विपक्ष की अनुपस्थिति में भगवंत मान सरकार ने हासिल किया विश्वास मत
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष की अनुपस्थिति में भगवंत सिंह मान सरकार के पक्ष में विश्वास मत प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया। विश्वास मत हासिल करने के साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें विफल हो गई हैं। विश्वास मत प्रस्ताव के पक्ष में […] The post विपक्ष की अनुपस्थिति में भगवंत मान सरकार ने हासिल किया विश्वास मत appeared first on Sabguru News .
हैदराबाद : खड़े ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, एक ही परिवार के 6 सदस्यों ने दम तोड़ा
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पास शमशाबाद के पास शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में दो बच्चों सहित एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई। यह दुर्घटना आउटर रिंग रोड के एग्जिट-16 पर तब हुई जब एक कार सड़क पर खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई। पुलिस के अनुसार, […] The post हैदराबाद : खड़े ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, एक ही परिवार के 6 सदस्यों ने दम तोड़ा appeared first on Sabguru News .
अलवर में कार की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में मोटर साइकिल सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि महाराजपुर निवासी अफरीद और अज्जू गुरुवार देर रात मोटर साइकिल से लक्ष्मणगढ़ से अपने गांव जा रहे […] The post अलवर में कार की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
पन्ना में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, चार आरोपी अरेस्ट
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र में विगत 29 अप्रैल को नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर आज नगर में उनका जुलूस निकाला। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता अपने एक मित्र से मिलने गई थी, तभी आरोपियों ने […] The post पन्ना में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, चार आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
राउरकेला स्टील टाउनशिप में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में 70 साल का बुजुर्ग अरेस्ट
भुवनेश्वर। ओडिशा के राउरकेला स्टील टाउनशिप में पांच से छह साल की दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में 70 साल के एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह घटना गुरुवार शाम को हुई। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और पीड़ितों के […] The post राउरकेला स्टील टाउनशिप में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोप में 70 साल का बुजुर्ग अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
असम के मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत का कांग्रेस ने किया स्वागत
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी नेता पवन खेड़ा से जुड़े एक मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर की गई टिप्पणी का स्वागत करते हुए इस निर्णय को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए महत्वपूर्ण करार दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने […] The post असम के मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत का कांग्रेस ने किया स्वागत appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में युवक ने पत्नी को गोली मारकर खुद को गोली मारकर की सुसाइड
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के रुपवास थाना क्षेत्र में सिंघावली गांव में शुक्रवार को अपने मायके के एक शादी समारोह में आयी पत्नी को उसके पति ने गोली मारकर गम्भीर रूप से घायल करके खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की शिनाख्त उत्तर प्रदेश अंतर्गत […] The post भरतपुर में युवक ने पत्नी को गोली मारकर खुद को गोली मारकर की सुसाइड appeared first on Sabguru News .
3-0 से चाइनीज ताईपे को रौंदकर भारत पहुंचा थॉमस कप के सेमीफाइनल में
लक्ष्य सेन की जोरदार वापसी के बाद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी तथा युवा आयुष शेट्टी के बेहतरीन खेल के प्रदर्शन से भारत ने शुक्रवार को यहां चीनी ताइपे के खिलाफ 3-0 की अजेय बढ़त हासिल करके थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। लक्ष्य ने दो मैच प्वाइंट बचाते हुए विश्व के छठे नंबर के खिलाड़ी चोउ टिएन चेन को हराकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। लक्ष्य इस मैच में अधिकतर समय पीछे चल रहे थे लेकिन उन्होंने गजब का जुझारूपन दिखाया तथा एक घंटे और 28 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में 18-21, 22-20, 21-17 से जीत दर्ज की। इसके बाद सात्विक और चिराग की युगल जोड़ी ने चियू सियांग चिएह और वांग ची-लिन को एक घंटे और 15 मिनट में 23-21 19-21 21-12 से हराकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।इसके बाद जिम्मेदारी आयुष शेट्टी पर आ गई और इस युवा खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया।हाल ही में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने दूसरे एकल में विश्व में नंबर आठ और मौजूदा ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियन लिन चुन-यी को 21-16, 21-17 से हराकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। 3-0. Clean Sweep. Total Dominance. Heading to the Semis! The Indian Men’s team has just delivered a masterclass at the Thomas Cup 2026. Lakshya, Sat-Chi, and Ayush ensured a perfect day in Horsens. @badmintonphoto pic.twitter.com/Rp0mNR9dr7 — BAI Media (@BAI_Media) May 1, 2026 भारत की इस जीत पर पूर्व कोच विमल कुमार ने कहा, ‘‘यह यादगार प्रदर्शन है। इससे भारतीय बैडमिंटन में बढ़ते आत्मविश्वास, तैयारी और ताकत का पता चलता है।’’ भारत 2022 का चैंपियन है। वह सेमीफाइनल में फ्रांस या जापान में से किसी एक टीम का सामना करेगा।इस जीत से भारत का थॉमस कप में पदक भी पक्का हो गया है। उसने 2022 में थॉमस कप जीता था। इसके अलावा भारत ने 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक जीते थे। लक्ष्य और चोउ के बीच इस मुकाबले से पहले आपस में रिकॉर्ड 4-4 से बराबरी पर था। इस मुकाबले में लंबी रैलियों, सटीक स्ट्रोकप्ले और उतार-चढ़ाव से भरपूर रोमांचक द्वंद्व देखने को मिला। चोउ ने पहला गेम में 10-15 से पिछड़ने के बाद जीता, लेकिन दूसरे गेम में लक्ष्य ने दबाव में शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने 13-17 से पीछे रहने के बाद लगातार चार अंक जीतकर स्कोर बराबर कर लिया। चोउ को दो मैच प्वाइंट मिले, लेकिन लक्ष्य ने अपना संयम बनाए रखा और दोनों को बचाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में 36 वर्षीय चोउ शारीरिक रूप से कमजोर पड़ते नजर आए और लक्ष्य ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद भी उन्होंने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और मैच जीतने में सफल रहे। सात्विक और चिराग ने शुरुआत में संघर्ष किया तथा वे 5-5 से बराबरी पर रहने के बाद वे 8-13 से पीछे हो गए। भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश की लेकिन चियू और वांग ने 18-15 से मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।सात्विक और चिराग ने हार नहीं मानी। उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 18-19 तक पहुंचा दिया और इसके बाद पहला गेम अपने नाम कर दिया। दूसरा गेम भी काफी कड़ा रहा। शुरुआत में दोनों जोड़ियां 8-8 के स्कोर पर बराबरी पर थीं। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद 14-11 की बढ़त बनाई लेकिन ताइवानी खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद आक्रामक खेल का सिलसिला जारी रहा, जिसमें दोनों टीमों का पलड़ा बराबर रहा लेकिन आखिर में चियू और वांग ने बढ़त बनाकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में खेल का रुख पूरी तरह से बदल गया। भारतीय टीम आक्रामक और सटीक खेल दिखाते हुए तेजी से 9-3 की बढ़त बनाने में कामयाब रही।सात्विक ने नेट और बैककोर्ट दोनों जगह शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय जोड़ी को 13-6 और फिर 15-7 की बढ़त दिलाई। सात्विक और चिराग ने जल्द ही कई मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से मैच अपने नाम कर लिया। आयुष ने संयमित और आक्रामक प्रदर्शन करते हुए लिन को हराया जो पैर में चोट के कारण पूरी तरह से फिट नहीं थे।पहले गेम में 7-11 से पिछड़ने के बाद आयुष ने धैर्य का परिचय दिया और महत्वपूर्ण अवसर पर आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए लगातार कई विनर्स लगाकर स्कोर को 13-12 कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद लगातार सात अंक बनाकर पहला गेम अपने नाम किया। आयुष ने दूसरे गेम में भी उसी लय को बरकरार रखा और शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद 9-7 से बढ़त बना ली। इंटरवल तक वह 11-8 से आगे थे।दर्शकों से मिल रहे अपार समर्थन और भारत माता की जय के नारों के बीच आयुष ने 15-11 और फिर 19-13 की बढ़त हासिल कर ली। लिन ने अंतिम क्षणों में वापसी की कोशिश की और स्कोर का अंतर 16-19 तक कम कर दिया, लेकिन आयुष ने संयम बनाए रखा और कई मैच प्वाइंट हासिल करते हुए अपने प्रतिद्वंदी के शॉट को लंबा जाने देकर मैच जीत लिया। इसके साथ ही भारतीय खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।
अन्तरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर संयुक्त श्रमिक समन्वय समिति की रैली व आम सभा
शहीदों को यादकर संगठित रहने का संकल्प’’ अजमेर। संयुक्त श्रमिक समन्वय समिति, अजमेर के तत्वावधान में अजमेर की 18 ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रूप से अन्तरराष्ट्रीय मजदूर दिवस का आयोजन किया। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष एवं मण्डल सचिव मोहन चेलानी ने बताया कि संयुक्त श्रमिक समन्वय समिति के बैनर तले जीसीए […] The post अन्तरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर संयुक्त श्रमिक समन्वय समिति की रैली व आम सभा appeared first on Sabguru News .
जयपुर में देवर्षि नारद जयंती व पत्रकार सम्मान समारोह शनिवार को
जयपुर। विश्व संवाद केंद्र, जयपुर की ओर से 2 मई, शनिवार को दोपहर 1 बजे मालवीय नगर स्थित, पाथेय भवन के देवर्षि नारद सभागार में देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। विश्व संवाद केंद्र के निदेशक डॉ. ईश्वर बैरागी ने बताया कि समारोह में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि […] The post जयपुर में देवर्षि नारद जयंती व पत्रकार सम्मान समारोह शनिवार को appeared first on Sabguru News .
राजस्थान ने दिल्ली के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी (Video)
DCvsRR जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडेयिम में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया है। Toss update from Jaipur @rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @DelhiCapitals Updates https://t.co/6OOjzHtZiD #TATAIPL | #KhelBindaas | #RRvDC pic.twitter.com/JoeHuEGDPL — IndianPremierLeague (@IPL) May 1, 2026 राजस्थान रॉयल्स: शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रियान पराग, वैभव सूर्यवंशी, डोनोवन फरेरा, रविंद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा, युद्धवीर सिंह चरक, रवि बिश्नोई, अमन राव पेराला, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, दासुन शनाका, सुशांत मिश्रा, विग्नेश मिश्रा पुथुर, रवि सिंह, ब्रिजेश शर्मा। दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), लोकेश राहुल, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, साहिल पारख, पृथ्वी साव, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विपराज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, आकिब डार, नितीश राणा, टी. नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंता चमीरा, लुंगी एनगिडी, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव और मिचेल स्टार्क।
होल्डर ने कैच नहीं किया था होल्ड, रजत थे नॉट आउट माना इयान बिशप ने
पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर इयान बिशप का मानना है कि गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के बीच गुरुवार की रात खेले गए मैच में जेसन होल्डर द्वारा रजत पाटीदार का पकड़ा गया कैच पूरी तरह वैध नहीं था। इयान बिशप ने अभिनव मुकुंद के साथ होल्डर के इस कैच पर चर्चा की। बिशप ने कहा, इस बारे में मेरी बहस इस चीज़ पर होगी: जेसन होल्डर ने पहले गेंद को पकड़ा जिसमें कोई समस्या नहीं थी। फिर शुरुआत में जब उनका हाथ स्लाइड कर रहा था तो उस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए था। इसके बाद हाथ के नियंत्रण की बात करते हैं और साथ ही शरीर के नियंत्रण की भी। जब आप मैदान पर स्लाइड करने के बाद खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं तो क्या वे ये मान रहे हैं कि उंगलियां गेंद के नीचे थीं? THE CONTROVERSIAL CATCH - What are your thoughts on the decision? pic.twitter.com/rbrdEQtkRr — Johns. (@CricCrazyJohns) April 30, 2026 क्योंकि हाथ का पिछला हिस्सा ऊपर की ओर था जिसका मतलब है कि गेंद मैदान की ओर थी। अब मेरे लिए संदेह की बात गेंद और जमीन को लेकर है क्योंकि जब तक आप स्लाइड करना नहीं रोक लेते हैं और वापस खड़े हो जाते हैं तब आपका शरीर पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है।तो, आउट या नॉट आउट? मुझे लगता है कि मेरे दिमाग़ में इस बात के पर्याप्त सबूत थे कि ये (नॉट आउट) था। MCC के क्रिकेट के नियम कहते हैं कि कैच तभी वैध माना जाता है जब फ़ील्डर का गेंद और अपनी मूवमेंट पर पूरी तरह नियंत्रण रहे इससे पहले कि गेंद जमीन को छू जाए।
सैफ अली खान की 'कर्तव्य' इस दिन नेटफ्लिक्स पर होगी रिलीज
जब सही काम करने की कीमत आपको वो सब कुछ चुकानी पड़े जो आपके दिल के करीब है, तो क्या होता है? फिल्म 'कर्तव्य', जिसे पुलकित ने लिखा और निर्देशित किया है और जिसमें सैफ अली खान मुख्य भूमिका में हैं, 15 मई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो रही है। यह फिल्म एक पुलिस ऑफिसर की तनावपूर्ण कहानी को पर्दे पर लाएगी, जिसे नैतिक रूप से जटिल दुनिया में अपनी सीमाओं तक धकेला जाता है। सैफ अली खान के साथ, फिल्म में रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा, जाकिर हुसैन, मनीष चौधरी और सौरभ द्विवेदी भी हैं, जो इस फिल्म से एक्टिंग में डेब्यू कर रहे हैं। A post shared by Netflix India (@netflix_in) रेड चिलीज एंटरटेनमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले गौरी खान द्वारा निर्मित, 'कर्तव्य' एक पुलिस अधिकारी की कहानी है, जिसे सैफ अली खान ने निभाया है। इसमें वह अपने कर्तव्य के बोझ और अपने परिवार की सुरक्षा के बीच बढ़ते खतरों का सामना करते हैं। जैसे-जैसे सही और गलत के बीच का फर्क धुंधला होने लगता है, यह फिल्म सत्ता, अपराधबोध और चुप्पी के परिणामों की एक गहरी पड़ताल के रूप में सामने आती है, जो दर्शकों को नैतिकता और न्याय की असली कीमत पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म के बारे में बात करते हुए, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड केकी सीईओ वें मैसूर ने कहा, 'कर्तव्य' एक ऐसी कहानी है जो आपके साथ हमेशा रहती है क्योंकि यह कर्तव्य, अंतरात्मा और उन विकल्पों के बारे में कठिन सवाल पूछती है जो हम तब लेते हैं जब हमारे पास कोई आसान जवाब नहीं होता। उन्होंने कहा, पुलकित की बेहतरीन कहानी, जिसे सैफ अली खान, संजय मिश्रा, रसिका दुग्गल, जाकिर हुसैन, मनीष चौधरी के दमदार अभिनय और सौरभ द्विवेदी के शानदार डेब्यू ने और ऊंचा उठाया है, फिल्म को एक प्रभावशाली और सच्ची आवाज देती है। हमें इस गहरी फिल्म को नेटफ्लिक्स पर लाने पर गर्व है, जो विचारोत्तेजक कहानियों को सामने लाने के लिए हमारी साझेदारी को और मजबूत करती है। नेटफ्लिक्स इंडिया की ओरिजिनल फिल्म्स की डायरेक्टर, रुचिका कपूर शेख ने कहा, 'कर्तव्य' एक सोचने पर मजबूर कर देने वाली कहानी है जो 'सही' फैसले लेने की जटिलताओं को गहराई से दिखाती है। रेड चिलीज एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित और 'भक्षक' की सफलता के बाद पुलकित के साथ हमारी दूसरी साझेदारी में निर्देशित, यह फिल्म इन दो बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ हमारी जारी क्रिएटिव साझेदारी को आगे बढ़ाती है, जिनकी बेहतरीन और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानी फिल्म में एक अलग ही सच्चाई लाती है। अपनी जमीनी पृष्ठभूमि, गहरी कहानी और दमदार अभिनय के साथ, 'कर्तव्य' कर्तव्य और व्यक्तिगत सच्चाई के बीच के नाजुक संतुलन की एक जबरदस्त झलक पेश करती है, जो दर्शकों को हर फैसले के वजन का सामना करने पर मजबूर कर देती है। 'कर्तव्य' 15 मई से विशेष रूप से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।
IPL 2026 में लगी चोट के कारण एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगें मिचेल सैंटनर
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने शुक्रवार को कहा कि सफेद गेंद कप्तान मिचेल सैंटनर कंधे में लगी गंभीर चोट के कारण कम से कम एक महीने के लिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर रहेंगे। आज यहां न्यूजीलैंड क्रिकेट ने बताया कि सैंटनर को ग्रेड थ्री एसीएल कंधे की चोट है, जिससे वह आयरलैंड के एकमात्र टेस्ट और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं। सैंटनर को 23 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस के लिए फील्डिंग करते समय कैच लेने के प्रयास में कंधे पर चोट लगी थी। उनका सिर भी जमीन पर टकरा गया था जिसके बाद मुम्बई इंडियंस ने उनके कनकशन रिप्लेसमेंट के तौर पर शार्दुल ठाकुर को बुलाया। बाद में उन्हें ड्रेसिंग रूम में कंधे पर आइस-पैक के साथ देखा गया। JUST IN: Mitchell Santner will miss New Zealand's one-off Test against Ireland and the first Test against England after scans revealed a grade three ACL shoulder injury. Santner injured his left shoulder during the MI-CSK match in IPL 2026 pic.twitter.com/eBJKmEmHZl — ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) May 1, 2026 ऑलराउंडर सैंटनर घर वापस आ गए और उनकी जगह मुम्बई इंडियंस में एक और लेफ्ट आर्म स्पिनर केशव महाराज ने ले ली। सीजन से पहले, महाराज ने कुल दो आईपीएल गेम खेले थे, और 75 लाख की फीस पर मुम्बई इंडियंस में शामिल हुए थे।
वाणिज्य एलपीजी सिलेंडर 993 रुपए महंगा
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के गहराते असर के बीच देश में सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्य एलपीजी के दामों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। दिल्ली में 19 किलोग्राम गैस का कमर्शियल सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। होटलों और रेस्तरांओं में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की […] The post वाणिज्य एलपीजी सिलेंडर 993 रुपए महंगा appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने असम पुलिस मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को दी अग्रिम जमानत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी के मामले में शुक्रवार को अग्रिम जमानत दे दी। यह मामला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। खेड़ा ने रिनिकी सरमा पर एक से अधिक पासपोर्ट रखने के […] The post सुप्रीम कोर्ट ने असम पुलिस मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को दी अग्रिम जमानत appeared first on Sabguru News .
धार में भीषण सड़क दुर्घटना में 16 की मौत, गांवों में एक साथ उठीं अर्थियां
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर हुए भीषण सड़क दुर्घटना के बाद गांवों में एक साथ कई चिताएं जलने से हृदयविदारक दृश्य सामने आए। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि अनेक घायल विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार तिरला थाना क्षेत्र के चिकलिया फाटे पर बुधवार […] The post धार में भीषण सड़क दुर्घटना में 16 की मौत, गांवों में एक साथ उठीं अर्थियां appeared first on Sabguru News .
IPL 2026 : गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु को 4 विकेट से हराया
अहमदाबाद। अशरद खान (तीन विकेट), जेसन होल्डर और राशिद खान (दो-दो विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद कप्तान शुभमन गिल (43), जॉस बटलर (39) की आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत गुजरात टाइटंस ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 42वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को 25 गेंदें शेष रहते चार विकेट से […] The post IPL 2026 : गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु को 4 विकेट से हराया appeared first on Sabguru News .
भगवान केदार की पूजा अर्चना कर गौतम अदाणी ने मनाई विवाह की वर्षगांठ
देहरादून/श्री केदारनाथ धाम। देश के जाने माने उद्योगपति गौतम अदाणी ने शुक्रवार को अपने विवाह की चालीसवीं वर्षगांठ उत्तराखंड में भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना कर मनाई। उन्होंने यहां पहुंचने के बाद एक्स पर लिखा कि आज का दिन मेरे लिए विशेष है, एक ओर विश्व श्रमिक दिवस है और […] The post भगवान केदार की पूजा अर्चना कर गौतम अदाणी ने मनाई विवाह की वर्षगांठ appeared first on Sabguru News .
शुभेंदु अधिकारी ने स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर 4 घंटे तक ममता की मौजूदगी पर सवाल उठाए
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच ईवीएम को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार सुबह और गहरा गया। भवानीपुर से भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल में बनाए गए मतगणना केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख की मौजूदगी पर सवाल […] The post शुभेंदु अधिकारी ने स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर 4 घंटे तक ममता की मौजूदगी पर सवाल उठाए appeared first on Sabguru News .
राजा शिवाजी रिव्यू: क्या यह छत्रपति महाराज के साथ न्याय करती है?
छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान और प्रेरणादायक व्यक्तित्व पर फिल्म बनाना किसी भी फिल्ममेकर के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। यह सिर्फ एक ऐतिहासिक कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे नायक की गाथा है, जिसने “स्वराज्य” का सपना देखा और उसे साकार भी किया। राजा शिवाजी इसी भावना के साथ बनाई गई है, लेकिन फिल्म बार-बार यह एहसास कराती है कि इसकी सोच जितनी बड़ी है, उसकी प्रस्तुति उतनी प्रभावशाली नहीं बन पाई। रितेश देशमुख ने इस फिल्म में अभिनय के साथ-साथ निर्देशन की कमान भी संभाली है। यह निर्णय साहसी जरूर है, लेकिन फिल्म देखते वक्त यह भी महसूस होता है कि दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन पूरी तरह साधा नहीं जा सका। फिल्म का ट्रीटमेंट कई जगह सीमित नजर आता है और यह एक पैन-इंडिया अपील बनाने से चूक जाती है। शिवाजी जैसे विशाल व्यक्तित्व को जिस स्केल और भव्यता के साथ पेश किया जाना चाहिए था, वह यहां पूरी तरह नहीं दिखता। फिल्म की शुरुआत एक बड़े कैनवास पर होती है, जहां शिवाजी के जन्म से पहले की राजनीतिक परिस्थितियों को दिखाया गया है। उनके पिता शाहजी भोंसले के संघर्ष, दक्कन की सत्ता की उठापटक और उस दौर की जटिल राजनीति को जल्दी-जल्दी समेटने की कोशिश की गई है। हालांकि, यही जल्दबाजी फिल्म के शुरुआती हिस्से को थोड़ा भारी और उलझा हुआ बना देती है। कई किरदार, किले और घटनाएं इतनी तेजी से सामने आती हैं कि दर्शक उनसे जुड़ने का समय ही नहीं पा पाते। जैसे-जैसे कहानी युवा शिवाजी की ओर बढ़ती है, फिल्म अपनी लय पकड़ती है। पुरंदर, कोंधना और चाकन जैसे किलों पर कब्जा, जावली घाटी की रणनीतिक जीत, ये सभी घटनाएं फिल्म को ऊर्जा देती हैं। यहां शिवाजी के अंदर का नेतृत्व और दूरदर्शिता झलकती है। लेकिन निर्देशक का झुकाव इस हिस्से में एक्शन की ओर ज्यादा नजर आता है। कई एक्शन सीक्वेंस जरूरत से ज्यादा स्टाइलाइज्ड लगते हैं, जो कहानी की गंभीरता को थोड़ा हल्का कर देते हैं। फिल्म का सबसे मजबूत और दिलचस्प हिस्सा अफजल खान के साथ टकराव है। संजय दत्त ने इस किरदार में अपनी मौजूदगी से जान डाल दी है। उनका स्क्रीन प्रेजेंस और खौफ, दोनों ही प्रभाव छोड़ते हैं। शिवाजी और अफजल खान की मुलाकात का सीन फिल्म का हाई पॉइंट बन जाता है, जहां कहानी में थ्रिल, रणनीति और भावनात्मक गहराई तीनों एक साथ नजर आते हैं। यही वह हिस्सा है, जहां फिल्म वास्तव में अपने उद्देश्य के करीब पहुंचती दिखती है। हालांकि, फिल्म में ऐसे प्रभावशाली और प्रेरणादायक दृश्यों की संख्या सीमित है। शिवाजी महाराज का जीवन ऐसे अनगिनत क्षणों से भरा पड़ा है, जो दर्शकों के भीतर जोश और गर्व भर सकते थे। लेकिन फिल्म उन पलों को पूरी ताकत के साथ सामने नहीं ला पाती। संवाद भी कई जगह साधारण रह जाते हैं। याद रह जाने वाली या दर्शकों को रोमांचित कर देने वाली लाइनें कम ही सुनाई देती हैं। अभिनय की बात करें तो रितेश देशमुख शिवाजी के किरदार में ईमानदार प्रयास करते नजर आते हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक चरित्र के लिए जिस करिश्मे, गहराई और ग्रेस की जरूरत थी, वह पूरी तरह उभर कर नहीं आ पाती। जेनेलिया डिसूजा का प्रदर्शन औसत है, जबकि अभिषेक बच्चन को सीमित स्क्रीन टाइम मिला है। दूसरी ओर, विद्या बालन ने कुटिल बेगम के किरदार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और प्रभाव छोड़ा है। फरदीन खान भी ठीक-ठाक नजर आते हैं। मराठी फिल्म दुनिया के कई कलाकार छोटे-छोटे रोल में नजर आते हैं। तकनीकी पहलुओं पर नजर डालें तो फिल्म एक मिश्रित अनुभव देती है। सिनेमैटोग्राफी कई जगह शानदार फ्रेम्स पेश करती है, जो ऐतिहासिक माहौल को कैद करने में सफल रहती है। लेकिन प्रोडक्शन डिजाइन और विजुअल इफेक्ट्स उतने विश्वसनीय नहीं लगते। कई सीन नकली से महसूस होते हैं, जिससे फिल्म की भव्यता प्रभावित होती है। संगीत और गाने ज्यादा असर नहीं छोड़ते, जबकि बैकग्राउंड स्कोर कुछ जगहों पर जरूरत से ज्यादा लाउड हो जाता है। अंत में, ‘राजा शिवाजी’ एक ऐसी फिल्म है, जो अपने बड़े इरादों के बावजूद पूरी तरह से उन्हें साकार नहीं कर पाती। फिल्म की कमियां बार-बार उभरती हैं, लेकिन इसकी सबसे बड़ी जीत यही है कि यह शिवाजी की कहानी को परदे पर लाने की कोशिश करती है। अगर इसे बहुत ज्यादा उम्मीदों के साथ नहीं देखा जाए, तो यह फिल्म एक ठीक-ठाक सिनेमाई अनुभव दे सकती है, जो आपको जोड़ती है, लेकिन पूरी तरह से प्रभावित नहीं कर पाती। RAJA SHIVAJI (2026) निर्देशक: रितेश देशमुख संगीत: अजय अतुल कलाकार: रितेश देशमुख, जेनेलिया देशमुख, संजय दत्त, विद्या बालन, अभिषेक बच्चन, फरदीन खान, भाग्यश्री, सचिन खेड़ेकर, अमोल गुप्ते, बोमन ईरानी * 3 घंटे 7 मिनट रेटिंग : 3/5
वास्तु अलर्ट: क्या आपका बेडरूम किचन के ठीक ऊपर है? संभल जाइए, वरना...
kitchen bedroom vastu वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की बनावट का हमारे जीवन पर ग्रहों से भी गहरा असर पड़ता है। अगर घर का वास्तु बिगड़ा हुआ है, तो परेशानियाँ एक के बाद एक दस्तक देती रहती हैं। विशेष रूप से, किचन के ऊपर बेडरूम का होना एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है। क्यों है यह खतरनाक? (अग्नि मंडल का विज्ञान) किचन वह स्थान है जहाँ लगातार अग्नि प्रज्वलित होती है। समय के साथ वहाँ एक 'अग्नि मंडल' बन जाता है, जिसकी ऊर्जा ऊपर की मंजिल तक पहुँचती है। यदि आपका बेड ठीक चूल्हे के ऊपर है, तो आप अनजाने में ही नकारात्मक ऊर्जा के घेरे में सो रहे हैं। ये 3 (और कुछ अन्य) बड़ी मुसीबतें दे सकती हैं दस्तक: मानसिक उथल-पुथल: इस कमरे में सोने वालों को बेवजह बेचैनी और भारी तनाव महसूस होता है। नकारात्मकता इतनी बढ़ सकती है कि मन में आत्मघाती विचार तक आने लगते हैं। गंभीर बीमारियों का घर: अग्नि के प्रभाव से हाई बीपी, अनिद्रा (Insomnia), नसों में कमजोरी और पित्त से जुड़ी लाइलाज बीमारियाँ घेर सकती हैं। रिश्तों में कड़वाहट: छोटी-छोटी बातों पर ज्वालामुखी फटना यहाँ आम बात है। पति-पत्नी या परिवार के बीच वैचारिक मतभेद इतने बढ़ जाते हैं कि घर छोड़ने तक की नौबत आ जाती है। आर्थिक तबाही: सही निर्णय न ले पाने के कारण व्यापार में घाटा, धन हानि और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है। बचाव के अचूक उपाय (Remedies) यदि आप बेडरूम नहीं बदल सकते, तो ये उपाय जरूर आज़माएँ: बेड की दिशा बदलें: सबसे पहले यह देखें कि आपका बेड नीचे रखे गैस चूल्हे के ठीक ऊपर न हो। बेड की पोजीशन तुरंत बदलें। ऊर्जा का निकास: किचन में एक पावरफुल एग्जॉस्ट फैन या आधुनिक चिमनी लगवाएं। खाना बनाने के एक घंटे बाद तक इसे चलाए रखें ताकि अग्नि तत्व का प्रभाव कम हो। छत का उपचार: किचन की छत पर मार्बल पेंट करवाएं या POP (Plaster of Paris) की फॉल्स सीलिंग बनवाएं। यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। दूरी और ऊंचाई: कोशिश करें कि किचन की स्लैब और छत के बीच कम से कम 12 फीट का फासला हो। पंचतत्व संतुलन: रसोई में जल (ईशान कोण) और अग्नि (आग्नेय कोण) को उनकी सही दिशाओं में रखें। सीधी बात: घर केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, ऊर्जा से बनता है। किचन की आग को रसोई तक ही सीमित रखें, उसे अपने सुकून की नींद (बेडरूम) में दखल न देने दें।
Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां
Bada Mangal puja dates 2026: साल 2026 में ज्येष्ठ मास का प्रारंभ बहुत ही शुभ संयोगों के साथ हो रहा है। इस साल मई-जून 2026 के ज्येष्ठ के महीने में कुल 8 बड़े मंगल यानी बुढ़वा मंगल पड़ रहे हैं। इस बार ज्येष्ठ महीने में अधिकमास के दुर्लभ संयोग के कारण 4 की बजाय 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं, जो 5 मई से शुरू होकर 23 जून 2026 तक चलेंगे। उत्तर भारत, विशेषकर लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में इन मंगलों का उत्साह दीपावली जैसा होता है। ALSO READ: सुवर्णमत्स्या: रावण की पुत्री का हनुमानजी पर मोहित हो जाना यहां वर्ष 2026 में पड़ने वाले सभी बड़े मंगलों की सटीक तिथियां और उनकी जानकारी विस्तार से दी गई है: बड़ा मंगल 2026 कैलेंडर: तिथियां और नक्षत्र हिन्दू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई 2026, दिन शनिवार से होकर, यह मास 29 जून, दिन सोमवार तक चलने वाला है। इस बीच आने वाले मंगलवार इस प्रकार हैं: बड़ा मंगल तिथि हिंदू तिथि (पक्ष) पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026- ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026- ज्येष्ठ कृष्ण दशमी तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026- ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026- ज्येष्ठ शुक्ल दशमी पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून 2026 अधि. ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026 अधि. ज्येष्ठ कृष्ण नवमी सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026 शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल एकम-द्वितीया आठवां बड़ा मंगल: 23 जून 2026 शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल नवमी। इस खास अवसर पर हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, संकटमोचन स्तोत्र का जाप और लाल फूल व सिंदूर अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लोगों का विश्वास है कि बड़े मंगल पर की गई भक्ति से जीवन में शक्ति, साहस और सफलता बढ़ती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ का पहला बड़ा मंगल 5 मई को: बजरंगबली ने क्यों लिया था वृद्ध वानर का रूप? पढ़ें रोंगटे खड़े कर देने वाली ये पौराणिक कथाएं
बलराज साहनी: भारतीय सिनेमा के यथार्थवादी अभिनय के असली मास्टर
फिल्म जगत में बलराज साहनी को एक ऎसे अभिनेता के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने अपने संजीदा और भावात्मक अभिनय से लगभग चार दशक तक सिने प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया। 1 मई 1913 को पाकिस्तान के रावलपिंडी में एक मध्यमवर्गीय व्यवसायी परिवार में जन्में बलराज साहनी का बचपन से ही झुकाव अपने पिता के पेशे की ओर न होकर अभिनय की ओर था। बलराज साहनी का मूल नाम युधिष्ठर साहनी था। लाहौर के मशहूर गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नाकोत्तर की शिक्षा पूरी करने के बाद बलराज साहनी रावलपिंडी लौट गए और पिता के व्यापार में उनका हाथ बटाने लगे। वर्ष 1930 अंत मे बलराज साहनी और उनकी पत्नी दमयंती रावलपिंडी को छोड़ गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर के शांति निकेतन पहुंचे, जहां साहनी अंग्रेजी के शिक्षक के रूप मे नियुक्त हुए। वर्ष 1938 में साहनी ने महात्मा गांधी के साथ भी काम किया। इसके एक वर्ष के बाद महात्मा गांधी के सहयोग से बलराज साहनी को बीबीसी के हिन्दी के उद्घोषक के रूप में इग्लैंड में नियुक्त किया गया। लगभग पांच वर्ष के इग्लैंड प्रवास के बाद वह 1943 में भारत लौट आए। इसके बाद बलराज साहनी अपने बचपन के शौक को पूरा करने के लिए इंडियन प्रोग्रेसिव थियेटर एसोसिएशन (इप्टा) में शामिल हो गए। इप्टा की निर्मित फिल्म 'धरती के लाल' में बलराज को बतौर अभिनेता काम करने का मौका मिला। उन्हें अपने क्रांतिकारी और कम्युनिस्ट विचार के कारण जेल भी जाना पड़ा। उन दिनों वह फिल्म 'हलचल' की शूटिंग में व्यस्त थे और निर्माता के आग्रह पर विशेष व्यवस्था के तहत फिल्म की शूटिंग किया करते थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वापस जेल चले जाते थे। वर्ष 1951 में फिल्म 'हमलोग' के जरिए बलराज साहनी बतौर अभिनेता अपनी पहचान बनाने में सफल हुए। वर्ष 1953 में आई फिल्म दो बीघा जमीन साहनी के करियर मे अहम पड़ाव साबित हुई। फिल्म दो बीघा जमीन को आज भी भारतीय फिल्म इतिहास की सर्वश्रेष्ठ कलात्मक फिल्मों में शुमार किया जाता है। इस फिल्म को अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सराहा गया तथा कान फिल्म महोत्सव के दौरान इसे अंतराष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें वर्ष 1961 में प्रदर्शित फिल्म काबुलीवाला में साहनी ने अपने संजीदा अभिनय से दर्शको को भावविभोर किया। इस किरदार के लिए वह मुंबई मे एक काबुलीवाले के घर में लगभग एक महीना तक रहे। अभिनय में आई एकरूपता से बचने और खुद को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिए बलराज साहनी ने खुद को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। इनमें हकीकत, वक्त, दो रास्ते, एक फूल दो माली, मेरे हमसफर जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल है। वर्ष 1965 मे प्रदर्शित फिल्म वक्त में बलराज साहनी के अभिनय के नए आयाम दर्शको को देखने को मिले। इस फिल्म में उन्होंने लालाकेदार नाथ के किरदार को जीवंत कर दिया। इस फिल्म में उनपर फिल्माया गाना 'ऐ मेरी जोहरा जबीं तुझे मालूम नही' सिने दर्शक आज भी नही भूल पाए है। निर्देशक एम.एस. सथ्यू की वर्ष 1973 मे प्रदर्शित गर्म हवा बलराज साहनी की मौत से पहले उनकी महान फिल्मो में से सबसे अधिक सफल फिल्म थी। उत्तर भारत के मुसलमानो के पाकिस्तान पलायन की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में बलराज साहनी केन्द्रीय भूमिका में रहे। इस फिल्म में उन्होंने जूता बनाने बनाने वाले एक बूढ़े मुस्लिम कारीगर की भूमिका अदा की। उस कारीगर को यह फैसला लेना था कि वह हिन्दुस्तान में रहे अथवा नवनिर्मित पकिस्तान में पलायन कर जाए। बहुमुखी प्रतिभा के धनी बलराज साहनी अभिनय के साथ-साथ लिखने में भी काफी रूचि रखते थे। 1960 में अपने पाकिस्तानी दौरे के बाद बलराज साहनी ने मेरा पाकिस्तानी सफरनामा और 1969 में तत्कालीन सोवियत संघ के दौरे के बाद मेरा रूसी सफरनामा किताब भी लिखी। 1957 मे प्रदर्शित फिल्म लाल बत्ती का निर्देशन भी साहनी ने किया। अपने संजीदा अभिनय से दर्शको को भावविभोर करने वाले महान कलाकार बलराज साहनी 13 अप्रैल 1973 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।
आलिया भट्ट से लेकर राधिका मदान तक, इन अभिनेत्रियों ने पर्दे पर निभाए बेबाक और साहसी किरदार
वे दिन गए जब फिल्मों में अबला नारी को गुंडों से बचाने हीरो का इंतज़ार करना पड़ता था। पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय सिनेमा ने कई शीरोज को निडर और बिंदास स्टाइल में अपनी लड़ाई लड़ते हुए देखा है। बंदूक चलाने से लेकर मुक्का मारने तक, हमारी महिलाएं यह सब कर सकती हैं। महिला प्रतिनिधित्व की कहानियों में बदलाव को दर्शाते हुए, अभिनेत्रियां ऐसे पावरफुल किरदार निभा रही हैं जो समाज की सशक्त महिलाओं को प्रतिबिंबित करते हैं। यहां ऐसी ही महिला कलाकारों द्वारा किए गए कुछ सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों पर एक नजर डालते है: आलिया भट्ट ग्लैमरस छवि से हटकर, आलिया भट्ट ने उड़ता पंजाब में ग्रामीण, माइग्रेंट लड़की के रूप में एक बेहतरीन परफॉरमेंस किया। स्थितियों के अत्याचारों से ऊपर उठते हुए, आलिया का किरदार एक दिहाड़ी मजदूर से लेकर ड्रग तस्कर और उससे भी आगे तक की जंग में जमकर अपनी लड़ाई लड़कर महिलाओं की असली ताकत का प्रदर्शन करती है। अनुष्का शर्मा अपनी पिछली फिल्मों में चुलबुली, खुशमिज़ाज लड़की का किरदार निभाने के बाद, अनुष्का शर्मा ने अपने पहले प्रोडक्शन NH10 में धमाके के साथ इस परंपरा को तोड़ दिया। जेंडर स्टीरियोटाइप्स को चुनौती देते हुए, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई की पृष्ठभूमि पर आधारित अनुष्का शर्मा के रॉ और पावर-पैक एक्शन दृश्यों ने दर्शकों से उनके परफ़ॉर्मेंस के लिए प्रशंसा और प्यार अर्जित किया। रानी मुखर्जी मर्दानी में रानी मुखर्जी की शिवानी शिवाजी रॉय ने पुरुष-प्रधान पुलिस स्पेक्ट्रम की अव्यवस्था को तोड़ दिया। उसके निडर और सशक्त अन्दाज़ के साथ देह व्यापार के रैकेट पर उसकी जीत दर्शाती कहानी को सबने प्यार दिया। एंग्री यंग वुमन व्यक्तित्व को प्रदर्शित करते हुए, रानी मुखर्जी की मर्दानी महिलाओं के लिए अपनी खुद की शीरो बनने का एक मजबूत संदेश थी। दीपिका पादुकोण राम-लीला ने दीपिका पादुकोण को बिल्कुल नए अवतार में प्रस्तुत किया। अपने आचरण में बिंदास और बेबाक़ होने के कारण, लीला पूरी तरह से एक स्ट्रीट-स्मार्ट लड़की थी, जिसने अपनी लड़ाई सिर ऊंचा करके लड़ी। जुनून भरे रवैये को प्रदर्शित करते हुए, दीपिका ने समकालीन समाज की मॉडर्न, स्वतंत्र महिलाओं की प्रतिध्वनि के साथ, अत्यंत स्वैग के साथ वह सब कुछ किया जो उनके चरित्र की मांग थी। राधिका मदान अपने करियर की शुरुआत से ही अपरंपरागत भूमिकाएं चुनते हुए, राधिका मदान ने हाल के दिनों में कुछ सबसे बेबाक महिला किरदारों को चित्रित किया है। विशेष रूप से सास बहू और फ्लेमिंगो में, शांता के रूप में राधिका ने जुनून और हार्ड-कोर एक्शन के साथ-साथ एक नेचुरल स्वैग प्रस्तुत किया। जीवन को रानी जैसे जीने वाली, राधिका ने वास्तव में एक बिंदास किरदार निभाने के लिए जेंडर स्टीरियोटाइप को चुनौती दी।
‘ऐ दिल है मुश्किल’ के सेट पर हुआ था अनकंट्रोल सीन, अनुष्का शर्मा ने मारे थे रणबीर कपूर को कई थप्पड़
बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा 1 मई को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अनुष्का शर्मा आखिरी बार साल 2018 में फिल्म 'जीरो' में नजर आई थीं। बीते दिनों अनुष्का का एक पुराना वीडियो अचानकर से चर्चा में आ गया था, जिसमें वह रणबीर कपूर को जोरदार थप्पड़ मारती हुई दिखाई दे रही हैं। दरअसल, यह वीडियो करण जौहर की फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' की शूटिंग के दौरान का है जहां एक सीन में अनुष्का ने रणबीर को कई बार थप्पड़ मारे थे। एक सीन में रणबीर यानी अयान की गर्लफ्रेंड और अनुष्का यानी अलीजेह का बॉयफ्रेंड टॉयलेट में एक साथ पकड़े जाते हैं। इस सीन को शूट करते समय डायरेक्टर करण जौहर इसे पूरी तरह रियल दिखाना चाहते थे। इसके लिए कई बार रीटेक्स लिए गए। हर बार अनुष्का को रणबीर को थप्पड़ मारना पड़ता था। समस्या तब शुरू हुई जब ये थप्पड़ “रियल” हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुष्का शर्मा ने सीन में इतनी गहराई से खुद को डुबो दिया कि वह सच में रणबीर को जोर-जोर से थप्पड़ मारने लगीं। लगातार थप्पड़ पड़ने से रणबीर कपूर को गुस्सा आ गया। एक बिहाइंड-द-सीन वीडियो में वह साफ तौर पर नाराज नजर आए और उन्होंने कहा कि “इसकी भी एक लिमिट होती है, ये मजाक नहीं है।” हालांकि यह गुस्सा ज्यादा देर तक नहीं रहा। अनुष्का ने तुरंत उनसे माफी मांगी और समझाने की कोशिश की कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। बाद में खुद अनुष्का ने भी स्वीकार किया कि वह सीन में इतनी खो गई थीं कि उन्हें यह ध्यान ही नहीं रहा कि थप्पड़ हल्के से मारना था। यह घटना एक तरफ जहां थोड़ी असहज थी, वहीं दूसरी तरफ यह एक्टिंग के प्रति दोनों कलाकारों की गंभीरता को भी दिखाती है। रणबीर कपूर ने भी बाद में अनुष्का की तारीफ करते हुए कहा था कि वह एक बेहतरीन और नैचुरल एक्टर हैं, जो अपने किरदार में पूरी तरह उतर जाती हैं।
Vaishakh purnima remedies: वैशाख पूर्णिमा के 5 खास उपाय, सभी संकटों से मुक्ति पाएं
vaishaakh poornima ke 5 upaay: वैशाख पूर्णिमा हिन्दू पंचांग में अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्व रखता है, बल्कि मानसिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से भी लाभकारी होता है। संकटों और समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए कई बार हमें केवल प्रयास ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही उपाय करना भी आवश्यक होता है। वैशाख पूर्णिमा के दिन किए गए उपाय और पूजा जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर करते हैं और किस्मत को भी सुधारते हैं। ALSO READ: वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व इस विशेष दिन पर की जाने वाली पूजा, दान, मंत्र जाप और साधारण उपाय जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाने में मदद करते हैं। यदि आप भी अपने जीवन के कठिन समय को आसान बनाना चाहते हैं और संकटों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो यह जानकारी और खास उपाय आपके लिए ही है... 1. 'धर्म घट'/ मिट्टी के घड़े का दान 2. पीपल के वृक्ष पर 'दूध-मिश्रित जल' अर्पण 3. चंद्र दोष निवारण हेतु अर्घ्य 4. काले तिल और शहद का प्रयोग 5. दीपदान और सत्यनारायण कथा यहां संकटों से मुक्ति पाने के लिए 5 विशेष और प्रभावी उपाय दिए गए हैं: 1. 'धर्म घट'/ मिट्टी के घड़े का दान वैशाख मास में जल दान को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। उपाय: एक नया मिट्टी का घड़ा लें, उसे स्वच्छ जल से भरें और उसमें थोड़ा सा गुड़ या चीनी डालें। इसे किसी ब्राह्मण, जरूरतमंद व्यक्ति या मंदिर में दान करें। लाभ: यह उपाय अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है और पितरों के आशीर्वाद से जीवन के बड़े संकट टल जाते हैं। 2. पीपल के वृक्ष पर 'दूध-मिश्रित जल' अर्पण पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास माना जाता है। विधि: पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान के बाद पीपल की जड़ में कच्चा दूध मिला हुआ जल चढ़ाएं और 5 तरह की मिठाइयां अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करते हुए 7 परिक्रमा करें। लाभ: इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं। ALSO READ: बुद्ध पूर्णिमा पर करें ये 5 काम, व्रत का मिलेगा दोगुना फल, जीवन में आएगी सुख-शांति 3. चंद्र दोष निवारण हेतु अर्घ्य यदि आप मानसिक तनाव या बार-बार आने वाली बाधाओं से परेशान हैं, तो यह उपाय अचूक है। उपाय: रात को जब चंद्रमा पूर्ण रूप से उदित हो जाए, तब एक चांदी या स्टील के लोटे (तांबे को छोड़कर किसी भी पात्र) में जल, कच्चा दूध, सफेद चंदन और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। लाभ: इससे कुंडली का चंद्र दोष शांत होता है और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 4. काले तिल और शहद का प्रयोग पुराणों के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा पर भगवान विष्णु को तिल अर्पित करना विशेष फलदायी है। विधि: जल में काले तिल डालकर स्नान करें और भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें शहद और तिल का भोग लगाएं। लाभ: यह उपाय स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अज्ञात शत्रुओं से रक्षा करता है। 5. दीपदान और सत्यनारायण कथा विधि: वैशाख पूर्णिमा के दिन शाम के समय घर के मंदिर, तुलसी के क्यारे और मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। यदि संभव हो तो पास के किसी जलाशय या नदी में दीप प्रवाहित करें। साथ ही भगवान सत्यनारायण की कथा सुनें या स्वयं पढ़ें। लाभ: दीपदान करने से जीवन का अंधकार और कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। वैशाख पूर्णिमा का खास मंत्र: इस दिन पूरे समय ॐ विष्णवे नमः या ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः का मानसिक जाप करते रहें। इन उपायों से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है, आर्थिक तंगी दूर होती है तथा सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vaishakh Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा पर करें ये 5 उपाय, सभी देवताओं का मिलेगा आशीर्वाद
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (01 मई, 2026)
मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 01 May 2026: करियर: आज कार्यक्षेत्र में तेजी आएगी, नए अवसर मिल सकते हैं। लव: रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। धन: धन लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य: सेहत में ऊर्जा अच्छी बनी रहेगी। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: बंगाल चुनाव 2026: BJP की जीत पर क्यों मच सकता है बवाल? ज्योतिषीय संकेत वृषभ (Taurus) करियर: मेहनत का अच्छा परिणाम रहेगा। लव: पार्टनर के साथ समय सुखद बीतेगा। धन: अचानक खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान हो सकती है। उपाय: सफेद वस्त्र का दान करें। मिथुन (Gemini) करियर: नए अवसर मिलेंगे, निर्णय सोच-समझकर लें। लव: किसी पुराने महिला मित्र से मुलाकात संभव है। धन: कारोबार में निवेश में लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: आज मानसिक तनाव से बचें। उपाय: गणेश जी की पूजा करें। कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी के योग बन रहे हैं। लव: प्रेमी के साथ समय अच्छा बीतेगा। धन: संतान के आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य: खुद का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: गाय के दूध का दान करें। सिंह (Leo) करियर: करियर में नेतृत्व क्षमता से सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन बहुत सुखद रहेगा। धन: धन लाभ के अवसर बनेंगे। स्वास्थ्य: फिट और ऊर्जावान बने रहेंगे। उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: कार्यस्थल पर काम का अतिरिक्त दबाव रहेगा। लव: रिश्तों में समझदारी जरूरी है, धैर्य बनाए रखें। धन: कारोबारी बढ़ते खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें। तुला (Libra) करियर: कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा। लव: प्रेमीसंग रोमांटिक समय बितेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: दिन सेहत के लिहाज से सामान्य रहेगा। उपाय: माता लक्ष्मी की पूजा करें। ALSO READ: कैलाश मानसरोवर यात्रा के रजिस्ट्रेशन प्रारंभ, जानिए कैसे करें ऑनलाइन अप्लाई वृश्चिक (Scorpio) करियर: कारोबार से सफलता के नए अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में सुधार होगा। धन: व्यापार से अचानक धन लाभ संभव है। स्वास्थ्य: अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उपाय: आज शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। धनु (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल की नई योजनाओं में सफलता मिलेगी। लव: लाइफ पार्टनर का सहयोग मिलेगा। धन: आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। उपाय: पीले फल दान करें। मकर (Capricorn) करियर: आपको कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। लव: प्रेम रिश्तों में आपसी समझ बढ़ेगी। धन: फालतू खर्च कम रहेंगे। स्वास्थ्य: सेहत के लिएदिन अच्छा रहेगा। उपाय: शनिदेव को तेल अर्पित करें। कुंभ (Aquarius) करियर: कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेम रिश्तों में उतार-चढ़ाव रहेगा। धन: आज निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: जरूरतमंदों की मदद करें। मीन (Pisces) करियर: करियर में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। लव: प्रेम जीवन खुशहाल रहेगा। धन: अच्छे धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: सेहत अच्छी रहेगी। उपाय: आज तुलसी जी में जल चढ़ाएं। ALSO READ: May Monthly Horoscope 2026: मई राशिफल: ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत और बढ़ेगा बैंक बैलेंस!
गुजरात ने 4 विकेट से बैंंगलूरू को दी मोटेरा में मात
GTvsRCB गुजरात टाइटन्स ने बृहस्पतिवार यहां इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चार विकेट से हरा दिया।गुजरात टाइटन्स के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आरसीबी को 19.2 ओवर में 155 रन पर समेट दिया।और फिर मेजबान टीम ने 15.5 ओवर में छह विकेट पर 158 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। गुजरात टाइटन्स के लिए कप्तान शुभमन गिल ने 43 रन, जोस बटलर ने 39 रन और राहुल तेवतिया ने अंत में नाबाद 27 रन बनाए। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (एकादश): विराट कोहली, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेट कीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा और जोश हेजलवुड। गुजरात टाइटन्स (एकादश): शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेट कीपर), जेसन होल्डर, शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर, अरशद खान, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और मानव सुथार।
बरगी डैम क्रूज दुर्घटना में 6 की मौत की आशंका, 15 से अधिक लापता
भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर स्थित बरगी डैम में तेज आंधी-तूफान के कारण पर्यटकों से भरा क्रूज डूबने से बड़ा हादसा हो गया। अब तक 4 लोगों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि विभिन्न सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 6 तक पहुंचने की आशंका है। 15 यात्रियों […] The post बरगी डैम क्रूज दुर्घटना में 6 की मौत की आशंका, 15 से अधिक लापता appeared first on Sabguru News .
डाबड़ी फ्लाईओवर पर दर्दनाक हादसा, कार की टक्कर से फूड डिलीवरी राइडर की गिरकर मौत
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के डाबड़ी फ्लाईओवर पर गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में जोमैटो के एक डिलीवरी राइडर की जान चली गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना सुबह करीब 6:30 बजे पंखा रोड स्थित डाबड़ी फ्लाईओवर पर उस समय हुई जब युवक की स्कूटी को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर […] The post डाबड़ी फ्लाईओवर पर दर्दनाक हादसा, कार की टक्कर से फूड डिलीवरी राइडर की गिरकर मौत appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में छोटे भाई ने बड़े भाई को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के पंचेरी कला थाना क्षेत्र में गुरुवार को दो भाइयों में हुए विवाद के बाद छोटे भाई ने बड़े भाई की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। थाना अधिकारी बनवारी लाल ने बताया कि रसूलपुर गांव का अनूप (35) दिल्ली में एक लोहे की कम्पनी में काम करता है। वह […] The post झुंझुनूं में छोटे भाई ने बड़े भाई को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला appeared first on Sabguru News .
शाहजहांपुर में तेल टैंकर ने कार में मारी टक्कर, दुल्हन समेत 4 की मौत
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के थाना खुटार क्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर दुल्हन को विदा कराकर घर लौट रहे कार सवार लोगों को तेज रफ्तार टैंकर ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दुल्हन समेत तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई जबकि ड्राइवर ने इलाज के दौरान दम […] The post शाहजहांपुर में तेल टैंकर ने कार में मारी टक्कर, दुल्हन समेत 4 की मौत appeared first on Sabguru News .
रिलायंस रिटेल ने किया प्रियंका चोपड़ा के ब्रांड एनोमली का अधिग्रहण
नई दिल्ली। रिलायंस रिटेल लिमिटेड ने अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस के हेयरकेयर ब्रांड एनोमली का अधिग्रहण कर लिया है। रिलायंस रिटेल ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस सौदे में ब्रांड के ट्रेडमार्क, ब्रांड से जुड़ी चीजें और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। एनोमली की शुरुआत 2021 में हुई थी। यह एक साफ, […] The post रिलायंस रिटेल ने किया प्रियंका चोपड़ा के ब्रांड एनोमली का अधिग्रहण appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में ट्रक की टक्कर से बाईक चला रहे 13 वर्षीय बालक की मौत
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के रामसिंहपुर थाना क्षेत्र में ट्रक की चपेट में आने से मोटरसाइकिल चला रहे 13 वर्षीय बालक की मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि यह हादसा बुधवार को मध्याह्न 12 बजे अनूपगढ़- सूरतगढ़ राजकीय राजमार्ग पर चक 68/2-जीबी के पास हुआ। मृतक बालक की पहचान शैलेश के […] The post श्रीगंगानगर में ट्रक की टक्कर से बाईक चला रहे 13 वर्षीय बालक की मौत appeared first on Sabguru News .
बारां में अपहरण-फिरौती के दो आरोपियों का सिर मुंडवाकर शहर में घुमाया
बारां। राजस्थान में बारां शहर में कांच व्यापारी के अपहरण और फिरौती मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों का गुरुवार को सार्वजनिक जुलूस निकाला। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश चौधरी के नेतृत्व में आरोपी शाहरुख और राहिल का सिर मुंडवाकर उन्हें नंगे पैर शहर के प्रमुख मार्गों से घुमाया गया। […] The post बारां में अपहरण-फिरौती के दो आरोपियों का सिर मुंडवाकर शहर में घुमाया appeared first on Sabguru News .
एक्जिट पोल के बाद 4 मई को नतीजों से पहले पश्चिम बंगाल में तकरार शुरू हो गई है। टीएमसी ने ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर धरना दिया। ममता बनर्जी ने भी स्ट्रांग रूम के बाहर धरना दिया। MC नेता शशि पांजा और कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर स्ट्रॉन्ग रूम के सामने धरने पर बैठे। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और ECI अधिकारी पार्टी के संबंधित प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे हैं। ALSO READ: Exit Poll : टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल में BJP 192 सीटों पर आगे, TMC को बड़ा झटका कुणाल घोष ने कहा कि आप चुनाव आयोग की लाइवस्ट्रीमिंग और CCTV कैमरे में देख सकते हैं कि कुछ लोग अंदर काम कर रहे हैं। हमारा कोई भी प्रतिनिधि अंदर नहीं है। वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। वे हमसे दूसरे उम्मीदवारों से बात करने के लिए कह रहे हैं। हम दूसरे उम्मीदवारों की ज़िम्मेदारी क्यों लें? शशि पांजा ने कहा कि हमें चिंता है। कोई हेरफेर नहीं होना चाहिए। हमें यह सब क्यों नहीं दिखाया जा रहा है? इससे पहले ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि मतगणना से पहले ईवीएम बदली जा सकती हैं और टीएमसी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने एग्जिट पोल के अनुमानों को भी खारिज करते हुए कहा कि मीडिया संस्थानों पर भाजपा के पक्ष में नतीजे दिखाने के लिए दबाव डाला गया है। एग्जिट पोल में भाजपा को बढ़त मिलने के एक दिन बाद जारी वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने दावा किया कि चुनाव में भाजपा की पूरी मशीनरी विफल रही है। उन्होंने टीएमसी उम्मीदवारों से कहा कि वे मतगणना के दिन अपनी-अपनी सीटों पर कड़ी निगरानी रखें। ALSO READ: अमेरिका को ‘समुद्र की गहराई’ में रहने की चेतावनी, Hormuz पर ईरान का बड़ा प्लान, मोजतबा खामनेई का क्या है बयान ममता बनर्जी ने कहा, “ईवीएम को मतगणना केंद्रों तक ले जाते समय बदलने की साजिश रची गई है। जब तक मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए न कहूं, तब तक काउंटिंग कैबिन नहीं छोड़ें। शांति बनाए रखें और मुझ पर भरोसा रखें। भरोसा रखें कि टीएमसी ही सत्ता में आ रही है।”Edited by : Sudhir Sharma
भारतीय नागरिकों के कर्तव्य बोध विषय पर विचार गोष्ठी, पंच परिवर्तन पर गहन मंथन
जयपुर। अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत की आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (AFT) इकाई जयपुर बैंच की ओर से भारतीय नागरिकों के कर्तव्य बोध विषय पर प्रेरणादायक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने वाले पंच परिवर्तन के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के […] The post भारतीय नागरिकों के कर्तव्य बोध विषय पर विचार गोष्ठी, पंच परिवर्तन पर गहन मंथन appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहानी से उनके ही सेवा केंद्र पर मारपीट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर में भारतीय जनता पार्टी विधायक जयदीप बिहानी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को दोपहर उनके ही एसडी कॉलेज कैंपस में स्थित विधायक सेवा केंद्र पर उनसे मारपीट की गई। जयदीप बिहानी ने राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आरयूआईडीपी) के एक सहायक अभियंता जगन्नाथ […] The post श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहानी से उनके ही सेवा केंद्र पर मारपीट appeared first on Sabguru News .
ओबेन इलेक्ट्रिक ने पेश की रोर ईवीओ मोटरसाइकिल, शुरुआती कीमत 99,999 रुपए
नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता ओबेन इलेक्ट्रिक ने गुरुवार को घरेलू अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) आधारित बिल्कुल नई रोर ईवीओ मोटरसाइकिल को बाजार में पेश किया। कंपनी ने बताया है कि यह जून से कंपनी के शोरूम पर उपलब्ध होगी और पहले 10 हजार ग्राहकों के लिए एक्स-शोरूम कीमत 99,999 रुपए और उसके बाद 1,24,999 […] The post ओबेन इलेक्ट्रिक ने पेश की रोर ईवीओ मोटरसाइकिल, शुरुआती कीमत 99,999 रुपए appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा के गंगापुर अस्पताल में महिला हुई ठगी का शिकार
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के गंगापुर अस्पताल में गुरुवार को सुबह पेट दर्द की शिकायत लेकर जांच कराने आई एक महिला ठगी का शिकार हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि काली (45) पत्नी मदनलाल पारीक पेट दर्द के कारण अपने पति के साथ गंगापुर अस्पताल पहुंची थी। डॉक्टर ने उसे सोनोग्राफी और खून […] The post भीलवाड़ा के गंगापुर अस्पताल में महिला हुई ठगी का शिकार appeared first on Sabguru News .
चण्डिका जयंती पर करें चंडिका पाठ, जानिए इसका चमत्कारी महत्व
Chandika Jayanti 2026: वैशाख पूर्णिमा की पावन तिथि केवल बुद्ध पूर्णिमा ही नहीं, बल्कि आद्यशक्ति चण्डिका की जयन्ती का भी महापर्व है। यह दिन उस प्रचंड शक्ति के प्राकट्य का उत्सव है, जिसने अधर्म का नाश कर ब्रह्मांड में संतुलन स्थापित किया। आइए, इस विशेष तिथि के आध्यात्मिक महत्व और देवी चण्डिका के स्वरूप को नए नजरिए से समझते हैं। शक्ति का अवतरण: चण्डिका जयन्ती का मर्म वैशाख पूर्णिमा: हिन्दू पंचांग के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा की शुभ तिथि पर माँ चण्डिका प्रकट हुई थीं। भक्तों के लिए यह केवल एक कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा के पुनर्जागरण का दिन है। हजार गुना फल: शास्त्र कहते हैं कि इस दिन किया गया जप, ध्यान और हवन सामान्य दिनों की तुलना में हजार गुना अधिक फलदायी होता है। चण्डिका पाठ का पुण्य: चण्डिका पाठ, जिसे मुख्य रूप से 'दुर्गा सप्तशती' या 'देवी माहात्म्य' के नाम से जाना जाता है, सनातन धर्म के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली स्तोत्रों में से एक है। यह मार्कण्डेय पुराण का एक हिस्सा है, जिसमें 700 श्लोक हैं, इसीलिए इसे 'सप्तशती' कहा जाता है। माँ चण्डिका की कृपा पाने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए इस पाठ का विशेष महत्व है। इस दिन 'दुर्गा सप्तशती' या देवी माहात्म्य के पाठ का विशेष विधान है। माना जाता है कि चण्डिका जयन्ती पर माँ का स्मरण करने से साधक के जीवन के समस्त अवरोध स्वतः समाप्त हो जाते हैं। त्रिशक्ति का संगम: कौन हैं देवी चण्डिका? द्वादश सिद्धिविद्या: देवी चण्डिका को हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित 'द्वादश सिद्धिविद्या' देवियों में से एक माना गया है। शाक्त और कौल संप्रदाय के साधकों के लिए उनकी उपासना सर्वोच्च है। सृजन, पालन और संहार: विद्वानों का मत है कि माँ चण्डिका कोई साधारण देवी नहीं, बल्कि त्रिदेवों की संयुक्त शक्ति का स्वरूप हैं। वे ब्रह्मा की 'सृजन शक्ति', विष्णु की 'पालन शक्ति' और शिव की 'संहार शक्ति' का साक्षात पुंज हैं। जब-जब संसार में अधर्म का पलड़ा भारी होता है, तब-तब यही महाशक्ति धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अवतरित होती हैं। भय का नाश और सिद्धियों का द्वार शास्त्रों में एक अत्यंत प्रभावशाली श्लोक देवी चण्डिका की महिमा का गुणगान करता है: द्वादशासु विद्यासु चण्डिका सिद्धिदायिनी। भयार्तानां भयानाशा सर्वसिद्धिप्रदायिनी॥ इसका सरल भाव यह है: बारह सिद्धिविद्याओं में देवी चण्डिका सबसे प्रमुख हैं। वे भय से व्याकुल मनुष्यों के डर को जड़ से मिटा देती हैं और अपने सच्चे साधक को संसार की समस्त सिद्धियां और ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। इस दिन क्या करें? चंडिका: यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास की कमी महसूस कर रहे हैं, तो चण्डिका जयन्ती पर ये कार्य अवश्य करें: चण्डिका पाठ: श्रद्धापूर्वक देवी के मंत्रों या सप्तशती का पाठ करें। ध्यान: देवी के सिंहवाहिनी स्वरूप का मानसिक ध्यान करें, जो शक्ति और निर्भयता का प्रतीक है। संकल्प: अधर्म और बुराइयों को छोड़कर धर्म की राह पर चलने का संकल्प लें, क्योंकि माँ चण्डिका 'सत्य' की रक्षक हैं। निष्कर्ष: चण्डिका जयन्ती हमें याद दिलाती है कि हमारे भीतर भी एक अदम्य शक्ति मौजूद है। बस जरूरत है तो उसे श्रद्धा और भक्ति के माध्यम से जागृत करने की। क्या आप इस बार इस पावन पर्व पर देवी की विशेष साधना करने की योजना बना रहे हैं?
'पति पत्नी और वो दो' के ट्रेलर रिलीज से पहले मुदस्सर अजीज ने की आयुष्मान खुराना की तारीफ
‘पति पत्नी और वो दो’ के ट्रेलर के रिलीज से पहले, अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और जनप्रिय हास्य शैली के लिए जाने जाने वाले निर्देशक मुदस्सर अज़ीज एक बार फिर एक भरपूर मनोरंजन करने वाली फिल्म के साथ लौट रहे हैं। अपनी लेखनी और निर्देशन से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले मुदस्सर इस बार आयुष्मान खुराना, वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह जैसे कलाकारों से सजी एक बहु-कलाकार फिल्म लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म हास्य, उलझन और रोज़मर्रा की परिस्थितियों से जुड़ी एक पारिवारिक मनोरंजक कहानी होने का वादा करती है। आयुष्मान के साथ काम करने पर बात करते हुए मुदस्सर ने कहा, मेरा मानना है कि आयुष्मान खुराना देश के सबसे पसंदीदा ऐसे ‘अच्छे इंसान’ हैं जो परिस्थितियों में फंस जाते हैं। उन्होंने कहा, पिछले एक दशक में इस प्रकार की फिल्मों में उनका काम उत्कृष्ट रहा है। मुझे गर्व है कि इस बार मैं उनके दर्शकों के सामने एक ऐसा आयुष्मान प्रस्तुत कर रहा हूं, जो अपनी ही परिस्थिति का समाधान भी है। प्रजापति पांडे ने स्वयं को निभाने के लिए आयुष्मान खुराना को चुना है। फिल्म श्रृंखला के बारे में बात करते हुए मुदस्सर ने ‘पति पत्नी और वो दो’ के विकास पर जोर दिया और संकेत दिया कि यह फिल्म अपने मूल हास्य तत्वों को बनाए रखते हुए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगी। अनेक कलाकारों के साथ काम करने में दक्ष मुदस्सर ने सेट पर कलाकारों के बीच तालमेल को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, परिस्थिति-आधारित हास्य में कई किरदारों की कहानी को साथ लेकर चलना एक प्रभावशाली पटकथा की मांग करता है। केवल हास्य प्रसंगों पर निर्भर न रहकर, किरदारों को परिस्थितियों में रखना जरूरी होता है ताकि उनके चरित्र की यात्रा बनी रहे। जहां तक हास्य की लय का सवाल है, मैं स्वयं को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस फिल्म में 6-7 उत्कृष्ट कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला, और इसका श्रेय उन्हें भी उतना ही जाता है जितना मुझे। अपने मूल में ‘पति पत्नी और वो दो’ पारंपरिक देसी हास्य को आधुनिक अंदाज़ के साथ प्रस्तुत करती है, जिसमें उलझन, अफरा-तफरी और रोज़मर्रा के रिश्तों से उपजे हंसी के क्षण शामिल हैं। फिल्म अपनी जड़ों से जुड़ी सादगी को बनाए रखते हुए, विचित्र किरदारों और परिस्थिति-आधारित हास्य के माध्यम से मनोरंजन को और ऊंचाई देती है, जो इसे एक आदर्श पारिवारिक फिल्म बनाती है। गुलशन कुमार, बी. आर. चोपड़ा और टी-सीरीज़ प्रस्तुत करते हैं, टी-सीरीज़ फिल्म्स और बी. आर. स्टूडियोज़ की ‘पति पत्नी और वो दो’, जिसका निर्देशन मुदस्सर अज़ीज़ ने किया है। फिल्म के निर्माता हैं भूषण कुमार, रेनू रवि चोपड़ा और किशन कुमार, जबकि रचनात्मक निर्माता हैं जूनो चोपड़ा। 15 मई 2026 को यह फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए तैयार है।
अभिषेक शर्मा ने बताया कैसे गुरु युवराज सिंह ने लॉकडाउन में दी दबाव झेलने की ट्रेनिंग
सनराइजर्स हैदराबाद के ओपनर अभिषेक शर्मा ने युवराज सिंह को अपनी सोच को सही दिशा देने का श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि बचपन के अपने आदर्श के साथ ट्रेनिंग करने से उन्हें टॉप लेवल के हाई-प्रेशर क्रिकेट के लिए तैयार होने में मदद मिली। 25 साल के अभिषेक मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने आठ मैचों में 380 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वह टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं। अभिषेक ने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान युवराज के साथ करीब से काम करना उनके विकास का एक अहम मोड़ साबित हुआ। “युवी पाजी के साथ ट्रेनिंग करना मेरे लिए एक बहुत बड़ा पल था। मैं बचपन से ही उन्हें अपना आदर्श मानता था। वह मेरे हीरो थे। उन्होंने शुरुआत में मुझे कुछ सलाह दी थी, लेकिन हमारे पास साथ बिताने के लिए ज़्यादा समय नहीं था। फिर लॉकडाउन लग गया। मुझे लगता है कि युवी पाजी ने इसे कुछ खिलाड़ियों के साथ करीब से काम करने के एक मौके के तौर पर देखा।” अभिषेक ने जियोस्टार को बताया, “मैं खुशकिस्मत था कि मैं उन खिलाड़ियों में से एक था। जब हमारा कैंप शुरू हुआ, तो उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिसने सचमुच मेरा नज़रिया बदल दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि हम जिस तरह की ट्रेनिंग और सोच पर काम कर रहे हैं, वह सिर्फ़ घरेलू क्रिकेट या आईपीएल के लिए नहीं है, और न ही सिर्फ़ भारत के लिए कुछ मैच खेलने के लिए है। उन्होंने कहा कि वह मुझे मानसिक तौर पर भारत के लिए बड़े मैच जीतने, यादगार पारियां खेलने और जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो, तब गेंद से कमाल दिखाने के लिए तैयार कर रहे हैं।” उन्होंने क्रिकेट में अपने शुरुआती दिनों के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे उनके परिवार ने इस खेल में उनकी दिलचस्पी जगाने में अहम भूमिका निभाई। “शुरू से ही हमारे घर में क्रिकेट का माहौल था। मेरे पिता पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी खेलते थे और कोच भी थे। उन्हें देखकर ही मुझे इस खेल को अपनाने की प्रेरणा मिली। जब मैं टीवी पर भारत-पाकिस्तान के मैच या वर्ल्ड कप के मैच देखता था, तो मुझे बहुत जोश आता था। मैं सोचता था कि मुझे भी उसी लेवल पर खेलना है।” आईपीएल 2026 की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
Jyeshtha month festivals 2026: ज्येष्ठ माह के व्रत एवं त्योहार की लिस्ट
Jyeshtha 2026 festivals dates: ज्येष्ठ माह 2026 का समय धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई से हो रही है, जो 29 जून तक चलने वाला है। यह महीना साल के पहले गर्म महीनों में से एक है और कई पौराणिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। इस माह में व्रत, त्योहार और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। ALSO READ: May 2026 Vrat Tyohar: मई माह 2026 के व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट भारतीय संस्कृति में इसे जेठ का महीना भी कहा जाता है। ज्येष्ठ माह के दौरान मनाए जाने वाले व्रत और त्योहार जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और खुशहाली लाते हैं। हर व्रत और त्योहार का अपना महत्व है- कुछ स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए, तो कुछ धन, शिक्षा और परिवार की खुशहाली के लिए। इस लेख में यहां मई-जून में पड़ने वाले ज्येष्ठ माह 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहारों की पूरी लिस्ट आपकी सुविधा के लिए दी जा रही हैं... मई ज्येष्ठ मास: व्रत एवं त्योहार 2026 2 मई: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा/एकम तिथि के साथ इस पवित्र मास ज्येष्ठ का शुभारंभ। 3 मई: देवर्षि नारद प्राकट्योत्सव और अचारपुरा मेला का आयोजन। 5 मई: भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी व्रत, जिसमें चंद्रोदय रात्रि 10:07 बजे होगा। 8 मई: जैन संत तारण तरण गुरुपर्व का आध्यात्मिक उत्सव। 10 मई: सुबह 07:53 से पंचक काल का प्रारंभ। 13 मई: समस्त पापों का नाश करने वाली अचला/ अपरा एकादशी का पावन व्रत। 14 मई: सुहागिनों के वट सावित्री व्रत का आरंभ और भगवान शिव का प्रदोष व्रत। 15 मई: सूर्य का वृष राशि में प्रवेश/ सूर्यवृष संक्रांति, केवट जयंती, जैन तीर्थंकर भगवान शांतिनाथ जन्म-मोक्ष दिवस। 16 मई: न्याय के देवता शनि देव की जयंती, वट सावित्री अमावस्या पूजन और स्नान-दान-श्राद्ध की अमावस्या। 17 मई: धार्मिक महत्व वाले 'पुरुषोत्तम मास' या अधिमास का शुभारंभ। 18 मई: चंद्र दर्शन का शुभ मुहूर्त और जैन समुदाय का रोहिणी व्रत। 20 मई: भगवान गणेश की कृपा प्राप्ति हेतु विनायकी चतुर्थी का व्रत। 21 मई: गुरु-पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग आज से। 22 मई: शुक्र-पुष्य नक्षत्र का प्रभाव। 25 मई: बुंदेलखंड के वीर योद्धा आल्हा की जयंती और भीषण गर्मी के 'नवतपा' का प्रारंभ। 26 मई: मां गंगा के धरती पर अवतरण का पर्व 'गंगा दशहरा' और श्री रामेश्वर प्रतिष्ठा दिवस। 27 मई: अधिमास की पुरुषोत्तमी एकादशी का विशेष व्रत। 28 मई: त्याग और बलिदान का पर्व ईद-उल-अजहा/ बकरीद, प्रदोष व्रत। 30 मई: पूर्णिमा का व्रत, जो आध्यात्मिक शुद्धि और दान-पुण्य के लिए फलदायी है। 31 मई: अधिमास स्नान-दान पूर्णिमा। ************************ जून 2026 ज्येष्ठ मास के व्रत-त्योहारों की सूची 2 जून: नवतपा की अवधि समाप्त। 3 जून: गणेश चतुर्थी व्रत, भगवान गणेश की पूजा का दिन, विघ्न नाशक व्रत। 4 जून: इस्लामी पर्व गदीर-ए-खुम, हजरत अली के महत्व की स्मृति। 5 जून: विश्व पर्यावरण दिवस। 11 जून विष्णु जी को समर्पित एकादशी पुरुषोत्तमी एकादशी। 12 जून प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा, रोग और पाप निवारण का दिन। 13 जून शिव चतुर्दशी- अमंगल हरणे वाले भगवान शिव की विशेष पूजा का समय। 14 जून पितरों के लिए श्राद्ध की अमावस्या, रोहिणी व्रत 15 जून सूर्य मिथुन संक्रांति (सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश), सोमवती अमावस्या का व्रत। 16 जून सौर आषाढ़ प्रारंभ, चंद्रदर्शन, शुद्ध ज्येष्ठ मास प्रारंभ। 17 जून महिलाओं का रंभा तीज व्रत, हिजरी कैलेंडर का मोहर्रम पर्व, छत्रसाल जयंती। 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और पिता का सम्मान का दिन फादर्स डे। 22 जून मां धूमावती प्रकटोत्सव पर्व का दिन। 23 जून भगवान शिव (महेश) की पूजा का पर्व महेश नवमी/ महेश जयंती। 24 जून मां गायत्री प्रकटोत्सव, गायत्री माता की पूजा का विशेष समय। 25 जून भीमसेनी, निर्जला एकादशी व्रत, अशुरा की स्मृति में यौम-ए-अशुरा पर्व। 26 जून मोहर्रम (ताजिया), मोहर्रम का पर्व। 27 जून शनि प्रदोष, वट सावित्री व्रतारंभ (वट सावित्री व्रत की शुरुआत), बड़ा महादेव पूजन, शनि और शिव की पूजा का दिन। 29 जून वट सावित्री व्रत का पूर्णिमा दिवस (वट सावित्री पूर्णिमा), संत कबीर जयंती। विशेष नोट: इस वर्ष ज्येष्ठ मास में पुरुषोत्तम मास (अधिमास) का संयोग होने के कारण इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: May Monthly Horoscope 2026: मई राशिफल: ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत और बढ़ेगा बैंक बैलेंस!
बुद्ध का प्रभाव सिर्फ भारत तक नहीं! जानिए दुनिया और अन्य धर्मों पर 5 खास असर
Lord Buddha Purnima 2026: भगवान बुद्ध का दर्शन किसी एक क्षेत्र या काल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पूरी मानवता के सोचने के ढंग को बदल दिया। बुद्ध पहले ऐसे वैश्विक नागरिक थे जिन्होंने 'तर्क' और 'करुणा' को धर्म का आधार बनाया। यहां बुद्ध के प्रभाव की 5 सबसे महत्वपूर्ण बातें दी गई हैं, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। 1. एशिया का सांस्कृतिक एकीकरण (The Light of Asia) बुद्ध के विचारों ने भारत की सीमाओं को लांघकर पूरे एशिया को एक सूत्र में पिरोया। आज जापान, चीन, वियतनाम, कोरिया, श्रीलंका, थाईलैंड और भूटान जैसे देशों की संस्कृति, कला और वास्तुकला की नींव में बौद्ध धर्म है। प्रभाव: 'सिल्क रोड' के माध्यम से बौद्ध धर्म ने केवल भारतीय दर्शन और धर्म ही नहीं, बल्कि भारतीय योग, आयुर्वेद, गणित और कला को भी दुनिया भर में फैलाया। ALSO READ: बुद्ध पूर्णिमा पर करें ये 5 काम, व्रत का मिलेगा दोगुना फल, जीवन में आएगी सुख-शांति 2. विश्व शांति और अहिंसा का आधार आधुनिक युग में महात्मा गांधी से लेकर मार्टिन लूथर किंग जूनियर और दलाई लामा तक, सभी की अहिंसा की नीति बुद्ध के 'पंचशील:' के विचार से प्रेरित है। अशोक का हृदय परिवर्तन: सम्राट अशोक का बुद्ध की शिक्षाओं के कारण युद्ध त्याग देना विश्व इतिहास की सबसे बड़ी घटना मानी जाती है, जिसने 'विजय' की परिभाषा ही बदल दी। 3. अन्य धर्मों पर गहरा प्रभाव बुद्ध के दर्शन ने दुनिया के अन्य प्रमुख धर्मों को भी गहराई से प्रभावित किया: हिंदू धर्म: बुद्ध को हिंदू धर्म में विष्णु का नौवां अवतार माना गया। आदि शंकराचार्य के 'अद्वैत वेदांत' पर बुद्ध के शून्यवाद का इतना प्रभाव था कि उन्हें कभी-कभी 'प्रच्छन्न बुद्ध' (छिपे हुए बुद्ध) भी कहा गया। ईसाई और इस्लाम: कई विद्वानों का मानना है कि मध्य पूर्व के 'सूफीवाद' और प्रारंभिक ईसाई वैराग्य (Monasticism) पर बौद्ध भिक्षुओं की जीवनशैली और उनके ध्यान के तरीकों का असर रहा है। ईसाई धर्म के चर्च, और बिशप परंपरा और संवरचना बौद्ध संघ, रिवाज और स्तूप से ही प्रभावित रही है। इस पर कई शोध हुए हैं। ईसाई धर्म के करुणा और प्रेम, पाप से मुक्ति, त्याग और सरलता, त्रि सिद्दांत (पिता, पुत्र जगत), माला, मोमबत्ती और 10 आज्ञा आदि का सिद्धांत सभी बौद्ध धर्म से प्रेरित हैं। ALSO READ: बुद्ध पूर्णिमा का रहस्य: जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण एक ही दिन, संयोग या चमत्कार? 4. विज्ञान और मनोविज्ञान का मेल बुद्ध को 'पहला मनोवैज्ञानिक' भी कहा जाता है। उन्होंने किसी अनदेखी शक्ति के बजाय 'कार्य-कारण संबंध' (Cause and Effect) पर जोर दिया। आधुनिक विज्ञान: आज का विज्ञान और 'क्वांटम फिजिक्स' बुद्ध के 'अनित्यवाद' (सब कुछ परिवर्तनशील है) के सिद्धांत के बहुत करीब नजर आते हैं। अल्बर्ट आइंस्टीन ने भी कहा था कि यदि भविष्य का कोई धर्म विज्ञान के साथ चल सकता है, तो वह बौद्ध धर्म होगा। ALSO READ: Buddha Purnima wishes: बुद्ध पूर्णिमा पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे अलग खुशियों भरे शुभकामना संदेश 5. सामाजिक समानता और लोकतंत्र बुद्ध ने 2500 साल पहले जाति व्यवस्था और ऊंच-नीच को नकार कर 'समतामूलक समाज' की नींव रखी थी। लोकतांत्रिक मूल्य: बौद्ध संघों के संचालन की प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक थी (जैसे मतदान और चर्चा), जिसका प्रभाव आधुनिक देशों के संविधानों पर भी पड़ा। भारत के राष्ट्रध्वज में 'धम्मचक्र' और राजकीय प्रतीक 'अशोक स्तंभ' बुद्ध के उन्हीं लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण मूल्यों के प्रतीक हैं। निष्कर्ष: बुद्ध ने दुनिया को सिखाया कि शांति बाहर नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर है। आज के तनावपूर्ण युग में उनकी 'विपश्यना' और 'माइंडफुलनेस' (सचेतनता) की तकनीकें पूरी दुनिया के लिए मानसिक स्वास्थ्य का सबसे बड़ा सहारा बनी हुई हैं।
25 लाख की पड़ गई एक सिगरेट, BCCI ने लगाया रियान पराग पर जुर्माना
रियान पराग पर उनके ‘Vaping’ के लिए मैच फीस का 25 परसेंट जुर्माना लगाया गया है, जिससे खेल की बदनामी हुई। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान को भेजे गए नोटिस में, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन पर आचार संहिता के आर्टिकल 2.1 के तहत लेवल 1 का अपराध लगाया, जो खिलाड़ियों और अधिकारियों द्वारा आम, बिना बताए उल्लंघन से संबंधित है। पराग हाल ही में एक आईपीएल मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम के अंदर स्मोकिंग करते हुए कैमरे में पकड़े गए थे। सत्र के लिए उनके 14 करोड़ रुपये के अनुबंध को देखते हुए, उनकी हर मैच की फीस लगभग 1 करोड़ रुपये होती है, जिसका मतलब है कि 25 % जुर्माना लगभग 25 लाख रुपये होगा। यह देखते हुए कि इसे पहली बार का अपराध माना गया था, 25 लाख रुपये एक भारी जुर्माना है। ड्रेसिंग रूम में धूम्रपान के लिए कोई मिसाल या नियम न होने पर, बीसीसीआई ने आर्टिकल 2.21 लागू किया है जो उन अपराधों पर कार्यवाही करता है जिनका सीओसी में खास तौर पर ज़िक्र नहीं है। रिकॉर्ड के लिए, “आर्टिकल 2.21 का मकसद उन सभी तरह के व्यवहार को कवर करना है जो खेल को बदनाम करते हैं और जो सीओसी में बताए गए खास अपराधों में खास तौर पर या ठीक से कवर नहीं होते हैं।” यह आर्टिकल पब्लिक जगहों पर गलत कामों को भी कवर करता है। “उदाहरण के लिए, आर्टिकल 2.21 (ब्रीच की गंभीरता और कॉन्टेक्स्ट के आधार पर) बिना किसी लिमिट के, इन चीज़ों पर रोक लगा सकता है: (ए ) पब्लिक में गलत काम; (बी) गलत पब्लिक बिहेवियर; और (सी) गलत कमेंट्स जो गेम के हितों के लिए नुकसानदायक हैं।” आईपीएल 2026 की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
बुद्ध पूर्णिमा का रहस्य: जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण एक ही दिन, संयोग या चमत्कार?
बुद्ध पूर्णिमा, जिसे 'वैशाख पूर्णिमा' भी कहा जाता है, आध्यात्मिक जगत की सबसे विस्मयकारी घटनाओं में से एक है। भगवान बुद्ध के जीवन की तीन सबसे महत्वपूर्ण घटनाएं- जन्म, ज्ञान की प्राप्ति और महापरिनिर्वाण—एक ही तिथि यानी वैशाख पूर्णिमा के दिन घटित हुईं। तर्कवादी इसे 'महज संयोग' कह सकते हैं, लेकिन बौद्ध दर्शन और आध्यात्मिक मान्यताओं में इसे 'ब्रह्मांडीय तालमेल' (Cosmic Alignment) माना जाता है। आइए इस अनूठे त्रिकोण को विस्तार से समझते हैं। वैशाख माह की पूर्णिमा पर घटी 3 घटनाएं: 1. जन्म: लुंबिनी के वनों में साल के वृक्ष के पास। ईसा पूर्व 563 (563 BCE)। 2. संबोधि (ज्ञान प्राप्ति): गया (बिहार) में पीपल के वृक्ष के नीचे। 35 वर्ष की आयु में। 528 ईसा पूर्व (528 BCE)। 3. महापरिनिर्वाण (देहत्याग): कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) में साल के वृक्ष के पास। 80 वर्ष की आयु में। 483 ईसा पूर्व (483 BCE)। 1. लुंबिनी में जन्म: एक राजकुमार का आगमन ईसा पूर्व 563 में, वैशाख पूर्णिमा के दिन ही कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के घर सिद्धार्थ (बुद्ध) का जन्म हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उनकी माता महामाया ने पूर्णिमा की रात एक अद्भुत स्वप्न देखा था और लुंबिनी के वनों में खिले हुए साल के वृक्षों के नीचे सिद्धार्थ ने अपनी पहली सांस ली। पूर्णिमा की पूर्णता उनके जीवन के प्रथम क्षण से ही जुड़ी रही। 2. बोधगया में संबोधि: अंधकार से प्रकाश की ओर 6 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद, सिद्धार्थ जब 35 वर्ष के हुए, तब पुनः वैशाख पूर्णिमा की ही रात थी। निरंजना नदी के तट पर, एक पीपल वृक्ष के नीचे ध्यानस्थ सिद्धार्थ ने सत्य को जाना और वे 'बुद्ध' (जागृत) कहलाए। यह गहरा प्रतीक है कि जिस रात चंद्रमा अपनी पूर्ण आभा में था, उसी रात एक मानवीय चेतना ने भी अपनी पूर्णता को प्राप्त किया। अज्ञान का अंधकार मिटा और बोध का उदय हुआ। 3. कुशीनगर में महापरिनिर्वाण: यात्रा की पूर्णता 80 वर्ष की आयु में, कुशीनगर के उपवन में बुद्ध ने अपने पार्थिव शरीर का त्याग किया। यह भी वैशाख पूर्णिमा का ही दिन था। बुद्ध ने अपने शिष्यों से कहा था- अप्प दीपो भव (अपना दीपक स्वयं बनो)। उनके जाने का दिन भी वही था जिस दिन उन्होंने जन्म लिया था, जो यह दर्शाता है कि बुद्ध का जीवन चक्र पूर्णतः संतुलित और ब्रह्मांडीय नियमों के अनुरूप था। महज संयोग या आध्यात्मिक संकेत? अध्यात्म के नजरिए से इसके पीछे गहरे तर्क दिए जाते हैं: पूर्णता का प्रतीक: पूर्णिमा 'पूर्णता' और 'समग्रता' का प्रतीक है। बुद्ध का पूरा जीवन मध्य मार्ग और पूर्ण संतुलन का संदेश देता है, जिसे पूर्णिमा का चंद्रमा बखूबी दर्शाता है। प्रकृति का नियम: बौद्ध परंपरा मानती है कि बुद्ध जैसे महान व्यक्तित्व (तथागत) प्रकृति के साथ इतने गहरे सामंजस्य में होते हैं कि उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाएं प्राकृतिक चक्रों (जैसे पूर्णिमा) के साथ स्वतः तालमेल बिठा लेती हैं। धम्म का चक्र: जन्म, ज्ञान और मृत्यु का एक ही तिथि पर होना यह संदेश देता है कि संसार में सब कुछ अनित्य है और एक निश्चित नियम के तहत बंधा हुआ है। एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण कुछ इतिहासकार इसे बाद के समय में दी गई एक 'प्रतीकात्मक तिथि' भी मानते हैं। प्राचीन काल में तिथियों को याद रखने के लिए पूर्णिमा और अमावस्या जैसे प्रमुख पड़ावों का सहारा लिया जाता था। संभव है कि बुद्ध की महानता को देखते हुए वैशाख पूर्णिमा को उनके संपूर्ण जीवन के उत्सव के रूप में चुन लिया गया हो। निष्कर्ष: चाहे इसे खगोलीय संयोग मानें या ईश्वरीय योजना, बुद्ध पूर्णिमा का यह 'त्रय-संयोग' दुनिया भर के करोड़ों लोगों के लिए श्रद्धा और आत्म-मंथन का केंद्र है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन की शुरुआत और अंत के बीच सबसे महत्वपूर्ण 'ज्ञान' (Enlightenment) है।
रणवीर सिंह की 'धुरंधर' अब जापान में मचाएगी धमाल, ग्लोबल सक्सेस के बाद बड़ा कदम
अपने शानदार और रिकॉर्ड तोड़ ग्लोबल बॉक्स ऑफिस सफर के बाद, जियो स्टूडियोज और बी62 स्टूडियोज की फिल्म 'धुरंधर' (पार्ट वन) जापान में थिएटर रिलीज के लिए तैयार है। यह फिल्म के इंटरनेशनल सफर का एक और बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। 'धुरंधर' जापान में 10 जुलाई 2026 को रिलीज होगी। जापान में रिलीज से पहले, फिल्म ने दुनिया भर के कई बड़े मार्केट्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और भारतीय सिनेमा के लिए नए रास्ते खोले हैं। 5 दिसंबर 2005 को ग्लोबली रिलीज हुई इस स्पाई एक्शन एंटरटेनर ने दुनियाभर में 1328 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया था। धुरंधर ने इंटरनेशनल मार्केट में भी बड़ा मुकाम हासिल किया। यह नॉर्थ अमेरिका में अब तक की नंबर 1 हिंदी फिल्म बनी, वहीं कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म रही, और यूके में भी टॉप परफॉर्म करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल हुई। अपने बड़े पैमाने, दमदार कहानी और अलग जॉनर अपील के साथ, ‘धुरंधर’ जापान के दर्शकों से जुड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिल्म में जबरदस्त एक्शन, इमोशन और गहराई से बुनी कहानी देखने को मिलती है, जो इसे एक इमर्सिव और सभी के लिए एंगेजिंग सिनेमाई अनुभव बनाती है। हाल के समय की सबसे चर्चित हिंदी फिल्मों में से एक ‘धुरंधर’ को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है और इसने कई बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड भी तोड़े हैं। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे कलाकार नजर आते हैं। यह हाई-ऑक्टेन एक्शन थ्रिलर आदित्य धर द्वारा लिखी, निर्देशित और प्रोड्यूस की गई है। वहीं ज्योति देशपांडे और लोकेश धर ने इसे प्रोड्यूस किया है। जियो स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत और बी62 स्टूडियोज द्वारा निर्मित ‘धुरंधर’ अब 10 जुलाई 2026 को जापान के सिनेमाघरों में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। जापान का फिल्म मार्केट भारतीय फिल्मों के लिए तेजी से खुल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई भारतीय फिल्मों ने वहां अच्छा प्रदर्शन किया है, और Dhurandhar Part One से भी ऐसी ही उम्मीद की जा रही है। इसकी यूनिवर्सल अपील, दमदार एक्शन और भावनात्मक कहानी जापानी दर्शकों को आकर्षित कर सकती है।
अर्जुन तेंदुलकर मुंबई टी-20 लीग खेलने को हुए तैयार, होगा दिग्गजों से मुकाबला
अर्जुन तेंदुलकर और विकेटकीपर-बल्लेबाज सिद्धांत अधतराव को टी20 मुंबई लीग के चौथे सत्र से पहले होने वाली नीलामी में शामिल होने के लिए पात्र घोषित किया गया है। पिछले सत्र में ये दोनों अलग-अलग राज्य संघों से खेल चुके हैं। जहां अर्जुन मुंबई से जाने के बाद पिछले कुछ सत्र से गोवा के लिए खेल रहे हैं वहीं अधतराव ने पिछले सत्र में पुडुचेरी का प्रतिनिधित्व करने के बाद वहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर लिया है। सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई ने तेंदुलकर और अधतराव दोनों को टी20 मुंबई लीग में भाग लेने की अनुमति दे दी है क्योंकि पिछले 12 महीनों में इन दोनों में से किसी ने भी किसी अन्य राज्य लीग में हिस्सा नहीं लिया है।पुरुष और महिला दोनों ही वर्गों की प्रतियोगिताओं के लिए नीलामी दो मई को आयोजित की जाएगी जबकि टूर्नामेंट जून के पहले पखवाड़े में खेला जाएगा। टी20 टूर्नामेंट आयोजित करने वाले राज्य संघों के लिए बीसीसीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी किसी राज्य संघ द्वारा आयोजित टी20 टूर्नामेंट में भाग लेता है जो 31 अगस्त 2024 को समाप्त होता है तो उसे एक सितंबर 2025 तक किसी अन्य राज्य संघ द्वारा आयोजित किसी भी अन्य टी20 टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।’’ क्रिकेट की खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
बीमारी की भाषा में क्लाइमेट की बात: जलवायु परिवर्तन को स्वास्थ्य संकट की तरह समझना क्यों ज़रूरी है
नई स्टडी बताती है कि अगर जलवायु परिवर्तन को स्वास्थ्य के नजरिए से समझाया जाए, तो लोग सरकार से कार्रवाई की मांग दोगुनी तेजी से करते हैं। भारत में वायु प्रदूषण, हीटवेव और बच्चों की सेहत सबसे बड़ी चिंता बन रहे हैं
ट्रंप ने कहा कि पूर्व एफबीआई निदेशक ने उन्हें मारने के लिए कोड भाषा में संदेश भेजे
वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी की एक पोस्ट की आलोचना करते हुए दावा किया कि कोमी ने उनकी हत्या का खुफिया संदेश साझा किया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर 86 47 […] The post ट्रंप ने कहा कि पूर्व एफबीआई निदेशक ने उन्हें मारने के लिए कोड भाषा में संदेश भेजे appeared first on Sabguru News .
ड्रेसिंग रूम में स्मोकिंग करने पर रियान पराग पर लगा भारी जुर्माना
नई दिल्ली। रियान पराग पर उनके स्मोकिंग एक्ट के लिए मैच फीस का 25 परसेंट जुर्माना लगाया गया है, जिससे खेल की बदनामी हुई। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान को भेजे गए नोटिस में, बीसीसीआई ने उन पर प्लेयर कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.1 के तहत लेवल 1 का अपराध लगाया, जो खिलाड़ियों और अधिकारियों […] The post ड्रेसिंग रूम में स्मोकिंग करने पर रियान पराग पर लगा भारी जुर्माना appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग को गर्भपात की अनुमति बरकरार रखी, एम्स की याचिका खारिज
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें एक 15 वर्षीय नाबालिग के 30 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति देने वाले दो न्यायाधीशों की पीठ के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची […] The post सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग को गर्भपात की अनुमति बरकरार रखी, एम्स की याचिका खारिज appeared first on Sabguru News .
अलवर : कार में आग लगने से एक ही परिवार के 5 लोगों की जलकर मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक कार में आग लगने से हुई पांच लोगों की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने घटना की जांच के आदेश दिए है। चौधरी ने बताया कि मृतकों की पहचान हो गई है। मृतकों में परिवार […] The post अलवर : कार में आग लगने से एक ही परिवार के 5 लोगों की जलकर मौत appeared first on Sabguru News .
वेब सीरीज 'लुक्खे' का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, रैप बैटल और क्राइम की दिखेगी जबरदस्त टक्कर
प्राइम वीडियो ने अपनी आने वाली प्राइम ओरिजिनल सीरीज 'लुक्खे' का ज़बरदस्त और रोमांच से भरपूर ट्रेलर रिलीज कर दिया है। इस सीरीज़ का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है और इसका निर्माण विपुल डी. शाह और राजेश बहल ने ऑप्टिमिस्टिक्स एंटरटेनमेंट और व्हाइट गुरिल्ला एलएलपी के बैनर तले किया है। इस सीरीज को एग्रीम जोशी और देबोजीत दास पुरकायस्थ ने बनाया है और यह उनके ही द्वारा एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूस भी की गई है। सीरीज़ में मुख्य भूमिकाओं में राशि खन्ना और किंग हैं। जहां किंग, जो एक प्रशंसित भारतीय रैपर, गीतकार और सिंगर हैं, इस शो के साथ अपना अभिनय डेब्यू कर रहे हैं। इसके अलावा पलक तिवारी (जो भी अपनी स्ट्रीमिंग डेब्यू कर रही हैं) और लक्षवीर सिंह सारण प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। सीरीज़ में नकुल रोशन सहदेव, कृतिका भारद्वाज, शिवांकित परिहार, योगराज सिंह और आयशा रजा मिश्रा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह आठ एपिसोड की सीरीज़ आठ मई को विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर हिंदी में भारत सहित दुनिया के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में रिलीज़ होगी। लुक्खे का ट्रेलर दर्शकों को एक जबरदस्त और ऊर्जा से भरपूर दुनिया में ले जाता है, जहां एमसी बदनाम (किंग) अपने दमदार अंदाज़ में माइक पर अपना दबदबा बनाते हुए दिखाया गया है। वहीं उनकी कड़ी टक्कर एमसी ओजी (शिवांकित परिहार) से देखने को मिलती है। साथ ही लकी (लक्षवीर सिंह सारण) और सनोबर (पलक तिवारी) के बीच उभरती हुई प्रेम कहानी भी कहानी को नया मोड़ देती है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, तनाव और भावनाएं और भी गहरी होती जाती हैं और रैप, अपराध तथा रिश्तों की दुनिया आपस में टकराकर एक ऐसे मोड़ पर पहुंचती है जहां बदले, मोक्ष और ज़बरदस्त एक्शन की एक रोमांचक कहानी बनती है।
सरगुजा में 4 नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप मामले में 6 आरोपी अरेस्ट
रायपुर/सरगुजा। छत्तीसगढ़ में सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन नाबालिग शामिल हैं। पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर अन्य संदिग्धों के […] The post सरगुजा में 4 नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप मामले में 6 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
76 साल के नाना पाटेकर की जबरदस्त फिटनेस ने जीता दिल, ट्राइसेप डिप्स वीडियो वायरल
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में आ गए हैं। 76 साल के नाना पाटेकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह वर्कआउट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्हें ट्राइसेप डिप्स करते हुए देखा जा सकता है। नाना पाटेकर का यह वीडियो फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर अतुल कसबेकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। इस वीडियो में नाना पाटेकर को बहुत ही सहजता और बिना किसी थकान के 15 ट्राइसेप डिप्स लगाते दिख रहे हैं। वह टैन कलर की शॉर्ट्स, सफेद बनियान और गले में गमछा डाले नजर आ रहे हैं। A post shared by Atul Kasbekar (@atulkasbekar) अतुल कसबेकर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, आ-हो नाना साहेब...!!! आपने मुझे अपने फिटनेस लक्ष्यों को रीसेट करने पर मजबूर कर दिया है। अतुल ने यह भी बताया कि उन्होंने वीडियो थोड़ा देर से बनाना शुरू किया, जिसके कारण वह पूरे 15 डिप्स रिकॉर्ड नहीं कर पाए, लेकिन जो उन्होंने कैद किया, वह वाकई प्रेरणादायक है। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। जहां कुछ लोग नाना पाटेकर की इस फिटनेस और अनुशासन की जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उन्हें उनकी सुपरहिट फिल्म 'वेलकम' के लोकप्रिय किरदार 'उदय शेट्टी' के रूप में याद कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'कंट्रोल उदय कंट्रोल।' एक अन्य ने लिखा, 'उदय भाई अभी भी एकदम फिट दिख रहे हैं।' वहीं फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने भी इस वीडियो पर कमेंट कर अपना उत्साह दिखाया है। नाना पाटेकर अपने सख्त अनुशासन और सादगी भरे जीवन के लिए जाने जाते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वे हर दिन करीब डेढ़ से दो घंटे शारीरिक गतिविधियों को देते हैं। उनके वर्कआउट में केवल आधुनिक जिम एक्सरसाइज ही शामिल नहीं हैं, बल्कि वे सूर्य नमस्कार जैसी पारंपरिक और प्राकृतिक व्यायाम तकनीकों को भी अपने रूटीन का हिस्सा बनाते हैं। नाना पाटेकर के करियर की बात की जाए, तो वे आज भी फिल्मों में पूरी तरह सक्रिय हैं। साल 2025 में उन्होंने 'हाउसफुल 5' में अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख जैसे कलाकारों के साथ शानदार काम किया था। वह हाल ही में 'ओ रोमियो' में नजर आए। इसके आलवा उन्होंने 'सुबेदार' और 'संकल्प' में भी अपनी बेहतरीन छाप छोड़ी।
जानिए कौन थे दादा साहब फाल्के, जिनके नाम पर दिया जाता है भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार
भारतीय सिनेमा के पितामह माने जाने वाले दादा साहब फाल्के का जन्म 30 अप्रैल 1870 को नासिक जिले के त्र्यम्बकेश्वर गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। दादा साहब फाल्के का पूरा नाम धुण्डीराज गोविंद फाल्के था। परिवार की परंपरा के अनुसार उन्हें घर पर ही संस्कृत और पुरोहिताई की शिक्षा दी गई। उनकी रुचि चित्रकला, नाट्य, अभिनय और जादूगरी मे विकसित होती चली गई। इनका परिष्कार बंबई आकर हुआ, जब उनके पिता दाजी शास्त्री एलफिंस्टन कॉलेज में संस्कृत के प्राध्यापक बने। 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद धुण्डीराज गोविंद फाल्के ने बंबई के प्रसिद्ध कला विद्यालय जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स में प्रवेश लिया। ललित कलाओं के साथ छायांकन कला ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया। इसके बाद वे बड़ौदा के कला भवन गए और छायांकन में असाधारण रुचि को देखते वहां के प्रधानाचार्य प्रो. गज्जर ने छायांकन विभाग उन्हें सौंप दिया। छात्रवृत्ति से खरीदा कैमरा दादा साहब फाल्के ने वहां छायांकन प्रयोगशाला और पुस्तकालय में उपलब्ध सूचना सामग्री का भरपूर उपयोग किया। 1890 में उन्हें जो छात्रवृत्ति मिली, उससे एक कैमरा भी खरीद लिया। उन्होंने मॉडलिंग और आर्किटेक्चर का प्रशिक्षण भी लिया। अध्ययन समाप्ति के बाद के 16 वर्षों में दादा साहब फाल्के ने विभिन्न व्यवसायों में अपना भाग्य आजमाया। बंबई रहकर उन्होंने छायांकन किया। रंगमंच के परदों पर लैंडस्केप बनाए। कहा जाता है कि उन्होंने एक सेट की डिजाइन के लिए अहमदाबाद में हुई प्रतियोगिता में पुरस्कार भी पाया था। दादा साहब फाल्के ने जादूगरी भी सीखी दादा साहब फाल्के ने गोधरा में कुछ दिन रहकर फोटोग्राफी पर हाथ आजमाए। पुणे में सन 1903 में शासन के पुरातत्व विभाग में ड्रॉफ्ट्स मैन और फोटोग्राफर पद पर काम किया। इसी दौरान 1901 में एक जर्मन जादूगर से मुलाकात ऐसी हुई कि उसके शिष्य बन गए। उसे अनेक एन्द्रेजालिक युक्तियां सीखीं और जादू में माहिर हुए। दादा साहब फाल्के पर लोकमान्य तिलक का गहरा प्रभाव था। अपनी सरकारी नौकरी से वे खुश नहीं थे। उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसी बीच राजा रवि वर्मा के देवी-देवताओं के रंगीन चित्रों की धूम मची हुई थी। लोग भारी संख्या में चित्र खरीद रहे थे। रवि वर्मा ने अपना लिथोग्राफी प्रेस शुरू किया था। इसमें बड़ौदा के रीजेंट और दीवान सर माधवराव उनसे सहयोग कर रहे थे। दादा साहब फाल्के ने राजा रवि वर्मा का प्रेस ज्वाइन कर लिया। उन्हें फोटोलिथो ट्रांसफर तैयार करना होते थे। प्रेस की सफलता और चित्रों की मांग से प्रभावित होकर दादा के कुछ रिश्तेदारों ने उन्हें स्वयं की प्रेस भागीदारी में शुरू करने का अनुरोध किया। फाल्के ने स्वयं का एनग्रेविंग और प्रिंटिंग वर्क्स कायम कर लिया। 1909 में छापखाने के प्रमुख और प्रमुख तकनीशियन के रूप में वे जर्मनी गए। नई मशीनों के संचालन की जानकारी हासिल की। तीन रंगों की छपाई की नई मशीन लेकर लौटे। प्रेस चल निकला। इसी समय भागीदारी से मतभेद हो गया। वे दु:खी हो गए। नहीं मन लगा छापखाने में इस बारे में उनकी पत्नी सरस्वती देवी ने लिखा है- 'उनका मन छापखाने के काम में बाद में नहीं लगा। कई गुजराती परिवारों के प्रस्ताव आए कि लक्ष्मी आर्ट प्रेस छूट जाने से निराश न हो। नई पूंजी से सरस्वती प्रेस लगाएं। वह मेरा निर्माण था। मैं उस प्रेस को कोई क्षति नहीं पहुंचाना चाहता।' सन 1911 में 'लाइफ ऑफ क्राइस्ट' फिल्म देखकर दादा फाल्के रातभर बेचैन रहे। फिल्म को दूसरी, तीसरी और चौथी बार देखने पर उनके मनोसंसार में हलचल मची और भविष्य में बनाई जाने वाली अपनी फिल्म की तस्वीरें दिमाग में दौड़ने लगीं। यदि भगवान कृष्ण के जीवन पर फिल्म बनाई जाएगी, तो कृष्ण का बचपन, राधा और गोपियों के प्रसंग, कालिया मर्दन, कंस वध के दृश्य परदे पर किस प्रकार प्रकट होंगे। उनकी कल्पना हवा पर सवार हो गई। भारत में भी फिल्में बनाने आया विचार दादा साहब फाल्के ने नवयुग पत्रिका (1917-18) में अपने संस्मरण लिखे हैं जिनमें 'राजा हरिश्चंद्र' के निर्माण के पूर्व (1911-12) अपनी मानसिक दशा का चित्रण किया है- अगले दो माह तक मेरी यह हालत रही कि मैं तब तक चैन से नहीं बैठ सकता था, जब तक बंबई के सिनेमाघरों में लगी सभी फिल्में नहीं देख लेता था। मैं उन सभी फिल्मों का विश्लेषण करता और सोचता कि क्या हमारे यहां भी ऐसी फिल्में बनाई जा सकती हैं।' अपनी आंखों की बीमारी के दौरान उन्होंने कला के प्रदर्शन का सही तरीका खोज निकाला। उन्होंने एक मटर का दाना एक गमले में बो दिया। उसके अंकुरण और विकसित होने के रोजाना चित्र लेने लगे। जब पूरा पौधा उग आया, तो उनकी पहली फिल्म 'मटर के पौधे का विकास' बनकर आई। इस फिल्म को देखकर उनके व्यापारी मित्र नाडकर्णी ने उन्हें बाजार दर पर पैसा उधार दिया और लंदन से उपकरण खरीद लाने की सलाह दी। किचन बना डार्क रूम इस उद्योग में सबसे पहले उनके सहायक बने परिवार के सदस्य। फिल्म परफोरेटर का काम सरस्वती काकी ने संभाला। इस फिल्म की पट्टी में छेद स्वयं को करना होते थे। आधे इंच की पट्टी को घुप्प अंधेरे में रखकर छेद करने का काम सरल नहीं था। रोशनी की एक किरण से पूरी फिल्म खराब हो सकती थी। एक छेद गलत होने पर फिल्म या प्रोजेक्टर में फंस सकती थी। दिन में रसोई का काम निपटाने के बाद रात को वही रसोईघर डार्क रूम में बदल जाता था। भारत की पहली फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र अपने अनुभवों से दादा फाल्के समझ गए थे कि पहली फिल्म के लिए भगवान कृष्ण का चुनाव करना नादानी होगी। कृष्ण के जीवन का इतना विस्तार है कि उसे दो-ढाई घंटे में समेटा नहीं जा सकता। पहले छोटे बजट, कम कलाकार, ऐसा कथानक जो सरल और सर्वज्ञात हो पर फिल्म बनाने का तय करते ही उन्हें बंबई में हिट जा रहे नाटक 'राजा हरिश्चंद्र' से प्रेरणा मिली और इस तरह भारत की पहली फिल्म बनी 'राजा हरिश्चंद्र'। 'राजा हरिश्चंद्र' में राजा की भूमिका के लिए अभिनेता दाबके का चयन हुआ। तारामती के रोल में पुरुष अण्णा सालुंके राजी हुए। बेटे रोहिताश्व की सांप के काटने से मृत्यु होती है, इस अंधविश्वास के चलते किसी माता-पिता ने धन के लालच के बावजूद अपना बेटा नहीं दिया। मजबूर होकर दादा को अपने बेटे भालचंद्र को उतारना पड़ा। सरस्वती काकी जरा भी अंधविश्वासी नहीं थीं। हवा में उड़ते हनुमान दादा साहब फाल्के की अधिकांश फिल्मों की कथावस्तु पौराणिक गाथाएं और पात्र हैं। परिवार की विरासत के रूप में उन्हें बचपन में पुराण, उपनिषद, रामायण और महाभारत का अध्ययन कराया गया था, जो उनके फिल्मकार बनने पर बेहद प्रभावी साबित हुआ। उनकी आरंभिक फिल्मों के चरित्रों का चित्रांकन इतना सशक्त और गहराई से देखने को मिलता है कि विदेशी दर्शकों ने फाल्के की अभिव्यक्ति का लोहा माना। फिल्म 'लंकादहन' में उड़ते हुए हनुमान को देखने दर्शकों की इतनी भीड़ जमा हो जाती थी कि कई बार उन्हें दो-दो दिन ठहरकर फिल्म देखना होती थी। पहले तो सिनेमा चमत्कार और अजूबा बनकर आया और जब हनुमान हवा में उड़ने लगे तो महा-चमत्कार हो गया। दादा साहब फाल्के ने इंडस्ट्री को कई बेहतरीन फिल्में दी। इनमें मोहिनी भस्मासुर, सत्यवान सावित्री, लंका दहन, श्री कृष्ण जन्म शामिल हैं। उनकी आखिरी बोलती फिल्म गंगावतरण थी। उनके सम्मान में भारतीय फिल्मों का सबसे बड़ा पुरस्कार 'दादा साहब फाल्के' दिया जाता है।
बॉलीवुड में आने से पहले सनी लियोनी ने कभी नहीं किया था डांस
बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी ने बीते दिनों अपने जीवन औरकरियर पर नृत्य के प्रभाव को दर्शाया था। सनी लियोनी जो देसी लुक, बेबी डॉल और सुपर गर्ल फ्रॉम चाइना जैसे हिट गानों में अपने सनसनीखेज डांस प्रदर्शन के लिए व्यापक रूप से जानी जाती हैं, उन्होंने अपने डांस करने के साथ अपने संघर्षों के बारे में बात की थी। एक समय था जब सनी लियोनी को कैमरे के सामने डांस करने में काफी झिझक होती थी और उन्हें केवल बेसिक 'टू-स्टेप' ही आता था। लेकिन अपनी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने खुद को 'डांस नंबरों की रानी' के रूप में स्थापित कर लिया है। आज उनके डांस मूव्स के लाखों-करोड़ों दीवाने हैं और उनके गाने चार्टबस्टर पर छाए रहते हैं। 'बेबी डॉल', 'देसी लुक' और 'सुपर गर्ल फ्रॉम चाइना' जैसे सुपरहिट गानों में अपने बेहतरीन डांस का जलवा बिखेरने वाली सनी लियोनी का यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। एक बयान में सनी ने इस बात को खुलकर स्वीकार किया था कि ऑन-द-स्पॉट डांस करना उनके लिए बहुत स्वाभाविक नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया था, ऑन द स्पॉट डांस करना कुछ ऐसा है जो वास्तव में मेरे दिमाग में नहीं आता। मैं एक अच्छी स्टूडेंट बनने की कोशिश करती हूं और अपने स्टेप्स ठीक से सीखती हूं। मैं तब तक रिहर्सल और अभ्यास करती हूं जब तक मुझे लगता है कि यह सही और आकर्षक नहीं लगता है। सनी लियोनी की यह बात साबित करती है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। भले ही उन्हें डांस सीखने और भारतीय गानों के अंदाज को अपनाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ी हो, लेकिन उनके समर्पण ने उन्हें बॉलीवुड की एक प्यारी हस्ती बना दिया है। जब सनी लियोनी ने भारतीय फिल्म उद्योग में कदम रखा, तो वह यहां के लिए बिल्कुल एक बाहरी थीं। इंडस्ट्री का हिस्सा बनने और यहां के डांस कल्चर को समझने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष किया। शुरुआत में उन्हें डांस स्टेप्स याद रखने और उन्हें सही तरीके से परफॉर्म करने में थोड़ी मुश्किल होती थी। सनी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था, डांस ने मेरी जिंदगी बदल दी है। बॉलीवुड में आने से पहले, मैंने वास्तव में कभी भी डांस नहीं किया था। मुझे केवल टू-स्टेप के बारे में पता था। मैंने नृत्य करना शुरू किया, और मुझे एहसास हुआ कि मैं वास्तव में संगीत का अधिक आनंद लेती हूं। डांस ने मुझे अपनी झिझक को दूर करने और खुले रूप से बाहर आने की अनुमति दी। 'बेबी डॉल' से लेकर 'सुपर गर्ल फ्रॉम चाइना' तक का जादू सनी लियोनी के गानों की सफलता का ग्राफ हमेशा काफी ऊंचा रहा है। रागिनी एमएमएस 2 का गाना 'बेबी डॉल' हो या 'एक पहेली लीला' का 'देसी लुक', सनी ने अपने हर गाने से दर्शकों का दिल जीत लिया है। उनके ये डांस नंबर आज भी पार्टियों और शादियों की जान बने हुए हैं।
Kurma Avatar story: भगवान विष्णु के द्वितीय अवतार, कूर्म अवतार और समुद्र मंथन की पौराणिक कथा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन के गहरे प्रबंधन सूत्रों को भी सिखाती है। जब देवता और असुर अमृत की खोज में एकजुट हुए, तब मंदराचल पर्वत को डूबने से बचाने के लिए श्रीहरि ने कछुए का रूप धरा। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर क्या करते हैं? आज के डिजिटल युग में, लोग न केवल इस कथा के आध्यात्मिक पक्ष को खोज रहे हैं, बल्कि इससे जुड़ी ज्योतिषीय और सांस्कृतिक मान्यताओं को भी जानना चाहते हैं। यहां पढ़ें कूर्म जयंती की कथा... 01 मई को पड़ने वाला वैशाख पूर्णिमा का दिन भारतीय संस्कृति में बेहद खास है। यह वही पावन तिथि है जब हम बुद्ध जयंती और महर्षि भृगु जयंती के साथ-साथ 'कूर्म जयंती' भी मनाते हैं। 'कूर्म' यानी कछुआ- भगवान विष्णु का वह अवतार, जिसने डूबते हुए पर्वत को संभालकर सृष्टि को अमृत का वरदान दिलाया। क्रोध, शाप और खोई हुई लक्ष्मी कहानी शुरू होती है दुर्वासा ऋषि के भयंकर क्रोध से। जब देवराज इंद्र ने अनजाने में ऋषि का अपमान किया, तो उन्होंने इंद्र को 'श्री' (लक्ष्मी और ऐश्वर्य) से हीन होने का शाप दे दिया। स्वर्ग की रौनक चली गई और देवता शक्तिहीन हो गए। तब संकटमोचन विष्णु जी ने एक युक्ति निकाली- समुद्र मंथन! उन्होंने असुरों को अमृत का लालच देकर देवताओं के साथ मिलकर समुद्र को मथने के लिए राजी किया। जब डूबने लगा मंदराचल पर्वत... मंथन की तैयारी पूरी थी। मंदराचल पर्वत को 'मथानी' बनाया गया और नागराज वासुकि को 'नेती' (रस्सी)। लेकिन जैसे ही मंथन शुरू हुआ, एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई। समुद्र के बीचों-बीच पर्वत को सहारा देने वाला कोई ठोस आधार नहीं था और वह धीरे-धीरे पानी में डूबने लगा। कच्छप अवतार और 14 रत्नों का जन्म देवताओं को संकट में देख भगवान विष्णु ने एक विशालकाय कछुए (कच्छप) का रूप धारण किया। वे समुद्र के तल में जाकर बैठ गए और मंदराचल पर्वत को अपनी कठोर पीठ पर थाम लिया। भगवान की पीठ के मजबूत आधार पर पर्वत तेजी से घूमने लगा और फिर शुरू हुआ चमत्कारों का सिलसिला। समुद्र से एक-एक करके 14 रत्न निकले, जिनमें माता लक्ष्मी, ऐरावत हाथी और अंत में अमृत कलश शामिल था। खास बात: इसी कथा के अंत में विष्णु जी ने मोहिनी रूप भी धरा था, ताकि असुरों से अमृत बचाकर देवताओं को अमर बनाया जा सके। कूर्म अवतार हमें सिखाता है कि बड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक मजबूत 'आधार' और धैर्य की आवश्यकता होती है। इस बार कूर्म जयंती पर जब आप कछुए का प्रतीक देखें, तो याद रखिएगा कि यह केवल एक जीव नहीं, बल्कि उस शक्ति का प्रतीक है जिसने पूरी सृष्टि के कल्याण के लिए भार उठाया था। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Buddha Purnima wishes: बुद्ध पूर्णिमा पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे अलग खुशियों भरे शुभकामना संदेश
'बॉबी' से मिला स्टारडम, लेकिन एक अवॉर्ड का रहा ताउम्र मलाल, ऋषि कपूर की अनकही बातें
बॉलीवुड में अपने सदाबहार अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले ऋषि कपूर को उनकी पहली फिल्म 'मेरा नाम जोकर' के लिए बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड मिला था। चार सितंबर 1952 को मुंबई में जन्में ऋषि कपूर को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनके पिता राज कपूर फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता और निर्माता-निर्देशक थे। घर में फिल्मी माहौल रहने के कारण ऋषि कपूर का रूझान फिल्मों की ओर हो गया और वह भी अभिनेता बनने के ख्वाब देखने लगे। ऋषि कपूर ने अपने सिने करियर की शुरूआत अपने पिता की निर्मित फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से की। वर्ष 1970 में प्रदर्शित इस फिल्म में ऋषि कपूर ने 14 वर्षीय लड़के की भूमिका निभाई जो अपनी शिक्षिका से प्रेम करने लगता है। अपनी इस भूमिका को ऋषि कपूर ने इस तरह निभाया कि दर्शक भावविभोर हो गए। फिल्म 'मेरा नाम जोकर' के लिए ऋषि को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड मिला था। इससे जुड़ा एक किस्सा उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'खुल्लम खुल्ला' में बताते हुए कहा था, 'जब मैं मुंबई लौटा तो मेरे पिता ने उस अवॉर्ड के साथ मुझे अपने दादा जी पृथ्वीराज कपूर के पास भेजा। मेरे दादा जी ने वो मेडल अपने हाथ में लिया और उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने मेरे माथे को चूमा और कहा, 'राज ने मेरा कर्जा उतार दिया।' फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है। जब राज कपूर ने ऋषि कपूर को फिल्म 'मेरा नाम जोकर' में अपने बचपन का रोल दिया तो वे स्कूल में पढ़ा करते थे। फिल्म में काम करने के दौरान ऋषि स्कूल नहीं जा पाते थे और ये बात उनके टीचर्स को बिल्कुल पसंद नहीं थी। आखिर एक दिन ऐसा आया जब स्कूलवालों ने ऋषि कपूर को स्कूल से निकाल दिया। जब ये बात राज कपूर को पता चली तो उन्होंने काफी मशक्कत के बाद स्कूल में फिर से ऋषि कपूर का एडमिशन करवाया। फिल्म मेरा नाम जाकर भारतीय सिनेमा इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है लेकिन उन दिनों फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नकार दी गई थी। इस फिल्म को पूरा करने में काफी समय लगा था। बताया जाता है कि राज कपूर को अपनी पत्नी के गहने भी बेचने पड़े थे। राज कपूर पर काफी कर्ज हो गया था। राज कपूर ने कर्ज से बाहर निकलने के लिए कम बजट की फिल्म बॉबी बनाने का निर्णय लिया। टीनएज प्रेम कथा पर आधारित वर्ष 1973 में प्रदर्शित फिल्म 'बॉबी' के लिए राज कपूर ने अपने बेटे ऋषि कपूर और 16 साल की डिंपल कपाड़िया को चुना था। बतौर अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया की भी यह पहली ही फिल्म थी। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की जबरदस्त कामयाबी ने न सिर्फ डिंपल कपाड़िया बल्कि ऋषि कपूर को भी शोहरत की बुंलदियों पर पहुंचा दिया। राज कपूर पर चढ़ा कर्ज भी उतर गया। फिल्म बॉबी के लिए ऋषि कपूर को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड मिला था, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई ऋषि कपूर ने खुद ऑटोबायोग्राफी खुल्लम खुल्ला में बताते हुए कहा था कि उन्होंने ये अवॉर्ड पैसे देकर खरीदा था। इस बात का उन्हें ताउम्र मलाल रहा था। फिल्म बॉबी की सफलता के बाद ऋषि कपूर की जहरीला इंसान, जिंदादिल और राजा जैसी फिल्में प्रदर्शित हुई लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण ये फिल्में टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म खेल खेल में की कामयाबी के बाद ऋषि कपूर बतौर अभिनेता अपनी खोई हुई पहचान बनाने में कामयाब हो गए। कॉलेज की जिंदगी पर बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर की नायिका की भूमिका अभिनेत्री नीतू सिंह ने निभाई। फिल्म खेल खेल में की कामयाबी के बाद ऋषि कपूर और नीतू सिंह की जोड़ी दर्शकों के बीच काफी मशहूर हो गयी। बाद इस जोड़ी ने रफूचक्कर, जहरीला इंसान, जिंदादिल, कभी-कभी, अमर अकबर एंथनी, अनजाने, दुनिया मेरी जेब में, झूठा कहीं का, धन दौलत, दूसरा आदमी आदि फिल्मों में युवा प्रेम की भावनाओं को निराले अंदाज में पेश किया। वर्ष 1977 में प्रदर्शित फिल्म अमर अकबर एंथोनी ऋषि कपूर के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना जैसे मंझे हुए कलाकारों की मौजूदगी में भी ऋषि कपूर ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों को दीवाना बना दिया। मनमोहन देसाई के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर अकबर इलाहाबादी की भूमिका में दिखाई दिए। इस फिल्म में उन पर फिल्माया यह गीत 'पर्दा है पर्दा' आज भी सर्वश्रेष्ठ कव्वाली के तौर पर शुमार किया जाता है। वर्ष 1977 में ही ऋषि कपूर के सिने करियर की एक और सुपरहिट फिल्म हम किसी से कम नहीं रिलीज हुई। नासिर हुसैन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर डांसर सिंगर की भूमिका में दिखाई दिए। इस फिल्म में उन पर फिल्माया यह गीत 'बचना ए हसीनों लो मै आ गया' आज भी श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर देता है। वर्ष 1979 में के. विश्वनाथ की श्री श्री मुवा की हिंदी में रिमेक फिल्म सरगम ऋषि कपूर के सिने करियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुई। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिये अपने करियर में पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से उन्हें नामांकित किया गया। वर्ष 1980 में रिलीज फिल्म कर्ज ऋषि कपूर की सुपरहिट फिल्म में शुमार की जाती है। सुभाष घई के निर्देशन में पुनर्जन्म पर आधारित इस फिल्म में उन पर फिल्माया यह गीत 'ओम शांति ओम' दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। इस गीत से जुड़ा दिलचस्प तथ्य यह है कि इसे कोलकाता के नेताजी सुभाषचंद्र स्टेडियम में फिल्माया गया था और गाने के दौरान ऋषि कपूर एक घूमते हुए डिस्क पर नृत्य करते हैं। वर्ष 1982 में प्रदर्शित फिल्म प्रेम रोग में ऋषि कपूर के अभिनय के नए रूप देखने को मिले। यूं तो यह फिल्म नारी प्रधान थी इसके बावजूद उन्होंने अपने भावपूर्ण अभिनय से दर्शकों का दिल जीतकर फिल्म को सुपरहिट बना दिया। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित भी किए गए। वर्ष 1985 में प्रदर्शित फिल्म तवायफ ऋषि कपूर के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। फिल्म में जबरदस्त अभिनय के लिए ऋषि कपूर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। वर्ष 1989 में प्रदर्शित फिल्म चांदनी ऋषि कपूर अभिनीत महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऋषि कपूर ने फिल्म के शुरूआत में जहां चुलबुला और रूमानी अभिनय किया वहीं फिल्म के मध्यांतर में एक अपाहिज की भूमिका में संजीदा अभिनय से दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सवश्रेष्ठ अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से नामांकित भी किए गए। वर्ष 1996 में ऋषि कपूर ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखकर प्रेम ग्रंथ का निर्माण किया। यह फिल्म हालांकि टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई लेकिन इसमें ऋषि कपूर के अभिनय को जबरदस्त सराहना मिली। वर्ष 1999 में ऋषि कपूर ने फिल्म आ अब लौट चले का निर्माण और निर्देशन किया। दुर्भाग्य से यह फिल्म भी टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई। वर्ष 2000 में प्रदर्शित फिल्म कारोबार की असफलता के बाद और अभिनय में एकरूपता से बचने तथा स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप मे भी स्थापित करने के लिए ऋषि कपूर ने स्वयं को विभिन्न भूमिकाओं में पेश किया। वर्ष 2009 में प्रदर्शित फिल्म लव आज कल में अपने दमदार अभिनय के लिए ऋषि कपूर को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। ऋषि कपूर ने अपने चार दशक के लंबे सिने करियर में लगभग 150 फिल्मों में अभिनय किया। वर्ष 2018 में उन्हें कैंसर हुआ था। ऋषि का अमेरिका में 11 महीनों तक इलाज चला जिसके बाद वे भारत लौट आए थे और यहीं उन्होंने 30 अप्रैल 2020 को अपनी अंतिम सांस ली थी। अपने काम को लेकर उन्हें इतना जुनून था कि अमेरिका में इलाज के दौरान भी वे फिल्ममेकर्स से स्क्रिप्ट मंगाते और पढ़ते थे। ऋषि कपूर की अंतिम फिल्म 'शर्माजी नमकीन' वर्ष 2022 में ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज हुई थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही ऋषि बीमार पड़े थे। फिर कोविड का दौर आ गया था। ऋषि फिल्म पूरी करते, उससे पहले ही उनका निधन हो गया था। ऋषि कपूर ने शर्माजी का किरदार 65 प्रतिशत तक शूट कर लिया था। बाकी बचा हुआ किरदार परेश रावल ने शूट किया था।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (30 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today 30 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: इस दिन आपको कार्यस्थल पर सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में समझदारी बनाए रखें। धन: धन में बढ़ोतरी के संकेत हैं, लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: आज हल्की-फुल्की समस्याएं हो सकती हैं, ध्यान रखें। उपाय: दिन की शुरुआत में सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। ALSO READ: Amarnath yatra 2026: कैसे और कब प्रारंभ हुई अमरनाथ यात्रा? 2. वृषभ (Taurus) करियर: कार्य में सफलता का समय है, कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं। लव: प्रेम संबंधों में तनाव हो सकता है, समझदारी से काम लें। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी, सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें, नियमित व्यायाम करें। उपाय: गणेश जी की पूजा करें और लड्डू का भोग अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर कुछ अड़चनें आ सकती हैं, धैर्य रखें। लव: रिश्तों में नई ऊर्जा का संचार होगा। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय भी अच्छी रहेगी। स्वास्थ्य: खुद को तरोताजा रखने के लिए आराम करें। उपाय: हनुमान जी के मंत्र का जाप करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: काम में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो लाभकारी होगी। लव: आज आप अपने प्रिय के साथ समय बिता सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: सफेद वस्त्र पहनें और आज भगवान शिव का ध्यान करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्य में कुछ प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन आप विजयी होंगे। लव: अपने प्रेमी/प्रेमिका से मेलजोल बढ़ाएं, कोई गलतफहमी हो सकती है। धन: धन का अच्छा संचार होगा, पुराने निवेश का लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य रहेगा, ध्यान रखें। उपाय: श्री लक्ष्मी मंत्र का जप करें। ALSO READ: Narasimha jayanti 2026: नृसिंह भगवान के बारे में 5 अनसुने रहस्य 6. कन्या (Virgo) करियर: नई योजनाओं पर काम करने का समय है, सफलता मिलने की संभावना। लव: आज अपने रिश्ते को लेकर कुछ निर्णय ले सकते हैं। धन: धन से संबंधित मामले सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: कार्यस्थल पर कुछ अड़चनें आ सकती हैं, संयम बनाए रखें। लव: प्रियजन से बातचीत में हल्की सी दूरियां आ सकती हैं। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, कोई नया निवेश न करें। स्वास्थ्य: ध्यान और योग करें। उपाय: घर के मुख्य द्वार पर दीपक रखें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: इस दिन कार्य में स्थिरता मिलेगी, कोई बड़ा अवसर मिल सकता है। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन: व्यावसायिक मामले अच्छे रहेंगे, धन का लाभ होगा। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा। उपाय: काले तिल का दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज कार्य में बदलाव की संभावना हो सकती है। लव: रिश्तों में समझदारी से काम लें, छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत का ध्यान रखें, थोड़ी थकान हो सकती है। उपाय: श्री कृष्ण की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: इस दिन आपको कार्य में अच्छा परिणाम मिलेगा। लव: प्यार और समझदारी के साथ रिश्तों में आगे बढ़ें। धन: धन लाभ के संकेत हैं, लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय: पीपल के पेड़ की पूजा करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: काम में नई दिशा मिलेगी, उत्साहित रहें। लव: प्रेम संबंधों में कुछ परेशानियां हो सकती हैं। धन: धन लाभ के अच्छे संकेत हैं। स्वास्थ्य: मानसिक स्थिति में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है। उपाय: बड़ों का आशीर्वाद लें। 12. मीन (Pisces) करियर: इस दिन कुछ नई पेशेवर गतिविधियां हो सकती हैं। लव: प्रेम संबंधों में समर्पण और समझ बढ़ेगी। धन: धन की स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से स्फूर्ति बनी रहेगी। उपाय: घर में तुलसी के पौधे की पूजा करें। ALSO READ: बुद्ध जयंती 2026: आखिर कहां और कैसे हुआ था गौतम बुद्ध का जन्म? जानें पूरी सच्चाई
मध्य प्रदेश का शिवपुरी जिला। पथरीले खेतों और अलसाई सड़क से होते हुए 40 किलोमीटर दूर एक तहसील है- पोहरी। गर्मी की धूप में डामर की सड़कें ऐसी तप रही हैं कि गलती से पैर पड़े तो छाले पड़ जाएं। दूर से ही कुछ घर नजर आने लगे। एक घर के सामने भीड़ लगी है। दो हट्टे-कट्टे मर्द जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं- ‘हमने इस मौड़ी को 20 हजार रुपए में खरीदकर अपनी बहू बनाया था। अब ये तेरे साथ रहने लगी। अगर तू इसे अपने घर में रखेगा तो झगड़ा देना पड़ेगा। पैसा देना पड़ेगा। इसकी दूसरी शादी है, इसलिए कीमत और बढ़ जाएगी।’ फिर बोली लगनी शुरू हुई। आखिरकार 40 हजार कीमत तय हुई। एक शख्स ने हाथ जोड़कर कहा- ‘इतना पैसा तो नहीं है, साहूकार से उधार लेकर आता हूं।’ पूछने पर पता चला कि इस इलाके में शादी के लिए लड़कियां खरीद कर ही लाई जाती हैं। वो भी बकायदा स्टाम्प पेपर के साथ। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में आज कहानी मध्य प्रदेश के इसी इलाके से, जहां स्टाम्प पर तय हो रही शादी के लिए लड़कियों की कीमत… मैंने पास खड़े शख्स से पूछा- ‘झगड़ा देना पड़ेगा का क्या मतलब होता है?’ वो बोले- ‘यहां झगड़ा का मतलब लड़की की खरीददारी करना होता है। आदिवासी समुदाय में पहली शादी के बाद दूसरी या तीसरी शादी होने पर झगड़ा देना पड़ता है, यानी एक तय रकम देनी होती है। यह रिवाज है। पहली, दूसरी, तीसरी… शादी को इनके समुदाय में हाथ से गुजरना कहते हैं। जितनी शादियां होंगी, लड़की की कीमत उतनी बढ़ती जाएगी। जैसे- कोई 50 हजार में लड़की खरीद कर लाया, फिर वो लड़की कुछ दिन रही और दूसरे घर चली गई तो पहली शादी वाली फैमिली 50 हजार से ज्यादा लेगी, तब उस लड़की को दूसरे पति के साथ रहने देगी। ऐसे रेट बढ़ता रहता है। अब तक यहां खड़ी भीड़ घर की तरफ लौट गई थी। घर के सामने पेड़ के नीचे चेहरे पर मासूमियत लिए एक लड़की बैठी है, जिसकी कीमत 40 हजार तय हुई है। नाम- बबीता। कुछ देर बात करने के बाद वो सहज हुईं। शादी के बारे में पूछते ही बोलीं- कुछ दिन पहले मेरी दूसरी शादी सोनवीर से हुई है। वो मुझसे दो साल छोटा है। ‘पहली शादी कहां हुई थी’ ‘पहली शादी जिससे हुई थी, वो खूब-मारता पीटता था। शराब पीकर रात-रातभर मुझे मोटर साइकिल पर बिठाकर अपने दूसरे-तीसरे रिश्तेदारों के यहां घुमाता रहता था। मना करती थी, तो वह और मारता था। बीवी उसकी थी, लेकिन अपने रिश्तेदारों के यहां मुझे रात में सुला देता था। नींद में मेरे साथ क्या होता होगा, क्या नहीं, मुझे नहीं पता। इसलिए मैं एक दिन मायके भाग आई। कुछ दिन बाद ही सोनवीर से शादी कर ली। डेढ़ साल से हम दोनों एक-दूसरे को जानते थे।’ अब तक सोनवीर भी साहूकार से पैसे उधार लेकर लौट आए थे। वो भी बबीता के पास ही बैठ गए। कितनी उम्र होगी आपकी? मैंने बबीता से पूछा ‘मुझे नहीं पता कि मेरी कितनी उमर होगी।’ सोनवीर धीरे से बोलते हैं, ‘21, 22 साल होगी। 40 हजार रुपए साहूकारों से ब्याज लेकर इसके पहले ससुराल वालों को दे रहा हूं। अब क्या कर सकता हूं। मुझसे शादी नहीं होती, तो कोई इसका गलत फायदा उठाता।’ सोनवीर के एक रिश्तेदार भी यहीं पर बैठे हुए हैं। कहते हैं, ‘पहली शादी के बाद, दूसरी-तीसरी शादी के लिए सब पैसा देकर ही लड़की लाते हैं। अब ये लड़की यदि दूसरे-तीसरे घर में जाएगी, तो इसका रेट बढ़ता जाएगा। जैसे ये लड़की अब हमारे घर में 40 हजार रुपए में आई है। अब ये किसी तीसरे घर में गई, तो हम लोग कम-से-कम 80 हजार रुपए तो लेंगे ही।’ ऐसे लड़की खरीदकर लाने में डर नहीं लगता? ‘किस बात का डर। यहां बड़े-बड़े लोगों के घर में लड़कियां दूसरे जगह से ज्यादा-ज्यादा कीमत पर खरीदकर लाई जाती हैं। लोग डरते हैं इसलिए बताते नहीं हैं। हमारा एक पड़ोसी है राकेश- उसकी बीवी कुछ दिन पहले भाग गई। साथ में तीन साल के बेटे को भी लेकर चली गई।’ कुछ देर बाद राकेश से मेरी मुलाकात हुई। वह परेशान हैं, लेकिन कैमरे पर एक शब्द नहीं बोलना चाहते। कहते हैं, ‘4 साल पहले शादी हुई थी। उससे एक बेटा भी है और दोबारा पेट से है। शादी का कागज-पत्तर सब बनवाया था। कुछ दिन पहले ही बेटे को लेकर पता नहीं कहां भाग गई। 30 हजार रुपए में शहडोल से खरीदकर लाया था। मंदिर में शादी हुई थी। अब वह लड़का मुझे वापस कर दे, तो जान में जान आए। इसी चिंता में 10 दिन से खाना नहीं खाया है। दिनभर बेटे की याद आती है, लेकिन उसकी मां कसाई निकली। पूरी रकम चुकाई थी। तीन साल से अच्छे से रह भी रहे थे हम दोनों, तब भी भाग गई। मेरा 6-7 महीने का बच्चा उसके पेट में पल रहा है। पता नहीं, अब किसके हाथ चली गई। मिल जाए, तो इसकी खाल उधेड़ लूंगा,’ बीवी को गाली देते हुए राकेश चले जाते हैं। इसके बाद मेरी मुलाकात मुकेश नाम के शख्स से हुई। वो बताते हैं, ‘यहां इतनी गरीबी है कि अच्छे-अच्छे लोगों की शादी नहीं हो पाती है। इसलिए कई लोग ओडिशा, झारखंड, बिहार से लड़की लेकर आते हैं। ये ऐसी लड़कियां होती हैं, जिनके परिवार में अमूमन कोई नहीं होता। दलाल लड़के के परिवार से पैसे लेकर शादी करवाता है। शादी के बाद जब लड़कियों को दो वक्त का खाना नसीब होने लगता है, तो यहीं की होकर रह जाती हैं। हालांकि, कुछ लड़कियां पैसों की लालच में फिर से भाग जाती हैं। लड़कियों की कीमत 10-20 हजार रुपए से लेकर 2-2 लाख तक होती है।’ यहां से निकलकर मैं गांव के बाहर एक ढाबे पर पहुंचा। सामने अधेड़ उम्र का आदमी भट्ठी में रोटियां सेंक रहा था। मैंने उससे रास्ता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की। जब वो सहज होने लगा तो धीरे से पूछा- ‘यहां दूसरे राज्यों से लड़कियां लाई जाती है?’ वो दबी जुबान में बोला, ‘यहां ज्यादातर घरों की बहुएं ऐसे ही लाई गई हैं, लेकिन कोई बात नहीं करेगा। कोई 30 साल पहले ओडिशा से लड़की लेकर आया, तो कोई बिहार से। बहुतों का घर बस गया और कईयों का उजड़ भी गया। पैसा भी चला गया और लड़की भी।’ ‘तो जो लड़कियां भाग जाती हैं, उनकी कोई खोज खबर नहीं मिलती?’, मैंने पूछा ‘इतनी दूर से लाते हैं। ज्यादातर के तो रिश्तेदारों का भी पता नहीं होता, कहां ही खोज पाएंगे। इसलिए अब जो लड़कियां यहां आ चुकी हैं, वही अपने रिश्तेदारी में शादी करा देती हैं। सामने ही चाय वाला है। उसकी भाभी ओडिशा से हैं। अब अपने देवर की शादी भी ओडिशा में ही करवा रही है। आप गांव में घूम जाएंगे, लेकिन कोई बात नहीं करेगा। सब डरते हैं कि उसका बसा-बसाया घर उजड़ जाएगा। कौन जाएगा मुसीबत मोल लेने।’ यहां लड़कियां कम हैं या बेरोजगारी की वजह से कोई अपनी लड़की नहीं देता? ‘शिवपुरी में लड़कियों की आबादी बहुत कम है न! हजार मर्दों पर 800 के करीब लड़कियां हैं। इसलिए बरसों से दूसरे राज्यों से, मध्य प्रदेश के ही अलग-अलग शहरों से लड़कियों को खरीदकर लाते रहे हैं। यह कोई नया नहीं है।’ तभी एक लंगड़ाता हुआ आदमी आ जाता है। बात सुनकर माथा पीटते हुए कहता है, ‘कुछ ही दिन पहले छतरपुर से लड़की खरीदकर लाया था। लाखों रुपए दिए थे। अब न लुगाई रही, न पैसा। सब लुट गया, बर्बाद हो गया। लड़की शादी के 4 दिन बाद ही भाग गई। गहना-जेवर सब ले गई।’ ‘नाम क्या है आपका, कितनी उम्र है?' ‘भरत नाम है, 30 साल का हूं।’ ‘कैसे शादी हुई थी आपकी?’, पूछते हुए मैं कैमरा लगाने लगता हूं। भरत घबराकर उठ खड़े होते हैं। ‘मैं नहीं बात करूंगा। इज्जत लुट गई, अब क्या बात करूं। वीडियो बनाओगे। समाज में बदनामी होगी। मामा ने शादी कराकर सब बर्बाद कर दिया,’ कहते हुए जाने लगते हैं। काफी देर बातचीत के बाद भरत चेहरा ढंककर बात करने को राजी होते हैं। कहते हैं, ‘चार साल पहले की बात है। बाइक से एक्सिडेंट हो गया था। दायां पैर 8 हिस्से में टूट गया। ऑपरेशन हुआ तो लोहे की रॉड डल गई। पैर घुटने से मुड़ता ही नहीं है। ढाई महीने बिस्तर पर रहा। शरीर पूरा गल गया। जब ठीक होकर थोड़ा-बहुत चलने लगा, तब रिश्तेदारी में सब मां से कहने लगे- बेटे की शादी कर लो। लड़की दिलवा देंगे। बुढ़ापे का सहारा हो जाएगा। कब तक अकेले चूल्हे में जलती रहोगी। मैंने मां से कहा- लड़की खरीदने में बहुत फ्रॉड होता है। लड़की कैसी है, क्या पता। नहीं करेंगे शादी। फिर एक दिन मेरे मामा घर आए। बोले- लड़की की गारंटी मैं लूंगा। तुम पैसे खर्च करो। अच्छी लड़की ढूंढ़कर लाऊंगा।’ कितने रुपए पर बात हुई थी? ‘डेढ़ लाख रुपए में सौदा पक्का हुआ। मामा ने एक जानने वाले से बात करके लड़की का फोटो मंगवाया। गोरा चेहरा, नैन-नक्श भी ठीक थे। मैं हां कर दी। लगा कि मेरा वंश आगे बढ़ेगा। फरवरी महीने की बात है। हल्की-हल्की ठंड थी। लड़की को छतरपुर से यहां लाने के लिए 10 हजार रुपए गाड़ी का भाड़ा दिया। लड़की के साथ उसका एक भाई, बुआ और दलाल भी था। सभी लोग यहां के मंदिर में आए। मामा ने मुझसे पैसे लेकर लड़की वालों को दे दिए। एक कमरे में हम दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाया, मिठाई खिलाई। स्टाम्प पेपर पर राजीनामा लिखवाकर शादी पक्की हो गई। लड़की को लेकर हम लोग गांव लौट आए। जैसे एक पति-पत्नी एक कमरे में रहते हैं, हम भी रहने लगे। मां उसे खाना बनाकर खिलाती थी कि नई-नई बहू है। शादी की पहली रात जब मैंने उससे पहले पति के बारे में पूछा तो बोली एक बच्चा था उससे, लेकिन वह मर गया। चौथे दिन की बात है। वह कहने लगी- शहर जाकर माता के मंदिर में माथा टेकना है। हम दोनों सुबह-सुबह बस से मंदिर के लिए निकल गए। मैं तो पैर की वजह से सीढ़ी चढ़ नहीं पाता। इसलिए वो बोली- तुम यहीं पर रुको। मैं पूजा करके आती हूं। वो जो मंदिर की सीढ़ियां चढ़ी कि दोबारा लौटी ही नहीं। शादी में सोने का मंगलसूत्र चढ़ाया था, वह भी लेकर चली गई।’ आप मंदिर के नीचे ही इंतजार कर रहे थे? ‘हां, शाम तक राह ताकता रहा। जब नहीं आई, तब घर वालों को फोनकर बताया कि भाग गई है। एक रोज उसका फोन आया। पीछे से बच्चों के रोने की आवाज आ रही थी। पूछने पर बोली कि ये मेरे ही बच्चे हैं। तीन बच्चों की मां हूं। गाली देते हुए फोन काट दिया। लड़की भी गई, महाजन से कर्ज लेकर जो पैसे दिए थे डेढ़-दो लाख रुपए वो भी गए। सब पानी में चला गया। मामा ने कमीशन खाकर हमें कहीं का नहीं छोड़ा। अब कहां से इतने पैसे चुकाऊंगा,’ कहते-कहते भरत फिर से सामने बैठे मामा से लड़ने लगते हैं। बार-बार वह मामा को कह रहे हैं, ‘तुमने लड़की की गारंटी ली थी। अब बताओ, कहां गई लड़की।’ मामा कुर्सी पर सिर झुकाए बैठे हुए हैं। पूछने पर कहते हैं, ‘मेरे जानने वाले की बीज की दुकान थी। मैंने कहा था कि कोई लड़की हो तो बताना, भांजे को शादी करानी है। उसी ने रिश्ता करवाया था। वह तो 2 लाख रुपए मांग रहा था। मैंने कम करके डेढ़ लाख में पक्का किया था। नहीं पता था कि मौड़ी चार दिन में ही भाग जाएगी। अब पुलिस में मामला दर्ज कराने जाऊं, तो लाज लगती है। डर भी लगता है कि पुलिस कहीं हमें ही न टांग दे। इधर रिश्तेदार दिन-रात मेरी छाती पर चढ़े रहते हैं कि पैसे लौटाओ। मैं क्या करूं। मैंने थोड़े न पैसा लिया है।’ नोट- पहचान छिपाने के लिए लोगों के नाम बदले गए हैं। -------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें2- ब्लैकबोर्ड-जान बचानी थी, तो सिर पर बांध ली भगवा पट्टी:दंगे की तस्वीर ने मेरी जिंदगी बर्बाद की- हिंदुत्व का चेहरा बना, लेकिन मिला कुछ नहीं 2002 गुजरात दंगे के दो पोस्टर बॉय की कहानी, जिनमें हिंदुत्व का चेहरा बने मोची अशोक परमार आज दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात सड़क पर सोते हैं। वे उस वक्त 27 साल के थे। आज 51 साल के हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
14 मार्च 2026, यूपी पुलिस SI भर्ती परीक्षा में सवाल पूछा गया- ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। पहला विकल्प था- पंडित। दूसरा- अवसरवादी, तीसरा- निष्कपट और चौथा- सदाचारी। सही जवाब- अवसरवादी। विकल्प में ब्राह्मण लिखने से ये समुदाय भड़क गया। ब्राह्मण विधायकों और नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नाराजगी भरी चिट्ठियां लिखीं। डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने फौरन जांच का आदेश दिया। CM ने भी कहा कि ऐसे सवाल बनाने वालों को खोजकर ब्लैकलिस्ट करो। 46 दिन हो गए। विधायकों को चिट्ठियों के जवाब नहीं मिले। ये तक नहीं पता कि जांच टीम बनी भी है या नहीं। दैनिक भास्कर ने विरोध दर्ज कराने वाले BJP के तीन विधायक, एक बड़े नेता, एक सपा विधायक और यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के अफसरों से बात की। BJP नेता और विधायकों ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बात की क्योंकि हाईकमान से चुप रहने का मैसेज मिला है। पढ़िए इनके जवाब… 1.यूपी में BJP के प्रदेश स्तर के नेता सवाल: आपने CM को लेटर लिखा था, उसका फॉलोअप लिया?जवाब: हां, पूछा था। गोलमोल जवाब मिला। हमें बताया गया है कि बोर्ड की टीम इस मामले की जांच कर रही है। टीम में कौन-कौन हैं, हमें नहीं बताया गया। डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने जांच के आदेश दिए थे। उनसे पूछ सकते हैं। सवाल: क्या जांच की स्थिति जानने के लिए दोबारा लेटर लिख सकते हैं? जवाब: हां, ये कर सकते हैं। करेंगे भी। सवाल: बोर्ड लखनऊ में ही है, क्या आपकी अधिकारियों तक पहुंच नहीं है? जवाब: पहुंच तो सब तक है, लेकिन अधिकारियों की मजबूरी है कि उन्हें ऊपर के लोगों के आदेश पर चलना पड़ता है। वे हमें औपचारिक तौर पर कुछ क्यों बताएंगे। अनौपचारिक तौर पर पता लगा है कि जांच टीम बनी ही नहीं। मौखिक जवाब दे दिया गया। लिखित में कुछ नहीं हुआ। 2. BJP विधायक 1 सवाल: जांच रिपोर्ट कब तक आएगी, आपने कुछ फॉलाेअप लिया?जवाब: हां, लेटर लिखा था। मुख्यमंत्री जी ने भरोसा दिया था कि जांच होगी। टीम में कौन-कौन है, ये गोपनीय विषय है। जांच गुप्त रूप से चल रही है। हमें नहीं बता सकते। मामला गंभीर है। रिपोर्ट आने में वक्त लगेगा। हम फिर से फॉलोअप ले लेंगे। आपको स्टेटस पूछकर बता देंगे। हमने नाराजगी जताने के लिए लेटर लिखा था। नाराजगी दर्ज हो गई। अब जांच सरकार का विषय है। 3. BJP विधायक 2 सवाल: अवसरवादी पंडित वाला मामला कहां तक पहुंचा?जवाब: अब निपट गया है। बोर्ड ने मौखिक जवाब दिया है कि मामले को गलत ढंग से प्रचारित किया गया। पेपर में विकल्प के तौर पर पंडित दिया गया था। ये नहीं कहा गया कि पंडित ही सही विकल्प है। अगर कोई पंडित टिक करता, तो वो गलत जवाब होता। विकल्प हमेशा स्टूडेंट्स को भ्रमित करते हुए होते हैं। ये विकल्प भी स्टूडेंट को भ्रमित करने वाला था। बोर्ड या पेपर सेटर की मंशा न तो शरारत की थी और न साजिश की। फिर भी जरूरी है कि एक जाति के नेताओं को टारगेट करने की आदत वाले शरारती तत्वों की पहचान हो। इस विषय को किसी एक मुद्दे की बजाय कई घटनाओं को जोड़कर देखना चाहिए। सवाल: आप लोग जांच का दबाव क्यों नहीं बना रहे? जवाब: लेटर लिखने वाले विधायकों को पार्टी ने मैसेज दे दिया है कि शांति बनाए रखें। कुछ और लिखने या पूछने की जरूरत नहीं। राजनीति में मैसेजिंग होती है, लिखत-पढ़त में या किसी कानूनी तरह से नहीं। बस मैसेज मिल जाता है। और लोग समझ जाते हैं। 4. BJP विधायक 3 सवाल: अवसरवादी पंडित वाले मामले की जांच कहां तक पहुंची?जवाब: CM ऑफिस से हमें बताया गया कि जांच चल रही है। हम भी इंतजार कर रहे हैं। अब रिमाइंडर डालेंगे। लखनऊ जाएंगे तो स्टेटस पता करेंगे। जांच टीम में बोर्ड के अंदर के लोग हैं या सरकार के भी लोग हैं, हमें नहीं बताया गया। 5. अमिताभ बाजपेयी, सपा विधायक सवाल: आपने CM को शिकायती लेटर भेजा था, क्या जवाब आया?जवाब: आपको लगता है वहां से कोई जवाब मिलता है! अपने विधायकों की तो सुनते नहीं, हमारी क्या सुनेंगे। उन्हें लेटर तो कई मुद्दों पर लिखे हैं। आज तक किसी का जवाब नहीं मिला। RTI लगाने का भी फायदा नहीं। वे भी अटक जाती हैं। हमने पता लगाया, तो कहा गया टीम जांच कर रही है। टीम में कौन-कौन है, बोर्ड के कौन से अधिकारी जांच के दायरे में हैं, इसकी खबर किसी को नहीं। आप BJP विधायकों से भी पता लगाइए। वे अंदर के लोग हैं, शायद उन्हें कुछ पता चला हो। 6. यूपी पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड के सोर्स सवाल: क्या जांच टीम बनी है, पेपर सेट करने वाली टीम में कौन-कौन था?जवाब: हमारी नॉलेज में ऐसी कोई टीम नहीं बनी है। बोर्ड में बैठक जरूर हुई है। डायरेक्टर साहब ने बोर्ड के सभी अधिकारियों को हिदायत दी थी कि इस बारे में किसी से बात न करें। तब भी इसे किसी की साजिश या शरारत नहीं बताया गया, बल्कि गलतफहमी से उपजा विवाद बताया गया था। पेपर सेट करने वाली टीम बाहर की थी। पता लगा था कि कर्नाटक की कोई फर्म थी। कंपनी के मालिक हाई प्रोफाइल हैं। नाम के बारे में 100% श्योर नहीं हूं। कंपनी का कनेक्शन कर्नाटक और महाराष्ट्र से भी था। मालिक यूपी से है। बहुत सेंसेटिव जोन से है, इसीलिए अभी नाम नहीं ले रहा हूं। बोर्ड के चेयरमैन को कई बार फोन किया, हर बार मीटिंग का हवाला यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एस. बी. शिरोडकर को हमने कई बार फोन किया। ऑफिस के नंबर पर हर बार फोन उठा। साहब की व्यस्तता और बैठकों का हवाला देकर कुछ देर बाद फोन करने को कहा गया। कुछ देर बाद फोन करने पर फिर वही जवाब मिला। उनके मोबाइल नंबर पर भी कई बार फोन किया, लेकिन बात नहीं हुई। चेयरमैन के पीए अशोक वर्मा से दो बार बात हुई। पहली बार उन्होंने सीयूजी नंबर और ऑफिस के नंबर पर बात करने की सलाह दी। बात नहीं हुई तो कहा, मैं ऑफिस जाऊंगा, तो बात करवा दूंगा। अगली बार बात की, तो जवाब झल्लाहट के साथ मिला। मैं छुट्टी पर हूं। मुझे बार-बार फोन न करें। यूपी में 52 ब्राह्मण विधायक, सबसे ज्यादा 41 BJP के यूपी विधानसभा में कुल 52 ब्राह्मण विधायक हैं। इनमें BJP के 41, BJP के साथ गठबंधन में शामिल निषाद पार्टी के 4, अपना दल (S) के 1, विपक्षी समाजवादी पार्टी के 5 और कांग्रेस के 1 विधायक ब्राह्मण कम्युनिटी से आते हैं। CSDS-लोकनीति के अनुमानित आंकड़े के मुताबिक, यूपी में ब्राह्मणों की आबादी 9% से 11% के बीच मानी जाती है। OBC 45% से 50%, अनुसूचित जाति 21% से 22%, अनुसूचित जाति 19% से 20%, राजपूत 7% से 8%, वैश्य 3% से 4% और अन्य 2% से 3% हैं। ……………………………… ये रिपोर्ट भी पढ़ेंपंजाब में क्या 38% दलित दिलाएंगे BJP को जीत, RSS के प्लान में दलित संत-राम कनेक्शन पंजाब में विधानसभा चुनाव को करीब एक साल बाकी है, लेकिन RSS ने पंजाब जीतने का प्लान लॉक कर लिया है। गृह मंत्री अमित शाह भी साफ कर चुके हैं कि BJP पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। RSS के प्लान के केंद्र में पंजाब की 38% दलित आबादी है। इसे साधने के लिए 5 पॉइंटर रणनीति बनी है। टारगेट पर AAP की 92 सीटें हैं। पढ़ें पूरी खबर...
बैंगलूरू को भेदना आसान नहीं, क्या मोटेरा पर कमाल कर पाएगी गुजरात?
RCBvsGT मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आईपीएल 2026 प्लेऑफ़ की दौड़ में अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी, जब गुरुवार को यहाँ नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सीजन के 42वें मैच में उसका सामना गुजरात टाइटन्स से होगा। आरसीबी इस मुकाबले में जबरदस्त फ़ॉर्म में उतर रही है; उसने अपने आठ में से छह मैच जीते हैं और 1.919 के शानदार नेट रन रेट के साथ पॉइंट्स टेबल पर दूसरे स्थान पर है। वहीं, गुजरात टाइटन्स का प्रदर्शन इस सीज़न में उतार-चढ़ाव भरा रहा है, जिसमें उसे चार जीत और चार हार मिली हैं, जिससे वह पॉइंट्स टेबल में बीच में फँसी हुई है और उसका नेट रन रेट भी नेगेटिव है। बेंगलुरु की टीम ने इसी सीजन में पहले गुजरात टाइटन्स को पाँच विकेट से हराया था और इस बार भी वह अपनी बल्लेबाज़ी की ताक़त और अनुशासित गेंदबाज़ी के संतुलित तालमेल पर ही भरोसा करेगी। विराट कोहली 58.50 की औसत से 351 रन बनाकर आरसीबी की बल्लेबाज़ी की रीढ़ बने हुए हैं, जबकि देवदत्त पडिक्कल और रजत पाटीदार ने मध्यक्रम में आक्रामक अंदाज़ में उनका साथ दिया है। उनकी गेंदबाज़ी भी इस टूर्नामेंट में सबसे असरदार रही है; भुवनेश्वर कुमार अब तक 14 विकेट ले चुके हैं और जोश हेजलवुड लगातार मैच जिताने वाली गेंदबाज़ी कर रहे हैं। आरसीबी दिल्ली कैपिटल्स पर एकतरफ़ा जीत हासिल करके इस मैच में उतर रही है, जिसमें उसने अपने विरोधी को सिर्फ़ 75 रन पर ऑल आउट कर दिया था और फिर 6.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया था। हेज़लवुड ने 4/12 का प्रदर्शन किया, जबकि भुवनेश्वर ने 3/5 विकेट लेकर अपना दबदबा दिखाया। हालाँकि, गुजरात टाइटन्स चेन्नई सुपर किंग्स पर अपनी हालिया जीत से आत्मविश्वास हासिल करेगी। साई सुदर्शन ने 46 गेंदों पर नाबाद 87 रन बनाकर शानदार प्रदर्शन किया, जबकि जोस बटलर और कप्तान शुभमन गिल ने भी लगातार रन बनाने का अपना सिलसिला जारी रखा। कगिसो रबाडा ने इस सीज़न में 13 विकेट लेकर गेंदबाज़ी की कमान बखूबी संभाली है। घरेलू मैदान का फ़ायदा होने के बावजूद, गुजरात टाइटन्स इस सीज़न में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए तीन मैचों में से सिर्फ़ एक ही जीत पाई है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट अपने अहम पड़ाव पर पहुँच रहा है, उनकी यह बेजोड़ फ़ॉर्म उनके लिए चिंता का सबब बनी हुई है। अहमदाबाद की पिच से बल्लेबाज़ी के लिए मददगार होने की उम्मीद है, जहाँ आईपीएल की पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 180 रहता है। मौसम साफ़ और सूखा रहने की संभावना है, हालाँकि दूसरी पारी में ओस का असर पड़ सकता है। मेहमान टीम के पक्ष में चल रही लय और हालिया फॉर्म को देखते हुए, इस बड़े मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु थोड़ी ज़्यादा मजबूत दावेदार नजर आ रही है। टीम इस प्रकार हैं: गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कैगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, एम शाहरुख खान, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, राहुल तेवतिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप साल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेथेल, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल। समय : शाम 7.30 बजे
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में मतदान के तुरंत बाद बुजुर्ग की मौत
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान बुधवार को हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई। यहाँ 82 वर्षीय एक बुजुर्ग मतदाता ने अपना वोट डालने के तुरंत बाद दम तोड़ दिया। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मृतक […] The post पश्चिम बंगाल के हावड़ा में मतदान के तुरंत बाद बुजुर्ग की मौत appeared first on Sabguru News .
खैरथल तिजारा में विवाह से एक दिन पहले दुल्हन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के खैरथल थाना क्षेत्र में एक परिवार की खुशियां पलक झपकते ही मातम में बदल गईं, जब बुधवार को बारात आनी थी और एक दिन पहले दुल्हन लक्ष्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को घर में हल्दी की रस्म चल […] The post खैरथल तिजारा में विवाह से एक दिन पहले दुल्हन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुए ज्यादातर एग्जिट पोल में BJP की सरकार बनती दिख रही है। 7 में से 5 बड़ी एजेंसियों के सर्वे बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें दे रहे हैं। नतीजे 4 मई को आएंगे। भास्कर एक्सप्लेनर में जानिए वो 5 बड़े फैक्टर, जिनकी वजह से बंगाल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनती दिख रही है… बंगाल चुनाव में बीजेपी को हिंदू वोटर्स से सबसे बड़ी उम्मीद है। इसी वोट बैंक के दम पर बीजेपी 2016 में 3 सीटों से 2021 में 77 सीटों तक पहुंची थी। 2026 चुनाव में भी हिंदुओं को अपने पाले में करने के लिए बीजेपी ने कई बड़े कदम उठाए, जिनमें से ज्यादातर कामयाब होते दिख रहे हैं… ‘फिश पॉलिटिक्स’ को ही चुनावी हथियार बना लिया ‘काबा’ बनाम ‘मां काली’ का नैरेटिव बनाया ममता बनर्जी लगातार 15 सालों से बंगाल की सीएम हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि उन्हें सत्ता में बनाए रखने में महिला वोट-बैंक की बड़ी भूमिका रही, जिससे ममता ने लगातार मजबूत किया था। बीजेपी ने ममता के इस बडे़ वोट-बैंक में सेंध लगाने के लिए पूरा जोर लगा दिया… महिला वोटर्स के लिए दोगुना कैश चुनाव से पहले महिला आरक्षण का दांव आजादी बनाम पाबंदी का नैरेटिव 2021 की हार से सबक लेते हुए बीजेपी ने 2026 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 'बूथ जीतने' पर फोकस बढ़ाया। बंगाल में बीजेपी की नई रणनीति के 5 हाइलाइट्स हैं… ----------------- चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… बंगाल- 6 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा सरकार: असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी; केरल में 10 साल बाद UDF सरकार बनने का अनुमान पश्चिम बंगाल में 6 एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं। 5 में भाजपा और एक में TMC सरकार बनने का अनुमान जताया गया है। मैट्रिज के एग्जिट पोल में TMC को 125 से 140 और भाजपा को 146 से 161 सीटें मिलने का अनुमान है। पूरी खबर पढ़िए…
भोपाल में युवक का अपहरण कर अमानवीय यातना, निर्वस्त्र कर मारपीट, चेहरे पर पेशाब; वीडियो वायरल
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में वर्चस्व की लड़ाई के बीच एक युवक के साथ अमानवीय अत्याचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कमला नगर और हनुमानगंज थाना क्षेत्र से जुड़े इस प्रकरण में बदमाशों ने युवक का अपहरण कर उसे निर्वस्त्र कर बेल्ट, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा और उसके चेहरे पर पेशाब कर […] The post भोपाल में युवक का अपहरण कर अमानवीय यातना, निर्वस्त्र कर मारपीट, चेहरे पर पेशाब; वीडियो वायरल appeared first on Sabguru News .
चित्तौड़गढ़ में 10 किलो अफीम परिवहन करते दो तस्कर अरेस्ट
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पुलिस ने कार में ले जाई जा रही करीब दस किलो अवैध अफीम बरामद करके दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने बुधवार को बताया कि सदर थाना क्षेत्र में पुलिस दल की नाकाबन्दी के दौरान दो व्यक्ति उदयपुर-नीमच की तरफ से एक कार लेकर […] The post चित्तौड़गढ़ में 10 किलो अफीम परिवहन करते दो तस्कर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की नृशंस हत्या
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के चूनावढ़ थाना क्षेत्र में सागरवाला गांव में मंगलवार देर रात करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बेहद क्रूरता से हत्या कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार तेजधार हथियारों से उनकी एक टांग घुटने के नीचे से काट दी गयी, एक हाथ तोड़ दिया गया और सिर और पसलियों […] The post श्रीगंगानगर में 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की नृशंस हत्या appeared first on Sabguru News .
अजमेर में भाजपा प्रदेश प्रभारी का फूंका पुतला, कांग्रेस में आक्रोश
अजमेर। राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन अग्रवाल के बयान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं। दो दिन पूर्व टोंक में आयोजित भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी अग्रवाल ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को लेकर अनर्गल टिप्पणी की थी। टिप्पणी में […] The post अजमेर में भाजपा प्रदेश प्रभारी का फूंका पुतला, कांग्रेस में आक्रोश appeared first on Sabguru News .
बंगाल चुनाव 2026: ममता या मोदी, क्या BJP होगी पास, TMC फेल, क्या कहते हैं ज्योतिष?
Bengal Election 2026 Prediction: वर्तमान में पश्चिम बंगाल की राजनीति और आगामी चुनावों को लेकर ज्योतिषियों के बीच गहन चर्चा हो रही है। चूंकि बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण का मतदान हो चुका है, इसलिए भविष्यवाणियां मुख्य रूप से सत्ता के समीकरणों और राजनीतिक संघर्ष पर केंद्रित हैं। ज्योतिषियों का मत है कि ममता बनर्जी इस समय अपने राजनीतिक जीवन की सबसे कठिन 'अग्निपरीक्षा' से गुजर रही हैं। ग्रहों की चाल संकेत दे रही है कि सत्ता बचाने के लिए उन्हें अभूतपूर्व संघर्ष करना होगा और इसके परिणाम अत्यंत चौंकाने वाले हो सकते हैं। 1. सत्ता के लिए कड़ा संघर्ष (चुनावी परिदृश्य) पश्चिम बंगाल विधानसभा की कुल 294 सीटों के लिए मतदान हो चुका है, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ममता बनर्जी की कुंडली में शनि और राहु का प्रभाव उन्हें कड़ी चुनौती दे रहा है। कई विशेषज्ञ इसे 'कांटे की टक्कर' मान रहे हैं। राजनीतिक धरातल पर भी 'बाहरी बनाम बंगाली' का मुद्दा प्रभावी है, किंतु कुछ वर्गों का मानना है कि सत्ता विरोधी लहर, हिंसा और घुसपैठ जैसे मुद्दे इस बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राह कठिन बना रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस बार परिवर्तन होकर रहेगा। हालांकि जहां कुछ आकलन TMC की वापसी की संभावना जताते हैं, वहीं अधिकांश ज्योतिष विश्लेषण और भविष्यवाणियां सत्ता परिवर्तन की ओर संकेत कर रही हैं। 2. शनि का प्रभाव और 'खप्पर योग' वर्ष 2026 में बन रहे विशिष्ट खगोलीय योगों का प्रभाव बड़े राजनेताओं पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ममता बनर्जी की राशि और कुंडली के अनुसार, शनि का गोचर मानसिक तनाव और अपनों से विश्वासघात के प्रबल योग बना रहा है। ग्रहों की क्रूर दृष्टि के कारण ज्योतिषियों ने उन्हें न केवल राजनीतिक मोर्चे पर, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 3. आक्रामक तेवर, विवाद और कानूनी बाधाएं बुध के मीन राशि में होने (नीच का बुध) और मंगल के प्रभाव के कारण यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी वाणी और बयानबाजी विवादों को जन्म दे सकती है। उनका अत्यधिक आक्रामक रुख समर्थकों को उत्साहित तो करेगा, किंतु विपक्ष को तीखे प्रहार करने का अवसर भी प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, ग्रहों की स्थिति उनके कानूनी पचड़ों में फंसने की ओर भी संकेत कर रही है। 4. प्रमुख ज्योतिषियों के मत और अनुमान सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफार्मों पर कई प्रसिद्ध ज्योतिषियों ने अपने विश्लेषण साझा किए हैं: एस्ट्रो शर्मिष्ठा: उनके अनुसार ममता बनर्जी यह चुनाव हार रही हैं और भाजपा सत्ता में आएगी, हालांकि शुरुआती ढाई वर्ष नई सरकार के लिए चुनौतियों भरे रहेंगे। ज्योतिष वरुण प्रकाश: इनका भी मानना है कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के लिए इस बार पराजय के योग बन रहे हैं। संजीव आनंद (Astro SantJi): उन्होंने 40-60 के अनुपात में भाजपा की जीत की भविष्यवाणी की है। उनके अनुसार भाजपा को 150 से 160 सीटें प्राप्त हो सकती हैं। संत बेत्रा: इनका विश्लेषण कहता है कि बंगाल की कुंडली और मुख्यमंत्री की राशि पर शनि-राहु का नकारात्मक प्रभाव 'सत्ता परिवर्तन' का प्रबल कारक बनेगा। सुरेश कौशल, अरविंद त्रिपाठी, आचार्य रीना शर्मा और आचार्य शैलेश तिवारी: इन सभी विशेषज्ञों ने भाजपा की जीत की संभावना को अधिक प्रबल बताया है। इसका आधार है मोदी की मंगल की दशा। निशांत राजवंशी और एस्ट्रो राज: ग्रहों के गोचर के आधार पर इनका अनुमान है कि भाजपा 160-162 सीटों के साथ सरकार बनाने में सफल होगी। अधिकतर ज्योतिषियों का यदि विश्लेषण है कि भाजपा प्रचंड बहुमत से बंगाल में जीत रही है। 5. वैकल्पिक ज्योतिषीय दृष्टिकोण उपरोक्त भविष्यवाणियों के विपरीत, कुछ ज्योतिषियों का यह भी मानना है कि ममता बनर्जी की कुंडली अत्यंत शक्तिशाली है और वे निश्चित रूप से सत्ता में वापसी करेंगी। इन विश्लेषकों के अनुसार, उन्हें 160 से 175 सीटें मिल सकती हैं। इसके पीछे 'बाहरी बनाम बंगाली' की भावना, रणनीतिक गठबंधन और जमीनी स्तर पर तृणमूल कांग्रेस के प्रति मतदाताओं का एक विशिष्ट प्रभाव या भय प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
बंगाल चुनाव 2026: BJP की जीत पर क्यों मच सकता है बवाल? ज्योतिषीय संकेत
बंगाल की राजनीति इस समय एक बड़े ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। ज्योतिषियों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा 2026 में सत्ता में आती है, तो यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य के सामाजिक और प्रशासनिक ढांचे में एक 'बड़ा बदलाव' होगा। राजनीतिक पंडितों और कुछ प्रमुख ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर, सत्ता परिवर्तन के शुरुआती ढाई साल (30 महीने) में निम्नलिखित कार्यों और स्थितियों की चर्चा सबसे अधिक हो रही है। ज्योतिष विश्लेषण: 1. कुछ प्रसिद्ध ज्योतिषियों (जैसे विवेक त्रिपाठी, शर्मीष्ठा धास और विभुदानंद सत्पथी आदि) की मेदिनी ज्योतिष की गणना के अनुसार बंगाल की कुंडली में राहु का प्रभाव उथल-पुथल का संकेत देता है। यदि सत्ता परिवर्तन होता है, तो शुरुआती ढाई साल शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के समान भारी हो सकते हैं, जिसमें नई सरकार को भीतर और बाहर दोनों तरफ से भारी विरोध झेलना पड़ सकता है। ग्रहों की चाल बता रही है कि 2026 में 'राजयोग' का स्थानांतरण होने की प्रबल संभावना है, जो लंबे समय तक चलने वाले 'सत्ता के एकाधिकार' को तोड़ सकता है। 2. मेदिनी ज्योतिष के अनुसार संपूर्ण बंगाल (बांग्लादेश सहित) में बवाल ही चल रहा है। यदि हम इंटरनेट से प्राप्त बंगाल की अपुष्ट कुंडली पर नजर डालें तो तुला लग्न की कुंडली में लग्न में सूर्य बुध की युति, धन भाव में शनि और राहु की युति, पंचम में मंगल, अष्टम में केतु और 12वें भाव में चंद्र, गुरु और शुक्र की युति है। बुध की महादशा 2016 से चल रही है। इस दशा के कारण वहां लगातार स्थिति बिगड़ती गई। बंगाल अभी तक कभी सही नहीं रह पाया है। आजादी के बाद जिस पार्टी ने सत्ता संभाली वह चीन के इशारे पर काम करती रही है। आजादी के पहले भी यहां पर कभी भी शांति नहीं रही और उद्योग धंधे की कभी यहां पनप नहीं पाए। सांप्रदायिकता और धर्मांतरण यहां हमेशा हावी रहा। लोग गरीबी से कभी उभर नहीं पाए। यहां पर शनि और राहु का दूसरे भाव में रहना कुटूंब में कलह को जन्म देता है और धन का नाश भी करता है। लोग एक दूसरे पर कभी विश्वास नहीं करते हैं और समाज में अराजकता बनी रहती है। 1. प्रशासनिक और संवैधानिक बदलाव भ्रष्टाचार पर प्रहार: विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा शासन के शुरुआती समय में 'स्कूल भर्ती घोटाला' और अन्य कथित घोटालों की जांच तेज होगी। कई बड़े नामों पर कानूनी शिकंजा कसना पहले ढाई साल की प्राथमिकता हो सकती है। NRC और CAA का कार्यान्वयन : भाजपा के घोषणापत्र और केंद्रीय नेताओं के बयानों के अनुसार, बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर सख्ती और शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया (CAA) को जमीनी स्तर पर तेजी से लागू किया जाएगा। 2. कानून-व्यवस्था और 'बवाल' की आशंका चुनावी हिंसा का अंत: भाजपा का दावा है कि उनके आते ही 'सिंडिकेट राज' और राजनीतिक हिंसा खत्म होगी। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि सत्ता परिवर्तन के शुरुआती दौर में पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी वर्चस्व को लेकर 'बवाल' या टकराव की स्थितियां बन सकती हैं, जिसे संभालना नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। 3. केंद्रीय योजनाओं का विस्तार आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि: अब तक बंगाल में रुकी हुई या सीमित रूप से लागू केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह से लागू किया जाएगा। सीधे लाभ का हस्तांतरण (DBT): टीएमसी की 'लक्ष्मी भंडार' जैसी लोकप्रिय योजनाओं के मुकाबले भाजपा अपनी नई और शायद अधिक राशि वाली महिला केंद्रित योजनाएं लाने की कोशिश करेगी। 4. औद्योगिक पुनरुद्धार बंद कारखानों को खोलना: विश्लेषकों के अनुसार, शुरुआती ढाई साल में सरकार का ध्यान निवेश आकर्षित करने और टाटा नैनो जैसे विवादों के कारण खराब हुई बंगाल की 'इमेज' को सुधारने पर होगा। आईटी सेक्टर और विनिर्माण (Manufacturing) पर जोर दिया जा सकता है। 5. सांस्कृतिक और पहचान की राजनीति सोनार बांग्ला का मॉडल: 'बंगाली अस्मिता' और 'हिंदुत्व' के मेल से एक नया सांस्कृतिक मॉडल पेश किया जाएगा। दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों के सरकारी आयोजनों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 6. अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई भाजपा के सत्ता में आने पर, राज्य में अवैध प्रवासियों को चिन्हित कर बाहर निकालने (Rooted Out) की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जो एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। शनि का मेष राशि में गोचर (2027-2028) पूर्वी भारत में बड़े सांप्रदायिक मुद्दों, प्रवासन और सत्ता में बड़े बदलाव ला सकता है। निष्कर्ष: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भाजपा आती है, तो शुरुआती ढाई साल 'सफाई अभियान' और 'नींव रखने' (Foundation building) के होंगे। इस दौरान राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसे लोग 'बवाल' कह रहे हैं।
मध्यप्रदेश में मसाला फसलों, गार्डनिंग और फूड प्रोसेसिंग में कई संभावनाएं हैं। इनमें रोजगार के नए-नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। इन्हीं संभावनाओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 29 अप्रैल को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं-फील्ड गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलें छोटी जगह से बड़ी कमाई करने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रदेश के ज्यादातर किसानों को इससे जोड़ा जाए। किसानों को सीज़नल और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्राकृतिक खाद का उपयोग कर जैविक खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यानिकी फसलों के माध्यम से किसानों की वास्तविक आय बढ़ाई जाए। किसानों की आय वृद्धि और उनके जीवन में खुशहाली लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से उद्यानिकी फसलों और इनके जोत रकबे का साल-दर-साल विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी उद्यानिकी एवं मसाला फसलों की अंतर्राष्ट्रीय मांग बढ़ रही है। इसकी पूर्ति के लिए बाजार तलाशें, उद्यानिकी उत्पादों की भरपूर ब्रांडिग करें। हमारे यहां औषधीय गुणों से भरपूर फसलों की खेती भी बहुतायत में की जाती है। इनका बड़ा स्कोप है। औषधि निर्माण के लिए जरूरी इन फसलों की इन्टरनेशनल मार्केट में मांग अनुसार आपूर्ति के लिए पूरी सप्लाई चेन तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल नए-नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल खोले जा रहे हैं। इनमें देशी-आयुर्वेदिक दवाईयों की आपूर्ति में प्रदेश की औषधीय फसलों एवं उप-उत्पादों का भरपूर उपयोग किया जाए। मसाला फसलों के उत्पादन में हम पूरे देश में पहले स्थान पर हैं। यह उपलब्धि हमें इस क्षेत्र में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। विभाग की इस बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन में फूलों की खेती को प्रोत्साहन और विस्तार किया जा रहा है। इसके लिए उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर की स्थापना की जा रही है। सेंटर की स्थापना के लिए उज्जैन शहर के पास एक गांव में 19 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर समुचित समन्वय भी किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि मसाला फसलों का देश में उत्पादन 129.52 लाख मीट्रिक टन है। प्रदेश में इसका उत्पादन 57.72 लाख मीट्रिक टन है। इस तरह प्रदेश का देश में पहला स्थान है। पुष्प का देश में 32.26 लाख मी. टन और प्रदेश में 4.88 लाख मी. टन उत्पादन है। पुष्प उत्पादन में प्रदेश का देश में तीसरा स्थान है। सब्जी का देश में 2177.96 लाख मी. टन और प्रदेश में 259.52 लाख मी. टन उत्पादन है। इसमें प्रदेश का तीसरा स्थान है। फल का उत्पादन देश में 1176.48 लाख मी. टन और प्रदेश में 102.44 लाख मी. टन है। प्रदेश का इसमें चौथा स्थान है। मखाना की खेती का बढ़ाएंगे रकबा- बैठक में बताया गया कि प्रदेश में मखाना की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 14 जिलों, नर्मदापुरम, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, रीवा, शहडोल, रायसेन, अनूपपुर, पन्ना और सतना में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मखाना उत्पादन का रकबा इस वर्ष बढ़ाकर 85.00 हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार द्वारा मखाना उत्पादन की कुल परियोजना लागत (एक इकाई) पर 40 प्रतिशत तक की अनुदान सहायता दी जाती है। जून में भोपाल में होगा आम महोत्सव- बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इसी वर्ष जून माह में भोपाल में आम महोत्सव, जुलाई में खरगौन में मिर्च महोत्सव, सितम्बर में बुरहानपुर में केला महोत्सव, अक्टूबर में इंदौर में सब्जी महोत्सव, नवम्बर में ग्वालियर में अमरूद महोत्सव मनाया जाएगा। साथ ही दिसंबर में ग्वालियर में मधुमक्खी पालन व्यवसाय के प्रोत्साहन एवं जागरूकता के लिए एक कार्यशाला-सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को संतरा महोत्सव भी आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव के दौरान प्रदेश के सभी दस संभागों में आम के दस बाग लगाने के प्रयास किए जाएं। केला महोत्सव में केले के तने से रेशे बनाने वाले उद्यमियों-उद्योगपतियों को जोड़ा जाए। सब्जी महोत्सव के दौरान नागरिकों को अपने घरों में किचन गार्डन लगाने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाए। 40 नर्सरियां हो रहीं हाईटेक- इस बैठक में बताया गया कि प्रदेश में प्रेसराईज इरीगेशन वाले जिलों में 15 हज़ार हेक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र का विस्तार भी किया जा रहा है। दो स्मार्ट बीज फार्म का विकास, सागर में झिला फार्म, देवास में कन्नौद फार्म विकसित किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग के अधीन 40 नर्सरियों का उन्नयन कर इन्हें हाईटेक बनाया जा रहा है। धार जिले के बदनावर के समीप रूपाखेड़ा गांव में युवाओं द्वारा फूलों की खेती की जा रही है। यह गांव मध्यप्रदेश में स्विट्जरलैंड के किसी गांव की तरह फूलों की खेती में विशेष पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां उद्यानिकी फसलों के लिए बेहद अनुकूल हैं। इसका पूरा लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्रवार विशेष फसलों की पहचान कर किसानों को उनकी खेती के लिए प्रोत्साहित करें। उद्यानिकी फसलों के रकबे में तेजी से वृद्धि के लिए किसानों को जोड़कर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और बाजार उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं उद्यानिकी से सम्बद्ध विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित किया जाए। किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ना जरूरी- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उद्यानिकी क्षेत्र में ठोस और परिणामोन्मुखी कदम उठाए जाएं। पारम्परिक खेती के साथ-साथ किसानों को फल, फूल, सब्जी, मसाला, औषधीय एवं सुगंधित फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ना जरूरी है, जो उन्हें त्वरित और अधिक नकद आय प्रदान कर सकें। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए किसानों को जोड़कर सभी उपाय किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाकर इन्हें और प्रभावी बनाएं। योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न होने पाए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य योजनाओं का जमीन पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों एवं इनके उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास से किसानों की आय तो बढ़ेगी ही, रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने इस दिशा में छोटे-छोटे स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। किसानों की आय बढ़ाना प्राथमिकता- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना ही हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। राज्य सरकार कृषि को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण से हम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की ओर बढ़ेंगे। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश में उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को विभागीय अनुदान योजनाओं की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती-बाड़ी के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। बैठक में सामाजिक न्याय, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा समेत उद्यानिकी विभाग तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
फैंस का इंतजार हुआ खत्म, इस दिन बड़े पर्दे पर दस्तक देगी सोहम शाह की 'तुम्बाड 2'
सोहम शाह की फिल्म 'तुम्बाड 2' का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब मेकर्स ने आखिरकार इसकी रिलीज डेट का एलान कर दिया है। यह मच-अवेटेड सीक्वल 3 दिसंबर 2027 को रिलीज होगा, जिससे फैंस को अब फिल्म की एक तय तारीख मिल गई है। यह खुलासा हफ्तों के सस्पेंस के बाद हुआ है, जिसमें टीम मोशन पोस्टर और फिल्म की वापसी से जुड़े छोटे अपडेट्स के जरिए दर्शकों को एक्साइटेड कर रही थी। यह घोषणा साल 2024 में 'तुम्बाड' के दोबारा रिलीज होने और बॉक्स ऑफिस पर मिली शानदार सफलता के बाद की गई है, जिसने एक बार फिर इस फिल्म को चर्चा में ला दिया था। A post shared by Sohum Shah (@shah_sohum) 'तुम्बाड' के साथ सोहम शाह ने भारतीय सिनेमा में लोक कथाओं पर आधारित हॉरर फिल्मों के लिए एक अलग जगह बनाई थी और पिछले कुछ सालों में इस फिल्म की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है। अब 'तुम्बाड 2' के साथ मेकर्स उस दुनिया को और आगे ले जाने की तैयारी में हैं, जहाँ फिल्म की कहानी और स्केल को बड़ा बनाया जाएगा, लेकिन साथ ही वही माहौल बरकरार रखा जाएगा जिसने पहली फिल्म को इतना खास बनाया था। सीक्वल के बारे में बात करते हुए सोहम शाह ने कहा, 'तुम्बाड' हमेशा से मेरे लिए बहुत खास रही है और 'तुम्बाड 2' के साथ हमारा मकसद उस दुनिया को और भी गहराई और विस्तार के साथ आगे ले जाना है। हम उसी पौराणिक कथा और माहौल को और बड़ा बना रहे हैं जिससे दर्शक जुड़े थे, साथ ही कहानी की नई परतों को भी टटोला जा रहा है। यह कुछ ऐसा होगा जो अपनी आत्मा में तो जाना-पहचाना लगेगा, लेकिन इसके सामने आने का तरीका बिल्कुल नया होगा। पेन स्टूडियोज के डॉ. जयंतीलाल गड़ा ने अपनी बात जोड़ते हुए कहा, 'तुम्बाड 2' को एक और भी बड़े सिनेमाई अनुभव के तौर पर देखा जा रहा है, जिसकी कहानी इस यूनिवर्स को और गहरा बनाएगी और दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखेगी। यह फिल्म उस तरह की शानदार और हाई-क्वालिटी कहानी का उदाहरण है जिसे पेन स्टूडियोज दर्शकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। डायरेक्टर आदेश प्रसाद ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, इस कहानी को आगे ले जाना रोमांचक भी रहा और चुनौतीपूर्ण भी, खासकर इसलिए क्योंकि पहली फिल्म की अपनी एक बहुत मजबूत पहचान है। हमारा पूरा ध्यान उसकी आत्मा को बचाए रखने पर रहा है, साथ ही हम कहानी और विजुअल की दुनिया को और भी आगे ले जा रहे हैं। हम कुछ ऐसा बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो अपनी जड़ों से तो जुड़ा हो, लेकिन साथ ही दर्शकों को एक नया और जादुई अनुभव भी दे। 'तुम्बाड 2' का निर्देशन आदेश प्रसाद कर रहे हैं और इसका नेतृत्व एक्टर-प्रोड्यूसर सोहम शाह अपने बैनर 'सोहम शाह फिल्म्स' के तहत कर रहे हैं। उनके साथ दिग्गज प्रोड्यूसर डॉ. जयंतीलाल गड़ा की कंपनी 'पेन स्टूडियोज' भी जुड़ी है, जिन्होंने 'RRR' और 'गंगूबाई काठियावाड़ी' जैसी ब्लॉकबस्टर समेत 3000 से ज्यादा फिल्मों पर काम किया है। फिल्म का डिस्ट्रीब्यूशन 'पेन मरुधर' द्वारा किया जाएगा।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढने संबंधी आदेश फर्जी : सरकार
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढोतरी से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा आदेश फर्जी है और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया है। सोशल मीडिया पर वायरल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के इस कथित आदेश में […] The post पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढने संबंधी आदेश फर्जी : सरकार appeared first on Sabguru News .
Exit Poll Results 2026: बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में किसकी सरकार?
Exit Poll 2026: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान के बाद बुधवार शाम 7 बजे से पांच राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी) में हुए विधानसभा चुनावों के लिए एग्जिट पोल बुधवार शुरू होंगे। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में कड़ा मुकाबला है। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ममता बनर्जी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। असम की 126 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला है तो तमिलनाडु की 234 सीटों पर द्रमुक, अन्नाद्रमुक और टीवीके में त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है। केरल की 140 सीटों पर एलडीएफ और यूडीएफ में कांटे की टक्कर हो सकती है। तमिलनाडु और केरल में भाजपा ने भी पूरा जोर लगाया है। असम, केरल, तमिलनाडु और पु्ड्डुचेरी में मतदान हो चुका है। ऐसे में सभी की नजरें एक्जिट पोल पर लगी हुई है। हालांकि कई बार चुनाव परिणाम एग्जिट पोल के परिणाम से अलग भी आए हैं। बहरहाल सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल के नतीजों के लिए बने रहिए वेबदुनिया पर। edited by : Nrapendra Gupta
इंटरनेशनल डांस डे: अल्लू अर्जुन से लेकर रितिक रोशन तक, भारत के टॉप ट्रेंडसेटर डांसिंग सुपरस्टार्स
भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री में डांस हमेशा से फिल्मों का एक बहुत ही जरूरी हिस्सा रहा है। शुरुआत से ही हर दशक ने ऐसे कमाल के टैलेंटेड एक्टर्स देखे हैं जिन्होंने अपनी डांसिंग स्किल से पूरे देश को थिरकाया है। अपने हुक स्टेप्स के साथ ट्रेंड सेट करते हुए वे ऐसे सेंसेशन बन गए हैं जिन्हें पूरा देश बहुत प्यार करता है। इस इंटरनेशनल डांस डे पर आइए नजर डालते हैं उन टॉप 5 भारतीय सुपरस्टार्स पर जिन्होंने अपने डांस से लगातार ट्रेंड सेट किए हैं। अल्लू अर्जुन अल्लू अर्जुन वाकई में भारतीय सिनेमा के सबसे एनर्जेटिक, स्टाइलिश और डायनेमिक डांसर्स में से एक हैं, जिन्होंने अपने कमाल के डांसिंग स्किल्स से हमेशा दर्शकों को हैरान किया है। हर बार जब वे स्क्रीन पर आते हैं, तो कुछ हटकर लेकर आते हैं और अपने हाई-एनर्जी, तेज लेकिन सटीक डांस मूव्स से पूरे देश को दंग कर देते हैं। उन्होंने अपने डांस से पैन इंडिया लेवल पर एक गहरा प्रभाव पैदा किया है। स्क्रीन पर वे जो चार्म लेकर आते हैं, वो उन्हें देश के नंबर 1 डांसिंग स्टार के रूप में सबसे अलग खड़ा करता है। NTR अपनी कमाल के टैलेंट के साथ NTR भारत के सबसे बेहतरीन डांसर्स की लिस्ट में एक खास जगह रखते हैं। अपनी परफॉरमेंस में वे जिस तरह से चेहरे के हाव-भाव और हाई-एनर्जी का तालमेल बिठाते हैं, वह वाकई बेमिसाल है। उनका हर कदम एक जादू की तरह लगता है। साउथ इंडियन डांस स्टाइल के एक अनोखे मेल के साथ उन्होंने खुद की एक विशिष्ट पहचान बनाई है। रणवीर सिंह जब डांस में असली एनर्जी और स्टाइल की बात आती है, तो रणवीर सिंह का नाम सबसे ऊपर आता है। वे एक सच्चे बॉलीवुड डांसर की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपनी संक्रामक ऊर्जा और सहज स्वैग के साथ, वे हर किसी को अपने हुक स्टेप्स पर थिरकने के लिए मजबूर कर देते हैं। उनकी जीवंत उपस्थिति और यूनिक स्टाइल उन्हें इस पीढ़ी के सबसे अलग डांसर्स में से एक बनाती है। रितिक रोशन 'डांस के भगवान' कहे जाने वाले रितिक रोशन का एक ऐसा स्टाइल है जिसे पूरा देश फॉलो करता है। उनकी स्मूथनेस, फ्लेक्सिबिलिटी और चार्म ने हमेशा दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया है। हर बार जब उनकी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होती है, तो दर्शक उनके नए डांस स्टाइल का बेसब्री से इंतजार करते हैं, जो अक्सर एक ट्रेंड बन जाता है। वे एक ऐसे सुपरस्टार हैं जिन्होंने स्क्रीन पर डांस को लगातार एक नई परिभाषा दी है। यश यश अपने डांस के जरिए स्क्रीन पर जो चार्म लाते हैं, वह वाकई में बहुत अलग है। उनकी एनर्जी और मूव्स एक ऐसा पावरफुल कॉम्बिनेशन बनाते हैं जो म्यूजिक के साथ पूरी तरह फिट बैठता है। वे जिस बेमिसाल तीव्रता (intensity) के साथ अपनी परफॉरमेंस देते हैं, उससे उनके डांस स्टेप्स को बड़े पैमाने पर फॉलो किया जाता है और वे एक सेंसेशन बन जाते हैं।
माता छिन्नमस्तका की साधना कैसे करें? जानें 5 चौंकाने वाले लाभ
दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या माता छिन्नमस्तका की साधना अत्यंत शक्तिशाली और शीघ्र फलदायी मानी जाती है। इन्हें 'प्रचंड चण्डिका' भी कहा जाता है। इनकी साधना आत्म-नियंत्रण, अहंकार के नाश और कुंडलिनी जागरण के लिए की जाती है। चूंकि यह एक उग्र साधना है, इसलिए इसे बिना किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन के शुरू नहीं करना चाहिए। माता छिन्नमस्तका की साधना कैसे करें? (विधि) समय और स्थान: इनकी साधना मुख्य रूप से अर्धरात्रि (निशीथ काल) में की जाती है। एकांत स्थान या किसी सिद्ध शक्तिपीठ पर साधना करना उत्तम होता है। वस्त्र और आसन: साधक को नीले या लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए और कुशा या ऊनी आसन का प्रयोग करना चाहिए। यंत्र और चित्र: सामने माता छिन्नमस्तका का यंत्र या चित्र स्थापित करें। माता के इस स्वरूप में वे अपना ही कटा हुआ सिर हाथ में लिए हैं और उनकी गर्दन से निकली रक्त की तीन धाराएं उनकी सखियां (जया और विजया) और वे स्वयं पान कर रही हैं। मंत्र जप: माता के विशेष बीज मंत्रों का जप किया जाता है। मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा॥ (गुरु से परामर्श अनिवार्य है) सावधानी: इस साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन, सात्विक भोजन और मन की पवित्रता अत्यंत आवश्यक है। भयभीत होने वाले व्यक्तियों को यह साधना नहीं करनी चाहिए। साधना के 5 मुख्य लाभ माता छिन्नमस्तका की कृपा जिस साधक पर होती है, उसे ये लाभ प्राप्त होते हैं: 1. मानसिक शक्तियों का विकास: माता छिन्नमस्तका 'मस्तिष्क' और 'विचारों' की अधिष्ठात्री हैं। इनकी साधना से साधक की बुद्धि अत्यंत तीव्र हो जाती है और उसमें भविष्य को भांपने की शक्ति (Intuition) आ जाती है। 2. कुंडलिनी जागरण: योग मार्ग में यह साधना बहुत महत्वपूर्ण है। यह 'मूलाधार' से 'सहस्रार' चक्र तक ऊर्जा के प्रवाह को सुगम बनाती है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति तेजी से होती है। 3. शत्रुओं पर विजय: 'प्रचंड चण्डिका' के रूप में वे साधक के बाहरी और आंतरिक (काम, क्रोध, लोभ) दोनों प्रकार के शत्रुओं का नाश करती हैं। कोर्ट-कचहरी या विवादों में सफलता मिलती है। 4. कर्ज से मुक्ति और आर्थिक लाभ: माता की कृपा से दरिद्रता का नाश होता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से कर्ज में डूबा है, तो विधि विधान से की गई साधना धन आगमन के द्वार खोलती है। 5. अहंकार का नाश और मोक्ष: माता का कटा हुआ सिर इस बात का प्रतीक है कि ज्ञान प्राप्ति के लिए अहंकार का त्याग आवश्यक है। यह साधना साधक को माया के बंधनों से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाती है। चेतावनी: माता छिन्नमस्तका की साधना 'वाम मार्ग' और 'दक्षिण मार्ग' दोनों से होती है। गृहस्थों को हमेशा सौम्य या दक्षिण मार्ग से ही पूजा करनी चाहिए और तामसिक क्रियाओं से दूर रहना चाहिए।
IPL 2026 : वैभव सूर्यवंशी ने फिर किया ऑरेंज कैप पर कब्ज़ा
नई दिल्ली। जब भी पंजाब किंग्स या राजस्थान रॉयल्स का मैच IPL 2026 में होता है, ऑरेंज कैप तालिका में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। मंगलवार रात न्यू चंडीगढ़ में जब दोनों टीमें आमने-सामने हुईं, तब भी यही देखने को मिला। ऑरेंज कैप वैभव सूर्यवंशी इस सीजन सबसे ज़्यादा रन बनाने वालों की सूची […] The post IPL 2026 : वैभव सूर्यवंशी ने फिर किया ऑरेंज कैप पर कब्ज़ा appeared first on Sabguru News .
श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने बोर्ड में बदलाव के बाद पद छोड़ा
कोलंबो। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के लंबे समय से मुश्किलों में घिरे अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला इस लिये लिया गया क्योंकि देश के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने नेशनल क्रिकेट बॉडी में बदलाव पर जोर दिया था। सिल्वा के साथ के साथ बोर्ड के अन्य अधिकारियों ने […] The post श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने बोर्ड में बदलाव के बाद पद छोड़ा appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे किया राष्ट्र को समर्पित
हरदोई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यहां 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया और इसी के साथ ही उत्तर प्रदेश के अवसंरचना विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। यह राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री ने स्थल पर एक पौधा लगाया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ […] The post प्रधानमंत्री मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे किया राष्ट्र को समर्पित appeared first on Sabguru News .
भवानीपुर में शुभेंदु-तृणमूल समर्थकों में झड़प, पुलिस का हल्का लाठीचार्ज
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान भवानीपुर में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार एवं नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के दौरे के समय बुधवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों और पुलिस को हल्का लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी। कालीघाट […] The post भवानीपुर में शुभेंदु-तृणमूल समर्थकों में झड़प, पुलिस का हल्का लाठीचार्ज appeared first on Sabguru News .
Buddha Purnima Essay: बुद्ध पूर्णिमा: शांति और आत्मज्ञान के महापर्व पर रोचक निबंध
Buddha Purnima: बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण की याद में मनाया जाता है। इसे अप्रैल–मई में पड़ने वाली वैशाख पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। प्रस्तावना: बुद्ध पूर्णिमा, जिसे 'वैशाख पूर्णिमा' भी कहा जाता है, विश्व भर के बौद्ध अनुयायियों और शांति प्रिय लोगों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। यह दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सत्य की खोज का प्रतीक है। वैशाख माह की यह पूर्णिमा भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण कड़ियों को एक सूत्र में पिरोती है। भारत में विशेष रूप से यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, यह दिन पूरी दुनिया के बौद्ध अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ALSO READ: Buddha Purnima 2026: बुद्ध के कर्म का मनोविज्ञान: कैसे बनता है कर्म से भाग्य? एक अद्भुत संयोग: त्रिविध पावन तिथि बुद्ध पूर्णिमा की सबसे रोचक बात यह है कि भगवान बुद्ध के जीवन की तीन सबसे बड़ी घटनाएं इसी एक तिथि (वैशाख पूर्णिमा) को घटित हुई थीं: जन्म: लुम्बिनी (नेपाल) में राजकुमार सिद्धार्थ के रूप में उनका जन्म। ज्ञान प्राप्ति: वर्षों की कठिन तपस्या के बाद बोधगया में 'बोधि वृक्ष' के नीचे उन्हें आत्मज्ञान प्राप्त हुआ। महापरिनिर्वाण: कुशीनगर में उन्होंने अपने शरीर का त्याग किया। इतिहास में ऐसी घटना विरल ही मिलती है जहां किसी महापुरुष का जन्म, ज्ञान और मृत्यु एक ही तिथि को हुई हो। राजकुमार से 'बुद्ध' बनने का सफर राजमहल के वैभव और ऐश्वर्य के बीच पले-बढ़े सिद्धार्थ का हृदय एक वृद्ध, एक रोगी और एक मृत व्यक्ति को देखकर द्रवित हो उठा। उन्होंने महसूस किया कि संसार दुखों का घर है। 29 वर्ष की आयु में पत्नी और पुत्र का त्याग कर वे सत्य की खोज में निकल पड़े। कठोर साधना के बाद जब उन्हें ज्ञान मिला, तो वे 'बुद्ध' (यानी जागृत व्यक्ति) कहलाए। बुद्ध के संदेश: आज के समय में प्रासंगिकता बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन में शांति, करुणा और संतुलन की ओर प्रेरित करता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि ज्ञान और अहिंसा का मार्ग अपनाकर ही समाज और व्यक्तिगत जीवन में सच्ची खुशी प्राप्त की जा सकती है। बुद्ध ने दुनिया को 'पंचशील' के सिद्धांत और 'अष्टांगिक मार्ग' दिया। उन्होंने सिखाया कि: अहिंसा: किसी भी जीव को कष्ट न पहुंचाना ही सबसे बड़ा धर्म है। मध्यम मार्ग: न तो बहुत अधिक विलासिता और न ही बहुत अधिक कठोर तप—जीवन का संतुलन ही सुख का आधार है। करुणा: उन्होंने ऊंच-नीच और जाति-पाति के भेदभाव को मिटाकर प्रेम का संदेश दिया। कैसे मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा? इस दिन लोग घरों और मठों में दीप जलाते हैं। बोधगया में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं। भक्त सफेद वस्त्र पहनते हैं और दान-पुण्य के कार्य करते हैं। इस दिन 'खीर' का विशेष महत्व है, क्योंकि सुजाता नाम की एक कन्या ने बुद्ध को खीर खिलाकर उनकी साधना पूर्ण कराई थी। सुजाता ने सिद्धार्थ की कठोर तपस्या से प्रभावित होकर, उनको खीर (पायस) का भोग लगाया, जिससे सिद्धार्थ को पुनः ऊर्जा मिली थीं। निष्कर्ष आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण दुनिया में बुद्ध के विचार एक मरहम की तरह काम करते हैं। बुद्ध पूर्णिमा हमें याद दिलाती है कि शांति बाहर की दुनिया में नहीं, बल्कि हमारे अपने भीतर है। यदि हम नफरत को त्याग कर प्रेम और करुणा को अपना लें, तो हम आज भी बुद्ध बन सकते हैं। ALSO READ: बुद्ध जयंती 2026: आखिर कहां और कैसे हुआ था गौतम बुद्ध का जन्म? जानें पूरी सच्चाई 'अप्प दीपो भव' — अपना दीपक स्वयं बनें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
झांसी की रानी फेम एक्ट्रेस उल्का गुप्ता जल्द ही फिल्म 'रजनी की बारात' में नजर आने वाली हैं। हाल ही में मेकर्स ने इस फिल्म का पहला पोस्टर रिलीज कर दिया है। पोस्टर में उल्का गुप्ता पूरी अटिट्यूड के साथ स्कूटर पर अपनी ही बारात लीड करती नजर आ रही हैं — एक ऐसा विजुअल जो पारंपरिक सोच को तोड़ते हुए तुरंत ध्यान खींचता है। उल्का के साथ सुनीता राजवर और ज़रीना वहाब की मुस्कुराती मौजूदगी पोस्टर दिलचस्प बनाती है। वहीं दूसरी तरफ अश्वथ भट्ट एक पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आकर कहानी में एक दिलचस्प ट्विस्ट का संकेत देते हैं। बैकग्राउंड में चल रही शादी की तैयारियां इस पूरे सीन को एक फुल-ऑन बॉलीवुड सेलिब्रेशन में बदल देती हैं। फिल्म के डायरेक्टर आदित्य अमन इसे एक ऐसी कहानी बताते हैं जो समाज के तय नियमों को चुनौती देती है और महिलाओं को अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने की ताकत दिखाती है। A post shared by Ulka Ganessh (@ulkagupta) फ़िल्म के प्रोड्यूसर तनाया आडारकर प्रभु और तेज एच आडारकर ने कहा, ‘रजनी की बारात’ सिर्फ एक शादी की कहानी नहीं है, यह एक स्टेटमेंट है। हम एक ऐसी लड़की की कहानी दिखा रहे हैं जो अपने फैसलों को खुद सेलिब्रेट करती है फिल्म पूरी तरह से आज के जेन जी दर्शक को एंटरटेनिंग और इमोशनली कनेक्टिंग करेगी। उल्का गुप्ता ने अपने किरदार को लेकर कहा, रजनी एक ऐसी लड़की है जो किसी भी परंपरा को आंख बंद करके नहीं मानती। वह अपनी खुशी खुद बनाती है, और अपनी बारात खुद लेकर निकलती है — ये किरदार मेरे दिल के बहुत करीब है। फिल्म में कनिष्क विजय भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। ‘रजनी की बारात’ एक एक सोच है—जहां एक लड़की अपने फैसलों की कमान खुद संभालती है और समाज की पुरानी परंपराओं को अपने अंदाज़ में चुनौती देती है। एपिफ़नी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी यह फिल्म में उल्का गुप्ता के साथ कनिष्क विजय, अस्वथ भट्ट, ज़रीना वहाब, सुनीता राजवर प्रमुख भूमिकाओ में नजर आयेंगे। तनाया आडारकर प्रभु और तेज एच आडारकर द्वारा निर्मित, रजनी की बारात का निर्देशक आदित्य अमन ने किया है। यह फिल्म 29 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
इंटरनेशनल डांस डे : संजय लीला भंसाली के 7 आइकॉनिक डांस सीक्वेंस जो छू लेते हैं दिल को
संजय लीला भंसाली को ऐसे फिल्मकार के रूप में देखा जाता है, जिनका नाम राज कपूर, के. आसिफ और गुरु दत्त जैसे दिग्गजों के साथ लिया जाता है। अपनी फिल्मों के जरिए उन्होंने भारतीय कहानियों को सबसे प्रामाणिक, जमीनी और दृश्यात्मक रूप से भव्य तरीके से पेश करने का एक मानक स्थापित किया है। भारतीय मनोरंजन जगत की एक मजबूत ताकत के रूप में, भंसाली ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच तक पहुंचाया है। आज वह एक जीवित दिग्गज के रूप में खड़े हैं, जिनका सिनेमा बॉक्स ऑफिस से कहीं आगे जाता है। डांस को प्रस्तुत करने का भंसाली का अंदाज़ बेहद खास और प्रभावशाली है। यह सिर्फ कोरियोग्राफी नहीं होती, बल्कि भावनाओं का बहाव होता है—जहां किरदार बिना शब्दों के अपनी बात कहते हैं और हर दृश्य किसी पेंटिंग जैसा लगता है। उनके गाने कहानी में रुकावट नहीं, बल्कि उसके भावनात्मक शिखर होते हैं। 1. दीवानी मस्तानी– बाजीराव मस्तानी दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह पर फिल्माया गया यह गीत प्रेम और समर्पण का अद्भुत संगम है। भव्य महल की पृष्ठभूमि में रचा गया यह दृश्य शास्त्रीय नज़ाकत से भरा है, जहां हर मूवमेंट और आंखों के भाव बिना शब्दों के प्रेम और तड़प को बयां करते हैं 2. नगाड़ा संग ढोल– गोलियों की रासलीला राम-लीला दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की जोड़ी से सजा यह गरबा गीत ऊर्जा, जुनून और तीव्रता से भरपूर है। मिट्टी से जुड़ी कोरियोग्राफी, तेज़ बीट्स और नाटकीय लाइटिंग किरदारों के विद्रोह और जुनून को शानदार तरीके से दर्शाती है 3. डोला रे डोला– देवदास माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय के बीच यह आइकॉनिक मुकाबला नज़ाकत और अभिव्यक्ति की मिसाल है। समन्वित कोरियोग्राफी, भव्य परिधान और भावनाओं की गहराई प्रतिस्पर्धा, सम्मान और साझा दर्द को खूबसूरती से दिखाती है। 4. घूमर– पद्मावत दीपिका पादुकोण द्वारा प्रस्तुत यह गीत परंपरा और शाही गरिमा का उत्सव है। घूमते घाघरे, जटिल हाथों की मुद्राएं और संतुलित मूवमेंट्स इसे एक भव्य और राजसी अनुभव बनाते हैं। 5. निम्बूड़ा निम्बूड़ा– हम दिल दे चुके सनम ऐश्वर्या राय और सलमान खान पर फिल्माया गया यह रंगीन लोकगीत ऊर्जा, ताल और खुशी से भरपूर है। ऐश्वर्या की अभिव्यक्ति और जीवंत कोरियोग्राफी इस गीत को उत्सव और युवा उमंग से भर देती है। 6. मोहे रंग दो लाल– बाजीराव मस्तानी दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा पर आधारित यह शास्त्रीय गीत भावनाओं और संयम से भरा हुआ है। इसकी कोरियोग्राफी सूक्ष्म होते हुए भी बेहद प्रभावशाली है, जहां हर ठहराव और भाव अनकही भावनाओं को दर्शाते हैं। 7. ढोलिडा– गंगूबाई काठियावाड़ी आलिया भट्ट के नेतृत्व में यह ऊर्जावान गरबा गीत परंपरागत धुनों और भंसाली की भव्यता का संगम है। इसकी कोरियोग्राफी शक्ति, उत्सव और बदलाव को दर्शाती है, जो किरदार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बनती है। इन सभी गीतों को यादगार बनाता है अभिनेता, कोरियोग्राफी, संगीत और निर्देशन के बीच का बेहतरीन तालमेल। भंसाली यह सुनिश्चित करते हैं कि डांस किरदार की आंतरिक दुनिया का विस्तार बन जाए—हर घूम, हर नजर और हर ठहराव में एक खास अर्थ और भावना छिपी होती है। संजय लीला भंसाली की आने वाली फिल्म लव एंड वॉर पहले से ही उनके शानदार करियर का एक और महत्वाकांक्षी अध्याय बनने का वादा करती है। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि वह एक बार फिर बड़े पर्दे पर कहानी कहने और डांस को किस तरह नए अंदाज़ में पेश करेंगे।
सवाईमाधोपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली ने खड़ी जीप में मारी टक्कर, बुजुर्ग की मौत, दो बच्चियां घायल
सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिले के रवाजंना डूंगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली के श्रद्धालुओं की खड़ी कमांडर जीप को टक्कर मार देने से एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मौके पर […] The post सवाईमाधोपुर में ट्रैक्टर ट्रॉली ने खड़ी जीप में मारी टक्कर, बुजुर्ग की मौत, दो बच्चियां घायल appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुरुआती छह घंटों में 61.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती छह घंटों में सबसे अधिक 66.80 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 57.73 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बीच कुछ इलाकों में मतदान के दौरान […] The post पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान appeared first on Sabguru News .

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