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रिंकू सिंह-प्रिया सरोज की शादी की तारीख तय, लखनऊ में लेंगे सात फेरे

क्रिकेटर रिंकू सिंह और समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज की शादी की तारीख तय हो गई है. दोनों 4 दिसंबर को लखनऊ के रमाडा होटल में शादी के बंधन में बंधेंगे. शादी में परिवार के सदस्यों के अलावा करीबी रिश्तेदार और खास मेहमान शामिल हो सकते हैं. इससे करीब 15 महीने पहले 8 जून 2025 को दोनों की रिंग सेरेमनी हुई थी.

आज तक 15 Sep 2026 8:23 pm

अंबानी के गणेशोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री का देसी अंदाज

अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री पारंपरिक अंदाज में पहुंचे. भगवा कुर्ता, सफेद धोती, मरून शॉल के साथ उन्होंने गोल्डन खड़ाऊ और चांदी के कड़े पहने थे. पैरों में लगा आलता भी चर्चा में रहा. उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लुक सुर्खियों में है. वीडियो में जानें सोशल मीडिया पर यूज़र्स क्या कर रहे कमेंट.

आज तक 15 Sep 2026 8:22 pm

अलमारी की दराज से आती है सीलन की बदबू? परफ्यूम नहीं, ऐसे करें दूर

How To Remove Musty Smell From Wooden Drawers: पुरानी अलमारी या ड्रेसिंग टेबल की दराज से आने वाली सीलन और बासीपन की महक कपड़ों को भी खराब कर देती है. अगर आपकी भी दराजों से सीलन की अजीब की महक आ रही है, तो परेशान ना हों. आप घर पर रखी कुछ आसान चीजों का इस्तेमाल करके दराजों से फफूंदी और नमी की बदबू हटा सकते हैं. चलिए जानते हैं असरदार नुस्खे.

आज तक 15 Sep 2026 8:18 pm

वैभव जैसा 'हीरा' कहां मिलेगा? खरीदने के लिए तरस रहे IPL मालिक

आईपीएल की टीम लखनऊ के मालिक संजीव गोयनका के पास वैभव सूर्यवंशी को खरीदने का मौका था. लेकिन वह ऑक्शन के दौरान वैभव को अपनी टीम में शामिल करने से चूक गए.

आज तक 15 Sep 2026 8:17 pm

B-ग्रेड हसीना के प्यार में थे विजय वर्मा? तमन्ना को दिया धोखा!

नेहल वडोलिया ने विजय वर्मा के साथ अफेयर को लेकर ट्रोल्स को जवाब दिया है. नेहल ने अपने अतीत और करियर के बारे में खुलकर बात की.

आज तक 15 Sep 2026 8:16 pm

Donald Trump ने डाक मतपत्र पर रोक खारिज होने के बाद Supreme Court की आलोचना की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इस साल के मध्यावधि चुनावों में डाक मतपत्रों पर पाबंदी लगाने की उनकी कोशिश को खारिज किए जाने के बाद अमेरिकी उच्चतम न्यायालय की आलोचना करते हुए कहा कि उनका विरोध करने वाले न्यायाधीश “वे लोग नहीं हैं जिनका मैंने साक्षात्कार लिया था”। ट्रंप प्रशासन ने आखिरी समय में यह कोशिश की थी कि डाक मतपत्र प्राप्त करने के लिए कौन पात्र होगा, यह तय करने में अमेरिकी डाक सेवा (यूएसपीएस) की केंद्रीय भूमिका हो। लेकिन राज्य के चुनाव अधिकारियों ने दलील दी कि तीन नवंबर के मध्यावधि चुनावों के लिए बदलाव करने का पर्याप्त समय नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मौजूदा व्यवस्थाएं पहले से ही सुरक्षित और सटीक हैं। अदालत ने सोमवार देर रात आपात आदेश में फैसला सुनाया कि ये पाबंदियां इस साल के चुनाव के लिए कम से कम अदालत में टिकने योग्य नहीं हैं। ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, “देश के लिए सही काम करने में अदालत की अक्षमता और अनिच्छा इतिहास में बहुत नकारात्मक तरीके से दर्ज होगी। इस उच्चतम न्यायालय को कट्टरपंथी वामपंथियों द्वारा दबाव में लाकर और बहकाकर ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिन्होंने अमेरिका को कम से कम सौ साल पीछे धकेल दिया है।”न्यायमूर्ति नील गोरसच, एमी कोनी बैरेट और ब्रेट कैवनॉ को ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में नामित किया था, लेकिन सोमवार के फैसले में इन सभी ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया। ट्रंप ने कहा, “ये वे लोग नहीं हैं जिनका मैंने अमेरिका के उच्चतम न्यायालय में सेवा के लिए साक्षात्कार लिया था, वे अपने मूल स्वरूप की महज एक छाया भर रह गए हैं।” उन्होंने कहा कि अदालत “बेहद खराब फैसलों के जरिए अमेरिका को खरबों डॉलर का नुकसान पहुंचा रही है, जिनका प्रभाव इतना व्यापक है कि हमारे देश के लिए इससे उबरना या इसकी भरपाई करना आसानी से संभव नहीं होगा।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 8:13 pm

राजस्थान निकाय चुनाव में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’! खरीद फरोख्त का खुला खेल

राजस्थान निकाय चुनाव में जीते हुए करीब दस हजार पार्षदों को राजनीतिक दलों ने अलग-अलग होटलों और रिसॉर्ट्स में बंद रखा है ताकि वे दूसरे दलों के संपर्क में न आएं और बोर्ड गठन की प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

आज तक 15 Sep 2026 8:07 pm

रेस में एथलीट का निकल गया मल, आखिर ऐसा क्यों हुआ?

बीजिंग में हुई हाइड्रोक्स प्रतियोगिता के दौरान ऑस्ट्रेलियाई एथलीट जोआना विएत्रज़िक का रेस के दौरान मल निकल गया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है.

आज तक 15 Sep 2026 8:00 pm

गांव की सड़क पर दिखा विशाल मगरमच्छ, घरों के बीच पहुंचा तो अफरा-तफरी

सुपौल के नेपाल सीमावर्ती खोंटाहा गांव में रिहायशी इलाके के बीच सड़क पर विशाल मगरमच्छ पहुंच गया. घर के पास मगरमच्छ देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. सूचना पर वन विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची. ग्रामीणों की मदद से जाल बिछाकर मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा गया. ग्रामीणों का कहना है कि 2008 की कोसी बाढ़ के बाद से इलाके में मगरमच्छ दिखते रहे हैं.

आज तक 15 Sep 2026 7:56 pm

केंद्रीय मंत्री मुरलीधर के सुरक्षा काफिले को बाइक सवार ने किया ओवरटेक

पुणे के शिवाजीनगर में केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल के सुरक्षा काफिले को बाइक सवार ने ओवरटेक किया. पुलिस ने 32 वर्षीय युवक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 15 Sep 2026 7:56 pm

अंबानी के गणेशोत्सव में टिफनी ट्रंप ने ऐसे लूटी महफिल

मुकेश और नीता अंबानी के गणेशोत्सव में डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप पति माइकल बोलोस के साथ पहुंचीं. टिफनी ने लहंगा-चोली और पारंपरिक जूलरी में देसी लुक अपनाया. संजय दत्त ने उनके साथ तस्वीर साझा की, जबकि राधिका अंबानी संग उनकी सेल्फी भी सामने आई. वीडियो में जानें सोशल मीडिया पर यूज़र्स का रिएक्शन.

आज तक 15 Sep 2026 7:55 pm

पितृपक्ष में ये 3 चीजें खरीदने से लगता है त्रिदोष, भूलकर भी घर न लाएं

पितृपक्ष में कुछ खास चीजों की खरीदारी बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. इन में झाड़ू, नमक और सरसों के तेल को सबसे प्रमुख माना गया है. कहते हैं कि पितृपक्ष में इन चीजों को खरीदने त्रिदोष लगता है. यह त्रिदोष इंसान को अर्श से फर्श तक पहुंचा सकता है.

आज तक 15 Sep 2026 7:51 pm

राज ठाकरे के घर बप्पा दर्शन के लिए नहीं गए CM फडणवीस और शिंदे, इस वजह से बनाई दूरी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे की पीएम मोदी और अमित शाह पर तीखी आलोचना के बाद इस बार उनके घर गणपति दर्शन से दूरी बनाई. फडणवीस ने राज ठाकरे पर अमित शाह के बयान को चुनिंदा तरीके से सुनने का आरोप लगाते हुए कहा कि बहुभाषी होने से मराठी पहचान प्रभावित नहीं होती.

आज तक 15 Sep 2026 7:47 pm

नौकर को रातों-रात बनना था अमीर, कर डाली 12 करोड़ की चोरी, फिर...

मथुरा के कोसीकलां में जुगल किशोर ज्वेलर्स के यहां हुई 12 करोड़ की सनसनीखेज चोरी का एसटीएफ और पुलिस ने खुलासा कर दिया है. दुकान के पूर्व कर्मचारी ने अपने परिवार के साथ मिलकर गैस कटर से छत काटकर इस वारदात को अंजाम दिया था.

आज तक 15 Sep 2026 7:46 pm

वैभव बाहर, इस खिलाड़ी की एंट्री, दूसरे T20I में ऐसी है टीम इंड‍िया

भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेले जा रहे दूसरे T20I में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया. वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली. वहीं साइड स्ट्रेन के कारण वरुण चक्रवर्ती बाहर हैं. अफगानिस्तान ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है.

आज तक 15 Sep 2026 7:44 pm

हॉस्टल-फीस के वादे दरकिनार, डूसू चुनाव में हावी हुआ 'डिजिटल वार'!

कैंपस की असली बहसों को दरकिनार कर उम्मीदवारों के निजी अकादमिक बैकग्राउंड, वायरल मार्कशीट और आरोप-प्रत्यारोप के जरिए वोट साधने की होड़ लगी है. छात्र संगठन प्रत्याश‍ियों पर न‍िजी हमले कर रहे हैं, जिसे आम छात्र कतई पसंद नहीं कर रहा है.

आज तक 15 Sep 2026 7:41 pm

बारिश के मौसम में खराब हो गए हैं बाल? तुरंत बदलें अपनी ये 4 आदतें

बारिश के पानी और मॉनसून के मौसम में नमी और पसीने की वजह से बालों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है और बालों की नेचुरल चमक भी खो जाती है. बालों को हेल्दी और शाइनी बनाने के लिए सितंबर में इन कुछ आसान हेयर केयर टिप्स को अपनी डेली रूटीन में शामिल करना चाहिए. आइए आपको 4 आसान हेयर केयर टिप्स के बारे में बताते हैं.

आज तक 15 Sep 2026 7:40 pm

India's Shield aginst China| भारत अपनी सैन्य रणनीति से कैसे चीन को फंसा रहा? | Teh Tak Part 6

हर गुजरते दिन के साथ चीन भारत के लिए और भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। चीन ने रणनीतिक तरीके से भारत को घेरना भी शुरू कर दिया है। चीन ने हाल के कुछ सालों में नेपाल, पाकिस्तान, म्यांमार और श्रीलंका के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाकर भारत के खिलाफ स्ट्रैजिक प्लानिंग में लगा है। विशेषज्ञों ने उसे स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का का नाम दिया है। आपको ये लगता होगा कि चीन हमेशा अपनी सीमा से आगे बढ़कर बॉर्डर वाले इलाकों के जरिये भारत में कब्जा जमाना जमाना चाहता है। लेकिन ये अकेला ऐसा इलाका नहीं है जहां से चीन भारत को घेरने की कोशिश करता है। लेकिन ये समझना चीन को भारी पड़ सकता है कि भारत इस मामले पर केवल हाथ पर हाथ धड़े बैठा है। भारत ने भी चीन को काउंटर करने के लिए नेकलस ऑफ डायमंड नाम की एक स्ट्रैटर्जी बनाई है। भारत ने चीन का मुकाबला करने की क्या योजना बनाई भारत ने दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों की अर्थव्‍यवस्‍था को साथ लेकर चलने के मकसद से एक्‍ट ईस्‍ट पॉलिसी को लॉन्‍च किया था। इसके अलावा वियतनाम, दक्षिण कोरिया, जापान, फिलीपींस, इंडोनेशिया, थाइलैंड और सिंगापुर जैसे देशों के साथ अहम सैन्‍य अड्डे और रणनीतिक समझौतों को अंजाम दिया गया है ताकि चीन को जवाब दिया जा सके। भारत ने म्‍यांमार के साथ नौसैनिक साझेदारी शुरू की है। इसके तहत म्‍यांमार की नौसेना को इंडियन नेवी की तरफ से ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि क्षेत्र में भारत की मौजूदगी बढ़ सके। भारत म्यांमार के सिटवे पोर्ट पर अपना व्यापारिक-बंदरगाह तैयार करने लगा है। देश के सबसे दूरस्थ राज्य, मिजोरम को कोलकता से जोड़ने के लिए वर्ष 2008 में भारत ने म्यांमार के साथ कालाडान प्रोजेक्ट के लिए करार किया। ये बंदरगाह कालडन नदी के जरिए भारत के मिजोरम से जुड़ जायेगा ताकि वहां से कार्गो-जहाज आवागमन कर सके। पाकिस्तान के ग्वादर में पोर्ट बना रहा है तो भारत भी ईरान के चाहबर-पोर्ट बनाने में जुट गया है। चाबहार बंदरगाह ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के मध्य में स्थित है। यहां पर भारत के पश्चिमी तट से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मालदीव पोर्ट के पास ही यहां पर मिलिट्री रडार लगा दिया। जिसकी वजह से यहां पानी के जहाज, नौसेना के जहाज जितनी भी गतिविधियां होती हैं उस पर नजर रखी जा सकती है। मालदीव सेशेल्‍स और ओमान में भी भारतीय नौसेना सक्रिय हो रही है. सिंगापुर के साथ साल 2017 में एक कॉन्‍ट्रैक्‍ट साइन किया गया था। भारत का नेकलेस ऑफ डायमंड भारत ने अपनी समुद्री सुरक्षा रणनीति के लिए मोजाबिंक चैनल समेत दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर, चीन के भारी निवेश वाले पूर्वी अफ्रीकी तट को बेहद अहम मानता है। विश्लेषकों का मानना है कि ये अभ्यास हिंद महासागर में पूर्वी अफ्रीकी देशों और द्वीपीय देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। पिछले कुछ सालों में हिंद महासागर भारत और चीन के बीच टकराव का नया केंद्र बनता जा रहा है। भारत ने चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स की नीति को मात देने के लिए नेकलेस ऑफ डायमंड नीति को मजबूत करना शुरू कर दिया है। क्या है पूरी स्ट्रैटर्जी? भारत ने हाल के दिनों में चीन को काउंटर करने के लिए गुपचुप तरीके से कई कदम उठाए हैं। जिसमें प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा का काफी रोल रहा है। भारत की ये योजना जमीनी स्तर पर तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। जिसका सीधा उदाहरण मॉरीशस में गुप्त तरीके से बन रहा भारत का मिलिट्री बेस है। मॉरीशस के अगलेगा द्वीप पर भारत के गुप्त सैन्य अड्डे की चर्चा फिर से शुरू हो गई है। इस आईलैंड की नई सैटेलाइट इमेज जारी हुई है जिससे पता चलता है कि भारतीय नौसेना के P-8I सबमरीन हंटिंग विमान को रखने के लिए आईलैंड पर हैंगर का निर्माण, नए बने रनवे के बगल में हो रहा है। पाकिस्तान के ग्वादर एयरोप्ट पर चीन की मौजूदगी को काउंटर करने के लिए भारत ने ओमान में एक बेस सेट-अप किया है। डैकम पोर्ट से भारत का महत्वपूर्ण क्रूड ऑयल ट्रेड होता है। इसके अलावा ये पोर्ट अरेबियन सी और गल्फ ईडन दोनों पर ही अपनी नजर रखता है। जो ओमान के साथ भारत के अच्छे रिश्तों की वजह से संभव हो पाया है। भारत इंडोनेशिया के साथ सबांग बंदरगाह प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है। अफ्रीका में जिबूती, पश्चिम एशिया में ओमान के टुकम बंदरगाह पर सैन्य गतिविधि के लिए भारत को अनुमति प्राप्त है। चीन के पड़ोसी देशों में जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया के साथ भारत के सैन्य समझौते हैं। जिसके अंतर्गत भारतीय नौसेना को इन देशों के बंदरगाहों पर तेल भरवाने मरम्मत करवाने और हथियार जुटाकर आगे बढ़ने का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: China 99-Year Trap | जानिए कैसे Chinese Territory बन गए श्रीलंका के 2 बड़े पोर्ट ?| Teh Tak Part 1

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 7:37 pm

UP: प्रयागराज में सपा नेता पवन यादव की गोली मारकर हत्या

प्रयागराज के हंडिया में सपा नेता पवन यादव को गोली मारी गई. समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन की इलाज के दौरान मौत हो गई.

आज तक 15 Sep 2026 7:34 pm

Silk Road Net in Central Asia | सिल्क रोड का असली सच: मध्य एशिया में चीन का खतरनाक खेल! | Teh Tak Part 5

आराम के फिराक में था एक कीड़ा पेड़ की पत्ती पर बैठा कुकून बनाने की जद्दोजहद में लगा हुआ था बेचारा लेकिन उसे कहां पता था कि एक रोज उसके कुकून का धागा बनाकर उस धागे से बने रुमाल को हिलाते हुए नायिका गाना गाएगी रेशम का रुमाल गले में डालकर तू आ जाना दिलदार मेरे रेशम यानी सिल्क से आपको हो सकता है रुमाल याद आए या शॉल या साड़ी लेकिन एक चीज और है जिसका नाम सिल्क से ही याद आता है सिल्क रूट या सिल्क रोड 2000 साल पहले तैयार किया हुआ एक रास्ता जो एशिया को यूरोप से जोड़ता था आज बड़ी बात नहीं लगती हमें लेकिन तब बहुत बड़ी बात थी। सिल्क रूट नाम से ही पता चलता है कि इस रास्ते से रेशम का व्यापार हुआ करता था हालांकि रेशम इकलौती चीज नहीं थी मसाले से लेकर सोने और घोड़ों तक तमाम चीजें इसी रास्ते से आती है और जाती थी। जब भारत आने का समुद्री रास्ता तैयार हो गया सिल्क रूट की अहमियत लगभग खत्म हो गई। लेकिन 2013 में जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कजाकिस्तान में अपने वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की घोषणा की, तो उन्होंने इसका आधिकारिक नाम सिल्क रोड इकोनॉमिक बेल्ट रखा (जो बाद में बीआरआई यानी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा बना। चीन इसे साम्राज्य विस्तार या कब्जे के बजाय ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों की बहाली के रूप में दुनिया के सामने पेश करना चाहता था। 'सिल्क रोड' नाम देने से इसे शांति, प्राचीन सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आर्थिक साझेदारी का प्रतीक बनाकर बेचा गया। कर्ज देना और जाल में फंसाना चीन मध्य एशिया और मुख्यभूमि दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए एक सुनियोजित आर्थिक मॉडल पर काम कर रहा है। इस रणनीति में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के लिए कर्ज देना, प्राकृतिक संसाधनों पर रियायतें हासिल करना और व्यापारिक मार्गों की व्यवस्था को चीन-केंद्रित बनाना शामिल है। किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और लाओस जैसे पहाड़ी और स्थलरुद्ध देश इस रणनीति के अहम केंद्र बनते जा रहे हैं। चीन के लिए ये देश उसके ओवरलैंड ट्रेड नेटवर्क और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के महत्वपूर्ण गेटवे हैं। कैसे काम करता है चीन का मॉडल? इस मॉडल की शुरुआत चीन के पॉलिसी बैंकों और सरकारी कंपनियों से होती है। चीन इन देशों में सड़क, रेल, बिजली और दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय मदद और निर्माण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसके बाद संबंधित देश भारी कर्ज के बोझ में आ जाता है। अगर वह कर्ज चुकाने में मुश्किल महसूस करता है तो कई मामलों में खनन अधिकार, ऊर्जा परियोजनाओं, पावर ग्रिड या अन्य रणनीतिक परिसंपत्तियों में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी या रियायतों का रास्ता खुल जाता है। यानी जिस बुनियादी ढांचे की शुरुआत विकास और कनेक्टिविटी के नाम पर होती है, वही आगे चलकर चीन को आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव हासिल करने का जरिया दे सकता है। सड़क-रेल से लेकर ट्रांजिट कंट्रोल तक चीन जिन देशों में निवेश करता है, वहां सड़क और रेल के ऐसे कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं जो उसके व्यापक व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ते हैं। इन परियोजनाओं से चीन को यूरोप, मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया तक जमीनी व्यापार मार्ग मजबूत करने में मदद मिलती है। इस व्यवस्था का एक अहम पहलू ट्रांजिट और लॉजिस्टिक्स पर बढ़ता प्रभाव है। बंदरगाहों और समुद्री रास्तों के साथ-साथ चीन अब रेल, हाईवे, बॉर्डर क्रॉसिंग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के जरिए अपने व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित और प्रभावशाली बनाने की कोशिश कर रहा है। कर्ज-संसाधन-रणनीतिक प्रभाव इस पूरे मॉडल को सरल शब्दों में समझें तो इसकी कड़ी कुछ इस तरह बनती है: चीन के बैंक और सरकारी कंपनियां → बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट → संबंधित देश पर बढ़ता कर्ज → कर्ज चुकाने में परेशानी → खनन/ऊर्जा/इंफ्रास्ट्रक्चर में रियायतें → चीन का बढ़ता आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव। हालांकि, किसी भी देश में चीन के निवेश को सीधे तौर पर ‘कर्ज के बदले कब्जा’ कहना हर मामले में सही नहीं होगा। लेकिन इतना स्पष्ट है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, कर्ज, प्राकृतिक संसाधन और लॉजिस्टिक्स—इन चारों को जोड़कर चीन अपनी क्षेत्रीय आर्थिक मौजूदगी को दीर्घकालिक रणनीतिक प्रभाव में बदलने की कोशिश करता है। कैसे मजबूत होती है चीन की पकड़? चीन की रणनीति सिर्फ सड़क और रेल नेटवर्क बनाने तक सीमित नहीं है। इन व्यापारिक गलियारों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि खनिज संसाधनों की आवाजाही सीधे चीन के औद्योगिक केंद्रों तक हो, जबकि चीन में तैयार होने वाला सामान इन्हीं रास्तों से संबंधित देशों के बाजारों तक पहुंचे। रेल और हाईवे कॉरिडोर का इस्तेमाल सोना, पोटाश, बॉक्साइट और तांबा जैसे भारी खनिजों की ढुलाई के लिए किया जा सकता है। ये संसाधन चीन के शिनजियांग और युन्नान जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचते हैं, जहां उनका प्रसंस्करण किया जाता है। इसके उलट चीन में तैयार उपभोक्ता वस्तुएं इन्हीं जमीनी व्यापार मार्गों के जरिए मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में पहुंचती हैं। यानी कच्चा माल चीन की ओर और तैयार माल चीन से बाहर यह व्यवस्था व्यापारिक गलियारों को बीजिंग की औद्योगिक जरूरतों से जोड़ देती है। इसे भी पढ़ें: India's Shield aginst China| भारत अपनी सैन्य रणनीति से कैसे चीन को फंसा रहा? | Teh Tak Part 6

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 7:34 pm

China Enters India Backyard | नेपाल-बांग्लादेश में चीन की सीक्रेट एंट्री:चिकन नेक पर कितना बड़ा खतरा? | Teh Tak Part 3

अक्टूबर 2019 की बात है महीने की 27 तारीख को दीवाली थी। लेकिन नेपाल की राजधानी काठमांडू में करीब एक पखवाड़े पहले ही दिवाली का माहौल बन गया था। रंग रोगन का काम चल रहा था, गड्ढे भरे जा रहे थे। कुल मिलाकर बोलचाल की भाषा में कहें तो एकदम चकाचक बनाने की तैयारी हो रही थी। यह सारी तैयारी पड़ोसी देश से आ रहे खास मेहमान के लिए थी। खास मेहमान थे शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति। उनसे पहले 1996 में आए थे जियांग जेमिन दोनों राष्ट्रपतियों के नेपाल आने के बीच 23 साल का फासला रहा। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह थी नेपाल और भारत की दोस्ती। कुछ सालों में यह समीकरण बदलने लगा और दोनों देशों के बीच रिश्तों में ठंडापन आ रहा है। नेपाल की गर्मजोशी उसकी उत्तर की दिशा यानी चीन के तरफ शिफ्ट होती जा रही है। चीन के दबाव में अपने फैसले लेने लगा है नेपाल। कुछ ऐसा ही हाल भारत के एक और पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के साथ भी देखने को मिला। नेपाल और बांग्लादेश में चीन की सक्रियता पारंपरिक आर्थिक मदद से रणनीतिक तौर पर अपनी पहुँच बढ़ाने की सोची-समझी कोशिश को दिखाती है। वहाँ की घरेलू राजनीतिक गुटबाजी, बुनियादी ढाँचे की कमी और भारत के दबदबे को संतुलित करने की इन देशों की पुरानी इच्छा का फ़ायदा उठाकर, चीन ने खुद को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और फ़ैसले लेने के ढांचे में शामिल कर लिया है। ट्रांस-हिमालयन मल्टी-डायमेंशनल कनेक्टिविटी नेटवर्क तिब्बत के रेलवे नेटवर्क को ऊबड़-खाबड़ हिमालयी इलाकों से होते हुए सीधे काठमांडू तक बढ़ाना। तकनीकी और पर्यावरणीय रूप से जोखिम भरा होने और इसमें भारी लागत आने के बावजूद, यह लाइन बीजिंग के भू-राजनीतिक मकसद को पूरा करती है। नेपाल को उत्तर की ओर से सप्लाई का एक वैकल्पिक रास्ता देना, ट्रांज़िट पर भारत के एकाधिकार को कम करना, और भारत-गंगा के मैदानी इलाकों तक चीन की तेज़ी से नागरिक-सैन्य लॉजिस्टिक्स पहुँचाना। तातोपानी–कोदारी (अरनिको हाईवे) और रासुवागढ़ी–केरुंग बॉर्डर पॉइंट्स को अपग्रेड करने से चीन का ट्रांज़िट इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्थित रूप से बढ़ा है। एयरपोर्ट फाइनेंसिंग और व्हाइट एलिफेंट का जाल चीन के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक से लगभग 216 मिलियन डॉलर के रियायती लोन से बना यह एयरपोर्ट एक ऐसा हाई-प्रोफाइल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जिसकी कमर्शियल व्यवहार्यता (मुनाफ़ा कमाने की क्षमता) पर सवालिया निशान हैं। भारत ने ऐसी बिजली खरीदने या नए एयर ट्रांज़िट रूट देने से इनकार कर दिया है जो सीधे तौर पर चीन द्वारा बनाए गए सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हों। इस वजह से पोखरा एयरपोर्ट का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है और काठमांडू पर कर्ज़ चुकाने का बोझ बढ़ गया है। जब प्रोजेक्ट्स से पर्याप्त ऑपरेशनल रेवेन्यू (कामकाज से होने वाली कमाई) नहीं मिल पाता, तो बीजिंग को शर्तों पर दोबारा बातचीत करने, इक्विटी स्वैप (हिस्सेदारी की अदला-बदली) के लिए दबाव डालने या खास द्विपक्षीय रेगुलेटरी छूट हासिल करने का मौका मिल जाता है। बांग्लादेश: रणनीतिक घेराबंदी और चोकपॉइंट पर दबाव बांग्लादेश बंगाल की खाड़ी में एक अहम जगह पर है; इसकी सीमा भारत के आठ पूर्वोत्तर राज्यों से लगती है और यह बहुत ज़रूरी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के ठीक दक्षिण में स्थित है। इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर और बंदरगाहों पर पकड़: पद्मा ब्रिज रेल लिंक - इस प्रोजेक्ट को ज़्यादातर चीनी इंजीनियरिंग कंपनियों ने फंड किया और बनाया। इसने दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश में कनेक्टिविटी को बदल दिया और दिखाया कि चीन बड़े और मुश्किल राष्ट्रीय गौरव वाले प्रोजेक्ट्स को पूरा कर सकता है। समुद्री पहुँच (मोंगला और पायरा): चीन ने मोंगला बंदरगाह और उसके आस-पास के इंडस्ट्रियल इकोनॉमिक ज़ोन में गहरे समुद्र में आधुनिकीकरण के लिए पैसा लगाया है। बंगाल की खाड़ी के बंदरगाहों पर नियंत्रण या गहरी तकनीकी मौजूदगी से पूरे उत्तरी हिंद महासागर में समुद्री लॉजिस्टिक्स और नौसेना की गतिविधियों पर लंबे समय तक नज़र रखी जा सकती है। तीस्ता नदी का व्यापक प्रबंधन और बहाली प्रोजेक्ट (1 अरब डॉलर से ज़्यादा का प्रस्ताव) में ड्रेजिंग, तटबंध बनाना और नदी के किनारे इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाना शामिल है। भू-राजनीतिक दरार: तीस्ता नदी सिक्किम से निकलती है और उत्तरी बांग्लादेश में प्रवेश करती है। भारत में राज्य-स्तर पर घरेलू विरोध के कारण भारत और बांग्लादेश तीस्ता जल-बंटवारे के आधिकारिक समझौते को हल नहीं कर पाए, इसलिए चीन ने इस खाली जगह का फ़ायदा उठाया। तीस्ता के किनारे काम कर रहे चीनी इंजीनियर बीजिंग को सिलीगुड़ी कॉरिडोर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर लाते हैं, जिससे भारत की मुख्य रणनीतिक कमज़ोरी के पास उनकी सक्रिय मौजूदगी बन जाती है। भारत के रणनीतिक जवाबी उपाय क्षेत्रीय व्यापार को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए रेलवे लिंक (जैसे, नेपाल में जोगबनी-बिरटनगर, बांग्लादेश के साथ अखौरा-अगरतला) और इनलैंड वॉटरवे (आंतरिक जलमार्ग) के लिए फंड देना। ऊर्जा व्यापार से जुड़ी शर्तें: भारत ऐसी नीतियां लागू करता है जो चीनी इक्विटी या ठेकेदारों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट से पैदा हुई बिजली की खरीद या ट्रांज़िट को रोकती हैं, जिससे नेपाल के हाइड्रोपावर सेक्टर में चीनी निवेश पर सीधा असर पड़ता है। किसी एक पार्टनर पर निर्भरता कम करने और संस्थागत मजबूती बनाने के लिए BIMSTEC और BBIN (बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल) मोटर वाहन और ट्रांज़िट फ्रेमवर्क को फिर से सक्रिय करना। इसे भी पढ़ें: Decoding String Of Pearls | क्या ड्रैगन के गुलाम बन जाएंगे कई देश? | Teh Tak 4

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 7:30 pm

Decoding String Of Pearls | क्या ड्रैगन के गुलाम बन जाएंगे कई देश? | Teh Tak 4

माला क्या होती है? सीधा और सरल जवाब है- एक अलंकारिक वस्तु, जो फूलों से या अन्य चीजों मसलन पत्ती, कागज आदि से बनायी जाती है। यूं तो मालाएं कई प्रकार की होती हैं; जैसे फूलों की, रत्नों की, बीजों की एवं धातुओं की आदि। लेकिन मोतियों की माला का एक पौधा होते हैं, जिसे अंग्रेजी में स्ट्रिंग ऑफ प्लर्स कहते हैं जो अपने नाम के अनुरूप लगभग गोलाकार, छोटे मटर के आकार के पत्तों द्वारा आसानी से पहचाने जा सकते हैं। पत्तियों के तने पर उगते हैं, जो सुंदर ढंग से प्लांटर्स और हैंगिंग बास्केट के ऊपर फैल जाते हैं। लेकिन आज हम बात स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नामक पौधे की नहीं बल्कि चीन की एक नीति, एक योजना की करेंगे। चीन की इस योजना को मोतियों की माला, स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स कहा जाता है। आपको ये लगता होगा कि चीन हमेशा अपनी सीमा से आगे बढ़कर बॉर्डर वाले इलाकों के जरिये भारत में कब्जा जमाना जमाना चाहता है। लेकिन ये अकेला ऐसा इलाका नहीं है जहां से चीन भारत को घेरने की कोशिश करता है। आखिर क्या है स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स दक्षिणी छोर पर हिन्द महासागर के जरिए चीन भारत को घेरना चाहता है। भारत को घेरने की कोशिश में पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार और मालदीव जैसे देशों का इस्तेमाल कर रहा है। पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट, श्रीलंका के हंबनटोटा, बांग्लादेश के चिटगोंग पोर्ट, म्यांमार का क्यौकप्यू पोर्ट, मालदीव के फेयधूफिनोल्हु द्वीप को चीन ने अपना बेस बनाया। भारत को घेरने की इस नीति को चीन स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का नाम देता है। चीन की स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नीति उसकी उसी सिल्क रूट का हिस्सा है जिसे वो बेल्ट एंड रोड एनिसिएटिव का नाम देता है। कंबोडिया से शुरू होकर म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव, पाकिस्तान से होते हुए ये रास्ता सुडान तक जाता है। अगर आप इस रास्ते को जोड़ते हैं तो ये साफ तौर पर भारत को घेरता हुआ दिखाई पड़ता है। भारत को घेरने की रणनीति के तहत ही चीन इन देशों के पोर्ट और द्वीप पर अपने बेस बना रहा है। कब दुनिया के सामने खुली चीन की पोल ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ का जिक्र आज से करीब 16 साल पहले (2005 में) अमेरिकी के रक्षा मंत्रालय ने ‘एशिया में ऊर्जा का भविष्य’ नाम की एक खुफिया रिपोर्ट में किया था। पेंटागन की इस रिपोर्ट में चीन द्वारा समुद्र में तैयार किए जा रहे ‘मोतियों’ का विस्तृत विवरण दिया गया था। ये समुद्र में पाए जाने वाले मोती नहीं बल्कि दक्षिण चीन सागर से लेकर मलक्का-स्ट्रैट, बंगाल की खाड़ी और अरब की खाड़ी तक (यानि पूरे हिंद महासागर में) सामरिक ठिकाने (बंदरगाह, हवाई पट्टी, निगरानी-तंत्र इत्यादि) तैयार करना था। हालांकि उस वक्त इस रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन ये ठिकाने अपने ऊर्जा-स्रोत और तेल से भरे जहाजों के समुद्र में आवागमन की सुरक्षा के लिए तैयार कर रहा है। लेकिन जरुरत पड़ने पर इन सामरिक-ठिकानों को सैन्य-जरुरतों के लिए भी इस्तेमाल कर सकता है। मालदीव चीन पर भरोसा करना इसलिए भी मुश्किल हो जाता है क्योंकि इसकी ये योजना जिबूती तक ही सीमित नहीं है। मालदीव में अब्दुल्ला यामीन की चीन समर्थित सरकार थी। लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा था। उनके कार्यकाल के दौरान मालदीव के फेयधूफिनोल्हु द्वीप में उसने अपना मिलिट्री बेस बना लिया है। 2066 तक के लिए मालदीव की सरकार से चीन ने इस द्वीप को 4 मिलियन डॉलर की लीज पर लिया हुआ है। चीन के अधिकार में आने के बाद से इस द्वीप के आकार में 38 हजार स्क्वायर मीटर से एक लाख स्क्वायर मीटर की बढ़ोतरी हुई है। चीन ने कहा है कि ये उसका अधिकार है कि वो इस द्वीप का कैसे प्रयोग करता है। अगर चीन का ये मिलिट्री बेस पूरी तरह से काम करने लगता है तो हिन्द महासागर में इस मिलिट्री बेस की दूरी लक्ष्यद्वीप से केवल 900 और भारत की मुख्य भूमि से 1 हजार किलोमीटर की दूरी पर होगा। म्यांमार म्यांमार के क्याकप्यू बंदरगाह में चीन की मौजूदगी है। बंगाल की खाड़ी में स्थित बंदरगाह ने चीन को एक वाणिज्यिक समुद्री सुविधा प्रदान की है जिसका उपयोग संघर्ष के समय एक सैन्य सुविधा के रूप में किया जा सकता है। चीन ने यहां काफी निवेश किया है और क्यायुकु और कुनमिंग को जोड़ती 2400 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन इसका एक उदाहरण है। भारतीय तटों के निकट एक अन्य चीनी उपस्थिति कोको द्वीप समूह में है। कोको द्वीप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उत्तर में स्थित हैं और संघर्ष के समय रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। चीन के पास कथित तौर पर वहां एक सैन्य अड्डा भी है।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 7:30 pm

अंबानी के इवेंट में 71 की रेखा का जलवा, हसीनाओं को दी टक्कर

गणपति पूजा में कृति सेनन, माधुरी दीक्षित, अनन्या पांडे, जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर और नुपूर सेनन जैसी तमाम एक्ट्रेस नजर आईं.

आज तक 15 Sep 2026 7:26 pm

रूस में लापता हुए यूपी के 3 युवक, परिवारों का दावा- रूसी सेना में भर्ती

रूस में स्टडी वीजा पर गए यूपी के तीन युवक लापता हैं. परिवारों का दावा है कि पासपोर्ट जब्त कर उन्हें जबरन रूसी सेना में भर्ती किया गया. MEA ने मामले में दखल दिया है. जानें क्या है पूरा मामला?

आज तक 15 Sep 2026 7:24 pm

China 99-Year Trap | जानिए कैसे Chinese Territory बन गए श्रीलंका के 2 बड़े पोर्ट ?| Teh Tak Part 1

पॉवरफुल की क्या परिभाषा हो सकती है, ठेठ देशी अंदाज में समझें तो उसका घर भी अच्छे से चले और पूरे मौहल्ले में भी भौकाल हो। यही बात देशों पर भी लागू होती है। भारत की हमेशा से ये चाह रही है कि उसे दक्षिण एशिया में इज्जत मिले। उसे एक पॉवरफुल कंट्री की तरह देखा जाए। उसकी ये इच्छा उसकी विदेश नीति की दिशा तय करती है। भारत का पड़ोसी मुल्क श्रीलंका के रिश्ते कैसे हैं इसके लिए अलग से एक तह तक का पूरा एपिसोड करना पड़ जाएगा। लेकिन संक्षेप में समझें तो तमिलनाडु से जाफरा मोटरबोट से चंद घंटों में पहुंचा जा सकता है। दोनों देशों के बीच सदियों से संबंध हैं। जब भारत और श्रीलंका दोनों ही अंग्रेजों के गुलाम थे तो भारत से तमिल समुदाय के लोग श्रीलंका जाकर बसे। आधुनिक समय में इसी तमिल समुदाय की वजह से श्रीलंका और भारत का भविष्य साथ में जुड़ा हुआ है। राजवी गांधी द्वारा तमिल समस्या को लेकर श्रीलंका में शांति सेना भेजना हो या फिर बदले में नाराज लिट्टे समर्थकों द्वारा राजीव गांधी की हत्या को अंजाम दिया जाना। दोनों देशों के बीच का कनेक्शन काफी पुराना और गहरा है और आज भी तमिलनाडु में हजारों श्रीलंकाई तमिल शरणार्थी रहते हैं। 2007 में सेना भेजने के बाद से लगातार भारत श्रीलंका की मदद करता आ रहा है। लेकिन बाद के दिनों में श्रीलंका भारत की बजाय चीन की गोद में जा बैठा। चीन ने श्रीलंका से क्यों बढ़ाई नजदीकी अंतर्राष्ट्रीय संबंध श्रीलंका और भारत के बीच संबंध दशकों पुराने रहे हैं। साल दर साल इसमें बढ़ोतरी ही देखने को मिली। 2007 के बाद जब श्रीलंका की सेना ने तमिल उग्रवादियों के खिलाफ अभियान तेज किया तो उस वक्त भी भारत उस अभियान में उसके साथ खड़ा रहा। लेकिन इस बीच चीन ने भी श्रीलंका पर अपनी नजरे बनाई रखी थी। 2005 में श्रीलंका के राष्ट्रपति बने महिंद्रा राजपक्षे का झुकाव चीन की तरफ अधिक था। वो अपने इलाके हंबनटोटा में एक बंदरगाह बनवाना चाहते थे। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पहले भारत की तरफ देखा, लेकिन भारतीय कंपनियों के प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं दिखाने पर राजपक्षे चीन के पास पहुंच गए। चीन की बैंकों ने उन्हें दिल खोल कर कर्ज दिया। इसके बाद अपनी वित्तीय स्थिति को ठीक करने के लिए भी श्रीलंका ने चीन से कर्ज लिया। साल 2014 में शी जिनपिंग ने श्रीलंका का दौरा भी किया। देखते ही देखते श्रीलंका पर इतना कर्ज हो गया कि उसके पास ब्याज चुकाने तक के पैसे नहीं रहे। कर्ज न चुका पाने के कारण श्रीलंका को सामरिक दृष्टि से बेहद अहम हंबनटोटा बंदरगाह चीन को 99 साल की लीज पर दे देना पड़ा। चीन का नौ सेना के अड्डे बनाने का प्लान श्रीलंका की भौगोलिक स्थिति उसे बेहद खास बनाती है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुंद्री मार्ग यानी हिंद महासागर में श्रीलंका की स्थिति बेहद खास है। चीन यहां अपना वर्चस्व स्थापित करके समुंद्री मार्ग को अपने मालवाहक जहाजों के आवागमन के लिए सुरक्षित बनाना चाहता था। इसके साथ ही चीन अपने नौ सेना के अड्डे बनाने के इरादे पाले हुए थे। चीन के ये इरादे भारत के वर्चस्व के लिए बड़ा खतरा है। चीन ने श्रीलंका में अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए वहां शी जिनपिंग के ड्रीम प्रोजेक्ट यानी बीआरआई के तहत कई परियोजनाएं शुरू की थी। जिनके मुनाफे में न आने की वजह से श्रीलंका चीन के कर्ज के बोझ के तले दब गया है। कोलंबो पोर्ट सिटी सीधे ज़मीन बनाने का काम (2014–2019): चीन की कंपनी 'चाइना कम्युनिकेशंस कंस्ट्रक्शन कंपनी' (CCCC) के साथ 1.4 अरब डॉलर के FDI समझौते के तहत, श्रीलंका ने कोलंबो के कमर्शियल हार्बर के पास समुद्र की तलहटी से 269 हेक्टेयर ज़मीन तैयार की। ड्रेजिंग (समुद्र तल की खुदाई) का खर्च उठाने के बदले, चीनी सरकारी ठेकेदार को 116 हेक्टेयर ज़मीन दी गई, जो ज़्यादातर 99 साल की लीज़ पर थी। इस प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति ने सरकारी स्तर पर तनाव बढ़ा दिया। श्रीलंका की संसद ने एक कानून पास करके एक स्वायत्त 'स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन' (SEZ) बनाया, जिसे सामान्य म्युनिसिपल प्रशासनिक निकायों के बजाय राष्ट्रपति के अधीन एक कमीशन चलाता है। इस कानून में सिंगल-विंडो मंज़ूरी, बड़े राष्ट्रीय टैक्स नियमों से छूट, ऑफशोर फाइनेंशियल स्टेटस और तय विदेशी मुद्राओं में लेन-देन की सुविधा दी गई। आलोचकों और श्रीलंकाई विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में इस बिल को चुनौती दी। उनका तर्क था कि यह कानून एक ऐसा असंवैधानिक और देश के सामान्य कानूनों के दायरे से बाहर का इलाका बनाता है, जो आम लोकतांत्रिक निगरानी से दूर चलता है। इसे भी पढ़ें: CPEC & Gwadar Exposed | कैसे भारत की पश्चिमी सीमा पर पहुंचा चीन! | Teh Tak Part 2

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 7:23 pm

CPEC & Gwadar Exposed | कैसे भारत की पश्चिमी सीमा पर पहुंचा चीन! | Teh Tak Part 2

चीन का मकसद बेल्ट एंड रोड परियोजना के जरिये पूरी दुनिया को चीन से जोड़ने का है। इसके लिए वो कई देशों में भारी मात्रा में निवेश कर रहा है। सीपीईसी प्रोजेक्ट के तहत चीन सड़क, रेलवे और ऊर्जा पाइपलाइन बिछाने के लिए पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर लोन दे रहा है। इस परियोजना को साल 2049 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरे वैश्विक नेटवर्क का सबसे अहम और रणनीतिक मुकुट है—चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा, यानी CPEC। करीब 3,000 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर चीन के शिनजियांग प्रांत को पाकिस्तान के रास्ते सीधे अरब सागर से जोड़ता है। इस प्रोजेक्ट के जरिए चीन पाकिस्तान में आधुनिक सड़कें, हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क, ऑप्टिकल फाइबर और रणनीतिक तेल-गैस पाइपलाइनें बिछाने के लिए भारी-भरकम कर्ज मुहैया करा रहा है। कहने को यह दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक समृद्धि की साझेदारी है, लेकिन असल में यह बीजिंग की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसे अपनी कम्युनिस्ट क्रांति के 100 साल पूरे होने यानी साल 2049 तक मुकम्मल करने का लक्ष्य तय किया गया है। कश्मीर से अरब सागर तक CPEC और ग्वादर का जाल चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) का मुख्य ज़मीनी-से-समुद्री मार्ग है। शिनजियांग के काशगर से बलूचिस्तान में गहरे समुद्र वाले ग्वादर बंदरगाह तक फैले इस कॉरिडोर से पश्चिमी चीन (जो चारों तरफ़ ज़मीन से घिरा है) सीधे अरब सागर से जुड़ जाता है। CPEC खुंजेराब दर्रे से पाकिस्तान में प्रवेश करता है और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुज़रता है। यह विवादित रास्ता सीमा से जुड़े आम संवेदनशील मुद्दों को दरकिनार करता है और चीन को काराकोरम हाईवे से सटा हुआ ज़मीनी परिवहन का सीधा रास्ता देता है। ट्रांज़िट स्पाइन (मुख्य मार्ग): यह कॉरिडोर एक्सप्रेसवे, माल-ढुलाई लाइनों और पावर-ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और सिंध के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से गुज़रता है और अंदरूनी इलाकों के मुख्य केंद्रों को सीधे दक्षिणी तटों से जोड़ता है। दक्षिणी सिरा (ग्वादर): बलूचिस्तान में फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित ग्वादर बंदरगाह एक रणनीतिक केंद्र के तौर पर काम करता है, जहाँ ज़मीनी व्यापार खत्म होता है और अरब सागर के समुद्री रास्ते शुरू होते हैं। ग्वादर में चीन का अतिक्रमण और पाक सरकार के अत्याचार ग्वादर बंदरगाह 60 अरब डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना (सीपीईसी) का अहम हिस्सा है। ग्वादर बंदरगाह का उद्धाटन सबसे पहले 2002 में हुआ था। जब इसे चीन और पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) परियोजना का हिस्सा बनाया गया। तब फिर से इसका उद्घाटन हुआ। ग्वादर के लोगों से वादा किया गया था कि इस परियोजना से उनकी और पाकिस्तान की जनता की जिंदगी बदल जाएगी। लेकिन वर्तमान दौर में आलम ये है कि यहां पानी और बिजली की भारी किल्लत हो गई है और अवैध मछली पकड़ने से आजीविका पर खतरा आ गया है। जिसकी वजह से यहां के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। अरब सागर में चीन का दोहरे इस्तेमाल वाला ठिकाना सरकारी कंपनी 'चाइना ओवरसीज़ पोर्ट होल्डिंग कंपनी' (COPHC) द्वारा 40 साल की लीज़ पर चलाए जा रहे ग्वादर में आम नागरिकों के लिए सामान की आवाजाही बहुत कम रही है। इसकी असली अहमियत रणनीतिक है: यहाँ गहरे पानी वाले बर्थ, खास तरह के ब्रेकवाटर और एक आधुनिक एयरपोर्ट है, जो मिलिट्री लॉजिस्टिक्स और समुद्री सप्लाई में मदद करने के लिए बनाए गए हैं। कराची से सिर्फ़ 400 किमी दूर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ग्वादर में PLA नेवी (PLAN) की मौजूदगी से चीन के युद्धपोत, परमाणु पनडुब्बियाँ और निगरानी करने वाले साधन सीधे मुंबई और कारवार में भारत के पश्चिमी नौसेना कमान के सामने आ जाते हैं। ग्वादर इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस और एकोस्टिक मॉनिटरिंग नोड के तौर पर काम करता है। चीन उत्तरी अरब सागर में आने वाले भारतीय नौसैनिक जहाजों को ट्रैक कर सकता है, फारस की खाड़ी से होने वाले समुद्री ट्रैफिक पर नज़र रख सकता है, और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ज़रूरी समुद्री संचार मार्गों (SLOCs) को चुनौती दे सकता है। यह पोर्ट हैनान या जिबूती से दूर काम करने वाली PLAN पनडुब्बियों के लिए एक सुरक्षित विदेशी ठिकाना देता है। पाकिस्तान द्वारा चीनी हैंगोर-क्लास (टाइप 039B) पनडुब्बियाँ हासिल करने के साथ मिलकर, ग्वादर ऐसी अंडरवाटर ऑपरेशन क्षमता देता है जिससे भारत के पनडुब्बी-रोधी युद्ध साधनों को उलझाए रखा जा सके। इसे भी पढ़ें: China Enters India Backyard | नेपाल-बांग्लादेश में चीन की सीक्रेट एंट्री:चिकन नेक पर कितना बड़ा खतरा? | Teh Tak Part 3

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 7:23 pm

शिवमहापुराण कथा के बीच मंत्री को CM योगी का बुलावा, भेजा हेलीकॉप्टर

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ऊंचाहार में श्री शिवमहापुराण कथा में मौजूद थे. इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर भेजकर लखनऊ बुलाया. मनोज पांडेय हेलीकॉप्टर से लखनऊ पहुंचे. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर मुख्यमंत्री के स्नेह और विश्वास के लिए आभार जताया.

आज तक 15 Sep 2026 7:22 pm

Bab-el-Mandeb में Houthi हमलों से शिपिंग को खतरा, MEA ने Saudi Arabia का किया समर्थन

यमन में हूती विद्रोहियों के नए हमलों के बावजूद भारत को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से ऊर्जा की सप्लाई मिलती रही है, क्योंकि इस इलाके में चल रहे संघर्ष के बीच यह अहम जलमार्ग ग्लोबल एनर्जी शिपमेंट के लिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है। यह रणनीतिक रूप से अहम रास्ता लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और पश्चिमी एशिया से ग्लोबल मार्केट तक ऊर्जा की सप्लाई के लिए एक ज़रूरी रूट है। भारत के लिए इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग में रुकावट बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले हमले भी शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख उन्होंने यह भी कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ हूथी हमलों और क्षेत्र की व्यापक स्थिति पर चर्चा की। जायसवाल ने कहा हमारे विदेश मंत्री ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। हूथी विद्रोहियों के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, हाल ही में सऊदी अरब पर हमला हुआ, जिसकी हमने निंदा की है। हम रेड सी इलाके में बिगड़ते हालात को लेकर भी बहुत चिंतित हैं। हमने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम लोगों के लिए बने बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया। इसे भी पढ़ें: सऊदी के 3 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट, हूतियों ने कहां-कहां किया धूम-धड़ाका जयसवाल ने कहा कि ऐसे हमलों से इलाके में स्थिरता और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी, दोनों को खतरा है। उन्होंने कहा ऐसे हमले इलाके की स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आज़ादी के लिए खतरा पैदा करते हैं। ये हरकतें जाहिर तौर पर हमें मंजूर नहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 7:18 pm

टीम इंडिया में वापसी ना होने पर छलका इस स्टार खिलाड़ी का दर्द

टीम इंडिया के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अपनी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें भरोसा था कि अगली दो सीरीज के बाद उनकी भारतीय टीम में वापसी हो जाएगी, लेकिन कुछ समय बाद उन्हें एहसास हो गया कि अब चयनकर्ता उन्हें वापस बुलाने वाले नहीं हैं.

आज तक 15 Sep 2026 7:16 pm

बर्लिन साइबर अटैक: डार्क वेब पर सरकारी फाइलें लीक करने के पीछे कौन?

बर्लिन में हाल ही में हुए एक बड़े साइबर हमले में करीब 14 लाख रिकॉर्ड डार्क वेब पर लीक हो गए हैं. कर्मचारियों और आम लोगों के डाटा के साथ जरूरी सरकारी सिस्टम की जानकारी भी खतरे में है

देशबन्धु 15 Sep 2026 7:12 pm

राम की नगरी में धर्मशाला बनवाएंगे अमिताभ, पिता को समर्पित

अमिताभ बच्चन ने कुछ समय पहले अयोध्या की पावन धरती पर एक जमीन खरीदी थी, जिसकी लागत 15 करोड़ रुपये है. अब वो इसपर एक भव्य धर्मशाला का निर्माण कराएंगे, जिसमें वो अपने पिता की याद में कुछ खास करने वाले हैं.

आज तक 15 Sep 2026 7:07 pm

Apple ने जारी किया साल का सबसे बड़ा iPhone अपडेट! iOS27 में Siri AI

ऐपल ने एलिजिबल iPhones के लिए iOS 27 का फाइनल बिल्ड अपडेट जारी कर दिया है. सबसे बड़ा बदलाव इस बार Siri AI है. काफी समय से सिरी में AI का अपडेट पेंडिंग था. इसके अलावा लिक्विड ग्लास में भी बदलाव किया गया है.

आज तक 15 Sep 2026 7:05 pm

फ्लड के बाद नेपाल को भारत से मदद की उम्मीद, दिल्ली आएंगे नेपाली वित्त मंत्री

नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले 17 सितंबर को भारत के दो दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली जाएंगे. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत से बड़े आर्थिक सहयोग और सहायता पैकेज की उम्मीद करना है.

आज तक 15 Sep 2026 7:02 pm

छल्ले वाले पर्दे वॉशिंग मशीन में ऐसे धोएं, नहीं होंगे खराब!

How To Wash Curtains With Rings: छल्ले वाले पर्दों को वॉशिंग मशीन में धोने में समस्या का सामना करना पड़ता है. लोग या तो इनके छल्ले बार-बार निकालते हैं, या फिर सीधा ड्राई क्लीनिंग में पैसा खर्च कर देते हैं. अगर आप भी इन्हीं में से एक हैं, तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है. इस आसान ट्रिक को अपनाकर आप आसानी से घर पर ही छल्ले वाले पर्दे धो सकते हैं.

आज तक 15 Sep 2026 7:00 pm

UP: किसानों को मिल रही 90% तक सरकारी सब्सिडी

PM-KUSUM योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसान डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपना रहे हैं. सामान्य और ओबीसी किसानों को 60% तक, जबकि पात्र किसानों को 90% तक सब्सिडी मिल सकती है. यूपी में 53,182 स्वतंत्र सोलर पंप लगाए जा चुके हैं. वीडियो में जानें क्या है ये स्कीम.

आज तक 15 Sep 2026 6:59 pm

150 साल बाद लाइब्रेरी पहुंची खोई हुई किताब, पुरानी चिमनी में रखी मिली

ऑस्ट्रेलिया में एक पुराने घर की चिमनी की दीवार के बीच ईंटों के पीछे एक किताब मिली. इसे छिपाकर रखा गया था. यह किताब 150 साल पुरानी थी. किताब खोलते ही जानकारी मिली कि इसे एक स्थानीय लाइब्रेरी से इश्यू कराया गया था, जो आज भी. फिर उस घर के मालिक ने लाइब्रेरी जाकर उस किताब को आज इतने साल बाद वापस किया.

आज तक 15 Sep 2026 6:56 pm

9/11 हमला: षड्यंत्र के वे सिद्धांत जो आज भी फैल रहे हैं

11 सितंबर के हमलों के 25 साल बाद भी उसे लेकर कई षड्यंत्रकारी सिद्धांत फैले हुए हैं. आखिर लोग इन पर विश्वास क्यों करते हैं

देशबन्धु 15 Sep 2026 6:56 pm

ढाका यूनिवर्सिटी में जिन्ना की 'एंट्री', मुजीबुर हुए 'एग्जिट', बांग्लादेश में विरासत पर वार

ढाका यूनिवर्सिटी के DUCSU म्यूज़ियम में शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीरों की जगह पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीरें लगा दी गईं. इसके बाद विरोध-प्रदर्शन भी हुए. लेकिन इस घटना ने यह भी तय कर दिया है कि बांग्लादेश किस दिशा की ओर में जा रहा है.

आज तक 15 Sep 2026 6:51 pm

गंगा स्नान करती महिला के Video से छेड़छाड़? दूसरे वीडियो से बढ़ा सस्पेंस

सोशल मीडिया पर गंगा स्नान से जुड़े दो वीडियो वायरल हैं. दोनों में महिला के साथ युवक और बुजुर्ग के गंगा स्नान की गतिविधियां समान दिखाई दे रही हैं, लेकिन महिला के रूप में अंतर है. वीडियो की तारीख, स्थान और सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है. समान गतिविधियों के चलते वीडियो के AI से बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है.

आज तक 15 Sep 2026 6:46 pm

टॉयलेट के बहाने भागने की फिराक में था सिया को टक्कर मारने वाला, रिश्तेदार भी धरा गया

गुरुग्राम में महिला बाइक राइडर को कार से टक्कर मारने और अभद्रता के मामले में मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा-राजगढ़ के बीच से गिरफ्तार किया गया. सीसीटीवी और पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में हत्या के प्रयास समेत बीएनएस की धारा 78 और 79 जोड़ी गईं.

आज तक 15 Sep 2026 6:44 pm

30 साल बाद शनि मीन राशि में मार्गी, 7 महीने मौज काटेंगी ये 4 राशियां

शनि देव 11 दिसंबर को मीन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं. उनकी सीधी चाल का शुभ प्रभाव कई राशियों पर दिखाई दे सकता है. वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों को करियर, कारोबार, आय और आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं.

आज तक 15 Sep 2026 6:43 pm

इन ब्यूटी क्रीमों पर CDSCO का हेल्थ अलर्ट, आप तो यूज नहीं कर रहे?

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने पाकिस्तान में बनी 'गोरी ब्यूटी क्रीम' और 'चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम' को भारत में बिक्री के लिए बैन किया था, लेकिन ये फिर भी बिक रही हैं. अब CDSCO ने इन क्रीम के नुकसान को लेकर हेल्थ अलर्ट जारी किया है.

आज तक 15 Sep 2026 6:41 pm

सऊदी के 3 शहरों में इमरजेंसी अलर्ट, हूतियों ने कहां-कहां किया धूम-धड़ाका

कहां तो सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना पर कंट्रोल का ऐलान किया था और कहां अब उसके अपने शहरों पर मुसीबत आन खड़ी हुई। सऊदी अरब यमन के अंसारुल्ला हूती को छेड़कर बड़ी मुसीबत में फंस गया है। हालात यह हैं कि जद्दा, जजान और आभा जैसे शहरों में इमरजेंसी अलर्ट है। यमन से हूतियों की मिसाइलें और ड्रोन सऊदी के शहरों पर गिर रहे हैं। खुद हूतियों ने भी दावा किया है कि उन्होंने सऊदी के साउथ वेस्ट में खमीज मुशैद पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन मारे हैं। और एक फौजी बेस को निशाना भी बनाया है। इन हमलों में सऊदी के 13 लोग जख्मी हो गए। लेकिन आभा, जिद्दा, जजान और ताइफ जैसे शहरों पर हूतियों के अटैक का खतरा बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट बता रही हैं कि इन हमलों से निपटने के लिए सऊदी की राजधानी रियाद में हाई लेवल की इमरजेंसी मीटिंग हो रही हैं। हूतियों की तरफ से ड्रोन और मिसाइल हमलों में लगातार तेजी देखी जा रही है। इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख सऊदी अरब भी अपनी हिमायती यमन की सेना की मदद से हूतियों के इलाकों पर हवाई हमले और पलटवार कर रहा है। को तो नुकसान हो रहा है लेकिन उनकी जीत का कारवा यमन में बढ़ता ही चला जा रहा है। अंसारउल्ला फोर्सेस इस वक्त सेंट्रल यमन और लाल सागर के साहिली इलाकों पर अपना फोकस रखे हुए हैं और अपने टारगेट भी हासिल करती जा रही हैं। की रणनीति फिलहाल दिखा रही है कि अदन की तरफ नहीं बढ़ना है बल्कि उन इलाकों पर कंट्रोल हासिल करना है जिनसे राजधानी सना पर आगे चलकर हमले का खतरा कम होता जाए। वहीं सऊदी के सबसे बड़े सहारे अमेरिका ने इस जंग में सीधे कूदने से साफ मना कर दिया है। सिर्फ खुफिया जानकारी और मदद सऊदी को मुहैया करवा रहा है। अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा है कि हूतियों ने भी अमेरिका से इस लड़ाई से दूर रहने के लिए कहा है। इधर हूतियों के हमलों से हलाकान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हूतियों के खिलाफ लड़ाई में मदद के लिए मिडिल ईस्ट के देशों और अप्रत्यक्ष रूप से यानी इनडायरेक्ट तौर पर इसराइल से भी अपील की है। इसराइल हायम की रिपोर्ट के मुताबिक यह रिक्वेस्ट सीधे दूसरे गल्फ देशों और मिस्र से की गई थी। लेकिन इसराइल से अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जरिए इनडायरेक्ट कांटेक्ट किया गया और इंटेलिजेंस और दूसरी मदद मांगी गई जिससे हूतियों को बाब अल मंदब स्टेट को बंद करने से रोका जा सके। इसे भी पढ़ें: Saudi Arabia ने हूतियों पर दागी मेड इन चाइना मिसाइल, यमन के रेगिस्तान में ही जा गिरी सेटेलाइट तस्वीरों में दिखाया गया है कि सऊदी अरब से रेड सी यानी लाल सागर तक जाने वाली मुख्य पाइपलाइन पर बना पंपिंग स्टेशन ड्रोन अटैक में तबाह हो चुका है। सऊदी के तेल खरीदारों का कहना है कि अगर इस अहम पाइपलाइन को फिर से चालू नहीं किया तो सऊदी के पास एक्सपोर्ट के लिए तेल का स्टॉक ही खत्म हो जाएगा।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 6:41 pm

मध्य अमेरिका में भयावह सूखा संकट, तीन देशों में इमरजेंसी घोषित; क्या है कारण

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह सामान्य मौसमी कमी नहीं, बल्कि बेहद गंभीर मौसम संकट है। अल साल्वाडोर में मई के दौरान सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई। अगस्त में लगातार 19 दिनों तक सूखा रहा।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Sep 2026 6:38 pm

भारतीय-अमेरिकी सैनिकों का 'युद्धाभ्यास' औली-महाजन में शुरू

भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2026 औली और महाजन में शुरू हो गया. दोनों देशों के 600-600 सैनिक भाग ले रहे हैं. यह पहाड़ी इलाकों में संयुक्त युद्ध क्षमता बढ़ाने पर है.

आज तक 15 Sep 2026 6:37 pm

आज का एक्सप्लेनर:भारत के गुनहगार मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने क्यों रखा 70 लाख इनाम; आखिर इस दिखावे की क्या जरूरत आ पड़ी

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर के सिर पर पाकिस्तान ने 70 लाख रुपए का इनाम रखा है। पाकिस्तान 2021 से दावा करता आ रहा है कि मसूद अफगानिस्तान भाग चुका है, जबकि भारतीय एजेंसियों का मानना है कि वो पाकिस्तान में ही छिपा है। आखिर पाकिस्तान को अभी मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी, वो अभी छिपा है कहां है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने कब और कितना इनाम रखा?जवाब: पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी, FIA ने अपनी सालाना 'रेड बुक' जारी की है। इसमें देश के मोस्ट वॉन्डेट हाई-प्रोफाइल आतंकियों की तस्वीरें, उनका आतंकी संगठन, उन पर चल रहे मुकदमे और इनाम की जानकारी होती है। FIA का काउंटर टेररिज्म विंग इस रेड बुक को तैयार करता है। 2026 की रेड बुक में कुल 1,804 'मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों' में मसूद अजहर का नाम 1480वें नंबर पर फरार आतंकी के बतौर दर्ज है। मसूद के इस लिस्ट में शामिल होने की तारीख 31 दिसंबर, 2021 है। तब FIA ने पाकिस्तानी पुलिस और फोर्सेज को मसूद अजहर की जानकारी देने पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपए का इनाम रखा था। अब इसे बढ़ाकर 70 लाख रुपए कर दिया गया है। भारत ने पाकिस्तान से मसूद सहित 20 आतंकियों को भारत को सौंपने की मांग की थी। मार्च 2024 में भारत ने वॉन्टेड लोगों की एक लिस्ट जारी की थी, इसमें भी मसूद अजहर का नाम टॉप पर है। FIA की रेड लिस्ट में 2021 से अब तक मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की संख्या 1,330 से बढ़कर 1,804 हो गई है।इसमें 26/11 मुंबई हमलों में फंडिंग करने वाले 6 और आतंकियों के नाम भी शामिल हैं। FIA का कहना है कि 26/11 हमले में शामिल सभी 17 आतंकी पिछले 18 साल से फरार हैं। सवाल-2: मसूद अजहर है कौन और भारत में कितनी आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार?जवाब: मसूद अजहर की पैदाइश 10 जुलाई 1968 को पाकिस्तान के बहावलपुर की है। मसूद के पिता अल्लाह बख्स सबीर स्कूल प्रिंसिपल थे और मुर्गा फार्म भी चलाते थे। 29 जनवरी, 1994 को मसूद ढाका से दिल्ली की फ्लाइट लेकर पहली बार भारत आया और फर्जी नाम से श्रीनगर में रहने लगा। मसूद का काम था- जम्मू-कश्मीर में एक्टिव तब के दो आतंकी गुटों- हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी और हरकत-उल-मुजाहिदीन के बीच तनाव कम करना। हालांकि इसी साल मसूद पकड़ा गया और उसे जेल भेज दिया गया। 24 दिसंबर 1999 को मसूद और कुछ अन्य आतंकियों को छुड़ाने के लिए हरकत-उल-मुजाहिदीन के 5 आतंकी काठमांडू से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को हाइजैक करके अफगानिस्तान के कंधार ले गए। 7 दिन बाद 31 दिसंबर को भारत सरकार ने यात्रियों की सुरक्षित वापसी के बदले मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक जरगर को जेल से रिहा कर दिया। इसके बाद मसूद ने फरवरी 2000 में कराची में जैश-ए-मोहम्मद की नींव रखी। तबसे जैश भारत में 6 बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा है… 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद भारत ने मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर हमले किए। इनमें बहावलपुर में जैश का हेडक्वार्टर 'मरकज सुभानअल्लाह' भी शामिल था। हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके 4 करीबी साथी मारे गए थे। मरने वालों में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, मसूद का भतीजा और उसकी पत्नी, मसूद की एक भतीजी और उसके पांच बच्चे शामिल थे। सितंबर 2025 में जैश कमांडर इलियास कश्मीरी ने भी इस नुकसान की बात कबूली। हमले के वक्त मसूद मौके पर नहीं था, इसलिए उसकी जान बच गई थी। मसूद ने बाद में कहा था- 'मैं भी मर जाता, तो खुशनसीब होता।' सवाल-3: पाकिस्तान को अभी मसूद पर इनाम बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी?जवाब: जानकार इसे अक्टूबर में पेरिस में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स, यानी FATF की मीटिंग से जोड़ रहे हैं। FATF एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो निगरानी करती है कि दुनिया भर के देश मनी लॉन्ड्रिंग, टेररिस्ट फंडिंग और परमाणु हथियारों की फंडिंग रोकने के लिए कैसा काम कर रहे हैं। हर साल फरवरी, जून और अक्टूबर में FATF की मीटिंग्स होती हैं। इनमें देशों से उनकी फंडिंग को लेकर कई सवाल पूछे जाते हैं। इसके बाद FATF देशों की कई तरह की कैटेगरीज बनाती है। इनमें 2 लिस्ट खास हैं... 1. ग्रे लिस्ट- ज्यूरिस्डिक्शन अंडर इनक्रीज्ड मॉनिटरिंग 2. ब्लैक लिस्ट- हाई-रिस्क ज्यूरिस्डिक्शन सबजेक्ट टू ए कॉल फॉर एक्शन पाकिस्तान 2018 से 2022 तक FATF की 'ग्रे लिस्ट' में रह चुका है। अक्टूबर 2022 में FATF ने रिव्यू के बाद इसे ग्रे लिस्ट से हटा दिया था। कानूनी और बिजनेस एनालिसिस के इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म Mondaq की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट से हटने के बावजूद उस पर FATF की निगरानी जारी है, क्योंकि वह FATF के मनी लॉन्ड्रिंग रोकने से जुड़े मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका है। FATF की पूर्व अध्यक्ष एलिसा मैड्राजो कहती हैं, 'ग्रे लिस्ट से हटने से किसी देश में मनी लॉन्ड्रिंग या टेरर फंडिंग की निगरानी नहीं रुक जाती। देशों को सतर्क रहना चाहिए।' रिटायर्ड ब्रिगेडियर हेमंत महाजन कहते हैं, 'पाकिस्तान FATF की जांच से बचने के लिए मसूद को मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी बताने और उस पर इनाम बढ़ाने का दिखावा कर रहा है। FATF की बैठक में पाकिस्तान से सवाल किए जाएंगे कि उसने अपनी जमीन से होने वाले टेररिज्म को रोकने के लिए पर क्या कदम उठाए हैं। टेरर फंडिंग को रोकने के लिए क्या दिया है। वो दुनिया, संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका की नजर में खुद को 'अच्छा' दिखाना चाहता है।' सवाल-4: मसूद अजहर अफगानिस्तान में है या पाकिस्तान में ही छिपा बैठा है? जवाब: मार्च 2019 में पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे शाह महमूद कुरैशी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मसूद पाकिस्तान में है। कुरैशी ने कहा था, 'वे पाकिस्तान में ही हैं। वे इतने बीमार हैं कि अपने घर से बाहर भी नहीं निकल सकते।' मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि मसूद अजहर पाकिस्तान में नहीं है।पाकिस्तान कहता आया है कि मसूद 2021 से अफगानिस्तान में है। हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस दावे को खारिज करती है। भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि मसूद अजहर अक्सर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर में एक ठिकाने पर मौजूद रहता है। उसका एक और ठिकाना PoK के स्कर्दू में भी है। जुलाई 2026 में मसूद को यहीं देखे जाने की खबरें आई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते कुछ महीनों से PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हुए हैं। ऐसे में मसूद को स्कर्दू से हटाकर नवाबशाह और रावलपिंडी भी शिफ्ट किया जाता है। सवाल-5: मसूद अजहर पर कोई इंटरनेशनल एक्शन नहीं हो सकता?जवाब: भारत ने सबसे पहले 2009 में मसूद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद्, UNSC के ‘ग्लोबल टेररिस्ट’ की लिस्ट में शामिल करवाने की कोशिश की। फिर 2016, और 2017 में भी ये प्रस्ताव लाए गए, लेकिन UNSC के स्थायी सदस्य होने के चलते चीन ने हर बार वीटो लाकर इसे रद्द कर दिया। 2019 में जब चीन ने अपनी आपत्ति वापस ले ली, तो UNSC ने मसूद को 'वैश्विक आतंकी' घोषित किया। मसूद के गिरफ्तार होने के बाद ही पाकिस्तान पर उसे सजा देने का दबाव बन सकता है। हालांकि मसूद पर पाकिस्तान में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पठानकोट हमले के बाद मसूद को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया, लेकिन FIR तक दर्ज नहीं की गई। रिटायर्ड लेफ्टिनेट जनरल रामेश्वर रॉय के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर से पहले पाकिस्तान में मसूद को सेना का प्रोटेक्शन मिला हुआ था, लेकिन पाकिस्तान नहीं मानता कि मसूद उसकी जमीन पर मौजूद है।' हेमंत महाजन कहते हैं, 'पाकिस्तान का कहना है कि मसूद अजहर पर नजर रख रहा है, लेकिन जब तक टेररिस्ट कैंप बंद न हो, फंडिंग न रोकी जाए, तब तक उसे पकड़ने की कोशिश के पाकिस्तान के दावों पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता।’ ये खबर भी पढ़ें.. आज का एक्सप्लेनर: आतंकी मसूद अजहर की बीवी, बहन समेत क्या पूरा कुनबा खत्म; ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने कैसे 25 सालों का बदला लिया ‘मेरे खानदान के 10 लोगों और 4 करीबियों को आज रात एक साथ शहादत नसीब हुई। मोदी ने मासूम बच्चों, पर्दानशीं औरतों और बुजुर्गों को निशाना बनाया। न मायूसी, न खौफ है, न कोई हिचक, बल्कि बार-बार दिल में आता है कि मैं भी इन 14 के खुशनसीब काफिले में शामिल होता।’ 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का ये बयान आया। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 15 Sep 2026 6:34 pm

1 कप काजू से बनाएं काठियावाड़ी स्टाइल लहसुन की सब्जी, आसान है तरीका

सब्जियों मे ड्राईफ्रूट तो आपने लोगों को खूब डालते देखा होगा, लेकिन क्या आपने काजू और लहसुन की सब्जी खाई है. यह बेहद टेस्टी होती है और इसे रोटी-चावल दोनों के साथ मजे से खा सकते हैं, आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं.

आज तक 15 Sep 2026 6:29 pm

स्विफ्ट डिजायर कार, 9 लोग सवार... पेड़ से टकराते ही बिछ गईं लाशें

आजमगढ़ के फूलपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर में गणेश प्रतिमा विसर्जित कर लौट रहे युवकों की स्विफ्ट डिजायर कार पेड़ से टकराकर पलट गई. क्षमता से अधिक 9 लोग सवार होने और तेज रफ्तार के कारण हुए हादसे में सत्यम, निखिल और लकी की मौत हो गई, जबकि छह घायल हैं. पुलिस जांच कर रही है.

आज तक 15 Sep 2026 6:26 pm

ये हथकंडे...मसूद अजहर पर पाकिस्तान के 70 लाख वाले इनामी 'खेल' की भारत ने खोली पोल

भारत ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अज़हर पर इनाम की राशि बढ़ाने के पाकिस्तान के कदम को दिखावा और झूठी घोषणा करार दिया और इस्लामाबाद से कहा कि वह खोखली घोषणाएं करने के बजाय ठोस कार्रवाई करे। पाकिस्तान की फ़ेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अपनी 2026 की सबसे ज़्यादा वांछित आतंकवादियों की सूची में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर का नाम शामिल किया है। उसे पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी के लिए इनाम की राशि भी 20 लाख पाकिस्तानी रुपये से बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी गई है। इसे भी पढ़ें: Sunni NATO पर भारी पड़ा Iran War, मक्का समझौते के बाद भी कैसे तेल मार्ग पर छाया संकट? शहबाज ने MBS को पकड़ाया झुनझुना भारत ने जैश पर पाकिस्तान के इनाम की घोषणा की आलोचना की एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे आंख में धूल झोंकने वाली हरकत (धोखा देने की कोशिश) बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस तरह के हथकंडे और लोगों को गुमराह करने की कोशिशें कोई नई बात नहीं हैं। हमने पहले भी ऐसे हथकंडे देखे हैं। उन्होंने आगे कहा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश की ओर से ऐसी झूठी घोषणाएं किए जाने पर हम सभी जानते हैं कि वे कितनी खोखली होती हैं। पाकिस्तान को ऐसी घोषणाएं करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए, जिनका अंततः कोई नतीजा नहीं निकलता। इसे भी पढ़ें: Mecca Pact सिर्फ नाम का, पाकिस्तान नहीं किसी काम का, अब मदद की गुहार के साथ इजरायल की तरफ सऊदी ने किया रुख पाकिस्तान ने अज़हर को सबसे ज़्यादा वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल किया पाकिस्तान 2021 से ही यह कहता आ रहा है कि अज़हर अब देश में नहीं है और अफ़गानिस्तान भाग गया है। उस साल, FIA ने उसकी गिरफ़्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए 50 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा की थी। अज़हर को इस सूची में शामिल करने का यह कदम अक्टूबर में होने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक से पहले उठाया गया है, क्योंकि पाकिस्तान खुद को 'ग्रे लिस्ट' में वापस जाने से बचाना चाहता है। गौरतलब है कि FATF एक वैश्विक संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग को रोकने के लिए मानक तय करती है।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 6:25 pm

5 घंटे एयरपोर्ट पर इंतजार, कमरे नहीं मिले, भारतीय टीम हुई परेशान

2026 FIDE Chess Olympiad शुरू होने से पहले भारतीय शतरंज टीम को उज्बेकिस्तान के समरकंद में अव्यवस्था का सामना करना पड़ा. टीम के एयरपोर्ट पहुंचने के करीब पांच घंटे बाद भी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को कमरे अलॉट नहीं हुए थे.

आज तक 15 Sep 2026 6:24 pm

UPI पर चार्ज! अशनीर ग्रोवर बोले- 'सरकार कर रही गुमराह...'

भारतपे के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने कहा कि यूपीआई पर सरकार द्वारा एमडीआर वसूल करना सिर्फ एक टैक्‍स कलेक्‍शन है. अगर सरकार को इससे नुकसान हो रहा है कि एटीएम को पूरी तरह से बंद करके सिर्फ यूपीआई पर फोकस करना चाहिए.

आज तक 15 Sep 2026 6:23 pm

UCC पर विपक्ष का चौतरफा वार, अखिलेश और ओवैसी ने उठाए सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2029 तक बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA के सभी 21 राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होगा. इस बयान के बाद सियासी दलों ने प्रतिक्रियाएं दीं.

आज तक 15 Sep 2026 6:22 pm

'मैंने रोहित शर्मा को किया डेट', IPL की 'लकी मैस्कॉट' का दावा

सोफिया हयात ने बॉलीवुड और क्रिकेट की दुनिया से एक समय काफी नाम कमाया था. अब उन्होंने अपने नए पॉडकास्ट में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा संग अपने रिश्ते को लेकर सनसनीखेज दावा किया है.

आज तक 15 Sep 2026 6:16 pm

कभी राजाओं का था आशियाना, अब हैं शानदार लग्जरी होटल

Royal Palaces in India: भारत में कई ऐसे शाही महल हैं, जहां कभी राजा-महाराजा रहा करते थे. समय के साथ इनमें से कुछ महलों को लग्जरी होटल में बदल दिया गया, जहां आज भी मेहमानों को शाही माहौल और रॉयल लाइफस्टाइल की झलक मिलती है.

आज तक 15 Sep 2026 6:11 pm

जॉब गई तो घरवालों से छिपाई बात, रोज ऑफिस के नाम पर निकलता रहा शख्स

जॉब चली गई, लेकिन घरवालों को बताने की हिम्मत नहीं हुई. इसलिए शख्स रोज सुबह ऐसे तैयार होकर घर से निकलता रहा, जैसे वह ऑफिस जा रहा हो. असल में वह दिनभर नई नौकरी तलाशता और नई स्किल सीखता था. उसकी कहानी अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है.

आज तक 15 Sep 2026 6:08 pm

अमेरिका में ग्रीन कार्ड पर संग्राम: ट्रंप के फैसले के खिलाफ कोर्ट पहुंचे 22 राज्य; छिड़ी कानूनी जंग

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और 22 अमेरिकी राज्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई ग्रीन कार्ड नीति के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यह नीति 18 सितंबर से लागू होनी है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Sep 2026 5:55 pm

शनि के नक्षत्र में मंगल, 24 सितंबर से इन 4 राशि वालों की पलटेगी तकदीर

24 सितंबर को मंगल पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं. मंगल और शनि का यह संयोग चार राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. इन जातकों को करियर, कारोबार, संपत्ति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

आज तक 15 Sep 2026 5:54 pm

'इन पर कौन भरोसा करेगा?', SC से राजपाल को पड़ी फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को फटकार लगाई है. कोर्ट ने एक्टर को पैसा चुकाने की मोहलत जरूर दी है, लेकिन साथ में एक्टर की क्लास भी लगाई.

आज तक 15 Sep 2026 5:52 pm

हूतियों का सऊदी अरब पर फिर धावा, 13 नागरिकों के घायल होने की खबर

हूतियों ने सऊदी अरब पर एक बार फिर धावा बोल दिया है. हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत में दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं. इस दौरान एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया गया है.इन हमलों में 13 नागरिकों के घायल होने की खबर है. हालांकि, बाद में सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा अब टल गया है.

आज तक 15 Sep 2026 5:49 pm

एशियाड के लिए भारत ने खर्च किए 700 करोड़, मंत्रालय का खुलासा

एशियन गेम्स 2026 की तैयारी पर भारत सरकार ने पिछले तीन साल में ₹702.86 करोड़ खर्च किए हैं. इसके अलावा TOPS फंड से ₹97.84 करोड़ दिए गए. भारत 36 खेलों में 501 खिलाड़ियों के साथ उतरेगा, जिसमें 310 डेब्यूटेंट हैं. पिछली बार 106 मेडल जीतने वाला भारत इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराने या उससे आगे निकलने की उम्मीद कर रहा है.

आज तक 15 Sep 2026 5:48 pm

iPhone यूज़र्स की शिकायतों पर Apple की मुश्किल बढ़ी

Apple के iOS 18 अपडेट से जुड़ी यूजर्स की शिकायतों पर CCPA ने जांच आगे बढ़ा दी है. स्क्रीन लाइन और अन्य दिक्कतों के लिए रिपेयर चार्ज लेने पर सवाल उठे हैं. अब नियामक सॉफ्टवेयर वारंटी की शर्तों और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े पहलुओं की भी जांच करेगा. वीडियो में जानें मामला.

आज तक 15 Sep 2026 5:47 pm

अमेरिकी स्कूलों में स्क्रीन टाइम पर कड़ा एक्शन: किंडरगार्टन में बंद हुए लैपटॉप-आईपैड, यूट्यूब पर लगा बैन

संयुक्त राज्य अमेरिका के फिलाडेल्फिया और पेंसिल्वेनिया उपनगरीय क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा प्रणाली के भीतर आधुनिक डिजिटल गैजेट्स और अत्यधिक स्क्रीन टाइम को लेकर एक बड़ा नीतिगत बदलाव देखने को मिल रहा है। 'द फिलाडेल्फिया इन्क्वायरर' की विस्तृत जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रमुख पब्लिक स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स ने कक्षाओं में छात्रों को बांटे जाने वाले व्यक्तिगत डिजिटल उपकरणों (1:1 डिवाइसेज) के अनियंत्रित वितरण पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया है। कोरोना काल के बाद से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में डिजिटल स्क्रीन पर बढ़ी निर्भरता के कारण बच्चों के संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक मेलजोल, आंखों की सेहत और एकाग्रता पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए शैक्षणिक प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं। कई प्रतिष्ठित स्कूल बोर्ड्स ने किंडरगार्टन और प्राथमिक स्तर के नन्हे बच्चों को टैबलेट और लैपटॉप सौंपने की पुरानी योजनाओं को या तो पूरी तरह रद्द कर दिया है या फिर स्कूल अवधि के बाद इन उपकरणों को घर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।#1 विभिन्न स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स के नए नियम: किंडरगार्टन से आईपैड गायब, क्रोमबुक पर शेयर्ड मॉडल लागूफिलाडेल्फिया क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों ने इस डिजिटल डिटॉक्स नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है ताकि बच्चों का समय स्क्रीन पर नहीं बल्कि पारंपरिक किताबों और खेलकूद में बीते। कोलोनियल स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने नया नियम लागू करते हुए एलिमेंट्री स्तर के छात्रों के रात में लैपटॉप घर ले जाने पर रोक लगा दी है, जिससे बच्चे घर पर स्क्रीन के बजाय पारिवारिक संवाद और रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान दे सकें। वहीं ट्रेडीफ्रिन/ईस्टटाउन स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए किंडरगार्टन में दाखिला लेने वाले छोटे बच्चों को व्यक्तिगत आईपैड जारी करने पर पूर्ण रोक लगा दी है और एलिमेंट्री कक्षाओं के छात्रों के लिए भी छुट्टी के बाद गैजेट घर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। मेथाक्टन स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने किंडरगार्टन और पहली कक्षा के छात्रों के लिए 'वन-टू-वन डिवाइस' व्यवस्था को समाप्त कर 'शेयर्ड डिवाइस मॉडल' लागू किया है, जहां क्रोमबुक केवल विशिष्ट समूह गतिविधियों के लिए कक्षा में ही उपलब्ध रहेंगे। इसी क्रम में फीनिक्सविले एरिया स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने किंडरगार्टन से लेकर तीसरी कक्षा तक के बच्चों के लिए व्यक्तिगत स्क्रीन बांटने का कार्यक्रम आधिकारिक रूप से खत्म कर दिया है, जबकि वॉलिंगफोर्ड-स्वार्थमोर डिस्ट्रिक्ट में किंडरगार्टन से दूसरी कक्षा के लिए ऑनलाइन असेसमेंट सीमित कर दिए गए हैं और पांचवीं कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों के लिए स्कूल नेटवर्क पर यूट्यूब ब्राउजिंग और सर्चिंग को पूर्ण रूप से ब्लॉक कर दिया गया है।#1 कक्षाओं में तकनीकी भटकाव पर अभिभावकों की दोहरी राय: राहत के साथ बड़ी कक्षाओं को लेकर चिंतास्कूल प्रशासनों द्वारा उठाए गए इन ऐतिहासिक कदमों का उन जागरूक अभिभावकों और बाल मनोवैज्ञानिकों ने खुलकर स्वागत किया है जो लंबे समय से क्लासरूम में अत्यधिक तकनीकी दखल का विरोध कर रहे थे। अभिभावकों का मानना है कि छोटे बच्चों के हाथों से स्क्रीन छिनने से शिक्षक एक बार फिर पारंपरिक ब्लैकबोर्ड, किताबों और प्रत्यक्ष संवाद के जरिए प्रभावी ढंग से पढ़ा सकेंगे, जिससे बच्चों का ध्यान भटकने की समस्या काफी हद तक नियंत्रित होगी। हालांकि, अभिभावकों का एक दूसरा वर्ग इस बात को लेकर चिंतित है कि प्राथमिक कक्षाओं में लगाए गए ये प्रतिबंध शायद सीमित प्रभाव ही छोड़ पाएंगे, क्योंकि मिडिल और हाई स्कूल की कक्षाओं में पहुंचते ही पाठ्यक्रम का बड़ा हिस्सा पूरी तरह डिजिटल असाइनमेंट्स पर निर्भर हो जाता है। यही कारण है कि 'स्क्रीन टाइम घटाओ' अभियान से जुड़े पैरेंट्स अब स्कूल प्रबंधन से यह मांग कर रहे हैं कि वे केवल छोटी कक्षाओं तक सीमित न रहें, बल्कि छठी से बारहवीं कक्षा तक के तकनीकी पाठ्यक्रम की भी समीक्षा करें ताकि किशोर छात्र साइबर लत और मानसिक तनाव से बच सकें।#1 नागरिक संगठनों की मुहिम और नई सलाहकार समितियों की भूमिका: पीए अनप्लग्ड का प्रभावशैक्षणिक संस्थानों में डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करने के लिए पेंसिल्वेनिया में एक बड़ा नागरिक आंदोलन खड़ा हो चुका है, जिसका नेतृत्व 'पीए अनप्लग्ड' (PA Unplugged) नामक गैर-लाभकारी संगठन कर रहा है। लगभग 5,000 सक्रिय अभिभावकों और शिक्षकों के समर्थन वाले इस संगठन से जुड़े वॉलिंगफोर्ड-स्वार्थमोर के अभिभावक एलेक्स बर्ड बेकर का कहना है कि प्राथमिक स्कूलों में कंप्यूटर का उपयोग घटाना नीतिगत स्तर पर अपेक्षाकृत सरल कदम था, लेकिन असली चुनौती मिडिल और हाई स्कूल स्तर पर सामने आएगी, जहां शिक्षा का बुनियादी ढांचा ही सॉफ्टवेयर और डिजिटल पोर्टल पर केंद्रित हो चुका है। लगभग 3,700 विद्यार्थियों वाले वॉलिंगफोर्ड-स्वार्थमोर स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने भविष्य की तकनीकी नीतियों को दिशा देने के लिए एक विशेष 'प्रौद्योगिकी सलाहकार परिषद' का गठन किया है और इसमें शामिल होने के लिए अभिभावकों से आवेदन मांगे हैं। यह परिषद मिडिल और हाई स्कूल (कक्षा 6 से 12) में स्क्रीन उपयोग की व्यावहारिक सीमाओं की समीक्षा करेगी, जबकि लोअर मेरियन स्कूल डिस्ट्रिक्ट में भी अभिभावकों का समूह ऐसी स्वतंत्र तकनीकी निगरानी समितियों के गठन पर जोर दे रहा है ताकि बच्चों के समग्र मानसिक और शारीरिक विकास के बीच एक संतुलित शैक्षणिक वातावरण बहाल किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 5:47 pm

पुतिन के करीबी उमर क्रेमलेव ने उठाया ट्रंप जूनियर की शादी का खर्च, पत्नी बेटिना ने किया बड़ा खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के परिवार और रूस के उच्चस्तरीय सत्ता प्रतिष्ठान के बीच संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बड़े बेटे डोनल्ड ट्रंप जूनियर की नई नवेली पत्नी बेटिना ट्रंप ने आधिकारिक और सार्वजनिक तौर पर इस सनसनीखेज तथ्य की पुष्टि कर दी है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बेहद प्रभावशाली राजनीतिक और खेल सहयोगी उमर क्रेमलेव ने कैरेबियाई देश बहामास में उनके भव्य शादी के बाद के जश्न (पोस्ट-वेडिंग वीकेंड) का पूरा वित्तीय खर्च उठाया था। खोजी पत्रकारिता संगठन 'प्रोपब्लिका' (ProPublica) द्वारा सोमवार को किए गए विस्फोटक खुलासे के बाद खुद बेटिना द्वारा सोशल मीडिया पर दी गई इस बेबाक स्वीकृति ने वाशिंगटन के राजनीतिक, कूटनीतिक और खुफिया हलकों में तीव्र हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि क्रेमलेव केवल एक खेल प्रशासक नहीं बल्कि सीधे क्रेमलिन और मॉस्को के सत्ता समीकरणों से जुड़े प्रमुख चेहरे माने जाते हैं।#1 बहामास का मोंटे कार्लो अंदाज और मखमली फ्रैट पार्टी: प्रोपब्लिका की जांच में हुआ खुलासाखोजी मीडिया आउटलेट 'प्रोपब्लिका' ने आधिकारिक दस्तावेजों, विमानन लॉग और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड के हवाले से सोमवार को प्रकाशित अपनी विस्तृत इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि मई के महीने में बहामास के सुरम्य तटों पर आयोजित ट्रंप जूनियर के तीन दिवसीय विवाह समारोह का पूरा ताना-बाना उमर क्रेमलेव की वित्तीय फंडिंग पर टिका हुआ था। रिपोर्ट में इस अति-विशिष्ट पार्टी को क्लासिक 'मोंटे कार्लो कैसीनो चकाचौंध' और एक 'अमेरिकी कॉलेज फ्रैट पार्टी' का उन्मादी और बेहद खर्चीला मिश्रण करार दिया गया था। इस कार्यक्रम में विश्व स्तर के संगीत कलाकार, डांसर, निजी द्वीपों का विशेष आरक्षण और फ्लोरिडा से विशेष रूप से चार्टर विमान द्वारा मंगवाया गया पांच मंजिला फनफेटी केक शामिल था। खोजी रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इस समारोह में लाखों डॉलर फूंक दिए गए, जिसका सीधा बिलिंग ट्रेल क्रेमलिन के करीबी संपर्कों तक पहुंचता है।#1 'हर उदारता के पीछे छिपा एजेंडा नहीं होता': सोशल मीडिया पर बेटिना ट्रंप ने दी सफाईविवाद के तूल पकड़ने और मुख्यधारा के अमेरिकी टीवी चैनलों पर सुर्खियां बनने के बाद बेटिना ट्रंप ने सोमवार शाम अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा स्पष्टीकरण पोस्ट किया। अपनी पोस्ट में बहामास के उस चर्चित कार्यक्रम की कई अनसीन तस्वीरें साझा करते हुए बेटिना ने लिखा कि ऐसा लगता है कि हमारी शादी को लेकर मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों में फिर से बेचैनी बढ़ गई है, इसलिए वास्तविक तथ्यों को सीधे सामने रखना जरूरी हो गया है। बेटिना ने लिखा कि दुनिया में हर मित्रता या उदारता के पीछे कोई गुप्त राजनीतिक एजेंडा या कूटनीतिक लेन-देन नहीं होता। उन्होंने बताया कि मूल शादी की तारीखों और योजनाओं में अप्रत्याशित बदलाव आने के कारण उन्होंने पहले ही सादे तरीके से परिणय सूत्र में बंधने का निर्णय लिया था, जिसके बाद वे पहले से बुक किए गए बहामास वेन्यू पर एक नवविवाहित जोड़े के रूप में पहुंचे। बेटिना ने स्वीकार किया कि उनके प्यारे पारिवारिक मित्र उमर क्रेमलेव ने अपनी विशाल उदारता का परिचय देते हुए उनके लिए लगातार दो रातों के भव्य और यादगार सेलिब्रेशन की मेजबानी की थी।#1 दुबई से रूट हुआ लाखों डॉलर का फंड: इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन और गजप्रोम का कनेक्शनवित्तीय दस्तावेजों और बैंकिंग ट्रेल्स से सामने आई जानकारियों के अनुसार, बहामास में आयोजित इस जश्न के विशाल बिलों का भुगतान सीधे तौर पर दुबई स्थित एक कॉर्पोरेट इकाई के माध्यम से प्रोसेस किया गया था। यह इकाई सीधे तौर पर इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) से जुड़ी हुई है, जिसके वैश्विक प्रमुख खुद उमर क्रेमलेव हैं। उल्लेखनीय है कि क्रेमलेव की अगुवाई वाली इस खेल संस्था को रूस की सरकारी ऊर्जा महाबली कंपनी 'गजप्रोम' (Gazprom) से भारी वित्तीय अनुदान और लॉजिस्टिकल समर्थन हासिल है। हालांकि, क्रेमलेव के आधिकारिक प्रवक्ता ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए दावा किया कि मुख्य बॉक्सिंग गवर्निंग बॉडी ने सीधे तौर पर इस शादी समारोह का कोई भुगतान नहीं किया है, लेकिन दुबई स्थित संबंधित वित्तीय एंटिटी के जरिए जारी किए गए लाखों डॉलर के लेन-देन पर प्रवक्ता ने कोई भी स्पष्ट टिप्पणी करने से पूरी तरह परहेज किया, जिसने अमेरिकी जांच एजेंसियों और विश्लेषकों के कान खड़े कर दिए हैं।#1 वाशिंगटन में फिर गरमाया ट्रंप-रूस संबंधों का विवादडोनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल और उनके पारिवारिक सदस्यों के विदेशी वित्तीय संपर्कों को लेकर अमेरिका में हमेशा से तीव्र राजनीतिक बहस रही है। ऐसे समय में जब यूक्रेन युद्ध, वैश्विक प्रतिबंधों और नाटो के विस्तार को लेकर अमेरिका और रूस के संबंध शीतयुद्ध के बाद के सबसे निचले स्तर पर हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति के बेटे और संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले डोनल्ड ट्रंप जूनियर के निजी आयोजनों का वित्तपोषण पुतिन के विश्वासपात्र द्वारा किए जाने की पुष्टि ने डेमोक्रेटिक पार्टी और प्रशासनिक विश्लेषकों को नया हथियार थमा दिया है। आलोचकों का तर्क है कि विदेशी कुलीन वर्ग और क्रेमलिन के करीबी लोग अमेरिकी सत्ता के केंद्र में अपनी सीधी पहुंच और प्रभाव स्थापित करने के लिए ऐसे वित्तीय उपकारों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि ट्रंप परिवार इसे विशुद्ध रूप से व्यक्तिगत संबंधों और मित्रता के दायरे में देखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 5:44 pm

'जन्म के समय रोया भी नहीं था, फिर हथियारों का बना सिरफिरा': ट्रंप के हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स पर FBI के नए खुलासे

साल 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान पेंसिल्वेनिया के बटलर में तत्कालीन रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप की हत्या का जानलेवा प्रयास करने वाले 20 वर्षीय शूटर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स के मनोवैज्ञानिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) की हालिया जांच रिपोर्ट में हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी द्वारा सार्वजनिक किए गए आधिकारिक पूछताछ दस्तावेजों के अनुसार, हमलावर बचपन से ही सामाजिक रूप से पूरी तरह कटा हुआ और अत्यधिक शांत स्वभाव का था, लेकिन किशोरावस्था की दहलीज पार करते ही वह आधुनिक आग्नेयास्त्रों, थ्री-डी प्रिंटेड असॉल्ट उपकरणों और विस्फोटक तकनीक के खतरनाक जुनून में जकड़ता चला गया। संघीय जांचकर्ताओं द्वारा क्रूक्स के पिता मैथ्यू क्रूक्स और उसके करीबी संपर्कों से लिए गए विस्तृत बयानों ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि किस तरह एक होनहार लेकिन अकेला छात्र धीरे-धीरे घातक स्नाइपर मानसिकता की ओर फिसल गया।#1 जन्म से शांत और खुद से बातें करने की आदत: पिता ने बयां की क्रूक्स की बचपन की अजीब दास्तानसंघीय जांच एजेंसी एफबीआई को दिए गए बयानों में क्रूक्स के पिता मैथ्यू ने जांचकर्ताओं को बताया कि उनका बेटा जन्म के पहले ही पल से आम बच्चों की तुलना में बिल्कुल अलग था। पिता के शब्दों में, जब थॉमस का जन्म हुआ तो वह सामान्य नवजातों की तरह रोया तक नहीं था और तभी से उसने जीवन भर एक गहरा और रहस्यमयी सन्नाटा ओढ़ रखा था। पिता और बेटे के बीच कभी भी आत्मीय या सहज संवाद स्थापित नहीं हो सका, क्योंकि क्रूक्स अपनी भावनाएं व्यक्त करने से हमेशा बचता था और शायद ही कभी मुस्कुराता था। हाई-स्कूल के दौरान वह समाज और साथी सहपाठियों से और भी अधिक कट गया और शिक्षकों से सामान्य बातचीत करने में भी झिझकने लगा। मिडिल स्कूल के दौरान बोरियत और सबका ध्यान खींचने के लिए स्कूल की डेस्क तोड़ने जैसी अजीब हरकतों के चलते माता-पिता को संदेह था कि वह अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) से पीड़ित है। वह अक्सर अकेले कमरे में खुद से लंबी बातें किया करता था, हालांकि इन सभी विसंगतियों के बावजूद वह पढ़ाई-लिखाई और अकादमिक प्रदर्शन में हमेशा अव्वल दर्जे पर बना रहा।#1 नौसेना के सपनों से लेकर निशानेबाजी तक: कोविड काल में जागा घातक आग्नेयास्त्रों का शौककरियर की तलाश में क्रूक्स का दिमाग तेजी से बदलता रहा, जिसमें एक समय वह अमेरिकी नौसेना में शामिल होकर परमाणु पनडुब्बियों के तकनीकी संचालन विंग में भर्ती होने के ख्वाब देख रहा था, लेकिन वह किसी भी लक्ष्य पर लंबे समय तक टिक नहीं सका। किशोरावस्था में उसका रुझान अचानक बंदूकों और शूटिंग स्पेक्ट्रम की तरफ मुड़ गया, जिसने कोविड-19 महामारी के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान भयानक रूप ले लिया। खाली समय में उसने स्थानीय गन क्लबों में जाना शुरू किया, जहां शुरुआत में खराब निशानेबाजी करने वाला क्रूक्स लगातार अभ्यास के दम पर कुछ ही वर्षों में लंबी दूरी का अचूक निशानेबाज बन गया। उसके पिता ने बताया कि वह अक्सर बुनियादी आयरन साइट्स का उपयोग करके अधिकतम संभव दूरी तक सटीकता से बुलेट दागने के तकनीकी प्रयोगों में व्यस्त रहता था।#1 3D प्रिंटर से हथियार बनाने की कोशिश और 'बॉब डोल' के फर्जी नाम से उपकरणों की तस्करीएफबीआई के खुलासों से यह भी साबित हुआ है कि क्रूक्स केवल बंदूकें चलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह घर के अंदर ही घातक हथियार और जासूसी उपकरण तैयार करने की इंजीनियरिंग सनक का शिकार था। उसने कार्बन-फाइबर प्लास्टिक और घरेलू टूल्स का इस्तेमाल करके ग्लॉक-19 पिस्टल असेंबल करने का जोखिम उठाया था और 3D प्रिंटर व रास्पबेरी पाई चिपसेट का उपयोग करके अपना कस्टमाइज्ड गेमिंग सिस्टम और ऑटोमेटेड सिक्योरिटी कैमरा नेटवर्क तैयार कर लिया था। डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान छिपाने और सर्विलांस से बचने के लिए वह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से हथियार के पार्ट्स और टूल्स मंगाते समय पूर्व अमेरिकी सीनेटर 'बॉब डोल' के छद्म नाम का इस्तेमाल करता था। अपने पिता द्वारा बार-बार रोके जाने के बावजूद वह अकाउंट हैकिंग और ट्रैकिंग से बचने के लिए अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन और प्राइवेसी टूल्स का सहारा लेकर पार्सल रिसीव करता रहा।#1 राजनीतिक विचारधारा पर विरोधाभास और 13 जुलाई 2024 का वह जानलेवा हमलाराजनीतिक दृष्टिकोण से क्रूक्स इतिहास और सत्ता संघर्ष पर गहराई से पढ़ता था और ट्रंप, जो बाइडेन तथा मार्को रुबियो जैसे दिग्गजों के बयानों का निरंतर विश्लेषण करता था। हालांकि वह कागजों पर एक रिपब्लिकन के तौर पर पंजीकृत था और सरकारी वेलफेयर योजनाओं व कथित वोक कल्चर का मुखर विरोधी था, लेकिन असल में वह किसी भी पारंपरिक दल के प्रति निष्ठावान नहीं था बल्कि राजनेताओं के भाषणों और प्रशासनिक नीतियों का उपहास उड़ाने में अधिक रुचि रखता था। इसी विकृत मानसिकता के तहत 13 जुलाई 2024 को उसने बटलर रैली में मंच पर भाषण दे रहे डोनल्ड ट्रंप पर छत से जानलेवा गोलियां दागीं, जो ट्रंप के कान को छूकर निकल गई थीं। इस हमले में रैली में मौजूद एक निर्दोष नागरिक की जान चली गई थी और दो अन्य लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए थे, जिसके चंद सेकेंड के भीतर यूएस सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने क्रूक्स को मौके पर ही मार गिराया था। पिता मैथ्यू ने जांचकर्ताओं के सामने आज भी यही दोहराया कि परिवार आज तक यह समझने में असमर्थ है कि उनके शांत दिखने वाले बेटे के भीतर इतना खौफनाक कदम उठाने का वास्तविक मकसद क्या था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Sep 2026 5:42 pm

शादी के 11 दिन पहले गई नौकरी, Oracle के कर्मचारियों ने बयां किया दुख

ओरेकल ने एक बार फिर कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है. इससे कर्मचारी सदमे में हैं और अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं. यह नई छंटनी ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी बड़े स्तर पर अपने कारोबार का पुनर्गठन कर रही है. साथ ही, ओरेकल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और उसके लिए आक्रामक तरीके से फंड जुटाने पर भी जोर दे रही है.

आज तक 15 Sep 2026 5:38 pm

हूतियों के खिलाफ PAK नहीं आया साथ! सऊदी ने अब इजरायल से लगाई मदद की गुहार

यमन में हूती लड़ाकों के हमले के बाद सऊदी अरब ने अमेरिकी Centcom के जरिए इजरायल से खुफिया मदद मांगी है. हूतियों के बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर कब्जे से सऊदी अरब की तेल निर्यात क्षमता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है.

आज तक 15 Sep 2026 5:37 pm

दिल्ली में 12 दिनों में आए डेंगू के सबसे ज्यादा केस, मलेरिया भी बढ़ा

दिल्ली में सितंबर के शुरुआती 12 दिनों में डेंगू के 121 मामले सामने आए हैं. इस साल अब तक कुल 432 डेंगू और 183 मलेरिया के मामले दर्ज हुए हैं. एमसीडी ने 2.79 करोड़ से अधिक घरों का निरीक्षण कर मच्छर के लार्वा पाए जाने पर 1.10 लाख से अधिक कानूनी नोटिस जारी किए हैं.

आज तक 15 Sep 2026 5:36 pm

पाकिस्तान का 0-3 से सूपड़ा साफ, फिर भी एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़े!

इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान की टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा. तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ी पूरी तरह बेबस नजर आए. पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान क्रिकेट का स्तर टेस्ट में लगातार गिरता जा रहा है.

आज तक 15 Sep 2026 5:34 pm

साइंस का कमाल: इस AI ब्रेन इम्प्लांट से बोल सकेंगे पैरालाइज्ड मरीज

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने एक AI ब्रेन इम्प्लांट विकसित किया है जो पैरालाइज्ड मरीजों को बोलने और इशारे करने में सक्षम बनाता है. इस तकनीक ने मरीजों के दिमाग से निकलने वाले संकेतों को डिकोड कर डिजिटल अवतार के माध्यम से आवाज और इशारे प्रदर्शित किए. लैब टेस्ट में 88% तक सटीकता मिली है, पढ़ें- पूरी ड‍िटेल.

आज तक 15 Sep 2026 5:29 pm

तेलंगाना में 10वीं की छात्रा से 9 लोगों ने किया सामूहिक बलात्कार

तेलंगाना के मेडचल-मलकाजगिरी जिले में 10वीं की छात्रा से नौ लोगों द्वारा कथित गैंगरेप का मामला सामने आया है. पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि नौवें की तलाश जारी है. पढे़ं पूरी कहानी.

आज तक 15 Sep 2026 5:26 pm

चाचा शिवपाल को हटा अखिलेश बने लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष, होगा 'खेल'?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अब लोहिया ट्रस्ट की भी कमान सौंप दी गई है. अखिलेश ने ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर शिवपाल सिंह यादव की जगह ली है. शिवपाल यादव वर्ष 2017 से लगातार लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले हुई लोहिया ट्रस्ट की बैठक में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अखिलेश यादव को सौंपने का फैसला किया गया.

आज तक 15 Sep 2026 5:23 pm

AI से वित्तीय धोखाधड़ी में भारी उछाल, US में 89 करोड़ डॉलर से अधिक का नुकसान

(पवन जैन, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन फ्लिंट)फ्लिंट (अमेरिका), 15 सितंबर (द कन्वरसेशन) फोन की घंटी बजती है और दूसरी तरफ आपके पोते की घबराई हुई आवाज सुनाई देती है। वह बताता है कि उसके साथ दुर्घटना हो गई है और उसे तत्काल पैसों की जरूरत है। आवाज पोते की आवाज जैसी ही होती है लेकिन पोते की आवाज नहीं होती। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार की गई आवाज होती है, जिसे इंटरनेट पर उपलब्ध किसी वीडियो या ऑडियो क्लिप से तैयार किया गया है। कई वर्षों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा को लेकर चेतावनियों का केंद्र कॉरपोरेट नेटवर्क और सरकारी प्रणालियां रही हैं। हालांकि, ये खतरे वास्तविक हैं, लेकिन अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के धोखाधड़ी संबंधी आंकड़ों से एक अलग तस्वीर सामने आती है—घरेलू खातों से बड़ी मात्रा में धन निकल रहा है। एफबीआई की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उसकी इंटरनेट क्राइम कंप्लेंट सेंटर (आईसी3) इकाई ने पहली बार एआई से जुड़े मामलों को अलग से दर्ज करना शुरू किया। अमेरिकियों ने ऐसे 22,000 से अधिक मामले दर्ज कराए और करीब 89.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर के नुकसान की सूचना दी। इनमें से 63.2 करोड़ डॉलर का नुकसान निवेश संबंधी धोखाधड़ी में हुआ जबकि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को 35.2 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। ये आंकड़े केवल उन पीड़ितों को दर्शाते हैं जिन्होंने एफबीआई को शिकायत की और ये वह मामले हैं जिनमें एआई की भूमिका की पहचान की जा सकी। परामर्श कंपनी डेलॉइट का अनुमान है कि एआई से होने वाला वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है और अमेरिका में कुल धोखाधड़ी से होने वाला नुकसान 2027 तक बढ़कर 40 अरब डॉलर हो सकता है, जो 2023 में 12.3 अरब डॉलर था। विशेषज्ञों के अनुसार, एआई ने नई तरह की धोखाधड़ी की राह नहीं बनाई है, बल्कि पुराने तरीकों को सस्ता, तेज और अधिक विश्वसनीय बना दिया है। कुछ सेकंड की आवाज की रिकॉर्डिंग से किसी व्यक्ति की आवाज की नकल तैयार की जा सकती है। इसी तरह, एआई आधारित मॉडल धाराप्रवाह और व्यक्तिगत फर्जी संदेश तैयार कर सकते हैं। धोखाधड़ी में डर और जल्दबाजी का इस्तेमाल प्रमुख हथियार है। ठग परिवार के सदस्य, बैंक अधिकारी या कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी बनकर तत्काल पैसे भेजने का दबाव बनाते हैं। तनाव की स्थिति में लोग अक्सर बिना पर्याप्त जांच के निर्णय ले लेते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को संदिग्ध फोन आने पर तुरंत कॉल काटकर संबंधित व्यक्ति या बैंक के ज्ञात नंबर पर खुद संपर्क करने की सलाह दी है। परिवारों को आपात स्थिति के लिए एक गोपनीय कोड शब्द तय करना चाहिए और बड़ी रकम के हस्तांतरण के लिए दो लोगों की मंजूरी तथा 24 घंटे की प्रतीक्षा जैसी व्यवस्था अपनानी चाहिए। वित्तीय खातों में दो-स्तरीय प्रमाणीकरण और लेनदेन संबंधी अलर्ट सक्रिय रखने तथा किसी अनजान व्यक्ति के साथ सत्यापन कोड साझा नहीं करने की भी सलाह दी गई है। बुजुर्ग परिवार के सदस्यों को विशेष रूप से इन सावधानियों के बारे में जागरूक करना जरूरी है। यदि पैसा धोखाधड़ी से स्थानांतरित हो चुका है तो बैंक से तुरंत संपर्क कर राशि वापस पाने का प्रयास करने और संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल व्यक्तिगत सावधानी पर्याप्त नहीं है। तत्काल और अपरिवर्तनीय डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बैंकों और नियामकों को भी धोखाधड़ी रोकने तथा पीड़ितों को धन वापस दिलाने के लिए अधिक प्रभावी व्यवस्था बनानी होगी। अच्छी आदतें ऐसी धोखाधड़ी को मुश्किल बना सकती हैं, लेकिन वे अकेले पर्याप्त नहीं हैं। अमेरिका के नियम तकनीकी बदलावों से पीछे रह गए हैं। संघीय कानून उपभोक्ताओं को अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक धन हस्तांतरण से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। नियामकों का कहना है कि यदि धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति ने किसी हस्तांतरण की शुरुआत कराई है तो वह अनधिकृत माना जा सकता है, भले ही पीड़ित को धोखे से खाते की जानकारी साझा करने के लिए मजबूर किया गया हो। हालांकि, त्वरित भुगतान से जुड़ी धोखाधड़ी के पीड़ितों को अक्सर बहुत कम धन वापस मिलता है। बैंक कई बार ऐसे नुकसान को ‘अधिकृत’ मान लेते हैं, जब ग्राहक को धोखे से भुगतान मंजूर करने के लिए राजी किया गया हो। ब्रिटेन ने अलग रास्ता अपनाया है। 2024 के अंत से वहां बैंकों को ज्यादातर धोखाधड़ी पीड़ितों को 85,000 पाउंड तक की राशि वापस करनी होती है। इसका खर्च धन भेजने वाले और प्राप्त करने वाले दोनों संस्थानों के बीच बांटा जाता है। इस व्यवस्था के पीछे तर्क यह है कि धोखाधड़ी से निपटने के लिए बैंक सबसे बेहतर स्थिति में हैं, क्योंकि उनके पास सुरक्षा दल और ऐसे विश्लेषणात्मक उपकरण हैं जो लाखों लेनदेन में संदिग्ध पैटर्न पहचान सकते हैं। जब तक नुकसान की जिम्मेदारी का पर्याप्त वित्तीय दबाव नहीं था, तब तक इन प्रणालियों का पूरा इस्तेमाल करने के लिए बैंकों के पास उतना मजबूत प्रोत्साहन नहीं था। नियामक के आंकड़ों के अनुसार, नए नियम लागू होने के बाद धोखाधड़ी में खोई गई 88 प्रतिशत राशि पीड़ितों को वापस की जा चुकी है। एक स्वतंत्र मूल्यांकन में यह भी पाया गया कि पहले वर्ष में धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान का करीब पांचवां हिस्सा कम हुआ। यह दर्शाता है कि जब नुकसान की जिम्मेदारी बैंकों पर आती है तो वे धोखाधड़ी रोकने के नए तरीके खोजने के लिए अधिक सक्रिय होते हैं। अमेरिकी नियामकों और कांग्रेस को इस मॉडल का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। जब भुगतान तत्काल और अपरिवर्तनीय हो, तो जोखिम का पूरा बोझ ग्राहक पर नहीं डाला जा सकता, क्योंकि इस पूरी व्यवस्था में धोखाधड़ी रोकने के लिए ग्राहक ही सबसे कमजोर पक्ष है।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 5:23 pm

'पत्नी को बेडरूम में...', एक्ट्रेस को नहीं बनना मां-तोड़ी शादी

गौरव खन्ना को पापा बनना था. लेकिन आकांक्षा चमोला का कहना है वो खुद में मदरहुड की फीलिंग नहीं देखती. उन्होंने कभी मां ना बनने का फैसला किया है.

आज तक 15 Sep 2026 5:21 pm

उमर खालिद को कांग्रेस नेता ने बताया 'राष्ट्रवादी', कहा- ABVP को बोलने का हक नहीं

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जेल में बंद एक्टिविस्ट उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग रोकने की मांग की है. इस बावत इसने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है.

आज तक 15 Sep 2026 5:19 pm

घर डूबे, सड़कें बनी समंदर... गुजरात में मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात

अब बात करते हैं गुजरात में बारिश की कहर की.. लगातार हो रही बारिश के चलते गुजरात के कई जिलों में जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. अहमदाबाद से लेकर आणंद, भरूच और साबरकांठा तक भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं. कहीं सड़कें तालाब बनीं, तो कहीं घरों और दुकानों में पानी घुस गया. वहीं मौसम विभाग ने राज्य में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है.

आज तक 15 Sep 2026 5:17 pm

महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज की माता का निधन, राजघराने में शोक

मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की राजमाता विजयराज कुमारी का सोमवार देर रात निधन हो गया. 83 वर्षीय राजमाता लंबे समय से बीमार थीं. उनका अंतिम संस्कार महासतिया में पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया.

आज तक 15 Sep 2026 5:15 pm

BJP ने UCC लागू करने के क‍िया दावा, कौन-से दल देंगे साथ कौन खिलाफ?

विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दलों ने मुद्दों के तीर तराशने शुरू कर दिए हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता लागू करने के दावे ने सियासी सरगर्मी और बढ़ा दी है. अमित शाह का दावा है कि 2029 के पहले बीजेपी एवं उसके सहयोगियों के शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दिया जाएगा. इसमें यूपी भी शामिल है. बीजेपी इसे वादे के अमल के तौर पर पेश कर रही है, जबकि विपक्ष ध्रुवीकरण की कवायद बता रहा है.

आज तक 15 Sep 2026 5:14 pm

अंबानी के घर की पूजा में ट्रंप के बेटी-दामाद, देसी लुक से लूटी महफिल

नीता और मुकेश अंबानी के गणेशोत्सव के चर्चे हो रहे हैं, राधिका अंबानी के डांस से लेकर फिल्मी सितारों की एंट्री तक सब कुछ ग्रैंड था. इस खास इवेंट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी और दामाद माइकल भी शामिल हुए. उनकी राधिका और संजय दत्त के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. टिफनी ने अपने देसी लुक से गणेशोत्सव में सारी लाइटलाइट चुरा ली.

आज तक 15 Sep 2026 5:13 pm

चीन का हथियार या बड़ा फेलियर? यमन युद्ध में नया खुलासा!

यमन की जंग में चीन की DF-15A बैलिस्टिक मिसाइल के कथित इस्तेमाल ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. OSINT विश्लेषकों का दावा है कि सऊदी अरब की मिसाइल हूती ठिकानों तक पहुंचने से पहले रेगिस्तान में गिर गई. दूसरी तरफ हूतियों के ड्रोन और मिसाइल हमले सऊदी अरब के लिए नई चुनौती बन गए हैं. आखिर इस जंग का असर तेल बाजार और चीन की हथियार साख पर कैसे पड़ सकता है? देखिए पूरी रिपोर्ट.

आज तक 15 Sep 2026 5:10 pm

ऑस्ट्रेलिया की तकनीक भारत के बच्चों के लिए मददगार

नई दिल्ली, भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने मंगलवार को नई दिल्ली में आई कैन हियर फाउंडेशन के स्पहियर क्लिनिक का दौरा किया। ग्रीन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे ऑस्ट्रेलियाई श्रवण तकनीक भारत में श्रवण बाधित बच्चों को सुनने, संवाद करने और रोजमर्रा की जिंदगी में पूरी तरह से भाग लेने में मदद कर रही है।

देशबन्धु 15 Sep 2026 5:09 pm

भारत में Xiaomi के 2 फोन, मिलेगी 10,000mAh की बैटरी और 5 हजार की छूट

REDMI Note 17 Pro और Note 17 Pro Max भारत में लॉन्च हो चुके हैं. दोनों हैंडसेट मिड रेंज सेगमेंट में लॉन्च हुए हैं. दोनों में फ्लैगशिप ग्रेड के कई स्पेसिफिकेशन्स मिलते हैं. कंपनी ने 10,000mAh की बैटरी दी गई है. बैंक ऑफर के तहत मैक्सिमम 5 हजार रुपये की सेविंग होगी.

आज तक 15 Sep 2026 5:08 pm

बिना सूंड वाले गणपति का अनोखा मंदिर, 7 बुधवार दर्शन से हर इच्छा पूरी

Garh Ganesh Temple 2026: सोशल मीडिया पर एक इन दिनों एक वीडियो खूब वायरल हो रही है. इस वीडियो में एक ऐसे मंदिर को लेकर दावा किया गया है जिसमें बिना सूंड वाले गणपति विराजमान होते हैं. श्री गढ़ गणेश नाम का यह मंदिर राजस्थान के जयपुर में नाहरगढ़ की पहाड़ियों पर स्थित बताया गया है.

आज तक 15 Sep 2026 5:01 pm

ट्रंप के बेटे की शादी में पुतिन के करीबी ने बहा दिए करोड़ों रुपये, मचा बवाल

डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की पत्नी बेटिना ट्रंप ने बताया कि उनकी शादी के बाद बहामास में हुए दो रात के जश्न का खर्च आंशिक रूप से उमर क्रेमलेव ने उठाया था. क्रेमलेव के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करीबी संबंध बताए जाते हैं.

आज तक 15 Sep 2026 4:56 pm

महंगे प्रोबायोटिक खरीद रहे लोग, रसोई में ही है इसका सस्ता ऑप्शन

हाल की रिसर्च में पता चला है कि प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स की मां 14 साल में 287% बढ़ी है, लेकिन लोग अपनी डाइट में जरूरी फाइबर नहीं बढ़ा रहे हैं. डायटिशियन ने बताया है कि महंगे प्रीबायोटिक सप्लीमेंट की जगह घर पर मौजूद किन चीजों में ये अच्छी मात्रा में होता है.

आज तक 15 Sep 2026 4:51 pm

नोएडा के एलिवेटेड रोड पर LPG से लदे ट्रक में लगी आग, सामने आया Video

अब बात नोएडा के एलिवेटेड रोड की..जिस पर सडक धंसने से अचानक 10 फीट का गड़्ढ़ा हो गया है.. इसका वीडियो भी सामने आया है. इस रास्‍ते पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं. सड़क धंसने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. राहत की बात यह रही कि हादसे के समय कोई तेज रफ्तार वाहन इसकी चपेट में नहीं आया, वरना कोई अनहोनी हो सकती थी. देखें Video.

आज तक 15 Sep 2026 4:48 pm

सागर जहरीली शराब कांड में अब NHRC की एंट्री, पुलिस पर भड़की टीम

Sagar Poisonous Liquor Tragedy: सागर जहरीली शराब कांड के पीड़ितों से मिली NHRC की टीम. प्रियांक कानूनगो ने पुलिस को बयान दर्ज करने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 15 Sep 2026 4:48 pm

मिर्च के धुएं से परिवार को किया बेहाल, 2 घंटे की लूटपाट

गाजियाबाद के कलछीना गांव में 5-6 बदमाशों ने कथित तौर पर मिर्च का धुआं कर एक घर में प्रवेश किया और परिवार को करीब दो घंटे बंधक बनाकर लूटपाट की. पीड़ित परिवार ने मारपीट और महिला के घायल होने का भी आरोप लगाया है. पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है.

आज तक 15 Sep 2026 4:43 pm

आर्थ‍िक संकट की कगार पर अमेरिका का कैनेडी सेंटर, देखें US टॉप-10

अमेरिका के राष्ट्रपत‍ि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है क‍ि चीन के राष्ट्रपत‍ि शी ज‍िनप‍िंग के साथ होने वाली आगामी बैठक में हर बड़े मुद्दे पर चर्चा होगी. ट्रंप ने खासकर अमेरि‍का में चीनी कारों की एंट्री और बोइंग से जुड़े समझौते का ज‍िक्र क‍िया. उन्होंने संकेत द‍िया क‍ि फ‍िलहाल अमेरि‍का में चीनी कारों की एंट्री पर कोई फैसला नहीं हुआ है. यूएस टॉप 10 में देखें ऐसी ही टॉप 10 खबरें.

आज तक 15 Sep 2026 4:43 pm

अंबानी घर की बड़ी बहू श्लोका का 'गुजराती रंग', ईशा भी दिखीं रॉयल

एंटीलिया में गणपति उत्सव के दौरान अंबानी लेडीज के ट्रेडिशनल लुक्स छा गए. नीता अंबानी जहां सिल्क साड़ी पहने दिखीं, वहीं अंबानी परिवार की बड़ी बहू श्लोका ने बांधनी और लहरिया प्रिंट का गुजराती लहंगा पहना. इसके साथ ही ईशा अंबानी की भी गणेश उत्सव से पहली तस्वीर सामने आई. उन्हें ज्वेल-टोन लहंगा पहन सबका दिल जीत लिया.

आज तक 15 Sep 2026 4:43 pm

सचिन का वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटा, 40 साल के इस बैटर ने रचा इतिहास

जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे में उतरते ही सचिन तेंदुलकर का बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया. टेलर का वनडे करियर 22 साल 146 दिन का हो गया है, जबकि सचिन ने 22 साल 91 दिन तक वनडे खेला था. 40 साल के टेलर रिटायरमेंट, ICC बैन और वापसी के बाद इस मुकाम तक पहुंचे हैं.

आज तक 15 Sep 2026 4:42 pm