एशियन गेम्स 2026 - खत्म हुआ 44 साल का इंतजार, भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर जीता गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 44 साल का सूखा खत्म कर दिया है। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
Asian Games 2026: 10वें मिनट का वो गोल, जिसने 44 साल बाद भारत को दिलाया Hockey में गोल्ड
भारत ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराया। भारत की ओर से एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। उन्होंने 10वें मिनट में शानदार रिवर्स शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 ओलंपिक के लिए भी अपना टिकट पक्का कर लिया है। भारत और चीन के बीच विमेंस हॉकी का फाइनल मुकाबला तय समय से 45 मिनट देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में ट्रैफिक में फंस गई थीं। 44 साल बाद मिला हॉकी में गोल्ड भारत ने एशियन गेम्स में आखिरी बार विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल 1982 में जीता था। इसके बाद टीम दो बार फाइनल में पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। भारत ने 1998 और 2018 में फाइनल तक का सफर तय किया था। अब 44 साल बाद टीम ने एक बार फिर गोल्ड अपने नाम कर लिया है। इसे भी पढ़ें: 2-9 से 10-9! Sujeet Kalkal ने आखिरी 11 सेकेंड में पलट दिया पूरा मुकाबला, जीता गोल्ड पहले क्वार्टर में लालरेमसियामी का गोल पहला क्वार्टर पूरी तरह भारत के नाम रहा। भारतीय टीम ने 55 प्रतिशत पजेशन के साथ खेलते हुए 1-0 की बढ़त बनाई। अपना 200वां मैच खेल रही लालरेमसियामी ने भारत के लिए यह गोल किया। साक्षी के शानदार पास पर लालरेमसियामी ने जोरदार रिवर्स शॉट लगाया और गेंद को नेट के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। 10वें मिनट में आए इस गोल ने भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद 13वें मिनट में भारत के पास बढ़त को दोगुना करने का मौका आया, लेकिन टीम पेनेल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया दूसरे क्वार्टर में सविता पूनिया बनीं दीवार दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में चीन ने पेनेल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सका। इसके बाद खेल के 23वें मिनट में चीन को पेनेल्टी स्ट्रोक मिला। हालांकि, भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने अपनी बाईं ओर शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया। सविता के इस बचाव के साथ भारत की 1-0 की बढ़त बरकरार रही। दूसरे क्वार्टर के खत्म होने तक स्कोर भारत के पक्ष में 1-0 रहा।
हॉकी: 44 साल का इंतजार खत्म! भारत की बेटियों ने चीन को हरा जीता गोल्ड
भारतीय महिला हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट टीम चीन को फाइनल में हराकर इतिहास रच दिया. भारतीय टीम की डिफेंस इस मैच में शानदार रही और उसने चीनी अटैक को नाकाम कर दिया. भारतीय टीम की जीत में सविता पूनिया का अहम रोल रहा, जिन्होंने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया.
इस भारतीय टीम में वर्ल्ड कप जीतने की क्षमता है: युवराज सिंह
नई दिल्ली, भारत के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह का मानना है कि भारतीय टीम में आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 जीतने की पूरी क्षमता है।
Sujit Kalakal ने रचा इतिहास, Asian Games कुश्ती में 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता स्वर्ण
नागोया, दो अक्टूबर सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में 2-9 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर 10-9 से जीत हासिल की। कुदिएव ने पहले पीरियड में ‘आर्म लॉक‘ का इस्तेमाल करके सुजीत को हमला करने का मौका नहीं दिया। एक बार जब सुजीत ने अपने प्रतिद्वंद्वी की शैली को समझ लिया तो उन्होंने उसे कोई आक्रामक चाल चलने नहीं दी। जहां कुदिएव ने ताकत के मामले में भारतीय पहलवान की बराबरी की, वहीं सुजीत ने अपनी फुर्ती से अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ दिया और बार-बार ताजिकिस्तान के पहलवान के पीछे जाकर ‘टेक-डाउन’ मूव किए। एक के बाद एक सफल मूव ने अंतर 8-9 तक कम कर दिया और मुकाबले के खत्म होने में करीब 20 सेकेंड बाकी थे, तभी सुजीत ने निर्णायक ‘टेक-डाउन’ किया और अपनी एक अंक की बढ़त का बचाव करते हुए विजेता बने। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को 3-3 से हराया। स्कोर बराबर रहने के बाद सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। यह एशियाई खेलों में सुजीत का पहला स्वर्ण है और 23 वर्षीय भारतीय ने पिछले 12 महीनों में अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, जगरेब ओपन, तिराना खिताब जीते हैं। हालांकि उन्हें एकमात्र झटका जून में मंगोलियन ओपन में लगा था, जहां घुटने की चोट के कारण उन्हें हटना पड़ा। लेकिन इसके अलावा सुजीत अपराजित रहे। फाइनल तक के सफर में ओलंपिक चैंपियन को हराने के बाद हासिल की गई एशियाई खेलों की यह जीत उनके दावे को और मजबूत करती है कि वह केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे प्रभावशाली 65 किग्रा पहलवान है। पिछले एशियाई खेलों के चरण में भी वह एक योग्य दावेदार था लेकिन तदर्थ समिति ने उसे ट्रायल में बजरंग पूनिया को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी। समिति ने बजरंग को सीधे प्रवेश दिया था। सुजीत ने अदालत में तदर्थ समिति के फैसले को चुनौती भी दी थी लेकिन उसे राहत नहीं मिल सकी। लेकिन सुजीत तब से और मजबूत हुए हैं और 2028 में ओलंपिक पदक का दावेदार बनने के योग्य होंगे। सुजीत ने अपने दांवपेंच का शानदार नमूना पेश करते हुए ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को उलटफेर का शिकार बनाया। सुजीत पहले पीरियड के अंत में 0-2 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इस कड़े मुकाबले के दूसरे पीरियड में तीन अंक बनाए, जबकि जापानी खिलाड़ी ने एक और अंक जोड़ा। आखिर में दोनों पहलवानों का स्कोर 3-3 से बराबर था, लेकिन सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। वहीं जजई ने शुरुआत में ही सुजीत को कड़ी टक्कर दी और तुरंत दो अंक हासिल करते हुए भारतीय खिलाड़ी को पीछे धकेलकर 3-0 की बढ़त बना ली। सुजीत ने हालांकि जल्द ही पुश-आउट और शोल्डर थ्रो से मुकाबले का रुख पलट दिया और 5-3 से आगे हो गए। सुजीत ने इसके बाद एक और थ्रो और एक रोल के साथ चार और अंक जोड़कर जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सुजीत ने अब्बास के खिलाफ शुरुआती 20 सेकंड के भीतर ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए और खड़े-खड़े ही शोल्डर थ्रो का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उन्हें चार अंक दिए गए, लेकिन अब्बास के खतरनाक स्थिति में न गिरने के कारण इस मूव को दो अंक में बदल दिया गया। सुजीत जल्द ही पिनफॉल हासिल करने के करीब पहुंच गए, लेकिन अब्बास किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे और भारतीय खिलाड़ी ने दो और अंक जोड़ लिए। जब ईरानी खिलाड़ी ने पैर से हमला करने की कोशिश की, तो सुजीत ने पलटवार करते हुए स्कोर 6-0 कर दिया। अब्बास लगातार हमला करने के लिए संघर्ष करते रहे क्योंकि भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार हेड लॉक लगाकर उनके प्रयासों को विफल कर दिया। सुजीत ने अपने दाहिने पैर से किए गए एक और हमले को अंक में तब्दील करते हुए पहले पीरियड के अंत में 8-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में भारतीय खिलाड़ी को ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने एक और टेकडाउन करते हुए 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं युवा भारतीय पहलवान दीपांशी फोगाट को महिलाओं के 50 किग्रा प्री-क्वार्टर फाइनल में जापानी पहलवान युई सुसाकी के हाथों 0-10 की तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। सुसाकी ने उम्मीद के मुताबिक फाइनल में जगह बना ली जिससे दीपांशी पदक की दौड़ में शामिल हो गई। उन्होंने कंबोडिया की समनांग डित को रेपेशाज राउंड में 10-0 से हराया लेकिन कांस्य पदक के प्लेऑफ में कजाखस्तान की जेनिप बयानोवा से हार गईं। रजत रुहुल भी पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्हें प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के येदिगे कासिमबेकिन से 3-8 से हार का सामना करना पड़ा। प्रिया मलिक को महिला 76 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की ऐपेरी मेडेट किजी ने 1-6 से हराया। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत (57 किग्रा), दीपक पूनिया (97 किग्रा), अंतिम पंघाल (महिलाओं के 53 किग्रा) और मनीषा भानवाला (महिलाओं के 65 किग्रा) शनिवार को प्रतिस्पर्धा करेंगे।
लालरेम्सियामी के नाम जुड़ी बड़ी उपलब्धि: एशियन गेम्स 2026
काकामिगाहारा, भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड खिलाड़ी लालरेम्सियामी ने देश के लिए 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच खेलने का मुकाम हासिल किया है।
एशियन गेम्स : 6 मेडल के साथ भारत का बॉक्सिंग अभियान समाप्त
निशियो, एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान शानदार अंदाज में खत्म हुआ। निशियो जिम्नेजियम में खेले गए पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराकर देश की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाला।
खेल डेस्क। एशियन गेम्स 2026 का 13वां दिन भारत के लिए स्वर्णिम सफलता वाला साबित हुआ है। आज भारत को पांच गोल्ड मेडल मिले हैं। भारत को आज एक मिनट के अंदर 2 गोल्ड मेडल मिले हैं। बॉक्सर अंकुश पंघाल के पुरुषों की 80 किग्रा वेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने के ठीक एक मिनट पहले सुजीत कलकल ने रेसलिंग के पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में गोल्ड अपने नाम किया था। इससे पहले बॉक्सर परवीन हुड्डा ने विमेंस 65 किग्रा, लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा वेट कैटेगरी में स्वर्ण पदक अपने नाम कर देश का नाम रोशन किया था। पहली बार 3 भारतीय मुक्केबाजों ने एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीते हैं। सुबह भारतीय महिला तीरंदाजी टीम की रिकर्व इवेंट में गोल्ड जीत से भारत के लिए दिन की शानदार शुरुआत हुई थी। भारत के अब एशियन गेम्स 2026 में 15 गोल्ड मेडल हो गए हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह मेडल टैली में 5वें नंबर पर पहुंच गया है। भारत अभी तक 15 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज समेत 75 मेडल जीत चुका है। भारतीय मुक्केबाजों ने किया गोल्ड के लिहाज से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का गोल्ड के लिहाज से अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखने को मिला है। भारत ने मुक्केबाजी में इस बार 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत कुल 6 मेडल जीते हैं। इससे पहले 2010 एशियाड में मुक्केबाजों ने 2 गोल्ड सहित कुल 9 मेडल अपने नाम किए थे। भारत के अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के गोल्ड मेडल मुकाबले में साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया। सुजीत कालकल ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग के गोल्ड मेडल मैच में कुदिएव को 10-9 से हराया। मुकाबले में एक समय वह सुजीत 2-9 से पीछे थे। PC:livehindustan,jagran, livehindustan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
युजवेंद्र चहल का बड़ा ऐलान: फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास, अब सिर्फ व्हाइट बॉल क्रिकेट पर रहेगा फोकस
एशियन गेम्स 2026: अंकुश पंघाल का 'गोल्डन पंच', 6 मेडल के साथ भारत का बॉक्सिंग अभियान समाप्त
एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान शानदार अंदाज में खत्म हुआ। निशियो जिम्नेजियम में खेले गए पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराकर देश की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाला।
एशियन गेम्स 2026: अंकुश पंघाल का 'गोल्डन पंच', 6 मेडल के साथ भारत का बॉक्सिंग अभियान समाप्त
निशियो, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान शानदार अंदाज में खत्म हुआ। निशियो जिम्नेजियम में खेले गए पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 से हराकर देश की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाला।
एशियन गेम्स में सुजीत कलकल ने किया बड़ा उलटफेर, आखिरी के 90 सेकंड में बाजी पलटकर जीता गोल्ड
सुजीत कलकल ने ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव को 10-9 से हराकर शानदार गोल्ड मेडल जीत लिया। एक वक्त ऐसा था जब सुजीत 2-9 से पीछे चल रहे थे और उनकी हार लगभग तय लग रही थी, लेकिन मैच के आखिरी 90 सेकंड में उन्होंने जबरदस्त खेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
Asian Games 2026: भारत को एक मिनट में मिले 2 गोल्ड; बॉक्सर अंकुश और रेसलर सुजीत बने चैंपियन
Asian Games 2026: भारत को एक मिनट में मिले 2 गोल्ड; बॉक्सर अंकुश और रेसलर सुजीत बने चैंपियन
एशियन गेम्स में लवलीना बोरगोहेन ने जीता गोल्ड, चीन की बॉक्सर को दी मात
एशियन गेम्स से भारत के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. भारतीय स्टार महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिला बॉक्सिंग की 75 किलोग्राम भार वर्ग कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है. फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीन की मुक्केबाज को कड़े और रोमांचक मुकाबले में मात दी. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की कुल संख्या अब 12 हो चुकी है.
अंकुश पंघाल ने रचा इतिहास, मेंस बॉक्सिंग में 8 साल बाद भारत को दिलाया गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने मुक्केबाजी में अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीत लिया है। लवलीना और परवीन के बाद अब भारत के अंकुश पंघाल ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
2-9 से 10-9! Sujeet Kalkal ने आखिरी 11 सेकेंड में पलट दिया पूरा मुकाबला, जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारत के पहलवान सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में उनका सामना ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव से हुआ। मुकाबले में एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने आखिरी 11 सेकेंड में शानदार दांव लगाकर स्कोर पलट दिया और 10-9 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। पहले पीरियड में कुदिएव का दबदबा फाइनल की शुरुआत सुजीत के लिए मुश्किल रही। कुदिएव ने शुरुआत में ही उन्हें मैट से बाहर कर दो अंक हासिल किए। इसके तुरंत बाद उन्होंने दो और अंक लेकर अपनी बढ़त 4-0 कर ली। सुजीत ने इसके बाद कुदिएव के आक्रामक खेल का सामना करने की कोशिश की, लेकिन ताजिकिस्तान के पहलवान लगातार दांव लगाते रहे। पहले पीरियड में एक मिनट बाकी रहने तक कुदिएव ने 5-2 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद कुदिएव ने सुजीत को मैट पर गिराकर उन पर फ्लिप किया और चार अंक हासिल कर लिए। इससे उनकी बढ़त 9-2 हो गई। इसे भी पढ़ें: पंच बरसे और गोल्ड आया! Ankush Panghal ने 4-0 से जीता एशियन गेम्स फाइनल दूसरे पीरियड में सुजीत ने शुरू की वापसी दूसरे पीरियड में सुजीत ने धीरे-धीरे वापसी शुरू की। करीब 1 मिनट 20 सेकेंड के बाद उन्होंने कुदिएव की बढ़त को कम करते हुए स्कोर 4-9 कर दिया। इसके बाद सुजीत ने एक और टेकडाउन किया और स्कोर 6-9 पर पहुंच गया। भारतीय पहलवान ने एक और दांव लगाकर कुदिएव की बढ़त को सिर्फ एक अंक तक सीमित कर दिया। अब स्कोर 8-9 था। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया आखिरी 11 सेकेंड में पलट गया पूरा मुकाबला मुकाबले के आखिरी क्षणों में सुजीत ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जब सिर्फ 11 सेकेंड बाकी थे, तब उन्होंने शानदार दांव लगाकर दो अंक हासिल किए। इस दांव के साथ सुजीत के अंक 10 हो गए, जबकि कुदिएव 9 अंक पर ही रह गए। इस तरह सुजीत कलकल ने 10-9 से फाइनल जीतकर एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। एक समय 2-9 से पीछे चल रहे सुजीत ने आखिरी 11 सेकेंड में मुकाबला पलटकर खुद को एशियन गेम्स का नया चैंपियन बना दिया।
Asian Games में Sujeet Kalakal ने 65 किग्रा कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल
नागोया, दो अक्टूबर सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर जीत हासिल की। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर ज़ज़ई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को 3-3 से हराया। स्कोर बराबर रहने के बाद सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया।
पंच बरसे और गोल्ड आया! Ankush Panghal ने 4-0 से जीता एशियन गेम्स फाइनल
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में अपना छठा मेडल जीत लिया है। 80 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कोरिया के किन मिएनसांग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। एशियन गेम्स में यह अंकुश का पहला गोल्ड मेडल है। 2018 के बाद मेंस बॉक्सिंग में भारत का पहला गोल्ड अंकुश पंघाल के गोल्ड के साथ ही 2018 के बाद मेंस बॉक्सिंग में भारत को एशियन गेम्स का पहला गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले 2018 में अमित पंघाल ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। अंकुश ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। उन्होंने उस टूर्नामेंट के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। 80 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल उज्बेकिस्तान के अरकीनेवबोएब फजलीदीन और जॉर्डन के आयशिश हुसैन ने जीता। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया बॉक्सिंग में भारत के छह मेडल अंकुश पंघाल का गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में भारत का छठा मेडल है। इनमें तीन गोल्ड मेडल शामिल हैं। अंकुश से पहले लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। लवलीना ने 75 किलोग्राम भारवर्ग में, जबकि परवीन ने 65 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंकुश के गोल्ड मेडल के साथ भारत मेडल टैली में पांचवें पायदान पर पहुंच गया है।
Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया
भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिला बॉक्सिंग के 65 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में उनका सामना चीनी ताइपे की ओलंपिक पदक विजेता चेन निएन-चिन से हुआ। परवीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत को महिला बॉक्सिंग में दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने भारत के लिए गोल्ड जीता था। पहले राउंड में परवीन ने बनाई बढ़त फाइनल मुकाबले के पहले राउंड में चेन निएन-चिन के कुछ पंच परवीन को सही जगह लगे। मुकाबले के दौरान दोनों मुक्केबाजों के बीच करीबी टक्कर भी देखने को मिली, जिसके बाद रेफरी ने दोनों को अलग किया। इसके बाद परवीन ने तेजी दिखाते हुए कुछ अच्छे पंच लगाए। राउंड खत्म होने पर जजों ने 10-9 का फैसला परवीन के पक्ष में दिया। इस तरह भारतीय मुक्केबाज ने पहला राउंड 5-0 से अपने नाम किया। इसे भी पढ़ें: जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal दूसरे राउंड में चेन निएन-चिन की वापसी दूसरे राउंड में मुकाबले का रुख बदल गया। चेन निएन-चिन ने जोरदार बॉक्सिंग करते हुए परवीन पर दबाव बनाया। इस राउंड में जजों ने 10-9 का फैसला चीनी ताइपे की मुक्केबाज के पक्ष में दिया। इस शानदार वापसी के बाद मुकाबला बराबरी पर आ गया और आखिरी राउंड बेहद अहम हो गया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल आखिरी राउंड में परवीन ने जीता गोल्ड अंतिम राउंड में परवीन हुड्डा ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत की। उन्होंने राउंड में बेहतर प्रदर्शन किया और मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। जजों ने आखिर में स्प्लिट फैसले के जरिए परवीन के पक्ष में 3-2 से फैसला सुनाया। इस जीत के साथ परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिला बॉक्सिंग के 65 किलोग्राम वर्ग का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। यह एशियन गेम्स 2026 में महिला बॉक्सिंग में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था।
एशियन गेम्स में परवीन हुड्डा का धमाकेदार कमबैक, चीनी ताइपे की खिलाड़ी को हराकर जीता गोल्ड
चार साल पहले एशियन गेम्स में परवीन हुड्डा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन बाद में वह उनसे वापस ले लिया गया। लेकिन अब उन्होंने जबरदस्त वापसी की है। नागोया में हुए एशियन गेम्स के 65 किग्रा वर्ग में परवीन ने चीनी ताइपे की खिलाड़ी चेन निएन-चिन को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
लवलीना बोरगोहेन ने खुद को दिया गोल्ड मेडल का बर्थडे गिफ्ट, परवीन ने भी स्वर्ण पदक पर किया कब्जा
लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और परवीन हुड्डा (65 किग्रा) ने शुक्रवार को अपने-अपने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए एशियाई खेलों में महिला मुक्केबाजी के स्वर्ण के लिए भारत का 12 साल का इंतजार खत्म किया।
एशियन गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन, लवलीना के बाद परवीन हुड्डा ने जीता बॉक्सिंग गोल्ड
महिला 65 किलोग्राम बॉक्सिंग के फाइनल में भारत की परवीन हुड्डा का सामना चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से हुआ। दोनों मुक्केबाजों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा रहा और आखिर में परवीन ने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कहा, देश के लिए टेस्ट खेलने का सपना रहा अधूरा
भारतीय क्रिकेट टीम के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। चहल अब कभी भी व्हाइट जर्सी में रेड बॉल क्रिकेट खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे।
नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता: एशियन गेम्स
गामागोरी, भारत की सेलर नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
युजवेंद्र चहल ने लिया बड़ा फैसला, फर्स्ट क्लास क्रिकेट से रिटायरमेंट का किया ऐलान
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी युजवेंद्र चहल जो पिछले काफी समय से टीम इंडिया के स्क्वाड से बाहर चल रहे हैं उन्होंने अब बड़ा फैसला लेते हुए फर्स्ट क्लास क्रिकेट से अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है।
अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किए जाने के समय वह भारत ए की ओर से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ चार दिवसीय मुकाबला खेल रहे थे। यह मैच पुडुचेरी में खेला जा रहा है। भारतीय टीम में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ रवाना होने से पहले कंबोज ने पहली पारी में 17.3 ओवर गेंदबाजी की और तीन विकेट अपने नाम किए।
वर्ल्ड कप 2027 से पहले पाकिस्तान को बड़ा झटका! 'ग्रुप ऑफ डेथ' से दूसरे राउंड में बाहर होने का डर
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44 साल का इंतजार खत्म करने उतरेगी भारतीय महिला हॉकी टीम, चीन से गोल्ड मेडल मैच
भारतीय महिला हॉकी टीम और चीन के बीच शुक्रवार को फाइनल मुकाबला होगा। भारत ने एशियाई खेलों में एकमात्र स्वर्ण 1982 में दिल्ली में जीता था।
भारत के पुरुष क्वाड्रंट ने सेपकटकराव में ब्रॉन्ज मेडल जीता: एशियन गेम्स
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में नागोया सिटी मिजुहो पार्क जिम्नेजियम में शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में जापान से 0-2 से हारकर भारतीय पुरुष क्वाड्रंट टीम को सेपकटकराव में ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
IND vs CHN Gold Medal Match: भारतीय महिला हॉकी टीम के पास 44 साल बाद गोल्ड मेडल जीतने का मौका
IND vs CHN Gold Medal Match: आज एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम का मुकाबला मौजूदा चैंपियन चीन से होगा। इस मुकाबले में गोल्ड मेडल और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का मौका दांव पर है।
पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल: एशियन गेम्स
ओकाजाकी, भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम को शुक्रवार को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में फाइनल में नौ बार की चैंपियन दक्षिण कोरियाई टीम ने हरा दिया।
एशियन गेम्स: पुरुष रिकर्व टीम इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल, फाइनल में दक्षिण कोरिया से मिली हार
भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम को शुक्रवार को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में फाइनल में नौ बार की चैंपियन दक्षिण कोरियाई टीम ने हरा दिया। हार के कारण भारतीय टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
चहल ने लिया बड़ा फैसला, अचानक क्रिकेट से संन्यास का ऐलान
युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. उनका यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा. हालांकि, चहल व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे. उन्होंने अपना आखिरी रेड-बॉल मुकाबला लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था. यानी अब चहल के क्रिकेट करियर का फर्स्ट क्लास अध्याय खत्म हो गया है, लेकिन सफेद गेंद का सफर जारी रहेगा.
Asian Games में भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने जीता Silver, फाइनल में कोरिया से 1-5 से मिली हार
भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में गत चैंपियन दक्षिण कोरिया से 1-5 से हार गयी , जिससे उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया की शुरुआती चूक का फायदा उठाते हुए अच्छी शुरुआत की, लेकिन बढ़त कायम नहीं रख सकी। भारत को 56-56, 50-57, 54-56 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया दक्षिण कोरिया ने पहले सेट की शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसके बाद भारत के पास बढ़त लेने का मौका था। लेकिन दोनों टीमें 56-56 के स्कोर पर रहीं। इसके बाद ली वू-सियोक, किम जे-देओक और किम वू-जिन की कोरियाई टीम ने दूसरे सेट में अपने पहले तीन तीरों पर 10-10 अंक हासिल करते हुए दबाव बना दिया। भारतीय तीरंदाज इस सेट में लय से भटक गए और एक भी 10 अंक हासिल नहीं कर सके। नतीजतन कोरिया ने यह सेट 57-50 से अपने नाम कर लिया। अंतिम सेट में नीरज के चौथे तीर पर सात अंक भारत के लिए निराशाजनक साबित हुए और कोरिया ने 56-54 से सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले सुबह के सत्र में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर एशियाई खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मिश्रित रिकर्व टीम ने भी रजत पदक हासिल किया, जिससे एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा।
Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल
भारत की नेत्रा कुमानन ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की महिला डिंगी सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपने चौथे एशियाई खेल अभियान में पहला पदक हासिल किया। चेन्नई की 29 वर्षीय नेत्रा ने कुल 14 अंक हासिल किए। दो बार की इस ओलंपियन ने फाइनल रेस में सात और क्वालीफिकेशन रेस में भी सात अंक जुटाए और तीसरे स्थान पर रहीं। थाईलैंड की सोफिया मॉन्टगोमरी ने पांच अंक के साथ स्वर्ण, जबकि सिंगापुर की जेनिया आंग ने 13 अंक के साथ रजत पदक जीता। नेत्रा ने अपने प्रदर्शन के बारे में कहा, ‘‘मेरी भावनाएं मिली-जुली हैं। यह मेरे चौथे एशियाई खेल हैं और आखिरकार यहां से कोई पदक लेकर लौटना अच्छा लग रहा है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता मैंने हालांकि कई गलतियां कीं और काफी अंक गंवाए।’’ सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और सबसे कम कुल अंक वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस में से एक में जीत हासिल की, जबकि दूसरी रेस में वह छठे स्थान पर रहीं। वह 2014, 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में हिस्सा ले चुकी हैं, लेकिन इनमें से दो आयोजनों में वह बेहद करीबी अंतर से चौथे स्थान पर रही थीं। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस के बारे में कहा, ‘‘हवा तेज और लगातार बदल रही थी। पहली रेस की शुरुआत में मैंने बहुत बड़ी गलती की। इसे भी पढ़ें: एशियन गेम्स में भारतीय सेलिंग टीम को कामयाबी, मनु फ्रांसिस और प्रिंस नोबल ने जीता रजत पदक बिना दबाव और बिना हवा के मैंने ‘टैक’ किया और तुरंत मुकाबले से बाहर हो गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था कि आखिरी रेस मुझे हर हाल में जीतनी होगी, वरना मेरे लिए सब खत्म हो जाता। मैंने वही किया। मुझे वापसी करनी थी।’’ सेलिंग को मानसिक मजबूती का खेल बताते हुए नेत्रा ने कहा कि इसमें कम से कम गलतियां करना सबसे अहम है। उन्होंने कहा, ‘‘यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन कम गलतियां करता है और दबाव को सबसे अच्छी तरह कौन संभालता है। मैंने काफी गलतियां कीं, लेकिन आखिरी रेस में मैं कुछ हद तक इसकी भरपाई करने में सफल रही।’’ पुरुष वर्ग में भारत के विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने अपनी दोनों अंतिम रेस में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन क्वालीफिकेशन में मिले 17 अंकों के कारण उनका कुल स्कोर 21 रहा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Sri Lanka को 124 रन से रौंदकर Final में पहुंचा India, Pakistan से होगा मुकाबला ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके इस 27 वर्षीय इस खिलाड़ी ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। इस स्पर्धा का स्वर्ण कोरिया के जीमिन हा ने नौ अंकों के साथ जीता। हांगकांग के निकोलस हॉलिडे ने 11 अंकों के साथ रजत जबकि मलेशिया के मोहद खैरुलनिजाम ने 14 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले बृहस्पतिवार को भारत के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने पुरुष स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि महिलाओं की स्पर्धा में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया
भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’ लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’ लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। इसे भी पढ़ें: जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
Kolkata के Salt Lake Stadium में 5 बार की चैंपियन Brazil से भिड़ेगी Indian Football Team
भारतीय फुटबॉल टीम अभी तक के अपने सबसे बड़े मुकाबले में शनिवार को यहां जब पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ प्रतिष्ठित सॉल्ट लेक स्टेडियम में मैत्री मैच खेलने के लिए उतरेगी तो वह बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ खेल खेलने की कोशिश करेगी। कई स्टार खिलाड़ियों से सजी और विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज ब्राजील पहली बार भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगा। उसकी टीम में रियाल मैड्रिड के फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर, आर्सेनल के डिफेंडर गैब्रियल मैगाल्हेस, मिडफील्डर ब्रूनो गुइमारेस और अनुभवी मार्क्विनहोस शामिल हैं। ब्राजील की टीम ऐसे शहर पहुंची है जहां उनकी पीली जर्सी के दीवानों की कमी नहीं है। विश्व कप के दौरान यह शहर ब्राजील और अर्जेंटीना की जर्सी रंग से पटा रहता है। कागजों पर भले ही यह मुकाबला बेमेल नजर आ रहा हो लेकिन 138वें स्थान पर काबिज भारत के लिए अपनी प्रगति को परखने का यह शानदार मौका है। भारतीय टीम कभी भी विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई है और वह सऊदी अरब में होने वाले 2027 एशियाई कप के लिए भी क्वालीफाई करने में असफल रही है जिससे पता चलता है कि एशिया की मजबूत टीमों और भारत के बीच भी बड़ा अंतर है। अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) इस मुकाबले को अलग नजर से देख रहा है। उसका मानना है कि ब्राजील जैसी प्रतिष्ठित टीम के खिलाफ खेलने से भारत को नए प्रशंसक मिलेंगे और भारतीय खिलाड़ियों को ऐसा अनुभव मिलेगा जो उन्हें शायद ही कभी मिलता। भारत ने फीफा आसियान कप के उद्घाटन सत्र से नाम वापस ले लिया ताकि ब्राजील के साथ मैच खेल सके। भारत के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने इस फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने ब्राजील की टीम को कोलकाता लाने के लिए लगाई गई बड़ी धनराशि पर भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार कुल लागत 50-70 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है, जबकि एक अलग रिपोर्ट में कहा गया है कि एआईएफएफ ने ब्राजील के 90 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के लिए चार्टर फ्लाइट पर लगभग छह करोड़ रुपये खर्च किए थे। देश में क्रिकेट का वर्चस्व है, जबकि भारतीय फुटबॉल वित्तीय समस्याओं से जूझ रहा है। इंडियन सुपर लीग पिछले साल से अपने भविष्य और प्रारूप को लेकर अनिश्चितता के दलदल में फंसी हुई थी। ब्राजील की यात्रा का समय भी राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है। इस मैच को पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार का पूरा समर्थन मिला है, जिसने उसी सॉल्ट लेक स्टेडियम में लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के बाद सत्ता संभाली है। तब यहां अराजकता का माहौल बन गया था। उस समय राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी। ब्राजील मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी की निगरानी में नए सिरे से टीम तैयार करने में लगा है। उसे विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे ने बाहर कर दिया था। कोच ने अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ युवा खिलाड़ियों का मिश्रण तैयार किया है। विनीसियस सबसे बड़ा आकर्षण हैं। उन्होंने भारत दौरे पर आने से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में ब्राजील की 4-2 की जीत में तीसरा गोल किया था। मार्क्विनहोस और गेब्रियल मैगलहेस और ब्रूनो गुइमारेस भी अपने प्रदर्शन से विशेष छाप छोड़ने की कोशिश करेंगे। राफिन्हा के बाहर होने के बाद ब्राजील मध्य पंक्ति में स्ट्राइकर की भूमिका के लिए एंड्रिक या जोआओ पेड्रो को उतार सकता है, जबकि विनीसियस जूनियर बाएं और रायन दाईं तरफ का जिम्मा संभालेंगे। खालिद जमील की अगुवाई वाली भारतीय टीम 25 सितंबर को बेंगलुरु में पनामा के खिलाफ कड़े मुकाबले में 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद इस मैच में उतर रही है। पनामा के खिलाफ रयान विलियम्स ने भारत की तरफ से गोल किया था। ब्राजील भारत की रक्षापंक्ति के हर पहलू की परीक्षा लेगा क्योंकि भारत के लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखने की संभावना कम है। भारत की तरफ से विलियम्स, आशिक कुरुनियान और अनवर अली की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। टीम इस प्रकार हैं: भारत: गोलकीपर: अल्बिनो गोम्स, गुरप्रीत सिंह संधू, प्रभसुखन सिंह गिल, सोम कुमार। डिफेंडर: अभिषेक सिंह टेकचाम, आकाश मिश्रा, अनवर अली, बिजॉय वर्गीस, हिंगथनमाविया राल्टे, जय गुप्ता, प्रमवीर, रिकी मीतेई हाओबम। मिडफील्डर: अनिरुद्ध थापा, आशिक कुरुनियन, फारुख चौधरी, लालेंगमाविया राल्टे, मैकर्टन निकसन, मोहम्मद सनन, रिकी शाबोंग, सहल अब्दुल समद। फॉरवर्ड: एडमंड लालरिंदिका, इरफान यदवाड, मनवीर सिंह, रहीम अली, रयान विलियम्स, विक्रम प्रताप सिंह। ब्राजील: गोलकीपर: ह्यूगो सूजा, पेड्रो मोरिस्को, ओटावियो। डिफेंडर: आर्थर डायस, डगलस सैंटोस, गेब्रियल मैगलहेस, जेयर, मार्क्विनहोस, मैथ्यूज़िन्हो, माउरो जूनियर, विटोर रीस, वेस्ले। मिडफील्डर: एंड्री सैंटोस, ब्रेनो बिडोन, ब्रूनो गुइमारेस, डेनिलो सैंटोस, डगलस लुइज़, गेब्रियल बोंटेम्पो। फॉरवर्ड: एंड्रिक, स्टीफन, जोआओ पेड्रो, पेड्रो, रेयान, सैमुअल लिनो, विनीसियस जूनियर। मैच शुरू होने का समय: शाम 7.30 बजे।
ब्राजील फुटबॉल टीम अपने शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट के साथ भारत आई है। टीम को 3 अक्टूबर को कोलकाता में साल्ट लेक स्टेडियम में भारत के खिलाफ फ्रेंडली मैच खेलना है। खिलाड़ियों को दिन में करीब 5 बार खाना दिया जा रहा है। डाइट में तेल की मात्रा बेहद कम रखी गई है और खाना पकाने में मुख्य रूप से ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल हो रहा है। टीम के शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट हर मील की निगरानी कर रहे हैं। मछली और सी-फूड पर खास जोर, लंच-डिनर में राइस से चिकन तक ब्राजील के खिलाड़ी मछली और सी-फूड पसंद करते हैं। कोलकाता में उन्हें ताजी मछली की अलग-अलग वैरायटी परोसी जा रही हैं। इन्हें टीम के अपने शेफ ही तैयार कर रहे हैं। लंच और डिनर में मछली के अलावा राइस, स्पैगेटी, बेक्ड बीन्स, चिकन, मीट और ग्रीन सलाद शामिल हैं। डेजर्ट भी सीमित मात्रा में दिया जा रहा है। खाने के साथ खिलाड़ियों के लिए पीने का पानी भी बाहर से मंगाया जा रहा है। ब्रेकफास्ट में उबले अंडे, ब्रेड और फ्रूट्स शुक्रवार सुबह खिलाड़ियों के लिए ब्रेकफास्ट में ब्रेड, उबले अंडे, ताजे फल और हरी सब्जियों का सलाद परोसा गया। फ्रेश फ्रूट्स और ड्राय फ्रूट्स भी डाइट का हिस्सा हैं। खिलाड़ियों के बेवरेज के लिए भी खास रूटीन तय किया गया है। पीने का पानी भी बाहर से मंगाया जा रहा टीम के खिलाड़ियों के लिए पीने का पानी भी बाहर से सोर्स कर मंगाया जा रहा है। खाने और पेय पदार्थों के साथ हाइड्रेशन को भी तय रूटीन के मुताबिक रखा गया है। सुबह हल्का जिम सेशन डाइट के साथ खिलाड़ी सुबह हल्का जिम सेशन भी कर रहे हैं। FIFA फ्रेंडली से पहले कोलकाता में टीम का रूटीन उसके अपने शेफ, न्यूट्रिशनिस्ट और तय फिटनेस प्लान के मुताबिक चल रहा है। ----------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-पाकिस्तान 2027 के वनडे वर्ल्डकप में 10 अक्टूबर को भिड़ेंगे:3 बार आमने-सामने आ सकते हैं, विश्वकप में भारत ने हर बार पाकिस्तान को हराया भारत और पाकिस्तान 2027 वनडे वर्ल्ड कप में 10 अक्टूबर को आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें एक ही ग्रुप में हैं। टूर्नामेंट के दौरान दोनों के बीच 3 बार मुकाबला हो सकता है। पूरी खबर
Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक
(तस्वीरों के साथ)....फिलेम दीपक सिंह...निशियो, दो अक्टूबर लवलीना बोरगोहेन ने 2024 ओलंपिक के बाद मुक्केबाजी से संन्यास लेने की योजना बनाई थी, लेकिन पेरिस खेलों में पदक से चूकने के कारण उन्होंने अपना इरादा बदल दिया जो उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ क्योंकि भारतीय स्टार ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने अपने जन्मदिन पर 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराकर एशियाई खेलों की महिला मुक्केबाजी में भारत के 12 साल से चले आ रहा स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। लवलीना ने अपने मुकाबले के बाद कहा, ‘‘मेरे लिए यह वर्ष काफी मुश्किल रहा। पहले मैं मुक्केबाजी छोड़ना चाहती थी। लेकिन मैंने जारी रखा। मैं एशियाई खेलों में अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। यह बहुत महत्वपूर्ण था। उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मैंने खेलना जारी रखा।’’असम की रहने वाली इस मुक्केबाज ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था लेकिन पेरिस ओलंपिक से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने एक साल के लिए ब्रेक लिया और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की। वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने से मैं खुश नहीं थी। लेकिन एक खिलाड़ी के जीवन में बहुत सी चीजें होती हैं, जैसे हार, चोट। आपको बहुत सी चीजों का सामना करना पड़ता है। यह स्वर्ण पदक मेरे लिए बहुत महत्व रखता है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रही हूं। मुझे नहीं पता कि स्वर्ण पदक का जश्न कैसे मनाऊं। मुझे अपनी इस जीत को स्वीकार करने के लिए कुछ समय चाहिए। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।’’इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मुझे मजबूत रहना होगा और जीतना होगा। मैं हर चीज को लेकर बहुत सकारात्मक थी। जापान मेरे लिए बहुत भाग्यशाली है। मैं हमेशा जीतने के बारे में सोचती हूं।’’लवलीना से जब पूछा गया कि स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह सबसे पहले किसे फोन करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘मैं सबसे पहले अपनी मां को फोन करूंगी। वह मेरे मैच नहीं देखतीं क्योंकि वह बहुत चिंतित रहती हैं।
pc: navrashtra ICC ODI वर्ल्ड कप 2027 का ऐलान हो गया है और मैचों का पूरा शेड्यूल भी सामने आ गया है। इस बार मेन टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें शामिल हैं और हमेशा की तरह इसे दो ग्रुप A और B में बांटा गया है। भारतीय टीम ग्रुप A में है और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को ग्रुप B में बांटा गया है। डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और एक क्वालीफायर टीम भी ग्रुप B में शामिल है। शुभमन गिल की लीडरशिप में भारतीय टीम 7 अक्टूबर से इस टूर्नामेंट का धमाकेदार आगाज करेगी। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला जाएगा। हालांकि, फैंस के लिए सबसे बड़ा मुकाबला 10 अक्टूबर को खेला जाने वाला भारत-पाकिस्तान का मैच होगा! इस बार फैंस को इन टीमों की 3 बार टक्कर देखने को मिलेगी। आइए समझते हैं कि यह मैथ कैसे काम करता है। भारत-पाकिस्तान की 3 बार टक्कर हो सकती है 2027 वर्ल्ड कप का फॉर्मेट इस तरह से डिजाइन किया गया है कि क्रिकेट फैंस दो चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच 3 बार हाई-वोल्टेज ड्रामा देख सकते हैं। दोनों टीमों के बीच पहला मैच 10 अक्टूबर को खेला जाएगा। उसके बाद अगर दोनों टीमें अच्छा खेलती रहीं और जीतती रहीं, तो इस बार नॉकआउट मैच में दो बार एक-दूसरे का सामना करने का मौका मिलेगा। सुपर 7 और दूसरे मैच का नया इक्वेशन ग्रुप स्टेज के बाद, दोनों ग्रुप की टॉप 3 टीमों को सीधे सुपर 7 में एडमिशन मिलेगा। दोनों ग्रुप में चौथे नंबर पर रहने वाली टीमों में से जो टीम सबसे अच्छा परफॉर्म करेगी, उसे 7वां स्थान मिल सकता है। सुपर 7 स्टेज में, पिछले मैचों के पॉइंट्स आगे नहीं बढ़ाए जाएंगे और सभी सात टीमें राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। 25 अक्टूबर से 14 नवंबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट में हर टीम छह मैच खेलेगी, जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरा मैच लगभग पक्का है। सेमीफाइनल में फिर से भिड़ने का मौका सुपर 7 स्टेज खत्म होने के बाद, पॉइंट्स टेबल में टॉप चार टीमें नॉकआउट राउंड, यानी सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। अगर इंडिया और पाकिस्तान दोनों टॉप चार में रहते हैं, तो फैंस इन दो मजबूत टीमों को 21 नवंबर को सेमीफाइनल या फाइनल में तीसरी बार आमने-सामने देख पाएंगे। 2023 के घायल टाइगर तैयार हैं 2023 में वर्ल्ड कप जीतने के सपने टूट गए। इसलिए, इंडिया टीम के खिलाडी बड़े जोश के साथ मैदान में उतरेंगे। पिछली बार 10 टीमें थीं, लेकिन अहमदाबाद में हुए फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंडिया को 6 विकेट से हराकर सबके सपने तोड़ दिए थे। दूसरी ओर, पाकिस्तानी टीम 9 में से 4 मैच जीतकर और 5 मैच हारकर पांचवें स्थान पर पहुंच गई। फैंस अब अगले साल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं!
जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर खुद को शानदार तोहफा दिया। उन्होंने इतिहास रचते हुए एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने हासिल की थी। 29 साल की लवलीना ने आइची-नागोया में खेले गए महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराया। मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन लवलीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता पिछले एशियाई खेलों के रजत के बाद जीता स्वर्ण लवलीना ने इससे पहले एशियाई खेलों के पिछले संस्करण में रजत पदक जीता था। अब उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदक में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। इसे भी पढ़ें: Sujit Kalkal ने एशियाई खेलों में ओलंपिक चैंपियन को हराकर 65 किग्रा कुश्ती के फाइनल में बनाई जगह साथी खिलाड़ियों के साथ मनाया जन्मदिन एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लवलीना ने साथी खिलाड़ियों के साथ अपना जन्मदिन भी मनाया। इस दौरान उन्होंने केक काटकर जश्न मनाया। कार्यक्रम में भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह भी मौजूद रहे। #WATCH | Nagoya, Japan | Indian boxer Lovlina Borgohain, who won a gold medal in the women's 75kg category at the Asian Games 2026 today, celebrates her birthday with fellow athletes in the presence of Ajay Singh, President of the Boxing Federation of India pic.twitter.com/aCqIiYimET — ANI (@ANI) October 2, 2026
अफगानिस्तान ने बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया है। ऑलराउंडर मोहम्मद नबी और मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज दारविश रसूली को टीम में जगह नहीं मिली है। अफगानिस्तान 9 अक्टूबर से बांग्लादेश के खिलाफ UAE में एक टेस्ट खेलेगा। इसके बाद 17 से 23 अक्टूबर तक बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के साथ ट्राई-सीरीज होगी। जिम्बाब्वे से टी-20 और टेस्ट ट्राई-सीरीज में तीन वनडे खेले जाएंगे। इसके बाद अफगानिस्तान जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी-20 और दो टेस्ट खेलेगा। सभी मैच UAE में होंगे। नबी और रसूली सितंबर में नई दिल्ली में भारत के खिलाफ हुई तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए अफगानिस्तान की टीम में थे। अफगानिस्तान वह सीरीज 0-3 से हार गया था। नबी-रसूली खराब फॉर्म से जूझ रहे नबी ने तीनों मैच खेले थे। वह दो मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके। रसूली भी हाल के समय में खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। एशियन गेम्स 2026 में रसूली दो बार शून्य पर आउट हुए थे। इससे पहले भारत के खिलाफ उन्होंने 26 और 2 रन बनाए थे। बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ अफगानिस्तान की टेस्ट टीम रहमत शाह (कप्तान), इकराम अलीखिल (उपकप्तान और विकेटकीपर), अफसर जजई (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, अब्दुल मलिक, हशमतुल्लाह शाहिदी, रहमानुल्लाह जादरान, शाहिदुल्लाह, इस्मत आलम, कैस अहमद, जिया-उर-रहमान, खलील गुरबाज, मोहम्मद सलीम, जिया उर रहमान शरीफी और यामिन अहमदजई। रिजर्व खिलाड़ी: बहिर शाह, नसीर खान मारूफखिल, बिलाल सामी और बशीर अहमद। बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ ट्राई-सीरीज की अफगानिस्तान वनडे टीम रहमत शाह (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (उपकप्तान और विकेटकीपर), इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, इब्राहिम जादरान, हशमतुल्लाह शाहिदी, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांगेयालिया खान, AM गजनफर, बिलाल सामी, जिया उर रहमान शरीफी, फजलहक फारूकी और यामिन अहमदजई। ट्रैवलिंग रिजर्व: कैस अहमद। जिम्बाब्वे के खिलाफ अफगानिस्तान की टी-20 टीम इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), नूर रहमान (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, मोहम्मद अकरम, शाहिदुल्लाह, इजाज अहमद अहमदजई, अजमतुल्लाह उमरजई, अब्दुल्लाह ताराखैल, राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, फजलहक फारूकी, अब्दुल्लाह अहमदजई और फरीद अहमद। रिजर्व खिलाड़ी: फरीदून दावूदजई, कैस अहमद और नांग्यालई खान।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को 170 रनों का लक्ष्य दिया। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर टूट पड़े।
लवलीना बोरगोहेन : जन्मदिन पर खुद को गिफ्ट देना था, जापान मेरे लिए लकी है
निशियो, लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को एशियन गेम्स 2026 में 75 किग्रा फाइनल में चीन की जियाई बाओ को हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह गोल्ड मेडल बोरगोहेन के लिए यादगार है, क्योंकि यह उनके 29वें जन्मदिन पर आया है। लवलीना एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली मैरी कॉम के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी महिला बॉक्सर बन गई हैं।
सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में पहुंचे
नागोया, एशियन चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट फ्रीस्टाइल पहलवान सुजीत कलकल ने शुक्रवार को जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर पुरुषों के 65 किग्रा फाइनल में जगह बनाई। सुजीत का फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडीव से मुकाबला होगा।
दक्षिण कोरिया ने पुरुष रिकर्व टीम फाइनल में भारत को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहला सेट 56-56 से ड्रॉ रहा, लेकिन कोरिया ने अगले दोनों सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।
गीत सेठी ने 1992 में जीता था विश्व पेशेवर बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब
नई दिल्ली, गीत सेठी का नाम भारत के प्रसिद्ध बिलियर्ड्स और स्नूकर खिलाड़ियों में शुमार है।
भारत की अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। लवलीना के लिए यह स्वर्ण विशेष है क्योंकि आज उनका जन्मदिन भी है। लवलीना का कहना है कि वह खुद को जन्मदिन पर गोल्ड मेडल गिफ्ट करना चाहती थीं।
एशियन गेम्स: सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर फाइनल में जगह बनाई
नागोया, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट फ्रीस्टाइल पहलवान सुजीत कलकल ने शुक्रवार को जापान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियूका को हराकर पुरुषों के 65 किग्रा फाइनल में जगह बनाई। सुजीत का फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडीव से मुकाबला होगा।
रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत को सिल्वर: एशियन गेम्स
ओकाजाकी, धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की मिक्स्ड रिकर्व आर्चरी टीम को ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में चीन के खिलाफ हुए फाइनल मुकाबले में हार के कारण सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...निशियो, दो अक्टूबर भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया और पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम की भारतीय जोड़ी ने एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड रिकर्व इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने के साथ भारत को पहली बार इस इवेंट में पदक दिलाया है। फाइनल में भारत को चीन के खिलाफ 3-5 से हार मिली।
Sujit Kalkal ने एशियाई खेलों में ओलंपिक चैंपियन को हराकर 65 किग्रा कुश्ती के फाइनल में बनाई जगह
नागोया, दो अक्टूबर भारत के सुजीत कलकल ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में अपने दांवपेंच का शानदार नमूना पेश करते हुए ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को उलटफेर का शिकार बनाकर पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक के दौर में प्रवेश किया, जबकि दीपांशी फोगाट ने महिलाओं के कांस्य पदक के प्लेऑफ में जगह बनाई। सुजीत पहले पीरियड के अंत में 0-2 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इस कड़े मुकाबले के दूसरे पीरियड में तीन अंक बनाए, जबकि जापानी खिलाड़ी ने एक और अंक जोड़ा। आखिर में दोनों पहलवानों का स्कोर 3-3 से बराबर था, लेकिन सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर ज़ज़ई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। अब उनका सामना ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव से होगा। ज़ज़ई ने शुरुआत में ही सुजीत को कड़ी टक्कर दी और तुरंत दो अंक हासिल करते हुए भारतीय खिलाड़ी को पीछे धकेलकर 3-0 की बढ़त बना ली। सुजीत ने हालांकि जल्द ही पुश-आउट और शोल्डर थ्रो से मुकाबले का रुख पलट दिया और 5-3 से आगे हो गए। सुजीत ने इसके बाद एक और थ्रो और एक रोल के साथ चार और अंक जोड़कर जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सुजीत ने अब्बास के खिलाफ शुरुआती 20 सेकंड के भीतर ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए और खड़े-खड़े ही शोल्डर थ्रो का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उन्हें चार अंक दिए गए, लेकिन अब्बास के खतरनाक स्थिति में न गिरने के कारण इस मूव को दो अंक में बदल दिया गया। सुजीत जल्द ही पिनफॉल हासिल करने के करीब पहुंच गए, लेकिन अब्बास किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे और भारतीय खिलाड़ी ने दो और अंक जोड़ लिए। जब ईरानी खिलाड़ी ने पैर से हमला करने की कोशिश की, तो सुजीत ने पलटवार करते हुए स्कोर 6-0 कर दिया। अब्बास लगातार हमला करने के लिए संघर्ष करते रहे क्योंकि भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार हेड लॉक लगाकर उनके प्रयासों को विफल कर दिया। सुजीत ने अपने दाहिने पैर से किए गए एक और हमले को अंक में तब्दील करते हुए पहले पीरियड के अंत में 8-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में भारतीय खिलाड़ी को ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने एक और टेकडाउन करते हुए 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सुजीत अब स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाने के लिए जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका का सामना करेंगे। इससे पहले युवा भारतीय पहलवान दीपांशी फोगाट को महिलाओं के 50 किलोग्राम प्री-क्वार्टर फाइनल में जापानी पहलवान युई सुसाकी के हाथों 0-10 की तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। सुसाकी ने उम्मीद के मुताबिक फाइनल में जगह बना ली जिससे दीपांशी पदक की दौड़ में शामिल हो गई। उन्होंने कंबोडिया की समनांग डित को रेपेचेज राउंड में 10-0 से हराया और वह कांस्य पदक के प्लेऑफ में कजाकिस्तान की जेनिप बयानोवा से भिड़ेंगी। रजत रुहुल भी पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्हें प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेकिन से 3-8 से हार का सामना करना पड़ा। प्रिया मलिक को महिला 76 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की ऐपेरी मेडेट किज़ी ने 1-6 से हराया।
एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता
गामागोरी सिटी (जापान) दो अक्टूबर ओलंपियन नेत्रा कुमानन ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता की महिला डिंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। चेन्नई की 29 वर्षीय नेत्रा ने कुल 14 अंक हासिल किए। उन्होंने फाइनल रेस में सात और क्वालीफिकेशन रेस में भी सात अंक जुटाए और तीसरे स्थान पर रहीं। थाईलैंड की सोफिया मॉन्टगोमरी ने पांच अंक के साथ स्वर्ण, जबकि सिंगापुर की जेनिया आंग ने 13 अंक के साथ रजत पदक जीता। सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और सबसे कम कुल अंक वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस में से एक में जीत हासिल की, जबकि दूसरी रेस में वह छठे स्थान पर रहीं। पुरुष वर्ग में भारत के विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने अपनी दोनों अंतिम रेस में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन क्वालीफिकेशन में मिले 17 अंकों के कारण उनका कुल स्कोर 21 रहा। इस स्पर्धा का स्वर्ण कोरिया के जीमिन हा ने नौ अंकों के साथ जीता। हांगकांग के निकोलस हॉलिडे ने 11 अंकों के साथ रजत, जबकि मलेशिया के मोहद खैरुलनिजाम ने 14 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले बृहस्पतिवार को भारत के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने पुरुष स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि महिलाओं की स्पर्धा में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन पर एशियन गेम्स में महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया।
PC: Jagran भारत और वेस्टइंडीज के बीच ODI सीरीज चल रही है और रोहित शर्मा ने दूसरे मैच में कमाल कर दिया है। रोहित ने दूसरे मैच में दमदार सेंचुरी लगाई। इसके बाद रोहित के फॉर्म की हर जगह तारीफ हुई। रोहित को उनके फॉर्म के लिए कई बार चिढ़ाया गया था। इस वजह से, सेंचुरी लगाने के बाद उनके 2027 ODI वर्ल्ड कप में खेलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब रोहित ने भी इस पर कमेंट किया है। रोहित के बारे में पिछले कुछ समय से कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के दौरान उनके रिटायरमेंट की अफवाहें थीं। हालांकि, रोहित ने लॉर्ड्स में सेंचुरी लगाकर इन अफवाहों पर विराम लगा दिया। उसके बाद, उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे ODI में सेंचुरी लगाई और अब उन्होंने वर्ल्ड कप के बारे में बात की है। रोहित ने कहा, “मैं बस इतना कहूंगा कि 2027 में आने वाला ODI वर्ल्ड कप जीतना कमाल का होगा। मैं अभी इसके बारे में ज़्यादा नहीं सोच रहा हूं। इंडिया के लिए वर्ल्ड कप जीतना एक खास एहसास है। मैंने इसे T20 फॉर्मेट में दो बार महसूस किया है। 2007 में, मैं सिर्फ़ 20 साल का था। यह एक बड़ा टूर्नामेंट है और अपने करियर के एक साल के अंदर इसे जीतना बड़ी बात थी। उसके बाद, हमने 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती और फिर 11 साल ऐसे रहे जब हम कोई ICC टाइटल नहीं जीत सके।” रोहित ने कहा, “जब हमने 2024 में T20 वर्ल्ड कप जीता, तो मुझे एहसास हुआ कि यह कितना ज़रूरी है। वह एहसास अभी भी मेरे साथ है। मुझे पता है कि वर्ल्ड कप जीतने पर कैसा लगता है और मैं उस एहसास को फिर से महसूस करना चाहता हूँ। हमने जो मज़ा किया, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मैं बस 2027 वर्ल्ड कप तक खुद को फिट रखना चाहता हूँ। मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूँ और हर टूर्नामेंट में अच्छा करना चाहता हूँ। मेरा लक्ष्य अब मेरे सामने है और मैं इसे अच्छे से हासिल करना चाहता हूँ। अभी, मैंने अगले साल अक्टूबर के बारे में सोचना बंद कर दिया है। मैं अपने वर्तमान पर ध्यान देना चाहता हूँ, हर चुनौती को पार करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करना चाहता हूँ।”
भारत को एशियन गेम्स 2026 में 11वां गोल्ड मेडल मिल गया है। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत की महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
BREAKING : Asian Games 2026 Live Update: लवलीना ने जीता करियर का पहला गोल्ड, महिला रिकर्व टीम ने भी रचा इतिहास
Jurgen Klopp की देखरेख में Germany ने दर्ज की पहली जीत, Serbia को 2-0 से हराया
बर्लिन, दो अक्टूबर (एपी) जर्मनी के मुख्य कोच के रूप में जुर्गेन क्लोप ने आखिरकार पहली जीत का स्वाद चखा जबकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो की गैरमौजूदगी में भी पुर्तगाल ने नेशंस लीग फुटबॉल में शानदार प्रदर्शन करते हुए डेनमार्क को 4-2 से हराया। फ्लोरियन विर्ट्ज के शानदार प्रदर्शन की बदौलत में जर्मनी ने म्यूनिख में ग्रुप ए2 में सर्बिया को 2-0 से हराया। पू्र्व खिलाड़ी 59 वर्षीय क्लोप नीदरलैंड के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ और रविवार को यूनान के हाथों मिली 0-1 की चौंकाने वाली हार के बाद अपने शुरुआती तीनों मैचों में जीत से महरूम रहने वाले जर्मनी के पहले कोच बनने की कगार पर थे। टॉम बिशॉफ 39वें मिनट में ने गोल कर जर्मनी को बढ़त दिलाई। फ्लोरियन विर्ट्ज के शॉट के पोस्ट से टकराने के बाद मिले रिबाउंड पर बिशॉफ ने गेंद को गोल में पहुंचाया। विर्ट्ज ने इसके बाद मैक्सिमिलियन मिटेलश्टेट के क्रॉस पर शानदार गोल करके जर्मनी की बढ़त 2-0 कर दी। इसी ग्रुप के एक अन्य मुकाबले में तिजानी रेइंडर्स के 89वें मिनट में किए गए गोल की मदद से नीदरलैंड ने थेसालोनिकी में यूनान के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला। पुर्तगाल ने दिग्गज क्रिस्टियनो रोनाल्डो की गौरमौजूदगी में कोपेनहेगन मे डेनमार्क को 4-2 से हराया। कोच जॉर्ज जीसस के साथ कथित मतभेद के बाद रोनाल्डो ने एक दिन पहले ही टीम का साथ छोड़ दिया था। इसके बाद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। रोनाल्डो की जगह खेल रहे गोंकालो रामोस ने जोआओ कैंसेलो के शुरुआती गोल में मदद की। वेल्स ने कार्डिफ में 10 खिलाड़ियों वाली नॉर्वे की टीम को 2-1 से हराकर ग्रुप ए4 में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस मुकाबले में नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड गोल नहीं कर सके। हालैंड के लिए यह अपने देश की ओर से पिछले 18 प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में केवल दूसरा मैच था, जिसमें वह गोल नहीं कर सके। आयरलैंड और इजराइल के बीच रविवार को होने वाले मुकाबले के बहिष्कार की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ डबलिन में खेले गये आयरलैंड के मैच के दौरान मैदान में फलस्तीन के झंडे लगी टेनिस गेंदें फेंककर विरोध जताया। एक व्यक्ति फलस्तनी का झंडा लेकर मैदान में घुसने की कोशिश करता भी दिखाई दिया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। ग्रुप बी3 का यह मुकाबला 2-2 की बराबरी पर छूटा। इसी ग्रुप के एक अन्य मुकाबले में इजराइल और कोसोवो के बीच मैच गोलरहित ड्रॉ रहा। ग्रुप डी2 में पहले खेले गए मुकाबले में लिकटेंस्टाइन ने अजरबैजान को 0-0 से बराबरी पर रोक दिया।
Asian Games Archery: भारतीय महिला टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर जीता पहला स्वर्ण पदक
नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में भी ऐतिहासिक रजत पदक हासिल किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के हाथों 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। पूरे दिन शानदार प्रदर्शन कर रही कुमकुम फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखीं। उन्होंने केवल एक बार 10 अंक हासिल किए, जबकि कई बार आठ और एक बार सात अंक भी हासिल किए। वहीं चीन की मेंगकी ली ने पांच बार 10 अंक हासिल कर अपनी टीम की जीत पक्की की। महिला रिकर्व टीम की यह जीत उसके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन का परिणाम है। भारतीय टीम ने मई में शंघाई में पांच साल के इंतजार को खत्म करते हुए विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था। उस खिताबी सफर में भी भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया था। शंघाई में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम में इस बार भी लगभग वही खिलाड़ी थीं। पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका कुमारी की जगह कीर्ति को टीम में शामिल किया गया। दीपिका चयन ट्रायल के जरिए एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थीं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल में शुरुआती दो सेट बेहद करीबी रहे। दोनों सेट क्रमश: 54-54 और 56-56 की बराबरी पर समाप्त हुए। इसके बाद तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य कांग चेयंग के साथ ओ येजिन और ली युनजी वाली कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही बना सके। भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए 55 अंक जुटाए और सेट जीतकर 4-2 की बढ़त बना ली। चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, लेकिन समीक्षा के बाद उनके तीर को नौ अंक दिया गया, जिससे भारत का स्कोर भी 54 हो गया। इस सेट में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहने के बावजूद भारत ने मैच अपने नाम किया और मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के महिला रिकर्व फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम और धीरज ने इससे पहले मिश्रित रिकर्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत करते हुए पहला सेट 37-38 से गंवाया, लेकिन दूसरे सेट में बराबरी हासिल की। इसके बाद तीसरा सेट जीतकर भारत ने स्कोर 3-3 कर दिया। चौथे सेट में जापान की ओर से सात अंक का एक खराब निशाना भारतीय जोड़ी के लिए निर्णायक साबित हुआ। धीरज और कुमकुम ने 37-35 से सेट जीतकर रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में भारत की जगह पक्की की। महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा स्वर्ण है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते थे। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।
चेन्नई: एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले एथलीटों को खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने किया सम्मानित
चेन्नई, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले और देश के लिए पदक जीतने वाले राज्य के एथलीटों का जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में स्वागत किया गया। एथलीटों में विथ्या रामराज और कमलिनी भी शामिल रहीं। तमिलनाडु सरकार में लोक निर्माण और खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने एथलीटों का स्वागत किया।
India vs Sri Lanka: 124 रन से जीत के साथ फाइनल में पहुंचा भारत, सेमीफाइनल में बने कई बड़े रिकॉर्ड
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भारतीय महिला हॉकी टीम का शुक्रवार को एशियन गेम्स के फाइनल में चीन से सामना होगा। भारतीय टीम की नजरें इस दौरान स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए टिकट हासिल करने पर लगी होंगी।
ODI World Cup 2027: एक ही ग्रुप में भारत-पाकिस्तान, 10 अक्टूबर को होगा महामुकाबला; जानें नया फॉर्मेट
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Asian Games 2026 Day 14 Live Update: एशियन गेम्स के 14वें दिन भारत के कई खिलाड़ी पदक के लिए उतरेंगे मैदान में
शाहजहांपुर में शिव मंदिर में दो साधुओं की हत्या, फुटेज में देंखे शवों को चिता बनाकर जलाया; जमीन कब्जे का आरोप
भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, फुटेज में देंखे आखिरी मिनट में अभिषेक ने दिलाई रोमांचक जीत
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नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत को एशियन गेम्स 2026 में 11वां गोल्ड मेडल मिल गया है। अंकिता भक्त, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति की महिला रिकर्व आर्चरी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 10 बार की चैंपियन कोरिया को हराकर इस इवेंट में एशियन गेम्स का पहला मेडल जीतने वाली भारतीय टीम को खेल मंत्री मनसुख मांडविया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है।
ODI World Cup 2027 Schedule: भारत-पाकिस्तान एक ही ग्रुप में, 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में महामुकाबला
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भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, 10 बार के चैंपियंस को हराकर जीता गोल्ड मेडल
Asian Games 2026 में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने तीरंदाजी में स्वर्ण पदक के साथ इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने पहली बार इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है। खास बात यह है कि 10 बार की ओलंपिक चैंपियन को भारत की महिलाओं ने हराया है।
एशियन गेम्स में भारत का ऐतिहासिक गोल्ड, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने इतिहास रच दिया है। भारत ने फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह एशियाई खेलों में महिला रिकर्व टीम का पहला गोल्ड मेडल है
भारतीय महिला रिकर्व टीम ने इतिहास रचते हुए दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। अंकिता भकत, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति शर्मा की तिकड़ी का यह एशियाड में तीरंदाजी का चौथा स्वर्ण है। भारत का यह 11वां स्वर्ण और कुल 67वां पदक है।
Asian Games में भारतीय महिला Recurve टीम ने रचा इतिहास, South Korea को हराकर जीता Gold
नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। तेज हवा के बीच खेले गए मुकाबले के पहले दो सेट बराबरी पर रहे। दोनों टीमों ने एक समान क्रमश: 54 और 56 अंक जुटाकर एक-एक अंक हासिल किया। विश्व चैंपियन कांग चेयंग, ओ येजिन और ली युनजी की कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही जुटा सके। भारतीय तीरंदाजों ने 55 अंक बनाकर यह सेट अपने नाम कर लिया। दक्षिण कोरिया ने चौथे सेट में 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसे बाद में निर्णायक रूप से नौ अंक में बदला गया। इससे भारत का कुल स्कोर 54 हो गया और सेट बराबरी पर छूटा। इस नतीजे के साथ भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी।
Asian Games 2026 India Medals Tally Today: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कॉन्टिनेंटल इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। भारत का यह 11वां गोल्ड है।
एशियन गेम्स 2026 में आर्चरी में रिकर्व महिला टीम इवेंट में भारत की कुमकुम, अंकिता और कीर्ति ने गोल्ड मेडल मैच में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया की टीम को मात देने के साथ पहली बार इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाबी हासिल की है।
Asian Games 2026 भारत का आज का शेड्यूल, 2 अक्टूबर; हॉकी समेत कई गोल्ड मेडल दांव पर
Asian Games 2026 India schedule today: भारतीय महिला हॉकी टीम पेरिस 2024 के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही और आइची-नागोया 2026 में इसकी भरपाई करने के लिए बेताब होगी।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स में दो अक्तूबर का दिन भारत के लिए बेहद अहम है।
हर जगह मिल रहे थे हाथ, अब क्रिकेट में PAK से होगा हैंडशेक?
एशियन गेम्स क्रिकेट के फाइनल में शनिवार को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे. श्रीलंका को 124 रन से हराकर भारत ने फाइनल में जगह बनाई है. अब मुकाबले से पहले एक बार फिर सबसे बड़ा सवाल हैंडशेक को लेकर है. एशिया कप और ICC टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया था. क्या एशियन गेम्स में भी यही रुख रहेगा?
एशियन गेम्स के 13वें दिन भारतीय महिला हॉकी टीम फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन चीन से भिड़ेगी। मैच दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। चीन ने 2023 गेम्स में विमेंस हॉकी का गोल्ड जीता था, जबकि भारत को ब्रॉन्ज मेडल मिला। बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन का भी आज फाइनल मैच खेला जाएगा। उनके अलावा परवीन और अंकुश भी गोल्ड मेडल मैच खेलेंगे। इसके अलावा आर्चरी, रेसलिंग, कैनो स्लालम और ट्रैक साइक्लिंग में भारतीय खिलाड़ी मेडल की दौड़ में उतरेंगे। आज कुल 51 गोल्ड मेडल का फैसला होगा। सबसे ज्यादा बॉक्सिंग में 11 गोल्ड मेडल के इवेंट होंगे। बॉक्सिंग में 3 गोल्ड मेडल मैच भारत की ओर से बॉक्सिंग में तीन खिलाड़ी गोल्ड मेडल के लिए रिंग में उतरेंगे। सुबह 10 बजे लवलीना बोरगोहेन महिला 75kg फाइनल में चीन की बाओ जियी से भिड़ेंगी। दोपहर 2:15 बजे परवीन महिला 65kg फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन के खिलाफ खेलेंगी। इसके 30 मिनट बाद अंकुश पुरुष 80kg फाइनल में किम मिनसियोंग के सामने होंगे। आर्चरी में 3 टीम इवेंट आर्चरी में भारत के तीन रिकर्व टीम इवेंट होंगे। सुबह 5:55 बजे महिला टीम चीन से सेमीफाइनल खेलेगी। इसके बाद सुबह 8:20 बजे मिक्स्ड टीम जापान के खिलाफ सेमीफाइनल में उतरेगी। सुबह 10:55 बजे पुरुष रिकर्व टीम का सेमीफाइनल ईरान के खिलाफ होगा। सेमीफाइनल जीतने पर तीनों टीमों के पास गोल्ड के लिए फाइनल खेलने का मौका होगा। रेसलिंग में 5 भारतीय पहलवान उतरेेंगे कैनो स्लालम में शिखा और हितेश के मुकाबले सेपकटकरा, वॉलीबॉल और रग्बी में भी मुकाबले सुबह 5:30 बजे भारत की महिला सेपकटकरा टीम थाईलैंड से क्वाड्रेंट ग्रुप मैच खेलेगी। दोपहर 12 बजे पुरुष टीम क्वाड्रेंट सेमीफाइनल में उतरेगी। सुबह 6:30 बजे भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम 5-8वें स्थान के मैच में साउथ कोरिया से खेलेगी। वहीं, सुबह 8:50 बजे महिला रग्बी सेवन्स टीम का मुकाबला मलेशिया से होगा। गोल्फ में भी भारत की चुनौती महिला गोल्फ में अदिति अशोक, प्रणवी उर्स और दीक्षा डागर उतरेंगी। पुरुष वर्ग में वीर अहलावत, सप्तक तलवार और युवराज संधू भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों वर्गों में व्यक्तिगत और टीम राउंड-3 होगा। ताइक्वांडो में कशिश का मुकाबला सुबह 6:20 बजे कशिश मलिक मिक्स्ड इंडिविजुअल वर्चुअल ताइक्वांडो के राउंड ऑफ-16 में हांगकांग की लाम सिउ वाई से भिड़ेंगी।
ICC ODI World Cup 2027 Schedule: ऑस्ट्रेलिया से पहला मैच, 10 अक्टूबर को भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान
दुबई, एक अक्टूबर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अगले साल अफ्रीकी महाद्वीप में होने वाले पुरुष वनडे विश्व कप का कार्यक्रम बृहस्पतिवार को घोषित कर दिया जिसके अनुसार पिछली बार का उपविजेता भारत अपने अभियान की शुरुआत सात अक्टूबर को केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करेगा। शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम 10 अक्टूबर को जोहानिसबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी। भारत 14 अक्टूबर को सेंचुरियन (प्रिटोरिया, जिसे अब तशवाने के नाम से जाना जाता है) में अफगानिस्तान से भिड़ेगा, जिसके बाद 24 अक्टूबर को नवनिर्मित विक्टोरिया फॉल्स स्टेडियम में पानीसह-मेजबान जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच खेलेगा। भारत का मुक़ाबला 17 अक्टूबर को ब्लूमफ़ोनटेन में एक क्वालिफ़ायर से होगा। दोनों सेमीफाइनल मैच क्रमशः 17 और 18 नवंबर को केपटाउन और सेंचुरियन में खेले जाएंगे जबकि फाइनल 21 नवंबर को वांडरर्स स्टेडियम में खेला जाएगा। किसी भी टीम को फाइनल तक पहुंचने से पहले 11 मैच खेलने होंगे। फाइनल 12वां मैच होगा। भारत को ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, सह-मेजबान जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान और क्वालीफाई करने वाली टीमों में से एक के साथ रखा गया है। ग्रुप बी में इंग्लैंड, सह-मेजबान दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका और दूसरा क्वालीफायर शामिल हैं। ग्रुप लीग के चरण समाप्त होने के बाद, सुपर 7 टूर्नामेंट 25 अक्टूबर से शुरू होगा, जिसमें प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें और दोनों ग्रुपों में से बेहतर स्थिति वाली चौथी टीम अगले चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। भारत को ए1 श्रेणी में, ऑस्ट्रेलिया को ए2 श्रेणी में और पाकिस्तान को ए3 श्रेणी में रखा गया है। इंग्लैंड बी4 श्रेणी में है जबकि न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका क्रमशः बी1, बी2 और बी3 श्रेणी में हैं। यदि इनमें से कोई भी टीम क्वालीफाई करने में विफल रहती है, तो क्वालीफाई करने वाली टीम को स्वत: ही वह श्रेणी मिल जाएगी। मौजूदा आईसीसी वनडे रैंकिंग के अनुसार भारत को ए1 और पाकिस्तान को ए3 श्रेणी में रखा गया है, इसलिए यदि दोनों टीमें सुपर 7 के लिए क्वालीफाई करती हैं, तो वे सात नवंबर को केपटाउन में एक बार फिर आमने-सामने होंगी। उससे पहले भारत को 28 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने का मौका भी मिलेगा।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपने स्क्वॉड में निक मैडिन्सन और अनकैप्ड सैम हार्पर को शामिल किया है। जोश इंग्लिस उंगली में फ्रैक्चर के कारण पहले टेस्ट से बाहर हैं, जबकि कैमरन ग्रीन की फिटनेस पर भी संशय है
Formula 1 की 9 साल बाद Sepang Circuit पर वापसी, Japan में होगी MotoGP की जंग
मोटरस्पोर्ट फैंस के लिए यह सप्ताह काफी खास रहने वाला है। फॉर्मूला 1 करीब 9 साल बाद मलेशिया लौट रहा है, जबकि मोटोजीपी का अगला पड़ाव जापान है। खास बात यह है कि मलेशिया में होने वाली रेस को बहरीन ग्रांड प्रिक्स के नाम से आयोजित किया जाएगा। बहरीन इस रेस के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण बहरीन ग्रांड प्रिक्स को अपने तय स्थान पर आयोजित करना टाल दिया गया था। इसके बाद मलेशिया के मशहूर सेपांग अंतरराष्ट्रीय सर्किट को रेस की मेजबानी की जिम्मेदारी मिली है। फॉर्मूला 1 ने आखिरी बार 2017 में सेपांग में रेस की थी। मौजूदा ग्रिड के आधे से ज्यादा चालक इस ट्रैक पर पहले कभी रेस नहीं कर चुके हैं। ऐसे में इस सप्ताहांत का मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है। बारिश की संभावना भी बनी हुई है, जिससे रेस के दौरान परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। मर्सिडीज की टीम भी मलेशिया में अपनी कार के लिए कुछ नए बदलाव लेकर उतर रही है। चैंपियनशिप में फिलहाल मर्सिडीज के किमी एंटोनेली बढ़त बनाए हुए हैं। उनके साथी जॉर्ज रसेल उनसे 66 अंक पीछे हैं। अजरबैजान ग्रांड प्रिक्स में जीत हासिल करने के बाद रसेल की कोशिश इस बढ़त को कम करने की होगी। टीम के नए बदलावों का असर भी रेस में देखने को मिल सकता है। भारत में फॉर्मूला 1 के सभी अभ्यास सत्र, क्वालिफाइंग और मुख्य रेस का सीधा प्रसारण फैनकोड और फॉर्मूला 1 टीवी पर किया जाएगा। मलेशिया में बहरीन ग्रांड प्रिक्स का पहला अभ्यास सत्र 2 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह 10 बजे होगा। दूसरा अभ्यास दोपहर 1:30 बजे होगा। 3 अक्टूबर शनिवार को तीसरा अभ्यास सुबह 10 बजे और क्वालिफाइंग दोपहर 1:30 बजे होगा। मुख्य रेस 4 अक्टूबर रविवार को दोपहर 12:30 बजे शुरू होगी। दूसरी ओर, मोटोजीपी में जापानी ग्रांड प्रिक्स के साथ खिताब की लड़ाई और कड़ी होने वाली है। मौजूदा अंक तालिका में शीर्ष 3 खिलाड़ियों के बीच केवल 42 अंकों का अंतर है। जॉर्ज मार्टिन बढ़त पर हैं, जबकि मौजूदा चैंपियन मार्क मार्केज उनसे सिर्फ 12 अंक पीछे दूसरे स्थान पर हैं। मार्को बेजेकी भी दौड़ में बने हुए हैं और शीर्ष से 42 अंक पीछे हैं। पीछे से पेड्रो अकोस्ता भी तेजी से चुनौती पेश कर रहे हैं। उन्होंने लगातार 5 रेस में शीर्ष 5 में जगह बनाई है। पिछली रेस ऑस्ट्रिया में उन्होंने अपने मोटोजीपी करियर की पहली जीत भी दर्ज की थी। ऐसे में जापान में उनकी नजर एक और मजबूत प्रदर्शन पर होगी। जापानी ग्रांड प्रिक्स में मावेरिक विनालेस भी वापसी करेंगे। केटीएम टेक3 के इस खिलाड़ी ने जुलाई में जर्मन ग्रांड प्रिक्स के बाद से कोई रेस नहीं की है। कंधे की सर्जरी के बाद अब वह दोबारा ट्रैक पर उतरने के लिए तैयार हैं। भारत में मोटोजीपी के सभी सत्रों का सीधा प्रसारण फैनकोड पर होगा। टीवी पर दर्शक यूरोस्पोर्ट के जरिए मुकाबले देख सकेंगे। जापानी ग्रांड प्रिक्स का पहला अभ्यास 2 अक्टूबर को सुबह 7:15 बजे, जबकि अभ्यास सत्र सुबह 11:30 बजे होगा। 3 अक्टूबर को दूसरा अभ्यास सुबह 6:40 बजे, क्वालिफाइंग सुबह 7:20 बजे और स्प्रिंट रेस सुबह 11:30 बजे होगी। मुख्य रेस 4 अक्टूबर रविवार को सुबह 10:30 बजे शुरू होगी।
Squash Semifinal: Anahat Singh की शिकस्त के बाद Asian Games फाइनल की रेस से बाहर हुआ भारत
भारतीय स्क्वैश टीम के लिए एशियाई खेलों का दिन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। महिला टीम को हांगकांग के खिलाफ सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि पुरुष टीम को मलेशिया ने हराकर खिताबी मुकाबले से बाहर कर दिया है। दोनों टीमों को अब कांस्य पदक से संतोष करना होगा। महिला टीम के मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें अनाहत सिंह पर थीं। हाल के दिनों में शानदार प्रदर्शन करने वाली अनाहत ने मुकाबले की शुरुआत भी अच्छी की और पहले 2 गेम अपने नाम किए। हांगकांग की चान सिन युक ने दोनों गेम में कड़ी चुनौती दी, लेकिन अनाहत ने अपने बेहतरीन बैकहैंड ड्रॉप के दम पर बढ़त बनाए रखी। हालांकि तीसरे गेम से मुकाबले का रुख बदल गया। चान ने अपनी गति और खेल में बदलाव के साथ अनाहत पर दबाव बनाना शुरू किया। भारतीय खिलाड़ी से लगातार गलतियां हुईं और हांगकांग की खिलाड़ी ने तीसरा गेम जीतकर वापसी की। चौथे गेम में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अनाहत एक समय 10-7 से आगे थीं और जीत से केवल 1 अंक दूर थीं, लेकिन चान ने धैर्य बनाए रखा। इस दौरान अनाहत कुछ निर्णायक रेफरी फैसलों से भी परेशान नजर आईं। चान ने लगातार अंक जुटाते हुए गेम 13-11 से जीत लिया और मुकाबला निर्णायक पांचवें गेम तक पहुंच गया। आखिरी गेम में हांगकांग की खिलाड़ी ने कोर्ट के अगले हिस्से में अनाहत के फोरहैंड वाले हिस्से को लगातार निशाना बनाया। उन्होंने 12-10 से गेम जीतकर मुकाबला 9-11, 8-11, 11-6, 13-11, 12-10 से अपने नाम कर लिया है। बता दें कि यह वही चान हैं जिनके खिलाफ अनाहत को इससे पहले भी कड़ी चुनौती मिली थी। कुछ दिन पहले जापान की सातोमी वातानाबे के खिलाफ अनाहत ने एकल सेमीफाइनल में जीत हासिल की थी, लेकिन टीम स्पर्धा में वातानाबे ने उन्हें 5 गेम के मुकाबले में हराया था। ऐसे में पिछले कुछ दिनों में अनाहत को जीत और हार दोनों का अनुभव हुआ। हांगकांग के खिलाफ अगले मुकाबले में तन्वी खन्ना ने का यी ली को 4-11, 13-11, 11-9, 13-11 से हराकर भारत की वापसी की उम्मीद जगाई थी। लेकिन अनुभवी जोशना चिनप्पा के लिए दुनिया की 39वें नंबर की टोमाटो हो के खिलाफ मुकाबला मुश्किल साबित हुआ है। 40 वर्षीय जोशना ने तीसरे गेम में 4-10 से पिछड़ने के बाद 5 मैच अंक बचाए, लेकिन आखिर में टोमाटो हो ने जीत हासिल कर हांगकांग को फाइनल में पहुंचा दिया। पुरुष टीम को भी बड़ा झटका लगा है। भारत के वेलावन सेंथिलकुमार को मलेशिया के अमीशनराज चंदरन ने 10-12, 11-6, 11-8, 11-9 से हराया है। वेलावन विश्व रैंकिंग में 48वें और अमीशनराज 95वें स्थान पर हैं, लेकिन इस साल मलेशियाई खिलाड़ी ने भारतीय खिलाड़ी के खिलाफ लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। इससे पहले अभय सिंह को एनग ईन यो ने लगातार 3 गेम में 11-8, 11-8, 11-8 से हराया था। वहीं वीर चोत्रानी ने संजय जीवा को 11-4, 11-8, 11-5 से मात दी है। इन नतीजों के बाद वेलावन की हार ने भारत की खिताब बचाने की उम्मीद खत्म कर दी है। भारत अब फाइनल में पाकिस्तान से संभावित मुकाबले के बजाय कांस्य पदक के लिए उतरेगा।
ODI World Cup 2027 में भारत का शेड्यूल, जानिए ग्रुप स्टेज में कब, कहां और किससे भिड़ेगी टीम इंडिया
ICC ने ODI वर्ल्ड कप 2027 के शेड्यूल और टीम इंडिया के अभियान की शुरुआत ही एक बड़े मुकाबले से होने जा रही है। भारत अपने पहले मैच में 7 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगा।
ICC World Cup 2027 का शेड्यूल जारी, 3 देशों में होंगे मैच! भारत, पाक और ऑस्ट्रेलिया एक ही ग्रुप में
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट प्रेमियों को बड़ा तोहफा देते हुए आगामी वनडे वर्ल्ड कप 2027 (ODI World Cup 2027) के विस्तृत शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
Google और Sony करेंगे ISL का प्रसारण, YouTube पर दुनिया भर में दिखेंगे मैच
भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। इंडियन सुपर लीग के 2026-27 और 2027-28 सीजन के प्रसारण और सीधा प्रसारण अधिकार सोनी और गूगल को मिलने जा रहे हैं। इंडियन सुपर लीग की संचालन परिषद ने दोनों कंपनियों के साथ समझौते को मंजूरी दे दी है। अंतिम कागजी प्रक्रिया अभी बाकी है और इसे जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद है। मौजूद जानकारी के अनुसार, सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क को भारतीय उपमहाद्वीप के लिए उपग्रह टेलीविजन प्रसारण अधिकार मिलने वाले हैं। वहीं, गूगल भारत सहित पूरी दुनिया में इंडियन सुपर लीग के सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से करेगा। भारत में सोनी अपने डिजिटल मंच सोनीलिव पर भी मुकाबले दिखाएगा। इस समझौते की एक खास बात यह है कि पहली बार इंडियन सुपर लीग के क्लबों को प्रसारण और डिजिटल दर्शकों से जुड़ा विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें कुल पहुंच के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों में मुकाबलों की पहुंच की जानकारी भी शामिल होगी। इससे क्लबों को अपने दर्शकों को बेहतर तरीके से समझने और भविष्य में व्यावसायिक साझेदारी तैयार करने में मदद मिल सकती है। गौरतलब है कि सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क का भारत में फुटबॉल प्रसारण का मजबूत आधार है। उसके पास यूरोप की कई बड़ी फुटबॉल प्रतियोगिताओं के प्रसारण अधिकार हैं, जिनमें यूईएफए चैंपियंस लीग, यूरोपा लीग, कॉन्फ्रेंस लीग और नेशंस लीग शामिल हैं। सोनी के पास भारत के पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में शामिल डूरंड कप के प्रसारण अधिकार भी हैं। हाल में कंपनी ने भारत के पनामा, ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ मैत्री मुकाबलों के प्रसारण अधिकार भी हासिल किए हैं। दूसरी ओर, गूगल पिछले कुछ समय से यूट्यूब के जरिए सीधे खेल प्रसारण को बढ़ाने पर काम कर रहा है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर फीफा विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं के साथ साझेदारी की है। भारत में भी गूगल ने प्राइम वॉलीबॉल लीग और तमिलनाडु प्रीमियर लीग जैसी प्रतियोगिताओं के साथ काम किया है। ऐसे में इंडियन सुपर लीग के सभी मुकाबलों का यूट्यूब पर आना भारतीय फुटबॉल की पहुंच को और बढ़ा सकता है। इंडियन सुपर लीग का 2026-27 सत्र 10 अक्टूबर से शुरू होगा और मई 2027 तक चलेगा। इस बार प्रतियोगिता में 13 क्लब हिस्सा लेंगे। इनमें ईस्ट बंगाल, मोहन बागान सुपर जायंट, बेंगलुरु एफसी, केरला ब्लास्टर्स, एफसी गोवा, मुंबई सिटी एफसी, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, ओडिशा एफसी, पंजाब एफसी, इंटर काशी, चेन्नईयिन एफसी, चर्चिल ब्रदर्स और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली शामिल हैं। बता दें कि जमशेदपुर एफसी ने प्रतियोगिता से अपना नाम वापस ले लिया है और उसकी खेल संबंधी अनुमति चर्चिल ब्रदर्स को मिली है। चर्चिल ब्रदर्स पिछले सीजन में निचली श्रेणी में चले गए थे, लेकिन अब शीर्ष स्तर की प्रतियोगिता में खेलेंगे। इस सत्र में कुल 163 मुकाबले खेले जाएंगे। पिछली बार के छोटे प्रारूप के बाद इंडियन सुपर लीग अब फिर से घर और बाहर वाले प्रारूप में लौट रही है। लीग चरण में प्रत्येक टीम दूसरी टीम से 2 बार मुकाबला करेगी। अंक तालिका में सबसे ऊपर रहने वाली टीम को शील्ड विजेता और आधिकारिक इंडियन सुपर लीग चैंपियन माना जाएगा। इसके साथ उसे एशियाई प्रतियोगिता में जगह भी मिलेगी। प्लेऑफ में शीर्ष 6 टीमें पहुंचेंगी और इंडियन सुपर लीग कप के लिए मुकाबला करेंगी। इस सीजन में किसी टीम को निचली श्रेणी में नहीं भेजा जाएगा। डायमंड हार्बर एफसी ने 2025-26 भारतीय फुटबॉल लीग जीतकर पदोन्नति हासिल की थी, लेकिन इंडियन सुपर लीग में खेलने की जरूरी प्रशासनिक शर्तें पूरी नहीं कर सकी। नए क्लब आधारित ढांचे के तहत इंडियन सुपर लीग ने कई कमर्शियल समझौते भी किए हैं। ईए स्पोर्ट्स के साथ 4 साल का लाइसेंस समझौता हुआ है। स्पोर्टरडार के साथ करीब 57 करोड़ रुपये का 4 साल का करार किया गया है। निविया स्पोर्ट्स के साथ भी 2 साल का नया समझौता हुआ है। इसके अलावा एमजी मोटर्स के साथ करीब 25 करोड़ रुपये का मुख्य प्रायोजक करार हुआ है। इन समझौतों के साथ नए प्रसारण अधिकार इंडियन सुपर लीग के कमर्शियल ढांचे को एक नया आधार देने वाले हैं।
भारत और पाकिस्तान 2027 वनडे वर्ल्ड कप में 10 अक्टूबर को आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें एक ही ग्रुप में हैं। टूर्नामेंट के दौरान दोनों के बीच 3 बार मुकाबला हो सकता है। ICC ने गुरुवार को वनडे वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी किया। टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। वर्ल्ड कप में पहली बार 14 टीमें हिस्सा लेंगी और 57 मैच खेले जाएंगे। मुकाबले 12 वेन्यू पर होंगे। मेजबानी साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। ग्रुप-A में भारत, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया ग्रुप-A में भारत और पाकिस्तान को एक साथ रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और मेजबान जिम्बाब्वे भी इसी ग्रुप में हैं। ग्रुप-B में इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड हैं। दोनों ग्रुप्स में एक-एक टीमें क्वालिफायर मुकाबलों से आएगी। भारत का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया से भारत पहला मैच 7 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केप टाउन में खेलेगा। टीम को 2023 वनडे वर्ल्ड फाइनल में कंगारुओं ने ही हराया था। इसके बाद टीम 10 अक्टूबर को पाकिस्तान से जोहान्सबर्ग में खेलेगी। भारत-पाकिस्तान 3 बार भिड़ सकते हैं नए फॉर्मेट से भारत और पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में 3 बार आमने-सामने हो सकते हैं। पूरा शेड्यूल देखिए… वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान से कभी नहीं हारा भारत मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 23 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें भारत 19 बार जीता है, जबकि पाकिस्तान को 4 मैचों में सफलता मिली है। वनडे वर्ल्ड कप में 8 बार दोनों टीमों की भिड़ंत हुई है। हर बार भारत ने पाकिस्तान को हराया है। नया फॉर्मेट, सुपर सीरीज से शुरुआत होगी 12 वेन्यू पर मुकाबले ICC ने वर्ल्ड कप के लिए 12 वेन्यू तय किए हैं। इनमें 8 साउथ अफ्रीका, 3 जिम्बाब्वे और 1 नामीबिया में है। नामीबिया पहली बार पुरुषों के सीनियर वर्ल्ड कप के मैचों की मेजबानी करेगा। साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे इससे पहले 2003 में भी वर्ल्ड कप की मेजबानी कर चुके हैं। 2027 का आयोजन अफ्रीका में 24 साल बाद पुरुषों के वनडे वर्ल्ड कप की वापसी भी होगा। -----------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…भारत-पाकिस्तान में होगा एशियन गेम्स फाइनलटीम इंडिया ने श्रीलंका को 124 रन से हराया; ईशान की फिफ्टी, वैभव ने 38 रन बनाए भारत ने श्रीलंका को 124 रन से हराकर एशियन गेम्स के फाइनल में जगह बना ली है। अब शनिवार को गोल्ड के लिए भारत का मुकाबला पाकिस्तान से होगा। यह पहला मौका है जब ये दोनों टीमें एशियन गेम्स में क्रिकेट मुकाबले में आमने-सामने होंगी। पढ़ें पूरी खबर…
Cristiano Ronaldo ने Coach Jorge Jesus से विवाद के बीच Portugal का Nations League कैंप छोड़ा
पुर्तगाल की फुटबॉल टीम के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बुधवार को टीम का ट्रेनिंग शिविर छोड़ दिया। यह फैसला डेनमार्क के कोपेनहेगन में उस समय सामने आया है, जब पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस के साथ उनके कथित विवाद की खबरें सामने आ रही थीं। पुर्तगाल को गुरुवार को डेनमार्क के खिलाफ नेशंस लीग का मुकाबला खेलना है। रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में बताया है कि राष्ट्रीय टीम के कोच की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष पेड्रो प्रोएन्सा से बातचीत की है। इसके बाद उन्होंने टीम का कैंप छोड़ने का फैसला किया है। रोनाल्डो ने यह भी कहा है कि वह सही समय आने पर पुर्तगाल के फैंस को अपने जाने की असली वजह बताएंगे। मौजूद जानकारी के अनुसार, पुर्तगाल की टीम बाद में अपने होटल पहुंची है, लेकिन रोनाल्डो और कोच जॉर्ज जीसस दोनों टीम के साथ मौजूद नहीं थे। दोनों इस समय कहां हैं, इसकी तत्काल जानकारी सामने नहीं आई है। इस पूरे मामले की शुरुआत रोनाल्डो के बुधवार के ट्रेनिंग सत्र में शामिल नहीं होने से हुई है। पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन ने पुष्टि की है कि वह डेनमार्क के खिलाफ मुकाबले से पहले टीम के अंतिम अभ्यास सत्र का हिस्सा नहीं बने हैं। इससे पहले पुर्तगाल के समाचार पत्र ‘आ बोला’ ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें रोनाल्डो को कोपेनहेगन के पार्केन स्टेडियम से महासंघ की गाड़ी में जाते हुए देखा गया है। गौरतलब है कि जॉर्ज जीसस ने बुधवार को ट्रेनिंग से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोनाल्डो के अभ्यास से इनकार करने की खबरों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि रोनाल्डो के ट्रेनिंग से दूर रहने की कोई वजह नहीं थी और मैच के कुछ दिनों बाद खिलाड़ी का अलग अभ्यास करना सामान्य बात है। जीसस ने यह भी कहा था कि रोनाल्डो उस दिन टीम के साथ अभ्यास करने वाले हैं। कोच के मुताबिक, उन्होंने रोनाल्डो से इस मामले में बातचीत भी की थी। जीसस ने कहा था कि रोनाल्डो ने उनसे साफ कहा है कि वह टीम के फैसले के अनुसार खेलने या बाहर बैठने के लिए तैयार हैं। कोच ने इस दौरान किसी तरह की घटना होने से भी इनकार किया था। बता दें कि रविवार को पुर्तगाल ने नॉर्वे को 2-1 से हराया था। उस मुकाबले में रोनाल्डो मैदान पर नहीं उतरे थे। जीसस ने पहले उन्हें दूसरे हाफ में उतारने की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने रोनाल्डो को मैदान पर नहीं भेजा था। इसके बाद सोमवार और मंगलवार को रोनाल्डो ने टीम के साथ अभ्यास करने के बजाय जिम में समय बिताया था। वह चोटिल भी नहीं थे। पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष पेड्रो प्रोएन्सा मंगलवार को कोपेनहेगन पहुंचे थे। बताया गया है कि उन्होंने रोनाल्डो और जीसस से मुलाकात के लिए अपना कार्यक्रम बदला था। इसी बीच स्पेन के समाचार माध्यम ‘मार्का’ ने दावा किया है कि रोनाल्डो आने वाले घंटों में निजी विमान से मैड्रिड जाने की तैयारी में थे। रोनाल्डो पुर्तगाल के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं और उनके नाम 146 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं। वह 234 मैचों के साथ देश के सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि मीडिया लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि अगर कोच उन्हें टीम में नहीं चाहते हैं तो वह उसी समय राष्ट्रीय टीम छोड़ सकते हैं। ऐसे में डेनमार्क के खिलाफ मुकाबले से ठीक पहले उनका कैंप छोड़ना पुर्तगाल की टीम के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
नागोया, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में गुरुवार को भारत के नितेश सिवाच ने ग्रीको-रोमन कुश्ती में सिल्वर मेडल हासिल किया। नितेश को नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में पुरुषों के 97 किलोग्राम फाइनल में जापान के यूरी नकाजातो के हाथों 0-4 से हार का सामना करना पड़ा।

