बैजबॉल की शुरुआत करने वाले ब्रेंडन मैकुलम को इंग्लैंड के टेस्ट कोच पद से हटा दिया गया है। उनकी कोचिंग में इंग्लिश टीम को आखरी 9 में से 7 मैचों में हार मिली थी। रविवार को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने बताया की एशेज से पहले टीम में बदलाव करने का सही समय है। हालांकि मैकुलम इंग्लैंड की व्हाइट बॉल कोच बने रहेंगे। दो हफ्ते पहले ही न्यूजीलैंड से घर पर 2-1 से टेस्ट सीरीज हारने के बाद कप्तान बेन स्टोक्स ने अचानक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके साथ ही चार साल से चला आ रहा वह दौर खत्म हो गया, जिसे दुनिया बैजबॉल के नाम से जानती है। मैकुलम ने कहा- फैसले का सम्मान करता हूं मैकुलम ने अपने बयान में कहा, ‘मैंने टेस्ट टीम को कोच करना बेहद पसंद किया। जो हमने साथ मिलकर हासिल किया, उस पर मुझे गर्व है। यह पद छोड़ना दुखद है, लेकिन मैं फैसले का सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा फोकस वाइट-बॉल टीमों पर रहेगा।’ मैकुलम-स्टोक्स ने बदली इंग्लैंड की बैटिंग अप्रोच मैकुलम ने 2022 में स्टोक्स के कप्तान बनने के साथ ही टेस्ट कोच का पद संभाला था। शुरुआत उनकी शानदार रही, लेकिन अंत उतना ही निराशाजनकर रहा। उन्होंने शुरुआती 11 मैचों में 10 मुकाबले जीते, लेकिन आखिरी 9 टेस्ट में 7 में हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी कोचिंग में 27 मैच जीते, 20 में हार मिली और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। कमाल की बात है कि बतौर इंग्लैंड कोच मैकुलम का सफर उनकी होम टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ ही शुरु हुआ था। तब उन्होंने 3-0 से सीरीज जीती थी। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ ही 2-1 की हार के बाद उन्हें टेस्ट कोचिंग से हटा दिया गया है। क्या है बैजबॉल? मैकुलम के कोच बनने से पहले इंग्लैंड पिछले 17 में से सिर्फ 1 टेस्ट मैच जीता था। उन्होंने सोचा कि खिलाड़ियों के मन से हार का डर निकालने के लिए नया तरीका अपनाया- अटैकिंग बल्लेबाजी। उन्होंने बताया कि चाहे स्कोर कुछ भी हो या पिच कैसी भी हो, अटैकिंग बल्लेबाजी करो। मैकुलम का निकनेम बैज था और इस सोच को बैजबॉल नाम दिया गया। इसका मकसद था टेस्ट क्रिकेट को रोमांचक बनाना, जो मैकुलम अपनी बैटिंग के दिनों में करते थे। बैजबॉल से बदला इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट जब इंग्लैंड के हार की वजह बनी बैजबॉल बिना कोच और कप्तान के इंग्लिश टेस्ट टीम न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान स्टोक्स को नाइट क्लब विवाद के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर बैठना पड़ा। ट्रेंट ब्रिज में सीरीज के आखिरी टेस्ट के बीच में ही उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। इसके तीन हफ्ते के भीतर ही मैकुलम की भी विदाई हो गई। अब इंग्लैंड की टेस्ट टीम फिलहाल बिना कप्तान और बिना कोच के रह गई है। ECB ने नए टेस्ट हेड कोच की तलाश तुरंत शुरू करने की बात कही है। एंड्रयू फ्लिंटॉफ, रिचर्ड डॉसन, रयान कैंपबेल और जस्टिन लैंगर जैसे नाम उम्मीदवारों में शामिल बताए जा रहे हैं। कप्तानी के लिए हैरी ब्रूक सबसे आगे माने जा रहे हैं। अभी की मानें तो मैकुलम 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक वाइट-बॉल में टीम के कोच बने रहेंगे। क्या इंग्लैंड अब पुराने दौर में लौटेगा? बैजबॉल के दौर में इंग्लैंड के ग्राउंड्समैन तेज, फ्लैट और हाई-स्कोरिंग पिचें बनाते रहे हैं। इससे टीम अटैकिंग बल्लेबाजी करती थी। अब मैकुलम और स्टोक्स के जाने के बाद एशेज 2027 से पहले टीम सीमिंग ट्रैक वाली पिचें तैयार कर सकती हैं। इससे टीम के प्रैक्टिस का अंदाज भी बदलेगा। वहीं नए कोच और नए कप्तान पर भी निर्भर करता है कि वे टीम को किस बैटिंग अप्रोच के लिए तैयार करते हैं। -------------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… दावा- इंग्लैंड दौरे के बाद भारत का कोचिंग स्टाफ बदलेगा:गंभीर के दो भरोसेमंद कोच हट सकते हैं, फील्डिंग कोच दिलीप पर भी दबाव इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल टीम से बाहर हो सकते हैं। दोनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद खत्म हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार दो टी-20 सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल टीम से बाहर हो सकते हैं। दोनों का मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद खत्म हो रहा है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद BCCI टीम और सपोर्ट स्टाफ का रिव्यू करेगा। टीम की खराब फील्डिंग भी बोर्ड की चिंता बढ़ा रही है। भारत ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर 10 से ज्यादा कैच छोड़े। ऐसे में फील्डिंग कोच टी. दिलीप को भी हटाया जा सकता है। पिछले साल उन्हें अभिषेक नायर के साथ टीम से बाहर किया गया था, लेकिन बाद में दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रयान लगातार ट्रैवल से खुश नहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक, रयान टेन डोशेट पूरे साल भारतीय टीम के साथ लगातार यात्रा करने से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अपनी यह बात BCCI के सामने भी रखी है। साथ ही उनके किसी IPL फ्रेंचाइजी से जुड़ने की चर्चा है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। बालाजी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी अगर रेयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल सपोर्ट स्टाफ से बाहर होते हैं, तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के नए फास्ट बॉलिंग कोच लक्ष्मीपति बालाजी को श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के साथ भेजा जा सकता है। भारत अगस्त की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। वहीं, जुलाई के आखिर में जिम्बाब्वे दौरे पर होने वाली टी-20 सीरीज में वीवीएस लक्ष्मण CoE के कोचिंग स्टाफ के साथ टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभालेंगे। गंभीर ने खुद चुने थे दोनों कोच रयान टेन डोशेट और मोर्ने मोर्कल को गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद अपने सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया था। इससे पहले बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर की जगह सितांशु कोटक को जिम्मेदारी दी जा चुकी है। अब इंग्लैंड दौरे के बाद गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में एक और बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। गंभीर ने बतौर कोच 3 ट्रॉफी जीती गौतम गंभीर की कोचिंग में वनडे और टी-20 में भारत का प्रदर्शन शानदार, जबकि टेस्ट में निराशाजनक रहा है। वनडे में भारत ने 23 में से 16 मैच जीते और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 अपने नाम कीं। टी-20 में टीम ने 53 में 37 मैच जीते, एशिया कप 2025 और टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता। हालांकि, इसके बाद भारत पहली बार आयरलैंड (2-0) और इंग्लैंड (4-0) से टी-20 सीरीज हार गया। वहीं टेस्ट में भारत का रिकॉर्ड सबसे खराब रहा। टीम ने 18 में सिर्फ 6 टेस्ट जीते, जबकि न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घरेलू सीरीज गंवाई और 10 साल बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी हार गई। 12 साल बाद इंग्लैंड ने भारत को हराया 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हराया। दोनों टीमों के बीच अब तक 10 सीरीज खेली गईं, जिनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 जीतीं। एक सीरीज ड्रॉ रही थी। पहली बार आयरलैंड से भी हारे इंग्लैंड से पहले आयरलैंड के खिलाफ भी 2 टी-20 मैचों की सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारतीय टीम को 2023 के बाद किसी टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। 2023 में वेस्टइंडीज ने 3-2 से हराया था। ---------------------------भारत के इंग्लैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारत 12 साल बाद इंग्लैंड से टी-20 सीरीज हारा, चौथा मैच 9 विकेट से गंवाया भारत 12 साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज हार गया। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए चौथे टी-20 में इंग्लैंड ने 159 रन का टारगेट सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड ने 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। पढ़ें पूरी खबर
लॉर्ड्स विमेंस टेस्ट में भारत मजबूत स्थिति में:लंच तक 365 रन की बढ़त हुई; यस्तिका शतक से 9 रन दूर
लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट में भारत ने तीसरे दिन लंच तक मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली है। टीम ने दूसरी पारी में 67 ओवर में 4 विकेट पर 250 रन बना लिए हैं। भरत की बढ़त 365 रन की हो गई है। विकेटकीपर बल्लेबाज यस्तिका भाटिया 91 रन बनाकर नाबाद हैं और अपने पहले टेस्ट शतक से सिर्फ 9 रन दूर हैं। उनके साथ दीप्ति शर्मा 10 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। भारत ने दिन की शुरुआत 154/1 से की थी, लेकिन पहले सेशन में स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर के विकेट गंवाए। इसके बावजूद यस्तिका ने एक छोर संभाले रखा और टीम की बढ़त 350 रन के पार पहुंचा दी। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई थी। यस्तिका ने संभाली पारी यस्तिका भाटिया ने 139 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए हैं। उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ बेहतरीन फुटवर्क और तेज गेंदबाजों के खिलाफ शानदार स्ट्रेट ड्राइव खेलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। अब वे अपने करियर के पहले टेस्ट शतक के बेहद करीब हैं। स्मृति ने लगाया लगातार दूसरा अर्धशतक ओपनर स्मृति मंधाना ने 130 गेंदों पर 70 रन बनाए। हालांकि दिन की शुरुआत में ही वे लॉरेन बेल की गेंद पर विकेटकीपर एमी जोन्स को कैच दे बैठीं। पहली पारी में भी स्मृति ने 83 रन की शानदार पारी खेली थी। बेल और एक्लेस्टोन ने दिलाई इंग्लैंड को सफलता इंग्लैंड के लिए लॉरेन बेल ने स्मृति मंधाना (70) और जेमिमा रोड्रिग्स (3) को आउट किया। वहीं, सोफी एक्लेस्टोन ने कप्तान हरमनप्रीत कौर (16) को एलबीडब्ल्यू किया। ऑन-फील्ड अंपायर ने पहले आउट नहीं दिया था, लेकिन DRS में फैसला इंग्लैंड के पक्ष में गया। -------------------------------मैच की यह खबर भी पढ़ें…लॉर्ड्स टेस्ट- भारत को 115 रन की बढ़त लॉर्ड्स में खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है। इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। पहली पारी के आधार पर टीम इंडिया को 115 रन की बढ़त मिली। टीम ने 285 रन बनाए थे। पढ़ें पूरी खबर…
अभिषेक नायर: सिर्फ एक सीरीज से श्रेयस की कप्तानी का फैसला जल्दबाजी है
नई दिल्ली, भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिषेक नायर का मानना है कि लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर के भविष्य पर सवाल उठाना गलत होगा। उन्होंने कहा कि नए कप्तान को अपनी सोच के हिसाब से टीम को तैयार करने की आजादी मिलनी चाहिए।
स्पोर्ट्स अपडेट:जिम्बाब्वे दौरे के लिए रवि बिश्नोई टीम में, वरुण चक्रवर्ती बाहर
भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती चोट के कारण आगामी सीरीज से बाहर हो गए हैं। हर्षित इंग्लैंड वनडे सीरीज का हिस्सा थे, जबकि वरुण को जिमबाब्वे टी-20 के लिए चुना गया था। हर्षित की जगह प्रिंस यादव वनडे स्क्वाड का हिस्सा होंगे। वहीं वरुण की जगह रवि बिश्नोई को मौका दिया गया है। दोनों चोटिल खिलाड़ी इलाज के लिए बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) जाएंगे। ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहले वनडे- वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया:19 साल के विटैल लॉयस को डेब्यू मैच में 3 विकेट; होप-कार्टी में शतकीय साझेदारी वेस्टइंडीज ने पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया। टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। गयाना में शनिवार को कैरेबियाई टीम ने 268 रन का लक्ष्य 48.5 ओवर में 3 विकेट पर हासिल किया। केसी कर्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच विनिंग पार्टनरशिप की। पूरी खबर पढ़ें…
फुटबॉल का जुनून पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में इसका एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने शानदार प्रदर्शन से फैंस के दिलों पर राज कर रहे हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि पेरू में माता-पिता अपने नवजात बच्चों का नाम इस ‘गोल मशीन’ के नाम पर रख रहे हैं। पेरू की नेशनल आइडेंटिटी रजिस्ट्री के अनुसार, हाल ही में पैदा हुए सैकड़ों बच्चों का नाम इस 25 वर्षीय फुटबॉलर के नाम पर रखा गया है। 468 बच्चों का नाम या सरनेम ‘हालेंड’ रखा गया है। 91 नवजातों का पूरा नाम ‘अर्लिंग हालेंड’ दर्ज किया गया है। रजिस्ट्री के प्रवक्ता इवान टोरेस ने एक टीवी चैनल को बताया कि पेरू के लोग अक्सर फुटबॉल सितारों से प्रेरित होकर बच्चों के नाम रखते हैं। वर्ल्ड कप शुरू होने और नॉर्वे के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद हालेंड के नाम पर बच्चों का नाम रखने का ग्राफ बढ़ा है। टोरेस ने कहा, ‘हालेंड अब पेरू के भी हैं।’ वर्ल्ड कप 2026 में हालेंड का जादू इस विश्व कप में नॉर्वे के इस खिलाड़ी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने अब तक सिर्फ 4 मैचों में 7 गोल दागे हैं। ब्राजील के खिलाफ ऐतिहासिक जीत में उनके दो गोल की बदौलत नॉर्वे ने पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। अन्य फुटबॉलर्स का भी रहा है जलवा पेरू में फुटबॉल सितारों के नाम पर बच्चों का नाम रखने का यह ट्रेंड नया नहीं है। संन्यास ले चुके ब्राजील के नेमार इसमें सबसे आगे हैं। फुटबॉलर- नाम नेमार- 33809 मेसी- 3402 यमाल- 1241 रोनाल्डो- 1185
वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को पहले वनडे में 7 विकेट से हराकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। गयाना में खेले गए इस मैच में 268 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने 48.5 ओवर में 3 विकेट खोकर मैच जीत लिया। कीसी कार्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच जिताऊ साझेदारी की। जीत के हीरो 19 साल के डेब्यूटेंट लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिनर विटैल लॉयस रहे, जिन्होंने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में 3 विकेट झटके। इससे पहले टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने वाली न्यूजीलैंड टीम ने सभी विकेट खोकर 267 रन बनाए। 19 साल के लॉयस ने डेब्यू मैच में पलटा मुकाबला न्यूजीलैंड की टीम 44वें ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन विटैल लॉयस और अल्जारी जोसेफ ने आखिरी ओवरों में मैच पलट दिया। न्यूजीलैंड ने अपने अंतिम 6 विकेट सिर्फ 33 रन के भीतर गंवा दिए। लॉयस ने हेनरी निकोल्स (37), मार्क चैपमैन और माइकल ब्रेसवेल को आउट किया, जबकि अल्जारी जोसेफ ने 41 रन देकर 4 विकेट लिए। कार्टी के हिट-विकेट पर हुआ विवाद वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर में कीसी कार्टी 64 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। जैकब डफी की गेंद पर छक्का लगाने के बाद उनका बल्ला पीछे जाकर स्टंप्स से टकरा गया और बेल्स गिर गईं। न्यूजीलैंड ने हिट-विकेट की अपील की, लेकिन थर्ड अंपायर अहसान रजा ने रिप्ले देखने के बाद उन्हें नॉट आउट दिया। क्या कहता है नियम? एमसीसी के लॉ 35.2 (हिट-विकेट) के अनुसार यदि बल्लेबाज शॉट खेलने की प्रक्रिया पूरी कर चुका हो और उसके बाद बल्ला, शरीर या कपड़ा विकेट से टकराए, तो उसे हिट-विकेट आउट नहीं माना जाता। इसी नियम के तहत कार्टी को जीवनदान मिला। होप-कार्टी ने संभाली पारी शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद कीसी कार्टी और अकीम ऑगस्टे (28) ने पारी संभाली। इसके बाद कप्तान शाई होप ने कार्टी के साथ तीसरे विकेट के लिए 131 रन जोड़कर मैच न्यूजीलैंड से दूर कर दिया। कार्टी 95 रन बनाकर शतक से चूक गए। उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के लगाए। रदरफोर्ड ने छक्के से दिलाई जीत कार्टी के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज को अंतिम 30 गेंदों में 37 रन चाहिए थे। कप्तान होप ने लगातार बड़े शॉट लगाकर दबाव खत्म किया और 52 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। आखिर में शेरफेन रदरफोर्ड ने लंबा छक्का लगाकर 7 गेंद शेष रहते टीम को जीत दिला दी। यह गयाना के इस मैदान पर सफलतापूर्वक हासिल किया गया दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य भी है।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने आखिरी क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया। लियोनेल मेसी की टीम छठी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। कंसास सिटी स्टेडियम में अर्जेंटीना ने 10वें मिनट में बढ़त ले ली। मैक एलिस्टर ने मेसी के पास पर गोल किया। 67वें मिनट में डैन एनड्यॉय ने गोल कर स्विट्जरलैंड को 1-1 की बराबरी दिला दी। निर्धारित 90 मिनट तक यही स्कोर रहा। इंजरी टाइम में कोई गोल नहीं हुआ। मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया। इसमें जूलियन अल्वारेज ने 112वें और एमी मार्टिनेज ने 121वें मिनट में गोल कर अर्जेंटीना को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। अब 15 जुलाई को उसका मुकाबला इंग्लैंड से होगा। एक रोचक फैक्ट मैच में खास 90 मिनट तक स्कोर बराबर, इंजरी टाइम गोल रहित रहा मैच के निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। रेफरी ने 8 मिनट का इंजरी टाइम दिया, लेकिन इसमें भी गोल नहीं आया। इंजरी टाइम के 8वें मिनट में स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ने शानदार सेव किया। ग्रेगर कोबेल ने कॉर्नर से लिसेंड्रो मार्टिनेज की किक को रोकने के लिए शानदार डाइव लगाई। उन्होंने गेंद को बहुत देर से देखा था। एम्बोलो को रेड कार्ड, मैदान पर रोने लगे 72वें मिनट में स्विट्जरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को मैदान से बाहर भेज दिया गया। वीडियो रिव्यू से पता चला कि उन्होंने ऐसा दिखाने की कोशिश की थी कि वे किसी टैकल की वजह से गिरे हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। डैन एनड्यॉय ने स्विट्जरलैंड को बराबरी दिलाई हाफ टाइम के बाद स्विस टीम ने डैन एनड्यॉय के गोल के दम पर बराबरी हासिल कर ली। टीम ने गोल करने के कई प्रयास किए। आखिरकार, रेड जर्सी की मेहनत रंग लाई। 67वें मिनट में डैन एनड्यॉय बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़े और रिकार्डो रोड्रिग्ज के साथ पास का आदान-प्रदान किया और एमिलियानो मार्टिनेज को पछाड़ते हुए बेहद कंट्रोल गोल किया। मेसी के क्रॉस पर मैक एलिस्टर का गोल डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने मैच की शुरुआत में ही 1-0 की बढ़त ले ली। 10वें मिनट में एलिस मैक एलिस्टर ने लियोनेल मेसी के शानदार पास पर गोल दागा। अर्जेंटीना ने मौजूदा एडीशन में अपना सबसे तेज गोल किया है। मेसी ने पेनल्टी कॉर्नर पर पास दिया था। इस पर एलिस्टर ने हेडर लगाकर गोल दागा। मेसी ने 10वां गोल असिस्ट किया है, जबकि एलिस्टर ने लगातार दूसरे वर्ल्ड कप एडीशन में गोल स्कोर किया है। उन्होंने 2022 में पोलैंड के खिलाफ ग्रुप मैच में गोल किया था। ----------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर पढ़िए… इंग्लैंड फुटबॉल वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में, नॉर्वे को 2-1 से हराया; बेलिंगहैम ने दो गोल दागे जूड बेलिंगहैम के दो गोल की बदौलत इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने रविवार के पहले मुकाबले में नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराया। इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के अंतिम-4 में पहुंचा है। पढ़ें पूरी खबर
चेक रिपब्लिक की 21 साल की टेनिस खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा ने विंबलडन 2026 का विमेंस सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। ऑल इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल मुकाबले में नौवीं सीड नोस्कोवा ने अपनी ही हमवतन और पेरिस ओलिंपिक की डबल्स पार्टनर कैरोलीना मुहोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से शिकस्त दी। विंबलडन के इतिहास में यह पहली बार था जब दो चेक खिलाड़ियों के बीच फाइनल मैच खेला गया। इस जीत के साथ ही नोस्कोवा को करीब 38.5 करोड़ रुपए (3.6 मिलियन) की इनामी राशि मिली और वे अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 7वीं रैंकिंग पर पहुंच जाएंगी। मैच पॉइंट गंवाने के बाद कांपने लगी थीं नोस्कोवामैच के दौरान एक समय ऐसा आया जब नोस्कोवा आसानी से जीत की तरफ बढ़ रही थीं। वे दूसरे सेट में 6-2, 5-2 से आगे थीं। इसके बाद 10वीं सीड मुहोवा ने जोरदार वापसी की और लगातार 5 गेम जीतकर दूसरा सेट 7-5 से अपने नाम कर लिया। इस दौरान दबाव में नोस्कोवा का बॉडी लैंग्वेज देखने लायक था। वे क्राउड के शोर से बचने के लिए कानों में उंगलियां डालती दिखीं और चेंजओवर के समय विंबलडन के तौलिये में अपना चेहरा छिपा लिया। हालांकि, तीसरे सेट में उन्होंने खुद को संभाला और जीत कर इतिहास रच दिया। आसमान की तरफ चूमा हाथ: दो साल पहले विंबलडन से ठीक पहले मां को खोया थाजीत के बाद नोस्कोवा कोर्ट पर ही बैठ गईं और भावुक हो गईं। ट्रॉफी मिलने के बाद स्पीच के दौरान वे रो पड़ीं। उन्होंने आसमान की तरफ देखते हुए फ्लाइंग किस किया और अपनी दिवंगत मां को याद किया।नोस्कोवा ने कहा,'दो साल पहले विंबलडन की शुरुआत से ठीक पहले मेरी मां इवाना का निधन हो गया था। मैं उनके बिना आज यहां नहीं होती। मैं अपने पिता को भी धन्यवाद देना चाहती हूं, जो मेरे लिए फ्लाइट का डर होने के बावजूद यहां मैच देखने आए।' मुहोवा ने मजाकिया अंदाज में कहा- लिंडा मेरी 'एक्स-फ्रेंड' हैंहार के बाद भावुक मुहोवा ने उपविजेता की ट्रॉफी लेते समय रोते हुए कहा,'शब्द ढूंढना मुश्किल है, लेकिन मैं अपनी 'पूर्व दोस्त' (एक्स-फ्रेंड) लिंडा से शुरुआत करूंगी। आपने जिस तरह से दबाव को संभाला और खेला, वह अविश्वसनीय था। आप इस जीत की हकदार हैं।'उन्होंने आगे कहा,'मैं आगे भी लड़ती रहूंगी। मुझे यह ट्रॉफी चाहिए और उम्मीद है कि मैं फिर से फाइनल में पहुंचकर इसे जीतूंगी। बता दें कि मुचोवा पिछले कुछ समय से कलाई की गंभीर चोट से जूझ रही थीं, जिसके कारण उन्हें एक समय सिंगल-हैंडेड बैकहैंड से खेलना पड़ा था। मैच पॉइंट बचाकर चैंपियन बनने वाली तीसरी खिलाड़ी: वीनस और सेरेना के क्लब में हुईं शामिलनोस्कोवा इस पूरे टूर्नामेंट में कठिन परिस्थितियों से उबरकर आगे बढ़ी हैं। वे इस टूर्नामेंट के तीसरे दौर में रोमानिया की सोराना सिर्स्टिया के खिलाफ मैच पॉइंट से पिछड़ रही थीं, लेकिन वहां से वापसी कर उन्होंने मैच जीता। विंबलडन के इतिहास में मैच पॉइंट बचाकर खिताब जीतने वाली वे केवल तीसरी महिला खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा वीनस विलियम्स (2005) और सेरेना विलियम्स (2009) ही कर सकी थीं। ------------------------------------- जोकोविच विंबलडन सेमीफाइनल हारे, 25वां ग्रैंडस्लैम जीतने का सपना टूटा:15 साल छोटे सिनर ने सीधे सेटों में हराया, तेंदुलकर-गिल रोजर फेडरर से मिले 39 साल के दिग्गज टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच का 25वां ग्रैंड स्लैट जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। वे विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में खुद से 15 साल छोटे 24 साल के जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार गए। सर्बिया के जोकोविच ने पिछला ग्रैंड स्लैम 3 साल पहले 2023 में जीता था। तब वे यूएस ओपन में चैंपियन बने थे। पूरी खबर
विंबलडन: लिंडा नोस्कोवा ने मुचोवा को हराकर अपना पहला 'विमेंस सिंगल्स' खिताब जीता
सेंटर कोर्ट पर खेले गए रोमांचक 'ऑल-चेक' फाइनल में नौवीं वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा ने हमवतन कैरोलिना मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराकर अपना पहला विंबलडन विमेंस सिंगल्स खिताब जीता।
जूड बेलिंगहैम के दो गोल की बदौलत इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। उसने रविवार के पहले मुकाबले में नॉर्वे को एक्स्ट्रा टाइम में 2-1 से हराया। इंग्लैंड 2018 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के अंतिम-4 में पहुंचा है। मियामी स्टेडियम में खेला गया मुकाबला तय समय तक 1-1 की बराबरी पर रहा। उसके बाद रियल मैड्रिड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहैम ने टीम के दोनों गोल किए। विजयी गोल एक्स्ट्रा टाइम के तीसरे मिनट में हराया। इंग्लैंड का सेमीफाइनल मैच अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से होगा। यह मुकाबला कैंसस स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच में खास नॉर्वे ने शेल्डेरुप के गोल से बढ़त बनाई नॉर्वे ने 36वें मिनट में एंड्रियास शेल्डेरुप के गोल से बढ़त हासिल की। हालांकि, पहले हाफ के इंजरी टाइम में बेलिंगहैम ने नजदीक से गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल पर विवाद खड़ा हो गए। गोल से ठीक पहले गेंद के एरियल कैमरा केबल से टकराने की आशंका थी। ऐसी स्थिति में खेल रोककर ड्रॉप बॉल से दोबारा शुरुआत करना जरूरी है। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। बाद में FIFA ने इस गोल पर स्पष्टीकरण जारी किया। उसने बताया कि मैच बॉल में लगे सेंसर के डेटा के अनुसार गेंद हवा में रहते हुए ओवरहेड वायर से नहीं टकराई थी, इसलिए गोल वैध था। FIFA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'इंग्लैंड के गोल से पहले कनेक्टेड बॉल के सेंसर में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि गेंद ओवरहेड वायर से टकराई और उसकी दिशा बदली।' नॉर्वे का दूसरा गोल रद्द हुआ हाफ टाइम के बाद 56वें मिनट में टॉरब्योर्न हेगम ने कॉर्नर के बाद रीबाउंड पर गोल कर नॉर्वे को फिर बढ़त दिलाई थी, लेकिन वीडियो रिव्यू में बॉक्स के अंदर एरलिंग हालैंड के फाउल की वजह से गोल रद्द कर दिया गया। इसके बाद हालैंड पूरे मैच में गोल नहीं कर सके। यह इस वर्ल्ड कप का पहला मैच रहा, जिसमें वे स्कोरशीट पर जगह नहीं बना पाए। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में उन्हें बाहर बुला लिया गया। एक्स्ट्रा टाइम में बेलिंगहैम बने मैच विनर निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 से बराबर रहा। एक्स्ट्रा टाइम के तीसरे मिनट में बेलिंगहैम ने गोल कर इंग्लैंड को 2-1 की बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने आखिर तक बरकरार रखा। वर्ल्ड कप में बेलिंगहैम और केन के 6-6 गोल बेलिंगहैम ने इस विश्व कप में अपने गोलों की संख्या छह कर ली है। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन के भी छह गोल हैं। दोनों से आगे सिर्फ फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी हैं, जिनके नाम आठ-आठ गोल हैं। ------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… स्पेन फुटबॉल वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में, मेरिनो ने विजयी गोल दागा 2010 की चैंपियन स्पेन फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। उसने शुक्रवार रात दूसरे दूसरा क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम को 2-1 से हराया। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में स्पेन और बेल्जियम का मुकाबला 87 मिनट तक 1-1 से बराबरी पर था। 88वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने विजयी गोल दागा। पढ़ें पूरी खबर
एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: भारत के लिए अंडर-19 पुरुष वर्ग में छह मेडल पक्के
एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शनिवार को 6 भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, जिससे अंडर-19 पुरुष वर्ग में भारत के लिए छह मेडल पक्के हो गए।
इंग्लैंड ने पांचवे टी-20 मैच में भारत को 56 रन से हरा दिया। टीम इंडिया पहली बार किसी सीरीज या टूर्नामेंट में 4 मैच हारी है। इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 257 रन बनाए। यह भारत के खिलाफ किसी टीम का सबसे बड़ा स्कोर है। यह मैच आधे घंटे से देरी से शुरु हुआ। दरअसल भारतीय टीम ट्रैफिक की वजह से आधे घंटे देरी से स्टेडियम पहुंची। IND Vs ENG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. भारत के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर बना इंग्लैंड ने 3 विकेट पर 257 रन बनाए। टी-20 में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का यह सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भी यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के ही नाम था। टीम ने 2026 में वानखेड़े स्टेडियम में 246 रन बनाए थे। 2. भारत सीरीज में 4 मैच हारा भारत सीरीज में 4 मैच हारा। यह किसी टी-20 सीरीज या टूर्नामेंट में भारत को मिली सबसे ज्यादा हार है। इससे पहले टीम किसी भी सीरीज या टूर्नामेंट में 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी थी। 3. ब्रूक ने 229 रन बनाए हैरी ब्रूक ने 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 229 रन बनाए। वे भारत के खिलाफ किसी बाइलेटरल सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने वेस्टइंडीज के निकोलस पूरन का रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 2022 में भारत के खिलाफ 3 मैचों में 184 रन बनाए थे। 4. इंग्लैंड ने 17 छक्के लगाए इंग्लैंड ने साउथैम्पटन में 17 छक्के लगाए। यह भारत का किसी टी-20 मैच में दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। वेस्टइंडीज ने 2016 में भारत के खिलाफ सबसे छक्के लगाए थे। उन्होंने लॉडरहिल में खेले गए मुकाबले में 21 छक्के लगाए थे। 5. श्रेयस ने धोनी की बराबरी की श्रेयस अय्यर ने टी-20 में लगातार टॉस जीतने के मामले में धोनी की बराबरी की। उन्होंने 2026 में लगातार 7वीं बार टॉस जीता। धोनी ने भी 2010 से 2012 के बीच लगातार 7 टॉस जीते थे। विराट कोहली 6 टॉस के साथ तीसरे नंबर पर हैं। 6. भारत के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी बटलर और ब्रूक ने 233 रन जोड़कर टी-20 में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी साझेदारी की। यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक और डेविड मिलर के नाम था। उन्होंने 2022 में गुवाहाटी में नाबाद 174 रन जोड़े थे। 7. बटलर-ब्रूक ने इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी साझेदारी की बटलर और ब्रूक ने साउथम्पटन में 233 रन की पार्टनरशिप की। यह टी-20 में इंग्लैंड के लिए किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले डेविड मलान और ईयोन मॉर्गन ने 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में 182 रन जोड़े थे। 8. बटलर-ब्रूक ने 233 रन की पार्टनरशिप की बटलर और ब्रूक ने टी-20 में किसी भी विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी की। उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 233 रन जोड़े। अफगानिस्तान के हजरतुल्लाह जजाई और उस्मान गनी टॉप पर हैं। उन्होंने 2019 में आयरलैंड के खिलाफ देहरादून में 236 रन की पार्टनरशिप की थी। 9. बटलर ने इंग्लैंड के लिए दूसरी सबसे बड़ी पारी खेली बटलर ने टी-20 में इंग्लैंड के लिए दूसरी सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने 131 रन बनाए। फिल साल्ट ने 2025 में टीम के लिए हाईएस्ट स्कोर बनाया था। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर में नाबाद 141 रन की पारी खेली थी। 10. अभिषेक शर्मा का 53वें टी-20 मैच में रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा बिना कोई दूसरा फॉर्मेट खेले सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने भारत के लिए 53 टी-20 मैच खेले हैं। अभिषेक ने अब तक वनडे या टेस्ट में डेब्यू नहीं किया है। वेस्टइंडीज के सैमुअल बद्री 52 मैचों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 11. भारत के खिलाफ हाईएस्ट इंडिविजुअल स्कोर बटलर भारत के खिलाफ टी-20 में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने साउथम्पटन में 131 रन बनाए। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के एविन लुईस के नाम था। उन्होंने 2017 में किंग्सटन में भारत के खिलाफ नाबाद 125 रन बनाए थे। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. भारतीय टीम ट्रैफिक में फंसी, मैच देर से शुरु हुआ मैच आधे घंटे की देरी शुरु हुआ। इसकी वजह ट्रैफिक रही। भारतीय टीम होटल से रोज बाउल ग्राउंड आने के लिए निकली, लेकिन ट्रैफिक मेें फंस गई। इसकी वजह से शाम 7:15 बजे टॉस हुआ और 7:30 बजे मैच शुरु हुआ। मैच का शेड्यूल शाम 7 बजे था। 2. शिवम दुबे ने 3 रन पर ब्रूक का कैच छोड़ा हैरी ब्रूक का कैच छूटना भारतीय टीम के लिए काफी महंगा साबित हुआ। शिवम दुबे ने पहली पारी के पांचवे ओवर में 3 रन पर ब्रूक का कैच छोड़ा। प्रिंस यादव ने ओवर की दूसरी गेंद शॉर्ट लेंथ डाली। ब्रूक ने शॉट लगाया, लेकिन गेंद बल्ले का टॉप एज लेकर हवा में खड़ी हो गई। शिवम दुबे गेंद को ठीक से जज नहीं कर पाए। टाइम होने के बावजूद वे गेंद के नीचे नहीं पहुंच पाए और कैच छूट गया। 3. भारत ने मिस फील्ड किए, 3 कैच छोड़े भारतीय फील्डर्स ने कम से कम 9 बार मिसफील्ड किए। इसकी वजह से करीब 15 रन एक्सट्रा गए। इसके अलावा टीम ने 3 कैच छोड़े। इनमें 2 कैच ब्रूक और एक कैच जोस बटलर का था।
इंग्लैंड का दबदबा: भारत 4-0 से शर्मनाक हार
भारत को द रोज बाउल में खेले गए टी20 सीरीज के पांचवें और अंतिम मैच में 56 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ मेजबान इंग्लैंड ने सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली है।
फीफा वर्ल्ड कप: क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड से सामना
कैनसस सिटी, 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' के अंतिम क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्विट्जरलैंड से होगा।
फीफा विश्व कप: फ्रांस और स्पेन में किसका पलड़ा भारी?
नई दिल्ली, फीफा विश्व कप 2026 अब अपने बेहद रोमांचक दौर में प्रवेश कर गया है। विश्व कप का पहला सेमीफाइनल मुकाबला 15 जुलाई को फ्रांस और स्पेन के बीच खेला जाना है।
विरासत में मिला टेबल टेनिस का खेल: अचंत शरत कमल
नई दिल्ली, टेबल टेनिस के खेल में जब दिग्गज खिलाड़ियों का जिक्र होता है, तो भारत के अचंत शरत कमल का नाम शान से लिया जाता है। चार साल की उम्र में शरत ने टेबल टेनिस की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।
सिर्फ मेसी को रोकने से अर्जेंटीना से पार नहीं पा सकेगा स्विट्जरलैंड
नई दिल्ली, इंग्लैंड के पूर्व स्टार फुटबॉलर रॉबी फाउलर का मानना है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना को हराने के लिए स्विट्जरलैंड को सिर्फ लियोनेल मेसी को रोकने पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
देश में करीब 35 हजार फुटबॉल क्रिएटर्स:फीफा वर्ल्ड कप 2026; ब्राजील के बाद दूसरे नंबर पर भारतीय फैंस
भारत की टीम फीफा में नहीं खेल रही, लेकिन सोशल मीडिया पर भारतीय फुटबॉल फैंस ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। क्रिएटर इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Qoruz की रिपोर्ट के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप के इंस्टाग्राम अकाउंट के सबसे ज्यादा फॉलोअर्स ब्राजील के बाद भारत से हैं। यही नहीं, रोनाल्डो और मेसी के करोड़ों भारतीय फॉलोअर्स वर्ल्ड कप को भारत में बड़ा डिजिटल इवेंट बना रहे हैं। सिर्फ भारत में रोनाल्डो-मेसी के 13 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स ब्राजील के बाद अब फीफा वर्ल्ड कप दूसरा सबसे बड़ा इंस्टाग्राम बाजार है भारत फीफा के इंस्टाग्राम अकाउंट के 6.05 करोड़ फॉलोअर्स में 10.21% भारतीय हैं। इस मामले में भारत सिर्फ ब्राजील से पीछे है। अमेरिका, अर्जेंटीना, इटली और इंडोनेशिया जैसे फुटबॉल देशों से भी ज्यादा भारतीय इस अकाउंट को फॉलो करते हैं। रोनाल्डो के भारतीय फॉलोअर्स, पुर्तगाल की आबादी से भी कई गुना ज्यादा क्रिस्टियानो रोनाल्डो के 8.13 करोड़ फॉलोअर्स भारत से हैं। यानी अकेले भारत में उनके फॉलोअर्स, उनके देश पुर्तगाल की कुल आबादी से कई गुना ज्यादा हैं। लियोनेल मेसी के भी 5.66 करोड़ भारतीय फॉलोअर्स हैं। 35 हजार से ज्यादा भारतीय क्रिएटर एक्टिव वर्ल्ड कप के दौरान 35,000 से ज्यादा भारतीय कंटेंट क्रिएटर इंस्टाग्राम पर लगातार फुटबॉल से जुड़ी पोस्ट और वीडियो बना रहे हैं। ब्रांड्स को फायदा- अब ज्यादा बिक रहे फुटबॉल से जुड़े प्रोडक्ट्स डेकेथलॉन के मुताबिक, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही उसके 50% से ज्यादा फुटबॉल प्रोडक्ट्स बिक गए। सबसे ज्यादा मांग पुर्तगाल टीम की जर्सी और मर्चेंडाइज की रही।
एशियन गेम्स से पहले अनिमेष कुजूर ने बनाया नया रिकॉर्ड
वेट्जलर, भारत के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 100 मीटर दौड़ में नया मुकाम हासिल किया है।
मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) 2026 के उद्घाटन मैच में जब ग्रैंड प्रेयरी स्टेडियम की सपाट पिच पर बल्लेबाज आसानी से रन बटोर रहे थे, तब टेक्सास सुपर किंग्स (टीएसके) के 25 वर्षीय युवा सनसनी अमशी डी सिल्वा ने अपनी रफ्तार और धारदार बाउंसर से खलबली मचा दी। अपने अपेक्षाकृत छोटे कद और अनोखे बॉलिंग एक्शन के बावजूद अमशी अपनी 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से बल्लेबाजों को चौंका देते हैं। हालांकि, वे सिर्फ अपनी खतरनाक गेंदबाजी या मैदान पर चीते जैसी फुर्ती के लिए ही नहीं, बल्कि उस भावुक कहानी के लिए भी चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम के कैप से ऊपर अपने परिवार को चुना। अमशी मूल रूप से श्रीलंका के रहने वाले हैं और एक समय उन्हें वहां के सबसे होनहार तेज गेंदबाजों में गिना जाता था। अंडर-19 विश्व कप में वे अपनी टीम के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, जहां उन्होंने मथीशा पथिराना और दिलशान मदुशंका जैसे मौजूदा सितारों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था। श्रीलंका ‘ए’ के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद हर क्रिकेट पंडित का मानना था कि अमशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखना सिर्फ समय की बात है। लेकिन अमशी की निजी जिंदगी में एक सूनापन था। उनके पिता 2008 में ही एक मिशनरी चैपलिन के रूप में अमेरिका चले गए थे, जबकि अमशी और उनकी मां परिस्थितियों के कारण श्रीलंका में ही रह गए। क्रिकेट के मैदान पर अमशी जितने आगे बढ़ रहे थे, उनका परिवार उतना ही दूर होता जा रहा था। अपने सपने का पीछा करने का सीधा मतलब था मां को पिता से लंबे समय तक अलग रखना। अंततः, इस युवा खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की महत्वाकांक्षा को पीछे छोड़कर परिवार को एक करने के लिए अमेरिका बसने का निस्वार्थ फैसला किया। अमेरिका में शुरुआती दिन बेहद संघर्ष भरे रहे। गुजारे के लिए उन्होंने इंडियाना के एक गैस स्टेशन (पेट्रोल पंप) पर लंबी शिफ्ट में काम किया। ऐसा लगा मानो उनका करियर खत्म हो गया है। तभी पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर एंजेलो परेरा ने नई उम्मीद जगाई। उन्होंने अमशी को टीएसके के अभ्यास सत्र में ट्रायल का मौका दिलाया। नेट्स में अपने पहले ही स्पैल में अमशी ने अपनी घातक यॉर्कर और बाउंसर से सबको हैरान कर दिया। इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें टीएसके के ड्राफ्ट में 48 लाख रुपए का बड़ा अनुबंध दिला दिया। अपनी सटीक बाउंसर और ‘बैक-ऑफ़-द-हैंड स्लोअर’ गेंद के दम पर वे टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक बनकर उभरे हैं। अब अमेरिकी क्रिकेट में चर्चा है कि अमशी जल्द ही यूएसए की राष्ट्रीय जर्सी पहनेंगे।
स्प्रिंटर अनिमेष कुजूर विदेश में सबसे तेज 100 मीटर दौड़ने वाले भारतीय बने हैं। उन्होंने जर्मनी की एथलेटिक्स मीट में 100 मीटर दौड़ 10.14 सेकेंड में पूरी की। वे वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर चैलेंजर लेवल की प्रतियोगिता के फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे। साउथ अफ्रीका के आर. म्लेंगा 10.03 सेकेंड के साथ पहले स्थान पर रहे। 23 साल के अनिमेष ने अपना रिकॉर्ड बेहतर किया। यह उनका पर्सनल बेस्ट भी है। यह भारत का दूसरा सबसे तेज समय अनिमेष का 10.14 सेकेंड का समय भारत के इतिहास का दूसरा सबसे तेज 100 मीटर प्रदर्शन है। नेशनल रिकॉर्ड 10.09 सेकेंड का है, जिसे गुरिंदरवीर सिंह ने इसी साल रांची में फेडरेशन कप में बनाया था। 24 घंटे में तीन बार टूटा था रिकॉर्ड मई में फेडरेशन कप के दौरान भारतीय स्प्रिंट में बड़ा बदलाव देखने को मिला था। गुरिंदरवीर सिंह ने 10.17 सेकेंड का समय निकाला और अनिमेष का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद अनिमेष ने 10.15 सेकेंड दौड़कर उससे बेहतर प्रदर्शन किया। अगले ही दिन गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकेंड का समय निकालकर भारत के सबसे तेज धावक बने। कॉमनवेल्थ गेम्स में रहेंगी नजरें अनिमेष कुजूर पहले ही 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत की 100 मीटर और 200 मीटर टीम में जगह बना चुके हैं। जर्मनी की प्रतियोगिता के बाद वे पोलैंड के स्पाला में भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर से जुड़ेंगे। इसके बाद वे ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उसेन बोल्ट के नाम है वर्ल्ड रिकॉर्ड 100 मीटर दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड जमैका के उसेन बोल्ट के नाम दर्ज है। उन्होंने यह रिकॉर्ड 2009 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया था। 100 मीटर रेस के 4 बड़े रिकॉर्ड्स ओलिंपिक गेम्स में 1984 से अब तक अश्वेत ही 100 मीटर चैंपियन 1896 में मॉडर्न ओलिंपिक की शुरुआत हुई थी। 1928 तक 100 मीटर के चैंपियन श्वेत एथलीट रहे। 1932 में एडी टोलन पहले अश्वेत ओलिंपिक 100 मीटर चैंपियन बने। 1984 से 2024 तक ओलिंपिक में अश्वेत एथलीट ही 100 मीटर चैंपियन रहे। 2020 टोक्यो ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट लेमॉन्ट मार्सेल जैकब्स के पिता अफ्रीकी मूल के थे, जबकि मां इटैलियन थीं। इसलिए उन्हें भी ब्लैक एथलीट में गिना गया। ----------------------------------------------
39 साल के दिग्गज टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच का 25वां ग्रैंड स्लैट जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है। वे विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में खुद से 15 साल छोटे 24 साल के जैनिक सिनर से सीधे सेटों में हार गए। सर्बिया के जोकोविच ने पिछला ग्रैंड स्लैम 3 साल पहले 2023 में जीता था। तब वे यूएस ओपन में चैंपियन बने थे। लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में शुक्रवार को इटली के सिनर ने जोकोविच को 6-4, 6-4, 6-4 से हराया। वे लगातार दूसरे साल फाइनल में पहुंचे हैं। वर्ल्ड नंबर-1 सिनर ने पिछले साल स्पेन के कार्लोस अल्काराज को हराया था। इस बार सिनर का मुकाबला रविवार को जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। एक भी सेट नहीं जीत सके जोकोविच सिनर ने सेमीफाइनल मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने जोकोविच को लगातार तीन सेटों में 2 घंटे 20 मिनट चले मैच में मात दी। इस जीत के साथ सिनर इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में मिली 5 सेटों की हार का भी बदला ले लिया। जोकोविच अब तक 24 ग्रैंड स्लैम जीत चुके हैं। वे 25वें टाइटल की तलाश में उतरे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्हें साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ओपन के फाइनल में स्पेन के कार्लोस अल्काराज ने हराया था। फ्रेंच ओपन में वे तीसरे राउंड से बाहर हो गए थे। जर्मनी के ज्वेरेव पहली बार विंबलडन फाइनल में जेंटलमेंन सिंगल्स कैटेगरी के पहले सेमीफाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराया। ज्वेरेव पहली बार विंबलडन के फाइनल में पहुंचे हैं। 29 साल के ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने हैं। साथ ही वे फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अगले ही ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचने वाले ओपन एरा के तीसरे खिलाड़ी भी बन गए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अब तक सिर्फ दो सेट गंवाए हैं। सचिन, गिल और लारा ने रॉयल बॉक्स से देखा मैच सेंटर कोर्ट के रॉयल बॉक्स में भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर, टेस्ट कप्तान शुभमन गिल, वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा और फुटबॉलर वर्जिल वान डाइक समेत कई खेल सितारे मौजूद रहे। विंबलडन ने सचिन का स्वागत करते हुए उन्हें क्रिकेट रॉयल्टी बताया। करीब 80 सीटों वाली यह दीर्घा 1922 से विम्बलडन की परंपरा का हिस्सा है। यह दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में है, जहां बैठना एक सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान माना जाता है। रॉयल बॉक्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी चयन प्रक्रिया है। यहां बिक्री के लिए कोई टिकट उपलब्ध नहीं होती। मेहमानों का चयन ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के चेयरमैन खुद करते हैं। पढ़ें- 80 सीटों वाला रॉयल बॉक्स विम्बलडन का सबसे बड़ा सम्मान लेडीज सिंगल्स कैटेगरी का फाइनल आज, मुचोवा-नोस्कोवा में मैच शनिवार रात 8:30 बजे से चेक रिपब्लिक की 2 प्लेयर्स के बीच लेडीज सिंगल्स कैटेगरी का फाइनल मैच खेला जाएगा। सेंटर कोर्ट पर होने वाले इस मुकाबले में कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा आमने-सामने होंगी। --------------------------------------------------- विंबलडन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जर्मनी के ज्वेरेव ने ब्रिटेन के फेरी को सेमीफाइनल में हराया जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी आर्थर फेरी को 7-6, 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में जगह बना ली। 29 साल के ज्वेरेव 1995 के बाद विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने हैं। पढ़ें पूरी खबर
2010 की चैंपियन स्पेन ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उसने शुक्रवार रात बेल्जियम को 2-1 से हराया। अब स्पेन का सामना फ्रांस से होगा। यह मैच 14 जुलाई की रात 12:30 बजे खेला जाएगा। लॉस एंजिल्स स्टेडियम में दूसरा क्वार्टर फाइनल 87 मिनट तक 1-1 की बराबरी पर था। 88वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने विजयी गोल दागा। बेल्जियम के रिजर्व गोलकीपर सेने लामेन्स ने पाउ क्यूबार्सी के शॉट पर रिबाउंड छोड़ा, जिसका मेरिनो ने पूरा फायदा उठाया। मैच में खास मेरिनो ने लगातार दूसरे मैच में निर्णायक गोल किया मेरिनो 86वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर उतरे और 2 मिनट बाद ही निर्णायक गोल दाग दिया। इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ इंजरी टाइम में विजयी गोल कर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई थी। स्पेन ने इस वर्ल्ड कप में पहला गोल खाया स्पेन ने 30वें मिनट में फाबियन रुइज के गोल से बढ़त बनाई। हालांकि, बेल्जियम ने 41वें मिनट में चार्ल्स डी केटेलेरे के गोल से बराबरी कर ली। यह इस वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ पहला गोल था। गोलकीपर कोर्टुआ चोटिल हुए, रिजर्व गोलकीपर पर बढ़ा दबाव बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर थिबाउ कोर्टुआ 71वें मिनट में जांघ की चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हुए। उनकी जगह आए सेने लामेन्स निर्णायक क्षण में रिबाउंड नहीं संभाल सके और स्पेन ने इसका फायदा उठाया। ----------------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना के सामने स्विट्जरलैंड, मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में 8 गोल कर चुके FIFA वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना का मुकाबला स्विट्जरलैंड से होगा। मेसी इस टूर्नामेंट में 8 गोल कर गोल्डन बूट की रेस में दूसरे स्थान पर हैं। एक गोल करते ही वे टॉप पर पहुंच जाएंगे। मैच भारतीय समयानुसार 12 जुलाई को सुबह 6:30 बजे से खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला साउथैम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच शाम 7 बजे शुरू होगा। इंग्लैंड ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। पहला मुकाबला बारिश की वजह से बेनतीजा रहा था, जबकि अगले तीनों मैच मेजबान टीम ने जीते। 8 मार्च 2026 को टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारत एक भी टी-20 मैच नहीं जीत सका है। टीम लगातार 6 मैचों से जीत का इंतजार कर रही है। अगर भारत यह मुकाबला हारता है तो पहली बार तीन या उससे ज्यादा मैचों की टी-20 सीरीज गंवाएगा। दूसरी ओर, इंग्लैंड जीत के साथ भारत को पीछे छोड़कर टी-20 रैंकिंग में नंबर-1 टीम बन जाएगा। श्रेयस अय्यर कप्तान बनने के बाद अब तक एक भी टी-20 इंटरनेशनल नहीं जीत सके हैं। हालांकि, उन्होंने मौजूदा सीरीज में दो अर्धशतक लगाए हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने 49 गेंदों पर नाबाद 80 रन बनाए थे। रोज बाउल में भारत का रिकॉर्ड शानदार भारत ने रोज बाउल स्टेडियम में अब तक सिर्फ एक टी-20 इंटरनेशनल खेला है और उसे जीता है। 7 जुलाई 2022 को खेले गए मुकाबले में हार्दिक पंड्या के ऑलराउंड प्रदर्शन (51 रन और 4 विकेट) की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को 50 रन से हराया था। इसी मैच में अर्शदीप सिंह ने टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वैभव से बड़ी पारी की उम्मीद 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अब तक तीन टी-20 इंटरनेशनल में सिर्फ 42 रन ही बना सके हैं। उन्होंने क्रमशः 14, 13 और 15 रन की पारियां खेली हैं। इंग्लैंड से लगातार 4 टी-20 कभी नहीं हारा भारत इस मैच में भारत पर इंग्लैंड से लगातार चौथा मैच हारने का खतरा है। टीम ने टी-20 में इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चार टी-20 मैच कभी नहीं गंवाए हैं। हालांकि, टीम तीसरी बार लगातार तीन मैच हारी है। दोनों के बीच कुल 34 मैच खेले गए हैं, इनमें इंडिया ने 18 मैच जीते हैं। जबकि, 15 मैच हारे हैं। जबकि, अंग्रेजों के घर में रिकॉर्ड उलटा है। इंग्लैंड में दोनों टीमों ने 13 मैच खेले हैं, इनमें से 8 मेजबानों ने जीते। 4 हारे हैं। ईशान किशन टॉप परफॉर्मर विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने इस साल 19 मैचों में 611 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 185.15 रहा है। ईशान ने एक शतक और 4 अर्धशतक भी लगाए हैं। तेज गेंदबाज नई गेंद से विकेट निकाल रहे हैं, लेकिन महंगे भी साबित हो रहे हैं। उन्होंने 2026 के 18 मैचों में 25 विकेट झटके हैं। बटलर खराब फॉर्म में, ब्रूक-सॉल्ट लय में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर पिछले 18 टी-20 इंटरनेशनल पारियों में एक भी बार 40 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सके हैं। इस दौरान उनका औसत 15.16 रहा है। हालांकि, फिल सॉल्ट और कप्तान हैरी ब्रूक शानदार फॉर्म में हैं और टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जैकब बेथेल ने इंग्लैंड के लिए 2026 में सबसे ज्यादा रन 15 मैचों में 425 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 175.61 रहा है। वहीं लेग स्पिनर आदिल राशिद ने 15 मैचों में 22 विकेट लिए हैं। उनका इकोनॉमी रेट 7.98 रहा है। पिच रिपोर्ट और मौसम साउथैम्प्टन के रोज बाउल स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों, दोनों के लिए मददगार मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को अच्छी स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलती है, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होती है, बल्लेबाजी आसान हो जाती है। इस मैदान पर टी-20 में पहली पारी का औसत स्कोर 166 रन और दूसरी पारी का औसत स्कोर 138 रन है। यहां का बेस्ट टी-20 स्कोर 248/6 है, जो इंग्लैंड ने बनाया था। प्लेइंग-11 भारत:अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन/संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर/सूर्यांश शेडगे, अक्षर पटेल, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा/रवि बिश्नोई। इंग्लैंड:फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, रेहान अहमद, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना का मुकाबला स्विट्जरलैंड से होगा। मेसी इस टूर्नामेंट में 8 गोल कर गोल्डन बूट की रेस में दूसरे स्थान पर हैं। एक गोल करते ही वे टॉप पर पहुंच जाएंगे। मैच भारतीय समयानुसार 12 जुलाई को सुबह 6:30 बजे से खेला जाएगा। इससे पहले हैरी केन की इंग्लैंड की भिड़ंत अर्लिंग हॉलैंड की नॉर्वे से होगी। हालैंड ने टूर्नामेंट में 7 गोल और हैरी केन ने 6 गोल किए हैं। मुकाबला रात 2:30 बजे से कैनसस सिटी स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच 99- नॉर्वे और इंग्लैंड की वर्ल्ड कप में चौथी भिड़ंत नॉर्वे और इंग्लैंड के बीच कुल 12 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 7 मैचों में जीत दर्ज की है। नॉर्वे को 2 में जीत मिली। तीन मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। नॉर्वे ने राउंड-16 में ब्राजील को हराया नॉर्वे शानदार फॉर्म में है। टीम ने 5 मैचों में 4 जीत दर्ज की है। फ्रांस के खिलाफ ग्रुप स्टेज में उसे एकमात्र हार मिली। ग्रुप स्टेज में नॉर्वे ने इराक को 4-1 और सेनेगल को 3-2 से हराया। राउंड ऑफ 32 में टीम ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराया। फिर राउंड ऑफ 16 में पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इंग्लैंड एक भी मैच नहीं हारी इंग्लैंड इस वर्ल्ड कप में कोई मैच नहीं हारी है। टीम ने 5 मैचों में 4 जीत दर्ज की और 1 मुकाबला ड्रॉ रहा। ग्रुप स्टेज में टीम ने क्रोएशिया को 4-2 और पनामा को 2-0 से हराया। घाना के खिलाफ मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। राउंड ऑफ 32 में इंग्लैंड का सामना कांगो डीआर से हुआ। इसमें टीम ने 2-1 से जीत दर्ज की। वहीं राउंड ऑफ 16 में मैक्सिको को 3-2 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। हालैंड Vs हैरी केन नॉर्वे को फिर से अर्लिंग हालैंड से गोल की उम्मीद होगी। दूसरी ओर इंग्लैंड के अटैक की जिम्मेदारी कप्तान हैरी केन पर होंगी। दोनों खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस इस मैच का नतीजा तय कर सकती हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: नॉर्वे: न्यलैंड, रायर्सन, ओस्टिगार्ड, हंचे-ऑल्सन, वोल्फ, थॉर्स्टवेड, बर्ज, पैट्रिक बर्ग, बॉब, सोर्लोथ, अर्लिंग हालैंड। इंग्लैंड: पिकफोर्ड, वॉकर, जॉन स्टोन्स, गुएही, ट्रिपियर, डेकलान राइस, मेनु, बुकायो साका, जूड बेलिंगहम, फिल फोडेन, हैरी केन। मैच 100- अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड वर्ल्ड कप में तीसरी बार भिड़ेंगे अर्जेंटीना और स्विट्जरलैंड के बीच 7 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। अर्जेंटीना ने 5 मैचों में जीत दर्ज की है। दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। स्विट्जरलैंड इंग्लैंड को कभी हरा नहीं पाई है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें तीसरी बार भिड़ेंगी। 1966 के वर्ल्ड कप में दोनों पहली बार आमने-सामने थे। तब अर्जेंटीना ने स्विट्जरलैंड को 2-0 से हराया था। 2014 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना ने 1-0 से जीत दर्ज की। अर्जेंटीना ने सभी मुकाबले जीते डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना इस टूर्नामेंट में अजेय रही है। टीम ने अपने सभी 5 मुकाबले जीते हैं। ग्रुप स्टेज में अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0, ऑस्ट्रिया को 2-0 और जॉर्डन को 3-1 से हराया था। राउंड ऑफ 32 में टीम का सामना काबो वर्डे से हुआ। इसमें टीम ने 3-2 से जीत दर्ज की। फिर राउंड ऑफ 16 में मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची। स्विट्जरलैंड ने पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को हराया स्विट्जरलैंड की टीम भी इस वर्ल्ड कप में कोई मैच नहीं हारी है। टीम ने 5 मैचों में 4 जीत और 1 ड्रॉ दर्ज किया। ग्रुप स्टेज में टीम ने बोस्निया को 4-1 और कनाडा को 2-1 से हराया। कतर से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। राउंड ऑफ 32 में स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हराया। वहीं राउंड ऑफ 16 में कोलंबिया के खिलाफ फुल टाइम तक स्कोर 0-0 से बराबर रहा। इसके बाद स्विट्जरलैंड ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से जीत दर्ज की। मेसी Vs स्विट्जरलैंड की डिफेंस अर्जेंटीना कप्तान लियोनेल मेसी से फिर गोल चाहेगी। अगर वे स्विट्जरलैंड की डिफेंस को तोड़ देते हैं, तो अर्जेंटीना के लिए यह मुकाबला आसाना हो जाएगा। इसके पिछले मैच में गोल करने वाले एन्जो फर्नांडीज और रोमेरो भी स्विट्जरलैंड के लिए खतरा होंगे। दूसरी ओर स्विट्जरलैंड अपने कप्तान ग्रैनिट जाका के दम पर अर्जेंटीना के अटैक को रोकने उतरेगी। इसके अलावा जोहान मनजाम्बी से गोल की उम्मीद रहेगी। वे टूर्नामेंट में 3 गोल कर चुके हैं। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग-11: अर्जेंटीना: एमी मार्टिनेज, मोलिना, रोमेरो, ओटामेंडी, टैगलियाफिको, डी पॉल, एन्जो फर्नांडीज, मैक एलिस्टर, लियोनेल मेसी, जूलियन अल्वारेज, निकोलस गोंजालेज। स्विट्जरलैंड: सोमर, विडमर, अकनजी, एलवेदी, रोड्रिगेज, फ्रायलर, ग्रैनिट जाका, शकीरी, सोव, वर्गास, एम्बोलो।
लॉर्ड्स टेस्ट: मंधाना, हरमन और दीप्ति का अर्धशतक, भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए
इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में शुरू हुए टेस्ट मैच में भारतीय महिला टीम की पहली पारी 285 रन पर सिमट गई।
बॉक्सिंग: भारत ने अंडर-23 पुरुष श्रेणी में छह पदक पक्के किए
एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। जकार्ता में हो रहे इवेंट में अंडर-23 श्रेणी में छह भारतीय मुक्केबाजों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर अपने पदक पक्के कर लिए हैं।
फीफा विश्व कप फ्रांस जीत सकता है, भारत को केप वर्डे से सीखना चाहिए: रॉबिन सिंह
भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व स्ट्राइकर रॉबिन सिंह ने कहा है कि फ्रांस शानदार प्रदर्शन कर रही है और टीम फीफा विश्व कप 2026 का खिताब जीत सकती है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को केप वर्डे से सीखना चाहिए।
विंबलडन 2026: अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आर्थर फेरी को हराकर फाइनल में जगह बनाई
अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने विंबलडन 2026 के पुरुष एकल के फाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में मुकाबले में ज्वेरेव ने आर्थर फेरी को 7-6(0), 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन के फाइनल में जगह बनाई।
रॉबिन सिंह: मिडफील्ड कंट्रोल वाली टीम के सेमीफाइनल में जाने के चांस ज्यादा
नई दिल्ली, भारत के पूर्व फुटबॉलर रॉबिन सिंह का मानना है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले मुकाबले का नतीजा काफी हद तक मिडफील्ड की लड़ाई पर निर्भर करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य कोच गौतम गंभीर के कामकाज और कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में टीम के प्रदर्शन का भी मूल्यांकन किया जाएगा। हालांकि, दोनों के भविष्य को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन समीक्षा बैठक में उनकी भूमिका पर चर्चा होना तय माना जा रहा है।
एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला हॉकी टीम का ऐलान, सलीमा टेटे होगी कप्तान
नई दिल्ली, हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को जापान में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले 20वें एशियन गेम्स ऐची-नागोया 2026 के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है। सलीमा टेटे को टीम की कमान सौंपी गई है।
अमेरिका के सुपर बाउल के लग्जरी सुइट, फॉर्मूला-1 के पेडॉक क्लब और ओलिंपिक के आईओसी फैमिली बॉक्सेस दुनिया के सबसे खास स्पोर्ट्स वीआईपी एरिया माने जाते हैं। यहां पहुंचने के लिए मोटी रकम, कॉर्पोरेट मेहमाननवाजी या विशेष पास की जरूरत होती है। लेकिन विम्बलडन का रॉयल बॉक्स इन सबसे अलग है। यहां प्रवेश न पैसे से मिलता है, न टिकट से। यह दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में है, जहां बैठना एक सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान माना जाता है। सेंटर कोर्ट के ठीक सामने बनी करीब 80 सीटों वाली यह दीर्घा 1922 से विम्बलडन की परंपरा का हिस्सा है। हर साल कैमरे जितनी बार कोर्ट पर टिकते हैं, उतनी ही बार रॉयल बॉक्स पर भी जाते हैं, क्योंकि यहां बैठे लोग भी मैच जितने ही चर्चा में रहते हैं। कभी ब्रिटिश शाही परिवार, कभी किसी देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री तो कभी ओलिंपिक चैम्पियन यहां बैठे नजर आ जाते हैं। रॉयल बॉक्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी चयन प्रक्रिया है। यहां बिक्री के लिए कोई टिकट उपलब्ध नहीं होती। मेहमानों का चयन ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस क्लब के चेयरमैन करते हैं और उन्हें व्यक्तिगत निमंत्रण भेजा जाता है। यानी यहां पहुंचना सामाजिक प्रतिष्ठा, उपलब्धि और योगदान का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि कई खिलाड़ी ग्रैंड स्लैम जीतने के बाद भी रॉयल बॉक्स में आमंत्रित होने को अपने करियर का बड़ा सम्मान मानते हैं। इस सम्मान के साथ प्रोटोकॉल भी उतना ही सख्त है। पुरुषों के लिए सूट, टाई और फॉर्मल जूते अनिवार्य हैं, जबकि महिलाओं के लिए एलिगेंट डे-ड्रेस या स्मार्ट ट्राउजर सूट की अपेक्षा की जाती है। बड़ी टोपी पहनने से भी बचने की सलाह दी जाती है, ताकि पीछे बैठे दर्शकों को मैच देखने में असुविधा न हो। नियमों का पालन इतना सख्ती से होता है कि 2015 में 7 बार के एफ-1 चैम्पियन लुईस हैमिल्टन को निर्धारित ड्रेस कोड के बिना पहुंचने पर रॉयल बॉक्स में प्रवेश नहीं मिला था। 4 करोड़ में 5 साल तक रिजर्व हो सकती है मैच सीट - विम्बलडन में करीब 4 करोड़ रुपए से ज्यादा में 5 साल तक हर दिन की सेंटर कोर्ट सीट खरीदी जा सकती है। इसमें मैच शुरू होने से पहले महंगी शैंपेन, बेहतरीन खाना और आम दर्शकों से अलग खास लाउंज की व्यवस्था होती है। - सिंगल्स फाइनल का सेंटर कोर्ट का एक टिकट 29 लाख तक मिल सकता है। लग्जरी लाउंज के 6 लाख अलग से खर्चने होते हैं। वहीं, सेंटर कोर्ट के सबसे खास स्काईव्यू सुइट का एक दिन का किराया करीब 1 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है।
इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 हारने के बाद BCCI भारतीय टीम के परफॉर्मेंस की समीक्षा करने जा रहा है। हेड कोच गौतम गंभीर का रोल और टीम की रणनीति भी रिव्यू का हिस्सा होगी। श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर समीक्षा के दायरे में आएगी। यह दावा न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से किया है। रिपोर्ट के अनुसार आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बोर्ड यह समझना चाहता है कि रणनीति और टीम चयन के स्तर पर कहां कमी रही है। फिलहाल, इन दोनों के भविष्य पर कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन उनके कामकाज की समीक्षा तय मानी जा रही है। गंभीर का अनुबंध 2027 तक है। जबकि श्रेयस अय्यर हाल ही में कप्तान बनाए गए हैं। भारतीय टीम को आयरलैंड दौरे में 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। जबकि, टीम इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 0-3 से पिछड़ रही है। एक मैच नो रिजल्ट रहा था। एक दिन पहले टीम सीरीज के चौथे मैच में 9 विकेट से हार गई थी। 12 साल बाद इंग्लैंड ने भारत को हराया2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हरा दिया। दोनों टीमों के बीच अब तक 10 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 जीती है। एक सीरीज ड्रॉ रही थी। अय्यर की कप्तानी में लगातार दूसरी सीरीज गंवाई BCCI ने हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपी थी। हालांकि, यह फैसला अब तक टीम के पक्ष में नहीं गया है। भारत लगातार दूसरी टी-20 सीरीज हार चुका है। इंग्लैंड दौरे से पहले टीम को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से सीरीज गंवानी पड़ी थी, जो भारत की आयरलैंड के खिलाफ पहली टी-20 सीरीज हार थी। ब्रिस्टल में 13.5 ओवर में हारे चौथे टी-20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 158 रन बनाए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों पर नाबाद 80 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सके। जवाब में इंग्लैंड ने 159 रन का लक्ष्य 13.5 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ दो या उससे अधिक मैचों की बाइलैटलर टी-20 सीरीज जीती। पहली बार आयरलैंड से भी हारे इंग्लैंड से पहले आयरलैंड के खिलाफ भी 2 टी-20 मैचों की सीरीज में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारतीय टीम को 2023 के बाद किसी टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था। 2023 में वेस्टइंडीज ने 3-2 से हराया था। ----------------------------------------- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… लॉर्ड्स पर 142 साल में पहला महिला टेस्ट, भारत-इंग्लैंड के बीच आज से मैच क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर पहली बार महिला टेस्ट खेला जाएगा। 21-23 जुलाई 1884 को यहां पहला मेंस टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। इसके 142 साल बाद अब इस मैदान पर महिला टेस्ट मैच होगा, जिसमें भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह महिला क्रिकेट इतिहास का 153वां टेस्ट मैच होगा। पढ़ें पूरी खबर
ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट लीग बिग बैश का ओपनिंग मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए यह ऐलान किया है। वे शुक्रवार 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पहुंचे थे। मोदी ने यहां एक सेल्फी भी ली। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ भी मौजूद रहे। इससे पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के 5 अधिकारियों के एक डेलिगेशन ने IPL के दौरान चेपॉक स्टेडियम का दौरा किया था। डेलिगेशन ने BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास और तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी। रिपोर्ट के अनुसार यह मैच दिसंबर में खेला जा सकता है। भारत में पहले भी हो चुके हैं प्रमोशनल मैच यह पहला मौका नहीं है, जब किसी विदेशी लीग के मैच भारत में हो रहे हैं। भारतीय मैदान NBA, इंग्लिश प्रीमियर लीग और ला लिगा के मैच होस्ट कर चुके हैं। भारतीय क्रिकेट बाजार पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नजर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के 2 अधिकारियों ने फरवरी में भी चेन्नई के मैदान का निरीक्षण किया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया मैच के जरिए भारत के बड़े क्रिकेट बाजार में संभावनाएं तलाश रहा है। भारत में क्रिकेट का सबसे बड़ा फैन बेस है। -------------------------------------------- लीग क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मेजर लीग बेसबॉल ने सूर्यकुमार को एंबेसडर बनाया मेजर लीग बेसबॉल (MLB) ने भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव को अपना एंबेसडर नियुक्त किया है। टी-20 वर्ल्ड 2026 के विश्व विजेता कप्तान सूर्या भारतीय फैंस को बेसबॉल से जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम और कंटेंट्स का हिस्सा बनेंगे। पढ़ें पूरी खबर
क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर पहली बार महिला टेस्ट खेला जाएगा। 21-23 जुलाई 1884 को यहां पहला मेंस टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। इसके 142 साल बाद अब इस मैदान पर महिला टेस्ट मैच होगा, जिसमें भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह महिला क्रिकेट इतिहास का 153वां टेस्ट मैच होगा। इंग्लैंड महिला टीम ने 1937 से अब तक देश के 19 मैदानों पर 55 टेस्ट खेले हैं। लॉर्ड्स इस सूची में शामिल होने वाला 20वां मैदान बन जाएगा। भारत 1995 के बाद से इंग्लैंड के खिलाफ कोई टेस्ट नहीं हारी है। इंग्लैंड की धरती पर खेले गए 9 टेस्ट में भी भारत को हार नहीं मिली है। मुकाबला भारतीय समय के हिसाब से दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। महिला टेस्ट चार दिन का होता है और हर दिन कम से कम 100 ओवर फेंके जाते हैं। भारत का पलड़ा भारी भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 15 महिला टेस्ट खेले गए हैं। इनमें भारत ने 3 और इंग्लैंड ने 1 मैच जीता है, जबकि 11 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। दोनों टीमों के बीच पिछला टेस्ट दिसंबर 2023 में नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला गया था। तब भारत ने इंग्लैंड को 347 रन से हराया था। इंग्लैंड में दोनों टीमें आखिरी बार जून 2021 में ब्रिस्टल में भिड़ी थीं। वह मुकाबला ड्रॉ रहा था। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने पिछले चार टेस्ट में तीन जीते हैं। हरलीन, श्री चरणी और नंदनी पहली बार टेस्ट टीम में भारत ने हरलीन देओल, स्पिनर श्री चरणी और तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। हालांकि ओपनर प्रतिका रावल घुटने की चोट के कारण यह मुकाबला नहीं खेल पाएंगी। मंधाना और स्नेह राणा पर रहेंगी नजरें स्मृति मंधाना भारतीय बल्लेबाजी की सबसे बड़ी उम्मीद होंगी। उन्होंने 8 टेस्ट में 48.84 की औसत से 635 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में स्नेह राणा टीम की सबसे अनुभवी स्पिनर हैं। उन्होंने 5 टेस्ट में 24 विकेट लिए हैं। टैमी ब्यूमोंट खेलेंगी करियर का आखिरी टेस्ट लॉर्ड्स टेस्ट टैमी ब्यूमोंट के करियर का आखिरी मुकाबला होगा। उन्होंने इस मैच के बाद 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने का फैसला किया है। ब्यूमोंट इंग्लैंड की इकलौती महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाया है। ब्यूमोंट ने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 208 रन की पारी खेली थी। उन्होंने अब तक 11 टेस्ट की 18 पारियों में 34.00 की औसत से 612 रन बनाए हैं। इंग्लैंड ने भी कई नए चेहरों को मौका दिया इंग्लैंड ने एलिस कैप्सी, विकेटकीपर एली थ्रेलकेल्ड, ग्रेस पॉट्स, मैडी विलियर्स और 18 साल की स्पिनर टिली कॉर्टिन-कोलमैन को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया है। ऑफ स्पिनर चार्ली डीन को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया गया है। हीथर नाइट इंग्लैंड की सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में हैं। उन्होंने 14 टेस्ट में 42.17 की औसत से 970 रन बनाए हैं। वहीं बाएं हाथ की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन 9 टेस्ट में 40 विकेट लेकर टीम की सबसे सफल गेंदबाज हैं। लॉर्ड्स में 150 पुरुष टेस्ट हो चुके लॉर्ड्स में अब तक 150 पुरुष टेस्ट खेले जा चुके हैं। इंग्लैंड में सबसे ज्यादा 9 महिला टेस्ट वॉर्सेस्टर के न्यू रोड मैदान पर हुए हैं। द ओवल में 6, जबकि टॉन्टन और स्कारबोरो में 5-5 महिला टेस्ट खेले गए हैं। 2023 में टेस्ट कराने का फैसला लिया गया लॉर्ड्स में महिला टेस्ट कराने का फैसला 2023 की एक रिपोर्ट के बाद लिया गया। जून 2023 में इंडिपेंडेंट कमीशन फॉर इक्विटी इन क्रिकेट (ICEC) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि लॉर्ड्स पर कभी महिला टेस्ट नहीं होना लैंगिक असमानता को दर्शाता है। रिपोर्ट में इसे बेहद खराब स्थिति बताया गया था। 1976 में खेला गया था पहला महिला वनडे लॉर्ड्स में पहला महिला वनडे 4 अगस्त 1976 को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीता था। उस समय टीम की कप्तान रेचल हेहो फ्लिंट थीं। उनके सम्मान में लॉर्ड्स के एक गेट का नाम रखा गया है। उस दौर में महिला क्रिकेटर स्कर्ट पहनकर खेलती थीं। उस मैच में इंग्लैंड की खिलाड़ी मेगन लियर ने बाद में कहा था कि लॉर्ड्स की घास पर कदम रखना महिला क्रिकेटरों के लिए चांद पर उतरने जैसा अनुभव था। दोनों टीमें भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, श्री चरणी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, सायली सतघारे, प्रिया पुनिया। इंग्लैंड: नैट सिवर-ब्रंट (कप्तान), टैमी ब्यूमोंट, हीथर नाइट, सोफी एक्लेस्टोन, एमी जोन्स (विकेटकीपर), लॉरेन बेल, माइया बुशियर, एम्मा लैम्ब, एलिस कैप्सी, ग्रेस पॉट्स, लॉरेन फिलर, एली थ्रेलकेल्ड, मैडी विलियर्स, टिली कॉर्टिन-कोलमैन, इसी वोंग।
इंग्लैंड ने चौथे टी-20 में भारत को 9 विकेट से हराकर 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की बढ़त बना ली। इसके साथ ही इंग्लैंड ने पहली बार भारत को दो या उससे ज्यादा मैचों की टी-20 सीरीज में हराया। 2018 के बाद यह पहली बार है, जब भारत इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी फॉर्मेट में सीरीज हारा है। ब्रिस्टल में कप्तान श्रेयस अय्यर ने लगातार छठा टॉस जीतकर विराट कोहली की बराबरी की, लेकिन उनकी नाबाद 80 रन की पारी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी। वहीं 15 साल के वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप रहे और सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हुए। IND Vs ENG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. 2014 के बाद इंग्लैंड ने भारत को हराया 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड ने भारत को टी-20 सीरीज में हरा दिया। दोनों टीमों के बीच अब तक 10 सीरीज खेली गई हैं। इनमें भारत ने 5 और इंग्लैंड ने 4 जीती है। एक सीरीज ड्रॉ रही थी। 2. श्रेयस ने लगातार छठा टॉस जीता श्रेयस ने टी-20 में टॉस जीतने के मामले में विराट कोहली की बराबरी कर ली। उन्होंने लगातार छठवीं बार टॉस जीता। भारत के लिए लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने का रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धोनी के नाम है। उन्होंने 2010 से 2012 के बीच 7 टॉस जीते थे। श्रेयस ने कप्तानी डेब्यू के बाद लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बतौर कप्तान अपने सभी 6 मैचों में टॉस जीते। श्रेयस ने पाकिस्तान के शादाब खान का रिकॉर्ड तोड़ा। शादाब ने 2020 से 2023 के बीच बतौर कप्तान लगातार 5 टॉस जीते थे। 3. भारतीय इलेवन में 8 लेफ्ट हैंड बैटर खेले भारत ने 8 लेफ्टी बैटर को प्लेइंग-11 में खिलाया। टी-20 में तीसरी बार भारत 8 बाएं हाथ के बल्लेबाजों से खेला। इससे पहले एशियन गेम्स 2023 में भारत सेमीफाइनल और फाइनल में इसी कॉम्बिनेशन के साथ उतरा था। 4. श्रेयस ने राशिद के खिलाफ 44 रन बनाए श्रेयस ने आदिल राशिद के खिलाफ 16 गेंदों में 44 रन बनाए है। वे टी-20 में किसी एक गेंदबाज के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तीसरे भारतीय बन गए हैं। इस लिस्ट में संजू सैमसन टॉप पर हैं। सैमसन ने 2024 हैदराबाद में बांग्लादेश के रिशाद हुसैन के खिलाफ 10 गेंदों में 45 रन बनाए थे। 6. इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में टारगेट चेज किया इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में 37 गेंद रहते 159 रन का टारगेट हासिल किया। यह 150 या उससे ज्यादा रन के टारगेट में तीसरा सबसे तेज रनचेज है। पहले स्थान पर भारत है। टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2024 में 60 गेंद रहते 150+ का रनचेज किया था। यह टी-20 में भारत की तीसरी सबसे बड़ी हार भी है। टीम को सबसे बड़ी हार 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली थी। तब ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में 60 गेंद रहते भारत को हराया था। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. वैभव फिर फ्लॉप वैभव सूर्यवंशी लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप साबित हुए। वे तीसरे ओवर में ही जोफ्रा आर्चर की गेंद पर कैच आउट हुए। ओवर की चौथी गेेंद जोफ्रा ने ऑफ-स्टंप से बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ डाली। वैभव ने पुल करने का प्रयास किया। गेंद बल्ले के टॉप एज से लगकर हवा में खड़ी हो गई। मिड-ऑन पर खड़े सैम करन ने आसान कैच पकड़ लिया। 2. श्रेयस ने छक्के से फिफ्टी पूरी की कप्तान श्रेयस ने 15वें ओवर में आदिल राशिद की गेंद पर छक्का लगाकर फिफ्टी पूरी की। राशिद ने ओवर की पांचवी गेंद 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शॉर्ट पिच डाली। जिस पर कप्तान श्रेयस ने डीप स्क्वायर लेग के ऊपर से पुल शॉट खेला और गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा दिया। 3. अक्षर आखिरी गेंद पर रनआउट हुए अक्षर पटेल पारी की आखिरी गेंद पर रनआउट हुए। आर्चर ने स्लोअर गेंद डाली। श्रेयस फ्लिक करने से चूके और गेंद थाई-पैड से लगकर पिच पर ही रुक गई। नॉन-स्ट्राइक पर खड़े अक्षर सिंगल के लिए दौड़े। इस दौरान आर्चर ने फुटबॉल की तरह गेंद को किक मारी। गेंद सीधे स्टंप्स पर जा लगी। रिप्ले में दिखा कि अक्षर का बल्ला क्रीज से रह गया।
चेस: 8-21 अगस्त के बीच 'केर्न्स कप' का आयोजन, हम्पी-दिव्या समेत ये टॉप खिलाड़ी हिस्सा लेंगी
'केर्न्स कप चेस चैंपियनशिप 2026' में पूर्व वर्ल्ड रैपिड चैंपियन कोनेरू हम्पी, पूर्व महिला जूनियर वर्ल्ड चैंपियन दिव्या देशमुख और फिडे विमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 की चैलेंजर वैशाली रमेशबाबू जैसी दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा लेंगी
FIFA वर्ल्ड कप 2026 का पहला क्वार्टर फाइनल मैच फ्रांस और मोरक्को के बीच खेला जा रहा है। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 है। फ्रांस ने कई अटैक बनाए, लेकिन गोल में तब्दील नहीं कर पाए। 26वें मिनट में किलियन एमबाप्पे को पेनल्टी भी मिली। हालांकि मोरक्को के गोलकीपर यासीन बूनू ने शानदार सेव कर गोल बचाया। फ्रांस के स्ट्राइकर एमबाप्पे इस टूर्नामेंट में 7 गोल दाग चुके हैं। मेसी 8 गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे हैं। अगर एम्बापे इस मैच में गोल करते हैं, तो वे मेसी को पीछे छोड़ देंगे। फ्रांस ने कई अटैक किए, सभी नाकाम फ्रांस ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पांचवें मिनट में एमबाप्पे का शॉट बूनू ने कॉर्नर पर भेज दिया। इसके तुरंत बाद दायो उपामेकानो का हेडर भी उन्होंने शानदार तरीके से रोक लिया। उस्मान डेम्बेले और देजिरे डुए ने भी कई मौके बनाए, लेकिन मोरक्को की डिफेंस ने नाकाम कर दिया। एमबाप्पे पेनल्टी पर चूके मैच का सबसे बड़ा मोमेंट 26वें मिनट में आया। एमबाप्पे बॉक्स के अंदर नौसैर मजराउई के टैकल का शिकार हुए और रेफरी ने तुरंत पेनल्टी दे दी। हालांकि VAR जांच के कारण पेनल्टी लेने में देरी हुई। एमबाप्पे का कमजोर शॉट बूनू ने अपनी बाईं ओर डाइव लगाकर रोक लिया। मोरक्को की डिफेंस ने अच्छा खेल दिखाया पहले हाफ के आखिरी मिनटों में फ्रांस ने लगातार दबाव बनाए रखा। देजिरे डुए और लुकास डिग्ने के दूर से लगाए गए शॉट्स को बूनू ने रोका। स्टॉपेज टाइम में मोरक्को को एक फ्री-किक भी मिली, लेकिन अशरफ हाकिमी का प्रयास गोलपोस्ट से बाहर चला गया। हाफ टाइम तक फ्रांस के नाम 10 शॉट रहे, जबकि मोरक्को गोल की ओर एक भी शॉट नहीं लगा सका। बावजूद इसके स्कोर 0-0 है। फ्रांस और मोरक्को के बीच वर्ल्ड कप में दूसरी भिड़ंत फ्रांस और मोरक्को के बीच 6 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इनमें फ्रांस का एकतरफा दबदबा रहा है। फ्रांस ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है। मोरक्को को सिर्फ 1 में जीत मिली है। 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2022 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से शिकस्त दी थी। मोरक्को इस हार का बदला लेना चाहेगी। -------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… पैराग्वे की मंत्री ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान को गाली दी:इंटरव्यू में 'सन ऑफ बिच' कहा; फुटबॉल वर्ल्डकप की 3 कंट्रोवर्सी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। अमारिला ने अब एम्बाप्पे को पिल्ला (सन ऑफ बिच) कहा है। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से इनकार किया है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत के तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती हैमस्ट्रिंग चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ चौथे और पांचवें टी-20 से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट का अभी ऐलान नहीं किया गया है। दोनों खिलाड़ियों को ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टी-20 के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। वरुण IPL 2026 के दौरान बाएं पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर के बावजूद खेलते रहे थे। इसके बाद उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज और आयरलैंड दौरा मिस किया था। बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब पूरा करने के बाद उन्होंने इंग्लैंड सीरीज से वापसी की थी। इस सीरीज में उन्होंने दो मैचों में 1 विकेट लिया। दूसरी ओर, हर्षित राणा को 2026 टी-20 वर्ल्ड कप से पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ अभ्यास मैच में घुटने में चोट लगी थी। इसके चलते वे पूरा टूर्नामेंट नहीं खेल सके थे। सर्जरी और लंबे रिहैब के बाद उन्होंने आयरलैंड दौरे से टीम इंडिया में वापसी की थी। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…घुटने की चोट से मेजर लीग क्रिकेट से बाहर हुए अश्विन भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन दाएं घुटने की चोट के कारण मेजर लीग क्रिकेट (MLC) 2026 के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। उनकी टीम सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। उनकी जगह ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज पीटर सिडल को पूरे सीजन के लिए टीम में शामिल किया गया है। अश्विन की चोट के कारण अगस्त के अंत में शुरू होने वाली यूरोपियन टी-20 प्रीमियर लीग (ETPL) में उनका खेलना मुश्किल माना जा रहा है। इस लीग में वे राहुल द्रविड़ की टीम डबलिन गार्डियंस के कप्तान और मेंटर की भूमिका निभाने वाले हैं। अश्विन ने इस सीजन MLC में सिर्फ एक मुकाबला खेला। टेक्सास सुपर किंग्स के खिलाफ उन्होंने 2 ओवर में 24 रन दिए, लेकिन कोई विकेट नहीं ले सके। इससे पहले भी घुटने की इसी चोट के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी, जिसके चलते उनका पहला बिग बैश लीग (BBL) सीजन भी नहीं हो पाया था। मुस्तफिजुर जिम्बाब्वे दौरे से बाहर बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान हैमस्ट्रिंग चोट के कारण जिम्बाब्वे दौरे से बाहर हो गए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। पहले वनडे के दौरान चोटिल होने के बाद वे दूसरा मैच भी नहीं खेल सके थे। अब उनकी चोट के चलते द हंड्रेड 2026 के शुरुआती मुकाबले भी छूटने की संभावना है। मुस्तफिजुर को द हंड्रेड के पूरे सीजन (20 जुलाई से 20 अगस्त) में खेलने के लिए BCB ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दिया था। उन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1 लाख पाउंड (लगभग 1.15 करोड़ रुपए) के बेस प्राइस पर साइन किया था। वे द हंड्रेड खेलने वाले पहले बांग्लादेशी क्रिकेटर बनने वाले थे। बांग्लादेश के टीम फिजियो बायजेदुल इस्लाम खान ने बताया कि जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे में गेंदबाजी के दौरान मुस्तफिजुर की दाईं हैमस्ट्रिंग में दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।
हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे वनडे में जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश को 13 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने 6 विकेट पर 247 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 48.1 ओवर में 234 पर ऑल आउट हो गई। जिम्बाब्वे की जीत के हीरो सलामी बल्लेबाज बेन कुरेन रहे, जिन्होंने नाबाद 111 रन की पारी खेलकर जिम्बाब्वे ने पारी संभाली। आखिर में ब्रैड इवांस ने तेज बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 58 रन बनाए। दोनों ने सातवें विकेट के लिए अटूट 99 रन जोड़े। शुरुआती झटकों के बीच कुरेन ने संभाली पारी हरारे स्पोर्ट्स क्लब में सुबह 9:30 बजे शुरू हुए मैच में पिच पर नमी थी और गेंदबाजों को अच्छी मदद मिल रही थी। इसका फायदा उठाते हुए बांग्लादेश ने 32 रन तक जिम्बाब्वे के तीन विकेट गिरा दिए। इसके बाद बेन कुरेन ने जिम्मेदारी संभाली। शुरुआत में वह थोड़े संघर्ष करते नजर आए, लेकिन सेट होने के बाद उन्होंने संयम और आक्रामक बल्लेबाजी का अच्छा संतुलन दिखाया। उन्होंने नाबाद 118 रन बनाकर अपने वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह जिम्बाब्वे के सातवें बल्लेबाज बने, जिन्होंने वनडे की एक पारी में पूरे 50 ओवर बल्लेबाजी की। कुरेन को 4 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला। तौहीद हृदोय ने शॉर्ट कवर पर उनका मुश्किल कैच छोड़ दिया। इवांस और कुरेन के बीच 99* रन की साझेदारी जिम्बाब्वे की पारी के आखिर में ब्रैड इवांस ने तेजी से रन बटोरे। नंबर-8 पर उतरे इवांस ने पहली 7 गेंदों में सिर्फ 2 रन बनाए, लेकिन इसके बाद आक्रामक अंदाज अपनाया। पारी के आखिरी ओवर में उन्होंने तस्कीन अहमद की लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के लगाए। इवांस 58 रन बनाकर नाबाद लौटे। जिम्बाब्वे की पारी में लगे सभी 5 छक्के उन्हीं के बल्ले से आए। इवांस और कुरेन की 99 रन की नाबाद साझेदारी ने जिम्बाब्वे को मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। मधेवेरे और रजा अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके वेस्ली मधेवेरे ने नाहिद राना के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 13वें ओवर में 11 रन बटोरे, लेकिन कुछ देर बाद आउट हो गए। इसके बाद सिकंदर रजा ने बेन कुरेन के साथ चौथे विकेट के लिए 68 रन जोड़े। हालांकि वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और मेहदी हसन मिराज की गेंद पर कवर में कैच दे बैठे। इसके बाद क्लाइव मदांडे भी जल्दी पवेलियन लौट गए। एक समय जिम्बाब्वे का स्कोर 148 रन पर 6 विकेट था, लेकिन कुरेन और इवांस ने टीम को संकट से निकालते हुए मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। बांग्लादेश की रणनीति नहीं चली बांग्लादेश ने इस मैच में मुस्तफिजुर रहमान की जगह शरीफुल इस्लाम को मौका दिया। टीम ने अतिरिक्त स्पिन विकल्प के तौर पर मेहदी हसन मिराज, रिशाद हुसैन और मोसद्देक हुसैन को खिलाया, लेकिन यह रणनीति असरदार साबित नहीं हुई। शुरुआत में तस्कीन अहमद और नाहिद राना ने शानदार गेंदबाजी की, लेकिन बीच और आखिरी ओवरों में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने स्पिनरों के खिलाफ आसानी से रन बनाए। खासकर आखिरी ओवरों में कुरेन और इवांस ने तेजी से रन जुटाकर मैच का रुख बदल दिया। 169 रन पर 3 विकेट से बिखरी बांग्लादेश की पारी 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की। एक समय टीम का स्कोर 3 विकेट पर 169 रन था और जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही थी। तंजीद हसन ने 70 गेंदों में 57 रन बनाए, जबकि तौहीद हृदोय ने 90 गेंदों पर 60 रन की पारी खेली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 107 गेंदों में 84 रन जोड़कर पारी को संभाला। हालांकि, इसके बाद जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने मैच का रुख पलट दिया। बांग्लादेश ने 169 से 176 रन के बीच सिर्फ 7 रन जोड़कर दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। टीम ने 211 रन पर छठा और 222 रन तक पहुंचते-पहुंचते आठवां विकेट भी गंवा दिया। यहीं से मुकाबला पूरी तरह जिम्बाब्वे के पक्ष में चला गया और बांग्लादेश लक्ष्य से दूर रह गया। कप्तान नगारवा ने आखिरी स्पेल में पलटा मैच जिम्बाब्वे के कप्तान रिचर्ड नगारवा ने अंतिम ओवरों में बांग्लादेश के निचले क्रम को संभलने का मौका नहीं दिया। बांग्लादेश के आखिरी छह विकेट सिर्फ 65 रन के भीतर गिर गए। नगारवा ने अपने तीसरे स्पेल में नूरुल हसन (38) और मोसद्देक हुसैन (7) के अहम विकेट लिए। इसके बाद अपने आखिरी ओवर की अंतिम गेंद पर उन्होंने मेहदी हसन मिराज को डीप स्क्वायर लेग पर कैच आउट कराकर बांग्लादेश की पारी समाप्त कर दी। इसी के साथ जिम्बाब्वे ने मैच के साथ सीरीज भी अपने नाम कर ली। DRS नहीं होने से अंपायरिंग पर उठा विवाद सीरीज में DRS की सुविधा नहीं होने से अंपायरिंग को लेकर भी विवाद देखने को मिला। बांग्लादेश को जीत के लिए 17 गेंदों में 17 रन चाहिए थे, तभी मेहदी हसन मिराज ने एक गेंद को वाइड नहीं दिए जाने पर अंपायर से नाराजगी जताई। हालांकि नए वनडे नियमों के तहत बल्लेबाज के क्रीज में मूव करने पर गेंदबाज को अतिरिक्त छूट मिलती है और मेहदी लेग स्टंप की ओर शिफ्ट हो गए थे, इसलिए अंपायर ने गेंद को वाइड नहीं माना। इससे पहले जिम्बाब्वे की दो कैच की अपील भी ठुकराई गई थीं, जिससे मेजबान टीम भी असंतुष्ट थी। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेक टेनिस स्टार मुचोवा पहली बार विंबलडन फाइनल में:अमेरिका की गॉफ को हराया; डॉक्टरों ने कभी टेनिस छोड़ने की सलाह दी थी चेक गणराज्य की 29 साल की कारोलिना मुचोवा ने सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ को 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली। पूरी खबर
चेक गणराज्य की 29 साल की कारोलिना मुचोवा ने सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ को 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली। सेंटर कोर्ट पर 2 घंटे 35 मिनट तक चले मुकाबले का फैसला तीसरे सेट के टाई-ब्रेकर में हुआ। यह मुचोवा के करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल है। इससे पहले वह 2023 फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं। फाइनल में उनका सामना चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा या यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक से होगा। मुचोवा ने तीसरे सेट में मैच पॉइंट बचाया निर्णायक सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही। टाई-ब्रेकर में स्कोर 8-8 होने पर सर्विस में देरी के कारण मुचोवा को टाइम वॉयलेशन की चेतावनी मिली। अगले ही अंक पर उनका फोरहैंड बाहर चला गया और कोको गॉफ को मैच पॉइंट मिल गया। हालांकि, गॉफ नेट पर ड्रॉप शॉट खेलने में चूक गईं। मुचोवा ने इसका पूरा फायदा उठाया और लगातार दो अंक जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। डॉक्टरों ने कहा था- टेनिस छोड़ दो मुचोवा का करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा है। वह कलाई, पेट, पीठ, जांघ, टखने और पैर की कई गंभीर चोटों से जूझ चुकी हैं। 2022 में डॉक्टरों ने उन्हें टेनिस छोड़ने तक की सलाह दे दी थी। इसके बाद 2023 और 2024 में उनकी दाईं कलाई की सर्जरी हुई, जिससे वह करीब 10 महीने कोर्ट से बाहर रहीं। अब शानदार वापसी करते हुए वह अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं। गॉफ की सर्विस बनी हार की बड़ी वजह मुचोवा ने पहले सेट में गॉफ की कमजोर सर्विस का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने तीसरे और पांचवें गेम में सर्विस ब्रेक कर 6-2 से सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में गॉफ ने जोरदार वापसी करते हुए 6-1 से जीत हासिल की और मुकाबला निर्णायक सेट तक पहुंचाया। हालांकि, आखिरी सेट के दबाव भरे पलों में मुचोवा ने बेहतर खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की। जीत के बाद बोलीं मुचोवा मुचोवा ने कहा, ‘फाइनल में पहुंचना मेरे लिए बेहद खास पल है। मुकाबला बहुत कठिन था और पूरे मैच में लगातार उतार-चढ़ाव आते रहे। कोर्ट पर सोचने का ज्यादा समय नहीं था। आखिर तक मुकाबला काफी तनावपूर्ण रहा।’
श्रीलंका अंडर-19 ने तीसरे यूथ वनडे में भारत को 1 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने वीके विनीत के शतक और लक्ष्य रायचंदानी के अर्धशतक की बदौलत 50 ओवर में 8 विकेट पर 290 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने 291 रन का लक्ष्य आखिरी गेंद पर 9 विकेट खोकर हासिल कर लिया। हम्बनटोटा में खेले गए इस मुकाबले में मेजबान श्रीलंका ने आखिरी ओवर में भारत के मुंह से जीत छीन ली। अंतिम ओवर में श्रीलंका को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे और उसके हाथ में सिर्फ एक विकेट बचा था। दबाव के बावजूद टीम ने लक्ष्य हासिल कर मैच के साथ सीरीज भी अपने नाम कर ली। विनीत ने 131 रन भारत के लिए वीके विनीत ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 136 गेंदों पर 13 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 131 रन बनाए। लक्ष्य रायचंदानी ने 63 गेंदों पर 7 चौकों के साथ 61 रन का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी कर भारतीय पारी को संभाला। हालांकि, भारतीय टॉप ऑर्डर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। कप्तान यशवर्धन चौहान 6 रन और रजत बघेल 14 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। कुशाग्र ओझा ने 3, अर्जुन राजपूत ने 14 रन बनाए। सातवें नंबर पर उतरे शाविन विनोद ने 31 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 26 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि मोहित 19 रन बनाकर नाबाद रहे। श्रीलंका की ओर से सेथमिका सेनेविरात्ने ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। गिम्हान मेंडिस को 2 और कविजा गामगे को 1 विकेट मिला। चमिका हीनातिगला ने दिलाई रोमांचक जीत 291 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पहला विकेट जल्दी गंवा दिया। इसके बाद सेनुजा वेकुनागोडा ने 67 रन बनाकर पारी को संभाला। कविजा गामगे (29) और किथमा विथानापथिराना (31) ने भी अहम योगदान दिया। आखिर में चमिका हीनातिगला ने मैच जिताऊ पारी खेली। उन्होंने 68 गेंदों पर 84 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया। अंतिम ओवर में श्रीलंका को 11 रन चाहिए थे। हीनातिगला ने ओवर की दूसरी गेंद पर चौका लगाया, लेकिन अगली दो गेंदें डॉट रहीं, जिससे दबाव बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने पांचवीं गेंद पर शानदार छक्का जड़कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। आखिरी गेंद पर एक रन लेकर श्रीलंका ने 1 विकेट से मैच और 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। -------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पैराग्वे की मंत्री ने फ्रांसीसी फुटबॉल कप्तान को गाली दी:इंटरव्यू में 'सन ऑफ बिच' कहा; फुटबॉल वर्ल्डकप की 3 कंट्रोवर्सी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। अमारिला ने अब एम्बाप्पे को पिल्ला (सन ऑफ बिच) कहा है। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से इनकार किया है। पूरी खबर
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्तक्षेप के बाद अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का वर्ल्ड कप बैन हटाने के फैसले पर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंदन के मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर ने उनके खिलाफ इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) के एथिक्स कमीशन में शिकायत दर्ज कराई है। संगठन का आरोप है कि इन्फैन्टिनो ने ओलिंपिक चार्टर के राजनीतिक निष्पक्षता नियम का उल्लंघन किया है। IOC मेंबर होने के नाते उन पर राजनीतिक तटस्थता संबंधी नियम लागू होते हैं। फेयरस्क्वेयर ने दिसंबर 2025 में भी उनकी शिकायत फीफा की एथिक्स कमेटी से की थी। तब भी उन पर राजनीतिक निष्पक्षता के उल्लंघन के आरोप लगे थे। हालांकि, उस मामले में कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया। ट्रम्प ने बैन हटाने का दावा किया था अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 6 जुलाई को दावा किया कि उनके फोन के बाद फीफा ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का एक मैच का बैन हटा दिया। बालोगुन को पिछले नाकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था, इसलिए उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मैच से बाहर रहना चाहिए था। लेकिन फीफा की अनुशासन समिति ने उनका प्रतिबंध हटाकर उन्हें खेलने की अनुमति दी। इसके बावजूद अमेरिका को बेल्जियम के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा। IOC प्रेसिडेंट कोवेंट्री बोली- शिकायत मिली तो जांच करेंगे IOC अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि यदि इस मामले में औपचारिक शिकायत मिलती है तो एथिक्स कमीशन इसकी जांच करेगा। उन्होंने कहा कि IOC पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि अमेरिका 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक की भी मेजबानी करेगा। टूर्नामेंट से जुड़ी 2 अन्य कंट्रोवर्सी भी पढ़िए 1. रेफरशिप विवाद; EFA ने रेफरी को हटाने की मांग की प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना से 3-2 की हार के बाद इजिप्ट फुटबॉल संघ (EFA) ने रेफरी पर कार्रवाई की मांग की है। उसने मैच की रेफरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई फैसलों ने मुकाबले का रुख बदल दिया और वह इस मामले पर चुप नहीं रह सकता। वहीं, फीफा ने रेफरी के फैसलों का बचाव करते हुए अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना गलत बताया। आरोप है कि रेफरी ने 58वें मिनट वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने VAR रिव्यू के बाद मारवान अटिया का गोल फाउल मानकर रद्द कर दिया था। टीम के हेड कोच होसम हसन ने अर्जेंटीना की जीत के बाद हाथों से 'X' का इशारा कर विरोध दर्ज कराया था। 2. एम्बाप्पे-सीनेटर विवाद; अमारिला ने फुटबॉलर को गाली दी फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की विपक्षी सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। नस्लीय टिप्पणी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेल रहीं अमारिला ने अब एमबापे के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। यह विवाद राउंड ऑफ-16 में फ्रांस की पैराग्वे पर 1-0 की जीत के बाद शुरू हुआ था। मैच के बाद एम्बाप्पे ने पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से हाथ नहीं मिलाया था। इसके बाद सीनेटर ने उन्हें घमंडी बताते हुए नस्लीय टिप्पणी की थी। ------------------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 32 साल बाद 6 यूरोपियन टीमें क्वार्टर फाइनल में, एशिया की कोई टीम नहीं 2026 फीफा वर्ल्ड कप अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस बार के क्वार्टर फाइनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 32 साल बाद अंतिम-8 में 6 यूरोपियन (यूएफा) टीमों ने अपनी जगह बनाई है। पढ़ें पूरी खबर
क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स पर शुक्रवार से एक नया इतिहास रचा जाने वाला है। 142 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार यहां महिला टेस्ट खेला जाएगा। इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम और नैट स्कीवर-ब्रंट की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम इस पल को यादगार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला किसी रोमांच से कम नहीं होगा। एक्सप्लेनर में जानिए वो सबकुछ, जो जरूरी है… लॉर्ड्स के मैदान पर पहला महिला टेस्ट होने में इतना लंबा समय क्यों लगा? पुरुषों के पहले टेस्ट के 142 साल बाद यहां महिला टेस्ट हो रहा है। 1937 से अब तक इंग्लैंड की महिला टीम ने 19 अलग-अलग मैदानों पर 55 टेस्ट खेले हैं, लेकिन लॉर्ड्स अछूता रहा। जून 2023 में क्रिकेट में समानता आयोग की एक रिपोर्ट में लॉर्ड्स में महिलाओं का टेस्ट न होने को शर्मनाक बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था- ‘क्रिकेट का घर (लॉर्ड्स) अब भी पुरुषों का ही घर है।’ इसके बाद ही बोर्ड जागा और ऐतिहासिक मैच तय हुआ। क्या महिला टेस्ट और पुरुष टेस्ट मैच के नियमों में कोई बड़ा अंतर होता है? पुरुषों की तुलना में महिला टेस्ट के नियमों में सबसे बड़ा अंतर दिनों की संख्या का है। पुरुष टेस्ट पांच दिनों का होता है। महिला टेस्ट चार दिनों तक ही खेला जाता है। हालांकि, इतिहास में पांच दिन के दो महिला टेस्ट भी हुए हैं। महिला टेस्ट में एक दिन में कम से कम 100 ओवर फेंके जाने का नियम है, जबकि पुरुषों में यह 90 ओवर का होता है। महिला टेस्ट में फॉलोऑन 200 रनों की बजाय 150 रनों की बढ़त पर दिया जा सकता है। भारत व इंग्लैंड में किसका पलड़ा भारी है? टेस्ट में भारत का पलड़ा भारी है। भारत ने 1995 के बाद से इंग्लैंड से कोई टेस्ट नहीं हारा है। इंग्लैंड की धरती पर तो भारत अब तक अजेय है। 9 टेस्ट में से 2 जीते हैं और 7 ड्रॉ रहे हैं। दोनों के बीच आखिरी टेस्ट दिसंबर 2023 में नवी मुंबई में हुआ था, जिसे भारत ने 347 रनों से अपने नाम किया था। इंग्लिश धरती पर दोनों टीमें आखिरी बार साल 2014 में भिड़ी थीं। इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच से पहले दोनों टीमों का हालिया फॉर्म कैसा है? हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में भारत ग्रुप स्टेज से बाहर हो गया था, जबकि इंग्लैंड को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। टेस्ट की बात करें तो भारत ने मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में टेस्ट खेला था, जिसमें उसे हार मिली थी। यह साल 2006 के बाद भारत की पहली टेस्ट हार थी। वहीं, इंग्लैंड ने अपना आखिरी टेस्ट जनवरी 2025 में खेला था। इंग्लिश टीम ने 2015 के बाद से खेले गए पिछले 10 टेस्ट मैचों में से सिर्फ एक मैच जीता है। किन नए खिलाड़ियों पर नजरें रहेंगी? दोनों टीमों में 8 ऐसी खिलाड़ी हैं, जो पहली बार टेस्ट टीम से जुड़ी हैं। भारत की हरलीन देओल, श्री चरणी और तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा अनकैप्ड हैं। वहीं, इंग्लैंड की एलिस कैप्सी और 18 वर्षीय टिली कॉर्टन-कोलमैन जैसी युवा खिलाड़ी शामिल हैं। फैंस की खास नजरें इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन फाइलर और भारत की स्टार बैटर स्मृति मंधाना पर होंगी। टॉप ऑर्डर में जगह बनाने के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
इंग्लैंड की स्टार बैटर टैमी ब्यूमोंट ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 35 वर्षीय ब्यूमोंट शुक्रवार से भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले ऐतिहासिक टेस्ट मैच के बाद विदाई लेंगी। 2009 में डेब्यू करने वाली ब्यूमोंट ने अपने 17 साल लंबे करियर में 11 टेस्ट, 140 वनडे और 109 टी20 मैच खेले हैं। उनके नाम वनडे में इंग्लैंड के लिए सर्वाधिक 12 शतक दर्ज हैं। हालांकि, वे आगे भी घरेलू क्रिकेट खेलती रहेंगी। स्पोर्ट्स से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… ओलिंपिक कमेटी ने रूस से निलंबन हटाया, राष्ट्रगान और झंडे पर फैसला नहीं इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) ने रूस की ओलिंपिक समिति पर लगा निलंबन अस्थायी रूप से हटा दिया। इससे रूस के खिलाड़ियों की 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के क्वालिफायर और कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी का रास्ता खुल गया है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि रूस अपने झंडे, राष्ट्रीय गान और आधिकारिक पहचान के साथ ओलिंपिक में हिस्सा ले सकेगा या नहीं। IOC ने अक्टूबर 2023 में यूक्रेन के कब्जे वाले लुहान्स्क, दोनेत्स्क, खेरसोन और जापोरिज्जिया के क्षेत्रीय ओलिंपिक परिषदों को मान्यता देने पर रूस ओलिंपिक समिति को निलंबित किया था। आईओसी अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि खिलाड़ियों को उनकी सरकार के फैसलों की सजा नहीं मिलनी चाहिए। वहीं, यूक्रेन ने इस फैसले को चिंताजनक बताया, जबकि कई खिलाड़ी संगठनों ने इसकी आलोचना की।

