Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 28 May 2026: करियर: नौकरी में अपनी बात रखने का सही समय है। लव: अविवाहितों के लिए विवाह की चर्चा चल सकती है। धन: धन निवेश में लाभ होगा। रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा। स्वास्थ्य: मोबाइल का कम प्रयोग करें। उपाय: ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप करें। ALSO READ: Vastu tips for gifting watch: बर्थडे पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से क्या होता हैं? 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। लव: पार्टनर के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी। धन: दीर्घकालिक निवेश के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। स्वास्थ्य: गले में खराश या इंफेक्शन की संभावना है। उपाय: लक्ष्मी जी को गुलाब अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर आपकी बुद्धि की सराहना होगी। लव: पार्टनर से कोई सरप्राइज मिल सकता है। धन: शेयर बाजार और कमोडिटी से लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: फिट रहने के लिए योग शुरू करें। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। लव: भावुकता में आकर कोई बड़ा फैसला न लें। धन: भूमि-भवन के सौदों में लाभ होगा। स्वास्थ्य: पेट संबंधी विकार हो सकते हैं। उपाय: चांदी के पात्र से गंगाजल मिश्रित जल पिएं। 5. सिंह (Leo) करियर: आत्मविश्वास के बल पर कठिन कार्यों को आसानी से पूरा करेंगे। लव: लव पार्टनर के साथ थोड़ा मनमुटाव हो सकता है। धन: आज किया गया निवेश भविष्य में बड़ा मुनाफा देगा। स्वास्थ्य: हृदय रोगी नियमित टहलें। उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यस्थल से बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। लव: वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: धूप से बचें और स्वच्छता रखें। उपाय: पक्षियों को हरा मूंग खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: नए अवसर मिलेंगे लेकिन सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। लव: रिश्तों में नयापन लाने की कोशिश करेंगे। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: पीठ में दर्द हो सकता है। उपाय: मंदिर में सफेद मिठाई का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आपकी कार्यक्षमता दूसरों को प्रभावित करेगी। लव: पार्टनर के साथ किसी पुरानी बात पर बहस हो सकती है। धन: अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं। उपाय: हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद बांटें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर में एक बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। धन: आज का दिन आपके लिए विशेष फलदायी है। स्वास्थ्य: लिवर और पाचन का ख्याल रखें। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर राजनीति का शिकार हो सकते हैं। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य अच्छा रहेगा। धन: इस समय बजट बनाकर चलना ही समझदारी होगी। स्वास्थ्य: घुटनों या पैरों में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: आज गुरु मंत्र का जाप करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: स्टार्टअप या बिजनेस में नए पार्टनर जुड़ सकते हैं। लव: सोशल मीडिया पर किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन: धन निवेश के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचें। उपाय: जरूरतमंदों को अनाज का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। लव: प्रेमियों में शांति का माहौल रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति के मामले आपके पक्ष में सुलझेंगे। स्वास्थ्य: सर्दी-जुकाम की शिकायत रह सकती है। उपाय: मस्तक पर पीला तिलक लगाएं। ALSO READ: Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में रहने वाले सुखदेव मंडल खेती-किसानी करते हैं। इसी से परिवार का खर्च चलता है। इस साल बेटी की शादी करनी है, इसलिए साल भर पहले बैंक से लोन लेकर मवेशी खरीदे। उम्मीद थी कि बकरीद पर बिक जाएंगे और शादी-ब्याह का खर्च निकल जाएगा, लेकिन बंगाल सरकार के एक फैसले ने उनकी उम्मीद तोड़ दी। 13 मई यानी बकरीद से 15 दिन पहले बंगाल सरकार ने एक नोटिस जारी किया। इसमें गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' किसी भी गाय-भैंस की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद सुखदेव परेशान हैं कि वो मवेशी लेकर कहां जाएं। उनका खर्च कैसे उठाएं और बैंक का लोन कैसे अदा करें। वे कहते हैं, ‘किसी को फांसी देने से पहले भी वक्त मिलता है, हमें वो भी नहीं मिला।‘ 28 मई यानी आज बकरीद है। फैसले से मुस्लिम भी नाखुश हैं। उन्हें कुर्बानी के लिए जानवर नहीं मिल रहे हैं। हिंदू व्यापारी बोले…दीदी से परेशान होकर सरकार बदली, BJP ने धंधा चौपट किया बंगाल में पशु हाट बाजारों से करीब 3.7 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी सीधे जुड़ी है। बंगाल में बकरीद पर करीब तीन हफ्ते के लिए पशुओं का बाजार लगता है। इस दौरान करीब ₹2000 से 2,500 करोड़ का व्यापार होता है। सिर्फ कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रोज 1 से 2 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इस काम से जुड़े सुखदेव गुस्से में कहते हैं, ‘सरकार के फैसले ने हमारा व्यापार ठप्प कर दिया है। इस उम्मीद में बैंकों से लोन लिया था कि कुर्बानी के बाद पैसा भर देंगे। साल भर गाय-भैंस को खिलाया। जब बेचने की बारी आई, तो नया नियम आ गया। अब सरकार ही बताए कि कर्ज कैसे चुकाएं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार खर्च कहां से निकालें।‘ ‘दीदी के 15 साल की खराब नीतियों के चलते सरकार बदली। जय श्री राम बोलकर राज्य में नई सरकार लाए, लेकिन अब BJP सरकार की नीतियों ने हमारी परेशानी बढ़ा रखी है। अब लगता है कि सुवेंदु बाबू की सरकार भी बदलनी पड़ेगी।’ पूर्व मेदिनीपुर के सिलीपल्ली मोहल्ले में रहने वाले सुखदेव अकेले नहीं हैं। श्यामल मंडल भी रुंधे गले से यही दिक्कतें गिनाते हैं, ‘बैंक वाले घर पर पैसा लेने आ रहे हैं। गहने गिरवी रखकर पशुओं को पाला। अब इस फैसले से सड़क पर आ गए हैं। अगर सरकार ने साथ नहीं दिया, तो जहर खाने के सिवा हमारे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं बचेगा।‘ पास में खड़े कृष्णबदर गुस्से में कहते हैं, ‘सरकार मुसलमानों को सबक सिखाने के चक्कर में हिंदुओं का बुरा कर रही है। कुर्बानी मुसलमान देते हैं, लेकिन इसका व्यापार तो हिंदू ही कर रहे हैं। गांव में सभी दलित हिंदुओं ने कुर्बानी के वक्त बेचने के लिए 8 से 10 गाय और बकरियां पाली हैं। साल भर इन्हें दाना-पानी दिया, ताकि मुनाफा कमा सकें।‘ ‘पशु खरीदने और पालने के लिए बैंक से 10 लाख रुपए लोन लिया था। अब सरकार बताए कि ये कैसे भरें। पशुओं को दाना-पानी कैसे खिलाएं।‘ ‘नए नियम-कायदों ने फंसाया, BJP वाले अलग धमका रहे’ इसके बाद हम हावड़ा पहुंचे। यहां संकराली में ज्यादातर परिवार दूध का व्यापार करते हैं। जब गाय या भैंस दूध देना बंद कर देती है, तो उसे बेच देते हैं। यहां मिली सोमा सुधका कहती हैं, ‘पिछले 16 साल से ये काम कर रही हूं। हर साल कुर्बानी के समय पशु बेचते हैं और उसी समय अगले साल के लिए नए खरीद लेते हैं। फिर साल भर उन्हें पालते हैं। अब जब इस साल बिकेंगे ही नहीं, तो इतने पशुओं को हम कहां से खाना खिलाएंगे।’ ’कुर्बानी से पहले फिटनेस टेस्ट करवाने की बात कही गई है। हमें नहीं पता कि इसका टेस्ट कहां होगा। हम सब इन नियम-कायदों में फंस गए हैं। जिनसे एडवांस पैसे लिए हैं, वो वापस मांग रहे हैं।’ यहीं मिले बरुण घोष भी दूध व्यापारी हैं। वो इस बात से परेशान हैं कि अगर अब बुजुर्ग हो चुकी गायें नहीं बिकीं, तो उधार कहां से चुकाएंगे और धंधा कैसे चलाएंगे। वे कहते हैं, ‘हम शहर में रहते हैं, यहां कहीं गाय-भैंसों को चरने के लिए भी नहीं छोड़ सकते हैं। खटाल में इतनी गाय-भैंसों के रहने के लिए जगह नहीं है। सरकार को ये फैसला थोड़ा पहले लेना चाहिए था, ताकि हम जैसे छोटे व्यापारी अपने लिए दूसरा रास्ता तलाश सकें।‘ मुस्लिम पक्ष की बात…‘बकरों के दाम दोगुने हुए, कुर्बानी भी नहीं दे पाएंगे’ गाय की कुर्बानी पर लगी रोक से हिंदू ही नहीं मुस्लिम भी परेशान हैं। मुर्शिदाबाद के रहने वाले समीम रहमान का कहना है कि इस बार बंगाल के कई घरों में कुर्बानी नहीं हो रही है। पहले कुछ परिवार मिलकर गाय-भैंस की कुर्बानी करते थे, लेकिन नए नियम के चलते इन्हें नहीं ले पा रहे हैं। वहीं गाय की बिक्री बंद होने के बाद बकरे के दाम दोगुने हो गए हैं, जिसका खर्च उठा पाना मुमकिन नहीं है। बेलडांगा के रहने वाले रहमान शेख कहते हैं, ‘हमारी मांग है कि सरकार बाकी राज्यों में भी बूचड़खाने बंद करे, लेकिन इससे नुकसान हिंदू भाइयों का ही है।‘ यहीं मिले शाहरुबद्दीन शेख खुद कुर्बानी से पहले बेलडांगा के हाट में गाय बेचते रहे हैं। वे कहते हैं, ‘बकरीद से पहले हाट में लगातार दो-तीन हफ्ते व्यापार होता है। इस बार भी हाट में गाय बेचने लाई गई थीं, लेकिन नया नियम आने के बाद सब कुछ बदल गया। मुझे भी काफी नुकसान हुआ। हिंदू भाईयों को ज्यादा नुकसान हुआ है।‘ ‘मैं खुद गाय की कुर्बानी देता था, लेकिन अबकी बकरे की दूंगा। गाय की बिक्री न होने से इस बार बकरे के दाम भी बढ़ गए हैं।‘ बकरीद पर हर साल कितने पशुओं की कुर्बानी दी जाती है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। बंगाल के पशुपालन विभाग से जारी पिछले एक साल का आंकड़ा देखें तो 2025 में राज्य में मांस के लिए करीब 4.76 करोड़ बकरे और करीब 1.33 लाख गाय, बैल, सांड काट दिए गए। मौलाना बोले- अगर गाय की कुर्बानी हुई, तो आंदोलन करेंगे कुर्बानी के फैसले पर आसनसोल के एक मौलाना नाम न लिखने की शर्त कहते हैं, ‘जरूरी नहीं है कि सभी कुर्बानी दें। जो सक्षम हैं, वो बकरे या भेड़ की कुर्बानी दे सकते हैं। इस बार गाय की कुर्बानी नहीं होगी।‘ वहीं, ऑल इंडिया इमाम मुअज्जिन एंड सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (AIIMSWO) के स्टेट जनरल सेक्रेटरी मौलान अब्दुर रज्जाक कहते हैं, ‘हमने राज्य के सभी 26 जिलों में मस्जिद से ऐलान करवाया है कि इस बार बकरीद पर गाय की कुर्बानी नहीं होगी। कुरान में भी कहीं गाय की कुर्बानी का जिक्र नहीं है।‘ वे आगे कहते हैं, ‘कई मुस्लिम संगठन अलग-अलग जगहों पर गाय की कुर्बानी का बहिष्कार कर रहे हैं। इसके बाद भी अगर कहीं ऐसा हुआ, तो हम वहां आंदोलन करेंगे।’ क्या पहले कभी कुर्बानी को लेकर ऐसे नियम-कायदे बनाए गए। इसके जवाब में वे कहते हैं, ’ऐसा पहली बार हो रहा है, लेकिन इसका कोई सियासी मतलब नहीं है। राजनीतिक पार्टियां आती हैं और चली जाती हैं, लेकिन हमारी एक ही मांग है कि सरकार जो भी कानून बनाए, उसे पूरी तरह लागू करे। ऐसा न हो कि हमें कुर्बानी के लिए मना कर दिया जाए और बाद में गायें कहीं और सप्लाई हो जाएं।’ ………………. ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में दीदी को हराने वाले BJP के 5 किरदार बंगाल में BJP की मौजूदा जीत की कहानी के कई किरदार हैं। शुरुआत अमित शाह और उनका दाहिना हाथ रहे सुनील बंसल से। साथ ही तीसरे अहम किरदार शिवप्रकाश सिंह से, जो BJP के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री हैं। इसके अलावा दो किरदार और हैं। पढ़िए इस रिपोर्ट में पांचों किरदार की कहानी…
पाकिस्तान ने ट्रम्प की मांग ठुकरा दी, अब आगे क्या:अगर इजरायल से दोस्ती कर ली, तो क्या कयामत आ जाएगी
अमेरिकी थिंकटैंक अटलांटिक काउंसिल के एक्सपर्ट माइकल कुगेलमैन कहते हैं- ट्रम्प के जितना करीब जाओगे, उतना ही जोखिम बढ़ेगा। वह कुछ ऐसा मांग बैठेंगे, जो देना संभव न हो। पाकिस्तान इस वक्त उसी ‘कुआं और खाईं’ की सिचुएशन में आ गिरा है। 25 मई की रात ट्रम्प ने पाकिस्तान समेत 6 मुस्लिम देशों को कहा कि वे 'अब्राहम अकॉर्ड्स' पर दस्तखत करें, यानी इजराइल को देश मानें और उससे दोस्ती करें। सबसे पहले पाकिस्तान ने ही मना कर दिया। आखिर क्यों और अब होगा क्या, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… 1947: पाकिस्तान बनते ही दुश्मनी की शुरूआत बात नवंबर 1947 की है। भारत को आजाद हुए अभी कुछ ही महीने हुए थे और पाकिस्तान भी नया-नया बना था। संयुक्त राष्ट्र में एक अहम वोटिंग हुई- फिलिस्तीन को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव। एक हिस्सा यहूदियों को, एक अरबों को। पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने तब चेतावनी दी कि यह बंटवारा हुआ तो मुस्लिम उम्मा (मुस्लिम देश) खिलाफ उठ खड़ी होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अरबों को पूरा समर्थन रहेगा और उस प्रस्ताव के खिलाफ वोट भी किया। 14 मई 1948 को इजराइल बना। पाकिस्तान ने उसे मान्यता देने से इनकार कर दिया। जब पाकिस्तानी पायलट ने इजराइली जेट गिराए यह दुश्मनी सिर्फ कागजी बयानों तक नहीं रही। जून 1967 में अरब-इजराइल के बीच 'छह दिन की जंग' छिड़ी। पाकिस्तान ने अपने पायलट मिस्र, जॉर्डन और सीरिया की वायुसेनाओं में भेजे। 5 जून 1967 को इजराइली जेट जॉर्डन के माफ्रक एयरबेस पर हमला करने आए। जॉर्डन ने पाकिस्तानी पायलट सैफुल आजम को तैनात किया। आजम ने दो इजराइली विमान मार गिराए। अगले दिन उन्हें इराक भेजा गया, जहां उन्होंने दो और इजराइली विमान ध्वस्त किए। यह किस्सा आज भी पाकिस्तान में गर्व के साथ सुनाया जाता है। इस दुश्मनी की गहराई का अंदाजा एक और बात से लगाएं। पाकिस्तान के पासपोर्ट पर आज भी बड़े अक्षरों में छपा है- 'Not Valid for Israel', यानी यह पासपोर्ट इजराइल के लिए मान्य नहीं है। दुनिया में लगभग हर देश का पासपोर्ट हर देश के लिए वैध होता है। लेकिन पाकिस्तान ने अपने नागरिकों के दस्तावेज पर ही अपनी विदेश नीति लिख दी है। जब मुशर्रफ ने दरवाजा खटखटाया, फिर दबे पांव लौट आए इस 78 साल के इतिहास में एक दिलचस्प मोड़ 2005 में आया। पाकिस्तानी जनरल परवेज मुशर्रफ ने पर्दे के पीछे इजराइल से संपर्क शुरू किया। तुर्किए की मदद से 1 सितंबर 2005 को इस्तांबुल में पाकिस्तानी विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी और इजराइली विदेश मंत्री सिल्वान शालोम की मुलाकात हुई। दोनों देशों के बीच यह पहली सार्वजनिक और आधिकारिक बातचीत थी। इसके कुछ दिन बाद मुशर्रफ UN में इजराइली प्रधानमंत्री एरियल शेरॉन से मिले। किसी पाकिस्तानी शासक का इजराइली नेता से पहला सार्वजनिक मेलजोल था। मुशर्रफ इजराइल के बारे में इंटरव्यू देने वाले पहले पाकिस्तानी मुस्लिम नेता बने और अमेरिका में वर्ल्ड जूइश कांग्रेस को संबोधित करने वाले पहले मुस्लिम नेता भी। लेकिन इसके बाद पाकिस्तान में भूचाल आ गया। मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल, जमात-ए-इस्लामी और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम जैसे कट्टपंथी धार्मिक संगठनों ने मुशर्रफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन होने लगे। मुशर्रफ पर ‘इस्लाम और फिलिस्तीन से गद्दारी’ करने के आरोप लगे। अपनी कुर्सी बचाने के लिए मुशर्रफ को कदम पीछे खींचने पड़े। 2003 में जब मुशर्रफ ने कैंप डेविड दौरे पर इजराइल से बेहतर रिश्तों की बात की थी, तब भी इसे फौरन दबा दिया गया था, क्योंकि पाकिस्तान में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। 2005 की कोशिश भी आगे नहीं बढ़ी। यही पाकिस्तान की असली मुश्किल है। ऊपर से नेता चाहें भी, तो नीचे जनता और धार्मिक संगठन इसे नहीं होने देंगे। आज ट्रम्प ने इजराइल से दोस्ती की मांग क्यों रखी 23 मई को ट्रम्प ने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और जॉर्डन के नेताओं से वर्चुअल बैठक की। दो दिन बाद ट्रूथ सोशल पर लिखा कि ईरान से बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन इन सभी देशों को 'अब्राहम अकॉर्ड्स' पर साइन करना होगा। अब्राहम अकॉर्ड्स ट्रम्प ने ही अपने पहले कार्यकाल 2020 में बनाया था। मकसद था कि मुस्लिम देश इजराइल को मान्यता दें और उससे रिश्ते बनाएं। अब तक UAE, बहरीन, मोरक्को, सूडान और कजाकिस्तान इस पर दस्तखत कर चुके हैं। ट्रम्प के पोस्ट में एक लाइन और थी- 'कुछ देशों के पास इसमें शामिल न होने की एक-दो वजहें हो सकती हैं।' जानकार इसे पाकिस्तान के लिए 'बाहर निकलने का दरवाजा' मान रहे हैं। शायद ट्रम्प पाकिस्तान को इससे बाहर रखने के लिए तैयार हों। पाकिस्तान ने साफ मना कर दिया पिछले साल भी चर्चा थी कि पाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड साइन करने वाला है। तब पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा था कि हम तब तक इजरायल को मान्यता नहीं देंगे, जब तक आजाद फिलिस्तीन नहीं बनता। ट्रम्प की मांग के बाद रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल 'समा टीवी' से कहा, 'हम ऐसे किसी समझौते में शामिल नहीं होंगे, जो हमारी सोच के खिलाफ हो।' अमेरिकी थिंकटैंक अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया के सीनियर फेलो माइकल कुगेलमैन मानते हैं कि इजराइल को लेकर पाकिस्तान का रूख अटल है। फिलहाल अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होना पाकिस्तान के लिए मुमकिन नहीं है। पाकिस्तान की पूर्व एम्बेसडर डॉ. मलीहा लोधी के मुताबिक, ट्रम्प की मांग को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। ईरान के साथ होने वाले संभावित समझौते की रिपब्लिकन पार्टी और इजरायली लॉबी आलोचना कर रही है। ट्रम्प इसी का जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान, सऊदी अरब या कोई भी मुस्लिम देश इजरायल को मान्यता नहीं देगा और अब्राहम अकॉर्ड में शामिल नहीं होगा। यह इनकार इतनी आसानी से क्यों आया? क्योंकि पाकिस्तान के लिए इजराइल को मानने की कीमत सिर्फ कूटनीतिक नहीं, घरेलू राजनीतिक है। पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पहले से ही सरकार के खिलाफ है। इस पर तहरीक-ए-तालिबान जैसे कट्टरपंथी संगठन भी हैं। इजराइल से दोस्ती की खबर आते ही इन सबको सड़कों पर उतरने का बड़ा मुद्दा मिल जाएगा। इसकी धार्मिक वजह भी है। पाकिस्तान खुद को इस्लामिक दुनिया का मसीहा मानता है और इकलौता इस्लामिक देश है, जिसके पास परमाणु बम है। ऐसे में इजराइल को देश मानना पाकिस्तान की सोच के खिलाफ है। ऐसा करने से इस्लामिक दुनिया में उसकी साख मिट्टी में मिल जाएगी। लेकिन ट्रम्प को 'न' कहना भी महंगा पड़ सकता है पाकिस्तान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है। 2024 में IMF से मिला 7 अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान का 24वां बेलआउट था। किसी भी देश के लिए सबसे ज्यादा। पाकिस्तान का कुल कर्ज उसकी GDP के 70% से ज्यादा है और सरकार की आधी से ज्यादा कमाई सिर्फ कर्ज का ब्याज चुकाने में चली जाती है। IMF में अमेरिका के पास सबसे ज्यादा 16.5% वोटिंग अधिकार हैं। अगर वाशिंगटन ने पाकिस्तान के खिलाफ खड़े होने का फैसला किया, तो इस्लामाबाद के लिए अगला लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा पाकिस्तान की वायुसेना का सबसे ताकतवर विमान अमेरिकी F-16 है। इसकी मरम्मत, सॉफ्टवेयर अपडेट और तकनीकी सहायता के लिए पाकिस्तान पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर है। पिछले साल ट्रम्प प्रशासन ने इसके रखरखाव के लिए 397 मिलियन डॉलर मंजूर किए थे। पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच बिचौलिया बनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी साख बढ़ाने की कोशिश की। ट्रम्प ने इसके बदले में शहबाज शरीफ को 'दोस्त' और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को 'पसंदीदा फील्ड मार्शल' कहा। फिलहाल पाकिस्तान ने ट्रम्प की मांग पर 'नहीं' कह दिया है। अब देखना यह है कि ट्रम्प इस 'नहीं' को सुनते हैं, या अनसुना कर देते हैं। ----------- ये भी खबर बढ़िए… भारत पर अचानक इतना प्यार क्यों लुटाने लगे ट्रम्प; कोई बड़ी जरूरत या सिर्फ डैमेज कंट्रोल, रूबियो की यात्रा के मायने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो हाल ही में दिल्ली आएं। इस बीच पीएम मोदी को व्हाइट हाउस का निमंत्रण मिला है। ट्रम्प का भी बयान आया- ‘मुझे पीएम मोदी से प्यार है, पीएम मोदी महान हैं।’ पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के रिश्तों में खटास थी। फिर यह गर्मजोशी क्यों? ट्रम्प का यह प्यार असली है या सिर्फ डैमेज कंट्रोल? पूरी खबर पढ़िए…
खेत के बीचोबीच एक पेड़ से जंजीरों में बंधा युवक जोर-जोर से चीख रहा है- भाग जाऊंगा… भाग जाऊंगा… नाम है- पीरे खान। वह बीच-बीच में पेशाब जाने के लिए कह रहा है। तभी घर से एक महिला बाहर निकलती हैं। नाम है चांदनी। यह पीरे की भाभी हैं। वह पीरे के पास पहुंचती हैं। पहले जंजीर में लगा ताला खोलती हैं, फिर पीरे को खोलती हैं। ऐसा लग रहा है, जैसे किसी जानवर को खोला जा रहा हो। चांदनी, पीरे को पकड़कर खेत में ले जाती हैं। कुछ देर बाद वापस लौटती हैं। फिर उन्हें उसी पेड़ से जंजीर में बांध देती हैं… और ताला लगा देती हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में मैं नीरज झा इस बार कहानी लाया हूं राजस्थान के बाड़मेर से, जहां अस्पताल न होने से मानसिक रूप से बीमार लोगों को जंजीरों में बांधकर रखा गया है। बाड़मेर की शिव तहसील से 40 किलोमीटर दूर कानासर गांव। तापमान करीब 48 डिग्री। यहां एक घर के चारों तरफ जहां तक नजर जा रही है, सिर्फ रेत नजर आ रही है। दुपट्टे से चेहरा छुपाए चांदनी बताती हैं, ‘एक महीने से सोई नहीं हूं। पीरे की मानसिक हालत बहुत खराब है। रोज शाम को जोर-जोर से चीखते हैं। कंकड़-पत्थर जो हाथ लगे, उसी से मारने दौड़ते हैं। जंजीर खोल दूं, तो रात में भाग जाते हैं। अब तो जिंदगी पहाड़ लगने लगी है,’ यह कहकर चांदनी घर में पानी लाने चली जाती हैं। 22 साल के पीरे खान चारपाई पर बेसुध लेटे हैं। करीब ही उनकी 65 साल की मां कम्मी खातून मटमैले कपड़े पहने बैठी हैं। मेरी नजर पेड़ में बंधी जंजीर और उसमें लगे ताले पर पड़ी। पूछने पर कम्मी खातून मारवाड़ी लहजे में कहती हैं- 'क्या करूं? बेटे को भेड़-बकरी की तरह इसी पेड़ में जंजीर से बांधकर रखती हूं। जब भी इसकी जंजीर खुली छोड़ी, कई-कई दिन गायब रहा। बड़ी मुश्किल से मिलता है। अब जंजीर में ताला लगा देती हूं, ताकि यह खोलकर भाग न सके। मैं क्या ही बताऊं। बाड़मेर और जोधपुर के अस्पतालों से लेकर दरगाहों तक के चक्कर लगा चुकी हूं, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। पिछले दो सालों से इसे ऐसे ही पेड़ से बांधकर रखा है। खाना-पीना, सोना-जागना, लैट्रिन-पेशाब, सब इसी पेड़ के आस-पास करता है।’ मेरी मोटी जंजीर बंधे पीरे खान के पैर पर जाती है। जंजीर की रगड़ से उनके पैरों की चमड़ी काली पड़ चुकी है। कई जगह छिली हुई है। कम्मी बताती हैं, ‘यह बड़ा बेटा है। 10 साल पहले बीमारी से पति की मौत हो गई। उसके बाद यह भेड़ चराकर कुछ कमाई करता था। अप्रैल 2022 की बात है। अचानक यह बड़बड़ाने लगा। कुछ दिन बाद एक खेत से दूसरे खेत तक दौड़ने लगा। घर के पास ही एक श्मशान घाट है। वहां भी जाता था। गांववाले कहने लगे- यह जरूर श्मशान गया होगा, तभी इसके ऊपर कोई भूत-प्रेत आ गया है। इसे किसी तांत्रिक के पास ले जाओ। एक मौलवी के पास गई। उन्होंने कई ताबीज दिए। बोले- ‘इसके ऊपर भूत का साया है, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।’ हम भी उसी उम्मीद में इसे घर ले आए, लेकिन कुछ ही महीनों में हालत पहले से भी ज्यादा बिगड़ गई। अब यह अचानक जोर-जोर से चीखने लगा। सामने जो भी आता- ईंट, पत्थर या कोई सामान, उठाकर फेंककर मारता। आखिर मजबूर होकर हमने इसे रस्सियों से खाट में बांधना शुरू कर दिया, लेकिन रस्सियां भी ज्यादा देर इसे रोक नहीं पाती थीं। कई बार तो पूरी खाट सिर पर उठाकर गांव की गलियों में निकल पड़ता। एक बार इसे एक दरगाह पर ले गई। मौलाना ने हल्की झाड़-फूंक के बाद कहा- सुबह ठीक से झाड़-फूंक करूंगा। रातभर वहीं रही। सुबह उठी, तो यह गायब था। कई दिनों की तलाश के बाद यह बाड़मेर में भटकता मिला। तब से मेरे रिश्तेदारों ने इसे लाकर पेड़ से बांध दिया। जंजीर खोलकर भागे न इसलिए उसमें ताला भी लगा दिया। इस बातचीत के दौरान पीरे हमें देख रहे हैं। उनके गले में दो-तीन ताबीज हैं। तभी उनके चचेरा भाई शफी घर आ जाता है। शफी मेरे पास बैठकर बताते हैं- दो बार किसी तरह पैसा जुटाकर बाड़मेर और जोधपुर के अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहां से भागकर चला आया। क्या करें? दिहाड़ी न करें, तो घर का चूल्हा नहीं जलेगा। दिनभर में ढाई-तीन सौ रुपए ही कमा पाते हैं। कहां से इलाज करवाएं? इससे भी बड़ी दिक्कत बाड़मेर यहां से 90 किलोमीटर और जोधपुर 200 किलोमीटर दूर है।’ शफी बताते हैं- ‘पहले यह बिल्कुल भला-चंगा था, हंसता-बोलता था। लेकिन अब हालत ऐसी हो गई है कि हर त्योहार इसी पेड़ के नीचे पड़ा रहता है। पिछले दो सालों से इसकी पूरी जिंदगी इन्हीं जंजीरों में कैद होकर रह गई है। इसका छोटा भाई नसीर मेरे साथ काम करता है। उसी की कमाई से घर चल रहा है।' वह बताते हैं- बाड़मेर में कई ऐसे गांव हैं, जहां मानसिक रूप से बीमार लोगों को जंजीर से बांधकर रखा गया है। कानासर से करीब 150 किलोमीटर दूर खारी गांव है। वहां भी ऐसा ही मामला है। अब मैं खारी गांव के लिए निकल पड़ता हूं। खारी पहुंचने के बाद पैदल करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक झोपड़ी के पास पहुंचा, जहां 55 साल के दूद्धा राम मिले। उनकी 45 साल की पत्नी मोड़ी देवी झोपड़ी के बाहर जंजीरों में बंधी पड़ी हैं। दूद्धा राम ने मेरे पैर पकड़ लिए, उनकी आंखें भर आई। कांपती आवाज में बोले- ‘तीन साल से पत्नी को जंजीरों में बांधकर रखा है। इसे देखता हूं, तो कलेजा फट जाता है, लेकिन क्या करूं, कोई रास्ता नहीं बचा।’ 5 साल पहले की बात है। बेटी की शादी की थी। तब यह एकदम ठीक थी। उसके बाद पता नहीं क्या हुआ, अचानक लोगों को मारने-पीटने लगी। एक दिन मेरे हाथ पर जोर से डंडा मार दिया। हाथ में घड़ी थी, इसलिए बच गया, नहीं तो हाथ टूट जाता। इसी तरह घर के पास रास्ते से जो भी आता-जाता, उसे पत्थर फेंककर मारती। गांववालों ने डर के मारे इस रास्ते से आना-जाना छोड़ दिया। एक दिन मजबूरी में जंजीर खरीदकर लाया और इसे बांध दिया। तब से यह यहीं दिन-रात पड़ी रहती है।' वह बताते हैं- हमारा एक बेटा और एक बेटी है। मैं बचपन से विकलांग हूं, पैर में लकवा है,’ इतना कहते-कहते दूद्धा राम की आंखें फिर से डबडबा जाती हैं। वह अपने 18 साल के बेटे जोगा राम को घर से डॉक्टर की पर्ची लाने को कहते हैं। आगे बताते हैं- महाजन से 10 हजार रुपए कर्ज लेकर किसी तरह एक बार इसे जोधपुर ले गया था, लेकिन दवा खाते ही और बीमार पड़ गई। इस बीच घर में काफी खोजबीन के बाद जोगा राम सीटी स्कैन की रिपोर्ट लेकर आते हैं। कहते हैं, ‘हम लोग बहुत पढ़े-लिखे नहीं हैं। रिपोर्ट ज्यादा समझ नहीं पाते। आप ही जरा देखिए।' वह रिपोर्ट मुझे पकड़ा देते हैं। जोगा कहते हैं- पापा शुरू से विकलांग हैं। पहले वह दिहाड़ी पर काम करने जाते थे। जब मैं बड़ा हुआ, तो इन्हें काम करने से रोक दिया। अब मेरी ही कमाई से घर चलता है। मम्मी की हालत ऐसी है, क्या करूं? मजबूरी में इन्हें जंजीर से बांधकर रखना पड़ रहा है। किसे अच्छा लगता है कि अपनी मां को जंजीर से बांधकर रखे। कई ओझाओं और तांत्रिकों के पास गया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहीं के रहने वाले हरीश अब मुझे बताते हैं- ‘यहां से करीब 10-15 किलोमीटर दूर केकड़ गांव है। वहां एक महिला को पिछले 15 सालों से ऐसे ही बांधकर रखा गया है।’ हरीश की बात सुनते ही उनके साथ उस गांव की ओर निकल पड़ा। गांव पहुंचते ही दूर एक झोपड़ी दिखी। अंदर 65 साल की तुग्गी देवी बैठी हैं। सामने रखी सब्जी-रोटी खा रही हैं। जैसे ही उनकी नजर मेरे कैमरे पर पड़ती है, वे अचानक उठ खड़ी हुईं और पास आकर मुझे जोर से धक्का दे दिया। करीब खड़े तुग्गी देवी के जेठ के बेटे दुर्गा राम दौड़कर आए और उन्हें संभाला। वह बताते हैं- 'कैमरा देखकर यह ऐसा ही करने लगती हैं। डर जाती हैं। इनका कोई बच्चा नहीं है। 15-20 साल से ऐसी ही हालत में हैं। इनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। गांव-गांव घूमने लगीं। लोगों को डंडे-पत्थर से मारती थीं। कई बार इनका एक्सीडेंट हो चुका। तब जाकर हम लोगों ने इन्हें जंजीर बांधा। अब यहीं पड़ी रहती हैं। इन्हें इस हालत में देखकर तकलीफ होती है। हमारे छोटे बच्चे इन्हें देखकर क्या सोचते होंगे, लेकिन क्या करूं?’ तभी तुग्गी देवी के देवर मंगदा राम आते हैं। पास बैठकर बताते हैं, ‘जब ये ठीक थीं, तो घर का सारा काम करती थीं। पहले अचानक चुप रहने लगीं, फिर लोगों को मारने-पीटने लगीं। हमें लगा कि किसी ने इन पर भूत-प्रेत कर दिया है। ओझाओं से झाड़-फूंक करवाई, ताबीज भी पहनाए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। अब कभी-कभी तो मन में यही आता है कि भगवान इन्हें जल्दी अपने पास बुला ले, ताकि इनकी और हमारी यह तकलीफ खत्म हो सके। इस तरह जंजीर से बांधकर रखना दर्द देता है, लेकिन कर ही क्या सकता हूं।’ इस तरह कई गांव घूमने के बाद अब शाम हो चुकी है। रास्ते में मिट्ठरा गांव आता है। मेरे साथी कहते हैं, ‘यहां भी इसी तरह का एक मरीज है। वह कई महीनों से घर में बंद है। चलेंगे क्या?’ अब यहां से निकल और करीब आधे घंटे में उस घर पर पहुंचा। यहां एक कमरे की खिड़की से एक महिला किसी को लोटे में पानी भरकर देती हैं, लेकिन अचानक भीतर से लोटा बाहर आकर गिरता है। महिला ने जिसे पानी दिया था, उसने लोटा बाहर फेंक दिया था। हम नजदीक पहुंचे। देखा कमरे में एक 20 साल की लड़की परमेश्वरी चटाई पर लेटी हुई है। 40 साल की पारू देवी पल्लू संभालते हुए बोलती हैं, ‘यह मेरी बेटी है। ढाई महीने से ऐसी ही पड़ी है। इसे इतना गुस्सा आता है कि किसी का भी गला पकड़ लेती है। इसीलिए कमरे में बंद करके रखती हूं। अभी पानी दिया, तो लोटा बाहर फेंक दिया। पता नहीं इसे क्या हो गया है। झाड़-फूंक का भी कोई असर नहीं है। एक दिन यह स्कूल से आई। अचानक गीत गाने लगी। हमें लगा इस पर भूत आ गया है। एक ओझा के पास लेकर गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अभी कमरा खोल दूं, तो बाहर निकलकर जो भी हाथ में आएगा, उसी से मारने दौड़ पड़ेगी। इसलिए खिड़की से ही खाना-पानी देती हूं। इस बीच मैंने कई बार परमेश्वरी को आवाज दी, लेकिन वह नहीं बोली। बेसुध लेटी रही। मेरे साथी बताते हैं, ‘यहां मानसिक रोगियों को सही समय पर इलाज नहीं मिलता, इसलिए इनके परिवार इन्हें जंजीर से बांधकर रखने को मजबूर हैं।’ अब मैं बाड़मेर पहुंचता हूं। जिले के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर विष्णु राम विश्नोई के पास। विष्णु राम बताते हैं, ‘बाड़मेर में ही नहीं, पूरे देश में मानसिक रोगी हैं। बाड़मेर में 3 साल पहले मानसिक इलाज की सुविधा नहीं थी, इसलिए लोगों को जोधपुर जाना पड़ता था। अब यहां इलाज है, लेकिन लोग जागरूक नहीं हैं। हम लोग गांव-गांव आशा वर्कर्स से ऐसे मरीजों के बारे में पता लगवाते हैं, लेकिन बड़ी दिक्कत यह है कि यहां घर दूर-दूर हैं। कुछ घरों के बीच एक-एक किलोमीटर की दूरी है। इसलिए हेल्थ वर्कर्स हर घर तक नहीं पहुंच पाते। हमें जहां भी ऐसे मानसिक रोगियों की जानकारी मिलती है, उनका रेस्क्यू कराते हैं। किसी इंसान को जंजीर से बांधकर रखना अमानवीय है। हालांकि, सरकार की अब तक ऐसी कोई विशेष नीति नहीं बना पाई है, जिसके जरिए इन लोगों की पहचान कर ठीक से इलाज किया जा सके। लोगों का झाड़-फूंक में ज्यादा यकीन है। इससे मरीज की हालत बिगड़ती जाती है। परिवार मरीजों का पूरा इलाज नहीं कराते, जिससे बीमारी बढ़ जाती है।’ बातचीत खत्म होने के बाद मैं वापस लौटता हूं। लेकिन रास्ते भर एक सवाल पीछा करता है- आखिर किसी इंसान को जानवर की तरह जंजीर से कैसे बांधा जा सकता है? मरीजों की इस हालत पर मेडिकल अफसर विष्णु राम विश्नोई के चेहरे पर मुझे जरा भी चिंता नहीं दिखी। उनका दावा है कि आशा वर्कर्स गांव-गांव जाकर मानसिक रोगियों की पहचान करती हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी लाती हैं। लेकिन जिन परिवारों से मेरी बात हुई, उनमें से किसी ने भी नहीं बताया कि उनके यहां कभी कोई आशा वर्कर्स आई थीं। --------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-'तुम ईसाई बन गए, बाप की लाश नाले में बहाओ':22 दिन तक सड़ती रही लाश, सरपंच बोला- अंतिम संस्कार किया तो बीवी-बच्चों के बारे में सोच लेना ‘7 जनवरी 2025। सुबह के 10 बजे थे। पापा की किडनी फेल होने की वजह से मौत हो गई थी। देखते ही मां रो-रोकर बेहाल हो गई। शव बरामदे में रखते ही चीख-पुकार मच गई। सभी रिश्तेदार घर पहुंचने लगे। सभी कहने लगे- अंतिम संस्कार की तैयारी करो। जब तक लाश दरवाजे पर रहेगी, सब रोते रहेंगे। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
जल जीवन मिशन घोटाला : सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा जल जीवन मिशन में 979 करोड़ 27 लाख रुपए के फर्जी दस्तावेजों के जरिए टेंडर देने के मामले में गिरफ्तार सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई न्यायाधीश राजेन्द्र […] The post जल जीवन मिशन घोटाला : सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित appeared first on Sabguru News .
जयपुर के चौमूं में सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की मौत, 8 घायल
जयपुर। राजस्थान में जयपुर जिले के चौमूं थाना क्षेत्र में हाड़ोता के पास बुधवार को टैंपो क्रूजर के ट्रक से टकरा जाने पर तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और आठ घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम मंदिर में दर्शन के लिए खाटूश्यामजी जा रहे इन लोगों का टैंपो […] The post जयपुर के चौमूं में सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डालमिया छात्रावास में बुधवार को मेस की सब्जी में छिपकली मिलने से छात्रों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही छात्रावास में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि मेस में खाने की गुणवत्ता को […] The post बीएचयू के डालमिया छात्रावास में सब्जी में छिपकली मिलने से हड़कंप appeared first on Sabguru News .
भरतपुर के बयाना में ट्रेन की चपेट में आने से वृद्धा की मौत
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के बयाना में दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर बुधवार को रेलवे ट्रैक पार करते समय 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतका की पहचान बयाना कस्बे के लाल दरवाजा निवासी पूरनदेई जाटव के रूप में हुई है। वह शेरगढ़ […] The post भरतपुर के बयाना में ट्रेन की चपेट में आने से वृद्धा की मौत appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में छापा मारने गए आबकारी निरोधक दल पर हमला
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ थाना क्षेत्र में सीमावर्ती चक 30-एपीडी में मंगलवार को अवैध शराब बिकने की सूचना मिलने पर छापा मारने गये आबकारी निरोधक पुलिस दल पर लोगों ने हमला कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में देर रात अनूपगढ़ थाने पर हमला करने वालों के खिलाफ मामला […] The post श्रीगंगानगर में छापा मारने गए आबकारी निरोधक दल पर हमला appeared first on Sabguru News .
‘क्लिक कल्चर’ के दौर में नेहरू की प्रासंगिकता : वैज्ञानिक चेतना, लोकतंत्र और विवेक की विरासत पर हमला
पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर विशेष लेख। जानिए कैसे ‘क्लिक कल्चर’ और इमेज राजनीति के दौर में नेहरू की वैज्ञानिक चेतना, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और आधुनिक भारत की अवधारणा आज भी प्रासंगिक है
इंटरव्यू: ‘ऑफिस ऑफिस चली मुसद्दी की बेटी’, यानी हँसी-ठहाकों की पूरी गारंटी: हीरेन्द्र झा
मुंबई। तकरीबन दो दशक के बाद ‘ऑफिस ऑफिस’ नए अवतार में लौट रहा है। गौरतलब है कि पंकज कपूर अभिनीत ‘ऑफिस ऑफिस’ भारतीय टीवी जगत का एक आइकॉनिक शो रहा है। एक बार फिर से वही जादू ‘ऑफिस ऑफिस चली मुसद्दी की बेटी’ के रूप में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। 25 […]
क्रिस गेल के सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने पर सबसे तेज शतक का नहीं तोड़ पाए
RRvsSRH युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने क्रिस गेल का एक आईपीएल सत्र में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सूर्यवंशी अब एक आईपीएल सीज़न में सबसे ज्यादा (60) छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।लेकिन आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने से चूक गए। गेल ने 30 गेंदों में सबसे तेज शतक बनाया था। 15 साल के सूर्यवंशी ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर में छक्के के साथ अपना अर्धशतक पूरा कर लिया और मात्र 16 गेंद पर जड़ दिया पचासा। इससे पिछली गेंद पर सूर्यवंशी एक और छक्का मारा और क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। गेल ने 2012 में आईपीएल सत्र में 59 छक्के मारे थे। आईपीएल 2012 में जब क्रिस गेल ने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड बनाया था, तब उनके 59 में से 38 छक्के अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ आए थे। इसके लिए उन्होंने 347 गेंदें खेली थीं। इस आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी ने भी अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ 38 छक्के लगाए हैं, लेकिन ये छक्के सिर्फ़ 165 गेंदों में आए हैं। सूर्यवंशी ने आईपीएल प्लेऑफ में सबसे कम गेंदों में अर्धशतक बनाने के सुरेश रैना के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। रैना ने 2014 में 16 गेंदों में पंजाब किंग्स के खिलाफ अर्धशतक पूरा किया था। सूर्यवंशी ने पॉवरप्ले में मात्र 20 गेंद पर ही आठ छक्कों की मदद से 60 रन जड़ दिए। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस को लगातार तीन छक्के एक ओवर में मारे। युवा बल्लेबाज मात्र 29 गेंदों में पांच चौकों और 12 छक्कों की मदद से 97 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने इसके साथ ही आईपीएल में एक पारी में दस प्लस छक्के चार बार मारने के गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। वह एक आईपीएल सत्र में तीन बार यह कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
हैदराबाद ने राजस्थान के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी (Video)
RRvsSRH सनराइजर्स हैदराबाद ने मुल्लनपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। दोनों ही टीम ने एक एक बदलवा किया है। Toss @SunRisers won the toss and elected to field against @rajasthanroyals Updates https://t.co/OBIYYIuhbt #TATAIPL | #Eliminator | #TheFinalLeap | #SRHvRR pic.twitter.com/qG9Ieb5FWG — IndianPremierLeague (@IPL) May 27, 2026 सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, ट्रैविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, प्रफुल्ल हिंगे राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (डब्ल्यू), रियान पराग (सी), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा
26 मई को गृहमंत्री अमित शाह ने एक पोस्ट लिखी- 'अवैध घुसपैठ से हो रहा अन-नैचुरल डेमोग्राफिक चेंज, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।' बस इतने से शब्दों ने पूरे देश में बहस छेड़ दी कि कुछ बड़ा होने वाला है। लेकिन ये पोस्ट अकेली नहीं थी। इसी महीने 3 फैसले आए, जिनका निशाना एक है- अवैध घुसपैठ। क्या हैं ये फैसले, क्या सरकार कुछ बड़ा करने वाली है और क्या इससे देश के मुसलमानों को चिंता करनी चाहिए; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: अवैध घुसपैठ से जुड़े कौन से 3 बड़े फैसले हुए हैं? जवाबः ये 3 फैसले हैं… 1. बंगाल में 600 एकड़ सीमाई जमीन BSF को देना 2. भारत-पाक और भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट 3. अन-नैचुरल डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी सवाल-2: डेमोग्राफिक चेंज के लिए बनी हाई लेवल कमेटी क्या करेगी? जवाबः गृह मंत्रालय के मुताबिक, कमेटी 6 काम करेगी... इनके अलावा कमेटी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अवैध घुसपैठ, डेमोग्राफिक चेंज के मामले में बेहतर को-ऑर्डिनेशन के लिए पॉलिसी बनाने का भी सुझाव देगी। सवाल-3: तो क्या वाकई भारत में डेमोग्राफी अप्राकृतिक रूप से बदल रही है? जवाबः कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि असामान्य वजहों से देश के कुछ इलाकों में डेमोग्राफिक बैलेंस बिगड़ रहा है… 1. बांग्लादेश से घुसपैठ के चलते मूल-निवासी घट रहे 2. बंगाल, बिहार के सीमाई इलाकों में मुस्लिम आबादी बढ़ी 3. सुप्रीम कोर्ट ने घुसपैठ को ‘अघोषित बाहरी आक्रमण’ कहा 4. हिंदू 7.8% तक घटे व मुस्लिम 4.25% तक बढ़ गए सवाल-4: कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार क्या कर सकती है? जवाबः अवैध घुसपैठ से डेमोग्राफिक चेंज पर लगाम लगाने की इस कोशिश को 'डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट' की पॉलिसी कहा जाता है। कमेटी के सुझाव के आधार पर सरकार 3 बड़े कदम उठा सकती है- 1. अवैध घुसपैठियों की सटीक संख्या तय करना 2. होल्डिंग सेंटर्स में रख सकती है 3. वापस बांग्लादेश डिपोर्ट कर सकती है हर्षवर्धन त्रिपाठी ये भी कहते हैं कि कमेटी की सिफारिशों के आधार पर बॉर्डर और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े कानून सख्त हो सकते हैं। नागरिकता से जुड़े कानून भी कड़े किए जा सकते हैं। हालांकि, सरकार के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं- सवाल-5: क्या भारतीय मुसलमानों को इससे चिंता करनी चाहिए? जवाबः सरकार के कदमों से भारतीय मुसलमानों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के पूर्व उप-कुलपति और संविधान के एक्सपर्ट फैजान मुस्तफा कहते हैं, ‘डेमोग्राफिक चेंज को समझने के लिए बनाई जा रही ये कमेटी महज एक स्टडी करेगी, जिससे भारतीय मुसलमानों को कोई चिंता नहीं होनी चाहिए।’ फैजान मुस्तफा जोर देते हैं कि घुसपैठ जैसी वजहों से डेमोग्राफी नहीं बदली है। वो इस मुद्दे को हेडलाइन मैनेजमेंट मानते हैं। फैजान के मुताबिक, ‘सरकार इकॉनमी के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये कदम उठा रही है। अगर NDA सरकार मानती है कि देश में अवैध घुसपैठियों की संख्या बढ़ी है, तो उसने अपने 12 साल के कार्यकाल में कितने बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया? चुनाव के पहले पश्चिम बंगाल, असम, बिहार में SIR करवाया गया, फिर भी सरकार नहीं बता पाई कि इन राज्यों में घुसपैठियों की संख्या ज्यादा है।’ ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास----------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 4 बच्चे होने पर मिलेंगे 95 हजार, आंध्र प्रदेश CM ने क्यों कहा- बच्चे ही हमारी दौलत; इसका भारत पर क्या असर आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने 16 मई को कहा, 'राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक समय मैंने जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है।' पढ़ें पूरी खबर…
झारखंड के गिरिडीह में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, महिला समेत 3 अरेस्ट
गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में पुलिस ने देह व्यापार चलाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दो जुड़वा बहनों से जबरन देह व्यापार करवाया जाता था। गिरफ्तार महिला काफी शातिर तरीके से इस अवैध कारोबार […] The post झारखंड के गिरिडीह में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, महिला समेत 3 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम बापू की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी
जोधपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले में स्वयंभू संत आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है और उसे तुरंत समर्पण करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की पीठ ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने गत 20 अप्रैल को सुनवाई पूरी […] The post राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम बापू की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष को पद से हटाने का फैसला किया रद्द
अगरतला। त्रिपुरा हाईकोर्ट ने गौतम सरकार को पश्चिम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने के फैसले को यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि अधिकारियों ने प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन किया है और उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है। न्यायमूर्ति डॉ. टी अमरनाथ गौड़ और न्यायमूर्ति एस दत्ता […] The post त्रिपुरा हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष को पद से हटाने का फैसला किया रद्द appeared first on Sabguru News .
अबराम को एक्टर नहीं टेनिस प्लेयर बनता देखना चाहते हैं शाहरुख खान! बताई थी यह वजह
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान और गौरी खान के सबसे छोटे और लाडले बेटे अबराम खान 27 मई 2026 को पूरे 13 साल के हो गए हैं। यानी अबराम ने आधिकारिक तौर पर 'टीनेज' की उम्र में कदम रख दिया है। सोशल मीडिया पर किंग खान के फैंस और बॉलीवुड सेलेब्स अबराम को जन्मदिन की ढेरों बधाइयां दे रहे हैं। अबराम खान हमेशा से ही पैपराजी और सोशल मीडिया के सबसे पसंदीदा स्टारकिड्स में से एक रहे हैं। उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस बेताब रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जहां पूरी दुनिया अबराम में भविष्य का 'अगला शाहरुख खान' देखती है, वहीं खुद शाहरुख खान अपने छोटे बेटे के लिए कुछ और ही सपना संजोए बैठे हैं? A post shared by Gauri Khan (@gaurikhan) शाहरुख खान अबराम को एक्टर नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर बनते देखना चाहते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान जब शाहरुख खान से उनके सबसे छोटे बेटे अबराम के करियर और भविष्य के प्लान्स के बारे में पूछा गया, तो किंग खान ने बेहद दिलचस्प और दिल छू लेने वाला जवाब दिया था। ALSO READ: शाहरुख खान के गैरेज में शामिल हुई दुनिया की सबसे लग्जरी SUV, जानिए कीमत और खासियत शाहरुख खान ने कहा था, मुझे लगता है कि अबराम का टैलेंट थोड़ा अलग किस्म का है। वह बहुत मासूम और संवेदनशील है। मेरी हमेशा यह उम्मीद रहेगी कि वह अपनी इसी संवेदनशीलता के जरिए जीवन में कुछ बहुत अच्छा और अलग काम करे। A post shared by Shah Rukh Khan (@iamsrk) अपने इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए शाहरुख ने कहा था कि अगर अबराम टेनिस प्लेयर बनेंगे, तो वह मैदान पर बहुत 'कूल' लगेंगे। शाहरुख के मुताबिक, जब अबराम के बाल हवा में उड़ते हैं और जो उनके चेहरे के हाव-भाव होते हैं, उसे देखकर एकदम परफेक्ट टेनिस प्लेयर वाली वाइब आती है। किंग खान को लगता है कि खेल की दुनिया अबराम के व्यक्तित्व पर ज्यादा जचेगी। महज 1 साल की उम्र में किया था बॉलीवुड डेब्यू भले ही शाहरुख खान उन्हें खेल की दुनिया में देखना चाहते हों, लेकिन अबराम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज है जो बड़े-बड़े एक्टर्स को नसीब नहीं होता। अबराम खान ने महज 1 साल की उम्र में ही बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म में अपना डेब्यू कर लिया था। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2014 में रिलीज हुई फराह खान के निर्देशन और गौरी खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' के एंड क्रेडिट्स में नन्हे अबराम को दिखाया गया था। फिल्म के आखिरी गाने में जब फराह अपनी पूरी क्रू टीम को इंट्रोड्यूस कराती हैं, तब शाहरुख खान अपने नन्हे लाडले अबराम को गोद में लिए स्क्रीन शेयर करते नजर आते हैं। इस वाकये को याद करते हुए शाहरुख ने एक बार मजाक में कहा था, हमारे घर का एक नियम है, जो उम्र में सबसे छोटा होता है, उसे सबसे पहले और सबसे जल्दी ब्रेक मिलता है। यही वजह है कि अबराम को घर में सबसे पहले स्क्रीन स्पेस मिला। आर्यन और सुहाना से बिल्कुल अलग है अबराम का अंदाज शाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान जहां कैमरे के पीछे रहकर निर्देशन में अपना करियर बना रहे हैं और उनकी वेब सीरीज जल्द ही दस्तक देने वाली है, वहीं बेटी सुहाना खान फिल्म 'द आर्चीज' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रख चुकी हैं। ऐसे में फैंस की नजरें हमेशा इस बात पर टिकी रहती हैं कि अबराम खान आगे चलकर क्या करेंगे। अबराम खान का जन्म 27 मई 2013 को सरोगेसी के जरिए हुआ था। बचपन से ही वह आईपीएल मैचों के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स को चीयर करते हुए स्टेडियम में नजर आते रहे हैं। स्पोर्ट्स के प्रति उनका यह लगाव भी शाहरुख की 'टेनिस प्लेयर' वाली ख्वाहिश को बल देता है।
फिरोजाबाद में माता-पिता की हत्या के मामले में बेटा और बहू सहित 5 लोगों को उम्रकैद
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने वृद्ध दंपति की हत्या के मामले में मृतक दंपती के बड़े बेटे और बहू समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वृद्ध दंपती हत्याकांड के लंबित मामले की सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश डॉक्टर बच्चू सारंग ने मंगलवार को अपना निर्णय सुनाते […] The post फिरोजाबाद में माता-पिता की हत्या के मामले में बेटा और बहू सहित 5 लोगों को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .
आकांक्षा योजना में भ्रष्टाचार एवं आदिवासी छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में धरना
इंदौर। आकांक्षा योजना के तहत आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ हो रहे अन्याय, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं लगातार की जा रही लापरवाही के विरोध में आज Collector Office Indore पर छात्र नेताओं निखिल वर्मा, पवन अहिरवार, संदीप पाठोदे और नैतिक शिंदे द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। धरने के माध्यम से छात्रों ने निम्न मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं — 1. आकांक्षा योजना में लाभान्वित छात्र-छात्राओं की 24 माह की NEET कोचिंग पूर्ण रूप से कराई जाए। 2. एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर तत्काल समाप्त किया जाए। 3. हमारे द्वारा की गई शिकायत में दर्ज बयान आज दिनांक में हमारे सामने प्रस्तुत किए जाएं। 4. Assistant commissioner नरेंद्र भिड़े सर द्वारा बिना मॉड्यूल, टैबलेट एवं कोचिंग लगाए बिल कैसे पास किया गया, इसकी संपूर्ण जानकारी सार्वजनिक की जाए। 5. एसेंट कोचिंग क्लास का पूरा पता, वहां कार्यरत शिक्षकों की जानकारी एवं संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। 6. मुकुल बंसल पर तत्काल FIR दर्ज की जाए। आदिवासी छात्रों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : छात्र नेताओं का कहना है कि आदिवासी एवं गरीब छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी माँगें पूरी होने तक यहाँ धरना जारी रहेगा। यह जानकारी पवन अहिरवार ने दी। Edited By: Naveen R Rangiyal
जियो 200 रुपए में 30 जीबी डाटा के साथ देगी 15 ओटीटी, एक हजार से ज्यादा टीवी चैनल
मुंबई। रिलायंस समूह की दूरसंचार कंपनी जियो ने जियो ओटीटी पास नाम से 200 रुपये का नया पैक पेश करने की घोषणा की है, जिसमें ग्राहकों को 15 प्रीमियम ओटीटी ऐप, एक हजार से ज्यादा लाइव टीवी चैनल, 30 जीबी हाई-स्पीड डाटा और अनलिमिटेड 5जी की सुविधा मिलेगी। कंपनी ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति […] The post जियो 200 रुपए में 30 जीबी डाटा के साथ देगी 15 ओटीटी, एक हजार से ज्यादा टीवी चैनल appeared first on Sabguru News .
संभलकर! 7 जून से लगने जा रहा है विष्कुंभ योग, इन 3 राशियों की बढ़ सकती है टेंशन
पंचांग की मानें तो यह अशुभ योग 7 जून की सुबह 10:02 बजे से शुरू होगा और अगले दिन 8 जून की सुबह 09:28 बजे तक अपनी कड़क चाल से सबको प्रभावित करेगा। वैसे तो इसका असर हर किसी पर थोड़ा-बहुत पड़ेगा, लेकिन 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान फूंक-फूंककर कदम रखना होगा। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां और उन्हें कहाँ संभलना है। ALSO READ: जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर? 1. वृषभ राशि: बिजनेस और ऑफिस में बरतें एहतियात वृषभ राशि वाले दोस्तों, यह समय आपके लिए 'धीमे चलो' का बोर्ड लेकर आया है। अगर आप इन दो दिनों में पार्टनरशिप में कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो रुक जाइए; आर्थिक नुकसान के योग बन रहे हैं। करियर का हाल: ऑफिस में बॉस या सीनियर सहकर्मियों के साथ बहसबाजी से बचें, वरना माहौल आपके खिलाफ हो सकता है। किसी भी नए प्रोजेक्ट पर साइन करने से पहले कागजात ठीक से पढ़ लें। परिवार: घर के बुजुर्गों की सेहत अचानक नासाज हो सकती है, इसलिए उनकी देखभाल में कोई कोताही न बरतें। 2. कन्या राशि: सेहत और सफर दोनों में कशमकश कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। इस दौरान आपकी परीक्षा थोड़ी कठिन रहने वाली है। कामकाज और रिश्ते: ऑफिस में एक छोटी सी लापरवाही आपकी साख पर भारी पड़ सकती है, इसलिए अपने काम को री-चेक जरूर करें। दोस्तों या कलीग्स के साथ बातचीत करते समय लहजा नरम रखें, मनमुटाव की आशंका है। सेहत और यात्रा: जो लोग पहले से बीमार हैं, उन्हें राहत मिलने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इस दौरान अगर बहुत जरूरी न हो, तो लंबी दूरी की यात्राएं टाल दें, क्योंकि इससे सिर्फ थकान और असुविधा ही हाथ लगेगी। ALSO READ: वास्तु के अनुसार घर में रखी ये 5 चीजें बढ़ाती हैं राहु का अशुभ प्रभाव 3. मकर राशि: जेब और जज्बात पर रखें काबू मकर राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मोर्चे पर थोड़ा हाथ तंग करने वाला हो सकता है। उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने से मन में थोड़ी निराशा घर कर सकती है। पैसों का मामला: खर्चों की लिस्ट अचानक लंबी हो सकती है। सबसे जरूरी बात—इस दौरान किसी से भी कर्ज या लोन लेने की गलती न करें, वरना उसे चुकाने में पसीने छूट जाएंगे। पारिवारिक माहौल: पड़ोसियों या रिश्तेदारों के साथ किसी छोटी सी बात पर राई का पहाड़ बन सकता है। घर की शांति बनाए रखने के लिए चुप रहना ही सबसे बड़ा हथियार होगा। सेहत के मामले में भी रिकवरी थोड़ी धीमी रहेगी। एक सलाह: ज्योतिष में योग बदलते रहते हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय को पार करने के लिए धैर्य रखें, वाणी पर नियंत्रण रखें और भगवान शिव की आराधना करें। समय की यह धुंध भी जल्द छंट जाएगी! ALSO READ: जून में होने वाला है सबसे शुभ ग्रह का बड़ा परिवर्तन, 3 राशियों के पलट जाएंगे दिन
मदन दिलावर जोधपुर में गौ पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल
जोधपुर। राजस्थान में शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर राज्य सरकार के 28 मई से एक जून तक प्रदेश में चलाये जा रहे वंदे गंगा जल अभियान के तहत बुधवार को जोधपुर में आयोजित गौ पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। जोधपुर जिला प्रभारी मंत्री दिलावर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में शरीक होकर […] The post मदन दिलावर जोधपुर में गौ पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल appeared first on Sabguru News .
भिण्ड में एकतरफा प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर छात्रा से मारपीट
भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एकतरफा प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर 10वीं कक्षा की छात्रा से मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार भारौली क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय छात्रा कल शाम कोचिंग जा […] The post भिण्ड में एकतरफा प्रेम प्रस्ताव ठुकराने पर छात्रा से मारपीट appeared first on Sabguru News .
FIFA World Cup में खेलेंगे नेमार, 2.5 साल बाद हुई ब्राजील टीम में वापसी
नेमार को अगले महीने होने वाले फीफा वर्ल्ड कप के लिए ब्राज़ील की टीम में शामिल किया गया, जिससे राष्ट्रीय टीम से ढाई साल से ज़्यादा की उनकी गैरमौजूदगी खत्म हो गई।सैंटोस स्टार मैनेजर कार्लो एंसेलोटी द्वारा पढ़े गए आखिरी नामों में से एक था, जिससे हाल के हफ़्तों में ब्राज़ील के मीडिया में छाई सिलेक्शन की बहस खत्म हो गई। एंसेलोटी ने रियो डी जेनेरो में एक न्यूज़ कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने नेमार को इसलिए नहीं चुना क्योंकि हमें लगता है कि वह एक अच्छा बैकअप होगा, बल्कि इसलिए चुना क्योंकि वह अपनी खूबियों से टीम में जान डाल सकता है।”“चाहे वह एक मिनट खेले या 90 मिनट… मुझे लगता है कि हमें पिच पर कुल मिलाकर मिनटों की क्वालिटी पर ध्यान देना होगा। वह तभी खेलेगा जब वह खेलने का हकदार होगा। ट्रेनिंग यह तय करेगी।मुझे लगता है कि यह ज़रूरी है कि सारी उम्मीदें एक ही खिलाड़ी पर न रखी जाएं।” 34 साल के नेमार, जो 128 इंटरनेशनल मैचों में 79 गोल के साथ ब्राज़ील के ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर हैं, ने आखिरी बार अक्टूबर 2023 में ब्राज़ील के लिए खेला था, जब उरुग्वे के खिलाफ वर्ल्ड कप क्वालीफायर में उनके एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट में चोट लग गई थी।बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व फॉरवर्ड तब से चोटों से जूझ रहे हैं, पिछले साल जनवरी में अपने बचपन के क्लब सैंटोस में लौटने के बाद सभी कॉम्पिटिशन में 38 मैचों में सिर्फ 17 गोल कर पाए हैं। एंसेलोटी ने कहा, “हमने पूरे साल नेमार को एवैल्यूएट किया। वह एक इंपॉर्टेंट प्लेयर हैं और वह इस वर्ल्ड कप में इंपॉर्टेंट होंगे। उनकी भूमिका और ज़िम्मेदारी बाकी 25 प्लेयर्स जैसी ही है।” ब्राज़ील की आखिरी 26-मैन स्क्वाड की बनावट हाल के हफ्तों में पूरे ब्राज़ील में ज़ोरदार चर्चा का विषय रही, जिसमें मौजूदा और पुराने प्लेयर्स ने इस पर अपने विचार बताए कि किसे चुना जाना चाहिए। एंसेलोटी ने बताया कि यह बातचीत उनके साथ हर जगह हुई, जिसमें एक इंटरनेशनल ट्रिप के दौरान प्लेन में भी शामिल है।
क्या बिखर जाएगी TMC? सांसद काकोली घोष का पार्टी पदों से इस्तीफा, भाजपा में जाने के संकेत
Kakoli Ghosh Resigns: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं थे कि पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका लगा है। कभी 'दीदी' की परछाईं और बेहद करीबी मानी जाने वाली वरिष्ठ टीएमसी सांसद काकोली घोष ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। बताया तो यह भी जा रहा है कि पार्टी के कई अन्य सांसद और विधायक भी पार्टी से बगावत कर सकते हैं। काकोली घोष पिछले 40 सालों से ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थीं। वे लोकसभा में लगभग 9-10 महीने तक पार्टी की चीफ व्हिप भी रहीं, लेकिन हाल ही में ममता बनर्जी ने उन्हें हटाकर कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसी बात से नाराज काकोली ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए लिखा था- 1976 से जुड़ाव, 1984 में सफर शुरू हुआ। आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला है। ALSO READ: ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, अमित शाह को धमकाने का आरोप, वापस ली Z सिक्योरिटी शुभेंदु अधिकारी की बैठक में एंट्री काकोली का इस्तीफा अचानक नहीं हुआ है। बगावत की यह स्क्रिप्ट पिछले कुछ दिनों से लिखी जा रही थी। दो दिन पहले ही काकोली ने बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते हुए चुनावी रणनीतिकार एजेंसी 'I-PAC' पर भी गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद मंगलवार को बड़ा सियासी उलटफेर तब देखने को मिला, जब काकोली घोष छह अन्य टीएमसी विधायकों के साथ कल्याणी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुईं। काकोली घोष की सुरक्षा बढ़ाई खास बात तो यह है कि बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद जहां अभिषेक बनर्जी समेत तमाम बड़े टीएमसी नेताओं की सुरक्षा में कटौती की गई है, वहीं केंद्र सरकार ने काकोली घोष की सुरक्षा बढ़ाकर 'Y' कैटेगरी कर दी है, जो उनके अगले सियासी कदम का साफ इशारा है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकती हैं। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि टीएमसी में अभी और तोड़फोड़ होगी। ALSO READ: ममता बनर्जी को हो सकती है जेल.. निलंबित रिजू दत्ता ने क्यों कहा ऐसा? TMC पर लगाए गंभीर आरोप भाजपा सांसद सौमित्र खान का दावा TMC में मचे इस आंतरिक घमासान के बीच भाजपा ने ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने बुधवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर भारी असंतोष है। उन्होंने दावा किया कि अगर बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व एक बार हरी झंडी दे दे, तो टीएमसी ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगी। करीब 50 विधायक और 20 सांसद अपनी ही पार्टी से नाराज हैं और वे किसी भी वक्त भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार बैठे हैं। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
LIC में फिर हिस्सेदारी बेचेगी मोदी सरकार: OFS के जरिए जुटाएगी 10,000 करोड़ रुपए
LIC Stake Sale : मोदी सरकार 4 साल बाद एक बार फिर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में बड़ी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है। इस शेयर बिक्री के जरिए सरकार का लक्ष्य लगभग 10000 करोड़ रुपए जुटाने का है। OFS के जरिए 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्लान ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 2 फीसदी तक की हिस्सेदारी बेच सकती है। सरकार ने बिक्री पेशकश (ओएफएस) मार्ग के माध्यम से एलआईसी में आगे शेयर बिक्री के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। जून महीने के अंत या जुलाई महीने की शुरुआत में कंपनी की हिस्सेदारी बेचने की योजना है। एलआईसी के शेयरों में गिरावट एलआईसी द्वारा हिस्सेदारी बेचने की खबर से कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर 2.52 बजे एलआईसी का शेयर करीब साढ़े 3.56 फीसदी गिरकर 824.45 रुपए पर था। 2022 में बेची थी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी भारत सरकार ने मई 2022 में लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन में 3.5% हिस्सेदारी बेची थी। उस समय का देश का सबसे बड़ा IPO लॉन्च कर करीब 21,000 करोड़ रुपए जुटाए गए थे। बैंक में 31 मार्च 2026 तक LIC में भारत सरकार की हिस्सेदारी 96.5% है। एलआईसी का मौजूदा बाजार पूंजीकरण 5.21 लाख करोड़ सरकार को 16 मई 2027 तक अनिवार्य 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता की जरूरत को पूरा करने के लिए एलआईसी में 6.5 प्रतिशत और हिस्सेदारी बेचने की जरूरत है। एलआईसी का मौजूदा बाजार पूंजीकरण 5.21 लाख करोड़ रुपए है। edited by : Nrapendra Gupta
Eid-ul-Azha 2026: ईद उल अजहा का इतिहास और मुख्य संदेश
Eid-ul-Azha 2026: ईद उल अजहा (जिसे बकरीद भी कहा जाता है) इस्लाम का एक प्रमुख त्योहार है। इसका इतिहास पैगंबर इब्राहीम (हज़रत इब्राहीम/अब्राहम) की कुर्बानी और अल्लाह के प्रति उनकी आज्ञाकारिता से जुड़ा है। ALSO READ: Eid ul Azha 2026: कब मनाई जाएगी ईद उल-अज़हा, जानें परंपरा और महत्व इतिहास और धार्मिक महत्व इस्लामी मान्यता के अनुसार, अल्लाह ने हज़रत इब्राहीम की परीक्षा लेने के लिए उन्हें सपना दिखाया कि वे अपने प्रिय पुत्र इस्माईल की कुर्बानी दें। इब्राहीम ने इसे अल्लाह का आदेश माना और अपने बेटे से इस बारे में बात की। इस्माइल ने भी अल्लाह की इच्छा के आगे सिर झुका दिया। जब इब्राहीम अपने बेटे की कुर्बानी देने लगे, तब अल्लाह ने उनकी निष्ठा और ईमानदारी देखकर इस्माइल की जगह एक दुंबा (मेंढ़ा) भेज दिया। इस घटना को अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसी याद में मुसलमान हर वर्ष ईद उल अजहा मनाते हैं और जानवर की कुर्बानी देते हैं। कुर्बानी का मांस आमतौर पर तीन हिस्सों में बांटा जाता है: 1. परिवार के लिए 2. रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए 3. गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए यह त्योहार कब मनाया जाता है? ईद उल अजहा इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने ज़िलहिज्जा की 10वीं तारीख को मनाई जाती है। यह हज के समापन के समय आता है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मुख्य संदेश * अल्लाह के प्रति समर्पण * त्याग और बलिदान * गरीबों की मदद और सामाजिक समानता * परिवार और समुदाय के साथ मिलकर खुशियां बांटना भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, सऊदी अरब और दुनिया के कई देशों में यह त्योहार बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: bakrid ki kahani: बकरीद की कहानी
रात के अंधेरे में सक्रिय हो रहे टैंकर माफिया, दिन में निशुल्क, रात में 800 में बिक रहा पानी
इंदौर में भीषण गर्मी के साथ जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने के साथ ही पानी की मांग तेजी से बढ़ी है, जबकि सप्लाई घटती नजर आ रही है। इस बीच नगर निगम प्रशासन का सरकारी पानी रात के अंधेरे में बिक रहा है। लेकिन निगम प्रशासन के अधिकारियों की इसकी भनक तक नहीं है। रात में बिक रहा सरकारी पानी : वेबदुनिया के सूत्रों ने बताया कि नगर निगम का 6 हजार लीटर का 250 से 300 रुपए वाला टैंकर और निशुल्क वाला टैंकर रात में 800 रुपए में बिक रहा है। रात होते ही टैंकर माफिया सक्रिय हो रहे हैं और 800 से हजार रुपए में पानी उपलब्ध करा रहे हैं। रात में ये कारनामा करने के लिए टैंकर पर से निशुल्क जल वितरण का पर्चा हटा देते हैं। सूत्रों ने बताया कि यह ज्यादातर 6 हजार लीटर वाले टैंकर में हो रहा है। लेकिन नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। नजर नहीं आ रहे निशुल्क पानी के पोस्टर : नगर निगम प्रशासन टैंकर माफिया पर लगाम नहीं लग पा रही है। नगर निगम द्वारा निःशुल्क पानी वितरण के लिए चलाए जा रहे टैंकरों पर पहले बड़े-बड़े अक्षरों में ‘नगर निगम टैंकर- निःशुल्क पानी’ लिखा होता था, जिससे लोगों को पहचानने में आसानी होती थी। लेकिन अब निगम द्वारा लगाए जा रहे पोस्टर कुछ ही दिनों में निकल जाते हैं और इसका फायदा टैंकर संचालक खुलकर उठा रहे हैं। कई टैंकर चालक निगम के पोस्टर हटाकर अपने हिसाब से काम कर रहे हैं और जब उनसे सवाल किया जाता है तो वे गर्मी या पोस्टर खराब होने का बहाना बना देते हैं। कई टैंकर चालक दिन-रात पानी बेचने में लगे हुए हैं और जल संकट के बीच पानी की कालाबाजारी कर रहे हैं। टैंकरों की निगरानी और सख्ती की कमी के कारण पानी माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है। वहीं जिम्मेदार ठेकेदारों ने इस ओर से अपनी आंखें मूंद ली हैं। नगर निगम प्रशासन ने टैंकर माफिया की चालाकियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। न अपने प्रशासन के टैंकरों की कालाबाजारी पर रोक लगा पा रहे हैं और न ही निजी टैंकरों की कीमतों को कंट्रोल कर पा रहे हैं। ये भी हो रहा शहर में : नगर निगम के कुछ कर्मचारी और नेता मिलकर बंगले वालों के घरों में पानी दे रहे हैं। वार्ड क्रमांक 33 में पानी के गंभीर संकट से तंग आकर आम जनता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर है, वहीं दूसरी तरफ सुखलिया की शालीमार बंगलो पार्क कॉलोनी के बड़े-बड़े बंगलों में निगम के टैंकरों से सीधे पानी की सप्लाई की जा रही है। आम जनता के हक का पानी चुनिंदा घरों को बांटकर नगर निगम के जिम्मेदार अपनी जेबें भर रहे हैं। शालीमार बंगलो पार्क में भेजे जा रहे पीले रंग के बड़े टैंकर (नंबर एमपी09 एचजी3192) से वार्ड क्रमांक को जानबूझकर मिटा दिया गया है, साथ ही फ्री जल सेवा और पानी बेचते हुए पाए जाने पर अनिवार्य रूप से लिखे जाने वाले मोबाइल नंबर तक इस टैंकर से गायब हैं। इस टैंकर पर न तो कोई सरकारी जानकारी है और न ही यह पता है कि यह पानी कहां से भरकर लाया गया है। हालांकि पिछले 5 दिनों में निगम ने 6 निजी टैंकरों को पकडा और कालाबाजारी करने पर कार्रवाई की है। इन इलाकों में ज्यादा दिक्कत : सुदामा नगर, द्वारकापुरी, पालदा, बाणगंगा और खजराना जैसे क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर है, जहाँ बोरवेल सूखने के कारण लोग पूरी तरह निजी टैंकरों पर निर्भर हैं। निजी टैंकर संचालक पानी के एक टैंकर के लिए 1000 से 1500 तक वसूल रहे हैं। मांग इतनी अधिक है कि ग्राहकों को एक दिन पहले बुकिंग करनी पड़ रही है। बर्बाद करेगी भाजपा , जल प्रबंधन व्यवस्था फेल, 15 जिले भीषण जल संकट : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर सहित प्रदेश के कई जिलों में हालात बेहद गंभीर हैं। महिलाएं खाली बर्तन लेकर पानी के लिए भटक रही हैं, लोग घंटों टैंकरों का इंतजार कर रहे हैं और कई जगहों पर चक्काजाम व प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के संरक्षण में ‘टैंकर माफिया’ सक्रिय है, जो जल संकट को कारोबार में बदल रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, मुरैना, शिवपुरी, खरगोन, बड़वानी और धार समेत अनेक जिले गंभीर जल संकट की चपेट में हैं, लेकिन सरकार और स्थानीय निकाय स्थिति संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि अमृत योजना के करोड़ों रुपए का सही उपयोग नहीं हुआ। पर्यावरणविद् भालू मोंढे ने चेतावनी दी है कि यह केवल मौसमी संकट नहीं, बल्कि भविष्य में और गंभीर रूप ले सकता है। जल संवर्धन के लिए लंबे समय से काम करने वाले लेखक और पर्यावरणविद् सुनील चतुर्वेदी ने बताया कि अगर चीजों को अभी नहीं संभाला गया तो आगे हालात बहुत बदहाल और बेकाबू होने वाले हैं। Edited By: Naveen R Rangiyal
जून में होने वाला है सबसे शुभ ग्रह का बड़ा परिवर्तन, 3 राशियों के पलट जाएंगे दिन
ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का गोचर एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। 02 जून 2026 को इस साल का सबसे बड़ा ज्योतिषीय फेरबदल होने वाला है। ज्ञान, भाग्य और संतान के कारक गुरु 12 साल बाद अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। कर्क एक जल तत्व की राशि है और गुरु यहाँ सबसे बलवान होते हैं। इस गोचर से आध्यात्मिक कार्यों में वृद्धि होगी। शिक्षा, बैंकिंग और ज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ होगा। विशेषकर मेष, मिथुन, कर्क और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है। इन 3 राशियों की पलट जाएगी किस्मत: 1. मेष राशि (Aries) बृहस्पति आपके चौथे (सुख, माता, वाहन) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: आपके पारिवारिक सुख में भारी वृद्धि होगी। नया घर या गाड़ी खरीदने के योग बनेंगे। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। करियर में मान-सम्मान बढ़ेगा और मानसिक शांति मिलेगी। 2. कन्या राशि (Virgo) बृहस्पति आपके ग्यारहवें (लाभ और आय) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: आपकी आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से रुकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। बड़े भाई-बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। निवेश से अच्छा मुनाफा होने के संकेत हैं। 3. वृश्चिक राशि (Scorpio) बृहस्पति आपके नौवें (भाग्य और धर्म) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: आपका सोया हुआ भाग्य जाग उठेगा। हर काम में किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत छात्रों को सफलता मिलेगी। लंबी दूरी की यात्राएं और तीर्थ यात्राएं होने के प्रबल योग हैं। इन 3 राशियों के अटके कार्य होंगे पूर्ण 1. मिथुन राशि (Gemini) बृहस्पति आपके दूसरे (धन, वाणी, परिवार) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: आर्थिक मोर्चे पर यह समय आपके लिए वरदान साबित होगा। फंसे हुए पैसे वापस मिलेंगे और बैंक बैलेंस बढ़ेगा। आपकी वाणी में सौम्यता आएगी, जिससे लोग आपकी तरफ आकर्षित होंगे। परिवार में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। 2. कर्क राशि (Cancer) बृहस्पति आपकी ही राशि यानी आपके पहले (लग्न) भाव में आ रहे हैं। गुरु यहाँ उच्च के होंगे। प्रभाव: यह समय आपके स्वर्णिम काल की शुरुआत है। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा, समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी। 3. मीन राशि (Pisces) बृहस्पति आपके पांचवें (संतान, शिक्षा, प्रेम) भाव में गोचर करेंगे। प्रभाव: छात्रों के लिए यह समय बेहद शानदार रहेगा, पढ़ाई में मन लगेगा। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों को खुशखबरी मिल सकती है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और आपकी रचनात्मकता (Creativity) चरम पर होगी।
हेली शाह का समर स्टाइल: आरामदायक और स्टाइलिश फैशन का परफेक्ट मेल
फ्लोई ड्रेसेज, आरामदायक को-ऑर्ड सेट्स और बीच-फ्रेंडली आउटफिट्स, हेली शाह का समर वॉर्डरोब हर उस लड़की के लिए इंस्पिरेशन है, जो गर्मियों में बिना ज्यादा मेहनत के स्टाइलिश दिखना चाहती है। हेली अपने लुक्स में कम्फर्ट और फैशन का ऐसा संतुलन बनाए रखती हैं, जो समर ड्रेसिंग को आसान और ट्रेंडी बना देता है। आइए देखते हैं उनके कुछ शानदार समर आउटफिट्स, जो आपके फैशन मूड बोर्ड में जरूर शामिल होने चाहिए। फ्रेश समर लुक के लिए फ्लोरल मिनी ड्रेस सॉफ्ट फ्लोरल प्रिंट्स वाली व्हाइट मिनी ड्रेस में हेली बेहद फ्रेश और आकर्षक नजर आ रही हैं। फिट-एंड-फ्लेयर पैटर्न, नेचुरल मेकअप और हल्के वेवी हेयर उनके लुक को एक सॉफ्ट, ड्रीमी फील देते हैं। ब्रंच आउटिंग या छुट्टियों के दौरान यह ड्रेस एक बेहतरीन समर स्टाइल ऑप्शन साबित हो सकती है। ALSO READ: निक्की तंबोली ने फिर दिखाया बोल्ड अंदाज, ऑल ब्लैक लेस आउटफिट में ढहाया कहर रंगों से भरपूर समर एथनिक स्टाइल गर्मियों में चमकीले रंगों को अपनाने का शानदार उदाहरण हेली का ब्राइट पिंक कुर्ता लुक है। ढीली फिटिंग और खूबसूरत एम्ब्रॉयडरी वाला यह आउटफिट आराम और स्टाइल दोनों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। छोटे फंक्शन्स, फैमिली गेट-टुगेदर्स या डेली वियर के लिए यह एथनिक लुक एकदम परफेक्ट है। मिनिमल लेकिन क्लासी व्हाइट को-ऑर्ड सेट हेली का ऑल-व्हाइट को-ऑर्ड लुक सिंपल होने के बावजूद बेहद एलिगेंट नजर आता है। ब्रीदेबल फैब्रिक और रिलैक्स्ड फिट इसे गर्मियों के लिए एक शानदार विकल्प बनाते हैं। चाहे कैज़ुअल कॉफी मीट हो या वीकेंड आउटिंग, यह लुक हर मौके पर आसानी से कैरी किया जा सकता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फन और ट्रेंडी समर फैशन के लिए गिंघम स्कर्ट लुक व्हाइट स्लीवलेस क्रॉप टॉप के साथ ग्रीन गिंघम स्कर्ट में हेली का लुक यंग, फन और ट्रेंडी वाइब्स देता है। यह आउटफिट आरामदायक होने के साथ-साथ स्टाइलिश भी है, जो कैज़ुअल डे आउट्स और वेकेशन के लिए शानदार इंस्पिरेशन बन सकता है। बीच वेकेशन के लिए एफ़र्टलेस ग्लैम व्हाइट टोन वाले बीच आउटफिट में हेली ने रिलैक्स्ड और स्टाइलिश वेकेशन फैशन को खूबसूरती से पेश किया है। लेस डिटेलिंग और फ्लोई सिल्हूट वाला यह लुक आराम और ग्लैमर का खूबसूरत मिश्रण है, जो बीच हॉलीडे के लिए परफेक्ट फैशन गोल्स सेट करता है।
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन से जुड़े आवासों पर ईडी की छापेमारी
तिरुवनंतपुरम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनारयी विजयन और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े कई आवासों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच के दायरे में लाई जा रही कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन […] The post केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन से जुड़े आवासों पर ईडी की छापेमारी appeared first on Sabguru News .
बच्चों की गुहार,अनसुनी मत करो सरकार!
मई 2026 की गर्मी सिर्फ मौसम की नहीं थी। 3 मई को NEET-UG परीक्षा देने वाले 22.8 लाख से ज्यादा छात्रों के सपनों में भी आग लगी हुई थी। देशभर के लाखों घरों में उम्मीद, तनाव और भविष्य एक ही दिन पर टिके थे। लेकिन, कुछ ही दिनों बाद खबर आई—परीक्षा पर सवाल ...
बॉबी देओल ने 'अल्फा' को बताया करियर का सबसे शानदार अनुभव, आलिया भट्ट की जमकर की तारीफ
बॉबी देओल ने यशराज फिल्म्स की 'अल्फा' की शूटिंग को अपने करियर के सबसे शानदार अनुभवों में से एक बताया है। यह फिल्म एक ऐसी असैसिन की ओरिजिन स्टोरी है, जिसे बचपन से ही मारने के लिए तैयार किया गया है। फिल्म में आलिया भट्ट लीड रोल में हैं और शर्वरी भी अहम भूमिका निभा रही हैं। बॉबी का मानना है कि भारत में दो लड़कियों को लेकर एक बड़ी एक्शन फिल्म बनना अपने आप में बेहद खास और नया कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दर्शक अल्फा को भरपूर प्यार देंगे। ALSO READ: निक्की तंबोली ने फिर दिखाया बोल्ड अंदाज, ऑल ब्लैक लेस आउटफिट में ढहाया कहर बॉबी देओल ने कहा, मुझे रणबीर और आलिया दोनों बहुत पसंद हैं और मैं हमेशा से उनके साथ काम करना चाहता था। रणबीर के साथ मैंने एनिमल की और अब आलिया के साथ अल्फा की है। दोनों के साथ काम करने का अनुभव शानदार रहा। उन्होंने कहा, भारत में अल्फा जैसी फिल्म बन रही है, जिसमें दो लड़कियां स्क्रीन पर दमदार एक्शन करती नजर आएंगी, यह अपने आप में बेहद कमाल की बात है। मुझे अल्फा इसलिए भी बहुत पसंद है क्योंकि यह नई, फ्रेश और दर्शकों के लिए थिएटर में एक अलग विजुअल अनुभव देने वाली फिल्म है।” बॉबी, आलिया भट्ट की मेहनत और तैयारी से खासे प्रभावित नजर आए। उन्होंने बताया कि आलिया ने अपने किरदार को विश्वसनीय बनाने के लिए जबरदस्त मेहनत की। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें उन्होंने कहा, आलिया उन सबसे मेहनती और ईमानदार कलाकारों में से एक हैं, जिनके साथ मैंने काम किया है। वह हर सीन की पूरी तैयारी करके सेट पर आती हैं और हर दृश्य में पूरी तरह डूबी रहती हैं। उन्होंने इससे पहले कभी इस तरह का एक्शन नहीं किया था, लेकिन शूट के लिए उनकी तैयारी देखकर मैं हैरान रह गया। एक्शन करना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने खुद को पूरी तरह झोंक दिया। बॉबी ने आगे कहा, आदि और निर्देशक शिव रवैल की स्पष्ट सोच थी कि फिल्म का एक्शन रियल और रॉ दिखना चाहिए। इसलिए यह शूट हम दोनों के लिए काफी कठिन रहा। लेकिन मुझे खुशी है कि हमने ऐसी फिल्म बनाई है, जिसे दर्शक आराम से बैठकर पूरी तरह एन्जॉय करेंगे। द रेलवे मेन जैसी ग्लोबली चर्चित सीरीज के निर्देशक शिव रवैल ने अल्फा का निर्देशन किया है। फिल्म में अनिल कपूर भी अहम भूमिका में नजर आएंगे। अल्फा 10 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
निक्की तंबोली ने फिर दिखाया बोल्ड अंदाज, ऑल ब्लैक लेस आउटफिट में ढहाया कहर
'बिग बॉस' और 'द 50' फेम निक्की तंबोली आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। अपनी दमदार पर्सनैलिटी के साथ-साथ निक्की अपने बोल्ड और ग्लैमरस फैशन सेंस के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में निक्की तंबोली ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी कुछ बेहद हॉट और सिजलिंग तस्वीरें शेयर की हैं, जिसने सोशल मीडिया पर आते ही तहलका मचा दिया है। ALSO READ: 52 की उम्र में भी फायर हैं मलाइका अरोरा, बाथरोब पहन दिखाई सिजलिंग अदाएं तस्वीरों में निक्की का ऑल-ब्लैक अवतार फैंस की धड़कनें तेज कर रहा है। उन्होंने ऑल-ब्लैक कलर का बेहद ही अट्रैक्टिव लेस आउटफिट कैरी किया हुआ है। निक्की ने ब्लैक कलर का फुल स्लीव्स वाला सी-थ्रू क्रॉप टॉप पहना है, जो उनके टोंड एब्स को पूरी तरह से फ्लॉन्ट कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मैचिंग ब्लैक लेस पैंट पेयर की है। इस आउटफिट के साथ निक्की ने नेट के ग्लव्स और हाथ में हैवी गोल्डन कंगन पहने हैं, जो उनके इस लुक में एक रॉयल और बोल्ड टच जोड़ रहे हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें लुक को कम्प्लीट करने के लिए निक्की ने अपने लंबे खूबसूरत बालों को खुला रखा है। तस्वीरों में उनके बालों का वेवी टेक्सचर और हवा में उड़ते बाल उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। मेकअप की बात करें तो निक्की ने स्मोकी आइज, न्यूड लिपस्टिक और परफेक्ट कॉन्टूरिंग के साथ सटल ग्लैम मेकअप चुना है, जो उनके तीखे नैन-नक्श को और भी ज्यादा उभार रहा है। तस्वीरों में निक्की तंबोली एक से बढ़कर एक कातिलाना पोज देती नजर आ रही हैं। कभी वह साइड प्रोफाइल से अपनी परफेक्ट बॉडी शेप को फ्लॉन्ट कर रही हैं, तो कभी अपनी नशीली आंखों से सीधे कैमरे में देख फैंस को क्लीन बोल्ड कर रही हैं। निक्की तंबोली की इन तस्वीरों पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। कोई उन्हें 'ब्लैक ब्यूटी' कह रहा है तो कोई 'सो हॉट' और 'फायर' वाले इमोजी ड्रॉप कर रहा है।
भोपाल में आईपीएस अधिकारी की 17 वर्षीय बेटी फंदे पर मिली
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चार इमली क्षेत्र में रहने वाले आईपीएस संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना है, हालांकि सभी पहलुओं से जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार संजीव कंचन वर्तमान में एआईजी नार्कोटेक्स के […] The post भोपाल में आईपीएस अधिकारी की 17 वर्षीय बेटी फंदे पर मिली appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की वैधता रखी बरकरार, स्वतंत्र चुनावों के लिए बताया जरूरी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की ओर से किए गए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता को बरकरार रखते हुए बुधवार को कहा कि यह प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए जरूरी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा उसके तहत […] The post सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर की वैधता रखी बरकरार, स्वतंत्र चुनावों के लिए बताया जरूरी appeared first on Sabguru News .
अमरोहा में बेकाबू ट्रक मंदिर में घुसा, रामायण पाठ कर रहे 3 श्रद्धालुओं की मौत
अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मंगलवार को एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक सड़क किनारे स्थित हनुमान मंदिर में घुस गया। हादसे के समय मंदिर परिसर में रामायण पाठ चल रहा था। दुर्घटना में एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मुख्यमंत्री […] The post अमरोहा में बेकाबू ट्रक मंदिर में घुसा, रामायण पाठ कर रहे 3 श्रद्धालुओं की मौत appeared first on Sabguru News .
सुधा चंद्रन ने की एकता कपूर की जमकर तारीफ, बताया विजनरी प्रोड्यूसर
वेटरन अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने टेलीविजन की क्वीन एकता कपूर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी प्रोड्यूसर बताया, जिनकी सोच और कास्टिंग की समझ बेमिसाल है। अपने आइकॉनिक शो 'कहीं किसी रोज' में कास्ट किए जाने के अनुभव को याद करते हुए सुधा ने खुलासा किया कि एकता के आत्मविश्वास ने उनके किरदार को भारतीय टेलीविजन के सबसे यादगार किरदारों में बदल दिया। Kaahin Kissii Roz में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए सुधा ने बताया कि शूटिंग शुरू होने के समय उन्हें अपने किरदार रामोला सिकंद के ड्रामेटिक अंदाज को लेकर थोड़ी झिझक थी। लेकिन एकता कपूर के भरोसे ने उन्हें तुरंत आत्मविश्वास दिया। ALSO READ: 'सिस्टम' से लेकर 'दामिनी' तक, ये हैं भारतीय सिनेमा के सबसे दमदार कोर्टरूम ड्रामा उस पल को याद करते हुए सुधा ने कहा, जब शूट शुरू होने के 4-5 दिन बाद मेरी मुलाकात एकता से हुई, तो मैंने उनसे पूछा, ‘क्या आपको नहीं लगता ये थोड़ा ज्यादा लाउड है?’ तब उन्होंने मुझसे सिर्फ एक बात कही, ‘सुधा मैम, बस छह महीने इंतजार कीजिए, आप पूरे शहर में चर्चा का विषय होंगी।’ वह कितनी फ्यूचरिस्टिक सोच रखती थीं। सुधा ने आगे एकता की कास्टिंग की समझ की भी तारीफ की और कहा कि उन्हें हमेशा पता होता है कि किस किरदार के लिए कौन-सा अभिनेता सबसे सही रहेगा। उन्होंने कहा, इतने लोगों में अगर एकता ने मुझे इस रोल के लिए चुना, तो इसका मतलब है कि वह सही किरदार के लिए सही कलाकार चुनती हैं। उन्हें अपना काम बखूबी आता है। जब किसी को यह समझ हो कि कौन-सा अभिनेता किसी किरदार के साथ न्याय करेगा, तभी उसे सही मायनों में प्रोड्यूसर कहा जाता है। उनकी कास्टिंग आज तक कभी गलत साबित नहीं हुई। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सालों से एकता कपूर भारतीय टेलीविजन में क्रांति लाने का श्रेय हासिल करती रही हैं। उनके कई आइकॉनिक शोज़ घर-घर में सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। फैमिली ड्रामा को नए अंदाज़ में पेश करने से लेकर ट्रेंडसेटिंग सुपरनैचुरल थ्रिलर्स बनाने तक, उनके क्रिएटिव रिस्क अक्सर सफल साबित हुए हैं, भले ही शुरुआत में आलोचक और दर्शक संदेह जताते रहे हों। सुधा चंद्रन ने एकता के अटूट आत्मविश्वास की भी सराहना की। उन्होंने मशहूर शो क्योंकि सास भी कभी बहू थीं की वापसी का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोगों को शक था कि 25 साल बाद यह शो दोबारा दर्शकों से जुड़ पाएगा या नहीं। सुधा ने कहा, कुछ लोगों ने कहा था कि 25 साल बाद यह काम नहीं करेगा। लेकिन हुआ क्या? यह नंबर 1 शो बन गया। यही है उनका कॉन्फिडेंस। उन्होंने यह भी बताया कि एकता कपूर ने एक बार फिर अपने आलोचकों को गलत साबित किया जब उन्होंने नागिन जैसा कॉन्सेप्ट टेलीविजन पर लाया। कई लोगों का मानना था कि ऐसा विषय सिर्फ फिल्मों में ही चल सकता है, लेकिन यह सुपरनैचुरल ड्रामा भारतीय टेलीविजन की सबसे बड़ी और सफल फ्रेंचाइज़ी में से एक बन गया। अपने साहसी क्रिएटिव फैसलों, बेहतरीन कास्टिंग और दर्शकों की पसंद को गहराई से समझने की क्षमता के जरिए एकता कपूर आज भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिनी जाती हैं। वहीं, सुधा चंद्रन जैसे कलाकार उनके विज़न और आत्मविश्वास को भारतीय टेलीविजन के इतिहास में गेम-चेंजर मानते हैं।
हर लुक के साथ और ग्लैमरस हो रहीं जैकलीन फर्नांडिस, कान में फिर बनीं फैशन क्वीन
जैकलीन फर्नांडिस कान में अपने शानदार स्टाइल स्ट्रीक को लगातार बरकरार रखते हुए फेस्टिवल में अपनी तीसरी अपीयरेंस के साथ एक और यादगार फैशन मोमेंट लेकर आईं। हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने एक अलग मूड, नया सिल्हूट और ऐसी दमदार मौजूदगी पेश की, जिसने तुरंत सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अगर कोई कान को बखूबी कैरी कर सकता है, तो वो हैं जैकलीन फर्नांडिस। अपने लेटेस्ट अपीयरेंस के लिए जैकलीन ने राहुल मिश्रा का बेहद खूबसूरत कूट्योर गाउन पहना, जिसने ग्लैमर, फ्लुइडिटी और एलिगेंस का परफेक्ट मेल पेश किया। इस लुक में फैब्रिक पर बेहद बारीक एम्बेलिशमेंट्स वेव जैसे सॉफ्ट पैटर्न्स में नजर आए, जो हर मूवमेंट के साथ खूबसूरती से शिमर कर रहे थे। डिटेलिंग ने गाउन को एक स्कल्प्टेड रिचनेस दी, लेकिन फिर भी पूरा लुक बेहद सॉफ्ट, रोमांटिक और एफर्टलेस लगा। ALSO READ: शादी के 10 साल बाद जुड़वां बेटों की मां बनीं दिव्यांका त्रिपाठी, विवेक दहिया बोले- मेरे करण-अर्जुन आ गए इस सिल्हूट ने उनके फ्रेम को बेहद खूबसूरती से हग किया और फिर बेहद ग्रेसफुल फ्लुइडिटी के साथ नीचे की ओर फॉल हुआ, जिसने स्ट्रक्चर और मूवमेंट के बीच शानदार बैलेंस बनाया। प्लंजिंग नेकलाइन ने लुक में बोल्ड सोफिस्टिकेशन जोड़ा, वहीं शीयर फुल स्लीव्स ने पूरे आउटफिट को सॉफ्टनेस और डेलिकेसी दी। गाउन का शिमरिंग टेक्सचर शाम की रोशनी में बेहद खूबसूरती से चमक रहा था, जिससे हर एंगल से यह लुक बेहद रेडियंट नजर आया। सॉफ्ट वेव्स और मिनिमल एक्सेसरीज़ के साथ स्टाइल की गई जैकलीन ने पूरे फोकस को आउटफिट की आर्टिस्ट्री पर बनाए रखा और अपनी सिग्नेचर एलिगेंस को खूबसूरती से सामने रखा। उनका स्टाइलिंग अप्रोच बेहद पॉलिश्ड, एलिवेटेड और टाइमलेस महसूस हुआ। फैशन से परे, जैकलीन के कान अपीयरेंसेज़ को खास बनाती है उनकी ऑरा। हर फ्रेम में वह एक एफर्टलेस पॉजिटिविटी लेकर आती हैं — एक शांत आत्मविश्वास, जो ग्लैमर के साथ मिलकर ग्लोबल स्टेज पर तुरंत असर छोड़ता है। यही एनर्जी अब उनके सबसे मजबूत स्टाइल सिग्नेचर्स में से एक बन चुकी है। लगातार जैकलीन कान के सबसे स्ट्राइकिंग फैशन मोमेंट्स देती नजर आ रही हैं, जहां हर लुक उनकी इंटरनेशनल स्टाइल जर्नी में एक नया रंग जोड़ रहा है। वह बेहद आसानी, कॉन्फिडेंस और ग्रेस के साथ ग्लोबली चमकती जा रही हैं। हर नई अपीयरेंस के साथ जैकलीन फर्नांडिस यह साबित कर रही हैं कि कान्स उनके लिए सबसे नैचुरल और पावरफुल फैशन स्टेजेस में से एक है।
Vastu tips for gifting watch: बर्थडे पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से क्या होता हैं?
Lucky Watch Gift: आज के समय में लोग गिफ्ट केवल खुशी देने के लिए नहीं, बल्कि शुभता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी चुनते हैं। खासतौर पर जन्मदिन पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट करना एक ट्रेंड बन चुका है। वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा, सही रंग और सही वस्तु का उपहार जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। माना जाता है कि घड़ी समय, प्रगति और सफलता का प्रतीक होती है। इसलिए बच्चों को जन्मदिन पर घड़ी गिफ्ट करना न केवल उपयोगी माना जाता है, बल्कि यह उनके उज्ज्वल भविष्य, अनुशासन और समय की अहमियत को भी दर्शाता है। ALSO READ: Vastu Lifestyle Tips: वास्तु के अनुसार कपड़े, जूते और हेयरकट चुनें, बदल सकती है किस्मत 1. समय का महत्व समझना 2. अनुशासन और जिम्मेदारी 3. टाइम देखना सीखना 4. स्वतंत्रता का अहसास 5. वास्तु और ज्योतिषीय नजरिया 6. कौन सी घड़ी गिफ्ट करें? आइए देखते हैं कि बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से उनके जीवन पर क्या असर पड़ता है: 1. समय का महत्व समझना घड़ी हाथ में होने से बच्चे समय के प्रति जागरूक होते हैं। वे धीरे-धीरे यह समझने लगते हैं कि समय कितना कीमती है और बीत जाने पर वापस नहीं आता। 2. अनुशासन और जिम्मेदारी जब बच्चों के पास अपनी घड़ी होती है, तो वे अपने काम खुद मैनेज करना सीखते हैं। जैसे: समय पर सोकर उठना। स्कूल या ट्यूशन के लिए तैयार होना। खेलने और पढ़ाई करने का समय तय करना। यह उनमें आत्म-अनुशासन/सेल्फ डिसिप्लिन पैदा करता है। 3. टाइम देखना सीखना आजकल के डिजिटल दौर में, अगर आप बच्चे को सुइयों वाली (Analog) घड़ी गिफ्ट करते हैं, तो यह उनके दिमागी विकास के लिए बहुत अच्छा है। इससे वे गणितीय रूप से समय को कैलकुलेट करना और सुइयों को पढ़ना सीखते हैं। ALSO READ: Vastu tips: क्या आपका बिजनेस स्टक महसूस कर रहा है? तो अपनाएं ये 10 टिप्स और देखें मुनाफे का जादू 4. स्वतंत्रता का अहसास अपनी खुद की घड़ी होने से बच्चों को बड़ों जैसा (Grown-up) महसूस होता है। उन्हें लगता है कि उन पर भरोसा किया जा रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास (Confidence) बढ़ता है। 5. वास्तु और ज्योतिषीय नजरिया अगर हम पारंपरिक मान्यताओं की बात करें, तो घड़ी को प्रगति और चलते रहने का प्रतीक माना जाता है। सकारात्मक ऊर्जा: किसी को घड़ी देना उनके जीवन में अच्छे समय और उन्नति की कामना करने जैसा है। ध्यान रखने योग्य बात: बस यह ध्यान रखें कि घड़ी चालू हालत में होनी चाहिए, बंद या खराब नहीं और उसका शीशा टूटा हुआ न हो। गिफ्ट देते समय उसमें सही समय सेट करके दें। 6. कौन सी घड़ी गिफ्ट करें? छोटे बच्चों के लिए: कार्टून कैरेक्टर या चमकीले रंगों वाली एनालॉग घड़ी, जो उन्हें आकर्षित करे। थोड़े बड़े बच्चों के लिए: आज के समय में स्मार्टवॉच भी एक अच्छा विकल्प है, जिसमें स्टेप काउंटर या पैरेंटल ट्रैकिंग जैसे फीचर्स होते हैं, जो उनकी फिटनेस और सुरक्षा दोनों के लिए अच्छे हैं। निष्कर्ष: कुल मिलाकर, घड़ी सिर्फ एक तोहफा नहीं है, बल्कि यह बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए 'समय प्रबंधन' का एक खूबसूरत सबक है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips
छोटे पर्दे का सबसे पसंदीदा और खूबसूरत कपल दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया माता-पिता बन गए हैं। शादी के करीब 10 साल बाद कपल के घर एक नहीं, बल्कि दो-दो नन्हे मेहमानों की किलकारियां गूंजी हैं। दिव्यांका त्रिपाठी ने जुड़वां बेटों को जन्म दिया है। दिव्यांका और विवेक ने अपने जुड़वां बेटों के जन्म की खुशखबरी सोशल मीडिया के जरिए फैंस संग शेयर की है। उन्होंने एक क्यूट तस्वीर शेयर बताया कि उनके घर डबल खुशियां आई हैं। विवेक ने बच्चों के आगमन की खबर देते हुए लिखा, 'हमने भगवान से खुशियां मांगी थीं, और उन्होंने कहा- 'डबल ले लो।' जुड़वां बेटों का आशीर्वाद मिला है।' A post shared by Vivek Dahiya (@vivekdahiya) विवेक दहिया ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा, इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है... 'द बॉयज' यहां आ चुके हैं और जिंदगी पहले से ही इतनी खूबसूरत लग रही है, जितनी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। मेरे करण अर्जुन आ गए! जब दिव (दिव्यांका) और मैं पेरेंटहुड के इस अविश्वसनीय नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं, तो हमें आप सभी के प्यार और आशीर्वाद की जरूरत है। ALSO READ: गवर्नर: मनोज बाजपेयी की फिल्म में 1990 के आर्थिक संकट की अनकही कहानी विवेक ने यह भी साफ किया कि दिव्यांका और दोनों नवजात बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं और इस समय पूरा परिवार इस जादुई पल के आनंद में डूबा हुआ है। जैसे ही विवेक और दिव्यांका ने यह गुड न्यूज सोशल मीडिया पर शेयर की, कमेंट सेक्शन बधाई संदेशों से भर गया। टीवी इंडस्ट्री के उनके तमाम दोस्तों ने कपल पर प्यार बरसाया। A post shared by Divyanka Tripathi Dahiya (@divyankatripathidahiya) बता दें कि दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया की मुलाकात मशहूर टीवी सीरियल 'ये है मोहब्बतें' के सेट पर हुई थी। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और जुलाई 2016 में भोपाल में दोनों ने धूमधाम से शादी रचाई थी। पिछले 10 सालों से यह कपल लगातार फैंस को कपल गोल्स देता आया है और अब जुड़वां बच्चों के माता-पिता बनने के बाद उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत अध्याय शुरू हो चुका है।
मर्सिडीज में छिड़ी नई जंग: फॉर्मूला 1 को वापस मिला अपना खोया हुआ रोमांच
मैकलारेन की बोरिंग स्ट्रेटेजी के बाद ताज़ी हवा का झोंका पिछले साल, यानी 2025 में,...
मर्सिडीज में छिड़ी नई जंग: फॉर्मूला 1 को वापस मिला अपना खोया हुआ रोमांच
मैकलारेन की बोरिंग स्ट्रेटेजी के बाद ताज़ी हवा का झोंका पिछले साल, यानी 2025 में,...
गर्म होती जलवायु के कारण हिमालयी नदियां हुईं और अस्थिर
जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय से निकलने वाली नदियां खतरनाक रूप से अस्थिर होकर तेजी से अपना मार्ग बदल रही हैं। चीनी शोधकर्ताओं की एक टीम के अध्ययन से इसका पता चला है।
सिरोही में स्थाई लोक अदालत से हटे थे जो स्पीड ब्रेकर अब पिंडवाड़ा में फिर तोड़ेंगे कमर और वाहन
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने आरोप लगाया था कि नगर निकायों में जनता के चुने प्रतिनिधियों की जगह प्रशासकों के भरोसे छोड़ने से अव्यवस्थाएं और बढ़ गई हैं। अधिकारी शहरी जनता की तकलीफों को दरकिनार करके निर्णय ले रहे हैं। पिंडवाड़ा में प्रशासक काल में पिंडवाड़ा नगर पालिका में फिर से […] The post सिरोही में स्थाई लोक अदालत से हटे थे जो स्पीड ब्रेकर अब पिंडवाड़ा में फिर तोड़ेंगे कमर और वाहन appeared first on Sabguru News .
पीपी चौधरी अब भी बेस्ट परफार्मर फिर लुंबाराम चौधरी सांसद रत्न कैसे?
सबगुरु न्यूज-सिरोही। 18 वी लोकसभा के सात सत्रों में संसद में परफॉर्मेंस के मामले में राजस्थान के जोधपुर संभाग के सांसदों में अभी भी पाली के सांसद पीपी चौधरी बेस्ट हैं तो फिर जालोर-सिरोही के सांसद सांसद रत्न कैसे बन गए? इनके अलावा भी संसद में कई सारे बेस्ट परफॉर्मर है। पीपी चौधरी की संसद […] The post पीपी चौधरी अब भी बेस्ट परफार्मर फिर लुंबाराम चौधरी सांसद रत्न कैसे? appeared first on Sabguru News .
इंदौर में पानी को लेकर फूटा गुस्सा, कांग्रेस का राजबाड़ा पर बड़ा प्रदर्शन, महापौर के इस्तीफे की मांग
शहर लगातार गहराते जल संकट को लेकर मंगलवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राजबाड़ा पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता, महिलाएं और अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे रहवासी शामिल हुए। प्रदर्शन में महापौर इस्तीफा दो के नारे लगाए गए। प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया था। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। ALSO READ: China को टक्कर देने की तैयारी, भारत-अमेरिका के कौनसे समझौते से उड़ी ड्रेगन की नींद, दबदबा होगा खत्म महिलाएं हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर राजबाड़ा पहुंचीं और पानी की समस्या को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नगर निगम और महापौर के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शन को देखते हुए ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर की कई कॉलोनियों, बस्तियों और मोहल्लों में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। टैंकरों से भी आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यदि जल संकट का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। 90 प्रतिशत से अधिक नमूने दूषित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को दावा किया कि शहर के 90 प्रतिशत से अधिक पीने के पानी के नमूने दूषित पाए गए हैं। यह दावा उस अध्ययन के आधार पर किया गया है, जो भगीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी और दस्त फैलने की घटना के बाद कराया गया था। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने इस अध्ययन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दल जनता में डर फैलाने के लिए पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भ्रामक जानकारी फैला रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पानी संकट को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान कहा कि भगीरथपुरा में पेयजल से जुड़ी घटना के बाद कांग्रेस ने एक एजेंसी के माध्यम से शहर के अलग-अलग इलाकों से करीब 300 पानी के नमूने एकत्र किए थे। उन्होंने दावा किया कि जांच में बड़ी संख्या में नमूने दूषित पाए गए, जिससे शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बिना ऐसे दावों से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। निगम मुख्यालय पर फोड़े मटके धरने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में निगम मुख्यालय तक खाली मटके लेकर पहुंचे और गेट के सामने फोड़ कर विरोध जताया। प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यालय पर पुलिस बल भी तैनात था। कांग्रेस कार्यकर्ता महापौर पानी दो, पानी नहीं दे सकते तो इस्तीफा दो के नारे लगाए। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री बाला बच्चन, महिला प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, कांग्रेस नेता राजेश चौकसे, अमित चौरसिया सहित अन्य नेता मौजूद थे। प्रदर्शन के बाद अफसरों को ज्ञापन भी दिया गया। Edited by : Sudhir Sharma
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अधिकारियों को इंटरनेट सेवा बहाल करने का दिया आदेश
तेहरान। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अधिकारियों को देश में इंटरनेट सेवा बहाल करने का आदेश दिया है। इससे ईरान में लागू इंटरनेट ब्लैकआउट समाप्त हो जाएगा। ईरान में इंटरनेट सेवाओं को बंद हुए 88 दिन हो चुके हैं। यह किसी भी देश द्वारा लगाया गया अब तक का सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट है। हालांकि, […] The post ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अधिकारियों को इंटरनेट सेवा बहाल करने का दिया आदेश appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में करंट की चपेट में आने से लाइनमैन की मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को बिजली के खंभे पर चढ़कर लाइन दुरुस्त कर रहे एक विद्युत ठेकाकर्मी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उम्मेद सिंह (37) पिछले कुछ समय से भीलवाड़ा के रायपुर बिजली विभाग में ठेकाकर्मी (लाइनमैन) के […] The post भीलवाड़ा में करंट की चपेट में आने से लाइनमैन की मौत appeared first on Sabguru News .
अलवर : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर खड़े ट्रेलर में घुसी कार, पंजाब के 3 लोगों की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को खड़े ट्रेलर से एक कार के टकराने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपराह्न चार बजे हादरहेड़ा के पास एक्सप्रेस-वे पर सड़क किनारे एक ट्रेलर खड़ा था, तभी तेज रफ्तार कार उससे पीछे से […] The post अलवर : दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर खड़े ट्रेलर में घुसी कार, पंजाब के 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
सादुलशहर में प्रेम प्रसंग को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प, महिला की मौत, 4 घायल
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सादुलशहर क्षेत्र में एक प्रेम प्रसंग को लेकर दो पक्षों के बीच मंगलवार को हिंसक झड़प होने से एक महिला की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वार्ड नंबर 19 में सुबह घटना हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची […] The post सादुलशहर में प्रेम प्रसंग को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प, महिला की मौत, 4 घायल appeared first on Sabguru News .
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले थाना रोजा पुलिस टीम द्वारा मंगलवार को फर्जी पेट्रोल पम्प संचालित कर नकली डीजल एवं पेट्रोल की बिक्री करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 10 हजार लीटर तरल पदार्थ डीजल , पेट्रोल, केमिकल मिश्रण तथा फर्जी विक्रय लाइसेंस बरामद हुआ है। अपर पुलिस अधीक्षक […] The post शाहजहांपुर में फर्जी पेट्रोल पम्प संचालित कर नकली डीजल एवं पेट्रोल की बिक्री करने वाले 5 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
रजत की स्वर्ण पारी ने बैंगलूरू को गुजरात के खिलाफ पहुंचाया 250 पार
RCBvsGT रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के कप्तान रजत पाटीदार ने धर्मशाला के मैदान पर 33 गेंदों में 93 रनों की कप्तानी पारी खेलकर अपनी टीम को क्वालिफायर 1 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ बेहद मजबूत स्थिति में खड़ा कर दिया है। बैंगलूरू ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 254 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया है। गुजरात टाइटंस की ओर से कगीसो रबाड़ा और जेसन होल्डर को 2-2 विकेट मिले। Innings Break! Rajat Patidar and Co. hammer 254/5 in #Qualifier1 Will #GT chase this down? Scorecard https://t.co/9rs6u5obOw #TATAIPL | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/v8QP1K1akD — IndianPremierLeague (@IPL) May 26, 2026 आरसीबी की प्लेइंग XI: विराट कोहली, देवदत्त पड़िक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), वेंकटेश अय्यर, क्रुणाल पांड्या, टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेट कीपर), भुवनेश्वर कुमार, जॉश हेजलवुड, जैकब डफी और रसिख डार सलाम। जीटी की प्लेइंग XI: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, निशांत सिंधु, जॉस बटलर (विकेट कीपर), वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद ख़ान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा।
यह मोदी युग का भारत, जो दुश्मन को घर में घुसकर मारता है : गजेन्द्र सिंह शेखावत
पाली। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि यह पुराना भारत नहीं, अपितु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युग वाला नया भारत है, जो दुश्मन को उसकी ही जमीन पर घुसकर जवाब देना जानता है। शेखावत ने मंगलवार को पाली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय महाअभियान के तहत आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के […] The post यह मोदी युग का भारत, जो दुश्मन को घर में घुसकर मारता है : गजेन्द्र सिंह शेखावत appeared first on Sabguru News .
बीएसएफ, सेना, जागरूक नागरिक और प्रशासन का बनाएं मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड : अमित शाह
बीकानेर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सीमाओं पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को आधुनिकतम तकनीक एवं बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा है कि सीमाओं की अभेद्य सुरक्षा के लिए बीएसएफ, सेना, जागरूक नागरिक और प्रशासन मिलकर मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाएं। शाह मंगलवार को बीकानेर जिले में […] The post बीएसएफ, सेना, जागरूक नागरिक और प्रशासन का बनाएं मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड : अमित शाह appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा को कांग्रेस ने किया खारिज
नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के साथ यहां हुयी मैराथन बैठकें राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी थीं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि इन चर्चाओं का एकमात्र ध्यान आगामी राज्यसभा और विधान […] The post कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा को कांग्रेस ने किया खारिज appeared first on Sabguru News .
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने विकास कार्यों का किया मौका निरीक्षण
जयपुर। झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ मंगलवार को क्षेत्र के विस्तृत निरीक्षण दौरे पर निकले। उन्होंने विभिन्न वार्डों में चल रहे एवं पूर्ण हुए विकास कार्यों का स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को […] The post कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने विकास कार्यों का किया मौका निरीक्षण appeared first on Sabguru News .
देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना ने किया निर्माणाधीन आवासीय बालिका विद्यालयों का निरीक्षण
अजमेर। देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना ने मंगलवार को जिले के पीसांगन एवं नसीराबाद क्षेत्र में निर्माणाधीन देवनारायण आवासीय बालिका विद्यालयों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। भड़ाना ने पीसांगन के ग्राम सरवड़ी में निर्माणाधीन […] The post देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना ने किया निर्माणाधीन आवासीय बालिका विद्यालयों का निरीक्षण appeared first on Sabguru News .
द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो: एलियंस का आगमन- एक अनोखी साई-फाई और पारिवारिक गाथा
भारतीय सिनेमा में सुपरहीरो और साई-फाई (Sci-Fi) शैली की फिल्में हमेशा से दर्शकों को आकर्षित करती रही हैं। इसी कड़ी में एक बेहद अनोखी और दिलचस्प फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है, जिसका नाम है द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो: एलियंस का आगमन (The Great Grand Superhero: Aliens Ka Aagman)। यह फिल्म न केवल बच्चों बल्कि बड़ों को भी कल्पनाओं की एक नई दुनिया में ले जाएगी। फिल्म की कहानी यह कहानी एक छोटे बच्चे और उसके दादाजी के इर्द-गिर्द घूमती है। वह बच्चा लगातार एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट होने के कारण कभी भी स्थायी दोस्त नहीं बना पाता है। लेकिन इस साधारण सी दिखने वाली जिंदगी के पीछे एक बहुत बड़ा रहस्य छिपा है। कहा जाता है कि बच्चे के दादाजी (जैकी श्रॉफ) के पास कुछ असाधारण और अद्भुत शक्तियां (Superpowers) हैं, जिनका उपयोग वे पृथ्वी को बाहरी अंतरिक्ष की अनजानी ताकतों और एलियंस के खतरों से बचाने के लिए करते हैं। बच्चा यह बात अपने दोस्तों को बताता है जो इस पर यकीन नहीं करते। तब बच्चा अपने दादा जी से शक्ति प्रदर्शन की बात कहता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, इस राज़ के खुलने का खतरा भी बढ़ता जाता है। इस बीच, बच्चे की कल्पना और हकीकत का सामना तब होता है जब पृथ्वी पर एलियंस के बड़े हमले के संकेत मिलने लगते हैं। यह फिल्म एक पोते और दादा के भावुक रिश्ते के साथ-साथ एक बेहतरीन सुपरहीरो एक्शन थ्रिलर का मिश्रण है। स्टारकास्ट (Star Cast) फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में बॉलीवुड के दिग्गज और मंझे हुए कलाकार शामिल हैं: जैकी श्रॉफ: एक ऐसे दादा के मुख्य किरदार में, जो दुनिया के सामने साधारण हैं लेकिन पीठ पीछे पृथ्वी के रक्षक हैं। शिवांश चोर्गे: पोते की भूमिका में जो अपनी मासूमियत और कल्पना से कहानी को आगे बढ़ाता है। प्रतीक बब्बर, भाग्यश्री और शरत सक्सेना: ये कलाकार भी फिल्म में बेहद महत्वपूर्ण और दमदार किरदारों में नजर आएंगे। इसके अलावा दुर्गेश कुमार, सहर्ष कुमार शुक्ला और कुमार सौरभ भी फिल्म का हिस्सा हैं। निर्देशक इस फिल्म की कमान राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी ने संभाली है। उन्होंने ही इस फिल्म की कहानी लिखी है। मनीष सैनी अपनी खास और संवेदनशील कहानी कहने की शैली के लिए जाने जाते हैं। इस बार वे पारिवारिक इमोशन और साई-फाई वीएफएक्स (VFX) का एक अनोखा तालमेल लेकर आए हैं। रिलीज़ डेट (Release Date) ज़ी स्टूडियोज (Zee Studios) और अहमदाबाद फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 29 मई 2026 को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। फिल्म से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य गीत और संगीत: प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास और आरुषी कौशल ने इस फिल्म के गाने लिखे हैं, जबकि संगीत अजय जयंती और बी. प्रसन्ना ने दिया है। वीएफएक्स (VFX): फिल्म में एलियंस और सुपरपावर्स को दिखाने के लिए 'फायरफ्लाई स्टूडियोज' और 'गिरगिट स्टूडियोज' द्वारा शानदार विजुअल्स तैयार किए गए हैं। एक्शन: फिल्म का एक्शन डायरेक्शन परवेज़ शेख ने किया है, जबकि हॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्शन प्रीविज़ (Action Previz) विशेषज्ञ वेन डलग्लिश और क्रिस क्लेमेंट्स भी इससे जुड़े हैं।
क्वालिफायर 1 में गुजरात ने बैंगलूरू के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी (Video)
इंडियन प्रीमियर लीग के क्वालिफायर 1 में गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के खिलाफ धर्मशाला में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।गुजरात ने अर्शद खान की जगह कुलवंत को मौका दिया है। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरु की टीम में कोई बदलाव नहीं है। Toss update from Dharamshala @gujarat_titans won the toss and elected to bowl first against @rcbtweets Updates https://t.co/9rs6u5obOw #TATAIPL | #Qualifier1 | #TheFinalLeap | #RCBvGT pic.twitter.com/oNia93E4e4 — IndianPremierLeague (@IPL) May 26, 2026 टीम इस प्रकार हैं: (Playing XI & Impact Sub) गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कैगिसो रबाडा, रवि श्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, एम शाहरुख खान, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, राहुल तेवतिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिलिप साल्ट, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, अभिनंदन सिंह, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी, मंगेश यादव, जॉर्डन कॉक्स, विक्की ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल।
इन 5 शहरों में बने फैन पार्क में दर्शक ले सकेंगे IPL Playoff का लुत्फ
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पांच राज्यों के पांच शहरों में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फैन पार्क्स 2026 – प्लेऑफ फेज के कार्यकम की घोषणा की फैन पार्क्स 29 और 31 मई को होस्ट किए जाएंगे, जिससे अलग-अलग इलाकों के फैंस आईपीएल सीजन के रोमांचक समापन का अनुभव एक शानदार और कार्निवल जैसे माहौल में कर सकेंगे। प्लेऑफ फेज के लिए आईपीएल फैन पार्क ग्वालियर( मध्य प्रदेश), गाजीपुर (उत्तर प्रदेश), मंगलुरु( कर्नाटक), काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) और अगरतला (त्रिपुरा) में होंगे। हर फैन पार्क में आईपीएल 2026 प्लेऑफ मैचों की लाइव स्क्रीनिंग होगी, साथ ही म्यूजिक, एंटरटेनमेंट, फ़ूड कोर्ट, बच्चों के खेलने के ज़ोन, और इंटरैक्टिव फ़ैन एंगेजमेंट एक्टिविटीज़ जैसे वर्चुअल बैटिंग जोन, बॉलिंग नेट, फेस पेंटिंग, और फैन के पसंदीदा गेम जैसे पिच परफ़ेक्ट, गेम ऑफ़ थ्रोज़ और डोंट मिस द बॉल जैसे कई दिलचस्प ऑन-ग्राउंड अनुभव होंगे।
चारागाह भूमि से अवैध मिट्टी दोहन के खिलाफ नसीराबाद एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
नसीराबाद। समीपवर्ती ग्राम बाघसूरी के देवरी माता चारागाह भूमि, नाहरपुरा सिवायचक सरकारी एवं भवानीखेड़ा सड़क मार्ग स्थित चारागाह भूमि हो रहे अवैध खनन कर मिट्टी दोहन पर अंकुश लगाने को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने नसीराबाद एसडीएम कल्पित शिवरान को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से मिट्टी दोहन करने वालों पर ठोस कार्रवाई कराने की मांग […] The post चारागाह भूमि से अवैध मिट्टी दोहन के खिलाफ नसीराबाद एसडीएम को सौंपा ज्ञापन appeared first on Sabguru News .
सचिन पायलट का अजमेर आगमन पर भव्य स्वागत, भाजपा सरकार पर साधा निशाना
अजमेर। एआईसीसी महासचिव एवं राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के मंगलवार को अजमेर आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्ण स्वागत किया। शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन के नेतृत्व में गेगल इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने पायलट का भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की […] The post सचिन पायलट का अजमेर आगमन पर भव्य स्वागत, भाजपा सरकार पर साधा निशाना appeared first on Sabguru News .
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, सिरसा डेरे के आसपास बढ़ाई सुरक्षा
सिरसा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आ गए हैं। मंगलवार सुबह उन्हें रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकाला गया और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब सवा नौ बजे सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय पहुंच गए। साध्वियों के यौन शोषण मामले […] The post राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, सिरसा डेरे के आसपास बढ़ाई सुरक्षा appeared first on Sabguru News .
घड़ी से शुरू हुआ सपना कैसे बना भारत की पहचान? ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ का ट्रेलर रिलीज
भारत के सबसे भरोसेमंद ब्रांड्स में गिने जाने वाले टाइटन की कहानी अब पर्दे पर दिखाई जाएगी। अमेज़न एमएक्स प्लेयर ने अपनी नई सीरीज़ ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया है, जिसने आते ही बिजनेस और एंटरटेनमेंट दोनों दुनिया में हलचल मचा दी है। यह सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं, बल्कि उस सोच की कहानी है जिसने भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग मैप पर पहचान दिलाई। ट्रेलर में संघर्ष, विजन और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जुनून साफ नजर आता है। यह सीरीज़ मशहूर लेखक विनय कामथ की किताब Titan - India’s Most Successful Consumer Brand से प्रेरित है। छह एपिसोड वाली इस सीरीज़ में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भारत के महान उद्योगपति जेआरडी टाटा की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि अभिनेता जिम सर्भ टाइटन के विजनरी बिजनेसमैन जेरक्सेस देसाई का किरदार निभा रहे हैं। ‘मेक इन इंडिया’ की भावना को दिखाएगी सीरीज़ ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ उस दौर की कहानी दिखाती है जब भारत आर्थिक बदलाव के मुहाने पर खड़ा था। उस समय एक भारतीय वॉच ब्रांड बनाने का सपना बहुत बड़ा और जोखिम भरा माना जाता था। लेकिन Xerxes Desai और जेआरडी टाटा ने इस सपने पर भरोसा किया और उसे हकीकत में बदल दिया। सीरीज़ में दिखाया गया है कि कैसे एक छोटे से आइडिया ने आगे चलकर भारत की पहचान बन चुकी ब्रांड टाइटन को जन्म दिया। यह कहानी सिर्फ बिजनेस की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और भारतीय सोच की ताकत की भी है। नसीरुद्दीन शाह बोले- जेआरडी टाटा का विजन बेहद खास था जेआरडी टाटा का किरदार निभा रहे नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि उन्हें इस रोल में सबसे ज्यादा आकर्षित जेआरडी टाटा की सोच और लोगों को प्रेरित करने की क्षमता ने किया। उन्होंने कहा कि जेआरडी टाटा लोगों को उनके सपनों से भी बड़ा सोचने के लिए प्रेरित करते थे और यही बात उन्हें बेहद खास बनाती है। नसीरुद्दीन शाह के मुताबिक यह सीरीज़ सिर्फ एक ब्रांड बनाने की कहानी नहीं, बल्कि विश्वास, संघर्ष और साहस की कहानी है। जिम सर्भ ने बताया क्यों खास है Xerxes Desai का किरदार वहीं जिम सर्भ ने कहा कि जेरक्सेस देसाई एक ऐसे इंसान थे जो परंपराओं को चुनौती देने से नहीं डरते थे। उनके अंदर कुछ नया बनाने और अलग सोचने का जुनून था। जिम के मुताबिक यह सीरीज़ महत्वाकांक्षा के साथ-साथ इंसानी भावनाओं और संघर्षों को भी बेहद खूबसूरती से दिखाती है। 3 जून से मुफ्त देख सकेंगे सीरीज़ करण व्यास द्वारा लिखी गई और रॉबी ग्रेवाल द्वारा निर्देशित यह सीरीज़ 3 जून 2026 से अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर मुफ्त स्ट्रीम होगी। दर्शक इसे मोबाइल, स्मार्ट टीवी, प्राइम वीडियो, फायर टीवी, जियो टीवी और एयरटेल एक्सस्ट्रीम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर देख सकेंगे।
bakrid ki kahani: बकरीद की कहानी
Bakrid story: इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक बकरीद का त्योहार ज़िलहिज्जा महीने की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। बकरीद (ईद-उल-अजहा) की यह कहानी आज से लगभग 4,000 साल पुरानी है। यह कहानी अल्लाह के एक महान पैगंबर (दूत) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम और उनके बेटे हजरत इस्माइल के गहरे विश्वास, आज्ञाकारिता और अटूट निष्ठा पर आधारित है। ALSO READ: Bakrid 2026: मुस्लिम लोग बकरीद क्यों मनाते हैं? 1. अल्लाह की कठिन परीक्षा 2. पिता और बेटे का संवाद 3. शैतान की नाकाम कोशिश 4. आंखों पर पट्टी और छुरी का चलना 5. मोजिजा (चमत्कार) और भेड़ की कुर्बानी 6. कहानी से क्या सीख मिलती है? आइए इस बेहद भावुक और प्रेरणादायक कहानी को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं: 1. अल्लाह की कठिन परीक्षा हजरत इब्राहिम बहुत बूढ़े हो चुके थे और उनके पास कोई संतान नहीं थी। उन्होंने अल्लाह से बहुत मिन्नतें कीं, जिसके बाद बुढ़ापे में उनके घर एक बेहद प्यारे बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम उन्होंने इस्माइल रखा। हजरत इब्राहिम अपने बेटे से बेइंतहा मोहब्बत करते थे। जब इस्माइल थोड़े बड़े हुए (लगभग 10-13 वर्ष के), तब अल्लाह ने हजरत इब्राहिम के इम्तिहान (परीक्षा) का फैसला किया। हजरत इब्राहिम को लगातार तीन रातों तक ख्वाब (सपने) में दिखाई दिया कि अल्लाह उनसे कह रहे हैं- 'इब्राहिम, अपनी सबसे प्यारी चीज मेरे रास्ते में कुर्बान कर दो।' 2. पिता और बेटे का संवाद हजरत इब्राहिम समझ गए कि अल्लाह उनसे उनके इकलौते और सबसे प्यारे बेटे इस्माइल की कुर्बानी मांग रहे हैं। अल्लाह का हुक्म उनके लिए सर्वोपरि था, लेकिन उन्होंने इस बारे में अपने बेटे से बात करने का फैसला किया। जब हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे से कहा: 'बेटा, मैंने ख्वाब में देखा है कि मैं तुम्हारी कुर्बानी दे रहा हूं, इस पर तुम्हारी क्या राय है?' तो छोटे से इस्माइल ने बिना किसी डर या हिचकिचाहट के जवाब दिया: 'अब्बू जान! आपको जो हुक्म दिया गया है, आप वही कीजिए। इंशाअल्लाह (अगर अल्लाह ने चाहा) तो आप मुझे सब्र (धैर्य) रखने वालों में से पाएंगे।' 3. शैतान की नाकाम कोशिश जब पिता और पुत्र दोनों अल्लाह के हुक्म को पूरा करने के लिए 'मीना' (मक्का के पास एक मैदान) की तरफ बढ़ रहे थे, तो रास्ते में शैतान ने उन्हें बहकाने की कोशिश की। शैतान ने हजरत इब्राहिम से कहा कि वह एक पिता होकर अपने ही बच्चे की जान कैसे ले सकते हैं। लेकिन हजरत इब्राहिम ने शैतान की बातों पर ध्यान नहीं दिया और उसे भगाने के लिए पत्थर मारकर दूर कर दिया। (मान्यतानुसार आज भी हज यात्रा के दौरान इसी घटना की याद में 'जमरात' पर पत्थरों से शैतान को सांकेतिक रूप से मारा जाता है, जिसे 'रमी' कहते हैं।) 4. आंखों पर पट्टी और छुरी का चलना कुर्बानी के स्थान पर पहुंचकर, हजरत इब्राहिम ने अपने बेटे को जमीन पर लिटा दिया। पिता का दिल कहीं बेटे की मासूमियत देखकर डगमगा न जाए और अल्लाह के हुक्म में कोई कमी न रह जाए, इसलिए हजरत इब्राहिम ने अपनी आंखों पर एक पट्टी बांध ली। उन्होंने हाथ में तेज छुरी ली और पूरी ताकत से अपने प्यारे बेटे की गर्दन पर चला दी। 5. मोजिजा (चमत्कार) और भेड़ की कुर्बानी जैसे ही हजरत इब्राहिम ने छुरी चलाई, अल्लाह ने उनकी सच्ची नियत, वफादारी और आत्मसमर्पण को स्वीकार कर लिया। अल्लाह के हुक्म से फरिश्ते (जिब्रईल) ने पलक झपकते ही हजरत इस्माइल को वहां से हटाकर सुरक्षित खड़ा कर दिया और छुरी के नीचे जन्नत से लाया गया एक दुंबा (नर भेड़/मेमना) रख दिया। जब हजरत इब्राहिम ने अपनी आंखों से पट्टी हटाई, तो उन्होंने देखा कि उनका बेटा इस्माइल मुस्कुराता हुआ पास में खड़ा है और छुरी के नीचे एक भेड़ की कुर्बानी हो चुकी है। तभी आसमान से आवाज आई— 'ऐ इब्राहिम, तुमने अपने ख्वाब को सच कर दिखाया। हम नेकी करने वालों को ऐसा ही बदला देते हैं।' 6. कहानी से क्या सीख मिलती है? यह कहानी सिर्फ एक जानवर की कुर्बानी देने के बारे में नहीं है। यह सिखाती है कि: अहंकार और मोह का त्याग: इंसान को ईश्वर/अल्लाह की मर्जी के सामने अपने अहंकार, स्वार्थ और अत्यधिक मोह का त्याग करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। साफ नियत: जानवर की कुर्बानी महज़ एक प्रतीक (Symbol) है। असली कुर्बानी अपनी बुराइयों, गलत आदतों और लालच को छोड़ना है। यही वजह है कि इस महान ऐतिहासिक घटना की याद में दुनिया भर के मुसलमान हर साल बकरीद (ईद-उल-अजहा) मनाते हैं और बकरे, भेड़ या ऊंट की कुर्बानी देकर उसके मांस को गरीबों और जरूरतमंदों में बांटते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Eid ul Azha 2026: कब मनाई जाएगी ईद उल-अज़हा, जानें परंपरा और महत्व
FIFA World Cup 2026 के लिए स्पेन की टीम हुई घोषित
चोटिल फॉरवर्ड लामिन यामल को स्पेन की विश्व कप की 26 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है इसमें पहली बार रियल मैड्रिड के किसी भी खिलाड़ी को जगह नहीं मिली है।18 साल के लामिन यामल 22 अप्रैल को बार्सिलोना के लिए खेलते समय बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के बाद सीज़न का आखिरी महीना नहीं खेल पाए थे। एथलेटिक बिलबाओ के विंगर निको विलियम्स, जो हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें भी 26 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने कहा, “हम बहुत रिलैक्स हैं। किसी भी तरह की दिक्कत को छोड़कर, हमारे पास पहले मैच से ही सभी उपलब्ध रहेंगे।”ग्रुप एच में स्पेन 15 जून को पर्दापण कर रही केप वर्डे, 21 जून को सऊदी अरब और 26 जून को उरुग्वे से खेलेगा। मिडफील्डर मिकेल मेरिनो, जो पैर में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण चार महीने बाहर रहने के बाद रविवार को आर्सेनल के इस सीजन के आखिरी प्रीमियर लीग गेम में लौटे थे, उन्हें शामिल किया गया है। वह क्लब के साथी डेविड राया और मार्टिन जुबिमेंडी, टोटेनहम के पेड्रो पोरो, चेल्सी के मार्क कुकुरेला, मैनचेस्टर सिटी के रोड्री और क्रिस्टल पैलेस के येरेमी पिनो के साथ सात प्रीमियर लीग खिलाड़ियों में से एक हैं। अनकैप्ड डिफेंडर एरिक गार्सिया और मार्क पबिल को बार्सिलोना और एटलेटिको मैड्रिड के लिए शानदार प्रदर्शन करने के बाद टीम में शामिल किया गया है। स्पेन विश्व कप टीम:- गोलकीपर: उनाई साइमन (एथलेटिक बिलबाओ), डेविड राया (आर्सेनल), जोन गार्सिया (बार्सिलोना)। डिफेंडर : मार्कोस लोरेंटे (एटलेटिको मैड्रिड), मार्क पबिल (एटलेटिको मैड्रिड), पेड्रो पोरो (टोटेनहम), एमेरिक लापोर्टे (एथलेटिक बिलबाओ), एरिक गार्सिया (बार्सिलोना), पाउ क्यूबार्सी (बार्सिलोना), मार्क कुकुरेला (चेल्सी), एलेजांद्रो ग्रिमाल्डो (बायर लेवरकुसेन)। मिडफील्डर : रोड्री (मैनचेस्टर सिटी), मार्टिन ज़ुबिमेंडी (आर्सेनल), मिकेल मेरिनो (आर्सेनल), पेड्री (बार्सिलोना), गैवी (बार्सिलोना), फैबियन रुइज़ (पेरिस सेंट-जर्मेन), एलेक्स बेना (एटलेटिको मैड्रिड)। फॉरवर्ड: येरेमी पिनो (क्रिस्टल पैलेस), विक्टर मुनोज़ (ओसासुना), मिकेल ओयारज़ाबल (रियल सोसिएदाद), फेरान टोरेस (बार्सिलोना), लैमिन यामल (बार्सिलोना), डैनी ओल्मो (बार्सिलोना), निको विलियम्स (एथलेटिक बिलबाओ), बोर्जा इग्लेसियस (सेल्टा विगो)।
ज्योतिष विश्लेषण: जून माह में कैसा रहेगा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिदृष्य
वर्तमान समय में न केवल भारत की घरेलू राजनीति बल्कि वैश्विक कूटनीति भी एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। एक तरफ जहां देश के भीतर राजनीतिक दल नए समीकरण बनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय पटल पर महाशक्तियों के बीच वर्चस्व की जंग और कूटनीतिक रस्साकशी तेज हो गई है। ज्योतिषीय गणनाओं से लेकर जमीनी हकीकतों तक, यह समय बड़े राजनीतिक फेरबदल और रणनीतिक फैसलों का गवाह बन रहा है। ALSO READ: जून 2026 में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज, जानिए क्या कहता है ज्योतिष 1. घरेलू राजनीति: अस्थिरता का माहौल और सत्ता का संतुलन भारतीय राजनीति इस समय एक दिलचस्प मोड़ पर है। ग्रहों के फेरबदल और राहु-केतु के गोचर के प्रभाव के चलते देश के भीतर राजनीतिक हलचल काफी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। यह ज्योतिषीय और रणनीतिक संयोग विपक्ष को और अधिक आक्रामक बनाने की जमीन तैयार कर रहा है। विपक्ष की घेराबंदी और मुख्य मुद्दे: देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर विपक्ष लामबंद हो रहा है। सरकार को घेरने के लिए सड़क से लेकर संसद तक एक ठोस और संयुक्त रणनीति बनाई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में देश के कुछ हिस्सों में छिटपुट विरोध प्रदर्शन और जन-आंदोलन देखने को मिल सकते हैं। राज्यसभा का गणित: इस समय राज्यसभा की 71 सीटों के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक गुणा-भाग चरम पर है। हर एक सीट के लिए जोड़-तोड़ और गठबंधन की राजनीति सक्रिय है। सरकार की स्थिति: विपक्ष के पुरजोर प्रयासों और विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, मौजूदा सरकार की स्थिति मजबूत बनी रहेगी। संख्या बल और रणनीतिक प्रबंधन के मामले में सरकार इस राजनीतिक उठापटक को संभालने और अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल साबित होगी। 2. वैश्विक पटल: कूटनीतिक रस्साकशी का दौर अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से जून का महीना बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के नए अध्यक्ष के चुनाव और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के अस्थायी सदस्यों के चयन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। वर्चस्व की जंग: इन चुनावों को लेकर दुनिया की महाशक्तियों (जैसे अमेरिका, चीन और रूस) के बीच पर्दे के पीछे की कूटनीतिक रस्साकशी तेज हो गई है। हर गुट चाहता है कि विश्व निकाय में उनके समर्थक देशों को स्थान मिले, ताकि वे वैश्विक नीतियों को अपने पक्ष में मोड़ सकें। ALSO READ: जून 2026 में किस राशि को मिलेगा बड़ा लाभ और किसे होगा नुकसान? पढ़ें मासिक राशिफल 3. भारत का बढ़ता दबदबा: 'ग्लोबल साउथ' का नेतृत्व इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और एक मार्गदर्शक के रूप में उभर कर सामने आई है। भारत अब केवल एक मूकदर्शक नहीं, बल्कि वैश्विक एजेंडा तय करने वाले देशों में शुमार है। ग्लोबल साउथ की आवाज: भारत विकासशील और कम विकसित देशों (Global South) की चिंताओं, जैसे कि जलवायु परिवर्तन, कर्ज का संकट और खाद्य सुरक्षा, को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रखरता से उठा रहा है। ब्रिक्स (BRICS) और क्वाड (QUAD) में केंद्रीय भूमिका: भारत एक तरफ 'ब्रिक्स' के माध्यम से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ खड़ा है, तो दूसरी तरफ 'क्वाड' के जरिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित कर रहा है। ALSO READ: जून माह 2026 के प्रमुख व्रत एवं त्योहारों लिस्ट संतुलन बनाने की कला (Balancing Act): भारत की सबसे बड़ी कूटनीतिक खूबी यह है कि वह पश्चिमी देशों और रूस-चीन जैसे ध्रुवों के बीच एक कुशल 'संतुलन कर्ता' (Balancer) की भूमिका निभा रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की साख और विश्वसनीयता दोनों बढ़ी हैं। 4. अंतरराष्ट्रीय तनाव: तकनीकी शीत युद्ध और युद्ध के मोर्चे दुनिया इस समय दोहरे संकट से जूझ रही है- एक तरफ पारंपरिक युद्ध हैं तो दूसरी तरफ आधुनिक तकनीक का शीत युद्ध। अमेरिका-चीन शीत युद्ध (AI और व्यापार प्रतिबंध): वाशिंगटन और बीजिंग के बीच का तनाव अब केवल व्यापार घाटे तक सीमित नहीं है। अब असली लड़ाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर चिप्स और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी पर कब्जे को लेकर है। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे पर लगाए जा रहे व्यापारिक और तकनीकी प्रतिबंधों ने एक नए 'डिजिटल शीत युद्ध' को जन्म दे दिया है। रूस-यूक्रेन और मिडिल-ईस्ट संकट: लंबे समय से खिंच रहे रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व (मिडिल-ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऊर्जा संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है, जिसका समाधान फिलहाल कूटनीतिक मेज पर नजर नहीं आ रहा है। ALSO READ: जून 2026 का ज्योतिषीय विश्लेषण: कैसा रहेगा मौसम, राजनीति, राशि और देश-दुनिया का हाल? निष्कर्ष: कुल मिलाकर, आगामी समय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों मोर्चों पर बेहद संवेदनशील है। जहां भारत को घरेलू स्तर पर विपक्ष के तीखे तीरों और आर्थिक चुनौतियों से निपटना होगा, वहीं वैश्विक स्तर पर अपनी सूझबूझ भरी विदेश नीति के जरिए महाशक्तियों के टकराव के बीच अपना रास्ता बनाना होगा। भारत की यह संतुलित कूटनीति ही उसे आने वाले समय में एक 'विश्वमित्र' और वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।
बुलंदशहर में अवैध संबंध के शक में पति ने की पत्नी की हत्या
बुलन्दशहर। उत्तर प्रदेश में बुलन्दशहर जिले के खुर्जा नगर थाना क्षेत्र के गांव आसफपुर में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी की हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अंतरिक्ष कुमार जैन ने बताया कि 25 और 26 […] The post बुलंदशहर में अवैध संबंध के शक में पति ने की पत्नी की हत्या appeared first on Sabguru News .
अलवर : पेट में ब्लेड मारकर महिला ने की सुसाइड
अलवर। राजस्थान में अलवर के अखेपुरा मोहल्ले में सोमवार आधी रात एक महिला ने परिवार के सोने के बाद अपने पेट में ब्लेड मार कर आत्महत्या कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात जब परिवार के अन्य लोग सो गए तो रात करीब 12 बजे महिला सीमा ने अपने पेट पर ब्लेड से वार […] The post अलवर : पेट में ब्लेड मारकर महिला ने की सुसाइड appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में जुगाड़ वाहन की चपेट में आने से बच्चे की मौत
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के समेजाकोठी थाना क्षेत्र में एक बच्चे की सोमवार देर शाम एक जुगाड़ वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि तीरथ सिंह रामसराय कुम्हारांवाली जोहड़ी के गुरुद्वारा में सेवादार है। उसका पुत्र अमृतपाल सिंह (12) इन दिनों ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते अपने पिता […] The post श्रीगंगानगर में जुगाड़ वाहन की चपेट में आने से बच्चे की मौत appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ टाऊन में बहू से तंग आकर सास ने सल्फास की गोलियां खाकर की आत्महत्या
हनुमानगढ़ टाऊन। राजस्थान में हनुमानगढ़ टाउन में एक बुजुर्ग महिला ने अपनी बहू से तंग आकर सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि जगदीश चुघ (62) की शिकायत पर उसकी बहू काजल, काजल के पिता यादवेंद्र मक्कड़ और मां सुषमा मक्कड़ निवासी संगरिया के खिलाफ मामला दर्ज किया […] The post हनुमानगढ़ टाऊन में बहू से तंग आकर सास ने सल्फास की गोलियां खाकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
ओडिशा में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के अंदर दम घुटने से 6 लोगों की मौत
भुवनेश्वर। ओडिशा के कालाहांडी जिले में मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसे में एक गांव में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के भीतर फंसने से कम से कम छह लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना जिले के जहां मदनपुर-रामपुर ब्लॉक के तहत आने वाले गौड़ करलाखुंटा गांव में तब हुई जब […] The post ओडिशा में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के अंदर दम घुटने से 6 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
जून 2026 में किस राशि को मिलेगा बड़ा लाभ और किसे होगा नुकसान? पढ़ें मासिक राशिफल
जून 2026 का महीना कई राशियों के लिए नई शुरुआत, तरक्की और धन लाभ के संकेत लेकर आ रहा है, वहीं कुछ लोगों को करियर, स्वास्थ्य और रिश्तों में सावधानी बरतनी पड़ सकती है। ग्रह-नक्षत्रों के बदलाव का असर मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों पर दिखाई देगा। जानिए जून माह 2026 का मासिक राशिफल, किस राशि के लिए समय रहेगा शुभ और किसे रहना होगा सतर्क। जून माह मासिक राशिफल 2026 | June monthly horoscope 2026 1. मेष राशि करियर व धन: काम का भारी दबाव, अनचाहा ट्रांसफर संभव। परिवार पर खर्चे बढ़ेंगे। रिश्ते व सेहत: पार्टनर से अनबन। गले में इन्फेक्शन और आंखों में जलन की आशंका। उपाय: शनिवार को शनि हवन करें। 2. वृषभ राशि करियर व धन: नौकरी में तरक्की, विदेश में पढ़ाई के योग। अचानक बड़ा धन लाभ होगा। रिश्ते व सेहत: लव लाइफ और परिवार में खुशियां। सेहत उत्तम रहेगी। उपाय: रोज़ 'ॐ शुक्राय नमः' जपें। 3. मिथुन राशि करियर व धन: काम का अत्यधिक दबाव, भाग्य में रुकावट। जीवनसाथी की सेहत पर खर्च। रिश्ते व सेहत: पारिवारिक विवाद संभव। गर्दन, कंधे में दर्द की शिकायत। उपाय: रोज़ 'नारायणीयम' का पाठ करें। 4. कर्क राशि करियर व धन: करियर में उतार-चढ़ाव, स्थान परिवर्तन के योग। भारी खर्चे से चिंता। रिश्ते व सेहत: वैवाहिक जीवन में तनाव। पेट दर्द और पैरों में तकलीफ। उपाय: शनिवार को राहु हवन करें। 5. सिंह राशि करियर व धन: कड़ी मेहनत के बाद भी असंतुष्टि, व्यापार में घाटा संभव। धन लाभ औसत। रिश्ते व सेहत: अविवाहितों के विवाह के योग। जीवनसाथी की सेहत बिगड़ सकती है। उपाय: रोज़ 'आदित्य हृदय स्तोत्र' पढ़ें। 6. कन्या राशि करियर व धन: प्रमोशन के योग, लेकिन दबाव रहेगा। अचानक बड़ा धन लाभ और बचत होगी। रिश्ते व सेहत: परिवार और पार्टनर से मजबूत रिश्ते। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: रोज़ 'ॐ बुधाय नमः' जपें। 7. तुला राशि करियर व धन: बिजनेस में बड़ा मुनाफा, नए अवसर। पुराने निवेश से लाभ। रिश्ते व सेहत: परिवार में अच्छा समय बीतेगा। आंखों और गले में समस्या संभव। उपाय: मंगलवार को केतु हवन करें। 8. वृश्चिक राशि करियर व धन: करियर में कड़ी चुनौतियां। धन लाभ बढ़ेगा, पर आकस्मिक खर्च भी होंगे। रिश्ते व सेहत: जीवनसाथी से आपसी समझ बढ़ेगी। नींद की कमी व अपच की समस्या। उपाय: रोज़ 'ॐ राहवे नमः' जपें। 9. धनु राशि करियर व धन: करियर में तरक्की, विदेश यात्रा के योग। खर्च बढ़ने से कर्ज की नौबत। रिश्ते व सेहत: लव लाइफ में दूरियां आ सकती हैं। मोटापा और गले की खराश से बचें। उपाय: रोज़ 'ॐ गुरुवे नमः' जपें। 10. मकर राशि करियर व धन: कार्यों में देरी और रुकावटें। खर्च बढ़ने के कारण लोन लेना पड़ सकता है। रिश्ते व सेहत: वैवाहिक जीवन और परिवार में कलह। पैरों और नसों में दर्द संभव। उपाय: शनिवार को शनि हवन करें। 11. कुंभ राशि करियर व धन: नए अवसरों में कमी, महत्वपूर्ण निर्णयों में सावधानी रखें। धन की तंगी रहेगी। रिश्ते व सेहत: जीवनसाथी से विवाद की आशंका। आंखों की सेहत का ध्यान रखें। उपाय: शनिवार को शनि पूजा करें। 12. मीन राशि करियर व धन: अधिकारियों का भारी दबाव। धन का प्रवाह अच्छा रहेगा, पर सुख नहीं ले पाएंगे। रिश्ते व सेहत: संतान व लव लाइफ को लेकर तनाव। पैरों और जांघों में दर्द संभव। उपाय: मंगलवार को राहु-केतु पूजा करें।
कोहली फैंस ने ट्रेविस हेड की पत्नी जेसिका से बेशर्मी की हद पार कर दी
ऑस्ट्रेलिया और सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज ट्रैविस हेड की पत्नी जेसिका ने आरोप लगाया है कि IPL 2026 इंडियन प्रीमियर लीग के मैच के दौरान उनके पति की भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली के साथ मैदान पर हुई कहासुनी के बाद उनके सोशल मीडिया खासकर इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपमानजनक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। पिछले शुक्रवार को हैदराबाद में खेले गए मैच में ट्रैविस हेड और विराट कोहली के बीच कहासुनी हो गई थी। कोहली ने मैच समाप्त होने के बाद ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी से हाथ नहीं मिलाया था। सनराइजर्स हैदराबाद ने इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 55 रन से हराया था। जेसिका ने कहा कि तब से उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर अपमानजनक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है।जेसिका ने ‘The Adelaide Advertiser’ से कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि जिस तरह से विश्व कप के बाद दुर्व्यवहार किया गया था, वह फिर से दोहराया जा रहा है।’’ Keep cooking dhobian akash sir .. they are abusing head and his wife just because he has two kids and dhoni lost his testosterone at age of 31. pic.twitter.com/Ngaqp0i6zo — V (@26ixty9) May 26, 2026 Biggest Embarrassment for Virat Kohli After print media, electronic media of Australia calls out Virat Kohli fans on abusing Travis Head and his wife on social media. pic.twitter.com/1JtPn9IOqx — Ctrl C Ctrl Memes (@Ctrlmemes_) May 25, 2026 यह बात उन्होंने 2023 में खेले गए वनडे विश्व कप के फाइनल के संदर्भ में कही जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराया था और हेड ने 137 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला था।जेसिका ने कहा, ‘‘मैं सुबह उठी तो मैंने देखा कि मेरे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार संदेश आ रहे हैं। वे मेरे दोस्तों और परिवार के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं।’’ इस मुद्दे पर पूर्व क्रिकेटर और कमेटेटर आकाश चोपड़ा ने भी ट्वीट कर आपत्ति जताई है। उन्होंने लिखा कि जो लोग अपनी पत्नियों या बच्चों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं, वे सबसे घटिया किस्म के लोग होते हैं।हो सकता है कि इस कमेंट के नीचे भी ऐसे कुछ लोग मिल जाएँ।यही घटिया लोग अपने या अपने आदर्शों के बारे में ज़रा सी भी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पाते। पाखंडी कहीं के। We indians want to apologise to travis head and his family on behalf of kohli fans for bringing shame to my country pic.twitter.com/mbFR6wzx5y — Sumit (@innocent2904) May 25, 2026 इस बीच भारत के पूर्व खिलाड़ी वसीम जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि कोहली को हेड से हाथ मिलाना चाहिए था।उन्होंने कहा, ‘‘उस बात को वहीं पर खत्म कर देना चाहिए था। उन्हें हाथ मिलाकर उसे भूल जाना चाहिए था। कोहली इस खेल के दूत हैं और यह (हाथ नहीं मिलाना) सही नहीं था। वह इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था।’’
देखती रह गई पुलिस और पब्लिक, टावर पर चढी युवती फंदे से झूली
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। धुमाडांड गांव की 22 वर्षीय युवती नीलिमा लकड़ा ने मंगलवार सुबह कुनकुरी थाना परिसर के सामने स्थित ऊंचे टावर पर चढ़कर फांसी लगा ली। घटना के दौरान युवती मोबाइल पर कुछ देख रही थी। परिजनों […] The post देखती रह गई पुलिस और पब्लिक, टावर पर चढी युवती फंदे से झूली appeared first on Sabguru News .
जून माह 2026 के प्रमुख व्रत एवं त्योहारों लिस्ट
Fast and festival list of June 2026: वर्ष 2026 के जून माह में ज्येष्ठ माह का अधिकमास 15 जून तक रहेगा इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ माह प्रारंभ होगा, जो 29 जून तक रहेगा। 30 जून से आषाढ़ माह प्रारंभ हो जाएगा। चलिए जानते हैं जून माह के प्रमुख व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट। 03 जून (बुधवार): विभुवन संकष्टी चतुर्थी 07 जून (रविवार): अधिक भानु सप्तमी 08 जून (सोमवार): अधिक कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 11 जून (गुरुवार): परम एकादशी (अधिकमास की एकादशी) 12 जून (शुक्रवार): प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष) 13 जून (शनिवार): मासिक शिवरात्रि 15 जून (सोमवार): ज्येष्ठ अधिक अमावस्या (अधिकमास समाप्त), मिथुन संक्रांति 17 जून (बुधवार): महाराणा प्रताप जयंती 21 जून (रविवार): भानु सप्तमी, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (साल का सबसे बड़ा दिन) 22 जून (सोमवार): धूमावती जयंती, मासिक दुर्गाष्टमी 23 जून (मंगलवार): महेश नवमी 25 जून (गुरुवार): निर्जला एकादशी, गायत्री जयंती (बिना पानी के रखा जाने वाला साल का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण एकादशी व्रत) 27 जून (शनिवार): शनि प्रदोष व्रत 29 जून (सोमवार): वट पूर्णिमा व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा, संत कबीर दास जयंती 30 जून (मंगलवार): आषाढ़ मास का प्रारंभ ALSO READ: जून 2026 का ज्योतिषीय विश्लेषण: कैसा रहेगा मौसम, राजनीति, राशि और देश-दुनिया का हाल? ALSO READ: 2 जून से कर्क राशि में गुरु का महागोचर, जानें 12 राशियों पर क्या पड़ेगा शुभ-अशुभ प्रभाव ALSO READ: मई-जून में शुरू होगा विनाशकारी खप्पर योग, पिछले साल इस योग में हुआ था भारत-पाक युद्ध
अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें महत्व, कथा और संक्षिप्त पूजा विधि
Padmini Ekadashi Importance: पद्मिनी एकादशी, हिन्दू धर्म में एक अत्यंत पवित्र और शुभ दिन माना जाता है। यह एकादशी विशेष रूप से अधिकमास (Adhika Maas) में आती है, जो कि तीन साल में एक बार आता है। अधिकमास को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह समय पुण्य कमाने और भगवान की भक्ति में लीन होने का अनुकूल अवसर होता है। इस बार पद्मिनी एकादशी 27 मई 2026, दिन बुधवार को मनाई जा रही है। ALSO READ: कैच नहीं छूटता तो कुलदीप ले लेते हैट्रिक, बने मैन ऑफ द मैच (Video) 3 वर्ष बाद आने वाले इस पावन व्रत का महत्व, पौराणिक कथा और पूजन की विधि नीचे दी गई है: पद्मिनी एकादशी का महत्व पद्मिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को जीवन के सभी सुखों की प्राप्ति होती है और अंत में मोक्ष मिलता है। मान्यता है कि जो फल कठिन तपस्या, यज्ञ और दान से भी नहीं मिलता, वह मात्र अधिकमास की पद्मिनी एकादशी का व्रत रखने से प्राप्त हो जाता है। मान्यतानुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जाने-अनजाने में हुए सभी पाप कट जाते हैं। साथ ही अधिकमास में किए गए धार्मिक कार्यों का फल अनंत गुना होकर मिलता है। धार्मिक ग्रंथों में संतान प्राप्ति और सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत अचूक माना गया है। पद्मिनी एकादशी की पौराणिक कथा पद्मिनी एकादशी की कथा त्रेतायुग के प्रतापी राजा कीर्तवीर्य और उनकी पत्नी पद्मिनी से जुड़ी है। संतानहीन राजा की चिंता त्रेतायुग में हैहय वंश में कृतवीर्य नाम के राजा राज करते थे। उनकी कई रानियां थीं, लेकिन किसी से भी उन्हें संतान का सुख प्राप्त नहीं हुआ। संतान न होने के कारण राजा और उनकी रानियां सदैव चिंतित और दुखी रहते थे। सारा राजपाठ और वैभव भी उन्हें आनंद नहीं दे पा रहा था। कठिन तपस्या का मार्ग संतान की कामना के लिए राजा कृतवीर्य ने अपना राजपाट मंत्रियों को सौंप दिया और अपनी परम प्रिय रानी पद्मिनी के साथ गंधमादन पर्वत पर तपस्या करने चले गए। राजा ने हजारों वर्षों तक कठिन तप किया, उनका शरीर क्षीण हो गया, लेकिन फिर भी उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हुई। देवी अनुसूया का मार्गदर्शन रानी पद्मिनी ने तब सती अनुसूया जी से इसका उपाय पूछा। माता अनुसूया ने कहा, 'हे देवी! हर तीन वर्ष में एक बार आने वाला मलमास (अधिकमास) अत्यंत पवित्र है। इसमें आने वाले शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम पद्मिनी है। यदि तुम इस एकादशी का विधि-विधान से व्रत करोगी, तो भगवान पुरुषोत्तम तुम्हारी इच्छा अवश्य पूरी करेंगे।' व्रत का प्रभाव और पराक्रमी पुत्र का जन्म रानी पद्मिनी ने माता अनुसूया के कहे अनुसार अधिकमास की एकादशी का निराहार रहकर पूरी श्रद्धा से व्रत किया और रात्रि जागरण किया। रानी के इस कठिन व्रत से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्होंने वरदान मांगने को कहा। रानी ने कहा, 'प्रभु! मेरे पति को संतान प्राप्ति का वरदान दीजिए।' तब भगवान विष्णु ने राजा से वरदान मांगने को कहा। राजा कृतवीर्य ने वर मांगा, 'हे नाथ! मुझे एक ऐसा पुत्र प्राप्त हो जो सर्वगुण संपन्न हो, तीनों लोकों में आदरणीय हो और जिसे आपके अतिरिक्त कोई और परास्त न कर सके।' कथा का सुखद अंत: भगवान विष्णु ने 'तथास्तु' कहा और अंतर्ध्यान हो गए। समय आने पर रानी पद्मिनी के गर्भ से एक अत्यंत पराक्रमी पुत्र ने जन्म लिया, जो आगे चलकर कार्तवीर्य अर्जुन (सहस्रार्जुन) के नाम से प्रसिद्ध हुआ। वह इतना शक्तिशाली था कि उसने लंकापति रावण को भी बंदी बना लिया था। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा व्रत की संक्षिप्त पूजा विधि सुबह का संकल्प: एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थापना: चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। धूप-दीप और भोग: भगवान को पीले फूल, पीले फल, तुलसी दल, अक्षत और चंदन अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं। कथा और आरती: पद्मिनी एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में विष्णु जी की आरती करें। जागरण: इस व्रत में रात के समय जागरण करने का विशेष महत्व है। पारणा: द्वादशी तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में किसी ब्राह्मण को भोजन या दान देकर व्रत का पारणा (व्रत खोलना) करें। अधिकमास 2026 और पद्मिनी एकादशी– FAQs 1. अधिकमास का धार्मिक महत्व क्या है? उत्तर: यह मास व्रत, दान और पूजा का सर्वोत्तम समय है। इस मास में किए गए धार्मिक कार्यों का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। 2. अधिकमास में दान का महत्व क्या है? उत्तर: इस मास में गरीबों और ब्राह्मणों को दान करने से पुण्य का फल बढ़ जाता है और व्यक्ति के जीवन में समृद्धि आती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Padmini Ekadashi 2026: अधिकमास की पद्मिनी एकादशी की 5 खास बातें, जानिए व्रत रखने के 5 नियम
रैवत डूंगरिया खुर्द में देवी शक्ति महापुराण की कथा का शुभारंभ
धूमधाम से निकली कलश यात्रा पुष्कर/अजमेर। अधिक ज्येष्ठ मास के पावन अवसर पर पुष्कर के समीपवर्ती रैवत डूंगरिया खुर्द गांव स्थित जोगणिया कृषि फार्म बांया सा महाराज की बगीची में स्थापित मंशापूर्ण महामाई जोगमाया सातू बहना धाम में सोमवार को देवी शक्ति महापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। कथा […] The post रैवत डूंगरिया खुर्द में देवी शक्ति महापुराण की कथा का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
अधिकमास की पद्मिनी एकादशी का व्रत किस तरह रखें, 5 जरूरी नियम
अधिकमास (जिसे मलमल या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है) में आने वाली पद्मिनी एकादशी का व्रत बेहद खास और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से यज्ञों के समान पुण्य मिलता है। यदि आप इस व्रत को रखने की सोच रहे हैं, तो इसके 5 सबसे जरूरी नियम और इसकी सरल विधि नीचे दी गई है। पद्मिनी एकादशी व्रत के 5 जरूरी नियम 1. दशमी तिथि से ही नियमों का पालन (तामसिक भोजन का त्याग) एकादशी व्रत का नियम एक दिन पहले यानी दशमी तिथि की शाम से ही शुरू हो जाता है। दशमी के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन न करें। इस दिन मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन, मसूर की दाल और चावल का पूरी तरह त्याग कर दें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा 2. निराहार या फलाहार का संकल्प एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही व्रत का प्रकार चुनें—चाहे आप निर्जला (बिना पानी के), जलाहार (केवल पानी पीकर) या फलाहार (फल और दूध) रखना चाहते हों। जबरदस्ती शरीर को कष्ट देकर व्रत न रखें, क्योंकि भगवान भाव के भूखे होते हैं। 3. कांसे के बर्तन और चावल का निषेध एकादशी के दिन घर में चावल बनाना और खाना पूरी तरह वर्जित होता है। इस दिन भोजन या फलाहार के लिए कांसे के बर्तनों का उपयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए। मिट्टी, सोने, चांदी या स्टील के बर्तनों का उपयोग किया जा सकता है। 4. वाणी पर नियंत्रण और रात्रि जागरण एकादशी व्रत सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि मन को शुद्ध रखने का पर्व है। इस दिन किसी की बुराई (निंदा), गुस्सा या झूठ बोलने से बचें। विष्णु पुराण के अनुसार, एकादशी की रात को सोना नहीं चाहिए। रात में भगवान विष्णु के भजनों, मंत्रों (जैसे: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) का कीर्णन या भगवद्गीता का पाठ करना चाहिए। 5. द्वादशी को सही समय पर पारण (व्रत खोलना) व्रत का पूरा फल तभी मिलता है जब उसका पारण सही समय पर किया जाए। द्वादशी तिथि के दिन सुबह उठकर स्नान और पूजा करने के बाद किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराएं या दान-दक्षिणा दें। इसके बाद ही शुभ मुहूर्त में स्वयं भोजन ग्रहण कर व्रत खोलें। व्रत रखने की सरल विधि सुबह की पूजा: एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें। संकल्प: भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने हाथ में जल और अक्षत (खड़े अन्न के बजाय तिल का उपयोग करें) लेकर व्रत का संकल्प लें। पूजन सामग्री: भगवान विष्णु को पीले फूल, पीला चंदन, धूप, दीप और तुलसी दल अर्पित करें। (याद रखें, एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते, इसलिए एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें)। कथा का श्रवण: पद्मिनी एकादशी की व्रत कथा जरूर पढ़ें या सुनें। शाम की आरती: संध्याकाल में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाकर आरती करें। विशेष टिप: चूंकि यह अधिकमास की एकादशी है, इसलिए इस दिन श्री कृष्ण या भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने से सामान्य एकादशी की तुलना में कई गुना अधिक फल मिलता है।
दिल्ली में सीएनजी दो रुपए महंगी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीएनजी के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं।दिल्ली और आसपास के शहरों में सीएनजी की आपूर्ति करने वाली सिटी गैस वितरण कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने मंगलवार से इसकी कीमत दो रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ा दी है। दिल्ली में अब एक किलोग्राम सीएनजी की कीमत 83.09 रुपए हो […] The post दिल्ली में सीएनजी दो रुपए महंगी appeared first on Sabguru News .
देश दुनिया की लाइव खबरें 26 मई 2026 | Aaj Tak Live
Live news of the country and the world 26 May 2026 | Aaj Tak Live Aaj Tak Breaking News 26 May 2026 दिन भर की खबरें 26 मई 2026 की देश दुनिया की आज तक लाइव खबरें यहां पढ़ें। यहां भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, विज्ञान-तकनीक, मौसम अपडेट और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी हर ताज़ा व बड़ी खबर तुरंत पाएँ। इस पेज पर दिन भर की खबरें अपडेट होंगीं.. आज की ताज़ा खबरें और बड़ी खबरें 26 मई को क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी करेंगे जयशंकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के कुछ दिनों बाद, भारत आज क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेगा, जिसमें मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक पर बातचीत मुख्य एजेंडा होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 मई को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के अपने समकक्षों की मेज़बानी करेंगे; यह बैठक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत की द्विपक्षीय यात्रा के समापन पर होगी। राष्ट्रपति आज से शुरू हो रही तीन दिवसीय सिक्किम यात्रा के दौरान नाथू ला दर्रे का दौरा करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से शुरू हो रही अपनी तीन दिवसीय सिक्किम यात्रा के दौरान भारत-चीन सीमा पर स्थित नाथू ला दर्रे का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में बताया कि मुर्मू मंगलवार को गंगटोक स्थित नामग्याल इंस्टीट्यूट ऑफ तिब्बतोलॉजी का दौरा करेंगी। बयान में आगे कहा गया है कि मुर्मू 28 मई को गंगटोक में सिक्किम पुलिस को 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडियाज़ पुलिस कलर' प्रदान करेंगी। हाई कोर्ट पहुंचा दिल्ली जिमखाना क्लब दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्यों ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र के उस आदेश के खिलाफ याचिका दायर की, जिसमें क्लब से 5 जून तक अपना परिसर सरकार को सौंपने के लिए कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने तत्काल सुनवाई के लिए जस्टिस अवनीश झिंगन के सामने इस मामले का ज़िक्र किया। कोर्ट ने इस मुकदमे को आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सिद्धारमैया आज दिल्ली आएंगे कर्नाटक सरकार के हाल ही में तीन साल पूरे करने के बाद, नेतृत्व में बदलाव या कैबिनेट में फेरबदल को लेकर चल रही ज़ोरदार अटकलों के बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आज सुबह कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में वे राज्यसभा और विधान परिषद के आगामी चुनावों पर चर्चा करेंगे। पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए इंतज़ाम पूरे अधिकारियों के मुताबितॉक पंजाब में आज को 103 स्थानीय निकायों (जिनमें आठ नगर निगम शामिल हैं) के चुनावों के लिए ज़रूरी इंतज़ाम पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वोटों की गिनती 29 मई को होगी। इन स्थानीय निकायों के 1,896 वार्डों में बैलेट पेपर के ज़रिए मतदान होगा। मतदान सुबह 8 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे तक चलेगा। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के ज़रिए केंद्र लोगों को 'लूट' रहा है: सपकाल महाराष्ट्र कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी करके आम लोगों को 'लूटने' का आरोप लगाते हुए कीमतों में तत्काल कटौती की मांग की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने घोषणा की कि कांग्रेस मंगलवार (आज) से महाराष्ट्र के हर ज़िले में अपने विभिन्न विभागों, प्रकोष्ठों और संबद्ध संगठनों के ज़रिए विरोध प्रदर्शन करेगी। इन प्रदर्शनों के ज़रिए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को वापस लेने और नागरिकों की इस 'लूट' को खत्म करने की मांग की जाएगी। लक्ष्य और सिंधु सिंगापुर ओपन में भारत की चुनौती की अगुवाई करेंगे 26 मई को तेलंगाना के 16 ज़िलों के लिए लू की चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज मंगलवार के लिए तेलंगाना के 16 ज़िलों में लू की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम, खम्मम, कुमारम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, करीमनगर, पेद्दापल्ली, नलगोंडा, सूर्यपेट, महबूबाबाद, वारंगल, हनुमकोंडा, जगतियाल, राजन्ना सिरसिला और जनगांव ज़िलों के कुछ हिस्सों में लू चलने की प्रबल संभावना है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 26 May 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ तालमेल अच्छा रहेगा धन: निवेश के लिए दिन उत्तम है। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Numerology Horoscope May 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल (25 से 31 मई): जानें आपके भाग्य और जीवन की दिशा 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में कुछ चुनौतीपूर्ण स्थितियां आ सकती हैं, धैर्य रखें। लव: जीवनसाथी के साथ पुराने विवाद सुलझेंगे। धन: फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: ठंडी चीजों के सेवन से बचें। उपाय: छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों को बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। लव: अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। धन: आज रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: योग को दिनचर्या में शामिल करें। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: नौकरी में पदोन्नति के योग बन रहे हैं। लव: लव पार्टनर से उपहार मिल सकता है। धन: संपत्ति खरीदने के लिए आज का दिन श्रेष्ठ है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर दूध और जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: आत्मविश्वास के साथ काम करेंगे। लव: अहंकार के कारण रिश्तों में खटास आ सकती है। धन: व्यापारिक यात्रा लाभदायक रहेगी। स्वास्थ्य: हृदय रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं। 6. कन्या (Virgo) करियर: विदेश से नौकरी के ऑफर आ सकते हैं। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: लॉटरी या शेयर बाजार में लाभ संभव है। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या थकान रह सकती है। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 25 to 31: साप्ताहिक राशिफल 2026, हर राशि के लिए क्या लेकर आ रहा है नया सप्ताह 7. तुला (Libra) करियर: कार्यस्थल पर चल रही राजनीति से दूर रहें। लव: पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: मंदिर में घी का दीपक जलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यस्थल के प्रतिस्पर्धियों पर विजय प्राप्त होगी। लव: पार्टनर के साथ किसी बात पर बहस हो सकती है। धन: भूमि में निवेश करना शुभ रहेगा। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए ध्यान करें। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: आज आपके करियर में नया मोड़ लाएगा। लव: पार्टनर के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। धन: आज गृह उपयोगी खरीदारी करना बहुत शुभ रहेगा। स्वास्थ्य: लिवर या शुगर के मरीज अपना विशेष ध्यान रखें। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप इसे सफलतापूर्वक पूरा करेंगे। लव: जीवन में पुराने प्रेम की वापसी हो सकती है। धन: पुराने निवेश से लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य: घुटनों या जोड़ों में दर्द की संभावना है। उपाय: शनि देव के मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नया स्टार्टअप शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। लव: सोशल मीडिया के जरिए किसी खास से बातचीत शुरू हो सकती है। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय के नए स्रोत भी खुलेंगे। स्वास्थ्य: नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन महसूस होगा। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे तेल का दीपक जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: शोध और तकनीकी कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: जीवनसाथी के साथ तालमेल बहुत गहरा होगा। धन: आज गुरु की कृपा से धन की कमी नहीं होगी। स्वास्थ्य: मौसम के बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम हो सकता है। उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें। ALSO READ: Navtapa 2026 dates: कब से कब तक रहेगा नौतपा?
17 साल की लड़की और उसके दोस्तों ने मिलकर नए साल की पार्टी रखी। 31 दिसंबर 2025 की रात एक फॉर्मफाउस पर जश्न शुरू हुआ। नाबालिग के साथ एक लड़की और 5 लड़के थे। इनमें एक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार का 25 साल का बेटा साई भागीरथ भी था। आरोप है कि पार्टी के दौरान भागीरथ ने नाबालिग पर शराब पीने का दबाव बनाया। इसके बाद उससे छेड़छाड़ करने लगा। भागीरथ नशे में धुत था। उसने लड़की को पहले गलत तरह से छुआ, फिर फिजिकल होने के लिए उकसाने लगा। लड़की अकेली पड़ गई, मजबूरी में विरोध नहीं कर सकी। घटना के बाद लड़की ने मां को आपबीती बताई। परिवार ने शिकायत कराने की कोशिश की, लेकिन उन पर केस न करने का दबाव डाला गया। करीब 4 महीने बाद 8 मई को मां की शिकायत पर भागीरथ के खिलाफ पॉक्सो का मामला दर्ज हुआ। भागीरथ को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद केस में RSS को भी खींचने की कोशिश की गई। इस पर संघ ने बयान जारी कर कहा कि ये पूरी तरह से BJP का आंतरिक मामला है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। 24 घंटे पुलिस निगरानी में पीड़ित फैमिली, मीडिया पर पाबंदी पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन हैदराबाद सिटी से 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। इसी थाने में पॉक्सो का मामला दर्ज कराया गया था। सुरक्षा को देखते हुए पीड़ित परिवार अभी पुलिस निगरानी में है। वे मीडिया से बात करने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि खतरा हो सकता है। पीड़ित के रिश्तेदार ने हमें AIDSO यानी ऑल इंडिया स्टूडेंट डेमोक्रेटिक एसोसिएशन का नंबर दिया। ये संस्था विक्टिम की कानूनी लड़ाई लड़ रही और उसके लिए विरोध प्रदर्शन कर रही है। AIDSO में लीगल टीम की मेंबर वैशाली ने हमें केस से जुड़े लीगल डॉक्यूमेंट्स दिए। इसमें पीड़ित की मां के स्टेटमेंट और अहम जानकारियां शामिल हैं। शिकायत में पीड़ित की मां ने बताया, ‘जून 2025 के आसपास मेरी बेटी की भागीरथ से पहचान हुई। इसके बाद इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी। भागीरथ ने मेरी बेटी को बालिग होने पर शादी करने का झूठा भरोसा दिलाया और अपने जाल में फंसाया। उसका भरोसा जीतने के बाद भागीरथ उसे इमोशनली ब्लैकमेल करने लगा। इतना ही नहीं वो पढ़ाई-लिखाई और करियर से जुड़े फैसलों पर रोक लगाने लगा।’ ’भागीरथ के संपर्क में रहने के दौरान मेरी बेटी को कई बार निजी अपार्टमेंट और फार्म हाउस में ले जाया गया, जहां उसे यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। खास तौर पर 31 दिसंबर, 2025 की रात, जब मोइनाबाद के फार्महाउस में उसे जबरदस्ती शराब पिलाई गई। फिर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। इस घटना के बाद 7 जनवरी 2026 को अचानक आरोपी ने उससे रिश्ता तोड़ दिया। क्या BJP नेता विक्टिम को पहले से जानते थे? पीड़ित की मां ने आरोप लगाया कि बेटी की हालत देखकर हमने मार्च से अप्रैल के बीच कोर्ट और वकीलों से संपर्क किया, तो हमें शिकायत वापस लेने की धमकी मिलने लगी। 21 अप्रैल 2026 को इसी दौरान भागीरथ के एक साथी ने निर्मल पुलिस स्टेशन में हमारे खिलाफ केस दर्ज करवाया। उसमें आरोप लगाया गया कि मेरी बेटी आरोपी को ब्लैकमेल कर रही और उससे पैसों की उगाही की कोशिश कर रही है। पीड़ित पक्ष ने अपने स्टेटमेंट के पॉइंट नंबर-8 में कहा है कि 22 अप्रैल 2026 को उनसे संगप्पा नाम का शख्स मिला। उसने एक दिन बाद 23 अप्रैल को उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार से करवाई। इस मुलाकात के दौरान हम लोगों पर समझौता करने का दबाव डाला गया। हमें सुरक्षा का भरोसा दिलाने के बजाय डराया और धमकाया गया। पीड़ित पक्ष के सरकारी वकील नागेश्वर राव ने बताया कि 16 मई को साइबराबाद पुलिस ने उसे अरेस्ट किया, तब पीड़ित परिवार को राहत मिली है। परिवार ने पुलिस को अपना स्टेटमेंट सौंप दिया है। इसके आधार पर पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वो 29 मई तक पुलिस रिमांड पर है। अब जानिए बंडी संजय और आरोपी पक्ष के वकील क्या कह रहे…‘वो लड़की पहले मेरे बेटे की दोस्त थी‘ 12 मई को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार करीमनगर में हनुमान जयंती रैली में शामिल हुए। इस दौरान भाषण में उन्होंने बेटे पर लगे आरोपों का खंडन किया। उन्होंने इसे झूठी साजिश बताते हुए कहा, ‘आपने मेरे समर्थकों को नाराज किया है और मेरी पार्टी को मुश्किल में डाल दिया। आप उसी आग में जलकर भस्म हो जाएंगे, जो आपने खुद लगाई है।‘ हमने इस मामले पर भागीरथ का पक्ष जानने के लिए उनके वकील करुणासागर से बात की। उनके मुताबिक, पीड़िता की मां के सभी आरोप मनगढ़ंत लगते हैं। उन्होंने कहानी की फ्रेमिंग ऐसे की है, जिससे लगता है कि किसी ने जानबूझकर या फिर राजनीतिक फायदे के लिए ऐसा किया हो। करुणासागर आगे कहते हैं, ‘तेलंगाना पुलिस साई भगीरथ की गिरफ्तारी का झूठा दावा कर रही है। जबकि केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के निर्देश पर मैंने और सीनियर एडवोकेट एंथनी रेड्डी ने साइबराबाद पुलिस स्टेशन के टेक पार्क के पास भागीरथ को खुद पुलिस के हवाले किया था।‘ ‘पुलिस BNS और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के मुताबिक जांच कर रही है। हमने पुलिस को भागीरथ से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां और फोन हैंडओवर कर दिया है।‘ POCSO केस के बाद तेलंगाना RSS ने BJP से किनारा किया साल 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के वक्त तेलंगाना में RSS और BJP ने मिलकर 'अक्षत वितरण' अभियान चलाया। वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले संघ ने बूथ लेवल पर डोर-टू-डोर कैंपेनिंग की। इसका फायदा BJP को मिला, उसे राज्य में रिकॉर्ड 8 सीटों पर जीत मिली। 2019 में पार्टी 4 सीट ही जीत सकी थी। अब भागीरथ के खिलाफ POCSO केस होने के बाद RSS ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। तेलंगाना के प्रांत प्रचारक कट्टा राजगोपाल कहते हैं, ‘इस मामले में संघ के कुछ पदाधिकारियों को भी घसीटा गया। इस पर हमारे प्रांत संघचालक बार्ला सुंदर रेड्डी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा है कि इस विवाद से RSS का कोई लेना-देना नहीं है। अगर कोई हमारे पदाधिकारियों को इससे जोड़कर संघ की छवि खराब करने की कोशिश करेगा, तो हम उस पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।‘ तेलंगाना पुलिस क्या कह रही... पुलिस बोली- भागीरथ ने सरेंडर नहीं किया, हमने उसे पकड़ा तेलंगाना पुलिस ने पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन पर भागीरथ के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद 12 मई को एक नोटिस जारी किया। इसमें पुलिस ने बताया कि विक्टिम के बयान दर्ज होने के बाद पहले दर्ज की गई धाराओं में बदलाव किया गया है। नोटिस में भागीरथ से 13 मई को दोपहर दो बजे पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया, लेकिन वो पेश नहीं हुआ। उसकी जगह भागीरथ ने पुलिस को लिखे लेटर में कहा कि मैं पर्याप्त सबूतों के साथ पेश होऊंगा और अपनी दलीलें रखूंगा। हालांकि, कुकटपल्ली की डिप्टी कमिश्नर IPS रितिराज का कहना है, ‘भागीरथ ने पुलिस के सामने सरेंडर नहीं किया, बल्कि 16 मई को एक पुलिस अधिकारी ने उसे गिरफ्तार किया है।‘ …………. ये खबर भी पढ़ें… 58 अश्लील वीडियो वाला खरात बोला-सब दैवीय शक्तियों ने कराया 58 अश्लील वीडियो, 150 पीड़ित महिलाएं, 1500 करोड़ की संपत्ति, 100 फर्जी खाते, स्वयंभू बाबा अशोक खरात पर आरोपों की लिस्ट, अंधविश्वास, मंत्रियों-विधायकों से कनेक्शन से होते हुए सबसे अहम गवाह जितेंद्र शेलके की मौत तक आ पहुंची। पढ़िए पूरी खबर…
सुबह के ठीक 9 बजे हैं। जंगल के पथरीले और उबड़-खाबड़ रास्तों पर हमारे कदम बढ़ते जा रहे हैं। करीब 40 मिनट बाद कुछ घर नजर आने लगे। पास पहुंचे तो एक घर के आंगन में भीड़ लगी दिखी। आंगन के एक ओर महिलाएं चुपचाप बैठी हैं, तो दूसरी ओर मर्द। इनमें से तीन लोग डमरू जैसा एक वाद्य यंत्र और घुंघरू बजा रहे हैं। इनकी धीमी थाप जंगल के इस सन्नाटे को और गहरा कर रही है। तभी हमारी नजर आंगन के बीचोबीच पड़ी। झुलसाने वाली इस उमस और गर्मी के बीच जमीन पर एक शख्स बैठा है। उसे सिर से पैर तक कंबल में इस कदर बांधा गया है कि उसके शरीर का एक भी हिस्सा दिखाई नहीं दे रहा। अचानक, कंबल में लिपटा वह जिस्म जोर-जोर से हिलने लगा। भीतर से अजीबोगरीब आवाजें आने लगी। आस-पास बैठे लोग टकटकी लगाए उसे देख रहे हैं। वे बातें कर रहे हैं कि अब इस जिस्म में पुरखों की आत्मा आने वाली है। दैनिक भास्कर की सीरीज ‘हम लोग’ में मैं मनीषा भल्ला इस बार लाई हूं, केरल के वायनाड के जंगलों में रहने वाली अडिया जनजाति की कहानी, इनकी आबादी करीब 12 हजार है। मेरे साथ हैं अजयन। अजयन, यहीं जंगलों टूरिज्म काम काम करते हैं। वह अडिया जनजाति के रीति-रिवाज और इनकी भाषा समझते हैं। अजयन बताते हैं- ‘यह चेकाड़ी गांव है। यहां अडिया समुदाय की एक रस्म चल रही है, जिसे पैलेय रस्म कहते हैं। इस दौरान पुरखों की आत्मा को बुलाने का दावा किया जाता है।’ कंबल में लिपटा शख्स जोर से हिल रहा है। वाद्य यंत्र की थाप जिस तर तेज-धीमी होती है, उस शख्स के शरीर की हलचल भी उसी रफ्तार से बदल रही है। कई बार तो ऐसा लगा कि वह गिर जाएगा। थोड़ी देर बाद वह भारी आवाज में कुछ बोलता है। उसके पास एक बुजुर्ग बैठे हैं। वह कंबल में बंधे शख्स से अपनी भाषा में कुछ पूछ रहे हैं, जिसका वह जवाब देता है। आस-पास बैठे बाकी लोग भी सवाल पूछते हैं। कंबल में बंधा शख्स, बारी-बारी से सबको जवाब देता है। अजयन बताते हैं- ‘यह रस्म बीती रात से चल रही है। जो वाद्य यंत्र बज रहा है, उसे मुरथम कहते हैं।’ मैंने पूछा- इस रस्म की कोई खास वजह है? अजयन ने बताया- ‘10 दिन पहले इसी घर में 40 साल की एक महिला ने खुदकुशी कर ली थी। उसका नाम चिक्की था। उसने ऐसा क्यों किया? लोग यही सवाल कंबल में हिलते शख्स से पूछ रहे हैं। उनका मानना है कि शख्स में पुरखों की आत्मा आई हुई है और उसे इन बातों की जानकारी है।’ मैंने सवाल किया- क्या मरने के 10 दिन बाद ही आत्मा को बुलाते हैं? अजयन बताते हैं- ‘अडिया लोग मानते हैं कि मौत के बाद 42 दिनों तक घर के आसपास आत्मा रहती है। इस दौरान कभी भी पैलेय रस्म की जा सकती है।’ 'इस रस्म के समय पुरखों की आत्मा से प्रार्थना करते हैं कि वे मृतक की आत्मा को अपने साथ ले जाएं, ताकि वह भटकती न रहे।’ तभी एक लड़का कुछ सामान लाकर कंबल में बंधे शख्स के सामने रखता है। इसमें पानी, पान के पत्ते, सुपारी, दीये की बाती और अगरबत्ती है। इसके बाद, बुजुर्ग बाती और अगरबत्ती जलाते हैं। उसके तुरंत बाद कंबल की गांठ खोल देते हैं। कंबल में पसीने से तर-बतर एक बुजुर्ग निकलता है। वह धोती में है। उसके हाथ में सूप (सूपड़ा) है, जिस पर घुंघरू लगे हैं। इसी शख्स की शरीर में पुरखों की आत्मा आई थी। अब सामने बैठे और वाद्य यंत्र बजा रहे दूसरे बुजुर्ग अगरबत्ती से इस शख्स की आरती उतारते हैं। उसके बाद दोनों आपस में बातें करने लगते हैं। कुछ देर बाद, बगल में बैठा दूसरा बुजुर्ग केले के पत्ते पर जल रही अगरबत्ती को खेत में रखने जाता है। मैंने अजयन से पूछा- कंबल में लिपटे शख्स से बुजुर्ग ने क्या सवाल पूछे? मेरे पूछते ही अजयन सामने बैठे बुजुर्ग की तरफ मुड़ते हैं। दोनों के बीच कुछ देर बातें होती हैं। इसके बाद, अजयन बताते हैं- बुजुर्ग ने आत्माओं से पहला सवाल पूछा कि चिक्की ने खुदकुशी क्यों की? कंबल में बंधे शख्स में आई पुरखों की आत्मा ने क्या जवाब दिया? वह बताते हैं कि आत्माओं ने बताया कि चिक्की पिछले कुछ समय से तनाव में थी। घर वाले बात-बात पर उसे तंग करते थे, इसी कारण उसने खुदकुशी कर ली। अजयन बताते हैं- ‘चिक्की की मौत को 10 दिन हो चुके हैं, लोगों का मानना है कि उसकी आस-पास ही कहीं भटक रही है। अब कुछ दिन बाद फिर यह रस्म होगी।’ बाकी आस-पास बैठे लोगों ने क्या पूछा? बुजुर्ग बताते हैं- किसी ने अपने घर की कलह के बारे में पूछा तो किसी ने अपने बच्चों की बीमारी के बारे में। क्या आत्माओं ने सबके जवाब दिए?, मैंने सवाल किया बुजुर्ग बताते हैं- हां, आत्माओं ने सबको कुछ न कुछ उपाय बताए, लेकिन इस बारे में आपको नहीं बता सकता। नहीं तो उसका असर नहीं होगा। इसके बाद, बुजुर्ग वहां से चले गए। अजयन बताते हैं- ‘अडिया लोगों का मानना है कि पूर्वजों की आत्माएं केवल मृतक की आत्मा को रास्ता दिखाने नहीं आतीं, बल्कि वे अपने लोगों की परेशानियों और भविष्य के संकेतों के बारे में भी बताती हैं।’ ‘अगर किसी परिवार पर कोई संकट हो, घर में परेशानी चल रही हो या गांव पर कोई मुसीबत आने वाली हो, तो लोग पूर्वजों की आत्माओं से उसके बारे में सवाल पूछते हैं। उनसे समस्या का समाधान भी पूछते हैं।’ ‘खेती, बारिश, फसल और गांव के फैसलों तक के बारे में पुरखों की आत्माओं से सलाह ली जाती है। अडिया समुदाय का मानना है कि पुरखे हमेशा अपने लोगों की रक्षा करते हैं।’ क्या किसी भी शख्स के अंदर पुरखों की आत्मा आ जाती है?, मैंने सवाल किया अजयन कहते हैं- ‘ऐसा नहीं है। गांव में कुछ ही बुजुर्ग ऐसे होते हैं, जिनके शरीर में आत्मा आती है। जहां तक बात आत्मा को बुलाने की है, तो इसके लिए मुरथम की थाप जरूरी है। बिना मुरथम के थाप के आत्माएं नहीं आतीं’ 'मुरथम की थाप के बिना आत्माएं क्यों नहीं आती?' अजयन बताते हैं- ‘मुरथम, अडिया लोगों का प्रमुख वाद्य यंत्र है। इसकी खासियत यह है कि हर अवसर के लिए इससे निकलने वाली आवाज अलग-अलग होती है। पुरखों की आत्मा को बुलाने के लिए अलग आवाज, विवाह या मृत्यु के शोक पर अलग आवाज, मुरथम हर बार अलग तरह से बजता है। साथ में घुंघरू भी बजाना जरूरी होता है, क्योंकि इनके बिना कोई भी आयोजन पूरा नहीं माना जाता।’ इसी बीच, अडिया लोग आंगन में खड़े हो जाते हैं। बड़ी तादात में पान के पत्तों पर सुपारी सजाई जा रही है। अब एक लड़का इन पानों को बांटना शुरू करता है। उसके बाद एक दूसरा लड़का ग्लास में सभी को खीर जैसी कोई चीज परोसना शुरू करता है। पूछने पर वे बताते हैं- ‘यह पायसम है। इसे गन्ने के रस में नारियल, ड्रायफ्रूट और चावल मिलाकर बनाया जाता है। यह गाढ़ा और पौष्टिक होता है।’ इसके बाद महिलाओं को भी पान दिया जाता है। अब अजयन मुझे इस परिवार घर के अंदर ले जाते हैं। घर के अंदर चूल्हे पर खाना बन रहा है। दीवारों पर पेंटिंग की गई है। घर के अंदर एक पत्थर रखा है। मैंने पूछा यह पत्थर क्या है? अजयन बताते हैं- यह पत्थर ही इनका मंदिर है। यहां बैठकर अडिया परिवार के लोग अपने पुरखों का याद करते हैं। ये मूर्ति नहीं रखते, न पूजा में कोई सामान इस्तेमाल करते हैं। बस एक पत्थर, जिसे ये अपना रक्षक मानते हैं। यहां महिलाओं के पहनावे में काफी फर्क है। कुछ ने साड़ी के ऊपर ब्लाउज नहीं पहना है, तो कुछ ने पल्लू को ब्लाउज के तौर पर बांधा है। थोड़ी ही देर बाद, एक लड़का हमें खाना खाने के लिए बुलाता है। सभी मर्द कतार में बैठते हैं। महिलाएं पत्तलों में खाना परोसती हैं। खाने में चावल, सब्जी, दाल, रसम, पापड़, छाछ और अचार है। अजयन के साथ मैं भी खाने का स्वाद लेती हूं। कुट्टम त्योहार, पुरखों की आत्मा करती है न्याय खाना खाते-खाते मैंने पूछा- अडिया लोग कोई त्योहार भी मनाते हैं? अजयन बताते हैं- ‘कुट्टम, यहां का प्रमुख त्योहार है। फसलों की कटाई के बाद इस त्योहार को मनाते हैं। इस दौरान सभी लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं। नए धान से भोजन बनाकर पुरखों की आत्माओं को भोग लगाते हैं।’ ‘अडिया लोग मानते हैं कि इस दौरान जब मुरथम और ढोल की थाप गूंजती है, तो अडिया समुदाय के पुजारी के शरीर में पुरखों की आत्माएं उतरती हैं। गांव के आपसी विवाद या पारिवारिक झगड़े उन्हीं के सामने रखे जाते हैं। पुजारी जो भी फैसला सुनाता है, सबको मंजूर होता है।’ बीमारी और बुरी आत्माओं के लिए गाधिका अनुष्ठान अजयन बताते हैं- ‘अडिया समुदाय के लोग गाधिका अनुष्ठान भी करते हैं। इसे बीमारी और बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए किया जाता है। अनुष्ठान में शामिल पुरुष और महिलाएं तरह सजते-संवरते हैं और गीतों की धुन पर नाचते हैं। अनुष्ठान के पूरा होने से पहले पुजारी बीमार व्यक्ति के पास जाकर मंत्रोच्चार करता है। साथ ही पुरखों से प्रार्थना करता है कि बुरी आत्माओं को गांव से दूर ले जाएं।’ अडिया लोग मंदिर में करते हैं शादी अब हम खाना खा चुके हैं। इसके बाद, अजयन मुझे अडिया लोगों के मंदिर ले जाते हैं। मंदिर में कोई मूर्ति नहीं है, सिर्फ एक पत्थर है। वे बताते हैं- ‘अडिया लोग इसी मंदिर में शादी करते हैं। शादी से एक रात पहले मंदिर में दो तुलसी की माला रखते हैं। अगले दिन दूल्हा-दुल्हन बुजुर्गों के सामने एक-दूसरे को यह माला पहनाते हैं, और शादी की रस्म पूरी हो जाती है। इसे थापूकोडी कहते हैं। लड़की वाले दहेज में अनाज और नारियल देते हैं।’ शाम के 6 बज चुके हैं। हमें रात होने से पहले चेकाड़ी गांव से वायनाड के लिए निकलना है। जंगल को पैदल पार करने में करीब 40 मिनट लगेंगे। चलते-चलते मैंने अजयन को बताया कि जंगलों में हमें अडिया समुदाय के कुछ लोग दिखे थे। जैसे ही हम उनके पास पहुंचे तो किसी ने हमें दूर ही रुकने को कहा, तो कोई हमें देखते ही भाग गया, ऐसा क्यों? अजयन बताते हैं- ये लोग जल्दी किसी से घुलते-मिलते नहीं हैं। सरकार ने भी इनसे मिलने पर रोक लगाई है। बहुत मुश्किल से इनसे मिलने की परमिशन मिलती है। मैंने कहा- हां, मुझे भी काफी परेशानी हुई। दो-तीन दिन तक परमिशन नहीं मिली। बाद में वन विभाग के अधिकारियों ने हमारे साथ एक ड्राइवर को जंगल के मुहाने तक भेजा। आगे का रास्ता हमने खुद तय किया। वे बताते हैं- ‘यह जंगल हाथियों के उत्पात के लिए मशहूर है। इसलिए वन विभाग की सख्ती है। रात होते ही यहां से हाथियों के झुंड गुजरने लगते हैं।’ करीब 40 मिनट के बाद हम वहां पहुंच जाते हैं, जहां वन विभाग की गाड़ी खड़ी है। अजयन से विदा लेकर वायनाड की ओर चल देती हूं। इस सीरीज में अगले हफ्ते पढ़िए केरल के चोला नाइकन की कहानी…. --------------------------------------- 1- ‘-10C में मौत, लेकिन हम करते हैं नंगे बदन तपस्या’:ध्यान में ही थम जाती हैं हमारी सांसें, मरने के 15 दिन बाद अंतिम संस्कार हिमालय। 3,600 मीटर की ऊंचाई पर यहां पारा -10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क चुका है। हवा में ऑक्सीजन इतनी कम है कि हर सांस एक जद्दोजहद है। लेकिन इन बर्फीली हवाओं के बीच, सामने जो कुछ दिख रहा है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। यहां नजर आ रही छोटी-छोटी गुफाओं और पत्थरों पर कुछ लोग नंगे बदन आंखें बंद किए बैठे हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- मुर्गी का कलेजा चीरकर कहा, ये चोर नहीं है:ससुराल पहुंचते ही बलि देती है दुल्हन, कटे सिर को मंदिर मानते हैं गालो सुबह के 7 बजे हैं। अरुणाचल प्रदेश की एक पहाड़ी बस्ती में हूं। यहं एक घर पर लोगों की भीड़ जमा है। उन्हीं के बीच एक लड़का परेशान खड़ा है। थोड़ी देर में घर से एक बुजुर्ग बाहर आते हैं। काले कपड़े में, बाघ की खाल का जैकेट पहने। कंधे पर धनुष, पीठ पर तीरों से भरा तरकश लिए और सिर पर टोपी लगाए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
फीफा विश्वकप 2026 से पहले लियोनेल मेसी के पैर में लगी चोट
फ्लोरिडा। स्टार फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी को फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना के शुरुआती मैच से तीन सप्ताह पहले, मेजर लीग सॉकर में फिलाडेल्फिया यूनियन के खिलाफ इंटर मियामी के मैच में पैर में चोट लग गई। रविवार को खेले गए मुकाबले के 73वें मिनट में मेसी अपने बाएं पैर के पिछले हिस्से को […] The post फीफा विश्वकप 2026 से पहले लियोनेल मेसी के पैर में लगी चोट appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक के शिवमोग्गा में रेप के आरोप में भाजपा युवा मोर्चा का नेता अरेस्ट
बेंगलूरु। कर्नाटक पुलिस ने शिवमोग्गा जिले में कथित दुष्कर्म के मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता एवं वकील बीएस भरत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि सोमवार को बताया कि यह मामला भद्रावती शहर के पेपर टाउन थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने अनुसार 23 वर्षीय एक महिला […] The post कर्नाटक के शिवमोग्गा में रेप के आरोप में भाजपा युवा मोर्चा का नेता अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पूर्वी चंपारण में सामूहिक दुष्कर्म, 8 घंटे में सभी 5 आरोपी अरेस्ट
मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र में रविवार रात हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज आठ घंटे के भीतर वारदात में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए […] The post पूर्वी चंपारण में सामूहिक दुष्कर्म, 8 घंटे में सभी 5 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
आंबेनली घाट में कार के गहरी खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत
मुंबई। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में महाबलेश्वर-पोलादपुर मार्ग पर आंबेनली घाट क्षेत्र में रविवार देर रात एक कार के गहरी खाई में गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि घाट क्षेत्र से गुजरते समय चालक ने कथित तौर पर कार पर से नियंत्रण खो दिया था और वाहन घाटी में […] The post आंबेनली घाट में कार के गहरी खाई में गिरने से 8 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

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