भारत में फिटनेस अब जिम या मैराथन तक सीमित नहीं रही। अब चर्चा है हायरॉक्स की। यह दुनिया की सबसे बड़ी इनडोर फिटनेस रेस है जो रनिंग और फंक्शनल वर्कआउट को एक फॉर्मेट में जोड़ती है। यह एक हायब्रिड फिटनेस का रूप है। पिछले साल मई में भारत में हायरॉक्स की शुरुआत हुई। अब 11, 12 अप्रैल को यह रेस बेंगलुरु में होनी है। जानते हैं इसके बारे में... हायरॉक्स को जानिए इसमें प्रतिभागी 1 किलोमीटर दौड़ते हैं और उसके बाद एक फंक्शनल एक्सरसाइज का सेट पूरा करते हैं, जैसे स्लेड पुश, रोइंग, बर्पी ब्रॉड जंप या वॉल बॉल। यह कुल आठ बार दोहराया जाता है। आखिर में देखते हैं कि किसने कितनी देर में इसे पूरा किया। यह एक हाइब्रिड फिटनेस का रूप है, खास बात है कि यह किसी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नहीं बल्कि बड़े इंडोर सेंटर्स में आयोजित होती है। स्टार्टअप फाउंडर्स से लेकर क्रिकेटर्स तक शामिल - शुगर कॉस्मेटिक की फाउंडर विनीता सिंह, ने भारत में हुई तीनों हायरॉक्स रेस में हिस्सा लिया है, इसे एक ऐसे एग्जाम की तरह मानती हैं जिसके लिए वे तैयारी भी करती हैं। - जेरोधा के फाउंडर नितिन कामत ने मुंबई में आयोजित हायरॉक्स में हिस्सा लिया था। - दिल्ली में हुए हायरॉक्स में भारतीय क्रिकेटर्स रवि बिश्नोई और रियान पराग जैसे चेहरे भी शामिल हुए थे। भारत में एक साल में 5 गुना से ज्यादा एंट्री पिछले साल मई में भारत में हायरॉक्स की शुरुआत हुई। मुंबई में हुए पहले हायरॉक्स में 1650 लोगों ने हिस्सा लिया था। अब 11-12 अप्रैल को बेंगलुरु में हायरॉक्स होनी है, इसके लिए 8500 लोग पहले ही जुड़ चुके हैं, यानी करीब एक साल में एंट्री लगभग 5 गुना से ज्यादा बढ़ गई हैं। बेंगलुरु के बाद जुलाई और सितंबर में हायरॉक्स इवेंट दिल्ली-मुंबई में भी होना है। यह एक फुल-डे इवेंट होता है, जो सुबह 7:30 बजे से रात 10 बजे तक चलता है। एंट्री फीस आमतौर पर 3,000 से 10,000 रुपए के बीच होती है, जो कैटेगरी और शहर के हिसाब से तय होती है। वैश्विक ग्रोथ; दुनियाभर में 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया 2017 में हायरॉक्स की शुरुआत जर्मनी से हुई थी। उस साल इसका सिर्फ एक इवेंट हुआ था, लेकिन 2025/26 सीजन में 29 देशों में 96 से अधिक इवेंट्स आयोजित हुए। जहां पहले साल सिर्फ 650 लोग हायरॉक्स इवेंट का हिस्स थे, पिछले साल दुनियाभर में 5.5 लाख लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। पहचान: फास्ट कंपनी ने हायरॉक्स को नवाचार के लिए अवॉर्ड दिया ग्लोबल स्तर पर भी हायरॉक्स की पहचान मजबूत है। इसे 2024 में फास्ट कंपनी की ‘मोस्ट इनोवेटिव कंपनीज’ सूची में शामिल किया गया। इसका असर सिर्फ फिटनेस तक सीमित नहीं है। जैसे-जैसे अलग-अलग शहरों में हायरॉक्स इवेंट हो रहे हैं, फिटनेस टूरिज्म भी बढ़ रहा है। दूसरे शहरों से प्रतिभागी यात्रा कर रहे हैं।
‘छोटे से कमरे में 4 सड़ी लाशें फंदे से लटक रही थीं। पूरब-दक्षिण कोने पर 48 साल, पूरब-उत्तर कोने पर 43 साल और उत्तर-पश्चिम कोने पर 78 साल की महिला फंदे से झूल रही थी। कमरे के सेंटर में 50 साल का पुरुष फंदे से लटका था। चारों के हाथ और पैर मोटी रस्सी से अलग-अलग बंधे हुए थे। सभी के मुंह पर क्रॉस का लाल टेप चिपका था। लाश इतनी सड़ गई थी कि चमड़ा नीचे तक लटक रहा था। दुर्गंध ऐसी कि 200 मीटर एरिया में सांस लेना मुश्किल था..।’ विचलित करने वाली यह तस्वीर राजगीर के जैन दिगंबर धर्मशाला के कमरा नंबर 6 AB की है। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो हालात देख कर हैरान रह गई। मौके पर मौजूद 12 पुलिसकर्मियों के सामने पहली बार ऐसा केस था। पुलिस की इन्वेस्टिगेशन 10X12 के कमरे तक सिमट कर रह गई, लेकिन भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में ब्लैक मैजिक का ऐसा सच सामने आया है, जो आपके होश उड़ा देगा। पढ़िए और देखिए कमरे में फंदे से लटकती 4 डेड बॉडी की मौत के पीछे की डरावनी कहानी में कर्नाटक से लेकर बिहार तक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन..। पहले पुलिस की इन्वेस्टिगेशन जानिए राजगीर के जैन दिगबंर धर्मशाला में हुई 4 मौत की तह तक पहुंचने के लिए इन्वेस्टिगेशन शुरू करने से पहले भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम राजगीर थाना पहुंची और पुलिस की जांच की हर एक बिंदु को समझा। केस की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर नवीन कुमार से मुलाकात की, लेकिन बातचीत से लगा उनकी जांच सिर्फ एक कमरे तक सिमटी है। उन्होंने मामले में कुछ अधिक जानकारी देने की बजाए थाना प्रभारी से बात करने की सलाह दी। हम थाना पर पहुंचे तो थाना प्रभारी रमन कुमार से मुलाकात हुई। 6 फरवरी 2025 को मैं थाना पर काम निपटा रहा था। सुबह लगभग 9 बजे दो लोगों ने सूचना दी कि जैन दिगबंर धर्मशाला के कमरा नंबर 6 AB से काफी दुर्गंध आ रही है। दरवाजा अंदर से बंद है, आवाज लगाने के बाद भी कोई हरकत नहीं है। कमरे में 4 लोग ठहरे हैं, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। इतना सुनते ही मुझे लग गया कि मामला गड़बड़ है। आनन-फानन में 10 से 12 पुलिसकर्मियों के साथ मैं 15 मिनट में मौके पर पहुंच गया। धर्मशाला में पैर रखते ही सड़ने की बदबू आने लगी। बदबू ऐसी थी कि कमरे के बाहर एक सेकेंड भी रुकना मुश्किल था। मैंने भी दरवाजा पीटा, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। कमरे में एक खिड़की थी, वह भी बंद थी। तब तक हम समझ गए कि अंदर कुछ गड़बड़ है। दरवाजा तोड़वाया तो सामने ऐसा नजारा था कि मानो कोई भूत वाली हॉरर मूवी देख रहे हो। एक साथ 4 लाशें लटक रही थी। सभी के हाथ-पैर मोटे रस्सियों से बंधे थे। मुंह पर लाल रंग का क्रॉस टेप चिपकाया गया था। देखकर ऐसा लग रहा था कि किसी ने प्लान मर्डर कर सभी को लटका दिया हो। नीचे में चाकू, कैंची, सुई थी। मैंने भी पहली बार ऐसी घटना देखी थी, इसलिए पहली नजर में मर्डर लगा..। मरने वालों में कर्नाटक के बेंगलुरु के बैलेडा पेटे गुब्बी गांव के रहने वाले रत्नबाला राजू की 78 साल की पत्नी जीआर सुमंगला, उनकी 48 साल की बेटी शिल्पा जिआर, 43 साल की बेटी श्रुथा जीआर और 50 साल के बेटे जीएन नागा प्रसाद हैं। एक ही परिवार के लोग थे, इसलिए बड़ा रहस्य दिख रहा था। पुलिस की जांच में सुसाइड और मर्डर का एंगल पुलिस ने घटना की जांच सुसाइड और मर्डर की आशंका को लेकर शुरू तो की, लेकिन कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जिससे वो किसी नतीजे तक पहुंच पाए। हालांकि घटना के बाद मौके पर पुलिस अफसरों की मौजूदगी में एफएसएल की टीम बुलाकर सैंपल कलेक्ट कराया गया। पुलिस ने धर्मशाला में आस-पास के कमरों की पूरी पड़ताल कराई। वहां ठहरने वाले एक-एक व्यक्ति से पूछताछ भी की। धर्मशाला के केयर टेकर से भी पुलिस ने हर एंगल पर पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने अपनी इन्वेस्टिगेशन में यह जानने की कोशिश की कि फंदे पर लटके लोग कमरे में कब ठहरे? घटना से पहले कब बाहर निकले? कमरे में बाहर से भी कोई व्यक्ति आया? किसी से कोई लड़ाई झगड़ा तो नहीं हुआ? इन सभी सवालों के जवाब में कोई क्लू या सबूत नहीं मिले। पुलिस की इन्वेस्टिगेशन के दौरान धर्मशाला के केयर टेकर ने बताया कि 31 जनवरी को सभी ने बुकिंग कराई थी। अगले ही दिन यानी कि 1 फरवरी को फिर 2 हजार रुपए देकर बुकिंग को और आगे बढ़ाया। नए-नए आए थे, इसलिए किसी से कोई लड़ाई नहीं थी। यहां लोग ध्यान साधना के लिए आते हैं, इसलिए किसी को कोई डिस्टर्ब नहीं करता है। इस कारण से कोई देखा नहीं कि वह अंतिम बार कमरे से कब बाहर आए। क्या कहती है पुलिस की थ्योरी घटना में पुलिस की थ्योरी कहती है कि दरवाजा तोड़कर डेड बॉडी निकाली गई। कमरे के अंदर आने जाने का कोई और रास्ता नहीं था। ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने का सवाल ही नहीं उठता है। अगर दरवाजा अंदर से बंद नहीं होता, तो मर्डर की आशंका बढ़ जाती। केस क्लोज करने की 2 वजह 4 लोगों की मौत की असली वजह जानने की बजाए पुलिस इसे सुसाइड बताकर केस को क्लोज करने की पूरी तैयारी में है। केस क्लोज करने की दो बड़ी वजह सामने आई। 1. केस लड़ने वाला कोई नहीं बचा पुलिस ने मृतकों के परिवार वालों से संपर्क करने की कोशिश की तो पता चला कि अब उनके परिवार में कोई बचा ही नहीं है। पुलिस की सूचना पर मृतकाें के पट्टीदार राजगीर पहुंचे और पोस्टमॉर्टम के बाद पटना में ही चारों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस को इस घटना में एक भी ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिससे उसकी जांच आगे बढ़े। केस लड़ने वाला भी कोई नहीं है, इस कारण से पुलिस इसे सुसाइड मानकर केस को क्लोज करने की तैयारी में जुट गई है। 2. मर्डर का एंगल नहीं होने से केस क्लोज करना आसान घटना बंद कमरे में हुई है। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर घर के अंदर से शव बरामद किया है। पुलिस को कहीं से कोई ऐसा इनपुट नहीं मिला, जिसमें कहीं से मर्डर की कोई आशंका हो, इसलिए इस केस को क्लोज करना पुलिस के लिए काफी आसान है। इस केस में पुलिस मौत की वजह की झंझट में पड़ने के बजाए केस क्लोज कर रही है। कर्नाटक से लेकर बिहार तक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन पुलिस की इन्वेस्टिगेशन के हर पहलू को एक एक कर समझने के बाद इस पूरे घटना में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा था। पुलिस से बातचीत के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने बिहार से लेकर कर्नाटक के बंगलुरु तक पड़ताल की तो ब्लैक मैजिक का जानलेवा रहस्य सामने आया। धर्मशाला से मिला ब्लैक मैजिक का क्लू भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने कमरे में फंदे से लटकते शवों और मौत के ट्रेंड पर राजगीर के जैन दिगंबर धर्मशाला से इन्वेस्टिगेशन शुरू की। पुलिस और केयर टेकर से लेकर धर्मशाला से जुड़े लोगों की बातचीत में यह समझ में आ गया कि मौत का कारण कोई तंत्र-मंत्र या ब्लैक मैजिक है। पुलिस से अलग जब हमने ब्लैक मैजिक की आशंका को लेकर पड़ताल शुरू की तो कड़ी दर कड़ी मामला जुड़ता गया। जैन दिगंबर धर्मशाला के केयर टेकर विजय ने बताया कि ऐसे कम लोग आते हैं, जो घर का पूरा सामान लादकर आते हैं। ये लाेग एक डीसीएम से सामान भरकर लाए थे। जब सामान का पूछा गया तो बताए कि सभी नेपाल से होकर आ रहे हैं, इसलिए सामान ज्यादा हो गया है।चारों यहां 31 जनवरी को दिन में एक बजे आए। इसमें एक पुरुष था जिसका नाम नागा प्रसाद था। धर्मशाला के रजिस्टर में एंट्री भी ऑफिस आकर नागा ने कराई थी, उसके बाद उस दिन सभी घूमने चले गए थे। जब कमरे से दुर्गंध आने लगी तब पुलिस को सूचना दी गई। परिवार वालों से बातचीत से यह तो पता चल गया कि इनके घर में कुछ न कुछ तो चल रहा था। धर्मशाला के केयर टेकर विजय ने बताया कि परिवार में कुछ न कुछ चल रहा था। इसकी पड़ताल के दौरान हमारी इन्वेस्टिगेशन टीम को धर्मशाला से मृतकों के पट्टीदार रवि प्रसाद का नंबर मिला। रवि ने भी बताया कि पूरा परिवार क्लेश से अशांत था, शांति का उपाय ढूंढ रहा था। भांजे की हत्या के बाद ब्लैक मैजिक का साया रवि प्रसाद ने बताया कि चारों मृतक उनके पट्टीदार थे। वह लोग लगभग 5 साल से बेंगलुरु में अलग रह रहे थे। हम लोग बेंगलुरु से 90 किमी दूर रहते हैं। लगभग 15 साल पहले नागा की बड़ी बहन शिल्पा जीआर की शादी हुई। शादी के बाद बहन-बहनोई से नहीं बनती थी। अक्सर परिवार में मारपीट होती थी। नागा की बहन को एक बेटा हुआ, लेकिन बहन-बहनोई का रिश्ता ऐसा खराब हुआ कि तलाक की स्थिति बन गई। बहन नागा के घर आकर रहने लगी। मायके में भी काफी लड़ाई झगड़ा होता था। नागा के पिता की मौत के बाद उसका पूरा परिवार बैंगलुरु में जाकर रहने लगा। लड़ाई झगड़े में अक्सर नागा बोलता था कि एक दिन पूरे परिवार को खत्म कर देंगे, उस दिन घर में शांति आएगी। वह अक्सर शांति और इधर उधर की मैजिक की बात करता था। घर में अशांति और कलह के साथ नागा की गतिविधियों से लग रहा था, वह किसी ब्लैक मैजिक के चक्कर में पड़ गया था। 4 अगस्त 2025 की सुबह नागा ने अपने 14 साल के भांजे अमोघ कीर्ति की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। घटना के बाद घर वालों ने एक साथ मरने के लिए गैस सिलेंडर में आग लगा दी, लेकिन सब बच गए। इसके बाद उसने तालाब में कूदकर सुसाइड करने की भी कोशिश की, लेकिन बच गया। घर वालों ने कोई आवेदन नहीं दिया। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर जेल भेज दिया। नागा 5 माह जेल में रहा, लेकिन वह ब्लैक मैजिक से बाहर नहीं निकला। बहन ने ही प्रयास कर जमानत कराई, लेकिन इसके बाद भी हर समय वह शांति के लिए तरह-तरह के ब्लैक मैजिक वाली बात करते रहता था। परिवार वालों से बातचीत में नागा पर शांति के लिए अपने ही भांजे की हत्या का आरोप लगा। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम इस मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए घटना के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बंगलुरु के सोलादेवनहल्ली थाना के दरोगा धनुष चंद से बात की तो उन्होंने भी परिवार में अशांति और क्लेश के साथ कुछ न कुछ हलचल होने की बात बताई। धनुषचंद के मुताबिक नागा का पूरा परिवार साइको लग रहा था। वह सब किस साए में थे, क्या कर रहे थे, कुछ समझ में नहीं आ रहा था। घटना में जांच के दौरान परिवार वालों से मिला, लेकिन सभी एक से बढ़कर एक थे। जिसके बेटे की नागा ने हत्या की वही बहन नागा को बचाने में लगी थी, जबकि हत्या के 3 दिन बाद नागा खुद थाने में सरेंडर करने आया था। यह सब समझ से परे है, ऐसा कैसे कोई करता है। कुछ न कुछ तो गड़बड़ चल रहा था, नागा के परिवार में जिसका कनेक्शन कुछ भी हो सकता है। एक साथ 4 मौत में ब्लैक मैजिक के कनेक्शन को लेकर हम क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ बिंदा सिंह से मिले। डॉ बिंदा सिंह को जब घटना के बारे में और डेड बॉडी की स्थिति और मौत के ट्रेंड को बताया गया तो उन्होंने कहा, हालात ब्लैक मैजिक की तरफ इशारा कर रहे हैं। ऐसा उसी कंडिशन में होता है, जब इंसान बहुत परेशान होता है। घर में अशांति होती है, कलह के कारण परिवार लड़ता-झगड़ता है। इंसान जब ऐसी दिक्कतों में घिरता है तो ब्लैक मैजिक की तरफ भागता है। वह कुछ न कुछ ऐसी शक्तियों से घिर जाता है, जिससे कुछ भी करने को तैयार हो जाता है। मुंह पर एक ही तरह का टेप लगाना और एक तरह से रस्सी से हाथ-पैर बांधना, ये संकेत है कि वह ऐसा कर किसी शक्ति को संदेश देना चाहता था। मानसिक बीमारी के कारण भी लोग ऐसे ब्लैक मैजिक की तरफ आकर्षित हो जाते हैं। आजकल सोशल मीडिया पर भी ऐसे कंटेंट अधिक दिखते हैं, जिसमें समस्याओं के समाधान के लिए ब्लैक मैजिक या अन्य किसी शक्तियों की तरफ ले जाने के लिए उपाय बताए जाते हैं। जब इंसान चारों तरफ से थक जाता है तो इंसान तंत्र-मंत्र और काला जादू के तरफ भागता है। उसे लगता है कि इन सभी चीजों से उसे खुशी मिलेगी, वह अपनी खुशी तलाशता है। जब उसे खुशी नहीं मिलती है तो उसे लगता है कि शायद सुसाइड या ग्रुप सुसाइड से उसे शांति और खुशी मिल जाएगी। यह मात्र एक मानसिक बिमारी है। यह ब्लैक मैजिक का ही सिंबल होता है कि एक साथ ग्रुप सुसाइड करना, सभी के हाथ-पैर बांध देना, मुंह पर टेप चिपकाना।
लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, जिन्हें अपने 33 वर्षीय प्रशंसक रेणुकास्वामी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, वे हत्या वाले दिन बेंगलुरु के एक पब में पार्टी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पार्टी करने के बाद दर्शन उस शेड में गए, जहां कथित तौर पर रेणुकास्वामी का अपहरण किया गया था और उनकी हत्या से पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया था। सूत्रों ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दर्शन की दोस्त पवित्रा गौड़ा भी रेणुकास्वामी पर हमले के दौरान शेड के अंदर मौजूद थी। पुलिस के अनुसार रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक संदेश लिखे थे, जिससे दर्शन नाराज हो गए थे। इसे भी पढ़ें: हम दिल दे चुके सनम की रिलीज को पूरे हुए 25 साल, भंसाली प्रोडक्शंस ने यादों की गलियों में टहलते हुए BTS वीडियो शेयर किया उन्होंने बताया कि रेणुकास्वामी की हत्या के बाद, तीन आरोपी बेंगलुरु के आरआर नगर में रिलायंस ट्रेंड्स की दुकान पर अपने कपड़े बदलने गए, क्योंकि उन्होंने जो कपड़े पहने थे, वे खून से सने हुए थे। सोमवार को बेंगलुरु पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन को फिर से बनाने के लिए उसी दुकान पर ले गई। अपराध स्थल को फिर से बनाने के लिए दर्शन को मैसूर ले जाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, रेणुकास्वामी की सोने की चेन और बटुआ चित्रदुर्ग में आरोपी राघवेंद्र के घर पर मिले। आरोपी ने प्रशंसक की सोने की चेन भी छीन ली। इसे भी पढ़ें: Sonakshi Sinha की शादी में शामिल नहीं होंगे Shatrughan Sinha? एक्ट्रेस की मां ने नराजगी की खबरों को किया कंफर्म, कबूल किया- वह नाराज है, लेकिन रेणुकास्वामी, एक ऑटोरिक्शा चालक और दर्शन के प्रशंसक क्लब का सदस्य, कथित तौर पर गौड़ा को अपमानजनक संदेश भेजने के बाद 8 जून को चित्रदुर्ग जिले से अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसका शव बेंगलुरु में सुमनहल्ली ब्रिज के पास मिला। रेणुकास्वामी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत से पहले उसे प्रताड़ित किया गया और बिजली के झटके दिए गए। कथित यातना का विवरण धनराज ने बताया, जिसे 16 जून को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में दर्शन और गौड़ा सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हाई-प्रोफाइल बेंगलुरु ड्रग्स केस में सशर्त जमानत के बाद हेमा जेल से रिहा
अभिनेत्री हेमा को शुक्रवार को सशर्त जमानत दी गई और जेल से रिहा कर दिया गया। अभिनेता ने गुरुवार को NDPS विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया और उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया.......
मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान की मुलाकात 20 की उम्र में हुई और वे प्यार में पड़ गए। दिसंबर 1998 में उनकी शादी हुई और नवंबर 2002 में उनके पहले बच्चे अरहान का जन्म हुआ। 19 साल की शादी के बाद जब वे अलग हुए तो इंटरनेट पर इस जोड़े ने सबको चौंका दिया। मलाइका ने अपने शो मूविंग इन विद मलाइका में खुलासा किया था कि अरबाज को प्रपोज करने वाली वह खुद थीं और उन्होंने अरबाज से शादी सिर्फ इसलिए की क्योंकि वह अपने घर से बाहर निकलना चाहती थीं। कुछ साल पहले मलाइका ने बताया था कि कैसे उनका परिवार नहीं चाहता था कि वे तलाक लें। उन्होंने कहा “मुझे लगता है, सबकी पहली यही राय है कि मत करना। कोई आपको नहीं कहेगा कि, ‘हां, हां, प्लीज जाइए, करिए।’ यही पहली बात है, कि आप सोच समझकर यह फैसला लें। मैं भी इसी चीज से गुजरी हूं। मलाइका ने याद करते हुए कहा, “तलाक से एक रात पहले भी, मेरे परिवार ने मेरे साथ बैठकर मुझसे फिर पूछा, ‘क्या तुम निश्चित हो? क्या तुम अपने फैसले के बारे में 100 प्रतिशत आश्वस्त हो?’ ये वे लोग हैं जो चिंता करते हैं और परवाह करते हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से ऐसा कहेंगे,” उन्होंने कथित तौर पर शो में कहा। उन्होंने आगे कहा: “हर कोई कहता था, ‘अगर तुम यह फैसला ले रही हो, तो हमें तुम पर वास्तव में गर्व है और हमारी नज़र में तुम एक मज़बूत महिला हो। इसलिए मेरे लिए, इस तरह से मुझे वह अतिरिक्त ताकत मिली जिसकी मुझे ज़रूरत थी। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का हाल ही में, मलाइका और उनके बेटे अरहान खान ने शादी, सेक्स और रिश्ते पर चर्चा की, क्योंकि वे बाद के वॉडकास्ट, डंब बिरयानी के लिए एक मसालेदार बातचीत में लगे हुए थे। “देश जानना चाहता है कि माँ आप कब शादी कर रही हैं?” अरहान ने मलाइका से पूछा, इससे पहले उन्होंने कहा, “मुझे एक सटीक तारीख, एक जगह, एक गंतव्य और किससे शादी करनी है।” इस पर मलाइका ने कहा, “मेरे लिए मिर्ची खाना बेहतर है। मैं इसका जवाब नहीं दे सकती। मुझे नहीं पता कि इसका कोई जवाब है या नहीं। मुझे लगता है कि मैं अब अपनी सबसे अच्छी ज़िंदगी जी रही हूँ।” अरबाज खान अब मेकअप आर्टिस्ट शूरा खान से शादी कर चुके हैं। उन्होंने दिसंबर 2023 में अरबाज की बहन अर्पिता के मुंबई स्थित घर पर शादी की। दूसरी ओर, मलाइका अभिनेता अर्जुन कपूर को डेट कर रही हैं। हालांकि, ऐसी अफवाहें हैं कि मलाइका और अर्जुन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।
वरुण धवन और नताशा दलाल के घर बेटी ने लिया जन्म दिया, डेविड धवन ने की पुष्टि | Watch Video
वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल ने बेटी को जन्म दिया है। डेविड धवन ने अस्पताल के बाहर मौजूद मीडिया को यह खबर दी। उन्हें अपने नए पिता वरुण के साथ देखा गया। जब पैपराज़ी ने डेविड से पूछा कि क्या वरुण और नताशा ने बेटी को जन्म दिया है, तो फ़िल्म निर्माता ने सिर हिलाकर हाँ कहा और कैमरामैन को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का इससे पहले बताया गया था कि नताशा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है। सूत्र ने बताया कि डॉक्टर के अनुसार, नताशा इस सप्ताह बच्चे को जन्म देने वाली है। आज सुबह उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। वरुण इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इस दौरान वह अपनी पत्नी के साथ रहें और उन्होंने सभी पेशेवर प्रतिबद्धताओं को बाद की तारीख़ के लिए टाल दिया है। इससे पहले आज, अभिनेता को मुंबई के एक अस्पताल के बाहर देखा गया। वह एक छोटा सा बैग लेकर अस्पताल परिसर से अपनी कार में निकलते हुए देखे गए। इसे भी पढ़ें: Siddharth Roy Kapur ने भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की बायोपिक की घोषणा की वरुण धवन और उनकी फैशन डिजाइनर पत्नी नताशा दलाल ने अपने पहले बच्चे के आगमन की घोषणा करते हुए इंटरनेट पर हलचल मचा दी। पिछले साल मुंबई के एक क्लिनिक में जोड़े के देखे जाने की अटकलों के बावजूद, वरुण ने आधिकारिक तौर पर एक मार्मिक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से प्रशंसकों के साथ दिल को छू लेने वाली खबर साझा की। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वरुण धवन ने अपने लिविंग रूम से एक शांत मोनोक्रोम स्नैपशॉट पोस्ट किया। तस्वीर में, वरुण घुटनों के बल बैठे हैं और नताशा दलाल के हाथों को थामे हुए उनके बेबी बंप पर प्यार से किस कर रहे हैं। इस सुखद घोषणा के साथ ही दंपति ने आश्वासन दिया कि माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, जो बढ़ते परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। तस्वीर में उनका पालतू कुत्ता भी सोफे पर आराम से बैठा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसकी नज़र कैमरे पर टिकी हुई है। वरुण धवन ने पोस्ट को कैप्शन दिया, हम गर्भवती हैं। आप सभी के आशीर्वाद और प्यार की ज़रूरत है। नताशा और वरुण बचपन के प्रेमी हैं। नताशा का दिल जीतने का वरुण का सफ़र पार्क में टहलना नहीं था। करीना कपूर खान के साथ उनके रेडियो शो पर एक स्पष्ट साक्षात्कार में, वरुण ने आश्चर्यजनक खुलासा किया कि नताशा ने कई बार उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। बॉलीवुड की हिट फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाने वाले अभिनेता ने अपनी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती के बारे में बताया जो अंततः प्यार में बदल गई। उन्होंने कहा पहली बार मैं नताशा से छठी कक्षा में मिला था। हम ग्यारहवीं या बारहवीं कक्षा तक दोस्त थे। हम बहुत करीबी दोस्त थे, वरुण ने साक्षात्कार के दौरान खुलासा किया। अपने शुरुआती स्कूल के दिनों को याद करते हुए, उन्होंने बास्केटबॉल कोर्ट पर एक यादगार मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, मुझे उसे देखना याद है, और, जब मैंने उसे उस दिन देखा, तो मुझे लगा कि मुझे उससे प्यार हो गया है। View this post on Instagram A post shared by F I L M Y G Y A N (@filmygyan)

