बीजिंग के World Humanoid Robot Games में टूटा Usain Bolt का रिकॉर्ड, रोबोट ने रचा नया इतिहास
चीन के ह्यूमनॉइड (मनुष्यों के आकार के) रोबोट ने रविवार को बीजिंग में शुरू हुए ओलंपिक जैसे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों के पहले दिन मानवों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इनमें जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट का 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है।आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में दो हजार से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। पांच दिन तक चलने वाले इन खेलों का यह दूसरा सत्र है। अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच यह आयोजन रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन की तेजी से बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। इसमें दौड़, टेबल टेनिस और फुटबॉल समेत 51 स्पर्धाओं में एक हजार से अधिक मुकाबले होंगे।इन खेलों का आयोजन 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए बनाए गए नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में हो रहा है। शनिवार को रोबोट खेलों के उद्घाटन समारोह में आयोजकों और रोबोट निर्माताओं ने कहा कि चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ने मानवों के विश्व रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। इस दौरान सैकड़ों ह्यूमनॉइड रोबोट ने तालमेल के साथ मैदान में मार्च कर अपनी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया।एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर दौड़ में 9.39 सेकेंड का समय दर्ज किया जो 2009 में जमैका के एथलीट उसेन बोल्ट द्वारा बनाए गए 9.58 सेकेंड के मानव विश्व रिकॉर्ड से बेहतर है।स्थिर अवस्था से ऊंची कूद में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 2.88 मीटर की ऊंचाई हासिल की। यह पिछले साल खेलों के पहले सत्र में ह्यूमनॉइड रोबोट द्वारा हासिल किए गए 0.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी अधिक है। इस रोबोट ने क्यूबा के जेवियर सोटोमायोर द्वारा 1993 में बनाए गए 2.45 मीटर के मानव विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। दोनों रिकॉर्ड बनाने वाले रोबोट बीजिंग स्थित एक्स-ह्यूमनॉइड के थे।आयोजकों के अनुसार खेलों के उद्घाटन से पहले चीनी स्मार्टफोन कंपनी ऑनर के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने परीक्षण के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.32 सेकेंड में पूरी की थी।
38 साल के लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। उन्होंने भारत के लिए 1 टेस्ट, 2 वनडे और 1 टी-20 मैच खेला। कर्ण ने यूपी टी-20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स की ओर से खेलने के बाद यह फैसला लिया। वह 25 अगस्त को लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में मेरठ मेवरिक्स के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेलेंगे। 2014 में तीनों फॉर्मेट में इंटरनेशनल डेब्यू मेरठ के कर्ण ने 2014 में तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए डेब्यू किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में अपना इकलौता टेस्ट खेला। इस मैच की दोनों पारियों में उन्होंने 2-2 विकेट लिए। इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में उन्होंने एकमात्र टी-20 इंटरनेशनल खेला और जो रूट को आउट किया। 2104 में ही श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने दोनों वनडे खेले। इसके बाद कर्ण को 2015 में जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी चुना गया था, लेकिन चोट के कारण वह टीम से बाहर हो गए। इसके बाद उन्हें दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। घरेलू क्रिकेट में करीब 20 साल का करियर कर्ण ने 2007-08 सीजन में फर्स्ट क्लास, लिस्ट-A और टी-20 क्रिकेट में डेब्यू किया था। अपने पहले रणजी ट्रॉफी मैच में ही उन्होंने शतक लगाया। 2012-13 सीजन में तीन रणजी मैचों में 21 विकेट लेने के बाद उन्हें BCCI का बेस्ट अंडर-25 क्रिकेटर अवॉर्ड मिला। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में रेलवे, आंध्र और विदर्भ को रिप्रेजेंट किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कर्ण ने 97 मैचों में 270 विकेट लिए। लिस्ट-A के 123 मैचों में 153 विकेट और 191 टी-20 मैचों में 168 विकेट उनके नाम हैं। तीन अलग टीमों के साथ लगातार 3 IPL खिताब कर्ण शर्मा IPL में भी खास रिकॉर्ड बना चुके हैं। वह लगातार तीन सीजन में तीन अलग-अलग टीमों के साथ IPL खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। उन्होंने 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद, 2017 में मुंबई इंडियंस और 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ट्रॉफी जीती। 2021 में उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ अपना चौथा IPL खिताब भी जीता। उनका आखिरी IPL मैच 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए था। 2014 में अनकैप्ड भारतीय के लिए सबसे महंगी बोली लगी थी 2014 IPL ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने कर्ण को 3.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस समय वह IPL ऑक्शन में सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बने थे।
'हमें वापसी की जरूरत थी', दूसरे टेस्ट में मिली धमाकेदार जीत के बाद बोले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान कमिंस
मैके, 23 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच में जबरदस्त वापसी करते हुए बांग्लादेश को एक पारी और 51 रनों से हराया। कंगारू कप्तान पैट कमिंस ने कहा कि दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश पर मिली जीत डार्विन की हार का सही जवाब थी।
Mitchell Starc के 10 विकेट से Australia ने जीता दूसरा Test, बांग्लादेश को पारी से हराया
तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के मैच में 10 विकेट की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे ही दिन रविवार को यहां बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर दो मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर दी। स्टार्क ने मैच में 51 रन देकर 10 विकेट लिए। उन्होंने दूसरी पारी में 39 रन पर चार विकट चटकाए जबकि पहली पारी में 12 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे। पैट कमिंस (10 रन पर तीन विकेट) और नाथन लियोन (25 रन पर तीन विकेट) ने भी तीन-तीन विकेट लेकर स्टार्क का अच्छा साथ दिया। बांग्लादेश की दूसरी पारी 38.3 ओवर में 95 रन पर सिमट गई। कप्तान नजमुल हुसैन शंटो ने 31 रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे। इन दोनों के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज दोहरे अंक में भी नहीं पहुंच पाया। स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में चौथी बार मैच में 10 विकेट चटकाए। इसके साथ ही वह दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन को पीछे छोड़कर टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में 10वें स्थान पर पहुंच गए। उनके नाम अब 445 विकेट हैं। स्टार्क को श्रृंखला में 12 विकेट लेने के लिए श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को आठ विकेट पर 165 रन से आगे खेलना शुरू किया और पहली पारी में 210 रन बनाकर 146 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की। बांग्लादेश की टीम पहली पारी मे सिर्फ 64 रन पर ढेर हो गई थी। कैमरन ग्रीन और नाथन लियोन ने नौवें विकेट के लिए 28 रन जोड़े। पहली पारी में छह विकेट लेने वाले शोरिफुल इस्लाम ने ग्रीन को तेजी से अंदर आती यॉर्कर पर पगबाधा आउट किया। शोरिफुल ने 48 रन देकर सात विकेट लिए जो विदेश में किसी बांग्लादेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ग्रीन ने 105 गेंद पर 10 चौकों की मदद से 67 रन बनाए। लियोन ने 32 रन की नाबाद पारी खेली और जोश हेजलवुड के साथ मिलकर टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। हेजलवुड के छह रन पर आउट होने के साथ ऑस्ट्रेलिया की पारी सिमट गई। दो मैच की यह श्रृंखला ऑस्ट्रेलिया के अगले 12 महीनों के व्यस्त कार्यक्रम की शुरुआत है। इस दौरान उसे दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के दौरे सहित कुल 20 टेस्ट मैच खेलने हैं।
आउट होकर आपा खो बैठे यशस्वी जायसवाल, श्रीलंकाई गेंदबाज से सेंड ऑफ मिलते ही मैदान पर हुआ जमकर बवाल
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में यशस्वी जायसवाल 45 रन बनाकर आउट हुए। श्रीलंकाई गेंदबाज ने आउट करने के बाद उन्हें सेंड ऑफ दिया, जिसको लेकर मैदान पर काफी बवाल मचा।
भारतीय क्रिकेट में तब ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है, जब दो अलग-अलग भारतीय टीमें एक ही समय पर दो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगी। 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स (24 सितंबर - 3 अक्टूबर, क्रिकेट इवेंट) और 27 सितंबर से शुरू हो रही भारत-वेस्टइंडीज घरेलू सीरीज (वनडे+टी20) की तारीखें आपस में टकरा रही हैं। इससे पहले 17 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ भी टी20 सीरीज है। वर्कलोड और रिकवरी को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई 37 खिलाड़ियों का एक टैलेंट पूल तैयार कर रहा है। इसका मकसद लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 की तैयारी भी है। खास बात यह है कि दोनों आयोजनों में खेलने वाली टीमों के मैचों को इंटरनेशनल टी-20 का दर्जा मिलेगा, यानी मैदान पर दोनों ‘ए’ टीमें होंगी, ‘बी’ नहीं। भास्कर एक्सप्लेनर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की नई कैटेगरी आ सकती है- ‘टी20 स्पेशलिस्ट’ खिलाड़ियों का बड़ा पूल क्यों बन रहा? चार वजहें हैं। पहली- 300 दिन के बिजी शेड्यूल में चोट या खराब फॉर्म से निपटने के लिए तुरंत बैकअप तैयार रखना। दूसरी- एशियन गेम्स में पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ दमदार टीम उतारना। तीसरी- शीर्ष खिलाड़ियों को आराम देकर चोटों का जोखिम कम करना। चौथी- आईपीएल के जरिए भारत के पास 25-30 ऐसे खिलाड़ी पहले से तैयार हैं जो तुरंत इंटरनेशनल मैच खेल सकते हैं। दो टीमों के मॉडल से क्या-क्या चुनौतियां हैं? दो चुनौतियां हैं। पहली- यह तय करना कि किस खिलाड़ी को वेस्ट इंडीज सीरीज में भेजा जाए और किसे एशियन गेम्स में। दूसरी- दोहरा लीडशिप ग्रुप यानी दो अलग टीमों के लिए दो अलग कप्तान और मुख्य कोच नियुक्त करने होंगे। इनके लिए ड्रेसिंग रूम का माहौल बनाए रखना होगा। ब्रॉडकास्टिंग, कैलेंडर पर क्या असर होगा? लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में क्रिकेट शामिल होने के बाद फुटबॉल की तर्ज पर सालाना शेड्यूल बनाना होगा। ब्रॉडकास्टर्स एक ही समय पर अलग-अलग चैनलों पर दोनों टीमों के मैच दिखाकर विज्ञापनों और व्यूअरशिप से ज्यादा कमाई कर सकेंगे। क्या इससे सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव आएगा? हां, टैलेंट पूल बड़ा होने से अनुबंधित खिलाड़ियों की संख्या 40 से 45 के पार जा सकती है। अभी यह संख्या 30 है। इसके साथ ही, तेज गेंदबाजों के विशेष कॉन्ट्रैक्ट की तर्ज पर ‘टी20 स्पेशलिस्ट कॉन्ट्रैक्ट’ की नई कैटेगरी शुरू की जा सकती है। फ्लैशबैक 1998: जब पहली बार दो हिस्सों में बंटी टीम सितंबर 1998 में भारत ने कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स और टोरंटो सहारा कप के लिए दो अलग टीमें उतारी थीं। एक टीम कॉमनवेल्थ गेम्स (मलेशिया) में अजय जडेजा की कप्तानी में उतरी थी, जिसमें सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण जैसे सितारे थे। ये टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। दूसरी टीम सहारा कप (कनाडा) में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में खेली थी, जिसमें सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज थे। टीम को पाकिस्तान ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में 4-1 से हराया। संभावित 37 यशस्वी, वैभव समेत ये खिलाड़ी होंगे पूल में बीते 26 साल में भारतीय क्रिकेट के पास संसाधन और मैच-रेडी टैलेंट बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। फिलहाल बीसीसीआई के 37 खिलाड़ियों के नए टैलेंट पूल में ये खिलाड़ी हो सकते हैं... यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), प्रभसिमरन सिंह, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, आयुष बदौनी, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल, खलील अहमद, ऋतुराज गायकवाड़, रवि बिश्नोई, मयंक यादव, प्रिंस यादव, शाहबाज अहमद, सूर्यांश शेड़गे, मोहम्मद सिराज, शिवम दुबे, विप्रज निगम, हर्षित राणा, यश ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर।
IND vs SL 2nd Test: कप्तान Shubman Gill ने जीता टॉस, चुनी पहले बल्लेबाजी
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में रविवार को यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने अपनी एकादश में एक बदलाव करते हुए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका दिया है। कुलदीप वायरल संक्रमण से उबर रहे हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर कुलदीप को कनकशन (सिर में चोट लगने से बेहोशी जैसी स्थिति) के विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कहा, ‘‘कुलदीप यादव अपनी वायरल बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। वह श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए एकादश में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कनकशन विकल्प के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं।’’श्रीलंका ने भी दो बदलाव करते हुए कामिल मिशारा और पासिंदु सूर्याबंडारा को पदार्पण का मौका दिया है। पासिंदु पिछले टेस्ट में हालांकि कनकशन स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेले थे लेकिन यह मैच उनका पूर्ण पदार्पण है। भारत दो मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है।
Humanoid Robot ने Beijing में 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, 9.39 सेकंड में पूरी की रेस
। चीन के ह्यूमनॉइड (मनुष्यों के आकार के) रोबोट ने रविवार को बीजिंग में शुरू हुए ओलंपिक जैसे विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट खेलों के पहले दिन मानवों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। इनमें जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट का 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में दो हजार से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट हिस्सा ले रहे हैं। पांच दिन तक चलने वाले इन खेलों का यह दूसरा सत्र है। अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच यह आयोजन रोबोटिक्स के क्षेत्र में चीन की तेजी से बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है। इसमें दौड़, टेबल टेनिस और फुटबॉल समेत 51 स्पर्धाओं में एक हजार से अधिक मुकाबले होंगे। इन खेलों का आयोजन 2022 शीतकालीन ओलंपिक के लिए बनाए गए नेशनल स्पीड स्केटिंग ओवल में हो रहा है। शनिवार को रोबोट खेलों के उद्घाटन समारोह में आयोजकों और रोबोट निर्माताओं ने कहा कि चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट ने मानवों के विश्व रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। इस दौरान सैकड़ों ह्यूमनॉइड रोबोट ने तालमेल के साथ मैदान में मार्च कर अपनी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया। एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 100 मीटर दौड़ में 9.39 सेकेंड का समय दर्ज किया जो 2009 में जमैका के एथलीट उसेन बोल्ट द्वारा बनाए गए 9.58 सेकेंड के मानव विश्व रिकॉर्ड से बेहतर है। स्थिर अवस्था से ऊंची कूद में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने 2.88 मीटर की ऊंचाई हासिल की। यह पिछले साल खेलों के पहले सत्र में ह्यूमनॉइड रोबोट द्वारा हासिल किए गए 0.95 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी अधिक है। इस रोबोट ने क्यूबा के जेवियर सोटोमायोर द्वारा 1993 में बनाए गए 2.45 मीटर के मानव विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। दोनों रिकॉर्ड बनाने वाले रोबोट बीजिंग स्थित एक्स-ह्यूमनॉइड के थे। आयोजकों के अनुसार खेलों के उद्घाटन से पहले चीनी स्मार्टफोन कंपनी ऑनर के एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने परीक्षण के दौरान 100 मीटर की दौड़ 9.32 सेकेंड में पूरी की थी।
वैभव सूर्यवंशी का दलीप ट्रॉफी में नहीं चला बल्ला, सिर्फ 6 गेंदों में पारी हुई खत्म
दलीप ट्रॉफी 2026 के पहले क्वार्टर फाइनल मैच में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला पहली पारी में खामोश रहा। नॉर्थ ईस्ट टीम के खिलाफ वह 8 बॉल पर सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए।
IND vs SL 2nd Test: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, सारांश जैन का डेब्यू
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट में रविवार को यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने अपनी एकादश में एक बदलाव करते हुए बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका दिया है। कुलदीप वायरल संक्रमण से उबर रहे हैं। हालांकि जरूरत पड़ने पर कुलदीप को कनकशन (सिर में चोट लगने से बेहोशी जैसी स्थिति) के विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने कहा, ‘‘कुलदीप यादव अपनी वायरल बीमारी से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। वह श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए एकादश में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। हालांकि जरूरत पड़ने पर वह कनकशन विकल्प के तौर पर मैदान पर उतर सकते हैं।’’श्रीलंका ने भी दो बदलाव करते हुए कामिल मिशारा और पासिंदु सूर्याबंडारा को पदार्पण का मौका दिया है। पासिंदु पिछले टेस्ट में हालांकि कनकशन स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में खेले थे लेकिन यह मैच उनका पूर्ण पदार्पण है। भारत दो मैच की श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है।
भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी 2026 का आगाज आज से हो रहा है। यह टूर्नामेंट का 63वां सीजन है। इसमें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भी खेलते नजर आए। वैभव को दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए ईस्ट ज़ोन का उप-कप्तान बनाया गया है। वहीं, ईशान किशन इस सीरीज की कप्तानी कर रहे हैं। टूर्नामेंट के पहले क्वार्टर फाइनल में आज ईस्ट जोन का सामना नॉर्थ ईस्ट जोन से होगा। यह मुकाबला 9:30 बजे से बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 2 में खेला जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी 8 रन बनाकर आउट उप-कप्तान वैभव सूर्यवंशी 8 रन बनाकर आउट हो गए हैं। उन्होंने 6 बॉल में दो चौके लगाए हैं। उन्हें नॉर्थ ईस्ट जोन के उपकप्तान बिश्वोरजीत कोंथौजाम ने कैच आउट करवाया। जोसेफ लालथानखुमा ने उनका कैच पकड़ा था। वैभव के लिए रेड बॉल में साबित करने का मौका IPL और T20I क्रिकेट में पहचान बना चुके वैभव को रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने का यह एक मौका है। उन्होंने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें भारत की टी-20 टीम में जगह मिली। इस टीम में बिहार से मुकेश कुमार और अनुकूल रॉय भी हैं। वहीं, आयुष लोहारूका को स्टैंडबाय खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन और शाहबाज अहमद जैसे खिलाड़ी भी हैं। राजस्थान रॉयल्स के कैंप में तैयारी की जिम्बाब्वे से लौटने के बाद वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में दो हफ्ते रेड बॉल क्रिकेट की तैयारी की। यह कैंप विक्रम राठौर की निगरानी में हुआ। इसमें तकनीक, फिटनेस, वर्कलोड, रिकवरी और परफॉर्मेंस का एनालिसिस किया गया। उनके पुराने कोच मनीष ओझा ने भी तैयारी में मदद की। वैभव के लिए स्पिन खेलने और उछाल के खिलाफ बैकफुट पर खेलने की खास तैयारी कराई गई। अलग-अलग तरह की पिचों पर अभ्यास कराया गया। ईस्ट जोन की पूरी टीम ईशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी (उपकप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन, शुभ्रांशु सेनापति, विराट सिंह, शाहबाज अहमद, अनुकूल रॉय, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार, मोहम्मद शमी, डेनिश दास, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, सूरज सिंधु जायसवाल और शिखर मोहन वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी 15 साल 99 दिन के वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे सिर्फ पाकिस्तान के हसन रजा हैं, जिन्होंने 1996 में 14 साल 227 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू किया था। भारत की बात करें तो वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। शेफाली वर्मा ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। अंडर-19 वर्ल्डकप फाइनल में 175 रन की पारी खेली थी इससे पहले वैभव एशिया कप राइजिंग स्टार्स और अंडर-वर्ल्डकप में इंडिया की ओर से खेल चुके हैं। इसी साल जनवरी में हुए अंडर-19 वर्ल्डकप फाइनल में उन्होंने 175 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 55 बॉल में शतक लगते हुए 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 411 रन का स्कोर बनाया और 100 रन से वर्ल्ड कप जीत लिया। वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। वैभव ने इस IPL में सबसे ज्यादा रन बनाए वैभव ने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीता। वैभव ने मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्ट्राइकर और सबसे ज्यादा छक्के लगाने का अवॉर्ड भी जीता। इस सीजन उन्होंने 36 गेंद पर शतक लगाया था, जबकि तीन बार 90 से 100 के बीच में आउट हुए थे। 12 साल में रणजी डेब्यू से इंडिया-A तक का सफर वैभव ने जनवरी 2024 में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया। तब उनकी उम्र 12 साल थी। 2024 में मुंबई और छत्तीसगढ़ के खिलाफ उन्होंने दो फर्स्ट क्लास मैचों में 31 रन बनाए थे। वैभव ने सचिन तेंदुलकर (15 साल) और युवराज सिंह (18 साल) को पीछे छोड़ा और घरेलू फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बने। वैभव ने 13 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंडर-19 यूथ टेस्ट सीरीज में सिर्फ 58 गेंदों पर शतक जड़ दिया। यह अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक था। उन्होंने 62 गेंदों में 104 रन की पारी खेली, जिसमें 14 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। वैभव ने लिस्ट-A (50 ओवर) में अब तक 8 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 44.12 की औसत और 164.95 के स्ट्राइक रेट से 353 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 190 रन रहा है। सूर्यवंशी ने इस फॉर्मेट में 1 शतक और 1 अर्धशतक लगाया है। उन्होंने 37 चौके और 23 छक्के भी जड़े हैं। BCCI ने वैभव को इंडिया-A में दी जगह IPL 2025 में वैभव ने सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। इन सभी परफॉरमेंस के आधार पर BCCI ने उन्हें इंडिया-A में जगह दी। वैभव का सिलेक्शन इंडियन टीम में हो गया है। वह इंडियन क्रिकेट टीम में चुने गए अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पुरुष क्रिकेटर्स में सचिन तेंदुलकर 16 साल, 194 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुने गए थे। वहीं, वैभव 15 साल 71 दिन में चुने गए हैं।
बीजिंग में दूसरे वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स यानी ‘रोबोट ओलंपिक’ की शुरुआत हो गई है। पांच दिन चलने वाले इस आयोजन में 16 देशों की 650 से अधिक टीमें हिस्सा ले रही हैं।
सारांश जैन ने 33 साल की उम्र में किया डेब्यू, श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिला मौका
33 साल के खिलाड़ी सारांश जैन को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में डेब्यू करने का मौका मिला है। टॉस से पहले रवींद्र जडेजा ने सारांश जैन को डेब्यू कैप दिया।
हॉकी विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचने की भारत की उम्मीदों को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 की हार से बड़ा झटका लगा है। भारत अब पूल ई में बिना अंक के चौथे स्थान पर है और उसकी किस्मत अपने हाथ में नहीं रही।
वैभव सूर्यवंशी का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कैसा रहा है प्रदर्शन? 8 मैचों में एक भी सेंचुरी नहीं
दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव ईस्ट जोन की तरफ नॉर्थ ईस्ट के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे। टी20 क्रिकेट में दमदार खेल का प्रदर्शन करने वाले वैभव के सामने खुद को रेड बॉल क्रिकेट में साबित करने की चुनौती होगी। क्योंकि इस फॉर्मेट में वैभव का रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है।
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले रिजर्व तेज गेंदबाज गुरनूर बरार और आकिब नबी को दलीप ट्रॉफी के लिए रिलीज नहीं करने का फैसला किया है। दोनों खिलाड़ी दलीप ट्रॉफी में नॉर्थ जोन की टीम का हिस्सा हैं, लेकिन अब वे श्रीलंका में ही भारतीय टीम के साथ रहेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट रविवार से कोलंबो में शुरू होगा। कन्कशन या चोट की स्थिति में बैकअप के लिए रोका रेवस्पोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट ने यह फैसला कन्कशन या किसी खिलाड़ी के चोटिल होने की स्थिति में बैकअप तैयार रखने के लिए लिया है। पहले टेस्ट में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को तेज गेंदबाजों के तौर पर प्लेइंग इलेवन में जगह मिली थी। गुरनूर और आकिब को मौका नहीं मिला था। दूसरे टेस्ट में भी सिराज और प्रसिद्ध के खेलने की संभावना है, लेकिन किसी आपात स्थिति में टीम के पास तुरंत उपलब्ध गेंदबाज रहें, इसलिए दोनों रिजर्व खिलाड़ियों को श्रीलंका में ही रखा गया है। दलीप ट्रॉफी भी रविवार से शुरू दलीप ट्रॉफी का नया सीजन भी रविवार से शुरू हो रहा है। ऐसे में गुरनूर और आकिब के लिए घरेलू टूर्नामेंट में खेलने का मौका था, लेकिन भारतीय टीम के साथ रुकने के कारण वे नॉर्थ जोन के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी नजर दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में ईस्ट जोन का मुकाबला नॉर्थ ईस्ट जोन से होगा। इस मैच में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर नजर रहेगी। वैभव ने बिहार के लिए 8 फर्स्ट क्लास मैचों की 12 पारियों में 17 से ज्यादा की औसत से रन बनाए हैं। उनका सबसे बड़ा स्कोर 93 रन है। दलीप ट्रॉफी में उनके पास फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड बेहतर करने का मौका होगा। पुराने जोनल फॉर्मेट में लौटी दलीप ट्रॉफी BCCI ने कुछ साल पहले दलीप ट्रॉफी का जोनल फॉर्मेट हटाकर इंडिया रेड, इंडिया ब्लू और इंडिया ग्रीन जैसी टीमों का फॉर्मेट शुरू किया था। इसका मकसद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को संभावित इंटरनेशनल खिलाड़ियों को एक साथ देखने का मौका देना था। हालांकि, 2025-26 सीजन से टूर्नामेंट को फिर पुराने जोनल फॉर्मेट में वापस लाया गया है। इस फॉर्मेट की प्रासंगिकता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि इसमें शामिल कई खिलाड़ी फिलहाल भारतीय टेस्ट टीम की दौड़ में नहीं हैं। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दलीप ट्रॉफी आज से, वैभव सूर्यवंशी खेलते दिखेंगे:ईस्ट जोन ने उपकप्तान बनाया; 63वें सीजन में 6 टीमों के बीच मैच भारत का 2026-27 डोमेस्टिक क्रिकेट सीजन 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा। यह टूर्नामेंट का 63वां सीजन है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की है। पूरी खबर
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दूसरे और आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन का खेल ग्रेट बैरियर रीफ एरिना, मैके में जारी है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 210 रन बनाए और 146 रन की बढत ली। ऑस्ट्रेलिया ने दिन की शुरुआत 101 रन की बढत के साथ की थी। स्टीव स्मिथ और कैमरन ग्रीन ने टीम को शुरुआती झटकों से उबारा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने 3 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। बांग्लादेश की पहली पारी 64 रन पर सिमट गई थी। पहले दिन मिचेल स्टार्क ने मैच की पहली गेंद पर बांग्लादेश के ओपनर शादमान इस्लाम को आउट किया और ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने पहली पारी में 6 विकेट लिए। शोरिफुल ने ग्रीन को आउट कर पूरा किया 7 विकेट का आंकड़ा ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन 165/8 के स्कोर से खेलना शुरू किया था। कैमरन ग्रीन 51 रन बनाकर नाबाद थे और उनके साथ नाथन लायन 10 रन पर खेल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के आखिरी दो बल्लेबाजों ने शुरुआत में बांग्लादेश के गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाया। शोरिफुल ने दिन की शुरुआत में ग्रीन को शानदार इनस्विंगिंग यॉर्कर पर आउट किया। गेंद सीधे उनके पैर के अंगूठे पर लगी और वह मैदान पर गिर पड़े। अंपायर ने शुरुआत में अपील नहीं मानी, लेकिन बांग्लादेश ने DRS लिया। रिप्ले में पता चला कि बल्ले का कोई किनारा नहीं लगा था और गेंद मिडिल स्टंप पर लगती। ग्रीन 67 रन बनाकर आउट हुए। बांग्लादेशी तेज गेंदबाज का सबसे अच्छा प्रदर्शन शोरिफुल ने पहली पारी में 48 रन देकर 7 विकेट लिए। यह टेस्ट में किसी बांग्लादेशी तेज गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने शाहदत हुसैन का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2008 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में 27 रन देकर 6 विकेट लिए थे। यह किसी बांग्लादेशी गेंदबाज का विदेशी मैदान पर भी सबसे अच्छा प्रदर्शन है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तैजुल इस्लाम के नाम था, जिन्होंने इसी साल हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ 138 रन देकर 7 विकेट लिए थे। आखिरी विकेट के लिए लायन-हैजलवुड ने 24 रन जोड़े ऑस्ट्रेलिया ने आखिरी विकेट के लिए भी अहम रन जोड़े। नाथन लायन और जोश हेजलवुड ने 24 रन की साझेदारी की। तैजुल इस्लाम की गेंद पर हेजलवुड ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में चली गई। शादमान इस्लाम ने सर्किल के अंदर कैच पकड़ लिया। हेजलवुड ने 18 गेंदों पर 6 रन बनाए, जबकि लायन 62 गेंदों पर 32 रन बनाकर नाबाद रहे। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 210 रन पर आउट हुई और उसे पहली पारी में 146 रन की बढ़त मिली। पहले दिन गिरे थे 18 विकेट मैच के पहले दिन दोनों टीमों के बीच 18 विकेट गिरे थे। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। मिचेल स्टार्क ने मैच की पहली ही गेंद पर बांग्लादेश के ओपनर शादमान इस्लाम को आउट किया और पहली पारी में 6 विकेट लिए। इसके बाद शोरिफुल ने भी 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया था। बांग्लादेश की टीम पहली पारी में सिर्फ 64 रन पर ऑल आउट हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने इसका फायदा उठाते हुए बढ़त बनाई, लेकिन शोरिफुल की शानदार गेंदबाजी ने उसकी बढ़त को सीमित रखने में मदद की। अब बांग्लादेश के सामने बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया के 146 रन की बढ़त लेने के बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी शुरू होनी है। बांग्लादेश को अब दूसरी पारी में मजबूत बल्लेबाजी करनी होगी, ताकि वह ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को खत्म कर मैच में वापसी कर सके। दूसरे दिन के खेल के विश्लेषण के मुताबिक, सुबह के सत्र में गेंद पहले दिन की तुलना में कम स्विंग हुई, लेकिन नई गेंद बांग्लादेशी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकती है।
मार्नस लाबुशेन के खराब फॉर्म से तंग आए रिकी पोंटिंग, कहा- अब किसी और को मौका देने का समय है
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन की खराब फॉर्म के कारण टेस्ट टीम में उनकी जगह पर खतरा मंडरा रहा है। बांग्लादेश के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में भी वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं।
बांग्लादेश ने दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया को समेटा, मेजबान टीम को मिली 146 रनों की बढ़त, देखें लाइव स्कोर
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच मैके में खेला जा रहा है। इस मैच में बांग्लादेश की टीम पहली पारी में सिर्फ 64 रन बनाकर ऑलआउट हो गई थी। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 210 रन बनाने में कामयाब रही।
पुर्तगाल के 25 साल के फुटबॉलर क्यूविन कास्त्रो की मैच के दौरान मैदान पर गिरने के बाद मौत हो गई। वह शनिवार को लिस्बन में थर्ड-टियर क्लब रियल स्पोर्ट क्लब और टॉप-फ्लाइट टीम एस्ट्रेला दा अमाडोरा के बीच प्री-सीजन फ्रेंडली मैच खेल रहे थे। कास्त्रो के मैदान पर गिरने के बाद मैच स्थगित कर दिया गया। लिस्बन फुटबॉल एसोसिएशन ने उनके निधन की पुष्टि की। शुरुआती मिनटों में मैदान पर गिरे, अस्पताल ले जाया गया कास्त्रो मैच के शुरुआती मिनटों में अचानक मैदान पर गिर पड़े। उनके गिरने के बाद मेडिकल टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत की पुष्टि हुई। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैदान पर उन्हें बिजली का झटका देकर होश में लाने की कोशिश भी की गई। कास्त्रो रियल स्पोर्ट क्लब के लिए खेल रहे थे। लिस्बन फुटबॉल एसोसिएशन ने उनके परिवार, दोस्तों और रियल स्पोर्ट क्लब के प्रति संवेदना जताई। रियल स्पोर्ट क्लब ने कहा- वह हमारे परिवार का हिस्सा थे कास्त्रो के निधन पर रियल स्पोर्ट क्लब ने शोक जताया। क्लब ने उन्हें अपने खेल परिवार का अभिन्न हिस्सा बताया और कहा कि उनके साथ जुड़े लोगों के दिल में उनकी याद हमेशा रहेगी। एस्ट्रेला दा अमाडोरा ने भी इस घटना पर दुख जताया। दोनों क्लबों ने मैच स्थगित किए जाने के बाद कास्त्रो को श्रद्धांजलि दी। वेस्ट ब्रोम 25वें मिनट में तालियां बजाकर देगा श्रद्धांजलि कास्त्रो के पूर्व क्लब वेस्ट ब्रोमविच एल्बियन ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। क्लब ने घोषणा की है कि रविवार को बर्नले के खिलाफ होने वाले मैच के 25वें मिनट में कास्त्रो की याद में तालियां बजाई जाएंगी। खिलाड़ी इस मैच में काली पट्टी भी बांधकर उतरेंगे। कास्त्रो 25 साल के थे। वेस्ट ब्रोम ने कास्त्रो के निधन को बेहद दुखद बताते हुए उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना जताई है। 2021 में आर्सेनल के खिलाफ किया था डेब्यू क्यूविन कास्त्रो 2021 में वेस्ट ब्रोम की अकादमी से जुड़े थे। उन्होंने उसी साल आर्सेनल के खिलाफ लीग कप मैच में क्लब की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। बाद में उन्होंने वेस्ट ब्रोम के लिए लीग मैच में भी हिस्सा लिया। इसके बाद वह लोन पर बर्टन एल्बियन, नॉट्स काउंटी और गेट्सहेड से जुड़े। 2023 में वह वेस्ट ब्रोम से अलग हो गए। इंग्लैंड में कई क्लबों के लिए खेले, इसी समर पुर्तगाल लौटे कास्त्रो का ज्यादातर फुटबॉल करियर इंग्लैंड में बीता। वह यॉर्क सिटी, किंग्स लिन टाउन, चिपेनहम टाउन, कैम्ब्रिज सिटी और ईस्टबोर्न बोरो जैसे क्लबों के लिए भी खेले। वह इंग्लैंड में इप्सविच टाउन के साथ ट्रायल पर भी रहे थे। कास्त्रो इस समर पुर्तगाल लौटे थे और रियल स्पोर्ट क्लब से जुड़े थे। लिस्बन में इसी क्लब के लिए खेलते हुए 22 अगस्त को उनकी जान चली गई। -------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-श्रीलंका दूसरा टेस्ट आज से:गिल के पास 3 हजार रन और 50 छक्के पूरे करने का मौका, सारांश डेब्यू कर सकते हैं भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मैच 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में खेला जाएगा। गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर भारत सीरीज में 1-0 से आगे है। अब टीम की नजर सीरीज 2-0 से जीतने पर है। भारत ने आखिरी बार जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज जीती थी। पूरी खबर
Gayatri Gopichand ने जीता पदक और Arjuna Award, मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने जताया गर्व
... अमित कुमार दास ...नयी दिल्ली, 22 अगस्त गायत्री गोपीचंद के लिए विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक और अर्जुन पुरस्कार से सम्मान एक ही सप्ताह में आया जिससे उनके पिता और मुख्य राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद की खुशी दोगुनी हो गई। गायत्री ने त्रीसा जॉली के साथ विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक जीता और इसी सप्ताह उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा भी हुई। बेटी की इन उपलब्धियों ने गोपीचंद को गौरवान्वित किया। ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन के इस पूर्व चैंपियन ने कहा कि गायत्री को खेलते हुए देखकर उनकी भावनाएं अन्य खिलाड़ियों से अलग नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अपने सभी खिलाड़ियों की सफलता को देखते समय उनके भीतर एक जैसा ही भाव रहता है। विश्व चैंपियनशिप में शनिवार को यहां भारत का अभियान समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में गोपीचंद ने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि मैं इसे उस तरह शब्दों में बयां कर पाऊंगा या नहीं। लेकिन जब भी मेरे खिलाड़ियों ने खेला है, मुझे हमेशा ऐसा ही महसूस हुआ है। गायत्री के लिए मेरे मन में किसी अन्य खिलाड़ी से ज्यादा अलग भावना नहीं रही है।”उनके शब्दों में एक कोच की निष्पक्षता साफ झलकी, लेकिन इसके बाद उन्होंने जिस तरह बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताया, उसमें पिता का भाव छिपा नहीं रहा। गोपीचंद ने कहा, “जिस तरह उसने खेला है, उस पर मुझे बहुत गर्व है। भगवान की कृपा से हमारे परिवार में दो अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं। दो खिलाड़ी, दो अर्जुन पुरस्कार विजेता, यह दुर्लभ है।”गोपीचंद को 1999 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, “मैं इसके लिए भगवान का आभारी हूं। हां, मुझे उसके प्रदर्शन और नतीजों पर बहुत गर्व है। जिस तरह उसने खुद को पेश किया, वह भी गर्व करने वाली बात है।”त्रीसा और गायत्री के युगल में कांस्य पदक जीतने के साथ भारत ने 2011 के बाद से हर विश्व चैंपियनशिप में कम से कम एक पदक जीतने का अपना रिकॉर्ड कायम रखा। भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने कुछ करीबी मुकाबलों में मिली हार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और विश्व चैंपियनशिप में भारत के प्रदर्शन को कुल मिलाकर संतोषजनक करार दिया। उन्होंने आगामी एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। गोपीचंद ने कहा, “कुल मिलाकर कुछ करीबी मुकाबलों में हमारी हार दुर्भाग्यपूर्ण रही। महिला एकल में हमने दोनों मुकाबले बेहद करीबी अंतर से गंवाए। पुरुष एकल में आयुष का पहला दिन बहुत अच्छा रहा, लेकिन दूसरे दिन का प्रदर्शन थोड़ा निराशाजनक रहा।”उन्होंने कहा, “लेकिन कुल मिलाकर मुझे लगता है कि हमारा प्रदर्शन ठीक रहा। मैं इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हूं। कभी-कभी ऐसा होता है। हालांकि, अगली बार एशियाई खेलों में मुझे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।”उन्होंने करीबी हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हुई दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू की तारीफ की जबकि लक्ष्य सेन के प्रदर्शन को निराशाजनक करार देते हुए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, ‘‘ सिंधू का मुकाबला बहुत करीबी था। जिस तरह वह हारीं, वह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण रहा। लेकिन अगर जापान ओपन में उनकी जीत और यहां के प्रदर्शन को देखें तो वह निश्चित रूप से अच्छा कर रही हैं।”गोपीचंद ने कहा, “लक्ष्य के लिए दुर्भाग्य से यह टूर्नामेंट अच्छा नहीं रहा। इसके पीछे के खास कारण मुझे नहीं पता। लेकिन लक्ष्य लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में रहे हैं। इसलिए वह वापसी करेंगे।
क्लीन स्वीप पर भारत की नजरें, हेड टू हेड में कौन आगे?
भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए फैन्स तैयार हैं. पहला मैच जीतने के बाद भारतीय टीम का कॉन्फिडेंस काफी बढ़ा हुआ है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम श्रीलंका को क्लीन स्वीप कर सीरीज पर कब्जा जमाना चाहेगी.
FIH World Cup में Netherlands से 3-1 से हारा भारत, सेमीफाइनल की राह हुई बेहद मुश्किल
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 22 अगस्त आखिरी क्वार्टर में दो गोल गंवाने का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा और पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन के बावजूद नीदरलैंड के हाथों 3 -1 से हारने के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को एफआईएच विश्व कप में सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो गई। नीदरलैंड ने इस मुकाबले में जीत दर्ज करते ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, पूल के दूसरे मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हराकर भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदों को कुछ हद तक जिंदा रखा। भारत को अब पूल चरण के अपने आखिरी मुकाबले में अर्जेंटीना को कम से कम पांच गोल के अंतर से हराना होगा। साथ ही उसे उम्मीद करनी होगी कि नीदरलैंड की टीम इंग्लैंड को शिकस्त दे। अच्छी शुरूआत के बावजूद आखिरी दस मिनट में की गई गलतियों ने भारत को मैच से बाहर कर दिया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को अब दूसरे दौर का आखिरी मैच सोमवार को अर्जेंटीना से खेलना है। इसके बाद टीम पांचवें से आठवें स्थान के क्लासीफिकेशन मुकाबले खेलेगी। भारत के लिये मैच में एकमात्र गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में किया। नीदरलैंड के लिये डुको टेलगेनकेम्प (41वां), येप होडेमेकर्स (51वां) और वान डैम यिप (55वां) ने गोल दागे। पहले दौर में इंग्लैंड से हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं आई थी। अब अर्जेंटीना को हराने के बाद भी उसके तीन ही अंक होंगे जिससे उसके अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गई। विश्व कप के इतिहास में भारतीय टीम नीदरलैंड को कभी हरा नहीं सकी है। यहां 1973 विश्व कप के फाइनल में उसे डच टीम ने पेनल्टी शूटआउट में हराया था। भारतीय टीम ने पहले हाफ में बेहद सधा हुआ खेल दिखाकर डच टीम को बांधे रखा। भारतीय बैकलाइन ने जहां कोई गलती नहीं की , वही मिडफील्ड में गेंद पर लंबे समय कब्जा नहीं रहने दिया। तीसरे मिनट में भारत ने दबाव बनातं हुए दाहिने ओर से सर्कल में प्रवेश किया लेकिन डच डिफेंडरों ने प्रयास को सफल नहीं होने दिया। आठवें मिनट में हार्दिक के पास पर राजिंदर गेंद लेकर डी के भीतर गए लेकिन एक बार फिर भारत डच डिफेंस को भेद नहीं सका। इसके तीन मिनट बाद नीदरलैंड के वान डाम दीस ने बायें ओर से मिले पास पर रिवर्स हिट लगाया लेकिन गेंद उनकी स्टिक के पीछे से लगकर गई थी। भारत को फ्री हिट मिली लेकिन गेंद पर से नियंत्रण चला गया। मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर डच टीमको 13वें मिनट में मिला लेकिन यिप यानसेन की ड्रैग फ्लिक को मनप्रीत ने अपनी रशिंग से बखूबी ब्लॉक किया। पहले पंद्रह मिनट में मैच पर भारतीय डिफेंस का दबदबा रहा। दूसरे क्वार्टर के शुरूआती मिनट में ही नीदरलैंड को लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से एक पर भी गोल नहीं हो सका। भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद समझदारी का प्रदर्शन करते हुए साफ सुथरी टैकलिंग की और कोई फाउल नहीं होने दिया। भारत को 24 वें मिनट में गोल करने का मौका मिला जब मनप्रीत से गेंद लेकर दिलप्रीत सर्कल में गए लेकिन डच गोलकीपर मेयेर डर्क ने गेंद भीतर नहीं जाने दी हालांकि सर्कल के भीतर राजिंदर रिबाउंड पर बेहतर निशाना साध सकते थे। ब्रेक से चार मिनट पहले हार्दिक से गेंद लेकर सुखजीत सर्कल के भीतर गए जहां दो डच डिफेंडरों ने उन्हें घेरा। गिरने पर पेनल्टी कॉर्नर की मांग को अंपायर ने ठुकरा दिया। मनप्रीत के शॉट पर गेंद यानसेन की स्टिक से टकराई जिन्होंने उसे बाहर निकाल दिया। आखिरी मिनट में भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने एक बेहतरीन बचाव किया। हाफटाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी। इस क्वार्टर में भारतीयों ने भी आगे बढकर हमले बोले लेकिन डच बैकलाइन ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर 35वें मिनट में रेफरल पर मिला। अभिषेक के पास पर गेंद डच डिफेंडर के पैर से टकराई थी जिस पर अंपायर ने पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिया था। हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक नीदरलैंड के फर्स्ट रशर के पैर से लगी जिस पर भारत को रेफरल लेने पर दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन हरमनप्रीत का शॉट बाहर से निकल गया। अब तक मुस्तैद रहे भारतीय डिफेंस को एक पल की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा और नीदरलैंड ने आसान गोल कर दिया। तिमैन रेयांगा को सर्कल के भीतर गेंद मिली जिन्होंने निशाना साधा और गेंद डुको टेलगेनकेंप की स्टिक से डिफ्लैक्ट होकर भीतर चली गई। भारतीय गोलकीपर मोहित के पास कोई मौका नहीं था। भारत को पलटवार में पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक गोलकीपर ने रोक दी। गेंद सर्कल के भीतर रहते हुए भारतीय स्ट्राइकरों ने रिबाउंड के प्रयास किये लेकिन सफलता नहीं मिली। भारत के लिये 47वें मिनट में अभिषेक ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे। अमित रोहिदास की स्लैप हिट डिफ्लेक्शन से बाहर निकल गई। भारत ने डिफेंडर के पैर पर गेंद लगने के कारण रिव्यू लिया और भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन संजय का शॉट गोलकीपर ने रोक दिया। नीदरलैंड ने 51 वें मिनट में बढत दुगुनी कर ली जब डिफेंस से सर्कल के भीतर तक सिर्फ तीन लंबे पास पर होडेनमेकर्स ने फिनिशर का काम करते हुए गेंद को गोल के भीतर डाला। अगले मिनट जवाबी हमले पर राजिंदर ने भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर बनाया और हरमनप्रीत की तेज रफ्तार ड्रैग फ्लिक को डच डिफेंस रोक नहीं सका। भारत की मैच में वापसी की उम्मीदें बंधने ही लगी थी कि नीदरलैंड ने एक और आसान गोल करके मैच पर शिकंजा कस लिया। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने गेंद गंवाई जो वान डैम के पास गई जिसे रोकने के लिये भारतीय गोलकीपर आगे निकल आये और वान डैम ने आसानी से गेंद भीतर डाल दी।
भारत का 2026-27 डोमेस्टिक क्रिकेट सीजन 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा। यह टूर्नामेंट का 63वां सीजन है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की है। उन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है। टी-20 में पहचान बना चुके वैभव को रेड बॉल क्रिकेट में अभी खुद को साबित करना है। दलीप ट्रॉफी में देश के अलग-अलग जोन की टीमें खेलती हैं। खिलाड़ी न्यूजीलैंड दौरे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज के लिए दावेदारी पेश करेंगे। वैभव के लिए रेड बॉल का बड़ा टेस्ट वैभव ने पिछले एक साल में टी-20 क्रिकेट में शानदार परफॉर्मेंस किया है। उन्होंने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें भारत की टी-20 टीम में जगह मिली। अब दलीप ट्रॉफी में उनकी नजर रेड बॉल क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी। ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन करेंगे ईस्ट जोन ने वैभव को ईशान किशन का डिप्टी बनाया है। सिलेक्टर्स का कहना है कि इससे यह देखने में मदद मिलेगी कि वे अतिरिक्त जिम्मेदारी के प्रेश को कैसे संभालते हैं। ईस्ट जोन अपने अभियान की शुरुआत नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ करेगा। अगर टीम आगे बढ़ती है तो वैभव को अगले दो हफ्तों में कम से कम दो रेड बॉल मैच खेलने का मौका मिल सकता है। फाइनल तक पहुंचने पर यह संख्या तीन हो सकती है। प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतने वाले यंगेस्ट प्लेयर बने थे वैभव हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। वे यह अवॉर्ड जीतने वाले दुनिया के यंगेस्ट प्लेयर बने थे। उन्होंने 3 मैचों में दो अर्धशतक की मदद से 151 रन बनाए थे। राजस्थान रॉयल्स के कैंप में तैयारी की जिम्बाब्वे से लौटने के बाद वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में दो हफ्ते रेड बॉल क्रिकेट की तैयारी की। यह कैंप विक्रम राठौर की निगरानी में हुआ। इसमें तकनीक, फिटनेस, वर्कलोड, रिकवरी और परफॉर्मेंस का एनालिसिस किया गया। उनके पुराने कोच मनीष ओझा ने भी तैयारी में मदद की। वैभव के लिए स्पिन खेलने और उछाल के खिलाफ बैकफुट पर खेलने की खास तैयारी कराई गई। अलग-अलग तरह की पिचों पर अभ्यास कराया गया। इन खिलाड़ियों पर भी नजर टेस्ट टीम के लिए रिजर्व ओपनर की रेस में अभिमन्यु ईश्वरन, आयुष पांडे, अमन मोकाड़े और वैभव सूर्यवंशी पर नजर रहेगी। पिछले रणजी सीजन में 950 रन बनाने वाले आर स्मरण भी अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे। तेज गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। अनुभवी खिलाड़ियों में मोहम्मद शमी और करुण नायर भी शामिल हैं। शमी ने 2025-26 रणजी सीजन में 7 मैचों में 37 विकेट लिए थे। दलीप ट्रॉफी का इतिहास दलीप ट्रॉफी की शुरुआत 1961-62 में हुई थी। इसका नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुमार श्री दलीपसिंहजी के नाम पर रखा गया है। यह फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट है और लंबे समय तक जोनल फॉर्मेट में खेला जाता रहा है। बीच में इसका फॉर्मेट कई बार बदला। 2016 से 2019 तक BCCI ने इंडिया ब्लू, इंडिया ग्रीन और इंडिया रेड जैसी टीमों के साथ इसे कराया। 2022-23 में फिर जोनल फॉर्मेट लौट आया। 2024-25 में टूर्नामेंट चार टीमों के साथ खेला गया था। इंडिया-A, इंडिया-B, इंडिया-C और इंडिया-D ने हिस्सा लिया था। इसके बाद जोनल फॉर्मेट वापस आया। दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन वसीम जाफर ने बनाए दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वसीम जाफर के नाम है। उन्होंने 2545 रन बनाए हैं। नरेंद्र हिरवानी ने सबसे ज्यादा 126 विकेट लिए हैं। सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड रमन लांबा के नाम हैं, जिन्होंने 1987-88 में नॉर्थ जोन के लिए वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन बनाए थे। एक मैच में बेस्ट गेंदबाजी का रिकॉर्ड देबाशीष मोहंती के नाम है।
विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का सामना आज ऑस्ट्रेलिया से होगा। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम इंडिया को यह मुकाबला हर हाल में जीतना होगा। पूल-E का यह मुकाबला रात 10:30 बजे शुरु होगा। टीम इंडिया को जीत के साथ यह भी उम्मीद करनी होगी कि इससे पहले होने वाले मुकाबला चीन, नीदरलैंड के खिलाफ हार जाए। अगर चीन जीता, तो भारत अपना मैच जीतकर भी टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। नीदरलैंड 6 अंक के साथ सेमीफाइनल में पहुंच चुका है। चीन के 2 अंक है, जबकि भारत और ऑस्ट्रलिया के 1-1 अंक है। तीनों टीमों के लिए यह मैच करो या मरो है। भारत-ऑस्ट्रेलिया ने इस साल 4 मैच खेले भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों ने इस साल चार मैचों की सीरीज खेली थी। इनमें भारत ने 2 मुकाबले जीते थे, जबकि 2 में उसे हार मिली। सीरीज दो-दो से ड्रॉ रहा था। भारत ने नीदरलैंड को फील्ड गोल नहीं करने दिया भारत को पिछले मुकाबले में नीदरलैंड के खिलाफ 0-2 से हार मिली थी। इसके बावजूद भारतीय डिफेंस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। नीदरलैंड ओपन प्ले से एक भी गोल नहीं कर सकी। गोलकीपर सविता और बिचू देवी ने कई अहम बचाव किए। भारत ने टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ भी शानदार डिफेंस करते हुए सभी 12 पेनल्टी कॉर्नर बचाए थे। नवनीत और दीपिका से गोल की उम्मीद भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती अटैक में बेहतर फिनिशिंग की होगी। टीम ने नीदरलैंड के खिलाफ मौके बनाए, लेकिन उन्हें गोल में नहीं बदल सकी। पेनल्टी कॉर्नर स्पेशलिस्ट दीपिका और फॉरवर्ड नवनीत कौर से टीम को गोल की उम्मीद होगी। दोनों टीमों का स्क्वॉड: भारत: सलीमा टेटे (कप्तान), इशिका चौधरी, निक्की प्रधान, बिचु देवी खरिबाम (गोलकीपर), सविता (गोलकीपर), शिल्पी दाबस, लालरेमसियामी, दीपिका सोरेंग, बलजीत कौर, इशिका, ज्योति, नवनीत कौर, सुशीला चानू पुखरामबम, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, रुताजा दादासो पिसाल, ललथंतलुआंगी, साक्षी राणा, ब्यूटी डुंग डुंग, दीपिका। ऑस्ट्रेलिया: ग्रेस स्टीवर्ट (कप्तान), क्लेयर कोलविल, मॉर्गन मैथिसन, एमी लॉटन, ग्रेस यंग, सारा बायर्न्स, अलीशा पावर (गोलकीपर), अबिगेल विल्सन, एलिस अर्नॉट, मकायला जोन्स, स्टेफनी केरशॉ, कैटलिन नोब्स, कोर्टनी शॉनेल, लूसी शर्मन, अलाना कवानाघ, जोसेलिन बार्ट्रम (गोलकीपर), कैरी सोमरविल, टैटम स्टीवर्ट, ओलिविया डाउन्स, मारियाह विलियम्स, नीसा फ्लिन। 23 अगस्त के सभी मैच…
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले आज खेले जाएंगे। नई दिल्ली में हो रहे इस इवेंट में चीन 3 गोल्ड मेडल जीत सकता है। फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में खेलेगी। लियू शेंग शु और टैन निंग विमेंस डबल्स के फाइनल में उतरेंगी। मेंस सिंगल्स में भी चीन फाइनल खेलेगा। फ्रांस और साउथ कोरिया के पास भी अलग-अलग इवेंट्स में 2 गोल्ड जीतने का मौका है। चीन की जोड़ी का मुकाबला साउथ कोरिया से विमेंस डबल्स में चीन की टॉप सीड लियू शेंग शु और टैन निंग का मुकाबला साउथ कोरिया की बेक हा ना और ली सो ही से होगा। मिक्स्ड डबल्स में टॉप सीड फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग फ्रांस के थॉम गिकेल और डेलफिन डेलरू से भिड़ेंगे। लानियर मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले फ्रांसीसी फ्रांस के एलेक्स लानियर ने मेंस सिंगल्स ने इतिहास रचा है। वे वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बने हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने कनाडा के विक्टर लाई को 16-21, 21-13, 21-14 से हराया था। फाइनल में उनका सामना जापान के कोडाई नाराओका से होगा। मिक्स्ड डबल्स में थॉम गिकेल और डेलफिन डेलरू की जोड़ी भी फाइनल में पहुंची है। यह वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में फ्रांस की पहली मिक्स्ड डबल्स फाइनलिस्ट जोड़ी है। यामागुची के सामने एन से यंग विमेंस सिंगल्स के फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन जापान की अकाने यामागुची और साउथ कोरिया की एन से यंग आमने-सामने होंगी। यामागुची ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 21-12, 21-17 से हराया था। अब उनकी नजर चौथे वर्ल्ड टाइटल पर है। भारत की ट्रीसा-गायत्री सेमीफाइनल से बाहर विमेंस डबल्स में भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सफर सेमीफाइनल में खत्म हुआ। उन्हें चीन की लियू शेंग शु और टैन निंग ने 18-21, 21-13, 21-8 से हराया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीतकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन चीन की जोड़ी ने अगले दोनों गेम जीतकर फाइनल में जगह बना ली।
भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल मिला है। यह जोड़ी शनिवार को विमेंस डबल्स का सेमीफाइनल हार गई। उन्हें वर्ल्ड नंबर-1 जोड़ी चीन की लियू शेंग शू और टैन निंग ने 18-21, 21-13, 21-8 से हराया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक घंटे 11 मिनट तक चले इस मैच में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया। लेकिन, बाकी को दो गेम गंवा बैठी। भारत को 15 साल बाद विमेंस डबल्स कैटेगरी में मेडल मिला है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने ब्रॉन्ज दिलाया था। त्रिसा-गायत्री वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेडल विनर क्लब में शामिल त्रिसा-गायत्री उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों के क्लब में शामिल हो गईं, जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के पोडियम पर जगह बनाई है। गायत्री ने कहा, ‘उस क्लब में शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। अभी लंबा सफर बाकी है। यह सिर्फ शुरुआत है। हमें इस सफलता को आत्मविश्वास के साथ आगे ले जाना है।’ भारत लगातार 11 एडिशन से मेडल जीत रहा भारत ने 2011 से लगातार 11 वर्ल्ड चैंपियनशिप एडीशन में कम से कम एक मेडल जीता है। भारत को पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1983 में प्रकाश पादुकोण ने दिलाया था। एकमात्र गोल्ड पीवी सिंधु ने जीता है। अब भारत के वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल की संख्या 16 हो गई है। इनमें एक गोल्ड, 4 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज शामिल हैं। किसने क्या कहा? गायत्री ने कहा- 'हम थोड़ा ज्यादा कॉन्फिडेंट थे' गायत्री ने मैच के बाद कहा, ‘पहले गेम में हम थोड़ा ज्यादा कॉन्फिडेंट थे। दूसरे गेम में चीनियों ने बहुत धैर्य के साथ खेला। वे काफी शांत थीं। हम जल्दबाजी कर रहे थे और सिर्फ अंक लेना चाहते थे। हम अपने खेल से खुश हैं। पूरा टूर्नामेंट हमारे लिए शानदार रहा।' त्रिसा जॉली बोली- ‘आज हमारा दिन नहीं था’ त्रिसा ने कहा, 'आज हमारा दिन नहीं था। पहले गेम में जीतने के बाद दूसरे गेम की शुरुआत में भी हमारा कंट्रोल था। फिर प्रतिद्वंद्वियों ने रिदम हासिल कर लिया और हम खो बैठे।' उन्होंने आगे कहा, 'वे अंक में बढ़त बना रही थीं और हम उनकी बराबरी नहीं कर पा रहे थे। वे रैलियों के दौरान धैर्य से खेल रही थीं, जिससे उन्हें फायदा मिला।' त्रिसा-गायत्री इस साल अब तक ज्यादा टूर्नामेंट नहीं खेल सकी थीं। त्रिसा को अप्रैल में टखने में चोट लगी थी, जिसके कारण दोनों का शेड्यूल सीमित रहा। कोच गोपीचंद ने कहा- 'दोनों ने हमें गर्व महसूस कराया' भारत के चीफ कोच पुलेला गोपीचंद से जब पूछा गया कि इस समय उन्हें पिता होने पर ज्यादा गर्व है या कोच होने पर, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि दोनों। जब मैं कोर्ट पर होता हूं, तो मेरे अंदर का कोच सामने होता है, लेकिन बाहर पिता होता है।' पुलेला ने कहा, ‘त्रिसा और गायत्री दोनों ने हमें गर्व महसूस कराया। उन्होंने बहुत अच्छी लड़ाई लड़ी और मैं मेडल से खुश हूं। निश्चित तौर पर मैं उन्हें फाइनल में देखना चाहता था, लेकिन उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने टॉप खिलाड़ियों को हराया है, इसलिए यह शानदार प्रदर्शन रहा।’ भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 11 मिनट संघर्ष किया पहला गेम में भारतीय जोड़ी एक समय 16-18 से पीछे थी, लेकिन इसके बाद लगातार 5 अंक जीतकर शानदार वापसी की। उसने गेम 21-18 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में त्रिसा-गायत्री 8-10 से पीछे चल रही थीं। फिर इंडियन पेयर ने लगातार अंक लेकर ब्रेक तक 11-10 की बढ़त ली। ब्रेक के बाद चीनियों ने वापसी की और 21-13 से गेम जीता। तीसरे गेम में चीनी खिलाड़ियों ने भारतीय जोड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। उन्होंने 21-8 से गेम जीतकर फाइनल में जगह बनाई। ----------------------------------------------- रैकेट स्पोर्टस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सिनर घुटने की चोट के कारण यूएस ओपन से हटे, कहा- ठीक होने में और समय चाहिए वर्ल्ड नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने दाएं घुटने की चोट के कारण इस महीने होने वाले यूएस ओपन से नाम वापस ले लिया है। वे सीजन के आखिरी ग्रैंड स्लैम में नहीं खेलेंगे। पढ़ें पूरी खबर
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मैच 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में खेला जाएगा। गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर भारत सीरीज में 1-0 से आगे है। अब टीम की नजर सीरीज 2-0 से जीतने पर है। भारत ने आखिरी बार जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज जीती थी। कप्तान शुभमन गिल के पास इस मैच में दो रिकॉर्ड हासिल करने का मौका है। गिल के नाम अभी 2,993 टेस्ट रन हैं। गिल 7 रन बनाते ही 3 हजार रन पूरे कर लेंगे। इसके अलावा वह 47 टेस्ट छक्के लगा चुके हैं। तीन छक्के लगाते ही उनके 50 छक्के पूरे हो जाएंगे। जायसवाल बड़ी पारी के इंतजार में ओपनर यशस्वी जायसवाल भी बड़ी पारी खेलना चाहेंगे। पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में शतक लगाने के बाद उनकी पिछली 8 पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक आया है। गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में जायसवाल असिथा फर्नांडो की शॉर्ट गेंद पर कट खेलने की कोशिश में विकेट के पीछे कैच हुए थे। कोलंबो के नेट्स में उन्होंने इस शॉट पर भी काम किया। तेज गेंदबाजों ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डालकर उन्हें कट खेलने के लिए मजबूर किया, लेकिन जायसवाल ने कई गेंदें छोड़कर इसका जवाब दिया। कुलदीप या सारांश, तीसरे स्पिनर पर फैसला बाकी भारत के सामने सबसे बड़ा चयन सवाल तीसरे स्पिनर को लेकर है। गॉल टेस्ट में कुलदीप यादव ने दोनों पारियों में 25 ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ एक विकेट लिया। वह टीम के सबसे महंगे गेंदबाज भी रहे। कुलदीप की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को मौका मिलने की संभावना है। सारांश ने नेट्स में लंबा स्पेल किया और शुभमन गिल और ऋषभ पंत को गेंदबाजी की। श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों को देखते हुए उनका चयन टीम के लिए मैच-अप विकल्प हो सकता है। हालांकि कुलदीप को बाहर करना तय नहीं है। स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतेले ने उनका बचाव किया है। उनका कहना है कि एक मैच के प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ी का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। अंतिम फैसला पिच और टीम कॉम्बिनेशन देखकर होगा। सुथार-जडेजा पर भी नजर गॉल टेस्ट में मानव सुथार ने दोनों पारियों में कुल 10 विकेट लिए थे। पहली पारी में उन्होंने 4 और दूसरी पारी में 6 विकेट लिए। कोलंबो की पिच भी मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनर्स की मदद कर सकती है। ऐसे में सुथार और रवींद्र जडेजा की भूमिका अहम होगी। जडेजा के पास 2 रिकॉर्ड का मौका रवींद्र जडेजा के पास भी दो उपलब्धियां हासिल करने का मौका है। उनके नाम टेस्ट में 399 चौके हैं। एक चौका लगाते ही 400 चौके पूरे हो जाएंगे। जडेजा 49 टेस्ट कैच भी ले चुके हैं। एक कैच और लेते ही उनके 50 कैच पूरे हो जाएंगे। जीत से WTC में चौथे स्थान का मौका गॉल में जीत के बाद भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 53.33% पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। कोलंबो टेस्ट जीतकर सीरीज 2-0 से क्लीन स्वीप करने पर भारत का पॉइंट्स प्रतिशत 57.58 तक पहुंच सकता है। इससे टीम के चौथे स्थान पर पहुंचने की संभावना बनेगी। श्रीलंका के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड मजबूत दोनों टीमों के बीच अब तक 47 टेस्ट खेले गए हैं। भारत ने 23 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका को 7 में जीत मिली है। 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। SSC की पिच पर पहले बल्लेबाजी फायदेमंद सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर शुरुआत में बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है। गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आने की उम्मीद है, जिससे पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाया जा सकता है। मैच आगे बढ़ने के साथ पिच सूख सकती है। इससे स्पिनर्स को टर्न और उछाल मिलने की संभावना बढ़ेगी। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती है। इस मैदान पर पिछले तीन टेस्ट में स्पिनर्स ने 45 विकेट लिए हैं। यह तेज गेंदबाजों के मुकाबले 10 विकेट ज्यादा हैं। भारत का इस मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ रिकॉर्ड 3-2 का है, जबकि चार टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। श्रीलंका ने टीम में बदलाव किया श्रीलंका ने कोलंबो टेस्ट के लिए बल्लेबाजी में बदलाव किया है। कामिल मिशारा को निशान मधुशंका की जगह ओपनिंग का मौका मिलेगा। इसके अलावा सहान अराचिगे को भी टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने भारत-A के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट में 72 और 127 रन बनाए थे। श्रीलंका की टीम में पथुम निसांका और कुसल मेंडिस की फिटनेस की समस्या भी है। दिनेश चांदीमल भी पहले टेस्ट में कन्कशन के बाद बाहर हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, मानव सुथार, सारांश जैन, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। श्रीलंका: लाहिरू उदारा, निशान फर्नांडो, दिनेश चांदीमल, कामिंदु मेंडिस, धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), सोनल दिनूषा, केशरा नुवानथा, प्रभात जयसूर्या, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा। ---------------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंचे रूट, 68वां टेस्ट अर्धशतक लगाया:चंद्रपाल-बॉर्डर और द्रविड़ को पीछे छोड़ा; पाकिस्तान के खिलाफ बनाया रिकॉर्ड इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा फिफ्टी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। 35 साल के रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स में चल रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन 66 रन की पारी खेली। उन्होंने 68वां टेस्ट अर्धशतक लगाया। पूरी खबर
कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट, ऑफ स्पिनर को खिलाने के पक्ष में संजय मांजरेकर
कोलंबो, 22 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका के बीच रविवार से कोलंबो में टेस्ट सीरीज का दूसरा और अंतिम मैच खेला जाना है। निर्णायक मैच से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि टीम मैनेजमेंट का बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव की जगह ऑफ-स्पिनर को खिलाने का फैसला 'समझ में आने वाला' कदम होगा, क्योंकि मेजबान टीम बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर काफी निर्भर है।
हॉकी वर्ल्ड कप: 'पूल-ई' में नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत की 1-3 से हार
एम्सटेलवीन (नीदरलैंड), 22 अगस्त (आईएएनएस)। एफआईएच मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के 'स्टेज 2' के अपने पहले 'पूल-ई' मैच में भारतीय टीम को सह-मेजबान नीदरलैंड्स के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी बहुत कम हो गई हैं।
विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारतीय महिला जोड़ी त्रीशा-गायत्री को महिलाओं के डबल्स इवेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की जोड़ी से तीन सेटों तक चले मुकाबले में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा जिसके चलते वह कांस्य पदक ही जीतने में कामयाब हो सकी।
हॉकी विश्व कप में एक बार फिर इतिहास रचने से चूका भारत, सेमीफाइनल की उम्मीदों को लगा झटका
एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के 2026 दूसरे चरण के मुकाबले में भारतीय टीम इतिहास रचने से चूक गई। विश्व कप के अब तक के 50 से अधिक वर्षों के इतिहास में कभी भी नीदरलैंड को शिकस्त नहीं दी थी। ऐसे में उन्हें पहली बार हराने और इतिहास रचने का मौका था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।
त्रिशा-गायत्री भविष्य में और सफलताएं हासिल करेंगी, एशियन गेम्स में नतीजे बेहतर होंगे: पुलेला गोपीचंद
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद का मानना है कि त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता गया ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल भारत की अगली पीढ़ी के लिए एक बड़ा बूस्ट साबित हो सकता है। इसके साथ ही उनका कहना है कि भारत की यह युवा महिला डबल्स जोड़ी भविष्य में और भी सफलताएं हासिल करेगी।
मैड्रिड, 22 अगस्त (आईएएनएस)। मौजूदा चैंपियन बार्सिलोना रविवार को एल्चे के खिलाफ अपने ला लीगा खिताब का बचाव करने की शुरुआत करेगी। एल्चे की टीम में काफी बदलाव हुए हैं और हैंसी फ्लिक की टीम नए सीजन का दमदार आगाज करना चाहेगी।
15 साल का इंतजार हुआ खत्म! त्रिशा-गायत्री ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर रचा इतिहास, शानदार प्रदर्शन से बढ़ाया भारत का मान
सेरेना विलियम्स यूएस ओपन में कार्लोस अल्कारेज के साथ मिक्स्ड डबल्स खेलेंगी। यूएस टेनिस एसोसिएशन ने शनिवार को बताया कि विलियम्स और अल्कारेज को टूर्नामेंट के लिए वाइल्ड कार्ड दिया गया है। मिक्स्ड डबल्स का मेन ड्रॉ मंगलवार से शुरू होगा। यह 2022 के बाद सेरेना का पहला यूएस ओपन होगा। वहीं स्पेन के खिलाड़ी कार्लोस अल्कारेज डिफेंडिंग चैंपियन हैं। उन्होंने 2025 का खिताब जीता था। सेरेना ने 23 ग्रैंड स्लैम जीते सेरेना 2022 के बाद यूएस ओपन में पहली बार उतरेंगी। 23 बार की ग्रैंड स्लैम सिंगल्स चैंपियन टेनिस में वापस लौटी हैं। विलियम्स ने अभी यह नहीं बताया है कि वह न्यूयॉर्क में सिंगल्स खेलेंगी या नहीं। इसके लिए एसोसिएशन ने एक महिला वाइल्ड कार्ड अभी बचाकर रखा है। विलियम्स ने विंबलडन में सिंगल्स खेला था। इसके बाद उन्होंने सिनसिनाटी ओपन में अपनी बड़ी बहन वीनस के साथ डबल्स खेला था। दाएं हाथ की कलाई की चोट से लौटेंगे अल्कारेज अल्कारेज ने इस हफ्ते बताया था कि वह यूएस ओपन के अपने सिंगल्स खिताब का बचाव करने लौटेंगे। दाएं हाथ की कलाई की चोट के कारण वह अप्रैल से टेनिस से बाहर थे। ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत की त्रिसा-गायत्री को बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज:सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 जोड़ी ने हराया, पहला गेम जीत गई थी भारतीय जोड़ी भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल मिला है।भारत को 15 साल बाद विमेंस डबल्स कैटेगरी में मेडल मिला है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। पूरी खबर पढ़ें…
दूसरे टेस्ट में गिल रचेंगे नया इतिहास? 2 बड़े रिकॉर्ड पर नजर, जो रूट को छोड़ सकते हैं पीछे
दूसरे टेस्ट में गिल रचेंगे नया इतिहास? 2 बड़े रिकॉर्ड पर नजर, जो रूट को छोड़ सकते हैं पीछे
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में शनिवार को विमेंस डबल्स सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी ट्रीसा जॉली/गायत्री गोपीचंद चीन की मौजूदा चैंपियन लियू शेंग शू/टैन निंग के हाथों 21-18, 13-21, 8-21 से हार गई, जिसके साथ उन्हें ब्रॉन्ज मेडल के साथ संतोष करना पड़ा।
BWF World Championship: Treesa-Gayatri ने Bronze जीता, चीनी चुनौती से लड़ीं भारतीय जोड़ी
शनिवार को यहाँ वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला डबल्स सेमीफ़ाइनल में, ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का शानदार सफ़र वर्ल्ड नंबर 1 और मौजूदा चैंपियन लियू शेंग शू और टैन निंग से कड़े मुकाबले के बाद तीन गेम में मिली हार के साथ खत्म हुआ; इस तरह भारतीय जोड़ी ने अपना पहला ब्रॉन्ज मेडल जीता। बिना सीडिंग वाली भारतीय जोड़ी ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम तो जीत लिया, लेकिन वे चीन की मज़बूत जोड़ी के सामने दबाव बनाए नहीं रख सके और एक घंटे 11 मिनट में 21-18, 13-21, 8-21 से हार गए। इसे भी पढ़ें: मेरा काम ट्रॉफी जीतना है, व्यूज-लाइक्स नहीं: आलोचना पर Gautam Gambhir का करारा जवाब भारत ने आखिरी बार 2011 में महिला डबल्स में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप का मेडल जीता था, जब लंदन में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया था। चीनी जोड़ी के खिलाफ़ भारतीय जोड़ी का हेड-टू-हेड रिकॉर्ड अच्छा नहीं था; अब तक हुई सात मुलाकातों में उन्हें छह बार हार का सामना करना पड़ा था और सिर्फ़ एक बार जीत मिली थी। हालांकि, ट्रीसा और गायत्री ने 7-2 की बढ़त बनाकर चीनी जोड़ी पर शुरुआत में ही दबाव बना दिया। लियू और टैन ने ज़बरदस्त रैलियों के ज़रिए तेज़ी से वापसी की। चीनी जोड़ी ने लगातार छह पॉइंट जीतकर मैच का रुख़ अपनी ओर मोड़ लिया और बढ़त बना ली। चीनी खिलाड़ियों ने तिरछे शॉट्स (एंगल्ड रिटर्न्स) का अच्छा इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय खिलाड़ी गलतियाँ करने पर मजबूर हुए और कई शॉट्स नेट में जा गिरे। लगातार नौ पॉइंट जीतकर लियू और टैन ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त बना ली। रैलियाँ आम तौर पर छोटी थीं, जिनमें औसतन 15 शॉट्स थे, लेकिन खेल फिर से शुरू होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय वापस पा ली। ट्रीसा ने एक बेहतरीन शॉट खेलकर चीनी खिलाड़ियों की लगातार पॉइंट जीतने की लय को तोड़ा। इसे भी पढ़ें: AUS vs BAN Test: पहले ही दिन 18 विकेट गिरे, Starc और Shoriful के कहर से कांपे बल्लेबाज! फ्रंट कोर्ट पर एक और हमले ने चीनी खिलाड़ियों को कोर्ट के पिछले हिस्से में शॉट खेलने पर मजबूर कर दिया, और फिर 31 शॉट्स की एक रैली के बाद भारतीय खिलाड़ी 12-12 की बराबरी पर आ गए। इसके बाद एक शानदार मुकाबला हुआ, जो ट्रीसा के क्रॉस-कोर्ट विनर शॉट के साथ खत्म हुआ और भारत बढ़त बनाने में कामयाब रहा। भारतीयों का अटैक और तेज़ हो रहा था। हालाँकि, शॉर्ट लिफ़्ट की वजह से गायत्री को पेनल्टी मिली और चीनी जोड़ी ने 15-13 से बढ़त बना ली। इसके बाद ट्रीसा ने शानदार रिटर्न ऑफ़ सर्व किया जिससे चीनी जोड़ी मुश्किल में पड़ गई और अंतर घटकर 14-16 हो गया। जोश से भरी ट्रीसा ने इसके बाद जंप स्मैश और फ्रंट कोर्ट पर एक और आक्रामक शॉट खेला, जिससे भारत ने फिर से बराबरी कर ली। For more Sports News in Hindi Today please click here.
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। फ्रांस के थॉम गिकेल और डेल्फिन डेलरू की जोड़ी ने पहली बार बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह बना ली है। उन्होंने पहला गेम गंवाने के बाद चीनी जोड़ी के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार जीत दर्ज की।
जॉर्ज रसेल ने पहला जैंडवोर्ट स्प्रिंट जीता, एफ1 टाइटल की लड़ाई में फासला हुआ कम
जैंडवोर्ट (नीदरलैंड्स), 22 अगस्त (आईएएनएस)। मर्सिडीज के ड्राइवर जॉर्ज रसेल ने शनिवार को जैंडवोर्ट में आयोजित स्प्रिंट रेस जीत ली, जहां समर ब्रेक के बाद फॉर्मूला-1 की वापसी हुई। इस रेस में फेरारी के चार्ल्स लेक्लेर ने मैकलारेन ड्राइवर और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लैंडो नॉरिस को पछाड़ा।
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दूसरे टेस्ट के पहले दिन के खेल में बांग्लादेशी प्लेयर तस्कीन अहमद और जोश हेजलवुड के बीच उस समय कहासुनी हो गई जब तस्कीन कैच लेने के दौरान हेजलवुड के सामने आ गए जिससे वह आउट होने से बच गए थे।
भारत-श्रीलंका दूसरे टेस्ट पर बारिश का साया! 23 से 27 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम, जानें पांचों दिन का पूरा अपडेट
'विकेट लेने से ज्यादा ध्यान अच्छे स्पेल डालने पर दें', हेड कोच गंभीर की कुलदीप को सलाह
कोलंबो, 22 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच रविवार से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट क्लब स्टेडियम में खेला जाना है। मुकाबले से पहले भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि बाएं हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव के साथ उनकी बातचीत का फोकस विकेट लेने की कोशिश के बजाय अच्छी गेंदबाजी करने पर रहा है।
महिला हॉकी वर्ल्ड कप - न सिर्फ खुद की जीत, चीन के मुकाबले पर भी होंगी भारत की निगाहें
एफआईएच विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को भारतीय महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मुकाबला खेलेगी।
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में गेंद से कहर देखने को मिला जिसमें उन्होंने सिर्फ 12 रन देने के साथ 6 विकेट हासिल किए। वहीं स्टार्क ने इस मैच की पहली गेंद पर विकेट लेने के साथ टेस्ट क्रिकेट में इतिहास भी रच दिया है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने मेंस एशेज शेड्यूल 2027 से हेडिंग्ले को बाहर करने के फैसले को 'बेतुका' बताया है। इस हाई-प्रोफाइल सीरीज के लिए उत्तरी इलाके में कोई वेन्यू न होने पर खिलाड़ियों और कमेंटेटरों की बढ़ती आलोचना में वे भी शामिल हो गए हैं।
लंदन, 22 अगस्त (आईएएनएस)। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने मेंस एशेज शेड्यूल 2027 से हेडिंग्ले को बाहर करने के फैसले को 'बेतुका' बताया है। इस हाई-प्रोफाइल सीरीज के लिए उत्तरी इलाके में कोई वेन्यू न होने पर खिलाड़ियों और कमेंटेटरों की बढ़ती आलोचना में वे भी शामिल हो गए हैं।
मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा को 'डायरेक्टर ऑफ हाई परफॉर्मेंस' नियुक्त किया
पांच बार की आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) चैंपियन मुंबई इंडियंस (एमआई) ने शनिवार को मुंबई के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर जुबिन भरूचा को फ्रेंचाइजी के ग्लोबल इकोसिस्टम के लिए 'डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस' नियुक्त किया है।
मुंबई इंडियंस ने जुबिन भरूचा को 'डायरेक्टर ऑफ हाई परफॉर्मेंस' नियुक्त किया
मुंबई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। पांच बार की आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) चैंपियन मुंबई इंडियंस (एमआई) ने शनिवार को मुंबई के पूर्व फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर जुबिन भरूचा को फ्रेंचाइजी के ग्लोबल इकोसिस्टम के लिए 'डायरेक्टर ऑफ परफॉर्मेंस' नियुक्त किया है।
2034 तक चेल्सी में बने रहेंगे जोआओ पेड्रो, क्लब ने की कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने की पुष्टि
चेल्सी के फॉरवर्ड जोआओ पेड्रो ने प्रीमियर लीग क्लब के साथ एक नए कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट साल 2034 तक के लिए किया गया है। शनिवार को क्लब ने इसकी घोषणा की है।
Gautam Gambhir ने की 3 मैचों की Test Series की वकालत, बोले- वापसी का मिले मौका
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने शनिवार को तीन मैचों की टेस्ट श्रृखला की पैरवी करते हुए कहा कि दो मैचों की सीरीज में पहला मुकाबला हारने वाली टीम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और उसके पास वापसी का पर्याप्त अवसर नहीं रहता। भारत और श्रीलंका के बीच इस समय दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली जा रही है। शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है। मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में गंभीर ने कहा, “आदर्श रूप से मैं तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला चाहूंगा। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जो टीम पहला टेस्ट हारती है, उसके पास वापसी करके श्रृंखला जीतने का मौका होना चाहिए।”उन्होंने कहा, “दो टेस्ट की सीरीज में अगर आप पहला मैच हार जाते हैं तो दूसरी टीम के पास वापसी करके सीरीज जीतने का कोई मौका नहीं रहता। अधिकतम आप श्रृंखला ड्रॉ कराने की कोशिश कर सकते हैं।”गंभीर ने 2001 की भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट श्रृंखला को याद करते हुए कहा, “मुझे आज भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वह सीरीज याद है, जिसमें भारत 0-1 से पिछड़ गया था, लेकिन उसने शानदार वापसी करते हुए सीरीज 2-1 से जीत ली थी।”दो टेस्ट मैचों की सीरीज में अक्सर दोनों मुकाबलों के बीच आराम का समय कम होता है। हालांकि, गंभीर ने इसे लेकर चिंता नहीं जताई। उन्होंने कहा, “कम अंतराल। यह ठीक है। दूसरी टीमें भी ऐसा कर रही हैं। एक पेशेवर क्रिकेटर के तौर पर हम जानते हैं कि अपने शरीर को कैसे संभालना है। यही कारण है कि कुछ दिन हम खिलाड़ियों को वैकल्पिक अभ्यास की अनुमति देते हैं।”उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अनुभवी खिलाड़ियों के लिए लगातार खेलना मुश्किल हो सकता है और इसलिए टीम प्रबंधन उनके कार्यभार को संभालने की कोशिश करता है।
भारत-श्रीलंका: कोलंबो टेस्ट मैच में मौसम खराब, जानिए पांचों दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल
नई दिल्ली, भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच रविवार (23 अगस्त) से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, गाले की तरह इस टेस्ट मुकाबले पर भी बारिश का साया मंडरा रहा है।
मुकुल दहिया डोप टेस्ट में फेल, NADA ने बैन किया:मेफेंटरमाइन पॉजिटिव पाया गया, एशियाड में मेडल होप थे
भारतीय रेसलर मुकुल दहिया डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। NADA ने उन पर अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। दहिया 86 किलोग्राम वेट कैटेगरी में खेलते हैं। वे सितंबर महीने में जापान में होने वाले एशियन गेम्स में भारत की मेडल होप थे। मेफेंटरमाइन स्टिमुलेंट टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए दहिया दहिया मेफेंटरमाइन स्टिमुलेंट के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। भारतीय दल के पास इस मामले से निपटने के लिए अब बहुत कम समय बचा है। दहिया इस समय आर्मेनिया के येरेवान में हैं, जहां भारत के एशियन गेम्स के लिए चुने गए फ्रीस्टाइल पहलवान एक्सपोजर कैंप में शामिल हैं। एशियन चैंपियनशिप में जीता था सिल्वर दहिया ने 2026 एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर जीतकर 86 किलो वर्ग में भारत के उभरते पहलवान के रूप में पहचान बनाई थी। दहिया के निलंबन के बाद एशियन गेम्स की 86 kg वेट कैटेगरी में भारत का हिस्सा लेना मुश्किल हो गया है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) एशियाड के लिए अपनी अंतिम टीम पहले ही भेज चुका था, इसलिए उनके विकल्प पर विचार करने के लिए उसके पास बहुत कम समय बचा है। दीपांशु के बाद कुश्ती में दूसरा डोपिंग मामला दहिया से पहले ग्रीको-रोमन पहलवान दीपांशु को 130 किलो वर्ग में प्रतियोगिता से बाहर कराए गए टेस्ट के बाद अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था। उस मामले में WFI ने दीपांशु की जगह रोनक दहिया को टीम में शामिल कर दिया था। रोनक ने 31 मई को लखनऊ में हुए चयन ट्रायल्स में दीपांशु के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था। अब प्लेयर्स की एंट्री में बदलाव करना मुश्किल WFI ने चुने गए पहलवानों की अंतिम सूची जून के पहले हफ्ते में इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन को भेज दी थी। ऐसे में 86 किलो वर्ग की एंट्री में आखिरी समय पर बदलाव करना मुश्किल दिख रहा है। फेडरेशन को दहिया के अस्थायी निलंबन का पता तब चला, जब 4 अगस्त को अपडेटेड NADA सस्पेंशन लिस्ट में उनका नाम दिखाई दिया। WFI को इतनी जल्दी जानकारी नहीं मिली कि वह उनकी जगह किसी पहलवान को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर सके। दीपांशु के मामले में फेडरेशन को समयसीमा से पहले बदलाव का मौका मिल गया था। --------------------------------------------- डोपिंग से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जेवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन; दूसरी बार डोपिंग टेस्ट में फेल भारत के जेवलिन थ्रोअर और टोक्यो ओलिंपियन शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन लगाया गया है। वे दूसरी बार डोपिंग का दोषी पाए गए है। पढ़ें पूरी खबर
गौतम गंभीर का आलोचकों को जवाब- मेरा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना, लाइक्स और व्यूज देखना नहीं
भारतीय टेस्ट टीम में पिछले कुछ समय में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद टीम में कई नए चेहरों को मौका मिला है। इस बदलाव के दौरान भारतीय टीम को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय पुरुष टीम टॉप-8 में जगह बनाने के बाद पूल-E में अपना पहला मुकाबला मेजबान नीदरलैंड की टीम के खिलाफ खेलेगी, जिसमें उनके लिए खुद को सेमीफाइनल में पहुंचाने की रेस में शामिल रखने के लिए इस मैच को जीतना काफी अहम है।
Zolani Tete Shot Dead: पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज की South Africa में हत्या
पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज ज़ोलानी टेटे की दक्षिण अफ्रीका में स्थित उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। दक्षिण अफ्रीका के खेल, कला और संस्कृति मंत्री गेयटन मैकेंजी ने कहा कि 38 वर्षीय टेटे की उनकी कार में ही हत्या कर दी गई। उनके साथ वाहन में मौजूद 27 वर्षीय महिला को कई गोलियां लगीं और वह अस्पताल में भर्ती है। इसे भी पढ़ें: Uttarakhand Congress ने CEO से की मुलाकात, Voter List से गलत तरीके से नाम हटाने का आरोप टेटे ने 2007-2008 में डब्ल्यूबीएफ फ्लाईवेट श्रेणी में और 2017 और 2019 में डब्ल्यूबीओ बैंटमवेट श्रेणी में विश्व मुक्केबाजी खिताब जीते थे। पुलिस ने बताया कि यह घटना तब घटी जब टेटे पूर्वी केप के मडांटसेन में अपने आवास पर गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। उसी समय दो नकाबपोश व्यक्तियों ने उन पर हमला कर दिया।
भारत की महिला पहलवानों ने अंडर-20 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में तीन और मेडल जीते। मानसी लाठर ने सिल्वर, जबकि तानवी मगदुम और कोमल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में चल रही चैंपियनशिप के 68 किलोग्राम कैटेगरी के गोल्ड मेडल मैच में मानसी को चीन की चेनलिंग सोंग के खिलाफ 1-2 से करीबी हार मिली। इसके चलते उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। तानवी ने कनाडा की पहलवान को हराया 57 किलोग्राम कैटेगरी में तानवी मगदुम ने कनाडा की अग्निया क्राकोव्स्का को 10-4 से हराया। इस जीत के साथ तानवी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। कोमल ने हंगरी की पहलवान को हराया 59 किलोग्राम कैटेगरी में कोमल ने हंगरी की एडा बालाज को 5-2 से हराया। कोमल ने यह मुकाबला जीतकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
Gautam Gambhir ने आलोचनाओं को नकारा, भारत के लिए ट्रॉफी जीतना ही मुख्य लक्ष्य
लगातार खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और ‘बाहरी शोर’ से बेपरवाह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए ट्रॉफियां जीतने पर है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ करना उनके कार्यकाल में एक सकारात्मक पहलू रहा है। रविवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से एक दिन पहले गंभीर से जब उनके खिलाफ होने वाली आलोचनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं सिर्फ इसी में विश्वास करता हूं और इसी की परवाह करता हूं। इसे भी पढ़ें: Team India श्रीलंका में दूसरा Test जीतकर 3 साल बाद विदेशी श्रृंखला जीतने उतरेगी यही मेरे और बाकी लोगों के बीच अंतर है। मुझे विचारों या ‘लाइक्स’ की चिंता नहीं है।’’ चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ अपनी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और सही फैसले लेने पर रहता है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ इस बात को लेकर है कि हम क्रिकेट में आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और क्रिकेट की बेहतरी के लिए कौन से सही फैसले लेने चाहिए। फिलहाल हमारी बातचीत पूरी तरह क्रिकेट और खेल को आगे ले जाने के नजरिए पर ही केंद्रित रहती है।” भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश हैं। हालांकि, गंभीर ने रैंकिंग को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। इसे भी पढ़ें: Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलाव उन्होंने कहा, “रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने संतोषजनक टेस्ट क्रिकेट खेला है।” दूसरे टेस्ट के लिए भारत अपने सफल टीम संयोजन को बरकरार रखेगा या नहीं, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने हालांकि दबाव में चल रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकाई उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके।’’ गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें कम ओवर दिए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि यह कप्तान शुभमन गिल का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: Shubman Gill ने Colombo में बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ किया नेट अभ्यास उन्होंने कहा, “कुलदीप एक अच्छे गेंदबाज हैं और कभी-कभी यह कप्तान पर भी निर्भर करता है।” गंभीर ने पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायकों मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भी जमकर सराहना की। पडिक्क्ल ने मैच में 211 रन बनाए, जबकि सुथार ने गेंद से 10 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। गंभीर ने कहा, “क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। हमें अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मौके देने चाहिए। फैसला एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए।
Mumbai Indians ने Zubin Bharucha को बनाया नया प्रदर्शन निदेशक, फ्रेंचाइजी ने की घोषणा
मुंबई इंडियंस ने शनिवार को जुबिन भरूचा को अपनी फ्रेंचाइजी का प्रदर्शन निदेशक नियुक्त किया जो फ्रेंचाइजी के पूरे तंत्र में नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम करेंगे। मुंबई और सरे के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके भरूचा अब पांच बार की आईपीएल विजेता टीम मुंबई इंडियंस से जुड़ गए हैं। इसके साथ ही राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। मुंबई इंडियंस ने एक बयान में कहा, ‘‘जुबिन भरूचा प्रदर्शन निदेशक के तौर पर मुंबई इंडियंस से जुड़ रहे हैं और फ्रेंचाइजी के पूरे तंत्र में प्रदर्शन से जुड़े सभी क्षेत्र में नेतृत्व समूह के साथ मिलकर काम करेंगे। ’’ बयान में कहा गया, ‘‘जुबिन मुंबई इंडियंस के मौजूदा सहयोगी स्टाफ के साथ जुड़ेंगे और खिलाड़ी विकास में निरंतर उत्कृष्टता हासिल करने के मुंबई इंडियंस के स्थापित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएंगे। ’’ भरूचा ने राजस्थान रॉयल्स में टीम निदेशक, क्रिकेट प्रमुख और क्रिकेट संचालन एवं ‘हाई परफॉर्मेंस’ निदेशक सहित विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। इसे भी पढ़ें: Maharashtra में Auto Rickshaw, Taxi Drivers के लिए Marathi Mandatory क्यों की गयी? मराठी सीखने के लिए दबाव क्यों डालना? उन्होंने यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी जैसे भारतीय खिलाड़ियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाई।
Premier League में Arsenal ने कोवेंट्री सिटी को 3-0 से हराया, अभियान की मजबूत शुरुआत
मौजूदा चैंपियन आर्सेनल ने प्रीमियर लीग फुटबॉल टूर्नामेंट के पहले मैच में कोवेंट्री सिटी पर 3-0 की जीत के साथ खिताब बचाने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। फ्रांस में अमीन गौरी के दूसरे हाफ में किए गए दो गोल की बदौलत मार्सिले ने लीग1 के पहले ही मैच में स्ट्रासबर्ग को 4-0 से करारी शिकस्त दी। स्पेनिश लीग ला लिगा में रियाल बेटिस ने रियाल सोसिएदाद को 1-0 से हराकर क्लीन शीट (मैच में गोल खाए बिना जीतना) हासिल की।। इसे भी पढ़ें: Ezri Konsa to Arsenal: इंग्लैंड के डिफेंडर का एस्टन विला से विदा होना तय, 51 मिलियन पाउंड में बनी सहमति प्रीमियर लीग खिताब के लिए 22 साल के इंतजार को खत्म करने के बाद आर्सेनल ने दमदार शुरुआत करके दिखा दिया कि वह फिर से चैंपियन बनने का प्रबल प्रबल दावेदार क्यों है। उसकी तरफ से काई हैवर्त्ज़, बुकायो साका और मार्टिन ओडेगार्ड ने गोल किए। इनमें क्रिस्टोस जोलिस ने दो गोल करने में मदद की।
Savita Punia ने साझा किया 17 साल का Hockey सफर, डर से उबरकर बनीं सीनियर मेंटोर
एक वह भी दौर था जब पड़ोस में ताऊ के घर जाने के लिये भी वह अपनी मां को दरवाजे पर खड़े रहने के लिये बोलती थी और कैमरे के सामने आने से कतराती थी लेकिन हॉकी ने सविता पूनिया में इतना आत्मविश्वास भरा कि अब न सिर्फ उन्होंने बोलना सीख लिया बल्कि एक मेंटोर के रूप में टीम के लिये खड़े होने से नहीं डरती। भारत के लिये सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी बनने से चार मैच दूर सविता एफआईएच विश्व कप की सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। अब तक 317 मैच खेल चुकी यह दिग्गज गोलकीपर वंदना कटारिया का 320 मैचों का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ने के करीब हैं। सविता ने अपने सत्रह साल के सफर के बारे में को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ जब मैने खेलना शुरू किया था तब मैं सीनियर से ‘गुड मार्निंग’ के अलावा ज्यादा बात नहीं कर पाती थी लेकिन आज टीम की मेंटोर के रूप में हूं। मेरा आत्मविश्वास काफी बढा है। हॉकी खेलते हुए मैने बोलना सीखा है।’’ अपना तीसरा विश्व कप खेल रही 36 वर्ष की इस दिग्गज ने कहा ,‘‘ मैं युवा खिलाड़ियों को अपने सफर के बारे में बताती हूं। आज के खिलाड़ी बहुत तेजी से इन चीजों को सीख रहे हैं। हमें बहुत समय लगा था।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ अगर मैं कहूं कि हॉकी ने मुझे पूरी तरह बदल दिया तो गलत नहीं होगा। एक समय मैं कभी घर से बाहर अकेले निकलने से भी डरती थी। इसे भी पढ़ें: Indian Hockey: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला ‘Quarter Final’ जैसा, Semifinals की रेस में बने रहने के लिए जीत जरूरी बगल में चाचा या ताऊ के घर जाने के लिये भी मम्मी से बोलती थी कि दरवाजे पर खड़े रहना। लेकिन आज दुनिया के किसी भी कोने में अकेले जा सकती हूं।’’ पुराने अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि एक समय रोडवेज बस में कंडक्टर की बदसलूकी से इतना दुखी हो गई थी कि हॉकी छोड़ने का भी मन बना लिया था। उन्होंने कहा ,‘‘ यह 2011 की बात है जब मैं शिविर से घर जा रही थी और उस समय ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं होती थी। गोलकीपिंग बैग के साथ मेरा सामान था। शाम को बस सर्विस काफी कम थी और सामान की वजह से मुझे बस में बिठाने से मना कर दिया। कंडक्टर ने कहा कि दो टिकट ले लो लेकिन मुझे लगा कि पांच सौ रूपये तो नहीं दे सकूंगी।’’ सविता ने आगे कहा ,‘‘ फिर उसने कहा कि लड़की हो, एक आवाज दोगी तो दस लड़के आ जायेंगे। मैं इस पर रोने लगी और पापा से कहा कि अब आगे हॉकी नहीं खेलनी है। तब मेरे पापा ने तब पुरानी कार खरीदी ताकि मैं खेलना जारी रख सकूं।’’ इस विश्व कप में भारतीय गोलकीपरों सविता और बिछू देवी की काफी तारीफ हो रही है लेकिन सविता ने कहा कि पहले गोलकीपरों को इतना श्रेय नहीं मिलता था। उन्होंने कहा ,‘‘ भारत में गोलकीपरों को जो मुकाम मिला है , यह आसान नहीं था। इसे भी पढ़ें: FIH Women's World Cup में नीदरलैंड से 0-2 से हारी भारतीय टीम, डिफेंस ने दिखाया दम पहले लोग मैच के बाद यही पूछते थे कि गोल किसने किये, यह नहीं कि गोल किसने बचाये। ऐसी सोच थी कि कोई अनफिट है, स्लो है या हेल्दी है तो उसे गोलकीपर बना दो। अब समय बदल गया है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ गोलकीपर बनना मेरे जीवन का सबसे अच्छा फैसला था। मैं चाहती हूं कि मुझे अच्छी गोलकीपर के साथ अच्छी मेंटोर के रूप में याद रखा जाये। ’’ टीम में अपनी भूमिका के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते टीम के माहौल को अच्छा रखने पर फोकस रहता है। खिलाड़ी मेरी बात सुनते हैं और उससे कुछ अच्छा होता है तो खुशी मिलती है। नवनीत, नेहा, सलीमा, सुशीला, लालरेम्सियामी सभी सीनियर खिलाड़ियों का अच्छा तालमेल है और हम यही बात करते हैं कि इस टीम को एक कदम ऊपर लेकर जाना है।’’ भारतीय महिला हॉकी के तमाम उतार चढाव देख चुकी सविता ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक में पदक से चूकने का मलाल खिलाड़ियों के लिये प्रेरणा बन गया है। पद्मश्री से नवाजी गई दूसरी महिला हॉकी खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ तोक्यो में किसी ने सोचा नहीं था कि भारतीय महिला हॉकी टीम इतना अच्छा खेलेगी। सभी ने तारीफ की लेकिन बिना पदक के हमारे दिल में मलाल रह गया था। इसे भी पढ़ें: Harmanpreet Singh ने कहा नीदरलैंड के खिलाफ 60 मिनट बेहतर खेलना जरूरी उसके बाद से व्यक्तिगत स्तर पर और एक टीम के रूप में हमने काफी मेहनत की। उससे प्रेरणा मिली थी और अगर हम अपनी स्ट्रेंथ पर खेलते हैं तो एक कदम आगे जा सकते हैं। ’’ उन्होंने कहा ,‘‘विश्व कप के बाद एशियाई खेल, लॉस एंजिलिस ओलंपिक सभी में हम इसी इरादे से खेलना चाहते हैं।’’ भविष्य के बारे में पूछने पर सविता ने कहा कि फिलहाल उनका लक्ष्य विश्व कप और एशियाई खेल है और इससे इतर नहीं सोच रही हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे खुद को हर दिन बेहतर बनाना अच्छा लगता है। अभी विश्व कप और एशियाई खेल काफी अहम है और इन्हीं पर फोकस रखूंगी। इसके बाद आगे का सफर देखेंगे। ’’ पहली बार हॉकी स्टिक थामने जा रहे खिलाड़ियों को क्या संदेश देना चाहेंगी , यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ मैं माता पिता से कहूंगी कि अपने बच्चों को सपोर्ट करें। भारत में खेल बहुत आगे जा रहे हैं और हॉकी भी।आज सीनियर ,जूनियर नेशनल्स, खेलो इंडिया , हॉकी इंडिया लीग जैसे टूर्नामेंट है जिसे दिमाग में रखकर ट्रेनिंग करें।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ लेकिन इसके लिये लगन, प्रतिबद्धता और अनुशासन जरूरी है और मेहनत करेंगे तो कुछ भी हासिल कर सकेंगे। मेरी ही नहीं , टीम में कई खिलाड़ियों की कहानी सुनेंगे तो लगेगा कि क्या सच में यह संभव है लेकिन मेहनत करेंगे तो सब कुछ संभव है।
भारत बनाम श्रीलंका: कोलंबो टेस्ट पर बारिश का साया, जानिए पांचों दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल
भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच रविवार (23 अगस्त) से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि, गाले की तरह इस टेस्ट मुकाबले पर भी बारिश का साया मंडरा रहा है।
IND vs SL 2nd Test: दूसरे टेस्ट के लिए तैयार टीम इंडिया! 23 अगस्त से मुकाबला, जानें कैसी होगी प्लेइंग XI और पिच का मिजाज
साउथ अफ्रीका दो बार के वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर जोलानी टेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 38 साल के टेटे को शुक्रवार को ईस्टर्न केप के मडांत्साने में उनके घर के बाहर निशाना बनाया गया। वह अपनी कार में बैठे थे और घर का गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। तभी बलाक्लावा पहने दो हथियारबंद लोगों ने उनकी कार पर कई गोलियां चला दीं। हमले में टेटे के साथ कार में मौजूद 27 साल की महिला भी घायल हुई। उसे कई गोलियां लगी हैं और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों हमलावर मौके से भाग गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। 2007 में पहला वर्ल्ड टाइटल जीता टेटे ने अलग-अलग वेट कैटेगरी में वर्ल्ड टाइटल जीते थे। उन्होंने 2007 और 2008 में वर्ल्ड टाइटल अपने नाम किया। इसके बाद 2017 और 2019 में उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग ऑर्गनईजेशन में वर्ल्ड टाइटल जीता। टेटे को बॉक्सिंग में ‘लास्ट बॉर्न’ के नाम से जाना जाता था। 11 सेकेंड में नॉकआउट, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया टेटे के नाम वर्ल्ड टाइटल फाइट में सबसे तेज नॉकआउट का रिकॉर्ड भी है। उन्होंने 2017 में साउथ अफ्रीका के सिबोनिसो गोन्या को सिर्फ 11 सेकंड में नॉकआउट कर दिया था। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने वर्ल्ड टाइटल फाइट में सबसे तेज नॉकआउट का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। आखिरी मुकाबला 2022 में खेला टेटे ने अपना आखिरी मुकाबला जुलाई 2022 में लंदन के वेम्बली एरिना में ब्रिटेन के जेसन कनिंघम के खिलाफ खेला था। उन्होंने यह मुकाबला नॉकआउट से जीता था। हालांकि, बाद में डोपिंग टेस्ट में उनके सैंपल में एनाबॉलिक स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल मिला। इसके बाद यूके एंटी-डोपिंग एजेंसी ने उन पर चार साल का बैन लगाया। जुलाई 2026 में खत्म हुआ था बैन टेटे का चार साल का बैन 29 जुलाई 2026 को खत्म हुआ था। वह बैन खत्म होने के बाद रिंग में वापसी की तैयारी कर रहे थे। उनके मैनेजर मिला तेंगिमफेने ने बताया कि टेटे वापसी के मुकाबले के लिए ट्रेनिंग कर रहे थे। टेटे ने जनवरी में भी कहा था कि वह रिंग में वापसी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि उनका प्लान अभी पूरा नहीं हुआ है और वह वापसी के मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं। करियर में 29 जीत, 4 हार टेटे ने प्रोफेशनल करियर में कुल 34 मुकाबले खेले। इनमें उन्होंने 29 मुकाबले जीते। उन्हें 4 मुकाबलों में हार मिली, जबकि 1 मुकाबला नो-कॉन्टेस्ट रहा। मंत्री बोले- देश ने बेहतरीन फाइटर्स में से एक खोया साउथ अफ्रीका के खेल, कला और संस्कृति मंत्री गेटन मैकेंजी ने टेटे की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि देश ने अपने सबसे बेहतरीन फाइटर्स में से एक को खो दिया है। मैकेंजी ने टेटे के परिवार और मडांत्साने के लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि देश टेटे के नाम और उनकी विरासत को हल्के में नहीं लेगा।
India vs Netherlands: हॉकी वर्ल्ड कप में भारत-नीदरलैंड की भिड़ंत, जानें मैच का समय और फ्री लाइव टेलीकास्ट कहां देखें
भारतीय क्रिकेट के टाइटल स्पॉन्सर के अधिकारों के लिए बोली प्रक्रिया अभी खुली हुई है। अब तक इन्हें खरीदने में किसी कंपनी की खास दिलचस्पी सामने नहीं आई है। BCCI ने बोली जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त तय की थी। Cricbuzz के मुताबिक, या तो कोई बोली नहीं मिली या मिली बोलियां बोर्ड की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। इस रेस में गूगल का एआई ब्रांड 'Gemini' सबसे आगे नजर आ रहा है, जो हाल ही में कई बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स से जुड़ा है। इसके अलावा, सरकारी क्षेत्र की बड़ी बीमा कंपनी 'SBI Life' से भी BCCI की चर्चा चल रही है। बेस प्राइस 4.85 करोड़ रुपए प्रति मैच दिलचस्पी कम रहने की मुख्य वजह बेस प्राइस को माना जा रहा है। BCCI ने इसे 4.85 करोड़ रुपए प्रति मैच रखा है, जो मौजूदा अधिकार मूल्य 4.2 करोड़ रुपए से करीब 15.5% ज्यादा है। मौजूदा अधिकार धारक IDFC First Bank BCCI को हर घरेलू मैच के लिए 4.2 करोड़ रुपए देता है। बैंक ने ठीक तीन साल पहले ये अधिकार जीते थे। इस बार BCCI केवल दो साल के लिए अधिकार बेच रहा है। यह अवधि 31 मार्च 2028 तक होगी और इसमें करीब 35 घरेलू अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल होंगे। इनमें 10 टेस्ट, 12 वनडे और 13 टी20 इंटरनेशनल मैच होंगे। BCCI ने अपने ITT में कहा, “सिर्फ टेंडर प्रक्रिया के लिए और BCCI की ओर से किसी प्रतिनिधित्व, वारंटी, प्रतिबद्धता या न्यूनतम गारंटी के बिना, BCCI को फिलहाल उम्मीद है कि अधिकार अवधि के दौरान करीब 35 (पैंतीस) चार्जेबल मैच कराए जा सकते हैं। यह BCCI की पूरी तरह अपने विवेक से तय होने वाली अंतिम समय-सारिणी के अधीन होगा।” पिछली अवधि में 55 इंटरनेशनल मैच थे पिछली अवधि में 55 इंटरनेशनल मैच हुए थे। इसके लिए IDFC First Bank को करीब 231 करोड़ रुपए खर्च करने पड़े थे। अगर नया स्पॉन्सर बेस प्राइस पर अधिकार हासिल करता है, तो BCCI को दो साल में टाइटल स्पॉन्सरशिप से कम से कम 171 करोड़ रुपए मिलेंगे। अगर बोली बेस प्राइस से ज्यादा रही, तो BCCI की कमाई भी इससे ज्यादा होगी। इस अधिकार के लिए कई पार्टियों ने ITT खरीदा है। यह दस्तावेज 20 जुलाई को 1 लाख रुपए की गैर-वापसी योग्य फीस पर बिक्री के लिए रखा गया था। GroupM, ITW और Sporty Solutions जैसी पार्टियों और एजेंसियों ने ITT दस्तावेज खरीदा है। इसे खरीदने की आखिरी तारीख 5 अगस्त थी। पहला घरेलू इंटरनेशनल 27 सितंबर को BCCI के पास सौदे पर बातचीत के लिए समय है, क्योंकि सीजन का पहला घरेलू इंटरनेशनल मैच 27 सितंबर को होगा। उस दिन वेस्टइंडीज भारत दौरे पर आएगा। सितंबर के बीच में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जाएगी। हालांकि, ये अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के घरेलू मैच होंगे। एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए भी RFQ पिछली प्रक्रियाओं से अलग इस बार BCCI ने अपने आयोजनों के एसोसिएट पार्टनर अधिकारों के लिए भी रिक्वेस्ट फॉर कोटेशन (RFQ) जारी किया है। इसके लिए बोली जमा करने की आखिरी तारीख 25 अगस्त है। एसोसिएट पार्टनर का चयन टाइटल स्पॉन्सर तय होने के बाद ही किया जा सकता है। टाइटल स्पॉन्सर और एसोसिएट पार्टनर एक ही सेक्टर से नहीं हो सकते। BCCI ने इस कैटेगरी के लिए अलग-अलग रिजर्व प्राइस तय किए हैं। इसमें पेय पदार्थों के ब्रांड्स को ज्यादा रकम देनी होगी। BCCI ने कहा, “अधिकार अवधि के दौरान हर चार्जेबल मैच के अधिकारों के लिए रिजर्व प्राइस 95 लाख रुपए प्रति चार्जेबल मैच है।” बोर्ड ने आगे कहा, “अगर एसोसिएट पार्टनर का ब्रांड या प्रोडक्ट कैटेगरी ठंडे पेय पदार्थों की है, तो रिजर्व प्राइस 1.15 करोड़ रुपए प्रति चार्जेबल मैच होगा।”
ओलंपिक और विश्व चैम्पियन नीदरलैंड से पिछले मैच में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पराजय का सामना करने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम को अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिये रविवार को पिछले विश्व कप की कांस्य पदक विजेता आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले को ‘क्वार्टर फाइनल’ की तरह खेलना होगा।दूसरे दौर के पहले मुकाबले में भारत को दुनिया की नंबर एक टीम नीदरलैंड ने शुक्रवार को 2-0 से हराया जो इस विश्व कप में उसकी पहली हार थी। डिफेंस और खासकर गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन किया वरना सह मेजबान टीम की जीत का अंतर और अधिक हो सकता था। नये प्रारूप के तहत भारत को ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन से नहीं खेलना है क्योंकि पहले दौर में दोनों के बीच मुकाबला हो चुका है और उसके ड्रॉ रहने से भारत के पास एक अंक है। नीदरलैंड भी पूल ए में आस्ट्रेलिया को हराने से तीन अंक लेकर दूसरे दौर में पहुंचा है यानी उसके पास अब दो मैचों के छह अंक है। चीन और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहा है जिससे चीन के दो और आस्ट्रेलिया का एक अंक है। नीदरलैंड अगर चीन को हरा देता है या ड्रॉ खेलता है तो आस्ट्रेलिया को हराने पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जायेगा। वहीं चीन के हारने और भारत और आस्ट्रेलिया का मैच ड्रॉ रहने पर गोल औसत के आधार पर फैसला होगा। चीन ने अब तक तीन गोल गंवाये और तीन किये हैं जिससे गोल औसत शून्य है जबकि भारत ने दो गोल किये और चार गंवाये हैं जिससे औसत माइनस दो है और आस्ट्रेलिया ने तीन गोल किये जबकि पांच गंवाये है जिससे उसका भी औसत माइनस दो है। ऐसे में भारत को चीन के बड़े अंतर से हारने की भी दुआ करनी होगी।जून में न्यूजीलैंड में एफआईएच नेशंस कप जीतने से पहले आस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली भारतीय टीम ने दो बार की विश्व कप चैम्पियन टीम के खिलाफ चार करीबी मैच खेले जिनमें से दो गंवाये, एक जीता और एक ड्रॉ रहा था।आस्ट्रेलिया का प्रदर्शन ग्राफ पिछले सत्र में बहुत अच्छा नहीं रहा है और 2025 -26 प्रो लीग में टीम आठवें स्थान पर रही। चिली के सैंटियागो में विश्व कप क्वालीफायर में भी वह मेजबान टीम के बाद दूसरे स्थान पर रही थी लिहाजा भारतीय टीम के पास उसे हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने का यह सुनहरा मौका है।विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत ने अब तक अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया है। इंग्लैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ रहे आखिरी पूल मैच में गोलकीपर बिछू देवी और सविता के साथ डिफेंस ने बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाये। इसके बाद दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर मानी जाने वाली नीदरलैंड की यिब्बी यानसेन को भी एक ही गोल पर रोक दिया। नीदरलैंड ने भारतीय गोल पर लगातार हमले बोले लेकिन एक भी फील्ड गोल नहीं कर सके। फर्स्ट रशर सलीमा टेटे ने भी जबर्दस्त चुस्ती का प्रदर्शन करते हुए कम से कम दो गोल बचाये।भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने मैच के बाद टीम के प्रदर्शन की तारीफ की लेकिन कहा कि लगातार दो दिन भारी दबाव वाले मैच खेलने का असर टीम पर पड़ा।मारिन ने कहा ,‘‘हमने लगातार दो दिन दो बड़े मैच खेले। मैं यह नहीं कह रहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो हम जीत जाते लेकिन आखिर में खिलाड़ियों से तकनीकी गलतियां हुई।’’उन्होंने कहा ,‘‘ टीम ने अच्छी इच्छाशक्ति दिखाई लेकिन मौकों को भुनाना चाहिये था। ऐसी टीमों के खिलाफ ज्यादा मौके नहीं मिलते। अब आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच को मैं क्वार्टर फाइनल की तरह समझता हूं जिसमें जीतने पर हम सेमीफाइनल में पहुंच जायेंगे।’’भारत की 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है जिसे देखते हुए अब तक के प्रदर्शन को साहसिक कहा जा सकता है। पहले ही मैच में चीन जैसी दिग्गज टीम को ड्रॉ पर रोककर ही इस टीम ने संकेत दे दिये थे कि वह टूर्नामेंट में सिर्फ भागीदारी के लिये नहीं आई है। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका पर 6-1 से जीत दर्ज की और इंग्लैंड को आखिरी मैच में गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बनाई।इस टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी 317 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरीी 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू के साथ डिफेंस ने तो अच्छा प्रदर्शन किया ही है, नवनीत कौर की अगुवाई में फॉरवर्ड पंक्ति ने भी कई मौके बनाये। भारत के पास दीपिका जैसी ड्रैग फ्लिकर हैं जो एफआईएच नेशंस कप में छह गोल कर चुकी हैं। भारत को और पेनल्टी कॉर्नर बनाने और तब्दील करने पर फोकस करना होगा। सुनेलिटा टोप्पो, बलजीत कौर, साक्षी, लालरेम्सियामी , नेहा सभी ने दबाव लिये बिना अच्छा प्रदर्शन किया है और आस्ट्रेलिया से खिलाफ कोच मारिन को उनसे एक कदम आगे जाने की उम्मीद होगी।
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर हो रही आलोचना का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि उनका काम रैंकिंग या सोशल मीडिया के लाइक्स-व्यूज देखना नहीं, बल्कि टीम को ट्रॉफी जिताना है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले कोलंबो में गंभीर ने कहा कि भारत टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष नहीं कर रहा है। टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीता था। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। रोहित-कोहली और अश्विन के जाने के बाद बदलाव भारत की टेस्ट टीम में पिछले कुछ समय में बड़े बदलाव हुए हैं। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं। इसके बाद टीम में नए खिलाड़ियों को जगह मिली है। इसी दौर में भारत को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार मिली। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। कप्तान गिल, पडिक्कल और सुथार पर भरोसा नई टीम में शुभमन गिल कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। वह नंबर-4 पर भी बल्लेबाजी कर रहे हैं। देवदत्त पडिक्कल ने नंबर-3 पर अपनी जगह बनाने की कोशिश की है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 167 रन बनाए थे। वहीं मानव सुथार ने अपने शुरुआती टेस्ट मैचों में प्रभावित किया है। कुलदीप या सारांश, 20 विकेट लेने वाला अटैक चुनेगी टीम दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव और सारांश जैन में से किसे मौका मिलेगा, यह अभी साफ नहीं है। गंभीर ने कहा कि टीम ऐसा गेंदबाजी कॉम्बिनेशन चुनेगी, जो मैच में 20 विकेट ले सके। गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों में 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला था। इसके मुकाबले रवींद्र जडेजा और मानव सुथार का ज्यादा इस्तेमाल हुआ था। गंभीर और गिल ने पिच का निरीक्षण किया दूसरे टेस्ट से पहले गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच का निरीक्षण किया। दोनों ने पिच और परिस्थितियों को करीब से देखा। गंभीर ने गॉल की पिच को अच्छी टेस्ट पिच बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने गॉल में खेलने का आनंद लिया। वह चाहते हैं कि कोलंबो में भी अच्छी टेस्ट क्रिकेट के लिए अनुकूल पिच मिले। तीन टेस्ट की सीरीज चाहते हैं गंभीर गंभीर ने टेस्ट सीरीज को तीन मैचों का करने की बात कही। उनका कहना है कि इससे टीमों को वापसी का बेहतर मौका मिलता है। उन्होंने कहा, मैं तीन टेस्ट की सीरीज चाहूंगा। कई बार अगर आप पहला टेस्ट हार जाते हैं तो दूसरी टीम वापसी नहीं कर पाती। अधिकतम वह मैच ड्रॉ कराने की कोशिश कर सकती है। -----------------टीम इंडिया के शेड्यूल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…भारत का बांग्लादेश दौरा फिर टल सकता है; BCB प्रेसिडेंट बोले- दोनों बोर्ड में बातचीत जारी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट तमीम इकबाल ने संकेत दिया है कि भारत का बांग्लादेश दौरा फिर टल सकता है। भारत को अगस्त 2025 में बांग्लादेश का दौरा करना था, लेकिन सीरीज को बाद में सितंबर 2026 तक टाल दिया गया। पढ़ें पूरी खबर
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि उनका काम रैंकिंग या सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स-व्यूज की चिंता करना नहीं, बल्कि टीम को ट्रॉफी जिताना है। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले कोलंबो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि भारत टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष नहीं कर रहा है और टीम फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है। गंभीर ने कहा, मेरा काम ट्रॉफी जीतना है। मुझे सिर्फ इसी की परवाह है और मैं इसी में विश्वास करता हूं। रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद हमने अच्छा टेस्ट क्रिकेट खेला है। भारत ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराया था। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। रोहित-कोहली और अश्विन के जाने के बाद नई टीम तैयार हो रही भारत की टेस्ट टीम पिछले कुछ समय में बड़े बदलाव से गुजरी है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट क्रिकेट से दूर होने के बाद टीम में नए खिलाड़ियों को जगह मिली है। इसी दौरान भारत को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हार मिली, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा। गंभीर ने इन नतीजों को टीम के बदलाव के दौर का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और खिलाड़ियों को एक-दो मैच के प्रदर्शन के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए। गिल-पडिक्कल और सुथार से नई टीम की तस्वीर गंभीर ने टीम के उभरते खिलाड़ियों का भी जिक्र किया। देवदत्त पडिक्कल ने नंबर-3 पर अपनी जगह बनाने की कोशिश की है, जबकि शुभमन गिल कप्तान और नंबर-4 बल्लेबाज के तौर पर टीम की नई लीडरशिप का हिस्सा हैं। मानव सुथार ने भी शुरुआती दो टेस्ट में प्रभावित किया है। बाएं हाथ के इस स्पिनर को भारतीय स्पिन विभाग के भविष्य के विकल्पों में देखा जा रहा है। गंभीर ने कहा कि टीम को अपने खिलाड़ियों पर भरोसा रखना होगा और उन्हें लंबा मौका देना होगा। उनके मुताबिक एक-दो मैच के प्रदर्शन से किसी खिलाड़ी का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। कुलदीप या सारांश, 20 विकेट लेने वाला अटैक चुनेगी टीम दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव और सारांश जैन में से किसे मौका मिलेगा, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य ऐसा गेंदबाजी संयोजन चुनना है, जो मैच में 20 विकेट ले सके। गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों में कुल 25 ओवर गेंदबाजी की थी और उन्हें सिर्फ एक विकेट मिला था। इसके मुकाबले रवींद्र जडेजा और मानव सुथार का ज्यादा इस्तेमाल हुआ था। इसलिए कोलंबो में तीसरे स्पिनर के चयन पर नजर रहेगी। गंभीर और गिल ने कोलंबो की पिच का निरीक्षण किया दूसरे टेस्ट से पहले गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच को करीब से देखा। दोनों ने पिच का निरीक्षण किया और मैच की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की। गंभीर ने गॉल की पिच को लेकर कहा कि वहां अच्छी टेस्ट क्रिकेट देखने को मिली और टीम ने वहां खेल का आनंद लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोलंबो में भी ऐसी पिच मिलेगी, जिस पर अच्छी टेस्ट क्रिकेट हो सके। तीन टेस्ट की सीरीज चाहते हैं गंभीर गंभीर ने टेस्ट सीरीज को तीन मैचों का करने की वकालत की। उनका कहना है कि तीन टेस्ट की सीरीज टीमों को वापसी का बेहतर मौका देती है। उन्होंने कहा, “मैं आदर्श रूप से तीन टेस्ट की सीरीज चाहूंगा। कई बार अगर आप पहला टेस्ट हार जाते हैं तो दूसरी टीम वापसी नहीं कर पाती। अधिकतम वह मैच ड्रॉ कराने की कोशिश कर सकती है।” गंभीर के मुताबिक तीन टेस्ट की सीरीज में दोनों टीमों को अपनी क्षमता साबित करने और शुरुआती नतीजे के बाद वापसी करने का ज्यादा मौका मिलता है। गॉल की पिच से खुश, कोलंबो में भी वैसी ही उम्मीद गंभीर ने पहले टेस्ट की पिच को भी अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि गॉल में अच्छी टेस्ट क्रिकेट हुई और भारतीय टीम ने वहां खेल का आनंद लिया। भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई है। अब कोलंबो में जीत के साथ टीम सीरीज 2-0 से अपने नाम करना चाहेगी।
WTC : मिचेल स्टार्क के नाम सबसे ज्यादा विकेट, कमिंस और लियोन संयुक्त रूप से दूसरे स्थान
ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। स्टार्क ने बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार से साउथ मैके में शुरू हुए टेस्ट मैच के दौरान यह उपलब्धि हासिल की।
Chaminda Vaas ने Test Cricket और वनडे को बचाने की उठाई मांग, बोर्ड्स को दी सलाह
(जी उन्नीकृष्णन)कोलंबो, 22 अगस्त (भाषा)) श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चमिंडा वास ने टी20 के बढ़ते चलन और फ्रेंचाइजी आधारित लीग के बढ़ते प्रभाव के बीच टेस्ट और वनडे प्रारूपों को जीवित रखने के लिए संबंधित लोगों से उचित कदम उठाने का आग्रह किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सीईओ संजोग गुप्ता ने हाल ही में टिप्पणी की थी कि ‘‘प्रतिस्पर्धा के अभाव वाली द्विपक्षीय श्रृंखलाओं का युग समाप्त होना चाहिए।’’इस बयान ने एकदिवसीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। वास ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भविष्य में अधिकतर देश टी20 खेलना चाहेंगे। टी20 ही भविष्य का खेल है। लेकिन सभी बोर्डों को यह समझना चाहिए कि टेस्ट क्रिकेट और वनडे क्रिकेट ही इस खेल का चरम हैं और उन्हें इन दोनों प्रारूपों को बनाए रखने के लिए कदम उठाने चाहिए।’’वनडे में 400 और टेस्ट क्रिकेट में 355 टेस्ट विकेट लेने वाले वास ने सभी क्रिकेट बोर्डों से इन दोनों पारंपरिक प्रारूपों को पुनर्जीवित करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें 50 ओवर की क्रिकेट को जीवित रखने के लिए किसी न किसी तरह की व्यवस्था करनी होगी। मुझे यकीन है कि इससे कई युवा क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट या 50 ओवर के प्रारूप में खेलने के लिए प्रेरित होंगे।’’वास ने कहा, ‘‘खासकर अगर टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो टेस्ट क्रिकेट खत्म होता जा रहा है। सभी बोर्डों को टेस्ट क्रिकेट को जीवित रखने और युवाओं को इस प्रारूप से परिचित कराने के लिए योजना बनानी चाहिए क्योंकि इसी प्रारूप में आपके कौशल की असली परीक्षा होती है।’’इस 52 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने पिछले दशक में श्रीलंका के टेस्ट क्रिकेट के स्तर में आई गिरावट का उदाहरण देते हुए इसका जिक्र किया। श्रीलंका को हाल में भारत से पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 165 रन से हार का सामना करना पड़ा था। उसे यह हार गॉल में मिली जो कभी उसका गढ़ हुआ करता था। वास ने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि भारतीय टीम बहुत अच्छी है। उनके पास एक स्थान के लिए कई विकल्प हैं। वे टेस्ट, टी20 और वनडे में अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। बीसीसीआई ने बेहतरीन बुनियादी ढांचा तैयार किया है और अपने खिलाड़ियों का ख्याल रखा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर गॉल टेस्ट की बात करें तो उन्होंने बेहतरीन टेस्ट क्रिकेट खेला। उन्होंने तीन बहुत अच्छे स्पिनर उतारे थे और उनके सामने टिकना आसान नहीं था। हमारे खिलाड़ियों ने कड़ी चुनौती दी। मुझे यकीन है कि दूसरा टेस्ट ज्यादा रोमांचक होगा।’’लेकिन वास के लिए यह हार एक गहरी समस्या का प्रतीक है क्योंकि श्रीलंका काफी कम टेस्ट मैच खेल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से हमें ज्यादा टेस्ट मैच देखने को नहीं मिलते। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को कुछ करना चाहिए। अधिक टेस्ट मैच करवाने की कोशिश करनी चाहिए। यह दो मैचों की टेस्ट श्रृंखला खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद नहीं है।’’वास ने श्रीलंका के घरेलू क्रिकेट में व्यापक बदलाव का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने घरेलू क्रिकेट के स्वरूप को बदलने की जरूरत है। हमारे पास इतने सारे क्लब हैं। हमें उन क्लबों को प्रोत्साहित करने और अच्छी क्रिकेट खेलने की कोशिश करने की जरूरत है। ’’वास ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमें तीन दिवसीय क्रिकेट के बजाय चार दिवसीय क्रिकेट खेलना चाहिए। इससे खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट जैसा अनुभव मिलेगा। हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन हमें उन्हें तराशने और अगले स्तर तक पहुंचाने की जरूरत है।
Duleep Trophy में Vaibhav Suryavanshi पर नजरें, पूर्वोत्तर के खिलाफ मिलेगा मौका
टी20 क्रिकेट में धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को रविवार से यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में पूर्वी क्षेत्र की तरफ से उत्तर पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने रिकॉर्ड को सुधारने का मौका मिलेगा। इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है। इस तरह से देखा जाए तो सूर्यवंशी लाल गेंद के क्रिकेट में अभी भी एक अनुभवहीन खिलाड़ी हैं, लेकिन दलीप ट्रॉफी में सबसे कमजोर मानी जाने वाली उत्तर पूर्व की टीम के खिलाफ उन्हें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुछ रन बनाने और आत्मविश्वास हासिल करने का मौका मिलेगा। पूर्वी क्षेत्र की टीम में कप्तान ईशान किशन, तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अभिमन्यु ईश्वरन, कुमार कुशाग्र, शाहबाज अहमद और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन हमेशा की तरह सूर्यवंशी ही सबका ध्यान अपनी तरफ खींचेंगे। क्षेत्रीय चयन समिति ने उन्हें उप-कप्तान नियुक्त किया है। कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं। रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं। श्रीलंका में ‘ए’ श्रृंखला में खेलने वाले आयुष पांडे और अमन मोखाडे मध्य क्षेत्र की तरफ से सीधे सेमीफाइनल में खेलेंगे। वह अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाली श्रृंखला के लिए टीम में जगह बनाने की कोशिश करेंगे। उत्तरी क्षेत्र के इतिहास में दिल्ली का दबदबा रहा है तथा जम्मू कश्मीर का प्रतिनिधित्व हमेशा नाममात्र का रहा है। लेकिन 2025-2026 की रणजी ट्रॉफी की जीत ने पूरी कहानी बदल दी है, क्योंकि कन्हैया वधावन राज्य के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्हें सीनियर क्षेत्रीय टीम की कप्तानी करने का मौका मिला है। इस टीम में उनके राज्य का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व है। रुतुराज गायकवाड़ के नेतृत्व वाले पश्चिमी क्षेत्र के रूप में उन्हें एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना पड़ेगा। पश्चिम क्षेत्र को सरफराज खान की कमी खलेगी जो राष्ट्रीय टीम के साथ श्रीलंका के दौरे पर हैं। रणजी फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले कामरान इकबाल, शीर्ष स्कोरर में से एक आयुष दोजा, यश ढुल और आयुष बडोनी जैसे खिलाड़ियों के उत्तरी क्षेत्र की टीम में होने तथा गायकवाड़, शार्दुल ठाकुर, मुंबई की स्पिन जोड़ी तनुष कोटियन और शम्स मुलानी जैसी खिलाड़ियों के पश्चिमी क्षेत्र की टीम में होने से मुकाबला रोमांचक होने की संभावना है।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व विश्व चैंपियन मुक्केबाज जोलानी टेटे की गोली मारकर हत्या कर दी है। टेटे पर यह हमला उनके घर पर ही हुआ।
वैभव सूर्यवंशी के लिए द्रविड़ का गुरुमंत्र, कहा- IPL के साथ रेड-बॉल फॉर्मेट पर भी करें फोकस
वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन अब तक व्हाइट बॉल क्रिकेट में काफी अच्छा रहा है। लेकिन रेड बॉल क्रिकेट में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाकर वैभव ने ऑरेंज कैप अपने नाम किया था।
Hockey World Cup: केसरिया जर्सी पर घमासान, नीली टर्फ पर नीदरलैंड्स से हारी Team India
कई दशकों से, नीला रंग भारतीय खेलों की पहचान रहा है। अलग-अलग खेलों में, भारतीय टीमों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नीली जर्सी पहनी है। लेकिन नीदरलैंड और बेल्जियम में हो रहे FIH हॉकी वर्ल्ड कप से पहले, हॉकी इंडिया ने पिछले महीने पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए केसरिया रंग की नई जर्सी पेश की।हॉकी इंडिया के मुताबिक, इसकी वजह साफ़ तौर पर दिखाई देना (विज़िबिलिटी) थी। फेडरेशन ने कहा कि नीली प्लेइंग यूनिफॉर्म, नीली सिंथेटिक प्लेइंग सतह के साथ घुल-मिल जाती थी, जो अब अंतरराष्ट्रीय हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है। इस एक जैसे रंग की वजह से खिलाड़ियों को मैदान पर साफ़ तौर पर देखने में दिक्कत होती थी। इसे भी पढ़ें: Joe Root का Double Dhamal: Catches में Smith को पछाड़ा, Sachin के रिकॉर्ड की बराबरी भी की हालांकि, शुक्रवार को एमस्टेलवीन में FIH वर्ल्ड कप के दूसरे राउंड में सह-मेजबान नीदरलैंड के खिलाफ भारत की महिला टीम का पहला मैच हुआ, जिसमें भारत केसरिया जर्सी में उतरा, जबकि नीदरलैंड ने नीली जर्सी पहनी थी। उसी नीली टर्फ पर, जिसके बारे में भारत का तर्क था कि नीली जर्सी से साफ़ दिखाई नहीं देता। शायद डच टीम को साफ़ दिखाई देने को लेकर वैसी कोई चिंता नहीं थी। पिछले महीने जब भारत की मुख्य जर्सी का रंग बदलने की घोषणा की गई, तो पूर्व कप्तान परगट सिंह, धनराज पिल्लै और विरेन रास्किन्हा ने इसकी आलोचना की। परगट ने सबसे खुलकर आलोचना की। हॉकी इंडिया के फ़ैसले की आलोचना करते हुए भारत के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने कहा कि देश में हर चीज़ का भगवाकरण किया जा रहा है। एक बार फिर भारतीय गोलकीपरों सविता और बिछू की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने साहसिक प्रदर्शन किया लेकिन पेरिस ओलंपिक और पिछले तीन बार की विश्व चैम्पियन नीदरलैंड की टीम ने एफआईएच विश्व कप के दूसरे दौर के पहले मुकाबले में शुक्रवार को 2 - 0 से जीत दर्ज की। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाने वाले भारतीय गोलकीपरों और डिफेंडरों ने दुनिया की नंबर एक टीम को खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम पर खुलकर खेलने नहीं दिया। पहले दौर में तीन मैचों में पंद्रह गोल करने वाली डच टीम के लिये दूसरे मिनट में यिब्बी यानसेन ने और 38वें मिनट में फ्रेडरिक माल्टा ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे। नीदरलैंड को आखिरी सेकंडों में भी पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे सविता ने रोक दिया। भारत को अब रविवार को आस्ट्रेलिया से खेलना है और सेमीफाइनल की उम्मीदें बचाये रखने के लिये उसे हर हालत में यह मैच जीतना होगा। नीदरलैंड टीम पेरिस ओलंपिक और पिछले विश्व कप में एक भी मैच नहीं हारी। इसके अलावा एफआईएच प्रो लीग के पिछले सत्र में सिर्फ दो मैच गंवाये थे। वेगनेर स्टेडियम पर डच समर्थक आरेंज जर्सी पहनकर आये थे जो आज भारत की जर्सी का रंग था जबकि सह मेजबान टीम नीली जर्सी में खेली। नीदरलैंड ने पहले दौर में जापान को 9-0 से, आस्ट्रेलिया को 4-2 से और चिली को 2-0 से हराया था जबकि भारतीय टीम भी अपराजेय रहते हुए दूसरे दौर में पहुंची। भारत ने चीन को 2-2 से और इंग्लैंड को 0-0 से ड्रॉ पर रोका जबकि दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से मात दी। नीदरलैंड ने अपेक्षा के अनुरूप बेहद आक्रामक शुरूआत करते हुए दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक छह गोल कर चुकी उसकी ड्रैग फ्लिकर यिब्बी यानसेन ने सातवां गोल दागा। इसे भी पढ़ें: Colombo Test: भारत के खिलाफ श्रीलंका ने झोंकी पूरी ताकत, चोटिल खिलाड़ियों के चलते Squad में बदलाव पहला गोल जल्दी गंवाने के बाद भारतीय डिफेंस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड के स्ट्राइकरों को बांधे रखा। पांचवें मिनट में इंग्लैंड को सर्कल में बाधित होने के कारण रेफरल पर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर यिब्बी के तूफानी शॉट को बिछू ने बायां पैर आगे करके कुशलता से रोका। इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पूल मैच में अंतिम 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू ने उसी लय को कायम रखते हुए अगले मिनट फिर शानदार बचाव किया। भारतीय खिलाड़ी आठवें मिनट में पहली बार डच हाफ में घुसे फाउल से नीदरलैंड को फ्रीहिट मिल गई। बारहवें मिनट में नीदरलैंड की पियेन सैंडर्स का निशाना चूक गया। For more Sports News in Hindi Today please click here.
सिनसिनाटी ओपन: कोको गॉफ सेमीफाइनल में पहुंची, सारा बेजलेक से होगी फाइनल में पहुंचने की जंग
सिनसिनाटी, 22 अगस्त (आईएएनएस)। कोको गॉफ ने नंबर 10 सीड मार्टा कोस्त्युक को 6-2, 6-2 से हराकर सिनसिनाटी ओपन के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वह ओपन एरा में 23 साल की उम्र से पहले कई सिनसिनाटी ओपन सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चौथी खिलाड़ी भी बन गई हैं।
pc: aaj tak इंग्लैंड ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान को हरा दिया। पहला टेस्ट मैच लीड्स में हुआ था। इसमें इंग्लैंड ने पाकिस्तान को एक पारी और 103 रन से हराया था। यह लगातार दूसरी बार है जब पाकिस्तान लीड्स में एक पारी से हारा है। इससे पहले 2018 में पाकिस्तान को इंग्लैंड ने एक पारी और 55 रन से हराया था। पाकिस्तान पहले टेस्ट के सिर्फ़ तीन दिन में दूसरी बार ऑल आउट हो गया। उसने दूसरी पारी में सिर्फ़ 135 रन बनाए। पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों ने बहुत खराब प्रदर्शन किया। दूसरी पारी में पाकिस्तान के लिए मोहम्मद रिज़वान ने सबसे ज़्यादा 41 रन बनाए। जबकि इंग्लैंड के लिए ओली रॉबिन्सन और जोश टोंग ने पाकिस्तान की बैटिंग की कमर तोड़ दी। पाकिस्तान की दूसरी पारी पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा। दोनों पारियों में बल्लेबाज़ रन बनाने के लिए जूझते दिखे। दूसरी पारी में पाकिस्तान के 7 बल्लेबाज़ दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। पाकिस्तान को पहला झटका दूसरे ओवर में इमाम-उल-हक के रूप में लगा। वह अपना खाता भी नहीं खोल सके। पाकिस्तान को पहला झटका जोफ्रा आर्चर ने दिया। इसके बाद ओपनर अज़ान अवैस ज़्यादा देर तक मैदान पर नहीं टिक सके। 14 गेंदों में 9 रन बनाकर जोफ्रा ने उन्हें आउट कर दिया। स्टार बैट्समैन अब्दुल्ला शापिक ने पहली इनिंग में हाफ सेंचुरी बनाई थी। लेकिन दूसरी इनिंग में वे सिर्फ़ 15 रन ही बना सके। सऊद शकील ने 14 रन बनाए, जबकि शान मसूद 29 रन बनाकर आउट हुए। कैप्टन सलमान अली आगा ने सिर्फ़ 4 रन बनाए। अली उस्मान ने 7 रन और खुर्रम शहज़ाद ने आठ रन बनाए। जोश टोंग ने पहली इनिंग में पांच विकेट लिए थे। ओली रॉबिन्सन ने भी पांच विकेट लिए थे। उनकी बॉलिंग के सामने पाकिस्तानी बैट्समैन सचमुच ढेर हो गए। पाकिस्तान सिर्फ़ 171 रन ही बना सका। इंग्लैंड ने पहली इनिंग में 409 रन बनाए थे। इंग्लैंड ने 238 रन की लीड ली थी। पाकिस्तान दूसरी इनिंग में सिर्फ़ 135 रन ही बना सका। पाकिस्तान पहला टेस्ट मैच एक इनिंग और 103 रन से हार गया था।
इंटरनेट डेस्क। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के हेडिंग्ले मैच में पाकिस्तान तीसरे दिन ही हार गया। इस मैच में पाकिस्तान को 103 रन और एक पारी से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जिसे कोई भी टीम कभी याद नहीं रखना चाहेगी। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मैच में पाकिस्तान की बल्लेबाजी की शुरुआत दोनों पारियों में शून्य से आगे नहीं बढ़ सकी। पहली पारी में खाता खुलने से पहले ही टीम का पहला विकेट गिरा और दूसरी पारी में भी कहानी जस की तस रही। मैच की पहली पारी में युवा बल्लेबाज अजान अवैस ओली रॉबिन्सन की पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। उस वक्त स्कोरबोर्ड पर शून्य रन टंगा था। उम्मीद थी कि दूसरी पारी में पाकिस्तानी सलामी जोड़ी इस गलती से सबक लेगी, लेकिन शुक्रवार को मैदान पर उतरी टीम के साथ इतिहास ने खुद को दोहरा दिया। पारी के दूसरे ही ओवर में इमाम-उल-हक 5 गेंद खेलकर बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौट गए नतीजतन, दोनों पारियों में पाकिस्तान का स्कोर 0/1 दर्ज हुआ। किसी एक पारी में शून्य पर पहला विकेट गिरना सामान्य बात है, लेकिन एक ही टेस्ट मैच की दोनों पारियों में खाता खोले बिना पहला विकेट गंवा देना बेहद दुर्लभ और निराशाजनक है। पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के लंबे इतिहास में दुनिया की पहली ऐसी टीम बन गई है, जिसने यह अनचाहा कारनामा सातवीं बार किया है। PC- cricinfo.com
भारत और नीदरलैंड की पुरुष हॉकी टीमों के बीच आज एएफआईएच हॉकी विश्व कप में दूसरे दौर का मुकाबला खेला जाएगा। भारत को सेमीफाइनल की उम्मीदें बरकरार रखने के लिए इस मैच में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
IND VS SL: कोलंबो टेस्ट में डेब्यू कर सकते हैं सारांश जैन, कुलदीप की जगह मिल सकता हैं मौका
इंटरनेट डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच कल से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले टीम इंडिया ने गाले में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब सभी की नजरें कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट पर हैं। इस मुकाबले में भारतीय टीम कुछ बदलाव के साथ उतर सकती है और एक नए खिलाड़ी का डेब्यू हो सकता है। सारांश जैन के संभावित टेस्ट डेब्यू की उम्मीद है। मध्य प्रदेश के इस अनुभवी ऑलराउंडर ने घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारांश जैन को दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो कुलदीप यादव को बाहर बैठना पड़ सकता है। गाले टेस्ट में कुलदीप का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। वहीं, डेब्यू कर रहे मानव सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर शानदार छाप छोड़ी। 31 मार्च 1993 को इंदौर में जन्मे सारांश जैन ने 2014-15 सीजन में मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआत की थी। क्रिकेट उनके परिवार के लिए नया नहीं है। उनके पिता सुबोध जैन भी मध्य प्रदेश की तरफ से रणजी ट्रॉफी खेल चुके हैं। PC- jagran josh
यानिक सिनर ने यूएस ओपन से नाम लिया वापस, चोट की वजह से लिया बड़ा फैसला
यानिक सिनर ने दाहिने घुटने की चोट के कारण यूएस ओपन से नाम वापस ले लिया है। 2019 में ग्रैंड स्लैम डेब्यू के बाद यह पहली बार है, जब सिनर किसी बड़े टूर्नामेंट से बाहर रहेंगे।
Team India श्रीलंका में दूसरा Test जीतकर 3 साल बाद विदेशी श्रृंखला जीतने उतरेगी
(जी उन्नीकृष्णन)कोलंबो, 22 अगस्त पहले टेस्ट मैच में बड़ी जीत से उत्साहित भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ रविवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में अपना विजय अभियान जारी रखकर विदेशी धरती पर तीन साल में पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने की कोशिश करेगी जबकि कप्तान शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की निगाह बड़ा स्कोर बनाने पर होगी। भारत ने विदेश में अपनी आखिरी टेस्ट श्रृंखला जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीती थी। उसके बाद से भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा जबकि उसने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ उनके घरेलू मैदान पर श्रृंखला बराबर की थी। इस बीच उसे न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से घरेलू धरती पर हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब भारत ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के साथ कुछ हद तक वापसी की है जिससे कप्तान गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर को राहत मिली होगी। भारत अगर इस श्रृंखला में 2-0 से क्लीन स्वीप कर लेता है, तो वह 57.58 प्रतिशत अंकों के साथ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच सकता है। लेकिन यह बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में हार पर ही संभव हो पाएगा। डार्विन में पहले टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाला बांग्लादेश अभी चौथे स्थान पर है। भारत को इस मैच में गिल और जायसवाल से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। गिल अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पिछली छह पारियों में दो शतक बनाए हैं। लेकिन पिछले मैच में उनका बल्ला नहीं चल पाया था। उन्हें विशेषकर बाएं हाथ की स्पिनर के सामने दिक्कत हो रही है। गॉल में दोनों पारियों में उन्हें खब्बू स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। इसके अलावा कप्तान के रूप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। गिल ने कप्तानी संभालने के बाद 10 टेस्ट मैचों में 73 से अधिक के औसत से 1100 रन बनाए हैं। वह कप्तान के रूप में विदेश में अपनी पहली टेस्ट श्रृंखला जीतने के लिए भी प्रतिबद्ध होंगे। जायसवाल की समस्या थोड़ी और गंभीर है। पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ नयी दिल्ली में शतक बनाने के बाद इस सलामी बल्लेबाज ने अपनी पिछली आठ पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक बनाया है। जायसवाल तेज गेंदबाजों के खिलाफ कट या चिप शॉट खेलकर आउट हो रहे हैं जो चिंताजनक है। गॉल में पहली पारी में रन आउट होने के बाद जायसवाल दूसरी पारी में भी इसी तरह से आउट हुए थे। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने खेल के इस पहलू में सुधार करने के लिए शुक्रवार को एसएससी में नेट पर काफी समय बिताया। भारत के तेज गेंदबाजों और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने ऑफ स्टंप के बाहर की उस लाइन को निशाना बनाया, जिससे जायसवाल को कट या चिप शॉट खेलने के लिए लुभाया जा सके। लेकिन इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने इस तरह की गेंदों को बिना छेड़े हुए स्टंप्स के पास से बिना गुजरने दिया। अगर वह मैच में भी इसी तरह का धैर्य बनाए रखते हैं तो बड़ी पारी खेल सकते हैं। इस पर भी सब की नजर रहेगी कि कुलदीप यादव अंतिम एकादश में जगह बना पाते हैं या नहीं। पहले मैच में पिच से काफी मदद मिलने के बावजूद उन्होंने दो पारियों में 25 ओवरों में सिर्फ एक विकेट लिया था। कुलदीप पहले टेस्ट मैच में गेंदबाजों में सबसे महंगे साबित हुए, उन्होंने प्रति ओवर चार से अधिक रन लुटाए। श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के अधिक बल्लेबाजों को देखते हुए ऑफ स्पिनर सारांश जैन को पदार्पण का मौका मिल सकता है। लेकिन सिर्फ एक मैच के बाद किसी सीनियर गेंदबाज को टीम से बाहर करना गलत संकेत दे सकता है। कुलदीप ने शुक्रवार को अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया था जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलेगी। लेकिन अंतिम निर्णय काफी हद तक यहां की पिच पर निर्भर करता है, जिसे पिछले दो दिनों में पानी डालकर उसकी पकड़ बनाए रखी गई है। श्रीलंका को अगर श्रृंखला में वापसी करनी है तो उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को धैर्य के साथ खेलना होगा। उन्हें उम्मीद होगी कि शानदार फॉर्म में चल रहे कामिल मिशारा और साहन अरच्चिगे को टीम में शामिल करने से सकारात्मक बदलाव आएगा। टीम इस प्रकार हैं:भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, औकिब नबी, सरफराज खान। श्रीलंका: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदरा, कामिंदु मेंडिस, साहन अरच्चिगे, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला, केशरा नुवांता, प्रभात जयसूर्या, मिलन रत्नायका, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा।
इंटरनेट डेस्क। बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। पहले टेस्ट में जहां बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया की स्थिति खराब कर दी थी वैसे ही अब ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश की हालात खराब कर दी है। मिचेल स्टार्क (6 विकेट) और कप्तान पैट कमिंस (तीन विकेट) की घातक गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने मैके में दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में बांग्लादेश को केवल 64 पर पर ही समेट दिया है। पहले टेस्ट में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने मेहमान टीम को करारा जवाब दिया है। मुकाबले में में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतने के बाद बांग्लादेश को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया था। इस मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया को शानदार शुरुआत दिलाई। मिचेल स्टार्क ने 10 ओवरों के केवल 12 रन देकर बांग्लादेश के छह बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। कमिंस ने 25 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किए। मैके में मिचेल स्टार्क ने अपने पांच विकेट हॉल के साथ ही टेस्ट क्रिकेट में विकेट के मामले में साउथ अफ्रीका के दिग्गज डेल स्टेन को पीछे छोड़ दिया है। स्टार्क के अब टेस्ट फॉर्मेट में 441 विकेट हो गए हैं। वहीं, डेल स्टेन ने 93 टेस्ट में 439 विकेट अपने नाम किए थे। इसके साथ ही स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले विश्व के 5वें और ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ दूसरे तेज गेंदबाज भी बने हैं। PC- cricinfo.com
Neeraj Chopra ने Lausanne Diamond League में 88.05 मीटर थ्रो के साथ हासिल किया दूसरा स्थान
भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा। यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था। दरअसल चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने तब पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था। लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। चोपड़ा ने हालांकि दूसरे स्थान पर रहकर डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को मजबूती प्रदान की। वह साल के आखिर में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में सातवें स्थान से आगे बढ़कर शीर्ष पांच में पहुंच गए हैं। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 78.13 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे, जबकि तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के जैकब वाडलेज ने 77.32 मीटर के साथ सातवां स्थान हासिल किया। चोपड़ा ने बाद में कहा कि शीर्ष स्थान के लिए उनके और पथिरागे के बीच कड़ी टक्कर थी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अहसास ही नहीं हुआ कि यह केवल नौ सेंटीमीटर का अंतर था। यह बहुत कम अंतर था, लेकिन मैं 88 मीटर के थ्रो सेखुश हूं। सच कहूं तो, मुझे ऐसा लगा ही नहीं कि मेरा थ्रो 88 मीटर तक गया। मैं बहुत सहज महसूस कर रहा था। मैंने बहुत मेहनत की और बाद में अपनी तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया।’’चोपड़ा ने कहा, ‘‘प्रत्येक प्रतियोगिता के बाद मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर रहा हूं। लुसाने और ज्यूरिख में मौजूद दर्शक एथलेटिक्स को समझते हैं और वास्तव में आपका समर्थन करते हैं, इसलिए यहां प्रतिस्पर्धा करना हमेशा अच्छा लगता है।’’चोपड़ा की चार और पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने की संभावना बढ़ गई है। इस प्रतियोगिता में रैंकिंग में शीर्ष छह पर रहने वाले खिलाड़ी भाग लेंगे। पथिरागे और पीटर्स पहले ही इसके के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। अभी एक और डायमंड लीग प्रतियोगिता 27 अगस्त को ज्यूरिख में होनी है। चोपड़ा ने 2022 में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीता था जबकि 2023, 2024 और 2025 में वह दूसरे स्थान पर रहे थे। दक्षिण एशिया के दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच मुकाबला उम्मीदों पर खरा उतरा, जब चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का भाला फेंककर पथिरागे को पीछे छोड़ते हुए कुछ समय के लिए शीर्ष स्थान हासिल किया। श्रीलंकाई खिलाड़ी ने हालांकि तुरंत ही तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर का भाला फेंककर फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर दिया। यह लगातार तीसरा अवसर था जब 23 वर्षीय पथिरागे ने इस साल दो बार के ओलंपिक पदक विजेता चोपड़ा को हराया। इससे पहले उन्होंने दोहा डायमंड लीग और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सुपरस्टार को पीछे छोड़ा था। पथिरागे ने इन दोनों प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की थी, जबकि चोपड़ा क्रमशः चौथे और दूसरे स्थान पर रहे थे। चोपड़ा ने 83.54 मीटर के थ्रो से शुरुआत की और फिर 88.05 मीटर का शानदार थ्रो किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 83.72 मीटर का थ्रो किया। चौथे प्रयास में उन्हें ‘नो मार्क’ मिला। उन्होंने पांचवा प्रयास नहीं लिया जबकि अपने छठे और अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर की दूरी तय की।
दूसरा टेस्ट: मिचेल स्टार्क की घातक गेंदबाजी, ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 64 रन पर समेटा
डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश की टीम साउथ मैके में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट की पहली पारी में महज 64 रन पर सिमट गई।
बेहतरीन डिफेंस के बावजूद हॉकी वर्ल्ड कप में नीदरलैंड्स से हारी भारतीय मिला टीम
बिछू की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने साहसिक प्रदर्शन किया लेकिन पेरिस ओलंपिक और पिछले तीन बार की वर्ल्ड चैम्पियन नीदरलैंड की टीम ने एफआईएच वर्ल्ड कप के दूसरे दौर के पहले मुकाबले में शुक्रवार को 2-0 से जीत दर्ज की।
Kolkata में 3 अक्टूबर को होगा भारत और Brazil का मुकाबला, पूर्व कप्तान विजयन ने जताया उत्साह
फुटबॉल के दिग्गज आई एम विजयन ने तीन अक्टूबर को कोलकाता में होने वाले भारत-ब्राजील अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि पांच बार की विश्व कप विजेता ब्राजील टीम का भारत आना युवा खिलाड़ियों के लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव होगा। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ की ओर से जारी बयान के अनुसार, विजयन ने कहा कि ब्राजील टीम का भारत दौरा देश के फुटबॉल के लिए बड़ा सकारात्मक कदम होगा और इससे भारतीय फुटबॉल को दुनियाभर में पहचान मिलेगी। पूर्व भारतीय कप्तान विजयन ने कहा, ‘‘युवा खिलाड़ी उनके खिलाफ खेलेंगे और अनुभव हासिल करेंगे, जो बहुत बड़ी बात है। इसे भी पढ़ें: India vs Brazil: बाइचुंग भूटिया ने की Boycott की अपील, बोले- 30 करोड़ Football Development पर हों खर्च यह उनके लिए जीवनभर की याद बन जाएगी। ’’ विजयन को भारत के अब तक के सबसे महान फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक माना जाता है।
Neeraj Chopra ने Lausanne Diamond League में जीता रजत पदक, पथिरागे शीर्ष पर
भारतीय भाला फेंक के दिग्गज खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एक साल से अधिक समय में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन शुक्रवार को यहां लुसाने डायमंड लीग में श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे ने सिर्फ नौ सेंटीमीटर के अंतर से उन्हें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया। चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इससे यह 28 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी नौ खिलाड़ियों के मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहा। चोपड़ा का यह पिछले साल जून के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। उन्होंने जून 2025 में पेरिस डायमंड लीग जीतने के दौरान 88.16 मीटर का थ्रो किया था। यह इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो भी था। लेकिन 23 वर्षीय पथिरागे ने इस सत्र में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए अपने तीसरे प्रयास में 88.14 मीटर के थ्रो के साथ चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 86.69 मीटर की दूरी तय करके तीसरा स्थान हासिल किया। त्रिनिदाद और टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशोर्न वालकॉट 83.71 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे।
मिचेल स्टार्क ने 6 विकेट लेकर रचा इतिहास, बने WTC में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज
मिचेल स्टार्क ने बांग्लादेश के खिलाफ मैके टेस्ट में सिर्फ 22 गेंदों पर 5 विकेट लेकर इतिहास रच दिया है। वह अब WTC में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

