन्हें अपने घर और संस्कृति से जुड़ा हुआ महसूस कराता है। कई यात्रियों ने मोबाइल कैमरों में इस पल को कैद किया और सोशल मीडिया पर भी इसकी सराहना की। एयरपोर्ट प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सभ्यता और अतिथि देवो भवः की परंपरा को बढ़ावा देना है। उनका कहना है कि भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता और संस्कारों से है, और यदि यात्री अपने सफर की शुरुआत या अंत ऐसे अनुभव के साथ करें, तो यह सकारात्मक संदेश दूर तक जाता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में भी त्योहारों और विशेष अवसरों पर इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों को आयोजित करने की योजना है। इससे न केवल यात्रियों को अपनत्व का अनुभव मिलेगा, बल्कि आदमपुर एयरपोर्ट की अलग पहचान भी देश और दुनिया के सामने उभरकर आएगी। इस नववर्ष पर की गई यह पहल निश्चित रूप से यात्रियों के लिए यादगार बन गई और भारतीय संस्कृति की सशक्त प्रस्तुति के रूप में सराही जा रही है।
DDU में बनेगा हाई-टेक नर्सरी:नए साल के पहले दिन कुलपति ने किया शिलान्यास, ₹99.65 लाख फंड की स्वीकृति
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि और प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के अंतर्गत स्थापित हाई-टेक नर्सरी का शिलान्यास कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने नए साल के पहले दिन किया। इस हाई-टेक नर्सरी की स्थापना के लिए उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण विभाग से ₹99.65 लाख की स्वीकृति मिली। इस नर्सरी का नाम “एग्रीकल्चर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेंटर (कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र)” रखा गया है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय, छात्रों और किसानों को एक कॉमन प्लेटफॉर्म पर लाकर कृषि शिक्षा, आधुनिक तकनीक और विस्तार सेवाओं को मजबूत बनाना है। 4000 वर्ग मीटर में होगा विकसित यह हाई-टेक नर्सरी 4000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित अत्याधुनिक पॉलीहाउस से सुसज्जित है, जिसमें स्टील संरचना, गटर सिस्टम, यूवी-स्टेबलाइज्ड पॉलीकार्बोनेट मल्टी-वाल शीट, पैड और फैन कूलिंग सिस्टम, माइक्रोप्रोसेसर-नियंत्रित बेंचिंग प्रणाली, पीएआर लैंप सहित प्रकाश संश्लेषण प्रणाली, फॉगर सिस्टम और टैंक फ्लोर जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही एक बिक्री आउटलेट भी स्थापित किया गया है, जहां किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली, रोगमुक्त पौध रोपण सामग्री रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होगी तथा समय और धन की बचत होगी। कृषि विकास को मिलेगी नई दिशा कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस अवसर पर कहा कि यह केंद्र बागवानी फसलों की प्रमाणित किस्मों और हाइब्रिड पौधों की उच्च गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री उपलब्ध कराकर पूर्वांचल के किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा और क्षेत्र के कृषि विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह केंद्र छात्रों के लिए पॉलीहाउस प्रबंधन, पौध प्रवर्धन एवं कृषि विपणन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। बेहतरीन तकनीकों का प्रसार कृषि और प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. राम रतन सिंह ने बताया कि इस नर्सरी के माध्यम से फल और सब्जियों की व्यावसायिक खेती के लिए बेहतरीन तकनीकों का प्रभावी प्रसार किया जाएगा। वहीं संस्थान के समन्वयक डॉ. रामवंत गुप्ता ने इसे पूर्वांचल की कृषि के लिए एक दूरदर्शी और परिवर्तनकारी पहल बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की डीएसडव्ल्यू प्रोफेसर अनुभूति दुबे, नेशनल सीड कारपोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ योगेंद्र कुमार यादव, संस्थान के शिक्षक डॉ नुपूर सिंह,डॉ तल्हा अंसारी, माधवेंद्र बहादुर सिंह, डॉ ऐमन तनवीर, डॉ रुद्राजय मिश्र और संस्थान के प्रक्षेत्र प्रबंधक आशुतोष सिंह और संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रयागराज में बड़ी संख्या में सरकारी डॉक्टरों द्वारा मनमाने रूप से प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके लिए अब खुद DM मनीष कुमार वर्मा एक्शन मोड में दिख रहे हैं। बीते दिनों हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने इस पर नकेल कसने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके तिवारी को सख्त निर्देश दिए हैं। इस प्राइवेट प्रैक्टिस को रोकने के अब DM खुद एक्शन मोड में दिख रहे हैं। इस पर अब वह खुद नजर रखेंगे। उधर, DM के निर्देश के बाद CMO डॉ. एके तिवारी ने स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल समेत सभी अस्पताल के अधीक्षकों को पत्र लिखा है जिसमें स्पष्ट कहा है कि उनके अस्पताल का डॉक्टर किसी भी स्थिति में प्राइवेट प्रैक्टिस न करे। अन्यथा की स्थिति में तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। CMO बोले, गोपनीय तरीके से कराई जाएगी जांच दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में CMO डॉ. एके तिवारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए गोपनीय तरीका अपनाया जा रही है। अस्पतालों में पहुंचकर गोपनीय तरीके से यह प्रमाण जुटाएगी कि संबंधित प्राइवेट अस्पताल में कौन से सरकारी अस्पताल का डॉक्टर वहां आपका प्रैक़्टिस कर रहा है। ऐसे लोगों की सूची सीधे जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। CMO ने बताया, जनपद के सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों को भी इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। कोई भी शिकायतकर्ता यदि प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने की शिकायत करता है तो उसकी गोपनीय जांच कराई जाएगी। कई HOD चला रहे प्राइवेट अस्पताल दरअसल, पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्राइवेट प्रैक्टिस रोकने लिए सख्त निर्देश शासन को दिए थे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रदेश स्तर के अधिकारियों को कोर्ट में खड़ा होना पड़ा था। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसआरएन, मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय आदि के कई एचओडी व प्रोफेसर, एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर के नाम भी सामने आए थे जो खुद शहर में बड़े अस्पताल चला रहे हैं। सख्ती ज्यादा हुई तो कुछ दिनों तक प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगी लेकिन स्थिति फिर उसी तरह हो गई। इसमें शहर के कुछ बड़े डॉक्टरों के नाम भी शामिल थे जिनके लिए कार्रवाई के लिए कहा गया था लेकिन कुछ नहीं हो पाया था। अब एक बार फिर जिलाधिकारी इस पर सख्त दिख रहे हैं। CMS ने कहा, प्राइवेट प्रैक्टिस न करें डॉक्टर उधर, DM के निर्देश के बाद तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) की CMS डॉ. भावना शर्मा ने अस्पताल के सभी डॉक्टरों को पत्र लिखा है जिसमें जिलाधिकारी के निर्देश का हवाला देते हुए स्पष्ट कहा है कि वह प्राइवेट प्रैक्टिस न करें वरना इसकी सूचना जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी जिसके लिए वह खुद जिम्मेदार होंगे।
हरियाणा के श्रम विभाग में वर्क स्लिप के वेरिफिकेशन और लेबर रजिस्ट्रेशन से जुड़े 1500 करोड़ रुपए के घोटाले पर सीएम नायब सैनी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार इस मामले की गहन जांच के लिए एक हाई लेवल इन्वेस्टिगेशन कमेटी का गठन किया गया है, जो एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस कमेटी में 2 आईएएस और एक आईपीएस को जिम्मेदारी दी है। श्रम विभाग की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री अनिल विज देख रहे हैं। उन्होंने ने ही अपने विभाग में इस घोटाले को उजागर किया है। CMO को नहीं मिला लेटर श्रम मंत्री अनिल विज ये दावा कर रहे हैं कि श्रम मंत्री हरियाणा द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में ऐसा कोई लेटर नहीं मिला है। हालांकि, विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल प्रस्तुत की गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि विभाग ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार है, लेकिन शेष नौ जिलों की रिपोर्ट लंबित हैं। इसलिए विभाग ने सूचित किया कि शेष जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। CM ने फाइल वापस भेज पूरी रिपोर्ट तलब की मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन फाइल वापस भेज दी तथा श्रम मंत्री से सभी जिलों की पूर्ण रिपोर्ट, वित्तीय हानि के सही आंकड़ों समेत प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, रिपोर्ट अभी तक लंबित है। यह मुद्दा निर्माण श्रमिकों और श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें मिलने वाले लाभों से संबंधित है। आरोप लगाया गया है कि जिन कार्यों पर उन्होंने श्रम किया था, वे सही नहीं हैं, इसलिए उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध प्रतीत होता है। यहां पढ़िए कमेटी में कौन अधिकारी... आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने पंकज अग्रवाल, आईएएस की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है, जिसमें राजीव रतन, आईएएस और पंकज नैन, आईपीएस सदस्य हैं।यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और विभिन्न अधिकारियों तथा अन्य लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं का पता लगाएगी। इसके अलावा, यह समिति विभाग को सुधारात्मक या निवारक उपायों की भी सिफारिश करेगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो। यह समिति सभी तथ्यों की जांच कर एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। विज ने खुद किया घोटाला उजागर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने 2 दिन पहले बताया था कि हाल ही में उन्होंने बोर्ड की एक मीटिंग की थी। इस मीटिंग में बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति में गड़बड़ियां पाई गईं, साथ ही निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का लाभ देने में भी गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दे दिए। तब सामने आया कि ये गड़बड़ी 6 जिलों में हुई है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का सच से सामनाइंदौर में पत्रकार को गाली देकर बैकफुट पर आए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खेद जताया और फिर जनता के बीच जाकर फिर से फ्रंटफुट पर आने की कोशिश की। लेकिन इस दौरान कई जगहों पर उनका सच से सामना हो गया। दूषित पानी से मौतें होने के बाद मंत्री विजयवर्गीय स्कूटर से इलाके में घूमे। वे पीड़ित परिवारों से मिले। इस दौरान कई बार ऐसी स्थिति बनी कि लोगों ने उनके सामने समस्याएं रखी। लोगों का आक्रोश ऐसा था कि विजयवर्गीय उनकी सुनते और आगे बढ़ जाते। एक वीडियो में महिलाएं उनसे कह रही हैं कि पिछले दो साल से गंदा पानी आ रहा है। भाजपा पार्षद को बार-बार बताया गया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। एक पीड़ित परिवार ने तो सहायता राशि का चेक लेने से ही इनकार कर दिया। हालांकि बाद में विजयवर्गीय ने उन्हें समझाया। लोगों की मौतों से पसरे मातम के बीच मंत्री विजयवर्गीय एक जगह एक ठेलागाड़ी से मटर उठाकर खाते नजर आए। बाद में मीडिया के सामने आकर उन्होंने हालात को काबू में होने का दावा किया। कहा कि छोटी-छोटी प्रॉब्लम थी वो सॉल्व हो गई है। नाग और युवक ने साथ मिलकर अलावा तापाकाला नाग.. सामने आ जाए तो अच्छे-अच्छों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। लेकिन भिंड के लहार क्षेत्र में एक युवक काले नाग के साथ बैठा। दोनों ने मिलकर अलाव तापा। साथ ही आपस में बातें भी की। आपको सुनकर हैरानी हो रही होगी। लेकिन ऐसा एक वीडियो सामने आया है। हुआ यूं कि अरूसी गांव का युवक अपने खेत पर गया था, जहां उसने सड़क किनारे पड़े एक सांप को देखा। वह बेहोशी की हालत में था। युवक को लगा कि ठंड के चलते उसकी ये हालत हुई है। जिसके बाद वह सांप को अपने साथ लाया और अलाव जलाकर उसे तपाया। थोड़ी देर में नाग वहीं युवक के पास बैठ गया और अलाव तापने लगा। इस दौरान युवक उससे बातें करने लगा। नाग भी फन हिलाता नजर आया। इससे ऐसा लगा मानो वह युवक की बातों का जवाब दे रहा हो। युवक ने उससे कहा- फिर रहे थे रोड किनारे, मर-वर जाते.. बचा लाए.. तापो बढ़िया आराम से..। किसी को काटना मत.. आराम से रहना.. बहुत बड़ी जिंदगी है तुम्हारी। लोग इस वीडियो को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर भी कर रहे हैं। फिल्मी डॉयलाग के जरिए विरोधियों को जवाबकांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह पिता दिग्विजय सिंह के लिए खुलकर मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वाइस ओवर में फिल्मी डॉयलाग है। इसके जरिए विरोधियों को जवाब दिया गया है। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने हाल ही में मोदी और आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर शेयर कर संघ और भाजपा संगठन की तारीफ की थी। इसे लेकर वे अपनों के निशाने पर भी आ गए थे। कई लोगों ने दिग्विजय सिंह की निष्ठा पर ही सवाल खड़े कर दिए। भाजपा ने तो उन्हें खुला ऑफर दे दिया। ऐसे में दिग्विजय के बेटे जयवर्धन ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। साथ ही मैसेज दिया- करारा जवाब मिलेगा। उनके शेयर किए वीडियो में ये डॉयलाग कहे गए हैं। - 'बौखला गए हैं। खलबली मच गई है। बदहवासी छाई है। सिंगल पॉइंट एजेंडा है कि कैसे हमारी एकता तोड़े। बेबुनियाद आरोप, मनगढंत स्कैंडल और खोद-खोदकर कीचड़ उछाल रहे हैं हम पर। मगर आसमान में थूकने वालों को ये पता नहीं है कि पलटकर थूक उन्हीं के चेहरे पर गिरेगा। करारा जवाब मिलेगा।' भाजपा सांसद ने ली माला नहीं पहनने की कसमसीधी से भाजपा सांसद राजेश मिश्रा ने कसम ली है कि जब तक सीधी में रेल नहीं आ जाती, वे किसी भी कार्यक्रम में माला नहीं पहनेंगे। चाहे वह पार्टी का कार्यक्रम हो या कोई अन्य सार्वजनिक आयोजन। एक कार्यक्रम के मंच से सीधी जिले की सालों पुरानी रेल मांग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक वादा नहीं, बल्कि जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने अपने पिछले संकल्प का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी शपथ के बाद सीधी में ट्रेन का ट्रायल संभव हुआ। अब ये एक तीर से दो निशाने लगाने जैसा है। रेल आ गई तो लोग कहेंगे सांसद जी ने इसके लिए भरपूर कोशिश की थी। नहीं आई तो कहेंगे, सांसद जी ने प्रयास तो किए। ये भी पढ़ें - सवाल पूछा तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गाली दी: झूले की तरह हिल रहा पुल, सुध लो सरकार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने एक पत्रकार को गाली दे डाली। हुआ यूं कि पत्रकार ने उनसे इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों को लेकर सवाल किया। इस पर मंत्री ने कहा- तुम फोकट सवाल मत पूछो। रिपोर्टर ने आपत्ति ली तो मंत्री ने उसे अपशब्द कहा। पूरी खबर पढ़ें
नए साल 2026 के पहले दिन गुरुवार को करीब 25 लाख श्रद्धालु अयोध्या-काशी और मथुरा पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा भीड़ युवाओं की थी, जिन्हें Gen-Z कहा जाता है। ऐसी तस्वीरों को देख लगा कि अब यूपी का ट्रेंड बदल रहा है। युवाओं ने साल के पहले दिन की शुरुआत मंदिरों से की। देखिए VIDEO...
गोरखपुर में एक ओर पूरा शहर नए साल के जश्न में डूबा रहा, वहीं दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल में खुशियों का दोहरा अवसर देखने को मिला। 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच अस्पताल में कुल 29 बच्चों ने जन्म लिया। इन नवजातों के आगमन से उनके परिवारों में खुशी की लहर है और परिजनों ने इसे 'नए साल का सबसे प्यारा तोहफा' बताया है। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, इन दो दिनों में कुल 12 बेटों और 17 बेटियों का जन्म हुआ। माताओं ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नए साल की शुरुआत ईश्वर के इस अनमोल उपहार के साथ होना उनके लिए बेहद खास है। यह बच्चा हमारे परिवार के लिए नई उम्मीदें और सौभाग्य लेकर आया है। 31 दिसंबर को कुल 16 डिलीवरीडॉक्टर कमलेश ने बताया- 31 दिसंबर को कुल 16 डिलीवरी हुई, जिसमें 8 नार्मल और 8 सीजेरियन से। नार्मल डिलीवरी से पैदा हुए बच्चों में 3 बेबी बॉय और 5 बेबी गर्ल्स शामिल हैं। जबकि सीजेरियन से भी 3 बेबी बॉय और 5 बेबी गर्ल्स पैदा हुई। 1 जनवरी को शाम 4 बजे तक कुल 13 बच्चों ने जन्म लियावहीं 1 जनवरी 2026 के दिन सुबह से शाम 4 बजे तक कुल 13 बच्चों ने जन्म लिया। जिसमें 10 महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी हुई और 3 का सीजेरियन। नॉर्मल डिलीवरी से पैदा हुए बच्चों में 6 बेबी बॉय और 4 बेबी गर्ल शामिल हैं। जबकि सीजेरियन से 3 बेबी बॉय ने ही जन्म लिया। अस्पताल में उत्सव का माहौल नए साल के पहले दिन जन्म लेने वाले बच्चों के वार्ड में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी मुस्तैद रहे ताकि जच्चा और बच्चा दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। परिवारों ने मिठाई बांटकर नए साल और नए मेहमान का स्वागत किया।
नए साल की शुरुआत के साथ ही भोपाल के वन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचे। शहर के पास स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व और राजधानी के वन विहार ने पर्यटकों को बाघों ने अपनी ओर खींचा है। वन विहार में नए साल के मौके पर एक ही दिन में 6,858 पर्यटक पहुंचे, जो अब तक का सर्वाधिक एकदिवसीय आंकड़ा है। वन विहार के डायरेक्टर विजय कुमार के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ पहुंचे और वन्यजीवों को करीब से देखने का आनंद लिया। पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र जूनागढ़ से लाया गया सिंह जोड़ा रहा, जिसने हाल ही में केनाइन डिस्टेंपर वायरस को मात दी है। वन विहार की डिप्टी डायरेक्टर रूही हक ने बताया कि सिंह के बाड़े में विशेष इंतजाम किए गए हैं। उसकी सेहत और गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए बांस से बना विशेष रैंप तैयार किया गया है, जिस पर सिंह का शान से बैठना और टहलना पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। कई लोग लंबे समय तक उसके मूवमेंट को निहारते नजर आए। रातापानी: बाघों ने बढ़ाया रोमांच, सभी 10 गाड़ियां बुकरातापानी टाइगर रिजर्व में बाघों की मौजूदगी ने पर्यटकों का उत्साह और बढ़ा दिया है। सीमित संख्या में सफारी संचालन के चलते यहां 5 जनवरी तक ऑनलाइन बुकिंग फुल हो चुकी है। यह पहली बार है जब रिजर्व की सभी 10 सफारी गाड़ियां लगातार कई दिनों से पूरी तरह बुक हैं। नियंत्रित प्रवेश और सीमित सीटों के बावजूद पर्यटकों ने बाघों के साथ अन्य वन्य प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का रोमांचक अनुभव लिया।
ठगी का मामला:एपीके लिंक भेज 2.49 लाख ठगे, सूझबूझ से खाते में होल्ड हुई रकम
बैरसिया के ग्रामीण राधेश्याम शर्मा के साथ शातिर जालसाज ने 2 लाख 48 हजार 943 रुपए की ठगी कर दी। आरोपी ने यह ठगी एंड्रॉयड पैकेज किट (एपीके) लिंक के जरिए की, जिसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया गया था। थाना प्रभारी बैरसिया वीरेंद्र सेन ने बताया कि बीती 28 दिसंबर को ग्रुप में आई लिंक पर राधेश्याम ने जैसे ही क्लिक किया, उसके कुछ देर बाद ही उनके खाते से रकम कटने लगी। चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 2,48,943 रुपए खाते से निकाल लिए गए। पैसे कटने का मैसेज आते ही राधेश्याम को ठगी का अंदेशा हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद राज्य साइबर पुलिस ने प्राथमिक स्तर पर शून्य पर प्रकरण दर्ज किया। जांच के बाद केस डायरी बैरसिया पुलिस को भेजी गई, जहां असल पर अपराध दर्ज किया गया है। हालांकि, समय पर की गई शिकायत के कारण ट्रांजेक्शन होल्ड करवा दिया गया है। एपीके लिंक से सावधानएपीके लिंक एंड्रॉयड ऐप की फाइल होती है, जो गूगल प्ले स्टोर के बाहर से भेजी जाती है। इसे क्लिक करने से मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। इससे बैंकिंग, ओटीपी की जानकारी ठगों तक पहुंच जाती है। Install from unknown sources बंद रखें। ठगी पर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
वायरल फीवर का बदला पैटर्न चिंता का सबब बन रहा है। यह एक में खत्म नहीं हो रहा, बल्कि 2-3 दिन की राहत के बाद दोबारा लौट रहा है, वह भी पहले से ज्यादा गंभीर रूप में। डॉक्टरों का कहना है कि इस पैटर्न के कारण मरीज ज्यादा कमजोर हो रहे हैं और रिकवरी का समय भी बढ़ रहा है। शुरुआत आमतौर पर गले में तेज दर्द और हल्के बुखार से होती है। शुरुआती 24-48 घंटे में मरीज इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर देता है। लेकिन, 48 से 72 घंटे बाद अचानक तेज बुखार, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी के साथ बीमारी दोबारा हमला करती है। कई मामलों में बुखार उतरने के बाद फिर आ रहा है। ऐसे मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जेपी अस्पताल, हमीदिया अस्पताल, एम्स भोपाल सहित निजी अस्पतालों में हर दिन 1000 से अधिक मरीज बुखार, सर्दी-खांसी और गले के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस संक्रमण की चपेट में हैं। कामकाजी लोग पूरा आराम नहीं कर रहे, जिसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त आराम न करने से वायरल हो उभर रहा है और कमजोरी बढ़ रही है। जांच के बिना दवा खतरनाक... एमडी मेडिसिन डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, मौसम में उतार-चढ़ाव, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर इम्युनिटी इसकी प्रमुख वजहें हैं। कई मरीजों में डेंगू और चिकनगुनिया से मिलते-जुलते लक्षण भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में ब्लड टेस्ट और प्लेटलेट काउंट की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। बिना जांच के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेना स्थिति बिगड़ सकती है। इसी कारण सरकारी और निजी अस्पतालों में आने वाले अधिकांश मरीजों की ब्लड जांच कराई जा रही है। 3 दिन बाद बुखार लौटे तो जांच कराएंसीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण कई मरीज लंबे समय तक परेशान हो रहे हैं। ठीक होने के बाद भी थकान, कमजोरी और गले में दर्द की शिकायत बनी रह सकती है। सामान्य तौर पर वायरल फीवर एक सप्ताह में ठीक हो जाता है, लेकिन मौजूदा मामलों में लक्षण लंबे समय तक बने हुए हैं। ऐसे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और सख्ती से कोविड जैसे एहतियाती नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक फैलकर उन्हें बीमार न कर दे। लक्षण जो कर रहे हैं अलर्ट लोगों को सलाहवायरल फीवर में बाहर का खाना न खाएं। बुखार या सर्दी-खांसी को नजरअंदाज न करें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें। पेशाब कम हो, पैरों में सूजन आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। पूरा आराम और सावधानी ही वायरल से बचाव का प्रभावी तरीका है।
लायंस क्लब ने जरूरतमंदों को सिलाई मशीन और ट्राइसाइकिल दीं
जालंधर| लायंस क्लब जालंधर ने प्रधान प्रभजोत सिद्धू की अगुवाई में लांयस भवन में कार्यक्रम करवाया। इस मौके पर जरूरतमंदों को ट्राइसाइकिल और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए सिलाई मशीन भेंट कीं। प्रोजेक्ट में मितुल चोपड़ा व पीआरओ सुरेंद्र सिंह ने सहयोग किया। रीजन चेयरमैन अश्वनी सहगल ने बताया कि क्लब लगातार समाज सेवा के कार्य कर रहा है। छात्रों को आर्थिक मदद, फूड फॉर हंगर, मेडिकल कैंप, बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में क्लब ने पांच ट्रक राहत समग्री के भेजना काबिल ए तारीफ है। यहां पूर्व प्रधान जोगिंदर सिंह, मनीष चोपड़ा, सीनियर उप प्रधान अश्वनी मल्होत्रा, सतबीर सिंह भाटिया, सचिव परमजीत सैनी, मितुल चोपड़ा, जॉइंट सेक्रेटरी जगन नाथ सैनी, मीडिया चेयरमैन साहिल अरोड़ा, ए के बहल, खुशपाल सिंह, मोहित सलूजा, गुरदीप सिंह ठुकराल आदि मौजूद रहे।
चिंतपूर्णी मंदिर में भक्तिभाव से नववर्ष का शुभारंभ
जालंधर| चिंतपूर्णी (ब्रह्म अखाड़ा) प्रबंधक कमेटी, बिक्रमपुरा में नववर्ष का स्वागत श्रद्धा, भक्ति के साथ किया गया। सुबह से लेकर शाम तक भजन मंडलियों ने भजनों की प्रस्तुति दी। स्त्री सत्संग सभा ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभा की रजनी भसीन, रेनू नायर, नीरू कपूर, रानी शर्मा, भोली बंसल, नीरू महिंद्रू, ममता वर्मा और रजनी शारदा की उपस्थिति एवं समर्पण सराहनीय रहा। कमेटी सचिव और अधिवक्ता अनिल पाठक ने कहा कि नववर्ष का स्वागत भक्ति और सेवा भाव के साथ करने से श्रेष्ठ कोई और तरीका नहीं हो सकता। कमेटी अध्यक्ष जवाहर सहगल ने श्रद्धालुओं को नए साल की शुभकामनाएं दीं। यहां भगवान दास खोसला, रजनीश, अशोक मजीठा, अश्वनी गुप्ता, श्याम लाल, राकेश थापर, योगेश्वर शर्मा, मदन लाल बाहरी, करण खोसला आदि मौजूद रहे।
नए साल पर ईस्टवुड में बाउंसरों और युवकों के बीच मारपीट, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
भास्कर न्यूज | जालंधर नए साल का स्वागत ईस्टवुड में हंगामे और हिंसक झड़प में बदल गया। शुक्रवार रात शराब के नशे में धुत युवकों और बाउंसरों के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बाउंसर युवकों को बुरी तरह पीट रहे हैं और कुछ युवक ईस्टवुड की संपति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। एक और वायरल वीडियो में देखा गया कि दो युवक फाउंटेन के बीच जमकर नाच रहे हैं। उन फाउंटेन को भी नुकसान पहुंचा है। ये घटना तब हुई, जब शराब पीकर हुल्लड़बाजी कर रहे युवकों को बाउंसरों ने रोकना चाहा और बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसके साथ एक अन्य वीडियो, जो कि हाईवे की सर्विस रोड पर लड़ाई की बनी है, उसमें कुछ युवक एक-दूसरे के साथ लड़ाई कर रहे हैं और एक युवक तेजधार हथियार लेकर जोर से वार कर रहा है। ईस्टवुड प्रबंधन के त्रिवेणी मल्होत्रा ने पुष्टि की है कि युवकों ने शराब के नशे में संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया। बाउंसरों ने केवल अपनी ड्यूटी निभाई थी और संपत्ति की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप किया था, लेकिन उन पर हमला किया गया। मौके पर पुलिस भी मौजूद थी। हालांकि अब तक किसी के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। वहीं, जालंधर के जिन युवकों के साथ मारपीट हुई है, उनका आरोप है कि उन्हें डांस करने से रोका गया और गालियां निकाली गईं। इससे बात हाथापाई तक पहुंच गई। बाउंसरों ने मिलकर पीटा, जबकि पुलिस भी मौके पर देखती रही। अगर पुलिस सही ढंग से सीसीटीवी चेक करे और वीडियो देखे तो पता चल जाएगा कि कौन किस को मार रहा है। वहीं ईस्टवुड के साथ वाले रिजॉर्ट में शो देखने को लेकर हंगामा हो गया और कुछ लोगों को अंदर नहीं जाने दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने युवकों को शांत करवाया।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान व लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। दोनों एक दूसरे के पर अब सीधे हमले करते जा रहे हैं। वड़िंग व आशु की लड़ाई में लुधियाना कांग्रेस दो खेमों में बंट गई। लुधियाना के चार विधानसभा हलकों में दोनों गुटों के नेता आमने-सामने होने लगे हैं। लुधियाना पश्चिमी, लुधियाना दक्षिणी, आत्म नगर व साहनेवाल हलके में राजा वड़िंग व आशु ने अपने-अपने नेताओं को खड़ा कर दिया। यही कवायद लुधियाना केंद्रीय, लुधियाना उत्तरी और लुधियाना पूर्वी में भी चल रही है। पार्टी में चल रही गुटबाजी का असर आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के नतीजों पर पड़ेगा। वड़िंग ने आशु बता दिया विरोधी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को पार्टी विरोधी तक कह दिया। जब पार्षद पति इंद्रजीत इंदी पर पर्चा हुआ था तब आशु ने कहा था कि प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग वर्कर्स के साथ खड़े नहीं होते। इसके जवाब में वड़िंग ने कहा कि प्रधान के खिलाफ बात करने वाला विरोधी ही होता है। वड़िंग ने कहा कि वो वर्कर्स के लिए लड़े हैं इसीलिए आज इस पोजिशन पर हैं जो नहीं लड़े उन्हें लोगों ने घर बैठा दिया। आशु को घेरने पर वड़िंग का फोकस राजा वड़िंग भारत भूषण आशु को उनके ही हलके लुधियाना पश्चिमी में घेरने में जुटे हैं। राजा वड़िंग ने पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। पवन दीवान अलग-अलग मुहिम चलाकर हलके में लोगों से संपर्क करने में जुटे हैं। यही नहीं राजा वड़िंग की पत्नी अमृता वड़िंग भी पवन दीवान के साथ हलका पश्चिमी के कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं। आत्म नगर में बैंस के सामने कड़वल हुए खड़े लोकसभा चुनाव के दौरान राजा वड़िंग ने लोक इंसाफ पार्टी का कांग्रेस में विलय करवाया और सिमरजीत सिंह बैंस व बलविंदर बैंस को कांग्रेस में शामिल किया। सिमरजीत सिंह बैंस ने आत्मनगर हलके से बड़ी लीड दिलाई थी। उसके बाद वड़िंग ने सिमरजीत सिंह बैंस को आत्म नगर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करने को कह दिया। वहीं अब आशु गुट के कमलजीत सिंह कड़वल ने भी खुद को आत्म नगर हलके का इंचार्ज बताना शुरू कर दिया। कड़वल ने नए साल के मौके पर एक पोस्टर जारी किया जिसमें आशु व चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो है और खुद को कांग्रेस का हलका इंचार्ज बताया है। सिमरजीत सिंह बैंस व कमलजीत सिंह कड़वल के बीच पहले से ही 36 का आंकड़ा। दक्षिणी हलके में बलविंदर बैंस बनाम ईश्वर जोत चीमा विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस के टिकट पर आशु गुट के ईश्वर जोत सिंह चीमा ने चुनाव लड़ा, तब से वो बतौर हलका इंचार्ज काम कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान बलविंदर सिंह बैंस कांग्रेस शामिल हुए तो वड़िंग ने उन्हें दक्षिणी हलके में सक्रिय रहने को कह दिया। दक्षिणी हलके में एक तरफ आशु गुट के ईश्वर जोत सिंह चीमा सक्रिय हैं वहीं दूसरी तरफ वड़िंग गुट की तरफ से बलविंदर बैंस सक्रिय हो गए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बलविंदर बैंस और ईश्वर जोत सिंह चीमा दोनों चुनाव हार गए थे। बलविंदर बैंस इस हलके से पहले विधायक रह चुके हैं। साहनेवाल में बिक्रम बाजवा के खिलाफ बगावत साहनेवाल में पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्ठल के दामाद ब्रिकम सिंह बाजवा हलका इंचार्ज हैं। इन दिनों बिक्रम बाजवा भी राजा वड़िंग गुट में चल रहे हैं। वहीं साहनेवाल हलके में युवा कांग्रेस के नेता लक्की संधू ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लक्की संधू ने साफ कर दिया कि जो व्यक्ति साहनेवाल में नहीं रहता है वो कैसे लोगों से जुड़ सकता है जबकि विपक्षी पार्टियों के नेता रोजाना हलके में घूमते हैं। लक्की संधू ने जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनाव में हार के लिए सीधे तौर ब्रिक्रम बाजवा को जिम्मेदार ठहरा दिया। लक्की संधू का कहना है वो जल्दी ही प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मिलेंगे और हलका साहनेवाल की हकीकत से उन्हें रूबरू करवाएंगे।
झांसी में 70 लाख की रिश्वत लेने वाली सेंट्रल जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर (IRS अफसर) प्रभा भंडारी बहुत शातिर है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई उनके नमो होम्स स्थित फ्लेट नंबर A–311 की तलाशी लेना चाहती थी, मगर प्रभा भंडारी ने फ्लेट की चाबी नहीं दी। वो लगभग 24 घंटे तक सीबीआई को छकाती रही। फ्लेट के बाहर सीबीआई टीम डेरा डाले थी। जब चाबी नहीं मिली तो टीम ने लॉक तोड़ने वाले मैकेनिक बुलाए। लॉक तोड़कर सीबीआई टीम फ्लेट के अंदर दाखिल हुई। 4 घंटे तलाशी ली गई। सीबीआई के एक अफसर ने बताया- फ्लेट से लगभग 30 लाख रुपए के गहने, डेढ़ लाख रुपए कैश और फ्लेट के कागजात मिले है। ये फ्लेट प्रभा भंडारी और उनके पति के नाम पर है। अब प्रभा भंडारी के बैंक खातें भी खंगाले जा रहे हैं। 18 दिसंबर को सेंट्रल GST ने जय अम्बे प्लाईवुड और जय दुर्गा हार्डवेयर पर छापा मारकर करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी थी। जीएसटी अफसरों ने मामले को निपटाने और टैक्स को घटाकर 50 लाख करने की एवज में डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांगी। सीबीआई ने मंगलवार को 70 लाख की घूस लेते सुपरिटेंडेंट अनिल तिवारी और अजय शर्मा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उनके साथ दुर्गा हार्डवेयर फर्म के मालिक राजू मंगनानी और वकील नरेश को भी अरेस्ट किया था। बाद में दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को अरेस्ट कर लिया था। CBI की FIR में दो और कारोबारियों के नाम झांसी सेंट्रल जीएसटी ऑफिस में रिश्वतखोरी का खुलासा होने के बाद सीबीआई ने लखनऊ में 7 नामजद व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसमें डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, जीएसटी सुपरिडेंटेंड सिविल लाइन निवासी अनिल तिवारी और शिवाजी नगर निवासी अजय शर्मा, सिविल लाइंस निवासी वकील नरेश कुमार गुप्ता और मयूर विहार कॉलानी निवासी जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगनानी अरेस्ट हो चुके हैं। इसके अलावा राजू का भाई तेजपाल मंगनानी और आवास विकास कॉलोनी-1 निवासी जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी को भी आरोपी बनाया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई इंस्पेक्टर आशीष कुमा सिंह कर रहे हैं। सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर समेत दोनों सुपरिडेंटेंड की अकूत संपत्तियां खंगालना शुरू कर दिया है। 12 दिन से पल-पल का इनपुट जुटा रही थी सीबीआई 18 दिसंबर को डिप्टी कमिश्नर प्रभारी भंडारी के नेतृत्व में जीएसटी टीम ने झोकन बाग स्थित जय अम्बे प्लाईवुड और जय दुर्गा हार्डवेयर के ऑफिस और गोदामों पर छापा मारा था। यहां बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी गई थी। केस को निपटाने के लिए फर्म मालिकों और सेंट्रल जीएसटी के अफसरों के बीच बड़ी डील हो चुकी थी। इसकी खबर सीबीआई तक पहुंची तो सीबीआई ने पल-पल का इनपुट जुटाना शुरू किया। इसमें पता चला- जब दोनों फर्मों पर छापा पड़ा तो मालिकों ने मामला निपटाने के लिए अधिवक्ता नरेश गुप्ता से बात की। नरेश ने सुपरिडेंटेंड अनिल कुमार से बात की और रिश्वत लेकर मामले को निपटाने की पेशकश की। तब अनिल बोला- बड़ी मात्रा में टैक्स चोरी है। मेडम प्रभा भंडारी भी तलाशी स्थल पर मौजूद हैं। फिर भी मदद करेंगे। फर्म मालिक लोकेश व राजू मंगतानी ने सुपरिडेंटेंड अनिल तिवारी और फिर अजय के आवास पर मीटिंग की। जहां पूरे मामले को निटपाने का सौदा हुआ। अफसरों ने मामले को निपटाने और कर को घटाकर 50 लाख करने के एवज में डेढ़ करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी। फर्म मालिक ने रुपए कम करने के लिए कहा तो बोले कि मेडम ने रिश्वत की राशि कम करने के लिए मना कर दिया। पूरे डेढ़ करोड़ रुपए लगेंगे। 29 दिसंबर को नरेश ने राजू मंगनानी से कहा कि साहब को देने के लिए रुपए तैयार रखो। 30 दिसंबर को सीबीआई ने डिप्टी कमिश्नर समेत 5 आरोपियों को अरेस्ट कर 1.60 लाख रुपए, भारी मात्रा में गहने, प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद किए थे।
करियाना शॉप से 25 किलो देसी घी, रिफाइंड के 10 टीन और कैश चोरी
जालंधर| मंडी रोड पर स्थित पुरषोतम विश्वनाथ होलसेल करियाना की दुकान से 25 किलो देसी घी, दस रिफाइंड के टीन और कैश चोरी हो गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने सीसीटीवी चेक किए और चोरों की तलाश भी शुरू कर दी। जानकारी देते हुए पीड़ित विनय ने बताया कि सीसीटीवी में चोर दुकान का शटर तोड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। दुकान के अंदर से चोरों ने 25 किलो देसी घी, 10 टीन रिफाइंड के और गल्ले में रखे पैसे भी चुरा लिए। चोरों ने चोरी की वारदात को सुबह 3ः30 बजे के करीब अंजाम दिया। पहले चोरों ने शटर तोड़ा, फिर 15 मिनट बाद दुकान के अंदर गए और जरूरी सामान चुरा लिया। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।
जनहित सुधार सभा ने लगाया मेडिकल कैंप
जालंधर| जनहित सुधार सभा के सदस्यों की ओर से बस्ती गुजां में 36वें महासंत सम्मेलन के उपलक्ष्य में निशुल्क मेडिकल कैंप लगाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सभा के सदस्यों ने हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। कैंप में डॉक्टरों की टीम ने लोगों का जनरल चेकअप किया गया। यहां विपन, प्रवीण आनंद, रविंदर धीर, रमेश आनंद, राजेंद्र चतरथ, मंगाराम सरंगल, परताप सरंगल व अन्य लोग उपस्थित थे।
मां बगलामुखी धाम में किया शांति हवन
जालंधर| शिव शक्ति मां बगलामुखी धाम फगवाड़ा रोड में भक्तों ने मां बगलामुखी शांति हवन करवाया। धाम के अध्यक्ष पं. विजय शास्त्री ने कहा कि माता-पिता से बढ़कर कोई दर्जा नहीं है। भगवान अगर कहीं हैं तो आपके घर में बैठे आपके मां-बाप हैं। उनकी सेवा कर लो, उनको खुश रखो तो परमात्मा खुश हो जाएगा। कार्यक्रम के अंत में भक्तों ने देवी-देवताओं को भोग लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। यहां पंडित बनवारी शर्मा, प्रिया संतोष गोगी, संगीता चतुर्वेदी, सविता शर्मा, चरणजीत कौर, रंजना, हरप्रीत सिंह जॉन वर्मा, आचार्य पंडित भोला चतुर्वेदी, परमजीत सिंह अन्य मौजूद रहे।
नए साल का जश्न भी गाजियाबाद में देखते ही बना। शहर के अलग अलग होटल, मॉल और सोसायटियों में 31 दिसंबर की देर रात तक युवा खूब थिरके। कपल एक साथ डांस करते रहे तो यूथ ने भी खूब एंज्वाय किया। राजनगर एक्सटेंशन की VVIP में 500 से ज्यादा लोगों एक साथ डांस किया। डीजे पर डांस के दौरान कोई किसी को कंधों पर उठाकर डांस कर रहा था तो महिलाएं भी खूब थिरकीं... नए साल की जश्न की वीडियो...
नववर्ष पर श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया
जालंधर| नए साल के मौके पर डीसी अॉफिस इंप्लाइज एसोसिएशन की तरफ से श्री सुखमनी साहिब का पाठ करवाया गया। डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल की अगुवाई में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में एडीसी जनरल अमनिंदर कौर बराड़, जीए रोहित जिंदल, मुख्यमंत्री फील्ड अफसर नवदीप सिंह मौजूद रहे। इस मौके पर आशा रानी सुपरिंटेडेंट ग्रेड, तेजिंदर नगल स्टेट प्रधान, पवन कुमार वर्मा जिला प्रधान, शिशब अरोड़ा जनरल सेक्रेटरी, दविंदर पाल सिंह, मुनीष सैनी, जतिंदर कुमार, बलविंदर कौर, गुरशरन प्रीत कौर, सुमन रानी स्टेनो, सुखजीत कौर स्टेनो मौजूद रहे।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 14 मौतों के बाद भोपाल में भी पानी को लेकी हलचल शुरू हुई है। नगर निगम ने बुधवार और गुरुवार को कई इलाकों से सैंपल लिए। लेकिन, सिर्फ सैंपल लेने भर से न तस्वीर साफ होगी न पानी। राजधानी में भी तमाम ऐसे इलाके हैं, जहां रोजाना लोग दूषित पानी पी रहे हैं। बारिश के समय इस तरह की दिक्कतें अधिक बढ़ जाती हैं। दैनिक भास्कर ने गुरुवार को शहर के अलग-अलग 6 इलाकों में जाकर स्थिति देखी तो पता चला कि यहां भी हालत खराब है। पड़ताल में पता चला कि भोपाल में करीब 20 लाख आबादी को नगर निगम पानी की सप्लाई करता है। यह बड़ा तालाब, नर्मदा लाइन और केरवा डेम से होती है। लेकिन, जिन ओवरहेड और संपवेल टैंकों के जरिए यह पानी लोगों के घरों तक पहुंचता है, उनमें से करीब 80% टैंकों की 6 महीने से लेकर एक साल तक सफाई नहीं हुई है। यानी गंदगी से भरे टैंकों का पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। लापरवाही यहीं नहीं रुकती। कई इलाकों में पीने के पानी की पाइप लाइनें नाले-नालियों के भीतर से बिछाई गई हैं। ऐसे में नालों का पानी रिसकर पाइप लाइनों में मिलने की आशंका है। भोपाल में सिस्टम अब भी आंखें मूंदे बैठा है। ऐसे में सवाल है कि क्या जिम्मेदार इंदौर जैसी घटना का इंतजार कर रहे हैं? हर तरफ सिस्टम का लीकेज... जिम्मेदार आंख मूंदकर निकल जाते हैं पन्ना नगर... सीवेज और पीने केपानी की लाइन एक ही नाली मेंयह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आता है। यहां पर पीने की पाइप लाइन को नाली के भीतर डाल दिया गया है। इसे बिछाने के बाद ऊपर से फर्शी रख दी गई है। इसी पाइप लाइन के जरिये नल कनेक्शन लोगों के घरों में जाते हैं। शाहजहांनाबाद स्थित लाल टंकी... एक साल पहले हुई थी सफाईइस टंकी की सफाई 3 जनवरी 2025 को की गई थी। इसके बाद 2 जुलाई 2025 को सफाई की गई। अगली सफाई कब होगी, दर्ज नहीं है। अब यहां पेंट कर नई तारीख दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। टीला जमालपुरा, 13 फरवरी 2025 के बाद से नहीं हुई टंकी की सफाई यहां बीडीए कॉलोनी के पास बनी पानी की टंकी की आखिरी बार सफाई 13 फरवरी 2025 को हुई थी। इसके बाद 12 अगस्त 2025 को सफाई होनी थी। कयहां पर सफाई नहीं हो पाई है, इसलिए नई तारीख दर्ज नहीं की गई है। विवेकानंद नगर, डेडलाइन निकली फिर भी महीनों से नहीं हुई सफाईविवेकानंद नगर पानी की टंकी की सफाई 21 अप्रैल 2025 को हुई थी। इसके बाद 21 अक्टूबर को सफाई होनी थी, जो हुई ही नहीं है। यहां भी इसके आगे की तारीख नहीं लिखी है। ऐसी होशियारी... टंकी साफ कराए बिना पेंटरों से डलवा रहे नई तारीखपुरानी जेल के पास वेटरनरी परिसर में सालों से सफाई नहीं हुई है। यही स्थिति यहां पर बने ओवरहेड टैंक की भी है। यहां के ओवरहेड टैंक गेट पर लिखा है कि टंकी की सफाई 5 दिसंबर 2013 को हुई थी। इसके बाद 6 जून 2024 को दोबारा सफाई की गई। लेकिन, इसके बाद यहां पर सफाई नहीं हुई। यानी एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी टैंक साफ नहीं किया गया है। आनन-फानन में शाम के वक्त एक पेंटर को भेजकर यहां के बाहरी गेट पर नई तारीख लिखने की तैयारी चल रही थी। पेंटर का दावा है कि शहर की सभी टंकियों पर नई तारीख लिखने के लिए अफसरों ने कहा है। क्या है नियम... नियम के तहत हर छह महीने में ओवरहेड टैंक की सफाई होनी चाहिए। अगली सफाई कब होनी है, यह तारीख भी टंकी में दर्ज की जानी चाहिए। रवींद्र भवन के पास नाले के अंदर पानी की लाइनतस्वीर रवींद्र भवन के पास की है। यहां नगर निगम के अफसरों ने नाले के भीतर पीने के पानी की पाइप लाइनें बिछा रखी हैं। यहां लाइन में लीकेज भी है। पाइप लाइन से 24 घंटे नाले का गंदा पानी गिरता रहता है। पाइप लाइन के आसपास की स्थिति देखकर समझ में आता है कि सालों से नाले की सफाई नहीं हुई है। गंदगी का अंबार लगा है। यहां पर पीने के पानी में गंदा पानी मिलने की आशंका सबसे अधिक है। निगम का दावा: साफ पानी कर रहे सप्लाई नगर निगम ने दावा किया कि गुरुवार को 20 कर्मचारियों के दल ने शहर में 119 स्थानों पर पानी की टेस्टिंग की। इसमें गंध, रंग, स्वाद, क्लोरीन की मात्रा, पीएच (अम्ल या क्षार) और टर्बिडिटी (पानी का मैलापन) की जांच हुई। निगम का दावा है कि शहर में सभी जगहों पर पानी साफ पाया गया। कांग्रेस नेता ने करोंद में किया प्रदर्शन कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने करोंद हाउसिंग बोर्ड इलाके में प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे इलाके में सीवेज और पानी की लाइन साथ में बिछाए जाने के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि हर घर में लोगों को पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं, क्योंकि वे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। टीमें जांच कर रही हैं, सैंपल में सभी पास हैं हमारी टीमें रोजाना पानी के सैंपल ले रही हैं। कोई परेशानी सामने नहीं आई है। टंकियों की सफाई कराई जा रही है। जहां से भी शिकायत मिलती है। उनका समाधान किया जाता है। नाले में पीने के पानी की पाइप लाइन पुरानी है। उनके भी लिए जा रहे हैं। -संस्कृति जैन, कमिश्नर नगर निगम भोपाल
नगर निगम के टेंडरिंग प्रोसेस के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
जालंधर | कांग्रेस ने वीरवार को प्रभु श्रीराम चौक में प्रदर्शन किया और एक भी बोर्ड लगा दिया है। इस पर लिखा है कि जो ठेकेदार सत्ता पक्ष के करीबी हैं, उन्हें जो ठेके अलॉट किए जा रहे हैं। उनसे टेंडरिंग अमाउंट में केवल 2 फीसदी तक छूट ली गई है, जबकि जो ठेकेदार सत्तापक्ष के करीब नहीं हैं, उनसे 35 फीसदी तक की छूट ली जा रही है। पूर्व विधायक और जिला शहरी कांग्रेस कमेटी के प्रधान रजिंदर बेरी ने कहा है कि नगर निगम के कामों की अलॉटमेंट में कीमतों में छूट प्रदान करने का इतना बड़ा अंतर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। इस मौके पर पंजाब कांग्रेस सचिव मनू वड़िंग, जिला उप प्रधान पवन कुमार, डॉ. जसलीन सेठी, मंदीप जस्सल, मंगा सिंह मुधड़, सुनील दकोहा, जगजीत जीता, जतिंदर जोनी, सुनील शर्मा, रवि बग्गा, विक्रम शर्मा, गुलशन मिड्ढा, रोहन चड्ढा, आदेश मागो, विक्की आबादपुरा, आलम, रविंदर लाडी, सुधीर घुग्गी, नंद लाल, प्रेम नाथ दकोहा, मुनीपा, लकी और मुनीश पाहवा मौजूद थे।
मॉडल टाउन मार्केट में पहल : 60 स्पीकर्स से सुबह गुरबाणी, शाम को मधुर संगीत बजेगा
जालंधर| मॉडल टाउन शॉप कीपर वेलफेयर एसोसिएशन ने मार्केट को एक नई पहचान देने के लिए 60 स्पीकर्स लगाए हैं। इनपर रोज सुबह गुरबाणी कीर्तन और शाम को सुकून देने वाला संगीत सुनने को मिलेगा। मार्केट एसोसिएशन के प्रधान राजीव दुग्गल ने बताया कि पहल का उद्देश्य बाजार में आने वाले ग्राहकों और दुकानदारों को शांत, सकारात्मक और आनंददायक वातावरण दिलाना है। संगीत और गुरबाणी से न केवल मानसिक शांति मिलेगी, बल्कि बाजार की रौनक भी बढ़ेगी। दुग्गल ने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में सबसे पहले साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत करना रहा, ताकि जालंधर शहर के प्रमुख और प्रतिष्ठित बाजार मॉडल टाउन में आने वाले लोगों को एक स्वच्छ और व्यवस्थित माहौल मिल सके। इस मौके पर चेयरमैन लखबीर सिंह लाली घुम्मन, वाइस चेयरमैन सुखबीर सिंह, उपप्रधान रमेश लखनपाल, महासचिव सुखविंदर सिंह नंदरा, कैशियर एसपी सिंह ढींगरा, रोबिन, दिवज्योत सिंह, मनोज मेहता, पैट्रन विजय खुल्लर मौजूद रहे।
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जालंधर | जिला मैजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं कि जिला जालंधर की सीमा में कोई भी व्यक्ति अपने पशु खुले तौर पर सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं छोड़ेगा। आदेशों में कहा गया है कि कुछ लोग अपने पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और सामान्य आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। इसके अलावा खुले छोड़े गए पशु राहगीरों को नुकसान पहुंचाते हैं और स्वयं भी सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस संबंध में सूचना देने के लिए व्हाट्सएप नंबर 96462-22555 पर लोकेशन और फोटो साझा की जा सकती है, ताकि संबंधित कार्रवाई की जा सके। प्रशासन द्वारा नगर निगम, नगर कौंसिलों/बीडीपीओ तथा जिला पुलिस को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में इन प्रतिबंधात्मक आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश जारी होने की तारीख से अगले दो महीने तक लागू रहेंगे।
औद्योगिक इलाकों के लिए अलग विकास बोर्ड बने
भास्कर न्यूज | जालंधर वीरवार को जालंधर के कारोबारियों ने पंजाब सरकार से मांग की कि शहरों के टाउन प्लानिंग में शामिल औद्योगिक इलाकों के लिए एक अलग विकास बोर्ड बनाया जाए। इस बोर्ड के माध्यम से सड़कों, सीवरेज, पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की सुनियोजित व्यवस्था की जाए। यह मांग राजा गार्डन में हुई एमएसएमई एसोसिएशन की बैठक में उठाई गई। बैठक में विकास बोर्ड के गठन के साथ-साथ बिस्त दोआब नहर के किनारे सड़क को चौड़ा करने और बिजली के तारों की ऊंचाई बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय को एक लिखित डिमांड चार्टर भेजा गया, जिसमें सभी मांगों को विस्तार से रखा गया है। बैठक एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरचरण सिंह की अगुवाई में हुई, जो पंजाब सरकार की सलाहकार काउंसिल के सदस्य भी हैं। गुरचरण सिंह ने कहा कि जालंधर में 500 से अधिक ऐसे कारखाने हैं, जहां टूटी सड़कें, बंद सीवरेज और मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में सरकार गांवों में कारखाने लगाने पर सात साल तक टैक्स माफी देती थी। इसी वजह से लोगों ने गदईपुर इलाके में उद्योग स्थापित किए। आज यह इलाका शहर का हिस्सा बन चुका है, लेकिन सुविधाएं अब भी गांव जैसी हैं। इन्हें वर्तमान जरूरतों के अनुसार विकसित करना जरूरी है। इस दौरान इंजीनियरिंग एसोसिएशन के प्रधान सुनील शर्मा ने भी अपने विचार रखे। बैठक में चेयरमैन अशोक मल्होत्रा, महासचिव जलज शर्मा, दर्शन सिंह, संदीप महाजन, अंकुर कोहली, गोल्डी प्रभाकर, जगदीश विज, सुरिंदर सिंह और गगन मल्होत्रा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
'अभी हम जहां से कोर्स की बुक्स लेते हैं… वहां 65% कमीशन मिलता है। एकदम से पलटा नहीं मार पाएंगे… देखते हैं कौन-सी लगा सकते हैं… बात करेंगे आपसे। अगर आप ठीक होंगे तो वैरी गुड… बात चलेगी आगे…। अभी कमीशन की बात मत करिएगा… उस चीज की बात तो बाद में होती है। जब कोई बुक लगनी होती है… तो अभी से करना ठीक नहीं है…। मैं आपको बता रहा हूं… 11th-12th में आपकी हिस्ट्री आती हो… हिंदी मीडियम… इंग्लिश मीडियम… दोनों सेम वर्जन… लग जाएगी। आप लाकर दीजिए… हम लगा देंगे…।' कोर्स की किताबों में ये कमीशन की सौदेबाजी है, जो प्राइवेट स्कूल चलाने वाले कर रहे। इस दलाली में प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट, प्रिंसिपल, उनके खास कर्मचारी और पब्लिशर शामिल हैं। इसलिए यूपी के प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को लिए पेरेंट्स को कोर्स की बुक्स पर मोटा पैसा खर्च करना पड़ रहा। लखनऊ के एक नामी प्राइवेट स्कूल में क्लास 6th की 8 बुक्स 2,955 रुपए में आ रहीं। वहीं, केंद्रीय विद्यालय (KV) में इसी क्लास की बुक्स केवल 700 रुपए में आ जाती हैं। हर बार नए साल के साथ ये सवाल उठता है कि प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट कोर्स की बुक्स पर कमीशन खाते हैं? इसके जवाब के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने राजधानी लखनऊ के 10 से ज्यादा नामी प्राइवेट स्कूलों का इन्वेस्टिगेशन किया। इसमें पहली बार सामने आया कि आधे से ज्यादा स्कूल बच्चों की किताबों पर बुक्स सेलर से कमीशन लेते हैं। हमारे स्टिंग में कुछ स्कूलों ने साफतौर पर कमीशन की डिमांड की। कुछ ने इशारों में कमीशन का खेल समझाया। हालांकि कुछ स्कूल ऐसे भी मिले, जिन्होंने कमीशनखोरी से साफ इनकार कर दिया। पढ़िए, सिलसिलेवार पूरा इन्वेस्टिगेशन… इस पूरे कॉकस में कमीशनखोरी की शुरुआत कैसे होती है? यह समझने के लिए हम सबसे पहले बुक्स सेलर से मिले। गोमतीनगर के विनयखंड में यूनिवर्सल बुक्स डिपो है। यहां से हमें खदरा स्थित दीनदयाल नगर के शिवम बुक्स स्टोर का पता मिला। हमारी मुलाकात बुक सेलर प्रशांत श्रीवास्तव से हुई। उन्होंने बताया कि वे 60% डिस्काउंट पर किताबें देंगे। अब आप स्कूल वालों को 40-45% कमीशन देकर अपनी किताबें लगवा सकते हैं। इसमें आपको 15-20% बच जाएगा। रिपोर्टर: क्लास 1 से 8 तक कितने पब्लिशर की किताबें हैं…? बुक सेलर प्रशांत: कम से कम 6-7…। रिपोर्टर: …तो 1 से 8 तक आप हमको कितने प्रतिशत कमीशन पर देंगे…? बुक सेलर प्रशांत: 60% रिपोर्टर: ICSE की बात करें है ना…? बुक सेलर प्रशांत: भाई 1 से 8 तक अधिकतर किताबें कॉमन ही होती हैं…। रिपोर्टर: …तो इसका प्रतिशत क्या रहेगा…? बुक सेलर प्रशांत: वही, जो सीबीएसई की किताबों का प्रतिशत है… वही रहता है…। रिपोर्टर: यार… 60% आप हमको देंगे, तो स्कूल वाले कितना लेंगे…। बुक सेलर प्रशांत: : 40% या 45%... जैसे टूट जाएं…। रिपोर्टर: इतना स्कूल वाले ले लेंगे… तो क्या बचेगा…? बुक सेलर प्रशांत: आपके पास 60% बचा… अब आप चाहे जितने में बेचें…? रिपोर्टर: स्कूल वाला जोड़कर 60% बताए हैं… या सिर्फ मेरा…? बुक सेलर प्रशांत: ये सिर्फ आपका है…। रिपोर्टर: यानी मुझे 60% देंगे…? बुक सेलर प्रशांत: हां, ये आपका हुआ…। रिपोर्टर: अब 40% से 45% स्कूल को…। बुक सेलर प्रशांत: हां, यही चलता है…। रिपोर्टर: यानी 15 से 20% बचेगा। बुक सेलर प्रशांत: हां, ये आपके ऊपर है कि क्या बचा लेते हैं…? हमने यहां से क्लास 6th के कोर्स की सभी 8 किताबें खरीदीं। इसका मूल्य 2,955 रुपए होता है, जो प्रशांत ने 60% डिस्काउंट के बाद 1,182 रुपए में दे दीं। क्या और बुक सेलर भी स्कूलों को कमीशन देते हैं?क्या ज्यादातर बुक्स सेलर स्कूलों को कमीशन देते हैं? इस बात की पुष्टि के लिए हमने एक अन्य बुक सेलर शुभम श्रीवास्तव को कॉल किया। शुभम ने बताया- हम आपको 45% डिस्काउंट पर किताबें दे देंगे। आप 20-25% कमीशन स्कूल वालों को दे देना। इससे साफ हो गया कि बुक्स सेलर से स्कूल वाले कमीशन लेते हैं। अब स्कूलों में कमीशन का खेल जानिए… क्या स्कूल प्रिंसिपल, डायरेक्टर किताबों पर कमीशन की डिमांड करते हैं? इस सवाल के जवाब के लिए हम बुक सेलर बनकर राजधानी लखनऊ के प्राइवेट स्कूलों में पहुंचे। हम सबसे पहले गीतापुरी के KDS पब्लिक स्कूल पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात प्रिंसिपल सुशीला सिंह और उनके बेटे अभिजीत सिंह से हुई। उन्होंने बताया कि वे पब्लिशर्स से किताबें खरीदकर स्कूल मंगाते हैं। यहां से पेरेंट्स को बेच देते हैं। इसमें उन्हें अभी 65% कमीशन मिलता है। प्रिंसिपल सुशीला: आप क्या परसेंटेज देते हैं…? रिपोर्टर: आपको जो वहां मिलता होगा… उससे अधिक ही देंगे… क्या मिलता है… वहां से आपको…? प्रिंसिपल सुशीला: आप अपना बताइए… वहां क्या मिलता है ये छोड़िए…। रिपोर्टर: 40 से 50% तक दे देंगे…। अभिजीत: वहां तो ज्यादा मिलता है…। रिपोर्टर: इससे भी ज्यादा मिलता है…? अभिजीत: हां, इससे भी ज्यादा मिलता है…। रिपोर्टर: कितना मिलता है…? अभिजीत: अभी हम जहां से लेते हैं… वहां 65% मिलता है…। रिपोर्टर: मैं अगर इससे बढ़ा दूं… यानी 70 कर दूं…? अभिजीत: आप डिलिवर कर पाएंगे…? रिपोर्टर: क्यों नहीं कर पाएंगे…? नहीं कर पाते तो 2 दिन से क्यों मिलने आ रहे हैं…? अभिजीत: ठीक है… आप देख लीजिए… कर पाएंगे या नहीं…? रिपोर्टर: वो सब मेरे ऊपर छोड़ दीजिए…। अभिजीत: पेमेंट आपका कैसे रहता है…? रिपोर्टर: मतलब…? अभिजीत: हम अभी जिससे लेते हैं… वो डिलीवरी के कुछ महीने बाद लेता है… यानी वो बुक फरवरी से मार्च तक देते हैं… हम पेमेंट दिसंबर में करते हैं। आखिरी पेमेंट जनवरी तक हो जाता है…। रिपोर्टर: कॉपी भी लेंगे न…? अभिजीत: कॉपी में क्या मार्जिन रहता है आपका…? रिपोर्टर: आप जो कहेंगे कर देंगे…। इस बातचीत के कुछ दिन बाद हमने क्लास 6 से 12 तक की किताबों के सेट स्कूल में पहुंचाए। इन्हें लेकर अभिजीत सिंह ने देखने के बाद जवाब देने के लिए कहा। रिपोर्टर: किताबों का सेट लाया हूं, वो आज दे रहा हूं आपको…। अभिजीत: किस क्लास का…? रिपोर्टर: 6 टू 12 अभिजीत : ठीक है…। अब चलिए, दूसरे स्कूल… KDS पब्लिक स्कूल में हुई हमारी डील से साफ हो गया कि यहां किताबों पर स्कूल संचालक 65% कमीशन लेते हैं। अब हमारे सामने सवाल था कि राजधानी लखनऊ के और स्कूलों में बुक्स पर कितना प्रतिशत कमीशन स्कूल वाले खा रहे हैं? इसके जवाब के लिए हम गोमतीनगर एक्सटेंशन के KTD पब्लिश स्कूल पहुंचे। यहां हम प्रिंसिपल स्वाति उपाध्याय से मिले। उन्होंने खुद डील फाइनल नहीं की। लेकिन कहा कि आप बता दीजिए, कितना प्रतिशत देंगे तो वे मैनेजमेंट तक यह जानकारी पहुंचा देंगी। रिपोर्टर: ये हमारी किताबें हैं… आपके यहां लगाना चाहते हैं। मेरी ओर से बहुत अच्छा ऑफर है…। प्रिंसिपल स्वाति: हां, बताइए… कितना है…? रिपोर्टर: 40 से 50% तक दे देंगे…। प्रिंसिपल स्वाति: मतलब… ऑलओवर न…। रिपोर्टर: हां, आप क्या चाहती हैं…? प्रिंसिपल स्वाति: बात कर लेते हैं… एक बार मैनेजमेंट से…। रिपोर्टर: अब तक आप लेती रही होंगी… तो क्या मिलता है…? प्रिंसिपल स्वाति: हम नहीं लेते… मैनेजमेंट लेता है…। रिपोर्टर: कितने प्रतिशत लेते हैं…? प्रिंसिपल स्वाति: हम केवल उनको (मैनेजमेंट को) बता देते हैं… तय वही करते हैं… कितना लेते हैं…? रिपोर्टर: अच्छा…। प्रिंसिपल स्वाति: लेकिन अगर 40 से 50% मिल रहा है तो यह काफी अच्छा ऑफर है…। रिपोर्टर: तो कोई ऐसा है क्या… बिना कमीशन के बुक दे रहा हो…? प्रिंसिपल स्वाति: नहीं, कोई ऐसा नहीं… सब कमीशन के साथ देते हैं…। रिपोर्टर: यानी मैंने जो रेट… कमीशन का बताया है… वह सही है…। प्रिंसिपल स्वाति: हां, 40 से 50% सही है…। रिपोर्टर: हमको लगता है… इससे कम ही कमीशन 20 से 25% मिलता होगा…? प्रिंसिपल स्वाति: हां, जहां तक है… ऐसे ही मिलता होगा…। कोई कमीशन नहीं लिया जातास्कूल से मिले मोबाइल नंबर पर हमने KTD स्कूल के प्रबंधक हीरा ठाकुर से बात की। जब हमने कहा कि आपके स्कूल में किताब लगाने की बात की गई तो आपकी प्रिंसिपल ने पहले कमीशन के बारे में जाना। फिर उन्होंने कहा कि मैनेजर से बात कर लीजिए, वही लोग तय करते हैं। इस पर हीरा ठाकुर ने कहा कि कोई कमीशन नहीं लिया जाता। ये आरोप निराधार है। अब चलिए, मिशनरी स्कूल… इस बातचीत से साफ हो गया कि स्कूल संचालक प्रिंसिपल के माध्यम से डील कराते हैं, लेकिन फाइनल वे ही करते हैं। स्कूलों की कमीशनखोरी के इस खेल को समझने के लिए अब हम विनयखंड के सेंट जॉन बास्को स्कूल पहुंचे। ये मिशनरी स्कूल है। यहां हमारी मुलाकात मैनेजर पी फ्रेंक से हुई। उन्होंने ऑफर सुनने के बाद कहा कि हमारे स्कूल में जो किताबें 3 साल पुरानी हो गई हैं, उन्हें बदलकर आपकी किताबें लगा सकते हैं। इसके बाद आगे की बात करेंगे। मैनेजर पी फ्रेंक: बहुत रेट हाई तो नहीं है आपकी बुक्स के…? रिपोर्टर: रेट सब सही है… और समझिए, 50 टू 60% कमीशन कोई लखनऊ में आपको दे नहीं सकता…। मैनेजर पी फ्रेंक: वही मैं पूछ रहा हूं। मान लो आपने ये बुक 10 रुपए में दी… और आपको अब हमें ही 10 रुपए देना है तो आप 10 रुपए में कहां बेच पाएंगे…? फिर तो आप उसके रेट 15 रुपए करेंगे…। रिपोर्टर: नहीं… नहीं… जो इस पर रेट लिखे हैं… इसी रेट में आपको मिलेगी…। मैनेजर पी फ्रेंक: ठीक है… दिखाइएगा… लाकर किताबें हमें…। रिपोर्टर: सर, सारी बुक्स लग जाएंगी…? मैनेजर पी फ्रेंक: ऐसा नहीं है… देखते हैं… एकदम से पलटा नहीं मार पाएंगे। आप लाइए बुक्स… देखते हैं कौन-सी लगा सकते हैं। बात करेंगे आपसे… अगर आप ठीक होंगे तो वैरी गुड… बात चलेगी आगे…। रिपोर्टर: अगर सर सारी बुक्स नहीं लगाएंगे तो मेरे लिए थोड़ी असहजता होगी…। मैनेजर पी फ्रेंक: देखेंगे ना… क्या बात कर रहे हैं…? जो बुक्स लगेंगी, उसी में कमीशन देंगे ना आप…? अब 3 साल के लिए हम लगाते हैं… अगर इस दौरान कोई बुक में फाल्ट आ जाए तो उसे हटा देते हैं। ऐसी तो कोई बुक नहीं मिली अभी तक…। अब चलते हैं, चौथे स्कूल… यहां कमीशन का तरीका अलग यहां हुई बातचीत के बाद साफ हो गया कि मिशनरी स्कूल में भी बुक्स पर कमीशन खाने का खेल चल रहा है। इस खेल को उजागर करने के लिए अब हम स्टेशन रोड गोमतीनगर के सेंट कोलंबस इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात प्रिंसिपल एपी सिंह से हुई। उन्होंने कहा- पहले बुक्स लाइए, अभी कमीशन की बात मत कीजिए। जब बुक्स लग जाएं, तो बात करेंगे। प्रिंसिपल एपी सिंह: आगे कुछ पॉसिबिलिटी होगी तो आप जनवरी में कॉन्टैक्ट करिएगा… हम आपसे बात करेंगे…। रिपोर्टर: सर… देख लीजिएगा… मैं करने के लिए तैयार हूं… अगर आप भी कुछ कहेंगे तो…। प्रिंसिपल एपी सिंह: सर, उसकी बात ही मत करिएगा… वरना ये होगा… प्रिंसिपल यहां बैठकर ये काम करता है… उस चीज की बात तो बाद में होती है, जब कोई बुक लगनी होती है। तो अभी से करना ठीक नहीं है। रिपोर्टर: सर, मैं आपको बुक्स के सेट दे दूंगा…। प्रिंसिपल एपी सिंह: जैसे मैं आपको बता रहा हूं… 11th-12th में आपकी हिस्ट्री आती हो… हिंदी मीडियम… इंग्लिश मीडियम… दोनों सेम वर्जन… लग जाएगी। आप लाकर दीजिए… हम लगा देंगे। रिपोर्टर: ठीक है…। प्रिंसिपल एपी सिंह: कॉमर्स लाकर दीजिए… 9th-10th की… होम साइंस लाकर दीजिए… लग जाएगी। ये सब बुक्स लग जाएंगी। रिपोर्टर: हां तो मैं ले आऊंगा…। प्रिंसिपल एपी सिंह: …लेकिन सेम होना चाहिए… हिंदी और इंग्लिश सेम। जब चाहे तब दीजिए… आराम से कोई दिक्कत नहीं है…। रिपोर्टर: मैं बुक्स ले आऊंगा… जो आप बोल रहे हैं वो कर देंगे…। प्रिंसिपल एपी सिंह: ठीक है… लेकिन इस चीज की चर्चा कहीं और मत करिएगा…। अब पांचवां स्कूल, यहां पहले ऑफर बताओ, तब आगे बात होगी4 स्कूलों में बुक्स पर कमीशनखोरी के स्टिंग के बाद हमने एक स्कूल और खंगाला। ये गोमतीनगर का जीवन सन-शाइन स्कूल है। यहां प्रिंसिपल और मैनेजमेंट ने हमसे मुलाकात नहीं की। प्रिंसिपल ने हमें लाइब्रेरी में बैठाने का मैसेज भेजा। आधे घंटे बाद खुशबू मैडम आईं और उन्होंने मैनेजमेंट के कहे शब्द हमको बताए। खुशबू मैडम: ठीक है… आप दो-ढाई बजे आज फोन कर लीजिएगा..। रिपोर्टर: न हो तो सर से आप ही कंसल्ट कर दीजिए…। खुशबू मैडम: हां, फिर आप बता दीजिएगा… आप एक्जेक्टली… उनको (हमारे मैनेजमेंट को) ये बता दीजिएगा कि इतना पर्सेंट है… ये नहीं कि थोड़ा कम होगा… ज्यादा कम होगा… आप एक्जेक्टली बता दीजिए…। रिपोर्टर: ठीक है… सर का एक्सपेक्टेशन चाह रहा था कि वे क्या चाहते हैं…? खुशबू मैडम: नहीं, वो आपसे बात करके ही बताएंगे…। अब जानिए, अंकुश के लिए जो नियम बने, उनका तोड़ कैसे निकालते हैं राइट-टू-एजुकेशन और नई शिक्षा नीति के तहत बुक्स पर स्कूल मैनेजमेंट की कमीशनखोरी रोकने के लिए नियम बनाए हैं। लेकिन, कुछ स्कूल वालों ने इनका भी तोड़ निकाल लिया है... इसे लेकर अभिभावक संघ भी खफा, लगाए आरोपयूपी अभिभावक संघ के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने आरोप लगाया कि कोर्स बदलने से पहले स्कूलों को शिक्षा विभाग को जानकारी देनी होती है। एक भी स्कूल ऐसा नहीं कर रहा। स्कूलों को अपने यहां चलने वाली किताबों की सूची शिक्षा विभाग को बतानी होती है। न तो स्कूल ऐसा कर रहे हैं, न ही शिक्षा विभाग जांच करता है। स्कूल एसोसिएशन बोला- सरकार ठोस नियम बनाएस्कूल एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सुधीर हलवासिया ने कमीशन को लेकर कहा- स्कूल को स्कूल ही रहने दिया जाना चाहिए, न कि व्यवसायिक केंद्र बनाना चाहिए। सरकार को भी चाहिए कि ऐसा ठोस नियम बनाए, जिससे कापी-किताबों को लेकर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ न पड़े। गाइडलाइन क्लियर है, कार्रवाई करेंगे मंत्री को सवाल भेजे, जवाब नहीं आयाइस संबंध में हमने यूपी की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने अपने दोनों मोबाइल अटैंड नहीं किए। इसके बाद हमने उन्हें सवाल भेजे, लेकिन कई दिन बाद भी उनका जवाब नहीं आया। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में न्यू ईयर पार्टी में न्यूड डांस, कॉलेज की 4 लड़कियां 40 हजार में, स्टिंग में दलाल ने 25 के फोटो-वीडियो भेजे 25 लड़कियों के फोटो आपको वॉट्सऐप कर दिए हैं। देखकर पसंद कर लीजिए… 4 लड़कियों के 40 हजार रुपए लगेंगे। 2 लड़कियां न्यूड डांस करेंगी और 2 फुल सर्विस (सेक्स) देंगी। जो फुल सर्विस देंगी…उनका अलग से 5 हजार रुपए एक शॉट का चार्ज लगेगा…। पढ़िए पूरी खबर...
रोड सेफ्टी मंथ शुरू, ट्रैफिक नियमों के बारे लोगों को किया जागरूक
जालंधर | स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिशनर पंजाब की अगुआई में प्रदेश भर में रोड सेफ्टी मंथ मनाया जा रहा है। इसके तहत आम लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाएगी। जिला प्रशासकीय कॉम्पलेक्स स्थित आरटीओ कार्यालय के बाहर 1 जनवरी से 31 जनवरी तक मनाए जाने वाले रोड सेफ्टी मंथ को लेकर एक जागरूकता बोर्ड लगाया गया है। इस बोर्ड पर लोगों से हस्ताक्षर करवाकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने का संकल्प दिलाया जा रहा है, ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके। इस अवसर पर आरटीओ अमनपाल सिंह, एटीओ विशाल गोयल सहित आरटीओ कार्यालय का अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
यूनिक होम में करवाए अखंड कीर्तन समागम
भास्कर न्यूज | जालंधर यूनीक होम नकोदर रोड में नए साल की पूर्व रात्रि में सरबत के भले की अरदास करते हुए अखंड कीर्तनी जत्थे की ओर से अखंड कीर्तन समागम करवाया गया। समागम की शुरुआत श्री रहिरास साहिब के पाठ से हुई। तत्पश्चात अमृत वेले तक सजे दीवान में भाई कुलवंत सिंह काकी पिंड वाले, भाई जसबीर सिंह, बीबी सिमरन कौर दिल्ली वाले, भाई भूपेंद्र सिंह फगवाड़ा, भाई रुपिंदर सिंह, बीबी तवजीत कौर, बीबी हरप्रीत कौर ने गुरबाणी के मनोहर कीर्तन से संगत को निहाल किया। समागम के दौरान नितनेम साहिब की पांच बाणियों के पाठ और श्री सुखमनी साहिब के पाठ भी किए गए। कीर्तन की समाप्ति पर नए वर्ष के आने पर सरबत के भले की अरदास की गई । यूनीक होम की संचालिका बीबी प्रकाश कौर ने संगत को नए साल की बधाई देते हुए अरदास की।
15.74 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन
जालंधर| विधान सभा क्षेत्र कैंट के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों गति देने के उद्देश्य से मेयर वनीत धीर और हलका इंचार्ज राजविंदर कौर थियाड़ा द्वारा करीब 15.74 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं से सड़कों की स्थिति में सुधार होगा, यातायात सुगम बनेगा और सीवरेज संबंधी समस्याओं से लोगों को राहत मिलेगी। मॉडल टाउन क्षेत्र में फुटपाथों और सड़कों के निर्माण हेतु 6.34 करोड़ रुपये, विशाल गार्डन क्षेत्र में सड़कों के विकास के लिए 6.50 करोड़ रुपये, अलीपुर क्षेत्र में सड़कों के कार्यों के लिए 66.67 लाख रुपये हैं। इस अवसर पर पार्षद अरुणा अरोड़ा, अनूप कौर, लक्की दादरा, सोनू भट्टी, आत्म प्रकाश सिंह बब्बलू, इंद्रवंश सिंह चड्ढा, लक्की ओबरॉय, परनीत सिंह तथा नगर निगम के अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने स्थानीय निवासियों को भरोसा दिलाया कि सभी कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएंगे और जालंधर कैंट को विकास की नई दिशा दी जाएगी।
रणथंभौर-सरिस्का के जंगलों में टाइगर की दहाड़ आपने खूब सुनी होगी। जयपुर के झालाना, नाहरगढ़ और पाली के जवाई में शिकार करते तेंदुओं को भी देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं? राजस्थान में दुनिया के सबसे लंबे सांपों की भी एक रहस्यमयी दुनिया है। ये जगह है वर्ल्ड फेमस केवलादेव घना नेशनल पार्क। यूं तो दुनियाभर के पर्यटक यहां सबसे अनोखे पक्षियों को देखने आते हैं। लेकिन इसी पार्क में 600 से ज्यादा ताकतवर और विशाल अजगर रहते हैं। इस जगह को रॉक पायथन का देश में सबसे बड़ा जोन भी माना जाता है। 'साइलेंट शिकारी' कहे जाने वाले 20 फीट से भी लंबे ये अजगर पलक झपकते ही अपने से कई गुना बड़े जानवर को जकड़ लेते हैं। इनकी फुफकार इतनी खौफनाक होती है कि कोई इनके नजदीक जाने की कोशिश भी नहीं करता। अजगरों की इस दुनिया को कैमरे में कैद करने के लिए भास्कर टीम पायथन जोन में पहुंची। पढ़िए ये रिपोर्ट.... ब्लॉक A से सफर की शुरुआत, वाइब्रेशन सुनते ही बिल की ओर भागा अजगर सुबह के करीब 11 बजे हम केवलादेव नेशनल पार्क के ब्लॉक A में पहुंचे। जंगल के बीचों-बीच पायथन जोन में पर्यटकों के लिए ट्रैक बने हुए हैं। हम उन पर चलते हुए आगे बढ़े तो एक सेही (पॉर्क्युपाइन) का बिल नजर आया। बिल दिखते ही अंदेशा हो गया कि आसपास अजगर जरूर मौजूद होगा। क्योंकि अजगर खुद कभी अपना बिल नहीं बनाते। सेही के बनाए बिलों में ही रहता है। जैसे ही हम आगे बढ़े, पैरों की हल्की सी धमक से एक अजगर की तेजी से भागने की सरसराहट साफ सुनाई दी। हम उसे देख नहीं पाए। लेकिन उसके बिल के पास अंडे का सूखा हुआ खोल मिला। हमारे साथ मौजूद वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रणधीर ने बताया कि यह जगह अजगर की ब्रीडिंग साइट है। यह नजारे हर पल इस बात का संकेत दे रहे थे कि हम भारत के सबसे सक्रिय पायथन जोन में खड़े हैं। दो घंटे बाद पहला दीदार: झाड़ियों के नीचे धूप सेकता अजगर लगातार खोजबीन के लगभग दो घंटे बाद हमें झाड़ियों के नीचे धूप सेकता एक अजगर दिखाई दिया। उसकी लंबाई करीब 12 से 15 फीट होगी। यह मेल अजगर था और बेहद आक्रामक नजर आ रहा था। जैसे ही हम उसके करीब पहुंचे, उसने जोर से फुफकारना शुरू कर दिया। वह लगातार अपनी पूंछ हिला रहा था, जो इस बात का संकेत था कि वह खतरा महसूस कर रहा है। आमतौर पर अजगर ऐसे हालात में अपने बिल की ओर भागते हैं। लेकिन यह अजगर वहीं बैठा रहा। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट रणधीर ने बताया कि अजगर इंसान के पैरों दी धमक या किसी खतरे की जल्दी पहचान लेता है। ये बेहद शांत होता है और चुपचाप शिकार करना पसंद करता है, इसलिए इसे 'साइलेंट अटैकर' कहा जाता है। यह जो अजगर सामने है, इसका रंग डार्क ब्लैक है। केवलादेव में अजगर कई अलग-अलग रंगों में मिलते हैं। कैनाल के पास दूसरा विशाल अजगर टीम आगे बढ़ी तो करीब 20 मिनट के भीतर केवलादेव कैनाल के पास दूसरा अजगर नजर आया। यह पहले दिखाई दिए अजगर से भी विशाल था। लंबाई करीब 15 फीट होगी। अजगर का रंग थोड़ा हल्का था, लेकिन त्वचा बेहद चमकीली। पानी के पास उसकी मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि अजगर और वेटलैंड का रिश्ता कितना गहरा है। पार्क में आगे बढ़ते समय सड़क से थोड़ी दूरी पर एक छोटा अजगर भी नजर आया। वह झाड़ियों के ऊपर धूप सेक रहा था। हालांकि वह पूरी तरह नजर नहीं आया, लेकिन उसके शरीर का जो हिस्सा दिखा, वह बिल्कुल झाड़ियों के रंग में घुला हुआ था। यह कैमोफ्लाज अजगर की सबसे बड़ी ताकत है। दुर्लभ नजारा : नाव से जंगल के भीतर, एक ही बिल में नजर आए 3 अजगर केवलादेव नेशनल पार्क के बीचों-बीच से घना कैनाल गुजरती है। यह पानी का प्रमुख सोर्स भी है। हमें जानकारी मिली कि जंगल के और भीतर कैनाल के आस-पास वेटलैंड एरिया में अजगरों का काफी मूवमेंट रहता है। हमें यही कैप्चर करना था। वहां तक पहुंचने के लिए हमने एक नांव ली। कुछ ही देर बाद हम केवलादेव नेशनल पार्क के बिल्कुल बीच में थे। दूर-दूर तक कोई इंसान नजर नहीं आ रहा था। बिना नांव के यहां पहुंचना बेहद मुश्किल है। सिर्फ पानी के जीव-जंतु, विषैले सांप और अजगर ही रहते हैं। नांव से उतरने के बाद थोड़ी दूरी पर फिर एक बेहद बड़ा सेही का बिल नजर आया। यहां का नजारा हैरान करने वाला था। थोड़ी ही दूरी पर हमें 3 अजगर नजर आए, जो जंगल में छिपकर बैठे हुए थे। हमने उनके बिल के पास जाकर इंतजार किया। कुछ ही देर में पैरों की वाइब्रेशन से पहला अजगर बाहर आया। यह बेहद बड़ा, चमकीला गोल्डन कलर का था। उसने हमें एक पल घूरकर देखा और फिर अपने बिल में रेंगते हुए चला गया। इसकी लंबाई 13 से 15 फीट के करीब होगी। देखने में काफी आक्रामक लग रहा था। लगातार जीभ बाहर निकाल रहा था, जो इस बात का संकेत था कि वह शिकार या बचाव के मूड में है। इसके कुछ देर बाद दूसरा अजगर भी उसी बिल की ओर रेंगता हुआ आया। कैमरा कैप्चर के लिए टीम उसी मोड़ पर बैठ गई। यह अजगर भी देखते ही देखते बिल में चला गया। गाइड ने बताया कि ये अजगर करीब 50 किलो वजन का होगा। 10 मिनट और इंतजार के बाद तीसरा अजगर भी उसी बिल में जाते नजर आया। एक ही बिल में तीन अजगरों को एक साथ जाते देखना बेहद दुर्लभ और रोमांचक अनुभव था। इस क्षेत्र की शांति और दुर्गमता की वजह से ही ऐसा नजारा देखने को मिलता है। सेही, लकड़बग्घा और अजगर, तीनों का एक ही घर कैनाल से ही बोट के जरिए वापसी के दौरान कई अजगर एक साथ धूप सेकते नजर आए। ये नजारे देखकर ऐसा लगता है, मानो घना की जमीन पर इन्हीं का राज है। नेचुरलिस्ट रणधीर बताते हैं कि अजगर सेही के बनाए बिलों को ही अपना घर बनाते हैं। बिल के अलग-अलग हिस्सों में अजगर, सेही और लकड़बग्घा एक साथ रहते हैं। कई बार इन तीनों के बीच आवास को लेकर झड़पें भी हो जाती हैं। केवलादेव को माना जाता है रॉक पायथन का सबसे बड़ा घर नेचुरलिस्ट नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में 600 से ज्यादा अजगर मौजूद हैं। हर साल औसतन 200 अजगरों का रेस्क्यू किया जाता है। यहां निवास करने वाले अजगर की लंबाई 18 से 22 फीट तक होती है। इनकी औसत उम्र 16 साल होती है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में अजगरों की मौजूदगी पर वन्यजीव विशेषज्ञ सुब्रमण्यम भूपति ने रिसर्च की थी। इस रिसर्च में सामने आया कि घना में पूरे भारत के लिहाज से सर्वाधिक संख्या में अजगर (रॉक पायथन) मौजूद हैं। रिसर्च के दौरान यहां पर 135 अजगरों की मौजूदगी पाई गई थी, लेकिन घना में इनकी असल आबादी कहीं ज्यादा है। यही कारण है कि घना को रॉक पायथन का भारत में सबसे बड़ा पॉइंट माना जाता है। यहां के गाइड गजेंद्र सिंह ने बताया कि सर्दियों और धूप वाले दिनों में अजगर ज्यादा एक्टिव रहते हैं, इसी वजह से इस समय उनकी साइटिंग बढ़ जाती है। केवलादेव का वेटलैंड और घनी झाड़ियां अजगर के लिए आदर्श प्राकृतिक आवास हैं। यहां उन्हें पर्याप्त पानी, शिकार और छुपने की जगह मिलती है। कई टूरिस्ट खासतौर से अजगर देखने ही यहां पर आते हैं। विदेशी टूरिस्ट में इनका ज्यादा क्रेज रहता है। पर्यटक बोले- पक्षी देखने आए थे, पायथन देखकर हैरान चेन्नई से आए पर्यटक शिवाय ने बताया- ‘हम यहां पक्षी देखने आए थे, लेकिन हमें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि केवलादेव में इतना बड़ा पायथन पॉइंट भी है। यह मेरा पहला अनुभव है जब मैंने अजगर को इतने पास से देखा। यह अनुभव वाकई बहुत रोमांचक और यादगार रहा।’ शाविन ने बताया- मैंने पहली बार अजगर को मूवमेंट करते हुए देखा। मैं उसका चेहरा देखना चाहता था, लेकिन वह ज़्यादा हिल नहीं रहा था, इसलिए साफ़ दिखाई नहीं दिया। हमने काफी देर तक उसका इंतजार किया। वह बेहद खतरनाक लग रहा था, लेकिन उसे देखना बहुत रोमांचक था। अब मैं अपने दोस्तों को भी इस अनुभव के बारे में जरूर बताऊंगा।' अजगर की मौजूदगी को लेकर कई कहानियां भी केवलादेव के अंदर ई-रिक्शा चलाने वाले जितेंद्र बताते हैं कि यहां मान्यता के अनुसार भरतपुर के पास के एक गांव से श्रीकृष्ण को मारने एक राक्षस अजगर बनकर गया था, जिसे श्रीकृष्ण ने मार दिया। तभी से इस इलाके में अजगरों की संख्या ज्यादा मानी जाती है। पायथन सेंचुरी के तौर पर विकसित करने का विचार उपवन संरक्षक चेतन कुमार बी.वी. ने बताया कि केवलादेव नेशनल पार्क में पायथन पॉइंट एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। यहां अजगरों की साइटिंग बहुत अच्छी रहती है। इन पर काफी रिसर्च किया गया है और इनकी संख्या भी यहां अच्छी खासी है। भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में जहां भी अजगर रेस्क्यू किए जाते हैं, उन्हें सुरक्षित रूप से केवलादेव नेशनल पार्क में ही छोड़ा जाता है, इसी वजह से यहां इनकी संख्या अधिक है। .... भास्कर की स्पेशल स्टोरीज से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... अब पैलेस ऑन व्हील्स में शादी भी होंगी:सबसे लग्जरी ट्रेन में 21 लाख किराये का शाही कमरा; कांच और सोने के महल जैसे रेस्टोरेंट जयपुर के दुर्गापुरा स्टेशन पर खड़ी पैलेस ऑन व्हील्स ट्रेन दूर से नजर आ जाती है। कोच का रंग, डिजाइन और भव्यता देखकर समझ आ जाता है कि ये आम ट्रेन नहीं है। पूरी खबर पढ़िए...
वर्ष 1928 से आरंभ हुआ जालंधर शहर का मुख्य नगर कीर्तन आज, तैयारियां पूरी
भास्कर न्यूज | जालंधर दोआबा के केंद्रीय स्थल गुरुद्वारा दीवान अस्थान, सेंट्रल टाउन की प्रबंधक कमेटी द्वारा समस्त सिंह सभाओं और संगत के सहयोग से सरबंसदानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व को समर्पित नगर कीर्तन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधान मोहन सिंह ढींढसा, परमिंदर सिंह, दविंदर सिंह रहेजा और जनरल सेक्रेटरी गुरमीत सिंह बिट्टू ने बताया कि वर्ष 1928 से आरंभ हुआ यह नगर कीर्तन 2 जनवरी को सुबह 10 बजे गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, मोहल्ला गोबिंदगढ़ से जयकारों और नगाड़ों की गूंज के साथ आरंभ होगा। यह नगर कीर्तन भारत सोडा वाटर, मंडी फेंटनगंज, गुरुद्वारा दीवान अस्थान, लवकुश चौक, फगवाड़ा गेट, भगत सिंह चौक, खिंगरां गेट, अड्डा होशियारपुर, माई हीरां गेट, पटेल चौक, बस्ती अड्डा, भगवान वाल्मीकि चौक, रैणक बाजार, सैदां गेट, लवकुश चौक से होता हुआ रात्रि को गुरुद्वारा दीवान अस्थान, सेंट्रल टाउन जालंधर में संपन्न होगा। नगर कीर्तन में हर वर्ष की तरह इस बार भी अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा, जिसमें विशेष रूप से संत समाज, निहंग सिंह जत्थेबंदियां, गतका अखाड़े, दल पंथ, शहर के हर क्षेत्र की गुरुद्वारों की संगतें, बैंड, स्कूली बच्चे तथा विभिन्न प्रकार के मॉडल शामिल होंगे, जो गुरु इतिहास और मानवता को समर्पित होंगे और संगत के लिए तैयार किए गए हैं। सभी प्रतिनिधियों ने संगत से परिवार सहित उपस्थित होने की अपील की। इस अवसर पर मोहितंदरजीत सिंह, गुरबख्श सिंह जुनेजा, दविंदर सिंह रियात, कंवलजीत सिंह टोनी, सरबजीत सिंह राजपाल, जसबीर सिंह रंधावा, हरजोत सिंह, हरसुरिंदर सिंह लम्मा पिंड, हरभजन सिंह सैनी, निर्मल सिंह बेदी, गुरिंदर सिंह मझैल, बाबा बलजीत सिंह, चरणजीत सिंह मिंटा, तेजबीर सिंह बांसल, दलजीत सिंह बिट्टू उपस्थित थे।
मकान नंबर- 199/5, शास्त्रीनगर, मेरठ तारीख- 18 जून, 2016 शाम के करीब 4 बजे होंगे। घर के अंदर 3 लाशें लहूलुहान पड़ी थीं। कॉलगर्ल रिया बेड पर न्यूड पड़ी थी। मकान मालिक चंद्रशेखर गुप्ता और पत्नी जहां-तहां जमीन पर थे। खुलासा हुआ कि चंद्रशेखर गुप्ता अपने घर के अंदर कॉलगर्ल से सेक्स रैकेट चलवाते थे। रिया के बॉयफ्रेंड ने ही दोस्तों संग मिलकर तीनों मर्डर किए। इस वारदात के बाद ये मकान ‘हॉरर’ जैसा हो गया। आस-पास के लोग डरने लगे। ये बातें भी सामने आईं कि इस मकान से पायल खनकने की आवाजें आती हैं। कई साल तक ऐसे ही चलता रहा। आखिरकार एक नई सुबह आई, जिसने इस पूरे इलाके का सीन ही बदल डाला। एक कारोबारी ने ये मकान खरीदा और ध्वस्त करके नई बिल्डिंग खड़ी कर दी। आपको ये जानकर ताज्जुब होगा कि आज इस बिल्डिंग में इस्कॉन मंदिर है। सुबह से शाम तक यहां ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्णा’ के स्वर गूंजते हैं। जिस मकान को ‘हॉरर’ बताया जाता था, वहां आज घंटे-घड़ियाल बजते हैं। रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु आकर प्रभु का गुणगान करते हैं। ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट पढ़िए... सबसे पहले ट्रिपल मर्डर के बारे में जानिए सेक्स रैकेट का अड्डा था इंश्योरेंस बैंक मैनेजर का मकान18 जून, 2016 को मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र स्थित शास्त्रीनगर के एक मकान में 3 लाशें मिलीं। तीनों की पहचान इंश्योरेंस बैंक मैनेजर चंद्रशेखर गुप्ता (52), पत्नी पूनम गुप्ता और कॉलगर्ल रिया (25) के रूप में हुई। रिया की लाश पूरी तरह नग्न हालत में बेड पर पड़ी थी। तीनों के शव चाकू से गोदे गए थे। पुलिस ने इस मामले में रिया के प्रेमी विकास उर्फ विक्की समेत सचिन सक्सेना और उदयवीर को गिरफ्तार किया। दरअसल, रिया कॉलगर्ल थी। खुद विक्की उसके लिए कस्टमर लाता था। कस्टमर लाने का ठिकाना होता था इंश्योरेंस मैनेजर चंद्रशेखर का मकान। धीरे-धीरे रिया ने विक्की को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। ये बात विक्की को नागवार गुजरी और उसने रिया की हत्या का प्लान बना लिया। इधर, सचिन को भी पैसे की जरूरत थी, इसलिए वो भी इस प्लान में विक्की के साथ हो गया। कंडोम लेने गया मैनेजर, वापस आया तो पड़ी थीं दो लाशेंमेरठ पुलिस के अनुसार, विक्की ने सचिन और उदयवीर को कस्टमर बनाकर रिया के पास भेजा। रिया उस वक्त चंद्रशेखर के मकान पर ही मौजूद थी। अंदर कमरे में ले जाकर रिया ने सचिन से 1200 रुपए लिए। इसमें से उसने 100 रुपए चंद्रशेखर गुप्ता को दिलवाए और कंडोम लाने के लिए कहा। इतनी देर उदयवीर बाहर वाले कमरे में बैठा रहा। चंद्रशेखर जैसे ही बाहर गया, सचिन ने रिया पर ताबड़तोड़ चाकू बरसा दिए। शोर सुनकर चंद्रशेखर की पत्नी पूनम गुप्ता आई तो उसे भी चाकू से हमला कर मार दिया। दोनों मर्डर करके सचिन-उदयवीर ने अलमारी की तलाशी ली, लेकिन कुछ नहीं मिला। फिर दोनों घर से बाहर जाने लगे। लेकिन, चंद्रशेखर गेट का दरवाजा बाहर से लॉक करके गया था। इसलिए वो चंद्रशेखर के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही चंद्रशेखर कंडोम लेकर वापस आया, तो दोनों ने उसे भी मार डाला। इस वारदात के करीब 7 साल बाद मेरठ की अदालत ने तीनों आरोपियों विक्की, सचिन, उदयवीर को दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। कारोबारी बोले- मैंने सब नजरअंदाज कर मकान खरीदाइस हत्याकांड के बाद मकान के बाहर महीनों तक मेरठ की नौचंदी थाना पुलिस तैनात रही। घर के बाहर पुलिस एक अस्थायी पिकेट के तौर पर दिनभर बैठी रहती थी। धीरे-धीरे ये घर वीरान हो गया। इंश्योरेंस बैंक मैनेजर के बेटे पहले से ही बाहर रहते थे। वो इस हत्याकांड के बाद मकान पर अपना ताला लगाकर चले गए। धीरे-धीरे ये घर हॉरर जैसा बनने लगा। एक पड़ोसी ने बताया कि वो अपना घर बेचकर यहां से जाने का मन बनाने लगे। इस दौरान मेरठ के सेंट्रल मार्केट में पर्दे बेचने वाले कारोबारी अमित गुप्ता को पता चला कि ये मकान बिकने वाला है। लेकिन, कोई खरीदार नहीं मिल पा रहा। उन्होंने एक प्रॉपर्टी डीलर के जरिए चंद्रशेखर गुप्ता के बेटों से संपर्क किया और डीलिंग फिक्स हो गई। साल-2020 के आसपास अमित गुप्ता ने ये मकान खरीद लिया। शुरुआत में कुछ महीनों तक उसी घर में पर्दे सिलने का काम चला। फिर अमित गुप्ता ने पूरा घर ध्वस्त करा दिया। तीन मंजिला नई बिल्डिंग तैयार कराई। अमित गुप्ता बताते हैं- जब हमने प्रॉपर्टी खरीदी, उससे पहले इस मकान को लेकर डर का माहौल था। लोग समझते थे कि इसमें भूत-प्रेत है। लोग कहते थे कि शाम के वक्त इस मकान से पायल बजने की आवाजें आती हैं। हमें इस तरह की बातें आस-पड़ोस के लोग बताते थे। मैंने इन सब चीजों को नहीं माना। मुझे पैसे इन्वेस्ट करने के लिए प्रॉपर्टी खरीदनी थी और इसको खरीद लिया। आवास-विकास परिषद से दोबारा मानचित्र पास कराया और मकान गिराकर करके दोबारा तीन मंजिला बिल्डिंग बनवाई। बिल्डिंग अंडर कंस्ट्रक्शन थी। उसी वक्त इस्कॉन से जुड़े लोग मेरे पास आए। उन्हें मंदिर के लिए ये जगह पसंद आई और मैंने किराए पर दे दी। पुजारी बोले- हमें भी पुरानी बातें पता चली, तब भी मंदिर का फैसला लियाहम शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में उसी बिल्डिंग यानी अब इस्कॉन मंदिर पर पहुंचे। प्रभु को भोग लगाने की तैयारी चल रही थी। मंदिर में कई श्रद्धालु भी मौजूद थे। पुजारीजी ने पहले भोग लगाया, फिर शंख बजाकर गर्भगृह से पर्दा हटाया। हमने इस्कॉन मंदिर के मुख्य पुजारी चारू गोविंद दास से बात की। वो कहते हैं- जहां प्रभु का नाम होता है, हरे-हरे कृष्णा महामंत्र का उच्चारण होता है, वहां किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहती। भगवान श्रीकृष्ण के अवतार चैतन्य महाप्रभु ने बोला है कि गांव-गांव, नगर-नगर में हर जगह भगवान कृष्ण का मंदिर होना चाहिए। इस्कॉन कहता है कि हर गली में भगवान का एक केंद्र जरूर हो, जहां सब लोग कृष्णजी से जुड़ पाएं। इसलिए हम मेरठ में मंदिर के लिए एक स्थान ढूंढ रहे थे। हमें सेंट्रल मार्केट में इस बिल्डिंग के बारे में पता चला। इस मकान में पहले जो कुछ हुआ, हमें वो भी मालूम हुआ। जब हम यहां आए तो इस मकान के ठीक सामने कूड़े का ढेर होता था। लोगों से कई तरह की बातें इस बिल्डिंग को लेकर सुनीं। लेकिन हम इधर-उधर सुनी हुई बातों पर यकीन नहीं करते। हम अपने निर्णय शास्त्रों के अनुसार लेते हैं। इसलिए हमने सोचा कि इस स्थान से बढ़िया कुछ और मंदिर के लिए नहीं हो सकता। ‘पॉजिटिव ऊर्जा, आध्यात्मिक शक्ति फैलाने वाला केंद्र बनी ये जगह’चारू गोविंद दास आगे बताते हैं- इस बिल्डिंग में आने से पहले हमने सोचा कि उस बात (ट्रिपल मर्डर) को काफी समय हो चुका है। शास्त्र भी कहता है कि सारी धरती है तो भगवान की। उसमें से अगर कुछ भूमि में अपवित्र कार्य हुआ भी है तो हमारे साधु-संतों के चरणों से वो स्थान पवित्र हो जाएगा। जब हम यहां पर आए तो वास्तु यज्ञ किया, प्रभु के नाम का कीर्तन किया। उसके बाद हम प्रभु के विग्रह यहां लेकर आए। अब ये जगह पॉजिटिव ऊर्जा, सकारात्मक वाइब्रेशन, आध्यात्मिक शक्ति को फैलाने वाला केंद्र बन गया है। इस केंद्र से रोजाना एक हजार से भी ज्यादा लोगों को प्रसाद स्वरूप छोले-चावल खिलाए जाते हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में नए साल में होंगे 3 चुनाव, मायावती, चंद्रशेखर और पंकज चौधरी के लिए कैसा रहेगा 2026? जानिए... 2026 की दस्तक के साथ प्रदेश ही नहीं, देश की निगाहें यूपी में 2027 पर होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेंगी। 2027 की परीक्षा से पहले यूपी में भाजपा, सपा, अपना दल (एस), रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी, कांग्रेस, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और बसपा को तीन-तीन बड़े चुनावों से गुजरना होगा। इसी साल सभी पार्टियां दल-बदल से गुजरेंगी। पढ़िए पूरी खबर...
रामामंडी में ऑफिस का उद्घाटन, जन सुविधा केंद्र के रूप में होगा संचालित
जालंधर |आम आदमी पार्टी के सेंट्रल हलका इंचार्ज नितिन कोहली के कार्यालय का उद्घाटन वीरवार को लोकसभा सदस्य अशोक मित्तल ने किया। यह कार्यालय रामामंडी मेन मार्केट में खोला गया है और इसे जनसुविधा केंद्र के रूप में संचालित किया जाएगा। इस अवसर पर वार्ड नंबर 6, 7 और 8 की वेलफेयर सोसायटियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में मेयर वनीत धीर, सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू, डिप्टी मेयर मलकीत सिंह सुभाना, लोकसभा इंचार्ज रमनीक सिंह रंधावा, योजना बोर्ड के जिला इंचार्ज अमृतपाल सिंह, चेयरमैन मंगल सिंह बस्सी, पूर्व मेयर जगदीश राजा, रमेश मित्तल, डॉ. बलजीत सिंह जोहल और काकू आहलूवालिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर नितिन कोहली ने कहा कि जनसुविधा केंद्र में आने वाले लोगों की समस्याओं को केवल सुना ही नहीं जाएगा, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था भी की जाएगी। कार्यक्रम में असविंदर बिल्ला, मनमोहन सिंह राजू, लगनदीप सिंह, त्रिलोक सिंह सरन, परवीन पहलवान, अमरदीप कीनू, विक्की तुलसी, शिवम शर्मा, अरुण सैनी, हैप्पी मिन्हास, नरेश शर्मा, तरनदीप सिंह सनी, डॉ. राजेश बब्बर, परवीन पब्बी, जतिन गुलाटी और सुभाष शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
सिविल सर्जन ऑफिस में पाठ करवाया
जालंधर | नए साल के आगमन पर सिविल सर्जन कार्यालय में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सुखमनी साहिब का पाठ करवाया गया। इस दौरान रागी जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन किया और सभी की भलाई व अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए अरदास की गई। समागम में सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नमिता घई सहित कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस शुभ अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने स्टाफ को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी लगन और मेहनत से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर जिला परिवार भलाई अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता, जिला वैक्सीनेशन अधिकारी डॉ. राकेश कुमार चोपड़ा, एसएमओ डॉ. वरिंदर कौर थिंद सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
भास्कर न्यूज | जालंधर बारिश ने शहर की सड़कों पर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरफेस वाटर प्रोजेक्ट के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए तोड़ी गई सड़कों का नवनिर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। बारिश ने इन कच्ची सड़कों को कीचड़ में तब्दील कर दिया है। शहर के कई इलाकों में लोग मजबूरी में इन्हीं अधूरी और कच्ची सड़कों से गुजर रहे हैं। जहां सड़कें डबल थीं, वहां अब एक ही साइड से ट्रैफिक चलाया जा रहा है, जिससे जाम और हादसों का खतरा बढ़ गया है। पूरे शहर के हालात बेहद जटिल बने हुए हैं। वीरवार को सबसे खराब स्थिति श्री गुरु तेग बहादुर नगर से लेकर श्री गुरु रविदास चौक तक देखने को मिली। जहां रोड डबल हैं, वहां एक ही साइड पर वाहन चल रहे हैं। इस पूरे मार्ग पर सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल चुकी है। पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहन फिसलते नजर आए। स्थानीय लोग गंदगी, फिसलन और प्रशासन की लापरवाही से परेशान हैं।
सिविल अस्पताल में सीवर लाइन अपग्रेड का काम धीमी गति से चल रहा, लोग परेशान
जालंधर | लम्मा पिंड चौक की सर्विस रोड की हालत बदहाल है। इस सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जो हल्की बारिश होते ही जलमग्न हो जाते हैं। ऐसे में सड़क पर पानी भरने से वाहन चालकों को आने-जाने में मुसीबत होती है। गड्ढों में पानी भरा होने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों ने कहा कि जलभराव की वजह से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। -मोहित, लम्मा पिंड जालंधर | सिविल अस्पताल में सीवर लाइन अपग्रेड का काम चल रहा है। इस दौरान जगह-जगह मैनहोल बनाए जा रहे हैं। ऐसे में रात के समय वाहन चालकों और तीमारदारों के लिए हादसों का खतरा बना हुआ है। व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है। आसपास न तो उचित बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। कम रोशनी के कारण खुले या अधबने मैनहोल दिखाई नहीं देते, जिससे गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। -कुलदीप, उधम सिंह नगर जालंधर | जालंधर के ऐतिहासिक बर्ल्टन पार्क में स्पोर्ट्स हब का निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं दूसरी ओर पार्क का एक हिस्सा कूड़े के डंप में तब्दील हो चुका है। पार्क के भीतर लगा गंदगी का ढेर इसकी सुंदरता को बिगाड़ रहा है। कचरे से उठने वाली दुर्गंध लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन कूड़े के उचित निस्तारण की व्यवस्था न होने से पूरी योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। -बलजीत सिंह, डीएवी रोड
बैंक अफसरों समेत 5 पर केस दर्ज:मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 72 लाख रुपए का लोन घोटाला
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 72 लाख रुपए के लोन में गड़बड़ी पकड़ी गई है। ईओडब्ल्यू ने सेंट्रल बैंक की मंडीदीप शाखा से जुड़े इस मामले में फर्म प्रोफराइटर, निजी फर्म संचालक, वाहन विक्रेता कंपनी और बैंक के तत्कालीन अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू के मुताबिक एसबी/एसवी इंटरप्राइजेस के नाम पर 120 टन क्षमता की एक पुरानी ट्रक-माउंटेड क्रेन खरीदने के लिए 72 लाख रुपए का लोन स्वीकृत किया गया था। फर्म प्रोपराइटर और लाभार्थी के रूप में विजय पाल सिंह परिहार को दर्शाया गया। 30 मार्च 2017 को मंजूर हुआ। परियोजना लागत एक करोड़ रुपए थी। इसमें 72 लाख बैंक लोन और 28 लाख रुपए मार्जिन मनी दिखाई गई। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के जरिए 12 लाख रुपए मार्जिन सहायता और ब्याज सब्सिडी के रूप में 90-90 हजार की 10 किस्तों में कुल 9 लाख रुपए खाते में जमा किए गए। इस तरह लोन खाते को कुल 21 लाख रुपए का सरकारी लाभ मिला। जांच में सामने आया कि जिस क्रेन का रजिस्ट्रेशन ऑल कार्गो मूवर्स इंडिया लिमिटेड के नाम पर था, उसका भुगतान ऑल कार्गो लॉजिस्टिक लिमिटेड के खाते में किया गया। किस्तें रुकने पर खाता एनपीए घोषित हुआ। बाद में पता चला कि बैंक के पास गिरवी बताई गई क्रेन लियो इंजीनियरिंग सर्विस के नाम पर पंजीकृत थी और बाद में उसे टाटा फाइनेंस के पास गिरवी रख दिया गया था।
जालंधर| नववर्ष के मौके पर भार्गव कैंप में व्यापारियों ने मिलकर लंगर लगाया। इस दौरान आपसी सद्भावना और देश में शांति के लिए अरदास की गई। इस मौके पर शत्रुघन कुमार, वसीम अकरम, चुनचुन, दिलबर, विशाल जंग, सलीम जावेद, सन्नी, सुबोध, ब्रिजेश, मनिंदर, संजय, अनूज, अमरजीत सिंह, नवीन, दानिश, जुनैद मौजूद रहे।
गुरुद्वारा आदर्श नगर... गुरबाणी कीर्तन से संगत निहाल
भास्कर न्यूज | जालंधर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा आदर्श नगर में नववर्ष के मौके पर गुरमत समागम करवाए गए। इसमें सचखंड श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब के हजूरी रागी भाई साहिब सिंह के अलावा भाई ब्रहमजोत सिंह ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। ज्ञानी गुरमीत सिंह और ज्ञानी जसपाल सिंह ने गुरमत विचारों से संगत को संबोधित करते हुए कहा कि परमात्मा की कृपा से नया साल शुरू होने जा रहा है। हमें सभी को परमात्मा के चरणों में अरदास करनी चाहिए कि पिछले साल हमसेजो गलतियां हुई हैं, उनके लिए क्षमा मांगते हुए आने वाले साल में उनको न दोहराने का प्राण करें। परमात्मा से अपनी झोलियों में खुशियों का गुलदस्ता प्राप्त करने के लिए उनके द्वारा बताए गए मार्ग को अपने जीवन में व्यावहारिक रूप प्रदान करें। इस अवसर पर उन्होंने परमात्मा के चरणों में सभी के लिए नववर्ष में खुशियां लाने के लिए अरदास की। यहां सरबजीत सिंह राजपाल, प्रभु सिंह, हरजिंदर सिंह लाडा, कुलविंदर सिंह थियाड़ा, हरजिंदर सिंह ठेकेदार, मनजीत सिंह बिंद्रा, हरपिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह छाबड़ा, प्रितपाल सिंह, गुरमीत सिंह बसरा, कमलजीत कौर, बलविंदर कौर, गुरिंदर कौर मौजूद रहे।
केवल अधिक पाने पर नहीं, खुद को बेहतर करने पर जोर होना चाहिए
भास्कर न्यूज | जालंधर गुलमोहर सिटी स्थित मां बगलामुखी धाम में भक्तों ने नए साल पर हवन करवाया। ब्राह्मणों ने मुख्य यजमान समीर कपूर से पूजन के बाद हवन-कुंड में आहुतियां डलवाईं।धाम के प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने कहा कि नए साल पर हमारा सबसे बड़ा संकल्प बाहरी दुनिया की चकाचौंध और भौतिक उपलब्धियों की अंधी दौड़ में न फंसकर आंतरिक उजास की ओर कदम बढ़ाने की ओर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में हमने गैजेट्स, सुख-सुविधाएं और सामाजिक प्रतिष्ठा तो हासिल कर ली, लेकिन मानसिक शांति और आत्मिक संतोष कहीं पीछे छूट गया। अक्सर हम अपनी सफलता का आंकलन बैंक बैलेंस, पदोन्नति या सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रशंसा से करते हैं। ये बाहरी उपलब्धियां क्षणिक सुख तो दे सकती हैं, लेकिन जीवन की गहरी सार्थकता केवल आंतरिक उजास से ही संभव है। बाहरी दुनिया की प्रतिस्पर्धा तनाव और चिंता को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि जो कुछ हमारे पास है, उसके लिए ईश्वर का आभारी होना सीखें। प्रतिदिन रात को सोने से पहले उन तीन बातों को लिखें जिनके लिए आप ईश्वर या प्रकृति के प्रति कृतज्ञ हैं। नवजीत भारद्वाज ने कहा कि तकनीक का उपयोग करें, लेकिन उसके गुलाम न बनें। यहां श्वेता भारद्वाज, राकेश प्रभाकर, पूनम प्रभाकर, सरोज बाला, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप, दिनेश सेठ, सौरभ भाटिया समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
नगर कीर्तन आज, अलास्का, किशनपुरा चौक समेत 20 पॉइंट्स पर सुबह 9 से रात 10 बजे तक रूट डायवर्ट रहेगा
भास्कर न्यूज | जालंधर दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव पर शुक्रवार, दो जनवरी को नगर कीर्तन सजाया जाएगा। इसके लिए शहर में ट्रैफिक डायवर्जन के लिए सुचारू व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए रूट प्लान जारी किया है। मुख्य नगर कीर्तन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, मोहल्ला गोबिंदगढ़ से अरदास के बाद पूरी शान-ओ-शौकत के साथ शुरू होगा। नगर कीर्तन की अगुवाई पंज प्यारे करेंगे। पालकी साहिब के पीछे बड़ी संख्या में रागी जत्थे, स्कूली बच्चे, बैंड पार्टियां और निहंग सिंह अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पूरे रास्ते विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लंगर और जलपान की व्यवस्था की गई है। नगर निगम और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था और सफाई के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। जालंधर ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नगर कीर्तन के मार्ग पर जाने के बजाय वैकल्पिक लिंक रास्तों का चुनाव करें। रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड जाने वाले यात्रियों को अपने घर से समय से थोड़ा पहले निकलने को कहा है, क्योंकि मुख्य रास्तों पर भीड़ होने की संभावना है। गुरुद्वारा श्री दीवान अस्थान सेंट्रल टाउन, मिलाप चौक, फगवाड़ा गेट, शहीद भगत सिंह चौक, पंज पीर चौक, खिंगरा गेट, गुरुद्वारा श्री सिंह सभा (अड्डा होशियारपुर), माई हीरा गेट, भगवान वाल्मीक गेट, पटेल चौक, सब्जी मंडी चौक, जेल चौक, बस्ती अड्डा चौक, भगवान वाल्मीक चौक, रैनक बाजार अंत में मिलाप चौक पर इसका समापन होगा।
भगवान वाल्मीकि मंदिर में किया कीर्तन
जालंधर| भगवान वाल्मीकि मंदिर अर्जुन नगर 40 क्वार्टर में भक्तों की ओर से नववर्ष के उपलक्ष्य में कीर्तन श्रद्धापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में भक्तों ने दरबार में माथा टेककर अपने परिवार की खुशहाली करके की। मंदिर परिसर में भक्तों ने प्रभु की महिमा का गुणगान करके भक्तिमय माहौल बनाया। यहां डीएसपी अजय सैनी, राज कुमार राजू, पंकज सहोता, बब्बल पहलवान, सन्नी टक्कर, हरविंदर, मोहन चोपड़ा, संजीव गर्ग, हनी सहोता व अन्य मौजूद रहे।
श्री चैतन्य महाप्रभु श्री राधा माधव मंदिर में भक्तों ने किया हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन
भास्कर न्यूज | जालंधर श्री चैतन्य महाप्रभु श्री राधा माधव मंदिर प्रताप बाग में नववर्ष के अवसर पर हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन का आयोजन किया गया। संकीर्तन की शुरुआत दीनार्ती हर दास प्रभु, केवल कृष्ण, राजेश शर्मा, चेतन दास, राजिंदर लूथरा, श्रीनिवास दास प्रभु, सुरेश कुमार, मनोज कौशल, जगन्नाथ शर्मा, गोवर्धन शर्मा और विधान अरोड़ा ने की। मंदिर परिसर हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे... महामंत्र से गूंज उठा। मंदिर के महासचिव राजेश शर्मा ने मंदिर कमेटी की तरफ से सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। यहां डीएसपी करतार सिंह, अजय अग्रवाल, मिंटू कश्यप, गगन अरोड़ा, राजीव ढींगरा, राजन गुप्ता, प्रेम चोपड़ा, विजय सग्गड़, तापस गुप्ता, दिव्यांश व अन्य मौजूद रहे।
केरवा जंगल कैंप में नए साल की छुट्टी मनाने के बहाने 19 वर्षीय युवती से ज्यादती का मामला सामने आया है। रातीबड़ पुलिस ने शिकायत पर 40 वर्षीय प्रॉपर्टी एजेंट के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने बताया कि युवती इवेंट मैनेजमेंट का काम करती है। कुछ समय पहले एक सहेली ने उसकी मुलाकात आरोपी जहूर से करवाई थी। युवती को अपनी मां के इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। आरोपी ने उसकी मदद की। इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ गया। युवती ने पुलिस को बताया कि बुधवार को आरोपी उसके दफ्तर पहुंचा। कहा कि नए साल की छुट्टी मनाने केरवा जंगल कैंप चलते हैं। युवती तैयार हो गई और उसके साथ चली गई। दोपहर में सुनसान जगह देखकर आरोपी ने उसके साथ ज्यादती की। विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया भी फिर वहां से फरार हो गया। घर लौटकर युवती ने आपबीती परिजनों को बताई फिर रातीबड़ थाने पहुंचकर केस दर्ज करवाया।
जालंधर| प्राचीन मंदिर बाबा यशरथ राय जी श्री बालाजी धाम थापरां मोहल्ला के सदस्यों की ओर से माईहीरां गेट रोड पर 50 से अधिक जरूरतमंद लोगों को शूज व गर्म वस्त्र बांटे गए। साथ ही लंगर लगाकर सेवा निभाई। संस्था के मुख्य सेवादार गौरव थापर ने कहा कि असली नववर्ष वही है, जब हम किसी के जीवन में बदलाव ला सकें। कड़ाके की ठंड में नंगे पैर चलना अत्यंत कष्टदायक होता है, इसीलिए हमने इस वर्ष खुशियां बांटने का यह तरीका चुना।
नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही जनगणना संबंधी कार्य शुरू होने के कारण प्रदेश की सभी प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो गई हैं। बीते वर्ष के अंतिम दिन तक जिला, उपखंड, वार्ड, पंचायत समेत जो भी प्रशासनिक सीमाएं बदली गई हैं, उनके अनुसार ही अब आगे जनगणना का काम होगा। अब यदि कोई बदलाव होगा, तो उसे जनगणना के आंकड़ों के अनुसार मैच नहीं कराया जा सकेगा। पूरे दस वर्ष तक जनगणना 2025 तक की प्रशासनिक सीमाओं के आधार पर आंकी जाएगी। राज्य में जिस तरह से जनगणना की तैयारियां की जा रही हैं, उसके अनुसार 15 मई से पहले चरण की जनगणना का काम शुरू होने की पूरी संभावना है। इससे पहले अब सभी स्तर पर कर्मचारी-अधिकारियों की ट्रेनिंग का काम तेजी से किया जाना है। दूसरे और अंतिम चरण की मतगणना का काम फरवरी 2026 में शुरू होगा। सीमा फ्रीज का मतलब क्या नए जिले, उपखंड, तहसील, गांव, वार्ड जिनकी सीमा 31 दिसंबर 2025 तक तय हो गई हैं। उनमें बदलाव अब नए सिरे से नहीं होगा। जिनमें बदलाव नहीं हुआ है, वहां किसी प्रकार की सीमा में संशोधन नहीं होगा। गांव या शहर के किसी भी वार्ड तक की सीमा में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकेगा। वैसे यह रोक 2027 में तक होने वाली जनगणना के काम को पूरा होने तक रहेगी, लेकिन जनगणना के आंकड़े पूरे 10 साल 1 जनवरी 2026 की प्रशासनिक सीमा के आधार पर ही रहेंगे। रोक हटने पर गृह मंत्रालय अधिसूचना जारी करेगा। इससे पहले गृह मंत्रालय ने 31 दिसंबर तक नई प्रशासनिक यूनिट बनाने पर जनगणना की रोक हटाई थी। प्रदेशभर के कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी जनगणना निदेशालय की ओर से पहले चरण के लिए अब प्रदेशभर के कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी। सरकार की ओर से प्रशासनिक सीमाएं तय होने के बाद अब निदेशालय फ्रेम बनाकर हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना कराएगा। इसी चरण में ईबी बनाई जाएगी। ईबी यानी इन्यूमरेशन ब्लॉक(गणना खंड) एक छोटा भौगोलिक क्षेत्र होता है, जिसे जनगणना के काम को आसान बनाने के लिए तय किया जाता है। प्रत्येक जनगणना कर्मी उसी के अनुसार पहले चरण में हाउस लिस्टिंग करेंगे। इसमें सामान्यतः 120 से 150 घर शामिल होते हैं। सभी मकानों-ईमारतों की सूची रिहायशी/व्यावसायिक के अनुसार बनाएंगे। इनमें क्या-क्या सुविधाएं जैसे पानी, शौचालय, बिजली आदि हैं, परिसंपत्तियां हैं, उनकी जानकारी लेंगे। परिवार के बारे में जानकारी लेंगे। पोर्टल पर सेटेलाइट इमेज पर मकान आदि होंगे, उनके नक्शे काटकर जनगणना कर्मी काम पूरा करते चलेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उसकी पूरी डिटेल ली जाएगी। पूरी जनगणना ऑनलाइन एप के जरिए किया जाएगा।
21 जरूरतमंद परिवारों को बांटा राशन
जालंधर| कन्या शिक्षा प्रसार संगठन की ओर से गांव सिंघा में 63वां राशन वितरण समारोह करवाया गया। इसमें 21 जरूरतमंद परिवारों को राशन देकर उनकी मदद की गई। इस मौके पर संजीव शर्मा ने कहा िक चेयरमैन सरदार सिंह चौहान के नेतृत्व में संगठन द्वारा राशन वितरण की पहल वाकई सराहनीय है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के लिए फ्री सिलाई केंद्र और फ्री ब्यूटीपार्लर कोर्स सिखाए जा रहे हैं।
जनवरी का मौसम:साल के पहले महीने का ट्रेंड... 11 साल में 8 बार मावठे से भीगा शहर
जनवरी में मौसम हर तरह के रंग दिखाता है। इस महीने तेज ठंड, कोहरा, कुहासा, घनी धुंध, बादल, शीतलहर, मावठा (शीतकालीन बारिश), कोल्ड डे जैसा मिला-जुला मौसम रहता है। इस बार भी शीतलहर, मावठा और ठंड पड़ने की संभावना है। जनवरी में 11 साल में 8 बार मावठा गिरा। दूसरे पखवाड़े की शुरुआत होने से पहले और महीने के अंत में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से 8 डिग्री तक पहुंच जाता है। इस बार नवंबर-दिसंबर में ही कड़ाके की ठंड पड़ चुकी है। अनुमान है कि जनवरी में भी यही ट्रेंड रह सकता है। सर्दी का कोई नया रिकॉर्ड भी बन सकता है। पिछले साल 12 वर्षों की सबसे ज्यादा ठंड पड़ी थी। 8 जनवरी को ही पारा 3.6 डिग्री पर आ गया था। डॉ. जीडी मिश्रा - एक्सपर्ट, मौसम विज्ञान जनवरी में मावठे का ट्रेंड पिछले साल जनवरी की शुरुआत से ही तेज ठंड शुरू हो गई थी। आठवें ही दिन पारा 4 डिग्री से नीचे आ गया था।11 साल में 7 बार कड़ाके की ठंड पड़ी। इन 7 वर्षों में महीने भर में रात का सबसे कम तापमान 6 डिग्री से नीचे आ गया था। जानें, इस महीने कब कैसा मौसम रह सकता है
सबसे साफ शहर के नलों में ‘जहर’:14 मौतों की कीमत 2-2 लाख लगा दी, हे सरकार! हमें पैसे नहीं, जवाब चाहिए
देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सफाई नहीं, अब सिस्टम की सड़ांध सामने आ गई है। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से गुरुवार को एक और मौत हो गई। इसके साथ गंदे पानी से मरने वालों की संख्या 14 पहुंच गई है। अब तक 1400 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं और 200 से अधिक मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके बावजूद प्रशासन के पास कोई ठोस जवाब नहीं है कि पानी में ये ‘जहर’ कैसे घुला? सरकार ने अब तक कोई जिम्मेदार तो तय नहीं किया, लेकिन 14 जानों की कीमत जरूर लगा दी। हर जान के हिसाब से 2-2 लाख रुपए तय किया गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में पूरी रिपोर्ट तलब की है। लोगों ने नहीं लिया मुआवजे का चेक, विरोध ऐसा कि मंत्री को लौटना पड़ा गुरुवार सुबह नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दोपहिया वाहन से भागीरथपुरा पहुंचे। यहां दूषित पानी से जान गंवाने वाले 7 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए के चेक दिए जाने थे। परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने मंत्री का स्कूटर रास्ते में रोका और आरोप लगाया कि दो साल से गंदा पानी आ रहा है, पर बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों ने कहा कि पैसे नहीं, जवाब चाहिए। लोगों के गुस्से को देखते हुए मंत्री को स्कूटर आगे बढ़ाने को कहना पड़ा। रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया मिला हैजा की आशंका, पर अब तक नोटिफिकेशन नहींमरीजों को डॉक्सीसायक्लीन दी जा रही है, जो आमतौर पर हैजा के इलाज में इस्तेमाल होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हैंगिंग ड्रॉप टेस्ट से एक घंटे में हैजा की पुष्टि हो सकती है, पर प्रशासन कल्चर रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट आने में दो से तीन लग सकते हैं।
दोषी को बचाने रिटायरमेंट तक चार्जशीट नहीं, जीएडी ने भी माना- नियम का हो रहा दुरुपयोग
पेंशन नियम 1969 का एक प्रावधान भष्टाचार के आरोपों से घिरे अफसरों को बचाने के लिए ढाल बन गया है। नियम कहता है, किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार या कदाचरण की कोई ऐसी शिकायत है जो उसके रिटायरमेंट की तारीख से चार साल पहले की है और इस मामले में रिटायरमेंट तक चार्जशीट नहीं दी जाती तो रिटायर होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। राज्यपाल के आदेश पर भी नहीं। लोक निर्माण विभाग में इसका दुरुपयोग हो रहा है। पूरी कोशिश रहती है कि रिटायरमेंट तक संबंधित अफसर को चार्जशीट न मिले। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अजय कटेसरिया भी कहते हैं, रिटायरमेंट होने की तारीख से चार साल पुरानी घटना की जांच न किए जाने के नियम का दुरुपयोग हो रहा है। किसी अधिकारी को बचाना हो तो रिटायरमेंट तक जांच लंबित कर दी जाती है। हालांकि होना यह चाहिए कि जिस स्तर पर जांच लंबित है, उस अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जाना चाहिए। केस-1 अहिरवार रिटायर हो गए, कोई एक्शन नहीं हुआ छोला आरओबी के निर्माण में 2018 में एस्केलेशन की स्थिति निर्मित हुई। चीफ इंजीनियर केसी अहिरवार की स्वीकृति से लगभग 3.50 करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि का भुगतान हुआ। लोकायुक्त में शिकायत हुई। इसके बाद भी 2022 तक कोई विभागीय जांच नहीं हुई। 2022 में उनके रिटायरमेंट से डेढ़ महीने पहले लोकायुक्त ने विभाग को जांच करने को कहा। तत्कालीन ईएनसी नरेंद्र कुमार ने चार्जशीट बनाकर प्रमुख सचिव को भेजी, जहां डेढ़ महीने तक कोई एक्शन नहीं हुआ। केसी अहिरवार रिटायर हो गए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। केस-2 चार्जशीट ही नकार दीहमीदिया अस्पताल भवन निर्माण कर रही क्यूब कंस्ट्रक्शन को 2021 में चीफ इंजीनियर एसएल सूर्यवंशी ने समय वृद्धि दे दी, जबकि ये अधिकार एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को था। ईएनसी भवन एसएल बघेल ने पहले आरोप-पत्र जारी किया। बाद में खुद ही इसे नकारते हुए कहा कि चीफ इंजीनियर को ये अधिकार था। शिकायत पर मंत्री राकेश सिंह ने जानकारी मांग ली कि पिछले तीन साल में ऐसे कितने प्रकरण हुए हैं। लेकिन, चीफ इंजीनियर और ईएनसी भवन पर 8 माह से कार्रवाई लंबित है। केस-3 स्टाफ ही बदल दियापीडब्ल्यूडी की एनडीबी शाखा ने 2021-22 में पुलों के सुपरविजन कार्यों के लिए जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर के टेंडर निकाले। 80% वेटेज तकनीकी दक्षता व 20% कॉस्ट को दिया गया। एक एजेंसी ने अत्यंत दक्ष तकनीकी स्टाफ के आधार पर तीनों टेंडर ले लिए। दर अधिक थी। बाद में प्रमुख अभियंता आरके मेहरा ने दक्ष स्टाफ बदलने की अनुमति दे दी। ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है। प्रमुख अभियंता से आठ महीने पूर्व चार्जशीट मांगी गई थी, जो जारी नहीं हुई। दो इंजीनियर रिटायर हो गए हैं।
24 मई 2025 को तेजप्रताप यादव के फेसबुक अकाउंट से अनुष्का यादव के साथ फोटो सामने आई। कुछ ही देर में फोटो डिलीट हुई, लेकिन मामला पार्टी और परिवार तक पहुंच गया। अगले दिन लालू यादव ने तेजप्रताप को 6 साल के लिए RJD से निष्कासित कर दिया और राबड़ी आवास छोड़ने को कहा। लालू ने साफ कहा, निजी जिंदगी अलग है, पार्टी की छवि से समझौता नहीं। तेजस्वी यादव ने भी इसी फैसले का समर्थन किया। घर से निकलने के बाद तेजप्रताप ने सोशल मीडिया पर कई भावुक पोस्ट किए। 7 महीने बाद 1 जनवरी 2026 को राबड़ी देवी के जन्मदिन पर तेजप्रताप आवास पहुंचे। अब सवाल है ये सिर्फ मुलाकात या वापसी की शुरुआत? वीडियो पर क्लिक कर पूरी स्टोरी देखिए।
पंजाब एंड सिंध बैंक ने नए साल का कैलेंडर किया जारी
अमृतसर| पंजाब एंड सिंध बैंक के जोनल ऑफिस में जोनल मैनेजर गुरमीत सिंह की अगुवाई में नए साल 2026 का कैलेंडर रिलीज किया गया। इस मौके पर बैंक के अधिकारियों के साथ साथ ग्राहक भी मौजूद थे। जोनल मैनेजर गुरमीत सिंह ने कैलेंडर जारी करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि नया साल सभी के लिए खुशी, शांति और तरक्की लाएगा। इस मौके पर परवीन कुमार, चंद्र पाल, मोहित अरोड़ा मौजूद थे।
4 साल का नियम बना ढाल...:2800 करोड़ रुपए का नुकसान कराने वाले 51 इंजीनियर बच गए
मप्र की एकल ग्राम नल-जल योजना में इंजीनियरों ने सरकार को 2800 करोड़ का झटका दिया है। इसका खुलासा तब हुआ, जब मुख्य सचिव के कहने पर 28000 गांवों की नल योजनाओं की जांच की गई। 8000 गांवों में ऐसी कमियां मिली, जिसकी वजह से 20 हजार करोड़ वाली स्कीम 23 हजार करोड़ के करीब पहुंच गई। जिन इंजीनियरों की वजह से लागत बढ़ी, उनमें 44 को रिटायर हुए चार साल से अधिक हो गए। छह की मौत हो गई और एक इस्तीफा दे चुका है। सरकार का नियम है कि रिटायरमेंट या इस्तीफे के चार साल बाद कार्रवाई नहीं हो सकती। बाकी बचे 90 लोगों को आरोप-पत्र जारी किया गया है। इनका इंक्रीमेंट रोकने और विभागीय जांच की तैयारी है। जानकारी के मुताबिक 34 लोगों को शासन के स्तर पर व 40 इंजीनियरों को प्रमुख अभियंता के स्तर से चार्जशीट जारी हुई है। सोलह लोग रिटायर तो हुए, लेकिन चार साल पूरे नहीं हुए, इसलिए उन्हें भी शासन स्तर से चार्जशीट दी गई है। लागत बढ़ाने की फाइल उच्च स्तर पर पहुंची तब हुआ खुलासा योजना की लागत 15% बढ़ाने की फाइल उच्च स्तर पर पहुंची। पीएचई के प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने विभाग की ओर से प्रस्ताव दिया। मुख्य सचिव अनुराग जैन और एसीएस वित्त मनीष रस्तोगी के सामने बताया गया कि लागत रिवाइज नहीं की तो 7 लाख घरों में पानी नहीं आएगा। पूछा गया कि लागत क्यों बढ़ी तो 28 हजार गांवों का रिव्यू हुआ। 8 हजार में कमियां मिलीं। दुरुस्त करने के लिए वित्तीय आंकलन किया गया तो 2800 करोड़ की जरूरत बताई गई। मुख्य सचिव ने कहा, दोषियों को भी सामने लाओ। तब 141 ईई, असिस्टेंट इंजीनियर और सब इंजीनियरों की कारस्तानी सामने आई। योजना में यह अब तक की सबसे बड़ी कमी है। स्कीम अधूरी, डीपीआर गड़बड़ अब 93% तक कवरेजएक तरफ जांच और दूसरी तरफ एकल ग्राम नल-जल योजना को व्यवस्थित करने की कवायद हुई। विभाग का दावा है कि 28 हजार गांवों में अब नल जल की पहुंच में 93% गांव आ गए हैं। इंजीनियरों की कमी की वजह से लागत बढ़ी है। जिन इंजीनियरों को रिटायर हुए चार साल से ज्यादा वक्त हो गया है, उन पर कार्रवाई नहीं हो सकेगी। बाकी लोगों को आरोप-पत्र दे दिया गया है। जल्द कार्रवाई होगी। -पी. नरहरि, प्रमुख सचिव, पीएचई
वेस्टर्न डिस्टरबेंस से राजस्थान में अब दिन में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने शुक्रवार को 20 जिलों में घना कोहरा रहने का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। जबकि 4 जनवरी से राज्य में कोल्ड-वेव चलने और न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री तक की गिरावट होने की संभावना जताई है। वहीं, गुरुवार को प्रदेश के कुछ शहरों में तो दिन और रात में सर्दी एक समान रही। श्रीगंगानगर में सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। जयपुर, अलवर, बीकानेर, चूरू में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। गुरुवार देर शाम होने के साथ ही उत्तरी जिलों में कोहरा पड़ना शुरू हो गया। जयपुर, भरतपुर, बीकानेर संभाग में बादल छाए रहे जयपुर संभाग के अलावा भरतपुर और उसके आसपास के एरिया में गुरुवार सुबह बादल छाए और कुछ स्थानों पर बारिश हुई। जयपुर, भरतपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश एरिया में दोपहर तक आसमान में बादल छाए रहे। बारिश होने, बादल छाने के कारण दिन में धूप नहीं निकली, जिससे दिन में रात जैसी सर्दी रही। गुरुवार को श्रीगंगानगर में दिन का अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर में भी कल दिन में तेज सर्दी रही, यहां अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब गिरेगा रात का तापमान, तेज होगी सर्दी मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- प्रदेश में 4 जनवरी से सर्दी तेज होगी और रात का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिरने की संभावना है। गुरुवार को अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। कल सबसे कम न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस अलवर में दर्ज हुआ।
जेल से बाहुबली अनंत सिंह की सरकार:तेजू भैया ने कांग्रेस को धो डाला, राबड़ी के बर्थडे पर पैलगी की कतार
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
राज्य सेवा परीक्षा 2026:यूपीएससी की तरह इस बार निगेटिव मार्किंग, लगातार तीसरे साल 200 से कम पद
एमपी-पीएससी ने बुधवार देर रात राज्य सेवा परीक्षा-2026 का विज्ञापन जारी कर दिया। पहली बार इस परीक्षा में यूपीएससी की तर्ज पर निगेटिव मार्किंग का प्रावधान किया गया। अभ्यर्थी भी लंबे समय से मांग कर रहे थे। यूपीएससी में गलत जवाब पर एक तिहाई अंक काटे जाते हैं। इस बीच, एमपीपीएससी ने लगातार तीसरे साल पदों की संख्या 200 से कम रखी है। साल 2024 में 110 ताे 2025 में 158 पद थे। इस बार सिर्फ 155 पद हैं। परीक्षा 26 अप्रैल काे होगी। शिक्षाविद् व पीएससी के जानकार डॉ. जयंतीलाल भंडारी कहते हैं, राज्य सेवा परीक्षा-2024 के विज्ञापन में भी 60 ही पद थे। बाद में इनमें 50 पद बढ़ाकर 110 कर दिया गया। नियमानुसार, प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने से पहले भी पदों की संख्या बढ़ा सकता है। यदि शासकीय विभाग अपनी तरफ से पद बढ़ाने की मांग भेजेगें तो अप्रैल अंत तक भी नए पद जुड़ सकते हैं।
व्यापारी देश का सबसे बड़ा टैक्स दाता है: जैन
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान प्यारे लाल सेठ एवं महासचिव समीर जैन ने पंजाब सरकार का ध्यान प्रदेश के मंदी के दौर से गुजर रहे व्यापार एवं उद्योग के समक्ष दिलाया है। उन्होंने सीएम भगवंत मान का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाला वर्ष पंजाब के व्यापारियों के लिए राहत और विश्वास बहाली का वर्ष साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था के कारण व्यापारी वर्ग भय और असुरक्षा के माहौल में कार्य कर रहा है। लूट, चोरी, जबरन वसूली और धमकियों की घटनाओं में वृद्धि से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। व्यापारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। क्योंकि भयमुक्त वातावरण के बिना न निवेश, न रोजगार दे पाना संभव है। व्यापारी असुरक्षित रहेगा तो प्रदेश में नया निवेश नहीं हो सकेगा। उद्योग नहीं लगेंगे और रोजगार सृजन प्रभावित होगा। विकसित पंजाब के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यापारी को सशक्त और सुरक्षित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जीएसटी विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना घर-घर, दुकान दुकान जाकर किए जा रहे सर्वे से व्यापारी वर्ग में भय का माहौल है। व्यापारी कोई अपराधी नहीं है कि उस पर अचानक दबिश दी जाए। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली को भी सरल और व्यापारी-हितैषी बनाया जाना चाहिए। व्यापारी टैक्स देने के विरोध में नहीं है, बल्कि वह देश का सबसे बड़ा टैक्स दाता है।
उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहे हैं की बिहार में लड़की 20-25 हजार में मिल जाती है। मामला अल्मोड़ा की सोमेश्वर विधानसभा का है, जिसमें भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंत्री के पति कुछ लड़कों पर शादी ना होने पर तंज भी कसते हुए नजर आ रहे हैं। वह सामने बैठे कार्यकर्ता से कहते हैं- चलना हमारे साथ हम तुम्हारी शादी करवा देंगे। इस पूरे मामले को लेकर उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा- ये सीधे तौर पर पूरे देश और बिहार की महिलाओं का अपमान है। यह बयान महिलाओं को वस्तु के रूप में देखने वाली विकृत मानसिकता को भी उजागर करता है। रेखा आर्य को अपने पति के साथ मीडिया के सामने आकर माफी मांगनी चाहिए 2027 की तैयारी में दिया विवादित बयान 2022 में सोमेश्वर से विधायक चुनीं गईं और जीत के बाद मंत्री बनीं रेखा आर्य 2027 की तैयारी में जुट गई हैं। चुनाव की तैयारी में पत्नी का पूरा साथ दे रहे हैं गिरधारी लाल साहू। करीब 7-8 दिन पहले चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए ही गिरधारी लाल अल्मोड़ा जिले में पड़ने वाली सोमेश्वर सीट के दौलाघाट क्षेत्र में पहुंचे थे। यहां पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने वाले एक कार्यक्रम में उन्होंने मंच से ये विवादित बयान दे दिया। अब पढ़िए क्या है पूरा बयान... कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गिरधारी लाल साहू सामने बैठे युवा कार्यकर्ता से उसकी उम्र पूछते हुए कहते हैं- नवीन तुम कितनी उम्र के हो बेटा? तुम तो नौजवान ही हो। शादी भी नहीं हुई तुम्हारी। तो फिर तुम शादी बुढ़ापे में करोगे? अभी तक तीन चार बच्चे हो जाते। लड़की हम तुम्हारे लिए बिहार से ले आते। बिहार में 20-25 हजार में मिल जाती है। चलिए मेरे साथ तुम्हारी शादी करवाते हैं। महिला कांग्रेस का तीखा हमला इस बयान से आक्रोशित उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा- इस तरह की सोच मानव तस्करी, बाल विवाह, महिला शोषण और लैंगिक अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों को सामान्य बनाने का काम करती है, मंत्री के पति ने उत्तराखंड का नाम खराब करने का काम किया है। 2 जनवरी को मंत्री आवास घेराव का ऐलान ज्योति रौतेला ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि अगर सरकार इस मामले को हल्के में लेती है या दोषियों को संरक्षण देती है, तो महिला कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड और इस बयान के विरोध में 2 जनवरी 2026 को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के यमुना कॉलोनी स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। महिला कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मामले में राज्य सरकार को अपनी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी तय करनी होगी।
टेक्निकल सर्विसेज यूनियन ने जारी किया नया कैलेंडर
अमृतसर| पावरकाम की टेक्निकल सर्विसेज यूनियन के नेताओं ने टुंडा तालाब सब-डिवीजन में संगठन के नए साल का कैलेंडर जारी किया। समस्त कर्मचारियों मे कैलेंडर बांटे गए। इस मौके पर यूनियन नेताओं कुलजीत सिंह, दलजीत चंद ने कहा कि यह साल कर्मचारियों के लिए संघर्षों से भरा होने की उम्मीद है।
पार्षद ऐरी ने शुरू की सफाई मुहिम
भास्कर न्यूज | अमृतसर हलका उत्तरी के वार्ड नंबर 6 के इलाका निरंकारी कॉलोनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के तहत पार्षद अमन ऐरी की अध्यक्षता में सफाई मुहिम शुरू की गई। साथ ही उनकी वार्ड के सभी इलाकों में सुंदरता कार्यों की भी शुरुआत की, जिसमें सड़कों एवं पार्कों की सफाई और फुटपाथों पर पेंट किया जाएगा। पार्षद अमन ऐरी ने कहा कि नववर्ष के शुभारंभ पर वार्ड नंबर 6 में इस अभियान की युद्ध स्तर पर शुरुआत की गई है और इसके तहत आने वाले समय में वार्ड का कोना-कोना स्वच्छ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ भाजपा नेता तरनजीत सिंह संधू समुद्री के प्रयासों से शुरू हुए इस अभियान एवं वार्ड निवासियों द्वारा किए जा रहे पूर्ण समर्थन से वार्ड नंबर 6 एक मॉडल के रूप पर उभरकर आएगा। इस मौके पर राकेश मरवाहा, सुमन ग्रोवर, दीपक ग्रोवर, रवि अरोड़ा, मनु शर्मा, अंकित सलूजा, अनवर कथूरिया, विजय शर्मा, रोहित सैनी आदि उपस्थित थे।
डॉ. बलविंदर सिंह बोले- सरकार की अनदेखी से बिगड़ रहे हालात, ग्रांट जारी न होने पर जताई चिंता
भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में नए साल के पहले दिन एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। यूनिवर्सिटी की टीचिंग एसोसिएशन, नॉन-टीचिंग एसोसिएशन और ऑफिसर एसोसिएशन पहली बार एक साझा मंच पर एकजुट हुईं। तीनों एसोसिएशनों ने कर्मचारियों के अधिकारों और यूनिवर्सिटी के बड़े हितों को ध्यान में रखते हुए मिलकर संघर्ष करने का ऐलान किया है। तीनों एसोसिएशनों के प्रधानों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें यूनिवर्सिटी और कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सर्वसम्मति से एक कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला लिया गया, जिसके तहत टीचिंग, नॉन-टीचिंग और ऑफिसर वर्ग से जुड़े सभी मुद्दों को मिल-जुलकर उठाया जाएगा। टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान डॉ. बलविंदर सिंह, नॉन-टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह नागरा और ऑफिसर एसोसिएशन के प्रधान मनप्रीत सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से बनती वित्तीय सहायता और ग्रांट नहीं दी गई तो तीनों एसोसिएशनों को सड़कों पर उतरकर संयुक्त आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। टीचिंग एसोसिएशन के प्रधान डॉ. बलविंदर सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी पहले ही गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। इसके बावजूद पंजाब सरकार द्वारा पिछले चार महीनों की करीब 33 करोड़ रुपए की बनती ग्रांट जारी नहीं की गई।
डीएवी इंटरनेशनल स्कूल में नववर्ष पर करवाई भजन संध्या
अमृतसर| डीएवी इंटरनैशनल स्कूल अमृतसर में नववर्ष के प्रथम दिन वीरवार को हवन यज्ञ एवं भजन संध्या करवाई गई। प्रिंसीपल डॉ. अंजना गुप्ता, शिक्षक वर्ग एवं गैर-शिक्षक वर्ग द्वारा हवन की पवित्र अग्नि में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां अर्पित की गईं। इस अवसर पर वैदिक भजनों का गायन भी किया गया। प्रिंसीपल डॉ. अंजना गुप्ता ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर सृष्टिकर्ता है, वह अज्ञेय, अनंत और सर्वशक्तिमान है। उसकी इच्छा के विपरीत संसार में कोई भी कार्य संभव नहीं। उसकी कृपा दृष्टि साथ हो तो असंभव भी संभव हो जाता है। इसी न्यायकारी सर्वशक्तिमान ईश्वर की उपासना महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने की थी।
जिले में सांची रोड पर ग्राम खानपुरा के पास गुरुवार को दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद सड़क पर 100 से ज्यादा लोग जमा हो गए। हैरत की बात है कि मदद के बजाय मोबाइल कैमरे निकल आए। कोई वीडियो बना रहा था, कोई रील के लिए एंगल ढूंढ रहा था। आधे घंटे तक घायल सड़क पर पड़े रहे। इसी दौरान पास के खेत में काम कर रहे सौरभ नरवरिया, उनका एक साथी मजदूर और खेत मालिक मौके पर पहुंचे। तीनों ने बिना देर किए गाड़ी मंगवाई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जब तक परिजन नहीं आए, वे अस्पताल में ही रुके रहे। नशे में होने के कारण उनकी हरकतें भले अजीब थीं, पर इंसानियत उन्होंने दिखाई, भीड़ ने नहीं। हादसा गुरुवार शाम 6:30 बजे हुआ। इसमें प्रवीण वर्मा (45) व सुदीप अहिरवार (38) की मौत हो गई। राजीव धाकड़ (40) व गोविंद रजक (39) घायल हैं।
वोटर लिस्ट अपडेशन में तेजी लाएं चुनाव अधिकारी: एडीसी
भास्कर न्यूज | अमृतसर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर-कम-एडीसी रोहित गुप्ता ने अमृतसर जिले के सभी 11 विधानसभा क्षेत्रों के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स के साथ गूगल मीट की। एडीसी रोहित गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश देते कहा कि आगामी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने विशेष रूप से साल 2003 में जन्मे नए मतदाताओं को साल 2025 की वोटर लिस्ट के साथ मैप करने के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 5 और 6 जनवरी को चंडीगढ़ में समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इसे देखते हुए अमृतसर जिले के सभी अधिकारियों को 4 जनवरी 2026 तक डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री का बैकलॉग हर हाल में क्लियर करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
डॉक्टर को जबरन ड्रग सेंटर में बंद रखने पर भाई, बहन सहित 8 पर पर्चा
भास्कर न्यूज | अमृतसर प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक एमबीबीएस डॉक्टर के अपहरण, मारपीट और जबरन ड्रग सेंटर में बंद रखने के आरोप में थाना सदर पुलिस ने भाई, बहन, भतीजा सहित 8 लोगों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में डॉ. सरप्रीत सिंह गिल निवासी भुल्लर एवेन्यू ने बताया कि वह एमबीबीएस डॉक्टर हैं और गांव माहल में महाबीर अस्पताल चलाते हैं। वह अपने घर में अकेले रहते हैं। 25/26 दिसंबर की रात करीब साढ़े 12 बजे चार नकाबपोश युवक जबरन उनके कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। उन्होंने विरोध करने पर जबरदस्ती कार में डालकर मुंह बांध दिया और अपहरण कर लिया। कुछ समय बाद उन्हें सुखमनी ड्रग काउंसलिंग एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर, श्री गोइंदवाल साहिब जिला तरनतारन ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया, जहां उनके साथ मारपीट भी की गई। 27 दिसंबर को अस्पताल स्टाफ और परिजनों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद उन्हें छुड़ाया गया। डॉ. गिल ने बताया कि अपहरण में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की कार थी। अपहरण करने वालों में हीरा सिंह, करनबीर सिंह, सुल्तान और अंशू शामिल थे। इसके पीछे रिहैब सेंटर के मालिक सतनाम सिंह, उनके भाई रणदीप सिंह गिल, कनाडा निवासी भतीजा करम गिल, बहन हीना गिल और एक अज्ञात व्यक्ति की साजिश थी। डॉक्टर ने कहा कि यह पूरा मामला पारिवारिक प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है और उन्हें डराने-धमकाने के लिए यह साजिश रची गई। थाना सदर के एएसआई गुरभजन सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्यू ईयर सेलिब्रेशन में हुड़दंग... सात युवक पकड़े, पूछताछ के बाद छोड़े
भास्कर न्यूज | अमृतसर नए साल के जश्न के दौरान रणजीत एवेन्यू इलाके में हुड़दंग मचाने वाले युवकों पर पुलिस ने सख्ती दिखाई। शराब के नशे में हंगामा कर रहे युवकों को काबू में लेने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान 7 युवकों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। न्यू ईयर सेलिब्रेशन को लेकर सोमवार रात रणजीत एवेन्यू में भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। पार्कों और रेस्टूरेंट में परिवार अपने बच्चों के साथ नए साल का स्वागत कर रहे थे। माहौल पूरी तरह उत्सवमय था, लेकिन इसी बीच शराब के नशे में धुत कुछ युवक हुड़दंग करने लगे। तेज आवाज में नारेबाजी, गाली-गलौज और सड़क पर उत्पात के चलते आसपास मौजूद परिवारों और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख रणजीत एवेन्यू पुलिस मौके पर पहुंची और हुड़दंग कर रहे युवकों को समझाने की कोशिश की। बावजूद इसके युवक नहीं माने और आपस में उलझ गए। बताया जा रहा है कि दो गुटों में झगड़ा भी हुआ, जिसका वीडियो किसी राहगीर ने बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी हुड़दंगियों को काबू में लिया और थाने ले जाकर बंद किया। थाना रणजीत एवेन्यू के एसएचओ रोबिन हंस ने बताया कि नए साल से पहले ही पुलिस ने लोगों से शांतिपूर्वक जश्न मनाने की अपील की थी। इसके बावजूद बाहर के गांवों से आए कुछ युवकों ने माहौल खराब करने की कोशिश की।
बिजली चोरी की जांच टीम से मारपीट, अज्ञात पर पर्चा
अमृतसर| थाना कत्थूनंगल पुलिस ने बिजली चोरी की जांच के दौरान पीएसपीसीएल की टीम के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में अज्ञात पर पर्चा दर्ज किया है। पुलिस को दिए बयान में पीएसपीसीएल सब-अर्बन मंडल के सीनियर कार्यकारी इंजीनियर ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर 31 दिसंबर को बिजली चोरी की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में इन्फोर्समेंट विंग अमृतसर और बटाला के अधिकारी शामिल थे, जो गांव जैंतीपुर और पास के इलाकों में चेकिंग के लिए पहुंचे थे। जांच टीम में उप-मंडल अधिकारी मजीठा, मजीठा-2, कथूनंगल और हरसा छीना उप-मंडल के इंजीनियर, कर्मचारी और आउटसोर्स स्टाफ भी मौजूद था। जांच के दौरान गांव जैंतीपुर में अज्ञात लोगों ने टीम के साथ बदसलूकी की। आरोप है कि इन लोगों ने कर्मचारियों के मोबाइल छीन लिए, सरकारी वाहनों को रोककर कार्य में गंभीर बाधा डाली।

