सारण : छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप में निजी विद्यालय का शिक्षक अरेस्ट
सारण। बिहार में सारण जिले के भगवान बाजार थाना क्षेत्र में एक निजी विद्यालय के शिक्षक को छात्रा से छेड़छाड़ करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह निजी विद्यालय छपरा शहर में पुलिस अधीक्षक और जिला पदाधिकारी के आवास के सामने स्थित है। इस विद्यालय में कार्यरत आरोपी शिक्षक इमाम राजा जिले […] The post सारण : छात्रा के साथ छेड़छाड़ के आरोप में निजी विद्यालय का शिक्षक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पठानकोट में बेकाबू निजी बस ने 4 लोगों को कुचला, दो की मौत
पठानकोट। पंजाब के पठानकोट-जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार निजी बस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने बस में आग लगा दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति […] The post पठानकोट में बेकाबू निजी बस ने 4 लोगों को कुचला, दो की मौत appeared first on Sabguru News .
अकासा एयर के नेटवर्क में अक्टूबर में शामिल होगा जयपुर
जयपुर/नई दिल्ली। नवोदित विमान सेवा कंपनी अकासा एयर अक्टूबर में राजस्थान की राजधानी और गुलाबी शहर जयपुर से उड़ानें शुरू करेगी। एयरलाइंस ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वह 11 अक्टूबर से जयपुर से मुंबई और बेंगलूरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू करेगी। उसका कहना है कि यह कदम प्रमुख पर्यटन, […] The post अकासा एयर के नेटवर्क में अक्टूबर में शामिल होगा जयपुर appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर जिले में हेरोइन सहित दो अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में श्रीविजयनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हेरोइन बरामद कर दो लोगों को गिरफ्तार किया जबकि एक किशोर को निरुद्ध किया हैं। थाना प्रभारी इमरान खान ने बुधवार को बताया कि चक 33-जीबी में राधास्वामी डेरा के नजदीक खडवंजा मार्ग पर मोटरसाइकिल से जा रहे इन लोगों को कल […] The post श्रीगंगानगर जिले में हेरोइन सहित दो अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
इटावा में दोस्तों की प्रताड़ना से परेशान मेकअप आर्टिस्ट कोमल मिश्रा ने की आत्महत्या
इटावा। उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित वृंदावन कॉलोनी में मेकअप आर्टिस्ट ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले महिला ने एक वीडियो बनाकर अपने पति को भेजा, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए पांच लोगों को जिम्मेदार ठहराया और अपने पति को […] The post इटावा में दोस्तों की प्रताड़ना से परेशान मेकअप आर्टिस्ट कोमल मिश्रा ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
छात्रों के समर्थन में उतरा बॉलीवुड, अरिजीत सिंह के पोस्ट ने मचाई हलचल, खुशबू पटानी पहुंचीं जंतर-मंतर
राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर क्षेत्र एक बार फिर बड़े जनांदोलन का केंद्र बन गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' विरोध प्रदर्शन के दौरान NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांगों को लेकर हजारों छात्र सड़कों पर उतरें। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रदर्शन के वीडियो में दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज करते देखा जा सकता है। छात्रों संग ऐसा बर्ताव देख बॉलीवुड के कई सेलेब्स ने नाराजगी जताई है। सेलेसब्स छात्रों के पक्ष में अपनी आवाज उठा रहे हैं। मशहूर गायक अरिजीत सिंह, अभिनेत्री दिशा पटानी की बहन खुशबू पटानी और अभिनेता विजय वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अरिजीत सिंह का सरकार और व्यवस्था पर निशाना अरिजीत सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा किए. उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली और नेतृत्व की खामोशी पर सवाल उठाते हुए लिखा कि नेताओं को समय रहते इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए था। उन्होंने लिखा, लीडर इतने दिनों से क्यों चुप था? उन लोगों को पहले ही सब सॉल्व कर देना था... जबरदस्ती करेंगे हम सब लोग, ईगो-ईगो खेलेंगे। इतना अव्यवस्था क्रिएट करने का मौका क्यों दिया गया? क्योंकि सबको पता था सीजेपी को कोई सीरियस ले नहीं रहा है। अव्यवस्था होगी तो अपने आप लॉ एंड ऑर्डर दिखाकर चैप्टर खत्म कर देंगे। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में छात्रों के प्रति अपनी संवेदना और गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा कि बदलाव ही अंतिम सत्य है और इस तरह छात्रों पर दबाव बनाना पूरी तरह से अनुचित है। A post shared by Major Khushboo Patani(KP) (@khushboo_patani) खुशबू पटानी खुद पहुंचीं ग्राउंड ज़ीरो बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पटानी की बहन खुशबू पटानी केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे खुद छात्रों का हौसला बढ़ाने जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रदर्शन स्थल के कई वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कीं, जिनमें पुलिस कार्रवाई के दृश्य शामिल थे। ALSO READ: संजय दत्त की सबसे बड़ी ताकत हैं मान्यता दत्त, मुश्किल दौर में ऐसे बनीं 'लेडी लक' खुशबू ने आरोप लगाया कि यह एक पूरी तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन था, जिसमें बहुत छोटे और युवा छात्र हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने लिखा कि पहले प्रदर्शनकारियों को घेरा गया और फिर उन पर लाठियां चलाई गईं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए कहा कि युवाओं के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए था। विजय वर्मा ने आलोचकों को दिया करारा जवाब अभिनेता विजय वर्मा ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए इस प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई का विरोध जताया। उन्होंने वर्ष 2021 की चर्चित फिल्म 'ईब आले ऊ!' के पोस्टर का संदर्भ देते हुए जमीनी हालात को दर्शाने की कोशिश की। जब कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी इस पोस्ट पर ऐतराज जताया और उन्हें अनफॉलो करने की बात कही, तो विजय वर्मा ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने एक GIF शेयर करते हुए लिखा, चुपचाप भी अनफॉलो कर सकते हो, सब बताना नहीं होता। एकजुट हुआ बॉलीवुड और मनोरंजन जगत NEET धांधली और छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ मनोरंजन जगत का बड़ा वर्ग एकजुट नजर आ रहा है। शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे वरिष्ठ कलाकार खुद प्रदर्शन स्थल पर सीजेपी नेताओं और छात्रों के साथ खड़े दिखाई दिए। इसके अलावा सोनू सूद, सोनाक्षी सिन्हा, एल्विश यादव, विशाल ददलानी, अनुराग कश्यप, सोहा अली खान, मुनव्वर फारूकी, शेखर सुमन, दीया मिर्जा और वीर दास जैसी हस्तियों ने भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए छात्रों की मांगों का समर्थन किया है।
फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी
पेरिस। फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दे दी है। बीएफएमटीवी ब्रॉडकास्टर ने यह जानकारी दी है। यह विधेयक एक सितंबर से लागू होगा। बीएफएमटीवी ने मंगलवार रात बताया कि विधेयक के समर्थन में 279 मत डाले गये जबकि […] The post फ्रांस ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को मंज़ूरी दी appeared first on Sabguru News .
बुध ग्रह का मिथुन राशि में मार्गी गोचर, 4 राशियों के लिए रहेगा शुभ समय
बुद्धि, संवाद और व्यापार के कारक बुध देव अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में 24 जुलाई 2026 की तड़के (रात 03:54 बजे) मार्गी यानी सीधी चाल चलने जा रहे हैं। अपनी ही राशि में बुध का यह गोचर अत्यंत शुभ 'भद्र राजयोग' का निर्माण करता है। जब बुद्धि के देवता स्वयं सीधी दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो मानिए कि आपकी सोच, कार्यशैली और व्यापार में एक बड़ा और सकारात्मक मोड़ आने वाला है। आइए जानते हैं कि बुध का यह परिवर्तन किन 4 खुशकिस्मत राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलने जा रहा है। 1. मेष राशि: बढ़ेगा पराक्रम, चमकेगा संवाद बुध का तीसरे भाव में मार्गी होना आपके आत्मविश्वास और साहस में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा करेगा। आपकी बातचीत की शैली इतनी असरदार होगी कि लोग आपकी ओर खिंचे चले आएंगे। करियर व काम: मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। रिश्ते: छोटे भाई-बहनों, पड़ोसियों और दोस्तों के साथ रिश्ते सुधरेंगे और पुराने मनमुटाव दूर होंगे। सावधानी: बुध आपके छठे भाव (संघर्ष व विवाद) के स्वामी भी हैं, इसलिए पुरानी कड़वाहट सुलझने से पहले हल्की-फुल्की बहस हो सकती है। अपने गुस्से पर काबू रखें और बेवजह के विवादों से दूर रहें। ALSO READ: बुध की मार्गी चाल से बदलेगी किस्मत? मेष से मीन तक जानिए 12 राशियों का हाल 2. मिथुन राशि: निखरेगा व्यक्तित्व, बढ़ेगा मान-सम्मान बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं और आपके लग्न (प्रथम) भाव में ही मार्गी हो रहे हैं। इस गोचर से आपके भीतर एक अद्भुत ऊर्जा और नया आत्मविश्वास देखने को मिलेगा। व्यक्तिगत विकास: आपका पूरा ध्यान खुद को बेहतर बनाने, स्टाइल और पर्सनालिटी को निखारने पर रहेगा। सेहत भी शानदार रहेगी। पारिवारिक सुख: चौथे भाव पर प्रभाव के कारण माता का पूरा सहयोग मिलेगा और घर में शांति रहेगी। अगर आपकी ग्रह दशा अनुकूल है, तो नया वाहन या संपत्ति खरीदने के प्रबल योग हैं। सामाजिक कद: लीडरशिप रोल से जुड़े लोगों को समाज और सहयोगियों का पूरा समर्थन मिलेगा। ALSO READ: शनि वक्री होकर रेवती नक्षत्र में, क्या भारत में आने वाला है कोई बड़ा संकट? ज्योतिषीय संकेतों से जानें 3. सिंह राशि: बनेगा ज़बरदस्त 'धन योग', बरसेगा पैसा सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से बेहद सुनहरा रहने वाला है। आपके ग्यारहवें (लाभ) भाव में बुध का मार्गी होना एक शक्तिशाली धन योग बना रहा है। आर्थिक लाभ: पुराने किए गए निवेश से आपको उम्मीद से ज़्यादा रिटर्न मिल सकता है। नए निवेश के लिए भी यह समय मुफ़ीद है। नेटवर्किंग: दोस्तों, परिवार और प्रोफेशनल नेटवर्क के ज़रिए धन कमाने के नए रास्ते खुलेंगे। भौतिक सुख: यह अवधि आपकी आय में इज़ाफ़ा करने के साथ-साथ आपकी सुख-सुविधाओं और इच्छाओं की पूर्ति करेगी। ALSO READ: बुध का गुरु के नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त तक इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत 4. कन्या राशि: करियर में मिलेगी नई ऊँचाइयाँ और पहचान बुध देव आपके कर्म (दसवें) भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। यह स्थिति आपके पेशेवर जीवन और सार्वजनिक छवि में एक नई चमक लेकर आएगी। करियर व नौकरी: जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें बेहतरीन अवसर मिलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर सहकर्मियों का पूरा साथ मिलेगा और माहौल सकारात्मक रहेगा। व्यापार में वृद्धि: कारोबारियों को नए ग्राहक (क्लाइंट्स) मिलेंगे, जिससे काम में व्यस्तता और मुनाफा दोनों बढ़ेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा: समाज में आपका प्रभाव और दबदबा दोनों बढ़ेगा।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की दसवीं महाविद्या मां कमला, जानिए पूजा विधि
Goddess Kamala Worship 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पर्व शक्ति उपासना, तंत्र साधना और दस महाविद्याओं की आराधना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है तथा आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के दसवें और अंतिम दिन दस महाविद्याओं की अंतिम शक्ति मां कमला की साधना की जाती है। ये पूर्णतः धन, ऐश्वर्य, सौभाग्य, सौंदर्य और समृद्धि की देवी हैं। भगवान विष्णु की शक्ति होने के कारण इनका स्वरूप अत्यंत सौम्य, शांत और वरदायक है। गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन इनकी पूजा करने से जीवन से हर प्रकार की दरिद्रता, आर्थिक संकट और मानसिक अशांति का नाश होता है। ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नौवीं देवी मां मातंगी, जानिए पूजा विधि आइए यहां जानते हैं 10वीं महाविद्या देवी कमला के पूजन और सावधानियों के बारे में खास जानकारी... मां कमला पूजा विधि धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मां कमला लक्ष्मी जी का ही स्वरूप हैं, इसलिए इनकी पूजा में समृद्धि और पवित्रता के प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। गुप्त नवरात्रि की अन्य उग्र देवियों से अलग, मां कमला की पूजा सूर्यास्त के ठीक बाद यानी प्रदोष काल या देर रात में करना बेहद शुभ होता है। मां कमला की पूजा करते समय गुलाबी, लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मां कमला की पूजा के लिए उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। पूजन हेतु एक चौकी पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाकर मां कमला या कमल पर विराजमान लक्ष्मी जी का चित्र या यंत्र स्थापित करें। फिर मां को कमल का फूल, लाल गुलाब, मखाने, खीर, पंचामृत, और हल्दी की गांठें अर्पित करें। मां के सम्मुख गाय के शुद्ध घी का बड़ा दीपक जलाएं। संभव हो तो एक छोटा दीपक इत्र मिलाकर भी जला सकते हैं। पूजन के पश्चात कमलगट्टे की माला या स्फटिक की माला से मां कमला के मंत्र- 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:' या 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमलायै नमः'का जाप करें तथा श्रीसूक्त या लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें। ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी? मां कमला पूजन की विशेष सावधानियां मां कमला अत्यंत दयालु और सौम्य हैं, फिर भी गुप्त नवरात्रि के समापन पर इनकी पूजा में इन बातों का ध्यान रखें: घर में स्वच्छता और शांति: मां कमला वहीं निवास करती हैं जहां स्वच्छता और शांति हो। पूजा के दिन घर में किसी भी प्रकार का कलह, क्लेश या विवाद न होने दें। नकारात्मकता का त्याग: मन में किसी के प्रति लालच, ईर्ष्या या बेईमानी का भाव रखकर इनकी पूजा न करें। दानशीलता और उदारता का भाव रखें। साधना की पूर्णता और पूर्णाहुति: चूंकि यह गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन होता है, इसलिए मां कमला की पूजा के बाद अपनी नौ दिनों की साधना की पूर्णता के लिए कपूर से आरती करें और यदि संभव हो तो हवन अवश्य करें। कुमारी कन्या और ब्राह्मण भोज: साधना की पूर्ण सफलता के लिए नवमी या दशमी तिथि को कन्याओं को भोजन कराएं, उन्हें खीर का भोग दें और कुछ उपहार या दक्षिणा देकर विदा करें। क्षमा प्रार्थना: सबसे अंत में हाथ जोड़कर दसों महाविद्याओं और मां कमला से नौ दिनों की पूजा में अनजाने में हुई किसी भी भूलचूक के लिए क्षमा याचना करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन करें 5 महत्वपूर्ण कार्य
5,000 किलोमीटर की फ्लाइटों पर ईयू का उत्सर्जन शुल्क
अमेरिका ने यूरोपीय संघ की नई कार्बन उत्सर्जन योजना को लेकर एक बार फिर चिंता जताई है। लंबी दूरी की उड़ान पर शुल्क के इस प्रस्ताव से भारत और ब्राजील समेत कई देश नाखुश हैं।
क्या सच में अस्पताल में भर्ती थे अमिताभ बच्चन? नए ब्लॉग में बताई पूरी सच्चाई
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने बीते दिन एक ब्लॉग पोस्ट किया था, जिसके बाद से उनके फैंस काफी चिंतित थे। इस ब्लॉग में अमिताभ ने अस्पताल, सर्जरी, आईसीयू और इलाज के बाद घर लौटने के मुश्किल दौर का जिक्र किया था। इसके बाद से फैंस फैंस उनकी सेहत को लेकर काफी चिंतित हो गए थे। कयास लगाए जाने लगे थे कि शायद 81 वर्षीय अमिताभ बच्चन की तबीयत बिगड़ गई है और वह अस्पताल में भर्ती थे या उनकी कोई सर्जरी हुई है। हालांकि, अब खुद अमिताभ बच्चन ने इन सभी अटकलों पर पूर्णविराम लगा दिया है। उन्होंने अपने नए ब्लॉग पोस्ट के जरिए साफ कर दिया है कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है। मैं बिल्कुल ठीक हूं– अमिताभ बच्चन ने किया साफ प्रशंसकों की बढ़ती चिंता को देखते हुए अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग पर लिखा, मैं बिल्कुल ठीक हूं। मेरे पिछले पोस्ट को गलत समझ लिया गया। मैं तो बस एक उदाहरण दे रहा था कि सर्जरी या आईसीयू के बाद का समय सबसे मुश्किल होता है— जब आप घर वापस आते हैं और अपनी खराब हालत से जूझते हैं। उन्होंने आगे स्थिति को स्पष्ट करते हुए लिखा कि जब कोई चैंपियन हारता है, तो उसके लिए सबसे कठिन समय उस हार के बाद खुद को संभालना होता है। बिग बी ने खुलासा किया कि उनका पिछला पोस्ट फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी और अर्जेंटीना की हार के संदर्भ में था। ALSO READ: उर्वशी रौतेला को FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो का खास न्योता, सोशल मीडिया पर छाईं एक्ट्रेस अमिताभ ने लिखा, लोगों ने मान लिया कि यह संदर्भ मेरे बारे में था— जो कि पूरी तरह से गलत था। हर चैंपियन को यह समझना होगा कि समय के साथ कोई दूसरा चैंपियन जरूर आएगा। बिग बी ने जीवन के इस गहरे दर्शन को समझाते हुए आगे लिखा कि जब कोई इंसान अस्पताल जाता है, तो डॉक्टर उसकी बीमारी का इलाज कर देते हैं। लेकिन इलाज या सर्जरी के बाद शरीर पहले जैसा सहज नहीं रहता, और उसके साथ तालमेल बिठाना सबसे कठिन दौर होता है। ठीक इसी तरह, जब कोई खेल का महानायक अपनी बादशाहत खोता है, तो उसके लिए इस नई सच्चाई को स्वीकार करना शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने लिखा, एक चैंपियन अपनी गिरी हुई हालत से भी उठ सकता है और दोबारा चैंपियन बनने के लिए लड़ाई लड़ सकता है। जिंदगी में सीखने के लिए अनगिनत सबक हैं— प्यार, सम्मान और भी बहुत कुछ। आखिर किस पोस्ट से शुरू हुआ था भ्रम? पूरे विवाद की शुरुआत बिग बी के उस रहस्यमयी पोस्ट से हुई थी जिसमें उन्होंने लिखा था कि ...सर्जरी के लिए अस्पताल में होना और आईसीयू में डॉक्टरों की देखरेख में रहना... फिर डिस्चार्ज और घर वापसी। यह घर वापसी का समय शारीरिक, मानसिक और व्यावहारिक रूप से सबसे कठिन दौर होता है। आप एक सम्मानित चैंपियन हैं और एक दिन हार आपके सामने खड़ी होती है। 'कौन बनेगा करोड़पति' से वापसी को तैयार हैं 'शंहशाह' अब जब अमिताभ बच्चन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पूरी तरह से ठीक हैं, तो उनके करोड़ों फैंस ने राहत की सांस ली है। वर्कफ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन एक बार फिर टीवी के सबसे चर्चित और लोकप्रिय गेम शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के नए सीजन के साथ छोटे पर्दे पर वापसी करने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके अलावा वह कई बड़े बॉलीवुड और पैन-इंडिया प्रोजेक्ट्स में भी नजर आने वाले हैं।
तीन घंटे की हिरासत के बाद राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी नेता रिहा
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न नेताओं को प्रधानमंत्री आवास के बाहर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के करीब तीन घंटे बाद मंगलवार रात को रिहा कर दिया गया। गांधी को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा किया […] The post तीन घंटे की हिरासत के बाद राहुल गांधी समेत सभी विपक्षी नेता रिहा appeared first on Sabguru News .
'गॉडज़िला x कांग' स्टार केली हॉटल का सड़क हादसे में निधन, 18 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
हॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। सुपरहीरो और मॉन्स्टर ब्लॉकबस्टर फिल्मों 'गॉडज़िला वर्सेस कांग' और 'गॉडज़िला x कांग: द न्यू एम्पायर' में 'जिया' का सशक्त किरदार निभाने वाली अभिनेत्री केली हॉटल का निधन हो गया है। वह महज 18 वर्ष की थीं। केली का निधन मैरीलैंड के फ्रेडरिक में हुए एक भयानक सड़क हादसे में हुआ है। उनके आकस्मिक निधन से हॉलीवुड सिनेमा जगत और उनके लाखों फैंस स्तब्ध हैं। केली हॉटल के पिता, जोशुआ हॉटल ने अमेरिकन साइन लैंग्वेज (ASL) में फेसबुक लाइव स्ट्रीम के माध्यम से इस दुखद खबर को साझा किया। बाद में उन्होंने मीडिया संस्थान 'TMZ' से बातचीत के दौरान भी अपनी बेटी के निधन की पुष्टि की। A post shared by Texas School for the Deaf (@texasschoolforthedeaf) जोशुआ हॉटल ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनके दिल की धड़कन रुक गई। कैली हॉटल टेक्सास स्कूल फॉर द डेफ में सीनियर सेकेंडरी की छात्रा थीं। स्कूल प्रशासन ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी कर अपनी होनहार छात्रा की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया है। ALSO READ: उर्वशी रौतेला को FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो का खास न्योता, सोशल मीडिया पर छाईं एक्ट्रेस स्कूल प्रशासन का आधिकारिक बयान में लिखा, हम अत्यंत दुख के साथ यह खबर साझा कर रहे हैं कि हमारे TSD परिवार की सीनियर छात्रा केली हॉटल का मैरीलैंड में एक सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया है। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं केली के परिवार, दोस्तों और सहपाठियों के साथ हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे इस दुखद समय में परिवार की निजता का सम्मान करें और दुर्घटना को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। पीढ़ियों से मूक-बधिर परिवार का हिस्सा थीं केली केली हॉटल की सबसे खास बात यह थी कि वह एक बहु-पीढ़ीगत मूक-बधिर परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता और परिवार की पिछली कई पीढ़ियां जन्मजात मूक-बधिर रही हैं। उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि इसे हॉलीवुड में एक नई मिसाल के रूप में पेश किया। 'जिया' के किरदार से मिली थी पहचान केली हॉटल ने वर्ष 2021 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गॉडज़िला वर्सेस कांग' से हॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में उन्होंने 'जिया' नाम की एक अनाथ मूक-बधिर बच्ची का किरदार निभाया था, जो विशालकाय 'कांग' से साइन लैंग्वेज के जरिए संवाद कर सकती थी और उसके बेहद करीब थी। रेबेका हॉल के साथ उनकी केमिस्ट्री और फिल्म में उनके इमोशनल सीन्स ने दर्शकों का दिल जीत लिया था।
उर्वशी रौतेला को FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो का खास न्योता, सोशल मीडिया पर छाईं एक्ट्रेस
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला एक बार फिर यह साबित कर रही हैं कि उन्हें वैश्विक आइकन क्यों कहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपार लोकप्रियता और व्यस्त पेशेवर जीवन के बावजूद, वह अपने परिवार और भावनात्मक जुड़ाव को हमेशा प्राथमिकता देती हैं। यही गुण उन्हें दुनिया भर के प्रशंसकों के लिए और भी अधिक प्रेरणादायक और सहज बनाता है। भारतीय मनोरंजन जगत के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में, उर्वशी रौतेला कथित तौर पर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो से विशेष निमंत्रण पाने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बन गई हैं। इस मुलाकात ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है, जहां प्रशंसक इसे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। A post shared by Urvashi Rautela (@urvashirautela) इस मुलाकात की झलकियां साझा करते हुए जियानी इन्फैन्टिनो ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, ग्लोबल आइकन स्टार उर्वशी रौतेला से मिलकर बेहद खुशी हुई। उनका यह बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसने यह दर्शाया कि उर्वशी को सिनेमा की दुनिया से परे भी लगातार वैश्विक पहचान मिल रही है। ALSO READ: जॉन अब्राहम ने बांद्रा में खरीदा 84 करोड़ रुपये का बंगला, बॉलीवुड स्टार ने जोड़ा मुंबई का नया 'शाही पता' पिछले कुछ वर्षों में उर्वशी रौतेला ने खुद को भारत की सबसे अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाली मनोरंजन हस्तियों में शामिल किया है। भारत का प्रतिनिधित्व प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजनों में करने से लेकर अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ सहयोग करने और दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने तक, उन्होंने लगातार बॉलीवुड से आगे बढ़कर अपनी वैश्विक पहचान मजबूत की है। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो का यह निमंत्रण प्रशंसकों द्वारा उनकी बढ़ती वैश्विक पहचान और प्रभाव का एक और महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है। यह मुलाकात वैश्विक खेल और मनोरंजन जगत के बीच बढ़ते संबंधों का भी प्रतीक है, जहां उर्वशी जैसी हस्तियां सांस्कृतिक दूत के रूप में विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी है। प्रशंसकों ने भारत का नाम वैश्विक मंच पर रोशन करने के लिए उर्वशी की सराहना की और इसे भारतीय सिनेमा से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक उनके प्रेरणादायक सफर का एक गौरवपूर्ण पड़ाव बताया।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today 22 July horoscope in Hindi 2026 : करियर: कार्यस्थल पर अपनी कार्यकुशलता के बल पर आप कठिन कार्यों को भी आसान बना लेंगे। लव: पार्टनर के साथ आपसी समझ बढ़ने से रिश्ते में मजबूती आएगी। धन: व्यापार में नए निवेश के अवसर मिल सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक होंगे। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन मानसिक शांति बनाए रखने के लिए अत्यधिक सोचने से बचें। उपाय: भगवान गणेश को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। ALSO READ: Ashadhi Ekadashi Date 2026: आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर काम करना आज आपके लिए जरूरी होगा। लव: जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बजट डगमगा सकता है। स्वास्थ्य: पेट में गड़बड़ी हो तो बाहर के खान-पान से पूरी तरह परहेज करें। उपाय: बुधवार के दिन किसी गाय को हरी मूंग या हरा चारा खिलाएं। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: नौकरी और व्यापार में आपकी कम्युनिकेशन स्किल से कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। लव: पार्टनर के साथ यादगार समय बीतेगा और आप अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कर पाएंगे। धन: रुका हुआ पुराना धन वापस मिलने से आपकी बड़ी चिंता दूर होगी। स्वास्थ्य: आप शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: छोटी कन्याओं को हरे रंग की कोई वस्तु या फल दान करें। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: ऑफिस में खुद को किसी भी प्रकार की राजनीति से दूर रखें। आज केवल अपने काम पर ध्यान दें। लव: आज पार्टनर का पूरा भावनात्मक सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। धन: आज किसी को बड़ा उधार देने से बचना ही आपके लिए समझदारी होगी। स्वास्थ्य: अत्यधिक काम के कारण शारीरिक थकान महसूस हो सकता है। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध मिश्रित जल चढ़ाएं। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: शाम को पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बन सकता है। धन: म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आज का दिन अनुकूल है। स्वास्थ्य: पुरानी किसी बीमारी से आज बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल दें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: नौकरीपेशा लोगों के नए आइडियाज सफल रहेंगे। व्यापार में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे और मुनाफा बढ़ेगा। लव: अविवाहित लोगों के जीवन में आज कोई खास आ सकता है। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होने से धन संचय करने के प्रयास पूरी तरह सफल रहेंगे। स्वास्थ्य: सुबह की सैर और प्राणायाम को अपने दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं। ALSO READ: 27 जुलाई से शनि होंगे वक्री: 11 दिसंबर तक इन 5 राशियों पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें आपकी राशि शामिल है या नहीं 7. तुला राशि (Libra) करियर: नौकरी से जुड़े लोगों को कोई बड़ी पहचान या नया प्लेटफॉर्म मिल सकता है। लव: छोटी-मोटी बातों को नजरअंदाज करके पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: आमदनी ठीक होगी, पैसों के मामले में दिन मिलाजुला रहेगा। स्वास्थ्य: शारीरिक दर्द की शिकायत हो सकती है। भारी सामान उठाने से बचें। उपाय: मां दुर्गा के देवी कवच का पाठ करें। 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: व्यापार में नए कॉन्ट्रैक्ट मिलने से लाभ होगा। लव: लव लाइफ में आपसी विश्वास गहरा होगा। पार्टनर के साथ मिलकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर सकते हैं। धन: पैतृक संपत्ति से अचानक धन लाभ होने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। मानसिक तनाव कम होगा। उपाय: हनुमान मंदिर में लाल फूल अर्पित करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: उच्च शिक्षा पाने में भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। लव: प्रेमी या जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। धन: कारोबार में आर्थिक उन्नति के योग हैं। स्वास्थ्य: मसालेदार भोजन से बचें, खान-पान का विशेष ध्यान रखें। उपाय: मस्तक पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर धैर्य रखें, आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। लव: पार्टनर के साथ बातचीत बड़े विवाद का रूप ले सकती है। धन: आज कोई भी बड़ा वित्तीय जोखिम उठाने से बचना ही श्रेयस्कर होगा। स्वास्थ्य: मानसिक थकान हो तो रात को सोने से पहले मेडिटेशन करें। उपाय: किसी जरूरतमंद की मदद करें, भोजन दें। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: नौकरीपेशा के करियर में स्थिरता आएगी। लव: लव पार्टनर के साथ तालमेल बहुत अच्छा रहेगा। धन: आय के नए स्रोत मिलने से आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। स्वास्थ्य: सेहत के मामले में दिन बढ़िया है। उपाय: श्रीविष्णु मंदिर में मिठाई का भोग लगाएं। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: दफ्तर में विरोधियों पर आपकी जीत निश्चित है। लव: प्रेम जीवन में खुशहाली बनी रहेगी। धन: कारोबार से आकस्मिक धन लाभ होने के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। आप सकारात्मक महसूस करेंगे। उपाय: किसी धार्मिक स्थल पर फल दान करें। ALSO READ: Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी 2026: पूजा की संपूर्ण पूजन सामग्री लिस्ट
भारत की हरित ऊर्जा में ऐतिहासिक छलांग
भारत ने पहली बार सौर और पवन ऊर्जा से 100 गीगावॉट से अधिक बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया। कुल बिजली आपूर्ति में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 42.79% तक पहुंची
हरजीत सिंह ग्रेवाल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला
नई दिल्ली। हरजीत सिंह ग्रेवाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया, जबकि आयोग की सदस्य एस. मुनावरी बेगम ने उपाध्यक्ष का कार्यभार संभाला। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आज बताया कि इन नियुक्तियों को अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, सशक्तीकरण और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा […] The post हरजीत सिंह ग्रेवाल ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला appeared first on Sabguru News .
भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के नदबई कस्बे के एक निजी विद्यालय के अध्यापक के खिलाफ स्कूल की एक छात्रा के साथ कथित अश्लील हरकतें करने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी शिक्षक छात्रा के साथ करीब आठ महीने से छेड़छाड़ करने के साथ ही पीछा करते हुए छात्रा के घर पहुंचने […] The post भरतपुर : अध्यापक के खिलाफ अश्लील हरकतें करने का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर में स्थित गुरुनानक मिल्क डेयरी को अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने का दोषी पाये जाने पर न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदी लाल मीणा ने डेयरी संचालक पर कुल एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 22 अक्टूबर, 2024 को नोहर […] The post हनुमानगढ़ : अमानक बर्फी एवं मिल्क केक बेचने के दोषी पर एक लाख रुपए जुर्माना appeared first on Sabguru News .
राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर अचानक धरने पर बैठने के कुछ घंटे बाद ही दिल्ली पुलिस ने वहां कार्रवाई की और गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। तीन घंटे से अधिक समय तक […] The post राहुल गांधी का प्रधानमंत्री आवास के पास धरना, पुलिस ने हिरासत में लिया appeared first on Sabguru News .
बिलासपुर : गुरु-चेला विवाद में किन्नर की गला दबाकर हत्या
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र में गुरु-चेला परंपरा को लेकर हुए विवाद में एक किन्नर की कथित रूप से गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना के कुछ घंटे के भीतर आरोपी किन्नर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस के अनुसार सकरी थाना में अपराध क्रमांक […] The post बिलासपुर : गुरु-चेला विवाद में किन्नर की गला दबाकर हत्या appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में पिकअप की टक्कर से पिता की मौत, पुत्री घायल
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार को पिकअप की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि उसकी पुत्री घायल हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक की पहचान टिक्कूराम नायक (48) के रूप में हुई है। वह अपनी पुत्री पूनम (23) को […] The post श्रीगंगानगर में पिकअप की टक्कर से पिता की मौत, पुत्री घायल appeared first on Sabguru News .
43 साल पुराने सिनेमा भूखंड विवाद में जेडीए को राहत
जयपुर। राजस्थान में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को 43 वर्ष पुराने सिनेमा भूखंड आवंटन विवाद में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश नीतू भारद्वाज की अदालत ने आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई को चुनौती देते हुए दायर स्थायी निषेधाज्ञा का वाद खारिज कर दिया। मामला शास्त्री नगर के सुभाष नगर क्षेत्र में सिनेमा […] The post 43 साल पुराने सिनेमा भूखंड विवाद में जेडीए को राहत appeared first on Sabguru News .
अलवर में पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से चालक की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के हनुमान सर्किल के पास स्थित जेएस फोर वीलर कंपनी में मंगलवार को पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से एक चालक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामगढ़ निवासी मोनू नायक की पिकअप करीब 15 दिन पहले मरम्मत के लिए जेएस फोर वीलर कंपनी में दी गई थी। […] The post अलवर में पिकअप की बॉडी के नीचे दबने से चालक की मौत appeared first on Sabguru News .
21 जुलाई की दोपहर साढ़े तीन बजे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ पैदल ही पीएम मोदी के आवास की तरफ चल दिए। न पुलिस को खबर थी, न मीडिया को। हालांकि 3 घंटे 20 मिनट बाद ही पुलिस ने बलपूर्वक राहुल-प्रियंका को उठाकर धरना खत्म करा दिया है। आखिर पीएम आवास के बाहर अचानक धरने के लिए क्यों गए राहुल गांधी, क्या कॉकरोच पार्टी का आंदोलन हाईजैक कर लेंगे; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… 20 जुलाई से पहलेः कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट से दूरी की स्ट्रैटेजी 20 जुलाई के बादः राहुल-प्रियंका ने लाठीचार्ज पर आक्रामक रवैया अपनाया जंतर-मंतर नहीं, पीएम आवास के बाहर धरने की सीक्रेट योजना पीएम मोदी के आवास के बाहर धरने की प्लानिंग कांग्रेस ने बेहद सीक्रेट तरीके से की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन की बधाई देने के लिए उनके आवास पर बुलाया गया। खड़गे का घर पीएम मोदी के आवास के करीब है। दोपहर 3:30 बजे पैदल ही पीएम आवास की तरफ निकले और धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते केरल सीएम वीडी सतीशन, कर्नाटक सीएम डीके शिवकुमार भी प्रोटेस्ट में पहुंच गए। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सरकार की तरफ से राहुल गांधी से बात करने पहुंचे। हालांकि बात नहीं बनी। आखिरकार पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें हटा दिया। राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई कहते हैं, 'राहुल गांधी छात्रों की बेचैनी की आवाज उठाने का श्रेय खुद को या कांग्रेस पार्टी को ही दिलाना चाहते हैं। इसे बिलकुल शेयर नहीं करना चाहते हैं। वो पहले जाकर सोनम वांगचुक को जूस नहीं पिला आए। ऐसा करते तो लगता, कांग्रेस वांगचुक के आंदोलन के पीछे हैं।’ किदवई कहते हैं, ‘राहुल ने सरकार की तरफ से गलती होने का इंतजार किया। राहुल CJP के साथ खड़े नहीं हुए हैं। छात्रों के साथ खड़े हुए हैं। इससे यह जरूर साफ होता है कि राहुल गांधी पूरा गुणा-भाग करके राजनीति में कोई भी फैसला लेते हैं।' पीएम आवास के बाहर धरने पर क्यों बैठे? राहुल गांधी ने X पर लिखा, ‘हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक पैदल मार्च करके गए हैं, ताकि कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए उनसे जवाब मांग सकें। सरकार न तो कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।’ वरिष्ठ पत्रकार आदेश रावल के मुताबिक, ‘छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे को राहुल गांधी गंभीरता से ले रहे हैं। साथ ही पार्टी के नेताओं को संदेश भी दिया है कि छात्रों के मुद्दों के साथ आगे बढ़ना है। वहीं यह गृह मंत्रालय की विफलता भी है।’ वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं, ‘इतने समय से सभी को लग रहा था कि CJP का आंदोलन सिर्फ 2-4 हजार छात्रों का आंदोलन है। कल जब बड़ी संख्या में भीड़ आई तो कांग्रेस को इसकी ग्रैविटी का पता लगा। कांग्रेस को लग रहा था कि आम आदमी पार्टी इसका फायदा न उठा ले, इसलिए अब राहुल गांधी आगे आए हैं।’ वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी कहती हैं, ‘राहुल ने CJP के प्रोटेस्ट की मांगों को और ऊपर कर दिया है। वे न केवल शिक्षा मंत्री, बल्कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का भी इस्तीफा मांग रहे हैं।’ कॉकरोच पार्टी के आंदोलन पर क्या असर पड़ेगा? नीरज चौधरी कहती हैं कि अभी जो सिचुएशन दिल्ली में है, उसका असर न केवल सिर्फ कांग्रेस-बीजेपी पर नहीं, लेकिन लगभग पूरी पॉलिटिक्स पर पड़ेगा। राहुल गांधी भी इसका राजनीतिक फायदा जरूर मिलेगा। CJP के भविष्य को लेकर एक्सपर्ट्स 3 तरह की बातें कहते हैं… ------------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर: क्या ‘कॉकरोचों’ को पीटना मोदी सरकार को महंगा पड़ेगा, 3 नई मुसीबतें; राहुल गांधी को धरने से उठाया, अब आगे क्या 20 जुलाई के संसद मार्च में ‘कॉकरोचों’ की पिटाई के बाद सोनम वांगचुक ने 24वें दिन भी अनशन जारी रखा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर पीएम का इस्तीफा मांगा, जिसके बाद पुलिस वालों ने उन्हें मौके से हिरासत में ले लिया। अभिजीत दीपके की अगुवाई में जंतर-मंतर पर वापस भीड़ जुटने लगी है। पूरी खबर पढ़िए…
दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर मंगलवार को संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। नीट में गड़बड़ी और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष के कड़े रुख के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार टाली गई। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए 'वेल' में पहुंच गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा न थमने पर कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद भी गतिरोध जारी रहने पर सदन को पहले 2 बजे और फिर बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की मांग रखी। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबा रही है, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे को 'सड़क से संसद तक' उठाता रहेगा। राज्यसभा में भी यही स्थिति देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाठीचार्ज का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे और फिर 2 बजे तक टालनी पड़ी। दोपहर बाद जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तब भी स्थिति नहीं बदली। खड़गे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे ही उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई पर बोलना शुरू किया, उनका माइक बंद कर दिया गया। संसद स्थगित होने के बाद विरोध की आंच बाहर तक पहुंची। विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रधानमंत्री आवास के नजदीक धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी नेताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करिए…
दोहरे मापदंडों के चलते घिरे दिग्गज जर्मन नेता का इस्तीफा
जनता के लिए कड़ा कानून और खुद विदेश जाकर उसी कानून का उल्टा करना, जर्मनी में चांसलर के बाद दूसरे नंबर के नेता कहे जाने वाले येंस श्पान को इसी कारण 3 दिन के भीतर इस्तीफा देना पड़ा है। 46 साल के येंस श्पान, कोविड-19 महामारी के दौरान जर्मनी के ...
CJP प्रदर्शनकारियों ने किया हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव? नहीं वीडियो बिहार का है
भारतीय रेलवे ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि वीडियो में दिख रही ट्रेन WAG-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से ऑपरेट होती है.
20 जुलाई के संसद मार्च में ‘कॉकरोचों’ की पिटाई के बाद सोनम वांगचुक ने 24वें दिन भी अनशन जारी रखा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर पीएम का इस्तीफा मांगा, जिसके बाद पुलिस वालों ने उन्हें मौके से हिरासत में ले लिया। अभिजीत दीपके की अगुवाई में जंतर-मंतर पर वापस भीड़ जुटने लगी है। आखिर इस संसद मार्च से कॉकरोच पार्टी को क्या हासिल हुआ, इससे सरकार की मुसीबतें क्यों बढ़ सकती हैं और आगे क्या होगा; समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: संसद मार्च से कॉकरोच पार्टी को क्या हासिल हुआ?जवाबः 3 बड़े हासिल हैं… 1. कॉकरोच पार्टी को उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिला 2. सरकार पहली बार बातचीत को तैयार हुई, मेमोरैंडम लिया 3. राहुल जैसे विपक्षी नेताओं का सपोर्ट, राजनीतिक ताकत मिलेगी सवाल-2: प्रदर्शनकारियों की पिटाई से सरकार की मुश्किलें कैसे बढ़ गईं?जवाबः सरकार के लिए अब 3 बड़ी मुश्किलें हैं... 1. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज, पीएम का भी विरोध बढ़ा 2. सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का ऐलान किया 3. मानसून सत्र में बैकफुट पर रहना पड़ सकता है सवाल-3: प्रोटेस्ट आगे बढ़ा, तो सरकार क्या कदम उठा सकती है?जवाबः सरकार के सामने 2 रास्ते हैं… 1. मांगों पर CJP से बात आगे बढ़ाए सरकार CJP के लीडर्स के साथ उनकी मांगों पर बात आगे बढ़ा सकती है, जैसा 2020-21 के किसान आंदोलन के समय हुआ था। सीनियर जर्नलिस्ट नीलांजन मुखोपाध्याय कहते हैं, ‘प्रधानमंत्री ये मांगें तभी मानेंगे, जब उन्हें लगेगा कि CJP का जनसमर्थन इतना बढ़ गया है कि वो बीजेपी का कोर वोटबैंक खींचना शुरू कर सकती है।’ 2020-21 में किसानों ने दिल्ली में घुसने के सभी सीमाई रास्ते- अटारी बॉर्डर, सिंघु, गाजीपुर, टिकरी वगैरह पर कब्जा कर लिया था। करीब 700 किसानों की मौत हो गई थी। पूरे देश में किसानों के समर्थन में लोग खड़े होने लगे थे, तब सरकार को झुकना पड़ा और किसान कानून वापस लेने पड़े। 2. धर्मेंद्र प्रधान को दूसरे रास्ते से हटाए बीजेपी का अघोषित नियम है कि किसी राजनीतिक दबाव में किसी किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं होता। इसके बजाय मोदी सरकार में परफॉरमेंस के आधार पर मंत्रियों को हटाने या उनका विभाग बदलने का पैटर्न है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद किदवई कहते हैं कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लिया, तो संदेश जाएगा कि सरकार से गलती हुई है। सरकार एक और कठोर रुख अख्तियार कर सकती है- प्रोटेस्टर्स पर गंभीर मुकदमे दर्ज करके आंदोलन कमजोर करने की कोशिश। दिल्ली पुलिस ने प्रोटेस्ट में शामिल अज्ञात लोगों के खिलाफ 5 FIR दर्ज की हैं। इनमें दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले जैसी गंभीर धाराएं हैं। 2020 में CAA के खिलाफ शाहीन बाग में हुए प्रोटेस्ट और फिर 2023 में रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों के प्रदर्शन के दौरान ऐसा हुआ है- पुलिस ने झड़प के बाद हिरासत में लेकर जंतर-मंतर खाली करवा लिया था। सवाल-4: कॉकरोच पार्टी अब आगे क्या करेगी?जवाबः कॉकरोच पार्टी फिलहाल जंतर-मंतर से प्रोटेस्ट जारी रखेगी… दीपके ने कहा था कि 11 मार्च को दोबारा संसद मार्च करेंगे, हालांकि अब उन्होंने साफ किया है कि संसद की तरफ दोबारा कूच की कोई योजना नहीं है। दीपके ने कहा, ‘अब सरकार को यहां जंतर-मंतर पर आना होगा, अब हम उनके पास नहीं जाएंगे। हम मार्च इसलिए नहीं निकाल रहे हैं, क्योंकि पुलिस ने छात्रों का खून बहाया है। इन्हें छात्रों की परवाह नहीं, लेकिन हमें है। सोनम सर अपना अनशन जारी रखेंगे और आंदोलन भी जारी रहेगा।' ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर:पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर आंदोलन खत्म क्यों नहीं करा देते; इसमें 4 बड़ी अड़चनें, सरकार का गणित क्या है सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, कॉकरोच पार्टी का संसद मार्च, रोकने के लिए आंसू गैस के गोले, लाठियां, अफरा-तफरी…। लेकिन धर्मेंद्र प्रधान अब भी शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर जमे हैं। सवाल उठ रहे कि आखिर पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान से हटाकर आंदोलन खत्म क्यों नहीं करा देते? पूरी खबर पढ़ें…
भड़ली नवमी 2026: खरीदारी के लिए कब रहेगा शुभ मुहूर्त? जानें अच्छे संयोग और खास समय
भड़ली नवमी (जिसे भड़ल्या नवमी या भड़ला नवमी भी कहा जाता है) हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। भड़ली नवमी को सनातन धर्म में एक बेहद पवित्र और 'अबूझ मुहूर्त' माना गया है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, या नया व्यापार शुरू करना) करने के लिए किसी पंडित या ज्योतिषी से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। पूरा दिन अपने आप में अत्यंत शुभ होता है। फिर भी जानिए कि कब करें खरीदारी, गृह प्रवेश या अन्य कोई मांगलिक कार्य। हिंदू धर्म और पंचांग में शुभ कार्यों के लिए सही समय यानी 'मुहूर्त' का बहुत महत्व होता है। लेकिन साल में कुछ दिन ऐसे भी आते हैं, जब आपको किसी पंडित जी से पूछने या पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती। ऐसा ही एक महा-मुहूर्त इस साल 22 जुलाई 2026 को आ रहा है। यह दिन भड़ली नवमी का है, जो अपने आप में एक 'अबूझ मुहूर्त' है। इसके ठीक बाद देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा और अगले 4 महीनों के लिए सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। नवमी तिथि: नवमी तिथि प्रारम्भ- 22 जुलाई 2026 को सुबह 05:16 बजे से। नवमी तिथि समाप्त- 23 जुलाई 2026 को सुबह 07:03 बजे तक। शुभ मुहूर्त: विजय मुहूर्त: दोपहर 02:56 से 03:48 तक। गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07:17 से 07:39 तक। चौघड़िया मुहूर्त: लाभ: सुबह 06:12 से 07:50 तक। अमृत: सुबह 07:50 से 09:28 तक। शुभ: सुबह 11:07 से दोपहर 12:45 तक। लाभ: शाम 05:40 से 07:18 तक। शुभ: रात्रि 08:40 से 10:02 तक। अमृत: रात्रि 10:02 से 11:23 तक। इस दिन क्या करना शुभ माना जाता है? दान-पुण्य: इस दिन गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन होने के कारण कन्या पूजन करना और गरीबों को दान देना अत्यंत फलदायी माना जाता है। विवाह और सगाई: यदि किसी के विवाह में रुकावटें आ रही हों, तो भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त का लाभ उठाकर विवाह संपन्न कराया जाता है। नया काम शुरू करना: नया वाहन खरीदना, सोने-चांदी की खरीदारी करना या नए घर में प्रवेश करने के लिए भी लोग इस दिन को चुनते हैं।
बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम ने मुंबई के सबसे महंगे और पॉश इलाकों में से एक बांद्रा वेस्ट में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदकर सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉन ने स्टैंडर्ड लग्जरी लाइफस्टाइल से आगे बढ़ते हुए बांद्रा के सेंट मार्टिन रोड पर एक आलीशान बंगला खरीदा है, जिसकी कीमत करीब 84 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह डील ऐसे समय हुई है, जब मुंबई के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में बड़े और खास बंगलों की खरीद-फरोख्त तेजी से बढ़ रही है। बांद्रा के प्रीमियम इलाके में है नया आशियाना प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, जॉन अब्राहम का यह नया बंगला बांद्रा वेस्ट के सेंट मार्टिन रोड पर स्थित है। यह इलाका मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित रिहायशी इलाकों में गिना जाता है, जहां कई बड़े कारोबारी और फिल्मी सितारे रहते हैं। यह प्रॉपर्टी करीब 1,017.60 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बनी हुई है। इसमें एक मौजूदा बंगला शामिल है, जिसका बिल्ट-अप एरिया करीब 193.12 वर्ग मीटर है। इसके अलावा यहां करीब 31.50 वर्ग मीटर का एक आउटहाउस भी मौजूद है। ALSO READ: 'ICU... सर्जरी... फिर घर वापसी' अमिताभ बच्चन की रहस्यमयी पोस्ट से मचा हड़कंप, आखिर क्या कहना चाहते हैं बिग बी? 84 करोड़ रुपये की डील, स्टांप ड्यूटी में दिए 5.04 करोड़ रुपये दस्तावेजों के मुताबिक, इस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री 14 जुलाई 2026 को पूरी हुई। जॉन अब्राहम ने इस बंगले को खरीदने के लिए कुल 84 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इस सौदे को पूरा करने के लिए उन्होंने करीब 5.04 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी भी चुकाई। यह फ्रीहोल्ड प्रॉपर्टी जॉन अब्राहम ने नौशीर इरुच डिविट्रे, फ्रेडोन इरुच डिविट्रे, क्रिस्टल फिरोज डिविट्रे और इरुच फिरोज डिविट्रे से खरीदी है। हालांकि, इस डील को लेकर अभिनेता या विक्रेता पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पहले भी करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीद चुके हैं जॉन जॉन अब्राहम पिछले कुछ वर्षों से रियल एस्टेट में लगातार निवेश कर रहे हैं। इससे पहले दिसंबर 2023 में उन्होंने मुंबई के खार इलाके में करीब 70.83 करोड़ रुपये का एक लग्जरी बंगला खरीदा था। वह प्रॉपर्टी लिंकिंग रोड जैसे प्रीमियम इलाके में स्थित थी और करीब 7,722 वर्ग फीट के प्लॉट पर बनी थी। उस डील में भी जॉन ने लगभग 4.24 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया था। अब बांद्रा का 84 करोड़ रुपये वाला बंगला उनके रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है। इस खरीद के साथ जॉन अब्राहम ने मुंबई के सबसे महंगे प्रॉपर्टी मालिकों की लिस्ट में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर ली है। जल्द दिखेंगे नए किरदार में फिल्मों की बात करें तो जॉन अब्राहम जल्द ही एक बायोपिक फिल्म में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में वह मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का किरदार निभाएंगे। यह फिल्म वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के जीवन और करियर से प्रेरित बताई जा रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। न्यायालय ने टिप्पणी की कि सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के डॉक्टरों का मानना है कि उनकी जारी भूख हड़ताल के कारण उन्हें निरंतर चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश डी. […] The post दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा जिले में माता बांक्या रानी मंदिर को लेकर विवाद गहराया
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया कस्बे में शुक्रवार को देवडूंगरी भीलपुरिया घाटी स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल को लेकर विवाद गहरा गया। सर्व समाज के आह्वान पर मंगलवार को मध्याह्न 12 बजे तक बाजार बंद रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी (एसडीएम) स्वाति झा को ज्ञापन सौंपकर […] The post भीलवाड़ा जिले में माता बांक्या रानी मंदिर को लेकर विवाद गहराया appeared first on Sabguru News .
सिक्किम में सुरंग हादसे में 10 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे, राहत-बचाव अभियान जारी
गंगटोक। सिक्किम के नामची जिले के समरदुंग-झोलुंगे क्षेत्र में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने की घटना में कम से कम 10 श्रमिकों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार दोपहर सुरंग ढहने के बाद बचाव दल ने […] The post सिक्किम में सुरंग हादसे में 10 मजदूरों की मौत, कई अब भी फंसे, राहत-बचाव अभियान जारी appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार सोमवार को झड़पों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, पुलिसकर्मियों पर हमला किया, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया […] The post कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में स्टूडेंट के साथ पुलिस के बर्ताव से दुखी छात्र हम भविष्य के लिए ल ड़ रहे , सरकार हमारी सुनती क्यों नहीं उज्जैन , देवास, धार के कई क्षेत्रों से इंदौर में जुट हजारों छात्र उनकी आवाज में गुस्सा है, लेकिन आंखों में भविष्य को लेकर फिक्र। वे अपने कॅरियर के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि उनके और उनके मां-बाप के सपने पूरे हों, जो लाखों रुपए उनके परिवारों ने कर्ज लेकर कोचिंग में फूंके कम से कम उनकी भरपाई हो सकें, लेकिन देश की भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ उनके चेहरे पर बेबसी साफ नजर आती है। वे नारे लगा रहे हैं, रो रहे हैं, चीख रहे हैं, लेकिन उनकी चीख से जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। पिछले करीब 20 दिनों से इंदौर के भंवरकुआ चौराहे पर हजारों स्टूडेंट शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ यहां जुटे हुए हैं। वे भूखे हैं, प्यासे हैं, पानी पीकर और केले खा कर जैसे-तैसे गुजारा कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि हम मर जाएंगे, लेकिन यहां से तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती। जो स्टूडेंट नीट के नहीं हैं, वे भी यहां नजर आ रहे हैं। कई बच्चों के परिजन भी यहां उनका हौंसला बढ़ाने के लिए कई दिनों से उनके साथ ब्रिज के नीचे बैठे हैं। धर्मेंद प्रधान को लेकर क्या मजबूरी है : अक्षरा दुबे , माही शर्मा, आरती पटेल, प्रमोद नामदेव, अरुण बडोले, आनंद पाल समेत कई स्टूडेंट्स ने वेबदुनिया से चर्चा की। उनका कहना है कि सरकार आखिर उनकी क्यों नहीं सुनती। वे आखिरकार अपने भविष्य के लिए ही तो लड़ रहे हैं। वे सिर्फ यही तो चाहते हैं कि देश के एजुकेशन सिस्टम में लगी दीमक साफ हो, इस सड़ांध का इलाज हो। उनका कहना है कि क्या ये गलत मांग है। अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में नीट पेपर लीक हुआ है और लाखों बच्चों का भविष्य अंधेरे की गर्त में चला गया है तो सरकार उनका इस्तीफा क्यों नहीं लेती। इसमें ऐसा क्या बड़ा काम है। जो जिम्मेदार हैं, वे अपनी जवाबदेही क्यों नहीं मान रहे हैं। दिल्ली में पुलिस की बेदर्दी से दुखी स्टूडेंट : स्टूडेंट ने बताया कि शांति से प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट पर सरकार उलटा लाठियां भांज रही है, कई बच्चे और यहां तक कि लड़कियां घायल हुएं हैं। स्टूडेंट खून से सने हैं, इस बेरहमी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हैं। बच्चे चीख चीखकर अपनी बात कह रहे हैं, अपने अधिकारों की रक्षा की बात कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस उनके साथ हिंसा कर रही है। स्टूडेंट ने बताया कि पुलिस मारपीट कर रही है। अगर उनकी सरकार ही उनकी बात नहीं सुनेगी तो वे कहां जाएंगे। केले और पानी पर गुजर रहे दिन : बाहर से आए स्टूडेंट ने बताया कि वे बगैर कुछ खाए और पिये यहां अपने हक के लिए बैठे हैं। कुछ लोगों ने केले और पानी की बोतलें रख दी तो जैसे तैसे उनका दिन गुजर जाता है। दिन में और रात में भी भंवरकुआ ब्रिज के नीचे बैठे रहते हैं। मंगलवार को बारिश शुरू होने पर भी छात्र और छात्राएं वहां डटे रहे और नारे लगाते रहे। कोई देशभक्ति गीत गा रहा है तो कोई हौसला बढ़ा रहा है। कोई ढपली बजा रहा है तो कोई माइक में भाषण देकर बच्चों में जोश भर रहा है। सोनम वांगचुक को हमारा समर्थन : बता दें कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक प्रकरण को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यापक प्रदर्शन हो रहा है। इसकी गूंज अब मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सुनाई देने लगी है। भंवरकुआं चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। इनके साथ बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, स्थानीय कलाकार और आम नागरिक भी अपनी एकजुटता दिखाने पहुंच रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग के साथ देश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में धरने पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को अपना पूरा समर्थन दिया है। छात्रों पर हो रहे लाठीचार्ज खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
राजधानी दिल्ली में NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन अब एक बड़ा रूप ले चुका है। छात्र लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 'चलो संसद' मार्च निकाल रहे हैं। जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। इस घटना के बाद, सिनेमा जगत की कई बड़ी हस्तियां छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई हैं। आंदोलन को समर्थन देने वाले कलाकार नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा, कई और जाने-माने कलाकारों ने इस युवा-नेतृत्व वाले आंदोलन का समर्थन किया है: • दिलजीत दोसांझ • भूमि पेडनेकर • हुमा कुरैशी • रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख • स्वरा भास्कर और कुणाल कामरा • सोनाक्षी सिन्हा, जीनत अमान, सुतापा सिकदर और नंदिता दास • सोनू सूद, वीर दास, सोहा अली खान और दीया मिर्जा कलाकारों ने क्या कहा और सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया? प्रकाश राज और शबाना आजमी: प्रकाश राज और शबाना आजमी ने सीधे जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों का हौसला बढ़ाया। प्रकाश राज ने एक गाड़ी के ऊपर खड़े होकर छात्रों को संबोधित किया और संविधान की प्रति लहराते हुए इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, देश का युवा बस पूछ रहा है (#JustAsking)। वहीं, शबाना आजमी ने मीडिया को बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से युवा लड़कियों और बच्चों पर लाठीचार्ज होते देखा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार छात्रों के साथ संवाद क्यों नहीं कर रही है। दिलजीत दोसांझ: मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, आज जो हुआ वह बहुत गलत था। छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगें सुनने का आग्रह करते हुए कहा, जनता की आवाज भगवान की आवाज है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह भी लिखा कि उन्हें पहले ही कई बार 'एंटी-नेशनल' (देशद्रोही) कहा जा चुका है। भूमि पेडनेकर: इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत पोस्ट में भूमि ने स्पष्ट किया कि हिंसा कोई समाधान नहीं है। उन्होंने पेपर लीक, शिक्षा में असमानता और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और हमारा ध्यान छात्रों के भविष्य पर होना चाहिए। हुमा कुरैशी: हुमा ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर इस तरह का क्रूर बल प्रयोग देखकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि हर नागरिक को सम्मान के साथ सुने जाने का अधिकार है। रितेश और जेनेलिया देशमुख: इस अभिनेता जोड़े ने एक्स पर एक संयुक्त बयान में लिखा, हम देश के युवाओं के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उनकी आवाज जोर से, स्पष्ट और बिना किसी डर के सुनी जानी चाहिए। वे हमारे लोकतंत्र की धड़कन हैं। सुतापा सिकदर (पटकथा लेखिका): उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा कि प्रदर्शन कर रहे ये बच्चे किसी अमीर या प्रभावशाली मंत्री के बच्चे नहीं हैं। ये वे बच्चे हैं जो मात्र 20 रुपये जेब में लेकर न्याय की उम्मीद में बसों और ट्रेनों का इंतजार कर संघर्ष कर रहे हैं। कलाकार क्यों दे रहे हैं समर्थन? इन सितारों का मानना है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। उनका मुख्य आक्रोश इस बात पर है कि अपने हकों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। कलाकारों का तर्क है कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में असहमति और संवाद का स्थान होना चाहिए, न कि लाठीचार्ज का।
फोर्टुनो मार्केट्स ने भारतीय ट्रेडर्स के लिए गोल्ड ट्रेडिंग की मज़बूत कंडीशन पर ज़ोर दिया
भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि भरोसे और परंपरा का प्रतीक है। यही वजह है कि जब बात गोल्ड ट्रेडिंग की आती है, तो भारतीय ट्रेडर्स स्वाभाविक रूप से इसमें रुचि रखते हैं। लेकिन गोल्ड एक ऐसा बाज़ार है जो तेज़ी से हिलता है, और ऐसे में स्थिर कीमत और भरोसेमंद एग्ज़िक्यूशन बेहद ज़रूरी हो जाता है। इसी ज़रूरत को समझते हुए फोर्टुनो मार्केट्स ने गोल्ड ट्रेडिंग की कंडीशन को अपनी प्राथमिकता बनाया है। फोर्टुनो मार्केट्स एक मल्टी-एसेट CFD ब्रोकर है जो फॉरेक्स, मेटल्स, इंडेक्स, स्टॉक्स, कमोडिटीज़, बॉन्ड्स, ETFs और क्रिप्टो तक पहुंच देता है। इनमें गोल्ड इसके सबसे मज़बूत पहलुओं में से एक है। गोल्ड पर टाइट और स्थिर स्प्रेड फोर्टुनो मार्केट्स में प्लेटफॉर्म सेफ्टी और एग्ज़िक्यूशन इंटीग्रिटी के प्रमुख विली के का कहना है कि गोल्ड पर कीमतों की स्थिरता कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, जब गोल्ड का बाज़ार तेज़ी से हिलता है, तब भी हमारी प्राइसिंग टाइट और स्थिर बनी रहती है। हमारा मानना है कि ट्रेडर को सबसे ज़्यादा भरोसा तभी मिलता है जब बाज़ार के उतार-चढ़ाव के बीच भी कंडीशन बदलती नहीं। गोल्ड जैसे वोलेटाइल एसेट पर टाइट स्प्रेड बनाए रखना एक तकनीकी चुनौती है, लेकिन फोर्टुनो मार्केट्स इसे अपनी मेटल्स ट्रेडिंग सुविधा के ज़रिए संभव बनाता है, जहां गोल्ड को बेहद कम स्प्रेड के साथ ट्रेड किया जा सकता है। इसके साथ ही, गोल्ड पर पोज़िशन को रातभर होल्ड करने पर कोई ओवरनाइट चार्ज नहीं लगता, जो लंबे समय तक ट्रेड रखने वालों के लिए राहत की बात है. गोल्ड के अलावा, फोर्टुनो मार्केट्स पर चांदी और दूसरी कीमती धातुओं में भी ट्रेडिंग की जा सकती है, जिससे ट्रेडर सिर्फ एक धातु तक सीमित नहीं रहते। विली के इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि तेज़ एग्ज़िक्यूशन गोल्ड ट्रेडिंग का अहम हिस्सा है. ऑर्डर मिलीसेकंड में एग्ज़िक्यूट होते हैं, जिससे तेज़ी से बदलते बाज़ार में ट्रेडर सही समय पर कदम उठा सकते हैं। गोल्ड जैसे बाज़ार में, जहां कुछ ही पलों में कीमत बदल सकती है, एग्ज़िक्यूशन की यही रफ़्तार अक्सर सबसे बड़ा फ़र्क डालती है। एक ही अकाउंट में गोल्ड और बाकी बाज़ार फोर्टुनो मार्केट्स की एक और खासियत यह है कि गोल्ड को बाकी बाज़ारों के साथ एक ही अकाउंट से ट्रेड किया जा सकता है। ट्रेडर को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के बीच जूझना नहीं पड़ता, और वे गोल्ड के साथ-साथ फॉरेक्स या इंडेक्स जैसी चीज़ों पर भी नज़र रख सकते हैं। नए ट्रेडर्स के लिए शुरुआत भी आसान रखी गई है. अकाउंट सिर्फ 10 डॉलर की न्यूनतम डिपॉज़िट से खुलते हैं, और एक डेमो मोड भी उपलब्ध है जिसमें असली पैसे लगाने से पहले अभ्यास किया जा सकता है। ट्रेडर बढ़ती और गिरती, दोनों तरह की कीमतों पर पोज़िशन ले सकते हैं। इसके साथ ही, गोल्ड को पोर्टफोलियो में विविधता लाने के एक ज़रिए के तौर पर भी देखा जा सकता है, जो कई भारतीय ट्रेडर्स की सोच से मेल खाता है। भारत जैसे बाज़ार में, जहां सोने से लोगों का पुराना रिश्ता है, यह सुलभता गोल्ड ट्रेडिंग को उन लोगों के लिए भी खोल देती है जो अब तक इसे सिर्फ दूर से देखते आए थे। विली के के अनुसार, यह सुलभता जानबूझकर रखी गई है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि गोल्ड ट्रेडिंग सिर्फ अनुभवी लोगों तक सीमित न रहे। सही टूल्स और स्थिर कंडीशन के साथ, एक नया ट्रेडर भी आत्मविश्वास के साथ शुरुआत कर सकता है। विली के ट्रेडर्स को प्लेटफॉर्म को खुद देखने और समझने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। फोर्टुनो मार्केट्स की गोल्ड और बाकी ट्रेडिंग कंडीशन पर एक विस्तृत बाहरी नज़र इस फोर्टुनो मार्केट्स रिव्यू में देखी जा सकती है।(एडवरटोरियल)
विश्व कप विजेता टीम की खुली बस में परेड निकली, लाखों लोगों ने जश्न मनाया
मैड्रिड। स्पेन की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सोमवार को लगभग 20 लाख प्रशंसकों ने स्वागत किया। टीम ने अपना दूसरा वर्ल्ड कप जीतने का जश्न मैड्रिड के बीचों-बीच एक ओपन-टॉप बस परेड के साथ मनाया और फिर शहर के मशहूर प्लाज़ा डी सिबेल्स में एक बड़े समारोह में हिस्सा लिया। स्पेन ने रविवार को न्यू […] The post विश्व कप विजेता टीम की खुली बस में परेड निकली, लाखों लोगों ने जश्न मनाया appeared first on Sabguru News .
विश्व कप विजेता स्पेन के प्रत्येक खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस
मैड्रिड। स्पेन में सोमवार को देश की दूसरी वर्ल्ड कप जीत के बाद जश्न जारी रहा, रविवार को अर्जेंटीना के खिलाफ फेरान टोरेस के अतिरिक्त समय में किए गए गोल ने उन्हें एंड्रेस इनिएस्ता के साथ जगह दिलाई, जिन्होंने 2010 के फाइनल में अहम गोल किया था। नेशनल टीम की शर्ट में दूसरा स्टार जोड़ने […] The post विश्व कप विजेता स्पेन के प्रत्येक खिलाड़ी को मिलेगा 863,000 डॉलर का बोनस appeared first on Sabguru News .
नीट पेपर लीक मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को संसद भवन हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह […] The post नीट पेपर लीक मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा : मोदी appeared first on Sabguru News .
भारत ने समुद्री टैंकर पर हमले में 4 भारतीयों की मौत पर रूसी राजनयिक को तलब कर विरोध जताया
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने रूस के यहां स्थित प्रभारी राजदूत को तलब कर यूक्रेन में वाणिज्यिक पोत एमवी गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के मामले की कड़ी निंदा की तथा विरोध जताया। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वाणिज्यिक नौवहन को निशाना बनाया जाना तथा इन हमलों […] The post भारत ने समुद्री टैंकर पर हमले में 4 भारतीयों की मौत पर रूसी राजनयिक को तलब कर विरोध जताया appeared first on Sabguru News .
स्पेन की जीत पर मिया खलीफा का बड़ा दांव, 9.65 करोड़ रुपये लगाए और जीते 15.92 करोड़ रुपये
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में स्पेन की ऐतिहासिक जीत सिर्फ फुटबॉल फैंस के लिए ही यादगार नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया स्टार मिया खलीफा के लिए भी यह मैच करोड़ों रुपये की खुशी लेकर आया। मिया खलीफा ने फाइनल से पहले स्पेन की जीत पर करीब 9.65 करोड़ रुपये यानी 10 लाख डॉलर का बड़ा दांव लगाया था। अर्जेंटीना के खिलाफ स्पेन की जीत के साथ ही उनका यह बड़ा जोखिम फायदे के सौदे में बदल गया और उन्हें करीब 15.92 करोड़ रुपये की रकम वापस मिली। स्पेन की जीत पर लगाया था करोड़ों का दांव फाइनल मुकाबले के बाद मिया खलीफा ने स्टेडियम से अपनी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं। इन तस्वीरों में वह स्पेन की जर्सी पहने नजर आईं, जिस पर स्टार फुटबॉलर लमिन यामल का नाम लिखा हुआ था। इसके साथ ही उन्होंने अपने बेटिंग स्लिप का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें स्पेन की जीत पर लगाए गए 9.65 करोड़ रुपये के दांव की जानकारी दिखाई दे रही थी। मिया खलीफा ने स्पेन की जीत का जश्न मनाते हुए लिखा कि उन्होंने भरोसा किया और बड़ी जीत हासिल की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें अपने घर देश स्पेन पर गर्व है, हालांकि उनके अंदर स्पेनिश खून की एक बूंद भी नहीं है। जीत की रकम में कितना हुआ असली फायदा? स्पेन की जीत के बाद मिया खलीफा को कुल मिलाकर करीब 15.92 करोड़ रुपये मिले। हालांकि यह पूरी रकम उनका मुनाफा नहीं थी, क्योंकि इसमें उनके लगाए गए 9.65 करोड़ रुपये भी शामिल थे। मौजूदा डॉलर-रुपये एक्सचेंज रेट के हिसाब से देखें तो उनका वास्तविक फायदा करीब 6.27 करोड़ रुपये रहा। इस तरह एक फुटबॉल मैच ने मिया खलीफा के लिए करोड़ों रुपये की कमाई का रास्ता खोल दिया और उनकी यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कौन हैं मिया खलीफा? मिया खलीफा लेबनानी-अमेरिकी मीडिया पर्सनैलिटी और पूर्व एडल्ट फिल्म अभिनेत्री हैं। उन्होंने साल 2014 में एडल्ट एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा था, लेकिन उनका यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला और अगले ही साल उन्होंने यह क्षेत्र छोड़ दिया। इसके बाद मिया खलीफा ने सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बनाई। आज वह ऑनलाइन क्रिएटर और कमेंटेटर के तौर पर जानी जाती हैं। वह अक्सर खेल, फैशन, मनोरंजन और पॉप कल्चर से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय साझा करती रहती हैं। फुटबॉल को लेकर उनका जुनून भी कई बार सोशल मीडिया पर देखने को मिला है।
ईरान का कुवैत, बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर रडार एवं एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का दावा
तेहरान। ईरान ने मंगलवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कई रडार प्रतिष्ठानों और एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया है। अमरीकी सशस्त्र बलों ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमले जारी रखे। […] The post ईरान का कुवैत, बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर रडार एवं एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का दावा appeared first on Sabguru News .
गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 53 ट्रेनें हुई प्रभावित
गाजियाबाद। उत्तर रेलवे के गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मंगलवार को एक मालगाड़ी के लदे हुए छह डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसके कारण इस रेलखंड पर यातायात प्रभावित हो गया। इस दुर्घटना के कारण उत्तर रेलवे ने कई ईएमयू और यात्री ट्रेनों को पूर्ण रूप रद्द, आंशिक रूप से रद्द तथा मार्ग परिवर्तित कर दिया […] The post गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 53 ट्रेनें हुई प्रभावित appeared first on Sabguru News .
वडोदरा-भरूच हाईवे पर आज से नया टोल टैक्स लागू, जानिए कितना लगेगा टोल?
वडोदरा-भरूच हाईवे पर आज से नया टोल टैक्स लागू, जानिए कार, बस और ट्रक के लिए कितना लगेगा टोल? वडोदरा से भरूच और दहेगाम के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। भारतमाला परियोजना के तहत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (NE-4) पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा आज से टोल टैक्स में 5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इस बदलाव के बाद अब कार और वैन के लिए 5 रुपए, एलसीवी (LCV) के लिए 10 रुपए, बस और ट्रक के लिए 20 रुपए तथा थ्री-एक्सल वाहनों के लिए 25 रुपए तक की टोल वृद्धि लागू हो गई है। इन 4 टोल प्लाजा पर लागू हुईं नई दरें वडोदरा जिले से गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे पर स्थित मुख्य चार टोल प्लाजा से गुजरते समय अब वाहन चालकों को अधिक राशि चुकानी होगी। इनमें दोड़का, फाजिलपुर, समियाला और सांपा टोल प्लाजा शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर आज से ही वाहन श्रेणी के अनुसार नई दरें लागू कर दी गई हैं। ALSO READ: गुजरात के CM भूपेंद्र पटेल ने ग्रामीणों को चौंकाया, बिना पूर्व सूचना के आणंद के आंबली गांव पहुंचे, बच्चों से की मुलाकात आणंद वाहनों के अनुसार नई टोल दरों का विवरण नए संशोधन के अनुसार : कार, जीप और वैन : दोड़का में 210 रुपए (पहले 205 रुपए), फाजिलपुर में 200 रुपए (पहले 195 रुपए), समियाला में 130 रुपए (पहले 125 रुपए) हो गए हैं, जबकि सांपा में पुरानी दर 90 रुपए ही बरकरार रखी गई है। एलसीवी (LCV) वाहन : दोड़का में 340 रुपए, फाजिलपुर में 320 रुपए, समियाला में 210 रुपए और सांपा में 115 रुपए वसूले जाएंगे। बस और ट्रक : दोड़का में दर बढ़कर 685 रुपए, फाजिलपुर में 670 रुपए, समियाला में 440 रुपए और सांपा में 240 रुपए हो गई है। थ्री-एक्सल वाहन : दोड़का में 670 रुपए, फाजिलपुर में 635 रुपए, समियाला में 480 रुपए और सांपा में 265 रुपए की नई दर लागू की गई है। ALSO READ: गुजरात ATS का बड़ा एक्शन, गुजरात से जैश के 5 और आतंकी गिरफ्तार, ग्रामीण इलाकों में ट्रायल ब्लास्ट कर 'टाइम बम' बनाने की थी साजिश महज 3 महीने में ही राहत का अंत उल्लेखनीय है कि इस एक्सप्रेसवे पर महज 3 महीने पहले ही वाहन चालकों को बड़ी राहत देते हुए टोल दरों में 20 से 30 प्रतिशत की कटौती की गई थी। हालांकि यह राहत अल्पकालिक साबित हुई और अब फिर से 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। ALSO READ: गुजरात में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और AI होगा नियंत्रित अक्टूबर 2024 में टोल वसूली शुरू होने के बाद से इस रूट पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे वडोदरा और भरूच के बीच नियमित यात्रा करने वाले लोगों को अब दैनिक आधार पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
भारत में बड़े जन आंदोलन की आहट? क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र, जानिए ज्योतिषीय संकेत
भारत में हर 15 से 20 वर्षों के अंतराल पर ऐसे बड़े जन-आंदोलन उभरे हैं, जिन्होंने देश की शांति और अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। एक ध्यान देने योग्य पैटर्न यह भी रहा है कि जब-जब सीमाओं पर चीन या पाकिस्तान के साथ तनाव चरम पर पहुँचा, तब-तब देश के भीतर बड़े आंदोलनों के ज़रिए सत्ता परिवर्तन की स्थितियाँ बनीं। इस राजनीतिक पैटर्न के पीछे ग्रह-नक्षत्रों और गोचरों का भी महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। तो चलिए जानते हैं- क्या ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भारत में फिर किसी बड़े और हिंसक आंदोलन की आहट हो रही है? (भारत के जन आंदोलन) 1. जेपी आंदोलन: 5 जून 1974 में स्वतंत्रता सेनानी और समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण (जेपी) का आंदोलन हुआ और तब आपातकाल लगा। इसके बाद 1977 में सत्ता परिवर्तन हुआ। ग्रह गोचर: लग्न में वृषभ राशि में सूर्य केतु की युति, सप्तम भाव में वृश्चिक राशि में राहु चंद्र की युति यानी चंद्र ग्रहण योग, मिथुन राशि दूसरे भाव में शनि और बुद्ध की युति, कर्क राशि में मंगल और कुंभ राशि में गुरु का षडाष्टक योग और मेष राशि में 12वें भाव का शुक्र था। मंगल का गुरु के साथ षडाष्टक योग और चंद्र ग्रहण ने शांति को भंग किया। ALSO READ: नरेंद्र मोदी के बाद अगला पीएम अमित शाह या योगी आदित्यनाथ, सटीक भविष्यवाणी 2. आरक्षण विरोधी आंदोलन: जेपी आंदोलन के 16 साल बाद अगस्त 1990 में तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह द्वारा मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने (अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC को सरकारी नौकरियों में 27% आरक्षण देने) की घोषणा के बाद देशव्यापी आंदोलन छिड़ गया। इसके बाद सत्ता परिवर्तन हुआ। ग्रह गोचर: लग्न में कर्क राशि में सूर्य केतु की गुरु के साथ युति, सप्तम भाव में वृश्चिक राशि में राहु चंद्र की युति यानी चंद्र ग्रहण योग, मेष राशि में दसवें भाव में मंगल, छठे भाव में धनु राशि के शनि के साथ मंगल का षडाष्टक योग। दूसरे भाव में सिंह राशि का बुध और 12वें भाव में मिथुन राशि का शुक्र। इसका अर्थ है कि शनि का मंगल के साथ षडाष्टक योग बन रहा था। मंगल और शनि ने मिलकर शांति को भंग किया। 3. भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन: आरक्षण आंदोलन के 21 साल बाद चर्चित भ्रष्टाचार विरोधी जन लोकपाल आंदोलन (अन्ना आंदोलन) मुख्य रूप से वर्ष 2011 में हुआ था। नई दिल्ली के जंतर-मंतर और रामलीला मैदान में अप्रैल से अगस्त 2011 के दौरान अन्ना हजारे ने मजबूत लोकपाल कानून की मांग को लेकर ऐतिहासिक आमरण अनशन किया था। इसके बाद 2014 में सत्ता परिवर्तन हुआ। जून और जुलाई में आंदोलन अपने चरम पर था। ग्रह गोचर: कर्क राशि में सूर्य लग्न में शुक्र के साथ, 12वें भाव में मंगल मिथुन राशि में, केतु वृषभ राशि में 11वें भाव में, गुरु मेष राशि में होगर तीसरे भाव में कन्या राशि के शनि के साथ षडाष्टक योग बना रहा था, बुध सिंह राशि में होकर दूसरे भाव में था, चंद्र कुंभ राशि में अष्टम भाव में और राहु पंचम भाव में वृश्चिक का होकर विराजमान था। इसका अर्थ कि शनि का गुरु से और मंगल का राहु से योग बन रहा था। मंगल और शनि ने मिलकर शांति को भंग किया। ALSO READ: ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात 4. नीट परीक्षा में पेपर लीक को लेकर छात्र आंदोलन: अन्ना हजारे के अंदोलन के 15 साल बाद जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी के झंडे तले छात्र आंदोलन चल रहा है। जिसमें विपक्ष के कई नेता शामिल हैं। इस आंदोलन में नीट परीक्षा में पेपर लीक का मामले के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जा रहा है। ग्रह गोचर: लग्नस्थ कर्क राशि में सूर्य और गुरु की युति, शुक्र और केतु सिंह राशि के दूसरे भाव में, चंद्र कन्या राशि का होकर तीसरे भाव में, राहु कुंभ राशि का होकर अष्टम भाव में, शनि मीन राशि का होकर भाग्य भाव में मंगल वृषभ राशि का होकर आय भाव में, बुध मिथुन राशि का होकर 12वें भाव में स्थिति है। कुंडली में मीन राशि के शनि की दृष्टी चंद्र पर होकर शांति भंग कर रही है। शनि की मंगल और सूर्य एवं गुरु पर भी दृष्टि है। राहु का गुरु और सूर्य के साथ षठाष्टक योग बन रहा है। शनि का शुक्र और केतु के साथ षडाष्टक योग बन रहा है। राहु का चंद्र के साथ षडाष्टक योग बन रहा है। (उपरोक्त आंदोलनों के कॉमन ग्रह नक्षत्र गोचर) 1. मुख्य अशुभ योग (षडाष्टक योग) चारों आंदोलनों में सबसे बड़ा कॉमन फैक्टर षडाष्टक योग (ग्रहों का एक-दूसरे से छठे और आठवें भाव में होना) रहा है, जो टकराव और अस्थिरता लाता है: जेपी आंदोलन (1974): मंगल और गुरु का षडाष्टक योग। आरक्षण आंदोलन (1990): शनि और मंगल का षडाष्टक योग। अन्ना आंदोलन (2011): शनि और गुरु का षडाष्टक योग। छात्र आंदोलन (2026): एक साथ कई षडाष्टक योग (राहु-गुरु/सूर्य, शनि-शुक्र/केतु, राहु-चंद्र)। ALSO READ: 2025 से खतरनाक 2026 और उससे भी खतरनाक रहेगा 2027, जानिए 5 भविष्यवाणी 2. शांति भंग करने वाले मुख्य ग्रह सभी आंदोलनों में जन-शांति और व्यवस्था बिगाड़ने में शनि, मंगल और राहु की भूमिका प्रमुख रही: जेपी आंदोलन (1974): चंद्र ग्रहण योग और मंगल-गुरु के षडाष्टक योग ने शांति भंग की। आरक्षण आंदोलन (1990): शनि और मंगल के आपस में बने षडाष्टक योग ने उग्रता बढ़ाई। अन्ना आंदोलन (2011): शनि और मंगल के संयुक्त प्रभाव ने जन-आंदोलन को मजबूत किया। छात्र आंदोलन (2026): शनि की दृष्टि और राहु के षडाष्टक योग ने माहौल को तनावपूर्ण बनाया। 3. चंद्रमा की स्थिति (जनता का असंतोष) ज्योतिष में चंद्रमा जनता के मन का प्रतीक है। चारों आंदोलनों के समय चंद्रमा बुरी तरह पीड़ित रहा: जेपी आंदोलन (1974): चंद्रमा वृश्चिक राशि में राहु के साथ पीड़ित (चंद्र ग्रहण योग)। आरक्षण आंदोलन (1990): यहाँ भी चंद्रमा वृश्चिक राशि में राहु के साथ पीड़ित (चंद्र ग्रहण योग)। अन्ना आंदोलन (2011): चंद्रमा अष्टम (खराब) भाव में होकर राहु-मंगल से प्रभावित रहा। छात्र आंदोलन (2026): चंद्रमा पर शनि की सीधी दृष्टि और राहु का षडाष्टक योग रहा। 4. आंदोलन का अंतिम परिणाम जेपी आंदोलन (1974): देश में आपातकाल लगा और बाद में सत्ता परिवर्तन हुआ। आरक्षण आंदोलन (1990): व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और आगे चलकर सत्ता परिवर्तन हुआ। अन्ना आंदोलन (2011): देशव्यापी जन-समर्थन मिला और 2014 में सत्ता परिवर्तन हुआ। छात्र आंदोलन (2026): बड़े पैमाने पर जन-असंतोष और सरकार विरोधी प्रदर्शन की स्थिति बन रही है। (भविष्य में शनि करेगा भारत में बड़ा बदलाव?) वैसे देखा जाएगा तो शनि के मकर, कुंभ और मीन राशि के गोचर काल में कोरोना वायरस, रशिया यूक्रेन युद्ध, इजराइल हमास युद्ध, इजराइल ईरान युद्ध, अमेरिका ईरान युद्ध, भारत और पाकिस्तान का युद्ध हम देख ही चुके हैं। इसी के साथ हमने बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका जैसे कई देशों में हिंसक आंदोलन से सत्ता परिवर्तन भी देखा है। इस बीच भारत में कई राज्यों में भी सत्ता परिवर्तन हुआ और केंद्र में फिर से मोदी सरकार का गठन हुआ। अब आशंका जताई जा रही है कि शनि ग्रह जब 27 जुलाई 2026 से अपनी वक्री चाल चलेंगे तब भारत में हिंसा का एक दौर प्रारंभ होका जिसे सरकार सख्ती से दबाएगी। इसके बाद 3 जून 2027 को शनि जब मेष राशि में प्रवेश करेगा तब देश और दुनिया में युद्ध, भूकंप और जनविद्रोह का एक नया दौरा प्रारंभ होगा जो पहले की अपेक्षा कहीं ज्यादा भयानक हो सकता है। इसलिए भारत के लोगों को संयम रखने की जरूरत है अन्यथा भारत का वही हाल होगा जो बांग्लादेश और पाकिस्तान का है। जब-जब शनि मेष में रहा है, दुनिया में बड़े सत्ता परिवर्तन, युद्ध या सामाजिक क्रांतियां देखी गई हैं। मेष राशि में शनि अपनी शक्ति खो देता है, जिसे ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता। इस दौरान सरकार और जनता में अनुशासन और धैर्य की भारी कमी देखी जाती है। अभी शनि अपनी स्वराशि मीन में गोचर कर रहा है। मीन में शनि होने के कारण लोग अपनी बुद्धि खो देते हैं। इसके बाद यह 2027 में मेष में प्रवेश करेगा तब यह समय भारत के लिए कठिन परीक्षा का समय होगा।
Devshayani Ekadashi: देवशयनी एकादशी 2026: पूजा की संपूर्ण पूजन सामग्री लिस्ट
Devshayani Ekadashi Vrat Puja Items List: देवशयनी एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण एकादशी व्रतों में से एक मानी जाती है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा के लिए जाते हैं और इसी के साथ चातुर्मास का आरंभ होता है। इस पवित्र दिन पर पूजा, व्रत, मंत्र जाप और दान करने से भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें देवशयनी एकादशी की पूजा को पूर्ण और फलदायी बनाने के लिए पूजा सामग्री का सही होना बहुत जरूरी माना जाता है। तुलसी दल, पंचामृत, पीले वस्त्र, पुष्प, दीप, धूप और नैवेद्य जैसी वस्तुओं का विशेष महत्व होता है। अगर आप भी देवशयनी एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं, तो पूजा से पहले यह पूरी पूजन सामग्री लिस्ट जरूर तैयार कर लें। देवशयनी एकादशी 2026 की पूजा सामग्री लिस्ट। जानें, भगवान विष्णु की पूजा में कौन-कौन सी चीजें चाहिए, तुलसी, पंचामृत और पूजन विधि की पूरी जानकारी... देवशयनी एकादशी पूजा सामग्री सूची: Devshayani Ekadashi Puja Samagri List * भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा/ तस्वीर या शालिग्राम जी * एक चौकी और साफ पीला या लाल वस्त्र * तांबे या पीतल का कलश * आम या अशोक के पत्ते * नारियल * गंगाजल * पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) * शुद्ध जल * पीले चंदन का तिलक * रोली और हल्दी * पीले या सफेद पुष्प, जैसे- गेंदा, कमल या पीले कनेर * तुलसी दल एवं मंजरी * तुलसी की माला * धूप और अगरबत्ती * घी का दीपक/ मिट्टी या पीतल का * रूई की बत्तियां * कपूर * मौली/ कलावा * नैवेद्य- मिष्ठान, पंजीरी या पंचमेवा, बेसन के लड्डू या पेड़ा * फल- केला, नारियल, सेब, आम आदि मौसमी फल * पान, सुपारी और लौंग-इलायची * दक्षिणा * पीला वस्त्र (यदि भगवान को अर्पित करना चाहें) * विष्णु सहस्रनाम या श्रीहरि की आरती की पुस्तक * शुद्ध जल (आचमन के लिए) ALSO READ: देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व विशेष अर्पण देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु को विशेष रूप से ये वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है— * तुलसी दल * पीले पुष्प * पीले वस्त्र * खीर * पंचामृत से अभिषेक * शंख में जल भरकर अर्घ्य पूजा के बाद * भगवान विष्णु की आरती करें। * 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। * विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। * तुलसी की परिक्रमा करें। * अपनी श्रद्धानुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करें। * व्रत का पारण द्वादशी तिथि में विधि-विधान से करें। * भगवान को सुलाने के लिए छोटा गद्दा और तकिया या बिछौना * भगवान को उढ़ाने के लिए पीला रेशमी वस्त्र इत्यादि। विशेष नोट: भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल अवश्य अर्पित करें। बिना तुलसी के श्रीहरि की पूजा को अधूरा माना जाता है। साथ ही पूजा में बासी फूल, खंडित या अशुद्ध सामग्री का प्रयोग न करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कब है शुभ मुहूर्त? जानें चातुर्मास की शुरुआत और भगवान विष्णु को शयन कराने की सही विधि
केन-बेतवा परियोजना: ‘विकास’ की राह में क्यों खड़े ग्रामीण
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को सरकार बुंदेलखंड की जल समस्या का समाधान बताती है, लेकिन जिन गांवों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है वहां इसका विरोध काफी तेज हो गया है।
सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन सैकड़ों वीडियो सामने आते हैं, लेकिन कुछ पल ऐसे होते हैं जो सीधे दिल को छू जाते हैं और लंबे समय तक याद रह जाते हैं। ऐसा ही एक बेहद भावुक और खूबसूरत वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है। वीडियो में एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता को सरप्राइज देते हुए उन्हें पहली बार भारत की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) में यात्रा कराई। जैसे ही पिता को अहसास हुआ कि वे साधारण ट्रेन में नहीं बल्कि देश की सबसे आधुनिक ट्रेन में सफर करने जा रहे हैं, उनके चेहरे पर जो खुशी और हैरानी के भाव आए, उसने लाखों नेटीजन्स का दिल जीत लिया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह वीडियो केवल एक यात्रा का नहीं, बल्कि माता-पिता के प्रति बच्चों के प्यार, सम्मान और कृतज्ञता की एक मिसाल है।कैसे दिया बेटे ने सरप्राइज?वायरल हो रही इस छोटी सी क्लिप में देखा जा सकता है कि बेटा अपने पिता को रेलवे स्टेशन लेकर आता है:अनजान थे पिता: पिता को शुरुआत में बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनका बेटा किस ट्रेन का टिकट बुक कराया है। वे आम दिनों की तरह साधारण ट्रेन मानकर प्लेटफॉर्म पर चल रहे थे।ट्रेन देखते ही चमकीं आंखें: जैसे ही प्लेटफॉर्म पर नीले और सफेद रंग की चमचमाती वंदे भारत एक्सप्रेस आकर खड़ी हुई, बेटे ने मुस्कराते हुए कहा— पिताजी, आज हम इसी में चलेंगे। यह सुनते ही बुजुर्ग पिता की आंखें खुशी से छलक उठीं और वे मुस्कुरा दिए।लक्जरी सफर का अहसास: ट्रेन के अंदर ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर्स, आरामदायक रिवॉल्विंग सीट्स और सर्व किए जाने वाले खाने को देखकर पिता काफी हैरान और खुश नजर आए। बेटा पूरी यात्रा के दौरान पिता के हर एक इमोशन को कैमरे में कैद करता रहा।सोशल मीडिया पर वायरल: लोगों ने दिए दिल छू लेने वाले रिएक्शनइंटरनेट पर यह वीडियो शेयर होते ही चंद घंटों में इसे लाखों व्यूज और हजारों शेयर्स मिल चुके हैं। कमेंट सेक्शन में लोग बेटे की इस प्यारी सी कोशिश की जमकर तारीफ कर रहे हैं:'बेटा हो तो ऐसा': एक यूजर ने लिखा, माता-पिता को छोटी-छोटी खुशियां देना ही जीवन की सबसे बड़ी कामयाबी है। बेटा हो तो ऐसा।'सच्ची खुशी का पल': दूसरे यूजर ने कमेंट किया, पिताजी के चेहरे की वो मुस्कान दुनिया की हर दौलत से ज्यादा कीमती है। वंदे भारत का सफर उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।इमोशनल कनेक्ट: कई लोगों ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए लिखा कि कैसे उनके माता-पिता ने अपनी इच्छाएं मारकर उन्हें पढ़ाया-लिखाया और आज जब बच्चे काबिल होकर अपने माता-पिता के सपने पूरे करते हैं, तो उससे बड़ा कोई सुकून नहीं होता।आजकल के भागदौड़ भरे दौर में जहां लोग अपनी उलझनों में व्यस्त हैं, ऐसे वीडियो हमें याद दिलाते हैं कि अपनों के साथ बिताए गए ये छोटे-छोटे लम्हे और सरप्राइज ही जिंदगी के असली मायने हैं।
निक्की तंबोली का अब तक का सबसे बोल्ड अवतार, अपनी कातिलाना अदाओं से फैंस को किया 'क्लीन बोल्ड'
निक्की तंबोली हमेशा से ही अपने स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं, लेकिन इन 4 तस्वीरों ने उनके फैशन गेम को एक अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया है। आइए उनके इस वायरल लुक का बारीकी से विश्लेषण करते हैं: ग्लैमर अपील: रॉ और मैग्नेटिक ऑरा तस्वीरों में निक्की का ओवरऑल ग्लैमर बेहद 'रॉ' और अनफिल्टर्ड है। वे स्क्रीन पर एक ऐसा मैग्नेटिक ऑरा क्रिएट कर रही हैं, जिससे नज़रें हटाना मुश्किल है। इन तस्वीरों में किसी भी तरह का भारी-भरकम सेट या प्रॉप्स नहीं हैं, बल्कि निक्की का अपना नेचुरल चार्म ही पूरे फ्रेम को डोमिनेट कर रहा है। यह एक परफेक्ट मॉडर्न-डे ग्लैमर का उदाहरण है। ड्रेस सेंस: बोल्डनेस मीट्स कैजुअल चिक उनका आउटफिट चॉइस बेहद स्मार्ट और ट्रेंडी है। उन्होंने एक क्लासिक ब्लैक 'विक्टोरिया सीक्रेट' (Victoria's Secret) ब्रालेट को चुना है, जो उनके टोंड फिगर को शानदार तरीके से फ्लॉन्ट कर रहा है। इसके साथ लाइट ब्लू कलर की अनबटन/अनज़िप्ड डेनिम जींस एक रफ-एंड-टफ वाइब दे रही है। यह इंटिमेट वियर और कैजुअल स्ट्रीट स्टाइल का एक बेहतरीन फ्यूज़न है, जो युवाओं के बीच फैशन का नया ट्रेंड सेट कर सकता है। मेकअप और लुक: 'वेट हेयर' और सटल ग्लो इस पूरे फोटोशूट की जान उनका 'वेट हेयर' (गीले बालों वाला) लुक है, जो उनके चेहरे पर एक फ्रेश और सेंशुअस अपील ला रहा है। अगर मेकअप की बात करें, तो इसे बहुत ही बैलेंस रखा गया है। शार्प कंटूरिंग के साथ चीकबोन्स को हाईलाइट किया गया है। सटल स्मोकी आईज़, परफेक्टली ग्रूम्ड आइब्रोज़ और न्यूड ग्लॉसी लिप्स उनके फेशियल फीचर्स को बेहद अट्रैक्टिव बना रहे हैं। यह एक परफेक्ट 'नो-मेकअप' मेकअप लुक का बोल्ड वर्जन है। हॉटनेस और कॉन्फिडेंस: स्ट्रॉन्ग स्क्रीन प्रेजेंस निक्की की पोज़ देने की कला (Posing skills) लाजवाब है। चाहे कैमरे में सीधा देखकर इंटेंस लुक देना हो या फिर बालों में हाथ फेरते हुए रिलैक्स्ड पोज़ देना, हर तस्वीर में उनका गजब का कॉन्फिडेंस झलकता है। उनकी बॉडी लैंग्वेज में एक तरह की बेबाकी है। कैमरे के सामने उनकी यह स्ट्रॉन्ग और अनपोलोजेटिक प्रेजेंस ही इस फोटोशूट को 'हॉट और हैपनिंग' बना रही है।
दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता से लाठीचार्ज, पीएम मोदी चुप
बिना नेम प्लेट वाले सुरक्षाकर्मियों ने दिल्ली में संसद की तरफ मार्च कर बढ़ रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया है। युवा, मोदी सरकार से शिक्षा तंत्र में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
क्रिस्टोफर नोलन की 'द ओडिसी' क्यों बन रही है दर्शकों की पहली पसंद? जानें 5 कारण
हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन, जो अपने जटिल और भव्य विज़न के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं, 2026 में अपनी नई फिल्म 'द ओडिसी' के साथ एक बार फिर सिनेमाघरों में छा गए हैं। होमर के 2000 साल से भी अधिक पुराने ग्रीक महाकाव्य पर आधारित यह फिल्म न केवल नोलन के करियर की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है, बल्कि यह दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ पौराणिक कथाएं मानवीय भावनाओं से गहराई से जुड़ जाती हैं। फिल्म को पसंद किए जाने की 5 प्रमुख वजहें: आईमैक्स 70mm का अविश्वसनीय विज़ुअल अनुभव: नोलन ने पहली बार पूरी फिल्म को आईमैक्स 70mm कैमरों से शूट किया है। समुद्र की विशाल लहरें, साइक्लोप्स जैसे दानव, सायरन का रहस्यमयी द्वीप और आधा डूबा हुआ ट्रोजन हॉर्स पर्दे पर इतने भव्य और यथार्थवादी लगते हैं कि दर्शक खुद को प्राचीन ग्रीस में खड़ा पाते हैं। इसमें न्यूनतम CGI और अधिकतम प्रैक्टिकल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया गया है। मैट डेमन का करियर का सर्वश्रेष्ठ अभिनय: मुख्य पात्र 'ओडीसियस' के रूप में मैट डेमन ने एक ऐसा प्रदर्शन किया है जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने सिर्फ एक शूरवीर योद्धा का किरदार नहीं निभाया, बल्कि युद्ध के बाद के अपराधबोध, दर्द और घर लौटने की गहरी तड़प को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारा है। हॉलीवुड के शीर्ष सितारों का शानदार जमावड़ा: फिल्म की स्टार कास्ट बेहद मजबूत है। ऐनी हैथवे ने पेनेलोप के रूप में अपनी संयमित और गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई है, जबकि टॉम हॉलैंड ने ओडीसियस के बेटे टेलीमेकस की भूमिका को जीवंत किया है। इसके अलावा ज़ेंडाया (एथेना), रॉबर्ट पैटिनसन (एक क्रूर सूटोर) और लुपिता न्योंगो (हेलेन) ने फिल्म को एक अलग ही स्तर पर पहुँचाया है। युद्ध के बाद के प्रभाव (PTSD) का मार्मिक चित्रण: यह फिल्म सिर्फ देवताओं और राक्षसों से लड़ने की फैंटेसी नहीं है। नोलन ने इसमें युद्ध के मनोवैज्ञानिक परिणामों और पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) को उकेरा है। घर लौटकर भी एक सैनिक मानसिक रूप से युद्ध के मैदान में कैसे फँसा रहता है, इसे बहुत ही बारीकी से दिखाया गया है। नोलन का अनूठा निर्देशन और कहानी कहने का तरीका: नोलन ने होमर के महाकाव्य को अपने खास 'नॉन-लीनियर' तरीके से पेश किया है। उन्होंने कहानी को सिर्फ ऐतिहासिक घटनाओं तक सीमित न रखकर इसे थ्रिलर, ड्रामा और एक दार्शनिक यात्रा का बेहतरीन मिश्रण बना दिया है। यह फिल्म क्यों देखी जानी चाहिए? 'द ओडिसी' महज़ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक 'सिनेमाई घटना' है। यदि आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो न केवल तकनीकी रूप से समृद्ध हों बल्कि आपको भावनात्मक रूप से भी झकझोर दें, तो यह फिल्म आपके लिए है। यह साबित करती है कि बिना अत्यधिक ग्राफिक्स (CGI) पर निर्भर हुए भी, व्यावहारिक फिल्म निर्माण (practical filmmaking) से एक जादुई और भव्य संसार रचा जा सकता है। फिल्म का महत्व इस फिल्म का सबसे बड़ा महत्व यह है कि यह एक अत्यंत प्राचीन ऐतिहासिक कहानी को आज के आधुनिक समय की समस्याओं—जैसे मानसिक स्वास्थ्य, युद्ध की निरर्थकता और मानवीय रिश्तों की जटिलता—के साथ जोड़ती है। नोलन ने ओडीसियस का देवत्वकरण (deification) करने के बजाय उसे एक कमजोर और गलतियाँ करने वाले आम इंसान के रूप में दिखाया है। 'द ओडिसी' सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर है, जो बताती है कि एक दूरदर्शी निर्देशक कैसे अतीत के पन्नों को एक नई और प्रासंगिक आवाज़ दे सकता है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 जुलाई, 2026)
1. मेष राशि (Aries) Today 21 July horoscope in Hindi 2026: करियर: कार्यस्थल पर कोई कठिन काम सहकर्मियों की मदद से समय पर पूरा हो जाएगा। लव: लव पार्टनर के साथ मिलकर आज आप भविष्य की कोई बड़ी योजना बना सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नया निवेश करने के लिए आज का दिन काफी शुभ और फलदायी रहने वाला है। स्वास्थ्य: आज वाहन चलाते समय थोड़ी सावधानी जरूर बरतें। उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: सूर्य का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश: शनि के नक्षत्र में गोचर से इन 4 राशियों पर मंडरा सकता है संकट 2. वृषभ राशि (Taurus) करियर: नौकरीपेशा लोग जूनियर्स के साथ बेवजह की बहस में न पड़ें। लव: जीवनसाथी के साथ संवाद बनाए रखें ताकि गलतफहमियां न बढ़ें। धन: खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे थोड़ा तनाव बढ़ेगा। आज किसी को बड़ा कर्ज देने से बचें। स्वास्थ्य: आज आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: किसी मंदिर में लाल रंग के फल का दान करें। 3. मिथुन राशि (Gemini) करियर: व्यापार में नई साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं जो आगे चलकर लाभकारी सिद्ध होंगे। लव: पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने या लंच का प्लान बन सकता है। धन: पुराना फंसा हुआ पैसा वापस मिलने से आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। स्वास्थ्य: आप शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से तरोताजा महसूस करेंगे। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और सिंदूर का तिलक लगाएं। 4. कर्क राशि (Cancer) करियर: घर-बाहर काम टालने की प्रवृत्ति से बचें, अन्यथा परिवारजन की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। लव: मुश्किल समय में जीवनसाथी का भावनात्मक सहयोग आपके हौसले को टूटने नहीं देगा। धन: आर्थिक पक्ष सामान्य रहेगा। सुख-सुविधाओं की चीजों पर सोच-समझकर ही खर्च करें, स्वास्थ्य: कफ संबंधी समस्या हो तो ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें। उपाय: भगवान नारायण के मंदिर में बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। 5. सिंह राशि (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपके क्षमता की सराहना होगी। लव: प्रेमी साथी को कोई सरप्राइज गिफ्ट देने के लिए दिन अच्छा है। धन: धन निवेश के हिसाब से दिन उत्तम है। स्वास्थ्य: सेहत उत्तम होने से पुरानी शारीरिक समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है। उपाय: आज गायत्री मंत्र का पाठ करें। 6. कन्या राशि (Virgo) करियर: व्यापार से जुड़े लोगों को आज सफलता मिल सकती है। लव: परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा और घर का माहौल सकारात्मक रहेगा। धन: धन संचय से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूती होगी। स्वास्थ्य: सुबह की सैर अपनाने से स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें। 7. तुला राशि (Libra) करियर: नौकरीपेशा लोगों को आज कोई बड़ी पहचान या सम्मान मिल सकता है। लव: लव लाइफ में संतुलन बनाए रखें। धन: कारोबार से आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: आज माता का स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा। उपाय: किसी जरूरतमंद को लाल मसूर की दाल दान करें। ALSO READ: Parvati Jayanti 2026: पार्वती जयंती, जानिए क्या है इस दिन का महत्व और कथा 8. वृश्चिक राशि (Scorpio) करियर: आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। दफ्तर में आपके काम की धाक जमेगी। लव: जीवनसाथी के साथ चल रहा कोई पुराना मनमुटाव आज समाप्त हो जाएगा। धन: पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य: सेहत के लिहाज से दिन ऊर्जावान रहेगा। उपाय: हनुमान जी के सामने बैठकर सुंदरकांड का पाठ करें। 9. धनु राशि (Sagittarius) करियर: यदि आप उच्च शिक्षा में अध्ययनरत हैं तो भाग्य का साथ मिलेगा। लव: लव पार्टनर में एक-दूसरे के प्रति प्यार बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत मन से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य: स्वयं का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आज भारी भोजन से परहेज करें। उपाय: बंदरों को गुड़ और चना खिलाएं। 10. मकर राशि (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। लव: जीवनसाथी या प्रेमी के साथ बहस करने से बचें। धन: आज किसी भी तरह के पैसों के लेन-देने में बेहद सतर्क रहें। स्वास्थ्य: यदि थकान महसूस हो रही हो तो ध्यान का सहारा लें। उपाय: मस्तक पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। 11. कुंभ राशि (Aquarius) करियर: साझेदारी के व्यापार या नौकरी में अनुकूलता रहेगी। लव: लव पार्टनर के साथ आपसी तालमेल बहुत अच्छा बना रहेगा। धन: आर्थिक उन्नति होने से नई संपत्ति खरीदने का विचार बन सकता है। स्वास्थ्य: आज आप खुद को एक्टिव महसूस करेंगे। 12. मीन राशि (Pisces) करियर: नौकरीपेशा की दफ्तर में खुलकर तारीफ हो सकती हैं। लव: जीवन में पार्टनर के साथ खुशहाली बनी रहेगी। धन: अचानक कहीं से धन लाभ होने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत के मामले में सकारात्मक महसूस करेंगे। उपाय: आज घर के बड़ों का आशीर्वाद लें। ALSO READ: देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व
पंजाब के अमृतसर से करीब 115 किमी दूर फिरोजपुर का चक मारन गांव। रात करीब 9 बजे का वक्त। एक गुरुद्वारे के बाहर चप्पलों का ढेर लगा दिखा। गेट खोला तो अंदर बरामदे की दीवार पर बड़ा सा प्रोजेक्टर लगा था, जिस पर फिल्म चल रही थी। फिल्म के सीन में लोगों के हाथों में 'स्टॉप फेक किलिंग' का पोस्टर था और आसपास पुलिस खड़ी थी। लोग चिल्ला रहे थे- ‘पंजाब पुलिस जवाब दो। CBI जांच शुरू करो। सुरजीत सिंह सुग्गा हाय हाय।‘ सीन फिल्म सतलुज का है, जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर बनी है। उन्होंने पंजाब में 1990 के दशक में हुई 2 हजार से ज्यादा हत्याओं को फेक एनकाउंटर बताया और उसके खिलाफ लड़ाई लड़ी। 3 जुलाई को सतलुज OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई, लेकिन 48 घंटे बाद ही हटा ली गई। तब से लगातार पंजाब के गांव-गांव में ये लोगों को बड़ी स्क्रीन लगाकर दिखाई जा रही है। सबसे पहले लोगों की बात…‘पुरखों से किस्से सुने थे, अब फिल्म में देखा- कैसे बेगुनाह मारे गए’ चक मारन गांव में फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान मिले 19 साल के गुरमेल सिंह कॉलेज स्टूडेंट हैं। वे कहते हैं, ‘पुरखों से इन किलिंग के बारे में सुना था। फिल्म में पहली बार देखा। इसे देखकर पता चला कि कैसे बेगुनाहों को मारा गया। सिर्फ सिख ही नहीं, हिंदुओं का भी कत्ल हुआ।‘ गुरुद्वारे में फिल्म देखने आने वालों में ज्यादातर महिलाएं हैं। इन्हीं में से एक बलजीत कौर कहती हैं, ‘फिल्म देखकर पता चला कि 1995 के आस-पास तरनतारन जिले में कैसे परिवार के परिवार उजाड़ दिए गए। किसी का पिता, पति, भाई और बेटा कहां गया, कोई नहीं जानता। इनके लिए लड़ने जसवंत सिंह खालड़ा की कुर्बानी नई पीढ़ी को जाननी चाहिए और उसे याद रखना चाहिए।’ पीड़ित परिवारों की बात…‘3 की उम्र में पिता को खोया, आज फिल्म से दरिंदगी पता चली‘ फिरोजपुर के कई गांवों में पिछले 10 दिनों में 100 से ज्यादा जगहों पर सतलुज की दिखाई गई। फिरोजपुर से करीब 12 किमी दूर वालिके गांव में रंजीत सिंह मिले। उनका दावा है कि 1990 से 1992 के बीच पंजाब पुलिस ने पिता और चाचा दोनों को फेक एनकाउंटर में मार दिया। हमने रंजीत से पूछा कि क्या आपने सतलुज फिल्म देखी। उसमें कितना सच है। इस पर वे कहते हैं, ‘फिल्म में हकीकत तो महज 20 फीसदी ही है, बाकी सब तो काट दिया गया। हालांकि इतनी फिल्म से ही पंजाब पुलिस की सच्चाई सामने आ गई है।‘ ‘चार बार कोशिश की, लेकिन पूरी फिल्म नहीं देख सका। रो-रोकर बुरा हाल हो जाता। किसी तरह पांचवीं बार में पूरी फिल्म देखी। मां तो देख ही नहीं सकीं। वो कई बार बेहोश हुईं, तो मैंने ही उन्हें रोक दिया।‘ हड्डियां तोड़ीं-नाखून उखाड़े, न लाश मिली, न मौत का सर्टिफिकेट पिता के बारे पूछने पर रंजीत कहते हैं, ‘हम किसान परिवार से हैं। 1991-92 की बात है। पुलिस ने पहले चाचा सरदार परमात्मा सिंह को उठाया और उन्हें मार डाला। पुलिस को शक था कि हमारे घर उग्रवादी आते हैं। हम ही नहीं, उस वक्त हर सिख को टारगेट किया, जैसा फिल्म में दिखाया गया है।‘ ‘चाचा के बाद पुलिस ने पापा (आत्मा सिंह) को उठा लिया। तब मैं 3 साल का था और बड़ी बहन 5 की। पुलिस ने पापा के केश (बाल) खोले और खुली जिप्सी के दो हिस्सों में बांध दिए। इसी हाल में उन्हें गांव में 3-4 किमी घुमाया गया। फिर पुलिस सुल्तानपुर लोदी थाने ले गई, जहां उन्हें जानवरों की तरह पीटा गया।‘ ‘तीन दिन बाद दादा जी किसी तरह उनसे मिल सके। पुलिस की पिटाई में पापा का दाहिना हाथ दो जगह से टूटा था। एक आंख बाहर आ चुकी थी। जांघ से खून रिस रहा था। दोनों हाथों के नाखून उखाड़ दिए गए थे। दादा को देखकर पापा ने उठने की कोशिश की, लेकिन खड़े नहीं हो सके।‘ ‘पापा को छुड़ाने के लिए दादा कई पुलिस अफसरों से मिले, लेकिन सबने पैसे मांगे। उन्हें 24 घंटे का समय दिया और 4 लाख रुपए की डिमांड की। तय समय में दादा जितने पैसे जोड़ सके लेकर थाने पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पापा को भी मार दिया गया था। उनकी लाश भी उसी हरिके कैनाल में बहा दी गई, जहां जसवंत सिंह खालड़ा को फेंका गया था। उस वक्त न किसी ने हमारी शिकायत सुनी और न रिपोर्ट लिखी।‘ ‘सतलुज देखकर महसूस हुआ- पापा के साथ क्या हुआ था‘ इसके बाद हम हरिके कैनाल पहुंचे। जहां 90 के दशक में हुए फर्जी पुलिस एनकाउंटर के बाद लाशें फेंकी गईं। यहां कई पीड़ित परिवार इंसाफ की मांग लेकर जुटे थे। यहीं बैसाखी के सहारे आईं गुरप्रीत कौर बताती हैं, ‘1993 में जब पुलिस ने पापा को घर से उठाया, तब छोटी बहन मां के पेट में थी और मैं 3 साल की थी।‘ ‘मां ने बचपन में कुछ नहीं बताया। बड़े हुए तो पता चला कि पापा फेक पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे। अब सतलुज फिल्म देखकर महसूस हो रहा है कि पापा के साथ क्या हुआ होगा।‘ ‘फिल्म ने पिता की शहादत समझाई, बेटियां वर्दी देख सहम जाती हैं’ हरिके कैनाल के पास ही मिले रविंद्र सिंह तरनतारन जिले के नागो गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता बिजली बोर्ड में कैशियर थे। 2 जुलाई 1989 को फेक एनकाउंटर में उन्हें मार दिया गया। रविंद्र बताते हैं, ‘तब मैं 3 साल का था। मां से पिता के बारे में पूछता, तो कहतीं- बाबा के पास गए हैं। बड़ा हुआ, तो सच पता चला।‘ ‘मैंने सतलुज के OTT पर रिलीज होते ही देख ली थी। फिल्म से ही पिता की शहादत समझ आई। मेरी दोनों बेटियों को भी इसी से अपने दादा के फर्जी पुलिस एनकाउंटर का पता चला। अब बेटियां पुलिस की वर्दी देखकर भी डर जाती हैं।’ ’हमारे गांव में भी सतलुज दिखाई गई। फिल्म देखकर सबकी आंखें नम थीं। बच्चों को भी पंजाब का ये काला इतिहास पता चलना चाहिए।’ फेक एनकाउंटर के चश्मदीद बोले…’फिल्म में पूरा सच नहीं, असलियत में इससे ज्यादा दरिंदगी हुई’ फिरोजपुर में सतलुज फिल्म देखने पहुंचे सतवंत सिंह मानक एनकाउंटर के कई केस में गवाह हैं। गांवों में फिल्म दिखाने को जरूरी बताते हुए कहते हैं, ‘90 के दशक में बहुत झूठे एनकाउंटर किए गए। हम खुद 15 केस से जुड़े रहे हैं। फिल्म में जितना दिखाया, वो पूरा सच नहीं। असल में इससे कहीं ज्यादा दरिंदगी हुई थी।‘ ‘हमारे गांव में रहने वाले चरण सिंह को पुलिस सबके सामने उठा ले गई थी। उनके दोनों पैरों को रस्सी के जरिए दो गाड़ियों में बांधा गया और सड़क पर खींचकर मार डाला गया। फिर लाश नहर में फेंक दी। तब पुलिस एनकाउंटर करने के बाद लाश के पेट चीरकर नहर में फेंक देती थी, ताकि लाश तैरकर पानी के ऊपर न आ जाए। पेट काटने से अंदर पानी भर जाता और लाश नहर की गहराई में चली जाती। फिर तेज धार के साथ बह जाती।‘ अब फिल्म की स्क्रीनिंग कराने वालों से बात…500 से ज्यादा स्क्रीनिंग कराई, जब प्रोपेगेंडा फिल्मों पर रोक नहीं तो इस पर क्यों पंजाब में कुछ राजनीतिक पार्टियां, सामाजिक संस्थाएं और आम लोग गांवों में बड़ी स्क्रीन लगाकर फिल्म दिखा रहे हैं। इनमें सांसद अमृतपाल की पार्टी वारिस पंजाब दे, सामाजिक संस्था मिसल सतलुज और कुछ पार्टियां शामिल हैं। इसे फिरोजपुर, गुरदासपुर, रूपनगर, बठिंडा, तरनतारन और मोगा समेत उन इलाकों में दिखाया जा रहा है, जो 90 के दशक में ऐसे मामलों से ज्यादा प्रभावित थे। हम मिसल सतलुज संस्था के जनरल सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह बताते हैं कि वे अब तक 400-500 जगहों पर सतलुज की स्क्रीनिंग करा चुके हैं। वे कहते हैं, ‘इसके लिए हमें फिल्म प्रोड्यूसर या हीरो ने कोई मैसेज नहीं भेजा। हम चाहते हैं कि 90 के दशक में हुई किलिंग की जानकारी बच्चों तक पहुंचे।’ मिसल सतलुज और सतलुज फिल्म के बीच संबंध पूछने पर कहते हैं, ’हमारी संस्था का इस फिल्म से कोई लेना-देना नहीं है। सतलुज नदी पंजाब की पहचान है, इसलिए हमने संस्था का नाम सतलुज रखा। फिल्म का नाम सतलुज इसलिए रखा गया, क्योंकि एक्स्ट्रा जुडिशियल किलिंग में ज्यादातर लाशें सतलुज में बहाई गई थी।’ हमने पूछा क्या स्क्रीनिंग को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कोई रोक-टोक की। इस पर देवेंद्र कहते हैं, अगर रोक-टोक करेगा भी, तब भी लोग नहीं रुकेंगे। जब धुरंधर जैसी प्रोपेगेंडा फिल्म दिखाई जा सकती है, फिर ये तो पंजाब की हकीकत बयां कर रही है। इसे कैसे रोका जा सकता है। फिल्म दिखाने के पीछे राजनीतिक मंशा या पंजाब में चुनाव की बात वो सिरे से नकारते हैं। ‘युवाओं को फिल्म दिखाना जरूरी, ताकि खालड़ा की कुर्बानी जान सकें’ फिरोजपुर के जीरा इलाके में सतलुज की स्क्रीनिंग करा रहे जसनूर सिंह बराड़ मिले। वे कहते हैं, ‘ये फिल्म दिखाना जरूरी है। हमारे युवा इमोशनली और मेंटली 1990 के दौर से जुड़ रहे हैं। हमें जसवंत सिंह खालड़ा की कुर्बानी जाननी चाहिए।‘ हमने पूछा क्या आने वाले चुनाव की वजह से फिल्म दिखा रहे या सतलुज की टीम ने अप्रोच किया है। जवाब में जसनूर कहते हैं, ‘चुनाव तो यहां की जनता तय करेगी। हमें एक्टर दिलजीत सिंह दोसांज या फिल्म मेकर्स से कोई मैसेज नहीं आया। न किसी ने अप्रोच किया। ये गांव के लोगों का फैसला है।‘ फिल्म स्क्रीनिंग गैरकानूनी, हाईकोर्ट से FIR कराने की मांग सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट विनीत जिंदल ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई है। इसमें फिल्म सतलुज की स्क्रीनिंग, स्ट्रीमिंग और सार्वजनिक प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई है। इन्होंने पिटीशन में दावा किया है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म में करीब 127 कट सुझाए थे, लेकिन फिल्म मेकर्स ने थिएटर रिलीज के बजाय नाम बदलकर इसे ZEE5 पर रिलीज कर दिया। उनका ये भी दावा है कि फिल्म में कथित रूप से खालिस्तानी उग्रवादियों के प्रति सहानुभूति दिखाई गई है। ……………… ये खबर भी पढ़ें… सतलुज फिल्म रिलीज होते ही भारत से क्यों गायब साल 1995, पंजाब का अमृतसर। जसवंत सिंह खालड़ा ने दावा किया कि पुलिस ने 25 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या करके लावारिस की तरह उनकी लाशें जला दीं। इसके 7 महीने बाद जसवंत को भी घर से अगवा करके मार दिया गया। उनकी लाश आज तक नहीं मिली। पढ़िए पूरी खबर…
नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न
सबगुरु न्यूज-आबूरोड। विप्र फाउंडेशन आबूरोड ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुई में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। शिविर में अनेक युवा, वृद्ध एवं विद्यार्थियों ने आंखों की जांच करवाई। जांच के दौरान 19 व्यक्तियों का मोतियाबिंद पाया गेयर। इनका ऑपरेशन ब्रह्माकुमारी ग्लोबल संस्थान नेत्र चिकित्सालय आबू रोड में कराया जाएगा। इस कैंप में आंखों […] The post नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न appeared first on Sabguru News .
सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष
जयपुर। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 एवं 20 जुलाई को तेरापंथ भवन छतरपुर नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई। सुभद्र पापड़ीवाल को विश्व हिंदू […] The post सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार और हर कार्मिक की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की सातवीं […] The post अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
करौली। राजस्थान में करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र में बालोती गांव में सोमवार को एक परिवार के चार सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से पति-पत्नी और बड़े बेटे की मौत हो गई जबकि छोटे बेटा गंभीर रूप से बीमार हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामदयाल बैरवा (45), […] The post करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र में सोमवार को सलावटिया गांव में वैन की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार एक युवक और एक बच्ची की मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार संतोष मीणा (22) निवासी तीखी (बिजौलिया) मध्यप्रदेश के धार जिले में जेसीबी […] The post भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल appeared first on Sabguru News .
लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने
लंदन। लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम सोमवार को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय के साथ एक निजी मुलाकात के दौरान उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया गया। इससे पहले सर कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा सम्राट को सौंप दिया, जिसे […] The post लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने appeared first on Sabguru News .
आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी
अजमेर/जयपुर। मिसेज इंडिया-2026 का ताज अपने नाम करने वाली राजस्थान के अजमेर की आकांक्षा चौधरी ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए कुछ छोड़ने की आवश्यकता नहीं हैं और वे अपनी हर जिम्मेदारी को निभाते हुए भी सब कुछ कर सकती है। आकांक्षा चौधरी ने मिसेज […] The post आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ निकली संसद चलो मार्च के बीच सुरक्षा बलों ने सोमवार को जंतर-मंतर से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों को हटाकर प्रदर्शन स्थल खाली करवा दिया। दिल्ली पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया। […] The post जंतर-मंतर से हटाए गए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनकारी appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की मांग की है। सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन appeared first on Sabguru News .
पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित एक सेमिनार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े नेताओं की मौजूदगी को लेकर छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऑडिटोरियम के बाहर ही रोक दिया, जिससे छात्रों और पुलिस के […] The post पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को नीट यूजी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर विपक्ष के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन मुद्दों को उठाया, जिसके […] The post पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन appeared first on Sabguru News .
बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ओर के सांसदों से संसद में मिल जुल कर देश के हित में काम करने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि मुद्दों में दम हो और बात में तर्क हो तो शांत तरीके से भी उठाई गई मांग भी बुलंद आवाज बन […] The post बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका
अगरतला। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ साेमवार को यहां पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के शौचालय में मृत मिले। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। उनकी स्वास्थ्य जांच करने वाले अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रो प्रदीप भौमिक ने बताया कि […] The post त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका appeared first on Sabguru News .
पत्नी में ‘दिलचस्पी खत्म’होने के आधार पर पति शादी खत्म नहीं कर सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ इस आधार पर तलाक नहीं मांग सकता कि उसकी पत्नी में दिलचस्पी खत्म हो गई है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि हिंदू विवाह एक संस्कार है, अनुबंध नहीं, जिसे किसी भी जीवनसाथी की मर्जी से खत्म किया जा सके। हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 […] The post पत्नी में ‘दिलचस्पी खत्म’ होने के आधार पर पति शादी खत्म नहीं कर सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने अनशन तोड़ा
नई दिल्ली। नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग पर कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने के सोमवार को ‘संसद चलो’ प्रदर्शन के बीच पार्टी के अपना अनशन तोड़ा। दीपके के साथ अनशन कर रहे तीन अन्य छात्रों ने भी 23 दिन के अपने अनशन को तोड़ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक अभिजित दीपके ने अनशन तोड़ा appeared first on Sabguru News .
धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में बवासीर का तांत्रिक क्रिया से इलाज करने का झांसा देकर एक महिला से कथित दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुख्य आरोपी तांत्रिक सहित चार लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच […] The post धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप appeared first on Sabguru News .
मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार को संसद में हंगामा देखने को मिला। जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन की गूंज सीधे संसद तक पहुंची। नीट परीक्षा में गड़बड़ी, जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में नारेबाजी की। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए और 'चंदा चोरी' के पोस्टर्स लेकर वेल में आ गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन नारेबाजी जारी रही। हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। सदन करीब 7-8 मिनट ही चला। विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। इसके बाद पांच बार और स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में भी इन मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। यहां कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नीट एग्जाम और जंतर-मंतर प्रदर्शन के मुद्दे को उठाया। खड़गे ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकट्ठा हुए थे। सरकार उनकी आवाज दबा रही है और उन पर लाठियां चला रही है। खड़गे के तीखे तेवरों से सदन में हंगामा हुआ, जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी बार-बार स्थगित करनी पड़ी। इधर, सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज वक्त की मांग है कि संसद में मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो। सभी दलों को तथ्यों और तर्कों के साथ सदन की चर्चा को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बेहद प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। पीएम मोदी ने कहा- भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है। ये जो स्काईरूट स्टार्टअप है, उसमें जो युवा काम कर रहे हैं, उनकी औसत उम्र 28 साल है। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा- मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा। इसके बाद उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध और पेट्रोल, डीजल व फर्टिलाइजर्स के वैश्विक संकट के बीच भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत रही है। भारत 7.7% की विकास दर हासिल करने वाला देश बना है। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करिए…
नए T20I कोच VVS लक्ष्मण के साथ जिम्बाब्वे पहुंची टीम इंडिया (Video)
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने करियर में एक भी T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है लेकिन वह इस बार 3 मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए युवा भारतीय टीम के साथ जिम्बाब्वे पहुंचे।गौरतलब है कि टी-20 विश्व विजेता टीम भारत का इस छोटे प्रारुप में सफर बहुत खास नहीं रहा है। टीम को लगातार 6 टी-20 मैच गंवाने पड़े थे इसमें से 2 मैच आयरलैंड और 4 इंग्लैंड के खिलाफ आए थे। लेकिन फिलहाल युवा टीम के साथ वह जिम्बाब्वे पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी लक्ष्मण ने टी-20 टीम की कोचिंग दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की थी। इस दौरे पर टीम के नियमित कोच गौतम गंभीर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं। Harare bound #TeamIndia en route for the Zimbabwe challenge #ZIMvIND pic.twitter.com/MmaLwldWDf — BCCI (@BCCI) July 20, 2026 गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेना जारी रखा है और इसी क्रम में विश्व कप जीतने वाली टीम के बल्लेबाज संजू सैमसन को इस महीने के आखिर में जिम्बाब्वे में होने वाली तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया है। भारतीय टीम 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच खेलेगी।चयनकर्ताओं ने पहली बार तेज गेंदबाजों यश ठाकुर और अशोक शर्मा को टीम में जगह दी है। आईपीएल 2026 में अशोक ने गुजरात टाइटन्स की ओर से कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया था।हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी पहली बार 15 सदस्यीय टी20 टीम में जगह मिली है। सैमसन की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को टीम में शामिल किया गया। प्रभसिमरन ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा था। इंग्लैंड में चल रही पांच मैच की टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया। सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नाकाम रहे थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। सैमसन के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई को भी टीम में शामिल नहीं किया गया। निचले क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।मयंक 2024 के बाद पहली बार टीम में लौटे हैं। भारतीय टीम :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, कॉकरोच पार्टी का संसद मार्च, रोकने के लिए आंसू गैस के गोले, लाठियां, अफरा-तफरी…। लेकिन धर्मेंद्र प्रधान अब भी शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर जमे हैं। सवाल उठ रहे कि आखिर पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान से हटाकर आंदोलन खत्म क्यों नहीं करा देते? धर्मेंद्र प्रधान को अब तक न हटाए जाने के पीछे 4 बड़े फैक्टर्स हैं… *** सवाल-1: तो क्या धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो ही नहीं सकता?जवाबः 20 जुलाई के प्रोटेस्ट के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कॉकरोच पार्टी के दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को मिलने बुलाया। कॉकरोच पार्टी ने तीन मांगे रखीं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी है। जेपी नड्डा ने इन मांगों पर लीडरशिप से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। सरकार राजनीतिक नुकसान का कैलकुलेशन करके ही कोई अगला कदम उठाएगी। 2020-21 में किसान आंदोलन एक बड़ा उदाहरण है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान धरने पर बैठ गए। सरकार ने महीनों तक ‘कृषि कानून’ वापस नहीं लिए। आखिरकार नवंबर 2021 में उसे झुकना पड़ा और पीएम मोदी ने खुद कानून वापसी का ऐलान करते हुए कहा- हमारी तपस्या में ही कोई कमी रह गई होगी। चर्चा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल और बीजेपी के संगठन में बदलाव होने वाला है। सरकार के सामने 2 विकल्प हैं… ऐसा पहले भी हो चुका है… नवंबर 2014 में सुरेश प्रभु को केंद्रीय रेल मंत्री बनाया गया। उनके कार्यकाल में कई रेल हादसे हुए, जिनको लेकर विपक्ष ने उनके इस्तीफे की मांग की। अगस्त 2017 में प्रभु ने इस्तीफे पेशकश भी की। हालांकि सरकार ने इस्तीफा मंजूर नहीं किया। एक महीने बाद उन्हें कॉमर्स मिनिस्ट्री में शिफ्ट कर दिया गया। वे 2 साल तक मंत्री रहे। 2019 के बाद वे केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं बना पाए। सवाल-2: प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया, तो क्या CJP का प्रोटेस्ट फेल माना जाएगा? जवाब: CJP ने अपना पूरा आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के इर्ग-गिर्द भुनाया था। आज जेपी नड्डा से बातचीत के बाद भी प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो दिल्ली पहुंचे हजारों प्रदर्शनकारियों में निराशा आएगी। वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष CJP के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं है। उनके मुताबिक, 'इस आंदोलन में प्लानिंग और लीडरशिप की कमी दिखी है। जब कोई इतना बड़ा आंदोलन शुरू करता है, भूख हड़ताल करता है तो पहले इसे खत्म करने का एग्जिट रूट भी होना चाहिए। लेकिन CJP के पास ऐसा नहीं था। जो मोदी सरकार को समझता है, उसे पता होना चाहिए कि वे दबाव में फैसले नहीं लेते।' हालांकि विजय त्रिवेदी कहते हैं, 'आंदोलनों की कामयाबी दो तरीकों से देख जा सकती है। एक तो अपनी बात जनता तक पहुंचा पाए या नहीं पहुंचा पाए और सरकार को बात सुननी पड़ी या नहीं। इस हिसाब से यह आंदोलन आधा सफल रहा है।' ----------- ये खबर भी पढ़िए… क्या कॉकरोच पार्टी का सरकार से 'समझौता':सोनम वांगचुक की 3 शर्तों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गायब, जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे CJP प्रवक्ता अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक ने जो 3 ताजा शर्तें रखी हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का सीधा जिक्र नहीं है। इसे एक बड़ा U-टर्न माना जा रहा है। वांगचुक ने 28 जून को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर ही भूख हड़ताल शुरू की थी। प्रोटेस्ट के बैनर्स से लेकर ज्यादातर बयानों में इसी मांग का जिक्र होता था। पूरी खबर पढ़िए…
Ashadhi Ekadashi Date 2026: आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Hindu Festival Ashadhi Ekadashi: आषाढ़ी एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का एक दिव्य अवसर है। सनातन धर्म में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे आषाढ़ी एकादशी, देवशयनी एकादशी या हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है, अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और यहीं से चातुर्मास का शुभारंभ होता है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने तथा एकादशी व्रत रखने से पापों का क्षय होता है और सुख-समृद्धि, आरोग्य तथा मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन के आध्यात्मिक साधना, जप, तप और दान का विशेष फल मिलता है। बता दें कि आषाढ़ी/ देवशयनी एकादशी से अगले 4 महीनों यानी देवउठनी एकादशी तक शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक व शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है। आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि * आषाढ़ी एकादशी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पीले या हल्के रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। * घर के मंदिर की सफाई कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। * भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल, चंदन, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। * पंचामृत या गंगाजल से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। * 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें या भगवान विष्णु के नाम का अधिक से अधिक स्मरण करें। * विष्णु सहस्रनाम, श्रीहरि स्तोत्र या एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। * दिनभर यथाशक्ति उपवास रखें, ब्रह्मचर्य और सात्विकता का पालन करें। इस दिन क्रोध, झूठ, निंदा और तामसिक भोजन से दूर रहें। * संध्या समय भगवान विष्णु की आरती करें। इस दिन उन्हें तुलसी दल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। * जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान दें। ALSO READ: देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व आषाढ़ी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त आषाढ़ी/ देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026, शनिवार आषाढ़, शुक्ल एकादशी तिथि का प्रारंभ- 24 जुलाई को 09:12 ए एम से, आषाढ़ी एकादशी की समाप्ति- 25 जुलाई को 11:34 ए एम पर होगी। पारण (व्रत तोड़ने का) समय- 26 जुलाई को 05:39 ए एम से 08:22 ए एम तक। पारण तिथि के दिन द्वादशी के समापन का समय- 01:57 पी एम। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। चातुर्मास का प्रारंभ होता है, जिसमें विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा से सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है। एकादशी व्रत से पापों का नाश और पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कब है शुभ मुहूर्त? जानें चातुर्मास की शुरुआत और भगवान विष्णु को शयन कराने की सही विधि
नसीरुद्दीन शाह ने समानांतर सिनेमा से कमर्शियल फिल्मों तक हर किरदार में छोड़ी अमिट छाप
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह 76 वर्ष के हो गए हैं। समानांतर सिनेमा से लेकर व्यावसायिक फिल्मों तक अपनी बहुमुखी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले नसीरुद्दीन शाह भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। 20 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जन्मे नसीरुद्दीन शाह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर और नैनीताल में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अभिनय के प्रति गहरी रुचि के चलते उन्होंने वर्ष 1971 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली में प्रवेश लिया और अभिनय की बारीकियां सीखीं। वर्ष 1975 में नसीरुद्दीन शाह की मुलाकात प्रख्यात फिल्मकार श्याम बेनेगल से हुई। उस समय श्याम बेनेगल अपनी फिल्म ‘निशांत’ के निर्माण की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें फिल्म में अभिनय का अवसर दिया। इसके साथ ही उनके फिल्मी करियर की मजबूत शुरुआत हुई। ALSO READ: रणवीर सिंह से ऋषभ साहनी तक, बॉलीवुड के 7 दमदार विलेन जिन्होंने हर सीन पर छोड़ी अपनी छाप वर्ष 1976 नसीरुद्दीन शाह के करियर का महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। इस दौरान उनकी ‘भूमिका’ और ‘मंथन’ जैसी चर्चित फिल्में रिलीज हुईं। दुग्ध क्रांति की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘मंथन’ में उनके अभिनय को विशेष रूप से सराहा गया। यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में इसलिए भी उल्लेखनीय मानी जाती है क्योंकि इसके निर्माण के लिए गुजरात के लाखों किसानों ने आर्थिक सहयोग दिया था। वर्ष 1977 में उन्होंने अपने मित्रों बेंजामिन गिलानी और टॉम ऑल्टर के साथ मिलकर एक थिएटर समूह की स्थापना की। रंगमंच के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें अभिनय की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसी क्रम में सैमुअल बेकेट के प्रसिद्ध नाटक ‘वेटिंग फॉर गोडोट’ का मंचन भी किया गया। वर्ष 1979 में प्रदर्शित फिल्म ‘स्पर्श’ में उन्होंने एक दृष्टिबाधित व्यक्ति की भूमिका निभाई। इस चुनौतीपूर्ण किरदार में उनके सशक्त अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों को समान रूप से प्रभावित किया। फिल्म में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किया गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वर्ष 1980 में प्रदर्शित गोविंद निहलानी निर्देशित फिल्म ‘आक्रोश’ उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे वकील की भूमिका निभाई जो अन्याय के खिलाफ संघर्ष करता है। इसके बाद वर्ष 1983 में सई परांजपे निर्देशित ‘कथा’ और कुंदन शाह निर्देशित ‘जाने भी दो यारों’ में उनके अभिनय को खूब सराहना मिली। विशेष रूप से ‘जाने भी दो यारों’ ने नसीरुद्दीन शाह की छवि को नया आयाम दिया। इससे पहले उन्हें मुख्य रूप से गंभीर भूमिकाओं के अभिनेता के रूप में देखा जाता था, लेकिन इस फिल्म में उनके हास्य अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उनकी बहुमुखी प्रतिभा को स्थापित किया। वर्ष 1985 में प्रदर्शित ‘मिर्च मसाला’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। केतन मेहता निर्देशित इस फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा प्राप्त की। फिल्म में सामंती व्यवस्था के बीच संघर्ष करती महिलाओं की कहानी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया था। अस्सी के दशक के उत्तरार्ध में नसीरुद्दीन शाह ने व्यावसायिक सिनेमा की ओर भी रुख किया। इस दौरान उन्होंने जलवा, मालामाल, हीरो हीरालाल और त्रिदेव जैसी फिल्मों में अभिनय किया। इन फिल्मों की सफलता ने उन्हें मुख्यधारा के सिनेमा में भी स्थापित कर दिया। नब्बे के दशक में उन्होंने छोटे पर्दे पर भी अपनी छाप छोड़ी। गुलजार निर्देशित धारावाहिक ‘मिर्जा गालिब’ में उनकी भूमिका को दर्शकों ने बेहद पसंद किया। इसके अलावा ‘भारत एक खोज’ में उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाकर भी दर्शकों की सराहना हासिल की। अभिनय में विविधता बनाए रखने के लिए नसीरुद्दीन शाह ने विभिन्न प्रकार की भूमिकाएं निभाईं। वर्ष 1994 में प्रदर्शित फिल्म ‘मोहरा’ में उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाकर दर्शकों को चौंका दिया। इसके बाद चाहत, राजकुमार, सरफरोश, टक्कर, हिम्मत और कृष जैसी फिल्मों में भी उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। अपने लंबे और सफल करियर में नसीरुद्दीन शाह को तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और तीन फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से भी सम्मानित किया है। नसीरुद्दीन शाह आज भी फिल्मों, रंगमंच और अन्य कलात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं।
3 मैचों की ODI सीरीज में नाबाद रहे जो रूट, 260 गेंदो में बनाए 249 रन
भारत के खिलाफ जो रूट इतनी बेहतरीन तरीके से खेले कि वह 3 मैचों में एक भी बार आउट नहीं हुए और कुल 260 गेंदों में 249 रन बनाए। दूसरे मैच में जो रुट ने एकदिवसीय प्रारुप में टेस्ट क्रिकेट का मुजायरा पेश किया था वहीं तीसरे मैच में उन्होंने 170 की स्ट्राइक रेट से 48 गेंदो में 74 रनों की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने कुल 9 चौके लगाए थे। यही कारण रहा कि उन्हें मैन ऑफ द सीरीज का पुरुस्कार मिला। दूसरे मैच में 99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी। pic.twitter.com/UAnbXcrcVG — Out Of Context Cricket (@GemsOfCricket) July 20, 2026 यही नहीं वह लगातार 6 पारियों में हर पारी में 50 प्लस का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी बना लिया है। उन्होंने कल 13वीं बार मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाया है। भारतीय गेंदबाजों ने इन तीन मैचों में उनके खिलाफ करीब 43.2 ओवर गेंदबाजी की। लेकिन इन 260 गेंदों में एक बार भी जो रूट को परेशानी में नहीं डाल पाए। पहले दो एकदिवसीय मैचों में उन्होंने दूसरे छोर पर विकेट के पतन के बीच बल्लेबाजी की जबकि तीसरे एकदिवसीय मैच में उन पर दबाव कम था और कुछ टी-20 के दर्शनीय शॉट्स लगाए।
ब्लैक बॉडीकॉन ड्रेस में मोनालिसा का बोल्ड अंदाज, फ्लोरल टियारा ने लूटी महफिल
भोजपुरी सिनेमा से लेकर टीवी जगत तक अपनी बोल्डनेस और बेहतरीन अदाकारी से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में मोनालिसा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नया फोटोशूट शेयर किया है, जिसमें उनका बेहद ग्लैमरस और बोल्ड अवतार देखने को मिल रहा है। मोनालिसा ने इस फोटोशूट के लिए एक बेहद हॉट 'लिटिल ब्लैक ड्रेस' को चुना है। उनकी यह ड्रेस मिनी बॉडीकॉन स्टाइल में है, जिसमें नेकलाइन और वेस्ट एरिया पर ट्रांसपेरेंट मेश फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया है। ALSO READ: मलाइका अरोड़ा से ब्रेकअप के बाद इस हसीना संग जुड़ा अर्जुन कपूर का नाम, जानिए कौन हैं साहिबा बाली? यह डीप-नेक मेश आउटफिट मोनालिसा के कर्वी और परफेक्ट फिगर को बेहद खूबसूरती से उभार रहा है, जो उनके लुक में बोल्डनेस का तड़का लगा रहा है। तस्वीरों में मोनालिसा एक से बढ़कर एक अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। कभी वे अपने दोनों हाथों को बालों पर रखकर सिजलिंग पोज दे रही हैं, तो कभी दीवार और चेयर के सहारे टिककर उनके कातिलाना एक्सप्रेशंस फैंस को दीवाना बना रहे हैं। मोनालिसा ने अपने इस ग्लैम लुक को कम्प्लीट करने के लिए बालों को मिडिल पार्टिंग के साथ सॉफ्ट कर्ल्स देकर खुला छोड़ा है। कुछ तस्वीरों में वे अपने सिर पर लाल गुलाब के फूलों से बना एक खूबसूरत फ्लोरल टियारा पहने नजर आ रही हैं। डार्क मैरून लिपस्टिक, वेल-शेप्ड आईब्रो और मिनिमल मेकअप मोनालिसा के फेशियल फीचर्स को परफेक्टली हाइलाइट कर रहा है। मोनालिसा का यह लेटेस्ट ब्लैक मेश ड्रेस लुक इंटरनेट पर जमकर ट्रेंड कर रहा है।
ना खिताब मिला ना गोल्डन बूट, मेस्सी नहीं कर पाए परिकथा अंत (Video)
FIFA World Cup का टूर्नामेंट जिस हिसाब से जा रहा था ऐसा लग रहा था कि लियोनेल मेस्सी के करियर का परिकथा अंत होगा। लेकिन उनके हाथ ना ही खिताब लगा और ना ही पैर पर गोल्डन बूट लगा। मेस्सी के लिए बस एक बात अच्छी रही कि वह पिछले साल विजेता टीम का हिस्सा थे अन्यथा इस महान फुटबॉलर को बिना किसी वैश्विक खिताब के रवाना होना पड़ता। आखिरी सीटी बजने पर उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर निराशा को सभी ने देखा। एक तरफ स्पेन के खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ मेस्सी और उनकी टीम स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर अर्जेंटीना के समर्थकों को धन्यवाद दे रही थी और शायद माफी भी मांग रही थी। बार्सीलोना और पेरिस सेंट जर्मेन के साथ 12 लीग और चार चैम्पियंस लीग खिताब जीतने के बाद मेस्सी ने जब यूरोपीय फुटबॉल से विदा लेकर तीन साल पहले एमएलएस का रूख किया तो लोगों को लगा कि वह रिटायर होकर अमेरिका में बस जायेंगे । Heartbreaking...Lionel Messi after the loss to Spain. This is his final game at the World Cup. pic.twitter.com/LxztMs8Kl7 — Raylan Givens (@JewishWarrior13) July 19, 2026 Thank you, Lionel Messi.. pic.twitter.com/kc8Bhd6Jqy — Godschild (@Godschildwinnin) July 20, 2026 Esse foi o momento que Lionel Messi chorou, aps ser ovacionado pela torcida. ???? pic.twitter.com/cFIiIsU8KJ — LM10 Brasil (@MessiLeoBrasil_) July 20, 2026 लेकिन वह एक बार फिर अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक ले गए जिनमें उनके खाते में आठ गोल आये और चार में वह सहायक रहे। विश्व कप में उनके 21 गोल हो गए हैं और शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे (22 गोल) के आगे निकलने तक वह शीर्ष पर थे। तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले पहले खिलाड़ी मेस्सी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं और वह सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146) से पीछे हैं। स्पेन के खिलाड़ी आखिरी सीटी बजने के बाद मेस्सी को ढांढस बंधाने आये। मेस्सी मैदान पर बैठ गए और हाथ पीछे रखकर एकटक देखते रहे। उपविजेता का पदक लेने आये तो मुस्कुराने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।फिर अपने विचारों में खोये हुए, दुख को छिपाने की कोशिश करते मैदान के एक कोने से चुपचाप बाहर चले गए। विश्व कप से शायद आखिरी बार।
सनातन परंपरा में एकादशी तिथि का स्थान सबसे पावन माना गया है। हर महीने के दोनों पक्षों (शुक्ल और कृष्ण) में आने वाली यह ग्यारहवीं तिथि साक्षात जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है। लेकिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का महत्व कुछ खास है। इसे हम आषाढ़ी एकादशी, देवशयनी एकादशी, हरिशयनी या पद्मनाभा एकादशी के नाम से जानते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, आस्था का यह पावन पर्व हर साल जून या जुलाई के महीने में आता है। चार महीनों के लिए योगनिद्रा में जाएंगे सृष्टि के पालनहार धार्मिक पुराणों के अनुसार, देवशयनी एकादशी से ही भगवान विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर योगनिद्रा (शयन) में चले जाते हैं। यही वजह है कि इसे 'हरिशयनी एकादशी' कहा जाता है। प्रभु के शयन करते ही सृष्टि पर चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है, जिसमें सभी तरह के मांगलिक कार्यों (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश) पर विराम लग जाता है और यह समय पूरी तरह से जप, तप और साधना के लिए समर्पित हो जाता है। आषाढ़ी एकादशी 2026: तिथि, मुहूर्त और पारण का समय इस वर्ष 2026 में आषाढ़ी एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु तिथियों और शुभ समय का विशेष ध्यान रखें: एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:12 बजे से एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त (पूजा का श्रेष्ठ समय): दोपहर 12:19 बजे से दोपहर 01:11 बजे तक। गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:17 बजे से शाम 07:39 बजे तक। व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 06:13 बजे से सुबह 08:50 बजे के बीच। देवशयनी एकादशी पूजा विधि: इस तरह करें प्रभु को प्रसन्न चूंकि इस दिन के बाद भगवान चार महीनों के लिए विश्राम करने जाते हैं, इसलिए उनका शयन प्रारंभ होने से ठीक पहले पूरे विधि-विधान से विदाई-पूजन करने का बड़ा महत्व है। यदि आप भी इस दिन व्रत रख रहे हैं, तो पूजा की यह पावन विधि अपनाएं। सुबह का संकल्प और श्रृंगार व्रत का संकल्प लेने वाले श्रद्धालु देवशयनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद अपने घर के मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करें। अब एक पवित्र चौकी पर भगवान विष्णु की सुंदर प्रतिमा या तस्वीर को आसन देकर विराजमान करें। प्रभु का षोडशोपचार पूजन चूंकि भगवान नारायण को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए उन्हें पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें। इसके बाद उन्हें पीला चंदन लगाएं, पीले फूल चढ़ाएं और तुलसी दल (जो एक दिन पहले तोड़ा गया हो) अर्पित करें। भगवान के हाथों में शंख, चक्र, गदा और पद्म सुशोभित करें। आरती और विशेष शयन मंत्र इसके बाद प्रभु को आदरपूर्वक पान और सुपारी भेंट करें। धूप-दीप जलाकर श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु की आरती उतारें। पूजा के अंत में हाथ जोड़कर भगवान को शयन कराने के लिए इस विशेष मंत्र का जाप करें। 'सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जमत्सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे त्वयि बुद्धं च जगत्सर्व चराचरम्।।' मंत्र का सरल अर्थ: हे संपूर्ण जगत के स्वामी! आपके सो जाने पर यह पूरा संसार सो जाता है और आपके जाग जाने पर ही यह संपूर्ण सृष्टि तथा समस्त चराचर जीव जाग उठते हैं। दान-पुण्य और रात्रि जागरण इस पावन पूजन के बाद समर्थ अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं या दान-दक्षिणा दें। इसके बाद ही स्वयं फलाहार या व्रत का सात्विक भोजन ग्रहण करें। देवशयनी एकादशी की रात को सोना नहीं चाहिए, बल्कि भगवान के भजनों और स्तुति का कीर्तन करना चाहिए। अंत में, स्वयं के सोने से पहले प्रभु को प्रतीकात्मक रूप से विश्राम (शयन) कराएं।
हॉलीवुड के मशहूर निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'द ओडिसी' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जोरदार एंट्री की है। फिल्म ने रिलीज के पहले ही वीकेंड में 56.66 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर यह साबित कर दिया कि भारत में नोलन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि यह भारत में रिलीज हुई नोलन की फिल्मों का अब तक का सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड बन गया है। शानदार वर्ड ऑफ माउथ और नोलन की मजबूत फैन फॉलोइंग ने सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी-खासी भीड़ जुटाई। शनिवार और रविवार को दिखी जबरदस्त तेजी फिल्म ने पहले दिन यानी शुक्रवार को 16.07 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके बाद शनिवार को दर्शकों की संख्या बढ़ी और कलेक्शन 20.82 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रविवार को भी फिल्म ने शानदार पकड़ बनाए रखते हुए 19.77 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इस तरह तीन दिनों में कुल नेट कलेक्शन 56.66 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ALSO READ: 'द ओडिसी' की चुनौती भी बेअसर, 'धमाल 4' ने दूसरे वीकेंड में दिखाई जबरदस्त ताकत बड़े शहरों में हाउसफुल शो, वर्ड ऑफ माउथ का मिला फायदा 'द ओडिसी' को खासतौर पर मेट्रो शहरों और बड़े मल्टीप्लेक्स सर्किट में शानदार रिस्पॉन्स मिला। फिल्म को लेकर दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर मिल रही तारीफ ने टिकट बिक्री को और मजबूती दी। यही वजह रही कि पहले वीकेंड में कई सिनेमाघरों में शो हाउसफुल रहे। अब असली परीक्षा वीकडे में ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि पहले वीकेंड की मजबूत शुरुआत ने फिल्म के लिए बेहतरीन आधार तैयार कर दिया है। अब सभी की नजर सोमवार से शुरू होने वाले वीकडे कलेक्शन पर रहेगी। यदि फिल्म सप्ताह के दिनों में भी अच्छी पकड़ बनाए रखती है, तो यह भारतीय बॉक्स ऑफिस पर क्रिस्टोफर नोलन की सबसे सफल फिल्मों में शामिल हो सकती है।
देहरादून कॉन्सर्ट में जैस्मिन सैंडलस के साथ कथित बदसलूकी, वायरल वीडियो ने मचाया बवाल
मशहूर पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस इन दिनों अपने म्यूजिकल टूर को लेकर सुर्खियों में हैं। बीते दिनों दिल्ली में कॉन्सर्ट के दौरान जैस्मिन ने फैंस को अपने मंगेतर से मिलवाया था। अब जैस्मिन अपने देहरादून कॉन्सर्ट को लेकर सुर्खियों में आ गई है। लेकिन इस बार वजह उनका कोई नया गाना या शानदार परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि एक बेहद झकझोर देने वाली घटना है। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट के दौरान जैस्मिन के साथ हुई कथित बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद फैंस और आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग सेलिब्रिटी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। Jasmine Sandlas was subjected to non-consensual touching by fans in Dehradun during post-performance greetings. She must descend safely, but crowds need to respect personal boundaries. Time for better event etiquette. pic.twitter.com/3xbyz3SzjQ — priest king (@AnkitYadavd0g1) July 18, 2026 लाइव शो के बाद हुई शर्मनाक हरकत हाल ही में जैस्मिन सैंडलस उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक लाइव शो के लिए पहुंची थीं। इस कॉन्सर्ट में उनकी एक झलक पाने और लाइव सुनने के लिए हजारों की संख्या में फैंस की भारी भीड़ उमड़ी थी। स्टेज पर आते ही जैस्मिन ने अपने सुपरहिट गानों जैसे कि 'सिप सिप', 'शरारत' और 'लावान' से समां बांध दिया। पूरा ग्राउंड उनके गानों पर झूम रहा था। ALSO READ: मलाइका अरोड़ा से ब्रेकअब के बाद इस हसीना संग जुड़ा अर्जुन कपूर का नाम, जानिए कौन हैं साहिबा बाली? परेशानी तब शुरू हुई जब शो खत्म होने के बाद जैस्मिन ने अपने फैंस के प्रति आभार जताने का फैसला किया। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि फ्रंट रो में खड़े फैंस जैस्मिन का हौसला बढ़ा रहे थे, उनके लिए हाथ आगे बढ़ा रहे थे और उन्हें गुलाब के फूल दे रहे थे। अपने चाहने वालों के इस प्यार को देखकर जैस्मिन स्टेज से थोड़ा नीचे उतरीं ताकि वे गुलाब स्वीकार कर सकें और फैंस से हाथ मिला सकें। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने सीमाएं लांघ दीं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि हाथ मिलाने के बहाने भीड़ में से किसी ने सिंगर को गलत तरीके से छूने की कोशिश की। इसके बाद वहां स्थिति काफी असहज हो गई और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत दखल देना पड़ा। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर लोग लगातार कमेंट्स कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि कलाकारों के प्रति जनता का यह व्यवहार बेहद निंदनीय है। फैंस का मानना है कि किसी भी फीमेल आर्टिस्ट के साथ इस तरह का व्यवहार उनकी सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। इस मामले में अभी तक जैस्मिन सैंडलस या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन इंटरनेट पर लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे इवेंट्स में सुरक्षा बैरिकेडिंग और महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती को और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी कलाकार को ऐसी असहज स्थिति का सामना न करना पड़े।
Lock Upp 2: 'इतना तो मेरा बाप भी चुम्मी नहीं करता!', राम कपूर की 'किसिंग आदत' पर भड़कीं श्रेया कालरा
नेटफ्लिक्स का रियलिटी शो 'लॉकअप 2' हर गुजरते दिन के साथ कंट्रोवर्सी का नया केंद्र बनता जा रहा है। शो में कंटेस्टेंट्स के बीच का समीकरण पल-पल बदल रहा है। लेकिन हाल ही में जो वाकया सामने आया है, उसने न सिर्फ जेल के अंदर बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक बड़ा बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इस बार विवाद के केंद्र में हैं—52 साल के दिग्गज टीवी एक्टर राम कपूर और डिजिटल क्रिएटर व कंटेस्टेंट श्रेया कालरा। राम कपूर की बिना सहमति के 'जबरदस्ती किस करने की आदत' पर अब श्रेया कालरा का गुस्सा ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा है। उन्होंने राम कपूर को कड़े शब्दों में अपनी 'पर्सनल बाउंड्री' में रहने की सख्त हिदायत दी है। ALSO READ: मलाइका अरोड़ा से ब्रेकअब के बाद इस हसीना संग जुड़ा अर्जुन कपूर का नाम, जानिए कौन हैं साहिबा बाली? टास्क में जीत के बाद शुरू हुआ 'किसिंग विवाद' दरअसल, पिछले हफ्ते शो के भीतर एक बेहद महत्वपूर्ण टास्क खेला गया था। इस टास्क में श्रेया कालरा कंट्रोलर की भूमिका में थीं और राम कपूर पूरी तरह से उन पर डिपेंडेंट थे। राम को एलिमिनेशन से बचाने के लिए श्रेया ने अपनी पूरी जान लगा दी। उन्होंने न सिर्फ शानदार गेम खेला, बल्कि टास्क जीतकर राम कपूर को शो में पूरी तरह से सेफ कर दिया। इस धमाकेदार और बड़ी जीत के बाद राम कपूर खुशी से इतने ज्यादा एक्साइटेड हो गए कि उन्होंने बिना सोचे-समझे श्रेया कालरा के गालों और माथे पर किस कर लिया। उस समय तो खेल के माहौल को देखते हुए श्रेया शांत रहीं, लेकिन राम कपूर का यह रवैया उन्हें अंदर ही अंदर खटक रहा था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें शिल्पा शिंदे के सामने फूटा श्रेया का गुस्सा हाल ही के एक एपिसोड में श्रेया का यह सब्र टूट गया। उन्होंने को-कंटेस्टेंट शिल्पा शिंदे के सामने बातचीत के दौरान राम कपूर के इस व्यवहार पर तीखे सवाल उठाए। श्रेया ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जब शिवांगी जोशी अपना टास्क कर रही थीं, तब भी राम कपूर उनके काफी करीब चले गए थे। उस दौरान स्थिति को भांपते हुए हर्षद चोपड़ा को बीच-बचाव करना पड़ा था और राम को दूर रहने के लिए कहना पड़ा था। श्रेया ने नाराजगी जताते हुए कहा, जब हर्षद ने उन्हें रोका, तो राम कपूर ने सॉरी-सॉरी कहा। लेकिन भाई, किस बात का सॉरी? वो बात करते समय थूकते भी हैं! जो कहना है सीधे मुंह पर कहो। राम कपूर के रवैये पर भड़कते हुए श्रेया ने कहा कि उन्होंने राम के लिए तीन-तीन टास्क जीते, लेकिन बदले में राम ने उनका ज़रा सा भी साथ नहीं दिया। ऐसे में सीनियर होने के नाते उनकी रिस्पेक्ट करने का कोई मतलब नहीं बनता। श्रेया ने साफ लफ्जों में कहा कि सीनियर होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कोई कुछ भी करे और उसे चुपचाप बर्दाश्त किया जाए। श्रेया ने कैमरे के सामने बेहद सख्त और तीखे लहजे में राम कपूर को चेतावनी दी। उन्होंने कहा:, उन्हें अपनी हदें समझनी चाहिए। अगर इस बार उन्होंने मुझे दोबारा किस करने की कोशिश की, तो मैं सीधे उनका मुंह पकड़कर बोलूंगी—'बहन के भाई, इतना तो मेरा बाप चुम्मी नहीं करता मुझे, अब मत करियो!'
फुटबॉल फाइनल में हुई झड़प, अर्जेंटीना के खिलाड़ी नहीं पचा पाए हार (Video)
FIFA World Cup में स्पेन ने मजबूत रक्षापंक्ति का ऐसा मकड़जाल रचा कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी लगातार आक्रमण करने के बाद भी गोलमुख को भेद नहीं पाए। मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी हार पचा नहीं पाए और स्पेन के खिलाड़ियों से धक्का मुक्की करने लग गए। इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। साथ ही झड़प के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। Absolutely deplorable behavior by the Argentina players, whatever the provocation may be.. It has left a very bad taste eventually.. pic.twitter.com/xgx0lBkeid — Keh Ke Peheno (@coolfunnytshirt) July 20, 2026 मेस्सी का उनके आखिरी विश्व कप में लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 106वें मिनट में यह गोल दागकर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई। उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके। निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाये जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया। स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल की। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये। मेस्सी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली और गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई जिन्होंने इसे हवा में उछाला और वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। अर्जेंटीना के प्रशंसको को उम्मीद थी कि अंत के लम्हों में टीम वैसा ही प्रदर्शन करेगी जैसा टूर्नामेंट के अन्य मैचों में करती आई है। लेकिन आज नियति में वैसा नहीं लिखा था।
अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक ने जो 3 ताजा शर्तें रखी हैं, उनमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का सीधा जिक्र नहीं है। इसे एक बड़ा U-टर्न माना जा रहा है। वांगचुक ने 28 जून को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर ही भूख हड़ताल शुरू की थी। प्रोटेस्ट के बैनर्स से लेकर ज्यादातर बयानों में इसी मांग का जिक्र होता था। क्या सोनम वांगचुक और CJP का रुख वाकई नरम पड़ा, अगर हां तो क्यों; समझेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: अनशन खत्म करने के लिए सोनम वांगचुक की ताजा शर्तें क्या हैं?जवाबः 20 जुलाई की सुबह सोनम वांगचुक के X हैंडल पर हाथ से लिखा नोट शेयर हुआ। इसमें सोनम वांगचुक ने 3 शर्तें लिखीं और कहा है कि जब तक इन तीनों में से कोई एक पूरी नहीं हो जाती, वो अनशन नहीं तोड़ेंगे… पहली शर्तः अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में बीते दिनों हुई चूक, जैसे- पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले। दूसरी शर्तः अगर CJP के लीडर्स और मैं संसद भवन तक पहुंच जाएं और सांसद हमें आश्वासन दें कि शिक्षा का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।तीसरी शर्तः अगर मेरी तबीयत और खराब हुई और पार्टियों के सांसद, नेता मुझसे मिलने आए। मुझे ऊपर कही बातों का आश्वासन दें, तो मैं अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दूंगा। अनशन के 22वें दिन, यानी 19 जुलाई की रात में सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे अंगमो ने भी कहा था कि अगर राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल में उनसे बात करने आएं और शिक्षा और जवाबदेही के मुद्दे को संसद में जोर-शोर से उठाने का आश्वासन दें, तो सोनम भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। सवाल-2: क्या सोनम वांगचुक ने वाकई U-टर्न मार लिया है?जवाबः कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत से एक ही मांग थी- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। 6 जून के पहले प्रोटेस्ट में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाला बैनर सबसे आगे था। इसमें सोनम वांगचुक भी कंधे पर झोला टांगे और हाथों में गुलाब लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे। फिर 20 जून को CJP ने जंतर-मंतर पर दोबारा प्रोटेस्ट शुरू किया। सोनम ने केंद्र सरकार से 2 मांगें रखीं- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करके पूर्ण राज्य का दर्जा देना। सोनम ने कहा कि इन दोनों मांगों पर 27 जून तक सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे, फिर अनशन शुरू करेंगे। सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया, तो 28 जून को सोनम ने अनशन शुरू कर दिया। हालांकि 13 जून को सोनम ने पत्रकारों से कहा कि अभी वह शिक्षा के मुद्दे को लेकर अनशन पर हैं। लद्दाख के मुद्दे पर सरकार से बातचीत जारी है। कुछ सहमति भी बनी है। सोनम की बिगड़ती तबीयत का हवाला देकर दिल्ली पुलिस 18 जुलाई को सफदरगंज अस्पताल ले गई। अब 20 जुलाई को सामने आईं अनशन तोड़ने की 3 शर्तें कई सवाल खड़े करती हैं। सोनम वांगचुक की शर्तों में न कही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है न उनके जिम्मेदारी लेने का कोई जिक्र। उन्होंने कहा है कि सांसद और राजनीतिक दल अगर उन्हें आश्वासन देते हैं, तो वे अनशन खत्म कर देंगे। इसमें भी सरकार या BJP सांसदों या नेताओं का कोई जिक्र नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने X पर लिखा- ‘अस्पताल में पॉलिटिकल लीडर के मिलने और संसद सत्र में चर्चा की बात जंतर-मंतर के आंदोलन के स्टैंड में बड़ा बदलाव है। सोनम वांगचुक ने मंत्री के इस्तीफे की मांग छोड़ दी है। क्या उनका अकेले का फैसला है या आंदोलन का? यह सरकार की बड़ी जीत है।’ वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम लिखते हैं, 'विपक्ष के सांसद तो बिना अनशन के भी संसद में सवाल उठा सकते थे, फिर 21 दिन के अनशन के बाद ये कहने का क्या मतलब है? कांग्रेस तो पहले से इस मुद्दे को लेकर आक्रामक है और दर्जनों प्रदर्शन कर चुकी है। क्या सोनम के साथ ही उनकी जगह मंच पर भूख हड़ताल शुरू कर चुके अभिजीत दीपके भी अनशन खत्म करेंगे?’ सवाल-3: क्या कॉकरोच पार्टी ने भी प्रधान के इस्तीफे की मांग छोड़ दी?जवाबः कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को बताया, ‘हम हजारों की संख्या में 9 बजे संसद के लिए निकलेंगे। हम कोशिश करेंगे कि डेलिगेशन को अंदर जाने दिया जाए ताकि हम अपनी मांग वहां रख सकें।’ इस बीच, सोमवार सुबह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, यानी AISA के तीनों स्टूडेंड लीडर्स नेहा, आमीन और मनीष ने 23 दिनों तक चली भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सोमवार की सुबह 11 बजे कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर ले जाया गया। उन्होने बताया कि सरकार हमसे बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रही है। इन सभी डेवलपमेंट में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बात सामने नहीं आई। यानी अब ये प्रोटेस्ट संसद मार्च की सफलता तक सीमित हुआ दिखता है। सवाल-4: सोनम वांगचुक और कॉकरोच पार्टी के नरम रुख की वजह क्या हो सकती है? जवाबः अभी कोई साफ वजह सामने नहीं आई है। अलग-अलग तरह की थ्योरीज चल रही हैं… 23 दिन बाद भी समाधान नहीं दिख रहा थाः सोनम पिछले 22 दिनों से अनशन पर है। उनका 10 किलो के करीब वजन घट गया है। इतने समय भूखे रहने पर शरीर की मासपेशियां प्रोटीन खोने लगती है। उस पर पुलिस ने जंतर-मंतर से उठाकर सफदरगंज अस्पताल ले गई। उनकी पत्नी ने सोनम को प्राइवेट हॉस्पिटल शिफ्ट करने की हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद ही उनकी पत्नी ने पहली बार अनशन खत्म करने का जिक्र किया। ये मौजूदा हालात देखते हुए लिया फैसला लगता है। सरकार ने अंदरखाने कोई आश्वासन दे दियाः वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह लिखते हैं, 'सरकार ने अंदरखाने ये तय कर लिया होगा कि किसी नेता या मंत्री को भेजकर जूस पिला आएंगे। इससे सरकार के रवैये पर उठते सवाल को झुठलाने में भी मदद मिलेगी।' लद्दाख वाले मुद्दे पर सरकार के किसी आश्वासन की वजह से भी हो सकता है सोनम ने धर्मेंद्र प्रधान के मुद्दे पर रुख नरम किया हो। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी X पर पोस्ट किया है, 'मैं और आशुतोष रांका कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से जे पी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। आज सुबह ही सरकार ने हमसे बात करने की पहल की है।' इससे भी संकेत मिल रहा है कि सरकार और प्रदर्शनकारी समझौते की तरफ बढ़ रहे हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़िए… जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, कई के सिर फूटे:बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट थाने तक पहुंचे; दीपके बोले- हमें संसद जाने से कोई नहीं रोक सकता पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इससे कई लोगों को चोटें आई हैं और कई लोगों के सिर भी फूट गए हैं। हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है। पूरी खबर पढ़िए…
'रामायणम्' में हनुमान बनेंगे सनी देओल, बोले- भगवान का आशीर्वाद है यह किरदार
भारतीय सिनेमा के इतिहास में अब तक की सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी फिल्म कही जा रही 'रामायणम्' को लेकर दर्शकों का उत्साह चरम पर है। हाल ही में निर्देशक नितेश तिवारी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की पहली झलक नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य 'प्रथम संकल्प' इवेंट में पेश की गई। इस खास मौके पर फिल्म में भगवान हनुमान का बेहद अहम किरदार निभा रहे दिग्गज अभिनेता सनी देओल भी ब्लैक आउटफ़िट और क्लीन-शेव लुक में पहुंचे और उन्होंने इस रोल को लेकर अपने अनुभव साझा किए। हाल ही में नेटफ्लिक्स की फिल्म 'इक्का' में नजर आए सनी देओल ने माना कि पर्दे पर बजरंगबली के चरित्र को जीवंत करना कोई साधारण काम नहीं है। ALSO READ: सलमान खान ने अपनी सेहत की अफवाहों पर लगाया विराम, पोस्ट शेयर कर पूछा- 'आप लोगों की तबीयत कैसी है?' हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं इवेंट के दौरान मीडिया और प्रशंसकों से बात करते हुए सनी देओल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, सच बताऊं तो मैंने अभी इस फिल्म पर बहुत थोड़ा सा ही काम शुरू किया है। मुझे अभी एक लंबा सफर तय करना है। सनी ने इसे भगवान का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि वह इस बात के लिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें हनुमान जी का किरदार निभाने का अवसर मिला। बजरंगबली के किरदार की बारीकियों पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा, हनुमान जी सिर्फ असीम शक्ति के प्रतीक नहीं हैं। उनके चरित्र में एक अद्भुत मासूमियत, नटखटपन, गहरी भक्ति और अपार बल का संतुलन है। यही बात उन्हें बेहद खास और इस किरदार को स्क्रीन पर निभाना बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती है। ग्लोबल मंच पर गूंजेगा 'रामायण' का डंका दिल्ली में 'प्रथम संकल्प' के जरिए अपनी पहली छाप छोड़ने के बाद अब यह फिल्म ग्लोबल स्तर पर इतिहास रचने के लिए तैयार है। 23 जुलाई को कैलिफोर्निया के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन (SDCC) में 'रामायणम्' को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। 'कल्कि 2898 एडी' के बाद यह भारत की दूसरी ऐसी फिल्म होगी जिसे इस विश्व प्रसिद्ध पॉप-कल्चर इवेंट में जगह मिली है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस फिल्म का कैनवास कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसकी स्टार कास्ट से लगाया जा सकता है। फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े दिग्गज एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश लंकेश रावण, सनी देओल भगवान हनुमान, रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखेंगे। 'रामायणम्' को लगभग 4,000 करोड़ रुपए के महा-बजट के साथ तैयार किया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी बनाता है। नितेश तिवारी इस महागाथा को दो भागों में रिलीज करेंगे। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 के पावन अवसर पर सिनेमाघरों में दस्तक देगा, जबकि इसका दूसरा और अंतिम भाग साल 2027 में रिलीज किया जाएगा।
CJP प्रोटेस्ट में सुनीता विलियम्स के शामिल होने के दावे से वायरल वीडियो पुराना है
बूम ने पाया कि यह वीडियो केरल साहित्य महोत्सव का है, जहां अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने जनवरी 2026 में भाग लिया था.
सलमान खान ने अपनी सेहत की अफवाहों पर लगाया विराम, पोस्ट शेयर कर पूछा- 'आप लोगों की तबीयत कैसी है?'
बॉलीवुड के 'दबंग' यानी सलमान खान हमेशा अपनी बेबाकी और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक इवेंट में सलमान के दुबले शरीर को देखकर फैंस काफी चिंता जता रहे हैं। अब सलमान खान ने अपनी सेहत को लेकर चल रही सभी सभी अफवाहों पर अपने ही अंदाज में फुलस्टॉप लगा दिया है। सलमान खान के एक लेटेस्ट सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है और उनके फैंस इस पर जमकर रिएक्शन दे रहे हैं। ALSO READ: 'रामायणम्' में सूर्पणखा बन रकुल प्रीत सिंह ने बढ़ाया क्रेज, यश ने की दमदार परफॉर्मेंस की तारीफ सलमान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर कुछ ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक बेहद मजेदार कैप्शन लिखा, आप लोगों की तबीयत कैसी है? A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) यह कैप्शन उन लोगों के लिए एक सीधा और करारा जवाब था, जो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर मनगढ़ंत कहानियां बना रहे थे। तस्वीरों में सलमान खान उसी आउटफिट में नजर आ रहे हैं, जो उन्होंने बीते दिनों एक इवेंट के दौरान पहना था। कुछ तस्वीरों में वे डेनिम जैकेट और काउबॉय हैट पहने कैमरे के सामने बेहद रिलैक्स और कूल अंदाज में पोज देते नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जैसे ही सलमान ने यह पोस्ट शेयर किया, फैंस ने कमेंट सेक्शन में मीम्स और तारीफों की बाढ़ ला दी। हर कोई अभिनेता के इस मजाकिया अंदाज की तारीफ कर रहा है। टीवी और फिल्म एक्ट्रेस माही विज ने भी इस पोस्ट पर हंसने वाली इमोजी के साथ कमेंट करते हुए लिखा, टू गुड (Toooo Gooodddddd)। दरअसल, यह पूरा मामला हफ्ते की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब सलमान खान एक पब्लिक इवेंट में शामिल हुए थे। वे स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के ऑफिस में एक नए डेटा कलेक्शन और वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कई लाभार्थियों को उनके नए घर की चाबियां भी सौंपीं। इस इवेंट के दौरान सलमान कैजुअल शर्ट, डेनिम और कैप पहने नजर आए। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में कुछ फैंस को लगा कि वे काफी थके हुए, कमजोर और अस्वस्थ दिख रहे हैं। देखते ही देखते इंटरनेट पर उनकी सेहत को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ यूजर्स ने कमेंट किया, क्या सलमान खान बीमार हैं? तो किसी ने उनकी तुलना धर्मेंद्र जी के ढलते दिनों से कर दी। इसी चिंता और अफवाहों को शांत करने के लिए सलमान ने यह नया पोस्ट शेयर किया। वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान के फैंस उनकी आगामी फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह एक बड़े बजट की वॉर ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म पहले इसी साल अप्रैल के महीने में रिलीज होने वाली थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसकी रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया। मेकर्स जल्द ही फिल्म की नई और संशोधित रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान करेंगे।
देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व
Devshayani Ekadashi Date 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इसी दिन से चातुर्मास यानी चार महीने का पवित्र समय भी शुरू हो जाता है। इस बार वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई, शनिवार को मनाई जाएगी। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी कब है? देवशयनी एकादशी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु राजा बलि के पास पाताल लोक में चार महीने के लिए विश्राम करने चले जाते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी पर जागते हैं। यह समय बाहरी भागदौड़ को छोड़कर आंतरिक शांति, ध्यान, भक्ति और साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। देवशयनी एकादशी से ही चातुर्मास का शुभारंभ होता है, जो चार महीनों तक चलता है। साथ ही इन चार महीनों या चातुर्मास में भगवान विष्णु के सोने के कारण विवाह, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश जैसे सभी बड़े शुभ और मांगलिक कार्य रोक दिए जाते हैं और साधु-संत तथा श्रद्धालु अधिक से अधिक पूजा-पाठ, जप, तप, व्रत और दान-पुण्य में समय व्यतीत करते हैं। इस दिन क्या करते हैं? जानें पूजा विधि और नियम देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने के लिए श्रद्धालु कई नियम और अनुष्ठान करते हैं: व्रत और संकल्प: इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। कई लोग इस दिन निराहार या फलाहार व्रत रखते हैं। इस दिन भगवान विष्णु का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भगवान विष्णु की मूर्ति को पीले वस्त्र, पीले फूल, तुलसी के पत्ते, धूप, दीप और चंदन अर्पित किया जाता है। शयन कराने की विधि: चूंकि इस दिन के बाद भगवान शयन पर जाते हैं, इसलिए पूजा के बाद प्रतीकात्मक रूप से भगवान विष्णु की मूर्ति को एक सुंदर छोटे गद्दे और तकिये वाले बिस्तर पर सुलाया जाता है और उन्हें पीला पर्दा या चादर ओढ़ाई जाती है। ALSO READ: देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें मंत्र जाप : इस दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत फलदायी होता है। दीपदान और दान कार्य: शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाया जाता है। इस दिन भूखे लोगों को भोजन कराना, पीले अनाज या वस्त्रों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। चातुर्मास के नियमों की शुरुआत: इस दिन से लोग अगले चार महीनों के लिए किसी एक विशेष चीज या बुरी आदत, जैसे- झूठ बोलना, तामसिक भोजन, या किसी खास सब्जी/फल को त्यागने का नियम लेते हैं। जरूरी टिप: देवशयनी एकादशी के व्रत में चावल का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। इस दिन घर में पूरी तरह सात्विक माहौल रखें और शाम को भगवान के शयन के बाद उनसे जीवन के सभी संकटों को दूर करने की प्रार्थना करें। ALSO READ: Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
भारत में जब भी हम किसी सब्जी मंडी या ठेले वाले से आलू, प्याज या अन्य सब्जियां खरीदते हैं, तो आखिर में झोले में थोड़ी सी हरी मिर्च और धनिया मुफ्त में डलवाना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार जैसा होता है। सब्जीवाले भी हंसकर चार-पांच मिर्च मुफ्त में डाल देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी हरी मिर्च के लिए विदेशों में आपको कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक भारतीय महिला का वीडियो इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है, जो अमेरिका के एक सुपरमार्केट में सिर्फ चंद हरी मिर्च की कीमत देखकर पूरी तरह हैरान रह गई। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह वायरल वीडियो भारत और अमेरिका के बीच न सिर्फ रहन-सहन बल्कि रोजमर्रा के खर्चों के बड़े अंतर को बयां करता है।114 ग्राम मिर्च का पैकेट देखकर थमी महिला की नजरेंवायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक भारतीय महिला अमेरिका के एक बड़े सुपरमार्केट में सब्जियां खरीदने पहुंचती है। वहां जब वह घूमते हुए हरी मिर्च के सेक्शन में जाती है, तो उसकी नजर एक छोटे से प्लास्टिक डिब्बे (पैकेट) पर पड़ती है। पैकेट पर लिखी कीमत को देखते ही महिला हैरान रह जाती है और तुरंत अपना कैमरा निकालकर इस वाकये को रिकॉर्ड करने लगती है। महिला वीडियो में बताती है कि अमेरिका में हरी मिर्च खरीदना किसी सोना या चांदी खरीदने जैसा महंगा काम है। उसने पैकेट का वजन दिखाते हुए बताया कि महज 114 ग्राम के इस छोटे से डिब्बे में मुश्किल से 12 से 13 मिर्च ही मौजूद हैं, लेकिन इसका दाम सुनकर किसी भी भारतीय के होश उड़ जाएंगे।भारतीय रुपए में करीब 3500 रुपए किलो बिक रही है मिर्चमहिला ने वीडियो में आगे कैलकुलेशन करके दिखाया कि इस 114 ग्राम के छोटे से पैकेट की कीमत करीब 400 रुपए (भारतीय मुद्रा के अनुसार) बैठती है। अगर इस हिसाब से 1 किलो हरी मिर्च की कीमत का अंदाजा लगाया जाए, तो अमेरिका में यह लगभग 3500 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच जाती है। महिला कहती है कि भारत में इतनी मिर्च तो सब्जी वाले थैले में ऐसे ही बिना पैसे लिए डाल देते हैं, जबकि यहां इसके लिए ₹400 का नोट ढीला करना पड़ रहा है। यही वजह है कि यह वीडियो अपलोड होते ही कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गया और इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।सोशल मीडिया पर छिड़ी महंगाई बनाम कमाई की बहसइस वीडियो के वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में भारतीय यूजर्स की तरफ से बेहद मजेदार और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर ने गर्व से कमेंट करते हुए लिखा, इसीलिए तो कहते हैं- मेरा भारत महान! हमारे यहां ₹20 में पाव भर (250 ग्राम) मिर्च मिल जाती है। वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, इस भाव को देखकर तो लगता है कि अब अमेरिका जाकर मिर्च की खेती ही शुरू कर देनी चाहिए।हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस तुलना को पूरी तरह सही नहीं माना और व्यावहारिक पक्ष रखते हुए लिखा कि अमेरिका में लोगों की इनकम और सैलरी भी उसी हिसाब से डॉलर में काफी ज्यादा होती है, इसलिए भारतीय रुपए में सीधे करेंसी कन्वर्ट करके कीमतों की तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। इसके अलावा विदेशों में पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, लेबर कॉस्ट और कोल्ड स्टोरेज का खर्च ज्यादा होने के कारण भी भारत की तुलना में सब्जियां काफी महंगी बिकती हैं।

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