जहां भारत में इसे निर्यात और निवेश के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है, वहीं पाकिस्तान के लिए यह समझौता चिंता का विषय बन गया है। पाकिस्तान को आशंका है कि यूरोपीय बाजार में उसकी वर्षों पुरानी शुल्क-आधारित प्रतिस्पर्धी बढ़त अब खत्म हो सकती है।
Grammy Awards 2026: 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने 90 वर्ष की उम्र में अपनी ऑडियो बुक के लिए पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीता. दलाई लामा 1959 से भारत में निर्वासित जीवन जी रहे हैं और 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं. आइए जानते इनके जीवन के बारे में...
Mira nair name epstein files: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान मामदानी की मां मीरा नायर का नाम जेफरी एपस्टीन से जुड़े पुराने दस्तावेजों में आने के बाद उनके घर के बाहर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनसे जवाब मांगा है. इस विवाद ने उनकी छवि और जनता के भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होगा। पाकिस्तान सरकार ने रविवार शाम को इस मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया। दोनों टीमें 15 फरवरी को कोलंबो में एक-दूसरे से भिड़ने वाली थीं। इसके पहले पहले बांग्लादेश टीम ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ICC ने उसे वर्ल्डकप से ही बाहर कर दिया था। आखिर पाकिस्तान ने मैच खेलने से क्यों इनकार किया, क्या अब पाकिस्तान को भी बाहर किया जा सकता है, इसे ICC को कितना नुकसान; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में.. सवाल-1: पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का बॉयकॉट क्यों किया?जवाब: पाकिस्तान ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर निकाले जाने के विरोध में भारत के साथ मैच खेलने से इनकार किया है… नकवी ने 26 जनवरी को ही पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस मीटिंग में पाकिस्तान के वर्ल्ड कप पार्टिसिपेशन और भारत के खिलाफ मुकाबले को लेकर बाते हुईं। इसके बात खबरें आईं कि पूरा वर्ल्ड कप बायकॉट करने की जगह, इन दो विकल्पों पर विचार किया जा रहा है- बांग्लादेश से सॉलिडैरिटी दिखाने के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ी काली पट्टी पहनकर खेलने उतरें। या फिर पाकिस्तान सिर्फ भारत के साथ होने वाले मैच खेलने से मना कर दे। इसके बाद 1 फरवरी को देर शाम पाकिस्तान सरकार ने एक X पोस्ट में भारत के खिलाफ मैच न खेलने की घोषणा की। इसमें लिखा गया, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।’ पाकिस्तान के ऐलान के बाद ICC ने बयान जारी करके कहा है कि वह अभी PCB से औपचारिक बातचीत का इंतजार कर रहा है। बयान में कहा गया, सरकारों की नेशनल पॉलिसी का सम्मान करता है, लेकिन चुनिंदा मैच खेलना, खेल की बुनियादी सोच और इसकी पवित्रता के खिलाफ है। ये फैसला वर्ल्ड क्रिकेट और दुनिया भर के फैंस, खासकर पाकिस्तानी फैंस के हित में नहीं है। इससे पाकिस्तान क्रिकेट और पूरे क्रिकेट ऑर्डर पर असर पड़ेगा। उम्मीद है कि PCB इस पर विचार करेगा। सवाल-2: पाकिस्तान-भारत का मैच न होने से दोनों टीमों में से किसे फायदा?जवाब: भारत और पाकिस्तान की टीमें वर्ल्ड कप के ग्रुप-A में है। चारों ग्रुप में 5-5 टीमें हैं, जिनमें से 2-2 टीमें सुपर-8 स्टेज में जाएंगी। चूंकि पाकिस्तान-भारत का मैच नहीं होगा, ऐसे में दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में 3-3 मैच ही खेलेंगी। पाकिस्तान 7 फरवरी को नीदरलैंड, 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगी। वहीं टीम इंडिया 7 फरवरी को अमेरिका, 12 फरवरी को नामीबिया और 18 फरवरी को नीदरलैंड से मुकाबला करेगी। ICC की प्लेइंग कंडीशन के मुताबिक, अगर कोई टीम मैच खेलने से मना करती है तो इस टीम द्वारा मैच को ‘कंसीडेड’ माना जाता है, साथ ही दूसरी टीम को मैच ‘अवार्डेड’ दिया जाता है। यानी दूसरी टीम एक तरह से मैच बिना खेले ही जीत जाती है। प्लेइंग कंडीशन के क्लॉज 16.10.7 के मुताबिक, मैच खेलने से मना करने वाली टीम के पूरे ओवर में शून्य रन माने जाते हैं। पाकिस्तान के बायकॉट का मतलब होगा कि 15 फरवरी को होने वाले इस मैच के 2 पॉइंट्स भारत को मिल जाएंगे और भारत के सुपर-8 में पहुंचने की राह काफी आसान हो जाएगी। जबकि पाकिस्तान के मैच न खेलने से पाकिस्तान का रन रेट खराब होगा। वहीं भारत का रन रेट बेहतर हो जाएगा, क्योंकि भारत का एक भी ओवर काउंट नहीं होगा। पाकिस्तान का रन रेट निगेटिव में भी जा सकता है। ग्रुप-ए में भारत और पाकिस्तान के अलावा नामीबिया, नीदरलैंड और अमेरिका की टीमें हैं। हालांकि पाकिस्तान बाकी मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर इस स्थिति में भी सुपर-8 में पहुंच सकती है। अगर भारत ग्रुप से टॉप-2 में क्वालीफाई करता है, तो सुपर-8 में उसके 3 मैच होंगे। सुपर-8 से टॉप-2 में पहुंचने पर सेमीफाइनल और फिर जीतने पर फाइनल मैच होगा। यानी भारत के कम से कम 3 और अधिकतम 8 मैच होंगे। इसी तरह अगर पाकिस्तान भी सुपर-8 में पहुंचा, तो उसका भारत से मुकाबला हो सकता है। इससे आगे बढ़ने पर और मुकाबले भी हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक यह तय नहीं है अगर नॉकआउट में भारत सामने आया तो पाकिस्तान मैच खेलेगा या नहीं। सवाल-3: क्या ICC पाकिस्तान को वर्ल्ड कप से बाहर भी कर सकता है?जवाब: सामान्य तौर पर किसी वेन्यू पर मैच खेलने से मना करने पर पूरे टूर्नामेंट से बाहर नहीं किया जाता। इससे पहले ICC वर्ल्ड कप के इतिहास में कई बार टीमों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर किसी टीम के साथ मैच खेलने से मना किया, तो मैच फॉरफिट कर दिए गए, यानी विपक्षी टीम को उस मैच में विजेता घोषित कर दिया गया। 1996 के वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज ने श्रीलंका में खेलने से इनकार किया तो दोनों मैच फॉरफिट हुए और इनके पॉइंट्स श्रीलंका को मिले। वहीं 2003 के वर्ल्ड कप में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने क्रमशः जिम्बाब्वे और केन्या में खेलने से मना किया। इन दोनों मैचों को भी फॉरफिट घोषित किया गया। इस मामले में ICC और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच औपचारिक चर्चा के बाद ही ICC का अगला कदम साफ होगा। अगर ICC इसे मेंबरशिप ऑब्लिगेशंस या कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन मानेगा, तो पाकिस्तान टीम पर कुछ और सैंक्शन लगाए जा सकते हैं। इसमें वर्ल्ड कप से बाहर करने, अगले ICC इवेंट्स खेलने या पाकिस्तान की PSL जैसे घरेलू लीग में फॉरेन प्लेयर्स की भागीदारी पर रोक लगाई जा सकती है।क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने X पर लिखा है, 'ये देखना है कि अब ICC क्या एक्शन लेता है। हालांकि मुझे कोई हैरानी नहीं होगी अगर ICC ब्रॉडकास्ट से होने वाली कमाई के नुकसान की भरपाई पाकिस्तान से करे। अगर भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल होना हो, तो क्या होगा?' सवाल-4: अगर पाकिस्तान बाहर हुआ तो उसे क्या नुकसान हो सकते हैं?जवाब: अगर पाकिस्तान को वर्ल्ड कप से बाहर किया गया, तो उसे 5 बड़े नुकसान उठाने पड़ेंगे... 1. ICC से मिलने वाली सालाना कमाई पर रोक 2. पार्टिसिपेशन फीस और प्राइज मनी का सीधा घाटा 3. करीब 18 करोड़ रुपए का फाइन 4. द्विपक्षीय सीरीज पर बैन 5. पाकिस्तान सुपर लीग बंद होने का खतरा सवाल-5: भारत-पाकिस्तान मैच न होने से ICC को कितना नुकसान हो सकता है?जवाब: वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मैच होता है। कई बार इस मैच की व्यूअरशिप फाइनल से भी ज्यादा होती है। 2023 के वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के मैच को करीब 17 करोड़ लोगों ने देखा था। इस टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों देशों के मैच न होने से सबसे ज्यादा नुकसान जियो हॉटस्टार जैसे ब्रॉडकास्टर को होगा। ब्रॉडकास्टर पहले ही मैच के सारे विज्ञापन स्लॉट बेच चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्री-सोल्ड ऐड इन्वेंटरी, स्पॉन्सरशिप और प्राइम ब्रॉडकास्ट स्लॉट्स मिलाकर ब्रॉडकास्टर को करीब 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान होगा। भारत-पाकिस्तान के मैच के दौरान 10 सेकेंड के ऐड का प्राइस करीब 25 से 40 लाख होता है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के एक मैच से होने वाली कमाई पूरे वर्ल्ड कप की कमाई का लगभग 8 से 10% तक होती है। ICC को सीधा नुकसान नहीं है क्योंकि वह पहले ही मीडिया राइट्स बेच चुकी है। हालांकि, यह मैच न होने से ब्रॉडकास्टर ICC से नुकसान की भरपाई की मांग कर सकते हैं। वहीं ICC, नुकसान की भरपाई, ICC से पाकिस्तान को होने वाले रेवेन्यू से काट सकता है। सवाल-6: भारत से मैच न खेलकर पाकिस्तान क्या पॉलिटिकल मैसेज देना चाहता है?जवाब: पाकिस्तान तीन बड़ी राजनीतिक वजहों से भारत के साथ मैच का बायकॉट कर रहा है... 1. दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव 2. भारत का विरोध पाकिस्तानी राजनीति का अहम हिस्सा 3. भारत के खिलाफ बांग्लादेश के साथ एकजुटता ------------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर: बांग्लादेश को उकसाया, लेकिन खुद वर्ल्डकप बायकॉट क्यों नहीं करेगा पाकिस्तान; बर्बादी से डरा PCB अब क्या करेगा 7 फरवरी से शुरू होने वाला टी-20 वर्ल्डकप जियो-पॉलिटिक्स का अखाड़ा बन चुका है। पहले बांग्लादेश टीम ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद ICC ने उसे वर्ल्डकप से ही बाहर कर दिया। अब पाकिस्तान पर नजरें हैं कि क्या वो भी वर्ल्डकप का बायकॉट करेगा? पूरी खबर पढ़ें…
खामोशी के पीछे छिपे 3000 जनाजे: ईरान ने खोला प्रदर्शनों में मौतों का रिकॉर्ड, लिस्ट भी जारी की
Iran Protest: ईरान प्रदर्शनों में बड़ी तादाद आम लोग मारे गए हैं, अब ईरान की सरकार ने बताया है कि प्रदर्शनों बीच 3000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, साथ ही लिस्ट भी जारी की है.
Grammy Awards:ग्रैमी अवॉर्ड्स के प्रीमियर सेरेमनी में संगीत और मनोरंजन जगत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज कीं. तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने ऑडियोबुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर सबको चौंका दिया.
इजरायली सेना ने मार गिराया खूंखार आतंकी दाऊद, चलती कार को बनाया टारगेट; देखिए VIDEO
इजरायल ने एक और बड़े सटीक हमले में हिज्बुल्लाह आतंकीअली दाऊद अमिच को ढेर कर दिया है.इजरायली हवाई हमलों ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में हमला किया, जिसमें कई घरों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा.
Iran us tension: ईरान ने अमेरिका पर भरोसा टूटने की बात कहते हुए परमाणु समझौते और प्रतिबंध हटाने की मांग दोहराई है, जबकि ट्रंप ने समझौते की उम्मीद जताई है. खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो यह टकराव पूरे क्षेत्र में युद्ध में बदल सकता है.
सोना रोज 10 हजार-20 हजार रुपए गिर-चढ़ रहा है। ऐसा नॉर्मल तो नहीं है। फिर ऐसा क्यों हो रहा है? पूरी दुनिया में सोना खरीदने की होड़ मची है। निवेशक और ग्राहक तेजी से खरीददारी कर रहे हैं। कई देश भी इसमें जुटे हैं। चीन ने 2303 और भारत ने 880 टन सोना जमा कर लिया है। ये आंकड़े अपने रिकॉर्ड स्तर पर है। माना जा रहा है कि ये सारा खेल अमेरिकी करेंसी डॉलर पर उठते भरोसे का है। आखिर डॉलर कैसे बनी भरोसेमंद वर्ल्ड करेंसी, गोल्ड-डॉलर का रिश्ता क्या है और क्या अब सब बदलने वाला है; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… ***** ग्राफिक्स: अजीत सिंह और अंकुर बंसल ---------- ये खबर भी पढ़िए…सालभर में 7 देशों पर हमले, आधी दुनिया पर नजर: ट्रम्प की 'सनक' एक सोची-समझी स्ट्रैटजी; जानिए 200 साल पुरानी अमेरिकी डॉक्ट्रिन डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति पद की शपथ लिए एक साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान ट्रम्प ने 7 देशों पर सैन्य हमले किए, वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तो घर से उठवा लिया, दर्जनों देशों पर अनाप-शनाप टैरिफ लगाए, राष्ट्राध्यक्षों को बेइज्जत किया और पूरे पश्चिमी हिस्से पर खुला दबदबा जताया। सवाल सिर्फ इतना नहीं कि ट्रम्प क्या कर रहे हैं, सवाल यह है कि क्यों कर रहे हैं? पूरी खबर पढ़िए…
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 12 जनवरी, 2026 को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नए विधानसभा भवन का शिलान्यास किया। नई बिल्डिंग बनने से विधानसभा और लोक सेवा भवन यानी सचिवालय एक जगह हो जाएंगे। 71 एकड़ जमीन पर बनने वाले इस प्रोजेक्ट की लागत 3,623 करोड़ रुपए है। ये एरिया दिल्ली के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की तरह बनाया जाएगा। सरकार का दावा है कि भविष्य में परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ेगी, इसलिए नई बिल्डिंग अगले 50 से 100 साल के लिए तैयार की जा रही है। ओडिशा में अभी 147 विधायक हैं, लेकिन नई बिल्डिंग में 300 विधायकों के बैठने की जगह होगी। हालांकि, विपक्षी बीजू जनता दल इसे गैरजरूरी प्रोजेक्ट बता रहा है। नए विधानसभा भवन की जरूरत क्यों पड़ीइसके पीछे सरकार की दलील है कि मौजूदा विधानसभा और सचिवालय भवन 70 साल से ज्यादा पुराने हो गए हैं। इनमें दिक्कतें भी आने लगी हैं। बिजली के तार खराब हो गए हैं, पानी के पाइप लीक होते हैं, बड़ी बात ये कि बिल्डिंग सुरक्षित नहीं हैं और इनमें बहुत कम जगह है। अगर परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ेगी तो बैठने की जगह नहीं बचेगी। इसके अलावा विभाग अलग-अलग बिल्डिंग में बंटे हैं, इससे काम में देरी होती है। नई बिल्डिंग बनने के बाद पुराने विधानसभा भवन को तोड़ा नहीं जाएगा। इसे म्यूजियम बनाया जा सकता है या ये भविष्य में विधान परिषद के लिए इस्तेमाल होगा। नई बिल्डिंग का काम दो फेज में होगा। पहले सचिवालय और फिर विधानसभा भवन बनेगा। इसका काम 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है। शिलान्यास के वक्त मुख्यमंत्री माझी ने कहा, ‘परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या 147 से बढ़कर 200 तक हो सकती है। इसलिए हम 300 सीटों वाला नया विधानसभा भवन बना रहे हैं। यह भविष्य की जरूरतों के लिए है।’ आदिवासी इलाकों में सीटें बढ़ेंगी, यहां BJP मजबूतओडिशा में साल 1971 के बाद से 147 विधानसभा सीटें हैं। परिसीमन होने पर ये बढ़कर 190 से 200 हो सकती हैं। नई सीटें ज्यादातर आदिवासी इलाकों यानी सुंदरगढ़, मयूरभंज, कोरापुट में आएंगी। यहां BJP मजबूत हो रही है। हालांकि, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा है कि परिसीमन संविधान के हिसाब से आबादी के आधार पर होता है। विधानसभा की पुरानी बिल्डिंग अब ठीक नहीं है। नई बिल्डिंग सुरक्षित और सुंदर तो होगी ही, इससे काम भी तेज होगा। हम चाहते हैं कि विधायक और अधिकारी एक जगह काम करें, ताकि कानून बनाने और लागू करने में आसानी हो। BJD प्रवक्ता बोले- सरकार विधानसभा नहीं, अच्छे हॉस्पिटल बनाएविपक्षी पार्टी बीजू जनता दल यानी BJD आरोप लगा रही है कि 300 सीटों वाला विधानसभा भवन बनाना भविष्य की तैयारी नहीं, बल्कि आदिवासी वोटों के लिए राजनीतिक चाल है। पार्टी के एक नेता कहते हैं, ‘यह सिर्फ इमारत नहीं, 2029 चुनाव से पहले सत्ता बदलने का तरीका है।’ दैनिक भास्कर ने इन आरोपों पर BJD के प्रवक्ता लेनिन मोहंती से बात की। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: सरकार कह रही है कि विधानसभा की नई बिल्डिंग से फायदा होगा। आपको क्या लगता है, यह प्रोजेक्ट वाकई जरूरी है?जवाब: पहले समझना जरूरी है कि ओडिशा को इससे क्या फायदा होगा। इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि यह प्रोजेक्ट बजट के दायरे में है या नहीं। अचानक 3,623 करोड़ रुपए की घोषणा कर दी। इसकी कितनी जरूरत है, इस पर मंथन होना चाहिए था। आम लोग जिन मुद्दों पर बात कर रहे हैं, उन पर सरकार ध्यान नहीं दे रही। सरकार ने किसानों से वादा किया था कि 3100 रुपए में धान की खरीद होगी। ये अब तक पूरा नहीं हुआ। SCB मेडिकल कॉलेज को वर्ल्ड-क्लास बनाने का वादा भी अधूरा है। पहले से चल रहे कई अहम प्रोजेक्ट लगभग ठप पड़े हैं। पिछले 19 महीनों में सरकार ने करीब 91 हजार करोड़ रुपए कर्ज लिया है। इसमें बड़ा हिस्सा मार्केट से लिया है। ऐसे वक्त में, जब बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं, अचानक एक भव्य इमारत बनाना क्यों जरूरी है। सवाल: कानून मंत्री कह रहे हैं कि मौजूदा विधानसभा भवन पुराना हो गया है। भविष्य में सीटें बढ़कर 300 हो सकती हैं, तो क्या नई बिल्डिंग जरूरी नहीं होगी?जवाब: कानून मंत्री ने कैसे तय कर लिया कि सीटें 300 हो जाएंगी। यह घोषणा करने का अधिकार उन्हें किसने दिया। उन्हें कैसे पता कि 300 सीटें होंगी। अब तक जनगणना ही पूरी नहीं हुई है। जनगणना पूरी होने के बाद परिसीमन आयोग बैठेगा। फिर संसद में चर्चा होगी, तब तय होगा कि सीटें बढ़ेंगी या नहीं। बिना प्रक्रिया पूरी हुए अनुमान लगाकर बयान देना ठीक नहीं है। ये भ्रम फैलाने जैसा है। सवाल: BJD 24 साल तक सरकार में रही। तब नए विधानसभा भवन के बारे में क्यों नहीं सोचा गया? जवाब: हमें वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल चाहिए या सिर्फ नाम के लिए बिल्डिंग। अगर क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, तो कॉन्ट्रैक्टर को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि मजबूत प्लानिंग और जवाबदेही के साथ काम होना चाहिए। सवाल: कॉन्ट्रैक्टर को कैसे फायदा होगा, इससे लोगों को काम भी तो मिलेगा?जवाब: सिर्फ प्रोजेक्ट शुरू करने से रोजगार नहीं आता। अगर BJP को सच में कुछ करना है, तो पहले कटक के SCB मेडिकल कॉलेज जैसे वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट को जिम्मेदारी के साथ पूरा करना होगा। AIIMS का उदाहरण सबके सामने है। हजारों पेशेंट आ रहे हैं। उनके रहने के लिए जगह और सुविधाएं नहीं हैं। सरकार को किसानों से धान की खरीद और महिला सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर फोकस करना चाहिए। यहां तो वुमेन डेस्क तक बंद कर दिया है। दुबई जैसे अहम रूट पर डायरेक्ट फ्लाइट शुरू नहीं हो पा रही है, जबकि ओडिशा से लगभग 40 हजार लोग वहां जाते हैं। पहले इन जरूरतों को प्रायोरिटी मिलनी चाहिए या विधानसभा के लिए नई बिल्डिंग को। चुनाव के वक्त ओड़िया अस्मिता का मुद्दा लाया गया, लेकिन आज ओड़िया अस्मिता कमजोर होती दिख रही है। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति भी खराब है। लोग बोले- नई बिल्डिंग बने, लेकिन ओडिशा का डेवलपमेंट भी होभुवनेश्वर के रहने वाले देवाशीष दास आईटी सेक्टर में हैं। वे विधानसभा के लिए नई बिल्डिंग को जरूरी बताते हैं। देवाशीष कहते हैं कि अभी की बिल्डिंग बहुत पुरानी हो गई है। इसलिए नई बिल्डिंग तो बनानी चाहिए। इससे लोगों को काम भी मिलेगा। इसके साथ दूसरे एरिया पर भी ध्यान देना चाहिए। ओडिशा में कंपनियां लानी चाहिए। दूसरे स्टेट जितने डेवलप हो रहे हैं, उतना ही काम ओडिशा में होना चाहिए। एसआर पांडा सरकारी नौकरी से रिटायर हुए हैं। हमने उनसे पूछा कि क्या विधानसभा के लिए नई बिल्डिंग बनानी चाहिए? वे जोर देकर कहते हैं, ‘बिल्कुल। बनना ही चाहिए। मौजूदा विधानसभा भवन बना था तब ओडिशा की आबादी कितनी थी और अब कितनी है। अभी राज्य की आबादी 4 करोड़ से ज्यादा है। उसके हिसाब से परिसीमन होना चाहिए। लोगों को अच्छी सर्विस चाहिए, नए लीडर चाहिए। इसलिए मुझे लगता है नई विधानसभा बनाने का फैसला सही है।’ एक्सपर्ट की राय- नई बिल्डिंग जरूरी, लेकिन तुरंत जरूरत नहींओडिशा के सीनियर जर्नलिस्ट संदीप मिश्रा भविष्य के लिहाज से इस प्रोजेक्ट को जरूरी मानते हैं। वे ये भी कहते हैं कि इसकी तुरंत जरूरत नहीं है। सवाल: नए विधानसभा भवन पर BJP और BJD की अलग-अलग राय है। नई बिल्डिंग कितनी जरूरी है? जवाब: ये प्रोजेक्ट आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लान किया गया है। इतना जरूर है कि ओडिशा के लिए यह प्रोजेक्ट तुरंत जरूरत का मुद्दा नहीं था। सरकार कह रही है कि यह कदम फ्यूचर रेडी गवर्नेंस की दिशा में उठाया है, जिसे अगले 50 साल के नजरिए से डिजाइन किया जा रहा है। सरकार सोच-समझकर ही प्रोजेक्ट अनाउंस करती है। बिना जरूरत के बड़ा फैसला नहीं लिया जाता। सवाल: क्या 2029 में होने वाले चुनाव पर इसका असर पड़ेगा?जवाब: अभी परिसीमन पर कुछ साफ नहीं है। 200 सीटों तक जाने की बात हो रही है। उसका एस्टीमेट बनाया जा रहा है, उसमें भी पूरी क्लैरिटी नहीं दिखती। चीजें साफ नहीं होंगी, तब तक इस पर कोई बड़ा फैसला लेना मुश्किल है। सरकार का फोकस लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर पर होना चाहिए। आने वाले 50 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लानिंग करनी होगी। ओडिशा में नए कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट तभी शुरू किए जा सकते हैं, जब 5 या 10 साल का क्लियर प्लान हो। सरकार नया प्रोजेक्ट लॉन्च करती है, तो पहले कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस करती है। यानी एक जगह पैसा लगाया जा रहा है, तो दूसरी जगह क्या इफेक्ट पड़ेगा। यह भी देखा जाता है कि प्रोजेक्ट से किस एरिया को फायदा होगा। ये देखा गया है कि गांवों में फायदा पहुंचाने वाले प्रोजेक्ट का असर ज्यादा होता है। ……………………. ये खबर भी पढ़ेंबजट 2026: ओडिशा में बनेगा माइनिंग और रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर 1 फरवरी को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने ओडिशा के लिए कई घोषणाएं की हैं। इनमें माइनिंग कॉरिडोर और रेयर अर्थ मैग्नेट कॉरिडोर शामिल हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि ओडिशा के अलावा केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इससे रेयर अर्थ मेटल पर भारत की निर्भरता दूसरे देशों पर कम होगी। साथ ही ओडिशा माइनिंग के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने का काम किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
कामकाजी महिलाएं और प्रॉस्टीट्यूट... बांग्लादेश में जमात ए इस्लामी के चीफ के हालिया बयानों में ऐसा बयान सामने आया है, जिसे सभ्य समाज के लोग सुनना भी नहीं चाहते. पार्टी को आधी आबादी यानी महिलाओं का वोट छिटकते दिखा तो फौरन वो डैमेज कंट्रोल में जुट गई.
Defence Budget in World: क्या आप जानत हैं कि दुनिया में डिफेंस पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले 5 बड़े देश कौन से हैं? इस सूची में क्या भारत भी शामिल है. अगर नहीं तो फिर भारत का लिस्ट में कौन सा स्थान है.
हिंदू को उम्मीदवार बनाया, लेकिन नहीं मिल सकती सदस्यता; बांग्लादेशी जमात-ए-इस्लामी का दिखा असल चेहरा
Bangladesh Jamaat e Islami: बांग्लादेश आम चुनाव में जमात ए इस्लामी भी चुनाव लड़ रही है. उसने दिखावे के लिए एक हिंदू को अपना उम्मीदवार बनाया. लेकिन हैरानी की बात है कि पार्टी संविधान के तहत उसने उसे सदस्यता देने से इनकार कर दिया है.
ईमेल में एक मैसेज था जिसमें फर्ग्यूसन ने एपस्टीन से कहा था 'बस मुझसे शादी कर लो'. इस बात का पूरा संदर्भ जारी किए गए डॉक्यूमेंट्स में नहीं बताया गया है, लेकिन यह शब्द फर्ग्यूसन द्वारा उनके साथ बातचीत में इस्तेमाल की गई गर्मजोशी और सपोर्टिव भाषा के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है.
अमेरिका की ट्रंप सरकार का राज्यों के साथ कड़ा टकराव, सीजीटीएन सर्वे में हुआ खुलासा
सीजीटीएन द्वारा दुनिया भर के नेटिजन्स के लिए जारी एक सर्वे से पता चलता है कि 92.2% जवाब देने वालों का मानना है कि अमेरिकी समाज एक ऐसे बुरे चक्कर में फंस गया है, जिसमें “हिंसक घटनाएं सख्त कंट्रोल को बढ़ावा देती हैं, और सख्त कंट्रोल और ज्यादा हिंसक घटनाओं को बढ़ाते हैं.
Photos: अमेरिका में बर्फीले तूफान का आतंक, भारी बर्फबारी के बीच पटरी से फिसल ट्रक से टकराई ट्रेन
US Train Crashes Into Truck: अमेरिका में इन दिनों बर्फीली हवाएं चल रही हैं और कई इलाके बर्प से ढक चुके हैं. इस बीच यहां एक रेलवे क्रॉसिंग पर वाहन के फंस जाने के बाद ट्रेन और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई.
Japanese Army Unit 731: इंसानों से जानवरों तक, जापानी सेना दूसरे विश्व युद्ध में कौन से घातक एक्सपेरिमेंट कर रही थी? करीब 80 साल बाद चीन ने अब जापानी सेना की 'यूनिट 731' का राज खोलने का दावा किया है.
ब्रिटेन द्वारा चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के फैसले से ट्रंप की टेंशन बढ़ी है. अमेरिका को डर है कि मॉरीशस के कंट्रोल में इस द्वीप की संप्रभुता जाने के बाद अमेरिका चीनी नौकाओं द्वारा जासूसी के खतरे में आ जाएगा.
वित्तमंत्री का 85 मिनट लंबा बजट भाषण और साढ़े 53 लाख करोड़ रुपए का हिसाब-किताब। आम लोगों के लिए इसे समझना एकदम टेढ़ी खीर है। ऐसे में भास्कर के 3 एक्सपर्ट्स से समझिए बजट की 8 बारीक बातें, जो आपकी जिंदगी पर असर डालेंगी और जिन्हें जानना बेहद जरूरी है... 1. स्थिर अर्थव्यवस्था के चलते बैलेंस बजट आया 2. टैक्स पेयर को कोई छूट क्यों नहीं? 3. रिटर्न फाइल करने और बदलने का ज्यादा समय मिलेगा 4. गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट 5 के बजाय 8 साल बाद 5. सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ने से मार्केट में गिरावट 6. सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ कॉरिडोर आत्मनिर्भरता की ओर कदम 7. विदेशी निवेश बढ़ने से स्टॉक मार्केट स्टेबल होगा 8. कैंसर का इलाज सस्ता होगा कैंसर पेशेंट्स के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूट हटा दी गई है। इससे कुछ जरूरी कैंसर दवाएं सस्ती हो सकती हैं। कैंसर इलाज का ओवरऑल खर्च भी कम होने की उम्मीद है। अन्य खास बातें… ***** भास्कर एक्सपर्ट पैनल… -------- ये खबर भी पढ़िए... रील बनाना सिखाएंगे 15 हजार स्कूल, 500 कॉलेज:बिजनेसवुमन के लिए SHE-मार्ट, डेयरी-पशुपालन के लिए नई स्कीम; जानें बजट में किसे क्या मिला केंद्र सरकार युवाओं को रील बनाना सिखाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स खोलेगी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी घोषणा की। देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खुलेंगे। कैंसर और हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां सस्ती होंगी। पूरी खबर पढ़िए...
आसमान में एक-दो नहीं बल्कि चार चांद... किस देश में नजर आया ये हैरान कर देने वाला VIDEO?
पैरासेलीन जिसे आमतौर पर मून डॉग या नकली चंद्रमा भी कहा जाता है, ऊंचे सिरस बादलों में पतले, हेक्सागोनल प्लेट के आकार के बर्फ के क्रिस्टल से छनकर आने वाली चांद की रोशनी से बनता है. यह एक वायुमंडलीय ऑप्टिकल घटना है जिसमें चंद्रमा के किनारों पर चमकीले धब्बे या 'नकली चंद्रमा' दिखाई देते हैं.
US Crime News in Hindi: एक बड़ी कंपनी के सीईओ पर अपनी महिला कर्मी को बरगलाकर उसका घर तुड़वाने का आरोप लगा है. पति का आरोप है कि उसकी पत्नी को पाने के लिए सीईओ ने उसे बंगला, गाड़ी और 27 करोड़ रुपये का लालच दिया. इसके लालच में वह उसे छोड़कर चली गई.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद आज 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहला आम बजट पेश किया। उन्होंने डिफेंस बजट के लिए 7.84 लाख करोड़ रुपए दिए हैं, जो पिछले साल से 15% ज्यादा हैं। आंकड़ों के हिसाब से रक्षा बजट में 1 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जो बीते 10 साल में सबसे ज्यादा है। पिछले साल मई में पाकिस्तान से हुए संघर्ष के बाद डिफेंस बजट में इस बढ़त की उम्मीद की जा रही थी, जिसे सरकार ने पूरा कर दिया है। इस स्टोरी में पढ़िए डिफेंस बजट की पूरी गणित... 7.84 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खर्च का हिसाब 2026-27 के लिए कुल रक्षा खर्च 7.84 लाख करोड़ रुपए रखा गया है। इसे चार हिस्सों में बांटा गया है… 1. कैपिटल एक्सपेंडिचर में 22% की बढ़त सबसे बड़ी उछाल कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च में है। 2026-27 में इसके लिए 2.19 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो पिछले साल से 21.84% ज्यादा है। इसका इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर, एसेट्स, मशीनरी वगैरह पर होगा। पिछले साल यह 1.80 लाख करोड़ रुपए था, जिसे रिवाइज कर 1.86 लाख करोड़ रुपए किया गया है। 2. रेवेन्यू खर्च 17% बढ़ाया रेवेन्यू एक्सपेंडिचर यानी राजस्व खर्च के लिए इस साल 3.65 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 17.24% ज्यादा है। ये गोला-बारूद, ईधन, मरम्मत और स्टाफ की सैलरी जैसे खर्च में इस्तेमाल होगा। 3. रक्षा पेंशन भी 6.5% ज्यादा डिफेंस पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं, जो पिछले साल से 6.53% ज्यादा है। ये रिटायर्ड सैनिकों और उनके परिवारों को पेंशन या आर्थिक मदद देने में खर्च किए जाएंगे। 4. सिविल डिफेंस में मामूली कटौती सिविल डिफेंस में इस बार हल्की कटौती हुई है। पिछले साल यह 28,555 करोड़ रुपए था, जो इस साल घटकर 28,426 करोड़ रुपए रह गया है। यानी करीब 0.45% की कमी। डिफेंस बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का असर बजट 2026-27 में ऑपरेशन सिंदूर का असर साफ नजर आ रहा है। सरकार ने रक्षा कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी हथियार और बड़े उपकरणों पर खर्च को 21.84 %बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपए कर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और ज्यादा मजबूत होंगी।’ सरकार का मानना है कि बदलते सुरक्षा हालात में सेना को आधुनिक हथियार, बेहतर तकनीक और मजबूत सप्लाई सिस्टम की जरूरत है। यही वजह है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बदलती जियो-पॉलिटिक्स और चुनौतियों का जिक्र किया। 114 राफेल की डील, नए एयरक्राफ्ट और इंजन पर खर्च रक्षा बजट में सबसे ज्यादा ध्यान विमान और एयरो इंजन पर दिया गया है। इसके लिए 63,733 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, नेवी बेड़े के लिए 25,024 करोड़ रुपए दिए हैं। इससे फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और उनके इंजन खरीदे जाएंगे या अपग्रेड किए जाएंगे। अगले साल कई बड़े रक्षा सौदे होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट की डील होने वाली है। जल्द ही फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन 18 राफेल जेट तैयार हालत में भारत को देगी। वहीं, इस पूरे प्रोजेक्ट में कम से कम 60% काम भारत में ही होगा। यानी ज्यादातर पुर्जे और पार्ट्स बनाने का काम भारत में किया जाएगा। रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए 17 हजार करोड़ रुपए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी खर्च बढ़ाया गया है। इसके लिए 17,250 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस रकम से नई तकनीक, स्वदेशी हथियार और आधुनिक सिस्टम विकसित किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ हथियार खरीदे नहीं, बल्कि बनाए भी। कस्टम ड्यूटी हटाने से डिफेंस इंडस्ट्री को फायदा वित्त मंत्री ने बजट में विमान और रक्षा उपकरण बनाने में इस्तेमाल होने वाले इम्पोर्टेड कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इससे फैसले से देश की डिफेंस और एयरोस्पेस इंडस्ट्री को सीधा फायदा मिलेगा। उत्पादन सस्ता होगा और निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा। डिफेंस बजट में भारत, चीन से पीछे लेकिन पाकिस्तान से आगे पिछले साल का चीन का रक्षा बजट करीब 247 बिलियन डॉलर यानी 22.6 लाख करोड़ रुपए रहा। अनुमान है कि इस साल 2026 में ये 300 बिलियन डॉलर यानी 27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। ये भारत के वहीं पाकिस्तान ने भी रक्षा बजट में तेज बढ़ोतरी की है। पिछले साल उसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद 81 हजार करोड़ का डिफेंस बजट पेश किया, जो 2024 से 20% ज्यादा था। हालांकि, 2025 में रक्षा बजट में बढ़ोतरी के लिए पाकिस्तान को अपने कुल बजट में 7% की कटौती करनी पड़ी थी। वहीं, भारत ने कुल बजट को भी पिछले साल से लगभग 8% बढ़ाते हुए रक्षा बजट को 15% बढ़ाया है। ----------------------------------------- बजट से जुड़ी भास्कर की ये खबरें भी पढ़ें... 1- बजट 2026, सस्ता-महंगा- कैंसर की 17 दवाएं सस्ती:EV, सोलर पैनल के दाम घटेंगे; शराब महंगी हो सकती है, ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ा बजट में अब बस इम्पोर्ट ड्यूटी के घटने-बढ़ने से सामानों के दाम थोड़े बहुत ऊपर-नीचे होते हैं। ज्यादातर चीजों के दाम GST काउंसिल तय करती है। पूरी खबर पढ़ें 2- बजट 2026- इनकम टैक्स जस का तस:बस रिवाइज्ड रिटर्न अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक भरें, विदेश पैसे भेजने पर अब 2% टैक्स बजट में इनकम टैक्स को लेकर को कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई। हालांकि रिवाइज्ड रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। वहीं, विदेश रुपए भेजने पर अब 5% के बदले 2% टैक्स लगेगा। पूरी खबर पढ़ें
बांग्लादेश में जनवरी 2026 के दौरान भीड़ हिंसा, जेल और पुलिस हिरासत में हुई मौतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मानवाधिकार संगठन एमएसएफ की रिपोर्ट के मुताबिक हालात खतरनाक होते जा रहे हैं. चुनाव नजदीक होने के बीच कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
Malaysia seizes two oil tankers: मलेशियाई समुद्री एजेंसी ने अवैध तेल ट्रांसफर करते दो टैंकर जब्त कर उनके कप्तानों को गिरफ्तार कर लिया है. इस कार्रवाई से मलेशिया ने समुद्री इलाके में अवैध तेल व्यापार रोकने का साफ संदेश दिया है.
Elon musk on epstein files: एलन मस्क ने एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज सामने आने के बाद कहा है कि वह कभी उसकी किसी पार्टी में नहीं गए और असली न्याय तभी होगा जब दोषियों की गिरफ्तारी और सजा होगी.
ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है.ईरानी संसद के स्पीकर ने यूरोपियन यूनियन की सभी सेनाओं को आतंकी संगठन घोषित कर दिया.यह कदम EU द्वारा ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी कहे जाने के जवाब में उठाया गया है, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ गई है.
अमेरिका के इजराइल राजदूत माइक हकाबी ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप की धमकियां खाली नहीं, वो वादे निभाते हैं. अगर तेहरान ने समझौता नहीं किया तो जून 2025 के 'मिडनाइट हैमर' हमले से भी बड़ा तांडव हो सकता है, जब अमेरिका ने ईरान की परमाणु साइट्स को तबाह किया था.जानें पूरी रिपोर्ट.
50% टैरिफ के बाद भी भारत अपनी शर्तों पर ही चलेगा: अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ
अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त कर्नल और रक्षा विशेषज्ञ डगलस मैकग्रेगर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। एक विशेष साक्षात्कार में मैकग्रेगर ने कहा कि कोई भी देश अपने राष्ट्रीय हितों से ऊपर जाकर फैसले नहीं करता और अमेरिका को इस वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए।
न्याय विभाग ने हाल ही में लाखों पन्नों के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं, जिनमें एफबीआई की 30 लाख से अधिक फाइलें, लगभग 2,000 वीडियो और 1.80 लाख तस्वीरें शामिल बताई जा रही हैं। शुक्रवार शाम तक छह लाख से अधिक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा चुके थे, जबकि बड़ी संख्या में फाइलें अब भी गोपनीय रखी गई हैं। इस पर कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने पारदर्शिता को लेकर आपत्ति जताई है।
ग्रीनलैंड पर अमेरिका का बड़ा ऐलान, ट्रंप बोले- लगभग बन गई है बात; बस कुछ हफ्ते और
Greenland Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है और इस पर लगभग सहमति बन गई है. उन्होंने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताया.
Trump ICE Minnesota: मिनेसोटा में संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप के आईसीई अभियान को रोकने से इंकार कर दिया है. जबकि राज्य ने एजेंटों पर नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन और नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाया है.
ईरान के बजाए वेनेजुएला से तेल खरीदेगा भारत...अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा दावा, चीन का भी किया स्वागत
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ईरान के कच्चे तेल के बजाय वेनेजुएला का तेल खरीदेगा.
ट्रंप ने जो बोला था, वो सच हो गया. जनवरी की शुरुआत में ही अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने रातोंरात काराकास में ऑपरेशन चलाया और निकोलास मादुरो को उनके घर से उठा लिया. जिसके बाद अब ट्रंप वेनेजुएला में तेल पर कब्जा करने जा रहे हैं, जानें कैसे उसकी पहल शुरू की है.
ट्रंप का दावा: ईरान से जारी है बातचीत, नौसैनिक बेड़ा भी रवाना
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान इस समय अमेरिका से बातचीत कर रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की कोशिश है कि बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकाला जाए
बीएलए का 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0,' बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर किया हमला
बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने शनिवार को पूरे बलूचिस्तान में 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' को अंजाम दिया। इसके बाद प्रांत के कई जिलों से पाकिस्तानी मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाकर हथियारबंद झड़पें, धमाके और हमले हुए
दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने पाकिस्तानी आतंकी संगठन: रिपोर्ट
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी समाज, मीडिया और सरकारें अब भी “जिहादी आतंकवाद” को लेकर दूरदर्शिता की कमी दिखा रही हैं और पाकिस्तान समेत अन्य क्षेत्रों में इसकी गहराई, विचारधारा, प्रेरणाओं और बदलती रणनीतियों को समझने या प्रभावी ढंग से उससे निपटने में विफल रही हैं
यूक्रेन में तकनीकी खराबी से बड़े पैमाने पर बिजली गुल
यूक्रेन में तकनीकी खराबी के चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई
18 साल की उम्र में पुलिस ने मुझे हत्या के मामले में आरोपी बना दिया। मैंने अपने केस की खुद पैरवी की और 12 साल बाद बाइज्जत बरी हुआ। अपना केस लड़ने के लिए लॉ किया और अब मैं एडवोकेट अमित चौधरी हूं। मेरठ बार एसोसिएशन का सदस्य भी हूं। मेरी जिंदगी पर जल्द ही एक फिल्म बन रही है, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। मैं यूपी के बागपत जिले के गांव किरठल का रहने वाला हूं। पिताजी बड़ी मुश्किल से खेती के सहारे परिवार का खर्च चलाते थे। पश्चिमी यूपी के ज्यादातर युवाओं की तरह मैं भी सेना में भर्ती होना चाहता था। खूब तैयारी भी करता था। इसी मेहनत की वजह से बीए की पढ़ाई के दौरान एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट भी मिला। 12 अक्टूबर 2011 की वह स्याह रात आज भी मेरे जेहन में दर्ज है। उस वक्त मेरी उम्र 18 साल दो महीने थी। पिताजी ने मुझे जरूरी काम से बहन के घर शामली भेजा। उसी रात, बहन के गांव से करीब सात किलोमीटर दूर एक वारदात हुई। कुछ अपराधियों ने दो पुलिसकर्मियों पर हमला कर उनकी राइफल छीन ली। मुठभेड़ में एक सिपाही की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शक के आधार पर करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया। उनमें मेरे पिताजी भी शामिल थे। पिताजी की गिरफ्तारी के बाद हमारे गांव में दहशत फैल गई। मेरी मां बुरी तरह घबरा गईं। उन्होंने मुझे दादी के मायके सरुरपुर भेज दिया। दादी के मायके रहते हुए 11 दिन बीत चुके थे। 24 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे रहे थे। मैं परिवार के लोगों के साथ आंगन में खाना खा रहा था। तभी कुछ लोगों के आने की आहट सुनाई दी। वो सीढ़ियों से छत की तरफ बढ़ रहे थे। मैंने छत की ओर देखा तो पुलिसकर्मी AK-47 ताने खड़े थे। सभी बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे। पूरा घर पुलिस छावनी बन चुका था। इस कार्रवाई में मेरा एक रिश्तेदार भी शामिल था, जिसकी उस दिन छुट्टी रद्द कर दी गई थी। छत से एक पुलिसकर्मी ने सख्त आवाज में पूछा- अमित कहां है? परिवार की एक महिला ने हाथ जोड़कर कहा- साहब, अमित ने कुछ गलत नहीं किया है। पुलिस तब भी लगातार वही सवाल दोहराती रही- पहले बताओ अमित कहां है, जहां भी है उसे हमारे हवाले कर दो। मेरे हाथ में रोटी का निवाला था, मैंने उसे थाली में छोड़ दिया। खड़ा हुआ और बोला- मैं ही अमित हूं। मुझे देखते ही पुलिस ने अपनी बंदूकें नीचे कर लीं। एक पुलिस वाले की तो हंसी छूट गई। वह बोला- अरे, तू ही अमित है रे? दरअसल, वे किसी लंबे-चौड़े, खूंखार अपराधी की तलाश में थे, लेकिन सामने 18 साल का एक दुबला-पतला, साधारण सा लड़का खड़ा था। हमारे रिश्तेदार पुलिस के सामने हाथ जोड़ते रहे, लेकिन पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया और बोलेरो जीप में बैठाकर अपने साथ ले गई। यह मुजफ्फरनगर पुलिस थी। उधर, बागपत पुलिस भी मेरी तलाश में थी। जब उन्हें पता चला कि मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुझे पकड़ लिया है तो उनकी जीप भी हमारे पीछे चल पड़ी। वो तब तक पीछा करते रहे, जब तक मुजफ्फरनगर पुलिस की जीप शामली में दाखिल नहीं हो गई। रास्ते में पुलिसकर्मी अपने अधिकारियों को सूचना देते जा रहे थे- जय हिंद सर, अमित को पकड़ लिया है। वे इस तरह बता रहे थे, जैसे किसी खूंखार आतंकी को दबोच लिया हो। इस पर अधिकारियों ने निर्देश दिया कि शामली मुख्यालय में बड़ी संख्या में मीडिया मौजूद है, इसलिए अमित को शामली थाने ले जाओ। फिर एक घंटे बाद मुजफ्फरनगर सिविल लाइन थाने ले जाना। पुलिस वालों ने ठीक ऐसा ही किया। एक घंटे बाद मुझे मुजफ्फरनगर सिविल लाइन थाने के हवालात में बंद कर दिया गया। मुझे हवालात में डालते ही पुलिस वालों ने पिताजी को छोड़ दिया। हवालात के ठीक बगल में क्राइम ब्रांच का ऑफिस था। उसके अधिकारी लगातार 11 दिन यानी 3 नवंबर तक हर रोज दिन में अपने पास रखकर पूछताछ करते और रात में हवालात में बंद कर देते थे। अब हवालात का हाल बताता हूं। पहले दिन मुझे आलू की सब्जी और रोटी दी गई। मैंने खाने से मना कर दिया। इस पर एक पुलिस वाले ने कहा- पहले इसे कूटो, फिर खाना खाएगा। इसके बाद एक पुलिसकर्मी ने कहा- हाथ उल्टा करके आगे कर। मैंने हाथ बढ़ाया तो उसने इतनी जोर से डंडा मारा कि मेरे हाथ का मांस उधड़ गया। फिर उसने मेरी कमर में मुक्के मारे। वे बार-बार पूछते रहे- बता, राइफल कहां है? मैं हर बार यही कहता रहा कि मुझे कुछ नहीं पता। पुलिस रोज मुझे बेरहमी से पीटती। बस पिटाई का तरीका बदल जाता था और वही सवाल दोहराती- बता, राइफल कहां है? मेरा जवाब भी वही होता था कि मैं नहीं जानता। एक दिन पुलिस ने मुझे जमीन पर लिटाया, दोनों टांगें बांधकर दीवार से लटका दिया। घंटो इसी तरह लटकाए रखा और मैं चीखता रहा। इसी तरह एक दिन मेरी पैंट उतरवाकर, घंटो खड़ा रखा। फिर फर्श पर बैठाकर मेरी दोनों टांगों को लगभग 360 डिग्री तक खींचा। दर्द के मारे हालत इतनी खराब हो गई कि चल भी नहीं पा रहा था। इसी दौरान सहारनपुर में कुछ बदमाशों ने पुलिस की राइफल छीन ली थी। पुलिस को लगा कि यह किसी एक ही गिरोह का काम है। इस घटना का गुस्सा भी पुलिस ने मुझ पर उतारा। उस दिन पुलिस ने हवालात में एक अपराधी से पूछताछ के दौरान उसके प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांध दी। जब मैंने उसे देखा तो पुलिस वाले कहने लगे- अब तेरी बारी है। फिर मेरे कपड़े उतरवाए और मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी ईंट लटका दी। खिंचाव के कारण पेट में तेज दर्द होने लगा। ऐसा लग रहा था कि मैं मर जाऊंगा। हालत बिगड़ने पर एक पुलिस वाले ने ही कह दिया- ईंट हटाओ, वरना यह मर जाएगा। तब जाकर उन लोगों ने ईंट हटाई। फिर मुझे दूसरी सजा दी गई। मेरा सिर एक ओखलीनुमा कुर्सी में डालकर मुझे उल्टा लटका दिया गया। मैं दाएं-बाएं सिर भी नहीं हिला पा रहा था। आंखों और नाक में साबुन मिला पानी डाला गया। मैं दर्द से चिल्लाता रहा। दूसरी ओर पुलिस पैरों पर डंडे बरसाती रही- इतने कि आज भी मेरे घुटने टेढ़े हैं। ठीक से खड़ा नहीं हो पाता। 4 नवंबर उस थाने में मेरा आखिरी दिन था। उस दिन मुझे सबसे ज्यादा पीटा गया। हवालात के गेट के सामने फर्श पर बैठाया गया। जैसे ही आंख लगती, जोर से डंडा मारा जाता और गंदी गालियां दी जातीं। पुलिस का कमाल देखिए- रिकॉर्ड में मेरी गिरफ्तारी 3 नवंबर दिखाई गई। लिखा गया कि मुझे जंगल से उस वक्त पकड़ा गया जब मैं अपराधियों के साथ मुठभेड़ की योजना बना रहा था। जबकि सच यह था कि पुलिस ने मुझे 24 अक्टूबर से ही हिरासत में रखा था। इस तरह रिपोर्ट तैयार करने के बाद पुलिस मुझे शामली मुख्यालय लेकर गई। मीडिया के सामने राइफल और कुछ हथियार दिखाए। दावा किया कि पुलिस ने वो हथियार मुझसे ही बरामद किए हैं। मीडिया से बातचीत के बाद भी मुझे छोड़ा नहीं गया। थाने के बरामदे में मेरी पैंट उतरवाई गई और फिर डंडे बरसाए गए। उस दिन पूरी पैंट खून से सन गई। 4 नवंबर को मुझे कोर्ट में पेश किया जाना था। मेडिकल से पहले पुलिस ने एक बार फिर पिटाई की। कान इतनी जोर से रगड़े गए कि दर्द से कराह उठा। पूरे शरीर पर पिटाई के निशान साफ नजर आ रहे थे। हालांकि डॉक्टर ने रिपोर्ट में मुझे पूरी तरह फिट दिखा दिया। पुलिस मुझे पेशी के लिए जीप से ले जा रही थी। उस दिन घना कोहरा था। पुलिस की जीप एक गाड़ी से टकराने से बाल-बाल बची। उसका गुस्सा भी पुलिस ने मुझ पीटकर उतारा। जज के सामने मुझे पेश करते हुए पुलिस ने चालाकी से मुझे कमर तक ढंक रखा था, ताकि पैंट पर लगा खून जज को न दिखे। वहां जज ने मुझे देखा। फिर रीडर ने मुझसे एक कागज पर दस्तखत करवाए और पुलिस के साथ जेल भेज दिया। वहां मुझे जेल की अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां एक शख्स आया और बोला- तुम्हें टीका लगेगा। मैंने पूछा- क्या आप डॉक्टर हैं? उसने कहा- नहीं, मैं कैदी हूं, लेकिन यह काम मुझे आता है। उसकी बात सुनकर मैं घबरा गया। कुछ समय बाद मुझे अस्पताल से डिस्चार्ज कर एक बैरक में भेज दिया गया। वहां एक पंडित जी थे। उनसे दोस्ती हो गई। लंगड़ाते देख उन्होंने पूरी बात पूछी। मैंने सब बता दिया। तब से वो मेरी देखभाल करने लगे। जेल में पानी जैसी दाल मिलती थी। उसी दाल में रुमाल भिगोकर अपने जख्मों की सिकाई करता था। जेल आए मुझे 15 दिन हो चुके थे। एक दिन पिताजी का नाम पुकारा गया। मैं खुश हो गया। वे मुझसे मिलने आए थे। उस दिन हम दोनों एक-दूसरे को बस निहारते रह गए। उस दिन पंडित जी ने कहा था- ध्यान रखना, पिताजी तुम्हारी खून से सनी पैंट न देख पाएं, नहीं तो बहुत दुखी होंगे। मैंने छिपाने की कोशिश भी की, लेकिन बातचीत के दौरान उनकी नजर पैंट पर पड़ गई। वे फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें जैसे-तैसे चुप कराया। जाते समय उन्होंने कहा- क्या से क्या हो गया, अमित। हम कहां से कहां आ गए। तबसे पिताजी हर महीने मुझसे मिलने आते। मैं हरबार कहता कि पढ़ाई छूट गई है। वे कहते- कोई बात नहीं, खुद को 12वीं पास मान लो, लेकिन मेरा दिल नहीं मानता था। जेल में रोज एक ही पानी की पाइप से सौ से ज्यादा कैदी नहाते थे। शाम होते ही सभी को एक जगह खड़ा कर दिया जाता। वहीं बातें होती थीं- अपराध की, सजा की और सबसे ज्यादा कानून की। मुझे लगता, यह जेल नहीं, अपने आप में एक चलती-फिरती अदालत है। हर दिन बैरक में कोई नया कैदी आता और कानून पर नई चर्चा छिड़ जाती। कानून से जुड़ी प्रैक्टिकल पढ़ाई तो मेरी वहीं हो गई थी। उसी जेल में पश्चिमी यूपी के नामी-गिरामी गैंगस्टर भी बंद थे। मुझे देखते और रोज अपने गैंग में शामिल होने का न्यौता देते। उन्हें लगता था कि मैंने पुलिस के हथियार लूटे हैं तो खूंखार भी हूं और पढ़ा-लिखा भी। असल में वे चाहते थे कि गैंग का हिसाब-किताब, लूट, जमाबंदी और बाकी कागजी काम संभालूं। हालांकि, पंडित जी ने समझाया था कि यहां सबकी हां में हां मिलाना है। मैं वही करता रहा। मेरे बैरक में एक बड़े अधिकारी भी बंद थे। उनका नाम नहीं बता सकता। वो मुझसे चिट्ठी-पत्री और अर्जियां लिखवाते थे। उनके साथ रहते हुए कानूनी दांव-पेच और कानूनी भाषा की गहरी समझ हो गई। एक दिन एक गांव के सरपंच आए। उन्हीं की मदद से एक वकील से मेरी बात बनी। तब इलाहाबाद हाईकोर्ट में मेरी जमानत अर्जी दी गई। फिर 7 फरवरी 2014 को जमानत मिली। यहीं से मेरी कहानी ने एक नई करवट ली। जिस दिन जेल से रिहा हो रहा था, जेल के लगभग सभी कैदी गेट तक छोड़ने आए। जेल में दो गैंग चलते थे। दोनों ही गैंग के कैदी मुझे छोड़ने आए थे। यह देखकर जेलर तक हैरान रह गया। उसने पूछा- आज ऐसा कौन आदमी छूट रहा है, जिसे दो दुश्मन गैंग एक साथ छोड़ने आए हैं? वजह साफ थी- मैं उनकी लिखा-पढ़ी का काम करता था। जेल से बाहर आते ही पिताजी के साथ घर गया। उस दिन मां ने पसंदीदा मटर-पुलाव बनाया था। घर वालों ने बताया कि मेरे जेल जाने के बाद उन्होंने कितना कुछ सहा। लोगों ने खुलकर सामाजिक बहिष्कार तो नहीं किया, लेकिन पीठ पीछे कहते थे- क्या पता, इनके लड़के ने ही मर्डर किया हो। ये सब सुनकर मां परेशान रहती थीं। उन्हें डर रहता था कि कोई मुझे नुकसान न पहुंचा दे। वे चाहती थीं कि गांव छोड़ दूं। वे कहतीं- बेटा, जमानत पर बाहर तो आ गया, अब बस इस मामले का कलंक हमारे माथे से मिटा दे। कुछ दिन बाद गांव छोड़कर गुड़गांव चला गया। वहां अपने दोस्त के साथ रहता था। गुजारा करने के लिए कैलेंडर बेचता था। साथ ही एक वकील के साथ तीन हजार रुपए महीने पर क्लर्क का काम करता था। 22 नवंबर 2015 को गुड़गांव से मेरठ आ गया। यहीं एलएलबी में दाखिला लिया। पढ़ाई की फीस जुटाने में दोस्तों ने खूब मदद की। कोर्ट की हर तारीख पर जाने के लिए वे मुझे 500 रुपए उधार देते थे। जिसे मैं छोटे-मोटे काम करके लौटाता था। 2018 में एलएलबी पूरा हुआ। इसके बाद 2020 में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एलएलएम किया। मेरे रिसर्च का विषय था- भारत में कैदियों के अधिकार एवं कारागार व्यवस्था का विश्लेषणात्मक अध्ययन। एलएलएम की फीस यूपी के एक पीसीएस अधिकारी ने भरी। उनका प्यार और सहयोग आज भी मेरे साथ है। डिग्री लेते ही मेरी असली लड़ाई शुरू हुई। अदालत में खुद अपनी पैरवी करने की अर्जी दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अदालत के सामने मैंने पहला अहम सबूत रखा- जिस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ था, उसने अपने बयान में साफ कहा था कि मैं उस वारदात में शामिल नहीं था। इसके बाद मैंने दूसरा महत्वपूर्ण फैक्ट सामने रखा। घटना 12 अक्टूबर की थी, जबकि मेरी गिरफ्तारी 24 अक्टूबर को हुई। जबकि, घायल पुलिसकर्मी से जांच अधिकारी ने पूछताछ 12 नवंबर को की। मेरा सवाल सीधा था- घायल पुलिसकर्मी का बयान लिए बिना मुझे कैसे गिरफ्तार कर लिया? इतना ही नहीं, पुलिस ने कागजों में मेरी गिरफ्तारी 3 नवंबर को एक फर्जी मुठभेड़ के तौर पर दर्ज की, जबकि मैं 24 अक्टूबर से ही पुलिस हिरासत में था। यही फैक्ट अदालत में साबित करने में सफल रहा। आखिरकार, 27 सितंबर 2023 को अदालत ने मुझे बाइज्जत बरी कर दिया। (एडवोकेट अमित चौधरी ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) ----------------------------------------- 1- संडे जज्बात-लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे:30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों का 14 शहरों में 48 जगहों पर एक साथ हमला, 84 सैनिक मारे गए
सरकारी प्रवक्ता शाहिद रिंद के अनुसार, शुक्रवार देर रात से शनिवार दोपहर तक विद्रोहियों ने क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हुब, चमन, नसीराबाद और अन्य स्थानों पर सुरक्षा बलों, सरकारी एजेंसियों और कुछ नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। राजधानी क्वेटा में कम से कम चार पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि की गई है।
Agenda of Bangladesh Jamaat e Islami: बांग्लादेश में संसद का चुनाव लड़ रही जमात-ए-इस्लामी का असली चेहरा बेनकाब हो गया है. उसके एजेंडे में खुलकर लिखा है कि वह महिलाओं को किसी भी तरह की आजादी देने की पक्षधर नहीं है. ऐसे में अगर वह जीत गई तो बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था डूब सकती है.
बुल्गारिया की राष्ट्रपति के साथ विशेष साक्षात्कार
बुल्गारिया दक्षिणपूर्वी यूरोप में स्थित है, जी बाल्कन प्रायद्वीप के पूर्वी भाग में है। इसकी सीमा उत्तर में डेन्यूब नदी के पार रोमानिया से, पश्चिम में सर्बिया और उत्तरी मैसेडोनिया से, दक्षिण में ग्रीस और तुर्की से और पूर्व में काला सागर से लगती है।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अल्जीरिया के राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौन ने 31 जनवरी को चीन के च्योछ्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र में अल्जीरिया के सुदूर संवेदन उपग्रह-3बी के सफल प्रक्षेपण पर बधाई संदेश का आदान-प्रदान किया।
दुनिया की पांच सबसे गहरी गोल्ड माइन, धरती के 4 किलोमीटर अंदर से निकलता है चमकीला सोना
दक्षिण अफ्रीका की मपोनेंग गोल्ड माइन (Mponeng Gold Mine) दुनिया की सबसे गहरी सोने की खदान है. यहां के माइनिंग डायरेक्टर का दावा है कि सोने की ये खान अपने आप में एक अजूबा है. ये एतिहासिक खान धरती की सतह से करीब चार किलोमीटर नीचे तक फैली हुई है.
ईरान की बड़ी बिल्डिंग में धमाका, कहीं अमेरिका के हमले की शुरुआत तो नहीं हो गई?
ईरान के दक्षिणी पोर्ट सिटी बंदर अब्बास में अब से कुछ देर पहले एक आवासीय इमारत में जोरदार धमाका हुआ. इस धमाके में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रहा है. माना जा रहा है कि ये एक टारगेटेट अटैक था, जिसमें बड़े पैमाने पर व्यापक क्षति हुई है.
US Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बादल लगातार सघन हो रहे हैं. युद्ध में जीत के लिए अमेरिका अपनी मोर्चेबंदी को मजबूत कर रहा है. इसके लिए वह 83 साल पुरानी ट्रिक का फिर से इस्तेमाल कर रहा है. क्या यह ट्रिक उसे ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों से बचा पाएगी.
Donald Trump: अमेरिका में 2026 फेडरल बजट को समय पर मंजूरी न मिलने से सरकार आंशिक रूप से बंद हो गई है. फंडिंग विवाद के कारण कई गैर-जरूरी सेवाएं ठप हैं और हजारों कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है. कांग्रेस को उम्मीद है कि अगले हफ्ते समझौता हो जाएगा और शटडाउन जल्द खत्म होगा.
Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच तकरार बढ़ती जा रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान की ओर पहले से ज्यादा बड़ा नौसैनिक बेड़ा भेज रहा है.
NATO Membership Talks: अरब लीग प्रमुख अहमद अबुल घीत ने कहा कि यूक्रेन में रूस को हराया नहीं जा सकता, क्योंकि वह अपनी सैन्य क्षमता लगातार मजबूत कर रहा है. उन्होंने शीत युद्ध के दौरान परमाणु टकराव से बचाव का हवाला दिया और कहा कि अमेरिका रूस को चीन से दूर करने की रणनीति पर काम कर रहा है.
Shehbaz Sharif Emotional Admission: पाकिस्तान की कमजोर आर्थिक हालत को लेकर अब खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सच्चाई सामने रख दी है. इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वह बता रहे हैं कि कैसे उन्हें अलग-अलग देशों के सामने जाकर मदद मांगनी पड़ी.
जल्द फिर शुरू होगा वेनेजुएला से तेल निर्यात : ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के नेतृत्व में चल रही पहल की तारीफ की
हमला हुआ तो क्या बचेगा तेहरान का निजाम? 5 संभावनाएं जो बदल सकती हैं ईरान का नक्शा
Trump Iran Attack Plan: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले कुछ दिनों में अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है. अगर ऐसा होता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
अमेरिका ने भारत को रूसी तेल के विकल्प के तौर पर वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने का संकेत दिया है. टैरिफ दबाव के चलते भारत रूसी तेल आयात घटा रहा है और अपने तेल स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति पर काम कर रहा है.
भारत, फ्रांस ने एआई इम्पैक्ट समिट को ग्लोबल साउथ के लिए बताया मील का पत्थर
भारत और फ्रांस ने नई दिल्ली में होने वाले आने वाले एआई इम्पैक्ट समिट को ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस के लिए एक अहम मोड़ बताया है
जिस खदान पर टिका है करोड़ों का कारोबार! अचानक ढह गई वो माइन; 200 से ज्यादा लोगों की गई जान
Eastern Congo: पूर्वी कांगो में एक बड़ा हादसा हो गया, यहां पर रुबाया कोल्टन खदान ढहने की वजह से अभी तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों की संख्या अभी बढ़ भी सकती है.
Iran-Us Tensions: अमेरिका और ईरान एक दूसरे को लगातार निशाना साध रहे हैं. अमेरिका- ईरान पर हमले की भी धमकी दे रहा है. इसी बीच सामने आई कुछ सैटेलाइट तस्वीरों ने हलचल बढ़ा दी है.
Epstein Files Controversy: एप्सटीन फाइल्स को लेकर अमेरिका के न्याय विभाग पर सवाल खड़े हो गए हैं. डोनाल्ड ट्रंप और जेफ्री एप्सटीन से जुड़े एक अहम दस्तावेज को कुछ समय के लिए वेबसाइट से हटा दिया गया था. बाद में फिर से अपलोड किया गया. इस दौरान 16 फाइलें गायब होने की खबर ने विवाद और बढ़ा दिया है.
29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी-कॉलेज में भेदभाव रोकने वाले UGC के नए नियम पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि नियमों के प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं। इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। UGC के 2012 के नियम में बदलाव के बाद 13 जनवरी 2026 को इसे जारी किया गया था। स्टूडेंट्स का एक तबका इसे जरूरी बता रहा था, जबकि दूसरा विरोध में था। रोक लगने के बाद विरोध कर रहे स्टूडेंट इसे जीत बता रहे हैं और सपोर्ट करने वाले नाराज हैं। 30 जनवरी को JNU में रोक के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया। उनका कहना है कि रेगुलेशन के गलत इस्तेमाल का तर्क बेकार है। इसलिए नए नियम पर रोक नहीं लगाई जा सकती। आखिर SC/ST-OBC से भेदभाव रुकना सवर्णों का शोषण कैसे हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हमने कुछ स्टूडेंट्स से बात की। साथ ही एक्सपर्ट से समझने की कोशिश की है कि आखिर UGC के नए नियम की जरूरत क्यों पड़ी। रोक से नाराज स्टूडेंट्स बोले…हमारे साथ भेदभाव रुक जाए, ये सवर्णों का शोषण कैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे जयदेव हिंदी डिपार्टमेंट से एमए सेकेंड ईयर के स्टूडेंट हैं। वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश नहीं है। उनका मानना है कि रेगुलेशन के गलत इस्तेमाल का तर्क फिजूल है। वे कहते हैं, 'इस देश में करप्शन इतने ऊपर तक है कि किसी भी नियम-कानून का गलत इस्तेमाल रोका नहीं जा सकता है।' वे आगे कहते हैं, ‘रेगुलेशन का विरोध करने वालों को ये नहीं दिख रहा है कि एक तबके का लंबे वक्त से शोषण हो रहा है, जिसे वो जारी रखना चाहते हैं। पिछड़ी जाति के लोगों का शोषण रोकने की बात हुई तो ये सवर्णों को अपना शोषण कैसे लगने लगा।‘ ‘UGC एक्ट 2026 जिस शोषण के खिलाफ आया, वो चाहे SC/ST के खिलाफ हो, OBC, दिव्यांग या महिलाओं के खिलाफ, वो शोषण बड़े स्तर पर हो रहा है। चाहे देश की किसी भी यूनिवर्सिटी में देख लें, हर जगह ये वर्ग शोषित है।‘ जयदेव आगे कहते हैं, ‘अब छुआछूत ही जातिगत भेदभाव नहीं है। इसका स्वरूप बदल गया है। सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसरों की भर्ती को लेकर एक डेटा जारी किया था। असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए OBC की 80%, ST की 83% और SC की 60% खाली हैं। ऐसे में जो सवर्ण समाज तर्क दे रहा है कि शोषण कहां हो रहा है, उसे क्या ये नहीं दिख रहा। वो क्या सिर्फ छुआछूत को ही जातिगत शोषण मान रहा है।’ ये हमें लड़वाने की साजिश, हम क्या सिर्फ पिसने के लिएममता भी दिल्ली यूनवर्सिटी से PHD कर रही हैं। UGC के नए नियम लाने और उस पर सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाने से खफा हैं। उनका मानना है कि ये दोनों तबकों के लोगों को लड़वाने की सियासी साजिश है। ममता कहती हैं, 'हमारे जैसे लोग क्या सिर्फ पिसने के लिए हैं। नियम-कानून हमारे खिलाफ हों या हमारे समर्थन में, हम सिर्फ पिसते ही हैं। ये रेगुलेशन आया तो हमें खुशी हुई और लगा कि यूनिवर्सिटी-कॉलेज में होने वाला भेदभाव रोक दिया जाएगा।' 'हम खुशी ही मना रहे थे कि तभी खुद को प्रोग्रेसिव बताने वाले तथाकथित लोगों ने बड़ी संख्या में रेगुलेशन का विरोध शुरू कर दिया। इस विरोध को मान भी लिया गया। हम लोग बेवजह ही इसमें फंस गए हैं। हमने न ये कानून मांगा था न हटाने को कहा। अब उलटा हमें जगह-जगह जाकर बोलना पड़ रहा है कि हम कितने टॉर्चर हो रहे हैं।' वे आगे कहती हैं, 'सुप्रीम कोर्ट ने इस केस को इतनी जल्दी मंजूर कर लिया और फैसला भी सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट देते हुए कहा कि उन्होंने समाज बंटने से रोक लिया। ये मुद्दा समाज में विवाद को बढ़ा देता। आखिर समानता की बात करने से समाज में कौन सी लड़ाई बढ़ जाती है।' फैसले से खुश स्टूडेंट्स बोलेकहते हैं- पंडित हो, मंदिर में घंटी बजाओ, हम भी पीड़ितदिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रहे हर्षवर्धन मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं। वे कहते हैं, 'हमारी यही मांग थी कि बिल वापस लिया जाए या इसमें सुधार हो ताकि ये जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स के साथ अन्याय जैसा न लगे। हम इसमें कुछ हद तक कामयाब रहे।' हर्षवर्धन आगे कहते हैं, 'नए नियमामें में सीधे दावा किया जा रहा है कि OBC, SC/ST सिर्फ विक्टिम हो सकते हैं। प्रताड़ित करने वाले लोग सिर्फ जनरल कैटेगरी के। ये समाज को बांटने वाला है। हमने पूछा कि आंकड़े बताते हैं कि SC/ST स्टूडेंट्स भेदभाव का शिकार होते रहे हैं। इस पर हर्षवर्धन कहते हैं, ‘ये इसीलिए है क्योंकि हमने ऐसा मान लिया है कि शोषित सिर्फ SC/ST या OBC ही है जबकि ऐसा नहीं है। ये कह देना गलत है कि सिर्फ कुछ खास वर्ग के लोग ही पीड़ित है। हर जाति वर्ग का व्यक्ति इसका शिकार हो सकता है और प्रताड़ित करने वाला भी किसी जाति का हो सकता है।‘ 'मैं ब्राह्मण हूं लेकिन मुझे भी भेदभाव झेलना पड़ता है। साथी कहते हैं- पंडित जी जाओ मंदिर में घंटी बजाओ, भीख मांगों यहां पढ़ने क्यों आए हो। JNU और BHU कैंपस की दीवारों पर लिखा है- ‘ब्राह्मण, बनिया गो बैक’,आपको क्या लगता है कि हमारे साथ जाति सूचक शब्द इस्तेमाल नहीं होते। पिछले 7 महीने से यूनिवर्सिटी में मुझे कई बार ये सब झेलना पड़ा।‘ हर्षवर्धन के मुताबिक, UGC की 2012 की गाइडलाइंस में हर वर्ग को शामिल किया गया है इसलिए वो भेदभाव खत्म कर समानता बनाए रखने का यूनिवर्सल तरीका है, जिसमें कोई भी विक्टिम हो सकता है और कोई भी आरोपी। सोशल जस्टिस को बनाए रखने में इसका बड़ा रोल है। समान अधिकार देने के लिए हमारे साथ भेदभाव क्योंभरत चौधरी भी दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं। वे सुप्रीम कोर्ट फैसले से खुश हैं। भरत कहते हैं, ‘अगर कोर्ट इस मामले में दखल नहीं देता तो सोसायटी गलत दिशा में चली जाती। इसलिए ये जरूरी था। UGC ने नए रेगुलेशंस में नाम तो इक्विटी कमेटी रख दिया, लेकिन इक्विटी तब आएगी न, जब आप सबको साथ लेकर चलेंगे।‘ ‘UGC के नए रेगुलेशन को ऐसे परिभाषित किया है कि शोषण सिर्फ SC/ST, OBC और दिव्यांगों के साथ हो सकता है। उसमें से जनरल कैटेगरी को पूरी तरह से हटा दिया गया। अब किसी एक वर्ग को हटाकर इक्विटी कैसे आ सकती है।‘ भरत नए नियमों में समय सीमा तय करने और झूठी शिकायत पर कोई जवाबदेही या सजा होने पर सवाल उठाते हैं। वे कहते हैं, नए नियम में शिकायत करने वाले के लिए पहचान बताना जरूरी नहीं है। झूठी शिकायत पर सजा भी तय नहीं है, ऐसे में इसका गलत इस्तेमाल होता। 'कोई भी झूठी शिकायत करके बेवजह किसी को मुश्किल में डाल सकता है। आपसी रंजिश में भी इस तरह के काम किए जा सकते हैं। ऐसे में जिसके खिलाफ झूठी शिकायत की जा रही है, उस पर इसका क्या असर होगा, ये कौन देखेगा। इसलिए नियम कायदे ऐसे नहीं होने चाहिए कि एक को समान अधिकार देने के लिए दूसरे के साथ भेदभाव कर दिया जाए।' यूनिवर्सिटी-कॉलेज में भेदभाव के रिकॉर्ड केस यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में भेदभाव खत्म करने के लिए UGC 2012 में प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस लेकर आया था। हालांकि 2016 में हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित स्टूडेंट रोहित वेमुला के सुसाइड के बाद इन नियमों को सख्त करने की मांग उठी। अगस्त 2019 में रोहित वेमुला की मां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि भेदभाव के खिलाफ नियमों को सख्त बनाया जाए। इसी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2025 में नए नियम बनाने का निर्देश दिया था। UGC का ही डेटा बताता है कि पिछले पांच साल में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 118% बढ़ी हैं। ये डेटा UGC ने हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में बने इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेल (EOC) और SC/ST सेल से जुटाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2025 में UGC को निर्देश दिया था कि 2012 के प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस के तहत जातिगत भेदभाव की शिकायतों का डेटा दे। इसके बाद ये रिपोर्ट UGC ने संसद की स्थायी समिति और सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में जाति आधारित भेदभाव से जुड़ी कई रिपोर्ट पहले भी सामने आती रही हैं। 2007 में एम्स दिल्ली में जातिगत भेदभाव को लेकर सुखदेव थोराट कमेटी ने रिपोर्ट जारी की थी। ये हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में जातिगत भेदभाव का अपनी तरह का पहला ऑफिशियल डॉक्यूमेंट था। रिपोर्ट में बताया गया था कि AIIMS में SC/ST स्टूडेंट्स को बड़े स्तर पर भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह 2023 में IIT बॉम्बे में दलित और आदिवासी स्टूडेंट्स के साथ भेदभाव का सर्वे सामने आया था। IIT बॉम्बे के SC/ST स्टूडेंट सेल के सर्वे के मुताबिक, एक चौथाई SC/ST स्टूडेंट्स ने बताया था कि वे मेंटल हेल्थ संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। इनमें से 9% स्टूडेंट्स ने मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं के लिए जाति को बड़ा कारण बताया था। चार ने प्रोफेसर्स के जातिगत और भेदभावकारी बर्ताव को भी वजह बताया था। एक्सपर्ट- नए नियम में भेदभाव की परिभाषा ही हटा दी गईजाति के मुद्दों पर लगातार लिखने वाले राइटर और IRS अधिकारी एमएस नेथ्रपाल कहते हैं कि इन नियमों का विरोध तो SC/ST और OBC वर्ग के लोगों को करना चाहिए था क्योंकि इसमें बहुत खामियां हैं। वे कहते हैं, ‘नियम के तहत जिस कॉमन इक्विटी कमेटी बनाने की बात है, उसमें वीसी और सीनियर प्रोफेसर को शामिल करने की बात है। ये कौन लोग हैं, दलित समुदाय से आने वाला कोई वीसी नहीं हैं। नए नियम में भेदभाव की परिभाषा ही हटा दी है। अब कमेटी अपने विवेक से तय करेगी कि वे किस चीज को भेदभाव मानती है और किसे नहीं।’ वे नए नियमों पर सवाल उठाते हुए कहते हैं, नए नियमों में EWS, दिव्यांग और महिलाओं को एक ही इक्विटी सेल में शामिल कर लिया गया है। लिंग के आधार पर और जाति के आधार पर भेदभाव अलग-अलग चीजें हैं। पिछड़ी जाति का व्यक्ति किसी भी पद पर हो, उसके साथ जाति के आधार पर तब भी भेदभाव होता है। IIT, IIM ये लागू नहीं, जहां सुसाइड के ज्यादा केसनेथ्रपाल आगे कहते हैं, ’ये नियम IIT, IIM और बहुत सारे हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में लागू ही नहीं होते, जबकि उन्हीं संस्थानों में दलितों और पिछड़ों के साथ भेदभाव और सुसाइड के मामले ज्यादा आते हैं।’ नए नियमों पर रोक लगने के बाद नेथ्रपाल कहते हैं, ’अलग-अलग कमेटियों की सिफारिश के बाद 2012 में इस तरह का रेगुलेशन आया था। अभी जो नियम आया, उस पर बहुत लोगों ने तर्क दिया कि इससे स्टूडेंट बंट जाएंगे। लेकिन ये नियम तो 2012 से है, तो क्या इससे स्टूडेंट बंट गए।’ ’फेक केस की बात भी बेकार है। 2012 से नियम आने के बाद कितने फेक केस आए, कोई डेटा है। जो ये तर्क दे रहे हैं तो आप सिर्फ यूपी का उदाहरण लें। SC/ST एक्ट के तहत दोष साबित होने की दर 80% है और दोष कोर्ट में साबित होता है। अगर फेक केस होते तो ये रेट कम होता।’ जिनका सदियों से वर्चस्व, वे भेदभाव की शिकायत कर रहेदिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर और 'जातिगत जनगणना' किताब के लेखक लक्ष्मण यादव नए नियमों की जरूरत को लेकर कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के नियम को और सख्त करने को कहा था। इसके लिए ये उपाय हुए और 2026 में नए नियम जारी किए गए। हालांकि इसमें भेदभाव के प्रकार नहीं बताए गए जबकि 2012 के नियम में ये था। विरोध और रोक को लेकर वे कहते हैं, ’80-90% संस्थानों में जो प्रमुख हैं, वे सवर्ण ही हैं। कमेटी में SC/ST, OBC के कितने सदस्य होंगे, ये नहीं बताया गया है। इसका मतलब है कि विरोध गलत एंगल पर हुआ। जबकि विरोध इसका होना चाहिए कि ये नियम वंचितों को न्याय दिलाने के लिए अब भी ठोस नहीं हैं।’ लक्ष्मण कहते हैं, ’जो लोग सदियों से वर्चस्व में रहे हैं, वे विरोध करके कहते हैं कि उनके साथ भेदभाव हो जाएगा। जैसे महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए उनके पक्ष में कानून बनाए जाते हैं, ताकि उन्हें हम मौका दें। गलत इस्तेमाल वहां भी हो जाता है। वो तो हर कानून का हो रहा है। कुछ उदाहरण लेकर आप पूरे कानून का विरोध नहीं कर सकते हैं।’…………….ये खबर भी पढ़ें… माइनस 40 नंबर लाने वाले डॉक्टर से कौन इलाज करवाएगा डॉक्टरों के पोस्ट ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए होने वाला NEET-PG एग्जाम विवादों में है। इस साल सेकेंड राउंड की काउंसलिंग के बाद भी देश भर के मेडिकल कॉलेजों में PG की करीब 18 हजार सीटें खाली रह गईं। जिसके बाद NEET PG-2025 एग्जाम का कट-ऑफ SC/ST/OBC कैटेगरी के लिए परसेंटाइल घटाकर जीरो कर दिया गया। पढ़िए पूरी खबर…
अजित पवार के निधन के बाद दो सबसे बड़े सवाल हैं। पहला कि उनकी पार्टी NCP कौन संभालेगा और दूसरा कि क्या तीन साल पहले अलग हुए अजित पवार गुट और शरद पवार गुट अब फिर एक हो जाएंगे। दूसरे सवाल का जवाब है- हां। सोर्सेज के मुताबिक, दोनों पार्टियों के विलय की प्रोसेस पूरी हो चुकी है, अजित पवार ने खुद इसका इसका रोडमैप बनाया था। वे लगातार इस मसले पर मीटिंग कर रहे थे। उनके निधन के बाद भी दो बार मीटिंग हो चुकी है। अब 9 फरवरी को जिला परिषद चुनाव का रिजल्ट आने के बाद दोनों गुटों के विलय की घोषणा हो सकती है। सोर्स बताते हैं कि शरद पवार और BJP हाईकमान इस पर राजी हैं। यानी NCP महायुति का हिस्सा बनी रहेगी, इससे केंद्र में NDA को शरद पवार गुट के 8 सांसदों का साथ भी मिल जाएगा। पार्टी की कमान संभालने के लिए अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा को आगे किया गया है। हालांकि, प्रफुल्ल पटेल की दावेदारी से खींचतान की स्थिति बन रही है। विलय तय, लेकिन हालात थोड़े बदले NCP (शरद गुट) में हमारे सोर्स दावा करते हैं कि दोनों पार्टियों ने विलय का खाका तैयार कर लिया है। हालांकि, अजित पवार के निधन के बाद हालात थोड़े बदले हैं। सोर्स बताते हैं, ‘28 जनवरी को अजित दादा नहीं रहे। उनके निधन से पहले ही दोनों गुटों ने विलय के लिए 9 फरवरी की तारीख तय कर ली थी। अब कुछ चीजें बदली हैं, लेकिन विलय अब भी तय है।’ 9 तारीख ही क्यों तय हुई? सोर्स इसका जवाब देते हैं, ‘इसके पीछे शरद पवार का दिमाग है। महीने भर पहले मीडिया में विलय की बात आने लगी थी। शरद पवार पहले पानी की थाह ले रहे थे। उन्होंने ऐसी खबरें चलने दीं। रिस्पॉन्स ठीक आया, तब बात आगे बढ़ाई।’ ‘5 फरवरी को महाराष्ट्र की 12 जिला परिषदों के चुनाव होने हैं। 7 फरवरी को रिजल्ट आना था। रणनीति यह थी कि पहले चुनाव खत्म होने दें क्योंकि पुणे जिला परिषद अजित पवार का गढ़ रहा है। मीटिंग में तय हुआ था कि शरद गुट के कैंडिडेट भी अजित पवार की NCP के सिंबल घड़ी पर ही चुनाव लड़ेंगे। मैसेज दिया जाएगा कि अब दोनों पवार साथ आ रहे हैं। इसके बाद ही अनाउंसमेंट होगा। अब उससे पहले ही स्थितियां बदल गईं हैं। ’ नेताओं के बयानों से इशारा, दोनों पार्टियां एक होने वाली हैंNCP (शरद पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने दावा किया है कि अजित पवार ने महाराष्ट्र में नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों के बाद दोनों गुटों के विलय पर साथ बैठकर फैसला लेने की बात कही थी। शिंदे ने कहा, ‘पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनावों के लिए दोनों पार्टियों के गठबंधन के लिए हम मिले थे। तब उन्होंने (अजित पवार) कहा था कि 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बाद हम बैठकर चर्चा करेंगे।’ 40 साल से ज्यादा वक्त तक अजित पवार के सहयोगी रहे किरण गुर्जर भी यही बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने हादसे से पांच दिन पहले कहा था कि वे दोनों गुटों का विलय चाहते हैं। प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में विलय होने वाला है। 30 जनवरी को शरद गुट के लीडर अनिल देशमुख ने कहा कि अजित पवार की आखिरी इच्छा थी कि NCP के दोनों गुट एक साथ आएं। इस इच्छा को पूरा किया जाना चाहिए। वहीं, पार्टी लीडर जयंत पाटिल ने विलय पर मीटिंग होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अजित पवार इस मसले पर पॉजिटिव थे। उन्होंने कहा था कि पहले स्थानीय निकाय के चुनाव गठबंधन करके लड़ा जाए, चुनाव के बाद विलय पर फैसला लेंगे। हमारे सोर्स ने इस तरह की 4 से 5 मीटिंग की बात मानी है। वे दावा करते हैं, ‘विलय की पहल शरद गुट की तरफ से की गई थी। अजित दादा इससे खुश थे। वे अपनी पार्टी की तरफ से आगे आकर मीटिंग कर रहे थे। शरद गुट से जयंत पाटिल, अमोल कोल्हे और रोहित पवार मीटिंग में शामिल हुए थे।’ विलय से BJP को भी फायदा, हाईकमान की सहमतिसोर्स दावा करते हैं कि अजित पवार को BJP हाईकमान से हरी झंडी मिल गई थी। BJP भी चाहती है कि दोनों पार्टियां एक हो जाएं, इसलिए वो इसमें अडंगा नहीं लगा रही। महाराष्ट्र में BJP की सरकार मजबूत है, लेकिन लोकसभा में उसे शरद पवार गुट के 8 सांसदों की जरूरत है। अजित पवार के पास सिर्फ एक सांसद है। अगर NCP एक हो जाती है, तो केंद्र में BJP को 9 सांसदों का समर्थन मिलेगा, जो बड़ा आंकड़ा है। सोर्स के मुताबिक, BJP शरद पवार के साथ काम करने में सहज नहीं है। इसीलिए एक प्लान तैयार किया गया था। शरद पवार ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वे मार्च में राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद राजनीति में एक्टिव नहीं रहेंगे। योजना यही थी कि शरद पवार सम्मानजनक तरीके से बाहर निकल जाएं, फिर सुप्रिया सुले दिल्ली और अजित पवार राज्य संभाल लें। इससे NCP के दोनों गुटों और BJP का भी फायदा था। नगर निगम चुनाव से एक होने से शुरुआतनगर निगम चुनावों में दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड में गठबंधन किया था। ये दोनों पार्टियों के एक होने की दिशा में पहला कदम था। उम्मीदवारों को शरद पवार गुट के चुनाव चिह्न ‘बिगुल’ की जगह NCP के चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ पर चुनाव लड़ने के लिए कहा गया। हालांकि गठबंधन का फायदा नहीं मिला। पुणे नगर निगम की 165 सीटों में से BJP ने 119 सीटें जीत लीं। अजित पवार की NCP की 27 और शरद पवार की NCP को 3 सीटें मिलीं। पिंपरी-चिंचवड नगर निगम की 128 सीटों में से BJP को 84 सीटें मिलीं। NCP को सिर्फ 37 सीटें मिलीं। परिवार और पार्टी ने सुनेत्रा पवार को आगे किया, डिप्टी CM बनेंगीNCP (अजित गुट) के एक सीनियर लीडर नाम न देने की शर्त पर बताते हैं, ‘पवार परिवार ने मिलकर तय किया है कि अब अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को आगे किया जाएगा। अजित दादा के दोनों बेटों के पास राजनीतिक अनुभव की कमी है। सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और उनके नाम पर परिवार या विधायकों में विरोध नहीं है।' आज यानी 31 जनवरी को NCP विधायक दल की बैठक होनी है। इसमें सुनेत्रा को नेता चुना जाएगा। महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूचना दे दी गई है। उन्हें 31 जनवरी को ही डिप्टी CM के शपथ ग्रहण समारोह से आपत्ति नहीं है। अजित पवार के निधन से उनकी सीट बारामती खाली हो गई है। सुनेत्रा वहां से चुनाव लड़ सकती हैं। अजित पवार के बाद पार्टी के कंट्रोल पर खींचतान शरद गुट में हमारे सोर्स दावा करते हैं कि दोनों गुटों के एक होने, अजित पवार के महाराष्ट्र में पार्टी संभालने और सुप्रिया सुले के दिल्ली में रहने से प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे लीडर साइडलाइन हो जाते। प्रफुल्ल पटेल शरद पवार के सबसे करीबियों में शामिल थे। पार्टी टूटने से पहले शरद पवार ने उन्हें अजित पवार पर तवज्जो देकर पार्टी का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया था। सोर्स आगे कहते हैं, ‘प्रफुल्ल पटेल की BJP से करीबी है। अजित पवार को भी ये बात पता थी। उनके निधन के बाद अब शरद पवार खुद कमान संभालना चाहते हैं ताकि पार्टी पर फैमिली का होल्ड रहे और पहले जैसी समझ बनी रहे।’ ‘शरद पवार अपने वफादार नेताओं जैसे जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे को राज्य की राजनीति में बिठाना चाहते हैं। हालांकि, प्रफुल्ल पटेल को किनारे लगाना आसान नहीं है। पार्टी के वर्किंग प्रेसिडेंट होने के नाते वे खुद को उत्तराधिकारी मान रहे हैं। प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे चाहते हैं कि पार्टी पर उनका होल्ड रहे।’ सोर्स के मुताबिक, प्रफुल्ल पटेल BJP को समझाने में लगे हैं कि वे ही अजित पवार को लेकर आए थे। ऐसे में उनके हाथ में पार्टी रहने पर ही BJP का फायदा है। BJP के हाथ में विलय की चाबीसोर्स मानते हैं कि इस पॉलिटिकल मर्जर पर आखिरी फैसला BJP को ही करना है। पार्टी पूरे मामले को 2029 के लिहाज से देख रही है। BJP को डर है कि अगर शरद पवार के हाथ में पूरी ताकत गई, तो वे पार्टी को फिर से मजबूत कर देंगे। इससे भविष्य में BJP को नुकसान हो सकता है। फिलहाल 3 साल की म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग पर बात चल रही है कि मंत्रियों का पोर्टफोलियो वैसा ही रहे और सुनेत्रा पवार को अध्यक्ष या डिप्टी CM का पद देकर बीच का रास्ता निकाला जाए।’ सोर्स बताते हैं- अजित पवार के निधन के बाद परिवार की एक मीटिंग हुई। इसमें भी आगे के प्लान पर बात हुई। 29 जनवरी को सुप्रिया सुले ने सुनेत्रा के घर जाकर बात की है। आने वाले कुछ दिनों में पार्टी अध्यक्ष का पेच सुलझ जाएगा। एक्सपर्ट बोले- BJP भी चाहती है दोनों गुट एक हो जाएंNCP के मौजूदा हालात पर हमने बारामती के सीनियर जर्नलिस्ट ओमकार वाबले से बात की। वे कहते हैं, ‘दोनों पार्टियों के एक होने से कैडर, वोटर और फैमिली साथ रहेगी। महाराष्ट्र की राजनीति में सरकार किसी की हो, मराठा समुदाय हमेशा सत्ता के करीब रहता है। BJP जानती है कि मराठा उनसे पूरी तरह नहीं जुड़े हैं, इसलिए वह NCP को तोड़कर या साथ रखकर अपना आधार बनाना चाहती है।’ ओमकार इसमें एकनाथ शिंदे को भी जरूरी मानते हैं। वे कहते हैं, 'राज्य में BJP अपने दम पर सत्ता के करीब तक पहुंच गई है। पार्टी के पास 133 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 145 विधायक चाहिए। ऐसे में BJP पूरा कंट्रोल चाहती है। एकनाथ शिंदे के पास लचीलापन नहीं है। वे हर बात पर अमित शाह के पास जाते हैं। अजित पवार काफी फ्लेक्सिबल थे। इसलिए BJP के लिए अब भी NCP को साथ रखना आसान है।’ …………………………….ये खबर भी पढ़ें एयरस्ट्रिप नहीं दिखी, क्यों लैंड हुआ अजित पवार का प्लेन अजित पवार ने 28 जनवरी की सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी। करीब 40 मिनट में प्लेन बारामती पहुंच गया। लैंडिंग के आखिरी पलों में हादसा हुआ। पायलट ने लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। दूसरी कोशिश में 8:46 बजे प्लेन रनवे के पास क्रैश हो गया। शुरुआती रिपोर्ट में आया है कि पहली बार में पायलट को रनवे नहीं दिखा था। उस वक्त विजिबिलिटी 3 हजार मीटर थी, जो कम से कम 5 हजार मीटर होनी थी। पढ़ें पूरी खबर...
‘बैंक की नकदी लाने–लेजाने का काम जिस गाड़ी में होता है, उसी में आपके 2 हजार के नोट बदल देंगे। 50 करोड़ के नोट होंगे, तब भी दिक्कत नहीं। 40 फीसदी कमीशन हमारा होगा।’ यह खुलासा 2 हजार के नोट बदलने वाले माफिया ने भास्कर के कैमरे पर किया। चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म की आड़ में माफिया नोट बदलने का कारोबार चला रहे हैं। नेक्सस को एक्सपोज करने के लिए हमने ब्रोकर बनकर तीन माफियाओं से मुलाकात की। तीनों ने नोट बदलने के अलग–अलग तरीके बताए। तीन दलालों से रिपोर्टर की मुलाकात। सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी रिपोर्ट…।पहली मुलाकात : गजेंद्र यादव लोकेशन : जाईपुरिया माल, इंदिरापुरम क्या तरीका बताया : बैंक की गाड़ी में बदल देंगे पहले 5 करोड़ 2 स्लॉट में… हमने गजेंद्र को कहा कि, हमारे पास 50 करोड़ रुपए के दो हजार के नोट हैं और उन्हें बदलवाना है। गजेंद्र: 5 करोड़ के स्लॉट से कर लोरिपोर्टर: ठीक हैगजेंद्र: कैश आपके पास हैरिपोर्टर: हां, हमारे पास, यानी पार्टी के पास गजेंद्र: कितने का, फाइनल हम लोग डिस्कस क्या कर सकते हैंरिपोर्टर: आप बताइए परसेंटेज कैसे तय करना है। 50 करोड़ के सभी नोट 2 हजार के हैं गजेंद्र: 45 टका। इसमें 5% हमारा मीडिएटर का रहेगा। उनका 40 का फिगर है।रिपोर्टर: ठीक हैगजेंद्र: 5 हमारा बच जाएगा, ढाई आप ले लीजिए, ढाई हम ले लेंगेरिपोर्टर: ठीक है गजेंद्र: अभी हमारे CA साहब नहीं हैं। वही सब करवाएंगेरिपोर्टर: ठीक है गजेंद्र: गाड़ी आएगी और गाड़ी से ही ले जाएंगेरिपोर्टर: किसकी गाड़ीगजेंद्र: उनका सिस्टमउदित: CMSगजेंद्र: बैंक का कैश वाली CMS मिल जाएगीरिपोर्टर: CMS वाली गाड़ी आएगीगजेंद्र: हां गजेंद्र ने बताया कि इस काम में उसके साथ देवेंद्र वर्मा नाम का एक चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल है, जिसकी नोएडा में पार्टनरशिप में चलने वाली एक सीए फर्म है। सीए देवेंद्र वर्मा से हमारी मुलाकात नोएडा सेक्टर-18 के एक रेस्टोरेंट में हुई। रिपोर्टर और देवेंद्र के बीच हुई बातचीत देवेंद्र: बताओ फिर क्या है रिपोर्टर: 2 हजार के नोट वाले 50 करोड़ बदलना है देवेंद्र: 50-50 में बात हुई है रिपोर्टर: हांगजेंद्र: 5 हम लोग रखेंगे, 40 दे देंगेरिपोर्टर: मतलब पार्टी को 50गजेंद्र : पार्टी को 50 जाएगा। आपकी पार्टी को 40 जाएगा। बाकी जो 10 बचे, उसमें से 5-5 हम रख लेंगेदेवेंद्र: ठीक है, कब करोगे? पार्ट में?रिपोर्टर: पार्ट में ही समझदारी है देवेंद्र: जैसे किसी दूसरी सिटी से लाना है, नोएडा में एक जगह रख दिया, उसमें से ढाई ले आए, फिर एक घंटे बाद ढाई ले आए…रिपोर्टर: नहीं, ऐसा नहीं होगा। जैसे बात हुई है, 5 करोड़ का स्लॉट, तो 5 करोड़ मैं आपके पास ले आऊंगादेवेंद्र: ढाई दे देंगेरिपोर्टर: आप मुझे ढाई देंगे, 500-500 के नोट में देवेंद्र: कहोगे तो 100-100 के दे देंगे, पर फिर बहुत ज्यादा हो जाएगा रिपोर्टर: कुली करना पड़ेगादेवेंद्र: हां, 500-500 ठीक रहेगा। एक दिन फाइनल कर लो। उस दिन आप ले आनारिपोर्टर: ठीक है, एक बार लोकेशन बता देना कहां लाना हैदेवेंद्र: वो मैं बता दूंगा देवेंद्र वर्मा और गजेंद्र यादव के दावों से पता चलता है कि दिल्ली एनसीआर में 2 हजार के नोट बदलने का सिस्टम एक्टिव है। पड़ताल के दौरान हमारी अगली मुलाकात अबरार नाम के शख्स से हुई। अबरार के संपर्क पुरानी दिल्ली के कई हवाला एजेंटों से बताए गए। अबरार ने बताया कि वह सैयद केसी नाम के एक व्यक्ति को जानता है, जो 2 हजार के नोटों की कितनी भी बड़ी रकम बदलवा सकता है। अबरार के मुताबिक, सैयद चांदनी चौक का बड़ा हवाला एजेंट है। दूसरी मुलाकात : सैयद केसी लोकेशन : जाफराबाद,दिल्ली क्या तरीका बताया : बैंक वर्किंग डे में बदलेंगे रिपोर्टर और सैयद के बीच हुई बातचीत… सैयद: लगभग कितना हैरिपोर्टर: 50 करोड़ के आसपास। 5 करोड़ स्टार्टिंग में ले आए या 10 करोड़सैयद: जितने मर्जी ले आओरिपोर्टर: 10 करोड़ भी हो जाएंगेसैयद: कोई दिक्कत नहीं। आप बैंक वर्किंग डे पर लानारिपोर्टर: बैंकसैयद: हां, बैंक वर्किंग डे पर, सुबह 10 से शाम 4 तकरिपोर्टर: तो बैंक में होगासैयद: बैंक में नहीं। हम अपने पास रख लेंगे, आप निकाल लेंगे। आपको बैंक वर्किंग डे पर लाना हैरिपोर्टर: मतलब बैंक वर्किंग डे पर हीसैयद: हां, हम निकालकर देंगे। सामने बैंक है, कोई दिक्कत नहींरिपोर्टर: 5 करोड़ निकल जाएंगेसैयद: हां, सब मैनेज कर लेंगेरिपोर्टर: पैसे कैसे देंगे, सिस्टम क्या रहेगासैयद: गाड़ी लेकर आओ, वहीं हैंडओवर कर देंगेरिपोर्टर: गाड़ी में देंगेसैयद: हांरिपोर्टर: पहले पैसेसैयद: पहले चेक करेंगे, फिर हाथ के हाथ देंगे। टाइम नहीं लगेगारिपोर्टर: कमीशन कितना रहेगासैयद: 35–65, 65 आपको देंगे, 35 वो रखेंगे रिपोर्टर: मतलब 1 करोड़ में 65 लाख आपकोसैयद: हां, सीधे हाथों-हाथ। 500 के नोट मेंरिपोर्टर: 2000 के नोट बैंक में जमा होंगेसैयद: हां, बैंकिंग चैनल सेसैयद: हमारे पास CMS गाड़ी की परमिशन है। बड़े नोट मूवमेंट का इंतजाम रहता है रिपोर्टर: कितनी रकम रूटीन में रहती हैसैयद: 20–25 करोड़। बाहर से ट्रांसफर हो तो हाथ के हाथ सैयद केसी ने दावा किया कि पुरानी दिल्ली के आढ़ती, यानी हवाला कारोबारी, 35 फीसदी कमीशन पर 2 हजार के नोट बदलने के इस पूरे खेल को अंजाम देंगे। उसके मुताबिक, इन लोगों की बैंकों में सेटिंग है। सीएमएस की गाड़ी से पैसा आएगा और वहीं गिनती व जांच-पड़ताल के बाद हाथों-हाथ 2 हजार के बदले नए नोट दे दिए जाएंगे। उसका दावा था कि पूरा लेन-देन गाड़ी के अंदर ही निपटा दिया जाएगा। नोट बदलने वाले 2 माफियाओं से मुलाकात के बाद हमारी पड़ताल और आगे बढ़ी। सूत्रों से पता चला कि यह खेल सिर्फ हवाला नेटवर्क तक सीमित नहीं है। इंटरनेट पर भी ऐसे कई लोग और ग्रुप सक्रिय हैं, जो क्रेडिट कैश कराने या डिजिटल लेन-देन की आड़ में 2 हजार के नोट बदलवाने का दावा करते हैं। गूगल पर सर्च करने पर हमें कैश अगेंस्ट क्रेडिट कार्ड नाम की एक वेबसाइट मिली। वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर हमने सीधे कॉल किया। फोन संतोष नाम के शख्स ने उठाया। हमने बिना घुमाव के सीधे 2 हजार के नोट बदलवाने की बात कही। बातचीत कुछ ही देर में मुलाकात तय करने तक पहुंच गई। जगह और समय भी फिक्स हो गया। तीसरी मुलाकात : संतोष कुमार लोकेशन : कनॉट प्लेस, नई दिल्ली क्या तरीका बताया : 30 फीसदी ही रिटर्न मिलेगा रिपोर्टर और संतोष के बीच हुई बातचीत… संतोष: पूरी रकम एक बार में नहीं हो सकती, पार्ट्स में करना होगा रिपोर्टर: हां संतोष: पहले कितनी रकम से शुरुआत हो सकती है रिपोर्टर: 50 लाख से शुरू कर लेते हैं संतोष: शुरुआत के लिए थोड़ा ज्यादा है, फिर भी बात करके बताऊंगा रिपोर्टर: नोट बिल्कुल नए हैं, इस्तेमाल नहीं हुए। जिनसे एक्सचेंज होगा, वो दिल्ली से बाहर की पार्टी है क्या? संतोष: हां, बाहर की पार्टी है। रिपोर्टर: अभी बैंक नहीं ले रहे, सिर्फ RBI ले रही है संतोष: हां, अब प्रक्रिया RBI चैनल से ही है। फॉर्मेलिटी और डॉक्यूमेंटेशन समझना पड़ेगा रिपोर्टर: यहां तो सीधे कैश ट्रांजैक्शन की बात हो रही है संतोष: बड़ी रकम पर सवाल उठते हैं, इसलिए प्रक्रिया संभलकर करनी होगी रिपोर्टर: काम पक्का है संतोष: हां, कन्फर्म है रिपोर्टर: कमीशन कितना संतोष: 30% रिटर्न मिलेगा, 70% उधर रहेगा संतोष: पहले समय होता तो वैल्यू बेहतर मिलती, अभी स्थिति कमजोर है। नोट बदलने के नियम क्या हैं : बिना रिकॉर्ड बदलना गैरकानूनी RBI ने साफ किया है कि, 2 हजार रुपए का नोट अब भी लीगल टेंडर है। यानी किसी व्यक्ति के पास 2 हजार रुपए का नोट है तो कोई अपराध नहीं है, लेकिन इन नोटों को आरबीआई में जमा करना जरूरी है। देशभर में आरबीआई के 19 इश्यू ऑफिस हैं, जहां नोट बदले जा सकते हैं। RBI के अनुसार 2 हजार के नोट को बदलने या बैंक खाते में जमा कराने के लिए कोई नया दस्तावेज आवश्यक नहीं है, लेकिन प्रक्रिया KYC नियमों के तहत होती है। आम तौर पर 20 हजार रुपए तक के नोट बदलने पर कागजात नहीं मांगे जाते, हालांकि शक या बार-बार लेन-देन पर पहचान पूछी जा सकती है। बैंक में जमा करते समय KYC अनिवार्य है। आधार/पैन की मांग हो सकती है। बड़ी रकम पर पैन के साथ पैसे के सोर्स की भी जांच होती है। इंडिया पोस्ट से भेजने पर भी पहचान और बैंक विवरण देना जरूरी है। RBI स्पष्ट करती है कि बिना रिकॉर्ड या सेटिंग के 2 हजार के नोट बदलना नियमों के खिलाफ है। कॉन्क्लूजन : सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के मकसद से 2 हजार रुपए के नोट बंद किए थे, लेकिन नोट माफिया अपने नेटवर्क के जरिए ब्लैक को व्हाइट कर रहे हैं। सवाल उठता है कि अब तक कितने काले धन रखने वाले अपना पैसा ठिकाने लगा चुके होंगे। यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि पूरे वित्तीय सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नोट : भास्कर ने इस पूरे को लेकर RBI, दिल्ली पुलिस, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और ED को ईमेल किया है। जवाब आते ही खबर में अपडेट करेंगे। ……………………………. आप ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं ‘लड़की पसंद कर लो, फंसाने का काम हमारा’:कॉन्ट्रेक्ट लेकर हनीट्रैप–सेक्सटॉर्शन करने वाले एक्सपोज, नाबालिग के साथ बनाते हैं वीडियो ‘14 प्लस बेस्ट है…। उसी में सीधा पॉक्सो लगता है। टच भी नहीं हुआ, तब भी केस पक्का। 18 में सहमति का सवाल आ जाता है। 14 में आदमी पूरी तरह फंसता है।’ ये बात सेक्सटॉर्शन और हनीट्रैप का कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली गैंग के एजेंट ने दैनिक भास्कर के खुफिया कैमरे पर कही। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
रिपोर्टों के अनुसार, सार्वजनिक दस्तावेजों में कुछ ईमेल और कथित बयानों का उल्लेख है, जिनमें एप्सटीन ने माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के बारे में दावे किए हैं। इनमें आरोप है कि गेट्स को रूसी महिलाओं के साथ संबंधों के बाद यौन संचारित रोग (एसटीडी) हुआ था।
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अलर्ट में कहा कि चुनावी अवधि के दौरान राजनीतिक हिंसा किसी भी रूप में सामने आ सकती है। शांतिपूर्ण रैलियां अचानक हिंसक हो सकती हैं और चरमपंथी संगठनों द्वारा हमलों का खतरा बना रह सकता है।
ट्रंप का ट्रिपल वार: ब्रिटेन, क्यूबा और कनाडा पर एक साथ सख्ती,जानें क्या है मामला
इमिग्रेशन कार्रवाई को लेकर देश में विरोध बढ़ रहा है, वहीं डेमोक्रेट पार्टी के साथ टकराव के चलते संघीय सरकार पर शटडाउन का खतरा भी मंडरा रहा है। ऐसे में ट्रंप का यह बहुस्तरीय आक्रामक रुख ध्यान भटकाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
खलीफा से पहले शी जिनपिंग का तख्तापलट? बीजिंग में अंदरखाने सुलग रही चिंगारी बन सकती है ज्वाला
भारत और जापान के बीच समुद्री सहयोग और आपसी तालमेल बढ़ाने पर चर्चा
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि इंडियन नेवी और जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) के बीच हाल ही में स्टाफ टॉक्स के 11वें संस्करण का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में किया गया।
तो गाजा से मिट जाएगा हमास का नामोनिशान? सीजफायर को लेकर इजरायल का बड़ा बयान
Israel-Gaza War Ceasefire: हमास-इजरायल के बीच जंग के बाद अब सीजफायर जारी है. वहीं अब इजरायल का कहना है कि युद्ध समाप्त होने के बाद गाजा में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी.
Bangladesh General Election News: बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. इससे पहले वहां पर हिंसा का चक्र तेज हो गया है. इसे देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
1 सप्ताह तक नहीं चलेंगी मिसाइल-गोलियां... ट्रंप की मांग पर रूस ने कीव पर रोका अटैक; क्या बताया कारण?
Russia-Ukraine War Ceasefire: रूस-यूक्रेन के बीच जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रेपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से सीजफायर को लेकर बातचीत में मदद करने की अपील की.
Gold-Silver Latest Price News: दुनिया में सोने के बढ़ते दाम रुकने का नाम क्यों नहीं ले रहे हैं? क्या इसका कनेक्शन स्विट्जरलैंड में पहाड़ों के नीचे बने अंडरग्राउंड बंकरों से है, जहां पर धड़ाधड़ गोल्ड खरीदकर जमा किया जा रहा है. आखिर इन सबके मायने क्या हैं.
EU To List Iran Revolutionary Guards As Terror Group: यूरोपीय संघ (EU) की ओर से खामेनेई के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर को आतंकवादी संगठन में लिस्ट करने के फैसले के बाद अब ईरान का रिएक्शन सामने आया है.
US Iran Latest News: यूएस और ईरान के बीच जंग के बादल लगातार गहरा रहे हैं. जहां यूएस अपनी सैन्य घेराबंदी मजबूत कर रहा है. वहीं ईरान ने भी 1 फरवरी से लाइव फायर ड्रिल का ऐलान कर अमेरिका को संदेश दे दिया है.
शादी से पहले फिजिकल रिलेशन! इस देश में कपल पर बरसाए गए 140 कोड़े, बेहोश हो गई महिला
Indonesia News: इंडोनेशिया में एक कपल को शादी से पहले फिजिकल रिलेशन बनाने और शराब पीने की वजह से 140-140 कोड़े मारे गए, इस आचेह प्रांत में शरिया कानून लागू होने के बाद से यह सबसे कड़ी सजाओं में से एक है.
South Korea News: साउथ कोरिया में मार्शल लॉ के दौरान दो मिलिट्री कमांडरों ने सांसदों को अरेस्ट करने की कोशिश की गई थी. अब ऐसे करने वाले कमांडरों को बर्खास्त कर दिया गया है. जानिए क्या है पूरा मामला.
ब्रिटेन और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज हो गए हैं. चीन दौरे पर गए ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मरकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद ट्रंप ने इसे “बहुत खतरनाक” कदम बताया है. इस बयान से दुनिया की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है.
‘अखबार ले लो…’ पेरिस के आखिरी हॉकर को मिला फ्रांस का सर्वोच्च सम्मान
Last Newspaper Hawker France: पेरिस की सड़कों पर दशकों से गूंजती अखबार ले लो की आवाज अब इतिहास में दर्ज हो गई है. 73 साल के अली अकबर, जिन्हें फ्रांस का आखिरी पारंपरिक हॉकर माना जाता है, उन्हें राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश के बड़े नागरिक सम्मान से नवाजा है. यह सम्मान उनके काम, मेहनत और पेरिस की पुरानी परंपरा को जिंदा रखने के लिए दिया गया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला के ऊपर कमर्शियल एयरस्पेस फिर से खोलने जा रहा है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच संबंधों के एक नए दौर की शुरुआत हो रही है. इसमें अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में काम के मौके तलाश रही हैं.
नई दिल्ली/ब्रसेल्स। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच संपन्न मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सराहना मिल रही है। जिस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’ की संज्ञा दी गई, उसे अब वैश्विक मीडिया, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और यूरोपीय नेताओं ने आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से ऐतिहासिक करार दिया है। कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत को इस समझौते का “रणनीतिक विजेता” बताया है। यह समझौता न केवल व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है, बल्कि इसे बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन के बीच भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका का संकेत भी माना जा रहा है। ब्रिटिश मीडिया ने कहा- मोदी असली विजेता ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अखबार द टेलीग्राफ में जेम्स क्रिस्प के लेख का शीर्षक ही इस समझौते की महत्ता को दर्शाता है— “यूरोपीय संघ के साथ ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील्स’ में मोदी असली विजेता हैं।” लेख में तर्क दिया गया है कि इस समझौते से भारत ने रणनीतिक रूप से बड़ी बढ़त हासिल की है। लेख के अनुसार, ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित है, भारत ने संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति के जरिए खुद को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित किया है। ब्लूमबर्ग: ‘दुनिया के रास्ते मोदी की ओर’ ब्लूमबर्ग के डैन स्ट्रंपफ ने अपने विश्लेषणात्मक लेख “ट्रंप से बचाव के लिए दुनिया के सभी रास्ते मोदी की ओर” में इस समझौते को एक उभरते वैश्विक रुझान का संकेत बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत और ईयू के बीच हुआ यह व्यापक समझौता दर्शाता है कि नई दिल्ली वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं में केंद्रीय भूमिका निभाने को तैयार है। भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक स्थिर और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। ब्लूमबर्ग ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका-यूरोप संबंधों में बदलते समीकरणों के बीच भारत एक संतुलनकारी शक्ति के रूप में उभर रहा है। अमेरिकी मीडिया ने भी सराहा समझौता वाल स्ट्रीट जर्नल, न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट, द गार्जियन और बीबीसी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस समझौते के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डाला है। इन प्रकाशनों ने इसे वैश्विक व्यापार के नए अध्याय की शुरुआत बताते हुए कहा कि यह समझौता यूरोप और एशिया के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा। विश्लेषकों के मुताबिक, यह एफटीए आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण, प्रौद्योगिकी सहयोग और बाजार पहुंच को बढ़ावा देगा। पाकिस्तानी विश्लेषक की स्वीकारोक्ति इस समझौते की गूंज पाकिस्तान तक भी सुनाई दी। फॉक्स न्यूज पर चर्चा के दौरान पाकिस्तानी पत्रकार कमर चीमा ने स्वीकार किया कि इस समझौते से भारत को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कई प्रमुख क्षेत्रों में टैरिफ शून्य होने से भारतीय उत्पादों की यूरोपीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बढ़ेगी। उनके अनुसार, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देश अब यूरोपीय बाजार में भारत से प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई महसूस करेंगे। यह टिप्पणी दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय व्यापारिक समीकरणों में संभावित बदलाव की ओर भी संकेत करती है। यूरोपीय नेताओं ने बताया ऐतिहासिक कदम इस समझौते को यूरोपीय नेतृत्व ने भी सकारात्मक और रणनीतिक कदम बताया है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन, ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टाकर, डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन, फ्रांस के विदेश व्यापार एवं आर्थिक मामलों के मंत्री निकोलस फोरिसियर और यूरोपीय संसद सदस्य सैंड्रो गोजी सहित कई नेताओं ने इसे भू-राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। इन नेताओं का मानना है कि यह समझौता न केवल व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि भारत-ईयू संबंधों को नई रणनीतिक दिशा देगा। आर्थिक और भू-राजनीतिक संतुलन का संकेत विशेषज्ञों के अनुसार, यह एफटीए ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था अनिश्चितताओं से गुजर रही है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस-यूक्रेन युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला संकटों के बीच भारत और ईयू का यह समझौता स्थिरता और सहयोग का संदेश देता है। भारत के लिए यह समझौता विनिर्माण, कृषि, फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और आईटी जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। वहीं, यूरोप को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के साथ गहरा आर्थिक जुड़ाव मिलेगा। भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस समझौते ने भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है, जो वैश्विक व्यापार और कूटनीति दोनों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व शैली को कई अंतरराष्ट्रीय लेखों में व्यावहारिक, संतुलित और दीर्घकालिक रणनीति पर आधारित बताया गया है। भारत की बहुपक्षीय कूटनीति और संतुलनकारी रुख ने उसे पश्चिम और वैश्विक दक्षिण दोनों के लिए एक विश्वसनीय साझेदार बनाया है। व्यापार से आगे की साझेदारी भारत-ईयू एफटीए को केवल एक व्यापारिक दस्तावेज के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे 21वीं सदी की वैश्विक शक्ति संरचना में भारत की बढ़ती भूमिका के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।
Nanook Band: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. इसी बीच ग्रीनलैंड का नानूक बैंड चर्चाओं में आ गया है. ये बैंड शांति का संदेश दे रहा है.
भारत-EU की डील अमेरिका की नाराजगी, यूरोप के रुख को बताया ‘निराशाजनक’
स्कॉट बेसेंट ने इंटरव्यू में कहा, “वे जो अपने लिए बेहतर समझें, वही करें, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि यूरोपीय देशों का रुख बहुत निराश करने वाला है, क्योंकि वे यूक्रेन-रूस युद्ध में अग्रिम मोर्चे पर हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और ईयू ने नई दिल्ली में एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
रूस ने जेलेंस्की को दिया मॉस्को आने का न्योता, युद्ध के बीच शांति वार्ता की कोशिशें तेज
रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच वार्ता का अगला दौर रविवार को अबू धाबी में निर्धारित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मानवीय मुद्दों, युद्धबंदियों की अदला-बदली और बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर चर्चा हो सकती है। हालांकि, क्रेमलिन ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं।
2020 की गलती 2026 में सजा! IRS- ट्रेजरी डिपार्टमेंट पर केस; ट्रंप क्यों खोल रहे हैं पुरानी फाइल?
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप IRS और ट्रेजरी डिपार्टमेंट पर $10 बिलियन का केस कर रहे हैं. ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ये साल 2018-2020 के बीच प्रेसिडेंट की टैक्स जानकारी को लीक होने से रोकने में नाकाम रहे.
Trumprx Website: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन एक नई सरकारी वेबसाइट TrumpRx लॉन्च करने जा रहा है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोग दवा कंपनियों से सीधे कम दाम पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों का दवा पर होने वाला खर्च घटेगा, लेकिन इस योजना को लेकर दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स में हलचल मची गई है.
ट्रंप की चेतावनी– कनाडाई एयरक्राफ्ट पर 50% टैरिफ लगाने की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ व्यापारिक स्तर पर एक्शन लेने की चेतावनी दी है
क्यूबा से खतरे पर ट्रंप का बड़ा कदम, अमेरिका में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि क्यूबा से अमेरिका को एक असामान्य और गंभीर खतरा है। उन्होंने क्यूबा सरकार से पैदा हुए खतरे को लेकर देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है
14 बच्चों की मौत का जख्म भरा भी नहीं था, 11 और चले गए, दक्षिण अफ्रीका की सड़कों पर क्यों हुई मौतें?
दक्षिण अफ्रीका में एक बार फिर से सड़क हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है. मिनीबस टैक्सी और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है. जिनमें एक स्कूली बच्चा भी शामिल है. यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिन पहले ही इसी तरह की दुर्घटना में 14 स्कूली बच्चों की जान गई थी.
कनाडा के Bombardier Jets की छुट्टी; ट्रंप का बड़ा ऐलान; PM कार्नी को फिर दी 50% टैरिफ की धमकी
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में बने विमानों पर 50% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. बता दें ट्रंप की ये धमकी गल्फस्ट्रीम जेट के प्रमाणन विवाद के बाद आई है. चीन के साथ कनाडा के बढ़ते व्यापार को लेकर भी ट्रंप ने 100% टैरिफ की धमकी दी थी जिससे अमेरिका-कनाडा तनाव और बढ़ गया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल ने रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ी राहत दिलाई है. ट्रंप की अपील पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कड़ाके की ठंड के दौरान एक हफ्ते तक कीव और अन्य शहरों पर हमले न करने पर सहमति जता दी. इसके पीछे की वजह चौंकाने वाली है.
Great American Recovery Initiative: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नशे और लत के खिलाफ लड़ाई के लिए एक नई राष्ट्रीय योजना की शुरुआत की है. इसका नाम ग्रेट अमेरिकन रिकवरी इनिशिएटिव रखा गया है. इस योजना का मकसद नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को इलाज, सहारा और दोबारा सामान्य जिंदगी में लौटने में मदद देना है.
Russia-Ukraine Peace Talks: रूस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आमंत्रित किया है. जानकारी के अनुसार, ये कदम अबू धाबी में रूस-यूक्रेन-अमेरिका की पहली त्रिपक्षीय वार्ता के बाद आया है. वहीं, यूक्रेन पर रूसी ड्रोन हमले जारी हैं जिन्हें कीव शांति प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश बता रहा है.
इजराइल से लेकर US बेस तक...जंग में शामिल होगा पूरा इलाका, धमकियों के बीच ईरान ने ट्रंप को चेताया
Donald Trump: अमेरिका और ईरान दोनों एक दूसरे पर लगातार तंज कस रहे हैं, इसी बीच ईरानी आर्मी के स्पोक्सपर्सन मोहम्मद अकरामी निया ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है ट्रंप ऑपरेशन कर सकते हैं और फिर दो घंटे बाद ट्वीट कर सकते हैं, तो ऐसा कुछ भी नहीं है.
EU Designates IRGC Terrorist: यूरोपीय यूनियन ने ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. यह फैसला ईरान में हाल ही में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों और उन पर की गई सख्त कार्रवाई के बाद लिया गया है. इसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी. इस कदम को यूरोप की ईरान नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

