उधमपुर में बस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत, मोदी ने जताया शोक, अनुग्रह राशि की घोषणा की
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले में सोमवार को एक यात्री बस के गहरी खाई में गिर जाने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को ले जा रही एक बस खागोट गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई और खाई में […] The post उधमपुर में बस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत, मोदी ने जताया शोक, अनुग्रह राशि की घोषणा की appeared first on Sabguru News .
आसाराम बापू मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में आसाराम द्वारा उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने सोमवार को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान आसाराम […] The post आसाराम बापू मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित appeared first on Sabguru News .
बांदीकुई में SDM के नाम पर 15000 रुपए रिश्वत लेते प्रयोगशाला सहायक अरेस्ट
दौसा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को दौसा जिले में बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर लगे प्रयोगशाला सहायक आदित्य शर्मा को उपखण्ड अधिकारी रामसिंह राजावत के नाम पर 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी हेल्पलाइन नम्बर […] The post बांदीकुई में SDM के नाम पर 15000 रुपए रिश्वत लेते प्रयोगशाला सहायक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक लगी आग, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित
जयपुर। राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में सोमवार को अचानक आग लग जाने की घटना सामने आई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। इससे पहले रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया। इस […] The post पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक लगी आग, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित appeared first on Sabguru News .
चूरू में मूक-बधिर युवती से रेप करने के दोषी को उम्र कैद
चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के रतनगढ़ के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक मानसिक रूप से कमजोर एवं मूक बधिर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को सोमवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कौशिक ने अभियुक्त विनोद सांसी को मानसिक रूप से […] The post चूरू में मूक-बधिर युवती से रेप करने के दोषी को उम्र कैद appeared first on Sabguru News .
बॉम्बे हाईकोर्ट ने RSS की ‘जेड प्लस’सुरक्षा के खर्च की वसूली से जुड़ी याचिका खारिज की
नागपुर। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने सोमवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके प्रमुख मोहन भागवत को दी गई जेड प्लस वीवीआईपी सुरक्षा का खर्च उनसे ही वसूलने की अपील की गई थी। याचिका में यह तर्क दिया गया था कि इस उच्च-स्तरीय सुरक्षा […] The post बॉम्बे हाईकोर्ट ने RSS की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा के खर्च की वसूली से जुड़ी याचिका खारिज की appeared first on Sabguru News .
मुंबई की पूर्व बार डांसर 6 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स के साथ अरेस्ट
मुंबई। मुंबई अपराध शाखा की नशीला पदार्थ विरोधी शाखा ने एक पूर्व बार डांसर को गिरफ्तार किया है और ठाणे जिले के टिटवाला स्थित उसके आवास से 6 करोड़ रुपए मूल्य की 5,000 एमडीएमए गोलियां जब्त की हैं। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने इस बरामदगी को शहर में एमडीएमए के किसी एक […] The post मुंबई की पूर्व बार डांसर 6 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स के साथ अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 आईएएस अफसरों के तबादले, कई जिलों में नए डीएम तैनात
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में कई जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को बदला गया है, वहीं शासन स्तर पर भी अहम जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है। इसे प्रशासनिक कसावट और कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा […] The post यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 आईएएस अफसरों के तबादले, कई जिलों में नए डीएम तैनात appeared first on Sabguru News .
मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित कोच में यात्रा कर सकेंगे वैध यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्यांगजन
नई दिल्ली। रेलवे ने कहा है कि मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में वैध विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) रखने वाले दिव्यांगजनों को अनारक्षित कोच में यात्रा की अनुमति दी गई है। रेलवे की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्यांगजन और भारतीय […] The post मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित कोच में यात्रा कर सकेंगे वैध यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्यांगजन appeared first on Sabguru News .
अपनी ही मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाता रहा कलियुगी पिता
धार। मध्यप्रदेश में धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में एक पिता द्वारा अपनी ही मासूम बेटी से दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। मां ने आरोपी को गलत काम करते हुए पकड़ा और पड़ोसियों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को […] The post अपनी ही मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाता रहा कलियुगी पिता appeared first on Sabguru News .
किआ इंडिया ने पेश किया साइरोस का नया मॉडल, कीमत 8.39 लाख
नई दिल्ली। किआ इंडिया ने सोमवार को अपनी साइरोस कार का नया मॉडल एमवाई26 पेश किया जिसकी शुरुआती कीमत 8,39,900 रुपए होगी। कंपनी ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ग्राहकों की बदलती जरूरतों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए नये एचटीई, एचटीई(ओ), एचटीके(ओ) और एचटीएक्स(ओ) ट्रिम्स के साथ मॉडल लाइनअप का […] The post किआ इंडिया ने पेश किया साइरोस का नया मॉडल, कीमत 8.39 लाख appeared first on Sabguru News .
पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग के कारण मोदी का राजस्थान दौरा टला
जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान के पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग लगने की घटना के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंगलवार को प्रस्तावित राज्य का दौरा टाल दिया गया है। प्रधानमंत्री इसी रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए मंगलवार को राजस्थान जाने वाले थे। इस रिफाइनरी को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) और राज्य सरकार के […] The post पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग के कारण मोदी का राजस्थान दौरा टला appeared first on Sabguru News .
रोहित बाहर, गुजरात ने टॉस जीतकर मुंबई के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
GTvsMI गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टॉस जीतकर मुंबई इंडियन्स के खिलाफ गेंदबाजी चुनी। Toss update from Ahmedabad @gujarat_titans won the toss and elected to bowl first against @mipaltan Updates https://t.co/cawFoZABvQ #TATAIPL | #KhelBindaas | #GTvMI pic.twitter.com/sxybdSK0tS — IndianPremierLeague (@IPL) April 20, 2026 मुंबई इंडियन्स ने रोहित शर्मा को अंतिम एकादश से बाहर रखा है और उनकी जगह दानिश मालेवर सलामी बल्लेबाजी करेंगे। इसके अलावा टीम ने पिछले मैच में शतक जड़ने वाले क्विंटन डि कॉक को रखा है और रियान रिकल्टन को भी बैंच पर बैठा दिया है। इस बात की संभावना कम है कि रोहित शर्मा को मुंबई इंम्पैक्ट खिलाड़ी के रूप में उपयोग करे क्योंकि पहले बल्लेबाजी उन्हें करनी है। टीम Playing XI & Impact Player सहित गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, आर साई किशोर, इशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, एम शाहरुख खान, जयंत यादव, कुलवंत खेजरोलिया। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, अथर्व अंकोलेकर, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सेंटनर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, मयंक मार्कंडेय, मो. इज़हार, रघु शर्मा।
पश्चिमी ‘मुक्त’ मीडिया पर सवाल: क्या चौथा स्तंभ सत्ता का औज़ार बन गया है?
ईरान-यूएस संघर्ष की कवरेज में पश्चिमी मीडिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न। युद्ध अपराधों पर चुप्पी, पक्षपातपूर्ण भाषा और ‘फ्री प्रेस’ की अवधारणा का संकट—एक विश्लेषण।
वायरल वीडियो में दिख रही युवती नासिक TCS केस की आरोपी निदा खान नहीं है
बूम ने पाया कि वीडियो में दिख रही महिलाएं रील क्रिएटर अलीशा खान और सपना प्रजापति हैं. इनका नासिक TCS केस से कोई संबंध नहीं है.
शुक्र का वृषभ में प्रवेश, इन राशियों की चमकेगी किस्मत, पढ़ें पूरा राशिफल
शुक्र का अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करना ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ी हलचल है। इसे 'मालव्य योग' का नाम दिया गया है, जो ऐश्वर्य, सौंदर्य और सुख-सुविधाओं का कारक है। 19 अप्रैल 2026 की दोपहर से शुरू होने वाला यह सफर आपकी जिंदगी के कैनवास पर कौन से रंग बिखेरेगा, आइए इसे एक नए और आधुनिक अंदाज में समझते हैं। मेष राशि: शुक्र आपके दूसरे भाव (धन और वाणी) में बैठकर आपकी बातों में शक्कर घोल देगा। अंदाज: आपकी मित्र मंडली बढ़ेगी और लोग आपकी ओर खिंचे चले आएंगे। लाइफस्टाइल: अच्छे कपड़े, गैजेट्स और लजीज खाने पर दिल खोलकर खर्च करेंगे। टिप: भोग-विलास अच्छा है, लेकिन सेहत का मीटर चेक करते रहें। वृषभ राशि: शुक्र आपकी ही राशि में आ रहा है। आप इस समय 'शोस्टॉपर' की भूमिका में होंगे। पर्सनालिटी: आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। रिश्तों में जमी बर्फ पिघलेगी और रोमांस की वापसी होगी। बिजनेस: मेहनत का फल मीठा होगा। सावधानी: महिलाओं का सम्मान करें और कड़वे शब्दों से तौबा कर लें। मिथुन राशि: शुक्र आपके 12वें भाव (व्यय और विदेश) में है। यह समय 'वर्क हार्ड, पार्टी हार्डर' वाला है। करियर: जो विदेश जाना चाहते हैं, उनके लिए ग्रीन सिग्नल है। रचनात्मक लोगों को ग्लोबल पहचान मिलेगी। मनी: अचानक खर्चे आएंगे, लेकिन आवक भी बनी रहेगी। अलर्ट: नींद पूरी लें और शत्रुओं की चाल से सावधान रहें। कर्क राशि: एकादश भाव का शुक्र आपके लिए 'जैकपॉट' साबित हो सकता है। फायदा: आमदनी के नए सोर्स खुलेंगे और रसूखदार लोगों से दोस्ती होगी। प्रॉपर्टी: रियल एस्टेट से लाभ के संकेत हैं। रिश्ते: प्रेम जीवन में मिठास घुलेगी और लंबे समय की इच्छाएं पूरी होंगी। सिंह राशि: शुक्र आपके करियर (10वें भाव) को रोशन कर रहा है। प्रोफेशनल लाइफ: काम में बेहतरीन नतीजे मिलेंगे और मान-सम्मान बढ़ेगा। होम लाइफ: घर में कोई लग्जरी गाड़ी या प्रॉपर्टी आने के योग हैं। टिप: ऑफिस गॉसिप से दूर रहें, वरना इमेज पर दाग लग सकता है। कन्या राशि: भाग्य स्थान (9वें भाव) में शुक्र का बैठना आपके रुके हुए कामों को पंख लगा देगा। ट्रैवल: किसी खूबसूरत जगह की यात्रा का प्लान बनेगा। फैमिली: भाई-बहनों की तरक्की होगी और घर में मंगल कार्य संपन्न होंगे। मनी: अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। तुला राशि: आपकी राशि के स्वामी का 8वें भाव में जाना गुप्त लाभ के द्वार खोलता है। सरप्राइज: बिना उम्मीद के धन लाभ हो सकता है। रिसर्च या रहस्यमयी विषयों में रुचि बढ़ेगी। रिश्ते: ससुराल पक्ष से मेल-मिलाप बढ़ेगा। सावधानी: मीठा और तला-भुना खाना सेहत बिगाड़ सकता है। वृश्चिक राशि: 7वें भाव का शुक्र आपके वैवाहिक और व्यावसायिक संबंधों को नई ऊर्जा देगा। रिश्ते: पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी। अगर नया बिजनेस शुरू करना है, तो यह 'गोल्डन टाइम' है। ग्लोबल कनेक्ट: इंपोर्ट-एक्सपोर्ट या ऑनलाइन काम करने वालों को बड़ा मुनाफा होगा। वाइब: आप काफी आकर्षक महसूस करेंगे। धनु राशि: 6वें भाव में शुक्र का होना मिला-जुला असर देगा। चुनौती: विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और सेहत (खासकर पेट/पानी से जुड़ी बीमारी) नरम रह सकती है। बजट: खर्चों पर लगाम लगाएं, वरना जेब ढीली हो सकती है। टिप: विवादों से दूर रहें और महिलाओं का अपमान न करें। मकर राशि: 5वें भाव में शुक्र आपके लिए खुशियों की सौगात लाया है। स्टूडेंट्स: पढ़ाई में जबरदस्त प्रदर्शन और बड़ी उपलब्धियां मिलने का समय है। पर्सनल: संतान की ओर से खुशखबरी मिलेगी या नया मेहमान आ सकता है। जॉब: नौकरी बदलने का सोच रहे हैं, तो बेहतरीन ऑफर मिलने वाला है। कुंभ राशि: 4थे भाव में शुक्र आपको लग्जरी लाइफ का अहसास कराएगा। होम स्वीट होम: नया घर या नई कार खरीदने के प्रबल योग हैं। घर की सजावट पर खर्च करेंगे। मदर: माता की सेहत में सुधार होगा और पारिवारिक माहौल उल्लासपूर्ण रहेगा। वर्क: ऑफिस में आपके काम की वाहवाही होगी। मीन राशि: तीसरे भाव का शुक्र आपको क्रिएटिव बनाएगा। एक्टिविटी: संगीत, लेखन या कला में फिर से रुचि जागेगी। ट्रैवल: छोटी यात्राएं ताजगी और नए कांटेक्ट लेकर आएंगी। सपोर्ट: सहकर्मी और भाई-बहन आपकी मदद के लिए तैयार रहेंगे। चेतावनी: शारीरिक थकान से बचें और खान-पान का ध्यान रखें।
पति पत्नी और वो दो: आधुनिक रिश्तों की जटिलता को व्यंग्य के साथ पेश करती है
रिश्तों की उलझनों, गलतफहमियों और हंसी से भरी दुनिया एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आई है। टी-सीरीज़ और बी आर स्टूडियोज़ की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ का टीज़र रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। टीज़र में जिस तरह कॉमेडी के साथ कन्फ्यूजन और ड्रामा को मिलाया गया है, वह दर्शकों को तुरंत आकर्षित करता है और साफ संकेत देता है कि इस बार कहानी पहले से ज्यादा पेचीदा और दिलचस्प होने वाली है। ‘पति-पत्नी-और-वो’ की क्लासिक कहानी को नए अंदाज़ में पेश करते हुए फिल्म ‘पतिवर्स’ यानी पतियों की उस दुनिया में ले जाती है, जहां रिश्तों की सच्चाई और उलझनें दोनों साथ चलती हैं। लेकिन इस बार कहानी में बड़ा ट्विस्ट यह है कि मामला सिर्फ एक ‘वो’ तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां हालात और ज्यादा जटिल हो जाते हैं। तीन रिश्तों के बीच फंसे आयुष्मान टीज़र में आयुष्मान खुराना ‘प्रजापति पांडे’ के किरदार में नजर आते हैं, जिनकी जिंदगी उस वक्त पूरी तरह उलझ जाती है जब वह एक साथ तीन महिलाओं के बीच फंस जाते हैं। सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह अपने-अपने किरदारों में कहानी को और रंगीन बनाती नजर आती हैं। इन रिश्तों के बीच पैदा होने वाली गलतफहमियां और स्थितियां फिल्म का मुख्य आकर्षण हैं। जैसे-जैसे कहानी में उलझनें बढ़ती हैं, वैसे ही विजय राज एक पुलिस अधिकारी के रूप में एंट्री लेते हैं और कहानी में एक नया मजेदार मोड़ आ जाता है। उनका किरदार फिल्म के हास्य और व्यंग्य को और मजबूत करता नजर आता है। हंसी के पीछे छिपी सच्चाई यह फिल्म सिर्फ कॉमेडी नहीं है, बल्कि आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं और विरोधाभासों को व्यंग्य के जरिए सामने लाती है। कहानी यह दिखाती है कि इंसान के फैसले किस तरह उसके रिश्तों को प्रभावित करते हैं और हर चुनाव के अपने परिणाम होते हैं। यह फिल्म इंसानी कमजोरियों को ग्लोरिफाई नहीं करती, बल्कि उन्हें एक रियल नजरिए से दिखाती है। फिल्म से जुड़ी खास बातें गुलशन कुमार, बी आर चोपड़ा और टी-सीरीज़ प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन मुदस्सर अज़ीज़ ने किया है। फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, रेनू रवि चोपड़ा और कृष्ण कुमार ने किया है, जबकि क्रिएटिव प्रोड्यूसर जूनो चोपड़ा हैं। ‘पति पत्नी और वो दो’ 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और टीज़र के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है।
चेन्नई के लिए जल्द लौंटेंगें थाला और यह ऑस्ट्रेलियाई पेसर
IPL 2026 में मुश्किल में फंसी चेन्नई सुपर किंग्स के लिए महेंद्र सिंह धोनी और स्पेंसर जॉन्सन के फिट होने की खबरें आ रही है। ऑस्ट्रेलियाई बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉन्सन तो टीम के साथ जुड़ गए हैं। वहीं धोनी की मुंबई के खिलाफ वापसी संभावित है। धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है। धोनी ने पिछले आईपीएल में 14 मैच खेले थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए फिनिशर की भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से उन्हें घुटने की समस्या से बार-बार जूझना पड़ा है और 2023 में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उनकी अनुपस्थिति टीम को पहले मैच में ही खल गई जब टीम 94 रनों पर 9 विकेट गंवा बैठी थी। टीम के अंग्रेजी ऑलराउंडर जेमी ओवरटन ने 36 गेंदो में 42 रन बनाकर टीम को 127 रनों तक पहुंचाया। ना केवल बल्लेबाजी लेकिन चेन्नई की टीम महेंद्र सिंह धोनी का अनुभव मिस कर रही है। In process we trust Michael Hussey shares an update on MS Dhoni #WhistlePodu #Yellove pic.twitter.com/hX3rwJQGMo — Chennai Super Kings (@ChennaiIPL) April 19, 2026 इसके अलावा आखिरी मैच में भी चेन्नई को हैदराबाद के खिलाफ 6 गेंदों में जीत के लिए 18 रनों की दरकार थी। लेकिन चेन्नई हैदराबाद के खिलाफ जीत नहीं पाई। ऐसे छोटे टारगेट माही टीम के लिए कई बार बना जाते थे। धोनी 2008 से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। वे 18 सीजन में 5,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके नाम विकेट के पीछे भी 200 से ज्यादा सफलताएं दर्ज है। धोनी इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। वे चेन्नई को 5 बार खिताब दिला चुके हैं। वहीं नेथन एलिस की चोट के बाद टीम में आए स्पैंसर जॉन्सन की खलील अहमद की जगह खेलने की उम्मीद है जो अभी अभी चोट के चलते आईपीएल से बाहर हुए हैं।
अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य के मेष और चंद्रमा के वृषभ राशि में प्रवेश से दोनो की अपनी उच्च राशि में होना एक अत्यंत शक्तिशाली योग बना रहा है। शुक्र भी स्वयं की राशि में होकर मालव्य योग बना रहा है। इसके अलावा शनि, गुरु और मंगल की गति के बदलने से भी कई बदलाव होने वाले हैं। ग्रहों के इस महागोचर से आने वाले कुछ दिनों में 5 राशियों के लिए भाग्य के द्वार खुलने वाले हैं। 5 राशियों के जीवन में अचानक सकारात्मक बदलाव आने के संकेत हैं। यह समय करियर, धन और मान-सम्मान के लिए बहुत भाग्यशाली माना जा रहा है। 1. मेष (Aries): आत्मविश्वास और नेतृत्व का नया उदय राजयोग: मेष राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। सूर्य का आपकी राशि में उच्च का होना और मंगल के मेष में रहना रुचक राजयोग का निर्माण आपके व्यक्तित्व में गजब का आकर्षण पैदा करेगा। करियर: कार्यस्थल पर आपकी लीडरशिप क्वालिटी की सराहना होगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके निर्णयों पर भरोसा करेंगे। यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो कोई बड़ा ऑफर मिल सकता है। आत्मविश्वास: आपके भीतर जोखिम लेने का साहस बढ़ेगा, जिससे रुके हुए प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू होंगे। सावधानी: अति-उत्साह में आकर दूसरों पर हावी होने से बचें। 2. मिथुन (Gemini): बुद्धि का कमाल और संवाद से सफलता वाणी शक्ति: बुध प्रधान मिथुन राशि के लिए यह समय बौद्धिक क्षमताओं के पूर्ण उपयोग का है। आपकी वाणी ही आपकी सबसे बड़ी शक्ति बनेगी। पेशेवर लाभ: जो लोग मीडिया, मार्केटिंग, पीआर, या टीचिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें अचानक प्रसिद्धि और बड़ा पद मिल सकता है। आपकी बातचीत की शैली बड़े सौदे (deals) फाइनल करने में मदद करेगी। सामाजिक स्थिति: समाज में आपकी छवि एक प्रभावशाली वक्ता के रूप में उभरेगी। नए संपर्क बनेंगे जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे। 3. सिंह (Leo): रचनात्मकता और मान-सम्मान का योग सिंह राशि के स्वामी सूर्य की स्थिति और गुरु (बृहस्पति) की चाल में बदलाव आपके लिए समृद्धि के द्वार खोल रहा है। धन-संपदा: गुरु की शुभ दृष्टि से संचित धन में वृद्धि होगी। निवेश के पुराने मामलों से अचानक लाभ मिल सकता है। रचनात्मकता: यदि आप कला, लेखन या डिजाइनिंग से जुड़े हैं, तो यह समय आपकी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने का है। आपको कोई बड़ा पुरस्कार या सम्मान मिल सकता है। ऊँचाइयाँ: करियर में आप उन लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे जिन्हें आप लंबे समय से कठिन मान रहे थे। 4. तुला (Libra): साझेदारी में लाभ और व्यक्तिगत विकास तुला राशि वालों के लिए यह समय संतुलन और नए समझौतों का है। अटके हुए कार्यों में गति आने से मानसिक तनाव कम होगा। व्यापार: यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, तो आपसी तालमेल बेहतर होगा और मुनाफे में बढ़ोतरी होगी। व्यक्तिगत जीवन: आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। लोग आपकी सलाह लेना पसंद करेंगे। धन लाभ के प्रबल योग हैं, विशेषकर संपत्ति या जमीन से जुड़े मामलों में। सुधार: पुराने कानूनी विवादों से राहत मिलने की पूरी संभावना है। 5. वृश्चिक (Scorpio): मेहनत का मीठा फल और करियर में छलांग वृश्चिक राशि के जातकों के लिए ग्रहों का संकेत संघर्ष के अंत और सफलता की शुरुआत का है। करियर ट्रांजिशन: यदि आप लंबे समय से प्रमोशन या कार्यक्षेत्र बदलने का सोच रहे थे, तो अब स्थितियां आपके पक्ष में होंगी। आपकी कड़ी मेहनत का लोहा मैनेजमेंट को मानना पड़ेगा। शुभ समाचार: परिवार या करियर से जुड़ी कोई ऐसी खुशखबरी मिल सकती है जिसका आप वर्षों से इंतजार कर रहे थे। ऊर्जा: आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे, जिससे कठिन कार्यों को भी समय से पहले पूरा कर लेंगे।
नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां
7 prophets of India: भारत के लगभग हर प्रांत में ऐसे सिद्ध पुरुष, संत और ज्योतिषी रहे हैं जिनकी भविष्यवाणियों ने स्थानीय स्तर पर लोगों को प्रभावित किया है। इन भविष्यवक्ताओं ने अक्सर क्षेत्रीय भाषाओं में अपनी बातें लिखीं और समय पर इनकी बातों को कभी प्रचारित या प्रसारित नहीं किया गया जिसके चलते विदेश के तथाकथित ज्योतिष और भविष्यवक्तों की भविष्यवाणियों को ही सच मानकर उन्हें ही महान समझा गया, जबकि उन भविष्यवक्तों ने अपनी भविष्य की किताबों में गोलमाल छंदों में भविष्य की बाते लिखी हैं, लेकिन भारत के संतों ने स्पष्ट रूप से भविष्य को लिखा है। चलिए जानते हैं ऐसे ही संतों और उनकी किताबों के बारे में संक्षिप्त जानकारी। 1. संत ज्ञानेश्वर महाराज: (1275-1296): महाराष्ट्र के महान संत, जिन्होंने 'ज्ञानेश्वरी' में न केवल दार्शनिक बातें कहीं, बल्कि युगों के चक्र और भक्ति मार्ग के भविष्य के बारे में भी संकेत दिए। 13वीं शताब्दी के महान संत ज्ञानेश्वर ने अपनी रचना 'ज्ञानेश्वरी' के अंत में 'पसायदान' (विश्व कल्याण की प्रार्थना) के माध्यम से भविष्य के समाज की कल्पना की थी। उन्होंने भविष्य में एक ऐसे समाज की भविष्यवाणी की थी जहाँ अधर्म का अंधेरा मिटेगा और सूर्य के समान तेज वाला धर्म उदय होगा। उन्होंने कलियुग के कठिन समय में भी मनुष्य के भीतर 'चेतना' जागृत होने की बात कही थी। इसके अलावा संत नामदेव, संत तुकाराम, संत एकनाथ, संत तुकड़ों महराज, समर्थ रामदास स्वामी, संत गाडगे बाबा और तुकडोजी महाराज ने भी कई भविष्यवाणियां की है। 2. ओडिशा के संत अच्युतानंद दास महाराज: (1510-1570) ओडिसा के पंचसखा में से एक संत अच्युतानंद दास ने सदियों पहले की हजारों ऐसी भविष्यवाणियां कर दी थी जो समय के साथ सच साबित हुई है। उनकी भविष्यवाणियों के ग्रंथ को 'भविष्य मालिका' कहते हैं। उन्होंने 13 मुस्लिम देशों द्वारा भारत पर हमले की बात भी लिखी है। एक समय ऐसा आएगा जब जगन्नाथ मंदिर की ध्वजा गिर जाएगी और समुद्र का पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच जाएगा, तब धरती पर बड़े बदलाव होंगे। महापुरुष अच्युतानंद दास की 'भविष्य मालिका' में कलयुग के अंत और तीसरे विश्व युद्ध जैसी भविष्यवाणियाँ संकलित हैं। उन्होंने वर्तमान समय के संबंध में की कई भविष्यवाणियां लिखी हैं। 3. कृष्ण भक्त संत सूरदास: (1478-1583) कृष्ण भक्त संत सूरदास के कुछ पदों में कलियुग के अंत और आने वाले समय के बदलावों का वर्णन मिलता है। सूरदास जी द्वारा रचित 'सूरसागर' और 'सूरसारावली' में कलयुग के अंत और विशेष कालों के लिए भविष्यवाणी मानी जाती है। इसमें संवत 2000 के बाद भीषण अकाल, महामारी, प्राकृतिक आपदाओं, नैतिक पतन और युद्ध जैसी विनाशकारी घटनाओं का जिक्र है। उसके बाद एक किसान के घर एक महात्मा पैदा होगा जो शांति और भाई चारा स्थापित करेगा। एक धर्मात्मा इस विनाशकारी समय को वश में करेगा और लोगों को धर्मज्ञान की शिक्षा देगा। उन्होंने 21वीं सदी में विनाश के बाद, एक लंबे समय (सहस्र वर्ष) के लिए सतयुग के आगमन और सुख-शांति की बात कही है। 4. आंध्रप्रदेश के संत वीरब्रह्मेंद्र स्वामी: (1608–1694) इन्होंने सदियों पहले भविष्यवाणी की थी कि लोहे के घोड़े दौड़ेंगे (ट्रेन), बिना बैल के वाहन होंगे (कार), बिना तेल के पानी से उजाला होगा (बिजली) और इंसान पक्षियों की तरह उड़ेंगे (हवाई जहाज)। महान युद्ध होंगे और लाइलाज महामारियां आएंगी। इनकी भविष्यवाणियां दक्षिण भारत के गांवों में आज भी गाई जाती हैं। इनकी भविष्यवाणियों के ग्रंथ को 'कालज्ञानम' कहते हैं। इसमें हजारों भविष्यवाणियां लिखी हैं। उन्होंने वर्तमान समय के संबंध में की कई भविष्यवाणियां लिखी हैं। 5. श्री गुरु गोविंद सिंह जी (1666-1708): सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और उनके सिखों के बीच हुए संवाद, उनके जीवन की घटनाएं और सबसे महत्वपूर्ण- भविष्य की भविष्यवाणियाँ पर आधारित एक ग्रंथ है जिसे 100 साखियां (अध्याय) कहते हैं। सौ साखी को मुख्य रूप से इसकी भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है। इसमें कलियुग के अंत, खालसा राज के पुनरुत्थान और भविष्य के युद्धों के बारे में संकेत दिए गए हैं। आधुनिक व्याख्याकार मानते हैं कि इसमें उत्तर की दिशा से होने वाले बड़े युद्धों का भी उल्लेख है। 6. गुजरात के संत देवत अयात: (लगभग 14वीं-15वीं शताब्दी): संत देवत अयात मुख्य रूप से राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों से संबंधित थे। उन्हें 'त्रिकालज्ञ' माना जाता है। उन्होंने आने वाले समय (कलियुग) के बारे में ऐसी बातें कहीं थीं जो आज के समय में काफी सटीक बैठती हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि धर्म केवल ढोंग और प्रदर्शन तक सीमित रह जाएगा। सच्चे साधु दुर्लभ होंगे और पाखंडी पूजे जाएंगे।उन्होंने दूर-संचार और आधुनिक मशीनों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि हवा में बातें होंगी और लोहे के वाहन बिना घोड़ों के दौड़ेंगे। उनकी वाणियों में उल्लेख मिलता है कि जब अन्याय अपनी सीमा लांघ जाएगा, तब एक दैवीय शक्ति (महाशक्ति) का आगमन होगा जो अधर्म का विनाश करेगी। उन्हें विशेष रूप से उनकी 'आगमवाणी' (भविष्यवाणियों) के लिए जाना जाता है। 7. गुजरात के संत मावजी महाराज: (1714-174): मावजी महाराज की अब तक की भविष्यवाणियां सच साबित हुई है। मावजी महाराज ने वायुयान, मोबाइल और कंप्यूटर के अविष्कार की भविष्यवाणी भी की है। उन्होंने लिखा है गुजरात का डंका बजेगा और दिल्ली में दीया जलेगा। वर्तमान में नरेंद्र मोदी और अमितशाह के कारण गुजरात का डंका ही बज रहा है। कहा जाता है कि 350 वर्ष पहले संत मावजी महाराज ने 5 चौपडे लिखे थे जिसमें से एक शेषपुर, दुसरा साबला, तीसरा बांसवाड़ा व चौथा पूंजपुर में है। उस जमाने में मावजी महाराज ने कागज पर लाख की स्याही और बांस की कलम से 72 लाख 66 हजार भविष्यवाणियों को अपने हाथों से लिखा था। वागड़ी भाषा में लिखी गई यह हस्तलिपियां आज भी साबला स्थित मावजी के जन्म स्थान में सहेजकर रखी गई हैं। उन्होंने वर्तमान समय के संबंध में की कई भविष्यवाणियां लिखी हैं। संत मावजी ने 5 बड़े ग्रंथों की रचना की थी, जिन्हें 'चौपड़ा' कहा जाता है। इनमें उन्होंने तीसरे विश्व युद्ध और भविष्य की कई सटीक भविष्यवाणियां की हैं। ये ग्रंथ केवल दीपावली के दिन दर्शन के लिए बाहर निकाले जाते हैं। भविष्य पुराण: उल्लेखनीय है कि स्वामी शिवानन्द के अनुसार- आज विश्व में जो भी घटनाएं घटित हो रही हैं वह शास्त्रानुार पहले से ही सुनिश्चित है। भविष्य पुराण में भगवान वेद व्यास जी ने स्वयं भविष्यवाणी की है कि 4,900 शताब्दि कलियुग बीतने के पश्चात् भारत में बौद्धों का राज्य होगा, तदन्तर आद्य शंकराचार्य जी का प्रादुर्भाव के साथ ही वैदिक धर्म का प्रचार-प्रसार होगा और मनुस्मृति के आधार पर राजा राज्य करेंगें। पुनः 300 वर्षो तक भवनों तथा 200 वर्ष तक ईसाईयों का राज्य रहेगा। उसके बाद मौन (मत पत्रों) का राज्य रहेगा, जो 11 टोपी (राष्ट्रपति) तक चलेगा। यह क्रम लगभग 50 वर्ष तक चलेगा। इसके बाद से किसी भी पार्टी को बहुमत प्राप्त नहीं हो सकेगा। मंहगाई-भ्रष्टाचार बढ़ेगें। माता-पिता, साधु-सन्त, ब्राह्मण-विद्वान अपमानित होगें, तब भयानक युद्ध होगा। भारत पुनः अपने अस्तित्व में आकर विश्व गुरु पद पर स्थापित होगा। भारत में शास्त्रानुसार पुनः राज्य परम्परा की स्थापना होगी।- (राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्र, वाराणसी, 8 सितम्बर, 1998)
इंदौर में एक बार फिर से एलपीजी का संकट बढ़ गया है। इसके पीछे अक्षय तृतीया के बाद लगातार शादियों के मुहूर्त हैं। शादियों में सिलेंडर की डिमांड बढ़ गई है। जिन लोगों को एक से ज्यादा सिलेंडर चाहिए, उन्हें दिक्कत आ रही है। लोग शादी का हवाला देकर सिलेंडर मांग रहे हैं। इतना ही नहीं, लोगों ने मेन्यू में कटौती करने के साथ ही मेहमानों की सूची भी छोटी कर दी है। दूसरी तरफ शादी वालों को कैटसर्स सिलेंडर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वे 2 से ढाई हजार रुपए प्रति सिलेंडर वसूल रहे हैं। ऐसे में शादी वाले घरों में दिक्कतें हो रही हैं। दरअसल, अक्षय तृतीया के बाद इंदौर में लगातार शादियों के मुहूर्त हैं। जिससे एलपीजी सिलिंडरों की मांग बढ़ गई है। लोग किसी भी तरह से सिलिंडरों की जुगाड़ कर लेना चाहते हैं। 25 और 26 अप्रैल को होगी डिमांड : हालांकि इंदौर में पहले की तरह सिलेंडर की दिक्कत नहीं है, लेकिन शादियों की वजह से दबाव बढ गया है। जिन लोगों को एक से ज्यादा सिलिंडर चाहिए, उन्हें परेशान होना पड रहा है। इधर 25 और 26 अप्रैल को मुहूर्त होने के कारण सैकड़ों शादियां तय हैं। कार्ड का हवाला देकर मांग रहे सिलेंडर : शहर में हलवाइयों ने गैस सिलिंडर की व्यवस्था की जिम्मेदारी वर और वधु पक्ष पर डाल दी है। कलेक्टर कार्यालय के खाद्य विभाग में भी सिलिंडरों की मांग को लेकर 100 से ज्यादा आवेदन आए हैं, लेकिन अधिकारी लोगों को गैस एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दे रहे हैं। दूसरी ओर, गैस डिस्ट्रीब्यूटर के दफ्तरों में लोग शादी के कार्ड दिखाकर सिलिंडर की मांग कर रहे हैं। कई लोगों के घरों में 25 और 26 अप्रैल को शादी है और रसोई के लिए किसी को 8 तो किसी को 10 सिलेंडर चाहिए। लेकिन इतने सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। केटरर्स दे रहे , लेकिन लेंगे 2500 : इधर शहर केकई केटरर्स ने इसे कमाई का धंधा बना लिया है। वे दावा कर रहे हैं कि वे सिलिंडर उपलब्ध करा देंगे, वे प्रति सिलिंडर 2000 से 2500 रुपए तक वसूल रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं, हालांकि वे भट्टी के ऑप्शन पर जा रहे हैं। Edited By: Naveen R Rangiyal
धुरंधर 2 की बॉक्स ऑफिस पर धूम जारी: वर्ल्ड वाइड कलेक्शन 1783 करोड़ रुपये
‘धुरंधर 2’ ने पांचवें सप्ताह में भी अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान कर दिया है। शुक्रवार को 2.75 करोड़ रुपये, शनिवार को 4.75 करोड़ रुपये और रविवार को 5.25 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म के हिंदी वर्जन ने कुल 1077.75 करोड़ रुपये की कमाई की। खास बात यह है कि इस सप्ताह के आंकड़ों में फिल्म की कमाई में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई, जो दर्शकों के बीच इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। भूत बंगला जैसी बड़ी फिल्म के बावजूद, ‘धुरंधर 2’ ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है और बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफलताएं हासिल कर रही है। धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन: एक नजर में चलिए, अब एक नज़र डालते हैं ‘धुरंधर 2’ के हिंदी वर्जन के अब तक के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों पर। फिल्म ने पहले सप्ताह में 649 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जबकि दूसरे सप्ताह में यह आंकड़ा 251 करोड़ रुपये था। तीसरे सप्ताह में फिल्म ने 109 करोड़ रुपये की कमाई की और चौथे सप्ताह में 56 करोड़ रुपये का कारोबार किया। हालांकि, पांचवे वीकेंड में फिल्म का प्रदर्शन फिर से मजबूत दिखा, जहां उसने 12.75 करोड़ रुपये का कारोबार किया। क्या अब खत्म हो जाएगी फिल्म की यात्रा? फिल्म का प्रदर्शन पांचवें सप्ताह में पहले के मुकाबले कुछ धीमा पड़ा है, लेकिन फिल्म अब भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। इसे देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि फिल्म कब तक और कितना और कमा पाएगी। फिलहाल, ‘धुरंधर 2’ का कुल नेट कलेक्शन 1077.75 करोड़ रुपये हो चुका है, जो एक जबरदस्त सफलता की कहानी बन चुका है। वर्ल्ड वाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1783 करोड़ रुपये फिल्म का 4 सप्ताह और पांचवें वीकेंड को मिलाकर वर्ल्ड वाइड ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1783 करोड़ रुपये हो चुका है। भारत में 1260 करोड़ रुपये और ओवरसीज़ में 423 करोड़ रुपये। आने वाले दिनों में फिल्म 1800 करोड़ का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। ‘धुरंधर 2’ की सफलता की कहानी फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने साबित कर दिया है कि दर्शकों के बीच अब भी उसकी धाक है, भले ही स्क्रीन की संख्या में कमी आई हो और नई फिल्में भी आ चुकी हों। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफलता की मिसाल बन चुकी है और इंडस्ट्री में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी रखा है, और अब तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि फिल्म में दम है। हालांकि, पांचवे वीकेंड में कमाई में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन यह अब भी सफलता की ओर बढ़ रही है। इस फिल्म की यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है और इसने दर्शकों के बीच अपनी मजबूत जगह बना ली है। यह आने वाले समय में और भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
ग्राउंड रिपोर्ट: नोएडा में महिलाओं की पिटाई के वीडियो पर पुलिस के दावे की पड़ताल
बूम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि वीडियो नोएडा के सेक्टर 6 स्थित Motherson फैक्ट्री के पास का है, जहां पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की थी.
अक्षय तृतीया 2026: व्रत, पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, कथा, आरती और इस दिन का खास महत्व जानें
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आने वाला यह पर्व, जिसे हम 'अखा तीज' के नाम से भी जानते हैं, सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि सौभाग्य का एक 'अक्षय' भंडार है। 'अक्षय' का अर्थ ही है- वह जिसका कभी नाश न हो। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, चाहे वह दान हो, जप हो या निवेश, उसका फल जन्म-जन्मांतर तक हमारे साथ रहता है। इस विशेष तिथि को त्रेतायुग के आरंभ और भगवान परशुराम, नर-नारायण व हयग्रीव के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इतना ही नहीं, इसी पावन दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुलते हैं। ALSO READ: 100 साल बाद अक्षय तृतीया पर दुर्लभ योग, इस मुहूर्त में करें पूजा और खरीदारी अक्षय तृतीया व्रत 2026: पूजा: इस दिन भक्त व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त रूप से पूजा करते हैं। उद्देश्य: यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि और अक्षय (कभी न खत्म होने वाले) पुण्य की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। प्रकार: भक्त अपनी क्षमतानुसार निराहार (बिना भोजन के) या फलाहारी व्रत रखते हैं। नियम: सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करना अनिवार्य है। व्रत के दौरान पीले रंग के वस्त्र पहनना और मन को शांत रखना जरूरी है। भोजन: यदि पूर्ण व्रत संभव न हो, तो शाम को एक समय बिना नमक का भोजन (जैसे मीठा हलवा, दूध, फल या केसरिया चावल) ग्रहण किया जाता है। निषेध: इस दिन क्रोध करना, झूठ बोलना और तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस) का सेवन पूरी तरह वर्जित है। अक्षय तृतीया पूजा का शुभ मुहूर्त: अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त: 10:49:08 से 12:20:34 तक 19 अप्रैल पूजा और खरीददी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। त्रिपुष्कर योग: सुबह 07:10 से 10:49 तक रहेगा। राहुकाल: शाम 05:12 से शाम 06:49 के बीच रहेगा। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। अबूझ मुहूर्त: शास्त्रों के अनुसार, यह त्योहार तब मनाया जाता है जब तृतीया तिथि दिन के पहले हिस्से (पूर्वाह्न) में मौजूद हो। यदि यह तिथि लगातार दो दिन आती है, तो दूसरे दिन को प्रधानता दी जाती है। सबसे उत्तम संयोग तब बनता है जब इस दिन बुधवार या सोमवार के साथ 'रोहिणी नक्षत्र' का साथ मिल जाए। इसे साल के उन 'साढ़े तीन' मुहूर्तों में गिना जाता है, जिसमें बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। पूजा की सरल और सात्विक विधि इस दिन की शुरुआत तन और मन की शुद्धि के साथ करें। सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है। अर्चन: विष्णु जी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें तुलसी दल, पीले फूल व माला अर्पित करें। साधना: पीले आसन पर बैठकर विष्णु सहस्रनाम या चालीसा का पाठ करें और अंत में प्रेमपूर्वक आरती उतारें। भोग: प्रसाद में जौ या गेहूं का सत्तू, ककड़ी और भीगी हुई चने की दाल अर्पित करना परंपरा का हिस्सा है। उपवास का विकल्प: यदि आप पूर्ण उपवास नहीं कर सकते, तो फलाहार के रूप में पीला मीठा हलवा, केले या केसरिया चावल ग्रहण कर सकते हैं। दान और निवेश: समृद्धि का मार्ग अक्षय तृतीया पर 'सोना खरीदने' का चलन केवल दिखावा नहीं, बल्कि महालक्ष्मी को आमंत्रित करने का एक प्रतीक है। माना जाता है कि आज खरीदा गया सोना आपके वैभव को आजीवन बढ़ाता है। लेकिन याद रखें, इस दिन असली धन 'पुण्य' है। अपने पितरों की शांति के लिए तीर्थ स्नान, तर्पण और ब्राह्मणों को भोजन कराना विशेष फलदायी है। जौ, सत्तू, दही-चावल और दूध से बनी वस्तुओं का दान आज के दिन आपके भाग्य के द्वार खोल सकता है। अक्षय तृतीया की आरती: 1. माता लक्ष्मी जी की आरती (Maa Lakshmi Aarti) ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता... उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। मैया तुम ही जग-माता। सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता... दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। मैया सुख संपत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता... अक्षय तृतीया पौराणिक कथा एक बार युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें इस तिथि का महत्व बताया। उन्होंने एक प्राचीन कथा सुनाई कि एक बहुत ही गरीब और सदाचारी व्यापारी था, जो अपनी गरीबी से परेशान रहता था। किसी विद्वान की सलाह पर उसने अक्षय तृतीया के दिन गंगा स्नान किया और अपनी सामर्थ्य के अनुसार श्रद्धापूर्वक देवी-देवताओं की पूजा व दान किया। इसी पुण्य के प्रभाव से वह व्यापारी अगले जन्म में कुशावती का प्रतापी राजा बना। वह इतना धनी और वैभवशाली हुआ कि उसका खजाना कभी खाली नहीं हुआ। यह कथा सिखाती है कि इस दिन किया गया दान और पूजन कभी निष्फल नहीं जाता और व्यक्ति को अक्षय (कभी न खत्म होने वाले) सुख की प्राप्ति होती है।
क्या गर्मी ने भी भड़काया नोएडा का गुस्सा? मजदूर आंदोलन के पीछे ‘हीट स्ट्रेस’ की अनकही कहानी
नोएडा के मजदूर आंदोलन के पीछे क्या सिर्फ वेतन और काम के घंटे थे, या बढ़ती गर्मी और ‘हीट स्ट्रेस’ भी एक कारण बना? पढ़ें विस्तृत विश्लेषण।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today 20 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी, प्रोफेशनल नेटवर्क मजबूत होगा। लव: पार्टनर के साथ भावनात्मक तालमेल बढ़ेगा। धन: निवेश में लाभ संभव है, लेकिन बड़े फैसले सोच-समझ कर लें। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा, हल्की एक्सरसाइज करें। उपाय: आज लाल कपड़े का दान करें। ALSO READ: Akshaya Tritiya Special: चंद्रमा का वृषभ राशि में महागोचर: अक्षय तृतीया पर इन 3 राशियों की खुलने वाली है किस्मत की लॉटरी! 2. वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में बदलाव या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: सिंगल्स को नए रिलेशन की संभावना। धन: पैसों का संतुलन बनाए रखें, अनावश्यक खर्च टालें। स्वास्थ्य: पेट संबंधित परेशानियां हो सकती हैं, खान-पान में सावधानी। उपाय: पीले रंग की वस्तुएं दान करें 3. मिथुन (Gemini) करियर: टीम वर्क में सहयोग मिलेगा, प्रमोशन के योग। लव: परिवार और साथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन: छोटे निवेश लाभकारी रहेंगे। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें, मानसिक तनाव कम करें। उपाय: हरे रंग की वस्तुएं दान करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कस्टमर व क्लाइंट मीटिंग में सफलता मिलेगी। लव: रोमांटिक समय मिलेगा, प्यार में वृद्धि होगी। धन: धन लाभ की स्थिति बनी रहेगी। स्वास्थ्य: हृदय और पाचन की देखभाल करें। उपाय: चंदन का तिलक लगाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: नई जिम्मेदारियां और नेतृत्व के अवसर मिलेंगे। लव: साथी के साथ अच्छे समय की उम्मीद। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत, निवेश सोच-समझ कर करें। स्वास्थ्य: जोड़ों और आंखों का ध्यान रखें। उपाय: नारंगी रंग की वस्तुएं दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: ऑफिस में मेहनत का फल मिलेगा। लव: रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। धन: खर्च में सावधानी आवश्यक। स्वास्थ्य: पाचन और माइग्रेन से बचाव। उपाय: गेहूं और दाल का दान करें। 7. तुला (Libra) करियर: करियर में स्थिरता और सहयोग मिलेगा। लव: रोमांस और दोस्ती में संतुलन बना रहेगा। धन: निवेश और बचत के लिए शुभ दिन। स्वास्थ्य: हल्की-फुल्की व्यायाम करें। उपाय: सफेद वस्तुएं दान करें। ALSO READ: Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कामकाज में रचनात्मक विचार सफल होंगे। लव: पार्टनर के साथ मधुर समय। धन: आर्थिक योजनाओं में लाभ। स्वास्थ्य: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उपाय: काले तिल का दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई योजनाओं में सफलता, व्यापार में वृद्धि होगी। लव: सिंगल्स को नए रिश्ते मिल सकते हैं। धन: निवेश लाभदायक, लेकिन जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: फिटनेस बनाए रखें। उपाय: आज पीले फल और वस्तुएं दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कड़ी मेहनत का फल मिलेगा, प्रमोशन या बोनस संभव। लव: परिवार और साथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: पैसों की सुरक्षा पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: जोड़ों और मांसपेशियों की देखभाल। उपाय: गोधूलि समय में दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नयी चुनौतियों का सामना करेंगे और सफलता मिलेगी। लव: प्रेम और दोस्ती में सकारात्मक बदलाव आएगा। धन: निवेश लाभकारी, लेकिन जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उपाय: नीले रंग का वस्त्र दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नए रचनात्मक और कलात्मक प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में मधुरता और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य: पेट और मूत्र संबंधी समस्याओं से बचाव। उपाय: पानी में फूल अर्पित करें। ALSO READ: चार धाम यात्रा 2026 रजिस्ट्रेशन जरूरी, यहां देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
भारत की सभी मस्जिदों में महिलाएं बिना रुकावट नमाज पढ़ने जा सकेंगी या नहीं? दाऊदी बोहरा समाज की लड़कियों का खतना क्या गैर-कानूनी हो जाएगा? क्या दूसरे धर्म में शादी करने के बाद भी पारसी महिलाएं अग्नि मंदिर में जा पाएंगी? इन सभी सवालों के जवाब तय होंगे सबरीमाला पर फैसले से। सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संवैधानिक पीठ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मामले पर सुनवाई कर रही है। इसके साथ धार्मिक आस्था से जुड़े 66 मामले और जुड़े हैं। इसी महीने फैसला आने की उम्मीद है। भगवान अयप्पा के जन्म से लेकर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के व्यापक असर की पूरी कहानी; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… ***** ग्राफिक्स: दृगचंद भुर्जी और अजीत सिंह ------ यह खबर भी पढ़िए… गजनवी ने सोमनाथ शिवलिंग के टुकड़े मस्जिद में लगवाए:6 टन सोना लूटा; नेहरू मंदिर बनवाने के इतने खिलाफ क्यों थे 6 जनवरी 1026 यानी आज से करीब 1 हजार साल पहले। कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर में लूटपाट कर चुका महमूद गजनवी भारत पर अपने आखिरी हमले के लिए सोमनाथ पहुंचा। सोमनाथ के ब्राह्मणों ने कहा, 'शक्तिशाली सोमेश्वर ने भारत के देवताओं के अपमान का बदला लेने इन मुसलमानों को अपने पास बुलाया है।' पूरी खबर पढ़िए
मदुरै से करीब 15 किमी दूर तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी है। इसकी तलहटी में भगवान मुरुगन का मंदिर है और शिखर पर सूफी संत सिकंदर बदुशा की दरगाह। दरगाह के पास दीपम (कांसे से बना बड़ा दीपक) जलाने के विवाद से ये इलाका दक्षिण भारत का ‘अयोध्या’ बन चुका है। बीते 6 महीने में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता कई बार यहां जमा हो चुके हैं, इसलिए पुलिस ने इलाके की किलेबंदी कर रखी है। भीड़ जुटाने की मनाही है। मामला हाईकोर्ट में है। तमिलनाडु में भगवान मुरुगन वैसे ही पूजे जाते हैं, जैसे उत्तर भारत में भगवान राम, महाराष्ट्र में गणपति और बंगाल में मां काली। मान्यता है कि तिरुपरनकुंद्रम उनके छह पवित्र निवासों में पहला है, जहां उन्होंने देवयानी से विवाह किया था। इसीलिए ये मंदिर दक्षिण भारत में शादी से जुड़ी मुरादें पूरी करने के लिए मशहूर है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग हैं। उससे पहले ही तिरुपरनकुंद्रम धार्मिक अधिकारों की लड़ाई का अखाड़ा बन चुका है। तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति पहले कभी नहीं हुई। फिर भी BJP ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की है। 1 दिसबंर को मद्रास हाईकोर्ट ने पहाड़ी के शिखर पर दीपम जलाने की अनुमति दी थी। DMK ने इसे चुनौती दी। पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और सीनियर लीडर एच. राजा समेत 113 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 1 मार्च को PM मोदी भी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। छोटा सा कस्बा हिंदुत्व की प्रयोगशाला, 91% हिंदू आबादी2011 की जनगणना में तिरुपरनकुंद्रम की आबादी 48,810 थी। ये बढ़कर करीब 70 हजार हो गई है। 91.8% आबादी हिंदू है और 3.6% मुस्लिम। मंदिर के आसपास की गलियों में हिंदू-मुस्लिम मिलकर रहते हैं। ऐसा भी नहीं है कि कस्बे में धर्म के आधार पर इलाके बंटे हों, लेकिन मंदिर के पास जाते ही ये बंटवारा दिखने लगता है। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर दरगाह का रास्ता बंद कर दिया है। आने-जाने वालों से पूछताछ होती है। एक पुलिसवाले ने हमें भी सीढ़ियों से पहले रोक लिया। बोला- आगे जाने के लिए ऊपर से परमिशन लेनी होगी। परमिशन के लिए थाना इंचार्ज को फोन किया, तो उन्होंने कहा, ‘आदेश है कि मीडिया और गैर मुस्लिमों को दरगाह तक नहीं जाने देना है।’ ‘विवाद शुरू हुए डेढ़ साल हो गए, मुस्लिमों से रिश्ते नहीं बदले’दरगाह जाने के रास्ते में जयराजमणि मिले। ऑटो ड्राइवर हैं। कहते हैं, ‘18 महीने से विवाद शुरू हुआ है। माहौल थोड़ा अलग हो गया है। हमेशा मंदिर में ही दीप जलाया गया है। वही परंपरा आज भी है। एक-दो साल से अचानक मांग होने लगी कि दीपम दरगाह के पास जलाया जाना चाहिए। इससे तो माहौल खराब ही होगा न।’ ‘मुस्लिमों से हमारे रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आया है। BJP और RSS वोट के लिए इसे हवा दे रहे हैं, लेकिन हमारे लिए ये मुद्दा नहीं है। हमारे लिए असली सवाल यह है कि चुनाव कौन जीतेगा, DMK या AIADMK। इस सीट से DMK ने कृथिका थंगपंडियान और AIADMK ने मौजूदा विधायक वीवी राजन चेल्लपा को टिकट दिया है।' ‘दीपम पहाड़ी पर ही जले, दरगाह नाजायज’मंदिर के सामने 45 साल से मालाएं बेच रहीं प्रसन्नकुमारी ने यहां का माहौल बदलते देखा है। वे कहती हैं ‘मैं तिरुपरनकुंद्रम में हो रहे अन्याय पर चुप नहीं रह सकती। DMK सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा करती है। कार्तिगई (तमिल हिंदुओं का त्योहार, जब घरों और मंदिरों में दीये जलाए जाते हैं) के समय सैकड़ों श्रद्धालुओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। वे पहाड़ी पर बने दीपस्तंभ पर दीप जलाने जा रहे थे।’ मंदिर के सामने मिले सुंदरमूर्ति करीब 40 साल से यहां आ रहे हैं। दीपम के मसले पर तेज आवाज में कहते हैं, ‘ये मुद्दा बिल्कुल सही है। दीपम पहाड़ी के शिखर पर ही जलाया जाना चाहिए। ये हमारे लिए भावनात्मक मुद्दा है। दरगाह नाजायज है।’ पी. मुरुगन की पीढ़ियां मंदिर में रहते आई हैं। उनका नाम भगवान मुरुगन के नाम पर रखा गया। पेशे से टेलर मुरुगन की राय सुंदरमूर्ति से अलग है। वे कहते हैं, ‘यह सिर्फ उन लोगों का मुद्दा है, जो समाज में फूट डालना चाहते हैं। हिंदू हो या मुस्लिम हम हर त्योहार साथ मनाते हैं। मंदिर का उत्सव हो या दरगाह का, हम वहां जाते हैं और वे यहां आते हैं।’ फिर अचानक इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया? मुरुगन जवाब देते हैं, ‘यह चुनाव से जुड़ा मामला है। कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल कर वोट लेना चाहते हैं। बाहर से लोगों को लाकर विरोध करवाया जा रहा है, ताकि ऐसा लगे कि हिंदू और मुस्लिम आपस में लड़ रहे हैं।’ मुस्लिम बोले- हमारे दिलों में कोई बैर नहीं, लोग विवाद से थक चुकेमुरुगन के पड़ोस में रहने वाले सैयद इब्राहिम मस्जिद से नमाज पढ़कर निकले थे। हमें अपनी कपड़े की दुकान पर ले गए। वे कहते हैं, ‘सदियों से यह पहाड़ी शांति और सौहार्द का प्रतीक रही है। एक तरफ भगवान मुरुगन का मंदिर है और ऊपर पवित्र दरगाह। हमारे दिलों में इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ा है। यहां के लोग सच्चाई जानते हैं। सरकारी रिकॉर्ड में भी यह मामला साफ है।’ जैनुलाबुद्दीन 40 साल पहले तिरुपरनकुंद्रम में आकर बसे थे। वे कहते हैं कि मैंने इस विवाद के बारे में कभी नहीं सुना। यहां हिंदू दरगाह जाते हैं और मुस्लिम मंदिर के रथ उत्सव में शामिल होते हैं। परिवार की तरह साथ रहते हैं।’ क्या इस विवाद का असर वोटिंग पैटर्न पर पड़ेगा? जैनुलाबुद्दीन जवाब देते हैं, ‘कुछ लोग प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इससे थक चुके हैं। हम चाहते हैं कि चुनाव पानी, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर हो, न कि इस बात पर कि दीप कहां जलाया जाए।’ दीपम जलाने की मांग के पीछे हिंदू मुन्नानी संगठनहिंदू मुन्नानी नाम का संगठन दीपम को दरगाह के पास जलाने की मांग उठाता रहा है। वही इस मामले को कोर्ट में ले गया। संगठन के अलगारसामी सेल्वाराज 15 साल से इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। कई बार दरगाह के पास दीपम जलाने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिए गए हैं। उन पर 12 FIR दर्ज हैं। सेल्वाराज RSS और BJP के समर्थक हैं। वे दावा करते हैं कि PM मोदी 1 मार्च को मंदिर आए थे, तब मैंने उनके स्वागत में 1 लाख रुपए खर्च कर पूरे मदुरै में पोस्टर लगवाए थे। सेल्वाराज कहते हैं- ये पहाड़ी भगवान मुरुगन की है। इस पर हिंदुओं का ही हक है। ऊपर बना स्ट्रक्चर गैरकानूनी है और हटकर रहेगा। DMK से जुड़े नेताओं ने तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी को सिकंदर हिल कहकर विवाद पैदा किया। हमने सेल्वाराज से पूछा कि ये पहाड़ी भगवान मुरुगन की है, इसके समर्थन में आपके पास क्या सबूत हैं? सेल्वाराज कहते हैं, ‘तमिल साहित्य साबित करता है, लंदन से लेकर मद्रास हाईकोर्ट तक अदालतों ने माना है कि यह पहाड़ी भगवान मुरुगन की है। तमिल राजाओं के समय से लेकर आज तक के प्रशासनिक रिकॉर्ड भी यही पुष्टि करते हैं।’ एक्सपर्ट बोले- तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कभी नहीं चलीसीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार मंदिर-दरगाह विवाद पर कहते हैं, ‘तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिमों के बीच विवाद की स्थिति नहीं रही। द्रविड़ राजनीति के बड़े किरदारों पेरियार, अन्नादुरै, करुणानिधि, जयललिता जैसे नेताओं ने कभी विवाद की राजनीति को हवा नहीं दी। DMK कहता है- वुन्द्रै कुडम, उर्वदे देवम। मलतब कि हम सब एक हैं और हमारे देवता एक ही हैं। तमिलनाडु के मुसलमान भी तमिल बोलने वाले ही हैं। उर्दू बोलने वाले बहुत कम हैं।’ वहीं, स्थानीय पत्रकार राहुल कहते हैं कि तिरुपरनकुंद्रम मंदिर विवाद का चुनाव में खास असर नहीं होगा। यहां लोग धार्मिक हैं। हर गली-नुक्कड़ पर मंदिर है, लेकिन लोग राजनीति में धार्मिक मुद्दे शामिल करने को पसंद नहीं करते। ………………………….तमिलनाडु से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए…लोग बोले- हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है। यहां के लोग तमिल भाषा को लेकर इमोशनल हैं। चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ पढ़िए पूरी खबर...
पुष्कर घाटी में अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 3 की मौत, दो दर्जन से ज्यादा घायल
अजमेर। पुष्कर घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे में एक मासूम बच्चे और दो महिलाओं की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। पीसांगन की ओर जा रही यात्रियों से भरी निजी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। चीख पुकार की आवाजें सुनकर बडी संख्या में लोग जमा हो […] The post पुष्कर घाटी में अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 3 की मौत, दो दर्जन से ज्यादा घायल appeared first on Sabguru News .
मैसूर में उर्स यात्रा के दौरान कावेरी नदी में 6 की डूबने से मौत
मैसूर। कर्नाटक में मैसूर जिले के कृष्णराजनगर के पास कावेरी नदी में रविवार को हजरत खदर लिंगावल्ली उर्स में महिलाओं और बच्चों सहित 6 लोगों की डूबने से मौत हो गई। अर्केश्वर स्वामी मंदिर के पास नहाने गए 8 लोगों के समूह में से छह लोग डूब गए, जबकि दो को बचा लिया गया लेकिन […] The post मैसूर में उर्स यात्रा के दौरान कावेरी नदी में 6 की डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .
श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : 21 कुंडों पर दी जाएंगी 5 लाख आहुतियां
पुष्कर घाटी नौसर माता मंदिर परिसर में विशेष यज्ञ शाला अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन श्री नौसर माता मंदिर में 23 अप्रैल से होने वाले श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ में 21 कुंडों पर 5 लाख आहुतियां दी जाएंगी साथ ही श्री सूक्त के 16000 पाठ होंगे। महायज्ञ में बनारस, कोटा और अजमेर के विद्वान अनुष्ठान […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : 21 कुंडों पर दी जाएंगी 5 लाख आहुतियां appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु : पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 13 श्रमिकों की मौत, 6 घायल
चेन्नई। तमिलनाडु के दक्षिणी जिले विरुधुनगर के कट्टानरपट्टी गांव में रविवार शाम एक लाइसेंस प्राप्त पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में 13 श्रमिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों को मिलाने […] The post तमिलनाडु : पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 13 श्रमिकों की मौत, 6 घायल appeared first on Sabguru News .
वाराणसी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 युवक और 2 युवतियां हिरासत में
वाराणसी। वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर इलाके में रविवार को हड़कंप मच गया, जब सन फ्लॉवर एकेडमी के पास स्थित एक मकान पर विशेष अभियान समूह (एसओजी-2) ने अचानक छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, दीपक सिंह के घर पर लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। सूचना पर कमिश्नरेट की एसओजी-2 टीम […] The post वाराणसी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 युवक और 2 युवतियां हिरासत में appeared first on Sabguru News .
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट
देहरादून/उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत स्थित श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शनों के लिए खुल गए। गंगा मइया और यमुना मइया के जयकारों, बैंडबाजों की मधुर धुनों तथा वैदिक मंत्रोच्चारण और सैन्य बैंड की मधुर धुनों के मध्य ग्रीष्मकालीन दर्शनार्थ दोनो […] The post अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन
बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी (एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी) का उद्घाटन करेंगे ।इसकी तैयारियां जोरशोर से की जा रही है और अंतिम चरण में हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवसर पर मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे और इसके लिए बड़ा पंडाल तैयार किया गया […] The post प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन appeared first on Sabguru News .
भिवाड़ी-खुशखेड़ा में रात को तेल फैक्ट्री लगी आग
अलवर। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के औद्योगिक इलाके भिवाड़ी-खुशखेड़ा में शनिवार देर रात एक तेल फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात करीब बारह बजे श्री विजय इंडस्ट्रीज नामक ऑयल निर्माण फैक्ट्री में अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में […] The post भिवाड़ी-खुशखेड़ा में रात को तेल फैक्ट्री लगी आग appeared first on Sabguru News .
राजस्थान ने कोलकाता के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी (Video)
RRvsKKR राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाईट राइडर्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजीकरने का फैसला किया। Toss update from Kolkata @rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @kkriders Updates https://t.co/776nTdPbPj #TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvRR pic.twitter.com/qlD0Fn2LMj — IndianPremierLeague (@IPL) April 19, 2026 राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिमरोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा, सैम कुरेन, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई और संदीप शर्मा। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजाराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, सार्थक रंजन, कार्तिक त्यागी, कैमरन ग्रीन, सौरभ दुबे, दक्ष कामरा।
महिला आरक्षण को जल्द लागू करे सरकार- इकरा हसन
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने पर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम जश्न मनाएंगे क्योंकि इनके नापाक ... Read more
Strait of Hormuz में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इससे यहां आवाजाही जोखिम भरी होती जा रही है। हालात ऐसे हो गए कि कई जहाजों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। शनिवार को एक भारतीय सुपरटैंकर ने अचानक यू-टर्न ले लिया, जब ईरानी गनबोट्स से गोलीबारी की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार इराकी तेल के करीब 20 लाख बैरल लेकर जा रहा भारतीय टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी गोलीबारी के बाद उसे लौटना पड़ा। ईरान ने कहा कि होर्मुज पर अभी भी उसका कंट्रोल है।इधर भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया है। ALSO READ: पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर पर अमेरिकी रिपोर्ट में 'रेड फ्लैग' का अलर्ट, कहीं ट्रंप को भारी न पड़ जाएं गलबहियां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघारची ने शुक्रवार को कहा था कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता में स्पष्ट परिणाम नहीं आने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते भारतीय टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। ईरानी सेना (IRGC) ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक भारतीय जहाज को रोक लिया और उसे वहां से तुरंत अपने पोर्ट लौटने का निर्देश दिया। एक एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में बाचतीच रिकॉर्ड हुई। ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही पर अभी भी रोक है, आप यहां से तुरंत अपने पोर्ट पर लौट जाएं, गो टू बैक इमीडीएटली। इस अनिश्चितता के कारण शिप मालिक इस रूट के इस्तेमाल को लेकर सतर्क हो गए हैं। भारतीय जहाजों के अलावा ग्रीस के कई टैंकर भी दिन में पहले ही लौट गए, जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के अनुसार ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की दो गनबोट्स ने गुजर रहे एक टैंकर पर फायरिंग की। हालांकि जहाज और उसके क्रू को सुरक्षित बताया गया है, लेकिन अधिकारियों ने जहाज की पहचान और गंतव्य का खुलासा नहीं किया। टेंकर ट्रैकर डॉट कॉम ने भी पुष्टि की है कि इस घटना के बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया। इनमें एक भारतीय झंडा लगा सुपरटैंकर भी शामिल है। इसी बीच ईरान के नेतृत्व की ओर से आ रहे विरोधाभासी संकेतों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। शनिवार को इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे कम से कम दो व्यापारिक जहाजों पर भी गोलीबारी हुई। Sailors and Marines aboard dock landing ship USS Rushmore (LSD 47) conduct blockade operations in the Arabian Sea. pic.twitter.com/xF6n9ZFkvt — U.S. Central Command (@CENTCOM) April 19, 2026 पिछले सात हफ्तों से जारी तनाव के चलते इस महत्वपूर्ण रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसकी शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'Operation Epic Fury' और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से हुई। हालांकि हाल ही में 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा के बाद कुछ राहत की उम्मीद जगी थी। यह युद्धविराम इजरायल और लेबनान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों से जुड़ा था। इसके चलते कुछ जहाजों ने फिर से इस मार्ग का इस्तेमाल करने की कोशिश की। इस बीच FPMC C Lord नाम का एक बड़ा क्रूड कैरियर, जो कतर और सऊदी अरब का तेल लेकर जा रहा था, ईरान के लारक द्वीप के दक्षिण में ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था। इसका गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात का फुजैरा बंदरगाह बताया गया। इसके अलावा कुछ अन्य तेल और गैस से जुड़े जहाज भी इस रूट की ओर बढ़ रहे हैं। दिन में पहले तीन एलपीजी कैरियर और एक ऑइल टैंकर ओमान की खाड़ी की ओर गए, जिनके पीछे पाकिस्तान का एक टैंकर भी था। कई एलएनजी कैरियर भी इस जलडमरूमध्य के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि बाद में ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी Fars News Agency ने कहा कि यदि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहती है तो यह मार्ग बंद भी किया जा सकता है। सरकारी Nour News ने शनिवार को कहा कि यह जलमार्ग सशस्त्र बलों के कड़े नियंत्रण में है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि इसे दोबारा बंद किया गया है या नहीं। Edited by : Sudhir Sharma
पहले मम्मी-पापा से बात करना कई बार टाल देता था, लेकिन अब वे बात करने के लिए इस दुनिया में ही नहीं रहे। मेरी सभी से गुजारिश है, अगर आप भी अपने मम्मी-पापा से बात करना टालते हैं, तो ऐसा न करें। मैं मोहित गुलाटी लुधियाना का रहने वाला हूं। जालंधर से आईटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे की एक कंपनी में इंजीनियर हूं। जिंदगी पूरी रफ्तार से चल रही थी- वही रोज का काम, जिम्मेदारियां। लेकिन इस भाग-दौड़ के बीच मम्मी-पापा से बात होती रहती थी। कई बार काम के दबाव में उनका फोन नहीं उठा पाता था, तब अंदाजा नहीं था कि ये 'टालना' एक दिन उम्रभर का पछतावा बन जाएगा। वृंदावन में उस नाव हादसे ने मेरा सब कुछ छीन लिया। मेरे मम्मी-पापा भी उसी नाव पर सवार थे और उस हादसे ने उनकी जान ले ली। 10 अप्रैल को मैं ऑफिस में था… मेरे एक पड़ोसी ने फोन कर बताया कि- आपके मम्मी-पापा नहीं रहे। नाव हादसे में उनकी भी जान चली गई है। एक पल तो लगा यह सब झूठ है। इसी बीच, मेरी बहन दामिनी ने मुझे फोन किया। उसने रोते-रोते बताया- मम्मी-पापा नहीं रहे। मैंने तुरंत फोन काटा और अपने जीजा जी को फोन लगााया। कहा- ठीक से पता कर लीजिए, कोई गलतफहमी तो नहीं है। वो बोले- मरने वालों की लिस्ट में मम्मी-पापा का भी नाम है। इतना सुनते ही, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। दरअसल, उस हादसे में एक आंटी बच गई थीं, उन्होंने अपने बच्चों को फोन करके बताया। उसके बाद हादसे में मारे गए परिवारों को पता चला। मैं बदहवास ऑफिस से सीधे पुणे एयरपोर्ट पहुंचा। आंखों के सामने बार–बार मम्मी-पापा का चेहरा आ रहा था। लगा शरीर में जान ही नहीं है, अचानक एयरपोर्ट के अंदर गिर गया। एयरपोर्ट स्टाफ ने मुझे संभाला और पानी पिलाया। वहां से किसी तरह दिल्ली पहुंचा। वृंदावन जाना चाह रहा था, लेकिन पता लगा कि सभी शव दिल्ली लाए जा रहे हैं। वृंदावन के स्थानीय विधायक ने शवों को भेजने में बड़ी मदद की थी। जब मम्मी-पापा का शव दिल्ली आया तो बहुत रोया। उन्हें लेकर लुधियाना चल पड़ा। रास्तेभर मां की बातें, उनकी आवाज, उनकी हंसी याद आ रही थीं। सच कहूं तो, आज जब आपसे मम्मी-पापा की यादें साझा करने को तैयार हो रहा था, तो शब्द गले में अटक जा रहे थे। मुझमें हिम्मत नहीं थी कि आपसे बात करूं। मैंने अपनी बहन दामिनी से साफ कह दिया कि अकेले इंटरव्यू नहीं दे पाऊंगा। ‘बहन दामिनी ने जब कहा कि पत्रकार काफी दूर से आई हैं, तो मैंने खुद को संभाला। हमें लगा कि हमारी आपबीती के जरिए उन बच्चों तक एक संदेश पहुंचना चाहिए जो करियर की दौड़ में इतने मशरूफ हो गए हैं कि अपने मां-बाप कॉल तक नहीं उठा पाते। मेरी सबसे एक ही विनती है- कुछ भी करें, अपने मम्मी-पापा से रोज बात जरूर करें।’ मेरी मां मुझे हर दिन कई सारे वॉयस नोट्स यानी संदेश रिकॉर्ड करके भेजती थीं। अब मैं बार-बार उन्हें सुन रहा हूं। अब उनकी आवाज सुनने का बस यही जरिया बचा है। दरअसल, अपनी कंपनी में शाम से देर रात तक क्लाइंट्स की कॉल्स में उलझा रहता था। मां इस बात को अच्छे से समझती थीं, इसलिए उन्होंने एक रास्ता निकाला था। वे मुझे कॉल करके परेशान नहीं करना चाहती थीं, वॉयस नोट्स भेज दिया करती थीं। व्यस्त बेटे से जुड़े रहने का उन्होंने यह अपना एक तरीका बना लिया था। उन वॉयस नोट्स में मां की ममता गूंजती थी। वे बड़े प्यार से कहतीं- 'बेटा, जब भी काम से फुर्सत मिले तो एक बार फोन कर लेना।' वे अक्सर पूछतीं कि कहां हूं? क्या कर रहे हूं? खाना समय पर खाया या नहीं? और आखिर में हमेशा की तरह ढेर सारी दुआएं देना नहीं भूलतीं। अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, मैं किसी काम की उलझन में फंसा हुआ था। उस वक्त मम्मी का फोन आया। मैं उठा नहीं पाया। उसके कुछ देर बाद उनका एक वॉयस नोट आया, जिसमें उन्होंने बड़े प्यार से कहा था- ‘जब मैं नहीं रहूंगी न, तो तरस जाएगा मेरी आवाज सुनने को।’ मां का वो वॉयस मैसेज सुनकर मेरा गला भर आया और मैं रो पड़ा। जब मैंने उन्हें वापस फोन किया, तो वो हंस पड़ीं। दिनभर में उनका तीन बार फोन आता था… पर अब मां का फोन कभी नहीं आएगा। एक झटके में मेरा सब कुछ उजड़ गया। मेरी छोटी बहन दामिनी बेंगलुरु में सीए है, हम दोनों के बीच सिर्फ दो साल का फर्क है। घर में मैं बड़ा हूं। हमारे पास मम्मी-पापा बारी बारी से आकर रहते थे। मम्मी जब भी हमारे पास आतीं तो हम खुश होते थे कि अब तरह-तरह के पराठे खाने को मिलेंगे। वह हमारे पास कभी अचार खत्म नहीं होने देती थीं। यहां तक कि आचार कूरिअर से भिजवा देतीं। मेरी बच्चे कहते नानी हाउस से अचार आया है। दरअसल, बहन के बच्चे नानी हाउस कहते थे, तो मेरे बच्चे भी वही सीख गए थे और वे भी नानी हाउस कहते। मेरे बच्चे मम्मी को दादी न कहकर नानी कहते थे। इस समय साथ में हमारे बच्चे भी आए हुए हैं। यहां उन्हें मम्मी के बिना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है। वे बार-बार कह रहे हैं कि नानी हाउस से वापस चलो। यहां नानी नहीं है। यह बस यही बार-बार सोच रहा हूं कि अगर भगवान के दर पर जाकर भी ऐसा हो सकता है, तो उनके यहां कौन जाएगा? भगवान भला इस तरह राधे-राधे जपने वाले अपने श्रद्धालु को कैसे मार सकते हैं? मम्मी-पापा पहली बार बांके बिहारी के दर्शन करने गए थे। बहन ने तो तय कर लिया था कि वह कभी भी वृंदावन नहीं जाएगी। इस दौरान हमारे घर लोग आते तो बहन वही बात दोहराती, तब वे कहते कि- परेशान मत हो। तुम्हारे मम्मी-पापा ने कितनी अच्छी जगह मौत पाई है। वे राधे-राधे करते हुए इस दुनिया से गए हैं, लेकिन हम उनकी बातों से सहमत नहीं हो पाते। आखिर भगवान जब अपने भक्त की रक्षा नहीं कर सकते फिर काहे का भगवान? लेकिन अब धीरे-धीरे मन शांत हो रहा है। मैंने दामिनी से बात की और तय किया है कम से कम एक बार उस घाट पर चलेंगे, जहां मम्मी-पापा आखिरी बार एक साथ थे। वहां चलकर एकांत में बैठेंगे और उन्हें महसूस करेंगे। आपको पता है कि पापा वृंदावन नहीं जा रहे थे। मम्मी उन्हें जबरदस्ती लेकर गई थीं। वह पापा से कह रही थीं कि साथ इसलिए चल रही हूं, ताकि वहां आपको रोटी-पानी दे सकूं। दरअसल, मम्मी पापा को बहुत प्यार करती थीं। उन्हें हमेशा लगता था कि पापा उनके बिना अकेले कैसे रहेंगे? कैसे खाना खाएंगे? इसलिए जहां भी पापा जाते, मम्मी साथ जाती थीं। उस दिन जब वे जा रहे थे तो मम्मी ने हमें बताया था कि मोहल्ले वालों के साथ बस से पापा को लेकर वृंदावन जा रही हूं। वृंदावन पहुंचकर मम्मी ने पापा का एक वीडियो भेजा था कि- देखो नाव में बैठकर तुम्हारे पापा कैसे राधे-राधे कर रहे हैं। पापा को पानी से बहुत डर लगता था। इसलिए वे कभी नदी वगैरह में नहीं जाते, न ही नाव में बैठते थे। इसलिए मम्मी वीडियो दिखाकर बताना चाह रही थीं कि- देखो तुम्हारे पापा नाव में बैठकर कैसे मस्ती में गा रहे हैं। उसके बाद नाव पलट गई थी। अब जिंदगी में बस दो चीजें रह गई हैं। एक अफसोस और दूसरे पापा जैसा बनने की तमन्ना। अफसोस इस बात का है कि उस दिन काश मम्मी-पाप लाइफ जैकेट पहने होते। काश, जो चार लोग दूसरी नाव में शिफ्ट किए गए थे, उसमें मेरे मम्मी-पापा भी होते। काश नाव पुल से टकराने से पहले घूम गई होती, जिससे हादसा टल जाता। काश मम्मी-पापा मेरे पास पुणे आ जाते, क्योंकि उन्हें पुणे आना था। हमने योजना बनाई थी कि पुणे से एक साथ उज्जैन और इंदौर घूमने चलेंगे। अब वो सारी बातें दिमाग में चल रही हैं। दूसरी चीज यह कि- पापा की तरह बनना चाहता हूं। पापा पूरे दिन लोगों की मदद करते थे। उनके काम करवाने में लगे रहते थे। यह जिस पार्क में बैठकर हम बात कर रहे हैं, इसे भी पापा ने बनवाया था। इसकी देखरेख भी वही करते थे। लोगों के लिए साल में एक बार जगराता करवाते थे। मोहल्ले में हजारों औरतें हैं, जिनकी पेंशन पापा ने लगवाई थी। दरअसल, हमारी सोसाइटी का नाम अर्बन स्टेट 2 है, जिसका मुखिया पापा को चुना गया था। मुझे याद है कि पिछले साल जब मम्मी-पापा के पास आया था तो अपना टिफिन भूल गया था। मैंने उन्हें फोन किया तो लगातार उनका फोन बिजी जा रहा था। जब बात हुई तो पता चला कि वह किसी का आधार कार्ड बनवाने साथ गए हुए थे। इस तरह पापा लोगों की मदद करने में लगे रहते। मम्मी-पापा कभी पैसे के पीछे नहीं भागते थे। हम शुरू से कोई बहुत अमीर नहीं थे। मुझे इंजीनियरिंग कराने और दामिनी को सीए बनाने के लिए मम्मी ने अपने गहने तक बेच दिए थे। मम्मी-पापा ने जैसे भी हो हम भाई-बहन को अच्छे स्कूल में पढ़ाया। पापा का बिजनेस बहुत अच्छा नहीं चल रहा था, तो हमारी फीस भरने के लिए मम्मी ने घर में बूटीक काम शुरू कर दिया था। घर पर ही कपड़े सिलतीं और बेचती थीं। मेरे सामने की बात है। एक बार मम्मी ने एक सूट सिला था। उसे बनाने में 275 रुपए लगे थे, लेकिन उन्होंने 300 में बेचा, क्योंकि उन्हें हमारी फीस भरनी थी। इस तरह मम्मी ने हमारे लिए बहुत मेहनत की थी। आखिर में मुझे सरकार से बहुत शिकायत है। कहना चाहता हूं कि वृंदावन जैसी धार्मिक जगहों पर हम सभी के माता-पिता जाते हैं। उनमें ज्यादातर बूढ़े होते हैं। कई बार वे मुसीबत में घबरा जाते हैं। सरकार ऐसी धार्मिक जगहों पर सख्त नियम बनाए। कम से कम वहां तो जरूर, जिन धार्मिक जगहों पर ज्यादा लोग जाते हैं। अगर आज हमारे मम्मी-पापा लाइफ जैकेट पहने होते तो बच जाते या नाव में सवार बच्चों का ख्याल रखा गया होता तो कम से कम वे जिंदा होते। (मोहित गुलाटी ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------- 1- संडे जज्बात-मैंने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने मुझे झकझोर दिया था मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद का बेलडांगा। यहीं बाबरी मस्जिद बन रही है। अभी चारदीवारी की नींव भरी जा रही है। 50 से ज्यादा मजदूर काम में जुटे हैं। पास ही असगरुल की चाय की दुकान हैं। मस्जिद की ओर जाते वक्त मेन रोड पर सबसे पहले यही दुकान मिलती है, इसलिए भीड़ भी होती है। असगरुल के भगोने में चाय उबल रही है, ऐसा ही उबाल बंगाल की हिंदू-मुस्लिम सियासत में है। बाबरी मस्जिद उसी का एक हिस्सा है। मस्जिद की वजह से असगरुल का धंधा जरूर चमक गया, लेकिन वे फिक्रमंद हैं। कहते हैं, ‘मंदिर-मस्जिद दोनों जरूरी हैं। मैं मजहब को मानता हूं। मस्जिद चाहिए, लेकिन बेटे के लिए स्कूल भी तो हो। वो छठवीं में पढ़ता है, पर 50 तक गिनती नहीं आती। सिर्फ थाल बजाने और खाने के लिए बच्चे को स्कूल क्यों भेजूं।’ पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। 6 मुस्लिम बहुल जिलों मुर्शिदाबाद, मालदा, नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, नादिया और उत्तर दिनाजपुर में करीब 124 सीटें हैं। TMC छोड़कर नई पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया, तो उनकी इस कोशिश को मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश माना गया। हुमायूं फिलहाल BJP से 1000 करोड़ की डील वाले वीडियो पर सफाई दे रहे हैं। इधर बाबरी मस्जिद का काम चल रहा है। इस मस्जिद की अहमियत, मायने और चुनाव में असर समझने के लिए हमने 5 किरदार चुने। 1. असगरूल शेख, जिन्हें मस्जिद के साथ बेटे के लिए अच्छा स्कूल चाहिए।2. बदरुद्दीन, जो मुंबई छोड़कर घर आ गए और मस्जिद के पास जूस की दुकान खोल ली।3. रफीकुल अंसारी, जो झारखंड से 200 किमी दूर बाबरी मस्जिद देखने आए थे।4. हुमायूं शेख, जिन्हें लगता है कि हुमायूं कबीर अपनी राजनीति के लिए मस्जिद बनवा रहे हैं। 5. हुमायूं कबीर, जो कहते हैं कि BJP या TMC कितना भी रोके, मस्जिद बनकर रहेगी। पढ़िए हर किरदार की कहानी…असगरुल के लिए बंगाल में कुछ नहीं बदला असगरूल शेख की दुकान पर चाय पीते हुए बातचीत शुरू हुई। तभी उनका बेटा आया। मैंने पूछा- स्कूल जाते हो? जवाब असगरुल ने दिया। पास में सरकारी स्कूल है, वहीं पढ़ता है। वे चाय बनाते हुए बताते हैं, ‘मैं छठवीं तक पढ़ा हूं। बेटा भी अब पढ़ाई छोड़ देगा। दोनों बाप-बेटे छठवीं तक ही पढ़े। 40-50 साल में बंगाल में कुछ नहीं बदला। मैं दुकान चला लेता हूं, ये तो हिसाब भी नहीं कर सकता। मजदूरी ही करेगा। यही हमारा सच है। स्कूल में 10 टीचर होने चाहिए, सिर्फ 2-3 हैं। सरकार अपनी जेब भर रही है। विधायक अपना फायदा देख रहे हैं। गरीब की कौन सुनता है।’ असगरुल के इस सवाल का जवाब नहीं था। हम यहां से आगे बढ़ गए। थोड़ी दूर बाबरी मस्जिद का ऑफिस है। इसकी छत पर तिरंगा लहरा रहा है। बाहर चंदे के लिए क्यूआर कोड लगे हैं। एक बोर्ड पर लिखा है, ‘द होली बाबरी मस्जिद’। इस पर अयोध्या वाली बाबरी मस्जिद की फोटो है। हमने फोटो लेनी चाही, तो एक शख्स ने रोक दिया। बोला कि यहां फोटो-वीडियो नहीं ले सकते। लोग वीडियो बनाते हैं, फिर गलत इस्तेमाल करते हैं। ऑफिस खाली था, इसलिए हम मस्जिद साइट के पास बने मार्केट की ओर बढ़ गए। रास्ते में कई छोटी-छोटी दुकानें हैं। आसपास मेले जैसा माहौल है। बदरुद्दीन ने मस्जिद के बाहर दुकान खाेली, बोले- मस्जिद और वोट दोनों अलग बदरुद्दीन पहले मुंबई में काम करते थे। पता चला कि बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनने वाली है, इसलिए घर लौट आए। तिरपाल और बांस-बल्ली से दुकान बनाई और जूस बेचने लगे। हमने पूछा मस्जिद से क्या फायदा मिल रहा है, क्या इसके नाम पर वोट भी देंगे। बदरुद्दीन फौरन जवाब देते हैं, ‘मस्जिद अलग है, चुनाव अलग। मस्जिद में लोग इबादत के लिए आ रहे हैं। हिंदू और मुस्लिम दोनों दान दे रहे हैं। इसके बनने से हजारों लोगों को रोजी-रोटी मिलेगी। मैं खुद मुंबई छोड़कर गांव लौट आया हूं। एक महीने पहले ही ये दुकान खोली है।’ यूपी, बिहार, असम से मस्जिद देखने आ रहे लोग, रफीकुल 200 किमी बाइक से आए मस्जिद की ओर बढ़ते हुए बाइक पर बैठे रफीकुल अंसारी मिले। वे झारखंड के दुमका के रहने वाले हैं। रफीकुल बताते हैं, ‘200 किमी बाइक चलाकर आया हूं। सुना था कि बाबरी मस्जिद बन रही है। इसका बनना जरूरी भी है।’ यहीं असम से आए कुछ लड़के भी थे। गन्ने का जूस बेच रहे एक दुकानदार ने बताया कि यूपी, बिहार, झारखंड, असम और दूसरे राज्यों से लोग मस्जिद देखने आ रहे हैं। बिजनेस बढ़ रहा है। यही फायदेमंद है, बाकी वोट तो मर्जी से ही देंगे। हुमायूं कबीर से नाराजगी, हुमायूं शेख बोले- अपने फायदे के लिए मस्जिद बनवा रहे 4 एकड़ में बन रही बाबरी मस्जिद पर 69 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसे वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया कमेटी बनवा रही है। हुमायूं कबीर इसी ट्रस्ट के फाउंडर थे। चुनाव लड़ने की वजह से ट्रस्ट छोड़ दिया। उनका एक वीडियो वायरल है, जिसमें वे BJP से 1 हजार करोड़ की डील करते दिख रहे हैं। बेलडांगा में ढाबा चलाने वाले अब्दुल मन्नफ मलिक कहते हैं, मस्जिद का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। इसे बनाने में हिंदू भाई सहयोग कर रहे हैं। हुमायूं कबीर तो बनवा ही रहे हैं। वीडियो की सारी बातें झूठी हैं। वे कहते हैं कि हुमायूं कबीर ने मस्जिद की नींव रखी है, तभी से ममता बनर्जी उनके पीछे पड़ी हैं। TMC अब की हार रही है, इसलिए इस तरह की बातें फैला रहे हैं। बेलडांगा से करीब 100 किमी दूर शमशेरगंज के लोगों के ख्याल अलग हैं। फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाले हुमायूं शेख कहते हैं, ‘मैं हुमायूं कबीर को मुसलमानों का नेता नहीं मानता। उन्होंने भले बाबरी मस्जिद की नींव रखी हो, लेकिन ये सब राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। वे वीडियो में डील करते साफ दिख रहे हैं। भले ही इसे AI वीडियो बताएं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।’ वहीं, मोहम्मद साबिर कहते हैं कि हुमायूं कबीर तो BJP का आदमी है। मुसलमानों को ये बात थोड़ी देर से समझ आई। मुझे पहले से उनकी हरकतों पर शक था। पहले मुसलमानों के बीच उनके लिए थोड़ा बहुत प्यार था। वीडियो आने के बाद वो भी खत्म हो गया। हुमायूं कबीर बोले- मुसलमानों से गद्दारी नहीं करूंगा, बाबरी बनकर रहेगी हुमायूं कबीर ने माना है कि वायरल वीडियो उनका ही है, लेकिन आवाज AI से बदली गई है। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैं मुसलमानों के साथ कभी गद्दारी नहीं करूंगा। मेरे लिए पहले कौम है। बाबरी तो बनेगी, इसे न BJP रोक पाएगी और न TMC। मुर्शिदाबाद में 66% मुस्लिम आबादी है, इसलिए यहां मस्जिद बनवा रहा हूं। अबीरुल के लिए बाबरी से बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट से नाम कटना मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में बाबरी मस्जिद से बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट से नाम कटना है। यहां रहने वाले अबीरूल के परिवार में 8 वोटर थे, इनमें 6 के नाम कट गए। इनमें अबीरुल भी शामिल हैं। वे कहते हैं, ‘हमें लग रहा है कि बंगाल से बाहर काम करने गए, तो हमें बांग्लादेशी न समझ लिया जाए। इसलिए काम के लिए बाहर नहीं जा रहे हैं। हम लोगों के लिए TMC अच्छा काम कर रही है।’ वहीं रफीक कहते हैं कि मेरा नाम भी कट गया है। यहां TMC जीत सकती है, इसलिए BJP वालों ने जानबूझकर ऐसा किया है। इसके बाद भी BJP जीत नहीं पाएगी।’ 24 परगना के असमताली मुल्ला BJP के सपोर्ट में हैं। वे कहते हैं कि पहले हम TMC को वोट देते थे। अब ममता दीदी सबसे ज्यादा घोटाले कर रही हैं। TMC वाले कहते हैं कि BJP सरकार बनाएगी, तो मुस्लिमों को भगा देगी। हम ही BJP में आ जाएंगे, तो फिर कोई क्यों भगाएगा। एक्सपर्ट बोले: बाबरी मस्जिद का असर सिर्फ हुमायूं कबीर की सीट तक क्या हुमायूं कबीर को मस्जिद बनवाने का फायदा पूरे बंगाल में मिलेगा? जवाब में पॉलिटिकल एक्सपर्ट सुमन भट्टाचार्य कहते हैं, ‘नहीं। हुमायूं कबीर का असर सिर्फ बेलडांगा में है। मुसलमानों को समझ है कि अयोध्या की बाबरी मस्जिद का दूसरा विकल्प नहीं हो सकता। इसका ये मतलब नहीं कि मुस्लिम वोटर TMC से ज्यादा खुश हैं। बस वे उससे अलग नहीं हो पाते। TMC के बाद उनकी पसंद कांग्रेस है, लेकिन वो ज्यादा एक्टिव नहीं है।’ आखिर में हम बेलडांगा से करीब 20 किमी दूर बहरामपुर पहुंचे। हुमायूं कबीर ने जिस दिन बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था, उसी दिन यहां राम मंदिर बनाने की बात कही गई थी। बहरामपुर के BJP नेता शंकवाह सरकार ने ये दावा किया था। हमने उनसे पूछा कि मंदिर का काम कहां तक पहुंचा। उन्होंने जवाब दिया, अभी शुरू ही नहीं हुआ। ================इनपुट: पूनम मसीह================पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये इंटरव्यू भी पढ़ें… 1000 करोड़ की डील पर हुमायूं बोले-BJP से दोस्ती नहीं 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद हुमायूं को ममता ने पार्टी से निकाल दिया। अब वो अपनी पार्टी बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले दिनों BJP के साथ उनकी 1000 करोड़ की डील का वायरल वीडियो सुर्खियों में रहा। इन सभी मसलों पर हुमायूं कबीर से सीधी बातचीत। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
महिला आरक्षण में रुकावट पैदा करने वालों को माफ नहीं करेंगी देश की महिलाएं : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है जिन राजनीतिक दलों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया और महिलाओं को उनका अधिकार देने से रोकने का काम किया है, देश की नारी उन दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। मोदी ने शनिवार को कहा कि जिन दलों ने यह अपराध […] The post महिला आरक्षण में रुकावट पैदा करने वालों को माफ नहीं करेंगी देश की महिलाएं : मोदी appeared first on Sabguru News .
सेना दिवस पर बोले मोजतबा खामेनेई, जारी रहेगी अमरीकी-इजराइली आक्रमण के खिलाफ जंग
तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सेना दिवस संबोधन में ईरानी सेना की प्रशंसा करते हुए अमरीका-इज़राइल की कथित आक्रामकता के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने फरवर्दिन की 29 तारीख (18 अप्रैल) को मनाए जाने वाले सेना दिवस के अवसर पर कहा कि इस्लामिक गणराज्य […] The post सेना दिवस पर बोले मोजतबा खामेनेई, जारी रहेगी अमरीकी-इजराइली आक्रमण के खिलाफ जंग appeared first on Sabguru News .
गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन ने जाने जमीनी हालात
कलक्टर लोक बन्धु ने बूबानिया व नांदला गांव में किया निरीक्षण अजमेर/नसीराबाद। राज्य सरकार के निर्देश पर गर्मी के मौसम में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कलक्टर लोक बन्धु के नेतृत्व में शनिवार को जिले में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। कलक्टर सहित सभी उपखण्ड अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में हैण्डपम्पों, पाइपलाइन, परियोजना […] The post गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन ने जाने जमीनी हालात appeared first on Sabguru News .
बारां में एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर की हत्या
बारां। राजस्थान में बारां के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बदमाशों ने एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि लालबाई चौक के पास घात लगाए बैठे हमलावरों ने मनीष शर्मा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और मौके से फरार हो गए जिससे वह […] The post बारां में एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर की हत्या appeared first on Sabguru News .
जन्मदिन पर राहुल का पचासा, अंतिम ओवर में मिलर के किलर पंच से हारी बैंगलूरू
DCvsRCB गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद केएल राहुल (57) और ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 60) की अर्धशतकीय पारियों की मदद से दिल्ली कैपिटल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में शनिवार को यहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को छह विकेट से शिकस्त दी। सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट की 38 गेंद में 63 रन की आक्रामक पारी के बावजूद कैपिटल्स ने आरसीबी को आठ विकेट पर 175 रन पर रोकने के बाद 19.5 ओवर में चार विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।कैपिटल्स के लिए राहुल ने 34 गेंद की पारी में दो छक्के और चार चौके लगाए। टीम के 18 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद उन्होंने स्टब्स के साथ चौथे विकेट के लिए 44 गेंद में 69 रन की साझेदारी की। इसके बाद स्टब्स ने कप्तान अक्षर पटेल (26 रन पर रिटायर हर्ट) के साथ 35 गेंद में 47 रन की अटूट साझेदारी की। अक्षर चोटिल होने के कारण 16वें ओवर में रिटायर हर्ट हो गए। स्टब्स ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंद की नाबाद पारी में एक छक्का और चार चौके जड़े, जबकि डेविड मिलर (नाबाद 22) ने आखिरी ओवर में लगातार गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी।आरसीबी के लिए भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि कृणाल पंड्या ने 24 रन देकर एक विकेट हासिल किया। सॉल्ट ने अपनी पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए, लेकिन अक्षर पटेल (18 रन पर दो विकेट), कुलदीप यादव (32 रन पर दो विकेट) और लुंगी एनगिडी (39 रन पर दो विकेट) ने अन्य बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने का मौका नहीं दिया। मुकेश कुमार को भी एक सफलता मिली। सॉल्ट ने पहले विकेट के लिए विराट कोहली (19) के साथ 31 गेंद में 52 रन और दूसरे विकेट के लिए देवदत्त पडिक्कल (18) के साथ 29 गेंद में 47 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, लेकिन 11वें ओवर में उनके आउट होने के बाद टिम डेविड (17 गेंद में 26 रन) के अलावा कोई भी बल्लेबाज तेजी से रन नहीं बना सका। David Miller stands up tall and hits them big to take @DelhiCapitals to a thrilling victory Scorecard https://t.co/vfJ6SccA9T #TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC | @DavidMillerSA12 pic.twitter.com/I6FXLeOhXU — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स को भुवनेश्वर कुमार ने अपने शुरुआती दो ओवर में तीन झटके दिए। उन्होंने पहले ओवर में ही पथुम निसांका (एक) को पगबाधा आउट किया और तीसरे ओवर में करुण नायर (पांच) और समीर रिजवी (दो) को पवेलियन भेजा। राहुल ने दूसरे छोर से जोश हेजलवुड का स्वागत छक्के से किया और चौथे ओवर में रसिक सलाम के खिलाफ मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार चौका जड़ा।इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 18 रन पर तीन विकेट गिरने के बावजूद पांचवें ओवर में हेजलवुड के खिलाफ स्क्वायर लेग के ऊपर से छक्का लगाया और लगातार गेंदों पर चौके जड़कर दबाव को टीम पर हावी नहीं होने दिया। पावरप्ले में दिल्ली ने तीन विकेट पर 50 रन बना लिए। स्टब्स संभलकर बल्लेबाजी कर रहे थे, जबकि राहुल ने सुयश शर्मा के खिलाफ तीन चौके लगाकर रन गति को बनाए रखा और 30 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।कृणाल पंड्या ने 11वें ओवर की पहली गेंद पर राहुल को आउट कर दिल्ली को बड़ा झटका दिया। विराट कोहली ने उनका शानदार कैच लपका। अक्षर पटेल ने क्रीज़ पर आते ही कृणाल की बाउंसर गेंद पर शॉर्ट थर्ड मैन के ऊपर से चौका लगाया और फिर हेजलवुड तथा सलाम के खिलाफ भी चौके जड़े।अब तक रक्षात्मक खेल रहे स्टब्स ने सलाम की धीमी गेंद पर चौका लगाया और सुयश के खिलाफ शानदार स्ट्रेट ड्राइव पर चार रन बटोरे। टीम को आखिरी छह ओवर में 51 रन की जरूरत थी, लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी कर बाउंड्री रोक दी। इसी बीच अक्षर मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर चले गए।स्टब्स ने भुवनेश्वर के खिलाफ छक्का लगाकर 24 गेंद के बाउंड्री सूखे को खत्म किया तथा 41 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 19वें ओवर में सलाम का स्वागत चौके से किया, लेकिन इस युवा गेंदबाज़ ने अच्छी वापसी करते हुए ओवर से सिर्फ 10 रन दिए।दिल्ली कैपिटल्स को आखिरी ओवर में 15 रन चाहिए थे और डेविड मिलर ने रोमारिया शेफर्ड की तीसरी और चौथी गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर करने के बाद चौके के साथ टीम को जीत दिला दी। इससे पहले सॉल्ट ने शुरुआती ओवर में औकिब नबी के खिलाफ चौका जड़ा, जबकि कोहली ने मुकेश की गेंद पर कदमों का इस्तेमाल करते हुए एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से चार रन बटोरे। इसके बाद अगले ओवर में भी उन्होंने लेग स्टंप के बाहर जाकर चौका मारा।संभलकर खेल रहे सॉल्ट ने नबी के खिलाफ पांचवें ओवर में दो चौके और पारी का पहला छक्का लगाकर 18 रन बटोरे, जिससे टीम का अर्धशतक पूरा हुआ। एनगिडी ने अगले ओवर में पहली ही गेंद पर कोहली को आउट कर पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी समाप्त की।सॉल्ट ने नटराजन का स्वागत चौके से किया, जबकि पडिक्कल ने भी इस गेंदबाज के खिलाफ छक्का लगाकर आक्रामक तेवर दिखाए। सॉल्ट ने कुलदीप यादव के खिलाफ छक्का लगाकर 30 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।अक्षर ने अपने शुरुआती ओवर में ही पडिक्कल (18) को डेविड मिलर के हाथों कैच कराया, जबकि कुलदीप ने 11वें ओवर में छक्का खाने के बाद सॉल्ट को ट्रिस्टन स्टब्स के हाथों कैच कराया। शानदार लय में चल रहे डेविड ने एनगिडी के खिलाफ छक्का और चौका जड़ा, लेकिन कप्तान रजत पाटीदार (आठ) मुकेश की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विकेटकीपर राहुल को कैच दे बैठे।डेविड ने अक्षर पटेल के खिलाफ चौका लगाया, लेकिन बाद में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में शॉर्ट थर्ड मैन पर नटराजन द्वारा कैच कर लिए गए। कुलदीप ने शेफर्ड (एक) को पगबाधा कर जल्दी पवेलियन भेज दिया।कृणाल (12) ने एनगिडी के खिलाफ छक्का लगाकर रनगति बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वह आखिरी ओवर में रन आउट हो गए। जितेश शर्मा भी संघर्ष करते दिखे और उन्होंने 20 गेंद में 14 रन बनाए।आरसीबी ने आखिरी पांच ओवर में चार विकेट खोकर केवल 29 रन बनाए।
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक जनवरी 2026 से अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ाने की शनिवार को मंजूरी प्रदान कर दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत […] The post केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु में केरल के पर्यटकों से भरी वैन दुर्घटनाग्रस्त, 9 लोगों की मौत
चेन्नई। तमिलनाडु में कोयंबटूर जिले में पोल्लाची के पास शुक्रवार की शाम केरल के पर्यटकों को ले जा रही वैन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक केरल के मलप्पुरम जिले के पेरिंथलमन्ना से कुल 13 पर्यटक पोल्लाची के पास स्थित पर्यटन स्थल वालपराई के ठंडे मौसम […] The post तमिलनाडु में केरल के पर्यटकों से भरी वैन दुर्घटनाग्रस्त, 9 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
मैहर में शौच के लिए गई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म
मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर में खुले में शौच के लिए गई एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार एक तेरह साल की नाबालिग किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हो गई। शुक्रवार की रात खुले में शौच के लिए घर से बाहर निकली तेरह वर्षीय किशोरी को दो लोगों […] The post मैहर में शौच के लिए गई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में अवैध अफीम और पोस्त बरामद, तीन अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने कल देर रात तीन व्यक्तियों को अवैध रूप से अफीम और पोस्त रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने शनिवार को बताया कि राजियासर थाना क्षेत्र में पुलिस दल ने सूरतगढ़-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग 62 पर श्रीविजयनगर फांटा के समीप हरविंदरसिंह उर्फ पप्पू (30), […] The post श्रीगंगानगर में अवैध अफीम और पोस्त बरामद, तीन अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में IPL सट्टेबाजी का भंडाफोड़, दो सटोरिये अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट से जुड़े सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया है और इस सिलसिले में दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाने वाले दो प्रमुख बुकी को गिरफ्तार किया, वहीं मोबाइल […] The post हनुमानगढ़ में IPL सट्टेबाजी का भंडाफोड़, दो सटोरिये अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स की फायरिंग, भारतीय ध्वज वाले टैंकर समेत दो जहाज लौटे
तेहरान। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शनिवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नौसेना की गनबोट्स से कथित गोलीबारी के बाद भारतीय ध्वज वाले एक सुपरटैंकर सहित दो जहाजों को वापस लौटना पड़ा। यह जानकारी शिपिंग मॉनिटर टैंकरट्रैकर्स ने दी। ब्रिटेन मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए केएमटीओ चेतावनी 038-26 जारी […] The post होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स की फायरिंग, भारतीय ध्वज वाले टैंकर समेत दो जहाज लौटे appeared first on Sabguru News .
एमडीएस विश्वविद्यालय में प्रबंध अध्ययन विभाग के 13 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन विभाग ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता और सुदृढ़ प्लेसमेंट व्यवस्था का परिचय देते हुए 13 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनी ICICI Prudential Life Insurance में सफलतापूर्वक कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित किया है। शुक्रवार को आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव में कंपनी की ओर से मैनेजर एचआर प्रियंका विश्वास […] The post एमडीएस विश्वविद्यालय में प्रबंध अध्ययन विभाग के 13 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट appeared first on Sabguru News .
100 साल बाद अक्षय तृतीया पर दुर्लभ योग, इस मुहूर्त में करें पूजा और खरीदारी
साल 2026 की अक्षय तृतीया (20 अप्रैल) इसलिए बेहद खास है क्योंकि इस दिन ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, वैसी स्थिति लगभग 100 साल के अंतराल के बाद देखने को मिल रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन 5 महायोगों का एक साथ मिलन हो रहा है, जो इसे निवेश और शुभ कार्यों के लिए अमोघ (न विफल होने वाला) बना रहा है। यहाँ उन दुर्लभ योगों का विवरण दिया गया है। 1. गजबदन योग (Gajbadan Yoga) इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होंगे और उन पर गुरु (बृहस्पति) की शुभ दृष्टि रहेगी। ज्योतिष में इसे सुख-समृद्धि और ज्ञान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Festival 2026: अक्षय तृतीया: भीषण गर्मी में ये 5 वस्तुएं दान करने से घर आएगी बरकत 2. शश महापुरुष राजयोग (Shasha Rajyoga) शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे। 100 साल के चक्र में ऐसा बहुत कम होता है कि अक्षय तृतीया के दिन शनि अपनी इतनी मजबूत स्थिति में हों। यह योग स्थिरता और लंबे समय तक चलने वाली संपत्ति (जैसे जमीन या घर) खरीदने के लिए बहुत शुभ है। 3. त्रिपुष्कर योग (Tripushkar Yoga) इस दिन तिथि, वार और नक्षत्र के संयोग से त्रिपुष्कर योग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में किए गए किसी भी शुभ कार्य या निवेश का फल तीन गुना होकर वापस मिलता है। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: व्रत, पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, कथा, आरती और इस दिन का खास महत्व जानें 4. रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग रवि योग: यह सूर्य की ऊर्जा से भरपूर होता है जो मार्ग की बाधाओं को दूर करता है। सर्वार्थ सिद्धि योग: जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस योग में शुरू किया गया कोई भी काम 'सिद्ध' (सफल) होता है। 5. ग्रहों का विशेष गोचर सूर्य का उच्च होना: सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होंगे, जो आत्मविश्वास और सरकारी कार्यों में सफलता दिलाते हैं। शुक्र की स्थिति: धन के कारक शुक्र भी अनुकूल स्थिति में रहेंगे, जो खरीदारी के लिए शुभ फलदायी हैं। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर करें ये 7 अचूक उपाय, सालभर नहीं होगी पैसों की कमी इन योगों का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इन 100 साल बाद बनने वाले दुर्लभ संयोगों के कारण: आर्थिक मजबूती: यदि आप लंबे समय से कर्ज या तंगी से जूझ रहे हैं, तो इस दिन किया गया दान या निवेश धन के नए मार्ग खोलेगा। रुके हुए काम: यदि कोई प्रॉपर्टी या कानूनी मामला वर्षों से अटका है, तो इस दिन उस दिशा में कदम उठाना लाभकारी होगा। खरीदारी: इस दिन सोना, चांदी, वाहन या घर खरीदना न केवल शुभ होगा, बल्कि वह संपत्ति आपके पास अक्षय (स्थायी) रहेगी। विशेष: ज्योतिषियों का मानना है कि 1920 के दशक के बाद अब जाकर ग्रहों की ऐसी पावरफुल जुगलबंदी अक्षय तृतीया पर देखने को मिल रही है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सीईएसडी), इंदौर द्वारा 17 अप्रैल 2026 को 'मानव जिम्मेदारी: लोगों और पृथ्वी के सतत विकास के लिए जल का उपयोग' विषय पर एक अत्यंत प्रभाव शाली एवं प्रेरणादायक विशेष सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन 15 से 21 अप्रैल 2026 तक मनाए जा रहे जिम्मी मगिलिगन 'स्मृति सतत विकास सप्ताह' के अंतर्गत संपन्न हुआ, जिसका मूलभाव 'छोटे परिवर्तन, बड़ा प्रभाव – जल बचाएं' पर केंद्रित था। यह संपूर्ण कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रोफेसर डॉ. योगेश गोस्वामी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में आयोजित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर प्रख्यात भूवैज्ञानिक एवं भूजल वैज्ञानिक सुधीन्द्र मोहन शर्मा तथा जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलेपमेंट इंदौर की निदेशकपद्मश्री डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में जल संरक्षण, सतत विकास एवं सामाजिक सेवा के प्रति अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्हें जल संरक्षण के प्रति जागरूकता मात्र 16 वर्ष की आयु में शुरू हो गई थी, जिसने उनके जीवन की दिशा निर्धारित की। उन्होंने वर्ष 1988 में उत्तरी आयरलैंड के ब्रिटिश नागरिक, जल अभियंता (बिना औपचारिक डिग्री) जेम्स (जिम्मी) मगिलिगन से विवाह किया। उन्होंने 76 एकड़ और फिर 6 एकड़ जमीन में रेनवाटर हर्वेस्टिंग में सबसे बड़ा काम कर उसे उपजाऊ और सस्टेनेबल बनाया। जिम्मी मगिलिगन को वर्ष 2008 में महारानी एलिज़ाबेथ द्वारा ग्रामीण भारत में सामाजिक कार्यों एवं वैकल्पिक ऊर्जा के योगदान के लिए 'ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (OBE)' से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1986 से 2011 तक भारत में यूके बहाई पायनियर के रूप में रहकर सेवा कार्य किया। उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने 1985 में 'बरली विकास संस्थान' की स्थापना की, और वर्ष 2011 तक 26 साल अपने पति के कर्मठ योगदान और सहयोग से 6000 अशिक्षित एवं आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण महिलाओं को साक्षरता, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक विकास, पर्यावरण तथा जीवन कौशल के क्षेत्र में सशक्त बनाया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात ये महिलाएं भारत के लगभग 500 गांवों में लौटकर सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनीं। अपने वक्तव्य में उन्होंने अपने पति द्वारा किए गए नवाचारों का भी उल्लेख किया। जिम्मी मगिलिगन ने सोलर तकनीक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करते हुए 'शेफलर डिश' का निर्माण सीखा तथा वर्ष 1998 में मध्यभारत की पहली सोलर कम्युनिटी किचन बनाई जो आज भी प्रतिदिन लगभग 150 लोगों के लिए भोजन तैयार करती है। उन्होंने बरली संस्थान में अस्थायी एवं बाद में स्थायी सौर रसोई की स्थापना की। वहां की महिलाओं ने अपने 500 गांव सोलर कुकर लगाए (SK-14) जिनसे नमकीन, मिठाई बनाने, तलने, इस्त्री करने एवं चाय स्टॉल चला कर सोलर कुकरों से का उपयोग बहुत बड़े कार्यों में किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 50 आदिवासी परिवारों को निःशुल्क विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई तथा 19 सोलर स्ट्रीट लाइट्स एवं 2 किलोवाट के सौर-पवन ऊर्जा संयंत्र (2010–2026) की स्थापना में योगदान दिया। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन स्वयं सोलर कुकिंग, जल संरक्षण, प्रकृति आधारित, जैविक, कचरामुक्त और प्रदूषणमुक्त जीवनयापन करती है और सभी को प्रेरित करती है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस क्षेत्र में सक्रिय योगदान दिया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क में 9–19 जुलाई 2017 के दौरान सतत विकास लक्ष्यों से संबंधित उच्चस्तरीय मंच में वैश्विक सलाहकार के रूप में सहभागिता की। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने यह प्रेरणादायी संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर कार्य करते हुए विश्व के कल्याण में योगदान देना होगा, क्योंकि 'अपने आप विश्व का कल्याण नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के प्रयासों से ही यह संभव है।' कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के कुलगुरु माननीय डॉ. योगेश सी. गोस्वामी के स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ, जिस में सतत विकास के मूल सिद्धांतों तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता परविशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने अपने सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक विचारों के माध्यम से जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन तथा पर्यावरण संतुलन के विभिन्न पहलुओं को अत्यंत सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। सुधीन्द्र मोहन शर्मा ने अपने व्याख्यान सत्र के दौरान जल संरक्षण एवं सतत विकास के विषय को अत्यंतरोचक, प्रभावशाली एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी बात की शुरुआत वर्ष 1975 की प्रसिद्ध फिल्म 'गीत गाता चल' के गीत 'चांदी सा चमकता पानी…' के संदर्भ से की और उन्होंने वर्ष 2008 हॉलीवुड फिल्म 'ब्लूगोल्ड' का एक संक्षिप्त अंश प्रदर्शित करते हुए बताया कि जलसंकट केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक समस्या बन चुका है। फिल्म 'लगान' का उदाहरण देते हुए यह स्पष्ट किया कि जलसंरक्षण केवल प्राणि-विज्ञानियों अथवा कृषि वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसका उत्तरदायी है। उन्होंने एक व्यक्ति के एक समय के भोजन के लिए आवश्यक जल की मात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कुल जल उपयोग में लगभग 90 प्रतिशत जल कृषि क्षेत्र में, 3 प्रतिशत उद्योगों में तथा 7 प्रतिशत नगरपालिकाओं द्वारा उपयोग किया जाता है। अपने वक्तव्य को और प्रभावशाली बनाते हुए उन्होंने अब्दुल रहीम खान का प्रसिद्ध दोहा 'रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून…' उद्धृत किया, जिससे जल के महत्व को अत्यंत सरल एवं गहन रूप में समझाया। सततता की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि 'जितनी आवश्यकता हो उतना ही उपयोग करें' तथा 'जल के पास जाना सीखें, न कि उसे अपने पास लाने का प्रयास करें।' इसके साथ ही उन्होंने 7 R के सिद्धांत—रिड्यूस (कम करना), रीयूज़ (पुनः उपयोग), रीसायकल (पुनर्चक्रण), रिचार्ज (पुनर्भरण), रिस्टोर (पुनर्स्थापन), रीजुवेनेट (पुनर्जीवन) एवंरिस्पेक्ट (सम्मान)— पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि एक विद्यार्थी तथा सामान्य व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे परिवर्तन करके जल संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। अंत में, उन्होंने प्राचीन भारत में वर्षा जलसंचयन की समृद्ध परंपरा को रेखांकित करते हुए मोढेरा के सूर्य मंदिर एवं जोधपुर के तूरजी के झालरे जैसे ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किए, जो लगभग 1026–27 ईस्वी कालखंड से संबंधित हैं। इन उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि जलसंरक्षण की परंपरा हमारी संस्कृति में प्रारंभ से ही विद्यमान रही है, जिसे वर्तमान समय में पुनः अपनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं समन्वयन डॉ. उत्तम शर्मा (समन्वयक) एवं डॉ. श्वेता अग्रवाल (सह-समन्वयक) द्वारा किया गया। रिपोर्ट- डॉ. श्वेता अग्रवाल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन सस्टेनेबल डेवलपमेंट (सीईएसडी), श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय
अक्षय तृतीया पर नमक क्यों खरीदना चाहिए?
Rock Salt: अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा तो जगजाहिर है, लेकिन हाल के वर्षों में नमक खरीदने का महत्व भी काफी तेजी से बढ़ा है। खासकर सेंधा नमक खरीदने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कुछ ठोस धार्मिक कारण हैं बताए जाते हैं। इससे घर की नकारात्मकता और दरिद्रता दूर होती है और घर में बरकत रहती है। ALSO READ: Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि 1. माता लक्ष्मी से संबंध पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नमक की उत्पत्ति समुद्र से हुई है और माता लक्ष्मी भी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं। इस नाते नमक को माता लक्ष्मी का 'भाई' माना जाता है। अक्षय तृतीया पर नमक खरीदकर घर लाने का अर्थ है माता लक्ष्मी के स्वरूप को घर में स्थान देना। 2. नकारात्मकता का नाश नमक नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। अक्षय तृतीया एक अक्षय तिथि है (जिसका पुण्य कभी खत्म न हो), इसलिए इस दिन नया नमक लाकर पुराने नमक को घर से हटा देना घर की दरिद्रता और क्लेश को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। 3. बरकत और संपन्नता ऐसी मान्यता है कि इस दिन नमक खरीदने से घर में साल भर धन और धान्य की कमी नहीं होती। उपाय: इस दिन खरीदे गए नमक का उपयोग करके यदि घर में पोंछा लगाया जाए या उसे कांच के बर्तन में भरकर रखा जाए, तो यह वास्तु दोष को भी शांत करता है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Story: एक मामूली वैश्य कैसे बना चक्रवर्ती सम्राट? जानें अक्षय तृतीया की यह चमत्कारिक कथा! इस दिन नमक के साथ क्या करें? यदि आप अक्षय तृतीया पर नमक खरीदते हैं, तो इन छोटी बातों का ध्यान रखें: दान: इस दिन नमक का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे पितृ दोष में शांति मिलती है। पहला उपयोग: नए नमक का इस्तेमाल इस दिन बनने वाले विशेष प्रसाद या भोजन में जरूर करें। सेंधा नमक: यदि संभव हो तो साधारण नमक के साथ सेंधा नमक (Rock Salt) भी खरीदें, इसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। एक रोचक तथ्य: ज्योतिष में नमक का संबंध शुक्र (Venus) और चंद्र (Moon) से है। शुक्र सुख-सुविधाओं का कारक है और चंद्र मन का। अक्षय तृतीया पर नमक लाने से इन दोनों ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे मानसिक शांति और भौतिक सुख बढ़ते हैं। ALSO READ: Akshaya Tritiya Mantra: मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का दिन अक्षय तृतीया, पढ़ें धन वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र संक्षेप में: सोना खरीदना हर किसी के बजट में नहीं होता, लेकिन नमक हर कोई खरीद सकता है। यह इस त्योहार की इस भावना को दर्शाता है कि सौभाग्य पर सबका समान अधिकार है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर Markandey Katju का बड़ा विश्लेषण—क्या US-ईरान युद्ध फिर भड़केगा? जानिए आर्थिक और राजनीतिक कारण।
दिल्ली ने टॉस जीतकर बैंगलूरू के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
DCvsRCB दिल्ली कैपिटल्स ने बैंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने का फैसला किया। TOSS @DelhiCapitals have won the toss and will bowl first against @RCBTweets Updates https://t.co/vfJ6SccA9T #TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC pic.twitter.com/u4tYnk5mUA — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 Playing XI और Impact Player सहित टीमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, साहिल पारख, पृथ्वी साव, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, औकिब डार, नीतीश राणा, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, लुंगी एनगिडी, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव।
करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र
ज्योतिष शास्त्र में कुंडली का दसवां भाव (10th House) जिसे 'कर्म भाव' भी कहा जाता है, आपके करियर, प्रतिष्ठा, अधिकार और सफलता का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। यदि आप करियर के चुनाव को लेकर असमंजस में हैं, तो दसवें भाव में बैठे ग्रह या उस पर दृष्टि डालने वाले ग्रह आपको सही दिशा दिखा सकते हैं। यहाँ प्रमुख ग्रहों के अनुसार करियर के कुछ बेहतरीन विकल्प दिए गए हैं। ALSO READ: 2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय 1. सूर्य (Sun): सत्ता और प्रशासन यदि दसवें भाव में सूर्य मजबूत स्थिति में है, तो जातक में नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता होती है। कार्यक्षेत्र: सरकारी नौकरी (IAS/IPS), राजनीति, प्रबंधन (Management), चिकित्सा (सर्जन), और पैतृक व्यवसाय। विशेषता: ऐसे लोग स्वतंत्र रहकर काम करना पसंद करते हैं। 2. चंद्रमा (Moon): सेवा और कला चंद्रमा मन और जल का कारक है। दसवें भाव में चंद्रमा व्यक्ति को संवेदनशील और रचनात्मक बनाता है। कार्यक्षेत्र: होटल मैनेजमेंट, खाद्य पदार्थ (Food Industry), मरीन इंजीनियरिंग, मनोविज्ञान, नर्सिंग, कविता या ललित कला। विशेषता: इनके करियर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन जनसंपर्क में ये माहिर होते हैं। ALSO READ: 2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय 3. मंगल (Mars): साहस और तकनीक मंगल ऊर्जा का प्रतीक है। यदि यह कर्म भाव में है, तो जातक चुनौतियों से नहीं डरता। कार्यक्षेत्र: सेना, पुलिस, इंजीनियरिंग (Mechanical/Civil), रियल एस्टेट, खेल (Sports), और सर्जरी। विशेषता: इन्हें ऐसे काम रास आते हैं जिनमें शारीरिक ऊर्जा और रिस्क शामिल हो। ALSO READ: Work From Home: घर में इस दिशा में बैठकर करेंगे काम, तो करियर में मिलेगी दोगुनी तरक्की 4. बुद्ध (Mercury): बुद्धि और व्यापार बुध संचार और तर्क का ग्रह है। दसवें भाव में बुध जातक को चतुर और हाजिरजवाब बनाता है। कार्यक्षेत्र: बैंकिंग, सीए (CA), मार्केटिंग, पत्रकारिता, लेखन, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग, और व्यापार। विशेषता: गणित और भाषा पर इनकी पकड़ मजबूत होती है। ALSO READ: मंगल का श्रवण नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, करियर और धन में उछाल 5. गुरु (Jupiter): ज्ञान और सलाह बृहस्पति विस्तार और नैतिकता का ग्रह है। यह दसवें भाव में हो तो व्यक्ति समाज में बहुत सम्मान पाता है। कार्यक्षेत्र: शिक्षण (Teaching), कानून (Judge/Lawyer), धर्मगुरु, वित्त सलाहकार (Financial Advisor), और उच्च पदस्थ अधिकारी। विशेषता: ये लोग हमेशा न्याय और नैतिकता के पथ पर चलते हैं। 6. शुक्र (Venus): कला और सौंदर्य शुक्र विलासिता और रचनात्मकता का ग्रह है। कार्यक्षेत्र: फैशन डिजाइनिंग, अभिनय, संगीत, इंटीरियर डेकोरेशन, फिल्म इंडस्ट्री, और लग्जरी प्रोडक्ट्स का व्यापार। विशेषता: इनके काम में ग्रेस और सुंदरता झलकती है। 7. शनि (Saturn): मेहनत और न्याय शनि कर्म फल दाता है। दसवें भाव का शनि व्यक्ति को बहुत परिश्रमी बनाता है, हालांकि सफलता थोड़ी देरी से मिल सकती है। कार्यक्षेत्र: न्यायपालिका, लोहा और तेल उद्योग, कृषि, श्रम कल्याण, और माइनिंग (Mining)। विशेषता: ये Slow and Steady wins the race के सिद्धांत पर चलते हैं। 8. राहु और केतु (Shadow Planets) राहु: राजनीति, विदेशी व्यापार, एविएशन, और आईटी (IT) सेक्टर में अचानक बड़ी सफलता दिलाता है। केतु: अध्यात्म, गुप्त विधाएं, अनुसंधान (Research) और कोडिंग में रुचि पैदा करता है। करियर चुनाव के लिए अन्य जरूरी बातें: केवल दसवें भाव का ग्रह ही नहीं, बल्कि इन दो बातों पर भी गौर करना चाहिए: दशमेश (10th Lord): दसवें भाव का स्वामी ग्रह किस राशि और भाव में बैठा है। अमात्यकारक: जैमिनी ज्योतिष के अनुसार कुंडली में दूसरा सबसे अधिक डिग्री वाला ग्रह भी करियर का संकेत देता है। दशमांश कुंडली: यदि आप करियर के मोड़ पर खड़े हैं, तो अपनी दशमांश कुंडली (D10 Chart) का विश्लेषण जरूर करवाएं। यह सूक्ष्म चार्ट करियर की सूक्ष्मताओं को स्पष्ट करता है।
वैनिटी वैन की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस: पूनम ढिल्लों की अनसुनी कहानी
बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री पूनम ढिल्लों 64 वर्ष की हो गई हैं। पूनम ढिल्लों का जन्म 18 अप्रैल 1962 को उत्तरप्रदेश के कानपुर में हुआ था। उनके पिता अमरीक सिंह भारतीय वायु सेना में विमान इंजीनियर थे। पूनम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ कार्मेल कान्वेंट हाई स्कूल से पूरी की। 1977 में पूनम ढिल्लो को अखिल भारतीय सौन्दर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिला, जिसमें वह पहले स्थान पर आईं। इस बीच पूनम की खूबसूरती से प्रभावित होकर निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा ने अपनी फिल्म त्रिशूल में उनसे काम करने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इस पेशकश को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में कार्यरत उनके करीबी दोस्त गार्गी ने उन्हें समझाया कि फिल्मों में काम करना कोई बुरी बात नहीं है। पूनम ढिल्लो के परिजनों ने उन्हें इस शर्त पर फिल्मों में काम करने की इजाजत दी कि वह स्कूल की छुट्टियों के दौरान ही फिल्मों में एक्टिंग करेंगी। A post shared by PoonamDhillon (@poonam_dhillon_) फिल्म त्रिशूल में पूनम को संजीव कुमार, शशि कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे धुरंधर सितारों के साथ काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उन्होंने संजीव कुमार की बेटी की भूमिका निभाई, जो अभिनेता सचिन से प्रेम करती है। फिल्म में उन पर फिल्माया गया गाना गप्पूजी उन दिनों युवाओं के बीच क्रेज बन गया था। फिल्म त्रिशूल बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद कई फिल्मकारों ने पूनम ढिल्लों से अपनी फिल्म में काम करने की पेशकश की लेकिन उन्होंने उन सारे प्रस्तावों को ठुकरा दिया क्योंकि वह अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थी। इस बीच उन्होंने मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहा लेकिन उनके बड़े भाई ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया। इसके बाद पूनम ढिल्लो की तमन्ना भारतीय विदेश सेवा में काम करने की हो गयी और वह परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। वर्ष 1979 में यश चोपड़ा के ही बैनर तले बनी फिल्म नूरी में पूनम को काम करने का अवसर मिला। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की कामयाबी ने न सिर्फ उन्हें बल्कि एक्टर फारूख शेख को भी स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म नूरी की सफलता के बाद पूनम ने यह निश्चय किया कि वह फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेस के रूप में ही अब अपनी पहचान बनाएंगी। पूनम ढिल्लों ने इसके बाद राजेश खन्ना के साथ 'रेड रोज', जितेन्द्र के साथ 'निशाना' और राज कपूर के बैनर तले बनी फिल्म बीबी और बीबी में काम किया लेकिन ये फिल्में असफल हो गईं। पूनम का करियर डूबने लगा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ फिल्म दर्द और कुमार गौरव के साथ फिल्म तेरी कसम में काम किया। इन फिल्मों की सफलता के बाद वह अभिनेत्री के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गईं। वर्ष 1988 में पूनम ने निर्माता अशोक ठकारिया के साथ शादी कर ली। शादी के बाद पूनम ने फिल्मों में काम करना कम कर दिया। नौ साल की शादी के बाद पूनम ढिल्लों ने तलाक ले लिया। पूनम ढिल्लों ने बॉलीवुड में वैनिटी वैन का चलन शुरू किया। उन्होंने 1991 में 25 वैनिटी वैन भारत में लॉन्च की थीं। इससे पहले, अभिनेत्रियां अक्सर शूटिंग सेट पर झाड़ियों के पीछे कपड़े बदलती थीं. पूनम ढिल्लों ने एक कंपनी के साथ मिलकर इन वैनिटी वैन को लॉन्च किया, जो फिल्म उद्योग में एक नई अवधारणा थी। साल 1997 में रिलीज फिल्म जुदाई से उन्होंने अपने करियर की दूसरी पारी शुरू की। वर्ष 1995 में पूनम ढिल्लो ने दर्शको की पसंद को देखते हुए छोटे पर्दे का भी रूख किया और अंदाज और किटी पार्टी जैसे धारावाहिकों में काम करके दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन सबके साथ ही बिग बॉस के तीसरे सीजन में उन्होंने हिस्सा लिया जिसमें वह तीसरे स्थान पर चुनी गईं। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद पूनम सामाजिक कार्यो में दिलचस्पी लेने लगी। उन्होंने शराब विमुक्ति, एड्स और परिवार नियोजन जैसे कई सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है।
गर्मी में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इस गर्मी का असर आम लोगों की हेल्थ पर हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवा की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल, एमवाय और प्राइवेट क्लिनिकों में मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी की है। लू का अलर्ट जारी : भीषण गर्मी का कहर जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने 20 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और खानपान में सावधानी बरतने की विशेष एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के 20 जिलों में हीट वेव यानी लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है। हालांकि, मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार 19-20 अप्रैल को कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। गुरुवार को इंदौर में दिन का पारा 40.1 डिग्री रहा जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक था। रात का पारा भी 21.7 पर चला गया जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ : लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। इंदौर के जिला अस्पताल, एमवाय अस्पताल और विभिन्न संजीवनी क्लिनिकों में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अत्यधिक तपन के कारण लोग उल्टी-दस्त और लू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। क्या कहते हैं डॉक्टर : डॉ प्रवीण दानी ने बताया कि जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, खिलाड़ियों और धूप में मजदूरी करने वाले लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठंडा पानी पीते रहे। दही छाछ और नारियल पानी बेहतर विकल्प हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन : इंदौर का दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि शाम का तापमान 21 डिग्री तक रहता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि लू लगने पर शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा सूखी व लाल पड़ जाती है। इसके लक्षणों में चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं। क्या करें लक्षण दिखने पर : डॉक्टर प्रवीण दानी ने बताया कि ऐसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत किसी छायादार स्थान पर ले जाएं और प्राथमिक उपचार के साथ नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर ढककर रखें और छाते या गमछे का प्रयोग करें। खानपान में बरतें सावधानी : गर्मी के इस मौसम में खानपान को लेकर भी डॉक्टरों ने सतर्क किया है। लोगों को ज्यादा तेल-मसाले वाले और काफी देर पहले बने हुए भोजन से परहेज करने को कहा गया है। खाली पेट घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए दिनभर पर्याप्त जल सेवा करें। ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का रस शरीर को हाइड्रेट रखने में काफी मददगार साबित होते हैं। कैसे बचें लू के कहर से : डॉक्टरों ने बताया कि नियमित अंतराल पर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। दोपहर के समय अनावश्यक भ्रमण से बचें और घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े ही पहनें। छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और उन्हें बंद गाड़ियों में न छोड़ें। Edited By: Naveen R Rangiyal
23 साल उम्र में नौकरी कर रहे अक्षय कुमार के बेटे आरव, सैलरी सुन चौंक जाएंगे
बॉलीवुड में जहां एक ओर 'नेपोटिज्म' और स्टार किड्स के डेब्यू को लेकर बहस छिड़ी रहती है, वहीं अक्षय कुमार के बेटे आरव भाटिया ने एक बिल्कुल अलग और सादगी भरा रास्ता चुनकर सबको हैरान कर दिया है। जहां फैंस आरव को बड़े पर्दे पर देखने का इंतज़ार कर रहे थे, वहीं अक्षय ने साफ कर दिया है कि उनके बेटे का फिल्मों में आने का कोई इरादा नहीं है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अक्षय कुमार ने अपने बेटे के भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। अक्षय ने बताया कि आरव स्वभाव में बिल्कुल उनके जैसा है—अनुशासित और अपनी सेहत के प्रति जागरूक। लेकिन करियर के मामले में आरव ने अपने पिता से अलग राह चुनी है। अक्षय ने कहा, आरव को फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह फैशन की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहता है। ताज्जुब की बात यह है कि वह आज भी 4500 रुपए की नौकरी कर रहा है और जमीन से जुड़कर काम सीख रहा है। अक्षय ने आगे बताया कि आरव फैशन को किताबी तरीके से नहीं, बल्कि व्यावहारिक तरीके से सीखने के लिए भारत के अलग-अलग गांवों का दौरा कर रहा है। वह वहां के स्थानीय प्रिंट्स, बुनाई और पारंपरिक कला को करीब से समझ रहा है। 15 साल की उम्र में छोड़ा घर आरव भाटिया अक्षय और ट्विंकल खन्ना के बड़े बेटे हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद महज 15 साल की उम्र में उच्च शिक्षा के लिए लंदन का रुख किया था। अक्षय बताते हैं कि उन्होंने आरव को कभी किसी चीज के लिए मजबूर नहीं किया, बस उन्हें एक ही सलाह दी है कि 'कभी किसी का दिल मत दुखाना।' जहां उनकी छोटी बहन नितारा अक्सर सोशल मीडिया पर नजर आती हैं, वहीं आरव कैमरे और लाइमलाइट से दूर रहना ही पसंद करते हैं।
'मायसा' में दिखेगा रश्मिका मंदाना का असली एक्शन अवतार, बैंकॉक में ली मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग
'नेशनल क्रश' रश्मिका मंदाना अपने करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में कदम रख रही हैं, और इसकी वजह है उनकी आने वाली पैन-इंडिया एक्शन ड्रामा फिल्म 'मायसा'। फिल्म की इंटेंस झलक ने पहले ही काफी चर्चा बटोर ली थी, लेकिन अब रश्मिका की ऑफ-स्क्रीन मेहनत उम्मीदों को और भी ज्यादा बढ़ा रही है। डेब्यू डायरेक्टर रविंद्र पुल्ले के निर्देशन और अनफॉर्मुला फिल्म्स के प्रोडक्शन में बन रही 'मायसा' में रश्मिका एक आदिवासी गोंड लड़की के रोल में हैं, एक ऐसा किरदार जिसमें इमोशनल गहराई के साथ-साथ जबरदस्त शारीरिक ताकत की भी जरूरत है। इंटरनेशनल एक्शन डायरेक्टर एंडी लॉन्ग की देखरेख में इसके स्टंट्स तैयार किए जा रहे हैं, जिससे यह फिल्म भारतीय सिनेमा में फीमेल-लेड एक्शन के लिए एक नया पैमाना सेट करने की तैयारी में है। फिल्म की स्क्रिप्ट सुनने के बाद रश्मिका ने एक बड़ा फैसला लिया और वह है खुद को इस रोल के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार करने का। एक्शन को एकदम असली और दमदार दिखाने के लिए रश्मिका बैंकॉक गई हैं, जहाँ वो एक इंटेंस स्टंट और कॉम्बैट बूटकैंप में हिस्सा ले रही हैं। वहां रश्मिका का डेली रूटीन काफी मुश्किल भरा है। वो हर दिन लगभग आठ घंटे ट्रेनिंग कर रही हैं, जिसमें वो दुनिया भर के एक्सपर्ट्स से एडवांस स्टंट तकनीक, हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और हाई-स्पीड एक्शन कोऑर्डिनेशन सीख रही हैं। उनकी ट्रेनिंग की तस्वीरों में रश्मिका का एक अलग ही रूप दिख रहा है, बेहद फोकस्ड और निडर, जो उनके अब तक के सॉफ्ट किरदारों से बिल्कुल अलग है। टीम जल्द ही केरल में फिल्म का एक अहम 16 दिनों का एक्शन शेड्यूल शुरू करेगी, और रश्मिका की मौजूदा ट्रेनिंग खास तौर पर इसी मुश्किल हिस्से के लिए तैयार की गई है। रश्मिका की इस कड़ी मेहनत को देखकर साफ है कि 'मायसा' उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक बड़ा बदलाव और मील का पत्थर है जिसे वो हर हाल में हासिल करना चाहती हैं। जैसे-जैसे शूटिंग और तैयारी जोर-शोर से आगे बढ़ रही है, उनके इस अनोखे अवतार को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट भी बढ़ती जा रही है। फिल्म में ईश्वरी राव, गुरु सोमसुंदरम और राव रमेश जैसे बेहतरीन कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। श्रेयस पी कृष्णा सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, जबकि जेक्स बिजॉय ने संगीत दिया है। इंटरनेशनल स्टंट कोरियोग्राफर एंडी लॉन्ग इस बड़े प्रोजेक्ट के एक्शन सीन्स की देखरेख कर रहे हैं।
अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' ने पहले ही दिन मचाया धमाल, बॉक्स ऑफिस पर किया इतना कलेक्शन
अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' अपनी घोषणा के वक्त से ही सुर्खियों में थी, और इसके ट्रेलर ने इसकी बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी दुनिया की झलक दिखाई थी। हंसी और डर का बेहतरीन मिश्रण पेश करने वाली यह फिल्म एक शानदार फैमिली एंटरटेनर साबित होने का वादा करती है। अब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। पहले ही दिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर दबदबा बनाते हुए दुनिया भर में 21.60 करोड़ रुपए की कमाई की। भूत बंगला ने अपनी जोरदार कमाई के साथ उम्मीदों को पार कर लिया है। मजबूत चर्चा और दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया के चलते फिल्म ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 21.60 करोड़ का कलेक्शन किया है। 'भूत बंगला' ने पहले ही दिन के शानदार प्रदर्शन के साथ इसने सच में कमाल कर दिया है। खास बात यह है कि इस शानदार कलेक्शन के साथ इसने अक्षय कुमार की पिछली फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह साफ दिखाता है कि फिल्म ने दर्शकों का दिल जीतना शुरू कर दिया है और शानदार ओपनिंग दर्ज की है। यह तो बस शुरुआत है, और आने वाले दिनों में भी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर इसी तरह का दबदबा देखने लायक होगा। बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो कि बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का एक हिस्सा है, केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर भूत बंगला प्रस्तुत करता है। फिल्म में अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है और निर्माण अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने किया है।
क्यों हुई थी गुलशन कुमार की हत्या? राम गोपाल वर्मा ने खोला 90s बॉलीवुड का काला सच
90 के दशक का बॉलीवुड आज की तरह चमक-धमक वाला नहीं, बल्कि अंडरवर्ल्ड के काले साये में लिपटा हुआ था। हाल ही में फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने क्राइम राइटर एस. हुसैन जैदी के साथ बातचीत में उस दौर की कड़वी सच्चाइयों को फिर से कुरेदा है। राम गोपाल वर्मा के अनुसार, उस समय अंडरवर्ल्ड का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि बॉलीवुड पर अपना पूर्ण नियंत्रण और वर्चस्व स्थापित करना था। आरजीवी ने बताया कि अंडरवर्ल्ड की कार्यशैली काफी सोची-समझी होती थी। वे किसी छोटे कलाकार को नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली लोगों को अपना निशाना बनाते थे। राम गोपाल वर्मा ने कहा, जब अंडरवर्ल्ड को अपनी ताकत दिखानी होती है, तो वे राकेश रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े नामों को चुनते हैं। अंडरवर्ल्ड का एक सीधा मंत्र था: एक को मारो, दस से उगाही करो। खौफ पैदा करने के लिए ये गैंगस्टर्स किसी भी हद तक जा सकते थे, ताकि बाकी लोग बिना सवाल किए उनकी बात मान लें। राकेश रोशन पर हमला साल 2000 में फिल्म 'कहो ना... प्यार है' की ब्लॉकबस्टर सफलता ने रितिक रोशन को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। आरजीवी के अनुसार, इसी सफलता ने उनके पिता राकेश रोशन को मुसीबत में डाल दिया। गैंगस्टर्स एक फिल्म प्रोजेक्ट केलिए रितिक रोशन की डेट्स पर अपना नियंत्रण चाहते थे, जिसे कथित तौर पर छोटा शकील का सपोर्ट हासिल थश। आरजीवी ने दावा किया, जब राकेश रोशन ने इन मांगों के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो 21 जनवरी 2000 को उनके ऑफिस के बाहर उन पर जानलेवा हमला हुआ। वे इस हमले में बाल-बाल बचे, लेकिन इस घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री की रीढ़ हिला दी थी। गुलशन कुमार की हत्या संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह गुलशन कुमार की 1997 में हुई हत्या बॉलीवुड के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। आरजीवी ने इस पर चर्चा करते हुए कहा कि गुलशन कुमार की बढ़ती सफलता और अंडरवर्ल्ड के आगे न झुकने की उनकी जिद ही उनकी मौत का कारण बनी। राम गोपाल वर्मा ने कहा, अबू सालेम जैसे गैंगस्टर्स अपनी साख बनाने की होड़ में थे। गुलशन कुमार ने जबरन वसूली की मांगों को ठुकरा दिया था, जिसे गैंगस्टर्स ने अपनी बेइज्जती समझा। आरजीवी ने उस दिन को याद करते हुए बताया कि जब उन्हें यह खबर मिली, तो पूरी इंडस्ट्री सुन्न हो गई थी। राम गोपाल वर्मा, जिन्होंने 'सत्या', 'कंपनी' और 'डी' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में बनाई हैं, स्वीकार करते हैं कि उनकी फिल्मों की कई कहानियां और किरदार इन्हीं वास्तविक अनुभवों और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों से प्रेरित थे।
Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि
इस बार अक्षय तृतीया 2 दिन मनाई जा रही है। 19 अप्रैल और 20 अप्रैल को। दोनों ही दिन शुभ हैं। 20 अप्रैल को उदयातिथि से अक्षय तृतीया रहेगी। इस दिन 'अबूझ मुहूर्त' होता है, लेकिन लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष मुहूर्त का पालन करना श्रेष्ठ रहता है। इसी के साथ यह देखना भी जरूरी है कि राहु काल कब है। राहु काल में किसी भी तरह की पूजा और खरीदी नहीं होती है। तृतीया तिथि प्रारम्भ- 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से। तृतीया तिथि समाप्त- 20 अप्रैल 2026 को सुबह 07:27 बजे तक। नोट: मराठी और गुजराती काल निर्णय कैलेंडर में और ऑनलाइन द्रिक पंचांग एवं एस्ट्रोसेज पंचांग के अनुसार19 अप्रैल को अक्षय तृतीया रहेगी जबकि लाला रामस्वरूप और लाला रामनारायण पंचांग में उदयातिथि के अनुसार 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया रहेगी। ALSO READ: Akshaya Tritiya गोल्ड रेट अलर्ट: सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, क्या इस अक्षय तृतीया गोल्ड खरीदना है फायदे का सौदा? 1. अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त: 19 अप्रैल पूजा और खरीददी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। त्रिपुष्कर योग: सुबह 07:10 से 10:49 तक रहेगा। राहुकाल: शाम 05:12 से शाम 06:49 के बीच रहेगा। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। ALSO READ: Akshaya Tritiya Mantra: मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का दिन अक्षय तृतीया, पढ़ें धन वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र 2. अक्षय तृतीया पूजन विधि अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा का विधान है: संकल्प: सुबह जल्दी स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें और व्रत या दान का संकल्प लें। स्थापना: एक चौकी पर गंगाजल छिड़क कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। अभिषेक: यदि संभव हो, तो दक्षिणावर्ती शंख से भगवान का अभिषेक करें। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल (केवल विष्णु जी को) और अक्षत अर्पित करें। विशेष भोग: इस दिन भगवान को सत्तू, ककड़ी, भीगी हुई चने की दाल और मिश्री का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह ग्रीष्म ऋतु के आगमन का प्रतीक है। आरती: अंत में ॐ जय जगदीश हरे या लक्ष्मी जी की आरती करें। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: बस ये 15 दान बदल देंगे आपकी किस्मत, बरकत के लिए घर लाएं ये 12 चीजें 3. इस दिन क्या करना सबसे 'शुभ' है? चूंकि अक्षय का अर्थ है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो, इसलिए आज के दिन ये 3 काम जरूर करने चाहिए: कलश दान: पानी से भरा मिट्टी का घड़ा (कलश) किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करना इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। सोना या चांदी: धातु खरीदना समृद्धि का प्रतीक है। यदि बजट कम है, तो आप चांदी का एक छोटा सिक्का या केवल जौ (Barley) भी खरीद सकते हैं। जौ को 'कनक' (सोने) के समान माना गया है। परशुराम जयंती पूजन: चूंकि आज ही परशुराम जी का जन्म हुआ था, इसलिए शस्त्रों या औजारों की सफाई और पूजा करना भी फलदायी होता है। 4. अक्षय तृतीया पर विशेष मंत्र पूजा के समय इस मंत्र का जाप करने से घर में बरकत बनी रहती है: ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय क्या रहेगा?
क्या कागजों तक सीमित है 'पॉश' कानून? टीसीएस नासिक मामले और बढ़ती शिकायतों ने खोली कंपनियों की पोल
भारत में पॉश कानून के तहत हर कंपनी में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए एक समिति बनाना जरुरी है। इसका काम निष्पक्ष और समय रहते जांच करना है। नासिक में टीसीएस के ऑफिस में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। आरोप है कि टीसीएस ने पॉश (प्रिवेंशन ऑफ ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (18 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 18 April 2026: करियर: कारोबार में नई परियोजना शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। लव: प्रेमी साथी के साथ तालमेल बढ़ेगा। धन: लेन-देन संबंधी कागजात ध्यान से पढ़ें। स्वास्थ्य: व्यायाम पर ध्यान दें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें। ALSO READ: महाविनाश का संकेत! भविष्य मालिका और कालज्ञानम की समान 6 भविष्यवाणियां, जो अब हो रही हैं सच 2. वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में वरिष्ठों से बहस करने से बचें। लव: पार्टनर संग रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। उपाय: आज सफ़ेद वस्त्र पहनें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: व्यापार में नई साझेदारी लाभप्रद रहेगी। लव: प्रेमीसंग पुरानी बातों को लेकर अनबन हो सकती है। धन: शेयर बाजार से लाभ संभव है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए योग का सहारा लें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: शिक्षा जे जुड़ें छात्रों को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी। धन: आज उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: शिवलिंग पर जल का अभिषेक करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली से लोग प्रभावित होंगे। लव: जीवनसाथी के साथ रोमांस बना रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: आज पेट खराब हो सकता है। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नई नौकरी के अधूरे काम पूरे होंगे। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: कर्ज से मुक्ति मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। ALSO READ: जैन धर्म में अक्षय तृतीया मनाने के 10 कारण जानें 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में टीम वर्क पर ध्यान दें। लव: लव लाइफ में बोलचाल संभव है। धन: आज कारोबारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: जरूरतमंदों को चावल का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कलीग्स के साथ मिलकर काम पर फोकस करें। लव: प्रेमी पर विश्वास ही रिश्ते की नींव है। धन: धन निवेश करने से पहले किसी से सलाह लें। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। उपाय: प्रतिदिन 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर तथा व्यापार से खुशखबरी मिल सकती है। लव: घर में मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। धन: संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। स्वास्थ्य: सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: मंदिर में चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: विदेश में व्यापार या नौकरी की इच्छा रखने वाले आलस्य का त्याग करें। लव: पार्टनर के साथ आउटिंग पर जा सकते हैं। धन: घर-बाहर के फालतू खर्चों पर लगाम लगाएं। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से राहत मिलेगी। उपाय: पीपल के वृक्ष के पास दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: कार्यक्षेत्र में बाहरी क्षेत्र में नए संपर्क बनेंगे। लव: अविवाहितों के लिए शादी की बात चल सकती है। धन: भविष्य के लिए धन संचय होगा। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें, संगीत सुनें। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 12. मीन (Pisces) करियर: ऑफिस के काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है। लव: लव पार्टनर के साथ बातचीत में शांति से काम लें। धन: किसी को दिया हुआ ऋण वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: संभलकर चलें, चोट लगने की संभावना है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। ALSO READ: कल्कि अवतार और तीसरा विश्व युद्ध: क्या दोनों का है कनेक्शन? कब और कैसे होंगे ये बड़े घटनाक्रम
चेन्नई की मिंट रोड पर छोटा-सा बिजनेस करने वाली सेल्वी की बेटी की शादी तय हुई, तो घर में एक अजीब किस्म की उठापटक शुरू हो गई। पैसे कम थे, लेकिन गोल्ड ज्वेलरी खरीदनी जरूरी थी। आखिर सेल्वी ने रास्ता निकाला। घर में रखी पुरानी ज्वेलरी में थोड़ा नया सोना मिलाया और बेटी के लिए नए गहने तैयार कराए। सेल्वी कहती हैं, ‘अगर हम ऐसा नहीं करते तो सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होती है। कोई लोअर मिडिल क्लास या गरीब भी हो तो कम से कम 10-20 तोला सोना शादी में चढ़ाना ही होता है।’ सेल्वी की कहानी कोई अपवाद नहीं, यह तामिलनाडु का स्वभाव है। भारत का सबसे ज्यादा करीब 28% घरेलू सोना अकेले तमिलनाडु के लोगों की तिजोरियों और अलमारियों में रखा है। वजन में करीब 6,720 टन। ये अमेरिका के कुल सरकारी गोल्ड भंडार (8000 टन) के आस-पास है। जर्मनी, इटली और रूस जैसे देशों में राष्ट्रीय भंडार से कहीं ज्यादा। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की वोटिंग है। जहां अन्य राज्यों के चुनाव में कैश और शराब की छापेमारी का चलन है, तामिलनाडु में सोने की छापेमारी की जाती है। थलापति विजय जैसे नेता जीतने पर दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का वादा कर रहे हैं। AIADMK भी थलिक्कू थनगम यानी शादी के लिए सोना जैसी स्कीम ला चुकी है। इस स्टोरी में जानेंगे तमिलनाडु के लोगों में सोने की दीवानगी के पीछे की पूरी कहानी… प्राचीन तमिल साहित्य में संपन्नता पर असाधारण जोर मिलता है। तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल की एक पंक्ति कहती है- गरीबी पर पूरी दुनिया मजाक उड़ाती है। इस समाज में संपन्नता का पैमाना था- सोना। यहां की एक प्रसिद्ध कहानी का नाम ही शीलप्पद्दीगारम यानी ‘सोने की पायल’ है। यह कहानी कन्नगी नाम की स्त्री के सोने की पायल पर आधारित है। बुरे वक्त में पति की मदद के लिए वह अपना सोना आगे कर देती है। कहानी का सार एक पंक्ति में था- बुरे समय में सोना ही काम आता है। इसी से निकली स्त्री-धन की परंपरा। वह सोना जो विवाह के समय स्त्री को मिलता था और जो सिर्फ उसका था। कोई बैंक उसे नहीं छीन सकता था, कोई कानून उस पर दावा नहीं कर सकता था। मुसीबत में यही सोना परिवार की ढाल बनता था। जब तमिलनाडु में जमा होने लगा पूरी दुनिया का सोना करीब 2,000 साल पहले। रोमन साम्राज्य के सम्राट कैलिगुला अपनी तीसरी शादी की पार्टी दे रहे थे। शाम ढल चुकी थी और महल मशालों की रोशनी में आलोकित था। तभी सभी मेहमानों की नजरें एक गलियारे की तरफ मुड़ गईं, जहां से नई रानी लोलिया पॉलिना आ रही थीं। उनके कान, नाक, गले, उंगलियों, जूतों के साथ-साथ बालों में भी सैकड़ों पन्ने और मोती जड़े हुए थे। उस पार्टी में ‘प्लिनी द एल्डर’ नाम के एक इतिहासकार मौजूद थे। वो अपनी किताब नेचुरालिस हिस्टोरिया में लिखते हैं कि रोम हर साल भारत से आने वाले मोतियों, मसालों और कपड़ों के बदले भारी मात्रा में सोना लुटा रहा था। उनकी शिकायत थी- ‘हम भारत के मोतियों के बदले हर साल 5.5 करोड़ सेस्टर्टियस गंवा रहे हैं।’ यह सोना आता था तीन बंदरगाहों पर- चोल साम्राज्य का मायलापुर (जहां से कपड़े जाते थे), पांड्य वंश का अरिकामेडू (मोतियों का केंद्र) और चेर वंश का मुजिरिस (काली मिर्च का बड़ा बाजार)। इन तीनों बंदरगाहों पर हर साल 120 जहाज सोना लेकर आते थे। विलियम डार्लिंपल अपनी किताब द गोल्डन रोड में लिखते हैं कि चेर और पांड्य वंश ने रोम में अपने राजदूत तक तैनात कर दिए थे, ताकि रोम के व्यापार-घाटे की समस्या सुलझाई जा सके। हालत यह हो गई कि 70 ईस्वी में रोमन सम्राट वेस्पासियन को तमिल आयात के बदले सोना देने पर रोक लगानी पड़ी। तामिलनाडु के व्यापारियों ने दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य को आर्थिक रूप से झुकने पर मजबूर किया था। जब पश्चिमी रोमन साम्राज्य टूट गया और 640 ईस्वी में अरबों ने मिस्र पर कब्जा कर रोम की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए, तो तमिल व्यापारियों ने अपना रुख पूरब की ओर मोड़ लिया। पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम के शासनकाल में मामल्लापुरम बंदरगाह सुवर्णभूमि, यानी आज के म्यांमार, सुमात्रा, इंडोनेशिया और मलेशिया की ओर जाने वाले जहाजों का सबसे बड़ा अड्डा बन गया। 11वीं सदी में चोल वंश के राजा राजेंद्र चोल प्रथम ने 1025 AD में श्रीविजय साम्राज्य पर विशाल नौसैनिक हमला किया। सिर्फ युद्ध के लिए नहीं, बल्कि चीन तक जाने वाले व्यापारिक मार्गों पर एकाधिकार के लिए। सुमात्रा और मलेशिया के शासकों को हराकर वहां का खजाना तामिलनाडु के मंदिरों में भर दिया गया। यहीं से शुरू हुई एक ऐसी व्यवस्था, जो आधुनिक बैंकिंग की पूर्वज थी। गोल्ड बैंक की तरह काम करते थे तमिलनाडु के मंदिर पल्लव और चोल राजाओं ने समझ लिया था कि सोने को सबसे सुरक्षित रखना है तो मंदिर से बेहतर कोई जगह नहीं। मंदिर इतनी पवित्र संस्था था कि वहां से सोना चुराने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सकता था। पांड्य राजाओं ने कोरकई जैसे बंदरगाहों से मिलने वाले रोमन सोने को मदुरई के मंदिरों में जमा किया। राजराजा चोल प्रथम ने तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर को सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे राज्य की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया। मंदिर की दीवारों पर दर्ज है कि राजा ने युद्ध में लूटा हुआ लगभग 230 किलो सोना और 125 किलो कीमती रत्न मंदिर के खजाने में जमा किए थे। यह सोना वहां बस पड़ा नहीं रहता था। मंदिर एक बैंक की तरह काम करते थे। जहां सोना जमा भी होता था और लोगों को व्यापार के लिए ब्याज पर कर्ज भी दिया जाता था। 19वीं और 20वीं सदी में इस मंदिर-बैंकिंग की विरासत को एक नया रूप दिया चेट्टिनाड के नट्टुकोट्टई चेट्टियार समुदाय ने। ये लोग म्यांमार, सिंगापुर और मलेशिया में जब व्यापार फैलाने लगे, तो उन्होंने एक क्रांतिकारी मॉडल विकसित किया। सोने के गहनों को गिरवी रखकर कर्ज देना। सोने की शुद्धता परखना और उसके आधार पर फैसले करना। मंदिरों को ही वह जगह बनाना जहां ब्याज दरें तय होती थीं और व्यापारिक झगड़े सुलझाए जाते थे। लोग इन चेट्टियारों पर सरकारी बैंकों से ज्यादा भरोसा करते थे। इसीलिए जब आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था का ढांचा बदला, तो इसी परंपरा पर मुथूट और मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन कंपनियां खड़ी हुईं। गरीब परिवार भी शादियों में 20-25 लाख का सोना खरीदते हैं चेन्नई में तीन पीढ़ियों से ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले विकास मेहता कहते हैं कि तामिलनाडु में गोल्ड की डिमांड पूरे साल रहती है। साउथ इंडिया की किसी भी शादी में लोग कम से कम 3-4 हेवी गोल्ड ज्वेलरी पहनते ही हैं। अपर मिडिल क्लास एक शादी के लिए कम से कम 1 करोड़ तक का गोल्ड खरीदते हैं। लोअर मिडिल क्लास भी 20-25 लाख का गोल्ड तो खरीदते ही हैं। यहां शादी में दहेज का सोना सिर्फ दिया नहीं जाता। वह खुले तौर पर सबके सामने रखा जाता है। जो मेहमान आते हैं, वे सोना देखकर ही परिवार की हैसियत और समाज में रुतबा तय करते हैं। सोने की खरीदारी सिर्फ शादी तक सीमित नहीं है। विकास मेहता बताते हैं कि जन्म, एंगेजमेंट, गोदभराई, पोंगल, अक्षय तृतीया, नवरात्र, दिवाली- हर मौके पर सोना खरीदने का चलन है। यहां तक कि लड़की के जब पहली बार पीरियड्स शुरू होते हैं, उस मौके पर भी एक बड़ा आयोजन होता है और उसमें भी सोना चढ़ाने का रिवाज है। तमिल परिवारों में गोल्ड खरीदना एक निवेश जैसा है 20 साल से चेन्नई में ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले रोशन कहते हैं कि तमिल परिवारों में बचपन से ही गोल्ड खरीदने को एक शौक के तौर पर नहीं, बल्कि एक जरूरत के तौर पर देखा जाता है। ‘लोग गोल्ड को अपने इन्वेस्टमेंट और सेविंग के नजरिए से देखते हैं, ताकि क्राइसिस में उसे बेचकर कैश ले सकें।’ यह बात आंकड़ों में भी दिखती है। तामिलनाडु के परिवारों के कुल कर्ज का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ गोल्ड लोन का होता है। जहां सरकारी बैंक तमाम तरह के डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं, वहीं मुथूट और मणप्पुरम जैसी कंपनियां 10-15 मिनट में सोने के बदले नकद दे देती हैं। दिसंबर 2024 तक, बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास गोल्ड लोन का कुल बकाया 1,72,000 करोड़ रुपये को पार कर चुका था। पिछले साल की तुलना में 71% की वृद्धि। 2020 में जब महामारी ने अर्थव्यवस्था को रोक दिया, तब भी यही सोना मध्यम वर्ग की ढाल बना। RBI ने गोल्ड लोन का LTV (लोन टू वैल्यू) रेश्यो 75 से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया। लाखों परिवारों ने अपना सोना गिरवी रखकर उस मुश्किल दौर को पार किया। सोने की इसी दीवानगी को भुनाना चाहते हैं नेता तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सोने से जुड़ा सबसे प्रमुख वादा TVK के प्रमुख अभिनेता-राजनेता विजय ने किया है। उन्होंने सोने से जुड़े 2 प्रमुख वादे किए- अन्नन सीर थिट्टम: शादी करने वाली युवतियों खासकर गरीब परिवारों की दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का वादा। इसे ‘भाई का उपहार’ के रूप में पेश किया गया है। थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम: तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को सरकारी आशीर्वाद के रूप में एक सोने की अंगूठी और बेबी वेलकम किट देने का वादा। ये वादे TVK के चुनावी घोषणा-पत्र में भी शामिल हैं। AIADMK ने भी पहले की ‘तालीक्कु थंगम’ योजना को जारी रखने और शादी में सोना देने का जिक्र किया है। चेन्नई की सेल्वी एक लाइन में बताती हैं- ‘मुसीबत में सोना बेचकर पैसा मिल जाता है।’ यही वह विश्वास है जो दो हजार साल से इस मिट्टी में गहरा धंसा है और चुनावी वादों में भी जाहिर हो रहा है। ------------- तमिलनाडु चुनाव से जुड़ी खबर भी पढ़िए… ‘हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां’: स्टेशन के नाम पर काली स्याही, तमिल बोले- जो हिंदी थोपेगा, तमिलनाडु उसे रिजेक्ट करेगा 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग है। प्रचार के बीच एक रिपोर्टर ने CM स्टालिन से पूछा- केंद्र सरकार CBSE स्कूलों में 3 लैंग्वेज पॉलिसी लागू करेगी, हिंदी भाषा पढ़ना भी अनिवार्य होगा… स्टालिन ने फौरन जवाब दिया- ‘जब तक DMK है, तमिलनाडु में ऐसा नहीं होने देंगे।’ पूरी खबर पढ़िए…
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने 7 मार्च से 'बांग्लार युवा साथी योजना' लागू की। 1500 रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी। दुर्गापुर की रहने वाली मोमिता ने फॉर्म भरा था, लेकिन खाते में पैसे नहीं आए। गुस्से से भरी मोमिता कहती हैं, ‘पैसों से ज्यादा हमें नौकरी की जरूरत है।‘ 21 साल की मोमिता के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है, इसीलिए ग्रेजुएशन पूरा किए बिना पढ़ाई छोड़ दी और छोटा-मोटा काम करने लगीं। वे बहन के साथ काम से लौट रही थीं, तभी मुलाकात हुई। पढ़ाई दोबारा शुरू करने सवाल पर कहती हैं- ‘इतने कम पैसों में पढ़ाई कैसे कर पाएंगे।’ युवा साथी योजना चुनाव से ठीक पहले शुरू हुई है। चुनावी साल में ममता सरकार ने पंडितों और मौलवियों के भत्ते भी बढ़ाए हैं। लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को मिलने वाली रकम 500 रुपए बढ़ाई गई है। BJP ने भी कई वादे किए हैं। इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर है, इस रिपोर्ट में पढ़िए… योजनाओं से दिक्कत नहीं, नौकरियां भी होंममता बनर्जी ने इस साल बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया था। पहली किस्त चुनाव से ठीक पहले आई। इसे लेकर दुर्गापुर की 20 साल की मोह कहती हैं, ‘सरकारी योजनाएं हमारी सुविधा के लिए हैं, फिर फायदा लेने में क्या हर्ज। सरकार कुछ भी अपने घर से नहीं देती है। ये जरूरतमंदों के लिए जनता का ही पैसा है।‘ ‘हमें ऐसी योजनाओं से दिक्कत नहीं, लेकिन नौकरियां भी हों।‘ वहीं, BJP के तीन हजार रुपए देने वादे पर उनकी बहन मोमिता कहती हैं, ‘अगर इसका फायदा मिला, तो हम बहनों की पढ़ाई फिर शुरू हो सकती है।‘ पैसे सिर्फ 5 साल मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगीआसनसोल की रहने वाली संध्या की राय इससे अलग है। 12वीं पास करने के बाद ही संध्या की शादी कर दी गई इसलिए पढ़ नहीं पाईं। कंप्यूटर का बेसिक कोर्स करने के बाद बेकिंग का काम सीखा है। लक्ष्मी भंडार का फायदा लेने के लिए उनकी उम्र नहीं, इसलिए युवा साथी का फॉर्म भरा। खाते में पहली किस्त के 1500 रुपए भी आ गए हैं। संध्या कहती हैं, रोजगार की जरूरत ज्यादा है। ये पैसे सिर्फ पांच साल ही मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगी। हमने पूछा इससे केक बेकिंग का काम भी तो शुरू कर सकती हैं? जवाब मिला, ‘इतने कम पैसों में कैसे होगा। साल भर पैसे जमा करने पड़ेंगे, तभी इस लायक पूंजी होगी।’ ट्यूशन फीस और कॉलेज आने-जाने का खर्च निकलेगा योजनाओं को लेकर पेरेंट्स की राय अलग है। आसनसोल के रहने वाले गौतम बाध्यकर का कहना है कि ऐसी स्कीम्स ने कई पेरेंट्स की परेशानियां कम कर दी हैं। ये बच्चों की पढ़ाई के काम आएंगी। वे कहते हैं, ‘बच्चे इससे कॉम्पिटीशन के फॉर्म भर सकेंगे। नौकरी का इंटरव्यू देने जाने के लिए घरवालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। माता-पिता का बोझ कम होगा।‘ आसनसोल में राशन दुकान चलाने वाले रवींद्र प्रसाद का भी यही मानना है। वे कहते हैं, ‘महंगाई में पेरेंट्स को थोड़ी राहत मिली है। बच्चों की ट्यूशन फीस आराम से निकल रही है। उनके मोबाइल रिचार्ज जैसे छोटे-मोटे काम हो जा रहे हैं।‘ विधवा पेंशन से घर चल रहा, नमक का फर्ज अदा करेंगेआसनसोल में हम 65 साल की कल्याणी देवी सिंह से मिले। योजनाओं का पूछते ही वे कहती हैं, ‘सिर्फ विधवा पेंशन मिलती है, बाकी का पता नहीं।‘ स्वास्थ्य साथी कार्ड के बारे में वे नहीं जानतीं। हां, राशन कार्ड के लिए फॉर्म भरा है, लेकिन नहीं बना।‘ वोट किसे देंगी, पूछने पर कल्याणी कहती हैं, ‘हमारी एक ही पसंद है, जिसका नमक खाया है। उसे अदा करना है।‘ इसके बाद हम कुल्टी विधानसभा में प्रतिमा केवड़ा से मिले। पति गुजर गए इसलिए घरों में काम करके परिवार चला रही हैं। सरकारी योजनाओं का नाम पर सिर्फ लक्ष्मी भंडार का फायदा मिलता है। जॉब कार्ड है, लेकिन कभी उस पर काम नहीं मिला। स्वास्थ्य साथी कार्ड की कभी जरूरत नहीं पड़ी। प्रतिमा को सबसे ज्यादा जरूरत राशन की है। राशन कार्ड है, लेकिन राशन नहीं मिल रहा। सब दीदी ने दिया, जो हमारे साथ-हम उसके साथइसके बाद हम मुर्शिदाबाद पहुंचे। यहां हमें ईरानी मूल की भारतीय रुखसार खातून से मिलीं। उनके परिवार के कई लोगों के नाम SIR में कट गए, इसलिए गुस्से में हैं। सरकारी योजनाओं के बारे में पूछने पर कहती हैं, ‘मुझे और बेटी को लक्ष्मी भंडार का पैसा मिलता है। छोटी बेटी को स्कूल से कन्या श्री की राशि मिली है। सरकारी घर भी है।‘ BJP के 3 हजार और कांग्रेस के 2 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘ये सब राजनीति है। इन पर भरोसा नहीं है, जिन्होंने हमारा साथ दिया, हम उनके साथ हैं।‘ क्या सरकारी मकान पीएम आवास योजना के तहत मिला? इस पर कहती हैं, ‘BJP, बिहार वालों को दे रही है, यहां तो सब दीदी ने दिया है।‘ 1500 या 3 हजार में क्या होगा, काम करके ही घर चलेगा इसके बाद हम शमशेरगंज विधानसभा गए। यहां तकरीबन हर घर में बीड़ी बनाने का काम होता है। यहां मिलीं सुमित्रा दास भी बीड़ी बांधती हैं। 100 बीड़ी बंधाने पर 100 रुपए मिलते हैं। उन्हें लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा मिल रहा है, लेकिन वे इससे खुश नहीं हैं। BJP के 3 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘इतने पैसों से कुछ नहीं होता। पांच साल से लक्ष्मी भंडार के पैसे मिल रहे हैं, लेकिन पहले भी काम करके घर चल रहा था और अब भी। कोई 1500 दे या 3 हजार इससे फर्क नहीं पड़ने वाला है।‘ पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के दलित गांव में रहने वाली झरना बाउरी का घर विधवा पेंशन और लक्ष्मी भंडार से चल रहा है। हालांकि वे भी सरकार से खफा हैं क्योंकि स्वास्थ्य साथी कार्ड का फायदा नहीं मिल सका। एक्सपर्ट: महिला-युवा वोटर साध ममता एंटी इनकम्बेंसी मैनेज कर रहीं ममता की योजनाओं का असर समझने के लिए हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर मैदुल इस्लाम से बात की। उनका कहना है, ‘ममता बनर्जी ने पिछले 15 साल में इंसान के पैदा होने से लेकर मरने तक कई स्कीमें शुरू कीं, जिनका उन्हेंं फायदा भी मिला। 2021 में लक्ष्मी भंडार योजना की घोषणा हुई। तब महिला वोटर्स TMC के साथ गईं और सीटें भी बढ़ीं।‘ ‘यही 2024 के लोकसभा चुनाव में हुआ। ममता सरकार ने लक्ष्मी भंडार की रकम बढ़ाई और TMC की सीट 22 से बढ़कर 29 हो गई। जबकि BJP की 18 से घटकर 12 हो गईं। अब BJP राज्य में सरकार बनने पर TMC से ज्यादा भत्ता देने की बात कर रही है, लेकिन लोगों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रही है। वहीं लोगों को ये लगता है कि अगर BJP सत्ता में आई, तो सारी स्कीमें बंद हो जाएगी।‘ ‘साफ है कि इसे वोट के लिए शुरू किया गया है। लेफ्ट की सरकार में बेरोजगारी भत्ता के नाम से ऐसी योजना थी। उसमें युवाओं को हर महीने कुछ राशि मिलती थी, शर्त इतनी थी कि एक्सचेंज ऑफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था।‘ एंटी इनकम्बेंसी को इसकी वजह बताते हुए वे आगे कहते हैं, ‘इसे मैनेज करने के लिए ममता, महिला और युवा वोटरों को स्कीम के जरिए टारगेट कर रही हैं। जहां तक युवाओं को काम और भत्ते देने की बात है, ये दोनों जरूरी हैं। क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें उतनी नौकरियां नहीं दे पा रहीं, जितनी होनी चाहिए। लिहाजा, सरकार को भत्ता देना पड़ रहा है। ये लगभग हर राज्य में हो रहा है।‘ वहीं, पॉलिटिकल एक्सपर्ट उन्नयन बंदोपाध्याय कहते हैं, ‘चुनाव से पहले सभी पार्टियां आजकल ऐसे लोकलुभावन वादे करती हैं। ममता ने भी युवाओं को टारगेट कर अबकी युवा साथी योजना का ऐलान किया है। इसका मकसद 21 से 40 साल तक के वोटर्स को अपनी ओर खींचना है। राज्य में इस वर्ग के युवा वोटर्स लगभग 40-50% हैं।’ ’ममता ने पिछले कार्यकाल में भी कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं, लेकिन लोगों की पहली पसंद रोजगार होगा क्योंकि उसमें ज्यादा सिक्योरिटी है।’ …………………..पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...
‘अगर हिम्मत है, तो गोली चलाओ।’ हिंदी के विरोध में प्रोटेस्ट कर रहे लड़के ने सेंट्रल फोर्स के जवान को ललकारते हुए कहा। जवान ने उसके पैर में गोली मार दी। आसपास मौजूद लोग लड़के को अस्पताल ले गए। मरहम-पट्टी हुई, लेकिन वो लंगड़ाते हुए फिर सड़क पर आ गया। कुछ देर में फिर गोली लगी और उसकी मौत हो गई। तमिलनाडु में इस लड़के को ‘अनडेड प्रोटेस्टर’ यानी जिंदा आंदोलनकारी माना जाता है। 1965 में ऑफिशियल लेंग्वेज एक्ट के विरोध में मदुरै से लेकर चेन्नई तक लोग सड़कों पर उतर आए थे। प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सेंट्रल फोर्स भेज दी। फायरिंग में 70 लोग मारे गए। विरोध में तीन लोगों ने खुद को आग लगा ली। ये प्रोटेस्ट ‘हिंदी विरोध’ और पोलाची नरसंहार के तौर पर जाना जाता है। इसके बाद तमिलनाडु से कांग्रेस खत्म हो गई और DMK ने अपनी जगह बना ली। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग है। प्रचार के बीच एक रिपोर्टर ने CM स्टालिन से पूछा- केंद्र सरकार CBSE स्कूलों में 3 लैंग्वेज पॉलिसी लागू करेगी, हिंदी भाषा पढ़ना भी अनिवार्य होगा… स्टालिन ने फौरन जवाब दिया- ‘जब तक DMK है, तमिलनाडु में ऐसा नहीं होने देंगे।’ तो क्या तमिलनाडु में हिंदी विरोध अब भी है? पढ़िए ये रिपोर्ट… केंद्र की प्रॉपर्टी पर हिंदी, राज्य की बिल्डिंग से गायब भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। बड़े-बड़े अक्षरों में हिंदी में लिखा है- पुरट्चि तलैवर डॉ. एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन। यहां से करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है, सिर्फ तमिल और अंग्रेजी लिखी है। मैं रिपोर्टिंग के लिए भारत के ज्यादातर नॉन हिंदी राज्यों में गया हूं। थोड़ी बहुत हिंदी सभी को आती है। तमिलनाडु की सड़कों पर घूमते हुए हिंदी बिल्कुल नहीं सुनाई देती। ऑटो ड्राइवर से लेकर दुकानदार तक, किसी से बात करनी हो, तो बस अंग्रेजी विकल्प है। चेन्नई सेंट्रल के ठीक सामने एक और रेलवे स्टेशन है चेन्नई पार्क। स्टेशन केंद्र सरकार की प्रॉपर्टी है, इसलिए यहां तीन भाषाओं में बोर्ड लगे हैं। यहां हिंदी में जो लिखा है, उस पर काला पेंट पोतने के निशान हैं। 11 मार्च को PM मोदी के तमिलनाडु दौरे के पहले हिंदी शब्दों पर ब्लैक पेंट स्प्रे कर दिया गया। नारे लगे ‘तमिल वाज्गा, हिंदी ओझिगा’ मतलब ‘तमिल जिंदाबाद, हिंदी मुर्दाबाद..’ भाषा को लेकर उग्र विरोध और कालिख पोतने की घटनाओं के पीछे राजनीतिक पार्टियां सीधे तौर पर शामिल नहीं होतीं, बल्कि छोटे प्रॉक्सी संगठनों का सहारा लेती हैं। चेन्नई पार्क की घटना के पीछे ‘मई-17’ नाम के संगठन की भूमिका थी। कहने को ये श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर काम करता है, लेकिन इस तरह के संगठन का सिर्फ नाम इस्तेमाल होता है। DMK इन घटनाओं का खुलकर समर्थन तो नहीं करती, लेकिन उसके कार्यकर्ताओं की भूमिका होती है। तमिलनाडु में हिंदी विरोध 100 साल पुराना, लोग बोले- हिंदी बोझ है, ढोएंगे नहीं इस तरह के प्रोटेस्ट में शामिल रहे DMK के एक कार्यकर्ता से हमने बात की। वे पार्टी की लेंग्वेज विंग में एक्टिव हैं। नाम नहीं बताना चाहते थे। सुरेश (बदला हुआ नाम) कहते हैं ‘तमिलनाडु के लोग अपनी भाषा को लेकर जज्बाती हैं। हम तमिल के अलावा कोई दूसरी भाषा पसंद नहीं करते। हिंदी थोपने को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ लेकिन सिर्फ तमिल से तो काम नहीं चलेगा, तमिलनाडु के बाहर कैसे बात करेंगे? सुरेश जवाब देते हैं, ‘हम अंग्रेजी से बाकी दुनिया से जुड़ सकते हैं। हिंदी बोझ है। इसे ढोने के लिए मजबूर किया जा रहा है।’ तमिलनाडु में हिंदी के विरोध की राजनीति करीब 90 साल पुरानी है। 1937 में मद्रास प्रेसिडेंसी के CM सी राजगोपालाचारी ने स्कूलों में हिंदी अनिवार्य की थी। इसके खिलाफ तमिलनाडु में आंदोलन खड़ा हो गया। जस्टिस पार्टी के पेरियार ने पहली बार ‘हिंदी थोपना’ जुमले का इस्तेमाल किया। ये सबसे बड़ा नारा बन गया। 1965 में फिर लैंग्वेज एक्ट के विरोध में आंदोलन हुआ। तमिलनाडु में हिंदी हमेशा से वैकल्पिक भाषा ही रही। DMK हो या थलापति सपोर्टर, हिंदी की जबरदस्ती के खिलाफ चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी मदुरै के पास तिंदिवरन की रहने वाली हैं। तमिल भाषा को लेकर काफी इमोशनल हैं। कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ 55 साल के केवी राजन चेन्नई से करीब 500 किमी दूर तिरुपुर में कार एसेसरीज का बिजनेस करते हैं। DMK को पसंद नहीं करते। सुपरस्टार थलापति विजय के समर्थक राजन कहते हैं, ‘तमिलनाडु में कोई पार्टी हिंदी लागू करने की वकालत करेगी, तो उसका कोई समर्थन नहीं करेगा।' 76 साल के रिटायर्ड कर्मचारी एम मुनियांडि भी ‘अनिवार्य हिंदी’ के विरोध में हैं। वे कहते हैं, ‘सेंटर के लोग हिंदी के साथ अनिवार्य लगाते हैं, ये उन्हें छोड़ना पड़ेगा। हिंदी बोलना ही भारतीय होने की इकलौती शर्त नहीं है।’ ‘हिंदी सीखने से कॉन्फिडेंस आया, बोलने में मजा आता है’ ऐसा भी नहीं है कि तमिलनाडु में लोग हिंदी नहीं सीख रहे हैं। 1918 में महात्मा गांधी ने दक्षिण भारत में हिंदी को लिंक लैंग्वेज (जुड़ाव की भाषा) बनाने के लिए ‘दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा’ की शुरुआत की। हम चेन्नई में इस संस्था के कैंपस पहुंचे। यहां हिंदी सीख रहीं तनुजा 8 साल से चेन्नई में रह रही हैं। हिंदी प्रचार सभा में बीएड की पढ़ाई कर रही हैं। हिंदी बोलती हैं, लेकिन अटकती जुबान से। मद्रास यूनिवर्सिटी के MA हिंदी में सिर्फ 4 स्टूडेंट हमने हिंदी प्रचार सभा में प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ से पूछा कि तमिलनाडु में तो टू लैंग्वेज पॉलिसी है, तो लोग क्यों हिंदी पढ़ने आते हैं? वे कहते हैं, ‘ये तमिलनाडु सरकार की पॉलिसी है। इस पर मेरा बात करना अच्छा नहीं होगा। मैंने महसूस किया है कि हर कोई हिंदी भाषा पढ़ना चाहता है। इससे बाकी देश के लोगों से जुड़ने में मदद हो सकती है।’ हालांकि, मद्रास यूनिवर्सिटी में हिंदी विभाग की हालत खराब है। मास्टर्स के कोर्स में सिर्फ 4 स्टूडेंट हैं। विभाग प्रमुख प्रोफेसर अन्नपूर्णा कहती हैं कि युवा पीढ़ी इंजीनियरिंग-मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती है। कोई भाषा नहीं पढ़ना चाहता। हिंदी तो बहुत दूर की बात है, लोग तमिल तक पढ़ना नहीं चाहते। ‘हिंदी न बोलने वालों को दोयम दर्जे का नागरिक नहीं बना सकते’ हिंदी से जुड़े सवालों पर हमने DMK नेता एसएएस हफीजुल्लाह से बात की। वे बताते हैं, ‘हिंदी थोपने की कोशिश 90 साल से हो रही है। आप हिंदी न बोलने वालों को दोयम दर्जे का नागरिक नहीं बना सकते। थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के तहत यही कोशिश हो रही है।’ स्टेशन पर कालिख पोतना और उग्र प्रदर्शन करने से तमिलनाडु की क्या छवि बनेगी, क्या पार्टी इसके समर्थन में है? DMK नेता जवाब देते हैं, हम तीन भाषा फॉर्मूला का विरोध करने वाले हर लोकतांत्रिक विरोध का समर्थन करते हैं। आप तमिलनाडु में आकर हिंदी थोपने की कोशिश करेंगे, तो जवाब मिलेगा। अगर कोई कानून के खिलाफ जाता है, तो सरकार उसके खिलाफ एक्शन लेती है। क्या 80 हजार मंदिरों वाला तमिलनाडु सनातन विरोधी भी है? CM स्टालिन के बेटे उदयनिधि 2023 में सनातन विरोधी बयान की वजह से विवादों में आ गए थे। उन्होंने कहा था, ‘सनातन का विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे खत्म करना चाहिए… जैसे डेंगू, मलेरिया, कोरोना जैसी बीमारियों को खत्म किया जाता है।’ बाद में उन्होंने सफाई दी कि मैं किसी धर्म का दुश्मन नहीं हूं। मैं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। क्या आम तमिल भी सनातन को लेकर ऐसा ही सोचते हैं, जबकि तमिलनाडु में देश के सबसे ज्यादा हिंदू मंदिर हैं। इस सवाल के जवाब में कारोबारी केवी राजन कहते हैं, ‘हम उदयनिधि के बयान के साथ नहीं है। ये सब राजनीति है। तमिलनाडु के लोग किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं। हम हिंदू हैं, लेकिन बच्चों के साथ वेलांकनी चर्च जाते हैं। दूसरे धर्म के लोग हमारे मंदिरों में भी आते हैं।’ उदयनिधि हों या स्टालिन, सब पॉलिटिक्स की वजह से बयानबाजी करते हैं। उनके घर में पूजा होती है। घर के सामने श्रीवेणुगोपाल मंदिर हैं, उनकी मां इसी मंदिर में जाया करती थीं। सेलम के रहने वाले कारोबारी कनकराज कहते हैं, ‘हम हिंदू धर्म को मानने वाले लोग हैं। उदयनिधि ने ऐसा क्यों कहा हमें नहीं पता। लेकिन किसी भी धर्म को डेंगू, मलेरिया नहीं कहा जाना चाहिए। ये इलेक्शन का मुद्दा नहीं है। बात होगी सरकार के काम पर और हम उसी पर वोट करेंगे।’ तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग… चेन्नई में मारवाड़ियों के इलाके से ग्राउंड रिपोर्ट… राजस्थानी बोले- हम तमिल बोलते हैं, तमिलों को हिंदी सिखा दी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की मिंट स्ट्रीट पर एक बाजार है- सौकार पेठ। यहां राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के करीब डेढ़ लाख लोग रहते हैं। हिंदी विरोध की राजनीति करने वाली DMK ने यहां से मारवाड़ी को पार्षद का टिकट दिया, वे जीते भी। यहां रहने वालीं निर्मला राजपुरोहित राजस्थान से हैं। वे कहती हैं, हमने यहां तमिलों को हिंदी और मारवाड़ी सिखा दी। हमारे घर में नाश्ता भी इडली-सांभर ही होता है।’ पढ़िए पूरी खबर…

33 C
