VVS Laxman अब सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में रहेंगे मौजूद, BCCI का फैसला
(कुशान सरकार)नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भविष्य में सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में शामिल होंगे। वह गुवाहाटी में टी20 अंतरराष्ट्रीय और भारत ए टीम के चयन के लिए हुई बैठक में भी मौजूद थे। सैकिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘अब से वीवीएस लक्ष्मण सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में शामिल होंगे ताकि चयनकर्ताओं और सीओई के बीच किसी तरह की संवादहीनता नहीं हो।’’लक्ष्मण और अब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच संवाद की स्पष्ट कमी रही थी। माना जाता है कि चोटिल खिलाड़ियों के बारे में सीओई की ओर से समयसीमा की जानकारी नहीं मिलने के कारण कई बार अप्रिय स्थिति पैदा हुई। सैकिया ने कहा, ‘‘मुंबई में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया कि सीओई के क्रिकेट प्रमुख के तौर पर लक्ष्मण आगे से सभी बैठकों में शामिल होंगे। इसका उद्देश्य संवादहीनता को रोकना और चयनकर्ताओं को सही निर्णय लेने के लिए सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है।
Shreyas Iyer के तूफानी शतक से भारत ने West Indies को आठ विकेट से रौंदा
लखनऊ, छह अक्टूबर कप्तान श्रेयस अय्यर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला शतक जड़ा, जबकि पदार्पण कर रहे हरफनमौला नमन धीर ने तीन विकेट चटकाए जिससे भारत ने मंगलवार को पांच मैचों की श्रृंखला के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वेस्टइंडीज को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। धीर ने चार ओवर में 31 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि कुलदीप यादव और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट चटकाए। इससे वेस्टइंडीज की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.1 ओवर में 171 रन पर ऑलआउट हो गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अय्यर ने 43 गेंदों पर 10 चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 102 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने ईशान किशन (27 गेंद में नाबाद 37 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 68 गेंद में 137 रन की अटूट साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत भारत ने 14.4 ओवर में दो विकेट पर 172 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। भारत की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। अभिषेक शर्मा (21) और संजू सैमसन (11) चार ओवर के भीतर पवेलियन लौट गए और भारत का स्कोर 35 रन पर दो विकेट हो गया। रोस्टन चेज ने अभिषेक को आउट किया, जबकि शिमरॉन हेटमायर ने लॉन्ग ऑफ से दौड़कर शानदार कैच पकड़ा। अगले ओवर में संजू सैमसन अकील हुसैन की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद अय्यर और किशन ने मोर्चा संभाल लिया। अय्यर ने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए और तेजी से रन बनाते हुए अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने रोस्टन चेज के खिलाफ छक्का लगाकर 42 गेंदों में शतक पूरा किया और फिर अगली गेंद पर एक रन चुराकर टीम को जीत दिला दी। इससे पहले वेस्टइंडीज की ओर से कप्तान शाई होप ने 37 गेंद में 52 और शरफेन रदरफोर्ड ने 34 गेंद में 56 रन की पारी खेली। होप ने दूसरे ओवर में मयंक यादव की गेंदों पर चार चौके जड़ कर वेस्टइंडीज को तेज शुरुआत दिलाई। भारत को पहली सफलता अर्शदीप सिंह ने कामिल पूरन (12) को बोल्ड कर दिलाई। छठे ओवर में वेस्टइंडीज को दोहरा झटका लगा। पहले हेटमायर (5) रन आउट हुए और फिर अक्षर पटेल ने रोवमैन पॉवेल को खाता खोले बिना पवेलियन भेज दिया। इसके बाद रदरफोर्ड ने वेस्टइंडीज की पारी को संभाला। उन्होंने नौवें ओवर में कुलदीप यादव पर दो छक्के लगाए और 11वें ओवर में अक्षर पटेल के खिलाफ दो चौके और एक छक्का जड़ा। रदरफोर्ड के आने के बाद दूसरे छोर से बल्लेबाजी कर रहे होप ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया। धीर ने 12वें ओवर में उन्हें अक्षर के हाथों डीप मिडविकेट पर कैच कराकर पवेलियन भेजा। इसके बाद कुलदीप ने चेज (5) को पगबाधा आउट किया। 12.3 ओवर में वेस्टइंडीज का स्कोर पांच विकेट पर 114 रन हो गया। रोमारियो शेफर्ड (7) ने धीर की गेंद पर छक्का लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर लॉन्ग ऑफ पर तिलक वर्मा को कैच दे बैठे। कुलदीप की गेंद पर इशान ने शानदार कैच लेकर फोर्ड की दो रन की पारी का अंत किया। धीर ने इसके बाद शमर स्प्रींगर (9) को अक्षर पटेल के हाथों कैच कराकर अपना तीसरा विकेट हासिल किया। चोट के बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव इस मुकाबले में महंगे साबित हुए लेकिन पारी के 19वें ओवर में उन्होंने रदरफोर्ड का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया, जिन्हें धीर ने डीप स्क्वायर लेग पर कैच किया। अंत में अक्षर पटेल ने अकील हुसैन (15) को इशान के हाथों लॉन्ग ऑन पर कैच कराकर वेस्टइंडीज की पारी समेट दी।
Argentina vs Benin Football Live Score, Lionel Messi Farewell Match :फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनल मेसी आज अर्जेंटीना के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला खेलने उतरेंगे।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फैसला लिया है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण अब हर सीनियर सेलेक्शन कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। इसका मकसद चयनकर्ताओं और बेंगलुरु स्थित CoE के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस, इंजरी और रिहैब से जुड़ी जानकारी में किसी तरह का कम्युनिकेशन गैप नहीं रहने देना है। लक्ष्मण ने हाल में गुवाहाटी में हुई टी-20 और इंडिया A की चयन बैठक में हिस्सा लिया था। अब वह आगे होने वाली सभी सीनियर सेलेक्शन मीटिंग का हिस्सा रहेंगे। BCCI सचिव बोले- सही फैसला लेने के लिए सटीक जानकारी जरूरी सैकिया ने कहा कि यह फैसला मुंबई में हुई BCCI की समीक्षा बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण BCCI में हेड ऑफ क्रिकेट और CoE प्रमुख हैं। उनके पास खिलाड़ियों की इंजरी, फिटनेस और रिहैब से जुड़ी जानकारी रहती है। ऐसे में उनके हर सेलेक्शन मीटिंग में मौजूद रहने से चयनकर्ताओं को खिलाड़ियों की उपलब्धता की सटीक जानकारी मिल सकेगी। सैकिया ने कहा, लक्ष्मण अब सभी सीनियर सेलेक्शन कमेटी की बैठकों में शामिल होंगे, ताकि चयनकर्ताओं और CoE के बीच कोई कम्युनिकेशन गैप न रहे। लगातार हो रही खिलाड़ियों की इंजरी BCCI के लिए चिंता भारतीय टीम में लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण उपलब्धता प्रभावित हुई है। हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी इस पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इंजरी और व्यस्त शेड्यूल के कारण टीम अपनी पसंद की गेंदबाजी लाइन-अप के साथ नहीं खेल पा रही है। गिल ने यह भी कहा था कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए टीम के पास ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं है। टीम चाहती है कि आने वाली सीरीज में उस कॉम्बिनेशन को ज्यादा से ज्यादा मौका मिले, जो वर्ल्ड कप में खेलने की संभावना रखता है। इंजरी मैनेजमेंट और चयन के बीच बेहतर तालमेल की कोशिश लक्ष्मण के नियमित रूप से सेलेक्शन मीटिंग में शामिल होने से CoE में चल रहे खिलाड़ियों के रिहैब और फिटनेस प्रोग्राम की जानकारी सीधे चयनकर्ताओं तक पहुंचेगी। इससे चोटिल खिलाड़ियों की उपलब्धता और उनके चयन को लेकर फैसले लेते समय टीम को अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। ___________________________ टी-20 में 2 साल बाद भारतीय कप्तान का शतक:ईशान को नॉटआउट देने पर वेस्टइंडीज नाराज, डेब्यू पर नमन धीर का रिकॉर्ड भारत ने पहले टी-20 मैच में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। मंगलवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने करियर का पहला टी-20 इंटरनेशनल शतक लगाया। इस फॉर्मेट में में 2 साल के इंतजार के बाद किसी भारतीय कप्तान ने शतक जमाया है। साथ ही रनचेज में 4 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने शतकीय पारी खेली है। पूरी खबर
हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतकर 47 साल का खिताबी सूखा खत्म किया। हरमनप्रीत भारत को महिला वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। इसके अलावा, उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल भी जीता। टेस्ट क्रिकेट में भी हरमनप्रीत ने भारत को लॉर्ड्स में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दिलाई। स्टोरी में हरमनप्रीत की टॉप-5 अचीवमेंट्स… 1. वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 2025 विमेंस वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता। 2 नवंबर को खेले गए फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। इसके साथ ही हरमनप्रीत भारत को विमेंस वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। भारतीय टीम 1978 से इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थी। 2. एशियन गेम्स में दो गोल्ड, कॉमनवेल्थ में सिल्वर हरमनप्रीत ने भारतीय महिला टीम को 2022 और 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जितया। इसके अलावा 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने सिल्वर हासिल किया। फाइनल में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 रन से हार मिली थी। 3. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 170 रन की ऐतिहासिक पारी कप्तानी से अलग हरमनप्रीत की सबसे यादगार पारियों में 2017 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की पारी शामिल है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 170 रन बनाए थे। यह वनडे वर्ल्ड कप में किसी भारतीय महिला बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है। हालांकि, भारत की ओर से वनडे में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी के मामले में वह दूसरे नंबर पर हैं, क्योंकि दीप्ति शर्मा ने 188 रन बनाए हैं। 4. लॉर्ड्स में टेस्ट जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड को टेस्ट मैच में 270 रन से हराया। इस जीत के साथ हरमनप्रीत लॉर्ड्स में टेस्ट जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। 5. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी टेस्ट जीत का इतिहास 2023 में हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया। इसके साथ वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 12 टेस्ट खेले गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 5 और भारत ने 1 मैच जीता है। 6 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। ----------------------हरमनप्रीत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…BCCI मीटिंग के बाद हरमनप्रीत ने छोड़ी कप्तानी हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। यह फैसला एक दिन पहले गुवाहाटी में हुई BCCI की मीटिंग के बाद आया है। पूरी खबर…
भारत ने पहले टी-20 मैच में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। मंगलवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने करियर का पहला टी-20 इंटरनेशनल शतक लगाया। इस फॉर्मेट में में 2 साल के इंतजार के बाद किसी भारतीय कप्तान ने शतक जमाया है। साथ ही रनचेज में 4 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने शतकीय पारी खेली है। भारत Vs वेस्टइंडीज पहले टी-20 के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. 2024 के बाद पहली बार टीम इंडिया के कप्तान का शतक श्रेयस बतौर टी-20 कप्तान भारत के लिए शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बने। 2 साल बाद टी-20 फॉर्मेट में किसी भारतीय कप्तान ने शतक जमाया है। श्रेयस से पहले आखिरी बार रोहित शर्मा ने 2024 में ऐसा किया था। 2. रनचेज में शतक का सूखा खत्म हुआ श्रेयस अय्यर ने दूसरी पारी में नाबाद 102 रन बनाए। वे रनचेज में शतक लगाने वाले भारत के चौथे खिलाडी बने। केएल राहुल ने टारगेट का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा 2 शतक लगाए हैं। 4 साल बाद रनचेज में किसी भारतीय बल्लेबाज ने शतक लगाया है। इससे पहले सूर्यकुमार ने 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाया था। 3. नमन धीर ने अक्षर-प्रज्ञान की बराबरी की नमन धीर ने लखनऊ में 4 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट लिए। वे डेब्यू टी-20 में 3 विकेट लेने वाले भारत के तीसरे स्पिनर बने। इससे पहले प्रज्ञान ओझा और अक्षर पटेल यह कारनामा कर चुके हैं। 4. अक्षर पटेल ने चौथी बार पावरप्ले में विकेट मेडन ओवर डाला अक्षर ने लखनऊ में छठे ओवर में बिना रन दिए रोवमेन पावेल का विकेट लिया। उन्होंने चौथी बार टी-20 में ऐसा किया। टी-20 में पावरप्ले में सबसे ज्यादा बार विकेट मेडन ओवर डालने का भारतीय रिकॉर्ड भुवनेश्वर कुमार के नाम है। उन्होंने 6 बार यह कारनामा किया है। 5. हेटमायर 7वीं बार टी-20 में रनआउट हुए शिमरोन हेटमायर सातवीं बार टी-20 इंटरनेेशनल में रनआउट हुए। इसके साथ ही वे टी-20 में सबसे ज्यादा बार रनआउट होने वाले वेस्टइंडीज के बल्लेबाज बन गए। आंद्रे फ्लेचर 6 बार रनआउट हुए हैं। 6. रदरफोर्ड ने इस साल डेथ ओवर्स में सबसे ज्यादा रन बनाए शेरफेन रदरफोर्ड ने 2026 में टी-20 के 16वें से 20वें ओवर के दौरान 616 रन बनाए हैं। वे इस मामले में पहले नंबर पर हैं। दसुन शनाका 598 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. मंयक यादव के ओवर में 4 चौके लगे मयंक यादव के पहले ओवर में शाई होप ने 4 चौके बटोरे। उन्होंने पहली गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से चौका लगाया। फिर दूसरी गेंद पर डाउन द ग्राउंड शॉट खेलकर 4 रन के लिए भेजा। इसके बाद आखिरी 2 गेंद पर भी चौके लगाए। 2. अजीबोगरीब तरीके से रनआउट हुए हेटमायर पहली पारी के 6वें ओवर में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अजीबोगरीब तरीके से रनआउट हुए। अक्षर के हाथ से गेंद डिफ्लेक्ट होकर कवर की ओर गई। वहां फील्डिंग कर रहे श्रेयस अय्यर ने गेंद कलेक्टर कर विकेटकीपर संजू सैमसन की ओर थ्रो किया। इसके तुरंत बाद सैमसन ने गिल्लियां बिखेरी दी। रिप्ले में दिखा कि हेटमायर ने डाइव लगाकर जब क्रीज में पहुंचने की कोशिश की, तब उनका बल्ला और हैंडल हवा में था। इसके बाद थर्ड अंपायर ने उन्हें रनआउट करार दिया। हालांकि हेटमायर फैसले से नाराज दिखे। 3. ईशान को थर्ड अंपायर ने नॉट-आउट दिया, वेस्टइंडीज के खिलाड़ी नाराज हुए भारतीय पारी के 11वें ओवर में थर्ड अंपायर ने एक विवादित फैसला दिया। इस पर वेस्टइंडीज के खिलाड़ी सहित कोच डैरेन सैमी भी नाराज दिखे। शमर स्प्रिंग ने ओवर की पांचवी गेंद फुलटॉस डाली। किशन ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की। डीप स्क्वायर कवर पर फील्डिंग कर रहे फोर्ड ने ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ा। इसके बाद थर्ड अंपायर ने काफी देर तक कैच को चेक किया। इसके बाद ईशान को नॉट-आउट करार दिया। फैसला आते ही फोर्ड हैरान होकर मैदान पर बैठ गए। वेस्टइंडीज के खिलाड़ी भी मुस्कुराते नजर आए। डगआउट में बैठे वेस्टइंडीज डैरेन सैमी ने भी हाथ उठाकर फैसले पर नाराजगी जताई।
Shreyas Iyer के शतक से भारत ने West Indies को आठ विकेट से हराया
लखनऊ, छह अक्टूबर वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में नाबाद शतकीय पारी खेलकर भारतीय टीम को आठ विकेट की शानदार जीत दिलाने वाले कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम का लक्ष्य इसी आक्रामक सोच के साथ आगे बढ़ना है। अय्यर ने 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाने के अलावा ईशान किशन (नाबाद 37) के साथ तीसरे विकेट के लिए 137 रन की अटूट साझेदारी की, जिससे भारत ने 14.4 ओवर में दो विकेट पर 172 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। इससे पहले वेस्टइंडीज की टीम 19.1 ओवर में 171 रन पर ऑलआउट हो गई थी। अपनी पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए अय्यर ने कहा, “जीत का स्वाद निश्चित रूप से अलग होता है और ड्रेसिंग रूम में हम इसी बारे में बात करते हैं। अगर आपका दिन है तो सुनिश्चित करें कि आप टीम के लिए मैच जीतें। आज मेरा दिन था। पिछले कुछ मैचों में दूसरे बल्लेबाजों ने मैच खत्म किया था। कुल मिलाकर यह हमारे लिए हर विभाग में शानदार प्रदर्शन रहा। अगर हम इसी सोच के साथ खेलते रहे तो टी20 में सबसे खतरनाक टीमों में से एक बनेंगे।”अपने पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक को लेकर अय्यर ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास पल था। उन्होंने कहा, “आज के प्रदर्शन के लिए ‘उत्साह’ सही शब्द है। मैं अपने पहले शतक के बारे में सोच रहा था और आज वह पूरा हो गया। मैं निश्चित रूप से कहना चाहूंगा कि सपने सच होते हैं।”भारतीय टीम ने शनिवार को जापान में एशियाई खेलों का फाइनल खेला था और महज दो दिन के अंतराल में उसे लखनऊ में अगला मुकाबला खेलना पड़ा। यात्रा की थकान और लखनऊ की परिस्थितियों के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने मजाकिया अंदाज में कहा, “सच कहूं तो नहीं। इतनी थकाने वाली यात्रा के बाद मुझे पता ही नहीं था कि मैं कहां हूं। मुझे लगता है कि मुझे हर दिन इसी तरह जागना चाहिए।”उन्होंने परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बैठाने को अहम बताते हुए कहा, “मैंने विकेट और परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बैठाया और पहले गेंदबाजी करना हमारे लिए काफी मददगार रहा।”उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले को अहम करार देते हुए कहा, “पहले गेंदबाजी करने से हमें काफी मदद मिली। हमने जेटलैग को बहाना नहीं बनने दिया।”भारत और वेस्टइंडीज के बीच हाल में हुई वनडे सीरीज के दौरान दर्शकों के उत्साह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमने वनडे में भारत-वेस्टइंडीज मुकाबलों को लेकर लोगों का उत्साह देखा था और वह माहौल शानदार था। हमारे लिए जरूरी था कि हम अपनी प्रक्रिया पर कायम रहें।”वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने माना कि उनकी टीम ने पारी के आखिरी हिस्से में पर्याप्त रन नहीं बनाए। होप ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मैच में कई जगहों पर उंगली उठाई जा सकती है, लेकिन ऐसा लगता है कि हम पारी के आखिर में पर्याप्त रन नहीं बना सके। बल्लेबाजी में हम शायद कुछ ज्यादा ही अव्यवस्थित रहे। हम काफी आक्रामक होकर खेलना चाहते थे।”उन्होंने कहा, “भारत में खेलते समय आपको स्कोरबोर्ड पर पर्याप्त रन खड़े करने होते हैं। आपके पास करीब 20 या 30 रन की अतिरिक्त बढ़त होनी चाहिए, क्योंकि गेंद से लक्ष्य का बचाव करते समय आउटफील्ड गीली हो जाती है और पिच भी बल्लेबाजी के लिए थोड़ी बेहतर हो जाती है।
वेस्टइंडीज को 8 विकेट रौंदने के बाद भारतीय कप्तान अय्यर बोले- वो एक खतरनाक टीम है
लखनऊ, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कप्तान श्रेयस अय्यर की शतकीय पारी के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच को 8 विकेट से अपने नाम किया। शानदार जीत के बावजूद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज को एक 'खतरनाक टीम' बताया है।
Harmanpreet Kaur ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ी, Smriti Mandhana संभालेंगी कमान
(फाइल तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारत की एकमात्र विश्व कप विजेता महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा देते हुए कहा कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और अब वह “एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार और जुनून के लिए खेलने को तैयार हैं।”सैतीस वर्षीय हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसकी आगे की दिशा का आकलन किया गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए। स्मृति मंधाना लंबे समय से भारतीय महिला टीम की कप्तानी करने की अपनी इच्छा जाहिर करती रही हैं। ऐसे में वह अगली कप्तान बनने की सबसे मजबूत दावेदार थीं। मंगलवार देर शाम बीसीसीआई ने उनकी कप्तान के रूप में नियुक्ति की औपचारिक घोषणा कर दी। कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहीं हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘ मैं आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हट रही हूं।’’उन्होंने कहा, “यह फैसला आसान नहीं है। इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे अनगिनत पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे।”हरमनप्रीत ने यह भावुक संदेश इंस्टाग्राम पर साझा किया। इसके साथ उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान की ओर मुंह करके खड़े अपनी तस्वीर भी पोस्ट की। इससे पहले हरमनप्रीत ने कम से कम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक टीम की कप्तानी करने की इच्छा जताई थी। भारत इन खेलों के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुका है। बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) के एक सूत्र ने ‘पीटीआई’ को बताया कि अनुभवी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर वनडे और टेस्ट टीम की कप्तानी जारी रखना चाहती थीं। बोर्ड ने हालांकि उन्हें बताया कि वह तीनों प्रारूपों में नेतृत्व में बदलाव की योजना बना रहा है। ऐसे में स्मृति मंधाना की अगली कप्तान बनने की संभावना है। हरमनप्रीत के योगदान को लेकर जारी अपने आधिकारिक बयान में बीसीसीआई ने उन्हें “भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली खिलाड़ी” बताया। हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में टी20 टीम की कमान संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम का कप्तान बनाया गया और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं। हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी और करीब एक दशक तक इस जिम्मेदारी को निभाया। 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं। पंजाब के मोगा की इस खिलाड़ी ने कहा, “मुझे लगता है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को सम्मान के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट का नेतृत्व करने का अवसर मिलने के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी।”हरमनप्रीत हालांकि तीनों प्रारूपों में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, “अब मेरे लिए नया अध्याय शुरू करने का समय है। कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। मैंने अपना खून, पसीना, त्याग और सम्मान सब कुछ इस टीम को दिया है। मैं अब फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं। कप्तानी का अंत हुआ है, सफर जारी है।”अपने भावुक बयान में अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को अपना सब कुछ दिया और कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखकर टीम की जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने लिखा, ‘‘मैंने अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने खेल तथा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का एक हिस्सा भी टीम को दिया। ऐसे कई मौके आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपने विकास और अपनी इच्छाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले होनी चाहिए।”हरमनप्रीत को भारत की महानतम क्रिकेटरों में शुमार किया जाता है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने पिछले साल पहली बार वनडे विश्व कप जीता था। हाल ही में टीम ने एशियाई खेलों के टी20 प्रारूप में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक भी हासिल किया। इसके अलावा हरमनप्रीत की अगुआई में भारत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की। उन्होंने कहा, “एक कप्तान के रूप में मुझे कई कठिन फैसले लेने पड़े। ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे और कभी-कभी जिनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी।”उन्होंने आगे कहा, “मेरा हर फैसला टीम को बेहतर बनाने के प्रेरित था। इसमें अन्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना शामिल है।’’इस साल की शुरुआत में भारत के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने और बल्ले से खासकर टी20 प्रारूप में हरमनप्रीत के अपेक्षाकृत निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनकी कप्तानी को लेकर आलोचना बढ़ने लगी थी। पूर्व खिलाड़ी डायना एडुल्जी समेत कुछ लोगों ने स्मृति मंधाना को कप्तानी सौंपे जाने की वकालत भी की थी। हरमनप्रीत ने कहा, “मैंने सब कुछ देखा है। मैंने टीम के सबसे बुरे दौर, निराशा, आलोचना, लोगों के सवाल और ऐसे दिन देखे हैं, जब लगता था कि कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं हो रहा। लेकिन मैंने जीत की सबसे बड़ी खुशियां भी महसूस की हैं—जीत, जश्न, देश के लिए खेलने का गर्व और वे पल, जिन्होंने हमारे हर त्याग को सार्थक बना दिया।”उन्होंने कहा कि वह कप्तानी की जिम्मेदारी “भावनाओं से भरे दिल, लेकिन मन में शांति के साथ” छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, “ मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम एक अच्छी स्थिति में है। ऐसी टीम, जिसमें प्रतिभा, चरित्र, आत्मविश्वास और एक उज्ज्वल भविष्य है। मैं उसके आगे के सफर को देखने और उसका हिस्सा बने रहने के लिए बेहद उत्साहित हूं।
श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया है। उनकी इस शतक की वजह से टीम इंडिया को जीत मिली है।
प्रसिद्ध की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, NZ सीरीज पर संकट
प्रसिद्ध कृष्णा की हैमस्ट्रिंग चोट ने टीम इंडिया की चिंता बढ़ा दी है. तेज गेंदबाज के करीब तीन सप्ताह तक मैदान से बाहर रहने की संभावना है, जिससे न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में उनके खेलने पर संशय बना हुआ है.
Uruguay ने अंतरराष्ट्रीय मैत्री फुटबॉल मैच में India को 6-1 से हराया
कोलकाता, छह अक्टूबर उरुग्वे ने मंगलवार को यहां अंतरराष्ट्रीय मैत्री फुटबॉल मैच में दूसरे हाफ में आक्रामक प्रदर्शन करते हुए भारत को 6-1 से करारी शिकस्त दी। दो बार की विश्व चैंपियन टीम को डार्विन नुनेज ने 11वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर बढ़त दिलाई। परमवीर सिंह को बॉक्स के अंदर फेडेरिको विनास के खिलाफ फाउल करने का दोषी ठहराए जाने के बाद उरुग्वे को पेनल्टी मिली थी। हालांकि भारत ने शानदार जवाब देते हुए 22वें मिनट में अनिरुद्ध थापा के गोल से बराबरी कर ली। रयान विलियम्स के शॉट को गोलकीपर थियागो कार्डोजो ने रोक दिया लेकिन थापा ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। उरुग्वे ने 28वें मिनट में मैक्सिमिलियानो अराउजो के गोल से फिर बढ़त हासिल कर ली। भारतीय रक्षापंक्ति की चूक का फायदा उठाते हुए अराउजो ने नजदीक से गेंद को गोल में पहुंचाया। पहले हाफ के आधे घंटे के तुरंत बाद बिजली चमकने के कारण खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। मौसम से जुड़ी इस बाधा के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हुआ। दूसरे हाफ में भारत उरुग्वे के आक्रामक खेल का सामना नहीं कर सका। रोड्रिगो सालाजार ने 53वें मिनट में उरुग्वे की ओर से तीसरा गोल किया। इसके छह मिनट बाद अराउजो ने अपना दूसरा गोल करके स्कोर 4-1 कर दिया और इसके साथ ही भारत की वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई। उरुग्वे ने भारतीय रक्षापंक्ति में मौजूद खाली जगहों का लगातार फायदा उठाया। जुआन मैनुअल सनाब्रिया ने 71वें मिनट में पांचवां गोल किया जबकि रोड्रिगो अगुइरे ने 86वें मिनट में छठा गोल दागकर भारत की करारी हार पूरी कर दी। यह हार खालिद जमील की टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबलों की श्रृंखला का निराशाजनक अंत रही। भारत ने इससे पहले पनामा के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था और फिर शनिवार को पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के हाथों 0-4 से हार गया था।
Jannik Sinner घुटने के इलाज के लिए Tennis कोर्ट से दूर, विंबलडन के बाद नहीं खेलेंगे 2026 Season
दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी जानिक सिनर ने घुटने की लगातार बनी हुई चोट के कारण 2026 का अपना सत्र समय से पहले खत्म करने का फैसला किया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो के जरिए इसकी जानकारी दी। सिनर ने बताया कि डॉक्टरों से सलाह के बाद उन्होंने घुटने के इलाज का रास्ता चुना है। सिनर ने कहा कि वह इस समय अपने लंबे टेनिस करियर को प्राथमिकता देना चाहते हैं और पूरी तरह फिट होकर कोर्ट पर लौटने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने फैंस को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया और जल्द ही दोबारा टेनिस कोर्ट पर नजर आने की उम्मीद जताई। मौजूद जानकारी के अनुसार, 25 साल के सिनर ने जुलाई में विंबलडन जीतने के बाद से कोई मुकाबला नहीं खेला है। यह उनके करियर का 5वां ग्रैंड स्लैम खिताब था। इसके बाद घुटने की परेशानी के कारण उन्होंने उत्तर अमेरिकी हार्ड कोर्ट दौर और एशियाई दौर के कई टूर्नामेंटों से अपना नाम वापस ले लिया था। सिनर के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि साल का आखिरी बड़ा टूर्नामेंट एटीपी फाइनल्स नजदीक है। वह इस प्रतियोगिता के पिछले 2 संस्करणों के विजेता हैं। उन्होंने 2024 और 2025 में ट्यूरिन में आयोजित इस प्रतियोगिता का खिताब बिना एक भी सेट गंवाए जीता था। एटीपी फाइनल्स में उनका जीत-हार का रिकॉर्ड 15-2 है। ऐसे में उनका इस बार खिताब की रक्षा के लिए कोर्ट पर नहीं उतरना टूर्नामेंट के समीकरण को भी बदल सकता है। गौरतलब है कि 2026 का शुरुआती हिस्सा सिनर के लिए बेहद शानदार रहा था। उन्होंने इंडियन वेल्स, मियामी, मोंटे कार्लो, मैड्रिड और रोम में लगातार 5 एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीते। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने करियर गोल्डन मास्टर्स की उपलब्धि भी पूरी की। टेनिस में करियर गोल्डन मास्टर्स उस उपलब्धि को कहा जाता है, जब कोई खिलाड़ी अपने करियर में सभी 9 एटीपी मास्टर्स 1000 प्रतियोगिताओं के खिताब कम से कम एक बार जीत लेता है। सिनर इस उपलब्धि को हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। इसी शानदार दौर में सिनर ने लगातार 30 मुकाबले जीतकर अपने करियर की सबसे लंबी जीत की श्रृंखला भी बनाई थी। उनकी यह शानदार लय फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में टूट गई थी। इसके बावजूद 2026 में उनका प्रदर्शन लंबे समय तक चर्चा में रहा। अब सिनर के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरी तरह स्वस्थ होकर वापसी करने की है। घुटने की चोट का इलाज कराने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी के तौर पर लगातार दबाव में हैं। हालांकि, लंबे करियर को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जल्द वापसी के बजाय पूरी फिटनेस हासिल करने को प्राथमिकता दी है। सिनर ने अपने संदेश में संकेत दिया कि वह उपचार के बाद पूरी ताकत के साथ लौटना चाहते हैं। उनके लिए फिलहाल सबसे जरूरी लक्ष्य चोट से पूरी तरह उबरना और भविष्य में बिना किसी परेशानी के प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलना है। प्रशंसकों को अब उनके अगले सत्र में वापसी का इंतजार रहेगा और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी आगे की जानकारी पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
चोट से उबरकर Carlos Alcaraz की शानदार वापसी, Japan Open Tennis फाइनल में दर्ज की जीत
कार्लोस अल्काराज ने चोट के कारण लंबे समय तक टेनिस से दूर रहने के बाद शानदार वापसी करते हुए मंगलवार को टोक्यो में जापान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। दुनिया के नंबर 3 खिलाड़ी अल्काराज ने फाइनल में चेक गणराज्य के जिरी लेहेका को 7-6(4), 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता है। यह जीत अल्काराज के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि कलाई की चोट के कारण वह अप्रैल में बार्सिलोना टूर्नामेंट के बाद सीधे अगस्त के आखिर में अमेरिकी ओपन में लौटे थे। टोक्यो में खेला गया यह उनकी वापसी के बाद सिर्फ दूसरा टूर्नामेंट था। ऐसे में खिताब जीतना उनके लिए फिटनेस और आत्मविश्वास दोनों के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है। अल्काराज ने मैच के बाद कहा कि लंबे समय बाद दोबारा ट्रॉफी उठाना उनके लिए बहुत खास है। उन्होंने माना कि पूरे सप्ताह वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सके, लेकिन अहम मौकों पर सही फैसले लेने और जरूरी अंक जीतने में सफल रहे। उनके मुताबिक फाइनल पूरे सप्ताह का उनका सबसे अच्छा और लगातार बेहतर प्रदर्शन वाला मुकाबला रहा। फाइनल की शुरुआत हालांकि अल्काराज के लिए अच्छी नहीं रही। जिरी लेहेका ने पहले ही गेम में उनकी सर्विस तोड़कर आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में आत्मविश्वास के साथ गेंद पर प्रहार किया। चेक खिलाड़ी ने पहले ही गेम में 3 ब्रेक प्वाइंट हासिल किए और तीसरे मौके को भुना लिया। लेकिन अल्काराज ने दबाव में अपना खेल बदल दिया। उन्होंने छठे गेम में शानदार बैकहैंड विजेता शॉट लगाकर सर्विस वापस हासिल की। पहले सेट के टाईब्रेक में भी लेहेका ने 4-2 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद अल्काराज ने लगातार 5 अंक जीतकर सेट अपने नाम कर लिया। इस दौरान उनके फोरहैंड ने खास भूमिका निभाई। दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा। अल्काराज ने 7वें गेम में मैच की एकमात्र सर्विस ब्रेक हासिल की और फिर अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 96 मिनट में मुकाबला खत्म कर दिया। आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने पहली सर्विस के बाद मिलने वाले 39 में से 33 अंक जीते, यानी 85 प्रतिशत अंक उनके नाम रहे। इस जीत के साथ अल्काराज ने 2025 बार्सिलोना फाइनल में होल्गर रूने के खिलाफ मिली हार के बाद से 500 स्तर के टूर्नामेंटों में अपना रिकॉर्ड 21-0 कर लिया है। वह टोक्यो खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाले इतिहास के सिर्फ तीसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले स्टीफन एडबर्ग ने 1989 से 1991 तक लगातार 3 बार और पीट सम्प्रास ने 1993 और 1994 में यह उपलब्धि हासिल की थी। चोट के दौरान अल्काराज के मन में वापसी को लेकर कई सवाल भी आए थे। उन्होंने बताया कि वह सोचते थे कि क्या वह पूरी तरह स्वस्थ होकर लौट पाएंगे, क्या पहले की तरह बिना दर्द के गेंद मार सकेंगे और क्या उनका खेल उसी स्तर पर रहेगा। हालांकि उन्होंने इन नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनकी टीम और उन्हें भरोसा था कि पूरी तरह फिट होने के बाद वह बिना किसी डर के खेल सकेंगे। मौजूद जानकारी के अनुसार, 23 साल के अल्काराज पहले ही वर्ष के अंत में होने वाले निट्टो एटीपी फाइनल्स के लिए जगह पक्की कर चुके हैं। टोक्यो में खिताबी जीत के बाद वह बेन शेल्टन को पीछे छोड़ते हुए ट्यूरिन के लिए जारी दौड़ में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। ऐसे में चोट से वापसी के बाद यह खिताब अल्काराज के लिए साल के बाकी बड़े मुकाबलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत साबित हुई है।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम का ऐलान कर दिया गया है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद वापसी हुई है। उन्होंने अपना आखिरी मैच 2022 में खेला था। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी टीम में बरकरार हैं। भारत 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक न्यूजीलैंड दौरे पर रहेगा। इस दौरान टीम 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेलेगी। अभी वनडे और टेस्ट टीम की घोषणा नहीं हुई है। भारत की टी-20 टीमः श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव। हम खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं…
सोशल मीडिया पर नस्लीय दुर्व्यवहार का शिकार हुईं Coco Gauff, China Open विवाद पर तोड़ी चुप्पी
बीजिंग में चीन ओपन का मुकाबला जीतने के बाद अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी कोको गॉफ को सोशल मीडिया पर भारी नस्लीय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा है। चीन की 16 वर्षीय सन शिनरान के खिलाफ मुकाबले में एक विवादित प्वाइंट के बाद गॉफ की आलोचना शुरू हुई थी, लेकिन बाद में मामला नस्लीय टिप्पणियों तक पहुंच गया। 2 बार की ग्रैंड स्लैम विजेता गॉफ ने साफ कहा कि उनके खेल या किसी फैसले से असहमति जताई जा सकती है, लेकिन इसके नाम पर नस्लवादी भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। सोमवार को खेले गए मुकाबले में 22 वर्षीय गॉफ ने सन शिनरान को 7-5, 6-1 से हराकर चीन ओपन के चौथे दौर में जगह बनाई। हालांकि, पहले सेट के आखिरी हिस्से में हुए एक विवाद के कारण मैच के बाद उनकी जीत से ज्यादा चर्चा उस एक प्वाइंट को लेकर हुई। दरअसल, पहले सेट में स्कोर 5-5 के करीब था और दोनों खिलाड़ी एक अहम रैली खेल रही थीं। इसी दौरान कोर्ट के किनारे लगे विज्ञापन बोर्ड में अचानक झिलमिलाहट दिखाई दी। गॉफ ने खेल रोक दिया और हाथ उठाकर अंपायर का ध्यान इस तरफ दिलाया। उस समय सन शिनरान एक ऐसा शॉट लगाने की स्थिति में थीं, जिससे वह अंक जीत सकती थीं। इसके बाद अंपायर ने वीडियो समीक्षा की और फैसला दिया कि उस प्वाइंट को दोबारा खेला जाएगा। गॉफ ने दोबारा खेले गए प्वाइंट को अपने नाम किया और फिर अपनी सर्विस बचाकर स्कोर 5-5 कर दिया। इसके बाद उन्होंने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया और पहला सेट जीतने के बाद दूसरे सेट में 6-1 से आसानी से मैच अपने नाम कर लिया। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर गॉफ के खिलाफ काफी टिप्पणियां की गईं। मंगलवार को एक नस्लीय गाली वाली पोस्ट का जवाब देते हुए गॉफ ने कहा कि किसी को उन्हें पसंद न करना या घटना को लेकर उनसे असहमत होना अलग बात है, लेकिन नस्लीय टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह न तो धोखेबाज हैं और न ही किसी का हक छीनने वाली खिलाड़ी हैं। गॉफ ने यह भी समझाया कि उन्होंने खेल के नियमों के तहत ही वीडियो समीक्षा की मांग की थी। कुछ परिस्थितियों में खिलाड़ी यह समीक्षा मांग सकते हैं, खासकर जब खेल के दौरान किसी बाहरी चीज से खिलाड़ी का ध्यान भंग होने की संभावना हो। इसलिए गॉफ का कहना था कि विवादित अंक को दोबारा खेलने का फैसला नियमों के तहत हुआ था। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों के खिलाफ बढ़ते दुर्व्यवहार को लेकर महिला टेनिस संस्था पहले से चिंतित है। संस्था ने खिलाड़ियों और अधिकारियों से जुड़े हजारों सोशल मीडिया संदेशों पर नजर रखने के लिए एआई आधारित व्यवस्था भी शुरू की है। एक अध्ययन के मुताबिक, 2025 में खिलाड़ियों को 12,000 से ज्यादा अपमानजनक पोस्ट और कमेंट्स मिले थे, जबकि 2024 में यह संख्या करीब 8,000 थी। मैच के बाद गॉफ ने सन शिनरान से भी बात की और विवादित घटना के लिए माफी मांगी। उन्होंने चीनी खिलाड़ी की तारीफ करते हुए कहा कि वह शानदार प्रतिभा हैं और उन्होंने पूरी स्थिति को समझा। सन शिनरान चीन ओपन में विशेष प्रवेश के जरिए शामिल हुई थीं और यह उनके महिला पेशेवर टेनिस दौरे का पहला मुकाबला था। इससे कुछ समय पहले ही उन्होंने अमेरिकी ओपन की जूनियर प्रतियोगिता का खिताब जीता था। गॉफ ने कहा कि मैच के बाद सन को भावुक देखकर उन्हें अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई। खुद गॉफ भी 2019 में केवल 15 साल की उम्र में विंबलडन के चौथे दौर तक पहुंची थीं। इसलिए वह समझ सकती हैं कि घरेलू दर्शकों के सामने इतने बड़े मुकाबले में हार के बाद सन पर क्या बीत रही होगी। इस विवाद के बावजूद गॉफ ने मैच में खुद को संभाला और शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई है। अब चीन ओपन में उनकी नजर आगे बढ़ने पर है, जबकि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि खिलाड़ियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर होने वाले नस्लीय और व्यक्तिगत दुर्व्यवहार को रोकने के लिए और कितने कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
BCCI ने Ajit Agarkar का कार्यकाल पूरा होने पर चयन समिति पद के लिए मांगे आवेदन
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को पुरुष चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए। यह पद चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हुआ है। अगरकर का कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हुआ। इस पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने 18 सितंबर को बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक के शुरू होने से ठीक पहले बोर्ड को सूचित कर दिया था कि वह अपने अनुबंध का विस्तार नहीं चाहते हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा फिलहाल पुरुष टीम की चयन समिति के अंतरिम अध्यक्ष हैं। शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह चयन समिति के अन्य मौजूदा सदस्य हैं। बीसीसीआई ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘‘भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अपनी पुरुष चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित करता है।’’पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर है। चालीस वर्षीय ओझा ने 24 टेस्ट खेले हैं। यदि बीसीसीआई जिस उम्मीदवार को इस पद के लिए चुनता है उसने बाएं हाथ के इस पूर्व स्पिनर से कम टेस्ट मैच खेले हैं तो वरिष्ठता के आधार पर ओझा को पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जा सकता है। यदि चयन समिति में शामिल होने के लिए चर्चा में चल रहे पार्थिव पटेल को नियुक्त किया जाता है तो वरिष्ठता के मामले में वह ओझा से आगे निकल जाएंगे। विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव ने भारत के लिए 25 टेस्ट खेले हैं। बोर्ड ने आवेदकों के लिए समान पात्रता मानदंड रखे हैं। उम्मीदवार ने कम से कम सात टेस्ट, 30 प्रथम श्रेणी मैच या 10 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 20 प्रथम श्रेणी मैच खेले होने चाहिए। इसके अलावा उनके लिए कम से कम पांच साल पहले क्रिकेट से संन्यास लेना अनिवार्य है। बीसीसीआई ने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति जो बीसीसीआई के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और नियमों में परिभाषित किसी क्रिकेट समिति का कुल मिलाकर पांच साल की अवधि तक सदस्य रहा है, वह पुरुष चयन समिति का सदस्य बनने के लिए पात्र नहीं होगा।’’बीसीसीआई में प्रत्येक क्षेत्र से एक चयनकर्ता नियुक्त करने की व्यवस्था अब अनिवार्य नियम नहीं रह गई है। हाल में पुरुष चयन समिति में एक ही क्षेत्र से दो चयनकर्ता भी एक साथ शामिल रहे हैं।
पहला टी20: 'रन आउट' के साथ शिमरॉन हेटमायर के नाम पर जुड़ा 'अनचाहा रिकॉर्ड'
शिमरॉन हेटमायर भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में महज 5 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद उनके नाम 'अनचाहा रिकॉर्ड' जुड़ गया है...
Harmanpreet Kaur के इस्तीफे के बाद Smriti Mandhana संभाल सकती हैं कप्तानी
(भारत शर्मा)नयी दिल्ली, छह अक्टूबर हरमनप्रीत कौर के कप्तानी से इस्तीफा देने के बाद स्मृति मंधाना का भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान बनना लगभग तय माना जा रहा है लेकिन सवाल यह है कि क्या बाएं हाथ की इस 30 वर्षीय बल्लेबाज को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने में देर हो गई है जबकि वह इस समय देश की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में काफी आगे हैं। वर्ष 2016 में पहली बार भारत की कप्तानी करने वाली हरमनप्रीत ने बीसीसीआई के साथ समीक्षा बैठक के बाद तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हटने का फैसला किया। मोगा की 37 वर्षीय खिलाड़ी ने कप्तान के रूप में अपने शानदार अपने कार्यकाल का अंत बेहतरीन अंदाज में किया। उन्होंने हाल ही में जापान में भारत को लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक दिलाया। बीसीसीआई की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन स्मृति का हरमनप्रीत की जगह कप्तानी संभालना स्वाभाविक विकल्प है। वर्ष 2013 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाली यह स्टार सलामी बल्लेबाज अब खेल की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल है और तीनों प्रारूपों में 10,000 से अधिक रन बना चुकी हैं। कौशल के मामले में स्मृति हमेशा बाकी खिलाड़ियों से आगे रही हैं और अब उन्होंने अपने खेल में आक्रामकता जोड़कर खुद को और निखारा है। यह कोई रहस्य नहीं था कि भारत के पिछले साल घरेलू मैदान पर एकदिवसीय विश्व कप जीतकर आईसीसी खिताब के सूखे को खत्म करने के बावजूद चयनकर्ताओं द्वारा कप्तानी में यथास्थिति बनाए रखने से स्मृति निराश थीं। हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने भारत की कप्तानी करने के लिए अपनी तैयारी जाहिर की थी और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा था कि भारत को इससे भी बड़े टूर्नामेंट जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। एकदिवसीय विश्व कप की सफलता के बीच भारत लगातार दो टी20 विश्व कप में जल्दी बाहर हो गया था जिससे सबसे छोटे प्रारूप में टीम के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने तब बदलाव नहीं किया। हालांकि बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में गुवाहाटी में हुई समीक्षा बैठक में हरमनप्रीत को यह स्पष्ट कर दिया गया कि नेतृत्व में बदलाव अब अपरिहार्य है। इसके बाद उन्होंने खुद ही कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। हरमनप्रीत और स्मृति के बीच कप्तानी को लेकर मतभेद भी एक पेचीदा मुद्दा बन गया था जबकि दोनों पहले काफी अच्छी तरह घुलती-मिलती थीं। टीम के एक सूत्र ने कहा, ‘‘वे कुछ समय से कई मुद्दों पर एकमत नहीं थीं और इससे ड्रेसिंग रूम में असहजता साफ दिखाई देने लगी थी।’’इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन में हुए टी20 विश्व कप से भारत के बाहर होने के बाद दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज ने पीटीआई से कहा था कि चयनकर्ताओं को दो-तीन साल पहले ही स्मृति को कप्तानी सौंप देनी चाहिए थी। उन्होंने हरमनप्रीत की फॉर्म और फिटनेस पर भी सवाल उठाए थे। मिताली ने कहा था, ‘‘मुझे लगा था कि दो-तीन साल पहले ही उन्हें वनडे की कप्तानी दे दी जाएगी। वह अब भी वनडे और टेस्ट की कप्तानी कर सकती हैं और टी20 की कप्तानी शेफाली (वर्मा) जैसी किसी युवा खिलाड़ी को दी जा सकती है।’’महिला क्रिकेट को पुरुष टीम जितनी कड़ी समीक्षा का सामना नहीं करना पड़ता लेकिन नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चयनकर्ताओं की ओर से यह पहली चूक नहीं है। विश्व कप 2022 के बाद जब हरमनप्रीत ने मिताली से एकदिवसीय कप्तानी संभाली थी तब दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के बीच संबंध बेहद खराब दौर से गुजर रहे थे। इससे टीम में गुटबाजी पैदा हुई थी। अब हरमनप्रीत अगले दो-तीन साल खिलाड़ी के रूप में खेलना जारी रखना चाहती हैं और ऐसे में यह देखना होगा कि क्या वह और स्मृति टीम के हित में पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ पाती हैं। हालांकि भारत ने हाल में एशिया कप और एशियाई खेलों में दबदबा बनाया लेकिन हरमनप्रीत अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर नहीं थीं। टीम में अब एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में उनसे उम्मीदें बढ़ना तय है और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाए रखने के लिए उन्हें अपने खेल के स्तर में काफी सुधार करना होगा।
BCCI से अजीत अगरकर की हुई छुट्टी, बोर्ड ने चीफ सिलेक्टर पद के लिए मंगवाए नए आवेदन
BCCI ने 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया के जरिए चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के कार्यकाल खत्म होने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इसके साथ ही बोर्ड ने सिलेक्शन कमिटी में खाली हुए इस पद के लिए नए आवेदन मंगाए हैं।
Harmanpreet Kaur के कप्तानी छोड़ने पर बोली BCCI, भारतीय क्रिकेट में हमेशा खास रहेगा योगदान
(फाइल तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, छह अक्टूबर हरमनप्रीत कौर के भारतीय महिला क्रिकेट (बीसीसीआई) टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद बीसीसीआई ने मंगलवार को कहा कि 2025 महिला विश्व कप की ऐतिहासिक जीत उनके कप्तानी करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगी। बोर्ड ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान का इतिहास में हमेशा “खास स्थान” रहेगा। बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने भारतीय महिला क्रिकेट के विकास के अहम दौर में हरमनप्रीत के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने यह भी खुशी जताई कि 37 वर्षीय हरमनप्रीत आगे भी खिलाड़ी के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व करती रहेंगी। मन्हास ने कहा, “कप्तान के रूप में हरमनप्रीत कौर का योगदान भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा खास रहेगा। 2025 विश्व कप की जीत निश्चित रूप से उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।”हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। 2022 में उन्हें वनडे और टेस्ट टीम की पूर्णकालिक कप्तानी भी मिल गई थी। पिछले साल भारत को पहली बार महिला वनडे विश्व कप जिताने और पिछले महीने नागोया में लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक दिलाने के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। बीसीसीआई को भेजे संदेश में हरमनप्रीत ने कहा कि अब कप्तानी की जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का सही समय है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही रहेगी। उन्होंने कहा, “भारत की कप्तानी करना मेरे जीवन के सबसे बड़े सम्मान और गौरव में से एक रहा है। काफी सोच-विचार के बाद मुझे लगता है कि अब जिम्मेदारी सौंपने और टीम को नए नेतृत्व में आगे बढ़ने देने का सही समय है।”पूर्व कप्तान ने साफ किया कि वह खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए खेलना जारी रखना चाहती हैं और टीम की सफलता में योगदान देती रहेंगी। हरमनप्रीत की कप्तानी का सबसे यादगार पल 2025 विश्व कप में आया, जब भारत ने नवी मुंबई में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता। सेमीफाइनल में भी उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 89 रन की शानदार पारी खेली थी और जेमिमा रोड्रिग्स के साथ 167 रन की मैच जीताने वाली साझेदारी की थी। उनकी कप्तानी की शुरुआत एक दशक से भी पहले हुई थी। 2012 महिला टी20 एशिया कप के फाइनल में उन्होंने पहली बार भारत की कप्तानी की थी। नियमित टी20 कप्तान बनने के बाद उन्होंने मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने पर वनडे और टेस्ट की कप्तानी भी संभाली। हरमनप्रीत के नेतृत्व में भारत 2020 महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचा, 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता और उसी साल पहली बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया। टीम ने पिछले महीने नागोया में इस खिताब का सफलतापूर्वक बचाव भी किया। इस साल हरमनप्रीत ने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। वह 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली पहली खिलाड़ी और 150 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी भी बनीं। कप्तान बनने से काफी पहले ही हरमनप्रीत भारत की प्रमुख मैच विजेता खिलाड़ियों में शामिल हो चुकी थीं। 2017 महिला विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी नाबाद 171 रन की पारी आज भी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि कप्तान के तौर पर हरमनप्रीत कौर ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, खासकर टीम को विश्व कप जीत तक पहुंचाने की उनकी पूरी यात्रा पर उन्हें बेहद गर्व होना चाहिए। सैकिया ने कहा, ‘‘ हरमनप्रीत ने कई बार निराशा का सामना करने के बावजूद टीम और उसकी क्षमता पर भरोसा बनाए रखा। यही वजह है कि 2025 में भारत की विश्व कप जीत और भी खास बन गई।’’उन्होंने कहा, “आप कई वर्षों से इस सफर का हिस्सा थीं और आखिरकार आपको भारत को पहली बार महिला क्रिकेट विश्व कप जिताने वाली कप्तान बनने का मौका मिला। यह भारतीय क्रिकेट के महान पलों में हमेशा याद किया जाएगा।”सैकिया ने कप्तानी छोड़ने के बाद भी खिलाड़ी के रूप में भारत के लिए खेलते रहने के हरमनप्रीत के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए हरमनप्रीत का अनुभव और उनका प्रभाव आगे भी काफी महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा , ‘‘हरमनप्रीत ने यह फैसला काफी सोच-समझकर लिया है। उन्होंने ऐसे समय में कप्तानी की जिम्मेदारी किसी और को सौंपने का फैसला किया, जब उन्हें लगा कि टीम नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।’’हरमनप्रीत ने कहा कि वह आगे भी भारत की जर्सी पहनकर खेलना और टीम के नए नेतृत्व का समर्थन करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “मैं भारत की जर्सी में इस सफर को जारी रखने और उसी गर्व, विनम्रता और प्रतिबद्धता के साथ भारतीय क्रिकेट में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं, जिसे मैंने हमेशा अपने साथ रखा है।
India vs West Indies: पहले T20 में भारत ने चुनी गेंदबाजी, नमन धीर का डेब्यू; वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग-11 से बाहर
IND vs WI पहले टी20 में नमन धीर का हुआ डेब्यू, 9 दिनों के भीतर भारत के लिए खेले दो अलग-अलग फॉर्मेट
लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टी20 मैच खेला जा रहा है। इस मैच में टीम इंडिया के ऑलराउंड नमन धीर को डेब्यू करने का मौका मिला है।
IND vs WI टी20 सीरीज में टीम इंडिया ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी का किया फैसला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जा रहा है। एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम पहली बार मैदान पर उतरी है। इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है।
भारत समेत सात देश 2036 ओलंपिक की मेजबानी के इच्छुक हैं। आईओसी ने कहा कि 31 अक्टूबर के बाद ओलंपिक की मेजबानी के लिए किसी और इच्छुक पक्ष पर विचार नहीं किया जाएगा।
लॉस एंजिल्स 2036 ओलिंपिक की मेजबानी की रेस में भारत समेत 7 देश शामिल हैं। इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। भारत के अलावा कतर, साउथ कोरिया, जर्मनी, हंगरी, तुर्किये और साउथ अफ्रीका ने मेजबानी में रुचि जताई है। भारत ने अहमदाबाद को ओलिंपिक शहर चुना है। अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी करनी है। अहमदाबाद में दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम नरेंद्र मोदी स्टेडियम मौजूद है। IOA भारत की दावेदारी आगे बढ़ा रहा 2036 ओलिंपिक के लिए भारत की दावेदारी इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) के जरिए आगे बढ़ रही है। IOA ने IOC को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा है। 31 अक्टूबर 2026 तक दूसरे देश भी अपनी रुचि जता सकते हैं। इसके बाद मार्च 2027 में IOC एग्जीक्यूटिव बोर्ड उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट तय करेगा। चुने गए देशों के प्रस्तावों में वेन्यू, फाइनेंस, गवर्नेंस और आयोजन क्षमता का आकलन होगा। इसके बाद उम्मीदवारों को अपनी योजनाएं तैयार कर IOC के सामने पेश करने का समय मिलेगा। 2036 ओलिंपिक के मेजबान का फैसला 2029 के मध्य में IOC सेशन में वोटिंग से होगा। इस बार रेस क्यों अलग है? 2036 ओलिंपिक के लिए IOC ने ब्रिस्बेन 2032 की तुलना में ज्यादा खुली और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया अपनाई है। IOC अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने जून 2025 में पद संभालने के बाद पिछली फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया को रोक दिया। अब IOC सदस्य कई उम्मीदवारों में से मेजबान चुनेंगे। नई प्रक्रिया में सिर्फ बड़े या महंगे प्रोजेक्ट के बजाय एथलीटों को केंद्र में रखकर यह देखा जाएगा कि प्रस्तावित शहर खिलाड़ियों के लिए कितना बेहतर गेम्स अनुभव दे सकता है। भारत के सामने कौन-कौन? 2036 ओलिंपिक की रेस में भारत के अलावा कतर, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, हंगरी और तुर्किये हैं। भारत के लिए सिर्फ 2036 नहीं, 2030 भी अहम भारत की 2036 ओलिंपिक की दावेदारी के साथ 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भी अहम हैं। भारत ने अहमदाबाद को केंद्र बनाकर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की औपचारिक दावेदारी पेश की है। अगर मेजबानी मिलती है, तो इन खेलों के जरिए भारत को बड़े बहु-खेल आयोजन की अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। IOA ने इसके लिए औपचारिक प्रस्ताव भी जमा किया है। अहमदाबाद में बड़े खेल आयोजनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग सुविधाओं की तैयारियों की भी समीक्षा हो रही है। मई 2026 में कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रस्तावित ओलिंपिक से जुड़े खेल ढांचे को लेकर समीक्षा बैठक हुई थी। भारत ने पेरिस ओलिंपिक में 6 मेडल जीते थे...
2036 Olympic Games: भारत समेत 7 देश नवंबर में IOC के सामने रखेंगे मेजबानी का दावा
लुसाने, छह अक्टूबर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने मंगलवार को कहा कि भारत, जर्मनी, कतर और तुर्किये समेत सात देशों ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में रूचि दिखाई है और उन्हें नवंबर में ‘फ्यूचर होस्ट कमीशन’ के सामने अपने प्रोजेक्ट पेश करने के लिये बुलाया गया है। आईओसी ने कहा कि प्रोजेक्ट का आकलन कई तकनीकी पहलुओं पर किया जायेगा जिनमें आयोजन स्थलों का मास्टर प्लान और खिलाड़ियों का अनुभव, फंडिंग को लेकर रणनीति, राजनीतिक और जनता का समर्थन, मेजबानी की क्षमता और मेजबान समुदायों को दीर्घकालिन फायदे पहुंचाने वाली विरासत रणनीति शामिल है। आईओसी ने इन ‘प्रेजेंटेशन’ के लिये कोई निश्चत समय सीमा नहीं बताई। आईओसी ने एक बयान में कहा ,‘‘ इच्छुक पक्ष आईओसी से लगातार संवाद कर रहे हैं और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा रखने वाले देश हैं : जर्मनी, हंगरी, भारत, कतर, कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये।’इसमें आगे कहा गया ,‘‘कई राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (एनओसी) 2036 के बाद होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर आईओसी के साथ शुरूआती बातचीत में शामिल है। इच्छुक पक्षों को नवंबर में ‘फ्यूचर होस्ट कमीशन’ के सामने अपना प्रोजेक्ट पेश करने के लिये आमंत्रित किया गया है।’’आईओसी ने कहा कि 31 अक्टूबर के बाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिये किसी और इच्छुक पक्ष पर विचार नहीं किया जायेगा। पहली बार ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा जताने वाले भारत ने अहमदाबाद को मेजबानी के लिये चुना है। भारत ने 2024 में ओलंपिक की मेजबानी की इच्छा जताने संबंधी आशय पत्र सौंप दिया था। इसके बाद आईओसी की नयी अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने मेजबान चयन प्रक्रिया रोक दी थी और कहा था कि प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिये सदस्य देशों से राय ली जायेगी। 2036 ओलंपिक के मेजबान का ऐलान 2029 के मध्य में किया जायेगा। भारत की ओर से संवाद की अगुवाई खेल मंत्रालय के सहयोग से भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) गुजरात सरकार के साथ मिलकर करेगा। आईओसी अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने कहा ,‘‘ मैं खुशकिस्मत थी कि मुझे चार महाद्वीपों में पांच ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिला। हर ओलंपिक की अपनी अलग खासियत थी। हर मेजबान देश ने अपने लोगों, अपनी संस्कृति और खेलों के आयोजन के अपने तरीके से कुछ अनोखा पेश किया।’’उन्होंने कहा ,‘‘लेकिन जब भी खेल होते हैं तो एक चीज कभी नहीं बदलती कि हर चीज का केंद्र खिलाड़ी होते हैं। एक खिलाड़ी होने के नाते ओलंपिक खेलने का सपना पूरा करने के लिये आप बरसों मेहनत करते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ ओलंपिक खेलों में भागीदारी का अनुभव जीवन भर आपके साथ रहता है। इसलिये भविष्य के हर मेजबान के लिये खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ अनुभव देना शुरूआती कदम होना चाहिये।’’इससे पहले जून में आईओसी ने ओलंपिक मेजबान चुनने की प्रक्रिया की समीक्षा के तहत ‘विकसित प्रोजेक्ट वाले इच्छुक पक्षों’ को चुनने के लिये एक रणनीतिक बातचीत का चरण शुरू किया था। नवंबर में होने वाले ‘प्रेजेंटेशन’ के बाद का अगला चरण लक्ष्य केंद्रित संवाद की बजाय रणनीतिक संवाद होगा जो बदले हुए ढांचे में भी निर्णय लेने की प्रक्रिया का अंतिम चरण बना रहेगा। अंतिम चरण 2028 में शुरू होगा। लक्ष्य केंद्रित संवाद के बाद आईओसी सदस्यों को ‘फ्यूचर होस्ट कमीशन’ से रिपोर्ट मिलेगी। इसके बाद 2029 के मध्य में आईओसी कार्यकारी बोर्ड उन पसंदीदा मेजबानों को चुनेगा जिन्हें 2036 ओलंपिक खेलों का मेजबान चुनने के लिये आईओसी सत्र में चुनाव के लिये पेश किया जायेगा।
सौरव गांगुली आईपीएल फ्रेंचाइजी 'दिल्ली कैपिटल्स' के हेड कोच नियुक्त
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) का हेड कोच नियुक्त किया गया है।
हेली मैथ्यूज : जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन, करियर की बेस्ट आईसीसी रैंकिंग
नई दिल्ली, जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद वेस्टइंडीज की कप्तान हेली मैथ्यूज ने करियर की बेस्ट रैंकिंग हासिल की है। 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुनी गईं मैथ्यूज ने विमेंस चैंपियनशिप के तीन मुकाबलों में कुल 326 रन बनाए।
Archer Ganesh Mani Ratnam ने Asian Games में जीता Gold और Bronze, अब LA 2028 पर नजर
जापान में हुए 2026 एशियाई खेलों में दो मेडल जीतने के बाद, जब भारतीय तीरंदाज गणेश मणि रत्नम तिरुमुरु आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा लौटे, तो स्पोर्ट्स एसोसिएशन, परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गणेश मणि रत्नम ने साहिल जाधव और कुशल दलाल के साथ मिलकर पुरुषों के कंपाउंड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत मुकाबले में ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। इसे भी पढ़ें: 6 October, 2026 Stock Market Updates: BSE Sensex में 125 अंकों की बढ़त, शुरुआती कारोबार में 10% उछला Trent अपनी उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए मणि रत्नम ने कहा कि मैंने तीरंदाजी में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया है और मैंने एक व्यक्तिगत ब्रॉन्ज़ मेडल और एक टीम गोल्ड मेडल जीता है। मुझे बहुत गर्व है कि मैंने टीम इंडिया और अपने राज्य संघ के लिए दो मेडल जीते हैं। मेरे पहले एशियाई खेलों के लिए यह एक शानदार पल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि LA 2028 ओलंपिक में मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए भारत के कोटा ने 2028 के खेलों को उनका अगला लक्ष्य बना दिया है। उन्होंने कहा कि चूंकि हमें ओलंपिक में मिक्स्ड टीम के लिए LA 2028 का कोटा मिल गया है, इसलिए मेरा अगला लक्ष्य LA 2028 होगा और मैं इस पर काम करूंगा। सरकार ने मुझे आर्थिक और नैतिक समर्थन दिया है। हर कोई हमें बहुत समर्थन दे रहा है, जिससे मुझे अपने पहले एशियाई खेलों में ये दो मेडल जीतने में मदद मिली। मणि रत्नम ने वियतनाम के कांग डुक डैंग को 149-144 से हराकर पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Craig Fulton बोले, भारतीय टीम के लिए Paris Olympics का कांस्य पदक सबसे खास रहा इससे पहले, मणि रत्नम, कुशल दलाल और साहिल जाधव वाली भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने चीन को 238-237 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। साहिल जाधव का प्रदर्शन शानदार रहा, उन्होंने हर शॉट पर 10 अंक हासिल किए, जबकि कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम ने भी अहम 10 अंक दिलाए। हालांकि भारत फाइनल के ज़्यादातर समय पीछे चल रहा था, लेकिन उन्होंने दबाव बनाए रखा और आखिरी राउंड में चीन से आगे निकलकर जीत हासिल की।
इंटरनेट डेस्क। भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अचानक कप्तानी छोड़ दी है। अभी हाल ही में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कौर की कप्तानी में ही एशियन गेम्स महिला क्रिकेट में गोल्ड मेडल जीता था। अब उन्होंने कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी है, हालांकि वे एक खिलाड़ी के तौर पर खेलती रहेंगी। इस बीच संभावना है कि स्मृति मंधाना को नया कप्तान बनाया जा सकता है। हरमनप्रीत ने साल 2016 में टी20 इंटरनेशनल में भारतीय टीम की कमान संभाली थी। इसके बाद जब साल 2022 में मिताली राज ने संन्यास का ऐलान किया, तब वे वनडे की भी कप्तान बनी। अब कौन की उम्र करीब 37 साल की हो चुकी है। हरमनप्रीत कौर ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने पहली ही लाइन में लिख दिया कि वह सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ रही हैं। उन्होंने लिखा है कि यह एक कठिन फैसला है। इसमें सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल शामिल हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे। pc- india tv hindi
दिल्ली कैपिटल्स के सौरव गांगुली आईपीएल फ्रेंचाइजी के हेड कोच नियुक्त
नई दिल्ली, भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) का हेड कोच नियुक्त किया गया है। यह डीसी के साथ गांगुली का पहला औपचारिक कोचिंग रोल होगा।
IND vs WI पहले टी20 में चौके-छक्कों की होगी बरसात या गेंदबाज करेंगे वार? जानिए लखनऊ की पिच का मिजाज
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टी20 मैच आज लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा। यहां की पिच हाल के दिनों में बल्लेबाजों के अनुकूल रही है, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आज के मैच में बल्लेबाज या गेंदबाज में से किसे फायदा मिलता है।
China Open में Daniil Medvedev के डिफॉल्ट होने के बाद Novak Djokovic फाइनल में पहुंचे
बीजिंग में खेले गए सेमीफ़ाइनल मैच के दौरान डेनिल मेदवेदेव के 'डिफ़ॉल्ट' होने के बाद नोवाक जोकोविच चाइना ओपन के फ़ाइनल में पहुँच गए। छह बार के चैंपियन जोकोविच 7-5, 5-3, 15/15 के स्कोर पर मैच के लिए सर्विस कर रहे थे, तभी एक गेंद पीछे की दीवार से टकराकर वापस आई। मेदवेदेव ने सहज प्रतिक्रिया में गेंद को मारा, जो भीड़ में मौजूद एक दर्शक को जा लगी, जिसके कारण उन्हें 'डिफ़ॉल्ट' घोषित कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: VVS Laxman बोले Shreyas Iyer बनेंगे सफल कप्तान, रणनीति और तैयारी को सराहा यह 2022 में अस्ताना में खिताब जीतने के बाद जोकोविच का पहला ATP 500 फ़ाइनल है। मंगलवार को होने वाले चैंपियनशिप मैच में उनका मुकाबला पांचवीं वरीयता प्राप्त ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एलेक्स डी मिनौर से होगा। ATP हेड-टू-हेड सीरीज़ में जोकोविच अभी 3-1 से आगे हैं। जोकोविच ने कहा कि सच कहूं तो यह थोड़ा चौंकाने वाला था। उस व्यक्ति के लिए बुरा लगा [जिसे चोट लगी]। सच कहूं तो मैंने देखा नहीं कि क्या हुआ था। मुझे उम्मीद है कि उस व्यक्ति को ज़्यादा चोट नहीं आई होगी। दूसरी ओर, मुझे डेनिल के लिए भी बुरा लग रहा है, क्योंकि मैं अच्छी तरह जानता हूं कि किसी बड़े मैच में डिसक्वालिफ़ाई होने पर कैसा महसूस होता है। 2020 US ओपन में मुझे भी ऐसे ही हालात में डिसक्वालिफ़ाई किया गया था। मुझे यकीन है कि डेनिल ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। ऐसा हो जाता है। मेदवेदेव के डिसक्वालिफ़ाई होने से पहले, दोनों के बीच बीजिंग के सेंटर कोर्ट पर एक कड़ा सेमीफ़ाइनल मुकाबला हुआ जो दो घंटे 29 मिनट तक चला। मेदवेदेव, जिन्होंने हाल ही में हांग्जो का खिताब जीता था, लगातार आठ मैच जीतकर इस मुकाबले में उतरे थे और पूरे आत्मविश्वास के साथ खेले। जोकोविच ने शुरुआती सेट में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए पहला सेट जीता और फिर दूसरे सेट में मेदवेदेव की सर्विस दो बार तोड़ी, जिससे वे जीत के करीब पहुँच गए। इसे भी पढ़ें: Ranji Trophy: मुंबई टीम से Suryakumar Yadav बाहर, Ayush Mhatre बने उपकप्तान जोकोविच ने कहा कि मैं जीत से बस तीन पॉइंट दूर था। यह एक बहुत मुश्किल मुकाबला था और मैं बिल्कुल भी तीसरा सेट नहीं खेलना चाहता था। हालात वैसे ही लग रहे थे। मुझे नहीं पता कि मैंने कितने ब्रेक पॉइंट बचाए; यह अविश्वसनीय था। दानिल के साथ मुकाबला हमेशा कड़ा होता है। जब वह धीमी परिस्थितियों में अपनी ज़बरदस्त सर्विस के साथ गेंद को अच्छे से खेल रहा हो, तो उसके खिलाफ खेलना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन अब हम आगे बढ़ रहे हैं।
महिला क्रिकेट में बड़ा फेरबदल: वर्ल्ड कप जिताने वाली हरमनप्रीत ने छोड़ी कप्तानी, स्मृति मंधाना बन सकती हैं अगली कप्तान!
IPL 2027: दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच बने सौरव गांगुली, आईपीएल खिताब जिताना होगा...
इंटरनेट डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2027 सीजन के लिए अपना नया हेड कोच बनाया है। गांगुली अब टीम की कोचिंग और रणनीति की कमान संभालेंगे। उनके अनुभव को देखते हुए दिल्ली कैपिटल्स को उनसे टीम के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद होगी। गांगुली के लिए यह दिल्ली कैपिटल्स के साथ एक नई भूमिका होगी, लेकिन फ्रेंचाइजी से उनका रिश्ता काफी पुराना है, वह साल 2019 में दिल्ली कैपिटल्स से बतौर एडवाइजर जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने फ्रेंचाइजी के क्रिकेटिंग सेटअप में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह पुरुष और महिला दोनों टीमों के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट भी रह चुके हैं। गांगुली ने दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेटिंग सिस्टम को करीब से देखा और समझा है। अब हेड कोच के तौर पर उनकी जिम्मेदारी टीम को आईपीएल खिताब की चुनौती के लिए तैयार करने की होगी। pc- aaj tak
दिल्ली कैपिटल्स ने सौरव गांगुली को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, IPL 2027 में नए अवतार में नजर आएंगे ‘दादा’
सौरव गांगुली के लिए दिल्ली कैपिटल्स की टीम नई नहीं है। उन्होंने 2019 में फ्रेंचाइजी के साथ सलाहकार के तौर पर काम किया था। इसके बाद जनवरी 2023 में उन्हें टीम का क्रिकेट निदेशक बनाया गया। इस भूमिका में उन्होंने फ्रेंचाइजी के क्रिकेट से जुड़े फैसलों और टीम की रणनीति में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाजी में नई जान फूंकने और वनडे विश्व कप 2011 में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले जहीर खान बुधवार को 48 वर्ष के हो चुके हैं। एक क्रिकेटर के तौर पर शुरू हुआ जहीर का करियर अब बदल चुका है, लेकिन एक तेज गेंदबाज के तौर पर उनका प्रभाव आज भी बरकरार है।
प्रियांश आर्य : नीली जर्सी का दबाव बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर देता है
नई दिल्ली, युवा सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य ने मंगलवार से ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ होने वाले वनडे मैचों की तैयारी के दौरान इंडिया ए के साथ अपने समय को याद किया। उन्होंने इंडिया 'ए' के लिए खेलने का अनुभव मजेदार बताया। उन्होंने कहा कि दबाव में शानदार प्रदर्शन का अवसर भी होता है।
VVS Laxman बोले Shreyas Iyer बनेंगे सफल कप्तान, रणनीति और तैयारी को सराहा
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारत के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि श्रेयस अय्यर में भारतीय टीम की सफल कप्तानी करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि अय्यर की अच्छी तैयारी, रणनीति की समझ और विपक्षी टीम की ताकत को पहचानने की क्षमता उन्हें एक मजबूत कप्तान बनाती है। श्रेयस अय्यर ने जापान में भारत को पुरुष क्रिकेट का स्वर्ण पदक दिलाया। अय्यर के कप्तानी संभालने के तरीके से प्रभावित लक्ष्मण ने कहा कि मध्यक्रम के इस बल्लेबाज में पहले से ही वे खूबियां नजर आ रही हैं, जो तेज गति वाले टी20 क्रिकेट में विपक्षी टीम से एक कदम आगे रहने के लिए जरूरी हैं। भारत ने बड़े स्कोर वाले रोमांचक फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। इस पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने ‘बीसीसीआई’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “यह उनके कप्तानी करियर की अभी शुरुआत है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि वह काफी सफलता हासिल करेंगे। वह खिलाड़ियों के कप्तान हैं। वह हर खिलाड़ी को सहज महसूस कराते हैं और खुद आगे बढ़कर नेतृत्व करते हैं।”उन्होंने कहा, “चाहे बल्लेबाजी की बात हो या मैदान पर फैसले लेने की वह टीम बैठक से पहले ही विपक्षी टीम की योजनाओं, उसकी ताकत और कमजोरियों को समझने के लिए बैठ जाते हैं। तैयारी को लेकर वह बहुत गंभीर रहते हैं। फिटनेस पर भी काफी जोर देते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि बतौर कप्तान उनका कार्यकाल बहुत सफल रहेगा।”अपने खेल के दिनों में शानदार बल्लेबाज रहे लक्ष्मण ने अय्यर की रणनीतिक समझ और टीम में मौजूद खिलाड़ियों की क्षमताओं को पहचानने की उनकी क्षमता की भी तारीफ की। उनका मानना है कि इन्हीं खूबियों की वजह से अय्यर अपने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, “वह खिलाड़ियों के बहुत अच्छे कप्तान हैं। रणनीति के मामले में वह बेहद समझदार और तेज हैं। वह अपनी टीम के हर खिलाड़ी की ताकत को समझते हैं और जानते हैं कि उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे करवाना है।”लक्ष्मण ने कहा, “खासकर टी20 क्रिकेट में आपको विपक्षी टीम से एक-दो कदम आगे रहना होता है। अय्यर जिस तरह विपक्षी टीम की ताकत और कमजोरियों को समझते हैं और उसके अनुसार पूरी तैयारी करते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।”लक्ष्मण की यह तारीफ एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम की मुश्किल तैयारियों के बाद आई है। खराब मौसम, लगातार यात्रा और मैदान पर अभ्यास के सीमित मौकों ने टीम की तैयारियों को चुनौती दी थी। लक्ष्मण ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ियों का खुद को ढालना अभियान की सबसे अच्छी बातों में से एक रहा। उन्होंने कहा, “जब से हम जापान पहुंचे, मौसम, यात्रा और अच्छे अभ्यास सत्रों की कमी के कारण हमारे सामने कई चुनौतियां थीं। लेकिन एक बार भी मुझे ऐसा नहीं लगा कि टीम या किसी खिलाड़ी में बड़े मुकाबलों के लिए तैयार होने की उत्सुकता नहीं है।”उन्होंने कहा, “हम जानते थे कि श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल की पिच मुश्किल थी, लेकिन खिलाड़ियों ने सकारात्मक रवैया दिखाया। फाइनल में भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में टीम ने बेहद पेशेवर प्रदर्शन किया।”लक्ष्मण इस बात से भी खुश थे कि खिलाड़ियों ने उन परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल में आमतौर पर देखने को नहीं मिलतीं। उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की परिस्थितियां जापान से बिल्कुल अलग थीं, फिर भी खिलाड़ियों ने खुद को अच्छी तरह ढाला था। उन्होंने कहा, “चीन और जापान, दोनों जगह हमारे सामने अलग-अलग तरह की चुनौतियां थीं। मुझे खुशी है कि दोनों बार खिलाड़ियों ने परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला, बदलाव किए और देश के लिए मनचाहा परिणाम हासिल किया।”लक्ष्मण के लिए यह स्वर्ण पदक इसलिए भी खास था क्योंकि क्रिकेटरों को किसी बड़े बहु-खेल आयोजन में पोडियम पर खड़े होकर स्वर्ण पदक हासिल करने का मौका बहुत कम मिलता है।
IND vs AUS LIVE SCORE: भारत और ऑस्ट्रेलिया की ए टीमों के बीच वनडे मुकाबला, यहां देखें लाइव स्कोर
भारत ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच आज पुडुचेरी में तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। टीम इंडिया की कमान इस सीरीज के लिए रुतुराज गायकवाड को सौंपी गई है। ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले बैटिंग कर रही है।
कोको गॉफ : सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर गुस्सा बोली- मैं चोर या धोखेबाज नहीं
नई दिल्ली, टेनिस स्टार कोको गॉफ ने चाइना ओपन के राउंड ऑफ 32 मैच के दौरान हुई एक घटना से सोशल मीडिया पर हुई अपनी ट्रोलिंग का करार जवाब दिया है। उन्होंने खुद निष्पक्ष बताते हुए कहा है कि वह चोर या धोखेबाज नहीं हैं।
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को दिल्ली कैपिटल्स का हेड कोच नियुक्त किया गया है। वे अगले IPL सीजन में टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे। गांगुली इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स के साथ डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्होंने 2025 में प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच के रूप में अपना पहला कोचिंग रोल संभाला था। IPL में 59 मैचों में 1,349 रन बनाए गांगुली ने IPL में 59 मैचों में 1,349 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 91 रन रहा और उन्होंने 7 अर्धशतक लगाए। उन्होंने IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स और पुणे वॉरियर्स इंडिया की कप्तानी भी की। गांगुली का IPL डेब्यू 2008 में KKR के लिए हुआ था और उन्होंने आखिरी मैच 2012 में पुणे वॉरियर्स के लिए खेला। बतौर गेंदबाज उनके नाम 10 विकेट भी हैं। गांगुली ने 16 साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेला गांगुली ने 1992 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू किया और 1996 में इंग्लैंड के लॉर्ड्स मैदान पर टेस्ट डेब्यू करते हुए 131 रन की शानदार पारी खेली। अपने इंटरनेशनल करियर में 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 311 वनडे में 11,363 रन बनाए। उन्होंने टेस्ट में 16 और वनडे में 22 शतक जड़े। वे साल 2000 में भारत के कप्तान बने। गांगुली की कप्तानी में भारत ने विदेशों में कई ऐतिहासिक टेस्ट मैच जीते और 2003 वर्ल्ड कप फाइनल तक का सफर तय किया। 2002 में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचाया। फिर श्रीलंकाई कप्तान सनथ जयसूर्या के साथ ट्रॉफी साझा की। इसी साल लॉर्ड्स में नेटवेस्ट ट्रॉफी जीती। 2008 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया था। 2019 में BCCI अध्यक्ष बने थे गांगुली गांगुली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष हैं। 2019 में BCCI के अध्यक्ष बने थे। उन्हें 2022 में पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनकी जगह 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे रोजर बिन्नी को नया चेयरमैन बनाया गया। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हरमनप्रीत ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ी हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ दी है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। हरमनप्रीत की जगह स्मृति मंधाना टीम की नई कप्तान बन सकती हैं। पूरी खबर…
दिल्ली कैपिटल्स ने किया बड़ा ऐलान, सौरव गांगुली को बनाया नया हेड कोच
सौरव गांगुली को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली कैपिटल्स ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है।
नई दिल्ली, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय का मंगलवार को अंत हो गया। अपनी कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को सफलता की नई ऊंचाई पर पहुंचाने वाली हरमनप्रीत कौर ने अपना पद छोड़ दिया है। 37 साल की हरमन ने सोशल मीडिया पर महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने की घोषणा की। बतौर खिलाड़ी वह सक्रिय रहेंगी।
वैसे तो एशियन गेम्स में भाग लेने वाले हर भारत के हर खिलाड़ी ने मेडल और देश का नाम रोशन करने के लिए जी जीन लगाई। पर जिन पांच खिलाड़ियों का जिक्र हम करने जा रहे हैं, उसके पीछे की वजह काफी खास है। इस खबर को अंत में वो खास वजह आपको अपने आप पता चल जाएगी
Harmanpreet Kaur ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ी, तीनों प्रारूपों से इस्तीफा
(फाइल तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारत की एकमात्र विश्व कप विजेता महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा देते हुए कहा कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और अब वह “एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार और जुनून के लिए खेलने को तैयार हैं।”सैतीस वर्षीय हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसकी आगे की दिशा का आकलन किया गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए। हाल के दिनों में भारतीय महिला टीम की कप्तानी करने की अपनी इच्छा खुलकर जाहिर करने वाली स्मृति मंधाना अगली कप्तान बनने की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहीं हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘ मैं आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हट रही हूं।’’उन्होंने कहा, “यह फैसला आसान नहीं है। इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे अनगिनत पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे।”हरमनप्रीत ने यह भावुक संदेश इंस्टाग्राम पर साझा किया। इसके साथ उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान की ओर मुंह करके खड़े अपनी तस्वीर भी पोस्ट की। इससे पहले हरमनप्रीत ने कम से कम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक टीम की कप्तानी करने की इच्छा जताई थी। भारत इन खेलों के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुका है। हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी और करीब एक दशक तक इस जिम्मेदारी को निभाया। 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को सम्मान के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट का नेतृत्व करने का अवसर मिलने के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी।”हरमनप्रीत हालांकि तीनों प्रारूपों में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, “अब मेरे लिए नया अध्याय शुरू करने का समय है। कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। मैंने अपना खून, पसीना, त्याग और सम्मान सब कुछ इस टीम को दिया है। मैं अब फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं। कप्तानी का अंत हुआ है, सफर जारी है।”अपने भावुक बयान में अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को अपना सब कुछ दिया और कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखकर टीम की जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने लिखा, ‘‘मैंने अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने खेल तथा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का एक हिस्सा भी टीम को दिया। ऐसे कई मौके आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपने विकास और अपनी इच्छाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले होनी चाहिए।”हरमनप्रीत को भारत की महानतम क्रिकेटरों में शुमार किया जाता है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने पिछले साल पहली बार वनडे विश्व कप जीता था। हाल ही में टीम ने एशियाई खेलों के टी20 प्रारूप में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक भी हासिल किया। इसके अलावा हरमनप्रीत की अगुआई में भारत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की। उन्होंने कहा, “एक कप्तान के रूप में मुझे कई कठिन फैसले लेने पड़े। ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे और कभी-कभी जिनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी।”उन्होंने आगे कहा, “मेरा हर फैसला टीम को बेहतर बनाने के प्रेरित था। इसमें अन्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना शामिल है।’’इस साल की शुरुआत में भारत के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने और बल्ले से खासकर टी20 प्रारूप में हरमनप्रीत के अपेक्षाकृत निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनकी कप्तानी को लेकर आलोचना बढ़ने लगी थी। पूर्व खिलाड़ी डायना एडुल्जी समेत कुछ लोगों ने स्मृति मंधाना को कप्तानी सौंपे जाने की वकालत भी की थी। हरमनप्रीत ने कहा, “मैंने सब कुछ देखा है। मैंने टीम के सबसे बुरे दौर, निराशा, आलोचना, लोगों के सवाल और ऐसे दिन देखे हैं, जब लगता था कि कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं हो रहा। लेकिन मैंने जीत की सबसे बड़ी खुशियां भी महसूस की हैं—जीत, जश्न, देश के लिए खेलने का गर्व और वे पल, जिन्होंने हमारे हर त्याग को सार्थक बना दिया।”उन्होंने कहा कि वह कप्तानी की जिम्मेदारी “भावनाओं से भरे दिल, लेकिन मन में शांति के साथ” छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, “ मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम एक अच्छी स्थिति में है। ऐसी टीम, जिसमें प्रतिभा, चरित्र, आत्मविश्वास और एक उज्ज्वल भविष्य है। मैं उसके आगे के सफर को देखने और उसका हिस्सा बने रहने के लिए बेहद उत्साहित हूं।
हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी छोड़ी, कहा- टीम के लिए अपना खेल तक कुर्बान किया
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी और कप्तान हरमनप्रीत कौर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का बड़ा फैसला किया है. कप्तानी से हटने के बाद हरमनप्रीत कौर ने एक बेहद भावुक बयान जारी किया है. हरमनप्रीत ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि उन्होंने टीम की भलाई और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए अपने खुद के खेल तक को कुर्बान कर दिया.
IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टी20 मुकाबला आज, जाने कितने बजे शुरू होगा मैच
इंटरनेट डेस्क। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आज से आगाज होने जा रहा है। सीरीज का पहला मैच लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा। दोनों ही टीमें विजयी आगाज के लक्ष्य से मैदान में उतरेगी। युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग इलेवन से बाहर हो सकते हैं। पहले टी20 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। नंबर-3 पर ईशान किशन उतर सकते हैं। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा बल्लेबाजी के लिए आने की पूरी संभावना है। पहले टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग इलेन इस प्रकार हैः श्रेयस अय्यर (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव। PC- cricinfo.com
भारतीय कप्तान शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, शेफाली वर्मा और श्री चरणी को सितंबर के ICC प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया है। ICC ने मंगलवार को सितंबर महीने के लिए मेंस और विमेंस कैटेगरी के नॉमिनेशन का ऐलान किया। मेंस कैटेगरी में गिल और अभिषेक के साथ जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा को जगह मिली है। वहीं, विमेंस में शेफाली और श्री चरणी के अलावा श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को नॉमिनेटे किया गया हैं। गिल ने 133 गेंदों में जड़ा सबसे तेज वनडे डबल सेंचुरी भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 वनडे में 333 रन बनाए। उन्होंने पहले वनडे में 110 रन की पारी खेली। इसके बाद दूसरे वनडे में 133 गेंदों पर 223 रन बनाए। यह वनडे इतिहास की सबसे तेज डबल सेंचुरी है। गिल की पारी की मदद से भारत ने 406 रन का लक्ष्य 8 विकेट रहते और 39 गेंद बाकी रहते हासिल किया। गिल पांचवीं बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड की रेस में हैं। अभिषेक ने 30 गेंदों में लगाया शतक अभिषेक शर्मा ने सितंबर में 4 टी-20 इंटरनेशनल में 229 रन बनाए। अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी-20 में उन्होंने 34 गेंदों पर 108 रन बनाए। इस पारी में अभिषेक ने 30 गेंदों में शतक पूरा किया, जो किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज टी-20 इंटरनेशनल शतक है। उन्होंने रोहित शर्मा के 35 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। श्री चरणी ने 7 मैच में लिए 18 विकेट भारतीय स्पिनर श्री चरणी ने सितंबर में 7 टी-20 इंटरनेशनल में 18 विकेट लिए। उनका इकोनॉमी रेट 3.30 रहा। एशियन गेम्स के फाइनल में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 13 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके बाद चरणी ICC महिला टी-20 बॉलिंग रैंकिंग में 817 रेटिंग पॉइंट्स तक पहुंचीं, जो इस फॉर्मेट में अब तक का सबसे बड़ा रेटिंग स्कोर है। सिकंदर रजा भी पुरुष वर्ग में नॉमिनेटेड जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में 57, 45 और नाबाद 81 रन बनाए। उन्होंने 3 वनडे में 183 रन बनाने के साथ 3 विकेट भी लिए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 92.89 और इकोनॉमी रेट 5.46 रहा। 3 टी-20 इंटरनेशनल में उन्होंने 90 रन बनाए और 2 विकेट लिए। शेफाली और चमारी भी महिला वर्ग में रेस में शेफाली वर्मा ने सितंबर में 360 रन बनाए और 6 विकेट लिए। वह महिला एशिया कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन और फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 48 रन बनाए। श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने 7 टी-20 इंटरनेशनल में 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट लिए। उन्होंने महिला एशिया कप में इंडोनेशिया के खिलाफ 5 रन देकर 7 विकेट लिए और हैट्रिक भी हासिल की। वोटिंग से चुने जाएंगे विजेता ICC की स्वतंत्र वोटिंग एकेडमी और दुनिया भर के फैंस विजेताओं का चयन करेंगे। वोटिंग में एकेडमी के वोट का वेटेज 90% और फैंस के वोट का 10% होगा। विजेताओं की घोषणा हर महीने के दूसरे हफ्ते में ICC के डिजिटल चैनल्स पर की जाती है। --------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हरमनप्रीत ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ी:उनकी अगुआई में भारत ने पहली बार महिला वर्ल्डकप जीता; स्मृति हो सकती हैं अगली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ दी है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। हरमनप्रीत की जगह स्मृति मंधाना टीम की नई कप्तान बन सकती हैं। पूरी खबर
भारत की वर्ल्ड कप जीतने वाली कप्तान और महिला टीम की स्टार हरमनप्रीत कौर ने आज, मंगलवार, 6 अक्टूबर को घोषणा की कि वह सभी फॉर्मेट में अपनी भूमिका से हट रही हैं। यह फ़ैसला 37 साल के खिलाड़ी के एशियन गेम्स 2026 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद आया है। हरमनप्रीत कौर ने इंडिया महिला टीम की कप्तानी छोड़ी हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर बताया कि वह टीम को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए सभी फॉर्मेट में इंडिया की कप्तानी छोड़ रही हैं, हालांकि वह खिलाड़ी बनी रहेंगी। सोशल मीडिया हैंडल पर उन्होंने लिखा, आज, मैं सभी फॉर्मेट में इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की कैप्टन का पद छोड़ रही हूँ। 37 साल की इस खिलाड़ी ने आगे कहा, यह कोई आसान फैसला नहीं है। इसमें सालों की यादें, इमोशंस, त्याग और ऐसे पल हैं जो ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगे। उन्होंने आगे कहा, मैंने इस टीम और इंडियन विमेंस क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है — अपना खून, अपना पसीना, अपना समय, और कई बार, अपने खेल और पर्सनल एम्बिशन का एक हिस्सा। ऐसे पल भी आए जब मुझे अपनी पर्सनल परफॉर्मेंस, अपनी ग्रोथ, और जो मैं अपने लिए चाहती थी, उसे एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम को पहले आना चाहिए। उन्होंने लिखा, एक कैप्टन के तौर पर, मुझे मुश्किल फैसले लेने पड़े हैं। स्मृति मंधाना भारतीय महिला टीम की कप्तान होंगी? स्मृति मंधाना ने खुद को भारत की सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक के तौर पर स्थापित किया है और जब हरमनप्रीत उपलब्ध नहीं थीं, तब उन्होंने टीम की कप्तानी की है। 30 साल की मंधाना महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी से मजबूत लीडरशिप का भी अनुभव रखती हैं। उन्हें टेस्ट, ODI और T20I में भविष्य की लीडर के तौर पर देखा जाता है।
अचानक आखिर क्यों छोड़ी हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी, ये है इसके पीछे की पूरी कहानी
हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार सुबह अचानक कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया। इससे भूचाल आ गया। इस बीच पता चला है कि इसकी कहानी एक दिन पहले सोमवार को ही लिख दी गई थी, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
IND vs WI T20: भारत के लिए खतरा बन सकते हैं वेस्टइंडीज के ये 3 खिलाड़ी, एक को नहीं जानते भारतीय गेंदबाज
हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी, तीनों फॉर्मेट से बनाई दूरी
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब है। उनकी अगुआई में भारत ने पहली बार महिला वनडे विश्व कप जीता। इस उपलब्धि के साथ हरमनप्रीत वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं।
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। हरमनप्रीत की जगह स्मृति मंधाना को कप्तानी की जिम्मेदारी मिल सकती है। हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता। उनकी कप्तानी में टीम ने 2012, 2016, 2022 और 2026 एशिया कप का खिताब भी अपने नाम किया। वहीं, 2012 एशिया कप में हरमनप्रीत ने सिर्फ फाइनल में कप्तानी की थी, जबकि टूर्नामेंट के बाकी मैचों में मिताली राज ने टीम की कमान संभाली थी। हरमनप्रीत ने लिखा, आज मैं सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ रही हूं। यह आसान फैसला नहीं है। इसमें सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगीभर मेरे साथ रहेंगे। हरमनप्रीत कौर के अचीवमेंट्स लगातार दो बार एशियन गेम्स के गोल्ड जीते हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दो गोल्ड मेडल जीते हैं। भारत ने 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में श्रीलंका को हराकर पहला गोल्ड जीता था। इसके बाद 2026 नागोया एशियन गेम्स में भी टीम ने श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। -------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वर्ल्डकप जिताने वाले सूर्या को रणजी में भी जगह नहीं टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को रणजी ट्रॉफी के ओपनिंग मैच के लिए मुंबई टीम में जगह नहीं मिली है। 42 बार की चैंपियन मुंबई 11 अक्टूबर से चंडीगढ़ के खिलाफ 4 दिवसीय मुकाबला खेलेगी। पूरी खबर…
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम अकाउंट पर इसकी जानकारी दी। हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता। टीम ने हालिया एशिया कप का खिताब भी अपने नाम किया। हरमन ने लिखा, आज मैं सभी फॉर्मेट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ रही हूं। यह आसान फैसला नहीं है। इसमें सालों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल जुड़े हैं, जो जिंदगीभर मेरे साथ रहेंगे। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
आज कितने बजे शुरू होगा भारत बनाम वेस्टइंडीज टी20 मुकाबला, नोट कर लीजिए मैच का सही वक्त
भारत बनाम वेस्टइंडीज पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज आज से शुरू हो रही है। इसका पहला मैच लखनऊ में होगा। मुकाबला शाम को सात बजे से शुरू होगा, इससे आधे घंटे पहले टॉस होगा।
डब्ल्यूटीए टूर: गॉफ ने सन को हराया, झेंग किनवेन 'चाइना ओपन' के 'अंतिम 16' में पहुंचीं
अमेरिकी खिलाड़ी कोको गॉफ ने 16 वर्षीय चीनी खिलाड़ी सन जिनरान को 7-5, 6-1 से शिकस्त देकर चाइना ओपन डब्ल्यूटीए टूर इवेंट में लगातार चौथे साल 'राउंड ऑफ 16' में जगह बनाई। दो बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ने शानदार खेल दिखाते हुए आखिरी 10 में से 9 गेम अपने नाम किए।
दिल्ली कैपिटल्स के फिनिशर आशुतोष शर्मा ने बदली अपनी टीम, रेलवे छोड़कर गुजरात में शामिल हुए
आशुतोष शर्मा IPL का जाना-माना नाम है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में वह लगातार अपनी टीम बदल रहे हैं। अब वह रेलवे की टीम का साथ छोड़कर गुजरात की टीम में शामिल हो गए हैं।
ईशान किशन इतिहास रचने की दहलीज पर, इस साल तोड़ सकते हैं बहुत बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज में ईशान किशन की नजर बड़े रिकॉर्ड पर होगी। ईशान 2026 में 29 T20 इंटरनेशनल मैचों में 1005 रन बना चुके हैं।
पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ 9 से 13 अक्टूबर तक होने वाली 3 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए कप्तान बदल दिया है। सलमान अली आगा की जगह साहिबजादा फरहान को टीम की कमान सौंपी गई है। फरहान ने हाल ही में एशियन गेम्स में पाकिस्तान की कप्तानी की थी। उनकी टीम फाइनल में भारत से 19 रन से हारकर सिल्वर मेडल जीत सकी थी। पाकिस्तान ने टी-20 टीम में बल्लेबाज हसन नवाज और तेज गेंदबाज नसीम शाह की वापसी भी कराई है। वहीं, टेस्ट डेब्यू पर इंग्लैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने वाले रजाउल्लाह को पहली बार टी-20 और वनडे टीम में शामिल किया गया है। एशियन गेम्स में फरहान की कप्तानी में फाइनल तक पहुंची थी टीम साहिबजादा फरहान ने एशियन गेम्स में पाकिस्तान की कप्तानी की थी। टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया, जहां भारत ने उसे 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में हसन नवाज ने पाकिस्तान की ओर से 96 रन की पारी खेली थी। वे आखिरी गेंद पर आउट हुए और टीम लक्ष्य से 19 रन दूर रह गई। हसन नवंबर के बाद से पाकिस्तान की टी-20 टीम से बाहर चल रहे थे। एशियन गेम्स में प्रदर्शन के बाद उन्हें फिर मौका मिला है। नसीम शाह की भी टी-20 टीम में वापसी तेज गेंदबाज नसीम शाह को भी टी-20 टीम में वापस बुलाया गया है। उन्होंने आखिरी बार फरवरी में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में इस फॉर्मेट में पाकिस्तान के लिए खेला था। नसीम को श्रीलंका और इंग्लैंड के साथ होने वाली ट्राई सीरीज के लिए पाकिस्तान की वनडे टीम में भी शामिल किया गया है। यह ट्राई सीरीज 18 अक्टूबर से शुरू होगी। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले महीने बर्मिंघम में टेस्ट डेब्यू करने वाले रजाउल्लाह को भी टी-20 और वनडे टीम में जगह मिली है। उन्होंने अभी तक पाकिस्तान के लिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। वनडे टीम की कप्तानी शाहीन अफरीदी के पास रहेगी पाकिस्तान ने वनडे टीम में कप्तानी में बदलाव नहीं किया है। तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ही वनडे टीम के कप्तान बने रहेंगे। इस टीम में सलमान अली आगा और बाबर आजम भी शामिल हैं। टी-20 टीम में विकेटकीपर की जिम्मेदारी ख्वाजा नफे को दी गई है। वहीं, वनडे टीम में घाजी घोरी को पहली पसंद के विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है। रिजवान को दोनों टीमों में जगह नहीं मिली पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को टी-20 और वनडे दोनों टीमों से बाहर रखा गया है। रिजवान नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन अथॉरिटी की जांच के दायरे में हैं। अगस्त में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान की हार के बाद रिजवान समेत 7 खिलाड़ियों को वापस पाकिस्तान बुलाया गया था। पाकिस्तान के नए बॉलिंग कोच बने शॉन टेट पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज शॉन टेट को पाकिस्तान का नया बॉलिंग कोच बनाया गया है। वे इससे पहले बांग्लादेश की टीम के साथ काम कर रहे थे। टेट के रहते बांग्लादेश ने इस साल पाकिस्तान के खिलाफ 2-0 से टेस्ट सीरीज जीती थी। पाकिस्तान ने उन्हें एशले नॉफ्के की जगह जिम्मेदारी दी है। नॉफ्के अब नीदरलैंड्स टीम के साथ काम करेंगे। 9 अक्टूबर से रावलपिंडी में होगी टी-20 सीरीज पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच 3 टी-20 मैचों की सीरीज रावलपिंडी में खेली जाएगी। सीरीज 9 अक्टूबर से शुरू होगी और 13 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 18 अक्टूबर से पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच ट्राई सीरीज खेली जाएगी। पाकिस्तान की टी-20 टीम साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद, अबरार अहमद, अराफात मिन्हास, फखर जमां, हसन नवाज, मोहम्मद इमरान रंधावा, ख्वाजा नफे, माज सदाकत, नसीम शाह, रजाउल्लाह, सैम अयूब, मोहम्मद सलमान मिर्जा, शादाब खान, सुफियान मुकिम। पाकिस्तान की वनडे टीम शाहीन शाह अफरीदी (कप्तान), अबरार अहमद, सलमान अली आगा, अराफात मिन्हास, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, घाजी घोरी, हारिस रऊफ, हसन नवाज, नसीम शाह, रजाउल्लाह, साद बैग, सैम अयूब, शादाब खान, सुफियान मुकिम। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मेदवेदेव का गलत शॉट,मैच देख रहे व्यक्ति को बॉल लगी:चाइना ओपन से डिस्क्वालिफाई, माफी भी मांगी; जोकोविच फाइनल में पहुंचे बीजिंग में खेले जा रहे चाइना ओपन के पुरुष सिंगल्स सेमीफाइनल में रूस के डेनिल मेदवेदेव को नोवाक जोकोविच के खिलाफ मुकाबले के दौरान डिसक्वालिफाई कर दिया गया। दूसरे सेट के 9वें गेम में मेदवेदेव ने कोर्ट पर उछलकर आ रही गेंद को स्टैंड्स की ओर हिट कर दिया। गेंद पहली पंक्ति में बैठे एक दर्शक की बाईं आंख के पास लगी, जिससे वह चोटिल हो गया। पूरी खबर
टी-20 वर्ल्ड कप जिताने वाले सूर्यकुमार यादव को रणजी ट्रॉफी के ओपनिंग मैच के लिए मुंबई टीम में जगह नहीं मिली है। 42 बार की चैंपियन मुंबई 11 अक्टूबर से चंडीगढ़ के खिलाफ 4 दिवसीय मुकाबला खेलेगी। सूर्यकुमार ने रणजी मैच के लिए उपलब्ध रहने की जानकारी दी थी। उन्होंने चयनकर्ताओं को संदेश भी भेजा था। इसके बावजूद उन्हें स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया। 19 साल के आयुष म्हात्रे को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। यशस्वी जायसवाल भी स्क्वॉड में शामिल हैं। वर्ल्डकप जीतने के बाद टीम से बाहर हैं सूर्या टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद सिलेक्शन कमेटी ने उन्हें कप्तानी से हटा दिया और श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया। यहां तक आयरलैंड, इंग्लैंड, जिम्मबाब्वे, अफगानिस्तान और जापान सीरीज की टीमों में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनके खराब फॉर्म को वजह बताया। उन्होंने जून में मुंबई T20 लीग के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट भी नहीं खेला है। सूर्यकुमार को क्यों नहीं चुना? चयनकर्ता बोले- पहले रेड-बॉल क्रिकेट की लय हासिल करें मुंबई के मुख्य चयनकर्ता राजेश पवार ने सूर्यकुमार को टीम में शामिल नहीं करने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार ने पिछले 18 महीनों से रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है। चयनकर्ता चाहते हैं कि वह पहले कुछ रेड-बॉल मैच खेलकर लय हासिल करें। पवार ने कहा, “सूर्यकुमार बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं और मुंबई के लिए साबित प्रदर्शन कर चुके हैं। हम चाहते हैं कि वे पहले कुछ रेड-बॉल मैच खेलकर लय हासिल करें। इसके बाद टीम में वापसी करें।” इसमें “रणजी में खेलने की इच्छा जताई थी” और “चयनकर्ताओं को संदेश भेजा था” दोनों बातें एक ही जगह आ गई हैं, इसलिए रिपीट नहीं है। न्यूजीलैंड दौरे से पहले यशस्वी को मैच प्रैक्टिस यशस्वी जायसवाल को भी चंडीगढ़ के खिलाफ मैच के लिए चुना गया है। वह इस महीने के अंत में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे से पहले रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी करेंगे। सिद्धेश लाड टीम की कप्तानी करेंगे। शार्दूल चोट के कारण बाहर पूर्व कप्तान शार्दुल ठाकुर स्क्वॉड का हिस्सा नहीं हैं। वे उंगली की चोट से उबर रहे हैं। सरफराज और शम्स मुलानी भी टीम में सरफराज खान को इरानी कप में शेष भारत के लिए खेलने के बाद मुंबई टीम में शामिल किया गया है। शम्स मुलानी भी टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ इंडिया A की अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया था। ग्रुप-D में मुंबई और चंडीगढ़ मुंबई और चंडीगढ़ को एलीट ग्रुप-D में रखा गया है। इस ग्रुप में हरियाणा, राजस्थान, रेलवे, तमिलनाडु और उत्तराखंड भी हैं। मुंबई का 16 सदस्यीय स्क्वॉड:सिद्धेश लाड (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, आयुष म्हात्रे (उपकप्तान), दिव्यांश सक्सेना, मुशीर खान, सरफराज खान, सुवेद पारकर, आकाश आनंद (विकेटकीपर), हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियान, अथर्व अंकोलेकर, तुषार देशपांडे, मोहित अवस्थी, सिल्वेस्टर डिसूजा, ओंकार तरमले। -------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मेदवेदेव का गलत शॉट,मैच देख रहे व्यक्ति को बॉल लगी:चाइना ओपन से डिस्क्वालिफाई, माफी भी मांगी; जोकोविच फाइनल में पहुंचे बीजिंग में खेले जा रहे चाइना ओपन के पुरुष सिंगल्स सेमीफाइनल में रूस के डेनिल मेदवेदेव को नोवाक जोकोविच के खिलाफ मुकाबले के दौरान डिसक्वालिफाई कर दिया गया। दूसरे सेट के 9वें गेम में मेदवेदेव ने कोर्ट पर उछलकर आ रही गेंद को स्टैंड्स की ओर हिट कर दिया। गेंद पहली पंक्ति में बैठे एक दर्शक की बाईं आंख के पास लगी, जिससे वह चोटिल हो गया। पूरी खबर
लियोनल मेसी मंगलवार को अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेंगे। ब्यूनस आयर्स में बेनिन के खिलाफ दोस्ताना मैच में उनकी विदाई होगी।
खेल डेस्क। मिलिंद कुमार (नाबाद 116 रन) की शतकीय पारी के दम पर डलास में अमेरिका ने 300 रनों का लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया है। यूएई ने अमेरिका के सामने 330 रन का विशाल लक्ष्य रखा था, जवाब में अमेरिका ने चार विकेट गंवाकर सात गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। ये वनडे क्रिकेट में यूएसए का ये सबसे बड़ा रन चेज है। इससे पहले अमेरिकी टीम कभी भी 300 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई थी। इससे पहले अमेरिका का सबसे बड़ा सफल रन चेज 294/7 था, जो उसने 2024 में डलास मैदान पर नेपाल के खिलाफ प्राप्त किया था। लीग-2 के इतिहास में भी ये दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा। आईससी मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 के मुकाबले में अमेरिका ने यूएई को छह विकेट से शिकस्त दी। मिलिंद कुमार ने 84 गेंदों पर नाबाद 116 रन बनाए। ये उनका वनडे क्रिकेट में पांचवां शतक था। इस जीत के साथ अमेरिका लीग-2 की अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। मिलिंद कुमार ने मोनांक पटेल का रिकॉर्ड तोड़ा मिलिंद कुमार ने अपनी पारी के दौरान पांच छक्के जड़े। इसके साथ ही वह अमेरिका की ओर से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में मोनांक पटेल को पीछे छोड़ा। मिलिंद के नाम अब 38 छक्के हो गए हैं, जबकि मोनांक पटेल ने 34 छक्के लगा चुके हैं। मैच में अमेरिका की ओर से शुभम रंजाने ने भी 57 रन की नाबाद पारी खेली। मिलिंद और रंजाने ने ने पांचवें विकेट के लिए नाबाद 160 रन की साझेदारी की। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
अमृतसर, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में अपना दबदबा बरकरार रखा है। पिछले संस्करण में भी विजेता रही भारतीय टीम ने मलेशिया को हराकर एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। चैंपियन बनने के बाद हॉकी टीम भारत लौट आई है। स्वदेश लौटी टीम का अमृतसर एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया।
लखनऊ में मंगलवार से भारत-वेस्टइंडीज के बीच शुरू हो रही टी-20 सीरीज से पहले गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम के सीनियर्स से सीखने की सलाह दी है। मोर्केल ने कहा कि वैभव को प्लेइंग-11 में मौका मिले या नहीं, टीम के साथ रहना, अनुभवी खिलाड़ियों की तैयारी देखना और उनसे सवाल पूछना उनके क्रिकेट के लिए काफी फायदेमंद होगा। 13 साल के वैभव एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे और उन्होंने टूर्नामेंट के सभी मैच खेले थे। हालांकि, वे बड़ी पारी नहीं खेल सके। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले T20 में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के ओपनिंग करने की संभावना है। हालांकि, मोर्केल ने प्लेइंग-11 को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है। मोर्केल बोले- सीनियर्स को देखना और उनसे बात करना अहम मोर्केल ने कहा, हम सभी वैभव की प्रतिभा जानते हैं। वे जितना ज्यादा समय इस माहौल में क्वालिटी प्लेयर्स के साथ बिताएंगे और इस स्तर पर ट्रेनिंग करेंगे, उतना ही उनके क्रिकेट के लिए अच्छा होगा। अगर उन्हें खेलने का मौका नहीं मिलता है, तब भी वे बस, डगआउट और होटल में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहेंगे। उन्होंने कहा, सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना, उनसे बात करना और यह देखना कि वे अपनी पारी की शुरुआत कैसे करते हैं, वैभव के लिए अहम होगा। हमारा काम है कि युवा खिलाड़ियों को सही माहौल दें, ताकि वे सवाल पूछें, सीखें और आगे बढ़ें। प्लेइंग-11 पर मोर्केल ने कहा- आज तय करेंगे मोर्केल ने पहले T20 के लिए टीम कॉम्बिनेशन पर कहा कि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। एशियन गेम्स के बाद कई खिलाड़ी हाल ही में लौटे हैं और टीम मैनेजमेंट उनकी थकान और जेट लैग को भी ध्यान में रख रहा है। उन्होंने कहा, कुछ खिलाड़ी सिर्फ दो दिन पहले पहुंचे हैं। जेट लैग और लंबे सफर से उबरना जरूरी है। हम आज रात तय करेंगे कि सीरीज के लिए सबसे बेहतर कॉम्बिनेशन क्या होगा। मोर्केल ने कहा कि एशियन गेम्स में अभिषेक शर्मा और वैभव को ओपनिंग कराने का कॉम्बिनेशन था, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ टीम इसमें बदलाव कर सकती है। मयंक की वापसी पर नजर, प्रिंस को बताया मेहनत की मिसाल मोर्केल ने चोट के बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मयंक की रफ्तार और एक्स-फैक्टर उन्हें खास बनाते हैं। मोर्केल ने कहा, मयंक को देखते ही सबसे पहले उनकी रफ्तार और एक्स-फैक्टर दिमाग में आता है। वे चोट से वापसी कर रहे हैं और हम देखना चाहते हैं कि मौका मिलने पर वे कैसा प्रदर्शन करते हैं। वहीं प्रिंस यादव के बारे में मोर्केल ने कहा कि वे कुछ साल पहले टीम के नेट बॉलर थे और अब भारतीय टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए प्रिंस ने काफी मेहनत और जुझारूपन दिखाया है। कुलदीप की फॉर्म से खुश, बोले- हमारे बड़े मैच विनर मोर्केल ने स्पिनर कुलदीप यादव की फॉर्म पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कुलदीप ने पिछली वनडे सीरीज के बाद अपनी पुरानी लय में लौटने की बात कही थी और यह टीम के लिए अच्छी खबर है। उन्होंने कहा, कभी-कभी गेंदबाज को अपनी लय हासिल करने में थोड़ा वक्त लगता है, लेकिन कुलदीप हमारे बड़े मैच विनर हैं। वे आत्मविश्वास में हैं और अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। टीम का लक्ष्य- सीरीज जीतना और मजबूत विकल्प तैयार करना मोर्केल ने कहा कि टीम का लक्ष्य मैच जीतने के साथ-साथ नए खिलाड़ियों का मजबूत पूल तैयार करना भी है। पिछले कुछ साल में जिन खिलाड़ियों को मौके मिले, उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, हम खिलाड़ियों के पूल को बढ़ाना चाहते हैं और ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को भारतीय जर्सी में खेलने का अनुभव देना चाहते हैं। साथ ही हमारा लक्ष्य भारत के लिए मैच जीतना भी है। --------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…
मिलिंद कुमार के धमाकेदार शतक से USA ने रचा इतिहास, पहली बार ODI में चेज किया 300+ रन का लक्ष्य
डलास में USA ने UAE को 6 विकेट से हराकर ODI क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा रन चेज पूरा किया। UAE के 330/8 के जवाब में मिलिंद कुमार ने 84 गेंदों पर नाबाद 116 रन की शानदार पारी खेली, जबकि शुभम रंजाने ने 57 रन बनाए।
बीजिंग में खेले जा रहे चाइना ओपन के पुरुष सिंगल्स सेमीफाइनल में रूस के डेनिल मेदवेदेव को नोवाक जोकोविच के खिलाफ मुकाबले के दौरान डिसक्वालिफाई कर दिया गया। दूसरे सेट के 9वें गेम में मेदवेदेव ने कोर्ट पर उछलकर आ रही गेंद को स्टैंड्स की ओर हिट कर दिया। गेंद पहली पंक्ति में बैठे एक दर्शक की बाईं आंख के पास लगी, जिससे वह चोटिल हो गया। घटना के बाद मैच रेफरी और सुपरवाइजर ने मेदवेदेव को मैच से बाहर कर दिया। इस फैसले के साथ जोकोविच बिना मैच पूरा किए फाइनल में पहुंच गए। दूसरे सेट में हुआ हादसा करीब 2 घंटे 30 मिनट चले मुकाबले में जोकोविच ने पहला सेट 7-5 से जीता था। दूसरे सेट में वे 5-3 से आगे थे और जीत से सिर्फ तीन पॉइंट दूर थे। इसी दौरान कोर्ट पर बाउंस होकर वापस आ रही गेंद को मेदवेदेव ने स्टैंड्स की ओर हिट कर दिया। गेंद सीधे दर्शकों के बीच पहुंची और एक फैन को लग गई। उसे तुरंत मेडिकल सहायता दी गई और स्टैंड्स से बाहर ले जाया गया। मेदवेदेव बोले- 100% हादसा था घटना के तुरंत बाद मेदवेदेव ने दर्शक की ओर हाथ उठाकर माफी मांगी। मैच के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने गेंद गुस्से में नहीं मारी थी। मेदवेदेव ने कहा, ‘यह 100% एक हादसा था। मैंने गुस्से में बॉल को हिट नहीं किया था। गेंद बाउंस होकर वापस आ रही थी, इसलिए मैंने उसे ऐसे ही हिट करने की कोशिश की। जब मैंने देखा कि क्या हुआ है, तो मुझे बहुत बुरा लगा। सबसे जरूरी बात यह है कि वह दर्शक ठीक हो।’ जोकोविच बोले- मुझे डेनिल के लिए बुरा लग रहा है जोकोविच ने घटना पर कहा कि यह उनके लिए शॉक की तरह था। उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना को ठीक से नहीं देखा, लेकिन उम्मीद है कि दर्शक को गंभीर चोट नहीं आई होगी। जोकोविच ने मेदवेदेव के बारे में कहा कि उन्हें उनके लिए बुरा लग रहा है, क्योंकि वे जानते हैं कि इतने बड़े मैच में डिसक्वालिफाई होने पर कैसा महसूस होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि मेदवेदेव ने यह जानबूझकर नहीं किया। 2020 US ओपन में जोकोविच भी हुए थे डिसक्वालिफाई 2020 US ओपन में जोकोविच को भी इसी तरह की घटना के कारण मैच से बाहर कर दिया गया था। तब उनकी हिट की हुई गेंद गलती से लाइन जज के गले में लगी थी। इसके बाद उन्हें मुकाबले से डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। मेदवेदेव के गुस्से वाले व्यवहार पर पहले भी लगा जुर्माना मेदवेदेव का कोर्ट पर गुस्सा और रैकेट तोड़ने जैसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। 2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन: उन्होंने नेट कैमरे को रैकेट से कई बार मारकर तोड़ दिया था। इसके लिए उन पर करीब ₹60 लाख का जुर्माना लगाया गया था। अप्रैल 2026, मोंटे कार्लो मास्टर्स: मत्तेओ बेरेतिनी से 6-0, 6-0 से हार के दौरान मेदवेदेव ने 7 बार रैकेट जमीन पर पटका था। इसके लिए करीब ₹6.3 लाख का जुर्माना लगा था। फाइनल में जोकोविच vs डि मिनौर चाइना ओपन के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डि मिनौर के सामने पोलैंड के ह्यूबर्ट हर्काज कमर की मांसपेशी की चोट के कारण मैच से हट गए। उस समय डि मिनौर 6-4, 3-2 से आगे थे। अब फाइनल में जोकोविच का सामना डि मिनौर से होगा।
वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को दूसरे T20I मैच में आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। 17 साल की एबोनी ब्रैथवेट ने सिर्फ 23 गेंदों में 57 रन की तूफानी पारी खेली और वेस्टइंडीज की ओर से T20I क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
वैभव OUT, संजू को फिर चांस... पहले T20 में ऐसी होगी प्लेइंग-11
एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद टीम इंडिया अब वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए तैयार है. भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला टी20 मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में खेला जाएगा. जानिए इस मुकाबले के लिए भारत की संभावित प्लेइंग-11 में किन खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका.
डब्ल्यूटीए टूर: गॉफ ने सन को हराया, झेंग किनवेन 'चाइना ओपन' के 'अंतिम 16' में पहुंचीं
बीजिंग, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी खिलाड़ी कोको गॉफ ने 16 वर्षीय चीनी खिलाड़ी सन जिनरान को 7-5, 6-1 से शिकस्त देकर चाइना ओपन डब्ल्यूटीए टूर इवेंट में लगातार चौथे साल 'राउंड ऑफ 16' में जगह बनाई। दो बार की ग्रैंड स्लैम विजेता ने शानदार खेल दिखाते हुए आखिरी 10 में से 9 गेम अपने नाम किए।
मुंबई की रणजी टीम से सूर्यकुमार यादव हुए ड्रॉप, 34 वर्षीय खिलाड़ी को मिली कप्तानी
भारतीय बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को एक और बड़ा झटका लगा है। भारतीय टीम से बाहर चल रहे सूर्या को आगामी रणजी ट्रॉफी 2026-27 के लिए भी मुंबई की टीम में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में खेलने के लिए खुद को उपलब्ध बताया था।
PCB से एनओसी न मिलने पर Pakistan Champions ने WCL सीजन तीन छोड़ा
दुबई, पांच अक्टूबर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) द्वारा खिलाड़ियों को जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किए जाने के बाद पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल)’ के तीसरे सत्र से नाम वापस ले लिया। टूर्नामेंट में भागीदारी को लेकर टीम प्रबंधन और पीसीबी के बीच बातचीत चल रही थी। टीम के मालिक कामिल खान ने भी बोर्ड से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच गतिरोध दूर नहीं हो सका। पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को जारी बयान में कहा, “पाकिस्तान चैंपियंस को यह बताते हुए खेद है कि पीसीबी द्वारा जरूरी एनओसी जारी नहीं करने के फैसले को बरकरार रखने के कारण टीम डब्ल्यूसीएल के मौजूदा सत्र में हिस्सा नहीं ले सकेगी।”बयान में कहा गया, ‘‘हम पीसीबी के अधिकार और उसके फैसले का सम्मान करते हैं। हमें स्वाभाविक रूप से निराशा है कि हमारे खिलाड़ियों को क्रिकेट के दिग्गजों के इस वैश्विक आयोजन में पाकिस्तान चैंपियंस का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिलेगा। हम अपने खिलाड़ियों, समर्थकों और प्रशंसकों का समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हैं।”पाकिस्तान चैंपियंस का टूर्नामेंट से हटना पीसीबी और डब्ल्यूसीएल आयोजकों के बीच पिछले साल के विवाद के बाद हुआ है। पिछले सत्र में राजनीतिक तनाव के बीच इंडिया चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस के खिलाफ अपने निर्धारित मुकाबले खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पीसीबी ने टूर्नामेंट आयोजकों की आलोचना की थी और लीग में अपने खिलाड़ियों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, पीसीबी कुछ शर्तों के साथ खिलाड़ियों को एनओसी जारी करने पर सहमत था। इनमें पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करने को लेकर भारतीय खिलाड़ियों की ओर से लिखित माफी और दोनों टीमों के बीच हाथ मिलाने को लेकर आश्वासन जैसी शर्तें शामिल थीं। रिपोर्टों के अनुसार डब्ल्यूसीएल आयोजकों ने पीसीबी की कुछ शर्तें स्वीकार कर ली थीं, लेकिन माफी और हाथ मिलाने से जुड़ी मांगों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान चैंपियंस ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। इस घटनाक्रम के बाद 10 अक्टूबर को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला भी नहीं खेला जाएगा। पाकिस्तान चैंपियंस डब्ल्यूसीएल के पिछले दोनों सत्र में उपविजेता रहा था। टीम को 2024 में हुए पहले सत्र के फाइनल में इंडिया चैंपियंस से हार मिली थी जबकि 2025 के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका चैंपियंस ने उसे शिकस्त दी थी। डब्ल्यूसीएल ने भी सोमवार को पाकिस्तान चैंपियंस के टूर्नामेंट से हटने की पुष्टि की। आयोजकों ने कहा कि तीसरे सत्र में अब छह टीमें हिस्सा लेंगी। डब्ल्यूसीएल ने बयान में कहा, ‘‘आधिकारिक अपडेट: अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण पाकिस्तान चैंपियंस डब्ल्यूसीएल के तीसरे सत्र में हिस्सा नहीं लेगा। डब्ल्यूसीएल का तीसरा सत्र छह टीमों के साथ जारी रहेगा। खेल जारी है और दिग्गजों का मुकाबला भी जारी रहेगा।
बिहार क्रिकेट में BCCI का बड़ा दांव, पूर्व चयनकर्ताओं पर जताया भरोसा
BCCI ने बिहार की क्रिकेट टीमों के चयन के लिए पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और अनुभवी क्रिकेटरों को जिम्मेदारी सौंपी है. रणजी ट्रॉफी टीम के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जबकि अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के लिए भी अलग चयन समिति नियुक्त की गई है.
श्रेयस अय्यर 2 वनडे में करेंगे कप्तानी, आकाश दीप का कमबैक तय, NZ दौरे के लिए टीम का ऐलान जल्द
भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है, जहां टीम इंडिया 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेलेगी। इसके अलावा इंडिया 'ए' टीम भी 3 अनौपचारिक टेस्ट मैच खेलेगी। बीसीसीआई इन चारों टीमों के चयन के लिए जल्द ही मीटिंग कर सकता है।
Daniil Medvedev के बाहर होने से Novak Djokovic ने China Open रिकॉर्ड 33-0 किया
चीन ओपन के पुरुष सेमीफाइनल में सोमवार को कुछ ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। डेनियल मेदवेदेव को नोवाक जोकोविच के खिलाफ मुकाबले के दौरान गेंद दर्शक दीर्घा में चले जाने के बाद डिसक्वालीफाई कर दिया गया। इस घटना के कारण जोकोविच बिना मैच पूरा खेले फाइनल में पहुंच गए। मेदवेदेव उस समय जोकोविच से 5-7, 3-5 से पीछे चल रहे थे। एक अंक गंवाने के बाद उन्होंने दीवार से वापस आई गेंद को हिट कर दिया। गेंद पीछे की ओर मौजूद दर्शक दीर्घा में चली गई और पहली लाइन में बैठे एक दर्शक की बाईं आंख पर जा लगी। गेंद लगते ही दर्शक ने अपनी आंख पकड़ ली और दर्द में नजर आए। इसके बाद स्टेडियम के कर्मचारियों ने उन्हें दर्शक दीर्घा से बाहर पहुंचाया। घटना के बाद मैच को आगे नहीं बढ़ाया गया और मेदवेदेव को डिसक्वालीफाई कर दिया गया। उस समय जोकोविच मैच के लिए सर्विस कर रहे थे। बता दें कि टेनिस में जानबूझकर या लापरवाही से गेंद किसी अधिकारी या दर्शक को लगने की स्थिति में खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इस मामले में मेदवेदेव का गेंद को दर्शक को मारने का कोई इरादा नहीं था। जोकोविच ने मैच के बाद घटना पर हैरानी जताई और घायल दर्शक के लिए चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दर्शक को गंभीर चोट नहीं लगी होगी। साथ ही उन्होंने मेदवेदेव के प्रति भी सहानुभूति जताई, क्योंकि वह खुद ऐसी स्थिति का सामना कर चुके हैं। गौरतलब है कि 2020 अमेरिकी ओपन में जोकोविच को इसी तरह की घटना के बाद अयोग्य घोषित किया गया था। पाब्लो कारेन्यो बुस्ता के खिलाफ चौथे दौर के मुकाबले में उन्होंने गुस्से में गेंद पीछे की ओर मारी थी, जो एक लाइन जज को लग गई थी। हालांकि, वह घटना भी जानबूझकर नहीं हुई थी। इसी वजह से चीन ओपन में मेदवेदेव के साथ हुई घटना ने जोकोविच को अपना पुराना अनुभव याद दिला दिया। मेदवेदेव के खिलाफ कार्रवाई के बाद जोकोविच का चीन ओपन में शानदार रिकॉर्ड 33-0 हो गया है। वह बीजिंग में अपने 7वें फाइनल में पहुंच गए हैं। अब फाइनल में उनका सामना ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर से होगा। दूसरे सेमीफाइनल में डी मिनौर ने ह्यूबर्ट हुरकाच के खिलाफ 6-4, 3-2 की बढ़त बना रखी थी, तभी हुरकाच ने मांसपेशियों में परेशानी के कारण मैच छोड़ दिया। मुकाबले के दौरान उनकी चाल में भी परेशानी साफ दिखाई दे रही थी। महिला वर्ग में इगा श्वियातेक ने डोना वेकिच को 4-6, 7-6 (0), 6-2 से हराकर वापसी की। अब उनका सामना इवा जोविच से होगा। इवा ने कामिला राखिमोवा को 6-1, 7-5 से हराया। वहीं एलीना स्वितोलिना ने मारिया सक्कारी को 6-4, 7-5 से मात दी, जबकि कोको गॉफ का मुकाबला 16 वर्षीय चीनी खिलाड़ी सुन शिनरान से जारी था। इस तरह चीन ओपन के फाइनल मुकाबले अब काफी दिलचस्प होने वाले हैं।
वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा पहले T20I मैच में मौका? मोर्ने मोर्कल के बयान से बढ़ा सस्पेंस
भारत और वेस्टइंडीज के बीच T20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ के एकाना स्टेडियम में खेला जाएगा। फैंस के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में मौका मिलेगा?
Max Verstappen ने Red Bull के लिए जीती 72वीं Grand Prix, Schumacher के रिकॉर्ड की बराबरी की
रेड बुल के लिए मैक्स वेरस्टापेन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। ग्रां प्री जीतने के मामले में अब वह एक ही टीम के लिए सबसे ज्यादा जीत हासिल करने वाले ड्राइवरों की सूची में माइकल शूमाकर के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वेरस्टापेन ने रेड बुल के लिए अपनी 72वीं जीत दर्ज कर शूमाकर के फेरारी के साथ बनाए रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। वेरस्टापेन की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने रेड बुल के लिए लंबे समय बाद पहला ग्रां प्री जीता है। इससे पहले उनकी आखिरी जीत 2025 अबू धाबी ग्रां प्री में आई थी। नई जीत के साथ उन्होंने अपने शानदार करियर के एक और बड़े रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। बता दें कि माइकल शूमाकर ने 1996 से 2006 के बीच फेरारी के लिए 72 ग्रां प्री जीती थीं। इसी दौर में उन्होंने 2000 से 2004 के बीच लगातार 5 बार विश्व चैंपियनशिप का खिताब भी अपने नाम किया था। फेरारी के साथ शूमाकर का लंबा और बेहद सफल दौर मोटर रेसिंग के इतिहास में सबसे यादगार समय में गिना जाता है। वेरस्टापेन की नई उपलब्धि केवल टीम के लिए जीत तक सीमित नहीं है। उन्होंने लगातार 11 सत्रों में कम से कम 1 ग्रां प्री जीतने का रिकॉर्ड भी बना लिया है। इस मामले में अब वह शूमाकर और लुईस हैमिल्टन के साथ विशेष सूची में शामिल हो गए हैं। इससे पहले वेरस्टापेन लगातार 10 सत्रों में जीत के साथ एलेन प्रोस्ट के बराबर थे। गौरतलब है कि लगातार सबसे ज्यादा सत्रों में ग्रां प्री जीतने के मामले में शूमाकर और हैमिल्टन अभी भी वेरस्टापेन से आगे हैं। दोनों ने लगातार 15 सत्रों में कम से कम 1 जीत दर्ज की थी। शूमाकर का यह सिलसिला 2006 में और हैमिल्टन का 2021 में खत्म हुआ। एक ही टीम के लिए सबसे ज्यादा ग्रां प्री जीतने का रिकॉर्ड अभी लुईस हैमिल्टन के नाम है। उन्होंने मर्सिडीज के लिए 2013 हंगरी ग्रां प्री से लेकर 2024 बेल्जियम ग्रां प्री तक कुल 84 जीत हासिल कीं। हैमिल्टन ने 2020 तुर्की ग्रां प्री में अपनी 73वीं जीत के साथ शूमाकर के 72 जीत के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। उसी दिन उन्होंने अपना 7वां विश्व खिताब भी जीता और शूमाकर की बराबरी की थी। मौजूद जानकारी के अनुसार वेरस्टापेन ने इस साल रेड बुल के साथ लंबे समय का नया करार किया है। ऐसे में उनके पास हैमिल्टन के 84 जीत के आंकड़े को पीछे छोड़ने का अच्छा मौका है। उन्हें रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए 13 और जीत की जरूरत है। अगर वह रेड बुल के साथ लंबे समय तक बने रहते हैं, तो एक ही टीम के लिए सबसे ज्यादा जीत का रिकॉर्ड अपने नाम करने की स्थिति में हैं।
एशियन गेम्स फाइनल में भारत के खिलाफ 96 रन बनाने वाले पाकिस्तानी क्रिकेटर हसन नवाज का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे कहते हैं कि उन्हें भारत के हर गेंदबाज से नफरत है। वीडियो में जब एंकर उनसे पूछते हैं कि क्या दुनिया में कोई ऐसा गेंदबाज है, जिसे वह मैदान पर आते ही निशाना बनाना चाहते हैं। इस पर वे हर भारतीय गेंदबाज का नाम लेते हैं। जापान में एशियन गेम्स का मेंस क्रिकेट फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया था। भारत ने 19 रन से पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। एशियन गेम्स से पहले दिया था बयान हसन नवाज का यह बयान एशियन गेम्स के पहले का है। उनका यह पुराना इंटरव्यू अप्रैल 2026 में सामने आया था। फाइनल में 5 चौके और 7 छक्के लगाए थे भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का फाइनल मुकाबला रोमांचक रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 211 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने 61 रन की पारी खेली। तिलक वर्मा 51 रन बनाकर नाबाद रहे। 212 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 192 रन ही बना सकी। पाकिस्तान के लिए नवाज ने 51 गेंद में 96 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। -------------- मैच की खबर पढ़ें… भारत ने लगातार दूसरी बार जीता एशियाड क्रिकेट का गोल्ड:फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया, अभिषेक और तिलक की हाफ सेंचुरी भारत ने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में मेंस क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीत लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
Salt Lake Stadium में 6 अक्टूबर को Uruguay से भिड़ेगा India, शाम 7:30 बजे शुरू होगा मैच
ब्राजील के खिलाफ 0-4 की हार के बाद अब भारत का सामना 2 बार विश्व कप जीत चुकी उरुग्वे की टीम से होने जा रहा है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला मंगलवार, 6 अक्टूबर को कोलकाता के ऐतिहासिक साल्ट लेक स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत ने शनिवार, 3 अक्टूबर को इसी मैदान पर 5 बार की विश्व कप विजेता ब्राजील का सामना किया था। 50,000 से ज्यादा दर्शकों की मौजूदगी में भारतीय टीम को 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, मैच की शुरुआत में भारत ने ब्राजील को कुछ समय तक दबाव में रखा। खासतौर पर मनवीर सिंह और रयान विलियम्स ने अपने खेल से प्रभावित किया। अब टीम की कोशिश उरुग्वे के खिलाफ अपने मौके बनाने और गोल करने की होगी। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत ने पिछले महीने बेंगलुरु में पनामा के खिलाफ 1-1 से बराबरी की थी। ऐसे में टीम को उम्मीद होगी कि दक्षिण अमेरिकी टीम के खिलाफ वह ब्राजील की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सके। हालांकि, उरुग्वे का हालिया प्रदर्शन उसे मजबूत दावेदार बनाता है। उरुग्वे ने अपने पिछले फ्रेंडली मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 4-2 से हराया था। उरुग्वे को इस मुकाबले में अपने कप्तान और रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी फेडेरिको वाल्वेर्दे की कमी जरूर खलेगी। बाएं टखने में गंभीर चोट के कारण वह भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले ही बाहर हो चुके हैं। उन्हें पिछले महीने बाएं टखने में तीसरे स्तर की मोच आई थी। वाल्वेर्दे की गैरमौजूदगी के बावजूद उरुग्वे के पास कई बड़े खिलाड़ी हैं। जोसे मारिया गिमेनेज, रोनाल्ड अराउहो, लुकास तोरेइरा, रोड्रिगो बेंटानकुर और दार्विन नुनेज जैसे खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। गौरतलब है कि उरुग्वे 2 बार विश्व कप का खिताब जीत चुका है और दुनिया की मजबूत फुटबॉल टीमों में उसकी गिनती होती है। भारत और उरुग्वे के बीच मुकाबला मंगलवार, 6 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा। भारत में इस मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स के टेलीविजन चैनलों पर किया जाएगा। बता दें कि यह भारत का 3 मुकाबलों की अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली सीरीज का आखिरी मैच है। ब्राजील जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने के बाद अब उरुग्वे के सामने भारतीय खिलाड़ियों के पास अपने खेल को परखने और बड़े मंच पर खुद को साबित करने का एक और मौका है। टीम की सबसे बड़ी कोशिश मजबूत उरुग्वेई के खिलाफ गोल करने और घरेलू दर्शकों को जीत या बेहतर नतीजे की सौगात देने की होगी।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को खेला जाएगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दोनों टीमें भिड़ेगी।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए Akash Deep की टेस्ट टीम में वापसी तय, श्रेयस संभाल सकते हैं कमान
(कुशान सरकार)नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर भारतीय चयनकर्ता न्यूजीलैंड के आगामी दौर के लिए भारत की तीन टीम का चयन करने की तैयारी कर रहे हैं जिसमें तेज गेंदबाज आकाश दीप की टेस्ट टीम में वापसी तय है। न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से आरंभ होगा। उनतीस वर्षीय आकाश पीठ की चोट के कारण सात महीनों से बाहर रहे हैं, उन्होंने ईरानी कप से घरेलू क्रिकेट में सफल वापसी की जिसमें उन्होंने दोनों पारियों में 24 ओवर में 68 रन देकर छह विकेट झटके। इसकी जानकारी रखने वाले भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘भारतीय टीम प्रबंधन ने शेष भारत के कोचिंग स्टाफ को बताया था कि आकाश दीप को संभालकर गेंदबाजी कराई जाए क्योंकि उनकी न्यूजीलैंड श्रृंखला के लिए वापसी होनी है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘वह पूरी तरह से फिट हैं और 138 से 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं जिससे दिखता है कि वह पूरी तरह ठीक हैं। ’’चयन समिति की बैठक मंगलवार या बुधवार को होने की संभावना है। प्रज्ञान ओझा की अगुआई वाली चार सदस्यीय समिति को भारत ए के न्यूजीलैंड के ‘शैडो टूर’ के लिए भी टीम का चयन करना है जिसमें वे 19 नवंबर से शुरू होने वाले दो डब्ल्यूटीसी मैचों की तैयारी के अंतर्गत तीन ‘अनौपचारक टेस्ट’ खेलेंगे। इनके बीच में पांच वनडे मैच भी हैं जो अगले साल के 50 ओवर के विश्व कप की तैयारियों का बड़ा हिस्सा हैं। चयन समिति के लिए टी20 टीम का चयन सबसे कम चिंता का विषय है क्योंकि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के अधिकांश सदस्य और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेल रहे खिलाड़ी चुने जाएंगे। मुश्किल चयन वनडे और टेस्ट टीम के होंगे क्योंकि आखिरी वनडे (15 नवंबर को तौरंगा में) और पहले टेस्ट (19 नवंबर, वेलिंगटन) के बीच केवल चार दिन का अंतर है। यात्रा के लिए एक दिन निर्धारित होने के कारण भारतीय टीम के पास टेस्ट से पहले अभ्यास के लिए लगभग तीन दिन होंगे और कम से कम 7-8 खिलाड़ी ऐसे हैं जो दोनों प्रारूपों में खेलेंगे। इनमें कप्तान शुभमन गिल, सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (वनडे में रिजर्व सलामी बल्लेबाज), विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल, तेज गेंदबाजी के अगुआ जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, नीतिश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार के भी चुने जाने की उम्मीद है लेकिन उनका चयन फिटनेस पर निर्भर करेगा। चूंकि भारत ए सीरीज के ‘टेस्ट’ (24 अक्टूबर से 10 नवंबर) पहले तीन वनडे (चार, सात और 10 नवंबर) के साथ ही पड़ेंगे इसलिए संभावना है कि इनमें से कुछ खिलाड़ी ‘ए’ टेस्ट में नहीं खेलें और 50 ओवर के मैचों में हिस्सा लें। हालांकि कुछ टेस्ट विशेषज्ञ और एक-प्रारूप वाले खिलाड़ी जैसे ऋषभ पंत (पहले विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (दूसरे विकेटकीपर), तीसरे नंबर के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल, रिजर्व सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन तीन ‘ए’ टेस्ट में से कम से कम एक में खेलेंगे ताकि लय में आ सकें। इस बात की संभावना बनी हुई है कि कप्तान गिल और कुछ टेस्ट नियमित खिलाड़ी टेस्ट सीरीज की तैयारी शुरू करने के लिए आखिरी दो वनडे का हिस्सा नहीं होंगे। अगर गिल टेस्ट की तैयारी करने का फैसला करते हैं तो उप-कप्तान श्रेयस अय्यर टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे। टेस्ट टीम में 16 या 17 सदस्य हो सकते हैं क्योंकि एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को शामिल करने की संभावना है। बुमराह, सिराज, प्रसिद्ध, बरार, आकाश दीप फिलहाल दौड़ में हैं। अगर छठा तेज गेंदबाज जाता है तो यह औकीब नबी, मुकेश कुमार और अंशुल कंबोज में से किसी एक का चयन हो सकता है। किसी भी स्थिति में, तीनों भारत ए के लिए बुलावे की कतार में हैं। बड़ी टीम का मतलब है कि जरूरत पड़ने पर टीम के पास तैयार विकल्प होंगे क्योंकि न्यूजीलैंड में विकल्प के तौर पर खिलाड़ियों को भेजना आसान नहीं है। बीसीसीआई ने इस दौरे के लिए 60 शीर्ष राष्ट्रीय क्रिकेटरों के वीजा तैयार किए हैं जिसमें टी20 अंतरराष्ट्रीय, वनडे, टेस्ट और भारत ए के तीन अनौपचारिक लाल गेंद के मैच को ध्यान में रखा गया है।
IND vs WI पहला T20I मैच टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें LIVE, समझ लीजिए पूरा तरीका
भारत बनाम वेस्टइंडीज टी20 सीरीज शुरू होने जा रही है। पहला मैच 6 अक्टूबर को खेला जाएगा। इस मैच को आप अपने टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकते हैं, ये बात अभी से समझ लीजिए।
मुनार को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में अल्काराज
टोक्यो, वर्ल्ड नंबर 3 कार्लोस अल्काराज ने सोमवार को 'जापान ओपन 2026' के सेमीफाइनल में हमवतन खिलाड़ी जाउमे मुनार को 5-7, 6-3, 6-1 से मात दी। अल्काराज अपनी सर्विस गंवाने के कारण पहला सेट हार गए थे। उन्होंने कुछ 'ब्रेक' के साथ वापसी करते हुए दूसरा सेट 6-3 से जीता और फिर फाइनल सेट में शानदार खेल दिखाते हुए 6-1 से जीत दर्ज की। इसी के साथ अल्काराज लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंच गए।
PCB ने IND vs PAK मैच को लेकर रखी अजीबोगरीब शर्तें, WCL में पाकिस्तान की हुई भयंकर बेइज्जती
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अब तक पीसीबी से खेलने की मंजूरी (NOC) नहीं मिली है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि क्रिकेट बोर्ड ने एनओसी देने के लिए आयोजकों के सामने कुछ अजीब शर्तें रख दी हैं।
क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर! साउथ अफ्रीका टी-20 लीग के 5 साल पूरे, जानिए कब से शुरू होगा अगला रोमांचक सीजन
वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिलना मुश्किल, एशियन गेम्स मे भी नहीं बने रन
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का आगाज 6 अक्टूबर से शुरू हो रही है। लखनऊ में होने वाले मैच में इस बात की संभावना काफी कम है कि वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल पाए। एशियन गेम्स में उनके बल्ले से ज्यादा रन नहीं आए थे।
पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स सीजन-3 से नाम वापस ले लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम को NOC देने पर कुछ शर्तें रखी थीं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें भारतीय खिलाड़ियों से पिछले साल के विवाद पर लिखित माफी और इस बार हैंडशेक की सहमति शामिल थी। WCL आयोजन समिति ने इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया। बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान का पहला मैच तकनीकी कारणों से टाल दिया गया था। हालांकि, टीम के NOC का इंतजार किए जाने की बात सामने आ रही थी। पिछले सीजन खेलने नहीं उतरी थी भारतीय टीम पिछले सीजन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया था। इसकी वजह से दोनों टीमों के बीच ग्रुप स्टेज का मैच रद्द हुआ था। फिर सेमीफाइनल में भी भारतीय टीम अपने फैसले पर कायम रही। इसके चलते पाकिस्तान वॉकओवर के आधार पर फाइनल में पहुंचा था। हालांकि, फाइनल में उसे साउथ अफ्रीका से हार मिली थी। पिछले साल दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक भी नहीं हुआ था। भारत-पाकिस्तान मैच भी रद्द WCL सीजन-3 के आयोजकों ने पहले टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया था। इसमें भारत और पाकिस्तान का मैच 10 अक्टूबर को होना था। पाकिस्तान के टूर्नामेंट से हटने के बाद यह मुकाबला अब नहीं होगा। पाकिस्तान को सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी खेलना था। यह मैच आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया गया। शाहिद अफरीदी टीम के कप्तान थे पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी को WCL के तीसरे सीजन में टीम की कप्तानी करनी थी। हालांकि, वह बांग्लादेश के खिलाफ शुरुआती मैच के लिए UAE में भी नहीं थे। यह मैच बाद में तकनीकी कारणों से टाल दिया गया था। पाकिस्तान चैंपियंस WCL के पिछले दोनों सीजन में उपविजेता रही थी। टीम के आधिकारिक बयान में NOC का जिक्र पाकिस्तान चैंपियंस के आधिकारिक बयान में PCB की मांगों का जिक्र नहीं किया गया। टीम ने केवल NOC नहीं मिलने के कारण टूर्नामेंट से हटने की बात कही। टीम ने सोमवार को बयान जारी कर कहा, पाकिस्तान चैंपियंस को यह बताते हुए अफसोस है कि टीम मौजूदा वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) में हिस्सा नहीं ले पाएगी। यह फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के जरूरी NOC जारी करने से इनकार कायम रखने के बाद लिया गया है। टीम ने आगे कहा, “हम PCB के अधिकार और उसके फैसले का सम्मान करते हैं।
Akeal Hosein ने कहा Team India मजबूत पर वेस्टइंडीज T20I में चुनौती को तैयार
(सौमोज्योति एस चौधरी)लखनऊ, पांच अक्टूबर वेस्टइंडीज के स्पिनर अकील हुसैन ने सोमवार को कहा कि भारतीय टीम बहुत खतरनाक है लेकिन माना कि उनकी टीम पीछे नहीं हटने वाली और वह इस चुनौती का इंतजार कर रही है। भारतीय टीम ने तीन मैच की वनडे सीरीज में वेस्टइंडीज को 2-1 से शिकस्त दी और अब मंगलवार से यहां शुरू होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मेहमान टीम से भिड़ेगी। हुसैन ने मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘वे (भारत) जानते हैं कि हम किस तरह का क्रिकेट खेलते हैं। हम जानते हैं कि वे एक खतरनाक टीम हैं लेकिन हम भी पीछे नहीं हटने वाले हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘दोनों टीमें इस चुनौती का इंतजार कर रही हैं। यह सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सबसे अच्छी योजना बनाता है और कौन उसे सबसे अच्छी तरह लागू करता है। हम उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं। ’’हुसैन ने कहा कि बाएं हाथ के स्पिनर होने के नाते मजबूत खिलाड़ियों से भरे भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप के खिलाफ गेंदबाजी करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि आप गेंदबाजी करने से डरते नहीं हैं, बल्कि आप उस चुनौती का आनंद लेते हैं। हम जानते हैं कि भारत के टी20 के शीर्ष खिलाड़ी शीर्ष तीन में शामिल हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सामान्य तौर पर पावरप्ले में गेंदबाजी करना काफी डरावना होता है, खासकर जब आप स्पिनर हों। पिच पर आपके पास काम करने के लिए कम जगह होती है और फिर आपके दो खिलाड़ी बाहर होते हैं। जब आपके पास अच्छी बल्लेबाजी वाली पिचें हों और ये खिलाड़ी ऊंचे स्ट्राइक रेट से रन बनाते हों तो यह और भी मुश्किल हो जाता है। ’’वेस्टइंडीज के स्पिनर ने कहा, ‘‘लेकिन इसके साथ ही बहुत सारा डेटा उपलब्ध है, भले ही मैंने इन खिलाड़ियों के खिलाफ बहुत ज्यादा नहीं खेला हो, बहुत सारा डेटा उपलब्ध है इसलिए आप अपनी योजना बना सकते हैं, आपके पास कुछ विकल्प हो सकते हैं जिन्हें आप लेकर आना चाहते हैं। ’’हुसैन मंगलवार को अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के अनुसार ढलना और योजनाओं को लागू करना किसी भी गेंदबाज के लिए महत्वपूर्ण है।
मध्य प्रदेश से कुल सात खिलाड़ी इस लीग में हिस्सा ले रहे हैं। सतना के तीन खिलाड़ियों के अलावा श्याम चकवा, मुकम्मिल, माखन सिंह राजपूत और लक्की कराडिया भी अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

