अलीगढ़ पुलिस ने जमीनों पर अवैध कब्जा करने और उसके बदले चौथ वसूलने के लिए गिरोह बनाकर काम करने वाले भारतीय कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह खालसा को बुधवार देर रात अरेस्ट किया है। खुद पर और अपने साथियों पर कानूनी शिकंजा कसता देख पुलिस को दबाव में लेने के लिए आरोपी ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर डीआईजी कार्यालय पर हंगामा और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मर्यादा भूलते हुए कश्यप सेना के अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली और विवादित बयान देते हुए कहा कि सड़क से गुंडे उठाकर पुलिस की वर्दी में भर्ती कर दिए हैं। एक बार वर्दी उतारकर जनता के बीच में आएं तब बताएंगे। थाना महुआखेड़ा क्षेत्र में जमीन पर कब्जा करने के लिए चौथ मांगने की शिकायत पर पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह और अलीगढ़ के मंडल अध्यक्ष अजय कांत जाटव समेत कुल 10 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। ये है पूरा मामला ग्राम भरतुआ के रहने वाले एक पीड़ित ने थाना महुआखेड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने पौने दो बीघा जमीन खरीदी थी, जिसका दाखिल-खारिज भी हो चुका था। लेकिन कश्यप सेना के अलीगढ़ मंडल अध्यक्ष अजय कांत जाटव ने बाहरी जनपदों के लोगों के साथ मिलकर एक गैर-कानूनी संगठन बनाया है। वह जमीन पर पीड़ित को कब्जा नहीं करने दे रहे हैं। आरोप है कि जमीन पर कब्जा छोड़ने के एवज में यह गिरोह पीड़ित से मोटी रंगदारी मांग रहा था। कार्रवाई से बचने के लिए पुलिस पर बनाया दबाव पुलिस ने अवैध वसूली और जमीन कब्जे की भनक लगते ही शिकंजा कसना शुरू कर दिया। कार्रवाई से बचने के लिए प्रताप सिंह ने पुलिस को दबाव में लेने के लिए डीआईजी कार्यालय पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पहले भी आरोपी 19 जून को एसएसपी नीरज कुमार जादौन के कार्यालय पर दर्जनों कार्यकर्ताओं को लेकर ज्ञापन देने पहुंचा था। प्रदर्शन के दौरान उसने एसएसपी के पीआरओ दीपेंद्र कुमार पर ज्ञापन फाड़ने का झूठा आरोप लगाया और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। वहीं, डीआईजी कार्यालय पर जब सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने उसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी, तो उसने पुलिस पर ही एनकाउंटर करने की धमकी देने का आरोप मढ़ दिया। 'वर्दी उतारकर आओ, जनता बताएगी...' कश्यप सेना के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने सुशासन और पुलिस व्यवस्था पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उसने पुलिस टीम को गुंडा बताते हुए कहा कि सड़क से गुंडों को उठाकर पुलिस की वर्दी में भर्ती करा दिया है। बोला–ये गुंडे ही तो हैं, जो सरेआम मुकदमों और लाठीचार्ज की धमकी दे रहे हैं। वर्दी उतार कर आओ ना, जनता से भिड़ो, फिर जनता आपको बताएगी कि क्या मुकदमा होता है और क्या लाठीचार्ज होता है। पुलिस ने घेराबंदी कर 10 आरोपियों को दबोचा पुलिस ने गिरोह की गुंडागर्दी और दबाव की राजनीति के आगे झुकने के बजाय कड़ी कार्रवाई की। थाना महुआखेड़ा, क्वार्सी, सिविल लाइंस और महिला थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने दबिश देकर थाना क्षेत्र महुआखेड़ा से गिरोह के 10 सदस्यों को धर दबोचा। इनमें अलीगढ़ निवासी मंडल अध्यक्ष अजय कांत पुत्र राजकुमार, सहारनपुर निवासी राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पुत्र कृपाल सिंह, विकास पुत्र नौरत सिंह, अमित पुत्र ओमप्रकाश सिंह, पंकज पुत्र पप्पू, गौरव पुत्र सुरेंद्र सिंह और मैनपुरी निवासी करन पुत्र जगतपाल सिंह, लखीमपुर खीरी निवासी विनय पुत्र बलराम, मुरादाबाद निवासी रामसिंह आर्य पुत्र अंगनलाल आर्य व शामली निवासी रिषभ पुत्र संतलाल शामिल हैं। नकली नोटों के मामले में भी जा चुका है जेल सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि कश्यप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। सहारनपुर के थाना कुतुबशेर पुलिस द्वारा प्रताप सिंह को 11,410 रुपए के जाली नोटों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा भी उसके खिलाफ सहारनपुर के जनकपुरी और अन्य थानों में सरकारी कार्य में बाधा डालने व धमकी देने के संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं उसके साथी अजय कांत के खिलाफ भी मारपीट, रंगदारी और घरेलू हिंसा के मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य सहयोगियों की तलाश में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में बुधवार देर रात करीब 11:45 बजे एक कार मौत बनकर दौड़ी। कार चला रहे शख्स ने कई किलोमीटर तक कार दौड़ाई और एक के बाद एक कई दुपहिया व चार पहिया वाहनों को टक्कर मार दी। इस घटना में तीन से चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। आरोपी कार छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर आरोपी की तलाश शुरु कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि कार चालक नशे में धुत था। पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात एक कार तेज रफ्तार में सरस्वती लोक कालोनी से निकली। जैसे ही गेट पर पहुंची, अचानक सामने से आए बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। तेज धमाके की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने देखा दो युवक सड़क पर पड़े हैं और कार उनकी बाइक को रौंदकर भाग रही है। लोगों ने दोनों युवकों को संभाला। युवक की पहचान युवराज के रूप में हुई है जो अपने एक दोस्त के साथ था। बचने के लिए दौड़ाता रहा कार हादसे के बावजूद कार चला रहे शख्स ने रफ्तार धीमी नहीं की और उसे दौड़ाता रहा। करीब आधा किलोमीटर पर उस कार चालक ने माल से भरे एक छोटा हाथी वाहन में टक्कर मार दी। यह छोटा हाथी सड़क के किनारे खड़ा था। टक्कर लगते ही छोटा हाथी वाहन के पीछे खड़ा उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी पहचान हापुड़ निवासी नौशाद के रूप में हुई। हादसा होता देख चालक कार से नीचे उतरा और वहीं कार छोड़कर भाग निकला। नौशाद का अस्पताल में चल रहा उपचार टक्कर लगने के बाद कार चालक बेहोश हो गया। उसके शरीर से खून बह रहा था। लोग उसे उठाकर अस्पताल की तरफ भागे और एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरु किया। बताया जाता है कि नौशाद की हालत चिंताजनक बनी है। हादसे के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। उनका कहना था कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं लेकिन पुलिस है कि सड़क पर दिखाई ही नहीं देती। पुलिस ने कार को लिया कब्जे में हादसे की सूचना पर ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी की कार को कब्जे में लिया और थाने भिजवा दिया। नौशाद के वाहन के अलावा वहां एक और वाहन खड़ा था। इन दोनों को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर थाने के बाहर खड़ा कर दिया। फिलहाल पुलिस कार के नंबर की मदद से आरोपी चालक की पहचान का प्रयास कर रही है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह नशे में हुआ हादसा है। लोगों ने भी आरोपी के कार से उतरते समय लड़खड़ाकर गिरने की पुष्टि की है। दो वाहनों को जोड़ रहा था नौशाद पुलिस छानबीन में सामने आया कि नौशाद हापुड़ से माल लेने यहां आया था। उसने अपने वाहन में माल लादा हुआ था लेकिन वह खराब हो गया। रात में उसने दूसरे वाहन की मदद ली। दोनों वाहनों को जोड़ने के लिए वह बीच में मौजूद था। इसी दौरान कार चालक ने जोरदार टक्कर मार दी और नौशाद गंभीर रूप से घायल हो गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत संरक्षण से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा होगी। बैठक के एजेंडे से साफ है कि सरकार का फोकस धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज संरक्षण और ऐतिहासिक स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर रहेगा। बैठक में सबसे पहले ओरछा में संचालित परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद सिटी म्यूजियम की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत होगी। मांडू को ए मेडीवल वंडर के रूप में विकसित करने की योजना की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है। वहीं ग्वालियर किले के संरक्षण और विकास को लेकर आगा खान ट्रस्ट और इंडिगो की ओर से प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री महेश्वर परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा करेंगे। इंदौर के ऐतिहासिक लालबाग पैलेस के भविष्य के संचालन और 'एडॉप्टिव रीयूज' मॉडल पर चर्चा होगी। साथ ही राजवाड़ा में प्रस्तावित इमर्सिव एक्सपीरियंस परियोजना की डीपीआर (SFC) पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में भोपाल स्थित राज्य संग्रहालय में प्रस्तावित लाइट एंड साउंड शो की प्रगति, उज्जैन की दुर्गादास छत्री में इमर्सिव एक्सपीरियंस विकसित करने की योजना और चित्रकूट के परिक्रमा पथ व भारत घाट के विकास कार्यों की भी समीक्षा होगी। एजेंडे के अनुसार भगवान श्रीराम के राम पथ गमन और श्रीकृष्ण पथेय परियोजनाओं का कॉन्सेप्ट प्रेजेंटेशन भी मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। बैठक के अंतिम चरण में धार में प्रस्तावित सरस्वती लोक, अमरकंटक में नर्मदा लोक तथा सांची रिलिक्स म्यूजियम जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
भाकियू का संगम तट पर जल सत्याग्रह आज होगा:किसारों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन का ऐलान, पुलिस अलर्ट
प्रयागराज में भारतीय किसान यूनियन आज दो जुलाई को अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह करेगी। किसानों की समस्याओं को लेकर यूनियन ने यह ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन (युवा) के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह की घोषणा पर विभिन्न जनसमस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर दोपहर 12 बजे से संगम तट पर जल सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा। अनुज सिंह का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति, दल या राजनीतिक विचारधारा के विरोध का नहीं, बल्कि जनता के अधिकार, सम्मान और न्याय की लड़ाई है। आज किसान अपनी जमीन बचाने, सिंचाई, खाद और बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहा है। युवा रोजगार की तलाश में भटक रहा है। मजदूर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा है, जबकि गांवों और शहरों में सड़क, नाली, जलभराव, पेयजल, बिजली सहित अनेक जनसमस्याएं वर्षों से लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए जनता लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन जिम्मेदार तंत्र की उदासीनता के कारण हालात जस के तस बने हुए हैं।
माधवपुरम के लिए लखनऊ से मंगाया गया 8 MVA का ट्रांसफार्मर कई घंटे की मशक्कत के बाद फेल हो गया। देर रात तक चीफ इंजीनियर से लेकर जेई तक सभी माधवपुरम सब स्टेशन पर डटे रहे। बाद में हाईड्रा मंगाया गया। फेल ट्रांसफार्मर को हटाकर वापस अस्थाई ट्रांसफार्मर लगवाया गया ताकि रात की आपूर्ति बहाल की जा सके। माधवपुरम बिजली घर से जुड़ा एक बड़ा इलाका पिछले करीब 20 दिनों से बिजली आपूर्ति की समस्या से जूझ रहा है। फाल्ट पर फाल्ट हो रहे हैं। लोड अधिक होने के कारण ट्रांसफार्मर बार बार फुक रहे हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल रहा। दो दिन पहले भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा ने चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा का घेराव कर समस्या के स्थाई समाधान की मांग उठाई, जिसके बाद लखनऊ से तीन ट्रांसफार्मर मेरठ के लिए रवाना हो गए। 8MVA का ट्रांसफार्मर माधवपुरम के लिएमंगलवार रात लखनऊ से मेरठ तीन ट्रांसफार्मर पहुंचे। इनमें दो छोटे और एक बड़ा ट्रांसफार्मर शामिल था। यह बड़ा ट्रांसफार्मर जिसकी क्षमता 8MVA थी, वह माधवपुरम के लिए भेजा गया था। करीब आठ घंटा इस ट्रांसफार्मर की व्यवस्था तैयार करने में लगे लेकिन जैसे ही उसे चालू किया गया, वह फेल हो गया। सुबह 12 बजे शुरु हुआ इंस्टालेशन का कार्य 8MVA को पहले बुधवार सुबह 9 बजे से लगाया जाना था लेकिन बारिश के चलते काम देरी से शुरु हुआ। दोपहर करीब 12 बजे माधवपुरम बिजली घर पर ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरु हुआ। इसी क्षेत्र की समस्या को लेकर चीफ का घेराव किया गया था, इसलिए चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा अपने साथ SE को लेकर माधवपुरम पहुंच गए। दोपहर से रात तक यह अफसर ट्रांसफार्मर लगवाने में व्यस्त रहे लेकिन शाम को पूरी मेहनत चौपट हो गई। यह इलाका हो रहा बुरी तरह प्रभावित चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि माधवपुरम प्रथम से जितने इलाके जुड़े हैं, वहां की बिजली आपूर्ति सामान्य है लेकिन माधवपुरम दो से गणेशपुरी, खुशहाल नगर, शिव शक्ति नगर जैसे इलाके जुड़े हैं जहां सुबह से आपूर्ति नहीं पहुंची है। लोगों का कहना है कि उनके घर पर पानी नहीं है। अंधेरे में खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। छोटे छोटे बच्चे हों या फिर बुजुर्ग भीषण गर्मी से परेशान हैं। रात में दोबारा मंगाया गया हाइड्रा ट्रांसफार्मर के फेल हो जाने के बाद देर रात फिर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अफसरों को उनकी नाराजगी झेलनी पड़ी। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो थाना पुलिस को पहुंचना पड़ा। उन्होंने ही भीड़ को समझाया और शांत किया। इसके बाद हाईड्रा मंगाकर लखनऊ से आए ट्रांसफार्मर को हटवाया गया। देर रात तक वहां अस्थाई ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी थे। चीफ इंजीनियर का कहना था कि वह आपूर्ति बहाल करके ही लौटेंगे।
ग्वालियर में पेंशन वेरिफिकेशन के नाम पर साइबर ठगों ने रेलवे के एक रिटायर्ड कर्मचारी को निशाना बनाते हुए उनके बैंक खाते से 7.40 लाख रुपए उड़ा दिए। ठगों ने खुद को उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल का कर्मचारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए वेरिफिकेशन कराने का झांसा दिया। वीडियो कॉल के दौरान ही दो ट्रांजेक्शन में पूरी रकम निकाल ली गई। घटना का पता मोबाइल पर बैंक मैसेज आने के बाद चला। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उत्तर मध्य रेलवे का कर्मचारी बनकर किया फोन चार शहर का नाका निवासी बी.एल. शर्मा रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। मंगलवार सुबह करीब 10:15 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका पेंशन वेरिफिकेशन अभी तक पूरा नहीं हुआ है और इसे पूरा करने के लिए तुरंत वीडियो कॉल करना आवश्यक है। सरकारी प्रक्रिया समझकर बी.एल. शर्मा ने वीडियो कॉल स्वीकार कर लिया। इसी दौरान साइबर ठगों ने उन्हें विश्वास में लेकर ओटीपी सहित अन्य आवश्यक जानकारी हासिल कर ली। दो मिनट में खाते से निकले 7.40 लाख रुपए वीडियो कॉल समाप्त होने के कुछ ही क्षण बाद पीड़ित के मोबाइल पर बैंक से लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जांच करने पर पता चला कि उनके केनरा बैंक खाते से पहले 5 लाख रुपये और फिर 2.40 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। महज दो मिनट के भीतर कुल 7.40 लाख रुपए की ठगी हो गई। 'आज आखिरी दिन है' कहकर बनाया दबाव पीड़ित ने बताया कि कॉल करने वाले ने कहा था कि पेंशन वेरिफिकेशन का मंगलवार आखिरी दिन है। उसे उनके बैंक खाते से जुड़ी कई जानकारियां पहले से पता थीं, जिससे उन्हें लगा कि कॉल वास्तव में रेलवे विभाग की ओर से है। इसी भरोसे में उन्होंने वीडियो कॉल के दौरान आए ओटीपी भी साझा कर दिए। साइबर सेल में दर्ज कराई शिकायत धोखाधड़ी का पता चलते ही बी.एल. शर्मा ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दी और ग्वालियर पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित साइबर सेल पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किस खाते में गया पैसा, पुलिस कर रही जांच डीएसपी साइबर सेल मनीष यादव ने बताया कि रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी से पेंशन वेरिफिकेशन के नाम पर 7.40 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है। मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई है, ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। साथ ही संबंधित बैंकों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
राजधानी के सोडाला थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात गद्दे की एक दुकान में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रावलजी का बांदा स्थित औलिया मस्जिद के सामने तीन मंजिला भवन में संचालित गद्दे की दुकान में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। दमकल की कई गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि समय रहते बेसमेंट में रह रहे एक परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 10:30 बजे अनवर हुसैन और पप्पू भाई की गद्दे की दुकान में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। गद्दों सहित ज्वलनशील सामान होने के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए भवन के बेसमेंट में रह रहे एक परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और सोडाला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने करीब ढाई से तीन घंटे तक लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास की दुकानों को भी एहतियातन खाली करा दिया, ताकि आग अन्य प्रतिष्ठानों तक न फैल सके। घटना के दौरान मौके पर 500 से 800 लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ के कारण राहत एवं बचाव कार्य में बाधा आने लगी, जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को पीछे हटाया और स्थिति को नियंत्रित किया। देर रात तक पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया, हालांकि नुकसान का वास्तविक आकलन जांच के बाद ही सामने आएगा।
प्रयागराज के मेजा में तिहरा हत्याकांड के पीड़ित परिवार के साथ मंत्री नंदी सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले। मंत्री नंदी ने सीएम को घटना की जानकारी देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ बुलडोजर एक्शन की मांग की। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नन्दी ने 19 जून को मेजा के नीबी कुकुरकटवा गांव में तिहरे हत्याकांड के पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराने का वादा किया था। मंत्री नन्दी ने बुधवार को मेजा तिहरा हत्याकांड के पीड़ित परिवार की मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाई। जिनमें राम निरंजन गुप्ता, अमरनाथ गुप्ता, पवन गुप्ता, मुकेश गुप्ता, विशेष गुप्ता, राधा गुप्ता, लोकपति गुप्ता, चंद्रिका प्रसाद साहू शामिल रहे। तीन लोगों की हुई थी हत्या पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में 15 जून की रात श्याम लाल गुप्ता (65), इंद्रावती देवी (58) और अमरावती देवी (52) की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई थी। तीनों के शव घर के बाहर मिले थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी हिमांशु यादव सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद हिमांशु को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि हत्यारोपी हिमांशु ने समाजवादी टाइगर के नाम से फेसबुक पर चैलेंज देते हुए पोस्ट किया था। चैलेंज देने के बाद चौथे दिन उसने विभत्स हत्याकांड को अंजाम दिया था। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरोपी जेल से बाहर आने के बाद दोबारा ऐसी घटना को अंजाम दे सकता है, जिससे परिवार को खतरा महसूस हो रहा है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिया कि उनको न्याय दिलाया जाएगा। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम कर रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। कातिलों को कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी। सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ है। उनको हर प्रकार से सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
राजधानी जयपुर के श्याम नगर थाना क्षेत्र स्थित निर्वाण नगर इलाके में बुधवार को दो कारों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में दोनों वाहनों में सवार लोगों को चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार हादसे में शामिल एक कार का नंबर UP 16 DP 0726 और दूसरी कार का नंबर RJ 45 CS 1664 है। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा और उनमें सवार लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही श्याम नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और किसी पक्ष की लापरवाही तो इसका कारण नहीं थी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रतापगढ़ में संयुक्त आयुक्त एवं महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र रहे राजीव गर्ग के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का एक और मामला दर्ज किया है। ब्यूरो की जांच में राजीव गर्ग के पास उनकी वैध आय से 98.55 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, ACB ने अगस्त 2024 में राजीव गर्ग को 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया था। ट्रैप कार्रवाई के बाद उनके ठिकानों पर तलाशी और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की गई। इसी दौरान आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य सामने आए। जांच में पाया गया कि राजीव गर्ग के पास उनकी ज्ञात वैध आय से 98.55 प्रतिशत अधिक, यानी 1 करोड़ 73 लाख 64 हजार 893 रुपये की अवैध परिसंपत्तियां हैं। इस आधार पर ACB ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय से अधिक संपत्ति का अलग मुकदमा दर्ज किया है। ACB के अनुसार अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रतन सिंह राजपुरोहित करेंगे। जांच के दौरान राजीव गर्ग की संपत्तियों के स्रोत, निवेश, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जाएगी। ACB का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एमपी में 1 जुलाई से वीबी-जी राम जी स्कीम लागू हो गई है। इसका मकसद ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने के साथ गांवों में स्थायी विकास कार्य कराना है। योजना में कई नई व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। योजना में आवेदन के 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं होने पर पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। 15 दिन में मजदूरी का भुगतान नहीं होने पर 16वें दिन से हर दिन की देरी पर 0.05% प्रतिदिन की दर से कंपनसेशन मिलेगा। योजना के प्रस्तावित नियम कैबिनेट में पेश किए जाने थे, लेकिन मंगलवार और बुधवार को कैबिनेट की बैठक नहीं हुई। इसलिए नियमों का राजपत्र में प्रकाशन कर दिया गया। मप्र सरकार जल संरक्षण और बांध जैसे बड़े प्रोजेक्ट में भी इसे लागू करने की तैयारी कर रही है। योजना का क्रियान्वयन 60:40 के अनुपात में होगा, यानी केंद्र 60 फीसदी पैसा देगा और राज्य सरकार को 40 फीसदी वित्तीय भार उठाना पड़ेगा। 10 पॉइंट्स में जानिए योजना का लाभ कैसे मिलेगा… 1. कितने दिन का रोजगार मिलेगा? योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक पात्र परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन का अकुशल रोजगार मिलेगा। यह मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों से अधिक है। परिवार के वयस्क सदस्य स्वेच्छा से काम कर सकेंगे। 2. 15 दिन में काम नहीं मिला तो क्या होगा? यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो आवेदक दैनिक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिन के लिए मजदूरी दर का 25 फीसदी और उसके बाद में 50 फीसदी भत्ता मिलेगा। 3. मजदूरी कब और कैसे मिलेगी?काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी साप्ताहिक आधार पर दी जाएगी। किसी भी स्थिति में काम करने की तारीख से 15 दिन के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। 4. मजदूरी में देरी हुई तो क्या होगा?यदि मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन बाद भी मजदूरी नहीं मिलती, तो 16वें दिन से भुगतान होने तक बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05% की दर से मुआवजा (कंपनसेशन) दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। 5. आवेदन की प्रोसेस क्या होगी? रोजगार के लिए आवेदन मौखिक, लिखित या डिजिटल माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, कार्यक्रम अधिकारी या अधिकृत पोर्टल पर किया जा सकेगा। आवेदन की रसीद भी अनिवार्य रूप से मिलेगी। 6. कौन कर सकेगा आवेदन? जिस ग्रामीण परिवार का पंजीकरण होगा और जिसके वयस्क सदस्य का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा, वही योजना के तहत काम मांग सकेगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य आवेदन कर सकता है। 7. गांवों में किस तरह के काम होंगे? योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, सिंचाई, आजीविका बढ़ाने वाले कार्य, मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना और जलवायु परिवर्तन से बचाव से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे। इनका उद्देश्य गांवों की स्थायी संपत्ति तैयार करना है। 8. मॉनिटरिंग कैसे और कौन करेगा?योजना में जीपीएस, मोबाइल आधारित उपस्थिति, रियल-टाइम डेशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा रोकने, भुगतान की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया गया है। 9. कमजोर और वंचित वर्ग को प्राथमिकताराज्य सरकार वंचित और जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता से रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की आजीविका सुरक्षा को मजबूत करना है। 10. सिर्फ रोजगार नहीं, गांवों के विकास पर भी फोकसयोजना का लक्ष्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' के तहत गांवों का समग्र विकास करना है। पंचायत स्तर की योजनाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विकास योजनाओं से जोड़कर दीर्घकालिक ग्रामीण विकास सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है।
राजधानी के झोटवाड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम निवारू रोड स्थित लक्ष्मी नगर में संचालित एक गैराज पर फायरिंग होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और गोली किसी को नहीं लगी। सूचना मिलते ही झोटवाड़ा थाना पुलिस और वेस्ट जिले की डीएसटी टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार निवारू रोड पर जितेन्द्र शर्मा का महालक्ष्मी मोटर गैराज संचालित है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनका दूसरे पक्ष के कुछ लोगों के साथ लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम करीब 6 बजे दूसरे पक्ष से यश और अमन अपने कुछ साथियों के साथ गैराज पर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद और झगड़े में बदल गई। इसी दौरान दूसरे पक्ष के एक युवक ने कथित रूप से दो हवाई फायर कर दिए। अचानक फायरिंग होने से मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद सभी आरोपी एक कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पर झोटवाड़ा थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फायरिंग की घटना के पीछे लेन-देन का विवाद सामने आया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। मामले की जांच जारी है।
भास्कर अपडेट्स:जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आए 5.3 तीव्रता के भूकंप का असर
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था, जहां रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 दर्ज की गई। भूकंप रात करीब 11:27 बजे आया। झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक जम्मू-कश्मीर या अफगानिस्तान में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 185 किलोमीटर की गहराई में था। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। आज की अन्य बड़ी खबरें… 'एअर इंडिया ने मुंबई-लंदन रूट पर बोइंग 787-9 विमान उतारा एअर इंडिया ने मुंबई-लंदन रूट पर अपना बिल्कुल नया और आधुनिक बोइंग 787-9 विमान उतार दिया है, जिसमें पहली बार 'प्रीमियम इकोनॉमी' क्लास की सुविधा शुरू की गई है। अब यात्रियों के पास बिजनेस, प्रीमियम इकोनॉमी और इकोनॉमी क्लास चुनने का ऑप्शन होगा। 296 सीटों वाले इस नए विमान में आम आदमी की सुविधा से जुड़ी कई खास बातें हैं- हर सीट पर मोबाइल-लैपटॉप चार्ज करने के लिए USB और AC पावर आउटलेट दिए गए हैं और यात्री अपने खुद के ब्लूटूथ हेडफोन को फ्लाइट के एंटरटेनमेंट सिस्टम से कनेक्ट करके 3000 घंटे से ज्यादा की फिल्मों और गानों का मजा ले सकते हैं। साथ ही फ्लाइट में खाना, आरामदायक बिस्तर और नए डिजाइन वाली ट्रैवल किट भी मिलेगी। एयर इंडिया भारत के अलग-अलग शहरों से UK (लंदन और बर्मिंघम) के लिए हर हफ्ते ऐसी 57 नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स चलाती है।
गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में 9वीं का छात्र 30 जून की सुबह घर से स्कूल के लिए निकला और लापता हो गया। परिजनों ने गोरखनाथ थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई। दूसरे दिन बुधवार को छात्र सुबह-सुबह खुद ही घर आ गया। परिजन उससे लिपटकर रोने लगे। पुलिस को सूचना देकर बच्चे की लौटने की बात बताई। इसके बाद पूछताछ करने पर छात्र ने परिजनों को झूठी कहानी बताई कि उसका अपहरण कर कुछ लोग उसे वाराणसी लेकर चले गए थे। लेकिन जब पुलिस ने पूछताछ की तब उसने बताया कि पिता की डांट से नाराज होकर वह ट्रेन से वाराणसी निकल गया था। काशी विश्वनाथ के दर्शन कर वह घर लौट आया। इस दौरान उसकी साइकिल भी गायब हो गई। अब जानिए पूरा मामला… जिला महराजगंज के नौतनवा थाना क्षेत्र के मुंडेहरा के रहने वाले रमेश यादव अपने बेटे विनीत को पढ़ाने के लिए पत्नी के साथ चिलुआताल क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहते हैं। विनीत गोरखनाथ इलाके के स्कूल में 9वीं का छात्र है। वह साइकिल से स्कूल आता-जाता है। रमेश यादव गोरखपुर की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। रमेश यादव ने बताया कि हमेशा की तरह 30 जून की सुबह 7 बजे ड्रेस पहनकर विनीत साइकिल से स्कूल के लिए निकल गया था। स्कूल का समय समाप्त होने के बाद भी वह शाम तक घर नहीं लौटा। इसके बाद काफी समय तक उसक इंतजार किए। इधर-उधर उसके दोस्तों से भी बात की। स्कूल बंक मार दिया था विनीत रमेश ने बताया कि विनीत को खोजते हुए उसके स्कूल गए। वहां प्रिंसिपल ने रजिस्टर चेक कराया तो पता चला कि विनीत स्कूल ही नहीं आया था। इसके बाद परिजनों का मन और घबराने लगा। अनहोनी की आशंका पर तत्काल गोरखनाथ थाने जाकर बेटे के लापता होने की सूचना दी गई। गोरखनाथ थाने की पुलिस ने पिता से विनीत की फोटो लेकर जिले के सभी थानों में भिजवा दी थी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी विनीत की फोटो शेयर कर उसे ढूंढने पर इनाम देने का दावा किया गया। सोशल मीडिया पर रमेश यादव के कई रिश्तेदारों ने भी विनीत की फोटो लगाकर शेयर की थी। उसमे घरवालों का नंबर भी दिया गया था। ताकि किसी को भी कहीं दिखने पर परिजनों को सूचना मिल सके। पुलिस ने स्कूल वाले रास्ते पर कई सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, जिसमे छात्र साइकिल से जाता दिखा। सुबह लौटा और बनाई झूठी कहानी विनीत बुधवार सुबह घर लौट आया। उसे देखकर घर वाले रोने लगे। थोड़ी देर वह बीमार होने का बहाना बनाता रहा। ताकि कोई पूछताछ न करे। इसके बाद माता-पिता को बताया कि सुबह वह साइकिल से स्कूल जा रहा था, तभी रास्ते में उसे एक बोलेरो गाड़ी मिली। जिसमे कई लोग बैठे थे। गाड़ी रोककर वे लोग मुझे जबरन अंदर बैठा लिए। गाड़ी में बैठाकर मुझे वाराणसी लेकर गए। वहां पर हल्ला गुल्ला करने पर भीड़ लग गई। तब अपहरण करने वाले छोड़कर भाग गए। भीड़ में से ही एक व्यक्ति ने मुझे पैसे देकर ट्रेन से गोरखपुर के लिए भिजवाया। पुलिस की पूछताछ में सही बात बताई गोरखनाथ थाने की पुलिस भी विनीत से पूछताछ करने पहुंची। पुलिस के सवालों में वह उलझ गया। इसके बाद रोते हुए बोला कि मुझे पापा ने एक दिन पहले डांटा था। इसलिए परिवार को सबक सीखाने के लिए यह सब किया। विनीत ने बताया कि 30 जून की सुबह 7 बजे एक ट्रेन पर साइकिल लादकर वाराणसी वह निकला था। वहां पर उसकी साइकिल रेलवे स्टेशन के पास से गायब हो गई। वह वहां काशी विश्वनाथ के दर्शन किया। इसके बाद गंगा घाट पर भी घूमा। इस दौरान एक लड़के से उसकी लड़ाई हो गई। जिससे उसकी शर्ट की पाकेट फट गई थी। तभी एक युवक ने उसकी मदद की। उसने पैसे देकर उसे ट्रेन से गोरखपुर भिजवाया। यह कहते हुए वह अपनी गलती की माफी मांगने लगा। इस संबंध में गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि 9वीं का छात्र लापता हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। दूसरी दिन वह खुद ही घर वापस आ गया। उससे पूछताछ की गई है। पिता से नाराज होकर वह वाराणसी गया था।
इंदौर में एक बार फिर वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। इसे लेकर बुधवार को एआईसीटीएसल ऑफिस में मीटिंग हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक मधु वर्मा, विधायक महेंद्र हार्डिया, नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल, जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा, जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर सहित कई जनप्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के लोग इसमें शामिल हुए। हालांकि इस मीटिंग में महापौर सहित कई विधायक शामिल नहीं हुए। सभी पेड़ जिंदा रहे इसकी कोशिश करेंगे इधर, मीटिंग के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कैसे हम 21 लाख पेड़ लगा सकते हैं, ये मार्गदर्शन लेने आया था। नगर निगम और सभी शासकीय ऑफिसों से भी सहयोग लेंगे। साथ में एनजीओ के साथ भी चर्चा की है, बाकि सामाजिक संगठन, समाज के साथ बैठेंगे। इस बार 21 लाख पेड़ लगाएंगे और सभी पेड़ जिंदा रहे, इसकी हम कोशिश करेंगे। देवगुराड़िया के पास की टेकरी पर लगाए जाएंगे 1 से 2 लाख पेड़ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह पिछली बार रेवती रेंज में पौधारोपण कर पितृ पर्वत विकसित किया गया था, उसी तरह अब देवगुराड़िया के पास स्थित एक टेकरी को हराभरा बनाया जाएगा। यहां 1 से 2 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि 5 फीट से बड़े पौधे लगाए जाएं, ताकि उनके जीवित रहने (सर्वाइवल) की संभावना अधिक रहे। उन्होंने कहा कि इंदौर को वृक्षारोपण में देश का नंबर-1 शहर बनाया जाएगा। 5 से 10 फीट ऊंचे पौधों की मांग मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ एनजीओ और औद्योगिक घरानों से उनके सीएसआर के तहत सहयोग मांगा गया है। उनसे 5 से 10 फीट ऊंचे पौधे उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में पेड़ों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, एक समय था जब 100 से 150 फीट पर पानी मिल जाता था, लेकिन आज 700 फीट नीचे जाने पर भी पानी नहीं मिल रहा। इसकी वजह यह है कि हमने पानी की कद्र नहीं की और बारिश का पानी बह जाने दिया। अब आर्टिफिशियल वॉटर रिचार्ज पर गंभीरता से काम करना होगा। छत का पानी जमीन में उतारें उन्होंने कहा कि इंदौर में जिन लोगों के मकान की छत करीब 1500 वर्गफीट है, वे 5 से 7 हजार रुपए खर्च कर छत के बारिश के पानी को जमीन में उतारने की व्यवस्था करें। इससे भूजल स्तर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था करने वालों को नगर निगम टैक्स में भी छूट देगा। यह पानी भविष्य की पीढ़ियों के काम आएगा। यदि इंदौर को अगले 100 वर्षों तक रहने योग्य बनाना है, तो इसकी तैयारी अभी से करनी होगी। इसी सोच के साथ यह अभियान चलाया जा रहा है। पिछली बार वन विभाग ने सहयोग नहीं दिया था मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार वन विभाग ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। पिछली बार वन विभाग ने सहयोग से हाथ खींच लिया था, लेकिन इस बार विभाग के अधिकारी स्वयं बैठक में आए और पूर्ण सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा, हमने 51 लाख पौधे लगाए। पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना इंदौर की जनता ने अपना दायित्व समझा। हम शहरवासियों के आभारी हैं कि वे ऐसे अभियानों में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र के सवाल पर उन्होंने कहा- खत्म हो गया वो तो, चैप्टर ही क्लोज हो गया है।
लखनऊ में आग के बाद भी नहीं जागा सिस्टम:सेवी ग्रैंड के बेसमेंट में 4 साल से चलता रहा बैंक्वेट हॉल
लखनऊ के विभूतिखंड स्थित सेवी ग्रैंड होटल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिस बेसमेंट का इस्तेमाल केवल वाहन पार्किंग के लिए होना चाहिए, वहां चार साल बाद भी बैंक्वेट हॉल संचालित मिलता है। हैरानी की बात यह है कि इसी बेसमेंट में 13 अप्रैल 2022 को भीषण आग लगी थी, जिसमें दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था। हादसे के बाद एलडीए ने सख्त कार्रवाई और सीलिंग का दावा किया था, लेकिन ताजा सर्वे ने उन दावों की पोल खोल दी है। हाल ही में अलीगंज अग्निकांड के बाद मंडलायुक्त के निर्देश पर एलडीए और अग्निशमन विभाग ने शहर के होटल, गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल का संयुक्त सर्वे किया। सर्वे में सेवी ग्रैंड होटल के बेसमेंट में फिर से बैंक्वेट हॉल संचालित मिलता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चार साल पहले हुए हादसे के बाद आखिर जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की थी और यदि की थी तो अवैध संचालन दोबारा कैसे शुरू हो गया। हादसे से भी नहीं लिया सबक 2022 में लगी आग के दौरान बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां होने के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए थे। घटना के बाद एलडीए ने होटल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दावा किया था। लेकिन अब सामने आई स्थिति बताती है कि कार्रवाई स्थायी नहीं रही और बेसमेंट फिर से व्यावसायिक उपयोग में लाया जाने लगा। पार्किंग की जगह बैंक्वेट, बढ़ रहा खतरा भवन मानकों के अनुसार बहुमंजिला होटलों के बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग के लिए किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक बेसमेंट में बैंक्वेट हॉल या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां होने से आग लगने की स्थिति में निकासी मुश्किल हो जाती है। साथ ही पार्किंग सड़क पर होने से ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ती है। सिर्फ सेवी ग्रैंड ही नहीं, नक्षत्र वाटिका में भी यही हाल हनीमैन चौराहे के पास स्थित नक्षत्र वाटिका में भी पार्किंग के लिए स्वीकृत बेसमेंट में बैंक्वेट हॉल संचालित होने की बात सामने आई है। शादी समारोह के दौरान वाहन सड़क पर खड़े होने से हनीमैन चौराहे से सिंगापुर मॉल तक लंबा जाम लग जाता है। स्थानीय लोग कई बार एलडीए में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक केवल नोटिस जारी कर खानापूर्ति की गई। 122 होटल-गेस्ट हाउस में मिली अनियमितता, नाम बताने से परहेज मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के निर्देश पर हुए सर्वे में शहर के 122 होटल, गेस्ट हाउस और बैंक्वेट हॉल में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण और उपयोग मिला है। कहीं पार्किंग में बैंक्वेट हॉल तो कहीं क्लब संचालित पाया गया। हालांकि एलडीए ने अब तक केवल छह प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक किए हैं। बाकी संस्थानों की जानकारी देने से अधिकारी बच रहे हैं। एलडीए का कहना है कि सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और जल्द नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बहादुरगढ़ की राजनीति में बड़ा सियासी घमासान छिड़ गया है। भाजपा को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक राजेश जून के खिलाफ बहादुरगढ़ भाजपा प्रत्याशी दिनेश कौशिक खुलकर सामने आ गए हैं। कौशिक ने विधायक पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजेश जून भाजपा को मजबूत नहीं बल्कि कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि राजेश जून सारी पार्टी का विनाश कर देगा और पूरे जिले की भाजपा को खा जाएगा। उनके इन बयानों के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मैं डरता नहीं, बेशक लाइव चला लो दिनेश कौशिक ने कहा कि वह अपनी हर बात पर कायम हैं और किसी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा, मैं डरता नहीं, बेशक लाइव चला लो। कौशिक ने आरोप लगाया कि विधायक भाजपा का समर्थन लेकर संगठन को कमजोर कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। चेयरपर्सन पर दबाव बनाने का आरोप कौशिक ने आरोप लगाया कि विधायक राजेश जून नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी पर नाजायज दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ विकास कार्यों का उद्घाटन करना और उसका श्रेय लेना तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। विधायक को सभी जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। रिकॉर्ड में गड़बड़ी के लगाए आरोप दिनेश कौशिक ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके अस्पताल का रिकॉर्ड पेट्रोल पंप पर रखकर जलाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयुष्मान योजना और ईएसआई पैनल से जुड़े रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी की गई है। हालांकि उन्होंने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया। विधायक पर छापा पड़ने वाला था कौशिक ने दावा किया कि विधायक पर छापा पड़ने वाला था। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी ने गलत काम किया है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई जाएगी। सरोज राठी ने गिनाए विकास कार्य नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने कहा कि उनके कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के करीब 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि 45 करोड़ रुपये के नए विकास कार्य प्रक्रियाधीन हैं, जबकि 42.5 करोड़ रुपये की जलनिकासी परियोजना तैयार है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद से एक भी गलत बिल पास नहीं होने दिया जाएगा और एक रुपये की भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पहले विधायक ने लगाए थे चेयरपर्सन पर आरोप उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले विधायक राजेश जून ने भाजपा पार्षदों के साथ नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी पर भाजपा पार्षदों की अनदेखी करने, कांग्रेस समर्थित पार्षदों को प्राथमिकता देने और संगठन को कमजोर करने के आरोप लगाए थे। अब बहादुरगढ़ भाजपा प्रत्याशी दिनेश कौशिक के पलटवार के बाद बहादुरगढ़ में भाजपा की अंदरूनी सियासत खुलकर सामने आ गई है।
मेरठ में रिटायर्ड सैन्यकर्मी का ATM बदलकर ठग ने 23 हजार रुपये निकाल लिए। यह ठग मदद के बहाने ATM में घुसा था। मेडिकल थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से ठग की तलाश में जुटी है। मंगलपांडेय नगर सेक्टर एक निवासी विजेंद्र पाल सिंह पुत्र अतर सिंह ने बताया कि वह 22 जून को ATM से पैसे निकालने के लिए घर से निकले। एक के बाद एक कई ATM पर ट्राई किया लेकिन रुपये नहीं निकले। इसके बाद वह सीधे अपने बैंक पहुंच गए। यहां मोबाइल पर आए मैसेज पढ़कर वह दंग रह गए। पता चला कि उनके खाते से किसी ने तीन बारी में 23 हजार रुपये निकाल लिए हैं। उन्होंने साइबर ठगी की प्रक्रिया को फॉलो किया और तहरीर दे दी। एक के बाद एक कई ATM बदलेविजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले मंगलपांडेय नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के ATM से निकासी का प्रयास किया। इसके बाद वह कोटक महिंद्रा यूनिवर्सिटी रोड और फिर मंगल पांडेय नगर के IDFC फर्स्ट बैंक में प्रयास किया लेकिन नकदी नहीं निकली। मदद के बहाने अंदर घुसा साइबर ठग विजेंद्र ने बताया कि जब वह IDFC फर्स्ट बैंक में थे तो एक व्यक्ति मदद करने के बहाने अंदर आया। उस व्यक्ति ने उनका ATM लिया और मशीन में लगाया। अपने सामने ही उनसे पासवर्ड भी डलवा लिया। इसके बाद यह कहकर ATM लौटा दिया कि वह खराब है। वह वहां से सीधे बैंक आ गए, तब तक खाते से तीन बार में 23000 रुपये निकल चुके थे। जांच की तो पता चला बदला है ATMउन्होंने बैंक में शिकायत की तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने सबसे पहले 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी। उन्होंने अपने बेटे की मदद से शिकायत कर दी। इसी दौरान मैसेज पर नजर गई तो उस पर दिखाए गए चार अंक और उनके हाथ में मौजूद ATM के आखिरी चार अंक अलग अलग थे। पता चला कि उस व्यक्ति ने जब ATM में उनका कार्ड डाला तो वह बदल दिया था। पासवर्ड वह देख चुका था, इसलिए उनके बाहर निकलने के बाद उसने तीन बार में रुपये निकाल लिए। मेडिकल थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट इस मामले में 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। साइबर एक्सपर्ट ने खाता सीज करा दिया और आगे की प्रक्रिया पर काम शुरु कर दिया। 29 जून को मामले की रिपोर्ट मेडिकल थाने पहुंच गई। मामला पांच लाख रुपये से कम की ठगी का था, इसलिए मेडिकल थाने में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया।
मैनपुरी के कुरावली विकासखंड की ग्राम पंचायत मिढ़ावली कलां में मुख्यमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची पर सवाल उठे हैं। बुधवार दोपहर गांव निवासी पंकज शाक्य ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि योजना में पात्र व्यक्तियों की अनदेखी कर अपात्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और अपात्रों के नाम सूची से हटाने की मांग की है। शिकायतकर्ता पंकज कुमार (पुत्र अनोखेलाल, निवासी मिढ़ावली कलां) के अनुसार, ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 25 लाभार्थियों का चयन किया गया है। उनका आरोप है कि इनमें से अधिकांश के पास पहले से पक्के मकान हैं, कई के तो दो-मंजिला मकान भी हैं, फिर भी उन्हें योजना का लाभ दिया जा रहा है। पंकज शाक्य ने यह भी बताया कि गांव में कई ऐसे परिवार हैं जो वास्तव में योजना के पात्र हैं। वे कच्चे या जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, और कुछ के मकानों पर तो छत तक नहीं है। इसके बावजूद उन्हें अपात्र घोषित कर सूची से बाहर कर दिया गया है, जिससे जरूरतमंद परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। शिकायतकर्ता ने एडीओ पंचायत भवानीशंकर पर निजी लाभ के उद्देश्य से अपात्रों को सूची में शामिल करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस संबंध में एडीओ पंचायत से आपत्ति जताई, तो उन्हें बताया गया कि यह सूची एआई जनरेटेड है। पंकज शाक्य का कहना है कि यदि ऐसा है भी, तो भी पात्रता का सत्यापन किए बिना सूची तैयार करना गंभीर लापरवाही है। पंकज शाक्य ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराई जाए। उनका उद्देश्य है कि निष्पक्ष तरीके से पात्र और अपात्र लाभार्थियों का सत्यापन हो सके और वास्तविक हकदारों को ही योजना का लाभ मिल पाए। उन्होंने कहा कि जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो अपात्र लोगों के नाम सूची से हटाकर वास्तविक पात्रों को योजना में शामिल किया जाए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को उनका अधिकार मिल सके।जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिस संबंध में तत्काल कुरावली एसडीएम और बीडीओ को संयुक्त रूप से जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र की लक्खीपुरा कॉलोनी में बुधवार शाम एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जूस के पैसे मांगने पर दो युवकों ने एक फल और जूस विक्रेता पर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। दुकानदार ने अपनी जान बचाने के लिए दुकान के भीतर छिपकर खुद को सुरक्षित किया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़ित की मां वरीसा ने बताया कि उनका बेटा वाजिद लक्खीपुरा में फल और जूस की दुकान चलाता है। बुधवार शाम कॉलोनी निवासी दानिश और समीर उर्फ नेकर उसकी दुकान पर आए और जूस लिया। जब वाजिद ने उनसे जूस के पैसे मांगे, तो दोनों भड़क गए। उन्होंने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर पिस्टल निकालकर वाजिद पर कई राउंड फायरिंग कर दी। अचानक हुई फायरिंग से आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। दुकानदारों ने तुरंत अपने शटर गिरा दिए, जबकि राहगीर और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। वाजिद ने सूझबूझ दिखाते हुए दुकान के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। उसे गोली नहीं लगी, लेकिन घटना से इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही डायल-112 और लोहियानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। वाजिद की मां वरीसा ने थाने में दानिश और समीर उर्फ नेकर के खिलाफ नामजद तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वे फरार मिले। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
मेरठ में गैराज से हजारों का सामान चोरी:मकान मालिक के पीछा करने पर चोर बाइक से भागा
मेरठ के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की सर्वोदय कॉलोनी में एक घर के गैराज से हजारों रुपये का सामान चोरी हो गया। मकान मालिक ने चोर को रंगे हाथ पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह चोरी का सामान एक जुगाड़ रेहड़े वाली बाइक पर रखकर फरार हो गया। पुलिस ने घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सर्वोदय कॉलोनी निवासी बिजेंद्र कुमार त्यागी ने पुलिस को बताया कि देर रात उन्हें अपने घर के भूतल से कुछ आवाजें सुनाई दीं। शक होने पर जब वह नीचे पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एक युवक गैराज से सामान बोरे में भरकर बाहर ले जा रहा था। त्यागी ने शोर मचाते हुए आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन चोर तेजी से बाहर निकला। उसने पहले से खड़ी मोटरसाइकिल पर लगे जुगाड़ रेहड़े में चोरी का बोरा रखा और मौके से भाग निकला। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी कब्जे में ली गई है, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित बिजेंद्र कुमार त्यागी की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लखनऊ के महानगर इलाके में मंगलवार रात 10वीं की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे फंदे से उतारकर सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। निगोहां में ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत गई। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पेपरमिल स्थित बाबा का पुरवा निवासी सुभाष शर्मा की बेटी सानिया (16) एक निजी स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा थी। मंगलवार रात करीब 9 बजे उसने कमरे में साड़ी के सहारे फांसी लगा ली। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर पिता सुभाष उसे बुलाने पहुंचे तो वह फंदे से लटकी मिली। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्रा ने बताया कि शुरुआती जांच में आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। परिजन भी कोई वजह नहीं बता सके हैं। फिलहाल परिवार की तरफ से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शौच के लिए जाते समय ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत लखनऊ के निगोहा क्षेत्र में बुधवार सुबह रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। नारायन खेड़ा निवासी राम मनोहर (25) मजदूरी करता था। उसके भाई अनिल ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 9 बजे राम मनोहर शौच के लिए घर से निकला था। कनकहा-निगोहा रेलवे ट्रैक के पास अचानक ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी परिवार और पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। राम मनोहर तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। परिवार में मां मालती, बड़े भाई अनिल और छोटे भाई सोहन हैं।
मथुरा के वृंदावन में एक दर्दनाक घटना का CCTV वीडियो सामने आया है। यहां के संत कॉलोनी इलाके में मकान की खिड़की से बंदरों को खाना खिला रही 13 साल की लड़की बैलेंस बिगड़ने से सड़क पर गिर गई। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय घर पर उसका छोटा भाई ही था। संत कॉलोनी इलाके की घटना वृंदावन की बांके बिहारी पुलिस चौकी इलाके की संत कॉलोनी में अनिल पांडे अपनी पत्नी और बेटे के साथ रहते हैं। अनिल पांडे ने अयोध्या की रहने वाली बालिका पूर्वा को गोद लिया हुआ था। अनिल संत कॉलोनी में किराए के मकान में पहली मंजिल पर रहते हैं। अनिल और उनकी पत्नी परिक्रमा मार्ग में खाना बनाने की ठेली लगाकर परिवार का पालन करते हैं। पूर्वा बंदरों को खिला रही थी खाना बुधवार को अनिल और उनकी पत्नी अपनी ठेली पर चले गए। घर पर पूर्वा और उसका छोटा भाई था। पूर्वा बुधवार की दोपहर घर की खिड़की खोलकर वहां बैठे बंदरों को खाना खिला रही थी। इसी दौरान बताते हैं एक बंदर ने झपट्टा मार दिया। स्टूल पर खड़े होकर खाना खिला रही पूर्वा का बंदर के झपट्टा मारने से बैलेंस बिगड़ गया और वह करीब 15 फीट की ऊंचाई से सड़क पर गिर गई। जांच में जुटी पुलिस ऊंचाई से गिरने से पूर्वा के सर में गंभीर चोट आई और उसके सर से खून की धार बह निकली। पूर्वा को जब तक मौके पर मौजूद लोग अस्पताल लेकर जाते उससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। बांके बिहारी चौकी प्रभारी शिव कुमार शर्मा ने बताया कि पूर्वा मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। परिजनों ने किसी भी तरह की कार्यवाही से इंकार कर दिया। जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
संभल में 66वें श्रीकल्कि जयंती महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस वर्ष 16 अगस्त को रथ यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 17 अगस्त को जयंती कार्यक्रम आयोजित होगा। महोत्सव के दौरान भगवान कल्कि फूल बंगले में नगर भ्रमण करेंगे। महोत्सव की तैयारियों को लेकर 45 दिन पहले ही महामंत्र 'जय कल्कि जय जगतपते पद्मपति जय रमापते' के साथ बैठकें शुरू हो गई थीं। बुधवार रात 9 बजे से 10:15 बजे तक एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जगतगुरु रामभद्राचार्य द्वारा कल्कि जयंती की तिथि में बदलाव के बाद, कल्कि सैनिक इस महोत्सव को भव्य बनाने में पूरी ताकत से जुटे हैं। यह 66वां श्रीकल्कि जयंती महोत्सव संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित प्राचीन श्रीकल्कि विष्णु मंदिर में आयोजित किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, इस बार भी आयोजन श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) द्वारा किया जा रहा है। संगठन के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में जाकर लोगों को महोत्सव के निमंत्रण पत्र दिए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि संभल के बाहर के शहरों और अन्य प्रदेशों से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को बुलाने की तैयारी है। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, असम सहित कुल 10 राज्यों से भक्त और श्रद्धालु इस महोत्सव में शामिल होने आएंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने बताया कि कल्कि मंदिर में मासिक बैठक कल्कि जयंती महोत्सव की तैयारियों को लेकर हुई। उन्होंने कहा कि सभी कल्कि सैनिकों ने इस 66वें महोत्सव को भव्य और विशाल स्तर पर मनाने का संकल्प लिया है। यह पूरे देश के कल्कि भक्तों का सम्मेलन है, जिसमें विभिन्न राज्यों और शहरों से कल्कि भक्त शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय संयोजक सुभाष त्यागी एडवोकेट, कुलदीप ऐरन, संजय गुप्ता पोली, राष्ट्रीय महामंत्री/सभासद गगन वार्ष्णेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता/नामित सभासद गोपाल शर्मा, प्रदेश संयोजक कृष्ण प्रसाद मिश्र, प्रदेश महामंत्री अनुराग रस्तोगी, प्रदेश मंत्री अक्षय शर्मा, सुभाष खन्ना, जिला प्रभारी उज्जवल सक्सेना, जिला कोषाध्यक्ष ऋषभ श्रीवास्तव, यश गुप्ता, अक्षित अग्रवाल, आशीष गुप्ता और रानू गुप्ता सहित कई अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ में चर्चित जीजा हत्याकांड के दो इनामी आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जेठवारा थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी को मौके से दबोच लिया गया। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जेठवारा थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में जीजा हत्याकांड के दो इनामी आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए। गजराही पुलिया के पास एसएनएस स्कूल के निकट हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी चंदेश उर्फ पिंटू वर्मा के बाएं पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि उसका साथी तेज बहादुर उर्फ तेजे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी दो दिन पहले हुए चर्चित जीजा हत्याकांड में वांछित थे। आरोप है कि अंतरजातीय विवाह से नाराज साले ने अपने साथियों के साथ मिलकर जीजा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में दोनों आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कौशांबी के कड़ाधाम स्थित 51 शक्ति पीठ मां शीतला माता मंदिर में 5 जुलाई से विशाल आषाढ़ मेला शुरू होने जा रहा है। इसे लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बुधवार रात 9 बजे एसपी कौशांबी सत्यनारायण प्रजापत ने सीओ सत्येन्द्र तिवारी और कड़ाधाम थाना प्रभारी विनीत सिंह के साथ भारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा एवं पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी कौशांबी ने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाए। इसका उद्देश्य मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनने से रोकना है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। थानाध्यक्ष ने बताया कि कड़ाधाम का आषाढ़ मेला जिले का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है, जिसमें लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश सिंह से भी सुरक्षा, साफ-सफाई, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। एसपी ने क्षेत्रीय चौकीदारों और मेले की सुरक्षा में लगे अधिकारियों को श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, मेले को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने और आने वाले श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए।
रिश्तेदारी विवाद में युवक पर हमला:मंदसौर में पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज, घायल अस्पताल में भर्ती
मन्दसौर शहर के जैन स्कूल के पीछे स्थित क्षेत्र में बुधवार देर शाम आपसी रिश्तेदारी के विवाद के चलते एक व्यक्ति के साथ मारपीट और चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, यशोधर्मन थाना पुलिस ने पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घायल शाहरुख शाह ने बताया कि उसके मामा एवं उनके परिवार के सदस्यों ने उसके साथ मारपीट की। उसने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उसके हाथ और कन्धे पर चाकू से वार किया गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि घटना आपसी पारिवारिक विवाद के चलते हुई। विवाद बढ़ने पर मारपीट और चाकू चलने की नौबत आ गई, जिसमें शाहरुख शाह घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इधर, घायल की पत्नी शरीफा ने यशोधर्मन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में नाहरू शाह, मंजूर शाह सहित परिवार के अन्य सदस्यों पर मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि घायल जिस स्थान पर चाकू लगने का दावा कर रहा है, उसी स्थान पर पहले से भी चाकू के कई पुराने निशान मौजूद हैं। वहीं झगड़े के बाद पीड़ित के द्वारा खुद को चोट पहुंचाने की बात भी सामने आई है। हालांकि वायडी नगर पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा के थाना सदर के रोहता क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 3 बजे ज्वेलर्स की दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचे शातिरों ने टप्पेबाजी की घटना को अंजाम दिया। ज्वेलर्स की दुकान पर आए युवक ने बालियां देखीं। पसंद कर एक बाली को संभाल कर रखने की बोलकर एडवांस में एक हजार रुपये दिए। नोट हाथ में लेने के कुछ ही सेकेंड बाद दुकानदार बेसुध हो गए। युवक ने दराज से दो पैकेट निकाले और साथी के साथ भाग गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब पढ़िए पूरा खबर…सदर के रोहता क्षेत्र में निशांत सोनी की ओम ज्वेलर्स नाम से दुकान है। निशांत ने बताया कि वह बुधवार दोपहर करीब दो बजे दुकान के काम से आगरा से बाहर थे। दुकान पर पिता गोलाराम सैनी बैठे हुए थे। दोपहर 3 बजे के करीब एक बाइक पर दो युवक आए। उनमें से एक दुकान के अंदर आया। बच्ची के लिए कान की बालियां दिखाने को कहा। एक बाली पसंद की और 1 हजार रुपये देकर उन्हें अलग रखने को कहा। कुछ देर बाद बाकी के रुपये देकर बाली ले जाने का आश्वासन दिया। एडवांस में दिए नोट हाथ में लेने के कुछ ही सेकेंड के बाद पिता बेसुध हो गए। करीब 50 ग्राम सोने के जेवर ले गएयुवक ने काउंटर की दराज खोलकर उसमें रखे जेवर के दो पैकेट निकाले और बाहर खड़े अपने साथी के साथ बाइक पर बैठकर भाग गया। एक पैकेट में मंगलसूत्र और दूसरे में लॉकेट, मांग टीका आदि सामान था। टप्पेबाज करीब 50 ग्राम सोने के जेवर ले गए। कुछ देर बात होश में आने पर पिता ने उन्हें जानकारी दी। मामले की सूचना पुलिस को दी। दुकान में लगे सीसीटीवी खराब थेनिशांत ने बताया कि दुकान में लगे सीसीटीवी में खराबी थी, लेकिन पड़ोस की दुकान में लगे सीसीटीवी में आरोपी और उनकी बाइक दिख रही है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि टप्पेबाजों की तलाश में सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग देखी जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुई महिला की हत्या के मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हुई है। घटना के दौरान गाजीपुर थाने के इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने 25 दिन में विवेचना पूरी करके रिपोर्ट लगा दी थी। जिसके आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। क्या था मामला एफ. एम अर्पाटमेंट गाजीपुर निवासी वसीम खान की पत्नी नफीसा फातिमा की हत्या हो गई थी। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत 5 जुलाई 2023 को समय लगभग दोपहर 1 बजे अज्ञात नंबर से फोन आया। जिसने बोला आपको ड्राईवर की आवशयक्ता है, आपका नम्बर सरवन ने दिया है। सरवन पहले घर में काम कर चुका था इसलिए उसकी बात पर हाँ कह दिया। जिसके बाद उसने मिलने के लिए पलिटेक्निक चौराहे पर बुलाया। जब वहाँ पहुंचकर फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। काफी देर तक इंतजार करने के बाद घर लौट रहा था तभी लालपैथ लैब से फोन आया कि फ्लैट पर खड़ा हूँ और कई बार बेल बजा रहा हूँ लेकिन कोई दरवाजा नहीं खोल रहा है। जिसके बाद पत्नी को फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। एक बार फिर से लैब टेक्निशियन का फोन आया कि आपके घर से 3 (तीन) लोग निकले है। सूचना पर जल्दी से घर पहुंचा तो पाया कि घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त तथा बिखरा पड़ा था। काफी जेवरात और नगदी गायब थी। मेरी पत्नी किंचन के स्टोर रूम में बेसुध पड़ी थी। इस पुलिस और एम्बुलेंस को भी फोन किया। उनके आने पर पत्नी को राम मनोहर लोहिया हस्पताल लेकर भागा। जहाँ डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पूर्व ड्राइवर सरैया फैजाबाद निवासी जितेंद्र पर संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया 19 जून 2023 को छुट्टी लेकर चला गया था। जिसके बाद वह वापस नहीं आया। जाते वक्त एडवांस पैसे मांग रहा था जिसकी वजह से काफी कहासुनी हुई। जिसपर उसने मुझे देख लेने की धमकी दी थी।मामले की विवेचना मौजूद इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह को मिली। सुनील कुमार सिंह ने विवेचना पूरी करके तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और 25 दिन में चार्जशीट फाइल कर दी। जिसके आधार पर कोर्ट ने जितेंद्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अन्य अलग-अलग धाराओं में भी सजा मिली है।
बदायूं में बुधवार रात 10 बजे पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू ढेर हो गया। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से शेखपुर पुलिस चौकी इंचार्ज नीरज कुमार और सिपाही अविनाश भी घायल हो गए। गोली दोनों के बाएं हाथ से छूकर निकली है। घायल बदमाश जितेंद्र के अलावा दरोगा और सिपाही को भी जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां जितेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। उसके सीने में बाईं तरफ गोली लगी थी। दरोगा और सिपाही का इलाज चल रहा है। मुठभेड़ सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बदायूं-बिजनौर हाईवे पर शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर हुई। दरअसल, इस्लामनगर थाना क्षेत्र में 19 मई की रात डकैती डाली गई थी। उस रात नजाकत नाम के व्यक्ति के घर में डकैती पड़ी थी। इस मामले में पुलिस पहले ही 7 बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी थी। जबकि हापुड़ का रहने वाला जितेंद्र फरार चल रहा था। घायल पुलिसवालों की तस्वीरें… अब जानिए कैसे मारा गया बदमाश एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया- बुधवार रात को पूरे जिले में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह भागने लगा। जब टीम ने पीछा कर उसे पकड़ने का प्रयास किया, तो उसने पुलिसवालों पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ में एक सब-इंस्पेक्टर और एक कॉन्स्टेबल भी गोली लगने से घायल हुए हैं। बदमाश की पहचान संभल के रहने वाले जितेंद्र उर्फ ढालू के रूप में हुई है। वह मई में इस्लामनगर क्षेत्र में हुई डकैती की घटनाओं में फरार था। उस पर आईजी बरेली रेंज की ओर से 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ अमरोहा, नोएडा समेत कई जिलों में 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। एसएसपी ने बताया- जितेंद्र के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, बड़ी मात्रा में कारतूस और कुछ जेवर मिले हैं। बरामद जेवरों की शिनाख्त कराई जा रही है। जितेंद्र ने 19 मई की रात डाली थी डकैती इस्लामनगर थाना क्षेत्र में 19 मई की रात किसान नजाकत के घर करीब 19 लाख रुपए की डकैती हुई थी। मामले के खुलासे में जुटी पुलिस ने 26 मई की रात मुठभेड़ में संभल जिले के 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ में 3 बदमाशों के पैर में गोली लगी थी, जबकि एक सिपाही भी घायल हुआ था। गिरफ्तार बदमाशों में थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव जनेठा निवासी किशनपाल, थाना बहजोई क्षेत्र के प्रतापपुर निवासी मनोज, हापुड़ निवासी भूरा समेत 5 बदमाश शामिल थे। उनके कब्जे से डकैती में लूटे गए जेवरात, 3 तमंचे और कारतूस बरामद किए गए थे। घटना के बाद से पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि इस डकैती का मास्टरमाइंड जितेंद्र था, जो घटना के बाद से फरार चल रहा था। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 5 लोगों की मौत, मां-बेटी, नाना-नातिन की जान गई उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बुधवार तड़के साढ़े 4 बजे स्लीपर बस ने अर्टिगा कार को टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें 2 बच्चियां हैं। बस हरियाणा से बिहार जबकि कार लखनऊ से आगरा जा रही थी। पढ़िए पूरी खबर…
यूपी के 28 PPS अफसर IPS बने:डीजीपी के PRO राहुल श्रीवास्तव का प्रमोशन, संजय कुमार यादव को झटका मिला
यूपी के 28 PPS अधिकारियों का प्रमोशन हो गया है। केंद्र सरकार ने इन्हें बुधवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में प्रमोट करने की मंजूरी दी। रात करीब 10:30 बजे सूची जारी कर दी गई। प्रमोशन पाने वालों में 1997 से 2000 बैच के अधिकारियों को शामिल किया गया है। हालांकि, 1993 बैच के अधिकारी संजय कुमार यादव को इस बार भी प्रमोशन नहीं मिला। पिछले चार साल से निलंबित चल रहे संजय यादव का मामला लंबित होने के कारण उनका लिफाफा बंद (सीलबंद कवर) रखा गया। नई सूची में प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात कई वरिष्ठ अधिकारियों को आईपीएस कैडर मिला है। इनमें डीजीपी के पीआरओ राहुल श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक कमल किशोर, मथुरा के एडीएसपी सुरेश चंद्र रावत और भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) में तैनात शुएब इकबाल शामिल हैं। प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों की लिस्ट देखिए… …………………………..ये खबर भी पढ़िए यूपी के 29 PCS अफसर IAS बने, पेपर लीक की आरोपी रहीं अंजू कटारिया का नाम नहीं यूपी के 29 पीसीएस अफसरों का मंगलवार देर रात प्रमोशन हो गया है। उन्हें IAS बना दिया गया है। प्रमोट होने वाले अफसरों में रेजिडेंट कमिश्नर, विशेष सचिव, अपर आयुक्त, एडीएम, सचिव और कई विकास प्राधिकरणों के अधिकारी शामिल हैं। 2010, 2011, 2012 बैच के कई अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। प्रमोट होने वाले अधिकारियों में आलोक वर्मा, डॉ. विश्राम, पुष्पराज सिंह, विवेक श्रीवास्तव, योगानंद पांडेय, अमित कुमार, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप और संदीप कुमार समेत कई नाम शामिल हैं। इस फैसले से कई जिलों, मंडलों और विभागों में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव होगा। प्रमोट हुए अफसरों को उनके पदों पर जल्द नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…
सोनभद्र पुलिस ने रॉबर्ट्सगंज में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) तैयार करने वाली अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में नकली उत्पाद, होलोग्राम, स्टिकर और निर्माण उपकरण बरामद कर दो नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। 30 जून को मुखबिर की सूचना पर टाटा मोटर्स परिसर स्थित एक प्लांट पर पुलिस टीम और तकनीकी विशेषज्ञों ने संयुक्त छापेमारी की। जांच के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली DEF का निर्माण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग होते मिली। मौके से भारी मात्रा में नकली उत्पाद, फर्जी होलोग्राम, स्टिकर, पैकेजिंग सामग्री और निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के बट निवासी विशाल पुत्र राजेश्वर मौर्य और पिंटू मौर्य पुत्र राधेश्याम मौर्य को नामजद करते हुए भारतीय न्याय संहिता तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अन्य अज्ञात सहयोगियों की तलाश जारी है। बरामद सामग्री में 11 आईबीसी कंटेनर (प्रत्येक 1000 लीटर क्षमता) में भरा नकली DEF, 629 नकली TATA Genuine Parts होलोग्राम, 33 नकली BIS स्टिकर, 50 'Original' अंकित फर्जी स्टिकर, बड़ी संख्या में खाली बाल्टियां, ढक्कन, डिस्पेंसर मशीन, नोजल, पाइप, मापक पात्र और अन्य पैकेजिंग उपकरण शामिल हैं। पुलिस ने सभी सामग्री को सील कर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
बागपत में कार से रौंदने की कोशिश:विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला, घटना CCTV में कैद
बागपत के कस्बा टटीरी में दबंगई का मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि उसे कार से टक्कर मारने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पीड़ित के भाई ने कोतवाली बागपत में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे हमलावर पीड़ित पर हमला कर रहे हैं और आसपास के लोगों ने घायल को आरोपियों से छुड़ाकर अस्पताल पहुंचाया। कस्बा टटीरी निवासी राजीव कश्यप के अनुसार, उनका भाई कर्मवीर उर्फ भीम काम से घर लौट रहा था। आरोप है कि एक कार सवार ने उसे टक्कर मारने की कोशिश की। जब कर्मवीर ने इसका विरोध किया, तो कार चालक ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद कार सवार युवक ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर कर्मवीर के साथ मारपीट की और धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राजीव कश्यप ने बुधवार को कोतवाली बागपत पहुंचकर आरोपित कार सवार और उसके साथियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी है। टटीरी पुलिस चौकी प्रभारी सीमा सिंह ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा रिफाइनरी में बॉल्ब खोलते समय हादसा:गर्म तेल से दो मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
मथुरा रिफाइनरी में शट डाउन के बाद प्लांटों के स्टार्ट अप के दौरान बुधवार सुबह करीब 10 बजे FCC प्लांट में हादसा हो गया। बॉल्ब खोलने के दौरान अचानक गर्म तेल की चपेट में आने से दो कॉन्ट्रैक्ट वर्कर झुलस गए। जिसमें एक मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। मथुरा रिफाइनरी में प्रतिवर्ष शट डाउन लिया जाता है। इस बार यह शट डाउन 15 दिन का था। शट डाउन खत्म होने के बाद 28 जून से विभिन्न यूनिट को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत बुधवार को FCC प्लांट का स्टार्ट अप किया जा रहा था। इस दौरान बॉल्ब खोलते समय अचानक गर्म तेल का रिसाव हो गया। जिसमें वहां काम कर रहे दो मजदूर उसकी चपेट में आ गए। यह वर्कर हुए घायल हादसे के समय रिफाइनरी क्षेत्र के पीलुआ गांव निवासी कांट्रैक्टर वर्कर दीनदयाल उर्फ दीना और एक अन्य मजदूर रफीक यूनिट में काम कर रहे थे। यह दोनों मजदूर ‘अमर इंजीनियरिंग वर्क्स’ द्वारा पेटी (सब-कॉन्टैक्ट) पर दिए गए ठेके के अंतर्गत ‘गोगीवालों’ के यहां कार्यरत थे। शटडाउन प्रक्रिया के दौरान जैसे ही मजदूर ने वॉल्व खोला अचानक उस पर अत्यधिक गर्म तेल गिर गया। गर्म तेल की चपेट में आने से दोनों मजदूर चीखने लगे। मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने आनन-फानन में उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिलाया। जिसके बाद रिफाइनरी द्वारा संचालित अस्पताल में लाया गया। जहां से दोनों को अपोलो हॉस्पिटल दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। दीनदयाल की हालत गंभीर हादसे में झुलसे 40 वर्षीय दीनदयाल उर्फ देना 60 प्रतिशत तक झुलस गया। वहीं पश्चिम बंगाल का रहने वाला सादिक 10 प्रतिशत झुलसा है। घटना के बाद रिफाइनरी परिसर में अफरा तफरी मच गई। बुधवार की सुबह करीब 10 बजे हुए इस हादसे को कांट्रेक्टर और रिफाइनरी प्रशासन ने दबाने का प्रयास किया। लेकिन देर शाम यह मामला चर्चा में आया तो रिफाइनरी प्रबंधन ने अपना पक्ष मीडिया के सामने रखा। रिफाइनरी प्रबंधन ने यह कहा मथुरा रिफाइनरी के PRO विवेक शर्मा के अनुसार मथुरा रिफाइनरी के फ्लूइड कैटेलिटिक क्रैकिंग (FCC) यूनिट में बुधवार सुबह करीब 10 बजे मेंटेनेंस कार्य के दौरान एक हादसा हो गया। इस दौरान गर्म तेल के छींटे पड़ने से आसपास कार्य कर रहे दो संविदा श्रमिक उसकी चपेट में आ गए और घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को मथुरा रिफाइनरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल रेफर कर दिया गया है। रिफाइनरी प्रबंधन द्वारा घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। रिफाइनरी प्रशासन के अनुसार, इस घटना के बावजूद रिफाइनरी का संचालन सामान्य रूप से जारी है।
बेकाबू कार ने साइकिल सवार छात्र को रौंदा, मौत:गोपालगंज में बाजार जाने घर से निकला था, मौके पर गई जान
गोपालगंज जिले के हथुआ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक सड़क हादसे में साइकिल सवार छात्र की मौत हो गई। मिर्जापुर बाजार के समीप एक अनियंत्रित कार ने उसे टक्कर मार दी, जिससे 18 वर्षीय युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान सिवान जिले के नौतन थाना क्षेत्र के महुवा भूषा गांव निवासी मंजय साह के 18 वर्षीय बेटे रजनीश कुमार के रूप में हुई है। घटनास्थल पर ही मौत हो गई जानकारी के अनुसार, रजनीश कुमार बुधवार को साइकिल से मिर्जापुर बाजार खरीदारी करने जा रहा था। बाजार के समीप पहुंचने पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रजनीश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और घटना पर विलाप करने लगे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस हथुआ थाना पुलिस कार चालक की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। वाहन की पहचान कर चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फरार चालक को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है। इस हादसे के कारण कुछ देर के लिए मिर्जापुर बाजार के पास यातायात प्रभावित हो गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सामान्य कराया।
लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय हॉल में 30 जून कोस फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड-2026 का आयोजन किया गया। दिल्ली प्रेस के फार्म एन फूड मीडिया द्वारा आयोजित इस राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि पत्रकार, कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे। समारोह में उत्तर प्रदेश के 45 प्रगतिशील किसानों के साथ कृषि वैज्ञानिकों, कृषि पत्रकारों, कृषि विज्ञान केंद्रों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, कृषि यंत्रीकरण, फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और बेहतर मार्केटिंग मॉडल जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों के नवाचार की कहानियां देशभर में फैलाने की जरूरत कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली प्रेस के एग्जीक्यूटिव पब्लिशर अनंत नाथ के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि किसानों के नवाचार और सफलता की कहानियों को देशभर तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है और फार्म एन फूड मीडिया लगातार इसी दिशा में कार्य कर रहा है। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य में किसानों को नई चुनौतियों के अनुरूप खेती की रणनीति तैयार करनी होगी। उन्होंने विशेष रूप से एल नीनो (El Nio) के प्रभावों का उल्लेख करते हुए बताया कि मानसून की अनिश्चितता, कम वर्षा, अधिक तापमान और सूखे जैसी परिस्थितियां कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने किसानों से जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, मौसम आधारित कृषि सलाह, फसल विविधीकरण और सूखा सहनशील किस्मों को अपनाने की अपील की। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक योजनाओं पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उनका लाभ अंतिम किसान तक पहुंचाना भी है। आधुनिक खेती, तकनीक और नवाचार पर रहा विशेष फोकस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने किसानों को विभाग की विभिन्न योजनाओं और अनुदान कार्यक्रमों की जानकारी दी। वहीं दिल्ली प्रेस के सीओओ शैलेश श्रीवास्तव ने फार्म एन फूड मीडिया की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों तक व्यावहारिक और आधुनिक कृषि जानकारी पहुंचाना संस्था की प्राथमिकता है। 45 प्रगतिशील किसानों समेत वैज्ञानिक और संस्थाएं भी हुईं सम्मानित समारोह में खेती-किसानी के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले किसानों में बस्ती के मंगला प्रसाद और राम पूरन चौधरी, संतकबीरनगर के यशोवर्धन, अयोध्या के शोभाराम और शबीना खातून, चंदौली के चंद्र प्रकाश सिंह और मदनजीत कुमार सिंह, हापुड़ के जगदीश कुमार, प्रमोद कुमार और कविता सिरोही, जालौन के लक्ष्मी नारायण चतुर्वेदी और ब्रजेश त्रिपाठी, रायबरेली के आनंद मिश्रा, बुलंदशहर के राकेश सिरोही और हेमलता, शाहजहांपुर के सरताज खान, गोंडा के शिव कुमार मौर्य, उन्नाव के नीरज सिंह, बाराबंकी के अमरेंद्र प्रताप सिंह, जौनपुर के इंद्रसेन सिंह, गोरखपुर के गंगाराम चौहान सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसान शामिल रहे। कृषि पत्रकारिता में उत्कृष्ट काम करने वाले भी सम्मानित कृषि पत्रकारिता, कृषि अनुसंधान और विस्तार सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशेषज्ञों, कृषि विज्ञान केंद्र हापुड़ एवं आजमगढ़, विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। समारोह का संचालन श्रुति जोशी (प्रोडक्ट हेड, फार्म एन फूड मीडिया) ने किया, जबकि अंत में फार्म एन फूड के एग्रो एडिटर भानु प्रकाश राणा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ कृषि पत्रकार बृहस्पति कुमार पांडेय ने कृषि पत्रकारिता की जिम्मेदारियों और चुनौतियों पर अपने विचार रखे। ज्ञानधारा प्राइवेट लिमिटेड के ऑपरेशंस हेड दुर्गेश अवस्थी ने कंपनी की गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं Andreas STIHL Pvt. Ltd. के ईस्ट यूपी सेल्स हेड उदय सिंह ने आधुनिक कृषि और बागवानी उपकरणों की उपयोगिता बताते हुए कहा कि नई तकनीक किसानों की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में ज्ञानधारा प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ रतन सिंह, Andreas STIHL Pvt. Ltd. के प्रतिनिधि शुभम शर्मा और ब्रजेश कुमार, अधिकृत डीलर संजीव गुप्ता तथा जसमीत जग्गी, उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग के उप निदेशक प्रदीप सिंह, उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सचिव तथा उत्तर प्रदेश एफपीओ एसोसिएशन के अध्यक्ष दया शंकर सिंह सहित कृषि क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के आयोजन में एनसीडीसी (NCDC), Andreas STIHL Pvt. Ltd. और ज्ञानधारा प्राइवेट लिमिटेड ने एसोसिएट स्पॉन्सर के रूप में सहयोग किया।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की अटल नगर आवासीय योजना में बुधवार को 808 फ्लैटों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया गया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित ड्रॉ में कुल 4469 आवेदकों के बीच पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पर्चियां निकाली गईं। विजेताओं के नाम घोषित होते ही कई परिवारों के चेहरों पर अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। एलडीए के अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी ने बताया कि देवपुर पारा स्थित अटल नगर योजना में कुल 2496 फ्लैट हैं, जिनमें 1 बीएचके और 2 बीएचके शामिल हैं। 30 से 54.95 वर्गमीटर तक के इन फ्लैटों की शुरुआती कीमत 9.82 लाख रुपये रखी गई है। योजना में लिफ्ट, 24 घंटे जल एवं बिजली आपूर्ति, पावर बैकअप, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, ग्रीन एरिया और बच्चों के खेलने के लिए अलग स्थान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। देखिए 3 तस्वीरें… 18 मई तक हुआ था आवेदन एलडीए के अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी ने बताया कि पहले चरण के बाद योजना में 1 बीएचके के 135 और 2 बीएचके के 673 फ्लैट खाली थे। इनके लिए 18 अप्रैल से 18 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए। इस दौरान 1 बीएचके के लिए 1666 और 2 बीएचके के लिए 2803, यानी कुल 4469 आवेदन प्राप्त हुए। लॉटरी प्रक्रिया के दौरान आवेदकों को मंच पर बुलाकर उन्हीं के हाथों से पर्चियां निकलवाई गईं। पूरी प्रक्रिया का यूट्यूब पर लाइव प्रसारण भी किया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लॉटरी में सफल रहीं नायरा ने बताया कि उन्होंने काफी उम्मीद के साथ आवेदन किया था और नाम आने से बेहद खुश हैं। वहीं कैलाश मिश्रा ने भी निष्पक्ष प्रक्रिया की सराहना करते हुए एलडीए का आभार जताया।
बागपत के बाघु गांव में डंपर से गाड़ी टकराने के बाद हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। फायरिंग में दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। बागपत। शहर कोतवाली क्षेत्र के बाघु गांव में गाड़ी टकराने के विवाद के बाद हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना में जतिन और अभिषेक नामक दो भाई गोली लगने से घायल हो गए थे, जिनमें जतिन की हालत गंभीर होने पर उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। घायल युवकों के पिता विनोद की तहरीर पर पुलिस ने 10 नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शेर सिंह उर्फ कपिल, दीपक उर्फ कल्लू, जितेंद्र उर्फ जीतू और नवाब को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा और तीन खोखा कारतूस बरामद हुए हैं। सीओ सुकन्या शर्मा ने बताया कि खेत से मिट्टी उठाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था, जिसके बाद फायरिंग की घटना हुई। घायल का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी में चोरी की घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोर लाइब्रेरी में लगे एयर कंडीशनरों के 14 कॉपर पाइप उखाड़कर ले गए। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की पोल खुल गई। जानकारी के अनुसार, लाइब्रेरी में वर्ष 2023 में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन चोरी के समय सभी कैमरे बंद पड़े थे। ऐसे में घटना की कोई फुटेज उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। FIR नहीं हुई दर्ज विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी ने बताया कि मामले में पुलिस को दो बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लाइब्रेरी में लगे सीसीटीवी कैमरे फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं।इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि महत्वपूर्ण परिसरों में लगे सीसीटीवी कैमरों का नियमित रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गोरखपुर में गुरुवार को रहेगा शटडाउन:कई फीडरों की बिजली रहेगी बंद, सहयोग की है अपील
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के लिए गुरुवार को कई क्षेत्रों में चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली विभाग सड़क चौड़ीकरण, लाइन शिफ्टिंग और एलटी पोल लगाने का काम करेगा। इस दौरान संबंधित फीडरों से जुड़े इलाकों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली नहीं मिलेगी। इन फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में रहेगा बिजली कटबिजली विभाग के अनुसार, विद्युत उपकेंद्र राप्ती नगर न्यू से संचालित 11 केवी करीमनगर और रेल विहार फीडर की आपूर्ति सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रहेगी। यहां सड़क चौड़ीकरण के साथ एलटी लाइन के नए पोल लगाए जाएंगे। इसके अलावा विद्युत उपकेंद्र इंडस्ट्रियल स्टेट के 11 केवी पश्चिमी जनप्रिय फीडर, विद्युत उपकेंद्र दुर्गाबाड़ी के 11 केवी हनुमंत नगर फीडर तथा विद्युत उपकेंद्र भटहट के 11 केवी भटहट फीडर की बिजली आपूर्ति भी इसी अवधि में प्रभावित रहेगी। काम पूरा होने के बाद बहाल होगी बिजलीविभाग का कहना है कि तय समय के भीतर सभी तकनीकी कार्य पूरे करने का प्रयास किया जाएगा। कार्य समाप्त होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, यदि कार्य में अधिक समय लगता है तो बिजली बहाली में कुछ देर हो सकती है। पहले से कर लें जरूरी तैयारीबिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित समय से पहले अपने जरूरी बिजली से जुड़े कार्य पूरे कर लें। विभाग ने अस्थायी असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि यह कार्य भविष्य में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
जोधपुर शहर के करीब आधे हिस्से में गुरुवार को पानी की सप्लाई बंद रहेगी। इससे लोगों को पानी की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) का कहना है कि ग्रीष्मकालीन जल भंडारण के साथ-साथ फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों की जरूरी सफाई एवं रखरखाव कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। PHED नगर वृत्त जोधपुर के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता के अनुसार, शहर के सभी फिल्टर हाउसों से जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इसके चलते कई इलाकों में पानी की सप्लाई का शेड्यूल एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है। इन इलाकों में बदला पानी सप्लाई का शेड्यूल कायलाना, चौपासनी और सूरपुरा फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में 2 जुलाई की सप्लाई अब 3 जुलाई को और 3 जुलाई की सप्लाई 4 जुलाई को दी जाएगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों (सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाइपास और शिल्पग्राम के आसपास) में गुरुवार सुबह 10 बजे तक जलापूर्ति सामान्य रहेगी। इसके बाद 3 जुलाई की सप्लाई 4 जुलाई को और 4 जुलाई की सप्लाई 5 जुलाई को की जाएगी। इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में गुरुवार को बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में पांच घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तके जाजीवाल जकड़ा, बुधनगर, अठकली, सूरज बासनी, बनाड़ बिश्नोई की ढाणी, जालेली नायला और आसपास के सभी संबंधित क्षेत्रों में बिजली नहीं आएगी।
जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना दोहरपहरी के पास तेज रफ्तार मोटरसाइकिल के पेड़ से टकराने के कारण हुई। तीनों युवक झाझा थाना क्षेत्र के काठोथिया गांव के निवासी थे और एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर झाझा बाजार जा रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज गति के कारण बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल रेफर घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल झाझा रेफरल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल रेफर कर दिया। जमुई सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 23 वर्षीय दिनेश सोरेन (पिता बाबूलाल सोरेन) की मौत हो गई। वहीं, सोमाई विसरा (पिता छोटका विसरा) और वीरेंद्र सोरेन (पिता किशुन सोरेन) की हालत चिंताजनक बनी हुई है। दोनों घायलों का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए घटना की खबर मिलते ही मृतक और घायलों के परिजन तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। दिनेश सोरेन की मौत से परिवार में मातम छा गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जिसमें तेज रफ्तार को मुख्य वजह माना जा रहा है।
ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र में बुधवार को पुरानी रंजिश के चलते 21 वर्षीय युवक की कथित तौर पर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को मुरार नदी में फेंक दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से खून से सने लाठी-डंडे भी बरामद किए गए हैं। मृतक की पहचान नारायण विहार निवासी दिनेश इंदौरिया (21) के रूप में हुई है। परिजनों ने मेहरा कॉलोनी निवासी सूरज जाटव, उसके भाई गौरव जाटव और उनके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रेम संबंध से शुरू हुआ विवाद, फिर बनी दुश्मनी पुलिस के अनुसार, दिनेश के बड़े भाई विकास इंदौरिया की आरोपी सूरज जाटव से दोस्ती थी। इसी दौरान विकास और सूरज की पत्नी के बीच प्रेम संबंध हो गए। कुछ समय पहले दोनों साथ चले गए थे। इस संबंध में सूरज ने गोला का मंदिर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में महिला ने पुलिस के समक्ष बयान दिया था कि वह बालिग है और अपनी इच्छा से रह रही है। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव और रंजिश बनी हुई थी। काम पर जाते समय रास्ते से उठाया बुधवार सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच दिनेश किसी निजी काम से सिरोल क्षेत्र जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान सूरज, गौरव और उनके साथियों ने उसे रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। फोन पर धमकी, फिर हत्या जांच में सामने आया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने दिनेश के भाई विकास को फोन कर सूरज की पत्नी से बात कराने की मांग की। विकास ने बताया कि महिला उसके साथ नहीं है और वह बात नहीं करा सकता। आरोप है कि इसके बाद फोन पर ही दिनेश को जान से मारने की धमकी दी गई और कुछ देर बाद उसकी हत्या कर शव मुरार नदी में फेंक दिया गया। आरोपी फरार, पुलिस की दबिश जारी घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वे घर छोड़कर फरार मिले। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बंगोली ने बताया कि नदी से मिले युवक की पहचान दिनेश इंदौरिया के रूप में हुई है। परिजनों की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अलवर जिले की विजय मंदिर थाना पुलिस ने सोने-चांदी के आभूषण चमकाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी कैमिकल की मदद से आभूषण साफ करने के दौरान उसमें से सोने की कुछ मात्रा निकाल लेते थे। पुलिस ने उनसे सफाई में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल, उपकरण और अन्य सामान भी जब्त किया है। गिरफ्तार आरोपी जयप्रकाश शाह (60) पुत्र जगदीश शाह और संतोष शाह (40) पुत्र बनारसी शाह निवासी भवनदेवी टोला बिहार हैं। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- 30 जून को एक महिला ने रिपोर्ट दी कि मेरी मां घर के बाहर बैठी थीं। तभी दो अनजान व्यक्ति पहुंचे और खुद को कंपनी की ओर से सोने-चांदी के आभूषण साफ करने वाला बताने लगे। महिला ने अपने सोने के कान के कुंडल साफ करवा दिए। सफाई के बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। बाद में जब कुंडलों को सुनार के पास जांच के लिए ले जाया गया तो उनमें से सोने की मात्रा कम पाई गई। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों से सोने-चांदी की सफाई में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल, गोल्ड क्लीनिंग पाउडर, ब्रश, अलग-अलग कैमिकल से भरी बोतलें, पीतांबरी पाउडर, बाल्टियां तथा अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा मिट्टी के तेल से भीगा कपड़ा और अधजली लाल मिर्च भी जब्त की गई है, जिनका इस्तेमाल वे सफाई की प्रक्रिया के दौरान करते थे।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- भारत की संस्कृति और परंपराओं ने समाज को हमेशा सही दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि रामकथा, रामलीला और रासलीला जैसे लोक माध्यमों के जरिए पीढ़ियों ने जीवन के आदर्श, नैतिक मूल्य और संस्कार सीखे हैं। लोक कलाकारों ने केवल मनोरंजन नहीं किया, बल्कि समाज के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को शुरू हुए लोकमंथन 2026 में मुख्यमंत्री भजनलाल ने यह कहा। ‘हम भारत के लोग’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हुए। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में लोक की भूमिका पर मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। इन्हें संरक्षित और नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति ही भारत की असली ताकत है, जिसने सदियों से समाज को एक सूत्र में बांधकर रखा है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि लोकमंथन का मुख्य आयोजन दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का वास्तविक निर्माता और उसकी सबसे बड़ी शक्ति उसका 'लोक' है। यही भारत की आत्मा है और इसी के आधार पर देश की सांस्कृतिक पहचान कायम है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सराहना करते हुए कहा- राजस्थान की प्यास बुझाने के लिए राज्य सरकार ने जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, उन्हें आने वाले सालों में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता पूरे देश में अलग पहचान रखती है और लोकमंथन जैसे आयोजनों से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकमंथन के माध्यम से राजस्थान की लोक कला, संस्कृति, परंपराएं और लोक ज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इससे न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना भी मजबूत होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती से जुड़ा रहेगा, तभी वह विश्व का मार्गदर्शक बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। लोक परंपराओं, संस्कृति और समाज के सामूहिक अनुभवों को सहेजना ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। बता दें कि लोकमंथन 2026 के शुभारंभ के साथ ही राजस्थान में सांस्कृतिक विमर्श की एक नई शुरुआत मानी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान लोक संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर अलग-अलग विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षाविद, संस्कृति विशेषज्ञ, लोक कलाकार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए।
जब मरीज और उसके परिजनों की उम्मीदें टूटने लगती हैं, तब डॉक्टर ही नई आशा की किरण बनकर उनके सामने खड़े होते हैं। चिकित्सक केवल बीमारी का इलाज नहीं करते, बल्कि अपने व्यवहार, संवेदनशीलता और समर्पण से मरीजों का आत्मविश्वास भी लौटाते हैं। यह बातें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कही। बुधवार को रिवर बैंक कालोनी स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से डॉक्टर्स डे पर कार्यक्रम हुआ। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि डॉक्टर केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। मरीज दर्द और तकलीफ में अस्पताल पहुंचता है। ऐसे समय में डॉक्टर की संवेदनशीलता, धैर्य और सकारात्मक व्यवहार उसके इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। इसलिए हर डॉक्टर को मरीजों के प्रति सहानुभूति और सेवा भाव के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। विधायक ने भी किया संबोधित विधायक डॉ.नीरज बोरा ने कहा कि डॉक्टरों का समर्पण लाखों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाता है। समाज में चिकित्सकों का सम्मान इसलिए है, क्योंकि वे दिन-रात लोगों की जान बचाने के लिए काम करते हैं। उनसे अपेक्षा है कि वे अपने ज्ञान और अनुभव के साथ मानवीय मूल्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। डॉक्टर सेवा, संवेदनशीलता और नैतिकता को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनाएं। मरीजों की पीड़ा को कम करना ही डॉक्टर के पेशे का सबसे बड़ा धर्म है। यही समाज के प्रति उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने डॉ. अजय तिवारी समेत अन्य डॉक्टरों को सम्मानित किया।
करनाल जिले के तरावड़ी क्षेत्र में बुधवार देर रात पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। कुटेल के पास 29 जून को पकड़े गए गोल्डी बरॉड गैंग का फरार छठा आरोपी बाइक पर भागते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रोकने पर उसने पुलिस टीम फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली उसके पैर में लगी और उसे काबू कर लिया गया। घायल आरोपी को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुधवार रात सीआईए-1 टीम को सूचना मिली कि कुटेल के पास से फरार आरोपी पानीपत निवासी परमीत बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहा है और किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और हाइवे पर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद पुलिस को संदिग्ध युवक बाइक पर जाता दिखाई दिया। रुकने का इशारा, फिर तेज रफ्तार में भागा आरोपीपुलिस ने आरोपी को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रुका और बाइक को तेज गति से भगा लिया। पुलिस ने पीछा शुरू किया तो कुछ दूरी पर बाइक फिसल गई और आरोपी नीचे गिर गया। पुलिस जैसे ही उसकी ओर बढ़ी, उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में पैर में लगी गोलीपुलिस ने आरोपी को चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माना और भागने की कोशिश करता रहा। इस दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली उसके पैर में लगी। गोली लगते ही आरोपी गिर गया और पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। बाद में पुलिस अपनी गाड़ी में उसे लेकर करनाल के सरकारी अस्पताल पहुंची। ठीक होने के बाद कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगापुलिस के अनुसार घायल आरोपी का इलाज चल रहा है। उसके ठीक होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा और फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। 29 जून को 5 आरोपी पकड़े, छठा हो गया था फरारइस मामले की कड़ी 29 जून की कार्रवाई से जुड़ी है। उस दिन सीआईए-1 टीम ने गांव कुटेल के पास गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 8 अवैध पिस्तौल, 30 जिंदा कारतूस और एक सिलेरियो कार बरामद हुई थी। कार्रवाई के दौरान छठा आरोपी परमीत मौके से फरार हो गया था, जिसकी तलाश लगातार की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचानपकड़े गए आरोपियों की पहचान वार्ड नंबर-02, रेलवे रोड, कलानौर निवासी पवन उर्फ पोन्ना पुत्र खुशीराम, वार्ड नंबर-01, बाबा कॉलोनी, कलानौर निवासी जतिन पुत्र राजेंद्र, वार्ड नंबर-07, संत कॉलोनी, खरखौदा निवासी राहुल पुत्र विजय कुमार, शहर मालपुर, थाना बापौली निवासी नवदीप पुत्र भूपेंद्र और शहर मालपुर निवासी कपिल पुत्र करतार के रूप में हुई थी। मास्टरमाइंड और हत्या की साजिश का खुलासाजांच में सामने आया था कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड पूर्व एमसी पवन है। आरोपियों की योजना पंजाब के चंदू फिरोजपुरिया और कलानौर में अवतार सिंह की हत्या करने की थी। पुलिस पूछताछ में इस साजिश के कई अहम सुराग मिले थे। पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामलेप्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पवन उर्फ पोन्ना के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया गया था और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना- पूछताछ में खुलेंगे और राजसीआईए-1 के इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया था कि आरोपियों को कुटेल के पास रिंग रोड पर नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया था। अब फरार आरोपी परमीत के पकड़े जाने के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
डीएम अमृषा बैंस ने शक्ति सदन का निरीक्षण किया:महिलाओं से सीधा संवाद, जानीं उनकी समस्याएं
जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस ने बुधवार शाम शक्ति सदन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रही महिलाओं से सीधे बातचीत की। डीएम ने महिलाओं से उनके आवासन, भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी जानकारी ली। उन्होंने संस्थान में उपलब्ध सभी सुविधाओं का जायजा लिया और महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि सभी महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए तथा सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। डीएम ने नियमित निगरानी, किसी भी कमी को तुरंत दूर करने और संस्थान में आवश्यक सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कर्मियों की उपस्थिति और अभिलेखों की भी समीक्षा की। शक्ति सदन हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास और पुनर्वास की व्यवस्था करता है। यहां महिलाओं की नियमित काउंसलिंग कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, वरीय उप समाहर्ता, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी माला कुमारी और शक्ति सदन की अध्यक्षा रेणु कुमारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
आगरा के ब्लू व्हेल वाटर पार्क में बुधवार को स्विमिंग पूल में डूबने से 9 साल बच्चे की बुधवार शाम 4 बजे मौत हो गई। बच्चा अपने दोस्तों के साथ नहाने गया था। इस दौरान हादसा गया। आरोप है कि बच्चे के डूबने के बाद वाटर पार्क के कर्मचारी बच्चे को अस्पताल ले जाने की बजाय उसका वीडियो बनाते रहे। बाद में अस्पताल ले गए। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने वाटर पार्क संचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वाटर पार्क को बंद करा दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना खंदौली थाना क्षेत्र के पुरालोधी की है। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला छोटा गुड़ा गांव निवासी अभि (9) बुधवार दोपहर चचेरे भाई प्रशांत और गांव के अन्य बच्चों विकास, रवि, दिनेश और हरिओम के साथ पुरा लोधी स्थित ब्लू व्हेल वाटर पार्क आया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ मौजूद बच्चों ने उसे किसी तरह बाहर निकाला और मदद के लिए शोर मचाया। शाम करीब चार बजे स्विमिंग पूल में नहाते समय वह गहरे पानी में डूब गया। दोस्तों के शोर मचाने पर वाटर पार्क में मौजूद कर्मचारी पहले उसका वीडियो बनाने लगे। काफी देर बाद उसको पानी से बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने बालक को मृत घोषित कर दिया। इस बीच दोस्तों ने घर पहुंचकर स्वजन को जानकारी दी। रोते बिखलते स्वजन मौके पर पहुंचे और वाटर पार्क संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजन अस्पताल और वाटर पार्क पहुंचे और हंगामा किया। आरोप है कि घटना के बाद संचालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक अभि अपने तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था और कक्षा दो का छात्र था। संचालक के खिलाफ दी तहरीरमृतक के पिता राकेश ने संचालक केशव के खिलाफ खंदौली थाने में तहरीर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में कई स्विमिंग पूल बिना लाइसेंस, एनओसी और सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। उनका कहना है कि ब्लू व्हेल वाटर पार्क में न तो प्रशिक्षित लाइफगार्ड मौजूद थे और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे। परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे, जबकि यहां बड़ी संख्या में बच्चे नहाने आते हैं। एक साल पहले भी एक बच्चे की हुई थी मौतघटना के बाद एसीपी एत्मादपुर ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान थाना पुलिस द्वारा गेट पर ताला लगाकर चाबी साथ ले जाने पर एसीपी ने नाराजगी जताई और चाबी मंगवाकर निरीक्षण कराया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी वाटर पार्क में एक साल पहले भी एक बालक की डूबने से मौत हो चुकी थी, लेकिन उसके बाद भी इसका संचालन जारी रहा। एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। --------------------- यह खबर भी पढ़ें- राम मंदिर चोरी-यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को पुलिस ने दर्शन कराए:20 घंटे नजरबंद करके रखा था; CO ने जेल में आरोपियों से पूछताछ की अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर सियासत तेज हो गई। करीब 20 घंटे नजरबंद रखने के बाद मंगलवार रात 9 बजे पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन कराए। यहां पढ़ें पूरी खबर
जहानाबाद के सदर थाना क्षेत्र में दरधा नदी के पास बुधवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों की पहचान काको प्रखंड के नगमा गांव निवासी मुसिब खान और उनकी पत्नी के रूप में हुई है। घटना के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद चार पहिया वाहन का चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने के बाद नगर थाने की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस फरार वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इस दुर्घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पटना में बुधवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नेशनल डॉक्टर्स डे पर बुधवार को समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सकों, आई.एम.ए. पदाधिकारियों और अतिथियों ने भाग लिया। ये आयोजन आई.एम.ए. भवन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस मौके पर चिकित्सा जगत के महान विभूति, भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र राय की जयंती और पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उनके आदर्शों एवं चिकित्सा सेवा के प्रति समर्पण को स्मरण किया गया। इस दौरान पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आई.एम.ए. डॉ. सहजानन्द प्रसाद सिंह ने कहा कि चिकित्सक दिवस हम सभी चिकित्सकों के लिए एक गौरव का दिन है। हम अपने सभी चिकित्सक बंधुओं से अनुरोध करते है कि वे आज के दिन गरीब मरीजों का निःषुल्क ईलाज करें। चिकित्सक समाज की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहते आई.एम.ए. बिहार राज्य शाखा के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण ने कहा कि चिकित्सक समाज की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहते हैं। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। चिकित्सकों को किया गया सम्मानित समारोह के दौरान चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले पटना के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक पद्मश्री डॉ. एस. एन. आर्या, डॉ. ए. ए. हई, डॉ. शांति एवं पद्मश्री डॉ आर. एन. सिंह को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित चिकित्सकों ने इस सम्मान के लिए आई.एम.ए. बिहार राज्य शाखा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज एवं मरीजों की सेवा के लिए और अधिक प्रेरित करेगा। कार्यक्रम के दौरान वरीय शिषुरोग विषेषज्ञ एवं आई.एम.ए. मधेपुरा के पूर्व अध्यक्ष डा. अरूण कुमार मंडल को उपस्थित चिकित्सकों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि एवं पुष्प अर्पित की गयी एवं उनके बहुमूल्य कार्यो को याद किया गया। डॉ संजीव कुमार की पुस्तक का विमोचन आई.एम.ए. बिहार राज्य शाखा के मानद राज्य सचिव डॉ. दिनेश कुमार ने सभी अतिथियों, सम्मानित चिकित्सकों एवं उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आई.एम.ए. भविष्य में भी चिकित्सकों के हित एवं समाज की बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। इस मौके पर डॉ संजीव कुमार की पुस्तक रियल हैंड्स ऑन रिवॉल्यूशन जर्नी ऑफ़ ए डिकेड का विमोचन पद्मश्री डॉक्टर शांति राय, पद्मश्री डॉक्टर एसएनआर पद्मश्री डॉक्टर अब्दुल अहमद हसन, डॉक्टर आर्यन सिंह, बिहार आय में प्रेसिडेंट डॉक्टर आशुतोष शरण और डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह, सचिव दिनेश सिंह के द्वारा किया गया।
झुंझुनूं जिले में विधिक माप विज्ञान विभाग ने तौल-माप में पारदर्शिता लाने के लिए अभियान की शुरुआत की है। इसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 धर्मकांटों पर कार्रवाई करते हुए कुल 24 हजार रुपए का जुर्माना वसूला है। विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि कुल 8 धर्मकांटे ऐसे थे, जिनका विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा वैध वैरिफिकेशन नहीं करवाया गया था। वैरिफिकेशन के बिना मशीनों का उपयोग करना अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके कारण विभाग ने इन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इन धर्मकांटों पर हुई कार्रवाई विभाग की चेतावनी, नियमों का पालन करेंविधिक माप विज्ञान अधिकारी कहा कि कोई भी व्यापारी या धर्मकांटा संचालक विभाग से सत्यापन करवाए बिना तौल उपकरण का उपयोग नहीं कर सकता। यह विधिक माप विज्ञान अधिनियम का सीधा उल्लंघन है। उपभोक्ताओं को सही माप मिलना उनका कानूनी अधिकार है।
मोतिहारी के तुरकौलिया चौक पर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान एक बड़ी घटना टल गई जब एक मकान को ध्वस्त करते समय उसका ढांचा जेसीबी मशीन पर गिर गया। हालांकि, मशीन चालक बाल-बाल बच गया। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से कई अवैध निर्माणों को ढहाया। इनमें कथित ग्रामीण चिकित्सक डी. आलम का भवन पूरी तरह से तोड़ दिया गया। ढांचा भरभराकर मशीन पर आ गिरा यह घटना डी. आलम के मकान को गिराते समय हुई। अचानक पूरा ढांचा भरभराकर मशीन पर आ गिरा। गनीमत रही कि जेसीबी चालक ने समय रहते सतर्कता दिखाई और सुरक्षित बच निकला। इस दौरान मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने डी. आलम सहित अन्य लोगों के मकान भी तोड़े, लेकिन लगभग छह लोगों के घरों को नहीं तोड़े जाने से स्थानीय लोगों में असंतोष देखा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है। पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की धमकी भी दी थी इसी मुद्दे को लेकर डी. आलम ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की धमकी भी दी थी। यह अतिक्रमण हटाओ अभियान पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर चलाया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता अनीश आलम ने जनहित याचिका दायर कर पीडब्ल्यूडी की जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इस संबंध में सीओ संतोष कुमार ने बताया कि जिन पांच लोगों के मकान नहीं तोड़े गए हैं, वे भूमिहीन हैं। उनके लिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। प्रशासन ने अभियान को निष्पक्ष बताते हुए आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
इंदौर के एक नामी स्कूल में खाने के बाद तबीयत बिगड़ने के बाद से फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट लगातार स्कूली की चेकिंग कर रहा है। इसके साथ ही स्कूलों से खाने के सैंपल भी कलेक्ट किए जा रहे है। कलेक्टर के निर्देशन में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट द्वारा स्कूलों और हॉस्टलों में चलने वाली मेस और कैंटिंनों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 3 स्कूलों का निरीक्षण कर 22 सैंपल लिए गए। वहीं एक स्कूल में जरूरी खाद्य पंजीयन के अभाव में यहां खाने की गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद कराई गई है। बिना फूड लाइसेंस के चल रही थी मेस बुधवार को डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बिचौली मर्दाना रोड स्थित अग्रवाल पब्लिक स्कूल का दौरा किया। यहां स्कूल मैनेजर कालीचरण तिवारी की मौजूदगी में हॉस्टल मेस का चेक किया, जहां हॉस्टल ने रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए खाना बनाया जाना मिला। इस दौरान अधिकारियों को पता चला कि मेस का फूड लाइसेंस नहीं है। इसके अलावा खाना बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाली पानी की NABL मान्यता प्राप्त लैब की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं पाई गई, फूड हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं थे और कैंपस में इस्तेमाल किए जा रहे चाकू और चॉपिंग बोर्ड को बदलने के लिए कहा गया है। मौके से पोहा, चना दाल, तुअर दाव, आटा, काबुली चना, राजमा, काला नमक, आयोडाइज्ड नमक, रेड चिली सॉस, सोया सॉस, हल्दी पाउडर और धनिया पाउडर के कुल 12 सैंपल जांच के लिए गए। फूड लाइसेंस न होने के कारण वैध लाइसेंस मिलने तक स्कूल की मेस में संचालित खाद्य गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद कराई गई। इन स्कूलों से भी टीम ने लिए सैंपल इसके अलावा टीम ने स्कीम नंबर 78 स्थित विबग्योर स्कूल की कैटिंग को चेक किया। इस दौरान कैंपस में साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों का रखरखाव ठीक मिला। यहां से चना दाल, मूंग दाल, बेसन, आटा और चावल के कुल 5 सैंपल लिए गए। इसी तरह स्कीम नंबर 78 स्थित सिका हायर सेकेंडरी स्कूल को भी चेक किया। इस दौरान स्कूल की मेस से छोला सब्जी, घी, तुअर दाल, चावल, सोयाबीन तेल के 5 सैंपल लिए गए। इन सभी 22 सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण लैब भेजा जा रहा है। टीम ने निरीक्षण के दौरान जरूरी निर्देश भी दिए हैं। वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने आमजन, पेरेंट्स से अनुरोध किया है कि यदि किसी स्कूल, हॉस्टल या अन्य खाद्य प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितता प्रतीत हो तो उसकी सूचना कलेक्टर हेल्पलाइन नंबर 0731-181, CM हेल्पलाइन, FoSCoS पोर्टल अथवा अन्य उपलब्ध माध्यमों से दें, ताकि तुरंत जरूरी कार्रवाई की जा सके।
22वें वर्ष मढ़ीनाथ मंडल का जत्था रवाना:55 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए बरेली से प्रस्थान
बरेली के मढ़ीनाथ मंडल से 55 श्रद्धालुओं का एक जत्था बुधवार दोपहर 2 बजे बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुआ। डब्बल भटनागर के नेतृत्व में यह लगातार 22वां वर्ष है जब मंडल द्वारा अमरनाथ यात्रा का आयोजन किया गया है। यात्रा पर निकलने से पहले, श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुखद व सुरक्षित यात्रा की कामना की। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। परिजनों और स्थानीय लोगों ने तिलक लगाकर और शुभकामनाएं देकर श्रद्धालुओं को विदा किया। यात्रा के पहले चरण में, श्रद्धालु बरेली से बस द्वारा रामपुर पहुंचे। यहां से वे गरीब रथ एक्सप्रेस से जम्मू के लिए प्रस्थान करेंगे। जम्मू से आगे, निर्धारित मार्ग से पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन किए जाएंगे। पूरी यात्रा लगभग 10 से 12 दिनों में संपन्न होने की उम्मीद है। जत्था प्रमुख डब्बल भटनागर ने बताया कि मढ़ीनाथ मंडल पिछले 22 वर्षों से लगातार श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा के लिए संगठित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक है। इस जत्थे में राजबहादुर सक्सेना, राजीव शर्मा, राहुल सक्सेना, विपिन शर्मा, दिनेश गंगवार, सक्षम सक्सेना और रविंद्र पटेल सहित कुल 55 श्रद्धालु शामिल हैं। मंडल के सदस्यों ने बाबा बर्फानी से सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका स्वाति, संध्या, बॉवी यादव और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। यह पूरा कार्यक्रम आंवला के क्षेत्रीय वन अधिकारी हनुमान प्रसाद चौधरी के निर्देशन में संपन्न हुआ। वन विभाग की ओर से उप क्षेत्रीय वन अधिकारी अवनेश गंगवार, वन दरोगा गौरव पाल सिंह और राम शरन, तथा कर्मचारी अमित राना, नितिन कुमार, अजय गंगवार, महेश चंद्र सहित अन्य कई लोग उपस्थित थे।
ललितपुर के थाना जखौरा अंतर्गत कस्बा बांसी पुलिस चौकी में 29 मई को हुए प्रदर्शन और रास्ता जाम करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। आजाद समाज पार्टी (भीम आर्मी) के मंडल संयोजक सहित 11 नामजद और 15 अज्ञात लोगों समेत कुल 26 कार्यकर्ताओं पर यह कार्रवाई हुई है। यह एफआईआर बांसी पुलिस चौकी इंचार्ज अभिषेक पवार ने दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 29 मई को दोपहर करीब 12 बजे जब वह अपने स्टाफ, जिसमें हेड कांस्टेबल विक्रम चतुर्वेदी और कांस्टेबल सुरजीत शामिल थे, के साथ ड्यूटी पर थे, तभी यह घटना हुई। पुलिस के अनुसार, आजाद समाज पार्टी के मंडल संयोजक हरपाल सिंह और भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष कमलेश अहिरवार के नेतृत्व में हरीशंकर, आशीष गौतम, शिशुपाल, गजेंद्र, मोंटी उर्फ कैलाश, महेंद्र, खेमचंद्र (सभी निवासी बांसी), दिनेश अहिरवार (निवासी असऊपुरा) और कैहर अहिरवार (निवासी सौरई) अपने 10 से 15 अन्य साथियों के साथ चौकी पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस विरोधी नारे लगाए और चौकी का रास्ता रोककर बैठ गए। पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर भी प्रदर्शनकारी नहीं माने और नारेबाजी जारी रखी। उन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने का आरोप है। चौकी का रास्ता बाधित होने से आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पटना में मनोविज्ञान विभाग ने 'इंडियन जर्नल ऑफ साइकोलॉजिकल इश्यूज' के 31वें अंक का आधिकारिक विमोचन के लिए सभा आयोजित की। इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय की मुख्य संपादक प्रो. शिल्पा चौधरी के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित शिक्षाविद् शामिल हुए। विभाग के अध्यक्ष डॉ. एस. डी. मिश्रा ने औपचारिक रूप से अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह इंटरडिसिप्लिनरी जर्नल विभिन्न क्षेत्रों में मनोवैज्ञानिक ज्ञान और शैक्षणिक अनुसंधान के मौजूदा कोष को काफी समृद्ध करेगा। यह प्रकाशन एक प्रतिष्ठित डबल-ब्लाइंड, पीयर-रिव्यू्ड (समकक्ष-समीक्षित) और ओपन-एक्सेस जर्नल है। प्रो. सुकुमार बोस ने की थी जर्नल की स्थापना इस जर्नल की स्थापना मूल रूप से दिवंगत प्रो. सुकुमार बोस, कलकत्ता विश्वविद्यालय एवं विभाग के एक उल्लेखनीय पूर्व छात्र दिवंगत प्रो. बिनॉय कुमार चौधरी ने की थी। इन्होंने वाणिज्य, कला और विज्ञान कॉलेज, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना में मनोविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। कार्यक्रम में पटना विश्वविद्यालय से प्रो. रत्ना चौधरी, प्रो. अमिता जायसवाल, प्रो. शेफाली रॉय और प्रो. राकेश कुमार, प्रो. हबीबुल्ला अंसारी, कुलसचिव, ए.एन. सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से प्रो. कीर्ति, प्रो. रीति और प्रो. प्रणय कुमार गुप्ताप्रो, रौनक अफरोज, सीनेट और सिंडिकेट सदस्य, पटना विश्वविद्यालय, आईपीआरएस (IPRS), पटना विमेंस कॉलेज, पटना कॉलेज और पटना विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के संकाय सदस्य भी इस समारोह में शामिल हुए। सत्र का संचालन डॉ. श्रुति नारायण ने किया और कार्यक्रम का समापन प्रो. शिल्पा चौधरी ने किया।
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माण संबंधी अनियमितताओं के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संयुक्त जांच में बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण, फायर एनओसी का अभाव और 38 अवैध दुकानों के निर्माण सहित कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट पर रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बुधवार को बताया कि पुलिस और आरडीए की संयुक्त जांच में पाया गया कि परिसर में केवल दो भवनों का ही आरडीए से स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध है, जबकि अन्य सभी भवन बिना नक्शा पास कराए बनाए गए हैं। इसके अलावा परिसर के लिए फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) भी नहीं मिला, जिसे सुरक्षा मानकों की दृष्टि से गंभीर अनियमितता माना गया है। आरडीए की प्रथम सूचना रिपोर्ट (रूप पत्र-सी) के अनुसार परिसर में लगभग 38 दुकानों का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया गया है और निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य भी जारी मिला। प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धाराओं 26 और 27 के तहत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित पक्ष का जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस समय यह निर्माण हुआ था, उस दौरान तैनात अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।
मथुरा में जिला प्रशासन, नगर निगम मथुरा-वृन्दावन, मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण और ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने संयुक्त रूप से 'हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है' महाअभियान चलाया। बुधवार शाम 4 बजे तक शहर भर में चले इस अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने, गंदगी और प्रतिबंधित पॉलीथीन के उपयोग पर ₹96,900 का जुर्माना लगाया गया। अभियान के दौरान स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने, प्रतिबंधित पॉलीथीन के खिलाफ कार्रवाई और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। नगर निगम के सेक्टर प्रभारियों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर कूड़ा-कचरा हटवाया। साथ ही अवैध अतिक्रमण हटाकर यातायात और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह के नेतृत्व में सहायक नगर आयुक्त राकेश कुमार त्यागी और सफाई निरीक्षक विपिन सिंह की टीम ने कृष्णा नगर से मंडी चौराहे तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान अतिक्रमण पर ₹24,000, सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने पर ₹5,200 और प्रतिबंधित प्लास्टिक व पॉलीथीन के उपयोग पर ₹36,000 का जुर्माना लगाया गया। इस अभियान में कुल ₹65,200 का अर्थदंड वसूला गया। नगर निगम के सभी जोनों में भी प्रवर्तन अभियान चला। इसमें अतिक्रमण के विरुद्ध ₹32,000, गंदगी फैलाने पर ₹13,900 और प्रतिबंधित प्लास्टिक व पॉलीथीन के उपयोग व भंडारण पर ₹51,000 का जुर्माना लगाया गया। इस कार्रवाई के दौरान 17 किलोग्राम प्रतिबंधित पॉलीथीन भी जब्त की गई। विभिन्न मदों में कुल ₹96,900 की प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत स्वच्छता रैलियां, जनसंपर्क कार्यक्रम और व्यापारिक संगठनों के साथ बैठकें भी आयोजित की गईं। दुकानदारों को प्रतिष्ठानों के बाहर डस्टबिन रखने, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण करने तथा प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया गया। नगर निगम ने नागरिकों से स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित ब्रज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
महू के अंबाचंदन गांव में बुधवार को तेज बारिश के बाद रपट पार करते समय कार नदी के तेज बहाव में बह गई। घटना के समय कार में सिर्फ चालक सवार था। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बहाव अधिक होने पर भी किया पार करने का प्रयास प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बारिश के कारण रपट और पुलिया पर पानी का बहाव बेहद तेज था। इसके बावजूद चालक ने अपनी कार को वहां से निकालने की कोशिश की। कार जैसे ही रपट के बीचों-बीच पहुंची, पानी के दबाव से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में बहने लगी। ट्रैक्टर की मदद से निकाली कार हादसा होते ही आस-पास के ग्रामीण तुरंत बचाव के लिए दौड़े। चालक को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद ग्रामीणों ने एक ट्रैक्टर की व्यवस्था की। काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर की मदद से कार को भी नदी के तेज बहाव से बाहर खींच लिया गया। इस दौरान वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। बारिश से नदी-नाले उफान पर बुधवार को हुई जोरदार बारिश के कारण क्षेत्र की कई छोटी नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं। कई मुख्य मार्ग और रपटें जलमग्न होने से यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी जलमग्न पुलिया या रपट को जोखिम उठाकर पार न करने की अपील की है। पिछले साल भी हुआ था हादसा क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले साल भी कालाकुंड-रतबी क्षेत्र में पुलिया पर पानी होने के बावजूद वाहन निकालने के चक्कर में गाड़ी बहने की ऐसी ही घटना सामने आई थी। इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं और उफनते नालों को पार कर जान जोखिम में डाल रहे हैं।
देवास मंदिर से चांदी का मुकुट चोरी:संदिग्ध महिला CCTV में कैद, एक साल पहले भी हुई थी चोरी
देवास के मोती बंगला क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर से भगवान का चांदी का मुकुट चोरी हो गया है। यह घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें एक संदिग्ध महिला दिखाई दे रही है। मंदिर से जुड़े किशोर तिलवंकर ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10:45 बजे एक महिला मंदिर में प्रवेश करती दिखी। लगभग दो मिनट बाद वह बाहर निकली और उसके हाथ में चांदी के मुकुट जैसा सामान था। शाम को जब किशोर के पिता पूजा करने मंदिर पहुंचे, तो उन्हें भगवान हनुमान का चांदी का मुकुट गायब मिला। सीसीटीवी फुटेज देखने पर चोरी की पुष्टि हुई। चोरी हुए मुकुट की अनुमानित कीमत 7 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिला की तलाश कर रही है। उल्लेखनीय है कि इसी मंदिर से एक साल पहले भी मुकुट चोरी की घटना हुई थी।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बे में 14 जून की रात हुई मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल अधेड़ की उपचार के दौरान मौत हो गई। करीब 15 दिनों तक कानपुर के हैलट अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार रात करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बुधवार देर शाम शव पतारा पहुंचा, लेकिन रात अधिक होने के कारण अंतिम संस्कार नहीं हो सका। गुरुवार सुबह धरमपुर बंबा स्थित रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पतारा कस्बा निवासी जोगेंद्र सोनकर की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 14 जून की रात वह अपने चाचा 50 वर्षीय सुशील सोनकर के साथ होली तालाब रोड स्थित महीपाल सिंह के आम के बगीचे में मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान साहिल कुशवाहा, आर्य पांडेय, छोटू पांडेय उर्फ अभिषेक, ऋतुराज सिंह तथा कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में सुशील सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि जोगेंद्र को भी चोटें आईं। घटना के बाद घायल सुशील को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में लगातार उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव पतारा पहुंचा, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। गुरुवार सुबह पूरे विधि-विधान से धरमपुर बंबा स्थित रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल में अंतिम संस्कार किया जाएगा। एसीपी बोले-आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि मामले में पहले से दर्ज मुकदमे में अब मृत्यु के बाद संबंधित धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है, कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की जांच जारी है।
कालिदास बांध में जलस्तर घटा:विदिशा में चौथी बार हलाली से पानी मंगाया, आपूर्ति प्रभावित
विदिशा शहर में इस बार मानसून की देरी से जल संकट गहरा गया है। बेतवा नदी पर बने कालिदास बांध में जलस्तर काफी कम होने के कारण शहर की पानी आपूर्ति प्रभावित हुई है। नगर पालिका को इस सीजन में चौथी बार हलाली बांध से पानी मंगाना पड़ा है, जो एक रिकॉर्ड है। यह पहली बार है जब गर्मी के मौसम में चौथी बार हलाली बांध से पानी लेने की नौबत आई है। इससे पहले हर साल अधिकतम तीन बार ही हलाली से पानी लेना पड़ता था। हलाली बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है, लेकिन लगभग 35 किलोमीटर लंबी पुरानी नहर के रास्ते विदिशा तक पहुंचने में काफी पानी बर्बाद हो जाता है। कालिदास बांध की जल संग्रह क्षमता भी सीमित है। नगर पालिका हर महीने लगभग 35 लाख रुपये खर्च कर शहर की करीब 2.25 लाख आबादी तक पानी पहुंचाती है। फिल्टर प्लांट से प्रतिदिन 22 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि शहर की आवश्यकता लगभग 27 एमएलडी है। शहर में लगभग 28 हजार नल कनेक्शन हैं। जिन इलाकों में पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां 17 टैंकरों के माध्यम से 130 स्थानों पर पानी पहुंचाया जा रहा है। नगर पालिका जल शाखा प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि बेतवा नदी में पानी कम होने के कारण हलाली बांध से पानी लिया जा रहा है। इस बार लगभग 20 एमसीएफटी पानी खरीदा गया है, जिससे शहर को करीब 25 दिनों तक पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नहर के ऊपर बनाए गए रास्तों से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था। बुधवार को नगर पालिका की जेसीबी ने इन अवरोधों को हटाकर नहर को फिर से चालू कराया।
परेड स्थित आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) भवन के जितेंद्र कुमार लोहिया ऑडिटोरियम में बुधवार शाम 6 बजे चिकित्सा जगत की जानी-मानी हस्तियां एक मंच पर जुटीं। नेशनल डॉक्टर्स डे के मौके पर आईएमए कानपुर शाखा की ओर से एक शानदार सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज को सेहतमंद रखने और कोरोना जैसे मुश्किल वक्त में अपनी जान दांव पर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले डॉक्टरों को याद किया गया और उनके जज्बे को सलाम किया गया। क्यों मनाया जाता है डॉक्टर्स डे? कार्यक्रम के दौरान आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने इस दिन के इतिहास के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश के महान चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. विधान चंद्र राय (बी.सी. रॉय) का जन्म और निधन दोनों ही 1 जुलाई को हुआ था। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए भारत सरकार ने साल 1991 से हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाने की शुरुआत की थी। इसका असली मकसद समाज में डॉक्टरों के योगदान और उनकी चौबीसों घंटे की सेवा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। डॉ. प्रदीप टंडन को नेशनल अवॉर्ड, 50 से ज्यादा हस्तियां सम्मानित आईएमए की सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि, इस बार का आयोजन कानपुर के लिए बेहद खास रहा। शहर के मशहूर डॉक्टर प्रदीप टंडन को इस साल डॉक्टर्स डे पर सीपीआर (CPR) वर्कशॉप के लिए आईएमए मुख्यालय की तरफ से 'आईएमए नेशनल कम्युनिटी सर्विस अवॉर्ड' से नवाजा गया। इसके साथ ही चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले शहर के 50 से ज्यादा डॉक्टरों, समाजसेवियों, सीए और वकीलों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. ए.सी. अग्रवाल, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. संजय काला, डॉ. किरण सिन्हा, डॉ. ऋचा गिरी, डॉ. सौरभ अग्रवाल, डॉ. उमेश पालीवाल समेत कई दिग्गज शामिल रहे। इसके अलावा समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले 'मुस्कुराए कानपुर' के सुधांशु राय, 'परिवर्तन' के अनिल गुप्ता और 'ह्यूमेन फाउंडेशन' की अदिति शुक्ला को भी उनके काम के लिए सराहा गया। कवि सम्मेलन में बंधी महफिलसम्मान समारोह के बाद ऑडिटोरियम में एक बेहद खूबसूरत कवि सम्मेलन का रंग जमा। आमतौर पर गंभीर रहने वाले और मरीजों के इलाज में व्यस्त रहने वाले डॉक्टरों ने यहां देर शाम तक कविताओं का आनंद लिया। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों के जरिए मानवीय संवेदनाओं, देशप्रेम और चिकित्सा सेवा से जुड़े गंभीर और गुदगुदाने वाले विषयों को सामने रखकर खूब तालियां बटोरीं। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन आईएमए की सचिव डॉ. शालिनी मोहन ने किया।
कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र स्थित हवाई अड्डा परिसर में बुधवार को पानी बहाने को लेकर हुए विवाद में गोली चल गई। इस घटना में भाजपा नेता विकास यादव घायल हो गए। आरोप है कि अखिलेश यादव के साले बिट्टू यादव और चिट्टू यादव ने उन्हें गोली मारी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कटिहार एसपी परिचय कुमार के अनुसार, हवाई अड्डा परिसर में पानी बहाने को लेकर विकास यादव और उनके भाई अखिलेश यादव की पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। इसी विवाद के दौरान अखिलेश यादव के साले बिट्टू यादव और चिट्टू यादव (दोनों पिता काशीनाथ यादव, निवासी बरमसिया, थाना सहायक, कटिहार) ने कथित तौर पर हथियार से गोली चलाकर विकास यादव को घायल कर दिया। सहायक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही सहायक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल विकास यादव को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। घटनास्थल को पीले टेप से सील कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर कटिहार पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1-सह-पुलिस उपाधीक्षक, यातायात और थानाध्यक्ष सहायक सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार छापेमारी करने का निर्देश दिया है। पुलिस अधिकारी मुआयना करते और साक्ष्य जुटाते दिख रहे पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में घटनास्थल की चार तस्वीरें भी शामिल हैं, जिनमें पुलिस अधिकारी मुआयना करते और साक्ष्य जुटाते दिख रहे हैं। पुलिस टीम घर के अंदर और बाहर जांच कर रही है। एक तस्वीर में घटनास्थल को पीले टेप से घेरा गया है। फिलहाल, दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए बरमसिया सहित अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) में कथित 20 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) मंत्री महेश जोशी और निजी व्यक्ति संजय बडाया के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया है। एसीबी ने करीब 3000 पृष्ठों का आरोप पत्र विशेष एसीबी न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया की अदालत में प्रस्तुत किया। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक मंजुला जैन ने अदालत को बताया कि मामले में अनुसंधान अभी भी लंबित है और जांच जारी है। पहले भी दाखिल हो चुका है चालान इस मामले में पूर्व में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुबोध अग्रवाल सहित 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चालान पेश किया जा चुका है। एसीबी अब तक मामले में कई चरणों में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। ये आरोपी हैं न्यायिक हिरासत में मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी, संजय बडाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और निरिल कुमार वर्तमान में जेल में हैं। एक आरोपी को मिली जमानत मामले के आरोपी अरुण श्रीवास्तव को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। वहीं अन्य आरोपियों जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। एसीबी के अनुसार जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया, ठेकों के आवंटन और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने पर मामले में पूरक चालान भी पेश किए जा सकते हैं।
दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में लड़के की मौत:सीतापुर में हादसे में दो गंभीर घायल, दोनों वाहन जब्त
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र के पोखराकलां- दिबियापुर मार्ग पर बुधवार शाम 7 बजे दो बाइकों की भिड़ंत में एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां भेजा। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। थाना क्षेत्र के रजपारापुर सुहेला गांव निवासी रोहित (15) पुत्र देवता अपने मित्र मोहित (16) के साथ बाइक से शेखपुर बाजार जा रहा था। जब उनकी बाइक पोखराकलां- दिबियापुर मार्ग पर पहुंची, तभी सामने से दिबियापुर की ओर से आ रही दूसरी बाइक से उसकी आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार मोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरी बाइक पर सवार युवक भी हादसे में घायल हुआ। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सदरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है। ग्रामीणों की भी मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। घायलों को अस्पताल भेजा गया है तथा मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
महोबा में बच्चे को सांप ने काटा:परिजन सांप को डिब्बे में लेकर अस्पताल पहुंचे, जान बची
महोबा के करहरा कलां गांव में एक 9 वर्षीय बच्चे को सांप ने काट लिया। परिजनों ने झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय सांप को एक डिब्बे में बंद कर सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और परिजनों की सूझबूझ से बच्चे की जान बच गई। यह घटना महोबा सदर तहसील के करहरा कलां गांव की है। बबलू का 9 वर्षीय बेटा यश घर के दरवाजे पर खेल रहा था, तभी लकड़ियों के पीछे छिपे एक सांप ने उसके पैर में काट लिया। बच्चे के चिल्लाने पर उसकी मां राजकुमारी और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। परिवार ने समय बर्बाद न करते हुए या किसी तांत्रिक के पास जाने के बजाय एक समझदारी भरा निर्णय लिया। उन्होंने सांप को पकड़ा, उसे एक पन्नी में बंद किया और सीधे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। अस्पताल पहुंचकर मां ने डॉक्टर को सांप दिखाया ताकि सही जहर की पहचान हो सके। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर यतेंद्र पुरवार ने बिना समय गंवाए सांप को देखा और उसी आधार पर मासूम यश का तुरंत इलाज तथा ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और परिजनों की सूझबूझ के कारण अब बच्चा खतरे से बाहर है और उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर यतेंद्र पुरवार ने लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के कारण सांप अक्सर बाहर निकल आते हैं। इसलिए बच्चों को अंधेरे में न जाने दें और खेतों में जाते समय पूरी सावधानी बरतें व जूते जरूर पहनें। डॉक्टर ने यह भी कहा कि अक्सर सांप के काटने पर लोग जहर से कम और दहशत या घबराहट से ज्यादा दम तोड़ देते हैं। ऐसे में झाड़-फूंक के जाल में फंसकर समय बर्बाद करने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लाना चाहिए, जहां एंटी-स्नेक वेनम पूरी तरह उपलब्ध है।
राजस्थान में पिछले पांच दिनों से सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर चल रही हड़ताल खत्म हो गई है। राज्य सरकार और संयुक्त वाल्मीकि सफाई श्रमिक संघ के बीच हुई बातचीत में अलग - अलग मांगों पर सहमति बनने के बाद यूनियन ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है। हड़ताल के कारण राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी और जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए थे। सरकार और यूनियन के बीच हुई बातचीत में सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है। बैठक में तय किया गया है कि आगामी भर्ती में परंपरागत रूप से सफाई कार्य करने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही निकायों में कम से कम एक साल का सफाई कार्य अनुभव भर्ती का प्रमुख आधार माना जाएगा। समझौते के अनुसार अगर निकायों में एक साल का अनुभव रखने वाले पर्याप्त अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं तो अन्य संस्थाओं में एक साल का सफाई कार्य अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। सरकार ने साल 2012 और 2018 की सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए गठित समिति में यूनियन के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने पर सहमति जताई है। वहीं संविदा सफाई कर्मचारियों के मामलों को स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा और तीन साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमानुसार लाभ देने पर भी सहमति बनी है। हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिली है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हड़ताल की अवधि को सवैतनिक अवकाश माना जाएगा और इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। बैठक में यह भी तय हुआ कि 25 जुलाई तक सफाई कर्मचारी भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी, जिससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। सरकार और यूनियन के बीच सहमति बनने के बाद अब कल से सफाई कर्मचारी काम पर लौटेंगे। पांच दिनों तक चली हड़ताल के दौरान कई इलाकों में कचरा नहीं उठने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
संभल में ग्राम सभा की 101 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को 58 साल बाद कब्जा मुक्त कराया गया है। इस मामले में विवेचक सीओ संभल कुलदीप कुमार ने जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट दर्ज कराने वाले लेखपाल स्पर्श गुप्ता के बयान दर्ज किए हैं। सीओ बुधवार शाम 6:30 बजे मौके पर पहुंचे। यह मामला थाना रायसत्ती क्षेत्र के संभल-मुरादाबाद मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम तख्तगुशाईन की ग्राम सभा की 2.367 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है। इसका बाजार मूल्य लगभग 101 करोड़ रुपये आंका गया है। बीते सोमवार रात करीब 9:30 बजे लेखपाल स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर संभल कोतवाली पुलिस ने कुल 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता, उपसंचालक खेम सिंह खड़क, पालिका के रिटायर्ड मानचित्रक शहाबुद्दीन, रिटायर्ड पैरोकार मजीद खान, पूर्व चेयरमैन नुसरत इलाही के दामाद, भाभी, पांच भतीजे और बसपा नेता साजिद सैफी के बेटों सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। सीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि डीडीसी कोर्ट के आदेश पर यह सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई गई है। जमीन का निजीकरण करने के मामले में दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है और उन्हें इस मामले का जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने लेखपाल स्पर्श गुप्ता के साथ मौके पर जाकर पूरे घटनाक्रम को समझा और बयान दर्ज किए। यह धोखाधड़ी 12 जुलाई 1967 को कथित रूप से जारी एक फर्जी पट्टा अभिलेख से शुरू हुई थी। थाना रायसत्ती मियां सराय निवासी सईदुल रहमान ने इसी फर्जी अभिलेख के आधार पर 15 फरवरी 2008 को उपसंचालक चकबंदी से नामांतरण आदेश पारित करा लिया था। इसके बाद उन्होंने ग्राम सभा की इस संपत्ति पर कब्जा कर लिया। उपसंचालक चकबंदी के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका (संख्या बी-20341/2008) दायर की गई थी। आरोप है कि तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता ने विपक्षियों से मिलीभगत कर निजी स्वार्थवश इस याचिका को 'नोट प्रेस' करा दिया। उपसंचालक खेम सिंह खड़क भी इस कथित षडयंत्र में शामिल थे, जिससे करोड़ों की बेशकीमती संपत्ति भू-माफियाओं के हवाले कर दी गई। नगर पालिका में कार्यरत तत्कालीन मानचित्रक शाहबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान की संलिप्तता भी सामने आई है। जांच में पाया गया कि इन्होंने अधिशासी अधिकारी के समक्ष वास्तविक तथ्यों को प्रस्तुत नहीं किया था। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी रामपाल सिंह और डिप्टी कलेक्टर रमेशबाबू ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है। गौरतलब है कि जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने हाल ही में तहसील और नगर पालिका परिषद संभल प्रशासन के साथ इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यह कार्रवाई उसी निरीक्षण के बाद हुई है।
जोधपुर की जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई का धरना पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ता एक दिन के सांकेतिक अनशन पर बैठे। कार्यकर्ताओं ने मांगें नहीं मानने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। एनएसयूआई जोधपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनीष विश्नोई ने कहा- एनएसयूआई कार्यकर्ता पिछले पांच दिन से धरने पर बैठे हैं। हमारी मुख्य मांग यही है कि फीस वृद्धि वापस ली जाए। जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं ली जाती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। वहीं, एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता एमएल चौधरी ने बताया- बातचीत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया। फीस वृद्धि का असर करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ रहा है, जिनमें से बहुत से छात्र गांवों में मजदूर किसान वर्ग से आते हैं। 27 जून को शुरू किया था धरना गौरतलब है कि फीस बढ़ोतरी वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर एनएसयूआई और ABVP ने 27 जून को धरना शुरू किया था। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल और विश्नविद्यालय प्रशासन के साथ हुई बातचीत में बढ़ी हुई फीस (1350 रुपए) की 30 फीसदी कम करने पर मंगलवार देर शाम सहमति बन गई थी। कम की गई राशि को छात्रों के परीक्षा शुल्क में शामिल किया जाएगा। इसके बाद एबीवीपी ने अपना धरना समाप्त कर लिया, जबकि एनएसयूआई का धरना फिलहाल जारी है। NSUI की हैं ये मांग
बोनट से निकला धुआं, पल भर में लगी आग:कार सवारों ने कूदकर बचाई जान, कार में रखे 6 लाख रुपए भी जले
आगरा में इनर रिंग रोड पर बुधवार को एक कार में आग लग गई। कार सवार दो युवकों ने कूदकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते कार से आग की लपटें उठने लगीं। थोड़ी देर में ही आग पूरी तरह जल गई। कार में रखे 6 लाख रुपए भी जल गए। जानकारी के अनुसार शास्त्रीनगर कहरई निवासी योगेश अपने दोस्त एकता थाना निवासी सनी के साथ दोपहर करीब 3 बजे संजय प्लेस बैंक आया था। यहां से उन्होंने 6 लाख रुपए निकाले। इसके बाद वो वापस जाने लगे। रमाड़ा कट के पास उनकी गाड़ी हीट करने लगी। उन्होंने गाड़ी को रोक दिया। करीब 5 बजे जब कार स्टार्ट की तो बोनट से धुआं निकलने लगा। दोनों कुछ समझ पाते तब तक कार में आग लग गई। वो कार से नीचे उतर आए। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई। दोनों को कार में रखे अपने 6 लाख रुपए निकालने तक का समय नहीं मिला। कुछ ही देर में कार धूं-धूं कर जलने लगी। लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जब तक आग बुझाई कार पूरी तरह से जल चुकी थी।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डायमंड जुबली वर्ष के उपलक्ष्य में किशनगंज में 'डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल लीग-2026' का आगाज हो गया है। 132 बटालियन BSF द्वारा 'स्पोर्ट्स फॉर पीस एंड डेवलपमेंट प्रोग्राम' के तहत आयोजित इस जिला स्तरीय टूर्नामेंट का उद्घाटन बुधवार शाम को SHQ BSF कैंपस, खगरा कैंप में हुआ। यह टूर्नामेंट 1 से 10 जुलाई तक चलेगा, जिसमें बिहार के किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की 24 से अधिक टीमें भाग ले रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य खेल भावना, फिटनेस, अनुशासन को बढ़ावा देना और सीमावर्ती युवाओं को एक सकारात्मक मंच प्रदान करना है। खिलाड़ी वैध पहचान पत्र के साथ भाग ले सकेंगे लीग में दो श्रेणियों में मुकाबले होंगे। जूनियर कैटेगरी (U-19) में 01 जनवरी 2007 या उसके बाद जन्मे खिलाड़ी पात्र होंगे। आयु प्रमाण के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट या आधार कार्ड आवश्यक है। सीनियर कैटेगरी में स्कूल, कॉलेज, क्लब और स्थानीय समुदायों के खिलाड़ी वैध पहचान पत्र के साथ भाग ले सकेंगे। उद्घाटन मैच बुधवार दोपहर को स्टार क्लब गलगलिया और टाइगर स्पोर्टिंग क्लब, पंजीपाड़ा के बीच खेला गया। 2 जुलाई को तीन सीनियर मैच निर्धारित हैं, जिनमें किशनगंज सिटी FC बनाम मुर्मू ब्रदर FC और इस्लामपुर इलेवन स्टार बनाम मेन्स राइजिंग FC, बहादुरगंज जैसे मुकाबले शामिल हैं। सेमीफाइनल 07 और 08 जुलाई को खेले जाएंगे 03 जुलाई को सारना FC, पूर्णिया का मुकाबला सिंघीमारी FC, दिघलबैंक से होगा। 04 जुलाई को जूनियर वर्ग में नेताजी संघ बसबारी, बिधान नगर और KV खगरा के बीच मैच खेला जाएगा। सीनियर वर्ग के क्वार्टर फाइनल 5 और 6 जुलाई को होंगे, जबकि जूनियर और सीनियर दोनों श्रेणियों के सेमीफाइनल 07 और 08 जुलाई को खेले जाएंगे। जूनियर कैटेगरी का फाइनल 09 जुलाई को और सीनियर कैटेगरी का फाइनल 10 जुलाई को दोपहर 03:30 बजे निर्धारित है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। इस अवसर पर एसपी संतोष कुमार सहित कई अधिकारी भी उपस्थित रहे। IG मुकेश त्यागी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजन से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और BSF के सकारात्मक प्रयासों को उजागर करने में मदद मिलेगी।
रामपुर के मंसूरपुर गांव की नई आबादी में पिछले 15 वर्षों से सड़क निर्माण न होने से नाराज ग्रामीण बुधवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क न बनने के कारण बरसात के मौसम में पहली ही बारिश में पूरी सड़क तालाब का रूप ले लेती है। ग्रामीणों, जिनमें इरसाद, शमशाद गुड्डी और परवीन शामिल थे, ने बताया कि सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि सड़क और नाली में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। इससे राहगीरों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय महिलाओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मोहल्ले के बच्चे जलभराव वाली सड़क पर खेलते और नहाते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले 15 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने मंसूरपुर गांव की नई आबादी में जल्द से जल्द पक्की सड़क और आवश्यक जल निकासी व्यवस्था के निर्माण की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया और भविष्य में कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या का शीघ्र समाधान कराएगा।
बलरामपुर जिले के राजपुर में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम में सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैंकरा का भड़क गईं। उन्होंने मंच की बैठक व्यवस्था पर नाराजगी जताई और अधिकारियों के द्वारा अतिथियों के लिए लगाए गए नेम प्लेट को स्वयं हटा दिया। विधायक ने मंच की बैठक व्यवस्था को लेकर एबीईओ को फटकार लगाई है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। दरअसल, राजपुर के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने विधायक उद्धेश्वरी पैकरा अपने समर्थकों के साथ पहुंची थी। मंच पर पहुंचने के बाद विधायक ने मंच पर लगाए गए नेम प्लेटों को देखा तो भड़क गईं। विधायक ने स्वयं नेमप्लेटों को हटा दिया। विधायक ने कहा कि इससे पहले कभी शाला प्रवेशोत्सव के कार्यक्रम में मंच की बैठक व्यवस्था में नेम प्लेट नहीं लगाये गये तो आज कैसे लगा दिए। और लगाये भी गए तो नाम पता कर लेना चाहिए था? अधिकारियों ने बैठक व्यवस्था के लिए लगाए गए नेम प्लेट में भाजपा के मंडल अध्यक्ष का नाम नहीं शामिल किया था। कार्यक्रम में शामिल होने मंडल अध्यक्ष भी पहुंचे थे। विधायक ने यह देखा तो वे भड़क गईं। विधायक के साथ पहुंचे समर्थकों ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में भाजपा मंडल अध्यक्ष के लिए मंच पर जगह ही आरक्षित नहीं है। विधायक ने एबीईओ को फटकार लगाई। एबीईओ ने इसके लिए खेद व्यक्त किया तब कार्यक्रम शुरू हुआ और शाला प्रवेशोत्सव का कार्यक्रम संपन्न किया गया।
शेखपुरा में जमीन विवाद, 8 लोग घायल:दादा की जमीन बेचने को लेकर बेटों में हिंसक झड़प, 2 की हालत गंभीर
शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के रौंदी गांव में दादा की जमीन बेचने को लेकर पौत्रों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस विवाद में दोनों पक्षों के कुल आठ लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों ने सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीटा एक पक्ष के राजू चौधरी के पुत्र रोशन कुमार ने बताया कि लाल चौधरी और उनके बेटों ने उन्हें तथा उनकी पत्नी को लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीटा। रोशन के अनुसार, उनके दादा विष्णु चौधरी के नाम पर लगभग चार बीघा जमीन है, जिसका अभी तक बंटवारा नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष बिना किसी पूर्व सूचना के इस जमीन को बेचने का प्रयास कर रहा है, जिसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ। दादा के नाम पर अपने हिस्से की जमीन बेचने जा रहे थे वहीं, दूसरे पक्ष के घायल सुबेलाल चौधरी ने बताया कि वे अपने दादा के नाम पर अपने हिस्से की जमीन बेचने जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस बारे में सभी संबंधित पक्षों को सूचित कर दिया था। सुबेलाल चौधरी ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष ने बिना किसी कारण के उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी बताया कि मारपीट से पहले दोनों पक्षों के बीच सुलह का प्रयास किया गया था और इस पर सहमति भी बनी थी, लेकिन इसके बावजूद उन पर हमला किया गया। अरियरी थाना अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में लिखित शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डकैत जगन को सेल नंबर-5 अलॉट थी। वहीं उसकी हत्या करने वाले आरोपी विष्णु जाट को अलग सेल अलॉट थी। फिर आरोपी विष्णु कैसे डकैत जगन की सेल तक पहुंच गया। पुलिस ने इन तमाम सवालों के साथ आज ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और जेल प्रहरी का बयान दर्ज किया। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त किए। जगन और विष्णु का भी पूरा रिकॉर्ड लिया। जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा आरोपी? जांच अधिकारी व सिविल लाइन थाना प्रभारी शम्भूसिंह ने बताया- जेल में सूर्योदय से लेकर सुबह 11 बजे तक कैदी सेल से बाहर आते हैं और अपनी दिनचर्या के काम करते हैं। इसके बाद 11 बजे से 3 बजे तक सेल में चले जाते हैं। 3 बजे से सूर्यास्त तक फिर बाहर आते हैं और सूर्यास्त के बाद अपनी आवंटित सेल में चले जाते हैं। सुबह 11 बजे से 3 बजे तक कैदी एक दूसरे की सेल में आते-जाते हैं और वहां अपना समय बिता सकते हैं। इसमें दोनों कैदियों की रजामंदी होती है। अब पुलिस ये पता कर रही है कि जगन और विष्णु की रजामंदी थी या नहीं। आरोपी विष्णु को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है। उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। इसके बाद परिवार वाले धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को परिवार वालों के साथ सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम अजमेर में कराया गया था। ------------ ये खबरें भी पढ़िए… 1- छावनी बना डकैत जगन का गांव, 9 थानों की पुलिस तैनात; धौलपुर में होगा अंतिम संस्कार कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में कुछ ही देर में होगा। जगन के पैतृक गांव में इसकी तैयारियां चल रही हैं। सुबह करीब साढ़े सात बजे जगन का शव गांव पहुंचा। गांव में 9 थानों की पुलिस तैनात है। पढ़ें पूरी खबर 2- अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर 3. जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। जिस गमछे से जगन का गला घोंटा गया, वह बैरक के पंखे पर लटका मिला है। हालांकि, जगन के भारी-भरकम शरीर के कारण आरोपी अपने इस प्लान में कामयाब नहीं हो सका। पढ़ें पूरी खबर डकैत जगन हत्याकांड
प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच सकता हैं। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने 31 जुलाई तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के अदालती आदेश की पालना में चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट पंचायत-निकाय चुनाव के लिए स्पष्ट निर्देश दे चुका है। कोर्ट यह भी स्पष्ट रूप से कह चुका कि 20 जून तक परिसीमन व मतदाता सूचियों के संबंध में प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। लेकिन इसके बावजूद आयोग और सरकार ने अभी तक चुनाव कराने की तैयारी नहीं की है। पूर्व विधायक ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह, आयोग सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज सचिव जोगाराम व स्थानीय निकाय निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर को लीगल नोटिस भेजा हैं। हाईकोर्ट के आदेश की अवमाननापूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने नोटिस में कहा- चुनाव आयोग और राज्य सरकार ऐसा करके हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जो एक तरह से अदालत की अवमानना है। उन्होंने आयोग से अपील की है कि वह 31 जुलाई की डेडलाइन को ध्यान में रखकर चुनाव कार्यक्रम जारी करें। ऐसा नहीं करने पर वे हाईकोर्ट में राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए अवमानना याचिका दायर करेंगे। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेशराजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था।
रायपुर पुलिस ने सरोना स्थित कम्पोजिट विदेशी शराब दुकान में हुई 7.05 लाख रुपए की चोरी का खुलासा कर दिया है। मामले में राजस्थान के 4 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। आरोपियों ने दुकान का लॉकर उखाड़कर 7.05 लाख रुपए नकद, शराब की बोतलें और CCTV का DVR चोरी कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 15.50 लाख रुपए का मशरूका, घटना में इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। 15 दिन तक चली जांच, सैकड़ों CCTV कैमरे खंगाले इस चोरी की गुत्थी सुलझाने के लिए क्राइम ब्रांच, साइबर यूनिट और आमानाका थाना पुलिस ने लगातार 15 दिनों तक जांच की। टीम ने शहर और दूसरे राज्यों के सैकड़ों CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और आरोपियों की लोकेशन राजस्थान के बांसवाड़ा में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान में कैंप कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पहले की रेकी, फिर राजस्थान से आए और वारदात कर लौट गए पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य पहले रायपुर आया था और शराब दुकान की रेकी कर वापस लौट गया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। योजना के मुताबिक सभी आरोपी कार से रायपुर पहुंचे। रात में शराब दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे, लॉकर उखाड़कर उसमें रखे 7,05,580 रुपए लेकर फरार हो गए। जाते-जाते दुकान से करीब 10,820 रुपए की शराब और CCTV का DVR भी साथ ले गए। 2 लाख नकद, कार और मोबाइल जब्त गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 2 लाख रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई चारपहिया गाड़ी और 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 15.50 लाख रुपए बताई गई है। हत्या, लूट और नारकोटिक्स के मामलों में पहले भी जा चुके हैं जेल पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार चारों आरोपी राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के रहने वाले हैं और सभी का आपराधिक रिकॉर्ड है। इन पर पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, मारपीट और नारकोटिक्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। सभी आरोपी अलग-अलग मामलों में जेल भी जा चुके हैं। एक आरोपी अब भी फरार पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है। उसकी तलाश जारी है। साथ ही आरोपियों की दूसरे राज्यों में गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे अन्य वारदातों में भी शामिल रहे हैं या नहीं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आमानाका थाने में बीएनएस की धारा 331(4), 305 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
शिवहर में SP के जनता दरबार में भीड़:जमीन विवाद, मारपीट सहित शिकायतों पर तुरंत एक्शन का निर्देश
शिवहर जिले में पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने सीधे एसपी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर उन्होंने गंभीरता से सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में भूमि विवाद, मारपीट, पारिवारिक विवाद, साइबर अपराध और आपसी विवाद सहित पुलिस से जुड़े कई मामलों की शिकायतें प्राप्त हुईं। एसपी ने सभी फरियादियों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना। आम जनता को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एसपी शैलेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि आम जनता को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया एसपी ने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपराध या किसी भी समस्या की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने साइबर अपराध से सतर्क रहने और अफवाहों से दूर रहते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया। जनता दरबार में कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि गंभीर मामलों की जांच संबंधित अधिकारियों को सौंपकर शीघ्र रिपोर्ट मांगी गई। फरियादियों ने एसपी से सीधे संवाद के इस अवसर की सराहना की।
दौसा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में रिटायर्ड कर्मचारी के साथ लूट का मामला सामने आया है। घटनाक्रम निहालपुरा-छोकरवाड़ा मार्ग पर बुधवार दोपहर का है, जहां बाइक सवार बदमाशों ने भंडारी गिर्राज सिंह राजपूत से एक लाख रुपए से भरा बैग लूट लिया। जानकारी के अनुसार- गिर्राज सिंह बैंक से कैश निकालकर साइकिल से घर लौट रहा था कि निहालपुरा चौराहे और छोकरवाड़ा के बीच बदमाश ने झपट्टा मारकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। पीड़ित ने शोर मचाते हुए बदमाश का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी खेतों की ओर भागकर पहले से खड़ी बाइक से फरार हो गया। सूचना पर सिकंदरा थाना प्रभारी अशोक चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पीड़ित की रिपोर्ट पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया गया है।
कोटपूतली में सीमेंट प्लांट के खिलाफ NGT के आदेशों की पालना और पुनर्वास की मांग को लेकर जोधपुरा संघर्ष समिति का धरना आज शाम को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। यह धरना पिछले सात दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और ग्रामीण शामिल थे। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों के समर्थन में अनशन भी शुरू किया था। कलेक्टर ऑफिस के आगे धरने पर बैठे आज सुबह सभी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग धरना स्थल से उठकर सीधे कलेक्टर कार्यालय के सामने बैठ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंचे कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल और मुंडवार विधायक ललित यादव ने धरनार्थियों से बात कर उन्हें समझाया। एनजीटी के आदेश की पालना नहीं होने पर रोष ग्रामीणों का कहना था कि NGT के आदेशों का पालन न होने से वे लंबे समय से आक्रोशित हैं और उनकी मुख्य मांग पुनर्वास की है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। इस आश्वासन के बाद कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा धरना और अनशन समाप्त कर दिया गया। जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन एसडीएम योगेश देवल ने अनशन पर बैठे ग्रामीणों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि उनकी पहली जीत है। उन्होंने कहा कि करीब 1301 दिनों से जारी उनका अनिश्चितकालीन धरना NGT के आदेशों की पूर्ण पालना और पुनर्वास की मांग पूरी होने तक आगे भी जारी रहेगा। पुलिस बल रहा तैनात धरना स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी लक्ष्मी सुथार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल कलेक्ट्रेट के सामने से धरना हटा लिया गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।
350 से अधिक कर्मियों का ट्रांस्फर:अररिया में NIC रेंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर से ट्रांसपेरेंट तबादला
अररिया जिले में पहली बार एनआईसी के रेंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग कर 350 से अधिक सरकारी कर्मियों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किया गया है। यह प्रक्रिया बुधवार को जिलाधिकारी विनोद दूहन की सीधी निगरानी में पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई। पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि किसी भी मानवीय हस्तक्षेप की संभावना न रहे। जिला प्रशासन ने कार्यहित और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ये तबादले किए हैं। इनमें जिला पंचायत राज कार्यालय के 65 पंचायत सचिवों को एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड में स्थानांतरित किया गया। इसके अतिरिक्त, 108 राजस्व कर्मचारियों और 28 अमीनों को भी विभिन्न अंचलों में नए पदस्थापन दिए गए हैं। 26 अन्य डाटा एंट्री ऑपरेटरों के भी तबादले किए गए आत्मा (ATMA) कार्यालय के तहत संविदा पर कार्यरत 1 प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, 13 सहायक तकनीकी प्रबंधक, 7 लेखापाल और 6 कार्यपालक सहायकों को विभिन्न प्रखंड कृषि कार्यालयों में तैनात किया गया है। मद्य निषेध कार्यालय के 4, निबंधन कार्यालयों के 28 और जिला निर्वाचन कार्यालय के 9 डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा कार्यपालक सहायकों का स्थानांतरण भी इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से हुआ। विभिन्न अंचलों में 26 अन्य डाटा एंट्री ऑपरेटरों के भी तबादले किए गए हैं। कुल 56 कर्मियों का स्थानांतरण किया गया जिला आपूर्ति कार्यालय से जुड़े 3 कार्यपालक सहायकों और समाहरणालय के 2 निम्नवर्गीय लिपिकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग में भी व्यापक फेरबदल करते हुए काउंसलर, एसटीएस, कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक, एफआरयू लेखापाल, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, एसटीएलएस, पैरामेडिकल वर्कर, प्रखंड अनुसरण एवं मूल्यांकन सहायक, प्रखंड लेखापाल और स्वास्थ्य प्रबंधकों सहित कुल 56 कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीक आधारित व्यवस्था का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष बनाना है। सभी स्थानांतरित कर्मियों को 2 जुलाई 2026 की अपराह्न तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय तक योगदान नहीं देने पर 3 जुलाई 2026 से संबंधित कर्मी स्वतः विरमित माने जाएंगे। पंचायत कर्मियों के जुलाई 2026 के वेतन का भुगतान उनके नए पदस्थापित कार्यालय से किया जाएगा।
लखनऊ में फर्जी फास्टैग के जरिए टोल टैक्स, ओवरलोड शुल्क और ऑनलाइन चालान से बचने वाले दो सगे भाइयों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना एसटीएफ कर रही थी। पूछताछ में आरोपियों ने अधिक आर्थिक लाभ के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग बनवाकर उसका इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की। एसटीएफ के अनुसार, एआरटीओ लखनऊ दक्षिणी की शिकायत पर सरोजनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा कर रहे थे। जांच में सामने आया कि गारी नंबर UP 32 ZN 8925 के मालिक रियाज और उसके भाई सिराज साल 2024 से अपने वाहन पर कूटरचित फास्टैग का इस्तेमाल कर रहे थे। फास्टैग में फर्जी गाड़ी संख्या MA 34 59455 दर्ज थी। बाद में एक अन्य वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसी फर्जी फास्टैग का इस्तेमाल साल 2025 से वाहन UP 32 ZN 8925 पर किया जाने लगा। एसटीएफ की जांच में पता चला कि सिराज ने अपने परिचितों के माध्यम से सीतापुर के खैराबाद टोल प्लाजा के पास स्थित एक फास्टैग एजेंट को ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर और कूटरचित आरसी उपलब्ध कराकर फर्जी वाहन संख्या के आधार पर इंडसइंड बैंक का फास्टैग जारी कराया था। पूछताछ के लिए एसटीएफ मुख्यालय गोमतीनगर बुलाए गए रियाज पुत्र सगीर और सिराज पुत्र सगीर निवासी पटकी टोला, वार्ड मीरा टोला लहरपुर सीतापुर ने स्वीकार किया। उन्होंने बताया अधिक आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से उन्होंने फर्जी फास्टैग का इस्तेमाल किया। इसका मकसद उत्तर प्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा पर ओवरलोड शुल्क और ऑनलाइन चालान से बचना था। पूछताछ में अपराध में संलिप्तता पाए जाने के बाद एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
मऊ में 15 शराबी गिरफ्तार, 4 बाइक सीज:सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने वालों पर पुलिस की कार्रवाई
मऊ जिले में पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत दक्षिण टोला थाना पुलिस ने बुधवार देर शाम 15 लोगों को गिरफ्तार किया और 4 मोटरसाइकिलें सीज कीं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी। अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में थाना दक्षिण टोला की एंटी रोमियो टीम तथा अन्य पुलिस टीमों ने यह अभियान चलाया। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर उत्पात मचाने के आरोप में राजू चौहान, रामाधार, अर्जुन चौहान, सूरज चौहान, अहमद, अरविंद, राजन चौहान, गुलशन, राजू, छोटू, मुख्तार, आजाद अहमद, किशन कुमार, अशोक और जयराम सहित कुल 15 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सभी गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस एक्ट की धारा 34 के तहत कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त, सड़क पर तेज गति से स्टंटबाजी करते हुए पाई गई चार मोटरसाइकिलों को भी सीज कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने, यातायात नियमों का उल्लंघन करने और स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
नेत्रहीन दंपती की फरियाद पर तुरंत एक्शन:जनता दर्शन में डीएम ने मौके पर बनवाया राशन कार्ड
लखीमपुर में बुधवार को जनता दर्शन कार्यक्रम में एक नेत्रहीन दंपती ने अपनी आजीविका और राशन संबंधी समस्या डीएम अंजनी कुमार सिंह के समक्ष रखी। डीएम ने उनकी फरियाद सुनते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। गांव छाउछ निवासी मनोज कुमार (30) और उनकी पत्नी अंजना देवी (25) ने बताया कि उन्हें राशन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। उनकी व्यथा सुनने के बाद, डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों को बुलाया और तुरंत समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा। डीएम ने जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) सीमा त्रिपाठी को मौके पर बुलाया। डीएसओ ने दंपति की पात्रता से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताओं को तत्काल पूरा किया। प्रक्रिया पूरी होते ही, नेत्रहीन दंपति का अंत्योदय राशन कार्ड जारी कर दिया गया, जिससे उन्हें अब नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर डीएम ने जोर देकर कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल औपचारिकताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
हरदोई में पिता और उसके दो बेटे दोषी करार:गैर इरादतन हत्या का आरोप सिद्ध होने पर 8-8 साल की सजा
हरदोई जिला अदालत ने साढ़े छह साल पुराने एक हत्याकांड में फैसला सुनाया है। जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक की अदालत ने बुधवार को गैर-इरादतन हत्या और मारपीट के मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को 8-8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषियों में टीकाराम और उसके दो बेटे रवि व रामपाल (निवासी खाडाखेडा, टडियावां) शामिल हैं। कोर्ट ने तीनों पर 7-7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना 3 जनवरी 2020 को हुई थी। इसी दिन दोपहर 1:27 बजे थाना टडियावां में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वादी नत्थूलाल ने बताया कि 3 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे उनके भाई राकेश खेत देखकर लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोककर खेत चरवाने का आरोप लगाया। राकेश ने बताया कि फसल आवारा जानवरों ने चरी होगी, जिसके बाद आरोपी गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद टीकाराम, रवि और रामपाल ने राकेश को लाठी-डंडों, लात-घूसों से पीटा। गंभीर चोटों के कारण राकेश की मौत हो गई। हरदोई पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया। इनमें गैर-इरादतन हत्या (धारा 304), स्वेच्छा से चोट पहुँचाना (धारा 323), और शांति भंग करने के इरादे से गाली-गलौज व अपमान करना (धारा 504) शामिल हैं। यह सजा डीजीपी उत्तर प्रदेश के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत हरदोई पुलिस की गुणवत्तापूर्ण जांच और कोर्ट में मजबूत पैरवी के कारण संभव हुई। इस मामले में अभियोजन अधिकारी चंदन कुमार सिंह, विवेचक उप-निरीक्षक रमेश सिंह सेंगर और पैरोकार हेड कांस्टेबल आरिफ का योगदान सराहनीय रहा।
राज्यसभा सदस्य व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. सुधांशु त्रिवेदी ने आगरा में कहा- राम मंदिर आंदोलन से वह स्वयं भी जुड़े रहे हैं, इसलिए कथित चंदा चोरी की घटना से व्यक्तिगत तौर से आहत हूं। यह प्रत्येक रामभक्त के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। रामंदिर हमारे लिए चुनाव का तो क्या, राजनीति का भी मुद्दा नहीं है। ये भारत की अस्मिता और पहचान का मुद्दा है। विपक्ष के लिए ये जरूर राजनीति का मुद्दा है। वे बुधवार शाम को पंडित दिन दयाल उपाध्याय की जयंती और बलिदान दिवस के पखवाड़े कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आगरा पहुंचे थे। इससे पहले राज्यसभा सदस्य नवीन जैन के प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा-कथित चंदा चोरी मामले में चंदा चोरी मामले में SIT का गठन हुआ है, जांच चल रही है। भगवान राम का नाम लेने से पाप कटते हैंकमलानगर स्थित राज्यसभा सदस्य नवीन जैन के निवास पर प्रेसवार्ता में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- भगवान राम का नाम लेने से पाप कटते हैं, लेकिन यदि किसी ने राम के धाम और राम के नाम पर ही पाप किया है तो उसे न राजदंड से बचाया जाएगा और न ही धर्मदंड से। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल भावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए, ताकि न्यायालय में दोषियों को कठोर दंड सुनिश्चित किया जा सके। विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए डॉ. त्रिवेदी ने कहा-देश की जनता भली-भांति जानती है कि कौन वास्तव में भगवान राम की आस्था का सम्मान करता है और कौन राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस विषय का उपयोग कर रहा है। भाजपा की राम मंदिर आंदोलन से अपनी आस्था हैचंदा चोरी के आरोप वे लोग लगा रहे हैं, जो राम के अस्तित्व को नकारते थे। जो देश से लेकर विदेशों तक में हिंदू समाज को खत्म करने के लिए कार्यक्रम करते थे। भाजपा तो राम मंदिर आंदोलन से अपनी आस्था से जुड़ी है। उन्होंने कहा-आरोप कौन लगा रहे हैं? जो कहते थे, यहां अयोध्या थी ही नहीं, राम हुए ही नहीं...जो ये कहते थे कि साबित करो कि राम हुए थे। अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन पर कांग्रेस को निमंत्रण पत्र दिया गया था, उन्होंने लिखित रूप में कहा था, हम नहीं आएंगे। जिन्होंने अयोध्या को अपमानित किया...वह कथित चंदा चोरी की घटना से चिंतित नहीं हैं, दरअसल अंदर से आनंदित हैं। उन्होंने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस से लेकर जयंती तक भाजपा पूरे देश में जनजागरण अभियान चला रही है। इसी अभियान के अंतर्गत उनका आगरा प्रवास हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर डा. त्रिवेदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) सहित अनेक वैश्विक संस्थाएं भारत को विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बता रही हैं। उत्तर प्रदेश भी वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
अवैध हथियार, जिंदा कारतूस के साथ 3 गिरफ्तार:बेतिया में 2 आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागे
बेतिया जिले के नगर थाने की पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक घटना की साजिश को विफल कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, दो अन्य आरोपित पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। नगर थानाध्यक्ष धीरज कुमार ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि हरवाटिका रोड स्थित एक चिकित्सक के क्लीनिक के समीप 'क्लीन बेतिया' नामक दुकान में दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच युवक एकत्रित हैं। टीम गठित कर तत्काल छापेमारी की सूचना को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और एक टीम गठित कर तत्काल छापेमारी की। घटनास्थल पर ये अपराधी अवैध हथियार और गोली की खरीद-बिक्री करने के साथ-साथ किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, जिन्हें पुलिस ने धर दबोचा। छापेमारी के दौरान, दुकान के बाहर काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल पर बैठे दो युवक पुलिस वाहन को देखते ही अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर गलियारों से घनी आबादी का लाभ उठाते हुए फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने 'क्लीन बेतिया' दुकान की विधिवत तलाशी ली। मौजूद तीन युवकों को हिरासत में लिया गया तलाशी के दौरान, दुकान के अंदर मौजूद तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। जांच में एक युवक की कमर से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-1) अजीत कुमार ने पुष्टि की कि अपराध की योजना बना रहे अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से हथियार बरामद हुए हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिल को पुलिस जब्त की गईं।इस मामले में नगर थाना में कांड संख्या 367/26, दिनांक 30 जून 2026 दर्ज किया गया है। आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(4), 310(5), 318(5), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए, 26, 29 और 35 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि फरार दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले की जांच जारी है तथा पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
कन्नौज में विवाहिता ने काली नदी में लगाई छलांग:बीमारी से परेशान थी, 2 घंटे बाद भी पता नहीं चला
कन्नौज जिले के एक गांव की रहने वाली विवाहित महिला ने काली नदी में छलांग लगा दी। उसके भाई ने शोर मचाया तो मौके पर भीड़ लग गई। स्थानीय गोताखोरों ने खोजबीन की, लेकिन 2 घण्टे बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका। गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के मायानगर गांव निवासी कैलाश दोहरे की 20 वर्षीय विवाहित बेटी लाली ने बुधवार शाम 6 बजे पुल से काली नदी में छलांग लगा दी। उसके साथ मौजूद 12 वर्षीय भाई सिंटू ने शोर मचाया तो मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। महिला की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोर नदी में उतर गए। काफी देर खोज करने के बाद भी युवती का कुछ पता नहीं चल सका। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए और महिला की खोज शुरू करवा दी। ग्रामीणों ने बताया कि लाली की शादी करीब एक वर्ष पहले तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के पाहला गांव निवासी अंकुल दोहरे से हुई थी। पिछले कुछ समय से वह अपने मायके में थी और वह पेट दर्द से परेशान रहती थी। ऐसे में वह गुगरापुर कस्बे में एक निजी चिकित्सक के यहां अक्सर दवा लेने जाती थी। बुधवार को भी वह अपने भाई सिंटू के साथ दवा लेने गुगरापुर गई थी। जहां से शाम को वापस घर लौटते समय रास्ते में पुल से नदी में छलांग लगा दी। गांव के रहने वाले काली चरण ने बताया कि लाली ने नदी में छलांग लगा दी। वह अक्सर बीमार रहती थी और दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। उसने नदी में छलांग क्यों लगाई, ये जानकारी नहीं है। उधर ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी से परेशान होकर वह अक्सर मरने की बात करती थी। घर वाले समझाकर किसी तरह उसे दवा लेने के लिए राजी करते थे।

