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Indian Cargo Ship Attack | Red Sea में भारतीय कार्गो जहाज़ पर हमला, डूबने के बाद 13 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया, विदेश मंत्रालय ने जताई सख्त आपत्ति

लाल सागर (Red Sea) में यमन तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक व्यावसायिक कार्गो जहाज़ पर हुए हमले के बाद वह समुद्र में पलटकर डूब गया। इस जहाज़ पर सवार 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को यमनी कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया है और उन्हें मोखा बंदरगाह पहुँचाया गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly में TVK सरकार का पहला Budget पेश करेंगी वित्त मंत्री Mary Wilson विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की व्यावसायिक जहाज़ 'MSV फ़ैज़ नूर ओलिय' पर हुए हमले की निंदा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि रियाद में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और क्रू की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, हम भारत के झंडे वाले व्यावसायिक जहाज़ 'MSV फ़ैज़ नूर ओलिय' पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जो 4 अगस्त, 2026 को यमन के तट के पास रेड सी में डूब गया था। सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है। रियाद में हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और क्रू की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है। हम सहयोग के लिए यमनी अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं। इसे भी पढ़ें: Trisha Krishnan Controversy | 'मेरे साथ आतंकवादी जैसा बर्ताव किया गया', जेल से रिहाई के बाद Udhayanidhi Stalin ने TVK सरकार पर साधा निशाना विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों पर लगातार हो रहे हमले बहुत चिंताजनक हैं। मंत्रालय ने कहा, इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार, इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से जहाज़ों की आवाजाही और व्यापार बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। इस बीच, केंद्रीय बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि उन्होंने मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन के महानिदेशक (DGMA) को निर्देश दिया है कि वे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर इस क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बचाए गए क्रू को हर ज़रूरी मदद देने के लिए तुरंत कदम उठाएँ। ब्लैक सी में व्यावसायिक जहाज़ पर हमला इससे पहले जुलाई में, ब्लैक सी में एक व्यावसायिक जहाज़ पर हमले के बाद एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, क्योंकि रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से ज़्यादा समय से चल रहा संघर्ष जारी है। रूस के समुद्री इलाके में मौजूद इस जहाज़ की पहचान मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले 'MV OMORFI' के तौर पर की गई थी। यह जहाज़, जो पिछली बार रूस के सेंट पीटर्सबर्ग बंदरगाह पर रुका था, घटना के समय दस क्रू सदस्यों को ले जा रहा था, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। इसमें यह भी कहा गया कि जहाज़ पर मौजूद अन्य दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने यह भी कहा कि रूस में भारतीय मिशन ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया है और मृतक के परिवार की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है और सभी पक्षों से समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा, भारत ऐसे हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है जो वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाते हैं और निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालते हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है कि नेविगेशन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता को बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। Stay updated with InternationalNews in Hindi on Prabhasakshi Indian MSV Faize Noore Oliya has been hit by a projectile near Yemeni waters, causing the vessel to capsize and sink. India strongly condemns this unprovoked attack on the defenseless mechanised sailing vessel. The safety of our people is our supreme priority & I am relieved to… — Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) August 4, 2026

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 9:59 am

देश के कोने-कोने घूम लीजिए, लेकिन भारत के सबसे खास नजारे मिलेंगे सिर्फ इस छोर पर!

भारत में घूमने के लिए सिर्फ मशहूर जगहें ही नहीं हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसी खूबसूरत जगहें भी हैं, जहां बहुत कम लोग पहुंच पाते हैं। यहां आपको शांत माहौल, शानदार नजारे और कुछ नया देखने का मौका मिलेगा। अगर इस बार छुट्टियों में किसी अलग जगह जाने का प्लान बना रहे हैं, तो ये डेस्टिनेशन आपकी ट्रिप को यादगार बना सकते हैं। धनुषकोडी, तमिलनाडु (Dhanushkodi, Tamil Nadu) धनुषकोडी भारत के दक्षिण-पूर्व में एक शानदार जगह है। यह वहीं है, जहां बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर एक-दूसरे से मिलते हैं। साल 1964 में आए एक भयानक चक्रवात ने इस पूरे शहर को खत्म कर दिया था। इसके बाद यहां रहने वाले लोग दूसरी जगह चले गए और आज यह लगभग वीरान है। यहां टूटे हुए रेलवे स्टेशन, चर्च और पुराने मकानों के टुकड़े आज भी देखे जा सकते हैं। समुद्र के बीच बनी सड़क और चारों तरफ का नजारा बेहतरीन है। जीरो पॉइंट, सिक्किम (Zero Point, Sikkim) जीरो पॉइंट उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन बॉर्डरके पास है। यह करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर है और साल के ज्यादातर समय बर्फ से ढका रहता है। यहां से हिमालय की बर्फीली चोटियां और चारों ओर फैले सफेद पहाड़ बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं। बर्फबारी का मजा लेने और शानदार नजारों के लिए हर साल बड़ी संख्या में टूरिस्ट यहां पहुंचते हैं। किब्बर, हिमाचल प्रदेश (Kibber, Himachal Pradesh) हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी में बसा किब्बर भारत के सबसे ऊंचाई पर बसा गांव है। यह समुद्र तल से करीब 4,200 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां से बर्फ से ढके पहाड़, खुला नीला आसमान और शांत घाटियां दिखाई देती हैं। किब्बर वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी भी यहीं है, जहां हिम तेंदुआ (स्नो लेपर्ड), नीली भेड़ और कई दुर्लभ जानवर पाए जाते हैं। आपको पहाड़ और एडवेंचर पसंद हैं, तो यह जगह जरूर घूमनी चाहिए। गुहार मोती, गुजरात (Guhar Moti, Gujarat)गुहार मोती गुजरात के कच्छ जिले का सबसे पश्चिम में बसा गांव है। यह भारत-पाकिस्तान सीमा के बहुत पास है। यहां चारों ओर नमक वाले मैदान, दलदली इलाके और समुद्र का नजारा देखने को मिलता है। यह इलाका नारायण सरोवर के पास होने के कारण नेचर लवर और पक्षियों को देखने के शौकीनों के बीच भी काफी पॉपुलर है। यहां का शांत माहौल और बारिश में हरियाली लोगों को अपनी ओर अट्रैक्ट करता है। गुरेज घाटी, जम्मू और कश्मीर (Gurez Valley, Jammu and Kashmir)गुरेज घाटी जम्मू-कश्मीर की सबसे खूबसूरत और शांत घाटियों में से एक है। यह लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास किशनगंगा नदी के किनारे बसी है। चारों ओर ऊंचे पहाड़, हरे-भरे मैदान, लकड़ी के घर और बहती नदी इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। पुराने समय में यह इलाका भारत और मध्य एशिया के बीच बिज़नेस करने का रास्ता हुआ करता था। भीड़ से दूर सुकून भरी जगह पर जाना चाहते हैं, तो गुरेज घाटी परफेक्ट है। माना गांव , उत्तराखंड (Mana Village, Uttarakhand)माना गांव उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम के पास है और इसे लंबे समय से भारत का आखिरी गांव कहा जाता है। यह तिब्बत सीमा से पहले पड़ता है। इस गांव का संबंध महाभारत की कई कहानियों से भी माना जाता है। यहां सरस्वती नदी, भीम पुल, व्यास गुफा और गणेश गुफा कई धार्मिक और ऐतिहासिक जगह हैं। पहाड़ों के बीच बसा यह छोटा-सा गांव अपनी सुंदरता और शांत माहौल के कारण टूरिस्ट को अट्रैक्ट करता है। काहो, अरुणाचल प्रदेश (Kaho, Arunachal Pradesh)काहो भारत के सबसे पूर्व में बसे गांवों में से एक है। यह अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में भारत-चीन बॉर्डर के पास है। कहा जाता है कि भारत में सबसे पहले सूरज की किरणें इसी इलाके में दिखाई देती हैं। यहां का शांत वातावरण, हरे-भरे पहाड़ और जनजातियों की संस्कृति टूरिस्ट को अलग एक्सपीरियंस देती है। इंदिरा पॉइंट, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Indira Point, Andaman and Nicobar Islands)इंदिरा पॉइंट भारत का सबसे दक्षिणी स्थान है, जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है। यहां बना लाइटहाउस इस जगह की सबसे बड़ी पहचान है। साल 2004 में आई सुनामी के बाद इस इलाके का कुछ हिस्सा समुद्र में धंस गया था। फिर भी यह जगह अपनी खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के कारण खास मानी जाती है। यहां का नीला समुद्र और शांत वातावरण देखने लायक होता है।

ज़ी न्यूज़ 4 Aug 2026 9:24 am