CM विजय का फर्जी VIDEO बनाकर लोगों को लगाया चूना, आरोपी गिरफ्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का AI से तैयार डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर ठगी करने के मामले में राजस्थान के अलवर से आरोपी गिरफ्तार हुआ है. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID की जांच में डिजिटल सुरागों के जरिए पुलिस लक्ष्मणगढ़ पहुंची. आरोपी के मोबाइल से कथित तौर पर डीपफेक वीडियो और ठगी से जुड़े सबूत मिले हैं.
हूती का दावा- देसी मिसाइल से मार गिराया सऊदी अरब का F-15 फाइटर जेट
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है. हूतियों ने मारिब प्रांत के ऊपर विमान को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने का दावा किया.
तमिलनाडु CM का डीपफेक वीडियो बनाकर ठगी, ऐसे हत्थे चढ़ा आरोपी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय थालापति का AI से बनाया गया डीपफेक वीडियो लोगों को भेजकर NGO के नाम पर ठगी की जा रही थी. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच की जांच के बाद राजस्थान के अलवर से साबू खान को गिरफ्तार किया गया है.
गैंगस्टर काला जठेड़ी को मिली पैरोल, बेटियों के अनुष्ठान में होगा शामिल
दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 20 सितंबर को 7 घंटे की कस्टडी पैरोल दी है. वह सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस सुरक्षा में हरियाणा के सोनीपत स्थित अपने गांव जठेड़ी जाएगा.
घर पर आसानी से खुद साफ करें गंदा AC, बच जाएंगे हजारों रुपये
How to Clean AC at home: अगर आपके घर के एसी में भी बहुत धूल और गंदगी जम गई है तो हर बार आपको सर्विसिंग के लिए मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको घर पर एसी साफ करने का तरीका बता रहे हैं.
'कानूनी आधार नहीं', चीन-PAK के 'बाउंड्री जॉइंट कमीशन' को भारत ने किया खारिज
भारत ने पाकिस्तान और चीन के बीच पाकिस्तान-चीन बाउंड्री जॉइंट कमीशन को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और पाकिस्तान के पास इन क्षेत्रों पर किसी भी समझौते का अधिकार नहीं है.
भारत में 'प्रोजेक्ट चीता' के 4 साल, जीरो से 52 पहुंचा कुनबा
प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के साथ भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है. इनमें 32 चीते देश में ही पैदा हुए हैं. 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के साथ शुरू हुई इस परियोजना में अब कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अलावा गांधी सागर अभयारण्य तक चीतों का विस्तार हो चुका है.
PM मोदी के दोस्त की भावुक चिट्ठी, जन्मदिन पर बोले...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से पहले उनके बचपन के दोस्त शामळदास मोदी की चिट्ठी सामने आई है. वडनगर के दिनों को याद करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी को ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को ‘सुदामा’ बताया. पत्र में दोस्ती, मोदी के सार्वजनिक जीवन और वडनगर के विकास का भी जिक्र है.
AQIS मॉड्यूल पर UP ATS की बड़ी कार्रवाई, कोयंबटूर से मकसूद अली गिरफ्तार
प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन AQIS की विचारधारा से जुड़े कथित मॉड्यूल के खिलाफ UP ATS ने कार्रवाई करते हुए मकसूद अली को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है. ATS के मुताबिक पूर्व में गिरफ्तार मोहम्मद नबील से पूछताछ और विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई. एजेंसी अब नेटवर्क, गतिविधियों और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.
नेपाल फ्लड: चिलीमे प्रोजेक्ट की सुरंग से मिले 5 शव
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चिलीमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे छह कर्मचारियों की तलाश के दौरान पांच शव बरामद हुए हैं.
UPI के नए चार्ज का पूरा गणित, PhonePe के CEO बोले...
UPI MDR को लेकर PhonePe CEO समीर निगम ने Aaj Tak से बातचीत में कई सवालों के जवाब दिए. जानें ₹1 लाख की मासिक सीमा, ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर MDR, ग्राहकों पर असर और अलग-अलग मर्चेंट श्रेणियों के लिए प्रस्तावित शुल्क की पूरी जानकारी. वीडियो में जानें डिटेल्स.
कोरियोग्राफर की आंखों के सामने पत्नी को कुचला, 96 घंटे बाद दबोचा गया आरोपी
अहमदाबाद के शीलज में तेज रफ्तार पल्सर की टक्कर से महिला की मौत के मामले में बोपल पुलिस ने आरोपी को 96 घंटे बाद राजस्थान से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद आरोपी बाइक मौके पर छोड़कर अस्पताल पहुंचा, फिर दोस्त के घर और वहां से डूंगरपुर भाग गया. CCTV, बाइक और आरोपी के काम से जुड़े लोगों की जानकारी ने पुलिस को उस तक पहुंचाया.
PM मोदी के जन्मदिन पर मेगा बाइक यात्रा, 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर वाराणसी से एक माह के सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होगी. 17 सितंबर को 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स काशी से वडनगर तक यात्रा निकालेंगे. ललिता घाट से गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक होगा. योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे.
India vs West Indies: वनडे-T20 टीम का हुआ ऐलान
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी हुई है. टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली है, जबकि हार्दिक पंड्या चयन से बाहर हैं. वीडियो में जानें स्क्वॉड क्यों खास.
बाहर ताला, अंदर AC हॉल में लाखों का जुआ, SOG-2 रेड में 47 गिरफ्तार
वाराणसी में SOG-2 ने एक बड़े जुआ अड्डे का भंडाफोड़ कर 47 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मौके से करीब 10 लाख रुपये की नकदी बरामद की. बाहर से मकान पर ताला लगा था, जबकि अंदर AC हॉल में लाखों के दांव लग रहे थे. 4-5 दिन रेकी के बाद पुलिस ने छापेमारी की. कई जिलों के लोग शामिल मिले.
गुरु-चंद्रमा का शुभ योग! 18 सितंबर से 4 राशि वालों की चांदी ही चांदी
18 सितंबर को चंद्रमा और बृहस्पति मिलकर एक बड़ा ही दुर्लभ योग बनाने वाले हैं. इस दिन मन के कारक चंद्रमा गुरु के स्वामित्व वाली धनु राशि में गोचर करेंगे. संयोगवश बृहस्पति भी चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में बैठे हैं. यानी गुरु और चंद्रमा एक दूसरे के घर में आकर बैठ जाएंगे. यह शुभ योग चार राशियों को भाग्यशाली बना सकता है.
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति ने ईयू और नाटो के साथ संबंधों पर जोर दिया
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने यूरोपीय संघ (ईयू) और नाटो की सदस्यता के महत्व पर जोर दिया और साथ ही मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंधों की वकालत की।
रात के अंधेरे में पहुंचा प्रेमी, परिजनों ने पकड़कर मंदिर में करा दी शादी
कौशाम्बी से प्रेम कहानी का अनोखा अंजाम सामने आया है. प्रेमिका से मिलने रात में पहुंचे युवक को परिजनों ने पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस को सूचना दी. युवक थाने पहुंचा तो दोनों परिवार शादी के लिए राजी हो गए. इसके बाद तिल्हापुर मोड़ स्थित मंदिर में प्रेमी जोड़े का विवाह करा दिया गया. दोनों के बीच तीन साल से संबंध बताए जा रहे हैं.
मकान तोड़ते समय भरभराकर गिरा मलबा, 4 महिलाओं की मौत
इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान उसका हिस्सा अचानक गिर गया. हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं. घायलों में चार को एमवाय अस्पताल और एक महिला को CHC सांवेर में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में जुटी है.
बाजार से खराब सब्जियां ले आते हैं घर? इन 5 तरीकों से पहचानें फ्रेश
बाजार से सब्जी खरीदते समय सिर्फ रंग और आकार देखकर फैसला न करें. न्यूट्रिशनिस्ट ने बैंगन, ग्वार फली, टिंडा और शकरकंद खरीदने के आसान तरीके बताए हैं. जानिए कौन-सी ग्वार फली नरम होती है, बैंगन कैसे चुनें और शकरकंद खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
यूपी में 5 PCS अफसरों के तबादले, काशी विश्वनाथ को मिला नया CEO
उत्तर प्रदेश में PCS अफसरों से जुड़ी नई तबादला सूची जारी हुई है. सबसे बड़ा बदलाव काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रशासन में हुआ है, जहां सत्यम मिश्रा को नया CEO बनाया गया है.
रानी मुखर्जी संग फेरे छोड़ किसके पीछे भागे थे आदित्य? हुआ खुलासा
रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा ने 2014 में इटली में बेहद गुपचुप शादी की थी. शादी में सिर्फ 13 खास मेहमान थे. जानें क्यों आदित्य चोपड़ा ड्रोन के पीछे भाग रहे थे.
राधाष्टमी पर राधा को क्यों लगता है अरबी का भोग? ऐसे सजाएं भोग की थाली
राधाष्टमी के भोग में खास आकर्षण राधारानी की प्रिय अरबी के व्यंजन का विशेष महत्व है. ब्रज क्षेत्र की कुछ स्थानीय भोग परंपराओं और मान्यताओं में अरबी से बने सात्विक व्यंजनों को राधारानी के भोग से जोड़ा जाता है. अरबी की सूखी सब्जी, हल्के मसालों से बनी अरबी या अरबी से तैयार अन्य पारंपरिक व्यंजन भोग की थाली में रखना ब्रज की पटरानी राधा जी को विशेष प्रिय है.
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ के एक्टर मोहित राज का वीडियो वायरल
अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ‘हैवान’ में छोटी भूमिका निभाने वाले मोहित राज का वीडियो वायरल हो रहा है. मोहित ने बताया कि करीब 10 साल बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला और दोस्तों से फिल्म देखने व कलाकारों को सपोर्ट करने की अपील की.
जिम जाने वालों को ऐसे बेच रहे थे नकली सप्लीमेंट, 50 लाख का माल बरामद
जिम में तेजी से मांसपेशियां बढ़ाने की चाहत के बीच गाजियाबाद में कथित नकली बॉडी-बिल्डिंग दवाओं के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 50 लाख रुपये की सामग्री बरामद करने का दावा किया है. Dianabol, Trenbolone, Winstrol समेत कई उत्पादों के साथ फर्जी लेबल, खाली शीशियां, कार्टन और होलोग्राम मिले हैं.
आयुष मलिक ने HC के सामने दिया बयान, बोले- चांदनी कुरैशी से निकाह अपनी मर्जी
शामली के आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी हिरासत को अवैध मानते हुए उसे मुक्त करने का आदेश दिया. कोर्ट में पेश आयुष ने कहा कि उसने बिना दबाव अपनी इच्छा से धर्मांतरण किया और चांदनी कुरैशी से निकाह किया. बयान के बाद अदालत ने उसे अपनी मर्जी से रहने और पसंद का धर्म चुनने की स्वतंत्रता दे दी.
झांसी: बुजुर्ग की मौत के मामले में 2 गिरफ्तार
झांसी के छिरौना गांव में बुजुर्ग की कुएं में मिली लाश के मामले में पुलिस ने उनकी 17 वर्षीय नातिन और पड़ोसी युवक को गिरफ्तार किया है. घर की सफाई के दौरान मिले खून लगे कपड़ों के बाद मामले में हत्या की आशंका सामने आई. पुलिस ने कथित हथियार भी बरामद किया.
अय्यर-पंत दोनों बने कप्तान! टी20 सीरीज में इन धुरंधरों को मिला मौका
वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर खेली जाने वाली सीरीजों के लिए टीम इंडिया का ऐलान आखिरकार हो गया है. वनडे सीरीज में रोहित-कोहली अपना जलवा बरकरार रखेंगे.
ईरान पर हमले की अमेरिका ने अब तक क्या 'क़ीमत' चुकाई है? इस रिपोर्ट से चला पता - BBC
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'रहने को छत दी', गृह प्रवेश में इमोशनल हुआ एक्टर, याद आए पिता
गणेश चतुर्थी के मौके पर एक्टर ने फैन्स के साथ गुड न्यूज शेयर की है. सालों की मेहनत के बाद उन्होंने मुंबई में अपना आशियाना बना लिया है.
सस्ता हुआ या महंगा... आज क्या है 20, 22, 24 कैरेट सोने का रेट?
Gold-Silver Rate Change Today: बुधवार को जैसे ही कमोडिटी मार्केट ओपन हुआ सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ है. ऐसे में खरीदारी से पहले इसके बारे में जान लेना जरूरी है. MCX ही नहीं, बल्कि घरेलू मार्केट में गोल्ड-सिल्वर रेट चेंज हुआ है.
अंतरिक्ष की सैर, बस कुछ मिनट के लिए... खर्च करने होंगे 7 करोड़
चीन में एक ट्रेवल एजेंसी अंतरिक्ष में सैर कराने का पैकेज लेकर आई है. यह पैकेज इतना महंगा है कि बस कुछ मिनटों के लिए स्पेस में रुकने के यह 7 करोड़ रुपये वसूलेगी.
वैभव सूर्यवंशी की ऐसे होगी टीम इंडिया में वापसी?
भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है. कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे मुकाबले में अब तक बाहर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने के संकेत दिए हैं. ऐसे में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग-11 में एंट्री पर सबकी नजर है. वीडियो में जानें वैभव के खेल पर क्या बोले श्रेयस अय्यर.
CM सम्राट के इंतजार में 4 घंटे खड़े रहे ग्रामीण, नाराज होकर फाड़े पोस्टर
बिहार के नवगछिया क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित राघोपुर को लेकर प्रस्तावित कार्यक्रम में ग्रामीण सुबह से जुटे रहे. करीब चार घंटे इंतजार के बाद नेताओं के नहीं पहुंचने की सूचना से लोगों का गुस्सा बढ़ गया. नाराज लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर-पोस्टर फाड़ दिए. ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें समय रहते कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी नहीं दी गई.
पाकिस्तान का ड्रामा शुरू, भारत में होने वाली CT को लेकर किया बवाल
पाकिस्तान हॉकी टीम को इस साल भारत में होने वाली पुरुष एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी (एसीटी) में हिस्सा लेना है. लेकिन इससे पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है.
रेनोवेशन के बीच किसने लगाई 'मन्नत' की कीमत? शाहरुख ने किया चुप
बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के मन्नत बंगले का करीब 300 करोड़ रुपये का रेनोवेशन चल रहा है. इस दौरान वो परिवार के साथ मन्नत से बाहर रह रहे हैं. रेनोवेशन के बीच शाहरुख खान ने मन्नत को लेकर नई अपडेट दी है.
UPI पर चार्ज से हैं कंफ्यूज? PhonePe के CEO ने बताया एक-एक सच!
फोनपे के सीईओ समीर निगम ने यूपीआई एमडीआर को लेकर सारा कंफ्यूजन दूर कर दिया है. उन्होंने आजतक के साथ बातचीत में सच को सामने रखा है और बताया कि एमडीआर किसपर, क्या और कितना लगेगा? आइए जानते हैं पूरी डिटेल...
अरब सागर में भारतीय नौसेना के जहाज से टकराया पाकिस्तानी जहाज
इंटरनेट डेस्क। अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज के टकराया का मामला सामने आया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में जानकारी दी है। हालांकि अभी इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है कि ये घटना कब घटित हुई है। इससे पहले साल 2011 में भी ऐसा हुआ था। खबरों के अनुसार, ये घटना उस समय हुई जब भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था और दूसरी ओर से पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत तरीके से दिशा बदली। इससे दोनों के बीच टक्कर हो गई। हालांकि इस घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। खबरों के अनुसार, पाकिस्तानी जहाज पीएनएस हुनैन की टक्कर भारतीय जहाज से हुई है। यारमूक क्लास का यह जहाज समुद्री निगरानी और गश्त में उपयोग होता है। इस घटना के बाद भारत की ओर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पाक हाई कमीशन के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया गया है। भारत ने इसका कड़ा विरोध दर्ज करवाकर इस घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया है। PC:jagran अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
IISc में में पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप का मौका, 80000 होगा स्टाइपेंड
IISc बैंगलोर ने 2026 के लिए पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप (IPDF) के आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह फेलोशिप पीएचडी पूरी कर चुके या थीसिस जमा कर चुके शोधार्थियों के लिए है, जिसमें ₹80,000 मासिक स्टाइपेंड, HRA और ₹2,00,000 वार्षिक रिसर्च ग्रांट शामिल हैं. पढ़ें पूरी डिटेल...
0.4% MDR का फैसला क्यों? सोहिनी राजोला ने UPI से जुड़े सवालों के दिए जवाब
15 अक्टूबर से दुकानदारों को भुगतान होने वाले 2000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लगने जा रहे चार्ज को लेकर सियासत का हंगामा और बढ़ गया है. इसको लेकर NPCI की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सोहिनी राजोला ने आजतक से खास बातचीत की. देखें पूरा Video.
DUSU चुनाव में छात्र गुटों के बीच चले डंडे, एक की हालत गंभीर
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के मतदान से पहले नॉर्थ कैंपस में दो छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी है. डीसीपी निहारिका भट्ट मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं.
मिर्जापुर-द मूवी में महाराणा प्रताप से जुड़ा गाना इस्तेमाल करने पर विवाद
दिल्ली हाई कोर्ट ने 'Mirzapur: The Movie' के क्लाइमैक्स सीन में महाराणा प्रताप को समर्पित गाने 'शूरवीर' के इस्तेमाल को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई की.
मक्का में अलर्ट, लाल सागर में दबदबा, पश्चिम एशिया में हूतियों ने कैसे खोला युद्ध का नया मोर्चा?
पश्चिम एशिया में हूतियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास तेज सैन्य बढ़त बनाकर ईरान-अमेरिका संघर्ष को एक नए थिएटर तक पहुंचा दिया है।
Chile में मिले 500 साल पुराने अवशेषों से Smallpox Virus के प्राचीन डीएनए का चला पता
(एरिस काट्जौराकिस, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड)ऑक्सफोर्ड, 16 सितंबर (द कन्वरसेशन) चेचक दुनिया में पूरी तरह समाप्त की गई एकमात्र मानव संक्रामक बीमारी है। अब शोधकर्ताओं ने उत्तरी चिली में दफन दो मूल निवासियों के प्राकृतिक रूप से ममीकृत अवशेषों से चेचक पैदा करने वाले वेरियोला वायरस के प्राचीन डीएनए के अंश हासिल किए हैं। सदियों तक चेचक ने विनाशकारी महामारियां पैदा कीं। इसका गंभीर रूप ‘वेरियोला मेजर’ संक्रमित लोगों में करीब 30 प्रतिशत की जान लेता था। अमेरिका में चेचक का पहला दर्ज प्रकोप 1518 में हिस्पानियोला द्वीप पर हुआ था। सोलहवीं सदी में लगातार फैली महामारियां यूरोपीय उपनिवेशवाद के दौरान स्वदेशी आबादी में भारी जनहानि का एक प्रमुख कारण बनीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 1967 में चेचक उन्मूलन अभियान तेज किया। इसमें टीकाकरण, निगरानी और संक्रमण को नियंत्रित करने के उपाय शामिल थे। प्राकृतिक रूप से संक्रमण का अंतिम ज्ञात मामला 1977 में सोमालिया में सामने आया और डब्ल्यूएचओ ने 1980 में चेचक को दुनिया से समाप्त घोषित कर दिया। जीवित वेरियोला वायरस को स्वीकृत अनुसंधान के लिए डब्ल्यूएचओ द्वारा नामित दो अत्यधिक सुरक्षित प्रयोगशालाओं में रखा गया है। चिली में मिले नमूनों में केवल सदियों से संरक्षित और क्षतिग्रस्त आनुवंशिक अंश हैं। ये अवशेष लगभग 1492 से 1631 के बीच के हैं। अमेरिका से प्राप्त प्राचीन चेचक जीनोम के ये पहले नमूने हैं। ऐतिहासिक रिकॉर्ड पहले ही संकेत देते थे कि यूरोपीय संपर्क के बाद चेचक अमेरिका पहुंचा। नये अध्ययन में मिले आणविक प्रमाण से पता चला कि चिली के वायरस यूरोप में पहले पाए गए वायरस के प्रकारों से संबंधित थे। हालांकि, इससे यह पता नहीं चलता कि वायरस कौन लेकर आया या वह इस समुदाय तक कैसे पहुंचा। ममीकृत अवशेषों पर त्वचा के छोटे घाव भी मिले थे। पहले के शोध में इन्हें लंबे समय तक आर्सेनिक के संपर्क में रहने से जोड़ा गया था। अब मिले वेरियोला डीएनए से पुष्टि हुई कि दोनों लोग चेचक से संक्रमित थे, इसलिए ये घाव चेचक से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, डीएनए यह साबित नहीं करता कि घावों का कारण चेचक था या किसी की मृत्यु इसी बीमारी से हुई। शोधकर्ताओं को वायरस के डीएनए के केवल अंश मिले हैं और कोई पूर्ण वायरस कण नहीं मिला। प्राचीन डीएनए समय के साथ छोटे टुकड़ों में टूट जाता है। वैज्ञानिक इन बचे हुए टुकड़ों का अनुक्रमण कर कंप्यूटर की मदद से उनके मूल क्रम का पुनर्निर्माण करते हैं। इसलिए दो जीनोम के ‘पुनर्निर्माण’ का अर्थ वास्तविक वायरस बनाना नहीं है। चेचक के वायरस कण में पूरा जीनोम और प्रजनन के लिए जरूरी प्रोटीन एवं एंजाइम होते हैं, जो इन प्राचीन डीएनए टुकड़ों में मौजूद नहीं हैं। इसलिए ये टुकड़े अपने आप चेचक पैदा नहीं कर सकते। शोधकर्ताओं ने वर्ष 2018 में विशेष रूप से तैयार सिंथेटिक डीएनए से हॉर्सपॉक्स वायरस का पुनर्निर्माण किया था, लेकिन इसके लिए अत्यधिक विशेषज्ञता वाली प्रयोगशाला प्रक्रियाओं और एक सहायक पॉक्सवायरस की जरूरत पड़ी थी। चिली के अध्ययन में केवल प्राकृतिक रूप से क्षतिग्रस्त डीएनए का अनुक्रमण और कंप्यूटर पर उसका विश्लेषण किया गया। इससे चेचक के दोबारा लौटने का कोई व्यावहारिक रास्ता नहीं बनता। वायरस के प्रजनन के दौरान आनुवंशिक बदलाव जमा होते जाते हैं। इनकी तुलना से वैज्ञानिक वायरस का विकासवादी इतिहास समझ सकते हैं। चिली में मिले दोनों वायरस अब विलुप्त हो चुके एक वंश से संबंधित थे, जो करीब 1296 में वेरियोला वायरस के अन्य ज्ञात वंशों से अलग हुआ था। यह विकासवादी विभाजन की अनुमानित तारीख है, न कि चेचक के चिली पहुंचने की तारीख। चिली के जीनोम शुरुआती मध्ययुगीन यूरोपीय वायरसों के बाद और बाद की सदियों में फैलने वाले वंशों से पहले की शाखा पर हैं। इनके यूरोपीय वायरसों से संबंध और अवशेषों की 1492 के बाद की तारीखें इस निष्कर्ष का समर्थन करती हैं कि चेचक उपनिवेशवाद के दौरान अमेरिका पहुंचा। जीनोम से यह भी पता चलता है कि वेरियोला वायरस समय के साथ मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए अधिक विशिष्ट होता गया। कई संबंधित पॉक्सवायरस कई पशु प्रजातियों को संक्रमित कर सकते हैं, लेकिन वेरियोला केवल मनुष्यों को संक्रमित करता है। इसके विकास के दौरान कुछ सहायक जीन निष्क्रिय हुए या पूरी तरह गायब हो गए। वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को ‘रिडक्टिव इवोल्यूशन’ कहते हैं। हालांकि, केवल जीनों का नुकसान यह नहीं समझाता कि चेचक इतना घातक क्यों था। बीमारी की गंभीरता वायरस के जीन और मानव प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच जटिल संबंधों पर निर्भर करती है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि वायरस का विकास एक समान गति से नहीं हुआ। सोलहवीं सदी के अंत तक जीन का निष्क्रिय होना लगभग स्थिर गति से जारी रहा, जिसके बाद कुछ समय तक आनुवंशिक बदलावों की गति धीमी हुई और फिर बढ़ गई। लेखकों का अनुमान है कि औपनिवेशिक दौर की महामारियों में वेरियोला पहले से ही ऐसी आबादी में फैलने के लिए अनुकूलित था, जिसमें चेचक के खिलाफ प्रतिरक्षा कम थी। वर्ष 1796 में टीकाकरण शुरू होने के बाद प्रतिरक्षा का वातावरण बदला और इससे वायरस में कुछ आनुवंशिक बदलावों के बने रहने की संभावना प्रभावित हुई होगी। हालांकि, अध्ययन यह साबित नहीं करता कि बदलाव की गति में परिवर्तन का कारण यही था। चिली से मिले ये आनुवंशिक अनुक्रम मध्ययुगीन यूरोप से प्राप्त जीनोम और बाद के वेरियोला वंशों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी उपलब्ध कराते हैं। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिल रही है कि चेचक अमेरिका तक कैसे पहुंचा और वहां फैलने के दौरान उसमें किस तरह विकासवादी बदलाव हुए।
पश्चिम एशिया के सामरिक और तेल समृद्ध भू-भाग में सुरक्षा संकट गहराने के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब जाने वाले और वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय और गंभीर सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) ने संपूर्ण सऊदी अरब के लिए लेवल-3 'रीकंसीडर ट्रैवल' यानी यात्रा पर पुनर्विचार करने की सख्त चेतावनी जारी की है। यह आधिकारिक चेतावनी उस समय आई है जब यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब की संप्रभु सीमाओं, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लगातार विस्फोटक ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बैलिस्टिक रॉकेट दाग रहे हैं। वाशिंगटन का मानना है कि लाल सागर और अरब प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों, वाणिज्यिक संपत्तियों और कूटनीतिक मिशनों पर हमलों का अप्रत्याशित जोखिम बहुत तेजी से बढ़ गया है।अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी इस नए दस्तावेज़ ने स्पष्ट किया है कि हाल के हफ्तों में हूती लड़ाकों की ओर से सीमा पार हवाई हमलों की आवृत्ति में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब के पवित्र मक्का शहर के ठीक दक्षिण में स्थित एक संवेदनशील इलाके की ओर बढ़ रहे एक खतरनाक आत्मघाती ड्रोन को सऊदी रॉयल एयर डिफेंस सिस्टम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था। इस गंभीर घटना ने यह प्रमाणित कर दिया है कि विद्रोही समूह केवल सीमावर्ती चौकियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सऊदी अरब के पश्चिमी प्रांतों, घनी आबादी वाले महानगरीय केंद्रों और पवित्र स्थलों के करीब तक हमले करने का दुस्साहस कर रहे हैं। हालांकि सऊदी अरब के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक विमानों का परिचालन अभी पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, किंतु हवाई रक्षा प्रणालियों के अचानक सक्रिय होने और मिसाइल अवरोधन अभियानों के चलते उड़ानों में बड़े पैमाने पर देरी, डायवर्जन और परिचालन संबंधी गंभीर व्यवधान सामने आ रहे हैं।यमन सीमा पर लेवल-4 का सबसे कड़ा प्रतिबंध: 20 मील के दायरे में अमेरिकी कर्मियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जितसऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों के लिए जहां लेवल-3 एडवाइजरी लागू की गई है, वहीं यमन से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे समस्त संवेदनशील क्षेत्रों के लिए वाशिंगटन ने अपनी सर्वोच्च और सबसे सख्त लेवल-4 'डू नॉट ट्रैवल' (Do Not Travel - बिल्कुल यात्रा न करें) चेतावनी जारी की है। यमन की सीमा पर सक्रिय सशस्त्र विद्रोही गुट आए दिन सीमावर्ती चौकियों, असैन्य बस्तियों और राजमार्गों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के रॉकेटों और कम दूरी की मिसाइलों से अंधाधुंध बमबारी करते रहते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में मौजूद किसी भी नागरिक या विदेशी यात्री की जान को तत्काल जानलेवा खतरा पैदा हो जाता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक इन सीमांत प्रांतों में जाने का जोखिम न उठाए क्योंकि आपातकाल की स्थिति में वहां तत्काल कूटनीतिक या सुरक्षा सहायता पहुंचाना अमेरिकी दूतावास के लिए संभव नहीं होगा।सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक कड़ा करते हुए अमेरिकी सरकार ने अपने सभी आधिकारिक राजनयिकों, वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यमन सीमा के 20 मील (लगभग 32 किलोमीटर) के संपूर्ण दायरे में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा सऊदी अरब के संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांतों जैसे कतीफ, जिजान, असीर और नजरान की यात्रा करने के लिए भी अमेरिकी सरकारी कर्मियों को मिशन सुरक्षा प्रमुख से विशेष और पूर्व आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से सीमा पार से होने वाली तोपखाने की गोलाबारी और आत्मघाती ड्रोन के गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की चूक या ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।ऊर्जा संयंत्र, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले इलाके निशाने पर: अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा गाइडलाइनअमेरिकी विदेश विभाग की नई सुरक्षा एडवाइजरी में नागरिकों को केवल मिसाइल हमलों से ही नहीं, बल्कि विभिन्न हिंसक गुटों और आतंकवादी संगठनों द्वारा किए जाने वाले संभावित हमलों को लेकर भी आगाह किया गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सऊदी अरब के भीतर स्थित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डे, तेल शोधन कारखाने, विशाल ऊर्जा संयंत्र, पाइपलाइन टर्मिनल, सैन्य ठिकाने, पश्चिमी नागरिकों की आवाजाही वाले लक्जरी होटल, सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और घनी भीड़भाड़ वाले वाणिज्यिक बाजार आतंकी और विद्रोही तत्वों के प्राथमिक निशाने पर हो सकते हैं। इन रणनीतिक और नागरिक ठिकानों पर किसी भी अप्रत्याशित हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे अनावश्यक रूप से ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें और अपनी गतिविधियों को न्यूनतम व सतर्क रखें।इसके अतिरिक्त, रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और जेद्दाह तथा धाहरान स्थित वाणिज्य दूतावासों ने नागरिकों को लगातार स्थानीय समाचारों पर नजर रखने, आपातकालीन अलर्ट पर सक्रिय रहने और आपात स्थिति में तुरंत बंकर या सुरक्षित कंक्रीट संरचनाओं में शरण लेने की योजना तैयार रखने की सलाह दी है। अगर आसमान में कोई संदिग्ध रोशनी, धमाका या इंटरसेप्टर मिसाइल की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत खिड़कियों से दूर रहने और जमीन पर लेट जाने के दिशा-निर्देश दोहराए गए हैं। पश्चिम एशिया में ईरान, यमन और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव ने यह साफ कर दिया है कि सऊदी अरब में सुरक्षा समीकरण अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में 15 सितंबर 2026 की शाम एक बेहद खतरनाक और उकसावे वाली सैन्य घटना सामने आई है। नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत को पाकिस्तानी नौसेना के बिल्कुल नए गाइडेड-मिसाइल कॉर्वेट पीएनएस हुनैन (PNS Hunain F-273) ने सीधे टक्कर मार दी। यह अप्रत्याशित समुद्री भिड़ंत उस समय हुई जब भारतीय नौसेना का वॉरशिप अपने निर्धारित समुद्री क्षेत्र में शांतिपूर्ण गश्त और चौकसी पर था। प्रत्यक्षदर्शी सैन्य सूत्रों और प्रारंभिक परिचालन रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी नौसेना का युद्धपोत अचानक अत्यधिक तेज रफ्तार में गैर-पेशेवर, आक्रामक और असुरक्षित युद्धाभ्यास करते हुए भारतीय युद्धपोत के बेहद करीब आ गया और नियंत्रण खोकर उससे जा टकराया। समुद्र में जहाजों के आवागमन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों और बुनियादी समुद्री शिष्टाचार की धज्जियां उड़ाने वाली इस घटना ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक बार फिर भारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव उत्पन्न कर दिया है।इस जबरदस्त टक्कर में जहां भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा ढांचागत नुकसान नहीं पहुंचा, वहीं दूसरी तरफ भारतीय युद्धपोत से टकराने के बाद पाकिस्तानी युद्धपोत पीएनएस हुनैन का अगला हिस्सा और बाह्य ढांचा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद पीएनएस हुनैन अपनी गश्त बीच में ही छोड़कर अपनी जान बचाते हुए मरम्मत के लिए कराची बंदरगाह की ओर लौटने को मजबूर हो गया। संकट की इस नाजुक घड़ी में भारतीय युद्धपोत के कमांडिंग अफसर और चालक दल ने असाधारण सामरिक परिपक्वता, अद्वितीय धैर्य और उच्च कोटि के संयम का परिचय दिया, जिसके चलते समुद्र में मिसाइल या तोप दागने जैसी किसी भी बड़ी सैन्य जवाबी कार्रवाई को टाला जा सका। भारत सरकार ने इस दुस्साहसिक और लापरवाह घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी (चार्ज द अफेयर्स) को विदेश मंत्रालय के साउथ ब्लॉक में तलब किया और इस्लामाबाद के इस उकसावे वाले कदम पर बेहद सख्त विरोध पत्र सौंपा।क्या है पाकिस्तानी नौसेना का पीएनएस हुनैन और क्यों इसे माना जा रहा था उनका नया समुद्री तुरुप का इक्काअरब सागर में भारतीय नौसेना की तकनीकी मजबूती से टकराकर क्षतिग्रस्त होने वाला पीएनएस हुनैन कोई सामान्य गश्ती पोत नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तानी नौसेना का सबसे नया और बहुप्रचारित युद्धपोत है। पीएनएस हुनैन (पेनेंट नंबर एफ-273) पाकिस्तानी नौसेना के यारमूक क्लास बैच-2 ऑफशोर पेट्रोल कॉर्वेट का प्रमुख युद्धपोत है। इसका निर्माण यूरोपीय देश रोमानिया के गालाती में स्थित विख्यात डच रक्षा कंपनी 'डेमन शिपयार्ड्स' द्वारा किया गया था। इस आधुनिक युद्धपोत को पाकिस्तानी नौसेना में बहुत हाल ही में, यानी जुलाई 2024 में एक भव्य सैन्य समारोह के दौरान औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। डच डिजाइन पर आधारित यारमूक क्लास के इन पोतों को समुद्र में सतह से सतह पर मार करने, तटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने, पनडुब्बी रोधी निगरानी रखने और मिसाइल रक्षा प्रणाली प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इस्लामाबाद ने अरब सागर में भारतीय नौसेना के पारंपरिक दबदबे को चुनौती देने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के बावजूद भारी लागत से इस युद्धपोत को अपने बेड़े का हिस्सा बनाया था।पीएनएस हुनैन के तकनीकी विनिर्देशों की बात करें तो इसकी कुल लंबाई लगभग 95.8 मीटर से 98 मीटर के बीच है, जबकि इसकी चौड़ाई 14.4 से 14.6 मीटर तक है। लगभग 2600 टन विस्थापन क्षमता वाला यह कॉर्वेट चार शक्तिशाली कैटरपिलर डीजल इंजनों द्वारा संचालित होता है, जो इसे समुद्र में 41 से 44 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 22 से 24 समुद्री मील) की अधिकतम गति प्रदान करते हैं। यह जहाज 22 किलोमीटर प्रति घंटे की किफायती आर्थिक गति पर बिना रुके लगभग 11,000 किलोमीटर (6,000 समुद्री मील) तक लगातार यात्रा करने की क्षमता रखता है। इसके अलावा, यह युद्धपोत बिना किसी बंदरगाह पर रुके लगातार 40 दिनों तक समुद्र के गहरे पानी में तैनात रहने के लिए पूरी तरह सक्षम है। इसके पिछले हिस्से में एक बड़ा फ्लाइट डेक और हैंगर मौजूद है, जिस पर समुद्री निगरानी हेलीकॉप्टर और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) तैनात किए जा सकते हैं। त्वरित समुद्री हमलों और बोर्डिंग ऑपरेशनों के लिए इस पर दो रिजिड हल इन्फ्लेटेबल बोट्स (RHIB) भी ले जाने की व्यवस्था की गई है।तुर्किए और स्वदेशी हथियारों से लैस था पीएनएस हुनैन: रडार और घातक मिसाइल प्रणालियों का ब्योरापाकिस्तानी नौसेना ने पीएनएस हुनैन को केवल एक गश्ती पोत नहीं बल्कि एक आक्रामक मिसाइल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने का दावा किया था। इस युद्धपोत पर तुर्किए की प्रमुख रक्षा कंपनी असेलमान द्वारा निर्मित अत्याधुनिक वेपन स्टेशन लगाए गए हैं। इसके मुख्य डेक पर 30 मिलीमीटर का असेलमान स्मैश (SMASH) रिमोट-कंट्रोल्ड वेपन स्टेशन स्थापित है, जो रात के अंधेरे में भी लक्ष्यों को ट्रैक करने में सक्षम है। इसके साथ ही नजदीकी सुरक्षा के लिए दो 12.7 मिलीमीटर असेलमान स्टैम्प (STAMP) रिमोट वेपन स्टेशन लगाए गए हैं। सतह पर मौजूद दुश्मन के युद्धपोतों और जमीन पर स्थित ठिकानों को भारी तबाही के साथ निशाना बनाने के लिए इस जहाज पर पाकिस्तान द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित 'हरबह' (Harbah) सब-सोनिक क्रूज मिसाइल के दो ट्विन-सेल या क्वॉड-सेल (कुल चार से आठ मिसाइलें) लॉन्चर लगाए जाने का प्रावधान है। हरबह मिसाइल समुद्र से सतह पर और समुद्र से जमीन पर अचूक प्रहार करने में सक्षम मानी जाती है।हवाई हमलों और इनकमिंग एंटी-शिप मिसाइलों से जहाज को बचाने के लिए इस पर 20 मिलीमीटर की फालैंक्स ब्लॉक 1बी क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) अथवा तुर्किए निर्मित समकक्ष रैपिड-फायर एयर डिफेंस सिस्टम लगाया गया है। जहाज की इलेक्ट्रॉनिक आंखों और कानों के रूप में इस पर एमआर-36ए (MR-36A) सरफेस और एयर सर्च रडार, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) सूट और इनकमिंग गाइडेड मिसाइलों को भटकाने वाले अत्याधुनिक डेकोय डिस्पेंसिंग लॉन्चर लगाए गए हैं। पाकिस्तानी नौसेना का इरादा इस कॉर्वेट को बहुउद्देश्यीय समुद्री सुरक्षा अभियानों, खुले समुद्र में आक्रामक पैट्रोलिंग और सीमित एयर डिफेंस अभियानों में आगे रखने का था। हालांकि, अरब सागर में हुई इस हालिया गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और हथियारों से लैस होने के बावजूद, चालक दल में पेशेवर समुद्री प्रशिक्षण और नेविगेशन अनुशासन की भारी कमी युद्धपोत के लिए ही आत्मघाती साबित हो सकती है।1991 के ऐतिहासिक भारत-पाक सैन्य समझौते का खुला उल्लंघन: विदेश मंत्रालय का कड़ा रुखअरब सागर में पाकिस्तानी युद्धपोत द्वारा भारतीय नौसेना के जहाज को जानबूझकर खतरे में डालने की इस घटना ने दोनों देशों के बीच तीन दशक पुराने द्विपक्षीय समझौतों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की यह उकसावे भरी कार्रवाई 6 अप्रैल 1991 को हस्ताक्षरित ‘सैन्य अभ्यासों, सैन्य युद्धाभ्यासों और सैनिकों की गतिविधियों पर भारत-पाकिस्तान समझौते’ (Agreement on Advance Notice on Military Exercises, Manoeuvres and Troop Movements) का सीधा और घोर उल्लंघन है। इस ऐतिहासिक संधि की धारा 10 (Article 10) स्पष्ट रूप से यह निर्देश देती है कि दोनों देशों की नौसेनाओं, थल सेनाओं और वायु सेनाओं को एक-दूसरे के निकट आक्रामक युद्धाभ्यास, अप्रत्याशित नजदीकी आवागमन या ऐसी किसी भी सैन्य गतिविधि से पूरी तरह बचना होगा जिससे समुद्र या वायुक्षेत्र में गलतफहमी, गलत आकलन (Miscalculation) या अनपेक्षित सैन्य टकराव की स्थिति पैदा हो।पाकिस्तानी युद्धपोत का अत्यधिक तीव्र गति में भारतीय निगरानी पोत के बेहद करीब आना और उससे टकरा जाना इस समझौते के मूल सिद्धांतों पर सीधा कुठाराघात है। नई दिल्ली में तलब किए गए पाकिस्तानी राजनयिक को विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस प्रकार की बचकानी और आक्रामक हरकतें किसी भी समय बड़े सामरिक संकट में बदल सकती हैं। भारत ने पाकिस्तान से इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी कराने, दोषी नौसैनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय नौसेना की सतर्कता और पेशेवर संयम ने एक विनाशकारी संघर्ष को टाल दिया, लेकिन पाकिस्तानी नौसेना के आधुनिक पोत को पहुंची गंभीर क्षति ने इस्लामाबाद के सैन्य रणनीतिकारों के होश उड़ा दिए हैं।
सेंसर बोर्ड में पंकज त्रिपाठी, प्रीति जिंटा और सुनील शेट्टी की एंट्री
सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन का पुनर्गठन किया है. जिसके तहत 18 सदस्यों की नई टीम तैयार हुई है.
DU से एक साल डी-बार रहे छात्र को कांग्रेस में मिली ये जिम्मेदारी
डॉ. लोकेश चुग दिल्ली विश्वविद्यालय के एंथ्रोपोलॉजी विभाग से पीएचडी कर चुके हैं. डीयू की छात्र राजनीति में वे तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे, जब वर्ष 2023 में दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतिबंधित बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की पब्लिक स्क्रीनिंग आयोजित करने के आरोप में उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी.
'हनुमान अंश' को खरीदने की रेस में 3 OTT प्लेटफॉर्म, प्रोड्यूसर हुई भावुक
'हनुमान अंश' की सफलता ने हवाओं का रुख बदल दिया है. जहां पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म ने इसे रिजेक्ट कर दिया था. वहीं, अब फिल्म को खरीदने के लिए कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लाइन में हैं. फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने खुद इस बात की जानकारी दी है.
वैभव सूर्यवंशी का जलवा तो सबने देखा...अब इन 2 धुरंधरों की बारी
अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम गुरुवार यानी 17 सितंबर को तीसरा और आखिरी टी20 मैच खेलने वाली है. इस मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम में बदलाव का ऐलान किया है.
घर पर बनाएं बाजार जैसा सीक्रेट चाट मसाला, एक चुटकी में बढ़ेगा स्वाद
बाजार में बिकने वाला चटपटा और खुशबूदार चाट मसाला खाने का स्वाद बढ़ा देता है, लेकिन आप इसको आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं. जीरा, धनिया, अजवाइन, अमचूर और काले नमक का सही संतुलन से चाट मसाला बना सकते हैं. इस आसान और सीक्रेट रेसिपी से मिनटों में शुद्ध और मसालेदार चाट मसाला तैयार करें और लंबे समय तक स्टोर करें.
करवट बदलेंगे विष्णु! परिवर्तिनी एकादशी से इन 3 राशियों के अच्छे दिन शुरू
Parivartini Ekadashi 2026: परिवर्तिनी एकादशी 22 सितंबर को मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु के योग निद्रा में करवट बदलेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि परिवर्तिनी एकादशी से कर्क, कन्या और मकर राशि के जातकों खूब लाभ होगा.
मक्का पर मंडरा रहा युद्ध? 27 लाख भारतीयों पर कितना खतरा
सऊदी अरब का दावा है कि मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले हूती ड्रोन को मार गिराया गया. इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मक्का और मदीना की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया, लेकिन उन्होंने हूतियों या ईरान का नाम नहीं लिया. इस वीडियो में समझिए मक्का ड्रोन विवाद, सऊदी का दावा, हूतियों का इनकार, पाकिस्तान के बयान पर उठते सवाल और सऊदी अरब में रहने वाले 27 लाख भारतीयों पर इसका क्या असर पड़ सकता है.
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लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास एक्स गर्लफ्रेंड को कार से कुचलने के आरोप का मामला अब महिला आयोग पहुंच गया है. पीड़िता ने महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मुलाकात कर आरोपी शाहनवाज पर पहचान छिपाकर संबंध बनाने और जबरन शादी का दबाव डालने का आरोप लगाया.
AI डेवलपर्स पर बरसे US Vice President JD Vance, बोले- खतरे बनाकर Regulation न मांगें
अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलपर्स की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो वे एडवांस्ड सिस्टम बना रहे हैं और दूसरी तरफ ग्लोबल गवर्नेंस की मांग कर रहे हैं। उन्होंने उन इंडस्ट्री लीडर्स पर सवाल उठाए जो तुरंत बचाव के उपाय करने के बजाय ऐसे सिस्टम बना रहे हैं जिनसे संभावित खतरे पैदा हो सकते हैं। मशहूर बिजनेस और टेक्नोलॉजी शो 'ऑल-इन पॉडकास्ट' में AI से जुड़ी सुरक्षा पर हो रही बहस पर बात करते हुए अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि ऐसा क्यों है कि जो लोग AI इकोनॉमी में सबसे आगे हैं, वे हार मानकर कह रहे हैं कि 'हमने फ्रेंकस्टीन बना दिया है', और फ्रेंकस्टीन का समाधान यह बताया जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक ग्लोबल गवर्नेंस स्ट्रक्चर बनाया जाए? मैं उन लोगों से यही कहूंगा। अगर आप फ्रेंकस्टीन बना रहे हैं, तो रुक जाइए। अगर बात हाथ से निकल चुकी है, तो फ्रेंकस्टीन से बचाव का तरीका बनाइए। इसे भी पढ़ें: UCC पर रुख तय करने से पहले कानून की समीक्षा करेगी JD(U), Nitish Kumar ने बुलाई बैठक इस इंडस्ट्री के नज़रिए के पीछे की वजहों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, और आप जानते हैं, मैं डारियो को ज़्यादा नहीं जानता। मैंने पिछले कुछ हफ़्तों में उनकी कही हर बात पढ़ी है। जो लोग उन्हें जानते हैं, वे सभी कहते हैं कि वे बहुत ईमानदार हैं और यह उनकी गहरी सोच है। यह कोई दिखावा या मतलब निकालने वाली बात नहीं है। इसका मकसद रेगुलेटरी सिस्टम पर कब्ज़ा करना नहीं है; उन्हें सच में इसकी परवाह है। लेकिन साथ ही, मैं टेक कंपनियों से भी बात करता हूँ। मुझे यकीन है कि आप लोग मुझसे कहीं ज़्यादा टेक कंपनियों से बात करते होंगे। सिक्योरिटी सॉल्यूशन चाहने वाले कमर्शियल बिज़नेस के सामने आने वाली व्यावहारिक मुश्किलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा एक तरफ एंथ्रोपिक (Anthropic) के नए मॉडल से साइबर हैकिंग का ऐसा टूल सामने आया है, तो दूसरी तरफ ऐसी कंपनियाँ हैं जो उस साइबर हैकिंग टूल से बचाव के लिए सुरक्षा उपाय चाहती हैं, लेकिन उन्हें इसका एक्सेस नहीं मिल रहा है। सरकारी दखल के बजाय कॉर्पोरेट जवाबदेही की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, तो अगर आप फ्रेंकस्टीन (Frankenstein) बनाने जा रहे हैं, तो सरकार के पास आकर यह न कहें कि 'हमें रेगुलेशन चाहिए।' अपने अंदर झाँकें और मान लें कि अगर आप फ्रेंकस्टीन बना रहे हैं, तो पहली बात, आपको रुक जाना चाहिए, और दूसरी बात, जब कंपनियाँ आपके पास आकर कहें कि 'हमें फ्रेंकस्टीन से लड़ने के लिए टूल चाहिए,' तो उन्हें वे टूल दें।
Canada Investment Summit: US से जल्दबाजी में समझौता नहीं करेंगे Mark Carney
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर से एक ज़्यादा मज़बूत और आत्मनिर्भर आर्थिक शक्ति के तौर पर उभरना चाहता है। इससे संकेत मिलता है कि ओटावा वॉशिंगटन के साथ जल्दबाज़ी में कोई समझौता करने के बजाय सही समय का इंतज़ार करने को तैयार है। टोरंटो में आयोजित 'कनाडा इन्वेस्टमेंट समिट' में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के एक बड़े समूह को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका हमेशा पड़ोसी बने रहेंगे, लेकिन यह गठबंधन तभी असरदार ढंग से काम करता है जब दोनों देश सच्चे साझेदारों की तरह काम करें जो एक-दूसरे की परंपराओं और संप्रभुता का सम्मान करते हों। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, जब वे अवसर वापस आएंगे, तो कनाडा और भी बेहतर साझेदार होगा - ज़्यादा मज़बूत, ज़्यादा लचीला और ज़्यादा स्वतंत्र। इसे भी पढ़ें: Canada से निर्वासित Lawrence Bishnoi का करीबी Karamveer Singh दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार इसके अलावा, कार्नी ने बताया कि ओटावा कनाडा के चार बड़े एयरपोर्ट्स के संचालन के लिए लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट के ज़रिए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट लाने की योजना बना रहा है, जबकि ज़मीन और एसेट्स पर सरकारी मालिकाना हक बना रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से ट्रांसपोर्ट और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में दोबारा निवेश के लिए अरबों डॉलर जुटाने की क्षमता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीधे ज़िक्र किए बिना, कार्नी ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों को चलाने वाले उस ढांचे की आलोचना की, जिसे उन्होंने तेज़ी से 'लेन-देन पर आधारित' और 'ज़ीरो-सम' (एक की जीत, दूसरे की हार) वाला बताया। उन्होंने कहा, एक भरोसेमंद और अनुमान लगाने योग्य पार्टनर के तौर पर हमारी साख शायद ही कभी इतनी कीमती रही हो, खासकर ऐसी दुनिया में जहां रिश्तों की जगह लेन-देन ले रहा है और 'विन-विन' (दोनों की जीत) के बजाय 'ज़ीरो-सम' को प्राथमिकता दी जा रही है। इसे भी पढ़ें: Canada को मिला EU का पहला Associate Member बनने का न्योता, मजबूत होंगे रणनीतिक रिश्ते कार्नी ने आगे कहा कि आर्थिक एकीकरण और राष्ट्रीय संप्रभुता के बीच टकराव बढ़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जो देश अपनी आज़ादी बनाए रखना चाहते हैं, उन्हें समान सोच वाले सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। वे मंगलवार को बाद में यूरोप के लिए रवाना होंगे, जहाँ उन्हें यूरोपीय संसद को संबोधित करना है। ट्रंप ने अक्सर व्यापारिक सहयोगियों पर दबाव बनाने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल किया है और मैन्युफैक्चरर्स को अपना प्रोडक्शन और इन्वेस्टमेंट सीमा के दक्षिण (यानी अमेरिका) में ले जाने के लिए प्रोत्साहित किया है। साथ ही, उन्होंने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात भी कई बार कही है - इन बयानों से पुराने सहयोगियों के बीच रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं। फिर भी, कार्नी ने बताया कि अमेरिका के साथ होने वाले सीमा-पार व्यापार का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा टैरिफ-मुक्त है।
Devesh Belbase की अगुवाई में बनी Expert Committee, Tibet-Nepal Flood की करेगी जांच
नेपाल ने तिब्बत-नेपाल में आई बाढ़ के स्रोत, कारण और घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए सात सदस्यों वाली एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है, जिसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय ने बुधवार को इस मामले की जांच के लिए जल नीति और गवर्नेंस के एक्सपर्ट देवेश बेलबेस की देखरेख में यह कमेटी बनाई। कमेटी में हाइड्रोलॉजिस्ट नरेंद्र मान शाक्य, ग्लेशियोलॉजिस्ट रिजन भक्त कायस्थ, रिमोट-सेंसिंग एक्सपर्ट उत्तम बाबू श्रेष्ठ, जियोलॉजिस्ट मेघराज धिताल, हाइड्रोपावर इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट हरि पंडित और आपदा-जोखिम कम करने वाले एक्सपर्ट अनिल पोखरेल शामिल हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता मोहन कुमार शाक्य ने ANI को बताया, कमेटी बाढ़ के संभावित स्रोत से लेकर भोटेकोशी/ल्हेन्डे नदी प्रणाली और निचले इलाकों तक फील्ड स्टडी करेगी। इस जांच में न सिर्फ़ बाढ़ के वैज्ञानिक कारणों और घटनाओं के क्रम को देखा जाएगा, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि भविष्य में इसी तरह की आपदाओं से पनबिजली और ऊर्जा से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे बचाया जा सकता है। अधिकारी के मुताबिक, स्टडी के दौरान ज़रूरत पड़ने पर ड्रोन, सैटेलाइट इमेज और दूसरी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। शाक्य ने कहा, कमेटी इस घटना को सिर्फ़ बहुत ज़्यादा बारिश या बाढ़ के मामले के तौर पर नहीं, बल्कि एक 'कैस्केडिंग डिज़ास्टर' (एक के बाद एक होने वाली आपदाओं की कड़ी) के तौर पर देखेगी, जिसमें हिमालयी, भू-वैज्ञानिक और जल-विज्ञान से जुड़े खतरे एक के बाद एक सक्रिय हुए हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मिले राजदूत Naveen Srivastava, द्विपक्षीय सहयोग पर जताया आभार हिमालयी देश में आपदा आने के कुछ दिनों बाद, सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड वॉटर रिसोर्सेज रिसर्च की एक शुरुआती स्टडी में कहा गया कि यह पता लगाने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं कि बाढ़ कहाँ से शुरू हुई, किन भौतिक प्रक्रियाओं ने इसे शुरू किया, और वे प्रक्रियाएँ भोटेकोशी-ल्हेन्डे नदी प्रणाली के ज़रिए निचले इलाकों में कैसे फैलीं। सेंटर ने सुझाव दिया कि आपदा को निश्चित रूप से जलवायु परिवर्तन से जोड़ने से पहले पूरी घटनाक्रम की व्यापक वैज्ञानिक जाँच की जानी चाहिए। ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को हुए नुकसान से सबक लेते हुए, समिति जोखिम की तैयारी के उपायों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी बिजली उत्पादन और सिस्टम के संचालन को बनाए रखने के तरीकों की सिफारिश करेगी। इसे भी पढ़ें: Nepal के नक्शे में शामिल Lipulekh और Kalapani पर बोले विदेश मंत्री, यह कोई बोझ नहीं अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालय ने तीन चरणों में यह अध्ययन करने की योजना बनाई है। समिति सबसे पहले ऊँचे हिमालयी क्षेत्र से लेकर भोटेकोशी/ल्हेन्डे नदी प्रणाली और निचले इलाकों तक की घटनाओं के क्रम और भौतिक नुकसान की जाँच करेगी। इसके साथ ही, समिति ग्लेशियर, चट्टान और मिट्टी-ढलान की अस्थिरता, भूस्खलन, मलबे, नदी के बहाव और बाढ़ के बीच आपसी संबंधों की भी जाँच करेगी। दूसरे चरण में, समिति बाढ़ के तत्काल और मूल भौतिक कारणों की पहचान करेगी। संभावित स्रोत वाले इलाकों में, विशेषज्ञों की टीम चट्टानों की स्थिति, दरारों, कमज़ोर भूवैज्ञानिक संरचनाओं, ढलान की स्थिरता, भूस्खलन की संभावना और नदी में आए तलछट की मात्रा और विशेषताओं का अध्ययन करेगी।
Balochistan में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल, BYC ने लगाए अदालतों पर दबाव के आरोप
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने बलूचिस्तान की न्यायपालिका से लोगों का भरोसा कम होने पर चिंता जताई है। कमेटी का आरोप है कि उनके नेताओं से जुड़े अदालती मामलों में दबाव और लंबी देरी की वजह से कामकाज प्रभावित हुआ है। X पर एक पोस्ट में, BYC ने आरोप लगाया कि चीफ जस्टिस कामरान खान मुलाखैल बलूचिस्तान हाई कोर्ट में ज़मानत की अर्जियों और याचिकाओं की सुनवाई कर रहे हैं, जबकि एंटी-टेररिज्म कोर्ट (ATC) और सेशन कोर्ट की कार्यवाही की अध्यक्षता जस्टिस मुहम्मद अली मुबीन और जस्टिस कादिर शाह बुखारी कर रहे हैं। BYC की पोस्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस कथित तौर पर BYC सदस्यों से जुड़े मामलों में निचली अदालतों पर सज़ा पक्की करने के लिए दबाव डाल रहे हैं और साथ ही हाई कोर्ट में ज़मानत की अर्जियों में देरी कर रहे हैं। कमेटी ने सवाल उठाया कि निचली अदालतों से आज़ाद होकर काम करने की उम्मीद कैसे की जा सकती है, जब चीफ जस्टिस कथित तौर पर कार्यवाही को प्रभावित कर रहे हों और साथ ही उन कार्यवाहियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और ज़मानत की अर्जियों पर भी सुनवाई कर रहे हों। BYC ने आगे आरोप लगाया कि चीफ जस्टिस की भूमिका निचली अदालतों को बाहरी दबाव से बचाने की होनी चाहिए, न कि खुद ऐसे दबाव का ज़रिया बनने की। इसे भी पढ़ें: Pakistan में Petrol-Diesel के दाम बढ़ने पर Smart Lockdown और ईंधन बचाने के उपायों पर विचार कमेटी ने न्यायिक आज़ादी को लेकर अपनी चिंताओं के उदाहरण के तौर पर गुलज़ादी बलूच के मामले का ज़िक्र किया। BYC के अनुसार, बेंच ने कई बार संकेत दिया था कि वह बलूच को सज़ा नहीं देना चाहती, लेकिन कथित तौर पर अदालत को सज़ा के बारे में निर्देश दिए गए थे। BYC की पोस्ट में तर्क दिया गया कि अगर जजों पर दी जाने वाली सज़ा को लेकर दबाव डाला जा रहा है, तो यह मामला किसी एक केस से कहीं आगे का है और न्यायिक प्रक्रिया की आज़ादी पर बड़े सवाल खड़े करता है। कमेटी ने यह भी आरोप लगाया कि BYC नेताओं से जुड़े मामलों में आरोपियों की सहमति के बिना सरकार द्वारा नियुक्त वकील सौंपे गए, जबकि उन्हें अपना बचाव करने के लिए वकील चुनने के अधिकार से वंचित रखा गया। इसे भी पढ़ें: भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों के बीच हुई घटना से चिंता BYC ने कहा कि डॉ. महरंग बलूच और सिबगतुल्लाह शाहजी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है और उन्हें अपील करने का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है। हालाँकि, कमेटी के अनुसार, उनकी अपीलों में काफी देरी हुई है। संगठन ने यह भी दावा किया कि BYC नेताओं ने 13 जून से ऐसी सुनवाई का बहिष्कार किया है जिसे उन्होंने बिना चेहरे वाली सुनवाई (faceless trials) बताया। BYC की पोस्ट के अनुसार, इसके बाद बलूचिस्तान हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई जिसमें इन कार्यवाही को खत्म करने और जस्टिस मुहम्मद अली मुबीन को बदलने का अनुरोध किया गया। कमेटी ने आरोप लगाया कि याचिका पर सुनवाई में बार-बार देरी की गई है।
पेड़ पर लटका पति, गंगा किनारे पत्नी की लाश, कपड़े गायब, राज खोलेगी डॉग मैरी
बिजनौर में पति-पत्नी की रहस्यमय मौत का मामला सुलझाने के लिए संभल की गोल्ड मेडलिस्ट डॉग मैरी को बुलाया गया है. पति देशराज की लाश खेत में पेड़ से लटकी मिली, जबकि पत्नी सुषमा का शव डेढ़ किलोमीटर दूर गंगा में पेड़ से बंधा मिला. दोनों अर्धनग्न थे और कपड़े गायब थे. पोस्टमार्टम में पति की हैंगिंग और पत्नी की गला दबाने से मौत हुई.
कौन थीं सुब्बुलक्ष्मी...जिनसे बोले थे नेहरू- आपके सामने मैं मामूली PM
एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की आवाज के महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू भी फैन थे. जानिए नेहरू ने उनकी तारीफ में क्या कहा था और गांधी उनसे कौन सा भजन सुनते थे.
China बिना सैन्य हमले के ताइवान को बांटना चाहता है, NSC Advisor Alex Huang की चेतावनी
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) के सलाहकार एलेक्स हुआंग ने कहा कि चीन ताइवान को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए वह चरमपंथी लोगों को ताइवान की लोकतांत्रिक राजनीतिक व्यवस्था में शामिल होने के लिए बढ़ावा दे रहा है और वहां पहले से मौजूद राजनीतिक मतभेदों का फ़ायदा उठा रहा है। हुआंग ने चेतावनी दी कि अगर एक या दो चरमपंथी राजनेता भी चुन लिए जाते हैं, तो इससे समाज में बंटवारा और गहरा हो सकता है और ताइवानी समाज के लिए किसी आम सहमति पर पहुँचना और मुश्किल हो सकता है। हुआंग ने चीनी भाषा के अख़बार 'लिबर्टी टाइम्स' (जो 'ताइपे टाइम्स' का ही एक प्रकाशन है) को दिए एक खास इंटरव्यू में कहा, मकसद ताइवान को कमज़ोर करना है। उन्होंने आगे कहा कि अगर चीन राजनीतिक झगड़ों के ज़रिए ताइवानी समाज को बंटा हुआ रख सकता है, तो उसे हमला करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इसे भी पढ़ें: जिनपिंग के चीन पहुंचते ही भारत बॉर्डर से हटे सैनिक! ट्रंप रह गए हैरान ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हुआंग ने कहा कि दूसरे देशों के चुनावों में चीन का दखल कोई नई बात नहीं है। उन्होंने अमेरिका के हालिया राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिशों, कनाडा में चीनी-कनाडाई समुदायों को कुछ नेताओं के खिलाफ करने की कोशिशों और ऑस्ट्रेलिया में चीन-समर्थक उम्मीदवारों को फंड देने की कथित कोशिशों का ज़िक्र किया। जब ताइवान में चीन-समर्थक उम्मीदवारों के बारे में पूछा गया, तो हुआंग ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को चुनाव लड़ने की इजाज़त होनी चाहिए, बशर्ते वे कानूनी ज़रूरतों को पूरा करते हों। उन्होंने कहा कि ताइवान के उम्मीदवारों का ताइवान का नागरिक होना ज़रूरी है और उन्हें दूसरे देशों की स्थायी नागरिकता या नागरिकता छोड़नी होगी। हुआंग ने आगे कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग और अन्य संबंधित अधिकारी चीनी नागरिकता को लेकर कड़ी जांच-पड़ताल करते हैं। इसे भी पढ़ें: जिनपिंग के चीन पहुंचते ही भारत बॉर्डर से हटे सैनिक! ट्रंप रह गए हैरान हुआंग ने कहा कि यह पक्का है कि चीन ऐसे लोगों का इस्तेमाल करके ताइवान की राजनीतिक व्यवस्था में घुसने की कोशिश करेगा। उन्होंने इस तरीके को बीजिंग की ओर से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के ज़रिए लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश बताया। रिपोर्ट के अनुसार, हुआंग ने कहा कि बीजिंग को राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ाने और आम सहमति बनाना मुश्किल करने के लिए सिर्फ़ एक या दो कट्टरपंथी राजनीतिक नेताओं की ज़रूरत होगी। उन्होंने कहा कि एक बार चुने जाने के बाद, ऐसे नेता ज़रूरी कानूनों को रोककर जोखिम पैदा कर सकते हैं। हुआंग ने ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों में बदलावों के अटके होने की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता जनमत को प्रभावित करने और प्रस्तावित उपायों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि अन्य संगठनों का इस्तेमाल कानून को आगे बढ़ने से रोकने के लिए किया जा रहा था। हुआंग ने कहा कि राजनीतिक आपसी कलह ताइवान की ज़रूरी बिना चालक वाले हवाई वाहनों (UAVs) को हासिल करने की क्षमता पर भी असर डाल सकती है। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि आंतरिक राजनीतिक संघर्षों के कारण राजनीतिक विरोधियों को कमज़ोर करने की कोशिश में संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है।
दिशा सालियान केस: FIR में 50+ नाम, फिर भी कोई आरोपी नहीं?
दिशा सालियान केस में CBI ने FIR दर्ज कर ली है, जिसमें कई चर्चित लोगों समेत 50 से ज्यादा नाम हैं. लेकिन फिर भी किसी को अभी आरोपी नहीं माना जाएगा. जानिए FIR में नाम होने का क्या मतलब है और जांच में आगे क्या होने की उम्मीद है.
सुंदर हत्यारे... अपने बच्चों को ही भूखा मार देते हैं ये रंगीन तोते
स्कार्लेट मैकॉ तोते अपने सबसे छोटे बच्चों को जानबूझकर भूखा मार देते हैं. वैज्ञानिक इन चूजों को बचाकर कहीं और रखते हैं. इससे प्रजाति को बचाने में मदद मिल रही है. पेरू में सफल प्रयोग हो चुके हैं.
पिता पर हमला होते देख बचाने पहुंची बेटी, हमलावरों ने दोनों को मार डाला
कर्नाटक के बेलगावी में संपत्ति विवाद ने खूनी रूप ले लिया. ग्राम पंचायत ऑफिस के अंदर 67 वर्षीय पूर्व सैनिक और उनकी 26 वर्षीय बेटी की कथित तौर पर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, पिता पर हमला होते देखकर बेटी उन्हें बचाने पहुंची, तो हमलावरों ने उसे भी निशाना बना दिया. घटना का वीडियो भी सामने आया है.
Nepal के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मिले राजदूत Naveen Srivastava, द्विपक्षीय सहयोग पर जताया आभार
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार को नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल और विदेश सचिव अमृत बहादुर राय से सिंह दरबार स्थित विदेश मंत्रालय में विदाई मुलाकात की और अपनी राजनयिक भूमिका पर बात की। विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान, राजदूत श्रीवास्तव ने नेपाल सरकार का आभार व्यक्त किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में लगातार सहयोग के लिए मंत्री खनाल को धन्यवाद दिया। राजदूत श्रीवास्तव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, माननीय विदेश मंत्री श्री शिशिर खनाल से विदाई मुलाकात करना सम्मान की बात रही। बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने में उनके निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा, पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा, बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित सभी क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को गहरा करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood: आठ जिलों से और शव मिलने के बाद मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 1,399 विदेश मंत्री खनाल ने राजदूत श्रीवास्तव के साथ अपनी बैठक में भारतीय राजनयिक को उनके कार्यकाल के सफल समापन पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने की दिशा में उनकी कोशिशों की सराहना की। विदेश मंत्री खनाल ने राजदूत श्रीवास्तव के कार्यकाल के दौरान हुई अहम प्रगति का ज़िक्र किया, जिसमें ऊर्जा सहयोग, व्यापार और बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी के साथ-साथ लोगों के बीच आपसी संबंधों में हासिल की गई बड़ी उपलब्धियां शामिल हैं। उन्होंने भोते कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मिली एकजुटता और आपदा राहत में त्वरित मदद के लिए भी गहरा आभार व्यक्त किया। इसे भी पढ़ें: Nepal के नक्शे में शामिल Lipulekh और Kalapani पर बोले विदेश मंत्री, यह कोई बोझ नहीं भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए, मंत्री ने भरोसा जताया कि राजदूत श्रीवास्तव नेपाल के अच्छे दोस्त बने रहेंगे। इस मुलाक़ात के बारे में नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, माननीय विदेश मंत्री श्री शिशिर खनाल ने आज दोपहर मंत्रालय में भारत के राजदूत महामहिम नवीन श्रीवास्तव से विदाई मुलाक़ात की। इस मौके पर, माननीय मंत्री खनाल ने राजदूत श्रीवास्तव को उनके कार्यकाल के सफल समापन पर बधाई दी और नेपाल-भारत के बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने के उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऊर्जा सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों में हासिल की गई अहम उपलब्धियों का ज़िक्र किया। पोस्ट में आगे कहा गया, माननीय विदेश मंत्री ने भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल के साथ एकजुटता दिखाने और आपदा राहत में तेज़ी से मदद करने के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। माननीय विदेश मंत्री ने राजदूत को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं और भरोसा जताया कि वे आगे भी नेपाल के अच्छे दोस्त बने रहेंगे।
Mecca के पास Drone Attack पर भारत ने जताई चिंता, Saudi Arabia पर हमलों की कड़ी निंदा
भारत ने बुधवार को मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर गहरी चिंता जताई और सऊदी अरब की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों की निंदा दोहराई। साथ ही, यह भी कहा कि ऐसी हरकतें आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे के लिए खतरा पैदा करती हैं। मक्का के पास हुए ड्रोन हमले के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम मक्का के पास हुए ड्रोन हमले को लेकर बहुत चिंतित हैं। भारत सऊदी अरब साम्राज्य की संप्रभु ज़मीन पर हुए हमलों और ऐसी हरकतों की निंदा दोहराता है जिनसे आम लोगों की जान और बुनियादी ढांचे को खतरा होता है। जायसवाल ने कहा कि मक्का के पास हुई यह घटना इसलिए भी ज़्यादा चिंताजनक है क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का खास महत्व है। भारत ने इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता लौटने की उम्मीद भी जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस इलाके में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी। इसे भी पढ़ें: Pakistani Navy की 'लापरवाही' पर भड़का India, MEA ने Pakistan High Commission के कार्यवाहक प्रमुख को तलब कर लगाई लताड़ बुधवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने चेतावनी दी कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों की सुरक्षा एक रेड लाइन (अति-संवेदनशील सीमा) है। यह चेतावनी तब दी गई जब सऊदी एयर डिफेंस ने यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) शहर के दक्षिण में भेजे गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम को उस ड्रोन को तब रोक लिया, जब वह मक्का के आस-पास के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने ही वाला था।
'मेरी आंखों में आंसू आ गए' बोलीं तमन्ना, छठी मैया से जुड़ा कनेक्शन
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म 'द वन' 25 सितंबर को रिलीज होने वाली है. इस बीच तमन्ना ने छठ पूजा को लेकर बात की है. जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा.
हनुमान जी ने इस जगह तोड़ा था 10,000 हाथियों के बल वाले भीम का घमंड
महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडव राजस्थान के अलवर आए थे. इस दौरान सरिस्का के जंगल स्थित क्षेत्र में भीम का अहंकार तोड़ने के लिए हनुमान जी इसी स्थान पर प्रकट हुए थे. कहते हैं कि यहां भीम ने अपनी गदा से पहाड़ तोड़कर रास्ता भी बनाया था, जिसे पांडुपोल के नाम से जाना जाता है.
बेडरूम की सफाई में न फेंकें ये 6 चीजें, वरना होगा पछतावा!
घर की डीप क्लीनिंग करते वक्त जल्दबाजी में हर पुरानी चीज फेंकना भारी पड़ सकता है. खाली स्टोरेज बॉक्स, सिंगल मोजे और एक्स्ट्रा हैंगर जैसी 6 चीजें बाद में आपके बड़े काम आ सकती हैं. आज हम आपको उन चीजों के बारे में बताएंगे, जिन्हें कभी भी नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि वो बाद में काम आ सकती हैं.
महुआ मोइत्रा पर फिर फेंके गए अंडे, काले झंडे दिखाकर लगे 'गो बैक' के नारे
नदिया में TMC सांसद महुआ मोइत्रा पर फिर अंडे फेंके जाने का आरोप लगा है. यह पहली बार नहीं है जब उन्हें ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा है. ताजा घटना के बाद महुआ ने पुलिस की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं.
लग्जरी गाड़ियां, पिज्जा-बर्गर... कैंपस में छाया DUSU चुनाव
इस बार का DUSU चुनाव केवल पोस्टर, नारों और बड़ी गाड़ियों के शो-ऑफ तक सीमित नहीं है. 'जेन जी' के नाम से जानी जाने वाली नई पीढ़ी इस तमाशे से परे ठोस जवाबदेही मांग रही है. वहीं कैंपस में हर तरफ डूसू चुनाव के रंग साफ नजर आ रहे हैं. यहां डीयू का पारंपरिक चुनाव भी नजर आ रहा है तो वहीं बदलते वक्त के साथ नये चेंजेज भी. पढ़ें- स्पेशल रिपोर्ट.
मक्का पर ड्रोन हमले की कोशिश! हूती विद्रोहियों पर आरोप में कितना दम?
इसी बीच सऊदी अरब ने एक बड़ा आरोप लगया है. सऊदी अरब और ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन ने हूती विद्रोहियों पर पवित्र शहर मक्का पर हमला करने का आरोप लगाया है. AFP न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक सऊदी अरब के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने मक्का पर घिनौना हमला किया है.
रोते ही रुक जाती है बच्ची की सांस, करोड़ों में 1 को होती है ये बीमारी
18 महीने की बच्ची एल्सी को जन्म के बाद एक अजीब डिसऑर्डर हो गया. इसमें अगर वह रोती है तो उसकी सांस कुछ मिनट के लिए रूक जाती है. यह बीमारी माता-पिता से नहीं, बल्कि गर्भ में नए जेनेटिक बदलाव के कारण हुई थी.
इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान गिरा, 3 महिलाओं की मौत, 4 गंभीर घायल
इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान बड़ा हादसा हो गया. मकान का हिस्सा अचानक गिरने से तीन महिलाओं की मौके पर मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि चार लोग गंभीर घायल बताए जा रहे हैं. घायलों को एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है. मलबे में अभी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है.
'तो कुछ न कुछ सोचना पड़ेगा...', BJP से गठबंधन पर राजभर के बयान से खलबली
2027 के विधानसभा चुनावों के लिए यूपी में खेला शुरू हो गया है. सवाल है कि, क्या यूपी के चुनावी मौसम में सबके समीकरण बदलेंगे? क्या जातियों के आधार पर गठबंधन का मिजाज़ बदलेगा? यूपी में सभी पार्टियों के सियासी मायने दिखने लगे हैं.
Saudi Arabia के लिए US की Level 3 Travel Advisory, ड्रोन हमलों के खतरे के बीच चेतावनी
अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए लेवल 3 की यात्रा पर पुनर्विचार करें (Reconsider travel) वाली एडवाइज़री जारी की है और यमन सीमा के लिए लेवल 4 की यात्रा न करें (Do Not Travel) वाली चेतावनी दी है। इसके पीछे ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों जैसे कारण बताए गए हैं। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सऊदी एयर डिफेंस ने पवित्र शहर मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) के दक्षिण में यमन के हूतियों द्वारा छोड़े गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार (स्थानीय समय) को जारी अपनी यात्रा एडवाइज़री में कहा, अमेरिकी हितों को निशाना बनाने वाले ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों के कारण सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करें। विभाग ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के कुछ इलाकों में खतरा ज़्यादा है। इसे भी पढ़ें: क्या मक्का पर ड्रोन अटैक हुआ था? सऊदी अरब के दावों पर हूती ने क्या खुलासा कर दिया एडवाइज़री में कहा गया है कि सऊदी अरब से कमर्शियल उड़ानें चालू हैं, हालांकि कभी-कभी उनमें काफी रुकावटें आई हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर, अमेरिका ने कहा कि हमले बिना किसी चेतावनी या बहुत कम चेतावनी के हो सकते हैं, खासकर छुट्टियों के दौरान। इसमें कहा गया है कि संभावित टारगेट में राजनीतिक, सांस्कृतिक या धार्मिक जगहें, अमेरिकी नागरिकों और दूसरे विदेशियों के आने-जाने की जगहें, टूरिस्ट स्पॉट, बड़ी भीड़-भाड़ वाली जगहें, होटल, ट्रांसपोर्ट हब, बाज़ार, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन की जगहें और सरकारी इमारतें शामिल हो सकती हैं। एडवाइज़री में अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने पर लगी रोक (एक्जिट बैन) के बारे में भी चेतावनी दी गई। इसमें बताया गया कि लंबित आपराधिक और दीवानी (सिविल) जांच और मामलों के कारण अमेरिकियों को सऊदी अरब छोड़ने से रोका गया है। इन मामलों में वीज़ा की समय-सीमा खत्म होने के बाद भी रुकने पर न चुकाई गई फीस, घरेलू पारिवारिक विवाद और पैसे या काम से जुड़े झगड़े शामिल हैं।
चारपाई पर प्रेमी संग बैठी थी नाबालिग, नाना ने देखा, कुएं में मिली लाश
झांसी के चिरगांव में 17 वर्षीय नातिन और उसके प्रेमी पर करीब 65 वर्षीय नाना की हत्या का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, दोनों चारपाई पर साथ बैठे थे, तभी नाना ने उन्हें देख लिया. प्रेमी ने गला दबाया और नातिन ने सिर पर पत्थर मारा. शव कुएं में फेंक दिया गया. हादसा मानकर अंतिम संस्कार हुआ, लेकिन खून लगे कपड़ों से राज खुल गया.
'मजबूरी में मां-बाप को छोड़ना पड़ा था', दर्दभरा रहा रोहित का बचपन
रोहित शर्मा का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया फैन्स के बीच जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में रोहित ने अपने बचपन के दिनों में आने वाले कठिनाइयों पर बात की है. इस दौरान वह बेहद भावुक नजर आए.
400 साल पुराना रहस्यमयी मंदिर, जहां सूरज ढलते ही जाना है मना!
Maa Van devi Temple: बिहार की राजधानी पटना से लगभग 35 किलोमीटर दूर बिहटा के पास अमहरा, राघोपुर और कंचनपुर सीमाओं के बीच स्थित मां वन देवी का मंदिर करीब 400 साल पुराना माना जाता है. घने जंगल के बीच स्थित इस मंदिर और इससे जुड़ी लोककथा से प्रेरित होकर बॉलीवुड में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म 'The Vvaan: Force of the Forrest' बनाई गई है. जानें इस रहस्यमयी मंदिर का सच.
मिक्सर-डिब्बों से भरा रहता है किचन स्लैब? ये 6 ट्रिक्स आएंगी बड़े काम
रसोई छोटी हो या बड़ी, सही स्टोरेज प्लानिंग से आप अपने किचन काउंटर को हमेशा साफ रख सकते हैं. चाय कॉर्नर, एक्टिव ज़ोन और छोटी चीजों के लिए फिक्स्ड बास्केट का इस्तेमाल करके स्लैब पर फैलने वाले बिखराव से छुटकारा पाएं. इन आसान हैक्स से अपनी किचन को नया और व्यवस्थित लुक दे सकते हैं.
UPI MDR vs Bank Charges: ₹2,000 वाले नियम को ऐसे समझें
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होने की बात है. जानें MDR किससे लिया जाएगा, P2P और P2M में क्या अंतर है और ATM, चेक, SMS व अन्य बैंकिंग सेवाओं पर लगने वाले शुल्क इससे कैसे अलग हैं. वीडियो में जानें सभी बैंक चार्ज के बारे में.
झीरम कांड: 27 लोगों के 10 हत्यारों को होगी फांसी, 13 साल बाद आया फैसला
झीरम घाटी नक्सली हमले के 13 साल बाद NIA की विशेष अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. 25 मई 2013 को हुए इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मारे गए थे.
पढ़ाई-लिखाई पर सियासी लड़ाई! रिपोर्ट कार्ड में क्या कहते हैं आंकड़े
स्कूल-कॉलेज-क्लासरूम-टीचर-पढ़ाई-रोजगार इसकी जितनी चर्चा अब देश में हो रही है...पहले नहीं देखी गई. चाहे वो यूपी में तेजी से स्मार्ट होते प्राइमरी स्कूलों की खबर हो या देश भर में छात्रों की गूंज का प्रोग्राम. अटल बिहारी वाजपेयी के स्कूल चलें अभियान के बाद पहली बार स्कूल सियासी चर्चा का मुद्दा बना है.
PAK का जंगी जहाज अपने से 3 गुना ताकतवर भारतीय युद्धपोत से ले रहा था पंगा!
15 सितंबर शाम उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी PNS हुनैन ने भारतीय कोलकाता क्लास डेस्ट्रॉयर को टक्कर मारी. पाकिस्तान नेवी युद्धाभ्यास कर रही थी. भारतीय नौसेना गश्त पर थी. भारत ने विरोध जताया. दोनों जहाजों की क्षमता में बड़ा अंतर है.
जम्मू में रोहिंग्या बस्तियों पर बड़ा एक्शन, नोटिस के बाद खाली होने लगीं झुग्गियां
जम्मू के नरवाल में प्रशासन के नोटिस के बाद रोहिंग्याओं ने अपनी झुग्गियां हटानी शुरू कर दी हैं. मंगलवार से चल रही इस कार्रवाई में लोग सामान समेट रहे हैं. उनका अगला ठिकाना अभी साफ नहीं है.
लारेंस से दुश्मनी, मूसेवाला मर्डर कनेक्शन... SBN बना 'हाइब्रिड टेरर' का नया चेहरा
पाकिस्तान के लाहौर का रहने वाला शाहजाद भट्टी अब भारत की जांच एजेंसियों के रडार पर है. मूसेवाला हत्याकांड, बाबा सिद्दीकी मर्डर और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से दुश्मनी के अलावा उस पर भारत में आपराधिक और कथित आतंकी नेटवर्क चलाने के आरोप हैं.
CCTV में कैद मोबाइल स्नैचिंग, पुलिस बूथ के पास वारदात
दिल्ली के मुखर्जी नगर में पुलिस बूथ से करीब 10 मीटर दूर मोबाइल स्नैचिंग की घटना CCTV में कैद हुई. बाइक सवार युवक और युवती ने फोन पर बात कर रहे युवक से मोबाइल झपटा और मुखर्जी नगर की तरफ फरार हो गए. पुलिस फुटेज के आधार पर जांच कर रही है.
यमन बॉर्डर से 1100 KM दूर मक्का पर ड्रोन किसने भेजा? हूतियों के इनकार के बाद बढ़ा सस्पेंस!
मक्का की ओर ड्रोन पहुंचने के सऊदी दावे और हूतियों के इनकार ने पश्चिम एशिया में नया सवाल खड़ा कर दिया है. सऊदी ने हमले के पीछे हूतियों का हाथ बताया, लेकिन विद्रोहियों ने धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने से साफ इनकार किया. ऐसे में सवाल है कि मक्का के आसमान तक पहुंचा ड्रोन आखिर किसने भेजा और उसका असली मकसद क्या था?
पुलिस के सामने एक-दूसरे पर बरसाए लात-घूंसे, छात्रों के बवाल का VIDEO
मेरठ कॉलेज में बुधवार दोपहर छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई. पुलिसकर्मियों के सामने ही छात्र एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते रहे. बवाल देखकर कॉलेज की छात्राएं सहम गईं. सूचना पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स पहुंची और स्थिति संभाली. पुलिस ने पांच युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
इमरान खान के समर्थन में आए ऑस्ट्रलिया के 7 कप्तान, चिट्ठी में की ये अपील
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड एक अदालत ने तलब किया है. इस संबंध में पाकिस्तान के संघीय संवैधानिक न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश अमीनउद्दीन खान की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में जस्टिस अली बाकर नजफी और जस्टिस आमिर फारुक थे.

