YellowDots Talent DPI देशभर के युवाओं के लिए हुआ LIVE
भारत के युवाओं के लिए शिक्षा, AI skills और career opportunities तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल अब शुरू हो गई है। YellowDots नाम से शुरू किया गया Talent Digital Public Infrastructure (DPI), Ghaziabad और Visakhapatnam में पायलट के बाद अब देशभर के युवाओं के लिए LIVE कर दिया गया है। गांधी जयंती के अवसर पर इस पहल को mySATHI Foundation, Career Launcher, FERMI और IIT खड़गपुर के consortium ने लॉन्च किया। EkStep Foundation इस परियोजना को guide और shape कर रहा है। YellowDots के माध्यम से तीन सेवाएं एक ही digital platform पर मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल 15 अगस्त 2026 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गए व्यापक विज़न के अनुरूप है, जिसमें Digital Public Infrastructure के जरिए मुफ्त online coaching को बढ़ाने और एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI skills से जोड़ने की बात कही गई थी। YellowDots पर क्या मिलेगा पहली सेवा competitive examinations की तैयारी के लिए मुफ्त coaching है। Career Launcher की structured exam preparation अब aspirants के लिए बिना किसी शुल्क के उपलब्ध है। दूसरी सेवा personal AI tutor है। IIT खड़गपुर ने FERMI AI के सहयोग से National Digital Library of India के माध्यम से इसे विकसित किया है। यह one-to-one learning support देने और learner की गति और स्तर के अनुसार खुद को ढालने के लिए बनाया गया है। तीसरी सेवा IIT खड़गपुर द्वारा design और award किया गया AI Proficiency Certificate है। इसका उद्देश्य छात्रों को AI के क्षेत्र में एक ऐसा job-oriented credential देना है जिसे employers के बीच भी विश्वसनीयता मिले। जहां रहते हैं, वहां से आगे बढ़ने का अवसर YellowDots के पीछे विचार यह है कि digital public infrastructure का इस्तेमाल करके education, skills और opportunities तक पहुंच को आसान बनाया जाए। Platform का उद्देश्य उन युवाओं को opportunities देने वाले institutions और organisations से जोड़ना है जो उन्हें तलाश रहे हैं - ताकि किसी युवा की संभावनाएं केवल उसके शहर या उसके personal network पर निर्भर न रहें। “महत्वाकांक्षा की कीमत coaching नहीं होनी चाहिए। जब preparation, tutor और credential सभी के लिए मुफ्त और खुले हों, तो Vizag या Ghaziabad का छात्र भी Delhi के छात्र के समान starting line से शुरुआत कर सकता है। यही public infrastructure की असली भूमिका है।” - R. Subrahmanyam, Chairman, mySATHI Foundation और भारत सरकार के पूर्व Secretary, Higher Education mySATHI Foundation के Chairman R. Subrahmanyam के लिए यह पहल केवल एक और online service शुरू करने से आगे की बात है। इसका उद्देश्य preparation और opportunity तक पहुंच को ज्यादा समान बनाना है। Talent DPI को आगे बढ़ाने की शुरुआत YellowDots को एक बड़े Talent DPI की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। उद्देश्य ऐसे open digital rails तैयार करना है जिनके माध्यम से education, skills और employment से जुड़ी सेवाएं ज्यादा लोगों तक पहुंच सकें और उन्हें आसानी से खोजा जा सके। “भारत में talent को aspirations और opportunities से जोड़ने के मामले में अभी भी एक बड़ा digital gap है। Talent DPI को आकार देने और CL Educate तथा mySATHI Foundation के साथ साझेदारी करने की हमें खुशी है। यह भी खुशी की बात है कि यह पहल YellowDots के रूप में BlueDots economy initiatives में से एक के तौर पर अब LIVE हो गई है।” - Gaurav Gupta, Chief Growth Officer, EkStep Foundation इस initiative को district administrations और local elected representatives के साथ मिलकर आगे बढ़ाया जा रहा है और आने वाले समय में इसका विस्तार district-by-district करने की योजना है। AI skills और employability पर जोर AI proficiency certificate इस initiative का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज AI skills का महत्व अलग-अलग jobs और industries में लगातार बढ़ रहा है। IIT खड़गपुर ने इस certificate को academic rigour और employers के भरोसे, दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किया है। “AI proficiency अब employability की एक बुनियादी आवश्यकता बनती जा रही है, ठीक उसी तरह जैसे literacy और numeracy हैं। किसी certificate का महत्व तभी है जब वह rigorous हो और employers उस पर भरोसा करें। हमने इस certificate को इन दोनों कसौटियों को ध्यान में रखकर तैयार किया है, ताकि यह देश के किसी भी जिले के छात्र तक पहुंच सके।” - Prof. Partha Pratim Chakrabarti, IIT Kharagpur Career Launcher का अनुभव भी इस पहल से जुड़ा Career Launcher अपनी करीब तीन दशक की test-preparation expertise इस initiative में लेकर आ रहा है। CL Educate के Founder और Chairman Satya Narayanan R के अनुसार, इस अनुभव को open public infrastructure पर उपलब्ध कराना इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक है। “Identity और payments ने एक सामान्य भारतीय के लिए बहुत कुछ बदल दिया है। अब talent वह तीसरी कड़ी है जिसकी कमी महसूस होती है। हमने coaching के क्षेत्र में तीन दशक बिताए हैं। इस अनुभव को open public rails पर, वह भी मुफ्त में उपलब्ध कराना, हमारे लिए इसका सबसे सार्थक उपयोग है। ये तीन services केवल शुरुआत हैं; इसी infrastructure पर आगे कई और सेवाएं कोई भी बना सकता है।” - Satya Narayanan R, Founder & Chairman, CL Educate Schools, colleges और organisations भी कर सकते हैं इस्तेमाल तीनों services हर citizen के लिए मुफ्त हैं। Schools, colleges, universities, CSR programmes और education, skills तथा employment के क्षेत्र में काम करने वाले non-profits अपने students और beneficiaries के लिए इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस consortium में mySATHI Foundation, Career Launcher, IIT खड़गपुर, Head Held High Foundation, National Digital Library of India और कई start-ups शामिल हैं। EkStep Foundation project को guide और shape कर रहा है।
Pakistan Spying Case: 10 राज्यों में काउंटर इंटेलिजेंस सेल का सर्च, 13 Navy कर्मी रडार पर
आंध्र प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें भारतीय नौसेना का एक कर्मचारी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि ये गिरफ़्तारियां जासूसी की एक बड़ी जांच का हिस्सा हैं जिसमें 18 संदिग्ध शामिल हैं; इनमें से 13 नौसेना के कर्मचारी बताए जा रहे हैं। गिरफ़्तार किए गए दो संदिग्धों की पहचान विशाखापत्तनम नौसेना बेस पर तैनात नौसेना कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी और विशाखापत्तनम में नौसेना अधिकारियों के लिए काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर अन्नम साई वरप्रसाद के तौर पर हुई है। इसे भी पढ़ें: US की नौसैनिक नाकाबंदी के बीच Iran के Oil Minister ने छोड़ा पद, संकट में Crude Oil एक्सपोर्ट जासूसी मामले की जांच में 18 संदिग्ध घेरे में आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुसार, इन संदिग्धों की जांच इसलिए की जा रही है क्योंकि उन पर पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों (PIOs) के साथ सीधे संपर्क रखने और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानी जाने वाली जासूसी की साजिश में शामिल होने का आरोप है। आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने कहा कि उन्हें इन संपर्कों के बारे में पक्की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने इस नेटवर्क की जांच शुरू की। पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में कहा इस मामले में शुरुआती तौर पर भूमिका साबित होने के बाद दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और बाकी संदिग्धों के खिलाफ जांच जारी है। जांच के दायरे में आए 18 लोगों में से 13 नौसेना के कर्मचारी हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से यह कथित नेटवर्क काफी अहम हो जाता है। इसे भी पढ़ें: HSL Visakhapatnam पहुंचे रक्षा मंत्री Rajnath Singh, नए Slipway और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन तमिलनाडु में नौसेना कर्मचारी गिरफ्तार जांचकर्ताओं ने जासूसी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों का पता लगाया, जिसके बाद हाल ही में तमिलनाडु के कोयंबटूर में मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें विजयवाड़ा की अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वह अभी विजयवाड़ा की जिला जेल में बंद हैं। वरप्रसाद को भी 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया और उन्हें भी उसी जेल में रखा गया है। 10 राज्यों में 'ऑपरेशन फायरवॉल-2026' शुरू जांच के हिस्से के तौर पर काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने 10 राज्यों की पुलिस फोर्स के साथ मिलकर काम किया। संदिग्धों का पता लगाने और पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के साथ उनके कथित संबंधों की जांच करने के लिए ऑपरेशन फायरवॉल-2026 चलाया गया। जांचकर्ता इन आरोपों की जांच कर रहे हैं कि रक्षा प्रतिष्ठानों और रणनीतिक ठिकानों से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी पाकिस्तान स्थित एजेंटों के साथ साझा की गई थी। पुलिस के अनुसार, मुखर्जी और वरप्रसाद ने कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंटों को संवेदनशील जानकारी दी थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को विशाखापत्तनम में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) में देश में बने बड़े जहाज़ निर्माण और समुद्री बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। यह देश की नौसेना और समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। इस कार्यक्रम के दौरान, रक्षा मंत्री ने पहले फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-1) - जिसका नाम 'सूर्य' रखा गया है - के लॉन्च का निरीक्षण किया, पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप (FSS-5) की कील रखी, और अपग्रेड की गई बुनियादी ढांचा सुविधाओं (जैसे नया स्लिपवे और क्रेन) का उद्घाटन किया। HSL में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि एक साथ हो रहे ये कई विकास कार्य भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता को दिखाते हैं। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh विशाखापत्तनम में नौसेना के पहले Fleet Support Ship का करेंगे जलावतरण सिंह ने कहा कि आज हम नए स्लिपवे और गोला-बार क्रेन का उद्घाटन कर रहे हैं, एक नए फ्लीट सपोर्ट शिप की कील रख रहे हैं, और फ्लीट सपोर्ट शिप-1 को भी लॉन्च कर रहे हैं, जिसका नाम 'सूर्य' रखा गया है। ये उपलब्धियां अपने आप में अहम हैं, लेकिन जब ये सभी एक ही जगह और एक ही मौके पर हो रही हों, तो इनका महत्व और भी बढ़ जाता है। इन प्रोजेक्ट्स के रणनीतिक महत्व पर ज़ोर देते हुए, रक्षा मंत्री ने कहा कि जहाज बनाने के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना सीधे तौर पर देश की समुद्री सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कील रखना हमारे संकल्प का प्रतीक है और नया स्लिपवे हमारी बढ़ती क्षमता का प्रतीक है। आज HSL में जहाज बनाने के साथ-साथ हम भविष्य के लिए भारत की समुद्री ताकत की नींव को और मज़बूत कर रहे हैं। भारत की ऐतिहासिक समुद्री विरासत का ज़िक्र करते हुए, राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना क्षेत्र को आधुनिक और स्वदेशी बनाने पर मौजूदा ध्यान देश की सदियों पुरानी समुद्री ताकत को फिर से जीवित करने जैसा है। इसे भी पढ़ें: Gandhi Jayanti: अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत BJP नेताओं ने बापू व शास्त्री को दी श्रद्धांजलि मंत्री ने कहा कि जब हम आज भारत को एक बड़ी समुद्री ताकत बनाने की बात करते हैं, तो हम कोई नया अध्याय शुरू नहीं कर रहे हैं। हम उसी शानदार विरासत को फिर से मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जिसे भारत ने सदियों पहले स्थापित किया था। और हमारी इस समुद्री यात्रा में, हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की अपनी अहम भूमिका है। राष्ट्रीय रक्षा में दशकों के योगदान के लिए इस प्रमुख रक्षा शिपयार्ड की तारीफ़ करते हुए उन्होंने कहा: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड भारत की राष्ट्रीय समुद्री क्षमता का संरक्षक है। आठ दशकों से ज़्यादा समय से, HSL ने देश की समुद्री और रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है।
फ्लीट सपोर्ट शिप-1 का शुभारंभ: राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम में नौसेना को सौंपेंगे एफएसएस-1, बढ़ रही स्वदेशी ताकत
Chandigarh News: वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए चंडीगढ़ की अंडर-19 टीम विशाखापत्तनम रवाना
वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए चंडीगढ़ की अंडर-19 टीम विशाखापत्तनम रवाना
Rajnath Singh विशाखापत्तनम में नौसेना के पहले Fleet Support Ship का करेंगे जलावतरण
विशाखापत्तनम, पांच अक्टूबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को यहां हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में बेड़ा सहायता पोत-1 (एफएसएस-1) का जलावतरण करेंगे, एफएसएस-5 के निर्माण की औपचारिक शुरुआत करेंगे तथा उन्नत ‘‘स्लिपवे-4’’ और 300 टन क्षमता वाली क्रेन का उद्घाटन करेंगे। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की ओर से सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि ये भारत की स्वदेशी पोत निर्माण क्षमताओं का महत्वपूर्ण प्रदर्शन है। विज्ञप्ति के अनुसार, उन्नत ‘स्लिपवे-4’ की लंबाई बढ़ाई गई है और उसकी भार वहन क्षमता भी बढ़ाई गई है। इसमें कहा गया है कि ‘गोलियथ क्रेन’ की मदद से यह शिपयार्ड 45,000 डीडब्ल्यूटी तक के पोतों का निर्माण और जलावतरण कर सकेगा। विज्ञप्ति में कहा गया कि यह शिपयार्ड की क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार है। भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे पांच पोतों में से पहला एफएसएस-1 18 महीने बाद बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेगा। इसमें कहा गया, ‘‘43,500 टन क्षमता वाले ये पोत समुद्र में युद्धपोतों में ईंधन और अन्य आवश्यक सामग्री की आपूर्ति करेंगे, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की लंबे समय तक अभियान चलाने की क्षमता बढ़ेगी। एफएसएस-5 निर्माण की औपचारिक शुरुआत इस कार्यक्रम के श्रृंखलाबद्ध उत्पादन की दिशा में लगातार आगे बढ़ने का संकेत है।’’विज्ञप्ति में कहा गया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार के भी इन कार्यक्रमों में शामिल होने की उम्मीद है।

