धौलपुर में बिजली विभाग की मंगलवार को समीक्षा बैठक हुई। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के धौलपुर वृत्त में कार्मिक मामलों की सर्किल स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वृत्त मुख्यालय पर कार्मिक अधिकारी अंकित फेलिक्स मार्टिन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संस्थापन से जुड़े सहायक, प्रशासनिक अधिकारी और डीलिंग क्लर्क शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित कार्मिक प्रकरणों की गहन समीक्षा करना और विशेष रूप से अधिमान्यता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना था। कार्मिक अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कार्यवाही में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी प्रकरण तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।बैठक में निलंबित, अनुपस्थित और फरार कर्मचारियों के मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, लंबित पेंशन प्रकरणों को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई और संबंधित कर्मचारियों को इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाने के आदेश दिए गए। कार्मिक अधिकारी अंकित फेलिक्स मार्टिन ने चेतावनी दी कि जिन मामलों में डीलिंग क्लर्क स्तर पर लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संस्थापन अधिकारियों को प्रकरणों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि अनावश्यक विलंब और अनियमितताओं से बचा जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कार्मिकों की वरिष्ठता सूची 1 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से प्रकाशित की जाए। इससे वर्ष 2026-27 की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) समय पर आयोजित हो सकेगी। इसके अलावा, अनुकंपा नियुक्ति के मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाने पर जोर दिया गया। इस दौरान नरेंद्र गुप्ता, अखिलेश यादव, रामहेत, राहुल, सुरभि, स्वीटी, देवेश सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला वेटलैण्ड समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और नदी पुनरुद्धार को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को वर्ष 2026-27 में 50,27,193 पौधों के रोपण लक्ष्य को गंभीरता से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी स्थलवार कार्ययोजना शीघ्र तैयार कर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को भेजे। इसके अलावा, लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई और देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने हर माह की 25 तारीख तक जीवितता (survival) रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रेषित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि उनकी सफलता और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में पाण्डु नदी को पुनरुद्धार के लिए चयनित किया गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में समय से भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने नदियों में जाने वाले औद्योगिक अपशिष्ट पर कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। साथ ही, नगर निकायों के नालों का जैविक उपचार (bio-treatment) कर ही पानी नदी में छोड़ने को अनिवार्य किया गया। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि स्कूलों में प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के माध्यम से नदी संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिला गंगा समिति के कार्य समयबद्ध तरीके से संचालित हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर पहले उसकी हत्या की और बाद में शव को फांसी पर लटका दिया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका करिश्मा (26) मध्य प्रदेश के ओरछा के छारद्वारी दरवाजा मोहल्ले की रहने वाली थी। उसकी शादी 2 दिसंबर 2024 को झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के गुमनावरा निवासी रामजी यादव से हुई थी। करिश्मा समाजशास्त्र में एमए पास थी, जबकि उसका पति सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता है। शादी के बाद शुरू हुआ उत्पीड़नमृतका के पिता लक्ष्मीनारायण यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार शादी में करीब 10 लाख रुपए नकद दिए थे। शादी के शुरुआती छह महीने सबकुछ ठीक रहा, लेकिन इसके बाद ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त 10 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर करिश्मा के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाने लगा।मौत से तीन घंटे पहले किया था फोनपरिजनों के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 4 बजे करिश्मा ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि पति और ससुराल के लोग उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और मायके से 10 लाख रुपये मंगाने का दबाव बना रहे हैं। पिता ने उसे समझाकर ससुराल में ही रहने की बात कही। इसके बाद करिश्मा से दोबारा बात नहीं हो सकी। शाम 7 बजे मिली मौत की खबरकरीब तीन घंटे बाद शाम 7 बजे गुमनावरा में रहने वाले एक रिश्तेदार ने फोन कर करिश्मा की मौत की सूचना दी। जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे, तो करिश्मा का शव घर में मिला। परिजनों का कहना है कि शव फंदे पर लटका नहीं था, बल्कि नीचे पड़ा था।“फांसी लगाना संभव नहीं था”मृतका के पिता और भाई का दावा है कि जिस कमरे में फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वहां पंखा काफी ऊंचाई पर है, जिससे करिश्मा का खुद फंदा लगाना संभव नहीं था। उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने हत्या कर शव को फांसी का रूप देने की कोशिश की।पति और ससुराल वाले फरार मृतक करिश्मा के परिजनों के अनुसार, घटना के बाद ससुराल के सभी लोग घर छोड़कर फरार हो गए। वह जब बेटी का शव लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने दामाद को फोन मिलाया लेकिन उसका फोन बंद है। इससे उनकी शंका और गहरा गई है। पिता बोले-मुझे पता होता तो अपने पास ही रख लेता लक्ष्मीनारायण यादव प्राइवेट काम करते हैं। करिश्मा उनकी एक लौती बेटी थी। जबकि करिश्मा का भाई पुष्पेंद्र भी एक लौता है। बेटी की मौत से टूट चुके पिता ने रोते हुए कहा कि मेरी बेटी को मैंने दिन रात मेहनत कर के पढ़ाया था कि उसे ससुराल में सम्मान मिलेगा। लेकिन उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी। बोले, अगर बेटी को नहीं रखना था तो मुझे कहते मैं अपनी बेटी को जीवनभर अपने पास रखता। पुलिस कर रही जांचपुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस में खाद्य सुरक्षा विभाग टीम की छापेमारी:नवरात्रि पर कुट्टू आटा, सेंधा नमक समेत कई सैंपल लिए
हाथरस में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नवरात्रि त्यौहार के मद्देनजर मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर और सादाबाद तहसील में कई दुकानों पर छापेमारी की गई और कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, चाय पत्ती, खोया और पनीर सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। यह अभियान सहायक आयुक्त खाद्य रणधीर सिंह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। हाथरस शहर के मधुगढ़ी स्थित चौधरी जनरल स्टोर से कुट्टू का आटा और अलीगढ़ रोड स्थित कौशिक प्रोविजन स्टोर से बंधन ब्रांड सेंधा नमक के नमूने लिए गए। तहसील सादाबाद में भी कार्रवाई की गई। राघव प्रोविजन स्टोर से गुड टाइम परफेक्ट ब्रांड की चाय पत्ती, कुरसंडा स्थित चौधरी मिष्ठान भंडार से खोया, गोपुरा स्थित किरन डेरी से पनीर और मई स्थित जय शिव मिष्ठान भंडार से पनीर के सर्वे नमूने जांच हेतु लिए गए। नमूने जांच के लिए भेजे इसके अतिरिक्त, सासनी गेट स्थित अग्रवाल प्रोविजन स्टोर, गोविंद किराना स्टोर, पथरिया ट्रेडर्स, प्रशांत ट्रेडर्स और राहुल प्रोविजन एंड जनरल स्टोर का भी निरीक्षण किया गया। इन प्रतिष्ठानों में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। हालांकि, अग्रवाल प्रोविजन स्टोर से व्रत में प्रयोग होने वाले समा चावल का नमूना जांच के लिए लिया गया। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी यदुवीर सिंह, सुरेंद्र कुमार और ओमकार कुशवाहा शामिल रहे। विभाग ने बताया कि निरीक्षण और छापामार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि आम जनता को सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
रीवा में जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में महिलाओं को आरक्षण नहीं दिए जाने को लेकर दायर याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए रोक लगा दी है। मामले पर अगली सुनवाई अब 8 अप्रैल को होगी। तब तक जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव नहीं होंगे। याचिका एक महिला अधिवक्ता ने दायर की है, जिन्होंने कोर्ट को बताया कि रीवा जिला अधिवक्ता संघ का चुनाव, जो कि कल बुधवार को होना है, उसमें महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण का पालन नहीं किया जा रहा है। मंगलवार को मामले पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने स्टेट बार काउंसिल और रीवा के जिला सत्र न्यायाधीश को नोटिस जारी करते हुए अंतरिम आदेश में चुनाव पर रोक लगा दी है। चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल रीवा जिले की अधिवक्ता जतिंदर कौर की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में बताया गया है कि जिला बार एसोसिएशन के होने वाले चुनाव की पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 7 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के तहत चुनाव की प्रक्रिया ऐसे तरीके से शुरू की गई, जो मॉडल बायलॉज और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का खुला उल्लंघन है। याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव समिति का गठन ऐन वक्त पर किया गया, जबकि इसके लिए निर्धारित समय-सीमा का पालन अनिवार्य था। सबसे गंभीर आरोप यह है कि अब तक प्रारंभिक मतदाता सूची तक प्रकाशित नहीं की गई, जिससे अधिवक्ताओं को अपने नामों की पुष्टि और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा सदस्यता शुल्क और वैध मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी नियमों के अनुरूप नहीं अपनाई गई। 30% महिला आरक्षण लागू न करने का आरोप याचिकाकर्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि एक बड़ा मुद्दा महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण का भी है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इस अनिवार्य प्रावधान को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि लैंगिक समानता के सिद्धांत के भी खिलाफ है। इन सभी आरोपों के चलते याचिकाकर्ताओं ने पूरी चुनाव प्रक्रिया को अवैध और निरस्त करने की मांग की है। मुख्य चुनाव अधिकारी VC के जरिए पेश मामले पर मंगलवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने जिला बार चुनाव के लिए बनाए गए मुख्य चुनाव अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिर होने को कहा था। दोपहर ढाई बजे मामले पर हुई सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव अधिकारी सूर्यनाथ पांडे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई से जुड़े। बेंच ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए चुनाव पर रोक लगाने के आदेश दिए।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में जिले की महिला पुलिस इकाई ने मंगलवार को एक भव्य स्कूटी रैली निकालकर मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के अभियान को आगे बढ़ाया। इस रैली का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर 21 ए स्थित नोएडा स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्कूटी रैली को हरी झंडी दिखाकर की। इस मौके पर यातायात पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, महिला सुरक्षा की प्रभारी डीसीपी अनुकृति शर्मा, एसीपी-2 नोएडा स्वतंत्र कुमार सिंह और एसीपी महिला सुरक्षा दीक्षा सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। रैली में महिला पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान स्वयं सिद्धा मोबाइल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वाड, पीआरवी वाहन और पिंक बूथ की झांकियां भी निकाली गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनीं। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां पुलिसकर्मियों ने आम लोगों से संवाद कर उन्हें जागरूक किया। स्कूटी रैली के दौरान विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी गई। इन हेल्प लाइन नंबर का करे यूजपुलिसकर्मियों ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में महिलाएं तुरंत मदद के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर सकती हैं। इनमें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, वूमेन पावर लाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। इन नंबरों का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार कर लोगों को इनके इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया गया। सुरक्षा के कई कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गौतमबुद्धनगर पुलिस लगातार महिला और बाल सुरक्षा को लेकर कई अभियान चला रही है। इनमें मिशन शक्ति अभियान, महिला सुरक्षा अभियान, बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल और कॉलेजों में आउटरीच प्रोग्राम, एंटी रोमियो स्क्वाड की कार्रवाई और साइबर सुरक्षा अभियान शामिल हैं। इन अभियानों के जरिए लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित माहौल देने की कोशिश की जा रही है।
रेवाड़ी के डहीना गांव की महिला सरपंच ने ग्राम सचिव पर बड़े आरोप लगाए है। महिला सरपंच इससे पहले ग्रीवेंश कमेटी में मंत्री विपुल गोयल के सामने भी ग्राम सचिव बदलने की गुहार लगा चुकी है। करीब एक माह का समय बीतने के बाद महिला सरपंच मंगलवार को फिर मीडिया के सामने आई। गांव की महिला सरपंच ने कहा कि ग्राम सचिव की गांव के विकास कार्यों में कोई रूचि नहीं है। जो भी काम कहते हैं मना कर अपनी मनमर्जी करते हैं। अधिकारियों से मंत्री तक ग्राम सचिव बदलने की मांग कर चुकी हैं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हो रही। गत माह ग्रीवेंश में उठा था मामला डहीना की महिला सरपंच पिंकी ने गत माह बाल भवन में हुई ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में मंत्री विपुल गोयल के सामने यह मामला उठाया था। सरपंच ने मंत्री के सामने पचायत के कार्यों में बाधा डालने के साथ अपने साथ अभ्रदता करने के भी आरोप लगाए थे। जिस पर मंत्री ने एडीसी मामले की जांच के आदेश दिए थे। डहीना कोसली से भाजपा विधायक अनिल यादव का गांव है। साजिश के तहत रोके जा रहे विकास कार्य महिला सरपंच पिंकी ने कहा कि साजिश के तहत गांव के विकास कार्यों को रोका जा रहा है। जानबूझकर कमियां निकालकर पेमेंट रोक दी जाती है। कई-कई माह तक पंचायत की मीटिंग नहीं बुलाई जाती। संपर्क करने पर फोन नहीं उठाते, फोन उठा भी ले तो कोई बहाना बनाकर टाल देते हैं। जिससे गांव का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से फिर ग्राम सचिव बदलने की मांग की है। हालांकि इस बारे में ग्राम सचिव गजराज से उनके मोबाइल 96712 63674 पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, परंतु कोई जवाब नहीं मिला।
सिरोही में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, माण्डवा में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संगोष्ठी और प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को क्षय रोग के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी गणपत सिंह देवड़ा ने बताया कि 24 मार्च 1882 को रॉबर्ट कोच ने टीबी के जीवाणु की खोज की थी, जिसकी स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस खोज ने क्षय रोग के निदान और उपचार के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की।देवड़ा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, क्षय रोग आज भी विश्व की सबसे घातक संक्रामक बीमारियों में से एक है, लेकिन यह पूरी तरह रोकथाम योग्य और उपचार योग्य है। उन्होंने 'समय पर जांच और नियमित दवा सेवन से टीबी हारेगी और देश जीतेगा' का संदेश दिया। योगाचार्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता भीक सिंह भाटी ने कहा कि विश्व क्षय रोग दिवस का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना, समय पर उपचार को बढ़ावा देना तथा इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को सशक्त बनाना है। केंद्रीय संचार ब्यूरो, सिरोही के प्रभारी अधिकारी फूलचन्द गहलोत ने टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। इनमें दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन में कमी तथा रात में पसीना आना शामिल हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और उपचार कराना चाहिए। कॉलेज के प्रिंसिपल बाबूलाल सिंगाड़िया ने युवाओं से अपील की कि वे जागरूक बनें, लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कार्यक्रम आयोजन के लिए अतिथियों एवं विभाग का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के दौरान एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
चित्रकूट के जानकीकुंड स्थित श्री रघुवीर मंदिर ट्रस्ट बड़ी गुफा के तत्वावधान में विद्याधाम विद्यालय प्रांगण में नौ दिवसीय श्री रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। वृंदावन से पधारे मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज कथा का वाचन कर रहे हैं। कथा के पांचवें दिन, श्री सदगुरू सेवा संस्थान की ट्रस्टी और संस्थान के अध्यक्ष विशद भाई मफतलाल की धर्मपत्नी रूपल बहन ने रामकथा की पोथी और महाराज जी का पूजन-अर्चन किया। इसके उपरांत महाराज राजेंद्र दास ने कथा का वाचन प्रारंभ किया। महाराज राजेंद्र दास ने देश के विभिन्न कोनों से आए श्रोताओं को भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को सुनाई गई रामकथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से श्रीराम के वास्तविक स्वरूप के विषय में प्रश्न किया था। इस पर भगवान शिव ने माता पार्वती को बताया कि श्रीराम कोई साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि स्वयं भगवान विष्णु के अवतार हैं। वे धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए पृथ्वी पर प्रकट हुए हैं। शिव ने राम के जन्म, वनवास, सीता हरण और रावण वध की संपूर्ण कथा का वर्णन किया। कथा सुनाते समय भगवान शिव राम के गुणों में लीन हो गए, जिससे उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने यह भी बताया कि राम का नाम इतना शक्तिशाली है कि उसका स्मरण करने मात्र से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह प्रसंग स्वयं भगवान शिव की श्रीराम के प्रति परम भक्ति को दर्शाता है। राजेंद्र दास महाराज द्वारा इस प्रसंग को सुनकर सभी श्रोतागण भक्ति भाव से भर गए। इस अवसर पर चित्रकूट के संत-महंत, आमजनमानस, विभिन्न प्रांतों से आए गुरु भाई-बहन और सदगुरू परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पर प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम के मद्देनजर जिलाधिकारी ने आज कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंच व्यवस्था, रैली स्थल, पार्किंग, जनसामान्य, वीआईपी एवं वीवीआईपी आवागमन, सुरक्षा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था से संबंधित तैयारियों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पार्किंग स्थलों, एंट्री व एग्जिट पॉइंट्स और प्रमुख मार्गों पर आवश्यक साइनेज, सीसीटीवी मॉनिटरिंग तथा प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करने को कहा। इसका उद्देश्य कार्यक्रम का सफल, सुव्यवस्थित और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कंचन सहित जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
छतरपुर में दो बाइकों की टक्कर, तीन लोग घायल:मोड़ पर तेज रफ्तार की वजह से हादसा, 2 की हालत की गंभीर
छतरपुर में मंगलवार को तेज रफ्तार दो बाइक सवार आमने-सामने टकरा गए। इस हादसे में दोनों बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पीछे बैठा एक युवक मामूली रूप से घायल हुआ है। तीनों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक चौबे कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय बंटी रैकवार अपनी मां को लेकर पन्ना नाके की ओर जा रहा था। वहीं 25 वर्षीय इमरान अली और आसिफ खान अपनी डिस्कवर बाइक से टाटा एजेंसी की ओर जा रहे थे, जहां वे काम करते हैं। इसी दौरान एक मोड़ पर दोनों बाइक तेज रफ्तार में आमने-सामने आ गईं और जोरदार टक्कर हो गई। 2 की हालत गंभीर टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक चालक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों चालकों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि पीछे बैठा युवक खतरे से बाहर बताया जा रहा है। हादसे के बाद दोनों बाइक चालकों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि मोड़ पर उन्हें हॉर्न देना चाहिए था और स्पीड कम करनी चाहिए थी, लेकिन लापरवाही के चलते यह दुर्घटना हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी।
जिलाधिकारी ने गोवंश संरक्षण पर की बैठक:निराश्रित पशुओं को गौशालाओं में संरक्षित करने के निर्देश
अमेठी में जिलाधिकारी संजय चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के अंतर्गत निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और भरण-पोषण को लेकर एक बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निराश्रित घूम रहे गोवंशों को स्थानीय गौशालाओं में संरक्षित कराने के लिए एक अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गौशालाओं में गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा, भूसा, पशु आहार, स्वच्छ पेयजल, छांव और साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध हों। संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों को बीमार गोवंशों की नियमित देखभाल और उनके इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गोवंश की मृत्यु होने पर उसका सुव्यवस्थित तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और मृत गोवंश को खुले में न छोड़ा जाए। बैठक में 50 से कम गोवंश वाले गौशालाओं में और अधिक गोवंशों को संरक्षित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया की मुख्यमंत्री और शासन स्तर से निराश्रित गोवंशों के संरक्षण व भरण-पोषण की लगातार समीक्षा की जा रही है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए समय से बुवाई करने को भी कहा। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीके शुक्ला, डीसी मनरेगा शेर बहादुर, डीसी एनआरएलएम प्रवीणा शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
किसान कांग्रेस ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा:ऋण जमा तिथि बढ़ाने, सोयाबीन आयात रोकने की मांग
नरसिंहपुर में मंगलवार को जिला किसान कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में किसान कांग्रेस ने बताया कि सोसायटी ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 28 मार्च है, जबकि गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी। संगठन ने ऋण जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की, ताकि किसान फसल बेचने के बाद बिना ब्याज के अपना ऋण चुका सकें। इसके अतिरिक्त, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के तहत सोयाबीन तेल के शुल्क-मुक्त आयात को तत्काल रोकने की मांग की गई। किसान कांग्रेस का तर्क है कि इससे घरेलू सोयाबीन उत्पादकों को भारी नुकसान हो रहा है और उनकी आय प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में गेहूं की खरीदी 4000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की भी प्रमुख मांग उठाई गई, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों के बकाया बिजली बिलों की वसूली पर अस्थायी रोक लगाने, बकाया राशि माफ करने या आसान किस्तों में भुगतान की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष संतोष पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 5 रुपये में स्थायी बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिए थे, लेकिन नरसिंहपुर जिले में यह योजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने इस योजना को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष संतोष पटेल, ब्लॉक किसान कांग्रेस चावरपाठा अध्यक्ष विपिन राजपूत, ब्लॉक करपगांव अध्यक्ष अभिलेष पालीवाल, ब्लॉक सांईखेड़ा अध्यक्ष कृष्णकांत गुर्जर, जनपद पंचायत चावरपाठा अध्यक्ष सोबरन ठाकुर, ठाकुर निरंजन सिंह, इमलिया के सरपंच उमाकांत कौरव, सीताराम गुर्जर और विनोद शुक्ला सहित किसान कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में ब्लॉक कांग्रेस द्वारा विगत महीने हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश से किसानों को हुए भारी नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के साथ गेहूं पर महज़ 40 रुपए बोनस दिए जाने के निर्णय का भी जोरदार विरोध जताया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं किसानों ने अनूठे तरीके से आपत्ति दर्ज करवाई और ऊंट को जीरा खिलाकर सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि 40 रुपए का बोनस “ऊंट के मुंह में जीरा” के समान है, जो किसानों के नुकसान की तुलना में बेहद कम है। कहा- फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईकांग्रेस नेताओं और किसानों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, ऐसे में उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही गेहूं पर दिया जा रहा 40 रुपए बोनस किसानों के साथ मजाक है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के सचिव परशुराम सिसोदिया, ब्लॉक किसान कांग्रेस के अध्यक्ष बलवंत पाटिदार, मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा, जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष लियाकत मेव, अजित कुमठ, रामचंद्र करुण, नगर कांग्रेस अध्यक्ष कोहिनूर मेव, गोपाल भारती सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से होगा शुरू:कक्षा 1 से 11 तक के परीक्षा परिणाम आज जारी
राज्य में शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां पूरी कर ली हैं। आगामी 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू होगा। इसी क्रम में कक्षा 1 से 4, कक्षा 6-7, 9 और 11 के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम संशोधित शिविरानुसार जारी किए जाएंगे। प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल-प्रथम) के प्रदेश सभाध्यक्ष खेमराज मीणा ने बताया कि शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के हित में पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से परिणाम तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि संशोधित शिविरा के दिशा-निर्देशों के अनुसार मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष परिणाम मिल सकें। मीणा ने यह भी बताया कि 1 अप्रैल से नया सत्र शुरू होने के साथ ही विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य भी सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाएगा। विभाग ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे समय पर विद्यालय पहुंचकर नए सत्र की शुरुआत में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
राजस्थान में इस साल नगरीय निकायों (नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम) में चुनाव होने हैं। इन निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने मंगलवार को आदेश जारी करके 113 नगरीय निकायों की वोटर लिस्ट बनाने का शेड्यूल जारी किया है। शेड्यूल के मुताबिक फाइनल वोटर लिस्ट 8 मई को प्रकाशित की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया- पूर्व में प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूचियों (1 जनवरी 2025) को आधार मानते हुए नगरीय निकायों की वार्डवार मतदाता सूचियां तैयार की जाएंगी। इन सूचियों को अपडेट करना, दावा-आपत्तियों का निराकरण और अंतिम प्रकाशन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। वार्डों का गठन, भागों का निर्धारण और निर्धारित मानकों के अनुरूप भागों का पुन समायोजन किया जाएगा। वहीं 1 जनवरी 2026 तक 18 साल पूरे करने वाला मतदाता अपना नाम जुड़वा सकेंगे। इन नगर निगम-परिषद और पालिकाओं की सूची होगी तैयार शेड्यूल के अनुसार प्रदेश के 40 जिलों की 2 नगर निगम, 15 नगर परिषद और 96 नगर पालिकाएं हैं। नगर निगम पाली और भीलवाड़ा के अलावा नगर परिषद कुचामन सिटी, सरदारशहर, करौली, डीग, गंगापुरसिटी, चौमूं, लालसोट, भिवाड़ी, जैसलमेर, फलौदी, सिरोही, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और प्रतापगढ़ शामिल हैं। इनके अलावा शेष नगर पालिकाएं हैं।
बागपत में बंबे में फंसे सांड का रेस्क्यू:गोरक्षकों ने जान बचाई, पशु चिकित्सक ने किया उपचार
बागपत के कस्बा टटीरी में गोरक्षकों ने दुडभा मार्ग स्थित एक बंबे में फंसे सांड का सफल रेस्क्यू किया। गोरक्षक ठाकुर मानव को सांड के फंसे होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। मौके पर सांड काफी देर से बंबे में फंसा हुआ पाया गया था। बाहर निकलने के प्रयासों के कारण वह कमजोर हो चुका था। गोरक्षक टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद सांड को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद सांड की हालत कमजोर थी। गोरक्षकों ने तत्काल पशु चिकित्सक को बुलाया। डॉक्टर ने सांड का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उसकी स्थिति में सुधार होने की जानकारी मिली है। स्थानीय लोगों ने गोरक्षक टीम के इस प्रयास की सराहना की है। इस कार्य को पशु सेवा और संवेदनशीलता का उदाहरण बताया गया।
करौली में प्रसिद्ध कैलादेवी मेले में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस इस बार सख्त है। नो पार्किंग नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे मेले में यातायात सुचारू बना हुआ है।उत्तरी भारत के आस्था केंद्र कैलादेवी क्षेत्र में आयोजित लक्ष्मी मेले की एसपी लोकेश सोनवाल लगातार निगरानी कर रहे हैं। मेले में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस मेले में पहली बार नो पार्किंग व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया है। नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को क्रेन की मदद से हटाकर चालान किए जा रहे हैं।यह कार्रवाई कैलादेवी मेला यातायात प्रभारी महावीर प्रसाद के नेतृत्व में की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 87 वाहनों के चालान किए गए हैं और 17,500 रुपए का जुर्माना वसूला जा चुका है।प्रभारी महावीर प्रसाद ने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही, वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए समझाइश भी की जा रही है।
फर्रुखाबाद के शमशाबाद कस्बे में मंगलवार शाम करीब 5 बजे चाइनीस मांझे की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद अस्पताल में उनका उपचार कराया गया है। अंतिम संस्कार में जाते समय हुआ हादसा घायलों के अनुसार घटना उस समय हुई जब अलीगंज निवासी संदीप कुमार सक्सेना अपने भांजे करण और विश्वजीत सक्सेना के साथ बाइक से शमशाबाद के ढाई घाट जा रहे थे। वे अपने परिवार में चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए निकले थे। उनकी बाइक शमशाबाद कस्बे से गुजर रही थी, अचानक चाइनीस मांझा उनके ऊपर गिर गया। मांझे की धार इतनी तेज थी कि बाइक चला रहे संदीप कुमार की नाक कट गई। बीच में बैठे करण ने बचने के प्रयास में हाथ लगाया तो उसकी आंख के पास गंभीर चोट लग गई। वहीं पीछे बैठे विश्वजीत की हाथ की उंगली कट गई। घायल जिला अस्पताल रेफर घटना के बाद तीनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमशाबाद ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
मऊगंज के मदरावल जंगल में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। दोपहर में लगी आग ने तेज हवाओं के चलते देखते ही देखते जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। लपटों और धुएं देखने पर ग्रामीणों ने दी सूचना आग की ऊंची लपटें और धुएं के गुबार दूर तक दिखाई देने लगे, जिससे आसपास के गांवों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जंगल का दुर्गम क्षेत्र और तेज हवाएं आग बुझाने में बड़ी बाधा बनीं। आग लगातार फैल रही थी, जिससे हालात गंभीर हो गए थे। घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू दमकल कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा नुकसान टल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर आग समय पर नहीं बुझाई जाती तो पूरा जंगल जल सकता था और रिहायशी इलाकों तक खतरा पहुंच सकता था। दमकल टीम की तत्परता से वन संपदा सुरक्षित बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।
शाजापुर में बिजली विभाग की कार्रवाई:3.97 लाख बकाया पर 13 मोटरसाइकिलें और मोटर जब्त
शाजापुर जिले के ग्रामीण प्रथम विद्युत वितरण केंद्र ने बकाया बिजली बिल वसूली के लिए सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार को ग्राम आला उमरोद, पिपलिया गोपाल, धारा खेड़ी पूर्वी और धारा खेड़ी पश्चिम में एक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान सिंचाई और घरेलू उपभोक्ताओं पर लंबित बकाया राशि को देखते हुए कुल 13 मोटरसाइकिलें, 2 पानी की मोटर और एक कूलर जब्त किए गए। इन उपभोक्ताओं पर कुल 3.97 लाख रुपये का बकाया था। कार्रवाई के दौरान 7 मोटरसाइकिल धारकों द्वारा मौके पर ही 1.36 लाख रुपये जमा करने पर उनके वाहन वापस कर दिए गए। विभाग के अनुसार, कई उपभोक्ता वर्षों से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे थे, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाया गया। यह पूरी कार्रवाई शाजापुर डिवीजन के निर्देशानुसार कार्यपालन यंत्री के नेतृत्व में संपन्न हुई। अभियान में शाजापुर डिवीजन से विनोद मेवाड़ा, ग्रामीण प्रथम वितरण केंद्र प्रभारी पवन पाटीदार, आउटसोर्स स्टाफ और टीम का विशेष सहयोग रहा। विभाग ने उपभोक्ताओं से समय पर बिल जमा करने की अपील की है।
कोटा में रेप के दोषी को 20 साल की सजा:9 साल की बच्ची को अकेला देखकर घर में घुसा था आरोपी
कोटा में नाबालिग से रेप के करीब 13 महीने पुराने केस में पॉस्को कोर्ट 4 ने एक अधेड़ को सजा सुनाई है। दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा और 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। दोषी ने घर में घुसकर 9 साल की नाबालिग का रेप किया था। वकील ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 10 फरवरी 2025 को ग्रामीण थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि वो पत्नी और भाई के साथ काम करने जाते हैं। घर बेटा-बेटी अकेले थे। इस बीच रिश्तेदार ने फोन करके बताया कि गांव में रहने वाला एक व्यक्ति घर में घुस गया है। सूचना पर घर पहुंचे तो बेटी ने आपबीती बताई। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 14 गवाह के बयान करवाए और 30 दस्तावेज पेश किए। इसके बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।
हांसी CIA स्टाफ ने अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े एक आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बास थाना पुलिस द्वारा मामले में केस दर्ज किया गया था। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब 19 फरवरी को हेड कांस्टेबल मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम बस अड्डा बास पर गश्त कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गांव बास आजमशाहपुर निवासी सोनू को पेटवाड़ रोड स्थित ओम भट्ठा के पास से पकड़ा। अवैध पिस्तौल और दो कारतूस बरामद किए तलाशी के दौरान सोनू के पास से एक अवैध पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी के खिलाफ थाना बास में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कुलदीप उर्फ बाबा का नाम आया था सामने मामले की गहन जांच के दौरान अवैध असला सप्लाई में शामिल दूसरे आरोपी कुलदीप उर्फ बाबा का नाम सामने आया। कुलदीप खुडाना बास (महेंद्रगढ़) का निवासी है। अभी, राजस्थान में रह रहा था। पुलिस ने उसे चित्तौड़गढ़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया। आरोपी एक दिन के पुलिस रिमांड पर कुलदीप को कोर्ट में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बड़वानी शहर में पिछले 5 से 7 दिनों से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई वार्डों में 5-6 दिन तक पानी नहीं पहुंचने से लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। इस बीच, नगर पालिका परिषद द्वारा जल कर (टैक्स) बढ़ाए जाने को लेकर भी जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष राकेशसिंह जाधव ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर टैक्स बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों को मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि शहरभर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा और नगर पालिका की व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। जाधव ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं, विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनडे ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पानी की आपूर्ति प्रभावित होने के दिन से ही स्थिति बिगड़ती गई और अब वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि नगर के कई वार्डों में 5 से 6 दिन तक पानी नहीं आ रहा है, जिससे लोग बेहद परेशान हैं। बनडे ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में विधायक से चर्चा की, जिसके बाद उन्होंने तत्काल निर्णय लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित टैंकर वितरण कार्यक्रम को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया। विधायक द्वारा उपलब्ध कराए गए 20 टैंकर अब नगर की सेवा में लगाए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि विधायक ने उन्हें टैंकर सौंपे और कहा कि शहर में जहां तक संभव हो पानी पहुंचाया जाए। वर्तमान में उनके पार्षद साथियों और कार्यकर्ताओं द्वारा अपने खर्चे से ट्रैक्टर की व्यवस्था कर टैंकर भर-भरकर नगर के सभी 24 वार्डों में पानी वितरित किया जा रहा है। उनकी कोशिश है कि अधिक से अधिक लोगों तक इस व्यवस्था का लाभ पहुंच सके। इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद आया। जानकारी के अनुसार वे फिलहाल शहर से बाहर हैं, जिससे नगर पालिका का पक्ष सामने नहीं आ सका है। फिलहाल टैंकरों के जरिए अस्थायी राहत दी जा रही है, लेकिन शहरवासी अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। पेयजल संकट को लेकर जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
भोपाल में मंगलवार दोपहर जिला कोर्ट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पक्षकार ने अपने ही वकील पर हमला कर दिया। घटना के बाद कोर्ट में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। एडवोकेट अनंत संजर पूर्व सांसद आलोक संजर के बेटे हैं, काउंसलिंग के सिलसिले में कोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान पक्षकार के परिजन विद्युत भटनागर जो कि उनके दूर के रिश्ते के साले भी होते हैं, उन्होंने अचानक उन पर हमला कर दिया। आरोपी ने अनंत संजर को थप्पड़ मारा, उनके कपड़े फाड़ दिए और जज के सामने ही धमकी भी दी। हमले में उनके चेहरे और आंख के पास नाखून लगने से खून निकल आया। घटना के तुरंत बाद अनंत संजर एमपी नगर थाने में पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है और दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति रही है। इसी विवाद के चलते कोर्ट में काउंसलिंग होनी थी, लेकिन उससे पहले ही यह हिंसक घटनाक्रम सामने आ गया। आलाेक संजर बोले- कानून अपना काम करे पूर्व सांसद आलोक संजर ने बातचीत में कहा कि वे इस मामले में किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहते, लेकिन कानून अपना काम करे। उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
संभल में निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) ने 8 अप्रैल 2026 को महर्षि कश्यप और निषाद राज की शोभा यात्रा तथा जनसभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम ग्राम खानपुर सराय उर्फ आलमपुर, जनपद सम्भल में होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में इस संबंध में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में 20-20 कार्यकर्ता शामिल किए गए हैं, जिन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने का भरोसा दिलाया है। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मंडल कोऑर्डिनेटर महिपाल कश्यप, जिला अध्यक्ष मुरादाबाद मनोज कश्यप, जिला प्रभारी संभल अजय कश्यप, जिला अध्यक्ष अखिलेश कश्यप, आईटी सेल के जिला अध्यक्ष राम लखन कश्यप, युवा मोर्चा से प्रेमपाल कश्यप, डॉ. महेंद्र पाल कश्यप, हरिराम कश्यप (प्रधान जी), ब्लॉक अध्यक्ष बाबू कश्यप सहित आकाश कश्यप, तरुण कश्यप, अनिल कश्यप और बॉबी कश्यप समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। शोभायात्रा का मार्ग आलमपुर से प्रारंभ होकर छछैरा, तिगरी, भवानीपुर, फतेहपुर सराय, मोहम्मदपुर टांडा, करेली, हाफिजपुर, भारतल होते हुए मदापुर स्थित कार्यक्रम स्थल तक निर्धारित किया गया है। पार्टी ने क्षेत्रवासियों और समाज के लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं।
यूपी सरकार की 25 हजार करोड़ का AI डील विवादों में घिर गई है। सरकार ने बेंगलुरु की सिर्फ एक साल पुरानी स्टार्टअप कंपनी Puch-AI से मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है।लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं- इतनी छोटी कंपनी, जिसका टर्नओवर 42.9 लाख रुपए का है, वो इतना बड़ा प्रोजेक्ट कैसे संभालेगी? 23 मार्च को यूपी सरकार ने इस MOU के बाद यूपी को देश का अग्रणी 'AI प्रदेश' बनाने में बड़ी मदद का दावा किया था। क्या-क्या होगा इस प्रोजेक्ट में? एक साल पुरानी है ये स्टार्टअप एआई कंपनी प्रदेश सरकार ने जिस पूछ एआई से एमओयू किया है, वो डेढ़ साल पुरानी है। बेंगलुरु-आधारित इस स्टार्टअप के फाउंडर सिद्धार्थ भाटिया और अरजीत जैन हैं। दोनों ने 2025 में खुद के पैसों से इस कंपनी को शुरू किया था। पूछ एआई शहरी इलाकों से बाहर रहने वाले लोगों के लिए 20 भारतीय भाषाओं में वाट्सएप आधारित मुफ़्त वॉइस AI सेवा देती है। विशेषज्ञों का दावा है कि कंपनी जिस तरीके की सेवा दे रही है, उस तरह की फ्री सेवा पहले से कई कंपनियां दे रही हैं। सीएम योगी के सोशल पेज से जैसे ही इस डील की जानकारी सार्वजनिक की गई, इस कंपनी को लेकर लोग ट्रोल करने लगे। सीएम के पोस्ट के नीचे लगा कम्युनिटी नोट लिखता है कि इस स्टार्टअप का सालाना रेवन्यू 50 लाख रुपए भी नहीं है। उस कंपनी से कैसे 25 हजार करोड़ की डील कर ली गई? सोशल मीडिया पर कंपनी को लेकर तीखे सवाल किए जा रहे हैं। एक यूजर्स ने इसे “गधे की पूंछ AI”, “UP स्कैम” और “टैक्सपेयर का पैसा स्वाहा” करार देते हुए कई गंभीर दावे किए। कंपनी और एमओयू को लेकर 5 सवाल अयोध्या में वैदिक एआई सिटी का क्या हुआ सरकार ने इससे पहले 2023 में बड़े धूमधाम से अयोध्या में पहली एआई वैदिक सिटी बनाने का ऐलान किया था। तब अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी के वाइस चेयरमैन के तौर पर विशाल सिंह ने Arahas Technologies Pvt. कंपनी के साथ इसका एमओयू किया गया था। ढाई साल पूरे हो गए। आखिर अयोध्या की पहली एआई वैदिक सिटी का क्या हुआ?
मुजफ्फरनगर पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। दिसंबर 2025 में बुढ़ाना क्षेत्र में पकड़ी गई डेढ़ किलो स्मैक के मामले में हुए खुलासे के बाद, शाहजहांपुर के कुख्यात तस्कर रियाज उर्फ बाबू की करोड़ों की संपत्तियों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया तेज हो गई है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एसपी देहात आदित्य बंसल के नेतृत्व में पुलिस ने रियाज की लगभग 35 संपत्तियों की पहचान की है। इनमें शोरूम, प्लॉट, ईंट-भट्टे और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपए आंकी गई है। इन संपत्तियों को जब्त करने के लिए न्यायालय से आदेश प्राप्त हो चुके हैं। कुर्की की कार्रवाई को अंजाम देने के लिए डिप्टी एसपी बुढ़ाना के नेतृत्व में कई टीमें गठित की जा रही हैं, जो जल्द ही इस बड़ी कार्रवाई को अमल में लाएंगी। स्मैक बरामदगी के बाद हुई जांच में रियाज की तस्करी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका सामने आई थी। इसके बाद से ही पुलिस उसकी अवैध कमाई और आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही थी। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई प्रदेश में नशा माफिया के खिलाफ एक बड़ा संदेश देगी और ऐसे तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
कासगंज में जिलाधिकारी ने मंडी का औचक निरीक्षण:किसानों की सुविधा के लिए पेड़ लगाने के निर्देश
कासगंज में जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने मंगलवार को मंडी कार्यालय और परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मंडी परिसर में पर्याप्त संख्या में पेड़ लगाने के निर्देश दिए। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्मी के मौसम में किसानों को पेड़ों की छांव में बैठने की सुविधा मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने मंडी परिसर में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने शौचालयों की स्थिति सुधारने और उनकी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, रात में किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए मंडी परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि मंडी परिसर को सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जा सके। इस निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी संजीव कुमार और मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जौनपुर की शाहगंज विधानसभा से निषादराज पार्टी के विधायक रमेश सिंह ने अपने चार साल के कामकाज, क्षेत्र के विकास और 2027 के चुनाव को लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि शाहगंज में सड़कों, बाईपास, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई बड़े काम हुए हैं और आने वाले समय में यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ेगा। दैनिक भास्कर रिपोर्टर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: पिछले चार साल के अपने कामकाज को आप 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: नंबर देने का अधिकार मुझे नहीं है। यह शाहगंज की जनता तय करेगी। पिछले चार वर्षों में सरकार के माध्यम से जो काम हुए हैं, उनका मूल्यांकन जनता ही करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि जनता मुझे अच्छे नंबरों से पास करेगी। 2022 में जो जनादेश मिला था, उसका सम्मान करते हुए हमने लगातार काम किया है और आज शाहगंज एक आदर्श विधानसभा बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सवाल: आपके कार्यकाल का सबसे बड़ा काम क्या रहा? जवाब: अगर लागत के हिसाब से देखें तो शाहगंज बाईपास सबसे बड़ा काम है। पिछले 42 वर्षों से इसकी मांग चल रही थी और मेरे कार्यकाल में करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से बाईपास का निर्माण तेजी से चल रहा है। करीब 95 प्रतिशत किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा भी दिया जा चुका है। इसके अलावा शाहगंज रेलवे स्टेशन को अमृत योजना में शामिल कर उसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है। बस डिपो का विकास हो रहा है और गैरवा गांव में बायोगैस प्लांट की फैक्ट्री लग रही है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। शाहगंज में सड़कों का नेटवर्क मजबूत हुआ है। दो कस्तूरबा आवासीय विद्यालय भी संचालित हो रहे हैं, जहां गरीब परिवारों की बेटियां मुफ्त शिक्षा, रहने और खाने की सुविधा के साथ पढ़ाई कर रही हैं। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी नहीं हो पाया? जवाब: 2022 में शाहगंज की जनता ने मुझे एक बड़ा संकल्प दिया था। शाहगंज को जिला बनवाने का। यह विधानसभा जौनपुर के अंतिम छोर पर होने के कारण लंबे समय से उपेक्षित रही है। शाहगंज की खासियत यह है कि यहां जिले का इकलौता रेलवे रैक प्वाइंट है और पूरे पूर्वांचल की बड़ी गल्ला मंडियों में से एक यहां स्थित है। यह क्षेत्र आजमगढ़, अंबेडकरनगर और सुल्तानपुर की सीमाओं से भी जुड़ा है। मैंने विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि शाहगंज को जिला घोषित किया जाए। अगर ऐसा हो जाता है तो यहां विकास की रफ्तार और तेज हो जाएगी और युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली-मुंबई नहीं जाना पड़ेगा। सवाल: क्या 2027 में आप फिर टिकट के दावेदार हैं? जवाब: टिकट का फैसला पार्टी नेतृत्व करता है। पार्टी यह देखती है कि विधायक ने पांच साल में कितना विकास किया और जनता की क्या राय है। हम पार्टी के कार्यकर्ता हैं, अगर पार्टी कहेगी चुनाव लड़ो तो लड़ेंगे, अगर प्रचार करने को कहेगी तो प्रचार करेंगे। सवाल: क्या इस बार टिकट मिलने की उम्मीद है? जवाब: मैं निषादराज पार्टी का विधानमंडल दल का नेता हूं। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने मुझ पर भरोसा जताया है। उनका स्नेह और मार्गदर्शन हमेशा मिलता है और पार्टी जो निर्देश देगी, उसका पालन करूंगा। सवाल: यूजीसी जैसे मुद्दों से क्या समाज में जातीय विभाजन बढ़ेगा? जवाब: विपक्ष इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। सरकार इस विषय पर संवेदनशील है और हर समाज व वर्ग को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। सवाल: एसआईआर को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसका चुनाव पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: एसआईआर की प्रक्रिया देश में पहली बार नहीं हुई है। हर 20 साल में मतदाता सूची का पुनरीक्षण होता है। शाहगंज में करीब 14–15 हजार ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में थे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। कई लोग वर्षों से बाहर रह रहे थे और कुछ के नाम दो–तीन जगहों पर दर्ज थे। इस प्रक्रिया से फर्जी नाम हटाए गए हैं और मतदाता सूची को शुद्ध किया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग बधाई का पात्र है।
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में कैंसर मरीजों को लंबे समय से रेडिएशन सुविधा नहीं मिलने की समस्या अब समाधान की ओर बढ़ती दिख रही है। जहां अब तक जीएमसी के 15 सौ के करीब कैंसर रोगियों को सिर्फ ओपीडी सलाह लेकर एम्स या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। इस स्थिति पर अब डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट किया है कि जीएमसी के लिए भी डुअल लीनेक मशीन जल्द ऑर्डर की जाएगी। एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों के लिए डुअल लीनेक मशीनों के ऑर्डर हो चुके हैं और जीएमसी के लिए भी जल्द ऑर्डर जारी किए जाएंगे। अटके प्रोजेक्ट के बजट से होगा समाधानजीएमसी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, लीनेक मशीन खरीदने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग उस बजट का उपयोग करने की तैयारी में है, जो “रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेट्री डिजीज” प्रोजेक्ट के लिए मिला था। यह प्रोजेक्ट पिछले तीन साल से एनओसी न मिलने के कारण अटका हुआ है। ईदगाह हिल्स पर बनने वाले दो बड़े हेल्थ प्रोजेक्ट्स का भूमिपूजन 28 मई 2022 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा किया गया था। करीब 150 करोड़ रुपए की लागत वाले इन प्रोजेक्ट्स पर आज तक काम शुरू नहीं हो सका। कारण यह रहा कि निर्माण से पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी और आर्मी से आवश्यक एनओसी नहीं ली गई थी। आपत्तियों के बाद ठेकेदार बिना काम शुरू किए ही लौट गए और प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। राजधानी के मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में यह स्थिति राजधानी के मेडिकल कॉलेज में हर महीने 1500 से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। जिन्हें सिर्फ सलाह मिल रही है। वजह यह है कि कोबाल्ट मशीन सालों से खराब है, ब्रेकी थेरेपी यूनिट भी बंद पड़ी है और डुअल एनर्जी लीनेक मशीन अब तक ऑर्डर नहीं हुई। नतीजा यह कि मरीजों को रेडिएशन के लिए एम्स या निजी कैंसर अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि छात्रों को भी क्लिनिकल एक्सपोजर नहीं मिल पा रहा। जबकि दावा है कि नया रेडिएशन बंकर तैयार है और जल्द 25 करोड़ की हाईटेक यूनिट शुरू होगी। बता दें, पुरानी कोबाल्ट मशीन वर्षों से खराब पड़ी है और अब उसे डिकमीशन करने की तैयारी चल रही है। वहीं ब्रेकी थेरेपी मशीन भी पिछले एक साल से बंद है। ऐसे में सर्जरी होने के बाद भी मरीजों को रेडिएशन के लिए अन्य संस्थानों में भेजना पड़ता है। वहीं, जीएमसी की डीन डॉ. कविता एन सिंह ने कहा कि बंकर तैयार है और जल्द ही मशीनें इंस्टॉल की जाएंगी। एम्स या निजी अस्पताल ही मरीजों के पास विकल्प रेडिएशन की जरूरत वाले मरीजों को या तो एम्स या निजी कैंसर अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। एम्स में पहले से भारी भीड़ है, जिससे लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ता है। यदि मरीज निजी अस्पताल का रुख करता है, तो उसे डेढ़ से दो लाख रुपए तक का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बड़ा संकट है। छात्रों को नहीं मिल रहा मरीजों का अनुभवस्थिति का असर मेडिकल शिक्षा पर भी पड़ रहा है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने पिछले सत्र में जीएमसी की ऑन्कोलॉजी की चारों पीजी सीटों की मान्यता रद्द कर दी थी। बाद में इस सत्र में सीटें बहाल की गईं, क्योंकि कॉलेज प्रशासन ने जल्द नई लीनेक मशीन स्थापित करने का आश्वासन दिया था। मशीन अब तक ऑर्डर नहीं होने से पीजी छात्रों को रेडिएशन थेरेपी का व्यावहारिक अनुभव नहीं मिल पा रहा। हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में प्रबंधन को पत्राचार के जरिए अवगत कराया गया है। पांच कॉलेजों में मशीन, जीएमसी पीछेप्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों के लिए डुअल लीनेक मशीनें प्रस्तावित थीं। जानकारी के अनुसार, चार अन्य कॉलेजों के लिए मशीनों के ऑर्डर जारी हो चुके हैं, लेकिन गांधी मेडिकल कॉलेज के लिए अब तक ऑर्डर नहीं हुआ। यह स्थिति राजधानी के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए चिंता का विषय है। तैयार है हाईटेक रेडिएशन बंकरदूसरी ओर, जीएमसी और हमीदिया अस्पताल प्रशासन का दावा है कि कैंसर उपचार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रेडिएशन बंकर पूरी तरह तैयार है और एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) के मानकों के अनुसार बनाया गया है। यह बंकर तीन मीटर मोटी ठोस कंक्रीट की दीवारों और विशेष शील्डिंग से तैयार किया गया है, ताकि हाई एनर्जी रेडिएशन सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया जा सके। आसपास की दीवारें भी डेढ़ मीटर मोटी हैं। जल्द ही AERB की टीम निरीक्षण करेगी और हरी झंडी मिलने के बाद मशीन इंस्टॉल की प्रक्रिया शुरू होगी। 25 करोड़ की डुअल एनर्जी लीनेक यूनिटहमीदिया अस्पताल में करीब 25 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक डुअल एनर्जी लीनेक मशीन लगाने की योजना है। यह मशीन दो प्रकार की रेडिएशन ऊर्जा के जरिए ट्यूमर पर सटीक प्रहार करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक में रेडिएशन सीधे कैंसर कोशिकाओं पर असर करता है और स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है। पेट-सीटी और ब्रेकी थेरेपी भी प्रस्तावितसिर्फ लीनेक ही नहीं, यहां पेट-सीटी स्कैन यूनिट और नई ब्रेकी थेरेपी सुविधा भी शुरू की जाएगी। पेट-सीटी स्कैन से कैंसर की स्टेजिंग और फैलाव का सटीक पता चलेगा। यदि ये सुविधाएं शुरू होती हैं, तो भोपाल के साथ-साथ आसपास के जिलों के मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। प्रदेश में कैंसर की गंभीर स्थितिआईसीएमआर की कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार, मध्यप्रदेश में 1 लाख 54 हजार 567 मरीजों को तत्काल कैंसर उपचार की आवश्यकता है। भोपाल में ही करीब 4350 मरीज हैं। हर महीने प्रदेश में लगभग 3500 मौतें कैंसर के कारण हो रही हैं। ऐसे में राजधानी के प्रमुख मेडिकल कॉलेज में रेडिएशन सुविधा का अभाव न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि यह मरीजों और छात्रों दोनों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यह भी पढ़ें… बिना NOC राष्ट्रपति से भूमिपूजन, प्रोजेक्ट अब भी ठप नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिलने के कारण भोपाल में लगने वाले हेल्थ से जुड़े दो मेगा प्रोजेक्ट बीते 3 साल से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। खास बात तो यह है कि इन दोनों प्रोजेक्ट का तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों भूमिपूजन भी करा दिया गया था, लेकिन आज तक दोनों प्रोजेक्ट की एक ईंट भी नहीं रखी गई है। 28 मई 2022 को लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति कोविंद ने ईदगाह हिल्स पर 150 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले दो मेगा प्रोजेक्ट का वर्चुअल भूमिपूजन किया था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ईदगाह हिल्स पर जिस जगह ये दोनों सेंटर बनने थे, एयरपोर्ट अथॉरिटी और आर्मी से इनके निर्माण के लिए एनओसी नहीं ली गई थी। आर्मी और एयरपोर्ट अथॉरिटी की आपत्तियां आने के बाद दोनों ठेकेदार बिना काम शुरू किए ही चले गए। पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर देहात, 24 मार्च 2026 को जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जनपद स्तरीय आधार अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। इसमें आधार नामांकन, अपडेट, प्रमाणीकरण और डीबीटी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकांश सरकारी योजनाओं का लाभ आधार से जुड़ा है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का आधार अपडेट और सक्रिय होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में आधार नामांकन और अद्यतन (अपडेट) की गति बढ़ाई जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के आधार नामांकन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा, बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि सभी बच्चों का नामांकन समय पर पूरा हो सके। डीएम ने सभी आधार सेवा केंद्रों पर सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए। इन बोर्डों पर सेवाओं, प्रक्रिया और शिकायत निवारण की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए। डीबीटी योजनाओं में आधार प्रमाणीकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए वंचित लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र लाभ से जोड़ने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे अपने आधार को समय-समय पर अपडेट कराते रहें, क्योंकि निर्धारित अवधि के बाद इसे अपडेट कराना आवश्यक होता है। उन्होंने सेवा प्रदाताओं को गुणवत्तापूर्ण और सरल सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, 100 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के आधार सत्यापन और प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के आधार नामांकन को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एक नए मोबाइल ऐप की जानकारी भी दी गई, जिससे नागरिक वर्चुअल आईडी बना सकते हैं और अपने विवरणों में संशोधन कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि नागरिक नजदीकी आधार केंद्र की जानकारी और शिकायत निवारण के लिए UIDAI पोर्टल तथा हेल्पलाइन नंबर 1947 का उपयोग कर सकते हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तालाब में बहाए गैस सिलेंडर:गैस की किल्लत पर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन
रायपुर में गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी के विरोध में कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। तेलीबांधा तालाब में प्रतीकात्मक रूप से गैस सिलेंडर का विसर्जन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई गई। यह प्रदर्शन शहर कांग्रेस के मार्गदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस द्वारा आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसियों में लंबी कतारें लग रही हैं और आम लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही राज्य सरकार पर कालाबाजारी रोकने में नाकाम रहने और जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गैस की समस्या अब गरीब या अमीर तक सीमित नहीं रही, बल्कि हर वर्ग इससे प्रभावित हो रहा है। लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान सुजीत सिंह, अजीत कुकरेजा, हीरेंद्र देवांगन, अविनय दुबे, महेंद्र कुमार सेन, वेंकट कुमार, मंगल सिंह, जसमीत सिंह, गजेंद्र साहू, राजू यादव, सुरेश बुधवानो और राधे नायक सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि गैस की किल्लत और कालाबाजारी पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
सुलतानपुर में जिला उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक अपर जिलाधिकारी प्रशासन, वित्त एवं राजस्व की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में उद्यमियों को उद्योग लगाने हेतु बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति और वितरण की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की गई। उद्योग विभाग द्वारा विभिन्न बैंक शाखाओं में प्रेषित अधिकतर आवेदन पत्र लंबित हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा। बैंकों को अधिक से अधिक पत्रावलियां स्वीकृत एवं वितरित करने का निर्देश दिया गया। प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने सुल्तानपुर में नए औद्योगिक क्षेत्र को शीघ्र स्थापित एवं विकसित करने की मांग की। इस पर बैठक में बताया गया कि सदर तहसील के सरकंडेडीह ग्राम में नए औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु जमीन चिन्हित कर ली गई है और स्थापना की कार्यवाही चल रही है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने इस संबंध में नगर पालिका परिषद को तत्काल आदेश जारी किया। व्यापारी विनोद जायसवाल ने सुपर मार्केट में अवैध पार्किंग, साफ-सफाई की कमी, अवैध ई-रिक्शा एवं टैक्सी स्टैंड के संचालन का मुद्दा उठाया। उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों के आवंटन में नगर पालिका परिषद द्वारा कथित हेरफेर के प्रयास पर भी अवगत कराया। जायसवाल ने बताया कि सिर्फ फाइनेंसिंग स्कीम के तहत बनी दुकानों का आवंटन अन्य लोगों को करने का प्रयास किया गया, जिसके संबंध में उच्च न्यायालय में अपील की गई है। सदन में उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर से प्रस्ताव पारित किया कि जिन लोगों का पैसा पहले जमा है और जिनके पैसे से दुकानों का निर्माण हुआ है, उन्हें ही दुकानें आवंटित की जाएं। विनोद जायसवाल ने यह भी मांग की कि जर्जर दुकानों की गुणवत्ता की जांच टेक्निकल टीम से करवाई जाए, क्योंकि कई दुकानों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि उनकी मरम्मत संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि मरम्मत के बाद ही दुकानों के आवंटन पर विचार किया जाना चाहिए। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन मंत्री अनूप श्रीवास्तव ने नगर में घूम रहे छुट्टा जानवरों पर अंकुश लगाने की मांग की।
उमरिया जिले में मंगलवार को राज्य शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने 20-25 साल की सेवा के बाद दोबारा परीक्षा देने का विरोध किया। शिक्षकों का कहना है कि जब उनकी नियुक्ति हुई थी, तब उन्होंने सभी निर्धारित अर्हताएं पूरी की थीं। अब 20 से 25 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद उन्हें फिर से टीईटी परीक्षा देना अनिवार्य किया जा रहा है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। शिक्षक भीम सिंह ने बताया कि सरकार ने 1998, 1999, 2000 और 2003 में भर्ती हुए शिक्षकों के लिए भी यह परीक्षा अनिवार्य कर दी है। इन सभी शिक्षकों ने अपनी भर्ती के समय सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी की थीं। मोर्चे ने ज्ञापन के माध्यम से टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो वे इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
मऊ में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधान सम्मानित:विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मऊ में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जनपद की टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिलाधिकारी का बुके देकर स्वागत किया और जनपद में क्षय रोग की जांच व उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एच.आर. सोनी ने बताया कि जनपद की कुल 645 ग्राम पंचायतों में से 97 ग्राम पंचायतों को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। इनमें वर्ष 2024-25 में 16 और वर्ष 2025 में 81 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं। इस उपलब्धि के लिए ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति-पत्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान और टीबी मुक्त भारत ऐप का भी शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना, संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जांच (जैसे एक्स-रे) कराना और संक्रमित पाए जाने पर तत्काल उपचार शुरू करना है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.के. यादव ने जानकारी दी कि टीबी मरीजों के लिए पूर्व निर्धारित माइक्रोप्लान के तहत गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों से निक्षय मित्र बनकर मरीजों को गोद लेने और उनके पोषण व देखभाल में सहयोग करने की अपील की। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि टीबी एक सामाजिक बीमारी है। इसके लक्षण, बचाव और सरकारी सुविधाओं की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। इससे छिपे हुए मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज देकर रोगमुक्त किया जा सकता है। जिला कार्यक्रम समन्वयक जयदेश यादव ने बताया कि जनपद में संभावित मरीजों की जांच के लिए एक्स-रे, माइक्रोस्कोपी, ट्रू-नॉट और सीबीनाट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही, निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को भी नि:शुल्क दवाएं और जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के अवसर पर मुजफ्फरपुर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला है। शहर के अलग-अलग छठ घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। खासकर सिकंदरपुर के सीढ़ी घाट और आश्रम घाट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिला। मंगलवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए दोपहर बाद से ही घाटों पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। सीढ़ी घाट पर शाम करीब 4 बजे से ही व्रती और उनके परिजन पहुंचने लगे। देखते ही देखते 4:30 बजे के बाद भीड़ में तेजी से इजाफा हुआ और घाट पूरी तरह श्रद्धालुओं से भर गया। व्रती ने पूरे विधि-विधान के साथ नदी में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। घाटों पर छठ गीतों की गूंज, दीपों की रोशनी और पूजा-अर्चना का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में छठी मइया की आराधना करती नजर आईं। पहले ही की गई घाटों की साफ-सफाई सिकंदरपुर सीढ़ी घाट और आश्रम घाट पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। घाटों की साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। चैती छठ के इस पावन अवसर पर पूरा शहर आस्था में डूबा नजर आया। अब बुधवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय इस महापर्व का समापन होगा।
शाहजहांपुर में ओसीएफ इंटर कॉलेज बंद होने से छात्र-छात्राओं को हो रही कठिनाइयों के बीच सांसद अरुण सागर ने इस मुद्दे को संसद में उठाया है। उन्होंने नियम 377 के तहत पत्र देकर ओसीएफ इंटर कॉलेज को रक्षा मंत्रालय द्वारा पुनः प्रारंभ करने की मांग की है, ताकि उनके संसदीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। सांसद अरुण सागर ने सदन में कहा कि यह मुद्दा उनके संसदीय क्षेत्र के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा है। शाहजहांपुर में ओसीएफ इंटर कॉलेज, जो पहले ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री के अधीन एक प्रतिष्ठित संस्थान था, उसके बंद होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सत्र 2025-26 में छात्रों को अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया, जिससे उनकी शिक्षा की निरंतरता प्रभावित हुई। सांसद ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में शाहजहांपुर राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। जहाँ भारत की साक्षरता दर लगभग 77 प्रतिशत है, वहीं शाहजहांपुर जनपद में यह लगभग 65 प्रतिशत के आसपास है। उच्च माध्यमिक स्तर पर नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता भी सीमित है। सांसद ने रक्षा मंत्रालय द्वारा इस विद्यालय को पुनः प्रारंभ कर सीबीएसई से संचालित करने और इसे केंद्रीय विद्यालय प्रणाली में शामिल करने के प्रस्ताव को अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में केवल दो केंद्रीय विद्यालय हैं, जिनमें सीटें बहुत सीमित हैं। उन्होंने सदन से निवेदन किया कि इस प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए और ओसीएफ इंटर कॉलेज शाहजहांपुर को रक्षा मंत्रालय द्वारा पुनः प्रारंभ किया जाए, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। सांसद ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अच्छा कार्य कर रही है और उनकी इस मांग को जल्द पूरा किया जाएगा।
खरगोन के दामखेड़ा में पराली जलाने के आरोप में मंगलवार को दो किसानों पर 15 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। यह जिले में पराली जलाने के खिलाफ इस सीजन की पहली कार्रवाई है। यह घटना 17 मार्च को सामने आई थी, जिसके बाद राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा रिपोर्ट तैयार की। खरगोन नगर तहसीलदार दिनेश सोनारटिया ने बताया कि ग्राम दामखेड़ा में गेहूं की पराली जलाई गई थी। यह भूमि कृषक बालकृष्ण पिता पुरुषोत्तम महाजन और सुनिता पति राजेंद्र महाजन के स्वामित्व की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भव्या मित्तल ने भारतीय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत गेहूं की पराली जलाने पर प्रतिबंध का आदेश जारी किया है। इस प्रतिबंध का उद्देश्य वायु प्रदूषण और आगजनी की संभावित दुर्घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य व जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखना है। मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार, फसल अवशेष जलाने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। नियमानुसार, 5 एकड़ से अधिक भूमि होने पर 15 हजार रुपए का पर्यावरण मुआवजा निर्धारित है। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर दोनों किसानों पर संयुक्त रूप से 15 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है।
हनुमानगढ़ में भद्रकाली मंदिर परिसर में 25 मार्च बुधवार को प्रस्तावित दुकानों की नीलामी का विरोध तेज हो गया है। वर्षों से मेले में सेवाएं दे रही विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने देवस्थान विभाग को पत्र लिखकर नीलामी प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की है। हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब), श्री सनातन धर्म महावीर दल और मां भद्रकाली क्षेत्र विकास सेवा समिति ने संयुक्त रूप से इस मुद्दे को उठाया है। इन संस्थाओं ने बताया कि देवस्थान विभाग मंदिर परिसर में 11 महीनों के लिए दुकानों का आवंटन खुली नीलामी के जरिए कर रहा है। भारत क्लब के अध्यक्ष मदन गोपाल जिंदल और क्षेत्र विकास समिति के अध्यक्ष भगवान सिंह खुड़ी ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा तैयार नक्शे में सेवा समिति के जूता घर, जल सेवा, सेवा कैंप और चिकित्सा सहायता केंद्र के सामने भी दुकानें प्रस्तावित की गई हैं। ये व्यवस्थाएं पिछले 42 वर्षों से लगातार संचालित की जा रही हैं। उनके अनुसार, इन स्थानों के आगे दुकानें लगाने से सेवाओं में बाधा आएगी और श्रद्धालुओं को असुविधा होगी। वहीं, श्री सनातन धर्म महावीर दल के अध्यक्ष प्रेम रत्न ने भी पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था पिछले लगभग 70 वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, खोया-पाया केंद्र, पेयजल और भंडारे की व्यवस्था करती आ रही है। प्रस्तावित नक्शे में इन महत्वपूर्ण सुविधाओं के स्थान पर भी दुकानें दर्शाई गई हैं, जिसे उन्होंने अनुचित बताया। संस्थाओं ने देवस्थान विभाग से मांग की है कि नीलामी प्रक्रिया को फिलहाल रोका जाए। साथ ही, नक्शे का पुनः संशोधन किया जाए और सेवारत संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इससे संस्थाओं के हितों की रक्षा होगी और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
जाजमऊ थानाक्षेत्र के नई बस्ती अंबेडकर नगर में शादी के 10 माह बाद नवविवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला। जानकारी पाकर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या करने का आरोप लगाया है। सूचना पाकर एसीपी कैंट, जाजमऊ पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। 13 मई 2025 को हुई थी शादी बिधनू थानाक्षेत्र के कठेरुआ गांव निवासी सतीश ने 13 मई 2025 को अपनी बेटी सुनीता (19) की शादी जाजमऊ के नई बस्ती अंबेडकर नगर निवासी सोन बाबू से की थी। मृतका के भाई सत्यनारायण ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। सोन बाबू शराब पीकर अक्सर मारपीट करता था। आरोप है कि बीते तीन दिन से वह अपनी बहन सुनीता से बात भी नहीं करा रहे थे। सोमवार रात में शराब पीकर घर आने पर पत्नी से झगड़ा भी हुआ था। इधर मंगलवार सुबह सुनीता की सास निर्मला देवी अपनी बहू रूबी के साथ फतेहपुर के बिंदकी किसी काम से गई हुई थी। मंगलवार दोपहर पति सोन बाबू टेनरी से दोपहर में खाना खाने के लिए घर पहुंचा तो पत्नी का शव फंदे पर लटका देख उसने पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी पति को हिरासत में ले लिया गया है।
कानपुर देहात में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय माती में नव नियुक्त पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, जिला अध्यक्ष रेणुका सचान और युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष शिव वीर भदोरिया द्वारा महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया गया। बैठक के दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने नव नियुक्त पदाधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने उनसे संगठन की रीति-नीति के अनुरूप सक्रिय रहने का आह्वान किया। पाल ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन और समर्पण के साथ पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा जनता के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने का निर्देश दिया। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने की अपील प्रकाश पाल ने पार्टी की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय सिद्धांत पर आधारित है, जिसका लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक वृद्धि का जिक्र करते हुए बताया कि दो सांसदों से शुरू हुई भाजपा की यात्रा अब 303 सांसदों तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं और 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ कार्य किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष रेणुका सचान ने नव नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने 2027 के चुनावों को देखते हुए बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। रेणुका सचान ने कार्यकर्ताओं से विपक्ष द्वारा 'भ्रम फैलाने वाले प्रयासों' को जनता के सामने उजागर करने का आह्वान किया। इस अवसर पर कानपुर बुंदेलखंड के सबसे कम उम्र के युवा महामंत्री सत्यम सिंह चौहान को विशेष रूप से बधाई दी गई। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस बैठक में महामंत्री बबलू शुक्ला, सुमित दिवाकर, नीरज पांडे, बृजेंद्र सिंह, बबलू कटियार, सौरभ मिश्रा, राकेश तिवारी, केपी सिंह, अंशु तिवारी, योगराज राजपूत, ऋषि सिंह, सुप्रिया गुप्ता, विकास मिश्रा सहित जिला मीडिया प्रभारी और अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संभल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम सचिव पर जीवित ग्रामीण को मृत दर्शाकर वृद्धावस्था पेंशन बंद करने का आरोप लगा है। 4 साल पहले समाज कल्याण विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में ग्रामीण को मृत घोषित किया गया था। अब बुजुर्ग नत्थूलाल प्रजापति मैं नत्थूलाल प्रजापति जिंदा हूं की तख्ती लेकर जिलाधिकारी से मिले हैं, जिसके बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। उक्त पूरा मामला संभल जनपद की चंदौसी तहसील के बनियाखेड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत फरीदपुर खास के मजरा राम रायपुर गमटिया का है। गांव के निवासी नत्थूलाल प्रजापति पुत्र स्व. लालमन ने जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव संजय यादव ने उन्हें जीवित रहते हुए भी मृत दर्शाया और तत्कालीन प्रभारी एडीओ समाज कल्याण के साथ मिलकर 18 अप्रैल 2022 को उनकी पेंशन बंद करने की रिपोर्ट भेजी थी। बुजुर्ग नत्थूलाल ने डीएम को बताया कि वह अत्यंत निर्धन हैं। उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है और उनका एक मानसिक रूप से कमजोर बेटा है। उनका भरण-पोषण सरकार से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन पर ही निर्भर था। नत्थूलाल प्रजापति ने आरोप लगाया कि सचिव संजय यादव ने उन्हें डरा-धमकाकर कोरे कागजों पर अंगूठा लगवाया। उन्होंने यह भी बताया कि सचिव उन्हें बहजोई ले गया था, जहाँ उन्हें धमकाया गया। पीड़ित ने डीएम को दी शिकायत में यह भी बताया कि संजय यादव पर गौशाला में भूसे के नाम पर 3,39,949 रुपये के गबन का आरोप है, जिसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट वर्ष 2024 में बनियाठेर थाने में दर्ज कराई गई थी। उन्होंने संजय यादव को दबंग और बदमाश किस्म का व्यक्ति बताया, जो खुद को समाजवादी नेता कहता है। बुजुर्ग नत्थूलाल प्रजापति ने जिलाधिकारी से अपनी पेंशन बहाल करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिव संजय यादव ने उन्हें मृत दर्शाकर उनकी पेंशन बंद कराई है।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने मंगलवार को ममता बनर्जी की बंगाल सरकार से पूछा कि अगर केंद्र में आपकी सरकार होती और कोई राज्य ऐसी कार्रवाई करता तो आपका रुख क्या होता। जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने पूछा कि क्या ड्यूटी पर मौजूद ED अधिकारी अपने अधिकार खो देते हैं। कोर्ट ने बताया कि ED के कुछ अधिकारियों ने निजी तौर पर भी याचिका दायर की है। जस्टिस मिश्रा ने कहा- ED अधिकारियों के मौलिक अधिकारों पर भी ध्यान दें। सिर्फ यह न कहें कि वे अधिकारी हैं, इसलिए नागरिक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग अधिकारियों की याचिकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। राज्य की ओर से सीनीयर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलील दी कि ED आर्टिकल 32 के तहत याचिका दायर नहीं कर सकती क्योंकि उसके पास दूसरे कानूनी उपाय मौजूद हैं। सिब्बल ने कहा- किसी अधिकारी के पास जांच करने का मौलिक अधिकार नहीं होता। यह सिर्फ कानून से मिला अधिकार है, इसलिए इसमें दखल देने को मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि अगर ऐसा माना गया तो हर पुलिस अधिकारी सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने लगेगा, जिससे आपराधिक कानून की मूल संरचना प्रभावित होगी। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई।
अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ग्राम पंगना में की गई इस कार्रवाई में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के निर्देश पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पूछताछ के बाद ट्रैक्टर चालक मोहन सिंह (25), मालिक कुमान सिंह और ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाले सुलोचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। कई धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, खान-खनिज अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त रेत और ट्रैक्टर-ट्रॉली की कुल कीमत करीब 7.03 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से रेत माफियाओं में भय का माहौल है और पुलिस आगे भी सख्ती जारी रखेगी।
छात्राओं को मिली सुरक्षा, जागरूकता की ट्रेनिंग:मिशन शक्ति अभियान के तहत एक माह का प्रशिक्षण
मुरादाबाद में मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को एक महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस 'स्टूडेंट पुलिस लर्निंग' (SPL) कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उन्हें जागरूक करना था। प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों और उनके उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के तरीके भी समझाए गए। इसके अतिरिक्त, CCTNS प्रणाली से अवगत कराया गया, जिससे छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली समझने में मदद मिली। कार्यक्रम में शामिल छात्रा गरिमा ने बताया कि उन्हें महिला थाने का भ्रमण कराया गया। यहां उन्होंने महिलाओं से संबंधित मामलों में पुलिस के कामकाज को करीब से देखा। छात्राओं को पुलिस लाइन का दौरा भी कराया गया, जहां उन्हें पुलिसकर्मियों की दिनचर्या और कार्यशैली को समझने का अवसर मिला। इस एक महीने के प्रशिक्षण और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। छात्राओं के अनुसार, उन्हें कई नई जानकारियां मिली हैं, जिससे वे अब स्वयं को अधिक सुरक्षित और जागरूक महसूस करती हैं।
प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री सिमरत कौर मंगलवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया और देहरी से जल अर्पित किया। सिमरत कौर ने बताया कि यह उनका महाकाल दर्शन का दूसरा अवसर है। उन्होंने कहा कि यहां की ऊर्जा दिव्य है और उन्हें विशेष आध्यात्मिक अनुभव हुआ। फिल्मों का जिक्र कर जताई खुशी उन्होंने कहा कि उन्होंने Gadar 2 और “बंगाल फाइल्स” में काम किया है। महाकाल के दर्शन को उन्होंने अपने जीवन का खास पल बताया। अभिनेत्री ने मंदिर की दर्शन व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यहां व्यवस्थाएं काफी अच्छी और सुचारु हैं। मंदिर शिखर के साथ कराया फोटो सेशन दर्शन के बाद सिमरत कौर ने मंदिर परिसर में शिखर के साथ फोटो सेशन भी कराया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जुनवाल ने अभिनेत्री का स्वागत और सत्कार किया।
झालावाड़ जिले में अकलेरा इलाके के चंदीपुर में हुए बहुचर्चित रेणु हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मृतका के पति देवीकृपाल को गिरफ्तार किया है, जिसने हत्या को दुर्घटना दिखाने की साजिश रची थी। एसपी अमित कुमार ने बताया कि 9 नवंबर 2025 को चंदीपुर निवासी विवाहित रेणु की मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे सीढ़ियों से गिरने का हादसा बताया गया था। हालांकि, पुलिस को मिले गोपनीय इनपुट और गहन जांच के बाद यह मामला सुनियोजित हत्या का निकला। पुलिस ने जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। क्राइम सीन रिक्रिएशन और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मृतका के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं, जो सामान्य गिरने से संभव नहीं थीं। यह झालावाड़ जिले में पहली बार था जब क्राइम सीन रिक्रिएशन किया गया। आरोपी के अन्य महिलाओं से अवैध संबंध भी सामने आएजांच के दौरान होटल और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज भी अहम सबूत बने। फुटेज में आरोपी देवीकृपाल और उसके साथी घटना के बाद संदिग्ध गतिविधियों में शामिल नजर आए। पुलिस ने पाया कि आरोपी ने सबूत छिपाने और घटना को दुर्घटना बताने की पूरी कोशिश की थी। आरोपी के अन्य महिलाओं से अवैध संबंध भी सामने आए, जो इस हत्या का मुख्य कारण बने। पुलिस पर भी किया जानलेवा हमलागिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ाकर जानलेवा हमला करने की भी कोशिश की। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ राजकार्य में बाधा और जानलेवा हमले का मामला भी दर्ज किया है। झालावाड़ पुलिस ने इस संवेदनशील और जटिल मामले को आधुनिक तकनीक और सतत प्रयासों से सुलझाया है। फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भी जांच की जा रही है। मामले में पुलिस बनी फरियादी7 नवंबर 2025 को अकलेरा थाना क्षेत्र में चदीपुर गांव में एक महिला की सीढ़ियों से गिरने से मृत्यु की सूचना मिली। ससुराल पक्ष और पीहर पक्ष ने कोई शक जाहिर नहीं किया। करीब 2 दिन बाद परिस्थितिजन्य साक्ष्य, पीड़िता की फोटो और अन्य गोपनीय सूचना के अनुक्रम में पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज किया, सतवीर हेड कांस्टेबल ने रिपोट दर्ज कराई। झालावाड़ पुलिस ने एफएसएल निदेशक से क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए अनुरोध किया, मेडिकल बोर्ड से अनुसंधान की परिस्थिजन्य तथ्यों पर राय प्राप्त की। मामला हत्या का पाया गया, हत्या ही नहीं क्रूरता पूर्वक की गई हत्या का था।
केंद्र सरकार के एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत पानीपत के इसराना उपमंडल में एक मीटिंग को आयोजन हुआ। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) नवदीप सिंह नैन ने नौल्था और अहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के डॉक्टरों के साथ यह मीटिंग की। SDM नैन ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा एनीमिया से ग्रस्त न हो। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के साथ-साथ वयस्कों में भी एनीमिया की कमी देखी जा रही है, जिसका मुख्य कारण खून की कमी है। छोटे बच्चों को ड्रॉप्स और बड़े को टैबलेट दी जाएंगी SDM ने जानकारी दी कि सरकार ने महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी), पंचायत, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों के सहयोग से बच्चों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने का अभियान शुरू किया है। इसके तहत छोटे बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में ड्रॉप्स के माध्यम से दवा दी जाएगी, जबकि बड़े बच्चों को टैबलेट प्रदान की जाएंगी। बच्चों को फास्ट फूड से दूर रखने की अपील उन्होंने एनीमिया के मुख्य लक्षणों पर प्रकाश डाला, जिनमें थकान और चक्कर आना शामिल हैं। SDM ने फास्ट फूड को एनीमिया की कमी का एक प्रमुख कारण बताया, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां इसका सेवन अधिक होता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को फास्ट फूड से दूर रखने और आयरन युक्त आहार लेने की अपील की। ये अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद इस अवसर पर एएसएमओ डॉ. गुलशन, डॉ. प्यारेलाल, डॉ. तेजपाल, आशा वर्कर सुषमा, स्टाफ नर्स सुनीता, सुपरवाइजर मंजू, उर्वशी और शिक्षा विभाग से अनिल कुमार सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर में नवरात्रि के दौरान मांस और मदिरा की दुकानों को बंद कराने की मांग को लेकर अखिल भारत हिन्दू महासभा ने DM को ज्ञापन दिया है। संगठन ने कहा कि त्योहार के समय धार्मिक माहौल बनाए रखना जरूरी है, इसलिए प्रशासन को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए। हिन्दू महासभा के जिलाध्यक्ष संजय जायसवाल ने बताया कि नवरात्रि हिंदू समाज का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं, माता दुर्गा की पूजा करते हैं और मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं। ऐसे समय में पूरे जिले में शांत और धार्मिक वातावरण होना चाहिए, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। नवरात्रि के दौरान कुछ दिनों के लिए बंदी की मांगज्ञापन में कहा गया है कि कई जगहों पर मांस और मदिरा की दुकानें खुले में चलती हैं, जिससे आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत होती है। खासकर नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व में इससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं और माहौल भी प्रभावित होता है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि नवरात्रि के दिनों में मांस और मदिरा की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराया जाए। उनका कहना है कि इससे त्योहार के दौरान अच्छा माहौल बना रहेगा और किसी तरह की अनावश्यक समस्या नहीं होगी। पूरे साल पर्दे में दुकान चलाने का सुझावहिन्दू महासभा ने यह भी सुझाव दिया है कि पूरे साल मांस और मदिरा की दुकानों को खुले में चलाने के बजाय पर्दे के अंदर चलाया जाए। इससे आम लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को असहजता नहीं होगी और सामाजिक माहौल भी बेहतर रहेगा। संगठन ने DM से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही ज्ञापन की प्रतिलिपि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और नगर मजिस्ट्रेट को भी भेजी गई है, ताकि सभी स्तर पर इस पर ध्यान दिया जा सके और जल्द कार्रवाई हो सके।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में चारबाग रेलवे स्टेशन के पास छिपे हुए थे। एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ में 23 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के थाना-नायगांव (जिला मिरा-भाईंदर, वसई) से सहायक पुलिस निरीक्षक यशपाल सूर्यवंशी, आरक्षी जयंत खांडवी और चेतन ठाकरे पहुंचे। उन्होंने मु0अ0सं0-135/2026, धारा 8 (C), 21 (B), 29 एनडीपीएस एक्ट में वांछित ड्रग तस्कर भावेश चौहान और शोएब अशरफ के लखनऊ में छिपे होने की सूचना दी और गिरफ्तारी के लिए सहयोग मांगा। इस पर पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ धर्मेश कुमार शाही के निर्देशन में टीम गठित की गई। एसटीएफ टीम लखनऊ में संदिग्धों की तलाश में जुटी थी, तभी सूचना मिली कि दोनों आरोपी चारबाग रेलवे स्टेशन के टेम्पो स्टैंड के पास मौजूद हैं और भागने की फिराक में हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसटीएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासेगिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। गिरोह बाजार में उपलब्ध केमिकल से ब्राउन शुगर तैयार कर सप्लाई करता था। आरोपी पिछले 4-5 साल से इस धंधे में सक्रिय थे। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी 2026 को वसई-विरार मिरा-भाईंदर क्षेत्र में माल पकड़े जाने के बाद वे मुंबई से फरार हो गए थे और लखनऊ के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
सागर के कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को शिकायत लेकर पहुंचे युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। घटना देख आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे पकड़ा और हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। समझाइश देकर उसे शांत कराया गया। वह अपनी जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत लेकर पहुंचा था। लेकिन सुनवाई नहीं होने से उसने आत्मदाह करने की कोशिश की। मोनू अहिरवार निवासी ग्राम सिगदोनी बंडा ने बताया कि पिता बूठे अहिरवार को शासन से पट्टे की जमीन खसरा क्रमांक 91 रकबा 1.50 हैक्टेयर आवंटित हुई थी। लेकिन उक्त जमीन पर सचिव राजवीर सिंह ने कब्जा कर लिया था। वह फसल नहीं काटने दे रहे है। मामले की शिकायत लेकर स्थानीय स्तर से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक कई बार शिकायत की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। परेशान होकर ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मोनू ने प्रशासन से जमीन से कब्जा हटवाने और वापस दिलाने की मांग की है। मामले में प्रशासन ने बंडा विकासखंड के तहसीलदार और पटवारी से बात कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए है।
ग्वालियर में गंदे पानी की समस्या को लेकर शहरवासी आज नगर निगम की जनसुनवाई में पहुंचे। विभिन्न इलाकों से आए लोगों ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि स्थानीय अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। वार्ड क्रमांक 35 के निवासी हमीद उस्मानी ने बताया कि पिछले डेढ़ से दो महीने से उनके क्षेत्र में दूषित पानी आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को कई बार समाचार पत्रों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। वे समस्या के निराकरण के लिए ज्ञापन देने आए थे। कमिश्नर को दिखाने बोतल में गंदा पानी लाए लोग एक अन्य शिकायतकर्ता अनूप जौहरी ने बताया कि वार्ड 35, बावन पायगा मस्जिद के सामने वाली गली और बावन पायगा आपटे की पायगा क्षेत्र में लोग डेढ़ महीने से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को दिखाने के लिए बोतल में भरकर गंदा पानी भी साथ लाए थे। जौहरी ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। जौहरी ने इंदौर में हाल ही में हुई घटना का हवाला देते हुए कहा कि ग्वालियर में भी ऐसे ही किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पीएचई अधिकारी, वार्ड दरोगा और वार्ड चैंबर सहित सभी संबंधितों से शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। शिकायतकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि तीनों वार्डों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो पूरी कांग्रेस पार्टी नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर जंगी प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
अयोध्या में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक उपभोक्ताओं में भारी असमंजस और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह से ही विभिन्न गैस एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस बुकिंग का मैसेज दिखाकर सिलेंडर लेने पहुंचे, लेकिन एजेंसियों पर केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को गैस दी जा रही है जिनकी बुकिंग पहले से दर्ज है। गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं राजकुमारी, प्रदीप कुमार, चेतराम, रामरूप, देवी प्रसाद, नीलम और गंगोत्री ने बताया कि वे कई दिनों से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन न तो उनकी बुकिंग हो पा रही है और न ही डिलीवरी की कोई स्पष्ट तारीख मिल रही है। इससे लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले में करीब 50 गैस एजेंसियां घरेलू सिलेंडर का वितरण करती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में अधिकांश एजेंसियों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोगों में यह डर भी बना हुआ है कि कहीं गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो जाए, जिसके चलते वे जल्द से जल्द सिलेंडर लेने की कोशिश में जुटे हैं। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि आज कुल 10,268 गैस बुकिंग दर्ज हुईं, जबकि 9,236 सिलेंडर ही प्राप्त हुए। सुबह का स्टॉक 10,534 सिलेंडरों का था, जो पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि मांग और आपूर्ति में मामूली अंतर के कारण कुछ लोगों को देरी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी ने यह भी साफ किया कि 14 किलो के सिलेंडर की जगह 10 किलो सिलेंडर आने की अफवाह पूरी तरह गलत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल बुकिंग के आधार पर ही गैस प्राप्त करें। फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास कर रहा है, लेकिन भीड़ और अफवाहों के चलते उपभोक्ताओं की परेशानी बनी हुई है।
जबलपुर में रुपए के लेन-देन को लेकर एक नाबालिग को उसके ही तीन साथियों ने जमकर पीटा है। आरोपियों ने कई बार नाबालिग से रुपए मांगे पर उसने जब नहीं दिया। इसके चलते उसके साथ अमानवीय हरकत की गई। तीनों ने पहले पीड़ित के साथ लात-घूंसों से पिटाई की। फिर उसके कपड़े उतारे और शरीर पर मिट्टी डाली गई। खुद की चप्पल से खुद के चेहरे पर मारने को कहा गया। उसके बाद नाबालिग को नदी में नहाने में उतारा। इस पूरे घटनाक्रम का आरोपियों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो देखने के बाद पीड़ित परिजनों के साथ ग्वारीघाट थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। मंगलवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पीड़ित और आरोपी की आपस में जान पहचान है। उनके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में चोरी और मारपीट के कई मामले दर्ज हैं। सोमवार सुबह ग्वारीघाट निवासी राजेश उर्फ रक्कू, केशू और राघव ने फोन कर 17 वर्षीय नाबालिग को घाट पर बुलाया था। हालांकि, कितने रुपए को लेकर विवाद था, यह सामने नहीं आया है। चोरी में बंटवारे को लेकर हुआ विवाद ग्वारीघाट थाना प्रभारी हरिकिशन आठनेरे ने बताया कि नाबालिग और तीनों आरोपी आपस में दोस्त हैं। सभी के खिलाफ ग्वारीघाट सहित अलग-अलग थानों में चोरी समेत कई प्रकरण भी दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ दिनों पहले इन लड़कों ने कहीं से चोरी की थी। जिसे बेचने के बाद जब रुपए का बंटवारा होना था। उस पर नाबालिग ने अपत्ति जताई, जिसके चलते विवाद हुआ। फिर तीनों आरोपी राजेश, केशू और राघव ने उससे मारपीट का प्लान बनाकर गौरीघाट पर बुलाया था। मार अपने आपको, मजा नहीं आ रहा है वीडियो में आरोपी नाबालिग से कह रहे हैं कि जब तक हम तुम्हें मना ना करें, तब तक तू अपने आपको मारता रहेगा। आरोपी यह भी कहते सुनवाई दे रहे हैं कि मजा नहीं आ रहा है। बाइक चोरी का विवाद, पता लगा रही पुलिस ग्वारीघाट थाना पुलिस अब यह भी जांच कर रही है, जिस बाइक चोरी को लेकर इनका विवाद हुआ था, वहां कहां से चोरी की थी। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि शिकायत और वीडियो को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए जांच की और तीनों लड़कों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बागपत में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट कोर्ट ने एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज गंभीर अपराध से संबंधित है। आरोपी सावन पुत्र कृष्ण पाल पर संगठित गिरोह बनाकर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने अदालत में विस्तृत दस्तावेज और पुलिस रिपोर्ट पेश की। अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट इंद्रपाल ने बताया कि प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी का आपराधिक इतिहास स्पष्ट होता है। उसके खिलाफ पहले भी कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी एक सक्रिय गिरोह का सदस्य है। यदि उसे जमानत दी जाती है, तो समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बन सकता है। यह आशंका भी जताई गई कि रिहा होने पर आरोपी दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होगी। बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए जमानत की मांग की। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों का गंभीरता से परीक्षण किया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए उसे जमानत देना न्यायहित में उचित नहीं होगा। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी संगठित अपराध में सक्रिय भूमिका निभा रहा था, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस फैसले पर पुलिस और अभियोजन विभाग ने संतोष व्यक्त किया है। इस निर्णय को अपराधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
धौलपुर में नेशनल हाईवे-123 पर एक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए। कुम्हेरी के पास हुए इस हादसे में एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक ड्राइवर का एक पैर बुरी तरह कुचल गया और उसकी पत्नी को भी चोटें आईं। जानकारी के अनुसार बसेड़ी क्षेत्र के सलेमपुर निवासी संतोष सक्सेना (पुत्र हरविलास) अपनी पत्नी रामश्री के साथ उत्तर प्रदेश के लादूखेड़ा से एक रिश्तेदारी कार्यक्रम से लौट रहे थे। धौलपुर मार्ग पर कुम्हेरी के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि संतोष का एक पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। उनकी पत्नी को भी शरीर पर कई चोटें आईं। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर वाहन लेकर फरार होने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर हाईवे पुल से पहले ट्रक को पकड़ लिया। हालांकि, ट्रक ड्राइवर और हेल्पर मौके का फायदा उठाकर गाड़ी से कूदकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। पायलट शैलेश पचौरी की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल संतोष को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार ड्राइवर व हेल्पर की तलाश शुरू कर दी है।
अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ प्रशासन ने शाहबाद क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत 24 मार्च 2024 को दो ओवरलोड डंपरों को पकड़ा गया। इन पर लगभग 2.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यात्रीकर अधिकारी होरीलाल वर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने एआरटीओ कार्यालय रामपुर के सहयोग से सुबह करीब 7 बजे विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान रेता और बजरी से लदे दो डंपर टीम को देखकर तेजी से भागने लगे। टीम ने तुरंत पीछा कर दोनों वाहनों को रोक लिया। जांच में सामने आया कि दोनों डंपरों में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक भार था। एक डंपर में लगभग 40 टन और दूसरे में करीब 37 टन रेता-बजरी भरी हुई थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके बाद दोनों वाहनों को जब्त कर शाहबाद मंडी परिसर में खड़ा कराया गया। अभियान के दौरान कई अन्य वाहनों की भी जांच की गई और विभिन्न उल्लंघनों पर चालान किए गए। यात्रीकर अधिकारी होरीलाल वर्मा ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
रतलाम में कुछ पेट्रोल पंपों पर सप्लाई बंद होने के कारण पेट्रोल पंप बंद करने पड़े। अफवाह उड़ी कि पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं और रेट भी बढ़ेंगे। इससे चालू पेट्रोल पंपों पर मंगलवार दोपहर भीड़ उमड़ गई। लोग पेट्रोल-डीजल भराने के लिए लाइन में घंटों खड़े रहे। ईरान-इजराइल युद्ध के बीच पेट्रोलियम पदार्थों की कमी देखने को मिल रही है। रतलाम शहर के बीच स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पिछले करीब 20 दिनों से बंद है। बंद का कारण संचालक की तरफ से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा शहर के फव्वारा चौक स्थित रतलाम ऑटोमोबाइल एचपी का पेट्रोल पंप दोपहर 1 बजे से बंद है। इससे इसके पास स्थित पेट्रोल पंप पर दिनभर से लोगों की लाइन पेट्रोल व डीजल भराने के लिए लग गई। एक दिन पहले शहर के दो बत्ती डीआरएम ऑफिस के सामने स्थित पेट्रोल पंप बंद था, जो कि मंगलवार को खुल गया। यहां पर लोगों की भीड़ है। पेट्रोल पंप बंद होने व रेट बढ़ने की अफवाह के चलते लोगों की भीड़ पेट्रोल पंपों पर उमड़ रही है। फव्वारा चौक पर पेट्रोल पंप बंद पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि लोग पैनिक हो रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। सप्लाई में देरी होने के कारण दिक्कत आई है। पेट्रोल भराने आए ग्राहक अजय बख्शी ने बताया कि आधा घंटे से लाइन में लगा हूं। लोग पैनिक हो रहे हैं। खाड़ी में आए संकट की वजह से अफवाह के चलते पेट्रोल पंपों पर भीड़ लग रही है। दो पंप बंद हुए हैं। संभवतः लोग घबराहट की वजह से पेट्रोल पंप पहुंचकर भीड़ कर लाइन में लग रहे हैं। संचालक बोले- कोई कमी नहीं, सप्लाई में देरी से दिक्कत हुई रतलाम ऑटोमोबाइल्स पेट्रोल पंप संचालक विश्वनाथ बाजपेई ने बताया कि आगे से सप्लाई में देरी के कारण मंगलवार दोपहर 1 बजे पेट्रोल पंप बंद किया गया है। अफवाहों के चलते लोग पैनिक हो रहे हैं। जरूरत से ज्यादा पेट्रोल व डीजल भरवा रहे हैं। इससे जल्दी स्टॉक भी खत्म हो रहा है। लोगों को समझना चाहिए। किसी प्रकार की कोई अफवाह पर ध्यान न दें। हमारा पेट्रोल पंप कल सुबह तक चालू हो जाएगा। जरूरत से ज्यादा फ्यूल भरवा रहे लोग अफवाहों के चलते स्थिति यह बन रही है कि लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक तो फुल टैंक भी करा रहे हैं। इससे पेट्रोल-डीजल जल्दी खत्म हो रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों ने जरूरत के हिसाब से पेट्रोल-डीजल भराने की अपील की है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील कीजिला आपूर्ति अधिकारी आनंद गोले ने बताया कि ऑयल कंपनियों ने बताया है कि जिले में 24 मार्च की स्थिति में पेट्रोल/डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल कंपनियों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सभी 184 पेट्रोल पंपों पर 13 लाख 26 हजार लीटर पेट्रोल एवं 16 लाख 16 हजार लीटर डीजल का स्टॉक पर्याप्त रूप से उपलब्ध है। लोग संयम बरतें और पेट्रोल/डीजल के संबंध में सोशल मीडिया एवं अन्य किसी भी प्रकार से फैल रही अनावश्यक अफवाहों पर ध्यान न दें।
ललितपुर के अभिनंदनोदय तीर्थ क्षेत्र पाल मंदिर में मंगलवार को मूलनायक अभिनंदनाथ भगवान का महामस्तिकाभिषेक किया गया। निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज के ससंघ सानिध्य में श्रद्धालुओं ने 1008 कलशों से यह अभिषेक संपन्न कराया। पहली बार हुए इस महामस्तिकाभिषेक को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस अवसर पर मुनि सुधासागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रभु हमारे इष्ट हैं, उन्हें स्वीकार करें। सुख-दुख में प्रभु के चरणों में आएं और उनकी असीम शक्ति को पहचानें। उन्होंने समझाया कि जहां चिकित्सक शरीर का इलाज करता है, वहीं प्रभु के चरणों में कर्मों का क्षय होता है। मुनि श्री ने श्रद्धालुओं से धर्म से जुड़ने और अभिनंदनोदय तीर्थ में भक्तामर की अनंतकालीन शक्ति को पहचानकर अपना कल्याण करने का आह्वान किया, जिससे अनंत पुण्य का संचय होगा। मूलनायक अभिनंदननाथ भगवान का प्रथम अभिषेक विकास जैन करमई द्वारा किया गया। मुनि श्री के मुखारविंद से शांतिधारा का पुण्यार्जन महेंद्र कुमार, प्रभात कुमार और संदीप सर्राफ परिवार ने किया। इसके उपरांत सैकड़ों की संख्या में उपस्थित धर्मावलंबियों ने कलशाभिषेक में भाग लिया। मुनि श्री के सानिध्य में मूलनायक जिनालय, चौबीसी और नंदीश्वर द्वीप के यज्ञनायक महायज्ञनायक के लिए डॉ. अक्षय टडैया, जिनेंद्र जैन डिस्को, अनिल जैन अंचल, भगवानदास कैलगुवा, सुरेश जैन, आकाश जैन गैस, सनत खजुरिया, प्रसन्न जैन सिमरा, आदेश जैन रोडा, इंजीनियर नेमिचंद सौरया, दीपक मलैया, निर्मल जैन कुम्हैड़ी, वर्णित जैन विदिशा, शुभम जैन, राहुल जैन चिगलौआ, पंकज जैन सिमिरा, रितिक जैन धौर्रा, सुधीर जैन सिवनी, रवींद्र अलया, राजीव कुमार मड़ावरा और कामरा परिवार को पुण्यार्जन का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री आकाश जैन एवी गैस ने किया। आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में मंदिर प्रबंधक मोदी पंकज जैन, अशोक जैन दैलवारा, प्रतीक जैन इमलिया, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, नरेंद्र जैन छोटे पहलवान, संजय रसिया, संजीव जैन ममता स्पोर्ट, संजीव सौरया, सौरभ जैन पीलू और वैभव जैन सहित अनेक सदस्य सक्रिय रहे। मुनि श्री सुधासागर महाराज की आहारचर्या का पुण्यार्जन जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया को मिला, जहां अनेक श्रावकों ने आहारदान कर धर्मलाभ लिया। सायंकाल जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम आलोक जैन शास्त्री द्वारा प्रस्तुत किया गया।
पत्नी से झगड़े के बाद युवक ने लगाई फांसी:लखनऊ में कमरे में लटकता मिला शव, घरेलू कलह से परेशान था
लखनऊ के कैंट थाना क्षेत्र में युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसका देर रात पत्नी से झगड़ा हुआ था। गुस्से में युवक कमरे में चला गया। सुबह जब पत्नी बुलाने गई तब फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है। सर्वेंट क्वार्टर के थिमैया मार्ग कैंट निवासी पप्पू ठाकुर (32) ट्रांसपोर्ट नगर में प्राइवेट काम करता था। उसके साले आदित्य ने बताया पप्पू का अक्सर बहन अंजली से विवाद होता था। सोमवार को दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया और अंदर से कुंडी लगा ली। सुबह बहन बुलाने गई तो दरवाजा नहीं खुला। इस पर उसने परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोग दरवाजा तोड़कर अंदर गए, तो पप्पू साड़ी के फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे उतारकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पप्पू के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। मामले में इंस्पेक्टर कैंट का कहना है परिवार की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है, मामले की जांच की जा रही है।
एमपी कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने के लिए 'नेशनल टैलेंट हंट' कार्यक्रम शुरू किया है। मंगलवार को ग्वालियर में इसकी शुरुआत हुई, जहां ग्वालियर-चंबल संभाग के आठ जिलों से 150 से अधिक युवा प्रवक्ता, स्पीकर और रिसर्चर बनने के लिए पहुंचे। यह कार्यक्रम ग्वालियर के जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित किया गया। इसके माध्यम से पार्टी प्रवक्ताओं के साथ-साथ रिसर्चर और स्पीकर की भी नियुक्ति कर रही है। पार्टी विशेष रूप से उन कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो सोशल मीडिया पर तथ्यों के साथ पार्टी का पक्ष रख सकें। युवाओं को मच देने का प्रयास कांग्रेस की इस पहल का उद्देश्य योग्य और अध्ययनशील युवाओं को राजनीति के मुख्य मंच पर लाना है। कार्यक्रम में युवाओं की संवाद कौशल, राजनीतिक समझ और समसामयिक मुद्दों पर पकड़ का आकलन किया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इसका लक्ष्य ऐसे युवा तैयार करना है जो टीवी बहसों में पार्टी का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व कर सकें। अलग-अलग संभागों में आयोजन ग्वालियर के बाद, 'नेशनल टैलेंट हंट' कार्यक्रम 25 मार्च को भोपाल संभाग और 26 मार्च को नर्मदापुरम और सागर संभाग में आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस का लक्ष्य राज्य स्तर पर 20 प्रवक्ता और जिला-संभाग स्तर पर प्रभावी पैनलिस्ट तैयार करना है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के इस टैलेंट हंट पर तंज कसा है। इस मामले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के निर्देशानुसार आज ग्वालियर में कांग्रेस कार्यालय में प्रवक्ता, स्पीकर और रिसर्चर पदों के लिए इंटरव्यू आयोजित किए गए। इस चयन प्रक्रिया का उद्देश्य युवाओं में मौजूद प्रतिभा को अवसर देना है, चाहे वे कांग्रेस से जुड़े हों या आमजन से। इन इंटरव्यू के माध्यम से योग्य युवाओं का चयन कर उन्हें कांग्रेस प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इंटरव्यू प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता अनील यादव, प्रदेश स्तर पर अपूर्व सक्सेना और ग्वालियर से राकेश अचल के मार्गदर्शन में पैनल गठित किया गया। प्रतिभाओं का मूल्यांकन करने के लिए 6-6 सदस्यों के समूह बनाए गए हैं। 12 पैनल से होगा सिलेक्शन कुल 12 पैनल बनाए गए हैं, जिनमें से 6 पैनलों द्वारा इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 6 पैनलों के इंटरव्यू अभी बाकी हैं। अब तक लगभग 70 युवाओं के इंटरव्यू हो चुके हैं। इन सभी चयनित युवाओं को आगे की प्रक्रिया के लिए भोपाल भेजा जाएगा, जहां अंतिम चयन किया जाएगा।
फर्रुखाबाद में 17 मार्च को समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विजय सिंह के आवास पर विस्फोट हुआ था। इस घटना में उनके दोनों बेटों सहित कुल छह लोग घायल हो गए थे। पुलिस प्रशासन ने मामले में छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी और जांच के लिए सैंपल भी भेजे गए हैं। मंगलवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व विधायक के आवास पर पहुंचा। हालांकि, पुलिस द्वारा आवास को पहले ही सील किया जा चुका था। प्रतिनिधिमंडल को वहां पूर्व विधायक के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं मिला। इस पर प्रतिनिधिमंडल ने आसपास के दुकानदारों से घटना के संबंध में जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल में सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, लोकसभा प्रत्याशी रहे डॉ. नवल किशोर शाक्य, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, जमालुद्दीन सिद्दीकी, कायमगंज विधानसभा प्रत्याशी व प्रदेश सचिव सर्विस अंबेडकर और महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा शामिल थे। सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने बताया कि विस्फोट में घायल हुए पूर्व विधायक के दोनों बेटों का इलाज लखनऊ में चल रहा है, और उनकी पत्नी भी वहीं मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना जांच किए ही मुकदमा दर्ज कर लिया और घर को सील कर दिया जिससे परिवार को कपड़े और अन्य जरूरी सामान लेने में भी परेशानी हो रही है। जिलाध्यक्ष ने इसे सरासर अन्याय बताया और कहा कि पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी।लोकसभा में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे डॉक्टर नवल किशोर शाक्य ने बताया जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हम लोग यहां आए हैं, यह बेहद दुखद घटना है। मेरा तो यही कहना है जिस घर में है ब्लास्ट हुआ है। उनके दोनों बेटे बुरी तरह से इंजर्ड हुए हैं। पूर्व विधायक के आवास के पास जिन-जिन लोगों की दुकानें हैं, उनसे पता किया उनका कहना था जो ब्लास्ट था, वह बहुत खतरनाक था। हमारा यही अनुरोध है पहले जो हमारे दोनों भाई हैं, जो अस्वस्थ है पहले स्वस्थ हो जाना चाहिए था। उसके बाद प्रशासन अपनी कार्रवाई करता। प्रशासन ने जिस तरीके से एफआईआर दर्ज करने का कार्य किया है मुझे न्यायोचित नहीं लगता। उन्होंने कहा अपने घर में कोई ब्लास्ट कैसे कर सकता है। यही कहूंगा शासन ने जिस तरह से अपनी जांच की है जांच अपनी पूरी करे। पूरी करने से पहले उन दोनों भाइयों के इलाज की समुचित व्यवस्था हो, वह स्वस्थ हो जाए। उसके बाद उनका परिवार और समाजवादी पूरी पार्टी न्याय के लिए मांग करती है। इस दौरान साथ में जिला महासचिव इलियास मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष बृजेश पाल, जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र शाक्य, जिला सचिव विनीत परमार, राजपाल यादव प्रदेश उपाध्यक्ष समाजवादी छात्रसभा आदि पदाधिकारी साथी मौजूद रहे।
बहराइच जिले की 59 ग्राम पंचायतों को 'टीबी मुक्त' घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री 'टीबी मुक्त भारत' अभियान के तहत यह उपलब्धि हासिल की गई है। इनमें से 13 ग्राम पंचायतें दूसरी बार टीबी मुक्त घोषित हुई हैं। इन पंचायतों के ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया गया। दूसरी बार टीबी मुक्त हुई पंचायतों के प्रधानों को गांधी की रजत प्रतिमा मिली, जबकि पहली बार टीबी मुक्त घोषित पंचायतों के प्रधानों को कांस्य प्रतिमा प्रदान की गई। यह सम्मान समारोह मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि विधानपरिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी और मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने ग्राम प्रधानों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया। नवाबगंज ब्लॉक की भगतपुर गुलरिया ग्राम पंचायत की महिला प्रधान पूजा पाण्डेय भी पहली बार टीबी मुक्त घोषित पंचायतों में शामिल थीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि यदि कोई ग्राम पंचायत तीसरी बार टीबी मुक्त घोषित होती है, तो संबंधित ग्राम प्रधान को स्वर्ण प्रतिमा से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में रेडक्रॉस सोसायटी, व्यापार मंडल और न्यू भारत हॉस्पिटल ने 20 टीबी उपचाररत बच्चों को गोद लिया और उन्हें पोषण किट प्रदान की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.एल. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी रोगी खोजो अभियान चल रहा है। इसके तहत अब तक 7 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 10,038 टीबी मरीज चिन्हित हुए हैं। निक्षय मित्रों द्वारा 9,138 मरीजों को पोषण सहयोग भी दिया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चंद्र ने इस उपलब्धि का श्रेय ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य विभाग, आशा कार्यकर्ताओं और निक्षय मित्रों के संयुक्त प्रयासों को दिया। विधानपरिषद सदस्य प्रज्ञा त्रिपाठी ने कहा कि जनभागीदारी से ही टीबी उन्मूलन का लक्ष्य तेजी से प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा, डीएचईआईओ बृजेश सिंह, एसटीएस, एसटीएलएस और सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
बांका जिले के रजौन प्रखंड कार्यालय सभागार में पंचायत समिति सदस्यों की सामान्य बैठक हंगामेदार माहौल में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख रूबी कुमारी ने की। इस दौरान विभिन्न योजनाओं को लेकर सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला,जिससे कई बार माहौल गरमा गया। उप प्रमुख गुड्डू राजा ने धाय हरणा पंचायत के वार्ड नंबर 14 में एक मिनी आंगनवाड़ी केंद्र खोलने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छोटे बच्चों को लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें और अभिभावकों को काफी परेशानी होती है।मिनी आंगनवाड़ी केंद्र बनने से बच्चों को शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। सामुदायिक भवन की राशि का दुरुपयोग कियापंचायत समिति सदस्य निलेश यादव ने चिलकावर असौता पंचायत में वर्ष 2023-24 में सामुदायिक भवन की मरम्मत के लिए आई राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भवन की मरम्मत किए बिना ही राशि निकाल ली गई है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। निलेश यादव ने यह भी बताया कि प्रखंड में 19 नए आंगनवाड़ी भवन बनने हैं, लेकिन चिलकावर असौता पंचायत के वार्ड नंबर 10 मांझी टोला में आंगनवाड़ी केंद्र न होने के बावजूद वहां भवन निर्माण का प्रस्ताव नहीं दिया गया है, जो अनुचित है।अमहारा हरचंडी पंचायत के मुखिया भैरो सिंह कुशवाहा ने वार्ड नंबर 13 स्थित जर्जर आंगनवाड़ी भवन की तत्काल मरम्मत की मांग की। रानीटिकर में नए चापाकल लगाने की मांग कीपेयजल संकट को लेकर भी बैठक में चिंता व्यक्त की गई।राजावर पंचायत समिति सदस्य ने वार्ड नंबर 1, 3, 4 और 5 में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराने की आवश्यकता बताई,ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। नवादा खरौनी पंचायत समिति सदस्य छोटू सिंह ने वार्ड नंबर 11 और रानीटिकर में नए चापाकल लगाने की मांग की।तिलकपुर पंचायत में भी पेयजल संकट के समाधान हेतु चापाकल लगाने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बैठक में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बताया गया कि 14 से 16 वर्ष की लड़कियों को गर्भाशय कैंसर से बचाव के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। मार्च के बाद से आयुष्मान कार्ड बनने शुरू हो जाएंगेसाथ ही, यह भी सूचित किया गया कि मार्च के बाद से आयुष्मान कार्ड बनने शुरू हो जाएंगे,इसलिए जिन लाभार्थियों का कार्ड अभी तक नहीं बना है, वे जल्द से जल्द इसे बनवा लें। बाल विकास परियोजना विभाग ने बताया कि ऐसे अनाथ बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं और जिनका भरण-पोषण कोई अन्य अभिभावक कर रहा है, उन्हें विभाग की ओर से प्रति माह दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम पहरिया में प्रकृति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां ग्रामीण जंगल को देवी का स्वरूप मानते हैं, जिसके कारण पूरा क्षेत्र आज भी हरा-भरा और सुरक्षित है। गांव में स्थित मां अन्नधरी देवी मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। ग्रामीण पेड़ों को काटना तो दूर, उनकी टहनियों को भी नहीं तोड़ते। यहां तक कि यदि कोई पेड़ अपने आप गिर जाए, तो उसे भी घर नहीं ले जाया जाता और वह वहीं पड़ा-पड़ा सूख जाता है। मां अन्नधरी देवी की प्रतिमा सैकड़ों साल पुरानी मंदिर के बैगा बेदराम के अनुसार, मां अन्नधरी देवी की प्रतिमा सैकड़ों साल पुरानी है। मान्यता है कि माता की कृपा से गांव में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती, इसीलिए उनका नाम अन्नधरी देवी पड़ा। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। दूर-दूर से श्रद्धालु व्रत रखकर, नंगे पैर और लोट लगाकर माता के दर्शन करने आते हैं। जंगल की लकड़ी घर ले जाने से होती है अनहोनी इस जंगल को लेकर लोगों में गहरी आस्था के साथ एक भय भी जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति यहां की लकड़ी को अपने घर ले जाता है या उसका उपयोग करता है, तो उसे अनहोनी का सामना करना पड़ता है। धार्मिक अनुष्ठानो में ही लकड़ी का उपयोग कई लोगों ने ऐसा करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें परेशानी और कष्टों का सामना करना पड़ा। कुछ मामलों में तो बिच्छू के डंक जैसी घटनाएं भी हुईं, जिसके बाद माता से माफी मांगने पर ही राहत मिली। यही कारण है कि यहां की लकड़ी का उपयोग केवल धार्मिक कार्यों जैसे होली दहन, नवधा रामायण, भागवत कथा या हवन में ही किया जाता है, वह भी माता रानी से विधिवत अनुमति लेकर। पहरिया पहाड़ गांव का रक्षक मंदिर समिति अध्यक्ष कार्तिकराम साहू बताते हैं कि पहरिया पहाड़ को गांव का रक्षक माना जाता है। जब भी गांव में किसी महामारी या संकट का खतरा होता है, तो लोग देवी की शरण में जाते हैं और उन्हें विश्वास है कि माता उनकी रक्षा करती हैं। यहां तक कि गांव में यह भी मान्यता है कि माता की कृपा से किसी भी परिवार को संतान सुख से वंचित नहीं रहना पड़ता। इस पूरे क्षेत्र की सबसे खास बात यह है कि घने जंगलों से घिरे होने के बावजूद केवल पहरिया का यह जंगल पूरी तरह सुरक्षित है, और इसका कारण है लोगों की अटूट आस्था।
उधार दिए रुपए मांगने पहुंचे युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। बुरी तरह झुलसे युवक को जिला हॉस्पिटल लाया गया, जहां से गंभीर हालत में जयपुर लाते समय उसकी मौत हो गई। घटना सवाई माधोपुर जिले के सूरवाल थाना क्षेत्र के एक गांव की है। मृतक लोकेश मीणा(28) निवासी भारजा नदी ने मरने से पहले पुलिस को पर्चा बयान भी दिया है। इसमें 2 महिला समेत कुल 4 लोगों पर जलाकर मार देने का आरोप लगाया है। पुलिस को बयान देते समय का एक वीडियो भी सामने आया है। मामले में सूरवाल थानाधिकारी अमिता राठौड़ का कहना है- एक युवक की पेट्रोल डालकर आग लगने से गंभीर झुलसने की सूचना मिली थी। उसे देर रात जयपुर रेफर किया गया। लेकिन आज दोपहर उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद सही कारणों की जानकारी सामने आ सकेगी। पहले देखिए गंभीर झुलसे युवक की 2 तस्वीरें युवक का दावा- उधारी के रुपए लेने पहुंचा थामरने से पहले पुलिस को दिए बयान में लोकेश मीणा का दावा है कि एक ही परिवार के चार लोगों ने उससे करीब 8 लाख रुपए लिए थे। यह रकम टुकड़ों में दी गई थी। इस बीच सोमवार की शाम को जब वह रकम लेने दूसरे गांव स्थित उनके घर पहुंचा तो परिवार के लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी गाड़ी में से बोतल में पेट्रोल निकालकर लाए और उसके ऊपर डाल दिया। फिर माचिस की तिल्ली से उसके आग लगा दी। इसके बाद वह बचने के लिए इधर- उधर भागता रहा, लेकिन आरोपियों ने उसका बचाव नहीं किया। उसके शरीर के पूरे कपड़े जल गए और वह गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद कुछ लोग उसे लेकर सवाई माधोपुर जिला अस्पताल पहुंचे। गंभीर हालत को देखते हुए लोकेश को जयपुर रेफर किया गया था। लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक ने मरने से पहले दावा किया कि आरोपियों के परिवार में एक युवती से करीब 2 साल पहले शादी की बात चली थी, लेकिन शादी नहीं हुई थी। हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा के बाद मंत्री पद से हटाए गए लालजीत सिंह भुल्लर के पास जो महकमे थे, उनकार बंटबारा कर दिया। अब दोनों पद दो मंत्रियों में बांटे गए हैं। फाइनेंस मंत्री हरपाल चीमा को ट्रांसपोर्ट विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि डॉ. रवजोत को जेल विभाग देखेंगे। अभी तक उनके पास एनआईआरआई विभाग की जिम्मेदारी थी। वहीं, मंत्रिमंडल में 15 मंत्री शेष रह गए है। अब तक 9 बार हुआ फेरबदल पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार 16 मार्च 2022 को बनी थी। उसके बाद से मंत्रियों के पदभार कुल 9 बार बदलाव हुए हैं। 21 मार्च 2022 को शुरुआती कैबिनेट गठन किया गया। इसमें 10 मंत्री शामिल किए गए। CM मान ने कई विभाग अपने पास रखे। इसके बाद 4 जुलाई 2022 को पहला बड़ा विस्तार हुआ। 5 नए मंत्री शामिल, कई पोर्टफोलियो बदले गए। 7 जनवरी 2023 को फौजा सिंह सरारी का इस्तीफा हुआ। डॉ. बलबीर सिंह को शामिल किया गया । 31 मई 2023 को इंदरबीर सिंह निज्जर की मंत्री मडल से छुट्टी हुई। बलकार सिंह और गुरमीत सिंह खुडियां को को शामिल किया गया।16 मार्च 2023 को 5 मंत्रियों के पोर्टफोलियो में बदलाव किया। इस दौरान अमन अरोड़ा से हाउसिंग छीना गया । 23 सितंबर 2024 को बड़ा फेदरल हुआ। इस दौरान चार मंत्रियों चेतन सिंह जौड़ामाजरा, ब्रहम शंकर जिम्पा, बल्कर सिंह, अनमोल गगन मान की कैबिनेट से छुट्टी हुई। 5 नए चेहरे शामिल किए गए। इनमें बारिंदर कुमार गोयल, हरदीप सिंह मुंडियां, रवजोत सिंह, तरुणप्रीत सिंह सोंध, मोहिंदर भगत शामिल थे। साथ ही विभागों की नए सिरे से बंटबारा हुआ। 3 जुलाई 2025 सातवां फेरबदल हुआ। कुलदीप सिंह धालीवाल की कैबिनेट से छुट्टी हुई। लुधियाना से जीतकर आए संजीव अरोड़ा को मंत्रिमंडल में शामिल किया। उन्हें इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन, NRI अफेयर्स दिए गया। 18 अगस्त 2025 को छोटा बदलाव किया। पावर विभाग संजीव अरोड़ा को दिया गया, हरभजन सिंह से छीना गया। AAP को 92 सीटें मिली 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में 92 सीटों के साथ आम आदमी पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था। इनमें कुल 117 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 59 सीटें है। AAP ने 79% बहुमत हासिल किया । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) 18 सीटें, शिरोमणि अकाली दल (SAD) 3 सीटें , भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2 सीटें बहुजन समाज पार्टी (BSP) से 1 सीट व निर्दलीय 1 सीट जीती थी।
देवरिया में युवक का शव पेड़ से लटका मिला:पारिवारिक कलह की आशंका, एक दिन पहले घर से निकल गया था
देवरिया जिले के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में गोर्रा नदी के किनारे नवला ताल के पास एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की पहचान भगवान माझा निवासी गिरीश चंद्र पाल (40) के रूप में हुई है, जो सोमवार शाम घर से निकले थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद शव को पेड़ से उतरवाया और कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों के अनुसार, गिरीश चंद्र पाल अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे और खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी शकुन्तला देवी, दो बेटियां (21 और 18 वर्ष) और दो बेटे (15 और 10 वर्ष) हैं। स्थानीय लोगों के बीच घटना के पीछे पारिवारिक कलह की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
फतेहपुर जिले में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव ने नींद और बीपी की गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि विनोद श्रीवास्तव ने दफ्तर में ही दवाओं का ओवरडोज लिया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। एडीएम और डीआईओएस सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। यह घटना सदर कोतवाली क्षेत्र की है। इस घटनाक्रम ने तब और तूल पकड़ा जब विनोद श्रीवास्तव द्वारा गोलियां खाने से पहले लिखा गया 6 पेज का सुसाइड नोट सामने आया। इस नोट में उन्होंने विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में सबसे बड़ा आरोप भाजपा के एक पूर्व अध्यक्ष पर लगाया गया है। नोट के अनुसार, बीजेपी नेता पर विनोद श्रीवास्तव की पत्नी पूनम श्रीवास्तव को राज्य महिला आयोग में या किसी अन्य पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये लेने का आरोप है। नोट में यह भी उल्लेख है कि जब पूनम श्रीवास्तव को पद नहीं मिला, तो विनोद श्रीवास्तव ने भाजपा नेता से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन रुपये नहीं लौटाए गए। सूदखोरों के दबाव और लगातार हो रही मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। इसके अतिरिक्त, विनोद श्रीवास्तव ने अपने बेटे को संविदा नौकरी से निकाले जाने का भी जिक्र करते हुए विभागीय उत्पीड़न का आरोप लगाया है। फिलहाल, यह सुसाइड नोट पुलिस के कब्जे में है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद भाजपा नेता और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सिंगरौली जिले में सराफा दुकानों को लगातार निशाना बना रहे चोरों के कारण व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल है। शिकायतों और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज सर्राफा व्यापार मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष खत्री ने मंगलवार शाम को विशेष बैठक और त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं। गैस कटर से शटर काटकर चोरी का प्रयास बीते माह 30 जनवरी को निगाही क्षेत्र के एक शॉपिंग सेंटर पर बदमाशों गैस कटर की मदद से दुकान का शटर काटकर चोरी की कोशिश की थी। इस मामले की एफआईआर नवानगर थाने में दर्ज कराई गई थी और पुलिस को स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे गए थे, लेकिन अब तक आरोपियों का सुराग नहीं लग सका है। बरगवां में दो दुकानों के शटर तोड़े निगाही की घटना के कुछ दिन बाद ही 19 फरवरी को बरगवां थाना क्षेत्र में चोरों ने दो सराफा दुकानों में बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने शटर और चैनल गेट तोड़कर सोने-चांदी के कीमती आभूषण पार कर दिए। इन घटनाओं की रिकॉर्डिंग भी कैमरों में कैद हुई थी, जिसे साक्ष्य के रूप में पुलिस को दिया गया था। व्यापारियों का आरोप है कि 24 मार्च तक इस दिशा में कोई प्रभावी प्रगति नहीं हुई है। एसपी ने बैढ़न थाने में बुलाई बैठक व्यापारियों के बढ़ते दबाव के बीच एसपी मनीष खत्री ने मंगलवार शाम 6 बजे बैढ़न थाने में सराफा व्यापारियों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान करने और बाजार क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग सराफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष रविकांत सोनी ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में हुई चोरियों का जल्द खुलासा कर माल बरामद किया जाए। उन्होंने प्रमुख बाजारों में पुलिस बल की तैनाती और सुरक्षा घेरा मजबूत करने पर जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लग सके।
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सकल जैन समाज में उत्साह का माहौल है। मुख्य समारोह 31 मार्च को बलाड़ रोड स्थित जैन दादावाड़ी में आयोजित होगा। महोत्सव के तहत 27 से 30 मार्च तक जैन जवाहर भवन में पांच दिवसीय धार्मिक, सामाजिक और रचनात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। मीडिया प्रभारी प्रकाश जैन ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ 27 मार्च को सुबह 7:15 बजे सामूहिक नवकार महामंत्र के महाजाप से होगा, जिसमें श्रद्धालु एक घंटे तक एक स्वर में मंत्रोच्चार करेंगे। महोत्सव संयोजक विमल शाह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की टीम विभिन्न आयोजनों को सफल बनाने में जुटी है। महोत्सव संयोजक जसवंत बाबेल और दलपतराज बोहरा ने बताया कि इसे ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के सभी वर्ग सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। महावीर बाजार स्थित समाज कार्यालय में हुई विशेष बैठक में विभिन्न संघों के पदाधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा की और युवाओं व मातृ शक्ति से सेवा भाव के साथ जुड़ने का आह्वान किया। इस बैठक में गौतम चौधरी, संपतराज ढेड़िया, उत्तम ओस्तवाल, दुलीचंद मकाणा, धर्मीचंद ओस्तवाल, धनराज रांका, मनीष मेहता, पदम कांकरिया, पदम कटारिया, अशोक पाडलेचा, पीयूष रांका, मोहित कुमठ, धर्मेंद्र बिनायकिया, भूपेश भंसाली, मुकेश बाफना, अशोक रांका, गौतम बाफना, धरेंद्र डोसी और सुरेश डोसी सहित समाज के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। महोत्सव के तहत 30 मार्च को जैन जवाहर भवन में 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ श्रावक-श्राविकाओं का सेवा सम्मान किया जाएगा। इसके लिए समाज की एक विशेष टीम वरिष्ठजनों की सूची तैयार कर रही है, ताकि कोई भी सम्मान से वंचित न रहे।
श्रावस्ती पुलिस ने सोनपथरी आश्रम के पास नाले में मांसाहारी भोजन के अवशेष फेंकने के मामले में 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह घटना 17 मार्च 2026 की है। आरोप है कि कुछ लोगों ने रोजा इफ्तारी के लिए मांसाहारी भोजन तैयार किया और उसके अवशेष सोनपथरी नाले में फेंक दिए। इस नाले का पानी सोनपथरी आश्रम में आने वाले श्रद्धालु पीने, भोजन बनाने और मंदिर की सफाई में उपयोग करते हैं। इस कृत्य से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात सामने आई थी। आश्रम के पुजारी की तहरीर पर थाना सिरसिया में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, वन विभाग ने भी एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसके आधार पर जंगल में अवैध रूप से आग जलाने, जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचाने और आगजनी की आशंका को लेकर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 9, 26, 27 और 29 के अंतर्गत एक और अभियोग पंजीकृत किया गया। थानाध्यक्ष सिरसिया प्रभारी शैलकांत उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इन 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले 20 मार्च को इसी मामले में शांतिभंग की आशंका के चलते चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। प्रशासन ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कृत्यों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगरा में इलेक्ट्रिक सिटी बस चार्जिंग स्टेशन खराब हो गया है। जिसके कारण शहर की सारी इलेक्ट्रिक बसें डिस्चार्ज हो गई है, और सभी बस बंद हो गई है। इसका सीधा असर एमजी रोड पर पड़ रहा है। यात्रियों को 1 से 2 घंटे इंतजार करने के बाद भी बस नहीं मिल रही है। एमजी रोड पर ही सबसे अधिक सरकारी दफ्तर और बड़ी मार्केट है। लोगों को पैदल जाना पड़ रहा है। एमजी रोड पर ऑटो और ई-रिक्शा पर प्रतिबंध है। जिसकी वजह से लोगों को वाहन नहीं मिल रहे है, और लोगों को घर यो फिर बाजार तक का सफर पैदल रहे है। 7KM एमजी रोड पर हजारों यात्री बस का इंतजार कर रहे है। कॉलेजों की छुट्टी होने की वजह से छात्र अपने घर नहीं जा पा रहे है। इससे आगरा शहर ही नहीं बल्की आसपास के लगभग 40 से 50 KM तक के यात्री परेशान है। एक यात्री ने बताया- वे इटावा से आगरा आए थे, करीब दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे है। एमजी रोड ऑटो और ई-रिक्शा बंद है, कोई वाहन नहीं मिल रहा है। अगर बस चार्ज नहीं हो पाई है तो कोई बात नहीं है, कुछ डीजल वाली बस लगा दें। कम से कम यात्रियों को तो कोई परेशानी तो नहीं होगी। और वे अपने घर जा सकेंगे। भगवान टॉकिज चौराहे पर खड़े छात्रों ने बताया- कॉलेज से अभी छुट्टी हुई है, और एमजी रोड़ के किसी पर चौराहे पर बस नहीं है। कुछ ऑटो मिल रहे उससे जा रहे है। बहुत लोगों को जानकारी नहीं है, तो घंटों तक इंतजार कर रहे है।
मैहर मंदिर की सीढ़ियों से गिरा 5 साल का बालक:सिर में आई चोट, चित्रकूट से दर्शन के लिए आया था परिवार
मैहर जिले के मां शारदा देवी मंदिर में मंगलवार सुबह दर्शन के दौरान एक पांच वर्षीय बालक सीढ़ियों से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सिविल अस्पताल मैहर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मऊ-चित्रकूट निवासी अंश पासवान (5 वर्ष) अपने पिता लवकुश पासवान और अन्य परिजनों के साथ मैहर दर्शन करने आया था। दर्शन के बाद जब परिवार सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था, तभी अचानक मासूम अंश का संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़ा। इस घटना में उसके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत अंश को सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फाजिल्का जिले के कई गांवों में पुलिस और एक्साइज विभाग अवैध शराब के लिए रेड मारी। पुलिस ने घरों में रेड करते हुए कई जगह से अवैध लाहन और शराब बरामद की है । बताया जा रहा है कि पंचायती जमीन पर बने पार्क की जमीन में नीचे दबा कर रखी गई। इसके अलावा, घरों में बेड में, खेतों में मोटर वाले कमरे में छुपा कर रखी गई, यहां तक की गांव के छप्पड़ के पानी में छुपा कर रखी गई अवैध लाहन और शराब बरामद हुई है। फिलहाल, मामले में कार्यवाही की जा रही है। जलालाबाद के इन गांवों में मारी रेड जानकारी के अनुसार, पुलिस और एक्साइज विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत जलालाबाद के गांव काठगढ़, पालीवाला और ढाणी प्रेम सिंह में रेड कर दी गई। इस रेड के दौरान पुलिस ने कई घरों में बेड के नीचे छुपा कर रखी गई अवैध शराब बरामद की। अवैध लाहन का जखीरा बरामद इसके अलावा, खेतों में मोटर वाले कमरे में छुपा कर रखी गई या फिर बंद घरों में छिपाई गई, पशुओं के कमरे में छिपाई गई, अवैध लाहन का जखीरा बरामद किया है। वहीं, गांव के छप्पर से भी पानी में छुपा कर रखे गए लाहन के ड्रम मिले हैं। एक्साइज एक्ट में कार्रवाई की जा रही बताया जा रहा है कि कल 5000 लीटर अवैध लाहन बरामद कर उसे नष्ट किया गया है। इसके साथ ही भट्ठियों का सामान भी मिला है। जबकि, 200 लीटर अवैध शराब भी बरामद हुई है। फिलहाल, पुलिस द्वारा इस मामले में एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ग्वालियर में पंजाब नेशनल बैंक की अचलेश्वर शाखा से अकाउंट-पे चेक चोरी कर रकम निकालने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने हरियाणा की कैथल जेल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सुनील रंधावा को प्रोटेक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जा रही है। स्कूल प्राचार्य के चेक से निकाले गए थे एक लाख रुपए 25 नवंबर 2025 को सरस्वती शिशु मंदिर की प्राचार्य कल्पना सिकरवार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके स्कूल का एक लाख रुपए का अकाउंट-पे चेक चोरी कर कैश निकाल लिया गया। चेक बैंक के ड्रॉप बॉक्स से गायब हुआ था। अमृतसर से पहले आरोपी की हो चुकी गिरफ्तारी पुलिस ने 4 फरवरी 2026 को अमृतसर निवासी रजनीश चौहान को गिरफ्तार किया था। वही बैंक में चेक लगाकर नकद राशि निकालने गया था। आधार नंबर से खुला पूरा मामला बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में 50 हजार से अधिक की राशि निकालने पर आधार नंबर दर्ज किया गया था। इसी आधार जानकारी से पुलिस आरोपी रजनीश तक पहुंची और गिरोह का खुलासा हुआ। पूछताछ में सामने आया कि जम्मू निवासी सुनील रंधावा इस गिरोह का मुख्य आरोपी है। पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची तो वह कैथल जेल में बंद मिला। ड्रॉप बॉक्स से चेक निकालकर करते थे हेराफेरी आरोपी बैंक के ड्रॉप बॉक्स से चेक निकालकर अकाउंट-पे की लाइन मिटा देता था। इसके बाद चेक को बेयरर बनाकर काउंटर से नकद भुगतान ले लिया जाता था। ग्वालियर आकर वारदात को दिया अंजाम आरोपी सुनील अमृतसर से रजनीश को साथ लेकर ग्वालियर आया था। 18 नवंबर 2025 को बैंक से चेक चोरी किया और अगले दिन 19 नवंबर को बैंक ऑफ बड़ौदा से राशि निकाल ली गई। क्राइम ब्रांच की टीम अब आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य वारदातों की जानकारी जुटा रही है।
जिला न्यायाधीश अनुपम कुमार, जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह और एसएसपी अविनाश पांडे ने संयुक्त रूप से जिला कारागार, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर, सूरजकुंड बाल गृह और राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन लालकुर्ती (नारी निकेतन) का निरीक्षण किया। जिला कारागार में, जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और एसएसपी ने चिकित्सालय कक्ष, पाठशाला, महिला बैरक और शिशु सदन का निरीक्षण किया। उन्होंने कैदियों से बातचीत कर उनके खान-पान और कानूनी पैरवी के लिए वकील आदि के बारे में जानकारी ली। राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में, तीनों अधिकारियों ने किशोरों से उनके खान-पान, दवाइयों और पेशी से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की। सूरजकुंड बाल गृह में, जिला न्यायाधीश और जिलाधिकारी ने बच्चों से उनके खान-पान, पढ़ाई और दवाइयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शिशु सदन का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन लालकुर्ती (नारी निकेतन) में, जिला न्यायाधीश और जिलाधिकारी ने बच्चों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से उनके खान-पान और पढ़ाई से संबंधित विषयों पर बातचीत की। इस अवसर पर, जिला कारागार के जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर, सूरजकुंड बाल गृह और नारी निकेतन के स्टाफ सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर के सूरजकुंड इलाके में पूर्व मेयर आशा देवी की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद लगातार दूसरे दिन भी जारी है। किन्नर समाज के लोग सोमवार से मौके पर धरना दिए बैठे हैं और अब आंदोलन तेज करते हुए प्रशासन से तत्काल मकान खाली कराकर कब्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से चल रहे इस विवाद में कार्रवाई न होने से किन्नरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। मंगलवार को भी किन्नर समाज के लोग बड़ी संख्या में सूरजकुंड पहुंचे और धरना जारी रखा। सड़क किनारे बैठकर विरोध जताने से पूरे इलाके में दिनभर हलचल रही। आश्वासन नहीं अब हो कार्रवाईधरने पर बैठे किन्नरों ने साफ कहा कि अब वे किसी भी तरह के आश्वासन को स्वीकार नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब कोर्ट का आदेश उनके पक्ष में आ चुका है, तो प्रशासन को तुरंत अमल कराना चाहिए। किन्नरों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा बार-बार “जल्द कार्रवाई” का भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया। जानिए क्या है मामला?यह मामला करीब 13 साल पहले पूर्व मेयर आशा देवी के निधन के बाद शुरू हुआ था। उस समय संपत्ति को लेकर कई पक्ष सामने आए थे और विवाद अदालत तक पहुंच गया। वर्षों तक चले इस मामले में 2024 में फैसला आया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कब्जा न मिलने से विवाद फिर से सड़कों पर आ गया है। किन्नर समाज ने रखा पूरा पक्षधरने पर बैठी नैना किन्नर ने बताया कि आशा देवी ने अपनी मृत्यु से पहले ही मकान अपने भतीजे दीपक यादव के नाम कर दिया था। आरोप है कि आशा देवी की मौत के बाद मधु यादव के पति रमेश यादव ने दबंगई दिखाते हुए दीपक को घर से बाहर कर दिया। इसके बाद दीपक ने अदालत में मामला दायर किया, जहां लंबे समय बाद 2024 में फैसला उसके पक्ष में आया। नैना के अनुसार, कोर्ट से जीत मिलने के बाद दीपक यादव ने सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए मकान किन्नर समाज को सौंप दिया। इसके बावजूद आज तक मकान खाली नहीं कराया गया, जिससे किन्नर समाज खुद सड़क पर उतरने को मजबूर हुआ है। कागज होने पर भी नहीं मिल रहा हकगोल्डी किन्नर ने कहा कि उनके पास मकान से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद उन्हें कब्जा नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल आश्वासन देकर मामले को टाला जा रहा है। कोमल किन्नर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मकान खाली नहीं कराया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं सिम्मी किन्नर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई कराई जाए, ताकि किन्नर समाज को न्याय मिल सके। मौके पर पुलिस भी है मौजूदलगातार दूसरे दिन धरना जारी रहने से सूरजकुंड इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भीड़ और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और अधिकारी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन कब तक इस विवाद में ठोस कार्रवाई करता है और किन्नर समाज को उनका अधिकार दिला पाता है। फिलहाल किन्नर समाज अपनी मांग पर अड़ा हुआ है और कब्जा मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा है।
सिरसा में पंजाब की ओर से बहकर आने वाला नसाडा नाला हर बार की तरह इस बार भी हरियाणा सीमा से सटे गांव जोगेवाला और डबवाली क्षेत्र के किसानों के लिए आफत बन गया है। नाले की समय पर खुदाई न होने और निकासी व्यवस्था दुरुस्त न किए जाने के कारण सोमवार देर रात यह नाला ओवरफ्लो होकर टूट गया। इससे करीब 150 एकड़ में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल जलमग्न हो गई। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 12 से 1 बजे के बीच अचानक पानी की मात्रा बढ़ने से नाला जोगेवाला की तरफ से टूट गया। पिछले आठ दिनों से आसपास के गांवों के किसान नाले पर टिकरी पहरा दे रहे थे, लेकिन पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि तटबंध टूट गया। मौके पर मौजूद किसानों ने तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दी, लेकिन विभागीय टीम कई घंटे बाद पहुंची। तब तक करीब 50 फुट चौड़ी दरार बन चुकी थी। किसानों ने खुद भरा दरार, पर बहाव रोकना मुश्किल किसानों ने अपने स्तर पर मिट्टी और बोरी डालकर दरार को भरने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण उसे रोक पाना मुश्किल हो गया। खेतों में लगातार पानी भरता चला गया, जिससे फसलें पूरी तरह डूब गईं। किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया किसान महिपाल सिंह डूमवाली, सुरजीत सिंह, भानु प्रताप, रविंद्र सिंह, हरजीत सिंह, डिंपी, खुशदीप सिंह रिंकू और राजवीर ने बताया कि पिछले आठ दिनों से वे दिन-रात नाले पर पहरा दे रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग को पहले ही खतरे की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई स्थाई कदम नहीं उठाया गया। किसानों के अनुसार, अब तक यह नाला आठ बार टूट चुका है और हर बार नुकसान किसानों को ही झेलना पड़ता है। स्थाई समाधान और मुआवजे की मांग किसानों ने कहा कि नाले की आगे निकासी न होने के कारण बार-बार यह समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने मांग की कि नाले की करीब दो किलोमीटर तक खुदाई करवाई जाए और पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था की जाए। किसानों ने हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है। दोनों तरफ के किसानों में हो चुका तनाव किसानों ने यह भी याद दिलाया कि 1996 में नाले के टूटने से पंजाब और हरियाणा के किसानों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी, जबकि 1922 में भी इसी नाले के टूटने से भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब की ओर से तटबंध को न तोड़ा जाए और नाले की सफाई नियमित रूप से करवाई जाए, तो इस समस्या का स्थाई समाधान संभव है।
कोटा में बार एसोसिएशन के द्वारा आयोजित संभाग स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आज समापन हुआ। करीब दो सप्ताह तक चले इस खेल महोत्सव में हाड़ोती संभाग के वकीलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला खेला गया, जिसमें कोटा बार एसोसिएशन के जसदीप बरार की टीम विजेता बनी। अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष भारत सिंह अडसेला ने बताया- खेलकूद प्रतियोगिता की शुरुआत 9 मार्च को हुई थी, जिसका समापन 24 मार्च को किया गया। इस दौरान शतरंज, टेबल टेनिस, क्रिकेट, कैरम बोर्ड और बैडमिंटन सहित कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ से आए अधिवक्ताओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें महिला और पुरुष दोनों वर्गों के खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। समापन समारोह के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने सभी विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिवक्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में कोटा बार एसोसिएशन की जसदीप बरार की टीम और बूंदी की टीम के बीच रोमांचक मैच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए बरार की टीम ने 20 ओवर में 172 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बूंदी की टीम अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और 26 रन से मुकाबला हार गई। इस तरह जसदीप बरार की टीम ने खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष पुरस्कार दिए गए। फाइनल मैच में रमनदीप सिंह को मैन ऑफ द मैच चुना गया, जबकि कमलकांत शर्मा को मैन ऑफ द सीरीज और बेस्ट बॉलर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया गया। अंत में अभिभाषक परिषद के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से अधिवक्ताओं के बीच आपसी भाईचारा बढ़ता है और खेल भावना को प्रोत्साहन मिलता है।
चंडीगढ़ में बढ़ती फायरिंग और गैंगस्टर गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पंजाब की तर्ज पर चंडीगढ़ में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) का गठन किया गया है। इस टीम की कमान दो जांबाज इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों और इंस्पेक्टर सतविंदर दुहान को सौंपी गई है, जो सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करेंगे। हाल के दिनों में शहर में कई फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, सेक्टर-9 में चमनप्रीत की हत्या, सेक्टर-30 में गोलीबारी और करोड़ों की फिरौती कॉल जैसे मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। इन घटनाओं के बाद चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने भी नाराजगी जताई थी। ऑपरेशन सेल में होगा दफ्तर नई एजीटीएफ में इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों और इंस्पेक्टर सतविंदर दुहान को जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अधिकारी सीधे चंडीगढ़ के डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा को रिपोर्ट करेंगे। इनके काम में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होगा और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इन्हें पूरी छूट दी गई है। एजीटीएफ का ऑफिस सेक्टर-26 स्थित ऑपरेशन सेल में बनाया गया है। यह टीम गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनकी धरपकड़ के लिए रणनीति तैयार करेगी। पहले भी सुलझा चुके हैं बड़े केस इंस्पेक्टर सतविंदर दुहान पहले क्राइम ब्रांच के इंचार्ज रह चुके हैं और उन्होंने कई हत्या, लूट और नशा तस्करी के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों भी ऑपरेशन सेल में रहते हुए कई बड़े गैंगस्टरों को पकड़ चुके हैं और उन्होंने एक ओपन एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें कई गैंगस्टरों के नाम शामिल थे। थाना प्रभारियों का भी बनेगा रिपोर्ट कार्ड एजीटीएफ के गठन के साथ ही चंडीगढ़ पुलिस के थाना प्रभारियों पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। हर थाने का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र में हुई वारदातें, सुलझाए गए केस और लंबित शिकायतों का रिकॉर्ड शामिल होगा। सूत्रों के मुताबिक, परफॉर्मेंस के आधार पर थाना प्रभारियों के तबादले भी किए जा सकते हैं। प्रशासन का मकसद साफ है कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाए और गैंगस्टरों पर पूरी तरह नकेल कसी जाए।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की पहली चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स को नया मालिक मिल गया है। पिछले कुछ महीनों से चल रही प्रक्रिया के बाद आखिरकार टीम की बिक्री फाइनल हो गई। अमेरिका के बिजनेसमैन काल सोमानी और उनके कंसोर्टियम ने 1.63 बिलियन डॉलर (करीब 15,289 करोड़ रुपए) की रिकॉर्ड बोली लगाकर फ्रेंचाइजी को खरीद लिया है। इस डील के साथ राजस्थान रॉयल्स IPL इतिहास की सबसे महंगी बिकने वाली फ्रेंचाइजी में शामिल हो गई है। इस सौदे ने दिखा दिया है कि पिछले डेढ़ दशक में IPL टीमों की वैल्यू में कितनी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जब 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत हुई थी, तब राजस्थान रॉयल्स को करीब 67 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था। उस समय इसकी कीमत लगभग 260 से 270 करोड़ रुपए के आसपास थी। अगर उस राशि को आज की वैल्यू में देखा जाए तो यह करीब 628 करोड़ रुपए के बराबर बैठती है। अब 2026 में यही फ्रेंचाइजी 1.63 बिलियन डॉलर यानी लगभग 15,289 करोड़ रुपए में बिकी है। इस तरह 2008 की आज की कीमत के मुकाबले टीम की वैल्यू में करीब 24 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है दरअसल, टेक्नोलॉजी और निवेश जगत में बड़ा नाम माने जाने वाले काल सोमानी पहले से ही राजस्थान रॉयल्स में निवेशक रहे हैं। उन्होंने 2021 में फ्रेंचाइजी में निवेश किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि IPL और राजस्थान रॉयल्स में भविष्य की बड़ी संभावनाएं हैं और वे इस निवेश को लेकर काफी उत्साहित हैं। सोमानी ने टेक्नोलॉजी, एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, AI गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक जैसे क्षेत्रों में कई वैश्विक कंपनियां खड़ी की हैं। इस नई डील के साथ खेल जगत में उनका निवेश और मजबूत हो गया है। -- ये खबर भी पढ़ें रियान पराग राजस्थान रॉयल्स के नए कप्तान होंगे:2019 से टीम के साथ हैं; संजू सैमसन ट्रेड होकर CSK चले गए थे IPL 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम ने ऑलराउंडर रियान पराग को टीम का अगला कप्तान नियुक्त किया है। यह फैसला संजू सैमसन के चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में चले जाने के बाद लिया गया है। 2026 के लिए हुए IPL के मिनी ऑक्शन से पहले संजू सैमसन ट्रेड विंडो के जरिये सीएसके में चले गए थे। (पूरी खबर पढ़ें)
गोरखपुर में संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम के सदन हाल में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलने वाले संचारी एवं दस्तक अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से आयोजित की गई। सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स को दिया गया प्रशिक्षण कार्यशाला में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर्स को अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किस तरह से क्षेत्र में काम करते हुए बीमारियों के प्रसार को रोका जा सकता है। मच्छर जनित रोगों पर रहेगा विशेष फोकस अभियान के दौरान डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए शहर में कहीं भी पानी जमा न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। गमलों, कूलर, टूटे बर्तनों, फ्रिज के पीछे जमा पानी और निर्माणाधीन भवनों में पानी की जांच कर एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव किया जाएगा। छिड़काव पर जोर नालियों की नियमित सफाई, पार्कों की देखभाल और फॉगिंग अभियान को तेज किया जाएगा। सुअरबाड़ों और मुर्गी फार्मों में भी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। चलेगा जनजागरूकता अभियान लोगों को साफ-सफाई, हाथ धोने की आदत और शौचालय के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकों के माध्यम से लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। पूरे शहरी क्षेत्र को 6 हिस्सों में विभाजित किया गया है। 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की टीमों के साथ मलेरिया और फाइलेरिया निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है, जो नियमित रूप से निगरानी और कार्रवाई करेंगे। स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की बेहतर व्यवस्था सभी 23 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू, मलेरिया समेत अन्य जरूरी जांचों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इससे बुखार से पीड़ित मरीजों की तुरंत जांच और इलाज संभव हो सकेगा। अभियान के दौरान किए गए कार्यों की रोजाना फोटो लेकर व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि काम की निगरानी सही तरीके से हो सके।
निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील इस बार रामनवमी पर भव्य और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। रामराजा मंदिर में 27 मार्च से पांच दिवसीय रामजन्म महोत्सव की शुरुआत होगी, जहां धार्मिक अनुष्ठान, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार श्रृंखला देखने को मिलेगी। महोत्सव को लेकर पूरे मंदिर परिसर की आकर्षक साज-सज्जा की जा रही है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव की शुरुआत 27 मार्च को प्राकट्य पर्व के रूप में होगी। पहले दिन सुबह 8:30 बजे कुश नगर से रामराजा परिषद एवं मित्र मंडल द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। प्रकटोत्सव के गाई जाएंगी बधाई दोपहर 12:30 बजे रामराजा मंदिर प्रांगण में रामराजा परिषद बुंदेली लोकगीतों के साथ बधाई गीत प्रस्तुत करेगा। इसमें ख्याति प्राप्त कलाकार उर्मिला पांडे, राष्ट्रीय भजन गायक पवन तिवारी और बबलू तिवारी बधाई गीत की प्रस्तुति देंगे। भगवान के ओरछा आगमन की वर्षगांठ भी रामनवमी पर ही होती है, जिसे रामराजा परिषद पिछले कई वर्षों से शोभायात्रा और बधाई कार्यक्रम के साथ मनाता आ रहा है। यह यहां की सालों पुरानी परंपरा है। मंदिर के अंदर दोपहर 12 बजे पूजन-आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। रात 8 बजे रामराजा सरकार दालान में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन निवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें छतरपुर की लोक कलाकार मुस्कान प्रजापति अपने साथियों के साथ बुंदेली लोक गायन प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद “मर्यादा पुरुषोत्तम” विषय पर भव्य नृत्य नाटिका का मंचन होगा, जिसकी प्रस्तुति भोपाल की कलाकार माण्डवी अजय अरोणकर और उनकी टीम द्वारा दी जाएगी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विदिशा की सौम्या और उनके साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाएगा। प्रशासन ने की चाक चौबंद व्यवस्था28 मार्च को सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत होगी और इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। 29 और 30 मार्च को विशेष रूप से पालना और झांकी दर्शन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर होंगे। रामजन्म महोत्सव को लेकर मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। लाखों की संख्या में भक्तों के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन के लिये उचित व्यवस्था कर रखी है। गर्मी को देखते हुए भक्तों के लिये व्यवस्थाएं की हुई है और पार्किंग के लिय स्थान तय कर दिये गये है। लोगों को परेशानी ना हो इसके लिये भी यातायात पुलिस और मंदिर प्रबंधन ने पूरा समन्वय बैठा रखा है। भारी वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और तय किये स्थानों पर ही वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी। कुल मिलाकर यह पूरा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बुंदेली संस्कृति और लोक परंपराओं का भी अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।
अररिया में मौसम के अचानक बदलाव के बाद कोल्ड डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे के भीतर सदर अस्पताल में उल्टी, पेट दर्द और लूज मोशन की शिकायत लेकर करीब 150 मरीज पहुंचे हैं। इनमें अधिकांश मरीजों में कोल्ड डायरिया के लक्षण पाए गए हैं, जिससे अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भीड़ बढ़ गई है। मौसम में उतार-चढ़ाव बना मुख्य कारण चिकित्सकों के अनुसार, हाल के दिनों में हुई बारिश और उसके बाद अचानक बढ़ी ठंड के कारण मौसम में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया है। यही बदलाव कोल्ड डायरिया के फैलाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में पानी और भोजन में संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहती है, जिससे लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। बच्चों और युवाओं में ज्यादा असर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि मरीजों में बच्चों और युवाओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि खान-पान में लापरवाही और बाहर के दूषित भोजन के सेवन से यह समस्या और बढ़ रही है। कई लोग पहले घरेलू उपचार करते हैं, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं होता, तब अस्पताल पहुंचते हैं। डिहाइड्रेशन का खतरा, समय पर इलाज जरूरी डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि डायरिया के मामलों में सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन का होता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि, फिलहाल किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अस्पताल में बढ़ाई गई व्यवस्था मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सदर अस्पताल में ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और जांच की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त व्यवस्था कर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी लगातार मरीजों की निगरानी में जुटे हुए हैं, ताकि किसी भी स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। बचाव के लिए डॉक्टरों की सलाह डॉ. अवनीश कुमार ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ताजा और घर का बना भोजन ही खाएं तथा खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं। उन्होंने पीने के लिए केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके साथ ही बाहर के खाने और स्ट्रीट फूड से बचने को कहा गया है। बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे और बुजुर्ग इस बीमारी से जल्दी प्रभावित होते हैं, इसलिए उनका विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यदि किसी को उल्टी-दस्त की शिकायत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और बिना सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोगों से अपील स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। पानी की टंकियों और कूलर की नियमित सफाई करने को कहा गया है, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। घबराएं नहीं, सतर्क रहें विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में अनियमित बदलाव के कारण इस तरह के मामले सामने आना सामान्य है, लेकिन सतर्कता बरतकर इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। अररिया के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, लेकिन लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव तिरपड़ी निवासी श्रीभगवान के रूप में हुई है। वह एक निजी वेयर हाउस में काम करता था। घटना दोपहर करीब 1:30 बजे खेड़ा खुर्रमपुर रोड स्थित वेयरहाउस के पास हुई। एक अज्ञात गाड़ी चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए श्रीभगवान को टक्कर मार दी। हादसे के बाद घायल युवक को पहले फर्रुखनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत होने पर उसे सेक्टर-10 गुरुग्राम रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे सेक्टर-90 स्थित आरवी हेल्थकेयर अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भाई की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस के अनुसार, मृतक अविवाहित था और अपने बड़े भाई विजय के साथ रहता था। विजय की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना फर्रुखनगर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 106 के तहत केस दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना हादसे का कारण माना जा रहा है। जांच अधिकारी एसआई अशोक कुमार को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी वाहन और चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
दरभंगा में मंगलवार को रसोई गैस (LPG) की किल्लत के खिलाफ जिला कांग्रेस कमिटी के बैनर तले विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन दरभंगा जिला कांग्रेस कार्यालय, बलभद्रपुर लहेरियासराय से शुरू हुई, जहां से सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता हाथों में गैस सिलेंडर लेकर जुलूस के रूप में निकले। जुलूस विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए दरभंगा समाहरणालय के समक्ष पहुंचा, जहां केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जिलाध्यक्ष दयानंद पासवान ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम आदमी का बजट बिगड़ गया है। इस दौरान लहेरियासराय टावर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पेट्रोलियम मंत्री का पुतला दहन किया गया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। साथ ही, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री का अर्थी जुलूस निकालकर प्रतीकात्मक दाह संस्कार भी किया। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बोले- गैस संकट का असर दिख रहा है कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि रसोई गैस की किल्लत पूरे देश में है, लेकिन बिहार में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। उन्होंने इसे निंदनीय और चिंताजनक बताते हुए कहा कि घर, होटल, हॉस्टल और रेस्टोरेंट, सभी जगह गैस संकट का असर देखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीनी हकीकत से आंख मूंदे हुए है। एक ओर सरकार कहती है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है,जबकि दूसरी ओर 1000 रुपये का गैस सिलेंडर 3000 से 5000 रुपए तक में बेचा जा रहा है। झा बोले- किल्लत खत्म नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेंगे मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य के हर जिले में विरोध प्रदर्शन का समय तय किया है। यदि जल्द ही सरकार इस पर ठोस निर्णय लेकर गैस की किल्लत खत्म नहीं करती है, तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार जनता की समस्याओं को सुनने में असंवेदनशील है। कांग्रेस का दायित्व है कि वह जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाए, और इसी उद्देश्य से यह प्रदर्शन किया जा रहा है। मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. मुन्ना खान ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति पूरी तरह विफल हो चुकी है और प्रधानमंत्री विदेश दौरों में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने कुछ खास लोगों के हित में काम कर रही है, जिससे देश की 140 करोड़ जनता प्रभावित हो रही है। डॉ. मुन्ना खान ने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ भारत के संबंध कमजोर हुए हैं, जबकि पाकिस्तान पहले से ही दुश्मन देश रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को वास्तविक मुद्दों से भटका रही है और कठिन परिस्थितियों में भी संयम की बात कर रही है।
जयपुर में सिक्योरिटी गार्ड की हत्या उधार रुपए देने से मना करने पर की गई थी। हत्या करने वाला भी उसका साथी गार्ड ही था। उसने पूरी प्लानिंग के तहत बड़ी ही बेरहमी से पत्थर से उसका सिर फोड़ा था। उसके मरने के बाद अंगूठा लगाकर ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर किए थे। मामला गलतागेट थाना पुलिस का है। क्रिकेट सट्टे में रुपए हारने पर मांगा था उधार पुलिस कमिश्नर सचिन मितल ने बताया कि प्रमोद (51) निवासी मैनपुर उत्तर प्रदेश की हत्या करने पर प्रदीप कुमार यादव उर्फ कन्हैया (27) निवासी करहल मैनपुरी उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया है। दोनों गलतागेट के बासबदनपुरा में जैन नसिया पार्किंग में गार्ड की नौकरी करते थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रदीप कुमार यादव क्रिकेट में ऑनलाइन सट्टा लगाने का शौक रखता है। करीब 5-6 दिन पहले क्रिकेट ऑनलाइन सट्टे में करीब 5 हजार रुपए हार गया था। कर्जा उतारने के लिए उसने अपने साथी प्रमोद से 2 हजार रुपए उधार मांगे थे। उधार रुपए देने से प्रमोद ने मना कर दिया था। मृतक का ऑनलाइन बैंकिंग ऐप खुद चलाता था DCP (नॉर्थ) करन शर्मा ने बताया कि एक ही गांव के रहने वाले होने के कारण प्रमोद अपने साथी प्रदीप पर विश्वास करता था। वह ऑनलाइन बैंकिंग ऐप चलाना नहीं जानता था। ऐसे में रुपए घर भेजने के लिए प्रदीप की ही मदद लेता था। इस कारण प्रदीप जानता था कि साथी प्रमोद के बैंक अकाउंट में कितने रुपए जमा है। बैंक अकाउंट में रुपए होने के बाद भी उधार देने मना करने पर आरोपी प्रदीप रंजिश रखने लगा। सिर पर पत्थर से वार कर हत्या की SHO (गलतागेट) धर्मसिंह ने बताया- पूछताछ में आरोपी प्रदीप ने प्लानिंग के तहत अपने साथी प्रमोद की हत्या करना स्वीकार किया है। रविवार सुबह करीब 4 बजे वह पार्किंग में गार्ड रूम में गया। वहां सो रहे प्रमोद के सिर पर पत्थर से वार कर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। उसके मरने के बाद अंगुठा (थंब प्रिंट) लगाकर मोबाइल ओपन किया। बैंक अकाउंट से ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए 29 हजार रुपए अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस को गुमराह करने के लिए साथ घूमा हत्या के बाद गुमराह करने के लिए वह पुलिस के साथ ही घुमता रहा। पुलिस की सभी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखा। पुलिस जांच में सामने आया कि मर्डर के बाद बैंक अकाउंट से ऑनलाइन रुपए निकाले गए है। रुपए ट्रांसफर होने वाले अकाउंट के बारे में जानकारी करने पर प्रदीप का निकला। हत्या की आंशका पर पुलिस ने प्रदीप को पकड़ सख्ती से पूछताछ की, जिसमें आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया। पुलिस पकड़े जाने से बचने के लिए उसने मृतक के मोबाइल को अपने पर छिपाकर रखना। उसमें लगा सिमकार्ड निकालकर पानी के टैंक में फेंकना बताया। पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर मोबाइल व सिमकार्ड जब्त किया है।
विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मंगलवार को मधुबनी मॉडल अस्पताल परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य क्षय रोग (टीबी) के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और मरीजों को समय पर जांच व इलाज के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों ने टीबी उन्मूलन की सामूहिक शपथ ली। सभी ने समाज से टीबी को खत्म करने और हर मरीज तक सही इलाज पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के तहत 11 टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में प्रोटीन पाउडर भी वितरित किया गया। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… टीबी मरीजों के लिए पौष्टिक आहार अत्यंत महत्वपूर्णसिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि टीबी मरीजों के लिए पौष्टिक आहार अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो उनकी रिकवरी में तेजी लाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीबी एक गंभीर, लेकिन पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, जिसके लिए समय पर पहचान और नियमित इलाज आवश्यक है। डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा मरीजों को मुफ्त जांच और दवा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने सभी से टीबी मुक्त समाज बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया। जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में टीबी से बचाव, लक्षण और उपचार की जानकारी पहुंचाएगा। टीबी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियारसंचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जीएम. ठाकुर ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने लोगों से लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की। डॉ. ठाकुर के अनुसार, यदि दो हफ्ते से अधिक समय तक खांसी हो, वजन कम हो या लगातार बुखार बना रहे, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की पहचान और इलाज सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सभी से किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने का आग्रह किया गया। इस अवसर पर डीपीसी पंकज कुमार, सतनारायण शर्मा, राजाराम भारती, कृष्ण देव, भुवन नारायण कंठ, अनिल कुमार सहित सहयोगी संस्था आईआईएच, डीएफआई और अन्य कर्मी उपस्थित थे।

