दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने बुधवार को 16,000 और कर्मचारियों की छंटनी करने का एलान किया है। यह पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुई रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस का हिस्सा है। उस समय कंपनी ने 14,000 पदों को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन अब कुल छंटनी का आंकड़ा बढ़कर 30,000 हो गया है। मैनेजमेंट की लेयर्स कम करना चाहती है कंपनी अमेजन की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बेथ गैलेटी ने एक बयान में कहा कि इन नौकरियों में कटौती का मकसद मैनेजमेंट की लेयर्स को कम करना, जिम्मेदारी बढ़ाना और कंपनी के भीतर ब्यूरोक्रेसी को खत्म करना है। कंपनी चाहती है कि उसके कर्मचारी तेजी से फैसले ले सकें और ग्राहकों के लिए नए इनोवेशन करने की क्षमता बढ़ा सकें। 2023 के बाद सबसे बड़ा लेऑफ अमेजन में कोरोना महामारी के बाद 2022-2023 में हुई 27,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद यह सबसे बड़ी कटौती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह छंटनी मुख्य रूप से अमेजन के कॉर्पोरेट और ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रभावित करेगी। अमेजन के दुनिया भर में करीब 3.5 लाख ऑफिस कर्मचारी हैं, जिनमें से लगभग 10% यानी 30,000 लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि उसके वेयरहाउस और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में काम करने वाले 15 लाख कर्मचारियों पर इस कटौती का कोई असर नहीं होगा। AI में निवेश के कारण बदली रणनीति अक्टूबर में जब पहली बार छंटनी की खबरें आई थीं, तब कंपनी ने इस पर कमेंट करने से मना कर दिया था। जानकारों का कहना है कि अमेजन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपना निवेश तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी अपनी वर्कफोर्स को इसी हिसाब से एडजस्ट कर रही है। बुधवार को कंपनी ने कहा कि हर टीम लगातार अपनी क्षमता का मूल्यांकन करेगी और जहां जरूरत होगी, वहां बदलाव किए जाएंगे। 6 फरवरी को जारी होंगे सालाना नतीजे अमेजन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि किस विभाग से कितने लोग निकाले जाएंगे। कंपनी 6 फरवरी 2025 को अपने पूरे साल के वित्तीय नतीजे पेश करेगी। इसी दौरान एक लाइव कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए छंटनी और भविष्य के प्लान को लेकर और अधिक जानकारी दी जा सकती है।
Dark Matter: ब्रह्मांड का वो काला सच जिसे आज तक कोई नहीं देख पाया, NASA के हाथ लगा सबसे बड़ा सबूत!
Dark Matter: वैज्ञानिक दशकों से डार्क मैटर के रहस्य को समझने की कोशिश कर रहे हैं. यह एक ऐसी रहस्यमयी चीज है जिससे हमारे ब्रह्मांड का एक चौथाई से थोड़ा ज्यादा हिस्सा बना है. ब्रह्मांड का बाकी बचा हुआ हिस्सा डार्क एनर्जी नाम की एक और रहस्यमयी शक्ति से बना है.
सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण...जब 6 मिनट 22 सेकंड के लिए छा जाएगा अंधेरा, जानें कहां दिखेगा ये नजारा
Solar Eclipse: 2026 और 2027 में दो पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं. इनमें से एक ग्रहण बहुत बड़ा होगा और 6 मिनट से ज्यादा चलेगा. इसके बाद 2028 में भी एक और सूर्य ग्रहण दिखाई देगा.
कोयले जैसा काला शरीर और डरावनी आंखें, प्रशांत महासागर के टापू पर मिली सांप की नई प्रजाति
Pacific Ocean: प्रशांत महासागर के बीच एक दूर दराज द्वीप पर खुदाई की एक पुरानी और खंडहर हो चुकी जगह है. वहां गहराई में वैज्ञानिकों को एक अजीबोगरीब जीव मिला है. इस जीव की आंखें काली और शरीर बिल्कुल चिकना है और वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने आज से पहले ऐसा जीव कभी नहीं देखा.
वैज्ञानिकों को सीरिया में मिली दुनिया की सबसे पुरानी ABC, टूट गया 4400 साल पुराना रिकॉर्ड
Worlds Oldest Language: सीरिया में मिट्टी के कुछ बहुत पुराने सिलेंडर मिले हैं. इन पर जो लिखावट मिली है वह दुनिया में अक्षर वाली लिखावट का सबसे पुराना नमूना हो सकती है. यह लिखावट मिस्र की पुरानी लिपि से भी सैकड़ों साल पुरानी है.
51.1°C तापमान और बेहिसाब बारिश! क्या अगले 70 सालों में 'इंसानों के रहने लायक' नहीं बचेगी ये जगहें?
Flood Zone Countries: मौसम के नए रिपोर्ट बताते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसी जगहें हैं जहां गर्मी और बारिश इतनी ज्यादा बढ़ सकती है कि वहां इंसानों का जिंदा रहना मुश्किल हो जाएगा. ये रिपोर्ट उन इलाकों की चेतावनी देती है जहां मौसम का मिजाज इंसानी बर्दाश्त की हद पार कर सकता है.
Sunita Williams: हाल ही में नासा से रिटायर होने के बाद सुनीता विलियम्स भारत में हैं और स्पेस में बिताए गए अपने समय और NASA के अनुभवों को सभी के साथ साझा कर रही हैं. इसी बीच सुनीता विलियम्स ने एक पॉजकास्ट में उनके अंतरिक्ष अभियान पर चर्चा की.
Russia Snowfall: 50 साल बाद रूस में ऐसी तबाही! 20 फीट बर्फ में दफन हुआ शहर, देखें NASA की तस्वीरें
Russia Snowfall 2026: रूस का कामचटका प्रायद्वीप इलाका बर्फ की भारी चादर से ढक गया है. यहां सिर्फ 2 महीनों में करीब 20 फीट तक बर्फ गिरी है जिसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. इस बर्फीले तूफान की वजह से रूस का आम जीवन पूरी तरह से रुक सा गया है.
Day Zero: 2030 तक पानी की किल्लत झेल सकता है आधा भारत, UN की चेतावनी ने उड़ाई नींद
Day Zero: क्या आप जानते हैं कि डे जीरो क्या है? यह वह डरावना दिन है जब किसी शहर के सारे नल सूख जाते हैं और प्यास बुझाने के लिए बूं-बूंद पानी का हिसाब रखना पड़ता है. UN की रिपोर्ट बताती है कि अगर हमने पानी बचाने के तरीके नहीं बदले तो 2030 तक भारत की आधी आबादी पानी के लिए तरस सकती है.
सबसे खतरनाक में से एक किलाउआ ज्वालामुखी में कुछ ऐसा नजर आया है, जो सभी को हैरान कर रहा है. वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस ज्वालामुखी ने दो छेदों से करीब 8 घंटे तक लावा का फव्वारा छोड़ता रहा. इसके देखकर वैज्ञानिक भी आश्चर्यचकित रह गए.
इबोला का 'सुपर म्यूटेशन'! खुद को दवाओं से ज्यादा ताकतवर बना रहा है वायरस; चीनी वैज्ञानिकों की..
Chinese scientists on Ebola virus: चीनी वैज्ञानिकों ने इबोला वायरस में GP-V75A म्यूटेशन पाया, जिसने संक्रमण क्षमता और दवा प्रतिरोध बढ़ा दिया है. इस खोज से महामारी निगरानी और प्रभावी उपचार रणनीतियों में सुधार की आवश्यकता सामने आई है.
भारत में अब यूरोप से इम्पोर्ट होने वाली कारें सस्ती हो जाएंगी। भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की सालाना लिमिट तय की है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान आज (27 जनवरी) को भारत-EU समिट में किया गया। करीब 20 साल चली लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसे 2027 तक लागू किया जाएगा। भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इंपोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। ऑडी, BMW और मर्सिडीज सस्ती होंगी भारत और यूरोपीयन यूनियन की ओर से जारी स्टेटमेंट के अनुसार, कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा। जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे ऑडी, मर्सिडीज-बेंज और BMW हाई-एंड या स्पेशल मॉडल्स भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे। लेकिन यह छूट असीमित नहीं होगी। सरकार ने एक कोटा सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत साल भर में केवल 2.50 लाख गाड़ियों पर ही यह कम टैक्स लागू होगा। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। अभी कितना टैक्स लगता है? दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है भारत बिक्री के मामले में भारत इस समय अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट है। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। इसके बावजूद भारत ने अपने ऑटो सेक्टर को काफी सुरक्षित (प्रोटेक्टेड) रखा हुआ था। हाई टैक्स की वजह से विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपनी महंगी कारें बेचना मुश्किल होता था। अब इस डील के बाद मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए भारत में अपना दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा। 190 अरब डॉलर पार कर चुका है आपसी व्यापार साल 2024-25 में कुल व्यापार 190 अरब डॉलर (करीब 15.80 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल चुका है। इस दौरान भारत ने यूरोपीय देशों को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सर्विस एक्सपोर्ट की। वहीं, यूरोप ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सर्विस भेजी। इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
पाताल की गहराइयों में सन्नाटा! अचानक गायब हुए व्हेल की हड्डियां खाने वाले 'जॉम्बी वर्म'; वैज्ञानिकों ने दी...
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430000 year old wooden Weapon: ग्रीस में मिले 4,30,000 साल पुराने लकड़ी के औजार मिले हैं. जिससे वैज्ञानिकों को प्राचीन मानव के जीवन और उनके औजारों के उपयोग को समझने में मदद मिलेगा.
भारत सरकार यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट टैरिफ में बड़ी कटौती की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टैरिफ को 110% से घटकर 40% तक किया जा सकता है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है। इस एग्रीमेंट का ऐलान कल यानी मंगलवार को भारत-EU समिट में किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार ने 15 हजार यूरो (करीब 16.3 लाख रुपए) से ऊपर वाली कुछ कारों पर तुरंत टैक्स कम करने पर सहमति दी है। फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज की कारें सस्ती हो सकती हैं FTA के तहत भारत सालाना करीब 2 लाख डीजल-पेट्रोल इंजन कारों पर ड्यूटी 40% तक कम करेगा। भारत में अभी विदेशी कारों पर 70% से 110% इंपोर्ट ड्यूटी है। समय के साथ यह 10% तक गिर सकती है, जिससे यूरोपीय कंपनियां जैसे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और BMW को भारतीय बाजार में सस्ती हो सकती हैं। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को पहले 5 साल ड्यूटी कट से बाहर रखा जाएगा, ताकि घरेलू प्लेयर्स जैसे टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रोटेक्शन मिले। उसके बाद उन पर भी कट लागू हो सकता है। एग्रीमेंट को मदर ऑफ ऑल डील बता चुकीं यूरोपीय कमीशन चीफ इससे पहले 20 जनवरी को यूरोपीय कमीशन चीफ उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता होने वाला है। यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 200 करोड़ लोगों के लिए नया बाजार बनाएगा, जो वैश्विक GDP के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगा। उर्सुला ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में इसे मदर ऑफ ऑल डील्स कहा। वह 25 से 27 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगी और 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU समिट में इस समझौते के पूरा होने की घोषणा की जा सकती है। उर्सुला ने कहा- मैं भारत जा रही हूं। अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर हैं। यह डील यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और सबसे गतिशील देश भारत के साथ व्यापार करने का फर्स्ट-मूवर एडवांटेज (पहला बड़ा मौका) देगी। समझौते से क्या फायदा होगा यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बहुत बढ़ाएगा। EUके साथ ट्रेड 2023-24 में $137.41 बिलियन रहा, इस एग्रीमेंट के बाद दोगुना होने की उम्मीद है। समझौते से सामान और सेवाओं पर टैरिफ कम होंगे, जिससे व्यापार आसान बनेगा। दोनों पक्ष एक रक्षा समझौता और 2026-2030 के लिए रणनीतिक योजना भी घोषित करेंगे। ट्रम्प टैरिफ के बीच भारत-EU समझौते का ऐलान यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और व्यापारिक प्रतिबंधों ने वैश्विक सप्लाई चेन में समस्याएं पैदा की हैं। अमेरिका की 'टैरिफ वॉर' से भारत और यूरोपीय संघ के सभी 27 देश प्रभावित हुए हैं। ऐसे में दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को मजबूती देने का फैसला किया है। भारत यूरोपीय देशों के साथ समझौता करके भारतीय प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए नए बाजार तलाश कर रहा है। 19 साल का लंबा इंतजार खत्म होगा भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की पहली कोशिश साल 2007 में शुरू हुई थी। हालांकि, महत्वाकांक्षाओं और नियमों में मतभेद के कारण 2013 में इन वार्ताओं को रोक दिया गया था। करीब 9 साल के अंतराल के बाद जून 2022 में फिर से बातचीत शुरू की गई। अब 2026 की शुरुआत में इस डील का फाइनल होने जा रही है। UK के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका भारत इससे पहले 24 जुलाई को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ था। इससे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया गया था। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं यूके के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। ये खबर भी पढ़ें अमेरिकी राजदूत बोले- भारत से जरूरी कोई देश नहीं:कल ट्रेड डील पर बात होगी; अगले साल भारत आ सकते हैं ट्रम्प भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा जरूरी कोई देश नहीं है। उन्होंने ट्रेड डील को लेकर कहा कि कल यानी मंगलवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इसे लेकर फोन पर बात होने वाली है। पूरी खबर पढ़ें भारत में UK की व्हिस्की-कारें सस्ती होंगी:दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, जानिए और किन चीजों के दामों पर असर होगा भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर सस्ते होंगे। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई को भारत-यूके ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
Doomsday Clock Update: क्या परमाणु युद्ध का खतरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का तेज़ी से विकास घड़ी को आगे बढ़ाएगा? क्या इंसान खुद को खत्म करने के करीब हैं? यह हमें 27 जनवरी को पता चलेगा.
रेनो इंडिया आज (26 जनवरी) भारत में अपनी पॉपुलर SUV डस्टर का फोर्थ जनरेशन मॉडल रिवील करने जा रही है। फ्रांसीसी कार निर्माता कंपनी कार के टीजर जारी कर फर्स्ट लुक दिखा चुकी है। कार में सेफ्टी के लिए लेवल-2 एडास फीचर मिल सकते हैं। साल 2012 में पहली बार लॉन्च हुई डस्टर ने भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की शुरुआत की थी, जिसे 2022 में डिस्कंटीन्यू कर दिया था। अब कंपनी इसे बिल्कुल नए अवतार और एडवांस फीचर्स के साथ दोबारा पेश कर रही है। 10 से 20 लाख रुपए के बीच हो सकती है कीमत कार के टीजर वीडियो में पुराने डस्टर की यादें दिखाई गई हैं। इसमें बच्चे का टॉय मॉडल, पुरानी डस्टर का रफ टेरेन पर चलना और गैंग्स ऑफ डस्टर कम्युनिटी के विजुअल हैं। आखिर में नई डस्टर रेड कवर में दिखाई गई, साथ ही LED DRL और रियर लाइटिंग हाइलाइट की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नई डस्टर 10-20 लाख रुपए के आसपास लॉन्च की जा सकती है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा, टाटा हैरियर, किआ सेल्टोस, फॉक्सवैगन टाइगुन, स्कोडा कुशाक, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर से होगा। एक्सटीरियर डिजाइन: Y-शेप्ड हेडलैंप्स और मस्कुलर लुक न्यू जनरेशन डस्टर को CMF-B प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म को डेसिया, रेनो और निसान ने मिलकर डेवलप किया है। नई डस्टर का डिजाइन ग्लोबल मार्केट में बिकने वाले मॉडल डेसिया से इन्सपायर्ड होगा। कार का लुक पहले से ज्यादा अग्रेसिव है। गाड़ी में Y शेप की LED हेडलाइट्स, वर्टिकल एयर इन्लेट्स के साथ नए डिजाइन के फ्रंट बंपर और स्किड्स प्लेट्स हैं। इसके अलावा गाड़ी में नए डिजाइन का बोनट, चौकोर व्हील आर्च, V शेप की टेललाइट्स मिलते हैं। कार 5 और 7 सीटों के ऑप्शन के साथ आएगी। इसकी लेंथ को मौजूदा मॉडल से बढ़ाकर 4340mm किया गया है, वहीं व्हीलबेस को घटाकर 2,657mm किया गया है। इंटीरियर डिजाइन: 10.1 इंच की टचस्क्रीन और डबल-लेयर डैशबोर्ड नई डस्टर में डबल-लेयर डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें हल्के और गहरे ग्रे शेड्स हैं। सेंटर कंसोल ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ है। हायर वैरिएंट में दो डिजिटल स्क्रीन मिलेंगी। इसमें ड्राइवर के लिए 7 इंच की स्क्रीन और इंफोटेनमेंट के लिए 10.1 इंच की टचस्क्रीन शामिल है। सेंटर AC वेंट के नीचे एक हॉरिजोंटल पैनल में कई बटन मिलते हैं जो इंफोटेनमेंट और HVC सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। एक 12V पावर सॉकेट और USB आउटलेट को नीचे की ओर प्लेस किया गया है। ऐसा लगता है कि मैनुअल गियरबॉक्स से लैस डस्टर का गियर लीवर मौजूदा रेनॉल्ट मॉडल से लिया गया है और यह भारत में काइगर और ट्राइबर के समान दिखता है। हायर वैरिएंट में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स ऑप्शन और एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक भी मिलता है। तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भारी दिखता है और इसमें इंफोटेनमेंट, टेलीफोनी और क्रूज कंट्रोल के लिए बटन हैं। टॉप-स्पेक डस्टर के फीचर्स में वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी, ऑटोमेटिक क्लाइमेंट कंट्रोलऔर 6 स्पीकर के साथ एक आर्कमिस 3D साउंड सिस्टम शामिल होगा। नई डस्टर में ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सहित ADAS जैसे सेफ्टी फीचर भी मिलेंगे। परफॉर्मेंस: हाइब्रिड सिस्टम के साथ 3 इंजन ऑप्शन मिलेंगे अपकमिंग SUV में 3 इंजन ऑप्शन मिलेंगे। कार ऑफ -रोडिंग कैपेबिलिटी के साथ आएगी। कार में एक 1.3-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो 154bhp की पावर जनरेट करता है। दूसरा इसमें 1.0-लीटर का टर्बो पेट्रोल मिल सकता है। इसके अलावा इसमें 1.2-लीटर के हाइब्रिड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन भी मिलेगा, जो 170bhp की पावर और 200Nm का पीक टॉर्क जनरेट करेगा। ट्रांसमिशन के लिए इन इंजनों को 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया जाएगा।
सहारा रेगिस्तान में कुछ ऐसा मिला है, जिसको देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हो गए हैं. हारा रेगिस्तान में पहुंचे अली बेनामर को एक गहरे रंग का धातु जैसा टुकड़ा मिला है. बताया जा रहा है कि यह उल्कापिंड असामान्य रूप से बड़ा है. वैज्ञानिक अब इसके बारे में अध्ययन करने के लिए उत्सुक हैं.
NASA Artemis II Mission: आर्टेमिस-II मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों ने अपनी यात्रा से पहले Quarantine में रहना शुरू कर दिया है. यानी अब वे कुछ दिनों तक बाहरी दुनिया के लोगों से अलग रहेंगे जिससे किसी भी तरह की बीमारी से बचे रहें और मिशन के लिए सुरक्षित रहें.
कैसे बने मिस्र के पिरामिड? वैज्ञानिकों ने खोज निकाली 60 टन का पत्थर उठाने वाली वो तकनीक!
Great Pyramid: मिस्र के महान पिरामिड कैसे बने यह सवाल हजारों साल से एक पहेली बना हुआ था. आखिर उस जमाने के लोगों ने बिना क्रेन और आधुनिक मशीनों के 60,000 किलो के पत्थरों को इतनी ऊंचाई पर कैसे पहुंचाया होगा. अब वैज्ञानिकों ने इसके पीछे का हजारों साल पुराना रहस्य सुलझा लिया है.
250 किलो वजन और बिजली जैसी फूर्ति! वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला 'सुपर कंगारु', भारी होकर भी...
Ancient Kangaroo Fossils: ऑस्ट्रेलिया में हजारों साल पहले ऐसा कंगारु रहता था जिसका वजन आज के कंगारुओं से दोगुना था. वैज्ञानिकों को लंबे समय से लगता था कि यह जीव इतना भारी था कि कभी कूद नहीं पाया होगा लेकिन नई रिसर्च ने वैज्ञानिकों की इस सोच को गलत साबित कर दिया.
South Sea Mysteries: दक्षिण चीन सागर की गहराइयों में वैज्ञानिकों को ऐसा गड्ढा मिला है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. इसे ड्रैगन होल कहा जाता है जो 1000 फीट गहरे इस ब्लू होल के अंदर ने रोशनी पहुंचती है और न सांस लेने के लिए ऑक्सीजन.
Moscow Building Frozen: आर्कटिक की बर्फीली हवाओं में हुई एक बड़ी हलचल की वजह से दुनिया के कई दशों में जानलेवा ठंड पड़ रही है. हालत यह है कि मॉस्को की सबसे ऊंची इमारतें पूरी तरह बर्फ की चादर से ढक गई है.
दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग एप वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर प्राइवेसी को लेकर आरोपों के घेरे में है। सैन फ्रांसिस्को की एक फेडरल कोर्ट में दायर नए मुकदमे में दावा किया गया है कि कंपनी यूजर्स के उन चैट्स को भी देख सकती है, जिन्हें वह एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड (E2E) बताकर पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा करती है। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के यूजर्स के एक ग्रुप ने यह क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया है। अमेरिका की एक कोर्ट में दायर मुकदमे में कहा गया है कि मेटा और वॉट्सएप अपने अरबों यूजर्स को सुरक्षा के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि कंपनी के पास लगभग सभी प्राइवेट बातचीत को स्टोर करने, उसका एनालिसिस करने और उसे एक्सेस करने की क्षमता है। वहीं मेटा ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि यह मुकदमा पूरी तरह से आधारहीन है और वे याचिकाकर्ताओं के वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। मुकदमे में क्या है मुख्य आरोप? मुकदमे में कहा गया है कि वॉट्सएप का यह दावा कि सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही मैसेज पढ़ सकते हैं, असल में गलत है। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, मेटा के पास ऐसी तकनीक और एक्सेस है, जिससे वह यूजर्स के मैसेजेस को देख सकता है। इसमें कुछ व्हिसलब्लोअर्स के हवाले से भी जानकारी दी गई है। जिन्होंने दावा किया है कि मेटा के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर यूजर्स के डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। यह मुकदमे काल्पनिक कहानी मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा, 'यह दावा करना कि लोगों के वॉट्सएप मैसेज एनक्रिप्टेड नहीं हैं, पूरी तरह से गलत और हास्यास्पद है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वॉट्सएप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है, जो सुरक्षा के मामले में दुनिया भर में मानक माना जाता है। कंपनी ने इस मुकदमे को फिक्शन (काल्पनिक कहानी) करार दिया है। 5 देशों के यूजर्स ने की शिकायत इस कानूनी कार्रवाई में भारत भी शामिल है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के यूजर्स इस क्लास-एक्शन सूट का हिस्सा हैं। अगर कोर्ट इसे क्लास-एक्शन के तौर पर मंजूरी दे देती है, तो दुनिया भर के करोड़ों यूजर्स इस मुकदमे के दायरे में आ सकते हैं और भविष्य में मेटा को भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। क्या होता है एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन? वॉट्सएप का दावा है कि उसके एप पर होने वाली हर चैट एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होती है। इसका मतलब है कि जब आप कोई मैसेज भेजते हैं, तो वह एक सीक्रेट कोड में बदल जाता है जिसे केवल रिसीवर का फोन ही डिकोड कर सकता है। कंपनी का कहना है कि बीच में न तो वॉट्सएप और न ही उसकी पेरेंट कंपनी मेटा इस मैसेज को पढ़ सकती है। ताजा मुकदमे ने इसी दावे की सच्चाई पर सवाल उठाए हैं। पहले भी विवादों में रही है मेटा की प्राइवेसी पॉलिसी मेटा (पहले फेसबुक) का प्राइवेसी रिकॉर्ड काफी विवादित रहा है। साल 2020 में कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के बाद कंपनी को 5 बिलियन डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा था। इसके अलावा सितंबर 2025 में वॉट्सएप के पूर्व सुरक्षा प्रमुख अताउल्लाह बेग ने भी आरोप लगाया था कि करीब 1,500 इंजीनियरों के पास यूजर्स के डेटा का अनियंत्रित एक्सेस है। ये खबर भी पढ़ें... थार रॉक्स का 'स्टार एडिशन' लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹16.85 लाख: नया सिट्रीन यलो कलर के साथ ब्लैक इंटीरियर; पैनोरमिक सनरूफ और 360 कैमरा जैसे फीचर्स महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर 5-डोर SUV थार रॉक्स का एक नया स्पेशल स्टार एडिशन भारत में लॉन्च कर दिया है। यह नया एडिशन टॉप-एंड AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे रेगुलर मॉडल से अलग और प्रीमियम बनाते हैं। कंपनी ने इसमें नए सिट्रीन यलो कलर ऑप्शन के साथ अंदर ब्लैक-आउट थीम दी है। पूरी खबर पढ़ें...
Namibian Deserts: वैज्ञानिकों को पत्थर के अंदर बनी सुरंगों का एक रहस्यमय जाल मिला है. इन सुरंगों को देखकर वैज्ञानिक भी हैरान हैं और अब ये सोच रहे हैं कि धरती पर जीवन की शुरुआक आखिर कब और कैसे हुई होगी.
रूस का नया 'प्लाज्मा इंजन'...सिर्फ 30 दिनों में पहुंचाएगा मंगल ग्रह, तोड़ेगा रफ्तार के सारे रिकॉर्ड
Science News: रूप चुपचाप अंतरिक्ष के लिए एक नया इंजन टेस्ट कर रहा है. यह इंजन इतना पावरफल है कि मंगल ग्रह पर जाने का तरीका ही बदल जाएगा. शुरुआती नतीजों से पता चला है कि इसकी रफ्तार और तकनीक उम्मीद से कहीं ज्यादा आगे है.
सारे जहां से अच्छा...या कुछ और? अंतरिक्ष से कैसा दिखता है भारत, देश लौटीं सुनीता विलियम्स ने बताया
Sunita Williams in India: सुनीता विलियम्स हाल ही में 27 साल तक NASA में अपनी सेवाएं देने के बाद रिटायर हुईं. रिटायरमेंट के बाद वह भारत आईं और कल्पना चावला की मां और बहन से मुलाकात की. आइए जानते हैं कि सुनीता विलियम्स को अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है?
क्या है वॉशआउट इफेक्ट? जिसने 100 के नीचे पहुंचा दिया दिल्ली-NCR का AQI, जहरीली धुंध से राहत
Delhi Rain: जब बारिश होती है तो यह हवा में मौजूद जहरीले कणों और धूल को अपने साथ बहाकर जमीन पर ले आती है. इस प्राकृतिक सफाई की वजह से शहरों में फैला हुआ प्रदूषण और धुंध कम हो जाती है. इसस कुछ समय के लिए साफ हवा में सांस लेने का मौका मिल जाता है.
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर 5-डोर SUV थार रॉक्स का एक नया स्पेशल स्टार एडिशन भारत में लॉन्च कर दिया है। यह नया एडिशन टॉप-एंड AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे रेगुलर मॉडल से अलग और प्रीमियम बनाते हैं। कंपनी ने इसमें नए सिट्रीन येलो कलर ऑप्शन के साथ अंदर ब्लैक-आउट थीम दी है। कीमत: पेट्रोल-डीजल दोनों ऑप्शन, शुरुआती कीमत ₹16.85 लाख थार रॉक्स स्टार एडिशन की कीमतें इसके इंजन और गियरबॉक्स के आधार पर तय की गई हैं। इसके डीजल मैनुअल वैरिएंट की शुरुआत ₹16.85 लाख से होती है, जबकि पेट्रोल ऑटोमैटिक की कीमत ₹17.85 लाख है। इसका सबसे महंगा डीजल ऑटोमैटिक वैरिएंट ₹18.35 लाख (एक्स-शोरूम) में मिलेगा। यह बुकिंग के लिए कंपनी की डीलरशिप पर अवेलेबल है। थार रॉक्स स्टार एडिशन: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर: ग्लॉस-ब्लैक ग्रिल और नया सिट्रीन येलो कलर ऑफ रोडिंग एसयूवी के स्टार एडिशन में सबसे खास इसका लुक है। रेगुलर थार रॉक्स में ग्रिल बॉडी कलर की होती है, लेकिन स्टार एडिशन में इसे 'ग्लॉस-ब्लैक' फिनिश दिया गया है। इसके अलावा इसके अलॉय व्हील्स भी अब पूरी तरह ब्लैक हैं। कंपनी ने इसमें एक नया सिट्रीन येलो शेड पेश किया है। इसके अलावा, यह टैंगो रेड, एवरेस्ट वाइट और स्टेल्थ ब्लैक कलर में भी मिलेगी। पहचान के लिए इसके C-पिलर पर स्टार एडिशन का खास बैज लगाया गया है। इंटीरियर: लाइट थीम की जगह अब मिलेगा ऑल-ब्लैक केबिन थार रॉक्स के रेगुलर मॉडल में लाइट कलर थीम में इंटीरियर मिलता है, लेकिन स्टार एडिशन में पूरी तरह से ब्लैक थीम दी गई है। इसमें ब्लैक लेदरेट अपहोल्स्ट्री के साथ स्वेड एक्सेंट्स दिए गए हैं, जो केबिन को स्पोर्टी और प्रीमियम फील देते हैं। डैशबोर्ड का लेआउट वही है, जो AX7L ट्रिम में मिलता है। फीचर्स: पैनोरमिक सनरूफ और 360-डिग्री कैमरा जैसे लग्जरी फीचर्स फीचर्स की बात करें तो इसमें 10.25-इंच की दो स्क्रीन (एक इंफोटेनमेंट और दूसरी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए) दी गई हैं। इंफोटेनेमेंट सिस्टम वायरलेस एपल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो सपोर्ट के साथ दिया गया है। इसके अलावा कार में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ और 9-स्पीकर वाला हरमन कार्डन साउंड सिस्टम दिया गया है। परफॉर्मेंस: 177hp की पावर, लेकिन सिर्फ रियर व्हील ड्राइव का ऑप्शन इंजन की बात करें तो इसमें कोई बदलाव नहीं है, लेकिन एक बात ध्यान देने वाली है कि स्टार एडिशन सिर्फ रियर-व्हील ड्राइव (RWD) ऑप्शन मिलेगा, इसमें 4x4 का ऑप्शन नहीं है। सेफ्टी फीचर्स: ADAS के साथ 6 एयरबैग्स मिलेंगे एसयूवी में सेफ्टी के लिए टॉप-नोच फीचर्स दिए गए हैं। इसमें लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम), 6 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और सभी पहियों पर डिस्क ब्रेक जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा इसमें अलग-अलग टेरेन मोड्स भी दिए गए हैं, जो खराब सड़कों पर ड्राइविंग को आसान बनाते हैं।
इंडिया यामाहा मोटर ने तकनीकी खराबी के कारण 3,06,635 स्कूटरों को वापस बुलाया है। कंपनी के इस रिकॉल में 2 मई 2024 से 3 सितंबर 2025 के बीच बनाए गए रे-ZR 125 Fi हाइब्रिड और फसीनो 125 Fi हाइब्रिड के मॉडल शामिल हैं। इस रिकॉल का कारण फ्रंट ब्रेक कैलिपर में संभावित तकनीकी खामी बताई गई है। कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। फ्रंट ब्रेक कैलिपर में है खराबी, सीमित हो सकती है ब्रेकिंग कंपनी ने कहा है कि कुछ स्पेशल कंडीशंस में ब्रेक कैलिपर सही से परफॉर्म नहीं करेगा। कंपनी ने बताया कि कुछ खास कंडीशंस में ब्रेक कैलिपर सही से परफॉर्म नहीं करेगा। इसका मतलब है कि अचानक ब्रेक लगाने या ढलान जैसी स्थितियों में ब्रेकिंग पर असर पड़ सकता है। कस्टमर से नहीं लिया जाएगा कोई चार्ज कंपनी ने बताया कि यामाहा मोटर के अधिकृत वर्कशॉप मॉडल्स के ऑनर्स से संपर्क करेंगे, जहां डिफेक्ट को सही किया जाएगा। वाहन मालिकों को खराब पार्ट को बदलने की जानकारी दे दी जाएगी। प्रभावित ग्राहक अपने नजदीकी यामाहा शोरूम या सर्विस सेंटर पर अपनी गाड़ी की जांच करा सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए ग्राहक यामाहा के टोल-फ्री नंबर 1800-420-1600 पर कॉल कर सकते हैं या yes@yamaha-motor-india.com पर ईमेल कर सकते हैं। डिफेक्ट सुधारने या पार्ट्स बदलने के लिए कस्टमर से किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा। ऐसे चेक करें: आपका स्कूटर रिकॉल का हिस्सा है या नहीं अगर आपके पास भी यामाहा का 125cc हाइब्रिड स्कूटर है, तो आप खुद ऑनलाइन चेक कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी इस लिस्ट में है या नहीं: रिकॉल क्या है और क्यों होता है? जब कोई कंपनी अपने बेचे गए प्रोडक्ट को वापस मंगाती है, तो इसे रिकॉल कहते हैं। किसी कंपनी के द्वारा रिकॉल का फैसला उस वक्त लिया जाता है जब उसके प्रोडक्ट में कोई खराबी होती है। रिकॉल की प्रोसेस के दौरान वो प्रोडक्ट की खराबी को दुरुस्त करना चाहती है। ताकि भविष्य में प्रोडक्ट को लेकर ग्राहक को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। कंपनी के रिकॉल पर एक्सपर्ट की सलाह कार में खराबी को लेकर कंपनी को पहले सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (SIAM) को एक डेटा देना पड़ता है। इसमें कार की खराबी के साथ कितने प्रतिशत लोगों को प्रॉब्लम हो रही है, बताना पड़ता है। इसके बाद सियाम अप्रूवल देता है। कंपनी खराबी को ठीक करने के लिए एक टाइम तय करती है। यदि किसी ग्राहक की गाड़ी उसके खरीदे गए शहर से बाहर है, तब वो उस शहर के नजदीकी सर्विस सेंटर पर भी उसे ठीक करा सकता है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी सबसे पॉपुलर एसयूवी थार की कीमत ₹20,000 तक बढ़ा दी है। हालांकि, इसके एंट्री लेवल यानी बेस वैरिएंट (AXT डीजल 2WD) की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है और यह अब भी ₹9.99 लाख (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर अवेलेबल है। बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद, थार के टॉप-स्पेसिफिकेशन वाले मॉडल (LXT डीजल 4WD AT) की कीमत ₹17.19 लाख तक पहुंच गई है। वहीं, पेट्रोल 2WD ऑटोमैटिक वैरिएंट अब ₹14.19 लाख का हो गया है। थार मुख्य रूप से दो ट्रिम्स- AXT और LXT में आती है, जिसमें 2-व्हील ड्राइव (2WD) और 4-व्हील ड्राइव (4WD) के ऑप्शन मिलते हैं। महिंद्रा ने पिछले साल अक्टूबर में इसका फेसलिफ्ट लॉन्च किया था। SUV का लुक और डिजाइन पहले की तरह ही है, लेकिन कुछ कॉस्मेटिक अपडेट्स किए गए हैं। फीचर लिस्ट पहले से लंबी है और केबिन में कई अपग्रेड्स हैं, जिसमें नया टच स्क्रीन और स्टीयरिंग व्हील शामिल है। इसके अलावा सेफ्टी के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए हैं। वहीं सॉफ्ट-टॉप को हटा दिया गया है।
जर्मन लग्जरी कार मेकर मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक एसयूवी 'EQS' का नया सेलिब्रेशन एडिशन लॉन्च किया है। कंपनी ने इसके 5-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.34 करोड़ और 7-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.48 करोड़ (एक्स-शोरूम) रखी है। इस स्पेशल एडिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी ने इसके बेस वैरिएंट (EQS 450) में भी अब स्पोर्टी 'AMG लाइन' ट्रिम शामिल कर दिया है। मर्सिडीज के मुताबिक, 2025 में EQS भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV रही है। डिजाइन: अब और भी स्पोर्टी हुई लग्जरी एसयूवीसेलिब्रेशन एडिशन के जरिए मर्सिडीज ने बेस 450 वैरिएंट के लुक्स को अपडेट किया है। इसमें अब AMG लाइन के स्पोर्टी फ्रंट और रियर बंपर दिए गए हैं। साथ ही, कार में 21-इंच के बड़े AMG-स्पेसिफिकेशन वाले अलॉय व्हील्स मिलते हैं, जो इसे रोड पर एक दमदार प्रेजेंस देते हैं। इससे पहले तक AMG लाइन ट्रिम स्रिफ टॉप-एंड EQS 580 वैरिएंट में ही अवेलेबल था। इंटीरियर: 56-इंच की हाइपरस्क्रीन और रियर वेंटिलेटेड सीट्सकार के केबिन में मर्सिडीज की सिग्नेचर 'हाइपरस्क्रीन' दी गई है। यह 56-इंच की विशाल स्क्रीन है जो पूरे डैशबोर्ड पर फैली हुई है। इसमें ड्राइवर के लिए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बीच में इंफोटेनमेंट सिस्टम और पैसेंजर के लिए अलग स्क्रीन दी गई है। लग्जरी को बढ़ाते हुए अब दोनों वैरिएंट्स में रियर-सीट वेंटिलेशन फंक्शन को स्टैंडर्ड कर दिया गया है। इसके अलावा 4-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइट और वायरलेस चार्जर जैसे फीचर्स केबिन को खास बनाते हैं। परफॉर्मेंस: 122kWh की बड़ी बैटरी और 820km की रेंजपरफॉर्मेंस के मामले में यह कार बेहद पावरफुल है। दोनों ही वैरिएंट्स में 122kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है: EQS 450: यह 5-सीटर कॉन्फ़िगरेशन में आती है। इसमें ड्यूल-मोटर सेटअप है जो 360hp की पावर और 800Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसकी रेंज 820km (MIDC) है। EQS 580: यह 7-सीटर ऑप्शन के साथ आती है। इसके ड्यूल-मोटर सेटअप से 544hp की पावर और 858Nm का टॉर्क मिलता है। इसकी रेंज 809km (MIDC) है। सेफ्टी फीचर्स: 9 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS सुरक्षा के लिहाज से मर्सिडीज ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी है। कार में लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है, जो ड्राइविंग के दौरान दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा सेफ्टी के लिए 9 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा और 15-स्पीकर वाला बुर्मेस्टर प्रीमियम ऑडियो सिस्टम दिया गया है।
वियतनामी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी विनफास्ट के दो इलेक्ट्रिक SUV मॉडल VF6 और VF7 को भारत NCAP से टॉप 5-स्टार सेफ्टी सर्टिफिकेशन मिला है। दोनों मॉडल्स ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP) दोनों कैटेगरी में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। यह रेटिंग भारत में विनफास्ट के हालिया लॉन्च के बाद ही मिली है और कंपनी की सेफ्टी पर मजबूत कमिटमेंट को दिखाती है। भारत NCAP के रिजल्ट्स के मुताबिक, VF 6 ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 32 में से 27.13 पॉइंट्स और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 49 में से 44.41 पॉइंट्स स्कोर किए। वहीं VF 7 ने AOP में 32 में से 28.54 पॉइंट्स और COP में 49 में से 45.25 पॉइंट्स हासिल किए। दोनों मॉडल्स का फ्रंटल, साइड और पोल इंपैक्ट टेस्ट्स में अच्छा परफॉर्मेंस रहा, जिससे हाई लेवल की प्रोटेक्शन मिली। हालांकि, VF 6 में फ्रंटल कोलिजन में ड्राइवर के चेस्ट को थोड़ा कम प्रोटेक्शन मिला, लेकिन कुल मिलाकर 5-स्टार रेटिंग बनी रही। विनफास्ट का भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लान विनफास्ट ने 2025 में भारत में एंट्री की थी और अब तमिलनाडु में लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है। कंपनी ने 2 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट कमिट किया है। VF 6 और VF 7 को भारत में मेड-इन-इंडिया तरीके से बनाया जा रहा है। VF 6 की शुरूआती कीमत 16.49 लाख और VF 7 की शुरूआती कीमत 20.89 लाख रुपए (एक्सशोरूम) है। कंपनी के ये दोनों मॉडल कॉम्पैक्ट और मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में टाटा कर्व, नेक्सन ev, महिंद्रा XUV400 जैसे मॉडल्स से मुकाबला करेंगे। सेफ्टी फीचर्स और टेक्नोलॉजी दोनों मॉडल्स में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जैसे 6 एयरबैग्स, ABS, EBD, ESP, 360 डिग्री कैमरा, ADAS लेवल-2 फीचर्स और सॉलिड बॉडी स्ट्रक्चर दिए गए हैं। विनफास्ट ने वॉलंटरी तरीके से इन मॉडल्स को भारत NCAP टेस्ट के लिए सबमिट किया था, जो कंपनी की क्वालिटी और सेफ्टी पर भरोसे को दिखाता है। यह रेटिंग टाटा और महिंद्रा के कई EV मॉडल्स के 5-स्टार स्कोर से मैच करती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव्स का बयान विनफास्ट के एग्जीक्यूटिव्स ने कहा कि यह 5-स्टार रेटिंग भारत के कस्टमर्स के लिए सेफ्टी और क्वालिटी का मजबूत मैसेज है। कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है और जल्द ही और मॉडल्स लॉन्च करने की प्लानिंग है। फ्यूचर प्लान्स और मार्केट इंपैक्ट विनफास्ट भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में तेजी से एक्सपैंड करने की तैयारी में है। लोकल प्रोडक्शन से कीमतें कंट्रोल में रहेंगी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम चल रहा है। यह 5-स्टार रेटिंग कस्टमर्स के बीच भरोसा बढ़ाएगी, खासकर फैमिली SUV बायर्स के लिए। आने वाले महीनों में कंपनी और डिटेल्स शेयर कर सकती है।
एपल भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने मास्टरकार्ड और वीजा जैसे बड़े कार्ड नेटवर्क के साथ बातचीत शुरू कर दी है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, एपल भारत में जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल लेने की प्रोसेस में है। कंपनी का प्लान इसे साल 2026 तक फेज तरीके से रोलआउट करने का है। शुरुआत में बिना UPI के लॉन्च हो सकती है सर्विस खबरों के मुताबिक, एपल पे के पहले फेज में कंपनी यूपीआई (UPI) के लिए थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करेगी। शुरुआत में एपल का पूरा फोकस कार्ड-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स पर होगा। यानी आईफोन यूजर्स अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को एपल वॉलेट में स्टोर कर सकेंगे और मर्चेंट आउटलेट्स पर सिर्फ फोन टैप करके पेमेंट कर पाएंगे। टैप-टू-पे फीचर से मिलेगी सुविधा एपल पे के आने से यूजर्स को फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। इसमें 'टैप-टू-पे' तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) पर आधारित है। यूजर्स फेस आईडी या टच आईडी के जरिए पेमेंट को ऑथेंटिकेट कर सकेंगे। इससे पेमेंट प्रोसेस काफी तेज और सुरक्षित हो जाएगा। वर्तमान में भारतीय कार्ड्स को एपल वॉलेट में जोड़ने की सुविधा अवेलेबल नहीं है। रेगुलेटरी नियमों को पूरा करने में जुटी कंपनी भारत में डिजिटल पेमेंट्स को लेकर आरबीआई (RBI) के कड़े नियम हैं, विशेषकर डेटा स्टोरेज और कार्ड टोकनाइजेशन को लेकर। एपल इन सभी नियमों के पालन के लिए रेगुलेटर्स से चर्चा कर रही है। साथ ही बैंकों के साथ कॉमर्शियल एग्रीमेंट और फीस स्ट्रक्चर पर भी बातचीत चल रही है। एपल हर ट्रांजैक्शन पर बैंक से एक छोटा हिस्सा बतौर फीस लेता है, जिसे लेकर भारत में बैंकों के साथ सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। गूगल पे और फोनपे को मिल सकती है टक्कर एपल पे का मुकाबला पहले से मौजूद गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे दिग्गजों से होगा। हालांकि, एपल पे सिर्फ एपल डिवाइसेस (आईफोन, एपल वॉच, आईपैड) पर ही काम करेगा। हालांकि, बाकी ऐप्स एंड्रॉयड और IOS दोनों पर चलते हैं। भारत में एपल का मार्केट शेयर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में प्रीमियम यूजर्स के बीच यह सर्विस काफी पॉपुलर हो सकती है। ग्लोबल मार्केट में 89 देशों में मौजूद है सर्विस एपल पे वर्तमान में दुनिया के 89 देशों में अवेलेबल है। भारत में इसकी एंट्री एपल की उस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत वह चीन के बाद भारत को अपने सबसे बड़े मार्केट के रूप में देख रही है। इससे पहले एपल ने भारत में रेजर-पे के साथ मिलकर इंटरनेशनल पेमेंट्स के लिए कुछ फीचर्स रोलआउट किए थे, लेकिन डोमेस्टिक लेवल पर पूरी सर्विस का आना अभी बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... टोयोटा की पहली e-SUV अर्बन क्रूजर एबेला अनवील: 543KM रेंज, लेवल-2 ADAS जैसे फीचर्स; टाटा नेक्सन EV को टक्कर देगी जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। पूरी खबर पढ़ें...
जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। डिजाइन में मारुति से अलग और मस्कुलर लुक एबेला का ओवरऑल प्रोफाइल काफी हद तक मारुति की ई-विटारा जैसा ही है, लेकिन टोयोटा ने इसके फ्रंट डिजाइन में बदलाव किए हैं। इसमें स्लीक LED हेडलाइट्स और मस्कुलर फ्रंट बंपर दिया गया है। कार में 18-इंच के एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स और ब्लैक बॉडी क्लैडिंग दी गई है, जो इसे रफ-एंड-टफ लुक देती है। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललैंप्स और रूफ स्पॉइलर मिलता है। कार की लंबाई 4,285mm और व्हीलबेस 2,700mm है, जिससे इसमें अंदर काफी स्पेस मिलता है। दो बैटरी पैक के साथ आएगी, 543 किमी की रेंज टोयोटा एबेला को दो बैटरी पैक विकल्पों के साथ पेश किया गया है। पहला 49kWh का बैटरी पैक है जो 144hp की पावर जनरेट करता है। दूसरा बड़ा 61kWh का बैटरी पैक है, जो 174hp की पावर देता है। दोनों ही मॉडल 189Nm का टॉर्क जनरेट करते हैं। कंपनी का कहना है कि इसके बड़े बैटरी पैक के साथ 543 किलोमीटर (ARAI सर्टिफाइड) की रेंज मिलेगी। खास बात यह है कि इसे फ्रंट व्हील ड्राइव (FWD) और ऑल व्हील ड्राइव (AWD) दोनों विकल्पों में उतारा जाएगा। इंटीरियर में 10.25-इंच की दो स्क्रीन और प्रीमियम फीचर्स कार का केबिन काफी मॉडर्न है। इसमें 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और इतने ही साइज का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। फीचर्स की बात करें तो इसमें पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एम्बिएंट लाइटिंग और डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे लग्जरी फीचर्स मिलते हैं। ड्राइवर की सुविधा के लिए इसमें रोटरी डायल गियर सिलेक्टर और टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील दिया गया है। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS और 6 एयरबैग्स सुरक्षा के मामले में टोयोटा ने इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी है। एबेला में लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) दिया गया है, जिसमें अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जैसे सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड तौर पर मिल सकते हैं। कंपनी ने नहीं दी कीमत और लॉन्चिंग की जानकारी हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक कीमतों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी एक्स-शोरूम कीमत 18 लाख रुपए से 25 लाख रुपए के बीच हो सकती है। इसे 2026 की शुरुआत में शोरूम पर देखा जा सकेगा। टोयोटा इसके साथ 8 साल की बैटरी वारंटी और 60% एश्योर्ड बायबैक जैसे ऑफर्स भी दे सकती है।
जियो स्टार ने अपने OTT प्लेटफॉर्म 'जियो हॉटस्टार' के नए अपडेटेड सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी ने पहली बार मोबाइल, सुपर और प्रीमियम तीनों कैटेगरी में मंथली प्लान पेश किए हैं। अब मोबाइल पर कंटेंट देखने के लिए यूजर्स को कम से कम ₹79 का खर्च करना होगा। इसके साथ ही कंपनी ने सुपर और प्रीमियम प्लान्स की कीमतों में 47% तक की बढ़ोतरी की है। नई दाम 28 जनवरी 2026 से लागू होंगे। पुराने ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर जिओ-हॉटस्टार ने साफ किया है कि यह बदलाव सिर्फ 28 जनवरी के बाद जुड़ने वाले नए ग्राहकों के लिए है। जिन लोगों के पास पहले से एक्टिव सब्सक्रिप्शन है, उन्हें पुरानी कीमतों पर ही सर्विस मिलती रहेगी। हालांकि, इसके लिए उन्हें अपना 'ऑटो-रिन्यूअल' मोड ऑन रखना होगा। अगर पुराना सब्सक्रिप्शन खत्म हो जाता है और यूजर नया पैक लेता है, तो उसे नई कीमतें चुकानी होंगी। कनेक्टेड टीवी पर बढ़ी व्यूअरशिप, इसलिए बदले रेट जिओ-स्टार के हेड (SVOD बिजनेस) सुशांत श्रीराम ने बताया कि पिछले 11 महीनों में कनेक्टेड टीवी (बड़ी स्क्रीन) पर कंटेंट देखने वाले यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने प्राइसिंग स्ट्रक्चर में बदलाव किया है ताकि यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से ज्यादा विकल्प मिल सकें। प्लेटफॉर्म के पास फिलहाल 45 करोड़ से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और गूगल प्ले स्टोर पर इसके 100 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं। मोबाइल यूजर्स को हॉलीवुड कंटेंट के लिए अलग से देने होंगे पैसे नए नियमों के मुताबिक, मोबाइल प्लान लेने वाले यूजर्स को अब हॉलीवुड फिल्में और सीरीज देखने के लिए अलग से 'ऐड-ऑन' पैक खरीदना होगा। ₹79 वाले मंथली मोबाइल प्लान के साथ अगर कोई हॉलीवुड कंटेंट देखना चाहता है, तो उसे ₹49 एक्स्ट्रा देने होंगे। वहीं, सुपर और प्रीमियम प्लान में हॉलीवुड कंटेंट पहले की तरह ही शामिल रहेगा। प्रीमियम सालाना प्लान सबसे ज्यादा महंगा हुआ कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल प्रीमियम एनुअल प्लान में देखने को मिला है। पहले इसके लिए ₹1,499 देने पड़ते थे, जो अब बढ़कर ₹2,199 हो गए हैं। इसी तरह सुपर एनुअल प्लान भी ₹899 से बढ़कर ₹1,099 का हो गया है। प्रीमियम प्लान में यूजर्स एक साथ 4 डिवाइसेस पर 4K क्वालिटी में कंटेंट देख सकते हैं, जबकि सुपर प्लान में 2 डिवाइसेस और मोबाइल प्लान में सिर्फ 1 मोबाइल डिवाइस पर एक्सेस मिलता है। लाइव स्पोर्ट्स में सभी को देखने होंगे विज्ञापन जिओ-हॉटस्टार ने विज्ञापन की पॉलिसी में भी स्थिति साफ की है। मोबाइल और सुपर प्लान लेने वाले यूजर्स को सभी कंटेंट (फिल्में, सीरीज) के बीच विज्ञापन दिखाए जाएंगे। वहीं, प्रीमियम यूजर्स के लिए एंटरटेनमेंट कंटेंट तो 'ऐड-फ्री' रहेगा, लेकिन लाइव स्पोर्ट्स (जैसे क्रिकेट मैच) और लाइव शो के दौरान उन्हें भी विज्ञापन देखने होंगे।
जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा कल (20 जनवरी) भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV अर्बन क्रूजर EV लॉन्च करने जा रही है। कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक SUV को एक बार फुल चार्ज करने पर 550 किलोमीटर की रेंज मिलेगी। यह मारुति सुजुकी की अपकमिंग इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा का री-बैज वर्जन है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹21 लाख से ₹26 लाख के बीच हो सकती है। डिलीवरी मार्च-अप्रैल 2026 से शुरू हो सकती है। मिड-साइज सेगमेंट में आने वाली इस इलेक्ट्रिक SUV का सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक, टाटा हैरियर ईवी और महिंद्रा BE6 से होगा। हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर बनाई गई है ईवी टोयोटा अर्बन क्रूजर को हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर बनाया गया है, जिसे कंपनी ने मारुति सुजुकी के साथ मिलकर बनाया है। यह नई कार ईवीएक्स का रिबैज्ड वर्जन है, जिसके प्रोडक्शन वर्जन को इटली के मिलान में हुए मोटर शो EICMA-2024 में ग्लोबल मार्केट के लिए ई-विटारा नाम से पेश किया गया था। अर्बन क्रूजर ईवी के प्रोडक्शन मॉडल में अपने कॉन्सेप्ट मॉडल से कुछ बदलाव किए गए हैं। इसकी लंबाई को 15mm और चौड़ाई को 20mm कम किया गया है, लेकिन इसकी ऊंचाई को 20mm बढ़ाई गई है। व्हीलबेस की लंबाई 2,700mm ही है। खास बात यह है कि ये डायमेंशन अर्बन क्रूजर ईवी को ई विटारा से थोड़ा बड़ा बनाते हैं। एक्सटीरियर: LED लाइटिंग सेटअप के साथ 19-इंच के एलॉय व्हील्स कार का ओवर ऑल बॉडी स्ट्रक्चर ई-विटारा जैसा ही है, लेकिन इसकी फ्रंट प्रोफाइल बिल्कुल अलग है। इसमें एक चौड़ी क्रोम स्ट्रिप है, जो दोनों LED हेडलैम्प्स को जोड़ती है और पूरा सेटअप एक ब्लैक केसिंग में घिरा है। दोनों तरफ 12 छोटी-छोटी गोल LED DRLs दी गई हैं। नीचे की तरफ एक मोटा बम्पर है और दोनों तरफ वर्टिकल एयर वेंट दिए गए हैं। साइड से देखने पर टोयोटा की ईवी मारुति eVX जैसी ही नजर आ रही है, जिसमें चौकोर व्हील आर्च, डोर पर चौड़ी बॉडी क्लैडिंग और सी-पिलर पर लगे रियर डोर हैंडल दिए गए हैं। इसमें ई-विटारा की तरह 19-इंच के एलॉय व्हील्स दिए गए हैं, लेकिन डिजाइन अलग है। रियर प्रोफाइल पूरी तरह से eVX जैसी दिख रही है। इसमें एक बड़ा बंपर, रूफ इंटीग्रेटेड स्पॉइलर और बीच में रिफ्लेक्टिंग एलिमेंट के साथ एंड-टू-एंड कनेक्टेड टेल लैंप सेटअप है। DRLs की तरह ही, टेललैंप में भी गोल लाइटिंग एलिमेंट दिए गए हैं, जो इसे ई-विटारा से अलग बनाते हैं। इंटीरियर और फीचर्स: 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम अर्बन क्रूजर ईवी का केबिन बिल्कुल ई-विटारा जैसा ही है। इसकी कलर केबिन थीम को अलग रखा गया है, जो पूरी तरह से ब्लैक है। केबिन का बाकी हिस्सा लेयर्ड डैशबोर्ड, सेमी-लेदरेट अपहोल्स्ट्री, स्क्वैरिश एसी वेंट, ब्रश एल्युमिनियम और ग्लॉस ब्लैक एलिमेंट्स दिए गए हैं। इसमें 2-स्पोक फ्लेट बॉटम स्टीयरिंग व्हील और वर्टिकल ओरिएंटेड AC वेंट्स के चारों ओर ग्लॉस ब्लैक टच दिया गया है। इसके केबिन का प्रमुख हाइलाइट इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग स्क्रीन सेटअप दिया गया है, जिसमें एक इंफोटेनमेंट और दूसरी ड्राइवर डिस्प्ले है। फीचर लिस्ट में 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.1 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, फिक्स्ड ग्लासरूफ, JBL साउंड सिस्टम और पावर्ड ड्राइवर सीटें शामिल हैं। इसमें वायरलेस फोन चार्जर, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी होगा। दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ 550 किलोमीटर की रेंज यूरोपियन मार्केट में टोयोटा अर्बन क्रूजर ईवी को ई-विटारा की तरह दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ पेश किया गया है। इसमें 49kWh और 61kWh का बैटरी पैक ऑप्शन शामिल है। कंपनी ने अभी तक कार की सर्टिफाइड रेंज का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है इसकी फुल चार्ज में रेंज 550 किलोमीटर तक हो सकती है, जो ई विटारा से 150km ज्यादा है। कार में 2 व्हील ड्राइव और 4 व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया जाएगा। सेफ्टी फीचर्स : ADAS के साथ 360-डिग्री कैमरा सेफ्टी के लिए अर्बन क्रूजर ईवी में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) मिलेगा। इसमें लेन कीप असिस्ट, अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर शामिल होंगे। अन्य फीचर में 7 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) और कई एयरबैग मिलेंगे।
एपल के पहले फोल्डेबल आईफोन का इंतजार कर रहे फैन्स के लिए बड़ी खबर है। दिग्गज टेक एनालिस्ट जेफ पु ने निवेशकों के लिए जारी एक नोट में इस डिवाइस में क्या-क्या मिल सकता है इसकी जानाकरी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एपल का यह फोन 2026 में लॉन्च हो सकता है। यह डिवाइस दिखने में काफी हद तक आईपैड मिनी जैसा होगा और इसमें मजबूती के लिए खास लिक्विड मेटल का इस्तेमाल किया जाएगा। इस साल एपल का लॉन्चिंग इवेंट सितंबर में हो सकता है। दो डिस्प्ले और टाइटेनियम बॉडी मिलेगीएनालिस्ट जेफ पु के अनुसार, फोल्डेबल आईफोन में दो डिस्प्ले होंगे। बाहर वाला कवर डिस्प्ले 5.3 इंच का होगा, जबकि फोन को खोलने पर अंदर की मेन स्क्रीन 7.8 इंच की होगी। फोन की बॉडी को एल्युमीनियम और टाइटेनियम से बनाया जाएगा। इसके हिंज यानी मुड़ने वाले हिस्से में टाइटेनियम और लिक्विड मेटल का इस्तेमाल होगा, ताकि बार-बार मोड़ने पर भी यह खराब न हो और काफी मजबूत रहे। फेस आईडी नहीं, टच आईडी मिलने की संभावनाइस फोन की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी सिक्योरिटी फीचर है। आमतौर पर एपल अपने प्रीमियम आईफोन्स में फेस आईडी देता है, लेकिन फोल्डेबल फोन में कंपनी टच आईडी का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि एपल ने यह फैसला तकनीकी वजहों से लिया है या फिर फोन की लागत कम करने के लिए। टेक एक्सपर्ट्स इसे थोड़ा निराशाजनक मान रहे हैं क्योंकि फेस आईडी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। कैमरा सेटअप: अंदर 18MP के सेल्फी कैमरेकैमरा की बात करें तो जेफ पु ने बताया कि इसमें फ्रंट-फेसिंग दो 18MP के कैमरे हो सकते हैं। इनमें से एक कैमरा अंदर वाली बड़ी डिस्प्ले पर और दूसरा बाहर वाली स्क्रीन पर मिलेगा। वहीं, फोन के पिछले हिस्से (रियर) पर 48-48 मेगापिक्सल के दो सेंसर वाला डुअल कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। कीमत 2 लाख रुपए के पार जा सकती हैएपल ने आधिकारिक तौर पर कीमत को लेकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन लीक्स और मार्केट ट्रेंड्स के मुताबिक यह फोन काफी महंगा होगा। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि इसकी कीमत 2,399 डॉलर (करीब 2.17 लाख रुपए) तक हो सकती है। वहीं कुछ का मानना है कि एपल इसे 2,000 डॉलर (करीब 1.81 लाख रुपए) के आसपास लॉन्च कर सकता है। साफ है कि एपल का यह पहला फोल्डेबल फोन आम आईफोन के मुकाबले काफी प्रीमियम कैटेगरी में होगा। सैमसंग और गूगल से मुकाबलासैमसंग (Galaxy Z Fold) और गूगल (Pixel Fold) पहले से ही इस मार्केट में हैं। एपल करीब 5 साल की देरी से इस सेगमेंट में कदम रखेगा। एपल का अभी तक कोई फोल्डेबल डिवाइस नहीं है। फोल्डेबल फोन सेगमेंट में सैमसंग का ग्लोबल मार्केट शेयर 35.4% है।
ओपनएआई ने अपना नया AI-पावर्ड टूल 'ChatGPT ट्रांसलेट' लॉन्च कर दिया है। इस टूल से आप बिना लॉग-इन और सब्सक्रिप्शन चार्ज दिए 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी ने इसे गूगल ट्रांसलेट को टक्कर देने के लिए बनाया है। हालांकि, चैटजीपीटी में ट्रांसलेशन का फीचर पहले भी था, अब कंपनी ने इसके लिए एक अलग वेब प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो देखने में काफी हद तक गूगल ट्रांसलेट जैसा ही नजर आता है। इस नए टूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ शब्दों को ट्रांसलेट नहीं करता, बल्कि सेंटेंस के पीछे के भाव (टोन) और संदर्भ (कॉन्टेक्स्ट) को भी समझता है। साथ ही यह मुहावरे का मतलब भी समझा सकता है। लॉग-इन की जरूरत नहीं, ऐसे कर सकते हैं इस्तेमालइस नए टूल का इस्तेमाल करना आसान है। यूजर्स सीधे chatgpt.com/translate पर जाकर इसे एक्सेस कर सकते हैं। फिलहाल वेबसाइट पर ट्रांसलेशन के लिए लॉग-इन करने की भी जरूरत नहीं है। यूजर को बस अपनी सोर्स भाषा और जिस भाषा में अनुवाद चाहिए, उसे चुनना होता है और चैटजीपीटी तुरंत रिजल्ट दे देता है। यूजर फ्रेंडली इंटरफेस और 50+ भाषाओं का सपोर्ट चैटजीपीटी ट्रांसलेट के इंटरफेस को बहुत सरल और यूजर फ्रेंडली रखा गया है। इसकी वेबसाइट पर दो बड़े बॉक्स दिए गए हैं- एक में अपनी बात लिखें और दूसरे में तुरंत उसका अनुवाद (ट्रांसलेशन) मिल जाएगा। कंपनी का दावा है कि यूजर्स हिंदी, इंग्लिश, जापानी और अरबी समेत 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेशन कर सकते हैं। ओपनएआई के मुताबिक, यह टूल सिर्फ शब्दों को नहीं बदलता, बल्कि पूरी बात का सही मतलब और गहराई समझकर सटीक अनुवाद करता है। कस्टमाइजेशन के लिए दिए गए खास ऑप्शन ओपनएआई ने इसमें एक 'एक्स्ट्रा ट्विस्ट' जोड़ा है। इसमें यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से ट्रांसलेशन की टोन बदल सकते हैं। इसके लिए कुछ खास आइकन्स दिए गए हैं, जैसे- PDF अपलोड या रियल-टाइम वॉयस इनपुट की कमी भले ही चैटजीपीटी ने नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, लेकिन इसमें अभी भी कुछ कमियां हैं। वर्तमान में वेबसाइट पर इमेज इनपुट, PDF अपलोड या रियल-टाइम वॉयस इनपुट जैसे ऑप्शन नजर नहीं आ रहे हैं। दूसरी ओर, गूगल ट्रांसलेट सालों से ये सुविधाएं दे रहा है। हाल ही में गूगल ने 'जेमिनी' AI की मदद से 'लाइव स्पीच-टू-स्पीच' फीचर भी पेश किया है, जो हेडफोन के जरिए रीयल-टाइम में बातचीत का ट्रांसलेशन करता है और बोलने वाले की लय और टोन को भी बरकरार रखता है। भाषा सीखने वालों के लिए मददगार होगा टूलचैटजीपीटी का यह टूल न सिर्फ ट्रांसलेशन करेगा, बल्कि फॉलो-अप सवालों के जवाब भी देगा। जैसे अगर आपको किसी ट्रांसलेशन में कोई शब्द समझ नहीं आया, तो आप चैटजीपीटी से उसका कारण या इस्तेमाल पूछ सकते हैं। वहीं, गूगल भी पीछे नहीं है; उसने अपने एप में 'कस्टमाइज्ड प्रैक्टिस सेशन' और 'streak tracker' जैसे फीचर्स जोड़े हैं, ताकि यूजर्स नई भाषा सीखने के लिए मोटिवेट रहें।
टेस्ला और X (पहले ट्विटर) के मालिक इलॉन मस्क के बच्चों में से एक की मां एश्ले सेंट क्लेयर ने xAI कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका आरोप कि xAI के चैटबॉट ग्रोक (Grok) ने यूजर्स को उनकी आपत्तिजनक डीपफेक फोटो बनाने की परमिशन दी, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा और बदनामी झेलनी पड़ी। राइटर और पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट 27 साल की एश्ले सेंट क्लेयर ने गुरुवार को न्यूयॉर्क सिटी की स्टेट सुप्रीम कोर्ट में यह मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रोक से बनाई गई फोटो में उनकी 14 साल की उम्र की एक पुरानी फोटो को बदला। इसमें उन्हें बिकिनी पहने दिखाया गया। इसके अलावा कुछ दूसरी फोटो में उन्हें एक एडल्ट महिला के रूप में सेक्सुअल पोजिशन में और यहां तक कि स्वस्तिक छपी बिकिनी पहने दिखाया गया। एश्ले सेंट क्लेयर यहूदी हैं, इसलिए उन्होंने इसे और भी अपमानजनक और डराने वाला बताया। वहीं, xAI का आरोप है कि सेंट क्लेयर ने अपने यूजर एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। जिसमें कहा गया है कि कंपनी के खिलाफ केस केवल टेक्सास के फेडरल कोर्ट में ही किया जा सकता है। xAI ने भी काउंटर केस किया गुरुवार को ही xAI ने इस केस को न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट से हटाकर मैनहट्टन के फेडरल कोर्ट में ट्रांसफर करा लिया। इतना ही नहीं, उसी दिन xAI ने टेक्सास के फेडरल कोर्ट में एश्ले सेंट क्लेयर के खिलाफ दावा भी दायर कर दिया। इस दावे में xAI ने हर्जाने की रकम की मांग की है। X और xAI पर गंभीर आरोप सेंट क्लेयर का कहना है कि जैसे ही उन्हें इन डीपफेक फोटो के बारे में पता चला, उन्होंने पिछले साल ही X को इसकी शिकायत की और तस्वीरें हटाने की मांग की। लेकिन शुरुआती जवाब में प्लेटफॉर्म ने कहा कि ये फोटो उसकी पॉलिसी का उल्लंघन नहीं करतीं। बाद में X ने यह भरोसा दिलाया कि उनकी सहमति के बिना उनकी फोटो का इस्तेमाल या एडिटिंग नहीं की जाएगी। इसके बावजूद सेंट क्लेयर का दावा है कि उनके साथ जवाबी कार्रवाई (रिटैलियेशन) की गई।उन्होंने आरोप लगाया- कौन हैं एश्ले सेंट क्लेयर? एश्ले सेंट क्लेयर, इलॉन मस्क के 16 महीने के बेटे रोमुलस की मां हैं। वे न्यूयॉर्क सिटी में रहती हैं। अपने केस में उन्होंने इमोशनल परेशानी और अन्य कानूनी दावों के लिए बिना तय की गई हर्जाने की रकम और कोर्ट से xAI को उनके और डीपफेक बनाने से तुरंत रोकने का आदेश मांगा है। 15 जनवरी- ग्रोक से अश्लील इमेज बनाने पर दुनियाभर में रोक X ने 15 जनवरी को घोषणा की थी कि अब ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को कपड़े कम करके दिखाने या एडिट करने का काम उन जगहों पर नहीं करेगा, जहां यह गैर-कानूनी है। इमेज बनाने और एडिटिंग की सुविधा सिर्फ पेड अकाउंट्स तक सीमित की जाएगी, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। X ने यह भी कहा कि उसकी नीति में बच्चों के सेक्सुअल हैरेसमेंट, बिना सहमति की न्यूडिटी और अनचाहे सेक्सुअल कंटेंट के लिए जीरो टॉलरेंस है। ऐसे किसी भी कंटेंट को तुरंत हटाया जाएगा और बच्चों से जुड़े यौन शोषण के मामलों में संबंधित अकाउंट्स की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें...
इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस ठप हो गई है। भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर के हजारों यूजर्स ने शिकायत की है कि वे अपना फीड एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं और ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट 'डाउनडिटेक्टर' पर रात 8.48 बजे सबसे ज्यादा 74,598 लोग शिकायत रिपोर्ट कर चुके थे। यूजर्स का कहना है कि वे न तो अपनी टाइमलाइन देख पा रहे हैं और न ही नई पोस्ट कर पा रहे हैं। X की सर्विस 4 दिन में दूसरी बार ठप हुई है। इससे पहले 13 जनवरी को भी भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में हजारों यूजर्स को एक्सेस करने में परेशानी हुई थी। 57% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। 57% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 33% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 10% ने बताया कि उन्हें सर्वर कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। एप और वेब दोनों पर लोडिंग की समस्या, ग्रोक AI भी बंद इस आउटेज का असर मोबाइल एप्लिकेशन और डेस्कटॉप वर्जन दोनों पर देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने बताया कि एप खोलने पर उन्हें सिर्फ ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। यही नहीं, मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट 'ग्रोक' भी काम नहीं कर रहा है। यूजर्स जब रिफ्रेश कर रहे हैं, तो पुरानी पोस्ट भी गायब हो रही हैं और कोई नया डेटा लोड नहीं हो रहा है। यूजर को दिख रहा क्लाउडफ्लेयर एरर मैसेज लॉगिन करने की कोशिश कर रहे कई यूजर्स को 'Cloudflare' का एरर मैसेज दिखाई दे रहा है। इसमें लिखा आ रहा है कि क्लाउडफ्लेयर इस वेबसाइट की सुरक्षा करता है, लेकिन वेब सर्वर तक पहुंचने में समस्या हो रही है। हालांकि, तकनीकी जानकारों का मानना है कि यह समस्या बाहरी नेटवर्क की नहीं, बल्कि X के अपने सर्वर की आंतरिक खराबी के कारण आई है। इस हफ्ते दूसरी बार ठप हुई सर्विस, यूजर्स ने पूछा- क्या साइबर अटैक हुआ? X में इस हफ्ते यह दूसरा बड़ा ग्लोबल आउटेज है। इससे पहले मंगलवार (13 जनवरी) को भी सर्विस घंटों तक बाधित रही थी। बार-बार आ रही इस तकनीकी खराबी को लेकर यूजर्स अब सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं। डाउनडिटेक्टर के कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने लिखा, X फिर से डाउन है, क्या यह कोई साइबर हमला है? यह काफी असामान्य है। दूसरे यूजर ने पूछा कि क्या वेबसाइट केवल उनके लिए धीमी है या सबको दिक्कत आ रही है। X की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं इलॉन मस्क या X की सपोर्ट टीम ने अभी तक इस आउटेज की वजह या इसके ठीक होने के समय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आमतौर पर X ऐसे मामलों में आंतरिक रूप से पैच अपडेट जारी करता है, जिसके बाद सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती है। बार-बार होने वाले इन तकनीकी हादसों ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
242 अवैध ऑनलाइन गेमिंग लिंक्स ब्लॉक:अब तक 7800 से ज्यादा वेबसाइट्स बंद, ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने शुक्रवार (16 जनवरी) को देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी 242 वेबसाइट्स के लिंक्स ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं। 'ऑनलाइन गेमिंग एक्ट' बबने के बाद ये सरकार की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। यह कदम युवाओं को वित्तीय और सामाजिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट संसद में पास होने के बाद से प्रवर्तन कार्रवाइयों में भारी तेजी आई है। अब तक 7,800 से अधिक अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को बंद किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य उन प्लेटफार्मों पर नकेल कसना है जो त्वरित धन का लालच देकर लोगों को गुमराह करते हैं। अगस्त में बना था ऑनलाइन गेमिंग पर कानून प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया है। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है। WHO ने भी माना गेमिंग डिसऑर्डर को गंभीर बीमारी सट्टेबाजी और जुए की लत सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को एक स्वास्थ्य स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया है। WHO के अनुसार, यह एक ऐसा पैटर्न है जिसमें व्यक्ति का खेल पर नियंत्रण नहीं रहता, वह दैनिक गतिविधियों की उपेक्षा करने लगता है और हानिकारक परिणामों के बावजूद खेल जारी रखता है। युवाओं की लत रोकने की कोशिश सरकारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अवैध ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने समाज को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कई परिवारों ने अपनी पूरी जमा-पूंजी गंवा दी है, तो कई युवा इसकी लत का शिकार हो गए हैं। कुछ मामलों में तो वित्तीय तंगी के कारण आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। सरकार ने इन खतरों को पहचानते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। ई-स्पोर्ट्स और क्रिएटिव इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा नए कानून का मकसद सिर्फ पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि एक संतुलन बनाना भी है। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग डिजिटल इकोनॉमी का एक गतिशील हिस्सा है। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम... देश में करीब 65 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हैं। ज्यादातर लोग रियल मनी गेम्स में दांव लगाते हैं। इनका सालाना कारोबार 1.8 लाख करोड़ से ज्यादा है। इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।
1 अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। नए नियमों के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के लिए सिर्फ फास्टैग (FASTag) या UPI पेमेंट का ही इस्तेमाल करना होगा। यह जानकारी टीवी न्यूज चैनल आज तक को इंटरव्यू में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने दी। उन्होंने कहा कि टोल पर नकद (कैश) लेनदेन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल नाकों पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और सफर को बाधा रहित बनाना है। इस 'नो-स्टॉप' सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल देश के 25 टोल प्लाजा पर टेस्ट किया जा रहा है। हालांकि अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन आना बाकी है। ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी खत्म करने की कोशिश केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस डिजिटल बदलाव को लागू करने के लिए अंतिम रूप दे रहा है। वर्तमान में फास्टैग अनिवार्य होने के बावजूद कई जगहों पर कैश लेनदेन होते हैं। डिजिटल पेमेंट न करने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। कैश बंद होने से गाड़ियों को टोल बूथ पर रुकना नहीं पड़ेगा। सरकार के इस फैसले के 3 बड़े कारण डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के अलावा सरकार इसके जरिए तीन प्रमुख टारगेट पूरे करना चाहती है... बैरियर-मुक्त टोलिंग की तरफ बढ़ने की तैयारी कैश पेमेंट बंद करना देश में 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम है। सरकार ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें हाईवे पर कोई फिजिकल बैरियर (नाका) नहीं होगा। गाड़ियां हाईवे की रफ्तार पर चलती रहेंगी और कैमरों व सेंसर्स की मदद से टोल अपने आप कट जाएगा। अपना फास्टैग बैलेंस चेक करें नया नियम लागू होने से पहले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फास्टैग अकाउंट को एक्टिव रखें। अगर आप फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। 1 अप्रैल के बाद बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है या वापस लौटाया जा सकता है। हालांकि नए नियमों की डिटेल आना बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... फास्टैग के लिए KYV प्रोसेस 1 फरवरी से खत्म होगी: वाहन मालिकों को बार-बार अपडेट नहीं करना पड़ेगा, बैंक खुद डेटा वेरिफाई करेंगे 1 फरवरी 2026 से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें...
इलॉन मस्क के X ने ग्रोक AI से रियल लोगों की अश्लील इमेज बनाने पर वर्ल्डवाइड बैन लगा दिया है। यह फैसला AI-पावर्ड चैटबॉट से महिलाओं और बच्चों की फोटोज मिसयूज की शिकायतों के बाद लिया गया है। अब यूजर्स इस टूल का इस्तेमाल करके किसी भी असली व्यक्ति की ऐसी फोटो नहीं बना पाएंगे जो आपत्तिजनक हो या जिसमें उन्हें कम कपड़ों में दिखाया गया हो। ये रिस्ट्रिक्शन पेड और अनपेड सभी यूजर्स पर लगाया गया है। अश्लील फोटो एडिटिंग पर पूरी तरह रोक X के सेफ्टी अकाउंट ने गुरुवार इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने तकनीकी स्तर पर ऐसे बदलाव किए हैं, जिससे ग्रोक अब असली लोगों की बिना कपड़ों वाली फोटो नहीं बना पाएगा। इसमें बिकिनी जैसे कपड़ों वाली एडिटिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि किसी की निजता का उल्लंघन न हो और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किसी को परेशान करने के लिए न किया जा सके। महिलाओं की शिकायतों से शुरू हुई जांच पिछले साल दिसंबर में कई महिलाओं ने X पर शिकायत की कि उनकी फोटोज ग्रोक से सेक्शुअल इमेज बनाने में यूज हो रही हैं। IT मिनिस्ट्री की साइबर लॉ डिवीजन ने X को निर्देश दिया कि IT रूल्स 2021 के तहत कंटेंट हटाएं। दरअसल कुछ यूजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से वे महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद ग्रोक AI को प्रॉम्प्ट दिया जाता है कि महिलाओं की फोटो को गलत और आपत्तिजनक रूप में दिखाया जाए। AI से कपड़े बदलने या तस्वीर को सेक्शुअल अंदाज में पेश करने जैसी प्रॉम्प्ट दिए जाते हैं। इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से कोई अनुमति नहीं ली जाती। कई बार वे महिलाएं खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि ग्रोक इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है। भारत में 3,500 फोटो हटाई गईं, 600 यूजर्स पर बैन X ने भारत सरकार को सौंपी अपनी एक्शन रिपोर्ट में बताया कि उसने भारत में Grok के जरिए बनाई गई लगभग 3,500 आपत्तिजनक और अश्लील फोटो को हटा दिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने उन 600 यूजर्स की पहचान करके उन्हें प्लेटफॉर्म से बाहर कर दिया था, जो बार-बार इस AI चैटबॉट का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। मस्क बोले थे- जिम्मेदारी टूल की नहीं, यूजर की इससे पहले X के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि ग्रोक आपत्तिजनक तस्वीरें बना रहा है, लेकिन यह ऐसे है जैसे किसी बुरी बात को लिखने के लिए पेन को दोष देना। कलम यह तय नहीं करती कि क्या लिखा जाएगा। यह काम उसे पकड़ने वाला करता है। मस्क ने कहा कि Grok भी उसी तरह काम करता है। आपको क्या मिलेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसमें क्या इनपुट देते हैं। क्योंकि जिम्मेदारी टूल की नहीं, उसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की होती है।
अब गाड़ियां करीब आते ही खुद एक-दूसरे को अलर्ट करेंगी। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार साल 2026 के अंत तक देश में 'व्हीकल-टू-व्हीकल' (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को अनिवार्य करने की प्लानिंग कर रही है। इस तकनीक की मदद से गाड़ियां सड़क पर चलते हुए एक-दूसरे को सेफ्टी अलर्ट भेज सकेंगी, जिससे टक्कर और हादसों को रोका जा सकेगा। यह फैसला 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की बैठक के बाद लिया गया है। सरकार का टारगेट 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50% तक कम करना है। कैसे काम करेगी तकनीक: पायलट की तरह बात करेंगे ड्राइवर्स नितिन गडकरी ने इस सिस्टम को समझाते हुए बताया कि इसके लागू होने के बाद गाड़ियां आपस में वैसे ही बात कर सकेंगी, जैसे आसमान में पायलट करते हैं। हर गाड़ी में एक 'ऑन-बोर्ड यूनिट' (OBU) फिट की जाएगी। यह यूनिट आसपास की दूसरी गाड़ियों को अपनी लोकेशन, स्पीड, डायरेक्शन और ब्रेक लगाने जैसी जानकारी वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए भेजेंगी। इससे ड्राइवर को खतरा दिखने से पहले ही अलर्ट मिल जाएगा। कोहरे और अंधे मोड़ पर भी मिलेगा अलर्ट V2V टेक्नोलॉजी उन हालात में सबसे ज्यादा कारगर होगी, जहां कैमरा या रडार काम नहीं कर पाते। 5 से 7 हजार रुपए तक महंगी हो सकती हैं गाड़ियां सरकार इस पूरे प्रोग्राम पर करीब 5,000 करोड़ रुपए खर्च कर सकती है। हालांकि, गाड़ियों में लगने वाली ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) की कीमत 5,000 से 7,000 रुपए के बीच होने का अनुमान है। शुरुआत में इसे नई कारों, बसों और ट्रकों के लिए अनिवार्य किया जा सकता है। बाद में पुरानी गाड़ियों में भी इसे अलग से लगवाने का नियम आ सकता है। जानकारों का मानना है कि इससे गाड़ियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। स्पेक्ट्रम के लिए दूरसंचार विभाग से समझौता V2V सिस्टम को चलाने के लिए खास फ्रीक्वेंसी की जरूरत होती है। गडकरी ने बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ एक जॉइंट टास्क फोर्स बनाई गई है। विभाग 5.875-5.905GHz बैंड में 30MHz स्पेक्ट्रम अलॉट करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। सड़क परिवहन सचिव वी. उमाशंकर के मुताबिक, ऑटो कंपनियों के साथ तकनीकी मानकों (Technical Standards) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चुनौती: 2026 के अंत तक लागू करना कितना मुमकिन? भले ही सरकार ने 2026 की समयसीमा तय की है, लेकिन यह लक्ष्य काफी चुनौतीपूर्ण है। ADAS और V2V में क्या अंतर है? आजकल कई कारों में ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) आता है, जो कैमरा और सेंसर पर निर्भर है। यह सिर्फ वही देख सकता है जो कैमरे के सामने है। वहीं V2V तकनीक वायरलेस सिग्नल पर काम करती है। यानी अगर आपके आगे एक बड़ा ट्रक चल रहा है और उसके आगे कोई खतरा है, तो ADAS उसे नहीं देख पाएगा, लेकिन V2V के जरिए आगे वाली गाड़ी का सिग्नल ट्रक के पार आपकी कार तक पहुंच जाएगा। ------------------------------------------------------------------------------- ऑटो से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख:नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन टाटा मोटर्स ने आज (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। पूरी खबर पढ़ें
टू-व्हीलर मेकर बजाज ऑटो के सब ब्रांड चेतक इलेक्ट्रिक ने अपना सबसे सस्ता ई-स्कूटर 'चेतक C25' भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार फुल चार्ज करने पर 113 किलोमीटर चलता है और इसे सिर्फ 2.5 घंटे में 80% चार्ज किया जा सकता है। नई चेतक C25 में बजाज का नया चेसिस फ्रेम इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बैटरी पैक फ्लोरबोर्ड के नीचे है। इससे ई-स्कूटर में 25 लीटर का अंडर सीट स्पेस मिलेगा। कंपनी ने इसकी एक्स-शोरूम कीमत 91,399 रुपए रखी है। भारत में ये ई-स्कूटर TVS आईक्यूब और ओला S1 X को टक्कर देगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, मंगलवार शाम को भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, अमेरिकी में भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे, अमेरिका में 27,015 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की। ये वे लोग थे जिन्होंने ऑफिशियली आउटेज के बारे में वेबसाइट पर जानकारी दी, जबकि प्रभावित यूजर्स की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। 59% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। अमेरिका में 59% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 25% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 16% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारत में 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे भारत में रात 8 बजे सबसे ज्यादा 2054 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 32% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 8% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारतीय यूजर्स को भी टाइमलाइन लोड होने और नोटिफिकेशन न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर लोगों को 'वेलकम टू योर टाइमलाइन' और 'समथिंग वेंट रॉन्ग' जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे। वहीं, X के डाउन होने का असर अन्य देशों में भी है। ब्रिटेन में लगभग 7,000 और कनाडा में 2,700 से ज्यादा यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर एक्सेस न मिलने की शिकायत की। एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में दिक्कत यूजर्स ने बताया कि वे न तो अपने स्मार्टफोन पर एप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही कंप्यूटर पर ब्राउजर के जरिए X चला पा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके पुराने ट्वीट्स गायब हो रहे हैं, तो कुछ को प्रोफाइल लोड करने में परेशानी हो रही है। इस दौरान अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'X Down' और 'Twitter Down' जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आउटेज की वजह का खुलासा होना बाकी फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह तकनीकी खराबी किसी सर्वर इश्यू की वजह से हुई है या कोई बड़ा अपडेट इसका कारण है। एलन मस्क के प्लेटफॉर्म खरीदने के बाद से कई बार ऐसे आउटेज देखे गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टाफ में भारी कटौती और बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलावों के कारण समय-समय पर प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर असर पड़ता रहा है। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।
टाटा मोटर्स ने आज (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है और जल्द ही डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी। भारत में इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से है। टाटा पंच भारत में पहली बार 2021 में लॉन्च की गई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में इसे ट्विन सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ CNG वर्जन में उतारा गया था। जनवरी-2024 में इसे अपडेट लुक और नए फीचर के साथ इलेक्ट्रिक वर्जन पेश किया गया था।
एपल और गूगल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर समझौता हुआ है। जिसके तहत अब एपल के AI फाउंडेशन मॉडल्स गूगल के जेमिनी एआई मॉडल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार किया जाएगा। गूगल जेमिनी मॉडल एपल के नए सिरी (Siri) और एपल इंटेलिजेंस फीचर्स को और बेहतर बनाएगा। गूगल ने एक्स पर पोस्ट डालकर इस साझेदारी का ऐलान किया है। गूगल ने कहा कि आईफोन, आईपैड और मैकबुक में एपल इंटेलीजेंस फीचर्स को बेहतर और सिरी को अधिक पर्सनलाइज्ड बनाने के लिए यह पार्टनरशिप हुई है। बयान में कहा गया है कि सिरी के नए वर्जन को इसी साल लॉन्च किया जाएगा। जेमिनी AI एपल के सिरी को बेहतर बनाएगाइस पार्टशिप पर प्रतिक्रिया देते हुए इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गूगल के पास पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम हैं, ऐसे में यह डील उसकी ताकत का गलत इस्तेमाल करने जैसा लगता है। मस्क की कंपनी xAI 'ग्रोक' (Grok) नाम का AI चैटबॉट बनाती है, जो सीधे तौर पर गूगल के जेमिनी को टक्कर देता है। मस्क पहले से ही एपल और OpenAI के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये कंपनियां ऐप स्टोर पर प्रतिद्वंद्वी AI सेवाओं को ब्लॉक कर रही हैं। यह मुकदमा फिलहाल अदालत में चल रहा है। डील की खबर से गूगल की वैल्यू 4 ट्रिलियन डॉलर पहुंचीडील की खबर आने के बाद सोमवार को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के शेयर में 1% से ज्यादा की तेजी रही। इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू ने 4 ट्रिलियन डॉलर (361 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल गई है। गूगल दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। इस पार्टनरशिप के तहत गूगल के जेमिनी मॉडल एपल के 'प्राइवेट क्लाउड कंप्यूटिंग' इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेंगे और इस साल के आखिर तक नया सिरी लॉन्च किया जा सकता है। एपल ने कहा- गूगल की टेक्नोलॉजी सबसे बेहतरएपल ने गूगल की तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि उनके इवैल्यूएशन प्रोसेस में जेमिनी सबसे बेहतर साबित हुआ है। एपल के मुताबिक, 'एपल फाउंडेशन मॉडल्स' के लिए जेमिनी सबसे सक्षम आधार प्रदान करता है।

