भारत के करीब से विशालकाय अजगर अमेरिका कैसे पहुंचे? अब इन्हें पकड़ने के लिए 'खरगोश' परोसे जा रहे!
Burmese Python: अजगर का नाम सुनते ही हालत खराब हो जाती है लेकिन जरा सोचिए जिस राज्य में इनकी तादाद काफी बढ़ हो तो क्या होगा. कुछ सूझा नहीं तो खरगोश रोबोट की मदद ली जा रही है. भारत के करीब जंगलों में पाए जाने वाले ये अजगर आखिर अमेरिका कैसे पहुंचे?
White House cites low Delhi crime rates:व्हाइट हाउस ने नई दिल्ली का नाम लेकर इन दिनों एक चर्चा तेज कर दी है. आइए जानते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने दिल्ली का नाम क्यों लिया है.
Peter Navarro On India:ट्रंप के सहयोगी नवारो अब उस स्तर पर उतर गए हैं, जो कल्पना करना मुश्किल है. पहले उन्होंने कहा कि यूक्रेन में शांति का रास्ता दिल्ली से होकर जाता है, फिर अब जो बयान दिया है, वह भारत बर्दाशत नहीं करने वाला है. यह टैरिफ जंग अमेरिका-भारत दोस्ती के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. जानें पूरी बात.
Haiti Violence:हैती में गैंग्स की हिंसा ने स्कूल-अस्पतालों तक को नहीं छोड़ा है. UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने तत्काल अंतरराष्ट्रीय बल की मांग की है. अमेरिका-पनामा ने गैंग सप्रेशन फोर्स और UN सपोर्ट ऑफिस को तत्काल प्रस्ताव दिया है. केन्या का MSS मिशन कमजोर है. गैंग्स की फंडिंग और हथियार तस्करी रोकने की जरूरत है. जानें पूरी खबर.
पोलैंड में अंतरराष्ट्रीय एयर शो पूर्वाभ्यास के दौरान F-16 विमान दुर्घटनाग्रस्त, पायलट की हुई मौत
पोलैंड का एक एफ-16 लड़ाकू विमान गुरुवार को राडोम अंतरराष्ट्रीय एयर शो पूर्वाभ्यास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें पायलट की मौत हो गई। यह जानकारी सरकारी प्रवक्ता ने दी
बांग्लादेश निर्वाचन आयोग ने 2026 रमजान से पहले चुनाव कराने के लिए कार्ययोजना जारी की
बांग्लादेश चुनाव आयोग (ईसी) ने 13वें आम चुनाव को अगले साल फरवरी से पहले रमजान से पूर्व कराने के लिए चुनावी कार्ययोजना की घोषणा की
'मौजूदा साझेदारियों को और गहरा करने का अवसर', जापान आगमन पर बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को टोक्यो पहुंचे। वे दो दिन के आधिकारिक दौरे पर जापान आए हैं, जहां वे 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के दौरान, एक भारतीय महिला ने अपनी खुशी जाहिर की, जो पिछले 42 सालों से टोक्यो में चाय बेच रही हैं. देखें उनका वीडियो.
रूस ने कीव पर किए ताबड़तोड़ हमले, यूरोपियन कमीशन की उड़ी नींद, पुतिन के सामने रख दी ये बड़ी मांग
Russia Missile Attack On Ukraine: रूस ने बुधवार 27 अगस्त 2025 की रात कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए. इस हमले में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि कार्यालय को भी काफी नुकसान पहुंचा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर शुक्रवार को टोक्यो पहुंच गए हैं. जहां वे 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इस दौरान जापानी लड़की ने जिस तरह हिंदी में बात की है, आप वीडियो देख गर्व करेंगे.
Tarrif War: भारत चुका रहा पुतिन को सपोर्ट देने की कीमत, चीन-ब्राजील नहीं माने तो...US की धमकी
India US Tarrif War: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने गुरूवार को कहा कि जो देश अभी भी रूस से अभी भी तेल खरीद रहे हैं उन्हें इसका अंजाम भुगतना होगा.
US Afghanistan News in Hindi: US दुनिया में किसी का भी सगा नहीं है. यह बात उसने एक बार फिर साफ कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तालिबान से युद्ध में अमेरिका का साथ देने वाले अफगानियों की फंडिंग में कटौती कर दी है.
Russia Ukraine war in Hindi: नोबेल पीस प्राइज पाने की चाहत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी शर्तों पर रूस पर युद्ध रोकने का दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन इन दबावों को धता बताते हुए रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसा दीं.
अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले 16 साल के एडम राइन ने लगभग 8 महीने तक चैटजीपीटी को अपना करीबी दोस्त मानकर बातचीत की और एक दिन अचानक आत्महत्या कर ली. अब उसके पेरेंट्स ने चैटजीपीटी पर आरोप लगाते हुए कंपनी पर केस कर दिया है. आखिर चैटजीपीटी ने उस बच्चे से ऐसा क्या कहा कि उसने आत्महत्या कर ली. पूरा मामला जानने के लिए ऊपर दी गई इमेज पर क्लिक कर देखें वीडियो...
धर्मस्थल के जंगलों में 4 जुलाई को पहले सैकड़ों लाशें दफन करने का दावा। फिर करीब 50 दिन बाद पूर्व सफाईकर्मी मास्क मैन उर्फ चिन्नया उर्फ चेन्ना की गिरफ्तारी हुई। केस की जांच कर रही SIT ने ही मास्कमैन चिन्नया को 23 अगस्त को गिरफ्तार किया। उस पर जांच टीम के सामने बार-बार बयान बदलने का आरोप है। इसके अलावा पूर्व सफाईकर्मी ने जंगल में लाशें दफनाने के तरीके को भी गैरकानूनी बताया था। उसने कहा था कि बिना पुलिस की मौजूदगी में सब हुआ। जबकि डॉक्टरों के बयान आए और कुछ रिकॉर्ड भी मिले जिससे कंफर्म हुआ कि पोस्टमॉर्टम और पुलिस को सूचना देकर ही लाशों को दफनाया गया। चिन्नया के गलत दावों और बयान बदलने को लेकर उसे गिरफ्तार किया गया। अब SIT उसका बैकग्राउंड खंगाल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पूर्व सफाईकर्मी की गिरफ्तारी से धर्मस्थल केस की जांच बंद हो जाएगी। हालांकि एक्सपर्ट की मानें तो अभी कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब आना बाकी है। इनमें सबसे अहम पंचायत रिकॉर्ड में दर्ज 160 लावारिस लाशों का रिकॉर्ड है। इनकी पहचान कराए बिना नियमों को ताक पर रखकर दफना दिया गया। इसके साथ ही SIT को लापता हुई लड़कियों की भी कई शिकायतें मिली हैं। जिनकी जांच अभी होनी है। दैनिक भास्कर की टीम ने धर्मस्थल से जुड़े ऐसे ही मामलों की पड़ताल की। पूर्व सफाईकर्मी की गिरफ्तारी जांच का हिस्सा, कई एंगल पर जांच जारीअब धर्मस्थल केस में आगे क्या हो सकता है। क्या पूर्व सफाईकर्मी की गिरफ्तारी के बाद धर्मस्थल को लेकर उठ रहे सवाल की जांच बंद हो जाएगी। इसे लेकर हमने कर्नाटक पुलिस के एक अधिकारी से बात की। नाम ना बताने की शर्त पर उन्होंने इस केस को लेकर 5 बड़ी बातें बताईं… 1. जब कोई गवाह खुद अलग-अलग बयान देता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। पूर्व सफाईकर्मी की गिरफ्तारी उसी जांच का एक हिस्सा है। इसकी गिरफ्तारी से धर्मस्थल केस की फाइल बंद हो जाएगी। ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। 2. SIT के सामने कुछ गलत तथ्य जरूर पेश किए गए लेकिन इनके साथ ही कुछ ऐसी शिकायतें भी मिली हैं, जिनकी जांच जरूरी है जैसे- लावारिस लाशों को दफनाने में क्या कोई गड़बड़ी हुई है या है वो नियमों के अनुसार हैं। इसकी जांच की जा रही है। 3. धर्मस्थल में मिली लावारिस लाशों की पहचान कराने के लिए क्या कदम उठाए गए। अभी मिसिंग की कुछ शिकायतें मिली हैं। उनकी भी जांच हो रही है। इसके अलावा खुदाई के दौरान जो हड्डियां मिली हैं, उसकी भी फॉरेंसिक रिपोर्ट आएगी। 4. हड्डियों, कंकाल और मिट्टी के सैंपल की फॉरेंसिक रिपोर्ट अभी मिलेगी। तमाम दावों और फॉरेंसिक रिपोर्ट की भी जांच होनी है। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी। उसे कोर्ट में सौंपा जाएगा। ये रिपोर्ट या तो क्लोजर हो सकती है या फिर ये जांच को कोई नई दिशा भी दे सकती है, जिस पर आखिर में कोर्ट फैसला करेगा। 5. सौजन्या केस में कोर्ट का फैसला आ चुका है, लेकिन पूर्व सफाईकर्मी के अलग-अलग बयान से इस केस को भी नई दिशा मिल सकती है। सौजन्या का परिवार भी कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। वो भी मर्डर के असली आरोपी को सामने लाने की मांग कर रहे हैं। उनकी शिकायत पर भी रिपोर्ट देनी है। सबसे पहले बात गिरफ्तार हुए चिन्नया की…तीसरी क्लास तक पढ़ाई, 3 शादियां, लाशों से गहने चुराने का भी लगा आरोप47 साल का चिन्नया उर्फ चेन्ना मूलरूप से धर्मस्थल से करीब 235 किमी दूर कर्नाटक के मांड्या जिले का रहने वाला है। उसने थर्ड क्लास तक पढ़ाई करने के बाद छोड़ दी। 1994 में वो गांव छोड़कर धर्मस्थल आ गया और यहां सफाईकर्मी का काम करने लगा। धर्मस्थल के नेत्रावती नदी के पास बने स्नानघाट पर उसे सफाई की जिम्मेदारी मिली थी। यहां बने टॉयलेट्स की सफाई का जिम्मा भी इसी का था। चिन्नया से जुड़े लोगों ने हमें बताया कि उसने कुल तीन शादियां की हैं। अभी वो तीसरी पत्नी के साथ रह रहा है। घरवालों ने उसे SIT के सामने बयान देने जाने भी मना किया था। उसके करीबियों को पहले से शक था कि SIT उसे एक ना एक दिन जरूर गिरफ्तार कर लेगी, इसलिए बयान देने की जरूरत नहीं है। चिन्नया के गांव के लोगों ने ये भी बताया है कि जब कभी वो धर्मस्थल जाते थे तो वो उन्हें मंदिर ले जाता था। वहां से एक बार उसने गांव के लिए कई साड़ियां बंटवाई थी। लोगों ने ये भी कहा है कि हमने सुना है कि वो धर्मस्थल में मिलने वाली लाशों से गहने चुरा लेता था। चिन्नया को लेकर SIT इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं जानबूझकर पूर्व सफाई कर्मी को मोहरा तो नहीं बनाया गया। इसकी भी पड़ताल हो रही है कि इसके पीछे कोई और तो नहीं। क्योंकि पूर्व सफाईकर्मी ने कोर्ट में बयान देने से पहले ही कुछ लोकल मीडिया को इंटरव्यू दिया था। ये इंटरव्यू 3 जुलाई से पहले ही रिकॉर्ड किए गए थे। इसके बाद पुलिस और कोर्ट में बयान दिया था। अब बात धर्मस्थल को लेकर उन सवालों की, जिनके जवाब मिलना अभी बाकी है… 21 साल में 160 से ज्यादा लावारिस लाशें मिलीं, एक की भी पहचान नहींधर्मस्थल में जो लाशें दफनाई गईं, उनकी आजतक पहचान क्यों नहीं हुई। जिनकी लावारिस लाशें मिलीं, वो कहीं तो गुमशुदा होंगे। ये सवाल धर्मस्थल ग्राम पंचायत की तरफ से तैयार रिकॉर्ड से ही उठ रहे हैं। ये रिकॉर्ड सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए सवाल में सामने आया है। इन सवालों के पीछे आधार सिर्फ पूर्व सफाईकर्मी के दावे ही नहीं हैं। 1994 से लेकर 2015 के बीच धर्मस्थल में मिली लावारिस लाशों की पहचान क्यों नहीं की गई। धर्मस्थल पंचायत के रिकॉर्ड में 160 से ज्यादा लावारिस लाशों की डिटेल मिली है, जिन्हें दफनाया गया। इसके लिए बकायदा पंचायत से लाशें दफनाने के लिए पैसे भी खर्च किए गए लेकिन इनकी पहचान क्यों नहीं हो पाई। ये लाशें दफनाने में जल्दबाजी क्यों की गई। ये सवाल आज भी अनसुलझे हैं। एक टीचर के साथ 2012 में धर्मस्थल आई थी बहन, लेकिन लौटी नहींधर्मस्थल में आकर लापता हुए लोगों की भी पूरी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। हमें जानकारी मिली है कि पिछले एक महीने कई लोग SIT के सामने पेश हुए, जो अपने परिजन के गुमशुदा होने की शिकायत कर चुके हैं। इनमें से 14 अगस्त को SIT में अपनी लापता बहन की शिकायत करने वाले नितिन से हमने बात की। नितिन बताते हैं, ‘मेरा घर धर्मस्थल से करीब 40 किमी दूर कावलकट्टा गांव में हैं। हम दोनों भाई लापता बहन की शिकायत लेकर 14 अगस्त के आसपास SIT में गए थे। मेरी बहन हेमावती करीब 13 साल पहले 2012 में वो एक टीचर के साथ धर्मस्थल गई थी। टीचर वापस आ गई लेकिन हेमलता नहीं आई। ‘हमने उसी वक्त कावलकट्टा के नजदीकी पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हम फिर धर्मस्थल एरिया वाले थाने पहुंचे। बहन के लापता होने की सूचना दी। ये भी बताया कि मेरी बहन धर्मस्थल आई थी और यहीं गायब हुई। पुलिस ने हमारा फोन नंबर और शिकायत कॉपी ले ली। साथ में बोले कि 5-6 दिन में बताएंगे लेकिन आज 13 साल बीत चुके हैं। कोई जवाब नहीं मिला। नितिन कहते हैं, ‘पूर्व सफाईकर्मी के दावों में कितना सच है। ये तो हमें पता नहीं लेकिन ये जरूर है कि मेरी बहन अब भी लापता है। वो स्व सहायता ग्रुप के लिए काम करती थी। उसने धर्मस्थल से जुड़े ट्रस्ट से लोन लिया था। उसके गायब होने के बाद लोन की रकम चुकाने के लिए भी फोन आया था। हमने वो बकाया पैसा जमा भी कर दिया था। फिर भी हमारी बहन आजतक घर नहीं लौटी।‘ ‘हमें SIT पर भरोसा है। इसलिए हम उसके पास शिकायत लेकर गए।‘ लावारिस लाशें दफनाने में नियमों को नजरअंदाज किया गयाधर्मस्थल के जंगल में मिलने वाली लाशों की पहचान को लेकर आज भी सवाल कायम है। उन लाशों की डिटेल और आंकड़े धर्मस्थल पुलिस थाने में नहीं है। हमने थाने में ड्यूटी अफसर से बात की तो उन्होंने साफ कहा कि हम इस बारे में बात नहीं कर सकते। ना ही कोई डेटा बता सकते हैं। पूरे केस की जांच SIT कर रही है। इसके बाद हम RTI एक्टिविस्ट जयंत टी. से मिले। वो धर्मस्थल में ही रहते हैं। उन्होंने ही धर्मस्थल ग्राम पंचायत ऑफिस में RTI डाली थी। उन्होंने डिटेल मांगी थी कि 1996 से लेकर 2015 के बीच धर्मस्थल ग्राम पंचायत के एरिया में कितनी लाशें मिलीं। क्या उनकी पहचान हुई। लाश कब मिली। कब दफनाया गया। उस पर कितने रुपए खर्च किए गए। जयंत के इन सवालों के बाद ही उन्हें 160 डेडबॉडी की लिस्ट मिली। हर डेडबॉडी को दफनाने का पूरा रिकॉर्ड भी मिला। इससे एक बात तो साफ हो गई कि इन 20 सालों में धर्मस्थल में मिलने वाली इतनी लाशों का रिकॉर्ड है। अब सवाल ये था कि इन लाशों को दफनाया कब गया। इसके जवाब में जयंत धर्मस्थल पंचायत से मिली जानकारी के मुताबिक हमें बताते हैं, ‘इन लाशों को मिलने के 12 से 24 घंटे के अंदर ही दफना दिया गया। इसके लिए बकायदा पुलिस की अनुमति भी ली गई है। दफनाने के लिए हर लाश पर औसतन पंचायत ने 750 रुपए तक खर्च भी किए। इसका पूरा रिकॉर्ड है।‘ लावारिस लाशों की पहचान कराने के लिए क्या कदम उठाए गए। इसे लेकर पंचायत की तरफ से लाशों की फोटोग्राफी कराने और उन पर खर्च करने का ब्यौरा दिया गया। हालांकि फोटोग्राफी के बाद क्या उसा किसी मीडिया में प्रचार-प्रसार किया गया। कहां और किन-किन थानों में पोस्टर लगाकर पहचान कराने की अपील की गई। इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। लॉज में लड़की की लाश, सड़क पर युवक की लाश, लावारिस में दफनाया धर्मस्थल ग्राम पंचायत से मिले रिकॉर्ड में एक सनसनीखेज जानकारी मिली है। इस बारे में जयंत ने कुछ दस्तावेज भी दिखाए। वो कहते हैं कि 6 अप्रैल 2010 को धर्मस्थल के एक लॉज में लड़की की लाश मिली थी। लॉज से कुछ दूर खाली जगह पर एक युवक भी लाश मिली थी। जयंत आगे बताते हैं, ‘डॉक्यूमेंट के आधार पर ये पता चला कि युवती की मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज हुआ। उसमें सबूत मिटाने की धारा भी जोड़ी गई। जबकि युवक की मौत के केस को अननेचुरल डेथ माना गया। यहां तक तो कानूनी तौर पर सब सही है, लेकिन इन दोनों लाशों के बारे में लिखा है कि इनकी पहचान नहीं हो सकी।‘ ‘दूसरा सबसे बड़ा सवाल ये हैं कि दोनों ही लाशों को 24 घंटे के अंदर ही दफना दिया गया। रिकॉर्ड में लिखा है कि ये लाश 6 अप्रैल 2010 को मिली। वहीं इसे दफनाने की तारीख 7 अप्रैल 2010 दर्ज है। जबकि नियम है कि पहचान कराने के लिए कम से 72 घंटे मॉर्च्युरी में रखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।‘ मर्डर केस की जांच हेड कॉन्स्टेबल को सौंपीइसे समझने के लिए हमने कर्नाटक पुलिस में सब इंस्पेक्टर रहे गिरीश मट्टन से बात की। वो कहते हैं कि सभी राज्यों में लावारिस लाशों को दफनाने का नियम-कानून है। लाश की पहचान के लिए कम से कम उसे 3 दिन तक मोर्च्युरी में रखना चाहिए। जिससे कोई परिचित तलाश करते हुए या पुलिस वहां तक पहुंच जाए। आसपास के पुलिस थानों में लाश की फोटो भी भेजी जानी चाहिए। मीडिया में प्रचार करना होता है। कई बार विशेष परिस्थिति में फ्रीजर होने पर लावारिस लाश को 15 दिनों तक भी मोर्चुरी में रखा जाता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। कुछ ऐसे केस भी मिले, जिनमें लाश मिलने के बाद उसी दिन दफना दिया गया। गिरीश धर्मस्थल ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड से मिली जानकारी पर एक और बड़ा सवाल उठाते हैं। वो कहते हैं, ‘अगर किसी भी केस में हत्या का मामला दर्ज होता है तो उसकी जांच कम से कम इंस्पेक्टर रैंक का पुलिस अधिकारी ही करता है। वही उस लाश का डिस्पोजल भी कराता है।‘ ‘धर्मस्थल में मिली कई लावारिस लाशों में हेड कॉन्स्टेबल रैंक के पुलिसकर्मी के ही साइन हैं।‘ ये बड़ा अपराध, सबूत मिटाने के मामले में एक्शन जरूरीइसे और बारीकी से समझने के लिए हमने यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह से बात की। उनसे हमने पूछा कि अगर कोई लावारिस लाश मिलती है तो उसकी पहचान के लिए क्या नियम कानून है। क्या किसी लाश के मिलने पर उसे 12 से 24 घंटे के अंदर ही दफनाया जाना सही है। इस पर डॉ. विक्रम सिंह कहते हैं, ‘ये नियमों का उल्लंघन है। अगर वाकई में डॉक्यूमेंट में ऐसी गड़बड़ी सामने आई है तो ये सीधे सबूतों को नष्ट करने का केस बनता है। पहले की IPC और अब नए कानून BNS में भी इसे दंडनीय अपराध माना गया है। इसमें सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं बल्कि आपराधिक मामला दर्ज करके भी एक्शन लेने की जरूरत है।‘ ‘ये बहुत बड़ा अपराध है। इसकी जांच कर ऐसे आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। क्योंकि आजाद भारत में पुलिस जांच में इससे बड़ी अनदेखी नहीं हो सकती है। इसमें अपराध और अपराधी दोनों को छिपाया गया। जिस मर्डर केस की बात कर रहे हैं, उसमें इसी लापरवाही की वजह से आरोपी नहीं पकड़े जा सके।‘ ‘इस तरह के केसेज में पोस्टमॉर्टम के दौरान वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी होनी चाहिए। हत्या वाले केस में उसकी पहचान कराने के लिए नियमों की अनदेखी करना भी एक बड़ा अपराध है। इस एंगल को भी SIT को तुरंत जांच करने की जरूरत है।‘ .................. ये खबर भी पढ़ें... पहले गैंगरेप, फिर प्राइवेट पार्ट में मिट्टी भर दी दुपट्टे के सहारे हाथ पेड़ से बांध दिए। शरीर पर 14 से ज्यादा जगहों पर चोट के निशान थे। प्राइवेट पार्ट में गहरी चोट थी। रेपिस्ट का DNA न मिले इसलिए उसके प्राइवेट पार्ट में गीली मिट्टी भर दी गई थी। ये वारदात 9 अक्टूबर 2012 को कर्नाटक के मैंगलुरु से 80 किमी दूर धर्मस्थल के जंगलों में अंजाम दी गई थी। हालांकि, तब ये दुनिया की नजरों में नहीं आई। अब पिछले एक महीने से धर्मस्थल में सैकड़ों लाशें दफन होने के दावों के बीच ये केस फिर चर्चा में है। पढ़िए पूरी खबर...
Plane Crash video: फुल स्पीड में क्रैश हो गया F-16 फाइटर जेट, पायलट की मौत, वीडियो ने डराया
Plane crash: पोलैंड के राडोम में पोलिश एयरफोर्स का एक फाइटर जेट F-16 खौफनाक हादसे का शिकार हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान लगभग फुल स्पीड में रनवे से टकराया और सबकुछ खत्म हो गया.
US tariffs on Japan: जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर 29-30 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय जापान की यात्रा पर जा रहे हैं. लेकिन इससे ठीक पहले जापान के प्रमुख व्यापार वार्ताकार ने अचानक अमेरिका का दौरा कैंसिल कर दिया.
Gurpatwant Singh Pannu Latest News: अमेरिका में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियां चला रहा गुरपतवंत सिंह पन्नू इसके लिए फंड का इंतजाम कैसे करता है? इस राज का अब खुलासा हो गया है और पता चल गया है कि पन्नू को पैसे कैसे मिल रहे हैं.
अब क्या तूफानी करने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? बोले- बस बने रहिए हमारे साथ
US News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने अजब-गजब फैसलों के लिए सुर्खियों में है.इस महीने की शुरुआत में, उन्होंने होम रूल एक्ट लागू किया और वाशिंगटन डीसी पुलिस विभाग को सीधे संघीय सरकार के नियंत्रण में ला दिया. अब उनका अगला टारगेट क्या होगा, उसका खुलासा भी ट्रंप ने कर दिया है.
France News: दुनियाभर में ऐसे कई जंगली जानवर पाए जाते हैं जिनके काटने की वजह से लोगों की जान चली जाती है. ऐसा ही एक मामला फ्रांस से सामने आया था. यहां पर सुअर ने आतंक मचाया और किसी की जान चली गई, जिसके बाद सुअर को फांसी पर चढ़ा दिया गया.
Manga Artist Prediction: मंगा रियो तात्सुकी की एक भविष्यवाणी काफी ज्यादा चर्चाओं में है. उन्होंने जुलाई में जापान में भीषण भूकंप की चेतावनी दी थी, जिसका असर जापान आने वाले पर्यटकों पर पड़ रहा है.
ब्रिटिश पीएम ने अपने दफ्तर से 'पंडित' की छुट्टी कर दी! ऋषि सुनक से भी है खास रिश्ता
Ninjeri Nin Pandit: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने एक बड़ा फैसला लिया है. वे अपने एक अहम सहयोगी भारतीय मूल की निंजेरी ‘निन’ पंडित की भूमिका को बदल दिए हैं. पंडित प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी (PPS) की जिम्मेदारी संभाल रही थीं.
चूहा-चिड़िया और फिर एक इंसानी हाथ उगला...जब शार्क ने खोला मर्डर का राज, पुलिस ने पकड़ लिया था माथा
Australia Murder Mystery Cas: दुनियाभर में कई हत्या की गुत्थियां हमेशा के लिए अनसुलझी रह जाती हैं, लेकिन एक घटना ने सभी को हैरान कर दिया था. ऑस्ट्रेलिया में एक शार्क ने एक सनसनीखेज मामले का पर्दफाश कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था.
जलाई कुरान की कॉपी, खाई इस्लाम खत्म करने की कसम...इस नेता के निशाने पर क्यों आए मुसलमान?
America News: चुनाव के दौरान नेता जनता के दिलों में घर बनाने के लिए तरह-तरह के पैंतरे अपनाते हैं. इसी बीच टेक्सास के 31वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार वैलेंटिना गोमेज अपने बयानों की वजह से चर्चाओं में है.
बांग्लादेश : मोहम्मद यूनुस के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई, 50 घायल
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के आवास 'जमुना' की ओर मार्च कर रहे इंजीनियरिंग छात्रों की पुलिस के साथ हिंसक झड़प हुई, जिसमें कम से कम 50 छात्र घायल हो गए
ट्रंप के सलाहकार ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को बताया 'मोदी का युद्ध'
चीन की विजय दिवस परेड में शामिल होंगे किम जोंग उन और पुतिन,-ट्रंप के टैरिफ से टूटा शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले,- ट्रंप प्रशासन ने छात्रों और पत्रकारों के लिए नए वीजा प्रतिबंधों का प्रस्ताव रखा
चीन की विजय दिवस परेड में शामिल होंगे किम जोंग उन और पुतिन
- चीन की विजय दिवस परेड में शामिल होंगे किम जोंग उन और पुतिन,-ट्रंप के टैरिफ से टूटा शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले,- ट्रंप प्रशासन ने छात्रों और पत्रकारों के लिए नए वीजा प्रतिबंधों का प्रस्ताव रखा
शी जिनपिंग के निमंत्रण पर किम जोंग 3 सितंबर को चीन की सैन्य परेड में होंगे शामिल
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन जल्द ही चीन की यात्रा करेंगे। वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर द्वितीय विश्व युद्ध समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ मनाने के लिए चीन जाएंगे। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी
तो क्या US टैरिफ की काट बनेगा QUAD? पीएम मोदी के दौरे से पहले भारतीय राजदूत का ये बयान
भारत केराजदूत सिबी जॉर्ज ने अमेरिका के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच क्वाड के महत्व पर जोर दिया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष, शिगेरू इशिबा, के बीच टोक्यो यात्रा के दौरान इस पर चर्चा होने की संभावना है.
US School Shooting: अमेरिका केमिनियापोलिस के एक कैथोलिक चर्च में हुई गोलीबारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. अब इस मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है.
दक्षिण कोरिया: पूर्व राष्ट्रपति यून एक बार फिर नहीं पहुंचे कोर्ट
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सूक योल गुरुवार को सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे की सुनवाई में लगातार छठी बार अनुपस्थित रहे
यूएस पर बिफरीं डेनमार्क की पीएम फ्रेडरिक्सन, बोलीं- ग्रीनलैंड में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं
डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि डेनमार्क के आंतरिक मामलों और ग्रीनलैंड में किसी भी तरह का हस्तक्षेप वो बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने यह बात उन रिपोर्टों के बाद कही है जिनमें कहा गया है कि व्हाइट हाउस से जुड़े अमेरिकी नागरिक ग्रीनलैंड में गुप्त गतिविधियों में शामिल हैं
अमेरिकी के चर्च में गोलीबारी, हमलावर ने हथियार पर लिखा था भारत विरोधी संदेश
मिनियापोलिस के एक कैथोलिक चर्च पर हमला करने वाले ट्रांसजेंडर हमलावर के हथियार पर भारत के लिए एक नफरत भरा संदेश भी था
कमेटी के सदस्यों ने यह भी कहा कि वैश्विक नेतृत्व का दावा करने वाला अमेरिका अगर अपने सहयोगियों के साथ भी टकराव का रवैया अपनाता है, तो इससे उसकी विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग सकता है. कई विश्लेषकों ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना कर उन्हें चेतावनी भी दी है.
संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना UNIFIL जो 46 साल से दक्षिणी लेबनान में तैनात है वह दिसंबर 2026 तक हट सकती है.जानें इससे किसको होगा फायदा, क्या है इसकी वजह, UNIFIL का क्या है काम, क्यों गया था इसे बनाया. जानें पूरी खबर.
South Korea: गोद लेने में 'खेल', 41 साल बाद महिला को पता चली सच्चाई; सरकार भी शर्मिंदा
एक 52 वर्षीय महिला ने साउथ कोरिया के इस चाइल्ड एडेप्टिंग बिजनेस को जोरदार झटका दिया है. दरअसल इस महिला को 1984 में एक फ्रांसीसी परिवार ने उसके पैरेंट्स की अनुमति के बिना गोद लिया था.
Punatsangchhu-II Hydroelectric Project Complete: भारत और भूटान ने एक बार फिर अपनी गहरी दोस्ती को साबित कर दिखाया है. भूटान में 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछु-II जलविद्युत परियोजना पूरी हो गई है, जिसके साथ भूटान की बिजली उत्पादन क्षमता 40% बढ़कर 3500 मेगावाट से अधिक हो गई है.
पीएम मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति के बीच फोन पर बातचीत, यूक्रेन संघर्ष को लेकर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिनलैंड गणराज्य के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने फोन किया और दोनों देशों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की
साल 2021 की एक स्टडी के मुताबिक भारत में 90 प्रतिशत लड़के और 60 प्रतिशत लड़कियां 18 साल से पहले ही पोर्न देख लेते हैं. जबकि IPC की धारा 292 और 293 खासकर नाबालिगों तक अश्लील सामग्री के वितरण और बिक्री को बैन करती है. तो फिर बच्चों तक पोर्न पहुंच कैसे रही है. ब्रिटेन में लागू हुआ एज वेरिफिकेशन कानून क्या इसको रोक पाने का सही तरीका है. इसे लेकर दुनिया भर में बहस क्यों छिड़ गई, पूरी जानकारी के लिए ऊपर दी गई इमेज पर क्लिक कर देखें वीडियो...
25 अगस्त की बात है। गाजा के नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स में जब मरीजों का इलाज चल रहा था, तब इजराइल ने इसे निशाना बनाया। पहला हमला अस्पताल की चौथी मंजिल पर हुआ। इसके कुछ ही देर बाद दूसरा हमला दूसरी मंजिल पर किया गया। इसमें 20 लोगों की मौत हुई, जिनमें 5 अलग-अलग संस्थाओं से जुड़े जर्नलिस्ट भी शामिल थे। अब इजराइल के हमले फिलिस्तीन की गाजा पट्टी तक ही नहीं हो रहे। वेस्ट बैंक में भी मिलिट्री ऑपरेशन चल रहा है। इजराइली डिफेंस फोर्स यहां जेनिन शहर में पिछले 7 महीने से ऑपरेशन आयरन वॉल भी चला रही है। 27 अगस्त को भी कई फिलिस्तीनियों के घरों में रेड डाली गई। IDF इसके आतंकियों के खिलाफ एक्शन बता रही है। जेनिन शहर वेस्ट बैंक की राजधानी रामल्ला से करीब 45 किमी दूर है। यहां फिलिस्तीनियों का बड़ा रिफ्यूजी कैंप है, जहां की आबादी अब तक 22 हजार से ज्यादा थी। इजराइल के मिलिट्री ऑपरेशन के चलते करीब 15 हजार लोग कैंप छोड़ चुके हैं और दोबारा विस्थापितों की जिंदगी जी रहे हैं। IDF का दावा है कि जेनिन में सौ से ज्यादा आतंकियों को मार दिया गया है। 600 से ज्यादा घर तबाह कर दिए गए हैं। जबकि यहां के रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें इजराइल ने उन्हें अपनी ही जमीन पर कैद कर और दोबारा बेघर होने पर मजबूर कर दिया है। दैनिक भास्कर फिलिस्तीन दौरे के वक्त वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के ठिकाने जेनिन रिफ्यूजी कैंप भी पहुंचा था। यहां इजराइली ऑपरेशन के बीच हमने उनकी जिंदगी को करीब से देखा और समझा। (दैनिक भास्कर के रिपोर्टर इजराइल-ईरान जंग के दौरान 19 जून से 3 जुलाई तक इजराइल में थे। वेस्ट बैंक से ये रिपोर्ट तभी की गई थी।) जब इजराइली आर्मी की गोलियों से हुआ हमारा सामना शाम करीब 3 बजे का वक्त था। हम एक लोकल फिलिस्तीनी की मदद से जेनिन रिफ्यूजी कैंप पहुंचे, जहां इजराइली आर्मी ऑपरेशन चला रही है। यहां सीधे पहुंचना मुश्किल है। पहले हमने वहां की ऊंचाई वाले इलाके से रेकी की। ये बेहद घनी बसाहट वाला इलाका है। तभी एक धमाके की आवाज आई और आसमान में धूल-धुएं का गुबार दिखा। इसके बाद फायरिंग, कुछ और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इजराइली आर्मी के ऑपरेशन की वजह से कैंप से बड़ी आबादी को दोबारा घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है। हालांकि हम उस हिस्से में पहुंचे, जहां अब भी काफी परिवार रह रहे हैं। इलाके में दाखिल होते ही घर बंद मिले और सड़कों पर सन्नाटा था। फिलिस्तीनी साथी ने बताया कि इन घरों में लोग रह रहे हैं लेकिन इजराइली आर्मी के मूवमेंट के चलते अंदर हैं। कैंप में आगे बढ़ते हमें सड़क खुदी मिली और जगह-जगह लोहे की शील्ड दिखीं। इन पर गोलियों के निशान नजर आ रहे थे। इन तमाम रुकावटों को पार करते हुए हम आगे बढ़े तो ताबड़तोड़ गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। इजराइली आर्मी की ये फायरिंग हमारी तरफ थी। हमे संदेश था कि हम कैंप की तरफ आगे ना बढ़े और वापस लौट जाएं। हम इससे बचकर काफी देर मलबे की आड़ में छिपे रहे, फिर पीछे के रास्ते से जेनिन मेन टाउन पहुंचे। जेनिन कई फिलिस्तीनी विद्रोही गुटों का सेंटर पॉइंट1948 के अरब-इजराइल युद्ध के दौरान जब फिलिस्तीनियों को अपनी जमीन और घर से बेदखल कर दिया गया था। तब इन्हें अस्थायी तौर पर जेनिन रिफ्यूजी कैंप में बसाया गया था। ये रिफ्यूजी कैंप अब स्थायी रूप से विस्थापित फिलिस्तीनियों के रहने की जगह बन गया। यहां रह रहे लोगों में से किसी की जमीन मौजूदा इजराइल के हाइफा में थी तो किसी का घर तेल अवीव में हुआ करता था। ये लोग अब भी विस्थापन का दर्द नहीं भुला पाए। इजराइल के मुताबिक, कैंप में कई फिलिस्तीनी विद्रोही संगठन भी एक्टिव हैं। इनमें हमास, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, जेनिन ब्रिगेड जैसे संगठन इजराइल के खिलाफ हिंसक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। विद्रोही गुटों का इलाके पर पूरा नियंत्रण हो जाता है। ये इतने ताकतवर हैं कि कैंप में फिलिस्तीनी अथॉरिटी का भी कोई व्यक्ति या पुलिस दाखिल नहीं हो सकती। फिलिस्तीनी विद्रोही गुटों के खात्मे के लिए IDF का ऑपरेशनइजराइली डिफेंस फोर्स ने जेनिन में विद्रोही गुटों के खिलाफ 21 जनवरी 2025 को ऑपरेशन आयरन वॉल शुरू किया। जिसके बाद से रिफ्यूजी कैंप एक घोस्ट टाउन बन चुका है। जेनिन के मेयर के मुताबिक, ऑपरेशन में अब तक 120 से ज्यादा बिल्डिंग ध्वस्त की गईं हैं और 15 हजार लोगों को विस्थापन झेलना पड़ रहा है। जेनिन रिफ्यूजी कैंप में रहने वाले शरीफ भी यहां से विस्थापित हो चुके हैं। उनका शहर में तीन मंजिला मकान था। अब वो जेनिन की अमेरिकन यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में अस्थायी रूप से 10 बाई 10 के कमरे में रहने को मजबूर हैं। शरीफ कहते हैं, ‘अचानक से फोर्स ने कैंप में रेड डाल दी। पूरे कैंप में गोलीबारी होने लगी। कई लोगों को गोली लगी और कुछ भागने में कामयाब रहे।‘ शरीफ अपनी जिंदगी भर की कमाई और घर जेनिन में ही छोड़ आए। वे बताते हैं, ‘ये सब इतना अचानक हुआ कि हमें घर से निकलने के लिए तैयारी करने का मौका ही नहीं मिला। मैंने बच्चों को कार में बैठाया और कैंप से निकल गया। हमारे घरों के ऊपर से ड्रोन उड़ रहे थे। वो शायद बदले की भावना से कैंप आए थे।’ ‘अपनी ही जमीन पर फिर रिफ्यूजी बने, दोनों बार इजराइल वजह’ शरीफ की पत्नी विसाल किरेनी बताती हैं, ‘हमारे परिवार में 3 बच्चों समेत 5 लोग हैं। जेनिन में अपने घर में हमारी जिंदगी अच्छी थी, लेकिन अब कुछ नहीं रहा। मेरे पति और बच्चों के पास पहले काम था, लेकिन घर छोड़ने के बाद से कोई काम नहीं है। पति की मैकेनिक की शॉप थी, लेकिन अब सब वहीं छूट गया।’ शरीफ अभी जिस अमेरिकन यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहते हैं, वहां विस्थापित हुए कई दूसरे परिवार भी हैं। शरीफ कहते हैं, ‘पूरे कैंप में हर कोई डिप्रेशन से जूझ रहा है, हमें पत्रकारों की नहीं थेरेपिस्ट की जरूरत है। हम काफी डरे हुए हैं कि कहीं फिर से हमें रिफ्यूजी ना बना दिया जाए।‘ ‘कैंप में मेरे पास गैरेज है, उसी से मेरे परिवार का खर्च चलता था, लेकिन इजराइली फोर्स ने सब तबाह कर दिया। जब मैं इसके बारे में सोचता हूं, तो बहुत तकलीफ होती है कि मैंने सालों तक जो मेहनत करके कमाया, वो सब तबाह हो गया।‘ शरीफ हाइफा के गबइया गांव के रहने वाले थे। 1948 में नक्बा के वक्त पलायन कर जेनिन आना पड़ा। वे बताते हैं, ‘हमारी पूरी जिंदगी ऐसे ही बीत गई। पहले हम बसी-बसाई दुनिया छोड़कर हाइफा से निकले और जेनिन में आकर बसे। पिछले 4 साल में कई बार विस्थापित होना पड़ा।‘ ‘अब जनवरी से शुरू हुई रेड के बाद हमें ऐसा लग रहा है कि हम फिर स्थायी रूप से विस्थापित हो गए हैं। हम कैंप वापस जाना चाहते हैं। भले हमारा घर टूट गया है, हम वहीं टेंट लगाकर रह लेंगे। हालात बेहतर होंगे तो हम कैंप लौटना चाहते हैं। हमें शांति और सुरक्षा के माहौल में रहना है।‘ हमने शरीफ से पूछा कि जेनिन तो मिलिटेंट्स का गढ़ है। इस पर शरीफ कहते हैं, ‘मैं मिलिटेंट्स के बारे में कुछ नहीं जानता। न मैंने उन्हें देखा है और न मेरा कुछ लेना-देना है। जो कुछ भी हो रहा है, वो बहुत गलत है। हर दिक्कत का समाधान बातचीत से निकलेगा, आतंक मचाने से कुछ नहीं होगा। चाहे वो मिलिटेंट्स का हो या इजराइली फौज का।‘ इजराइली आर्मी ने बहन को गोली मारी, हॉस्पिटल भी नहीं ले जा सकेअमेरिकन यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में ही समीर आमूरी भी परिवार के साथ शरणार्थी के तौर पर रहे हैं। जेनिन में चल रहे इजराइली ऑपरेशन में उनकी 13 साल की बहन की मौत हो गई। समीर, कैंप में एक मिठाई की दुकान में काम करते थे। वे बताते हैं, ‘मेरी छोटी बहन रिमास एक दिन घर के बाहर दरवाजे के पास खड़ी थी। तभी अचानक फायरिंग शुरू हो गई। फौजियों ने मेरी बहन को गोली मारी और चले गए। वो वहीं तड़पती रही। फौजी फिर ये देखने भी लौटे कि वो मर गई या जिंदा है। उसे 4 गोलियां लगी थीं। एम्बुलेंस बुलाने तक स्पॉट पर ही काफी खून बह गया था। हॉस्पिटल पहुंचे से पहले ही उसकी मौत हो गई।‘ जनवरी के पहले और अब के माहौल में सब कुछ बदल गया है। पहले हमारे पास बड़ा मकान था और खुशहाल जिंदगी थी। अब हम सिर्फ एक कमरे में रहने को मजबूर हैं। मैं 4 महीने से इस कैंप में रह रहा हूं और पता नहीं कब तक रहना पड़ेगा।‘ जेनिन में ऐसे कई रिफ्यूजी कैंप बने हुए हैं, जहां पिछले 7 महीनों से फिलिस्तीनी विस्थापितों की जिंदगी जी रहे हैं। वो उम्मीद कर रहे हैं कि इजराइली ऑपरेशन खत्म हो और वो अपने घरों को लौट सकें। ‘जेनिन में हालात बदले, घर से निकलने में लगता है डर’हाना महमीद जेनिन यूनिवर्सिटी में पढ़ती हैं। वो बताती हैं कि 6-7 महीने पहले तक यहां जिंदगी बेहतर चल रही थी। बाजार खुले रहते थे, माहौल शांत था और खाने-पीने की हर चीज आसानी से मिल जाती थी। अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। हाना आगे कहती हैं, ‘आज हालात इतने खराब हो चुके हैं कि हम न तो शहरों के बीच जा सकते हैं और न ही गांवों में। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। घर से बाहर निकलने में डर लगता है कि कहीं उसी वक्त कोई सैन्य कार्रवाई या हमला न हो जाए। ऐसे हालात ने हमारी मेंटल हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित किया है। हमारे बच्चों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है।’ ‘600 घर तबाह, जितना लंबा ऑपरेशन चलेगा उतने घर गिरेंगे’ इजरायली आर्मी के इस ऑपरेशन से जेनिन में कितना नुकसान हुआ है, कितने लोगों की मौत हुई और घायल हुए? ये जानने के लिए हम यहां के पूर्व मेयर निदाल इविदी से मिले। निदाल बताते हैं, ‘जेनिन में ये सिलसिला हत्याओं और छापेमारी से शुरू हुआ। फिर एक ऑपरेशन में बदल गया।‘ ‘अब तक जेनिन रिफ्यूजी कैंप के अंदर 600 से ज्यादा मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। इतनी तोड़फोड़ हुई है कि जिसकी भरपाई संभव नहीं। लगभग 300 मकान आंशिक रूप से ढह गए हैं और 60–70 मकान जला दिए गए हैं। करीब 90 और घरों को गिराया जाना तय है। जेनिन शहर की मुख्य सड़कें खाली और सुनसान पड़ी हैं, कभी जो जेनिन शहर और कैंप के बीच आखिरी कड़ी थीं। अब ये कैंप शहर से कटा गया है और वीरान हो चुका है। ‘यहां कैद में जिंदगी जी रहे, देश छोड़ना भी मुश्किल’ (16 वर्ष, भूरा कोट और सफेद हिजाब) 16 साल की रवा अब्दुहादी अभी हाईस्कूल में हैं। वो कहती हैं, ‘जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। पहले स्कूल जाना आसान था, लेकिन अब आजादी से कहीं आना-जाना भी बंद हो गया है। हर सड़क बंद रहती है। स्कूल पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। हम अक्सर लेट पहुंचते हैं। लगातार फायरिंग, बमबारी और हत्याओं ने माहौल भयावह बना दिया है।‘ ‘जेनिन में लोगों के पास कमाने खाने का कोई जरिया ही नहीं बचा। पहले हाइफा और नाजरेथ जैसे इलाकों से लोग यहां के बाजारों की रौनक बढ़ाते थे। अब लोग आने से डरते हैं। चेक पॉइंट्स पर हालात बुरे होते जा रहे हैं। एक फिलिस्तीनी लड़की के तौर पर मैं कह सकती हूं कि किसी भी इजराइली चेक पॉइंट पर जाना जिंदगी दांव पर लगाने जैसा हो गया है।‘ ‘गाजा युद्ध के पहले चेक पॉइंट वाला जो रास्ता 10 मिनट में पार हो जाता था, अब वहां कभी-कभी 5 घंटे तक खड़े रहना पड़ता है। कई बार हमें देर रात घर लौटने के लिए दूसरे और लंबे रास्ते लेने पड़ते हैं। सबसे बड़ा डर ये है कि चेक पॉइंट पर वे किसी को भी मार सकते हैं। अगर उन्हें किसी की तस्वीर या किसी बात पर शक हो जाए, तो तुरंत गिरफ्तार कर सकते हैं। सीधे गोली भी मार सकते हैं।’ गाजा के हालात का जिक्र करते हुए रवा कहती हैं, ’गाजा में लोग रोज मारे जा रहे हैं या भूखे पड़े हैं। वहीं वेस्ट बैंक में लोग इस भुखमरी के बारे में कुछ कह भी नहीं सकते। बोलते ही गिरफ्तारी का डर रहता है। वेस्ट बैंक में हमारे लिए कोई आजादी नहीं है। ’अगर मैं किसी और देश में होती तो आजादी से घूम सकती थी। वहां सुरक्षित महसूस करती लेकिन यहां कोई सुरक्षा नहीं है। मैं अपने फिलिस्तीन को आजाद देखना चाहती हूं। मुझे यकीन है कि अल्लाह हमारी मदद करेगा। मैं इस जमीन से प्यार करती हूं। यहीं पैदा हुई और बड़ी हुई हूं। चाहे हमें मार दिया जाए या विस्थापित कर दिया जाए, लेकिन हम कभी अपने घर नहीं छोड़ेंगे।’ ....................... ये खबर भी पढ़ें... ‘खुली जेल बना वेस्ट बैंक, हम अंदर से मर चुके’ ‘गाजा में जंग के बाद से न नौकरियां हैं, न कारोबार और न टूरिज्म बचा है। महंगाई बढ़ गई है। हम फिलिस्तीनी काम करने के लिए इजराइल जाते थे। पिछले 2 साल से वो भी बंद है। कमाने-खाने के लाले पड़े हैं। घर में पानी से लेकर बिजली सप्लाई तक सब कुछ इजराइली कंट्रोल में है।’ फिलिस्तीन की राजधानी रामल्लाह में रहने वाले जयाद होटल में शेफ हैं। वो गाजा में पिछले दो साल से बने युद्ध के हालात और इजराइली पाबंदियों से परेशान हैं। पढ़िए पूरी खबर..,
रूस-यूक्रेन की अगली वार्ता की तारीख तय नहीं: क्रेमलिन
रूस और यूक्रेन के वार्ता दलों के प्रमुख लगातार संपर्क में हैं, लेकिन अगली दौर की बातचीत की तारीख अभी तय नहीं हुई है
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति आने वाले आम चुनावों का विरोध करता है, तो उसे देश की भविष्य की राजनीति से बाहर कर दिया जाएगा
Donald Trump onGeorge Soros: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के उस 'दुश्मन' पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है जो हमेशा बेतुकी बयानबाजी करता रहता था. ट्रंप ने जॉर्ज सोरोस और उसके बेटे पर एक्शन की बात कही है.
तड़ातड़ गोलियों से गूंजा US का प्राइमरी स्कूल, हमलावर समेत दो लोगों की मौत; 20 लोग घायल
Minneapolis massive School shooting: अमेरिका के मिनियापोलिस के एक कैथोलिक स्कूल में भारी गोलीबारी हुई है. इसकी जानकारी मिनेसोटा के गवर्नर और अफसरों ने दी है. एक अधिकारी ने बताया है गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई है और संदिग्ध बंदूकधारी भी मारा गया है और 20 अन्य घायल बताए जा रहे हैं.
OpenAI: कैलिफोर्निया के रैंचो सांता मार्घरीटा शहर में 11 साल के एडम रेन खुदकुशी कर ली थी. आरोप है कि उसने खुदकशी करने से पहले छह महीने तक ChatGPT से बातें की थीं. अब मृतक के माता पिता ने OpenAI के सीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.
America News: अमेरिका में उड़ान भरने से पहले एक चीनी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है. उस पर अमेरिका के कैंसर अनुसंधान के गोपनीय दस्तावेज को चीन भेजने का आरोप लगा है. जानिए क्या है पूरा मामला.
Smartphone Ban in Schools: आजकल कई स्कूलों में बच्चों को स्मार्टफोन लाने की अनुमति भी दे दी गई है. इसी बीच एक देश ने ऐसा कानून पास किया है जहां अब बच्चे स्कूलों में फोन का इस्तेमाल कर ही नहीं पाएंगे. आइए जानते हैं इस फैसले और पीछे के कारणों के बारे में....
रूस-यूक्रेन जंग कब हो जाएगी खत्म! अमेरिका ने क्या बताई सच्चाई, इस सप्ताह क्या बड़ा होने वाला है?
रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से ज्यादा समय से चल रही जंग अभी तक नहींरुकी है. ट्रंप ने जिस तरह से दोनों देशों के बीच पहल की है, उससे लग रहा है. कुछ नतीजा निकल आए. इसी बीच इस सप्ताह कुछ बड़ा होने वाला है. जानें पूरी बात.
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मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि यह घटना दक्षिणी कंधार को काबुल से जोड़ने वाले राजमार्ग पर अरघांडी इलाके में हुई और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ नियमों ने पूरी दुनिया में हंगामा मचा रखा है. इसको लेकर रूस भी भड़का हुआ है. अब रूस ने डंके की चोट पर अमेरिका की नस काट दी है. जानें पूरी खबर.
आपके दांत साफ नहीं है... ब्रिटिश ऑर्मी ने ये कहकर 173 जवानों को नौकरी से निकाला!
नौकरी से रिजेक्ट किए गए 173 जवानों के लिएब्रिटिश ऑर्मी ने कहा कि जो लोग अपने दांतों की ठीक से देखभाल नहीं कर पाते हैं वो ऑर्मी के जरूरी अभियानों की जिम्मेदारी कैसे निभा पाएंगे?
गाजा में इन दिनों जो हालात हैं, उसके लिए पूरी दुनिया में कई देशों ने मदद की अपील की और मदद भी कर रहे हैं. लेकिन मलेशिया के लिए यह मदद करना जी का जंजाल बन गया है. जानें कैसे उनका देश ही तबाह हो रहा हैं. अब सवाल यह उठ रहा है कि मलेशिया गाजा की मदद कैसे करेगा.
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America Immigration Policy: फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने अमेरिका के H1B वीजा प्रोग्राम को आलोचना कर इसे घोटाला बताया है. इसको लेकर उन्होंने भारतीयों पर निशाना साधा है.
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चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 10वीं बैठक आयोजित
चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी कमेटी के अध्यक्ष चाओ लची ने जन वृहद भवन में रूसी संसद-डूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव विक्टरोविच वोलोडिन के साथ चीन-रूस संसदीय सहयोग समिति की 10वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की
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Amir Khan Muttaqi: हाल ही में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारत आने वाले थे, लेकिन UNSC से यात्रा प्रतिबंध के कारण उन्हें इसकी मंजूरी नहीं मिली.
Russia-Ukraine War: ट्रंप की पुतिन को खुली धमकी- यदि युद्ध नहीं रुका तो समझ लो...
Trump Threats Putin: अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि उनके यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमिर जेलेंस्की भी पूरी तरह से निर्दोष नहीं हैं. यह उन सबसे भयानक युद्धों से अलग नहीं है जो मैंने देखे हैं और मैं इसे रोक सकता हूं क्योंकि मेरे पास एक निश्चित शक्ति या एक निश्चित रिश्ता है मेरा राष्ट्रपति पुतिन के साथ बहुत अच्छा रिश्ता था
Trump says US colleges would go to hell without Chinese students:डोनाल्ड ट्रंप अपनी जुबान पर कभी नहीं रहते, ताजा मामला चीन को लेकर है. पहले कहा कि हम चीन को बर्बाद कर देंगे, अगर मेरी बात नहीं मानी, एक दिन बाद अब कह रहे हैं कि चीनी छात्रों के बिना अमेरिकी कॉलेज बर्बाद हो जाएंगे. उसके एक दिन पहले 200% टैरिफ की धमकी दी थी, अब दोस्ती को क्यों हैं बेताब?
Luang Phor Alongkot Arrested: थाईलैंड में एक प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु लुआंग फोर अलोंगकोट को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनपर है मंदिर के फंड में घोटाले का आरोप लगा है.
दुनिया के सबसे बड़े वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सेंटर वनतारा में 2 हजार से ज्यादा अलग - अलग प्रजातियों के दुर्लभ और विलुप्त होने वाले जानवर हैं। अनंत अंबानी का यह प्राइवेट जू आए दिन तस्करी के आरोपों को लेकर विवादों में रहता है। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है। बड़ा सवाल यह है कि ये जानवर भारत कैसे पहुंचे और कानून इसके बारे में क्या कहता है, पूरी जानकारी के लिए ऊपर दी गई इमेज पर क्लिक कर देखें वीडियो...
‘शादी के बाद से ही दिक्कत चल रही थी। पैसे और गाड़ी दोनों की डिमांड की जा रही थी। निक्की का पति (विपिन) ज्यादा परेशान कर रहा था। कंचन का पति (रोहित) भी मारपीट करता था। 16 अगस्त की रात दोनों बहनों को मारा-पीटा गया था। मैं बस यही चाहती हूं कि दोनों भाइयों को आग लगाई जानी चाहिए, दोनों को उम्रकैद हो। हमारी बच्चियों को हक मिलना चाहिए।‘ संजू देवी बेटी निक्की को याद करते ही रो पड़ती हैं। वो अब भी बदहवास हालत में हैं। 21 अगस्त को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में रहने वाली निक्की की आग से झुलसकर मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि पति विपिन ने दहेज के लिए उसे जलाकर मार डाला। इसमें ससुराल वालों ने भी साथ दिया। विपिन पर दूसरे आरोप भी हैं। निक्की के परिवार का कहना है कि वो नशे का आदी है और कोई काम नहीं करता। निक्की से पैसे न मिलने पर उससे मारपीट करता था। उसके दूसरी लड़कियों से भी संबंध हैं। निक्की उसकी अय्याशियों का विरोध करती थी इसलिए दोनों में झगड़े होते थे। विपिन उसे रास्ते से हटाना चाहता था। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने निक्की के पति विपिन भाटी, सास-ससुर और जेठ के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं विपिन के चचेरे भाई देवेंद्र का कहना है कि दहेज के आरोप झूठे हैं। अब घटना के बाद बेवजह ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। सबसे पहले निक्की के परिवार की बात…कुछ दिन पहले भी हुआ था झगड़ा, पैसा-गाड़ी दोनों मांग रहेदिल्ली से करीब 40 किलोमीटर दूर दादरी के रूपवास गांव में निक्की के पिता का घर है। निक्की और उसकी बड़ी बहन कंचन की शादी 9 साल पहले एक ही दिन और एक ही घर में दो सगे भाइयों से हुई थी। दोनों बहनों ने सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ाई की थी। हम निक्की के घर पहुंचे तो हर तरफ मातम का माहौल मिला। मां संजू देवी पांच दिन बाद भी बदहवास हालत में हैं। लोगों के आने पर बार-बार रो पड़ती हैं और बेटी के लिए इंसाफ मांगने लगती हैं। 21 तारीख की घटना के बारे में पूछने पर वे बताती हैं कि निक्की ने उन्हें कुछ नहीं बताया था। निक्की घर में तीसरे फ्लोर पर रहती थी, घटना भी वहीं हुई थी। हमने पूछा उस दिन क्या हुआ था? इस पर वो बताती हैं, ‘कंचन की तबीयत खराब थी। निक्की ने उसे पानी दिया और कहकर गई कि 5 मिनट में ऊपर से आ रही है। ऊपर से विपिन उसे आवाज दे रहा था। इसके बाद मुश्किल से 5 मिनट में ही सारा खेल हो गया। वो ऊपर से आग में लिपटी हुई नीचे की ओर भागी। वो बुरी तरह चिल्ला रही थी कि मुझे बचा लो। कंचन उसकी आवाज सुनकर कमरे से बाहर आई, तब उसने आग में झुलसती निक्की को सीढ़ी से नीचे आते देखा। कंचन ने पानी डाला और तौलिए से लपेटकर आग बुझाने की कोशिश की। मदद के लिए विपिन और सास-ससुर को भी आवाज दी, लेकिन कोई नहीं आया। मेरे पास शाम 7 बजे सीधे फोन आया कि निक्की हॉस्पिटल में है। क्या दोनों के बीच कोई झगड़ा हुआ था? इस पर संजू देवी बताती हैं, कुछ दिन पहले ही दोनों (निक्की और विपिन) में झगड़ा हुआ था। घर के बड़े-बुजुर्गों ने सुलह करवाई थी। तब विपिन ने कहा था कि आगे ऐसा कुछ नहीं होगा। वे आगे कहती हैं, ‘परेशानी तो शादी के बाद से ही चल रही थी। हमसे पैसे और गाड़ी दोनों मांगे जा रहे थे। विपिन ज्यादा परेशान कर रहा था। कंचन का पति (रोहित) भी उसके साथ मारपीट करता था। वो लोग बार-बार पैसे मांग रहे थे। हम सब बस यही चाहते हैं कि इंसाफ हो।‘ समाज के डर के चलते आज बहन हमारे बीच नहीं निक्की और कंचन ने ब्यूटीशियन का कोर्स किया था। दोनों बहनें अपने ससुराल में घर की टॉप फ्लोर पर एक ब्यूटी पार्लर भी चलाती थीं। परिवार के मुताबिक, उनका काम अच्छा चल रहा था। अच्छी कमाई भी हो रही थी, लेकिन कुछ महीने पहले पति से लगातार झगड़े के कारण पार्लर बंद करना पड़ा था। पार्लर के प्रमोशन के लिए दोनों बहनें इंस्टाग्राम पर 'कंचन मेक ओवर्स' नाम का एक अकाउंट भी चला रही थीं। इस पर निक्की और कंचन के कई वीडियो और रील भी हैं। छोटे भाई अतुल बताते हैं कि दीदी (निक्की) अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती थी, इसलिए उसने करीब दो साल पहले अपना पार्लर शुरू किया था। इस काम में काफी फायदा भी हो रहा था। सोशल मीडिया पर प्रमोशन के कारण कस्टमर पार्लर पहुंच रहे थे। रील बनाने पर ससुराल वालों को एतराज था क्या? इस पर अतुल कहते हैं, ‘दीदी का अकाउंट तो प्राइवेट है, उससे किसी को क्यों दिक्कत होगी। वे लोग (ससुराल वाले) तो गाड़ी मांग रहे थे। कहते थे कि शादी में एक गाड़ी दी थी। हम दो भाई हैं, तो दो गाड़ी चाहिए।‘ विपिन को फांसी दी जाए, दरिंदों के मकान पर बुलडोजर चलेनिक्की के पिता भिखारी सिंह बेटी की मौत को लेकर गुस्से से भरे हैं। वे कहते हैं, ‘दोनों बहनों का इतना अच्छा काम चल रहा था। इन दरिंदों ने सब मिट्टी में मिला दिया। शादी के बाद वे लोग लगातार डिमांड करते रहे। उन्होंने बुलेट मांगी, हमने दे दी। अब मैं कोर्ट से मांग करता हूं उसे फांसी दी जाए।‘ वे यूपी के CM से अपील करते हुए कहते हैं, ‘घटना के बाद सास पोते को लेकर भाग गई और मेरी बेटी वहीं तड़पती रही। पड़ोसियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन जान नहीं बच सकी। ऐसे दरिंदों के मकान पर बुलडोजर चलना चाहिए।‘ बार-बार मारपीट होने पर पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की? जवाब में भिखारी सिंह कहते हैं, ‘हमारे यहां कानूनी कार्रवाई तब होती है, जब कोई समाज-बिरादरी से नहीं समझता है। जब इन लोगों की बदतमीजी बढ़ गई तो हम फरवरी में बेटी को अपने घर ले आए थे। फिर समाज (पंचायत) ने सुलह करवाई और बोला गया कि अब ऐसी गलती नहीं होगी। लड़के ने भी माफी मांग ली।‘ ‘अप्रैल में बेटी फिर ससुराल चली गई, लेकिन फिर वहां उन लोगों ने पार्लर का काम बंद करा दिया।‘ भिखारी सिंह कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में हैं। वहीं उनके दोनों बेटों का गाड़ियों के कारोबार है। शादी या दूसरे मौकों पर ऑडी या मर्सिडीज जैसी महंगी गाड़ियां रेंट पर देते हैं। कुछ अपनी गाड़ियां भी हैं और कुछ रेंट पर लेकर चलवाते हैं। बड़ी बहन कंचन ने दर्ज कराई FIR, दहेज का आरोप नहीं परिवार की बातों से साफ है कि शादी के वक्त दहेज दिया गया था। जबकि बड़ी बहन कंचन ने पुलिस कम्प्लेन में ऐसा कोई जिक्र नहीं किया। ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में जिस घर में ये हादसा हुआ, वहां उस वक्त बड़ी बहन कंचन भी मौजूद थी। उसी ने ही 22 अगस्त को कासना थाने में FIR दर्ज करवाई। उसने शिकायत में कहा कि दोनों बहनों की शादी 9 दिसंबर 2016 को 'बिना दहेज' के हुई थी। हालांकि FIR में दहेज के खिलाफ अपराध की धारा नहीं लगाई गई है, ना ही शिकायत में ऐसी कोई बात लिखी है। शिकायत के मुताबिक, ‘21 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे ससुराल में सास दया ने ज्वलनशील पदार्थ विपिन के हाथों में पकड़ाया और विपिन ने उसे मेरी बहन पर डाल दिया। जब मैंने इसका विरोध किया तो मेरे साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान मेरे पति रोहित और सास-ससुर वहीं मौजूद थे।‘ ‘मेरी बहन को गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां उसकी मौत हो गई। इसलिए ससुराल वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।‘ स्कॉर्पियो, कैश, गोल्ड सब दिया, फिर भी टॉर्चर किया‘हमने कंचन से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन परिवार वालों ने बताया कि उसकी तबीयत सही नहीं है इसलिए उसे अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि घटना के बाद कासना पुलिस स्टेशन के बाहर से कंचन का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वो कह रही हैं, ‘हमें ये कहकर काफी दिनों से टॉर्चर किया जा रहा था कि तुम्हारी शादी में ये नहीं मिला, वो नहीं मिला। अपने घर से 36 लाख रुपए लेकर आओ। सास ने घर में कुछ लिक्विड लाकर रखा था। छोटी बहन पर बहुत ज्यादा अत्याचार हुआ, उसके साथ मारपीट के बाद लिक्विड डाल दिया गया। बच्चों ने भी सब देखा। मैं कुछ नहीं कर पाई। मेरे साथ भी इन लोगों ने बहुत बदतमीजी की।‘ वहीं मीडिया से बात करते हुए कंचन ने ये भी कहा था, ‘उसका पति लड़कियों के साथ बाहर रहता था। फिर घर पर आकर मारपीट करता। मेरी बहन ये सब झेलते-झेलते चली गई। शादी में पापा ने स्कॉर्पियो, कैश, गोल्ड सब दिया था, लेकिन शादी के 6 महीने बाद से ही हमें प्रताड़ित किया जाने लगा। उस दिन मेरी बहन बुरी तरह झुलसकर नीचे आई, उसके पूरे कपड़े जल गए थे। मैंने उसे तौलिए से ढका और फिर मैं वहीं बेहोश हो गई।‘ थाने के सामने निक्की के 6 साल के बेटे ने भी मीडिया के सामने कहा है कि मम्मी के ऊपर पापा ने कुछ डाला। फिर मम्मा को थप्पड़ मारा और लाइटर से आग लगा दी थी। अय्याशियों' का विरोध करती थी निक्की, इसलिए होते झगड़ेनिक्की के ताऊ संजीव कुमार कहते हैं, ‘विपिन आवारा किस्म का है और नशे का भी आदी है। वो कुछ काम-धंधा नहीं करता। जब निक्की से उसे पैसे नहीं मिलते तो मारपीट करता था। निक्की के भाई ने अपने कारोबार के लिए एक सेकेंड हैंड ऑडी कार ले रखी है। विपिन बार-बार इस गाड़ी की या 35 लाख रुपए की डिमांड कर रहा था। बार-बार समझाने के बाद भी वो नहीं समझा और इस दर्दनाक घटना को अंजाम दिया।‘ इंस्टाग्राम और वीडियो बनाने से दिक्कत' की बात पर संजीव कहते हैं, ‘ये सब कहानी बनाई जा रही है। असली बात दहेज की थी। इसके अलावा निक्की उसकी अय्याशियों का विरोध करती थी इसलिए वो उसे रास्ते से हटाना चाहता था।‘ वे मांग करते हैं कि अगर फांसी से भी ऊपर कोई सजा हो तो उन्हें वो मिलनी चाहिए। निक्की के एक रिश्तेदार ऑफ द कैमरा बताते हैं, विपिन दूसरी लड़कियों से मिलता था। इसी को लेकर झगड़े होते थे। रोहित (निक्की का भाई) ने खुद उसे कई बार पकड़ा था। घटना के दिन भी विपिन किसी लड़की के साथ कहीं जा रहा था, निक्की ने मना किया था। इसी पर झगड़ा शुरू हुआ था। ‘2-3 महीने पहले भी दिल्ली में उसे किसी लड़की के साथ पकड़ा गया था। शिकायत नहीं की क्योंकि बहन का मामला था। उन्हें साथ नहीं रहना था तो तलाक दे देना चाहिए था। झगड़े के कारण निक्की के भाई ने उसके घर में CCTV कैमरे भी लगवा दिए थे। इसका एक्सेस रोहित के पास भी था। इस घटना से एक हफ्ते पहले ससुराल वालों ने कैमरे की हार्ड डिस्क निकलवा दी थी।‘ अब विपिन के परिवार की बात…जब निक्की ने आग लगाई तो दुकान के बाहर था विपिन इसके बाद हम ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में आरोपी विपिन के घर भी पहुंचे। उसके घर पर ताला लगा मिला। घर के ठीक बगल में उसके परिवार की किराने की दुकान भी बंद थी। निक्की की मौत के मामले में विपिन, उसके मां-बाप और भाई सभी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बाद हमने उनके कुछ रिश्तेदारों से बात करने की कोशिश की। विपिन के चचेरे भाई देवेंद्र भी पास में दुकान चलाते हैं। वो हमें मौके पर नहीं मिले, लेकिन फोन पर हुई बातचीत में वो दहेज या दूसरे आरोपों को खारिज करते हैं। देवेंद्र दावा करते हैं, ‘जब ये हादसा हुआ, विपिन दुकान के बाहर घूम रहा था। अचानक घर से आवाज आई, तो सब भागकर अंदर गए।‘ ‘विपिन ने बाहर आकर बताया कि निक्की ने खुद को आग लगा ली। मैं भी अपनी दुकान बंद करके वहां गया। घर के अंदर सिर्फ दोनों बहनें ही थीं। अंकल (निक्की के ससुर) भी दुकान पर थे, आंटी (सास) भी नीचे थीं। निक्की को देखकर विपिन की हालत खराब थी। उससे गाड़ी भी नहीं स्टार्ट हो रही थी। फिर मैं ही गाड़ी चलाकर निक्की को अस्पताल ले गया। अंकल और आंटी भी साथ गए थे।‘ रील या वीडियो से दिक्कत के आरोप पर कहते हैं, ‘अगर दिक्कत होती या मना किया जाता तो वो दोनों वीडियो कैसे अपलोड करतीं।‘ हाफ एनकाउंटर कर आरोपी को पकड़ा, बोला- कोई पछतावा नहींपुलिस ने केस दर्ज कर अगले ही दिन 23 अगस्त को आरोपी विपिन को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के बाद 24 अगस्त को मुख्य आरोपी विपिन की पुलिस के साथ एक कथित मुठभेड़ भी हुई, जिसमें वो घायल हो गया। इस कथित मुठभेड़ के बाद ग्रेटर नोएडा के एडिशनल उपायुक्त सुधीर कुमार ने बताया, ‘आरोपी विपिन को पुलिस कासना थाना लेकर आई थी। जिस ज्वलनशील पदार्थ से पत्नी को जलाने का आरोप लगा, उसकी बोतल की रिकवरी के लिए उसे लाया गया था। रिकवरी के दौरान एक दारोगा से पिस्टल छीनकर वो भागने लगा और पुलिस को जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।‘ इसके बाद पुलिस के सामने मीडिया से बात करते हुए विपिन ने कहा था- ‘मुझे घटना को लेकर कोई पछतावा नहीं है। मैंने उसे नहीं मारा है। वो खुद मरी है। पति-पत्नी में हर जगह लड़ाई होती है, ये आम बात है। इसके अलावा मुझे कुछ नहीं बोलना है।‘ निक्की की मौत को लेकर सभी आरोप और दावे अब पुलिस की जांच के दायरे में हैं। केस की अपडेट के लिए हमने कासना पुलिस स्टेशन के SHO धर्मेंद्र कुमार से बात की। वो बताते हैं, ‘अभी चारों अभियुक्तों से पूछताछ के बाद ही आगे की बातें पता चलेंगी। अभी हम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटा रहे हैं। पुलिस अभी किसी थ्योरी या निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।‘ उन्होंने आगे कहा कि पुलिस अब पीड़ित परिवार के बयान दर्ज करवाएगी। सभी पक्षों की बात सुनकर जांच आगे बढ़ेगी। .................... ये खबर भी पढ़ें... UP की कुसुम कैसे बनी दिल्ली की ड्रग क्वीन ‘इस घर से नशे का सामान बेचा जाता था। शहर के बाहर से भी लोग खरीदने आते थे। कई बार तो हमने यहां हरियाणा और UP के नंबर वाली गाड़ियां भी देखी हैं। ये सभी ड्रग्स लेने आते थे। यहां रहने वाले सभी इससे परेशान हैं।‘ दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में ड्रग डीलर कुसुम के आस-पास रहने वालों की यही शिकायत है। उसके खौफ की वजह से कोई कैमरे पर आने को राजी नहीं हुआ। उसके धंधे की वजह से बिगड़े माहौल से सब परेशान हैं। पढ़िए पूरी खबर...
Trump Tariff on India News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सनकपन लगातार बढ़ता जा रहा है. ट्रंप ने पहले भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया था. जब अमेरिका इससे भी नहीं झुका तो अब ट्रंप ने फिर से ताजा धमकी दी है.
Turkey: तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरलोग्लु को हाईवे पर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना भारी पड़ गया. परिवहन मंत्री का हाईवे पर तेज गति से गाड़ी चलाने का एक वायरल वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद अफसरों ने उनपर भारी जुर्माना लगाया है. मंत्री ने खुद ही हाईवे पर 225 किमी/घंटा की गति से गाड़ी चलाते हुए एक ये वीडियो पोस्ट किया था.
Aceh Sharia law: इंडोनेशिया के अचेह में मंगलवार को दो लोगों को शरिया कानून के तहत सार्वजनिक रूप से 76-76 कोड़े मारे गए. शरिया अदालत ने उन्हें समलैंगिक संबंध बनाने के लिए दोषी पाया. अचेह में इस्लामी कानून के तहत सख्त सजा दी जाती है.
PM Narendra Modi: जर्मन अखबार एफ.ए.जेड. ने एक रिपोर्ट में दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को चार बार कॉल किए थे, लेकिन पीएम मोदी ने ट्रंप के सारे कॉल्स को नजरअंदाज कर दिया. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप की मीडिया स्टंटबाजी का हिस्सा नहीं बनना चाहते.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो इन दिनों भारत पर खूब बयान दे रहे हैं, और चीन से दोस्ती का राग अलाप रहे हैं. उन्होंने एक और हैरान करने वाला बयान दिया है. जानें पूरी खबर.
ट्रंप औरवेनेजुएला के राष्ट्रपति के बीच तकरार की खबरें पूरी दुनिया जानती हैं. ट्रंप ने इस बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को झुकाने के लिए कई सारे आरोप और हथकंडे अपनाए, लेकिन मादुरो ने सीना ठोककर अमेरिका के सामने खड़े रहे. अब हाल यह हो गया है कि मादुरो की सेना सीमा पर तैनात होने जा रही है. जानें पूरी बात.
इस बेड़े को 'सी-मॉन्स्टर' के उपनाम से जाना जाएगा. हाइपरसोनिक मिसाइलों को ले जाने में सक्षम इस जहाजी बेड़े का नाम फ्रिगेट एडमिरल एमेल्को है. रूस का ये नया बेड़ा रूसी नौसेना के प्रोजेक्ट 22350 का हिस्सा है.
किम जोंग उन से चौथी बार मिलने को क्यों बेताब हुए ट्रंप? वजह बहुत खतरनाक, जानें अंदर की बात
Trump wants to meet North Korea Kim Jong Un: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपनी सक्रियता को लेकर इन दिनों बेहद चर्चा में हैं. बीते 15 अगस्त को उन्होंने रूस के राष्ट्रपति से मुलाकात की थी. अब ट्रंप ने उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन से इस साल के अंत तक मिलने की उम्मीद जताई है.
Trump tariff threats affect oil imports between India Russia:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से ऐलान किया कि भारत अगर रूस से तेल लेना बंद नहीं करेगा तो हम उस पर टैरिफ बढ़ाते रहेंगे. तब से खूब सारे अटकलें लग रही हैं और सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल क्या भारत ट्रंप के खौफ में रूस से तेल लेना बंद कर दिया है, या कम कर दिया है, क्या इससे भारत को नुकसान हुआ है. जानते हैं पूरी बात.
किम जोंग उन से मेरे संबंध अच्छे, फिर से मिलना चाहूंगा : डोनाल्ड ट्रंप
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ट्रंप प्रशासन का यह कदम फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों से जूझ रहा है.
हिज़्बुल्लाह ने निरस्त्रीकरण को खारिज किया, लेबनान से इजरायल की वापसी की मांग की
हिजबुल्लाह के नेता शेख नईम कासिम ने उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें लेबनानी सशस्त्र समूह को हथियार छोड़ने के लिए कहा गया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिजबुल्लाह के हथियार लेबनान की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए जरूरी हैं
India-Pak Conflict: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष में 7 विमान मार गिराए गए हैं.
1971 युद्ध के दौरान हुए अत्याचारों के लिए माफी की मांग बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंधों के आड़े आएगी?
971 युद्ध के दौरान हुए अत्याचारों के लिए बांग्लादेश लंबे समय से पाकिस्तान से माफी मांगने की मांग करता आ रहा है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेहत को लेकर एक बार फिर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है. हाल ही में जब ट्रंप ओवल ऑफिस में कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे, उस समय उनके दाहिने हाथ पर गहरा काला-नीला निशान देखा गया.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पीछे खड़े कुछ और अधिकारियों से इस बात पर राय मशविरा किया और फिर उनसे कहा,'अगर आप लोग, जो मेरे पीछे खड़े हैं, चाहें तो एक छोटा सा मतदान कर लें और अगर आप इसे वापस उसी नाम में बदलना चाहते हैं जब हम हमेशा युद्ध जीतते थे.