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Tamil Nadu CM विजय की सांसदों संग बैठक, Delimitation का विरोध करने का निर्णय

चेन्नई, आठ अगस्त तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में शनिवार को गठबंधन के सहयोगी दलों और मित्र दलों से जुड़े राज्य के सांसदों की बैठक हुई। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का पूरी तरह विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक का मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और प्रमुख द्रविड़ दलों और अन्नाद्रमुक ने बहिष्कार किया। द्रमुक ने बैठक की कार्यवाही को ‘तमाशा’ करार दिया, जबकि अन्नाद्रमुक ने इसे ‘जल्दबाजी में किया गया नाटक’ बताया। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सांसदों ने मांग की कि लोकसभा और राज्यसभा के बीच सीट का अनुपात 2.2:1 बरकरार रखा जाना चाहिए। बैठक में सर्वसम्मति से यह भी फैसला लिया गया कि इस मुद्दे पर तमिलनाडु और अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों के अधिकारों की स्थायी रूप से रक्षा करने के लिए राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। बयान के अनुसार, बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों और राजनीतिक दलों से तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र को प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को वापस लेना चाहिए, क्योंकि इससे तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व और महत्व पर असर पड़ेगा। बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने कहा कि बैठक में इस प्रस्तावित कवायद का विरोध करने का फैसला किया गया है, क्योंकि निर्वाचित निकायों में सांसदों की संख्या या संरचना में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लोकसभा में 543 सदस्यों की संख्या में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। इसी तरह, तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीट में भी किसी बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है।’’ कानून मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार चुनाव में आसानी से जीत हासिल करने और ‘चुनावी गणित’ को ध्यान में रखकर परिसीमन की यह पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को परिसीमन की कोई जरूरत नहीं है। कुल मिलाकर, टीवीके सरकार का समर्थन करने वाले 19 सांसदों ने बैठक में हिस्सा लिया। वीसीके प्रमुख ने कहा, ‘‘हमने आम राय से एक प्रस्ताव पास किया है। (प्रस्तावित) परिसीमन की प्रक्रिया को रद्द कर दिया जाना चाहिए। लोकसभा सीट की मौजूदा कुल संख्या 543 ही रहनी चाहिए। राज्यों के लिए सीट का बंटवारा भी वैसा ही रहना चाहिए जैसा अभी है। इसका मतलब है कि अगर तमिलनाडु में हमारे 39 सांसद हैं, तो यह संख्या बनी रहनी चाहिए। इसी सहमति को इस बैठक में एक प्रस्ताव के तौर पर पास किया गया है।’’ उन्होंने कहा सभी राज्यों के लिए इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का विचार या आबादी के आधार पर संख्या बढ़ाने का रुख नहीं अपनाया जाना चाहिए और यही वह प्रस्ताव है जिसे इस बैठक में अपनाया गया है। बैठक में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि बड़ी संसद से लोकतंत्र की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा। चिदंबरम ने कहा, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल साफ है कि लोकसभा में सांसदों की संख्या 543 पर ही स्थिर रहनी चाहिए। यह संख्या स्थिर रहनी चाहिए और राज्यों के बीच सीट का बंटवारा भी उसी अनुपात में होना चाहिए जैसा अभी है। यानी 543 सदस्यों वाली लोकसभा में तमिलनाडु के 39 सदस्य ही होने चाहिए।’’ बैठक में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के सहयोगी दलों कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल तथा मित्र दलों भाकपा और माकपा के सांसदों ने हिस्सा लिया। कुल मिलाकर 19 सांसद बैठक में शामिल हुए। इसमें कांग्रेस के 11 सांसद; भाकपा, माकपा और वीसीके के दो-दो सांसद, तथा एमडीएमके व आईयूएमएल के एक-एक सांसद शामिल हुए। द्रमुक के सहयोगी दलों एमएनएम और डीएमडीके (जिनके राज्यसभा में एक-एक सदस्य हैं) ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। अन्नाद्रमुक (जिसके राज्यसभा में चार सांसद हैं) और उसकी सहयोगी पार्टी पीएमके (जिसके राज्यसभा में एक सदस्य हैं) ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। द्रमुक के 22 लोकसभा सदस्य और आठ राज्यसभा सदस्य हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम और वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन भी बैठक में शामिल हुए। विजय ने शनिवार को यहां कलैवनार अरंगम में स्थित एक सरकारी सभागार में बैठक की अध्यक्षता की। सरकारी सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने छह और सात अगस्त को सांसदों को अलग-अलग आमंत्रण भेजा था। द्रमुक के वरिष्ठ नेता ए. राजा ने पेरम्बलूर में पत्रकारों से कहा कि यह ‘‘एक हंसी-मजाक वाली कवायद’’ है, क्योंकि टीवीके सरकार ऐसी चीज पर विचार कर रही है जिसके बारे में उसे कोई जानकारी ही नहीं है। अन्नाद्रमुक ने इस बैठक को ‘‘जल्दबाजी में रचा गया नाटक’’ करार दिया और कहा कि संसद में परिसीमन का कोई नया विधेयक पेश नहीं किया गया है और न ही इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा हुई है। इसने पूछा, ‘‘मुख्यमंत्री जल्दबाजी में सांसदों की बैठक के नाम पर नाटक क्यों कर रहे हैं?’’ द्रमुक के एक सांसद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि सांसदों को आमंत्रित करना ही गलत कदम है, सरकार को सबसे पहले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बुलाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘सांसदों का काम पार्टी के रुख का पालन करना है। यह बैठक अनावश्यक है। द्रमुक तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारे पार्टी प्रमुख एम. के. स्टालिन ने सबसे पहले परिसीमन के खिलाफ आवाज उठाई थी और राज्य के हितों की रक्षा के लिए इसके खिलाफ संघर्ष किया है।

प्रभासाक्षी 9 Aug 2026 8:16 am

Delimitation पर CM विजय की बैठक से DMK-AIADMK का बायकॉट, सियासी पारा हाई

तमिलनाडु के ज़्यादातर सांसदों ने शनिवार को मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल न होने का फ़ैसला किया। यह बैठक परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इसे मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ के लिए एक प्रतीकात्मक झटके के तौर पर देखा जा सकता है। ANI न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, विजय ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर राज्य की ओर से एक साझा रुख तय करने के लिए यह बैठक बुलाई थी। इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई थी कि इससे दक्षिणी राज्यों की संसदीय सीटों की संख्या कम हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Delimitation पर Tamil Nadu CM Vijay की बैठक का द्रमुक करेगी बहिष्कार ANI के अनुसार, तमिलनाडु के 57 सांसदों में से केवल 20 के ही इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद थी, जबकि 37 सांसदों ने बैठक से दूर रहने का फैसला किया। इससे मुख्यमंत्री की इस पहल पर आम सहमति न होने का संकेत मिल रहा है। हाज़िरी के विवरण के अनुसार, बैठक में शामिल होने वाले 20 सांसद ज़्यादातर कांग्रेस और उसके छोटे सहयोगियों से हैं। कांग्रेस के 12 सांसद मौजूद हैं, जबकि VCK, CPI और CPI(M) के दो-दो सांसद हैं, और MDMK तथा IUML का एक-एक सांसद है। इस बीच, DMK ने बैठक का बहिष्कार किया है और उसके सभी 30 सांसद इसमें शामिल नहीं हुए। AIADMK ने भी इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी और उसके चार सांसद इसमें शामिल नहीं हुए। PMK, MNM और DMDK ने भी बहिष्कार में हिस्सा लिया है; इन पार्टियों का एक-एक सांसद इसमें शामिल नहीं हुआ। बैठक में शामिल न होने वाले सांसदों ने TVK के नेतृत्व वाली सरकार पर कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब सरकार की ओर से बिल को पास कराने की नई कोशिशों की खबरें आ रही हैं और ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार आने वाले मॉनसून सत्र में इस कानून को फिर से पेश कर सकती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 8 Aug 2026 4:21 pm

Delimitation पर Tamil Nadu CM Vijay की बैठक का द्रमुक करेगी बहिष्कार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास पर चर्चा के लिए राज्य के सांसदों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, वहीं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक)के सांसद इस बैठक का बहिष्कार करेंगे। विजय शनिवार अपराह्न तीन बजे यहां कलैवनार अरंगम में बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें केंद्र सरकार के परिसीमन प्रस्ताव और इसके राज्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने छह और सात अगस्त को सांसदों को अलग से आमंत्रण भेजे थे। द्रमुक सूत्रों ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने इस रुख पर कायम है कि जब सरकार मेकेदातू मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाएगी तभी वह चर्चा में शामिल होगी। द्रमुक के एक सांसद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि सांसदों को आमंत्रित करना ही गलत कदम है, सरकार को सबसे पहले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बुलाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘सांसदों का काम पार्टी के रुख का पालन करना है। यह बैठक अनावश्यक है। द्रमुक तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारे पार्टी प्रमुख एम. के. स्टालिन ने सबसे पहले परिसीमन के खिलाफ आवाज उठाई थी और राज्य के हितों की रक्षा के लिए इसके खिलाफ संघर्ष किया है।’’ इस बीच कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने एक बयान में कहा, ‘‘जो लोग अपनी राजनीति को तमिलनाडु के हितों से ऊपर रखते हैं, वे बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला कर सकते हैं। लेकिन जो लोग तमिलनाडु को पहले और राजनीति को बाद में रखते हैं, वे मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे।’’ टैगोर ने कहा, ‘‘यह पार्टी की राजनीति का मुद्दा नहीं है। यह तमिलनाडु के अधिकारों, हितों और भविष्य का सवाल है। तमिलनाडु की जनता देख रही है और वह याद रखेगी कि जरूरत के समय राज्य के साथ कौन खड़ा था।’’ कांग्रेस तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सहयोगी है। शुक्रवार को जब विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मेकेदातू का मुद्दा उठाया था, तब मुख्यमंत्री विजय ने कहा था कि कावेरी जल विवाद (मेकेदातू) पर पड़ोसी राज्य कर्नाटक के साथ बातचीत का प्रस्ताव उन्होंने ही दिया था, क्योंकि उन्हें सकारात्मक परिणाम की कुछ उम्मीद थी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि वह इस मुद्दे पर ओझी राजनीति नहीं करना चाहते।

प्रभासाक्षी 8 Aug 2026 1:06 pm

CJP Protest Remarks Controversy | आलोचना के बाद बदले कंगना रनौत के सुर, Gen Z को बताया 'देश की सबसे बड़ी ताकत'

अभिनेत्री से नेता बनीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने Gen Z (युवा पीढ़ी) पर अपनी हालिया टिप्पणियों को लेकर चौतरफा घिरने के बाद अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान देने के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं कंगना ने अब युवाओं की जमकर तारीफ की है और उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत करार दिया है। ANI के अनुसार, कंगना ने इस बात को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों का एक छोटा समूह पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। कंगना रनौत ने Gen Z पर अपना रुख बदला, उन्हें देश की 'सबसे बड़ी ताकत' बताया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार इतने लंबे समय से Gen Z के जनादेश के कारण सत्ता में है... यह सच नहीं है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान गाली-गलौज करने वाले केवल 10-15 लोग ही Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं। आज, झारखंड में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से व्यवहार कर रहे हैं। देश के कई युवा जो मेडल जीतकर लौटे हैं, उन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री और देश को समर्पित किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया उन्होंने कहा, कुछ ही लोग हैं जो Gen Z की छवि खराब कर रहे हैं। Gen Z हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और हमें अपनी पीढ़ी पर गर्व है। Gen Z पर टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत को ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि 'तनु वेड्स मनु' की एक्ट्रेस ने हाल ही में CJP विरोध प्रदर्शन पर अपनी आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसमें सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी फिल्मों में निभाए गए कुछ किरदारों के क्लिप शेयर किए। कंगना ने आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि लोग स्क्रीन पर उनके निभाए गए किरदारों की तुलना असल ज़िंदगी में युवाओं के व्यवहार से गलत तरीके से कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच ऑनलाइन आलोचना तब शुरू हुई जब उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गंदगी, कचरा और बदसूरती का प्रदर्शन बताया था। कंगना रनौत का हालिया काम काम की बात करें तो, कंगना रनौत हाल ही में मनोज तापड़िया द्वारा निर्देशित 'भारत भाग्य विधाता' में नज़र आई थीं। यह फिल्म, जो 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, आखिरकार अपनी OTT रिलीज़ की तारीख पा चुकी है। यह फ़िल्म 14 अगस्त, 2026 से Zee5 प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। इसके बाद वह अपनी हिट फ़िल्म 'क्वीन' (जो 2014 में रिलीज़ हुई थी) के सीक्वल में नज़र आएँगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 8 Aug 2026 9:42 am

Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक के बहुचर्चित कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। संगीता ने चेंगलपट्टू जिला अदालत में दाखिल अपनी तलाक की अर्जी वापस ले ली है। अर्जी वापस लिए जाने के बाद अदालत ने इस मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया है। विजय और संगीता के तलाक के मामले से जुड़ी घटनाएँ संगीता ने फरवरी में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। अपनी अर्जी में उन्होंने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर (विवाह-बाहर संबंध) था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला। अर्जी में यह भी कहा गया कि विजय के यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि वह रिश्ता खत्म कर देंगे, उन्होंने बिना किसी पछतावे के इसे जारी रखा। दस्तावेजों में यह भी आरोप लगाया गया कि विजय ने धीरे-धीरे संगीता को अपनी सामाजिक और पेशेवर ज़िंदगी से दूर कर दिया, जबकि वे उस अभिनेत्री के साथ विदेश यात्राएँ करते रहे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे। अर्जी में यह भी दावा किया गया कि इन मौकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर नियमित रूप से शेयर की जाती थीं, और विजय ने न तो उनसे इनकार किया और न ही उन पर कोई आपत्ति जताई। संगीता के अनुसार, इन पोस्ट्स की वजह से उन्हें और उनके दो बच्चों, जेसन संजय और दिव्या साशा को बार-बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। उन्होंने विजय पर उन्हें पहले मिलने वाली आर्थिक मदद और सुविधाओं को बंद करने और उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने का भी आरोप लगाया, जिसमें उनकी घूमने-फिरने की आज़ादी पर रोक लगाना भी शामिल था। संगीता ने आगे आरोप लगाया कि विजय के लगातार व्यवहार और 2024 में सोशल मीडिया पर सामने आए विवादों के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा। उन्होंने दावा किया कि उनकी शादी असल में टूट चुकी थी और सिर्फ़ कागज़ों पर ही बची थी। अपनी अर्जी में उन्होंने कहा कि रिश्ता अब सुधरने लायक नहीं रहा और इससे उन्हें मानसिक पीड़ा, अपमान, शर्मिंदगी और तकलीफ़ के अलावा कुछ नहीं मिला। तलाक की अर्जी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले दाखिल की गई थी। हालाँकि, चुनाव जीतने और मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की पत्नी संगीता ने अर्जी वापस लेने का फ़ैसला किया। विजय और संगीता के तलाक के मामले के बारे में और जानकारी जून 2026 में, चेंगलपट्टू परिवार कल्याण अदालत ने विजय और संगीता के तलाक के मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 7 अगस्त तक के लिए टाल दिया था। सुनवाई से पहले के हफ़्तों में, ऐसी खबरें आई थीं कि शायद यह जोड़ा सुलह की ओर बढ़ रहा है। इस बात पर भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि वे कोर्ट में वर्चुअली पेश होंगे या खुद आएंगे। संगीता ने पारिवारिक घर में रहना जारी रखने की मांग की इस साल की शुरुआत में, संगीता ने चेंगलपट्टू की ज़िला अदालत में एक अर्ज़ी दायर की। इसमें उन्होंने चेन्नई के नीलांकरई में मौजूद अपने पारिवारिक घर में तब तक रहने की इजाज़त मांगी, जब तक कि तलाक की कार्यवाही पूरी न हो जाए। 22 फरवरी को दी गई यह अर्ज़ी, स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत दायर उनकी मुख्य तलाक की याचिका का हिस्सा थी। शादी खत्म करने की मांग के साथ-साथ, उन्होंने स्थायी गुजारा-भत्ता (एलिमनी) और नीलांकरई वाले घर में तब तक रहने का अधिकार भी मांगा, जब तक कि मामले का फैसला न हो जाए या उन्हें उसी स्तर का कोई दूसरा घर न मिल जाए। इसे भी पढ़ें: Instagram Username से पति का सरनेम हटाना चाहती हैं Akanksha Chamola, नियमों के कारण फंसा पेंच अपनी अर्ज़ी में संगीता ने कहा कि उनकी और विजय की शादी को 26 साल हो चुके हैं और उन्होंने अपना जीवन घर संभालने और अपने दो बच्चों - 25 साल के जेसन संजय और 20 साल की दिव्या साशा - की परवरिश में लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के दौरान वे विजय की जीवनशैली के हिसाब से रहीं और उनके पास ऐसा कोई दूसरा घर नहीं है जो उस जीवनशैली के स्तर का हो। याचिका में विजय की एक प्रमुख तमिल अभिनेता और भारत के चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) के संस्थापक के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान का भी ज़िक्र किया गया। संगीता के अनुसार, कोर्ट जाने से पहले उन्होंने मामले को आपसी सहमति से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे कोशिशें नाकाम रहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विजय के वकील ने उन्हें बताया कि अगर वे तलाक के लिए आगे बढ़ती हैं, तो उन्हें नीलांकरई वाले घर में रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी, जिससे उन्हें अपना घर खोने की चिंता सताने लगी। इसे भी पढ़ें: The Odyssey India Box Office | क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' का जलवा कायम! तीसरे हफ्ते में बटोरे ₹29 करोड़, जल्द पार करेगी ₹200 करोड़ का आंकड़ा बायोमेडिकल साइंस में डिग्री रखने वालीं और यूके की नागरिक संगीता ने कहा कि फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई उपयुक्त वैकल्पिक जगह नहीं है। इसलिए, उन्होंने एक अंतरिम आदेश की मांग की ताकि वे कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी मौजूदा सुविधाओं के साथ नीलांकरई वाले घर में रह सकें। यह घर विजय के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन से गहराई से जुड़ा होने के कारण भी महत्वपूर्ण है। विजय अभी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उनकी अक्सर साथ काम करने वालीं को-स्टार त्रिशा कृष्णन भावुक नज़र आईं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 4:28 pm

CM Vijay की पत्नी Sangeetha ने वापस ली Divorce अर्जी, Court ने केस बंद किया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पत्नी संगीता ने शुक्रवार को तमिलनाडु की चेंगलपट्टू ज़िला अदालत में अभिनेता से राजनेता बने विजय के ख़िलाफ़ दायर तलाक की अर्ज़ी वापस ले ली। अर्ज़ी वापस लेने के बाद, चेंगलपट्टू अदालत ने तलाक का मामला बंद कर दिया। यह घटनाक्रम तब हुआ जब शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। लंदन में मौजूद संगीता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुईं, जबकि विजय व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सके क्योंकि वे तमिलनाडु विधानसभा के चल रहे सत्र में हिस्सा ले रहे थे। इसे भी पढ़ें: Mekedatu Row: Tamil Nadu CM और Udhayanidhi में तीखी जुबानी जंग, 'सस्ती राजनीति' का आरोप सुनवाई के दौरान, विजय के वकील ने अदालत को बताया कि विधानसभा सत्र के कारण मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकते। संगीता लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कार्यवाही में शामिल हुईं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, तलाक की अर्जी वापस लिए जाने पर अदालत ने मामले को बंद कर दिया। इससे पहले भी कई बार इस मामले की सुनवाई टाल दी गई थी, क्योंकि दोनों पक्ष कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए थे। सार्वजनिक हस्तियां होने के नाते, विजय और संगीता ने सुरक्षा कारणों और अन्य प्रक्रियात्मक दिक्कतों का हवाला देते हुए वर्चुअल तरीके से कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। यह मामला पहले जून में फैमिली कोर्ट के सामने आया था, जब जज ने वकालतनामा दाखिल करने में हुई देरी को लेकर संगीता के वकील से सवाल किया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि आगे की कार्यवाही से पहले इस जोड़े को मीडिएशन सेंटर भेजा जाना चाहिए। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त के लिए तय की गई थी। हालांकि, शुक्रवार को कार्यवाही ने एक नया मोड़ ले लिया, जब संगीता ने तलाक की अर्जी वापस लेने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Delimitation Bill 2026 | क्या लोकसभा में पास होगा परिसीमन बिल? DMK ने रखीं 3 शर्तें, समर्थन मिलते ही NDA के करीब होगा बहुमत का आंकड़ा संगीता ने फरवरी में विजय के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए तलाक की अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने गुजारा-भत्ता और नीलांकरई स्थित घर में रहने का अधिकार भी मांगा था। याचिका के अनुसार, संगीता ने आरोप लगाया कि विजय का एक महिला अभिनेत्री के साथ विवाहेतर संबंध था, जिसके बारे में उन्हें 2021 में पता चला था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 4:23 pm

Mekedatu Row: Tamil Nadu CM और Udhayanidhi में तीखी जुबानी जंग, 'सस्ती राजनीति' का आरोप

शुक्रवार को तमिलनाडु विधानसभा में कावेरी जल विवाद और कर्नाटक के प्रस्तावित मेकेदातु बांध को लेकर मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के बीच तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं ने सर्वदलीय बैठक और कर्नाटक के प्रति सरकार के रुख को लेकर एक-दूसरे पर सवाल उठाए। तमिलनाडु विधानसभा में इस मुद्दे पर बात करते हुए, स्टालिन ने मेकेदातु मामले पर 'विशेष ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' की मांग की और सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे इस विवादित प्रोजेक्ट पर तमिलनाडु की एकजुटता दिखेगी। इसे भी पढ़ें: Delimitation Bill 2026 | क्या लोकसभा में पास होगा परिसीमन बिल? DMK ने रखीं 3 शर्तें, समर्थन मिलते ही NDA के करीब होगा बहुमत का आंकड़ा उदयनिधि ने पूछा कि मैं बस सर्वदलीय बैठक की मांग कर रहा हूं। कर्नाटक सरकार लगातार सर्वदलीय बैठकें कर रही है। हमारी सरकार ऐसा क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कर्नाटक द्वारा इस मुद्दे पर एकजुट रुख अपनाने के बावजूद, विजय के नेतृत्व वाली सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने में हिचकिचा रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। अपने अधिकारों के लिए वे एक टीम के तौर पर एकजुट हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि तमिलनाडु सरकार ऐसा क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने विजय के बेंगलुरु जाने और कर्नाटक सरकार के साथ बातचीत करने के कथित प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। उदयनिधि ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले इस योजना को लीक किया और बाद में आलोचना होने पर पीछे हट गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार एक नया तरीका अपना रही है। वे खुद ही कोई बात लीक करते हैं और जब वह विवादित हो जाती है, तो उसे रोक देते हैं। विपक्ष के नेता की बात का जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार का पक्ष रखा और कहा कि तमिलनाडु ने मेकेदातु मामले पर अपना रुख पहले ही साफ़ कर दिया है। उन्होंने बताया कि विधानसभा ने प्रस्तावित बांध के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव पास किया था और उन्होंने इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था। सर्वदलीय बैठक बुलाने की कोई ज़रूरत नहीं है। कृपया मेकेदातु बांध के मुद्दे पर राजनीति न करें। हमारा जो भी रुख है, हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उसे बता दिया है। हमारी सरकार नदी के पानी या मेकेदातु बांध के मुद्दे पर अपने अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। मैं पुरानी बातों को उठाकर सस्ती राजनीति नहीं करना चाहता। इस बारे में न सोचें कि किसे राजनीतिक फ़ायदा होगा या कौन इसका श्रेय लेगा। इसे भी पढ़ें: TN Agriculture Budget सिर्फ CM Vijay की तारीफ, किसानों के सूखे की अनदेखी: MK Stalin का तीखा हमला विजय ने यह भी कहा कि वह पुरानी राजनीतिक घटनाओं का ज़िक्र करके “सस्ती राजनीति” नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कावेरी के पानी पर तमिलनाडु के अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि कावेरी मुद्दे पर क्या करने की ज़रूरत है, लेकिन आप इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं... हम कानूनी तरीकों से कावेरी मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 7 Aug 2026 1:07 pm

Tamil Nadu Budget 2026: शादी पर लड़की को सोने का सिक्का, जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठी, जानें बजट में क्या-क्या है

Tamil Nadu Budget 2026: तमिलनाडु के वित्तमंत्री मैरी विल्सन ने 5 अगस्त को विजय सरकार का पहला बजट पेश किया। इस बजट में कई वेल्फेयर स्कीम के लिए बड़ा आवंटन किया गया है। साथ ही सरकार का फोकस टेंडर की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है। लेकिन, बजट में कुछ स्कीम के लिए आवंटित फंड की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है।लड़की की शादी पर सोने का सिक्का और सिल्क साड़ीसरकार ने दो गोल्ड असिस्टेंस स्कीम के लिए 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया है। गोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के तहत लड़की की शादी पर सरकार सोने का एक 8 ग्राम का सिक्का और सिल्क की एक साड़ी देगी। दरअसल, टीवीके प्रमुख सी जोसफ विजय ने चुनाव से पहले राज्य की जनता से ये वादे किए थे।सरकारी अस्पताल में जन्म पर बच्चे को सोने की अंगूठीगोल्ड कॉइन और सिल्क साड़ी स्कीम के लिए 812 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 560 करोड़ रुपये का आवंटन गोल्ड रिंग स्कीम के लिए किया गया है। इस स्कीम के तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे को सरकार की तरफ से एक सोने की अंगूठी दी जाएगी। इस स्कीम से सरकार अस्पताल की सेवाओं में लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप के लिए 2000 करोड़ आवंटनबजट में कॉलेज स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप देने की स्कीम के लिए 2,000 रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार ने हज सब्सिडी का भी ऐलान किया है। इस स्कीम के तहत पहली बार हज कमेटी के जरिए हज पर जाने वालों को सरकारी की तरफ 35,000 से 25,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।राज्य सरकार पर पहले से 10 लाख करोड़ रुपये का कर्जराज्य के वित्तमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में NEET की जगह 12वीं के मार्क्स के आधार पर दाखिला देने की अपील केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के लिए कई उपाय कर रही है। इससे पहले टीवीके सरकार ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक व्हाइट पेपर पेश किया था। इस राज्य पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी गई।9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा-मॉडर्न स्कूल बनेंगेराज्य के बजट में स्कूलों के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए 300 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। सरकार पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज के नाम पर एक खास स्कीम शुरू करने जा रही है। इस स्कीम में 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए अल्ट्रा मॉडर्न रेजिडेंशियल स्कूल बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में अतिरिक्त 125 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।यह भी पढ़ें:Gold Silver Rate Today: सोना ₹1.49 लाख के पार, चांदी में नरमी, आगे कैसी रह सकती है चालपरिवारों को मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम पहले से लागूवित्तमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही परिवारों के लिए मुफ्त 200 यूनिट्स बिजली की स्कीम शुरू कर चुकी है। शराब की 717 दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। विल्सन ने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक न्यायन और सभी के लिए आवास पर है।

ज़ी न्यूज़ 6 Aug 2026 5:23 pm

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अमर उजाला 6 Aug 2026 11:12 am