फ्रांस और स्पेन के बीच फुटबॉल वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल डलास स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच के 9वें मिनट में स्पेन को बॉक्स के ठीक बाहर फ्री-किक मिली। हालांकि स्पेन गोल नहीं कर सकी। लामिन यमाल को रोकने पर फाउल दिया गया। रेफरी ने फ्रांस के एड्रियन रैबियो को यलो कार्ड दिखाया। फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने मौजूदा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 8 गोल कर चुके हैं। वहीं स्पेनिश स्टार लामिन यमाल सिर्फ 1 गोल कर सके हैं। फ्रांस ने सभी मैच जीते फ्रांस ने इस टूर्नामेंट में अपने सभी 6 मुकाबले जीते हैं। ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1, इराक को 3-0 और नॉर्वे को 4-1 से हराया। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में टीम ने स्वीडन के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की। फिर राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे को 1-0 से और क्वार्टर फाइनल में मोरक्को को 2-0 से हराया। अगर फ्रांस जीता तो… अगर फ्रांस यह मैच जीतता है, तो वह लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचेगा। इससे पहले उसने 2018 का वर्ल्ड कप जीता था। 2022 में अर्जेंटीना से फाइनल में हार मिली थी। स्पेन टूर्नामेंट में अजेय स्पेन टूर्नामेंट में अब तक कोई मैच नहीं हारा है। टीम ने 6 मैचों में 5 जीत और एक ड्रॉ खेला। ग्रुप स्टेज में स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से हराया। काबो वर्डे से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया के खिलाफ 3-0 से जीता। फिर राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 और क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराया। अगर स्पेन जीता तो… स्पेन 2010 में खिताब जीतने के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलेगा। उन्होंने 2010 में नीदरलैंड को 1-0 से हराया था। फ्रांस का अटैक Vs स्पेन का डिफेंस फ्रांस के पास एम्बापे और उस्मान डेम्बेले की अटैकिंग जोड़ी है। एम्बापे के अलावा डेम्बेले टूर्नामेंट में 5 गोल कर चुके हैं। इनके सामने स्पेन का डिफेंस होगी, जिसने टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया है। स्पेन के अटैक का जिम्मा लामिन यमाल और मिकेल मेरिनो संभालेंगे। मेरिनो ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 2 गोल किए हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, उस्मान डेमबेले, एंटोनी ग्रीजमैन, बार्कोला, किलियन एम्बापे। स्पेन: डेविड राया, डैनी कार्वहाल, रॉबिन ले नॉर्मैंड, अयामेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्रि, फैबियन रुइज, पेड्रि, लामिन यमाल, अल्वैरो मोराटा, निको विलियम्स।
तेंदुलकर ने खेले गए ऐतिहासिक महिला टेस्ट को अहम मोड़ बताया
लंदन, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सोमवार को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले ऐतिहासिक टेस्ट मैच को 270 रन से अपने नाम किया।
फीफा विश्व कप का असर बेंगलुरु में होटलों और रेस्टोरेंट पर भी देखने को मिला
बेंगलुरु, फीफा विश्व कप में भारतीय टीम ने क्वालीफाई बेशक न किया हो, लेकिन देश में विश्व कप को लेकर रोमांच कम नहीं है। फैंस रात-रात भर जागकर विश्व कप के मैचों का लुत्फ ले रहे हैं।
भारत बनाम इंग्लैंड: वनडे में जोश टंग का डेब्यू
बर्मिंघम, इंग्लैंड के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जोश टंग ने वनडे फॉर्मेट में डेब्यू किया है। इस 28 वर्षीय खिलाड़ी को भारत के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है।
हॉकी इंडिया ने यूथ हॉकी 5-एस एशियन चैंपियनशिप के लिए किया टीमों का ऐलान
नई दिल्ली, पहली यूथ हॉकी 5-एस एशियन चैंपियनशिप का आयोजन ओमान की राजधानी मस्कट में 20 से 25 जुलाई के बीच होगा।
दीप्ति के माता-पिता ने बताया महिला टीम की जीत को भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का पल
आगरा, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट में मेजबान इंग्लैंड की टीम को शर्मनाक तरीके से हराया।
फीफा विश्व कप: इंग्लैंड और अर्जेंटीना मैच का परिणाम मिडफील्ड की लड़ाई पर करेगा निर्भर
मुंबई, फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और इंग्लैंड की भिड़ंत फुटबॉल की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक है।
स्टार बल्लेबाजों की वापसी से टीम इंडिया होगी मजबूत: अभिषेक नायर
नई दिल्ली, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर का मानना है कि इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में रोहित शर्मा की वापसी से भारत की बल्लेबाजी मजबूत होगी।
विम्बलडन 2026 का महिला सिंगल्स फाइनल इस बार बेहद खास रहा। इस साल खिताबी मुकाबला चेकिया (चेक रिपब्लिक) की दो स्टार खिलाड़ी- लिंडा नोस्कोवा और कैरोलिना मुचोवा के बीच खेला गया। महज 1.1 करोड़ की आबादी वाला यह छोटा सा यूरोपीय देश महिला टेनिस की दुनिया पर राज कर रहा है। आज दुनिया की टॉप-50 महिला टेनिस खिलाड़ियों में से लगभग 20 प्रतिशत खिलाड़ी अकेले चेकिया से ही आती हैं। हालिया विम्बलडन के टॉप-16 में चार खिलाड़ी इसी देश से थीं। मार्टिना नवरातिलोवा से शुरू हुई थी यह स्वर्णिम परंपरा चेक रिपब्लिक के इस शानदार सफर की शुरुआत महान खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा से हुई थी। उन्होंने 18 ग्रैंड स्लैम जीते थे। उनके बाद हाना मंडलिकोवा, जाना नोवोत्ना, पेट्रा क्वितोवा, कैरोलिना प्लिस्कोवा, बारबरा क्राजिकोवा और मार्केटा वोंद्रोसोवा जैसी चैम्पियन खिलाड़ी सामने आईं। 1. एक साथ कई खेलों से लचीला शरीरमुचोवा और नोस्कोवा ने बचपन में टेनिस को अपना इकलौता करियर नहीं बनाया था। मुचोवा के पिता और भाई फुटबॉलर थे, इसलिए वे बचपन में हर तरह के खेल खेलती थीं। नोस्कोवा जिम्नास्टिक व घुड़सवारी समेत 7-8 हॉबीज में व्यस्त रहती थीं। बचपन में मिले इस बहु-आयामी शारीरिक विकास ने बॉडी को लचीला और मानसिक रूप से मजबूत बनाया है। 2. टेक्निक नहीं, अंकों की ट्रेनिंगअमेरिका जैसे देशों में बच्चों को कोर्ट पर घंटों एक ही तरह के शॉट्स मारने का अभ्यास कराया जाता है। इसके उलट, चेक रिपब्लिक में शुरुआत से ही असली पॉइंट्स, गेम्स और सेट्स खिलाए जाते हैं। इससे बच्चे सिर्फ गेंद को ताकत से हिट करना नहीं सीखते, बल्कि यह सीखते हैं कि अंक कैसे बनाए जाते हैं। 3. वीकेंड पर सिंगल्स-डबल्स टूर्नामेंटचेक गणराज्य की टेनिस क्रांति की असली बुनियाद उनके स्थानीय क्लबों और क्ले कोर्ट्स पर टिकी है। क्ले कोर्ट पर खेलने से खिलाड़ियों में धैर्य और शॉट्स की वैरायटी (जैसे स्लाइस और ड्रॉप शॉट्स) विकसित होती है। यहां का लोकल क्लब सिस्टम बेहद मजबूत है, जहां हर वीकेंड पर सिंगल्स और डबल्स की ढेरों प्रतियोगिताएं होती हैं। 4. दिग्गजों के साथ प्रैक्टिस का मौकापुरानी चैम्पियन पीढ़ी नई पीढ़ी का हाथ नहीं छोड़ती। जब क्राजिकोवा 18 साल की थीं, तब उन्होंने दिग्गज जाना नोवोत्ना को पत्र लिखा और नोवोत्ना उनकी कोच बन गईं। जब नोस्कोवा ने 18 साल की उम्र में ग्रास कोर्ट पर कदम रखा, तो पूर्व नंबर-1 डबल्स खिलाड़ी स्ट्राइकोवा ने उनके साथ प्रैक्टिस की।
इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से ठीक पहले एक बार फिर विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच अनबन की अटकलें लगाई जा रही हैं। इन अटकलों को टाइम्स नॉउ न्यूज की उस रिपोर्ट ने हवा दी है, जिसमें दावा किया गया है कि अनुभवी बैटर विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच बातचीत नहीं हो रही है। वेबसाइट ने प्रैक्टिस सेशन के फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर दावा किया कि कोहली ने गौतम गंभीर को नजरअंदाज किया। वहीं, गंभीर ने ट्रेनिंग के दौरान टीम के लगभग सभी सदस्यों से बात की, लेकिन कोहली से बात करने सुतांशु कोटक को भेजा। प्रैक्टिस सेशन में क्या-क्या हुआ? कोहली ने पहले फील्डिंग ड्रिल्स कीं, उसके बाद सीधे नेट्स में जाकर 30-40 मिनट बल्लेबाजी की। फिर विराट नेट्स से बाहर निकल आए। कोहली जब नेट्स में बैटिंग कर रहे थे तो गंभीर दूर से उन्हें देखते रहे। नेट्स के बाद बैटिंग कोच सिंताशु कोटक ने उनसे जाकर मिले और लंबी बातचीत की। सिर्फ इतना ही नहीं, गंभीर जब टीम के अन्य खिलाड़ियों के संग बातचीत कर रहे थे तो कोहली उन्हें इंग्नोर करते हुए अपने किट बैग के साथ आगे निकल गए। पहले भी कोहली-गंभीर में अनबन के दावे विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच अनबन के दावे पहले भी होते रहे हैं। गंभीर टीम इंडिया का हेड कोच बनने से पहले कई पर कोहली पर बयानबाजी करते दिखे हैं। IPL 2023 में लखनऊ और बेंगलुरु मैच में दोनों के बीच झड़प भी हो गई थी। गिल बोले- विराट 2027 वर्ल्डकप प्लांस का हिस्सा भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच से पहले कहा कि विराट कोहली 2027 वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में विराट के साथ टीम कॉम्बिनेशन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। गिल ने कहा कि रोहित और विराट का अनुभव टीम के लिए बेहद अहम रहेगा। --------------------------------------------------
शाहीन को LPL खेलने की मंजूरी:PCB ने दिया एनओसी, केंडी रॉयल्स से करेंगे डेब्यू
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी पहली बार लंका प्रीमियर लीग (LPL) खेलेंगे। PCB ने उन्हें केंडी रॉयल्स के लिए एनओसी दे दिया है। हाल ही में वह वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम में नहीं चुने गए थे।खराब टेस्ट फॉर्म के बाद शाहीन का फोकस अब वनडे और टी-20 पर है। उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा 136 विकेट लिए हैं। LPL 17 जुलाई से शुरू होगी। केंडी रॉयल्स अपना पहला मुकाबला 18 जुलाई को दांबुला सिक्सर्स के खिलाफ खेलेगी। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहली बार आईसीसी टूर्नामेंट्स में खेल सकेगी अफगान महिला रिफ्यूजी टीम ICC ने पहली बार अफगान महिला रिफ्यूजी क्रिकेट टीम के लिए ICC टूर्नामेंट्स में पहुंचने का रास्ता तय किया है। इसके तहत टीम 2030 तक ICC इवेंट्स में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हो सकती है। हालांकि, ACB (अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड)की मान्यता नहीं होने के कारण टीम अफगानिस्तान के नाम से नहीं खेलेगी। BCCI समेत तीन बोर्ड करेंगे मदद ICC की स्पेशल टास्कफोर्स में BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB शामिल हैं। यह खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग और मैचों की योजना तैयार करेगी।2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिला क्रिकेट पर रोक लग गई थी। इसके बाद अधिकांश खिलाड़ी देश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन चली गईं। जनवरी 2025 में टीम ने मेलबर्न में पहला मैच खेला।
न्यूजीलैंड ने दूसरे वनडे मैच में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हरा दिया है। गयाना में खेले गए इस मैच में जेडेन लेनोक्स के फाइव विकेट हॉल की बदौलत न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को महज 138 रनों पर समेट दिया। वेस्टइंडीज की टीम ने अपने आखिरी 10 विकेट सिर्फ 75 रन के अंदर गंवा दिए। 139 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने 5 विकेट खोकर आसानी से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने 3 मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। जेडेन लेनोक्स न्यूजीलैंड के तीसरे सबसे सफल वनडे स्पिनर बने न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के स्पिनर जेडेन लेनोक्स इस मैच के सबसे बड़े हीरो रहे। उन्होंने सिर्फ 19 रन देकर 5 विकेट चटकाए। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले खेले गए 6 वनडे मैचों में लेनोक्स कभी भी 2 से ज्यादा विकेट नहीं ले पाए थे। उनके पहले चार विकेट क्लीन बोल्ड के रूप में आए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही लेनोक्स न्यूजीलैंड के पुरुषों के वनडे इतिहास में तीसरे सबसे बेस्ट आंकड़े दर्ज करने वाले स्पिनर बन गए हैं। इस लिस्ट में पहले नंबर पर ईश सोढ़ी (6/39) और दूसरे नंबर पर डेनियल विटोरी (5/7) का नाम शामिल है। 63 रन की ओपनिंग साझेदारी के बाद बिखरी वेस्टइंडीज टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद शानदार रही थी। ओपनर जॉन कैंपबेल और अकीम ऑगस्टे ने पहले विकेट के लिए 63 रनों की मजबूत पार्टनरशिप की। पावरप्ले के आखिर में दोनों ने तेजी से रन बनाए, लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने मैच का रुख बदल दिया। माइकल ब्रेसवेल ने पहली सफलता दिलाई, जिसके बाद वेस्टइंडीज ने लगातार विकेट गंवाए। टीम 138 रन पर ऑलआउट हो गई। जॉन कैंपबेल ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए। अमीर जांगू ने 20 रन की पारी खेली, जबकि बाकी कोई बल्लेबाज 20 रन तक नहीं पहुंच सका। कीवी स्पिनर्स ने लिए 9 विकेट कप्तान मिचेल सेंटनर ने भी दो अहम विकेट लिए। उन्होंने जॉन कैंपबेल और पिछले मैच के हीरो कीसी कार्टी को क्लीन बोल्ड किया। न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने इस मुकाबले में कुल 9 विकेट लिए। यह वनडे इतिहास में एक पारी में न्यूजीलैंड के स्पिनरों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। शुरुआती स्पेल के बाद जैकब डफी और मैथ्यू फिशर की जगह पूरी पारी में स्पिनरों ने गेंदबाजी संभाली। 52 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद लैथम ने दिलाई जीत 139 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 35 रन के बाद टीम ने 17 रन के भीतर तीन विकेट गंवा दिए। विल यंग एलबीडब्ल्यू हुए, जबकि मार्क चैपमैन बिना खाता खोले रन आउट हो गए। इसके बाद टॉम लैथम और डेरिल मिचेल ने पारी संभाली। हालांकि खारी पियरे ने मिचेल और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट को आउट कर स्कोर 96/5 कर दिया। इसके बाद लैथम और माइकल ब्रेसवेल ने कोई और विकेट नहीं गिरने दिया और टीम को जीत तक पहुंचा दिया। माइकल ब्रेसवेल ने वनडे क्रिकेट में पूरे किए 1000 रन मैच के आखिरी पलों में माइकल ब्रेसवेल ने गुडाकेश मोती की गेंदों पर दो शानदार चौके लगाकर न्यूजीलैंड की जीत पक्की की। इन चौकों के साथ ही ब्रेसवेल ने अपने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 1000 रन भी पूरे कर लिए हैं। टॉम लैथम की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी और ब्रेसवेल के संयम के कारण न्यूजीलैंड ने बड़ी राहत के साथ मैच अपने नाम कर लिया।
एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग: फाइनल में पहुंचे 9 भारतीय, अंडर-19 कैटेगरी में 6 ब्रॉन्ज पक्के
भारत ने एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में अपना दबदबा बनाए रखा है। सोमवार को जकार्ता में सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद, अंडर-19 पुरुष और महिला कैटेगरी में 9 भारतीय बॉक्सर फाइनल में पहुंचे, जबकि 6 बॉक्सरों ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
फ्रांस और स्पेन 20 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप में आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों के बीच 2026 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल बुधवार देर रात 12:30 बजे डलास स्टेडियम में खेला जाएगा। वर्ल्ड कप में इससे पहले दोनों की आखिरी भिड़ंत 2006 में हुई थी, जब फ्रांस ने राउंड-16 में स्पेन को 3-1 से हराया था। ओवरऑल दोनों टीमों के बीच अब तक 38 मुकाबले हुए हैं, जिनमें स्पेन ने 18 और फ्रांस ने 13 मैच जीते हैं, जबकि 7 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बापे शानदार फॉर्म में हैं। वे मौजूदा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 8 गोल कर गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे हैं। दूसरी ओर स्पेन की उम्मीदें 19 साल के स्टार लामिन यमाल पर टिकी होंगी। यमाल ने पूरे टूर्नामेंट में कई बेहतरीन मौके बनाए हैं, हालांकि अब तक उनके नाम सिर्फ एक गोल है। दोनों टीमें पिछली बार 2025 के नेशंस लीग सेमीफाइनल में भिड़ी थीं, जहां स्पेन ने 5-4 से जीत दर्ज की थी। उस मैच में यमाल ने दो गोल किए थे। फ्रांस ने सभी मैच जीते फ्रांस ने इस टूर्नामेंट में अपने सभी 6 मुकाबले जीते हैं। ग्रुप स्टेज में फ्रांस ने सेनेगल को 3-1, इराक को 3-0 और नॉर्वे को 4-1 से हराया। इसके बाद राउंड ऑफ 32 में टीम ने स्वीडन के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की। फिर राउंड ऑफ 16 में पैराग्वे को 1-0 से और क्वार्टर फाइनल में मोरक्को को 2-0 से हराया। अगर फ्रांस जीती तो… अगर फ्रांस यह मैच जीतती है, तो वह लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचेगी। इससे पहले उसने 2018 का वर्ल्ड कप जीता था। फिर 2022 में अर्जेंटीना से फाइनल में हार मिली थी। स्पेन टूर्नामेंट में अजेय स्पेन टूर्नामेंट में अब तक कोई मैच नहीं हारी है। टीम ने 6 मैचों में 5 जीत और 1 ड्रॉ दर्ज किया है। ग्रुप स्टेज में स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 और उरुग्वे को 1-0 से हराया। काबो वर्डे से मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रिया के खिलाफ 3-0 से जीती। फिर राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल को 1-0 और क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराया। अगर स्पेन जीती तो… स्पेन 2010 में खिताब जीतने के बाद पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलेगी। उन्होंने 2010 में नीदरलैंड को 1-0 से हराया था। फ्रांस का अटैक Vs स्पेन की डिफेंस फ्रांस के पास एम्बापे और उस्मान डेम्बेले की अटैकिंग जोड़ी है। एम्बापे के अलावा डेम्बेले टूर्नामेंट में 5 गोल कर चुके हैं। इनके सामने स्पेन की डिफेंस होगी, जिसने टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाए हैं। स्पेन के अटैक का जिम्मा लामीन यमाल और मिकेल मेरिनों संभालेंगे। मेरिनो ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 2 गोल किए हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: फ्रांस: माइक मैग्नन, जूल्स कौंडे, उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, उस्मान डेमबेले, एंटोनी ग्रीजमैन, बार्कोला, किलियन एम्बापे। स्पेन: डेविड राया, डैनी कार्वहाल, रॉबिन ले नॉर्मैंड, अयामेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्रि, फैबियन रुइज, पेड्रि, लामिन यमाल, अल्वैरो मोराटा, निको विलियम्स।
महिला टेस्ट मैच से पहले सचिन तेंदुलकर ने भारतीय टीम का बढ़ाया हौसला, ऐतिहासिक मुकाबले को लेकर उत्साह
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में जारी ऐतिहासिक टेस्ट मैच के चौथे दिन की शुरुआत से पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को संबोधित किया। चौथे दिन भारतीय टीम जीत से सिर्फ 4 विकेट दूर है।
लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर 12 साल बाद जीता टेस्ट
भारतीय टीम ने इंग्लैंड की धरती पर 12 वर्षों बाद टेस्ट मैच जीतने का कारनामा भी किया। पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया और मेजबान टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। क्रांति गौड़ प्लेयर ऑफ द मैच रहीं।
भारत ने लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से हरा दिया। इंडिया ने इंग्लैंड को 457 रन का टारगेट दिया था, लेकिन मैच के चौथे दिन इंग्लैंड दूसरी पारी में 186 रन पर सिमट गई। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत को 115 रन की बढ़त मिली। भारत ने दूसरी पारी 341/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का टारगेट दिया। दूसरी पारी में यस्तिका भाटिया ने 113 रन की पारी खेली। वहीं स्मृति मंधाना ने 70 रन बनाए। स्मृति ने पहली पारी में भी 83 रन बनाए थे। ऋचा घोष ने भी नाबाद 50 रन बनाकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। पहली पारी में क्रांति ने 5 विकेट लिए इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना (83), कप्तान हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) की पारियों से भारत ने 285 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने 2-2 विकेट लिए। जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 170 रन पर सिमट गई। क्रांति गौड़ ने 5 विकेट झटके। सयाली सतघारे और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज टिक नहीं सके। यस्तिका ने रचा इतिहास, भारत ने मैच पर कब्जा जमाया 115 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 88 रन की शुरुआत दी। इसके बाद यस्तिका भाटिया ने जिम्मेदारी संभालते हुए 113 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने स्मृति के साथ 73 और दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की साझेदारी की। ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत को 341/7 तक पहुंचाया। इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने 5 विकेट लिए, लेकिन भारत ने 456 रन की बढ़त हासिल कर ली। चौथे दिन भारतीय स्पिनरों ने खत्म किया मुकाबला 457 रन का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टैमी ब्यूमोंट, माया बुशियर, हीदर नाइट और कप्तान नेट-ब्रंट जल्दी आउट हो गईं। एमी जोन्स ने 54 और सोफी एक्लेस्टोन ने 50 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड ज्यादा देर टिक नहीं सका। स्नेह राणा ने 4 विकेट लिए। सयाली सतघारे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए। इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से जीत लिया। -----------------------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने छोड़ा CSK का साथ IPL की सबसे सफल टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और उसके हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग का 18 साल पुराना साथ खत्म हो गया। फ्रेंचाइजी ने सोमवार को सोशल पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर…
सूर्यकुमार यादव की टीम इंडिया में वापसी हो सकती है। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सूर्या डोमेस्टिक में रन बनाते हैं तो नेशनल टीम में उनकी वापसी हो सकती है। सूर्या को खराब फॉर्म की वजह से आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से बाहर कर दिया गया था। उनसे कप्तानी भी छिन ली गई। उनकी जगह BCCI ने श्रेयस अय्यर को नया टी-20 कप्तान बनाया है। सूर्या की वापसी संभव ANI को BCCI के एक सूत्र ने बताया कि सूर्या के लिए दरवाजे अब भी खुले हैं। वह अभी टीम की योजना का हिस्सा नहीं हैं। हालांकि अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते हैं, तो वापसी संभव है। भारत लगातार 2 सीरीज हारा श्रेयस की कप्तानी में भारत लगातार दो टी-20 सीरीज हारी। पहले आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से हार मिली। यह आयरलैंड की भारत के खिलाफ पहली सीरीज जीत थी। इसके बाद इंग्लैंड ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 4-0 से हराया। सूर्या की कप्तानी जाने के बाद भारत एक भी मुकाबला नहीं जीत सका है। वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी बाहर हुए सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के और 58 कैच भी लिए हैं। ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राहुल द्रविड़ बन सकते हैं इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच:एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा; मैकुलम को हटाया टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। पूरी खबर पढें…
युवराज सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने दौर में आक्रामक बल्लेबाजी की एक अलग पहचान बनाई थी, लेकिन नई पीढ़ी ने उस सोच को और आगे पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा, मैं हमेशा खुद को टर्मिनेटर कहता हूं। अब टर्मिनेटर-4 अभिषेक शर्मा है, जो मुझसे कई गुना बेहतर है। उसके बाद टर्मिनेटर-6 वैभव सूर्यवंशी है, जिसने इस खेल को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
18 साल बाद खत्म हुआ CSK और स्टीफन फ्लेमिंग का साथ, हेमांग बदानी बन सकते हैं नए हेड कोच
फ्रेंचाइजी ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग और टीम ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। करीब 18 वर्षों तक चले इस सफर में फ्लेमिंग ने चेन्नई को कई ऐतिहासिक सफलताएं दिलाईं और टीम की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सूट-बूट में विंबलडन फाइनल मैच देखने पहुंचे। वह पहली बार विंबलडन सेंटर कोर्ट पहुंचे। आंखों पर काला चश्मा और बॉडी पर परफेक्ट ब्लैक सूट पहने वैभव स्टेडियम पहुंचे। इस लुक के बारे में जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जल्दी-जल्दी में जो मिला वह डालकर आया हूं। इस खास मौके पर उनके साथ भारतीय क्रिकेट के दिग्गज युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा भी मौजूद थे। वैभव का अंदाज किसी हॉलीवुड स्टार से कम नहीं लग रहा था। उन्होंने अपनी इस 'जेंटलमैन' अपीयरेंस से फैंस का दिल जीत लिया। अभिषेक शर्मा को बनाएंगे टेनिस में 'डबल्स' मैच पार्टनर जब रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि वह इस सूट में काफी अच्छे लग रहे हैं। अपने फैशन को एक्सपेरिमेंट करने की उन्होंने क्या प्लानिंग की है, तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि जल्दी-जल्दी में जो मिला वह डालकर आया हूं। उन्होंने इसका श्रेय अभिषेक शर्मा को दिया है। जब उनसे रिपोर्टर ने पूछा कि अगर उन्हें टेनिस में 'डबल्स' मैच खेलना हो, तो वह अपने पार्टनर के रूप में किसे चुनेंगे? वैभव ने बिना देर किए तुरंत अभिषेक शर्मा का नाम लिया। उन्होंने कहा, 'मैं निश्चित रूप से अभिषेक भैया को ही चुनूंगा। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मेरे ओपनिंग पार्टनर भी हैं।’ राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच हैं वैभव को पसंद वैभव सूर्यवंशी से जब टेनिस को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह पिछले 4-5 वर्षों से टेनिस को बहुत करीब से फॉलो कर रहे हैं। जब भी उन्हें समय मिलता है, वह बड़े टेनिस टूर्नामेंट्स और दुनिया के महान खिलाड़ियों के मैच देखना कभी नहीं भूलते। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने टेनिस देखना शुरू किया था, तब मैं राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच को बहुत देखता था।’ नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के बारे में बात करते हुए वैभव ने कहा, ‘मौजूदा जनरेशन में मुझे स्पेन के कार्लोस अल्काराज का खेल बहुत पसंद है।’ वैभव ने यानिक सिनर के जीतने की कि थी भविष्यवाणी विम्बलडन के पुरुष एकल का फाइनल मुकाबला इटली के यानिक सिनर और जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव के बीच खेला गया। उनसे जब पूछा गया कि फाइनल मैच कौन जीतेगा तो उन्होंने कहा, ‘सिनर ने पूरे टूर्नामेंट में कमाल का खेल दिखाया है, इसलिए मुझे पूरी उम्मीद है कि वह यह फाइनल मैच जीतकर चैंपियन बनेंगे।’ वैभव की यह भविष्यवाणी सच हुई। अंत में सिनर चैंपियन बने। उन्होंने लगातार दूसरी बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया। जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे वैभव सूर्यवंशी वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में डेब्यू करने का मौका मिला था। वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वहीं, वैभव ने 15 साल 99 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि, वे बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्हें तीन मैचों में खेलने का मौका मिला और आखिरी मैच में बाहर कर दिया गया। अब वे जिम्बाब्वे दौरे पर खेलते हुए दिखाई देंगे।
विराट कोहली के निशाने पर सचिन का रिकॉर्ड, वनडे सीरीज में बन सकता है इतिहास
नई दिल्ली, भारत और इंग्लैंड के बीच मंगलवार से तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज होने जा रहा है। विराट कोहली लगभग छह महीने बाद टीम इंडिया की जर्सी में खेलते हुए दिखाई देंगे।
'जीवनभर संजोने लायक पल', रवि शास्त्री ने यास्तिका-क्रांति की जमकर की तारीफ
नई दिल्ली, भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर और हेड कोच रह चुके रवि शास्त्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी यास्तिका भाटिया और क्रांति गौड़ की जमकर तारीफ की है।
रीस जेम्स: फीफा 2026 में इंग्लैंड का सफर शानदार रहा, सपने हुए सच
मियामी, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की भिड़ंत अर्जेंटीना से होनी है। इस मुकाबले से पहले इंग्लिश टीम के मिडफील्डर रीस जेम्स ने माना कि टीम का इस विश्व कप में अब तक का सफर सपनों के सच होने जैसा रहा है।
'मेसी को रोकने में सफल रहेगा इंग्लैंड', सेमीफाइनल मैच से पहले पूर्व खिलाड़ी जो कोल ने किया दावा
नई दिल्ली, इंग्लैंड के पूर्व फुटबॉलर जो कोल का मानना है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड की टीम अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी को रोकने में सफल रहेगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला अटलांटा स्टेडियम में खेला जाएगा।
IPL की सबसे सफल टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और उसके हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग का 18 साल पुराना साथ खत्म हो गया। फ्रेंचाइजी ने सोमवार को सोशल पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। CSK ने X पर लिखा- ‘हमने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। हमने साथ मिलकर IPL के इतिहास की सबसे सफल और लंबे समय तक चलने वाली पार्टनरशिप में से एक को साझा किया है। आपने जो विरासत बनाई है, वह हमें प्रेरित करती रहेगी। बेहद सम्मान और आभार के साथ, धन्यवाद स्टीफन।’ न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग IPL के पहले सीजन में बतौर खिलाड़ी चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े थे। 2009 में उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली और 2010 में पहला टाइटल जिता दिया। फ्लेमिंग ने कहा- 18 साल खेल में एक पूरी जिंदगी के बराबर होते हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया समय मेरे कोचिंग करियर का सबसे बड़ा सम्मान रहा। हमने साथ मिलकर यादगार जीत हासिल कीं। मुश्किल दौर देखे और ऐसी यादें बनाईं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी। CSK हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी। मैं आगे भी टीम को सपोर्ट करता रहूंगा। IPL के सबसे सफल कोच हैं फ्लेमिंग फ्लेमिंग की रणनीति, शांत नेतृत्व और खिलाड़ियों पर भरोसा CSK की पहचान बन गया। उनकी और एमएस धोनी की जोड़ी को IPL इतिहास की सबसे सफल कोच-कप्तान जोड़ियों में गिना जाता है। खराब प्रदर्शन के कारण टीम से अलग हुए CSK का आखिरी IPL खिताब 2023 में आया था। इसके बाद टीम का प्रदर्शन लगातार गिराता गया। टीम 2024 में 5वें स्थान पर रही। फिर 2025 में आखिरी स्थान पर फिसल गई, जबकि 2026 सीजन में 8वें स्थान पर रहकर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। ऐसे में फ्रेंचाइजी ने नए दौर की शुरुआत का फैसला किया और फ्लेमिंग के साथ लंबे और सफल अध्याय का अंत हो गया। CSK ने अपने बयान पर कहा यह निर्णय दोनों पक्षों के बीच हुई खुली और सकारात्मक चर्चा के बाद लिया गया। नए कोच के नाम का ऐलान नहीं फ्रेंचाइजी ने नए हेड कोच के नाम का ऐलान नहीं किया है। उसने यह भी क्लियर नहीं किया गया कि फ्लेमिंग टेक्सास सुपर किंग्स (MLC) और जोबर्ग सुपर किंग्स (SA20) के साथ अपनी कोचिंग भूमिका जारी रखेंगे या नहीं। --------------------------------------------------- लीग क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… महाराज ट्रॉफी फाइनल में द्रविड़ के बेटे का दोहरा प्रदर्शन, फिर भी टीम हारी राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी के फाइनल मैच में दोहरा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से 37 रन बनाए। साथ ही 4 विकेट भी झटके। हालांकि, ऑलराउंड प्रदर्शन के बावजूद वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। पढ़ें पूरी खबर
सिनर को विंबलडन खिताब, अल्काराज-सचिन समेत दिग्गजों ने दी शुबकामनाएं
लंदन, यानिक सिनर ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराकर लगातार दूसरी बार विंबलडन का खिताब जीता। सिनर को उनकी इस यादगार जीत के लिए अल्काराज, सचिन तेंदुलकर, रॉड लेवर, जेम्स ब्लेक और ब्रैड गिल्बर्ट ने बधाई दी है।
राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ ने महाराजा ट्रॉफी के फाइनल मैच में दोहरा प्रदर्शन किया है। उन्होंने बेंगलुरु ब्लास्टर्स की ओर से 37 रन बनाए। साथ ही 4 विकेट भी झटके। हालांकि, ऑलराउंड प्रदर्शन के बावजूद वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को खेले फाइनल को शिवमोगा योद्धा ने 4 विकेट से जीत लिया। उसके कप्तान लुवनिथ सिसोदिया ने 45 गेंदों पर 87 रन की मैच विनिंग पारी खेली। लुवनिथ प्लेयर ऑफ द फाइनल चुने गए। जबकि, अभिलाष शेट्टी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। शेट्टी ने 18 विकेट झटके। द्रविड़-हेगड़े में फिफ्टी पार्टनरशिप, ब्लास्टर्स 185/8 टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बेंगलुरु ब्लास्टर्स ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 185 रन बनाए। समित द्रविड़ ने 37 गेंदों पर 37 रन बनाए। उन्होंने कप्तान शुभांग हेगड़े (31 रन) के साथ चौथे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी की। सिसोदिया की कप्तानी पारी ने शिवमोगा को जिताया 186 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शिवमोगा ने 19.4 ओवर में 6 विकेट पर 186 रन बनाकर मैच खत्म कर दिया। अंत में अनीश केवी 19 गेंदों में 38 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत दिलाई। कप्तान लुवनिथ सिसोदिया ने 9 चौके और 4 छक्कों की मदद से 87 रन बनाए। उन्होंने पहले नवीन एमजी के साथ 68 रन और फिर अनीश केवी के साथ सिर्फ 22 गेंदों में 53 रन जोड़कर मैच शिवमोगा के पक्ष में कर दिया। -------------------------------- राहुल द्रविड़ से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… द्रविड़ इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच बन सकते हैं, एंडी फ्लावर, फ्लिंटॉफ और लैंगर के नाम पर भी चर्चा टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। पढ़ें पूरी खबर
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले तय हो गए हैं। फुटबॉल की चार दिग्गज टीमें- अर्जेंटीना, इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन ने टॉप-4 में प्रवेश किया है। 1990 के बाद यह पहला मौका है, जब वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में सिर्फ पूर्व चैंपियन टीमें पहुंची हैं। एक खास बात और है, ये चारों टीमें फीफा रैंकिंग में टॉप-4 में शामिल हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब रैंकिंग की टॉप-4 टीमों सेमीफाइनल में पहुंची हैं और खिताब से सिर्फ दो जीत दूर हैं। मंगलवार को किलियन एम्बाप्पे की फ्रांस और लामिन यमाल के स्पेन आमने-सामने होंगे, जबकि बुधवार को लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना और हैरी केन की इंग्लैंड के बीच मैच खेला जाएगा। अर्जेंटीना Vs इंग्लैंड पुरानी दुश्मनी, हैंड ऑफ गॉड, बेकहम रेडकार्ड जैसे विवाद अर्जेंटीना और इंग्लैंड की भिड़ंत सिर्फ फुटबॉल तक सीमित नहीं रही है। 1982 के फॉकलैंड युद्ध से लेकर वर्ल्ड कप के कई विवादित मुकाबलों तक दोनों देशों की राइवलरी काफी पुरानी है। 1986 वर्ल्ड कप में डिएगो माराडोना के चर्चित 'हैंड ऑफ गॉड' गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराया था। 1998 में डेविड बेकहम को रेड कार्ड मिला और अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की। 2002 में बेकहम ने पेनल्टी गोल कर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। अब मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरा खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा। स्पेन Vs फ्रांस यूरो की हार का बदला लेने उतरेगा फ्रांस दूसरे सेमीफाइनल में फ्रांस और स्पेन की टक्कर होगी। दोनों टीमें 2 साल पहले यूरोपीय चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में भी भिड़ी थीं, जहां स्पेन ने 2-1 से जीत दर्ज की थी। फ्रांस के पास किलियन एमबाप्पे, माइकल ओलिसे और डिजिरे डुए जैसे स्टार खिलाड़ी हैं, जबकि स्पेन की उम्मीदें युवा स्टार लामिन यामाल और मिडफील्डर मिकेल मेरिनो पर टिकी होंगी। मेरिनो ने लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में निर्णायक गोल कर स्पेन को जीत दिलाई है। मेसी के पास इतिहास रचने का मौका 39 साल लियोनेल मेसी अपने करियर का आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उनके नाम विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा 21 गोल हैं। अगर मेसी अर्जेंटीना को लगातार दूसरा वर्ल्ड कप दिलाने में सफल रहते हैं, तो वह डिएगो माराडोना के बराबर नहीं, बल्कि उनसे भी आगे निकल जाएंगे। अर्जेंटीना अगर खिताब जीतता है तो वह 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनेगी। इससे पहले ब्राजील और इटली यह कारनामा कर चुके हैं। ------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नया स्टार- पेरू में 559 नवजातों के नाम हालेंड के नाम पर, 91 बच्चों का पूरा नाम ही ‘अर्लिंग हालेंड’ फुटबॉल का जुनून पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन साउथ अमेरिकी देश पेरू में इसका एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता ऐसी है कि पेरू में माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम हालेंड के नाम पर रख रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
टीम इंडिया के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ इंग्लैंड की टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच बनने की दौड़ में शामिल हैं। ब्रेंडन मैकुलम के पद छोड़ने के बाद ECB (इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड) पॉसिबल कैंडीडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है, जिसमें द्रविड़ का नाम भी है। डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार द्रविड़ उन चुनिंदा कैंडीडेट्स में शामिल हैं, जिन पर ECB विचार कर रहा है। इस लिस्ट में एंडी फ्लावर, एंड्रयू फ्लिंटॉफ और जस्टिन लैंगर जैसे नाम शामिल हैं। एक दिन पहले रविवार 12 जुलाई को ECB ने मैकुलम को टेस्ट कोच के पद हटाने की जानकारी दी। द्रविड़ की कोचिंग स्ट्राइल बनी बड़ी ताकत द्रविड़ की प्लांड कोचिंग, खिलाड़ियों को विकसित करने की क्षमता और लंबे समय की सोच उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। 53 साल द्रविड़ के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टीम 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी पहुंची थी। भारत की अंडर-19 और ए टीम के साथ उनका काम भी काफी सराहा गया है। फुल-टाइम कोचिंग के इच्छुक नहीं हैं द्रविड़ रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि द्रविड़ फुलटाइम कोचिंग की जिम्मेदारी लेने के इच्छुक नहीं हैं। इंग्लैंड की टेस्ट टीम का कोच बनने पर उन्हें परिवार के साथ अधिक समय बिताने का मौका मिलेगा और टेस्ट क्रिकेट में योगदान देने का अवसर भी मिलेगा। इसलिए ECB कम से कम उनकी रुचि जरूर जानना चाहेगा। एंडी फ्लावर सबसे मजबूत दावेदार पूर्व जिम्बाब्वे कप्तान एंडी फ्लावर भी इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ने तीन एशेज सीरीज जीती थीं। साथ ही टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया था।फ्लावर ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दो IPL खिताब दिलाए। रिचर्ड डॉसन, श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा और पाकिस्तान के मुख्य कोच माइक हेसन के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं। ECB अगले साल होने वाली एशेज सीरीज को ध्यान में रखते हुए जल्द ही नए टेस्ट मुख्य कोच की नियुक्ति करना चाहता है। ------------------------------------- इंग्लिश क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंग्लैंड ने बैजबॉल की शुरुआत करने वाले मैकुलम को हटाया बैजबॉल की शुरुआत करने वाले ब्रेंडन मैकुलम को इंग्लैंड के टेस्ट कोच पद से हटा दिया गया है। उनकी कोचिंग में इंग्लिश टीम को आखरी 9 में से 7 मैचों में हार मिली थी। रविवार को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बताया की एशेज से पहले टीम में बदलाव करने का सही समय है। हालांकि मैकुलम इंग्लैंड की व्हाइट बॉल कोच बने रहेंगे। पढ़ें पूरी खबर
इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच पद की दौड़ में राहुल द्रविड़, मैकुलम के बाद ECB तलाश रहा नया रणनीतिकार
रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड की घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1-2 की हार के बाद बोर्ड ने बदलाव का फैसला लिया। मैकुलम का चार वर्षों का टेस्ट कोच के रूप में कार्यकाल समाप्त कर दिया गया। ECB का मानना है कि अगले वर्ष होने वाली प्रतिष्ठित एशेज सीरीज से पहले टीम को नई दिशा देने के लिए यह उपयुक्त समय है।
इटली के 24 वर्षीय स्टार ने रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7 (7), 7-6 (2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार प्रतिष्ठित ग्रास कोर्ट टूर्नामेंट का ताज अपने नाम किया।
वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 का पुरुष एकल खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ 24 वर्षीय सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन चैंपियन बने। वे ओपन एरा में विंबलडन पुरुष एकल खिताब बचाने वाले इतिहास के सिर्फ 10वें खिलाड़ी बन गए। 24 साल के सिनर ने पहली बार फाइनल खेल रहे में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीती। यह मैच 3 घंटे 46 मिनट तक चला। इसी के साथ सिनर ने करियर का 100वां ग्रैंड स्लैम मैच जीतने की अचीवमेंट भी हासिल की। चैंपियन बनने पर सिनर को 36 लाख पाउंड (करीब ₹42 करोड़) की इनामी राशि भी मिली। वे एटीपी रैंकिंग में नंबर-1 बने रहेंगे। उनके और नए नंबर-2 बनने वाले ज्वेरेव के बीच 4,970 अंकों का अंतर रहेगा। 2026 का पहला ग्रैंड स्लैम जीता यह सिनर के करियर का 5वां ग्रैंड स्लैम और 2026 सीजन का पहला मेजर खिताब है। इससे पहले वे फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में जुआन मैनुअल सेरुंडोलो से हारकर बाहर हो गए थे। हालांकि, उन्होंने ग्रास कोर्ट पर शानदार वापसी की। सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच को सीधे सेटों में हराने के बाद फाइनल में भी उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया। पहला सेट गंवाया, फिर शानदार वापसी फाइनल का पहला सेट टाई-ब्रेक तक पहुंचा, जहां ज्वेरेव ने बढ़त बना ली। इसके बाद सिनर ने दूसरे सेट का टाई-ब्रेक जीतकर मुकाबले में बराबरी की। तीसरे और चौथे सेट में उन्होंने एक-एक बार ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और पूरे मैच में अपने खिलाफ मिले इकलौते ब्रेक प्वाइंट को भी बचा लिया। सिनर ने मुकाबले में 58 विनर्स लगाए और पहला चैंपियनशिप प्वाइंट भुनाते ही कोर्ट पर लेटकर जीत का जश्न मनाया। ज्वेरेव पर लगातार 10वीं जीत सिनर ने ज्वेरेव के खिलाफ लगातार 10वीं जीत दर्ज की। वहीं जर्मन खिलाड़ी का लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने के बावजूद दूसरा मेजर खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया। यह सिनर का 2026 सीजन का छठा एटीपी खिताब है। इससे पहले वह रोम मास्टर्स जीतकर करियर गोल्डन मास्टर्स पूरा कर चुके हैं। ------------------------------------------------ विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप की यह खबर भी पढ़िए… 21 साल की लिंडा नोस्कोवा बनीं विंबलडन चैंपियन, कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया चेक रिपब्लिक की 21 साल की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में अपने ही देश की कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से शिकस्त दी। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम लॉर्ड्स में जारी ऐतिहासिक टेस्ट मैच में जीत से महज 4 विकेट दूर है। रविवार को जीत के लिए 457 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड ने तीसरे दिन की समाप्ति तक 6 विकेट गंवाकर सिर्फ 130 रन बनाए हैं। फिलहाल इंग्लैंड जीत से 327 रन दूर है, जबकि उसके पास सिर्फ 4 विकेट शेष हैं।
जय शाह विंबलडन फाइनल देखने पहुंचे, जॉन मैकेनरो से हुई मुलाकात
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह रविवार को विंबलडन फाइनल देखने पहुंचे, जहां उन्होंने दिग्गज अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी जॉन मैकेनरो से मुलाकात की। शाह ने सोशल मीडिया पर मैकेनरो के साथ तस्वीरें शेयर करते हुए उनकी उपलब्धियों को याद किया।
यूटीटी सीजन 7: पृथिका पावड़े के दम पर पीबीजी पुणे जगुआर ने दर्ज की पहली जीत
अल्टीमेट टेबल टेनिस (यूटीटी) सीजन 7 में फ्रांस की ओलंपियन और लीग में पदार्पण कर रहीं पृथिका पावड़े ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पीबीजी पुणे जगुआर को सीजन की पहली जीत दिलाई
बैजबॉल की शुरुआत करने वाले ब्रेंडन मैकुलम को इंग्लैंड के टेस्ट कोच पद से हटा दिया गया है। उनकी कोचिंग में इंग्लिश टीम को आखरी 9 में से 7 मैचों में हार मिली थी। रविवार को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बताया की एशेज से पहले टीम में बदलाव करने का सही समय है। हालांकि मैकुलम इंग्लैंड की व्हाइट बॉल कोच बने रहेंगे। दो हफ्ते पहले ही न्यूजीलैंड से घर पर 2-1 से टेस्ट सीरीज हारने के बाद कप्तान बेन स्टोक्स ने अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके साथ ही चार साल से चला आ रहा वह दौर खत्म हो गया, जिसे दुनिया बैजबॉल के नाम से जानती है। मैकुलम ने कहा- फैसले का सम्मान करता हूं मैकुलम ने अपने बयान में कहा, ‘मैंने टेस्ट टीम को कोच करना बेहद पसंद किया। जो हमने साथ मिलकर हासिल किया, उस पर मुझे गर्व है। यह पद छोड़ना दुखद है, लेकिन मैं फैसले का सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा फोकस वाइट-बॉल टीमों पर रहेगा।’ मैकुलम-स्टोक्स ने बदली इंग्लैंड की बैटिंग अप्रोच मैकुलम ने 2022 में स्टोक्स के कप्तान बनने के साथ ही टेस्ट कोच का पद संभाला था। शुरुआत उनकी शानदार रही, लेकिन अंत उतना ही निराशाजनकर रहा। उन्होंने शुरुआती 11 मैचों में 10 मुकाबले जीते, लेकिन आखिरी 9 टेस्ट में 7 में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी कोचिंग में 27 मैच जीते, 20 में हार मिली और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। कमाल की बात है कि बतौर इंग्लैंड कोच मैकुलम का सफर उनकी होम टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ ही शुरु हुआ था। तब उन्होंने 3-0 से सीरीज जीती थी। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ ही 2-1 की हार के बाद उन्हें टेस्ट कोचिंग से हटा दिया गया है। क्या है बैजबॉल? मैकुलम के कोच बनने से पहले इंग्लैंड पिछले 17 में से सिर्फ 1 टेस्ट मैच जीता था। उन्होंने सोचा कि खिलाड़ियों के मन से हार का डर निकालने के लिए नया तरीका अपनाया- अटैकिंग बल्लेबाजी। उन्होंने बताया कि चाहे स्कोर कुछ भी हो या पिच कैसी भी हो, अटैकिंग बल्लेबाजी करो। मैकुलम का निकनेम बैज था और इस सोच को बैजबॉल नाम दिया गया। इसका मकसद था टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाना, जो मैकुलम अपनी बैटिंग के दिनों में करते थे। बैजबॉल से बदला इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट जब इंग्लैंड के हार की वजह बनी बैजबॉल बिना कोच और कप्तान के इंग्लिश टेस्ट टीम न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान स्टोक्स को नाइट क्लब विवाद के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर बैठना पड़ा। ट्रेंट ब्रिज में सीरीज के आखिरी टेस्ट के बीच में ही उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। इसके तीन हफ्ते के भीतर ही मैकुलम की भी विदाई हो गई। अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम फिलहाल बिना कप्तान और बिना कोच के रह गई है। ECB ने नए टेस्ट हेड कोच की तलाश तुरंत शुरू करने की बात कही है। एंड्रयू फ्लिंटॉफ, रिचर्ड डॉसन, रयान कैंपबेल और जस्टिन लैंगर जैसे नाम उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं। कप्तानी के लिए हैरी ब्रूक सबसे आगे माने जा रहे हैं। अभी की मानें तो मैकुलम 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक वाइट-बॉल में टीम के कोच बने रहेंगे। क्या इंग्लैंड अब पुराने दौर में लौटेगा? बैजबॉल के दौर में इंग्लैंड के ग्राउंड्समैन तेज, फ्लैट और हाई-स्कोरिंग पिचें बनाते रहे हैं। इससे टीम अटैकिंग बल्लेबाजी करती थी। अब मैकुलम और स्टोक्स के जाने के बाद एशेज 2027 से पहले टीम सीमिंग ट्रैक वाली पिचें तैयार कर सकती हैं। इससे टीम के प्रैक्टिस का अंदाज भी बदलेगा। वहीं नए कोच और नए कप्तान पर भी निर्भर करता है कि वे टीम को किस बैटिंग अप्रोच के लिए तैयार करते हैं। -------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… दावा- इंग्लैंड दौरे के बाद भारत का कोचिंग स्टाफ बदलेगा:गंभीर के दो भरोसेमंद कोच हट सकते हैं, फील्डिंग कोच दिलीप पर भी दबाव इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल टीम से बाहर हो सकते हैं। दोनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद खत्म हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल टीम से बाहर हो सकते हैं। दोनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद खत्म हो रहा है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद BCCI टीम और सपोर्ट स्टाफ का रिव्यू करेगा। टीम की खराब फील्डिंग भी बोर्ड की चिंता बढ़ा रही है। भारत ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर 10 से ज्यादा कैच छोड़े। ऐसे में फील्डिंग कोच टी. दिलीप को भी हटाया जा सकता है। पिछले साल उन्हें अभिषेक नायर के साथ टीम से बाहर किया गया था, लेकिन बाद में दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रयान लगातार ट्रैवल से खुश नहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, रयान टेन डोशेट पूरे साल भारतीय टीम के साथ लगातार यात्रा करने से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अपनी यह बात BCCI के सामने भी रखी है। साथ ही उनके किसी IPL फ्रेंचाइजी से जुड़ने की चर्चा है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। बालाजी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी अगर रेयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल सपोर्ट स्टाफ से बाहर होते हैं, तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के नए फास्ट बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ भेजा जा सकता है। भारत अगस्त की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। वहीं, जुलाई के आखिर में जिम्बाब्वे दौरे पर होने वाली टी-20 सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण CoE के कोचिंग स्टाफ के साथ टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभालेंगे। गंभीर ने खुद चुने थे दोनों कोच रयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल को गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था। इससे पहले बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर की जगह सितांशु कोटक को जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अब इंग्लैंड दौरे के बाद गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। गंभीर ने बतौर कोच 3 ट्रॉफी जीती गौतम गंभीर की कोचिंग में वनडे और टी-20 में भारत का प्रदर्शन शानदार, जबकि टेस्ट में निराशाजनक रहा है। वनडे में भारत ने 23 में से 16 मैच जीते और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अपने नाम कीं। टी-20 में टीम ने 53 में 37 मैच जीते, एशिया कप 2025 और टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता। हालांकि, इसके बाद भारत पहली बार आयरलैंड (2-0) और इंग्लैंड (4-0) से टी-20 सीरीज हार गया। वहीं टेस्ट में भारत का रिकॉर्ड सबसे खराब रहा। टीम ने 18 में सिर्फ 6 टेस्ट जीते, जबकि न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घरेलू सीरीज गंवाई और 10 साल बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी हार गई। 12 साल बाद इंग्लैंड ने भारत को हराया 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हराया। दोनों टीमों के बीच अब तक 10 सीरीज खेली गईं, जिनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 जीतीं। एक सीरीज ड्रॉ रही थी। पहली बार आयरलैंड से भी हारे इंग्लैंड से पहले आयरलैंड के खिलाफ भी 2 टी-20 मैचों की सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारतीय टीम को 2023 के बाद किसी टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। 2023 में वेस्टइंडीज ने 3-2 से हराया था। ---------------------------भारत के इंग्लैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत 12 साल बाद इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हारा, चौथा मैच 9 विकेट से गंवाया भारत 12 साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज हार गया। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी-20 में इंग्लैंड ने 159 रन का टारगेट सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड ने 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। पढ़ें पूरी खबर
अभिषेक नायर: सिर्फ एक सीरीज से श्रेयस की कप्तानी का फैसला जल्दबाजी है
नई दिल्ली, भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिषेक नायर का मानना है कि लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर के भविष्य पर सवाल उठाना गलत होगा। उन्होंने कहा कि नए कप्तान को अपनी सोच के हिसाब से टीम को तैयार करने की आजादी मिलनी चाहिए।
स्पोर्ट्स अपडेट:जिम्बाब्वे दौरे के लिए रवि बिश्नोई टीम में, वरुण चक्रवर्ती बाहर
भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण आगामी सीरीज से बाहर हो गए हैं। हर्षित इंग्लैंड वनडे सीरीज का हिस्सा थे, जबकि वरुण को जिमबाब्वे टी-20 के लिए चुना गया था। हर्षित की जगह प्रिंस यादव वनडे स्क्वाड का हिस्सा होंगे। वहीं वरुण की जगह रवि बिश्नोई को मौका दिया गया है। दोनों चोटिल खिलाड़ी इलाज के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) जाएंगे। ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहले वनडे- वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया:19 साल के विटैल लॉयस को डेब्यू मैच में 3 विकेट; होप-कार्टी में शतकीय साझेदारी वेस्टइंडीज ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया। टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। गयाना में शनिवार को कैरेबियाई टीम ने 268 रन का लक्ष्य 48.5 ओवर में 3 विकेट पर हासिल किया। केसी कर्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच विनिंग पार्टनरशिप की। पूरी खबर पढ़ें…
फुटबॉल का जुनून पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में इसका एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि पेरू में माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम इस ‘गोल मशीन’ के नाम पर रख रहे हैं। पेरू की नेशनल आइडेंटिटी रजिस्ट्री के अनुसार, हाल ही में पैदा हुए सैकड़ों बच्चों का नाम इस 25 वर्षीय फुटबॉलर के नाम पर रखा गया है। 468 बच्चों का नाम या सरनेम ‘हालेंड’ रखा गया है। 91 नवजातों का पूरा नाम ‘अर्लिंग हालेंड’ दर्ज किया गया है। रजिस्ट्री के प्रवक्ता इवान टोरेस ने एक टीवी चैनल को बताया कि पेरू के लोग अक्सर फुटबॉल सितारों से प्रेरित होकर बच्चों के नाम रखते हैं। वर्ल्ड कप शुरू होने और नॉर्वे के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद हालेंड के नाम पर बच्चों का नाम रखने का ग्राफ बढ़ा है। टोरेस ने कहा, ‘हालेंड अब पेरू के भी हैं।’ वर्ल्ड कप 2026 में हालेंड का जादू इस विश्व कप में नॉर्वे के इस खिलाड़ी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अब तक सिर्फ 4 मैचों में 7 गोल दागे हैं। ब्राजील के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में उनके दो गोल की बदौलत नॉर्वे ने पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। अन्य फुटबॉलर्स का भी रहा है जलवा पेरू में फुटबॉल सितारों के नाम पर बच्चों का नाम रखने का यह ट्रेंड नया नहीं है। संन्यास ले चुके ब्राजील के नेमार इसमें सबसे आगे हैं। फुटबॉलर- नाम नेमार- 33809 मेसी- 3402 यमाल- 1241 रोनाल्डो- 1185
आंध्र प्रदेश का अनंतपुर जिला अपनी भौगोलिक चुनौतियों, सूखी जमीन और लगातार पड़ने वाले सूखे के लिए जाना जाता है। यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन अनियमित बारिश और सीमित संसाधनों के कारण लोगों की आय और जीवन स्तर हमेशा संघर्षपूर्ण रहा है। रोजगार के अन्य विकल्पों की कमी ने युवाओं और महिलाओं के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, लेकिन इसी बंजर और चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच ‘रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट’ (आरडीटी) पूरे ग्रामीण समाज की दिशा बदल रहा है। 1969 में विसेंट और ऐनी फेरर द्वारा स्थापित इस संस्था ने स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ-साथ एक अनूठा प्रयोग किया—खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का हथियार बनाना। 70 के दशक में साधारण कबड्डी और क्रिकेट टूर्नामेंट से शुरू हुआ यह सफर, साल 2000 में ‘अनंतपुर स्पोर्ट्स एकेडमी’ (एएसए) की स्थापना के साथ एक बड़े आंदोलन में बदल गया। आज यह अकादमी ‘एक्सेस, एजुकेट और एम्पावर’ (पहुंच, शिक्षा और सशक्तिकरण) के सिद्धांत पर काम करते हुए तीन स्तरों पर संचालित होती है। सबसे पहले, सुदूर गांवों में फैले 100 से ज्यादा ग्रासरूट सेंटर्स से प्रतिभाओं को खोजा जाता है। इसके बाद उन्हें बेहतर ग्राउंड, लाइब्रेरी और कंप्यूटर जैसी सुविधाओं वाले 4 विशेष स्पोर्ट्स-एजुकेशन सेंटर्स तक लाया जाता है। जो खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, उन्हें ‘अनंतपुर स्पोर्ट्स विलेज’ (एएसवी) की एलीट रेजिडेंशियल एकेडमी में चुना जाता है। यहां उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और ट्रेनिंग का पूरा खर्च स्कॉलरशिप के जरिए उठाया जाता है। आर्चरी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, जूडो और टेनिस सहित कुल 10 खेलों में आज 16,400 से अधिक बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। इस पहल की सबसे बड़ी कामयाबी गांवों में लड़कियों को लेकर सोच बदलना है। ‘रूरल गर्ल्स एथलेटिक्स मीट’ और गर्ल्स स्पोर्ट्स लीग जैसी कोशिशों के कारण आज खेल कार्यक्रमों में 59% हिस्सेदारी लड़कियों की है। इसके अलावा, स्पेशल ओलंपिक्स और व्हीलचेयर टेनिस के जरिए दिव्यांग और बौद्धिक रूप से कमजोर बच्चों को भी मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है। 1200 से अधिक युवाओं को कोचिंग और रेफरी की ट्रेनिंग दी गई है। लड़कियों के लिए फीमेल एथलीट लीडरशिप प्रोग्राम और बिजनेस वर्कशॉप चलाए जा रहे हैं। इस पूरी मेहनत का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। सालों में 2 लाख से ज्यादा ग्रामीण बच्चों को ट्रेनिंग मिल चुकी है, जिनमें से 2000 से अधिक बच्चे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। एम. जगदीश (सॉफ्टबॉल) और एम. अनुषा (फुटबॉल) जैसे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का झंडा बुलंद किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि 350 से ज्यादा युवाओं ने खेलों के दम पर रेलवे, सेना और शिक्षा जैसे सरकारी विभागों में नौकरी हासिल की है। संध्या डी., लोलिता मैरी और भवानी जैसे नाम आज अपने परिवारों के लिए आय का स्थायी जरिया बन चुके हैं। दशकों पहले शुरू हुए गांव के छोटे टूर्नामेंट आज इस बात का सशक्त प्रमाण हैं कि अगर ग्रामीण विकास में खेलों को सही तरीके से पिरोया जाए, तो वह न केवल एक व्यक्ति की जिंदगी संवारता है, बल्कि पूरे समाज को सशक्त और आत्मविश्वास से भर देता है।
वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को पहले वनडे में 7 विकेट से हराकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। गयाना में खेले गए इस मैच में 268 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने 48.5 ओवर में 3 विकेट खोकर मैच जीत लिया। कीसी कार्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच जिताऊ साझेदारी की। जीत के हीरो 19 साल के डेब्यूटेंट लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिनर विटैल लॉयस रहे, जिन्होंने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में 3 विकेट झटके। इससे पहले टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने वाली न्यूजीलैंड टीम ने सभी विकेट खोकर 267 रन बनाए। 19 साल के लॉयस ने डेब्यू मैच में पलटा मुकाबला न्यूजीलैंड की टीम 44वें ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन विटैल लॉयस और अल्जारी जोसेफ ने आखिरी ओवरों में मैच पलट दिया। न्यूजीलैंड ने अपने अंतिम 6 विकेट सिर्फ 33 रन के भीतर गंवा दिए। लॉयस ने हेनरी निकोल्स (37), मार्क चैपमैन और माइकल ब्रेसवेल को आउट किया, जबकि अल्जारी जोसेफ ने 41 रन देकर 4 विकेट लिए। कार्टी के हिट-विकेट पर हुआ विवाद वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर में कीसी कार्टी 64 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। जैकब डफी की गेंद पर छक्का लगाने के बाद उनका बल्ला पीछे जाकर स्टंप्स से टकरा गया और बेल्स गिर गईं। न्यूजीलैंड ने हिट-विकेट की अपील की, लेकिन थर्ड अंपायर अहसान रजा ने रिप्ले देखने के बाद उन्हें नॉट आउट दिया। क्या कहता है नियम? एमसीसी के लॉ 35.2 (हिट-विकेट) के अनुसार यदि बल्लेबाज शॉट खेलने की प्रक्रिया पूरी कर चुका हो और उसके बाद बल्ला, शरीर या कपड़ा विकेट से टकराए, तो उसे हिट-विकेट आउट नहीं माना जाता। इसी नियम के तहत कार्टी को जीवनदान मिला। होप-कार्टी ने संभाली पारी शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद कीसी कार्टी और अकीम ऑगस्टे (28) ने पारी संभाली। इसके बाद कप्तान शाई होप ने कार्टी के साथ तीसरे विकेट के लिए 131 रन जोड़कर मैच न्यूजीलैंड से दूर कर दिया। कार्टी 95 रन बनाकर शतक से चूक गए। उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के लगाए। रदरफोर्ड ने छक्के से दिलाई जीत कार्टी के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज को अंतिम 30 गेंदों में 37 रन चाहिए थे। कप्तान होप ने लगातार बड़े शॉट लगाकर दबाव खत्म किया और 52 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। आखिर में शेरफेन रदरफोर्ड ने लंबा छक्का लगाकर 7 गेंद शेष रहते टीम को जीत दिला दी। यह गयाना के इस मैदान पर सफलतापूर्वक हासिल किया गया दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य भी है।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने आखिरी क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया। लियोनेल मेसी की टीम छठी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। कंसास सिटी स्टेडियम में अर्जेंटीना ने 10वें मिनट में बढ़त ले ली। मैक एलिस्टर ने मेसी के पास पर गोल किया। 67वें मिनट में डैन एनड्यॉय ने गोल कर स्विट्जरलैंड को 1-1 की बराबरी दिला दी। निर्धारित 90 मिनट तक यही स्कोर रहा। इंजरी टाइम में कोई गोल नहीं हुआ। मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया। इसमें जूलियन अल्वारेज ने 112वें और एमी मार्टिनेज ने 121वें मिनट में गोल कर अर्जेंटीना को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। अब 15 जुलाई को उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। एक रोचक फैक्ट मैच में खास 90 मिनट तक स्कोर बराबर, इंजरी टाइम गोल रहित रहा मैच के निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। रेफरी ने 8 मिनट का इंजरी टाइम दिया, लेकिन इसमें भी गोल नहीं आया। इंजरी टाइम के 8वें मिनट में स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ने शानदार सेव किया। ग्रेगर कोबेल ने कॉर्नर से लिसेंड्रो मार्टिनेज की किक को रोकने के लिए शानदार डाइव लगाई। उन्होंने गेंद को बहुत देर से देखा था। एम्बोलो को रेड कार्ड, मैदान पर रोने लगे 72वें मिनट में स्विट्जरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को मैदान से बाहर भेज दिया गया। वीडियो रिव्यू से पता चला कि उन्होंने ऐसा दिखाने की कोशिश की थी कि वे किसी टैकल की वजह से गिरे हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। डैन एनड्यॉय ने स्विट्जरलैंड को बराबरी दिलाई हाफ टाइम के बाद स्विस टीम ने डैन एनड्यॉय के गोल के दम पर बराबरी हासिल कर ली। टीम ने गोल करने के कई प्रयास किए। आखिरकार, रेड जर्सी की मेहनत रंग लाई। 67वें मिनट में डैन एनड्यॉय बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़े और रिकार्डो रोड्रिग्ज के साथ पास का आदान-प्रदान किया और एमिलियानो मार्टिनेज को पछाड़ते हुए बेहद कंट्रोल गोल किया। मेसी के क्रॉस पर मैक एलिस्टर का गोल डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने मैच की शुरुआत में ही 1-0 की बढ़त ले ली। 10वें मिनट में एलिस मैक एलिस्टर ने लियोनेल मेसी के शानदार पास पर गोल दागा। अर्जेंटीना ने मौजूदा एडीशन में अपना सबसे तेज गोल किया है। मेसी ने पेनल्टी कॉर्नर पर पास दिया था। इस पर एलिस्टर ने हेडर लगाकर गोल दागा। मेसी ने 10वां गोल असिस्ट किया है, जबकि एलिस्टर ने लगातार दूसरे वर्ल्ड कप एडीशन में गोल स्कोर किया है। उन्होंने 2022 में पोलैंड के खिलाफ ग्रुप मैच में गोल किया था। ----------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर पढ़िए… इंग्लैंड फुटबॉल वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में, नॉर्वे को 2-1 से हराया; बेलिंगहैम ने दो गोल दागे जूड बेलिंगहैम के दो गोल की बदौलत इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने रविवार के पहले मुकाबले में नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराया। इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के अंतिम-4 में पहुंचा है। पढ़ें पूरी खबर
चेक रिपब्लिक की 21 साल की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में नौवीं सीड नोस्कोवा ने अपनी ही हमवतन और पेरिस ओलिंपिक की डबल्स पार्टनर कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से शिकस्त दी। विंबलडन के इतिहास में यह पहली बार था जब दो चेक खिलाड़ियों के बीच फाइनल मैच खेला गया। इस जीत के साथ ही नोस्कोवा को करीब 38.5 करोड़ रुपए (3.6 मिलियन) की इनामी राशि मिली और वे अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 7वीं रैंकिंग पर पहुंच जाएंगी। मैच पॉइंट गंवाने के बाद कांपने लगी थीं नोस्कोवामैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब नोस्कोवा आसानी से जीत की तरफ बढ़ रही थीं। वे दूसरे सेट में 6-2, 5-2 से आगे थीं। इसके बाद 10वीं सीड मुहोवा ने जोरदार वापसी की और लगातार 5 गेम जीतकर दूसरा सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस दौरान दबाव में नोस्कोवा का बॉडी लैंग्वेज देखने लायक था। वे क्राउड के शोर से बचने के लिए कानों में उंगलियां डालती दिखीं और चेंजओवर के समय विंबलडन के तौलिये में अपना चेहरा छिपा लिया। हालांकि, तीसरे सेट में उन्होंने खुद को संभाला और जीत कर इतिहास रच दिया। आसमान की तरफ चूमा हाथ: दो साल पहले विंबलडन से ठीक पहले मां को खोया थाजीत के बाद नोस्कोवा कोर्ट पर ही बैठ गईं और भावुक हो गईं। ट्रॉफी मिलने के बाद स्पीच के दौरान वे रो पड़ीं। उन्होंने आसमान की तरफ देखते हुए फ्लाइंग किस किया और अपनी दिवंगत मां को याद किया।नोस्कोवा ने कहा,'दो साल पहले विंबलडन की शुरुआत से ठीक पहले मेरी मां इवाना का निधन हो गया था। मैं उनके बिना आज यहां नहीं होती। मैं अपने पिता को भी धन्यवाद देना चाहती हूं, जो मेरे लिए फ्लाइट का डर होने के बावजूद यहां मैच देखने आए।' मुहोवा ने मजाकिया अंदाज में कहा- लिंडा मेरी 'एक्स-फ्रेंड' हैंहार के बाद भावुक मुहोवा ने उपविजेता की ट्रॉफी लेते समय रोते हुए कहा,'शब्द ढूंढना मुश्किल है, लेकिन मैं अपनी 'पूर्व दोस्त' (एक्स-फ्रेंड) लिंडा से शुरुआत करूंगी। आपने जिस तरह से दबाव को संभाला और खेला, वह अविश्वसनीय था। आप इस जीत की हकदार हैं।'उन्होंने आगे कहा,'मैं आगे भी लड़ती रहूंगी। मुझे यह ट्रॉफी चाहिए और उम्मीद है कि मैं फिर से फाइनल में पहुंचकर इसे जीतूंगी। बता दें कि मुचोवा पिछले कुछ समय से कलाई की गंभीर चोट से जूझ रही थीं, जिसके कारण उन्हें एक समय सिंगल-हैंडेड बैकहैंड से खेलना पड़ा था। मैच पॉइंट बचाकर चैंपियन बनने वाली तीसरी खिलाड़ी: वीनस और सेरेना के क्लब में हुईं शामिलनोस्कोवा इस पूरे टूर्नामेंट में कठिन परिस्थितियों से उबरकर आगे बढ़ी हैं। वे इस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में रोमानिया की सोराना सिर्स्टिया के खिलाफ मैच पॉइंट से पिछड़ रही थीं, लेकिन वहां से वापसी कर उन्होंने मैच जीता। विंबलडन के इतिहास में मैच पॉइंट बचाकर खिताब जीतने वाली वे केवल तीसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा वीनस विलियम्स (2005) और सेरेना विलियम्स (2009) ही कर सकी थीं। ------------------------------------- जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल हारे, 25वां ग्रैंडस्लैम जीतने का सपना टूटा:15 साल छोटे सिनर ने सीधे सेटों में हराया, तेंदुलकर-गिल रोजर फेडरर से मिले 39 साल के दिग्गज टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच का 25वां ग्रैंड स्लैट जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। वे विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में खुद से 15 साल छोटे 24 साल के जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार गए। सर्बिया के जोकोविच ने पिछला ग्रैंड स्लैम 3 साल पहले 2023 में जीता था। तब वे यूएस ओपन में चैंपियन बने थे। पूरी खबर
विंबलडन: लिंडा नोस्कोवा ने मुचोवा को हराकर अपना पहला 'विमेंस सिंगल्स' खिताब जीता
सेंटर कोर्ट पर खेले गए रोमांचक 'ऑल-चेक' फाइनल में नौवीं वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा ने हमवतन कैरोलिना मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराकर अपना पहला विंबलडन विमेंस सिंगल्स खिताब जीता।
एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: भारत के लिए अंडर-19 पुरुष वर्ग में छह मेडल पक्के
एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शनिवार को 6 भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, जिससे अंडर-19 पुरुष वर्ग में भारत के लिए छह मेडल पक्के हो गए।
इंग्लैंड ने पांचवे टी-20 मैच में भारत को 56 रन से हरा दिया। टीम इंडिया पहली बार किसी सीरीज या टूर्नामेंट में 4 मैच हारी है। इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन बनाए। यह भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। यह मैच आधे घंटे से देरी से शुरु हुआ। दरअसल भारतीय टीम ट्रैफिक की वजह से आधे घंटे देरी से स्टेडियम पहुंची। IND Vs ENG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. भारत के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर बना इंग्लैंड ने 3 विकेट पर 257 रन बनाए। टी-20 में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का यह सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भी यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के ही नाम था। टीम ने 2026 में वानखेड़े स्टेडियम में 246 रन बनाए थे। 2. भारत सीरीज में 4 मैच हारा भारत सीरीज में 4 मैच हारा। यह किसी टी-20 सीरीज या टूर्नामेंट में भारत को मिली सबसे ज्यादा हार है। इससे पहले टीम किसी भी सीरीज या टूर्नामेंट में 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी थी। 3. ब्रूक ने 229 रन बनाए हैरी ब्रूक ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 229 रन बनाए। वे भारत के खिलाफ किसी बाइलेटरल सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन का रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 2022 में भारत के खिलाफ 3 मैचों में 184 रन बनाए थे। 4. इंग्लैंड ने 17 छक्के लगाए इंग्लैंड ने साउथैम्पटन में 17 छक्के लगाए। यह भारत का किसी टी-20 मैच में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। वेस्टइंडीज ने 2016 में भारत के खिलाफ सबसे छक्के लगाए थे। उन्होंने लॉडरहिल में खेले गए मुकाबले में 21 छक्के लगाए थे। 5. श्रेयस ने धोनी की बराबरी की श्रेयस अय्यर ने टी-20 में लगातार टॉस जीतने के मामले में धोनी की बराबरी की। उन्होंने 2026 में लगातार 7वीं बार टॉस जीता। धोनी ने भी 2010 से 2012 के बीच लगातार 7 टॉस जीते थे। विराट कोहली 6 टॉस के साथ तीसरे नंबर पर हैं। 6. भारत के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी बटलर और ब्रूक ने 233 रन जोड़कर टी-20 में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी की। यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक और डेविड मिलर के नाम था। उन्होंने 2022 में गुवाहाटी में नाबाद 174 रन जोड़े थे। 7. बटलर-ब्रूक ने इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी साझेदारी की बटलर और ब्रूक ने साउथम्पटन में 233 रन की पार्टनरशिप की। यह टी-20 में इंग्लैंड के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले डेविड मलान और ईयोन मॉर्गन ने 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में 182 रन जोड़े थे। 8. बटलर-ब्रूक ने 233 रन की पार्टनरशिप की बटलर और ब्रूक ने टी-20 में किसी भी विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 233 रन जोड़े। अफगानिस्तान के हजरतुल्लाह जजाई और उस्मान गनी टॉप पर हैं। उन्होंने 2019 में आयरलैंड के खिलाफ देहरादून में 236 रन की पार्टनरशिप की थी। 9. बटलर ने इंग्लैंड के लिए दूसरी सबसे बड़ी पारी खेली बटलर ने टी-20 में इंग्लैंड के लिए दूसरी सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने 131 रन बनाए। फिल साल्ट ने 2025 में टीम के लिए हाईएस्ट स्कोर बनाया था। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर में नाबाद 141 रन की पारी खेली थी। 10. अभिषेक शर्मा का 53वें टी-20 मैच में रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा बिना कोई दूसरा फॉर्मेट खेले सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने भारत के लिए 53 टी-20 मैच खेले हैं। अभिषेक ने अब तक वनडे या टेस्ट में डेब्यू नहीं किया है। वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री 52 मैचों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 11. भारत के खिलाफ हाईएस्ट इंडिविजुअल स्कोर बटलर भारत के खिलाफ टी-20 में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने साउथम्पटन में 131 रन बनाए। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के एविन लुईस के नाम था। उन्होंने 2017 में किंग्सटन में भारत के खिलाफ नाबाद 125 रन बनाए थे। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. भारतीय टीम ट्रैफिक में फंसी, मैच देर से शुरु हुआ मैच आधे घंटे की देरी शुरु हुआ। इसकी वजह ट्रैफिक रही। भारतीय टीम होटल से रोज बाउल ग्राउंड आने के लिए निकली, लेकिन ट्रैफिक मेें फंस गई। इसकी वजह से शाम 7:15 बजे टॉस हुआ और 7:30 बजे मैच शुरु हुआ। मैच का शेड्यूल शाम 7 बजे था। 2. शिवम दुबे ने 3 रन पर ब्रूक का कैच छोड़ा हैरी ब्रूक का कैच छूटना भारतीय टीम के लिए काफी महंगा साबित हुआ। शिवम दुबे ने पहली पारी के पांचवे ओवर में 3 रन पर ब्रूक का कैच छोड़ा। प्रिंस यादव ने ओवर की दूसरी गेंद शॉर्ट लेंथ डाली। ब्रूक ने शॉट लगाया, लेकिन गेंद बल्ले का टॉप एज लेकर हवा में खड़ी हो गई। शिवम दुबे गेंद को ठीक से जज नहीं कर पाए। टाइम होने के बावजूद वे गेंद के नीचे नहीं पहुंच पाए और कैच छूट गया। 3. भारत ने मिस फील्ड किए, 3 कैच छोड़े भारतीय फील्डर्स ने कम से कम 9 बार मिसफील्ड किए। इसकी वजह से करीब 15 रन एक्सट्रा गए। इसके अलावा टीम ने 3 कैच छोड़े। इनमें 2 कैच ब्रूक और एक कैच जोस बटलर का था।
इंग्लैंड का दबदबा: भारत 4-0 से शर्मनाक हार
भारत को द रोज बाउल में खेले गए टी20 सीरीज के पांचवें और अंतिम मैच में 56 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ मेजबान इंग्लैंड ने सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली है।
लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है। इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। पहली पारी के आधार पर टीम इंडिया को 115 रन की बढ़त मिली। टीम ने 285 रन बनाए थे। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने 37 रन देकर 5 विकेट लिए। सयाली सतघरे और स्नेह राणा ने 2-2 विकेट झटके। दीप्ति शर्मा ने 1 विकेट हासिल किया। इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर फेल इंग्लैंड ने पहले दिन के स्कोर 21/1 से आगे खेलना शुरू किया। भारतीय तेज गेंदबाजों के सामने उनका टॉप ऑर्डर बिखर गया। क्रांति ने पहले माया बाउशियर (23) को विकेटकीपर ऋचा घोष के हाथों कैच कराया। इसके बाद सयाली ने कप्तान हीदर नाइट (6) को LBW आउट किया। इसके कुछ देर बाद ही क्रांति ने शानदार आउटस्विंगर पर एलिस कैप्सी (9) का ऑफ स्टंप उखाड़ दिया। अब इंग्लैंड का स्कोर 47/4 हो गया। एमी जोन्स और नैट सिवर-ब्रंट ने संभाली पारी शुरुआती झटकों के बाद एमी जोन्स और कप्तान नैट सिवर-ब्रंट ने इंग्लैंड की वापसी कराई। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की। एमी जोन्स ने 62 गेंदों में 52 रन बनाए। हालांकि लंच से ठीक पहले स्नेह ने उन्हें ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा। दूसरे छोर पर नैट सिवर-ब्रंट ने 85 गेंदों में 44 रन बनाए। वे लंच के बाद क्रांति की गेंद पर LBW हुईं। निचला क्रम पूरी तरह बिखरा सिवर-ब्रंट के आउट होने के बाद इंग्लैंड की पारी तेजी से बिखर गई। सयाली ने सोफी एक्लेस्टोन (11) को विकेटकीपर यस्तिका भाटिया के हाथों कैच कराया। फिर स्नेह ने मैडी विलियर्स (10) को बोल्ड किया। क्रांति ने लॉरेन बेल (3) को स्लिप में कैच कराकर अपना पहला टेस्ट पांच विकेट हॉल पूरा किया। दीप्ति ने लॉरेन फिलर को LBW कर इंग्लैंड की पारी 170 रन पर समेट दी। क्रांति टेस्ट ने झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ा 22 साल 333 दिन की उम्र में क्रांति गौड़ टेस्ट क्रिकेट में 5 विकेट लेने वाली यंगेस्ट इंडियन भारतीय महिला तेज गेंदबाज बन गईं। उन्होंने झूलन गोस्वामी का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके अलावा इंग्लैंड में विमेंस टेस्ट में 2015 के बाद किसी तेज गेंदबाज का यह पहला पांच विकेट हॉल है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी ने 2015 में इंग्लैंड के खिलाफ 6 विकेट लिए थे। लॉर्ड्स में पहला महिला टेस्ट यह लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के 142 साल के इतिहास का पहला महिला टेस्ट मैच है। भारत और इंग्लैंड के बीच यह 16वां महिला टेस्ट है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच 15 टेस्ट में भारत ने 3 और इंग्लैंड ने 1 मैच जीता, जबकि 11 मुकाबले ड्रॉ रहे। इंग्लैंड की ब्यूमोंट का आखिरी मैच इंग्लैंड की ओपनर टैमी ब्यूमोंट का यह आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच है। 35 साल की ब्यूमोंट 17 साल के करियर के बाद संन्यास ले रही हैं। उन्होंने 260 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। उन्होंने इंग्लैंड के लिए महिला वनडे में सबसे ज्यादा 12 शतक लगाए हैं। प्लेइंग-11 भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यस्तिका भाटिया, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, सयाली सतघरे, श्री चरणी, क्रांति गौड़। इंग्लैंड: टैमी ब्यूमोंट, माया बाउशियर, हीदर नाइट, नैट सिवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, एमी जोन्स (विकेटकीपर), मैडी विलियर्स, सोफी एक्लेस्टोन, इजी वोंग, लॉरेन बेल, लॉरेन फिलर। ------------------------- लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन का खेल… लॉर्ड्स विमेंस टेस्ट: भारत 285 रन पर ऑलआउट:पहली पारी में मंधाना, हरमन और दीप्ति शर्मा की फिफ्टी; जवाब में इंग्लैंड- 21/1 लॉर्ड्स में खेले जा रहे पहले महिला टेस्ट में भारत की पहली पारी 285 रन पर सिमट गई। पहले दिन ओपनर स्मृति मंधाना, कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने फिफ्टी लगाई। इंग्लैंड के लिए स्पिनर सोफी एक्लेस्टन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। पूरी खबर पढ़ें…
फीफा वर्ल्ड कप: क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड से सामना
कैनसस सिटी, 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' के अंतिम क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्विट्जरलैंड से होगा।
फीफा विश्व कप: फ्रांस और स्पेन में किसका पलड़ा भारी?
नई दिल्ली, फीफा विश्व कप 2026 अब अपने बेहद रोमांचक दौर में प्रवेश कर गया है। विश्व कप का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 15 जुलाई को फ्रांस और स्पेन के बीच खेला जाना है।
विरासत में मिला टेबल टेनिस का खेल: अचंत शरत कमल
नई दिल्ली, टेबल टेनिस के खेल में जब दिग्गज खिलाड़ियों का जिक्र होता है, तो भारत के अचंत शरत कमल का नाम शान से लिया जाता है। चार साल की उम्र में शरत ने टेबल टेनिस की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।
सिर्फ मेसी को रोकने से अर्जेंटीना से पार नहीं पा सकेगा स्विट्जरलैंड
नई दिल्ली, इंग्लैंड के पूर्व स्टार फुटबॉलर रॉबी फाउलर का मानना है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना को हराने के लिए स्विट्जरलैंड को सिर्फ लियोनेल मेसी को रोकने पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
एशियन गेम्स से पहले अनिमेष कुजूर ने बनाया नया रिकॉर्ड
वेट्जलर, भारत के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 100 मीटर दौड़ में नया मुकाम हासिल किया है।
मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) 2026 के उद्घाटन मैच में जब ग्रैंड प्रेयरी स्टेडियम की सपाट पिच पर बल्लेबाज आसानी से रन बटोर रहे थे, तब टेक्सास सुपर किंग्स (टीएसके) के 25 वर्षीय युवा सनसनी अमशी डी सिल्वा ने अपनी रफ्तार और धारदार बाउंसर से खलबली मचा दी। अपने अपेक्षाकृत छोटे कद और अनोखे बॉलिंग एक्शन के बावजूद अमशी अपनी 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बल्लेबाजों को चौंका देते हैं। हालांकि, वे सिर्फ अपनी खतरनाक गेंदबाजी या मैदान पर चीते जैसी फुर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि उस भावुक कहानी के लिए भी चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम के कैप से ऊपर अपने परिवार को चुना। अमशी मूल रूप से श्रीलंका के रहने वाले हैं और एक समय उन्हें वहां के सबसे होनहार तेज गेंदबाजों में गिना जाता था। अंडर-19 विश्व कप में वे अपनी टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जहां उन्होंने मथीशा पथिराना और दिलशान मदुशंका जैसे मौजूदा सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था। श्रीलंका ‘ए’ के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद हर क्रिकेट पंडित का मानना था कि अमशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखना सिर्फ समय की बात है। लेकिन अमशी की निजी जिंदगी में एक सूनापन था। उनके पिता 2008 में ही एक मिशनरी चैपलिन के रूप में अमेरिका चले गए थे, जबकि अमशी और उनकी मां परिस्थितियों के कारण श्रीलंका में ही रह गए। क्रिकेट के मैदान पर अमशी जितने आगे बढ़ रहे थे, उनका परिवार उतना ही दूर होता जा रहा था। अपने सपने का पीछा करने का सीधा मतलब था मां को पिता से लंबे समय तक अलग रखना। अंततः, इस युवा खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की महत्वाकांक्षा को पीछे छोड़कर परिवार को एक करने के लिए अमेरिका बसने का निस्वार्थ फैसला किया। अमेरिका में शुरुआती दिन बेहद संघर्ष भरे रहे। गुजारे के लिए उन्होंने इंडियाना के एक गैस स्टेशन (पेट्रोल पंप) पर लंबी शिफ्ट में काम किया। ऐसा लगा मानो उनका करियर खत्म हो गया है। तभी पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर एंजेलो परेरा ने नई उम्मीद जगाई। उन्होंने अमशी को टीएसके के अभ्यास सत्र में ट्रायल का मौका दिलाया। नेट्स में अपने पहले ही स्पैल में अमशी ने अपनी घातक यॉर्कर और बाउंसर से सबको हैरान कर दिया। इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें टीएसके के ड्राफ्ट में 48 लाख रुपए का बड़ा अनुबंध दिला दिया। अपनी सटीक बाउंसर और ‘बैक-ऑफ़-द-हैंड स्लोअर’ गेंद के दम पर वे टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक बनकर उभरे हैं। अब अमेरिकी क्रिकेट में चर्चा है कि अमशी जल्द ही यूएसए की राष्ट्रीय जर्सी पहनेंगे।
स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर विदेश में सबसे तेज 100 मीटर दौड़ने वाले भारतीय बने हैं। उन्होंने जर्मनी की एथलेटिक्स मीट में 100 मीटर दौड़ 10.14 सेकेंड में पूरी की। वे वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर चैलेंजर लेवल की प्रतियोगिता के फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे। साउथ अफ्रीका के आर. म्लेंगा 10.03 सेकेंड के साथ पहले स्थान पर रहे। 23 साल के अनिमेष ने अपना रिकॉर्ड बेहतर किया। यह उनका पर्सनल बेस्ट भी है। यह भारत का दूसरा सबसे तेज समय अनिमेष का 10.14 सेकेंड का समय भारत के इतिहास का दूसरा सबसे तेज 100 मीटर प्रदर्शन है। नेशनल रिकॉर्ड 10.09 सेकेंड का है, जिसे गुरिंदरवीर सिंह ने इसी साल रांची में फेडरेशन कप में बनाया था। 24 घंटे में तीन बार टूटा था रिकॉर्ड मई में फेडरेशन कप के दौरान भारतीय स्प्रिंट में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। गुरिंदरवीर सिंह ने 10.17 सेकेंड का समय निकाला और अनिमेष का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद अनिमेष ने 10.15 सेकेंड दौड़कर उससे बेहतर प्रदर्शन किया। अगले ही दिन गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकेंड का समय निकालकर भारत के सबसे तेज धावक बने। कॉमनवेल्थ गेम्स में रहेंगी नजरें अनिमेष कुजूर पहले ही 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत की 100 मीटर और 200 मीटर टीम में जगह बना चुके हैं। जर्मनी की प्रतियोगिता के बाद वे पोलैंड के स्पाला में भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर से जुड़ेंगे। इसके बाद वे ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उसेन बोल्ट के नाम है वर्ल्ड रिकॉर्ड 100 मीटर दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड जमैका के उसेन बोल्ट के नाम दर्ज है। उन्होंने यह रिकॉर्ड 2009 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया था। 100 मीटर रेस के 4 बड़े रिकॉर्ड्स ओलिंपिक गेम्स में 1984 से अब तक अश्वेत ही 100 मीटर चैंपियन 1896 में मॉडर्न ओलिंपिक की शुरुआत हुई थी। 1928 तक 100 मीटर के चैंपियन श्वेत एथलीट रहे। 1932 में एडी टोलन पहले अश्वेत ओलिंपिक 100 मीटर चैंपियन बने। 1984 से 2024 तक ओलिंपिक में अश्वेत एथलीट ही 100 मीटर चैंपियन रहे। 2020 टोक्यो ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट लेमॉन्ट मार्सेल जैकब्स के पिता अफ्रीकी मूल के थे, जबकि मां इटैलियन थीं। इसलिए उन्हें भी ब्लैक एथलीट में गिना गया। ----------------------------------------------
स्पोर्ट्स अपडेट:एमआई न्यूयॉर्क 17 रन से जीती, पॉइंट्स टेबल में दूसरे नंबर पर पहुंची
मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 में एमआई न्यूयॉर्क ने सिएटल ऑर्कास को 17 रन से हराकर प्लेऑफ की रेस में मजबूत बढ़त बनाई। टीम के अब 9 मैचों में 10 अंक हो गए हैं और वह बेहतर नेट रन रेट के आधार पर सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूयॉर्क ने 12 ओवर में 73 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तजिंदर सिंह और कप्तान कीरोन पोलार्ड ने छठे विकेट के लिए 41 गेंदों में 80 रन जोड़े। पोलार्ड ने 54 रन बनाए, जबकि तजिंदर ने 27 गेंदों में नाबाद 66 रन की पारी खेली। आखिरी ओवर में उन्होंने 20 रन बटोरकर टीम का स्कोर 8 विकेट पर 179 रन तक पहुंचाया। सिएटल के कप्तान मार्कस स्टोइनिस ने 5 विकेट लिए। 180 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिएटल ने 16वें ओवर तक 1 विकेट पर 144 रन बना लिए थे। टिम सीफर्ट (88) और मैथ्यू ब्रीत्ज़के (44) ने दूसरे विकेट के लिए 117 रन जोड़े। लेकिन ब्रीत्ज़के के आउट होने के बाद टीम आखिरी 26 गेंदों में 5 विकेट गंवाकर सिर्फ 18 रन ही जोड़ सकी और 17 रन से मैच हार गई। न्यूयॉर्क के लिए पोलार्ड और रोमारियो शेफर्ड ने 2-2 विकेट लिए।
39 साल के दिग्गज टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच का 25वां ग्रैंड स्लैट जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। वे विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में खुद से 15 साल छोटे 24 साल के जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार गए। सर्बिया के जोकोविच ने पिछला ग्रैंड स्लैम 3 साल पहले 2023 में जीता था। तब वे यूएस ओपन में चैंपियन बने थे। लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में शुक्रवार को इटली के सिनर ने जोकोविच को 6-4, 6-4, 6-4 से हराया। वे लगातार दूसरे साल फाइनल में पहुंचे हैं। वर्ल्ड नंबर-1 सिनर ने पिछले साल स्पेन के कार्लोस अल्काराज को हराया था। इस बार सिनर का मुकाबला रविवार को जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। एक भी सेट नहीं जीत सके जोकोविच सिनर ने सेमीफाइनल मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने जोकोविच को लगातार तीन सेटों में 2 घंटे 20 मिनट चले मैच में मात दी। इस जीत के साथ सिनर इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में मिली 5 सेटों की हार का भी बदला ले लिया। जोकोविच अब तक 24 ग्रैंड स्लैम जीत चुके हैं। वे 25वें टाइटल की तलाश में उतरे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्हें साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ओपन के फाइनल में स्पेन के कार्लोस अल्काराज ने हराया था। फ्रेंच ओपन में वे तीसरे राउंड से बाहर हो गए थे। जर्मनी के ज्वेरेव पहली बार विंबलडन फाइनल में जेंटलमेंन सिंगल्स कैटेगरी के पहले सेमीफाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराया। ज्वेरेव पहली बार विंबलडन के फाइनल में पहुंचे हैं। 29 साल के ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने हैं। साथ ही वे फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले ओपन एरा के तीसरे खिलाड़ी भी बन गए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अब तक सिर्फ दो सेट गंवाए हैं। सचिन, गिल और लारा ने रॉयल बॉक्स से देखा मैच सेंटर कोर्ट के रॉयल बॉक्स में भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर, टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और फुटबॉलर वर्जिल वान डाइक समेत कई खेल सितारे मौजूद रहे। विंबलडन ने सचिन का स्वागत करते हुए उन्हें क्रिकेट रॉयल्टी बताया। करीब 80 सीटों वाली यह दीर्घा 1922 से विम्बलडन की परंपरा का हिस्सा है। यह दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में है, जहां बैठना एक सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान माना जाता है। रॉयल बॉक्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी चयन प्रक्रिया है। यहां बिक्री के लिए कोई टिकट उपलब्ध नहीं होती। मेहमानों का चयन ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के चेयरमैन खुद करते हैं। पढ़ें- 80 सीटों वाला रॉयल बॉक्स विम्बलडन का सबसे बड़ा सम्मान लेडीज सिंगल्स कैटेगरी का फाइनल आज, मुचोवा-नोस्कोवा में मैच शनिवार रात 8:30 बजे से चेक रिपब्लिक की 2 प्लेयर्स के बीच लेडीज सिंगल्स कैटेगरी का फाइनल मैच खेला जाएगा। सेंटर कोर्ट पर होने वाले इस मुकाबले में कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा आमने-सामने होंगी। --------------------------------------------------- विंबलडन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जर्मनी के ज्वेरेव ने ब्रिटेन के फेरी को सेमीफाइनल में हराया जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बना ली। 29 साल के ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने हैं। पढ़ें पूरी खबर

