Bangladesh Protest: बांग्लादेश में भड़के दंगों के बाद वापस लौटे 300 से ज्यादा भारतीय छात्र, बताए वहां के भयावह हालात

Bangladesh Student Protest: बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ भड़के दंगों के बाद वहां से वापस आने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है. वहां से वापस लौटे छात्रों ने बांग्लादेश के भयावह हालात बताए हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 11:56 pm

Nepal: सत्ता मिलने के बाद चीन के 'खासमखास' ओली ने उगली आग, भारत के बॉर्डर इलाकों पर दिया ये बयान

Nepal: नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली सत्ता में आते ही अपना रंग दिखाने लगे हैं. ओली ने भारत के साथ सीमा से जुड़े मुद्दों को लेकर बयान दिया.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 11:08 pm

Kamala Harris: ट्रंप से मुकाबले के लिए कमला हैरिस कितनी तैयार, सामने हैं इन चुनौतियों का पहाड़

Kamala Harris News:अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले बड़ी उलटफेर देखने को मिली जब जो बाइडेन ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. अब जो बाइडेन की जगह कमला हैरिस का नाम आगे चल रहा है.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 10:47 pm

US Chunav 2024: कमला हैरिस बनेंगी US की नई राष्ट्रपति! सिम्पसन ने 24 साल पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी; पहले भी कई हुईं सच

Kamala Harris US Chunav 2024: क्या कमला हैरिस आने वाले चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को हराकर अमेरिका की नई राष्ट्रपति बनने जा रही हैं. सिम्पसन की ओर से इस बारे में 24 साल पहले भविष्यवाणी कर दी गई थी. तो क्या वह भविष्यवाणी अब सच साबित होने जा रही है.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 10:04 pm

चुनाव 2024: डेमोक्रेट्स ने बिडेन को बदलने के लिए ‘नियमित प्रक्रिया’का वादा किया, लेकिन सवाल बने हुए हैं

वाशिंगटन (एपी) – राष्ट्रपति के लिए कुछ समय बाद जो बिडेन इसकी घोषणा की अपने...

वर्ल्ड नाउ 22 Jul 2024 7:33 pm

'इजरायल ने जबरदस्ती किया फिलिस्तीन की जमीन पर कब्जा', ICJ के आदेश के क्या हैं मायने?

Israel Hamas War:अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने फैसला सुनाया है कि इजरायल का फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर दशकों लंबा कब्जा गैरकानूनी है. अदालत ने यह भी कहा कि यह वास्तविक रूप से जमीन हड़पने के समान है.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 5:20 pm

Giorgia Meloni: पत्रकार ने उड़ाया इतालवी पीएम मेलोनी की लंबाई का मजाक, कोर्ट ने लगाया 4.5 लाख रुपये का जुर्माना

Italian PM News: तीन साल पहले सोशल मीडिया पर दोनों महिलाओं के बीच हुई झड़प के बाद मेलोनी ने पत्रकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 2:11 pm

नोट बांटकर गरीबी दूर क्यों नहीं कर देती सरकार:क्या होती है मौद्रिक नीति; घर के एग्जांपल से 20 कठिन शब्दों का मतलब

मान लीजिए किसी देश के अंदर सिर्फ दो काम हो रहे हैं। कैंची बनाना और उससे बाल काटना। सभी कैंचियों की कीमत और उनसे बाल काटने के चार्ज की कुल वैल्यू ही इस देश की GDP है। बजट में GDP जैसे तमाम मुश्किल शब्द होते हैं। ऐसे ही 20 कठिन से कठिन शब्दों के मतलब घर के एग्जांपल्स से समझिए… **** स्केचः संदीप पाल ग्राफिक्स: कुणाल शर्मा *** बजट से जुड़े अन्य एक्सप्लेनर्स- 1. किसानों को सालाना ₹8 हजार: तीन बजट के एनालिसिस से समझें, कौन से 5 बड़े ऐलान कर सकती हैं निर्मला सीतारमण दैनिक भास्कर ने पिछले 3 बजट का एनालिसिस किया। बजट से पहले वित्त मंत्री से की गई मांगों पर नजर दौड़ाई और एक्सपर्ट्स की राय ली। इन 3 तरीकों से 5 ऐसी बातें मिलीं, जिनका ऐलान निर्मला सीतारमण अपने 7वें बजट में कर सकती हैं। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए... 2. पांच महीने में दोबारा क्यों आ रहा है बजट: विवेक और उसकी दादी के किस्से से समझिए मोदी सरकार का बजट देश का बजट यानी देश के पूरे वित्तीय वर्ष का हिसाब-किताब। वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से लेकर अगले साल 31 मार्च तक के 12 महीने का समय। मतलब वित्त मंत्री ये बही-खाता तैयार करती हैं कि सरकार को कहां-कहां से पैसा मिलेगा और सरकार कहां-कहां उसे खर्च करेगी। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 22 Jul 2024 12:22 pm

चुनाव 2024 अपडेट: बिडेन के हटने के बाद डेमोक्रेट्स ने $46.7 मिलियन जुटाए, हैरिस आगे बढ़े

उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने रविवार सुबह राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ कई बार फोन पर...

वर्ल्ड नाउ 22 Jul 2024 11:32 am

War in Gaza: इजरायल ने गाजा के शरणार्थी शिविर एक हफ्ते में 63 बार की बमबारी, 91 की मौत, 251 घायल

Israel Hamas War:हमास द्वारा संचालित गाजा सरकारइजरायली सेना की ये बमबारी नुसेरात के केंद्रीय गाजा शरणार्थी शिविर पर हुई है जिसमें250,000 लोग रह रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 11:29 am

Kamala Harris: जब कमला हैरिस ने 85 मिनट के लिए संभाली थी अमेरिका की सत्ता, रच दिया था इतिहास

जो बाइडेन की चुनाव से हटने की घोषणा के बाद कमला हैरिस पहली महिला राष्ट्रपति बनने के काफी करीब पहुंच गई है. हालांकि वह पहले ही अपने नाम एक रिकॉर्ड कर चुकी हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 10:12 am

US Elections 2024: जो बाइडेन ने किया कमला हैरिस का समर्थन तो पार्टी पर हुई 'पैसों की बारिश', एक दिन में मिला इतना चंदा कि सब रह गए हैरान

US Presidential Election 2024: राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रविवार को जहां चुनावी दौड़ से हटने का ऐलान करते वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नाम का समर्थन किया.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 9:03 am

बाइडेन हटे, अब भारतवंशी कमला आईं तो ट्रंप के लिए आसान नहीं होगी राष्ट्रपति की कुर्सी; क्या होगी चुनौती?

Kamala Harris challenge for Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की रेस से जो बाइडेन (Joe Biden) के हटने के बाद कमला हैरिस (Kamala Harris) डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनाई जाती हैं तो अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव कितना बदल जाएगा और क्या क्या सच में डोनाल्ड ट्रंप की राह आसान होगी?

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 7:56 am

Kamala Harris: ये चार डेमोक्रेट्स दे सकते हैं कमला हैरिस को चुनौती, जानें कौन हैं

US Presidential Election 2024: राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चुनावी दौड़ से हटने का ऐलान करते हुए कहा कमला हैरिस का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एकजुट होकर ट्रंप को हराने का समय आ गया है.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 7:21 am

पॉजिटिव स्टोरी- मखाने का बिजनेस, सालाना टर्नओवर 14 करोड़:गांव का घर खंडहर न हो, इसलिए विदेश की जॉब छोड़कर लौटा

बिहार के मिथिला क्षेत्र में एक कहावत कही जाती है- ‘पग-पग पोखरि माछ मखान, मधुर बोली मुख में पान' यानी कदम-कदम पर तालाब, मछली, मखाना, मधुर वाणी और मुंह में पान, यही मिथिला की है पहचान। मैं उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर-दरभंगा होते हुए मधुबनी के रास्ते हूं। एक तरफ गरीबी दिख रही है, तो दूसरी तरफ कुछ-एक किलोमीटर की दूरी पर तालाब। सड़क किनारे मछली बेचने वाले बैठे हैंं और खेतों में पान की खेती हो रखी है। दरभंगा एयरपोर्ट से तकरीबन 36 किलोमीटर आगे बढ़ने पर रहिका से सटा अरेर इलाका आता है। यहां ‘मिथिला नेचुरल्स’ नाम से मखाना मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। इसी कंपनी के फाउंडर मनीष आनंद से मिलने मैं आया हूं। मनीष बोलते हैं, ‘आज से 10 साल पहले तक लोग मखाना को बस पूजा-पाठ में इस्तेमाल करते थे, लेकिन आज की तारीख में यह हर घर में बतौर हेल्दी फूड पाया जा रहा है। न्यूट्रिशन के लिए इसका बेजोड़ कॉम्बिनेशन है। जिस मखाने से मिथिला की पहचान रही, उसे कभी कॉमर्शियल लेवल पर नहीं ले जाया जा सका। मखाना की खेती करने वाले किसानों की हालत भी बदत्तर रही। जब हमने मखाना पर काम करना शुरू किया है, तो यहां के लोगों की भी किस्मत थोड़ी बहुत बदल गई।’ मनीष के ऑफिस में अलग-अलग वैराइटी के मखाने डिस्प्ले करके रखे हुए हैं। इसमें रोस्टेड मखाने के डिब्बे से लेकर मखाना खीर तक के पैकेट हैं। वे कहते हैं, ‘पिछले साल हमने करीब 14 करोड़ का बिजनेस किया है। आप समझ सकते हैं कि जिस इलाके में पहले कुछ भी नहीं था। आज भी कई मूल-भूत सुविधाएं नहीं हैं। वहां से मखाने का करोड़ों में बिजनेस चल रहा है। देश-विदेश की कंपनियां हमसे फ्रेश मखाना लेने के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करती है। प्रोडक्ट खरीदती है। विदेशों में रहने वाले लोग भी मिथिला मखान का स्वाद चख रहे हैं। इन सब के पीछे हमारा मकसद बस एक ही था, गांव के लोगों को रोजगार देना। अब यहां के लोगों को पलायन कम हो रहा है।’ आप मिथिला के ही रहने वाले हैं? ‘हां रहने वाला तो मधुबनी का ही हूं, लेकिन पूरी परवरिश पटना में हुई है। दरअसल पापा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI में मैनेजर थे। उनके भी अपने किस्से रहे हैं। जब पापा 10 साल के थे, तभी उनके पिताजी यानी मेरे दादा ने संन्यास ले लिया था। दादा धार्मिक प्रवृति के थे। पापा बताते थे कि जब उनके पिता ने संन्यास लेने का फैसला कर लिया, तो घर के बाकी लोग उन्हें रोक नहीं पाए। हमारी जॉइंट फैमिली थी। दादी और पापा के चाचा लोगों ने उनकी परवरिश की। अच्छी बात यह रही कि पढ़ाई कंप्लीट करते ही उनकी सरकारी नौकरी लग गई। बैंक में सिलेक्शन हो गया। इसके बाद हम लोग पटना शिफ्ट हो गए।’ मनीष अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें दिखाते हुए कहते हैं, ‘बचपन में खेती से बहुत कम वास्ता रहा है। मैं पटना रहता था, हर साल गर्मी की छुट्टी में गांव जाता था। स्कूलिंग करने के बाद मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए दिल्ली चला गया। फिर एक विदेशी कंपनी में जॉब लग गई। 16 साल मैंने प्राइवेट कंपनियों के साथ काम किया है। अलग-अलग तरह के नए-नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं। दूसरों के लिए ब्रांड्स बनाए हैं। अब जॉब तो जॉब होती है। आप दूसरे की कंपनी के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। इस काम से मेरा मन उकता गया था। तब विदेश से गांव वापस आने के बारे में मैं सोचने लगा।’ आप देश वापस कब लौटे? ‘2008 की बात है। गांव में एक मंदिर बनवाना था। गांव का घर कच्चा था। पापा की इच्छा थी कि गांव में भी पक्का घर हो। कुछ समय बाद पापा की अचानक मौत हो गई। उस वक्त हम लोग फरिदाबाद में रहते थे। मैं एक इंटरनेशनल कंपनी में साउथ एशिया मैनेजर था। साल, दो साल में एक बार सब लोग गांव जाते थे। पापा के जाने के बाद मैंने गांव का घर पक्का बना लिया। एक दिन सोचने लगा कि यदि गांव के घर में कोई नहीं रहेगा, फिर तो इसकी मेंटेनेंस सही तरह से नहीं हो पाएगी। यह घर इग्नोर होगा और एक दिन सब खंडहर हो जाएगा। गांव में कई ऐसे घर थे जहां रहने वाले लोग शहर शिफ्ट हो गए थे। वहां कोई आता-जाता नहीं है और घर भूत-बंगला हो चुका है। यह बात मुझे खटकने लगी। अब दिक्कत थी कि जॉब छोड़कर कुछ तो करना ही था। गांव में रहने का कोई तो बहाना चाहिए था। यहां देखता था कि आसपास मखाने की खेती बरसों से होती रही है, लेकिन कोई ब्रांड नहीं बन पाया था। इसे कॉमर्शियल लेवल पर मार्केट में नहीं ले जाया गया था। मुझे इसमें बिजनेस पोटेंशियल दिखा।’ … तो इससे पहले आपने कभी मखाने की खेती की थी? ‘नहीं, जब लगा कि मखाने पर काम करना चाहिए। उससे पहले तक मैं दूसरे सेक्टर में अलग-अलग कंपनियों के लिए काम कर चुका था। कई नई-नई कंपनियां बना चुका था। सबसे पहले मैंने यहां के किसानों के बीच रहकर दो साल तक खुद से मखाने की खेती करने के तरीके को सीखा। पूरे प्रोसेस को जाना, तब मैंने फैक्ट्री लगाने के बारे में सोचना शुरू किया। 2016 में ‘मिथिला नेचुरल्स’ की शुरुआत की।’ मनीष मखाने की खेती का तरीका बताते हैं... अगले एक-डेढ़ महीने बाद यानी अगस्त-सितंबर के महीने से मखाने के सीड की कटाई होगी। अभी मनीष की फैक्ट्री में प्रोडक्शन बंद है। जब नए फसल आएंगे, तो फिर से मखाने का प्रोडक्शन स्टार्ट होगा।​​​​​ बातचीत में बार-बार मनीष मखाना के सीड का जिक्र कर रहे हैं। मैं उत्सुकतावश उसके बारे में पूछता हूं। मनीष मखाना सीड निकालकर दिखाते हैं। कहते हैं, ‘नवंबर से फरवरी के बीच इसकी बुआई होती है। अगस्त-सितंबर तक यह तैयार हो जाता है। मिथिला क्षेत्र में दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया जैसे 7-8 जिलों में इसे उगाया जाता है। पोखर या गहरे खेत में इसकी बुआई होती है। मखाने की खेती के लिए शर्त होती है कि जमीन से एक-डेढ़ फीट तक पानी हमेशा और स्थिर रहना चाहिए। तभी मखाने की खेती हो सकती है। मखाना का सीड जब तैयार हो जाता है, तो सूखाने और फिर सफाई, छटाई के बाद इसे भूना जाता है। फिर इसे लकड़ी के पट्टे की मदद से फोड़ा जाता है। पहले तो जैसे मक्के का लावा तैयार होता था, वैसे मखाने को भी तैयार किया जाता था, लेकिन अब मशीन से होता है।’ मनीष मुझे कुछ मखाने के पैकेट दिखा रहे हैं। इसमें एक साइज के मखाने भरे हुए हैं। वह कहते हैं, ‘जब मखाने के सीड को तोड़ा जाता है, तो प्रेशर से मखाना का सीड फूटता है और मखाना निकलता है। उसके बाद साइज के हिसाब से इसकी छटाईं होती है। मखाने की कीमत 1400 रुपए किलोग्राम तक होती है। मखाने को घी में या आग पर भूनकर या रोस्ट करके खाने का चलन है। भूना हुआ मखाना खाने में अच्छा लगता है और हेल्थ बेनीफीट्स तो है ही।' कितने पैसों से काम शुरू किया? मनीष कहते हैं, ‘पहला इन्वेस्टमेंट 4 हजार रुपए का था। जब मखाने का बिजनेस स्टार्ट किया था, तो दिल्ली से सोशल मीडिया के जरिए एक व्यक्ति ने कॉन्टैक्ट करके मुझे एग्जीबिशन में आने को कहा। उसक वक्त मैं सोच रहा था कि भला एग्जिबीशन में मखाना कौन खरीदेगा? इस बिजनेस के बारे में मुझे कोई आइडिया नहीं था इसके बावजूद उस व्यक्ति के कहने में मैं मखाना लेकर दिल्ली पहुंच गया। पहली बार के लिए मुझे अच्छा रिस्पॉन्स मिला। यही से मैंने मखाने को कॉमर्शियल लेवल पर बेचना शुरू किया।’ मनीष अब मखाना बेस्ड ब्रेड, कूकिज सेग्मेंट भी लॉन्च करने का प्लान कर रहे हैं। वह कहते हैं, ‘हमारा रिसर्च चल रहा है। अगले एक साल में हम कुछ नए प्रोडक्ट मार्केट में लेकर आ रहे हैं। हमारा मकसद गांव के किसानों को सशक्त करना है। पहले भी किसान मखाना उपजाते थे, लेकिन उसका फायदा बिचौलियों को होता था। अब वह डायरेक्ट हमसे मखाना सीड बेचते हैं। इंडिया में मखाने का मार्केट साइज 10 हजार करोड़ है। आने वाले वक्त में यह और बढ़ेगा, अब तो मिथिला मखान को जीआई टैग भी मिल चुका है।’

दैनिक भास्कर 22 Jul 2024 6:17 am

कैसे बना दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज:10 पुलों के बराबर लगा लोहा, कश्मीर को दिल्ली से सीधे जोड़ेगा

आप कभी कश्मीर गए हैं? हां या न, जवाब जो भी हो, लेकिन अगली बार जब भी आप कश्मीर जाएंगे तो सफर बिल्कुल अलग होगा। पहली बार आप ट्रेन से श्रीनगर तक जा पाएंगे। जम्मू और पीर-पंजाल में पहाड़ियों की ऊंचाई पार करते हुए आपकी ट्रेन चिनाब घाटी पहुंचेगी। यहीं बना है दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज। 16 साल में 1486 करोड़ रुपए की लागत से बना ये ब्रिज इंजीनियरिंग का शानदार नमूना तो है ही, भारतीय रेलवे के लिए भी अब तक का सबसे चैलेंजिंग प्रोजेक्ट रहा है। दैनिक भास्कर आपको बता रहा है इस ब्रिज की पूरी कहानी, वो भी ग्राउंड जीरो से। चिनाब रेलवे ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का हिस्सा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपए है। पहले इस प्रोजेक्ट के बारे में जान लीजिए- अब लौटते हैं प्रोजेक्ट की अहम कड़ी, चिनाब रेलवे ब्रिज पर धनुष के आकार का ये ब्रिज जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में है। 20 जून को संगलदान से रियासी स्टेशन के बीच मेमू ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। इससे पहले 16 जून को ब्रिज पर इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल हुआ था। ट्रायल खत्म होने के बाद 15 अगस्त, यानी स्वतंत्रता दिवस पर इस ब्रिज से पहली ट्रेन गुजरेगी। ब्रिज की ऊंचाई इतनी कि नीचे एफिल टावर खड़ा हो जाएचिनाब ब्रिज को देखने के लिए हमने अपना सफर जम्मू से शुरू किया। चिनाब ब्रिज जम्मू से करीब 70 किमी दूर है। यहां हमें ब्रिज के डिप्टी चीफ इंजीनियर रश्मि रंजन मलिक मिले। 2015 से इस प्रोजेक्ट से जुड़े मलिक ही ब्रिज के बारे में हमें सब कुछ बताने वाले थे। शुरुआत ब्रिज की खासियत से हुई। रश्मि रंजन मलिक बताते हैं, ‘चिनाब नदी के तल से देखें तो ये ब्रिज 359 मीटर ऊंचा है। पेरिस का मशहूर एफिल टावर भी इससे 35 मीटर छोटा है। अगर इस ब्रिज के नीचे एफिल टावर को खड़ा कर दें, तो वो ब्रिज को छू भी नहीं सकेगा। ब्रिज जितना खूबसूरत है, उतना ही मजबूत। इसकी लाइफ कम से कम 120 साल होगी। इसे बनाने में 29 हजार मीट्रिक टन स्टील इस्तेमाल हुआ है। ये आम तौर पर बनने वाले ब्रिज से 10 गुना ज्यादा है।’ रश्मि रंजन मलिक आगे बताते हैं, ‘ब्रिज का आर्च सीधा दिखता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आर्च के दोनों सिरों के फाउंडेशन अलग-अलग ऊंचाई पर हैं। आर्च के अलग-अलग हिस्सों को बोल्टिंग करके जोड़ा गया है। आर्च की फाउंडेशन के पास चौड़ाई 30 मीटर है, आर्च के बीच में पटरी के पास ये 9 मीटर ही बचती है। इससे फायदा ये होता है कि ब्रिज पर लगने वाला फोर्स कंप्रेशन में रहता है।’ 2009 में तैयार होना था, 2010 में काम ही शुरू हुआ चिनाब ब्रिज प्रोजेक्ट को साल 2003 में मंजूरी मिली थी। शुरुआती प्लान के तहत इसे 2009 तक तैयार हो जाना था। हालांकि कंस्ट्रक्शन और सेफ्टी से जुड़ी चुनौतियों की वजह से काम रुकता गया। 2009 में पूरे प्रोजेक्ट और डिजाइन का रिव्यू किया गया। रेलवे के अधिकारियों ने डिजाइन अप्रूव किया और फिर 2010 में इस पर काम शुरू हो सका। नवंबर, 2017 में चिनाब ब्रिज के बेस सपोर्ट का काम पूरा हुआ। 2017 के बाद से ब्रिज के मुख्य हिस्से आर्च का कंस्ट्रक्शन शुरू हुआ। 2022 में ब्रिज बनकर तैयार हुआ। चिनाब घाटी से कश्मीर तक का पूरा इलाका नॉर्दर्न रेलवे में आता है। हालांकि ब्रिज के कंस्ट्रक्शन के लिए कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड को एग्जीक्यूटिव एजेंसी और डिजाइन कंसल्टेंट बनाया गया। कोंकण रेलवे पहले भी इस तरह के रेलवे ब्रिज बना चुका है। इसी अनुभव की वजह से उसे चुना गया। रश्मि रंजन मलिक कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड में ही डिप्टी इंजीनियर हैं। वे बताते हैं, ‘ब्रिज की खासियत है कि ये मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग का करिश्मा है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग से फेब्रिकेशन, सिविल इंजीनियरिंग में सर्वे और स्लोप स्टेबिलिटी का खास काम हुआ है। यहां एक वक्त में 2200 मजदूर काम करते थे।’ हिमालय की ऊंची पहाड़ियों पर काम करना सबसे बड़ी चुनौतीरश्मि रंजन मलिक बताते हैं, ‘हमने सर्वे करके चुना था कि चिनाब पर ब्रिज बनाने के लिए ये ही बेस्ट लोकेशन है। ब्रिज के बेस के लिए पहाड़ की कटिंग शुरू की। पहाड़ काटते वक्त बहुत सावधानी बरती, ताकि किसी फेलियर की गुंजाइश न बचे।’ ‘ये प्रोजेक्ट हिमालय की पीर पंजाल रेंज के पास है। हिमालय एक न्यूली फोल्डेड माउंटेन है। यहां की जियोलॉजिकल कंडीशन में काम करना इंजीनियर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। ऐसे पहाड़ों पर काम करने के लिए गहराई से भूगर्भीय जांच परीक्षण करना जरूरी है। परीक्षण के बाद हर काम को करने के लिए इनोवेटिव तरीके तलाशने जरूरी थे।’ ‘हमें पता था कि हमें अलर्ट रहकर और खतरों को भांपते हुए काम करना होगा। सबसे पहले हमने लोकेशन साइट पर एक कनेक्टिंग रोड तैयार की। इसके बाद आर्च के दोनों पिलर्स के लिए भी कनेक्टिंग रोड बनाई। इसके बाद पहाड़ों की खुदाई शुरू की। हमने पहाड़ों की जियोलॉजी, रॉक कंसोलिडेशन, स्टेबिलिटी की स्टडी की फिर पहाड़ों की कटिंग शुरू की।’ ‘किसी चट्‌टान का एक ब्लॉक काटते थे, तो उस पूरी जगह को पानी से धोकर ऑन साइट वेरिफेकेशन करते थे। फिर रॉक कंसॉलिडेशन चेक करते थे, उसकी रिपोर्ट बनाते थे। हमने पूरे प्रोजेक्ट के हर स्टेज का पूरा डॉक्यूमेंटेशन इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से किया है। ये गर्व की बात है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट में एक भी मजदूर या इंजीनियर की कैजुएलटी नहीं हुई।’ ‘भूकंप के खतरे के हिसाब से भारत को चार जोन में 2 से लेकर 5 तक में बांटा गया है। चिनाब घाटी का इलाका सिस्मिक जोन 4 में आता है। फिर भी हमने ब्रिज को सिस्मिक जोन 5 के हिसाब से डिजाइन किया है। ये रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता तक का भूकंप झेल सकता है।’ ‘यहां की परिस्थितियों में सबसे अहम था हवाओं की तेज गति और ब्रिज के आर्च पर उसका असर। चिनाब घाटी में जिस लोकेशन पर ब्रिज बना है, ये विंड प्रोन है। यहां 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चलती है। ब्रिज को ऐसे बनाया गया है कि ये 266 किमी की रफ्तार से चलने वाली हवा भी झेल सकता है।’ ‘तेज हवा से ब्रिज को बचाने के लिए सर्कुलर विंड ब्रेसिंग दी गई है। इसमें करीब 3 लाख बोल्ट इस्तेमाल किए गए हैं। ब्रिज के सेफ्टी ऑडिट के लिए हमने स्पेशल लिफ्ट दी हैं। इसके जरिए पूरे ब्रिज के हर हिस्से को छूकर जांच की जा सकती है।’ कश्मीर के टूरिज्म और एक्सपोर्ट को फायदा, सेना तक तेजी से हथियार पहुंचेंगेचिनाब रेलवे ब्रिज बनने के बाद जम्मू-कश्मीर उधमपुर के रास्ते दिल्ली से जुड़ गया है। अब देश के अलग-अलग हिस्सों से टूरिस्ट कश्मीर जा सकेंगे। रेलवे रूट खुलने से यहां के टूरिज्म सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इसके अलावा चिनाब ब्रिज देखने के लिए भी टूरिस्ट आने लगे हैं। रश्मि रंजन मलिक कहते हैं कि इंजीनियरिंग की दुनिया के लोगों के लिए चिनाब रेलवे ब्रिज किसी तीर्थ स्थल की तरह होगा। चिनाब ब्रिज सेना के लिए भी बहुत अहम है। डिफेंस एंड स्ट्रैटजिक एक्सपर्ट रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी बताते हैं, ‘चिनाब रेलवे ब्रिज कनेक्ट होने के साथ ही दिल्ली की कश्मीर में सीधी पहुंच हो जाएगी। इससे हमारी सामरिक और सैन्य क्षमताओं में जबरदस्त इजाफा होगा। कश्मीर में तैनात सेना को आर्म्स, एम्यूनिशन, टैंक सीधे घाटी में पहुंच सकेंगे। बारामूला तक रेल कनेक्ट होने से बॉर्डर तक रसद की पहुंच आसान होगी।’ ‘अभी कश्मीर घाटी में फोर्स के मूवमेंट में बहुत समय और एफर्ट लगता है। रेल कनेक्टिवटी से कश्मीर में मूवमेंट तेज होगा और आर्थिक रूप से भी फायदे का रूट होगा।’ चिनाब ब्रिज से पाकिस्तान और चीन की चिंता क्यों बढ़ी है?डिफेंस एक्सपर्ट जेएस सोढ़ी के मुताबिक चिनाब ब्रिज कश्मीर के अखनूर इलाके में बना है। जैसे नॉर्थ ईस्ट में सिलीगुड़ी कॉरिडोर को चिकन नेक कहा जाता है, जहां अगर चीन का कब्जा हो जाए तो देश दो हिस्सों में टूट सकता है। इसी तरह अखनूर इलाका कश्मीर का चिकन नेक है। इसीलिए इस इलाके में चिनाब ब्रिज का बनना भारत के लिए सामरिक तौर पर बेहद खास है। अब हर मौसम में सेना और आम लोग इस हिस्से में ट्रेन या दूसरे वाहनों से जा सकेंगे।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2024 5:07 am

मंडे मेगा स्टोरी- 300 साल पहले भारत नंबर-1 GDP था:अंग्रेजों ने भूखे मार डाले 6 करोड़ लोग; फिर कैसे बन रहे तीसरी बड़ी इकोनॉमी

भारत इस वक्त 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने का ख्वाब पूरा करने में जुटा है। 23 जुलाई को पेश होने वाला बजट इसकी अहम कड़ी है। भारत अभी दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी GDP है और यहां तक पहुंचने का सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। इतिहास में ज्यादातर समय भारत समृद्ध और अमीर था। मुगलों के वक्त दुनिया की नंबर-1 GDP बना। फिर अंग्रेज आए और इतना लूटा कि भारत की करीब 6 करोड़ लोग भूख से मर गए। आजादी के बाद इकोनॉमी ने रफ्तार पकड़ी और हम तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहे हैं। हालांकि इस पर कुछ सवाल भी हैं। मंडे मेगा स्टोरी में रोचक किस्सों और घटनाओं से जानेंगे भारत के विकास की कहानी… *** ग्राफिक्स- अजीत सिंह, महेंद्र वर्मा *** बजट से जुड़े अन्य एक्सप्लेनर्स- 1. किसानों को सालाना ₹8 हजार: तीन बजट के एनालिसिस से समझें, कौन से 5 बड़े ऐलान कर सकती हैं निर्मला सीतारमण दैनिक भास्कर ने पिछले 3 बजट का एनालिसिस किया। बजट से पहले वित्त मंत्री से की गई मांगों पर नजर दौड़ाई और एक्सपर्ट्स की राय ली। इन 3 तरीकों से 5 ऐसी बातें मिलीं, जिनका ऐलान निर्मला सीतारमण अपने 7वें बजट में कर सकती हैं। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए... 2. पांच महीने में दोबारा क्यों आ रहा है बजट: विवेक और उसकी दादी के किस्से से समझिए मोदी सरकार का बजट देश का बजट यानी देश के पूरे वित्तीय वर्ष का हिसाब-किताब। वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से लेकर अगले साल 31 मार्च तक के 12 महीने का समय। मतलब वित्त मंत्री ये बही-खाता तैयार करती हैं कि सरकार को कहां-कहां से पैसा मिलेगा और सरकार कहां-कहां उसे खर्च करेगी। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 22 Jul 2024 4:59 am

कहां से आएगा, कहां खर्च होगा केंद्र सरकार का पैसा:भास्कर में जानिए 510 पन्नों के बजट का निचोड़ 5 आसान ग्राफिक्स में

1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट 2024-25 के हिसाब से जानिए भारत सरकार के पास पैसा कहां से आएगा और कहां-कहां खर्च होगा... केंद्रीय बजट की दो बारीक बात 1. सरकार पैसा कमाती नहीं, जुटाती हैसरकार किसी कंपनी की तरह मुनाफा नहीं कमाती, उसका काम योजनाओं और प्रोजेक्ट्स के जरिए लोगों का भला करना होता है। इसके लिए सरकार पहले अपने खर्च का अनुमान लगाती है। इसके बाद खर्च के हिसाब से पैसा जुटाती है। इसलिए सरकार के जुटाए हुए पैसे को कमाई नहीं, जमा कह सकते हैं। 2. कुल खर्च में राज्यों का हिस्सा शामिल बजट के पूरे हिसाब-किताब को समझने के लिए एक और बारीक बात जान लेनी चाहिए। सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के अंतरिम बजट का साइज 47.7 लाख करोड़ रुपए आंका था, लेकिन जमा और खर्च के हिसाब में केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को दिए जाने वाला पैसा भी शामिल किया जाता है। इसके कारण अंतरिम बजट में मोदी सरकार के पास कुल 59.9 लाख करोड़ रुपए जमा होने का अनुमान था। सरकार के हिसाब-किताब के मोटे तौर पर दो हिस्से हैं- जमा और खर्च। जमा और खर्च भी दो तरह के होते हैं। नीचे दिए गए चार्ट से पूरी बात आसानी से समझ में आ जाएगी… जमा और खर्च के हिसाब को देखा जाए तो समझ आता है कि सरकार के पास ज्यादातर पैसा 28% कर्ज से आता है। वहीं कर्ज का ब्याज चुकाने में सरकार 20% पैसा खर्च कर देती है। अब मन में सवाल आता है कि सरकार तो सरकार है, फिर उसे कर्ज कौन देता है? इसका जवाब, सवाल में ही छिपा है। सरकार तो सरकार है, इसलिए सरकार को हर कोई कर्ज देता है। सरकार मोटे तौर पर 4 जरियों से कर्ज जुटाती है- 1. देश के भीतर से: बीमा कंपनियों, आरबीआई, अन्य दूसरे बैंकों से सरकार कर्ज लेती है। 2. विदेश से: मित्र देशों, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ), वर्ल्ड बैंक, अन्य अंतरराष्ट्रीय बैंक से सरकार कर्ज लेती है। 3. बाजार से: सरकार ट्रेजरी बिल, बॉन्ड, स्मॉल सेविंग स्कीम, आदि को जारी करती है, जिन्हें लोग और कंपनियां खरीदती हैं। समय-समय पर सरकार इसका ब्याज लोगों और कंपनियों को देती है। 4. अन्य तरीकों से: सरकार अपनी संपत्ति, गोल्ड, आदि को गिरवी रखकर भी कर्ज उठाती है। जैसे- 1990 में सरकार ने सोना गिरवी रखकर पैसा उठाया था। मोदी सरकार के 9 सालों में 220% बढ़ा कर्ज इकोनॉमिस्ट अरुण कुमार कहते हैं, ‘सरकार का कर्ज इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी आमदनी और खर्च कितना है। अगर खर्च आमदनी से ज्यादा है तो सरकार को कर्ज लेना पड़ता है। इसका असर राजकोषीय घाटे पर पड़ता है।’ अर्थशास्त्री परंजॉय गुहा ठाकुरता एक इंटरव्यू में कहते हैं कि 2014 से ही मोदी सरकार ने कई फ्रीबीज योजनाओं की शुरुआत की है। लोगों को मुफ्त की चीजें देने के लिए सरकार पैसा कर्ज पर लेती है। सब्सिडी, डिफेंस, जैसे सरकारी खर्चों के कारण देश का वित्तीय घाटा बढ़ता है। बीजेपी की तरह ही राज्यों में कांग्रेस की सरकारों ने भी कई फ्रीबीज योजनाएं शुरू की हैं। जैसे- राजस्थान में गहलोत सरकार के दौरान इंदिरा गांधी फ्री मोबाइल योजना, फ्री स्कूटी योजना, फ्री राशन योजना आदि। अमेरिका, जापान, फ्रांस जैसे देशों पर अपनी जीडीपी से ज्यादा कर्जभारत में कर्ज को निगेटिव नजरिए से देखा जाता है। लोग मानते हैं कि सरकार कर्ज लेकर घाटे का सौदा कर रही है और इसका बोझ जनता पर डाला जाएगा। अर्थशास्त्री मानते हैं कि मोटे तौर पर ये नजरिया सही नहीं है। केयर रेटिंग एजेंसी के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस के मुताबिक, ‘देश पर कर्ज बढ़ने का महंगाई से कोई सीधा संबंध नहीं है। सरकार कर्ज के पैसे को आय बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करती है। कर्ज का पैसा जब बाजार में आता है तो इससे सरकार के पास जमा होने वाला टैक्स बढ़ जाता है। सरकार इस पैसे का इस्तेमाल सड़क, पुल, एक्सप्रेस-वे जैसी बड़ी-बड़ी योजनाओं पर करती है। इन योजनाओं से लोगों को फायदा मिलता है। लेकिन कर्ज के पैसे का गलत इस्तेमाल हो तो महंगाई बढ़ भी सकती है। जैसे- कर्ज लेकर आम लोगों में पैसा बांट दिया जाए तो लोग ज्यादा चीजें खरीदने लगेंगे और बाजार में मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से सप्लाई पूरी नहीं होने पर चीजों की कीमत बढ़ेंगी।' दुनियाभर के बड़े देश इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए कर्ज लेते हैं। हांलाकि इसमें रिस्क भी ज्यादा होता है। दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले देशों में जापान, इटली, फ्रांस जैसे देश शामिल हैं। ये सभी देश जीडीपी के मुकाबले में भारत से ज्यादा कर्ज लेते हैं। दरअसल, कर्ज कम है या ज्यादा, इसकी तुलना जीडीपी के अनुपात में की जाती है। नोटः इस स्टोरी के सभी आंकड़े अंतरिम बजट 2024 के हिसाब से हैं। 23 जुलाई को पेश होने वाले आम बजट में ये आंकड़ा बदल सकता है। **** स्केचः संदीप पालग्राफिक्स: कुणाल शर्माकैमराः दिलीप चोकसे *** बजट से जुड़े अन्य एक्सप्लेनर्स- 1. किसानों को सालाना ₹8 हजार: तीन बजट के एनालिसिस से समझें, कौन से 5 बड़े ऐलान कर सकती हैं निर्मला सीतारमण दैनिक भास्कर ने पिछले 3 बजट का एनालिसिस किया। बजट से पहले वित्त मंत्री से की गई मांगों पर नजर दौड़ाई और एक्सपर्ट्स की राय ली। इन 3 तरीकों से 5 ऐसी बातें मिलीं, जिनका ऐलान निर्मला सीतारमण अपने 7वें बजट में कर सकती हैं। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए... 2. पांच महीने में दोबारा क्यों आ रहा है बजट: विवेक और उसकी दादी के किस्से से समझिए मोदी सरकार का बजट देश का बजट यानी देश के पूरे वित्तीय वर्ष का हिसाब-किताब। वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से लेकर अगले साल 31 मार्च तक के 12 महीने का समय। मतलब वित्त मंत्री ये बही-खाता तैयार करती हैं कि सरकार को कहां-कहां से पैसा मिलेगा और सरकार कहां-कहां उसे खर्च करेगी। पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 22 Jul 2024 4:59 am

मिनेसोटा में कोविड-19 स्ट्रेन समस्या पैदा कर रहे हैं

मिनेसोटा स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्पताल में भर्ती डेटा राज्य में कोविड मामलों...

वर्ल्ड नाउ 22 Jul 2024 3:31 am

बाइडेन नहीं तो कौन? राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के सामने डेमोक्रेट्स की तरफ से कौन होगा 'सूरमा'

Kamala Harris: सच तो ये है कि डेमोक्रेटिक पार्टी में कई सीनियर और शक्तिशाली नेताओं की मौजूदगी के बावजूद भी कमला हैरिस के अलावा और कोई नाम ही नहीं सामने आया है. कमला हैरिस ही सबसे बड़ी और फिलहाल एकमात्र उम्मीदवार हैं जो ट्रंप को टक्कर दे सकती हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Jul 2024 12:11 am

Pakistan News: अफगानियों का पाकिस्तानी दूतावास पर हमला, झंडा उखाड़कर कुचला, खिसिया कर रह गया पड़ोसी मुल्क

Pakistan News in Hindi: अफगानिस्तान में तालिबान को बिठाकर उसे अपना मोहरा बनाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को लगातार कड़वा स्वाद चखना पड़ रहा है. अब अफगानी उसे रह- रहकर सबक सिखाने में लगे हैं.

ज़ी न्यूज़ 21 Jul 2024 11:50 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर, जो बाइडेन का ऐलान- नहीं लड़ूंगा चुनाव

Joe Biden: यह चर्चा लंबे समय से थी लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के बड़े चेहरे दबे स्वर में इसकी मांग भी कर रहे थे और यही पार्टी के लिए मुफीद भी बता रहे थे. अब खुद जो बाइडेन ने चिट्ठी लिखकर अपनी दावेदारी से विराम लगा दिया है.

ज़ी न्यूज़ 21 Jul 2024 11:47 pm

ब्रिटिश ओपन फाइनल राउंड लाइव अपडेट, लीडरबोर्ड: रॉयल ट्रून में पहले मेजर की तलाश में बिली हॉर्शेल भीड़ भरे मैदान में सबसे आगे हैं

बिली हॉर्शल किसी बड़ी चैंपियनशिप के इतने करीब है जितना पहले कभी नहीं था। ब्रिटिश...

वर्ल्ड नाउ 21 Jul 2024 7:30 pm

Bangladesh Protest: मौत के सौदागर, खून के प्यासे...कौन हैं रजाकार, जिनकी बांग्लादेश हिंसा में फिर हुई 'एंट्री'

Bangladesh Students Protest Update: बांग्लादेश में आरक्षण के ऊपर चल रहे बवाल में पीएम शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों को रजाकार बताया है. आखिर कौन थे रजाकार, जिनसे आज भी भारतीय और बांग्लादेश के लोग नफरत करते हैं.

ज़ी न्यूज़ 21 Jul 2024 5:53 pm

'रखवालों' पर ही बरस पड़े ट्रंप, बताया सीक्रेट सर्विस वालों से कहां हो गया ब्लंडर

Donald Trump: ट्रंप ने सीक्रेट सर्विस पर सीधे सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि हत्या के प्रयास से पहले सीक्रेट सर्विस ने उन्हें बंदूकधारी थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के बारे में चेतावनी नहीं दी थी.

ज़ी न्यूज़ 21 Jul 2024 3:53 pm

आरक्षण के जिस आदेश से जल उठा बांग्लादेश, उसे कोर्ट ने पलटा; क्या अब थमेगा मौत का तांडव?

Bangladesh News: बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कई दिन से प्रदर्शन हो रहे थे. हालात बिगड़ने पर शनिवार को पूरे देश में कठोर कर्फ्यू लगा दिया गया.

ज़ी न्यूज़ 21 Jul 2024 3:26 pm

बस जिंदा बच ही गए डोनाल्ड ट्रंप, सीधे सिर पर मारी थी गोली, निशाना भी सही था, तभी...

Trump rally attack:अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप एक हफ्ते पहले पेन्सिलवेनिया में हुए जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए थे. मगर अब एफबीआई ने जो खुलासा किया है, उसके बारे में जानकर आपके होश उड़ जाएंगे.

ज़ी न्यूज़ 21 Jul 2024 1:05 pm

माइक पेरी के विरुद्ध रिंग में रथ पर सवार जैक पॉल का कहना है कि वह ईश्वर के सेवक हैं

जेक पॉल 8-राउंड क्रूजरवेट मुकाबले में माइक पेरी का सामना करने के लिए शनिवार रात...

वर्ल्ड नाउ 21 Jul 2024 11:28 am

इजरायल का 24 घंटे के अंदर बदला पूरा, पहली बार यमन में घुसकर हूतियों पर मचाया मौत का तांडव, Video देख कलेजा कांपने लगेगा

Israel strikes Houthis in Yemen: इजरायल के लिए कहा जाता है कि वह अपने दुश्‍मन को कभी छोड़ता नहीं, तभी तो बदला लेने के लिए 24 घंटे के अंदर यमन में घुसकर हूतियों पर जमकर मौत का तांडव मचाया है.

ज़ी न्यूज़ 21 Jul 2024 7:28 am

मेगा एंपायर- 3 कर्मचारियों से शुरू हुई ‘नायका’:एक बैंकर ने खड़ी की 6,386 करोड़ रुपए की कंपनी

मेकअप, ब्यूटी और फैशन इंडस्ट्री का फेमस ब्रांड है नायका। इसकी फाउंडर हैं- फाल्गुनी नायर। 2012 में जब इसकी नींव रखी गई, तब नाम था- FSN ई-कॉमर्स वेंचर्स यानी फाल्गुनी संजय नायर ई-कॉमर्स वेंचर्स। फाल्गुनी एक अच्छे जॉब में थीं, अचानक उन्हें बिजनेस करने का ख्याल आया और उन्होंने नौकरी से रिजाइन कर दिया। 6,386 करोड़ रुपए रेवेन्यू वाली कंपनी नायका के प्लेटफॉर्म पर इस समय 4000 से ज्यादा ब्रांड्स मौजूद हैं। आज मेगा एंपायर में बात ई-कॉमर्स ब्रांड ‘नायका’ की करते हैं… फाल्गुनी का जन्म 19 फरवरी 1963 को मुंबई के गुजराती परिवार में हुआ था। उनके पिता एक छोटी बियरिंग कंपनी चलाते थे। इस काम में उनकी मां सहायता करती थीं। इस वजह से फाल्गुनी के मन में बचपन से ही बिजनेस करने का ख्याल था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि शेयर बाजार और बिजनेस पर उनके घर में पहले से ही चर्चा होती थी। बीकॉम की पढ़ाई करने के बाद उनकी नौकरी एएफ फर्ग्यूसन कंपनी में लग गई। यहां फाल्गुनी बतौर मैनेजमेंट कंसल्टेंट काम करने लगीं। बैंक की नौकरी के साथ IIM से किया एमबीए 1993 में फाल्गुनी कोटक महिंद्रा ग्रुप के साथ इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर जुड़ गईं। इस ग्रुप के साथ उन्होंने 19 साल तक काम किया। 2005 में वे कोटक महिंद्रा में मैनेजिंग डायरेक्ट बनीं। इसी नौकरी के दौरान उन्हें एमबीए करने का ख्याल आया। IIM अहमदाबाद में उन्होंने एडमिशन ले लिया। इस कोर्स के दौरान ही फाल्गुनी की मुलाकात कई ऐसे लोगों से हुई, जिनसे मिलने के बाद फाल्गुनी खुद का बिजनेस करने की सोचने लगी। वह बस सही वक्त का इंतजार कर रही थीं। एक दिन उनकी बेटी अद्वैता ने उन्हें सीवी कवाफी की कविता 'इथाका' सुनाई। इससे फाल्गुनी इतनी प्रभावित हुईं कि नौकरी छोड़कर अपनी कंपनी शुरू करने का फैसला कर लिया। इस वक्त फाल्गुनी 49 साल की थीं। नायका में लगाए खुद के 16 करोड़ रुपए 12 अप्रैल, 2012 को फाल्गुनी की उम्र 50 साल हो गई थी। इसी साल उन्होंने ‘नायका’ की शुरुआत एक रिटायरमेंट प्लान के तौर पर की। उन्हें लगा कि एक ऐसा प्लेटफाॅर्म बनाना चाहिए, जहां से महिलाएं ब्यूटी और वेलनेस से जुड़े सारे प्रोडक्ट आसानी से खरीद सकें। फाल्गुनी नायर के मुताबिक, 'जब कंपनी की शुरुआत की तब ब्यूटी प्रोडक्ट्स का मार्केट अछूता था। ऐसा लग रहा था कि जल्द ही यहां एक धमाका होने वाला है। ऐसे में पूरा ध्यान इस मार्केट को ऑनलाइन लाकर सभी सौंदर्य उत्पाद की जरूरतों को पूरा करने पर था। उस दौर में जब सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भारी छूट देकर कस्टमर जुटाने में लगे थे, नायका ने ऐसा नहीं किया। इससे नायका के पास एक डेडिकेटेड कस्टमर बेस बना।' फाल्गुनी और उनकी टीम का यह प्लान सक्सेसफुल हो गया। 2014 में सिकोइया कैपिटल इंडिया ने 'नायका' में करीब 7 करोड़ का निवेश किया। फिर क्या था, इसके बाद कंपनी के पास निवेशकों की लाइन लग गई। 2015 में अतुल निसार और 2016 में हर्ष मारीवाला 'नायका' के इन्वेस्टर बने। दिलीप पाठक, टीवीएस कैपिटल और स्टेडव्यू कैपिटल से कुछ बड़े निवेशक भी कंपनी को मिले। ऑनलाइन स्टोर के पाॅपुलर होने के बाद खोला ऑफलाइन स्टोर नायका का ऑनलाइन स्टोर पॉपुलर होने लगा था। इसके बावजूद कुछ लोगों को यह लग रहा था कि बिना टेस्ट किए कॉस्मेटिक खरीदना रिस्की है। लोग क्वालिटी चेक करने के बाद ही प्रोडक्ट खरीदना चाहते थे। इस बात को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने 2015 में अपना पहला ऑफलाइन स्टोर खोला। यह फैसला सही साबित हुआ और इस वजह से ऑफलाइन स्टोर पर कस्टमर्स की संख्या बढ़ने लगी। कंपनी मुनाफे में रही, फिर देखते ही देखते कंपनी के 60 से ज्यादा स्टोर देशभर में खुल गए। कटरीना और आलिया ने लगाया पैसा कटरीना कैफ और आलिया भट्ट ने भी 'नायका' में पैसा लगाया है। फाल्गुनी नायर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि आलिया ने तीन बातों की वजह से 'नायका' में निवेश किया था। पहला- यह एक इंडियन प्लेटफॉर्म था। दूसरा- इसकी शुरुआत एक महिला ने की है और तीसरा उन्हें यकीन था कि 'नायका' भारत का एक ऐसा ब्रांड बनेगा, जो इंटरनेशनल ब्रांड को टक्कर देगा। ​​​​​ कटरीना ने अपने ब्यूटी ब्रांड 'KayBeauty' को भी 'नायका' से लाॅन्च किया था। आलिया और कटरीना ने कंपनी में कितना पैसा लगाया है, इसका खुलासा नहीं हो सका। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कटरीना ने 22 करोड़ रुपए और आलिया भट्ट ने 54 करोड़ निवेश किए हैं। 3 सीईओ ने दिया इस्तीफाएक तरफ नायका कंपनी सफलता की नई ऊंचाइयों की तरफ बढ़ रही थी, वहीं दूसरी तरफ उनके साथ नया विवाद जुड़ रहा था। फाल्गुनी को न तो ब्यूटी इंडस्ट्री की ज्यादा जानकारी थी और न ही ई-कॉमर्स इंडस्ट्री की। इस वजह से उनका सफर आसान नहीं था। चुनौतियों का आलम यह था कि शुरुआती चार साल में उनके तीन चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स ने इस्तीफा दे दिया था। नायका का इन्वेंट्री मॉडल बनाता है इसे खास नायका कंपनी का इन्वेंट्री मॉडल इसे अपने कॉम्पिटिटर कंपनियों से अलग बनाता है। इस बिजनेस मॉडल के तहत 'नायका' पहले प्रोडक्ट्स को ब्रांड या डिस्ट्रीब्यूटर से खुद खरीदती है। उसके बाद अपने कस्टमर्स को बेचती है। ऑनलाइन बिजनेस में ज्यादातर कंपनियां मार्केट प्लेस मॉडल पर काम करती हैं, जहां सेलर्स प्रोडक्ट्स को सीधे सेल करते हैं। इन्वेंट्री मॉडल की मदद से 'नायका' को किसी भी नकली आइटम से बचने में मदद मिलती है। इसके अलावा कंपनी ने अपने मार्केटिंग के जरिए कटरीना कैफ और आलिया भट्ट जैसी सेलिब्रिटीज को अपनी कंपनी के साथ जोड़ा है। इससे कंपनी की विश्वसनीयता यानी क्रेडिबिलिटी और बढ़ गई है। कॉस्मेटिक कंपनी लॉरियल ने लगाया आरोप नवंबर 2019 में, फ्रांसीसी कॉस्मेटिक दिग्गज, लॉरियल ने कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक मुकदमा दायर किया था। लॉरियल का आरोप था कि नायका कंपनी ने उनका आइडिया चुराया है। ऐसा एक नहीं कई बार हुआ है। इसके बाद नायका और लॉरियल के बीच एक समझौता होता है। लॉरियल नायका के आर्टवर्क को मंजूरी देती है। इसके बाद तय होता है कि दोनों ही कंपनी एक-दूसरे के खिलाफ कोई बात नहीं करेंगी। यहीं नहीं, कंपनी के खराब वर्क कल्चर को लेकर भी कई तरह के सवाल समय-समय पर उठाए गए। नायका ने खुद को सुधारा, अपने कामकाज के तरीके में कई बदलाव किए। ब्रांडिंग से लेकर प्रोडक्ट को तैयार करने तक में इनोवेशन और रिसर्च के तरीके बदले। मां के बिजनेस से जुड़ने के लिए बेटी ने भी छोड़ी जॉब संजय और फाल्गुनी के दो बच्चे हैं- अद्वैता और अंचित। कंपनी को और आगे ले जाने का काम फाल्गुनी नायर की बेटी अद्वैता कर रही हैं। अद्वैता इस समय 'नायका फैशन' की सीईओ हैं। उन्होंने अमेरिका के येल विश्वविद्यालय से एप्लाइड गणित में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री ली है। फिर उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से MBA किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद अद्वैता अमेरिका में बेन एंड कंपनी में बतौर कंसल्टेंट काम कर रहीं थीं। जब उनकी मां ने 2012 में कंपनी शुरू करने का फैसला किया तब अद्वैता ने जॉब छोड़ दी और नायका से जुड़ गईं। *** ग्राफिक्स- अजीत सिंह

दैनिक भास्कर 21 Jul 2024 5:28 am

संडे जज्बात- कैंसर सर्वाइवर भाई का ब्रेन डेड हो गया:अंगदान किया; लोग कहते हैं- आपके भइया अगले जन्म में अपाहिज पैदा होंगे

मेरा नाम अनिल ढिमाेले है। मैं सागर के देवरी तहसील का रहने वाला हूं। कुछ दिन पहले ही मैंने अपने बड़े भाई हरिशंकर को खो दिया है। उनका ब्रेन डेड हो गया था। मौत के बाद हमने उनकी दोनों ही किडनी दो लोगों को डोनेट कर दी। अपनों का अंगदान करना आसान काम नहीं है। कुछ लोगों ने हमारे फैसले का सम्मान किया तो कुछ ने हमें गलत बताया। सबकी बातों को सुनकर कभी-कभी यह लगता है कि कहीं हमने कुछ गलत तो नहीं किया! मेरे पिता एक शिक्षक थे। उस समय देवरी बहुत छोटा-सा कस्बा हुआ करता था। हम 6 भाई-बहनों को माता-पिता ने हर सुविधा के साथ पाला-पोसा था। पिता की तरह भइया ने भी टीचिंग को प्रोफेशन बनाया। उनकी पोस्टिंग आदिवासी इलाके में हुई। वहां स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हालत में थी। उन्होंने अपने पैसे से ही पूरे स्कूल की मरम्मत करवाई और पेंट करवाया। वह आदिवासियों की हरसंभव मदद करते थे। 13 अप्रैल की बात है। एक शाम को भैया अपने स्कूटर से मार्केट के लिए निकले थे। दोस्त की दुकान पर पहुंचते ही उन्हें चक्कर आने लगा। उन्होंने अपने दोस्त और वहां मौजूद लोगों को बताया कि चक्कर के साथ-साथ सिर के अंदर से उन्हें अजीब-सी आवाज आ रही है। सामने ही एक अस्पताल था, सब भइया को लेकर वहां गए। हम लोगों को इस बात की जानकारी फोन पर मिली। उनके सिम्प्टम्स को समझने और सारी जांच करने के बाद डॉक्टर ने कहा कि इन्हें ब्रेन अटैक हो सकता है। जल्द से जल्द किसी बड़े अस्पताल ले जाएं। हम लोग भइया को लेकर सागर पहुंचे। वहां के डॉक्टर ने कुछ चेकअप करने के बाद कहा कि मरीज को दिल्ली या भोपाल रेफर करना होगा। बस फिर क्या था। फौरन हम लोग उन्हें लेकर भोपाल पहुंच गए। वहां के डॉक्टरों ने उनकी जिंदगी बचाने की उम्मीद जताई। कहा अगर 24 घंटे में कुछ मूवमेंट होता है तो ये रिकवर हो जाएंगे, वर्ना कुछ कह नहीं सकते। भोपाल में भइया दो दिन तक एडमिट रहे, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पा रहा था। हम सब ने ईश्वर से बहुत प्रार्थना की, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। भइया हमेशा-हमेशा के लिए हमें छोड़कर चले गए। इतनी जल्दी में सब कुछ हुआ कि किसी के लिए कुछ भी समझ पाना मुश्किल था। हरिशंकर भइया पॉजिटिव और मिलनसार थे। वह एक कैंसर सर्वाइवर थे। 2018 में उन्हें मुंह का कैंसर हुआ था। 2018 से 2021 तक वह इससे लड़ते रहे। मुंबई के टाटा मेमोरियल में उनका ट्रीटमेंट चला। तब भी वह हिम्मत नहीं हारे। वह पूरे परिवार को पॉजिटिव रहने को कहते थे। उन्हें जिंदगी को लेकर रोना-धोना पसंद नहीं था। कीमोथेरेपी तक अकेले लेने चले जाते थे। उसी दौरान उन्होंने अपने छोटे बेटे की शादी की थी। भइया के दिमाग में हमेशा एक ही बात चलती रहती थी कि उनकी बीमारी की वजह से परिवार के किसी सदस्य को दिक्कत न हो। एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे अकेले में तुमसे बात करनी है। मैंने कहा- बोलो भइया। कहने लगे कि शायद मैं जल्दी दुनिया छोड़कर चला जाऊं। अगर ऐसा कुछ हो तब तुम मेरा ऑर्गन डोनेट कर देना। मैं चाहता हूं कि मरने के बाद भी किसी के काम आ जाऊं। इस बात को मैं पूरी तरह से भूल चुका था। भोपाल के बंसल हॉस्पिटल में भइया को मृत घोषित कर दिया गया था। बच्चे-भाभी सब टूट गए थे। मैंने तो दोबारा से अपना पिता खो दिया था। इस खबर को सुनकर रिश्तेदार भोपाल में जमा होने लगे थे। हम लोग उन्हें भोपाल से देवरी वापस लाने की तैयारी में थे। तभी हॉस्पिटल के डॉक्टर ने कहा कि आप लोगों को ऑर्गन डोनेट करने के बारे में सोचना चाहिए। लोग अलग-अलग तरह की सलाह हमें दे रहे थे। कौन क्या कह रहा था, हमें समझ नहीं आ रहा था। परिवार का कोई भी सदस्य होश में नहीं था। बंसल हॉस्पिटल के डॉक्टर ने मुझे दोबारा ऑर्गन डोनेशन के महत्व के बारे में समझाया। तब मुझे भइया की कही बात याद आई। मैंने उनके बच्चों को बताया कि किस तरह उन्होंने ऑर्गन डोनेट करने की इच्छा अकेले में जताई थी। इस बारे में परिवार के बाकी लोगों से चर्चा की गई। परिवार और रिश्तेदार के मिलाकर करीब 15-20 लोग हॉस्पिटल में मौजूद थे। मेरी बात सुनते ही सबने अंगदान करने से इनकार कर दिया। कुछ लोग तो भड़क गए। उनका तर्क अपनी जगह सही था। सबको लग रहा था कि एक नेक व्यक्ति जिसकी मौत असमय हो गई है, उसके शरीर को चीड़-फाड़कर दाह-संस्कार करना गलत है। इससे उनकी आत्मा को परेशानी होगी। उन्हें माेक्ष नहीं मिलेगा। उनकी बातों को सुनकर मैं भी सोच में पड़ गया। पहले कैंसर, फिर ब्रेन अटैक और अब ब्रेन डेड, इतनी तकलीफ मेरे भाई ने सही है। मरने के बाद भी उन्हें कष्ट देना कितना सही है! अगर सच में अगले जन्म वह आधे-अधूरे शरीर के साथ पैदा हुए तब क्या होगा। इसका पाप भी मुझे ही लगेगा। मैं पूरी तरह से कन्फ्यूज हो गया था। हॉस्पिटल वालों की सुनू, भइया की अंतिम इच्छा पूरी करूं या फिर अंतिम संस्कार की मान्यता को मानूं। मेरी दुविधा को समझते हुए वहां मौजूद डॉक्टर ने समझाया कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। आपके एक फैसले से दो लोगों की जान बच पाएगी। इससे दूसरे भी जागरूक होंगे और कई लोगों को प्रेरणा मिलेगी। आखिरकार बहुत साेचने के बाद, भाभी और बच्चों से बात करने के बाद किडनी दान करने का फैसला किया गया। इस बीच हॉस्पिटल वालों ने हमें बताया कि ऑर्गन डोनेट करने वाले शरीर की विदाई हम शोक नहीं बल्कि धूमधाम से करते हैं। फूलमाला से सजाकर, ढोल-बाजा बजाते हुए उन्हें जिंदगी के अंतिम पथ पर भेजा जाता है। यह सुनने के बाद मेरी चिंता बढ़ गई। अब यह डर सताने लगा कि अभी तो सिर्फ 20 लोग जानते हैं, अगर ढोल-बाजे के साथ विदा किया गया तो बात फैल जाएगी। गांव-समाज के लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे। उन्हें लगेगा कि एक भाई की मौत हो गई और दूसरा भाई बैंड-बाजे के साथ उसकी विदाई कर रहा है। हमने हॉस्पिटल वालों से साफ मना कर दिया। कहा कि अगर सादगी से ऑर्गन डोनेशन का प्रोसेस करना है तो ठीक, वर्ना रहने दें। डॉक्टर्स ने हमें समझाया कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। यह हॉस्पिटल का रिचुअल है। हमें सम्मान के साथ विदा करने दीजिए। इस कदम से दूसरे भी जागरूक होंगे, उन्हें अंगदान करने की प्रेरणा मिलेगी। बहुत समझाने के बाद परिवार के लोग इस किस्म की विदाई के लिए राजी हुए। भोपाल के बंसल हॉस्पिटल में भइया ने आखिरी सांस ली थी। उसी हॉस्पिटल के पेशेंट को उनकी एक किडनी लगाई गई। दूसरी किडनी इंदौर में किसी को लगी है। भइया की किडनी दूसरे पेशेंट तक पहुंच सके, इसके लिए भोपाल से इंदौर 200 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। हमें खुशी है कि भैया की वजह से दो और लोगों की जिंदगी संवर गई। आज समय बदल रहा है, देवरी, सागर और हमारे आसपास के लोग उन्हें देखकर अंगदान की इच्छा जता रहे हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो हमसे बाकायदा इसका प्रोसेस पूछते हैं। जिससे हमें लगता है कि भइया की अंतिम इच्छा पूरी कर हमने समाज के लिए कुछ अच्छा किया है। मन में कई बार इच्छा होती है, उन लोगों से मिलूं, जिन्हें भइया की किडनी लगाई गई है, लेकिन ऐसा कर नहीं सकता। हॉस्पिटल वाले ऐसे लोगों की आइडेंटिटी नहीं बताते हैं। अगर कभी पता चला तो उनसे जरूर मिलना चाहूंगा। उनसे मिलकर शायद ऐसा लगे कि मैं अपने भइया से मिल पाया।

दैनिक भास्कर 21 Jul 2024 5:20 am

बजरंग दल नहीं, आम लोग निकालेंगे बृजमंडल यात्रा:नूंह दंगे से सबक, पिछली बार हथियार पहुंचे, अब डंडे की भी परमिशन नहीं

'पिछली बार प्रशासन की तरफ से हमें लेटर आया था कि बजरंग दल और RSS मिलकर बृजमंडल यात्रा का आयोजन करा रहे हैं। इस बार ऐसा कोई लेटर नहीं आया। जलाभिषेक करने के लिए लोग खुद आ रहे हैं। पिछले साल को छोड़ दें, तो हर बार यही होता था। कोई संगठन यात्रा नहीं निकालता था।' सरदार मलिक नूंह के नलहरेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष हैं। सावन के पहले सोमवार यानी 22 जुलाई को मंदिर से बृजमंडल यात्रा निकलनी है। यात्रा सुबह 11 बजे शुरू होगी। सरदार मलिक इसी की तैयारियों में व्यस्त हैं। 2023 में यात्रा के दौरान दंगे भड़क गए थे, इसलिए इस बार प्रशासन भी सख्त है। सबसे बड़ा बदलाव यही है कि बजरंग दल यात्रा का आयोजक नहीं है। प्रशासन और ब्रजमंडल शोभा यात्रा कमेटी मिलकर यात्रा निकालेंगे। इसमें किसी को भी हथियार, यहां तक कि डंडे लाने की परमिशन भी नहीं होगी। 31 लोगों की कमेटी, 8 हजार लोगों के लिए इंतजामइस बार बजरंग दल के पास यात्रा की जिम्मेदारी नहीं है, तो क्या मंदिर कमेटी ने कुछ अलग इंतजाम किए हैं? सरदार मलिक जवाब देते हैं, ‘हां, इस बार 31 लोगों की एक टेंपरेरी कमेटी है। ये सब कस्बे के लोग हैं। एक तरह से यही लोग आयोजक हैं। कमेटी की कोशिश है कि यात्रा में कोई बदइंतजामी न हो। हमने प्रशासन के साथ कई राउंड की मीटिंग की है। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि इस बार यात्रा में कोई रुकावट नहीं आएगी।' कुछ अंदाजा है यात्रा में कितने लोग आ रहे हैं? सरदार मलिक कहते हैं, ‘नहीं, अब तक तो किसी संगठन ने कोई सूचना नहीं दी है।' यात्रा के लिए इस बार प्रशासन और आम लोगों ने मिलकर पीस कमेटी बनाई है। कमेटी में सरदार मलिक के साथ योगेश हिलालपुरी भी हैं। योगेश हिलालपुरी गौशाला समिति के अध्यक्ष हैं। मंदिर में जलाभिषेक के लिए 11 जुलाई को पंचायत हुई थी। प्रशासन के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए थे। योगेश हिलालपुरी बताते हैं, 'पिछली बार कुछ कमियां रह गई थीं। इसलिए बाहर के लोग शामिल हो गए थे। इस बार ऐसा नहीं होगा। हमारे एरिया के लोग इस बार बहुत एक्टिव हैं। इस बार आयोजन कोई संगठन नहीं, लोग कर रहे हैं।' यात्रा में आ सकते हैं 10,000 से ज्यादा लोग पीस कमेटी के एक और सदस्य सुरेंद्र शर्मा बताते हैं, ‘यात्रा में 10 हजार से ज्यादा लोग शामिल होंगे। पिछली बार ये संख्या करीब 6 हजार थी। इस बार प्रशासन और क्षेत्र के लोग चौकन्ने हैं। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद है, लेकिन हमारे स्वयंसेवक भी यात्रा में निगरानी करेंगे। तीन मंदिरों में होगा जलाभिषेक, तीनों की अलग-अलग कमेटीनहलरेश्वर मंदिर में इस बार 31 लोगों की कमेटी बनाई गई है। ये कमेटी पहले कभी नहीं बनी थी। पिछली बार हुए दंगों और इस बार किसी तरह की चूक न हो इसके लिए कस्बे के लोगों की कमेटियां बनाई गई है। ये सिर्फ इस बार की यात्रा के इंतजाम के लिए बनी है। प्रशासन ने दोनों समुदाय की पीस कमेटी बनाईयात्रा के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे? ये सवाल हमने नूंह SP विजय प्रताप से पूछा। वे कैमरे पर बोलने के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा, 'ब्लाक, पंचायत और जिला लेवल पर प्रशासन ने लगातार लोगों के साथ बैठकें की हैं। दोनों समुदाय के लोगों की पीस कमेटी बनाई है। प्रशासन इस बार किसी तरह की कमी नहीं छोड़ेगा। हालांकि SP ने सुरक्षा इंतजामों के बारे में बताने से इनकार कर दिया। कहा कि सिक्योरिटी प्लान सीक्रेट होता है। इसे मीडिया से शेयर कर दिया तो फिर ये पब्लिक हो जाएगा। हम इतना भरोसा दिला सकते हैं कि इस बार यात्रा बिना रुकावट के होगी। इस बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रशासन से परमिशन मांगी थी कि वे यात्रा वाले दिन श्रद्धालुओं का स्वागत करना चाहते हैं। उनके लिए पानी का इंतजाम करेंगे। प्रशासन ने इसकी परमिशन दे दी है। माहौल न बिगड़े, इसलिए प्रशासन की तैयारी सुरक्षा के ये इंतजाम क्यों जरूरी पहाड़ों पर कमांडो और पुलिस फोर्स के जवान2023 में बृजमंडल यात्रा के दौरान पहाड़ों से फायरिंग की गई थी। तब नलहरेश्वर मंदिर के पुजारी रहे दीपक शर्मा ने बताया था कि मंदिर के बाहर फायरिंग हो रही थी। पहाड़ियों से भी फायरिंग की गई। रास्ते बंद हो गए थे। मंदिर में श्रद्धालु फंसे हुए थे। पुलिस भी कम थी।’ यही बात मंदिर के सेवादार अमरपाल ने कही। उनके मुताबिक, मंदिर में आए यात्री वापस जा रहे थे। इसी बीच मंदिर के गेट के थोड़ा आगे ऊपर पहाड़ की तरफ से फायरिंग हुई। साढ़े 6 बजे के बाद पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स आई। उन्होंने भी फायरिंग की। पहले पहाड़, फिर नीचे से फायरिंग हुई। लोग पहाड़ में छुपे थे। मंदिर को घेरा हुआ था। वे लगातार फायरिंग कर रहे थे। बिना नंबर वाली या गलत नंबर वाली गाड़ियां जब्त की गईं नूंह मंदिर से करीब 24 किलोमीटर दूर नगीना जिला है। यहां के बड़कली चौक पर विकास की स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। भीड़ ने पिछले साल दंगों के दौरान उनकी दुकान में आग लगा दी थी। विकास ने दैनिक भास्कर को बताया था कि उस दिन हमलावर भीड़ बाइक से आई थी। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी। नंबर प्लेट थी भी तो उन्हें खुरच दिया था। सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए टीम पिछली यात्रा के दौरान नूंह में हिंसा की आग एक दिन पहले सोशल मीडिया पर सुलगने लगी थी। राजस्थान के जुनैद-नासिर हत्याकांड में आरोपी मोनू मानेसर ने वीडियो जारी कर कहा था कि वो नूंह यात्रा में शामिल होगा। इसके जवाब में सोशल मीडिया पर धमकियों के वीडियो आने लगे, जिसमें मोनू मानेसर को नूंह आने के लिए चैलेंज किया गया। दंगे में आरोपी बनाए गए बिट्‌टू बजरंगी का भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यात्रा पर जाने से पहले बने इस वीडियो में बिट्टू बजरंगी ने कहा था, 'ये बोलेंगे कि बताया नहीं, हम ससुराल आए और मुलाकात नहीं हुई। फूल-माला तैयार रखना।’ तभी पीछे से किसी ने कहा, ‘तुम्हारे जीजा आ रहे हैं’। इस पर बिट्टू ने कहा- ‘हां’। यही बयान बिट्टू की गिरफ्तारी की वजह बना। हरियाणा पुलिस के साथ RAF की बटालियन पिछली बार बृजमंडल यात्रा के लिए 900 पुलिसवाले तैनात थे। दंगा भड़का तब मंदिर में 2500 से ज्यादा लोग फंसे थे। इस भीड़ को संभालने के लिए मंदिर के गेट पर 10 पुलिसवाले भी मौजूद नहीं थे। दंगे के दौरान नूंह के साइबर थाने पर भीड़ ने हमला कर दिया था। गेट बंद था, इसलिए उन्होंने बस की टक्कर से दीवार तोड़ दी और अंदर घुस गए। पुलिस की गाड़ियां और फर्नीचर तोड़ दिया। इस केस में दर्ज FIR के मुताबिक, दंगाइयों ने थाने में मौजूद पुलिस पर अवैध हथियारों से फायरिंग की। बाहर खड़ी 10 गाड़ियों और एक बाइक में आग लगा दी। भीड़ ने न सिर्फ थाने में आग लगाई, बल्कि कूलर, इन्वर्टर, बैटरी और पुलिसवालों के पैसे भी लूट लिए। थाने का रिकॉर्ड जलाने की भी कोशिश की। दावा- दंगा करने वाले बाहरी लोग थेपिछले साल नूंह के तिरंगा चौक पर बृजमंडल यात्रा को निशाना बनाया गया था। दंगे में जिन लोगों की दुकानें या मिल जला दी गईं, उनका दावा था कि हमला करने वाले बाहरी लोग थे। तिरंगा चौक पर भीड़ ने विकास होटल में आग लगाकर कैश लूट लिया था। होटल मालिक सतप्रकाश बताते हैं कि करीब 500-700 लोगों की भीड़ थी। दंगा बाहरी लोगों की वजह से हुआ था। जहां दंगों की शुरुआत हुई, वहां मौजूद गांव के लोगों ने भी कहा कि भीड़ स्थानीय लोगों की नहीं थी, सब बाहरी थे। ........................................ बृजमंडल यात्रा से जुड़ी ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए...

दैनिक भास्कर 21 Jul 2024 5:18 am

डॉल्फ़िन के शकील बैरेट ने अपनी एनएफएल सेवानिवृत्ति की घोषणा की है

डॉल्फ़िन ने अपने शीर्ष एज रशर्स में से एक को खो दिया – इससे पहले...

वर्ल्ड नाउ 21 Jul 2024 3:27 am

बांग्लादेश को कौन सुलगा रहा? इमरजेंसी जैसे हालात, क्या चीन-पाकिस्तान ने खेला मौत का गेम?

Bangladesh News: बांग्लादेश में कट्टर इस्लामिक ताकतें पाकिस्तान के इशारे पर अराजकता और अस्थिरता फैला रही है..क्योंकि जब से आवामी लीग सत्ता में आई है...जमात ए इस्लामी हाशिए पर जा रही है. दावा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI इन प्रदर्शनों को हवा दे रही है..मदद कर रही है..शेख हसीना भारत समर्थक हैं क्या इसलिये पाकिस्तान साजिशें कर रहा है.

ज़ी न्यूज़ 20 Jul 2024 11:33 pm

Us Election 2024: बराक ओबामा ने ऐसी क्या सलाह दे दी कि खफा हो गए जो बाइडेन, बता दिया 'धोखेबाज'

US Presidential Election News: अमेरिका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने हैं. इन चुनावों में दूसरी बार उम्मीदवार बनने के लिए जो बाइडेन गंभीरता से लगे हुए हैं लेकिन उनकी अपनी ही पार्टी के नेता ओबामा से बिगड़ गई है.

ज़ी न्यूज़ 20 Jul 2024 9:39 pm

ब्रिटिश ओपन के तीसरे दौर का लीडरबोर्ड, लाइव अपडेट: जस्टिन थॉमस शनिवार को आगे बढ़ने वाले दिन की शुरुआत करेंगे

हम ब्रिटिश ओपन के मध्य बिंदु पर पहुंच गए हैं और शेन लोरी लीडरबोर्ड पर...

वर्ल्ड नाउ 20 Jul 2024 7:26 pm

CEO ने पूछा फिल्में पसंद हैं, पोर्न वीडियो दिखाने लगा:फ्लाइट में महिला का सेक्शुअल हैरेसमेंट, बोलीं- उसे थप्पड़ मारना चाहिए था

‘हम दोनों की सीट बिजनेस क्लास में थी। फ्लाइट में बैठने से पहले लाइन में खड़े थे, तभी थोड़ी बातचीत हुई थी। फ्लाइट में भी नॉर्मल बात होती रही। उसने मुझसे पूछा कि क्या मुझे फिल्में देखना पसंद है। मैंने कहा 'हां'। इसके बाद उसने मोबाइल में वीडियो देखने के लिए कहा। वे पोर्न वीडियो थे।’ ‘कुछ पल तो मुझे समझ ही नहीं आया कि क्या करूं, फिर भागकर वॉशरूम की ओर जाने लगी। क्रू मेंबर्स को बताया। उन्होंने मेरी मदद की। मुझे अफसोस है कि मैं चिल्लाई नहीं। मुझे उस आदमी को थप्पड़ मारना चाहिए था।’ ये 28 साल की अनन्या की आपबीती है। वे एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट से कोलकाता से अबूधाबी जा रही थीं। तारीख थी 16 जुलाई। आरोप है कि साथ में ट्रैवल कर रहे एक पैसेंजर ने उन्हें पोर्न वीडियो दिखाए और गलत तरीके से छूने की कोशिश की। ये आरोप जिंदल ग्रुप की कंपनी वल्कन ग्रीन स्टील के CEO दिनेश कुमार सरावगी पर हैं। फिलहाल मामले में FIR दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने जांच कराने और एक्शन लेने की बात कही है। मामला सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने अनन्या से बात की। पढ़िए पूरा मामला... अनन्या अमेरिका के बोस्टन जा रही थीं। उन्होंने अबू धाबी के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट ली थी। वे बताती हैं, 'फ्लाइट की बिजनेस क्लास में 8 लोग ही थे। इनमें दिनेश कुमार सरावगी भी था। मैं उसे पहले से नहीं जानती थी। हमारा इंट्रोडक्शन फ्लाइट में बैठते वक्त हुआ था।’ ‘हमारे बीच नॉर्मल बातें हो रही थीं। उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं अबू धाबी जा रही हूं, मैं कहां से हूं। ये बहुत आम सी बातें हैं, जो आप अपने को-पैसेंजर के साथ करते हैं। उसने भी बताया कि वो ओमान में रहता है। भारत रेगुलर ट्रैवल करता रहता है।’ ‘हम दोनों राजस्थान के अग्रवाल-मारवाड़ी हैं। उस पर भी बात हुई। मेरी प्रोफाइल को देखते हुए वो मेरे काम में मदद करना चाहता था। उसने मुझे परिवार के बारे में बताना शुरू किया। उसके दो बेटे हैं। दोनों अमेरिका में सेटल हैं। उसके बड़े बेटे के दो बच्चे हैं।’ ‘फ्लाइट में वो मेरी बगल वाली सीट पर था। उसने पूछा कि क्या मुझे फिल्में देखना पसंद है। मैंने जवाब दिया 'हां'। उसने मोबाइल निकाला और बोला कि इसमें कुछ वीडियो हैं। उसने अपना ईयरफोन भी दिया। वो मुझे पोर्न वीडियो दिखाने लगा। मेरी तरफ झुकने लगा। उसने मुझे कमर पर छुआ। कुछ सेकेंड के लिए मैं शॉक्ड रह गई। मुझे कुछ समझ नहीं आया।’ ‘मैं भागते हुए टॉयलेट गई। क्रू को इसकी जानकारी दी। उन्होंने भी मुझसे कहा कि वे काफी देर से देख रहे हैं मैं असहज महसूस कर रही हूं, लेकिन कुछ कह नहीं सकते थे। उन्हें एहसास था कि वो आदमी कुछ गलत दिखा रहा है। वे तब तक कुछ नहीं कह सकते थे, जब तक मैं क्रू से शिकायत न करूं। क्रू मेंबर्स ने मेरा बहुत साथ दिया। उन्होंने मुझे वहां बैठाया, जहां एयर होस्टेस बैठती हैं। मुझे कॉफी दी।’ ‘फ्लाइट के दौरान भी उस आदमी ने मेरा पीछा नहीं छोड़ा। वो मेरे बारे में पता करने एयर होस्टेस के पास आया। बोला कि मैं बहुत देर से टॉयलेट गई हूं और वापस नहीं आई। क्रू मेंबर्स उसके साथ सख्ती से पेश आए। उन्होंने पूरे सफर के दौरान उसे पता नहीं लगने दिया कि मैं कहां हूं। लैंडिंग के दौरान उन्होंने मेरी सीट दूसरे पैसेंजर के साथ बदल दी। एतिहाद एयरवेज की टीम बहुत मददगार थी। हम एयरपोर्ट पहुंचे, तो वहां पहले से पुलिस मौजूद थी। फ्लाइट लैंड होते ही दो पुलिसवाले अंदर आए। एक मेरे पास आया। दूसरे ने उस आदमी से बात की।’ ‘मैं सरावगी के खिलाफ शिकायत नहीं दर्ज करवा पाई क्योंकि उसी दिन मेरी बोस्टन के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट थी। कोलकाता में FIR लिखवाने के प्रोसेस चल रही है।’ नवीन जिंदल बोले- जांच करवा रहे हैं, कड़ी कार्रवाई करेंगेजिंदल ग्रुप की कंपनी के अधिकारी पर सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगने के बाद नवीन जिंदल ने कहा कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये सब बोलने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है।' 65 साल के दिनेश कुमार सरावगी ओमान में वल्कन ग्रीन स्टील के CEO हैं। ये कंपनी जिंदल स्टील का हिस्सा है। सरावगी मार्च, 2023 तक जिंदल शेडेड आयरन एंड स्टील के बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे। पद छोड़ने से पहले तक वे स्टील कंपनी के CEO थे।

दैनिक भास्कर 20 Jul 2024 2:26 pm

Donald Trump: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने क्यों किया ट्रंप को फोन, दोनों के बीच किस मुद्दे पर हुई बात?

Donald Trump-Volodymyr Zelensky:​जेलेंस्की का फोन कॉल इसलिए मायने रखता है, क्योंकि ट्रंप को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जाने के बाद यह उनकी किसी विदेशी नेता के साथ पहली बातचीत है.

ज़ी न्यूज़ 20 Jul 2024 2:05 pm

Global IT Outage: छोटे से अपडेट ने कैसे दुनिया के लाखों आईटी सिस्टम को बना दिया नाकारा, क्या हैं इसके मायने?

Global IT Outage News: यह आउटेज क्राउडस्ट्राइक फाल्कन के लिए ऑटोमैटिक रूप से शुरू किए गए सिंगल अपडेट से जुड़ा था. यह एक सर्वव्यापी साइबर सिक्योरिटी टूल है जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़े संगठनों द्वारा किया जाता है

ज़ी न्यूज़ 20 Jul 2024 12:33 pm

एनबीसी पर आधिकारिक तौर पर ‘सूट्स’स्पिनऑफ़ हो रहा है

दुनिया कपड़े यह आधिकारिक तौर पर बड़ा हो रहा है. एनबीसी ने इसे एक श्रृंखलाबद्ध...

वर्ल्ड नाउ 20 Jul 2024 11:25 am

Iran Nuclear Program: ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब, एक या दो हफ्ते में बना सकता है जरूरी मटेरियल, अमेरिका का बड़ा दावा

Iran Nuclear Deal: अमेरिकी विदेश एंटनी ब्लिंकन ने ईरान की क्षमताओं में तेजी के लिए परमाणु समझौते के टूटने को जिम्मेदार ठहराया.

ज़ी न्यूज़ 20 Jul 2024 11:10 am

नाव में पी रहे थे रम और व्हिस्की, लग गई आग, जिंदा जल गए 40 लोग, 80 थे सवार

Haiti Tragedy: हैती के उत्तरी तट पर नाव में उस समय आग लग गई जब यात्री सफर के दौरानरम और व्हिस्की पी रहे थे, जिसमें चालीस लोग जिंदा जल गए.

ज़ी न्यूज़ 20 Jul 2024 8:47 am

ICJ: फिलिस्तीनी जमीन को करना होगा खाली, इजरायल का कब्जा 'गैरकानूनी'- अंतरराष्ट्रीय अदालत का बड़ा फैसला

Israel-Palestine Conflict: विश्व न्यायालय के रूप में मशहूर वाले अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के जजों की सलाहकार राय बाध्यकारी नहीं है. लेकिन इस फैसले का व्यापक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय राय पर पड़ेगा.

ज़ी न्यूज़ 20 Jul 2024 6:59 am

नूंह शिवमंदिर के पुजारी बोले- महादेव बचाएंगे:मस्जिद के इमाम ने कहा- अमन है; लोग-दुकानदार डर में, यात्रा के दिन नहीं रहेंगे

दिल्ली से करीब 85 किमी दूर हरियाणा का नूंह फिलहाल शांत है। यही नूंह बीते साल जुलाई में सुलग रहा था। तब 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा निकलनी थी। इससे पहले ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान आने लगे। नलहरेश्वर मंदिर से ब्रजधाम के लिए निकली यात्रा 2.5 किमी ही चली थी कि उस पर पथराव हो गया। अब 22 जुलाई को फिर बृजमंडल यात्रा निकलनी है। दैनिक भास्कर ने एक साल पहले नूंह में हुए दंगे कवर किए थे। इन दंगों में 7 लोगों की मौत हुई थी। हम दोबारा उन्हीं जगहों पर पहुंचे, जहां से भड़की हिंसा का असर हरियाणा के 9 जिलों तक पहुंच गया था। पहला स्पॉट: शिव मंदिर, नूंहनूंह का ये मंदिर तीन तरफ से पहाड़ों से घिरा है। हिंसा के दौरान मंदिर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं पर पहाड़ों से फायरिंग की गई थी। मंदिर के पुजारी दीपक शर्मा और मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने भी इसकी पुष्टि की थी। हम इस मंदिर में पहुंचे, तो पुजारी दीपक शर्मा नहीं थे। पूछने पर पता चला कि वे अब यहां के पुजारी नहीं हैं। पंकज मिश्रा पूजा कराते हैं। पंकज मिश्रा से हमने पूछा कि बृजमंडल यात्रा फिर से होने वाली है, क्या कोई डर है? जवाब मिला, 'डर कैसा, बाबा की चौखट में है। उन्होंने मर्यादा का पालन पहले भी किया, इस बार भी करेंगे। हम मंदिर के भीतर हैं, महादेव हमारी रक्षा करेंगे। यहां सब शांति है।' दूसरा स्पॉट: मंदिर के पास की मस्जिदमंदिर से करीब 700 मीटर दूर एक मस्जिद है। यहां के इमाम भी बदल गए हैं। नए इमाम मोहम्मद जीशान कहते हैं, ‘पिछली बार कुछ लोगों के भड़काऊ भाषण की वजह से दंगे हो गए थे। इस बार ऐसा नहीं होगा।’ दंगों के दौरान आरोप लगा था कि मस्जिद से मंदिर के आसपास भीड़ जुटाने के लिए अनाउंसमेंट हुआ था। इस पर मोहम्मद जीशान कहते हैं, 'ऐसा कुछ नहीं हुआ था। ये सब अफवाह है।' तभी मोहम्मद जीशान के साथ खड़े एक बुजुर्ग बोल पड़ते हैं, ‘पिछली बार मस्जिद के बाहर लगे CCTV कैमरे की वजह से हम पर उंगलियां उठी थीं। इस बार कैमरा खराब है। अब उसे ठीक कराएंगे भी नहीं।' ऐसा क्यों? बुजुर्ग जवाब देते हैं, 'कोई अपराध हो जाता है तो सरकार हमारे माथे पटक देती है। कहते हैं कि कैमरा चेक करो, इसीलिए हम इसे ठीक नहीं करवाएंगे।' तीसरा स्पॉट: मंदिर के पास नल्हड़ बस्तीमंदिर से करीब 400-500 मीटर दूर सड़क से लगी 10-12 झुग्गियां हैं। यहां हिंदू आबादी रहती है। दंगों के दौरान कई श्रद्धालु इस बस्ती में छिपे थे। बस्ती के लोगों ने खेतों और पहाड़ियों पर दंगाइयों को देखने का दावा किया था। फायरिंग की आवाज सुनी थी। इस बस्ती में भी अभी सन्नाटा है। कोई बात करने को तैयार नहीं। एक लड़का बात करने को राजी हुआ, लेकिन कैमरे पर नहीं आया। उसने बताया, 'पिछली बार मीडिया ने हम लोगों के चेहरे दिखा दिए थे। बाद में कुछ लोग आए और हमें धमकाया। इसके बाद हमने तय किया है कि इस बार मीडिया से बात नहीं करनी है।' क्या आप लोग भी जल चढ़ाने जाएंगे। जवाब मिला- 'इस बार शायद हम बस्ती में ही न रहें। हम लोग रिश्तेदारों के यहां जाने का प्लान बना रहे हैं।' चौथा स्पॉट: मंदिर से 4 किमी दूर साइबर थानादंगे के दौरान इस थाने पर भीड़ ने हमला कर दिया था। गेट बंद था, इसलिए उन्होंने बस की टक्कर से दीवार तोड़ दी और अंदर घुस गए। पुलिस की गाड़ियां और फर्नीचर तोड़ दिया। आग लगाने की भी कोशिश की गई। इस थाने में अब भी दंगे के निशान बाकी हैं। थाने के सामने जली हुई 4 कारें और एक बाइक खड़ी है। SHO बिमल राय दंगे के वक्त भी यहीं तैनात थे। हमने उनसे आरोपियों के केस का स्टेटस पूछा तो उन्होंने बताया, ‘सभी बेल पर बाहर हैं। 11 लोगों के खिलाफ केस चल रहे हैं।’ हालांकि थाने का स्टाफ कैमरे पर नहीं आया। इसकी वजह बताई कि माहौल सेंसेटिव है। कुछ ही लोगों को मीडिया से बात करने की परमिशन है। एक पुलिसकर्मी ने हमले वाले दिन की कहानी सुनाई। पहचान उजागर न करते हुए उन्होंने बताया, 'उस दिन थाने में हम सिर्फ 9 लोग थे। बाहर हजार लोगों की भीड़ नारे लगा रही थी। कोई कह रहा था कि थाना जला दो। कोई कह रहा था घुसकर मारो। उनके पास पत्थर और बोतल बम थे, जिन्हें वे लगातार थाने पर फेंक रहे थे।’ ‘करीब ढाई घंटे तक हमने अंदर से फायरिंग की। भीड़ जैसे ही करीब आती, हम गोलियां चलाना शुरू कर देते। उस दिन हम जिंदा बचने की उम्मीद खो बैठे थे। हमने सोच लिया था कि जब तक गोलियां हैं, फायर करेंगे। शुक्र है कि गोलियां खत्म होने से पहले पहले मदद आ गई।' पांचवां स्पॉट: तिरंगा चौक, जहां यात्रा पर हमला हुआनल्हड़ मंदिर से निकले श्रद्धालु फिरोजपुर झिरका के शिव मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। यात्रा तिरंगा चौक पर पहुंची थी, तभी भीड़ ने हमला कर दिया। यात्रा में शामिल लोग वापस मंदिर की तरफ भागे। भीड़ भी उनके पीछे आ गई और मंदिर को घेर लिया। मंदिर में तब करीब 2500 लोग थे। अब दोबारा यात्रा इसी चौक से गुजरेगी। इस पर लोग बोलने से कतरा रहे हैं। उन्हें डर है कि वीडियो देखकर उन्हें टारगेट किया जा सकता है। इसी चौक पर विकास होटल है। होटल के मालिक सतप्रकाश ने उस दिन की आंखों देखी हमें बताई। वे बताते हैं, 'मैं होटल में ही था। तभी मेरे भतीजे ने फोन पर बताया कि ताऊ झगड़ा हो गया है। तोड़फोड़ हो रही है। मैंने उससे कहा कि तुम निकलो वहां से। मैं भी होटल बंद करके चला गया।' 'निकलते हुए देखा कि 500-700 लोगों की भीड़ आ रही है। मैं जान बचाकर भागा। इस लाइन में मेरे ही होटल पर हमला हुआ। ' हमने पूछा- 22 जुलाई को फिर यात्रा है। होटल खोलेंगे या बंद रखेंगे? सतप्रकाश जवाब देते हैं, 'जरूर खोलेंगे। हमें कोई डर नहीं। कुछ बाहरी लोगों की वजह से दंगा हो गया, इससे पहले ऐसा नहीं हुआ था।' चौक से थोड़ा आगे हमने कपड़ों की रेहड़ी लगाने वाले एक शख्स से बात की। कैमरे पर आए बिना उन्होंने कहा, 'यहां सब लोग कह तो रहे हैं कि यात्रा वाले दिन दुकान खोलेंगे, लेकिन ज्यादातर लोग यहां नहीं रहेंगे। यात्रा की तारीख तय होने के बाद से ही लोग डरे हुए हैं कि फिर बवाल न हो जाए।' कपड़े की एक दुकान की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि दंगे में इनका भी बहुत नुकसान हुआ था। हम उस दुकान पर गए। दुकान के मालिक योगेश कुमार बताते हैं, ‘मैं तो दुकान पर नहीं था। वो महीने का आखिरी दिन था और उस दिन बाजार बंद रहता है। मैं वृंदावन गया था। लौटने पर पता चला कि अचानक दंगा भड़क गया।' हम दुकान से बाहर निकलने लगे तो योगेश बोले, 'यहां कोई कुछ नहीं कहेगा। इस बार महीने का आखिरी दिन नहीं है, तब भी आधे से ज्यादा बाजार बंद रहेगा। इस बार तो हम दुकान का सामान शिफ्ट करने का सोच रहे हैं।' छठवां स्पॉट: बड़कली चौकनूंह मंदिर से करीब 24 किलोमीटर दूर नगीना जिला है। यहां के बड़कली चौक पर बनी तेल मिल दंगाइयों का निशाना बनी थी। मिल के मालिक BJP के जिला महामंत्री शिवकुमार उर्फ बंटी हैं। वे बताते हैं, 'हम लोग दुकान पर थे। तभी देखा कि भीड़ पत्थरबाजी कर रही है। पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिसवालों को भी खदेड़ दिया। हालात ठीक नहीं थे। इसलिए हमने मिल में ताला लगाया और घर चले गए। एक घंटे बाद मेरे पास फोन आया कि दंगाइयों ने आपकी मिल के ताले तोड़ दिए हैं। वे तेल लूटकर ले जा रहे हैं।’ ‘मैंने फोन करने वाले से कहा कि आप लोग वहां हैं, बचा सकते हैं तो बचा लीजिए। उधर से आवाज आई, भीड़ बहुत ज्यादा है। हम कुछ नहीं कर सकते। फिर थोड़ी देर बाद फोन आया कि दंगाइयों ने मिल में आग लगा दी है।' शिवकुमार उर्फ बंटी आगे कहते हैं, ‘मिल बचाने आते तो जान से भी जाते। हमने सोचा मामला ठंडा होगा, तब जाकर देखेंगे। रात में माहौल शांत हुआ तो मैं मिल देखने गया। मिल में तब भी लपटें उठ रही थी। फायर ब्रिगेड भी आग नहीं बुझा पाई।’ शिवकुमार पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहते हैं, 'उस दिन लोकल थाने के इंचार्ज हुकुम सिंह ने खुद को अपनी टीम के साथ थाने में बंद कर लिया था। ढाई घंटे बाद पुलिस यहां पहुंची।’ दैनिक भास्कर ने शिवकुमार के आरोपों पर हुकुम सिंह से भी बात की। वे अब दूसरे थाने के इंचार्ज हैं। उन्होंने माना कि वे दंगे वाले दिन थाने के अंदर थे, लेकिन ये भी कहा कि भीड़ थाने पर हमला कर सकती थी, इसलिए वे थाना छोड़कर नहीं गए। शिवकुमार की तरह ही BJP से जुड़े एक और नेता पुलिस पर सवाल उठाते हैं। अपनी पहचान उजागर नहीं करते, लेकिन बताते हैं, 'मैंने लगातार विधायकों और मंत्री को फोन किया। हर बार जवाब मिला कि बस पुलिस निकल गई है, पहुंचने वाली है। मैं दो-ढाई घंटे फोन करता रहा।’ ‘मैंने एक मंत्री को फोन किया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनका PA मेरा जानने वाला है। उसने कहा कि सर पुलिस अभी नहीं आएगी। आप बेकार में फोन कर रहे हैं।' वे आगे कहते हैं मैं इसी से समझ गया कि मेवात को जलाने की प्लानिंग है। बड़कली चौक पर ही विकास की स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। भीड़ ने उनकी दुकान में भी आग लगा दी थी। विकास बताते हैं, 'मैं 18 साल से दुकान चला रहा हूं। उस दिन बाइक से, पैदल हजारों लोगों की भीड़ आई। इनमें ज्यादातर बाहरी थेे। सभी के चेहरे पर नकाब थे। बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी। नंबर प्लेट थी भी तो उन्हें खुरच दिया था।’ ‘उन लोगों ने पहले पुलिस को खदेड़ा। पुलिस दोबारा नहीं आई। भीड़ ने मेरे सामने दुकान में आग लगा दी। मैंने 13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मेरे केस में एक-दो लोगों को पकड़ा। ये भी वो लोग थे, जिनके नाम FIR में नहीं थे।' सातवां स्पॉट: तावड़ूनूंह से करीब 17 किमी दूर तावड़ू में भी दंगे की आग पहुंची थी। यहां कच्चा बाजार में बनी जामा मस्जिद पर भीड़ ने हमला किया था। ताला तोड़कर आग लगाने की कोशिश भी की। मस्जिद के इमाम मोहम्मद शाहरुख जमीन दिखाते हुए कहते हैं, 'ये देखिए, आज भी ये जगह काली है। लकड़ी का दरवाजा जल गया था, इसलिए लोहे का दरवाजा लगवाया है।’ ‘हमारा करीब एक-सवा लाख का नुकसान हुआ। सरकार ने तो हर्जाना नहीं दिया, लेकिन जमीयत ने मदद की थी।' आठवां स्पॉट: तिगरा गांवगुरुग्राम के सेक्टर-57 में तिगरा गांव की एक मस्जिद को भीड़ ने आग लगा दी थी। इससे मस्जिद में मौजूद इमाम की जलकर मौत हो गई थी। आगजनी के आरोप में गांव के 6 लड़कों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सभी पर हत्या का आरोप है। मस्जिद के पास की एक बिल्डिंग में लगे CCTV कैमरे की फुटेज में ये लड़के दिखे थे। सभी आरोपी जेल में हैं। हम उनके परिवार से मिलने पहुंचे। घटना के बाद भी हम इन परिवारों से मिले थे। तब आरोपियों के मां-बाप और भाइयों से बात की थी। इस बार इन परिवारों ने ही नहीं, पूरे गांव के लोगों ने चुप्पी साध रखी है। गांव के एक शख्स BJP से जुड़े हैं। वे कहते हैं, 'हम सामने नहीं बोल सकते क्योंकि हमारी पार्टी की सरकार है। फिर भी सच तो ये है कि हमारे गांव की तरफ किसी हिंदूवादी संगठन या सरकार ने नहीं देखा। हमारे 6 बच्चे जेल में हैं। वे बेगुनाह हैं, लेकिन उनकी मदद को कोई नहीं आया। ये सरकार की नाकामी है। गांव के लोगों का सरकार, प्रशासन और मीडिया से भरोसा उठ गया है।' गांव के प्रधान राजू कहते हैं, 'हमारे बच्चों को गलत तरीके से फंसाया गया है। किसी ने हमारी परवाह नहीं की। वे कब छूटेंगे पता नहीं। गांव के लोगों में गुस्सा है। मीडिया ने भी हमारी मदद नहीं की।' ....................................................... स्टोरी में सहयोग: रोहित श्रीवास्तव और दीपक

दैनिक भास्कर 20 Jul 2024 5:19 am

24 बच्चों को दैनिक भास्कर जूनियर एडिटर का नेशनल अवॉर्ड:9 राज्यों के 67 हजार स्टूडेंट शामिल हुए, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मिले विनर्स

देश के सबसे बड़े न्यूजपेपर मेकिंग कॉम्पिटिशन ‘जूनियर एडिटर’ का 7वां सीजन। 9 राज्यों और 40 शहरों के 67 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स ने इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया। 1050 स्कूलों के 3610 स्टूडेंट्स ने अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड जीता। इनमें से 24 बच्चों को ‘जूनियर एडिटर-सीजन 7’ का नेशनल अवॉर्ड मिला है। सभी विनर्स गुरुवार, 18 जुलाई को संसद भवन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मिले। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के प्रजातंत्र के लिए पत्रकारिता का बहुत योगदान है। ये डेमोक्रेसी का पिलर है। अब तक 5 लाख बच्चे कॉम्पिटिशन में हो चुके शामिलजूनियर एडिटर कॉम्पिटिशन में अब तक करीब 5 लाख बच्चे हिस्सा ले चुके हैं। इसमें बच्चों को अपना न्यूजपेपर बनाने का मौका मिलता है। इसमें वे एडिटिंग, डिजाइनिंग और क्रिएटिव राइटिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं। बच्चों को हेडलाइन, स्टोरीज, एडिटोरियल्स और ऐड लिखने होते हैं। विनर्स बोले- पहली बार कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया, संसद देखने का मौका मिलामहाराष्ट्र के औरंगाबाद की रहने वालीं तनिष्का पाटिल ने कैटेगरी A में नेशनल अवॉर्ड जीता है। वे 6th क्लास में हैं। तनिष्का कहती हैं, ‘मैंने पहली बार ऐसे कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया है। मैं रोज न्यूजपेपर पढ़ती हूं। मैंने वहीं इस कॉम्पिटिशन की न्यूज देखी थी। यहां आकर मैं बहुत एक्साइटेड हूं क्योंकि पहली बार संसद देख रही हूं।' 9th क्लास में पढ़ने वालीं मानसी कुमारी झारखंड के लोहरदगा से हैं। वे कहती हैं, ‘मैंने पहली बार कॉम्पिटिशन में पार्ट लिया है। न्यूजपेपर में थोड़ा इंटरेस्ट है। कभी सोचा नहीं था कि मैं संसद जाऊंगी।’ मध्यप्रदेश के सागर की रहने वालीं स्तुति जैन 9th क्लास में हैं। स्तुति कहती हैं, ‘कॉम्पिटिशन में शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। ये बहुत अच्छा एक्सपीरियंस था। मैं न्यूजपेपर पढ़ती हूं। उसी से मुझे कॉम्पिटिशन के बारे में पता चला था। न्यूज इंडस्ट्री में थोड़ा इंटरेस्ट है। बहुत कुछ सीखने को मिला कि न्यूज कैसे लिखते हैं।’ सागर की ही रिया छत्री D कैटेगरी की विनर हैं। उन्हें 3rd रैंक मिली है। 12वीं में पढ़ने वालीं रिया ने दूसरी बार इस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया था। रिया कहती हैं, ‘इस कॉम्पिटिशन से मुझे न्यूजपेपर इंडस्ट्री के बारे में काफी कुछ पता चला। मुझे न्यूज पेपर पढ़ने में बहुत इंटरेस्ट है। मैं बहुत समय से चाह रही थी कि मैं इन चीजों में क्रिएटिविटी दिखा सकूं। दैनिक भास्कर ने मुझे ये प्लेटफॉर्म दिया।’ ‘मैंने अपना बेस्ट देने की कोशिश की, मेरे टीचर्स और पेरेंट्स का बहुत सपोर्ट रहा। मैंने खबर डिजाइन की, फोटोज बनाए, कॉमिक्स में डॉयलॉग्स कैसे लिखने चाहिए, वो ट्राय किया। इनोवेटिव तरीके से ऐड बनाए। ये बेस्ट प्लेटफार्म है क्योंकि इस तरह का कहीं कोई कॉम्पिटिशन नहीं है।’ राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले सोहन शेटे ने B कैटेगरी में नेशनल अवॉर्ड जीता है। 8th क्लास में पढ़ने वाले सोहन बताते हैं, ‘मुझे इस कॉम्पिटिशन के बारे में स्कूल में पता चला। मुझे न्यूजपेपर मेकिंग में इंटरेस्ट था। आर्टिकल लिखना पसंद है, इसलिए मैंने कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया। ये क्रिएटिविटी मेरे अंदर खुद से पैदा हुई। पहली बार किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति से मिला हूं।’ 9th क्लास की स्टूडेंट अंशिका सिंह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहती हैं। वे कहती हैं, ‘ये बहुत अच्छा, यूनीक और डिफरेंट एक्सपीरियंस था। मैंने अपनी क्रिएटिविटी से ऐड बनाया, मेरे पेरेंट्स ने भी सपोर्ट किया और आइडिया दिया।' 'मैंने आर्टिकल्स पढ़े हैं, लेकिन कभी लिखे नहीं थे। इस बार आर्टिकल लिखा और सौ फीसदी एफर्ट लगाया। मैं एक्साइटेड थी, लेकिन थोड़ी नर्वस भी थी। मैं बाकी स्टूडेंट्स से कहूंगी कि वे दैनिक भास्कर न्यूजपेपर रोज पढ़ें।’ राजस्थान के बाड़मेर में रहने वालीं योग्या खत्री 6th क्लास में हैं। योग्या कहती हैं, ‘बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा। मैंने पहली बार पार्टिसिपेट किया था। कॉम्पिटिशन के बारे में स्कूल में बताया गया था। एक बार ट्राय करने का मन हुआ।’ योग्या के साथ उनकी मम्मी दुर्गा भी दिल्ली आई हैं। वे कहती हैं, ‘बहुत प्राउड फील हो रहा है। अच्छा लग रहा है। लोग कहते हैं कि लड़के सबकुछ होते हैं, लेकिन नहीं, लड़कियां भी सबकुछ होती हैं। ये कहते हुए दुर्गा रोने लगती हैं। मां को रोते देख योग्या भी उनसे लिपटकर रोने लगीं। दुर्गा खुद को संभालती हैं, फिर कहती हैं, ‘ये न्यूजपेपर पढ़ती है। बहुत कुछ करना चाहती है। इसे आगे बढ़ाने के लिए पहला प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर ने दिया है। इसे यहां से बहुत हिम्मत मिली है।’ मध्यप्रदेश के इंदौर से आईं तारुषी सिंघवी 10वीं क्लास में हैं। वे कहती हैं, ‘मैंने पहली बार कॉम्पिटिशन में पार्टिसिपेट किया था। सोचा नहीं था कि इतना कुछ मिलेगा। मैं न्यूजपेपर बहुत नहीं पढ़ती, लेकिन जो मैंने लिखा उससे बहुत इन्फॉर्मेशन मिली। अच्छा एक्सपीरियंस था। मैं पहली बार संसद देख रही हूं।’ तारुषी की मां प्रीति सिंघवी भी उनके साथ थीं। प्रीति कहती हैं, ‘बेटी ने खुद न्यूजपेपर बनाया। मुझे तो पता भी नहीं था कि वो ऐसा कुछ बना रही है। उसे अवॉर्ड मिला, तब मुझे पता चला। ये पहली बार में ही फर्स्ट आई है।' रायपुर, छत्तीसगढ़ से आईं आन्या बंसल 6th क्लास में हैं। आन्या कहती हैं, ‘ ये बहुत मोटिवेटिंग जर्नी रही क्योंकि मेरी फैमिली और टीचर्स ने बहुत सपोर्ट किया। न्यूज इंडस्ट्री में मेरा इंटरेस्ट है। ये एक्सपीरियंस बहुत यूनीक और क्रिएटिव रहा। इससे मैंने बहुत सारी चीजें सीखीं। इससे कॉन्फिडेंस बढ़ता है।’ वहीं, आन्या के पिता निशांत बंसल कहते हैं, ‘मैं दैनिक भास्कर का शुक्रिया करता हूं कि उन्होंने बच्चों को ऐसा प्लेटफॉर्म दिया। उनकी क्रिएटिविटी और इनोवेटिव आइडियाज को पेपर पर उतारने का मौका दिया। ऐसे ही कॉम्पिटिशन से बच्चों को अपना टैलेंट दिखाने का मौका मिलता है।’ आन्या की दादी मंजू बंसल भी उनके साथ हैं। वे कहती हैं, ‘मेरे लिए तो बहुत अच्छा पल है। इसे देखकर बहुत खुशी हुई। इससे बच्चे का कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता है और वो आगे अच्छा करने की कोशिश करते हैं।’ 5वीं में पढ़ने वाले आहिल अंसारी हरियाणा के कैथल से हैं। उन्हें A कैटेगरी में 1st रैंक मिली है। आहिल कहते हैं, ‘ये बहुत एक्साइटिंग था। मैंने न्यूजपेपर बनाया था। मेरी अपनी सोच थी। ये जर्नी बहुत अच्छी थी। इससे मेरा दिमाग शार्प हुआ। मैंने बहुत सारी चीजें सीखीं। ये मेरी जिंदगी की सबसे अच्छी फीलिंग है। मेरे पापा ने मुझे मोटिवेट किया।’ 12वीं में पढ़ने वालीं दिव्या अग्रवाल रायपुर, छत्तीसगढ़ में रहती हैं। वे कहती हैं, ‘इस एक्साइटमेंट की लिमिट नहीं है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ होगा। इससे मुझे पता चला कि कैसे लिखना चाहिए। बहुत जानकारी मिली। मैं एक्सप्लेन नहीं कर सकती, 3कितना अच्छा लग रहा। ये अवॉर्ड पाने वाली मैं अपनी स्कूल की पहली स्टूडेंट हूं। मेरे बाकी दोस्त मुझसे मोटिवेटेड हैं कि उन्हें भी ये करना है।’ 12वीं में पढ़ने वालीं हरलीन कौर पंजाब के अमृतसर से हैं। वे कहती हैं, ‘मैं पहली बार संसद भवन गई। मुझे बहुत अच्छा लगा। हमने सेंट्रल हॉल देखा। कभी नहीं सोचा था कि मुझे अवॉर्ड मिलेगा।’ महाराष्ट्र के नासिक से आईं आर्या सोनजे 10वीं में पढ़ती हैं। आर्या कहती हैं, ‘ये बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा। पता चला कि लोकसभा और राज्यसभा कैसे चलती है। उपराष्ट्रपति बहुत अच्छे हैं। वे आते ही हमसे घुल-मिल गए। इस अवॉर्ड से मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैंने सोचा नहीं था कि नेशनल लेवल तक पहुंच जाऊंगी।’ 12वीं में पढ़ने वाले प्रथम मित्तल गुजरात के वडोदरा से हैं। वे कहते हैं, ‘उपराष्ट्रपति ने हमारा हौसला बढ़ाया।’ मुजफ्फरपुर, बिहार से आईं नव्या कश्यप 10वीं में पढ़ती हैं। नव्या कहती हैं, ‘इस अवॉर्ड से बहुत खुशी हुई है। मुझे मेहनत का फल मिला है।’ जूनियर एडिटर कॉम्पिटिशन के नेशनल विनर ................................................... जूनियर एडिटर कॉम्पिटिशन के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करेंhttps://junioreditor.in/index-2.php

दैनिक भास्कर 20 Jul 2024 5:19 am

North Korea: तानाशाह में अचानक आए बदलाव से पूरी दुनिया हैरान, मिसाइल नहीं अब इस वजह से सुर्खियों में

Kim Jong Un:नॉर्थ कोरिया का तानाशाह शासक किम जोंग हमेशा मिसाइलओं के परीक्षण से सुर्खियों में बना रहता है. लेकिन इस बार तानाशाह की चर्चा किसी और वजह से हो रही है. किम जोंग अब नॉर्थ कोरिया की इकोनॉमी सुधारने में जुटा है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 10:16 pm

कैप्टन अमेरिका! बाइडेन साहब अब क्या कर डालने वाले थे.. स्टेज पर ही पत्नी ने रोका

Joe Biden: बाइडेन के हाव-भाव से लग रहा है कि वह उस महिला को अपनी पत्नी समझ कर किस करने वाले थे. हालांकि तुरंत बाइडेन की पत्नी जिल बाइडेन दौड़ते हुए उनके पास पहुंचती हैं और दूसरी तरफ मोड़ने का इशारा करती हैं.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 7:27 pm

डब्लूएसजे के रिपोर्टर इवान गेर्शकोविच पर अमेरिका की एक रूसी अदालत ने जासूसी का आरोप लगाया था।

सीएनएन — इवान गेर्शकोविचशीत युद्ध के बाद रूस में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार होने...

वर्ल्ड नाउ 19 Jul 2024 7:23 pm

Korea Border: कचरे से भरे गुब्बारों के जवाब में लाउडस्पीकर ब्रॉडकास्ट, दक्षिण के इस कदम से भड़क सकता है उत्तर कोरिया

South Korea: दक्षिण कोरिया के ‘ज्वांइट चीफ ऑफ स्टाफ’ ने कहा कि गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह के बीच उन क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से प्रसारण किया गया जहां उत्तर कोरिया ने गुब्बारे उड़ाए थे.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 2:10 pm

Israel Vs Houthi: हमास के समर्थन में हूती ने भेदा इजरायल का सबसे सेफ किला, भड़के नेतन्याहू ने जानिए फिर क्या किया?

इजरायली शहर तेल अवीव में बड़ा हमला हुआ. यहूदी धरती पर हुआ ये धमाका इतना शक्तिशाली था कि धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी. हालांकि राहत की बात ये रही कि इस हमले में केवल दो लोग ही घायल हुए और कोई जनहानि नहीं हुई.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 2:09 pm

Donald Trump: ‘एक फोन कॉल से रुकवा सकता हूं युद्ध’, ट्रंप ने लोगों से वोट मांगते हुए किए बड़े दावे

US Elections 2024: राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी की ओर से गुरुवार को औपचारिक रूप से उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए ट्रंप (78) ने अपने भाषण में अमेरिकियों से अपील की कि वे पांच नवंबर को होने वाले चुनाव में उन्हें जीत दिलाने में मदद करें.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 1:45 pm

भास्कर एक्सप्लेनर- जिससे धोखेबाज अफजल खान का सीना चीरा:शिवाजी का 'बाघ नख' भारत लौटा; अंग्रेजों ने 3 साल के लिए उधार दिया

तारीख- 10 नवंबर 1659। जगह- महाराष्ट्र के सतारा का प्रतापगढ़ किला। छत्रपति शिवाजी महाराज सैनिकों के साथ किले में बैठकर अफजल खान का इंतजार कर रहे थे। अफजल खान बीजापुर की आदिल शाही हुकूमत का बेहतरीन योद्धा था। किले में दाखिल होते ही उसने शिवाजी को गले लगा लिया। शिवाजी कुछ समझते तभी अफजल खान ने कटार से हमला कर दिया। शिवाजी ने अफजल खान की कमर को जकड़ा और पेट में 'बाघ नख' घुसा दिया। वहीं दाहिने हाथ से अफजल पर बिछुवे से हमला किया। शिवाजी का प्रहार इतना तेज था की अफजल खान की मौत हो गई। बाद में इस बाघ नख को अंग्रेज अफसर भारत से इंग्लैंड लेकर चले गए। महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है बुधवार को बाघ नख लंदन के एक संग्रहालय से मुंबई लाया गया। इसे अब महाराष्ट्र के सतारा ले जाया जाएगा। वहां 19 जुलाई यानी आज से इसका प्रदर्शन किया जाएगा। इसे ब्रिटेन के विक्टोरिया और अल्टबर्ट म्यूजियम से तीन साल के लिए उधार लिया गया है। शिवाजी और अफजल खान के बीच दुश्मनी की कहानी 17वीं सदी की बात है। छत्रपति शिवाजी राजे भोसले के पिता शाहजी भोसले एक महान राजा व रणनीतिकार थे। बीजापुर दरबार के एक बड़े सिपहसालार अफजल खान के साथ शिवाजी की कई कड़वी यादें जुड़ी हुई थीं। अफजल खान ने 1648 में शिवाजी के पिता शाहजी को बेड़ियों में जकड़ कर बीजापुर लाया था और 1654 में उनके बड़े भाई सांभाजी की मौत में भी उसका हाथ था। यह वो दौर था जब उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारत में अहम बदलाव हो रहे थे। भारत के पश्चिमी भाग मे तीन इस्लामी सल्तनतें थीं- अहमदनगर की निजामी शाही, बीजापुर की आदिलशाही और गोलकुंडा की कुतुबशाही। ये तीनों भी आपस में लड़ते रहते थे। वहीं उत्तर से मुगल इन सल्तनतों को अपने राज्य में मिलाने के लिए लगातार दबाव डाल रहे थे ताकि दक्षिणी भारत में उनका वर्चस्व हो। 1657 में दुनिया का सबसे अमीर बादशाह शाहजहां गंभीर रूप से बीमार पड़ता है। उस समय दक्कन में मौजूद औरंगजेब अपने पिता की खबर पाते ही उत्तर की ओर सेना के साथ रवाना हो गया। अगले साल औरंगजेब मुगल बदशाह बनता है। औरंगजेब ने जाते-जाते बीजापुर के सुल्तान को शिवाजी से सावधान रहने को कहा था। औरंगजेब ने शिवाजी काे खतरनाक मराठा योद्धा बताया। दरअसल, उस वक्त अपनी गुरिल्ला युद्ध शैली के दम पर शिवाजी एक के बाद एक किले जीतते जा रहे थे। यह बात न तो ताकतवर मुगलों को हजम हो रही थी और न ही दक्कन की बड़ी सल्तनत बीजापुर को। उस वक्त बीजापुर का सुल्तान था अली आदिल शाह द्वितीय। सुल्तान अली आदिल शाह तब कम उम्र का था। इस कारण राजकाज एक तरह से उसकी सौतेली मां बड़ी बेगम साहिबा ही चला रही थी। उसे शिवाजी से चिढ़ थी। वो हमेशा शिवाजी को अपना दुश्मन मानती थी। उसने एक दिन दरबार में खास लोगों को बुलावा भेजा। सामने एक तश्तरी रखी, जिसमें पान का बीड़ा था। दरबार में आए लोगों से कहा गया कि जिसमें शिवाजी को खत्म करने की हिम्मत हो, वह बीड़ा उठाए। दरबार में खामोशी छा गई। बीजापुर की बड़ी सेना के बावजूद शिवाजी से टकराना बच्चों का खेल नहीं था। सभी को डर लग रहा था। तभी एक बड़ी कद काठी का शख्स सामने आया और उसने बीड़ा उठा लिया। यह शख्स बीजापुर सल्तनत का सिपहसालार अफजल खान था। उसी दिन से अफजल खान ने छत्रपति शिवाजी को अपना दुश्मन मान लिया। अब अफजल किसी भी तरह शिवाजी से मुलाकात कर उनको मारने का प्लान बनाने लगा। गले मिलते ही अफजल खान ने शिवाजी पर कटार से किया था हमला इतिहासकार जदुनाथ सरकार अपनी किताब 'शिवाजी एंड हिज टाइम्स' में लिखते हैं कि अफजल खान ने बीजापुर के दरबार में डींग हाकी थी, शिवाजी कौन है? मैं उसको यहां जंजीरों में बांध कर लाऊंगा और इसके लिए मुझे अपने घोड़े से उतरना भी नहीं पड़ेगा। इस के बाद दोनों के बीच कई संदेशों का आदान-प्रदान हुआ। आखिरकार तय हुआ कि 10 नवंबर 1659 को दोनों की मुलाकात होगी। अफजल खान एक पालकी में दो से तीन सैनिकों के साथ आएगा, उसे अपने हथियार लाने की अनुमति होगी। शिवाजी को भी अपने साथ उतने ही सैनिक और हथियार लाने की परमिशन होगी। कवीद्र परमानंद अपनी किताब ‘श्री शिवभारत’ में लिखते हैं उस दिन शिवाजी ने सफेद रंग का जामा पहन रखा था। मुकुट के नीचे एक लोहे की टोपी छिपी हुई थी। उनके पास एक तेज कटार बिछवा थी, जो दाहिनी आस्तीन में छिपा रखी थी। बाएं हाथ में बाघ नख पहन रखा था। साथ में दो विश्वास पात्र सैनिक जीवा महाला और संभाजी कावजी थे। हालांकि अफजल खान शिवाजी के महल में तो सिर्फ दो सैनिकों के साथ पहुंचा, लेकिन बाहर कुछ दूर बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को हमले के लिए तैयार रहने को कहा था। महल में पहुंचते ही अफजल खान ने शिवाजी को गले लगाने के लिए अपनी बांहें फैला दीं। जैसे ही दोनों गले मिले शिवाजी अचानक परेशान हो गए, क्योंकि अफजल खान ने अचानक उनके गले को अपनी बाहों में जकड़ लिया और कटार से उन पर हमला किया। ये सब अचानक हुआ, लेकिन शिवाजी ने बहुत तेजी से प्रतिक्रिया दी। अफजल खान की कमर को पकड़ लिया और उसके पेट में अपना बाघ-नख घुसा दिया। अपने दाहिने हाथ से उन्होंने अफजल पर बिछुवे से हमला किया। हमला होते ही अफजल खान चिल्ला पड़ा। सैनिकों को शिवाजी को मारने का आदेश दिया। सबसे पहले अफजल की मदद के लिए उसका साथी कुलकर्णी आया। अगले ही मिनट अफजल के साथ आए दो सैनिकों में से एक सईद बंदा ने शिवाजी पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन शिवाजी के सैनिक जीवा महाला ने उसे मार गिराया। घायल अफजल को उनके सैनिकों पालकी में बिठाकर भागने लगे। शिवाजी और उनके सैनिकों ने उनका पीछा किया। पहले उन्होंने पालकी उठाने वालों के पैर काटे और फिर उसमें सवार अफजल खान को मार डाला। इस हमले में अफजल का भतीजा रहीम खान भी मारा गया। उसी समय शिवाजी के साथियों ने बिगुल बजा दिया। जंगलों में छिपे शिवाजी के सैनिक बाहर निकल आए। बीजापुर के आदिलशाही सैनिकों ने भागने की कोशिश की, कुछ ने लड़ाई भी लड़ी, लेकिन उन्हें चारों ओर से घेर लिया गया था। इस हमले में कुल 3000 सैनिक मारे गए। ब्रिटेन कैसे पहुंचा शिवाजी का बाघ नख बाघ नख भारत लाने की कहानी महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, प्रमुख सचिव संस्कृति डॉ. विकास खड़गे और राज्य के पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय के निदेशक डॉ. तेजस गर्गे का एक प्रतिनिधिमंडल विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय और अन्य के दौरे पर गया। लंदन का संग्रहालय शुरू में हथियार को एक साल के लिए देने पर सहमत हुआ, लेकिन राज्य सरकार ने इसे तीन साल के लिए राज्य में प्रदर्शन के लिए सौंपने के लिए राजी कर लिया। लंदन के एक संग्रहालय से लाए जाने वाले इस हथियार में 'बुलेट प्रूफ' कवर होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत से बाहर ले जाई गईं कलाकृतियों को वापस लाने की दो प्रक्रियाएं हैं... कानूनी प्रकियाः इसमें से कानूनी प्रक्रिया के जरिए वापसी न केवल जटिल है, बल्कि इसमें समय भी ज्‍यादा लगने का अंदेशा है। कानूनी प्रक्रिया को पूरा करना और अपनी कलाकृतियों को वापस लाने में किसी भी देश को सालों तक इंतजार करना पड़ता है कूटनीतिक प्रक्रिया: जब भारत का प्रभुत्‍व दुनियाभर में बढ़ रहा है, तो कूटनीतिक प्रक्रिया यानी आपसी बातचीत के जरिए इन कलाकृतियों को वापस लाया जा सकता है। भारत सरकार कूटनीतिक प्रक्रिया से कई कलाकृतियों को भारत वापस ला चुकी है। हालांकि इस बाघ नख को लेकर सियासत भी चरम पर है। एमएवीए नेता और शिवसेना UBT के नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह शिवकालीन है या शिवाजी महाराज के इस्तेमाल किए बाघ नख हैं? इसका कोई प्रमाण नहीं है। चुनाव को देख सरकार लोगों को गुमराह कर वोट लेने की राजनीति कर रही है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2024 1:31 pm

Three Gorges Dam: क्या चीन के इस बांध का धरती की रोटेशन स्पीड पर पड़ रहा है असर, लंबे हो गए हैं दिन?

China News: हुबेई प्रांत में यांग्त्ज़ी नदी पर बना विशाल थ्री गॉर्जेस बांध एक बार फिर चर्चा में आ गया है. कई मीडिया रिपोट्स में दावा किया गया कि इसकी वजह से पृथ्वी की रोटेशन प्रभावित हो रही है. क्या यह वास्तव में पृथ्वी की रोटेशन को बदल रहा है?

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 1:07 pm

ब्रॉनी जेम्स ने लेकर्स की एनबीए समर लीग जीत में 13 अंक बनाए

लास वेगास – लेकर्स के नौसिखिए ब्रॉनी जेम्स ने गुरुवार रात एनबीए समर लीग में...

वर्ल्ड नाउ 19 Jul 2024 11:22 am

US Elections 2024: तय मानिए, बाइडन नहीं कमला हैरिस लड़ेंगी राष्‍ट्रपति चुनाव! इस चीज से चल गया पता

Joe Biden and Kamala Harris:यदि डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपना प्रत्‍याशी नहीं बदला तो हार तय है. इसलिए ही पार्टी के दिग्‍गज नेता, फंड मैनेजर्स, लॉबिस्‍ट अचानक सक्रिय होकर बाइडन से हटने की गुजारिश करने लगे हैं.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 11:02 am

Ukraine war: रूस-यूक्रेन युद्ध निर्णायक मोड़ पर! क्या जेलेंस्की के इस दांव से चित होंगे पुतिन?

Ukraine-Russia war live: रूस-यूक्रेन युद्ध में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial intelligence) की एंट्री होने वाली है. इस बीच यूक्रेन ने पुतिन की फौज पर बहुत बड़ा हमला किया है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 10:01 am

UK Leeds Riots: ब्रिटेन के लीड्स शहर में हिंसा, हुड़दंगियों ने पुलिस की गाड़ी पर किया हमला, बस में लगाई आग, क्यों हुआ बवाल?

Leeds Riots: गृह सचिव, यवेट कूपर ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा, 'इस तरह की अव्यवस्था के लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है.' वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस ने इस घटना को 'गंभीर हिंसा' बताया.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 10:01 am

Flight Divert: दिल्ली से अमेरिका के लिए उड़ी फ्लाइट, अचानक रूस में क्यों करनी पड़ी इमरजेंस लैंडिंग?

Ai India flight divert: एयरलाइन ने कहा, 'हम संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि विमान के दोबारा से उड़ान भरने तक यात्रियों की देखभाल की जा सके.' एअर इंडिया ने कहा, ‘यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा और कुशलता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.’

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 9:58 am

Joe Biden: व्हाइट हाउस से बोरिया-बिस्तर समेटेंगे बाइडेन? अब तो बराक ओबामा ने भी कर दिया इशारा

Barack Obama: पूर्व राष्ट्रपति बराकओबामा अब तक के सबसे मजबूत डेमोक्रेट होंगे जो जिन्होंने बाइडेन को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर करने की बात कही है.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 8:16 am

Anti-Quota Protest: बांग्लादेश में हालात बेहद गंभीर, अब तक 25 की मौत, देश भर में अर्धसैनिक बल तैनात, 10 बड़े अपडेट्स

Anti-Reservation Protest in Bangladesh: देशभर में यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स सरकारी नौकरियों के लिए आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 7:17 am

अमेरिका में भारतीय कमा रहे जमकर डॉलर, एलन मस्क ने डेटा के जरिए पाकिस्तानियों की बता दी औकात

Indian-Americans Highest Income In US: आप को जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका में पैसा कमाने के मामले में भारतीय टॉप पर हैं, एलन मस्क ने इसका एक डेटा शेयर किया है. जानें पाकिस्तानी और चीनी का क्या है हाल.

ज़ी न्यूज़ 19 Jul 2024 7:12 am

क्या है चीन की पांडा डिप्लोमेसी?

ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर पहुंचे चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने कहा कि वो ऑस्ट्रेलिया को पांडा की नई जोड़ी देना चाहते हैं. दोनों देशों के बीच कई सालों से ट्रेड वॉर चल रहा है. चीन इन रिश्तों को 'पांडा डिप्लोमेसी' के जरिए सुधारना चाहता है.

आज तक 21 Jun 2024 2:13 pm

फिलीपींस की नौसेना से क्यों हुआ चीनी सैनिकों का टकराव?

चीन ने एक बार फिर गलवान जैसी घटना को अंजाम दिया है. हालांकि इस बार मामला भारत से जुड़ा नहीं है, इस बार उसने दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस की नौसेना को टारगेट किया है. हथौड़े और चाकुओं से लैस चीनी सैनिकों ने फिलीपींस के जवानों को घेरा और उनकी नौकाओं पर हमला कर दिया. देखें वीडियो.

आज तक 20 Jun 2024 6:09 pm

पन्नू मर्डर केस: अमेरिकी अटॉर्नी जनरल बोले- निखिल गुप्ता पर चलेगा केस

53 वर्षीय निखिल गुप्ता, जिन्हें निक के नाम से भी जाना जाता है, को न्यूयॉर्क में खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में अमेरिकी सरकार के अनुरोध पर 30 जून, 2023 को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें 14 जून को अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था. गुप्ता को सोमवार को न्यूयॉर्क में एक संघीय अदालत में पेश किया गया.

आज तक 18 Jun 2024 6:14 pm

अमेरिका में फिर गोलीबारी, इस बार वाटर पार्क बना निशाना... 2 बच्चों समेत 10 लोग घायल

ओकलैंड काउंटी पुलिस के मुताबिक संदिग्ध शनिवार शाम करीब 5 बजे रोचेस्टर हिल्स में ऑबर्न स्प्लैश पैड पहुंचा और अपनी गाड़ी से उतरने के बाद उसने गोलीबारी शुरू कर दी. शेरिफ माइकल बाउचर्ड ने बताया कि हमलावर ने 9 एमएम सेमी-ऑटोमेटिक ग्लॉक से करीब 30 राउंड फायरिंग की.

आज तक 16 Jun 2024 10:10 am

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी, अयोध्या और राहुल गांधी पर पर क्या कह रहा वर्ल्ड मीडिया

लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं जिसमें अनुमान के उलट बीजेपी को बहुमत नहीं मिला है. हालांकि, बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को बहुमत मिल गया है. इस चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी पार्टियों ने शानदार प्रदर्शन किया है जिस पर दुनियाभर की मीडिया प्रतिक्रिया दे रही है.

आज तक 5 Jun 2024 2:01 pm

पहले सीजफायर का प्रस्ताव, फिर जंग तेज करने की धमकी... आखिर क्या चाहता है इजरायल?

अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को युद्ध अपराधी बताया है. सोशल मीडिया पर बयान जारी कर बर्नी सैंडर्स ने कहा कि 34 हजार बेकसूर फिलिस्तीनियों को मारने वाले को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के लिए नहीं बुलाया जाना चाहिए.

आज तक 3 Jun 2024 10:13 pm

क्रूज पर शादी... सिंगापुर में होने जा रहा है इंटरनेशनल वेडिंग समिट, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में इंडियन वेडिंग प्लानर्स

सिंगापुर में होने जा रही समिट में क्रूज पर डेस्टिनेशन वेडिंग के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा जाएगा. डेस्टिनेशन मैरिज के मामले में दुनिया भर में मशहूर राजस्थान के नाम पर समिट का नाम क्रूजेस्तान रखा गया है.

आज तक 31 May 2024 2:12 pm

सिंगापुर: जहरीली गैस की चपेट में आने से भारतीय मूल के व्यक्ति की मौत 

जहरीली गैस की चपेट में आने से सिंगापुर में 23 मई को भारतीय मूल के व्यक्ति की मौत हो गई. शुरुआती जांच में पता चला है कि सुपरसोनिक मेंटेनेंस सर्विसेज के सफाई संचालन प्रबंधक शिवरामन 23 मई को पब्लिक यूटिलिटी बोर्ड के चोआ चू कांग वाटर वर्क्स में एक टैंक की सफाई कर रहे थे. इसी दौरान वह हाइड्रोजन सल्फाइड गैस की चपेट में आ गए.

आज तक 30 May 2024 2:10 am

व‍िवादों से जुड़े थे रईसी, हजारों लोगों को सजा-ए-मौत देने के लगे आरोप

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी हादसे का शिकार हो गए हैं. रविवार को हेलिकॉप्टर क्रैश में उनकी मौत हो गई. हादसे की वजह मौसम बताई जा रही है. हालांकि, घटना के पीछे कहीं इजरायल तो नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है. इब्राहिम रईसी के इतिहास के बारे में पता चलता है कि वह कभी डेथ कमेटी के मेंबर थे, जिसने करीब 5 हजार लोगों को सजा-ए-मौत दी थी.

आज तक 21 May 2024 2:11 pm

हादसा या साजिश... क्या है ईरान के राष्ट्रपति की मौत का 'रहस्य'?

रविवार को ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई. इसे लेकर एक कॉन्सपिरेसी थ्योरी सामने आई, जिसमें कहा गया कि रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश के पीछे इजरायल या अमेरिका का हाथ हो सकता है. सवाल उठ रहा है कि केवल रईसी का हेलिकॉप्टर ही कैसे क्रैश हो गया?

आज तक 21 May 2024 2:09 pm

नेपाली प्रधानमंत्री प्रचंड ने जीता विश्वास मत, कितने मिले वोट?

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने सोमवार को संसद में विश्वास मत जीत लिया. जिसके बाद अब देश की गठबंधन सरकार का नेतृत्व करते रहेंगे. प्रतिनिधि सभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रचंड को विश्वास मत के दौरान 157 वोट मिले.

आज तक 20 May 2024 10:10 pm

ईरानी राष्ट्रपति की मौत के पीछे कौन? जानें दोस्ती और दुश्मनी के समीकरण

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई है. इससे ईरान के लोग शोक में डूबे हुए हैं. हर किसी जुबान पर बस एक ही सवाल है कि ये हादसा है या साजिश? ऐसा तो नहीं है कि किसी दुश्मन देश ने ईरानी राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया है. अगर साजिश ही है तो इसे किसने अंजाम दिया है.

आज तक 20 May 2024 6:44 pm

कौन हैं मोखबर, जो रईसी की मौत के बाद संभालेंगे राष्ट्रपति की कुर्सी?

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई. हालांकि यह हादसा है या साजिश, यह सवाल लगातार उठ रहा है. इस बीच ईरान की सरकार के नए मुखिया का ऐलान किया गया है. मोहम्मद मोखबर ईरान के नए राष्ट्रपति की कुर्सी संभालेंगे. जानें कौन हैं मोखबर.

आज तक 20 May 2024 6:42 pm

इब्राहिम रईसी की मौत के पीछे इजरायल पर शक, क्या मोसाद ने लिया ईरान से बदला?

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी हेलीकॉप्टर क्रैश में मारे गए. इसके बाद से ईरानी एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं कि कहीं इसके पीछे ईरान तो नहीं है. कहीं ईरान की खुफिया एजेंसी मोसाद ने तो इस घटना को अंजाम नहीं दिया है. इस शक की वजह क्या है, आइए उसके बारे में जानते हैं.

आज तक 20 May 2024 6:32 pm

ईरानी राष्ट्रपति मौत पर चल रही कॉन्सपिरेसी थ्योरी

हादसा या हत्या? ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश पर चल रही कॉन्सपिरेसी थ्योरी, इजरायल-मोसाद को लेकर दावे.

आज तक 20 May 2024 6:14 pm

रईसी की मौत पर इजरायली मीडिया ने क्या कहा?

हेलिकॉप्टर हादसे में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है. इस बीच इजरायली मीडिया में रईसी की मौत की खबर को लेकर तमाम तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं.

आज तक 20 May 2024 2:11 pm

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के हेलिकॉप्टर की हार्ड लैंडिंग, प्रेसिडेंट से नहीं हो पा रहा संपर्क

ईरानी राज्य टीवी ने कहा कि ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ले जा रहे एक हेलीकॉप्टर को रविवार को हार्ड लैंडिंग का सामना करना पड़ा.रिपोर्ट में कहा गया है कि रईसी पूर्वी अजरबैजान प्रांत में यात्रा कर रहे थे और यह घटना राजधानी तेहरान से 600 किमी दूर जोल्फा के पास हुई.

आज तक 19 May 2024 6:49 pm

हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद न्यू कैलेडोनिया में फ्रांस ने लगाया आपातकाल

न्यू कैलेडोनिया ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट से सैकड़ों मील दूर स्थित है. यहां लंबे समय से फ्रांस समर्थकों और आजादी के पक्षधरों के बीच तनाव चल रहा है. फ्रांस सरकार की प्रवक्ता प्रिस्का थेवेनोट ने बताया कि द्वीप पर 12 दिनों के लिए आपातकाल लागू कर दिया गया है.

आज तक 16 May 2024 6:13 am

अफगानिस्तान में बाढ़ ने मचाई तबाही... 300 लोगों की मौत, हजारों लोग हुए बेघर

अफगानिस्तान में आई बाढ़ में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और हजारों जानवरों की भी मौत हो चुकी है. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एजेंसी के मुताबिक बाढ़ के कारण लोगों को खाने पीने की चीजों की भी किल्लत हो गई है. बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा हो गया है.

आज तक 13 May 2024 6:12 am

गाजा में इजरायल का भीषण हमला जारी, 24 घंटों में 63 लोग मारे गए, अब तक 35000 की मौत

Israel-Hamas War: गाजा में इजरायल ने जमीनी और हवाई हमले तेज कर दिए हैं. वहीं हमास भी इजरायल पर लगातार रॉकेट से हमले कर रहा है. उधर इजरायल में बंधकों की रिहाई के लिए नेतन्याहू सरकार पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है. तेल अवीव में बंधकों के परिजन लगतार प्रदर्शन कर रहे हैं.

आज तक 12 May 2024 10:14 pm

यौन हमला होने पर महिलाएं नहीं कर सकतीं पेपर स्प्रे का उपयोग, किन देशों में बैन?

कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान पेपर स्प्रे को खतरनाक बताते हुए कह दिया कि आत्मरक्षा में इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. इसके लिए अदालत ने अमेरिका का हवाला दिया, जहां स्प्रे को केमिकल हथियार माना जाता है. लेकिन भारत में आत्मरक्षा के लिए क्या-क्या किया जा सकता है? क्या महिलाएं अपनी सेफ्टी के लिए पेपर स्प्रे साथ रखें तो ये गैरकानूनी है?

आज तक 8 May 2024 2:10 pm

अमेरिकी विदेश मंत्री ने की इजराइली PM से मुलाकात, देखें खबरें दुनिया भर से

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की. अमेरिका के विदेश मंत्री ने किबुत्ज का भी दौरा किया जहां पिछले दिनों हमास ने हमला करके सब कुछ तहस नहस कर दिया था. देखें बड़ी खबरें दुनिया भर से.

आज तक 3 May 2024 10:13 am

अमेरिका की Columbia University में छात्र क्यों कर रहे हैं हंगामा? जानें

एक तरफ जहां हमास और इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं अमेरिका में इसके विरोध की आग बढ़ती जा रही है. अमेरिका में छात्र इजराइल के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं.

आज तक 1 May 2024 6:14 pm

ईरान के साथ व्यापार करने वाली 3 भारतीय सहित एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों पर US ने लगाया बैन

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि इन कंपनियों ने यूक्रेन में रूस के युद्ध के लिए ईरानी मानव रहित हवाई वाहनों (UAV) की गुप्त बिक्री को सुविधाजनक बनाने और वित्तपोषण करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है.

आज तक 26 Apr 2024 2:11 am

पाकिस्तान में बर्गर बना हत्या की वजह! गर्लफ्रेंड के लिए किया था ऑर्डर, दोस्त ने खाया तो ले ली जान

जांच अधिकारी ने कहा, 'दानियाल का अली के साथ इस बात को लेकर बड़ा झगड़ा हो गया कि उसने बिना अनुमति के आधा बर्गर क्यों खाया, जो उसकी गर्लफ्रेंड शाजिया के लिए ऑर्डर किया गया था.' अधिकारी ने बताया, 'हमने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और ट्रायल पूरा होने तक वह जेल में है.'

आज तक 25 Apr 2024 10:14 pm

दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता पासपोर्ट बना भारतीय पासपोर्ट, इस मामले में टॉप पर रहा

ऑस्ट्रेलियाई फर्म ने एक स्टडी की है जिसमें भारत के पासपोर्ट ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. स्टडी में सभी देशों के पासपोर्ट की तुलना से पता चला है कि भारत का पासपोर्ट दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता पासपोर्ट है.

आज तक 25 Apr 2024 10:14 am

US Top-10: राष्ट्रपति बाइडेन के खिलाफ प्रदर्शन, विरोध के बीच दिया संबोधन

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर इन दिनों तैयारी तेज हैं इस बीच राषट्रपति जो बाइडेन के खिलाफ फ्लोरिडा के टम्पा में प्रदर्शन हुआ. लोगों ने हाथों में पोस्टर लेकर बाइडेन के खिलाफ नारेबाजी की. देखें यूएस की 10 बड़ी खबरें.

आज तक 25 Apr 2024 10:10 am

तालिबान को 'आतंकी गुट' की लिस्ट से हटाएंगे पुतिन?

अप्रैल की शुरुआत में रूस के राष्ट्रपति भवन ने ऐलान किया था कि वे अफगानिस्तान के तालिबानी नेताओं के साथ चर्चा कर रहे हैं. सबकुछ सही रहा, तो जल्द ही तालिबान टैररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन की रशियन लिस्ट से हट जाएगा.

आज तक 24 Apr 2024 6:11 pm