हॉकी इंडिया ने विमेंस हॉकी टीम को ₹50 लाख का इनाम देने का ऐलान किया है। गुरुवार को भारत ने वर्ल्ड कप में 52 साल बाद टॉप-5 में जगह बनाई थी। टीम ने नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में जर्मनी को 3-1 से हराया था। इनाम की राशि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के बीच बांटी जाएगी। टीम के हर खिलाड़ी को ₹2 लाख, जबकि सपोर्ट स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को ₹1 लाख मिलेंगे। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. दिलीप टिर्की ने टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि 52 साल बाद वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान पर रहना भारतीय महिला हॉकी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। भारत ने दूसरे हाफ में 3 गोल किए कप्तान सलीमा टेटे की अगुआई में भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में वर्ल्ड नंबर-5 जर्मनी को 3-1 से हराया। पहले दो क्वार्टर गोलरहित रहे, लेकिन दूसरे हाफ में भारत ने तीन गोल दागकर मुकाबले पर पकड़ बना ली। इशिका ने 42वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद नवनीत कौर ने 44वें और 47वें मिनट में लगातार दो गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी की लिन क्रिंग्स ने 58वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन भारत ने 3-1 से मुकाबला जीत लिया। 1972 में चौथे स्थान पर रही थी वर्ल्ड कप में भारत का इससे पहले सबसे अच्छा प्रदर्शन 1974 में आया था। तब टीम चौथे स्थान पर रही थी। इसके बाद 2026 में पांचवें स्थान पर रहकर भारत ने 52 साल बाद टॉप-5 में जगह बनाई। पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक हार भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 के ड्रॉ से की। इसके बाद साउथ अफ्रीका को 6-1 से हराया और इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। पूल-D में दूसरे स्थान पर रहकर टीम टॉप-8 में पहुंची। टॉप-8 स्टेज में भारत को नीदरलैंड्स के खिलाफ 2-0 से हार मिली। इसके बाद सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत जरूरी थी, लेकिन यह मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। 11 गोल किए, 6 गोल खाए भारत ने पूरे टूर्नामेंट में 11 गोल किए और 6 गोल खाए। टीम की ओर से 7 खिलाड़ियों ने गोल दागे। नवनीत कौर 4 गोल के साथ भारत की टॉप स्कोरर रहीं, जबकि दीपिका ने 2 गोल किए। हॉकी इंडिया बोला- प्रदर्शन टीम की मेहनत का नतीजा हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सलीमा टेटे और उनकी टीम ने दुनिया की मजबूत टीमों के खिलाफ खुद को साबित किया है।
हॉकी विश्व कप में भारत के लिए शर्मनाक क्षण, कप्तान हरमनप्रीत सिंह को इस वजह से दिखाया गया यलो कार्ड
हॉकी विश्व कप में भारतीय पुरुष टीम के लिए इस साल कुछ भी अच्छा नहीं जा रहा है। पहले ही टीम इंडिया सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी थी और अब एक और शर्मनाक घटना सामने आई है।
जो रूट ने वर्ल्ड रिकॉर्ड को किया अपने नाम, टेस्ट में घर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बने खिलाड़ी
लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट अपने नाम बड़ी उपलब्धि दर्ज कराने में कामयाब रहे, जिसमें अब वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में घर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
नामीबिया ने टी-20 इंटरनेशनल में साउथ अफ्रीका को दूसरी बार हरा दिया है। विंडहोक ग्राउंड में शुक्रवार को खेले गए ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में मेजबान टीम ने साउथ अफ्रीका को 18 रन से हराया। नामीबिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 163 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीका 20 ओवर में 9 विकेट पर 145 रन ही बना सकी। डेवाल्ड ब्रेविस ने 50 गेंदों पर 75 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। नामीबिया के रूबेन ट्रम्पेलमैन और जेजे स्मिट ने 3-3 विकेट लिए। यह दक्षिण अफ्रीका पर नामीबिया की सिर्फ दूसरी टी-20 इंटरनेशनल जीत है और दोनों जीत पिछले 10 महीनों में आई हैं। इस ट्राई सीरीज में जिम्बाब्वे तीसरी टीम है। फ्राइलिंक और स्टीनकैंप ने दिलाई तेज शुरुआत साउथ अफ्रीका के कप्तान ब्योर्न फोर्टुइन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। नामीबिया के ओपनर यान फ्राइलिंक और लॉरेन स्टीनकैंप ने इस फैसले को गलत साबित करते हुए 84 रन की साझेदारी की। दोनों ने 9.4 ओवर में यह रन जोड़े। फ्राइलिंक ने 38 गेंदों पर 60 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। स्टीनकैंप ने 29 गेंदों पर 41 रन की पारी खेली। नामीबिया 15वें ओवर में 133 रन तक पहुंच चुका था, लेकिन इसके बाद अफ्रीका के गेंदबाजों ने वापसी की। टीम ने आखिरी 5 ओवर में सिर्फ 30 रन देकर 6 विकेट लिए। प्रेनेलन सुब्रायेन ने 3 विकेट लिए, जबकि फोर्टुइन ने 2 विकेट हासिल किए। इस दौरान नामीबिया ने 116/1 से 133/5 तक पहुंचते हुए 22 गेंदों में 4 विकेट गंवा दिए। आखिर में कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने 19, एलेक्जेंडर बुसिंग-वोल्शेंक ने 13 और ट्रम्पेलमैन ने 12 रन बनाकर टीम को 163/9 तक पहुंचाया। ट्रम्पेलमैन और स्मिट ने प्रोटियाज को संभलने नहीं दिया 164 रन का पीछा करते हुए अफ्रीका की शुरुआत खराब रही। जॉर्डन हरमन 7 और लुआन-ड्रे प्रिटोरियस 9 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद भी विकेट गिरते रहे और 86 रन के स्कोर पर टीम 5 विकेट गंवा चुकी थी। डेवाल्ड ब्रेविस ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने 50 गेंदों पर 75 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 4 चौके शामिल थे। ब्रेविस और डुयान यानसन ने छठे विकेट के लिए 47 रन जोड़े। ब्रेविस के आउट होने के समय साउथ अफ्रीका को आखिरी 13 गेंदों पर 31 रन चाहिए थे। ट्रम्पेलमैन ने 18वें ओवर में ब्रेविस को आउट कर नामीबिया की जीत लगभग तय कर दी। यानसन ने 17 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके। आखिरी ओवर में स्मिट ने बचाए 28 रन साउथ अफ्रीका को आखिरी ओवर में 28 रन चाहिए थे। जेजे स्मिट के हाथ में गेंद थी और डुयान यानसन स्ट्राइक पर थे। उन्होंने पहली दो गेंदों पर 2 और 6 रन बटोरे, जिससे 3 गेंदों पर 20 रन की जरूरत रह गई। इसके बाद स्मिट ने यॉर्कर डालकर वापसी की। उन्होंने न्कोबानी मोकोएना को लॉन्ग-ऑन पर कैच कराया और फिर प्रेनेलन सुब्रायेन को डीप मिडविकेट पर कैच कराकर नामीबिया की जीत पक्की कर दी। स्मिट बने प्लेयर ऑफ द मैच जेजे स्मिट ने 3 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता। उन्होंने पहले पावरप्ले के आखिरी ओवर में सिर्फ 4 रन दिए। इसके बाद 14वें ओवर में वापसी करते हुए कॉनर एस्टरहाइजेन को आउट करने में अहम भूमिका निभाई। स्मिट के लिए यह लगातार दूसरी बार खास मौका था। अक्टूबर 2025 में अफ्रीका के खिलाफ पिछली जीत में भी उन्होंने 3 विकेट लिए थे। उस मैच में उन्होंने साउथ अफ्रीका का आठवां विकेट हासिल किया था और नामीबिया ने 134/8 का स्कोर डिफेंड किया था। ट्रम्पेलमैन ने फिर हरमन और ब्रेविस को आउट किया रूबेन ट्रम्पेलमैन ने 3/24 का स्पेल डाला। अफ्रीका के खिलाफ पिछले साल की जीत में भी उन्होंने 3/28 लिए थे और इस बार फिर 3 विकेट हासिल किए। दोनों मुकाबलों में उन्होंने रुबिन हरमन को आउट किया। पिछली जीत में ट्रम्पेलमैन ने रीजा हेंड्रिक्स और जेसन स्मिथ को भी आउट किया था, जबकि इस बार प्रिटोरियस और ब्रेविस उनका शिकार बने। नामीबिया की गेंदबाजी में युवा जैक ब्रासेल और मैक्स हिंगो को भी विकेट मिले। इरास्मस बोले- साबित हुआ कि हम यहां के हैं नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने जीत को टीम के लिए सिर्फ एक और उलटफेर नहीं माना। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका पर दो जीत यह दिखाती हैं कि नामीबिया बड़ी टीमों के खिलाफ मुकाबला कर सकता है और पिछली जीत कोई संयोग नहीं थी। इरास्मस ने कहा कि टीम ने नीदरलैंड्स, आयरलैंड और स्कॉटलैंड जैसी टीमों को भी हराया है। 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में उसने श्रीलंका को भी मात दी थी। डुयान यानसेन का डेब्यू भी चर्चा में रहा अफ्रीका की ओर से डुयान यानसेन ने टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। शुरुआत उनके लिए अच्छी नहीं रही। पहले दो ओवर में उन्होंने 18 रन दिए। बाद में गेंदबाजी करते हुए कुल 2/32 का आंकड़ा हासिल किया। यानसन ने बल्लेबाजी में 17 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाए। अब जिम्बाब्वे से भिड़ेगा अफ्रीका ट्राई सीरीज में साउथ अफ्रीका का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से शनिवार को होगा। वहीं, नामीबिया का अगला मैच 31 अगस्त को जिम्बाब्वे के खिलाफ है।
लॉर्ड्स टेस्ट मैच के पहले दिन के खेल के खेल में लंच ब्रेक में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व पीएम इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू के इंटरव्यू को प्रसारित होने से रोकने के लिए पीसीबी ने काफी प्रयास किया था, लेकिन आखिर में उनको मुंह की खानी पड़ी।
साउथ अफ्रीका हुई उलटफेर का शिकार, टी20 रैंकिंग में 14वें नंबर की टीम ने दी पटखनी
साउथ अफ्रीका की टीम जो अभी टी20 ट्राई सीरीज खेलने के लिए नामीबिया के दौरे पर है उसमें उसे पहले ही मुकाबले में बड़े उलटफेर का शिकार होना पड़ा है, जिसमें नामीबिया की टीम उनको 18 रनों से मात देने में कामयाब रही है।
दुबई में 28 अगस्त से शुरू हो रहे महिला टी20 एशिया कप में भारतीय टीम कप जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है, जिसमें सभी की नजरें 5 सितंबर को भारत और पाकिस्तान की महिला टीम के बीच में होने वाले मुकाबले को लेकर टिकी हुई हैं, तो वहीं इस मैच से पहले टीम इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत कौर का भी बड़ा बयान सामने आया है।
BCCI जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को इंग्लैंड भेजने की तैयारी में है। नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज को ध्यान में रखते हुए बोर्ड उन्हें इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में 2-3 रेड-बॉल मैच खिलाने की योजना बना रहा है। इसके लिए BCCI काउंटी क्लब सरे से बातचीत कर रहा है। नबी को काउंटी चैंपियनशिप के आखिरी दौर में शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना है। आकिब नबी पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में 60 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। इसके बावजूद उन्हें और गुरनूर बरार को श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में हुई दो टेस्ट मैचों की सीरीज की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को वर्कलोड के चलते ब्रेक दिया गया है। वहीं, गुरनूर बरार दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन की ओर से खेलेंगे। नबी के लिए इंग्लैंड में 2-3 मैचों की तैयारी BCCI के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर PTI से कहा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयन समिति ने गुरनूर को दलीप ट्रॉफी में खिलाने का फैसला किया है। सूत्र ने कहा, प्लेइंग इलेवन में अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज पहले से हैं। गुरनूर, सुनील कुमार की जगह लेंगे। BCCI इंग्लैंड में आकिब के लिए कम से कम 2-3 रेड-बॉल मैचों की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है। सरे से खेलने पर बातचीत जारी लंदन स्थित काउंटी क्लब सरे एक स्विंग गेंदबाज की तलाश में है। इसी वजह से आकिब नबी के सरे के लिए कुछ मैच खेलने की संभावना पर बातचीत हो रही है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और सरे के प्रमुख एलेक स्टीवर्ट की BCCI से जुड़े लोगों के साथ इस बारे में बातचीत चल रही है। BCCI आकिब का UK वीजा हासिल करने की कोशिश कर रहा है। वीजा मिलने के बाद उनके इंग्लैंड रवाना होने की संभावना है। गुरनूर नॉर्थ जोन के लिए खेलेंगे गुरनूर बरार नॉर्थ जोन की टीम के साथ साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में खेलेंगे। यह मुकाबला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होना है। इंग्लैंड में खेल रहे अन्य भारतीय मानव सुथार वारविकशायर के लिए दो मैच खेल चुके हैं। कुलदीप यादव यॉर्कशायर के रेड-बॉल मैचों के लिए इंग्लैंड लौट चुके हैं। आशुतोष शर्मा ने मिडलसेक्स के लिए रॉयल लंदन वनडे कप में खेला है। साई किशोर ग्लोसेस्टरशायर के लिए खेल रहे हैं। ------------------क्रिकेट की यह खबर भी पढ़ें…विमेंस एशिया कप के बारे में सब कुछ:आज से 10वां एडिशन, 8 टीमें लेंगी हिस्सा; भारत-पाकिस्तान मुकाबला 5 सितंबर को विमेंस क्रिकेट एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। पूरी खबर पढ़ें…
Chelsea Transfer Hunt: Enzo Fernandez के विकल्प की तलाश, Monaco के Lamine Camara पर टिकी नजरें
चेल्सी के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता एंजो फर्नांडेज को लेकर बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, क्लब ने मोनाको के 22 वर्षीय मिडफील्डर लामिन कैमारा को उनके संभावित विकल्प के तौर पर देखना शुरू कर दिया है। फर्नांडेज इस पूरी गर्मियों में स्टैमफोर्ड ब्रिज छोड़ने की इच्छा जताते रहे हैं और मैनचेस्टर सिटी को उनके अगले ठिकाने के तौर पर सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मैनचेस्टर सिटी फर्नांडेज को अपने साथ जोड़ने में दिलचस्पी रखता है, लेकिन अभी तक चेल्सी की 12 करोड़ पाउंड की मांग पूरी नहीं की गई है। ऐसे में चेल्सी ने संभावित विदाई को ध्यान में रखते हुए पहले से ही उनके विकल्प की तलाश शुरू कर दी है। पत्रकार साशा तवोलिएरी के अनुसार, चेल्सी और मोनाको के बीच लामिन कैमारा को लेकर बातचीत चल रही है। मोनाको के प्रबंध निदेशक थियागो स्कुरो खुद इस बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि मोनाको कैमारा को आसानी से छोड़ना नहीं चाहता, लेकिन करीब 6 करोड़ यूरो की पेशकश क्लब को इस सौदे पर विचार करने के लिए मजबूर कर सकती है। गौरतलब है कि चेल्सी कैमारा को फर्नांडेज के संभावित स्थानापन्न के रूप में सबसे उपयुक्त विकल्पों में से एक मान रहा है। सेनेगल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कैमारा ने कम उम्र में ही यूरोपीय फुटबॉल में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। मोनाको के मध्य क्षेत्र में उनकी भूमिका और गेंद पर नियंत्रण ने उन्हें बड़े क्लबों की नजर में ला दिया है। दूसरी ओर, फर्नांडेज का चेल्सी से भविष्य लगातार चर्चा में है। 25 वर्षीय अर्जेंटीना के खिलाड़ी को चेल्सी ने बड़ी रकम खर्च करके टीम में शामिल किया था और वह क्लब के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में रहे हैं। हालांकि, अब उनके संभावित ट्रांसफर की खबरों ने टीम के अगले सत्र की योजनाओं को प्रभावित किया है। मैनचेस्टर सिटी की ओर से पूर्व चेल्सी प्रबंधक एंजो मारेस्का भी फर्नांडेज को टीम में लाने के पक्ष में बताए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों क्लबों के बीच खिलाड़ी की कीमत को लेकर अंतर अभी भी बना हुआ है। चेल्सी 12 करोड़ पाउंड से कम में सौदा करने के लिए तैयार है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। बता दें कि कैमारा के लिए मोनाको करीब 6 करोड़ यूरो की रकम चाहता है और अगले 48 घंटे बातचीत के लिहाज से अहम बताए जा रहे हैं। अगर दोनों क्लबों के बीच सहमति बनती है तो कैमारा चेल्सी के मध्य क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल चेल्सी एक तरफ फर्नांडेज के भविष्य को लेकर बातचीत का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कैमारा के लिए सौदा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में इन दोनों ट्रांसफरोंकी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है और चेल्सी के अगले सत्र की टीम संरचना पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
लॉर्ड्स टेस्ट में बाबर आजम 8 रन बनाकर आउट:इंग्लैंड 290 पर ऑलआउट, पाकिस्तान के अब्बास ने 4 विकेट लिए
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बारिश के कारण पहले सेशन का ज्यादातर खेल नहीं हो सका, लेकिन इसके बाद पाकिस्तान के गेंदबाजों ने इंग्लैंड को 290 रन पर ऑलआउट कर दिया। मोहम्मद अब्बास ने 4 और मोहम्मद अली ने 3 विकेट लिए। इंग्लैंड की ओर से जेमी स्मिथ ने सबसे ज्यादा 61 रन बनाए। जॉर्डन कॉक्स ने 55 और गस एटकिंसन ने 45 रन की पारी खेली। पाकिस्तान के लिए खुर्रम शहजाद और अली उस्मान को एक-एक विकेट मिला। जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। टीम ने 63 रन पर तीन विकेट गंवा दिए हैं। कप्तान बाबर आजम सिर्फ 8 रन बनाकर जोश टंग की गेंद पर जॉर्डन कॉक्स के हाथों कैच आउट हुए। खबर लिखे जाने तक अजान अवैस 26 और सऊद शकील 16 रन बनाकर क्रीज पर हैं। अब्बास ने पहले सेशन में इंग्लैंड के विकेट लिए पाकिस्तान के बॅालर्स को बादल छाए होने के कारण शुरुआत में मदद मिली। मोहम्मद अब्बास ने नई गेंद से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। अब्बास ने पहले एमिलियो गे को विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान के हाथों कैच कराया। इसके बाद बेन डकेट को LBW किया। जो रूट भी अब्बास की अंदर आती गेंद पर LBW होकर 4 रन पर आउट हुए। इस विकेट के साथ अब्बास ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में अपने 900 विकेट पूरे किए। कॉक्स और स्मिथ ने पारी संभाली इंग्लैंड ने 77 रन तक चार विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद जॉर्डन कॉक्स और डैन लॉरेंस ने पारी को संभाला। दोनों ने मुश्किल परिस्थितियों में रन जोड़े। पाकिस्तान को एक मौका भी मिला, लेकिन कैच छूट गया। आखिरकार लॉरेंस रनआउट होकर 17 रन पर आउट हुए। इसके बाद कॉक्स ने जेमी स्मिथ के साथ मिलकर स्कोर आगे बढ़ाया। स्मिथ को 19 रन के स्कोर पर जीवनदान भी मिला। दोनों ने इंग्लैंड को 200 के पार पहुंचाया। कॉक्स 55 रन बनाकर सब्स्टीट्यूट फील्डर सलमान आगा के शानदार कैच का शिकार हुए। मोहम्मद अली ने लगातार दो गेंदों में दो विकेट लिए जॉर्डन कॉक्स के आउट होने के बाद गस एटकिंसन और जेमी स्मिथ ने कुछ तेजी से रन बनाए। स्मिथ ने अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद मोहम्मद अली ने पाकिस्तान को मैच में वापस ला दिया। अली ने पहले जेमी स्मिथ को 61 रन पर बोल्ड किया और दो गेंद बाद ओली रॉबिन्सन को भी बोल्ड कर दिया। इसके बाद अब्बास ने जोफ्रा आर्चर को आउट कर अपना चौथा विकेट हासिल किया। इंग्लैंड की आखिरी जोड़ी ने कुछ रन जोड़े, लेकिन पाकिस्तान ने पूरी टीम को 66.4 ओवर में 290 रन पर समेट दिया। अब्बास ने 20 ओवर में 73 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद अली ने 22 ओवर में 86 रन देकर 3 विकेट चटकाए। पाकिस्तान की शुरुआत भी लड़खड़ाई इंग्लैंड की पहली पारी के जवाब में पाकिस्तान ने शुरुआत में ही दो विकेट गंवा दिए। शान मसूद 1 और अब्दुल्लाह शफीक 5 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कप्तान बाबर आजम भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। वह 10 गेंदों पर 8 रन बनाकर जोश टंग की गेंद पर जॉर्डन कॉक्स को कैच दे बैठे। इसके बाद अजान अवैस और सऊद शकील ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 33 रन की साझेदारी हो गई है। दोनों टीमों की प्लेइंग XI इंग्लैंड: बेन डकेट, एमिलियो गे, जॉर्डन कॉक्स, जो रूट (कप्तान), हैरी ब्रूक, डैन लॉरेंस, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), ओली रॉबिन्सन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। पाकिस्तान: इमाम-उल-हक, अजान अवैस, अब्दुल्लाह शफीक, शान मसूद, बाबर आजम (कप्तान), सऊद शकील, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली।
लॉर्ड्स टेस्ट के बीच पाकिस्तान की बढ़ी मुसीबत, स्टार बल्लेबाज पहले दिन हुआ चोटिल; हो सकता है बाहर
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच के बीच में पाकिस्तानी टीम के लिए उनके ओपनिंग बल्लेबाज इमाम उल हक की चोट ने मुश्किल बढ़ा दी है, जो पहले दिन के खेल में चोटिल हो गए थे और अब उनके इस मुकाबले में खेलने पर संशय की स्थिति बनी हुई है।
पूर्वभारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि ऋषभ पंत अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा- पंत अपने खराब फैसलों की वजह से भारत की वनडे और टी20 इंटरनेशनल टीम में नहीं खेल रहे हैं। अश्विन ने कहा कि अगर पंत को सच्चाई बताई जाएगी, तो वे भारत के लिए हर फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पंत को ‘एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला खिलाड़ी’ कहकर टीम मैनेजमेंट को उन्हें खास ट्रीटमेंट नहीं देनी चाहिए। अश्विन बोले- खास ट्रीटमेंट देना है, तो सबको दीजिए अश्विन ने ‘अश्विन की बात’ प्रोग्राम में कहा कि किसी एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट मत दीजिए।' उन्होंने कहा- अगर खिलाड़ियों को वन जेनरेशन प्लेयर कहकर समर्थन देना ही है, तो यह समर्थन सभी को दीजिए। यशस्वी जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं।' अश्विन बोले कि मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि पंत 50 टेस्ट खेल चुके हैं और उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अश्विन ने कहा- ‘ऋषभ पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके लिए मुझे बहुत अफसोस है। बिना जोखिम के भी सोनल दिनूषा का स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा था।’ उन्होंने कहा- जब खेल आपके हाथ में हो, तब लोग कहते हैं- ‘ऋषभ इसी तरह खेलते हैं।’ कहा- एक पल की मूर्खता टेस्ट हारने के लिए काफी अश्विन ने पंत की सिडनी और ब्रिस्बेन में खेली पारियों की तारीफ की। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना आप वह मैच नहीं जीत सकते थे। उन्होंने कहा- 'टेस्ट मैच बनाने और उसके आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटर्स की जरूरत होती है, लेकिन एक टेस्ट हारने के लिए सिर्फ एक पल की मूर्खता काफी होती है। हाल ही में खत्म हुई श्रीलंका सीरीज में पंत ने 168 रन बनाए थे। इसमें दो टेस्ट मैचों में उनके दो अर्धशतक शामिल थे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारत ने यह सीरीज 1-0 से जीती। सेहवाग और गिलक्रिस्ट से तुलना पर जवाब अश्विन ने पंत की आक्रामक बल्लेबाजी की तुलना वीरेंद्र सेहवाग और एडम गिलक्रिस्ट जैसे पुराने महान खिलाड़ियों से करने की बात भी खारिज की। उन्होंने कहा- मेरे सामने इन खिलाड़ियों के बारे में ऐसी मार्केटिंग वाली बातें दोबारा मत रखिए। अश्विन ने कहा- ‘सेहवाग और गिलक्रिस्ट ने आक्रामक क्रिकेट खेला, लेकिन जब उनकी टीम 500 रन पीछे होती थी, तब वे मार्को यानसन की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट खेलने के दौरान आउट नहीं होते थे।’ -------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियाड में क्रिकेट की B टीमें भेज सकता है भारत:जापान में सुविधाओं से BCCI नाराज; होटल के कमरे छोटे, स्टेडियम से 20km दूर भारत जापान में होने वाले एशियन गेम्स में क्रिकेट की ‘B टीम’ भेज सकता है। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार BCCI जापान में मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। एशियन गेम्स में क्रिकेट के मुकाबले 17 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। मेजर ध्यानचंद, भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाले चैंपियन खिलाड़ी थे। ध्यानचंद जब मैदान पर खेलते थे, तो ऐसा लगता था कि गेंद उनकी स्टिक से किसी चुंबक की तरह चिपक सी गई है। ध्यानचंद के खेल से प्रभावित होकर हिटलर ने उन्हें जर्मनी से खेलने तक का ऑफर दे दिया था।
नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग के फाइनल में पक्की की जगह, सिर्फ 2 इवेंट में हिस्सा लेकर हासिल किया टिकट
भारतीय स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा ने इस बार डायमंड लीग के सिर्फ दो चरण में हिस्सा लिया और उसके दम पर वह फाइनल के लिए अपनी जगह को पक्का करने में कामयाब रहे हैं, जिसमें अब वह 4 और 5 सितंबर को ब्रुसेल्स में आयोजित होने वाले इवेंट में हिस्सा लेंगे।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा है कि अगर विराट कोहली कोलंबो टेस्ट में खेलते तो भारत मुकाबला जीत सकता था। कैफ के मुताबिक, टेस्ट के आखिरी दिन भारतीय टीम में जोश और तेजी की कमी दिखाई दी। विराट टीम में होते तो वे खिलाड़ियों को लगातार उत्साहित करते और श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते। मैच के पांचवें दिन श्रीलंका के 4 विकेट बाकी थे और टीम भारत से सिर्फ 16 रन आगे थी। यहां से सोनल दिनूषा ने नाबाद 133 रन की पारी खेली और श्रीलंका ने 9 विकेट पर 429 रन बनाकर पारी घोषित नहीं की। उसकी बढ़त 216 रन हो गई और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान रहे हैं। उन्होंने 68 टेस्ट में कप्तानी की, जिनमें भारत ने 40 मैच जीते, 17 हारे और 11 मुकाबले ड्रॉ रहे। इस मामले में उनके बाद एमएस धोनी का नंबर आता है। कैफ बोले- कोहली खिलाड़ियों में जोश भरते कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि विराट कोहली टीम में होते तो वह लगातार खिलाड़ियों से बात करके उन्हें मैच में बनाए रखते। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट लंबा खेल है और इसमें गेंदबाजों को लगातार मेहनत करनी पड़ती है। कैफ के मुताबिक, भारतीय टीम ने कई मौकों पर चीजों को अपने आप होने के लिए छोड़ दिया। उनका मानना था कि सिर्फ गेंदबाजी करते रहने से विकेट मिलने की उम्मीद करना पर्याप्त नहीं था। दिनूषा पर दबाव बनाते कोहली कैफ ने कहा कि भारतीय टीम में ऊर्जा की कमी दिखी, जिसे विराट कोहली बढ़ा सकते थे। उनके मुताबिक, कोहली मैदान पर लगातार खिलाड़ियों को उकसाते और श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनूषा को भी दबाव में लाने की कोशिश करते। उन्होंने कहा कि कोहली सरफराज खान और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों को भी लगातार एक्टिव रखते और मैदान पर आक्रामक माहौल बनाते। कोहली ने मई 2025 में टेस्ट से संन्यास लिया विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी। इससे पहले वह टी-20 इंटरनेशनल से भी संन्यास ले चुके थे। अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। कोहली ने भारत के लिए 123 टेस्ट में 9,230 रन बनाए। उनके नाम 30 टेस्ट शतक और 31 अर्धशतक हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 254 रन है। --------------------- मैच की यह खबर भी पढ़ें… श्रीलंका ने भारत को नहीं जीतने दिया दूसरा टेस्ट:फॉलोऑन खेलने के बावजूद मैच ड्रॉ कराया, सोनल दिनूषा का दोनों पारियों में शतक श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया है। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। पूरी खबर पढ़ें…
भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से टीम इंडिया के नाम रही लेकिन इस सीरीज में जिस एक खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया वह श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनुशा हैं जिन्होंने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ कराने में अहम भूमिका अदा की।
कप्तान गिल ने कहा पडिक्कल-मानव तारीफ के लायक है
कोलंबो, भारत के कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टेस्ट सीरीज में मिली 1-0 की जीत के बाद कहा कि इस सीरीज के दौरान कई सकारात्मक नतीजे निकले। उन्होंने खासतौर पर देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार के प्रदर्शन की सराहना की।
साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर मारिजन कैप ट्रांस क्रिकेटर अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने से नाराज हैं। 36 साल की कैप ने इंस्टाग्राम पर एक न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा, यह बिल्कुल हास्यास्पद है, इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट में विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) को भी टैग किया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अनाया को फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की कम्युनिटी क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने की अनुमति दी है। वह आगे WBBL में भी खेल सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें तय हार्मोन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी। WBBL खेलेने के लिए ब्लड टेस्ट क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के मुताबिक, अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र की प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेल सकती हैं। हालांकि, मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। CA के हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को बताया कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर उन्हें ब्लड टेस्ट देना होगा। टेस्ट में उनके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम होना चाहिए। अनाया ने कहा- लगा था दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी अनाया ने कुछ दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले पर खुशी जताई थी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बहुत खास दिन है, क्योंकि उन्हें फिर से क्रिकेट खेलने का मौका मिला है। अनाया ने बताया कि एक समय उन्हें लगा था कि वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी। उनके मुताबिक, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें एक और मौका दिया है। 25 साल की अनाया ने इसी साल जेंडर ट्रांजिशन के तहत जेनिटल सर्जरी कराई थी। BCCI से जवाब नहीं मिला तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया अनाया ने क्रिकेट खेलने की अनुमति के लिए BCCI से भी संपर्क किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से अनुरोध किया। BCCI के एक अधिकारी ने बताया कि ICC ने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के मामले में एलीट महिला क्रिकेट के लिए अनुमति नहीं दी है। अधिकारी के मुताबिक, BCCI ने अभी ऐसे मामलों में घरेलू क्रिकेट को लेकर अपना रुख तय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड के सामने इस तरह का पहला मामला है, इसलिए इस पर फैसला किया जाना बाकी है। अनाया का क्रिकेट कनेक्शन क्या है? अनाया बांगर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की संतान हैं। उन्होंने भारत में एज-ग्रुप क्रिकेट भी खेला है। अनाया ने सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी एज ग्रुप क्रिकेट खेला है। --------------अनाया से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… संजय बांगड़ की बेटी अनाया फिर खेल सकेंगी क्रिकेट पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ अब क्रिकेट में वापसी कर सकती हैं। अनाया का जन्म एक लड़के के तौर पर हुआ था। उनका नाम आर्यन था। उन्होंने बाद में सर्जरी और हार्मोन रिप्लेसमेंट के जरिए खुद को लड़की बना लिया और अपना नाम अनाया रख लिया। जेंडर बदलवाने के कारण उन्हें खेल से बाहर होना पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर…
भारत ने नंबर-3 टेस्ट बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की पीठ पर उनका नाम और जर्सी नंबर छप गया है। कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन मिलने के बाद श्रीलंका ने लगातार 2 पारियों में बैटिंग की। इसकी वजह से भारतीय खिलाड़ी 243.4 ओवर तक फील्डिंग करते रहे। इससे पहले पडिक्कल ने पहली पारी में 127 ओवर तक बल्लेबाजी की। वे 11वें ओवर में बल्लेबाजी के लिए उतरे और 138वें ओवर में भारतीय पारी घोषित होने तक नाबाद रहे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा था। भारत ने श्रीलंका से 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती। पडिक्कल ने लिखा- सूरज ने टैटू दे दिया पडिक्कल ने इंस्टाग्राम पर इसकी तस्वीर शेयर की। उन्होंने पोस्ट में सीरीज की कुछ और तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा- सीरीज में मिले वसर के लिए बेहद आभारी हूं। आगे और बेहतर करने की भूख है। सीरीज से काफी कुछ सीखा। इसके बाद उन्होंने लिखा कि सूरज की धूप ने मुझे एक टैटू दे दिया है। पडिक्कल ने सीरीज में 2 शतक लगाए पडिक्कल ने सीरीज की तीन पारियों में 2 शतक के साथ 328 रन बनाए। उन्होंने 167, 44 और 117 रन की पारियां खेली। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का चुना गया। पडिक्कल ने अपने करियर में चार टेस्ट मैच खेले है। इसकी छह पारियों में 418 रन उनके नाम हैं। उनका औसत 69.66 रहा है। उन्होंने 2 शतक और 1 अर्धशतक लगाए हैं। पंत ने कंधे की चोट की तस्वीर शेयर की कोलंबो टेस्ट के दौरान ऋषभ पंत के दाएं कंधे पर चोट लगी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसकी तस्वीर शेयर करते हुए इसे यादगार निशानी बताया। चोट के कारण पंत कई घंटों तक बेंच पर बैठे रहे। उनकी जगह ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की। पंत ने तीन पारियों में 56 की औसत से 168 रन बनाए। उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए। कोलंबो टेस्ट मैच की खबर पढ़ें… श्रीलंका ने भारत को नहीं जीतने दिया दूसरा टेस्ट:फॉलोऑन खेलने के बावजूद मैच ड्रॉ कराया, सोनल दिनूषा का दोनों पारियों में शतक श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया है। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। पूरी खबर पढ़ें… ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियाड में क्रिकेट की B टीमें भेज सकता है भारत:जापान में सुविधाओं से BCCI नाराज; होटल के कमरे छोटे, स्टेडियम से 20km दूर भारत जापान में होने वाले एशियन गेम्स में क्रिकेट की ‘B टीम’ भेज सकता है। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार BCCI जापान में मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। एशियन गेम्स में क्रिकेट के मुकाबले 17 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
भारत ने नंबर-3 टेस्ट बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की पीठ पर उनका नाम और जर्सी नंबर छप गया है। कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन मिलने के बाद श्रीलंका ने लगातार 2 पारियों में बैटिंग की। इसकी वजह से भारतीय खिलाड़ी 243.4 ओवर तक फील्डिंग करते रहे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारत श्रीलंका के खिलाफ क्लीन स्वीप नहीं कर सका। इससे ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में भारत की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद भी टूट गई। सोनल दिनुशा के दो शतकों ने भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों को काफी देर तक मैदान पर बनाए रखा। फॉलोऑन खेलने के बाद श्रीलंका ने चार दिन तक भारत को लगातार फील्डिंग करने पर मजबूर किया और टेस्ट ड्रॉ करा लिया। बारिश रुकने और दिन का खेल खत्म होने के अलावा भारतीय खिलाड़ियों को दूसरी पारी में पैर आराम देने या दोबारा बल्ला उठाने का ज्यादा मौका नहीं मिला। पैडिकल की पीठ पर नाम और जर्सी नंबर देवदत्त पैडिकल ने हर दिन मुश्किल मौसम में कई घंटे फील्डिंग की। इसके बाद उनकी पीठ पर उनके नाम और जर्सी नंबर का निशान बन गया, जिसे उन्होंने टैटू बताया। पैडिकल ने इंस्टाग्राम पर इस टैटू की तस्वीर साझा की। उन्होंने सीरीज से जुड़े कुछ दूसरे यादगार पल भी पोस्ट किए। पैडिकल ने सीरीज में दो शतक लगाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड जीता। चोटिल साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में उन्होंने नंबर-3 पर अपनी जगह पक्की कर ली। वे सीरीज में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। पैडिकल ने तीन पारियों में 328 रन बनाए, उनका औसत 109.33 रहा और बेस्ट स्कोर 117 रन रहा। अब तक चार टेस्ट की छह पारियों में पैडिकल के नाम 418 रन हैं। उनका औसत 69.66 है, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल है। पंत ने कंधे की चोट की तस्वीर साझा की रिषभ पंत के कंधे पर चोट लगी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने दाएं कंधे की चोट की तस्वीर साझा की और इसे छोटा सा सुवेनियर बताया। चोट के कारण पंत बेंच पर बैठे रहे और ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की। पंत सीरीज में पांचवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने तीन पारियों में 168 रन बनाए। उनका औसत 56.00 और स्ट्राइक रेट 76 से ज्यादा रहा, जिसमें दो अर्धशतक और 66 रन का बेस्ट स्कोर शामिल है। भारत ने 503/9 पर पारी घोषित की भारत ने टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी की। देवदत्त पैडिकल ने 193 गेंदों पर 117 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल थे। ध्रुव जुरेल 177 गेंदों पर 115 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी में नौ चौके और दो छक्के शामिल थे। रिषभ पंत ने 89 गेंदों पर 63 रन बनाए, जिसमें छह चौके और दो छक्के थे। कप्तान गिल ने 108 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके शामिल थे। इन पारियों की मदद से भारत ने 503/9 का स्कोर बनाया। श्रीलंका के लिए असिथा फर्नांडो ने चार विकेट लिए।
Praggnanandhaa ने रचा इतिहास: Fabiano Caruana को हराकर Grand Chess Tour जीतने वाले पहले भारतीय बने
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यहां ग्रैंड फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को हराया।प्रज्ञाननंदा ने गुरुवार को दिन की शुरुआत में कारुआना से छह अंक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने आखिर में कारुआना को 15-13 से हराकर अपना पहला जीसीटी खिताब जीता और पुरस्कार राशि के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक करोड़, 91 लख रुपए) अपने नाम किए। इस तरह से प्रज्ञाननंदा, कारुआना और एक अन्य अमेरिकी वेस्ली सो ने अगले साल होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर में जगह पक्की कर दी। वेस्ली ने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को 18-12 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।प्रज्ञाननंदा ने जीत के बाद कहा, ‘‘सच कहूं तो, मुझे नहीं लगता था कि आज मेरे पास जीतने के ज्यादा मौके हैं। ऐसा हर दिन नहीं होता। आप फैबी (कारुआना) से एक गेम जीत सकते हैं लेकिन रैपिड राउंड में दो गेम जीतना महत्वपूर्ण था।’’ पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद से प्रशिक्षण लेने वाला चेन्नई का यह 21 वर्ष का खिलाड़ी दिन की शुरुआत में छह अंक से पीछे था लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी की तथा दोनों रैपिड गेम (प्रति गेम विजेता को चार अंक) जीतकर दो अंकों की बढ़त बना ली।इसके बाद खेले गए चार ब्लिट्ज मैचों में मुकाबला बराबरी का रहा, जिसमें प्रज्ञाननंदा और कारुआना ने एक-एक मैच जीता जबकि शेष दो मैच ड्रॉ रहे। इस तरह से रैपिड राउंड के आखिर में मिली दो अंकों की बढ़त भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए निर्णायक साबित हुई।ब्लिट्ज सेक्शन का पहला गेम ड्रॉ रहा, जिसके बाद कारुआना ने दूसरा गेम जीतकर स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। प्रज्ञाननंदा ने हालांकि तीसरा गेम जीत कर फिर से दो अंक की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अगला गेम ड्रॉ करके खिताब अपने नाम कर दिया। ग्रैंड शतरंज टूर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘प्रज्ञाननंदा को पहली बार ग्रैंड शतरंज टूर का खिताब जीतने पर हार्दिक बधाई। एक रोमांचक फाइनल मैच में फैबियानो कारुआना को हराकर प्रज्ञाननंदा ने एक अविश्वसनीय सीजन का समापन किया और अपने करियर में पहली बार जीसीटी का खिताब अपने नाम किया।’’उसने कहा, ‘‘क्या शानदार वापसी थी। क्या जबरदस्त मुकाबला था। चैंपियन बनने का इससे शानदार तरीका और नहीं हो सकता।’’प्रज्ञाननंदा इस साल की शुरुआत में नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। इस दौरान उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया था।
Guarda FC ने भारतीय खिलाड़ी Yohaan Benjamin से किया दो साल का करार
पुर्तगाल के फुटबॉल क्लब गुआर्डा एफसी ने मुंबई में जन्में भारतीय युवा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी योहान बेंजामिन के साथ दो साल का करार किया है। हालांकि यह अनुबंध अंतरराष्ट्रीय मंजूरी और वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगा। योहान के यूरोपीय फुटबॉल करियर में यह करार एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह गुआर्डा एफसी के उस लक्ष्य के अनुरूप है जिसमें वह भारत, एशिया और अन्य उभरते फुटबॉल बाजारों की युवा प्रतिभाओं को यूरोपीय फुटबॉल में आगे बढ़ने का मौका देना चाहता है। योहान बेंजामिन ने कहा, ‘‘गुआर्डा एफसी के साथ जुड़ना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यूरोप में मेरे सफर में यह एक और अहम कदम है। मुझे इस स्तर पर आगे बढ़ने, मुकाबला करने और खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। मुझ पर भरोसा करने और मौका देने के लिए मैं क्लब का आभारी हूं। ’’मिडफील्डरयोहान ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत फुटबॉल स्कूलों और अकादमियों से की जिसमें कॉनशिएंट फुटबॉल मुंबई, बेंगलोर फुटबॉल अकादमी और मिनर्वा फुटबॉल अकादमी शामिल हैं। इसके बाद वह 2022 की शुरुआत में शिलॉन्ग लाजोंग से जुड़ गए। क्लब के साथ तीन साल के दौरान योहान ने अकादमी स्तर से आगे बढ़ते हुए सीनियर और रिजर्व टीम में खेले। इस दौरान उन्हें अनुभवी और उम्र में बड़े खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव मिला। उन्होंने 2024 शिलांग प्रीमियर लीग में नौ गोल किए और शिलांग लाजोंग को खिताब जीतने में मदद की। इसके अलावा उन्होंने मेघालय राज्य लीग में क्लब को उपविजेता बनाने में भी योगदान दिया। गुआर्डा फुटबोल क्लब के सीईओ जय अग्रवाल ने कहा, ‘‘योहान बिल्कुल वैसा ही खिलाड़ी है, जैसा हम गुआर्डा एफसी में चाहते हैं। ऐसा खिलाड़ी जो महत्वाकांक्षी, मेहनती और सफलता हासिल करने के लिए उत्सुक हो। हमें खुशी है कि हमने उसके साथ दो साल का करार किया है। हालांकि, यह अंतरराष्ट्रीय मंजूरी और वीजा प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।
भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित एक दिवसीय प्रतियोगिता की सीरीज के केवल दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बावजूद पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। चोपड़ा ने 19 जून को दोहा और 21 अगस्त को लुसाने में हुई डायमंड लीग में क्रमशः दूसरा स्थान हासिल करके 12 अंक जुटाए। इसके साथ वह अंक तालिका में छठे स्थान पर रहे और ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे जिसमें विजेता सीधा चैंपियन बनता है। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में सीरीज के 14वें और आखिरी चरण के समाप्त होने के बाद अंक तालिका अपडेट की गई। इस साल हुई 14 डायमंड लीग प्रतियोगिता में से पांच में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा शामिल थी, लेकिन नीरज चोपड़ा ने इनमें से केवल दो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।अठाईस वर्षीय चोपड़ा चोट से उबरने के बाद वापसी की राह पर हैं, उन्हें पिछले साल सितंबर से कमर के निचले हिस्से में लगी चोट परेशान कर रही थी। इस चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और उन्होंने दोहा डायमंड लीग में वापसी की। हाल में हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह शत प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। इसके बाद उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। ‘कूद और थ्रो’ स्पर्धाओं में अंक तालिका के शीर्ष छह खिलाड़ी चार-पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक स्पर्धा में एक अतिरिक्त एथलीट को राष्ट्रीय या वैश्विक वाइल्डकार्ड चयन के माध्यम से भाग लेने का मौका मिल सकता है। डायमंड लीग फाइनल ब्रसेल्स में दो दिन तक आयोजित होगा जिसमें चार सितंबर को 16 स्पर्धाएं होंगी जबकि बाकी 16 स्पर्धाएं अगले दिन आयोजित की जाएंगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा पांच सितंबर को होगी। विजेता को ट्रॉफी के साथ कम से कम 30,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। वहीं आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 1,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। अगर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा को डायमंड ‘प्लस’ स्पर्धाओं में चुना जाता है तो विजेता को 60,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रुमेश पथिरागे 39 अंक के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर हैं। ऐसे में उन्हें ब्रसेल्स में डायमंड लीग की ट्रॉफी जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने डायमंड लीग की पांचों भाला फेंक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया जिनमें से चार में वह विजेता रहे जबकि एक में दूसरे स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन सत्र में उनके शानदार दबदबे को दर्शाता है। पथिरागे ने बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में 92.07 मीटर का शानदार थ्रो करके 10 खिलाड़ियों के मुकाबले में पहला स्थान हासिल किया। यह इस सत्र में उनका दूसरा 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो था। इससे पहले उन्होंने रोम में 92.62 मीटर का थ्रो किया था। इस सत्र में अब तक 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो करने वाले दूसरे खिलाड़ी जर्मनी के जूलियन वेबर हैं। उन्होंने इसी महीने की शुरुआत में बर्मिंघम में यूरोपीय चैंपियनशिप में 90.40 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता था। लेकिन चोट के कारण वह किसी भी डायमंड लीग मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके और अब फाइनल में भी नहीं खेलेंगे। दो बार के विश्व चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 35 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर हैं। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में उन्होंने 86.93 मीटर का थ्रो किया और पथिरागे के बाद दूसरे स्थान पर रहे। पथिरागे और पीटर्स दोनों ही ज्यूरिख प्रतियोगिता से पहले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे। मौजूदा विश्व चैंपियन त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्ण वॉलकॉट भी डायमंड लीग फाइनल में खेलेंगे। वह 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उनके बाद अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 20 अंक के साथ चौथे और कीनिया के जूलियस येगो 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा पहली बार होने वाली विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई करने की राह पर हैं। यह प्रतियोगिता 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में आयोजित होगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में आठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। नीरज चोपड़ा इस समय सातवें स्थान पर हैं। एक अन्य भारतीय खिलाड़ी सचिन यादव आठवें स्थान पर हैं। हालांकि, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की अंतिम सूची छह सितंबर को जारी की जाएगी। अल्टीमेट चैंपियनशिप की रैंकिंग में पथिरागे, पीटर्स, थॉम्पसन और वेबर भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से आगे हैं। पाकिस्तान के अरशद नदीम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के वॉलकॉट भी क्वालीफाई कर चुके हैं। नदीम मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जबकि वॉलकॉट मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के विजेता को भी अल्टीमेट चैंपियनशिप में सीधे हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। बाकी पांच खिलाड़ियों का चयन विश्व रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए क्वालीफिकेशन की अवधि दो सितंबर 2025 से एक सितंबर 2026 तक रखी गई है।पहली बार होने वाली अल्टीमेट चैंपियनशिप में ओलंपिक चैंपियन, विश्व चैंपियन और डायमंड लीग विजेता एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगे। यह विश्व एथलेटिक्स की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल है। यह प्रतियोगिता हर दो साल में आयोजित होगी। इसे उन वर्षों में सत्र के अंत की बड़ी चैंपियनशिप के रूप में आयोजित किया जाएगा, जब आउटडोर वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं होगी। इस साल प्रतियोगिता में कुल एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि होगी। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।
BCCI जापान की सुविधाओं से है नाराज, एशियन गेम्स में B टीम को भेजने की तैयारी
जापान की मेजबानी में खेले जाने वाले एशियन गेम्स के दौरान मिलने वाली सुविधाओं से BCCI खुश नहीं है। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक खराब व्यवस्थाओं को देखते हुए भारत इन खेलों में अपनी मुख्य टीमों के बजाय क्रिकेट की B टीमें भेजने पर विचार कर रहा है।
Neeraj Chopra ने Diamond League Final के लिए किया क्वालीफाई, ब्रसेल्स में खेलेंगे
भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने प्रतिष्ठित एक दिवसीय प्रतियोगिता की सीरीज के केवल दो टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बावजूद पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। चोपड़ा ने 19 जून को दोहा और 21 अगस्त को लुसाने में हुई डायमंड लीग में क्रमशः दूसरा स्थान हासिल करके 12 अंक जुटाए। इसके साथ वह अंक तालिका में छठे स्थान पर रहे और ब्रसेल्स में होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे जिसमें विजेता सीधा चैंपियन बनता है। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में सीरीज के 14वें और आखिरी चरण के समाप्त होने के बाद अंक तालिका अपडेट की गई। इस साल हुई 14 डायमंड लीग प्रतियोगिता में से पांच में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा शामिल थी, लेकिन नीरज चोपड़ा ने इनमें से केवल दो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। अठाईस वर्षीय चोपड़ा चोट से उबरने के बाद वापसी की राह पर हैं, उन्हें पिछले साल सितंबर से कमर के निचले हिस्से में लगी चोट परेशान कर रही थी। इस चोट के कारण उनकी वापसी में देरी हुई और उन्होंने दोहा डायमंड लीग में वापसी की। हाल में हुए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह शत प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने 85.83 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। इसके बाद उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। ‘कूद और थ्रो’ स्पर्धाओं में अंक तालिका के शीर्ष छह खिलाड़ी चार-पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, प्रत्येक स्पर्धा में एक अतिरिक्त एथलीट को राष्ट्रीय या वैश्विक वाइल्डकार्ड चयन के माध्यम से भाग लेने का मौका मिल सकता है। डायमंड लीग फाइनल ब्रसेल्स में दो दिन तक आयोजित होगा जिसमें चार सितंबर को 16 स्पर्धाएं होंगी जबकि बाकी 16 स्पर्धाएं अगले दिन आयोजित की जाएंगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा पांच सितंबर को होगी। विजेता को ट्रॉफी के साथ कम से कम 30,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। वहीं आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 1,000 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। अगर पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा को डायमंड ‘प्लस’ स्पर्धाओं में चुना जाता है तो विजेता को 60,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रुमेश पथिरागे 39 अंक के साथ अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर हैं। ऐसे में उन्हें ब्रसेल्स में डायमंड लीग की ट्रॉफी जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने डायमंड लीग की पांचों भाला फेंक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया जिनमें से चार में वह विजेता रहे जबकि एक में दूसरे स्थान पर रहे। यह प्रदर्शन सत्र में उनके शानदार दबदबे को दर्शाता है। पथिरागे ने बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में 92.07 मीटर का शानदार थ्रो करके 10 खिलाड़ियों के मुकाबले में पहला स्थान हासिल किया। यह इस सत्र में उनका दूसरा 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो था। इससे पहले उन्होंने रोम में 92.62 मीटर का थ्रो किया था। इस सत्र में अब तक 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो करने वाले दूसरे खिलाड़ी जर्मनी के जूलियन वेबर हैं। उन्होंने इसी महीने की शुरुआत में बर्मिंघम में यूरोपीय चैंपियनशिप में 90.40 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता था। लेकिन चोट के कारण वह किसी भी डायमंड लीग मुकाबले में हिस्सा नहीं ले सके और अब फाइनल में भी नहीं खेलेंगे। दो बार के विश्व चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 35 अंक के साथ तालिका में दूसरे स्थान पर हैं। बृहस्पतिवार को ज्यूरिख में उन्होंने 86.93 मीटर का थ्रो किया और पथिरागे के बाद दूसरे स्थान पर रहे। पथिरागे और पीटर्स दोनों ही ज्यूरिख प्रतियोगिता से पहले डायमंड लीग फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे। मौजूदा विश्व चैंपियन त्रिनिदाद एवं टोबैगो के केशोर्ण वॉलकॉट भी डायमंड लीग फाइनल में खेलेंगे। वह 23 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उनके बाद अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 20 अंक के साथ चौथे और कीनिया के जूलियस येगो 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा पहली बार होने वाली विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई करने की राह पर हैं। यह प्रतियोगिता 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में आयोजित होगी। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में आठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। नीरज चोपड़ा इस समय सातवें स्थान पर हैं। एक अन्य भारतीय खिलाड़ी सचिन यादव आठवें स्थान पर हैं। हालांकि, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की अंतिम सूची छह सितंबर को जारी की जाएगी। अल्टीमेट चैंपियनशिप की रैंकिंग में पथिरागे, पीटर्स, थॉम्पसन और वेबर भारतीय खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से आगे हैं। पाकिस्तान के अरशद नदीम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के वॉलकॉट भी क्वालीफाई कर चुके हैं। नदीम मौजूदा ओलंपिक चैंपियन जबकि वॉलकॉट मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल के विजेता को भी अल्टीमेट चैंपियनशिप में सीधे हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। बाकी पांच खिलाड़ियों का चयन विश्व रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए क्वालीफिकेशन की अवधि दो सितंबर 2025 से एक सितंबर 2026 तक रखी गई है। पहली बार होने वाली अल्टीमेट चैंपियनशिप में ओलंपिक चैंपियन, विश्व चैंपियन और डायमंड लीग विजेता एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगे। यह विश्व एथलेटिक्स की एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पहल है। यह प्रतियोगिता हर दो साल में आयोजित होगी। इसे उन वर्षों में सत्र के अंत की बड़ी चैंपियनशिप के रूप में आयोजित किया जाएगा, जब आउटडोर वर्ल्ड चैंपियनशिप नहीं होगी। इस साल प्रतियोगिता में कुल एक करोड़ अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि होगी। स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।
पाक बल्लेबाज का CPL में धमाका, जड़ा अपने करियर का पहला T20 शतक, टीम को मिली जीत
कैरिबियन प्रीमियर लीग 2026 के 16वें मैच में पाक बल्लेबाज सैम अयूब ने शानदार शतक लगाया है। उन्होंने जमैका किंग्समेन के लिए बल्लेबाजी करते हुए 58 बॉल पर 102 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के महेंद्र कौरव ने लाखों का कॉर्पोरेट पैकेज छोड़कर गांव की बेटियों को सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। 'शक्ति क्लब' बनाकर उन्होंने 70 से ज्यादा बेटियों को खेलों और शिक्षा के जरिए आत्मनिर्भर बनाया है।
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। टोटेनहम हॉटस्पर के नए खिलाड़ी सैंड्रो टोनाली ने क्लब के प्रशंसकों की खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टोटेनहम के फैंस क्लब की सबसे बेहतरीन चीजों में से एक हैं। टोटेनहम हॉटस्पर (स्पर्स) स्टेडियम में अपना पहला मैच खेलने से पहले टोनाली ने फैंस के समर्थन को लेकर उत्साह जताया और कहा कि वह उनके सामने खेलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
Amit Shah ने Ahmedabad में Olympic 2036 बोली और खेल तैयारियों की समीक्षा की
गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यहां समीक्षा बैठक में भारत की 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों का जायजा लिया और देश की 2036 ओलंपिक बोली पर भी चर्चा की। इस बैठक में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित थे। शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करके भारत को वैश्विक खेल स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। अहमदाबाद में 2036 में होने वाले ओलंपिक के लिए भारत की बोली के साथ-साथ 2029 में होने वाले पुलिस और अग्निशमन खेलों और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।’’खेलों में सुरक्षा व्यवस्था और ‘लॉजिस्टिक’ से जुड़े मामलों में गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। भारत 2010 के बाद अहमदाबाद में 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। इसके अलावा वह 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है।
Pranavi Urs ने Irish Open में 3 अंडर 69 के स्कोर से की शानदार शुरुआत
प्रणवी उर्स ने केपीएमजी महिला आयरिश ओपन में शानदार शुरुआत करते हुए तीन अंडर 69 का स्कोर बनाया लेकिन अन्य भारतीय खिलाड़ियों दीक्षा डागर, अवनी प्रशांत और त्वेसा मलिक पर कट से चूकने का खतरा मंडरा रहा है। प्रणवी ने 10वें होल से शुरुआत की। उन्होंने 10वें, 16वें और 17वें होल पर बर्डी बनाई और फिर पहले होल पर एक और बर्डी जोड़ी। उन्होंने प्रणवी ने आठवें होल पर अपना एकमात्र शॉट गंवाया। वर्तमान में एलईटी रैंकिंग में 11वें स्थान पर काबिज दीक्षा और त्वेसा दोनों ने 74 का स्कोर बनाया और वे संयुक्त 69वें स्थान पर हैं। कट में जगह बनाने के लिए उन्हें दूसरे राउंड में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इसे भी पढ़ें: Tibet Glacier Burst: नेपाल-चीन सीमा पर Barrier Lake फटने से भीषण तबाही, 475 की मौत और 1500 Missing एक अन्य भारतीय खिलाड़ी अवनी प्रशांत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने सात ओवर में 79 का स्कोर बनाया। उनके लिए कट में जगह बना पाना बहुत मुश्किल होगा।
भारत जापान में होने वाले एशियन गेम्स में क्रिकेट की B टीमें भेज सकता है। बोर्ड के सूत्रों के अनुसार BCCI जापान में मिलने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। खबर है कि टीम जिस होटल में ठहरने वाली है, उसके कमरे बेहद छोटे हैं। यहां तक कि उसमें किट बैग रखने तक की पर्याप्त जगह नहीं है। एशियन गेम्स में क्रिकेट मुकाबले 17 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच खेले जाएंगे। भारत टूर्नामेंट के लिए मेंस और विमेंस दोनों टीमें घोषित कर चुका है। तीन वजहें जिससे BCCI नाराज है… 1. छोटे होटल रूम रिपोर्ट्स के अनुसार, खिलाड़ियों के ठहरने के लिए जो होटल के कमरे दिए जा रहे हैं, वे बेहद छोटे हैं। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि कमरे इतने तंग हैं कि अगर दो खिलाड़ी अपना भारी-भरकम किट बैग खोल लें, तो चलने या खड़े होने तक की जगह नहीं बचती। 2. स्टेडियम 20 किमी दूर इस बार एशियन गेम्स में खिलाड़ियों के लिए कोई अलग एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। स्टेडियम के पास के फाइव स्टार होटल पहले से बुक होने के कारण क्रिकेटर्स को 20 किलोमीटर दूर ठहराया जा रहा है। इससे लंबा ट्रैवल टाइम की समस्या खड़ी हो रही है। 3. क्रिकेट पिच अनटेस्टेड: मैचों के लिए 'कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क' को सिलेक्ट किया गया है, जो पहले बेसबॉल स्टेडियम था। इसे हाल ही में क्रिकेट स्टेडियम में बदला गया है। पिच और आउटफील्ड अब तक इंटरनेशनल लेवर पर सही तरीके से टेस्ट नहीं हुई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी इस पर चिंता जताई है। ACC ने जांच के लिए टेक्निकल टीम बनाई सुविधाओं और पिच की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने एक टेक्निकल टीम जापान भेजने का फैसला किया है। यह टीम मैदान, प्रैक्टिस नेट्स और होटल की व्यवस्थाओं का जायजा लेगी। क्रिकेट चौथी बार एशियन गेम्स का हिस्सा होगा क्रिकेट एशियाई खेलों में चौथी बार शामिल होगा। ग्वांगझू 2010 एशियाई खेलों में क्रिकेट सबसे पहली बार शामिल हुआ था। बाद में इंचियोन 2014 में इसकी वापसी हुई, हालांकि इन मैचों को अंतरराष्ट्रीय दर्जा नहीं दिया गया था। 2022 में हांगझोऊ चीन में हुए एशियन गेम्स का विजेता भारत था। 2026 में क्रिकेट चौथी बार इस गेम्स का हिस्सा होगा। एशियन गेम्स क्रिकेट की पूरी खबर पढ़ें… ------------------------------ विमेंस क्रिकेट की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस एशिया कप के बारे में सब कुछ:आज से 10वां एडिशन, 8 टीमें लेंगी हिस्सा; भारत-पाकिस्तान मुकाबला 5 सितंबर को विमेंस क्रिकेट एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। पूरी खबर पढ़ें…
BCCI ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय अंडर-19 टीम घोषित की है। इसमें पूर्व भारतीय दिग्गज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को जगह मिली है। हालांकि, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी टीम में शामिल नहीं हैं। वैभव अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में सीनियर टीम के लिए डेब्यू भी कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह नहीं मिली, जिसकी वजह BCCI का एक नियम है। BCCI का अंडर-19 वर्ल्ड कप नियम BCCI ने 2016 में खिलाड़ियों के लिए एक नियम बनाया था। इसके मुताबिक, पात्र होने के बावजूद कोई खिलाड़ी एक से ज्यादा अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकता। इसी नियम के कारण वॉशिंगटन सुंदर 2018 का अंडर-19 वर्ल्ड कप नहीं खेल सके थे। उनसे पहले सरफराज खान, संदीप शर्मा, विजय जोल और अन्य खिलाड़ी प्रतियोगिता के कई संस्करणों में हिस्सा ले चुके थे। वैभव 2026 का अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। इसलिए वे किसी और संस्करण में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी वजह से उन्हें अंडर-19 टीम की योजनाओं में शामिल नहीं किया गया। राजकोट में 18 सितंबर से शुरू होगी सीरीज जूनियर मेंस सिलेक्शन कमेटी ने घरेलू सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राजकोट में 50 ओवर के तीन मैच खेले जाएंगे। ये मुकाबले 18, 21 और 23 सितंबर को होंगे। इसके बाद दो रेड-बॉल मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। पहला मैच 27 से 30 सितंबर तक राजकोट में होगा। दूसरा मुकाबला 5 से 8 अक्टूबर तक अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के बी ग्राउंड पर खेला जाएगा। 50 ओवर की टीम की कप्तानी उत्तराखंड के बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी करेंगे। मध्य प्रदेश के बल्लेबाज यशवर्धन चौहान उपकप्तान होंगे। रेड-बॉल चरण में चौहान कप्तानी संभालेंगे, जबकि रायचंदानी उपकप्तान की भूमिका में रहेंगे। आर्यवीर और अन्वय को सिर्फ 50 ओवर की टीम में जगह लेग-स्पिन ऑलराउंडर आर्यवीर और विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय को 15 सदस्यीय वनडे टीम में शामिल किया गया है। दोनों को दो लंबे फॉर्मेट के मैचों के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली। आर्यवीर इस समय 2026 दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने अब तक इस टूर्नामेंट में सिर्फ दो मैच खेले हैं। अन्वय ने जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारत अंडर-19 के लिए दो 50 ओवर के मैचों में 101 रन बनाए थे। उस दौरे पर भारत अंडर-19 टीम 50 ओवर की सीरीज 2-1 से हार गई थी, जबकि रेड-बॉल सीरीज 1-0 से जीती थी। आर्यवीर के अलावा मनाल चौहान और चिगुरुपति वेंकटा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 ओवर के मैचों के लिए टीम में शामिल किया गया है। सागर विर्क, अनमोलजीत सिंह और ईशान सूद को टीम में जगह नहीं मिली।
Praggnanandhaa ने जीता Grand Chess Tour खिताब, Caruana को 15-13 से दी मात
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञाननंदा ग्रैंड शतरंज टूर (जीसीटी) का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने यहां ग्रैंड फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को हराया। प्रज्ञाननंदा ने गुरुवार को दिन की शुरुआत में कारुआना से छह अंक से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। भारतीय खिलाड़ी ने आखिर में कारुआना को 15-13 से हराकर अपना पहला जीसीटी खिताब जीता और पुरस्कार राशि के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग एक करोड़, 91 लख रुपए) अपने नाम किए। इस तरह से प्रज्ञाननंदा, कारुआना और एक अन्य अमेरिकी वेस्ली सो ने अगले साल होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर में जगह पक्की कर दी। वेस्ली ने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को 18-12 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। प्रज्ञाननंदा ने जीत के बाद कहा, ‘‘सच कहूं तो, मुझे नहीं लगता था कि आज मेरे पास जीतने के ज्यादा मौके हैं। ऐसा हर दिन नहीं होता। आप फैबी (कारुआना) से एक गेम जीत सकते हैं लेकिन रैपिड राउंड में दो गेम जीतना महत्वपूर्ण था।’’पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद से प्रशिक्षण लेने वाला चेन्नई का यह 21 वर्ष का खिलाड़ी दिन की शुरुआत में छह अंक से पीछे था लेकिन उन्होंने इसके बाद शानदार वापसी की तथा दोनों रैपिड गेम (प्रति गेम विजेता को चार अंक) जीतकर दो अंकों की बढ़त बना ली। इसके बाद खेले गए चार ब्लिट्ज मैचों में मुकाबला बराबरी का रहा, जिसमें प्रज्ञाननंदा और कारुआना ने एक-एक मैच जीता जबकि शेष दो मैच ड्रॉ रहे। इस तरह से रैपिड राउंड के आखिर में मिली दो अंकों की बढ़त भारतीय ग्रैंडमास्टर के लिए निर्णायक साबित हुई। ब्लिट्ज सेक्शन का पहला गेम ड्रॉ रहा, जिसके बाद कारुआना ने दूसरा गेम जीतकर स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। प्रज्ञाननंदा ने हालांकि तीसरा गेम जीत कर फिर से दो अंक की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अगला गेम ड्रॉ करके खिताब अपने नाम कर दिया। ग्रैंड शतरंज टूर ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘प्रज्ञाननंदा को पहली बार ग्रैंड शतरंज टूर का खिताब जीतने पर हार्दिक बधाई। एक रोमांचक फाइनल मैच में फैबियानो कारुआना को हराकर प्रज्ञाननंदा ने एक अविश्वसनीय सीजन का समापन किया और अपने करियर में पहली बार जीसीटी का खिताब अपने नाम किया।’’उसने कहा, ‘‘क्या शानदार वापसी थी। क्या जबरदस्त मुकाबला था। चैंपियन बनने का इससे शानदार तरीका और नहीं हो सकता।’’प्रज्ञाननंदा इस साल की शुरुआत में नॉर्वे शतरंज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। इस दौरान उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और टूर्नामेंट के प्रबल दावेदार मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स 20230 की तैयारियों को लेकर अहमदाबाद में गृहमंत्री अमित शाह, खेलमंत्री मनसुख मांडविया और गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी की बैठक हुई। इस बैठक में 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भारत की बोली पर भी चर्चा हुई। गृह मंत्रालय खेलों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, आवाजाही और दूसरे इंतजामों की निगरानी में अहम भूमिका निभाएगा। शाह ने X पर बैठक की जानकारी दी शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा- हम इंटरनेशनल खेल आयोजनों की मेजबानी करके भारत को वैश्विक खेल स्थल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।' उन्होंंने बताया की बैठक में 2029 पुलिस और फायर गेम्स की मेजबानी पर भी चर्चा हुई। अहमदाबाद में पहले पुलिस और फायर गेम्स होंगे वर्ल्ड पुलिस और फायर गेम्स इन सभी आयोजनों से पहले अहमदाबाद में होगी। यह एक बड़ी मल्टी-गेम्स इंटरनेशनल प्रतियोगिता होगी। इसमें 70 देशों के करीब 10 हजार खिलाड़ी शामिल होंगे। ओलिंपिक बोली पर फैसला 2029 तक संभव कॉमनवेल्थ गेम्स दो दशक बाद भारत लौटेंगे। साल 2010 में दिल्ली ने पहली बार इसका आयोजन किया था। अहमदाबाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है। सांघवी खेल विभाग भी संभालते हैं, इसलिए वे इंटरनेशनल ओलिंपिक समिति के साथ होने वाली बातचीत में शहर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारत अभी मेजबान चुनने की प्रक्रिया के ‘कंटीन्यूअस डायलॉग’ चरण में है। देश की बोली पर फैसला 2029 से पहले होने की उम्मीद नहीं है। 2030 में गेम्स के 100 साल पूरे होंगे 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स अपने 100 साल पूरे करेगा। पहला एडिशन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुआ था। भारत दूसरी बार गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में गेम्स की मेजबानी की थी। तब सारे इवेंट दिल्ली में हुए थे। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 5 बार गेम्स की मेजबानी की है। कनाडा और स्कॉटलैंड में 4 बार टूर्नामेंट खेला गया। ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… इमरान के बेटों के इंटरव्यू पर स्काई न्यूज को धमकी:पाकिस्तान बोला-ब्रॉडकास्ट न करें, वरना इंग्लैंड से टेस्ट नहीं खेलेंगे; चैनल ने 18 मिनट दिखाया पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन (गुरुवार को) विवाद हो गया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व कप्तान और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित न करने को कहा। पूरी खबर पढ़ें…
IND VS Sl: भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो टेस्ट ड्रा, 2015 से लगातार सीरीज जीत का रिकॉर्ड कायम
इंटरनेट डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज को भारत ने जीत लिया है। दूसरा टेस्ट मैच ड्रा रहा है। सोनल दिनुषा के तीसरे शतक की बदौलत श्रीलंका ने भारत के खिलाफ दूसरा और अंतिम टेस्ट ड्रॉ करा लिया। लेकिन मेहमान टीम ने सीरीज 1-0 से जीत ली। भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रनों से जीता था। श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा बरकरार है। 2010 से यहां टेस्ट सीरीज में अजेय चल रही भारतीय टीम ने 2026 की दो मैचों की सीरीज भी 1-0 से अपने नाम कर ली। 2010 में जब भारतीय टीम श्रीलंका गई थी तो उसने सीरीज 1-1 से बराबर की थी। इसके बाद 2015 में भारतीय टीम ने सीरीज 2-1 से नाम की। भारतीय टीम के 2026 में हुए इस श्रीलंका दौरे में गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में मेजबानों को 165 रनों से हराया था। कोलंबो का दूसरा टेस्ट ड्रॉ रहा। जिसका नतीजा गुरुवार (28 अगस्त) को आया। भारत 1-0 से सीरीज जीत गया और 2015 से लगातार हर श्रीलंका दौरे पर सीरीज जीतने का कीर्तिमान भी कायम रहा। pc- cricinfo.com
वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिली U19 टीम में जगह? जानिए BCCI का वो नियम जिसने किया बाहर
वैभव सूर्यवंशी का चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी अंडर-19 मल्टी फॉर्मेट सीरीज के लिए नहीं हुआ है। इस सीरीज के लिए वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय को जगह मिली है।
Savita Punia बोलीं, सकारात्मक माहौल से Indian Hockey टीम में आया बड़ा बदलाव
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 28 अगस्त पिछले एक दशक से अधिक समय से भारतीय महिला हॉकी में कई उतार चढाव देख चुकी दिग्गज गोलकीपर सविता पूनिया ने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का श्रेय टीम के भीतर बदले हुए माहौल को भी देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की आंखों में कुछ कर दिखाने का भाव नजर आता है। भारत ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3 -1 से हराकर विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत के लिये सर्वाधिक मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी से एक मैच दूर 319 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी सविता ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘कोच शोर्ड मारिन और सारे नये स्टाफ के आने के बाद हमने यही तय किया था कि मैदान से बाहर आनंद लेना है, हंसना बोलना और बातें करना है। पहले ऐसा नहीं था और मन की बात मन में ही रखते थे लेकिन आज हर खिलाड़ी काफी खुलकर एक दूसरे से बात करता है। आज मुझे जो भी बोलना है तो टीम से बोल सकती हूं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ ने ऐसा माहौल दिया है कि अंदर से फीलिंग आती है कि कुछ कर दिखाना है।यह सभी खिलाड़ियों की आंखों में , वर्कआउट में , अभ्यास में दिखता है।’’पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूकी और प्रो लीग से पिछले साल बाहर हुई भारतीय महिला हॉकी टीम ने इस साल विश्व कप के लिये क्वालीफाई किया और एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी करने के बाद विश्व कप में पांचवें स्थान पर रही। भारतीय टीम विश्व कप में सिर्फ एक मैच नीदरलैंड से हारी लेकिन आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे दौर का आखिरी मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई जिसके बाद डगआउट में आंसुओं पर काबू पाने की कोशिश करती सविता की तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इस अनुभवी गोलकीपर ने कहा ,‘‘ पीछे गोलपोस्ट में खड़ी मैं यही सोच रही थी कि जर्मनी के खिलाफ जो हॉकी खेली , उसका पचास प्रतिशत भी आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते तो सेमीफाइनल में होते। उस दिन मैं दुख के कारण रोई थी लेकिन आज खुशी के आंसू थे। बहुत सारे मैसेज आये कि आपको टीवी पर रोते हुए देखकर अच्छा नहीं लगा। लोगों ने यह भी कहा कि टीम पांचवें स्थान का मैच खेलेगी , यह किसी ने सोचा नहीं था।‘‘तोक्यो ओलंपिक 2021 में भी पदक के करीब पहुंचकर चूकी इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ लेकिन शायद उस झटके से उबरने के लिये मुझे भी समय चाहिये था। मैं बहुत खुशकिस्मत हूं कि उस दिन टीम ने भी मुझे संभाला और कहा कि अगले मैच में देखते हैं कि क्या कर सकते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे संभलने में दो घंटे लगे लेकिन उस दिन शाम को हर फिर साथ बैठे और बात की कि अब खोने के लिये कुछ नहीं है और अगर हमें अपनी हॉकी दिखानी है तो सम्मान लेना है तो हर हालत में पांचवें स्थान पर रहते हैं तो दुनिया को लगे कि हम सिर्फ एक मैच हारे हैं और सच में भारतीय हॉकी बेहतर हो रही है। ’’सविता ने कहा ,‘‘तोक्यो ओलंपिक में भी पदक हाथ से निकल गया और अब विश्व कप से भी। लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि हम सही राह पर है और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करेंगे।‘‘उन्होंने कहा ,‘‘हमारी आक्रामक हॉकी बहुत अच्छी है और यही हमारी ताकत है। हम गर्व से सिर ऊंचा करके जाना चाहते हैं क्योंकि आगे एशियाई खेल में भाग लेना है और यहां से अच्छी फील लेकर जायेंगे।जो अच्छा है, उसे जारी रखेंगे और जो कमियां है उन पर काम करेंगे।’’उन्होंने कहा कि भारतीय टीम विरोधी पर फोकस करने की बजाय अपने खेल पर पूरा ध्यान दे रही है और आगे भी वही करेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ सीनियर होने के नाते मैने काफी उतार चढाव देखे हैं। अनुभव से पता चलता है कि मनोबल कैसे ऊपर लेकर जाना है और विषम परिस्थितियों से कैसे निकलना है। हमने फोकस नहीं गंवाया था और अनुशासित थे। हमने मैच दर मैच रणनीति बनाई और नतीजों के बारे में नहीं सोचा। हमने अपनी हॉकी पर फोकस रखा और आगे भी यही करेंगे।’टीम की उपलब्धि का जहां पूरा देश जश्न मना रहा था, वहीं सविता सोशल मीडिया पर महिला हॉकी लीग को बचाने की अपील में जुटी थी क्योंकि उन्हें इन खिलाड़ियों में भविष्य की उम्मीद नजर आती है और वह चाहती है कि जीत का सिलसिला आगे भी बना रहे। उन्होंने कहा ,‘11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था और उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। इससे लगता है कि भारतीय महिला हॉकी का भविष्य उज्जवल है। दो दिन पहले जो हम बात कर रहे थे कि महिला हॉकी लीग क्यो जरूरी है क्योंकि हमें पता है कि जमीनी स्तर पर खिलाड़ी बहुत अच्छे हैं।अगर लीग मिलेगी तो इस तरह का प्रदर्शन लगातार करने में मदद मिलेगी।’’वहीं जर्मनी के खिलाफ दो गोल करने वाली अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने कहा कि भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी उन्हें अच्छा खेलना ही था। उन्होंने कहा ,‘‘ हम अपने लिये, परिवार के लिये और देश के लिये खेल रहे थे लेकिन हमें भारतीय महिला हॉकी के भविष्य के लिये भी अच्छा खेलना ही था ताकि भारत में और लड़कियां हॉकी खेले। ’’दो दिन पहले से बातचीत में लीग को बचाने की अपील करने वाली नवनीत ने कहा ,‘‘ महिला हॉकी इंडिया लीग के लिये अब हमारी अपील को लोग समझेंगे कि हम सच में और अच्छा करना चाहते हैं और कर सकते हैं। हम ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना चाहते हैं। इस विश्व कप में हमने जो किया है, अब हम में वह आत्मविश्वास आया है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं।
ला लीगा: बार्सिलोना ने एथलेटिक बिलबाओ को 2-0 से हराया, राफिन्हा-लोपेज ने किए गोल
ला लीगा 2026/27 सीजन की शुरुआत एफसी बार्सिलोना के लिए शानदार रही है। पहले मैच में जीत दर्ज करने के बाद बार्सिलोना ने दूसरे मुकाबले में कैंप नोउ में एथलेटिक बिलबाओ को 2-0 से हराया।
जो रूट ने लॉर्ड्स टेस्ट में उतरते ही स्टुअर्ट ब्रॉड को छोड़ा पीछे, कर ली रिकी पोंटिंग की बराबरी
जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में उतरते ही सचिन तेंदुलकर के खास क्लब में अपनी जगह बना ली है। रूट के करियर का यह 168वां टेस्ट मुकाबला है। उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड को पीछे छोड़ दिया है।
Sumit Nagal अमेरिकी ओपन से बाहर, US Open क्वालीफायर के पहले दौर में हारे
भारत के सुमित नागल को अमेरिकी ओपन क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त आर्थर गिया के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया। नागल को फ्रांस के गीया ने 3-6, 6-7(4) से शिकस्त दी। इससे वह पहले दौर में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए। क्वालीफाइंग ड्रॉ में शीर्ष वरीयता प्राप्त गिया ने महत्वपूर्ण मौकों का फायदा उठाते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की और दूसरे दौर में जगह बनाई। इस हार का मतलब है कि नागल लगातार सात ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ में जगह नहीं बना पाए हैं। नागल ने आखिरी बार किसी ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में 2025 ऑस्ट्रेलियाई ओपन में हिस्सा लिया था जहां उन्हें पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा था। इसे भी पढ़ें: KSLTA करेगा World Tennis Junior J30 की मेजबानी, बेंगलुरु में जुटेंगे शीर्ष युवा खिलाड़ी अब नागल का ध्यान भारत और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले महत्वपूर्ण डेविस कप मुकाबले पर होगा। इस मैच में जीत से भारत के पास डेविस कप फाइनल की शीर्ष आठ टीम में जगह बनाने का मौका होगा। इस सत्र में नागल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रोमानिया के तार्गु मुरेश में क्ले-कोर्ट चैलेंजर टूर्नामेंट जीतना रहा है।
KSLTA करेगा World Tennis Junior J30 की मेजबानी, बेंगलुरु में जुटेंगे शीर्ष युवा खिलाड़ी
कर्नाटक राज्य लॉन टेनिस संघ (केएसएलटीए) 29 अगस्त से पांच सितंबर तक केएसएलटीए वर्ल्ड टेनिस जूनियर जे30 बेंगलुरु की मेजबानी करेगा जिसमें भारत के अग्रणी जूनियर खिलाड़ियों और कई देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा खिलाड़ी भाग लेंगे। टूर्नामेंट की शुरुआत 29 और 30 अगस्त को क्वालीफाइंग राउंड से होगी, जबकि मुख्य ड्रॉ 31 अगस्त से पांच सितंबर तक खेला जाएगा। प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन 31 अगस्त को होगा। इसे भी पढ़ें: Sumit Nagal अमेरिकी ओपन से बाहर, US Open क्वालीफायर के पहले दौर में हारे लड़कों के मुख्य ड्रॉ में भारत के प्रकाश सरन सबसे आगे हैं, जो आईटीएफ जूनियर रैंकिंग में 477वें स्थान पर हैं। उनके बाद तेजस रवि (1049), अहान शेट्टी (1282), प्रज्ञाश शेल्के (1384) और अमेरिका के नियांथ बद्रीनारायणन (1510) का नंबर आता है। लड़कों के वर्ग में चीन, अमेरिका, नेपाल, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, मालदीव, जर्मनी और पुर्तगाल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
सहवाग के बेटे आर्यवीर की टीम इंडिया में एंट्री, वीडियो में जाने अंडर-19 वनडे टीम में मिली जगह; द्रविड़ के बेटे अन्वय भी साथ
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व कप्तान और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित न करने का अनुरोध किया था। बोर्ड ने इंटरव्यू दिखाए जाने पर मैच से वॉकआउट करने तक की चेतावनी दे दी थी। हालांकि, स्काई स्पोर्ट्स ने PCB की आपत्तियों के बावजूद हुए तय समय पर 18 मिनट का इंटरव्यू ऑन-एयर किया। लंच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मैदान पर लौटने को लेकर भी कुछ समय के लिए रोकने की धमकी दी गई, लेकिन पाकिस्तान ने बाद में खेल जारी रखा। इंटरव्यू दिखाने पर PCB ने दी थी धमकी इमरान के बेटों सुलेमान और कासिम खान का इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल एथरटन ने लिया था। एथरटन उन 21 कप्तानों में शामिल हैं, जिन्होंने इमरान खान की बिगड़ती सेहत को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। इमरान अगस्त 2023 से जेल में हैं। क्रिकइंफो और द गार्जियन समेत कई मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि टेस्ट मैच के दौरान इमरान खान के बेटों के चर्चा में आने से PCB खुश नहीं था। बोर्ड ने यहां तक कहा था कि बाबर आजम की अगुआई वाली टीम टीवी पर इंटरव्यू दिखाए जाने पर मैदान में नहीं उतरेगी। इमरान की जेल स्थिति पर दो पत्र भेजे गए दुनियाभर के क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के जेल में होने की स्थिति को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को दो पत्र भेजे हैं। पहला पत्र फरवरी में तैयार किया गया था, लेकिन उससे मनचाहा बदलाव नहीं आया। दूसरा पत्र इसी हफ्ते की शुरुआत में भेजा गया था। यह पत्र उस समय भेजा गया, जब इमरान को थोड़े समय की मेडिकल जांच के बाद फिर अदियाला जेल ले जाया गया। बेटों ने पिता की जान को खतरा बताया सुलेमान और कासिम खान ने जेल में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई। दोनों भाइयों ने कहा कि जेल में उनके पिता की जान को खतरा है। कासिम ने इंटरव्यू में कहा, यह साफ नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं। वे वहां खुले तौर पर उन्हें मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक अंदर रखना और चुप कराना चाहते हैं। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ मामले राजनीतिक वजहों से दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं और कहती हैं कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने ऐतिसाहिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स का खिताब अपने नाम किया। प्रज्ञानंद इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
क्या सच में चोटिल हैं सिराज? तेज गेंदबाज के फॉर्म और चोट को लेकर कप्तान गिल ने किया बड़ा खुलासा
कोलंबो टेस्ट मैच ड्रॉ होने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने साफ किया कि मोहम्मद सिराज पूरी तरह फिट हैं और उन्हें कोई चोट नहीं लगी है। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद मैदान पर लौटने के कारण सिराज को अपनी पुरानी लय और फॉर्म पकड़ने में थोड़ा वक्त लगा।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने 2026 ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीत लिया है। उन्होंने सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में अमेरिका के ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारूआना को 15-13 के अंतर से हराया। यह प्रज्ञानानंद का पहला GCT फाइनल टाइटल है। इस जीत के बाद प्रज्ञानानंदा को $200,000 (लगभग ₹1.67 करोड़) की प्राइज मनी मिली। 6 पॉइंट पीछे रहने के बाद प्रज्ञानानंदा ने की वापसी फाइनल मुकाबले के आखिरी दिन की शुरुआत में प्रज्ञानानंदा कारूआना से 6 पॉइंट पीछे चल रहे थे। हालांकि, उन्होंने दिन की शुरुआत में ही दोनों रैपिड गेम्स जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की और स्कोर में बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद हुए ब्लिट्ज मैचों में दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन बराबरी का रहा, जिससे प्रज्ञानानंदा ने 2 पॉइंट की बढ़त बनाए रखी और 15-13 के अंतिम स्कोर के साथ पहली बार ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम किया।तीसरे नंबर के मैच में वेस्ली सो की जीत तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में अमेरिका के ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने जर्मनी के विंसेंट कीमर को 18-12 के अंतर से हराया।रैपिड सेक्शन में दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी का मुकाबला रहा, लेकिन वेस्ली सो ने लगातार चारों ब्लिट्ज गेम्स जीतकर एक मैच शेष रहते ही जीत तय कर ली।2027 ग्रैंड चेस टूर के लिए टॉप 3 खिलाड़ी क्वालिफाई इस टूर्नामेंट के फाइनल नतीजों के साथ ही अगले सीजन यानी 2027 ग्रैंड चेस टूर के लिए टॉप 3 खिलाड़ियों ने डायरेक्ट क्वालिफाई कर लिया है। इन 3 खिलाड़ियों में चैंपियन प्रज्ञानानंदा, रनर-अप फैबियानो कारूआना और तीसरे स्थान पर रहने वाले वेस्ली सो शामिल हैं। टूर्नामेंट सिंगल-एलिमिनेशन नॉकआउट फॉर्मेट में खेला गया, जिसमें चार खिलाड़ियों फैबियानो कारूआना, वेस्ली सो, विंसेंट कीमर और प्रज्ञानानंदा ने हिस्सा लिया।
Hockey World Cup: भारत ने 52 साल बाद रचा इतिहास, कोच Sjoerd Marijne बोले चक दे इंडिया
(मोना पार्थसारथी)एम्सेटलवीन, 27 अगस्त भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मारिन ने गुरुवार को टीम के यादगार विश्व कप अभियान में पांचवां स्थान हासिल करने के बाद खुशी जताते हुए कहा, ‘चक दे इंडिया!’उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा और सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों से पहले उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा। भारत ने क्लासिफिकेशन मैच में उससे ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह विश्व कप में भारत का 52 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत ने 1974 में अजिंदर कौर की कप्तानी में चौथा स्थान हासिल किया था। मारिन ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से मैं संतुष्ट हूं, लेकिन मैं ऐसा कोच हूं जो हमेशा इससे ज्यादा की मांग करता है। हालांकि, यह पल जश्न मनाने का है। लड़कियों ने जो हासिल किया है, उन्होंने इतिहास फिर से लिख दिया है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘यह एक युवा टीम है और ये खिलाड़ी शानदार हैं, लेकिन अगली चुनौती पहले से ही सामने है। अब हमें आराम करना है और इस अच्छे अनुभव को अगले टूर्नामेंट, एशियाई खेलों में लेकर जाना है। ’’मारिन के मुताबिक इस प्रदर्शन से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पर और अधिक भरोसा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। मैं खिलाड़ियों से लगातार कहता रहता हूं कि हम यह कर सकते हैं। लेकिन अंत में आपको इसका अनुभव खुद करना होता है और आज हमने वही किया। ’’डच कोच ने कहा कि एशियाई खेलों में भी भारत का मुख्य ध्यान अपने खेल पर रहेगा, न कि विपक्षी टीमों पर। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भी हमारा 90 प्रतिशत ध्यान खुद पर होगा। हम विरोधी टीमों पर ध्यान नहीं देंगे। हमने हर मैच में इसी तरह रणनीति अपनाई है। ’’मारिन ने भारत के प्रदर्शन का श्रेय पूरी टीम को दिया और किसी एक खिलाड़ी को अलग से श्रेय देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘‘कोई एक खिलाड़ी नहीं, यह एक टीम है। मैं किसी का नाम नहीं लेने वाला। ’’अंत में मारिन ने उत्साह के साथ कहा, ‘चक दे इंडिया!’इस तरह उन्होंने भारतीय महिला हॉकी के उस शानदार अभियान का जश्न मनाया जिसने टीम में नया विश्वास और आत्मविश्वास पैदा किया है।
विमेंस एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। टूर्नामेंट का पहला एडिशन 2004 में वनडे फॉर्मेट में खेला गया था। शुरुआती चार एडिशन 50 ओवर के फॉर्मेट में हुए। 2012 से इसे टी-20 फॉर्मेट में बदल दिया गया। इस बार का सबसे बड़ा मुकाबला भारत-पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को होगा। स्टोरी में टूर्नामेंट के बारे में सबकुछ… शुरुआत कब और कैसे हुई? पहली बार 2004 में भारत और श्रीलंका ने ही एशिया कप खेला था। दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज हुई और भारत ने सभी पांच मैच जीतकर टाइटल अपने नाम किया। इसके बाद 2005-06, 2006 और 2008 में भी टूर्नामेंट ODI फॉर्मेट में खेला गया। 2012 में पहली बार विमेंस एशिया कप 20-20 ओवर का खेला गया। इसके बाद से सभी एडीशन इसी फॉर्मट में खेले जा रहे हैं। इस बार का फॉर्मेट क्या है? 2026 में 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप में 4-4 टीमें हैं। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल जीतने वाली टीम 13 सितंबर को फाइनल खेलेगी। भारत के मैच कब-कब होंगे? भारत ग्रुप-A में है। टीम इस स्टेज में तीन मुकाबले खेलेगी। पहला मैच थाईलैंड, दूसरा मैच हॉन्गकॉन्ग, चीन और तीसरा पाकिस्तान से होगा। भारत की टीम कैसी है? 2026 एशिया कप में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैं। स्मृति मंधाना उपकप्तान हैं। भारत का स्क्वॉड- हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी. कमालिनी, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल। पहली बार क्या हो रहा? इंडोनेशिया पहली बार हिस्सा ले रहा है। इसके अलावा टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। किस टीम ने कितने खिताब जीते? भारत ने 7 खिताब जीते हैं। वनडे में 4 और टी-20 में 3 बार। बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी अपने नाम की है। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है। 2024 में टीम ने दांबुला में खेले गए फाइनल में भारत को 8 विकेट से हराया था। विमेंस एशिया कप के टॉप प्लेयर्स
विमेंस डीपीएल: रोमांचक मुकाबले में स्ट्राइकर्स को 3 विकेट से हराकर क्वींस ने खोला जीत का खाता
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। सेंट्रल दिल्ली क्वींस ने गुरुवार को 'विमेंस दिल्ली प्रीमियर लीग 2026' के मुकाबले में जीत का खाता खोल लिया है। इस टीम ने अरुण जेटली स्टेडियम में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स के खिलाफ 3 रन से जीत हासिल की।
भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में सेमीफाइनल के लिए अपनी जगह को पक्का करने में कामयाब नहीं हो सकी, लेकिन जर्मनी की टीम को 3-1 से मात देने के साथ वह 5वीं पोजीशन पर रहते हुए टूर्नामेंट से विदाई लेने में कामयाब रहीं।
मुंबई में मंगलवार का दिन भारतीय शतरंज के लिए बेहद खास रहा। एक ही आयोजन में देश के दो युवा खिलाड़ियों ने एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप के शास्त्रीय वर्ग का खिताब अपने नाम किया। असम के 17 वर्षीय मयंक चक्रवर्ती ने लड़कों के वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि 13 साल की प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों के वर्ग में बाजी मार ली। खास बात यह रही कि मयंक पिछले कुछ महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण भी दे रहे थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, मयंक चक्रवर्ती पिछले मार्च में भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बने थे। वह पूर्वोत्तर भारत से यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं। इतनी कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने के बावजूद मयंक से बातचीत करने पर उनके जवाबों में उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता नजर आती है। एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में मयंक पहले से ही शीर्ष वरीय खिलाड़ी के तौर पर उतरे थे। इससे पहले वह इस प्रतियोगिता के तीव्र शतरंज वर्ग का खिताब भी जीत चुके हैं। हालांकि, उनके लिए शास्त्रीय वर्ग का खिताब ज्यादा महत्वपूर्ण है। मयंक के मुताबिक, शास्त्रीय शतरंज वही प्रारूप है जिसमें विश्व चैंपियन बनने की राह तय होती है और इसमें जीत हासिल करना दूसरे खिलाड़ियों पर अपनी श्रेष्ठता साबित करने जैसा है। उन्होंने बताया कि तीव्र शतरंज प्रतियोगिता एक दिन में समाप्त हो जाती है, जबकि शास्त्रीय मुकाबले छह से सात दिन तक चल सकते हैं। इस वजह से इसमें ज्यादा मेहनत, मानसिक तैयारी और शुरुआती चालों की गहरी तैयारी की जरूरत होती है। उनके अनुसार, तीव्र शतरंज में मुख्य रूप से तेजी से खेलना होता है, जबकि शास्त्रीय शतरंज में तैयारी और धैर्य दोनों की बड़ी भूमिका होती है। इसी प्रतियोगिता में 13 वर्षीय प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों का खिताब जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। बेंगलुरु में रहने वाली प्रतीति के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इसी साल इटली के मोंटे सिल्वानो में आयोजित विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उस प्रतियोगिता में वह भारत की एकमात्र पदक विजेता रही थीं। गौरतलब है कि मयंक पिछले तीन से चार महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण दे रहे हैं। दोनों की तैयारी इटली में आयोजित विश्व युवा चैंपियनशिप के दौरान शुरू हुई थी। हालांकि, मुंबई में चल रही प्रतियोगिता के दौरान मयंक खुद भी मुकाबले खेल रहे थे, इसलिए वह प्रतीति की ज्यादा मदद नहीं कर सके। प्रतीति ने बताया कि प्रतियोगिता से पहले मयंक ने खास तौर पर शुरुआती चालों की तैयारी में उनकी मदद की थी। प्रतीति इस प्रतियोगिता में लड़कियों के वर्ग की शीर्ष वरीय खिलाड़ी थीं। ऐसे में उन पर उम्मीदों का दबाव भी था। उनकी मां प्रांती दत्ता बोरदोलोई ने कहा कि शीर्ष वरीय होने पर दबाव से बचना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, जब किसी खिलाड़ी को सबसे आगे रखा जाता है तो उससे हर हाल में जीत की उम्मीद जुड़ जाती है। प्रतीति की जीत के साथ उन्हें महिला ग्रैंडमास्टर की उपाधि के लिए जरूरी मानकों में से एक मानदंड भी हासिल हुआ है। मयंक के लिए यह उपलब्धि इसलिए और खास रही क्योंकि उनके अपने खिताब के साथ उनकी शिष्या भी उसी दिन चैंपियन बनीं। उन्होंने कहा कि खुद चैंपियन बनने की खुशी तो है ही, लेकिन अपने विद्यार्थी को चैंपियन बनते देख खुशी और बढ़ गई है। बता दें कि ग्रैंडमास्टर बनने के बाद भी मयंक की दिनचर्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उनका कहना है कि संघर्ष अब भी जारी है और जिंदगी पहले जैसी ही है। वह समय का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए तय दिनचर्या का पालन करते हैं। सोशल मीडिया और दूसरी गैरजरूरी चीजों से दूरी बनाकर वह पढ़ाई, शतरंज और प्रशिक्षण पर ध्यान देते हैं। मयंक की अगली चुनौती भी ज्यादा दूर नहीं है। अगले पांच दिनों में उन्हें तुर्किये और उसके बाद मलेशिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं के लिए रवाना होना है। वहीं प्रतीति और उनका परिवार इस जीत और महिला ग्रैंडमास्टर मानदंड से संतुष्ट है। उनकी मां का कहना है कि भारत में रहकर तैयारी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना विदेशों की तुलना में काफी कम खर्चीला है। विदेश में इसी तरह की गतिविधियों पर करीब दस गुना अधिक खर्च हो सकता है। इस तरह मयंक और प्रतीति की यह साझी सफलता भारतीय शतरंज के लिए नई पीढ़ी की मजबूत तस्वीर पेश कर रही है।
Real Madrid की Real Sociedad पर धमाकेदार जीत, Set Pieces की सटीक रणनीति से पलटा मैच का पासा
रियल मैड्रिड ने रियल सोसिदाद के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत दर्ज की, लेकिन इस मुकाबले की एक खास तस्वीर स्कोरलाइन से अलग भी सामने आई। मैड्रिड ने सेट पीस यानी रुके हुए खेल से मिलने वाले मौकों का लगातार इस्तेमाल किया और दूसरे हाफ में इन मौकों से अपने हमले को ज्यादा धार दी। मुकाबले में टीम के कुल चार शॉट ऐसे रहे, जो सेट पीस के बाद बने थे। सैंटियागो बर्नाबेउ में खेले गए इस मुकाबले में रियल मैड्रिड को कुल 14 बार रुके हुए खेल से शुरुआत करने का मौका मिला। इनमें आठ गोल किक, चार कॉर्नर और दो फ्री किक शामिल थीं। टीम ने अपने छह में से पांच मौकों पर पहला हवाई संपर्क अपने नाम किया। साथ ही, मैड्रिड ने मुकाबले में अपना एकमात्र हवाई द्वंद्व भी जीता। मौजूद जानकारी के अनुसार, रियल मैड्रिड के चारों सेट पीस शॉट में से तीन शुरुआती गेंद के बाद बने दूसरे चरण के हमले का हिस्सा थे। यानी पहली गेंद को हासिल करने के बाद टीम ने तुरंत हमला खत्म करने के बजाय अगली गेंद पर भी दबाव बनाए रखा। केवल एक प्रयास सीधे शुरुआती चरण में आया था। मैड्रिड के चार सेट पीस प्रयासों में एक गेंद सीधे केंद्रीय हिस्से की ओर गई, एक क्षेत्र के किनारे पहुंची, एक गोल क्षेत्र से बाहर की तरफ गई और एक प्रयास छह गज के क्षेत्र में भेजा गया। इससे पता चलता है कि टीम ने केवल एक ही दिशा में निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों को निशाना बनाया। दूसरी ओर, रियल सोसिदाद को मुकाबले में 18 बार ऐसे अवसर मिले। इनमें आठ गोल किक, सात कॉर्नर और तीन फ्री किक शामिल थीं। सोसिदाद ने अपने 10 में से सात मौकों पर पहली गेंद पर नियंत्रण हासिल किया, लेकिन इसके बावजूद उसके सेट पीस से केवल दो शॉट निकल सके। सोसिदाद के दोनों सेट पीस शॉट में से एक दूसरे चरण के हमले के बाद आया। उसकी छह गेंदों में से तीन केंद्रीय क्षेत्र की ओर भेजी गईं, जबकि तीन को गोल क्षेत्र के बाहर की दिशा में डाला गया। इसके अलावा एक गेंद बाएं मध्य क्षेत्र और एक क्षेत्र के किनारे पहुंची। गौरतलब है कि पहले हाफ में दोनों टीमों में से कोई भी सेट पीस के जरिए शॉट नहीं निकाल सकी। ब्रेक तक कुल 14 ऐसे मौके बने थे, जिनमें पांच रियल मैड्रिड और नौ रियल सोसिदाद के हिस्से आए। इसके उलट दूसरे हाफ में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। इस दौरान दोनों टीमों को नौ-नौ मौके मिले और मुकाबले के सभी छह सेट पीस शॉट इसी हाफ में आए। मैच की स्थिति के हिसाब से भी मैड्रिड की रणनीति दिलचस्प रही। जब मुकाबला बराबरी पर था, तब टीम को नौ सेट पीस मिले और उसने उनसे तीन शॉट बनाए। बढ़त मिलने के बाद उसे पांच और मौके मिले, जिनमें से एक को शॉट में बदला गया। यानी मैड्रिड ने बराबरी के दौर में भी रुके हुए खेल से मौके बनाने पर जोर बनाए रखा। रियल सोसिदाद को मुकाबला बराबर रहने के दौरान 11 सेट पीस मिले, लेकिन इनमें से कोई भी शॉट में नहीं बदल सका। जब टीम पीछे चल रही थी, तब उसे सात ऐसे मौके मिले और उनमें से दो पर उसने शॉट लगाए। बता दें कि फुटबॉल में सेट पीस अक्सर करीबी मुकाबलों में अंतर पैदा करने का जरिया बनते हैं। कॉर्नर, फ्री किक और उनके बाद मिलने वाली दूसरी गेंद पर नियंत्रण किसी टीम को लगातार दबाव बनाने का अवसर देता है। रियल मैड्रिड और रियल सोसिदाद के इस मुकाबले में भी आंकड़े यही बताते हैं कि दूसरे हाफ में मैड्रिड ने इन मौकों को ज्यादा प्रभावी ढंग से उपयोग किया है।
बीसीसीआई ने सितंबर महीने में होने वाली ऑस्ट्रेलिया-ए महिला टीम के खिलाफ टी20, वन-डे और अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय महिला-ए के स्क्वाड का ऐलान कर दिया है, जिसमें टी20 के लिए अनुष्का शर्मा को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच विश्व कप के प्ले-ऑफ मुकाबले में जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवें स्थान पर रहकर टूर्नामेंट का समापन किया।
भारत ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में जर्मनी को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत टूर्नामेंट में पांचवे स्थान पर रहा। टीम ने 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश किया है। इससे पहले टीम 1974 वर्ल्ड कप में चौथे स्थान पर रही थी। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में खेले मुकाबले में भारत ने तीनों गोल दूसरे हाफ में किए। नवनीत कौर ने 43वें और 46वें मिनट में गोल किए। इशिका ने 42वें मिनट में पहला गोल दागा। जर्मनी की ओर से लिन क्रिंग्स ने 58वें मिनट में गोल किया। दूसरे हाफ में भारत ने बदला मैच पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं। भारत ने तीसरे क्वार्टर में लगातार आक्रमण किया। भारत को पहली सफलता 42वें मिनट में मिली, जब इशिका ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद नवनीत कौर ने 44वें और 47वें मिनट में लगातार 2 गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। जर्मनी ने आखिरी क्वार्टर में एक गोल किया। भारत ने मैच जीते, 3 ड्रॉ रहे, सिर्फ 1 में हार मिली भारत ने ग्रुप स्टेज में चीन से 2-2 से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। फिर दूसरे मुकाबले में साउथ अफ्रीका को 6-1 के बड़े अंतर से हराया। आखिरी मुकाबला इंग्लैंड से 0-0 से ड्रॉ रहा। टीम पूल-D में दूसरे स्थान पर रहकर टॉप-8 में पहुंची। भारत को टॉप-8 में टूर्नामेंट की पहली हार मिली। टीम को पूल-E के मुकाबले में नीदरलैंड ने 2-0 से हराया। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराना था। हालांकि यह मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। अब भारत ने जर्मनी को पांचवा स्थान हासिल किया है। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलाना तय नहीं:हरमनप्रीत कौर ने नहीं दिया कोई जवाब, विमेंस एशिया कप कल से विमेंस एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलना तय नहीं है। गुरुवार को कैप्टंस मीट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर इस बारे में पूछे गए सवाल को टाल गईं। पूरी खबर पढ़ें…
Indian Women Hockey Team ने Germany को 3-1 से हराया, 52 साल बाद विश्व कप में 5वां स्थान
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 27 अगस्त विश्व कप में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन जारी रखते हुए नवनीत कौर के दो गोल की मदद से पांचवीं रैंकिंग वाली जर्मन टीम को 3 -1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया जो पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत को इस टूर्नामेंट में एकमात्र पराजय का सामना ओलंपिक चैम्पियन सह मेजबान नीदरलैंड के हाथों (0-2) करना पड़ा था। दूसरे दौर के आखिरी मैच में आस्ट्रेलिया से गोलरहित ड्रॉ के बाद सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हुई कोच शोर्ड मारिन की टीम ने जर्मनी के खिलाफ सारी कसर निकालते हुए आखिरी 17 मिनट में तीन गोल दागे। भारत के लिये इशिका (43वां मिनट), नवनीत (44वां और 47वां) ने गोल दागे। जर्मनी के लिये लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एकमात्र गोल दागा। इसी जर्मन टीम ने टूर्नामेंट से पहले दो अभ्यास मैचों में भारत को हराया था। क्लासीफिकेशन मैच में पहले 43 मिनट तक दोनों टीमों एक दूसरे को आजमाती रही लेकिन कामयाबी नहीं मिली और आखिरी सत्रह मिनट में भारत ने जबर्दस्त पासिंग, बेहतरीन फिनिशिंग और मजबूत रक्षण का प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को संभलने का मौका ही नहीं दिया। जर्मनी को मैच में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय गोलकीपर और डिफेंस चट्टान की तरह अडिग रहा। विश्व कप में पहली बार खेल रही 11 खिलाड़ियों के साथ उतरे कोच मारिन के साथ ड्रैग फ्लिक कोच ताइके ताकेमा और विश्लेषण कोच मथियास विला जीत के बाद उछलते नजर आये। यह 1974 में अजिंदर कौर की अगुवाई में पहले विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले इस प्रदर्शन से भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढा होगा। पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया था लेकिन फिर इंग्लैंड से ड्रॉ खेला था। एकमात्र पराजय दूसरे चरण में डच टीम के हाथों मिली लेकिन मेजबान ने दोनों गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागे थे। पांचवें मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब नवनीत बायीं ओर से गेंद लेकर सर्कल के भीतर घुसी और दाहिनी ओर सलीमा को पास दिया लेकिन जर्मन गोलकीपर ने आगे की ओर बढकर रोक दिया। सलीमा ने पेनल्टी कॉर्नर की मांग की लेकिन अंपायर ने मना किया। नौवें मिनट में जर्मनी की एम्मा डेविडस्मेयेर गेंद लेकर दाहिने ओर से अकेले आगे बढी लेकिन गोल के सामने नियंत्रण नहीं रख सकी और शॉट लेने में नाकाम रही। पहला क्वार्टर खत्म होने से ठीक पहले शिल्पी डबास ने मिडफील्ड में नेहा को गेंद सौंपी जो उस पर नियंत्रण नहीं रख सकी। जर्मनी को 15वें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जब इशिका ने एम्मा को सर्कल के भीतर बाधा पहुंचाई। भारत ने इस पर रेफरल लिया लेकिन वीडियो अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला बरकरार रखा और भारत ने अपना रेफरल गंवा दिया। लिली स्टोफेलस्मा की ड्रैग फ्लिक को भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने बखूबी बचाया लेकिन रशर के पहले दौड़ने के कारण जर्मनी को लगातार दूसरा कॉर्नर मिला जिस पर वैरिएशन की कोशिश नाकाम रही। पहले पंद्रह मिनट में कोई टीम गोल नहीं कर सकी। दूसरे क्वार्टर में चौथे मिनट में भारत ने पहला प्रयास किया जब मैदान के बीच से दीपिका ने गेंद नवनीत को सौंपी जिसने सर्कल पर लालरेम्सियामी को पास दिया लेकिन उसका शॉट गोलपोस्ट के बाहर से निकल गया। जर्मनी को इसी मिनट पलटवार में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर पुश कमजोर होने से कामयाबी नहीं मिली। भारत के पास 22वें मिनट में फिर सुनहरा मौका था लेकिन दो कोशिशों के बावजूद उसे फिनिश तक नहीं ले जाया जा सका। पहले नवनीत ने बायीं ओर से सीधा शॉट लिया जिसे जर्मन गोलकीपर फिंजा स्टार्क ने बायां पैर आगे करके रोक लिया लेकिन गेंद अभी भी डी के भीतर थी और गोल के दाहिने ओर सलीमा के पास गई जिनका प्रयास भी जर्मन डिफेंस ने नाकाम कर दिया और गेंद बाहर निकाल दी। ब्रेक तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी थी। ब्रेक के बाद भी दोनों टीमों में कोई तेजी नजर नहीं आई और मैच काफी धीमी रफ्तार से आगे बढा। इशिका 35वें मिनट में दाहिने फ्लैंक से अकेले गेंद लेकर आगे बढी लेकिन सर्कल के पास पहुंचकर नियंत्रण खो दिया। इसके तीन मिनट बाद ज्योति को फिजियो की मदद से मैदान छोड़कर आना पड़ा जब उनका घुटना मुड़ गया। भारत को लगातार अच्छे प्रयासों का नतीजा 43वें मिनट में मिला जब नेहा से गेंद लेकर इशिका सर्कल के भीतर घुसी और रिवर्स हिट पर जर्मन गोलकीपर के ऊपर से गेंद गोल के भीतर डाल दी। भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर अगले ही मिनट मिला जब नवनीत को सर्कल में बाधा पहुंची। नवनीत की स्लैप हिट रोके जाने से पहले गेंद डिफेंडर के पैर से टकराई जिससे भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर नवनीत ने गेंद को रोककर फिर उसी तकनीक से स्लैप लगाई और भारत के लिये दूसरा गोल दाग दिया। नवनीत की शानदार ड्रिबलिंग के दम पर भारत को तीसरा गोल मिला जब जर्मन डिफेंडरों से घिरने के बावजूद उन्होंने गेंद पर से कब्जा नहीं गंवाया और गोलकीपर के पास से गेंद ले जाते हुए सीधी हिट पर गोल किया। तीन गोल गंवाने के बाद जर्मन टीम ने पलटवार ने 48वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया लेकिन गोल नहीं कर सकी।
Harmanpreet Kaur बोलीं, Asia Cup में भारत किसी एक टीम के बजाय अच्छे खेल पर केंद्रित
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम महिला टी20 एशिया कप में किसी विशेष प्रतिद्वंद्वी को निशाने पर रखकर नहीं चल रही है और इसके बजाय वह अच्छा क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित करेगी। एशिया कप में भारत, पाकिस्तान, मौजूदा चैंपियन श्रीलंका, बांग्लादेश, मेजबान यूएई, थाईलैंड, हांगकांग, चीन और इंडोनेशिया की टीम भाग ले रही हैं। वनडे विश्व चैंपियन भारत महिला टी20 एशिया कप में प्रबल दावेदारों में से एक है, लेकिन हरमनप्रीत ने पांच सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अपने बहुप्रतीक्षित मुकाबले को लेकर बने माहौल को खास तवज्जो नहीं दी। हरमनप्रीत ने शुक्रवार से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से पहले कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम किसी एक विशेष टीम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सभी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने पर है। हम किसी भी टीम को हल्के से नहीं ले रहे हैं। हमारा ध्यान केवल अच्छी क्रिकेट खेलने पर है। हम खेल से इतर की बातों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।’’हरमनप्रीत ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वह पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ मिलाएगी या नहीं। भारतीय कप्तान ने कहा कि वे इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट को दबाव में खुद को परखने और अपने हाल के अनुभवों से मिले सबक पर आगे बढ़ने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एशिया कप एक ऐसा मंच है जहां आप वास्तव में खुद को परख सकते हैं और खुद पर काफी दबाव डाल सकते हैं ताकि आप उस स्तर पर प्रदर्शन कर सकें जिसकी आप अपनी टीम से बहुत उम्मीद करते हैं।’’हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट में एक टीम के रूप में हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हमने पिछले दो-तीन वर्षों में सभी टीम में जबरदस्त सुधार देखा है। जब भी हम उनके खिलाफ खेलते हैं तो वह कड़ी चुनौती पेश करते हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारा अनुभव काम आएगा।’’भारत का टी20 विश्व कप का अभियान निराशाजनक रहा, लेकिन हरमनप्रीत का मानना है कि पिछले मैचों से मिले अनुभव टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले मैचों से हमें जो भी अनुभव मिला है, वह हमारी मदद करेगा और उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और यहां खेल का पूरा आनंद लेंगे।’’दुबई की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों के लिए भारत की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम अपने शुरुआती मैच से पहले अभ्यास सत्रों में यहां की परिस्थितियों का आकलन करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम कल (बुधवार) ही पहुंचे हैं और हमने अभी तक मैदान नहीं देखा है। लेकिन कल (शुक्रवार) हम अभ्यास करेंगे। अच्छी बात यह है कि हमसे पहले दो टीमें खेल रही हैं। इसलिए हमें उनका खेल देखने को मिलेगा और फिर हम समझ पाएंगे कि परिस्थितियां कैसी होंगी। फिर उसी के अनुसार हम अपनी रणनीति बनाएंगे।’’पाकिस्तान की कप्तान सना फातिमा ने कहा कि उनका इरादा ‘बेखौफ क्रिकेट’ खेलने का है। बर्मिंघम फीनिक्स के लिए ‘द हंड्रेड’ में खेलने वाली पहली पाकिस्तानी महिला खिलाड़ी सना ने कहा, ‘‘हम भारत के खिलाफ पांच सितंबर को होने वाले मैच का पूरा आनंद लेना चाहते हैं। टी20 क्रिकेट ऐसा खेल है कि जो भी उस दिन बेहतर खेल का प्रदर्शन करता है, वही जीतता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम दुबई की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हमारे पास अच्छे बल्लेबाज हैं। उम्मीद है कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’यूएई की कप्तान ईशा ओजा ने कहा, ‘‘यह किसी को कुछ साबित करने से नहीं बल्कि अपने खेल का आनंद लेने से जुड़ा है। हमने कड़ी मेहनत की है और अब उसको अंजाम तक पहुंचाना है।
विमेंस एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का हाथ मिलना तय नहीं है। गुरुवार को कैप्टंस मीट में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर इस बारे में पूछे गए सवाल को टाल गईं। उनसे पूछा गया था कि क्या वह पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ मिलाएंगी। उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। यह मैच 5 सितंबर को दुबई में होगा। हरमन ने इस मैच पर कहा- ‘टीम बाहरी बातों को अपने खेल पर असर नहीं डालने देगी।’ एशिया कप कल (28 अगस्त) से शुरू हो रहा है। हरमनप्रीत ने जून-जुलाई में हुए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में भी पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिला था। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक नहीं करने की नीति देखी जा रही है। पिछले एशिया कप से शुरू हुई नो-हैंडशेक पॉलिसी भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानियों से नो-हैंडशेक पॉलिसी पिछले साल मेंस एशिया कप से शुरू हुई थी। जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। हरमनप्रीत ने कहा- किसी एक टीम पर फोकस नहीं करेंगे भारतीय कप्तान कौर ने कहा कि टीम महिला T20 एशिया कप में किसी एक प्रतिद्वंद्वी को निशाना नहीं बनाएगी। भारत का फोकस अच्छा क्रिकेट खेलने पर रहेगा। सभी टीमें अच्छा कर रही हैं। हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने और किसी भी टीम को आसान नहीं मानने पर है।' उन्होंने कहा, ‘हमारा मुख्य फोकस सिर्फ क्रिकेट खेलना है, खेल के दूसरे प्रभावों पर ध्यान देना नहीं।’ ------------------------------------------
भारत-श्रीलंका सीरीज खत्म होने पर ICC टेस्ट टीम रैंकिंग हुई अपडेट, टीम इंडिया को हुआ यह फायदा
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का अंत कोलंबो के मैदान पर खेले गए दूसरे मुकाबले के ड्रॉ होने के साथ खत्म हो गई। इस सीरीज के खत्म होने के बाद आईसीसी की तरफ से टेस्ट टीम रैंकिंग को भी अपडेट कर दिया गया है, जिसमें पोजीशन में तो कोई बदलाव नहीं हुआ लेकिन रेटिंग प्वाइंट टीम इंडिया के जरूर बढ़े हैं।
ब्राजील के बाद दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे से भिड़ेगी टीम इंडिया, कोलकाता में खेला जाएगा मैच
भारतीय फुटबॉल टीम अक्टूबर में कोलकाता में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ मुकाबला खेलेगी। इससे पहले टीम इंडिया पनामा और ब्राजील जैसी मजबूत टीमों से भी भिड़ेगी।
भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा। भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की। फॉलोऑन खेलकर रही श्रीलंका ने दूसरी पारी में 9 विकेट पर 429 रन बनाए और मैच बचाया। टीम ने भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने के बाद पहली बार मैच ड्रॉ कराया है। श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनूषा ने सीरीज में 3 शतक लगाए। उन्होंने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा और साउथ अफ्रीका के जैक्स कैलिस के रिकॉर्ड की बराबरी की। मैच के पांचवे दिन बने टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. श्रीलंका ने फॉलोऑन के बाद चौथी बार मैच बचाया श्रीलंका ने टेस्ट में चौथी बार फॉलोऑन मिलने के बाद मैच बचाया। टीम ने भारत के खिलाफ पहली बार ऐसा किया है। 2. दिनूषा ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप से 173 रन बनाए दिनूषा एक टेस्ट सीरीज में स्पिनरों के खिलाफ स्वीप से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस सीरीज में स्पिनरों के खिलाफ 173 रन स्वीप से बटोरें। उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान जो रुट के 160 रन का रिकॉर्ड तोड़ा। 3. श्रीलंका ने दूसरी पारी में 216 रन की बढ़त बनाई श्रीलंका ने फॉलोऑन मिलने के बाद दूसरी पारी में 216 रन की बढ़त बनाई। जो भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने के बाद तीसरी सबसे बड़ी बढ़त है। 4. तीसरे श्रीलंकाई जिन्होंने भारत के खिलाफ दोनों पारियों में शतक लगाए दिनूषा भारत के खिलाफ टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले तीसरे श्रीलंकाई बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले दलीप मेंडिस और अरविंदा डी सिल्वा यह कारनामा कर चुके हैं। 5. दिनूषा ने 5 टेस्ट में 606 रन बनाए दिनूषा करियर के शुरुआती 5 टेस्ट मैचों में 600 रन तक पहुंचने वाले श्रीलंका के दूसरे बल्लेबाज बने। उनके टेस्ट में 606 रन हो चुके हैं। 631 रन के साथ कामिंदु मेंडिस पहले स्थान पर हैं। 6. दिनूषा ने सीरीज में 3 शतक लगाए दिनूषा 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में 3 शतक जमाने वाले बल्लेबाजों के क्लब में शामिल हो गए। उनसे पहले 7 बल्लेबाज यह कारनामा कर चुके हैं। अरविंद डी-सिल्वा ने सबसे ज्यादा 2 बार यह मुकाम हासिल किया है। 7. दिनूषा ने सीरीज की सभी 4 पारियों में बनाए 50+ स्कोर दिनूषा एक टेस्ट सीरीज की चारों पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे श्रीलंकाई बल्लेबाज बन गए। उन्होंने भारत के खिलाफ सीरीज की चारों पारियों में 50+ का स्कोर बनाया। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. नुवानथा के पैर के अंगूठे पर गेंद लगी 104वें ओवर में रवींद्र जडेजा की गेंद श्रीलंकाई बल्लेबाज केशरा नुवनथा के पैर के अंगुठे पर लगी। ओवर की दूसरी गेंद जडेजा ने ब्लॉकहोल में डाली। केशरा बैट नीचे लाने में लेट हो गए और गेंद जाकर उनके पैर पर लगी। इम्पैक्ट आउटसाइज स्टंप था, इसलिए वे LBW से बच गए। इसके बाद नुवानथा ने जूता उतारकर फिजियो को मैदान पर बुलाया। ट्रीटमेंट के बाद दोबारा खेल शुरु हुआ। 2. जडेजा चोट के बाद मैदान से बाहर चले गए 128वें ओवर में रवींद्र जडेजा तकलीफ में नजर आए। ओवर की तीसरी गेंद फेंकने के बाद जडेजा असहज दिखे। उनके दाहिने पैर की एड़ी में तकलीफ थी। इसके बाद वे अंपायर से अपनी कैप लेकर मैदान से बाहर चले गए हैं। उनका ओवर प्रसिद्ध कृष्णा ने पूरा किया। 3. टी-ब्रेक के बाद पहली गेंद पर सोनल ने शतक पूरा किया 134वें ओवर की पहली ही गेंद पर सोनल ने सीरीज का तीसरा शतक पूरा किया। 98 रन पर खेल रहे सोनल ने मोहम्मद सिराज की गेंद को उन्होंने मिड-विकेट की ओर फ्लिक किया। फिर 2 रन लेकर अपना शतक पूरा किया। स्टैंड्स में मौजूद उनकी मां और ड्रेसिंग रूम में खड़े खिलाड़ियों ने तालियां बजाकर उनकी पारी की सराहना की। ----------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… गिल ने कहा- यह ड्रॉ टेस्ट क्रिकेट की जीत:श्रीलंका को फॉलोऑन कराने के फैसले को सही ठहराया; पडिक्कल बोले- हमें जीतना चाहिए था भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने पर कहा- ‘हमने वह सब कुछ किया, जो हम कर सकते थे। यह शानदार मुकाबला था और मुझे लगता है कि आज टेस्ट क्रिकेट की जीत हुई।' पूरी खबर पढ़ें…
कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने पर क्या दिया बहाना? न्यूजीलैंड टूर पर भी बोले
श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम से सभी को जीत हासिल करने की उम्मीद थी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी सोनल दिनुशा की शतकीय पारी ने फेर दिया। इस टेस्ट के ड्रॉ होने पर टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल का भी बड़ा बयान सामने आया।
लंका फतह के बाद भी WTC में भारत की टेंशन बरकरार! गिल ब्रिगेड 5वें नंबर पर
वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में ऑस्ट्रेलिया 80 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. भारत 51.52 प्रतिशत के साथ पांचवें नंबर पर है.
उत्तर भारत और ट्राइसिटी के लोग 30 अगस्त से शुभमन गिल, प्रभसिमरन सिंह, अर्शदीप सिंह, रामनदीप सिंह, अनमोलप्रीत सिंह और हरप्रीत बराड़ जैसे खिलाडियों को अब पीसीए में खेलते देख पाएंगे। यह संभव होने जा रहा है। यह मैच लाइव भी चलेंगे। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) की ओर से आयोजित शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 का आगाज होने से। जिसका वीरवार को शेड्यूल जारी कर दिया गया है। लीग का आगाज 30 अगस्त को होगा और फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। करीब 2 सप्ताह चलने वाली इस लीग में पंजाब के स्थापित क्रिकेटरों के साथ उभरते हुए खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 30 अगस्त को अमृतसर सूर्मास और मोहाली किंग्स के बीच होगा। मुकाबले आईएस बिंद्रा स्टेडियम, मोहाली में खेले जाएंगे। लीग में कुल 6 टीमें हिस्सा लेंगी और पूरे टूर्नामेंट में 27 मुकाबले खेले जाएंगे। 2 ग्रुप में बांटी गईं 6 टीमें छह फ्रेंचाइजी को 2 ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-ए में मोहाली किंग्स, फाजिल्का फाल्कन्स और जालंधर वॉरियर्स हैं। वहीं ग्रुप-बी में बठिंडा रॉयल्स, अमृतसर सूर्मास और लुधियाना लायंस को रखा गया है। 30 अगस्त को अमृतसर सूर्मास और मोहाली किंग्स के मुकाबले के बाद 31 अगस्त को दो मैच होंगे। दोपहर में जालंधर वॉरियर्स का सामना फाजिल्का फाल्कन्स से होगा, जबकि शाम को मोहाली किंग्स और बठिंडा रॉयल्स आमने-सामने होंगे। 1 सितंबर को दोपहर के मुकाबले में लुधियाना लायंस अपने अभियान की शुरुआत बठिंडा रॉयल्स के खिलाफ करेगा। 12 सितंबर को दोनों सेमीफाइनल लीग चरण के बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। 12 सितंबर को दोनों सेमीफाइनल खेले जाएंगे। पहले सेमीफाइनल में ग्रुप-ए की शीर्ष टीम का मुकाबला ग्रुप-बी की दूसरे नंबर की टीम से होगा। दूसरे सेमीफाइनल में ग्रुप-बी की टॉप टीम ग्रुप-ए की दूसरे नंबर की टीम से भिड़ेगी। दोनों सेमीफाइनल की विजेता टीमें 13 सितंबर को फाइनल में खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। टीवी और ऑनलाइन प्रसारण शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के मुकाबलों का लाइव टेलीकास्ट Sony Sports Ten 5 HD और Sony Sports Ten 5 SD पर होगा। वहीं मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग Sony LIV पर की जाएगी।
India A महिला टीम की कमान यस्तिका और अनुष्का को मिली, BCCI ने की घोषणा
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की महिला चयन समिति ने बृहस्पतिवार को ऑस्ट्रेलिया ए के आगामी भारत दौरे के लिए टीम की घोषणा की जिसमें अनुष्का शर्मा तीन मैच की टी20 श्रृंखला में भारत ए की कप्तानी करेंगी जबकि यस्तिका भाटिया एकदिवसीय और बहुदिवसीय टीम की अगुवाई करेंगी। सयाली सतघरे टी20 में उपकप्तान होंगी जबकि अनुष्का एकदिवसीय और बहुदिवसीय प्रारूप में उपकप्तान होंगी। दौरा 12 सितंबर से शुरू होगा और इसमें तीन टी20, तीन एकदिवसीय तथा चार दिवसीय एक मैच शामिल है। टी20 मैच न्यू चंडीगढ़, एकदिवसीय मुकाबले मोहाली के पीसीए स्टेडियम और चार दिवसीय मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। टी20 मुकाबले 12, 15 और 17 सितंबर को न्यू चंडीगढ़ में होंगे। एकदिवसीय मैच 20, 23 और 25 सितंबर को मोहाली में खेले जाएंगे जबकि चार दिवसीय मुकाबला 29 सितंबर से दो अक्टूबर तक धर्मशाला में होगा। टी20 के लिए भारत ए टीम:अनुष्का शर्मा (कप्तान), सयाली सतघरे, वृंदा दिनेश, सुजाता डे, तेजल हसबनिस, निक्की प्रसाद, शिप्रा गिरी, श्वेता सहरावत, उमा छेत्री, तनुजा कंवर, मीनू मणि, वैष्णवी शर्मा, जिंतिमनी कलिता, शबनम शकील, सिमरन दिल बहादुर। एकदिवसीय टीम:यस्तिका भाटिया (कप्तान), अनुष्का शर्मा, वृंदा दिनेश, प्रिया पूनिया, तनिषा सिंह, तेजल हसबनिस, निक्की प्रसाद, उमा छेत्री, मीनू मणि, अमनदीप कौर, वैष्णवी शर्मा, सयाली सतघरे, जिंतिमनी कलिता, शबनम शकील, अक्षिता भगत। बहुदिवसीय टीम:यस्तिका भाटिया (कप्तान), अनुष्का शर्मा, शुभा सतीश, प्रिया पूनिया, तनिषा सिंह, तेजल हसबनिस, निक्की प्रसाद, ममता माडिवाला, सुश्री दिब्यदर्शिनी, शुचि उपाध्याय, वैष्णवी शर्मा, सयाली सतघरे, जिंतिमनी कलिता, शबनम शकील, अक्षिता भगत। ऑस्ट्रेलिया ए महिला टीम का भारत दौरा:टी20: 12, 15 और 17 सितंबर, न्यू चंडीगढ़एकदिवसीय: 20, 23 और 25 सितंबर, पीसीए स्टेडियम, मोहाली। बहुदिवसीय: 29 सितंबर से दो अक्टूबर ,धर्मशाला।
भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने पर कहा- ‘हमने वह सब कुछ किया, जो हम कर सकते थे। यह शानदार मुकाबला था और मुझे लगता है कि आज टेस्ट क्रिकेट की जीत हुई।’ गिल से दूसरे मुकाबले में टीम के कुछ अलग करके जीत हासिल करने को लेकर सवाल पूछा गया था। गुरुवार को श्रीलंका ने फॉलोऑन के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट ड्रॉ करा लिया। भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। उसने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। फॉलोऑन का फैसला उल्टा नहीं पड़ा- गिल गिल ने कहा- ‘फॉलोऑन का फैसला उल्टा नहीं पड़ा, मौसम को ध्यान में रखते हुए यह हमारा सबसे अच्छा निर्णय था।’ भारतीय कप्तान ने सीरीज पर कहा- रिजल्ट के लिहाज से 3 मैच अच्छे होते। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने पर उन्होंने कहा- 'यह प्रतिशत अंकों पर निर्भर करता है।' भारतीय कप्तान ने मोहम्मद सिराज की चोट पर कहा- ‘वे चोटिल नहीं थे। वह कुछ महीनों के बाद खेल रहे थे, वापस आने में समय लगता है।’ गिल ने भारतीय स्पिनर मानव सुथार का सपोर्ट किया। उन्होंने कहा, ‘वे जिस तरह से गेंद को रिलीज करते हैं, मुझे लगता है कि आने वाले वर्षों में वे हमारे लिए अहम साबित होंगे।’ पडिक्कल बोले- टीम का जीतना सबसे जरूरी मैच के बाद प्लेयर ऑफ द सीरीज देवदत्त पडिक्कल ने कहा- ‘अगर हम यह मैच जीतते तो बेहतर होता। ईमानदारी से कहूं तो परिस्थितियां काफी समान थीं। यहां भी पिच धीमी थी।’ पडिक्कल ने कहा, ‘मैं रन बनाकर खुश हूं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि वे रन मैंने किस नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए बनाए।’ उन्होंने कहा- 'सबसे जरूरी है कि टीम जीते। यह युवा टीम है और अभी काफी काम करना है। सभी खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं। मुझे भरोसा है कि हम लगातार सुधार करते रहेंगे।’ सोनल ने कोच, परिवार और बैटर्स को श्रेय दिया प्लेयर ऑफ द मैच सोनल दिनूषा ने मैच की दोनों पारियों में शतक लगाए। उन्होंने कहा- ‘मैंने परिस्थिति के हिसाब से अपना बेस्ट प्रदर्शन करने की कोशिश की। भारत के खिलाफ रन बनाना खुशी की बात है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे उन लोगों का जिक्र करना चाहिए, जिन्होंने रन बनाने में मेरी मदद की। मैं कोचिंग स्टाफ और अपने परिवार का नाम लेना चाहता हूं। मैं निचले क्रम के बल्लेबाजों का भी जिक्र करना चाहूंगा। उन्होंने रन बनाने में मेरी मदद की।’ धनंजय ने कहा- गॉल में मुझे ज्यादा देर खेलना चाहिए था श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताने के लिए सिलेक्टर्स और कोच को श्रेय दिया। उन्होंने कहा- ‘यह टैलेंट सर्च की बात है। मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं और कोच ने मुझे यह मौका दिया।’ हालांकि, धनंजय ने माना कि उन्हें खुद ज्यादा योगदान देना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘शायद गॉल में दूसरी पारी के दौरान मुझे ज्यादा देर तक बल्लेबाजी करनी चाहिए थी।’ ------------------------------------------------- कोलंबो टेस्ट की मैच रिपोर्ट पढ़िए… श्रीलंका ने भारत को नहीं जीतने दिया दूसरा टेस्ट; फॉलोऑन खेलने के बावजूद मैच ड्रॉ कराया श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया है। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। पढ़ें पूरी खबर
भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कोलंबो टेस्ट के ड्रॉ होने पर कहा- ‘हमने वह सब कुछ किया, जो हम कर सकते थे। यह शानदार मुकाबला था और मुझे लगता है कि आज टेस्ट क्रिकेट की जीत हुई।’ गिल से दूसरे टेस्ट में टीम के कुछ अलग करके जीत हासिल करने को लेकर सवाल पूछा गया था। गुरुवार को श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। फॉलोऑन का फैसला सही था- गिल गिल ने कहा- 'फॉलो-ऑन का फैसला उल्टा नहीं पड़ा, मौसम को ध्यान में रखते हुए यह हमारा सबसे अच्छा निर्णय था।' भारतीय कप्तान ने मोहम्मद सिराज की चोट पर कहा- ‘वे चोटिल नहीं थे। वह कुछ महीनों के बाद खेल रहे थे, वापस आने में समय लगता है।’ भारतीय कप्तान ने सीरीज पर कहा- रिजल्ट के लिहाज से तीन टेस्ट मैच अच्छे होते। उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालिफाई करने पर कहा- 'यह प्रतिशत अंकों पर निर्भर करता है।' पडिक्कल बोले- ‘जीतना बेहतर होता’ मैच के बाद प्लेयर ऑफ द सीरीज देवदत्त पडिक्कल ने कहा- ‘अगर हम यह मैच जीतते तो बेहतर होता। ईमानदारी से कहूं तो परिस्थितियां काफी समान थीं। यहां भी पिच धीमी थी।’ पडिक्कल ने कहा, ‘मैं रन बनाकर खुश हूं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि वे रन मैंने किस नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए बनाए।’ उन्होंने कहा- 'सबसे जरूरी है कि टीम जीते। यह युवा टीम है और अभी काफी काम करना है। सभी खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं। मुझे भरोसा है कि हम लगातार सुधार करते रहेंगे।’ सोनल ने कोच, परिवार और बैटर्स को श्रेय दिया प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए सोनल दिनूषा ने मैच में दोनों पारियों में शतक लगाए। उन्होंने कहा- ‘मैंने परिस्थिति के हिसाब से अपना बेस्ट प्रदर्शन करने की कोशिश की। भारत के खिलाफ रन बनाना खुशी की बात है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे उन लोगों का जिक्र करना चाहिए, जिन्होंने रन बनाने में मेरी मदद की। मैं कोचिंग स्टाफ और अपने परिवार का नाम लेना चाहता हूं। मैं निचले क्रम के बल्लेबाजों का भी जिक्र करना चाहूंगा। उन्होंने रन बनाने में मेरी मदद की।' ------------------------------------------------- कोलंबो टेस्ट की मैच रिपोर्ट पढ़िए… श्रीलंका ने भारत को नहीं जीतने दिया दूसरा टेस्ट; फॉलोऑन खेलने के बावजूद मैच ड्रॉ कराया श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया है। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। पढ़ें पूरी खबर
कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होते ही गिल की कप्तानी में दर्ज हुआ मनहूस रिकॉर्ड, सीरीज जीत का स्वाद हुआ कड़वा
भारतीय टीम के खिलाफ श्रीलंका कोलंबो टेस्ट में फॉलोऑन मिलने के बाद उसे ड्रॉ कराने पर खत्म करने में कामयाब रही, जिसके साथ टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल के नाम पर एक ऐसा मनहूस रिकॉर्ड दर्ज हो गया जो इससे पहले किसी भी भारतीय कप्तान के नाम पर नहीं था।
India vs Sri Lanka: सोनल दिनुशा के शतक से दूसरा टेस्ट ड्रॉ, भारत ने 1-0 से जीती श्रृंखला
सोनल दिनुशा के मैच के दूसरे और श्रृंखला के तीसरे शतक से श्रीलंका ने भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने के बावजूद दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट को ड्रॉ करा दिया लेकिन मेहमान टीम ने श्रृंखला 1-0 से जीत ली। पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद दिनुशा ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए नाबाद 133 रन की पारी के दौरान 264 गेंद का सामना किया और भारत को जीत से वंचित कर दिया। उन्होंने अपनी पारी में और आठ चौके और दो छक्के जड़े। कल के नाबाद सात रन से आगे खेलते हुए दिनुशा ने स्वीप शॉट का शानदार तरीके से इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन पूरी तरह से बेअसर साबित किया। दिनुशा की अगुआई में श्रीलंका ने दूसरी पारी में जब 154 ओवर में नौ विकेट पर 429 रन बनाए थे तब दोनों टीम मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। इस समय श्रीलंका को 216 रन की बढ़त हासिल थी। श्रीलंका ने छठा विकेट निरोशन डिकवेला के रूप में 65वें ओवर में गंवा दिया था जिसके बाद दिनुशा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ 89 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करके भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदों को ध्वस्त किया। दिनुशा और केशारा नुवांता (46 रन, 150 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की दौरान 246 गेंद का सामना किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इसके बाद लाहिरू कुमारा (12 रन, 90 गेंद) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी के दौरान भी मिलकर 170 गेंद खेली जिससे भारत की जीत हासिल करने की रही सही उम्मीद भी टूट गई। भारत की ओर से बाएं हाथ के स्पिनरों रविंद्र जडेजा और मानव सुथार ने क्रमश: 94 और 121 रन देकर तीन-तीन विकेट चटकाए। प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और सारांश जैन ने एक-एक विकेट हासिल किया। भारत ने इससे पूर्व अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम दिनुशा के 103 रन के बावजूद 290 रन पर सिमट गई थी और उसे फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था। भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीता था। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन और महज 16 रन की बढ़त के साथ की थी। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा। भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए। स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे। पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा। दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया। कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।
कोलंबो टेस्ट ड्रॉ, अब WTC पॉइंट्स टेबल में कहां खड़ा है भारत? फाइनल की उम्मीदों को लगा तगड़ा झटका
भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का समापन हो गया है। कोलंबो में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ रहा। इस तरह भारतीय टीम टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम करने में सफल रही।
Team India ने 1-0 से जीती Test Series, कोलंबो में दूसरा मुकाबला ड्रॉ
सोनल दिनुशा के मैच के दूसरे और श्रृंखला के तीसरे शतक से श्रीलंका ने भारत के खिलाफ फॉलोऑन खेलने के बावजूद दूसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट को ड्रॉ करा दिया लेकिन मेहमान टीम ने श्रृंखला 1-0 से जीत ली। पैर में जकड़न से जूझने के बावजूद दिनुशा ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाते हुए नाबाद 133 रन की पारी के दौरान 264 गेंद का सामना किया और भारत को जीत से वंचित कर दिया। उन्होंने अपनी पारी में और आठ चौके और दो छक्के जड़े। कल के नाबाद सात रन से आगे खेलते हुए दिनुशा ने स्वीप शॉट का शानदार तरीके से इस्तेमाल किया और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन पूरी तरह से बेअसर साबित किया। दिनुशा की अगुआई में श्रीलंका ने दूसरी पारी में जब 154 ओवर में नौ विकेट पर 429 रन बनाए थे तब दोनों टीम मैच ड्रॉ कराने पर सहमत हो गईं। इस समय श्रीलंका को 216 रन की बढ़त हासिल थी। श्रीलंका ने छठा विकेट निरोशन डिकवेला के रूप में 65वें ओवर में गंवा दिया था जिसके बाद दिनुशा ने पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ 89 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करके भारत की जीत हासिल करने की उम्मीदों को ध्वस्त किया। दिनुशा और केशारा नुवांता (46 रन, 150 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की दौरान 246 गेंद का सामना किया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इसके बाद लाहिरू कुमारा (12 रन, 90 गेंद) के साथ नौवें विकेट के लिए 47 रन की साझेदारी के दौरान भी मिलकर 170 गेंद खेली जिससे भारत की जीत हासिल करने की रही सही उम्मीद भी टूट गई। भारत की ओर से रविंद्र जडेजा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और सारांश जैन ने एक-एक विकेट चटकाया। भारत ने इससे पूर्व अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी जिसके जवाब में श्रीलंका की टीम दिनुशा के 103 रन के बावजूद 290 रन पर सिमट गई थी और उसे फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था। भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीता था। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन और महज 16 रन की बढ़त के साथ की थी। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा। भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए। स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे। पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा। दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया। कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।
भारत-श्रीलंका के बीच सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच 'ड्रॉ' पर समाप्त हुआ।
कोलंबो, 27 अगस्त (आईएएनएस)। भारत-श्रीलंका के बीच सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच 'ड्रॉ' पर समाप्त हुआ। इसी के साथ टीम इंडिया ने 2 मुकाबलों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। गुरुवार को मुकाबले के पांचवें दिन मेजबान देश ने अपनी दूसरी पारी में 9 विकेट खोकर 429 रन बना लिए थे, जिसके बाद दोनों देशों ने ड्रॉ पर सहमति जताई।
भारत-श्रीलंका कोलंबो टेस्ट ड्रॉ : इंडिया 1-0 से सीरीज जीता
भारत के श्रीलंका दौरे का दूसरा टेस्ट ड्रॉ हो गया है। इसी के साथ भारतीय टीम ने 2 मैचों की सीरीज को 1-0 से जीत लिया है। उसने पहला मैच 165 रन से जीता था।
'खेलेंगे तो खिलेंगे', पीएम मोदी के संवाद से झारखंड के युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 'खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम' के तहत देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान पीएम ने युवाओं को खेलों से जुड़ने, फिटनेस को प्राथमिकता देने और 'खेलो इंडिया अभियान' का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। झारखंड में भी युवाओं और खिलाड़ियों में इस कार्यक्रम को लेकर शानदार उत्साह देखने को मिला।
मालिक बनने का सच या किसी की चाल? धोनी-CSK विवाद की ख़बर पर पूर्व भारतीय दिग्गज ने खोली पोल
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Sonal Dinusha की जुझारू पारी से Sri Lanka मजबूत, दूसरा टेस्ट ड्रॉ की ओर
पैर ऐंठन से परेशान होने के बावजूद सोनल दिनुशा की जुझारू बल्लेबाजी ने लगातार दूसरे सत्र में भारतीय गेंदबाजों को बेअसर कर दिया और श्रीलंका ने दूसरे टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन बृहस्पतिवार को चाय तक आठ विकेट पर 383 रन बना लिए। चाय के समय दिनुशा 98 और लाहिरू कुमारा दो रन बनाकर खेल रहे थे। फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंका ने दूसरी पारी में अपनी बढ़त 170 रन तक पहुंचा दी है जिससे मैच का ड्रॉ होना तय हो गया है। दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन से करने के बाद यह स्थिति बेहद अप्रत्याशित थी क्योंकि उस समय श्रीलंका की बढ़त महज 16 रन थी। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और केशारा नुवांता (46 रन, 150 गेंद) ने सातवें विकेट के लिए 112 रन जोड़कर मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह रही कि दोनों ने 174 मिनट और 246 गेंद तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा। भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए। स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन सफलता नहीं मिली। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की और 117 रन जोड़े थे। दिनुशा लगातार भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने चौथे दिन के खेल के बाद उनके लिए इसी तरह की टिप्पणी की थी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने मौजूदा श्रृंखला की चारों पारियों में 50 से अधिक रन बनाए हैं और अब तक दो शतक और दो अर्धशतक जड़ चुके हैं। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा। वह अब तक 56 गेंद खेल चुके है।
सोनल दिनुशा ने रचा इतिहास, बने दुनिया के पहले बल्लेबाज, टेस्ट क्रिकेट में हुआ बड़ा करिश्मा
कोलंबो टेस्ट में श्रीलंका के बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने दूसरा शतक जड़ते ही इतिहास रच दिया। भारत के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में सोनल के बल्ले से आया ये तीसरा शतक है।
AFC U-17 Asian Cup क्वालीफायर के ग्रुप ई में शामिल हुआ भारत, मलेशिया से मुकाबला
भारतीय फुटबॉल टीम को बृहस्पतिवार को कुआलालंपुर स्थित एएफसी मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के ग्रुप ई में मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम के साथ रखा गया। मुख्य टूर्नामेंट अगले साल उज्बेकिस्तान में आयोजित होगा जबकि ग्रुप ई के क्वालीफायर 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को गुआम, 17 नवंबर को फलस्तीन और 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया से मुकाबला होगा। क्वालीफायर के ड्रॉ में 35 टीम को पांच-पांच टीम के सात ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की विजेता टीम एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए क्वालीफाई करेगी जिसका आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में होगा। भारत ने 2026 में सऊदी अरब में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया था जहां वह ग्रुप चरण में बाहर हो गया था। अब भारत लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप में जगह बनाने और इतिहास में 11वीं बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा। सातों ग्रुप की विजेता टीमें एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 में जगह बनाएंगी जहां वे 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप कतर के लिए स्वत: क्वालीफाई करने वाली एएफसी की नौ टीम से जुड़ेंगी। इन टीम में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: AFC U17 Asian Cup Qualifiers: भारत ग्रुप ई में शामिल, मलेशिया और सिंगापुर से होगी भिड़ंत एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर ड्रॉ: ग्रुप ए: इंडोनेशिया, म्यांमार (मेजबान), अफगानिस्तान, फिलिपींस, कंबोडिया ग्रुप बी: थाईलैंड (मेजबान), इराक, हांगकांग, चीनी ताइपे ग्रुप सी: यूएई (मेजबान), बांग्लादेश, सीरिया, भूटान, मकाऊ ग्रुप डी: ईरान, लाओस (मेजबान), जोर्डन, पाकिस्तान, श्रीलंका ग्रुप ई: भारत, मलेशिया (मेजबान), फलस्तीन, सिंगापुर, गुआम ग्रुप एफ: यमन, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज गणराज्य (मेजबान), मंगोलिया, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह ग्रुप जी: ओमान (मेजबान), कुवैत, बहरीन, लेबनान, ब्रुनेई दारुस्सलाम।
AFC U17 Asian Cup Qualifiers: भारत ग्रुप ई में शामिल, मलेशिया और सिंगापुर से होगी भिड़ंत
भारतीय फुटबॉल टीम को बृहस्पतिवार को कुआलालंपुर स्थित एएफसी मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के ग्रुप ई में मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम के साथ रखा गया।मुख्य टूर्नामेंट अगले साल उज्बेकिस्तान में आयोजित होगा जबकि ग्रुप ई के क्वालीफायर 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे।भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को गुआम, 17 नवंबर को फलस्तीन और 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया से मुकाबला होगा।क्वालीफायर के ड्रॉ में 35 टीम को पांच-पांच टीम के सात ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की विजेता टीम एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए क्वालीफाई करेगी जिसका आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में होगा।भारत ने 2026 में सऊदी अरब में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया था जहां वह ग्रुप चरण में बाहर हो गया था। अब भारत लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप में जगह बनाने और इतिहास में 11वीं बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा।सातों ग्रुप की विजेता टीमें एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 में जगह बनाएंगी जहां वे 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप कतर के लिए स्वत: क्वालीफाई करने वाली एएफसी की नौ टीम से जुड़ेंगी। इन टीम में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर ड्रॉ:ग्रुप ए: इंडोनेशिया, म्यांमार (मेजबान), अफगानिस्तान, फिलिपींस, कंबोडियाग्रुप बी: थाईलैंड (मेजबान), इराक, हांगकांग, चीनी ताइपेग्रुप सी: यूएई (मेजबान), बांग्लादेश, सीरिया, भूटान, मकाऊग्रुप डी: ईरान, लाओस (मेजबान), जोर्डन, पाकिस्तान, श्रीलंकाग्रुप ई: भारत, मलेशिया (मेजबान), फलस्तीन, सिंगापुर, गुआमग्रुप एफ: यमन, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज गणराज्य (मेजबान), मंगोलिया, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूहग्रुप जी: ओमान (मेजबान), कुवैत, बहरीन, लेबनान, ब्रुनेई दारुस्सलाम।
पाकिस्तान में जन्मे यूएई के बल्लेबाज आसिफ खान पर 15 महीने का बैन लगा है। वे डोप टेस्ट में फेल हो गए। उनके सैंपल में प्रतिबंधित स्टेरॉयड के सैंपल मिले हैं। आसिफ के सैंपल में मेस्टेरोलोन का मेटाबोलाइट मिला। मेस्टेरोलोन एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड है, जिसका इस्तेमाल टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट 8 सितंबर 2025 को हुआ था। आसिफ ने नियम तोड़ने की बात मानी 36 साल के क्रिकेटर को ICC एंटी-डोपिंग कोड के अनुच्छेद 2.1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। ICC ने अपने बयान में कहा है कि आसिफ ने नियम तोड़ने की बात मान ली हैं। उन्होंने वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) और ICC के साथ केस रिजॉल्यूशन एग्रीमेंट के जरिए सजा स्वीकार की है। बैन इस साल 7 दिसंबर को खत्म होगा आसिफ पर लगाया गया प्रतिबंध 8 सितंबर 2025 से लागू माना गया है। यह प्रतिबंध इस साल 7 दिसंबर तक चलेगा। ICC ने कहा- आसिफ 8 अक्टूबर से किसी टीम के साथ ट्रेनिंग कर सकेंगे। वह किसी क्लब या ICC के किसी सदस्य संगठन की सुविधाओं का इस्तेमाल भी कर सकेंगे। हालांकि प्रतियोगी क्रिकेट में उनकी वापसी 8 दिसंबर से ही हो सकेगी। आसिफ पर 29 दिसंबर 2025 को अस्थायी निलंबन शुरू किया गया था। 8 सितंबर 2025 से अस्थायी निलंबन शुरू होने तक के उनके इंडिविजुअल रिकॉर्ड या अवॉर्ड रद्द कर दिए गए हैं। 2022 में यूएई के लिए डेब्यू किया आसिफ ने 2022 में डेब्यू के बाद यूएई के लिए 38 वनडे और 56 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं। वह 2017 में यूएई चले गए थे। इससे पहले आसिफ ने पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में 32 फर्स्ट क्लास मैच खेले थे। ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत के न्यूजीलैंड दौरे के टिकटों की रिकॉर्ड बिक्री:पहले 48 घंटे में 26 हजार टिकट बिके, 12 मैचों का दौरा अक्टूबर से भारत के न्यूजीलैंड दौरे के लिए पहले 48 घंटे में 26 हजार टिकट बिक गए हैं। यह न्यूजीलैंड क्रिकेट की प्री-सेल में रिकॉर्ड मांग है। यह दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा और 1 दिसंबर तक चलेगा। दोनों टीमों के बीच 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट खेले जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
PM Narendra Modi ने कहा, Paris Olympics 2024 की तरह आधे खेलों से दूरी रखकर मेडल नहीं बढ़ेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन में तभी सुधार हो सकता है जब देश उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाए जिनमें उसने अतीत में हिस्सा नहीं लिया है। ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है। मोदी ने कहा, ‘‘ओलंपिक में कई अलग-अलग खेल होते हैं... भारतीय टीमें इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेती हैं।’’ उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताया। पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते। दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। इसे भी पढ़ें: Pakistan में अगले साल आयोजित होंगे South Asian Games, 3 से 11 अप्रैल तक होगा मुकाबला दुनिया के दूसरे देश उन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते।’’ मोदी ने कहा, ‘‘पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।’’ मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो इसका मतलब केवल पदक जीतना नहीं है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।
Olympic Sports के आधे हिस्से से दूर क्यों है भारत? PM Modi ने National Sports Day पर दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया और कहा कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है।शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी हिस्सा लिया। वह गांधीनगर स्थित आईआईटी से इसमें शामिल हुए।मोदी ने कहा, ‘‘ओलंपिक में कई अलग-अलग खेल होते हैं... भारतीय टीमें इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं जिसका मतलब है कि हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते।’’ उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताया।उन्होंने कहा, ‘‘और दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। हमने 2012 में केवल 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से अधिक खेलों में हमारी भागीदारी नहीं थी और देश में भी बहुत से लोगों को इन प्रतियोगिताओं के बारे में पता तक नहीं था।’’ मोदी ने कहा, ‘‘दूसरे देश इन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी सुधार करना होगा।’’ पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था।ओलंपिक की सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग प्रतियोगिताओं में अब तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया है। ये दोनों खेल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कार्यक्रम का हिस्सा हैं।मोदी ने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को ही लें। हमारे पास इतना लंबा समुद्र तट और इतने विशाल पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां इन जैसे खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि हो सकती है। जल खेलों से लेकर शीतकालीन खेलों तक हमारे पास इसके लिए जरूरी जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियां भी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद दुनिया में इन खेलों में कहीं भी भारतीय नजर नहीं आते। इसलिए हमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के अवसर तलाशने होंगे। अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।’’ मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो इसका मतलब केवल पदक जीतना नहीं है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।’’ युवाओं में चरित्र निर्माण के लिए खेलों को जरूरी बताते हुए मोदी ने कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को दूर रखने में भी खेलों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।उन्होंने कहा, ‘‘खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनना नहीं सिखाता बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, फिर उठना और दोबारा आगे बढ़ना... खेल हमारे भीतर यही जज्बा पैदा करता है।’’उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘स्क्रीन से अधिक खेल केंद्रों की अहमियत है। प्ले स्टेशन से अधिक खेल के मैदानों की अहमियत है।’’प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है।उन्होंने कहा, ‘‘दो दिन बाद 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है... यह दिन मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर है। करीब 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में ध्यानचंद भी शामिल थे। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के शताब्दी समारोह की नींव है।’’मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले जब मैं न्यूजीलैंड गया था तब मैंने उन्हें याद किया था।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि पैरा खिलाड़ी इस बात की बेहतरीन मिसाल हैं कि खेल ना केवल खिलाड़ियों बल्कि उनके परिवारों, आसपास के लोगों और यहां तक कि उनके शहरों का जीवन भी बदल सकता है।उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई खिलाड़ी सफल होता है तो यह सिर्फ उसकी सफलता नहीं होती बल्कि इससे उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज और जिले का भी गौरव बढ़ता है। दुनिया को उस स्थान के बारे में पता चलता है जहां से वह आता है। जब कोई स्थान वैश्विक मानचित्र पर आता है तो उस जगह के प्रति लोगों की धारणा भी बदल जाती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि आप सभी शीतल देवी (जम्मू-कश्मीर की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता बिना हाथों वाली तीरंदाज), पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा (पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता) और पावरलिफ्टर झंडू कुमार (राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता) को जानते होंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, ये सभी मुझे प्रेरित करते हैं।
ICC ने बड़ा एक्शन लेते हुए संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के क्रिकेटर आसिफ खान पर बैन लगा दिया है। ICC एंटी-डोपिंग कोड का उल्लंघन करने के चलते आसिफ खान पर ये बड़ी कार्रवाई हुई है।
ओलंपिक में क्यों नहीं बढ़ रही भारत के पदकों की संख्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कारण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन में तभी सुधार हो सकता है जब देश उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाए, जिनमें उसने अतीत में हिस्सा नहीं लिया है।
PM Narendra Modi बोले, Olympic में भारत की भागीदारी और पदक संख्या बढ़ाने के लिए नए खेल जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया और कहा कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है। शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी हिस्सा लिया। वह गांधीनगर स्थित आईआईटी से इसमें शामिल हुए। मोदी ने कहा, ‘‘ओलंपिक में कई अलग-अलग खेल होते हैं... भारतीय टीमें इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं जिसका मतलब है कि हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते।’’उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘और दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। हमने 2012 में केवल 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से अधिक खेलों में हमारी भागीदारी नहीं थी और देश में भी बहुत से लोगों को इन प्रतियोगिताओं के बारे में पता तक नहीं था।’’मोदी ने कहा, ‘‘दूसरे देश इन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी सुधार करना होगा।’’पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था। ओलंपिक की सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग प्रतियोगिताओं में अब तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया है। ये दोनों खेल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कार्यक्रम का हिस्सा हैं। मोदी ने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को ही लें। हमारे पास इतना लंबा समुद्र तट और इतने विशाल पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां इन जैसे खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि हो सकती है। जल खेलों से लेकर शीतकालीन खेलों तक हमारे पास इसके लिए जरूरी जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियां भी हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद दुनिया में इन खेलों में कहीं भी भारतीय नजर नहीं आते। इसलिए हमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के अवसर तलाशने होंगे। अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।’’मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो इसका मतलब केवल पदक जीतना नहीं है।’’मोदी ने कहा, ‘‘यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।’’युवाओं में चरित्र निर्माण के लिए खेलों को जरूरी बताते हुए मोदी ने कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को दूर रखने में भी खेलों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा, ‘‘खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनना नहीं सिखाता बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, फिर उठना और दोबारा आगे बढ़ना... खेल हमारे भीतर यही जज्बा पैदा करता है।’’उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘स्क्रीन से अधिक खेल केंद्रों की अहमियत है। प्ले स्टेशन से अधिक खेल के मैदानों की अहमियत है।’’प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘दो दिन बाद 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है... यह दिन मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर है। करीब 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में ध्यानचंद भी शामिल थे। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के शताब्दी समारोह की नींव है।’’मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले जब मैं न्यूजीलैंड गया था तब मैंने उन्हें याद किया था।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि पैरा खिलाड़ी इस बात की बेहतरीन मिसाल हैं कि खेल ना केवल खिलाड़ियों बल्कि उनके परिवारों, आसपास के लोगों और यहां तक कि उनके शहरों का जीवन भी बदल सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई खिलाड़ी सफल होता है तो यह सिर्फ उसकी सफलता नहीं होती बल्कि इससे उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज और जिले का भी गौरव बढ़ता है। दुनिया को उस स्थान के बारे में पता चलता है जहां से वह आता है। जब कोई स्थान वैश्विक मानचित्र पर आता है तो उस जगह के प्रति लोगों की धारणा भी बदल जाती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि आप सभी शीतल देवी (जम्मू-कश्मीर की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता बिना हाथों वाली तीरंदाज), पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा (पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता) और पावरलिफ्टर झंडू कुमार (राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता) को जानते होंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, ये सभी मुझे प्रेरित करते हैं।
सोनल दिनुशा ने रच दिया इतिहास, भारत को आ गई साल 2000 की याद, आखिर ऐसा क्या किया
सोनल दिनुशा ने भारत बनाम श्रीलंका दो टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज में कमाल की बल्लेबाजी की। उन्होंने हर पारी में 50 से अधिक रन बनाए हैं। इसमें दो तो शतक ही शामिल हैं। उन्हीं की बदौलत श्रीलंका ने दूसरे मैच में फाइटबैक किया।
India vs Sri Lanka Test: सोनल दिनुशा और नुवांता के अर्धशतकीय संघर्ष से श्रीलंका 329 पर पहुंचा
सोनल दिनुशा और केशारा नुवांता ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को पूरे सत्र में बेअसर रखते हुए श्रीलंका को दूसरे टेस्ट के पांचवें दिन और अंतिम दिन बृहस्पतिवार को यहां लंच तक छह विकेट पर 329 रन तक पहुंचाया। दिनुशा और नुवांता ने अब तक सातवें विकेट के लिए 111 रन की साझेदारी की है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों दूसरी पारी में अब तक 39.4 ओवर बल्लेबाजी कर चुके हैं और भारतीय टीम की श्रीलंका को जल्दी समेटने की कोशिशों को लगातार नाकाम कर रहे हैं। लंच के समय दिनुशा 55 रन (106 गेंद) और नुवांता 46 रन (149 गेंद) बनाकर खेल रहे थे। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन से की थी। टीम की बढ़त महज 16 रन की थी और उस पर हार का खतरा मंडरा रहा था। पहली पारी में शतक लगाने वाले दिनुशा और नुवांता की जुझारू बल्लेबाजी से हालांकि मेजबान टीम ने अपनी बढ़त को 116 रन तक पहुंचा दिया। दूसरी ओर भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की और 117 रन जोड़े थे। दिनुशा लगातार भारतीय टीम के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने चौथे दिन के खेल के बाद उनके लिए इसी तरह की टिप्पणी की थी। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने मौजूदा श्रृंखला की चारों पारियों में 50 से अधिक रन बनाए हैं और अब तक दो शतक और दो अर्धशतक जड़ चुके हैं। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने रविंद्र जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और मुस्कुराते हुए हाथ आसमान की ओर उठाकर जश्न मनाया। नुवांता भी एक छोर पर डटे रहे और भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। पूरे सत्र में बेअसर नजर आए भारतीय गेंदबाजों ने सत्र के आखिर में एकमात्र मौका बनाया। जडेजा की गेंद नुवांता के पैड पर लगी और अंपायर ने उन्हें पगबाधा आउट दे दिया लेकिन डीआरएस में पता चला कि गेंद विकेटों पर नहीं लग रही थी।
ओलंपिक में आधे खेलों से बाहर भारत, मोदी बोले- ऐसे कैसे बढ़ेंगे पदक?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ओलंपिक में आधे खेलों में भारत की चुनौती ही नहीं होती, इसलिए पदक बढ़ाने के लिए खेलों का दायरा बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे खेलों में भारतीय प्रतिभाओं को तलाशने और 5 से 15 साल के बच्चों में खेल प्रतिभा पहचानने पर जोर दिया. साथ ही, उन्होंने खेलों को युवाओं के चरित्र निर्माण और विकसित भारत की नींव से जोड़ा.
2036 Olympics की मेज़बानी से पहले PM Modi का बड़ा ऐलान: शुरू होगा देशव्यापी Talent Hunt!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत की भागीदारी बढ़ाने के लिए वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स पर ज़्यादा ध्यान देने की बात कही है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए 'खेलो इंडिया डायलॉग' में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए, उन्होंने देश की लंबी तटरेखा और पहाड़ी इलाकों के बावजूद कई ओलंपिक खेलों में भारत की कम भागीदारी का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ओलंपिक में शामिल कई खेलों में हिस्सा नहीं लेता है। दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। 2012 के ओलंपिक में भारत ने सिर्फ़ 13 खेल इवेंट्स में हिस्सा लिया था, जबकि हम 20 से ज़्यादा इवेंट्स में शामिल नहीं हुए थे। इसे भी पढ़ें: Mansarovar Yatra पर फंसे लोगों को तमिलनाडु सरकार बचा रही है, 20 की काठमांडू से वापसी जारी मोदी ने उदाहरण बताते हुए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइंबिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारे पास एक बहुत बड़ी तटरेखा और विशाल पहाड़ी इलाके हैं। वॉटर स्पोर्ट्स से लेकर विंटर स्पोर्ट्स तक, हमारे पास इसके लिए ज़रूरी आबादी और भौगोलिक स्थिति दोनों हैं। लेकिन इन खेलों में हमारी मज़बूत मौजूदगी नहीं है। इसलिए, हमें ऐसे खेलों के लिए इकोसिस्टम विकसित करने की संभावनाओं पर गौर करना होगा और इसे और बेहतर बनाना होगा। मोदी ने गुरुवार को कहा कि ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन तभी बेहतर हो सकता है जब देश उन खेलों की संख्या बढ़ाए जिनमें वह हिस्सा लेता है, खासकर उन खेलों में जिनमें अतीत में भारत की भागीदारी बहुत कम या बिल्कुल नहीं रही है। मोदी ने 'खेलो इंडिया डायलॉग' के लिए अलग-अलग जगहों पर जमा हुए खिलाड़ियों, छात्रों और वॉलंटियर्स के साथ वर्चुअल बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने साफ़ किया कि भारतीय खेलों के लिए उनका विज़न सिर्फ़ ज़्यादा मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों को देश-निर्माण की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनाना है। मोदी ने कहा कि ओलंपिक में कई तरह के खेल होते हैं... भारतीय टीमें उनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं। उन्होंने इसे कड़वा सच बताया। प्रधानमंत्री ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के हालिया प्रदर्शन का ज़िक्र किया, जिसमें देश ने सिर्फ़ 10 स्पोर्ट्स इवेंट्स में हिस्सा लिया था - जिनमें छह इंटीग्रेटेड पैरा-स्पोर्ट इवेंट्स भी शामिल थे - फिर भी 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर पॉइंट्स टेबल में चौथा स्थान हासिल किया। हालाँकि, बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट और रेसलिंग जैसे पारंपरिक मेडल जीतने वाले खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं था। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood Indian Tourist Missing | नेपाल में जलप्रलय! 133 भारतीय लापता, कैलाश मानसरोवर यात्री भी फंसे, राज्यों ने जारी किए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर मोदी ने 2036 ओलंपिक गेम्स की मेज़बानी करने के भारत के इरादे को दोहराया और 5 से 15 साल के बच्चों के लिए देशव्यापी टैलेंट आइडेंटिफिकेशन कैंपेन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी भी करने जा रहा है। हमने तय किया है कि 2036 ओलंपिक भारत में होने चाहिए। जिन खेलों में भारत नहीं खेलता या क्वालिफ़ाई नहीं करता, भारत उन खेलों पर ध्यान देगा और हम टैलेंट हंट कैंपेन शुरू करेंगे। उन्होंने युवा एथलीटों को तैयार करने के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि हमें अपने बेटे-बेटियों पर ध्यान देना होगा। इसलिए, 5 से 15 साल के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान करने के लिए हर गाँव, हर शहर और हर स्कूल में टैलेंट हंट कैंपेन चलाया जाएगा। For more Sports News in Hindi Today please click here.

