Tamil Nadu में सीएम Vijay की टिप्पणी पर भड़की DMK, राज्यभर में किया जोरदार प्रदर्शन
तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने दिवंगत पार्टी नेता एम. करुणानिधि एवं पार्टी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन के खिलाफ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कथित अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा करते हुए शनिवार को राज्यभर में प्रदर्शन किया। चेन्नई में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. के. शेखर बाबू ने स्टालिन की कुर्बानियों, व्यक्तित्व और मानवीय संवेदनाओं के लिए उनकी प्रशंसा की और उन्हें नैतिकता एवं मूल्यों का पालन करने वाला मिस्टर क्लीन बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बेदाग नेता को तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा में निशाना बनाया। द्रमुक ने कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार के उस दावे पर भी आपत्ति जताई जो आपातकाल (1975-77) के दौरान स्टालिन के जेल में रहने से संबंधित है। बाबू ने करुणानिधि और स्टालिन के नेतृत्व वाली पूर्व द्रमुक सरकारों के दौरान कथित भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री विजय के हालिया आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधानसभा में करीब एक घंटे तक केवल ‘‘फिल्मी अंदाज में संवाद बोले गए।’’उन्होंने कहा कि द्रमुक ने सदन में इसका विरोध किया और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को आरोपों का जवाब देने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, द्रमुक घायल बाघ है जो मैदान में डटा हुआ है और एक दिन हर बात का उसी अंदाज में जवाब दिया जाएगा। द्रमुक ने कुछ दिन पहले कहा था कि विधानसभा में विजय का भाषण अत्यंत निंदनीय था क्योंकि इसमें पार्टी, पांच बार मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि, दिवंगत केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन और पार्टी प्रमुख स्टालिन के त्याग को कमतर दिखाने का प्रयास किया गया। सात सितंबर को विधानसभा में विजय ने द्रमुक पर उसके पिछले शासनकाल के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर और सुनियोजित भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने दशकों पहले की करुणानिधि के नेतृत्व वाली द्रमुक सरकार को निशाना बनाने के लिए सरकारिया आयोग की रिपोर्ट का हवाला दिया था। उन्होंने इस संदर्भ में मारन का भी जिक्र किया था। विजय ने द्रमुक के 2021-26 के शासनकाल में कथित भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार के साथ साझा किए गए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला दिया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री स्टालिन तथा तत्कालीन उपमुख्यमंत्री उदयनिधि का नाम लिया था। कानून मंत्री निर्मल कुमार के अनुसार, ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह पता चले कि आपातकाल के दौरान स्टालिन को मीसा के तहत हिरासत में लिया गया था। मंत्री ने बताया था कि स्टालिन को पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी और उनके 20-सूत्रीय कार्यक्रम पर की गई टिप्पणियों के बाद गिरफ्तार किया गया था; यह कार्यक्रम केंद्र में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा आपातकाल की घोषणा के बाद शुरू किया गया था। तिरुचिरापल्ली में पूर्व द्रमुक मंत्री अनबिल महेश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय का ‘‘भाषण और हावभाव’’ नाजी जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर की याद दिलाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मंत्री झूठ फैलाने के लिए जोसेफ गोएबल्स की रणनीति अपना रहे हैं। यहां प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेता ए. राजा ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया तथा सत्तारूढ़ दल और मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा ने स्टालिन की मीसा के तहत हिरासत पर सवाल उठाने वाली कुमार की टिप्पणी पर आपत्ति जताई और कहा कि यह उनके नेता की ईमानदारी पर सवाल उठाने जैसा है। राजा ने कुमार को मामला दर्ज कराने की चुनौती दी। द्रमुक के प्रदर्शनों के दौरान नारे लगाए गए। राज्यव्यापी प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए टीवीके ने द्रमुक नेताओं पर बदले की भावना से, अशोभनीय और बिना गरिमा के भाषण देने का आरोप लगाया। एक बयान में टीवीके ने द्रमुक पदाधिकारियों पर पार्टी संस्थापक सी. एन. अन्नादुरई के कर्तव्य, गरिमा और अनुशासन के सिद्धांतों को भूलने का आरोप लगाया। तमिलनाडु में दो विधानसभा सीट पर उपचुनाव अगले महीने होने हैं।
Tamil Nadu massive fire broke out at Central Theatre near the Meenakshi Amman Temple in Madurai- मदुरै: मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास थिएटर में लगी आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर तैनात; राहत-बचाव कार्य जारी
18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेज़बानी के लिए राजधानी नई दिल्ली पूरी तरह से सज-धज कर तैयार है। वैश्विक नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों के आगमन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा जताया है कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन में वैश्विक भलाई और जनकल्याण के मुद्दों पर बेहद सकारात्मक और फलदायी चर्चा होगी। PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, अगले कुछ दिनों में, दुनिया भर के नेता BRICS समिट के लिए इकट्ठा होंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि इस कॉन्फ्रेंस में ग्लोबल भलाई की उम्मीद के साथ कई मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक बातचीत होगी। शनिवार से भारत की मेज़बानी में होने वाले दो दिन के BRICS समिट में फ़ूड, एनर्जी, हेल्थ, आपदा में कमी और ज़रूरी सप्लाई चेन में सामूहिक मज़बूती बढ़ाने पर फ़ोकस किए जाने की उम्मीद है। नई दिल्ली इस ग्रुप को बंटे हुए जियोपॉलिटिकल माहौल में आगे बढ़ने के लिए एक असरदार आधार के तौर पर पेश कर रही है। नई दिल्ली में यह समिट ऐसे समय में हो रहा है जब ग्लोबल इकॉनमी रूस-यूक्रेन युद्ध, वेस्ट एशिया संकट (खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य की नाकेबंदी) और ट्रंप प्रशासन की ट्रेड और टैरिफ़ पॉलिसी के बुरे असर का सामना कर रही है। इसे भी पढ़ें: दुनिया में उथल-पुथल का दौर...इधर दिल्ली में धड़ाधड़ पहुंच रहे वैश्विक नेता, उधर BRICS बिजनेस फोरम में जयशंकर ने दे डाला बड़ा बयान समिट में शामिल होने वाले बड़े नेताओं में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फ़त्ताह अल-सिसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं। पुतिन का 3 दिन का भारत दौरा शुरू रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS समिट में हिस्सा लेने और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और एनर्जी सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए शुक्रवार को भारत का तीन दिन का दौरा शुरू किया। पुतिन के साथ एक हाई-लेवल डेलिगेशन भी आया है। फ़रवरी 2022 में यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के बाहर किसी BRICS समिट में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत मौजूदगी है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Vellore Church Collapse | तमिलनाडु के वेल्लोर में निर्माणाधीन चर्च की छत ढही! 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत और 11 घायल समिट से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर शुक्रवार दोपहर पुतिन और PM मोदी के बीच कई मुद्दों पर द्विपक्षीय बातचीत होनी है। इस मीटिंग में डिफ़ेंस, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, फ़ार्मास्यूटिकल्स और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने पर फ़ोकस किए जाने की उम्मीद है। वीकेंड पर भारत मंडपम में BRICS समिट के लिए दुनिया के बड़े नेताओं की मेज़बानी करने के कारण दिल्ली में कड़ी सुरक्षा और ट्रैफ़िक पर अस्थायी रोक के साथ हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शनिवार से शुरू हो रहे दो दिन के 18वें ब्रिक्स समिट के लिए दिल्ली पुलिस के लगभग 15,000 जवान, पैरामिलिट्री फ़ोर्स की 200 कंपनियाँ और दिल्ली भर में 500 से ज़्यादा CCTV कैमरे सुरक्षा का इंतज़ाम संभालेंगे। दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने साफ़ किया है कि अधिकारी शहर को बंद नहीं करेंगे, लेकिन VVIP काफ़िलों के रास्ते पर आने-जाने वालों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ सकता है, रास्ते बदले जा सकते हैं और कुछ पाबंदियाँ भी हो सकती हैं। ब्रिक्स समिट भारत के लिए लीडरशिप दिखाने का मंच: कांग्रेस नेता ब्रिक्स समिट से पहले, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस आयोजन को एक अहम घटना बताया, जिससे भारत को ग्लोबल मंच पर अपनी लीडरशिप दिखाने का मौका मिलेगा। ANI से बात करते हुए खुर्शीद ने कहा कि चीन, ईरान, रूस, साउथ अफ़्रीका और भारत समेत सभी 11 सदस्य देशों के नेताओं की मौजूदगी से नई दिल्ली को देशों को एक साथ लाने, मतभेदों और टकराव को कम करने और दुनिया में बेहतर हालात बनाने की दिशा में काम करने में मदद मिल सकती है।
तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में गुरुवार रात एक भीषण हादसा हो गया, जहां काटपाडी के पास मंडी कृष्णपुरम स्थित 'चर्च ऑफ साउथ इंडिया' के निर्माणाधीन परिसर में छत की ढलाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान अचानक छत का स्लैब और सपोर्ट स्ट्रक्चर ढह जाने से 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस और अरक्कोणम से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची और मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत व बचाव अभियान शुरू किया। इसे भी पढ़ें: Radha Ashtami 2026 पर Premanand Maharaj ने बताया व्रत का सही नियम और पूजन विधि एक अधिकारी के अनुसार, घायल मज़दूरों को इलाज के लिए एम्बुलेंस से वेल्लोर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के चित्तूर के एक अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया; इमरजेंसी टीमें निर्माण स्थल पर पहुंचीं और मलबे के नीचे फंसे हो सकने वाले मज़दूरों की तलाश शुरू की। कंक्रीट डालते समय गिरा छत का स्लैब पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना काटपाडी के पास मंडी कृष्णपुरम में 'चर्च ऑफ़ साउथ इंडिया' की इमारत के निर्माण स्थल पर हुई। अधिकारियों के मुताबिक, मज़दूर छत के लिए कंक्रीट डाल रहे थे, तभी अचानक स्लैब गिर गया। इसके गिरने से सपोर्ट स्ट्रक्चर भी ढह गया और कई मज़दूर भारी कंक्रीट के मलबे, ईंटों और निर्माण सामग्री के नीचे दब गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगभग 20 फुट ऊंचा स्टील का मचान (scaffolding) और सपोर्ट फ्रेमवर्क अचानक गिर गया, जिससे मज़दूर मलबे के नीचे दब गए। अधिकारी ने घटना में तीन मज़दूरों की मौत की पुष्टि की। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 | 7 साल बाद भारत आ रहे Xi Jinping! 67 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ 24 घंटे की यात्रा, जानें मोदी-जिनपिंग वार्ता का पूरा एजेंडा NDRF और फायर टीमें बचाव अभियान में शामिल घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद, अरक्कोणम से NDRF की एक टीम मौके पर पहुंची और ज़िला प्रशासन, पुलिस और फायर सर्विस के कर्मचारियों के साथ बचाव अभियान में शामिल हो गई। टीमों ने मिलकर निर्माण स्थल पर फंसे मज़दूरों का पता लगाने और उन्हें बाहर निकालने का काम किया। बचाव अभियान का समन्वय वेल्लोर की ज़िला कलेक्टर पी.एस. लीला एलेक्स कर रही थीं। गुरुवार शाम पत्रकारों से बात करते हुए ज़िला कलेक्टर ने कहा कि घायल मज़दूरों में से कम से कम आठ की हालत स्थिर है। प्रशासन करेगा छत गिरने के कारणों की जांच ज़िला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। एक समिति इस बात की जांच करेगी कि इमारत का ढांचा क्यों गिरा और क्या निर्माण के दौरान सुरक्षा के उचित उपायों का पालन किया गया था। अधिकारी यह भी जांच करेंगे कि क्या बिल्डर ने चर्च के निर्माण के लिए सभी ज़रूरी मंज़ूरी और बिल्डिंग परमिट लिए थे या नहीं। जांच में निर्माण की मज़बूती, कंक्रीट के काम के दौरान इस्तेमाल किए गए सपोर्ट फ़्रेमवर्क और लागू बिल्डिंग व सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच होने की उम्मीद है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi #WATCH | Tamil Nadu: One person died and 10 people rescued following the collapse of the upper floor of an under-construction CSI church at Mandai Krishnapuram near Katpadi in Vellore district. According to officials, one more person is reportedly trapped under the debris, and… pic.twitter.com/mI0IcCw21E — ANI (@ANI) September 10, 2026
Tamil Nadu के Vellore में निर्माणाधीन CSI Church की छत ढही, 3 श्रमिकों की मौत
तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन एक चर्च की छत गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 घायल मजदूरों को एंबुलेंस से वेल्लोर सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज अस्पताल और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित एक अस्पताल ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कटपाडी के निकट मंडी कृष्णापुरम में ‘चर्च ऑफ साउथ इंडिया’ के निर्माणाधीन भवन की छत का हिस्सा उस समय ढह गया, जब मजदूर छत पर कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे। अधिकारी ने तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की अरक्कोणम टीम ने जिला प्रशासन, पुलिस और दमकल कर्मियों के साथ मिलकर निर्माण स्थल पर फंसे मजदूरों को बचाने का अभियान चलाया। वेल्लोर की जिलाधिकारी पी. एस. लीला एलेक्स ने संवाददाताओं से कहा कि कम से कम आठ मजदूरों की हालत स्थिर है।
Tamil Nadu Bypolls: TVK ने दो सीटों पर उतारे प्रत्याशी, DMK से टक्कर
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने विधानसभा की दो सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए, जिसके साथ ही उसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ सीधा चुनावी मुकाबला तय हो गया है। अन्ना द्रमुक के भी इस चुनावी मैदान में उतरने की उम्मीद है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में टीवीके ने सहयोगी दलों की मदद से राज्य में अपनी पहली सरकार बनाई। इसके बाद यह राज्य में होने वाला पहला चुनावी मुकाबला होगा। पार्टी की ओर से जारी एक बयान में टीवीके के संस्थापक और मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व अन्ना द्रमुक विधायकों के. मरकतम कुमारवेल और पी. सत्यबामा को क्रमशः मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों से उम्मीदवार बनाया है। इन दोनों सीटों का प्रतिनिधित्व वे टीवीके में शामिल होने से पहले करती थीं। कुमारवेल और सत्यबामा ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में क्रमशः इन दोनों सीटों से अन्ना द्रमुक उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ टीवीके का दामन थाम लिया था। कुमारवेल और सत्यबामा के इस्तीफे के बाद दोनों विधानसभा सीटें रिक्त हो गई थीं। कुमारवेल टीवीके की उपमहासचिव हैं, जबकि सत्यबामा पार्टी की तिरुप्पुर दक्षिण-पूर्व जिला सचिव हैं। टीवीके के सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं को टीवीके के टिकट पर दोबारा उम्मीदवार बनाकर सत्तारूढ़ पार्टी का लक्ष्य इन आरक्षित सीटों पर उनके मौजूदा स्थानीय जनाधार का लाभ उठाना और सरकार बनने के बाद अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना है। विजय ने एक बयान में कहा कि दोनों आरक्षित सीटों पर उपचुनाव ‘‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’’ के बैनर तले लड़ा जाएगा। बुधवार को गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद इसका यही नाम तय किया गया है। इसमें कांग्रेस और एमडीएमके समेत अन्य दल शामिल हैं। द्रमुक ने मदुरांतकम सीट से अधिवक्ता आई. पारंदामन को उम्मीदवार बनाया है। वह मदुरांतकम से पूर्व विधायक भी रह चुके हैं। वहीं, धारापुरम सीट से एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया गया है। अन्ना द्रमुक के सूत्रों ने बताया कि पार्टी आगामी उपचुनावों के लिए अपनी रणनीति जल्द तय करेगी। संभावित उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी कई विकल्पों पर विचार कर रही है। उसने दोनों सीटों से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन भी आमंत्रित किए हैं। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से जोरदार जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करने का आह्वान करते हुए विजय ने कहा, ‘‘मैं पार्टी के सभी पदाधिकारियों और साथियों से विनम्र अनुरोध करता हूं कि वे हमारे उम्मीदवारों की जीत के लिए वोट जुटाने में जुट जाएं। हमारा एकमात्र उद्देश्य जीत होना चाहिए और यह जीत ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण होनी चाहिए।’’भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों सीटों पर छह अक्टूबर को मतदान और नौ अक्टूबर को मतगणना कराने का कार्यक्रम तय किया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही आने वाले दिनों में दोनों क्षेत्रों में चुनाव प्रचार तेजी से जोर पकड़ने की उम्मीद है। कुमारवेल ने चेंगलपट्टू जिले की मदुरांतकम सीट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने उस समय अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराया था, जो टीवीके से थे। इसी तरह, सत्यबामा ने धारापुरम (तिरुप्पुर जिला) विधानसभा क्षेत्र में द्रमुक की इंदिराणी टी. को हराया था। इस बीच, कुमारवेल ने टीवीके सरकार के प्रदर्शन के दम पर मदुरांतकम से जीत का भरोसा जताया।
तमिलनाडु: इंस्पेक्टर पर लगाए थे गंभीर आरोप, अगले दिन हो गई हत्या; आखिर कहां चूकी पुलिस? मामले में चार गिरफ्तार- Youth murdered in Tamil Nadu day after making allegations against inspector police arrested four accused
Tamil Nadu: सीएम विजय की पार्टी टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को मिला नया नाम
इंटरनेट डेस्क। तमिलनाडु में के सीएम विजय की पार्टी टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को आखिरकार नया नाम मिल गया है। चेन्नई में हुई बैठक के बाद गठबंधन का नाम सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस तय कर दिया गया है। इस गठबंधन में टीवीके, साथ कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल शामिल है। गठबंधन का नाम तय करने को लेकर बुधवार को चेन्नई के पनायुर स्थित TVK मुख्यालय में अहम बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस, VCK, MDMK और IUML के प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में गठबंधन की आगे की रणनीति और चुनावी तालमेल को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में ये नेता रहे मौजूद बैठक में कांग्रेस की ओर से मणिकम टैगोर, थारागाई कथबर्ट और प्रवीण चक्रवर्ती मौजूद रहे। VCK की ओर से पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन के साथ वन्नी अरसु, रवि कुमार और सिंथनई सेलवन शामिल हुए। MDMK की तरफ से पार्टी प्रमुख वाइको और दुरई वाइको ने हिस्सा लिया, जबकि IUML की ओर से के.एम. कादर मोइदीन और शाहजहाँ बैठक में शामिल हुए। pc- indiatv.in
Kaushambi News: तमिलनाडु से पटाखा लाकर नौशाद के जरिये कौशाम्बी में खपाता था शोएब
Shoaib used to source firecrackers from Tamil Nadu and sell them in Kaushambi through Naushad.
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
भगोने में कौन और क्यों पका रहा था लड़की के अंग? | Tamil Nadu Express | Agra | Apradh Lok S2 EP5
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Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

