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Tamil Nadu Bypolls: TVK ने दो सीटों पर उतारे प्रत्याशी, DMK से टक्कर

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने विधानसभा की दो सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए, जिसके साथ ही उसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ सीधा चुनावी मुकाबला तय हो गया है। अन्ना द्रमुक के भी इस चुनावी मैदान में उतरने की उम्मीद है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में टीवीके ने सहयोगी दलों की मदद से राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई। इसके बाद यह राज्य में होने वाला पहला चुनावी मुकाबला होगा। पार्टी की ओर से जारी एक बयान में टीवीके के संस्थापक और मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व अन्ना द्रमुक विधायकों के. मरकतम कुमारवेल और पी. सत्यबामा को क्रमशः मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों से उम्मीदवार बनाया है। इन दोनों सीटों का प्रतिनिधित्व वे टीवीके में शामिल होने से पहले करती थीं। कुमारवेल और सत्यबामा ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में क्रमशः इन दोनों सीटों से अन्ना द्रमुक उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ टीवीके का दामन थाम लिया था। कुमारवेल और सत्यबामा के इस्तीफे के बाद दोनों विधानसभा सीटें रिक्त हो गई थीं। कुमारवेल टीवीके की उपमहासचिव हैं, जबकि सत्यबामा पार्टी की तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला सचिव हैं। टीवीके के सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं को टीवीके के टिकट पर दोबारा उम्मीदवार बनाकर सत्तारूढ़ पार्टी का लक्ष्य इन आरक्षित सीटों पर उनके मौजूदा स्थानीय जनाधार का लाभ उठाना और सरकार बनने के बाद अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना है। विजय ने एक बयान में कहा कि दोनों आरक्षित सीटों पर उपचुनाव ‘‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’’ के बैनर तले लड़ा जाएगा। बुधवार को गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद इसका यही नाम तय किया गया है। इसमें कांग्रेस और एमडीएमके समेत अन्य दल शामिल हैं। द्रमुक ने मदुरांतकम सीट से अधिवक्ता आई. पारंदामन को उम्मीदवार बनाया है। वह मदुरांतकम से पूर्व विधायक भी रह चुके हैं। वहीं, धारापुरम सीट से एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया गया है। अन्ना द्रमुक के सूत्रों ने बताया कि पार्टी आगामी उपचुनावों के लिए अपनी रणनीति जल्द तय करेगी। संभावित उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी कई विकल्पों पर विचार कर रही है। उसने दोनों सीटों से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन भी आमंत्रित किए हैं। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जोरदार जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करने का आह्वान करते हुए विजय ने कहा, ‘‘मैं पार्टी के सभी पदाधिकारियों और साथियों से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे हमारे उम्मीदवारों की जीत के लिए वोट जुटाने में जुट जाएं। हमारा एकमात्र उद्देश्य जीत होना चाहिए और यह जीत ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण होनी चाहिए।’’भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान और नौ अक्टूबर को मतगणना कराने का कार्यक्रम तय किया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में दोनों क्षेत्रों में चुनाव प्रचार तेजी से जोर पकड़ने की उम्मीद है। कुमारवेल ने चेंगलपट्टू जिले की मदुरांतकम सीट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने उस समय अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराया था, जो टीवीके से थे। इसी तरह, सत्यबामा ने धारापुरम (तिरुप्पुर जिला) विधानसभा क्षेत्र में द्रमुक की इंदिराणी टी. को हराया था। इस बीच, कुमारवेल ने टीवीके सरकार के प्रदर्शन के दम पर मदुरांतकम से जीत का भरोसा जताया।

प्रभासाक्षी 10 Sep 2026 3:33 pm

TVK का बड़ा सियासी दांव: Madurantakam और Dharapuram उपचुनाव में उतारे AIADMK के पूर्व विधायक

TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को 6 अक्टूबर को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा उपचुनावों के लिए मदुरंतकम और धारापुरम की आरक्षित सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। SC के लिए आरक्षित इन दो सीटों पर उपचुनाव सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस के बैनर तले लड़ा जाएगा। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, AIADMK की पूर्व विधायक और TVK की डिप्टी जनरल सेक्रेटरी के. मरगथम कुमारवेल मदुरंतकम (SC) सीट से चुनाव लड़ेंगी, जबकि AIADMK की पूर्व विधायक पी. सत्यभामा, जो अभी TVK की तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला सचिव हैं, धारापुरम (SC) सीट से चुनाव लड़ेंगी। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में Bone Marrow Registry की शुरुआत, Health Minister का ऐलान- अस्पतालों में Plastic Food Service बंद दोनों उम्मीदवारों ने 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK के टिकट पर अपनी-अपनी सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और सत्ताधारी TVK में शामिल हो गईं। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से उम्मीदवारों की जीत के लिए काम करने का आग्रह करते हुए विजय ने कहा कि मैं पार्टी के सभी पदाधिकारियों और साथियों से अनुरोध करता हूं कि वे जीत को ही एकमात्र लक्ष्य मानकर हमारे उम्मीदवारों के लिए वोट जुटाएं और एक ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित करें। इससे पहले तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने बृहस्पतिवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एम. के. स्टालिन के वीडियो संबोधन पर पलटवार करते हुए उनसे अपने साथ हुए अत्याचारों के दावों के समर्थन में सबूत देने की मांग की। स्टालिन ने बृहस्पतिवार को करीब 10 मिनट का एक वीडियो संबोधन जारी किया, जिसमें उन्होंने कड़े कानून ‘मीसा’ के तहत अपनी हिरासत और जेल में बिताए समय का विस्तार से जिक्र किया। टीवीके ने इसे शासन से जुड़े प्रमुख मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया गया ‘‘सुनियोजित प्रयास’’ करार दिया और कहा कि स्टालिन ने अपने दावों के समर्थन में कोई प्रमाण पेश नहीं किया। इसे भी पढ़ें: उधर विपक्ष बेकार के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, इधर Modi Cabinet ने कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंका दिया पार्टी की आईटी शाखा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या जेल में यातना झेलने वाले संघर्षशील नेता की उनकी छवि टूट गई है। आपातकाल (1975-77) के दौरान आंतरिक सुरक्षा कानून (मीसा) के तहत स्टालिन की हिरासत को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच टीवीके ने उनसे उनकी हिरासत के सबूत पेश करने की मांग की। पार्टी ने उनके वीडियो संबोधन को गिरती राजनीतिक छवि को बचाने की कोशिश बताया और कहा कि इसके समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिया गया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 10 Sep 2026 2:26 pm

तमिलनाडु: इंस्पेक्टर पर लगाए थे गंभीर आरोप, अगले दिन हो गई हत्या; आखिर कहां चूकी पुलिस? मामले में चार गिरफ्तार

तमिलनाडु: इंस्पेक्टर पर लगाए थे गंभीर आरोप, अगले दिन हो गई हत्या; आखिर कहां चूकी पुलिस? मामले में चार गिरफ्तार- Youth murdered in Tamil Nadu day after making allegations against inspector police arrested four accused

अमर उजाला 10 Sep 2026 10:56 am

Tamil Nadu: सीएम विजय की पार्टी टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को मिला नया नाम

इंटरनेट डेस्क। तमिलनाडु में के सीएम विजय की पार्टी टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को आखिरकार नया नाम मिल गया है। चेन्नई में हुई बैठक के बाद गठबंधन का नाम सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस तय कर दिया गया है। इस गठबंधन में टीवीके, साथ कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल शामिल है। गठबंधन का नाम तय करने को लेकर बुधवार को चेन्नई के पनायुर स्थित TVK मुख्यालय में अहम बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस, VCK, MDMK और IUML के प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में गठबंधन की आगे की रणनीति और चुनावी तालमेल को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में ये नेता रहे मौजूद बैठक में कांग्रेस की ओर से मणिकम टैगोर, थारागाई कथबर्ट और प्रवीण चक्रवर्ती मौजूद रहे। VCK की ओर से पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन के साथ वन्नी अरसु, रवि कुमार और सिंथनई सेलवन शामिल हुए। MDMK की तरफ से पार्टी प्रमुख वाइको और दुरई वाइको ने हिस्सा लिया, जबकि IUML की ओर से के.एम. कादर मोइदीन और शाहजहाँ बैठक में शामिल हुए। pc- indiatv.in

राजस्थान खबरे 10 Sep 2026 9:38 am

Tamil Nadu में Bone Marrow Registry की शुरुआत, Health Minister का ऐलान- अस्पतालों में Plastic Food Service बंद

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने बुधवार को कहा कि 'थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम' (Thaimaman Gold Ring Scheme) का उद्घाटन, जो 25 सितंबर को होना था, उसे टाल दिया गया है क्योंकि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। अरुणराज ने लाभार्थियों को भरोसा दिलाया कि इस स्कीम के तहत बांटे जाने वाले सोने की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा; सोने की अंगूठियों पर रजिस्टर्ड हॉलमार्क सर्टिफिकेशन होगा और वे शुद्ध सोने की बनी होंगी। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने कहा, थाईमामन गोल्ड रिंग स्कीम, जिसका उद्घाटन 25 सितंबर को होना था, उसे टाल दिया गया है क्योंकि मुख्यमंत्री विदेश जा रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए, क्योंकि सोना रजिस्टर्ड हॉलमार्क वाला और शुद्ध होगा। इसे भी पढ़ें: DMK का बड़ा ऐलान: CM Vijay की टिप्पणियों पर 12 सितंबर को statewide protest इस बीच, स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार जीवन बचाने वाले ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बोन मैरो रजिस्ट्री बना रही है। यह रजिस्ट्री ब्लड और आई डोनेशन के मौजूदा सिस्टम की तर्ज पर होगी। मीडिया से बात करते हुए अरुणराज ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विज़न के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों को प्राइवेट हेल्थकेयर सुविधाओं के बराबर लाने के लिए पब्लिक हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, तमिलनाडु राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग बोन मैरो रजिस्ट्री शुरू करने जा रहा है, ठीक वैसे ही जैसे हम ब्लड और आई डोनेशन के लिए करते हैं। कोई भी व्यक्ति खुद को रजिस्टर करके बोन मैरो डोनेट करने के लिए आगे आ सकता है... अब से सरकारी अस्पतालों में प्लास्टिक का इस्तेमाल करके खाना परोसने की इजाज़त नहीं होगी। इसे भी पढ़ें: तमिलनाडु में 'Secular Social Justice Victory Alliance' की धमक, Vijay-Congress साथ मिलकर देंगे चुनौती स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि अधिकारियों को अस्पताल परिसर में चूहों की समस्या से निपटने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही मरीज़ों के अनुभव पर नज़र रखने और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नया फ़ीडबैक सिस्टम भी शुरू किया जा रहा है। केजी अरुणराज ने कहा, हम अस्पताल परिसर में और उसके आस-पास चूहों को घूमते हुए देख सकते हैं, और उन पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। हम मरीज़ों के अनुभव के बारे में फ़ीडबैक लेंगे... मुख्यमंत्री विजय स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिकता दे रहे हैं। वह चाहते हैं कि सरकारी अस्पताल भी प्राइवेट अस्पतालों के बराबर हों।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 8:15 pm

तमिलनाडु में 'Secular Social Justice Victory Alliance' की धमक, Vijay-Congress साथ मिलकर देंगे चुनौती

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) और कांग्रेस, आईयूएमएल, वीसीके और एमडीएमके के बीच सत्तारूढ़ गुट के आधिकारिक नाम के रूप में धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय विजय गठबंधन (एसएसजेवीए) का खुलासा किया गया है। गठबंधन के सदस्य हैं तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके), कांग्रेस, थोल थिरुमावलवन की विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), वाइको की मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके), और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल)। इसे भी पढ़ें: उधर विपक्ष बेकार के मुद्दों पर राजनीति करता रहा, इधर Modi Cabinet ने कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंका दिया गठबंधन के नाम को अंतिम रूप देने का निर्णय बुधवार को चेन्नई में टीवीके मुख्यालय में ब्लॉक के नेताओं की एक बैठक के बाद लिया गया। यह बैठक पनायूर में TVK मुख्यालय में हुई और इसमें गठबंधन में शामिल पार्टियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कांग्रेस की ओर से मणिकम टैगोर, थारागाई कथबर्ट और प्रवीण चक्रवर्ती बैठक में शामिल हुए। VCK का प्रतिनिधित्व उसके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने किया, साथ ही वन्नी अरासु, रवि कुमार और सिंदनाई सेलवन भी मौजूद रहे। MDMK नेता वाइको ने दुरई वाइको के साथ बैठक में हिस्सा लिया, जबकि IUML का प्रतिनिधित्व के.एम. कादर मोहिदीन और शाहजहाँ ने किया। यह गठबंधन धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित करने वाली पार्टियों को एक साथ लाता है और उम्मीद है कि यह तमिलनाडु की चुनावी लड़ाई में अहम भूमिका निभाएगा। इस बैठक में वामपंथी पार्टियों के प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए। CPI(M) और CPI, दोनों ने ही पनायुर में हुई इस बैठक में शामिल न होने का फ़ैसला किया। CPI(M) पहले ही साफ़ कर चुकी है कि TVK के नेतृत्व वाली सरकार को उसका समर्थन मुद्दों पर आधारित होगा और वह सरकार में शामिल नहीं होगी। पार्टी ने औपचारिक गठबंधन से दूर रहने का फ़ैसला किया है और कैबिनेट में हिस्सेदारी की मांग करने से भी इनकार कर दिया है। मंगलवार को CPI(M) नेता पी. शनमुगम ने साफ़ किया कि सरकार के बाहर से मुद्दों पर आधारित समर्थन देने का पार्टी का फ़ैसला विधानसभा में TVK के नेतृत्व वाली सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करने के मकसद से लिया गया था। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly Bypolls: DMK ने Madurantakam और Dharapuram सीटों पर उतारे उम्मीदवार पार्टी कैबिनेट में हिस्सेदारी मिले बिना ऐसे किसी औपचारिक गठबंधन ढांचे में शामिल नहीं होना चाहती थी, जिसका मकसद भविष्य के स्थानीय निकाय और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए आधार तैयार करना हो। पार्टी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखना चाहती थी और साथ ही मज़दूरों, खेती और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना करने की आज़ादी भी बनाए रखना चाहती थी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 7:12 pm

Mahatransco IPO: आईपीओ से ₹10000 करोड़ जुटा सकती है महाट्रांसको, जानिए क्या है कंपनी का प्लान

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (एमएसईटीसीएल) आईपीओ से 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इस ट्रांसमिशन कंपनी को महाट्रांसको भी कहा जाता है। यह किसी राज्य सरकार की ट्रांसमिशन कंपनी का पहला आईपीओ होगा। अभी कंपनी का यह प्लान शुरुआती अवस्था में है।महाट्रांसको इनवेस्टमेंट बैंक की नियुक्ति करने वाली हैMaharashtra State Electricity Transmission Company Ltd (MSETCL) अभी इनवेस्टमेंट बैंक और लीगल काउंसल की नियुक्ति करने वाली है। इस मामले में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि आईपीओ के साइज और स्ट्रक्चर के बारे में फैसला ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के करीब हो सकता है।40000-50000 की वैल्यूएशन पर आ सकता है IPOइस मामले में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने बताया, इस आईपीओ के करीब 40,000-50,000 की वैल्यूएशन पर आने की उम्मीद है। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा। महाट्रांसको इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि इसकी पेरेंट कंपनी एमएसईबी होल्डिंग कंपनी अपने कुछ शेयर बेचेगी।महावितरण भी इश्यू से 50-100 करोड़ डॉलर जुटाएगीमनीकंट्रोल ने सबसे पहले 18 अगस्त को यह बताया था कि महाट्रांसको ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित की है। इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी (महावितरण) ने आईपीओ के लिए छह इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त किए हैं। ब्लूमबर्ग ने बताया है कि यह कंपनी 50 करोड़ डॉलर से 100 करोड़ डॉलर जुटा सकती है।राज्य सरकारों की ये कंपनियां पहले से सूचीबद्धशेयरों की लिस्टिंग के बाद महाट्रांसको और महावितरण राज्य सरकारों की कुछ चुनिंदा कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगी, जिनके शेयरों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों में होती है। इस लिस्ट में Gujarat Energy, Gujarat Alkalies and Chemicals, Gujarat Mineral Development Corporation, Tamil Nadu Newsprint and Papers, Punjab Communications और Jammu & kashmir Bank शामिल हैं।काउंसल की नियुक्ति के लिए भी प्रस्ताव आमंत्रितरिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के मुताबिक, महाट्रांसको छह मर्चेंट बैंकर्स का चुनाव कर सकती है। मर्चेंट बैंकर्स के लिए बोलियां सब्मिट करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी। एलिजिबल बिडर्स की तरफ से 15 से 17 सितंबर के बीच प्रजेंटेशन होगा। कंपनी ने काउंसल की नियुक्ति के लिए लॉ फर्मों से भी अलग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।यह भी पढ़ें:IPO News: एक-दो नहीं, खुले 6 कंपनियों के आईपीओ; इसकी GMP सबसे तगड़ीकंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनमहाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की रीस्ट्रक्चरिंग के बाद महाट्रांसको की शुरुआत हुई थी। इसका मालिकाना हक MSEB Holding Company के पास है। यह महाराष्ट्र सरकार की ट्रासमिशन यूटिलिटी के रूप में ऑपरेट करती है। कंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन और 760 एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज सबस्टेशन हैं, जिसका वह मेंटेनेंस भी करती है। इस तरह से यह देश की सबसे बड़ी स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी है।

ज़ी न्यूज़ 9 Sep 2026 4:04 pm

Tamil Nadu Assembly Bypolls: DMK ने Madurantakam और Dharapuram सीटों पर उतारे उम्मीदवार

चेन्नई, नौ सितंबर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने बुधवार को तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों के लिए मदुरांतकम और धारापुरम की आरक्षित सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। यहां द्रमुक मुख्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी की विधिक शाखा के संयुक्त सचिव और एग्मोर के पूर्व विधायक आई. पारंथमन को मदुरांतकम (आरक्षित) सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसी तरह, धारापुरम (आरक्षित) सीट से एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपचुनावों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके साथ ही मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया नौ से 16 सितंबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। छह अक्टूबर को उपचुनाव के बाद नौ अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 2:13 pm

Tamil Nadu Politics: ईपीएस ने डीएमके को ही दे डाली खुली चुनौती, बोले- ‘क्या आप हमारे साथ आएंगे?’

Tamil Nadu Politics: ईपीएस ने डीएमके को ही दे डाली खुली चुनौती, बोले- ‘क्या आप हमारे साथ आएंगे?’

समाचार नामा 9 Sep 2026 8:57 am

Cauvery Dispute: Tamil Nadu को पानी देने के निर्देश के खिलाफ Supreme Court जाएगी कर्नाटक सरकार

बेंगलुरु, आठ सितंबर कर्नाटक सरकार कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के एक निर्देश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करने पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिसमें तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी से रोजाना 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है। कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चलुवरायस्वामी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कावेरी जल विनियमन समिति के उक्त आदेश को बेतुका बताया और इस पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में कावेरी नदी घाटी में पानी की आवक काफी कम हो गई है, जिससे कर्नाटक मुश्किल स्थिति का सामना कर रहा है। कावेरी जल विनियमन समिति ने मंगलवार को सिफारिश की कि कर्नाटक 15 दिन तक तमिलनाडु के लिए 6,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह सुनिश्चित करे। इसके बाद कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इस निर्देश को मंजूरी दे दी। कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देशों के बाद और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक से पहले चलुवरायस्वामी ने पत्रकारों से कहा, हमारे अधिकारियों ने समिति की बैठक में जमीनी स्थिति के बारे में मजबूती से अपनी बात रखी। तमिलनाडु ने 17,000 क्यूसेक पानी की मांग की थी। लेकिन पिछले एक सप्ताह में कावेरी बेसिन में पानी की आवक काफी कम हो गई है। ऐसी संकट की स्थिति में हमारे लिए 6,000 क्यूसेक पानी छोड़ना भी संभव नहीं है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं कि बिल्कुल पानी न छोड़ा जाए। मंत्री ने दिल्ली से फैसले लेने वाली इन संस्थाओं के काम करने के तरीके की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं जमीनी स्थिति को समझने में सक्षम नहीं हैं। चलुवरायस्वामी ने कहा कि सरकार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय जाने का फैसला करने से पहले सरकार मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से इस मुद्दे पर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा, ...हम मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। सरकार उच्चतम न्यायालय में कल ही याचिका दायर करने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 11:23 pm

Tamil Nadu के मुख्यमंत्री Joseph Vijay बोले- विधानसभा में जबड़े पर हाथ रखना अनजाने में हुआ

चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा में अपने जबड़े को छूने का उनका हाव-भाव जानबूझकर नहीं किया गया था और पूरी तरह अनजाने में हुआ। विजय ने सात सितंबर की विधानसभा की अपनी भाव-भंगिमा का जिक्र करते हुए कहा, “मेरी शारीरिक हाव-भाव की वह प्रतिक्रिया अनायास हुई थी। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि वह किसी भी तरह जानबूझकर नहीं की गई थी।”सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा, इसलिए मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि इसे किसी की व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए कृत्य के रूप में न देखा जाए। विजय का एक हाथ से जबड़े को पकड़ने का हावभाव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया था। कुछ लोगों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन का मजाक उड़ा रहे थे, क्योंकि आपातकाल (1975-77) के दौरान हिरासत में रहने के दौरान स्टालिन के जबड़े में फ्रैक्चर हो गया था। इस मुद्दे पर माकपा के राज्य सचिव पी. षणमुगम ने कहा कि आपातकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन को पुलिस ने बुरी तरह पीटा था और उनका जबड़ा टूट गया था। षणमुगम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, ‘‘बॉडी शेमिंग कोई भी करे, वह निंदनीय है। खुद मुख्यमंत्री का ऐसा करना गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है।’’माकपा नेता ने कहा कि विधानसभा को व्यक्तिगत हमलों के मंच में बदलना, जिसका जनकल्याण से कोई लेना-देना नहीं है या इसे केवल अपने नेता की प्रशंसा करने का मंच बना देना पूरी तरह अनैतिक कृत्य है। माकपा उन दलों में शामिल है जो टीवीके सरकार का समर्थन करते हैं और यह सरकार कांग्रेस, वाम दलों, आईयूएमएल और वीसीके के समर्थन पर टिकी है। विजय ने यह हाव-भाव उस समय किया था, जब वह 1970 के दशक की सरकरिया आयोग की रिपोर्ट और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर मुख्य विपक्षी दल द्रमुक पर कथित भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साध रहे थे। इस दौरान उन्होंने हाथ से अपना जबड़ा ऊपर उठाने और सिर को थोड़ा एक ओर झुकाने जैसा हाव-भाव किया था। इस पृष्ठभूमि में विजय ने स्पष्ट किया कि उनका यह हाव-भाव पूरी तरह अनजाने में हुआ था। पिछले कुछ वर्षों में अन्नाद्रमुक के कुछ नेताओं और समर्थकों ने दावा किया था कि आपातकाल के दौरान स्टालिन को मीसा (आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम) के तहत जेल नहीं भेजा गया था। हालांकि, उन्होंने स्टालिन के जेल जाने से इनकार नहीं किया था। स्टालिन ने 2019 में यह भी कहा था कि उनसे यह साबित करने के लिए कहा जाना कि उन्हें मीसा के तहत गिरफ्तार किया गया था, अपमानजनक था। उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर चर्चा करना अनुचित है। अपनी आत्मकथा ‘उंगलिल ओरुवन’ (आप में से एक) में स्टालिन ने 1976 में अपनी गिरफ्तारी और उसके बाद जेल में बिताए समय का उल्लेख किया है। उन्होंने संक्षेप में यह भी बताया है कि जेल को एक यातना कक्ष में बदल दिया गया था, जहां मौत की आवाजें गूंजती थीं।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 9:42 pm

Tamil Nadu Assembly में Body-shaming विवाद: CM Vijay बोले- इशारा अनायास था, मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार को विधानसभा में किए गए अपने उस वायरल इशारे पर सफाई दी, जिसे DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन के टूटे हुए जबड़े का मज़ाक उड़ाने के तौर पर देखा गया था। उन्होंने कहा कि यह इशारा अचानक हुआ था और इसका मकसद किसी को दुख पहुँचाना नहीं था। विधानसभा में विपक्षी पार्टी के ख़िलाफ़ एक तीखे भाषण के दौरान, विजय ने अपने जबड़े को छूने वाला जो इशारा किया था, उसके लिए उनकी आलोचना हुई। इस इशारे को स्टालिन के शारीरिक रूप-रंग का मज़ाक उड़ाने के तौर पर देखा गया था। मुख्यमंत्री पर DMK प्रमुख का बॉडी-शेमिंग का आरोप लगा था। इसे भी पढ़ें: महिपाल ढांडा को ‘जाट समाज पर कलंक’ बताना ओछी और संकीर्ण राजनीति: शमशेर खरक विजय ने X पर लिखा कि मैं यह साफ़ करना चाहता हूँ कि 7 सितंबर 2026 को विधानसभा में पुलिस विभाग के लिए अनुदान की माँगों पर जवाब देते समय अनजाने में जो बॉडी लैंग्वेज दिखी, वह पूरी तरह से स्वाभाविक थी और उसका कोई छिपा हुआ मकसद नहीं था। इसलिए, मैं ईमानदारी से अनुरोध करता हूँ कि इसे किसी को व्यक्तिगत रूप से चोट पहुँचाने या नाराज़ करने की कोशिश के तौर पर न देखा जाए। यह बात तब सामने आई जब CPI(M) नेता पी. शनमुगम ने स्टालिन के बॉडी शेमिंग (शारीरिक बनावट का मज़ाक उड़ाने) के लिए विजय की आलोचना की और कहा कि विधानसभा को व्यक्तिगत हमलों का मंच नहीं बनना चाहिए। शनमुगम ने इमरजेंसी के दौर को याद किया, जब लोकतंत्र के बचाव में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और उसके बाद दमन और ज्यादतियां हुई थीं। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान स्टालिन पर हुए हमले का भी ज़िक्र किया, जब उन्हें 'मेंटेनेंस ऑफ़ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट' (MISA) के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि किसी के शारीरिक रूप-रंग का मज़ाक उड़ाना निंदनीय है, चाहे कोई भी ऐसा करे; खुद मुख्यमंत्री का ऐसा करना गैर-ज़िम्मेदाराना हरकत है। इसे भी पढ़ें: Rajasthan civic polls में गरमाई सियासत, BJP ने 41 बागी नेताओं को दिखाया बाहर का रास्ता विजय ने ED के एक दस्तावेज़ और दशकों पुरानी सरकारिया कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पिछली DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए। विजय ने कहा कि सरकारिया कमीशन की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि पर अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। 1976 की जस्टिस सरकारिया कमीशन रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए, विजय ने दावा किया कि उसमें सरकारी कॉन्ट्रैक्ट देने के बदले पार्टी फंड की मांग करने के मामले दर्ज थे और तर्क दिया कि आज के समय में भी वैसी ही हरकतें हो रही हैं। उदयनिधि ने आरोपों का जवाब देने की अनुमति मांगी, लेकिन सदन में हंगामे के कारण स्पीकर ने तुरंत जवाब देने की इजाजत नहीं दी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 7:18 pm

Tamil Nadu की 2 सीटों पर By-election 6 अक्टूबर को, TVK सरकार की पहली परीक्षा

चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव महज तीन महीने पहले राज्य के मुख्यमंत्री बने सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के लिए पहली महत्वपूर्ण चुनावी परीक्षा होगी। यह उपचुनाव मदुरंतकम और धारापुरम सीटों पर होगा। इस कड़े चुनावी मुकाबले में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीवीके अन्नाद्रमुक के उन पूर्व विधायकों को टिकट देगी जो अप्रैल में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद पद से इस्तीफा देकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए थे या फिर वह अपने किसी पुराने उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी। अन्नाद्रमुक के पूर्व विधायकों मरगथम कुमारवेल और पी सत्यभामा के क्रमश: मदुरंतकम और धारापुरम सीटों से इस्तीफा देने के बाद ये दोनों विधानसभा सीटें खाली हो गई थीं, जिसके बाद भारत निर्वाचन आयोग ने इन पर उपचुनाव कराने की घोषणा की है। दोनों ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) छोड़ने के अपने फैसले की घोषणा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर को अपना इस्तीफा सौंपने वाले दिन ही तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) पार्टी की सदस्यता ले ली थी। राज्य में उपचुनावों में सत्तारूढ़ दलों को बढ़त मिलने की परंपरा रही है लेकिन टीवीके के चुनाव प्रचार में उतरने के साथ ही उसे गठबंधन के भीतर मतभेद, आक्रामक विपक्ष और अहम विधायी समीकरणों की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मई 2026 में विधानसभा चुनाव के बाद साधारण बहुमत से पीछे रहने के कारण टीवीके ने कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और वाम दलों के समर्थन से सरकार बनाई। अन्नाद्रमुक के 22 बागी विधायकों द्वारा की गई क्रॉस-वोटिंग की बदौलत विजय सरकार को कुल 144 विधायकों का समर्थन मिला जिसकी वजह से वह सदन में बहुमत साबित कर पाई। तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके पास 107 सीट हैं और वह 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े के लिए बाहरी समर्थन पर निर्भर है। वहीं, अन्नाद्रमुक के लिए यह मुकाबला बेहद निजी होने की संभावना है, क्योंकि वह अपने सदस्यों के दलबदल के कारण खोई हुई सीटों पर फिर से कब्जा करने की कोशिश में है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नौ से 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 19 सितंबर है। इन सीटों पर छह अक्टूबर को उपचुनाव होगा और नौ अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 1:23 pm

Tamil Nadu Assembly: CM के आरोपों पर DMK का हंगामा, मार्शल ने विधायकों को सदन से निकाला

चेन्नई, आठ सितंबर तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के उस बयान को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की जिसमें उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। द्रमुक विधायकों ने इसके साथ ही नारेबाजी की, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल के कई विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही द्रमुक के सचेतक ई वी वेलु ने सोमवार को विजय द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मुख्यमंत्री के संदर्भों को सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए, क्योंकि यह सदन के नियमों के विरुद्ध है। वेलु ने सरकारिया आयोग के संदर्भों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि आयोग ने माना था कि कोई अपराध नहीं हुआ था। कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और ईडी के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर मुख्यमंत्री के बयान का बचाव किया। उन्होंने तत्कालीन द्रमुक सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को भी दोहराया। द्रमुक सदस्यों ने इसका विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को सदन के रिकॉर्ड से हटाने की मांग खारिज कर दी, जिसके बाद द्रमुक विधायकों की नारेबाजी जारी रही। द्रमुक के कई विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने एकत्र हो गए और अपनी मांग दोहराते हुए नारेबाजी करते रहे। सदन के नेता के. ए. सेंगोट्टैयन ने सदन के नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को द्रमुक विधायकों को सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। विधानसभा कक्ष से बाहर ले जाए जाते समय भी द्रमुक विधायक इस मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 11:02 am

Kaushambi News: तमिलनाडु से पटाखा लाकर नौशाद के जरिये कौशाम्बी में खपाता था शोएब

Shoaib used to source firecrackers from Tamil Nadu and sell them in Kaushambi through Naushad.

अमर उजाला 8 Sep 2026 1:46 am

Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर

Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर Add Live Hindustan as your preferred source on Google.

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 11:39 am

भगोने में कौन और क्यों पका रहा था लड़की के अंग? | Tamil Nadu Express | Agra | Apradh Lok S2 EP5

भगोने में कौन और क्यों पका रहा था लड़की के अंग? | Tamil Nadu Express | Agra | Apradh Lok S2 EP5

अमर उजाला 25 Aug 2026 1:51 am

Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK

Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं

लाइव हिन्दुस्तान 20 Aug 2026 9:29 am

CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है

लाइव हिन्दुस्तान 19 Aug 2026 11:31 pm

CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu

CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 12:02 pm

Tamil Nadu CM Vijay के खिलाफ Trisha को लेकर विपक्ष ने फिर कसा तंज। Udhayanidhi Stalin। AIADMK

तमिलनाडु की सियासत में अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर बयानबाजी का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। AIADMK के वरिष्ठ नेता आर.बी. उदयकुमार ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए तृषा को लेकर तंज कसा, जिसके बाद उनके बयान पर विवाद शुरू हो गया। तृषा के फैन्स ने भी विरोध जताया और मदुरै में पोस्टर लगाए।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 1:24 pm

Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 4:28 pm