Crisis over Trump mail-in voting US court stays order again will controversy escalate before midterm elections
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का असर! कुंभ सहित ये राशियां रहें सावधान
ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगा है. हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा और न ही इसका सूतक काल यहां मान्य होगा. फिर भी ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सभी राशियों पर इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव होगा.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने लॉर्ड्स टेस्ट का बहिष्कार करने की धमकी दी। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है।
15 हजार टैबलेट, 1200 स्ट्रिप... नकली BP दवा का मास्टरमाइंड कौन?
अहमदाबाद में नकली ब्लड प्रेशर की दवा का बड़ा मामला सामने आया है. क्राइम ब्रांच और फूड एंड ड्रग्स विभाग की कार्रवाई में करीब 1200 स्ट्रिप नकली दवा जब्त की गई हैं. जांच के मुताबिक, पिछले चार महीनों में 1500 स्ट्रिप यानी करीब 15 हजार नकली गोलियां बेची जा चुकी हैं. इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, नकली दवा का नेटवर्क गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक फैला हुआ है.
WTC फाइनल में कैसे पहुंचेगी टीम इंडिया? 7 टेस्ट बाकी, जानें गणित
कोलंबो टेस्ट के नतीजे ने भारतीय टीम के लिए समीकरण बदल दिए हैं. भारतीय टीम को अब वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के मौजूदा चक्र में सात टेस्ट मुकाबले और खेलने हैं. न्यूजीलैंड दौरा टीम इंडिया के लिए काफी अहम रहने वाला है. वहां टेस्ट सीरीज में हार मिली तो फाइनल का सपना टूट सकता है.
ट्रंप ने कनाडा के इस लेक पर किया 'कब्जा', पास कर दिया ऑर्डर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने का आदेश दिया, लेकिन यह सिर्फ अमेरिकी संघीय इस्तेमाल पर ही लागू होगा. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होकुल और क्यूबेक के वेंडाट नेताओं ने इसका विरोध किया है.
White House construction contributed to radio problems that let Trump copter come close to jet- US: व्हाइट हाउस में निर्माण बना सुरक्षा में 'रोड़ा', ऐसे ट्रंप का मरीन वन और यात्री विमान आया था आमने-सामने
नेतन्याहू को जहन्नुम भेज देंगे, ईरान ने US-इजरायल दोनों को चेताया; नाकेबंदी पर हुआ आगबबूला
ईरान ने कहा है कि ‘जायोनी शासन' का जल्द ही अंत होगा। वहीं ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के बेटे को मारने की साजिश के आरोपों को खारिज किया है। ईरान ने नेतन्याहू पर ट्रंप के बेटे की हत्या की झूठी खबरें फैलाने का आरोप लगाया।
नेपाल में पहाड़ों का मलबा 3 दिन बाद भी उगल रहीं लाशें... 469 मौतें, 30 देशों के लोग लापता
नेपाल तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के तीन दिन बाद भी मलबे से शव मिलने का सिलसिला जारी है. अब तक मरने वालों की संख्या 469 हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा देशों के नागरिक लापता हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 288 भारतीय शामिल हैं. भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और श्रीलंका ने मदद का ऐलान किया है, जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है.
रक्षाबंधन आज, बहनें अपने भाई को इस रंग की बांधें राखी, ये है मुहूर्त
Raksha Bandhan Upay: ज्योतिष शास्त्र में विभिन्न रंगों का संबंध अलग-अलग ग्रहों और ऊर्जा से बताया गया है. लाल, पीली, केसरिया, हरी या सफेद राखी में कौन सा रंग भाई के लिए सौभाग्य, समृद्धि, सफलता और लंबी आयु लेकर आ सकता है. तो आइए जानते हैं कि रक्षाबंधन के दिन किस रंग की राखी बांधना शुभ रहता है.
UN में भारत की दो-टूक: यूएन80 पहल में विकास सर्वोच्च प्राथमिकता हो, राजदूत हरीश ने और किन बातों पर जोर दिया?
नीरज की डायमंड लीग फाइनल में एंट्री, कम मैच खेले, फिर भी मारी बाजी
नीरज चोपड़ा ने पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप के दौरान लगी पीठ की चोट से उबरने के बाद अपना कार्यक्रम सावधानी से तय किया है. इसी वजह से उन्होंने डायमंड लीग की कुछ मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया. अब ब्रुसेल्स में होने वाला फाइनल उनके लिए महत्वपूर्ण होगा.
अभिषेक के दफ्तर में कोलकाता पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप
कोलकाता में टीएमसी और पुलिस के बीच विवाद बढ़ गया है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में कथित तौर पर अवैध नोटिस के आधार पर दाखिल हुई।
रक्षाबंधन पर बनाएं बिहार की ट्रेडिशनल मिठाई मकुटी, रेसिपी है आसान
Bihar Makuti Recipe: रक्षाबंधन पर अगर आप इस बार भाई का मुंह कुछ अलग और खास मिठाई से मीठा कराना चाहते हैं तो बिहार की पारंपरिक मिठाई मकुटी ट्राई कर सकते हैं. दूध, मूंग दाल और चावल से बनने वाली यह मिठाई स्वाद में लाजवाब और बनाने में भी आसान है.
Nepal Flood राहत: US ने की 5 लाख डॉलर मदद की घोषणा, Sri Lanka देगा 10 लाख डॉलर
शिरीष बी प्रधानकाठमांडू/कोलंबो, 27 अगस्त नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी उप विदेश मंत्री (राजनीतिक मामलों) एलिसन हुकर से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों पक्षों ने राहत एवं बचाव कार्यों पर चर्चा की तथा हुकर ने विनाशकारी बाढ़ में हुए जान-माल के नुकसान को लेकर संवेदना व्यक्त की। यह बातचीत नेपाल में बाढ़ राहत के लिए अमेरिका द्वारा 5,00,000 अमेरिकी डॉलर की सहायता की घोषणा के एक दिन बाद हुई। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि हुकर ने आपदा से निपटने और अमेरिकी नागरिकों समेत लापता लोगों को बचाने के प्रयासों में नेपाल के प्रति अमेरिकी सरकार का समर्थन और एकजुटता जताई। इस बीच, श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कोलंबो नेपाल को 10 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक मदद देगा। बयान के अनुसार, यह मदद बाढ़ के बाद नेपाल के लोगों के प्रति श्रीलंका की एकजुटता को दर्शाती है।
रक्षाबंधन पर दें ये शानदार गिफ्ट, बड़े काम के हैं ये घरेलू सामान
Raksha Bandhan Gift: रक्षाबंधन के मौके पर आप अपने भाई या बहन को कोई अच्छा गिफ्ट देना चाहते, लेकिन अभी तक कंफ्यूज है कि क्या देना चाहिए. मार्केट में कुछ खास ऑप्शन हैं, जिनमें से एक सामान आप बतौर गिफ्ट दे सकते हैं. ये सामान उनके लिए काफी यूजफुल हैं.
नेपाल में लगभग 400 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इन शवों को सुरक्षित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अस्पतालों में शव रखने की क्षमता बेहद कम है, लेकिन बड़े पैमाने पर शव मिलने से उन्हें सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है।
1.3 लाख सैलरी, 15000 खर्च, अब क्यों नौकरी छोड़ MBA करेगा ये शख्स?
महीने की 1.3 लाख रुपये सैलरी, मुफ्त घर, सस्ता खाना और 90 फीसदी की बंपर बचत! पहली नज़र में 27 साल के इस पीएसयू (PSU) कर्मचारी की ज़िंदगी किसी सपने जैसी लगती है. लेकिन टियर-3 गांव की बोरियत, काम में ठहराव और पर्सनल ग्रोथ की कमी ने इसे सोने की पिंजरी बना दिया है. लाखों का बैंक बैलेंस होने के बावजूद अब यह युवा नौकरी छोड़कर एमबीए करने की तैयारी में है. आखिर क्यों सिर्फ पैसा ही करियर की गारंटी नहीं होता? समझिए इस वायरल कहानी के जरिए.
JEE पास, फुल-स्टैक डेवलपमेंट सीखा, फिर भी जॉब नहीं, जानिए क्यों
NSUT के एक छात्र ने अपनी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की मेहनत और प्रैक्टिकल स्किल्स के बावजूद नौकरी न मिलने की आपबीती साझा की है. छात्र का कहना है कि बिना औपचारिक डिग्री के टेक कंपनियां उसके अनुभव और कौशल को नजरअंदाज कर रही हैं. जानिए क्यों छिड़ी डिग्री बनाम स्किल की बहस?
जब पेप्सी को मिला उसका नाम, 130 साल पहले कुछ और ही कहलाती थी
आज के दिन ही 128 साल पहले पेप्सी को ये नाम मिला था. उससे पहले इसे कुछ और ही नाम से पुकारा जाता था. चलिए जानते हैं पेप्सी की दिलचस्प कहानी.
तीर्थ में मृत्यु पर क्या कहता है शास्त्र? मुक्ति और मोक्ष का रहस्य
नेपाल और तिब्बत सीमा पर आए फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कई भारतीय तीर्थयात्रियों की मौत और लापता होने की खबर है. यह आपदा कैलास मानसरोवर की पवित्र यात्रा के दौरान हुई, जिससे तीर्थयात्रा प्रभावित हुई है.
जिस लेक के फटने की साइंटिस्ट दे रहे वार्निंग वो भारत से कितनी दूर है?
चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने छोचेन खोला और पुरेपु सांगपो के संगम पर बनी बैरियर लेक के अगले 72 घंटे में टूटने का हाई रिस्क बताया है. यह इलाका ऐसे नदी तंत्र से जुड़ा है जो नेपाल के रास्ते गंडकी बनकर भारत तक पहुंचता है, इसलिए नीचे के इलाकों में पानी के असर पर नजर है.
धीमा पड़ता 'डबल इंजन', अपने ही मढ़ में कमजोर हुई BJP की चुनावी जमीन
'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे के आंकड़े बीजेपी के डबल इंजन मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत साख मजबूत बनी हुई है, लेकिन राज्यों के स्तर पर पार्टी की पकड़ ढीली पड़ रही है. हिंदी पट्टी और पारंपरिक गढ़ों में सीटों का नुकसान बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है, जिसकी भरपाई केवल एक बंगाल से संभव नहीं है.
दुनिया में पहली बार AI से हुई ब्रेन सर्जरी, 48 साल के शख्स की बच गईं आंखें
दुनिया में पहली बार एआई से ब्रेन की सर्जरी की गई है। लंदन के एक अस्पताल में डॉक्टरों ने एआई की मदद से पहली ब्रेन ट्यूमर सर्जरी को अंजाम दिया है। उनकी आंखें जवाब देने की कगार पर पहुंच गई थीं।
4 शूटर, ताबड़तोड़ फायरिंग और चंद सेकंड में मर्डर... अंकित बालियान हत्याकांड का CCTV फुटेज आया सामने
शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अब इस हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें चार बदमाश जिम से निकलते वक्त सिंगर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाते और फिर फरार होते दिख रहे हैं. यह पूरी घटना कुछ ही सेकंड में हो जाती है.
चंद्र ग्रहण है आज, जानें मेष से मीन तक सभी राशियों पर प्रभाव
Chandra Grahan 2026 Rashifal: वैज्ञानिकों के अनुसार, जब पृथ्वी घूमते हुए सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है. पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती और वह धुंधला या लाल (ब्लड मून) दिखाई देने लगता है. इसी को चंद्र ग्रहण कहा जाता है. तो आइए जानते हैं कि साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का प्रभाव किन राशियों पर पड़ेगा.
World: कांगो में इबोला संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण शुरू; कैरिबियन देश हैती में गैंगवार, 47 लोगों की मौत
ऑनस्क्रीन भाई-बहन, रियल लाइफ में लगा बैठे दिल
'ये रिश्ता क्या कहलाता है' के नक्श उर्फ रोहन मेहरा अपनी ऑन स्क्रीन बहन कांची सिंह को डेट कर रहे थे. लेकिन शो से बाहर आने के कुछ महीने बाद दोनों का रिश्ता टूट गया.
West Asia Tensions Peace efforts intensify Qatar PM arrives in Tehran Iran security chief lashes out Netanyahu
इमरान के बेटों का इंटरव्यू देख भड़का PCB, मैच से हटने की दी धमकी
लॉर्ड्स टेस्ट मैच के पहले दिन गेंदबाजों का प्रदर्शन पाकिस्तानी टीम के लिए बड़ी राहत लेकर आया. हालांकि, मैच के पहले दिन की सबसे बड़ी कहानी मैदान पर विकेटों से ज्यादा पीसीबी और स्काई स्पोर्ट्स के बीच पैदा हुआ विवाद रहा. स्काई स्पोर्ट्स पर इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रासिरत हुआ, जिससे पीसीबी बौखला गया.
Isha Foundation के 77 तीर्थयात्री Tibet में भीषण बाढ़ के बाद से लापता हैं
शिरीष बी प्रधानकाठमांडू, 27 अगस्त चीन-नेपाल सीमा के पास के इलाकों में आई भीषण बाढ़ के बाद ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्री अब भी लापता हैं। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है, जबकि हजारों लोग लापता हैं। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग टाउनशिप में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के पास स्थित गांवों और कस्बों में भारी तबाही मचाई। इसमें तिब्बत में तीन और नेपाल में 359 लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं। भारतीय आध्यात्मिक गुरु जग्गी वासुदेव, सद्गुरु द्वारा स्थापित संगठन ईशा फाउंडेशन के नेतृत्व वाला 77 सदस्यीय दल अब भी संपर्क से बाहर है। ईशा फाउंडेशन हर साल कैलाश मानसरोवर की कई तीर्थयात्राओं का आयोजन करता है। तीर्थयात्रियों के समूह काठमांडू से नेपाल होते हुए तिब्बत जाते हैं, जहां यात्रा के दौरान पैदल ट्रेकिंग भी करनी होती है। सद्गुरु ने बुधवार को फेसबुक के अपने आधिकारिक पेज पर साझा किए गए संदेश में कहा कि कैलाश तीर्थयात्रा पर गया उनका एक समूह नेपाल लौटते समय अचानक आई बाढ़ में फंस गया। उन्होंने बताया कि बाढ़ आने के समय यह समूह जिरोंग स्थित आव्रजन कार्यालय में था। बताया जा रहा है कि बाढ़ का पानी कार्यालय की इमारत और शहर के बड़े हिस्से में भर गया। उन्होंने कहा कि नेपाल के टिमुरे में तीन स्वयंसेवक फंसे हुए थे। सद्गुरु ने कहा कि आव्रजन कार्यालय में मौजूद लापता लोगों के ठिकाने के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। नेपाल सरकार ने कहा है कि उस आव्रजन केंद्र के सभी कर्मचारी संपर्क से बाहर हैं। लापता तीर्थयात्रियों में अमेरिका के 22, कनाडा के 12, ऑस्ट्रेलिया के 11, ब्रिटेन के नौ, जर्मनी के चार, फ्रांस और नेपाल के तीन-तीन, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और स्पेन के दो-दो तथा फिनलैंड, हंगरी, इजराइल, लिथुआनिया, फिलीपीन, पुर्तगाल, रूस और दक्षिण अफ्रीका का एक-एक नागरिक शामिल है। सद्गुरु ने लिखा, ‘‘हम अधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हम उस स्थान तक पहुंच सकते हैं। जोखिम चाहे जितना भी हो, हम बचाव अभियान में शामिल होने के लिए तैयार हैं।’’उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रा में 21 समूह शामिल थे, जिनमें से 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग फिलहाल तिब्बत और 148 लोग नेपाल में हैं। सद्गुरु ने कहा कि वह इस क्षेत्र में मौजूद हैं और बचाव अभियान जारी है।
मैरिड गर्लफ्रेंड, होटल रूम और लाश... एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खौफनाक कहानी
एक युवक रोहतक के होटल में अपनी मैरिड गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचा था. कुछ देर बाद वह बाहर निकला और होटल स्टाफ से कहा कि कुछ देर में आता हूं. लेकिन वह वापस नहीं लौटा. इधर काफी समय बीतने के बाद जब जांच हुई तो रूम में उसकी गर्लफ्रेंड का शव मिला. अब पुलिस इस पूरी कहानी की छानबीन कर रही है.
स्पॉट फिक्सिंग का वो कांड, जिसने हिला दी थी क्रिकेट की दुनिया!
क्रिकेट में फिक्सिंग का जिक्र आते ही कई पुराने मामले याद आते हैं. लेकिन साल 2010 के लॉर्ड्स टेस्ट मैच को कौन भूल सकता है जिसने स्पॉट फिक्सिंग को दुनिया के सामने एक नए और बेहद खतरनाक रूप में ला खड़ा किया. इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए उस मुकाबले में कुछ ऐसी नो बॉल हुईं, जिनका जिक्र एक स्टिंग ऑपरेशन में किया जा चुका था.
नेपाल जलप्रलय में किस देश के कितने नागरिक फंसे? देखें पूरी लिस्ट
नेपाल चीन सीमा पर आई भीषण बाढ़ में अब तक 390 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें कई देशों के पर्यटक, तीर्थयात्री और मजदूर शामिल हैं. नेपाल में सबसे ज्यादा 910 लोग लापता हैं, जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में 558 लोग लापता हैं. भारत के 288, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51 और ऑस्ट्रेलिया के 39 नागरिक भी लापता हैं.
किस दिशा में बैठाकर भाई को बांधें राखी? दोगुना होगी रिश्तों की मिठास
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पहली महत्वपूर्ण दिशा ईस्ट-नॉर्थ-ईस्ट यानी पूर्व-उत्तर-पूर्व है. यह दिशा जीवन में प्रसन्नता, सकारात्मकता और आपसी संबंधों को बेहतर बनाने से जुड़ी मानी जाती है. यदि संभव हो तो बहन और भाई ऐसी स्थिति में बैठ सकते हैं कि राखी बांधते समय यह दिशा अनुकूल रहे.
नेपाल फ़्लड में 90 अमेरिकी लापता, राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा - BBC
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नेपाल में आए जलप्रलय से तबाही के निशान गहराते जा रहे हैं। अबतक इस आपदा में मृतकों की संख्या 400 के करीब पहुंच गई है। इधर, चीन ने अगले तीन दिन में फिर से एक और तबाही का अलर्ट जारी किया है।
सबसे सस्ता Galaxy S26 सीरीज का फोन लॉन्च, इतनी है कीमत
Samsung Galaxy S26 FE लॉन्च हो गया है और यह सैमसंग की फ्लैगशिप सीरीज Samsung Galaxy S26 सीरीज का सबसे किफायती स्मार्टफोन है. Samsung Galaxy S26 5G की कीमत 80 हजार रुपये है और Galaxy S26 FE की कीमत बेहद कम है. आइए इसके स्पेसिफिकेशन्स, कैमरा और बैटरी आदि के बारे में बताते हैं.
अमेरिका: 15 साल का डीन रॉय गवर्नर चुनाव में उतरा; खुद वोट देने की उम्र नहीं, फिर भी क्यों ठोकी ताल?
अमेरिका: 15 साल का डीन रॉय गवर्नर चुनाव में उतरा; खुद वोट देने की उम्र नहीं, फिर भी क्यों ठोकी ताल?
डेब्यू पर 9 विकेट, दलीप ट्रॉफी में परफेक्ट 10... फिर भी खेले 2 टेस्ट
देबाशीष मोहंती का करियर इस बात की मिसाल है कि कभी-कभी टैलेंट और शानदार रिकॉर्ड होने के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट में लंबे समय तक मौके नहीं मिलते. भारतीय टीम के लिए उनका सफर भले ही छोटा रहा, लेकिन उनके नाम दर्ज कुछ रिकॉर्ड आज भी उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे अनोखे तेज गेंदबाजों में शामिल करते हैं.
अचार-जैम के खाली जार फेंकें नहीं, इन 5 तरीकों से दें नया अवतार
Glass Jars Reuse: अचार या जैम खत्म होने के बाद क्या आप भी कांच के जार को फेंक देते हैं? जानिए कैसे इन खाली जार को किचन स्टोरेज, सेल्फ-वॉटरिंग प्लांटर और बाथरूम ऑर्गनाइजर की तरह इस्तेमाल करके घर को सजाया और ऑर्गेनाइज किया जा सकता है.
नेपाल ने विदेशी खोज-बचाव टीमें ठुकराईं, 517 विदेशी नागरिक लापता
नेपाल के भोटेकोशी में आई बाढ़ के बाद कई देशों ने खोज और बचाव के लिए अपनी टीमें भेजने की पेशकश की थी। लेकिन नेपाल सरकार ने इन प्रस्तावों को मना कर दिया है। सरकार का कहना है कि नेपाली सुरक्षा एजेंसियां खुद यह काम संभाल सकती हैं। बुधवार की बाढ़ के बाद 517 विदेशी […]
रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ चंद्र ग्रहण और गुरु पंचक पड़ने से लोगों में असमंजस है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक भारत में चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा और गुरु पंचक का अशुभ प्रभाव नहीं माना जाता, इसलिए मुख्य रूप से राहु काल से बचने की सलाह दी गई है।
महिला पर अखिलेश यादव के खिलाफ गाली-गलौज का आरोप, कार्रवाई की मांग
अखिलेश यादव के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक महिला की बिसरख थाने में शिकायत दी है.
बच्चों ने कितना फोन चलाया, आ जाएगा नोटिफिकेशन; फेसबुक-इंस्टा में होगा बड़ा बदलाव
मेटा ने अमेरिका में बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बड़ा परिवर्तन करने का फैसला किया है। इसके मुताबिक रात में बच्चों के लिए नाइट मोड ऑन रहेगा। इसके साथ ही अभिभावन समय सीमा तय कर सकते हैं।
न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को होने वाले यूनिवर्सिल वननेस सेलिब्रेशंस की तैयारी चल रही है। अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग इसे करवा रहा है और हिंदू स्वयंसेवक संघ, यानी HSS जैसे संगठन साथ हैं। HSS के ग्लोबल कोऑर्डिनेटर सौमित्र गोखले ने 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हाऊडी मोदी कार्यक्रम करवाया था, जिसमें 50 हजार लोग जमा हुए थे। इस बार चीफ गेस्ट RSS प्रमुख मोहन भागवत हैं। कई संगठन उनका विरोध कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेंजमेंट एंड डायलॉग के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल और प्रवक्ता प्रिया सामंत से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ पहली बार हो रहा है। मकसद क्या है, इसकी जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: दुनिया में कॉन्फ्लिक्ट और ध्रुवीकरण बहुत बढ़ गया है। यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन का मकसद अलग-अलग समुदायों को एक मंच पर लाना है, ताकि वे एक-दूसरे से बात करें और सीखें। हम वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं। परिवार में मतभेद होते हैं, लेकिन रिश्ते नहीं टूटते। दुनिया भी बड़ा परिवार ही है। मतभेद होंगे, फिर भी हम एक हैं। यह कार्यक्रम उसी बड़े परिवार को संवाद और साझा मानवता के लिए एक प्लेटफॉर्म देना चाहता है। सवाल: कार्यक्रम की थीम वसुधैव कुटुंबकम है। चीफ गेस्ट मोहन भागवत हैं। संगठन का नाम अमेरिकन हिंदू इंगेज्ड फॉर डॉयलाग है। क्या कार्यक्रम सिर्फ हिंदुओं के लिए है? जवाब: कार्यक्रम पूरी तरह खुला है। कोई भी समुदाय इसमें शामिल हो सकता है। जो चाहे, रजिस्ट्रेशन कराकर आ सकता है। अब तक 200 संगठनों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनमें 16 अलग-अलग धर्मों और आस्थाओं वाली संस्थाएं हैं। सवाल: आपके संगठन का नाम अमेरिकन हिंदू से शुरू होता है और RSS भी मुख्य रूप से हिंदुओं की बात करता है। क्या यह आयोजन हिंदुओं के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म होगा? जवाब: भागवत जी 100 साल पुरानी संस्था के प्रमुख हैं। उनके पास अनुभव और जमीनी समझ दोनों हैं। उनकी स्पीच में मानवता से जुड़ा अनुभव होगा। हम सभी को चर्चा का प्लेटफॉर्म देना चाहते हैं। हां ये अमेरिका या दुनिया में कहीं भी रह रहे भारतीय मूल के लोगों के लिए है। फिर भी इसमें किसी भी समुदाय या धर्म की संस्था और व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। सवाल: मोहन भागवत के संबोधन के प्रमुख मुद्दे क्या होंगे? जवाब: उनकी स्पीच हम उसी दिन सुन पाएंगे। कार्यक्रम का मकसद अलग-अलग धर्मों के लोगों को एक-दूसरे से संवाद कराना है। यह सिर्फ हिंदू समुदाय या प्रवासी भारतीयों तक सीमित नहीं है। मोहन भागवत जी विश्व की सबसे बड़ी संस्था RSS का प्रतिनिधित्व करते हैं। सभी संस्था प्रमुखों को उनसे सीखने को मिलेगा कि इतनी बड़ी संस्था चलाते कैसे हैं। सवाल: पूरी चर्चा में हिंदू समुदाय या हिंदुत्व जैसे मुद्दे प्राथमिकता में होंगे क्या? जवाब: पूरा इंडियन डायस्पोरा होगा, यानी भारत छोड़कर दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग। सवाल: आप बार-बार इंडियन डायस्पोरा की बात कर रहे हैं। क्या पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर भी बात होगी? जवाब: हमने इस कार्यक्रम के लिए रक्षाबंधन का वक्त चुना है। यह सिर्फ धार्मिक त्योहार नहीं, सामुदायिक उत्सव भी है। भागवत जी भी यूनिवर्सल वननेस का ही संदेश देंगे। उन्होंने देश के कोने-कोने तक जाकर हर समुदाय युवा, महिलाओं, आदिवासियों, मुस्लिम, ईसाई सभी से संवाद किया है। अगर आपका सवाल प्रोग्राम के वक्त प्रासंगिक होगा तो उस पर भी जरूर चर्चा होगी। सवाल: आपका संगठन 2025 में बना। अमेरिका में हिंदू बहुत पहले से रह रहे हैं, इसे अभी बनाने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब: अमेरिकी समाज में हिंदू धर्म और हिंदुओं के बारे में कई गलत धारणाएं और रूढ़ियां हैं, जबकि अर्थव्यवस्था में हिंदुओं का योगदान काफी अच्छा है। हम प्रेस, अमेरिकी शिक्षाविदों और भारतीय मूल के अमेरिकियों से बिना बिचौलियों के सीधा संवाद करना चाहते थे, ताकि बात का सही मतलब पहुंचे। बहुत पहले से ऐसे प्लेटफार्म की तैयारी कर रहे थे। ये पिछले साल बनकर तैयार हुआ। सवाल: USCIRF, सवेरा, हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स जैसे संगठन मोहन भागवत की यात्रा का विरोध कर रहे हैं। क्या आपने उनसे संपर्क करने की कोशिश की? जवाब: लोकतंत्र में असहमत होने का अधिकार सभी को है। इसीलिए यह कार्यक्रम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। हम तो यही कहते हैं कि जो भी असहमत है, आकर अपनी बात रखे। खुला प्लेटफॉर्म है। वेबसाइट पर ओपन रजिस्ट्रेशन चल रहा है। सवाल: USCIRF के बारे में आपकी क्या राय है? जवाब: यह यहां की फेडरल गवर्नमेंट की सलाहकार बॉडी है। सलाह दे सकती है, लेकिन एक्शन लेने वाली संस्था नहीं है। हमारा कार्यक्रम भी एक लोकतांत्रिक मंच है। सवाल: सवेरा नाम की संस्था भी लगातार विरोध कर रही है। उसने एक रिपोर्ट भी जारी की है। वे कह रहे हैं कि ये RSS का गुप्त एजेंडा है? जवाब: मैं RSS के बारे में बात करने के लिए सही व्यक्ति नहीं हूं। मैं अपने संगठन और इस कार्यक्रम के बारे में ही बोल सकता हूं। RSS से जुड़े सवालों के लिए आपको उनसे संपर्क करना होगा। सवाल: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी विरोध किया है। फिर आपको अनुमति कैसे मिली? जवाब: अमेरिका में बिना अनुमति के कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं हो सकता। यह हमारा निजी इवेंट है। अनुमति की प्रक्रिया पूरी की गई है, तभी हम इतना बड़ा कार्यक्रम कर पा रहे हैं। यहां ऐसा नहीं होता कि आज रात को उठे और कल कार्यक्रम करने लगे। सवाल: आपका संगठन और हिंदू स्वयंसेवक संघ रजिस्टर्ड हैं, लेकिन RSS नहीं। अमेरिका जैसे सख्त नियमों वाले देश में नॉन-रजिस्टर्ड संस्था के मुखिया को चीफ गेस्ट बनाकर अनुमति लेने में दिक्कत नहीं हुई? जवाब: इस बारे में हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। इस कार्यक्रम से जुड़े सवालों के जवाब हम देंगे, लेकिन RSS से जुड़े सवालों के लिए आपको उनसे ही संपर्क करना होगा। सवाल: कार्यक्रम में कितनी भीड़ जुटने की उम्मीद है? जवाब: कम से कम 5000 लोग तो होंगे। सवाल: और कितने देशों में यह कार्यक्रम होना है? जवाब: अभी तो सिर्फ अमेरिका में ही हो रहा है।
मुस्कान मर्डर केस में आरोपी इमरान का एनकाउंटर, दोनों पैरों में लगी गोली
मुस्कान मर्डर केस के आरोपी इमरान को पुलिस एनकाउंटर में दोनों पैरों में गोली लगी है. मुस्कान की हत्या के बाद से ही आरोपी इमरान फरार चल रहा था.
रक्षाबंधन आज, इतने घंटे का रहेगा शुभ समय, जानें राखी बांधने का मुहूर्त
Raksha Bandhan 2026 shubh muhurat: रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त यानी आज मनाया जा रहा है. हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन मनाया जाता है. रक्षाबंधन पर आज भद्रा भी लग रहा है. तो चलिए जानते हैं कि राखी बांधने के क्याशुभ मुहूर्त रहेंगे.
Nepal Floods में 389 लोगों की मौत, 290 भारतीयों समेत 1400 से अधिक लापता
शिरीष बी. प्रधानकाठमांडू, 27 अगस्त नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 389 हो गई। वहीं, बचावकर्मी 290 भारतीय नागरिकों समेत लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के टूटने से चट्टानें खिसक गई और हिमस्खलन हुआ, जिसके कारण बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव मध्य नेपाल की ओर आया। इससे कई कस्बे और गांव तबाह हो गए, मकान, वाहन, सड़कें एवं पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। भोटे कोशी नदी प्रणाली के उद्गम के पास एक नयी अवरोध झील बनने के बाद निचले इलाकों में फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। प्राधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्राकृतिक अवरोधक टूटता है तो नदी और उसके निचले इलाकों में पानी का तेज बहाव एक और बार आ सकता है। नेपाल के प्राधिकारियों ने 910 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। बचावकर्मी कीचड़ और मलबे से भरे नदी क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रहे हैं तथा अपने परिजनों का पता लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं। इस तरह सीमा के दोनों ओर लापता लोगों की कुल संख्या 1,468 है। इस आपदा के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि 290 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। मंत्रालय ने कहा कि उनका पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए ‘‘तत्काल प्रयास’’ किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। इनमें निर्माणाधीन त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, तिब्बत की ओर मौजूद करीब 200 भारतीय नागरिकों ने वहां से सुरक्षित निकाले जाने के लिए सहायता मांगी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ डिजिटल माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की स्थिति और उनकी कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों, अन्य मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और संबंधित प्राधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता भी बढ़ा दी है। बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री भेजने के बाद बृहस्पतिवार को एक सैन्य परिवहन विमान से 37.5 टन और एचएडीआर सामग्री, दवाएं एवं खाद्य सामग्री भेजी गई। इस तरह अब तक कुल 47.5 टन सहायता भेजी जा चुकी है। चीनी प्राधिकारियों के अनुमान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक नयी अवरोधक झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और अगले तीन दिन में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने की आशंका है। इससे प्राकृतिक अवरोध के टूटने को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी तंत्र का हिस्सा बनती हैं। नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि उसे चीनी प्राधिकारियों से इस झील के बारे में जानकारी मिली है और भोटे कोशी एवं त्रिशूली नदी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विभाग ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और तलाश एवं बचाव दलों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चीनी अधिकारी झील की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और संभावित बाढ़ का आकलन एवं जोखिम विश्लेषण कर रहे हैं। संचार और खोज उपकरणों से लैस चीन का एक बचाव दल ग्यिरोंग पहुंच गया है, ताकि नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध का आकलन किया जा सके। अधिकारियों को आशंका है कि इस अवरोध के कारण दूसरी आपदा आ सकती है तथा जारी बचाव अभियान और मुश्किल हो सकता है। नेपाल के सुरक्षाकर्मी अब तक प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जबकि हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी दल अलग-थलग पड़ी बस्तियों, नदी किनारों और निचले इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन तथा मलबे के तेज बहाव के बाद बाढ़ ने सबसे पहले राजधानी काठमांडू से करीब 160 किलोमीटर दूर रसुवा जिले में तबाही मचाई। पानी, कीचड़, चट्टानों और मलबे का तेज बहाव तिमुरे और रसुवागढ़ी समेत कई बस्तियों से होकर गुजरा और फिर भोटे कोशी एवं त्रिशूली नदी तंत्र के रास्ते निचले इलाकों की ओर बढ़ गया। नेपाल के प्राधिकारियों के शुरुआती आकलन और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के संशोधित विश्लेषण में भूकंप के बजाय हिमनद के टूटने और मलबे के तेज बहाव को इस आपदा का कारण बताया गया है। बर्फ और चट्टानों का मलबा लेंडे नदी में गिरा, जिससे उसका प्रवाह अस्थायी रूप से रुक गया। बाद में प्राकृतिक अवरोध टूटने से पानी का तेज बहाव भोटे कोशी और त्रिशूली नदी तंत्र के निचले इलाकों की ओर बढ़ गया। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी सीमावर्ती शहर से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन के बाद लेंडे नदी में मलबे से भरी बाढ़ आई। उसने बताया कि यही बाढ़ बाद में तिमुरे से गुजरते हुए त्रिशूली नदी में पहुंची। यूएसजीएस ने बताया कि लंबी अवधि वाली भूकंपीय तरंगों के उसके विश्लेषण से पता चला कि जिस घटना को शुरुआत में 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया गया था, वह वास्तव में हिमनद के टूटने और मलबे के बहाव से उत्पन्न हुई थी। अधिकारी तबाही के पूरे पैमाने का अब भी आकलन कर रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बृहस्पतिवार को नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका का दौरा कर अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस बीच, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा कर बचाव और राहत अभियान की समीक्षा की। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ ने भी सैन्य बचाव अभियान में समन्वय के लिए प्रभावित इलाके में एक दल भेजा है। प्रभावित इलाकों से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में तबाही का व्यापक मंजर दिखाई दिया। कई इमारतें बह गईं या कीचड़ और मलबे की मोटी परत के बीच खड़ी दिखाई दीं, वाहन मलबे में दब गए या बह गए, सड़कें टूट गईं और पुल बह गए। रसुवा और नुवाकोट जिलों में नदी किनारे की कई बस्तियां कीचड़, चट्टानों और मलबे से पट गई हैं। नेपाल के सड़क विभाग ने कहा कि नुवाकोट के बेत्रावती से रसुवागढ़ी के बीच 42 किलोमीटर लंबी पूरी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और कई कंक्रीट के पुल बह गए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि बाढ़ से 35 सड़क पुल, 45 ‘सस्पेंशन’ (झूलानुमा) पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे प्रभावित जिलों में आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ है। त्रिशूली और देवीघाट जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ बिजली से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। धादिंग में गलछी-बैरेनी सड़क को फिर से खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। रसुवा में अचानक आई बाढ़ के बाद यह सड़क बंद हो गई थी। यह मार्ग काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और क्षेत्रीय नाकेबंदी एवं आपदा राहत अभियानों के दौरान भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए भी अहम है। व्यापक तबाही के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया है। सुरक्षाकर्मी और स्थानीय अधिकारी भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बहकर आए लोगों की तलाश में नदी किनारों और निचले इलाकों को खंगाल रहे हैं तथा शव बरामद कर रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के शीर्ष अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। खनाल के कार्यालय ने बताया कि इन देशों ने नेपाल के साथ एकजुटता जताई और तलाश एवं बचाव कार्यों में सरकार की मदद करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले ने कहा कि चितवन से अब तक 132 शव बरामद किए गए हैं और यह बाढ़ प्रभावित जिलों में बरामद किए गए शवों की सबसे अधिक संख्या हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी जिलों से भी शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सेना के कम से कम 44 कर्मी, नेपाल पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 कर्मी अब भी लापता हैं। जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में काम करने वाले करीब 160 लोगों के भी लापता होने की सूचना है। काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में अधिकारियों ने वहां लाए गए लोगों की सूची लगाई है, ताकि परिवार यह पता लगा सकें कि उनके परिजनों को बचाया गया है या उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई हैं और लापता लोगों का विवरण दर्ज करने के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं। चितवन के भरतपुर अस्पताल में भी ऐसा ही दृश्य है, जहां लोग अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों को लगातार बढ़ती शवों की संख्या से निपटने में मुश्किल हो रही है और खबरों के अनुसार शवगृह में भी जगह कम पड़ रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को रसुवा में फंसे 27 विदेशी पर्यटकों को बचाया। इनमें 11 भारतीय, चार दक्षिण कोरियाई, दो इतालवी और दो अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, शेष आठ लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं हो सकी है। नेपाल सेना ने उन्हें हेलीकॉप्टर से काठमांडू पहुंचाया। प्रभावित भारतीय पर्यटकों में से अधिकतर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर या नेपाल के बागमती प्रांत में गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए थे। यह आपदा हाल के कई वर्षों में नेपाल की संभवत: सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। क्षतिग्रस्त सड़कों, बह चुके पुलों, कीचड़ और मलबे की मोटी परत तथा फिर बाढ़ आने के खतरे के कारण बचावकर्मी अब भी कुछ प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पाए हैं।
Nepal Flood में 392 लोगों की मौत, 1468 लापता और 290 भारतीयों की तलाश जारी
शिरीष बी. प्रधानकाठमांडू, 27 अगस्त नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 392 हो गई। वहीं, बचावकर्मी 290 भारतीय नागरिकों समेत लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं। मृतकों में 389 लोगों की मौत नेपाल में अचानक आई बाढ़ में हुई, जबकि पड़ोसी तिब्बत में तीन लोग मारे गए। नेपाल पुलिस के एक बयान में कहा गया कि प्रभावित इलाकों से अब तक 50 विदेशियों समेत 796 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिये बचाया गया है, जबकि अन्य 796 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि, बयान में विदेशी नागरिकों की राष्ट्रीयता का उल्लेख नहीं किया गया। बयान में बताया गया कि नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 389 हो गई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास हिमनद के टूटने से चट्टानें खिसक गई और हिमस्खलन हुआ, जिसके कारण बुधवार को पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव मध्य नेपाल की ओर आया। इससे कई कस्बे और गांव तबाह हो गए, मकान, वाहन, सड़कें एवं पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। भोटे कोशी नदी प्रणाली के उद्गम के पास एक नयी अवरोध झील बनने के बाद निचले इलाकों में फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। प्राधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्राकृतिक अवरोधक टूटता है तो नदी और उसके निचले इलाकों में पानी का तेज बहाव एक और बार आ सकता है। नेपाल के प्राधिकारियों ने 910 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। बचावकर्मी कीचड़ और मलबे से भरे नदी क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रहे हैं तथा अपने परिजनों का पता लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं। इस तरह सीमा के दोनों ओर लापता लोगों की कुल संख्या 1,468 है। इस आपदा के बाद भारत ने भी अपने नागरिकों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि 290 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। मंत्रालय ने कहा कि उनका पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए ‘‘तत्काल प्रयास’’ किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। इनमें निर्माणाधीन त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, तिब्बत की ओर मौजूद करीब 200 भारतीय नागरिकों ने वहां से सुरक्षित निकाले जाने के लिए सहायता मांगी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ डिजिटल माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद भारतीयों की स्थिति और उनकी कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों, अन्य मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और संबंधित प्राधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता भी बढ़ा दी है। बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री भेजने के बाद बृहस्पतिवार को एक सैन्य परिवहन विमान से 37.5 टन और एचएडीआर सामग्री, दवाएं एवं खाद्य सामग्री भेजी गई। इस तरह अब तक कुल 47.5 टन सहायता भेजी जा चुकी है। चीनी प्राधिकारियों के अनुमान के अनुसार, बृहस्पतिवार सुबह तक नयी अवरोधक झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था और अगले तीन दिन में इसमें करीब 30 लाख घन मीटर और पानी आने की आशंका है। इससे प्राकृतिक अवरोध के टूटने को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है। ये नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी तंत्र का हिस्सा बनती हैं। नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि उसे चीनी प्राधिकारियों से इस झील के बारे में जानकारी मिली है और भोटे कोशी एवं त्रिशूली नदी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विभाग ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यात्रियों, सुरक्षा कर्मियों और तलाश एवं बचाव दलों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चीनी अधिकारी झील की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और संभावित बाढ़ का आकलन एवं जोखिम विश्लेषण कर रहे हैं। संचार और खोज उपकरणों से लैस चीन का एक बचाव दल ग्यिरोंग पहुंच गया है, ताकि नदी के ऊपरी हिस्से में बने अवरोध का आकलन किया जा सके। अधिकारियों को आशंका है कि इस अवरोध के कारण दूसरी आपदा आ सकती है तथा जारी बचाव अभियान और मुश्किल हो सकता है। नेपाल के सुरक्षाकर्मी अब तक प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं, जबकि हेलीकॉप्टर, ड्रोन और जमीनी दल अलग-थलग पड़ी बस्तियों, नदी किनारों और निचले इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं। अधिकारी तबाही के पूरे पैमाने का अब भी आकलन कर रहे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बृहस्पतिवार को नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका का दौरा कर अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। इस बीच, चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित ग्यिरोंग टाउनशिप का दौरा कर बचाव और राहत अभियान की समीक्षा की। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ ने भी सैन्य बचाव अभियान में समन्वय के लिए प्रभावित इलाके में एक दल भेजा है। नेपाल के सड़क विभाग ने कहा कि नुवाकोट के बेत्रावती से रसुवागढ़ी के बीच 42 किलोमीटर लंबी पूरी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है और कई कंक्रीट के पुल बह गए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि बाढ़ से 35 सड़क पुल, 45 ‘सस्पेंशन’ (झूलानुमा) पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे प्रभावित जिलों में आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ है। त्रिशूली और देवीघाट जलविद्युत परियोजनाओं के साथ-साथ बिजली से जुड़े अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। धादिंग में गलछी-बैरेनी सड़क को फिर से खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। रसुवा में अचानक आई बाढ़ के बाद यह सड़क बंद हो गई थी। यह मार्ग काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है और क्षेत्रीय नाकेबंदी एवं आपदा राहत अभियानों के दौरान भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए भी अहम है। व्यापक तबाही के कारण बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया है। सुरक्षाकर्मी और स्थानीय अधिकारी भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बहकर आए लोगों की तलाश में नदी किनारों और निचले इलाकों को खंगाल रहे हैं तथा शव बरामद कर रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों के शीर्ष अधिकारियों से फोन पर बातचीत की। खनाल के कार्यालय ने बताया कि इन देशों ने नेपाल के साथ एकजुटता जताई और तलाश एवं बचाव कार्यों में सरकार की मदद करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफले ने कहा कि चितवन से अब तक 137 शव बरामद किए गए हैं और यह बाढ़ प्रभावित जिलों में बरामद किए गए शवों की सबसे अधिक संख्या हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी जिलों से भी शव बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल सेना के कम से कम 44 कर्मी, नेपाल पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 कर्मी अब भी लापता हैं। जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में काम करने वाले करीब 160 लोगों के भी लापता होने की सूचना है। काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में अधिकारियों ने वहां लाए गए लोगों की सूची लगाई है, ताकि परिवार यह पता लगा सकें कि उनके परिजनों को बचाया गया है या उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की तस्वीरें भी प्रदर्शित की गई हैं और लापता लोगों का विवरण दर्ज करने के लिए अलग काउंटर बनाए गए हैं। चितवन के भरतपुर अस्पताल में भी ऐसा ही दृश्य है, जहां लोग अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों को लगातार बढ़ती शवों की संख्या से निपटने में मुश्किल हो रही है और खबरों के अनुसार शवगृह में भी जगह कम पड़ रही है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को रसुवा में फंसे 27 विदेशी पर्यटकों को बचाया। इनमें 11 भारतीय, चार दक्षिण कोरियाई, दो इतालवी और दो अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, शेष आठ लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं हो सकी है। नेपाल सेना ने उन्हें हेलीकॉप्टर से काठमांडू पहुंचाया। प्रभावित भारतीय पर्यटकों में से अधिकतर तिब्बत में कैलाश मानसरोवर या नेपाल के बागमती प्रांत में गोसाईंकुंड की यात्रा पर गए थे। यह आपदा हाल के कई वर्षों में नेपाल की संभवत: सबसे भीषण आपदाओं में से एक है। क्षतिग्रस्त सड़कों, बह चुके पुलों, कीचड़ और मलबे की मोटी परत तथा फिर बाढ़ आने के खतरे के कारण बचावकर्मी अब भी कुछ प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पाए हैं।
'सबकी जान खतरे में है...', नेपाल की तबाही के बीच भोपाल से आई चिंताजनक खबर
नेपाल में भारी तबाही के बाद कई लोग लापता हैं. इस बीच भोपाल की रहने वाली देविका अधिकारी के परिवार के चार सदस्य नेपाल हादसे के बाद से संपर्क में नहीं हैं. बताया जा रहा है कि आखिरी बातचीत में उनके बड़े भाई ने कहा था कि सभी की जान खतरे में है.
जोहरान ममदानी ने जताया विरोध इस बीच क्यों सस्पेंड हुआ 'एहेड' का X अकाउंट?
न्यूयॉर्क में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। 29 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम से पहले आयोजक संस्था ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ यानी एहेड का एक्स अकाउंट अचानक सस्पेंड हो गया।
नेपाल बाढ़: विचलित कर रही विनाशलीला, महाराष्ट्र के पीड़ितों को शिंदे ने दी सांत्वना; IAF ने बढ़ाए मदद के हाथ
रूस में अग्निकांड: अमूर गैस केमिकल कॉम्प्लेक्स में आग से 15 कर्मचारियों की मौत; क्या नियमों का उल्लंघन हुआ?
घर के घर बहे, नेपाल में आई बाढ़ में 35 मोटरेबल और 45 सस्पेंशन ब्रिज तबाह, त्रिशूली में प्रलय
नेपाल में आई भीषण त्रासदी में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. त्रिशूली नदी तिब्बत से नेपाल आती है. बुधवार को इसी त्रिशूली नदी में ऐसा तूफान और प्रलय आया, जिसने तबाही ला दी.
धर्मशाला। तिब्बत-नेपाल सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान को लेकर निर्वासित तिब्बती सरकार ने चीन को कटघरे में खड़ा किया है। धर्मशाला से तिब्बत सरकार के कशाग (मंत्रिमंडल) द्वारा जारी प्रेस बयान में नेपाल में इस जलप्रलय से हुए जान माल के नुकसान के लिए चीन की विनाशकारी नीतियों को जिम्मेदार […]
यह तो बहुत खतरनाक, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ पर डोनाल्ड ट्रंप; मदद का बढ़ाया हाथ
नेपाल की भीषण बाढ़ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आई है। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस तबाही को बेहद खतरनाक बताया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहाकि अमेरिका किसी भी तरह की मदद करने के लिए तैयार है।
नेपाल बाढ़ त्रासदी में मौत का आंकड़ा 392 पहुंचा, 1500 से ज्यादा लोग लापता
नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते मरने वालों का आंकड़ा 390 के पार पहुंच गया है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. इनमें 290 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. नेपाल के पीएम बालेन शाह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है और हालात को गंभीर बताया है. नेपाल में फिर से बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है.
खास मिशन पर काम कर रहे भारत-कनाडा, वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया किसे होगा फायदा
भारत और कनाडा सीमापार धन भेजने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे कनाडा के विभिन्न यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे चार लाख से अधिक भारतीय छात्रों को फायदा होने की उम्मीद है।
पानी के साथ आए भारी मलबे ने नेपाल में बाढ़ को बनाया और भी खतरनाक
नेपाल में बाढ़ की वजह एक ग्लेशियर का टूटना था. ऊंचाई पर जमा पानी का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटे हुए अवरोध के कारण नीचे की ओर बहने लगा, तो तबाही का असली मंजर शुरू हुआ. यह पानी अकेला नहीं था, बल्कि अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को समेटते हुए आगे बढ़ रहा था. पानी के इस तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में बर्फ के टुकड़े, विशाल चट्टानें, मिट्टी और कचरा यानी मलबा भी शामिल था.
नेपाल में तबाही का खौफनाक मंजर, ड्रोन कैमरे में कैद
नेपाल में आई बाढ़ के बाद वहां का मंजर बेहद डरावना हो गया है. हाल ही में ड्रोन कैमरे से ली गई कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जो नेपाल की इस भयावह स्थिति को साफ बयां कर रही हैं.
Nepal Floods में 288 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से 288 भारतीय अब भी लापता हैं। केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक समेत दक्षिणी राज्यों के लापता या फंसे लोगों का ब्यौरा इस प्रकार है:केरलम:‘नॉन-रेजिडेंट केरलाइट्स अफेयर्स’ (नोरका) रूट्स ने बृहस्पतिवार को बताया कि बच्चों समेत केरलम के 53 लोग विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल में फंसे हुए हैं। नोरका रूट्स, केरलम सरकार की वह एजेंसी है जो विदेशों में रहने वाले राज्य के लोगों से जुड़े मामलों और उनके कल्याण से संबंधित सेवाओं का समन्वय करती है। तमिलनाडु:तमिलनाडु और पुडुचेरी से कुल 106 लोग मानसरोवर यात्रा पर गए थे। इनमें से 20 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 37 अब भी लापता हैं। सरकार ने कहा कि चेन्नई से रवाना हुए अन्य 49 लोगों का पता लगाया जा रहा है। कर्नाटक:कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के कार्यालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि कर्नाटक के कम से कम 13 लोग नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें से 11 बेंगलुरु शहरी जिले के हैं। आंध्र प्रदेश:अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश के अब तक 41 लोगों की पहचान नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे लोगों के रूप में हुई है। इनमें से 34 सुरक्षित हैं, जबकि सात अन्य का अभी पता नहीं चल पाया है। तेलंगाना:तेलंगाना सरकार राज्य के उन 22 लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिनके बारे में नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद से कोई जानकारी नहीं है। एक विज्ञप्ति में कहा गया कि प्राप्त जानकारी की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद 23 लोगों से जुड़े 20 मामलों की पहचान आगे की कार्रवाई और समन्वय के लिए की गई है। इन 23 लोगों में छह तेलंगाना के निवासी हैं, जबकि 17 तेलंगाना मूल के अनिवासी भारतीय हैं। विज्ञप्ति में कहा गया कि रंगा रेड्डी जिले का एक व्यक्ति सुरक्षित है और उसने अपने परिवार से संपर्क कर लिया है। वह कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया था।
नेपाल में बाढ़ का कहर, दर्जनों पुल और कई गांव पूरी तरह तबाह
नेपाल में आपदा और भीषण जल प्रलय के कारण एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. इस भयंकर सैलाब की वजह से प्रभावित क्षेत्र में 431 मेगावाट का बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है.
नेपाल बाढ़: 300 से ज्यादा भारतीय लापता
नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. इस आपदा को लेकर नेपाल के विदेश मंत्री ने एक बड़ा दावा किया है. विदेश मंत्री के अनुसार, नेपाल में आई इस भयानक और अचानक बाढ़ की चपेट में आने से 300 से भी अधिक भारतीय नागरिक लापता हो गए हैं.
नेपाल में बाढ़ का तांडव, बेकाबू पानी में बहे मकान और दुकानें
नेपाल में भयानक सैलाब ने जो तबाही मचाई है, उसकी तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं. बाढ़ का पानी इस कदर ऊपर चढ़ गया कि उसने अपनी सारी सीमाओं को लांघ .
नेपाल के नुवाकोट में बाढ़ से तबाही का खौफनाक मंजर
नेपाल के नुवाकोट से आई आपदा के बाद तबाही का एक बेहद ही दर्दनाक और खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है. हर तरफ केवल बर्बादी के निशान ही नजर आएंगे. जहाँ कभी हंसते-खेलते परिवार और उनके आशियाने हुआ करते थे, आज वहाँ दूर-दूर तक सिर्फ और सिर्फ मलबा दिखाई दे रहा है.
कानपुर के गंगा बैराज में ट्रेनिंग विमान क्रैश
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां के गंगा बैराज इलाके में गर्ग एविएशन का एक ट्रेनिंग विमान क्रैश हो गया है. इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई है.
नेपाल में जलप्रलय छोड़ गई तबाही के निशान... तस्वीरों में देखिए बाढ़ के बाद कैसी है जिंदगी
नेपाल में फ्लैश फ्लड ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है. तेज बहाव के साथ आया पानी अपने पीछे मलबे और कीचड़ छोड़ गया है. बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब तबाही के निशान साफ नजर आ रहे हैं. सड़कों पर मिट्टी और पत्थरों का ढेर लगा है. कई जगह रास्ते पूरी तरह कीचड़ से पटे हुए हैं. इन हालात में लोगों के लिए सामान्य जिंदगी में लौटना आसान नहीं है.
चीन के बांध से भारत पर कैसे मंडराया नेपाल से भी बड़ी तबाही का खतरा, देखें
चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा डैम बना रहा है. ये भारत के बेहद नजदीक होने के साथ-साथ भूकंप के खतरे वाले इलाके में है. नेपाल की तबाही ने चीन के डैम को लेकर भारत को नए सिरे से चिंता में डाल दिया है. सवाल है कि अगर तिब्बत में ग्लेशियर टूटने या भूकंप ने नेपाल का ये हाल कर दिया तो फिर दुनिया का सबसे बड़ा डैम टूटा तो फिर भारत में कितनी बड़ी तबाही होगी? देखें वीडियो.
ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन के भयावह प्रभावों के बीच हिमालयी क्षेत्र में एक बेहद गंभीर प्राकृतिक आपदा का खतरा गहराता जा रहा है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) और नेपाल सरकार के संयुक्त वैज्ञानिक अध्ययन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हिंदूकुश हिमालयी क्षेत्र की 47 ग्लेशियल (हिमनद) झीलें अब संभावित रूप से खतरनाक (Potentially Dangerous Glacial Lakes - PDGLs) श्रेणी में आ चुकी हैं। इन झीलों के प्राकृतिक बांधों में रिसाव या अचानक टूटने से 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) यानी हिमनद झील विस्फोट से उत्पन्न प्रलयंकारी बाढ़ की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। यदि इनमें से कोई भी झील फटती है, तो इसका सीधा असर नेपाल की प्रमुख नदी घाटियों, जलविद्युत परियोजनाओं, घनी बस्तियों और डाउनस्ट्रीम में भारत के सीमावर्ती तराई इलाकों तक महसूस किया जा सकता है।21 झीलें नेपाल में और 25 तिब्बत सीमा पर: ट्रांसबाउंड्री जलप्रलय की चुनौतीवैज्ञानिकों द्वारा चिन्हित 47 अत्यधिक संवेदनशील हिमनद झीलों में से 21 झीलें भौगोलिक रूप से नेपाल के भीतर स्थित हैं, जबकि 25 झीलें चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) में मौजूद हैं और एक झील भारत के निकटवर्ती प्रभाव क्षेत्र में आती है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि तिब्बत में स्थित ये सभी हिमनद झीलें उन प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों (हेडवाटर्स) पर हैं, जो सीधे दक्षिण की ओर बहते हुए नेपाल में प्रवेश करती हैं।पहाड़ी भूभाग की बनावट ऐसी है कि यदि तिब्बती पठार पर स्थित किसी भी झील का प्राकृतिक किनारा टूटता है, तो पानी का विशाल सैलाब बिना किसी पूर्व चेतावनी के चंद मिनटों में संकरी घाटियों के रास्ते नेपाल की बस्तियों में प्रवेश कर जाएगा। यह ट्रांसबाउंड्री स्थिति दोनों देशों के बीच वास्तविक समय में आपदा चेतावनी और डाटा साझा करने की जरूरत को और अधिक संवेदनशील बना देती है।क्या है GLOF और क्यों मोरेन बांध बन रहे हैं 'टाइम बम'?ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) उस स्थिति को कहते हैं जब किसी हिमनद के पिघलने से बनी झील के चारों ओर मौजूद प्राकृतिक अवरोध (मोरेन) अचानक ढह जाता है। मोरेन दरअसल ग्लेशियर द्वारा बहाकर लाई गई मिट्टी, पत्थरों, रेत और बर्फ के कमजोर मिश्रण से बना एक प्राकृतिक बांध होता है।बढ़ते तापमान और तेजी से पिघलते ग्लेशियरों की वजह से इन झीलों में पानी का आयतन लगातार बढ़ रहा है। जब इन झीलों में हिमस्खलन (Avalanche), भारी भूस्खलन या बादल फटने जैसी घटनाएं होती हैं, तो कमजोर मोरेन बांध पानी के भारी दबाव को झेल नहीं पाते और अचानक फट जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप लाखों क्यूबिक मीटर पानी, बोल्डर और गाद के साथ भीषण मलबे का बहाव बनकर नीचे की ओर दौड़ता है, जो रास्ते में आने वाले पुलों, सड़कों, बांधों और पूरे के पूरे गांवों को पूरी तरह मिटा देने की क्षमता रखता है।कोशी बेसिन सबसे ज्यादा संवेदनशील: 85 फीसदी खतरा पूर्वी और मध्य नेपाल में केंद्रितभू-स्थानिक और हाइड्रोलॉजिकल विश्लेषण के अनुसार, क्षेत्रीय स्तर पर पहचाने गए कुल जोखिम का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूर्वी और मध्य नेपाल के कोशी और बागमती नदी बेसिन में केंद्रित है। अकेले कोशी बेसिन में 42 संभावित खतरनाक झीलें स्थित हैं।सोलुखुम्बु जिले के अंतर्गत दूध कोशी और इमजा बेसिन अत्यंत उच्च जोखिम क्षेत्र में आते हैं। वहीं संखुवासभा जिला बरुण और अरुण नदी घाटियों के कारण सीधे खतरे के मुहाने पर है। दोलखा जिला तामा कोशी कॉरिडोर के पास स्थित है, जहां त्सो रोल्पा (Tsho Rolpa) हिमनद झील का भारी दबाव बना हुआ है।सिंधुपालचोक जिला, जो भोटे कोशी और सुन कोशी नदी घाटियों के किनारे बसा है, सीमा पार तिब्बत की झीलों से उत्पन्न बाढ़ की चपेट में आने के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। इसके अलावा रामेछाप, काभ्रेपलांचोक और रसुवा जिले के त्रिशूली नदी बेसिन की बस्तियां भी इस खतरे की जद में हैं।पश्चिमी नेपाल के गंडकी और कर्णाली बेसिन पर भी मंडराता सायायह खतरा केवल पूर्वी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी और सुदूर-पश्चिमी नेपाल के गंडकी और कर्णाली नदी बेसिन में भी गंभीर स्थिति बनी हुई है। मनांग और लमजुंग जिले थुलागी झील (Thulagi Lake) के ठीक नीचे मार्स्यांगदी नदी बेसिन में बसे हैं। गोरखा जिला बूढ़ी गंडकी बेसिन के रास्ते तथा मुस्तांग और म्याग्दी जिले काली गंडकी बेसिन के जरिए संभावित बाढ़ के प्रभाव क्षेत्र में आते हैं।सुदूर उत्तर-पश्चिम में स्थित हुम्ला जिले की दूरदराज लिमी घाटी और हुम्ला कर्णाली कॉरिडोर में कठिन भौगोलिक परिस्थितियां हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन दुर्गम इलाकों में कोई झील फटती है, तो संचार कटने और कठिन रास्तों के कारण बचाव व राहत अभियान चलाना अत्यधिक जटिल हो जाएगा।तत्काल निगरानी की दरकार: इन 6 झीलों पर जलस्तर घटाने का अभियाननेपाल के जलविज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग (DHM) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी की 6 हिमनद झीलों को चिह्नित कर वहां आपातकालीन हस्तक्षेप की योजना बनाई है:लोअर बरुण (तल्लोपोखरी): संखुवासभा जिले में तेजी से फैलता जल भंडार।थुलागी (डोना झील): मनांग जिले के मार्स्यांगदी कॉरिडोर में मौजूद।लुमडिंग त्सो: सोलुखुम्बु क्षेत्र की खतरनाक हिमनद झील।होंगु-2 (चामलांग साउथ): उच्च पर्वतीय ढलानों पर स्थित संवेदनशील जल निकाय।त्सो रोल्पा और इम्जा त्सो: पूर्व में किए गए सुरक्षा उपायों के बावजूद लगातार निगरानी के दायरे में।इन झीलों के पानी को नियंत्रित ढंग से बहाकर जलस्तर कम करने (Siphoning/Artificial Drainage), सेंसर आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) लगाने और स्थानीय समुदायों को मॉक ड्रिल के जरिए प्रशिक्षित करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और डाउनस्ट्रीम बस्तियों के लिए अर्ली वार्निंग की अनिवार्यतानेपाल की नदियों पर अरबों डॉलर के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन या कार्यरत हैं। GLOF की स्थिति में इन पावर प्लांट्स, टर्बाइनों और ट्रांसमिशन लाइनों को भारी क्षति पहुंच सकती है। पर्यावरण वैज्ञानिकों का स्पष्ट मत है कि हिमालय में बढ़ते तापमान को देखते हुए अब केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि सैटेलाइट रडार मॉनिटरिंग, ट्रांसबाउंड्री रियल-टाइम डेटा शेयरिंग और मजबूत आपदा चेतावनी तंत्र को तत्काल धरातल पर उतारना होगा, ताकि लाखों जिंदगियों और बुनियादी ढांचे को किसी संभावित महाविनाश से सुरक्षित रखा जा सके।
नेपाल में भूकंप, बाढ़ के खतरे के बीच हिली धरती; रिक्टर स्केल पर तीव्रता कितनी?
अभी नेपाल बाढ़ की विभीषिका से जूझ ही रहा है कि एक बार फिर यहां पर धरती हिल उठी है। नेपाल में भूकंप का झटका आया है जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 आंकी गई है..
नेपाल के लिए भारत ने भेजी राहत सामग्री की दूसरी खेप
नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद भारत लगातार अपने इस पड़ोसी देश की मदद के लिए आगे आ रहा है. इसी सिलसिले में राहत और बचाव कार्य को और अधिक मजबूत करने के लिए भारत की ओर से राहत सामग्री की दूसरी बड़ी खेप भी सफलतापूर्वक रवाना कर दी गई है. इस नई खेप में कुल 37.5 टन राहत सामग्री भेजी गई है, जिसमें आपातकालीन चिकित्सा उपकरण, जीवन रक्षक दवाएं और खाने-पीने के जरूरी पैकेट्स शामिल किए गए हैं.
नेपाल: मलबे में तब्दील इमारत, कई गाड़ियां भी दबीं, Video
कुदरत के कहर और भारी सैलाब के कारण चारों तरफ तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. इस इलाके में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि एक पूरी की पूरी एक मंजिला इमारत मलबे के नीचे दब चुकी है. भारी कीचड़ और मलबे के कारण इस क्षेत्र में आगे बढ़ पाना बेहद मुश्किल और खतरनाक साबित हो रहा है. चारों ओर सिर्फ गाद, मिट्टी और मलबा ही नजर आ रहा है जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है.
'सिर्फ 2 मिनट से बच...', पीड़ित ने बयां किया तबाही का मंजर
प्राकृतिक आपदा की भयावहता का सामना करने वाले एक पीड़ित ने रोते हुए अपनी आपबीती साझा की है. उन्होंने बताया कि कैसे उनका पूरा परिवार मौत के मुंह में समाने से बाल-बाल बच गया. पीड़ित के अनुसार, तबाही आने से ठीक पहले उनके पास उस जगह से सुरक्षित भागने के लिए बहुत ही कम समय बचा था. अगर वे वहां से भागने में सिर्फ दो मिनट की भी देरी कर देते, तो आज उनका पूरा परिवार जिंदा नहीं बचता और इस भयानक आपदा की चपेट में आकर हमेशा के लिए खत्म हो जाता.
कानपुर में ट्रेनी एयरक्राफ्ट क्रैश, 2 की मौत
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है. कानपुर के गंगा बैराज इलाके में गर्ग एविएशन का एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया है. इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, जान गंवाने वाले दोनों लोग विमान के मुख्य पायलट और को-पायलट थे. यह हादसा उस समय हुआ जब विमान अपनी नियमित उड़ान पर था.
लाल हिट डाल-डालकर हो गए परेशान, ये गंध सूंघते ही दूर भागेंगे कॉकरोच
How to Remove Cockroaches: अगर आप भी घर में यहां-वहां घूम रहे छोटे-बड़े कॉकरोच से तंग आ चुके हैं तो अब आपको पेस्ट कंट्रोल या फिर महंगा लाल हिट खरीदने की बजाय घरेलू चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए. यहां हम आपको कॉकरोच से छुटाकार दिलाने के घरेलू तरीके बता रहे हैं.
बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे PM बालेन शाह
नेपाल में प्राकृतिक आपदा का कहर देखने को मिला है. नेपाल के विभिन्न हिस्सों में अचानक आई भीषण बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. विशेष रूप से रसुआ और नुवाकोट जिले इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. बाढ़ के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है.इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है कि नेपाल के नेता बालेन शाह ने नुवाकोट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है. उन्होंने वहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की. स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटी हुई हैं. सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से संपर्क टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.इस विनाशकारी बाढ़ ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया है और लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. बालेन शाह के इस दौरे से प्रभावित लोगों को मदद की उम्मीद जगी है और प्रशासन राहत कार्यों में तेजी लाने का प्रयास कर रहा है. आने वाले दिनों में पुनर्निर्माण और पुनर्वास एक बड़ी चुनौती होगी.
नेपाल में भूकंप के झटके, बाढ़ के नए खतरे के बीच कांपी धरती
नेपाल में बाढ़ के खतरे के बीच 3.2 तीव्रता का भूकंप आया है. भूकंप के झटके नेपाल के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए.
यूपी सरकार की इस स्कीम ने बदली प्रतापगढ़ के आंवले की तस्वीर, किसानों की बढ़ी कमाई
यूपी सरकार की ODOP योजना से प्रतापगढ़ के आंवले को नया बाजार मिला है. कैंडी, मुरब्बा, जूस जैसे उत्पादों से किसानों की कमाई बढ़ी है.
नेपाल बाढ़ में 359 मौतों से हाहाकार, 910 लापता; चीन ने दी एक और तबाही की चेतावनी
नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड से 8 जिलों में 359 लोगों की मौत और 910 लोगों के लापता होने की सूचना है। सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत-बचाव अभियान चलाया है। भारत ने 84 नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है और 47.5 टन राहत सामग्री भेजी है। इस बीच चीन ने भोटेकोशी क्षेत्र में नई बाढ़ की चेतावनी दी है।
मोर्चरी फुल... बाहर अपनों की तलाश, नेपाल के चितवन का मंजर रुलाएगा!
नेपाल के इस बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान रसुवा और नुवाकोट में हुआ है. लेकिन चितवन में सबसे ज्यादा डेड बॉडीज मिली है. इनकी हालत ऐसी है कि ये शव पहचान में नहीं आ रही हैं. छोटे शहर चितवन में एक साथ इतनी डेड बॉडीज आ जाने से मोर्चरी में शव रखने की जगह नहीं है.
VIDEO: चोरी के शक में मजदूर की बेरहमी से हत्या, पेड़ से बांधकर पीटा
वाराणसी के चौबेपुर में ट्रैक्टर चोरी के शक में 45 वर्षीय मजदूर रामजनम वनवासी की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है. आरोप है कि ईंट-भट्ठा संचालक और उसके साथियों ने उसे पेड़ से बांधकर लाठियों से बेरहमी से पीटा. शव मिलने के एक सप्ताह बाद पिटाई का वीडियो वायरल हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
सिर्फ 8 हफ्तों में इंफ्लुएंसर ने घटाया 9 kg वजन, अपनाएं ये तरीके
सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर तान्या सिंह ने 9 किलो वजन कम किया है और वो अपनी वेट लॉस जर्नी को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. उन्होंने अपनी इस जर्नी में डाइट के साथ-साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और रोजाना 10,000 कदम चलने को भी शामिल किया. आइए उनकी डाइट और वर्कआउट रूटीन के बारे में जानेंगे.
दिल्ली रेस क्लब पर चला बुलडोजर, 53 एकड़ जमीन केंद्र को हैंडओवर
केंद्र सरकार का दिल्ली रेस क्लब की 53 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है. गुरुवार को बुलडोजर से पुराने ढांचों को गिराया गया है. यह क्लब करीब 100 साल पुराना है. घुड़दौड़ की इसकी पुरानी पहचान रहा है. पटियाला हाउस कोर्ट ने क्लब की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई.
होटल में प्रेमी संग पहुंची विवाहिता की मौत, प्रेमी ने भी जान देने की कोशिश की
रोहतक के दिल्ली रोड स्थित एक होटल के कमरे में विवाहिता रूबी का शव मिलने से सनसनी फैल गई. पुलिस ने उसके कथित प्रेमी नीरज के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक दोनों ने होटल में कमरा बुक किया था और कहासुनी के बाद रूबी की मौत हुई. नीरज ने भी घर जाकर खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.
नेपाल में मंडराया 'वॉटर बम' का खतरा: चीन की चेतावनी के बाद भारत के इन राज्यों में हाई अलर्ट
नेपाल में प्राकृतिक आपदा का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। देश के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उद्गम स्थल के पास एक नई झील के बनने से निचले इलाकों में 'वॉटर बम' फूटने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। चीनी अधिकारियों द्वारा इस बात की आधिकारिक चेतावनी दी गई है कि यह कृत्रिम झील कभी भी टूट सकती है, जिससे एक बड़ी तबाही आ सकती है। इस चेतावनी के बाद नेपाल से लेकर भारत के सीमावर्ती राज्यों तक प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।चीन की चेतावनी और 'वॉटर बम' का बढ़ता दायरानेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) को चीनी सरकार की ओर से यह अहम जानकारी विदेश मंत्रालय के माध्यम से मिली है। चीनी विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस नई झील में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। यह झील नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है, जो तिब्बत से निकलकर नेपाल में भोटेकोशी नदी प्रणाली का हिस्सा बनती हैं। मध्य नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के तुरंत बाद इस नए खतरे ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।नेपाल में आपातकालीन चेतावनी और राजनीतिक हलचलसंभावित खतरे को देखते हुए बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नागरिकों, पर्यटकों और बचाव कर्मियों को नदियों के किनारों से दूर रहने और पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी है। दूसरी ओर, इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए नेपाल में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में नेताओं ने चीन के साथ कूटनीतिक बातचीत बढ़ाने और सीमा-पार ग्लेशियर से जुड़े खतरों से निपटने के लिए एक स्थायी तथा मजबूत आपदा प्रबंधन तंत्र विकसित करने की पुरजोर सिफारिश की है।उत्तर प्रदेश और बिहार में भी हाई अलर्ट जारीनेपाल में मची तबाही और मंडराते 'वॉटर बम' के खतरे को देखते हुए भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों में भी प्रशासन पूरी तरह चौकस हो गया है। यूपी के महराजगंज और कुशीनगर तथा बिहार के मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली और गोपालगंज सहित कई जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। महराजगंज में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। गंडक और नेपाल से आने वाली अन्य नदियों के जलस्तर पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
बदल गई TATA की पहचान, अब इस नाम से कारें बेचेगी कंपनी
Tata Motors New Name: टाटा मोटर्स अब अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के लिए भले ही Tata.cars का इस्तेमाल करे, लेकिन कानूनी रूप से टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का ही इस्तेमाल होगा. लेकिन इस नई ब्रांड आइडेंटिटी का असर कंपनी के शोरूम से लेकर सर्विस सेंटर तक हर जगह दिखाई देगा.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका के न्यूयॉर्क में होने वाले आगामी कार्यक्रम से ठीक पहले एक बड़ी तकनीकी और राजनीतिक राहत की खबर सामने आई है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक संगठन 'AHEAD' के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट को विरोधियों के बॉट्स द्वारा सस्पेंड किए जाने के बाद आखिरकार दोबारा बहाल कर दिया गया है। अकाउंट चालू होने के बाद संगठन ने राहत की सांस ली है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का आभार जताया है।आयोजक 'AHEAD' ने पोस्ट कर दी जानकारीसस्पेंशन हटने के बाद 'AHEAD' संगठन ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर जानकारी दी कि वे वापस लौट आए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ गुमराह विरोधियों ने एक्स के एल्गोरिदम का दुरुपयोग करते हुए बॉट्स के जरिए उनके अकाउंट को ब्लॉक करवाने की साजिश रची थी। संगठन ने एक्स और सपोर्ट टीम का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि तुरंत कार्रवाई कर बॉट्स को हटाया गया है। अब वे अपने मुख्य उद्देश्य यानी 'यूनिवर्सल हार्मनी' और 'यूनिवर्सल वननेस' के जश्न पर पूरी तरह से फोकस करेंगे।29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होना है भव्य आयोजनयह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आगामी 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध मैडिसन स्क्वायर गार्डन के इंफोसिस थिएटर में 'यूनिवर्सल ओणम/वननेस सेलिब्रेशन' के तहत आयोजित होने जा रहा है। आरएसएस की स्थापना के शताब्दी वर्ष के वैश्विक जनसंपर्क अभियान के तहत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 5,000 भारतीय-अमेरिकियों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, कार्यक्रम से ठीक पहले अकाउंट सस्पेंड होने की इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं।न्यूयॉर्क के मेयर के बयान और सुरक्षा को लेकर एडवाइजरीसंघ प्रमुख का यह न्यूयॉर्क दौरा कई वजहों से चर्चा और विवादों के केंद्र में बना हुआ है। इससे पहले, न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने मंगलवार को एक बयान में कहा था कि वह इस नियोजित कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शहर प्रशासन के पास किसी निजी कार्यक्रम को रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। मेयर के इस बयान के बाद प्रवासी भारतीयों में नाराजगी देखी गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संस्था 'हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' (HAF) ने एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर कार्यक्रम में आने वाले लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन से पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।USCIRF की रिपोर्ट पर भारत का कड़ा रुखइस बीच, 'यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम' (USCIRF) ने अमेरिकी सरकार से उन आरएसएस सदस्यों और भारतीय अधिकारियों के खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की मांग की है, जिन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। आयोग ने मोहन भागवत का वीजा रद करने की भी मांग की है, जिसकी अध्यक्षता पाकिस्तानी-अमेरिकी आसिफ महमूद कर रहे हैं। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन तमाम टिप्पणियों और आयोग के बयानों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से पक्षपाती, दुर्भावनापूर्ण और विश्वसनीयता से परे करार दिया है।
रक्षाबंधन पर बहन-बुआ से जुड़ा ग्रह अस्त! खुशियों में डाल सकता है बाधा
28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन बहन और बुआ के कारक ग्रह बुध अस्त अवस्था में रहेंगे. शेष रूप से छोटी बहन के साथ संबंधों में बुध की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है. बुआ से जुड़े रिश्तों में भी बुध का संबंध है. ऐसे में रक्षा बंधन जैसे भाई-बहन के विशेष पर्व पर बुध का अस्त होना कुछ सावधानियों की ओर इशारा कर रहा है.

