अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट का फैसला : जस्टिस काटजू ने उठाए सवाल
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने साक्ष्य, जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर उठाए सवाल
59 साल के सोनम वांगचुक 17 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। सिर्फ नमक का पानी ले रहे हैं। 8.5 किलो वजन गिर चुका है। उनके पीछे बैनर कॉकरोच जनता पार्टी का है, जिसकी मांग है- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा- सरकार बात तक करने को तैयार नहीं, मरने के लिए छोड़ दिया है। कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक क्यों आमरण अनशन पर, क्या खुद अनशन तोड़ देंगे या सरकार तुड़वा देगी, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…सवाल-1: सोनम वांगचुक CJP के समर्थन में अनशन पर क्यों बैठे? जवाब: कॉकरोच जनता पार्टी के मुखिया अभिजीत दीपके ने 6 जून को जंतर-मंतर पर पहली बार प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया। 2 जून को X पर वीडियो जारी करके सोनम वांगचुक ने भी समर्थन दिया, 'मैं CJP के आंदोलन से जुड़ने आ रहा हूं। CJP वाले देशप्रेमी हैं, आपको भी उनके साथ जुड़ना चाहिए।’ 6 जून को कंधे पर एक झोला टांगे और हाथों में गुलाब लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। इस प्रोटेस्ट पर सरकार ने कोई बयान तक नहीं दिया। फिर 20 जून को CJP ने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रोटेस्ट शुरू किया। सोनम ने भी केंद्र सरकार से 2 मांगें रखीं- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग। सोनम ने कहा कि इन दोनों मांगों पर 27 जून तक सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे। फिर अनशन शुरू करेंगे और अगर एक भी मांग पूरी हुई, तो अनशन वापस भी ले लेंगे। सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो रविवार, 28 जून को सोनम CJP के प्रोटेस्ट में शामिल हो गए। वामपंथी स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑल इंडियन स्टूडेंट्स एसोसिएशन, यानी AISA के 6 मेंबर्स के साथ भूख हड़ताल शुरू कर दी। सोनम ने कहा, 'मैं मजबूर हूं, खुशी से यहां नहीं आया हूं। दोनों मुद्दों के समर्थन में अनशन पर बैठा हूं। लोग मुझसे पूछते हैं, 'आप लद्दाख में आंदोलन कर रहे थे, अब आप CJP के साथ क्यों हैं?' एजुकेशन, जो यहां का मुद्दा है, पिछले 40 सालों से मेरे दिल के बहुत करीब रहा है, जब मैं स्टूडेंट था तब से। जब कुछ युवा एजुकेशन सिस्टम की दिक्कतों पर आवाज उठा रहे हैं, तो मैं चुप कैसे रह सकता था?' हालांकि 13 जून को सोनम ने पत्रकारों से कहा कि अभी वह शिक्षा के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर मौजूद हैं। लद्दाख के मुद्दे पर सरकार से बातचीत जारी है, कुछ सहमति भी बनी है, लेकिन जमीन पर उतरना बाकी है। सरकार चाहे तो मानसून सत्र में ही इसका समाधान कर सकती है। सवाल-2: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मामले पर सरकार का क्या रुख है? जवाब: CJP की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। मई में NEET पेपर लीक के बाद एग्जाम रद्द करना पड़ा था। देश भर में 14 से ज्यादा NEET की तैयारी करने वाले बच्चों ने सुसाइड कर लिया। इसकी नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के आसार नहीं दिख रहे हैं… हालांकि सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल होने वाला है। इसमें धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी लेकर कोई और मंत्रालय या बीजेपी संगठन में कोई जिम्मेदारी दी जा सकती है। सवाल-3: अगर सोनम ने अनशन नहीं तोड़ा, तो आगे क्या होगा? जवाब: कोई व्यक्ति 3 मिनट बिना ऑक्सीजन, 3 दिन बिना पानी और 3 हफ्ते बिना खाए रह सकता है। इसे सर्वाइवल का ‘रूल ऑफ थ्री’ कहते हैं। हालांकि इंसान बिना खाने के कितने दिन जिंदा रह सकता है, ये शरीर की संरचना, अनशन के दौरान हाइड्रेशन और शारीरिक बीमारी जैसी चीजों पर निर्भर करता है। डॉक्टर्स के मुताबिक कई लोग सिर्फ नमक वाला पानी पीकर ही 2 से 3 महीने तक जिंदा रह लेते हैं। जब भूख हड़ताल की वजह से व्यक्ति का वजन 10% से ज्यादा गिर जाता है, तो उसे डॉक्टर की निगरानी में रखने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर जब शरीर को खाना नहीं मिलता, तो ऊर्जा के लिए- दिल्ली के सी. के. बिरला हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ. अमित प्रकाश सिंह कहते हैं, ‘करीब दो हफ्ते के उपवास के बाद दिल, लिवर, किडनी जैसे अंग कमजोर पड़ने लगते हैं। यह जानलेवा हो सकता है। कई लोग सोनम से अनशन तोड़ने की अपील कर रहे हैं। सोनम इस पर राजी नहीं हैं। कह रहे हैं, ‘मैंने जो शुरू किया है, उसे उसके निष्कर्ष तक पहुंचाना होगा। 13 जुलाई को अभिजीत दीपके ने कहा, 'जब भी मैं उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहता हूं, वे मुझे डांटते हैं और कहते हैं, 'तुम मेरी चिंता मत करो।' जबकि उन्हें चक्कर आते हैं। वॉशरूम तक पैदल जाना भी मुश्किल है।’ इधर CJP ने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन ही जंतर-मंतर से संसद तक पैदल मार्च बुलाया है। सोनम ने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील करते हुए कहा है, ‘मैं अपनी बची हुई ताकत के साथ इसमें शामिल रहूंगा। देश में आजादी से चलने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार है। इससे नहीं रोका जाना चाहिए।’ सीनियर पत्रकार अरुण दीक्षित कहते हैं, ‘अभी ऐसा नहीं लग रहा है कि सरकार सोनम की मांगों पर बहुत ध्यान देगी। हालांकि इस बीच अगर सोनम की तबीयत ज्यादा बिगड़ी, तो उनको उठाकर इलाज के लिए भेजा जा सकता है और अनशन तुड़वाया जा सकता है।’ जबरन अनशन तुड़वाने का सबसे चर्चित मामला मणिपुर की इरोम चानू शर्मिला का है। उन्होंने दुनिया की सबसे लंबी भूख हड़ताल की थी। दरअसल, 2 नवंबर 2000 को इंफाल के पास एक गांव में असम राइफल्स के जवानों की गोलीबारी में 10 नागरिकों की हत्या हुई। 4 नवंबर को सशस्त्र बलों को विशेष शक्तियां देने वाले कानून AFSPA हटानी की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की। तीसरे दिन उन्हें सरकार ने IPC की धारा 309, यानी आत्महत्या के प्रयास के तहत गिरफ्तार कर लिया और जबरन अस्पताल ले जाकर नाक में फीडिंग ट्यूब डालकर खाना देना शुरू कर दिया। 2016 तक इंफाल के सरकारी अस्पताल के एक कमरे को अस्थायी जेल बनाकर रखा गया, और उन्हें ट्यूब से जबरन फ्लूइड दिया जाता रहा। 9 अगस्त 2016 को इरोम ने खुद ही अपना अनशन खत्म कर दिया। सवाल-4: क्या इससे पहले भी सोनम ने अनशन किए, तब सरकार का क्या रुख रहा? जवाब: इससे पहले सोनम लद्दाख के मुद्दों को लेकर कई बार भूख हड़ताल और पैदल यात्राएं वगैरह कर चुके हैं। कभी सरकार के आश्वासन पर उन्होंने अनशन तोड़ा, तो कभी हिरासत में ले लिए गए.. सवाल-5: लद्दाख का मुद्दा क्या है, जिस पर सरकार से भिड़े हुए हैं सोनम? जवाब: 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद लद्दाख को केंद्र-शासित प्रदेश (UT) बना दिया गया था। इससे जम्मू-कश्मीर विधान परिषद में लद्दाख का प्रतिनिधित्व लगभग खत्म हो गया और हिल डेवलपमेंट काउंसिल लेह और कारगिल (LAHDC) के जरिए लद्दाख का प्रशासनिक कामकाज शुरू हुआ। UT बनने से पहले LAHDC के पास कैबिनेट के बराबर अधिकार थे, लेकिन UT बनने के बाद इनकी ताकत सिर्फ कागजी रह गई हैं। LAHDC के पास आर्थिक मामले देखने के भी अधिकार भी नहीं हैं। लद्दाख के UT बनने के बाद से सोनम 4 मांगें कर रहे हैं… राज्यसभा में एक सीट आवंटित हो और लोकसभा सीटों की संख्या एक से बढ़ाकर दो हों, कारगिल और लेह अलग-अलग लोकसभा सीटें बनें। अगर ये मांगें मान ली जाएं, तो लद्दाख के जिलों में स्वायत्त जिला परिषदों का गठन हो सकेगा और जंगल, जमीन, पुलिसिंग, खेती आदि से जुड़े कानून बनाने का अधिकार स्थानीय लोगों को मिल जाएंगे। कई दौर की बैठकों के बावजूद अभी तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। हालांकि 13 जुलाई को लद्दाख के प्रमुख सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा है कि सभी 7 जिलों में ऑटोनॉमस हिल डेवेलपमेंट काउंसिल, यानी AHDC बनेगी। इस बॉडी को संविधान के आर्टिकल-371 के खास ढांचे के तहत विधायी, वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार मिलेंगे। ये दरअसल, केंद्र शासित प्रदेश और पूर्ण राज्य के बीच की व्यवस्था कही जा सकती है। आर्टिकल-371 के ही तहत महाराष्ट्र, गुजरात, मणिपुर जैसे 12 राज्यों को प्रशासन से जुड़े विशेष अधिकार मिले हुए हैं। 13 जुलाई को सोनम ने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन इसके जमीन पर उतरने का इंतजार है। उन्होंने ये उम्मीद भी जताई कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान इस पर कोई फैसला ले सकती है। सरकार चाहे, तो संसद से संविधान संशोधन विधेयक पास करवाकर लद्दाख में पूर्ण राज्य के प्रावधान लागू कर सकती है। हालांकि अभी सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। ----------
जल्द क्रिकेट खेल पाएंगी अफगानिस्तान की महिलाएं, ICC ने बनाई योजना
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एडिनबर्ग में अपनी वार्षिक कॉन्फ्रेंस में अफ़गान शरणार्थी महिला क्रिकेटरों के विकास के लिए एक योजना बनाई है। एक विशेष टास्कफोर्स को भी फिर से बनाया और उसे 2030 तक आईसीसी के क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेने के लिए अफ़गान रिफ्यूजी महिला टीम के लिए एक योजना बनाने की ज़िम्मेदारी दी। ICC ने अपने डायरेक्टर डॉ. रोस रिवाज़ और चीफ एग्जीक्यूटिव्स समिति की सदस्य सारा कीन को स्पेशल टास्क फोर्स में अपॉइंट करने को भी मंज़ूरी दी। वे टास्क फोर्स में इसके मौजूदा मेंबर्स (BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB) के साथ शामिल होंगे और प्रोग्राम की चल रही निगरानी में मदद करेंगे, ताकि महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व और प्रतियोगी की ज़रूरतों को को संतुलित किया जा सके। ICC has endorsed a Development Pathway Programme for the Afghan refugee women. Details https://t.co/hz13lr4yib pic.twitter.com/t4PwXbKEgP — ICC (@ICC) July 13, 2026 डॉ. रोस रिवाज़ ने कहा: “मुझे ICC Special task force में शामिल होकर और इस ज़रूरी पहल में योगदान देकर गर्व महसूस हो रहा है। टास्क फ़ोर्स को एक साफ़ और टिकाऊ रोडमैप बनाने का काम सौंपा गया है जो अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटरों के लगातार विकास में मदद करे, इसके लिए सही कोचिंग, सार्थक सोच-विचार वाले प्रोग्राम और मौकों के हिसाब से सही प्रोग्राम हों। आईसीसी क्रिकेट के ज़रिए मौके बढ़ाने के लिए कमिटेड है, और मैं अपने साथी टास्क फ़ोर्स मेंबर्स, मेंबर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ ताकि यह पक्का हो सके कि इसे मकसद, ईमानदारी और लंबे समय तक चलने वाली सस्टेनेबिलिटी के साथ दिया जाए।” अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर नाहिदा सपन ने कहा: “इस प्रोग्राम ने हमारे लिए पहले ही बहुत बड़ा बदलाव किया है, न सिर्फ़ हमें क्रिकेट खेलते रहने में मदद करके, बल्कि हमें एक साथ आकर एक टीम के तौर पर खेलने में काबिल बनाकर। हमें दूसरे देशों के खिलाड़ियों जैसे ही अधिकार और मौके मिले हैं।” अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर फ़िरोज़ा अफ़गान ने कहा: “पिछले एक साल में, एक ग्रुप के तौर पर एक साथ आने और भारत और इंग्लैंड का दौरा करने के मौकों ने हमें अपनी ज़िंदगी के कुछ सबसे यादगार अनुभव दिए हैं। हम इस दिशा में काम करने के लिए तैयार हैं, और हम इस सफ़र में हर मौके का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।” ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और It's Game On के सह संस्थापक मेल जोन्स ने कहा: “इन शानदार महिलाओं को लगातार सपोर्ट, साथ ही 2030 तक आईसीसी क्वालिफ़िकेशन के रास्तों के लिए एक साफ़ रोडमैप, उनके और उनके भविष्य के लिए एक ज़रूरी कमिटमेंट दिखाता है। यह एक मज़बूत संदेश देता है कि प्रतिभा और पक्के इरादे वाले लोग दुनिया भर में मॉडल और मौके के हक़दार हैं, और यह देखना रोमांचक है कि एक ऐसा दीर्ध कालिक रास्ता जो डेवलपमेंट और मतलब वाले प्रतियोगिता के बीच संतुलन बनाता है, साथ ही उनके अनोखे सफ़र को पहचानता है। पिछले साल उन्होंने जो विकास किया है, वह बहुत बढ़िया रही है, और मैं यह देखने के लिए इंतज़ार नहीं कर सकता कि यह टीम 2030 तक क्या हासिल करती है।” अभी ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में मौजूद प्लेयर्स को उनके स्थानीय क्रिकेट माहौल में जोड़ा जाता रहेगा, जो उन्हें ट्रेनिंग और खेलने के मौके देता है।इस योजना के तहत में कोचिंग के साथ-साथ उनके स्थानीय मैदान पर फ़िज़ियोथेरेपी तक की सुविधा दी जाएगी, साथ ही धीरे-धीरे गेम टाइम बढ़ाने की भी योजना है। इसके अलावा, इस प्रोग्राम में खिलाड़ियों को एक ग्रुप के तौर पर ट्रेनिंग और मुकाबला करने के मौके मिलते रहेंगे, जैसा कि पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड के टूर में हुआ था। ऐसे सामूहिक खेलने के मौके भी धीरे-धीरे बनाए जाएंगे और 2030 तक ICC क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट्स के लिए उनके विकास में मदद करने के लिए योजनाबद्ध नज़रिए से चुनी गई टीमों के खिलाफ होंगे।
राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अब 21 जुलाई को सुनवाई होगी। पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद जताते हुए जमानत रद्द करने की मांग की है। बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की वारदात में आरोपी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करवाने के लिए मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन कुछ कारणों के चलते अब सुनवाई 21 जुलाई को होगी। इंदौर में रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से पूरी उम्मीद है। उनका विश्वास है कि 21 जुलाई को होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर देगा। देशभर में पतियों के मर्डर हो रहे हैं : विपिन रघुवंशी ने कहा कि जब से सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर आई है, उसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में पत्नियों द्वारा अपने पतियों की हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि यह केवल हत्या नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच विश्वास की भी हत्या है। सोनम ने जिस तरह अपने पति की हत्या की, उसने उस विश्वास को तोड़ दिया। उनका यह भी कहना है कि इसके बाद कई अन्य महिलाओं द्वारा भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है। यदि सोनम को कड़ी सजा नहीं मिली, तो आने वाले समय में इस तरह की घटनाएं जारी रह सकती हैं। क्या था राजा रघुवंशी हत्याकांड का पूरा मामला : यह मामला तब सामने आया जब 12 मई 2025 को शादी के बाद राजा रघुवंशी और सोनम 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान लापता हो गए। दोनों को आखिरी बार एक होमस्टे से चेकआउट करते हुए देखा गया था। कुछ दिन बाद उनकी किराए की स्कूटी सोहरारिम के पास लावारिस हालत में मिली। इसके बाद 2 जून को लापता होने के करीब 10 दिन बाद राजा रघुवंशी का शव ईस्ट खासी हिल्स जिले में वीसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ।
Kark Sankranti 2026: सूर्य कर्क संक्रांति पर करें ये 7 शुभ कार्य, मिलेगी सूर्य देव की कृपा
Kark Sankranti Religious Remedies: सनातन धर्म में सूर्य कर्क संक्रांति का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है। इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं। कर्क संक्रांति के साथ ही 'दक्षिणायन' का आरंभ माना जाता है, जिसे देवताओं की रात्रि की शुरुआत भी कहा जाता है। ALSO READ: सूर्य का बड़ा खेल: गुरु के नक्षत्र में एंट्री से इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन इस अवसर पर सूर्य देव की उपासना, पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और मंत्र-जप का विशेष महत्व बताया गया है। इससे न केवल मान-सम्मान और अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है, बल्कि जीवन के सारे कष्ट भी दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए शुभ कार्यों से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।इस बार बृहस्पतिवार, 16 जुलाई 2026 को सूर्य कर्क संक्रांति पर्व मनाया जा रहा है। यदि आप सूर्य कर्क संक्रांति के दिन ये 7 शुभ कार्य करते हैं, तो आपको सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होगी... कर्क संक्रांति पर किए जाने वाले 7 शुभ कार्य 1. पवित्र नदी में स्नान या गंगाजल का छिड़काव इस दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व है। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इससे शारीरिक रोग और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। 2. सूर्य देव को 'विशेष अर्घ्य' देना संक्रांति के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें। स्नान करने के बाद तांबे के लोटे में साफ जल लें। उसमें लाल चंदन, लाल फूल/ गुड़हल, अक्षत/ चावल और थोड़े से काले तिल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें। 3. पूर्वजों के निमित्त तर्पण और पिंडदान कर्क संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन होते हैं, जिसे देवताओं की रात और पितरों का दिन माना जाता है। इस दिन अपने पूर्वजों/ पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म करना बहुत कल्याणकारी होता है। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। ALSO READ: सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल 4. तांबे और गेहूं का दान शास्त्रों में संक्रांति के दिन दान का अनंत गुना फल बताया गया है। सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन तांबे के बर्तन, गेहूं, लाल कपड़े, गुड़, लाल चंदन और घी का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को अवश्य करें। 5. गायत्री मंत्र का जाप मानसिक शांति, बुद्धि की प्रखरता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए इस दिन कम से कम 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें। संक्रांति की शांत बेला में किया गया गायत्री मंत्र का जाप सीधे आत्मा को बल प्रदान करता है। 6. नमक रहित भोजन/ बिना नमक का व्रत संक्रांति के दिन यदि संभव हो तो एक समय उपवास रखें या अपने भोजन में नमक का सेवन न करें। आयुर्वेद और ज्योतिष दोनों के अनुसार, संक्रांति पर नमक का त्याग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी/ Immunity बढ़ती है और कुंडली में सूर्य मजबूत होता है। 7. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ जीवन में मान-सम्मान, नौकरी में उन्नति और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए संक्रांति के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बेहद चमत्कारी माना जाता है। यदि आपके पास समय कम हो, तो आप सूर्य अष्टक का पाठ भी कर सकते हैं। सूर्य कर्क संक्रांति का पर्व श्रद्धा, सेवा और आत्मअनुशासन का संदेश देता है। इस दिन सूर्य देव की उपासना, स्नान, दान और मंत्र-जप जैसे शुभ कार्य करने से आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है। धार्मिक परंपराओं का पालन करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय मान्यताओं का भी सम्मान करना चाहिए। विशेष बात: चूंकि कर्क संक्रांति से वर्षा ऋतु और ऋतु परिवर्तन का समय शुरू होता है, इसलिए इस दिन से अपनी जीवनशैली और खान-पान में सात्विकता लाना बेहद जरूरी माना गया है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: जब मित्र के घर पधारेंगे ब्रह्मांड के राजा: सूर्य का कर्क राशि में गोचर चमकाएगा इन 4 राशियों का भाग्य
होर्मुज में अमरीका का हस्तक्षेप मंजूर नहीं, सैन्य कार्रवाई का जवाब देंगे : ईरान
तेहरान। ईरान ने कहा है कि वह अमरीका को कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप नहीं करने देगा। उसने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी है कि अमरीका का सहयोग ईरान के साथ युद्ध करने के बराबर माना जाएगा। ईरानी सेना के खातम-अल अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहीम जुलफकारी ने एक […] The post होर्मुज में अमरीका का हस्तक्षेप मंजूर नहीं, सैन्य कार्रवाई का जवाब देंगे : ईरान appeared first on Sabguru News .
मुंबई की एक इमारत की लिफ्ट में नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने वाला अरेस्ट
मुंबई। महाराष्ट्र में मुंबई के दहिसर इलाके में लिफ्ट के अंदर नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। दहिसर पुलिस के अनुसार यह घटना जन कल्याण नगर, शांति नगर इलाके की एक रिहायशी इमारत की लिफ्ट में हुई। […] The post मुंबई की एक इमारत की लिफ्ट में नाबालिग लड़की के सामने अश्लील हरकत करने वाला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में बदमाशों ने सब्जी की रेहड़ी वाले से 25000 रुपए लूटे
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह दो बदमाशों ने एक सब्जी की रेहड़ी वाले से 25 हजार रुपए लूट लिए। प्राप्त जानकारी के अनुसार नई अनाज मंडी के पीछे महाराजा जस्सासिंह मार्ग पर कृषि पंडित बलवंतसिंह चौराहे पर बजरंग शर्मा रोजाना की तरह तड़के सवा चार बजे अपनी रेहडी लेकर […] The post श्रीगंगानगर में बदमाशों ने सब्जी की रेहड़ी वाले से 25000 रुपए लूटे appeared first on Sabguru News .
अलवर में युवक ने पिया तेजाब, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में डेयरी गांव में सोमवार को युवक के तेजाब पीने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में परिजन उसे अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है और उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। प्राप्त जानकारी के […] The post अलवर में युवक ने पिया तेजाब, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती appeared first on Sabguru News .
चेन्नई : एक्ट्रेस को अश्लील फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर करने के आरोप में फिल्म निर्माता समेत 3 अरेस्ट
चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पुलिस ने एक टेलीविजन अदाकारा को फिल्म के लिए अश्लील फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर करने के आरोप में एक फिल्म निर्माता और दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सालिग्रामम की रहने वाली 31 वर्ष की अभिनेत्री से नंदी रामनाथन नामक व्यक्ति ने संपर्क किया था। […] The post चेन्नई : एक्ट्रेस को अश्लील फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर करने के आरोप में फिल्म निर्माता समेत 3 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
चिकबल्लापुर में जज की कुर्सी पर अंधविश्वास संबंधी गतिविधि करने के आरोप में महिला अरेस्ट
चिकबल्लापुर। कर्नाटक के चिकबल्लापुर की एक अदालत में जज की कुर्सी पर कथित तौर पर अंधविश्वासों से जुड़ा काला जादू कर न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित करने के प्रयास में एक बुजुर्ग महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। आरोपी महिला की पहचान मंजुला (65) के रूप में हुई है। […] The post चिकबल्लापुर में जज की कुर्सी पर अंधविश्वास संबंधी गतिविधि करने के आरोप में महिला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में भाजपा नेता पिंटू राजन घोष अरेस्ट
अगरतला। त्रिपुरा पुलिस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के सिपाहीजाला जिले के नेता पिंटू राजन घोष को एक नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले माह दर्ज हुए इस मामले का मुख्य आरोपी है। भाजपा नेताओं ने हालांकि कहा कि घोष अब पार्टी के सदस्य नहीं हैं, क्योंकि […] The post त्रिपुरा में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में भाजपा नेता पिंटू राजन घोष अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन
बेंगलूरु। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और राज्य में पार्टी के उदय के प्रमुख शिल्पकारों में शामिल रामचंद्र गौड़ा का मंगलवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। कर्नाटक विधान परिषद के पांच बार सदस्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे गौड़ा ने जनसंघ के […] The post कर्नाटक भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन appeared first on Sabguru News .
लॉर्ड्स जीतने के बाद बेटियों ने दिल भी जीता, 2 इंग्लैंड की खिलाड़ियो को दी विदाई (Video)
270 रनों से लॉर्ड्स टेस्ट मैच को जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने ड्रेसिंग रूम में जश्न मनाया लेकिन मैदान जीतने के बाद दिल भी जीत लिया। इंग्लैंड की दो महिला क्रिकेटरों टैमी ब्यूमोंट और हीथर नाइट ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच से पहले और मैच के दौरान संन्यास की घोषणा की थी। इन दो क्रिकेटरों को ड्रेसिंग रूम में बुलाकर भारतीय टीम ने विदाई समारोह रखा। Wholesome moment as India present Tammy and Heather with a token of their appreciation pic.twitter.com/GCNpMfDI4M — England Cricket (@englandcricket) July 13, 2026 ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं। वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। वहीं इंग्लैंड महिला टीम की पूर्व कप्तान हीथर नाइट ने अपने करियर में 15 टेस्ट, 160 वनडे और 145 टी-20 मैच है। यह किसी भी दूसरी इंग्लैंड महिला क्रिकेटर के मुकाबले सबसे ज़्यादा मैच हैं। उन्होंने 2010 में इंग्लैंड के लिए पर्दापण किया था, जब वह 18 साल की उम्र में भारत दौरे के लिए चोटिल सारा टेलर की जगह टीम में आई थीं। इन दोनों खिलाड़ियों के करियर का परिकथा अंत नहीं हो पाया क्योंकि भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट रिकॉर्ड 270 रनों से जीत लिया।यास्तिका भाटिया के शतक, दोनों पारियों में स्मृति मंधाना के अर्धशतक और क्रांति गौड़ के पंजे की बदौलत भारत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को सोमवार को 270 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। चौथे दिन का खेल जब शुरू हुआ तब भारत जीत से चार विकेट दूर था और स्नेह राणा ने अर्धशतक बना चुकीं एमी जोंस के रूप में भारत को दिन की पहली सफलता दिला दी। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने इसी वॉन्ग और लॉरेन बेल को बोल्ड किया। They are the moment pic.twitter.com/PBGgZKenTT — England Cricket (@englandcricket) July 13, 2026 राणा ने एकलस्टन को 50 के निजी स्कोर पर बोल्ड करते हुए इंग्लैंड का अंतिम विकेट गिराया और भारत ने यह मुक़ाबला 270 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। इंग्लैंड की ओर से इस मैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन एकलस्टन ने किया जिन्होंने अर्धशतक लगाने के साथ ही गेंदबाज़ी में दूसरी पारी में पंजा हासिल किया। भारत ने इंग्लैंड के सामने इस टेस्ट में जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य रखा था जिसके जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 130 के स्कोर पर छह विकेट गंवा दिए थे और जोंस अर्धशतक बनाकर खेल रही थीं। टैमी ब्यूमोंट और हीदर नाइट अपने अंतररारष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच खेल रही थीं और दोनों को अंतिम पारी में गौड़ ने अपना शिकार बनाया।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पहला दिन: मां काली की पूजा विधि, मंत्र, आरती और 5 चमत्कारी उपाय
आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र, साधना और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सामान्य नवरात्रि की तरह इसमें नौ देवियों के बजाय 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। प्रथम दिन मां काली (या कुछ परंपराओं में मां शैलपुत्री के स्वरूप में तांत्रिक पूजन) की आराधना की जाती है। यहाँ आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन की पूजा विधि, आरती और 5 अचूक उपाय दिए गए हैं। दस महाविद्या: काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, कमला। 1. प्रथम दिन की पूजा विधि प्रथम दिन की देवी: नवदुर्गा की प्रथम देवी मां शैलपुत्री और दस महाविद्या की प्रथम देवी माता कालिका। यहां पर माता कालिका की पूजा विधि और आरती। गुप्त पूजा: गुप्त नवरात्रि की पूजा को पूरी तरह गोपनीय (गुप्त) रखा जाता है। आपकी साधना के बारे में किसी बाहरी व्यक्ति को पता नहीं चलना चाहिए। कलश स्थापना व संकल्प: शुभ मुहूर्त में चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। साथ ही कलश की स्थापना करें। हाथ में जल और अक्षत लेकर गुप्त नवरात्रि की साधना का संकल्प लें। अखंड ज्योति/दीपक: मां के सामने घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। यदि संभव हो तो अखंड ज्योति प्रज्वलित करें। पूजा सामग्री: मां को लाल रंग के पुष्प (विशेषकर गुड़हल या गुलाब), अक्षत, कुमकुम, सिंदूर, धूप, और दीप अर्पित करें। विशेष भोग: प्रथम दिन मां को लौंग का जोड़ा, बताशा और हलवे का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मंत्र जाप: एकांत स्थान पर बैठकर लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस तांत्रिक मंत्र का जाप करें:- मंत्र: ॐ क्रीं कालिकायै नमः या ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: 9 दिनों में किस देवी की करें पूजा? जानें हर दिन का महत्व और लाभ 2. मां काली की आरती पूजा के अंत में पूरी श्रद्धा के साथ मां की आरती करें: अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली, तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती। तेरे भक्त जनों पर माता भीर पड़ी है भारी। दानव दल पर टूट पड़ो माँ करके सिंह सवारी॥ सौ-सौ सिंहों से बलशाली, अष्ट भुजाओं वाली, दुष्टों को तू ही ललकारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ मां बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता। पूत कपूत सुने हैं पर ना माता सुनी कुमाता॥ सब पर करुणा बरसाने वाली, अमृत बरसाने वाली, दुखियों के दुखड़े निवारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना। हम तो मांगें मां तेरे मन में एक छोटा सा कोना॥ सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को संवारती। ओ मैया हम सब उतारें तेरी आरती॥ 1. धन लाभ और बरकत के लिए: गुप्त नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा को स्वच्छ कमल का फूल या गुड़हल का फूल अर्पित करें। इसके बाद नौ दिनों तक रोज एक गुलाब का फूल चढ़ाएं। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है। 2. नौकरी और व्यापार में तरक्की: पहले दिन एक साफ लाल रेशमी कपड़े में 11 गोमती चक्र और 11 कौड़ियां रखकर मां के चरणों में अर्पित करें। नौ दिनों बाद इन्हें अपनी तिजोरी या कार्यस्थल पर रख दें। 3. नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र बाधा से मुक्ति: शाम के समय कपूर के ऊपर दो लौंग (साबुत) रखकर जलाएं और पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। इससे घर की सारी नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी। 4. शीघ्र विवाह के योग के लिए: यदि विवाह में अड़चनें आ रही हैं, तो प्रथम दिन मां दुर्गा को शृंगार की सामग्री (मेहंदी, सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी आदि) अर्पित करें। इससे वैवाहिक जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में जरूर करें ये 4 काम, मां दुर्गा की कृपा से खुलेंगे सुख-समृद्धि के द्वार 5. मनोकामना पूर्ति (सर्वकार्य सिद्धि): एक साबुत पानी वाला नारियल लें, उस पर कलावा (मौली) बांधें और अपनी मनोकामना कहते हुए उसे मां के चरणों में अर्पित कर दें। नौवें दिन इसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। विशेष नोट: गुप्त नवरात्रि की पूजा में सात्विकता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखें। इन नौ दिनों में तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का पूरी तरह त्याग करें।
Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय
Pitru Dosh Remedies: हिंदू धर्म में हलहारिणी अमावस्या को पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और आत्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि पर श्रद्धा और विधिपूर्वक किए गए पितृ कर्म से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष बताया गया हो अथवा परिवार में बिना वजह कलह, तरक्की में रुकावट और संतान संबंधी परेशानियां आ रही हैं, तो धार्मिक परंपराओं में इस दिन कुछ विशेष धार्मिक उपाय करने की सलाह दी जाती है। ALSO READ: Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन? आइए जानते हैं हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले 10 प्रमुख पारंपरिक उपाय। 1. पवित्र नदी में स्नान और तर्पण अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी- जैसे गंगा, यमुना या नर्मदा में स्नान करें। इसके बाद हाथ में कुशा, जो कि एक प्रकार की घास होती है, काले तिल और जल लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों का स्मरण करते हुए 3 बार तर्पण यानी जल अर्पित करें। 2. पीपल के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा पीपल के पेड़ में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास माना जाता है। अत: सुबह के समय पीपल की जड़ में कच्चा दूध, गंगाजल, काले तिल और चीनी मिला हुआ जल अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ पितृभ्यः नमः' मंत्र का जाप करते हुए पीपल की 7 बार परिक्रमा करें। शाम को पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 3. पंचबलि भोग अमावस्या के दिन घर में सात्विक भोजन बनाएं। ध्यान रहें कि यह बिना लहसुन-प्याज का हो। फिर भोजन तैयार होने के बाद सबसे पहले 5 विशेष हिस्से निकालें: गोबलि: गाय के लिए श्वानबलि: कुत्ते के लिए काकबलि: कौए के लिए देवादिबलि: देवताओं या अग्नि के लिए पिपीलिकादिबलि: चींटियों के लिए ये विशेष भोजन निकालने के बारे में माना जाता है कि कौए और कुत्ते के माध्यम से यह भोजन सीधे पितरों तक पहुंचता है। 4. दक्षिण दिशा में 'पितृ दीपक' जलाना अमावस्या की शाम को घर के दक्षिण कोने में या मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं। दक्षिण दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है, वहां दीपक जलाने से पितृ प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। 5. हलहारिणी अमावस्या पर 'हल' और अन्न का दान चूंकि यह हलहारिणी अमावस्या है, इसलिए इस दिन कृषि से जुड़ी चीजों या मौसमी फसलों का दान बहुत फलदायी होता है। किसी जरूरतमंद किसान को खेती की सामग्री दान करें या किसी गरीब को गेहूं, चावल, और गुड़ का दान करें। इससे पितृ तृप्त होते हैं। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक 6. गीता के 7वें अध्याय का पाठ पितरों की आत्मा की शांति और उन्हें मोक्ष दिलाने के लिए हलहारिणी अमावस्या के दिन श्रीमद्भगवद्गीता के सातवें अध्याय का पाठ करें। यदि आप स्वयं पाठ नहीं कर सकते, तो इसे घर में ऑडियो के रूप में चलाकर शांति से सुनें। पाठ का पुण्य अपने पितरों को अर्पित करें। 7. काले तिल और कुश का विशेष दान पितृ दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या के दिन काले तिल, कुशा घास, ऊनी वस्त्र या छाते का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसे किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को आदरपूर्वक दें। 8. जल पात्र या घड़े का दान गर्मी और उमस के इस मौसम में किसी मंदिर, प्याऊ या सार्वजनिक स्थान पर पानी से भरा मिट्टी का घड़ा या कलश दान करना महादान माना गया है। राहगीरों को ठंडा जल पिलाने से पितरों की आत्मा को परम शांति मिलती है और कुंडली का पितृ दोष शांत होता है। 9. चींटियों और मछलियों को भोजन देना सुबह के समय किसी सूखे तालाब, पेड़ के नीचे या पार्क में चींटियों के लिए 'कसार' यानी भुने हुए आटे में चीनी या शक्कर मिलाकर खिलायें। इसके अलावा, आटे की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर किसी साफ नदी या तालाब की मछलियों को खिलाएं। यह उपाय राहु-केतु के दोष को भी दूर करता है, जो अक्सर पितृ दोष का कारण बनते हैं। 10. गायत्री मंत्र या पितृ गायत्री का जाप अमावस्या के दिन शांत चित्त होकर सफेद आसन पर बैठें और गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें। या फिर आप इस विशेष पितृ मंत्र का जाप कर सकते हैं: 'ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः॥' विशेष नोट: हलहारिणी अमावस्या के दिन घर में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद, कलह या तामसिक भोजन यानी मांस-मदिरा से पूरी तरह दूर रहें। मन में शांत और क्षमा का भाव रखकर किए गए उपाय ही पितरों तक पहुंचते हैं। हलहारिणी अमावस्या- FAQS प्रश्न 1. क्या हलहारिणी अमावस्या पर पितृ तर्पण किया जा सकता है? उत्तर: हां, धार्मिक परंपराओं में इस दिन पितृ तर्पण को शुभ माना जाता है। प्रश्न 2. क्या पितृ दोष के लिए केवल यही उपाय पर्याप्त हैं? उत्तर: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये पारंपरिक उपाय हैं। विशेष अनुष्ठान के लिए योग्य आचार्य से परामर्श लेना उचित रहता है। प्रश्न 3. क्या इस दिन दान करना आवश्यक है? उत्तर: दान अनिवार्य नहीं है, लेकिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान पुण्यदायी माना जाता है। प्रश्न 4. पितरों के लिए कौन-सा दान शुभ माना जाता है? उत्तर: काले तिल, अन्न, गुड़, वस्त्र, जल और भोजन का दान पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। प्रश्न 5. क्या कौओं को भोजन कराने का महत्व है? उत्तर: कई धार्मिक परंपराओं में कौओं को पितरों का प्रतीक मानकर उन्हें भोजन अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी कब है?
आज के इस दौर में जहां एक तरफ मंदी (Recession) और छंटनी (Layoffs) की खबरों से टेक इंडस्ट्री में खौफ का माहौल रहता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग अपनी मेहनत और लगन से समाज के सामने एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों एक ऐसा ही पोस्ट तेजी से वायरल (Viral Post) हो रहा है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है.यह कहानी एक ऐसे युवक की है जो दिन में एक नामी कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर (Software Developer) के पद पर काम करता है और रात होते ही अपनी जरूरतों और परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए उबर (Uber) टैक्सी चलाने निकल पड़ता है.लिंक्डइन और एक्स (X) पर वायरल हुई पोस्ट; पैसेंजर ने शेयर की स्टोरीयह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक उबर पैसेंजर ने इस कैब को बुक किया था. सफर के दौरान जब पैसेंजर ने ड्राइवर से बातचीत शुरू की, तो वह उसकी अंग्रेजी और बात करने के लहजे (Communication Skills) से बेहद प्रभावित हुआ.हैरान कर देने वाला खुलासा: जब पैसेंजर ने उससे उसके बैकग्राउंड के बारे में पूछा, तो ड्राइवर ने बेहद सादगी से बताया कि वह एक टेक फर्म में कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करता है.मजबूरी या चॉइस? युवक ने बताया कि दिन की नौकरी से मिलने वाली सैलरी उसके परिवार के मेडिकल खर्चों और होम लोन (Home Loan) की ईएमआई चुकाने में ही निकल जाती है. इसलिए, अतिरिक्त आय (Extra Income) के लिए वह हर रोज ऑफिस के बाद रात 9 बजे से रात 2 बजे तक उबर कैब चलाता है.इंटरनेट पर लोगों ने किया सलाम; 'मूनलाइटिंग' पर छिड़ी नई बहसइस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया है, लेकिन बहुतायत लोग इस युवक के जज्बे और उसकी कड़ी मेहनत की जमकर तारीफ कर रहे हैं:मेहनत को सलाम: अधिकांश नेटिजन्स का कहना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. अपनी ईमानदारी की कमाई के लिए दिन-रात एक करने वाले इस डेवलपर की कहानी युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक है.मूनलाइटिंग (Moonlighting) पर चर्चा: इस पोस्ट ने कॉर्पोरेट जगत में एक बार फिर 'मूनलाइटिंग' (एक साथ दो काम करना) पर बहस छेड़ दी है. कुछ लोगों का मानना है कि कंपनियों को आर्थिक तंगी के इस दौर में कर्मचारियों को अपनी मर्जी से एक्स्ट्रा काम करने की छूट देनी चाहिए, बशर्ते उनकी मुख्य नौकरी प्रभावित न हो.महंगाई और आर्थिक दबाव: कई टेक एक्सपर्ट्स ने इस बात पर चिंता जताई है कि आज के समय में मेट्रो शहरों (जैसे बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली) में रहने का खर्च और महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि एक अच्छी सॉफ्टवेयर जॉब होने के बाद भी लोगों को पार्ट-टाइम काम करना पड़ रहा है.
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (14 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today 14 July horoscope in Hindi 2026: करियर: कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और जूनियर आपसे सलाह लेंगे। लव: जीवनसाथी के साथ किसी महत्वपूर्ण पारिवारिक मुद्दे पर सहमति बनेगी। धन: नई संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर ऊंचा रहेगा, लेकिन सावधानी रखें। उपाय: हनुमान अष्टक का पाठ करें। ALSO READ: Chaturmas 2026: वर्ष 2026 में चातुर्मास कब से कब तक रहेगा? 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: दफ्तर में सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें। लव: प्रेम संबंधों में कुछ गलतफहमियां आ सकती हैं। धन: अचानक खर्चों की अधिकता हो सकती है। स्वास्थ्य: गले में संक्रमण या सर्दी-जुकाम की शिकायत हो सकती है। उपाय: सुंदरकांड का पाठ करें या लाल रंग का रुमाल अपने पास रखें। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: व्यापार या नौकरी में किसी नई तकनीक को अपनाने से लाभ होगा। लव: पार्टनर के साथ आपसी समझ बढ़ेगी। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिलने से आर्थिक बोझ कम होगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: ऑफिस की राजनीति से खुद को दूर रखें और केवल अपने काम पर ध्यान दें। लव: मुश्किल समय में जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका हौसला बढ़ेगा। धन: आज किसी भी बड़े वित्तीय लेन-देन या उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: सिरदर्द और आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर लाल चंदन का तिलक लगाएं और जल अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: सरकारी नौकरी से जुड़े लोगों को कोई बड़ी और शुभ सूचना मिल सकती है। लव: लव लाइफ में नया उत्साह देखने को मिलेगा। धन: शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में लंबे समय के लिए फायदा होगा। स्वास्थ्य: खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: उगते सूर्य को अर्घ्य दें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी बढ़ने की खुशखबरी मिल सकती है। लव: अविवाहित लोगों के लिए विवाह के अच्छे रिश्ते आ सकते हैं। धन: पुराने किए गए निवेश का आज बेहतर रिटर्न मिल सकता है। स्वास्थ्य: सुबह की सैर और हल्का व्यायाम आपको ऊर्जावान बनाए रखेगा। उपाय: भगवान गणेश को सिंदूर और दूर्वा अर्पित करें। 7. तुला राशि (Libra) करियर: नौकरीपेशा के लिए आज का दिन कोई बड़ी उपलब्धि लेकर आ सकता है। लव: पार्टनर की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। धन: धन का आगमन ठीक रहेगा, लेकिन फिजूलखर्ची से बचना होगा। स्वास्थ्य: मांसपेशियों में खिंचाव या बदन दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल का दान करें। ALSO READ: सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: आज कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत होगी। लव: पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद आज सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से खुद को शांत और केंद्रित महसूस करेंगे। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बन सकता है। धन: आज आपकी कोई बड़ी आर्थिक चिंता दूर हो सकती है। स्वास्थ्य: अधिक मसालेदार भोजन से लिवर से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: अपनी कार्यशैली में सुधार करने की आवश्यकता है। लव: जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है। धन: बड़े निवेश को आज के लिए टाल देना ही बेहतर होगा। स्वास्थ्य: और अनिद्रा की शिकायत हो सकती है। उपाय: बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: नौकरी में आपकी नई योजनाएं सफल होंगी। लव: लव पार्टनर के साथ रिश्ता और गहरा होगा। धन: सुख-सुविधाओं पर किया गया खर्च आपको संतुष्टि देगा। स्वास्थ्य: सेहत उत्तम रहेगी। उपाय: हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: दफ्तर में आपके काम की लगन देखकर अधिकारी वर्ग प्रसन्न होगा। लव: पार्टनर के साथ किसी पुराने विवाद का अंत होगा। धन: आज आर्थिक उन्नति के योग हैं। स्वास्थ्य: एलर्जी से जुड़ी कोई छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु के मंदिर में पीली मिठाई का भोग लगाएं। ALSO READ: गुप्त नवरात्रि 2026: पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा का सही समय
सुबह 6:30 बजे। बेलडांगा के देवकुंडा हाई मदरसा में स्पीकर पर वंदे मातरम् बजता है। पहली लाइन खत्म होते-होते बच्चों की आवाज धीमी पड़ जाती है। ज्यादातर बच्चे सिर्फ होंठ हिला रहे होते हैं। पश्चिम बंगाल में 614 सरकारी मदरसे हैं। ज्यादातर में बीते एक महीने से यही हो रहा है। इन मदरसों में 5 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। दरअसल, 19 मई को पश्चिम बंगाल के सरकारी मदरसों में आदेश आया कि बच्चों के प्रार्थना के दौरान सबसे पहले वंदे मातरम् गाना होगा। इसके बाद से टीचर स्कूलों में हर दिन बच्चों को गाने की तैयारी करवा रहे हैं। दूरदराज के एरिया में ज्यादातर मुस्लिम बच्चे सिर्फ बांग्ला जानते हैं। वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद संस्कृत में हैं, इसलिए टीचर बच्चों को स्पीकर या मोबाइल पर गीत सुना रहे हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP की सरकार आई है। पहले लेफ्ट और बाद में तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने कभी मदरसों की प्रार्थना में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। अभी जिस वक्त वंदे मातरम् गाने का आदेश आया, तब गर्मी की छुटि्टयां चल रही थीं। अब स्कूल खुलने के बाद क्या स्थिति है, ये जानने दैनिक भास्कर की टीम अलग-अलग जिलों के 5 मदरसों और स्कूलों में पहुंची। देखिए और पढ़िए यहां क्या मिला… जगह: देवकुंडा हाई मदरसा, बेलडांगा देवकुंडा हाई मदरसे में 200 से ज्यादा बच्चे प्रार्थना के कतार में खड़े हैं। प्रिंसिपल मोहम्मद खसरु अहमद हाथ में माइक लेकर बांग्ला में कहते हैं, ‘शोबाई मोन दिये शोनो। आज आबार बोन्दे मातोरोम शिक्बो’ यानी ‘ध्यान से सुनो, आज फिर वंदे मातरम् सीखेंगे।’ अगले ही पल स्पीकर पर वंदे मातरम् बजने लगता है। गीत के दो अंतरे आए जाते हैं। देवकुंडा हाई मदरसा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में है। मदरसों में वंदे मातरम् गाने के आदेश पर मोहम्मद खसरू कहते हैं, ‘हम पहले से ये गीत गाते आए हैं। सरकार के फैसले से परेशानी नहीं है।’ सरकारी आदेश है कि वंदे मातरम् गीत के सभी 6 अंतरे गाना है। प्रार्थना के दौरान सिर्फ दो अंतरे गाए, ऐसा क्यों? मोहम्मद खसरु जवाब देते हैं, ‘अभी बच्चे गीत सीख रहे हैं। पूरा गाना मुमकिन नहीं है, इसलिए नहीं गा रहे हैं।’ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसे मुस्लिम संगठन वंदे मातरम् गाने का विरोध करते हैं, लेकिन 12वीं में पढ़ने वाली सोनू यासीम को इससे गुरेज नहीं है। वे कहती हैं ‘मैंने कई बार ये गीत सुना है, लेकिन मदरसे में इसे गाते नहीं थे। इसमें परेशानी जैसा कुछ नहीं है। पहले जन-गण-मन गा रहे थे, अब वंदे मातरम् भी गाएंगे। बस इसे सीखने में टाइम लगेगा।’ जगह: रहमानिया हायर सेकेंडरी स्कूल, आसनसोल पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड के उर्दू मीडियम स्कूल भी है। ज्यादातर मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में हैं। इनमें से एक रहमानिया हाई स्कूल आसनसोल के रेलपार एरिया में है। यहां नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। हम स्कूल पहुंचे, तब सुबह की प्रार्थना हो रही थी। पहले अल्लामा इकबाल का उर्दू में लिखा ‘लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी’ गीत गाया गया और फिर जन-गण-मन। आखिर में स्कूल के एक टीचर ने बच्चों से कहा कि अब राष्ट्रगीत वंदे मातरम् बजाया जाएगा, आप सभी को सावधान की मुद्रा में इसे सुनना है। टीचर जेब से मोबाइल निकालते हैं। यू-ट्यूब पर वंदे मातरम् सर्च करते हैं। गीत बजते ही फोन स्पीकर के सामने रख देते हैं। बच्चे उसे ध्यान से सुनने लगे। हमने स्कूल के सीनियर असिस्टेंट बख्तियार आलम से पूछा, आदेश तो वंदे मातरम् गाने का है, फिर फोन से क्यों सुना रहे हैं? वे कहते हैं, ‘बच्चों के लिए नया तराना फौरन गा पाना थोड़ा मुश्किल है। हमारे यहां उर्दू में पढ़ाई होती है। बच्चे हिंदी और बांग्ला बिल्कुल नहीं जानते। वंदे मातरम् संस्कृत में हैं। इसलिए छोटे बच्चों को परेशानी हो रही है। इसके शब्द भी मुश्किल हैं। हाई स्कूल के स्टूडेंट्स ने उर्दू में तराना लिखकर दिया है, लेकिन बच्चों को बोलने में दिक्कत आ रही है।’ आपने इस परेशानी से लिए कहीं शिकायत की? बख्तियार जवाब देते हैं, ‘सरकार का आदेश है, तो मानना पड़ेगा। हम बच्चों को पहाड़े की तरह एक-दो लाइन याद करवा रहे हैं। फिलहाल स्पीकर पर गाना सुनाया जा रहा है। उम्मीद है एक-दो महीने में बच्चे गाना सीख जाएंगे।’ जगह: सैयद नजरुल इस्लाम जूनियर हाई मदरसा, आसनसोल सैयद नजरुल इस्लाम जूनियर हाई मदरसा की हालत बहुत अच्छी नहीं है। बच्चों के लिहाज से क्लास रूम कम है। एक हॉल को दो हिस्सों में बांटकर क्लास लगाई जाती है। सुबह की प्रार्थना के लिए भी जगह नहीं है। बच्चे क्लास से ही प्रार्थना में शामिल होते हैं। यहां माइक और स्पीकर खराब हैं, इसलिए मोबाइल पर ही वंदे मातरम् सुनाया जाता है। मोबाइल की आवाज जहां तक जाती है, वहीं तक के बच्चे इसे सुन पाते हैं। टीचर सैयद कबीरुद्दीन अहमद स्कूल में सुविधाओं की कमी से नाराज हैं। वे कहते हैं, ‘2011 में यहां 200 स्टूडेंट, 6 टीचर, एक हेडमास्टर और एक प्यून थे। अब करीब एक हजार स्टूडेंट हो गए, लेकिन टीचर्स उतने ही हैं।’ क्लास की हालत देखकर लगा कबीरुद्दीन की शिकायत सही है। स्कूल में लाइट नहीं थी। तेज गर्मी में लड़कियां कॉपी से हवा कर रही थीं। स्कूल में स्टॉफ रूम के नाम पर एक झोपड़ीनुमा कमरा है। इसमें एक पुराना पंखा, अलमारी और कुर्सी टेबल है। छत भी टूटी हुई है। इसे प्लास्टिक से बंद किया गया है। टीचर्स यहां सिर्फ रजिस्टर में हाजिरी लगाने आते हैं, इसके बाद क्लास में ही रहते हैं। जगह: सोदपुर कोलयिरी हाईस्कूल, आसनसोल आखिर में हम हिंदी-बांग्ला मीडियम स्कूलों में गए। दो जगह चुनीं। पश्चिम बर्धवान जिले का आसनसोल और दुर्गापुर। आसनसोल के सोदपुर कोलयिरी हाईस्कूल में हिंदी और बांग्ला दोनों में पढ़ाई होती है। यह स्कूल 5वीं से 12वीं तक है। यहां भी स्पीकर पर वंदे मातरम् बजाया गया, लेकिन बच्चे भी इस गीत को गा रहे थे। कुछ बच्चे जरूर राष्ट्रगीत गाने में असहज थे। स्कूल की टीचर इन चार्ज श्रावणी गोस्वामी कहती हैं, ‘ज्यादातर बच्चों को राष्ट्रीय गीत के दो पैराग्राफ याद हैं। गीत के शब्द बहुत कठिन है। हमने इसे क्लास के वॉट्सऐप ग्रुप में भेजा है ताकि शब्द पढ़कर आसानी से याद कर सकें। ये गीत पश्चिम बंगाल में लिखा गया। यहां के लोग इस गीत को भूले नहीं थे। सरकारी आदेश के बाद से ये प्रैक्टिस में आ गया है।’ हमने कहा कि किसी बच्चे से वंदे मातरम् गवाकर सुना सकते हैं। स्टाफ ने जवाब दिया- बच्चे असेंबली में गाते हैं, अलग से गवाकर क्या दिखाना। जगह: प्राइमरी-जूनियर हाई स्कूल, झांझरा, दुर्गापुर आखिर में हम झांझरा के प्राइमरी-जूनियर हाई स्कूल पहुंचे। यहां हिंदी और बांग्ला मीडियम में पढ़ाई होती है। स्कूल में एक तरफ फ्री प्राइमरी और दूसरी तरफ एक कमरे में जूनियर हाई सेक्शन है। इसमें एक ही क्लास में छठवी से आठवीं की क्लास चलती है। हम यहां पहुंचे तब, एक कमरे में तीनों क्लास के बच्चे थे। हमने इस बारे में जूनियर हाई स्कूल के हेड मास्टर मनोज कुमार मंडल से बात की। वे कहते हैं, ‘स्कूल 2019 में शुरू हुआ था। अभी एक कमरे में दो टीचर बच्चों को एडजस्ट करके पढ़ा रहे हैं। कई बार कम टीचर होने की शिकायत की है, लेकिन फायदा नहीं हुआ। एक टीचर को बच्चों को वंदे मातरम् सिखाने की जिम्मेदारी दी है। वे कहती हैं, अभी तो टीचर्स को ही इसे गाने में दिक्कत होती है। इसलिए हमने बच्चों को गीत लिखकर दिया है और कठिन शब्द याद करवा रहे हैं।’ धर्मगुरु बोले- वंदे मातरम् ही क्यों, ‘सारे जहां से अच्छा’ भी तो गा सकते हैंऑल इंडिया इमाम मुअज्जिन एंड सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद शाकिफ कासमी सरकार के फैसले से खुश नहीं हैं। वे कहते हैं, ‘वंदे मातरम् गाने से मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का मसला होता है। इसकी जगह पर कोई और गाना भी हो सकता है। जन-गण-मन और सारे जहां से अच्छा, में से कोई भी एक गाना रख सकते हैं।’ उर्दू स्कूलों और मदरसों में स्पीकर पर वंदे मातरम सुनाए जाने और याद कराने के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘स्पीकर पर बजाने से धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होती है। जिन्हें अच्छा लग रहा है, वे कर रहे हैं, इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है।’ वंदे मातरम् पर क्यों है विवाद मुस्लिम धर्मगुरुओं को वंदे मातरम् के तीसरे, चौथे, पांचवें और छठवें छंद पर आपत्ति है, क्योंकि इसमें मातृभूमि को देवी, दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती कहा गया है। आजादी की लड़ाई के वक्त मुस्लिम लीग ने भी इसे गैर-इस्लामिक बताया था। संविधान सभा ने 24 जनवरी, 1950 को वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। 2006 में वंदे मातरम् के 100 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने इसे स्कूलों में गाने का आदेश दिया। तब इस्लामिक संगठन जमात उलमा ए हिंद ने कहा कि कोई सच्चा मुसलमान वंदे मातरम् नहीं गा सकता। यूपी के देवबंद में वंदे मातरम् गाने के खिलाफ फतवा भी जारी किया गया था।
श्रीगंगानगर : गत्ता गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ रोड पर स्थित एक बड़े गत्ता गोदाम में सोमवार को तड़के आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह तड़के चार बजे आग लगने की सूचना मिलने पर एक के बाद एक तीन दमकल गाड़ियों मौके पर आई। कई दमकल कर्मी और अन्य […] The post श्रीगंगानगर : गत्ता गोदाम में भीषण आग लगने से लाखों का नुकसान appeared first on Sabguru News .
जैसलमेर में पशुधन चिकित्सक एवं पशुधन निरीक्षक 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
जैसलमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जैसलमेर जिले में राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय मोहनगढ़ के पशुधन चिकित्सक डॉ राघव डोई एवं पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि इन दोनों ने […] The post जैसलमेर में पशुधन चिकित्सक एवं पशुधन निरीक्षक 3000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में सेवर की खुली जेल से फरार तीन कैदियों ने जयपुर में की अपने ही दोस्त की हत्या
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के सेवर की खुली जेल से फरार होकर तीन कुख्यात कैदियों द्वारा रविवार देर रात जयपुर में मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास आतिश मार्केट के एक क्लब में बर्थ-डे पार्टी के दौरान चाकू घोंपकर अपने ही दोस्त की हत्या कर देने के बाद भरतपुर जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। […] The post भरतपुर में सेवर की खुली जेल से फरार तीन कैदियों ने जयपुर में की अपने ही दोस्त की हत्या appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा
झुंझुनूं/जयपुर/जींद। राजस्थान की झुंझुनूं जिला पुलिस और हरियाणा पुलिस की विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) ने चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए के सोने के जेवरात चोरी होने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए नवलगढ़ इलाके से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जमीन […] The post झुंझुनूं : चलती ट्रेन से तीन करोड़ रुपए का गोल्ड चोरी प्रकरण का खुलासा appeared first on Sabguru News .
कालीचरण दास खण्डेलवाल सीनियर सिटीजन सोसायटी के संरक्षक मनोनीत
अजमेर। सीनियर सिटीजन सोसायटी अजमेर अधिशासी परिषद की द्विमासिक मीटिंग हरि भाऊ उपाध्याय नगर विस्तार स्थित जय अंबे सेवा समिति के वृद्धाश्रम में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश रवि प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई।विशिष्ट अतिथि चिरंजी लाल शर्मा रहे। मीडिया प्रभारी डॉ एसडी मिश्रा ने बताया कि कार्यकारणी ने सर्वसम्मति से समाजसेवी कालीचरण दास खण्डेलवाल […] The post कालीचरण दास खण्डेलवाल सीनियर सिटीजन सोसायटी के संरक्षक मनोनीत appeared first on Sabguru News .
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न
जयपुर। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद (ABAP) के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक रविवार को अधिवक्ता भवन में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में संगठन के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्रीहरि बोरिकर एवं संयुक्त महामंत्री रणबीर सिंह […] The post अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राजस्थान क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक संपन्न appeared first on Sabguru News .
अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी
जम्मू। गणमान्य समाज संगठन (सैनी समाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी ने अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंचे गुजरात के सैनी समाज के प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। गुजरात से आए प्रतिनिधिमंडल ने सैनी से मुलाकात कर सामाजिक, सांस्कृतिक और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान सैनी समाज […] The post अमरनाथ यात्रा पर जा रहे गुजरात के सैनी समाज प्रतिनिधिमंडल से मिले राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .
इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज कल से शुरु, इन 3 भारतीय चेहरों पर रहेगी नजर
ENGvsIND इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में सूपड़ा साफ होने के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसको की उम्मीदें एकदिवसीय क्रिकेट में कुछ अच्छी खबर सुनने की तरफ होगी क्योंकि इस प्रारुप में वरिष्ठ खिलाड़ी फैंस को हार के सिलसिले को तोड़ने का माद्दा रखते हैं क्योंकि उन्होंने भरपूर आराम लिया है।कोहली, रोहित और जसप्रीत बुमराह उस प्रारूप में खेलने के लिए वापसी कर रहे हैं। रोहित हाल ही में अफगानिस्तान सीरीज में शिरकत करते देखे गए थे। लेकिन विराट कोहली ने फरवरी में इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच खेला था। बुमराह की बात की जाए तो वह तो 2 साल से टी-20 विश्वकप के लिए तैयारी कर रहे थे। 2 बार टीम को कप जिताने के बाद अब वह अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने अंतिम एकदिवसीय मैच भी विश्वकप फाइनल 2023 खेला था। रोहित और कोहली ने पिछले कई वर्षों में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की है और वह इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जा रही है।भारतीय टीम प्रबंधन ने रोहित और कोहली के लिए चीजें आसान बनाकर नहीं रखी हैं लेकिन अभी टीम जिस परिस्थिति से गुजर रही है उसे देखते हुए वह इन दोनों का खुले दिल से स्वागत करने के लिए विवश होगा। वनडे में जीत से टी20 की कमियों को छुपाया नहीं जा सकता लेकिन इससे खिलाड़ियों का मनोबल ज़रूर बढेगा। कप्तान शुभमन गिल की वापसी और अनुभवी केएल राहुल की मौजूदगी से भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों की एक शानदार चौकड़ी है, जो किसी भी मैच का रुख पलट सकती है।अगर श्रेयस अय्यर को भी इसमें शामिल कर लिया जाए, तो बल्लेबाजी इकाई को लेकर ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए। लेकिन गेंदबाजी इकाई के लिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है जिसे बुमराह की वापसी से मजबूती मिलेगी। भारत के नए तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को इंग्लैंड की पिचों पर अपनी लेंथ को लेकर बिल्कुल अलग चुनौती का सामना करना पड़ेगा।अर्शदीप सिंह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में निश्चित रूप से टीम को एक नया आयाम देंगे, जबकि शिवम दुबे चौथे तेज गेंदबाज होंगे। दुबे को चोटिल हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की अनुपस्थिति के कारण मजबूरी में टीम में शामिल किया गया है। वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल दोनों ने ही टी20 श्रृंखला में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में निराशाजनक प्रदर्शन किया। लेकिन शायद ही उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन उनकी बल्लेबाजी को तवज्जो दे रहा है और वह बल्लेबाजी में टीम के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर कुलदीप यादव से ज्यादा योगदान दे रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए यह फायदे की बात होगी कि मेजबान टीम ने 27 जनवरी के बाद से कोई भी वनडे मैच नहीं खेला है।बहुत सारे टी20 और कुछ टेस्ट मैच (न्यूजीलैंड के खिलाफ) खेलने के बाद इंग्लैंड को इस प्रारूप के लिए अपनी लय में लौटना होगा हालांकि टी20 में शानदार जीत से उसके खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा होगा। बल्लेबाजी क्रम में जो रूट के शामिल होने से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को और अधिक मजबूती मिलेगी। बल्लेबाजी में उसका दारोमदार हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल और जोस बटलर पर टिका रहेगा।उपमहाद्वीप की पिचों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण पिचों पर जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे सटीक गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों का सामना करना एक अलग ही चुनौती है। भारतीय दल में अब दाएं हाथ के बल्लेबाज ज्यादा रहेंगें इस कारण सैम करन और लियाम डॉसन की भूमिका ज्यादा होगी। इंग्लैंड ने लगभग टी-20 का दल ही एकदिवसीय मैचों के लिए रखा है इस कारण कागज पर भारत बेहतर दल लग रहा है।फिल साल्ट की जगह बेन डकेट सलामी बल्लेबाजी संभालेंगे। RoKo, Captain Gill and Bumrah are all set to light up the #ENGvIND ODI series. Watch the 1st ODI tomorrow, 2:30 PM onwards, LIVE on Sony Sports Network TV… pic.twitter.com/XhoNBRslOc — Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 13, 2026 टीम इस प्रकार हैं: भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव। इंग्लैंड : हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जेम्स कोल्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद, आदिल राशिद। समय: दोपहर 3:30 बजे
राष्ट्रपति ट्रम्प के बेहद करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम 11 जुलाई को यूक्रेन दौरे से अमेरिका लौटे, ट्रम्प से फोन पर बात की और सोने चले गए। कुछ घंटे बाद तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। लिंडसे ईरान और रूस के धुर विरोधी माने जाते थे। भारत को भी निशाने पर रखा और मौत से एक दिन पहले तक 500% टैरिफ लगाने की जिद करते रहे। ग्राहम की मौत पर एक तरफ ईरानी मीडिया जश्न मना रही है, दूसरी तरफ सवाल उठ रहे हैं कि कहीं जहर देकर तो नहीं मारा गया। मौत बीमारी से हुई या कोई बड़ी साजिश; इस कंट्रोवर्सी को डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: लिंडसे ग्राहम की मौत की आधिकारिक वजह क्या बताई गई? जवाबः ग्राहम के ऑफिस ने आधिकारिक बयान में सिर्फ इतना बताया कि उनकी मौत ‘बीमारी की वजह’ से हुई। 12 जुलाई को वॉशिंगटन डीसी के मेडिकल एग्जामिनर ऑफिस ने प्रारंभिक ऑटोप्सी के आधार पर बताया- ‘Aortic Dissection due to Arteriosclerotic Cardiovascular Disease’ यानी धमनियों के सख्त होने की बीमारी की वजह से एओर्टा की अंदरूनी परत फट गई। दरअसल, एओर्टा इंसानी शरीर की सबसी बड़ी धमनी है। यह दिल से साफ खून लेकर पूरे शरीर में पहुंचाती है। एओर्टा की सबसे अंदरूनी परत में दरार की वजह से ग्राहम की मौत हुई। हालांकि ग्राहम का डेथ सर्टिफिकेट अभी जारी नहीं हुआ है। जहर से जुड़ी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही कन्फर्म होगा कि मौत नेचुरल थी या किसी साजिश के तहत जहर दिया गया। 71 साल के ग्राहम यूक्रेन जाने से पहले स्वस्थ दिख रहे थे। उन्हें अगले हफ्ते एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करनी थी। ट्रम्प ने एनबीसी न्यूज से कहा, ‘मौत से कुछ घंटे पहले उनकी ग्राहम से बात हुई थी। ग्राहम की आवाज ठीक लग रही थी। हालांकि वह थोड़े थके हुए लग रहे थे।’ सवाल-2: ग्राहम की मौत से ईरान में जश्न क्यों मनाया जा रहा? जवाबः लिंडसे ग्राहम की मौत को ईरानी मीडिया ने सबसे बड़े दुश्मन की मौत बताया। मेहर न्यूज एजेंसी ने लिखा- ‘ग्राहम ईरान को तबाह करने का अपना सपना कब्र तक ले गए।' सरकारी न्यूज़ चैनल IRINN ने तो ग्राहम की मौत पर ईरानी जनता को बधाई तक दे दी। ग्राहम का रवैया हमेशा इजराइल समर्थक और धुर ईरान विरोधी रहा है… अमेरिकी लेखक रब्बी शमूएल ने लिखा है, ‘5 दिन पहले ईरान ने अमेरिका के महान सीनेटर को मारने की धमकी दी थी। अब उनकी मृत्यु हो गई, वो भी यूक्रेन से लौटने के अगले ही दिन।’ अमेरिकी दक्षिणपंथी पत्रकार लौरा लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है, ‘IRGC ने उन्हें मारने की धमकी दी थी। खामेनेई के अंतिम संस्कार में धमकी भरे पोस्टर लहराए जा रहे थे। रूस भी इस अंतिम संस्कार में शामिल हुआ था। वो ईरान को परमाणु हथियार देने की बात कर रहा था। अब यूक्रेन से लौटने के बाद ग्राहम की मौत हो गई। यह सब महज एक संयोग तो नहीं लगता।' सवाल 3: तो क्या ग्राहम की मौत के पीछे रूस की साजिश है? जवाबः अभी तक किसी बड़ी एजेंसी या अधिकारी ने रूसी साजिश की बात नहीं की। सबकुछ कयासों में चल रहा है… रूसी सोशियोलॉजिस्ट इगोर ईदमन के मुताबिक, ग्राहम की मौत में रूस खुफिया एजेंसियों का हाथ हो सकता है। रूस के पास उन्हें मारने का कारण भी था। ईदमन ने बेलारूस के मीडिया आउटलेट NEXTA को बताया, ‘ग्राहम यूक्रेन के सबसे बड़े समर्थक थे। उन्होंने 10 जुलाई को कीव में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया था कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प को रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए मना लिया है। यूक्रेन से लौटकर ग्राहम की मौत होना सबसे बड़ा संकेत देती है कि इसमें रूस का हाथ हो सकता है।’ ग्राहम अमेरिका से प्लेन के जरिए पोलैंड पहुंचे। वहां से 10-12 घंटे की ट्रेन यात्रा करके यूक्रेन की राजधानी कीव गए। इसी रास्ते से वापस भी लौटे। ईदमन के मुताबिक, इसी दौरान किसी खुफिया रूसी एजेंट को जहर देने का मौका मिल गया होगा। पूर्व CIA अधिकार माइकल सेलर्स के मुताबिक, ‘ग्राहम की हत्या के अभी कोई सबूत नहीं दिख रहे हैं। लेकिन जिन स्थितियों में उनकी मौत हुई है, उस हिसाब से इस एंगल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस दिशा में भी जांच होनी चाहिए।’ रूस का खुलकर विरोध करते थे ग्राहम, निशाने पर थे… सवाल-4: लिंडसे ग्राहम के निशाने पर भारत कैसे आ गया था? जवाबः लिंडसे ग्राहम ने अपने करियर में कई मौकों पर भारत को निशाना बनाया है। रूस-यूक्रेन जंग के बाद यह और बढ़ गया… ग्राहम ने भारत को रूस या अमेरिका में से किसी एक को चुनने का विकल्प भी दिया था। साथ ही कहा था, ‘मुझे विश्वास है कि वो अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चुनेंगे।' इसके बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने के चलते भारत पर 25% पेनल्टी टैरिफ लगा दिया था। इससे भारत पर लगने वाला कुल टैरिफ बढ़कर 50% तक हो गया था। अगस्त 2025 में ग्रहाम ने फिर दावा किया कि भारत ने टैरिफ के दबाव के चलते रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। भारत पर दबाव की वजह से पुतिन जंग में समझौते के लिए तैयार हो गए हैं। सवाल-5: ग्राहम की मौत ट्रम्प के लिए कितना बड़ा झटका है, असर क्या होगा? जवाबः ग्राहम ट्रम्प के बेहद करीबी सलाहकारों में से एक थे, खासकर विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर। मिडिल ईस्ट में उनकी खासी दिलचस्पी थी। ग्राहम को श्रद्धांजलि देते हुए ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'वो हमेशा काम करते रहते थे। वो सच्चे अमेरिकी राष्ट्रभक्त थे। उन्हें बहुत याद किया जाएगा। उनकी अचानक मौत मौजूदा हालातों में कई चुनौतियां पैदा करती हैं।’ ग्राहम का अचानक निधन ट्रम्प के लिए 3 वजहों से बड़ा झटका है… 1. चुनाव के लिए महीने भर में नया उम्मीदवार चुनना होगा: नवंबर 2025 में अमेरिका में मिड-टर्म इलेक्शन होने हैं। इसमें ग्राहमी 5वीं बार साउथ कैरोलिना सीट से चुनाव लड़ने वाले थे। उनकी मौत के बाद अब 11 अगस्त तक रिपब्लिकन पार्टी को नए उम्मीदवार का चुनाव करना होगा। कई नेता अपनी दावेदारी पेश भी करने लगे हैं। यह सीट रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्राहम के अलावा जो भी इस सीट से चुनाव लड़ेगा, उसे हराना मुश्किल होगा। हालांकि लंबे समय बाद कोई नया कैंडिडेट डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए मौका भी हो सकता है। 2. लोगों को ट्रम्प के पक्ष में करने वाला हुनरमंद साथी खोया: ट्रम्प ने खुद एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि ग्राहम कोई भी चीज अप्रूव करवा सकते थे। उन्हें लोगों से अपनी बात मनवानी आती थी। अगर मुझे डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों से भी कोई समस्या होती थी, तो वो उनसे बात कर सुलझा लेते थे। 3. सीनेट में रिपब्लिकन की बढ़त कम हुई: 100 सीटों वाली अमेरिकी सीनेट में अभी रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेटिक के पास 47 सीटें थीं। ग्राहम की मौत से एक सीट कम हो गई। वहीं एक अन्य सीनेटर मिच मैककोनेल अस्पताल में भर्ती हैं और सदन में उपलब्ध नहीं रहेंगे। ऐसे में पहली बार ट्रम्प के पास सदन में 4 वोटों से कम की मार्जिन होगी। क्रॉस वोटिंग होने से ट्रम्प को जरूरी बिल पास कराने में मुश्किल होगी। --------- ये खबर भी पढ़िए… टीम इंडिया वर्ल्ड चैम्पियन से ‘लूजर’ कैसे बनी; 76 रन पर ऑलआउट, आयरलैंड से सीरीज हारी, आखिर जीत का फॉर्मूला क्यों बदला इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया 125 रन से हार गई। टी-20 में ये भारत की सबसे बड़ी हार है। पिछले महीने आयरलैंड भी भारत को 2-0 से सीरीज हरा चुकी है। मार्च में टी-20 वर्ल्ड चैम्पियन बनने के बाद टीम इंडिया ने 5 मैच खेले, कोई नहीं जीता। पूरी खबर पढ़िए…
The Odyssey Preview: क्रिस्टोफर नोलन की 23900 करोड़ रुपये की फिल्म में मिथक, रोमांच और तकनीक का संगम
हॉलीवुड के मशहूर निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन अपनी नई फिल्म 'द ओडिसी' (The Odyssey) के जरिए एक बार फिर दर्शकों को ऐसी दुनिया में ले जाने वाले हैं, जहां रोमांच, रहस्य, युद्ध, प्रेम और संघर्ष का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। यह फिल्म प्राचीन यूनानी कवि होमर के प्रसिद्ध महाकाव्य 'ओडिसी' पर आधारित है, जिसे विश्व साहित्य की सबसे महान रचनाओं में गिना जाता है। लंबे समय से इस कहानी पर फिल्म बनाने की चर्चा होती रही, लेकिन नोलन इसे आधुनिक तकनीक और अपने खास सिनेमाई अंदाज में बड़े पर्दे पर उतार रहे हैं। इस फिल्म का बजट 250 मिलियन डॉलर या लगभग 23900 करोड़ रुपये है। कहानी क्या है? फिल्म की कहानी युद्ध के बाद इथाका के राजा ओडीसियस की घर वापसी की रोमांचक यात्रा पर आधारित है। युद्ध जीतने के बाद भी उनका संघर्ष खत्म नहीं होता। घर लौटने के दौरान उन्हें समुद्र के देवताओं के क्रोध, रहस्यमयी द्वीपों, राक्षसों, जादूगरनी सर्सी, एक-आंख वाले दैत्य साइक्लोप्स और कई खतरनाक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह सफर केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक परीक्षा भी है। इसी वजह से यह कहानी आज भी दुनिया भर के पाठकों और फिल्म प्रेमियों को आकर्षित करती है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत 'द ओडिसी' को अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में माना जा रहा है। क्रिस्टोफर नोलन इस फिल्म को अत्याधुनिक IMAX कैमरों से शूट कर रहे हैं ताकि दर्शकों को विशाल समुद्री युद्ध, प्राचीन सभ्यताओं और रोमांचक दृश्यों का वास्तविक अनुभव मिल सके। फिल्म में बड़े पैमाने पर वास्तविक लोकेशन, विशाल सेट और कम से कम कंप्यूटर ग्राफिक्स का उपयोग करने की कोशिश की गई है। यही नोलन की फिल्मों की पहचान भी रही है। दमदार स्टारकास्ट फिल्म में मैट डेमन मुख्य भूमिका में नजर आएंगे और वह ओडीसियस के किरदार में नजर आएंगे। उनके साथ टॉम हॉलैंड, ऐन हैथवे, चार्लीज़ थेरॉन, रॉबर्ट पैटिनसन, जैसे कई बड़े कलाकार शामिल हैं। इतनी बड़ी स्टारकास्ट ने फिल्म को पहले ही चर्चा का विषय बना दिया है। निर्देशक क्रिस्टोफर के बारे में क्रिस्टोफर नोलन को आधुनिक दौर के सबसे प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों में गिना जाता है। उन्होंने इन्सेप्शन, इंटरस्टेलर, डनकर्क, द डार्क नाइट ट्रिलॉजी और ओपेनहाइमर जैसी विश्वप्रसिद्ध फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों की पहचान जटिल लेकिन दिलचस्प कहानी, शानदार सिनेमैटोग्राफी, वास्तविक लोकेशन और तकनीकी उत्कृष्टता है। 'ओपेनहाइमर' की सफलता के बाद 'द ओडिसी' को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। फिल्म से जुड़े रोचक तथ्य यह फिल्म होमर के लगभग तीन हजार वर्ष पुराने महाकाव्य का आधुनिक सिनेमाई रूप है। बताया जा रहा है कि इसे कई देशों में वास्तविक लोकेशन पर शूट किया गया है। फिल्म में IMAX तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग होगा और इसे अब तक की सबसे भव्य फिल्मों में शामिल माना जा रहा है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इसका बजट भी हॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्मों में गिना जा सकता है। रिलीज से काफी पहले ही दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म विशेषज्ञों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है। क्यों खास है 'द ओडिसी'? यह फिल्म केवल एक पौराणिक कहानी नहीं बल्कि साहस, धैर्य, परिवार, नेतृत्व और कभी हार न मानने की भावना का प्रतीक है। यदि क्रिस्टोफर नोलन अपनी पिछली फिल्मों की तरह यहां भी कहानी और तकनीक का बेहतरीन संतुलन बना पाए, तो 'द ओडिसी' वर्ष की सबसे यादगार और चर्चित हॉलीवुड फिल्मों में शामिल हो सकती है।
देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से भगवान श्री हरि विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस पर यह तिथि 25 जुलाई 2026 को है। इस वर्ष देवशयनी एकादशी पर अमृतसिद्धि योग, शिववास योग, ब्रह्म योग, इंद्र योग, सूर्य और उच्च के गुरु का पुष्य नक्षत्र संयोग आदि कई दुर्लभ और शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इस दिन किए जाने वाले पूजा-पाठ और उपायों के फल को कई गुना बढ़ा देंगे। यदि आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और कर्ज से मुक्ति चाहते हैं, तो इस शुभ संयोग में ये 5 विशेष उपाय जरूर करें। 1. केसर मिश्रित दूध से नारायण का अभिषेक देवशयनी एकादशी के शुभ संयोग में भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध या गंगाजल भरकर अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल और पीले फल अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। 2. तुलसी पूजा और दीपदान तुलसी जी को भगवान विष्णु की परम प्रिय माना गया है। एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते और न ही उनमें जल चढ़ाया जाता है, इसलिए केवल दीपदान और परिक्रमा ही करें। 3. विष्णु सहस्रनाम या स्तोत्र का पाठ चूंकि भगवान विष्णु इसके बाद चार महीनों के लिए निद्रा में चले जाएंगे, इसलिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए देवशयनी एकादशी पर 'विष्णु सहस्रनाम' या 'नारायण कवच' का पाठ अवश्य करें। यदि पाठ करना संभव न हो, तो इसे शांत मन से श्रवण करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-शांति का वास होता है। 4. पीले अनाज और वस्त्रों का दान शुभ योगों के इस महासंयोग में दान करने का महत्व बहुत बढ़ जाता है। इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को पीले रंग की वस्तुएं जैसे- चना दाल, केला, सोना, हल्दी, या पीले वस्त्र दान करें। इस दान से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। 5. पीपल के वृक्ष पर अर्घ्य और प्रार्थना शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। एकादशी के दिन सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें और शाम को वहां एक दीपक जलाकर अपनी मनोकामना कहें। यह उपाय कर्ज से मुक्ति दिलाने और अटके हुए धन को वापस पाने के लिए बेहद अचूक माना जाता है।
रांची। झारखंड के पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के रबदा गांव में सोमवार सुबह चाचा ने अपने ही 12 वर्षीय भतीजे की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान रबदा गांव निवासी साधु बैठा के 12 वर्षीय पुत्र रोशन बैठा के […] The post झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास की भेंट चढ़ा 12 वर्षीय मासूम, चाचा ने चाकू मारकर की भतीजे की हत्या appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मदरसों में अपनी नियुक्ति के लिए मान्यता की मांग करने वाले 350 शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की याचिका सोमवार को खारिज कर दी। पश्चिम बंगाल मदरसा सेवा आयोग अधिनियम 2008 को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ ने असंवैधानिक करार दिया था, जिसके बाद इन सभी […] The post सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल मदरसा स्टाफ की नियमतीकरण की याचिका खारिज की appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु के मदुरै में दो बसों की टक्कर से 5 लोगों की मौत, 42 घायल
चेन्नई। तमिलनाडु में मदुरै जिले के कोट्टमपट्टी के पास सोमवार तड़के एक निजी बस और तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम की बस की टक्कर से पांच लोगों की मौत हो गई और 42 अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतकों में चार पुरुष और एक महिला शामिल है। सभी घायलों को इलाज के लिए […] The post तमिलनाडु के मदुरै में दो बसों की टक्कर से 5 लोगों की मौत, 42 घायल appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को राज्य में गो-हत्या रोकने के लिए मद्रास हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश पर रोक लगा दी है। राज्य में अब गो-हत्या पर हाई कोर्ट के आदेश की वजह से बकरीद के समय लगा प्रतिबंध हट गया है। ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव पर रोक लगाने का आदेश दिया। विजय सरकार ने दी थी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती तमिलनाडु की सी जोसेफ विजय सरकार ने प्रदेश में गाय और बछड़े की हत्या पर पूरी तरह से बैन लगाने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस केस में तमिलनाडु सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की थी। ALSO READ: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती क्या थी सिंंघवी की दलील? सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट,1958 का विरोधाभासी है। इसके तहत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट के आधार पर 10 साल से ज्यादा उम्र की वह गाय, जो कि काम में इस्तेमाल या बच्चा देने लायक नहीं हैं, उनकी हत्या की अनुमति है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि मौजूदा कानून पशुओं के वध को नियंत्रित करते हैं, लेकिन वे इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं करते। गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद 27 मई, 2027 को तमिलनाडु में गो-हत्या पर पूर्ण पाबंदी वाला आदेश जारी किया था। अपने आदेश में मद्रास हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों को भी शामिल किया था, जिसमें कहा गया था कि बकरीद के लिए गाय की कुर्बानी आवश्यक नहीं है।
अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
तेहरान। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने दक्षिणी ईरान पर रविवार रात हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में सोमवार तड़के जॉर्डन, बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमरीका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर कथित हमलों को आधार बनाकर दक्षिणी […] The post अमरीकी हमलों के जवाब में ईरान ने तीन देशों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना appeared first on Sabguru News .
भारतीय कुश्ती के दिग्गज और अजेय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर संग्राम सिंह ने 19 जुलाई को कुआलालंपुर, मलेशिया में पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ होने वाली अपनी बहुप्रतीक्षित 'एशिया चैंपियन खिताब' की भिड़ंत से पहले पूरा आत्मविश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय तिरंगा लहराने के एकमात्र उद्देश्य के साथ रिंग (केज) में उतर रहे हैं। इस मुकाबले से जुड़ी आधिकारिक प्री-फाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के 'द ललित' होटल में आयोजित की गई। इस दौरान संग्राम सिंह, पीएमएमए (PMMA) मलेशिया के अध्यक्ष इस्माइल मरज़ुकी बिन, पीएमएमए के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला, आयोजन समिति के सदस्य, संग्राम की कोचिंग टीम के प्रतिनिधि और मीडिया कर्मी मौजूद रहे। भारत बनाम पाकिस्तान के इस मुकाबले ने कॉम्बैट स्पोर्ट्स (युद्धक खेलों) के प्रशंसकों के बीच पहले से ही भारी उत्साह पैदा कर दिया है, और इस मैच के विजेता को 'एशिया चैंपियन' का ताज पहनाया जाएगा। संग्राम सिंह का अब तक का सफर दो बार के राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) हेवीवेट कुश्ती चैंपियन और भारत के सबसे सम्मानित पेशेवर पहलवानों में से एक, संग्राम सिंह ने पेशेवर एमएमए (MMA) में कदम रखने के बाद से इतिहास रचा है। धमाकेदार शुरुआत: उन्होंने जॉर्जिया में पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को मात्र 90 सेकंड में हराकर अपने सफर की शानदार शुरुआत की थी। अजेय रिकॉर्ड: इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड में ट्यूनीशिया के हाकिम ट्रैबेल्सी और अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कौडियर पर जीत दर्ज की। वर्तमान में उनका पेशेवर एमएमए रिकॉर्ड 3-0 का है और वे अजेय हैं। ऐतिहासिक जीत: अर्जेंटीना में मिली उनकी जीत ने उन्हें अर्जेंटीना की धरती पर पेशेवर एमएमए मुकाबला जीतने वाला पहला भारतीय बना दिया। रिंग से इतर, संग्राम सिंह युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत 'फिट इंडिया आइकन' के रूप में काम करते हैं। उन्हें आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा 'स्वच्छ भारत और विकसित भारत' अभियानों के लिए ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया गया था। उनके इस अंतरराष्ट्रीय एमएमए अभियान को वैश्विक स्तर पर फिटनेस, स्वस्थ जीवन शैली और भारतीय एथलीटों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय का भी समर्थन प्राप्त है। संग्राम सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा: जब भी मैं केज (रिंग) में कदम रखता हूँ, तो मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि 145 करोड़ भारतीयों के लिए लड़ता हूँ। भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, चाहे खेल कोई भी हो, और मैं इस मुकाबले से जुड़ी भावनाओं को पूरी तरह समझता हूँ। मैंने अपने प्रतिद्वंद्वी के प्रति पूरे सम्मान और अनुशासन के साथ ट्रेनिंग की है, लेकिन एक बार जब केज बंद हो जाएगा, तो मेरा एकमात्र मिशन यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत का झंडा सबसे ऊपर लहराए। मेरा मानना है कि फिटनेस, समर्पण और मानसिक ताकत किसी भी एथलीट के सबसे बड़े हथियार होते हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव (IPS) ने कहा: “संग्राम सिंह उन मूल्यों के प्रतीक हैं जिन्हें भारतीय खेल बढ़ावा देना चाहते हैं—अनुशासन, लचीलापन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता। एक कुशल पहलवान से एक अजेय पेशेवर एमएमए एथलीट बनने का उनका सफर इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि कड़ी मेहनत से क्या हासिल किया जा सकता है। हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि भारतीय खिलाड़ी वैश्विक मंच पर नए खेलों में अपनी पहचान बना रहे हैं। हम संग्राम को शुभकामनाएं देते हैं क्योंकि वे इस महत्वपूर्ण चैंपियनशिप में देश की उम्मीदें लेकर जा रहे हैं। उनका यह सफर अनगिनत युवा भारतीयों को फिटनेस और खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।” उम्र के बंधन को तोड़ते हुए संग्राम ने आगे कहा: लोग 40 साल की उम्र के बाद एमएमए शुरू करने के मेरे फैसले पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन मैं यह साबित करना चाहता था कि जुनून की कोई उम्र नहीं होती। मेरा उद्देश्य सिर्फ खिताब जीतना नहीं है, बल्कि युवा भारतीयों को जीवन जीने के तरीके के रूप में फिटनेस, अनुशासन और खेलों को अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। मैं भारत सरकार, फिट इंडिया, युवा मामले और खेल मंत्रालय और उन सभी को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने मेरे इस सफर का समर्थन किया है। उनके कोच भूपेश कुमार ने भारतीय फाइटर पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा: संग्राम ने अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले दो वर्षों में उनकी कुश्ती की पृष्ठभूमि, उनके स्ट्राइकिंग (प्रहार) करने के तरीके, कंडीशनिंग और मानसिक क्रूरता में जबरदस्त सुधार हुआ है। हम आबिद अली का सम्मान करते हैं, लेकिन संग्राम भारत के लिए एक और यादगार प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खेल के जरिए एकता का संदेश PMMA मलेशिया के अध्यक्ष, इस्माइल मरज़ुकी बिन ने एशियाई कॉम्बैट स्पोर्ट्स के बढ़ते कद की सराहना की: एशिया चैंपियन खिताब एशिया में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स के भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है। भारत और पाकिस्तान में खेल को लेकर एक अलग ही जुनून है, और यह मुकाबला इस क्षेत्र से उभरती हुई बेहतरीन प्रतिभाओं को प्रदर्शित करेगा। हमें इस स्तर के एथलीटों को एक मंच पर लाने में गर्व और बेहद खुशी हो रही है। PMMA के सीईओ मोहम्मद हाकिम बिन लुकमान अब्दुल्ला ने कहा कि यह आयोजन खेल के माध्यम से एकता का प्रतीक है:कॉम्बैट स्पोर्ट्स में सम्मान, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा के जरिए देशों को एकजुट करने की अनूठी क्षमता होती है। हमें विश्वास है कि यह चैंपियनशिप एशिया की प्रमुख एमएमए प्रतियोगिताओं में से एक बनेगी, और हम संग्राम सिंह और आबिद अली जैसे विशिष्ट एथलीटों की भागीदारी की सराहना करते हैं। आयोजकों के अनुसार, एशिया चैंपियन खिताब की यह भिड़ंत हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान के बीच सबसे बड़े कॉम्बैट स्पोर्ट्स मुकाबलों में से एक होने की उम्मीद है। यह एशियाई फाइटर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। यूरोप और दक्षिण अमेरिका में जीत का परचम लहरा चुके अजेय संग्राम सिंह अब पाकिस्तान के आबिद अली के खिलाफ 'एशिया चैंपियन खिताब' के लिए भिड़ेंगे और अपने करियर में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सोमवार को केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष […] The post राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में सीबीआई जांच की मांग पर केंद्र, उप्र सरकार, ट्रस्ट को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस appeared first on Sabguru News .
सूर्य का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का नक्षत्र परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 20 जुलाई 2026 को सूर्य देव पुनर्वसु नक्षत्र से निकलकर शनि के स्वामित्व वाले और नक्षत्रों के राजा माने जाने वाले पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे इस नक्षत्र में 3 अगस्त 2026 तक विराजमान रहेंगे। सूर्य और शनि के बीच भले ही शत्रुता का भाव हो, लेकिन पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ, पोषण करने वाला और समृद्धि देने वाला माना गया है। जब मान-सम्मान के कारक सूर्य इस कल्याणकारी नक्षत्र में आते हैं, तो यह सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आता है। आइए जानते हैं कि इसगोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा। मेष राशि: सुख-सुविधाओं ALSO READ: सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल में वृद्धि मेष राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन बेहद शुभ है। कार्यक्षेत्र में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। भूमि, भवन या वाहन खरीदने के प्रबल योग बनेंगे। माता के पक्ष से पूरा सहयोग और लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृषभ राशि: करियर में मान-सम्मान और नई शुरुआत आपके लिए 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह गोचर एक नई ऊर्जा लेकर आ रहा है। करियर के क्षेत्र में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। किसी नए निवेश या प्रॉपर्टी संबंधी कार्यों में पैसा लगाना आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित होगा। सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा। मिथुन राशि: आर्थिक मजबूती और धन लाभ मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य का पुष्य नक्षत्र में जाना आर्थिक रूप से शानदार परिणाम देगा। आपकी वाणी के प्रभाव से अटके हुए काम पूरे होंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ या अचानक धन लाभ के योग हैं। निवेश करने के लिए यह समय बहुत उत्तम है। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा कर्क राशि: पद-प्रतिष्ठा में लाभ, पर वाणी पर रखें संयम कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में नए अवसर लाएगा, लेकिन चूंकि सूर्य शनि के नक्षत्र में हैं, इसलिए आपको कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों या बॉस के साथ वाद-विवाद से बचना चाहिए। अपने गुस्से और अहंकार पर काबू रखें तथा वाहन सावधानी से चलाएं। ALSO READ: मंगल का चंद्रमा के नक्षत्र में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मंगलदेव बरसाएंगे कृपा सिंह राशि: आत्मविश्वास में बढ़ोतरी और सफलता चूंकि सूर्य देव आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनके नक्षत्र बदलने से आपके आत्मविश्वास और पराक्रम में जबरदस्त इजाफा होगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। सरकारी क्षेत्रों या उच्च अधिकारियों से सीधा लाभ मिल सकता है। पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलेगी। कन्या राशि: किस्मत का मिलेगा पूरा साथ कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्यशाली रहेगा। आपके रुके हुए सरकारी काम पूरे होने की प्रबल संभावना है। छात्रों के लिए यह समय उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का संकेत दे रहा है। अपनी वाणी में विनम्रता बनाए रखें, काम अपने आप बनते चले जाएंगे। तुला राशि: सूझबूझ से मिलेगी स्थिरता तुला राशि के लिए यह गोचर जीवन में स्थिरता लेकर आ रहा है। यह समय आपको अनुशासित होकर काम करने की प्रेरणा देगा। जल्दबाजी में कोई भी व्यावसायिक समझौता या निर्णय न लें। पारिवारिक विवादों को बातचीत से सुलझाने का यह सबसे उत्तम समय है। वृश्चिक राशि: भाग्य का साथ और लाभकारी यात्राएं वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य के बंद दरवाजे खोल सकता है। आपके अटके हुए कामों को गति मिलेगी। छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है। व्यावसायिक या धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे, जो भविष्य में लाभदायक रहेंगी। धनु राशि: मिले-जुले परिणाम, सेहत का रखें ध्यान धनु राशि वालों के लिए यह गोचर मिले-जुले परिणाम देगा। आर्थिक मामलों में आपको थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। अचानक से कुछ अनपेक्षित खर्च सामने आ सकते हैं। इस दौरान खान-पान का ध्यान रखें और पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में कोई जल्दबाजी न दिखाएं। मकर राशि: सुख-समृद्धि का संचार चूंकि पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं और मकर राशि के स्वामी भी शनि हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए अत्यंत फलदायी साबित होगा। आर्थिक लाभ और पारिवारिक खुशहाली का योग है। आप लंबे समय से सोचे गए किसी बड़े प्रोजेक्ट को इस दौरान धरातल पर उतार सकते हैं। कुंभ राशि: विरोधियों पर विजय, पर सहकर्मियों से न उलझें कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में सफलता दिलाने वाला रहेगा। आप अपने शत्रुओं पर हावी रहेंगे। हालांकि, कार्यक्षेत्र में अपने वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें और अनावश्यक बहस से पूरी तरह दूर रहें। मीन राशि: फोकस बनाए रखने की जरूरत मीन राशि के जातकों को इस अवधि में अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह केंद्रित रहना होगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रेम संबंधों और प्रियजनों के साथ बातचीत करते समय थोड़ा पोलाइट (विनम्र) रहें, ताकि कोई गलतफहमी पैदा न हो। शुभ फल पाने के उपाय इस गोचर काल का अधिकतम लाभ उठाने के लिए: रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करें। नियमित रूप से ॐ आदित्याय नमः मंत्र का जाप करें। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन जरूरतमंदों की मदद करें।
‘जुरासिक पार्क’अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन
वेलिंगटन। हॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता और जुरासिक पार्क तथा द पियानो जैसी चर्चित फिल्मों में अपनी दमदार अभिनय क्षमता के लिए चर्चित सैम नील का निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे। नील का सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में निधन हो गया। उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर जारी बयान में कहा गया […] The post ‘जुरासिक पार्क’ अभिनेता सैम नील का 78 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Sabguru News .
आषाढ़ अमावस्या 2026: पितरों की कृपा पाने और पितृदोष से मुक्ति के 5 अचूक उपाय
हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, और जब बात आषाढ़ महीने की अमावस्या की हो, तो इसका आध्यात्मिक मूल्य और भी बढ़ जाता है। आषाढ़ अमावस्या को पितरों के तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य के लिए बेहद पवित्र माना गया है। यदि आपकी कुंडली में पितृदोष है या जीवन में बिना वजह परेशानियां आ रही हैं, तो इस दिन कुछ खास कार्य करके आप अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन 5 मुख्य कार्यों के बारे में, जिन्हें करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है। 1. पवित्र नदी में स्नान और तर्पण आषाढ़ अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी, सरोवर या तीर्थ स्थल पर स्नान करने का विधान है। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद अंजलि में जल, काले तिल, कुश और जौ लेकर पितरों का ध्यान करते हुए उन्हें तर्पण दें। ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और वे वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। ALSO READ: आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी और अमावस्या का संयोग आज, यदि कर लिए ये 5 कार्य तो चमक जाएगी किस्मत 2. पिंडदान और श्राद्ध कर्म यदि किसी कारणवश पूर्वजों की पुण्यतिथि पर उनका श्राद्ध न किया जा सका हो, तो आषाढ़ अमावस्या इसके लिए सर्वोत्तम तिथि है। इस दिन योग्य ब्राह्मणों के माध्यम से आदरपूर्वक पितरों के निमित्त पिंडदान या तर्पण करवाना चाहिए। दोपहर के समय (कुतुप मुहूर्त में) किया गया श्राद्ध सीधे पितरों तक पहुंचता है और इससे कुंडली में मौजूद गंभीर से गंभीर पितृदोष भी शांत होता है। 3. पंचबलि भोग और ब्राह्मण भोज अमावस्या के दिन सात्विक भोजन बनाएं और उसका एक हिस्सा सबसे पहले अग्नि को समर्पित करें। इसके बाद शास्त्रों के अनुसार 'पंचबलि' निकालें, यानी भोजन के पांच हिस्से करके उन्हें क्रमशः गाय, कुत्ते, कौए, देवादि और चींटियों को खिलाएं। इसके उपरांत आदरपूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार वस्त्र, अनाज या दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें। माना जाता है कि कौए और गाय के रूप में पितर ही हमारा दिया भोग स्वीकार करते हैं। ALSO READ: हलहारिणी अमावस्या की पौराणिक कथा 4. पीपल के वृक्ष की पूजा और दीपदान पीपल के पेड़ में देवताओं के साथ-साथ पितरों का भी वास माना गया है। आषाढ़ अमावस्या के दिन सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल में दूध, काले तिल और गंगाजल मिलाकर अर्पित करें। इसके बाद शाम के समय पीपल के जड़ के पास सरसों के तेल का एक दीपक (दीपदान) जलाएं और अपने पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें। ध्यान रहे कि इस दिन पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है। 5. तिल, अन्न और गुप्त दान अमावस्या की तिथि दान के बिना अधूरी मानी जाती है। इस दिन जरूरतमंदों या किसी गरीब व्यक्ति को काले तिल, सफेद वस्त्र, छाता, चप्पल, घी या मौसमी फलों का दान करें। आषाढ़ के महीने में गर्मी और बारिश का मौसम होता है, इसलिए इस समय जल का दान करना (जैसे प्याऊ लगवाना या पानी का मटका दान करना) महापुण्य का काम माना जाता है। इस प्रकार के दान से पितर अत्यंत प्रसन्न होकर घर में खुशहाली का वरदान देते हैं। ALSO READ: Halharini Amavasya 2026: हलहारिणी अमावस्या कब है, क्या करते हैं इस दिन? ALSO READ: Halharini Amavasya: हलहारिणी अमावस्या पर किए जाने वाले पितृ दोष निवारण के 10 विशेष उपाय
अजमेर कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका, नगर निगम में फहराता रहा
अजमेर। कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर केन्द्र सरकार द्वारा घोषित एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक के तहत अजमेर कलेक्ट्रेट में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। वहीं प्रशासनिक अनदेखी के चलते नगर निगम की भव्य इमारत पर ध्वज यथावत फहराता रहा। सामान्य प्रशासन (प्रोटोकॉल) विभाग द्वारा जारी आदेश […] The post अजमेर कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका, नगर निगम में फहराता रहा appeared first on Sabguru News .
सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट
छपरा। बिहार में सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र में खेत में अकेली काम करने गयी एक युवती से दुष्कर्म करने वाले चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि डुमरी गांव की एक युवती अकेले अपने खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान उसे खेत में […] The post सारण : खेत में काम करने गई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, 4 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बालोतरा : ट्रेलर के पीछे कार के टकराने से 5 लोगों की मौत, 3 घायल
बालोतरा। राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपादरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात को ट्रेलर के पीछे स्कॉर्पियो कार के टकराने से पांच लोगों की मौत हाे गई जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गये हैं। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि बीती देर रात भांडियावास के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो […] The post बालोतरा : ट्रेलर के पीछे कार के टकराने से 5 लोगों की मौत, 3 घायल appeared first on Sabguru News .
वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सिगरा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार शाम को पुलिस ने छापेमारी कर देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए पांच युवतियों, दो ग्राहकों तथा होटल के दो संचालकों समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि अनैतिक देह व्यापार की सूचना पर […] The post वाराणसी में होटल पर पुलिस का छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .
London Trip: प्रधानमंत्री से पब्लिक तक मेट्रो, सिटी बस में सफर करते हैं
London Trip 3: लंदन की यातायात व्यवस्था पर नजर डालते हैं। वहां मेट्रो और सिटी बसों की बात करते हैं। मेट्रो को वहां अंडरग्राउंड व ट्यूब कहते हैं। लंदन शहर की आबादी 91 लाख है तो उपनगरों को मिलाकर डेढ़ करोड़ लोग रहते हैं। वहां यातायात का प्रमुख साधन लोक परिवहन ही है। याने मेट्रो व सिटी बस। 543 मेट्रो में रोजाना 32 लाख लोग यात्रा करते हैं। इनमें कुल 4 हजार डिब्बे लगे होते हैं। ये शुक्रवार, शनिवार को 24 घंटे चलती हैं, जबकि अन्य दिनों में सुबह 5 से रात 12 बजे तक। दूसरी तरफ करीब 9 हजार डबल डेकर सिटी बस में 50 लाख लोग सफर करते हैं। यहां की मेट्रो दुनिया की पहली सेवा है, जो 1863 में प्रारंभ हुई थी, जब और कहीं सोचा भी नहीं जा रहा होगा। 272 स्टेशन के साथ 402 किमी लंबे मार्ग पर यह यात्रा होती है। इसे मुंबई के साथ देखें तो यहां आबादी शहर की 2 करोड़ है और उपनगर सहित 2.35 करोड़ है। 2342 लोकल ट्रेन चलती हैं, जिनमें रोजाना 75 लाख लोग यात्रा करते हैं। वहीं 2600 सिटी बसों में 25 लाख लोग सफर करते हैं। ALSO READ: Trip To London : लंदन में न सड़क पर धरने-प्रदर्शन, न चक्का जाम चूंकि इन दिनों इंदौर में मेट्रो का काम चल रहा है और आंशिक रूप से शुरू भी हुई है तो इस पर बात करते हैं। इंदौर की आबादी करीब 35 लाख है। मेट्रो को पूरी तरह से शुरू होने में न्यूनतम 5 वर्ष तो लगेंगे ही। तब तक लोक परिवहन के तौर पर सिटी बस,ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, नगर सेवा पर निर्भरता है। इंदौर में 35 लाख की आबादी पर 16.33 लाख दो पहिया व 3.38 लाख चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं। इनमें कुछ आसपास के इलाकों के भी होंगे। यहां 5.88 लाख आवास हैं। इसका मतलब प्रत्येक दूसरे घर में कार है और प्रत्येक घर में औसत तीन दो पहिया वाहन है। जबकि लंदन की 90 लाख आबादी 37 लाख घरों में रहती है। यहां 80 प्रतिशत लोग मेट्रो व सिटी बस में सफर करते हैं। ALSO READ: Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे वहां 26.3 लाख कारें व 1.30 लाख दोपहिया वाहन पंजीकृत हैं। वहां अत्यधिक धनी व्यक्ति ही कार में आना-जाना करता है, क्योंकि शहर में पार्किंग बहुत मंहगी है। सेंट्रल लंदन में दिन भर के लिए 15 से 50 पाउंड (एक पाउंड 130 रुपए का है) तक चार्ज हैं, भले ही एक घंटे में वापस चले जाएं। मोहल्लों में भी बाहरी व्यक्ति को सड़क के दोनों ओर कार पार्क करने की अनुमति तो मिलती है, लेकिन उसके भी चार्ज हैं, जो 4.90 से 7.20 पाउंड (529 से 760 रुपए) तक है। रहवासी के लिए मासिक शुल्क है। याने वहां फ्री फोकट में कुछ नहीं है। मेट्रो में एक रूट के 6 पाउंड लगते हैं, लेकिन 16 पाउंड में दिन भर किसी भी रूट पर आ-जा सकते हैं। इंदौर में लोक परिवहन की दयनीय स्थिति किसी से छुपी नहीं है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि हम लोक परिवहन का उपयोग करना भी नहीं चाहते। हमें ठेठ दुकान व घर तक अपने ही वाहन से जाना है। मेट्रो को तो अभी गिनें ही नहीं। तब लोक परिवहन में केवल 350 सिटी बसें हैं। 20 हजार ऑटो रिक्शा व 8 हजार ई-रिक्शा हैं। 20 लाख पंजीकृत कार-दोपहिया में से यदि 5 लाख भी इंदौर की सड़क पर चलते होंगे तो कल्पना कर लीजिए कि शहर में यातायात का किस कदर सत्यानाश होता रहेगा। वैसे, लोक परिवहन का उपयोग एक आदत होती है, जो हमारी अभी तो नहीं है। हम स्वयं के वाहन से ही आना-जाना अपनी शान समझते हैं, जबकि लंदन या यूरोप में प्रधानमंत्री, मंत्री, मेयर, अधिकारी, करोड़पति, सेलिब्रिटी भी मेट्रो में सफर कर लेते हैं। (क्रमश:)। लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।
बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर
बैंकॉक। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के मनोरम चतुचक जिले में रविवार देर रात एक बार में भीषण आग लगने से कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार 63 से अधिक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। […] The post बैंकॉक के बार में भीषण आग, 27 लोगों की मौत, 22 की हालत गंभीर appeared first on Sabguru News .
आमिर खान-गौरी स्प्रैट की शादी बनी राजनीतिक मुद्दा, नितेश राणे बोले- 'क्या इसे लव जिहाद का उदाहरण माना जाए बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी अब सिर्फ निजी जिंदगी की खबर नहीं रह गई है, बल्कि इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इस तरह के मामलों को ‘लव जिहाद’ के उदाहरण के तौर पर देखा जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। नितेश राणे ने सेलिब्रिटीज को लेकर कही बड़ी बात अहिल्यानगर जिले के शिरडी में एक कार्यक्रम के दौरान नितेश राणे ने कहा कि जब बड़ी हस्तियां अपनी निजी जिंदगी में इस तरह के फैसले लेती हैं, तो समाज को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों से अपील की कि वे किसी भी सेलिब्रिटी को समर्थन देने से पहले सोच-समझकर फैसला लें। राणे ने सवाल उठाते हुए कहा कि ‘लव जिहाद’ का चेहरा कौन है और क्या आमिर खान इस तरह की चर्चा का हिस्सा नहीं बन रहे हैं? उन्होंने कहा कि जो युवा उनकी फिल्मों को देखते हैं और उन्हें बड़ा स्टार बनाते हैं, उन्हें भी ऐसे मामलों पर अपनी राय बनाते समय सोचने की जरूरत है। फिल्मों के बहिष्कार को लेकर भी दिया बयान मंत्री नितेश राणे ने यह भी कहा कि लोगों को यह तय करना चाहिए कि वे किन हस्तियों को अपना समर्थन देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसी हस्तियों को सेलिब्रिटी का दर्जा देते हैं, उन्हें अपने फैसलों और सोच पर दोबारा विचार करना चाहिए। 5 जुलाई को आमिर खान ने की तीसरी शादी गौरतलब है कि अभिनेता आमिर खान ने 5 जुलाई को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने पाली हिल आवास पर एक निजी समारोह में शादी की थी। उन्होंने वेलनेस और ब्यूटी प्रोफेशनल गौरी स्प्रैट के साथ नई जिंदगी की शुरुआत की। दोनों शादी से पहले करीब एक साल तक रिलेशनशिप में थे। रीना दत्ता और किरण राव के बाद गौरी बनीं आमिर की जीवनसाथी आमिर खान की यह तीसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता से पहली शादी की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्ममेकर किरण राव से दूसरी शादी की, लेकिन बाद में दोनों का तलाक हो गया। अब आमिर खान ने गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की है।
गुप्त नवरात्रि 2026: पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, जानें पूजा का सही समय
साल 2026 में आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई, 2026, दिन बुधवार से शुरू होकर 23 जुलाई, 2026, दिन गुरुवार तक रहेगी। इस नवरात्रि में साधना का खास महत्व माना गया है। यदि आप पूजा और साधना करने जा रहे हैं तो जानिए कलश स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त। कलश,तिथि,घटस्थापना मुहूर्त: कलश और घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 06:09 बजे से 10:33 तक। पूजा का शुभ मुहूर्त: दिन में 10:49 से 12:30 तक, शाम को 5:33 से 7:15 और 8:37 से 9:56 तक। प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ- 14 जुलाई 2026 को मध्यरात्रि 03:12 बजे से। प्रतिपदा तिथि समाप्त- 15 जुलाई 2026 को सुबह 11:50 बजे तक। नवरात्रि की शुरुआत: कैसे करें सही समय पर घटस्थापना और क्यों जरूरी हैं नियम? शारदीय हो या गुप्त, नवरात्रि की नौ दिवसीय दिव्य उत्सव का आगाज़ 'घटस्थापना' (जिसे हम कलश स्थापना भी कहते हैं) के साथ होता है। यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि साक्षात आदि शक्ति माँ दुर्गा का अपने घर में आह्वान करने का सबसे पवित्र अनुष्ठान है। हमारे शास्त्रों में इसके लिए बेहद कड़े और स्पष्ट नियम बताए गए हैं, क्योंकि माना जाता है कि गलत समय पर की गई घटस्थापना से देवी मां रुष्ट भी हो सकती हैं। इसीलिए, अमावस्या के दिन और रात के समय कलश स्थापना करना पूरी तरह वर्जित है। मूर्हत का सही गणित: कब करें स्थापना? कलश स्थापना के लिए समय का सही चुनाव करना बेहद जरूरी है। इसके लिए शास्त्रों में कुछ विशेष नियम तय किए गए हैं: प्रतिपदा का पहला तिहाई भाग: प्रतिपदा तिथि के दिन का शुरुआती एक-तिहाई हिस्सा घटस्थापना के लिए सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। अभिजित मुहूर्त का विकल्प: यदि किसी कारणवश आप सुबह के शुभ समय में स्थापना न कर पाएं, तो दोपहर का 'अभिजित मुहूर्त' सबसे श्रेष्ठ बैकअप प्लान है। मध्याह्न से पहले का नियम: सबसे जरूरी बात यह ध्यान रखनी चाहिए कि घटस्थापना हमेशा हिंदू मध्याह्न (दोपहर) से पहले, प्रतिपदा तिथि रहते ही कर ली जाए। नक्षत्र, योग और लग्न का खास तालमेल मुहूर्त की गणना करते समय ज्योतिषीय पहलुओं का भी पूरा ध्यान रखा जाता है: किसे टालें: कलश स्थापना के समय 'चित्रा नक्षत्र' और 'वैधृति योग' को टालने की सलाह दी जाती है। हालांकि ये पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं हैं, फिर भी इनसे बचना बेहतर माना जाता है। द्वि-स्वभाव लग्न (कन्या लग्न): ज्योतिष में शुभ काम के लिए द्वि-स्वभाव लग्न को प्राथमिकता दी जाती है। शारदीय नवरात्रि के दौरान सूर्योदय के समय कन्या लग्न (जो कि द्वि-स्वभाव लग्न है) प्रभावी होता है। इसलिए यदि समय अनुकूल हो, तो इसी लग्न में घटस्थापना करना बेहद शुभ होता है। भूलकर भी इन समयों पर न करें कलश स्थापना शास्त्रों के अनुसार, कुछ समय ऐसे होते हैं जब शुभ शक्तियां सुप्त होती हैं या उनका प्रभाव कम होता है। इसलिए निम्नलिखित समय पर घटस्थापना कभी न करें: दोपहर का समय (मध्याह्नकाल) रात्रि का समय सूर्योदय होने के बाद के 16 घटी (लगभग 6 घंटे 24 मिनट) बीत जाने के बाद का समय। (नोट: यदि आप इस वर्ष की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए आप संपूर्ण आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कैलेंडर की मदद से सटीक तिथियां देख सकते हैं।)
सबसे तेज आधा दर्जन मैच हारने वाले पहले भारतीय T-20I कप्तान बने श्रेयस अय्यर
भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तान नियुक्त किए गए श्रेयस अय्यर की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को आयरलैंड से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर वह पहले मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 0-4 से हार गई। इस कारण वह सबसे तेज गति से बतौर कप्तान पहले आधा दर्जन मैच हारने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैँ। इससे पहले बतौर कप्तान आधा दर्जन मैच हारने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को 16-16 मैच लगे थे और महेंद्र सिंह धोनी और सूर्याकुमार यादव को 33-33 मैच लगे थे । इसमें सबसे हैरत की बात यह है कि श्रेयस अय्यर को अभी भी एक टॉस हारना बाकी है। The way this guy keeps cooking Shreyas Iyer is unreal. pic.twitter.com/52ry2EJNBV — Ahmed Says (@AhmedGT_) July 11, 2026 अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें मैच में हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अपेक्षाओं से निपटना वास्तव में मुश्किल नहीं है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। प्रत्येक व्यक्ति भारतीय टीम की कप्तानी करने और शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी संभालने का सपना देखता है। निश्चित रूप से मुझे दबाव पसंद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना, इन मैच से सीखना निश्चित रूप से मुझे आगे चलकर बेहतर बनाएगा। मेरी अभी की सोच यही है। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा हूं कि लोग इस श्रृंखला के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि अच्छा और बुरा इस खेल का अभिन्न अंग है।’’अय्यर ने कहा कि टीम के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यही आगे सफलता की कुंजी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में मुझे इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक रहना होगा कि मैं विशेषकर विदेश की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने में कैसे मदद कर सकता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया (अगला टी20 विश्व कप) खेलना है। उससे पहले हमें कई अन्य स्थानों पर खेलना है। हमारा लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके। भविष्य के लिए हमारी यही योजना है।’’ भारत को शनिवार को पांचवें और अंतिम टी20 मैच में 56 रन से हार का सामना करना पड़ा और अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम इस दौरे के दौरान परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी से ढल नहीं पाई। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हम जितनी जल्दी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा सकते थे, वैसा करने में नाकाम रहे। यह पहली चुनौती थी। दूसरी चुनौती उनका हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन करना रहा। इसलिए मुझे लगता है कि इन सब कारण से हमें हार मिली।’’
पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के लिए अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद के भाड़ज इलाके में आयोजित एक महा-अभियान के तहत, महज एक घंटे के भीतर मियावाकी पद्धति से 3 लाख 61 हजार से अधिक पौधे लगाकर 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' (Guinness World Record) स्थापित किया गया है। लगभग 91,006 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में चलाया गया यह अभियान शहर के पर्यावरणीय विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा गांधीनगर लोकसभा के सांसद अमित शाह की गरिमामयी उपस्थिति और मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शहरी विकास मंत्री, अहमदाबाद के मेयर, मुख्य सचिव और म्युनिसिपल कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित थे। उत्तर-पश्चिम जोन के थलतेज वार्ड में गोता-गोधवी कैनाल के पास स्थित इस स्थल पर सभी गणमान्य लोगों ने खुद पौधा लगाकर अपना अमूल्य योगदान दिया। 25 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की सक्रिय जनभागीदारी इस महा-अभियान की भव्य सफलता के पीछे एक अनुकरणीय जनभागीदारी रही। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए AMC के सभी विभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल बोर्ड, BAPS संस्था, CREDAI, पुलिस स्टाफ, NCC के छात्र और विभिन्न शैक्षणिक व सामाजिक संगठनों (NGOs) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 25,000 से अधिक उत्साही स्वयंसेवकों और पर्यावरण-प्रेमी नागरिकों ने एक साथ मिलकर श्रमदान किया और इस रिकॉर्ड-ब्रेकिंग अभियान को हकीकत में बदला। मियावाकी पद्धति और 35 स्थानीय प्रजातियों का बेहतरीन समन्वय इस वृक्षारोपण अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जापानी 'मियावाकी पद्धति' का उपयोग किया गया है, जो बहुत कम समय में घने जंगल तैयार करने के लिए जानी जाती है। इसके तहत पर्यावरण के अनुकूल करीब 35 स्थानीय (Indigenous) प्रजातियों के पौधे रोपे गए हैं। ये स्वदेशी पेड़ भविष्य में जैव विविधता के संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी, कार्बन सोखने, तापमान नियंत्रण और शहर के ग्रीन कवर को बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सतत शहरी विकास और वैश्विक स्तर पर मिली नई पहचान अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित यह वैश्विक रिकॉर्ड केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सौंपने के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। इस अभियान के जरिए अहमदाबाद ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी एक मजबूत और नई पहचान बनाई है। जनभागीदारी और प्रशासन के इस बेहतरीन तालमेल से लिया गया यह कदम अहमदाबाद को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सतत (Sustainable) शहर बनाने की दिशा में आगे ले जाएगा।
जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया घटना की निंदा करते हुए न्यायपालिका में घटते जनविश्वास, न्यायिक स्वतंत्रता और न्याय व्यवस्था की चुनौतियों पर अपने विचार रखे हैं
Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?
Monsoon Immunity Tips: बारिश का मौसम जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर यह कई मौसमी बीमारियों और संक्रमणों का खतरा भी बढ़ा देता है। विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां मानसून के दौरान तेजी से फैल सकती हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बन जाता है, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में केवल स्वादिष्ट मानसूनी व्यंजनों का आनंद लेना ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। ALSO READ: बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा अगर आप भी इस मानूसन में बीमार पड़ने के बजाय रिमझिम फुहारों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो इन 5 आसान टिप्स को अपनाकर आप खुद को बिल्कुल फिट रख सकते हैं: 1. डाइट में करें थोड़ा बदलाव यानी खान-पान पर कंट्रोल बारिश के मौसम में पकौड़े और चाट-पकौड़ी खाने का मन सबसे ज्यादा करता है, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है। स्ट्रीट फूड से तौबा: इस मौसम में बाहर का खुला खाना, कटी हुई सब्जियां, फल और गंदा पानी 'टायफायड' और 'डायरिया' जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं। इसलिए बाहर खाने से बचें। हरी पत्तेदार सब्जियों को कहें 'ना': बारिश में पालक, मेथी, बंदगोभी जैसी पत्तेदार सब्जियों में कीड़े और बैक्टीरिया पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर खाएं भी, तो उन्हें गुनगुने पानी और नमक से अच्छी तरह धोकर, उबालकर ही खाएं। इम्यूनिटी बूस्टर अपनाएं: अपनी चाय या काढ़े में अदरक, तुलसी, काली मिर्च, लौंग और हल्दी का इस्तेमाल बढ़ा दें। 2. पानी उबालकर ही पीएं मानसून में जल जनित रोग बहुत तेजी से फैलते हैं क्योंकि इस मौसम में पीने के पानी के सोर्स जल्दी दूषित हो जाते हैं। हमेशा पानी को उबालकर और छानकर पीएं। अगर आप ट्रेवल कर रहे हैं, तो केवल सीलबंद भरोसेमंद ब्रांड का ही पानी पीएं। शरीर को हाइड्रेटेड रखना इस मौसम में भी उतना ही जरूरी है जितना गर्मी में। 3. पर्सनल हाइजीन/ व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें खास ध्यान नमी के कारण इस मौसम में फंगल इन्फेक्शन और स्किन एलर्जी बहुत आम हो जाती है। भीगने पर तुरंत नहाएं: अगर आप बारिश के पानी में भीग गए हैं, तो घर आकर साफ पानी और एंटी-बैक्टीरियल साबुन से तुरंत नहाएं और खुद को अच्छी तरह सुखाएं। गीले कपड़े और जूते न पहनें: कपड़ों या जूतों में थोड़ी भी नमी हो, तो उन्हें न पहनें। फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए पैरों को साफ और सूखा रखें। एक छोटा सा मंत्र: इस मौसम में 'ताजा खाएं, उबला पानी पीएं और एक्टिव रहें'। मानसून का मजा तभी है जब आपकी सेहत एकदम चकाचक हो! 4. घर के अंदर ही करें वर्कआउट बारिश की वजह से अक्सर मॉर्निंग वॉक या जिम जाना छूट जाता है, जिससे लोग सुस्त महसूस करने लगते हैं। लेकिन फिटनेस से नो कॉम्प्रोमाइज! अगर बाहर बारिश हो रही है, तो घर के अंदर ही योग, स्ट्रेचिंग, जुम्बा या स्किपिंग/ रस्सी कूदना जैसे कार्य करें। आप 20-30 मिनट का कोई भी होम वर्कआउट यूट्यूब की मदद से कर सकते हैं। इससे आपका मेटाबॉलिज्म सही रहेगा और वजन भी कंट्रोल में रहेगा। 5. मच्छरों से रहें सावधान मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां मानसून की ही देन हैं क्योंकि जमा पानी में मच्छर तेजी से अंडे देते हैं। अपने घर के आसपास, कूलरों में, गमलों या टायरों में पानी जमा न होने दें। सोते समय मच्छरदानी या मॉस्किटो रिपेलेंटका इस्तेमाल जरूर करें। पूरी आस्तीनके कपड़े पहनें। ALSO READ: Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
14 साल पहले 'कॉकटेल' ने बदली थी दीपिका पादुकोण की किस्मत, वेरोनिका आज भी है फैंस की फेवरेट
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण, सैफ अली खान और डायना पेंटी स्टारर फिल्म 'कॉकटेल' को रिलीज हुए 14 साल पूरे हो गए हैं। दीपिका पादुकोण ने होमी अदजानिया द्वारा डायरेक्टेड फिल्म 'कॉकटेल' में रिबेलियस वेरोनिका की भूमिका निभाकर सभी को चौंका दिया था। यह परफॉर्मेंस उनके बेहतरीन करियर की सबसे खूबसूरत और वर्सेटाइल किरदारों में से एक माना जाता है। यह खास भूमिका दीपिका पादुकोण के करियर में एक अहम मोड़ साबित हुई और यह उनकी सबसे यादगार परफॉर्मेंस में से एक बन गई। पेचीदा किरदार होने के बावजूद, दीपिका के वेरोनिका के किरदार में मौजूद रॉ, परफेक्ट न होने ने दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाया है, और यही वाह सारी चीजें हैं जिसने फिल्म को सबसे यादगार किरदारों में से एक बना दिया है। ALSO READ: ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल वेरोनिका एक कॉम्प्लिकेटेड इंसान थीं। उसके माता-पिता और अब तक के पार्टनर्स ने उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया था, और समाज ने उसे 'ईजी गर्ल' का नाम दे दिया था। इन निर्णयों से बचने और अपने कोमल, संवेदनशील स्वभाव को फिर से खोजने की उसकी कहानी ने उसे दर्शकों से रिलेट करने वाला और दिलचस्प बना दिया। लोगों को दीपिका की परफॉर्मेंस बहुत पसंद आई, क्योंकि उसमें हंसी, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का बेहतरीन मेल था। फिल्म में उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया जिसे समाज ने धोखा दिया, लेकिन वह अपने अनोखे तरीके से लड़ने के लिए तैयार थी। यह किरदार हर किसी के साथ कनेक्ट करता है, चाहे उनकी उम्र, समय या लिंग कुछ भी हो। दिलचस्प बात यह है कि दीपिका को पहले शांत स्वभाव वाली मीरा का किरदार निभाने का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने अपनी सूझबूझ पर भरोसा किया और वेरोनिका का किरदार निभाने का फैसला किया। उनका यह फैसला ने उनके करियर के लिए न सिर्फ बेहतर बल्कि बड़ा टर्निंग प्वाइंट भी साबित हुआ। इस किरदार के बारे में एक बार बात करते हुए दीपिका पादुकोण ने एक इंटरव्यू में कहा था, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जब आप अपने हर किरदार में खुद का एक छोटा सा हिस्सा डालते हैं, तो आप उस किरदार का एक हिस्सा हमेशा अपने साथ रखते हैं। और इसलिए, वेरोनिका हमेशा मेरे द्वारा स्क्रीन पर निभाए गए सबसे खास किरदारों में से एक रहेगी; एक ऐसा किरदार जिसने मेरे लिए प्रोफेशनल रूप से बहुत कुछ बदला और मुझे पर्सनली प्रभावित किया। आज की तारीख में दीपिका पादुकोण भारत की सबसे बड़ी फीमेल स्टार और एक ग्लोबल आइकॉन हैं। फिल्म कॉकटेल ने उनके करियर को बदल दिया और एक एक्टर के रूप में उनकी वर्सेटिलिटी को दिखाया, जिससे साबित हुआ कि वह इंडस्ट्री की सबसे टैलेंटेड और एक्टिव स्टार्स में से एक हैं।
4 बड़े बच्चों की मां नहीं बनना चाहती थीं हेमा मालिनी, मां के कहने पर साइन की थी 'बागबान'
बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' यानी हेमा मालिनी ने अपने दशकों लंबे करियर में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी हैं। उन्होंने पर्दे पर जो भी किरदार निभाया, उसे हमेशा के लिए अमर कर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक 'बागबान' (2003) को हेमा मालिनी लगभग रिजेक्ट करने वाली थीं? हेमा मालिनी इस फिल्म में काम करने के मूड में बिल्कुल नहीं थीं। आइए जानते हैं उस दिलचस्प किस्से के बारे में, जिसने हेमा मालिनी के करियर को एक नया मोड़ दे दिया। ALSO READ: 'धमाल 4' की कमाई में दूसरे दिन 50% का उछाल, शनिवार को किया इतना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन साल 2003 में जब निर्देशक रवि चोपड़ा पारिवारिक ड्रामा फिल्म 'बागबान' की स्क्रिप्ट लेकर हेमा मालिनी के पास पहुंचे, तो कहानी सुनकर हेमा असमंजस में पड़ गईं। दरअसल, हेमा मालिनी लंबे समय के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही थीं। एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा करते हुए हेमा मालिनी ने बताया था, जब रवि चोपड़ा मुझे 'बागबान' की कहानी सुना रहे थे, तो मेरी मां (जया चक्रवर्ती) भी वहीं बैठी हुई थीं। कहानी सुनने के बाद मैंने अपनी मां से धीरे से कहा कि इसमें तो 4 इतने बड़े लड़कों की मां का रोल है, मैं भला यह कैसे कर सकती हूं? लंबे समय बाद वापसी करते हुए मुझे इस तरह के रोल से शुरुआत क्यों करनी चाहिए? हेमा मालिनी को डर था कि इतने बड़े बच्चों की मां का किरदार निभाने से उनकी 'ड्रीम गर्ल' वाली इमेज पर असर पड़ सकता है। हेमा मालिनी भले ही इस रोल को लेकर तैयार नहीं थीं, लेकिन उनकी मां जया चक्रवर्ती को फिल्म की स्क्रिप्ट में छिपा हुआ जादू समझ आ गया था। उन्होंने तुरंत हेमा की हिचकिचाहट को खारिज कर दिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हेमा मालिनी ने आगे बताया था, मेरी मां ने मुझसे कहा— 'नहीं-नहीं, तुम्हें यह फिल्म हर हाल में करनी ही होगी। इस फिल्म की कहानी बहुत खूबसूरत है और तुम्हारा किरदार बेहद दमदार है।' मां के बार-बार समझाने और उनके दबाव के बाद आखिरकार मैंने कहा, ठीक है, मैं यह फिल्म करूंगी। मल्टीस्टारर 'बागबान' और अमिताभ-हेमा की एवरग्रीन केमिस्ट्री रवि चोपड़ा के निर्देशन में बनी 'बागबान' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक कल्ट क्लासिक बन चुकी है। फिल्म में हेमा मालिनी के अपोजिट बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन नजर आए थे। सालों बाद जब यह जोड़ी स्क्रीन पर लौटी, तो उनकी केमिस्ट्री ने आग लगा दी।
24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया। दुनियाभर के मिलिट्री एक्सपर्ट्स बोले- रूस 24 घंटे के भीतर यूक्रेन को घुटनों पर ला देगा। लेकिन 4 साल, 4 महीने और 18 दिन की जंग के बाद रूस खुद बेहाल दिख रहा है। राष्ट्रपति पुतिन ने जंग के दौरान पहली बार माना कि देश मुश्किल में है। क्या छोटा-सा यूक्रेन वाकई सुपरपावर रूस को हरा देगा; मंडे मेगा स्टोरी में 4 चैप्टर्स में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और विपुल शर्मा ------- ये खबर भी पढ़िए… मेलोनी की सिगरेट, पुतिन का अमर होने वाला प्लान:वर्ल्ड लीडर्स आपस में क्या बातें करते हैं; पीएम मोदी कैसे करते हैं तैयारी 16 जून 2026। G7 की सालाना बैठक से पहले अनौपचारिक बातचीत चल रही थी। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी बोलीं- आज सुबह 3 कॉफी पीकर आई हूं। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने फौरन पूछा- और एक सिगरेट? ये गपशप वायरल हो गई। लोगों ने देखा कि दुनिया के सबसे ताकतवर लोग भी आपस में हम-आप जैसे ही बातें करते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक
नई दिल्ली। भारत ने कतर के दिवंगत अमीर शेख हमद बिन ख़लीफ़ा अल-थानी के सम्मान में देशभर में सोमवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कतर के अमीर का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शोक के दिन पूरे देश में उन सभी भवनों पर, जहां नियमित […] The post कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक appeared first on Sabguru News .
बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से 226 कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संघ के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा, शाखा विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन, […] The post RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में शाखा विस्तार, जनगणना, नशा मुक्ति और शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर हुआ मंथन appeared first on Sabguru News .
श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार […] The post श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव appeared first on Sabguru News .
नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को यहां पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया […] The post नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात appeared first on Sabguru News .
अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ा गांव नैथला में रविवार सुबह खेत की तारबंदी को लेकर दो सगे भाइयों के परिवाराें में हुए खूनी संघर्ष में 13 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मालाखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल मालाखेड़ा अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार […] The post अलवर में खेत की तारबंदी को लेकर दो भाइयों के परिवार भिड़े, 13 घायल appeared first on Sabguru News .
ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के पिछोर-डबरा थाना क्षेत्र में घर में अकेली महिला से कथित दुष्कर्म और उसके पति से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी ननदोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 28 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि शनिवार रात उसका पति खेत पर सिंचाई के […] The post ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार को खेत में बने कुंड में नहाने गए दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारापुर गांव के छह बच्चे रविवार दोपहर को गांव के पास स्थित एक खेत में छोटे कुंड में नहाने गए थे। नहाने के दौरान […] The post अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत appeared first on Sabguru News .
जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़
दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग ने किया सेवा कार्य अजमेर। श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग, अजमेर की सरावगी मोहल्ला इकाई की ओर से जीवदया के तहत नागफानी स्थित आनंद गोपाल गौशाला में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान 200 अशक्त गोवंश को हरा चारा एवं गुड़ अर्पित […] The post जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़ appeared first on Sabguru News .
गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा; यानी साधक और शिष्य जिस दिन की अत्यंत उत्सुकता (आतुरता) से प्रतीक्षा करते हैं, वह गुरु पूर्णिमा का मंगलमय दिन है। शिष्य के संपूर्ण जीवन में समाए हुए सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ गुरु के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए, और साधना के अगले लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लेने के लिए […] The post गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व appeared first on Sabguru News .
UK Lottery Cath Main Story: भारत में अक्सर कहा जाता है कि किस्मत कब किसी को राजा बना दे और कब एक पल में सब कुछ छीन ले, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है. ब्रिटेन के साउथ वेल्स (South Wales) से सामने आई एक बेहद हैरान करने वाली घटना ने इस कहावत को शत-प्रतिशत सच साबित कर दिया है. यहां रहने वाली 46 साल की कैथ मेन (Cath Main) के साथ एक ऐसी अनहोनी हुई, जिसकी उन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं की थी. कहां तो वह एक झटके में 150 करोड़ रुपये की मालकिन बनने वाली थीं, लेकिन एक छोटी सी मानवीय भूल के कारण उनके हाथ एक फूटी कौड़ी भी नहीं लगी.मशहूर ब्रिटिश अखबार 'द सन' (The Sun) की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैथ ने पिछले 20 सालों से लगातार एक ही नंबर पर भरोसा करके लॉटरी खेली थी. 6 जून को हुए लकी ड्रॉ में आखिरकार उनके उन्हीं नंबरों ने बाजी मारी और करीब 12 मिलियन पाउंड यानी लगभग 150 करोड़ रुपये का बंपर जैकपॉट जीत लिया. लेकिन इस महा-जीत की खबर मिलने से ठीक पहले उनका वह असली करोड़पति टिकट कूड़ेदान के हवाले किया जा चुका था.20 साल पुराने जादुई नंबरों ने रातोंरात बदली किस्मतसाउथ वेल्स के एबरसीनन इलाके की रहने वाली कैथ मेन पेशे से एक रग्बी क्लब में ट्रेजरर (कोषाध्यक्ष) हैं. वह पिछले दो दशकों से अपनी मां फियोना की मदद से लॉटरी का टिकट खरीदती आ रही थीं. कैथ ने बताया कि उन्होंने हमेशा एक ही छह फिक्स नंबरों पर भरोसा किया और हर बार उन्हीं नंबरों के साथ अपनी किस्मत आजमाती थीं.6 जून के लॉटरी ड्रॉ के कई दिनों बाद तक जब किसी भी विजेता ने जैकपॉट की इतनी बड़ी राशि पर अपना दावा (Claim) नहीं किया, तो यह खबर मीडिया में छा गई. इस खबर पर जब कैथ की नजर पड़ी, तो उन्होंने सोचा कि क्यों न एक बार अपने रेगुलर नंबरों का मिलान कर लिया जाए.सभी नंबर थे हुबहू सेम, पर एक भूल से उड़े होशजैसे ही कैथ ने अखबार से अपने नंबर मिलाए, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लॉटरी के सभी छह नंबर बिल्कुल वही थे जो वह 20 साल से खरीद रही थीं. कैथ को यकीन नहीं हुआ कि वह आधिकारिक तौर पर करोड़पति बन चुकी थीं. उन्होंने तुरंत खुशी-खुशी अपनी मां फियोना को फोन लगाया और पूछा कि क्या उन्होंने उस विशेष सप्ताह उनके नंबरों वाला लॉटरी टिकट खरीदा था? उनकी मां ने हां में जवाब दिया. लेकिन इसके तुरंत बाद मां ने जो बात बताई, उसने कैथ की चीखें निकाल दीं और खुशी पल भर में भयंकर चिंता में बदल गई.मशीन की तकनीकी खराबी ने बिगाड़ा खेलदरअसल, ड्रॉ खत्म होने के बाद कैथ की मां फियोना उस टिकट को लेकर पास की एक स्थानीय लॉटरी दुकान पर गई थीं ताकि पता चल सके कि कोई इनाम निकला है या नहीं. दुकान के कर्मचारी ने जब उस टिकट को मशीन में स्कैन किया, तो मशीन से कोई अलर्ट या संकेत नहीं मिला. आमतौर पर विजेता टिकट स्कैन होने पर मशीन से एक विशेष बीप या अलर्ट आता है, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उस वक्त ऐसा कुछ नहीं हुआ.कर्मचारी ने फियोना से कह दिया कि इस टिकट पर कोई इनाम नहीं निकला है. फियोना ने भी सोचा कि जब टिकट खाली गया है तो इसे रखने का क्या फायदा. उन्होंने दुकानदार से कहा कि वह इसे कूड़ेदान (Dustbin) में फेंक दे. कर्मचारी ने टिकट कचरे के डिब्बे में डाल दिया. जब तक कैथ को अपनी जीत का पता चला, तब तक दुकान का पूरा कचरा साफ होकर शहर के मुख्य डंपिंग यार्ड में जा चुका था और वह ऐतिहासिक टिकट हमेशा के लिए गायब हो गया.अब 150 करोड़ रुपये के लिए चल रही है कानूनी जांचकैथ ने बिना असली टिकट के अपनी जीत साबित करने के लिए लॉटरी ऑपरेटर कंपनी 'ऑलविन' (Allwyn) के मुख्यालय से संपर्क किया है. कंपनी ने इस अनोखे मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है. कैथ का दावा है कि उनके पास अपनी सच्चाई साबित करने के लिए कई डिजिटल रिकॉर्ड मौजूद हैं.उन्होंने टिकट खरीदने की बैंक ट्रांजैक्शन रसीद और दुकान के आसपास लगे कैमरों की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी कंपनी को सौंपी है, जिसमें उनकी मां को उस दुकान में जाते और टिकट चेक कराते हुए साफ देखा जा सकता है. लॉटरी कंपनी के नियमों के मुताबिक, यदि टिकट खो जाए या नष्ट हो जाए, तो भी मजबूत सबूतों के आधार पर 30 दिनों के भीतर दावे पर विचार किया जा सकता है.दुकानदार ने भी जताया गहरा अफसोसलॉटरी दुकान के मालिक करण कुमार ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने बताया कि उस समय दुकान के भीतर कुछ मेंटेनेंस का काम चल रहा था, जिसके चलते अंदर के कैमरे बंद थे. उन्होंने आशंका जताई कि संभवतः टिकट स्कैन करने वाली मशीन में कोई अस्थायी तकनीकी खराबी आ गई होगी जिसके कारण करोड़ों का टिकट रीजेक्ट हो गया. फिलहाल ऑलविन कंपनी सभी डिजिटल फॉरेंसिक सबूतों की जांच कर रही है और अंतिम फैसले के लिए कैथ को एक महीने का इंतजार करना होगा.'दुनिया की सबसे बदकिस्मत विजेता हूं मैं'कैथ मेन ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया और कहा, यह पूरा अनुभव मेरे लिए किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं है. मैं खुद को दुनिया की सबसे बदकिस्मत विजेता महसूस कर रही हूं. मेरी आंखों के सामने 150 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम तैर रही है, लेकिन उसे पाने के लिए मुझे अब एक अदद कागज के टुकड़े के बिना पूरी दुनिया से लड़ना होगा. कैथ ने बताया कि अगर उन्हें यह रकम मिल जाती है, तो उनका सबसे बड़ा सपना अपने परिवार के साथ न्यूजीलैंड जाकर छुट्टियां मनाने का है. फिलहाल, वह केवल प्रार्थना कर रही हैं कि उनका 20 साल पुराना यह सपना सच साबित हो जाए.
तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं
हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवालागुडा गांव में छह लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नौ विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम ने रविवार को आरोपी के बारे में रिपोर्टों पर साफ किया कि राजकुमार अभी भी फरार है और लोगों से अपील […] The post तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं appeared first on Sabguru News .
पीएम मोदी 6 जुलाई की सुबह नई दिल्ली से इंडोनेशिया के लिए निकले थे। फिर ऑस्ट्रेलिया होते हुए न्यूजीलैंड पहुंचे। वे 6 दिनों में 3 देशों का दौरा करके 12 जुलाई की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 144 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… पहला पड़ाव था- इंडोनेशिया का जकार्ता। ये पीएम मोदी की चौथी इंडोनेशियाई यात्रा थी। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात की। दो दिन के टूर में उन्होंने इंडोनेशियाई संसद में भाषण दिया। दोनों देशों के बीच 14 समझौतों पर साइन हुए। इनमें 2 डील सबसे अहम हैं- 1. सबांग पोर्ट डीलभारत और इंडोनेशिया मिलकर सुमात्रा के उत्तर में सबांग पोर्ट डेवलप करेंगे। इंडोनेशिया ने मई 2018 में ही भारत को इसका न्योता दिया था। तब पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इसके लिए ज्वॉइंट टास्क फोर्स बनाने का फैसला हुआ था। 2023 तक प्रोजेक्ट को लेकर एक स्टडी भी हुई। अब समझौते पर साइन होने से काम आगे बढ़ पाएगा। सबांग समुद्र में गहरे पानी वाला पोर्ट है। ये 50 हजार टन के जहाजों, पनडुब्बियों और युद्धपोतों को भी संभाल सकता है। पोर्ट में भारत कितना इन्वेस्टमेंट करेगा और ये कब तक पूरा होगा, अभी ये जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों देशों ने अंडमान-निकोबार और इंडोनेशिया के आचे व सुमात्रा द्वीपों के बाकी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने पर भी सहमति जताई है। भारत के लिए डील के मायने 2. ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की सप्लाईDRDO के तहत आने वाले ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के बीच ये एग्रीमेंट हुआ है। इसके तहत भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम देगा। इंडोनेशिया ने पहले 10 करोड़ डॉलर में ब्रह्मोस की 12 मिसाइल्स की एक बैटरी लेने का प्रपोजल दिया था। अब इसे दोगुना कर दिया गया है। अनुमान हैं कि पूरी डील करीब 63 करोड़ डॉलर की हो सकती है। इसमें मिसाइल सिस्टम के अलावा ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है। इस पैकेज में सरफेस-टू-सरफेस और एयर-लॉन्च्ड, यानी मिसाइल के दोनों सुपरसोनिक वैरिएंट शामिल हैं, जिनकी रेंज 300 किलोमीटर है। ब्रह्मोस भारत के सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात है। इंडोनेशिया भी अपने सुखोई-30 बेड़े में इसे इंटीग्रेट करेगा। इस डील के साथ फिलीपींस और वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन जाएगा। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, BDL और इंडोनेशियाई कंपनी 'रिपब्लिकॉर्प' के बीच भारत की एस्ट्रा Mk-1 एयर-टू-एयर मिसाइल को लेकर भी समझौता हुआ है। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का दूसरा पड़ाव था- ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न। वे यहां 8 और 9 जुलाई को रहे। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के बीच तीसरी सालाना भारत-ऑस्ट्रेलिया समिट हुई। दोनों देशों के बीच 18 समझौते और घोषणाएं हुईं। इनमें दो डील सबसे अहम हैं- 1. यूरेनियम सप्लाई डीलभारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 में ‘सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट’ हुआ था। इसके तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की सप्लाई होनी थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने सप्लाई बेहद सीमित रखी। उसको चिंता थी कि यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है। अब दोनों देशों ने उसी एग्रीमेंट को अमल में लाने के लिए 'एडमिनिस्ट्रेटिव अरेंजमेंट' पर साइन किए हैं। यानी अब ऑस्ट्रेलिया भारत को जरूरत भर का यूरेनियम एक्सपोर्ट करेगा। संयुक्त बयान में कहा गया है कि ये सप्लाई सिर्फ यूरेनियम के शांतिपूर्ण इस्तेमाल, यानी बिजली वगैरह बनाने के लिए होगी। सप्लाई की निगरानी इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी, यानी IAEA करेगी। ऑस्ट्रेलिया किस कीमत पर और कितना यूरेनियम देगा, सप्लाई कब होगी, अभी ये डिटेल्स सामने नहीं आए हैं। भारत के लिए डील के मायने 2. क्रिटिकल मिनरल्स प्रोडक्शन भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लीथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स की सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए समझौता किया है। इसे ‘क्रिटिकल मिनरल्स पार्टनरशिप’ कहा जा रहा है। इसके तहत सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच लॉन्ग-टर्म ऑफटेक, रिफाइनिंग और वैल्यू-एडिशन के लिए निवेश की व्यवस्था तय हुई है। यानी दोनों देशों की कंपनियां मिलकर मिनरल्स की सप्लाई में लंबे समय के लिए इन्वेस्टमेंट करेंगी। कच्चे माल की खरीद के अलावा प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग भी मिलकर होगी। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील पीएम मोदी का आखिरी पड़ाव था- न्यूजीलैंड का ऑकलैंड। वे 10 और 11 जुलाई को यहां रहे। ये पिछले 40 सालों में किसी भारतीय पीएम की पहली न्यूजीलैंड यात्रा थी। इससे पहले 1986 में तब के पीएम राजीव गांधी न्यूजीलैंड गए थे। पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के बीच बातचीत हुई। इसके बाद 10 समझौते और 8 इनिशिएटिव की घोषणा हुई। इनमें 2 चीजें सबसे अहम थीं- 1. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और रोडमैप टू 2030मार्च 2025 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत शुरू हुई और दिसंबर 2025 में पूरी हुई। 27 अप्रैल 2026 को इस पर औपचारिक साइन हुए। यानी ये डील मोदी की मौजूदा यात्रा से पहले ही हो चुकी थी। अब इस यात्रा में इसे 'स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप' के लेवल पर अपग्रेड किया गया। यानी तय हुआ कि FTA जल्द ही लागू करने ट्रेड बढ़ाया जाएगा। साथ ही 'इंडिया-न्यूजीलैंड रोडमैप टू 2030' नाम का एक दस्तावेज जारी किया गया। इसके तहत दोनों देश ट्रेड, डिफेंस, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद, खेती, एजुकेशन और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में पार्टनरशिप बढ़ाएंगे। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करके करीब 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर, यानी 35 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। FTA के तहत भारत न्यूजीलैंड को केमिकल्स, प्रोसेसिंग फूड, एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स वगैरह की सप्लाई करेगा। इस सामान पर जीरो टैरिफ लगेगा। वही न्यूजीलैंड से कीवी सहित दूसरे फल, लकड़ी और क्रिटिकल्स मिनरल्स वगैरह आएंगे। एग्रीमेंट के तहत पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57 % सामान पर जीरो टैरिफ लागू हो जाएगा। इस पर भी सहमति बनी है कि न्यूजीलैंड भारत में अगले 15 सालों में 20 अरब डॉलर, यानी करीब 1.72 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। भारत के लिए डील के मायने 2. डिफेंस और मैरिटाइम पार्टनरशिपदोनों देशों ने डिफेंस में आपसी साझेदारी, लॉजिस्टिक सपोर्ट और जॉइंट नेवी एक्सरसाइज बढ़ाने पर सहमति जताई है।इसका मतलब है कि दोनों देशों की नेवी एक-दूसरे के पोर्ट और मैरीटाइम फैसिलिटीज का इस्तेमाल कर सकेंगे। भारत के लिए डील के मायने बाकी अहम डील ----- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:5 देशों से क्या लेकर लौटे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स क्रिटिकल मिनरल देगा, मेलोनी से भी डील PM मोदी 15 मई 2026 की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आए। करीब 140 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं, पूरी खबर में पढ़िए…
नई दिल्ली। भारत ने ओमान तट के निकट वाणिज्यिक पोत जीएफएस गैलेक्सी पर हुए हमले की रविवार को कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पोत पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय चालक दल का सदस्य अब भी लापता है। मंत्रालय ने अपने […] The post विदेश मंत्रालय ने की जीएफएस गैलेक्सी जहाज पर हुए हमले की निंदा, भारतीय चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता appeared first on Sabguru News .
जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कपिल सिब्बल के शिक्षा सुधार संबंधी विचारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक ढांचा गहरे संरचनात्मक संकट से गुजर रहे हैं
धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को कोतवाली […] The post धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या appeared first on Sabguru News .
मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले
अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के […] The post मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले appeared first on Sabguru News .
ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा
तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। अमरीका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान की सेना ने यह घोषणा की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि जब तक इस इलाके में अमरीका का दखल खत्म नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य […] The post ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .
'अलायंस' में सोहेल खान का दर्द छलका, एक्स-वाइफ सीमा सजदेह से मांगी माफी, बोले- गलती मेरी थी
ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर तहलका मचा रहे नए रियलिटी शो 'अलायंस' में इन दिनों जबरदस्त ड्रामा और इमोशनल मोड़ देखने को मिल रहे हैं। शो में उस वक्त एक हैरान करने वाला मोड़ आया, जब मेकर्स ने घर के अंदर वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री कराई। इन वाइल्डकार्ड्स में कोई और नहीं, बल्कि बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता सोहेल खान की एक्स-वाइफ और मशहूर फैशन डिजाइनर सीमा सजदेह शामिल थीं। साल 2022 में तलाक के बाद अलग हो चुके इस पूर्व जोड़े को एक बार फिर एक ही छत के नीचे देखकर न सिर्फ घरवाले, बल्कि दर्शक भी दंग रह गए। ALSO READ: ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल हालांकि, इस रीयूनियन ने शो का माहौल पूरी तरह से बदल दिया। दोनों ने बेहद गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का स्वागत किया और नेशनल टेलीविजन पर सोहेल खान ने अपनी शादी टूटने की जो वजह बताई, उसने हर किसी को भावुक कर दिया। A post shared by Banijay Asia (@banijayasia) मेरी गलतियों की वजह से टूटा घर शो के होस्ट कुणाल खेमू और सह-प्रतियोगी निखिल चिनापा ने जब सोहेल खान से सीमा की एंट्री और उनके रिश्ते को लेकर सवाल किया, तो सोहेल अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए। निखिल ने पूछा था, 'औरत घर को बिगाड़ भी सकती है और बना भी सकती है। आपके घर में किसका हाथ था?' इस सवाल का जवाब देते हुए सोहेल खान ने अपनी शादी टूटने की पूरी जिम्मेदारी खुद पर ले ली। सोहेल ने कहा, उस दौर में मेरा काम ठीक नहीं चल रहा था, जिसकी वजह से मैं सही मानसिक स्थिति में नहीं था। मेरे चिड़चिड़े व्यवहार और बर्ताव के कारण मैंने उस इंसान को खो दिया जिसे मैं दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करता था। अगर हमारे बीच कोई भी गलती हुई थी, तो मैं उसकी पूरी जिम्मेदारी नेशनल टेलीविजन पर लेता हूं। सोहेल ने आगे कहा कि सीमा उनके दो प्यारे बच्चों की मां हैं, इसलिए उनके मन में सीमा के लिए प्यार से कहीं ज्यादा सम्मान है। उन्होंने 'अलायंस' शो का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उनके बीच जो एक 'मिसिंग लिंक' थी, इस शो ने उसे फिर से जोड़ने का काम किया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सीमा सजदेह ने सोहेल को बताया अपना 'इकलौता साथी' घर में कदम रखते ही सीमा सजदेह ने भी परिपक्वता दिखाई। उन्होंने सोहेल खान के बदले व्यवहार और उनके द्वारा बनाई गई ग्रीन-टी को स्वीकार करते हुए उन्हें घर के अंदर अपना इकलौता सच्चा साथी बताया। सीमा का कहना था कि भले ही वे असल जिंदगी में अलग हो चुके हैं, लेकिन अपने बच्चों के माता-पिता होने के नाते उनका गठबंधन हमेशा कायम रहेगा। सोहेल खान और सीमा सजदेह की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। दोनों ने 1998 में घर से भागकर पहले आर्य समाज मंदिर में शादी की थी और बाद में निकाह किया था। निकाह के दिन ही सोहेल की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' रिलीज हुई थी। दोनों के दो बेटे हैं - निर्वाण और योहान। 24 साल तक साथ रहने के बाद साल 2022 में दोनों ने आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया था। तलाक के बावजूद दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं है। शो के दौरान ज़ैद दरबार से बात करते हुए सोहेल ने खुलासा किया कि उनके दोनों बेटे निर्वाण और योहान फिलहाल सोहेल के साथ ही रहते हैं। वहीं, सीमा हफ्ते में तीन बार बच्चों से मिलने उनके घर आती हैं और आज भी उनके पास सोहेल के घर की चाबी मौजूद है। मशहूर डच रियलिटी फॉर्मेट पर आधारित और कुणाल खेमू द्वारा होस्ट किया जा रहा शो 'अलायंस' इन दिनों दर्शकों का पसंदीदा शो बन चुका है। अपनी अनूठी रणनीति, पल-पल बदलते समीकरणों और धोखेबाजी के खेल की वजह से लोग इसे 'लॉक अप सीजन 2' से भी बेहतर मान रहे हैं।
ब्लैक लहंगे में जाह्नवी कपूर का कातिलाना अंदाज, डीप-नेक ब्लाउज ने लूटी महफिल
बॉलीवुड की यंग जनरेशन की सबसे चर्चित और फैशनेबल अभिनेत्रियों में से एक, जाह्नवी कपूर अपने लुक्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने से कभी पीछे नहीं हटतीं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर फैंस की धड़कनें तेज हो गई हैं। इस बार जाह्नवी ने ऑल-ब्लैक एथनिक लुक चुना है, जिसमें उनका ग्लैमर और बोल्डनेस साफ झलक रही है। ALSO READ: गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर जाह्नवी कपूर के इस लुक की सबसे बड़ी यूएसपी उनका खूबसूरत ब्लैक लहंगा है। उन्होंने एक डीप-नेकलाइन वाला ब्लाउज कैरी किया है, जिस पर चमकीले रंगों की बेहद बारीक और हैवी एम्ब्रॉयडरी की गई है। ब्लाउज के निचले हिस्से पर लगे रंग-बिरंगे लटकन उनके लुक को थोड़ा फंकी और अट्रैक्टिव टच दे रहे हैं। इसके साथ ही, लहंगे के बॉर्डर पर की गई हेरिटेज कढ़ाई और लाल रंग की पाइपिंग उनके पूरे आउटफिट को शाही लुक दे रही है। साथ में ब्लैक शीयर दुपट्टा उनके इस स्टाइल को मुकम्मल कर रहा है। तस्वीरों में जाह्नवी कपूर का कॉन्फिडेंस देखने लायक है। कभी वह कैमरे की तरफ देखकर अपनी नशीली आंखों से जादू बिखेर रही हैं, तो कभी साइड प्रोफाइल फ्लॉन्ट करते हुए कैंडिड पोज दे रही हैं। वह अपना परफेक्ट फिगर और एब्स फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। जाह्नवी ने न्यूड-ग्लॉसी मेकअप, सटल ब्लश और माथे छोटी सी लाल बिंदी के साथ अपना लुक कम्प्लीट किया है। जाह्नवी ने अपने बालों को वेवी रखते हुए खुला छोड़ा है, जो उनके कंधों पर बिखरकर उनके लुक को और भी सिडक्टिव बना रहे हैं। ज्वेलरी की बात करें तो, उन्होंने कानों में बड़े झुमके, हाथों में मैचिंग भारी कंगन और नाक में एक छोटी सी नथ पहनी है, जो उनके इस एथनिक ग्लैमर को और अधिक निखार रही है। जाह्नवी की इन तस्वीरों पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, ट्रेडिशनल कपड़ों में आपकी खूबसूरती का कोई मुकाबला नहीं है। वहीं दूसरे ने कमेंट किया, ब्लैक कलर आप पर बेहद सूट करता है।
रोहित चंदेल ने कबूल की नाबालिग का पीछा करने की बात! कोर्ट ने भेजा जेल
'पंड्या स्टोर' और 'काशीबाई बाजीराव बैलाल' जैसे लोकप्रिय शोज में अपनी एक्टिंग का दम दिखा चुके मशहूर टीवी अभिनेता रोहित चंदेल को मुंबई की घाटकोपर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रोहित पर उनकी ही एक 16 वर्षीय नाबालिग सह-कलाकार ने पीछा करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और मारपीट करने का संगीन आरोप लगाया है। नाबालिग पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 10 जुलाई को अभिनेता को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रोहित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ALSO READ: गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे यशवर्धन संग पहली बार बड़े पर्दे पर आएंगी नजर रोहित ने कबूला सच, कोर्ट ने भेजा जेल घाटकोपर पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर (PI) विट्ठल लक्ष्मण आर्डेकर ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर तुरंत अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीनियर पीआई के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रोहित ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार नहीं किया है। उसने स्वीकार किया है कि वह दहिसर से इतनी दूर घाटकोपर सिर्फ उस नाबालिग लड़की से मिलने आता था। लड़की द्वारा बार-बार मना करने और ब्लॉक करने के बाद भी वह लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था। पुलिस का कहना है कि अब यह पूरी तरह अदालत पर निर्भर करता है कि रोहित कितने समय तक सलाखों के पीछे रहेगा। क्या है पूरा मामला? पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रोहित चंदेल पिछले काफी समय से उसे परेशान कर रहा था। नाबालिग ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने रोहित का नंबर ब्लॉक कर दिया था और उसे साफ तौर पर दूरी बनाए रखने को कहा था। इसके बावजूद, रोहित ने अपने पर्सनल नंबर और कई अन्य अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लगातार उसका पीछा करना और कॉल करना जारी रखा। वह लड़की पर लगातार बात करने का दबाव बना रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें मामले ने तब तूल पकड़ा जब बीती 5 जुलाई को रोहित ने कथित तौर पर लड़की के घर (आवासीय इमारत) के पास जाकर उसे रोका। शिकायत के मुताबिक, रोहित ने वहां न सिर्फ पीड़िता के साथ बहस और गाली-गलौज की, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की। 2014 में 'हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल' से करियर की शुरुआत करने वाले रोहित ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 90 से ज्यादा ऑडिशन दिए थे। हाल ही में 2 जून 2026 को स्टार प्लस और जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुए म्यूजिकल ड्रामा 'सैरब' में वह मुख्य भूमिका 'ईशान' के रूप में नजर आ रहे थे। इस बड़े विवाद के बाद अब उनके करियर और इस शो के भविष्य पर भी तलवार लटक गई है।
जब प्राण की फीस अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा थी, जानिए बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन की कहानी
बॉलीवुड में प्राण एक ऐसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने खलनायकी के क्षेत्र में एकछत्र राज किया और अपने अभिनय का लोहा मनवाया। प्राण का जन्म 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता केवल कृष्ण सिकंद सरकारी ठेकेदार थे। उनकी कंपनी सड़कें और पुल बनाने के ठेके लिया करती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राण अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगे। एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लाहौर के मशहूर पटकथा लेखक वली मोहम्मद से हुई। वली मोहम्मद ने प्राण की सूरत देखकर उनसे फिल्मों में काम करने का प्रस्ताव दिया। प्राण ने उस समय वली मोहम्मद के प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया लेकिन उनके बार-बार कहने पर वह तैयार हो गए। ALSO READ: आमिर खान की तीसरी शादी पर मचा बवाल, बिहार में बजरंग दल ने फूंका एक्टर का पुतला, लगाए गंभीर आरोप फिल्म यमला जट से प्राण ने अपने सिने करियर की शुरूआत की। फिल्म की सफलता के बाद प्राण को यह महसूस हुआ कि फिल्म इंडस्ट्री में यदि वह करियर बनाएगें तो ज्यादा शोहरत हासिल कर सकते है। इस बीच भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद प्राण लाहौर छोड़कर मुंबई आ गए। प्राण ने लगभग 22 फिल्मों में अभिनय किया और उनकी फिल्में सफल भी हुई लेकिन उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि मुख्य अभिनेता की बजाय खलनायक के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में उनका भविष्य सुरक्षित रहेगा। वर्ष 1948 में उन्हें बॉम्बे टॉकीज की निर्मित फिल्म जिद्दी में बतौर खलनायक काम करने का मौका मिला। फिल्म की सफलता के बाद प्राण ने यह निश्चय किया कि वह खलनायकी को ही करियर का आधार बनाएंगे। इसके बाद प्राण ने लगभग चार दशक तक खलनायकी की लंबी पारी खेली और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। जब प्राण रूपहले पर्दे पर फिल्म अभिनेता से बात करते होते तो उनके बोलने के पहले दर्शक बोल पड़ते यह झूठ बोल रहा है, इसकी बात पर विश्वास नहीं करना यह प्राण है, इसकी रग-रग में मक्कारी भरी पड़ी है। वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म अदालत में प्राण ने इतने खतरनाक तरीके से अभिनय किया कि महिलाएं हॉल से भाग खड़ी हुईं और दर्शकों को पसीने आ गए। सत्तर के दशक में प्राण खलनायक की छवि से बाहर निकलकर चरित्र भूमिका पाने की कोशिश में लग गए। वर्ष 1967 में निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार ने अपनी फिल्म उपकार में प्राण को मलंग काका का एक ऐसा रोल दिया जो प्राण के सिने करियर का मील का पत्थर साबित हुआ। फिल्म उपकार में प्राण ने मलंग काका के रोल को इतनी शिद्दत के साथ निभाया कि लोग प्राण के खलनायक होने की बात भूल गए। सदी के खलनायक प्राण की जीवनी भी लिखी जा चुकी है जिसका टाइटल 'एंड प्राण' रखा गया है। पुस्तक का यह टाइटल इसलिए रखा गया है कि प्राण की अधिकतर फिल्मों में उनका नाम सभी कलाकारों के पीछे 'और प्राण' लिखा हुआ आता था। कभी-कभी उनके नाम को इस तरह पेश किया जाता था एबॉव आल प्राण। प्राण ने अपने चार दशक से भी ज्यादा लंबे सिने करियर में लगभग 350 फिल्मों मे अपने अभिनय का जौहर दिखाया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राण के मिले सम्मान पर यदि नजर डालें तो अपने दमदार अभिनय के लिये वह तीन बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2013 में प्राण को फिल्म जगत के सर्वश्रेष्ठ सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया था। प्राण को उनके करियर के शिखर काल में फिल्म के नायक से भी ज्यादा भुगतान किया जाता था। डॉन फिल्म में काम करने के लिए उन्हें नायक अमिताभ बच्चन से ज्यादा रकम मिली थी। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले प्राण 12 जुलाई 2013 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।
चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी
इसी महीने चीनी नौसेना ने दक्षिण प्रशांत महासागर में एक मिसाइल का परीक्षण किया। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एक परमाणु पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में मिसाइल दागी, जिसमें नकली हथियार (डमी वॉरहेड) लगा हुआ था। प्रशांत क्षेत्र ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today Rashifal 12 July 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ संबंध मजबूत होंगे। परिवार में किसी मांगलिक कार्य या शादी-ब्याह की चर्चा हो सकती है। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, लेकिन जल्दबाजी में निवेश से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति रहेगी, लेकिन आंखों में थोड़ा खिंचाव महसूस हो सकता है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और सिंदूर का तिलक लगाएं। ALSO READ: मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो आज का दिन अच्छा है। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में थोड़ा तनाव हो सकता है, बातचीत से गलतफहमियां दूर करें। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। खान-पान का ध्यान रखें। उपाय: माता लक्ष्मी को मिश्री का भोग लगाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: आज आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापार में नई साझेदारी हो सकती है। लव: पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। रिश्ते में नयापन आएगा। धन: अप्रत्याशित लाभ होने के योग हैं। लॉटरी या सट्टेबाजी से दूर रहें। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: पक्षियों को हरी मूंग की दाल खिलाएं। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर काम का दबाव रहेगा। संयम से काम लें, वाद-विवाद से बचें। लव: जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। धन: घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। बजट बनाकर चलें। स्वास्थ्य: थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। पर्याप्त नींद लें। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: लीडरशिप क्वालिटी निखर कर सामने आएगी। कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अहंकार का टकराव हो सकता है। शांत रहें। धन: निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। पैतृक संपत्ति से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या हो सकती है। धूप में निकलने से बचें। उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल दें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: अधूरे काम पूरे होंगे। आपके काम की सटीकता की तारीफ होगी। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। प्रेम संबंध मधुर रहेंगे। धन: धन संचय करने में सफल रहेंगे। अनावश्यक खरीदारी से बचें। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सुबह की सैर आपको तरोताजा रखेगी। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और मोदक का भोग लगाएं। ALSO READ: Weekly Ank Rashifal: साप्ताहिक अंक राशिफल: कैसा रहेगा 13 से 19 जुलाई 2026 तक का नया सप्ताह, जानें करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य का हाल 7. तुला राशि (Libra) करियर: कला और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा मुकाम मिल सकता है। लव: लव लाइफ में संतुलन रहेगा। पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल देखने को मिलेगा। धन: आय के नए स्रोत बनेंगे। अटके हुए वित्तीय मामले सुलझेंगे। स्वास्थ्य: त्वचा से जुड़ी कोई छोटी-मोटी समस्या हो सकती है। पानी खूब पिएं। उपाय: किसी जरूरतमंद को सफेद रंग की मिठाई या कपड़े का दान करें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: नौकरी में प्रमोशन या ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। चुनौतियां आएंगी, पर आप पार पा लेंगे। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। छोटी बातों को तूल न दें। धन: पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें। आज किसी को उधार देने से बचें। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द या पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। भारी वजन न उठाएं। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा या विदेश में नौकरी की इच्छा रखने वालों को शुभ समाचार मिल सकता है। लव: लव लाइफ सामान्य है। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी, जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी। धन: भाग्य का साथ मिलेगा। आकस्मिक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। आप खुद को मानसिक रूप से मजबूत पाएंगे। उपाय: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं और बड़ों का आशीर्वाद लें। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में कड़ी मेहनत करनी होगी। सीनियर्स आपके काम पर नजर रख रहे हैं। लव: पार्टनर के साथ खुलकर बात करें, मन में कोई बात न छुपाएं। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: बदलते मौसम के कारण सर्दी-खांसी की समस्या हो सकती है। उपाय: शनिवार या आज के दिन शनि चालीसा का पाठ करें और काले तिल का दान करें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: टीम वर्क से काम आसानी से पूरे होंगे। बिजनेस में कोई नई डील फाइनल हो सकती है। लव: पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण बढ़ेगा। आपसी विश्वास गहरा होगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन पैरों में दर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: बहते पानी में नारियल प्रवाहित करें या गरीबों को भोजन कराएं। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: आज का दिन आपके पक्ष में है। नौकरीपेशा लोगों को इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। पार्टनर आपकी हर बात को समझेगा। धन: धन लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का विचार बन सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। आप खुद को बहुत हल्का महसूस करेंगे। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले रंग के फल या फूल अर्पित करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र
Why do people drop alcohol on ground: हम सभी ने कभी न कभी अपने आस-पास किसी को शराब का ग्लास हाथ में लेते ही उसकी कुछ बूंदें जमीन पर या हवा में छिड़कते हुए जरूर देखा होगा. भारत के लगभग हर हिस्से में यह नजारा बेहद आम है. अक्सर लोग इसे सिर्फ एक आदत या मजाक मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह कोई मामूली टोटका नहीं बल्कि एक वैश्विक परंपरा है, जिसे सदियों से दुनिया के कई देशों में निभाया जा रहा है. इतिहास और इतिहासवेत्ताओं की भाषा में इस रस्म को “लाइबेशन” (Libation) कहा जाता है. आइए जानते हैं कि आखिर इस अनोखे रिवाज की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे क्या धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक मान्यताएं छिपी हैं.क्या है 'लाइबेशन' और इसका आध्यात्मिक महत्व?अंग्रेजी शब्द 'Libation' का सीधा और सरल अर्थ होता है किसी देवी-देवता, प्रकृति या अपने पूर्वजों (पितरों) की आत्मा के सम्मान में किसी तरल पदार्थ (विशेषकर मदिरा या जल) की कुछ बूंदों को श्रद्धापूर्वक अर्पित करना. प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, शराब पीने से पहले उसकी एक छोटी सी मात्रा अदृश्य शक्तियों या आत्माओं के नाम कर दी जाती है. इसे मनुष्य और दैवीय शक्तियों के बीच संवाद स्थापित करने और उनके प्रति आभार प्रकट करने का एक प्रतीकात्मक माध्यम माना जाता है.भारत में भगवान भैरव नाथ से जुड़ी हैं इस परंपरा की जड़ेंभारतीय समाज और संस्कृति में शराब से जुड़े इस रिवाज का इतिहास बेहद पुराना और गहरा है. सनातन परंपरा और तांत्रिक साधनाओं में इसका सीधा संबंध भगवान शिव के उग्र रूप माने जाने वाले देव 'भैरव नाथ' से जोड़ा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा भैरव नाथ को मदिरा का भोग बेहद प्रिय है और उन्हें प्रसन्न रखने के लिए उनके सम्मान में शराब अर्पित की जाती है. आज भी उत्तर भारत समेत देश के कई प्रसिद्ध भैरव मंदिरों में भगवान को मदिरा चढ़ाने का अटूट प्रचलन है. समय के साथ आम लोगों ने इस धार्मिक कर्मकांड को अपने सामाजिक जीवन का हिस्सा बना लिया. लोग इस अटूट विश्वास के साथ शराब की कुछ बूंदें धरती पर छिड़कने लगे कि ऐसा करने से उनके ऊपर से हर प्रकार की अला-बला, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का साया हमेशा के लिए दूर रहेगा.दुनिया भर के देशों में अलग-अलग नामों से निभाई जाती है यह रस्मयह सोचना बिल्कुल गलत होगा कि शराब की बूंदें जमीन पर गिराने का रिवाज सिर्फ भारत तक ही सीमित है. दुनिया के प्राचीन इतिहास को खंगालने पर पता चलता है कि मिस्र (Egypt), ग्रीस (Greece) और प्राचीन रोम की महान सभ्यताओं में भी लोग अपनी मदिरा का पहला हिस्सा देवताओं और अपने मृत प्रियजनों की आत्माओं को शांति देने के लिए भूमि पर अर्पित करते थे. आज के आधुनिक दौर में भी यह रस्म कई महाद्वीपों में जिंदा है:क्यूबा और ब्राजील: इन देशों में आज भी शराब पीने से पहले कुछ बूंदें गिराई जाती हैं, जिसे स्थानीय भाषा में 'Para los Santos' यानी “संतों के लिए अर्पण” कहा जाता है.फिलीपींस: यहां इस रस्म को 'Para sa Yawa' के नाम से जाना जाता है, जिसका सीधा अर्थ होता है “शैतान के लिए”. वहां के लोगों का मानना है कि ऐसा करने से बुरी शक्तियां शांत रहती हैं और शराब पीने वाले व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचातीं.पीढ़ी दर पीढ़ी आदत में बदला यह खास रिवाजशुरुआत में जो काम शुद्ध रूप से धार्मिक आस्था और भय के चलते शुरू हुआ था, वह धीरे-धीरे एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होकर एक सामाजिक आदत में तब्दील हो गया. आज के समय में बहुत से लोग बिना किसी धार्मिक सोच के भी, केवल अपने बड़ों को देखकर या दोस्तों के साथ महफिल में बैठने पर तीन बार हल्के हाथों से मदिरा की बूंदें नीचे गिरा देते हैं. यह एक ऐसी पारिवारिक और सामाजिक परंपरा बन चुकी है जिसे लोग बिना सोचे-समझे भी एक शुभ शगुन मानकर निभाते आ रहे हैं.चाहे आप इसे किसी देवता के प्रति अगाध श्रद्धा समझें, पूर्वजों के प्रति सम्मान या फिर किसी अज्ञात अनहोनी से बचने का एक मानवीय प्रयास, यह छोटा सा रिवाज हमें इस बात का अहसास जरूर कराता है कि इंसानी व्यवहार और उसकी हर छोटी से छोटी क्रिया के पीछे सदियों पुरानी कोई न कोई बेहद खूबसूरत सांस्कृतिक कहानी और गहरा भाव जरूर छिपा होता है.
सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन
साधकों को मिला गुरुपूर्णिमा से पूर्व अमूल्य मार्गदर्शन जयपुर। सनातन संस्था की सद्गुरु श्रीचित्शक्ति अंजली गाडगीळ इन दिनों राजस्थान प्रवास पर हैं। इस दिव्य प्रवास के दौरान उन्होंने जयपुर के अत्यंत जागृत और प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में जाकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु हनुमान जी के चरणों में हिंदू राष्ट्र […] The post सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन appeared first on Sabguru News .
Men Personality Mistakes That Turn Off Women : अक्सर यह माना जाता है कि पुरुषों की अच्छी शक्ल और मोटा बैंक बैलेंस किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. पुरुषों की कुछ ऐसी आदतें (Men Personality Mistakes) होती हैं, जिनके सामने आपकी अच्छी शक्ल और पैसा भी धरा का धरा रह जाता है. हाल ही में एक बड़ी यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए रिलेशनशिप सर्वे में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 80% से ज्यादा महिलाएं पुरुषों के लुक्स को नजरअंदाज कर सकती हैं, लेकिन उनकी कुछ आदतों और व्यवहार को कभी बर्दाश्त नहीं करतीं. यदि आप भी जानना चाहते हैं कि पुरुषों का वो कौन सा बर्ताव है जो महिलाओं को पहली ही नजर में सबसे ज्यादा नापसंद आता है, तो इन आदतों के बारे में जरूर जान लें, विशेषकर नंबर 3, जो अक्सर अनजाने में हर दूसरा पुरुष कर बैठता है.खराब पर्सनल हाइजीन और साफ-सफाई की कमीआप चाहे जितने भी महंगे और ब्रांडेड कपड़े पहन लें, लेकिन अगर आपके शरीर से पसीने की दुर्गंध आ रही है, तो आपका सारा इंप्रेशन तुरंत खराब हो जाता है. महिलाएं पुरुषों की साफ-सफाई को लेकर बेहद संवेदनशील होती हैं. जब आप किसी महिला से मिलते हैं, तो वह आपके दांतों की सफाई, सांसों की बदबू, गंदे या बढ़े हुए नाखून और आपके जूतों की कंडीशन पर सबसे पहले ध्यान देती हैं. गंदा और बेतरतीब दिखना एक ऐसा सबसे बड़ा टर्न-ऑफ (Turn-off) है, जिसे पहली मुलाकात में कभी सुधारा नहीं जा सकता.बातचीत में सिर्फ ‘मैं, मेरा और मुझे’ करनाकुछ पुरुषों की आदत होती है कि वे पहली मुलाकात में खुद को बहुत बड़ा या कामयाब दिखाने के चक्कर में लगातार सिर्फ अपने बारे में ही बातें करते रहते हैं. “मैं कहाँ घूमता हूँ”, “मेरी गाड़ी कौन सी है”, “मैंने क्या हासिल किया है” – यह आत्ममुग्ध रवैया महिलाओं को अंदर से बुरी तरह बोर कर देता है. महिलाएं उन पुरुषों के साथ कभी सहज महसूस नहीं करतीं जो दूसरों को बोलने का मौका नहीं देते. जब आप बातचीत को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेते हैं, तो सामने वाले को लगता है कि आप केवल खुद से प्यार करते हैं और अहंकारी हैं.दूसरों के प्रति बदतमीजी या नीचा दिखाने वाला रवैयायह वह सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील आदत है जिसे महिलाएं बहुत गहराई से और चुपचाप नोटिस करती हैं. पहली मुलाकात के दौरान आप उस महिला के साथ कितने भी प्यार और तमीज से बात कर रहे हों, लेकिन यदि आपका व्यवहार समाज के अन्य लोगों के प्रति खराब है, तो आपका असली चरित्र वहीं उजागर हो जाता है.जब आप किसी रेस्टोरेंट में वेटर से रूखेपन से बात करते हैं, गाड़ी पार्क करते समय वॉचमैन पर चिल्लाते हैं, या रास्ते में किसी जरूरतमंद को देखकर मुंह बनाते हैं, तो महिला के लिए यह सबसे बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) होता है. मनोविज्ञान कहता है कि कोई पुरुष दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करता है, वही उसके असली संस्कारों को दर्शाता है. इस आदत को देखकर कोई भी समझदार महिला तुरंत दूरी बना लेती है.
Men Habits That Attract Women: अक्सर यह माना जाता है कि महिलाएं पुरुषों के लुक्स, उनकी कद-काठी या उनके भारी-भरकम बैंक बैलेंस को देखकर आकर्षित होती हैं. लेकिन मनोविज्ञान (Psychology) और कई हालिया रिलेशनशिप रिसर्च कुछ अलग ही दिलचस्प कहानी बयां करते हैं. सच तो यह है कि पुरुषों की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जिनके आगे बाहरी खूबसूरती और पैसा भी फीका पड़ जाता है. एक पुरुष का व्यवहार और उसकी कुछ खास आदतें महिलाओं के दिल में पक्की जगह बना लेती हैं. अगर आप भी सोचते हैं कि महिलाओं को रिझाने के लिए सिर्फ अच्छा दिखना ही काफी है, तो आपको अपनी यह सोच बदलने की जरूरत है. आइए जानते हैं पुरुषों की उन 4 खास आदतों के बारे में, जिनकी महिलाएं दिल से दीवानी होती हैं.बिना टोके ध्यान से बातें सुननाज्यादातर पुरुषों की आदत होती है कि वे बातचीत के दौरान तुरंत अपना सुझाव देने लगते हैं या खुद की तारीफों के पुल बांधना शुरू कर देते हैं. लेकिन महिलाएं उन पुरुषों को बेहद पसंद करती हैं जो उनकी बातों को बिना टोके, बिना किसी जजमेंट के और पूरे ध्यान से सुनते हैं. जब एक पुरुष महिला की छोटी से छोटी बात को याद रखता है, तो महिला को सुरक्षित और खास होने का अहसास होता है. मनोविज्ञान कहता है कि ध्यान से सुनना किसी को सम्मान देने का सबसे बेहतरीन तरीका है.जिंदादिली और गजब का सेंस ऑफ ह्यूमरमुस्कुराहट हर मुश्किल को आसान बना देती है. महिलाएं उन पुरुषों की तरफ बहुत जल्दी आकर्षित होती हैं जो खुद भी खुश रहते हैं और माहौल को भी हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं. जो पुरुष अपने मजाकिया स्वभाव से महिलाओं को हंसा सकते हैं, उनका चार्म एकदम अलग ही होता है. रिलेशनशिप रिसर्च के अनुसार, मजाकिया स्वभाव के मर्दों के साथ महिलाएं खुद को अधिक सहज और तनावमुक्त महसूस करती हैं.हर किसी के प्रति सम्मानजनक व्यवहार रखनाएक महिला सिर्फ यह नहीं देखती कि आप उसके साथ कैसा बर्ताव कर रहे हैं, बल्कि वह यह बहुत बारीकी से नोटिस करती है कि आपका व्यवहार दूसरों के प्रति कैसा है. जब आप किसी होटल में वेटर से तमीज से बात करते हैं, किसी बुजुर्ग की मदद करते हैं या अपने से छोटे लोगों को सम्मान देते हैं, तो आपकी यह आदत महिला का दिल जीत लेती है. दूसरों को सम्मान देने वाले पुरुष यह दर्शाते हैं कि उनका स्वभाव संवेदनशील और जमीन से जुड़ा हुआ है.अहंकार के बिना गजब का आत्मविश्वासआत्मविश्वास एक ऐसा गहना है जो बिना किसी महंगे कपड़े के भी पुरुष की पर्सनैलिटी में चार चांद लगा देता है. महिलाओं को ऐसे पुरुष बहुत आकर्षित करते हैं जिन्हें पता होता है कि वे जीवन में क्या कर रहे हैं और जो मुश्किल वक्त में घबराने के बजाय शांत रहकर सही फैसले लेना जानते हैं. हालांकि, आत्मविश्वास और अहंकार में बहुत बारीक अंतर होता है. महिलाएं अहंकारी पुरुषों से दूर भागती हैं, लेकिन जो पुरुष आत्म-निर्भर हैं और अपनी गलतियों को स्वीकार करने का माद्दा रखते हैं, उनका व्यक्तित्व सबसे चुंबकीय होता है.
वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया
हनोई। वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने से 15 भारतीयों की मौत हो गई जबकि 17 भारतीयों और चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटर नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर […] The post वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया appeared first on Sabguru News .
अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित बुर्जा के नायरा पेट्रोल पंप पर शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज 800 रुपए के पेट्रोल के भुगतान को लेकर हुए विवाद में मोटर साइकिल पर सवार एक नकाबपोश बदमाश ने पेट्रोल पंप […] The post अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण
अजमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार धरातल पर काम कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है। शर्मा शनिवार को […] The post भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण appeared first on Sabguru News .
नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट
मुंबई। मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की को परेशान करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में टेलीविजन अभिनेता रोहित चंदेल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चंदेल के खिलाफ बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं […] The post नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के कलेक्टरगंज क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने शनिवार को जहरीले पदार्थ का सेवन का अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सहायक पुलिस आयुक्त आनंद कुमार ओझा ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को आज शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि कलेक्टरगंज क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में […] The post कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी
अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार स्कीम नंबर-1 में दिनदहाड़े एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक रवि अग्रवाल अपने परिवार के साथ चार जुलाई को जयपुर स्थित अपनी बेटी के घर गये हुए […] The post अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी appeared first on Sabguru News .
बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन
अभिभावकों से सजग रहने और बच्चियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनने की अपील कोटा। अखिल भारतीय कोली समाज रजिस्टर नई दिल्ली की कोटा महिला विंग की बैठक शुक्रवार शाम टीचर्स कॉलोनी स्थित कोटा जिला अध्यक्ष निर्मला वर्मा के निवास पर आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बालिका सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से […] The post बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन appeared first on Sabguru News .
‘सिया गोयल ने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले से धक्का देकर मार डाला। क्योंकि वो केतन से शादी नहीं करना चाहती थी।’ पुणे पुलिस की ये थ्योरी पूरे देश को याद हो चुकी है। लेकिन ये बात कहने में जितनी आसान है, कोर्ट में साबित करना उतना ही मुश्किल। तो क्या केतन अग्रवाल की हत्या मामले में सिया बच जाएगी, पुलिस कैसे साबित करेगी सिया ने ही धक्का दिया; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: पुलिस ने सिया को किस आधार पर केतन की हत्या का आरोपी बनाया है? जवाब: पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे लोहगढ़ किले की चोटी पर मौजूद सिया चीखी। गार्ड्स पहुंचे, तो सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है।' सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ केतन अग्रवाल के माता-पिता ने लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के ऑफिसर्स से कहा कि उन्हें केतन की मौत में किसी गलत इरादे का शक नहीं है। पुलिस भी इसे एक्सीडेंट मान रही थी। लेकिन इसके बाद जांच में 5 ऐसी बातें सामने आईं, जिसके आधार पर सिया और चेतन को हत्या का आरोपी बनाया गया… 1. केतन के घर वालों को सिया पर शक हुआ 2. सिया ने पुलिस के सामने अपने बयान बदले 3. किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने दिखा शख्स 4. हत्या वाले दिन चेतन का इंटरनेट पूरे दिन बंद 4. सिया की चेतन के नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स सवाल-2: क्या सिया को दोषी साबित करने के लिए ये 5 आधार काफी नहीं, और क्या जरूरी? जवाब: हत्या के मामले में आरोपी को 2 तरीके से दोषी साबित किया जा सकता है… 1. हत्या का कोई पुख्ता सबूत मौजूद हो भारतीय कानून में हत्या का आरोप साबित करने के लिए तीन चीजें बेहद जरूरी होती हैं- हत्या का मोटिव, यानी इरादा, हत्या में इस्तेमाल हथियार, आरोपी का मौके पर मौजूद होना और हत्या का चश्मदीद गवाह। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘मान लीजिए किसी की हत्या हो और मौके पर ही आरोपी और हत्या में इस्तेमाल हुआ हथियार बरामद हो जाएं, जिसकी पोर्टमार्टम रिपोर्ट से भी पुष्टि हो जाए, तो हत्या का मामला चलेगा। अभियोजन पक्ष या पुलिस घटना के CCTV फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, वारदात के गवाह या किसी दूसरे सबूत के जरिए यह साबित करेंगे कि आरोपी ने ही हत्या की है। इसके बाद कोर्ट आरोपी को दोषी करार दे देगा।’ केतन के मामले में पुलिस का मानना है कि उसे चेतन या सिया ने खाई में धक्का दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। विराग गुप्ता के मुताबिक, कोर्ट सिया और केतन को तभी दोषी मानेगा, जब सबूतों से ये साबित हो जाए कि केतन न ही खुद फिसला, न उसका संतुलन बिगड़ा, बल्कि उसे जानबूझकर चेतन या सिया ने या दोनों ने मिलकर धक्का दिया था। हालांकि अभी तक पुलिस के पास इसका कोई सबूत नहीं है। एक पुलिस ऑफिसर ने कहा है, ‘केतन की हत्या के समय किले पर 208 लोग मौजूद थे। हमें उम्मीद है कि किसी न किसी ने कोई आपत्तिजनक फोटोग्राफिक सबूत कैद किया होगा।' पुलिस ने कोर्ट से चेतन और सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट की परमिशन मांगते हुए कहा था कि उसके पास घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है और न ही कोई ऐसा सबूत है, जिससे साबित हो सके कि केतन को धक्का देकर किसने मारा। पुलिस ने ये अर्जी वापस भी ले ली है। 2. हत्या की परिस्थिति से जुड़े सबूत मौजूद हों हत्या का वीडियो न हो, तो भी हत्या साबित की जा सकती है और आरोपी को दोषी ठहराया जा सकता है। अदालतें परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर भी हत्या के मामलों में सजा सुनाती हैं। परिस्थितिजन्य सबूतों का मतलब है कि किसी व्यक्ति की हत्या के पीछे की वजह या मोटिव, हत्या के समय आरोपियों की लोकेशन, हत्या के तरीके से जुड़े सबूत सभी आपस में अच्छे से जुड़े हों। किसी भी तरह कोई एक भी कड़ी ऐसी न हो, जिससे ये गुंजाइश बने कि आरोपी बेकसूर भी हो सकता है। विराग गुप्ता कहते हैं कि केतन की हत्या के समय का कोई मटेरियल एविडेंस नहीं मिल पाता, तो पुलिस ने केतन की हत्या के पीछे जो कहानी, सुराग और हत्या का जो मोटिव बताया है, अभियोजन पक्ष को उसे कोर्ट में सबूतों के साथ साबित करना होगा। पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े लोगों के फोन रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, केतन की मौत की लोकेशन से जुड़े सबूत जुटाने होंगे। इन सबके आधार पर यह साबित करना होगा कि सिया और चेतन के पास केतन को मारने की पर्याप्त वजह थी और उन दोनों ने ही केतन की हत्या की है। पुलिस का एक दावा ये भी है कि उसके पास चेतन और सिया के कबूलनामे हैं, जिनमें उन्होंने केतन की हत्या की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस को दिए बयान में कोई आरोपी अपना जुर्म कबूल ले, तो भी CRPC या BNS कानून के तहत इसकी कोर्ट में कोई अहमियत नहीं होती। सवाल-3: तो क्या हत्या के आरोप से बच भी सकते हैं सिया-चेतन? जवाब: अक्सर परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर हत्या के मामले में आरोपी बरी भी हो जाते हैं। आपने कई फैसलों में कोर्ट की ये टिप्पणी सुनी होगी- सबूतों की कमी के चलते आरोप साबित नहीं किया जा सका। दरअसल, इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट के बनाए हुए नियम हैं। 1952 में एक फैसले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को आगाह किया था कि किसी शक को सबूत न समझा जाए। फिर 1984 में सुप्रीम कोर्ट ने एक और मामले में 5 सिद्धांत बताए… सिया के वकील तनवीर अहमद मीर कहते हैं कि अभियोजन पक्ष केवल ये दिखाकर केस नहीं जीत सकता कि कई चीजें संदिग्ध लग रही हैं। घटना की हर परिस्थिति खुद में साबित हो, और फिर वो अगली कड़ी से भी जुड़ती हो, ये भी साबित हो कि केतन की मौत की दूसरी कोई संभव वजह नहीं है। अगर एक भी कड़ी टूटती है, तो आरोपियों को संदेह का फायदा मिलेगा। केतन के मामले में पुलिस को हर दावा, सबूत में बदलना होगा। साबित करना होगा कि सिया शादी से नाखुश थी और यही हत्या का मोटिव था। चेतन के साथ उसका रिश्ता, कैफे में हुई दोनों की मुलाकात और दोनों के प्लान को रिहर्सल से साबित करना होगा। सिर्फ ये साबित करना काफी नहीं होगा कि दोनों का व्यवहार संदिग्ध है, बल्कि ये फोन, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज से ये साबित करना होगा कि वो हत्या की साजिश कर रहे थे। मीर कहते हैं कि इसके अलावा सबसे जरूरी ये साबित करना होगा कि केतन गिरा कैसे? उस पॉइंट की ढलान, कहां पर गिरा, केतन के जूते, गिरने की दिशा, उनकी चोटें, फिसलने की संभावना, ये सभी चीजें मायने रखेंगी। कई संभावनाएं हो सकती हैं- केतन खद फिसले, या कोई बहस हुई, उस दौरान गिर गए, किसी एक ने धक्का दिया, या दोनों ने उकसाया, या हाथापाई में ऐसा हुआ। पुलिस को बाकी सभी संभावनाओं को खारिज करके ये साबित करना होगा कि केतन को धक्का दिया गया। सवाल-4: क्या पहले भी कोर्ट ने ऐसे फैसले दिए हैं? जवाब: हां, आरुषि-हेमराज हत्याकांड इसकी लैंडमार्क मिसाल है। 13 साल की आरुषि तलवार और तलवार दंपति के नौकर हेमराज की 2008 में नोएडा में हत्या कर दी गई थी। आरुषि की लाश उसके बेडरूम में, जबकि हेमराज की लाश छत पर मिली थी। केतन के मामले की तरह ही ये दोहरा हत्याकांड नेशनल लेवल पर सनसनी बन चुका था। आरुषि के माता-पिता- राजेश और नूपुर तलवार के बारे में कहा जा रहा था कि दोनों ने ऑनर-किलिंग की है। 2013 में CBI कोर्ट ने दोनों को दोषी भी करार दे दिया, लेकिन 4 साल बाद इलाहाबाद हाई-कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। सिया के वकील मीर ने ही उनका भी केस लड़ा था। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को लेकर 5 सिद्धांतों के आधार पर निचली अदालत का फैसला पलट दिया था। अभियोजन पक्ष ये साबित करने में नाकाम रहा था कि घटना की रात तलवार के घर में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आ सकता था। मीर ने कोर्ट में ये कल्पना दी कि राजेश तलवार का कंपाउंडर, कृष्णा थडाराई को भी पहले संदिग्ध माना गया था। हो सकता है कि उसने हत्याएं की हों। तलवार दंपति को बचाने के लिए मीर को ये साबित करने की जरूरत नहीं थी कि कृष्णा ने असल में हत्याएं की थीं। बस उन्हें अपनी कल्पना को इतना भरोसेमंद बनाना था कि तलवार के दोषी होने पर संदेह पैदा हो जाए। ------- ये खबर भी पढ़िए… शादी से बचने के लिए सीधे मंगेतर की हत्या, मना क्यों नहीं कर सकी; रोमांटिक पोस्ट डाले, चार सुराग से सुलझी गुत्थी पुणे शहर से 64 किमी दूर लोहगढ़ किला। 18 जून 2026 की सुबह करीब 10 बजे किले की चोटी से एक चीख गूंजी। गार्ड्स पहुंचे, तो वहां मौजूद 20 साल की सिया ने बताया- मेरा मंगेतर केतन फिसलकर खाई में गिर गया है। सिया ने ही घरवालों को भी फोन किया। अगले दिन इंस्टाग्राम पर लिखा- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ पूरी खबर पढ़िए…

37 C
