Tamil Nadu बिजली निगम में TNPSC से होगी 8000 फील्ड सहायकों की सीधी भर्ती
तमिलनाडु सरकार ने बिजली वितरण निगम में क्षेत्र सहायक के आठ हजार पदों पर तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) के माध्यम से सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। इन पदों पर भर्ती दो चरणों में 2027 और 2028 में की जाएगी। ऊर्जा विभाग की 28 अक्टूबर को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2027 में पांच हजार और 2028 में तीन हजार पद भरे जाएंगे। यह निर्णय तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएनपीडीसीएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के बाद लिया गया। सरकार के अनुमान के मुताबिक, सभी आठ हजार पद भरने के बाद इन भर्तियों पर सालाना करीब 341.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वर्ष 2027 में भर्ती किए जाने वाले पांच हजार कर्मचारियों पर सालाना 213.28 करोड़ रुपये और 2028 में भर्ती होने वाले तीन हजार कर्मचारियों पर अतिरिक्त 127.97 करोड़ रुपये सालाना खर्च होने का अनुमान है।
Tamil Nadu Diwali Holiday: तमिलनाडु में दीपावली के त्योहार को लेकर राज्य सरकार ने एक और छुट्टी का ऐलान किया है। रविवार, 8 नवंबर 2026 को दीपावली मनाई जाएगी, जबकि इसके अगले दिन यानी सोमवार, 9 नवंबर को भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों और छात्रों को राहत मिलेगी।9 नवंबर की छुट्टी के बदले शनिवार, 28 नवंबर 2026 को काम होगा। इस दिन सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे, ताकि छुट्टी के कारण काम बाकी न रहे।राज्य सरकार की ओर से घोषित यह अतिरिक्त छुट्टी इन पर लागू होगी: स्टेट गवर्नमेंट ऑफिस स्कूल और कॉलेज एजुकेशनल इंस्टिट्यूट सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) जरूरी कामों के लिए ट्रेजरी और सब-ट्रेजरी दफ्तर खुले रहेंगे और वहां कुछ कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे। वहीं, निजी दफ्तरों और दुकानों को बंद रखने का कोई आदेश नहीं है। वहां कामकाज पहले की तरह जारी रहेगा।दीपावली पर छुट्टी बढ़ाने का ये है कारणदीपावली पर बहुत से लोग अपने घर जाते हैं, जिससे ट्रेन और बसों में भीड़ बढ़ जाती है। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों ने सफर की परेशानी कम करने के लिए एक दिन की और छुट्टी मांगी थी। इसी वजह से सरकार ने 9 नवंबर को भी छुट्टी देने का फैसला किया है।
Tamil Nadu Jail Security: जेल से भागने की कोशिश पर चलेगी गोली, राज्य की 125 जेलों में तैनात होंगे हथियारबंद गार्ड
Tamil Nadu Prison Department ने कैदियों को भागने से रोकने के लिए हथियारों के इस्तेमाल की दी मंजूरी
तमिलनाडु के थेनी जिले में कैदियों के जेल से फरार होने की बड़ी घटना के बाद राज्य के जेल विभाग ने अपने कर्मचारियों को जरूरत पड़ने पर कैदियों को भागने से रोकने के लिए हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस महानिदेशक (जेल) संदीप राय राठौर ने निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत जेल के सुरक्षाकर्मी कैदियों के फरार होने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थिति के अनुसार बंदूकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। थेक्कम्पट्टी स्थित थेनी जिला जेल से 26 अक्टूबर को देर रात 17 कैदियों के भाग निकलने की चौंकाने वाली घटना के बाद कड़े सुरक्षा इंतजाम के आदेश दिए गए हैं और पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस बीच थेनी जिला जेल से फरार हुए दो और कैदियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पुन: पकड़े गए कैदियों की संख्या अब 15 हो गई है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कैदियों की पहचान पोनमुथु सेलवन और रेजिन के रूप में हुई है। सोमवार रात को कैदियों ने चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति का नाटक करके जेल से भागने की साजिश की थी। उन्होंने ऐसे दर्शाया जैसे उनमें से एक कैदी को मिर्गी का दौरा पड़ा है और उसे तुरंत चिकित्सीय मदद की जरूरत है। जब एक सुरक्षाकर्मी मदद के लिए कैदियों की कोठरी में आया तो उन्होंने उसे काबू में कर लिया और उस पर हमला कर दिया। इसके बाद उन्होंने मुख्य गेट की चाबियां छीन लीं, दरवाजा खोला और पास के वन क्षेत्र में भाग गए। इस बीच, तमिलनाडु पुलिस ने कैदियों को पकड़ने के लिए पूरे इलाके और पड़ोसी जिलों में 17 विशेष टीम, विशेष कार्य बल की पांच इकाइयों और निगरानी ड्रोन को तैनात कर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों ने 27 अक्टूबर तक 17 फरार कैदियों में से 13 को फिर से पकड़ लिया था। जेल परिसर के पास अमाचियापुरम के पर्वतीय इलाके में फरार कैदियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पर्वतीय क्षेत्रों में तलाश अभियान तेज कर दिया और पोनमुथु सेलवन तथा रेजिन को पकड़ लिया। फरार शेष दो कैदियों को पकड़ने के लिए तलाश अभियान जारी है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि थेनी की घटना के बाद राज्य की 125 जेल में निगरानी के लिए बने ‘वॉचटावर’ पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कैदियों के भागने की कोशिश करने पर हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति देने का स्पष्ट फैसला किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े विस्तृत निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इनमें ऊंचे वॉचटावर से हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों द्वारा लगातार निगरानी करना भी शामिल है।
Tamil Nadu के Theni में जेल प्रहरियों पर हमला कर भागे 17 कैदी, 13 दोबारा दबोचे गए
तमिलनाडु के थेनी में सोमवार देर रात एक सुनियोजित तरीके से 17 विचाराधीन कैदी थेक्कमपट्टी उप-जेल से फरार हो गए। हालांकि, पुलिस की व्यापक तलाशी के बाद इनमें से 13 कैदियों को कुछ ही घंटों के भीतर दोबारा पकड़ लिया गया। जेल से फरार होने की यह घटना सोमवार रात करीब 10 बजे हुई। जेल अधिकारियों के अनुसार, कैदियों ने कोठरी में दहशत पैदा करने के लिए गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति होने का नाटक किया और दावा किया कि उनमें से एक को दौरा पड़ा है। पुकार सुनकर जेल प्रहरियों ने सहायता के लिए कोठरी का दरवाजा खोल दिया, तभी 17 कैदियों ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें काबू में कर लिया। कैदियों ने चाबियां छीन लीं, मुख्य प्रवेश द्वार खोला और फरार हो गए। घटना के बाद जेल महानिदेशक संदीप राय राठौर ने उप-जेल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और अभियान की निगरानी की। उन्होंने पुष्टि की कि समन्वित और व्यापक तलाश अभियान के बाद फरार कैदियों में से 13 को पकड़ लिया गया है। राठौर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘अब तक 13 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘फरार बाकी चार कैदियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और हमें पूरा भरोसा है कि पुलिस उन्हें जल्द ही पकड़ लेगी।’’राठौर ने यह भी पुष्टि की कि सुरक्षा में चूक के मामले में जेल के नौ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि इस घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पांच कैदियों को जल्द ही दोबारा पकड़ लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने ड्रोन की मदद से दूरदराज और घने इलाकों में छिपे आठ अन्य कैदियों का पता लगाकर उन्हें भी पकड़ लिया। जेल परिसर के पास झाड़ियों में छिपे इन आठ कैदियों का पहले पता नहीं चल पाया था, लेकिन ड्रोन से उनकी पहचान करने में मदद मिली। पुलिस महानिरीक्षक (दक्षिण क्षेत्र) विजयेंद्र बिदरी ने फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष दल गठित किए हैं। पड़ोसी डिंडीगुल जिले में भी वाहनों की जांच तेज कर दी गई है, क्योंकि विचाराधीन कैदियों में से कई मदुरै और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। इस घटना की विपक्ष ने तीखी आलोचना की और कुछ महीने पहले सत्ता में आई सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाए। द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने दावा किया कि तमिलनाडु में 30 साल बाद इस तरह की घटना हुई है। स्टालिन ने पुजल और थेनी की जेलों से लगातार कैदियों के फरार होने की घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला करने के लिए लोकप्रिय अमेरिकी धारावाहिकों ‘ब्रेकिंग बैड’ और ‘प्रिजन ब्रेक’ का जिक्र किया। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा, ‘‘मैंने सोचा था कि केवल जमानत पर बाहर रहने वाले अपराधियों पर नजर नहीं रखी जा रही है। यह सरकार जेल के अंदर बंद कैदियों को भी भागने देने पर आमादा है।’’उनकी आलोचना का जवाब देते हुए टीवीके की आईटी इकाई ने कहा, ‘‘द्रमुक शासन की पहचान यह थी कि उसने पुलिस को पूर्ण नेतृत्व नहीं दिया और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति तक नहीं की।
Tamil Nadu Theni Jail Break:
तमिलनाडु के थेनी जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। सोमवार देर रात थेनी सब-जेल से सुनियोजित तरीके से 17 कैदी फरार हो गए। कैदियों ने जेल के सुरक्षा गार्डों को चकमा देने और उन पर हमला करने के लिए 'मिर्गी के दौरे' का बहाना बनाया था। घटना के तुरंत बाद हरकत में आए प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मंगलवार सुबह तक पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 फरार कैदियों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी की तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए सरकार ने दो हेड कांस्टेबल समेत कुल 9 जेल कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने डिंडीगुल में 16 जगहों पर चेकपॉइंट बनाए हैं और फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष टीमें तैनात की हैं। मंगलवार सुबह तक, फरार हुए 17 कैदियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी की तलाश जारी है। इस घटना के सिलसिले में दो हेड कांस्टेबल समेत जेल के नौ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सोमवार रात जब जेल कर्मचारी एक कैदी को मिर्गी का दौरा पड़ने की शिकायत मिलने पर कोठरी में गए, तो वहां सभी 17 कैदी मौजूद थे। कोठरी में घुसते ही कैदियों ने गार्डों पर हमला कर दिया और फरार हो गए। इस दौरान जेल के तीन कर्मचारी घायल हो गए। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu के Theni में जेलकर्मियों पर हमला कर 17 कैदी फरार, चार दोबारा पकड़े गए इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु के कानून मंत्री निर्मल कुमार ने पुष्टि की कि एक कैदी ने गार्डों को कोठरी के अंदर बुलाने के लिए बीमारी का नाटक किया था। निर्मल कुमार ने बताया, वे सभी एक ही ब्लॉक में थे और उन्होंने ऐसा नाटक किया जैसे किसी को मिर्गी का दौरा पड़ा हो। इसके बाद उन्होंने वार्डन और वहां जांच करने गए दो अन्य कर्मचारियों पर हमला कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार सुबह तक चार कैदियों को पकड़ लिया गया है। पुलिस ने वाहनों की जांच तेज कर दी है और फरार कैदियों का पता लगाने के लिए पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 जगहों पर चेकपॉइंट बनाए हैं। डिंडीगुल के पुलिस अधीक्षक एस. जयकुमार ने ANI को इस तैनाती की पुष्टि की। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu में बिजली गिरने से 14 की मौत, पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक डिंडीगुल, मदुरै और इडुक्की के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। फरार कैदियों की तस्वीरें पुलिस अधिकारियों के बीच बांट दी गई हैं ताकि उनकी पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके। उनकी तलाश के लिए 17 विशेष टीमें बनाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: Kanimozhi ने कानून व्यवस्था पर CM विजय को घेरा, महिलाओं की सुरक्षा पर उठाए सवाल थेनी जिला जेल में तैनात ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में चोट आई है, जिसके बाद उन्हें जी. विलाक्कु के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जेल पुलिस के दो अन्य कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है। फरार हुए बाकी लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस का तलाशी अभियान जारी है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
Tamil Nadu के Theni में जेलकर्मियों पर हमला कर 17 कैदी फरार, चार दोबारा पकड़े गए
तमिलनाडु के थेनी में एंडीपट्टी के पास थेक्कमपट्टी उप-कारागार से 17 विचाराधीन कैदी फरार हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह घटना सोमवार देर रात को हुई। हालांकि, जेल से कैदियों के फरार होने की इस बड़ी घटना के कुछ ही समय बाद उनमें से चार को फिर से पकड़ लिया गया। कैदियों ने मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक करके एक सुनियोजित तरीके से जेल से फरार होने की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, जेल की एक ही कोठरी में बंद कुछ कैदियों ने ड्यूटी पर मौजूद जेल प्रहरी को आवाज दी और कहा कि एक कैदी की तबीयत बहुत खराब है एवं उसे तुरंत मदद की जरूरत है। उसने बताया कि जब जेलकर्मी मदद के लिए बैरक का ताला खोलकर अंदर पहुंचे, तो कैदियों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को काबू में कर लिया। इसके बाद कैदी जेल परिसर से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि इस घटना में तीन अधिकारी घायल हो गए।
Tamil Nadu news: कल्लार में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड बाधित
24 अक्टूबर, शनिवार: तमिलनाडु के कल्लार में भारी बारिश के कारण मेट्टुपालयम-कुन्नूर रोड पर भूस्खलन हो गया, जिससे यातायात बाधित हो गया और घटना के विजुअल्स सामने आए हैं।
Tamil Nadu CM Vijay की स्कूली बच्चों को सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme
Tamilnadu CM Vijay ने Govt School के बच्चों को दी सौगात | Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast Scheme अच्छी पढ़ाई के लिए सिर्फ स्कूल और किताबें ही जरूरी नहीं होतीं...
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर
Tamil Nadu CM Thalapathy Vijay Temple Rule: TVK सरकार के फैसले की चर्चा जोरों पर Add Live Hindustan as your preferred source on Google.
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसला लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK
Tamil Nadu CM Vijay ने क्या मंदिरों से दानपेटी हटाने वाले फैसले लिया, Insta Reels का पूरा सच। TVK तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं
CM Vijay Thalapathy की सरकार ने महिलाओं और किसानों के लिए किए बड़े ऐलान। Tamil Nadu Assembly
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
CM Thalapathy Vijay का फैसला, Vande Mataram से पहले Tamil Thai Valthu बजेगा। Tamil Nadu
अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

