सीएम योगी की सख्ती से टले 2 बाल विवाह, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित हुआ बेटियों का भविष्य
उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। औरैया जिले में प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई से दो बहनों का बाल विवाह समय रहते रुकवाया गया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ दो बेटियों के जीवन और शिक्षा को सुरक्षित किया, बल्कि समाज में कानून के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी संदेश दिया। यह मामला औरैया जिले के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र के एक गांव का है। जहां संरक्षण अधिकारी रीना चौहान को 1098 हेल्पलाइन के जरिए सूचना मिली कि दो नाबालिगों का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आई नाबालिगों की उम्र इस दौरान पता चला कि एक बहन की उम्र अभिलेखों में 18 वर्ष दर्ज है, लेकिन जिस लड़के से उसका विवाह तय था, उसकी उम्र मात्र 17 वर्ष 4 माह पाई गई। वहीं दूसरी की उम्र केवल 14 वर्ष 11 दिन निकली। इस प्रकार दोनों विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अवैध पाए गए। रेस्क्यू टीम ने परिजनों को कानून की जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। शिक्षा और सुरक्षा योगी सरकार की प्राथमिकता योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और बाल श्रम जैसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। इसी का परिणाम है कि प्रशासनिक टीमें संवेदनशील मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर रही हैं। बाल विवाह रोकने की ऐसी घटनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत हैं। इससे न केवल बेटियों को शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भविष्य को भी मजबूती मिलती है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में तत्काल की जा रही कार्रवाई: निदेशक सी. इंदुमती महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमती ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही औरैया जिला प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच में उम्र वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत निरंतर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, इसके अलावा बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ समय- समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। किसी भी सूचना पर प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयां तत्काल कार्रवाई कर रहीं हैं। हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। Edited by : Sudhir Sharma
एशियाई खेलों में दीपिका कुमारी और उनके पति अतुन दास का नहीं हो पाया चयन
चार बार की ओलंपियन दीपिका कुमारी, भारत के पूर्व नंबर एक तीरंदाज अतनु दास और एशियाई खेलों के पदक विजेता अभिषेक वर्मा जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिये भारतीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे।तीन दिवसीय चयन ट्रायल सोमवार को खत्म हुआ। युवा कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद को महिला रिकर्व टीम में जगह मिली है जबकि ओलंपियन अंकिता भकत ने शूटआफ में दीपिका को हराकर टीम में तीसरा स्थान पाया। कंपाउंड वर्ग में अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम अकेली अनुभवी तीरंदाज है। अभिषेक आठ तीरंदाजों में आखिरी स्थान पर रहे। दुनिया के नंबर सात और भारत के शीर्ष तीरंदाज रिषभ यादव भी जगह नहीं बना सके।जापान में सितंबर अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों और विश्व कप के तीसरे और चौथे चरण के लिये टीम का चयन किया गया। पुरूष रिकर्व वर्ग में धीरज बोम्मदेवरा शीर्ष, नीरज चौहान दूसरे और यशदीप भोगे तीसरे स्थान पर रहे। अतनु दास एशियाई खेलों की टीम में जगह नहीं बना सके लेकिन विश्व कप के लिये चौथे सदस्य के तौर पर टीम में हैं। Finally, chokers removed. It's better to lose with inexperienced youngsters rather than carrying chokers. https://t.co/HWzgp9twlB — Abhishek (@vicharabhio) May 18, 2026 भारतीय टीम : रिकर्व पुरूष : धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान, यशदीप भोगे, अतनु दास रिकर्व महिला : कीर्ति शर्मा, कुमकुम मोहोद, अंकिता भकत, दीपिका कुमारी कंपाउंड पुरूष : साहिल जाधव, कुशल दलाल, तिरूमुरू गणेश मणिरत्नम, रिषभ यादव कंपाउंड महिला : ज्योति सुरेखा वेन्नम, चितिका तानीपूर्ति, प्रिथिका प्रदीप, परनीत कौर
विपक्ष गैस और पेट्रोल को लेकर फैला रहा है अनावश्यक भ्रम : मदन राठौड़
जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्य में विपक्ष के नेताओं के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि वह पेट्रोल-डीजल एवं गैस को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाकर केवल राजनीति करने की कोशिश कर रहा हैं। राठौड़ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए […] The post विपक्ष गैस और पेट्रोल को लेकर फैला रहा है अनावश्यक भ्रम : मदन राठौड़ appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में डिग्गी में डूबने से महिला और बालक की मौत
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के पूगल थाना क्षेत्र में मंगलवार को पानी की डिग्गी में डूबने से एक महिला और उसके सात वर्ष के दोहिते की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भानीपुरा गांव से कुछ दूरी पर छैलूसिंह राजपूत के खेत में डिग्गी बनी हुई है। मंगलवार सुबह उनका सात वर्षीय […] The post बीकानेर में डिग्गी में डूबने से महिला और बालक की मौत appeared first on Sabguru News .
डोटासरा ने भाजपा की राज्य सरकार पर आर्थिक संकट का लगाया आरोप
जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य और केन्द्र सरकार पर अनियंत्रित मंहगाई, नीट पेपर लीक घोटाला, राज्य की स्वास्थ्य एवं शिक्षा प्रणाली के पतन और आर्थिक संकट का आरोप लगाया है। डोटासरा ने मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में ये आरोप लगाए। उन्होंने आसमान […] The post डोटासरा ने भाजपा की राज्य सरकार पर आर्थिक संकट का लगाया आरोप appeared first on Sabguru News .
राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग प्रारंभ
जयपुर। राष्ट्र सेविका समिति जयपुर प्रांत की ओर से 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग का शुभारंभ 17 मई को शंकरलाल धानुका केशव विद्यापीठ, जामडोली में भारत माता पूजन के साथ हुआ। 1 जून तक चलने वाले इस आवासीय वर्ग में जयपुर प्रांत के 7 विभागों से कुल 92 शिक्षार्थी एवं प्रबंधिकाएं, शिक्षिकाएं एवं अधिकारी सहित […] The post राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग प्रारंभ appeared first on Sabguru News .
जेएनयू के छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका नामंजूर
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में दायर की गई थी, जिसमें उन पर गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के […] The post जेएनयू के छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका नामंजूर appeared first on Sabguru News .
शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में चौथा आरोपी अरेस्ट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले राजकुमार सिंह को राज्य के छपार से गिरफ्तार किया गया है। गत 12 मई को इस […] The post शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में चौथा आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
शर्तों पर फंसा अमरीका का पेंच, टस से मस न हुआ ईरान
वॉशिंगटन/तेहरान। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर रणनीति फिलहाल गतिरोध में फंसती दिखाई दे रही है क्योंकि कड़े बयानों, सैन्य धमकियों और प्रत्यक्ष कार्रवाई के बावजूद ईरान अपने पुराने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं है। अमरीका की ओर से लगातार बदलते संकेतों और लक्ष्यों के बीच ईरान संघर्ष में उसकी […] The post शर्तों पर फंसा अमरीका का पेंच, टस से मस न हुआ ईरान appeared first on Sabguru News .
खतरनाक या आक्रामक कुत्तों को दी जा सकती है दयामृत्यु : सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के मुद्दे को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार से जोड़ते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि वे कानून के दायरे में रहकर पागल, लाइलाज और बेहद खतरनाक या आक्रामक आवारा कुत्तों को दयामृत्यु (यूथनेशिया) दे सकते हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप […] The post खतरनाक या आक्रामक कुत्तों को दी जा सकती है दयामृत्यु : सुप्रीम कोर्ट appeared first on Sabguru News .
कभी ट्रम्प ने बीच भाषण रोककर खूबसूरती की तारीफ की, कभी अल्बानिया के पीएम ने घुटने पर बैठकर स्वागत किया। मोदी के साथ सेल्फी ली तो #Melodi ट्रेंड हो गया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जब भी किसी विदेशी नेता से मिलती हैं, वो मुलाकात मोमेंट बन जाती है। आज पीएम मोदी फिर उनसे मिलने वाले हैं। मेलोनी की असली कहानी इन वायरल पलों से कहीं ज्यादा दिलचस्प है। कैसे एक नाइट क्लब में बारटेंडर लड़की, इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… बचपनः मां एबॉर्शन करवाने वाली थीं, 1 साल की उम्र में पिता छोड़ गए इटली का सबसे मशहूर शहर है रोम। 15 जनवरी 1977 को यहीं जॉर्जिया मेलोनी पैदा हुईं। पिता फ्रांसेस्को टैक्स एडवाइजर थे और मां अन्ना नॉवेल राइटर। उनकी शादीशुदा जिंदगी में सब ठीक नहीं था। ऑटोबायोग्राफी 'इओ सोनो जॉर्जिया (मैं जॉर्जिया हूं)' में मेलोनी लिखती हैं- जब मैं गर्भ में थीं, तो मां ने इसे गिराने का सोचा। आखिरी वक्त पर क्लीनिक से लौट आईं। मैं अपनी मां और उनकी हिम्मत की कर्जदार हूं। उनके साहस और समझदारी के इस कदम के बिना मेरा जन्म ही नहीं होता।' अन्ना का पति से रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला। 1978 में जब जॉर्जिया एक साल की हुईं, तो फ्रांसेस्को परिवार छोड़कर स्पेन के कैनरी द्वीप चले गए और दूसरी शादी कर ली। पिता जिस घर को छोड़कर गए थे, वो रोम के पॉश इलाके कैमिलुचिया में था। 1980 की बात है। 3 साल की मेलोनी बड़ी बहन एरियाना के साथ खेल रही थीं, तभी एक बड़ा हादसा हो गया। उस हादसे के बारे में एरियाना ने एक इंटरव्यू में बताया- हम लाइट नहीं जलाना चाहते थे, इसलिए मोमबत्तियां जला लीं। फिर हमने उन्हें रजाई और खिलौनों से ढक दिया और टीवी पर कार्टून देखने चले गए। कमरे में आग लग गई। जो कुछ बचा था, सब खत्म हो गया। जब तक नया घर नहीं मिला, मेलोनी नाना-नानी के गरबाटेला वाले घर में फर्श पर गद्दे बिछाकर सोती थीं। मां पास में ही अपनी एक दोस्त के यहां चली जाती थीं। नाइट क्लब में बारटेंडर, 15 साल में राजनीति शुरू की 1990 के आखिर में मां उपन्यास लिखकर कुछ पैसे कमाती थीं, लेकिन ये घर के खर्च के लिए काफी नहीं होते थे। बहन एरियाना कहती हैं, ‘जॉर्जिया गरीबी के चलते कॉलेज नहीं जा सकी। उसने सीडी बेचकर और बच्चों की देखभाल करके पैसे कमाए।' जॉर्जिया ने रोम के सबसे मशहूर नाइट क्लब 'पाइपर क्लब' में बारटेंडर का भी काम किया। 2013 में मेलोनी ने कहा था, ‘मैंने जिंदगी के बारे में संसद में काम करके नहीं, बार काउंटर के पीछे खड़े होकर सीखा है।’ 15 साल की उम्र में जॉर्जिया ने MSI नाम की पार्टी ज्वॉइन की। ये एक फासीवादी पार्टी थी, जिसे 1945 तक इटली के तानाशाह रहे मुसोलिनी की मौत के बाद उनके समर्थकों ने खड़ा किया था। 25 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री बनने के बाद संसद में अपने पहले भाषण में जॉर्जिया ने कहा, ‘मैंने 15 साल की उम्र में विया डी’एमेलियो नरसंहार के बाद राजनीति शुरू की, जिसमें माफिया ने जज पाओलो बोर्सेलिनो को मारा था। मुझे लगा कि अब चुपचाप बैठना मुमकिन नहीं।’ दरअसल, इटली के माफिया नेटवर्क के खिलाफ जांच कर रहे जज पाओलो बोर्सेलिनो की कार को बम से उड़ा दिया गया था। इसमें उनके अलावा 5 बॉडीगार्ड भी मारे गए थे। 1996 में मेलोनी ने फ्रेंच टीवी के साथ इंटरव्यू में कहा, ‘मुसोलिनी एक अच्छे नेता थे। पिछले 50 सालों के नेताओं के उलट उन्होंने जो कुछ भी किया, देश के लिए किया।' इसी वीडियो में मेलोनी की मां अन्ना भी दिखाई दे रही हैं। वो कहती हैं, ‘मैंने अपनी बेटी पर धुर दक्षिणपंथी विचार थोपने की कोशिश नहीं की है।’ 1995 में MSI के नेता जियानफ्रैंको फिनी ने पार्टी को फासीवाद से दूर करके एक नेशनल-कंजर्वेटिव पार्टी बनाने की पहल की। MSI की जगह नया नाम ‘नेशनल अलायंस’ रखा गया। 1997 में 20 साल की मेलोनी इसकी यूथ विंग के रोम सेक्शन की चीफ बनीं। सबसे कम उम्र की कैबिनेट मिनिस्टर 2004 में 27 साल की मेलोनी को पूरे इटली में नेशनल अलायंस की यूथ विंग का चीफ चुना गया। एक तरह से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष। पहली बार किसी महिला को ये पद मिला था। 2006 में मेलोनी गरबाटेला से सांसद बनीं। फिर 2008 में उन्हें यूथ मिनिस्टर और इटली की संसद के निचले सदन यानी 'चैंबर ऑफ डेप्युटीज' का डिप्टी प्रेसिडेंट भी बनाया गया। इधर 2009 में नेशनल अलायंस के नेता फिनी ने इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के साथ मिलकर गठबंधन बनाया और इसे नाम दिया गया- 'द पीपुल ऑफ लिबर्टी।' ये एक तरह से दक्षिणपंथी नेताओं का जमावड़ा था। 2012 में बर्लुस्कोनी ने गठबंधन का नया नेता चुनने के लिए चुनाव से इनकार किया, तो मेलोनी और उनके साथियों ने ये गठबंधन छोड़ दिया और अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। अपनी पार्टी बनाई, इटली की पहली महिला पीएम बनीं मेलोनी अपनी पार्टी का नाम अंग्रेजी में 'We Italians' रखना चाहती थीं, लेकिन उनके साथी और पार्टी के फाउंडर मेंबर फैबियो रामपेली ने नाम सुझाया- फ्रेटेली डी'इटैलिया यानी 'ब्रदर्स ऑफ इटली'। ये इटली के राष्ट्रगान की पहली लाइन से लिया गया है। 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के ज्यादातर नेता वही हैं, जो MSI में थे। पार्टी का हेडक्वार्टर और पार्टी का तीन रंगों वाला प्रतीक भी लगभग वही है। 2018 के इटली चुनाव में मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' को 4.4% वोट मिले। 2022 के आम चुनाव में 26% वोट के साथ 'ब्रदर्स ऑफ इटली' देश की सबसे बड़ी पार्टी बन गई। इसने संसद के निचले सदन की 400 सीटों में से 119 सीटें जीतीं। बर्लुस्कोनी की पार्टी ‘फोर्जा इटालिया’ सहित कई अन्य दलों से गठबंधन किया और 22 अक्टूबर, 2022 को मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। परिवारः टीवी जर्नलिस्ट के साथ 8 साल रिश्ते में रहीं, 10 साल की बेटी 2014 में एक टीवी शो चल रहा था। ब्रेक के दौरान मेलोनी ने केला खाया और उसका छिलका पास खड़े एक शख्स को असिस्टेंट समझकर पकड़ा दिया। ये शख्स टीवी जर्नलिस्ट एंड्रिया जियाम्ब्रूनो थे। इस मुलाकात के बाद दोनों करीब आए।मेलोनी 2015 से 2023 तक एंड्रिया के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहीं। 2016 में मेलोनी को एक बेटी हुई जिसका नाम जिनेवरा है। 20 अक्टूबर 2023 को मेलोनी ने एंड्रिया के साथ अपने रिश्ते को खत्म करने का ऐलान करते हुए कहा- ‘करीब 10 साल चला हमारा रिश्ता अब खत्म होता है। शानदार समय साथ बिताने और मुझे मेरे जीवन की सबसे अहम चीज मेरी बेटी जिनेवरा देने के लिए मैं एंड्रिया की शुक्रगुजार हूं।’ वहीं जॉर्जिया की बहन एरियाना पार्टी की पॉलिटिकल सेक्रटेरियट की चीफ हैं। पार्टी के अहम फैसले एरियाना ही लेती हैं। उन्हें मेलोनी की करीबी सलाहकार माना जाता है। जॉर्जिया 12 साल की उम्र तक अपने पिता फ्रांसेस्को से मिलती रहीं, लेकिन उसके बाद संपर्क खत्म हो गया। 1995 में फ्रांसेस्को को स्पेन में ड्रग्स की तस्करी के आरोप में 9 साल की जेल हुई फिर 2012 में उनकी मौत हो गई थी। मेलोनी की कौन-सी बातें उन्हें अलग बनाती हैं? 2024 में फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर महिला बताया। 3 बातें उन्हें खास बनाती हैं- 1. इटली के 161 साल के चुनावी इतिहास में पहली महिला पीएम 3. 77 सालों में 68 सरकारें बदलीं, मेलोनी तीसरी लॉन्गेस्ट सर्विंग पीएम 3. चुलबुला अंदाज, आम इंसान वाली छवि इसके अलावा अंतराष्ट्रीय मंचों पर मेलोनी के कई नेताओं के साथ हंसी-मजाक के वीडियो भी वायरल होते हैं, जिससे वे चर्चाओं में बनी रहती हैं। मेलोनी की विदेशी नेताओं से मुलाकात कैसे मोमेंट बन जाती है? PM मोदी के साथ सेल्फी ली, #Melodi लिखकर पोस्ट की ट्रम्प ने बीच भाषण में मेलोनी को खूबसूरत कहा फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने किस किया, तो चौंक गई मेलोनी तुर्किए के राष्ट्रपति ने स्मोकिंग छोड़ने को कहा अल्बानिया के प्रधानमंत्री ने घुटनों पर बैठकर स्वागत किया 2023 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक कार्यक्रम में दिया गया उनका भाषण जमकर वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, 'दुनिया महिलाओं को ऊपर उठते नहीं देखना चाहती, लेकिन हम फिर भी आ जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता।’ ----------------- रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ:पापा के कहने पर 'किलर' बने, दोस्त को छत से फेंकने पर अड़े; ईरान को बास्टर्ड कहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 5 अप्रैल की शाम गालियों से भरा एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘मंगलवार को ईरान ऐसा नजारा देखेगा, जो उसने पहले कभी नहीं देखा होगा! ओ पागल, बास्टर्ड! होर्मुज स्ट्रेट खोल दो, वरना तुम नर्क के लिए तैयार रहो।’ पढ़ें पूरी खबर…
हनुमानगढ़ : घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की पीठ में घोंपा चाकू
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के जंक्शन थाना क्षेत्र में मंगलवार को सुबह घरेलू विवाद के कारण पति ने पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। चाकू पीठ के निचले हिस्से में इतनी गहराई तक धंस गया कि उसे निकालने के लिए बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में लंबी सर्जरी करनी पड़ी। घायल महिला परमजीतकौर […] The post हनुमानगढ़ : घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की पीठ में घोंपा चाकू appeared first on Sabguru News .
फाल्टा से तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान पुनर्मतदान से पहले दौड़ से हटे, शुभेंदू सरकार की तारीफ की
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को फाल्टा विधानसभा पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले बड़ा झटका लगा जब पार्टी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को चुनाव मैदान से हटने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने फैसले के पीछे क्षेत्र में शांति और विकास को कारण बताते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सार्वजनिक रूप […] The post फाल्टा से तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान पुनर्मतदान से पहले दौड़ से हटे, शुभेंदू सरकार की तारीफ की appeared first on Sabguru News .
पेट्रोल-डीजल बचा सको तो बचा लो!
संतोष खाचरियावास अजमेर। पीएम नरेंद्र मोदी का कोई भी शब्द बेमायना नहीं होता। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल का इस्तेमाल कम करें, हो सके तो सोना न खरीदें, विदेश यात्रा अवॉइड करें। बाकी दो सलाह पर तो सोशल मीडिया पर चुटकले और मिम्स बन गए लेकिन पहली सलाह को हल्के में लेना बहुत बड़ी मूर्खता […] The post पेट्रोल-डीजल बचा सको तो बचा लो! appeared first on Sabguru News .
क्या एस जयशंकर ने माना ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को हुआ नुकसान? फैक्ट चेक
BOOM ने पाया कि वायरल वीडियो फेक है. इसमें AI जनरेटेड ऑडियो का इस्तेमाल कर विदेश मंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है.
घोड़ाडोंगरी स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे से उठा धुआं, 19 मिनट बाद रवाना हुई गाड़ी
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस के एक स्लीपर कोच के पहियों से धुआं उठने के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ब्रेक बाइंडिंग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई और तकनीकी जांच के बाद ट्रेन को 19 मिनट की […] The post घोड़ाडोंगरी स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे से उठा धुआं, 19 मिनट बाद रवाना हुई गाड़ी appeared first on Sabguru News .
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द खंडूरी का निधन
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया है। वे 90 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। उनकी पुत्री एवं राज्य विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण […] The post उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द खंडूरी का निधन appeared first on Sabguru News .
महोबा में गैंगरेप की शिकार मध्य प्रदेश की युवती बरामद, 3 आरोपी अरेस्ट
महोबा। उत्तर प्रदेश मे महोबा जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में अपहरण और गैंगरेप की शिकार छात्रा को पुलिस ने 16 दिन बाद बरामद कर लिया है और आरोपी तीन अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की निवासी 25 […] The post महोबा में गैंगरेप की शिकार मध्य प्रदेश की युवती बरामद, 3 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइक स्मिथ का 92 वर्ष की उम्र में निधन
लंदन। वारविकशायर और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक स्मिथ, जिन्हें पूरे खेल में एमजेके के नाम से जाना जाता था, का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। दाएं हाथ के बैटर स्मिथ ने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट खेले, जिनमें से ठीक आधे मैचों में उन्होंने टीम की कप्तानी की, और 1956 से […] The post इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइक स्मिथ का 92 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Sabguru News .
5 दिन में दूसरी बार बढे पेट्रोल-डीजल के दाम
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार से पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। तेल विपणन कंपनियों ने पांच दिन में दूसरी बार दोनों ईंधनों के दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले, 15 मई को पेट्रोल-डीजल के मूल्य में तीन-तीन रुपये की वृद्धि की गई थी। देश की सबसे बड़ी […] The post 5 दिन में दूसरी बार बढे पेट्रोल-डीजल के दाम appeared first on Sabguru News .
हरदाेई में अश्लील वीडियो बेचने वाले गिरोह का सदस्य अरेस्ट
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में साइबर पुलिस ने टेलीग्राम चैनलों के जरिए अश्लील वीडियो और फोटो बेचने वाले एक बड़े ऑनलाइन नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए प्रयागराज निवासी युवक को गिरफ्तार किया है जिस पर स्कूली बच्चों और नाबालिगों तक अश्लील सामग्री पहुंचाने तथा अपने चैनलों पर करीब आठ हजार अश्लील वीडियो अपलोड […] The post हरदाेई में अश्लील वीडियो बेचने वाले गिरोह का सदस्य अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
प्लेऑफ में जगह पक्की करने वाली तीसरी टीम बनी गुजरात टाइटंस
सोमवार को मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद में था लेकिन मैच का नतीजा कुछ ऐसा आया कि गुजरात टाइटंस इंडियन प्रीमियर लीग के प्लेऑफ में शामिल होने वाली तीसरी टीम बन गई। गुजरात को हाल ही में कोलकाता से ईडन में 29 रनों की शर्मनाक हार मिली थी। लेकिन पिछली कुछ जीतें गुजरात के लिए काफी काम आई। Gold standard for consistency th playoff appearance in seasons for Gujarat Titans Will they lift their nd #TATAIPL title? #TATAIPL | #KhelBindaas pic.twitter.com/vZnLAxEl4I — IndianPremierLeague (@IPL) May 18, 2026 खासकर दिल्ली के खिलाफ मिली एक रन की जीत जिसने 2 महत्वपूर्ण अंक दिए। इस मैच में डेविड मिलर ने 2 गेंदों में 2 रन की दरकार पर कुलदीप को वापस भेज दिया था और अंतिम गेंद पर एक भी रन नहीं बना पाए थे। गुजरात टाइटंस ने कुल 13 मैच में 8 जीत और 5 हार के साथ 16 अंक प्राप्त किए हैं। वह अगर अगला मैच हार भी जाती है तो भी प्लेऑफ खेलेगी। इसका कारण यह है कि पंजाब, चेन्नई, राजस्थान या दिल्ली में से कोई भी 16 का अंक नहीं छू सकता। कल सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई को हराकर गुजरात की राह आसान कर दी। सनराइजर्स हैदराबाद के भी 16 अंक हो गए हैं। जीटी अभी भी 16 पॉइंट्स के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर है और अगला मैच 21 मई को अपने घर पर चेन्नई सुपर किंग्स से खेलेगी। गुजरात टाइटंस के इस मुकाम पर होने का सबसे बड़ा कारण है संतुलन। सांई सुदर्शन और शुभमन गिल औरेंज कैप की दौड़ में पहले दो नंबर पर हैं और कगिसो रबाड़ा पर्पल कैप की दौड़ में तीसरे नंबर पर है। यही नहीं मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाड़ा बिंदी गेंदें डालने में अव्वल है। दोनों ने अब तक 130 से ज्यादा बिंदी गेंदें डाली है। जिससे बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ा है।
भिवाड़ी में महिला ने मायके न भेजे जाने से रुष्ट होकर मासूम बालिका को पिलाया तेजाब
अलवर। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में मायके न भेजे जाने से क्रोधित होकर एक महिला के पुत्री को तेजाब पिलाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि मासूम बालिका जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला ने पहले तो इसे […] The post भिवाड़ी में महिला ने मायके न भेजे जाने से रुष्ट होकर मासूम बालिका को पिलाया तेजाब appeared first on Sabguru News .
यूडीएफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अव्यवस्था के चलते 30 लोग अस्पताल में भर्ती
तिरुवनंतपुरम। केरल में तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सोमवार को आयोजित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चो (यूडीएफ) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अत्यधिक भीड़ एवं अव्यवस्था के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी एवं 30 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। रिपोर्टो के अनुसार उमस भरी गर्मी, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था के चलते लगभग […] The post यूडीएफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अव्यवस्था के चलते 30 लोग अस्पताल में भर्ती appeared first on Sabguru News .
भोजशाला में उमड़ा हिंदू समाज, अखंड ज्योति मंदिर पर आतिशबाजी
धार। केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार स्थित भोजशाला में आयोजित महासत्याग्रह में आज बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। उच्च न्यायालय के निर्णय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन के बाद मंगलवार को पहली बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे। भोज उत्सव समिति द्वारा पूर्व में किए गए आह्वान […] The post भोजशाला में उमड़ा हिंदू समाज, अखंड ज्योति मंदिर पर आतिशबाजी appeared first on Sabguru News .
बृहस्पति अपनी उच्च की राशि कर्क में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों के लिए विपरीत राजयोग
1. कर्क राशि: 2 जून को जब बृहस्पित देव का कर्क राशि में गोचर होगा तब जातक के और भी ज्यादा अच्छे दिन प्रारंभ होंगे। जातक की कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर दृष्टि रहेगी। इसके चलते जातक के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी, नौकरी में अप्रत्याशित उन्नति होगी। कारोबार में मुनाफा दोगुना हो जाएगा। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। संतान सुख मिलेगा। दांपत्य जीवन की सभी परेशानी खत्म होगी। अविवाहित हैं तो विवाह के प्रबल योग बनेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को उच्च पद मिल सकता है। ALSO READ: Shani revati 2026: शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए गोल्डन टाइम शुरू, 5 रहें बचकर 2. वृश्चिक राशि: आपकी कुंडली के अनुसार भाग्य भाव में बृहस्पति का गोचर अत्यंत ही शुभ साहित होगा। तीर्थ यात्रा से लाभ होगा। सेहत और व्यक्तित्व में सुधार होगा। पराक्रम और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। भाई बहनों से सहयोग मिलेगा। संतान सुख मिलेगा। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। शिक्षा और लेखन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा। नौकरी में प्रगति और व्यापार में उन्नति होगी। ALSO READ: शुक्र का मिथुन राशि में प्रवेश, इन 3 राशियों के लिए खुल जाएंगे धन समृद्धि के दरवाजे 3. मकर राशि: आपकी कुंडली के अनुसार सप्तम भाव में बृहस्पति का गोचर दांपत्य जीवन और साझेदारी के कारोबार में अप्रत्याशित सुधार करेगा। अविवाहित लोगों के विवाह होने के प्रबल योग है। आय के मल्टिपल सोर्स से बहुत अधिक लाभ होगा। भाई बहनों से संबंधों में सुधार होगा और उनका सहयोग मिलेगा। कुल मिलाकर यह वर्ष आपके लिए रिश्तों में सुधार और आर्थिक हालात को ज्यादा बेहतर करेगा। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में प्रवेश: 3 राशियों पर बढ़ेगा संकट, अगले कुछ दिन रहें बेहद सावधान 4. मीन राशि: आपके लिए बृहस्पति का गोचर अत्यंत ही शुभ साबित होगा। वर्ष की शुरुआत में यह चतुर्थ भाव में रहकर सभी तरह की सुख और सुविधाओं का विस्तार करेगा। चल अचल संपत्ति में लाभ देगा। फिर कर्क में जाकर यह पंचम भाव का फल देगा। यहां यह प्रेम संबंधों, शिक्षा, नौकरी और संतान से संबंधित मामलों में बहुत लाभ देगा। यहां से वह भाग्य पर दृष्टि डालकर भाग्य को जगाएगा। आय भाव पर दृष्टि डालकर आय में बढ़ोतरी करेगा। लग्न पर दृष्टि डालकर यह सेहत और व्यक्तित्व में निखार लाएगा।
आपका शहर, आपका प्रशासन, आपकी पार्टी और आपके ही विधायक। इंदौर नगर निगम से लेकर प्रदेश और केंद्र तक में एकतरफा राजनीतिक पकड़ रखने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन दिनों शहर में एक अजीबोगरीब आंतरिक कलह से जूझ रही है। यह लड़ाई किसी विपक्षी दल से नहीं, बल्कि अपनों के बीच ही छिड़ी है। मुद्दा है—इंदौर की प्यास और उस पर होती पॉलिटिक्स। शहर में पानी की किल्लत को लेकर अब इंदौर के महापौर और पार्टी के ही स्थानीय विधायक महेंद्र हार्डिया खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। दूसरी तरफ शहर की जनता इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, वहीं सत्तापक्ष के ही दो जिम्मेदार स्तंभों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। महापौर का दावा: ' पानी पर्याप्त है ' : एक तरफ इंदौर के महापौर लगातार यह दावा कर रहे हैं कि शहर में पानी की कोई कमी नहीं है। नगर निगम प्रशासन का तर्क है कि जल प्रदाय की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है और शहरवासियों को पर्याप्त पानी दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि कुछ तकनीकी दिक्कतों या स्थानीय स्तर पर वितरण की गड़बड़ी को छोड़कर पानी की कोई बड़ी किल्लत नहीं है। अगर ऐसा है तो फिर जनता को पानी क्यों नहीं मिल रहा है। बता दें कि हाल ही में कई कॉलोनियों के नागरिकों ने पानी को लेकर प्रदर्शन किया था। विधायक की नाराजगी: ' जनता परेशान , जमीनी हकीकत कुछ और ' दूसरी तरफ, अपनी ही पार्टी के महापौर के इन दावों को हवा में उड़ाते हुए बीजेपी के स्थानीय विधायक महेंद्र हार्डिया मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने कहा है कि जनता को पानी नहीं मिला तो वे रोज महापौर निवास के सामने जाकर बैठेंगे। विधायक का साफ कहना है कि जनता पानी के लिए परेशान है, टैंकरों के चक्कर लगा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जब सत्ता भी अपनी है और प्रशासन भी अपना, तो फिर जनता को पानी देने में यह लाचारी क्यों? इंदौर की ये कैसी पॉलिटिक्स : बड़ा सवाल यह है कि जब 'सब अपना' तो फिर ऐसी लाचारी क्यों? इस पूरे घटनाक्रम ने शहर की राजनीति को गरमा दिया है। आम जनता के बीच अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है। यह कैसी पॉलिटिक्स चल रही है। जब निगम में भी बीजेपी है, विधायक भी बीजेपी के हैं और प्रदेश में सरकार भी उन्हीं की है, तो फिर इस तरह से पानी पर आमने सामने क्यों आना पड रहा है। यह तालमेल की कमी क्यों है। क्या यह वाकई पानी का संकट है या फिर इसके पीछे अंदरूनी राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई (क्रेडिट वॉर) चल रही है? जनता के टैक्स के पैसों से चलने वाला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के बीच के इस विवाद को सुलझाने में नाकाम क्यों साबित हो रहा है? जनता त्रस्त , सियासत मस्त : इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन पानी जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर चल रही यह 'पॉलिटिक्स' शहर की छवि पर दाग लगा रही है। एक तरफ नेता बयानबाजी और दावों-प्रतिदावों में उलझे हैं, वहीं दूसरी तरफ इंदौर की जनता इस भीषण गर्मी में खाली बाल्टियां लेकर पानी के टैंकरों का इंतजार करने को मजबूर है। क्या कहा था विधायक ने : पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-41 में जल संकट की परेशानी देखने पहुंचे विधायक महेंद्र हार्डिया भी जलसंकट को लेकर जमकर नाराज हुए थे। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे, लेकिन हालात देखकर विधायक बीच कार्यक्रम से ही लौट गए। महेंद्र हार्डिया ने कहा कि पहले कभी शहर में जलसंकट के ऐसे हालात नहीं बने। टंकियां खाली रहती हैं और टैंकर भी समय पर नहीं पहुंचते। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रोज महापौर निवास जाकर बैठेंगे। नहीं भर पा रही टंकियां : शहर की पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पा रही हैं, जिसके कारण कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। स्थिति यह है कि पांच से छह मीटर क्षमता वाली टंकियां केवल दो से तीन मीटर तक ही भर रही हैं। इसका सीधा असर घरों तक पहुंचने वाले पानी पर पड़ रहा है और नलों में बेहद कम पानी आ रहा है। पानी की समस्या से परेशान होकर वीणा नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का गुस्सा सोमवार सुबह सड़कों पर फूट पड़ा था। मटके लेकर सड़कों पर उतरे थे लोग : पानी नहीं मिलने से नाराज बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग खाली मटके और बर्तन लेकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने पहले खाली मटके फोड़े और फिर सड़क पर बैठकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इलाके में न तो नियमित रूप से नलों में पानी आ रहा है और न ही टैंकरों के जरिए पर्याप्त जल वितरण किया जा रहा है। कांग्रेस नेता अमित पटेल और पार्षद राजू भदौरिया के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं बस्ती से निकलकर सड़क पर बैठ गईं और वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था। टैंकर वाले कर रहे मनमानी : एक तरफ पानी की मार झेल रहे आम लोगों को टैंकर माफिया का भी शिकार होना पड रहा है। पहले से पानी के टैंकर मिल नहीं रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टैंकर वाले मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। छोटे टैंकर के 800 से ज्यादा वूसल किए जा रहे हैं। जबकि बडे टैंकर के बदले 1 हजार रुपए और 1200 की वसूली की जा रही है। रिपोर्ट : नवीन रांगियाल
पश्चिम एशिया संकट के बीच अमित शाह के नाम पर एक वक्त खाना छोड़ने की फर्जी अपील वायरल
पीआईबी ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.
ईयू में जेट फ्यूल की कमी का खतरा, उड़ानें हो सकती हैं रद्द
ईरान में अमेरिका और इजराइल का युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित पड़ा है। तनाव की वजह से यहां तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है। दुनियाभर में जेट ईंधन महंगा हो गया है। इसकी कीमतें दोगुने से ज्यादा बढ़ गई हैं। विमानन कंपनियों ने कटौती ...
आबूरोड में कांग्रेस ने जताया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का विरोध, इस्तीफे की मांग
सबगुरु न्यूज- आबूरोड। नीट पेपर लीक के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाकर प्रदर्शन कर इस्तीफे की मांग की। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देशानुसार NEET-2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक एवं परीक्षा निरस्त होने के विरोध में जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया […] The post आबूरोड में कांग्रेस ने जताया केंद्रीय शिक्षा मंत्री का विरोध, इस्तीफे की मांग appeared first on Sabguru News .
चांद मेरा दिल: प्यार में पागलपन की सारी हदें पार, अनन्या और लक्ष्य का इंटेंस रोमांस
बदलते दौर के साथ बॉलीवुड में रोमांस की परिभाषा भी बदली है। जहाँ कभी 'कुछ कुछ होता है' का मासूम प्यार था, वहीं अब स्क्रीन पर 'इंटेंस और पैशनेट' लव स्टोरीज का दौर है। इसी कड़ी में, आगामी 22 मई को सिनेमाघरों में एक ऐसी ही दिल छू लेने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली प्रेम कहानी दस्तक देने जा रही है, जिसका नाम है 'चांद मेरा दिल'। करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित यह फिल्म आज के दौर के प्यार, उसकी पेचीदगियों और जुनून को बड़े पर्दे पर पेश करने का वादा करती है। कैसी है फिल्म की कहानी? 'चांद मेरा दिल' कोई आम 'बॉय मीट्स गर्ल' वाली रोमांटिक-कॉमेडी नहीं है। यह एक गंभीर रोमैटिक-ड्रामा है। फिल्म की कहानी दो ऐसे किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक-दूसरे के प्यार में इस कदर गिरफ्तार हैं कि उनके लिए सही और गलत के बीच का फासला मिट जाता है। यह कहानी तड़प, जुदाई, और प्यार में जूनूनियत की उस हद को छूती है जहाँ आशिकी कभी-कभी दर्दनाक बन जाती है। फिल्म का मुख्य थीम है प्यार में पागलपन नहीं, तो वो प्यार कैसा? लक्ष्य और अनन्या की जोड़ी फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी फ्रेश और कल्ट स्टारकास्ट है: अनन्या पांडे: हाल के दिनों में अपनी गंभीर एक्टिंग से आलोचकों का दिल जीतने वाली अनन्या इस फिल्म में एक बेहद पेचीदा और इमोशनल किरदार निभा रही हैं। लक्ष्य लालवानी (Lakshya): फिल्म 'किल' (Kill) से अपनी दमदार एक्टिंग और एक्शन का लोहा मनवाने वाले लक्ष्य अब एक जुनूनी आशिक के रूप में नजर आएंगे। लक्ष्य और अनन्या की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) मानी जा रही है। निर्देशन की कमान: विवेक सोनी इस इंटेंस लव स्टोरी को डायरेक्ट किया है विवेक सोनी ने। विवेक इससे पहले नेटफ्लिक्स की फिल्म 'मीनाक्षी सुंदरेश्वर' जैसी खूबसूरत और सलीके से बुनी गई कहानी का निर्देशन कर चुके हैं। जहाँ 'मीनाक्षी सुंदरेश्वर' में उन्होंने सादगी दिखाई थी, वहीं 'चांद मेरा दिल' में वे मानवीय भावनाओं के डार्क और इंटेंस पहलू को टटोलते नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग और विजुअल्स फिल्म की खासियत इसका विजुअल ट्रीट भी है। जानकारी के अनुसार, फिल्म के बड़े हिस्से की शूटिंग उत्तर भारत के खूबसूरत और थोड़े अनछुए लोकेशंस (जैसे उत्तराखंड और हिमाचल के कुछ हिस्से) के साथ-साथ मुंबई की गलियों में की गई है। विवेक सोनी ने दृश्यों के जरिए किरदारों के अकेलेपन और उनके बीच के रोमांस को बखूबी कैमरे में कैद किया है। 'चांद मेरा दिल' से जुड़े कुछ रोचक तथ्य क्लासिक नाम, मॉडर्न ट्विस्ट: फिल्म का टाइटल 70 के दशक के मशहूर गाने चांद मेरा दिल, चांदनी हो तुम से प्रेरित लगता है, लेकिन फिल्म की वाइब पूरी तरह से मॉडर्न और यूथ-ओरिएंटेड है। लक्ष्य का नया अवतार: एक्शन फिल्म 'किल' में अपनी रफ-एंड-टफ इमेज बनाने के बाद, लक्ष्य इस फिल्म में पूरी तरह से एक चॉकलेटी लेकिन गंभीर लवर बॉय के रूप में मेकओवर कर चुके हैं। म्यूजिक एल्बम: धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्मों का संगीत हमेशा चार्टबस्टर होता है। इस फिल्म में भी सूफी और रोमांटिक गानों का ऐसा मिक्स है जो रिलीज से पहले ही रील्स पर ट्रेंड करने के लिए तैयार है।
हिमालय। 3,600 मीटर की ऊंचाई पर यहां पारा -10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क चुका है। हवा में ऑक्सीजन इतनी कम है कि हर सांस एक जद्दोजहद है। लेकिन इन बर्फीली हवाओं के बीच, सामने जो कुछ दिख रहा है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। यहां नजर आ रही छोटी-छोटी गुफाओं और पत्थरों पर कुछ लोग नंगे बदन आंखें बंद किए बैठे हैं। जहां भारी-भरकम जैकेट में लिपटे हमारे शरीर ठिठुर रहे हैं, वहीं इन लोगों पर सर्द हवाओं का कोई असर नहीं दिख रहा। ये लोग असल में तपस्वी हैं, बौद्ध तपस्वी। इनका मकसद है बुद्ध को पाना या मोक्ष को पाना। बर्फीले तूफान आते हैं, शरीर को बर्फ की सफेद चादर से ढंक देते हैं। मौत का आभास भी होता है, लेकिन इनका तप जारी रहता है। दैनिक भास्कर की सीरीज ‘हम लोग’ में मैं मनीषा भल्ला इस बार लाई हूं, लेह से 38 किलोमीटर दूर फ्यांग गांव के पास पर्वत पर तप कर रहे तपस्वियों की कहानी… चलिए चलते हैं, उसी पर्वत की चोटी पर जहां तपस्वी तप कर रहे हैं। मेरे साथ हैं सोनम वांगचुक। सोनम लेह में रहते हैं। बौद्ध धर्म और यहां के मठों के जानकार हैं। वे मुझे समझाते हैं कि यहां जो लोग नंगे बदन तपस्या कर रहे हैं, उनकी वीडियो या फोटो नहीं ले सकते। मैं सोनम से पूछती हूं- ये लोग कब से तप कर रहे हैं, और क्यों? सोनम बताते हैं- ‘तपस्या 3 साल, 3 महीने, 6 दिन में पूरी होती है। यह तप का आखिरी चरण है। इसमें एक साल तक नंगे बदन पर्वतों पर तपस्या करना जरूरी है, चाहे कितनी भी बर्फ-ठंड क्यों न हो।’ यदि कोई इतनी ठंड सहन न कर सके तो…? सोनम बताते हैं- ‘बौद्ध दर्शन में सांस के दो रूप माने जाते हैं। पहली- बाहरी सांस, जो हम नाक से लेते हैं। दूसरी- अंदरूनी, जो हमारी आत्मा या ऊर्जा का हिस्सा है।' ‘मौत के बाद बाहरी सांस तो थम जाती है, लेकिन अंदरूनी ऊर्जा को शरीर छोड़ने में वक्त लगता है। इसलिए, तपस्वी के शव को 15 दिनों तक अपनी जगह से नहीं हटाया जाता। कोशिश रहती है कि जिस 'ध्यान मुद्रा' में अंतिम सांस ली, उनका शरीर उसी अवस्था में बना रहे।’ फिर क्या करते हैं? वे बताते हैं- ‘15 दिन के बाद उनके शरीर को उसी 'ध्यान मुद्रा' में मंत्रोच्चार के साथ अग्नि के हवाले कर देते हैं।’ क्या यहां सभी की अंतिम विदाई ऐसे ही होती है? ‘नहीं, बौद्ध परंपरा में आध्यात्मिक स्तर का काफी ध्यान रखा जाता है। मौत के बाद एक तपस्वी के शव को 15 दिन, लामाओं के शव को 7 दिन और आम शिष्यों के शव को 4-5 दिन रखा जाता है। जहां तपस्वियों और लामाओं को उनकी साधना की स्थिति यानी 'बिठाकर' मुखाग्नि दी जाती है, वहीं आम शिष्यों को ‘लिटाकर’।’ जब अग्नि शांत होती है, तो उनकी अस्थियां समेट ली जाती हैं। इन्हीं अस्थियों को सहेजकर बनाया जाता है- स्तूप। इतना कहकर, वे मुझे चोटी से सड़क की तरफ देखने का इशारा करते हैं। वहां लकड़ी के कई ढांचे हैं, जिन पर सफेद और सुनहरा रंग है और उनकी छत नुकीली है। सोनम बताते हैं- ‘यह उन तपस्वियों और लामा के स्तूप हैं, जिन्होंने तप करते-करते जीवन को त्याग दिया।’ इतने में पर्वत के दूसरी ओर ढलान पर एक घर दिखाई देता है। सोनम बताते हैं- ‘वहां बौद्ध तपस्वी सेवंग गैलसन रहते हैं। उनकी उम्र सिर्फ 38 साल है। हमें उन्हीं से मिलना है। उन्होंने अभी कुछ दिन के लिए तपस्या रोकी है।’ मैंने पूछा- मतलब? वे बताते हैं- ‘बौद्ध धर्म में तपस्या आसान नहीं है। तपस्वी 3 महीने, 6 महीने, एक साल या फिर 3 साल 3 महीने 6 दिन के लिए पर्वत पर तप करते हैं।’ भिक्षु, लामा और तपस्वी में क्या अंतर है? सोनम बताते हैं- ’भिक्षु बुद्ध के नियमों और भिक्षा पर जीते हैं। लामा तिब्बती परंपरा के बहुत पढ़े-लिखे गुरू होते हैं। तपस्वी कठिन तप करते हैं।’ अब हम सेवंग के घर पहुंच चुके थे, दरवाजों पर कंबल और बोरियों से बने पर्दे लगे हैं। सोनम बताते हैं- ‘इससे ठंडी हवा घर में नहीं आती।’ घर में अंदर जाते ही, एक लड़का हमें कमरे में बैठाता है। कमरे में ही सामने चूल्हा जल रहा है। इसे यहां ‘चुछुंग’ कहते हैं। इससे कमरे में गर्माहट महसूस हो रही है। इसका धुआं एक पाइप के जरिए घर से बाहर निकल रहा है। तभी, मैरून रंग का चोगा पहने एक भिक्षु आते हैं। सोनम बताते हैं- ‘ये ही बौद्ध तपस्वी सेवंग गैलसन हैं। मैंने सेवंग को ‘जूले’ कहा। यहां नमस्ते, हेलो को जूले कहते हैं। उन्होंने हमें एक आसन पर बैठने के लिए कहा। आसन काफी गद्देदार था। इस पर याक की खाल से बना कंबल बिछा था, जिस पर बैठते ही शरीर को राहत मिली।’ सेवंग कुछ सोच रहे हैं और हमें बड़े गौर से देख रहे हैं। इतने में वो एक लड़के को आवाज देते हैं और लद्दाखी भाषा में चाय लाने के लिए कहते हैं। कुछ ही मिनटों में वो प्यालों में चाय और लद्दाखी ब्रेड देकर चला जाता है। इस बीच सेवंग चुप बैठे रहे। चाय की चुस्कियां लेते-लेते उन्होंने सेवंग गैलसन को बताया कि मैं कौन हूं और यहां क्यों आई हूं? इसके बाद, वे एक छोटे कमरे में चले जाते हैं। थोड़ी देर बाद, हमें उस कमरे में बुलाया जाता है। कमरे में सेवंग अपने आसन पर बैठे हैं। यह तपस्या का कमरा है। यहां सामने एक घंटी और पानी भरा प्याला है। पास ही एक चमकीला कपड़ा बिछा है, जिस पर एक बड़ा सफेद पत्थर रखा है। पत्थर पर कुछ शब्द उकेरे गए हैं। शायद कोई मंत्र। सेवंग बताते हैं- ‘जब मैं तपस्या करता हूं, तो घर के दरवाजे पर इस पत्थर को रख देता हूं, ताकि लोगों को पता रहे कि यहां तप चल रहा है। इस कमरे में एक खिड़की है, जहां लोग चुपचाप खाने-पीने का सामान रख जाते हैं।‘ मैं पूछती हूं- आप यहां कब से हैं? वे बताते हैं- ‘7 साल की उम्र में फ्यांग बौद्ध मठ आ गया था। यहीं 7वीं तक स्कूली शिक्षा और धार्मिक शिक्षा साथ-साथ ली।’ बौद्ध धर्म में धार्मिक शिक्षा को छुई कहते हैं। इसमें या तो आप बौद्ध दार्शनिक बनते हैं, मठ में काम करते हैं या फिर लामा, तपस्वी बनते हैं। कुछ परिवार अपने बच्चों को लामा बनाने के लिए मठ को दान दे देते हैं। पहले अगर किसी के तीन बेटे होते थे, तो मझले बेटे को लामा बनाने के लिए बौद्ध मठ को दे दिया जाता था। मैं बीच में ही पर्वतों पर तप कर रहे तपस्वियों का जिक्र करती हूं। वे कहते हैं- बौद्ध धर्म का एक ही मूल है- महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं का पालन करना और मोक्ष प्राप्त करना। इसी बीच सेवंग के पास लामा निमाह आते हैं। निमाह हिंदी बोलना और लिखना जानते हैं। वज्रयान में तंत्र साधना की चर्चा दुनियाभर में लामा निमाह बताते हैं- 'यहां तीन बड़े संप्रदाय हैं- ’थेरवाद, महायान और वज्रयान।’ सबसे मुख्य है- ‘वज्रयान, इसमें तंत्र साधना होती है। इसके रहस्य की दुनियाभर में चर्चा होती है।’ सेवंग बताते हैं- ‘वज्रयान में किया जाने वाला तप सबसे कठिन है। इसमें 3 साल, 3 महीने, 6 दिन की तपस्या करनी होती है। हर साल के अलग नियम हैं।’ पहले साल में गुरू का ध्यान और दूसरे साल में एक लाख मंत्रोच्चार का जाप करते हैं। इस दौरान, खुद को मनुष्य नहीं, देवता का अंश मानते हैं। इतना कहने के बाद सेवंग हमें बाहर ले जाते हैं। वह बताते हैं- तीसरे साल का तप काफी कठिन है। पर्वतों पर बर्फ के बीच सांस रोककर तपस्या करनी होती है। इतना कठोर तप कैसे कर पाते हैं? सेवंग बताते हैं- ‘सांस को रोकने की क्षमता से यह मुमकिन है। इससे शरीर के अंदर ऊर्जा पैदा होती है और ऐसा महसूस होता है कि हमारी नाभि से निकली ऊर्जा पूरे शरीर को गर्म कर रही है। जब साधक इतना मजबूत हो जाता है, तो वह बर्फ में भी बिना कपड़ों के तप कर लेता है।’ तभी एक लड़का थर्मस में गुर-गुर चाय और कुछ प्याले लेकर आया। इसे ‘बटर टी’ भी कहते हैं। ठंड है, इसलिए जैसे ही एक प्याला खाली होता है, तो वह दूसरा भर देता। सेवंग उस चाय में सत्तू मिलाकर पी रहे हैं। वे बताते हैं- ‘तपस्या के दौरान हम गुर-गुर चाय या पानी में सिर्फ जौ का सत्तू मिलाकर पीते हैं।’ सेवंग बताते हैं- ’इन पर्वतों पर कई तपस्वी तप कर रहे हैं।’ शाम होने को थी, इसलिए हम सेवंग से विदा लेकर फ्यांग बौद्ध मठ की ओर जाते हैं। डरावने मुखौटे पहनकर भिक्षु करते हैं 'छम' नृत्य चटख रंगों से सजा फ्यांग बौद्ध मठ दूर से ऐसा दिख रहा है, जैसे पर्वतों के बीच कोई रंगों की दुनिया हो। मठ में चारों तरफ कपड़ों पर पेंटिंग बनी हुई थी। मठ के अंदर मंत्रोच्चार चल रहा है। अंदर कई बच्चे और बड़े मैरून रंग का चोगा पहने हुए हैं। इनमें से कुछ लामा हैं। जैसे ही फोटो के लिए कैमरा उठाया तो मुझे रोक दिया। कहा- यहां वीडियो, फोटो नहीं ले सकते। काफी मशक्कत के बाद एक साधक बातचीत के लिए राजी हुए। उन्होंने बताया- ‘इस मठ का सबसे बड़ा आकर्षण यहां का वार्षिक उत्सव है। इसमें भिक्षु भारी और डरावने मुखौटे पहनकर 'छम’' नृत्य करते हैं। इसे देखने के लिए आसपास से भी लोग आते हैं।’ ऐसा क्यों करते हैं? वे बताते हैं- ‘यह नृत्य बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हर साल जुलाई में होता है। रात गहरा रही थी, इसलिए हम वहां से लेह की ओर निकल पड़ते हैं।’ हेमिस मठ सबसे अमीर, यहां सोने से लिखे ग्रंथ हैं अगले दिन, सुबह 10 बजे हम लेह से हेमिस बौद्ध मठ निकल पड़ते हैं। रास्ते में सोनम बताते हैं- हेमिस, लद्दाख का सबसे अमीर बौद्ध मठ है। इसे जान-बूझकर संकरी घाटी में बनाया गया, ताकि हमलावरों की नजर इस पर न पड़े। थोड़ी देर में हम हेमिस बौद्ध मठ पहुंच जाते हैं। यहां लामा दोरजे हमारा इंतजार कर रहे थे, वे यहां प्रशासनिक व्यवस्था भी देखते हैं। वो हमें एक कमरे में ले गए। मैं कुछ पूछती, उससे पहले ही दोरजे बताते हैं- ’हमारे मठ में सभी सुबह 5 बजे उठ जाते हैं। ध्यान करते हैं। इसके बाद बच्चों को पढ़ाते हैं। सुबह 8 से 9 के बीच लामा गांवों में जाते हैं। अपनी तंत्र साधना से बताते हैं कि किस घर में क्या दिक्कत है, फिर उसके अनुसार पूजा करते हैं।’ मैंने उनसे भी पूछा- क्या यहां भी पर्वतों पर तप होता है? वे बताते हैं- ‘गोच्छंग और खसपंग जैसे दुर्लभ इलाकों में 108 गुफाएं हैं, जिनमें तपस्वी तप करते हैं। यह तंत्र साधना है, इसलिए इसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकता।’ वे बताते हैं- ‘तपस्वी, आम लामा लोगों से अलग होते हैं। वे किसी दूसरे व्यक्ति से बात नहीं करते।’ उन्होंने दावा किया कि पुराने जमाने में तो तपस्वी अपने तप बल से उड़कर आया- जाया करते थे। मैं पूछती हूं- इसे सबसे अमीर मठ क्यों कहते हैं? दोरजे बताते हैं- यहां आज भी सोने-चांदी के तार से बनी थांका पेंटिंग हैं। सोने से लिखे बौद्ध ग्रंथ हैं। यहां से करीब 1000 मठ जुड़े हैं। इसलिए आर्थिक और आध्यात्मिक दोनों तरह से यह मठ अमीर है। क्या बौद्ध भिक्षु शादी करते हैं? वे कहते हैं- ‘नहीं, अगर कोई भिक्षु किसी महिला के साथ संबंधों में दोषी पाया जाता है, तो उसे मठ से निकाल दिया जाता है।’ यहां भिक्षु,लामा और बाकी सब मैरून रंग का चोला ही क्यों पहनते हैं? दोरजे बताते हैं- ’मैरून रंग सादगी और मोह-माया के त्याग का प्रतीक है। सभी का एक ही रंग के वस्त्र पहनना उनके बीच के अहंकार को मिटाकर उन्हें एक समान स्तर पर लाता है, इसलिए इसे पहनते हैं। मैं कुछ पूछती, उससे पहले ही दोरजे कहते हैं- साधना का वक्त हो गया है, मैं चलता हूं। इसके बाद, हम हेमिस मठ के म्यूजियम में जाते हैं। म्यूजियम में डिम लाइट के बीच कई पुरानी मूर्तियां रखी हैं। यहां देखरेख करने वाले एक लामा ने बताया कि इसका इतिहास 900 साल पुराना है। हेमिस अपने विशाल रेशमी थांका (बौद्ध पेंटिंग) के लिए प्रसिद्ध है। म्यूजियम में कई ऐसी थांका पेंटिंग है, जिनमें सोने और चांदी के धागों का काम किया गया है। इसके बाद हमें मठ में खाने के लिए कहा जाता है। खाने में यहां दाल-चावल, बैगन की सब्जी, रायता परोसा गया। म्यूजियम देखने के बाद हम लेह के लिए निकल पड़ते हैं। प्रकृति में संतुलन के लिए 5 रंग के कपड़ों की झंडियां मैं सोनम से पूछती हूं- यहां हर पहाड़ी पर नीले, सफेद, लाल, हरे और पीले कपड़ों की झंडियां लगी हैं, ये क्या हैं? सोनम बताते हैं- इसे ‘लुंग टा’ कहते हैं। ‘लुंग’ का मतलब- हवा और ‘टा’ का मतलब- घोड़ा। इसे यहां 'वायु अश्व' कहते हैं। ये पांच रंग प्रकृति के तत्वों के बीच संतुलन को बताते हैं। वो कैसे? वे बताते हैं- लुंग टा का एक निश्चित क्रम है। नीला- आसमान, सफेद- हवा/बादल, लाल- आग, हरा- पानी और पीला रंग- धरती के लिए है। माना जाता है कि इन 5 रंगों की झंडियां लगाने से हवा शुद्ध होती है। सुख-शांति रहती है। मैं पूछती हूं- क्या महिलाएं भी लामा बनती हैं। सोनम बताते हैं- हां, बौद्ध धर्म में 'लामा' एक पदवी है, जो आध्यात्मिक गुरू को दी जाती है। महिलाएं भी इस पद तक पहुंचती हैं। वे भी मैरून रंग का चोगा ही पहनती हैं। अचानक मेरी नजर एक ड्रम पर पड़ी, जिसे कुछ लोग घूमा रहे थे। मैंने पूछा- ये क्या है? सोनम बताते हैं- यह 'मानी' है, यह तांबे या लोहे से बना होता है। इसे घड़ी की सुई की दिशा में घुमाया जाता है। इनके भीतर कागज के लंबे रोल पर हजारों बार 'ॐ मणि पद्मे हुम' मंत्र लिखा होता है। यहां मान्यता है कि इस ड्रम को एक बार घुमाना, उसमें लिखे हजारों मंत्रों को एक साथ पढ़ने के बराबर है। इस सीरीज में अगले हफ्ते पढ़िए अडिया जनजाति की कहानी…. ------------------------------- 1- नाचती लड़की का हाथ पकड़ा और भगा ले गया लड़का:मैतेई लोगों में शादी की अनोखी परंपरा, पैदा होते ही बच्चे को खिला देते हैं नमक शाम के 5 बजे हैं। एक सुनसान जगह पर कुछ लोग जमीन को चौकोर खोद रहे हैं। आसपास भीड़ है। आधे घंटे बाद खुदाई करने वालों को गड्ढे में कुछ नजर आया। कुछ पल बाद दो-तीन लोग उस गड्ढे में उतरे और एक लाश बाहर निकालकर रख दी। लाश के कई हिस्से कंकाल में तब्दील हो चुके हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- मुर्गी का कलेजा चीरकर कहा, ये चोर नहीं है:ससुराल पहुंचते ही बलि देती है दुल्हन, कटे सिर को मंदिर मानते हैं गालो सुबह के 7 बजे हैं। अरुणाचल प्रदेश की एक पहाड़ी बस्ती में हूं। यहं एक घर पर लोगों की भीड़ जमा है। उन्हीं के बीच एक लड़का परेशान खड़ा है। थोड़ी देर में घर से एक बुजुर्ग बाहर आते हैं। काले कपड़े में, बाघ की खाल का जैकेट पहने। कंधे पर धनुष, पीठ पर तीरों से भरा तरकश लिए और सिर पर टोपी लगाए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
Gautam Adani को बड़ी राहत, अमेरिका ने सभी आपराधिक आरोप हटाए, न्यूयॉर्क का चर्चित केस खत्म
अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से वापस ले लिया है जिससे न्यूयॉर्क में चल रहा बहुचर्चित प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी मामला पूरी तरह खत्म हो गया है। अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा कि वे अब इन आरोपों को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। इसके साथ ही अमेरिका में चल रहे अदाणी समूह से संबंधित सभी मामले पिछले कुछ दिनों में बंद किए जा चुके हैं। ALSO READ: पालघर में कंटेनर और ट्रक की टक्कर में 13 बारातियों की मौत, 20 गंभीर रूप से घायल गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन पर केवल प्रतिभूति एवं ‘वायर’ धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए थे। उन्हें अधिक गंभीर विदेशी भ्रष्टाचार अधिनियम (एफसीपीए) के रिश्वतखोरी या बाधा संबंधी आरोपों में नामित नहीं किया गया था। पिछले हफ्ते अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े निवेशक खुलासों के मामले में सिविल आरोपों का निपटारा किया था। इस मामले में बिना किसी गलती को स्वीकार या अस्वीकार किए गौतम अदाणी ने 60 लाख डॉलर और सागर अदाणी ने 120 लाख डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। इसके बाद अमेरिकी वित्त विभाग के ‘विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय’ (ओएफएसी) ने भी ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन मामले में अदाणी समूह के साथ 27.5 करोड़ डॉलर के समझौते की घोषणा की। ईरानी एलपीजी के आयात के मामले में समझौता जांच में ‘विस्तृत सहयोग’ और ‘स्वैच्छिक खुलासे’ के आधार पर हुआ है। अब अमेरिकी न्याय विभाग ने भी अदाणी और उनके भतीजे पर लगे आपराधिक आरोपों को समाप्त कर दिया है। इस तरह यह पूरा मामला औपचारिक रूप से बंद हो गया है। अमेरिकी अदालत में दाखिल दस्तावेज के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने कहा कि समीक्षा के बाद आरोपों को जारी रखने का कोई आधार नहीं पाया गया। ALSO READ: Suvendu Adhikari : बंगाल में मौलवी-पुजारियों का मानदेय बंद, ममता सरकार के भ्रष्टाचार की होगी जांच, महिलाओं को मिलेंगे 3000 रुपए महीना, CM शुभेंदु के बड़े फैसले अमेरिकी अदालत ने मामले को खारिज करने के साथ स्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया। हालांकि, अमेरिकी आपराधिक प्रक्रियाओं में इस तरह के फैसले अपेक्षाकृत कम देखे जाते हैं और आमतौर पर व्यापक समीक्षा के बाद ही होते हैं। सात अप्रैल, 2026 को अमेरिकी अदालत में सार्वजनिक रूप से दाखिल दस्तावेजों में अदाणी के वकीलों ने एसईसी की कार्यवाही को चुनौती देते हुए इसे अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों का ‘अत्यधिक क्षेत्रीय विस्तार’ बताया था। दस्तावेजों में कहा गया कि एसईसी के पास आवश्यक अधिकार क्षेत्र नहीं था, उसने कोई ठोस गलतबयानी साबित नहीं की और न ही किसी भी प्रतिवादी को बॉन्ड जारी करने से जोड़ा जा सका। खबरों के मुताबिक जांच के दौरान अभियोजकों को ऐसे पर्याप्त सबूत नहीं मिले जो आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हों। यह मामला 2024 के अंत में दायर किया गया था और इसमें आरोप था कि अदाणी समूह ने भारतीय अधिकारियों से जुड़े कथित 26.5 करोड़ डॉलर के रिश्वत मामले को छिपाकर अमेरिकी निवेशकों से पूंजी जुटाई थी। ALSO READ: 8000 सैनिक, 16 फाइटर जेट, मध्यस्थता की आड़ में कौनसा गेम खेल रहा Pakistan? US और ईरान के साथ विश्वासघात मामले से परिचित लोगों ने कहा कि यह मामला उस समय अदाणी के पक्ष में चला गया, जब अभियोजकों को कोई स्पष्ट अमेरिकी संबंध और आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। यह निर्णय अमेरिकी अभियोजकों और अदाणी समूह द्वारा गठित मजबूत कानूनी टीम के बीच कई महीनों की सक्रिय बातचीत के बाद आया है। कानूनी सलाहकारों ने अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष कई प्रस्तुतियां और दलीलें दीं। इस समीक्षा में ऐसे निष्कर्ष सामने नहीं आए, जो गौतम और सागर अदाणी के खिलाफ आरोपों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त हों। इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने मामला खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया। Edited by : Sudhir Sharma
भीलवाड़ा में कंटेनर ट्रक से 21 लाख रुपए की अवैध शराब बरामद
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-148 पर एक संदिग्ध कंटेनर ट्रक से 249 पेटियां अवैध शराब की बरामद की हैं। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि तस्कर चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब कंटेनर में छुपाकर ले जा जा रहे थे। रविवार रात में पुलिस दल रात्रिकालीन गश्त […] The post भीलवाड़ा में कंटेनर ट्रक से 21 लाख रुपए की अवैध शराब बरामद appeared first on Sabguru News .
मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क हादसा, 12 की मौत, 25 से अधिक घायल
मुंबई। महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बारातियों से भरे एक आयशर ट्रक को कंटेनर ने टक्कर मार दी जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और […] The post मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क हादसा, 12 की मौत, 25 से अधिक घायल appeared first on Sabguru News .
खगड़िया में सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत, 5 घायल
खगड़िया। बिहार में खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र में सोमवार को सड़क दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च पथ 31 स्थित पथिक लाइन होटल ठाठा के समीप महेशखूंट से खगड़िया की ओर जा रहा एक ऑटो रिक्शा ओवरटेक करने […] The post खगड़िया में सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत, 5 घायल appeared first on Sabguru News .
स्वयंसेवकों में संगठन कौशल विकसित करने का माध्यम है प्रशिक्षण वर्ग : निंबाराम
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम का सोमवार को राजापार्क में औपचारिक उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल और दायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्ग का […] The post स्वयंसेवकों में संगठन कौशल विकसित करने का माध्यम है प्रशिक्षण वर्ग : निंबाराम appeared first on Sabguru News .
राजस्व कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर अजमेर में कर्मचारियों का प्रदर्शन
आरजीएचएस योजना के कथित बदलाव का विरोध मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर किया आन्दोलन का आगाज अजमेर। राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ ने आरजीएचएस योजना में कथित बदलाव के विरोध में प्रदेश व्यापी आन्दोलन का ऐलान कर दिया है। महासंघ के आव्हान पर आरजीएचएस योजना के कथित बदलावों, पदौन्नति को 6 माह से अधिक समय होने […] The post राजस्व कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर अजमेर में कर्मचारियों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
नये सत्र की पहली अभिभावक-शिक्षक मीटिंग संपन्न
पिंडवाड़ा। ब्लॉक पिंडवाड़ा के निकटवर्ती गाँव नांदिया के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राथमिक परिसर में शनिवार को नये सत्र 2026-027 की पहली अभिभावक-शिक्षक मीटिंग का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्राथमिक परिसर के प्रभारी गुरुदीन वर्मा ने उपस्थित अभिभावकों से अपने निकटस्थ अनामांकित बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने का […] The post नये सत्र की पहली अभिभावक-शिक्षक मीटिंग संपन्न appeared first on Sabguru News .
17 मई की शाम। थलाइवा रजनीकांत ने चेन्नई के पोएस गार्डेन स्थित अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। सफाई देते हुए कहा- मैं विजय को तब से देख रहा हूं, जब वो बच्चे थे। उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी। आखिर रजनीकांत के विजय से जलन की बात क्यों उठी, क्या वो विजय को सीएम नहीं बनने देना चाहते थे; इससे जुड़ी पूरी कहानी जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: रजनीकांत और विजय के बीच क्या मसला है? जवाब: रजनीकांत ने 1975 में तमिल फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। फिल्म थी- के बालाचंदर की ‘अपूर्व रागंगल’। 1980 के दशक में ‘बिल्ला’, ‘थिल्लू-मुल्लू’ जैसी फिल्मों के बाद उन्हें सुपरस्टार का दर्जा मिला, जो 5 दशकों से जारी है।इधर विजय ने भी 1966 में अपनी पहली बड़ी हिट फिल्म दी। लेकिन ‘थलापति’ और सुपरस्टार वाला दर्जा उन्हें 2007 में आई ‘पोक्किरी’ से मिला।‘सुपरस्टार’ के टैग पर विजय और रजनीकांत के फैंस अक्सर सोशल मीडिया पर भिड़ जाते हैं, लेकिन दोनों एक्टर्स के बीच सार्वजनिक रूप से कोई तनातनी नहीं दिखी हालांकि विजय के राजनीति में आते ही यह बदल गया- सवाल-2: रजनीकांत का राजनीति से क्या रिश्ता रहा है? जवाब: रजनीकांत के फिल्मों में आने के एक दशक बाद ही उनकी राजनीति में आने की चर्चा शुरू हो गई थी। वजह थी उनकी राजनीतिक बयानबाजियां, पार्टियों से नजदीकी और दमदार फैन बेस… 1996: जयललिता पर बयान, सरकार बदलने का क्रेडिट मिला 2002-2014: BJP को समर्थन, मोदी से मिले, कई बार चुनाव लड़ने के संकेत 2017-2021: पार्टी बनाने का ऐलान, लेकिन बिना चुनाव लड़े ही संन्यास सवाल-3: रजनीकांत राजनीति में विजय जैसा करिश्मा क्यों नहीं दिखा पाए? जवाब: 4 बड़े कारण हैं- 1. फैन बेस को कैडर में तब्दील नहीं कर पाए 2. द्रविड़ियन राजनीति में फिट नहीं बैठे थलाइवा 3. आधे-अधूरे मन से शुरुआत, कमिटमेंट पर संदेह 4. रजनीकांत ने एंट्री में देरी कर दी सवाल-4: क्या वाकई विजय की राजनीतिक सफलता से जलते हैं रजनीकांत? जवाब: रजनीकांत ने सीएम विजय से प्रतिस्पर्धा की बात से इनकार किया है। उन्होंने 17 मई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस चुनाव के बाद विजय और मेरे रिश्ते को लेकर कई बातें हो रही हैं। अगर मैं इनका खंडन न करूं, तो ये बातें सच मानी जाएंगी। विजय से जलन पर कहा- कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं विजय से जलता हूं, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। वो मुझसे 25 साल जूनियर हैं। मैं राजनीति छोड़ चुका हूं, तो विजय से मुझे भला क्यों जलन होगी। अगर मैं विजय से तुलना करूं तो मेरे लिए ये ठीक नहीं है। अगर विजय मुझसे तुलना करें तो वो उनके लिए ठीक नहीं है। मैं उन्हें तब से देख रहा हूं जब से वो बच्चे थे। उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी?’ स्टालिन से मिलने पर कहा- ‘यह सही है कि मैं स्टालिन से मिला था, लेकिन मैं राजनीति के लिए किसी भी हद तक गिरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। स्टालिन पिछले 30 साल से मेरे दोस्त हैं। हमारी दोस्ती राजनीति से परे है।’ विजय को CM बनने से रोकने पर कहा- ‘मैं स्टालिन से दोस्त के तौर पर मिला था। लेकिन खबरें आने लगीं कि दोनों पार्टियां (DMK-AIADMK) विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए बैठकें कर रही हैं और मैं उनमें शामिल रहा हूं। मैं आपको बता दूं कि रजनीकांत ऐसा शख्स नहीं है जो इतना नीचे गिर जाए।' विजय से तुलना पर कहा- ‘जब मैं राजनीति में हूं ही नहीं, तो उनसे मेरी तुलना करना गलत है। उनके और मेरे बीच एक जेनरेशन गैप है। अगर मैंने 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ा होता, तो मैं जरूर जीत जाता। मुझे उनकी जीत पर अचंभा हुआ। मैं उनकी जीत को लेकर खुश हुआ। लोगों को विजय से काफी उम्मीदें हैं और मुझे आशा है कि वो इन्हें पूरा करेंगे।’ ’ विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद रजनीकांत ने विजय को चुनाव जीतने की बधाई दी थी। फिलहाल वो राजनीति में नहीं है, इसलिए जलन वाली बात सही नहीं लगती। रजनीकांत ने मुस्कुराते हुए ये जरूर कहा- 'मैं राजनीति में हूं ही नहीं, तो विजय से जलूं क्यों? हां, अगर कमल हासन सीएम बनते तो जरूर जलता।' ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 4 बच्चे होने पर मिलेंगे 95 हजार, आंध्र प्रदेश CM ने क्यों कहा- बच्चे ही हमारी दौलत; इसका भारत पर क्या असर आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने 16 मई को कहा, 'राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक समय मैंने जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है।' पढ़ें पूरी खबर…
'पेड्डी' का दमदार ट्रेलर रिलीज, राम चरण ने तीन अलग अवतार से जीता दिल
बुची बाबू सना के निर्देशन में बनी पेड्डी को वृद्दि सिनेमाज, माइथ्री मूवी मेकर्स और आईवीवाई एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में राम चरण और जान्हवी कपूर लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म का ट्रेलर आखिरकार रिलीज कर दिया गया है। पेड्डी का ग्रैंड प्रीमियर 3 जून को रखा गया है, जिसके बाद फिल्म 4 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 'पेड्डी' इस वक्त इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी और मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक बनी हुई है। फिल्म में राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे, जबकि जान्हवी कपूर और जगपति बाबू भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। जैसे ही फिल्म के गाने, पोस्टर्स और ग्लिम्प्स सामने आए, वैसे ही पेड्डी को लेकर जबरदस्त बज बन गया। अब मेकर्स ने मुंबई में एक ग्रैंड इवेंट के दौरान फिल्म का पावर-पैक्ड ट्रेलर लॉन्च कर दिया है, जिसने एक्साइटमेंट को और भी बढ़ा दिया है। पेड्डी का ट्रेलर एक बड़े सिनेमैटिक स्पेक्टेकल की झलक देता है। इसमें इमोशन्स, एक्शन और देसी मिट्टी से जुड़ी कहानी देखने को मिलती है, जहां खेल लोगों की जिंदगी और कल्चर का अहम हिस्सा हैं। इससे पहले मेकर्स राम चरण के पेड्डी पहलवान और क्रिकेटर वाले लुक को रिवील कर चुके थे, लेकिन ट्रेलर में दर्शकों को उनका बिल्कुल नया अंदाज़ देखने मिला। ट्रेलर में राम चरण तीन अलग-अलग स्पोर्ट्स और तीन पूरी तरह अलग अवतारों में नजर आ रहे हैं, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट को अगले लेवल पर पहुंचा दिया है। ALSO READ: जाह्नवी कपूर नहीं छोटी बहन खुशी थीं 'पेड्डी' के लिए पहली पसंद, इस वजह से एक ही घर में हुआ रिजेक्शन-सिलेक्शन एक्शन, इमोशन्स और दमदार मोमेंट्स से भरपूर पेड्डी का ट्रेलर एक जबरदस्त सिनेमैटिक रोलरकोस्टर का वादा करता है। जान्हवी कपूर, जगपति बाबू, दिव्येंदु शर्मा और सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने शानदार परफॉर्मेंस से गहरी छाप छोड़ी है। थिएट्रिकल रिलीज से पहले ही पेड्डी ने जबरदस्त असर दिखाना शुरू कर दिया है और हर मार्केट में फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। खासकर ओवरसीज में फिल्म का क्रेज साफ देखने मिल रहा है, जहां रिपोर्ट्स के मुताबिक नॉर्थ अमेरिका में एडवांस बुकिंग खुलने के कुछ ही घंटों के अंदर 100K डॉलर का आंकड़ा पार हो गया, जो ऑडियंस के बीच बढ़ती डिमांड और एक्साइटमेंट को दिखाता है। फिल्म से सामने आए राम चरण के दमदार ट्रांसफॉर्मेशन्स भी फैंस के बीच बड़ा चर्चा का विषय बने हुए हैं। गांव के सिंपल क्रिकेटर से लेकर खतरनाक और दबंग पेड्डी पहलवान तक, उनके अलग-अलग अवतार उनकी जबरदस्त वर्सेटिलिटी दिखाते हैं। वहीं ए. आर. रहमान का म्यूजिक भी फिल्म के क्रेज को अगले लेवल पर ले गया है। “चिकिरी चिकिरी” ने 200 मिलियन व्यूज का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि “राई राई रा रा” को भी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और यह गाना यूट्यूब पर 68 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है। पेड्डी को बुची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे, जबकि शिवा राजकुमार, जान्हवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू भी अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म को वेंकट सतीश किलारू ने वृद्दि सिनेमाज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। वहीं माइथ्री मूवी मेकर्स, सुकुमार राइटिंग्स और आईवीवाई एंटरटेनमेंट इसके साथ जुड़े हैं। ईशान सक्सेना फिल्म के को-प्रोड्यूसर हैं। पेड्डी को नॉर्थ इंडिया में जियो स्टूडियोज रिलीज करेगा। धुरंधर, धुरंधर द रिवेंज और राजा शिवाजी की शानदार सफलता के बाद अब इस फिल्म को लेकर भी जबरदस्त उम्मीदें हैं। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 3 जून 2026 को होगा, जबकि 4 जून 2026 को यह दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।
क्यों फ्लॉप हुई 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान'? आमिर खान ने सालों बाद खोला राज, शोले से कनेक्शन भी बताया
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान अपनी फिल्मों और स्क्रिप्ट के चयन को लेकर बेहद संजीदा माने जाते हैं। दंगल, पीके और 3 इडियट्स जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले आमिर खान के करियर में कुछ ऐसी फिल्में भी रहीं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा। इन्हीं में से एक थी साल 2018 में आई मेगा-बजट पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान'। अमिताभ बच्चन, कैटरीना कैफ और फातिमा सना शेख जैसे बड़े सितारों से सजी 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी। अब सालों बाद आमिर खान ने खुद इस फिल्म की असफलता के पीछे के असली कारणों से पर्दा उठाया है।हाल ही में व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में आयोजित 'स्क्रीन एकेडमी मास्टरक्लास' के दौरान आमिर खान ने सिनेमा, अभिनय और अपने करियर के उतार-चढ़ाव पर चर्चा की। ALSO READ: 50 रुपए में हुई थी आमिर खान की पहली शादी, रीना दत्ता संग भागकर रचाया था ब्याह इसी बातचीत के दौरान जब 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' का जिक्र आया, तो आमिर ने बेहद ईमानदारी से अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह बाउंस हुई थी और यह उनके पूरे करियर की इकलौती ऐसी फिल्म थी, जहां उन्होंने अपनी ही बनाई एक बुनियादी शर्त को तोड़ दिया था। आमिर खान ने अपने फिल्म चयन के नियम का खुलासा करते हुए कहा, आमतौर पर मैं किसी भी फिल्म को उसके मुख्य किरदार के आधार पर नहीं बल्कि उसकी पूरी कहानी को देखकर चुनता हूं। मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि मेरा किरदार कितना बड़ा है, बल्कि कहानी दमदार होनी चाहिए। उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए, जब मैंने 'दंगल' साइन की थी, तो इसलिए नहीं की थी कि महावीर फोगट का किरदार कितना कमाल का है, बल्कि इसलिए कि उसकी पूरी स्क्रिप्ट बेहतरीन थी। लेकिन 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' मेरे करियर का एकमात्र अपवाद थी, जहां मैंने कहानी से ज्यादा अपने किरदार को तवज्जो दी। आमिर ने बताया कि वह फिल्म में अपने धोखेबाज और अविश्वसनीय चरित्र 'फिरंगी' से बेहद आकर्षित थे। उन्होंने कहा, फिरंगी एक ऐसा किरदार था जिस पर कोई भरोसा नहीं कर सकता था। वह कब सच बोल रहा है और कब झूठ, यह समझना मुश्किल था। वह सिर्फ अपने बारे में सोचता था। मुझे उसका यह स्वार्थी और उलझा हुआ अंदाज बेहद दिलचस्प लगा और इसी वजह से मैं फिल्म का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' और 'शोले' का दिलचस्प कनेक्शन मास्टरक्लास के दौरान आमिर खान ने फिल्म की बनावट की तुलना 1975 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' से करके सबको चौंका दिया। आमिर ने समझाया, ठग्स ऑफ हिंदोस्तान की कहानी बहुत सामान्य थी। यह मूल रूप से शोले के फॉर्मेट पर ही आधारित थी। जैसे 'शोले' में संजीव कुमार का किरदार 'ठाकुर' अपने परिवार की हत्या का बदला लेना चाहता है और उनकी मदद के लिए जय और वीरू आते हैं। ठीक उसी तरह, 'ठग्स' में ज़ाफिरा (फातिमा सना शेख) का परिवार खत्म हो जाता है और वह बदला लेना चाहती है, जिसकी मदद के लिए फिरंगी (आमिर खान) आगे आता है। आमिर ने आगे कहा, इस फॉर्मूले के हिसाब से देखा जाए तो जय और वीरू फिल्म के हीरो जरूर थे, लेकिन कहानी असल में ठाकुर की थी। उसी प्रकार, ठग्स ऑफ हिंदोस्तान फिरंगी की कहानी नहीं थी, वह तो ज़ाफिरा की कहानी थी। लेकिन प्रस्तुतीकरण में हम संतुलन खो बैठे। फिल्म के फ्लॉप होने का एक और सबसे बड़ा कारण बताते हुए आमिर ने कहा कि जो फिल्म दर्शकों ने सिनेमाघरों में देखी, वह निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य की मूल स्क्रिप्ट थी ही नहीं। आमिर ने कहा, कास्टिंग की समस्याओं के कारण हम लगातार स्क्रिप्ट में बदलाव करते रहे। हमसे यह सबसे बड़ी रचनात्मक भूल हुई। हमें मनमुताबिक कास्टिंग न मिलने पर भी मूल पटकथा से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए थी। यही वजह रही कि फिल्म अपनी दिशा से भटक गई।
8 मैच और 7 टीमें लड़ रही है प्लेऑफ के 3 स्थान के लिए, जानिए समीकरण
Indian Premiere League (IPL 2026) के लीग चरण में अब केवल 8 मैच शेष होने के बावजूद प्लेऑफ के लिए 7 टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। कल पंजाब को हराकर सिर्फ बैंगलोर ने प्लेऑफ में जगह सुनिश्चित की है।जानते हैं कि यह सात टीमें इंडियन प्रीमियर लीग के किस मोड़ पर खड़ी है। आंकड़ों के अनुसार लखनऊ सुपर जायंट्स से मिली हार ने चेन्नई सुपर किंग्स की उम्मीदों को झटका दिया है, लेकिन टीम अब भी अपने आखिरी दो मैच जीतकर 16 अंक तक पहुंच सकती है। यहां तक कि 14 अंक पर भी क्वालिफाई करने की संभावना बनी हुई है। अगर पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स अपने शेष सभी मैच हार जाएं और दिल्ली कैपिटल्स कोलकाता नाइट राइडर्स से हार जाए तो ऐसा हो सकता है। साथ ही केकेआर अपने शेष मैचों में दो से अधिक जीत दर्ज न करे। अगर ऐसा होता है, तो RCB, एसआरएच, जीटी और 14 अंक वाली सीएसके प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी। हालांकि दूसरी ओर 16 अंक भी पर्याप्त नहीं है, क्योंकि चार टीमें अब भी इससे आगे निकल सकती हैं। लगातार पांच जीत के साथ शानदार लय में चल रही जीटी को प्लेऑफ पक्का करने के लिए सिर्फ़ एक जीत चाहिए। कोलकाता जिसने उनका विजय रथ रोका उनसे मिली हार उनको जरूर चुभेगी। अगर जीटी दोनों मैच हार जाती है, तो मामला नेट रन रेट तक जा सकता है। पंजाब किंग्स, सीएसके और आरआर अगर अपने शेष मैच जीत जाएं, तो छह टीमें 16 या उससे ज्यादा अंक पर खत्म कर सकती हैं। 12 मैचों में 14 अंक के साथ एसआरएच को सीधे क्वालिफिकेशन के लिए अपने आख़िरी दोनों मैच जीतने होंगे। हालांकि अगर पंजाब किंग्स और आरआर अपने सभी मैच हार जाएं, तो 14 अंक भी पर्याप्त हो सकते हैं। उस स्थिति में जीटी, आरसीबी, सीएसके और एसआरएच प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी। अगर पंजाब किंग्स एक मैच जीतकर 15 अंक तक पहुंचती है, तो 14 अंक वाली टीमों के बीच नेट रन रेट निर्णायक होगा। लगातार 6 हार के बाद पंजाब किंग्स 13 अंक पर अटकी हुई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि टीम अब भी 13 अंक के साथ चौथी क्वालिफाई करने वाली टीम बन सकती है। इसके लिए जीटी को अपने दोनों मैच जीतने होंगे, आरआर और सीएसके को बाक़ी सभी मैच हारने होंगे और केकेआर को डीसी को हराकर मुंबई इंडियंस से हारना होगा। ऐसे में आरसीबी, जीटी, एसआरएच और पंजाब किंग्स प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी और नेट रन रेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंजाब किंग्स के लिए आसान रास्ता यह है कि अपना अंतिम मैच जीतकर 15 अंक तक पहुंच जाएं और दूसरे नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा। पिछले 8 मैचों में 6 हार ने RR की स्थिति मुश्किल कर दी है। कुछ हफ़्ते पहले नौ मैचों के बाद टीम 12 अंक के साथ तीसरे स्थान पर थी, लेकिन अब छठवें नंबर पर फिसल चुकी है और बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। अन्य टीमों की तरह आरआर भी 14 अंक पर क्वालिफ़ाई कर सकती है, लेकिन इसके लिए पंजाब किंग्स और सीएसके को अपने बाक़ी सभी मैच हारने होंगे। अगर आरआर अपने 2 मैच जीत लेती है, तो प्लेऑफ़ तय है। उसके बाक़ी मुकाबले निचली चार टीमों के खिलाफ हैं, जिनमें एमआई और एलएसजी जैसी पहले ही बाहर हो चुकी टीमें शामिल हैं। हालांकि इन सभी टीमों ने अपने पिछले मैच जीते हैं। लगातार चार जीत के बाद केकेआर ने वापसी की थी, लेकिन आरसीबी से हार के बाद टीम अधिकतम 15 अंक तक ही पहुंच सकती है। इसका मतलब अब उन्हें दूसरे नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। समीकरण के हिसाब से जीटी, आरसीबी, एसआरएच, पंजाब किंग्स, आरआर और सीएसके सभी 15 से ज्यादा अंक तक पहुंच सकती हैं। 13 अंक पर भी केकेआर के क्वालिफ़ाई करने की बेहद कम संभावना बनी हुई है, अगर आरसीबी, जीटी और एसआरएच ज्यादातर मैच जीतें और पंजाब किंग्स, आरआर व सीएसके लगातार हारें। तब केकेआर और पंजाब किंग्स के बीच आखिरी प्लेऑफ़ स्थान की लड़ाई हो सकती है। केकेआर के बाक़ी तीनों मैच घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स में हैं, लेकिन इस सीजन टीम ने वहां चार मैचों में सिर्फ़ एक जीत हासिल की है। पंजाब किंग्स और राजस्थान के ख़िलाफ जीत ने डीसी को रेस में बनाए रखा है। समीकरण साफ़ है। टीम को अपने आख़िरी दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे ताकि वह 14 अंक तक पहुंचे और फिर दूसरे नतीजों का इंतजार करना होगा। हालांकि उनका नेट रन रेट -0.993 है, जो सभी टीमों में सबसे ख़राब है और यही उनकी सबसे बड़ी चिंता है। डीसी लीग चरण का आख़िरी मैच 24 मई को इडेन गार्डन्स में केकेआर के खिलाफ खेलेगी। अगर उस समय तक इनमें से कोई भी टीम रेस में बची रहती है, तो अगले कुछ दिन आईपीएल में कई बड़े उलटफेर लेकर सकते हैं।
3rd Bada Mangal 2026: तीसरे बड़े मंगल पर राशि अनुसार करें ये 12 उपाय, बजरंगबली दूर करेंगे हर संकट
Hanuman worship Bada Mangal: तीसरा बड़ा मंगल हिंदू पंचांग में एक विशेष और अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इसे मंगलवार के दिन आने के कारण विशेष महत्व प्राप्त होता है। इस दिन भक्त विशेष रूप से मंगल देव की पूजा, हनुमान जी की प्रार्थना और व्रत करते हैं। तीसरा बड़ा मंगल मुख्य रूप से विपत्ति और बाधाओं को दूर करने, परिवार में सुख-समृद्धि लाने और करियर में उन्नति प्राप्त करने के लिए जाना जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों और उपायों से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यहां जानें राशिनुसार उपाय मेष (Aries) लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। वृषभ (Taurus) सफेद मिठाई और चमेली का तेल अर्पित करें। बजरंग बाण का पाठ करें। मिथुन (Gemini) हरी इलायची या हरे फल चढ़ाएं। सुंदरकांड का पाठ करें। कर्क (Cancer) दूध से बनी मिठाई और चावल चढ़ाएं। सिंदूर अर्पित करें। सिंह (Leo) लाल वस्त्र और गुलाब के फूल अर्पित करें। राम नाम का जप करें। कन्या (Virgo) तुलसी पत्र और हरी मूंग चढ़ाएं। संकटमोचन स्तोत्र का पाठ करें। तुला (Libra) सुगंधित फूल और खीर चढ़ाएं। हनुमान अष्टक का पाठ करें। वृश्चिक (Scorpio) लाल चंदन और बूंदी का भोग लगाएं बजरंग बाण का पाठ करें। धनु (Sagittarius) केसर और बेसन के लड्डू चढ़ाएं। सुंदरकांड का पाठ करें। मकर (Capricorn) तिल के लड्डू और सरसों का तेल अर्पित करें। हनुमान चालीसा पढ़ें कुंभ (Aquarius) नीले फूल और उड़द दाल चढ़ाएं। हनुमान मंत्रों का जाप करें। मीन (Pisces) पीले फूल और केले का भोग अर्पित करें। राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। पूजन और उपाय के सामान्य नियम 1. सुबह स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहनें 2. हनुमान जी को सिंदूर, तेल और लाल फूल अर्पित करें। 3. हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। 4. दान करें। और प्रसाद गरीबों में बांटें विशेष: इस दिन की गई भक्ति से हनुमान जी की कृपा सदैव बनी रहती है और जीवन में हर प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अस्वीकरण (Disclaimer): चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
बांग्लादेश में डांस परफॉर्म करती महिला का वीडियो सांसद सायोनी घोष का बताकर वायरल
बूम ने पाया कि मंच पर डांस करती महिला टीएमसी सांसद सायोनी घोष नहीं बल्कि बांग्लादेश की डांसर मेघा क्वीन हैं.
देसी कॉमेडी और इमोशन से भरपूर 'रजनी की बारात' का ट्रेलर रिलीज, उल्का गुप्ता बनीं बागी दुल्हन
'रजनी की बारात' का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर में दबंग अंदाज में उल्का गुप्ता, रौबदार किरदार में अश्वथ भट्ट, मेलोड्रामेटिक अंदाज़ में सुनीता राजवर और अभिनेत्री ज़रीना वहाब के बीच के फनी मोमेंट्स और पारिवारिक ड्रामा इसे बेहद मजेदार बना देते हैं। ट्रेलर में हिंदी भाषी राज्यों का देसीपन, बोली और पारिवारिक माहौल खूब नजर आता है। ट्रेलर की शुरुआत एक पंडित के संवाद से होती है, जहां वह कहते हैं- 'जन्म पत्री में बारात घर पर आने के योग नहीं है।' इस पर ज़रीना वहाब नाराज़ होते हुए कहती हैं, ज़रा ठीक से देखिए तो। ALSO READ: क्या तलाक के लिए मौनी रॉय ने मांगी भारी भरकम एलिमनी? सूरज नांबियार ने तोड़ी चुप्पी वहीं रजनी की मां बनीं सुनीता राजवार भावुक होकर कहती हैं — धूमधाम से शादी करेंगे, बड़का होटल में शादी करेंगे तो घर क्यों बारात आएगी… क्यों सही कह रहे हैं न… इतना कहते हुए उनका गला भर आता है और फिर वह कहती हैं, हमारी रजनी लाखों में एक है, उसके लिए बेस्ट लड़का देखेंगे। इसके बाद ट्रेलर रोमांटिक मोड़ लेता है, जहां रजनी और रज्जन अपने प्यार का इज़हार करते नजर आते हैं। लेकिन यहीं से कहानी में बड़ा ट्विस्ट आता है। रौबदार अश्वथ भट्ट का सामना करना, इमोशनल मां और पूरे परिवार को अपने मिशन में शामिल करना और अपने आशिक़ के भरोसे को जीतना — रजनी की इस बारात में कई ट्विस्ट और टर्न्स दिखाई देते हैं। आखिर क्यों रजनी खुद अपनी बारात लेकर निकलना चाहती है और क्यों उसकी इस अनोखी बारात के रास्ते में इतनी चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं — ट्रेलर इन्हीं सवालों के साथ आगे बढ़ता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ट्रेलर के अंतिम हिस्से में अचानक बंदूक से फायरिंग होती है और इसके साथ ही कई सवाल छोड़ते हुए यह मजेदार ट्रेलर खत्म हो जाता है। 2 मिनट 27 सेकंड का यह ट्रेलर देसी अंदाज़, कॉमिक गड़बड़झाले, इमोशनल ड्रामा से भरपूर नजर आता है। ट्रेलर लॉन्च के मौके पर अभिनेत्री उल्का गुप्ता ने कहा, रजनी एक ऐसी लड़की है जो अपने प्यार के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इस किरदार में इमोशन, कॉमेडी और पागलपन सब कुछ है। रजनी बिहार की एक ऐसी लड़की को रिप्रेजेंट करती है, जो अपने दिल की सुनती है और हर चुनौती का सामना करने का हौसला रखती है। इस रोमांटिक और इमोशनल कहानी में कॉमेडी और ड्रामा दर्शकों को बहुत इंट्रेस्टिंग अनुभव देगा। एपीफ़ेनी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता तनाया आडारकर और तेज एच आडारकर हैं, जबकि निर्देशन आदित्य अमन ने किया है। फिल्म में उल्का गुप्ता, कनिष्क, इशिता सिंह, सुनीता राजवार, ज़रीना वहाब और अश्वथ भट्ट प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। 'रजनी की बारात' 29 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
पुरुषोत्तम मास 2026: इस पवित्र महीने में करें ये 5 काम, धन-दौलत और सुख-समृद्धि की होगी वर्षा
पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम समय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस पवित्र महीने में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता। यदि इस मास में भक्ति के साथ-साथ कुछ विशेष ज्योतिषीय और शास्त्रों में बताए गए उपाय किए जाएं, तो माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं, जिससे जीवन में आर्थिक तंगी दूर होती है और अपार धन की प्राप्ति होती है। यदि आप पुरुषोत्तम मास में समृद्ध होना चाहते हैं, तो ये 5 कार्य विशेष रूप से करें। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इस पवित्र महीने में इन तीर्थों की यात्रा से मिलेगा कई जन्मों का पुण्यफल 1. तुलसी जी के सामने घी का दीपक और परिक्रमा तुलसी: तुलसी जी को भगवान विष्णु की सबसे प्रिय माना गया है। पुरुषोत्तम मास में हर शाम तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं। विशेष लाभ के लिए: दीपक जलाने के बाद तुलसी जी की ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। 2. पीपल के वृक्ष में जल और दीपदान पीपल: पीपल के पेड़ में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का वास माना जाता है, और भगवान कृष्ण ने गीता में स्वयं को वृक्षों में पीपल कहा है। कैसे करें: पुरुषोत्तम मास में प्रतिदिन सुबह पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित जल अर्पित करें और शाम के समय सरसों के तेल या घी का दीपक जलाएं। इससे पितृ दोष शांत होता है और धन आगमन के नए रास्ते खुलते हैं। ALSO READ: 3 वर्ष बाद आई हैं पुरुषोत्तम मास की ये 2 दुर्लभ एकादशियां, व्रत रखना न भूलें 3. शंख और पीले अनाज का उपाय (महालक्ष्मी योग) पीला रंग: भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इस महीने के किसी भी गुरुवार या एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंदिर में पीले रंग के वस्त्र, पीले फल, चने की दाल या केसर अर्पित करें। अचूक उपाय: यदि घर की तिजोरी में दक्षिणवर्ती शंख की स्थापना कर उसमें गुलाब जल भरकर नियमित रूप से पूजन किया जाए, तो कर्ज से मुक्ति मिलती है और रुका हुआ धन वापस आता है। 4. मालपुए का भोग और दान (अक्षय पुण्य) मालपुए: पुरुषोत्तम मास में मालपुए का दान करने का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। इस महीने में भगवान पुरुषोत्तम को 33 मालपुओं का भोग लगाने और फिर उन्हें कांसे के पात्र में रखकर किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करने का विधान है। ऐसा करने से जातक को अक्षय धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: कौन से मंत्र, पाठ और चालीसा दिलाते हैं अपार पुण्य और सुख-समृद्धि? 5. पवित्र नदियों या देवालयों में दीपदान दीपदान: इस पूरे महीने शाम के समय किसी पवित्र नदी के तट पर, मंदिर में, या घर के मुख्य द्वार पर दीपदान (दीपक जलाना) करने से भाग्य चमक उठता है। यदि आर्थिक स्थिति खराब चल रही हो, तो पुरुषोत्तम मास में नियमित रूप से शाम को घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में गाय के घी का दीया जलाएं, जिसमें थोड़ी सी हल्दी या केसर पड़ी हो। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा एक छोटा सा मंत्र: इस पूरे महीने उठते-बैठते मन ही मन ओम भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। ओम भूरिदा त्यसि श्रुतः पुरूजा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि। (धन प्राप्ति का विष्णु मंत्र) या साधारण ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जप अवश्य करते रहें।
देशभर में तबाही मचाने आ रही NTRNeel की पहली झलक, 19 मई को रात 11:52 बजे होगा धमाका
NTRNeel इस वक्त इंडियन सिनेमा की सबसे मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक बनी हुई है। यह फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े नामों मैन ऑफ द मासेस NTR और विजनरी फिल्ममेकर प्रशांत नील को साथ ला रही है। एक ग्रैंड सिनेमैटिक स्पेक्टेकल के तौर पर देखी जा रही यह फिल्म बड़े पर्दे के एंटरटेनमेंट को नए लेवल पर ले जाने वाली मानी जा रही है। लगातार बढ़ती एक्साइटमेंट के बीच अब फिल्म की पहली झलक 19 मई रात 11:52 बजे रिलीज होने जा रही है। मिडनाइट से ठीक 8 मिनट पहले NTRNeel की मोस्ट अवेटेड पहली झलक रिलीज की जाएगी। इसके साथ ही 20 मई को आने वाला NTR का बर्थडे फैंस के लिए डबल सेलिब्रेशन बन जाएगा। 20.5937 N, 78.9629 E A nationwide destruction protocol begins T-MINUS 08 May 19 • 23:52 IST #NTRNeel First Glimpse strikes in selected theatres & digitally — #NTRNeel (@NTRNeelFilm) May 18, 2026 मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फर्स्ट ग्लिम्प्स के रिलीज टाइम की अनाउंसमेंट करते हुए लिखा, 20.5937 N, 78.9629 E, पूरे देश में तबाही का प्रोटोकॉल शुरू होने वाला है। T-MINUS 08. 19 मई रात 11:52 बजे IST. #NTRNeel की पहली झलक चुनिंदा थिएटर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर धमाका करने आ रही है। ALSO READ: अनन्या पांडे-लक्ष्य की 'चांद मेरा दिल' पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची, 1 मिनट लंबे लिपलॉक को किया ट्रिम अनाउंसमेंट के बाद से ही इस फिल्म को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है और फैंस हर नए अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंडस्ट्री के दो बड़े पावरहाउस नामों के साथ आने से NTRNeel अब सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में शामिल हो चुकी है। ऑडियंस भी इस मेगा कोलैबोरेशन को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेहद एक्साइटेड है। प्रशांत नील के निर्देशन में बन रही NTRNeel में NTR लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म को माइथ्री मूवी मेकर्स और NTR आर्ट्स के बैनर तले बनाया जा रहा है।
इंदौर में नकली खाद्य सामग्री का ग्राफ लगातार बढता जा रहा है। खाने वाले पदार्थों के साथ ही अब इस्तेमाल करने वाली चीजों में भी जहर घुलने लगा है। हाल ही में शादी में इस्तेमाल की गई हल्दी के रिएक्शन की वजह से एक दुल्हन की मौत हो गई। प्रशासन भी इन घटनाओं के बाद जाग रहा है। दुल्हन की मौत के बाद शहर में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की नींद खुली है। विभाग ने सनावदिया, मालवा मिल, मांगलिया और मूसाखेड़ी के हाट बाजारों में हल्दी की सैंपलिंग कर जांच की कार्रवाई शुरू की है। वहीं कई जगहों पर बर्फ के गोले में भी नकली रंग मिलाने की शक में नमुने लिए गए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। एक्शन मोड में खाद्य विभाग : इस घटना को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन इंदौर ने विशेष अभियान चलाया है। ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर पेय पदार्थों और खुले बाजारों में बिकने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने शहर के कई प्रमुख प्रतिष्ठानों और साप्ताहिक हाट बाजारों में औचक निरीक्षण और जांच की कार्रवाई को अंजाम दिया। हाट बाजारों में हल्दी के सेंपल लिए : हाट बाजारों में बेची जा रही हल्दी की शुद्धता की बारीकी से जांच के निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू की गई है। टीम ने सनावदिया हाट बाजार पहुंचकर वहां बिक रही हल्दी की प्रारंभिक जांच की। इसके साथ ही मालवा मिल क्षेत्र तथा उसके आसपास के हाट बाजार इलाकों में भी हल्दी की शुद्धता जांची गई। इससे पहले प्रशासन की टीम मांगलिया हाट और मुसाखेड़ी क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई कर चुकी है। सेंपल जांच के लिए भेजे : हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह की मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरी तरह आश्वस्त होने के लिए हल्दी के नमूने एकत्र कर उन्हें विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। खुले बाजारों और मौसमी खाद्य सामग्रियों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह सैंपलिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। यहां भी छापामार कार्रवाई : हल्दी के साथ-साथ विभाग ने अन्य खाद्य और पेय पदार्थों की भी जांच की है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग के दल ने स्नेहलतागंज में स्थित गुजरात रस नामक प्रतिष्ठान पर छापा मारा। निरीक्षण के समय वहां निर्माता राजेंद्र पटेल मौजूद मिले। जांच के दौरान वहां मैंगो शेक का निर्माण और विक्रय होते हुए पाया गया। अधिकारियों ने मौके से दो मैंगो शेक, शक्कर और खाद्य रंग के कुल चार नमूने जांच के लिए जब्त किए। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान के खाद्य पंजीयन में दुकान का पता व्यवस्थित और स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं था। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आगामी आदेश तक वहां निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। आमरस भंडार पर कार्रवाई : प्रशासनिक टीम ने इसके बाद चिमन बाग चौराहा स्थित योगी आमरस भंडार का निरीक्षण किया। मौके पर प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर चंद्रहास पटेल व्यवसाय का संचालन करते हुए पाए गए। जांच के दौरान दुकान पर मैंगो शेक का विक्रय किया जा रहा था। जब अधिकारियों ने दस्तावेजों की मांग की, तो मौके पर प्रतिष्ठान का कोई भी वैध खाद्य पंजीयन उपलब्ध नहीं मिला। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मैंगो शेक और उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य रंग के कुल दो नमूने जांच के लिए एकत्र किए। संबंधित खाद्य श्रेणी के लिए वैध फूड लाइसेंस न होने के कारण प्रशासन ने वैध पंजीयन प्राप्त होने तक उक्त खाद्य कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। Edited By: Naveen R Rangiyal
अनन्या पांडे-लक्ष्य की 'चांद मेरा दिल' पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची, 1 मिनट लंबे लिपलॉक को किया ट्रिम
बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे और लक्ष्य की फिल्म 'चांद मेरा दिल' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी यह फिल्म 22 मई को रिलीज होने जा रही है। फिल्म का ट्रेलर जब से आउट हुआ है, दर्शकों के बीच इस नई जोड़ी को देखने की उत्सुकता सातवें आसमान पर है। इसी बीच फिल्म की रिलीज से ठीक पहले इसे लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म पर अपनी कैंची चला दी है। सेंसर बोर्ड ने अनन्या पांडे और लक्ष्य की इस लव स्टोरी को काफी बारीकी से देखा और इसे U/A 16+ सर्टिफिकेट के साथ हरी झंडी दी है। सर्टिफिकेट देने के साथ ही बोर्ड ने फिल्म के कुछ इंटीमेट सीन्स पर आपत्ति जताई और मेकर्स को उन्हें हटाने का निर्देश दिया। खबरों के अनुसार, बोर्ड ने फिल्म से एक 10 सेकंड के किसिंग सीन को पूरी तरह से हटाने या बदलने के लिए कहा है। इसके अलावा, एक और लंबा लिप-लॉक सीन, जो करीब 1 मिनट और 26 सेकंड का था, उसे भी ट्रिम करने का आदेश दिया गया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सेंसर बोर्ड का मानना था कि फिल्म की 'UA' कैटेगरी को बनाए रखने के लिए इन सीन्स की लंबाई को कम करना जरूरी था। सेंसर बोर्ड ने सिर्फ सीन्स पर ही कैंची नहीं चलाई, बल्कि फिल्म से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए भी मेकर्स को निर्देश दिए हैं। सेंसर गाइडलाइंस के तहत मेकर्स से कहा गया है कि फिल्म में जितने भी बाल कलाकारों ने काम किया है, उनके माता-पिता या कानूनी संरक्षकों की तरफ से आधिकारिक सहमति पत्र और जरूरी दस्तावेज बोर्ड के सामने प्रस्तुत किए जाएं। सेंसर बोर्ड के इन कट्स और बदलावों के बाद अब फिल्म की कुल लंबाई यानी रनटाइम भी सामने आ चुका है। 'चांद मेरा दिल' का कुल रनटाइम 135 मिनट और 36 सेकंड तय किया गया है। यानी दर्शकों को सिनेमाघरों में 2 घंटे 15 मिनट और 36 सेकंड की एक बेहतरीन और भावुक कर देने वाली प्रेम कहानी देखने को मिलेगी। 'चांद मेरा दिल' का निर्देशन विवेक सोनी ने किया है। फिल्म में अनन्या पांडे के किरदार का नाम 'चांदनी' है और लक्ष्य लालवानी 'आरव' की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 22 मई को देश-दुनिया के सिनेमाघरों में दस्तक देगी।
इंदौर में पानी का संकट गहराता जा रहा है। कई कॉलोनियों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उस पर टैंकर वाले मनमानी कर रहे हैं। लोगों को समस्या से जूझता हुआ देख कांग्रेस का शासन पर गुस्सा फूट पड़ा है। हाल ही में कांग्रेस ने मटके फोडकर जमकर प्रदर्शन किया था। अब जल संकट से नाराज क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया मेयर की मौजूदगी में एक कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए। पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-41 में जल संकट की परेशानी देखने पहुंचे विधायक महेंद्र हार्डिया भी जलसंकट को लेकर जमकर नाराज हुए। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे, लेकिन हालात देखकर विधायक बीच कार्यक्रम से ही लौट गए। महेंद्र हार्डिया ने कहा कि पहले कभी शहर में जलसंकट के ऐसे हालात नहीं बने। टंकियां खाली रहती हैं और टैंकर भी समय पर नहीं पहुंचते। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रोज महापौर निवास जाकर बैठेंगे। नहीं भर पा रही टंकियां : शहर की पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पा रही हैं, जिसके कारण कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। स्थिति यह है कि पांच से छह मीटर क्षमता वाली टंकियां केवल दो से तीन मीटर तक ही भर रही हैं। इसका सीधा असर घरों तक पहुंचने वाले पानी पर पड़ रहा है और नलों में बेहद कम पानी आ रहा है। पानी की समस्या से परेशान होकर वीणा नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का गुस्सा सोमवार सुबह सड़कों पर फूट पड़ा। मटके लेकर सड़कों पर उतरे लोग : पानी नहीं मिलने से नाराज बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग खाली मटके और बर्तन लेकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने पहले खाली मटके फोड़े और फिर सड़क पर बैठकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इलाके में न तो नियमित रूप से नलों में पानी आ रहा है और न ही टैंकरों के जरिए पर्याप्त जल वितरण किया जा रहा है। कांग्रेस नेता अमित पटेल और पार्षद राजू भदौरिया के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं बस्ती से निकलकर सड़क पर बैठ गईं और वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। कई बार की पानी की शिकायत : चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारी ‘महापौर पानी दो, पानी दो’ के नारे लगाते रहे। रहवासियों ने आरोप लगाया कि वे पहले भी कई बार अधिकारियों से पानी की समस्या की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना था कि मजबूरी में उन्हें सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। दो दिन से नहीं नर्मदा के नल : बता दें कि पिछले दो दिनों से कई इलाकों में नर्मदा लाइन के नल भी नहीं आ रहे हैं। स्कीम नंबर 54, विजय नगर और आसपास के इलाकों में पानी नहीं मिल रहा है। लोग अब टैंकर की राह तक रहे हैं। लेकिन टैंकर वाले भी जमकर वेटिंग में हैं। कोई फोन नहीं उठा रहा है, जिन इलाकों में टैंकर जा रहे हैं वहां 1 हजार रुपए तक प्रति टैंकर वसूले जा रहे हैं। निगम की नाकामी का नतीजा : बता दें कि शुक्रवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा था कि निगम की नाकामियों के कारण आज पूरा शहर भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है। चौकसे के अनुसार शहर की लगभग आधी आबादी तक नर्मदा का पानी आज भी नहीं पहुंच पा रहा है। जिन इलाकों में पाइपलाइन मौजूद है और पानी की सप्लाई हो भी रही है, वहां भी स्थिति बेहद खराब है। 27 साल बाद भी जस की तस स्थिति : कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि नगर निगम में भाजपा के पिछले 27 वर्षों के निरंतर शासन के बाद भी शहर के प्रत्येक नागरिक तक नर्मदा का जल पहुंचाने की बुनियादी व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकी। चिंटू चौकसे ने पूर्व के दावों की याद दिलाते हुए कहा कि जब नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण की शुरुआत की गई थी, तब प्रशासन और सत्ताधारी दल द्वारा यह बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि यह परियोजना साल 2040 तक की अनुमानित आबादी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में पूरी तरह सक्षम रहेगी। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है और वर्तमान में साल 2026 की आबादी को भी दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे सारे दावों की पोल खुल गई है। टैंकर वाले कर रहे मनमानी : एक तरफ पानी की मार झेल रहे आम लोगों को टैंकर माफिया का भी शिकार होना पड रहा है। पहले से पानी के टैंकर मिल नहीं रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टैंकर वाले मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। छोटे टैंकर के 800 से ज्यादा वूसल किए जा रहे हैं। जबकि बडे टैंकर के बदले 1 हजार रुपए और 1200 की वसूली की जा रही है। रिपोर्ट : नवीन रांगियाल
Numerology Horoscope 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल (18 से 24 मई), आपके अंक बता रहे हैं भविष्य की दिशा
ank jyotish saptahik rashiphal 2026: इस हफ्ते का अंक राशिफल आपके लिए सिर्फ भविष्य की जानकारी नहीं है, बल्कि यह अपने निर्णयों और कार्यों में संतुलन लाने का मार्गदर्शन भी है। सही समय पर सही कदम उठाने से आप न केवल मानसिक शांति पा सकते हैं, बल्कि आर्थिक और व्यक्तिगत लाभ भी सुनिश्चित कर सकते हैं। तो चलिए, जानते हैं 18-24 मई 2026 के सप्ताह भर के अंक संकेत, जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। साप्ताहिक अंक राशिफल: 18-24 मई 2026 मूलांक 1 (जन्म दिनांक 1, 10, 19, 28) इस सप्ताह कार्यस्थल पर आपका वर्चस्व बढ़ेगा और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आपको कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी तथा निवेश से लाभ होने के योग हैं। सिरदर्द या आंखों में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें। पिता या पितातुल्य व्यक्ति से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। उपाय: स्नान के जल में आंकड़े की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं? मूलांक 2 (जन्म दिनांक 2, 11, 20, 29) इस सप्ताह आपको टीम वर्क वाले कार्यों में सफलता मिलेगी। यदि आप कला, लेखन या शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं, तो कोई नई उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। आय स्थिर रहेगी, लेकिन अचानक होने वाली यात्राओं के कारण खर्च बढ़ सकते हैं। माता के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या हो सकती है, इसलिए पर्याप्त नींद लें। जीवनसाथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। उपाय: स्नान के जल में पलाश की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 3 (जन्म दिनांक 3, 12, 21, 30) इस सप्ताह आप अपने अनुभव से जटिल कार्यों को भी आसानी से पूरा कर पाएंगे। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। खान-पान पर नियंत्रण रखें, पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। आपसी रिश्ते अच्छे रहेंगे। उपाय: स्नान के जल में पीपल की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 4 (जन्म दिनांक 4, 13, 22, 31) यह सप्ताह आपके लिए उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं या अचानक धन लाभ हो सकता है। हालांकि, जोखिम भरे निवेश से बचें। मानसिक तनाव और जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। अपने विचारों को स्पष्ट रखें, अन्यथा रिश्तों में गलतफहमी उत्पन्न हो सकती है। उपाय: स्नान के जल में दूर्वा डालकर स्नान करें। मूलांक 5 (जन्म दिनांक 5, 14, 23) इस सप्ताह आपको कम मेहनत में अधिक लाभ मिलने के योग हैं। कमीशन आधारित कार्यों में विशेष फायदा होगा। व्यापार में कोई बड़ा सौदा हो सकता है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और यात्राएं लाभकारी सिद्ध होंगी। त्वचा संबंधी एलर्जी या गले में खराश हो सकती है। रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी। उपाय: स्नान के जल में अपामार्ग (चिरचिटा या लटजीरा) की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 6 (जन्म दिनांक 6, 15, 24) तड़क-भड़क, शानो-शौकत या ग्लैमर (वैभवशाली) वस्तुओं का व्यवसाय करने वालों अथवा इस क्षेत्र में कार्य करने वाले जातकों के लिए यह सप्ताह उत्तम रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन विलासिता की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित व्यक्ति सावधानी रखें। रिश्तों में आकर्षण बढ़ेगा और जीवनसाथी के साथ आउटिंग पर जा सकते हैं। उपाय: स्नान के जल में उदुम्बर (गूलर) की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 7 (जन्म दिनांक 7, 16, 25) इस सप्ताह शोध, ज्योतिष या आध्यात्मिक कार्यों में आपका मन लगेगा। यह समय आपके आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता का है, जिससे आपको अपने भीतर चल रहे अंतर्द्वंद्व से बाहर निकलने का रास्ता मिल सकता है। आपको अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की ज़रूरत है। आय सामान्य रहेगी। मानसिक तनाव और चिंता आप पर हावी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त नींद लें और ध्यान (Meditation) करें। जीवनसाथी से संवाद बनाए रखें। उपाय: स्नान के जल में कुशा डालकर स्नान करें। मूलांक 8 (जन्म दिनांक 8, 17, 26) इस सप्ताह लोहे, मशीनरी या रियल एस्टेट के कार्यों में गति आएगी और आपकी मेहनत रंग लाएगी। आय की गति थोड़ी धीमी रहने की संभावना है, लेकिन पुराने निवेशों से लाभ मिल सकता है। जोड़ों के दर्द या पैरों में चोट लगने की आशंका है, इसलिए वाहन सावधानी से चलाएं। रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखें। उपाय: स्नान के जल में शमी की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 9 (जन्म दिनांक 9, 18, 27) इस सप्ताह आपको कोई शासकीय (सरकारी) कार्य करने का अवसर मिल सकता है। भाई-बहनों के सहयोग से आर्थिक लाभ होगा। जल्दबाजी में कोई भी कार्य करने से बचें। रक्त विकार या हाई ब्लड प्रेशर के रोगी स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें। रिश्तों में गर्मजोशी बनी रहेगी। उपाय: स्नान के जल में खैर की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। अस्वीकरण (Disclaimer): अंकज्योतिष द्वारा बताई गई भविष्यवाणियाँ केवल संभावित रुझानों का संकेत देती हैं। यह राशिफल मूलांक के आधार पर किया गया एक सामान्य पूर्वानुमान है, जिसमें व्यक्तिगत कुंडली या परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन संभव है। अधिक व सटीक जानकारी के लिए किसी अनुभवी अंकज्योतिषी से संपर्क करें।
मशहूर मोटोव्लॉगर और रियलिटी शो 'बिग बॉस' फेम अनुराग डोभाल, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'The UK07 Rider' के नाम से जाना जाता है, इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। कभी लग्जरी कारों और करोड़ों की सुपरबाइक्स से सजे रहने वाले अनुराग का गैराज आज पूरी तरह खाली हो चुका है। हाल ही में अपने यूट्यूब व्लॉग में अनुराग ने बेहद भावुक होकर खुलासा किया कि आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपना लगभग 10 करोड़ रुपए का ड्रीम बाइक कलेक्शन बेचना पड़ा है। अनुराग ने अपना खाली पड़ा हुआ गैराज भी फैंस को दिखाया। खाली गैराज देखकर अनुराग काफी इमोशनल होते दिखाई दिए। अपने होमटाउन देहरादून पहुंचे अनुराग डोभाल ने अपने उस आलीशान गैराज का दौरा किया, जिसे उन्होंने कभी अपनी पसंदीदा बाइक्स को रखने के लिए बेहद चाव से बनवाया था। खाली पड़े गैराज को देखकर अनुराग अपने आंसू नहीं रोक पाए। अनुराग ने कहा, जो साम्राज्य हमने मिलकर खड़ा किया था, आज वो पूरी तरह खाली हो चुका है। पिछले साल हमें अपनी लगभग सभी बाइकें बेचनी पड़ीं। अब हमारे पास सिर्फ दो बाइकें बची हैं। ALSO READ: फिटनेस अवतार में नजर आए सलमान खान, सुपरस्टार फ्लॉन्ट करते दिखे रिप्ड एब्स उन्होंने कहा, मैं रोजाना आर्थिक तंगी और मानसिक अस्थिरता से जूझ रहा था, और मुझे पैसों की सख्त जरूरत थी। उस मुश्किल दौर में मैंने खुद को कैसे संभाला, यह सिर्फ मेरा दिल ही जानता है। जब एक-एक करके मेरी सारी बाइकें बिकीं, तो मुझे बहुत गहरा दुख हुआ। अनुराग ने यह भी बताया कि वह गैराज की प्रॉपर्टी उनके नाम पर नहीं थी, जिसके कारण वहां की बिजली भी काट दी गई थी और अंततः उन्हें वह जगह खाली करनी पड़ी। अनुराग डोभाल की मुश्किलें सिर्फ आर्थिक मोर्चे तक सीमित नहीं थीं। मार्च के महीने में उन्होंने अपने परिवार और भाई पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग का कहना था कि उनकी पत्नी रीतिका के साथ उनके अंतरधार्मिक विवाह के कारण परिवार ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। A post shared by The UK07 Rider (@anurag_dobhal) इसी मानसिक तनाव के चलते मार्च में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान अनुराग ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अपनी तेज रफ्तार कार से डराने वाला एक्सीडेंट कर दिया था। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था। अपने नए व्लॉग में अनुराग ने बताया कि वह अभी भी उस एक्सीडेंट की चोटों से उबर रहे हैं। उनके पैरों में इतनी ताकत नहीं है कि वह बची हुई दो बाइकों का वजन संभाल सकें, इसलिए वह चाहकर भी अभी राइडिंग नहीं कर पा रहे हैं। तमाम विवादों, एक्सीडेंट और आर्थिक कंगाली के बीच अनुराग की जिंदगी में उम्मीद की एक नई किरण भी आई है। 27 मार्च को अनुराग और उनकी पत्नी रीतिका ने अपने पहले बच्चे का दुनिया में स्वागत किया। अस्पताल में नवजात बेटे को गोद में लिए हुए अनुराग ने एक तस्वीर साझा कर लिखा था— दूसरा जन्म मेरे बच्चे के लिए।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (18 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today 18 May horoscope in Hindi 2026 : करियर: सहकर्मियों के साथ पुरानी अनबन खत्म होगी। लव: पार्टनर के साथ शॉपिंग पर जा सकते हैं। धन: निवेश करने से पहले अनुभवी की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य: योग और प्राणायाम से लाभ होगा। उपाय: शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें। ALSO READ: सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में कुछ रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन दोपहर के बाद स्थिति सुधरेगी। लव: प्रेम जीवन में संयम बरतें। धन: खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। स्वास्थ्य: थकान और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। उपाय: सफेद वस्तुओं का दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नौकरी में बॉस आपके सुझावों को महत्व देंगे। लव: पार्टनर के साथ गहरी बातचीत होगी, जिससे आपसी समझ बढ़ेगी। धन: आय के नए स्रोत मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: पेट से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिल सकती है। लव: पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। धन: भूमि या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से शांति महसूस करेंगे। उपाय: मंदिर में मिश्री का दान करें। 5. सिंह (Leo) करियर: मेहनत का फल मिलने में देरी हो सकती है, धैर्य रखें। लव: दोस्ती प्रेम संबंधों में बदल सकती है। धन: धन के मामले में जोखिम न लें। स्वास्थ्य: धूप में निकलने से बचें, डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। उपाय: सूर्य नारायण को जल चढ़ाएं। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यस्थल पर आपकी अलग पहचान बनेगी। लव: पार्टनर के साथ तालमेल बढ़िया रहेगा। धन: धन निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: त्वचा और एलर्जी से जुड़ी छोटी समस्या हो सकती है। उपाय: गाय को रोटी और गुड़ खिलाएं। ALSO READ: शुक्र का मिथुन राशि में गोचर: 2 राशियों पर बढ़ेगा खर्च का दबाव, धन हानि से बचने के लिए रहें सतर्क 7. तुला (Libra) करियर: नया बिजनेस शुरू करने के लिए दिन सामान्य है। लव: जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: अचानक आए खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं। स्वास्थ्य: मांसपेशियों में दर्द या खिंचाव महसूस हो सकता है। उपाय: श्री सूक्त का पाठ करें। Scorpio (वृश्चिक) करियर: कानूनी मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। लव: पार्टनर के साथ किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जा सकते हैं। धन: अटका हुआ धन वापस मिलेगा। स्वास्थ्य: घुटनों और पैरों के दर्द से राहत मिलेगी। उपाय: हनुमान जी के मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर: ऑफिस में आपके काम को अवॉर्ड मिल सकता है। लव: प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च करेंगे। स्वास्थ्य: बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें। उपाय: भगवान विष्णु को पीला चंदन लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में मेहनत के अनुसार परिणाम न मिलने से मन थोड़ा उदास हो सकता है। लव: परिवार के साथ सामंजस्य बिठाने की कोशिश करें। धन: संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य: आंखों में इंफेक्शन या जलन की शिकायत हो सकती है। उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: अपनी बौद्धिक क्षमता से कठिन कार्यों को भी सरल बना लेंगे। लव: सोशल सर्कल में किसी खास से मुलाकात हो सकती है। धन: आर्थिक निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। स्वास्थ्य: दिन भर चुस्ती-फुर्ती महसूस करेंगे। उपाय: जरूरतमंदों को वस्त्र दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आज नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं। लव: पार्टनर के साथ यादगार लम्हे बिताएंगे। धन: रुका हुआ पैसा मिलने से खुशी होगी। स्वास्थ्य: माइग्रेन हो तो पर्याप्त आराम करें। उपाय: हल्दी की माला से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें। ALSO READ: वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips
2013 में बीजेपी की सरकार 7 राज्यों में थी, आज 22 राज्यों में है। उत्तर, पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर… एक-एक कर बीजेपी ने सब जीत लिए। अब बची है दक्षिण की दीवार। कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगले 2-3 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ये किला भी फतेह कर सकती है। लेकिन कैसे? क्या बाकी राज्यों वाला फॉर्मूला दक्षिण में भी काम करेगा? भास्कर एक्सप्लेनर में पूरी कहानी… फैक्टर-1: जमीन पर RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS और उससे जुड़े विद्यार्थी परिषद यानी ABVP, सेवा भारती, वनवासी कल्याण आश्रम वगैरह पहले से ही बीजेपी के लिए जमीन तैयार करते है। जैसे- फैक्टर-2: वोट शेयर की धीमी चढ़ाई बीजेपी सीधे सत्ता के बजाय, पहले विपक्ष या दूसरे नंबर की रणनीति पर चलती है और वोट शेयर बढ़ाती है… फैक्टर-3ः हिंदुत्व + लोकल जातीय समीकरण बीजेपी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के कॉमन एजेंडे के साथ लोकल जातियों और कल्चर के समीकरण को साधती है… फैक्टर-4ः विपक्ष के नाराज लोगों को अपनाना जिस नेता को कांग्रेस, बीजेडी, टीएमसी जैसे विपक्षी दलों ने दरकिनार किया, बीजेपी ने उसे अपने साथ लिया और वैक्यूम भरा… फैक्टर-5: हार से सीखना, रणनीति बदलना पिछले चुनावों की हार और रणनीतिक गलतियों से सबक लेकर बीजेपी अगले चुनाव में नई स्ट्रैटजी और नेताओं की फौज के साथ उतरती है… इन्हीं फैक्टर्स के आधार पर बीजेपी अब दक्षिण में अपना रोडमैप तैयार कर रही है। कर्नाटकः सबसे करीब, सबसे अहम आंध्र प्रदेश: सहयोगी के कंधे पर सवारी तेलंगाना: इंतजार और क्षेत्रीय गठजोड़ केरलम: धीमी लेकिन असली चढ़ाई तमिलनाडुः सबसे लंबा रास्ता 1. भाषाई-सांस्कृतिक पहचान 2. क्षेत्रीय पार्टियों की गहरी जड़ें 3. RSS का कमजोर जमीनी नेटवर्क --------- यह खबर भी पढ़िए… बीजेपी की बंगाल जीत में SIR का कितना रोल:केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस कैसे लौटी; नतीजों के पीछे 5 बड़े फैक्टर्स बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था- माछ भात खाते हुए, मां काली का नाम लेते हुए। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया। केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। पूरी खबर पढ़िए…
NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। दैनिक भास्कर को CBI जांच की कुछ इंटरनल रिपोर्ट्स मिली हैं, जिससे खुलासा हुआ है कि पेपर लीक केस में पुणे से अरेस्ट ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे NTA अफसर के सीधे संपर्क में थी। उसे NTA अफसर और अन्य आरोपियों के जरिए एग्जाम से 6 दिन पहले ही NEET-UG 2026 का क्वेशन पेपर और आंसर मिल गया था। सोर्स ने ये भी बताया कि मामले में अरेस्ट केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के जरिए ब्यूटीशियन NTA अफसर के संपर्क में आई। ये अफसर उनमें से हो सकते हैं, जिन पर पेपर फाइनल करने से लेकर एक्सपर्ट कमेटी बनाने तक की जिम्मेदारी होती है। सबसे पहले जानिए NTA अफसर पर शक क्यों…जहां इलेक्ट्रॉनिक गैजेट-पेन पर रोक, वहां से कैसे लीक हुआ पेपर CBI जांच कर रही है कि लीक हुआ पेपर क्या ओरिजनल पेपर की फोटोकॉपी है या इसे फोटो खींचकर लीक किया गया। ये जांच इसलिए भी हो रही है, क्योंकि NTA ऑफिस में जहां पेपर सेट किया जाता है, वहां इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या पेन जैसा कोई सामान नहीं ले जा सकते, जिसमें कैमरा छुपाया जा सके, इसलिए फोटोकॉपी निकालना या फोटो खींच पाना आसान नहीं। इस कॉन्फिडेंशियल एरिया में एक्सपर्ट प्रोफेसर और लेक्चरर एग्जाम का पेपर सेट करते हैं, जबकि NTA अफसरों की जिम्मेदारी उन पर नजर रखने की होती है। लिहाजा NTA स्टाफ के शामिल हुए बिना पेपर लीक होना नामुमकिन है, इसलिए अब वहां के अफसर भी सवालों के घेरे में हैं। शक इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि अब तक जिन 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से ज्यादातर ने अपने फोन की चैट के साथ फोटो गैलरी भी डिलीट की है। लैपटॉप से भी कई फाइलें डिलीट मिली हैं। आरोपी ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और दलाल धनंजय लोखंडे के फोन से काफी डेटा डिलीट है। CBI इनके डिजिटल एविडेंस जुटा रही है। NTA अफसर के संपर्क में थी ब्यूटीशियन, एग्जाम से 6 दिन पहले मिला पेपर CBI से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मनीषा वाघमारे ही सबसे पहले पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट्स और NTA अफसर के संपर्क में आई। इसी ने प्रोफेसर मनीषा मांधरे को घर पर क्लास लगाकर एग्जाम में आने वाले बायोलॉजी के सवाल-जवाब स्टूडेंट्स को बताने के लिए तैयार किया। वहीं, प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने भी क्लास लगाकर स्टूडेंट्स को केमिस्ट्री के सवाल बताए। इसके बदले पीवी कुलकर्णी को मनीषा वाघमारे के जरिए लाखों रुपए कैश मिले, जबकि बाकी की रकम अकाउंट में ट्रांसफर की गई। CBI को इसके सबूत भी मिले हैं। दोनों प्रोफेसर ने जिस पेपर से स्टूडेंट्स को पढ़ाया था, वो 3 मई को NEET एग्जाम होते ही जला दिए गए, ताकि कोई सबूत न मिले। इससे जुड़े वॉट्सएप और टेलीग्राम चैट भी डिलीट कर दिए गए। केमिस्ट्री और बॉटनी के प्रोफेसर अरेस्ट, फिजिक्स वाला कौन इस केस में अभी तक केमिस्ट्री और बॉटनी के प्रोफेसर अरेस्ट हुए हैं। ऐसे में अब सवाल यही है कि अगर सिर्फ इन दो विषयों के पेपर सेट करने वाले लीक में शामिल थे, तो फिजिक्स के सवाल कैसे लीक हुए। जांच में पता चला है कि नीट पेपर के कुल 720 नंबर में से 600 नंबर के सवाल एग्जाम से पहले लीक हुए थे। इसमें केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल मैच हुए। बायोलॉजी के सभी 90 सवाल मैच हुए, जबकि फिजिक्स के 15 सवाल मैच हुए है। हालांकि फिजिक्स के सवाल कैसे मिले, इससे जुड़ा लिंक अब तक सामने नहीं आया है। दोनों सेट पेपर लीक होने का शक, गेस पेपर में शामिल किए सवाल नीट एग्जाम के लिए दो सेट पेपर तैयार किए जाते हैं। एक सेट एग्जाम के लिए सेंटर्स पर भेजा जाता है, जबकि दूसरा रिजर्व रखा जाता है। ताकि किसी गड़बड़ी की आशंका पर पहले सेट को दूसरे से रिप्लेस किया जा सके। CBI को आशंका है कि नीट के दोनों सेट लीक किए गए हैं। इसी से गेस पेपर तैयार किया गया और उसमें दोनों सेट के सवाल मिक्स कर दिए गए। यही वजह है कि लीक पेपर में कई सवाल और उनके ऑप्शन एक ही क्रम में दिखाई देते हैं, जबकि कुछ अलग-अलग नंबर पर मिलते हैं। हालांकि, लीक पेपर और NEET एग्जाम में आए पेपर के सवाल और उनके ऑप्शन बिल्कुल एक जैसे हैं। फरवरी में पेपर सेट हुआ, 15-20 अप्रैल तक प्रिंटिंग, 27 अप्रैल को लीक NTA सूत्रों के मुताबिक, NEET एग्जाम की तैयारी इसी साल जनवरी में शुरू हुई। फरवरी के आखिरी हफ्ते से नीट पेपर सेट करने की इंटरनल प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान NTA ऑफिस में पेपर सेटिंग की मीटिंग होती है, जिसमें पेपर सेट करने वाली कमेटी के मेंबर्स और इसे फाइनल करने वाले चीफ होते हैं। जिस कॉन्फिडेंशियल जगह पर पेपर सेट किया जाता है, वहां कमेटी मेंबर्स और आला अफसरों के अलावा बाकी किसी की एंट्री नहीं होती। अंदर इंटरनेट की भी सुविधा नहीं रहती है। अंदर फोन, कोई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और ब्लूटूथ साथ नहीं ले जा सकते। पेन-पेपर तक ले जाने की मनाही होती है। पेपर के दो सेट बनाए जाते हैं, लेकिन एग्जाम में इनमें से कौन सा सेट जाएगा, इस पर आखिरी फैसला NTA चीफ का होता है। पेपर के दो सेट फाइनल होने के बाद 13 भाषाओं में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके बाद दोनों सेट प्रिंटिंग के लिए भेजे जाते हैं। बताया जा रहा है कि 15-20 अप्रैल के बीच में दोनों पेपर की प्रिंटिंग हुई थी। इसके बाद ट्रांसपोर्ट के जरिए इसे परीक्षा केंद्रों के आसपास के बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा गया। यहां से 3 मई को पेपर एग्जाम सेंटर पहुंचा। हालांकि इससे पहले 27 अप्रैल को ही पेपर लीक होकर ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे तक पहुंच चुका था। इसके बाद पेपर लीक की कड़ियां लंबी होती चली गईं। अब CBI इन कड़ियों को आखिरी सिरे से शुरुआती सिरे तक जोड़ने में जुटी है। NEET पेपर लीक के बाद NTA में बड़ा फेरबदल पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने NTA में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति की है। इनमें दो जॉइंट सेक्रेटरी और दो जॉइंट डायरेक्टर शामिल हैं। अनुजा बापट और रुचिता विज को जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है, जबकि आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया जॉइंट डायरेक्टर बनाए गए हैं। सभी नियुक्तियों को ACC की मंजूरी के बाद DoPT ने आदेश जारी किया। ………………….. ये खबर भी पढ़ें… NEET में 85% लाया, कॉलेज टेस्ट में हो गया फेल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)- 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार विकास बिंवाल को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कॉलेज टेस्ट में कई बार वो एब्सेंट रहा और जिन टेस्ट में उसकी मौजूदगी रही, उसमें भी वो सिर्फ 30 फीसदी अंक ही ला सका। इस वजह से अधिकांश टेस्ट में फेल था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विकास पढ़ाई में कमजोर था। पढ़िए पूरी खबर…
भारत को आध्यात्मिक कवच प्रदान करने के लिए मुंबई में श्री राजमातंगी महायज्ञ संपन्न
‘रामराज्य’ के संकल्प की पूर्ति के लिए प्रभादेवी में हजारों श्रद्धालुओं उपस्थिति मुंबई। वर्तमान वैश्विक अशांति और युद्ध जैसी परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में भारत को चारों ओर से एक अभेद्य आध्यात्मिक सुरक्षा कवच प्राप्त हो, इस मुख्य उद्देश्य के साथ मुंबई में श्री राजमातंगी महायज्ञ अत्यंत दिव्य और चैतन्यमय वातावरण में संपन्न हुआ। सनातन संस्था […] The post भारत को आध्यात्मिक कवच प्रदान करने के लिए मुंबई में श्री राजमातंगी महायज्ञ संपन्न appeared first on Sabguru News .
माली समाज के विरोध के बाद रुका 1.55 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास, भूमि विवाद पहुंचा हाईकोर्ट
अजमेर। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नवीन गुलाबबाड़ी में प्रस्तावित 1 करोड़ 55 लाख रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास शनिवार को माली समाज के विरोध के चलते नहीं हो सका। डीएमएफटी मद से विद्यालय में 10 नए कक्षा-कक्ष, खेल मैदान और बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाना था। कार्यक्रम में विधायक अनीता भदेल द्वारा शिलान्यास किया […] The post माली समाज के विरोध के बाद रुका 1.55 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास, भूमि विवाद पहुंचा हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
300 से अधिक मरीजों की सेवा स्वास्थ्य महोत्सव में जांच व परामर्श
अजमेर। पींसागन क्षेत्रीय माहेश्वरी सभा, माहेश्वरी समाज पींसागन, क्षेत्रपाल हॉस्पिटल, अकॉर्ड पैथोलॉजी एवं फिजियोथेरेपी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सेवा स्वास्थ्य महोत्सव भारी उत्साह, जनसहभागिता एवं सेवाभाव के साथ सम्पन्न हुआ। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के अनुभवी चिकित्सकों ने मरीजों की […] The post 300 से अधिक मरीजों की सेवा स्वास्थ्य महोत्सव में जांच व परामर्श appeared first on Sabguru News .
शादी के 18 दिन बाद नवविवाहिता की उसके प्यार में पागल युवक ने गला घोंटकर की हत्या
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एकतरफा प्यार में पागल युवक ने शादीशुदा युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी है। घटना बीजधारी थाना क्षेत्र के बथना पाण्डेय टोला गांव की है। मृतका की पहचान सपना (20) के रूप में हुई है, जिसकी शादी 28 अप्रैल को हुई थी। परिजनों ने बताया कि गांव […] The post शादी के 18 दिन बाद नवविवाहिता की उसके प्यार में पागल युवक ने गला घोंटकर की हत्या appeared first on Sabguru News .
झारखंड के पाकुड़ जिले में नाबालिग के साथ गैंगरेप मामले में 7 लोग अरेस्ट
पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने सात को गिरफ्तार किया है, जिसमे से दो नाबालिग शामिल है। उक्त घटना की पुष्टि एसपी अनुदीप सिंह ने पुष्टि की है। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों के खिलाफ कांड अंकित करते हुए न्यायिक हिरासत […] The post झारखंड के पाकुड़ जिले में नाबालिग के साथ गैंगरेप मामले में 7 लोग अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
समाजवादी सुधरो या टूटो: 92 वर्षों बाद भी क्यों बिखरा हुआ है भारत का समाजवादी आंदोलन?
समाजवादी पार्टी के 92वें स्थापना दिवस पर डॉ. सुरेश खैरनार का तीखा आत्ममंथन। लोहिया, जेपी और आचार्य नरेंद्र देव की विरासत, समाजवादी आंदोलन का विखंडन, RSS की कैडर राजनीति और भारतीय समाजवाद के संकट का गंभीर विश्लेषण।
डीग में डम्पर की चपेट में आने से महिला की मौत, बच्चा घायल
डीग। राजस्थान में डीग जिले में कामां-पहाड़ी मार्ग पर अंगरावली गांव के पास रविवार को एक अनियंत्रित डंपर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई और एक बच्चा घायल हाे गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कामां-पहाड़ी रोड पर जाम लगा दिया। वे […] The post डीग में डम्पर की चपेट में आने से महिला की मौत, बच्चा घायल appeared first on Sabguru News .
धार स्थित भोजशाला में कड़ी सुरक्षा के बीच मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना
धार। मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला में न्यायालय के आदेश और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की नई गाइडलाइन के तहत आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूजा-अर्चना आयोजित की जा रही है। नई व्यवस्था के तहत वर्षभर पूजा की अनुमति मिलने के बाद सुबह से ही भोजशाला परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भोज […] The post धार स्थित भोजशाला में कड़ी सुरक्षा के बीच मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना appeared first on Sabguru News .
अलवर में उप प्रधानाचार्य की तबीयत बिगड़ने से अचानक मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में एक उप प्रधानाचार्य की उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शालीमार क्षेत्र में विक्रम सिंह गोठवाल परिवार सहित रह रहे थे। वह तिजारा के गेलपुर स्थित राजकीय विद्यालय में उप प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। […] The post अलवर में उप प्रधानाचार्य की तबीयत बिगड़ने से अचानक मौत appeared first on Sabguru News .
वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य : वसुंधरा राजे
जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य बताते हुए कहा हैं कि रक्तदान न केवल मानव सेवा है,बल्कि समाज में एकता और इंसानियत का प्रतीक है जो किसी न किसी व्यक्ति केलिए जीवन है। राजे रविवार को स्वास्थ्य कल्याण रक्त केंद्र के 32वें स्थापना […] The post वक्त का हर क्षण और रक्त का हर कण अमूल्य : वसुंधरा राजे appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं में बदमाशों का पीछा करते समय पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से कॉन्स्टेबल की मौत
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस की गाड़ी नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे बदमाशों का पीछा करते समय पेड़ से टकरा गई इससे एक कॉन्स्टेबल की मौत हो गई और थानाधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि घटना सुबह करीब पांच […] The post झुंझुनूं में बदमाशों का पीछा करते समय पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से कॉन्स्टेबल की मौत appeared first on Sabguru News .
दिल्ली ने टॉस जीतकर राजस्थान के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
DCvsRR दिल्ली कैपिटल्स ने अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। दोनों ही टीम की तरफ से एक एक खिलाड़ी आज फ्रैंचाइजी के लिए डेब्यू करेंगें। प्लेऑफ समीकरण के लिहाज से यह मैच दोनों ही टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। Toss Update from New Delhi @DelhiCapitals won the toss and elected to field first against @rajasthanroyals Updates https://t.co/JwHkQQ1ayi #TATAIPL | #KhelBindaas | #DCvRR pic.twitter.com/u3TocHsOt1 — IndianPremierLeague (@IPL) May 17, 2026
आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने 16 मई को कहा, 'राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक समय मैंने जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है।' आखिर आंध्र प्रदेश सरकार क्यों चाहती है कि लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें, क्या पैसे देने से जन्म दर बढ़ जाएगी और भारत जैसे सबसे बड़ी आबादी वाले देश में ये कितना सही; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: आंध्र प्रदेश में बच्चे पैदा होने पर पैसा मिलने की नई पॉलिसी क्या है? जवाब: 16 मई को CM नायडू ने श्रीकाकुलम जिले में एक जनसभा के दौरान बच्चे पैदा करने पर पैसे देने की योजना की घोषणा करते हुए कहा, 'बच्चों को बोझ नहीं, बल्कि देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। जनसंख्या ही भविष्य की असली दौलत है। जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों में घटती आबादी और बुजुर्ग होती जनसंख्या का इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ा है। इसीलिए मैं लंबे समय से जनसंख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा हूं।’ दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार ने 5 मार्च को विधानसभा में एक नई पॉलिसी पेश की थी। इसे 'जनसंख्या प्रबंधन नीति' कहा गया। इसमें प्रस्ताव दिया था कि दूसरा बच्चा पैदा होने पर परिवार को 25 हजार रुपए मिलेंगे। अब तीसरे और चौथे बच्चे के पैदा होने पर पैसे की घोषणा को इसी नीति का विस्तार बताया जा रहा है। यानी अब 4 बच्चे पैदा होने पर कुल 95 हजार रुपए मिलेंगे। नायडू ने अप्रैल 2025 में भी महिलाओं से ज्यादा बच्चों को जन्म देने की अपील की थी। साथ ही घोषणा की थी कि सरकारी महिला कर्मचारियों के बच्चों की संख्या चाहे जितनी हो, हर बच्चे पर 26 हफ्ते यानी 6 महीने की मैटरनिटी लीव मिलेगी।’ इसके पहले तक 6 महीने का मातृत्व अवकाश सिर्फ पहले दो बच्चों पर मिलता था। दो से ज्यादा होने पर 3 महीने की छुट्टी का नियम था। नायडू सरकार की जनसंख्या प्रबंधन नीति के मुताबिक, 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को पैसे के अलावा कई दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी… आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार ने बताया कि 'सहायता राशि देने का मकसद प्रेग्नेंसी के दौरान हेल्थ फैसिलिटी, बच्चे की देखभाल और डिलीवरी के बाद कामकाजी महिलाओं को नौकरी या काम करने में मदद करना है। इसके अलावा नायडू सरकार मौजूदा 'तल्लीकी वंदनम योजना' के विस्तार का भी प्लान बना रही है, जिसके तहत अभी स्कूल जाने वाले बच्चों की मांओं को हर साल 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। सवाल-2: नायडू सरकार क्यों चाहती है कि लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें? जवाब: CM नायडू के इस फैसले के पीछे आंध्र प्रदेश की आबादी से जुड़े तीन फैक्टर हैं… 1. बच्चे पैदा होने की दर 3 दशकों में आधी हुई 2. महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम हुई 3. राज्य के लोगों की औसत आयु देश से 4 साल कम सवाल-3: क्या नायडू के इस फैसले के पीछे कोई राजनीतिक वजह? जवाब: नायडू के इस फैसले को देश में संभावित लोकसभा सीटों के नए परिसीमन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार अप्रैल 2026 में परिसीमन बिल, 2026 ला चुकी है। हालांकि ये पास नहीं हो पाया था। तब गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि सभी राज्यों की लोकसभा में कुल सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी। राज्यों में कुल सीटों में 50% की आनुपातिक बढ़ोत्तरी होगी। यानी जिस राज्य में जितनी सीटें हैं, उससे करीब डेढ़ गुना सीटें हो जाएंगी। हालांकि ये बात किसी बिल में नहीं थी। वहीं दक्षिणी राज्यों ने परिवार नियोजन अपनाकर आबादी काबू में रखी है। उत्तरी राज्यों के मुकाबले इनकी आबादी कम है। इसलिए इन राज्यों को डर है कि जनगणना के आधार पर परिसीमन होने से लोकसभा में उनकी सीटें उत्तरी राज्यों के मुकाबले कम हो जाएंगी। क्योंकि 1976 और 2001 में भी परिसीमन इसीलिए टाला गया था, क्योंकि उत्तर और दक्षिण की जनसंख्या में बड़ा अंतर था। 2011 की जनगणना के मुताबिक, हिंदीभाषी राज्यों की औसत जनसंख्या वृद्धि दर 21.6%, जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों में ये आंकड़ा 12.1% है। दिलचस्प बात ये है कि जब केंद्र सरकार परिसीमन बिल लाई, तो नायडू ने इसका समर्थन किया। क्योंकि वो केंद्र सरकार में बीजेपी के साथ साझेदार हैं। जबकि तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया इसका विरोध किया था। केंद्र सरकार में शामिल होने के कारण नायडू की पार्टी टीडीपी ने परिसीमन बिल के समर्थन में वोट दिया, लेकिन नायडू राज्य की घटती जन्म दर को लेकर चिंता जताते रहे हैं… इसके अलावा बीते महीने ही अमरावती आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी बन गई है। नायडू अमरावती को मेगा सिटी बनाने के लिए यहां आबादी बढ़ाना चाहते हैं। ये उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। दरअसल, 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग हुए तेलंगाना को बतौर राजधानी हैदराबाद मिल गया। तब नायडू की सरकार ने विजयवाड़ा के पास कृष्णा नदी के किनारे एक नई राजधानी बनाने का फैसला किया और इसका नाम रखा- अमरावती। इसमें 2050 तक 35 लाख लोगों को बसाने का टारगेट है। 2024 में टीडीपी के दोबारा सत्ता में आने के बाद अमरावती प्रोजेक्ट तेज हुआ है। सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड सोशल स्टडीज, हैदराबाद के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. चिगुरुपाटी रामचंद्रैया कहते हैं, ‘नायडू की राज्य की जनसंख्या बढ़ाने की चिंता का संबंध उनके अमरावती को मेगासिटी बनाने के प्रोजेक्ट से प्रेरित है।' हालांकि डॉ. रामचंद्रैया कहते हैं कि अमरावती की आबादी तेजी से बढ़ना आसान नहीं है। क्योंकि अमरावती जिन दो जिलों- गुंटूर और कृष्णा में बसा है, वहां जनसंख्या वृद्धि दर दो दशकों में तेजी से घटी है। अभी अमरावती शहर की आबादी सिर्फ 2.7 लाख है। पूरे कैपिटल रीजन की आबादी 58.1 लाख है। सिंगापुर के सलाहकारों का अनुमान है कि ये आबादी 20 साल में 1.01 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इतनी बढ़ोत्तरी होना बेहद मुश्किल है। सवाल-4: क्या पैसे देकर जन्म दर बढ़ाई जा सकती है? जवाब: भारत में प्रजनन दर बढ़ाने के लिए परिवारों को सीधे कैश बांटने की स्कीम पहली बार आंध्र प्रदेश में ही लाई गई है। हालांकि, दुनिया के कई देशों में ऐसे एक्सपेरिमेंट्स किए जा चुके हैं… 1. दक्षिण कोरिया: 26 हजार करोड़ खर्च, नतीजा उल्टा 2. हंगरी: GDP का 6% खर्च, फिर भी ज्यादा असर नहीं 3. सिंगापुर: पहले बच्चे के जन्म पर 8 लाख रुपए से ज्यादा बांटे अमेरिका के विल्सन मेटरनल हेल्थ सेंटर की डायरेक्टर सारा बार्न्स के मुताबिक, 'अगर सरकारें महिलाओं की शिक्षा, नौकरी और काम के अवसर करें, तो उसका असर सिर्फ 'ज्यादा बच्चे पैदा करो' जैसी नीतियों से ज्यादा अच्छा होगा। दिसंबर 2024 में नीदरलैंड्स में हुई एक रिसर्च के मुताबिक, 'जब सरकार बच्चे पैदा करने पर आर्थिक मदद देती है, तो ज्यादातर लोग दोबारा बच्चे पैदा करने का फैसला नहीं करते, बल्कि जो लोग बच्चा चाहते थे, वे सिर्फ थोड़ा जल्दी बच्चा प्लान कर लेते हैं। इससे कुछ समय के लिए TFR बढ़ाता है, लेकिन लंबे समय में कोई खास फर्क नहीं पड़ता।’ सवाल-5: आबादी बढ़ाने के लिए नकद स्कीम का देश पर क्या असर होगा? जवाब: भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। अप्रैल 2024 में इसने 141.26 करोड़ की आबादी वाले चीन को पीछे छोड़ दिया था। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्था UNFPA के मुताबिक, अप्रैल 2025 तक भारत की जनसंख्या 146.39 करोड़ थी। रियल टाइम डेटा वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, मौजूदा समय में ये आंकड़ा 147 करोड़ से ज्यादा है। इसमें से करीब 68% आबादी युवा है। भारत में UNFPA की प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोजनार के मुताबिक, ‘यहां बेहतर शिक्षा और मेटरनिटी हेल्थ केयर की मदद से प्रजनन दर कम करने में सफलता पाई है। 1970 में पांच बच्चे प्रति महिला से भारत आज लगभग दो बच्चे प्रति महिला पर खड़ा है।’ आंध्र प्रदेश में हर साल करीब 6.7 लाख बच्चे जन्म लेते हैं। जनसंख्या बढ़ने से पानी, घर और मेडिकल फैसिलिटीज जैसे संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा अभी राज्य के वर्कफोर्स में कामकाजी महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 31% हैं। ये हिस्सेदारी और घट सकती है। इस स्कीम को दूसरे दक्षिणी राज्य भी लागू कर सकते हैं। इससे देश की जनसंख्या और बढ़ सकती है, जिससे सरकार को योजनाओं पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। ******* रिसर्च- प्रथमेश व्यास ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शराब दुकानें बंद, 200 यूनिट बिजली फ्री, गोल्ड चेन भी देंगे; फिल्मी हीरो जैसे फैसले ले रहे CM विजय, कितना महंगा पड़ेगा CM बनते ही थलापति विजय किसी फिल्मी नायक की तरह फैसले ले रहे हैं। 48 घंटे में ही 700 से ज्यादा शराब की दुकानें बंद कराने का आदेश दिया। शपथ के मंच से ही 200 यूनिट फ्री बिजली का ऐलान कर दिया था। सोने की चेन, अंगूठी और कैश देने का भी वादा किया है। पढ़ें पूरी खबर…
आकाश वाणी से छोरी तक, रिस्क लेकर अपने करियर को नया मोड़ देने वाली एक्ट्रेस नुसरत भरुचा
बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरुचा ने अपनी दमदार अदाकारी, अलग किरदारों और मेहनत के दम पर बॉलीवुड में खास पहचान बनाई है। नुसरत भरुचा का जन्म 17 मई 1985 को मुंबई में एक बोहरा परिवार में हुआ है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुंबई से पूरी की। अभिनय के प्रति रुचि होने के कारण उन्होंने कम उम्र में ही मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में कदम रखा। अपने करियर के शुरुआती दौर में नुसरत को काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली। नुसरत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन धारावाहिक ‘किटी पार्टी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख करते हुए फिल्म ‘जय संतोषी मां’ से बॉलीवुड में पदार्पण किया, हालांकि उन्हें वास्तविक पहचान फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ से मिली। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी पसंद किया। ALSO READ: नुसरत भरूचा को मिली थी 'Too Pretty' होने की सजा, हाथ से निकल गई ऑस्कर विनिंग फिल्म इसके बाद नुसरत भरुचा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने आकाश वाणी, सोनू के टीटू की स्वीटी, ड्रीम गर्ल, छलांग, अजीब दास्तान्स, जनहित में जारी और हॉरर फिल्म छोरी जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का दम दिखाया। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल ग्लैमरस भूमिकाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सामाजिक और महिला केंद्रित विषयों पर आधारित फिल्मों में भी काम किया। हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में, जहां अभिनेत्रियों को अक्सर ग्लैमरस सपोर्टिंग रोल्स तक सीमित कर दिया जाता है, वहीं नुसरत भरुचा ने चुपचाप बॉलीवुड में अपनी एक अलग और प्रेरणादायक पहचान बनाई है। मल्टीस्टारर एंटरटेनर्स का हिस्सा बनने से लेकर पूरी फिल्म को अपने कंधों पर उठाने तक, उनका सफर धैर्य, निरंतर मेहनत और जोखिम उठाने की हिम्मत की मिसाल है। नुसरत भरुचा ने पहली बार मेनस्ट्रीम पहचान फिल्म 'प्यार का पंचनामा' से हासिल की, जहां वे व्यावसायिक रूप से सफल फ्रेंचाइज़ी का हिस्सा बनीं। हालांकि फिल्म मुख्य रूप से पुरुष दोस्ती और रिश्तों के ड्रामे पर आधारित थी, लेकिन अपनी स्क्रीन प्रेज़ेंस से नुसरत ने अलग पहचान बनाई और बॉलीवुड की भीड़ में अपने लिए जगह तैयार की। इसके बाद 'सोनू के टीटू की स्वीटी' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों ने उन्हें कमर्शियल सिनेमा में एक मजबूत जगह दिलाई। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हालांकि नुसरत ने अपने इस सफर को खास बनाया, धीरे-धीरे खुद को नए रूप में ढालकर। गौरतलब है कि उन्होंने खुद को सिर्फ रोमांटिक कॉमेडी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने ऐसे किरदार चुने, जिनमें कहानी और भावनात्मक गहराई हो। ऐसे समय में जब कई कलाकार सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे थे, नुसरत ने महिला-केंद्रित और विषय-प्रधान कहानियों का रास्ता चुना। उनके करियर का अहम मोड़ 'आकाश वाणी' साबित हुई, जहां उन्होंने भावनात्मक शोषण और वैवाहिक बलात्कार जैसे संवेदनशील विषयों को पर्दे पर निभाया, वह भी ऐसे समय में, जब हिंदी सिनेमा में इन मुद्दों पर खुलकर बात नहीं होती थी। भले ही उस वक्त फिल्म और उनके प्रदर्शन को उतनी सराहना नहीं मिली, लेकिन इस किरदार ने यह संकेत जरूर दे दिया कि नुसरत पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ना चाहती हैं। इसके बाद आया उनके करियर का गेम-चेंजर दौर। 'छोरी' के साथ नुसरत ने हॉरर-सर्वाइवल ड्रामा की दुनिया में कदम रखा और लगभग अकेले दम पर फिल्म को संभाला। एक गर्भवती महिला के रूप में, जो अलौकिक डर और सामाजिक बुराइयों दोनों से लड़ती है, नुसरत ने साबित किया कि वे बिना किसी बड़े मेल लीड के भी स्क्रीन पर पूरी पकड़ बना सकती हैं। 'छोरी' के बाद 'छोरी 2' के साथ वे और भी ज्यादा दमदार अंदाज़ में लौटीं और खुद को इस फ्रेंचाइज़ी का चेहरा बना लिया। फिल्म ‘जनहित में जारी’ में जहां उन्होंने एक जागरूक महिला का किरदार निभाया, वहीं, फिल्म 'अकेली' में उनका अभिनय और भी स्पष्ट रूप से सामने आया। युद्धग्रस्त इलाके में फंसी एक भारतीय महिला के किरदार में नुसरत ने पूरी फिल्म का भावनात्मक भार अपने कंधों पर उठाया। इस भूमिका में उन्होंने संवेदनशीलता, साहस और जुझारूपन को बेहद प्रभावशाली तरीके से पेश किया। मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्मों से लेकर 'छोरी' और 'अकेली' जैसी फिल्मों की मुख्य ताकत बनने तक, नुसरत भरुचा का करियर इस बात का प्रमाण है कि खुद को लगातार नए रूप में ढालना कितना जरूरी है। नुसरत सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। वह अक्सर अपने प्रशंसकों के साथ अपनी फिल्मों, फिटनेस और निजी जीवन से जुड़ी बातें साझा करती रहती हैं।
एमी बरुआ ने Cannes 2026 में पारंपरिक Karbi परिधान पहन लूटी महफिल
एमी बरुआ ने कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में एक बार फिर भारत की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर शानदार तरीके से पेश किया। अपनी पांचवीं कान उपस्थिति के दौरान उन्होंने असम के पारंपरिक करबी परिधान में रेड कार्पेट पर कदम रखकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। असम के करबी समुदाय से प्रेरित यह खूबसूरत हैंडवोवन आउटफिट राज्य की समृद्ध हथकरघा परंपरा और आदिवासी कला का प्रतीक था। पारंपरिक आभूषणों के साथ उनके इस लुक ने नॉर्थईस्ट इंडिया की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दी। A post shared by Aimee Baruah (@aimeebaruahofficial) एमी बरुआ ने अपने इंस्टाग्राम पर रेड कार्पेट की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “Wearing our tradition, our pride.” इस कैप्शन के जरिए उन्होंने अपनी जड़ों और संस्कृति के प्रति गहरा जुड़ाव जाहिर किया। A post shared by Aimee Baruah (@aimeebaruahofficial) करबी समुदाय अपनी पारंपरिक बुनाई कला, विशिष्ट डिजाइन और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। उनके वस्त्रों में इस्तेमाल होने वाले पैटर्न और मोटिफ समुदाय की पहचान और इतिहास को दर्शाते हैं। एमी बरुआ की इस विरासत को कान जैसे वैश्विक मंच तक पहुंचाकर एमी बरुआ ने भारतीय क्षेत्रीय संस्कृति को नई पहचान दिलाई। एमी बरुआ लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर असमिया सिनेमा और नॉर्थईस्ट इंडिया की कहानियों को बढ़ावा देती रही हैं। उनकी हर कान उपस्थिति यह साबित करती है कि भारतीय क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराएं भी वैश्विक सिनेमा में मजबूत स्थान रखती हैं।
जितेश को मिली बैंगलूरू की कप्तानी, पंजाब ने चुनी गेंदबाजी (Video)
PBKSvsRCB जितेश शर्मा को रजत पाटीदार की जगह पर आज रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू की कप्तानी करने का मौका मिला। हालांकि पंजाब किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। दोनों ही टीमों में 2-2 बदलाव है। Toss @PunjabKingsIPL have won the toss and elected to bowl first against @RCBTweets Jitesh Sharma is leading #RCB in absence of the injured Rajat Patidar. Updates https://t.co/3u5qL0Zn75 #TATAIPL | #KhelBindaas | #PBKSvRCB pic.twitter.com/zBp1WIbxbj — IndianPremierLeague (@IPL) May 17, 2026 टीम इस प्रकार हैं: (Playing XI & Impact Sub) पंजाब किंग्स : श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह, मिचेल ओवेन, विष्णु विनोद, नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, मार्को यानसन, मुशीर खान, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बराड़, विजयकुमार विशाक, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, पायला अविनाश, यश ठाकुर, हरनूर सिंह, प्रवीण दुबे, विशाल निषाद। पंजाब किंग्स: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप साल्ट, जितेश शर्मा, जैकब बेथेल, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल।
थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने पर रजनीकांत ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, स्टालिन से मुलाकात पर दी सफाई
तमिलनाडु की राजनीति में हाल ही में आए चुनावी भूचाल के बाद अब सिनेमा और सियासत के गलियारों में बयानों का दौर शुरू हो गया है। तमिल सिनेमा के 'थलाइवर' यानी सुपरस्टार रजनीकांत ने चेन्नई के पोएस गार्डन स्थित अपने निवास स्थान पर एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद से ही रजनीकांत की चुप्पी को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। आखिरकार, दिग्गज अभिनेता ने सामने आकर सभी अफवाहों का करारा जवाब दिया है। प्रेस मीट के दौरान रजनीकांत ने TVK के प्रमुख सी. जोसेफ विजय की प्रचंड जीत पर अपनी प्रतिक्रिया दी। Chennai, Tamil Nadu: Actor Rajinikanth says, I was extremely shocked when I heard that Vijay had become the Chief Minister. I am not in politics; it has been many days since I stepped away from politics. There is a 28-year age difference between Vijay and me. Here, Vijay has… https://t.co/WUxYS8YUbK pic.twitter.com/dcr0lcGfiA — ANI (@ANI) May 17, 2026 रजनीकांत ने कहा, मैं यह प्रेस मीट इसलिए कर रहा हूं क्योंकि चुनावों को लेकर मेरे बारे में सोशल मीडिया और मीडिया में कई तरह की मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं। चुनाव नतीजों के आने के बाद मैं एम.के. स्टालिन से मिलने गया था, जिसे बेवजह आलोचना का विषय बना दिया गया। ALSO READ: 'पति पत्नी और वो दो' के कलेक्शन में शानदार उछाल, दूसरे दिन फिल्म ने किया इतना कलेक्शन उन्होंने कहा, लोगों को समझना होगा कि हमारी दोस्ती राजनीति के दायरे से बहुत ऊपर है। मुझे व्यक्तिगत रूप से इस बात का बेहद दुख हुआ कि एम.के. स्टालिन कुलाथुर सीट से चुनाव हार गए। रजनी कोई इतना सस्ता या घटिया दर्जे का इंसान नहीं है जो किसी भी बात पर राजनीति करे या बेवजह की बातें बनाए। जैसे ही मुख्यमंत्री ने जीत दर्ज की, मैंने तुरंत उन्हें बधाई दी थी। रजनीकांत ने कहा, जब मैंने पहली बार सुना कि विजय मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो मुझे सचमुच बहुत हैरानी हुई। मैं अब राजनीति में नहीं हूं और मुझे सियासत से दूर हुए एक लंबा अरसा बीत चुका है। विजय और मेरे बीच उम्र का करीब 28 साल का फासला है। तमिलनाडु की धरती पर विजय ने सूबे की दो सबसे बड़ी और स्थापित पार्टियों के खिलाफ अकेले खड़े होकर चुनाव जीता है और अपनी यह पहचान खुद के दम पर बनाई है, जो काबिल-ए-तारीफ है। शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं शामिल हुए रजनीकांत? विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के दौरान रजनीकांत की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए। इसका जवाब देते हुए थलाइवर ने अपने पुराने इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने पत्रकारों से प्रतिप्रश्न किया, क्या आपने मुझे कभी इतिहास में किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होते देखा है? मैं कभी इन समारोहों का हिस्सा नहीं बनता, यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। नताशा से तलाक के बाद हार्दिक काफी समय समय से माहिका शर्मा को डेट रहे हैं। अब आईपीएल 2026 के बीच खबरें आ रही है कि हार्दिक अपनी गर्लफ्रेंड माहिका संग शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हार्दिक पंड्या इसी महीने 22 मई को उदयपुर में माहिका संग शादी करने जा रहे हैं। दोनों राजस्थान के उदयपुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी करने वाले हैं। हार्दिक और माहिका की शादी की खबर सामने आते ही फैंस के बीच खलबली मच गई है। ALSO READ: नुसरत भरूचा को मिली थी 'Too Pretty' होने की सजा, हाथ से निकल गई ऑस्कर विनिंग फिल्म हालांकि हार्दिक पंड्या या माहिका शर्मा की टीम की तरफ से शादी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हार्दिक और माहिका शर्मा साल 2025 से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। फरवरी 2026 में हार्दिक ने माहिका के जन्मदिन और वैलेंटाइन डे के मौके पर अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था। गौरतलब है कि जुलाई 2024 में हार्दिक पंड्या और सर्बियाई मॉडल नताशा स्टेनकोविक ने आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की थी। दोनों आज भी अपने बेटे अगस्त्य की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं। नताशा से अलग होने के बाद हार्दिक के जीवन में माहिका की एंट्री हुई।
Girish Kumar: For nearly two decades, if one wished to understand what was going wrong inside India’s schools, there was perhaps no more grounded guide than Vimala Ramachandran’s Inside Indian Schools. It was a book that carried neither ideological certainty nor fashionable optimism. It walked patiently through classrooms, sat beside teachers, listened to girls from […]
Adani, Trump, Modi, and the conversion of American legal authority from a court into a marketplace In April 2026, representatives of Gautam Adani walked into the United States Department of Justice headquarters in Washington and presented approximately one hundred slides to federal prosecutors. The slides argued, among other things, that the government lacked basic evidence […]
समाजवादी पार्टी के 92 वें स्थापना दिवस के अवसर पर पटना में इकठ्ठा होने वाले सभी साथियों को क्रांतिकारी अभिवादन . समाजवादी पार्टी के 92 वां स्थापना दिवस के उपलक्षमे. कुछ मुक्त चिंतन करते हूऐ सभी साथियों को आज हमारी स्थिति सिर्फ जन्मदिन और पुण्यतिथियां मनाने तक ही सिमित होने की वजह को इमानदारी से […]
जब पंकज उधास का गाना सुनकर लोग हुए इमोशनल, इनाम में मिले थे 51 रुपए
संगीत जगत में पंकज उधास को ऐेसे पार्श्वगायक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने गजल गायिकी को नया आयाम दिया। पंकज उधास का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के राजकोट के निकट जेटपुर में जमींदार गुजराती परिवार में हुआ। घर में संगीत के माहौल से पंकाज उधास की भी रूचि संगीत की ओर हो गई। महज सात वर्ष की उम्र से ही पंकज उधास गाना गाने लगे। उनके इस शौक को उनके बड़े भाई मनहर उधास ने पहचान लिया और उन्हें इस राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। मनहर उधास अक्सर संगीत से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया करते थे। उन्होंने पंकज उधास को भी अपने साथ शामिल कर लिया। ALSO READ: नुसरत भरूचा को मिली थी 'Too Pretty' होने की सजा, हाथ से निकल गई ऑस्कर विनिंग फिल्म एक बार पकंज को एक संगीत कार्यक्रम में हिस्सा लेने का मौका मिला जहां उन्होंने 'ए मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी' गीत गाया। इस गीत को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। उनमें से एक ने पंकज उधास को खुश होकर 51 रुपए दिए। इस बीच पंकज उधास राजकोट की संगीत नाट्य अकादमी से जुड़ गये और तबला बजाना सीखने लगे। कुछ वर्ष के बाद पंकज उधास का परिवार बेहतर जिंदगी की तलाश में मुंबई आ गया। पंकज उधास ने अपनी स्नातक की पढ़ाई मुंबई के मशहूर सैंट जेवियर्स कॉलेज से हासिल की। इसके बाद उन्होंने स्नाकोत्तर पढ़ाई करने के लिये दाखिला ले लिया लेकिन बाद में उनकी रूचि संगीत की ओर हो गई और उन्होंने उस्ताद नवरंग जी से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। पंकज उधास के सिने करियर की शुरूआत 1972 में प्रदर्शित फिल्म कामना से हुई लेकिन कमजोर पटकथा और निर्देशन के कारण फिल्म टिकट खिड़की पर बुरी तरह असफल साबित हुई। इसके बाद गजल गायक बनने के उद्देश्य से पंकज उधास ने उर्दू की तालीम हासिल करनी शुरू कर दी। वर्ष 1976 में पंकज उधास को कनाडा जाने का अवसर मिला और वह अपने एक मित्र के यहां टोरंटो में रहने लगे। ALSO READ: Cannes में तारा सुतारिया का रॉयल अंदाज, आइवरी गाउन में दिखाई सिजलिंग अदाएं उन्हीं दिनों अपने दोस्त के जन्मदिन के समारोह में पंकज उधास को गाने का अवसर मिला। उसी समारोह में टोरंटो रेडियो में हिंदी के कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले एक सज्जन भी मौजूद थे उन्होंने पंकज उधास की प्रतिभा को पहचान लिया और उन्हें टोरंटो रेडियो और दूरदर्शन में गाने का मौका दे दिया। लगभग दस महीने तक टोरंटो रेडियो और दूरदर्शन में गाने के बाद पंकज उधास का मन इस काम से उब गया। इस बीच कैसेट कंपनी के मालिक मीरचंदानी से उनकी मुलाकात हुई और उन्हें अपनी नई एलबम आहट में पार्श्वगायन का अवसर दिया। यह अलबम श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। वर्ष 1986 में प्रदर्शित फिल्म 'नाम' पंकज उधास के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। यूं तो इस फिल्म के लगभग सभी गीत सुपरहिट साबित हुए लेकिन पंकज उधास की मखमली आवाज में 'चिट्ठी आई है वतन से चिट्ठी आई है' गीत आज भी श्रोताओ की आंखो को नम कर देता है। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों में गाना गाने का मौका मिला। इन फिल्मों में गंगा जमुना सरस्वती, बहार आने तक, थानेदार, साजन, दिल आशना है, फिर तेरी कहानी याद आई, ये दिल्लगी, मोहरा, मै खिलाड़ी तू अनाड़ी, मंझधार, घात, और ये है जलवा, प्रमुख है। पंकज उधास के गाए गीतों की संवदेनशीलता उनकी निजी जिन्दगी में भी दिखाई देती थी। वह एक सरल हृदय के संवदेशनशील इंसान भी है जो दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर उसे दूर करने का प्रयास करते है। दूसरों के प्रति हमदर्दी और संवेदनशीलता की इस भावना को प्रदर्शित करने वाला एक वाकया है। एक बार मुंबई के नानावती अस्पताल से एक डॉक्टर ने पंकज उधास को फोन किया कि एक व्यक्ति के गले के कैंसर का ऑपरेशन हुआ है और उसकी उनसे मिलने की तमन्ना है। इस बात को सुनकर पंकज उधास तुरंत उस शख्स से मिलने अस्पताल गए और न सिर्फ उसे गाना गाकर सुनाया बल्कि अपने गाए गाने का कैसेट भी दिया। बाद में पंकज उधास को जब इस बात का पता चला कि उसके गले का ऑपेरशन कामयाब रहा है और उसकी बीमारी धीरे-धीरे ठीक हो रही है तो पंकज उधास काफी खुश हुए। पंकज उधास को अपने करियर में मान सम्मान भी खूब मिला। इनमें सर्वश्रेष्ठ गजल गायक .के.एल. सहगल अवार्ड, रेडियो लोटस अवार्ड, इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी अवार्ड, दादाभाई नौरोजी मिलेनियम अवार्ड और कलाकार अवार्ड जैसे कई पुरस्कार शामिल है। साथ ही गायकी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुये उन्हें 2006 में पदमश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पंकज उधास ने कई एलबम के लिए पार्श्वगायन किया, इनमें नशा, हसरत, महक, घूंघट, नशा 2, अफसाना, आफरीन, नशीला, हमसफर, खूशबू और टुगेदर, प्रमुख है। गजल गायिकी को नया आयाम देने वाले पंकज उधास का 26 फरवरी 2024 को निधन हो गया।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 17 May 2026: करियर: आज काम में नई चुनौतियां आएंगी, लेकिन धैर्य बनाए रखें। लव: रिश्तों में तालमेल और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान जी की आराधना करें और लाल वस्त्र पहनें। 2. वृषभ (Taurus) करियर: सहयोगियों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: पेट या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें और गाय को आहार दें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: साथी के साथ संवाद में सुधार होगा। धन: आर्थिक लाभ संभव है, पर जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: उपवास का पारण सात्विक भोजन से करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: पुराने प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे और सराहना मिलेगी। लव: साथी के साथ समझ बढ़ेगी। धन: अचानक खर्च हो सकता है, बचत करें। स्वास्थ्य: हल्की एलर्जी या सर्दी हो सकती है। उपाय: आज हनुमान चालीसा पढ़ें। 5. सिंह (Leo) करियर: पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। लव: संबंधों में रोमांस बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि संभव है। स्वास्थ्य: ऊर्जा अच्छी रहेगी। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा, टीम वर्क में सुधार होगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश और बचत लाभकारी रहेंगे। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की संभावना। उपाय: पीले रंग के कपड़े पहनें। 7. तुला (Libra) करियर: कामकाज में स्थिरता और सफलता मिलेगी। लव: संबंधों में संतुलन बना रहेगा। धन: खर्च पर नियंत्रण जरूरी। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों का ध्यान रखें। उपाय: पानी का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: जोखिम उठाने का समय अच्छा है, अवसर मिलेंगे। लव: रोमांटिक जीवन में उत्साह रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें। उपाय: हनुमान जी की पूजा करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: पेशेवर जीवन में उन्नति संभव है। लव: रिश्तों में समझ बढ़ेगी। धन: निवेश या सौदे लाभकारी रहेंगे। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: पीले चने का दान करें और सूर्य को अर्घ्य दें। 10. मकर (Capricorn) करियर: मेहनत का परिणाम मिलेगा, सम्मान बढ़ेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए नए प्रेम संबंध बन सकते हैं। धन: वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य, हल्का व्यायाम लाभकारी। उपाय: आज नीले या काले वस्त्र पहनें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: साथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या नींद की कमी। उपाय: आज गायत्री मंत्र का जाप करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नए अवसर मिलेंगे, ध्यान केंद्रित रखें। लव: भावनात्मक समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: अपना खानपान सुधारें। उपाय: आज धार्मिक ग्रंथ पढ़ें।
एक बार मैं नहर किनारे बैठा था। पानी में एक पॉलिथीन तैरती दिखी। मुझे लगा नारियल होगा, ऐसे ही पॉलिथीन में नारियल बहकर आते थे। मैंने तुरंत पानी में छलांग लगा दी और पॉलिथीन खींचकर किनारे ले आया। पॉलिथीन बहुत भारी थी। जैसे ही उसे खोला, मेरी सांसें अटक गईं। अंदर दो कटे हुए हाथ थे। जो पूरी तरह सड़ चुके थे। कुछ पल के लिए शरीर सुन्न पड़ गया। हाथ से पॉलिथीन छूट गई। धीरे-धीरे नहर से उस लाश के कई हिस्से निकले। वह एक बूढ़े की लाश थी। पुलिस आई तो पता चला कि महज डेढ़ लाख रुपए के लिए उसके भाइयों ने ही उसे मारकर, काटकर नहर में फेंक दिया था। लाश के टुकड़े देखने के बाद मैं कई दिन तक सो नहीं पाया। अब जब भी पानी में कोई पॉलिथीन दिखती तो लगता है वही लाश होगी। मैं गोताखोर परगट सिंह। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के छोटे से गांव दबखेड़ी का रहने वाला हूं। 40 साल का हूं। पिछले 18 सालों में 20 हजार से ज्यादा लाशें नहरों से निकाल चुका हूं। इनमें से ज्यादातर लाशें गल चुकी थीं। जब उनका अंतिम संस्कार हुआ तो मांस, हड्डी से एकदम अलग हो चुका था। 16 साल का था, जब नहर से पहली बार लाश निकाली थी। एक दिन की बात है। मैंने नहर से नारियल निकाला और किनारे बैठकर खा रहा था। तभी 20 साल की लड़की की लाश बहती हुई आई। पीछे-पीछे उसका परिवार भी रोते हुए आ गया। ये लोग पंजाब के देवीगढ़ के रहने वाले थे। वे लोहे की रॉड और डंडों से लाश को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन निकाल नहीं पा रहे थे। फिर मुझसे गुजारिश करने लगे कि शव को किनारे लगा दो। मैं फौरन नहर में कूद गया और लाश के कपड़े पकड़कर किनारे ले आया। परिवार ने बहुत शुक्रिया किया। उसके बाद पुलिस पहुंची। अगले दिन पुलिस के साथ अखबार में मेरी फोटो छपी, यहीं से जिंदगी बदल गई। गांव में खबर फैल गई कि आज अखबार में परगट की फोटो छपी है। तब से नहर से लाशें निकालने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा। न जाने कितनी बार अखबार में मेरी फोटो छपी। अब मोबाइल का जमाना है। सोशल मीडिया पर मेरे वीडियो वायरल होने लगे हैं। दरअसल, जिस परिवार की लाश निकालता वही लोग मेरा नंबर अपने परिचितों को दे देते। धीरे-धीरे ये सिलसिला बढ़ता गया। आप जिस नहर को देख रही हैं, यह हमारे यहां की नरवाना ब्रांच नहर है। इसी में पंजाब की तरफ से सबसे ज्यादा लाशें बहकर आती हैं। यह भाखड़ा मेन लाइन की शाखा है। यह पंजाब के राजपुरा से शुरू होकर हरियाणा से होते हुए दिल्ली तक जाती है। इसका पानी जितना शांत दिखाई देता है, उतना है नहीं। बचपन में जब नहर में नहाने आता था, तब सोचा नहीं था कि एक दिन इसी नहर से सड़ी-गली लाशें निकालूंगा। पढ़ाई में मन नहीं लगता था। 8वीं में फेल हो गया। तब गुस्से में पिताजी ने पढ़ाई भी छुड़वा दी। धीरे-धीरे गोताखोर बन गया। अब तो गहरे पानी और तेज रफ्तार वाली नहरों से लाशें निकालने देशभर में जाता हूं। तैराकी तो आसान है। वह मजे के लिए होती है, जबकि गोताखोरी बहुत मुश्किल। शुरुआत में तो उन लाशों को निकालता था, जो पानी के ऊपर तैर रही होती थीं। फिर यूट्यूब से गोताखोरी सीखी। हालांकि, पेशेवर गोताखोरी सीखने के बाद भी पानी के अंदर से लाशें नहीं निकाल पाता था; लेकिन नहर की तलहटी से कीमती सामान-जैसे बाइक, गाड़ियां, सिलेंडर, चश्मे, मोबाइल और गहने, निकालना सीख लिया था। फिर धीरे-धीरे, पानी से लाशें निकालना भी शुरू कर दिया। अब जब नहर में 40 फीट नीचे सिलेंडर लगाकर जाता हूं तो दिमाग में दो बातें होती हैं। एक वह जो नहर किनारे खड़ा बेसब्री से मेरा इंतजार कर रहा होता है। दूसरा कि कहीं इतने गहरे पानी में ही न मर जाऊं कि लोग मेरी लाश ढूंढे़ं। उत्तर प्रदेश का एक किस्सा है। जब रुड़की नहर में एक 14 साल के बच्चे की लाश ढूंढ़ रहा था। नहर में 15 फीट नीचे गया था। शरीर में बंधी रस्सी एक पेड़ में फंस गई और सांस लेने के लिए मुंह पर लगी पाइप निकल गई। मुझे लगा कि अब नहीं बचूंगा। छटपटा रहा था। मेरे सहयोगी ने बड़ी मुश्किल से मुझे बाहर निकाला। 20 मिनट तक ठीक से सांस नहीं ले सका, फिर वही काम करने लगा। कई बार तो मगरमच्छों वाली नहर में भी गोते लगाए हैं। गोताखोरी के दौरान मौत की दर्दनाक कहानियां सामने आईं। पलभर के गुस्से में आकर लोग बिना सोचे नहर में छलांग लगा देते हैं। पीछे से उनके परिवार वाले चार-चार, पांच-पांच दिन तक गर्मी में, सर्दी में नहर किनारे लाश खोजते हैं। जब तक लाश नहीं मिलती है वे खाना तक नहीं खाते। चार दिन पहले की बात है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के झांसा गांव के पास सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारे एक लावारिस कार मिली। कैथल जिले के कॉल गांव के 30 साल के पुनीत ने नहर में छलांग लगा दी थी। नहर किनारे पूरा परिवार रातभर बैठा रहा। मैंने बड़ी मुश्किल से उस लाश को निकाला। लाश सड़ने लगी थी। दरअसल, गर्मियों में कोई लाश तीन से चार दिन तक पानी में रहे तो उसकी बुरी हालत हो जाती है। दो दिन पहले मैंने नरवाना नहर से लाश निकाली। पूरी तरह सड़ चुकी थी। पैंट की जेब से एक फोन मिला। पुलिस को बताया तो पता लगा कि उसने पांच महीने पहले पंजाब के राजपुरा की नहर में छलांग लगाई थी। परिवार कल ही लाश को लेकर अपने घर गया है। यह काम करते 18 साल हो चुके हैं। कुछ केस तो कभी नहीं भूल पाऊंगा। एक केस करनाल के मधुबन नहर का है। पति-पत्नी का झगड़ा हुआ था। गुस्साए पति ने अपने दो साल, छह साल और 9 साल के बच्चे को मोटरसाइकिल पर बिठाया और एक-एक करके उन्हें नहर में फेंक दिया। गांव में खबर पहुंची तो बच्चों के दादा को हार्ट अटैक आ गया और उनकी भी मौत हो गई। उसके बाद पत्नी ने सोचा कि सिर्फ एक झगड़े ने उसके बच्चे छीन लिए। उसने भी आत्महत्या कर ली। पिता को जेल हुई। 10 दिन बाद जेल में ही उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सोचिए महज 15 दिन में पूरा परिवार खत्म हो गया। इस केस में 9 साल की लड़की का शव तीसरे दिन मिला, बेटे का चौथे दिन। लेकिन दो साल के बच्चे का पता नहीं चला। उसे या तो मछलियां खा गई होंगी या मगरमच्छ। यह केस मुझे बहुत दर्द देता है। एक साल पहले की बात है। सर्दियों की रात थी और घड़ी में करीब 12 बजे थे। कुछ मजदूर अपना काम खत्म करके नरवाना ब्रांच नहर के किनारे दबखेड़ी पुल के पास पहुंचे थे। उनमें से एक के पास मेरा नंबर था। उसने मुझे फोन किया। बताया कि नहर में किसी औरत के चीखने की आवाज आ रही है। मैंने फौरन बाइक उठाई और नहर की तरफ भागा। वहां एक औरत मरे हुए मुर्गों से भरी एक बोरी पकड़कर चार किलोमीटर तैरकर आई थी। मुझे देखकर जोर से चिल्लाने लगी। तुरंत पानी में कूदा और उसे बाहर निकाला। उसने बताया कि पति ने उसे नहर में धक्का दे दिया था। वह कुरुक्षेत्र की थी। किसी घरेलू झगड़े के चलते उसके पति ने धक्का दे दिया था। वह आज भी कभी-कभी फोन करके मुझे शुक्रिया कहती है। सबसे ज्यादा दुख तब होता है, जब किसी बुजुर्ग की लाश मिलती है। उनके हाथ-पांव बंधे होते हैं या उन्हें किसी वजनदार चीज से बांधकर डुबोया गया होता है। कई बार कूलर में उनकी बॉडी बांधकर फेंक दी जाती है। ऐसे ही एक जवान लड़के की लाश मिली थी। उसके पेट में 26 बार चाकू घोंपा गया था। सिर फटा हुआ था। टांगों को रॉड मार-मार कर जख्मी कर दिया गया था। उस लाश को देखकर लगा कि इंसानी रिश्ते किस तरह से स्वाहा हो चुके हैं। लोगों की सहनशीलता बहुत कम हो गई है। पिछले 24 घंटे में पांच लाशें निकाल चुका हूं। ये हर दिन का एवरेज है। मुझे सबसे खराब लगता है नहर किनारे किसी अपने की लाश का इंतजार करना। खासकर किसी मां का अपने बच्चे की लाश का इंतजार करना। एक बार नरवाना ब्रांच की नहर में एक मां अपने बच्चे की लाश का इंतजार करती रही। मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन नहीं मिली। वह रातभर वहीं रही। उसके बाद भी कई बार आई। अंबाला का एक मामला है। पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। महिला अपनी 6 महीने और दो साल की बच्ची के साथ नहर में कूद गई थी। 6 महीने की बच्ची तो किसी तरह किनारे आ गई और लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन महिला की लाश मिलने के बाद भी उसकी दो साल की दूसरी बच्ची का कुछ पता नहीं चल सका। अपनी बात करूं तो यह काम आसान नहीं है। गोताखोरी के शुरुआत के तीन साल बहुत कष्ट देने वाले रहे। पहले जब किसी की लाश निकालकर घर आता तो मां-बाप गालियां देते थे। घर के अंदर नहीं आने देते थे। बोलते- नहाकर, कपड़े बदलने के बाद ही घर में घुसना। कई बार तो घर से बाहर निकाल देते थे। खाना नहीं देते थे। उस वक्त नहर पर चला जाता था और रात में वहीं सोता था। जब मेरी शादी हुई तो पत्नी ने भी मुझसे बहुत झगड़े किए। वह चाहती थी कि यह काम छोड़ दूं, लेकिन नहीं छोड़ पाया। आज मेरी चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी 18 साल की है और सबसे छोटी 5 साल की है। जब कोई लाश निकालकर आता तो पत्नी बेटियों को हाथ नहीं लगाने देती थीं। रिश्तेदार कहते हैं कि तू जाट है। खेती करना तेरा काम है न कि नहर से मुर्दे निकालना। वे बोलते थे कि बच्चे कैसे पालोगे? लेकिन उनकी बातों का मुझ पर ज्यादा असर नहीं होता। घर से निकलता हूं तो सीधे नहर पर ही पहुंचता हूं। (परगट सिंह ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ------------------------------------------------ 1- संडे जज्बात- ‘साथ नहीं नाचूंगी’ कहते ही रिवॉल्वर तानकर नचाया:एक ने कमर में हाथ डालकर पूछा- कितना लोगी? डांसर हूं, शरीर बेचने वाली नहीं मैं अंजली चौधरी। पंजाब के लुधियाना की उस गली में रहती हूं, जहां से कई मशहूर कलाकार निकले हैं। बचपन में जब उन कलाकारों के किस्से सुनती थी, तो लगता था- स्टेज यानी मंच की जिंदगी कितनी अच्छी होती होगी। तेज म्यूजिक होती है। लोगों की तालियां बजती हैं, नाम होता है... और अच्छे पैसे भी मिलते हैं। 2- संडे जज्बात-हम अधेड़ कुंवारे कौवों जैसे अपशकुन माने जाते हैं:सरकार हमें देती है पेंशन, जाने कितने जानवरों से रेप करते पकड़े गए लोग मुझे मेरे नाम से कम, रं@#% कहकर ज्यादा बुलाते हैं। मुझे शुभ कामों से दूर रखा जाता है। गलती से पहुंच जाऊं तो लोगों का चेहरा उतर जाता है। मैं वीरेंद्र दून। हरियाणा के जिला हांसी के गांव पेटवाड़ का रहने वाला हूं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
500 सालों में 50 से ज्यादा शिप्स और दर्जनों प्लेन एक खास इलाके से गुजरते हुए गायब हो गए। न मलबा मिला, न कोई लाश। बरमूडा ट्रायंगल की यही मिस्ट्री दुनिया को डराती रही है। अब वैज्ञानिकों ने वहां के समुद्र में कुछ ऐसा खोजा है, जो पूरी दुनिया में कहीं नहीं है। तो क्या इसबार बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य खुल गया? इसी से जुड़े सवाल समझेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बरमूडा ट्रायंगल से कैसे गायब होते रहे हैं शिप्स और प्लेन? जवाब: उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिका के फ्लोरिडा तट, ब्रिटेन के बरमूडा द्वीप और प्यूर्टो रिको द्वीप को मिलाएं, तो एक त्रिभुज बनता है। इसे ही बरमूडा ट्रायंगल कहते हैं। इसका एरिया करीब 13 लाख वर्ग किलोमीटर है। साल 1492 की बात है। क्रिस्टोफर कोलंबस तीन बड़ी नौकाओं और 90 लोगों के साथ इस इलाके से गुजर रहे थे, तो कुछ अनोखा देखा। जहाज की लॉगबुक में दर्ज किया- समुद्र में आग की लपटें थीं और कंपास की रीडिंग भी असामान्य हो गई। कोलंबस वही नाविक हैं, जिन्होंने अमेरिका खोजा था। बरमूडा ट्रायंगल से शिप गायब होने का पहला बड़ा मामला 31 दिसंबर 1812 का है। ‘पैट्रियट’ नाम का अमेरिकी जहाज साउथ कैरोलिना से न्यूयॉर्क के लिए निकला। इसमें तब के अमेरिकी उपराष्ट्रपति हारून बर्र की बेटी थियोडोसिया सवार थीं। पैट्रियट बरमूडा ट्रायंगल में अचानक गायब हो गया। 3 साल बाद USS एपेरवियर भी वहीं गायब हुआ। न इसका मलबा मिला और न इसमें सवार 135 लोगों में किसी की लाश। मार्च 1918 में अमेरिका का ‘USS साइक्लोप्स’ जहाज गायब होने के बाद दुनिया भर में खतरनाक बरमूडा ट्रायंगल की चर्चा तेज हो गई। इसमें 10 हजार टन मैंगनीज और 309 लोग सवार थे। इसके मलबे और जहाज की जानकारी 108 साल बाद भी नहीं है। बरमूडा ट्रायंगल के ऊपर से गुजरने वाले विमानों और जहाजों के गायब होने के करीब 50 इंसीडेंट्स दर्ज हैं… सवाल-2: बरमूडा में विमान, जहाज गायब होने के पीछे क्या वजह बताई जाती है? जवाब: बरमूडा ट्रायंगल के रहस्य से जुड़ी 5 प्रमुख थ्योरी और दावे किए जाते हैं… 1. नुकीले बादल एयर बम बनाते हैं 2. मीथेन गैस विस्फोट थ्योरी 3. मैग्नेटिक इफेक्ट की थ्योरी 4. 'इलेक्ट्रॉनिक फॉग' और 'टाइम वार्प' थ्योरी 5. विशालकाय भटकती लहरें ये भी कहा जाता है कि बरमूडा ट्रायंगल में पानी के अंदर एलियंस का एक स्पेस शिप है, जो अपनी तकनीक से गुजरते जहाजों और विमानों को निशाना बनाता है। 1974 में चार्ल्स बर्लिट्ज की किताब 'The Bermuda Triangle' से प्रचलित हुआ कि बरमूडा ट्रायंगल के नीचे 'खोया हुआ पौराणिक शहर 'अटलांटिस' है। उस सभ्यता की उन्नत तकनीक आज भी एक्टिव है, जो गुजरने वाले जहाजों और विमानों को खींचती है। सवाल-3: अब वैज्ञानिकों को इस इलाके के बारे में क्या पता चला है? जवाब: अमेरिका के कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस और येल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक विलियम फ्रेजर और जेफरी पार्क की टीम ने एक रिसर्च की है। कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस की वेबसाइट पर 8 मई को ये रिसर्च छपी है। इससे पता चला कि बरमूडा द्वीप के नीचे एक ऐसा खास स्ट्रक्चर है, जिसे दुनिया में और कहीं नहीं देखा गया है। दरअसल, समुद्र के बीच में ज्वालामुखी का पहाड़ या द्वीप उसके नीचे के 'मेंटल प्लम' के ऊपर बनता है। ‘मेंटल प्लम’ यानी धरती के अंदर का बेहद गर्म चट्टानों का गुबार। ये समुद्र की तली को ऊपर की तरफ धकेलता है। हालांकि समय के साथ टेक्टोनिक प्लेटें खिसकती हैं और ये द्वीप वापस नीचे की तरफ धंसने लगते हैं। जबकि बरमूडा द्वीप के मामले में ऐसा नहीं है। 3 करोड़ साल से भी ज्यादा समय से बरमूडा के नीचे ज्वालामुखी पूरी तरह शांत है। फिरे भी बरमूडा द्वीप समुद्र तल से लगभग 1600 फीट की ऊंचाई पर टिका हुआ है। इस गुत्थी को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने बरमूडा के इलाके में भूकंप की तरंगों के जरिए द्वीप के 20 मील नीचे की एक तस्वीर तैयार की। इससे पता चला कि समुद्री क्रस्ट के नीचे 12 मील मोटी एक अजीबोगरीब चट्टान की परत है। ये परत आसपास के मेंटल की तुलना में बहुत हल्की और कम घनत्व वाली है। ये हल्की चट्टान एक नाव की तरह काम कर रही है। इसी के सहारे बरमूडा और उसके आसपास का समुद्री तल तैर रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये खोजना बाकी है कि क्या दुनिया के किसी और द्वीप के नीचे भी इसी तरह की कोई हल्की चट्टान है या नहीं। सवाल-4: क्या इस नई खोज से बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य खुल जाएगा? जवाब: नहीं, ये रिसर्च सिर्फ बरमूडा द्वीप के भूगर्भ से जुड़ी है। बरमूडा द्वीप का एरिया सिर्फ 54 वर्गकिमी है। जबकि बरमूडा ट्रायंगल 13 लाख वर्ग किमी का समुद्री इलाका है। वैज्ञानिकों ने भी इस रिसर्च में बरमूडा ट्रायंगल में जहाज डूबने या विमानों के हादसे का जिक्र नहीं किया है। हालांकि बरमूडा द्वीप को लेकर ये जानकारी नई जरूर है, साथ ही किसी और द्वीप के नीचे इस तरह के अनोखे स्ट्रक्चर की जानकारी अब तक नहीं है, इसलिए इसे बरमूडा ट्रायंगल के रहस्यों से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो बरमूडा ट्रायंगल में जहाजों और विमानों के गायब होने के पीछे किसी रहस्यमयी थ्योरी से इनकार करता है। सवाल-5: बरमूडा ट्रायंगल में वाकई कोई रहस्य छिपा है, या सिर्फ सामान्य हादसे हैं? जवाब: अमेरिकी मौसम विभाग से जुड़ी संस्था ‘नेशनल ओशियनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’, यानी NOAA के मुताबिक, ‘बरमूडा ट्रायंगल इलाके में होने वाले हादसे खराब मौसम, मुश्किल नेविगेशन और इंसानी गलतियों की वजह से होते हैं। इनके पीछे कोई सुपरनैचुरल पावर नहीं है।’ इसी तरह अमेरिकी रिसर्चर लॉरेंस डेविड कुस्चे अपनी किताब 'द बरमूडा ट्रायंगल मिस्ट्री सॉल्व्ड' में लिखते हैं, 'ट्रायंगल पर हुए हादसों पर जो रिपोर्ट्स सामने आईं, उनमें से ज्यादातर बढ़ा-चढ़ाकर लिखी गई हैं। ये हादसे दुनिया के दूसरे समुद्री रास्तों पर होने वाले हादसों से ज्यादा नहीं हैं।’ हवाई जहाजों और शिप्स का इंश्योरेंस करने वाली कंपनी ‘लॉयड ऑफ लंदन’ को अपनी रिसर्च में बरमूडा ट्रायंगल के ज्यादा खतरनाक होने के पुख्ता सबूत नहीं मिले। इसके बाद 1970 के दशक में कंपनी ने बरमूडा ट्रायंगल से गुजरने वाले जहाजों के लिए बीमा के बदले एक्सट्रा प्रीमियम लेना बंद कर दिया। सिंगापुर के रिसर्चर डेरिक ली ने 2021 में दुनिया भर के 85 हजार से ज्यादा विमान हादसों का एनालिसिस किया। इसमें बरमूडा ट्रायंगल के अंदर महज 56 हादसे मिले। डेरिक के मुताबिक, 'इन हादसों के पैटर्न खोजने पर कुछ भी असामान्य या रहस्यमयी नहीं मिला। ये मौसम की खराबी से जुड़े साधारण हादसे थे, जो दुनिया की बाकी जगहों पर भी देखने को मिलते हैं। अक्टूबर 2024 में नाइजीरिया के प्रोफेसर चिगोजी एके ने कहा था कि कुछ न्यूज चैनलों ने बरमूडा ट्रायंगल की खबरों को सनसनीखेज बना दिया, जिससे लोगों में डर पैदा हुआ और इसे सच माना जाने लगा। दुनिया में कई समुद्री इलाके हैं, जिन्हें बरमूडा से भी ज्यादा खतरनाक माना जाता है। उदाहरण के लिए ड्रेक पैसेज, अर्जेंटीना। चिली के केप हॉर्न और अंटार्कटिका के साउथ शेटलैंड द्वीपों के बीच मौजूद ड्रेक पैसेज में लहरें अक्सर 40 फीट तक पहुंच जाती हैं। यहां लगभग 800 जहाज तबाह हो चुके हैं और करीब 20 हजार नाविकों की मौत हो चुकी है। सबसे चर्चित हादसा 1819 में स्पेन के जहाज ‘सैन टेल्मो’ के डूबने का है, जिसमें 644 लोगों की मौत हुई थी। आस्ट्रेलियाई साइंटिस्ट डॉ. कार्ल क्रुजेलनिकी कहते हैं कि बरमूडा ट्रायंगल के हादसों के लिए एलियंस के बजाय खराब प्लानिंग को जिम्मेदार ठहराना चाहिए। ये कोई सुपरनैचुरल पावर नहीं, बल्कि प्रकृति की ताकत और इंसानी गलतियों का नतीजा है। ---------- रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… चुटकी में हैक कर लेता है बैंक, दुनियाभर की सरकारों को Mythos AI का डर; क्या खातों में जमा आपका पैसा भी खतरे में है एंथ्रोपिक का नया AI मॉडल 'क्लॉड मिथोस' इतना खतरनाक है कि इसे आम लोगों के लिए रिलीज ही नहीं किया गया। हालांकि ये किसी तरह लीक हो गया है। एंथ्रोपिक के मुखिया डेरियो अमोदेई ने खुद इसके खतरे की चेतावनी दी है। दुनियाभर की सरकारें आशंका से डरी हुई हैं। 23 अप्रैल को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी एक हाई-लेवल बैठक बुलाई। इसमें चर्चा हुई कि भारत के बैंकिंग सिस्टम को मिथोस से कैसे बचाया जाए। सरकार एंथ्रोपिक के सीनियर ऑफिसर्स से भी बात कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…

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