नागेंद्र का विपक्ष पर आरोप, कहा- ‘दलित मंत्री बना तो मनुवादियों को तकलीफ’
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा में भाजपा और जेडीएस द्वारा हंगामा किए जाने और आदिवासी कल्याण मामले में अपने इस्तीफे की मांग को लेकर मंत्री बी नागेंद्र ने Wednesday को विपक्ष की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष उन्हें निशाना बना रहा है और “मनुवादी” किसी तरह एक दलित और आदिवासी नेता ... Read more
बैतूल से बेंगलुरु के लिए सीधी रेल सुविधा:19 सितंबर से होगा साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित संचालन
रेलवे ने बैतूल के यात्रियों को बड़ी सुविधा देते हुए लालकुआ जंक्शन से केएसआर बेंगलुरु सिटी के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को साप्ताहिक एक्सप्रेस के रूप में नियमित कर दिया है। ट्रेन संख्या 15302/15301 का नियमित संचालन सितंबर से शुरू होगा। ट्रेन का बैतूल स्टेशन पर महत्वपूर्ण ठहराव रहेगा। 19 सितंबर से शुरू होगी सेवा ट्रेन संख्या 15302 लालकुआ-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस 19 सितंबर से प्रत्येक शनिवार को लालकुआ जंक्शन से शाम 5:45 बजे रवाना होगी। यह अगले दिन दोपहर 2:30 बजे नागपुर पहुंचेगी और 2:35 बजे आगे के लिए रवाना होगी। सोमवार दोपहर 3:25 बजे ट्रेन केएसआर बेंगलुरु सिटी पहुंचेगी। मंगलवार को बेंगलुरु से वापसी वापसी में ट्रेन संख्या 15301 बेंगलुरु-लालकुआ साप्ताहिक एक्सप्रेस 22 सितंबर से प्रत्येक मंगलवार को सुबह 7:15 बजे बेंगलुरु से चलेगी। ट्रेन बुधवार सुबह 6:45 बजे नागपुर पहुंचेगी और 6:50 बजे रवाना होकर शुक्रवार सुबह 9:05 बजे लालकुआ पहुंचेगी। बैतूल समेत इन स्टेशनों पर ठहराव नागपुर मंडल में ट्रेन का ठहराव बैतूल के अलावा नागपुर, चंद्रपुर और बल्लारशाह में रहेगा। ट्रेन इटारसी, बैतूल, नागपुर, विजयवाड़ा, रेणिगुंटा, काटपाड़ी, जोलारपेट्टई, बंगारपेट और कृष्णराजपुरम समेत कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। कुछ तारीखों पर नहीं चलेगी ट्रेन शुरुआती चरण में कुछ तारीखों पर ट्रेन का संचालन नहीं होगा। लालकुआ से 26 सितंबर, 3 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को तथा बेंगलुरु से 29 सितंबर, 6 अक्टूबर और 13 अक्टूबर को ट्रेन नहीं चलेगी। रेलवे के इस निर्णय से बैतूल और आसपास के यात्रियों को दक्षिण भारत, खासकर बेंगलुरु के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
कई बार बिजनेस शुरू करने के लिए बड़े ऑफिस, महंगे ऐप या लाखों रुपये की टेक्नोलॉजी की जरूरत नहीं होती। लोगों की रोज की जरूरत से जुड़ा कोई साधारण काम भी अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है। बेंगलुरु के एक नाई की कहानी इसी बात का उदाहरण बनकर सामने आई है।एक समय खुद बाल काटने का काम करने वाले इस शख्स ने आगे चलकर अपना सैलून शुरू किया और धीरे-धीरे कारोबार को बढ़ाकर चार आउटलेट तक पहुंचा दिया। सोशल मीडिया पर सामने आई इस कहानी ने लोगों का ध्यान इसलिए खींचा, क्योंकि इसमें एक छोटे और आम दिखने वाले बिजनेस करके कमाई की बढ़ती संभावना दिखाई देती है। मालिक ने सीधे किसी बड़े बिजनेस या इन्वेस्टमेंट से शुरुआत नहीं की थी। वह पहले खुद नाई का काम करता था और इसी काम का एक्सपीरियंस लेकर आगे अपना सैलून शुरू किया। काम बढ़ने के साथ उसने कारोबार को भी बड़ा किया और अब उसके चार सैलून चलने की बात कही जा रही है। इससे यह भी पता चलता है कि किसी काम का एक्सपीरियंस आगे चलकर अपना बिजनेस खड़ा कर सकता है और उसके लिए ये फॉर्मूला अपना सकते है। 1. बिजनेस मॉडल (सैलून) सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, इस सैलून से महीने में करीब 2 लाख रुपये का रेवेन्यू आता है। इसमें से दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और कमीशन जैसे खर्च निकालने के बाद करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये तक बचने का दावा किया गया है। यानी रोज की जरूरत वाली सर्विस होने की वजह से सैलून का कारोबार लगातार कस्टमर पर डिपेंड रहकर चल सकता है। लेकिन कमाई का यह आंकड़ा हर महीने एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। 2. रेवेन्यू और प्रॉफिट Reddit यूजर के मुताबिक, उनकी दोस्त ने सैलून में काम करने वाले नाई से पूछा कि दुकान से मालिक की कितनी कमाई होती है। जवाब में बताया गया कि सैलून से हर महीने करीब ₹2 लाख का रेवेन्यू आता है। इसमें से दुकान का किराया, कर्मचारियों की सैलरी और कमीशन जैसे खर्च निकालने के बाद मालिक के पास करीब ₹80 हजार से ₹1 लाख तक बच सकते हैं। यानी कमाई सिर्फ हेयरकट से नहीं, बल्कि खर्चों को संभालकर और कस्टमर की संख्या बनाए रखकर होती है। 3. बिजनेस प्रैक्टिसऔर एक्सपेंसइस कहानी पर चर्चा करते हुए कई लोगों ने कहा कि रोज की जरूरत से जुड़े छोटे बिजनेस में अच्छी कमाई हो सकती है। हेयरकट और ग्रूमिंग ऐसी सर्विस हैं जिनकी लोगों को बार-बार जरूरत पड़ती है। इसी तरह चाय की दुकान, नाश्ते की दुकान या दूसरी लोकल सर्विस भी सही जगह और अच्छे कस्टमर बेस के साथ अच्छा बिजनेस कर सकती है। 4. बिजनेस एक्सपीरियंससैलून की कमाई सुनकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति इतनी ही कमाई आसानी से कर सकता है। दुकान खोलने के लिए जगह का किराया, फर्नीचर, मशीनें, स्टाफ, बिजली, सामान और शुरुआती महीनों का खर्च उठाना पड़ता है। इसके अलावा अच्छी लोकेशन पर पहले से कई सैलून मौजूद हो सकते हैं, जिससे मुकाबला भी बढ़ जाता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने बड़े सैलून या फ्रैंचाइजी के लिए काफी ज्यादा शुरुआती इन्वेस्टमेंट की जरूरत होने की बात भी कही है। ध्यान देंयह जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट और यूजर्स के दावों पर आधारित है। इसे किसी बिजनेस की गारंटी या इस्वेस्टमेंट की सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
पूर्व केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा के बेंगलुरु आवास पर ईडी की छापेमारी 26 घंटे से जारी
Bengaluru, 19 अगस्त . Enforcement Directorate (ईडी) ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकार के डॉलर्स कॉलोनी स्थित आवास पर Wednesday को भी छापेमारी जारी रखी. यह छापेमारी Tuesday से चल रही है और अब तक करीब 26 घंटे हो चुके हैं. जानकारी के मुताबिक Tuesday देर रात तक तलाशी चली ... Read more
कर्नाटक एसआईआर: 1.07 करोड़ से ज्यादा वोटर एएसडीडीओ के तौर पर चिह्नित
Bengaluru, 18 अगस्त . कर्नाटक में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) के तहत कुल मतदाताओं में से 1.07 करोड़ से ज्यादा (यानी 19.48 प्रतिशत) मतदाताओं को एएसडीडीओ कैटेगरी में चिह्नित किया गया है. एएसडीडीओ का मतलब पहले ही शिफ्ट हो चुके, मृत, डुप्लिकेट या अन्य लोग हैं. यह जानकारी प्रदेश के मुख्य निर्वाचन ... Read more
कर्नाटक हाईकोर्ट ने केपीएससी अध्यक्ष साहूकार का निलंबन किया निरस्त, 7 दिन में बहाली का आदेश
Bengaluru, 18 अगस्त . कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा बी. साहूकार को बड़ी राहत देते हुए उनके निलंबन को रद्द कर दिया है. जस्टिस सूरज गोविंदराज की अध्यक्षता वाली पीठ ने Governor थावरचंद गहलोत द्वारा 10 जुलाई को जारी निलंबन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते ... Read more
Bengaluru, 18 अगस्त . कर्नाटक में कथित आदिवासी कल्याण घोटाले को लेकर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) (जेडीएस) ने मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग तेज कर दी है. विपक्षी दलों ने Tuesday को ऐलान किया कि नागेंद्र को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. दोनों दलों ने ... Read more
हैदराबाद से बेंगलुरु शिफ्ट होने में खर्च हुए 4 लाख रुपये, महिला ने खोल दी कॉर्पोरेट लाइफ की पोल
Hyderabad To Bangalore Shifting Charges: आकांक्षा की यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रही है और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं.
‘कर्नाटक के मामलों में दखल न दे तमिलनाडु’, शिवकुमार का तमिलनाडु सीएम को जवाब
Bengaluru, 18 अगस्त . कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने चामराजनगर के आरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा कथित शिकारियों की मौत को लेकर तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय की टिप्पणी पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य को दूसरे राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ... Read more
दिल्ली के बाद अब बेंगलुरु में भी फ्लू जैसे संक्रमण ने बढ़ाई चिंता। बेंगलुरु के रिचर्ड्स टाउन स्थित क्लेरेंस हाई स्कूल में 500 से ज्यादा छात्रों और 21 स्टाफ सदस्यों में बुखार, खांसी, जुकाम और शरीर में दर्द जैसे लक्षण सामने आए हैं।
हरियाणा के चरखी दादरी निवासी सेना के हवलदार रवि प्रकाश बेंगलुरु में शहीद हो गए। मंगलवार सुबह रवि ग्राउंड प्रैक्टिस के दौरान फिजिकल एक्टिविटी कर रहे थे, इस दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। तुरंत उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका। रवि ने 2015 में मद्रास इंजीनियरिंग रेजिमेंट जॉइन की थी। उनकी ड्यूटी कश्मीर में चल रही थी, हालांकि कुछ दिनों से वे ट्रेनिंग के सिलसिले में बेंगलुरु में ही थे। रवि के परिवार में उनकी पत्नी और 8 वर्षीय बेटा है। रवि कासनी गांव के रहने वाले थे। सेना की ओर से शव यहां लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। देर शाम तक उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2015 में भारतीय सेना में हुआ था चयन रवि प्रकाश 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। अब उनकी तैनाती राष्ट्रीय राइफल की 54 बटालियन में कश्मीर में थी। पिता श्रीकृष्ण सांगवान ने बताया कि करीब 2 माह पहले वह घर से ड्यूटी पर गए थे। फिलहाल वह बेंगलुरु में प्रमोशन कोर्स कर रहे थे। आज सुबह पीटी के दौरान उनका हार्ट फेल होने से निधन हो गया। 8 साल का बेटा, पत्नी होममेकर रविप्रकाश का बेटा देव 8 साल है। पत्नी सुनीता होममेकर हैं। पिता खेतीबाड़ी करते हैं जबकि मां नीलम गृहिणी हैं। बड़ा भाई दिनेश भी खेती बाड़ी करता है। इसकी बड़ी बहन प्रीति शादीशुदा हैं। कल VIDEO कॉल पर बात हुई पिता का कहना है कि रवि की ट्रेनिंग का आज लास्ट दिन था। कल रात उसने वीडियो कॉल पर पत्नी, बेटे और पिता से बात की थी। बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि अब हवलदार बन जाऊंगा। हवलदार बनने के बाद वापस घर लौटना है। अब ट्रेनिंग सेंटर से मैसेज आया है, कागजी कार्रवाई के लिए बेंगलुरु बुलाया है। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन नौकरी घोटाले में ईडी ने 21 जगहों पर चलाया तलाशी अभियान
Bengaluru, 18 अगस्त . प्रर्तन निदेशालय (ईडी) ने Tuesday को कर्नाटक और Ahmedabad में 21 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया. इसके साथ ही दूसरे मामले में केरल के कोझिकोड में 8 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया. ईडी का Bengaluru जोनल ऑफिस Tuesday को कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (केपीएससी) मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 ... Read more
कोटा में गिरफ्तार हुए ठगी के मास्टरमाइंड, जोधपुर निवासी आरोपी मोहम्मद अशफाक ने बेंगलुरु के एक कॉल सेंटर से साइबर ठगी का तरीका सीखा था। इसके बाद वह भोपाल, इंदौर और मुंबई में इसी नेटवर्क से जुड़ा। जब उसे कमाई का रास्ता समझ में आ गया, तो उसने अपने रिश्तेदारों को साथ लेकर कोटा में अपना पूरा सेटअप खड़ा कर दिया। साइबर फ्रॉड के मामले में पकड़े गए आरोपी ने कोटा में कॉल सेंटर को इस तरह तैयार किया था कि बाहर से यह एक सामान्य जॉब सेंटर जैसा नजर आता था, लेकिन अंदर बैठी लड़कियां रोजाना सैकड़ों लोगों को फोन कर उन्हें निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाती थीं। पोस्ट ग्रेजुएट है ठगी का मास्टरमाइंड डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- साइबर ठगी के आरोप में पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद अशफाक (28) निवासी पालड़ी रनावता (थाना भोपालगढ़, जिला जोधपुर) सहित उसके चार अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में आवेश (18) निवासी अशोक कॉलोनी के पास (बीकानेर), सैयद अली (24) निवासी डी-64, तेलियों का मोहल्ला, रूंखजवाना (जिला नागौर), जावेद अली (22) निवासी ग्राम रुण (थाना मूंडवा, जिला नागौर) और मजीद खान (35) निवासी ग्राम बिराई (तहसील बावड़ी, थाना खेड़ापा, जिला जोधपुर) शामिल हैं। ये सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 102 मोबाइल फोन, 11 लैपटॉप, डेस्कटॉप, हार्ड डिस्क, कई डायरियां व रजिस्टर और साइबर ठगी के 65 हजार रुपए सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बेंगलुरु से सीखा ठगी का ककहरा, कई शहरों में फैलाया जाल डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- ठगी का मास्टरमाइंड मोहम्मद अशफाक पोस्ट ग्रेजुएट है। उसने साल 2020-21 में बेंगलुरु के एक कॉल सेंटर में काम किया था, जहाँ उसने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर फ्रॉड करना सीखा। इसके बाद उसने भोपाल के एक कॉल सेंटर में भी इसी तरह की ठगी की। कुछ समय इंदौर और मुंबई में रहकर भी उसने साइबर फ्रॉड से जुड़ा काम किया।इसके बाद उसने भोपाल में खुद का कॉल सेंटर शुरू किया, लेकिन पुलिस की पकड़ में आने के डर से वह करीब डेढ़ साल पहले कोटा आ गया। यहाँ आकर उसने दोबारा अपना पूरा नेटवर्क खड़ा कर लिया। प्लेसमेंट एजेंसी से संपर्क और गुमानपुरा में ऑफिस डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- कोटा आने के बाद आरोपी ने सबसे पहले स्थानीय प्लेसमेंट एजेंसी से संपर्क किया। इसके बाद उसने गुमानपुरा इलाके में रतलामी कचौरी सेंटर के पास 'उमेश सदन' में एक ऑफिस किराए पर लिया। आरोपी को पता था कि पुरुषों की आवाज़ पर फोन करने से लोग निवेश के लिए जल्दी तैयार नहीं होते, जबकि लड़कियों की आवाज़ में बातचीत होने पर सामने वाला आसानी से भरोसे में आ जाता है।इसी रणनीति के तहत उसने प्लेसमेंट एजेंसी और OLX के जरिए लड़कियों को नौकरी पर रखना शुरू किया। कॉल सेंटर में लड़कियों को सामान्य नौकरी (जैसे डेटा एंट्री या कस्टमर केयर) के नाम पर लाया जाता था, लेकिन बाद में उन्हें साइबर ठगी के काम में धकेल दिया जाता था। बोर्ड पर लिखे होते थे सवाल-जवाब, 7 दिन की ट्रेनिंग डीएसपी गंगासहाय शर्मा ने बताया- आरोपी अशफाक खुद पहले कॉलिंग का काम कर चुका था, इसलिए उसे अच्छी तरह पता था कि ग्राहकों से किस तरह बात करनी है और उनके सवालों का जवाब किस अंदाज में देना है। कॉल सेंटर में बाकायदा एक बोर्ड लगाया गया था, जिस पर ग्राहकों द्वारा पूछे जाने वाले संभावित सवाल और उनके जवाब लिखे रहते थे। लड़कियों को ट्रेनिंग के दौरान समझाया जाता था कि बातचीत की शुरुआत कैसे करनी है, ग्राहक की आर्थिक स्थिति और निवेश में उसकी रुचि को कैसे भांपना है और उसे ट्रेडिंग के लिए कैसे राजी करना है। पुलिस के मुताबिक, करीब 7 दिन की कड़ी ट्रेनिंग के बाद लड़कियों को कॉलिंग के काम पर लगा दिया जाता था। लड़कियों के नाम की सिम खरीदी, उनके अकाउंट यूज किए पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोपी ने कॉल सेंटर में नौकरी पर रखी लड़कियों के नाम सिम खरीदी। पुलिस के अनुसार, इन सिम का इस्तेमाल आरोपी खुद करता था। आरोपी ने नौकरी पर रखी लड़कियों के बैंक खातों में भी पैसे डलवाए थे। अब पुलिस इन खातों में हुए लेन-देन और सिम कार्ड के इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही है। 52 लड़कियों के लिए कीपैड फोन, आरोपी के पास 6 मोबाइल कॉल सेंटर में लड़कियों को ग्राहकों से बातचीत के लिए 52 कीपैड मोबाइल फोन उपलब्ध करवाए गए थे। आरोपी खुद करीब 6 मोबाइल फोन ऑपरेट करता था। पुलिस अब इन मोबाइल और सिम कार्ड की कॉल डिटेल, संपर्क और अन्य तकनीकी जानकारी खंगाल रही है। इससे नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। रोज 100 कॉल का टारगेट, 5 से 10 लोग जाल में फंसते लड़कियों को रोजाना करीब 100 लोगों को कॉल करने का टारगेट दिया जाता था। इनमें से करीब 5 से 10 लोग निवेश के लिए तैयार हो जाते थे। आरोपी लोगों की जल्दी पैसा कमाने की चाहत को अपना हथियार बनाता था। कॉल के बाद लोगों को फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा जाता। इस वेबसाइट पर आईडी बनवाई जाती और फिर स्टॉक व फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर रकम जमा करवाई जाती। यानी पहले फोन पर भरोसा पैदा किया जाता, फिर फर्जी वेबसाइट दिखाई जाती और इसके बाद निवेश के नाम पर पैसा ट्रांसफर करवाया जाता। विदेशी डोमेन वाली फर्जी वेबसाइट, फर्जी सर्टिफिकेट आरोपी ने साइबर ठगी के लिए फर्जी वेबसाइट भी तैयार करवाई थी। वेबसाइट का डोमेन विदेश में रजिस्टर्ड बताया जा रहा है। आरोपी को उम्मीद थी कि विदेशी डोमेन होने के कारण पुलिस के लिए वेबसाइट और डोमेन से जुड़ी जानकारी हासिल करना आसान नहीं होगा। इतना ही नहीं लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने विदेशी फर्जी सर्टिफिकेट भी बनावा रखा था। जिसे अपनी वेबसाइट पर डाल रखा था। अब पुलिस वेबसाइट, डोमेन रजिस्ट्रेशन, सर्वर और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। 10 से 30% कमीशन पर बैंक खाते किराए पर लिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने के लिए आरोपी ने कई बैंक खाते किराए पर ले रखे थे। कुछ बैंक खाते खरीदे भी गए। आरोपी अकाउंट होल्डर के चेक, नेट बैंकिंग और एटीएम तक अपने पास रखता था। किराए पर लिए गए खातों के लिए 10 से 30 प्रतिशत तक कमीशन तय था। ठगी की रकम खाते में आने के बाद अकाउंट होल्डर पैसा निकालता, अपना कमीशन काटता और बाकी रकम आरोपी को दे देता था। वहीं, खरीदे गए बैंक खातों को आरोपी खुद ऑपरेट करता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसे कितने लोगों ने बैंक खाते उपलब्ध करवाए थे और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था। 2-3 लड़कियों को बनाया 'ट्रेनर', नई लड़कियों का करती थीं ब्रेनवॉश आरोपी ने कॉल सेंटर में काम करने वाली 2-3 लड़कियों को बाकी कर्मचारियों से अलग तरीके से तैयार किया था। इन्हें नई लड़कियों को काम समझाने और उन्हें साइबर ठगी के लिए मानसिक रूप से तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, एक लड़की पिछले करीब 5-6 महीने से आरोपी के साथ काम कर रही थी। काम सीखने के बाद वह खुद दूसरी लड़कियों को ट्रेनिंग देने लगी थी। इस तरह आरोपी ने कॉल सेंटर के अंदर ही एक छोटा ट्रेनिंग सिस्टम तैयार कर लिया था। आरोपी जॉब पर रखी लड़कियों को हर महीने 6 से 7 हजार रूपए महीना सैलरी देता था इसके अलावा ठगी की रकम पर भी अलग से कमीशन देता था। हर महीने 4 लाख से ज्यादा का खर्चा आरोपी ने गुमानपुरा में दो व छावनी इलाके में बिल्डिंग किराए पर ले रखी थी। तीनों का किराया 30-30 हजार रूपए बताया। तीनों जगह पर कॉल सेंटर चलाता था। इसके अलावा आरोपी ने बोरखेड़ा इलाके में नीलकंठ अपार्टमेंट में किराए से फ्लैट भी ले रखा था। जहां आरोपी अपनी पत्नी व तीन बेटियों के साथ रह रहा था। उसके रिश्तेदार भी उसी अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रह रहे थे। आरोपी जॉब रखी गई 50 से ज्यादा लड़कियों को हर महीने 6-7 हजार रूपए सैलरी देता था। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी हर महीने 4 लाख से ज्यादा खर्च करता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी के पास दो अलग-अलग आधार कार्ड होने की बात भी सामने आई है। इनमें एक इंदौर और दूसरा जोधपुर का बताया जा रहा है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें-कोटा में 3 फर्जी कॉल सेंटर पकड़े, 5 गिरफ्तार:फर्जी वेबसाइट पर दिखाते थे लाखों का मुनाफा, 102 मोबाइल, 11 लैपटॉप जब्त
कर्नाटक : सिविल सोसाइटी समूहों ने सीएम शिवकुमार से एसआईआर में दखल देने की मांग की
Bengaluru, 17 अगस्त . Monday को सिविल सोसाइटी संगठनों ने कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार से वोटर लिस्ट के चल रहे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) में दखल देने की अपील की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के कारण योग्य वोटरों को गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटाया जा सकता है. ध्यान देने ... Read more
Bengaluru, 17 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने Monday को चामराजनगर रिजर्व फॉरेस्ट में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा मुठभेड़ में तीन शिकारियों के मारे जाने के मामले में कर्नाटक Government पर निशाना साधा. भाजपा ने घटना की जांच की मांग की और मौतों से जुड़े हालातों पर सवाल उठाए. इससे पहले दिन में ... Read more
वाल्मीकि निगम घोटाला: भाजपा और जेडी-एस ने कर्नाटक मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग की
Bengaluru, 17 अगस्त . कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में अनियमितताओं का मामला एक बार फिर राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में Political विवाद का कारण बन गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) (जेडी-एस) ने मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है. इस मुद्दे को ... Read more
नाबालिग लड़कियों को बेंगलुरु ले जाने की साजिश... RPF ने ऐसे बचाया
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर RPF ने ‘ऑपरेशन सेवा’ के तहत जोधपुर से लापता दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया. सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए दोस्ती कर उन्हें बेंगलुरु ले जाने की कथित योजना थी. पढ़ें इस साजिश की पूरी कहानी.
कर्नाटक: कांग्रेस ने भाजपा एमएलसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप
Bengaluru, 17 अगस्त . कांग्रेस ने Monday को भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी एन. रविकुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. आरोप है कि उन्होंने 15 अगस्त को Bengaluru के मल्लेश्वरम में भाजपा दफ्तर में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का अपमान किया. कांग्रेस नेता कुशल हारुवेगोवडा की शिकायत में रवि ... Read more
Bengaluru, 17 अगस्त . कर्नाटक के चामराजनगर रिजर्व फॉरेस्ट में वन विभाग के कर्मियों की जवाबी फायरिंग में तीन शिकारी मारे गए. शिकारियों के गोली चलाने पर कर्मियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी. Government ने Monday को विधानसभा में यह जानकारी दी. विधानसभा में भाजपा नेताओं के सवालों का जवाब देते हुए वन और ... Read more
Bengaluru, 17 अगस्त . भाजपा ने Monday को विधानसभा में चामराजनगर जिले के एक रिजर्व फॉरेस्ट में तीन शिकारियों की एनकाउंटर में हुई मौत का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि Government ने एनकाउंटर के नाम पर हत्याएं की हैं. भाजपा ने Government से सदन में बयान देने की भी मांग की. विधानसभा में विपक्ष ... Read more
भाजपा-आरएसएस के लोग सिर्फ ध्यान भटकाते हैं : प्रियांक खड़गे
Bengaluru, 17 अगस्त ( ). प्रियांक खड़गे ने Monday को विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी तरफ से बातें रखीं. उन्होंने वंदे मातरम विवाद पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह कुछ भी नहीं है. यह सिर्फ ध्यान भटकाने की एक प्रक्रिया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है. हमें ... Read more
New Delhi, 17 अगस्त . India के प्रमुख ऑफिस मार्केट्स में 2026 की दूसरी तिमाही में किराए में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिली है. इस दौरान स्पेस की मांग भी 10 मिलियन स्क्वायर फीट के आसपास रही है. यह जानकारी Monday को जारी एक रिपोर्ट में दी गई. नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट ... Read more
SC से Rahul Gandhi को बड़ी राहत, आय से अधिक संपत्ति मामले में HC की सुनवाई रोकी
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय से कहा कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में कार्यवाही आगे न बढ़ाए। सुप्रीम कोर्ट ने CBI और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) को यह भी निर्देश दिया कि वे लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी के खिलाफ मामले के संबंध में हाई कोर्ट के सामने कोई रिपोर्ट पेश न करें। इसे भी पढ़ें: CJI Suryakant Clarification: 'Cockroach' टिप्पणी पर बोले प्रधान न्यायाधीश, कहा- Social Media पर फैलाया भ्रम चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने गांधी की ओर से पेश सीनियर वकील कपिल सिबल की दलीलों पर गौर किया और कर्नाटक के रहने वाले एस. विग्नेश शिशिर (जिन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था) के साथ-साथ CBI और ED को भी नोटिस जारी किए। यह बेंच इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली गांधी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की जांच करना चाहता है क्योंकि एक अदालत ने निर्देश जारी किए थे, जिससे जांच एजेंसियों के काम करने के तरीके पर सवाल उठे थे। सुनवाई के दौरान, बेंच ने प्राकृतिक न्याय के महत्व पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ऐसी कार्यवाही के दौरान अदालतों से निष्पक्षता के सिद्धांतों का पालन करने की उम्मीद की जाती है। जब CBI ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले की जांच करने पर आपत्ति जताई, तो बेंच ने एजेंसी के रुख पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि अगर CBI ने खुद से यह प्रक्रिया शुरू नहीं की थी और हाई कोर्ट के निर्देशों के कारण ऐसा किया था, तो सुप्रीम कोर्ट को उन हालात की जांच करने का अधिकार है जिनमें वे निर्देश जारी किए गए थे। इसे भी पढ़ें: CJI Surya Kant के प्रति बढ़ रही नाराजगी! NALSAR के बाद NLSIU Bengaluru के छात्रों ने भी जताया विरोध, BCI President Manan Kumar Mishra पर भी उठे सवाल बेंच ने कहा कि अगर आपने इसे खुद (suo motu) शुरू नहीं किया है, तो हमें इसकी जांच करने दें। साथ ही, बेंच ने कहा कि अगर किसी एजेंसी को कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया था, तो सुप्रीम कोर्ट को उस चुनौती पर सुनवाई करनी चाहिए। यह विवाद कर्नाटक के BJP कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में चल रही कार्यवाही से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने उन आरोपों की जांच की मांग की थी जिनमें कहा गया था कि गांधी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bengaluru में 35 साल के व्यक्ति और 4 वर्षीय बेटे का शव संदिग्ध हालत में मिला
बेंगलुरु के चिक्काबनवारा इलाके में सोमवार सुबह 35 वर्षीय एक व्यक्ति और उसके चार वर्षीय बेटे के शव उनके घर से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान निजी कंपनी में काम करने वाले अभिनंदन और उनके चार वर्षीय बेटे के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अभिनंदन अपनी पत्नी और बेटे के साथ उस घर में रहते थे, जहां यह घटना हुई। मामले का पता तब चला जब उनकी पत्नी ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, महिला ने बताया कि वे एक रिश्तेदार के घर गए थे और रविवार शाम घर लौटे थे। सोमवार सुबह जब वह उठीं तो उन्होंने अपने पति और बेटे को बेहोशी की हालत में पड़ा पाया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने पर दोनों के शव मिले। शवों पर चाकू से वार के निशान या कोई बड़ी चोट नहीं थी, हालांकि शरीर पर मामूली चोट के निशान पाए गए। अधिकारी ने कहा कि मौत का कारण पोस्टमार्टम जांच के बाद ही पता चल सकेगा। पुलिस ने कहा कि मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
देश की प्रतिष्ठित कानून यूनिवर्सिटियों के छात्रों की ओर से सीजेआई सूर्यकांत का बढ़ता विरोध हर किसी को चौंका रहा है क्योंकि देश के इतिहास में ऐसा घटनाक्रम पहले कभी देखने में नहीं आया। हम आपको बता दें कि हैदराबाद की NALSAR से उठी छात्रों की असहमति अब बेंगलुरु की NLSIU तक पहुंच गई है और देखते ही देखते यह मामला एक दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के विरोध से कहीं बड़ा बन गया है। इस समय स्थिति यह है कि कानून यूनिवर्सिटियों के छात्र अब सीधे उन संस्थाओं और पदों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्हें कानून और न्याय की व्यवस्था का प्रहरी माना जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में CJI सूर्यकांत को लेकर छात्रों की नाराजगी, BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की विवादित कार्रवाई और उसके बाद छात्रों के पक्ष में खड़ी होती कानून की युवा पीढ़ी है। सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि दीक्षांत समारोह में कौन आएगा, बल्कि यह है कि क्या असहमति जताने वाले कानून के छात्रों को अपनी आवाज उठाने की कीमत अपने भविष्य से चुकानी पड़ेगी? हम आपको याद दिला दें कि विवाद की शुरुआत NALSAR के छात्रों की उस आपत्ति से हुई, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर असहमति जताई। छात्रों की नाराजगी का संबंध 20 जुलाई को संसद की ओर हुए छात्रों के मार्च और उस दौरान कथित पुलिस ज्यादती से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई से था। छात्रों ने CJI की अध्यक्षता वाली पीठ के रुख को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। हालांकि बाद में उन्हीं मामलों में अदालत ने छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर रोक लगाई, वीडियो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को कहा और स्वतंत्र जांच जैसे विकल्पों पर भी विचार किया। इसे भी पढ़ें: Manan Kumar Mishra कौन हैं? NALSAR विवाद और CJP कैंपेन से सुर्खियों में BCI चेयरमैन इस बीच CJI सूर्यकांत ने स्वयं स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने NALSAR का निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने निमंत्रण स्वीकार नहीं किया तो उनके वहां जाने का सवाल ही नहीं उठता। यानी जिस विवाद ने इतना बड़ा रूप ले लिया, उसमें CJI की ओर से मुख्य अतिथि बनने की सहमति ही नहीं थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। असली तूफान तब आया जब इस छात्र विरोध में बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI कूद पड़ा। 13 अगस्त को BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया कि NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का अधिवक्ता के रूप में नामांकन अगले आदेश तक रोक दिया जाए। BCI ने यह कदम उन छात्रों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जांच का हवाला देते हुए उठाया था। लेकिन यह आदेश कुछ ही घंटों में कानूनी बिरादरी और छात्रों के बीच भारी विरोध का कारण बन गया। सवाल उठा कि आखिर कुछ छात्रों के विरोध के जवाब में उनकी पूरी कक्षा के भविष्य को ही अधर में कैसे डाला जा सकता है? विरोध बढ़ा तो BCI को पीछे हटना पड़ा। संशोधित आदेश में कहा गया कि अधिकांश छात्र निर्दोष हैं और कुछ लोगों के कथित आचरण के लिए पूरी कक्षा को दंडित नहीं किया जा सकता। बाद में मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके किसी शब्द या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हों तो उन्हें इसका खेद है और छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन माफी के बाद भी सबसे बड़ा सवाल वहीं खड़ा रहा कि क्या BCI को ऐसा आदेश देने का अधिकार था? यही वह बिंदु है जहां मामला महज विवाद से निकलकर कानून के दायरे में पहुंचता है। Advocates Act, 1961 के तहत BCI का काम कानूनी शिक्षा के मानक तय करना, अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण को नियंत्रित करना, अनुशासनात्मक व्यवस्था और राज्य बार काउंसिलों की निगरानी करना है। लेकिन अधिवक्ताओं के रूप में नामांकन राज्य बार काउंसिलों के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में NALSAR के छात्रों का नामांकन रोकने का निर्देश BCI के अधिकार-क्षेत्र की सीमा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यहीं से विवाद ने एक नया रूप लिया। बेंगलुरु के NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने NALSAR के छात्रों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया। 165 स्नातक छात्रों, 409 वर्तमान छात्रों और 128 पूर्व छात्रों सहित 700 से अधिक लोगों ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने NALSAR के छात्रों और शिक्षकों के प्रति बिना शर्त समर्थन जताते हुए अपने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत और BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की उपस्थिति पर भी आपत्ति दर्ज कर दी। NLSIU के छात्रों ने BCI से सार्वजनिक और बिना शर्त माफी की मांग की। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों की पहचान बताने के निर्देश को “विच-हंट” बताते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर डर पैदा कर सकती है। उनका तर्क है कि संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को अपनी बात कहने का अधिकार देता है और किसी वैधानिक संस्था की शक्ति का इस्तेमाल असहमति दबाने के लिए नहीं किया जा सकता। छात्रों ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के पुराने बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों को लेकर उनकी कथित टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की भाषा ने कानूनी संस्थाओं में भरोसे को नुकसान पहुंचाया है। दूसरी ओर, मनन कुमार मिश्रा ने अब छात्रों को देश के सबसे जागरूक और विवेकशील युवाओं में बताते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है और छात्रों को अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए। इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शायद यही है कि कानून पढ़ने वाले छात्र अब केवल कानून के दर्शक नहीं बने रहना चाहते। वे उस कानून को अपने ऊपर लागू होते हुए भी देख रहे हैं और उसी के आधार पर सवाल भी पूछ रहे हैं। NALSAR से NLSIU तक पहुंची यह आवाज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज के ये छात्र ही कल के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षक और न्यायाधीश होंगे। यदि कानून के संस्थानों से जुड़े सवालों पर सवाल उठाना ही अनुशासनहीनता मान लिया जाएगा, तो लोकतंत्र में असहमति की जगह कहां बचेगी? उधर, BCI के लिए भी यह घटना आत्ममंथन का अवसर है। जिस संस्था पर देश में कानूनी पेशे के स्तर और अनुशासन को बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उससे यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि वह अपनी हर कार्रवाई को स्पष्ट वैधानिक अधिकार और संस्थागत प्रक्रिया के आधार पर ही करे। NALSAR प्रकरण ने दिखा दिया है कि कानून की सबसे बड़ी ताकत उसका अधिकार नहीं, बल्कि उस अधिकार का संयमित और न्यायपूर्ण इस्तेमाल है। फिलहाल तस्वीर साफ है। एक तरफ देश की कानूनी व्यवस्था के शीर्ष पद हैं, दूसरी तरफ देश की प्रतिष्ठित कानून यूनिवर्सिटियों के छात्र। और इन छात्रों का संदेश भी उतना ही साफ है कि पद बड़ा हो सकता है, लेकिन संविधान उससे बड़ा है; संस्था शक्तिशाली हो सकती है, लेकिन कानून उससे ऊपर है। -नीरज कुमार दुबे
कर्नाटक के बेंगलुरु से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कुछ युवकों ने एक महिला ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर पर गंदे कमेंट्स और धक्का-मुक्की की.
देश के प्रमुख लॉ कॉलेज नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु के छात्रों और पूर्व छात्रों ने विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को आमंत्रित करने का विरोध किया है।
कर्नाटक के गवर्नर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर चिंता जताई
Bengaluru, 16 अगस्त . कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने राज्य की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को राज्य के महत्वाकांक्षी योजनाओं में हो रही देरी के लिए पत्र लिखा है. गर्वनर ने अपने पत्र में Bengaluru-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (बीएमआईसी/एनआईसी) प्रोजेक्ट और बिदादी में प्रस्तावित ग्रेटर Bengaluru इंटीग्रेटेड टाउनशिप (जीबीआईटी) को लेकर चिंता जताई है. इस ... Read more
VIDEO: 3BHK फ्लैट और 2.53 लाख का खर्च! बेंगलुरु शिफ्टिंग पर इस कपल का बिल देखकर उड़ जाएंगे होश
बेंगलुरु में 3BHK किराए पर लेना कोई आसान काम नहीं है. सोशल मीडिया पर इन दिनों इसी से जुड़ा एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें एक कपल ने शिफ्टिंग का पूरा बजट शेयर कर इंटरनेट पर सनसनी मचा दी है.
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु नायडु से मुलाकात की। सांसद ने पूर्णिया एयरपोर्ट से मुंबई और बेंगलुरु के बीच सीधी फ्लाइट शुरू करने की मांग की। इस पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पूर्णिया से दोनों शहरों के बीच फ्लाइट शुरू होने जा रही हैं।
बिहार से बेंगलुरु तक बांग्लादेशियों को बसा रहा था शहाबुद्दीन, एनआईए खंगाल रही घुसपैठ का नेटवर्क
एनआईए ने इस मामले को लेकर बीते तीन जुलाई को एक केस दर्ज किया है। इससे पहले इस मामले में बीते 27 मई को पश्चिम बंगाल के बोंगांव थाने में स्थानीय पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें शहाबुद्दीन मंडल और उसके 6 सहयोगियों को आरोपित बनाया गया था।
ये कैसी रईसी? 50-70 लाख की सैलरी भी नहीं बना पाएगी अमीर? बेंगलुरु के खर्च पर टेकी का वीडियो वायरल
बेंगलुरु में 50-70 लाख सालाना कमाने के बावजूद अमीर बनना मुश्किल है? टेक प्रोफेशनल अनमोल अग्रवाल के वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
साउथ और हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने एक ही समय में कई राज्यों की मतदाता सूचियों में नाम रखने के गंभीर आरोपों के सिलसिले में उनके खिलाफ फिर से गैर-जमानती वारंट जारी किया
लोकप्रिय कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, जिन्हें अपने 33 वर्षीय प्रशंसक रेणुकास्वामी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, वे हत्या वाले दिन बेंगलुरु के एक पब में पार्टी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि पार्टी करने के बाद दर्शन उस शेड में गए, जहां कथित तौर पर रेणुकास्वामी का अपहरण किया गया था और उनकी हत्या से पहले उन्हें प्रताड़ित किया गया था। सूत्रों ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दर्शन की दोस्त पवित्रा गौड़ा भी रेणुकास्वामी पर हमले के दौरान शेड के अंदर मौजूद थी। पुलिस के अनुसार रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अपमानजनक संदेश लिखे थे, जिससे दर्शन नाराज हो गए थे। इसे भी पढ़ें: हम दिल दे चुके सनम की रिलीज को पूरे हुए 25 साल, भंसाली प्रोडक्शंस ने यादों की गलियों में टहलते हुए BTS वीडियो शेयर किया उन्होंने बताया कि रेणुकास्वामी की हत्या के बाद, तीन आरोपी बेंगलुरु के आरआर नगर में रिलायंस ट्रेंड्स की दुकान पर अपने कपड़े बदलने गए, क्योंकि उन्होंने जो कपड़े पहने थे, वे खून से सने हुए थे। सोमवार को बेंगलुरु पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन को फिर से बनाने के लिए उसी दुकान पर ले गई। अपराध स्थल को फिर से बनाने के लिए दर्शन को मैसूर ले जाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, रेणुकास्वामी की सोने की चेन और बटुआ चित्रदुर्ग में आरोपी राघवेंद्र के घर पर मिले। आरोपी ने प्रशंसक की सोने की चेन भी छीन ली। इसे भी पढ़ें: Sonakshi Sinha की शादी में शामिल नहीं होंगे Shatrughan Sinha? एक्ट्रेस की मां ने नराजगी की खबरों को किया कंफर्म, कबूल किया- वह नाराज है, लेकिन रेणुकास्वामी, एक ऑटोरिक्शा चालक और दर्शन के प्रशंसक क्लब का सदस्य, कथित तौर पर गौड़ा को अपमानजनक संदेश भेजने के बाद 8 जून को चित्रदुर्ग जिले से अपहरण कर लिया गया था। बाद में उसका शव बेंगलुरु में सुमनहल्ली ब्रिज के पास मिला। रेणुकास्वामी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसकी मौत से पहले उसे प्रताड़ित किया गया और बिजली के झटके दिए गए। कथित यातना का विवरण धनराज ने बताया, जिसे 16 जून को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब तक इस मामले में दर्शन और गौड़ा सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।
हाई-प्रोफाइल बेंगलुरु ड्रग्स केस में सशर्त जमानत के बाद हेमा जेल से रिहा
अभिनेत्री हेमा को शुक्रवार को सशर्त जमानत दी गई और जेल से रिहा कर दिया गया। अभिनेता ने गुरुवार को NDPS विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया और उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया.......
मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान की मुलाकात 20 की उम्र में हुई और वे प्यार में पड़ गए। दिसंबर 1998 में उनकी शादी हुई और नवंबर 2002 में उनके पहले बच्चे अरहान का जन्म हुआ। 19 साल की शादी के बाद जब वे अलग हुए तो इंटरनेट पर इस जोड़े ने सबको चौंका दिया। मलाइका ने अपने शो मूविंग इन विद मलाइका में खुलासा किया था कि अरबाज को प्रपोज करने वाली वह खुद थीं और उन्होंने अरबाज से शादी सिर्फ इसलिए की क्योंकि वह अपने घर से बाहर निकलना चाहती थीं। कुछ साल पहले मलाइका ने बताया था कि कैसे उनका परिवार नहीं चाहता था कि वे तलाक लें। उन्होंने कहा “मुझे लगता है, सबकी पहली यही राय है कि मत करना। कोई आपको नहीं कहेगा कि, ‘हां, हां, प्लीज जाइए, करिए।’ यही पहली बात है, कि आप सोच समझकर यह फैसला लें। मैं भी इसी चीज से गुजरी हूं। मलाइका ने याद करते हुए कहा, “तलाक से एक रात पहले भी, मेरे परिवार ने मेरे साथ बैठकर मुझसे फिर पूछा, ‘क्या तुम निश्चित हो? क्या तुम अपने फैसले के बारे में 100 प्रतिशत आश्वस्त हो?’ ये वे लोग हैं जो चिंता करते हैं और परवाह करते हैं, इसलिए वे निश्चित रूप से ऐसा कहेंगे,” उन्होंने कथित तौर पर शो में कहा। उन्होंने आगे कहा: “हर कोई कहता था, ‘अगर तुम यह फैसला ले रही हो, तो हमें तुम पर वास्तव में गर्व है और हमारी नज़र में तुम एक मज़बूत महिला हो। इसलिए मेरे लिए, इस तरह से मुझे वह अतिरिक्त ताकत मिली जिसकी मुझे ज़रूरत थी। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का हाल ही में, मलाइका और उनके बेटे अरहान खान ने शादी, सेक्स और रिश्ते पर चर्चा की, क्योंकि वे बाद के वॉडकास्ट, डंब बिरयानी के लिए एक मसालेदार बातचीत में लगे हुए थे। “देश जानना चाहता है कि माँ आप कब शादी कर रही हैं?” अरहान ने मलाइका से पूछा, इससे पहले उन्होंने कहा, “मुझे एक सटीक तारीख, एक जगह, एक गंतव्य और किससे शादी करनी है।” इस पर मलाइका ने कहा, “मेरे लिए मिर्ची खाना बेहतर है। मैं इसका जवाब नहीं दे सकती। मुझे नहीं पता कि इसका कोई जवाब है या नहीं। मुझे लगता है कि मैं अब अपनी सबसे अच्छी ज़िंदगी जी रही हूँ।” अरबाज खान अब मेकअप आर्टिस्ट शूरा खान से शादी कर चुके हैं। उन्होंने दिसंबर 2023 में अरबाज की बहन अर्पिता के मुंबई स्थित घर पर शादी की। दूसरी ओर, मलाइका अभिनेता अर्जुन कपूर को डेट कर रही हैं। हालांकि, ऐसी अफवाहें हैं कि मलाइका और अर्जुन के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।
वरुण धवन और नताशा दलाल के घर बेटी ने लिया जन्म दिया, डेविड धवन ने की पुष्टि | Watch Video
वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल ने बेटी को जन्म दिया है। डेविड धवन ने अस्पताल के बाहर मौजूद मीडिया को यह खबर दी। उन्हें अपने नए पिता वरुण के साथ देखा गया। जब पैपराज़ी ने डेविड से पूछा कि क्या वरुण और नताशा ने बेटी को जन्म दिया है, तो फ़िल्म निर्माता ने सिर हिलाकर हाँ कहा और कैमरामैन को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया। इसे भी पढ़ें: Bengaluru Rave Party: सीसीबी की पूछताछ के बाद तेलुगु अभिनेत्री हेमा गिरफ्तार, पहचान छुपाने क लिए पहना बर्का इससे पहले बताया गया था कि नताशा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है। सूत्र ने बताया कि डॉक्टर के अनुसार, नताशा इस सप्ताह बच्चे को जन्म देने वाली है। आज सुबह उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। वरुण इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इस दौरान वह अपनी पत्नी के साथ रहें और उन्होंने सभी पेशेवर प्रतिबद्धताओं को बाद की तारीख़ के लिए टाल दिया है। इससे पहले आज, अभिनेता को मुंबई के एक अस्पताल के बाहर देखा गया। वह एक छोटा सा बैग लेकर अस्पताल परिसर से अपनी कार में निकलते हुए देखे गए। इसे भी पढ़ें: Siddharth Roy Kapur ने भारत के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की बायोपिक की घोषणा की वरुण धवन और उनकी फैशन डिजाइनर पत्नी नताशा दलाल ने अपने पहले बच्चे के आगमन की घोषणा करते हुए इंटरनेट पर हलचल मचा दी। पिछले साल मुंबई के एक क्लिनिक में जोड़े के देखे जाने की अटकलों के बावजूद, वरुण ने आधिकारिक तौर पर एक मार्मिक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से प्रशंसकों के साथ दिल को छू लेने वाली खबर साझा की। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वरुण धवन ने अपने लिविंग रूम से एक शांत मोनोक्रोम स्नैपशॉट पोस्ट किया। तस्वीर में, वरुण घुटनों के बल बैठे हैं और नताशा दलाल के हाथों को थामे हुए उनके बेबी बंप पर प्यार से किस कर रहे हैं। इस सुखद घोषणा के साथ ही दंपति ने आश्वासन दिया कि माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, जो बढ़ते परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। तस्वीर में उनका पालतू कुत्ता भी सोफे पर आराम से बैठा हुआ दिखाई दे रहा है, जिसकी नज़र कैमरे पर टिकी हुई है। वरुण धवन ने पोस्ट को कैप्शन दिया, हम गर्भवती हैं। आप सभी के आशीर्वाद और प्यार की ज़रूरत है। नताशा और वरुण बचपन के प्रेमी हैं। नताशा का दिल जीतने का वरुण का सफ़र पार्क में टहलना नहीं था। करीना कपूर खान के साथ उनके रेडियो शो पर एक स्पष्ट साक्षात्कार में, वरुण ने आश्चर्यजनक खुलासा किया कि नताशा ने कई बार उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। बॉलीवुड की हिट फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाने जाने वाले अभिनेता ने अपनी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती के बारे में बताया जो अंततः प्यार में बदल गई। उन्होंने कहा पहली बार मैं नताशा से छठी कक्षा में मिला था। हम ग्यारहवीं या बारहवीं कक्षा तक दोस्त थे। हम बहुत करीबी दोस्त थे, वरुण ने साक्षात्कार के दौरान खुलासा किया। अपने शुरुआती स्कूल के दिनों को याद करते हुए, उन्होंने बास्केटबॉल कोर्ट पर एक यादगार मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा, मुझे उसे देखना याद है, और, जब मैंने उसे उस दिन देखा, तो मुझे लगा कि मुझे उससे प्यार हो गया है। View this post on Instagram A post shared by F I L M Y G Y A N (@filmygyan)

