सिरोही जिले में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे झोलाछाप एवं तथाकथित नीम हकीमों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। जिला कलेक्टर अल्का चौधरी ने स्वास्थ्य, पुलिस, आयुर्वेद और औषधि नियंत्रण विभाग को इस संबंध में समन्वित रूप से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। ये निर्देश राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जयपुर के शासन उप सचिव के परिपत्र संख्या 17(03)/चिकित्सा/2/2024 दिनांक 09.01.2020 के क्रम में जारी किए गए हैं। इस परिपत्र में अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध और प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए थे। जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले में शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्य के लिए जिला एवं उपखंड स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उप निदेशक (आयुर्वेद विभाग) और सहायक औषधि नियंत्रक को नामित किया गया है। इसी प्रकार, उपखंड स्तर पर तहसीलदार, उप अधीक्षक/वृत्ताधिकारी पुलिस, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद विभाग द्वारा नामित प्रतिनिधि और औषधि नियंत्रण अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण एवं अभियान चलाते हुए झोलाछाप/नीम हकीमों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को नियमित रूप से प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है। जिला कलेक्टर ने कहा कि अवैध चिकित्सा गतिविधियां आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी अवैध रूप से चिकित्सा करते हुए कोई व्यक्ति पाया जाए तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को तत्काल दें। जिला प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिले के सभी उपखंड अधिकारियों, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।
5 साल बाद भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने अपने बेटे अनिरुद्ध सिंह के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डाला है। इसका कैप्शन लिखा- आज जवाहर रिजॉर्ट में बहुत दिनों बाद मेरे बेटे युवराज अनिरुद्ध भरतपुर से सुखद मुलाकात हुई। वहीं अनिरुद्ध ने भी एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- मुझे कॉफी पीने का शौक है, पिताजी ने नई कॉफी मशीन खरीदी है, मैं कॉफी पीने चला गया। दोनों के बीच करीब 5 साल से विवाद चल रहा था। इसके बाद ये फोटो सामने आने के बाद दोनों के बीच सुलह होने की संभावना जताई जा रही है। तस्वीर जिसे पूर्व मंत्री ने पोस्ट किया तस्वीर, जिसे अनिरुद्ध ने रिपोस्ट कर कैप्शन लिखा- 5 साल पहले बेटे की थी पोस्ट 31 मई 2021 को अनिरुद्ध सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपने पिता के साथ हुई अनबन पर पोस्ट की थी। इससे पहले अनिरुद्ध सिंह पारिवारिक अनबन की बातों को नकारते रहे थे। अब ये तस्वीर सामने आने के बाद दोनों पारिवारिक सुलह की संभावनाएं तेज हो गई हैं। प्रॉपर्टी को लेकर भी हुआ था विवाद इधर, 6 महीने पहले 24 अगस्त 2025 को पूर्व मंत्री ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पारिवारिक कलह पर खुल लिखा था। उस वक्त अनिरुद्ध ने एक पोस्ट कर पिता विश्वेन्द्र सिंह बयाना स्थित बंध बारैठा की कोठी को अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया था। जवाब में विश्वेन्द्र सिंह ने लिखा था- वह मेरी निजी संपत्ति थी। उस कोठी को बेचने से मिले पैसे से मेरी पत्नी (दिव्या सिंह) ने दिल्ली में महंगा फ्लैट खरीदा था। हकीकत में कोठी बंध बारैठा मेरी निजी संपत्ति थी। राजपरिवार की संपत्ति नहीं थी। इसको बेचने के लिए मैं अधिकृत था। इसलिए मेरी पत्नी दिव्या सिंह ने मुझसे जबरदस्ती लिखवा कर मुझसे बिकवाया था। दिव्या सिंह ने उस पैसे से नई दिल्ली में एक महंगा फ्लैट अपने नाम से लिया। इसलिए यह कहना कि कोठी बंध बारैठा को अवैध रूप बेचा गया है, ये गलत है। विवाद के चलते लगाई थी याचिका मार्च 2024 में विश्वेन्द्र सिंह ने अपने और पत्नी के खिलाफ SDM कोर्ट एक याचिका लगाई थी लेकिन, वह याचिका SDM कोर्ट से ख़ारिज कर दी गई। जब पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेन्द्र का उनकी पत्नी और बेटे से विवाद चल रहा था। भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य फिर आमने-सामने:बेटे का आरोप- बंध बारैठा कोठी अवैध रूप से बेची, विश्वेंद्र सिंह की सफाई- वह मेरी निजी संपत्ति भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य फिर आमने-सामने हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व राजपरिवार सदस्य विश्वेंद्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह ने बयाना स्थित बंध बारैठा की कोठी को अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया है। (पढ़ें पूरी खबर) विश्वेंद्र सिंह की पत्नी बोलीं- सारे फसाद के पीछे गहलोत:भरतपुर पूर्व राजपरिवार विवाद पर बेटे ने कहा- पूर्व सीएम ने हमारे फोन टेप करवाए भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह का पत्नी दिव्या सिंह और बेटे अनिरुद्ध सिंह से विवाद गहराता जा रहा है। दोनों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर जारी है। (पढ़ें पूरी खबर)
सीतापुर में अधजले शव मिलने की उलझी गुत्थी:पुलिस कराएगी डीएनए जांच, हत्या या हादसा खोलेगी रिपोर्ट
सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र में रविवार को मिले युवक के अधजले शव के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शव लगभग 70 फीसदी तक जला होने के कारण उसकी शिनाख्त और अधिकारिक पुष्टि के लिए पुलिस डीएनए जांच कराएगी। सोमवार शाम को पुलिस निगरानी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है, जबकि विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। अधजले शव की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है। घटना अटरिया थाना इलाके के अलबदा गांव के बाहर की है। यहां गांव निवासी विमलेश उर्फ मनू (32 वर्ष) का अधजला शव उसके टीनशेड वाले घर से करीब 100 मीटर दूर पुआल और लिपलिट्स की पत्तियों के बीच पड़ा मिला था। विमलेश गांव के बाहर अकेले रह रहा था और उसके साथ कोई अन्य परिजन नहीं रहते थे। मृतक का बड़ा भाई दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। रविवार सुबह करीब 9 बजे ग्रामीणों ने खेत की ओर जाते समय शव देखा। सूचना पर अटरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को घेराबंदी कर जांच शुरू की। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। ग्रामीणों ने शव की हालत देखकर हत्या की आशंका जताई थी, हालांकि पुलिस प्रथम दृष्टया इसे दुर्घटना मान रही है। इस संबंध में सीओ कपूर कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि अत्यधिक ठंड के चलते मृतक ने अलाव जलाया था। फिलहाल पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। डीएनए रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की
कानपुर के घाटमपुर में मंगलवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले करीब एक सैकड़ा किसानों ने तहसील पहुंचकर एलिवेटेड हाईवे के लिए चल रही भू-अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध किया। किसानों ने घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह को जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। किसानों ने बाजार दर पर मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने समेत कई मांगें रखीं। बिना जानकारी के हुआ जमीन का चिन्हांकन किसानों का कहना है कि ग्रीन फील्ड फोरलेन/एलिवेटेड हाईवे के लिए उनकी उपजाऊ जमीन का चिन्हांकन बिना सहमति और जानकारी के पूरा कर लिया गया। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। किसानों ने रखीं 6 प्रमुख मांगें SDM ने आश्वासन दिया घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि किसानों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपकर छह सूत्री मांगें रखी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की सभी मांगों को जिलाधिकारी तक पहुंचाया जाएगा और शासन के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पांच राज्यों में हुई करीब 3.29 करोड़ रुपए की सात साइबर ठगी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। गाजियाबाद के पीड़ित को पुलिस ने 9.4 लाख रुपए वापस भी दिलाए हैं। राजनगर एक्सटेंशन निवासी शिवराज सिंह यादव को मुनाफे का लालच देकर एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप “ASK MIN” पर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। आरोपियों ने धीरे-धीरे उनसे 1 करोड़ 11 लाख रुपए से अधिक की ठगी कर ली। जांच के दौरान पुलिस ने इस गिरोह के सदस्य मोहम्मद नदीम (23) को खोड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों अंकित और अरुण के कहने पर फर्जी कंपनी के नाम से बैंक खाता खुलवाता था। इसी खाते में ठगी का पैसा आता था, जिसके बदले उसे कमीशन मिलता था। खाते से जुड़े ओटीपी वह अपने साथियों को भेजता था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में भी लोगों को निशाना बनाया। अलग-अलग राज्यों में लाखों से लेकर एक करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की गई। फिलहाल आरोपी से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मंडला में माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। जिले के 79 केंद्रों पर पहले दिन 12वीं कक्षा के छात्रों ने अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र हल किया। परीक्षा के पहले ही दिन प्रशासन की सख्ती नजर आई, जहां कलेक्टर और एसपी खुद केंद्रों का जायजा लेने पहुंचे। वहीं, अनुपस्थित रहने वाले परीक्षार्थियों का आंकड़ा भी सामने आया है। 7,794 में से 108 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित मंडला जिले में 12वीं बोर्ड के लिए कुल 10,075 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से अंग्रेजी विषय के लिए 7,794 छात्र पात्र थे। परीक्षा के पहले दिन 108 विद्यार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। कलेक्टर सोमेश मिश्रा और एसपी रजत सकलेचा ने शहर के रानी अवंति बाई स्कूल, उत्कृष्ट विद्यालय और सरस्वती विद्यालय केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उपाध्यक्ष ने भी किया केंद्रों का दौरा बोर्ड परीक्षाओं की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्रीनिवास राव स्वयं मंडला के दौरे पर हैं। उन्होंने नवीन महाराजपुर और उत्कृष्ट विद्यालय जैसे प्रमुख केंद्रों का निरीक्षण किया और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। नकल करने या कराने पर होगी FIR प्रशासन ने नकल रोकने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। कलेक्टर ने बताया कि सामूहिक नकल पकड़े जाने पर परीक्षा अधिनियम 1937 के तहत सीधे FIR दर्ज होगी। एसडीएम, तहसीलदार और जनपद सीईओ की टीमें लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी। केंद्रों के बाहर 100 मीटर तक अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 13 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं की परीक्षाएं हाईस्कूल (10वीं) की बोर्ड परीक्षाएं 13 फरवरी से प्रारंभ होने जा रही हैं। इसके लिए जिले में 90 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 13,224 विद्यार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। परीक्षाओं का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष नजर प्राइवेट परीक्षार्थियों के लिए बनाए गए दो केंद्रों उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 मंडला और नवीन हाई स्कूल महाराजपुर को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या गड़बड़ी को रोका जा सके।
चित्रकूट के रामनगर विकासखंड में दिव्यांग श्रेणी के बच्चों को सुविधाजनक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 79 परिषदीय विद्यालयों के नोडल शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीआरसी रामनगर में 10 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता और सीखने की क्षमता के आधार पर पहचानना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। खंड शिक्षा अधिकारी एन.पी. सिंह ने बताया कि समावेशी शिक्षा के तहत सभी बच्चों को एक साथ बैठकर समान रूप से शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विद्यालय से एक-एक नोडल शिक्षक को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षित नोडल शिक्षक अपने कैचमेंट एरिया में ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे जिनकी सीखने की क्षमता कम है या जो किसी भी प्रकार की दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं। इन बच्चों को चिन्हित कर नामांकित किया जाएगा और शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा। समर्थ ऐप के माध्यम से ऐसे बच्चों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को शासन से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और उनके अधिकारों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। स्पेशल एजुकेटर संजय कुमार पांडेय और गुड़िया त्रिपाठी द्वारा यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में रिसर्च यूनिट शुरू:एनीमिया, सर्वाइकल कैंसर पर डॉक्टर करेंगे शोध
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में केंद्र सरकार की ओर से मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमडीआरयू) की स्थापना की गई है। इस यूनिट के माध्यम से विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ आदिवासी बहुल क्षेत्र में फैली गंभीर बीमारियों पर डॉक्टर शोध कार्य करेंगे। इससे डूंगरपुर में दोनों की बीमारियों की वजह ओर उससे निजात दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे। कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि यह यूनिट क्षेत्र की स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। जिससे स्थानीय स्तर पर बीमारियों की पहचान, रोकथाम और इलाज में ठोस सुधार संभव हो सकेगा। एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर पर शोध कार्य होंगेप्रारंभिक चरण में कम्यूनिटी मेडिसिन और मेडिसिन विभाग संयुक्त रूप से एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर पर शोध कार्य करेंगे। आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों में एनीमिया और कुपोषण की समस्या गंभीर रूप से देखी जाती है। वहीं सर्वाइकल कैंसर भी महिलाओं में तेजी से बढ़ती बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। इन बीमारियों के कारणों, प्रभाव और रोकथाम के उपायों को वैज्ञानिक आधार पर समझने के लिए विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। अत्याधुनिक लैब की स्थापना हुईरिसर्च के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक लैब की स्थापना कर दी गई है। इस लैब में ब्लड एनालाइजर, बायोकेमिकल एनालाइजर, माइक्रोस्कोप, सेंट्रीफ्यूज मशीन, पीसीआर मशीन सहित कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से रक्त की जांच, हीमोग्लोबिन स्तर की माप, पोषण संबंधी तत्वों की कमी का विश्लेषण और कैंसर से संबंधित कोशिकीय परिवर्तनों की जांच की जा सकेगी। सर्वे कर मरीजों की पहचान की जाएगीरिसर्च की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले चयनित क्षेत्रों में सर्वे कर मरीजों की पहचान की जाएगी। कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी। जहां लोगों की प्राथमिक जांच की जाएगी। जिन लोगों में एनीमिया या कुपोषण के लक्षण पाए जाएंगे, उनके रक्त के नमूने लैब में भेजे जाएंगे। हीमोग्लोबिन स्तर, आयरन, फोलिक एसिड और अन्य पोषक तत्वों की जांच कर बीमारी की पुष्टि की जाएगी।
हरदोई में मां-बेटे को ट्रक ने मारी टक्कर:मांगलिक कार्यक्रम में जा रही मां की मौत, बेटा घायल
हरदोई के पिहानी में एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा घायल हो गया। यह घटना तब हुई जब वे सीतापुर से अपनी बेटी के घर मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास तिराहे पर हुआ। सीतापुर के शास्त्रीनगर निवासी अमन अपनी मां प्रेमा देवी (55) को बाइक पर बैठाकर बिजगामा स्थित अपनी बहन के घर जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटा सड़क पर गिर गए। हादसे के बाद की 2 तस्वीरें देखिए… स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रेमा देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हादसे में घायल अमन का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक छोटे लाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को कब्जे में ले लिया है और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की खबर बिजगामा में बेटी के घर और सीतापुर में परिजनों को मिलते ही परिवार में शोक छा गया। परिवार मांगलिक कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इस घटना से खुशियां मातम में बदल गईं।
लखीमपुर में राइफल साफ करते समय युवक की मौत:26 दिन बाद थी शादी, सेहरा सजने से पहले उठी अर्थी
लखीमपुर खीरी जिले के पड़रिया तुला में राइफल साफ करते समय ट्रिगर दबने से युवक की मौत हो गयी है। हादसे में जिस लड़के की मौत हुई है उसकी शादी 7 मार्च को होने वाली थी। उसकी मौत से अब घर में मातम पसर गया है। मृतक की पहचान अमित खन्ना उर्फ मनी (28), पुत्र सुखदेव राज के तौर पर हुई है। राइफल साफ करते समय हुआ हादसा परिजनों के अनुसार, बीते सोमवार को वह रोज की तरह दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान वह लाइसेंसी रायफल के नवीनीकरण से जुड़े कागजों के सिलसिले में कमरे में गए थे। बताया जा रहा है कि वहीं हथियार की सफाई के दौरान अचानक गोली चल गई और अमित गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें बचा नहीं सके। चाचा धर्मपाल ने बताया कि घर में शादी की तैयारियां अंतिम दौर में थीं। टेंट, कैटरिंग और अन्य कार्यक्रमों की बुकिंग हो चुकी थी। घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। अमित अपने पीछे माता-पिता, बड़े भाई और भाभी को गहरे सदमे में छोड़ गए हैं। मंगलवार को पैतृक गांव अम्बरपुरवा में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर देखी गई। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव मौके पर पहुंची भीरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर भी जांच कर रही है, हालांकि सभी पहलुओं पर पड़ताल जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
माली समाज सामूहिक विवाह समिति की बैठक में सहमति से हुकमीचंद भाटी को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समिति समाजहित में ओर अधिक सक्रियता से कार्य करेगी तथा सामूहिक विवाह जैसे पुण्य आयोजनों को नई दिशा मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान माली समाज पंचायत अध्यक्ष रमेश सोलंकी, रमेश माली, अम्बालाल परिहार, मोतीलाल सांखला, हीरालाल बागड़ी, छवरलाल कच्छवाहा, देवजी भाटी, नथूलाल भाटी, भुनेश सोलंकी, मंगल सांखला, मोतीलाल सोलंकी, मनोज सोलंकी, मुकेश माली, उमेश सांखला, परमाराम भाटी, महेश परिहार, नरेश गहलोत, अन्नू सोलंकी, जगदीश भाटी, अर्जुन सोलंकी, मानक चौहान, हितेश चौहान, मनोज सोलंकी, दिनेश माली सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान नवनियुक्त अध्यक्ष हुकमीचंद भाटी का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। साथ ही समाज के सामूहिक विवाह जैसे पुण्य कार्यों को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग देने का विश्वास जताया।
हापुड़ के मोहल्ला कोटला सादात में मुस्लिम समुदाय ने आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की। उन्होंने एक हिंदू व्यक्ति अर्जुन का हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार कराया। हापुड़ देहात क्षेत्र के मूल निवासी अर्जुन (लगभग 50 वर्ष) पिछले 15 वर्षों से कोटला सादात में रह रहे थे। हाल ही में एक ट्रेन दुर्घटना में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और वे अकेले थे। अर्जुन के निधन की सूचना मिलने पर मोहल्ले के सैकड़ों मुस्लिम निवासी उनके घर पर एकत्र हुए। उन्होंने पुलिस को सूचित करने के साथ-साथ अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था स्वयं करने का निर्णय लिया। समुदाय के सदस्यों ने आपस में चंदा इकट्ठा किया। इस राशि से उन्होंने बाजार से कफन, लकड़ी और अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक अन्य पूजन सामग्री खरीदी। नसीम अहमद और उनके साथियों ने अपने हाथों से अर्थी तैयार की। 'राम नाम सत्य है' के उद्घोष के साथ उन्होंने अर्जुन की अर्थी को कंधा दिया और उसे श्मशान घाट तक पहुंचाया। श्मशान घाट पर अर्जुन का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। इस पहल की अगुवाई करने वाले स्थानीय निवासी नसीम अहमद ने बताया: अर्जुन भैया हमारे बीच पिछले 15 वर्षों से रह रहे थे। वे हमारे परिवार का हिस्सा थे। दुख की इस घड़ी में हम हिंदू-मुस्लिम नहीं, सिर्फ इंसान हैं। हम चाहते हैं कि हमारे देश में ऐसा भाईचारा बना रहे जो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बने।
मेरठ में महिला कांस्टेबल संध्या भारद्वाज के अपहरण के आरोपी अंकित चौहान ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बताया जाता है कि पुराने मुकदमे में जमानत तुड़वाकर अंकित ने सरेंडर किया है। सूचना लीक होते ही क्राइम ब्रांच कचहरी पहुंच गई लेकिन उससे पहले ही अंकित कोर्ट में पेश हो गया। 2022 के मुकदमे में जमानत तुड़वाई महिला कांस्टेबल के वापस घर लौटने के बाद से अंकित फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही थी। उसे डर सताने लगा कि पुलिस उसका एनकाउंटर ना कर दे। उसने 2022 के एक मुकदमे में जमानत तुडवाई और सेशन कोर्ट में पुलिस को चकमा देकर सरेंडर कर दिया।
शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र स्थित मोहनीसागर कॉलोनी में सोमवार शाम एक पीएचई कर्मचारी ने अपने ही घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही फिजिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 10 साल से विभाग में था कार्यरत पुलिस के अनुसार मृतक विकास शर्मा 34 वर्षीय पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में पदस्थ था। विकास वहां पिछले करीब 10 वर्षों से सेवाएं दे रहा था। विकास शर्मा अपने परिवार के साथ रहता था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े होनी की आशंका प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि मृतक ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा हुआ था और उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी कारण के चलते आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिजिकल थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के कारणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दुष्कर्म का फरार आरोपी गिरफ्तार:एक साल पहले नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाया था
पीथमपुर पुलिस ने एक साल से फरार दुष्कर्म के आरोपी बिट्टू उर्फ सोवरन (20) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मुखबिर की सूचना पर स्थानीय बस स्टैंड से हिरासत में लिया गया। वह एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोपी है। सेक्टर एक थाना पुलिस की उप निरीक्षक चांदनी सिंगार ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले आरोपी बिट्टू एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। वह नाबालिग को सागर स्थित अपने पैतृक गांव ले गया, जहां उसने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने पहले नाबालिग को दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया था। आरोपी युवक की लगातार तलाश जारी थी। बीती रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी किसी काम से पीथमपुर आया है और शहर से भागने की फिराक में है, जिसके बाद उसे बस स्टैंड से हिरासत में ले लिया गया। पुलिस आरोपी को आज माननीय न्यायालय धार में पेश करने की तैयारी कर रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी ओमप्रकाश अहीर, उप निरीक्षक चांदनी सिंगार, सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक प्रदीप पाटिल, अमित जोशी, विक्की कुशवाह और अनिल द्विवेदी का सराहनीय योगदान रहा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा- मेरे पिता एयरफोर्स में पायलट थे। मैंने उनसे यही सीखा कि कितना भी मुश्किल समय हो वह हमेशा मुस्कुराते रहते थे। वह मुश्किल समय के साथियों को वे कभी नहीं भूले और होना भी यही चाहिए। क्योंकि कई बार जब सत्ता या सफलता आती है तो इंसान चकाचौंध भरी जिंदगी में संघर्ष के दिनों और साथियों को भूल जाता है। लोग कहते है में कम मुस्कराता हूं। लेकिन स्वर्गीय पायलट साहब हमेशा मुस्कराते हुए रहते थे। मेरे प्रति मेरी माता ज्यादा कड़क थी लेकिन पिता कड़क नहीं थे, लेकिन हमें अनुसाशन का पाठ हमेशा पढ़ाया। मंगलवार को सचिन पायलट टोंक में राजेश पायलट की जयंती को लेकर निशुल्क दिव्यांग के उपकरण वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। सत्ता के लोग सत्ता का दुरुपयोग कर रहे शिक्षा मंत्री के बयानों के कोई सिर पैर नहीं है, वे तो ऐसे ही बोलते रहते हैं। मैं उनके बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। पायलट ने बालमुकुंद आचार्य और अमीन कागजी के दरगाह की छत मामले के विवाद पर कहा- हर बात में राजनीति करना गलत है। जो सही है उसे सही तरीके से किया जाना चाहिए, कानून के हिसाब से किया जाना चाहिए। सत्ता में जो लोग हैं वह सत्ता का दुरुपयोग करें यह सही नहीं है। इस प्रकार की जो घटनाएं हो रही है वह नहीं होनी चाहिए हर व्यक्ति को अधिकार है कानून के अनुसार कार्य करने का और रहने का। किसी के कार्य में ऐसे हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। बोले- मेरी जड़ें मजबूत इस दौरान मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा- राजनीति जनता के दम पर होती है। ऐसे में, लोगों से दूर हो जाएंगे और सत्ता का घमंड हो जाएगा तो दूरी बन जाती है। जब दूरी बन जाती है तो जनता आपको नकार देगी, मेरी जड़ें मजबूत हैं। डबल इंजन की सरकार ने राजस्थान को क्या दिया पायलट ने केंद्र बजट पर कहा- उसमें देखने लायक कुछ था नही था, यहां तक कि पूरे भाषण में राजस्थान का नाम एक बार भी नहीं आया, वह भी तब, जब डबल इंजन की सरकार है। ग्रामीण विकास मंत्रालय में पहली बार 40 हजार करोड़ की कटौती की गई है। पायलट ने कहा कि पिछले बजट की घोषणाओं को पूरा नहीं किया गया है केंद्र के बजट में सिर्फ सपने दिखाए गए हैं, प्रावधान कहा है। बजट से पहले मैंने सरकार को लिखा है इधर, राजस्थान सरकार के बजट से उम्मीदों को लेकर सचिन पायलट ने कहा- मुझे पता नहीं क्या और कैसा बजट लेकर आएंगे। लेकिन मेरा मानना है बेरोजगारों और युवाओं को रोजगार देने के लिए कुछ होना चाहिए। सरकार ने सिर्फ चंद लोगों के लिए काम किया है। सरकार शिक्षित युवाओं के लिए कुछ नहीं कर रही है। मैं उम्मीद करता हूं कि आगामी बजट में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के लिए कोई पुख्ता बात करे। मैने भी टोंक और राज्य के लिए बजट से पहले सरकार को कुछ लिखा है देखते हैं क्या होता है। हम दिव्यांगों को जयपुर फुट लगाएंगे सचिन पायलट ने टोंक में अग्रवाल धर्मशाला में दिव्यांगों के लिए आयोजित कैंप के बारे में कहा- राजेश पायलट की जयंती पर टोंक में दिव्यांगों के लिए यह कैंप लगाया गया है। मुझे खुशी है कि हम जयपुर फुट लगा पाएंगे, व्हील चेयर दे पाएंगे। साथ ही अन्य उपकरण दिए जाएंगे।
शिवपुरी में दोस्ती के बहाने लोगों को फंसाकर मारपीट, ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाली एक शातिर गैंग का देहात थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साथ ही 9 फरवरी को 5 सदस्य को गिरफ्तार भी कर लिया है। इस गैंग ने एक युवक को लड़की बनकर फोन पर झांसे में लिया, फिर मिलने बुलाकर मारपीट की और वीडियो बनाकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उससे एक लाख से अधिक की रकम वसूल ली। व्यापारी ने दर्ज कराई शिकायत देहात थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र मावई ने बताया कि बदरवास निवासी 26 वर्षीय व्यापारी आदित्य जैन पुत्र पवन कुमार जैन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि 26 जनवरी 2026 को उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से कॉल आने लगे। अंजली बनकर फोन पर की दोस्ती कॉल करने वाली युवती ने अपना नाम अंजली बताया और उससे दोस्ती करने लगी। फोन पर बातचीत के दौरान युवती ने मिलने की इच्छा जताई और भरोसे में ले लिया। लगातार बातचीत के कारण फरियादी को किसी तरह का शक नहीं हुआ। 31 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे आदित्य जैन किराेए की कार से अपने चालक विनोद राठौर के साथ बड़ोदी टंकी के पास पहुंचा। वहां एक युवती मौजूद थी, जिसने खुद को अंजली बताया। अकेले में मिलने का बहाना युवती ने आदित्य जैन से अकेले में बात करने की बात कही और उसे बड़ोदी से करीब तीन किलोमीटर आगे बड़ागांव रोड की ओर ले गई। वहां पहले से ही गैंग के अन्य सदस्य मौजूद थे। जैसे ही आदित्य वहां पहुंचा, युवती ने अपने साथियों को बुला लिया। पांच युवकों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और उसे जबरन बांकड़े मंदिर के पास जंगल में ले गए। जंगल में बनाया गया वीडियो आरोपियों ने जंगल में आदित्य जैन का वीडियो बनाया। इसके बाद उसे धमकाया गया कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा और उस पर झूठे मामले दर्ज करा दिए जाएंगे। डर और बदनामी के भय से आदित्य जैन ने आरोपियों की बात मान ली। बदमाशों ने फोन-पे के माध्यम से उससे कुल 1 लाख 5 हजार 640 रुपए ट्रांसफर करवा लिए और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया मामला फरियादी की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/26 धारा 308(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल से मिली अहम जानकारी जांच के दौरान साइबर सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आया कि मोबाइल नंबर आकाश ओझा के नाम पर दर्ज था। पूछताछ में आकाश ओझा ने पुलिस को बताया कि यह मोबाइल नंबर उसका भाई राजा ओझा और उसकी पत्नी कल्पना रजक उर्फ अंजली उपयोग कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने राजा ओझा और कल्पना को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुला पूरा राज पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपिया कल्पना उर्फ अंजली ने बताया कि ग्राम एनवारा निवासी चंद्रपाल धाकड़ ने उसके पति राजा ओझा को आदित्य जैन का मोबाइल नंबर दिया था और उसे फंसाने के लिए कहा था। इसके बाद पूरी योजना बनाकर युवक को हनीट्रैप में फंसाया गया। कॉल करना, मिलने बुलाना, मारपीट और ब्लैकमेलिंग सब कुछ पूर्व नियोजित तरीके से किया गया। पांच आरोपी गिरफ्तार दिनांक 9 फरवरी 2026 को पुलिस ने कल्पना रजक उर्फ अंजली (23 वर्ष), राजा ओझा (21 वर्ष), विकास रावत (19 वर्ष), चंद्रपाल धाकड़ (40 वर्ष) और पवन रावत (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 25 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में अन्य वारदातों की भी जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। सरगना चंद्रपाल धाकड़ पुलिस के अनुसार यह एक संगठित गैंग थी, जिसका सरगना चंद्रपाल धाकड़ था। आशंका है कि इस गैंग ने पहले भी इसी तरह कई लोगों को निशाना बनाया है, लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित सामने नहीं आए। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।
केंद्र सरकार के रेलवे बजट 2026-27 में उत्तर पश्चिम रेलवे को 2.78 लाख करोड़ रुपए का बजट मिला है। इससे श्रीगंगानगर और आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को नई रफ्तार मिलेगी। राजस्थान के लिए पहली बार 10,228 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट आवंटित हुआ है, जिसमें श्रीगंगानगर जैसे बॉर्डर एरिया में क्षमता बढ़ोतरी और नए प्रोजेक्ट्स पर खास फोकस है। उत्तर पश्चिम रेलवे के अनुसार श्रीगंगानगर में तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। जिनमें बठिंडा-हनुमानगढ़-सूरतगढ़-बीकानेर दोहरीकरण प्रोजेक्ट को करीब 324 किमी की मंजूरी मिल चुकी है। जिसमें श्रीगंगानगर से जुड़े रूट शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट सूरतगढ़ तापीय परियोजना की कोयला मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के लिए गेमचेंजर साबित होगा। सिंगल ट्रैक की वजह से होने वाली देरी अब खत्म हो जाएगी, ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और क्षमता में कई गुना इजाफा होगा। श्रीगंगानगर के प्रमुख विकास कार्य सूरतगढ़-श्रीगंगानगर सेक्शन रायसिंहनगर होते हुए में इलेक्ट्रिफिकेशन का काम तेजी से पूरा हो रहा है, जिससे ट्रेनों का संचालन सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनेगा। श्रीगंगानगर-अमृतसर नई रेल लिंक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है, इससे दोनों शहरों के बीच दूरी 150 किमी कम होगी और यात्रा तेज-सुविधाजनक बनेगी। यह व्यापार, पर्यटन और सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बड़ा फायदा देगा। बजट का असर वर्ष 2024-25 में 70 किमी और 2025-26 में अब तक 94 किमी नई लाइन/दोहरीकरण पूरा हो चुका है। मार्च 2026 तक और 29 किमी जोड़कर कुल लक्ष्य पूरा होगा। 2026-27 में 350 किमी से ज्यादा कार्य पूरे करने का टारगेट है। फंड की कोई कमी नहीं रहेगी, सभी प्रोजेक्ट सुचारू रूप से चलेंगे।
भदोही में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ अभियान चलाया:नकटापुर गांव में चौपाल लगाकर मनरेगा को जीवनरेखा बताया
शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर भदोही जिला कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान चलाया। इसी क्रम में औराई ब्लॉक के नकटापुर गांव में एक चौपाल का आयोजन किया गया। यह चौपाल जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी के नेतृत्व में हुई। चौपाल को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुरेश गौतम और जिला महासचिव अवधेश पाठक ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इसे कमजोर करने का लगातार प्रयास कर रही है। नेताओं ने कहा कि समय पर काम और मजदूरी न मिलना सीधे तौर पर मजदूरों के अधिकारों का हनन है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा की रक्षा और मजदूरों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी। युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव नाजिम अली और मंडल अध्यक्ष कमलेश शुक्ला ने संयुक्त रूप से अपने संबोधन में मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार देने की व्यवस्था को सशक्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मजदूरों को उनका पूरा अधिकार नहीं मिल जाता। इस चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव लक्ष्मी शंकर चौबे ने किया। इस अवसर पर जय प्रकाश शुक्ला, कमलेश शुक्ला, केशव सरोज, अशोक सरोज, बैजनाथ सरोज, रमेश चौबे, राधा देवी, आरती देवी, सुशीला गौतम, सुधा देवी, चंदन गौतम, रामबली मौर्य, छविनाथ, लाल बहादुर, बेचन राम, शिवप्रकाश, ओमप्रकाश, फोटो देवी, सरोजा देवी, प्रमिला, शकुंतला, राजकुमारी, सालिकराम, रामराज, छोटेलाल, जितेंद्र कुमार और विनय कुमार सहित सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद थे।
बलिया के लोहटा में झाड़ियों में मिला अज्ञात शव:चेहरे पर तेजाब डालने की आशंका, पुलिस ने जांच शुरू की
मंगलवार सुबह रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के लोहटा गांव के पास लोहटा-पंडितपुर मार्ग पर झाड़ियों में एक अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई। बासनही नदी (लकड़हा) और नथूपुर (जोबनवा) नाले के बीच सिंचाई कर रहे किसानों ने शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रसड़ा कोतवाली पुलिस, फॉरेंसिक टीम और एसओ गड़वार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से दो चाकू, एक रस्सी, कैंपस का जूता और एक शॉल भी बरामद हुआ है। शव की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि मृतक के चेहरे पर तेजाब भी डाला गया है। पुलिस ने शव की पहचान सुनिश्चित करने के लिए गहन छानबीन शुरू कर दी है। आसपास के लोगों के अनुसार, यह तीसरी बार है जब इस सुनसान जगह पर ऐसी घटना हुई है। रात के समय इस क्षेत्र में लोगों का आना-जाना कम रहता है, जिसके कारण ऐसी वारदातें होती रहती हैं। स्थानीय किसानों की माने तो शव से बदबू आ रही थी। सीओ रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उसकी शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
मऊ साइबर थाना पुलिस ने एटीएम से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के रहने वाले पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी एटीएम में फेवीक्विक लगाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि साइबर थाना पुलिस, सर्विलांस टीम और साइबर सेल ने मिलकर इस गिरोह को पकड़ा है। यह गिरोह बिहार का है और इनका काम करने का तरीका बेहद शातिर था। जब कोई व्यक्ति एटीएम में पैसे निकालने के लिए कार्ड डालता था, तो गिरोह का एक सदस्य उसमें फेवीक्विक लगा देता था। इसके बाद गिरोह का एक अन्य सदस्य, जिसकी पहचान दीपक के रूप में हुई है, मदद की पेशकश करता था। वह पीड़ित को बताता था कि उसका कार्ड फंस गया है और दीवार पर लिखे कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करने से मदद मिल जाएगी। जैसे ही व्यक्ति कस्टमर केयर को कॉल करता था, बाहर खड़ा गिरोह का सदस्य खुद को कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बताकर आता था। वह पीड़ित को झांसा देकर एटीएम से बाहर ले आता था। बातचीत के दौरान वे एटीएम का पासवर्ड हासिल कर लेते थे। इसके बाद गिरोह के पास मौजूद पेंचकस और प्लास जैसे औजारों की मदद से एटीएम कार्ड को बाहर खींच लेते थे और बाद में खाते से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने बिहार के इन पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह ने अपराध से अर्जित धन से एक स्विफ्ट कार खरीदी थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। इनके पास से मोबाइल फोन, फेवीक्विक, एक चाकू, 13 एटीएम कार्ड, पेंचकस और प्लास भी मिले हैं। इस गिरोह का सरगना पटना का रहने वाला है। पकड़े गए सदस्यों को 20 दिन की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अब तक पांच घटनाओं को अंजाम दिया है, जिनमें दो बलिया में और एक गोरखपुर में हुई है। अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। गैंग का जो मुख्य सरगना है वह बिहार के पटना का रहने वाला है जो पुलिस के गिरफ्त से बाहर है पुलिस उसकी तलाश कर रही है।यह पांचो आरोपियों ने मऊ में भी एक घटना को अंजाम दिया जिसमें 20500 की फ्रॉड की। दीपक कुमार, रीतिक कुमार,चन्दन कुमार,दयानन्द कुमार, अनीश कुमार ये पांचों आरोपी बिहार के नवादा जिले के रहने वाले हैं।
पीएम आवास योजना में फर्जी रिपोर्ट का आरोप:उन्नाव के मजदूर ने CM से लगाई न्याय की गुहार
उन्नाव के पुरवा विकास खंड के ग्राम भदनोग निवासी मजदूर अजय कुमार तिवारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी ने उनके कच्चे मकान को पक्का दर्शाते हुए फर्जी रिपोर्ट लगा दी, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। अजय कुमार तिवारी, पुत्र देशराज तिवारी, ने बताया कि वह कई वर्षों पहले अपने पिता और बड़े भाई से अलग हो गए थे। उनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है और वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अजय के तीन छोटे बच्चे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वह अब तक अपना पक्का आवास नहीं बनवा पाए हैं। इसी उम्मीद में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी ने सही रिपोर्ट लगाने के एवज में उनसे अवैध रूप से धन की मांग की। जब वह यह शुल्क देने में असमर्थ रहे, तो ग्राम विकास अधिकारी ने उनके पिता के मकान को ही उनका मकान बताकर रिपोर्ट तैयार कर दी। अजय कुमार तिवारी का कहना है कि वह वर्षों से अपने पिता से अलग रह रहे हैं और उनका अलग राशन कार्ड तथा परिवार है। इसके बावजूद, जांच में जानबूझकर गलत रिपोर्ट लगाई गई, जिससे उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया उन्हें योजना से वंचित करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा है कि वह अत्यंत मायूस होकर यह प्रार्थना पत्र दे रहे हैं और अब उन्हें न्याय की अंतिम उम्मीद शासन से ही है। उन्होंने मांग की है कि उनके आवास की निष्पक्ष और वास्तविक जांच कराई जाए तथा दोषी ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
दालमंडी में लगातार दूसरे दिन बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। आज कुल 34 मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। मौके पर एडीएम सिटी आलोक वर्मा और एसीपी दशाश्वमेध के नेतृत्व में 600 पुलिसकर्मी दालमंडी में मुस्तैद हैं। दालमंडी से लोगों को बाहर भेजा जा रहा है। एसीपी अतुल अंजान ने बताया कि जिन मकानों को पहले चिह्नित किया गया था, उन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। आज कुल 34 मकानों को गिराया जा रहा है, जो अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान दालमंडी क्षेत्र में प्रवेश न करें। वहीं, आगजनी के मामले में एसीपी ने कहा- एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य लोगों के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की गई है। कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में जो भी बाधा डालेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दालमंडी में हो रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से जुड़े अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
बाइक से 30 मीटर दूर मिला युवक का शव:हल्की खरोंचों ने बढ़ाया संदेह, पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही
महराजगंज जनपद के नौतनवां थाना क्षेत्र के अड्डा बाजार में एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। डुडी नदी पुल के पास निर्माणाधीन शिखर फूड्स के सामने मिले शव की पहचान अजय वर्मा पुत्र ओमप्रकाश वर्मा के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही नौतनवां थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव और क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया, जिसने साक्ष्य संकलन किया। प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। अजय वर्मा ग्राम बेलभर, अड्डा बाजार में अपना निजी मकान बनवाकर रह रहे थे। परिजनों के अनुसार, उनकी चकदह खास बाजार में ज्वेलरी की दुकान है। परिजनों ने बताया कि बीती रात करीब 9:30 बजे अजय वर्मा अपने ससुराल बेलभर, अड्डा बाजार में भोजन करने के बाद अपने निजी मकान के लिए निकले थे। उनका घर ससुराल से मात्र करीब 400 मीटर की दूरी पर था। आज सुबह उनका शव डुडी नदी पुल के पास बरामद हुआ। घटनास्थल पर सड़क किनारे मृतक की पल्सर बाइक गिरी हुई मिली, जबकि शव बाइक से लगभग 30 मीटर दूर पड़ा था। बाइक पर केवल हल्की खरोंचें पाई गईं, जिससे किसी बड़े सड़क हादसे की संभावना कम प्रतीत हो रही है। परिजनों ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बोकारो के सेक्टर-6/B थाना क्षेत्र में अपराधी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी के अवैध रूप से निर्मित कार्यालय को मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई टाउन एंड एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट और बीएसएल प्रशासन के संयुक्त सहयोग से की गई। यह कार्रवाई अमृता सिंह की शिकायत के बाद हुई, जिन्होंने सेक्टर-8A में अपने पति जयंत कुमार को धमकी देने, अपहरण और हत्या के आरोप में विनोद कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। हरला थाना पुलिस ने विनोद कुमार को 14 दिसंबर को ओडिशा से गिरफ्तार किया था और 15 जनवरी को उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले को लेकर बोकारो की कई सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने विनोद कुमार के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। उन्होंने सड़क जाम, प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी की थी। लोगों की प्रमुख मांग थी कि विनोद कुमार के उस अवैध कार्यालय को तोड़ा जाए, जहां से कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियां संचालित होती थीं। दो दिनों तक चली भूख हड़ताल के बाद जिला प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं: बीएसएल टाउन एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारी प्रशासन ने स्टेट कोर्ट से आदेश प्राप्त कर पीपी एक्ट 1971 के तहत यह कार्रवाई की। बीएसएल टाउन एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी ए.के. सिंह ने बताया कि इस अवैध निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। बोकारो सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने जानकारी दी कि विनोद कुमार पर लगभग 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सेक्टर-6 में बना यह कार्यालय अवैध रूप से संचालित हो रहा था और अपराधियों का ठिकाना बना हुआ था। बीएसएल द्वारा जारी इविक्शन ऑर्डर के तहत यह ध्वस्तीकरण किया गया। कार्रवाई के दौरान विनोद कुमार के कुछ समर्थकों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल की भारी मौजूदगी के कारण काम शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। गौरतलब है कि विनोद कुमार वर्तमान में जेल में है। उसने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के प्रत्याशी के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है।
बिजनौर में लूट की घटना फर्जी निकली:महिला, मां और भाई गिरफ्तार, अपनी ही जेठानी के जेवरात किए थे चोरी
बिजनौर के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के ग्राम मण्डोरा जट में हुई लूट की घटना का पुलिस ने आज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह घटना पूरी तरह फर्जी पाई गई है। पुलिस ने इस मामले में महिला, उसकी मां और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए सभी आभूषण भी बरामद किए हैं। दरअसल, यह पूरा मामला बिजनौर के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र का है। फरवरी माह में ग्राम मण्डोरा जट निवासी भोगेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि दो अज्ञात व्यक्तियों (एक पुरुष व एक महिला) ने भिखारी बनकर उनके घर में घुसकर अलमारियों के ताले तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए। साथ ही, उनकी पुत्रवधू शिवानी के साथ मारपीट कर उसके आभूषण भी छीनकर फरार हो गए। घटना स्थल का एसपी सहित अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। घटना के खुलासे के लिए एसपी अभिषेक झा ने स्वाट और सर्विलांस सहित कई टीमों का गठन किया था। पुलिस जांच के दौरान, पुलिस को पीड़िता शिवानी के बयानों में विरोधाभास नजर आया। गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने आई कि लूट की कोई घटना हुई ही नहीं थी। पुलिस पूछताछ में शिवानी ने स्वीकार किया कि उसने 4 फरवरी को अपनी जेठानी आरती की अलमारी का ताला तोड़कर लगभग 14 तोला सोना और 100 ग्राम चांदी के आभूषण चोरी किए थे। चोरी छिपाने और खुद को निर्दोष साबित करने के लिए उसने झूठी लूट की कहानी रची और खुद ही चाकू से हल्की चोट बनाकर घटना का रूप दे दिया। उसने चोरी किए गए जेवर अपने भाई गोलू उर्फ पंकज के माध्यम से अपने मायके ग्राम विसाट भिजवा दिए थे। भाई की शादी के लिए जेवर इकट्ठे किए पुलिस टीम ने आरोपी महिला शिवानी की निशानदेही पर उसके घर से घटना में प्रयुक्त चाकू, ताला तोड़ने में इस्तेमाल लोहे का गुल्ला और चोरी के आभूषण बरामद किए। इसके बाद पुलिस ने उसके भाई गोलू उर्फ पंकज और मां संजो देवी को भी हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर ग्राम विसाट स्थित गन्ने के खेत से चोरी किए गए समस्त आभूषण बरामद कर लिए गए।पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि यह पूरी साजिश गोलू उर्फ पंकज की शादी के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से बनाई गई थी। पुलिस को दी गलत सूचनाघटना का खुलासा करते हुए एसपी अभिषेक झा ने बताया की महिला ने अपनी मां और भाई के साथ प्लानिंग कर जेठानी की ज्वेलरी अपने भाई की शादी में इस्तेमाल करने के उद्देश्य अपने भाई को पहले ही दे दी थी । और 7 फरवरी को गुमराह करने के लिए पुलिस को गलत सूचना दी थी। महिला उसके भाई और मां को गिरफ्तार कर लिया है आभूषण बरामद कर लिए हैं अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में देर रात सड़क किनारे मारपीट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दो पक्षों के बीच झगड़ा हाइवे तक पहुंच गया, तभी तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दूसरा पक्ष मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आईआईटी गेट के पास रहने वाले सूरज कुमार (30) एक फास्ट फूड की दुकान पर पत्नी इंद्रावती के साथ काम करते थे। परिवार में तीन बच्चे रोशनी, ज्ञानू और शिवा हैं। इंद्रावती ने बताया कि देर रात दुकान मालिक प्रेम नारायण गुप्ता का कुछ ग्राहकों से शराब के नशे में विवाद हो गया था। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, जिसके बाद वह बच्चों के साथ घर चली गई थीं। दूसरे मृतक की पुलिस पहचान करा रहीआरोप है कि इसके बाद देर रात दुकान मालिक प्रेम नारायण गुप्ता, सूरज को लेकर आईआईटी से नारामऊ के पास दोबारा झगड़ा करने पहुंचा। वहां दोनों पक्षों में फिर मारपीट शुरू हो गई। झगड़े के दौरान दोनों पक्ष हाइवे पर आ गए, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने सूरज और एक अन्य व्यक्ति को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे मृतक की पहचान कराई जा रही है। फोन बंद मिला, फोटो दिखाकर कराई शिनाख्त देर रात तक पति के घर न लौटने पर इंद्रावती ने फोन किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद उन्होंने 112 नंबर डायल कर पति के गायब होने की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फोटो दिखाकर पति की शिनाख्त कराई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। दुकान मालिक फरार, जांच शुरू हादसे के बाद से दुकान मालिक प्रेम नारायण गुप्ता फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने पत्नी की तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसीपी बोले- शराब के नशे में झगड़ा हुआ एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष शराब के नशे में आपस में झगड़ रहे थे। झगड़े के दौरान हाइवे पर पहुंचने से तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हुई है। एक मृतक की शिनाख्त हो चुकी है, जबकि दूसरे की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
लापता बच्चे का शव पानी की टंकी में मिला:छिंदवाड़ा में मदरसा जाते समय लापता हुआ था 5वीं का छात्र
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा नगर में सोमवार सुबह से लापता 10 वर्षीय बालक शेख कासिम का शव मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। कासिम का शव पुरानी मंडी के पीछे एक निर्माणाधीन पानी की टंकी में पाया गया। सूचना मिलते ही अमरवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अमरवाड़ा अस्पताल भिजवाया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, शेख कासिम पिता शेख कलीम (उम्र 10 वर्ष) वार्ड नंबर 15 अमरवाड़ा का निवासी था और बेसिक स्कूल अमरवाड़ा में कक्षा 5वीं का छात्र था। सोमवार 9 फरवरी की सुबह करीब 7 बजे वह अपनी 13 वर्षीय बहन के साथ साइकिल से मदरसा जाने के लिए घर से निकला था। रास्ते में कासिम स्टेडियम ग्राउंड अमरवाड़ा में उतर गया और बहन से कहा कि वह मदरसा से लौटते समय उसे साथ ले जाए। इसके बाद बहन मदरसा चली गई। करीब 9:30 बजे जब बहन स्टेडियम ग्राउंड पहुंची तो कासिम वहां नहीं मिला। बहन ने घर जाकर पूरी बात परिवारजनों को बताई। इसके बाद बच्चे के परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। अगले दिन मिला शवमंगलवार 10 फरवरी को सुबह पुरानी मंडी के पीछे निर्माणाधीन एक मकान के टंकी में कासिम का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। प्रारंभिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बालक टंकी में कैसे पहुंचा। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल नगर में इस घटना से शोक का माहौल है।
लखनऊ में लगेगा पासपोर्ट जन शिकायत निवारण मेला:21 फरवरी को कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी में भी आयोजन
पासपोर्ट से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) लखनऊ की ओर से 21 फरवरी को पासपोर्ट जन शिकायत निवारण मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला एक साथ लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी के पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर लगेगा, जहां आवेदकों की शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। एक दिन में निपटेंगी पासपोर्ट से जुड़ी शिकायतें आरपीओ लखनऊ की इस पहल के तहत नाम, पता, दस्तावेज़, अपॉइंटमेंट, स्टेटस या अन्य लंबित मामलों जैसी समस्याओं को संबंधित अधिकारी उसी दिन सुलझाएंगे। उद्देश्य यह है कि आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। चारों शहरों में एक साथ होगा आयोजन जन शिकायत निवारण मेला चारों पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर एक साथ आयोजित किया जाएगा। इससे आसपास के जिलों के नागरिकों को भी लाभ मिलेगा और सेवाएं अधिक सुलभ बनेंगी।
दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक सवार सीधे सड़क पर आगे बढ़ रहे थे। अचानक उनके सामने गाय आ गई। जिससे टकराकर वह सड़क पर गिर गए। इस दौरान बगल से गुजर रही ट्रक ने एक युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे का वीडियो पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है, जिसमें पूरी घटना साफ दिखाई दे रही है। दोपहर 3 बजे की है घटनाबताया जा रहा है कि यह घटना उम्दा रोड पर लगभग तीन बजे के आसपास हुई। पुलिस के अनुसार बाइक पर दो युवक सवार होकर गांव की ओर जा रहे थे। मृतक की पहचान सुरडुंग निवासी निलेश कुर्रे के रूप में हुई है। बाइक चला रहा युवक भी इस दुर्घटना में घायल हुआ है। हादसे जुड़ी तस्वीरें देखिए… संतुलन बिगड़ने से गिरे सड़क परप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सड़क पर अचानक एक गाय आ गई। बाइक सवार युवक गाय से टकरा गए और संतुलन बिगड़ने से दोनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान बगल से गुजर रहे ट्रक के पिछले पहिए की चपेट में पीछे बैठा युवक आ गया। युवक का सिर ट्रक के पहिए के नीचे आ जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि गाय से टकराने के बाद बाइक सवार सड़क पर गिरते हैं और ट्रक के नीचे आ जाते हैं। हादसा इतना गंभीर था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। शव को पीएम के लिए भेजापुरानी भिलाई थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज ने बताया कि घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
करौली में 108 बदमाश गिरफ्तार:14 इनामी भी पकड़े, 66 टीमों ने 358 ठिकानों पर दबिश देकर दबोचा
करौली जिले में पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा और एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 251 पुलिसकर्मियों की 66 टीमों ने 358 संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। पुलिस ने कुल 108 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 14 इनामी बदमाश भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में 5 जघन्य मामलों में वांछित, 13 स्थायी वारंटी, 19 गिरफ्तारी वारंटी और 11 सामान्य प्रकरणों के आरोपी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 31 लोगों को शांतिभंग और अन्य मामलों में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने 15 अपराधियों पर विभिन्न अधिनियमों के तहत मुकदमे भी दर्ज किए हैं। स्मैक के साथ तस्कर को दबोचाअभियान के दौरान अवैध नशे, हथियार, शराब और खनन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में अवैध सामान जब्त किया गया। सपोटरा थाना पुलिस ने 1.14 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया। साथ ही दो फरार स्थायी वारंटियों और एक गिरफ्तारी वारंटी को भी पकड़ा गया। 3 इनामी आरोपी गिरफ्तारसूरौठ थाना पुलिस ने 3 इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो आरोपी एक साल से फरार थे, जबकि तीसरा आरोपी छेड़छाड़ व अन्य मामलों में तीन साल से फरार चल रहा था, जिसे दिल्ली से पकड़ा गया। एक स्थायी वारंटी को डिटेन कर संबंधित थाने को सौंपा गया और आबकारी एक्ट में एक शराब तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया। 4 हिस्ट्रीशीटर दबोचेसदर करौली थाना पुलिस ने तीन गिरफ्तारी वारंटियों के साथ चार हिस्ट्रीशीटर और एक चालानशुदा अपराधी को गिरफ्तार किया। वहीं, लांगरा, नादौती और मामचारी थानों की पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में अवैध देशी शराब के साथ तस्करों को पकड़ा। कोतवाली हिण्डौन सिटी पुलिस ने दो गिरफ्तारी वारंटी, दो हिस्ट्रीशीटर और एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया। महिला थाना करौली ने करीब एक साल से फरार दो स्थायी वारंटियों को दबोचा। कुड़गांव थाना पुलिस ने अवैध 12 बोर देशी कट्टे के साथ विधि से संघर्षरत एक बालक को निरुद्ध किया और दो वारंटियों को गिरफ्तार किया। टोडाभीम थाना पुलिस ने सात वांछित आरोपियों और तीन वारंटियों को पकड़ा। इसके अलावा, 11 हिस्ट्रीशीटर व दो हार्डकोर अपराधियों की जांच की गई और शांति भंग के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। 5 हजार का इनामी वारंटी गिरफ्तारबालघाट थाना पुलिस ने पांच हजार रुपए के इनामी स्थायी वारंटी को गिरफ्तार कर अवैध पत्थर और बजरी से भरी चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा।कोतवाली करौली थाना पुलिस ने फिरौती और जानलेवा हमले के मामले में पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी सहित स्मैक तस्करी में फरार एक अन्य इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया।इसके अलावा दो स्थायी वारंटी, तीन गिरफ्तारी वारंटी और कई चालानशुदा व अभ्यस्त अपराधियों को हिरासत में लिया गया तथा आठ लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
जगराओं में विकास कार्यों पर उठे सवाल:जिस सड़क का नगर परिषद ने किया शिलान्यास, वह पीडब्ल्यूडी की निकली
जगराओं में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक लाभ लेने की होड़ के बीच एक नया मामला सामने आया है। नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष कंवरपाल सिंह और स्थानीय विधायक बीबी सरबजीत कौर मानूके ने रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे लिंक रोड को जोड़ने वाली सड़क का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर परिषद सूत्रों के अनुसार, पुल के साथ लिंक रोड और आसपास की गलियों के निर्माण के लिए करीब 50 लाख रुपए से अधिक का टेंडर लगाया गया था और वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका था। हालांकि, जिस सड़क का उद्घाटन किया गया, वह नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में आती ही नहीं है। यह सड़क पूरी तरह से लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है। लोक निर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार, विभाग ने इस सड़क के निर्माण के लिए अपनी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। PWD के जूनियर इंजीनियर करमजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि उक्त सड़क का निर्माण PWD द्वारा ही किया जाएगा और इसका काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। मेरे अध्यक्ष बनने से पहले मिली थी मंजूरी : कार्यकारी अध्यक्ष नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष कंवरपाल सिंह से जब इस संबंध में संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि इस परियोजना को मंजूरी उनके अध्यक्ष बनने से पहले ही मिल चुकी थी। हालांकि, जब उनसे नगर परिषद के सड़क निर्माण के अधिकार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस पर अनभिज्ञता व्यक्त की। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विधायक बीबी सरबजीत कौर मानूके, उनके पति प्रोफेसर सुखविंदर सिंह और नगर परिषद अध्यक्ष कंवरपाल सिंह ने बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में इस सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत कर और लड्डू बांटकर इसे एक बड़ी विकास उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया था। इससे पहले हुई एक बैठक में पार्षद डिंपल गोयल ने आशंका जताई थी कि कहीं यह काम सिर्फ शिलान्यस करने तक ही सीमित न रह जाए और सड़क पूरी तरह न बने। मौजूदा हालात ने उनकी इस आशंका को सही साबित कर दिया है। राजनीतिक लाभ लेने की जल्दबाजी पर सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर नेताओं द्वारा विकास कार्यों का क्रेडिट लेने की जल्दबाजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में चर्चा है कि जब सड़क पूरी तरह PWD के अधीन है, तो नगर परिषद द्वारा उद्घाटन करने की इतनी जल्दी आखिर क्यों दिखाई गई। वहीं शहर के लोगों ने इस ड्रामेबाजी के पीछे भ्रष्टाचार बताया जा रहा है। लोगों के मुताबिक दूसरी और PWD से टेंडर लगवा कर काम करवा लिया जाता। इस सड़क के कौंसिल ने बनाया है यह जता कर पैसे हजम कर लिए जाते ।
गिरिडीह जिले में मंगलवार को दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो लोगों की मौत की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामलों की जांच शुरू कर दी है। पहली घटना गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गांदी श्रीरामपुर पंचायत के चुंगलो गांव में हुई। यहां गरहाटांड टांड़ रेलवे पटरी के पास लगभग 60 वर्षीय किशोरी पंडित का शव मिला। स्थानीय लोगों ने मंगलवार को शव देखकर जीआरपी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को सदर अस्पताल, गिरिडीह भेजा। जमुई से मधुपुर-गिरिडीह ट्रेन से लौट रहे थे मृतक की पहचान चुंगलो गांव निवासी किशोरी पंडित के तौर पर हुई है। परिजनों ने बताया कि वे अपनी बेटी के घर जमुई गए थे और मधुपुर-गिरिडीह ट्रेन से लौट रहे थे। आशंका है कि ट्रेन से गिरने के कारण उनकी मौत हुई। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। दूसरी घटना पीरटांड प्रखंड के हरलाडीह ओपी क्षेत्र के बड़की टांड़ गांव में हुई। यहां 26 वर्षीय विवाहित महिला यशोदा कुमारी (पति विकास कुमार महतो) का शव खेत में एक पेड़ से साड़ी के फंदे में लटका मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे फंदे से उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों के अनुसार, यशोदा कुमारी और उसकी सास के बीच पिछले कुछ दिनों से कहासुनी चल रही थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आत्महत्या का कारण यही था या कोई अन्य वजह।
अलवर में पुलिया के ऊपर से गिरा किसान, मौत:पता नहीं चला की गिरा कैसे, सुबह अस्पताल आए परिजन
अलवर विजय मंदिर थाना क्षेत्र घाटला पड़ीसल पुलिया के ऊपर से दिलावरपुर गांव निवासी किसान विक्रम (42) पुत्र रामननिवासी गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई। किसान का पुलिया के ऊपर से गिरने का कारण का पता नहीं चल सका। इसकी पुलिस जांच करेगी। मृतक विक्रम के भतीजे दिनेश यादव ने बताया- विक्रम गांव से किसी काम से गया था। इस दौरान पैदल आते समय घाटला पड़ीसल पुलिया से नीचे गिर गया। इससे उसकी मौत हो गई। मृतक विक्रम के दो बेटे ओर दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। विक्रम खुद खेती बाड़ी का कार्य करता था। मृतक विक्रम के पुल से नीचे गिरने की मौत होने की जैसे ही परिजनों को सूचना मिली, उसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का कहना है कि पैदल आते समय पुलिया से गिराया। गिरने का कारण समझ नहीं आया है। उनको मंगलवार सुबह पता लगा। जबकि विक्रम रात को ही गिर गया था। मौके पर मौत हो गई। अब परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
इंदौर के डेली कॉलेज में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा से कोचिंग टीचर द्वारा छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। अन्नपूर्णा पुलिस ने डेली कॉलेज में कक्षा 10वीं में पढ़ने वाली छात्रा की शिकायत पर केटेलाईजर कोचिंग संस्थान के टीचर आदेश जोशी के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है। छात्रा ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वह कोचिंग गई थी। कुछ कागजात न होने के कारण उसने बैग कोचिंग में रखकर नीचे चली गई। इसी दौरान टीचर आदेश जोशी ने इशारे से बुलाकर पास बैठने को कहा। बाद में वह पैसेज एरिया में चले गए और वहां बुलाकर छात्रा से किस करने की बात कही। आरोप है कि उन्होंने छात्रा का हाथ पकड़कर उसे केबिन में ले जाकर जबरन अपनी ओर खींचने की कोशिश की। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर ऊपर सीनियर टीचर के पास पहुंची और पूरी घटना बताई, लेकिन आरोप है कि सीनियर टीचर ने मामले को दबाने का प्रयास किया। इसके बाद जब छात्रा बैग लेने गई, तो आदेश जोशी फिर उसके पास आया और बैग से परफ्यूम निकालकर अपने कपड़ों पर लगा लिया। घबराई छात्रा घर पहुंची और परिजनों को घटना बताई। देर शाम परिजन कोचिंग पहुंचे और आरोपी टीचर की पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची एफआरवी-112 पुलिस टीम ने टीचर को भीड़ से बचाकर थाने पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तस्वीरों में देखिए कोचिंग टीचर से मारपीट… पूजा के बहाने महिला से छेड़छाड़ दूसरा मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र का है। यहां पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर उसके परिचित पुजारी सुनील केसरे, निवासी देवास, के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया है। पीड़िता ने बताया कि उसने नए मकान में पूजा कराने के लिए सुनील को बुलाया था। पूजा के दौरान पीछे के कमरे में वह अपनी बेटी के साथ बैठी थी। आरोप है कि इसी दौरान सुनील ने महिला के सीने और गाल पर गलत तरीके से हाथ लगाना शुरू कर दिया। जब महिला ने विरोध किया, तो उसने इसे ‘ऊर्जा बढ़ाने की पूजा’ बताते हुए ऐसा करना जरूरी बताया और बार-बार आपत्तिजनक हरकत करता रहा। इस पर पीड़िता की बेटी ने शोर मचाया और पुजारी को ढोंगी बताते हुए पिता को बुलाने की बात कही। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गया। महिला ने बाद में अपने पति को घटना की जानकारी दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पुजारी की तलाश शुरू कर दी है।
राजधानी रांची में सोमवार देर रात से मंगलवार अहले सुबह तक काली स्कॉर्पियो सवार दो युवक सड़कों पर मौत बनकर घूमते रहे। कचहरी चौक से लेकर मांडर और नगड़ी तक इन दोनों ने ऐसा आतंक मचाया कि पुलिस से लेकर आम लोग तक सहम गए। पहले कचहरी चौक इलाके में एक किन्नर को गाड़ी से कुचलकर उसके दोनों पैर तोड़ दिए गए। बीच-बचाव करने आए कॉलेज छात्र को अधमरा कर सड़क पर फेंक दिया गया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि पीछा कर रही पुलिस टीम पर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। आखिरकार पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसके बाद दोनों आरोपियों को काबू में किया गया। 112 पर कॉल से खुला पूरा मामला सोमवार देर रात डायल 112 पर सूचना मिली कि ब्लैक स्कॉर्पियो (JH 01FD 52XX) में सवार दो युवक एक किन्नर को कुचलकर फरार हो गए हैं। एक युवक की हत्या कर शव लेकर भाग रहे हैं। सूचना मिलते ही रांची पुलिस अलर्ट पर आ गई। सबसे पहले घायल किन्नर को अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि दूसरी टीमें स्कॉर्पियो की तलाश में जुट गईं। इसी बीच कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय को सूचना मिली कि संदिग्ध वाहन कांके रिंग रोड की ओर बढ़ रहा है। पुलिस ने बैरिकेडिंग की, लेकिन कार सवार बैरिकेड तोड़ते हुए भाग निकले। पहली बार पुलिस को कुचलने की कोशिश की। चार बार पुलिस पर चढ़ाई गाड़ी, आखिर टायर पर चली गोली डीएसपी प्रकाश सोय के मुताबिक रात करीब ढाई बजे से स्कॉर्पियो का पीछा शुरू हुआ। कचहरी चौक, कांके रिंग रोड, तिलता चौक, मांडर और नगड़ी तक घेराबंदी की गई। इस दौरान चार बार पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की गई। कई पुलिस वाहनों को टक्कर मारी गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने अंतिम चेतावनी दी, लेकिन आरोपी नहीं रुके। जब कार एक बार फिर पुलिस टीम की ओर बढ़ी, तो मजबूरी में टायर को निशाना बनाकर फायरिंग की गई। बावजूद इसके कार नहीं रुकी, तब वाहन पर भी गोली चलाई गई। एक आरोपी घायल, कॉलेज छात्र की हालत गंभीर पुलिस की फायरिंग में ड्राइवर सीट पर बैठे इश्तियाक को कमर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने कार को जब्त कर दोनों युवकों इश्तियाक और नगड़ी निवासी गुलफाम को गिरफ्तार कर लिया। इश्तियाक का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उधर, जिस युवक की हत्या की सूचना दी गई थी, वह नागा बाबा खटाल के पास घायल अवस्था में मिला। उसकी पहचान कॉलेज छात्र बंटी कुमार के रूप में हुई है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सदर अस्पताल में पुलिस निगरानी में इलाज जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने कचहरी चौक के एक बार में किन्नरों के साथ शराब पी थी। विवाद के बाद किन्नर को कुचला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को अचानक नोटबंदी की घोषणा कर देश को चौका दिया था। जिसकी यादें समय के साथ धुंधली होने लगी थी। रेवाड़ी जिले के गांव बव्वा में आठ फरवरी की रात मामा-भांजे के विवाद में एक बार फिर नोटबंदी के दौर की यादों को ताजा कर दिया। नोटबंदी के दौरान मामा-भांजे में हुए लेनदेन के विवाद ने मामा को मौत की नींद सुला दिया। 9 फरवरी को कोसली पुलिस ने पत्नी सुमन की शिकायत पर भांजे और उसकी पत्नी को नामजद कर अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया। हालांकि अभी तक मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। जांच से पहले कुछ भी कहना गलत एडवोकेट टैक्ससेन बिट्टू दीक्षित ने कहा कि नोटबंदी में बहुत से लोगों ने अपने दो नंबर के पैसे इधर से उधर किए थे। मामा भांजा के बीच कैसा लेन-देन था। पैसे कहीं से आए या उनके व्यक्तिगत थे, यह या तो लेनदेन करने वाले बता सकते हैं या फिर जांच से पता चल सकता है। हां मामले में नोटबंदी एक इश्यू हो सकता है, पर दोनों के बीच लेन-देन पर अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा। बेटा बोला- भाई ने पापा के साथ गलत किया गांव बव्वा के मृतक परशुराम के बेटे अक्षय ने कहा था, भैया ने नोटबंदी में पिता के खाते में पैसे डालकर कहा था, जरूरत पड़े तो खर्च लेना, बाद में हिसाब कर लेंगे। पापा से कुछ पैसे खर्च हो गए। परिस्थिति बिगड़ने पर भैया कंपनी में जाकर पापा को परेशान करने लगे थे। भैया के ऐसे व्यवहार से पापा ने परेशान होकर बोल दिया, ऐसा करोंगे, तो मैं पैसे नहीं दूंगा और दोनों परिवारों में बातचीत बंद हो गई। रविवार को हम गांव आए थे। भैया भी अपने दोस्त की शादी में गांव आए हुए थे। जब भैया हमारे घर आए, तो मैं कोल्ड ड्रिंक लेने चला गया। वापस आया, तो भैया अपने दोस्तों और पत्नी के साथ पापा को पीट रहे थे। रिश्तेदार बोला- परशुराम गलत नहीं था मौत की सूचना के बाद अस्पताल पहुंचे परशुराम के रिश्तेदार ने कहा कि परशुराम गलत नहीं था। रोहित ने नोटबंदी में बिना मांगे पैसे डाले थे। जिसके बाद दोनों में लेनदेना हुआ। परशुराम कहता था कि उसने अधिकतर पैसे लौटा दिए, जबकि रोहित इससे इंकार कर पैसे देने का नाजायज दबाव बनाता था। बुरे वक्त में परशुराम हमेशा अपनी बहन के परिवार के साथ खड़ा रहा था। ऐसे में वह चंद रुपए के लिए उनके साथ गलत नहीं कर सकता था। भाई बोला- ऐसा नहीं करना चाहिए था परशुराम के भाई ने बताया कि वह गाड़ी पर गया हुआ था। सूचना के बाद आज ही गांव पहुंचा है। दोनों के बीच लेनदेना होता रहा है। रोहित को घर आकर ऐसा नहीं करना चाहिए था। दोनों परिवार गुरुग्राम में रहते है। किसी प्रकार की कोई बात थी, तो गुरुग्राम में दोनों आमने सामने बैठकर निपटा सकते थे। रोहित ने गांव आकर जो किया वह बिल्कुल गलत था। भारत में कब कब हुई नोटबंदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 की रात लागू की थी नोटबंदी। नोटबंदी के साथ पीएम ने 500 और एक हजार का नोट बंद करने की घोषणा की थी। नोटबंधी का फैसला घोषणा वाली रात 12 बजे से लागू हुआ था। इससे पहले प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई सरकार ने 16 जनवरी को 1978 को नोटबंदी की घोषणा कर 10 हजार का नोट चलन से बाहर कर दिया था। देश में पहली नोटबंदी आजादी से पहले ब्रिटिश सरकार ने 4 जनवरी 1946 को थी। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं कोसली थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि दोनों में लेनदेन का पारिवारिक विवाद था। पुलिस ने सोमवार को ही मृतक की पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया था, पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
उमरिया जिले में हायर सेकेंडरी परीक्षा आज मंगलवार से शुरू हो गई है। जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4,981 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी है। जिनमें 4,746 नियमित और 235 स्वाध्यायी छात्र शामिल हैं। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई स्टूडेंट बोले-पेपर आसान था, हमने पूरा किया पहले दिन निर्धारित समय पर छात्र केंद्रों पर पहुंचे और परीक्षा दी। परीक्षा खत्म होने के बाद अनामिका पासी ने बताया कि अंग्रेजी का पेपर अच्छा था और चारों सेट कठिन नहीं थे। उन्होंने कहा, “हमने पूरा पेपर किया है।” जिले में तीन परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। इनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर और शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाली शामिल हैं। प्रशासन ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। जेल में बंद छात्र ने भी दी परीक्षा जिला मुख्यालय के पीएम श्री हाई सेकेंडरी स्कूल कालरी में कॉमर्स संकाय का छात्र सृजन जेल में रहते हुए परीक्षा में शामिल हुआ। जेलर डी.के. सारस ने बताया कि सृजन एक आपराधिक मामले में जेल में है। उसने भविष्य सुधारने की इच्छा व्यक्त की, जिसके बाद उसे परीक्षा देने की अनुमति मिली। जेल प्रशासन ने पढ़ाई के लिए किताबें उपलब्ध कराईं और आवश्यक सुरक्षा गार्ड के साथ उसे परीक्षा केंद्र भेजा।
लखनऊ के अयोध्या रोड पर दो दोस्तों का एक्सीडेंट हो गया। वे कानपुर से बाराबंकी लोधेश्वर महादेव मंदिर में जल चढ़ाने जा रहे थे। अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरे की हालत गंभीर है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। घायल युवक का लोहिया संस्थान में इलाज चल रहा है। कानपुर के रामनगर निवासी 32 वर्षीय अमित कुमार पांडेय दोस्त आमोद बाजपेई के साथ बाराबंकी लोधेश्वर महादेव मंदिर जा रहे थे। भाई दीपक कुमार पांडे ने बताया कि अमित हर साल महादेव को दर्शन चढ़ाने जाता था। सोमवार शाम को अपने दोस्त के साथ निकाला था। इस दौरान देर रात पुलिस ने फोन कर सूचना दी कि अमित गंभीर रूप से घायल हो गया है। अयोध्या रोड जीएस लोन के सामने किसी अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने दोनों घायलों को राम मनोहर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान अमित की मौत हो गई जबकि आमोद की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक का 4 साल पहले हुए था तलाक अमित की शादी करीब 5 साल पहले कानपुर की एक लड़की से हुई थी। शादी के 1 साल बाद ही दोनों का तलाक हो गया। अमित कंप्यूटर सप्लाई का काम करता था। परिवार में पिता महेंद्र कुमार पांडेय, मां गीता पांडेय और भाई दीपक कुमार पांडेय हैं। अमित राजनीति में भी सक्रिय था। बिठूर विधायक अभिजीत सिंह राणा का करीबी था। मौत की खबर सुनने के बाद विधायक के प्रतिनिधि भी पोस्टमॉर्टम हाउस पर पहुंचे।
मोदीनगर के काजमपुर मार्ग स्थित यादव फार्म हाउस में चल रही राष्ट्रीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप के छठे दिन मंगलवार को 71 किग्रा पुरुष वर्ग में यूथ, जूनियर और सीनियर की प्रतियोगिताएं हुईं। इस दौरान आरएसपीबी के खिलाड़ी एन. अजीत ने कुल 320 किलोग्राम भार उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एन. अजीत ने स्नैच स्पर्धा में 145 किग्रा भार उठाकर भी एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। उन्होंने वेटलिफ्टिंग वॉरियर अकादमी में राष्ट्रीय कोच और द्रोणाचार्य अवार्डी विजय शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी दर्शकों और विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। इसी वर्ग में, यूथ श्रेणी में एसएससीबी के अभिनव गोगोई ने 276 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता। जूनियर वर्ग में महाराष्ट्र के यश खंडागले ने 300 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रीय भारोत्तोलन चैंपियनशिप में देशभर से कुल 885 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कोच विजय शर्मा ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य खेल के स्तर को लगातार ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, जिसके लिए वे खिलाड़ियों को पूरे समर्पण और अनुशासन के साथ अभ्यास करा रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों को क्रीड़ा भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री उमेश कुमार, पद्मश्री मीराबाई चानू, सतीश शिवलिंगम और रवि कुमार सहित अन्य मुख्य अतिथियों ने पदक पहनाकर सम्मानित किया। मीराबाई चानू ने एन. अजीत के रिकॉर्ड की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगिता का स्तर और भी ऊंचा हो गया है। उन्होंने छठे दिन को खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रतीक बताया।
चूरू में जहर खाने से महिला की मौत:बीकानेर में पीबीएम अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
चूरू में शहर के वार्ड 26 निवासी एक 24 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। कोतवाली पुलिस ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड 26 निवासी सिमरन (24) ने 5 फरवरी को जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।परिजनों ने उसे तुरंत चूरू के डीबी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया। पीबीएम अस्पताल के आईसीयू में सिमरन का इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर कोतवाली थाने के हेड कॉन्स्टेबल सुभाषचंद और कॉन्स्टेबल राकेश कुमार को पीबीएम अस्पताल भेजा गया। मृतका का शव पीबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। सिमरन की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।
अंतरिक्ष मौसम अब एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जो न सिर्फ पृथ्वी को प्रभावित करता है, बल्कि अंतरिक्ष में तैनात वेधशालाओं और उपग्रहों पर भी गहरा असर डालता है। सूर्य की गतिविधियों पर पैनी नजर रखकर अब पृथ्वी और अंतरिक्ष दोनों को संभावित खतरों से पहले ही अलर्ट किया जा सकेगा। यह बात उदयपुर में इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. ए.एस. किरण कुमार ने कही। वे उदयपुर सौर वेधशाला के 50 साल पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती उत्सव और 'थर्ड स्पेस' अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ‘अंतरिक्ष मौसम (Space Weather)’ भारत के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक क्षेत्र बनने जा रहा है, जिससे उपग्रहों, अंतरिक्ष मिशनों और पृथ्वी की संचार प्रणालियों की सुरक्षा संभव होगी। वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए डॉ. किरण कुमार ने बताया कि मानव सभ्यता सदियों से सूर्य का अध्ययन कर रही है। लेकिन अब, जब हमारे पास शक्तिशाली कंप्यूटिंग सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तकनीकें हैं, तो पुराने डेटा को नए नजरिए से विश्लेषित करने का समय आ गया है। इससे सूर्य के डेटा को 'अर्ली वॉर्निंग सिस्टम' में बदलकर मानवता को बड़े खतरों से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सूर्य की गतिविधियां सीधे पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र, सैटेलाइट सिस्टम, जीपीएस, मोबाइल नेटवर्क और अंतरिक्ष यानों को प्रभावित करती हैं। इसलिए, स्पेस वेदर की सटीक भविष्यवाणी आज की सबसे बड़ी जरूरत है। आदित्य मिशन का जिक्र भी कियाउन्होंने इसरो के आदित्य-एल1 मिशन को भारत की ऐतिहासिक जीत बताया। इस मिशन से पहली बार सूर्य के फोटोस्फीयर के इतने करीब से अवलोकन संभव हुआ है। इससे वैज्ञानिकों को सूर्य की सतह और ऊर्जा उत्सर्जन को गहराई से समझने का मौका मिला। आने वाले सालों में यह डेटा अंतरिक्ष मौसम की भविष्यवाणी के लिए मजबूत आधार बनेगा। निवृत्ति कुमारी मेवाड़ भी शामिल हुईउद्घाटन सत्र में निवृत्ति कुमारी मेवाड़ और और अनिल भारद्वाज ने भी अपनी बात रखी। भुवन जोशी ने स्लाईड के जरिए उदयपुर सोर वेधशाला के ऐतिहासिक तब से अब तक के सफर के बारे में बताया। उदयपुर सौर वेधशाला विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बन गया सम्मेलन के निदेशक शिबू मैथ्यू ने बताया कि उदयपुर सौर वेधशाला सौर भौतिकी में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बन चुकी है। 'एक्सप्लोरिंग द सन एट हाई-रिजोल्यूशन: प्रेजेंट पर्सपेक्टिव्स एंड फ्यूचर होराइजन्स' थीम पर चल रहे इस सम्मेलन में विशेषज्ञ उन्नत दूरबीनों और मिशनों से मिले सौर वायुमंडलीय घटनाओं के निष्कर्ष साझा करेंगे। मैथ्यू ने कहा कि यह साल दोहरी खुशी का है, क्योंकि यह भारत की सबसे उन्नत सौर अवलोकन सुविधा 'मास्ट' (MAST) की 10वीं वर्षगांठ भी है। सम्मेलन में भारत और विदेशों से करीब 100 प्रतिष्ठित सौर भौतिकविद शामिल हुए हैं।
टीकमगढ़ के देहात थाना क्षेत्र स्थित जनकपुर गांव में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने एक मकान का ताला तोड़कर चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली। घटना का पता मंगलवार सुबह चला, जिसके बाद पीड़ित ने देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जनकपुर निवासी रामलाल अहिरवार ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे वे अपने दो मंजिला मकान की ऊपरी मंजिल पर सोने चले गए थे। मंगलवार सुबह जब उनकी पत्नी सोकर उठीं, तो उन्होंने नीचे के मुख्य दरवाजे का गेट खुला पाया। रामलाल ने नीचे आकर देखा तो कमरे का ताला टूटा हुआ था और सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोर लोहे के बक्से में रखे चांदी के जेवर, जिनमें पायल, करधौनी और छानी की हाफ पेटी शामिल थी, चुरा ले गए। इसके अलावा, बक्से से 30 हजार रुपये नकद भी गायब थे। रामलाल अहिरवार ने बताया कि वह कारीगरी का काम करते हैं। सोमवार को ठेकेदार ने उन्हें मजदूरों का भुगतान करने के लिए ये पैसे दिए थे। आज ही उन्हें मजदूरों को भुगतान करना था। चोरी हुए जेवरात और नकदी मिलाकर कुल नुकसान करीब डेढ़ लाख रुपए बताया गया है। देहात थाने में घटना की शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आवेदन ले लिया है और जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है, हालांकि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर कोल्हान क्षेत्र में ट्रेड यूनियनों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और स्वतंत्र क्षेत्रीय महासंघों के आह्वान पर यह हड़ताल आयोजित की जा रही है, जिसके समर्थन में कोल्हान का संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच पूरी तरह सक्रिय हो गया है। ट्रेड यूनियनों के अनुसार, यह हड़ताल श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं (लेबर कोड), जनविरोधी कानूनों, आजीविका एवं लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों तथा अनियंत्रित निजीकरण के विरोध में बुलाई गई है। अंबुज ठाकुर ने इन मुद्दों पर प्रकाश डाला। इस देशव्यापी हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा और खेतिहर मजदूर संगठनों ने भी अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। झारखंड के औद्योगिक केंद्र कोल्हान क्षेत्र में विभिन्न उद्योगों के मजदूर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं। हड़ताल की स्थानीय रूपरेखा और कोल्हान क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में कोल्हान क्षेत्र के CITU, AITUC सहित बैंक, बीमा और सरकारी कर्मचारियों के स्वतंत्र यूनियनों के प्रतिनिधि मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे।
हर साल सड़कों पर बिखरता खून, टूटते परिवार और कुछ मिनटों की देरी में चली जाती अनगिनत जानें- राजस्थान की सड़क दुर्घटनाएं सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि दर्दनाक हकीकत हैं। इन्हीं हादसों में “गोल्डन ऑवर” की अहमियत समझाते हुए जोधपुर में जन्मे और वर्तमान में अमेरिका में सर्जन के रूप में सेवाएं दे रहे डॉ. दिनेश व्यास ने एक ऐसी उपयोगी पुस्तक लिखी है, जो हादसे के वक्त सही प्राथमिक उपचार सिखाती है। यह किताब विशेष रूप से पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मियों और नर्सिंग स्टाफ के लिए तैयार की गई है, लेकिन इसकी भाषा और तरीके इतने सरल हैं कि आम नागरिक भी इसे पढ़कर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सड़क दुर्घटना के समय घायल की किस प्रकार से मदद करें पुस्तक के बारे में साइंटिफिक पब्लिशर्स के डायरेक्टर तनय शर्मा ने बताया कि इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना के समय घायल की किस प्रकार से मदद करें, उसे किस सावधानी के साथ अस्पताल तक ले जाया जाए। इसके अलावा विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई है। मुझे उम्मीद है कि इस पुस्तक को पढ़कर न सिर्फ पुलिस, फायर ब्रिगेड कर्मचारी, नर्स बल्कि आमजन भी इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में अपनी एक सक्रिय भूमिका निभा सकेगा। पुस्तक में लिखे तरीके अपनाकर रोके जा सकते हैं सड़क हादसे इस पुस्तक में सड़क दुर्घटना होने के बाद किस प्रकार से घायल को संभाले, उनकी कैसे मदद करें। कई बार सड़क हादसे में हड्डी टूट जाती है, ऐसे में घायल व्यक्ति को कैसे सहारा दें और उसका प्राथमिक उपचार कैसे करें। इसके अलावा भी इस पुस्तक में कई कारगर तरीकों के बारे में लिखा गया है। जिसे अपनाकर सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को रोका जा सकता है, क्योंकि देश में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतें चिंता का विषय बनी हुई है। स्कूल-कॉलेज में इस बुक को पढ़ाने की मांग कई बार लोग असमय ही मौत का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में इस बुक को अब राजस्थान के अलावा केंद्र सरकार से भी मांग की गई है, कि इसे अलग-अलग संस्थाओं और प्रदेश की सरकारी स्कूल कॉलेज और पुलिस विभाग सहित महत्वपूर्ण विभागों में पढ़ाई जाए। उन्हें बताया जाए कि किस प्रकार से घायल का प्राथमिक उपचार किया जा सके। घायल को समय पर इलाज मिले तो बच सकती है जान इस पुस्तक को लिखने के पीछे का उद्देश्य क्या है, इसे लेकर डॉ. दिनेश व्यास ने बताया कि यदि सड़क दुर्घटना में कोई घायल व्यक्ति दिखे तो उसकी हम किस प्रकार से मदद करें। समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है। इस पुस्तक को साइंटिफिक पब्लिशर्स की ओर से प्रकाशित किया गया है और उसे साइंटिफिक पब्लिशर्स की वेबसाइट के अलावा अमेजॉन से भी प्राप्त किया जा सकता है। गडकरी ने भी लोकसभा में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर दी थी जानकारी बता दें कि, सड़क हादसों के लेकर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक साल पहले लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि देश में सड़क हादसों की संख्या को देखकर कई बार अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में उन्हें अपना मुंह छुपाना पड़ता है, क्योंकि देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है। हाल ही में उन्होंने दिसंबर में सड़क हादसों को लेकर संसद में जानकारी दी। राज्यसभा में उन्होंने बताया था कि भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें औसतन 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। इनमें से 66 % मौतें युवाओं (18 से 34) साल की होती है। गडकरी ने बताया था कि उनका मंत्रालय अब राज्यों को आधुनिक एंबुलेंस देने की योजना बना रही है। इसके तहत एंबुलेंस हादसे की जगह पर 10 मिनट के भीतर पहुंचेगी। उन्होंने आईआईएम की एक स्टडी का भी हवाला दिया। बताया कि यदि घायलों को समय पर इलाज मिल जाए तो 50 हजार जिंदगियां बच सकती है।
धौलपुर में बस की टक्कर से बुजुर्ग की मौत:बाड़ी बाईपास रोड पर हुआ हादसा, बस को किया जब्त
धौलपुर में बाड़ी कस्बे में बाईपास रोड पर निजी बस की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। सोमवार को हुए इस हादसे में 60 साल के बुजुर्ग प्राइवेट बस की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान ताले पुत्र नेकराम कुशवाहा, निवासी बाड़ी बाईपास रोड के रूप में हुई है। बताया गया कि ताले बाईपास रोड के पास खड़े थे, तभी एक निजी बस ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल ताले को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और मृतक के शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
हरियाणा की समृद्ध विरासत, लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को नजदीक से देखना हो तो फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर सूरजकुंड मेले में बने “अपणा घर” में पहुंचना जरूरी है। इन दिनों अपणा घर में हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से आए पर्यटक भी यहां हरियाणा की संस्कृति को करीब से देख और समझ रहे हैं। अपणा घर को हरियाणा की लोक संस्कृति की जीवंत झलक के रूप में तैयार किया गया है। यहां पुराने समय के हरियाणवी पहनावे, किसानों द्वारा खेतों की जुताई के पारंपरिक तरीके, गांव की महिलाएं किस प्रकार कुएं से पानी भरकर लाती थीं, इन सभी दृश्यों को प्रदर्शनी के रूप में दर्शाया गया है। चक्की से आटा पीसने की प्रक्रिया इसके साथ ही पुराने जमाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, तराजू और बाट, लकड़ी के तराजू, खेतों में काम आने वाले औजार, चक्की से आटा पीसने की प्रक्रिया, लुगदी से बने बोहिये, हाथ से बनी चंगेरी और गांव की शान माने जाने वाले हुक्के को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से यह दिखाया गया है कि किस तरह पहले हरियाणा के लोग सादा लेकिन आत्मनिर्भर जीवन जीते थे। किसान और गांव की महिलाएं अपने घरों में रोजमर्रा के कामों के लिए स्वदेशी और हाथ से बने सामानों का इस्तेमाल करती थीं। अपणा घर में प्रदर्शित हर एक वस्तु उस दौर की मेहनत, संस्कृति और परंपराओं की कहानी कहती नजर आती है। अपणा घर देखने पहुंचे गोहाना निवासी अनिल गौड़ ने बताया कि यहां आकर उन्हें बेहद अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस मेले में हरियाणा की संस्कृति को इस तरह से प्रस्तुत करना गर्व की बात है। इससे नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक है हुक्का : रमेश कौशिक गोहाना से आए रमेश कौशिक ने कहा कि अपणा घर में हुक्के को देखकर उन्हें सबसे ज्यादा खुशी हुई। उन्होंने बताया कि पहले हुक्का केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-जोल का प्रतीक हुआ करता था। गांवों में लोग हुक्के के पास बैठकर बिना किसी भेदभाव के अपने विचार साझा करते थे, जिससे सामाजिक एकता मजबूत होती थी। इसके अलावा देवेंद्र शर्मा ने कहा कि अपणा घर बनाकर हरियाणा की संस्कृति को प्रदर्शित करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले विदेशी पर्यटक भी हरियाणा की लोक संस्कृति में काफी रुचि दिखा रहे हैं और प्रदर्शनी के साथ तस्वीरें खिंचवाकर इसकी जानकारी ले रहे हैं। यह प्रयास हरियाणा की लुप्त होती संस्कृति को संजोने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। यहां देखिए फोटो…
सीकर जिले में 40 साल की महिला के साथ रेप का मामला सामने आया है। परिचित युवक ने महिला को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया। इसके बाद रेप कर अश्लील फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद युवक और उसके दोस्त ने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वह घर पर अकेली थी, तब उसका परिचित युवक आया था। उसने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। तब उसके साथ रेप किया। इसके बाद दोस्त के साथ मिलकर अश्लील फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करने लगा। परिवार को आपबीती बताई और थाने में मामला दर्ज करवाया। यह खबर भी पढ़ें : छात्रा से छेड़छाड़ मामले में सरकारी स्कूल का हेडमास्टर सस्पेंड:वॉशरूम जाते वक्त करता था अश्लील इशारे, शिक्षा विभाग जांच में जुटा सीकर जिले की एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को छात्रा की शिकायत के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। हेडमास्टर स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को बेड टच करता था। इतना ही नहीं वह लड़कियों को अश्लील इशारे भी करता था।(पूरी खबर पढ़ें)
झाबुआ में वृद्धा की पेंशन रुकी, जनसुनवाई में पहुंचीं:सहायक कलेक्टर ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन
पेटलावद के राजापुरा मोहल्ले की निवासी पार्वतीबाई ने जनसुनवाई में शिकायत की कि उनकी पेंशन पिछले कई महीनों से नहीं मिल रही है। इससे उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पति के निधन के बाद मिल रही थी पेंशन पार्वतीबाई के पति बाबूलाल दगल नगर परिषद पेटलावद में सफाई कर्मचारी थे। उनका सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। पति की मौत के बाद से उन्हें नियमित पेंशन मिल रही थी। पार्वतीबाई ने बताया कि अक्टूबर 2025 से उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं आई। उन्होंने सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर ली थीं, लेकिन विभाग की ओर से पेंशन जारी नहीं की गई। महिला बोलीं-कमाई पर दूसरा पेंशन रुकने के कारण पार्वतीबाई के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। उनके पास आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है। उम्र के इस पड़ाव में वे अक्सर बीमार रहती हैं और दवाई खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं। पार्वतीबाई ने यह भी बताया कि उनके पति के सेवाकाल के दौरान बचे हुए अर्जित अवकाश की राशि का भुगतान नगर परिषद द्वारा लंबे समय से रोका गया है। उन्होंने कई बार आवेदन किया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन जनसुनवाई में मौजूद नगर परिषद के प्रभारी सीएमओ एवं सहायक कलेक्टर आशीष कुमार ने वृद्धा की समस्या सुनी। उन्होंने आश्वासन दिया कि रुकी हुई पेंशन और अर्जित अवकाश की राशि के संबंध में जल्द ही जांच कर समाधान किया जाएगा।
इंदौर ट्रैफिक पुलिस हेलमेट को लेकर जागरूकता के साथ चालानी कार्रवाई भी कर रही है। सोमवार को सुबह से लेकर रात तक चले अभियान में पुलिस ने बिना हेलमेट चलने वाले 1351 लोगों पर चालानी कार्रवाई की। साथ ही पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं। सड़क दुर्घटना में सिर की चोटों से होने वाली मौतों को रोकने और लोगों में सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता लाने के उद्देश्य से इंदौर ट्रैफिक पुलिस बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को जागरूक कर रही है। साथ ही लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा पलासिया चौराहा, विजय नगर चौराहा, महूनाका चौराहा, चाणक्यपुरी चौराहा, राजीव गांधी चौराहा सर्कल आदि अन्य चौराहों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की। इसके साथ ही अनाउंसमेंट कर लोगों को हेलमेट पहनने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने जनता से अपील की है कि आप हेलमेट के महत्व को समझें, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और सड़क हादसों में होने वाले दुष्परिणामों से खुद को और दूसरों को बचाएं।
खंडवा में एक महिला को AI से बनाई गई अश्लील तस्वीरों के जरिए बदनाम करने और 50 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले की आरोपी महिला के परिवार की ही बहू निकली। पुलिस ने सोमवार को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। आरोपी महिला ने अपने पति और उसकी चाची की सोशल मीडिया से तस्वीरें उठाईं और उन्हें AI तकनीक से अश्लील रूप में बदल दिया। इसके बाद इन तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर विधवा महिला से 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। आरोपी पत्नी पति को छोड़ ब्वॉयफ्रेंड के साथ रह रही पुलिस जांच में सामने आया कि, आरोपी महिला राखी कपाड़िया भोपाल में अपने ब्वॉयफ्रेंड शाहरूख के साथ रहती है। उसने पति सुदामा को छोड़ दिया हैं। राखी को शक था कि उसके पति का उसकी विधवा चाची के साथ अफेयर हैं। चाची को बदनाम करने के लिए उसने सोशल मीडिया से पति और चाची के फोटो निकाले। इसके बाद उन तस्वीरों को एआई के जरिए अश्लील रूप दिया। फिर सारे रिश्तेदारों को फोटो शेयर कर दिए। रिश्तेदारी में बदनामी हुई तो विधवा चाची ने पुलिस से शिकायत की। फर्जी अकाउंट से वायरल किए, फिर पैसे ऐंठे खास बात यह है कि, एआई आधारित अश्लील फोटो वायरल होने के बाद विधवा चाची ने पुलिस से शिकायत की, तब तक यह सामने नहीं आया कि इस कृत्य के पीछे कौन है। जिस सोशल मीडिया अकाउंट से विधवा चाची को ब्लैकमेल करके 50 हजार रूपए लिए गए, वह फर्जी था। पुलिस और सायबर सेल की टीम ने आईपी एड्रेस सर्च कर जांच की तो पता चला कि यह अकाउंट किसी शाहरूख नाम के मोबाइल से भोपाल में बैठी एक महिला ऑपरेट कर रही है। मोबाइल ब्वॉयफ्रेंड का, सिम खुद महिला की थी केस की इन्वेस्टिगेशन में लगी थाना जावर पुलिस की जांच में सामने आया कि, आरोपी राखी कपाड़िया के पास उसके ब्वॉयफ्रेंड शाहरूख का मोबाइल मिला। लेकिन सिम खुद राखी की थी। इस मोबाइल में पुलिस को 10 इंस्टाग्राम अकाउंट मिले। जो कि अलग-अलग फर्जी नाम से थे। इनमें एक वह अकाउंट भी था, जिसके माध्यम से विधवा चाची को ब्लैकमेल किया गया था। पूछताछ में ब्वॉयफ्रेंड ने बताया कि राखी ने एक हफ्ते के लिए उसका मोबाइल लिया था। सिम उसी की थी और सारे अकाउंट भी राखी ने ही क्रिएट किए थे। आरोपी महिला गिरफ्तार बता दें कि, विधवा महिला ने पिछले हफ्ते मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की थी। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस प्रकरण को एसपी के पास भेज दिया। मामले में जावर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की। केस की जांच कर रहे एएसआई रणजीतसिंह राजपूत ने बताया कि, सायबर एक्सपर्ट की मदद से मामले का खुलासा किया। एक टीम भोपाल पहुंची और वहां से आरोपी राखी को गिरफ्तार किया। सोमवार देर शाम उसे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया।
ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कलश यात्रा शुरू होने से पहले भगदड़ मच गई। इसमें 70 वर्षीय महिला रति साहू की मौत हो गई। बच्ची समेत 8 लोग घायल हो गए हैं। भगदड़ तब मची जब यात्रा से पहले कलश वितरण किया जा रहा था। कलश जल्दी और पहले पाने की होड़ में भीड़ बढ़ गई और भगदड़ मच गई। गंभीर रूप से घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया है। परिजन ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हादसे से जुड़ी 6 तस्वीरें देखिए… हादसे में घायलों के नाम…
दिल्ली में बॉयफ्रेंड की आत्महत्या की खबर मिलने के बाद दूसरे दिन बिलासपुर में रहने वाली नाबालिग गर्लफ्रेंड ने खुदकुशी कर ली। नाबालिग ने बुआ के घर में फांसी लगाकर जान दी। 6 महीने पहले बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड को भगाकर अपने नाना-नानी के घर ले गया था। बाद में परिजनों ने गर्लफ्रेंड को दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया था। बाल संप्रेक्षण गृह में रखने के बाद उसे परिजनों के हवाला कर दिया गया था। जिसके बाद से दोनों अलग-अलग रहने लगे। जिससे नाराज बॉयफ्रेंड ने पहले फांसी लगाकर जान दे दी। इसके बाद लड़की ने भी सुसाइड किया है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड कोरिया जिले के रहने वाले थे। 16 साल की नाबालिग की विजय से जान पहचान हुई। दोनों में दोस्ती हुई। जो बाद में प्यार में बदल गई। सितंबर 2025 को बॉयफ्रेंड अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड को लेकर नाना-नानी के घर दिल्ली चला गया। उन्होंने विरोध किया और दिल्ली पुलिस को मामले की जानकारी दी। दिल्ली पुलिस नाबालिग को साथ ले गई और बाल संप्रेक्षण गृह में रखा। इसके बाद लड़की के परिजनों को मामले की जानकारी दी गई। करीब 15 दिनों तक नाबालिग दिल्ली में रही। लेकिन परिजन संप्रेक्षण गृह नहीं जा पाए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने लड़की को अंबिकापुर बाल संप्रेक्षण गृह भिजवाया। जहां से उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया। बाद में परिजनों ने उसे बिलासपुर में रहने वाली बुआ के घर भेज दिया। दोस्त ने दी सुसाइड की जानकारी इस बीच रविवार को गर्लफ्रेंड से बिछड़ने से नाराज बॉयफ्रेंड ने दिल्ली में आत्महत्या कर ली। इस घटना की जानकारी नाबालिग गर्लफ्रेंड को उसके दोस्त ने दी। जिसके बाद से वह गुमसुम रहने लगी और मरने की बात भी कहती रही। हालांकि, परिजनों ने उसे समझाइश दी। साथ ही पढ़ाई और परिवार पर ध्यान देने को कहा और रविवार की पूरी रात उस पर नजर रखी। सोमवार सुबह उसने परिजनों के साथ नाश्ता किया, लेकिन उसका व्यवहार सामान्य नहीं था। चुन्नी से फंदा बनाकर फांसी लगाई करीब 11 बजे जब घर के सदस्य अपने-अपने काम में लगे थे, तभी उसने कमरे में अपनी चुन्नी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद परिजनों ने दरवाजा खोला तो उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने फौरन पुलिस को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पीएम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया है। फिलहाल, पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। बिलासपुर में बुआ के घर आई थी लड़की इस पूरे मामले में थाना प्रभारी अभय बैस ने बताया कि नाबालिग लड़की की बुआ वसुंधरा गुप्ता तोरवा में पंप हाउस के पास रहती है। 10-12 दिन पहले वो अपने मायके गई थी। तभी लड़की को अपने पास लेकर आ गई थी। मामले की जांच की जा रही है। ………………………….. क्राइम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रायपुर में 6वीं मंजिल से कूदी युवती,VIDEO:सिर फटने से गई जान, बॉयफ्रेंड से विवाद की आशंका; सहेली संग किराए के फ्लैट में रहती थी रायपुर में 6वीं मंजिल से कूदकर युवती ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस को आशंका है कि युवती ने बॉयफ्रेंड से विवाद होने के बाद अपनी जान दे दी है। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद युवती का सिर बुरी तरह फट गया। आसपास खून बिखर गया। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…
गुरुग्राम जिले के मानेसर में एक दुकानदार के क्रेडिट कार्ड अकाउंट से छेड़खानी करके 80 हजार रुपए ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। गांव बाघनकी के रहने वाले प्रेम सिंह (41 वर्ष) ने बताया कि एनएसजी कैंप के पास कासन रोड पर उसकी 'हैलो पॉइंट' नाम से मोबाइल दुकान है। 27 दिसंबर 2025 को उसके मोबाइल नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को बजाज फाइनेंस का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड से जुड़े फोन पर एक लिंक भेजा जा रहा है। इस लिंक में डिटेल्स भरने पर नया बजाज फाइनेंस क्रेडिट कार्ड बन जाएगा। व्हाट्सएप पर भेजा लिंक इसके बाद दूसरे नंबर से व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा गया, जिसे उसने ने गलती से क्लिक कर लिया और अपने दोनों क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज कर दी। कुछ ही देर बाद उनके क्रेडिट कार्ड से अनधिकृत ट्रांजैक्शन शुरू हो गए। उसके RBL बैंक क्रेडिट कार्ड से 30 हजार रुपए और बैंक ऑफ बड़ौदा क्रेडिट कार्ड से 40 हजार और दूसरे में 10 हजार रुपए की धोखाधड़ी से निकासी हो गई। कुल मिलाकर 80,000 रुपये की राशि फ्रॉड से ट्रांसफर कर ली गई। डिटेल्स भरने के बाद पैसे कटने लगे प्रेम सिंह ने पुलिस को बताया कि व्हाट्सएप लिंक से डिटेल्स भरने के बाद पैसे कटने लगे तो डर के मारे उन्होंने लिंक और संबंधित चैट डिलीट कर दी। उन्होंने कहा कि ये ट्रांजेक्शन उन्होंने खुद नहीं किए। न तो किसी को ओटीपी दिया, न नेट बैंकिंग, UPI या क्रेडिट कार्ड का कोई इस्तेमाल किया। यह पूरी तरह अनजान व्यक्तियों द्वारा की गई साइबर धोखाधड़ी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि निजी कारणों से वे पहले शिकायत देने नहीं आ सके। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करके उसकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने में मदद करें। मामले की जांच में जुटी पुलिस मानेसर साइबर थाना पुलिस ने मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। एसएचओ ने बताया कि यह फिशिंग लिंक के जरिए क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चुराने का मामला है, जो हाल के महीनों में बजाज फाइनेंस के नाम पर आम हो गया है। बजाज फिनसर्व ने चेतावनी जारी कर रखी है कि कंपनी कभी व्हाट्सएप या SMS पर संदिग्ध लिंक नहीं भेजती, न ही अपफ्रंट फीस मांगती है। साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स कभी शेयर न करें और संदिग्ध कॉल पर तुरंत 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
अजमेर में जूस पिलाकर युवती से रेप:अश्लील वीडियो से किया ब्लैकमेल, प्रेग्नेंट कर करवाया अबॉर्शन
अजमेर में एक युवती से रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने युवक पर प्रेम संबंध के लिए दबाव बनाकर जूस में नशीला पदार्थ पिलाकर होटल में रेप करने का आरोप लगाया है। आरोपी पर शादी का झांसा देते हुए अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर रेप कर प्रेग्नेंट किया। पीड़िता का अबॉर्शन भी करवा दिया। जेवरात भी हड़प लिए। पीड़िता की शिकायत पर मांगलियावास थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पीछा करते हुए हॉस्पिटल पहुंच गया आरोपी मांगलियावास थाना पुलिस के अनुसार एक पीड़िता ने मुकदमा दर्ज करवाया है। इसमें उसने बताया कि 2018 में एक व्यक्ति उसे प्रेम संबंध पर बात करने के लिए दबाव बनाने लगा। इसके बाद बीमार हुई तो आरोपी पीछा करते हुए उसके साथ अस्पताल पहुंच गया। वहां डॉक्टर से जान पहचान होने का झांसा देकर उसे विश्वास में लिया। दुकान पर ले जाकर जूस पिलाया। जूस में नशीला पदार्थ पिलाकर उसे एक होटल में ले गया और उसके साथ रेप किया। शादी करने का झांसा दिया पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके बाद आरोपी ने उसके अश्लील वीडियो बना लिए। शादी करने का झांसा दिया। वीडियो वायरल करने की धमकी लगातार उसे दिए गए। आरोपी के द्वारा उसके गहने और नगदी तक हड़प ली गई। इस दौरान उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। पीड़िता ना आरोप लगाया कि जब प्रेग्नेंट हुई तो उसे दवाइयां देकर अबॉर्शन करवा दिया। आरोपी आभूषण अश्लील वीडियो वायरल करने और जान से मारने की लगातार धमकियां दे रहा है। मांगलियावास थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमे शन-2026 के तहतपश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा, पोड़ाहाट व कोल्हान के वन क्षेत्र में भी बाघों की तलाश में सर्वे किया गया। इस दौरान तीनों रेंज के अधिकारियों पर केवल बाघ ही नहीं, बल्कि तेंदुआ, हाथी, हिरण समेत अन्य जीवों कीभी गिनती की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। 15 दिसंबर से 22 दिसंबर तक चले इस सर्वे में सबसे पहले साइन सर्वे के जरिए जंगल में लगे कैमरा के माध्यम से जंगली जानवरों का मल मूत्र, सींग को कवर किया। इसके बाद ट्रजेंट्म सर्वे के दौरान 2 किमी तक जंगल में पैदल चलकर जंगली जानवरों के पग मार्क का सर्वें किया गया। वन विभाग द्वारा छोटानागरा के जंगलों में लगाए गए कैमरे में तेंदुआ समेत हिरण की प्रजाति चीतल, कोटरा, हाथी, जंगली खरगोश और विभिन्न प्रजाति के जहरीले सांप भी कैद हुए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, छोटानागरा के जंगलों में जनवरी माह में दिन के उजाले में तेंदुआ विचरण करते हुए कैमरे में कैद हुआ है। इसकी रिपोर्ट पलामू के बेतला राष्ट्रीय उद्यान बाघ आरक्षण केंद्र को भेजी जाएगी। उसके बाद डाटा को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के माध्यम से वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून को भेजा जाएगा। 29 जुलाई को टाइगर डे पर टाइगर एस्टीमेशन की रिपोर्ट जारी की जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देशभर में यह सर्वे प्रत्येक चार साल में एक बार होता है। सारंडा-पोड़ाहाट के घने जंगलों में तेंदुआ, जंगली हाथी, सियार, कोटरा, चितल, बड़ी गिलहरी ,हनी बैजर, जहरीले सांप आदि जीव जंतु पाए जाते हैं। पूर्व में सारंडा में भी बाघों का रहा है कॉरिडोर800 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में फैले सारंडा के जंगलों में कहीं-कहीं कभी बाघों का भी कॉरिडोर रहा है। विभागीय रिपोर्ट कीमानें तो सारंडा पोड़ाहाट में आजादी के पहले बाघों की उपस्थिति रही है। खासकर सारंडा वनक्षेत्र में पूर्व में बाघों की मौजूदगी को लेकर सारंडा के ग्रामीणों के बीच भी यह चर्चा बनी रहती है। हालंकि विभाग इसकी पुष्टि नहीं करता है। सूचना है कि टाइगर कॉरिडोर सिमलीपाल पार्क से पलामू, छत्तीसगढ़ होते हुए वर्ष 2012 में सारंडा में एकबाघ घुसा था। बाघ के पगमार्क भी मिले थे। एटीआर 2022 में हुए सर्वे के मुताबिक पूरे भारत में बाघों की आबादी में प्रभावशाली वृद्धि हुई है। अनुमानित संख्या 3,682 तक पहुंच गई। वहीं इस सर्वे में पाया गया है कि झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे राज्यों में बाघों की संख्या कम हुई है। सर्वे में सारंडा-पोड़ाहाट वकोल्हान में लगे थे 250 से ज्यादा वनकर्मी15 से 22 दिसंबर तक हुए ऑल इंडियाटाइगर एस्टीमेशन सर्वे में सारंडा-पोड़ाहाट व कोल्हान वन रेंजक्षेत्र में 250 से ज्यादा वनपाल और वनकर्मियों को लगाया गया था। इसके लिए वनकर्मियों को ट्रेनिंग दी गई है। इसके अलावा कोल्हान यूनिवर्सिटी से जुड़े जूलॉजी के छात्र-छात्राओं को भी इस सर्वे में जोड़ा गया था, जहां एक सप्ताह तक जंगल में प्रोसेस सर्वे किया गया। जंगल में सर्वे शुरू करने से पहले कर्मियों द्वारा एम स्ट्राइप्स नामक एपऑन किया था, ताकि सर्वे की सारी रिपोर्ट को ऐप के माध्यम से फीड किया जा सके। देश भर में आयोजित टाइगर एस्टीमेशन (गिनती) सर्वे को लेकर झारखंड के नोडल सीसीएफ वाइल्ड लाइफ के निदेशक एसआर नटेश को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वहीं, पश्चिमी सिंहभूम के पोड़ाहाट वन क्षेत्र में इस सर्वे के लिए 200 प्वाइंट्स सेटेलाइट इस सर्वे की निगरानी देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान कर रहा है। डेटा विश्लेषण और रिमोट सेंसिंग(सैटेलाइट इमेजिंग) भेज रहा है।
भिवानी जिले के लोहारू में पिलानी रोड पर बन रहे रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण कार्य के कारण लगभग 30 गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अंडरब्रिज का निर्माण कार्य लगभग एक वर्ष से जारी है और इसके अप्रैल तक पूरा होने की संभावना है। निर्माण कार्य से जुड़े जेई जितेंद्र नारंग ने बताया कि इस अंडरब्रिज का टेंडर लगभग 4 करोड़ 87 लाख रुपए का है। अंडरब्रिज की कुल लंबाई करीब 440 मीटर है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जेई नारंग के अनुसार, रेलवे विभाग से आवश्यक ब्लॉक मिलते ही शेष कार्य तेजी से पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने आगामी अप्रैल माह तक अंडरब्रिज के पूर्ण होने की संभावना जताई है। ग्रामीण ने की रास्ता खोले जाने की मांग स्थानीय ग्रामीणों मीर सिंह, सत्यपाल, मुकेश पोटिया, जगदीश, शेखर, दलीप सरपंच, होशियार सिंह और भोपाल सिंह सहित अन्य ने बताया कि अंडरब्रिज निर्माण से पहले यह मार्ग लाडून्दा, दुदवा, सरदारपुरा, सूजडोला, छापड़ा, रामपुरा और बेरी सहित लगभग 30 गांवों के लिए प्रमुख संपर्क सड़क था। इस मार्ग से ग्रामीण और व्यापारी प्रतिदिन आवागमन करते थे, जिससे उन्हें काफी सुविधा मिलती थी। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान अंडरब्रिज के अंदर से इन गांवों की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है। उनकी मांग है कि अंडरब्रिज के अंदर से रास्ता खोला जाए। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने अंडरब्रिज से राजस्थान बॉर्डर तक कच्चे पड़े रास्ते को जोड़कर पक्की सड़क बनाने की भी मांग की है। उनका मानना है कि इससे सभी संबंधित गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। लोहारू विधायक को सौंपा ज्ञापन वर्तमान में ग्रामीणों को अंडरब्रिज से सटी एक संकरी और असुविधाजनक सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे उनके समय, ईंधन और श्रम की बर्बादी हो रही है। आपात स्थिति में मरीजों, विद्यार्थियों और व्यापारिक वाहनों को विशेष रूप से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के समाधान को लेकर लोहारू विधायक राजवीर फरटिया को ज्ञापन सौंपा गया है। इसके साथ ही रेल मंत्री को भी पत्र भेजकर मांग की गई है कि अंडरब्रिज के अंदर से बंद किए गए रास्ते को पुनः खोला जाए तथा अंडरब्रिज से राजस्थान बार्डर तक स्थायी सड़क का निर्माण किया जाए, ताकि क्षेत्र में यातायात सुचारू हो सके और व्यापार को भी बढ़ावा मिले।
बड़वारा पुलिस ने जब्त किए अवैध रेत वाहन:दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक हाइवा पकड़ा
कटनी जिले में अवैध उत्खनन और खनिज पदार्थों के अवैध परिवहन के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में, बड़वारा थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध रेत से लदे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक हाइवा जब्त किया है। यह कार्रवाई अलग-अलग स्थानों पर की गई। सुड्डी ग्राम में ट्रैक्टर रुकवाया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुड्डी ग्राम से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सुड्डी ग्राम के पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी की। इस दौरान नीरज श्रीवास नामक व्यक्ति ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेत भरकर बरही की ओर जा रहा था। पुलिस ने वाहन रुकवाकर रेत के रॉयल्टी या वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन चालक कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद वाहन को कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा करवा दिया गया। रोहनिया ग्राम में भी ट्रैक्टर जब्त इसी तरह रोहनिया ग्राम में पुलिस ने गणेशपुर से रोहनिया की ओर आ रहे ट्रैक्टर को रोका। चालक संजीत सिंह से वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई प्रमाण नहीं दे पाया। अवैध रेत परिवहन की पुष्टि होने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया गया। हाइवा वाहन भी जब्त, कार्रवाई जारी पुलिस ने दो दिन पूर्व गुड़ा ग्राम में भी अवैध रेत परिवहन कर रहे एक भारी वाहन (हाइवा) को पकड़ा था। पुलिस ने सभी जब्त वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बड़वारा क्षेत्र में अवैध खनिज और रेत परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी को भी कानून की अनुमति के बिना परिवहन नहीं करने दिया जाएगा।
छतरपुर जिले के अमरपुरा गांव में मंगलवार को बिजली का खंभा सुधारते समय एक आउटसोर्स कर्मी हादसे का शिकार हो गया। करंट लगने से वह करीब 20 से 25 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लाइन सुधारने चढ़ा था खंभे पर घटना सटई थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई। बताया गया कि 29 वर्षीय दयाशंकर पटेल बिजली लाइन ठीक करने के लिए खंभे पर चढ़े थे। इसी दौरान अचानक करंट लग गया। करंट लगने से दयाशंकर अपना संतुलन खो बैठे और सीधे जमीन पर आ गिरे। गिरने की ऊंचाई ज्यादा होने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे में दयाशंकर पटेल के दोनों पैर टूट गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। साथियों ने पहुंचाया जिला अस्पताल घटना के बाद उनके साथी गौरी शंकर कुशवाहा और बाला प्रसाद पटेल ने विद्युत कंपनी की गाड़ी से घायल कर्मी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार दयाशंकर की स्थिति फिलहाल स्थिर है। हालांकि दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें लंबे इलाज की जरूरत पड़ेगी। कंपनी पर लापरवाही के आरोप घायल कर्मी और उनके साथियों ने विद्युत कंपनी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्थायी लाइनमैन की कमी के चलते आउटसोर्स कर्मचारियों से जोखिम भरे काम कराए जाते हैं। कर्मियों का आरोप है कि काम के दौरान उन्हें सेफ्टी बेल्ट, इंसुलेटेड ग्लव्स या हेलमेट जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। ऐसे में हर बार जान जोखिम में डालनी पड़ती है। मजबूरी में करते हैं काम आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा कि नौकरी बचाने और काम पूरा करने की मजबूरी में उन्हें खंभों पर चढ़ना पड़ता है। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से खतरा हमेशा बना रहता है। कर्मियों ने साफ कहा है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो आगे भी ऐसे हादसे हो सकते हैं। इस घटना के बाद विभागीय जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भरतपुर में एक वैन ड्राइवर ने 6 साल के मासूम को कुचल दिया। हादसे में मासूम हर्ष की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वैन ड्राइवर मानवेंद्र सिंह काफी स्पीड में था। 4 दिन पहले भी उसे कम स्पीड में गाड़ी चलाने के लिए कहा था। मामला जिले के चिकसाना थाना चारलीगांज में सोमवा शाम 5 बजे का है। परिजनों की ओर से मंगलवार को ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। हर्ष के ताऊ मेघसिंह ने बताया कि चार दिन पहले भी ड्राइवर को कम स्पीड में गाड़ी चलाने के लिए टोका था। इस पर ड्राइवर ने धमकाया भी था कि सामने आया तो उड़ा दूंगा। सड़क किनारे था मासूम, स्पीड में आया और कुचल दिया हर्ष के ताऊ मानवेंद्र सिंह ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बातया कि- सोमवार को हर्ष दुकान से सामान लेकर लौट रहा था। इस दौरान वह सड़क किनारे खड़ा हो गया। इसी दौरान वैन ड्राइवर मानवेंद्र सिंह स्पीड में रेलवे पुलिया की तरफ से आ रहा था। जहां उसने सड़क किनारे खड़े हर्ष पर वैन चढ़ा दी। इधर, जैसे ही ये हादसा हुआ मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चिल्लाने लगे। परिजन मौके पर पहुंचे तब तक ड्राइवर वहां से फरार हो गया। उसे चिकसाना के सरकारी हॉस्पिटल लाया गया। वहां से शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। हर्ष के ताऊ ने बताया कि हर्ष सेकंड क्लास में पढ़ता था। हर्ष का एक 4 का बड़ा भाई रुद्रप्रताप है। हर्ष के पिता चंद्रकांत अपना घर आश्रम में काम करता है। वैन के दोनों पहिए हर्ष की छाती से निकल गए थे इसलिए हर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। ताऊ ने बताया कि चार दिन पहले भी वह जब गांव में वैन लेकर आया तब शराब पिये हुए था। सोमवार को भी वह शराब पीकर स्पीड में वैन चला रहा था। ताऊ का आरोप-चार दिन पहले टोका तो धमकाया था मेघसिंह ने रिपोर्ट में बताया कि चार दिन पहले शुक्रवार को वह घर के सामने खड़ा हुआ था। उस दिन भी वह रेलवे पुलिया की तरफ से स्पीड में आ रहा था। इस पर मैंने उसे हाथ के इशारे से रोका और टोकते हुए कहा- भाई गांव के रास्तों पर छोटे बच्चों और ग्रामीण भी चलते है। गाड़ी को इतनी स्पीड में मत चलाया करो। इस पर ड्राइवर मेघसिंह ने धमकाते हुए कहा- स्पीड तो ऐसी रहेगी। तू और तेरे परिवार के लोग मुझ से सावधान रहना। अगर कोई मेरी गाड़ी के सामने आया तो उसे मैं उड़ा दूंगा। इसके बाद वह जान से मारने की धमकी देकर वहां से चला गया।
शाजापुर जिले में माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं आज मंगलवार से शुरू हो गईं। पहले दिन कक्षा 12वीं का अंग्रेजी विषय का पेपर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया। छात्र बोले-पहला पेपर बहुत आसान था परीक्षा देकर बाहर आए ज्यादातर छात्रों ने पेपर को आसान और संतुलित बताया। अच्छा पहला पेपर होने से छात्रों में उत्साह और संतोष साफ नजर आया। परीक्षा देकर निकले छात्र अथर्व और बंटी गुर्जर ने बताया कि अंग्रेजी का पेपर न तो ज्यादा कठिन था और न ही बहुत आसान। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते पहले से की गई तैयारी काम आई, इसलिए पेपर अच्छे से हो गया। शाजापुर में बोर्ड परीक्षाओं के लिए 63 परीक्षा केंद्र बने जिले में बोर्ड परीक्षाओं के लिए कुल 63 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 59 मुख्य और 4 रिजर्व केंद्र शामिल हैं। हर कक्षा में करीब 20 विद्यार्थियों को बैठाया गया है और निगरानी के लिए सख्त इंतजाम किए हैं। कक्षा 12वीं की परीक्षा के लिए जिले में कुल 9612 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 8905 नियमित और 662 प्राइवेट छात्र शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए कड़ी व्यवस्था की गई थी। छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल बाहर उतरवाए गए। केंद्रों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
रेलवे स्टेशन पर घायल मिला युवक:घर परिवार से लड़ झगड़ कर पहुंचा कोटा
कोटा शहर के भीमगंज मंडी थाना क्षेत्र के स्टेशन इलाके में देर रात घायल अवस्था में मिले एक युवक को पुलिस ने एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक शराब के नशे में था और अधिक शराब पीने के कारण गिरकर घायल हुआ। घायल युवक की पहचान विनोद प्रजापति के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के गुना जिले का रहने वाला है। भीमगंज मंडी थाने के हरपाल सिंह यादव ने बताया कि देर रात सूचना मिलने पर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पहुंची, जहां एक युवक घायल हालत में पड़ा मिला। उसे तत्काल एमबीएस हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करवाया गया। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, जिन्होंने बताया कि युवक अत्यधिक शराब पीने के कारण कई बार वहीं गिर गया था। उस समय युवक बयान देने की स्थिति में नहीं था। पुलिस के अनुसार घायल की पहचान विनोद प्रजापति, निवासी गुना (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। विनोद के भाई मनोज प्रजापति ने बताया कि उसका भाई शराब पीने का आदी है और अक्सर नशे में घरवालों से झगड़ा करता रहता है। दो दिन पहले भी पारिवारिक विवाद के बाद वह घर से निकलकर कोटा आ गया था और हाल ही में कोटा पहुंचा था। हरपाल सिंह यादव ने बताया कि आज सुबह जब पुलिस हॉस्पिटल पहुंची तो युवक अपने बेड पर मौजूद नहीं मिला। हॉस्पिटल स्टाफ से पूछताछ में सामने आया कि वह कुछ देर पहले बहाना बनाकर अस्पताल से निकल गया था। इस संबंध में परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में चाकूबाजी, लूट या मारपीट की कोई पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि घायल युवक विनोद प्रजापति ने दावा किया है कि देर रात दो युवकों ने उसके साथ मारपीट कर चाकू की नोक पर पैसे छीन लिए। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में यूपी पुलिस के दो दरोगाओं ने सूत कारोबारी से 21 लाख रूपए लूट लिए। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो जांच एसपी सिटी को सौंप दी गई। जांच में आरोपों की पुष्टि हो गई, जिसके बाद एसएसपी अविनाश पांडेय ने दोनों दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया है। लापरवाही का दोषी पाते हुए SHO लोहियानगर योगेश चंद्र पर भी गाज गिराते हुए विभागीय जांच का आदेश किया है। पहले जानिए पूरा मामलालिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के गोला कुआं इलाके में सूत कारोबारी परिवार के साथ रहते हैं। तीन दिन पहले लोहिया नगर की बिजली बंबा चौकी पर तैनात दरोगा लोकेंद्र साहू और मुकेश कुमार सूत कारोबारी के घर पहुंचे और उसके घर हवाला का पैसा आने का आरोप लगा दिया। दोनों दरोगाओं ने कारोबारी को हिरासत में लिया और बिजली बंबा चौकी पर आ गए। सर्विस पिस्टल से दी गोली मारने की धमकी दरअसल, इन दरोगाओं को मुखबिर ने सूचना दी थी कि सूत कारोबारी के घर हवाला का लगभग 1 करोड़ रुपया आया है। उन्होंने चौकी ले जाकर सूत कारोबारी से पूछताछ की तो कारोबारी ने बताया कि वह उनके कारोबार से जुड़ा पैसा है। इसके बावजूद दोनों दरोगा कारोबारी को डराते, धमकाते रहे और 20 लाख रूपए की मांग कर दी। यहां तक कि सर्विस पिस्टल निकालकर एनकाउंटर करने की धमकी तक दे दी। जान बचाने के लिए दिए 20 लाख रूपए लगभग डेढ़ दिन तक सूत कारोबारी को बंधक बना कर रखा गया। उसके परिवार से भी उसे मिलने नहीं दिया गया। आखिरकार मजबूर होकर अपनी जान बचाने के लिए सूत कारोबारी ने 20 लाख रुपए मंगा कर दोनों दरोगा लोकेंद्र साहू और मुकेश को सौंप दिए। उसके बाद दरोगाओं ने धमकी देते हुए कारोबारी को छोड़ दिया। शिकायत मिलते ही शुरू हुई जांचइस मामले की शिकायत पुलिस के अफसरों से की गई। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन करते हुए जांच शुरू करा दी गई। एसपी सिटी की जांच में आरोप सच पाए गए, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने अफसरों को सौंप दी। मामले का खुलासा होते ही दोनों दरोगा अंडरग्राउंड हो गए। हालांकि चर्चा यह भी है कि दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। SSP ने दोनों दरोगाओं पर गिराई गाज मामले की पुष्टि होने के बाद मंगलवार सुबह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने दरोगा लोकेंद्र साहू और मुकेश को सस्पेंड कर दिया। दोनों दरोगाओं के खिलाफ रंगदारी सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इस मुकदमे के बाद दोनों फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। लोहिया नगर SHO योगेश चंद्र के खिलाफ भी जांच कराई जा रही है। SSP बोले- हवाला का नहीं था यह पैसाSSP अविनाश पांडे ने बताया कि किसी ने सूचना दी थी कि नकली पुलिसकर्मी बनकर सूत कारोबारी से 21 लाख रुपए लूटे गए हैं। जांच हुई तो पता चला कि लोहियानगर थाने की बिजली बंबा चौकी पर तैनात दो दरोगाओं लोकेंद्र साहू और मुकेश कुमार ने हवाला का पैसा बताकर यह कारनामा किया है। इससे पहले की पुलिस उन तक पहुंच पाती दोनों फरार हो गए। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। SHO की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। उन्हें भी निलंबित किया गया है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से पशु चिकित्सा अधिकारी (पशुपालन विभाग) और सहायक कृषि अभियंता (कृषि विभाग) परीक्षा-2025 के आवेदन फॉर्म में करक्शन का मौका दिया है। अभ्यर्थी अपना नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन कर सकेगा। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि इन परीक्षाओं का आयोजन 19 अप्रेल 2026 को किया जाएगा। ऑनलाइन संशोधन 11 से 17 फरवरी 2026 तक किए जा सकेंगे। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन संशोधन के लिए शुल्क व प्रक्रिया संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। विड्रो नहीं करने पर होगी कार्रवाई असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा बिना योग्यता के बावजूद विड्रो नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी इस अवधि के दौरान अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। कार्मिक (क-2) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में आयोजित की गई किन्ही 2 परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों की वन टाइम रजिस्ट्रेशन सुविधा ब्लॉक की जाएगी। जिसके तहत् किन्हीं 2 परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने पर 750 रुपए एवं तत्पश्चात् पुनः उसी वित्तीय वर्ष की 2 और परीक्षाओं में अनुपस्थित होने पर राशि 1500 रुपए के भुगतान बाद ही ये सुविधा पुनः बहाल की जाएगी। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी जो किन्ही कारणों से परीक्षा देने के इच्छुक नहीं हैं, निर्धारित अवधि व प्रक्रिया अनुसार अपना ऑनलाइन आवेदन-पत्र विड्रॉ कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी… CBSE 12वीं की कॉपियों की होगी ऑन स्क्रीन मार्किंग:गलतियां कम; समय व धन की बचत होगी; टीचर्स का 13 तक करना होगा डेटा अपलोड केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से अब 12वीं की आंसर-बुक की ऑन स्क्रीन मार्किंग होगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। बोर्ड का मानना है कि इससे गलतियां कम होगी और समय व धन की बचत होगी। टीचर्स का पैनल तैयार करने के लिए देश भर से कक्षा 11वीं व 12वीं पढ़ाने वालें टीचर्स का विवरण मांगा गया है। पूरी खबर पढें
प्रयागराज के अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रहने वाला वॉलीबॉल खिलाड़ी 17 साल का प्रत्युष राय मंगलवार को अपने कमरे में संदिग्ध हाल में मृत मिला। वह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ही बने हॉस्टल में रहता था। वह अपने कमरे में अचेत अवस्था में मिला, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। साथी खिलाड़ियों ने बताया, प्रत्यूष सोमवार रात सामान्य दिनों की तरह हॉस्टल में खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। मंगलवार सुबह जब असेंबली के समय जूनियर खिलाड़ी उसे बुलाने पहुंचे तो उसने दरवाजा नहीं खोला। कमरे के भीतर जाकर देखा गया तो वह बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही कोच और साथी खिलाड़ी तत्काल प्रत्युष को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चार साल से ले रहा था वॉलीबॉल की ट्रेनिंग प्रत्यूष राय मूल रूप से गाजीपुर जिले के सौरी गांव का रहने वाला था। वह बीते लगभग चार वर्षों से म्योहल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रहकर वॉलीबॉल की नियमित ट्रेनिंग ले रहा था और एक होनहार खिलाड़ी माना जाता था। उसके साथ कमरे में रहने वाला रूम पार्टनर ऋषभ है, जो पिछले कुछ दिनों से अपने गांव गया हुआ था। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल प्रत्यूष के पिता का नाम अवनी कुमार राय है। मां का नाम रीना राय है। मौत की सूचना पर परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रत्युष के फूफा डॉक्टर संतोष ने बताया-उन्हें सूचना दी गई थी कमरे का दरवाजा भीतर से बंद नहीं था, इस बारे में कोच का कहना है कि हॉस्टल में बच्चे कमरे का दरवाजा भीतर से बंद करके नहीं रखते हैं। 4 भाई-बहनों में सबसे छोटा था प्रत्युष 4 भाई-बहनों में सबसे छोटा था। 5 फरवरी को चचेरी बहन की शादी में शामिल होने गया था। इसके बाद 7 फरवरी को प्रत्युष वापस प्रयागराज लौट आया था। प्रत्युष के जीजा प्रयागराज में ही कानूनगो हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस कर रही जांच फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी है। कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले को हर एंगल से जांचा जा रहा है। ----------------ये खबर भी पढ़ें'द मणिपुर डायरी' फिल्म डायरेक्टर बोले- मैं आतंकवादी हूं क्या?:माघ मेला प्रशासन ने सनोज मिश्र को ट्रेलर लॉन्चिंग की नहीं दी परमिशन महाकुंभ में वायरल गर्ल मोनालिसा अपनी फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ का ट्रेलर आज प्रयागराज माघ मेले में लॉन्च करेंगी। लेकिन माघ मेला प्रशासन ने फिल्म के ट्रेलर के लॉन्चिंग की परमिशन नहीं दी। फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्र ने कहा- मैं क्या आतंकवादी हूं। जो मुझे परमिशन नहीं मिल रही। पढ़िए पूरी खबर
फतेहाबाद जिले से आखिरकार एक सप्ताह बाद सूचना, भाषा एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) के डिप्टी डायरेक्टर अमित पवार रिलीव हो गए हैं। वह लगातार तबादला रुकवाने का प्रयास कर रहे थे। इसके लिए पूर्व विधायक दुड़ाराम भी जोर लगा रहे थे, मगर बात सिरे नहीं चढ़ सकी। मंगलवार को डीआईपीआरओ दिनेश कुमार शर्मा ने कार्यभार संभाल लिया है। बता दें कि, 2 फरवरी को गांव पीलीमंदोरी में पंडित जसराज जयंती समारोह में सीएम नायब सैनी आए थे। उस कार्यक्रम में कुछ विवाद उपजे थे, जिसके अगले ही दिन डिप्टी डायरेक्टर के ट्रांसफर ऑर्डर आ गए थे। उनका रेवाड़ी जबकि रेवाड़ी के डीआईपीआरओ दिनेश शर्मा का फतेहाबाद तबादला किया गया था। मंच संचालन को लेकर विवाद दरअसल, सीएम के कार्यक्रम में मंच संचालन को लेकर विवाद हुआ था। उस दौरान डीआईपीआर डिपार्टमेंट द्वारा मंच संचालन के लिए बुलाई महिला को वापस भेज दिया गया। जिसके बाद सीएम के ओएसडी गजेंद्र फोगाट ने मंच संचालन किया। सीएम के दखल के बाद ओएसडी मंच संचालन कर पाए थे। कार्यक्रम में एंट्री के दौरान मीडियाकर्मियों को भी रोक दिया गया था। मीडियाकर्मियों को एंट्री करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। यह मामला भी उच्चाधिकारियों तक पहुंचा था। दिनेश शर्मा वर्ष 2008 में सरकारी सेवा में आने के बाद कोसली, बहादुरगढ़, चरखी दादरी और झज्जर में सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। झज्जर में कार्यवाहक जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी रहे। फिर रेवाड़ी और फरीदाबाद जिलों में डीआईपीआरओ रहे।
हरियाणा के यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मंगलवार को ढाई घंटे कुरुक्षेत्र-सहारनपुर स्टेट हाईवे जाम रखा। किसान टूटे हुए हाईवे को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। रोडवेज की 6 बसें भी जाम में फंसी रहीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में SDM विश्वनाथ और DSP आशीष चौधरी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक सड़क की मरम्मत का ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका धरना और हाईवे जाम जारी रहेगा। इसके बाद उन्होंने सड़क पर बैठकर ही लंगर खाया। SDM ने किसानों से कहा कि 28 फरवरी तक सड़क को गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा। इसके बाद किसान जाम खोलने को राजी हो गए। धरने की तस्वीरें… SDM ने एक्सईएन को मौके पर बुलाया किसानों ने दोपहर 12 बजे जाम लगाया था। किसानों के विरोध को देखते हुए SDM विश्वनाथ ने PWD एक्सईएन को मौके पर बुलाया। एक्सईएन से बात करने के बाद, SDM ने किसानों को आश्वासन दिया कि सड़क की मरम्मत का काम आज से ही शुरू हो चुका है और कल तक सड़क के बाकी हिस्से को भी दुरुस्त कर दिया जाएगा। सड़क के बेस के पूरी तरह से खत्म हो जाने के कारण, इसकी अच्छी तरह से मरम्मत के लिए करीब 38 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इस एस्टीमेट के मुताबिक, दामला के पास सड़क का जो हिस्सा है, उसे सीसी का बनाया जाएगा। हालांकि, किसान अभी भी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक डीसी मौके पर आकर आश्वासन नहीं देतीं, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। किसान नेता बोले- DC बात नहीं सुनतीं किसानों ने अधिकारियों से कहा कि DC प्रीति उनकी बातें नहीं सुनतीं। इनसे पहले पार्थ गुप्ता DC थे, और जब उनसे मिलने जाते थे तो उनकी मांगों को सुना जाता था और उन्हें पूरा भी किया जाता था। किसान नेता सुभाष गुर्जर ने आरोप लगाया कि PWD एक्सईएन की तरफ से लगातार झूठ बोला जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे कई बार एक्सईएन से मिले और उन्हें हमेशा आश्वासन दिया गया कि सड़क का काम जल्द शुरू हो जाएगा, लेकिन आश्वासन के बावजूद भी आज तक सड़क की मरम्मत नहीं की गई। 28 फरवरी तक का अल्टीमेटम SDM विश्वनाथ ने किसानों को विश्वास दिलाया कि सड़क की मरम्मत जल्दी पूरी हो जाएगी। इसके बाद किसान जाम खोलने को राजी हो गए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 28 फरवरी तक सड़क को गड्ढा-मुक्त कर दिया जाएगा। वहीं, किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 28 फरवरी के बाद सड़क पर कोई भी गड्ढा नजर आया तो वे एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे। हाईवे जाम से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
मोबाइल से फोटो खींचते ही बनेगा चालान:झालावाड़ में चालान की नई व्यवस्था लागू, नहीं चलेगी सिफारिश
झालावाड़ में अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का तुरंत ऑनलाइन चालान कटेगा। पुलिसकर्मी मौके पर ही मोबाइल से वाहन का फोटो खींचकर चालान बना सकेंगे। इस नई व्यवस्था से चालान से बचने के लिए किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति का फोन काम नहीं आएगा, क्योंकि चालान चंद सेकंडों में बन जाएगा और इसकी सूचना मोबाइल पर मैसेज के जरिए मिल जाएगी। यह सुविधा अब केवल ट्रैफिक पुलिस तक सीमित नहीं रहेगी। जिले के थानों में कार्यरत कांस्टेबल से लेकर उच्च रैंक के पुलिस अधिकारी तक अपने स्वयं के मोबाइल से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत चालान काट सकेंगे। जिले में अब तक 63 पुलिसकर्मियों को इस नई प्रणाली के लिए प्रशिक्षित किया गया है और उनके मोबाइल में संबंधित ऐप डाउनलोड किया जा चुका है। प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने पिछले लगभग 20 दिनों में 175 से अधिक ऑनलाइन चालान बनाए हैं। इन चालानों के जमा होने पर विभाग को 87 हजार 500 रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा। इस मोबाइल आधारित चालान प्रणाली के तहत दोपहिया और चारपहिया वाहनों सहित सभी प्रकार के चालान बनाए जा सकेंगे। वर्तमान में, जिले के प्रत्येक थाने से दो एएसआई और हेड कांस्टेबल इस कार्य को संभाल रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से चालान बनाने की प्रक्रिया से काम और आसान हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे ट्रैफिक नियमों की पालना में तेजी से सुधार होगा। चालान काटने के बाद 15 दिन का मिलेगा समय ऑनलाइन चालान काटने के बाद वाहन ड्राइवर को 15 दिन का समय चालान की पुष्टि के लिए दिया जाएगा, यदि गलत है तो वह समाधान के लिए संपर्क कर सकेगा और यदि चालान सही है तो 15 दिन पूरे होने के बाद ई मित्र या ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में चालान जमा हो सकेंगे। पुलिस की ओर से बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करने ,गलत साइड, तीन सवारी, ओवरलोड वाहन, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, नो पार्किंग, आदेश की अव्हेलना करने पर चालान बनाए जा सकेंगे। मोबाइल में आईडी बनाने के बाद चालान की सुविधा शुरू पुलिस के अनुसार यातायात नियमों के चालान के लिए ऑनलाइन सुविधा के लिए एप डाउनलोड करना पड़ेगा, इसके बाद आई डी अपडेट होगी।(वायलेशन ऑन कैमरा ) इसके बाद चालान बनाने के लिए केवल नम्बर प्लेट की फोटो खींचनी होगी। इससे आरसी निकाल कर पूरी डिटेल सामने आ जाएगी, इसके बाद एक ऑप्शन खुलेगा क्या नियम तोड़ा है उस पर क्लिक करते ही ऑनलाइन चालान बनेगा जो मेसेज के माध्यम से वाहन ड्राइवर को अपडेट करेगा। पहले इस प्रकार से बनते थे चालान पहले ट्रैफिक ओर थानों की पुलिस को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर रोका जाता था। इसके बाद दस्तावेज के बारे में जानकारी लेकर चालान बुक से एक प्रति आपको उपलब्ध कराई जाती थी, इस प्रकार प्रकिया में देरी होने से कई प्रभावशाली लोगों से या नेताओं से फोन कराकर कुछ लोग बच जाते थे या कोई कारण बताने पर छोड़ दिया जाता था।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं। पहले दिन अंग्रेजी विषय का पेपर आयोजित किया गया। रायसेन जिले में इस परीक्षा में कुल 11,651 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा को नकलमुक्त कराने के लिए इस बार कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। परीक्षार्थियों को जूते और मोजे बाहर उतारकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। साथ ही प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष “ट्रैक ऐप” का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे थाने से लेकर परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्रों की लोकेशन पर नजर रखी गई। सुबह 8 बजे से ही छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों ने बोर्ड पर लगे परिचय पत्र से अपना अनुक्रमांक और रोल नंबर मिलाया। इसके बाद शिक्षकों द्वारा उनकी गहन तलाशी ली गई और बैग गेट पर ही जमा करवा लिए गए। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय आदर्श कन्या स्कूल परीक्षा केंद्र पर शाइनिंग पब्लिक स्कूल के परीक्षार्थी उत्साह के साथ पहुंचे। कई अभिभावक भी बच्चों को परीक्षा केंद्र तक छोड़ने आए। जिले के 82 में से 9 अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्थाजिले में कुल 82 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 9 को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। सभी केंद्रों पर मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। केवल कलेक्टर प्रतिनिधि को ही मोबाइल रखने की अनुमति दी गई है। नकल रोकने के लिए उड़नदस्ते और फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए ट्रैक ऐप के जरिए पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। इस ऐप से पुलिस थाने से प्रश्नपत्र निकलने, केंद्र पर बंडल खोलने, प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षा समाप्त होने के बाद बंडल सील करने और मूल्यांकन तक की जानकारी ऑनलाइन ट्रेस की जाएगी। उड़नदस्तों की भी ऐप से निगरानीसुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कलेक्टर प्रतिनिधि सुबह 6:30 बजे थाने पहुंचकर सेल्फी ऐप पर अपलोड करते हैं। उड़नदस्तों की निगरानी भी मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा रही है। परीक्षा कक्ष में छात्रों की संख्या के अनुसार ही प्रश्नपत्रों के बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं। यदि कोई छात्र अनुपस्थित रहता है या प्रश्नपत्र बच जाते हैं, तो उन्हें उसी कक्ष में सील कर सुरक्षित रखा जाता है।
14 वर्षीय किशोर जलाशय से लापता:NDRF और पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी
कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र के ग्राम भजिया में 14 वर्षीय किशोर कृष्ण कोल दो दिन से लापता है। उसकी तलाश में स्थानीय पुलिस के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम भी जुटी हुई है। जलाशय के किनारे किशोर की चप्पलें मिलने के बाद उसके डूबने की आशंका जताई जा रही है। घर से मछली पकड़ने गया था किशोर जानकारी के अनुसार, कृष्ण कोल, जो दुर्गा कोल के पुत्र हैं, 8 तारीख को पास के जलाशय में मछली पकड़ने के लिए घर से निकले थे। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजन उनकी तलाश में जुट गए। परिजन और पुलिस ने मिलकर शुरू की खोजबीन परिजनों ने पहले अपने स्तर पर गांव और आसपास के संभावित स्थानों पर किशोर की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने तत्काल बड़वारा पुलिस को सूचना दी। जलाशय किनारे मिली चप्पल, NDRF को बुलाया पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की, तो जलाशय के किनारे किशोर की चप्पलें मिलीं। इस खोज के बाद कृष्ण के जलाशय में डूबने की आशंका और बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत NDRF की टीम को बुलाया। NDRF ने शुरू की सघन तलाशी मंगलवार को NDRF के प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम ग्राम भजिया पहुंची। टीम ने नाव और आधुनिक उपकरणों की मदद से जलाशय में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी जारी, कोई सुराग नहीं घंटों की मशक्कत के बाद भी अब तक कृष्ण कोल का कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस और NDRF की टीमें जलाशय के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी खोज जारी रखे हुए हैं।
बिलासपुर में रविवार की रात बाइक सवार 2 युवक नाले में गिर गए। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई। जबकि दोस्त गंभीर रूप घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माना जा रहा है कि तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी, जिसके चलते ये हादसा हुआ। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। दरअसल, हेमू नगर बॉम्बे आवास निवासी राहुल यादव (26) और सुमित यादव (18) देर रात बाइक में सवार होकर घूमने निकले थे। इस दौरान दोनों युवक रात भर गायब रहे। जब रात में घर नहीं लौटे, तब सोमवार सुबह परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान दोनों युवक अपनी बाइक सहित हेमू नगर के पास सड़क किनारे बने नाले में गिरे बेहोश पड़े मिले। पुलिस ने एम्बुलेंस से पहुंचाया अस्पताल इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां जांच के बाद राहुल यादव को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल सुमित यादव को तत्काल भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, सुमित की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। अनियंत्रित बाइक के नाले में गिरने से हादसा फिलहाल, इस हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस को आशंका है कि तेज रफ्तार या किसी अन्य वाहन की टक्कर के चलते बाइक समेत युवक नाले में गिर गए होंगे। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही घायल युवक और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जा रही है।
दतिया में ट्रेन से कटे युवक की पहचान हुई:हरियाणा में नौकरी के लिए घर से निकला था मृतक
दतिया में बीते सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी से कटकर हुई अज्ञात युवक की मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार को मृतक की पहचान कर ली है। मृतक की शिनाख्त चुनगर फाटक निवासी 40 वर्षीय प्रदीप अहिरवार के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, प्रदीप हरियाणा में किसी निजी कंपनी में काम करने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान दतिया रेलवे स्टेशन के पास वह ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह हादसा प्रतीत हो रहा है। आशंका है कि स्टेशन परिसर में पटरी पार करते समय युवक ट्रेन की चपेट में आया होगा। घटना के बाद पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमार्टम कराया। मृतक के पास से मिले जूते, अन्य सामान और टूटे हुए मोबाइल फोन के सिम कार्ड के आधार पर पुलिस ने परिजनों तक संपर्क साधा। सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान की। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
धान खरीदी को लेकर आम आदमी पार्टी मंगलवार (10 फरवरी) को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। पार्टी का कहना है कि राज्य में लाखों किसान अब भी धान बेचने से वंचित हैं, इसलिए धान खरीदी की अंतिम तारीख 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए। आप नेताओं का आरोप है कि धान का भुगतान लेने के लिए किसान सहकारी बैंकों में सुबह 6 बजे से देर रात तक कड़ी धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं। इसके बावजूद बैंकों से एक बार में सिर्फ 25 हजार रुपए ही भुगतान किया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकार पर रकबा समर्पण का दबाव बनाने का आरोप पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार ने साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण करवाया। इसका नतीजा यह हुआ कि करीब 3 लाख किसान अब भी धान बेच नहीं पाए हैं। AAP का कहना है कि सरकार की नीयत शुरू से ही धान खरीदी की नहीं थी, इसलिए लगातार नए बहाने बनाए गए। खरीदी केंद्रों की लिमिट कम, किसान परेशान आम आदमी पार्टी का कहना है कि इस बार धान खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन की लिमिट कम कर दी गई, जिससे किसान सिर्फ टोकन लेकर लाइन में खड़े रहने को मजबूर हुए। टोकन जारी करने से पहले पटवारी, आरआई और तहसीलदारों की ओर से किसानों के घर जाकर भौतिक सत्यापन भी कराया गया। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या सरकार किसानों को संदेह की नजर से देख रही है? केंद्र की ट्रेड डील पर भी सवाल AAP ने केंद्र सरकार की अमेरिका के साथ नई ट्रेड डील को भी किसान विरोधी बताया। पार्टी का कहना है कि इस समझौते से अमेरिका के कृषि और डेयरी उत्पाद सस्ते दामों पर भारत में आएंगे, जिससे देश की कृषि व्यवस्था और किसानों को बड़ा नुकसान होगा। कर्ज में डूबे किसान, सरकार जिम्मेदार पार्टी का दावा है कि प्रदेश में करीब 3 लाख किसान अब भी धान नहीं बेच पाए हैं। ऐसे में जिन किसानों ने कर्ज लिया है, वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं। आम आदमी पार्टी ने धान खरीदी में अव्यवस्था के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। 28 फरवरी तक तारीख बढ़ाने की मांग AAP ने मांग की है कि जबरन रकबा समर्पण करवाने के मामले में सरकार किसानों से माफी मांगे, सभी किसानों के लिए बेहतर टोकन व्यवस्था लागू करे और जरूरत पड़ने पर सहकारी समितियों के जरिए सीधे धान खरीदी कराई जाए। पार्टी ने 6 फरवरी को खत्म हुई धान खरीदी की समय-सीमा को 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग दोहराते हुए कहा है कि किसानों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
जैसलमेर के चिकित्सा इतिहास में आजादी के बाद पहली बार जैसलमेर के सरकारी जवाहिर हॉस्पिटल में आंखों का अपना ऑपरेशन थियेटर (OT) शुरू किया गया है। इस शुरुआत में 17 साल की लड़की की फटी हुई आंख को जोड़कर डॉक्टरों ने उसकी दुनिया में फिर से उजाला भर दिया है। वह घर पर लकड़ी काट रही थी। इसी दौरान लकड़ी का एक तीखा टुकड़ा उछला और सीधे उसकी आँख में जा धंसा। चोट इतनी जबरदस्त थी कि उसकी आंख का काला हिस्सा (कॉर्निया) पूरी तरह फट गया। परिजन जब उसे लेकर जवाहिर हॉस्पिटल पहुंचे, तो लड़की दर्द से कराह रही थी और उसकी उस आंख से दिखना पूरी तरह बंद हो चुका था। कॉर्नियल रिपेयर ऑपरेशन पीएमओ डॉ. रवींद्र सांखला के कुशल निर्देशन में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव जोशी और उनकी टीम ने इस केस को हाथ में लिया। डॉ. जोशी ने बताया कि यह एक 'क्रिटिकल मेडिकल इमरजेंसी' थी। आंख के अंदरूनी हिस्सों में गहरा घर्षण था और भारी सूजन आ चुकी थी। जवाहिर हॉस्पिटल की नवनिर्मित अत्याधुनिक नेत्र यूनिट में ऑपरेशन किया गया। करीब एक घंटे तक चले इस सूक्ष्म ऑपरेशन में फटे हुए कॉर्निया को बेहद सावधानी से रिपेयर किया गया। ऑपरेशन के बाद धीरे-धीरे सूजन कम हुई और अब मरीज की आंखों की रोशनी वापस आने लगी है। सफल उपचार के बाद अब हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। पहली बार मिली यह सुविधा जैसलमेर के लोगों के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। सालों से जिले के लोग आंखों के छोटे-बड़े ऑपरेशन के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर थे। जैसे ही लोगों को पता चला कि जवाहिर हॉस्पिटल में अब आंखों के ऑपरेशन शुरू हो गए हैं, वहां ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लगने लगी हैं। पीएमओ डॉ सांखला ने बताया- “अब मोतियाबिंद से लेकर कॉर्निया रिपेयर जैसे जटिल ऑपरेशनों के लिए जैसलमेर के गरीब तबके को जोधपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इससे समय और पैसा दोनों बचेगा।” वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव जोशी बोले-“अस्पताल में नई मशीनों और आधुनिक ओटी की सुविधा मिलने से अब हम यहीं पर जटिल ऑपरेशन कर पा रहे हैं। रवीना का केस काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि देरी होने पर आँख में परमानेंट इन्फेक्शन फैल सकता था, जिससे रोशनी हमेशा के लिए जा सकती थी।” क्यों खास है जवाहिर हॉस्पिटल की नई नेत्र यूनिट? अत्याधुनिक मशीनें: हॉस्पिटल में अब वे तमाम मशीनें उपलब्ध हैं जो बड़े निजी अस्पतालों या महानगरों के सरकारी अस्पतालों में होती हैं। विशेषज्ञ टीम: डॉ. गौरव जोशी और उनकी टीम अब नियमित रूप से यहाँ जटिल सर्जरी कर रही है। मुफ्त इलाज: राज्य सरकार की योजनाओं के तहत ये तमाम महंगे ऑपरेशन यहाँ पूरी तरह निःशुल्क किए जा रहे हैं। समय पर इलाज है सबसे जरूरी डॉक्टरों का कहना है कि आंख में लकड़ी, लोहा या कांच लगने पर उसे कभी भी हाथ से न मलें। ऐसी स्थिति में 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती कुछ घंटे) बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। रवीना के परिजनों ने भी यही समझदारी दिखाई और सीधे जवाहिर हॉस्पिटल पहुंचे, जिससे उसकी आँखों की रोशनी बच सकी। जवाहिर हॉस्पिटल की इस उपलब्धि पर जैसलमेर के वासियों ने खुशी जाहिर की है और जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग का आभार जताया है। अब जैसलमेर के बुजुर्गों को मोतियाबिंद के लिए भी दूसरे शहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ता मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जाने के लिए निकले। गोंडा में 10 गाड़ियों से सामाजिक न्याय प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष आर्य हीरू के नेतृत्व में कार्यकर्ता रवाना हुए। उधर, लखनऊ में 15 गाड़ियां लेकर जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस के रोके जाने पर कार्यकर्ताओं ने हाथ में भगवा झंडा, कुल्हाड़ी और फावड़ा लेकर करीब 2 घंटे तक प्रदर्शन किया। अध्यक्ष गोपाल राय को पुलिस ने पहले ही हाउस अरेस्ट कर लिया है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण करा रहे हैं। शिलान्यास के दिन करीब 2 लाख लोग ईंट लेकर शामिल होने पहुंचे थे। इस पर हिंदूवादी संगठन ने मस्जिद को ढहाने का ऐलान किया था। संगठन के अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा था कि यूपी से कार्यकर्ता मुर्शिदाबाद जाएंगे और वहां बन रही मस्जिद को ढहाने का काम करेंगे। इस ऐलान से संबंधित होर्डिंग्स भी लखनऊ सहित कई जगहों पर लगाए गए थे। पहले देखें, 3 तस्वीरें… संगठन का दावा है कि अलग-अलग स्थानों से उनके कार्यकर्ता मुर्शिदाबाद पहुंच रहे हैं। कार्यकर्ता के हाथों में संगठन की पटिकाएं और भगवा झंडे हैं। गाड़ियों पर पश्चिम बंगाल सरकार विरोधी स्लोगन लिखे पोस्टर लगे हुए हैं। हुमायूं हम आएंगे बाबरी फिर से गिराएंगे…बटोगे तो कटोगे… जैसे स्लोगन लिखे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश आर्य हीरू ने कहा कि मुर्शिदाबाद के विधायक द्वारा मस्जिद निर्माण को लेकर किए गए कथित ऐलान के विरोध में वे अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर निकले हैं। यदि वहां मस्जिद बनाई जाती है, तो उसका नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम या शहीद वीर अब्दुल हमीद के नाम पर रखा जाना चाहिए। पूरे घटनाक्रम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जगह-जगह पुलिस वाले तैनात किए गए हैं। ………… ये खबर भी पढ़ें… मथुरा में परिवार के 5 लोगों की लाश मिली:पति-पत्नी, 3 बच्चे; रसोई की दीवार समेत 3 जगह सुसाइड नोट मिले मथुरा में एक परिवार के पांच लोगों की लाश कमरे में मिली है। मृतकों में पति, पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं। बेड पर मां, एक बेटी और एक बेटा मिले, जबकि दूसरी बेटी चारपाई पर थी। वहीं पति फर्श पर पड़ा मिला। फिलहाल, पुलिस की दो थ्योरी अब सामने आई है। पहली- पति, पत्नी और बच्चों ने दूध में जहर मिलाकर पीया। दूसरी- पति ने पहले पत्नी की हत्या की, फिर बच्चों की जान ली और बाद में करंट लगाकर खुद आत्महत्या कर ली।पढ़ें पूरी खबर…
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद नहीं जाने दिया गया। पुलिस ने संगठन के विशाल खंड-2, गोमती नगर स्थित कार्यालय पर उन्हें रोक लिया। संगठन पदाधिकारियों ने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। इसके पहले पदाधिकारी-कार्यकर्ता 15 कार के काफिले के साथ कार्यालय पर जुटे। हाथ में भगवा झंडा, कुल्हाड़ी और फावड़ा लेकर करीब 2 घंटे तक प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा- हम बाबर के नाम से मस्जिद का निर्माण नहीं होने देंगे। जब एक बार बाबरी मस्जिद का नाम मिट चुका है तो फिर क्यों उसे जिंदा करके पूरे भारत का माहौल खराब किया जा रहा है। बाबरी मस्जिद की एक भी ईंट नहीं रखने देंगे। जरूरत पड़ी तो मुर्शिदाबाद में कब्र खोदने का काम करेंगे। दरअसल, पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर ने 11 फरवरी को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू करने की बात की है। संगठन इसका विरोध कर रहा है। संठगन ने 11 फरवरी को मुर्शिदाबाद पहुंचकर इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। भगवा झंडा और फावड़ा लेकर पहुंचे कार्यकर्ता विश्व हिंदू रक्षा परिषद के पदाधिकारियों ने बताया की उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली से लगभग 15,000 सदस्य और पदाधिकारी पश्चिम बंगाल मुर्शिदाबाद के लिए निकल चुके हैं। सभी लोगों के हाथों में भगवा झंडा, फावड़ा और कुल्हाड़ी है। संदेश बिल्कुल साफ है कि बाबरी के नाम पर पश्चिम बंगाल समेत पूरे भारत में एक भी ईंट नहीं रखने देंगे। उत्तर प्रदेश के गोंडा, बहराइच, बाराबंकी और लखनऊ समेत अलग-अलग जनपदों से अलग-अलग टीम रवाना हो रही है। मुर्शिदाबाद में मस्जिद नहीं बनने देंगे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के संगठन मंत्री हिमांशु ने कहा कि हम लोग हाथों में फावड़ा, कुल्हाड़ी और भगवा झंडा लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बनने वाली बाबरी मस्जिद के निर्माण को रोकने जा रहे हैं। सैकड़ों मस्जिद बनाएं, हमें कोई आपत्ति नहीं है। बाबर के नाम पर हम एक भी मस्जिद नहीं बनने देंगे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम के नाम पर मस्जिद बनाई जाए, हमारा संगठन सहयोग करेगा। समर्थन देगा। हम खड़े होकर निर्माण करवाएंगे। उन्होंने कहा कि मस्जिद से कोई आपत्ति नहीं है, मगर बाबर नाम से आपत्ति है। बाबर का नाम लेकर देश में हिंदू-मुसलमान दंगा करवाने की कोशिश की जा रही है। वहां पर जो कहा जा रहा है कि मुस्लिम धर्म गुरु कुरान पढ़ेंगे वह धर्मगुरु हो ही नहीं सकते, क्योंकि मुस्लिम समुदाय भी यह नहीं चाहता कि हिंदू-मुसलमान दंगे हों। ऐसे लोगों को हम पाकिस्तान और जिहादी मानते हैं, जो धर्म के नाम पर बांटते हैं। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हमारे लोग जा रहे हैं। हम रुकने वाले नहीं हैं, अगर हुमायूं यह कहता है कि पश्चिम बंगाल अयोध्या नहीं है तो हम भी उसे बता देंगे कि यह पाकिस्तान भी नहीं है। मस्जिद किसी और के नाम पर बनेगी तो समर्थन करेंगे। बाबर के नाम पर दंगा नहीं होने देंगे। किसी भी हाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने देंगे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के उपाध्यक्ष मनीष राय ने कहा कि यूपी के अन्य जनपदों से हमारे पदाधिकारी और कार्यकर्ता निकल चुके हैं। लखनऊ में अभी हमें रोका गया है। हमारा संगठन किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ नहीं है, बल्कि उसके नाम के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस नाम का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। हम लोग किसी भी हाल में बाबरी का निर्माण नहीं होने देंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सियासी खेल खेलें मगर धर्म के नाम पर आग में ना झोंके। 8 फरवरी को लगाई गई थीं होर्डिंग्स विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ओर से 8 फरवरी को 1090 चौराहा से गोमती नगर के बीच 5 होर्डिंग्स लगाई गई थी। उन पर मुर्शिदाबाद में निर्माणाधीन बाबरी मस्जिद का उल्लेख किया गया था। एक ओर भगवान श्रीराम और विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय की तस्वीर लगी थी। दूसरी ओर ममता बनर्जी और विधायक हुमायूं कबीर की तस्वीर थी। हुमायूं को बाबर का गेटअप दिया गया था। उस पर लिखा था- हुमायूं हम आएंगे…बाबरी फिर से गिराएंगे। बंटोगे तो कटोगे। हिंदुओं की विरोधी सरकार में, इस बार होगा मुर्शिदाबाद में नई बाबरी पर आरपार। होर्डिंग से 10 फरवरी को मुर्शिदाबाद चलने की अपील भी की गई थी। प्रशासन अलर्ट, हालात पर नजर होर्डिंग लगने के बाद से ही पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया था। संगठन के कार्यालय के आसपास पुलिस नजर रख रही है। एलआईयू को भी सक्रिय किया गया है। अब पढ़िए मुर्शिदाबाद बाबरी मस्जिद विवाद… पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में TMC से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी थी। इस दौरान नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर के नारे लगे थे। कार्यक्रम में 2 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी थी। हुमायूं कबीर ने 25 नवंबर को कहा था कि वे 6 दिसंबर को अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के 33 साल पूरे होने पर बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखेंगे। TMC ने 4 दिसंबर को हुमायूं कबीर को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। अब पढ़िए मुर्शिदाबाद बाबरी मस्जिद विवाद की टाइमलाइन… 28 नवंबर: मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में कई जगहों पर बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के पोस्टर नजर आए। लिखा था- 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास समारोह होगा। पोस्टर पर हुमायूं कबीर को आयोजनकर्ता बताया गया था। इसके बाद विवाद बढ़ गया था। बीजेपी ने इसका विरोध किया, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसका समर्थन किया। 3 दिसंबर: TMC ने मामले से खुद को अलग किया। बयान में कहा कि- कबीर की इस घोषणा से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। एक और पार्टी नेता ने कहा- हुमायूं कबीर ने यह विवाद इसलिए खड़ा किया है ताकि उन्हें रेठनगर सीट से विधानसभा चुनाव में टिकट मिल सके। हुमायूं वर्तमान में मुर्शिदाबाद की भरतपुर सीट से विधायक हैं। 4 दिसंबर: मामला बढ़ता देखा TMC ने विधायक हुमायूं कबीर को सस्पेंड कर दिया। कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम ने कहा- पार्टी सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं करती। पार्टी एक्शन पर हुमायूं ने कहा- मैं अपने बाबरी मस्जिद वाले बयान पर कायम हूं। 22 दिसंबर को अपनी नई पार्टी की भी घोषणा करूंगा। विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारूंगा। मैं उन दोनों (TMC और भाजपा) के खिलाफ चुनाव लड़ूंगा। हुमायूं ने कहा था- 100 मुसलमान शहीद होंगे तो वे 500 को ले जाएंगे मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद बनाने को लेकर मीडिया से बात करते हुए 28 नवंबर 2025 को हुमायूं कबीर ने एक और विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘जो कोई उन्हें रोकने की कोशिश करेगा, उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। अगर 100 मुसलमान शहीद होंगे तो वे अपने साथ 500 लोगों को ले जाएंगे।‘ हुमायूं कबीर पहले भी विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान के समय मुर्शिदाबाद के शक्तिपुर में हुमायूं कबीर ने एक जनसभा में कहा, ‘मैं राजनीति छोड़ दूंगा अगर दो घंटे में तुम्हें (हिंदुओं को) भागीरथी नदी में डुबो न दिया। तुम 30% हो, हम 70% (मुस्लिम) हैं। मैं तुम्हें शक्तिपुर में रहने नहीं दूंगा।‘ इस बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था। वहीं TMC ने इस बयान से दूरी बना ली थी। मस्जिद को लेकर विवाद साल भर पुराना पूरा विवाद नवंबर 2024 में शुरू हुआ। तब TMC विधायक हुमायूं कबीर ने अयोध्या वाली बाबरी मस्जिद की छोटी प्रतिकृति बनाने की बात कही थी। जब बाबरी नाम के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया, तब उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद मुसलमानों के लिए भावनात्मक मुद्दा है। इसके बाद दिसंबर 2024 में ही BJP ने मुर्शिदाबाद में राम मंदिर बनाने की बात कही। हालांकि तब भी BJP नेता शंकर घोष का कहना था कि राम मंदिर को मस्जिद के जवाब के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मंदिर संस्कृति का हिस्सा है, जबकि बाबरी मस्जिद का एक खराब इतिहास है, ये बंगाल में कैसे बन सकती है।
कलेक्टर ने किया निरीक्षण:सार्वजनिक मार्गों और संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश
प्रतापगढ़ कलेक्टर अंजलि राजोरिया ने कानून-व्यवस्था और संपत्ति विवादों के मद्देनजर देर रात औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शहर में अवैध कब्जों और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मंदसौर रोड पर पहुंचीं। यहां उन्होंने बोहरा समुदाय के एक बुजुर्ग दंपति की दुकानों पर किए गए अवैध कब्जों और निगरानी के नाम पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को तत्काल हटवाया। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में जहां-जहां भी लोगों की जमीनों पर अन्य व्यक्तियों या माफिया तत्वों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजोरिया ने जीरो माइल क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानों के बाहर अवैध रूप से निकाले गए छपरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक मार्गों और दुकानों के सामने अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे यातायात और आमजन को परेशानी होती है। अवैध कब्जों को खाली करवाने को कहा निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर अंजलि राजोरिया ने एसडीएम अश्विन मालू को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोहरा समुदाय के बुजुर्ग दंपति की दुकानों पर किए गए अवैध कब्जों को शीघ्र खाली कराया जाए और बिना अनुमति लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को हटाया जाए, ताकि किसी प्रकार का दबाव या भय का माहौल न बने।
अलवर में 55 साल के टेलर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जो पहले से पैरालिसिस का शिकार थे। इसके बावजूद कपड़े सिलाई का काम कर रहे थे। अब अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया। घटना NEB थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की है। जानकारी के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड निवासी संजय कोली पिछले करीब तीन सालों से पैरालिसिस की बीमारी से पीड़ित थे, जिसके चलते उनका नियमित उपचार चल रहा था। सोमवार को अचानक घर पर गिर जाने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। बीपी ज्यादा रहता था परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई देवेंद्र कुमार ने बताया- भाई संजय का बीपी कई साल से ज्यादा रहता था। फिर पैरालिसिस होने से परेशान हो गए थे। अब अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। चलने-फिरने में असमर्थ थे परिजनों ने बताया कि संजय कोली पिछले एक साल से अधिक समय से गंभीर रूप से बीमार थे। चलने-फिरने में असमर्थ थे। बीमारी के बावजूद वे परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सिलाई का काम कर रहे थे। संजय कोली के तीन बच्चे हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गुना में कैंट थाना इलाके में महू खान गांव के पास जली हुई अवस्था में मिले युवक की मौत हो गई। उसे ग्वालियर रेफर किया गया था। परिवार के लोग उसे ग्वालियर ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में युवक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। बता दें कि सेमरा गांव का रहने वाला विकास पुत्र मनोज रघुवंशी वर्तमान में गुना शहर की साईं सिटी कॉलोनी में रहता था। सोमवार सुबह लगभग 8 बजे वह घर से कटिंग कराने जाने का बोलकर अपनी बाइक से निकला था। पैसे और सामान पास में पड़े मिलेसुबह लगभग 9 बजे के आसपास मावन से महू खाने जाने वाले रास्ते पर सड़क किनारे ग्रामीणों ने एक युवक को जली हुई अवस्था में देखा। उसकी बाइक सड़क किनारे ही खड़ी हुई थी। तब तक युवक बात कर रहा था। उसने अपना नाम विकास बताया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची कैंट पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। युवक की बाइक सड़क किनारे खड़ी हुई थी। वहीं जिस जगह वो जली हुई अवस्था में मिला, उसके पास ही पैसे भी अलग रखे हुए थे। उसकी जेब में जो सामान था, वो भी किनारे पर रखा हुआ था। पैसे और उस सामान में आग नहीं लगी थी। हालांकि, इस घटना में उसका मोबाइल पूरी तरह जल गया है। 90 फीसदी जलाजिला अस्पताल में उसका इलाज शुरू किया गया। युवक 90% से ज्यादा झुलस गया था। सोमवार रात डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। परिवार वाले उसे लेकर ग्वालियर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। परिवार वाले उसे वापस लेकर जिला अस्पताल आए। यहां मंगलवार सुबह शव का पोस्टमार्टम किया गया। पीएम के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया है। कैंट थाना प्रभारी TI अनूप भार्गव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। वह बेसुध था, इसलिए उसके बयान नहीं हो पाए हैं।
धनबाद के नावाडीह में बिरसा मुंडा पार्क के समीप महाकेश्वर कॉम्पलेक्स स्थित किडनी केयर क्लिनिक के संचालक डॉ. मिहिर कुमार को पत्र के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी भरा यह पत्र क्लिनिक की आईसीयू के बाहर चिपका हुआ मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना 9 फरवरी की रात की बताई जा रही है। डॉ. मिहिर ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि क्लिनिक के कर्मी असलम ने सबसे पहले आईसीयू के बाहर चिपका हुआ पत्र देखा। इसके बाद उसने पत्र की तस्वीर लेकर व्हाट्सऐप के जरिए डॉ. मिहिर को भेजी। सूचना मिलते ही डॉ. मिहिर तत्काल क्लिनिक पहुंचे, जहां उन्होंने खुद आईसीयू के बाहर वह धमकी भरा पत्र चिपका हुआ पाया। पत्र में हत्या की खुली धमकी, पुलिस अधिकारियों का भी जिक्र डॉ. मिहिर के अनुसार, पत्र में बेहद गंभीर और डराने वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया है। पत्र में लिखा गया है—“डॉक्टर, तुम्हारी किस्मत अच्छी है। उस दिन ग्रुप में होने की वजह से बच गए, नहीं तो गोली मार देता। जिस तरह नीरज की हत्या हुई है, उसी तरह मारूंगा। इसे हल्के में मत लेना। जितना जीना है, जी लो, 4 तारीख को मार दूंगा। एसपी या डीएसपी के पास जाओ, तुम्हें मरना पड़ेगा।” पत्र के नीचे अंग्रेजी में “kill” शब्द भी लिखा हुआ है। इस धमकी भरे पत्र को देखकर क्लिनिक कर्मियों में दहशत का माहौल है। डॉ. मिहिर का कहना है कि पत्र की भाषा से साफ है कि भेजने वाला व्यक्ति आपराधिक प्रवृत्ति का है। पूरी योजना के तहत डराने की कोशिश कर रहा है। दर्ज कराई गई एफआईआर, सुरक्षा की मांग डॉ. मिहिर कुमार ने धनबाद थाने में लिखित शिकायत देकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह धमकी रंगदारी वसूली के उद्देश्य से दी गई हो सकती है। साथ ही उन्होंने पुलिस से अपने और क्लिनिक के कर्मचारियों की जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पत्र चिपकाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग ने साल 2026 की जिला एकेडमिक रैंकिंग जारी कर दी है। इस लिस्ट में झुंझुनूं को पहला स्थान मिला है। वहीं हनुमानगढ़ को दूसरा, चूरू को तीसरा और सीकर को चौथा स्थान मिला है। विभाग ने 100 में से जिलों को नंबर दिए थे। चौंकाने वाली बात ये है कि सबसे पहले नंबर पर आए झुंझुनूं को 100 में से 34 मार्क्स मिले हैं। ये नंबर ग्राउंड मॉनिटरिंग, हाजिरी और गवर्नेंस के आधार पर दी गई है। बांसवाड़ा और जैसलमेर जैसे जिले रैंकिंग में सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रहे हैं। जनवरी 2026 की रैंकिंग: कम मार्क्स के पीछे सख्त मूल्यांकन जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मील बताया कि विभाग ने इस साल Learning Outcomes (सीखने के प्रतिफल) को निर्णायक महत्व दिया है। रैंकिंग कम होने के पीछे मुख्य रूप से सख्त मूल्यांकन मानक माने जा रहे हैं। DEO मील ने बताया और अधिक बेहतर करने की गुंजाइश है। नंबर तो कम ही है, इस बार और बेहतर करेंगे। हम पूरे राजस्थान में अव्वल है। इस आधार पर हुई रैंकिंग डेटा-आधारित समीक्षा से सुधरेगी सूरत शिक्षा विभाग अब इसे एक 'वेक-अप कॉल' की तरह देख रहा है। विभाग के अनुसार, हर महीने होने वाली इस रैंकिंग का उद्देश्य जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करना है। सीएसई सचिव की अध्यक्षता में होने वाली नियमित बैठकों में अब उन कमजोर कड़ियों की पहचान की जाएगी, जिनके कारण स्कोर इतना कम रहा है।
लखनऊ में पुलिस और पल्लवी पटेल के बीच आज झड़प हो गई। पल्लवी UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में सैकड़ों लोगों के साथ पैदल मार्च निकाल रही थीं। उनके साथ सैकड़ों महिलाएं इस मार्च में शामिल थीं। महिलाओं संग वह IT चौराहे से निकलीं और यहां से विधानसभा तक जाना था। मार्च जब रिजर्व पुलिस लाइन के पास से गुजरने लगा तो पुलिस ने पल्लवी पटेल को रोक दिया। वहां बड़ी-बड़ी कंटीली बैरिकेडिंग की गई थी। पल्लवी ने इस पर चढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने रोका। इस दौरान पुलिस और पल्लवी के बीच झड़प हो गई। झड़प के बाद वह सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। पुलिस काफी देर तक समझाती रही लेकिन पल्लवी वहां से हटने को तैयार नहीं हुईं। करीब 15 मिनट की मान-मनौव्वल के बाद पुलिस ने एक-एक सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान सबको गाड़ियों में बैठा दिया गया, लेकिन पल्लवी सड़क पर लेट गईं। उन्हें पुलिस की गाड़ी तक ले जाने में मशक्कत करनी पड़ी। वह गाड़ी तक तो किसी तरह पहुंचीं, लेकिन गाड़ी के गेट पर अड़ गईं। महिला पुलिसकर्मी ने उनको हाथ और पीठ के सहारे अंदर करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं जा रही थीं। इसके बाद उनके बाल पकड़कर गाड़ी के अंदर डाल दिया। 5 तस्वीरें देखिए… पल्लवी का कहना है कि UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को टालना आरक्षित और वंचित वर्गों के अधिकारों के साथ सीधा अन्याय है। पल्लवी पटेल अपना दल (कमेरावादी) अध्यक्ष हैं। वर्तमान में इनका सपा के साथ गठबंधन है। पल्लवी कौशाम्बी की सिराथू विधानसभा सीट से विधायक हैं। प्रदर्शन और मार्च के पल-पल अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग पढ़िए…
बजट सत्र में आने वाले विधेयकों को मिलेगी मंजूरी:तीसरे अनुपूरक बजट को स्वीकृति देगी मोहन कैबिनेट
मोहन कैबिनेट की बैठक आज मंत्रालय में हो रही है। इस बैठक में 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों को मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही बजट सत्र में पेश होने वाले तीसरे अनुपूरक बजट को भी इसमें मंजूरी मिलेगी। बैठक में आबकारी नीति 2026-27 को भी मंजूरी दी जा सकती है। सरकार शराब से राजस्व बढ़ाने के फैसले पर निर्णय ले सकती है। साथ ही सोयाबीन की खरीदी के लिए समर्थन मूल्य तय कर किसानों से खरीदी करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट बैठक में आ सकता है। बैठक से पहले, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 7 फरवरी से शुरू हो गया है, जो 7 मार्च तक चलेगा। इसके लिए प्रदेशभर में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष की तुलना में 160 रुपए अधिक रखा गया है। 'शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हुई' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश को सकारात्मक परिणाम मिले हैं। मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के तहत उपचार उपलब्ध कराने में मध्य प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है। 'विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास के साथ मनाएं' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास और उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके तुरंत बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान शुरू किया जाएगा, जो तीन महीने तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में अभियान की गतिविधियों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम के बाद कैबिनेट के समक्ष हुआ बजट का प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समक्ष आज को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया गया। मंत्रालय में हुई बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी और वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बजट प्रस्तावों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहतर बताते हुए कहा कि प्रस्तावों में सभी क्षेत्रों और वर्गों के विकास तथा कल्याण का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट प्रस्तावों के संबंध में उप मुख्यमंत्री देवड़ा के दृष्टिकोण तथा प्रस्ताव तैयार करने में विभागीय अधिकारियों- कर्मचारियों द्वारा किए गए परिश्रम की सराहना की। इसके बाद मंत्रि परिषद के समक्ष बजट प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण हुआ। मंत्रि परिषद द्वारा अनुमोदित बजट 18 फरवरी को विधानसभा में उप मुख्यंमत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। बालाघाट में होगी अगली कैबिनेट बैठक मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि चर्चा हुई है कि अगली कृषि कैबिनेट बालाघाट में होगी। मध्य प्रदेश में कुल 24 चीते हो चुके हैं। प्रदेश में वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी बनाए जा रहे हैं। 2585 रुपए क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए गेहूं की खरीद के लिए समर्थन मूल्य तय है।
बीएसयूपी खलबाड़ा इलाके में लगातार खराब सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। नगर निगम जोन-9 के जोन कमिश्नर अंशुल शर्मा सीनियर ने सफाई ठेकेदार मेसर्स आदित्य इंटरप्राइजेज का ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर की गई। जोन-9 स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बीएसयूपी खलबाड़ा में सफाई व्यवस्था लंबे समय से खराब थी। इसको लेकर ठेकेदार को 18 जुलाई, 29 जुलाई, 2 सितंबर और 30 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। ठेका अवधि 16 जनवरी 2025 से 15 जनवरी 2026 तक थी, जिसे नियमों के तहत 3 महीने बढ़ाने का प्रस्ताव था, लेकिन ठेकेदार ने सहमति पत्र नहीं दिया और काम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई। विधायक प्रतिनिधि और पार्षद ने जताई नाराजगी रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू के निर्देश पर विधायक प्रतिनिधि मैकमिलन साहू और वार्ड पार्षद सावित्री धीवर ने जोन कमिश्नर अंशुल शर्मा के साथ बीएसयूपी खलबाड़ा का निरीक्षण किया। मौके पर गंदगी और अव्यवस्था देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। सीवर लाइन मरम्मत में देरी पर जुर्माना निरीक्षण के दौरान सीवर लाइन मरम्मत कार्य में हो रही अनावश्यक देरी को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। विधायक प्रतिनिधि और पार्षद ने संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई करने को कहा, ताकि काम में तेजी लाई जा सके। नगर निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि खलबाड़ा इलाके में जल्द ही नई व्यवस्था के तहत सफाई कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि लोगों को गंदगी और स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिल सके।
झज्जर जिले के सरकारी स्कूल के छात्र छात्राओं के लिए बुनियाद के माध्यम से प्रतिभा खोज परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा 2026-28 लेवल वन कल 11 फरवरी को आयोजित होगी। जिसको लेकर ऑनलाइन एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए गए हैं। वहीं परीक्षा के लिए जिले के 1481 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराए हुए हैं। जिनमें से 1028 बच्चों ने परीक्षा के लिए अपने एडमिट कार्ड निकलवाए हैं। 11 फरवरी को सुपर हरियाणा 100 में आने के लिए परीक्षा का आयोजन होगा। झज्जर जिले में बुनियाद परीक्षा के लिए 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को लेकर जिले के बहादुरगढ़, मातनहेल, झज्जर, बेरी, साल्हावास, इन सभी ब्लॉक से परीक्षा को लेकर छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। 2022 में शुरू हुई थी परीक्षा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षिक नींव को मजबूत करने की दिशा में झज्जर जिले में ‘मिशन बुनियाद’ एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रही है। हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 2022 में विकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोग से शुरू की गई योजना जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर प्रदान करने का कार्य कर रही है। करीब 1481 बच्चों का रजिस्ट्रेशन झज्जर जिले में करीब 1481 छात्र छात्राओं ने बुनियाद लेवल की परीक्षा को लेकर रजिस्ट्रेशन कराए हैं। वहीं परीक्षा को लेकर झज्जर जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को कहा कि जितने भी बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, उनके एडमिट कार्ड निकलवाकर परीक्षा दिलाए, ताकि बच्चों को बुनियाद के तहत आगे बढ़ने के लिए मौका मिल सके। एडमिट कार्ड के लिए अंतिम तिथि आज झज्जर जिले के छात्र छात्राओं द्वारा बुनियाद परीक्षा को लेकर कराए गए रजिस्ट्रेशन के एडमिट कार्ड निकलवाने की आज 10 फरवरी अंतिम तिथि है। वहीं अब तक जिले के बहादुरगढ़ ब्लॉक से 673 में से 406, झज्जर से 271 में से 224, मातनहेल ब्लॉक से 248 में से 193, साल्हावास ब्लॉक से 100 में से 88 और बेरी ब्लॉक से 189 में से 117 छात्र परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड निकलवा चुके हैं।
करौली में 145 हेड कॉन्स्टेबलों का तबादला:एसपी ने जारी की ट्रांसफर लिस्ट, फील्ड पोस्टिंग पर जोर
करौली जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एसपी लोकेश सोनवाल ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। उन्होंने 145 हेड कॉन्स्टेबलों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस कदम से पुलिस महकमे में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। एसपी सोनवाल जिले में फील्ड पुलिसिंग को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। इन तबादला आदेशों के बाद कई थानों और पुलिस चौकियों के समीकरण बदल गए हैं। यह पिछले 48 घंटों में दूसरा बड़ा फेरबदल है। इससे पहले एसपी सोनवाल ने 104 नवपदोन्नत सहायक उप निरीक्षकों (ASI) की तैनाती के आदेश जारी किए थे। अब 145 हेड कॉन्स्टेबलों के स्थानांतरण से पुलिस व्यवस्था का व्यापक पुनर्गठन हो रहा है।जारी तबादला सूची की एक खास बात यह है कि इसमें नवपदोन्नत हेड कॉन्स्टेबलों को प्राथमिकता दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को कार्यालयों से हटाकर सीधे थानों और चौकियों में फील्ड पोस्टिंग दी गई है। माना जा रहा है कि इससे बीट सिस्टम मजबूत होगा और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी स्थानांतरित किया गया है। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। यह फेरबदल जिले में पुलिस व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।एसपी सोनवाल ने सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। जिले में चल रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत अपराधियों पर नकेल कसने के लिए इस तबादले को एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
देश की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने भले ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में पहली बार मुनाफा कमाया हो, लेकिन मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां अब भी भारी कर्ज के बोझ तले दबी हुई हैं। केंद्र सरकार के अनुसार मध्य प्रदेश की डिस्कॉम पर 31 मार्च 2025 तक 49,239 करोड़ रुपए का कर्ज है, जबकि राज्य में 71,394 करोड़ रुपए का संचयी घाटा दर्ज किया गया है।यह जानकारी बिजली राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी। एमपी की देनदारी ‘अस्थिर’ राज्यों में शामिल केंद्र सरकार ने बताया कि जिन छह राज्यों की डिस्कॉम देनदारी को नियामक द्वारा ‘अस्थिर’ माना गया है, उनमें मध्य प्रदेश भी शामिल है। छह राज्यों (उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु) पर देश के कुल डिस्कॉम कर्ज का 66 प्रतिशत हिस्सा है। इन राज्यों की कुल अस्थिर देनदारी करीब 2.74 ट्रिलियन रुप, बताई गई है। तीनों वितरण कंपनियों पर भारी बोझ सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है देश स्तर पर मुनाफा, एमपी में सुधार की चुनौती राष्ट्रीय स्तर पर डिस्कॉम ने वर्ष 2025 में 2,701 करोड़ रुपए का कर पश्चात मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पुराने घाटे और कर्ज की भरपाई अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सुधार योजनाओं से उम्मीद केंद्र सरकार ने बताया कि डिस्कॉम की वित्तीय हालत सुधारने के लिए संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) लागू की गई है, जिसमें फंडिंग को राज्यों के प्रदर्शन से जोड़ा गया है। साथ ही राज्यों को GSDP के 0.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त उधारी की अनुमति भी दी गई है, बशर्ते बिजली क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार किए जाएं। सरकार का कहना है कि तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान में कमी आई है, लेकिन मध्य प्रदेश में बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। सबसे ज्यादा हानि (संचयी घाटा) वाले राज्य डिस्कॉम पर सबसे ज्यादा कर्ज वाले टॉप–5 राज्य अब जानिए संचयी घाटा क्या होता है? संचयी घाटा का मतलब है बिजली कंपनियों को हर साल जो नुकसान होता गया, वह जुड़ता चला गया और सालों बाद एक बड़ी रकम बन गया। उदाहरण के तौर पर अगर किसी कंपनी को एक साल 5 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। अगले साल 7 हजार करोड़ का और फिर 10 हजार करोड़ का तो यह सभी नुकसान मिलकर जो कुल रकम बनती है, वही संचयी घाटा कहलाती है। यानी आज अगर मुनाफा भी हो जाए, तो पुराने घाटे अपने-आप खत्म नहीं होते।
नागौर सांसद एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने कहा- स्वास्थ्य बीमा कोई लग्जरी सुविधा नहीं बल्कि आम आदमी की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी हटने का सीधा लाभ जनता को मिलने के बजाय कंपनियों के कॉर्पोरेट मुनाफे में तब्दील हो गया है। बेनीवाल के अनुसार, बेस प्रीमियम में की गई बढ़ोतरी जनता के साथ सीधा धोखा है और सरकार इस हकीकत को स्वीकार नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की कि आईआरडीएआई को सिर्फ कागजी पुष्टि के बजाय जमीनी स्तर पर बीमा कंपनियों की मनमर्जी पर सख्त लगाम लगानी चाहिए, ताकि मध्यम वर्ग की कमर न टूटे। बीमा कंपनियों की मनमानी पर सवाल लोकसभा में भी सांसद हनुमान बेनीवाल ने जनहित का एक बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि जीएसटी सुधारों के तहत व्यक्तिगत जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स घटाकर शून्य करने के बावजूद राजस्थान सहित कई राज्यों में बीमा कंपनियों ने मूल प्रीमियम को 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। बेनीवाल ने सदन में सवाल उठाया कि जब सरकार ने टैक्स में राहत दी है, तो कंपनियां बेस प्रीमियम बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका क्यों डाल रही हैं? उन्होंने सरकार से इस मनमानी को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना की मांग की। वित्त मंत्रालय के जवाब पर सांसद का ऐतराज सांसद के सवाल पर जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) नियमित रूप से प्रीमियम दरों की निगरानी कर रहा है। मंत्री ने सदन को सूचित किया कि जनवरी 2026 में सभी बीमा कंपनियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने जीएसटी राहत के बाद प्रीमियम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है और सरकारी राहत का पूरा लाभ सीधे पॉलिसीधारकों को दिया गया है। हालांकि, सांसद बेनीवाल ने सरकार के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। बेनीवाल ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान बेनीवाल ने राजस्थान में हवाई क्षेत्र से जुड़े विभिन्न बुनियादी विषयों पर चर्चा की। सांसद ने मंत्री का ध्यान प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डों जैसे जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और किशनगढ़ में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की ओर आकर्षित कराया। उन्होंने नागौर हवाई अड्डे के विस्तार की मांग मजबूती से रखते हुए डीडवाना में भी नई हवाई पट्टी विकसित करने का प्रस्ताव रखा। बेनीवाल ने कहा कि जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और किशनगढ़ से घरेलू उड़ानों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए ताकि आमजन को सुगम परिवहन मिल सके।
सागर में कटरबाज और चाकूबाजों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रूख पहनाया है। मोतीनगर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीन के कब्जे से चाकू जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को पुलिस जुलूस के रूप में न्यायालय लेकर पहुंची। पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर सोमवार को थाना क्षेत्र के धर्मपुरा मरघटा, काकागंज और महलवार मंदिर रोड पर दबिश देकर कार्रवाई की गई। आरोपियों पर आर्म्स एक्ट में केस दर्जकार्रवाई में अवैध धारदार खटकेदार चाकू समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेन्द्र पिता मोहन कोरी उम्र 20 वर्ष निवासी बल्लभगनगर वार्ड, सुब्बी उर्फ शुभम पिता रज्जन अहिरवार उम्र 28 वर्ष निवासी संतरविदास वार्ड, पप्पू पिता लक्ष्मन अहिरवार उम्र 32 वर्ष निवासी भगवानगंज शामिल है। आरोपियों के कब्जे से एक-एक लोहे का धारदार खटकेदार चाकू जब्त किया गया है। आरोपियों को पकड़कर थाने लाया गया। जहां आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया है। 3 के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई इसके साथ ही संज्ञेय अपराध करने की फिराक में घूम रहे 3 असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की गई। घेराबंदी कर गजेन्द्र पिता चुन्नीलाल पटैल उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम भैंसा, नीतेश पिता मगनलाल कोरी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम भैंसा, मनीष पिता जालम जाटव उम्र 23 वर्ष निवासी बल्लभगनगर वार्ड को गिरफ्तार किया गया। तीनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि कानून व्यवस्था को ध्यान रखते हुए अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 6 बदमाशों को पकड़ा है। तीन के पास से चाकू जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी सुरेंद्र कोरी पर 2, सुब्बी उर्फ शुभम पर 5 अपराध पूर्व से दर्ज हैं। आरोपी मनीष जाटव भी आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
धारदार हथियारों के साथ 3 युवक गिरफ्तार:आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज, हनुमानगढ़ पुलिस की कार्रवाई
हनुमानगढ़ पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से तीन युवकों को धारदार हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पहली गिरफ्तारी संगरिया थाना क्षेत्र में हुई। मंगल विहार कॉलोनी के गेट के पास गश्त के दौरान पुलिस ने परमजीत सिंह उर्फ गगन (29) निवासी वार्ड नंबर 12, ढाबा को संदिग्ध अवस्था में घूमते देखा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक धारदार हथियार बरामद हुआ, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसी क्रम में, संगरिया क्षेत्र में ही दूसरी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मंगल विहार कॉलोनी के नजदीक आम सड़क से कुलविंदर (31) निवासी रतनपुरा, संगरिया को भी पकड़ा। उसके पास से भी एक धारदार हथियार मिला। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी सार्वजनिक स्थान पर हथियार लेकर घूम रहे थे, जिससे आमजन में भय का माहौल बन सकता था। तीसरी गिरफ्तारी रावतसर क्षेत्र में की गई। टोपरिया से गोकुलपुरा रोड पर गश्त के दौरान पुलिस ने पवन उर्फ मोहनलाल (41) निवासी वार्ड नंबर 2, ढंढेला को रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक धारदार हथियार बरामद हुआ, जिसके बाद उसे आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सभी गिरफ्तार आरोपियों से हथियार रखने के उद्देश्य को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि किसी आपराधिक मंशा या नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

