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हाईकोर्ट के आदेश पर एनआरआई महिला के ताया के बेटों पर केस, पटवारी, तहसीलदार व वकील भी जांच के घेरे में

लुधियाना| लुधियाना के दोलो कलां गांव में नकली वारिस पेश कर एनआरआई महिला की करोड़ों रुपये की कृषि भूमि हड़पने का मामला सामने आया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद एनआरआई पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का केस दर्ज किया है। मामला लुधियाना दक्षिणी तहसील की गुरमीत कौर से जुड़ा है। फिनलैंड रह रही गुरमीत कौर ने आरोप लगाया, पिता स्वर्गीय सुरजीत सिंह की मौत के बाद उनके ताए के बेटों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी कृषि भूमि हड़पने के लिए जाली और फर्जी वसीयत तैयार करवाई। आरोप है कि इस दौरान न तो असली वारिस को कोई नोटिस दिया गया और न ही किसी अखबार में सार्वजनिक सूचना जारी की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक महिला को गुरमीत कौर बनाकर पेश किया गया और उसके हलफनामे तहसील और जिला स्तर पर स्वीकार कर लिए गए। आरोप है कि एक वकील द्वारा गलत पहचान करवाई गई, जिसके बाद तहसीलदार और अन्य अधिकारियों ने इंतकाल को मंजूरी दे दी। गुरमीत का दावा है कि उनके पासपोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार वह जनवरी से मार्च 2016 के बीच कुछ दिनों के लिए भारत आई थीं और उसके बाद वापस विदेश चली गई थीं। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन रहा। हाईकोर्ट के आदेश पर एनआरआई विंग से जांच रिपोर्ट मांगी गई। अब एनआरआई विंग, मोहाली की मंजूरी से लुधियाना में केस दर्ज किया गया। भास्कर फर्स्ट पर्सन- मैं विदेश थी, इंडिया में बताया मैं अपने पिता की इकलौती संतान हूं। उन्होंने कभी किसी के नाम वसीयत नहीं की। मेरे पिता सुरजीत सिंह की मौत 26 जून 2010 को हुई थी। वह चाहते थे कि उनकी जमीन मुझे मिले। मैं उस समय विदेश में थी, इसके बावजूद 12 अप्रैल 2016 में मेरे रिश्तेदारों की मदद से कागजों में मुझे इंडिया में मौजूद दिखाकर दोलो कलां गांव की जमीन का इंतकाल कर दिया गया। मेरे नाम पर किसी और महिला को पेश किया गया, यह मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा है। मैंने वर्षों तक न्याय के लिए संघर्ष किया। अब मुझे उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और मुझे मेरे पिता की विरासत वापस मिलेगी। - जैसा पीड़िता गुरमीत कौर की जुबानी

दैनिक भास्कर 13 Jan 2026 4:00 am

होटल में एनआरआई पत्नी की हत्या कर पति फरार, करेक्टर पर शक करता था

भास्कर न्यूज | अमृतसर कोर्ट रोड पर एक होटल में अपनी एनआरआई पत्नी की हत्या करके पति फरार हो गया। आरोपी अपनी पत्नी के करेक्टर पर शक करता था। मृतका की पहचान प्रभजोत कौर गांव वड़ैच गुरदासपुर के रूप में हुई है। दोनों ही अपने 7 माह के बेटे का लोहड़ी का कार्यक्रम करने के लिए ऑस्ट्रिया से आए थे। प्रभजोत की शादी करीब 7 साल पहले मनदीप सिंह ढिल्लों निवासी गांव जेठूवाल से हुई थी। शादी के बाद अकसर दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था, लेकिन परिवार वाले और मोहतबर बैठकर दोनों में राजीनामा करवा देते थे। होटल प्रबंधकों को घटना का दोपहर करीब डेढ़ बजे पता चला जब खटखटाने पर कमरा नहीं खोला। दरवाजा न खोलने पर पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खुलवाया और शव को बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पिता मक्खन सिंह के बयान पर थाना सिविल लाइन की पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। मक्खन सिंह ने बताया कि बेटी और दामाद के बीच अकसर झगड़ा होता था। कई बार उनका राजीनामा भी करवाया गया। पिछले कुछ समय से तो दोनों ठीक रह रहे थे। दोनों ही अपने 7 माह के बेटे का लोहड़ी का कार्यक्रम करने के लिए ऑस्ट्रिया से आए थे। गुरदासपुर में सारा कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के अगले ही दिन शनिवार को दामाद बेटी को घुमाने के लिए लेकर जाने की बात कहकर ले गया। दोनों बेटे को वहीं छोड़ आए थे। उन्हें नहीं पता था कि उनका दामाद अमृतसर आया है और होटल में रुका है। दोनों के बीच क्या चल रहा था उसके बारे बेटी ने कुछ नहीं बताया। मृतका के भाई लवप्रीत सिंह ने बताया कि जीजा उसकी बहन पर शक करता था। इसी रंजिश में हत्या करके फरार हो गया। एसीपी लखविंदर कलेर का कहना है कि आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहे हैं। आरोपी के पकड़े जाने पर ही हत्या के कारणों का पता चलेगा।

दैनिक भास्कर 13 Jan 2026 4:00 am

पटियाला में पुलिस-शार्प शूटरों के बीच मुठभेड़:दो बदमाश घायल; NRI से फिरौती मांगी, पिता पर गोली चलाई थी

पटियाला-संगरूर बाइपास पर पुलिस और दो शार्प शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों शार्प शूटर घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उनके पास से दो पिस्तौल और बिना नंबर की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि सीआईए टीम ने दोनों शार्प शूटरों का पीछा किया था, जो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस टीम पर आरोपियों ने की फायरिंग आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की और दोनों को काबू कर लिया। मुठभेड़ में करीब 15 से 16 राउंड फायरिंग हुई। मुठभेड़ के दौरान सीआईए इंचार्ज प्रदीप सिंह बाजवा पर भी गोली चलाई गई, हालांकि इसमें कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। पकड़े गए शार्प शूटरों के खिलाफ फिरौती, लूट और फायरिंग के कई मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि ये आरोपी पहले भी एक एनआरआई से फिरौती मांग चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने एनआरआई के पिता पर भी फायरिंग की थी, जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज जारी है।

दैनिक भास्कर 12 Jan 2026 6:00 pm

अमृतसर में NRI महिला की हत्या, पति फरार:होटल में रुके थे, कमरे में मिली लाश; भाई बोला- चरित्र पर शक करता था

पंजाब के अमृतसर में NRI महिला की हत्या कर दी गई। सोमवार को उसका शव होटल के कमरे में पड़ा मिला। वह एक हफ्ता पहले पति के साथ पारिवारिक कार्यक्रम के लिए ऑस्ट्रिया से आई थी। घटना के बाद से पति फरार है। मायके वालों ने पति पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह उसके चरित्र पर शक करता था। मृतका की पहचान प्रभजोत कौर के रूप में हुई। वह गुरदासपुर के गांव वड़ैच की रहने वाली थी। अमृतसर के कोर्ट रोड स्थित होटल किंग्ज रूट में दंपती ठहरे थे। 7 साल पहले हुई थी शादी, चरित्र पर शक करता थाप्रभजोत के भाई लवप्रीत ने कहा कि मैं गुरदासपुर का रहने वाला हूं। बहन की शादी 7 साल पहले अमृतसर जिले के गांव जेठुवाल में मनदीप सिंह ढिल्लो से हुई थी। शादी के बाद वह अपने पति के साथ बाहर रहती थी। बाहर रहते हुए उसके पति को उस पर किसी और लड़के के साथ संबंध का शक होने लगा, जिस कारण उनके बीच लगातार आपसी झगड़े होते रहते थे। अमृतसर के होटल में ले गया, हत्या कर फरारइसी शक और आपसी विवाद के चलते मेरी बहन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमें रात को बोल के गए थे कि हम घूमने जा रहें हैं और बेटे को यहीं छोड़ गए। मगर बहन को अमृतसर के होटल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। हमें इंसाफ चाहिए। लवप्रीत के मुताबिक घर में अखंड पाठ रखा हुआ था, जिसके लिए बहन ऑस्ट्रिया से घर आई थी। 7 महीने के बच्चे की मां थी महिलामृतका के पिता मक्खन सिंह ने बताया कि उनकी बेटी का विवाह एक अच्छे परिवार में हुआ था। लंबे समय तक कोई बड़ी अनबन नहीं थी। उनका छह-सात महीने का छोटा बच्चा है। उन्होंने बताया कि बेटी को चाकू से गोदकर मारा गया। एसीपी बोले- 112 पर सूचना मिली, जांच शुरू की ACP लखविंदर सिंह कलेर ने बताया कि डायल 112 पर दोपहर करीब डेढ़ बजे सूचना मिली कि कोर्ट रोड स्थित होटल में महिला की लाश मिली है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतका और उसके पति के बीच अकसर झगड़े होते रहे थे। परिवार के बयानों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर 12 Jan 2026 3:37 pm

दिल्ली : NRI डॉक्टर दंपति को Digital Arrest कर 14 करोड़ लूटे, 8 अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर कराए रुपए

देश की राजधानी में साइबर ठगी चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने दिल्ली के रहने वाले NRI डॉक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके 14 करोड़ 85 लाख रुपए ठग लिए। मीडिया खबरों के मुताबिक डॉक्टर ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉक्टर इंदिरा तनेजा करीब 48 ...

वेब दुनिया 11 Jan 2026 10:39 am

राजस्थान आने वाले विदेशियों का वीजा एक्सटेंशन जयपुर में होगा:रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस खुला, NRI को भी राहत; पहले दिल्ली में काटने पड़ते थे चक्कर

राजस्थान घूमने, पढ़ने या इलाज कराने आ रहे विदेशी नागरिकों, विदेश में बसे NRI के वीजा संबंधित सारे काम अब जयपुर में होंगे। नए साल पर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस की शुरुआत हो चुकी है। भारतीय मूल के विदेशियों को खास दर्जे वाले ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के लिए भी दिल्ली जाने की जरूरत नहीं है। वीजा अवधि बढ़वाने से लेकर वीजा कन्वर्जन जैसे काम भी यहीं हो सकेंगे। जयपुर के झालाना तिराहे पर स्थित ऑफिस में आईपीएस अधिकारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला तैनात कर दिया गया है। इस एक ऑफिस से क्या-क्या काम आसान होंगे, पढ़िए- इस रिपोर्ट में... FRRO ऑफिस कैसे करेगा काम? फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO), जयपुर के डायरेक्टर आईपीएस रमेश यादव ने बताया- जो भी विदेशी इंडिया में आते हैं, वह हमारी इमिग्रेशन चेक पोस्ट से गुजरते हैं। राजस्थान में एयरपोर्ट और लैंड पोर्ट, दोनों हैं। जयपुर में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जबकि बाड़मेर का मुनाबाव लैंड पोर्ट है। यानी विदेशी राजस्थान में एयर से भी आते हैं और जमीनी रास्ते से भी आते हैं। हालांकि साल 2019 के बाद से मुनाबाव से आवाजाही बंद है। जयपुर में कोई भी विदेशी आता है तो उसके पास वैलिड वीजा होता है। वीजा भी दो प्रकार के होते हैं, एक ई-वीजा और दूसरा वीजा एंबेसी से जारी होता है। ई-वीजा के माध्यम से जो भी देश में आएगा, उसे एयरपोर्ट पर ई-वीजा के काउंटर पर जाना होता है। उस काउंटर पर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस यानी हमारी टीम चेक कर के उन्हें देश में आने देती है। कई विदेशी नागरिक जयपुर एयरपोर्ट पर न उतर कर अन्य मार्गों से राजस्थान में आते हैं। ऐसे में हमारी टीमें उनकी सुरक्षा और जानकारी के लिए कई चीजें चेक करती हैं। वीजा एक्सटेंशन का काम जयपुर में हो जाएगाकोई व्यक्ति 15 दिन का वीजा लेकर घूमने आता है। उसको लगता है कि उसे 20 दिन और यहां पर रुकना है। इसके लिए विदेशी यात्री को फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस में रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। पहले इस काम के लिए लोगों को दिल्ली जाना पड़ता था। लेकिन अब फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस में आकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। उसके बाद ही उनका वीजा एक्सटेंशन होगा। वीजा कन्वर्जन का काम भी यहीं होगाकोई भी विदेशी व्यक्ति अगर एजुकेशन वीजा पर राजस्थान आया है। यहां पर अगर वह किसी तरीके से बीमार पड़ जाता है तो उसे भी यहां आकर अपने वीजा को मेडिकल वीजा में कन्वर्जन कराना होगा। मेडिकल वीजा में, अगर किसी व्यक्ति को यहां पर 80 दिन से अधिक रुकना है तो उसे भी वीजा कार्यालय में आकर इसकी जानकारी देनी होगी और वीजा को बढ़वाना होगा। वीजा अवधि बढ़वाने या कन्वर्जन के लिए टूरिस्ट को अपने इलाज संबंधित सभी दस्तावेज जमा कराने होंगे। ओसीआई का रजिस्ट्रेशन FRRO जयपुर के डायरेक्टर रमेश यादव ने बताया- वे भारतीय जिन्होंने विदेश में नागरिकता ले रखी है, उनके खास दर्जे वाले ओसीआई कार्ड भी इसी ऑफिस में बनेंगे। इसके लिए इंटरव्यू और फिर रजिस्ट्रेशन कराने की प्रोसेस पूरी करनी होगी। लगातार विदेश की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए देश भर में 13 एयरपोर्ट पर ई-गेट बने हुए हैं। ई-गेट पर पासपोर्ट और बोर्डिंग पास स्केन करने के बाद बायोमेट्रिक जांच पूरी करनी होती है। होटेलियर-हॉस्पिटल संचालकों को कर रहे जागरूक FRRO जयपुर के डायरेक्टर रमेश यादव ने बताया कि होटल या फिर किसी भी अस्पताल में आने वाले विदेशियों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। राजस्थान के 22 हजार होटल्स को विदेशी नागरिक की पूरी डिटेल रखने और एफआरआर ऑफिस में जानकारी देने का नियम है। इसके अलावा सूचीबद्ध अस्पताल और शिक्षण संस्थाओं को भी विदेशी नागरिकों की पूरी डिटेल रखने और विभाग को सूचित करने का कह रखा है। हमारी टीमें निरंतर मॉनिटर करती रहती हैं कि कोई भी विदेशी नागरिक वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ओवर स्टे तो नहीं कर रहा। अगर ऐसा पाया जाता है तो होटल, घर, गेस्ट हाउस पर सर्च कर एक्शन लिया जाता है। इसके बाद डिपोर्ट करने की प्रक्रिया होती है। बीमार होने पर एग्जिट परमिशन भी यहीं से होगी जारीहमारी टीम के पास कई बार जानकारी आती है कि कुछ विदेशी यात्रा के दौरान बीमार हो गए, उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद हमारी जानकारी का सत्यापन कर मौके पर जाकर सही स्थिति देखी जाती है। विदेशी नागरिक के स्वस्थ होने के बाद एग्जिट परमिशन भी इसी ऑफिस से जारी होती है। प्रदेश के होटल, हॉस्पिटल, मेडिकल इंस्टीट्यूट जहां पर विदेशी नागरिक या एनआरआई ठहरते हैं या पढ़ते हैं, या इलाज कराते हैं। इन लोगों को एक रजिस्टर मेंटेन करना पड़ता है। साथ ही FRRO के पोर्टल पर रजिस्टर करना पड़ता है। हर दिन होटल, हॉस्पिटल मेडिकल इंस्टीट्यूट को सी फॉर्म और एस फॉर्म भरना पड़ेगा। सी फॉर्म होटल और हॉस्पिटल वालों को भरना पड़ता है तो वहीं एस फॉर्म हो मेडिकल इंस्टीट्यूट को भर कर देना पड़ता है।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 7:28 am

दोस्ती की आड़ में एनआरआई से 80 लाख रुपए ठगे, दुकान की रजिस्ट्री भी नहीं कराई, पर्चा दर्ज

भास्कर न्यूज़ | लुधियाना एनआरआई नागरिक से करीब 80 लाख रुपये की कथित ठगी और धोखाधड़ी के मामले में एनआरआई थाना लुधियाना (शहर) में केस दर्ज किया गया है। मामला लंबे समय तक जांच के बाद दर्ज हुआ, जिसमें आरोपी पर भरोसा तोड़ने, पैसे हड़पने और संपत्ति के नाम पर धोखा देने के गंभीर आरोप हैं। स्विट्जरलैंड के निवासी शिकायतकर्ता अरविंद कुमार शर्मा वर्ष 1988 से वहीं रह रहे हैं। उन्होंने 25 नवंबर 2024 को एनआरआई विंग में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि आरोपी सतपाल, निवासी जवाहर नगर, लुधियाना, उनके पारिवारिक मित्र थे और दोनों की दोस्ती वर्ष 2010-11 से थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने वर्ष 2021 से अलग-अलग बहानों से पैसे लेना शुरू किया। शिकायत के अनुसार आरोपी ने पहले बिजनेस बढ़ाने और मकान निर्माण के नाम पर पैसे मांगे। 2021 से 2024 के बीच अरविंद कुमार ने बैंक ट्रांसफर और नकद के जरिए करीब 80 लाख रुपये आरोपी को दिए। इस दौरान उन्होंने अपने बैंक लोन चुकाने के लिए दोस्तों से भी 24.38 लाख रुपये उधार लिए। आरोपी ने आश्वासन दिया था कि वह दुकान बेचकर रकम लौटा देगा। आरोप है कि फरवरी 2022 से फरवरी 2023 के बीच आरोपी ने करीब 7.50 लाख रुपये किश्तों में लौटाए, लेकिन बाकी रकम के लिए लगातार टालमटोल करता रहा। जनवरी 2024 में जब शिकायतकर्ता ने पूरी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। इसके बाद 7 जून 2024 को पंचायत हुई, जिसमें समझौते के तहत आरोपी ने जवाहर नगर स्थित अपनी एक दुकान (31 वर्ग गज, अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये) की रजिस्ट्री कराने पर सहमति दी।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 4:00 am

ललित सुरजन की कलम से- तेल के दाम और प्रवासी भारतीय

'भारत सरकार को मजदूरी करने विदेश गए इन मजबूर नागरिकों के साथ कोई प्रेम नहीं है

देशबन्धु 27 Oct 2025 3:23 am