Kylian Mbappe बाएं घुटने की चोट के कारण Nations League के 3 मैचों से बाहर
फ्रांस के कप्तान और स्टार फुटबॉलर किलियन एमबाप्पे को तुर्किये के खिलाफ मुकाबले में बाएं घुटने में चोट लगी है। उनके क्लब रियल मैड्रिड ने शनिवार को जांच के बाद बताया कि एमबाप्पे के बाएं घुटने के पिछले हिस्से में हाइपरएक्सटेंशन की समस्या सामने आई है। हालांकि, अभी उनकी चोट को गंभीर नहीं बताया गया है और स्पेन में घरेलू मुकाबले शुरू होने तक उनके फिट होने की उम्मीद बनी हुई है। एमबाप्पे ने शुक्रवार को तुर्किये के खिलाफ फ्रांस की 1-0 की जीत में टीम के लिए एकमात्र गोल किया था। यह फ्रांस की ओर से उनका 67वां गोल था। कोकेली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान गोल करने के कुछ ही देर बाद उन्हें परेशानी महसूस हुई। उनके साथी खिलाड़ी गोल का जश्न मनाने के लिए उनके पास पहुंचे, लेकिन एमबाप्पे दर्द के कारण परेशान नजर आए। मौजूद जानकारी के अनुसार, एमबाप्पे ने उपचार मिलने के बाद कुछ देर तक मैदान पर बने रहने की कोशिश की। हालांकि, बाद में वह मैदान पर ही बैठ गए और अपने बाएं घुटने के बाहरी हिस्से को छूकर उसकी स्थिति देखने लगे। इसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा और उनकी जगह देजिरे डुए ने खेल संभाला। रियल मैड्रिड ने शनिवार को एमबाप्पे की जांच की। क्लब के मुताबिक, उनके बाएं घुटने के पिछले हिस्से की नसों और आसपास के हिस्से में खिंचाव से जुड़ी समस्या सामने आई है। क्लब ने फिलहाल उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। फ्रांस के नए कोच जिनेदिन जिदान ने भी साफ किया कि टीम एमबाप्पे को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। उन्होंने अगले 10 दिनों में होने वाले 3 नेशंस लीग मुकाबलों के लिए एमबाप्पे को टीम से दूर रखने का फैसला किया है। फ्रांस को सोमवार को बेल्जियम के दौरे पर जाना है। इसके बाद 2 और 5 अक्टूबर को स्टेड डी फ्रांस में इटली और बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले खेले जाने हैं। गौरतलब है कि एमबाप्पे के लिए अब सबसे बड़ा सवाल क्लब स्तर पर वापसी को लेकर है। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बाद रियल मैड्रिड को 10 अक्टूबर को विलारियल के खिलाफ खेलना है। घुटने की चोट को देखते हुए उस मुकाबले में एमबाप्पे की वापसी जल्दी हो सकती है। हालांकि, स्पेन के समाचार पत्र एएस की रिपोर्ट के अनुसार, उनका लक्ष्य 25 अक्टूबर को बार्सिलोना के खिलाफ होने वाले क्लासिको तक पूरी तरह फिट होना हो सकता है। एमबाप्पे इस समय रियल मैड्रिड के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और फ्रांस के लिए भी उनकी भूमिका बेहद अहम है। ऐसे में क्लब और राष्ट्रीय टीम दोनों ही उनकी वापसी में जल्दबाजी से बचते हुए पूरी तरह फिट होने पर ध्यान दे रहे हैं।
पहला वनडे : तिरुवनंतपुरम में कोहली का विस्फोटक शतक, भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा
भारत ने विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारियों के दम पर वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को खेले गए वनडे सीरीज के पहले मैच में 8 विकेट से जीत हासिल की। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले को अपने नाम करते हुए मेजबान देश ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है।
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, भारत की एंसी सोजन ने अपनी साधारण शुरुआत और ऑटो ड्राइवर पिता द्वारा किए गए त्याग को याद किया।
Asian Games एथलेटिक्स में Sarvesh Kushare और Ancy Sojan को रजत, भारत ने 5 पदक जीते
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाईं लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जिससे देश ने एथलेटिक्स में पांच पदक अपनी झोली में डाले। डेकाथलीट तेजस्विन शंकर, पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में और 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीता जिससे मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत के एथलेटिक्स में कुल पदकों की संख्या 13 (छह रजत, सात कांस्य) हो गई। लगातार दूसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। प्रतियोगिता खत्म होने में दो दिन बचे हैं लेकिन भारत की 75 सदस्यीय मजबूत एथलेटिक्स टीम को अब भी स्वर्ण की तलाश में है। ट्रैक एवं फील्ड में रविवार को पांच पदक के साथ भारत के कुल 37 पदक हो गए हैं जिसमें चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। निराश एंसी ने कहा, ‘‘ दो सेंटीमीटर से चूकने का थोड़ा दुख है। आखिरी क्षण तक मैं स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में थी। लेकिन किस्मत कुछ और थी। आज मेरा दिन नहीं था। एंसी के नाम 6.88 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन एक बात के लिए मैं खुश हूं। यह मेरे दूसरे एशियाई खेल हैं और दोनों में मैं पदक विजेता हूं। यह मेरे लिए अंत नहीं है। मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगी। ’’हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि ऐसे खेल चार साल बाद आते हैं। आप कभी नहीं जानते कि चार साल में क्या होगा। ’’कुशारे चीन में हुए पिछले चरण में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था, इसलिए मैं स्वर्ण जीतना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं कर सका। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि पदक आया है। इससे आगे बढ़ने में मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा। ’’डेकाथलीट शंकर ने पिछले चरण में जीते रजत पदक में एक कांस्य पदक और जोड़ दिया। उन्होंने दो दिनों तक चली इस कठिन 10 खेलों की स्पर्धा में 7934 अंक जुटाए। जापान के मारुयामा ने 8123 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जबकि चीन के चेन एक्स ने 8012 अंक जुटाकर रजत पदक जीता। शंकर ने कहा, ‘‘यह कांस्य जीतने से ज्यादा रजत हारने जैसा था। ’’उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 8057 अंकों का है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस साल डेकाथलॉन की चार प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। मैं 30 जनवरी से लगातार यही कर रहा हूं लेकिन किसी को दोष नहीं दे रहा। मुझे यह करना ही था और मुझे वह प्रदर्शन हासिल करना था। ’’पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। अन्य स्पर्धाओं में लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। श्रीशंकर ने 7.84 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर क्वालीफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया जबकि सोलोमन की 7.62 मीटर की छलांग ने उन्हें सातवें स्थान पर रखा और दोनों ने पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष ने 49.61 सेकंड के समय के साथ शुरुआती हीट में दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हालांकि दूसरी हीट में प्रतिस्पर्धा कर रहे यशस पलाक्षा ने पहली बाधा पार करने से पहले ही दौड़ रोक दी और दौड़ पूरी नहीं कर सके। दोनों भारतीय महिलाएं अपनी-अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ में स्वतः आगे बढ़ गईं। विथ्या ने 55.73 सेकेंड का समय दर्ज किया जबकि अनु ने 55.84 सेकेंड का समय लिया।
Asian Games: एंसी सोजन और सर्वेश कुशारे को मिला Silver, भारत के नाम 4 पदक
भारत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से बेहद मामूली अंतर से चूक गया जब रविवार को यहां एंसी सोजन और सर्वेश कुशारे को अपनी-अपनी फाइनल स्पर्धाओं में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने के बावजूद अंत में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं पारुल चौधरी और हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीतकर ट्रैक एवं फील्ड में भारत के लिए शानदार दिन का अंत किया। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को सिर्फ दो सेंटीमीटर से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने भी अपने अंतिम प्रयास में 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। सर्वेश ऊंची कूद स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली और स्वर्ण पदक जीता। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली लेकिन उन्हें रज पदक से संतोष करना पड़ा। ट्रैक एवं फील्ड में रविवार को चार पदक के साथ भारत के कुल 37 पदक हो गए हैं जिसमें चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीचलचेज स्पर्धा में नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। भारत का स्क्वाश में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा जब अनाहत सिंह और अभय सिंह को फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 44 मिनट में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए। अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली। इस नतीजे का मतलब है कि अनाहत और अभय दोनों 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अब भारतीय खिलाड़ियों को क्वालीफाई करने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। स्क्वाश में किसी भी भारतीय ने अब तक व्यक्तिगत वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक नहीं जीता है। सौरव घोषाल भी दो बार इसके करीब पहुंचे थे लेकिन उन्हें भी 2014 के इंचियोन और 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। भारतीय मुक्केबाजों परवीन हुड्डा, अंकुश पंघाल और नरेंदर बेरवाल ने क्वार्टरफाइनल में शानदार जीत दर्ज कर देश के लिए तीन पदक पक्के किए जबकि सचिन सिवाच का अभियान अंतिम आठ चरण में समाप्त हो गया। पिछले महीने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। नरेंदर (90 किग्रा से अधिक) ने पिछले चरण के अपने कांस्य पदक में एक और पदक जोड़ लिया। थाईलैंड के अद्थापोंग साएंगटेप के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मुकाबले में दो मिनट से भी कम समय में रेफरी ने मुकाबला रोक (आरएससी) दिया। परवीन ने उज्बेकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को इसी अंतर से हराकर महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले चरण में परवीन का कांस्य पदक उनसे छीन लिया गया था क्योंकि डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हरियाणा की मुक्केबाज का यह पहला मुकाबला था क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। लेकिन परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन सचिन का सफर खत्म हो गया। वह पुरुषों के 60 किग्रा क्वार्टरफाइनल में जापान के स्थानीय दावेदार शुनसुके कितामोटो से 0-5 से हार गए। पीवी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एचएस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यूफेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। उन्नीस वर्ष की उन्नति को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए सिंगापुर को 7-0 से करारी शिकस्त दी। टीम ने पांच जीत के साथ पूल बी में शीर्ष स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल में कोरिया के खिलाफ जगह पक्की की।
Arjun Erigaisi की जीत और Savitha Shri के Draw से भारत ने Chess Olympiad में जीते दो पदक
भारत की महिला और पुरुष शतरंज टीमों ने समरकंद में खेले गए शतरंज ओलंपियाड का शानदार अंदाज में समापन किया है। महिला टीम ने कांस्य पदक हासिल किया, जबकि पुरुष टीम रजत पदक जीतने में सफल रही। आखिरी दौर में दोनों टीमों को कड़े मुकाबलों का सामना करना पड़ा, लेकिन निर्णायक मौकों पर खिलाड़ियों ने धैर्य दिखाते हुए भारत की पदक की उम्मीदों को कायम रखा। महिला टीम के लिए आखिरी दौर की सबसे अहम कहानी साविता श्री की रही। भारत का मुकाबला जॉर्जिया से था और एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम पदक की दौड़ से बाहर हो सकती है। कोनेरू हम्पी ने सिर्फ 24 चाल में जीत दर्ज कर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन दिव्या देशमुख को हार का सामना करना पड़ा। वंतिका अग्रवाल का मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिससे चौथे बोर्ड पर साविता की बाजी बेहद महत्वपूर्ण हो गई। साविता के लिए यह मुकाबला आसान नहीं था। काले मोहरों से खेलते हुए वह मेरी अरबिद्जे के खिलाफ दबाव में थीं। अरबिद्जे के मोहरे लगातार सक्रिय होते गए और साविता के राजा को भी कई बार मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया। करीब 83 चाल तक चली बाजी में साविता ने लगातार सटीक बचाव किया और आखिरकार मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ। इस नतीजे के साथ भारत ने जॉर्जिया को 2-2 से बराबरी पर रोका और महिला वर्ग में 17 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में अर्जुन एरिगैसी ने आखिरी दौर में भारत के लिए अहम जीत हासिल की। हंगरी के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने अनुभवी पीटर लेको को हराया। लंबी बाजी में एरिगैसी ने आखिर में अपने वजीर और ऊंट के जरिए हमला तैयार किया और निर्णायक स्थिति में हाथी का बलिदान देकर लेको के राजा को घेर लिया। इसके बाद लेको ने बाजी छोड़ दी। अर्जुन की जीत के साथ प्रज्ञानानंद और निहाल सरीन की बाजियां बराबरी पर रहीं, जबकि डी गुकेश को ग्लेब दुडिन से हार मिली। भारत और हंगरी का मुकाबला 2-2 से बराबर रहा। भारत के 18 अंक रहे और जर्मनी के भी इतने ही अंक थे, लेकिन टाईब्रेक में भारत का स्कोर 405.5 रहा, जबकि जर्मनी का 386.5 अंक था। इस आधार पर भारत ने रजत पदक जीता। उज्बेकिस्तान 20 अंकों के साथ स्वर्ण पदक पर रहा।
Asian Games में Tejaswin Shankar ने जीता Decathlon Bronze, 1500m दौड़ में पहला स्थान
अयाची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए रविवार का दिन कई उतार-चढ़ाव वाला रहा। तेजस्विन शंकर ने दो दिनों तक चले कठिन डेकाथलॉन मुकाबले का अंत 1500 मीटर दौड़ जीतकर किया और कुल 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 1500 मीटर में उन्होंने 4:33.09 का समय निकाला और जापान के युमा मारुयामा को पीछे छोड़ा। हालांकि, अंतिम दौड़ जीतने के बावजूद तेजस्विन स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके। जापान के युमा मारुयामा ने पहले के मुकाबलों में हासिल बढ़त के दम पर कुल 8,123 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीता। चीन के शिंगहुआ चेन ने अंतिम दौड़ में तीसरा स्थान हासिल किया और कुल अंकों के आधार पर रजत पदक अपने नाम किया। बता दें कि डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग स्पर्धाएं होती हैं और खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं। तेजस्विन ने इनमें से 3 स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लंबी कूद, ऊंची कूद और 1500 मीटर में जीत दर्ज की। दो दिन तक चले इस मुकाबले में लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। तेजस्विन का कांस्य भारत के लिए इन एशियाई खेलों का 35वां पदक रहा। इसके साथ भारत की पदक संख्या 4 स्वर्ण, 15 रजत और 16 कांस्य तक पहुंच गई। एथलेटिक्स में यह भारत का 11वां पदक है। हालांकि, ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारत अभी भी अपने पहले स्वर्ण पदक का इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि रविवार को एथलेटिक्स में भारत के लिए अंसी सोजन ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह स्वर्ण पदक से सिर्फ 2 सेंटीमीटर दूर रह गईं। महिलाओं की लंबी कूद में अंसी ने 5वें प्रयास में 6.53 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन चीन की यिंगयिंग हुआंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर उनसे स्वर्ण छीन लिया। अंसी की आखिरी छलांग 6.49 मीटर रही और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत की शाइली सिंह भी पदक की दौड़ में थीं, लेकिन अंतिम प्रयास में चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग लगाकर उन्हें पीछे कर दिया। शाइली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6.42 मीटर रहा और वह चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने जापान की अबिगेइरुफुका इदो को सिर्फ 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। इंडोनेशिया की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन की युजी चेन ने 22.93 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ 6वें स्थान पर रहीं। इस तरह एथलेटिक्स में एक ही दिन भारत को कई अहम पदक मिले, लेकिन स्वर्ण पदक की तलाश जारी रही। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा में जीत के साथ अपना अभियान पदक के साथ खत्म किया है।
टेम्बा बावुमा ने मचाया तहलका, ODI में शतक ठोकने वाले बने सबसे उम्रदराज साउथ अफ्रीकी कप्तान
साउथ अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे ODI में बल्ले से शानदार पारी खेली। टेम्बा बावुमा ने 112 गेंदों में शतक जड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।
एशियन गेम्स: 'आखिरी पॉइंट तक हार नहीं मानना चाहती थी', ऐतिहासिक सिल्वर के बाद अनाहत ने कहा
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने के बाद कहा कि वह आखिरी पॉइंट तक लड़ना चाहती थीं, भले ही मलेशिया की डिफेंडिंग चैंपियन एस. शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने उन्हें काफी पीछे धकेल दिया था।
सर्वेश कुशारे ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में खत्म किया 56 साल का सूखा, हाई जंप में जीता सिल्वर मेडल
एशियन गेम्स 2026 में संडे का दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए शानदार रहा। सर्वेश कुशारे ने मेन्स हाई जंप में सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले एन्सी सोजन ने महिला लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
Asian Games में गोल्ड से बस एक छलांग दूर थीं Ancy Sojan, चीन की खिलाड़ी ने आखिरी दांव से मारी बाजी
एशियन गेम्स में भारत की एंसी सोजन रविवार को महिलाओं की लंबी कूद में स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंचीं, लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने आखिरी शानदार प्रयास से उनसे सोना छीन लिया। सोजन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, शाइली सिंह चौथे स्थान पर रहीं। आखिरी प्रयास में बदला पूरा नतीजा एंसी सोजन ने फाइनल में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखी। अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने 6.53 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। यह प्रदर्शन उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के लिए काफी मजबूत नजर आ रहा था। लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर सोजन को पीछे छोड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस तरह सोजन की 6.53 मीटर की छलांग उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रही। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास शाइली सिंह पदक से चूकीं भारत की शाइली सिंह भी लंबी कूद के फाइनल में उतरीं, लेकिन वह पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं। उन्होंने 6.42 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और चौथे स्थान पर रहीं। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक जीता। 200 मीटर में हरिता भद्रा ने जीता कांस्य महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में भी भारत को पदक मिला। हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। हरिता ने जापान की इडो अबिगेइरुफुका को सिर्फ 0.01 सेकंड से पीछे छोड़ा। जापान की खिलाड़ी ने 23.21 सेकंड में दौड़ पूरी की। सिंगापुर की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। भारत की दूसरी फाइनलिस्ट उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज दो स्पर्धाओं में भारत के खाते में दो पदक महिलाओं की लंबी कूद और 200 मीटर की इन दो स्पर्धाओं से भारत को एक रजत और एक कांस्य पदक मिला। लंबी कूद में एंसी सोजन ने रजत पदक जीता, जबकि हरिता भद्रा ने 200 मीटर में कांस्य अपने नाम किया।
Asian Games में भारत की झोली में आए दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
एशियन गेम्स: एंसी सोजन ने 'लॉन्ग जंप' में जीता सिल्वर, चौथे स्थान पर रहीं शैली
एशियन गेम्स 2026 में भारत की एंसी सोजन ने महिलाओं की लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीता। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए रोमांचक मुकाबले में चीन की हुआंग...
यूक्रेन को हराकर चेक रिपब्लिक ने 12वीं बार जीता बिली जीन किंग कप का खिताब
कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा की जीत ने चेक रिपब्लिक को 6 साल बाद फिर से बिली जीन किंग कप 2026 का चैंपियन बना दिया।
Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज
भारत की एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की महिला लंबी कूद स्पर्धा में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एंसी 6.53 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ के फाइनल में 23.20 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। भद्रा जापान की इडो अबिगेइरुफुका से ठीक आगे तीसरे स्थान पर रहीं। इडो ने 23.21 सेकेंड का समय लिया। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह को महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने अपने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की कूद के साथ भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र के सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड के समय से स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय से रजत पदक जीता। फाइनल में शामिल दूसरी भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।
बॉक्सर नरेंद्र पहुंचे सेमीफाइनल में
निशियो, भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने रविवार को क्वार्टर फाइनल में अथापोंग सेंगटेप को शिकस्त देकर पुरुषों के 90+ किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली। इसी के साथ नरेंद्र ने अपना मेडल सुनिश्चित कर लिया है। दूसरी तरफ, पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच को जापान के शुनसुके कितामोटो से हार का सामना करना पड़ा।
भारत बनाम वेस्टइंडीज: कैंपबेल-ग्रीव्स के बीच शतकीय साझेदारी, कैरेबियन टीम ने बनाए 295 रन
तिरुवनंतपुरम, 27 सितंबर (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज ने सलामी जोड़ी के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत के सामने वनडे सीरीज के पहले मैच में जीत के 296 रन का विशाल लक्ष्य रखा है। यह मुकाबला रविवार को ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है।
एन्सी सोजन के हाथ से फिसला लॉन्ग जंप में गोल्ड, 2cm से चीन ने मारी बाजी, सिल्वर से करना पड़ा संतोष
एशियन गेम्स 2026 के महिला लॉन्ग जंप फाइनल में भारत की एन्सी सोजन ने 6.53 मीटर की छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता। एन्सी के पास गोल्ड जीतने का मौका था, लेकिन चीन की एथलीट ने कमाल करते हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
हरिता ने 200 मीटर दौड़ में जीता ब्रॉन्ज
नागोया, भारत ने रविवार को एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 में स्प्रिंट इवेंट्स का समापन महिलाओं और पुरुषों की 200 मीटर फाइनल में अलग-अलग नतीजों के साथ किया। एक ओर, हरिता भद्रा ने कड़े मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि अनिमेष कुजूर पुरुषों की रेस में पांचवें स्थान पर रहे।
श्रेयस अय्यर : एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना बहुत जरुरी है
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम को सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना है। मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि हम किसी भी टीम को कम नहीं आंक रहे। हमारा लक्ष्य गोल्ड जीतना है।
32 साल के जस्टिन ग्रीव्स ने ठोका पहला ODI शतक, जॉन कैंपबेल के साथ मिलकर किया बड़ा कारनामा
भारत के खिलाफ पहले ODI में जस्टिन ग्रीव्स ने 32 साल की उम्र में अपने करियर का पहला ODI शतक जड़ दिया। उन्होंने 104 गेंदों में अपना शतक पूरा किया।
महिला बॉक्सर परवीन ने जीता मेडल : एशियन गेम्स
निशियो, भारतीय महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने रविवार को 65 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा को 5-0 से मात दी। निशियो जिम्नेजियम में इस जीत के साथ परवीन ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग का दूसरा मेडल सुनिश्चित किया।
अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीता, रचा इतिहास
नागोया, भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।
Asian Games Squash: Anahat Singh और अभय सिंह फाइनल में हारे, भारत को मिला रजत
(अजय मसंद)नागोया, 27 सितंबर भारत का स्क्वाश में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा जब अनाहत सिंह और अभय सिंह को रविवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 44 मिनट में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए। अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली। इस नतीजे का मतलब है कि अनाहत और अभय दोनों 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अब भारतीय खिलाड़ियों को क्वालीफाई करने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। स्क्वाश में किसी भी भारतीय ने अब तक व्यक्तिगत वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक नहीं जीता है। सौरव घोषाल भी दो बार इसके करीब पहुंचे थे लेकिन उन्हें भी 2014 के इंचियोन और 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। यो और शिवासांगरी दोनों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले शुरुआती दो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। दोनों ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया। विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में की गई वापसी को दोहरा नहीं सकीं। अनाहत-सातोमी सेमीफाइनल को करीब से देखने वाली शिवासांगरी स्पष्ट रणनीति के साथ उतरीं और उसे पूरी तरह से अमल में भी लाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रमण के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि अनाहत के लिए यह अभियान यादगार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले 26वीं रैंकिंग वाले अभय भी दुनिया के 18वें नंबर के यो को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। यो ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह अभय की मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठवीं हार है। अभय ने कहा, ‘‘आज के प्रदर्शन से निराश हूं लेकिन अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करता हूं। आज वह मेरे से बेहतर था और जीत का हकदार था। उसने खेल के हर पहलू में अच्छा प्रदर्शन किया। उसका अनुभव काम आया। वह इससे पहले एशियाई खेलों के फाइनल में खेल चुका है इसलिए मुझे लगता है कि इससे थोड़ा फर्क पड़ा।’’अभय के लिए यह हार बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने का सबक भी रही। उन्होंने कहा, ‘‘बड़े मुकाबलों में उसका संयम सीखने लायक है। हर जीत या हार एक सबक होती है जिसे घर वापस ले जाना होता है और मैं भी यही करूंगा।’’अभय के पास इस निराशा पर ज्यादा समय तक विचार करने का वक्त नहीं है क्योंकि उनकी नजरें लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय ज्यादा कुछ कहना थोड़ा मुश्किल है लेकिन उस स्थान के लिए अभी एक और मौका है। उम्मीद है कि चीजें सही दिशा में जाएंगी और मैं उसे हासिल कर पाऊंगा।’’भारत को टीम स्पर्धाओं में भी पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी।
Asian Games में बाधा दौड़ धावक Yashas Palaksha चोट के कारण हीट से बाहर
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारत के ट्रैक एवं फील्ड के चोटिल खिलाड़ियों की सूची रविवार को उस समय और लंबी हो गई जब 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी यशस पलाक्षा अपनी हीट (शुरुआती दौर) के बीच में ही हट गए। इससे इन खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया और इसके लिए जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यशस ने 10 सितंबर को नयी दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा नहीं लिया था जिसमें एशियाई खेलों के लिए चुने गए लगभग सभी खिलाड़ियों ने भाग लिया था। उस समय अटकलें थीं कि यशस चोट से जूझ रहे हैं। महिला 100 मीटर बाधा दौड़ की ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल ने भी नयी दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। दोनों ने शनिवार को चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने का फैसला किया। याराजी घुटने की समस्या से जूझ रही थीं जबकि चित्रावेल पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशान थे। हालांकि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने उनके कोचों द्वारा फिटनेस का आश्वासन दिए जाने और चिकित्सा प्रमाणपत्र दिखाए जाने के बाद दोनों को खेलने की मंजूरी दे दी थी। रविवार को यशस 400 मीटर बाधा दौड़ की हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही पैर की मांसपेशियों में संभावित चोट के कारण दौड़ से हट गए जिसके कारण उनका परिणाम डीएनएफ (दौड़ पूरी नहीं की) रहा। भारतीय टीम के एक कोच ने पीटीआई से कहा, ‘‘टीम के डॉक्टरों ने उनकी चोट का आकलन किया है।’’शनिवार को याराजी 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले वार्म अप के दौरान ‘दर्द महसूस होने’ के बाद हट गई थीं। चित्रावेल त्रिकूद में अपने पहले प्रयास के लिए तैयार हुए लेकिन इसे पूरा नहीं कर पाए और पिंडली पकड़कर बाहर आ गए। बाद में उन्हें व्हीलचेयर पर बाहर ले जाया गया और उनके नाम पर एनएम (कोई वैध दूरी नहीं) दर्ज हुआ। एएफआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज (शनिवार) महिला 100 मीटर बाधा दौड़ के लिए वार्म अप के दौरान उन्हें असहजता महसूस हुई और कोचिंग टीम ने एहतियात के तौर पर उन्हें दौड़ से हटाने का फैसला किया। उनकी दीर्घकालिक फिटनेस हमारी पहली प्राथमिकता है।’’चित्रावेल के बारे में एएफआई ने कहा, ‘‘प्रवीण चित्रावेल ने पुरुष तिहरी कूद फाइनल में पहले दौर के बाद अपना नाम वापस ले लिया और कोई वैध दूरी दर्ज नहीं की गई।’’एएफआई ने कहा, ‘‘उन्होंने टीम के साथ अपना प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया था और प्रतियोगिता से पहले या उसके दौरान टीम प्रबंधन को किसी चोट या चिकित्सकीय समस्या की जानकारी नहीं दी थी। हटने का फैसला खिलाड़ी ने खुद लिया।’’एएफआई के एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई को बताया था कि महासंघ उन निजी संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगेगा जिनके साथ याराजी और चित्रावेल प्रशिक्षण ले रहे थे।
विराट कोहली ने रचा इतिहास, मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में मैदान पर उतरते ही विराट कोहली ने इतिहास रच दिया। उन्होंने मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कारनामा कर दिया।
Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास
एशियाई खेलों में सिंगल्स स्क्वैश में भारत का गोल्ड मेडल का इंतजार अभी जारी रहेगा। मेंस और विमेंस दोनों के फाइनल मुकाबलों में अभय सिंह और अनाहत सिंह को हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही दोनों लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। स्क्वैश लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में डेब्यू करेगा। अभय सिंह को मलेशियाई खिलाड़ी ने हराया दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी अभय सिंह गोल्ड मेडल के मुकाबले में दुनिया के 17वें नंबर के मलेशियाई खिलाड़ी एनग ईन यो से सीधे गेम में हार गए। ईन यो ने 11-9, 11-5, 11-5 से जीत दर्ज कर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा। इस नतीजे के बाद अभय को सिल्वर मेडल मिला, लेकिन वह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। पुरुष और महिला सिंगल्स के एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल विजेताओं को लॉस एंजिल्स ओलंपिक का क्वालिफिकेशन स्पॉट मिला। इसे भी पढ़ें: Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी सेमीफाइनल में पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी थी मात 28 वर्षीय अभय ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वह सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। 2024 में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले अभय अप्रैल 2026 में पीएसए रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ 22वें स्थान पर पहुंचे थे और वर्तमान में 26वें स्थान पर हैं। अनाहत सिंह को भी सिल्वर से करना पड़ा संतोष वहीं, विमेंस स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में अनाहत सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। 18 साल की अनाहत को मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 11-4, 11-4, 11-7 से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की अनाहत का सामना दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी शिवसंगरी से था। वर्ल्ड जूनियर टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे के खिलाफ की गई वापसी जैसा प्रदर्शन फाइनल में नहीं कर पाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार अटैक करके उन पर दबाव बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत फिर भी अनाहत ने रचा इतिहास हार के बावजूद अनाहत के लिए यह एक यादगार टूर्नामेंट रहा। उन्होंने महान जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल से आगे निकलकर एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इसके साथ ही उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
एशियन गेम्स: स्क्वैश में 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।
Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एशियाई खेलों का व्यस्त कार्यक्रम अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को उरबने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शनिवार दोपहर अपना दूसरे दौर का मुकाबला खेला था। उनका तीसरे दौर का मैच रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब एक बजे खत्म हुआ। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबला रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ। चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’सिंधू ने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’एक अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा भी कार्यक्रम से खुश नहीं थीं क्योंकि कई खिलाड़ियों को एक दिन में एक से अधिक मैच खेलने पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘मैं क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगी, लेकिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता था।’’सिंधू के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कुछ लाइन कॉल बेहद करीबी थे लेकिन वह उन्हें चुनौती नहीं दे सकीं क्योंकि हॉक-आई की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों के लिए चुनौती देने का प्रावधान नहीं था। इचिनोमिया जिम्नेजियम हॉल में हॉक-आई केवल कोर्ट एक और दो पर लगाया गया है जबकि सिंधू ने कोर्ट चार पर खेला। सिंधू ने कहा, ‘‘यहां कैमरे नहीं थे। यह वास्तव में निराशाजनक था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर गिरे थे। मुझे लगता है कि एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले होते हैं।’’सिंधू ने अगले एशियाई खेलों में खेलने के सवाल पर अपना विकल्प खुला रखा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे अंदर क्षमता रही तो निश्चित रूप से। मुझे बस चोटों से बचना है। अभी सवाल यह है कि आगे क्या है? यह बहुत महत्वपूर्ण है। कदम-दर-कदम आगे बढ़ना जरूरी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित रूप से एक-एक साल के हिसाब से। यह महत्वपूर्ण है कि मैं आगे जो है, उस पर ध्यान दूं। क्योंकि अब आप 20 साल के नहीं हैं। आपको अपने शरीर और हर चीज का ख्याल रखना होता है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’सिंधू ने कहा, ‘‘हमें टूर्नामेंट चुनने होंगे। क्या करना है, क्या खेलना है और क्या नहीं खेलना है, यह तय करना होगा। क्योंकि अपने शरीर का ख्याल रखना भी महत्वपूर्ण है।
Asian Games: भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा सेमीफाइनल में पहुंचे, दो पदक किए पक्के
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने रविवार को यहां जारी एशियाई खेलों में अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश के लिए दो पदक पक्के किए। पिछले महीने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। इसके बाद परवीन ने उज्बेकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को इसी अंतर से हराकर महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले चरण में परवीन का कांस्य पदक उनसे छीन लिया गया था क्योंकि डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हरियाणा की मुक्केबाज का यह पहला मुकाबला था क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। लेकिन परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश ने सलीमोव को पूरी तरह पछाड़ते हुए दबदबे वाला प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे अंकुश इस तरह अंतिम चार में पहुंच गए और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
एशियन गेम्स 2026 में 18 साल की भारतीय महिला स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह भले ही गोल्ड मेडल जीतने से चूक गई लेकिन एशियाई खेलों के इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
Asian Games: Murali Sreeshankar और विथ्या रामराज समेत कई भारतीय एथलेटिक्स फाइनल में पहुंचे
लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड पुत्तुराज सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने एशियाई खेलों में अपनी अपनी स्पर्धाओं के फाइनल में प्रवेश कर लिया। श्रीशंकर ने क्वालीफिकेशन में 7 . 84 मीटर की कूद लगाई और दूसरे स्थान पर रहे जबकि पुत्तुराज 7 . 62 मीटर के प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे। दोनों ने पुरूषों की लंबी कूद के फाइनल में जगह बना ली। पुरूषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष पहली हीट में 49 . 61 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे और फाइनल में पहुंचे। यशास पालाक्षा दूसरी हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही रूक गए और रेस पूरी नहीं कर सके। भारतीय महिलायें अपनी अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ फाइनल में पहुंच गई। विथ्या ने 55 . 73 सेकंड का समय निकाला जबकि अनु ने 55 . 84 सेकंड में दूरी तय की। पुरूषों के डेकाथलन में तेजस्विन शंकर 6571 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि दो स्पर्धायें बाकी हैं। महिलाओं की 200 किलोमीटर पैदल चाल फाइनल में मंजू रानी एक घंटा 40 मिनट 17 सेकंड का समय निकालकर छठे स्थान पर रही जबकि प्रियंका अयोग्य करार दी गई।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और उन्नति क्वार्टर फाइनल में हारीं, भारत की चुनौती खत्म
पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। हार के बाद सिंधू ने कहा ,‘‘ मुझे दूसरे गेम में ही जीत जाना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं कर सकी। यह आसान गेम नहीं था और आसानी से अंक नहीं मिल रहे थे।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ यह दुखद है लेकिन इससे उबरना होगा। सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छा रहता लेकिन यह सब होता रहता है। मजबूती से वापसी करना अहम है।’’ उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’ सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टॉस जीतकर भारत ने चुनी बॉलिंग
तिरुवनंतपुरम, भारत और वेस्टइंडीज के बीच ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है।
Asian Games Archery: भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं
भारत ने एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में मजबूत शुरूआत की और पुरूष तथा महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीमें रविवार को सेमीफाइनल में पहुंच गई जबकि रिकर्व और मिश्रित टीमों ने भी जीत दर्ज की। पुरूष टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम ने यूएई को अंतिम 16 में 235 . 215 से हराया और क्वार्टर फाइनल में भूटान को 235 . 232 से मात दी। महिला टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप ने मंगोलिया को अंतिम 16 में 238 . 223 से हराने के बाद क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान को 233 . 230 से मात दी। दोनों टीमें 30 सितंबर को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से खेलेंगी। पुरूष रिकर्व में धीरज बोम्मदेवरा और संजय भोगे ने फिलीपींस को 5 . 1 से हराया और एक और जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला रिकर्व टीम की कीर्ति और कुमकुम ने मंगोलिया और चीनी ताइपै को 6 . 0 से मात देकर अंतिम चार में प्रवेश किया। बाद में धीरज और कुमकुम की रिकर्व मिश्रित टीम ने यूएई और वियतनाम को 6 . 0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। साहिल जाधव और चितिका की कंपाउंड मिश्रित टीम ने मंगोलिया को 160 . 146 और कजाखस्तान को 159 . 154 से हराया। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे।
'उस हार ने मुझे अंदर से तोड़ दिया...', कोहली का छलका दर्द, याद किया वर्ल्ड कप सेमीफाइनल
विराट कोहली ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के दर्द को याद किया है. कोहली ने बताया कि इस हार को स्वीकार करना उनके लिए बेहद मुश्किल था और वह मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुए थे.
अभय का गोल्ड जीतने का सपना टूटा, मलेशियाई खिलाड़ी ने हराया
एशियन गेम्स 2026 के स्क्वैश फाइनल में अभय सिंह को एनजी ईन यो के हाथों 0-3 से हार मिली. अभय ने सिल्वर जीता और सौरव घोषाल के बाद एशियन गेम्स में सिंगल्स मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय स्क्वैश प्लेयर बने.
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ करेगी जिसमें उसका सामना अफगानिस्तान की टीम से होगा।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। आइची-नागोया में मुकाबले से एक दिन पहले रविवार को भारतीय टीम ने प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। कप्तान श्रेयस अय्यर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी समेत टीम के खिलाड़ी ट्रेनिंग करते नजर आए। अर्शदीप, ईशान और वैभव ने किया अभ्यास रविवार के ट्रेनिंग सेशन में लेफ्ट आर्म पेसर अर्शदीप सिंह, ऑलराउंडर शिवम दुबे, विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अभ्यास किया। टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले की तैयारी की। महिला टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला क्रिकेट टीम पहले ही गोल्ड मेडल जीत चुकी है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। अब मेंस टीम की नजर भी गोल्ड पर होगी। भारत मेंस और वुमेन्स क्रिकेट में गोल्ड जीतता है तो एशियन गेम्स के एक संस्करण में क्रिकेट के दोनों गोल्ड उसके नाम होंगे। हांगझू में भी भारत ने जीता था गोल्ड हांगझू एशियन गेम्स में भारतीय मेंस टीम ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में गोल्ड मेडल जीता था। अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था। भारत बेहतर सीडिंग के आधार पर चैंपियन बना था। उस टीम के कई खिलाड़ी बाद में भारत की टी-20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा बने। श्रेयस अय्यर के हाथों में कमान इस बार भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। वे IPL में कोलकाता नाइटराइडर्स को चैंपियन बना चुके हैं। उनकी कप्तानी में मुंबई ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी जीती। वे दिल्ली कैपिटल्स और 2025 में पंजाब किंग्स को IPL फाइनल तक पहुंचा चुके हैं। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मेंस स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, विपराज निगम, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी। -------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड में गोल्ड की दौड़ में भारत:उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराया; आखिरी राउंड में हंगरी से मुकाबला उज्बेकिस्तान में चल रहे 46वें चेस ओलिंपियाड के 10वें राउंड में भारतीय मेंस टीम ने उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराया। इस जीत के साथ भारत पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। अब टूर्नामेंट में एक राउंड बाकी है। पूरी खबर
श्रीशंकर, डेविड पट्टुराज ने लॉन्ग जंप पहुंचे फाइनल में
नागोया, भारत के मुरली श्रीशंकर और डेविड पट्टुराज ने रविवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में अपने-अपने ग्रुप से पुरुषों के लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
पीएम मोदी से 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रशंसा पाने वाले राजिंदर सिंह सीनियर कौन हैं?
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने 'मन की बात' कार्यक्रम की 138वीं कड़ी में पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी राजिंदर सिंह सीनियर की चर्चा की और युवा प्रतिभाओं को पहचान कर उनकी क्षमता को निखारने में उनके निरंतर योगदान की प्रशंसा की।
Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत
एशियाई खेलों में दो बार सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय शूटर एलावेनिल वलारिवन का गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। उनकी कामयाबी पर परिवार ने खुशी जताई और उनकी मेहनत के साथ सरकार और खेल संस्थाओं के सहयोग का भी जिक्र किया। #WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Double Asian Games silver medallist Elavenil Valarivan receives a warm welcome upon her arrival at the Sardar Vallabhbhai Patel International Airport. pic.twitter.com/FU21UVO4tS — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास पिता बोले- सबसे पहली प्राथमिकता भारत है एलावेनिल वलारिवन की कामयाबी पर उनके पिता डॉ. आर. वलारिवन ने कहा, “सबसे पहली प्राथमिकता भारत है। भारत बहुत खुश है। उसने एशियाई खेलों के पहले ही दिन भारत के लिए मेडल का खाता खोला।” उन्होंने कहा कि अब भारत के लिए और भी कई मेडल आ रहे हैं। डॉ. वलारिवन ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री का सपना सच हो रहा है। अब इसके नतीजे मिल रहे हैं।” उन्होंने बताया कि बच्चों और खिलाड़ियों को बचपन से ही चुना जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण के साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पढ़ाई में भी मदद मिल रही है। वलारिवन ने कहा, “अगले ओलंपिक और कॉमनवेल्थ में हमारे मेडलों की संख्या बहुत ज्यादा होगी।” इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म मां ने बेटी की मेहनत को दिया कामयाबी का श्रेय एलावेनिल की मां डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “यह उसकी कड़ी मेहनत है, हमारे देश के लिए यह अच्छी खबर है।” उन्होंने कहा कि सरकार उनकी बेटी का साथ दे रही है। डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “पीएम मोदी उसका साथ दे रहे हैं। एकेडमी ने उसका साथ दिया है और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात ने भी।” एलावेनिल वलारिवन की एशियाई खेलों में कामयाबी के बाद उनके अहमदाबाद लौटने पर एयरपोर्ट पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
एशियन गेम्स: श्रीशंकर, डेविड पट्टुराज ने लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई किया
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के मुरली श्रीशंकर और डेविड पट्टुराज ने रविवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में अपने-अपने ग्रुप से पुरुषों के लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games क्रिकेट: Shreyas Iyer की कप्तानी में Team India का सामना आज Afghanistan से
श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरूष क्रिकेट टीम का सामना एशियाई खेलों के पहले मैच में सोमवार को अफगानिस्तान से होगा और जापान के हालात में जल्दी ढलने की चुनौती टीमों के सामने रहेगी। कोरोगी स्पोटर्स पार्क पर ही महिला वर्ग की स्पर्धा हुई थी जिसमें भारत ने स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं के मुकाबलों में बड़े स्कोर बने लेकिन अभी तक पुरूष टीम के मैचों में बड़े स्कोर नहीं देखे गए हैं। जापान के खिलाफ मंगलवार को सानो में हुए मुकाबले में टर्निंग पिच पर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती मिली थी। भारतीय क्रिकेटर तोक्यो से नागोया बुलेट ट्रेन से पहुंचे हैं और सफर का पूरा मजा लिया। क्रिकेट नहीं खेलने वाले देश में पहली बार खेलना अधिकांश क्रिकेटरों के लिये नया अनुभव होगा। अय्यर ने नागोया के सफर के दौरान बीसीसीआई की वेबसाइट पर कहा ,‘‘ यह खूबसूरत है।’’भारत यहां पूरी मजबूत टीम लेकर आया है जिसमें अय्यर के अलावा जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल हैं। इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की गहराई को देखते हुए इस फैसले पर सवाल भी उठे थे क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि फोकस 2027 वनडे विश्व कप पर होना चाहिये। भारतीय टीम के लिये स्वर्ण से इतर कोई भी पदक निराशाजनक होगा। हाल ही में दिल्ली में भारत के हाथों श्रृंखला में बुरी तरह पराजित हुई अफगानिस्तान टीम दारविश रसूली की कप्तानी में नये खिलाड़ियों को लेकर आई है। टीम में छह खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार खेलेंगे। भारत अभियान की शुरूआत क्वार्टर फाइनल से करेगा जबकि अफगानिस्तान नेपाल के खिलाफ एक मैच खेल चुका है जिसमें उसे पराजय मिली। पहले मैच में उसने जापान को हराया था। अन्य खिलाड़ियों की तरह क्रिकेटरों को होटल की दिक्कत नहीं हुई क्योंकि बीसीसीआई ने सारा बंदोबस्त खुद किया है। खिलाड़ी नागोया में पांच सितारा होटल में रूके हैं। सभी की नजरें 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी पर लगी है लेकिन अभिषेक और संजू सैमसन के फॉर्म को देखते हुए उन्हें मौका मिलने की उम्मीद कम ही है। भारत को स्वर्ण जीतने के लिये सिर्फ तीन जीत की जरूरत है। टीमें :भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वैभव सूर्यवंशी , विपराज निगम, यश ठाकुरअफगानिस्तान : दारविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक, इमरान मीर, नजीबुल्लाह जदरान, इस्मत आलम, करीम जनत, नांगेयालिया खरोटी, अब्दुल्लाह अहमदजइ, खालिद तानीवाल, मोहम्मद अकरम, फरीदून दाउदजइ, फरमानुल्लाह सफी, हसन इसाखिल, फैसल शिनोजादा, अरब गुल मोमांद। मैच का समय : सुबह 10 बजे से।
Asian Games: Ankush Panghal ने मुक्केबाजी में पक्का किया भारत का पहला पदक
भारत के अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का करते हुए पुरूषों के 80 किलो क्वार्टर फाइनल में रविवार को ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव को 5 . 0 से हराया। ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अंकुश ने सालिमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
एशियन गेम्स में बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल में भारत को तीन झटके लगे। तनीषा क्रैस्टो-ध्रुव कपिला और ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ियां हारकर बाहर हुईं। इसके बाद उन्नति हूडा को अकाने यामागुची ने तीन गेम में हराया।
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: मुक्केबाजी में भारत का एक और पदक पक्का, अब तक जीते 30 मेडल
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अभी तक 4 गोल्ड समेत 30 मेडल जीत लिए हैं। आज 27 सितंबर को मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल ने एक मेडल पक्का कर लिया है।
भारत ने एशियन गेम्स की तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष, महिला कंपाउंड और मिक्स्ड रिकर्व-कंपाउंड टीमों समेत चारों टीमों के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
वेस्टइंडीज की टीम भारत के दौरे पर है, जिसमें वह शे होप की कप्तानी में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी, जिसमें इसका आगाज होने से पहले विंडीज कप्तान का बड़ा बयान सामने आया है।
उज्बेकिस्तान में चल रहे 46वें चेस ओलिंपियाड के 10वें और आखिरी से एक राउंड में भारतीय मेंस टीम ने उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराकर पॉइंट्स टेबल में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। भारत के 17 पॉइंट्स हैं, जबकि उज्बेकिस्तान 18 पॉइंट्स के साथ टॉप पर है। आखिरी राउंड में भारत का सामना हंगरी से होगा, जबकि उज्बेकिस्तान की टीम यूक्रेन से खेलेगी। भारत के लिए वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश, आर. प्रज्ञानानंद और निहाल सरीन ने जीत दर्ज की। अर्जुन एरिगैसी का मुकाबला ड्रॉ रहा। प्रज्ञानानंद, निहाल और गुकेश ने जीत दिलाई आर. प्रज्ञानानंद ने जाखोंगीर वाहिदोव को हराया। दोनों के बीच मुकाबला मेजर पीसेज एंडगेम तक पहुंचा। प्रज्ञानानंद ने यहां बेहतर खेल दिखाया और वाहिदोव को मात दी। अर्जुन एरिगैसी और अब्दिमालिक अब्दिसालिमोव का मुकाबला ड्रॉ रहा।अर्जुन के पास स्थिति को अपने पक्ष में करने के मौके थे, लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सके। निहाल सरीन ने मुहम्मदजोखिद सुयारोव को हराया। निहाल ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। उन्होंने सुयारोव की गलती का फायदा उठाया और मुकाबला अपने नाम किया। डी गुकेश ने ओर्तिक निगमातोव को हराया। गुकेश ने सफेद मोहरों से खेलते हुए शुरुआत से अपनी स्थिति मजबूत रखी। उन्होंने 47 चालों में जीत दर्ज की। इस जीत के साथ गुकेश का व्यक्तिगत स्कोर 10 मैचों में 8.5 अंक हो गया। पॉइंट्स टेबल: उज्बेकिस्तान से एक पॉइंट पीछे भारत 10वें राउंड के बाद उज्बेकिस्तान 18 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। भारत 17 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर है। यूक्रेन, जर्मनी और हंगरी के 16-16 पॉइंट्स हैं। भारत जीता और उज्बेकिस्तान हारा तो गोल्ड आखिरी राउंड में भारत को हंगरी और उज्बेकिस्तान को यूक्रेन से खेलना है। भारत अगर हंगरी को हराता है और उज्बेकिस्तान यूक्रेन से हार जाता है, तो भारत 19 पॉइंट्स के साथ टॉप पर पहुंचकर गोल्ड मेडल जीतेगा। अगर भारत जीतता है और उज्बेकिस्तान का मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो दोनों टीमें 19-19 पॉइंट्स पर होंगी। ऐसे में मेडल का फैसला टाई-ब्रेक से होगा। महिला टीम का चीन से 2-2 ड्रॉ समरकंद में ही खेले जा रहे महिला सेक्शन के 10वें राउंड में भारत और चीन का मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा। दोनों टीमों के बीच मुकाबला उतार-चढ़ाव भरा रहा। भारत की वंतिका अग्रवाल और चीन की लू मियाओयी के बीच मुकाबला लंबे समय तक बराबरी का रहा। एंडगेम में वंतिका को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद बाकी मुकाबलों के रिजल्ट से दोनों टीमों का स्कोर 2-2 रहा। इस ड्रॉ के बाद चीन 18 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। कजाकिस्तान 17 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर है। भारत, पोलैंड और वियतनाम के 16-16 पॉइंट्स हैं। कजाकिस्तान ने फ्रांस को हराया कजाकिस्तान ने फ्रांस को 2.5-1.5 से हराकर महिला वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा ने जीत दर्ज की, जबकि 16 साल की एलनाज कालियाखमेत ने भी फ्रांस के खिलाफ अहम जीत हासिल की। इस जीत के बाद कजाकिस्तान के 17 पॉइंट्स हो गए और टीम चीन के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गई। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबरें कोहली बोले- 2027 में आखिरी वर्ल्ड कप खेलूंगा:ट्रॉफी के लिए सबकुछ दांव पर लगा दूंगा; वनडे में सबसे ज्यादा 54 शतक लगाने वाले बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि 2027 का वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि वे ट्रॉफी जीतने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। पूरी खबर
Asian Games में त्रिसा-गायत्री और ध्रुव-तनीषा की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में हारी
त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी एशियाई खेलों के महिला युगल क्वार्टर फाइनल में रविवार को दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। महिला एकल क्वार्टर फाइनल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू का सामना चीन की चेन यू फेइ से और उन्नति हुड्डा की टक्कर जापान की अकाने यामागुची से होगी। त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। वेम्बली स्टेडियम में यूईएफए नेशंस लीग के मुकाबले में विश्व चैंपियन स्पेन ने इंग्लैंड पर धमाकेदार जीत दर्ज की। स्पेन ने इंग्लैंड को 3-2 से हराया।
Asian Games 2026 Live: मनु भाकर एक्शन में; बैडमिंटन में तनीषा-ध्रुव ने विश्व नंबर-1 जोड़ी को चौंकाया
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।एशियन गेम्स 2026 में 27 सितंबर को भारत के लिए कई अहम मुकाबले होंगे।
38 के कोहली ने खोला धांसू फॉर्म का राज, बताया बैटिंग में क्या बदला?
विराट कोहली ने अपने शानदार वनडे फॉर्म का राज बताया है. उन्होंने कहा कि अब वह लोगों की उम्मीदों की चिंता किए बिना ज्यादा आजादी से खेलना चाहते हैं. कोहली का लक्ष्य टीम के लिए 30-40 रन अतिरिक्त बनाना है. उनका मानना है कि अंत तक टिके रहने पर भारत 350-360 रन तक आसानी से पहुंच सकता है.
एशियन गेम्स में आज 18 साल की अनाहत सिंह स्क्वाश महिला सिंगल्स का फाइनल मैच खेलेंगी। भारत को उनसे गोल्ड मेडल की उम्मीद होगी। उनका मुकाबला दोपहर 1:30 बजे मलेशिया की सिवासंगरी सुब्रमणियम से होगा। वहीं अभय सिंह पुरुष सिंगल्स के फाइनल में दोपहर 12:30 बजे एनग एइन यो से खेलेंगे। इसके अलावा महिला हॉकी टीम सिंगापुर से भिड़ेगी। वहीं पुरुष वॉलीबॉल टीम वियतनाम के खिलाफ उतरेगी। आज 33 गोल्ड दांव पर एशियन गेम्स में आज कुल 33 गोल्ड मेडल के मुकाबले होंगे। एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 11 गोल्ड दांव पर होंगे। इसके अलावा स्क्वैश में 3 गोल्ड मेडल इवेंट होंगे। सुबह एथलेटिक्स से भारत की शुरुआत सुबह 4 बजे मंजू रानी और प्रियंका गोस्वामी महिला मैराथन रेस वॉक फाइनल में उतरेंगी। 7:38 बजे तेजस्विन शंकर और थौफीक नौशाद डेकाथलॉन के 110 मीटर हर्डल्स में हिस्सा लेंगे। 8:10 बजे दोनों डेकाथलॉन के डिस्कस थ्रो में उतरेंगे। 9:05 बजे विथ्या रामराज महिला 400 मीटर हर्डल्स हीट में हिस्सा लेंगी। 9:15 बजे मुरली श्रीशंकर और डेविड सोलोमन पुरुष लॉन्ग जंप क्वालिफिकेशन खेलेंगे। बैडमिंटन में गायत्री-ट्रीसा और उन्नति के क्वार्टर फाइनल सुबह 7 बजे गायत्री गोपीचंद और ट्रीसा जॉली महिला डबल्स क्वार्टर फाइनल में मलेशिया की पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन से खेलेंगी। इसके 2 घंटे बाद 9 बजे उन्नति हुड्डा महिला सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ उतरेंगी। शूटिंग में मनु भाकर का मुकाबला सुबह 6:10 बजे मनु भाकर, ईशा सिंह और राही सरनोबत महिला 25 मीटर पिस्टल की इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन और टीम इवेंट में उतरेंगी। सुबह 6:30 बजे अहवर रिजवी, क्यनान चेनाई और शपथ भारद्वाज पुरुष ट्रैप में हिस्सा लेंगे। इसी समय मनीषा कीर, आशिमा अहलावत और नीरू महिला ट्रैप में उतरेंगी। वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर का फाइनल सुबह 10 बजे हरजिंदर कौर महिला 69 किग्रा फाइनल में उतरेंगी। इसमें भारत के लिए मेडल जीतने का मौका होगा। बॉक्सिंग में 4 भारतीय क्वार्टर फाइनल खेलेंगे सुबह 9:45 बजे अंकुश पुरुष 80 किग्रा क्वार्टर फाइनल में नेक्रूज सलीमोव से भिड़ेंगे। दोपहर 2 बजे परवीन महिला 65 किग्रा क्वार्टर फाइनल में नवबहोर खामिदोवा से खेलेंगी। दोपहर 2:45 बजे सचिन सिवाच पुरुष 60 किग्रा क्वार्टर फाइनल में शुनसुके कितामोटो के खिलाफ उतरेंगे। शाम 3:45 बजे नरेंद्र पुरुष +90 किग्रा क्वार्टर फाइनल में अधथापोंग सेंगतेप से भिड़ेंगे। हॉकी में सिंगापुर से मुकाबला शाम 3:30 बजे भारतीय महिला हॉकी टीम पूल-B के मुकाबले में सिंगापुर से भिड़ेगी। इससे पहले सेपकटकरा में सुबह 5:30 बजे भारत की महिला डबल्स टीम साउथ कोरिया और 11:30 बजे फिलीपींस से खेलेगी। दोपहर 12:30 बजे भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम पूल-C में वियतनाम के खिलाफ उतरेगी। शाम को एथलेटिक्स के फाइनल शाम 3:35 बजे शाइली सिंह और एंसी सोजन महिला लॉन्ग जंप फाइनल में उतरेंगी। 3:55 बजे हरिता भद्रा और उन्नति बोला महिला 200 मीटर फाइनल खेलेंगी। शाम 4:05 बजे अनिमेष कुजूर पुरुष 200 मीटर फाइनल में उतरेंगे। 4:15 बजे सर्वेश कुशारे और जे. आदर्श राम पुरुष हाई जंप फाइनल में हिस्सा लेंगे। शाम 4:53 बजे नंदिनी कोंगान महिला 100 मीटर हर्डल्स फाइनल में उतरेंगी। 5:52 बजे पारुल चौधरी और अंकिता महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में उतरेंगी।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में दोपहर 2 बजे से मैच शुरू होगा। भारत ने इस साल 3 वनडे सीरीज खेलीं। न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हार मिली, जबकि टीम ने अफगानिस्तान को हराया। विराट कोहली सबसे तेज 15 हजार वनडे रन से 59 रन दूर हैं। उन्होंने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर ने 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 377 पारियों में 15 हजार रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली के नाम 43 मैच में 2261 रन और 9 शतक हैं। एक और सेंचुरी लगाते ही वे दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। श्रीलंका के खिलाफ वे पहले ही ऐसा कर चुके हैं। भारत से 20 साल से सीरीज नहीं जीत पाया वेस्टइंडीज वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ आखिरी द्विपक्षीय वनडे सीरीज 2006 में जीती थी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच हुई 13 सीरीज भारत ने अपने नाम की हैं। भारत में वेस्टइंडीज की आखिरी सीरीज जीत 2002 में आई थी। दोनों के बीच अब तक 142 वनडे खेले गए हैं। भारत ने 72 और वेस्टइंडीज ने 64 मैच जीते हैं, जबकि 6 मुकाबले टाई या बेनतीजा रहे। वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 2018 में 10 हजार रन पूरे किए थे कोहली ने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विशाखापट्टनम में 129 गेंद पर नाबाद 157 रन बनाए। इसी पारी के दौरान वे 10 हजार वनडे रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने थे।उन्होंने यह उपलब्धि 205 पारियों में हासिल की थी और सचिन तेंदुलकर का 259 पारियों का रिकॉर्ड तोड़ा था। रोहित बतौर ओपनर 200वीं पारी खेलेंगे रोहित भारत के लिए बतौर ओपनर अपनी 200वीं पारी खेलने उतरेंगे। उन्होंने अब तक 199 पारियों में 9865 रन बनाए हैं। इस दौरान 18 बार नाबाद रहे। उनका बेस्ट स्कोर 264 है। औसत 54.50 और स्ट्राइक रेट 96.39 है। ओपनर के रूप में उनके नाम 32 शतक और 49 अर्धशतक हैं। भारत के लिए नंबर-4 और गेंदबाजी कॉम्बिनेशन अहम वेस्टइंडीज के शाई होप बेस्ट बैटर ग्रीनफील्ड में तेज गेंदबाजों को मदद ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में अब तक 2 वनडे खेले गए हैं। यहां सीम गेंदबाजों का औसत 25.35 है। 2018 में इसी मैदान पर वेस्टइंडीज की टीम 104 रन पर ऑलआउट हुई थी। रवींद्र जडेजा ने 4 विकेट लिए थे। बारिश की संभावना नहीं मौसम गर्म और उमस भरा है। शुक्रवार को भारत की प्रैक्टिस से करीब एक घंटे पहले तेज बारिश हुई थी, लेकिन फिलहाल मैच पर बारिश का खतरा नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI भारत- रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। वेस्टइंडीज- जॉन कैंपबेल, जस्टिन ग्रीव्स/ज्वेल एंड्रयू, कीसी कार्टी, शाई होप (कप्तान-विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रॉस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती, जेयडन सील्स/शमर जोसेफ, अल्जारी जोसेफ, वाइटल लॉज।
तोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में सेमीफाइनल में भारत से 28-66 से हारने के बाद थाईलैंड ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस नतीजे के साथ थाईलैंड का अभियान ऐतिहासिक पोडियम फिनिश के साथ खत्म हुआ और पुरुष कबड्डी में 36 साल बाद एशियन गेम्स में उनका पहला मेडल आया।
तोकाई (जापान), 26 सितंबर (आईएएनएस)। थाईलैंड की पुरुष कबड्डी टीम के कोच रवींद्र शेट्टी ने कहा कि एशियन गेम्स में देश का ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल वहां इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है। 1990 में इस खेल की शुरुआत के बाद से महाद्वीपीय प्रतियोगिता में थाईलैंड का यह पहला पुरुष कबड्डी मेडल है।
'आज मेरा सपना सच हो गया, हनुमान जी हमारे साथ हैं,' कबड्डी में गोल्ड जीतने पर कप्तान सुनील कुमार खुश
आइची, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को आइची में ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत दर्ज करते हुए एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल जीता। खिताबी जीत के बाद कप्तान सुनील कुमार ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का उनका सपना सच हो गया है।
झज्जर, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता। हरियाणा स्थित झज्जर के बुपनिया गांव के स्टार रेडर अयान लोहचब भारत की गोल्ड जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा थे। भारत के स्वर्णिम प्रदर्शन पर अयान के घर और पूरे गांव में जश्न का माहौल है। यहां लोग 30 सितंबर को उनके भव्य स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं।
IND vs WI: केएल राहुल 10000 रन की दहलीज पर, पहले वनडे में छू सकते हैं बड़ा मुकाम
पहले वनडे मैच में केएल राहुल के पास एक उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। राहुल अगर इस मैच में 35 रन बना लेते हैं, तो वे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 10000 रन पूरे कर लेंगे।
'आपको मेरी शुभकामनाएं,' एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट्स ने लहराया तिरंगा, राष्ट्रपति मुर्मु ने सराहा
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 'एशियन गेम्स 2026' में शनिवार को देश के लिए मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम समेत, शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर और रनर प्राची चौधरी को बधाई दी है।
Jyothi Yarraji और Praveen Chithravel की चोट पर AFI मांगेगा निजी संस्थानों से जवाब
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 26 सितंबर एशियाई खेलों में 100 मीटर बाधा दौड़ की धाविका ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल के शनिवार को अपनी-अपनी स्पर्धाओं से हटने के बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) उन निजी संस्थाओं और प्रशिक्षकों से स्पष्टीकरण मांग सकता है, जिनके मार्गदर्शन में दोनों खिलाड़ी फिलहाल प्रशिक्षण ले रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एएफआई चोटों से जुड़े मामलों में जवाब मांगेगा। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी ज्योति और प्रवीण को अंतिम समय में फिटनेस मंजूरी मिलने के बाद 75 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया था। इससे पहले दोनों ने 10 सितंबर को नयी दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा नहीं लिया था। ज्योति घुटने में चोट और प्रवीण पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण प्रतियोगिता से दूर रहे थे। उस समय दोनों ने अपनी चोटों को मामूली बताया था। एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘ एएफआई चोट से जुड़े मामलों को लेकर उन निजी संस्थानों और प्रशिक्षकों से जवाब जरूर मांगेगा, जिनके साथ दोनों खिलाड़ी फिलहाल प्रशिक्षण ले रहे हैं।’’बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में ज्योति महिला 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले वार्म-अप के दौरान दर्द महसूस कारण प्रतियोगिता से हट गयी। एक अधिकारी ने बताया कि पूरी तरह वार्म-अप करने के बाद उन्हें दर्द महसूस हुआ। ज्योति ने जुलाई 2025 में दाहिने घुटने में ‘एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट)’ की चोट की सर्जरी के बाद इसी वर्ष वापसी की थी। वहीं, प्रवीण ने त्रिकूद में अपना पहला प्रयास शुरू किया लेकिन उसे पूरा नहीं कर सके। वह पिंडली पकड़कर दर्द में प्रतियोगिता क्षेत्र से बाहर चले गए और बाद में उन्हें व्हीलचेयर से आयोजन स्थल से ले जाया गया। भारतीय टीम के एक कोच ने कहा कि चोट के कारण उन्हें प्रतियोगिता छोड़नी पड़ी। ज्योति ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में रजत, जबकि प्रवीण ने कांस्य पदक जीता था।
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में 44 साल बाद जीता रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर ऐतिहासिक रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा में भारत का 44 साल बाद पहला पदक है, वहीं अनुभवी गोला फेंक एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर भी दूसरे स्थान पर रहे जिससे देश के ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा। वहीं प्राची चौधरी ने 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत के एथलेटिक्स पदकों की संख्या आठ कर दी। प्रतियोगिताओं के चौथे दिन मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पूरे दिन लगातार हल्की बारिश होती रही जिससे मैदान गीला रहा। प्रतियोगिता के तीन दिन अभी बाकी हैं, लेकिन भारतीय एथलेटिक्स टीम को अब भी अपने पहले स्वर्ण पदक की तलाश है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को कम से कम 25 पदक जीतने की उम्मीद है। इस दिन दो मजबूत पदक दावेदार और पिछले चरण के पदक विजेता धाविका ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़) और त्रिकूद एथलीट प्रवीण चित्रावेल चोटिल होने के कारण अपनी-अपनी स्पर्धाओं से हट गए। एएफआई के एक अधिकारी के अनुसार याराजी ने ‘वार्म-अप’ के दौरान दर्द महसूस होने के बाद स्पर्धा से नाम वापस ले लिया। वहीं चित्रावेल ने अपना पहला प्रयास पूरा नहीं कर पाने के बाद पैर में दर्द होने पर प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। दिन की शुरूआत शानदार रही। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किमी तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किमी में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किमी में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे। तूर स्वर्णिम हैट्रिक से चूके :तूर की लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे। प्राची को कांस्य :उत्तर प्रदेश की प्राची ने महिला 400 मीटर दौड़ के फाइनल में 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की सलवा नासेर ने 49.20 सेकंड के इन खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ईरान की जहरा जारेई मनौजान ने 52.38 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय धाविका किरण पहल 53.41 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। प्राची ने अब अपना ध्यान चार गुणा 400 मीटर रिले पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि लोग लगातार मुझसे कहते रहे हैं कि मैं केवल रिले स्पर्धाओं में ही पदक जीत सकती हूं। आज मैंने साबित कर दिया है कि मैं व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में भी पदक जीत सकती हूं, और वह भी एशियाई खेलों में। ’’पुरुषों की 400 मीटर फाइनल स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके 45.48 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में पारुल चौधरी और पूजा क्रमशः चौथे और छठे स्थान पर रहीं। पारुल ने चार मिनट 9.46 सेकंड जबकि पूजा ने 4:16.78 सेकंड का समय दर्ज किया। इस बीच राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनीमेश कुजूर ने सेमीफाइनल की तीसरी हीट में 20.81 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल कर पुरुषों की 200 मीटर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नंदिनी कोंगन ने भी महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने अपनी हीट में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
यशस्वी जायसवाल को लेकर कोच ने दिया बेबाक बयान, कहा- उनके साथ नहीं हुई कोई नाइंसाफी
तिरुवनंतपुरम में होने वाले पहले वनडे से पहले यशस्वी जायसवाल के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बयान दिया है कि टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण जायसवाल को वनडे में मौका नहीं मिल पा रहा है।
एशियन गेम्स - कबड्डी में गोल्ड जीतने के बाद जयदीप बोले- घर से चूरमा और लड्डू जापान साथ ले गए थे
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए 'गोल्ड मेडल' अपने नाम किया।
Asian Games में तजिंदरपाल सिंह तूर ने जीता रजत, ईरान के Mohammadreza ने तोड़ा रिकॉर्ड
भारत के तजिंदरपाल सिंह तूर की एशियाई खेलों की गोला फेंक स्पर्धा में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश शनिवार को यहां रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’यह पूछे जाने पर कि उन्हें कौन प्रेरित करता है, तूर ने कहा, ‘‘कोई आपको प्रेरित नहीं कर सकता। आपको खुद को प्रेरित करना होगा और खुद को संभालना होगा। ’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे।
रोहित राजपाल छोड़ सकते हैं डेविस कप की कप्तानी, AITA में सुधार और युवा खिलाड़ियों के लिए उठाई आवाज
भारत के डेविस कप टीम के कप्तान रोहित राजपाल ने अपने पद से इस्तीफा देने के संकेत दिए हैं। हालांकि उनका अनुबंध 31 दिसंबर 2026 तक है, लेकिन उनका मानना है कि अब नए और युवा चेहरों को कप्तानी की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
भारत बनाम वेस्टइंडीज - कप्तान शुभमन गिल चोट के बावजूद पहला वनडे खेलेंगे
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से वनडे सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पुष्टि कर दी है कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल को कोई
एशियन गेम्स - शॉट पुट में तेजिंदरपाल सिंह तूर ने भारत को दिलाया सिल्वर
दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल से चूक गए
8 महीने की मेहनत से स्वर्ण तक, Sunil Kumar ने बताया कैसे तैयार हुई भारत की चैंपियन टीम
एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला। शनिवार को खेले गए खिताबी मुकाबलों में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने ईरान को हराकर अपने-अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराया, जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में 37-34 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में अपना नौवां स्वर्ण पदक जीता, जबकि महिला टीम का यह चौथा स्वर्ण पदक है। पुरुष टीम ने फिर रचा इतिहास भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 40-34 से मात दी। जीत के बाद टीम के कप्तान सुनील कुमार ने अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि टीम को शुरू से ही भरोसा था कि वह स्वर्ण पदक जीतेगी। सुनील कुमार ने कहा, मैंने स्वर्ण पदक जीता और मैं बेहद खुश हूं। मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि हमें जीतना है। हमारी टीम सबसे अच्छी है। हमने आठ महीने तक तैयारी की थी, इसलिए उस मेहनत का नतीजा मिलना ही था। उन्होंने एशियाई खेलों के पदक को कबड्डी खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। सुनील कुमार ने कहा, एशियाई खेलों का पदक सबसे बड़ी उपलब्धि है। इससे बड़ी हमारे लिए कोई प्रतियोगिता नहीं है, क्योंकि कबड्डी अभी तक ओलंपिक में शामिल नहीं है। हम चाहते हैं कि इसे ओलंपिक में शामिल किया जाए, लेकिन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना हर चीज से ऊपर है। इसे भी पढ़ें: Asian Games Kabaddi में भारत का जलवा, पुरुष और महिला टीमों ने Iran को हराकर जीता Gold स्वर्ण पदक अपने कोच को किया समर्पित सुनील कुमार ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच को भी दिया। उन्होंने कहा, मैं यह स्वर्ण पदक अपने कोच को समर्पित करता हूं, जिन्होंने मुझे बचपन से कबड्डी सिखाई है। उन्होंने बताया कि भारत में खिलाड़ियों को लगातार कबड्डी खेलने के मौके मिलते रहते हैं। उनके मुताबिक, सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अलावा हरियाणा में रोजाना और स्थानीय स्तर पर भी कई टूर्नामेंट होते हैं। उन्होंने मुंबई में होने वाली कई प्रतियोगिताओं का भी जिक्र किया। ईरान को लेकर सुनील कुमार ने क्या कहा? सुनील कुमार ने ईरान की टीम और कबड्डी के वहां पहुंचने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, उनकी कोई असली प्रतियोगिता नहीं है। उन्होंने कबड्डी प्रो कबड्डी लीग के जरिए सीखी है। प्रो कबड्डी लीग से पहले उन्होंने एक भी मैच नहीं खेला था। उन्होंने आगे कहा, उन्हें प्रो कबड्डी लीग से फायदा मिला और उन्होंने भारत से यह खेल सीखा। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि जब महासंघ सैकड़ों हजारों खिलाड़ियों में से सिर्फ 12 खिलाड़ियों पर भरोसा जताकर उन्हें टीम में चुनता है, तो दबाव बढ़ जाता है। सुनील कुमार ने कहा, जब महासंघ हम पर भरोसा करता है और सैकड़ों हजारों खिलाड़ियों में से सिर्फ 12 खिलाड़ियों का चयन करता है, तो इससे दबाव जरूर बढ़ता है। हालांकि, हमारे पास एक मजबूत टीम थी। हमें भरोसा था कि हम ऐसा कर सकते हैं और हमने करके दिखाया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Men Hockey: भारत ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह महिला टीम ने भी बचाया स्वर्ण भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर अपना स्वर्ण पदक बचा लिया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन भारतीय टीम ने आखिरकार तीन अंकों के अंतर से जीत दर्ज की। इस तरह एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारत ने अपना खिताब बरकरार रखा।
नागोया, 26 सितंबर (आईएएनएस)। दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल से चूक गए। शनिवार को नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पुरुषों के शॉट पुट फाइनल में उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जबकि ईरान के मोहम्मदरेजा तयेबी ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया।
एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने दी बधाई
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय कबड्डी टीम और विशेष रूप से राज्य के खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, अद्भुत कौशल और अटूट टीम भावना का परिचय देकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
Asian Games Kabaddi में भारत का जलवा, पुरुष और महिला टीमों ने Iran को हराकर जीता Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 26 सितंबर एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा बरकरार रहा जहां पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शनिवार को खिताबी मुकाबलों में चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी ईरान को हराकर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने 40-34 से जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में 37-34 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम का यह एशियाई खेलों में नौवां और महिला टीम का चौथा स्वर्ण पदक है। पुरुष टीम की जीत की खास बात यह रही कि उसके सबसे अनुभवी खिलाड़ी पवन सहरावत को मैट पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मुकाबले के बीच में जब गत चैंपियन टीम नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही थी, तब रेडर अर्जुन देशवाल और देवांक ने निर्णायक क्षणों में संयम दिखाते हुए मुकाबले का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईरान ने हर अंक के लिए पूरी ताकत झोंकी और शारीरिक खेल में भारत को कड़ी चुनौती दी। उसने आखिरी के कुछ मिनटों को छोड़कर भारतीय टीम को लय में आने का मौका नहीं दिया। मध्यांतर तक ईरान 18-17 से आगे था और भारत पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि धैर्य नहीं खोया। उन्होंने खेल की गति बदली, अपने रेडरों पर भरोसा जताया और अनुभव का इस्तेमाल किया। अर्जुन और देवांक बार-बार ईरान के पाले में ज्यादा अंदर तक जाने में सफल रहे और सही मौके चुने और अहम अंक लेकर लौटे। इससे धीरे-धीरे ईरान दबाव में आने लगा। सहरावत ने मैच के बाद कहा, ‘‘मध्यांतर में ईरान 18-17 से आगे था। हमने रणनीति बनाई कि केवल उन्हीं रेडरों को भेजा जाएगा जो विपक्षी खिलाड़ियों पर दबदबा बना सकें। देशवाल और देवांक ने यह काम बखूबी किया और उनकी रेड ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।’’रणनीति में बदलाव सिर्फ रेडरों तक सीमित नहीं रहा। शुरुआती दौर में जरूरत से ज्यादा आगे जाकर फंसने वाले असलम मुस्तफा को डिफेंस में भेजा गया, जहां उन्होंने अधिक प्रभावी भूमिका निभाई। भारत ने अपनी रक्षापंक्ति भी मजबूत की, जिससे ईरान के रेडरों के लिए आसान अंक हासिल करना मुश्किल हो गया। मुकाबले का निर्णायक मोड़ तब आया जब भारत ने ऑलआउट कर अपनी बढ़त 29-24 कर ली। स्वर्ण पदक करीब दिखने लगा तो भारतीयों ने जल्दबाजी के बजाय खेल की गति धीमी कर दी। रेडर मिडलाइन के आसपास रहे, मौके का इंतजार किया और बिना जोखिम उठाए सुरक्षित लौटते रहे। ईरान के पास अंक जुटाने के लिए जोखिम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसके रेडर भारतीय पाले में ज्यादा गहराई तक आने लगे, लेकिन मजबूत होती भारतीय रक्षापंक्ति ने उन्हें अंक जुटाने के कम मौके दिये। हर नाकाम रेड के साथ ईरान पर दबाव बढ़ता गया और भारत अपनी बढ़त के सहारे धैर्य से खेलता रहा। महिला टीम ने भी दबाव भरे मुकाबले में संयम बनाए रखते हुए रिकॉर्ड चौथा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा 2010 में ग्वांग्झू खेलों में महिला कबड्डी के पदार्पण के बाद से हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। ईरान इस खेल में भारत का कठिनतम प्रतिद्वंद्वी रहा है लेकिन मुकाबले में अनुभवहीनता उसके लिये नुकसानदेह साबित हुई। भारत ने ग्रुप चरण में ईरान को हराया था और उसकी कमजोरियों का एक बार फिर फायदा उठाया। ईरान के खिलाड़ियों के पास ऊंचा कद और तकनीक थी लेकिन अनुभव नहीं था। भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26-27 कर दिया। भारत एक समय 27-22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27-26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34-28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। ईरान ने आखिर में पूरा जोर लगाकर अंतर 37-34 का किया लेकिन भारत को जीत से नहीं रोक सके। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। महाराष्ट्र की दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी सोनाली शिंगेत ने कहा ,‘‘ ईरान काफी कठिन प्रतिद्वंद्वी है और हमें पता था कि ग्रुप चरण का मुकाबला जीतने के बावजूद हमें कड़ी चुनौती मिलेगी। हमने उनके कमजोर बायें फ्लैंक का फायदा उठाया।
विराट कोहली : मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा
नई दिल्ली, भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अब आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 पर अपना पूरा ध्यान लगा रहे हैं। उन्होंने माना कि साउथ अफ्रीका में होने वाला यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी वनडे विश्व कप हो सकता है। ऐसे में वह इसे यादगार बनाने और भारत को चैंपियन बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं।
केवी नेशनल गेम्स में जयपुर की बेटियां बनी चैम्पियन - देहरादून को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराया
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बीरपुर देहरादून में आयोजित 55वीं राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में जयपुर केन्द्रीय विद्यालय नम्बर 1 की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फुटबॉल अंडर-14
रोहित शर्मा का फोकस ODI वर्ल्ड कप 2027 पर, बोले- रिटायरमेंट का ख्याल ही नहीं आता
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने वनडे वर्ल्ड कप जीतने के अपने सपने के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट्स की चुनौती काफी अलग होती है, क्योंकि इनमें हर मैच नए मैदानों पर और अलग-अलग टीमों के खिलाफ खेलना पड़ता है।
एशियन गेम्स: भारतीय फैंस को झटका, शटलर आयुष शेट्टी का 'मेंस सिंगल्स' में सफर समाप्त
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शटलर आयुष शेट्टी का सफर 'मेंस सिंगल्स' के तीसरे राउंड में समाप्त हो गया।
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ नहीं खेलेंगे वनडे सीरीज : हार्दिक पांड्या
नई दिल्ली, लंबे समय से चोट के चलते भारतीय टीम से बाहर चल रहे स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ 6 अक्टूबर से होने वाली वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। हार्दिक अब नई इंजरी की चपेट में आ गए हैं।
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम को चैंपियन बनाने में शेफाली वर्मा ने अहम किरदार निभाया। शेफाली ने कहा कि वनडे विश्व कप जीतने के बाद से महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। उन्होंने अपने उस मुश्किल समय को भी याद किया, जब वह टीम से बाहर चल रही थीं।
एशियन गेम्स: 'गोल्ड मेडल' के लिए 8 साल लंबा इंतजार, सोनाली शिंगटे ने इंजरी के बावजूद नहीं मानी हार
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में शनिवार को ईरान के खिलाफ 37-34 से जीत हासिल करते हुए 'गोल्ड मेडल' अपने नाम किया। सोनाली विष्णु शिंगटे को इस मेडल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में वह चोटिल होने के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थीं।
एशियन गेम्स में भारत का जलवा, वीडियो में जाने महिला कबड्डी में ईरान को हराकर जीता गोल्ड; सावन बरवाल का ऐतिहासिक सिल्वर
टीम इंडिया ने बुलेट ट्रेन से किया नागोया तक का सफर, नजरें अब एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल मैच पर
भारतीय टीम एशियन गेम्स में भाग लेने शनिवार को नागोया पहुंच गई है। प्रतियोगिता में भारत का पहला मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ होगा, जहां दोनों टीमें दूसरे क्वार्टर फाइनल में एक-दूसरे से भिड़ेंगी।
आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारतीय कबड्डी ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। शनिवार का दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया जब भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 'गोल्डन डबल' हासिल किया। महिला टीम द्वारा ईरान को रोमांचक मुकाबले में हराने के बाद, पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा और देश की झोली में नौवां गोल्ड मेडल डाला। पुरुष टीम की जीत का आधार तनावपूर्ण पहले हाफ के बाद दिखाया गया संयम था। ब्रेक के समय 17-18 से पीछे रहने के बाद, सुनील कुमार की टीम ने खेल दोबारा शुरू होने पर अपनी तीव्रता बढ़ाई। उन्होंने डिफेंस को मजबूत किया और अटैक में बेहतर लय हासिल करते हुए ईरान की मजबूत टीम पर बढ़त बना ली। भारत बनाम ईरान, एशियाई खेल कबड्डी हाइलाइट्स ईरान ने भारत को हर पॉइंट के लिए कड़ी टक्कर दी और फ़ाइनल को एशियाई दिग्गजों के बीच एक और यादगार मुकाबले में बदलने की कोशिश की। लेकिन तीन साल पहले हांगझोऊ में हुए गोल्ड मेडल के हंगामेदार मुकाबले के उलट, भारत ने सबसे अहम मौकों पर अपना संयम बनाए रखा। छह पॉइंट के अंतर से मिली यह जीत एशियाई खेलों के पिछले तीन संस्करणों में ईरान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत थी। हांगझोऊ में, भारत 33-29 से जीता था, लेकिन उस फ़ाइनल पर रेफरी से जुड़े लंबे विवाद का साया पड़ा था। स्कोर 28-28 से बराबर था और खेल खत्म होने में एक मिनट से भी कम समय बचा था, तभी एक विवादित रेड को लेकर दोनों टीमों ने विरोध किया और खेल लगभग एक घंटे तक रुका रहा, जिसके बाद मुकाबला फिर से शुरू हुआ। आइची-नागोया में ऐसा कोई ड्रामा नहीं हुआ इसके बजाय, भारत ने दूसरे हाफ में धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनाई और यह सुनिश्चित किया कि ईरान हांगझोऊ की तरह आखिरी समय में वापसी न कर सके। खेल के आखिरी पलों में खिताब लगभग पक्का हो जाने के बाद, कप्तान सुनील ने आखिरी रेड के दौरान ईरानी खिलाड़ियों की ओर इशारा करते हुए संकेत दिया कि भारत का काम पूरा हो गया है। इस जीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की कबड्डी में भारत के शानदार दबदबे को और बढ़ाया। यह इस इवेंट में उनका नौवां गोल्ड मेडल है; एकमात्र हार 2018 में जकार्ता में मिली थी, जब ईरान ने सेमीफाइनल में भारत को हराकर उनका लंबा दबदबा खत्म कर दिया था। भारत ने हांगझोऊ में खिताब वापस हासिल किया और अब आइची-नागोया में सफलतापूर्वक इसका बचाव किया है। इससे पहले दिन में, महिला टीम ने ईरान को एक और रोमांचक फ़ाइनल में 37-34 से हराकर 'गोल्डन डबल' का पहला हिस्सा पूरा किया था। महिलाओं का प्रदर्शन काफ़ी शानदार रहा। पिछली बार की चैंपियन टीम ग्रुप स्टेज में बिना कोई मैच हारे आगे बढ़ी, जिसमें ईरान पर 37-23 की जीत भी शामिल थी। इसके बाद उन्होंने जापान को 50-25 से बुरी तरह हराया और फिर सेमीफ़ाइनल में नेपाल को 48-24 से मात दी। लेकिन फ़ाइनल का मुक़ाबला बिल्कुल भी आसान नहीं था। ईरान की टीम पूरे समय भारत को कड़ी टक्कर देती रही, जिससे भारत को मैच के आखिरी पलों में अपने अनुभव और मज़बूत डिफ़ेंस पर निर्भर रहना पड़ा। 37-34 की इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में महिला कबड्डी का चौथा गोल्ड मेडल जीता और भारतीय कबड्डी के लिए एक यादगार दिन पूरा किया। दो फ़ाइनल, ईरान पर दो जीत और दो गोल्ड मेडल - भारत की कबड्डी टीमों ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दबदबा साबित कर दिया।
एशियन गेम्स 2026: ओह येओनजी को हराकर प्रिया ने किया बड़ा उलटफेर, क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट प्रिया घांघस ने शनिवार को यहां निशियो जिम्नेजियम में महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 में साउथ कोरिया की दो बार की वर्ल्ड मेडलिस्ट ओह येओनजी को सर्वसम्मति से 5-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।
विराट कोहली ने कहा कि 2027 का वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि वे ट्रॉफी जीतने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। कोहली ने कहा, मैं मैदान पर अपना 100% देना चाहता हूं। लक्ष्य बिल्कुल साफ है- वर्ल्ड कप जीतना। 37 साल के कोहली सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने 2024 में टी-20 इंटरनेशनल और 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। विराट कोहली अब तक 4 वनडे वर्ल्ड कप (2011, 2015, 2019 और 2023) खेल चुके हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 54 शतक भी हैं। 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा। 50 ओवर का मैच, ढाई टी-20 जितनी क्रिकेट कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की शारीरिक और मानसिक चुनौती भी बताई। उनके मुताबिक एक वनडे में खिलाड़ी को करीब ढाई टी-20 मैच जितनी क्रिकेट खेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि 2027 वर्ल्ड कप विदेशी परिस्थितियों में होगा। अलग-अलग मैदानों और विरोधी टीमों के खिलाफ लगातार मैच खेलने से चुनौती और बढ़ेगी। ऐसे में उनकी नजर पूरे टूर्नामेंट में अपने स्तर को बनाए रखने और टीम को खिताब तक पहुंचाने पर होगी। 2011 में धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीते कोहली का यह पांचवां वनडे वर्ल्ड कप होगा। 2011 में भारतीय टीम ने धोनी की कप्तानी 28 साल बाद खिताब जीता था और कोहली उस टीम का हिस्सा थे। 2023 में भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गया। वर्ल्ड कप में कोहली का रिकॉर्ड भी उनके लंबे सफर को दिखाता है। उन्होंने 37 मैचों में 1,795 रन बनाए हैं। औसत 59.83 का है। उनके नाम 5 शतक और 12 अर्धशतक हैं। रोहित बोले- अभी बहुत कुछ बाकी है रोहित ने कहा कि अभी बहुत कुछ बाकी है। जब तक वे खेल रहे हैं, उन्हें आगे देखने के लिए कुछ न कुछ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके मन में कभी यह विचार नहीं आएगा कि उनका काम पूरा हो गया है। रोहित भी टेस्ट और टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे खेल रहे हैं। दोनों की वापसी से केरल में दिखा 'रो-को' क्रेज वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में भारतीय टीम ने अभ्यास किया। कोहली और रोहित दोनों नेट्स में उतरे। उन्हें देखने के लिए स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ पहुंच गई। कोहली ने कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और नमन धीर की स्पिन का सामना किया। बाद में वे तेज गेंदबाजों के नेट में भी गए। रोहित ने ग्रीनफील्ड स्टेडियम में करीब 30 मिनट बल्लेबाजी की। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ डिफेंस पर भरोसा रखा और कुछ शानदार कट शॉट भी लगाए। वेस्टइंडीज सीरीज से शुरू होगी 2027 की तैयारी भारत का 2027 वर्ल्ड कप मिशन वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से आगे बढ़ेगा। पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम, दूसरा 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद भारत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 वनडे और श्रीलंका के खिलाफ 3 वनडे खेलने हैं। --------------कोहली से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…कोहली के 2027 वर्ल्डकप पर कोच बोले- चर्चा ही क्यों, रोहित को बताया मैच विनर; DDCA बोला- दिल्ली के लिए जरूर खेलेंगे विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा का मानना है कि वर्ल्ड कप में विराट की जगह पर चर्चा करना ही नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि कोहली मैदान पर अपने प्रदर्शन और फिटनेस से खुद जवाब दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा और यही बात उन्हें टूर्नामेंट में अपना सबकुछ देने के लिए प्रेरित करेगी। कोहली ने कहा कि उनका लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना है और इसके लिए वह पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह बात वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे से पहले जियोस्टार से बातचीत में कही। एक दिन में ढाई टी-20 मैच खेलने जैसा होता है कोहली ने कहा, 50 ओवर के वर्ल्ड कप की तीव्रता किसी भी चीज से ज्यादा होती है। अब यह 10 मैचों में टी-20 स्तर की तीव्रता जैसा है। लेकिन आप एक दिन में ढाई टी-20 मैच खेल रहे होते हैं। एक बड़े टूर्नामेंट और वर्ल्ड कप के 10 मैचों तक उस तीव्रता को बनाए रखना बड़ी बात है। साथ ही अब यह विदेशी परिस्थितियों में है। यह आपसे बहुत कुछ ले लेता है। भारत के लिए आखिरी वर्ल्ड कप उन्होंने आगे कहा, मेरे लिए यह भारत के लिए आखिरी वर्ल्ड कप है जो मैं खेलने वाला हूं। यही मेरी प्रेरणा है। मैं अपना सब कुछ मैदान पर छोड़ देना चाहता हूं। जाहिर तौर पर लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना है और इसे जीतने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, मैं उसके लिए बिल्कुल तैयार हूं। रोहित ने कहा- अभी काम पूरा नहीं हुआ रोहित शर्मा ने जियोस्टार से ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर अपनी अधूरी इच्छा पर बात की। उन्होंने कहा कि जब तक वह खेल रहे हैं, तब तक आगे देखने के लिए कुछ न कुछ रहेगा। रोहित ने कहा, यह विचार मेरे मन में कभी नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे हैं, हमेशा आगे देखने के लिए कुछ होता है। उन्होंने कहा, मैं वर्ल्ड कप को लेकर उत्साहित हूं और अपने लिए आगे क्या है, उस पर ध्यान दे रहा हूं। जब वर्ल्ड कप खेला जाता है और हम ICC टूर्नामेंट में उतरते हैं, तो उसकी अपनी अलग चुनौती होती है। रोहित ने कहा, आप अलग-अलग विरोधियों के खिलाफ खेलते हैं और अलग-अलग मैदानों पर उतरते हैं। इसलिए आपको अलग तरीके से तैयारी करनी पड़ती है और अलग तरह से सोचना पड़ता है। यही चुनौती है। विराट-रोहित ने एक साथ टी-20 से संन्यास लिया था विराट-रोहित ने पिछले साथ टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी-20 फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। विराट फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। उन्होंने प्राइज सेरेमनी के दौरान टी-20 से रिटायरमेंट का ऐलान किया। वहीं रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने संन्यास का ऐलान किया था। उनके साथ ही रविंद्र जडेजा ने भी टी-20 से संन्यास का ऐलान किया था।
एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड मेडल, फाइनल में ईरान को 40-34 से हराया
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में सुनील कुमार की कप्तानी में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीता।
Asian Games 2026: भारत ने जीते 2 गोल्ड, मेंस कबड्डी ने ईरान को हराकर फिर रचा इतिहास
एशियन गेम्स के सातवें दिन भारत को अब तक 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत कुल पांच पदक मिलने की जानकारी है। कबड्डी के अलावा एथलेटिक्स और शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाई।

