बड़े बदलाव के मूड में BCCI, न कोच और न मुख्य चयनकर्ता VVS Laxman को दिया जा सकता है यह बड़ा पद
पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेटर के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इससे पहले यह पद पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री के पास था और वह बाद में टीम इंडिया के मुख्य कोच बने थे।
मनप्रीत सिंह ने अपने चौथे विश्व कप से पहले दिया बयान, कहा- शायद ये मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा
मनप्रीत सिंह ने कहा है कि शायद वह अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे। मनप्रीत चौथी बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनने वाले हैं और इस बार इसे यादगार बनाना चाहते हैं।
Deepti Sharma 'The Hundred' में खेलकर करेंगी Women's Asia Cup की पूरी तैयारी
भारत की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इस महीने के अंत में शुरू होने वाले महिला एशिया कप से पहले अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में खुद को और बेहतर बनाने के लिए ‘द हंड्रेड’ में खेल रही हैं। महिला एशिया कप 28 अगस्त से दुबई में शुरू होगा। मौजूदा समय में दीप्ति गत चैंपियन सनराइजर्स लीड्स वुमैन के लिए गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। दीप्ति ने ‘जियोस्टार’ से बातचीत में कहा, ‘‘फिलहाल मेरा पूरा ध्यान ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट पर है। 28 अगस्त से महिला एशिया कप शुरू हो रहा है जो भारतीय टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे लिए ‘द हंड्रेड’ में खेलना बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अपने कौशल पर काम करने का शानदार मौका है। इसे भी पढ़ें: IIT Kharagpur: नालंदा भवन से गिरकर छात्र अंकित शर्मा की मौत, पुलिस जांच शुरू मैं इस टूर्नामेंट का पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रही हूं ताकि एशिया कप में पूरी तैयारी के साथ उतर सकूं। ’’ दीप्ति ने कहा कि वह सनराइजर्स लीड्स के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश कर रही हैं और इससे न केवल उनके व्यक्तिगत खेल में सुधार होगा बल्कि लंबे समय में टीम को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सनराइजर्स लीड्स के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हूं। इसे भी पढ़ें: First Indian in Space | अंतरिक्ष में दिखे थे 'भगवान' का जवाब देने वाले 'स्पेस हीरो' की अनसुनी कहानी | Matrubhoomi इससे एक खिलाड़ी के रूप में मेरा विकास होगा और आगे चलकर टीम को भी इसका लाभ मिलेगा। ’’ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के महत्व पर दीप्ति ने कहा कि नीली जर्सी पहनना गर्व के साथ बड़ी जिम्मेदारी का भी अहसास कराता है और प्रशंसकों का समर्थन उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनते हैं तो यह आपके लिए, आपके परिवार के लिए और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होता है। यह सिर्फ एक जर्सी नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत और त्याग का नतीजा है।
Manpreet Singh Hockey World Cup में भारत का 51 साल पुराना खिताबी सूखा खत्म करना चाहते हैं
अपने संभावत: आखिरी हॉकी विश्व कप अभियान की तैयारी कर रहे अनुभवी भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि वह इसे यादगार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और भारत को 51 साल बाद पहली बार विश्व कप खिताब दिलाने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। दो बार ओलंपिक पदक विजेता टीम के सदस्य रहे मनप्रीत चौथे विश्व कप में खेलेंगे। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत 1975 की अपनी एकमात्र खिताबी सफलता में एक और विश्व कप जीत जोड़ने की कोशिश कर रहा है। मनप्रीत ने ‘जियोस्टार’ से कहा, ‘‘यह विश्व कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि यह मेरा चौथा विश्व कप है। हमने लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं लेकिन विश्व कप का पदक अब भी नहीं है। हर खिलाड़ी दोनों पदक जीतने का सपना देखता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए यह आखिरी विश्व कप हो सकता है इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसमें उतर रहा हूं। मैं वह हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हूं जो हम अब तक नहीं कर सके हैं। हमें भावनात्मक रूप से संतुलित रहना होगा, अपनी भूमिकाओं पर कायम रहना होगा और अनुशासन के साथ खेलना होगा। यही हमें जीत का सबसे अच्छा मौका देगा।’’बेल्जियम और नीदरलैंड 15 से 30 अगस्त तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे। मनप्रीत ने कहा, “टीम में खिताब जीतने के लिए अनुभव और प्रतिभा दोनों हैं। हमने अच्छी तैयारी की है और हमारा आत्मविश्वास ऊंचा है। हमने ओलंपिक पदक जीते हैं और अब विश्व कप में भी खिताब जीतने का समय है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि हम विश्व कप के फाइनल में पहुंचेंगे। टीम पूरे विश्वास के साथ खेल रही है और हर प्रशिक्षण सत्र में शत प्रतिशत दे रही है।’’भारत को पूल डी में वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ रखा गया है। वह शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। मनप्रीत ने यह भी कहा कि भारत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान सहित अपने प्रतिद्वंद्वियों की प्रतिष्ठा से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहे पाकिस्तान के खिलाफ खेलें या किसी अन्य टीम के, हम अपनी रणनीति पर कायम रहते हैं। हम प्रतिद्वंद्वी के नाम या उसकी प्रतिष्ठा में नहीं उलझते।’’मनप्रीत ने कहा, ‘‘हॉकी टीम खेल है और अगर कोई एक खिलाड़ी अकेले सब कुछ करने की कोशिश करता है तो इससे टीम को नुकसान हो सकता है। हमें एक-दूसरे पर भरोसा करना होगा और एक इकाई के रूप में खेलना होगा।
हॉकी विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने उतरेगा भारत
लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करना होगा।
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश लाइव मैच में भिड़े दोनों टीमों के खिलाड़ी, अंपायर को करना पड़ा बीचबचाव
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश पहले टेस्ट के दूसरे दिन मिचेल स्टार्क और मेहदी हसन मिराज के बीच जबरदस्त कहासुनी हुई। अंपायर ने इसे तत्काल शांत कराया। इसका वीडियो अब सामने आया है।
India vs Sri Lanka 1st Test: 15 अगस्त को भिड़ेंगे भारत-श्रीलंका, जानें मैच का समय, वेन्यू और LIVE Streaming डिटेल
Harbhajan Singh का बयान: T20 से बल्लेबाजों का धैर्य कम हुआ, Test Cricket में बड़े स्कोर घटे
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा है कि टी20 के दौर से विकसित आक्रामक बल्लेबाजी शैली की कीमत बल्लेबाजों को अपने धैर्य से चुकानी पड़ी है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों द्वारा खेली जा रही लंबी पारियों की घटती संख्या की ओर इशारा किया। उन्होंने पिछली पीढ़ी के टेस्ट बल्लेबाजों को याद किया जो आक्रामकता के साथ लंबे समय तक बल्लेबाजी करने और बड़े स्कोर खड़े करने की क्षमता रखते थे। हरभजन ने पीटीआई के साथ पॉडकास्ट साक्षात्कार में कहा, ‘‘टी20 के इस दौर में मौजूदा पीढ़ी के बल्लेबाजों में पहले के बल्लेबाजों जैसा धैर्य नहीं है। बहुत कम बल्लेबाज ऐसे हैं जो टिककर खेल सकें और एक पारी में 250 या 300 रन बना सकें क्योंकि अगर आप इतने ज्यादा शॉट खेलेंगे तो आउट होने का खतरा हमेशा रहेगा। आजकल टेस्ट में किसी बल्लेबाज को तिहरा शतक बनाते हुए बहुत ही कम देखा जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहले ब्रायन लारा थे, फिर क्रिस गेल, वीरेंद्र सहवाग और मैथ्यू हेडन, इन सभी ने तिहरे शतक लगाए। लारा ने 400 रन बनाए। एबी डिविलियर्स और जाक कैलिस भी थे जिन्होंने बड़े दोहरे शतक लगाए।’’ टेस्ट क्रिकेट में हाल में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में पाकिस्तान के अजहर अली (2016), ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर (2019), इंग्लैंड के हैरी ब्रूक (2024) और दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर (2025) शामिल हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि अब ऐसी पारियां कितनी कम देखने को मिलती हैं। इसे भी पढ़ें: Harbhajan Singh का दावा, Vaibhav Suryavanshi पर आक्रामक गेंदबाजी ही एकमात्र तरीका हरभजन ने कहा, ‘‘जब हमने क्रिकेट खेलना शुरू किया था तब खेल की रफ्तार थोड़ी धीमी थी, हालांकि वह उस समय के अनुरूप थी। तब केवल कुछ ही बल्लेबाज छक्कों पर भरोसा करते थे।’’ भारत के लिए 1998 में पदार्पण करने वाले हरभजन ने कहा कि 2000 के दशक की शुरुआत में टेस्ट बल्लेबाजी के प्रति अपने रवैये के मामले में ऑस्ट्रेलिया बाकी टीमों से आगे था। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं 2001 से देखूं तो ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी टीम थी जो टेस्ट में तेजी से रन बनाती थी और अपने समय से आगे थी। बाकी टीमें सामान्य क्रिकेट खेलती थीं और एक दिन में 250 रन बनाती थीं, जबकि ऑस्ट्रेलिया हर बार एक दिन में 350 रन बनाने के बारे में सोचता था। उनका दबदबा था।’’ उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में आई तेजी ने गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों को भी लगातार आक्रामक होती बल्लेबाजी के अनुरूप खुद को ढालने के लिए मजबूर किया। हरभजन ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे मैंने अधिक क्रिकेट खेला, हर साल टेस्ट क्रिकेट भी आगे बढ़ता गया और खेल की रफ्तार तेज होती गई। इसे भी पढ़ें: Pressure में खेली गई वो पारी! David Miller के करियर का turning point, जानिए स्पिनरों को भी अधिक सजग रहने की जरूरत पड़ी। अगर आप आक्रामक खेल के खिलाफ खुद को समय के साथ नहीं ढालते तो पीछे रहना तय था।’’ इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा कि गेंदबाजों को अब अलग तरीके से सोचना होगा और आक्रामक बल्लेबाजों को उनके पसंदीदा शॉट खेलने से रोकने के तरीके तलाशने होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आपको अलग योजना और अलग मानसिकता के साथ आना होगा। आपको लगातार डॉट गेंदें डालकर दबाव बनाना होगा और बल्लेबाज को अलग तरह का शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की कोशिश करनी होगी।’’ हरभजन ने कहा, ‘‘2001 से अब तक टेस्ट क्रिकेट में टीमों के खेलने के तरीके में पूरी तरह बदलाव आया है। अगर आप देखें कि इंग्लैंड टेस्ट (बैजबॉल) कैसे खेलता है, तो वह एक दिन में 500 रन बनाने की कोशिश करता है और इसी कोशिश में 70 या 80 रन पर भी ऑल आउट हो सकता है।’’ खेल के बदलते स्वरूप को स्वीकार करते हुए भी हरभजन ने कहा कि उन्हें टेस्ट मैच में पहले वाली अनिश्चितता की कमी खलती है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट का आकर्षण उस दौर में था जब हम खेलते थे। मैच पांच दिन तक चलता था और पांचवें दिन तक यह पता नहीं होता था कि कौन सी टीम जीतेगी।’’ हरभजन का यह भी मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग के बढ़ते प्रभाव ने युवा क्रिकेटरों के लिए प्रोत्साहन के स्वरूप को बदल दिया है। आकर्षक टी20 टूर्नामेंट खिलाड़ियों को पहचान और आर्थिक लाभ हासिल करने का तेज रास्ता उपलब्ध कराता है। उनका मानना है कि इससे लाल गेंद के क्रिकेट से ध्यान कुछ हद तक हटा है। इसे भी पढ़ें: Gautam Gambhir को भज्जी की सलाह: Rohit-Virat के Experience पर जताएं भरोसा, उम्र नहीं Performance है पैमाना उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि लाल गेंद से सफेद गेंद क्रिकेट की ओर ध्यान थोड़ा खिसका है। इसका कारण यह है कि आईपीएल एक बहुत बड़ा मंच है, जो खिलाड़ी को पहचान के साथ-साथ बड़ी रकम भी दिलाता है। आप रातोंरात स्टार बन जाते हैं और इससे पहले कि आपको पता चले, आप भारत के लिए खेल रहे होते हैं।’’ इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘‘पहले के समय में लोग भारत के लिए खेलने के लिए 10 साल तक भी मेहनत करते थे। अमोल मजूमदार और अमरजीत केपी जैसे कई खिलाड़ी थे जिन्होंने काफी रन बनाए लेकिन भारत के लिए नहीं खेल सके क्योंकि सीनियर टीम में जगह नहीं थी।’’ हरभजन ने कहा, “लेकिन अब तीन प्रारूप हैं इसलिए भारत के लिए खेलने के ज्यादा मौके हैं।
महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल की पुरानी मंडी निवासी युवा खिलाड़ी इशिता यादव का चयन एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप-2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इशिता 17 से 20 अगस्त तक उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतियोगिता में एशिया के 15 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। इशिता यादव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। वह शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग के साथ-साथ स्केटिंग की भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं, उनके चयन से जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताया है। माता-पिता को दिया श्रेय इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय पिता इंद्रजीत यादव, माता माधुरी यादव, कोच फिलिप्स सर, दादा हुक्म सिंह, दादी वीरमती देवी तथा गुदड़ी वाले हनुमान के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और कोच के लगातार सहयोग व मार्गदर्शन से ही वह इस मुकाम तक पहुंच सकी हैं। अनेक लोगों ने दी बधाई परिवार के सदस्यों राव मूलचंद यादव, होशियार सिंह, अजीत यादव, सुरभि यादव और रामरती देवी सहित अन्य परिजनों व शुभचिंतकों ने इशिता को बधाई देते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत इशिता का भारतीय टीम में चयन न केवल उनके खेल जीवन की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। अब सभी को उम्मीद है कि वह एशियन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और हरियाणा का नाम रोशन करेंगी।
एशिया कप से पहले 'द हंड्रेड' में अपनी स्किल पर काम कर रही हूं: दीप्ति शर्मा
लीड्स, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी और दिग्गज ऑल-राउंडर दीप्ति शर्मा ने कहा है कि वह 28 अगस्त से दुबई में शुरू होने वाली महिला एशिया कप से पहले अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए 'द हंड्रेड' में सनराइजर्स लीड्स के साथ अपने समय का इस्तेमाल कर रही हैं।
टाटा स्टील ने इंडियन सुपर लीग की अपनी फुटबॉल टीम 'जमशेदपुर FC' को केवल 100 रुपए में गोवा के मशहूर स्पोर्ट्स क्लब चर्चिल ब्रदर्स को बेचने का फैसला किया है। टाटा स्टील ने अपनी 100% हिस्सेदारी ट्रांसफर करने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम, डील की शर्तों और भारतीय फुटबॉल पर इसके असर को QA रिपोर्ट में समझें… सवाल 1. इस ₹100 की डील में चर्चिल ब्रदर्स को क्या-क्या मिलेगा? जवाब: इस डील के तहत चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर FC का इंडियन सुपर लीग स्पोर्टिंग लाइसेंस, टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स मिलेंगे। इसमें 12 खिलाड़ियों और 2 कोचों के एक्टिव कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं, जिन्हें सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स टेकओवर करेगा। सवाल 2. यह डील कब से लागू होगी और इसके लिए किन मंजूरी की जरूरत है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से क्लब की तमाम जिम्मेदारियों, खिलाड़ियों और कोच के कॉन्ट्रैक्ट्स को संभालेगा। हालांकि, इस ट्रांसफर को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलना बाकी है। सवाल 3. टाटा स्टील ने जमशेदपुर FC बेचने का फैसला क्यों लिया? जवाब: यह फैसला टाटा स्टील के उस हालिया ऐलान के तुरंत बाद आया है, जिसमें कंपनी ने कहा था कि जमशेदपुर FC आगामी ISL सीजन में हिस्सा नहीं लेगी। ISL के बढ़ते वित्तीय घाटे और लीग मॉडल की कॉमर्शियल विजिबिलिटी पर उठ रहे सवालों के कारण कंपनी ने हटने का फैसला लिया। सवाल 4. खरीदार क्लब 'चर्चिल ब्रदर्स' का बैकग्राउंड क्या है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स गोवा का एक प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक फुटबॉल क्लब है, जिसे करीब चार दशकों का अनुभव है। यह क्लब भारतीय फुटबॉल की आई-लीग का दो बार चैंपियन रह चुका है और देश के सबसे पुराने व लगातार खेलने वाले क्लबों में गिना जाता है। सवाल 5. क्या ISL में बाकी टीमों और मीडिया राइट्स की स्थिति भी खराब है? जवाब: हां, ISL का कॉमर्शियल मॉडल इस वक्त भारी दबाव में है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ISL के मीडिया राइट्स की वैल्यू में भारी गिरावट आई है। जहां पहले जियो स्टार सालाना ₹275 करोड़ देता था, वहीं 2025-26 सीजन के लिए फैनकोड से सिर्फ ₹8.6 करोड़ का ऑफर मिला है। सवाल 6. क्या टाटा स्टील से पहले भी किसी बड़े इन्वेस्टर ने भारतीय फुटबॉल छोड़ा है? जवाब: हां, इससे पहले मैनचेस्टर सिटी के मालिक 'सिटी फुटबॉल ग्रुप' (CFG) ने पिछले साल मुंबई सिटी FC से अपना इनवेस्टमेंट वापस ले लिया था। इसके अलावा, फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) और AIFF के बीच 15 साल पुराना कमर्शियल एग्रीमेंट विवादों के चलते खत्म हो चुका है। सवाल 7. भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम को अब तक कितना नुकसान हो चुका है? जवाब: बाजार के अनुमानों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 15 सालों में भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम में भारी निवेश किया गया, लेकिन इस दौरान क्लबों और निवेशकों को ₹5,000 करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। सवाल 8. क्लब बेचने के बाद क्या टाटा स्टील फुटबॉल से पूरी तरह बाहर हो जाएगी? जवाब: नहीं, टाटा स्टील ने साफ किया है कि वह ग्रासरूट और यूथ फुटबॉल में निवेश जारी रखेगी। कंपनी विशेष रूप से स्थानीय और जनजातीय युवाओं के विकास पर फोकस करेगी। वह अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AIFF के सहयोग से यूथ एकेडमी और ग्रासरूट डेवलपमेंट के लिए करेगी। सवाल 9. टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) का क्या इतिहास रहा है? जवाब: टाटा ग्रुप का भारतीय फुटबॉल में बहुत पुराना योगदान रहा है। टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) की स्थापना 1987 में हुई थी। अब तक TFA से 300 से अधिक कैडेट्स ट्रेनिंग ले चुके हैं, जिनमें से 150 से ज्यादा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है JFSPL और I-League vs ISL यदि आप भारतीय फुटबॉल के प्रशंसक हैं, तो ISL के घटते वित्तीय राजस्व और बड़े कॉर्पोरेट्स के पीछे हटने से आने वाले सीजनों में लीग के फॉर्मेट, टेलीकास्ट क्वालिटी और विदेशी खिलाड़ियों के अनुबंध पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
Asian Games 2026: Gold पर रहेगी नीरज चोपड़ा की नजर, 72 सदस्यीय Athletics टीम का ऐलान
जापान के आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होंगे, जिसमें 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी 43 खेलों में हिस्सा लेंगे। भारत इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में हांगझोऊ 2023 में किए गए अपने शानदार प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के इरादे से उतरेगा, जहाँ देश ने कुल 107 मेडल जीते थे - 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़। भारत की एथलेटिक्स टीम की घोषणा हो गई है। नीरज चोपड़ा के टीम का नेतृत्व करेंगे। यह जैवलिन थ्रो एथलीट एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाने पर नज़र रखेगा। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की 72-सदस्यीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है: Throws 1. करणवीर - शॉट पुट 2. तेजिंदरपाल सिंह तूर - शॉट पुट 3. मनप्रीत कौर - शॉट पुट 4. कृष्णा जयशंकर - शॉट पुट 5. रोहित यादव - जैवलिन 6. नीरज चोपड़ा - जैवलिन 7. अन्नू रानी - जैवलिन 8. दमनीत सिंह - हैमर थ्रो 9. परवीन कुमार - हैमर थ्रो 10. अनुष्का यादव - हैमर थ्रो 11. तान्या चौधरी - हैमर थ्रो 12. सीमा - डिस्कस थ्रो 13. सान्या यादव - डिस्कस थ्रो Middle & Long Distance 1. मो. अफ़सल - 800 मी 2. कृष्ण कुमार - 800 मी 3. गौतमी जयारमन - 800 मीटर 4. पारुल चौधरी - 1500/3000 मीटर एससी/5000 मीटर 5. गुलवीर सिंह - 5000/10,000 मी 6. अविनाश साबले - 300 मीटर एससी Jumps 1. सर्वेश कुशारे - ऊंची कूद 2. आदर्श राम - ऊंची कूद 3. पूजा ऊंची कूद 4. सुप्रिया बी - ऊंची कूद 5. मुरली श्रीशंकर - लंबी कूद 6. शाहनवाज खान - लंबी कूद 7. एंसी सोजन - लंबी कूद 8. शैली सिंह - लंबी कूद 9. प्रवीण चित्रवेल - ट्रिपल जंप 10. कार्तिक उन्नीकृष्णन - ट्रिपल जंप 11. आई.आशा इलांगो - ट्रिपल जंप 12. निहारिका वशिष्ठ - ट्रिपल जंप 13. देव मीना - पोल वॉल्ट 14. कुलदीप यादव - पोल वॉल्ट 15. सिंधुश्री जी - पोल वॉल्ट 16. बरानिका एलंगोवन - पोल वॉल्ट Hurdles 1. तेजस शिर्से - 110 मीटर बाधा दौड़ 2. ज्योति याराजी - 100 मीटर बाधा दौड़ 3. नंदिनी के - 100 मीटर बाधा दौड़ 4. यशस पी - 400 मीटर बाधा दौड़ 5. संतोष टी - 400 मीटर बाधा दौड़ 6. विथ्या रामराज - 400 मीटर बाधा दौड़/4x400 मीटर रिले 7. अनु आर - 400 मीटर बाधा दौड़ Race Walk 1. मंजू रानी - रेसवॉक मैराथन 2. प्रियंका गोस्वामी - रेसवॉक मैराथन स्प्रिंट और रिले 1. गुरिंदरवीर सिंह - 100/4x100m मिक्स्ड रिले 2. अनिमेष कुजूर - 100/200/4x100m मिक्स्ड रिले 3. हरिता भद्रा - 200m/4x100m मिक्स्ड 4. उन्नति बोल्लांडा - 200m/4x100m मिक्स्ड Combined Events 1. तौफीक एन - डेकाथलॉन 2. तेजस्विन शंकर - डेकाथलॉन 3. पूजा हेप्टाथलॉन 4. अनामिका के- हेप्टाथलॉन पुरुषों की 400m/4x400m रिले 1. विशाल टीके - 400m/4x400m रिले 2. राजेश रमेश - 400m/4x400m रिले 3. मनु टीएस - 4x400m रिले/4x400m मिक्स्ड रिले 4. धर्मवीर चौधरी - 4x400m रिले 5. जय कुमार - 4x400m रिले/4x400m मिक्स्ड रिले 6. मोहम्मद अशफ़ाक - 4x400m रिले महिलाओं की 400m/4x400m रिले 1. प्राची - 400m/4x400m रिले 2. किरण पहल - 400m/4x400m रिले 3. नीरू पाठक - 4x400m रिले 4. रशदीप कौर - 4x400m रिले/मिक्स्ड 4x400m रिले 5. अंसा बाबू - 4x400m रिले/मिक्स्ड 4x400m रिले 6. पूवम्मा - 4x400m रिले 7. सलोनी नागर - 4x400m रिले 4x100m रिले / मिक्स्ड 4x100m रिले 1. प्रणव गुरव - 4x100 मीटर मिश्रित 2. स्नेहा एसएस-4x100 मीटर रिले/मिश्रित 4x100 मीटर रिले 3. तमन्ना-4x100 मीटर रिले/मिश्रित 4x100 मीटर रिले 4. सुदेशना शिवंकर - 4x100 मीटर रिले 5. नित्य गंधे - 4x100 मीटर रिले 6. सरबनी नंदा - 4x100 मीटर रिले 7. अबिनया राजराजन - 4x100 मीटर रिले
BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाने की तैयारी है। बोर्ड उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल बढ़ा सकता है। नई जिम्मेदारी में लक्ष्मण जूनियर क्रिकेट से लेकर सीनियर टीम तक के बीच तालमेल बनाएंगे। खिलाड़ियों के रिहैब, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति के साथ मेन्स और विमेंस क्रिकेट की निगरानी करेंगे। BCCI में पहली बार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाया जा रहा है। इसका मकसद सीनियर टीम, चयन समिति, CoE और यूथ क्रिकेट को एक सिस्टम से जोड़ना है। टैलेंट की पहचान से लेकर खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और सीनियर टीम तक उनके सफर की निगरानी लक्ष्मण की जिम्मेदारी में आ सकती है। BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद BCCI में डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद पहले नहीं था। इस नई जिम्मेदारी के जरिए सीनियर टीम के कोच, चयनकर्ता, CoE और यूथ क्रिकेट को एक सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसका मकसद टैलेंट की पहचान से लेकर खिलाड़ियों के डेवलपमेंट तक एक जैसी रणनीति तैयार करना है। लक्ष्मण पहले से CoE में युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं। वे जूनियर टीमों, खिलाड़ियों के रिहैब और मेन्स-वूमेन्स क्रिकेट के पाथवे से जुड़े काम देखते हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी को उनके मौजूदा काम का अगला स्तर माना जा रहा है। गंभीर और अगरकर की भूमिका में अभी बदलाव नहीं रिपोर्ट के मुताबिक नई व्यवस्था में लक्ष्मण की भूमिका हेड कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर से ऊपर होगी। हालांकि, इसका दोनों की मौजूदा जिम्मेदारियों पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच और अगरकर मुख्य चयनकर्ता की भूमिका में बने रहेंगे। दोनों का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक जारी रहने की बात सामने आई है। अगरकर के कार्यकाल को लेकर सितंबर में फैसला होना है मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल सितंबर में खत्म होना है। पिछले कुछ समय से टीम चयन और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर उनके फैसलों पर चर्चा रही है। ऐसे में लक्ष्मण को नई जिम्मेदारी देने को BCCI के क्रिकेटिंग सिस्टम में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मौजूदा जानकारी के मुताबिक अगरकर की जिम्मेदारी में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। गंभीर के टेस्ट भविष्य को लेकर भी चर्चा रही गौतम गंभीर के कोचिंग भविष्य को लेकर भी हाल के महीनों में चर्चा हुई है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के प्रदर्शन और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 टेस्ट मैचों की सीरीज को गंभीर के रेड-बॉल क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट के तौर पर लक्ष्मण की नियुक्ति का मतलब गंभीर को हटाना नहीं है। स्टाफ नियुक्त करने की जिम्मेदारी भी लक्ष्मण के पास होगी लक्ष्मण अब तक CoE में जूनियर भारतीय टीमों, खिलाड़ियों के रिहैब और टैलेंट डेवलपमेंट से जुड़े काम देखते रहे हैं। नई भूमिका में उनके पास कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियों की जिम्मेदारी भी होगी। इससे भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग स्तरों पर काम कर रहे कोच और स्टाफ एक ही दिशा में काम कर सकेंगे। लक्ष्मण की जिम्मेदारी टैलेंट की पहचान से लेकर उसे सीनियर क्रिकेट के लिए तैयार करने तक रहेगी। भारतीय क्रिकेट में एक सिस्टम बनाने की कोशिश नई भूमिका का सबसे बड़ा मकसद भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना है। अभी सीनियर टीम, सिलेक्शन कमेटी, CoE और एज-ग्रुप क्रिकेट अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। लक्ष्मण की नई भूमिका में इन सभी के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश होगी। इसका फायदा लंबे समय में खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और टैलेंट पूल को मजबूत करने में मिल सकता है। लक्ष्मण पहले से इस सिस्टम के साथ जुड़े हैं, इसलिए BCCI ने उनकी जिम्मेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत कल से 600वां टेस्ट खेलेगा:जीता तो वेस्टइंडीज की बराबरी करेगा; श्रीलंका में स्पिन खेलना चुनौती भारत 15 अगस्त से अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। अगर इंडिया इस मुकाबले को जीत लेता है, तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा। पूरी खबर
सऊदी प्रो लीग के नए सीजन का आगाज हो रहा है। कभी पूरी दुनिया के दिग्गज और उम्रदराज फुटबॉलरों पर पानी की तरह पैसा बहाने वाली लीग अब नए दौर में प्रवेश कर रही है। लीग अब ढलती उम्र के मेगास्टार्स पर पैसा खर्च करने की अपनी पुरानी रणनीति से आगे बढ़ रही है। 2023 में करीब 8000 करोड़ रुपए खर्च कर सुर्खियां बटोरने वाली लीग का फोकस अब सिर्फ नामचीन चेहरों पर नहीं, बल्कि ‘वैल्यू फॉर मनी’ और सऊदी अरब के स्थानीय फुटबॉल के स्तर को ऊपर उठाने पर है। चर्चा थी कि मिस्र के 34 वर्षीय स्टार सालाह सऊदी लीग का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दरअसल, सालाह अब लीग के नए मॉडल में फिट नहीं बैठते। अब लीग ऐसे युवा खिलाड़ियों को साइन कर रही है, जिनकी भविष्य में रीसेल वैल्यू हो और जिन्हें कुछ साल बाद वापस यूरोप भेजा जा सके। लीग ने विदेशी सितारों को लाकर क्लबों का स्तर तो सुधारा है, लेकिन इसका फायदा नेशनल टीम को नहीं मिला। वर्ल्ड कप से जल्दी बाहर होने के बाद यह सवाल उठा कि क्या अरबों रुपए खर्च करने से स्थानीय खिलाड़ियों का स्तर सुधरा? वर्ल्ड कप में उरुग्वे और केप वर्डे से ड्रॉ और स्पेन से हार के बावजूद यह स्पष्ट हो गया कि स्थानीय खिलाड़ी विदेशी टैलेंट के कारण टीम से बाहर हो रहे हैं। प्लेमेकर, गोलस्कोरर और गोलकीपर जैसी अहम जगहों पर विदेशी काबिज हैं। 26 सदस्यीय वर्ल्ड कप टीम में से सिर्फ सऊद अब्दुलहामिद (लेंस क्लब) ही देश से बाहर खेलते हैं। कुल मिलाकर, सऊदी लीग के लिए 30 पार कर चुके विदेशी सितारों को भारी कीमत पर खरीदने से ज्यादा जरूरी यह है कि वह अपने स्थानीय खिलाड़ियों को मौके दे। तभी लंबी अवधि में सऊदी फुटबॉल का असली विकास संभव हो सकेगा। रोनाल्डो 1000 करियर गोल के ऐतिहासिक मुहाने पर 41 वर्षीय पुर्तगीज स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने करियर के 1000 गोल से अब सिर्फ 24 गोल दूर हैं। अल-नासर के लिए 107 लीग मैचों में 102 गोल दाग चुके पांच बार के बैलेन डि’ओर विजेता इस सीजन में यह जादुई आंकड़ा छू सकते हैं। हालांकि, सवाल यह है कि रोनाल्डो की यह व्यक्तिगत उपलब्धि लीग की लंबी अवधि की योजनाओं में कैसे फिट बैठती है। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में लीग को कई अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टिंग डील मिलीं। रोनाल्डो की पीली CR7 जर्सी ने लीग को मशहूर तो किया, लेकिन अब लीग का लक्ष्य खेल की गुणवत्ता सुधारना है। इसलिए इस बार किसी यूरोपियन दिग्गज के साथ सऊदी प्रो लीग ने कोई बड़ी डील नहीं की है।
मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, पदक का सूखा खत्म करने का इरादा: मनप्रीत सिंह
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है कि एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। मनप्रीत ने कहा कि वह विश्व कप को जीतकर इसे यादगार बनाना चाहते हैं।
1975 के बाद फिर इतिहास दोहराने की चुनौती, Hockey World Cup में Team India के पास सुनहरा मौका
लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी तो उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने के अभियान का शानदार आगाज करके देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा देने का होगा।आठ बार के ओलंपिक चैम्पियन भारत ने एकमात्र विश्व कप 1975 में कुआलालम्पुर में पाकिस्तान को हराकर जीता था। इससे पहले 1971 में कांस्य और 1973 में रजत पदक अपने नाम किया था लेकिन पिछले 51 साल में पोडियम पर जगह बनाने में भारतीय टीम नाकाम रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मौजूदा भारतीय टीम के पास इस बार सबसे सुनहरा मौका है। पूल चरण में भारत (आठवीं रैंकिंग) के सामने जिन टीमों की चुनौती है, उनमें सिर्फ इंग्लैंड (तीसरी रैंकिंग) ही उससे आगे है जबकि पाकिस्तान 12वें और वेल्स 15वें स्थान परहै।टूर्नामेंट के नये प्रारूप में हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी जहां उन्हें चार चार टीमों के दो समूहों में बांटा जायेगा और दूसरे पूल की टीमों से इस दौर में सामना होगा। इसमें दूसरी क्वालीफाइड टीम के खिलाफ पिछले दौर के अपने पूल के अंक जोड़े जायेंगे। दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी।भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि टीम उसी मानसिकता और तैयारी के साथ उतरेगी जो पिछले दो ओलंपिक में थी। उन्होंने कहा ,‘‘ हमें यकीन है कि जिस तरह से तोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीता था, इस बार विश्व कप में 51 साल की कमी पूरी कर देंगे। हम उसी जज्बे, उसी सोच और तैयारी के साथ यहां आये हैं। विश्व कप में पदक जीतने का दबाव नहीं है बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने शीर्ष टीमों के खिलाफ लगातार खेला है और युवा खिलाड़ी भी आत्मविश्वास से ओतप्रोत हैं। अच्छी बात यह भी है कि पिछले कुछ टूर्नामेंटों में हमने काफी फील्ड गोल किये है।’’भारत ने राजगीर में एशिया कप जीता लेकिन प्रो लीग के पिछले सत्र में नौ टीमों में सिर्फ पाकिस्तान के ऊपर आठवें स्थान पर रही। विश्व कप से ठीक पहले हालांकि प्रो लीग के यूरोप चरण में भारत ने मौजूदा विश्व और यूरोपीय चैम्पियन जर्मनी को हराया और ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड को भी मात दी। कोच क्रेग फुल्टोन ने प्रो लीग 2025-26 में 33 खिलाड़ियों को आजमाने के बाद विश्व कप टीम चुनी जिसमें भारत के लिये सर्वाधिक 417 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी हैं तो यशदीप सिवाच, मोहित एचएस, शिलानंद लाकड़ा समेत आठ खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा।विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में बूट कैंप में विषम परिस्थितियों का सामना करके मानसिक दृढता के साथ आई भारतीय टीम के मानसिक कोच पैडी अपटन का मानना है कि पदक के बारे में अभी से सोचने की बजाय मैच दर मैच रणनीति बनाई जायेगी। विश्व कप 2011 जीतने वाली क्रिकेट टीम और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के साथ काम कर चुके अपटन ने कहा ,‘‘ हमने इस टीम को हर हालात का सामना करने के लिये शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया है। पदक तक के सफर की चुनौतियों का सामना करने में यह टीम सक्षम है और मुझे यकीन है कि ओलंपिक के बाद विश्व कप का भी पदक जीत सकती है।’’पी आर श्रीजेश के संन्यास के बाद यह पहला बड़ा टूर्नामेंट है और युवा गोलकीपरों मोहित एचएस तथा सूरज करकेरा के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। वहीं डिफेंस में अमित रोहिदास और कप्तान हरमनप्रीत सिंह का अनुभव काम आयेगा जिनकी ड्रैग फ्लिक पर भी भारत के गोलों का दारोमदार रहेगा। मनप्रीत और हार्दिक सिंह जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी मिडफील्ड की कमान संभालने के लिये हैं तो फॉरवर्ड पंक्ति में अभिषेक और मनदीप पर नजरे रहेंगी जो 300 अंतरराष्ट्रीय मैचों से सिर्फ 12 मैच दूर हैं।अपनी मेजबानी में हुए पिछले दो विश्व कप में छठे और आठवें स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन टॉनिक का काम करेगा जिसकी जरूरत उसे अगले महीने एशियाई खेलों में पड़ेगी जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना लक्ष्य है। मैदान पर अच्छा प्रदर्शन टूर्नामेंट से ठीक पहले मैदान के बाहर हुए कई विवादों को हाशिये पर रखने के लिये भी जरूरी है।दूसरी ओर भारत में पिछले विश्व कप में पदार्पण के बाद लगातार दूसरा टूर्नामेंट खेल रही वेल्स टीम की नजरें उलटफेर करने पर लगी होंगी। विश्व हॉकी के मानचित्र पर खुद को स्थापित करने की कोशिश में जुटी वेल्स टीम ने इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ अभ्यास मैच खेलकर विश्व कप की तैयारी की है और उसे पिछले प्रदर्शन से बेहतर की उम्मीद है।पूल चरण में भारत को 17 अगस्त को इंग्लैंड से और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलना है।
पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 11 अगस्त को जॉर्जिना रोड्रिगेज से शादी की है। यह शादी तलाक की दशा में संपत्ति का बंटवारा ना होने की शर्त पर हुई है। हालांकि, तलाक होने पर रोनाल्डो अपनी पत्नी को हर महीने 1.10 करोड़ रुपये पेंशन देंगे। एक 53 करोड़ से अधिक की कीमत का बंगला भी देना होगा।
MS धोनी से प्रेरणा लेती हैं भारतीय गोलकीपर बिछू देवी, वर्ल्ड कप से पहले दिया ये बयान
विश्व कप में दबाव का सामना शांत रहकर करने को सफलता की कुंजी मानने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की होनहार गोलकीपर इस हुनर के लिये एमएस धोनी को आदर्श मानती हैं और उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करती हैं ।
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कर्स्टन का प्लान साफ, बोले- रणनीति लागू करना सबसे बड़ी चुनौती
श्रीलंका के कोच ने बताया कि उनकी टीम ने भारत के प्रत्येक बल्लेबाज और गेंदबाज के खिलाफ अलग-अलग योजनाएं तैयार की हैं। टीम के पास खिलाड़ियों के लिए ए, बी और सी प्लान मौजूद हैं। हालांकि, कर्स्टन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और इसी वजह से किसी एक योजना पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता।
MS Dhoni से प्रेरणा लेकर मैदान पर शांत रहना चाहती हैं गोलकीपर Bichu Devi
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन (नीदरलैंड), 14 अगस्त विश्व कप में दबाव का सामना शांत रहकर करने को सफलता की कुंजी मानने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की होनहार गोलकीपर इस हुनर के लिये ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी को आदर्श मानती हैं और उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करती हैं। दूसरा विश्व कप खेल रही बिछू ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ धोनी जिस तरह से दबाव में भी शांत रहते हैं, मैं भी वैसा ही करने की कोशिश करती हूं। यही सोचती हूं कि डर के आगे जीत है। कितना भी दबाव सामने आये, मैं शांत रहूंगी। जब उनकी फिल्म आई तो मैने बार बार देखी। उन्होंने जीवन में इतना संघर्ष किया और इतनी ऊंचाई तक पहुंचे , उनसे बहुत प्रेरणा मिलती है।’’भारतीय टीम को विश्व कप में पहला मुकाबला 16 जून को चीन से खेलना है और मणिपुर की 26 वर्ष की इस खिलाड़ी ने कहा कि वह सफलता के लिये बेसिक्स पर अमल करने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ अब कुछ ज्यादा सोचना नहीं है। जो अब तक तैयारी की है , उसी पर फोकस है। कुछ अतिरिक्त प्रयास नहीं करना है।’’पिछले विश्व कप से अब तक के सफर में बिछू की सोच में भी काफी बदलाव आया है और बड़े टूर्नामेंट या दिग्गज टीमों की ख्याति से वह डरती नहीं है।’’उन्होंने कहा ,‘‘मैं पिछले विश्व कप में बिल्कुल नयी थी और बहुत दबाव ले लिया था कि इतने बड़े टूर्नामेंट में कैसे खेलूंगी लेकिन अब परिपक्वता आई है और फोकस बस अच्छे प्रदर्शन पर है।’’बिछू ने कहा ,‘‘आक्रामक हॉकी के इस दौर में दुनिया की शीर्ष स्ट्राइकरों के सामने अब दिक्कत नहीं होती। हमने बड़ी टीमों के खिलाफ इतने मैच खेले हैं कि अब फर्क नहीं पड़ता। बस मैदान पर शांत रहकर फैसले लेने हैं जो मैं ले लूंगी।’’सविता पूनिया जैसी दिग्गज गोलकीपर के टीम में होने के बावजूद अपनी पहचान बनाने वाली बिछू दरअसल हॉकी नहीं, फुटबॉल खेलना चाहती थी लेकिन ट्रायल के लिये पहुंचने में देरी होने से उनकी किस्मत बदल गई। उन्होंने बताया ,‘‘ मैं गलती से हॉकी खिलाड़ी बनी हूं क्योंकि मैने फुटबॉलर बनने का सपना देखा था। इम्फाल साइ सेंटर पर ट्रायल देने गई थी लेकिन एक दिन देरी होने से वेकेंसी फुल हो गई थी। वहां साइ के निदेशक ने पापा से बोला कि इसको हॉकी खेलने दो, कुछ महीने बाद फुटबॉल टीम में ले लेंगे। मैने हॉकी के सारे ट्रायल पास कर लिये लेकिन दो महीने बाद फुटबॉल टीम के लिये पूछा तो उन्होंने कहा कि साइ में अब हॉकी खिलाड़ी के रूप में नाम दर्ज हैं तो फुटबॉल नहीं खेल सकती।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैं बहुत रोई और पापा को बोला कि मुझे ले जाओ लेकिन उन्होंने समझाया। धीरे धीरे हॉकी में मन रमने लगा। लेकिन मैं शुरू में स्ट्राइकर थी और गोल करके जश्न मनाना मुझे अच्छा लगता था। फिर मणिपुर में नीलकमल सर साइ सेंटर आये थे जिन्होंने गोलकीपर बनाने की सलाह दी।’’मप्र अकादमी में कैरियर का आगाज करने वाली बिछू को गोलकीपर की किट भी काफी देर से मिली और मिली भी तो उनके साइज की नहीं थी। उन्होंने बताया ,‘‘मैं मप्र अकादमी में 2015 में चली गई थी जहां से शुरूआत हुई। मुझे छह महीने बाद गोलकीपर की किट मिली लेकिन लेगगार्ड इतने बड़े थे कि कटवाकर खेलना पड़ा।’’सविता के साथ अपने रिश्ते को प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि एक दूसरे से सीखने का मानने वाली बिछू ने कहा कि उनके अनुभव से काफी मदद मिलती है। बिछू ने कहा ,‘‘ सविता दी से बहुत कुछ सीखने को मिला। उनसे लगातार पूछती हूं कि दिमाग में उस समय क्या चल रहा था या फैसले कैसे लेने हैं तो वह बताती हैं कि बाहरी आवाजों पर ध्यान नहीं देना है और अपने खेल पर फोकस रखना है। एक बड़ी बहन की तरह सिखाया है और मेरे से भी सीखती हैं। मैच में गोल खाने के बाद एक दूसरे का मनोबल बढाते हैं।
मिचेल स्टार्क ने कपिल देव को छोड़ा पीछे, टॉप 10 में पहुंचने के बेहद करीब
मिचेल स्टार्क ने टेस्ट में अपने 435 विकेट पूरे कर लिए हैं। अब वे कपिल देव से आगे निकल गए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन उन्होंने एक और विकेट लेकर ये काम कर दिया।
PC: navarashtra श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम तैयार है। शुभमन गिल की लीडरशिप में भारतीय टीम पहले ही कोलंबो पहुंच चुकी है। जहां टीम ने तीन दिन का प्रैक्टिस मैच खेला। इस मैच में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 6 विकेट से हरा दिया। अब असली टेस्ट का टाइम है। पहला मैच 15 अगस्त को भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा। इसके लिए टीम गॉल में एंट्री कर चुकी है। भारतीय प्लेयर्स का फूलों की माला पहनाकर ग्रैंड वेलकम किया गया। BCCI ने खुद इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस बीच, श्रीलंका ने भी अपनी टीम का अनाउंसमेंट कर दिया है। भारत- श्रीलंका पहला टेस्ट मैच भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त को खेला जाएगा। भारतीय टीम गॉल में एंट्री कर चुकी है और तैयारी शुरू कर दी है। टीम 12 अगस्त की शाम को वहां पहुंची और कुछ प्लेयर्स ने उसके तुरंत बाद तैयारी शुरू कर दी। इस बीच, यहां की पिच पर सबका ध्यान है। श्रीलंका की पिचें स्पिन बॉलर्स के लिए फेवरेबल मानी जाती हैं। अगर इस बार भी यही हाल रहा, तो टीम अपने स्पिनर्स को तैयार रखने की कोशिश करेगी। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का संघर्ष शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम पिछले कुछ समय से संघर्ष कर रही है। इसलिए, यह सीरीज़ भारत के लिए बहुत ज़रूरी है। इस बार, श्रीलंका की टीम में प्रभात जयसूर्या जैसे गेंदबाज़ हैं, जो निश्चित रूप से भारतीय टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। हालाँकि, क्योंकि मैच दो दिन दूर है, इसलिए यह भारत के लिए पिच को देखकर अपनी तैयारी को बेहतर बनाने का एक मौका होगा। ये मैच WTC के तहत हैं यह सीरीज़ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के हिस्से के तौर पर खेली जाएगी। भारतीय टीम अभी WTC पॉइंट्स टेबल में पाँचवें स्थान पर है। हालाँकि, अगर वे यह सीरीज़ जीतते हैं, तो उनके पास अगले राउंड में जाने का मौका है। इसलिए, यह मुकाबला बहुत कड़ा होने की उम्मीद है। यह देखना ज़रूरी होगा कि कौन सी टीम यह सीरीज़ जीतती है। श्रीलंका टीम: धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदारा, निशान मदुश्का, कामिंदू मेंडिस (उप-कप्तान), दिनेश चांदीमल, पसिंदू सुरियाबंदरा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशर नुवांथा, मिलन रथनायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्व फर्नांडो, दिलशान मदुश्का इंडिया टीम: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सामंथा जैन, आकिब नबी, सरफराज खान
PC: navarashtra भारत और श्रीलंका के बीच बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज़ शनिवार, 15 अगस्त से शुरू हो रही है। भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुँचने के लिए इस सीरीज़ के दोनों टेस्ट मैच जीतने की कोशिश करेगी। भारतीय टीम मैनेजमेंट दुविधा में है क्योंकि गॉल में स्पिनरों को ज़्यादा मदद मिलने की संभावना है। गौतम गंभीर और शुभमन गिल को अभी तीन स्पिनर और दो तेज़ गेंदबाज़ों पर फ़ैसला करना है। यह ज़रूरी होगा कि टीम तीन तेज़ गेंदबाज़ों को मौका देगी या फ़ाइनल 11 खिलाड़ियों में चार स्पिनर शामिल करेगी। हालाँकि, बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिया है कि भारत पहले टेस्ट में तीन लेफ़्ट-आर्म स्पिनर खिला सकता है। भारत 3 स्पिनरों के साथ मैदान में उतरेगा भारतीय टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिया है कि भारत गॉल में श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में तीन लेफ़्ट-आर्म स्पिनर खिला सकता है। कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा की बॉलिंग स्टाइल और विकेट लेने की क्षमता अलग-अलग है। कुलदीप में अपनी लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिन से बैट्समैन को बेवकूफ बनाने की काबिलियत है, जडेजा की सटीक बॉलिंग सबसे अच्छे बैट्समैन को भी परेशान कर सकती है, जबकि सुथार की बॉलिंग हमें लेफ्ट-आर्म स्पिन बॉलिंग के ट्रेडिशनल स्टाइल की याद दिलाती है। कुलदीप का एक्सपीरियंस बहुत ज़रूरी है मोर्कल ने मीडिया से कहा, हमारे पास कुलदीप है और वह एक अग्रेसिव बॉलर है। उसका एक्सपीरियंस हमारे लिए बहुत ज़रूरी है। मुझे लगता है कि वे सभी अपने-अपने स्टाइल में अलग हैं। मानव बॉल को थोड़ा ज़्यादा टर्न कराता है, जडेजा थोड़ा ज़्यादा सटीक है, और मुझे नहीं लगता कि तीन लेफ्ट-आर्म स्पिनर होना हमारे लिए कोई बड़ी चिंता की बात है। तीन स्पिनर खिलाना सही फैसला है... मोर्कल ने आगे कहा, अगर आप इस ग्राउंड की हिस्ट्री देखें, यहां मैच कैसे खेले गए हैं, तो मुझे लगता है कि तीन स्पिनरों को मौका देना सही तरीका है। हमारी स्पिन बॉलिंग को देखते हुए, यह बहुत एग्रेसिव ऑप्शन है। लेकिन पिच को देखते हुए, यह एक अच्छी पिच लग रही है और मेरा मानना है कि जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ेगा, कुछ बदलाव होंगे। लेकिन, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कप्तान शुभमन गिल इन बॉलर्स का किसी खास समय पर कैसे इस्तेमाल करते हैं। लेकिन स्किल के मामले में, इन सभी में हमारे लिए 20 विकेट लेने की क्षमता है।' टीम हर सिचुएशन के लिए तैयार.. मोर्कल ने कहा, 'टीम ने हर तरह के सिचुएशन के लिए तैयारी की है, जिसमें मेंटल स्ट्रेंथ, लंबे समय तक बैटिंग करना और सही जगह पर बॉलिंग करना ज़रूरी होगा। मोर्कल फास्ट बॉलिंग को लेकर परेशान नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि प्रदीश कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने डोमेस्टिक लेवल पर मुश्किल कंडीशन में काफी क्रिकेट खेला है। यहां, उनके लिए असली चैलेंज तेज गर्मी, ह्यूमिडिटी और कूकाबुरा बॉल का सॉफ्ट होना होगा।'
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जार्जिना रोड्रिगेज ने 11 अगस्त को निजी समारोह में शादी की। शादी के बाद सामने आई रिपोर्टों में उनके विवाह की वित्तीय शर्तों की चर्चा है।
AUS vs BAN: मिचेल स्टार्क के नाम दर्ज हुई बड़ी उपलब्धि, इस मामले में की कपिल देव की बराबरी
इंटरनेट डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए। 36 साल के मिचेल स्टार्क ने इस मामले में श्रीलंका के महान स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ा। इतना ही नहीं, वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में भारत के महान कप्तान कपिल देव की बराबरी पर भी पहुंच गए हैं। मुकाबला शुरू होने से पहले स्टार्क और रंगना हेराथ टेस्ट विकेटों के मामले में बराबरी पर थे। उसके बाद विकेट लेते ही वो आगे निकल गए। 434वां टेस्ट विकेट हासिल करने के साथ मिचेल स्टार्क ने भारत के महान कप्तान और ऑलराउंडर कपिल देव की भी बराबरी कर ली। कपिल देव ने 1978 से 1994 के दौरान 131 टेस्ट मैच खेलकर 434 विकेट हासिल किए थे। स्टार्क ने यह आंकड़ा अपने 106वें टेस्ट में ही छू लिया। दोनों अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं। PC- JAGRAN
Hockey World Cup 2026 में ऐसा है टीम इंडिया का शेड्यूल, इस दिन पाकिस्तान से होनी है भिड़ंत
Hockey World Cup 2026 India Schedule: नीदरलैंड में 15 अगस्त से खेले जाने वाले हॉकी मेंस वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का शेड्यूल कैसा है? ये जान लीजिए।
महिला टेनिस खिलाड़ियों के लिए SRY जीन टेस्ट अनिवार्य करने के WTA के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है।
पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर को पद्मश्री मिलने का इंतजार 53 साल बाद भी खत्म नहीं हुआ है। 88 साल के इंजीनियर के मुताबिक, 1973 में अखबारों के जरिए उन्हें पता चला था कि सरकार ने उन्हें पद्मश्री के लिए चुना है। उस समय वे इंग्लैंड में भारतीय टीम के साथ खेल रहे थे। टीम मैनेजर हेमू अधिकारी ने भी उन्हें इसकी जानकारी दी थी। लेकिन इसके बाद उन्हें सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। न मेडल मिला और न ही प्रमाणपत्र। पद्म पुरस्कार की वेबसाइट पर इंजीनियर का नाम 1973 के पद्मश्री सम्मान पाने वालों में दर्ज है। हालांकि, इसके बाद पुरस्कार उन तक क्यों नहीं पहुंचा। इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब इस मामले में BCCI सरकार को पत्र लिखने की तैयारी कर रहा है। इंजीनियर बोले- मेडल ट्रॉफी कैबिनेट में रखूंगा इंजीनियर इंग्लैंड में रहते हैं, लेकिन कहते हैं कि भारत उनके दिल में है। उनका कहना है कि वे पद्मश्री को अपने घर की ट्रॉफी कैबिनेट में रखना चाहते हैं और राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति के हाथों सम्मान लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में उनके और क्लाइव लॉयड के नाम पर स्टैंड हैं, लेकिन राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री लेना उनके लिए उससे भी बड़ा सम्मान होगा। जय शाह से मदद मांगी इंजीनियर ने हाल में ICC चेयरमैन जय शाह से भी इस मामले में मदद मांगी थी। उन्होंने बताया कि पिछले महीने जय शाह ने उनकी मदद करने का भरोसा दिया। इससे पहले उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से भी इस मामले में मदद मांगी थी। 1971 की ऐतिहासिक सीरीज के बाद मिला था सम्मान फारुख इंजीनियर को 1971 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत में योगदान के बाद पद्मश्री के लिए चुना गया था। उस सीरीज के तीसरे टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 59 रन बनाए। भारत की टीम 125/5 के मुश्किल स्कोर पर थी, तब इंजीनियर ने एकनाथ सोलकर के साथ साझेदारी कर टीम को संभाला। दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत को 174 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। 46 टेस्ट खेले, 2,611 रन बनाए इंजीनियर ने भारत के लिए 1961 से 1975 तक 46 टेस्ट खेले। उन्होंने 2,611 रन बनाए। उनका टेस्ट औसत 31.08 रहा। वे उस दौर के मशहूर स्पिन चौकड़ी बिशन सिंह बेदी, ईरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर और एस. वेंकटराघवन के विकेटकीपर भी रहे। उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में 1966-67 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मद्रास टेस्ट का शतक शामिल है। उन्होंने उस पारी में लंच से पहले ही 94 रन बना लिए थे। शानदार बल्लेबाज और फुर्तीले विकेटकीपर थे इंजीनियर फारुख इंजीनियर अपने दौर के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाते थे। वे आक्रामक बल्लेबाजी के साथ विकेट के पीछे अपनी तेज रिफ्लेक्स के लिए मशहूर थे। यही वजह थी कि 1970 के दशक की शुरुआत में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में हुई रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड-XI सीरीज के लिए उन्हें पहली पसंद का विकेटकीपर चुना गया। इंजीनियर बाद में इंग्लैंड में बस गए और लंकाशायर के लिए भी क्रिकेट खेला। MCA भी मदद के लिए आगे आया फारुख इंजीनियर ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी इस मामले में मदद मांगी है। जून-जुलाई में MCA प्रेसिडेंट-XI के इंग्लैंड दौरे के दौरान इंजीनियर को सम्मानित किया गया था। इसी दौरान उन्होंने MCA के कोषाध्यक्ष अरमान मलिक से पद्मश्री का मेडल हासिल करने में मदद करने को कहा। --------------गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है, मोर्केल ने कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्कील्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पढ़ें पूरी खबर
AUS vs BAN: तमीम ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने वाले बने पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज
इंटरनेट डेस्क। बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन टेस्ट में शतक ठोक दिया है। तमीम ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी पारी खेलने का बांग्लादेशी रिकॉर्ड हसन सरकार के नाम था। उन्होंने 2003 में 76 रन बनाए थे। 25 साल के तमीम के करियर का यह दूसरा ही टेस्ट मैच है। 25 साल के तंजीद हसन तमीम का टेस्ट क्रिकेट में यह पहला शतक है। उन्होंने 188 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने 8 चौकों के अलावा एक छक्का भी मारा। यह ओवरऑल टेस्ट में किसी भी बांग्लादेशी बल्लेबाज का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा शतक है। 2006 में शहरियार नफीस ने फतुल्लाह में 138 रनों की पारी खेली थी। नाथन लायन ने पवेलियन भेजा तमीम हसन शतक लगाने के बाद ज्यादा समय क्रीज पर नहीं टिक पाए। वह 101 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए। अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लायन ने उनका विकेट लिया। 197 गेंदों पर तमीम के बल्ले से 101 रन निकले। यह 2022 में डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ महमुदुल हसन जॉय के 137 रन के बाद किसी बांग्लादेशी ओपनर का घर से बाहर लगाया गया पहला शतक भी है। PC- cricinfo.com
ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 198 रन पर समेटने के बाद बांग्लादेश ने दूसरे दिन भी अपना दबदबा बनाए रखा है। डार्विन क्रिकेट ग्राउंड पर बांग्लादेश ने टी-ब्रेक तक 286/3 रन बना लिए हैं। टीम की बढ़त 88 रन हो चुकी है। ओपनर तंजिद हसन तमीम ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर टेस्ट सेंचुरी लगाने वाले पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज बने। तंजिद ने 188 गेंद में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया और आउट होने से पहले 197 गेंद पर 101 रन बनाए। इसमें 8 चौके और एक छक्का शामिल था। तंजिद के आउट होने के बाद कप्तान नजमुल हुसैन शांतो 79 रन बनाकर क्रीज पर हैं, जबकि मुशफिकुर रहीम 26 रन पर उनका साथ दे रहे हैं। इससे पहले तंजिद और मोमिनुल हक ने दूसरे विकेट के लिए 102 रन की साझेदारी की थी। मोमिनुल 49 रन बनाकर जोश हेजलवुड की बॉल पर आउट हुए। तंजिद का दूसरा शतक तंजिद ने 188 गेंदों में शतक पूरा किया। वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक लगाने वाले बांग्लादेश के पहले बल्लेबाज बने। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश के किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर हन्नान सरकार का 76 रन था। यह उन्होंने 2003 में केर्न्स में बनाया था। तंजिद ने सिर्फ अपने दूसरे टेस्ट में यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। तंजिद का 101 रन का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बांग्लादेशी बल्लेबाज का सिर्फ दूसरा टेस्ट शतक भी है। इससे पहले शाहिरयार नफीस ने 2006 में फातुल्लाह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 138 रन बनाए थे। तंजिद-मोमिनुल ने संभाली पारी ऑस्ट्रेलिया को 198 रन पर समेटने के बाद बांग्लादेश के सामने चुनौती थी कि वह अपनी पारी को मजबूत बनाए। शुरुआत में शादमान इस्लाम 20 रन बनाकर मिचेल स्टार्क की गेंद पर आउट हुए और बांग्लादेश का स्कोर 36/1 हो गया। इसके बाद तंजिद ने मोमिनुल हक के साथ पारी संभाली। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 102 रन जोड़े। मोमिनुल 49 रन पर हेजलवुड की गेंद पर एलेक्स कैरी को कैच दे बैठे, लेकिन तंजिद ने अपनी पारी जारी रखी और शांतो के साथ मिलकर बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया के स्कोर से आगे पहुंचा दिया। तंजिद 101 रन बनाकर नाथन लियोन की गेंद पर मिचेल स्टार्क को कैच दे बैठे। तंजिद हसन के बारे में जानिए तंजिद हसन तमीम बांग्लादेश के बाएं हाथ के ओपनिंग बल्लेबाज हैं। उनका जन्म 1 दिसंबर 2000 को बोगरा, बांग्लादेश में हुआ था। वे 2020 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली बांग्लादेशी टीम का हिस्सा रहे। 2023 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 198 पर ऑलआउट पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों के सामने उसकी पूरी टीम 53 ओवर में 198 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 71 रन बनाए। उन्होंने 109 गेंदों पर 7 चौके और एक छक्का लगाया। उनके अलावा ट्रेविस हेड ने 22, जेक वेदराल्ड ने 23 और एलेक्स कैरी ने 19 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत में ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड के बीच पहले विकेट के लिए 45 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद बांग्लादेश ने लगातार विकेट निकाले और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 74/4 हो गया। स्मिथ ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। हसन महमूद के 6 विकेट बांग्लादेश की इस शानदार गेंदबाजी की अगुआई हसन महमूद ने की। उन्होंने 17 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट लिए और टेस्ट क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके अलावा एबादत हुसैन ने 2/39 और तस्किन अहमद ने 2/55 विकेट लिए। बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के सभी 10 विकेट हासिल किए। हसन ने जेक वेदराल्ड, ट्रेविस हेड, स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और नाथन लियोन को आउट किया। यानी ऑस्ट्रेलिया के टॉप और लोअर ऑर्डर दोनों पर उन्होंने असर डाला।
तंजीद हसन तमीम ने बांग्लादेश के लिए खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन शतक ठोक दिया है। वे ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर शतक लगाने वाले बांग्लादेश के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। अब ऑस्ट्रेलिया के लिए इस मैच को बचा पाना काफी मुश्किल नजर आ रहा है।
India ने FIFA ASEAN Cup से नाम वापस लिया, Brazil के खिलाफ खेलेगा मैच
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के उप महासचिव एम सत्यनारायणन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने अक्टूबर में पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच को प्राथमिकता देते हुए पहले फीफा आसियान कप से नाम वापस ले लिया है। भारत के आगामी टूर्नामेंट से हटने का मतलब यह भी है कि वह फीफा से मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता में दक्षिण-पूर्व एशिया की कुछ प्रमुख टीम के खिलाफ खेलने का मौका गंवा देगा। सत्यनारायणन ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने फीफा आसियान कप से नाम वापस ले लिया है क्योंकि हम ब्राजील और फीफा आसियान कप दोनों में नहीं खेल सकते।’’ पहली बार आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता की परिकल्पना आसियान क्षेत्र की टीमों के लिए एक नई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में की गई थी जिसमें भारत को गैर आसियान प्रतिभागियों में से एक के तौर पर आमंत्रित किया गया था। भारत ने शुरुआत में फीफा के इस नए टूर्नामेंट में भाग लेने का निमंत्रण स्वीकार किया था और बाद में उसे डिवीजन-एक के ग्रुप ए में इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ रखा गया था। यह प्रतियोगिता 21 सितंबर से छह अक्टूबर के बीच फीफा की अंतरराष्ट्रीय विंडो (अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन के लिए निश्चित समय) के दौरान होनी है। हालांकि तीन अक्टूबर को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में ब्राजील के खिलाफ भारत के मैच की प्रतिबद्धता के कारण कार्यक्रम में टकराव पैदा हो गया। इसे भी पढ़ें: Lionel Messi को Kerala लाने के प्रयास में हुई अनियमितताओं की जांच कराएगी सरकार एआईएफएफ ने पहले आसियान कप में अलग या डेवलपमेंटल टीम उतारने की संभावना पर विचार किया था लेकिन अब पूरी तरह हटने और अंतरराष्ट्रीय विंडो का इस्तेमाल मैत्री मुकाबलों के लिए करने का फैसला किया है। ब्राजील के खिलाफ मुकाबले की आधिकारिक घोषणा पिछले महीने की गई थी। इस बीच बृहस्पतिवार को आई रिपोर्टों के मुताबिक भारत 2026 फीफा विश्व कप में खेलने वाली टीमों के खिलाफ भी मैत्री मैच कराने की संभावना तलाश रहा है। इसे भी पढ़ें: Xavi Hernandez बने नीदरलैंड फुटबॉल टीम के मुख्य कोच, 1978 के बाद पहले विदेशी केप वर्दे और ईरान के नामों पर चर्चा होने की खबर है। हालांकि एआईएफएफ ने अभी इन मुकाबलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एआईएफएफ का यह फैसला इस साल की शुरुआत में बनाई गई उसकी योजना से महत्वपूर्ण बदलाव है जब उसने फीफा का निमंत्रण स्वीकार करने के साथ ही प्रतियोगिता में भागीदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। भारत 2027 एएफसी एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहा है और हाल के वर्षों में उसे नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी हासिल करने में भी संघर्ष करना पड़ा है।
Nihal Sarin और Arjun Erigaisi ईस्पोर्ट्स विश्व कप शतरंज क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
भारतीय ग्रैंडमास्टर्स निहाल सरीन और अर्जुन एरिगेसी ने बृहस्पतिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए ईस्पोर्ट्स विश्व कप (ईडब्ल्यूसी) शतरंज टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही नॉकआउट चरण में भारत की चुनौती की अगुआई यही दोनों खिलाड़ी करेंगे। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने ग्रुप चरण के अंतिम दिन निचले ब्रैकेट से वापसी करते हुए अंतिम-आठ में प्रवेश किया। अब वे शुक्रवार को नॉकआउट मुकाबलों में उतरेंगे। इस टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 15 लाख अमेरिकी डॉलर है। पिछले साल आयोजित पहले ईडब्ल्यूसी शतरंज टूर्नामेंट में भी दोनों भारतीय खिलाड़ी प्लेऑफ में पहुंचे थे। इसे भी पढ़ें: E-sports World Cup: Paris में Arjun Erigaisi का दबदबा, Nihal Sarin को 2-0 से हराकर लोअर ब्रैकेट में धकेला तब निहाल क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे जबकि अर्जुन ने चौथा स्थान हासिल किया था।
Sri Lanka में मैच के दौरान विवाद के बाद कोच Sumith Fernando की मौत, 17 वर्षीय खिलाड़ी हिरासत में
कोलंबो में एक क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ियों के साथ हुई बहस के कारण 62 साल के एक कोच की मौत हो गई जिन्होंने श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट कप्तान कुसल मेंडिस को उनके स्कूली दिनों में कोचिंग दी थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस मामले में स्कूल के 17 साल के खिलाड़ी को सोमवार को सुमित फर्नांडो पर कथित हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को उसे कोलंबो की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 17 अगस्त तक बाल सुधार गृह में भेज दिया गया। इसे भी पढ़ें: India vs Sri Lanka Test: Washington Sundar के बाहर होने से Team India की बढ़ी मुश्किलें, लगा बड़ा झटका पुलिस के अनुसार आठ अगस्त को कोलंबो में खेले जा रहे एक क्रिकेट मैच के दौरान पीने के पानी को लेकर हुए विवाद के बाद दो खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान सुमित फर्नांडो भी इस विवाद में शामिल हो गए और कथित तौर पर उन पर हमला किया गया। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। फर्नांडो मोरातुवा स्थित प्रिंस ऑफ वेल्स कॉलेज के पूर्व क्रिकेट कोच रह चुके थे। उनके मार्गदर्शन में कुसल मेंडिस सहित कई प्रतिभाशाली स्कूली क्रिकेटरों ने प्रशिक्षण लिया था। बाद में फर्नांडो ने श्रीलंका की प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने वाले ब्लूमफील्ड क्रिकेट एंव एथलेटिक क्लब में क्यूरेटर (पिच प्रभारी) के रूप में भी कार्य किया। इसे भी पढ़ें: Ajinkya Rahane Test Debut as Commentator: मैदान के बाद अब Commentary Box में दिखेगा भारतीय दिग्गज का जलवा फर्नांडो का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को किया गया।
इगा स्वियातेक ने नेशनल बैंक ओपन का खिताब जीता:रायबकिना को 6-2, 6-3 से हराया; इस साल की पहली ट्रॉफी
पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक ने गुरुवार को टोरंटो में नेशनल बैंक ओपन का फाइनल जीता। उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त एलेना रायबकिना को 6-2, 6-3 से हराकर इस साल का पहला WTA टूर खिताब जीता। यह उनके करियर का 26वां खिताब है। 29 मिनट में जीता पहला सेट 7वीं वरीयता प्राप्त स्वियातेक ने मैच की शुरुआत में ही दूसरी वरीयता प्राप्त रायबकिना की सर्विस ब्रेक कर दी। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए पहला सेट 29 मिनट में 6-2 से जीत लिया। दूसरे सेट में स्कोर 2-2 से बराबर था, तभी स्वियातेक ने रायबकिना की सर्विस फिर ब्रेक कर दी। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस पर नियंत्रण बनाए रखा और सेट 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। रैंकिंग में 5वें नंबर पर पहुंचेंगी नेशनल बैंक ओपन का खिताब जीतने के बाद स्वियातेक WTA रैंकिंग में 2 स्थान ऊपर चढ़कर 5वें नंबर पर पहुंचेंगी। फाइनल में हारने के बावजूद रायबकिना दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी बनी रहेंगी। स्वियातेक ने कहा- पूरी तरह फोकस थी खिताब जीतने के बाद स्वियातेक ने कहा कि वह मुकाबले के दौरान पूरी तरह फोकस थीं। उन्होंने बताया कि वह मैच को शारीरिक स्तर पर खेलना चाहती थीं और लगातार दबाव बनाए रखना चाहती थीं। डबल्स में सिनीयाकोवा-झांग चैंपियन महिला डबल्स फाइनल में कतेरीना सिनीयाकोवा और शुआई झांग की जोड़ी ने सारा एरानी और निकोल मेलिचार-मार्टिनेज की जोड़ी को 6-3, 6-4 से हराकर खिताब जीता।
कैनेडियन ओपन: इगा स्वियाटेक ने जीता महिला एकल का खिताब, एलेना रायबाकिना 6-2, 6-3 से हारीं
टोरंटो, 14 अगस्त (आईएएनएस)। पौलेंड की इगा स्वियाटेक ने कैनेडियन ओपन 2026 महिला एकल का खिताब जीत लिया है। टोरंटो में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्वियाटेक ने कजाकिस्तान की एलेना रायबाकिना को 6-2, 6-3 से हराकर खिताब अपने नाम किया। स्वियाटेक का इस सीजन का यह पहला खिताब है।
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डार्विन के मरारा क्रिकेट ग्राउंड में बांग्लादेश की पहली पारी के दौरान मिचेल स्टार्क ने शादमान इस्लाम को आउट कर टेस्ट क्रिकेट में अपना 434वां विकेट लिया। इसके साथ ही वे टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले लेफ्ट-आर्म गेंदबाज बन गए। उन्होंने श्रीलंका के रंगना हेराथ के 433 विकेट का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। कपिल देव के 434 विकेट की बराबरी 434 विकेट के साथ स्टार्क ने भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव के टेस्ट विकेटों की भी बराबरी कर ली। कपिल ने 131 टेस्ट में 434 विकेट लिए थे, जबकि स्टार्क ने यह आंकड़ा 106 टेस्ट में हासिल किया। अब स्टार्क टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं। उनसे आगे 439 विकेट के साथ साउथ अफ्रीका के डेल स्टेन हैं। 400+ विकेट लेने वाले दूसरे लेफ्ट-आर्म पेसर स्टार्क 400 या उससे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले दुनिया के दूसरे लेफ्ट-आर्म पेसर हैं। उनसे पहले पाकिस्तान के वसीम अकरम ने 414 विकेट लिए थे। स्टार्क अब अकरम को पीछे छोड़ चुके हैं और लेफ्ट-आर्म पेसर के साथ-साथ सभी लेफ्ट-आर्म गेंदबाजों में सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऑस्ट्रेलिया 198 पर ऑलआउट, हसन महमूद ने लिए 6 विकेट स्टार्क के रिकॉर्ड वाले दिन ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में 198 रन पर ऑलआउट हो गया। बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने 55 रन देकर 6 विकेट लिए। स्टीव स्मिथ ने 71 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
कितने बजे शुरू होगा भारत बनाम श्रीलंका पहला टेस्ट मैच, नोट कीजिए टाइम नहीं तो छूट जाएगा मुकाबला
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है। दो मैचों की सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। भारतीय समय अनुसार मैच कितने बजे शुरू होगा, इस बात को अभी से जान लीजिए, ताकि आप पूरे मैच का आनंद ले सकें।
हार से शुरुआत, जीत से अंत... गॉल में टीम इंडिया के हर टेस्ट की कहानी!
Team India Galle Stats in Test: भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है. पहला मैच गॉल में होना है. ऐसे में सवाल है कि जिस गॉल के मैदान में भारत को पहला मुकाबला खेलना है, वहां भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड कैसा है.
Shillong Lajong FC ने 3-3 से ड्रॉ के साथ Durand Cup के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया
शिलांग लाजोंग एफसी ने बृहस्पतिवार को यहां डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के ग्रुप ई के मुकाबले में लांगस्निंग एफसी के साथ 3-3 से रोमांचक ड्रॉ खेलकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की। इस नतीजे से शिलांग लाजोंग सात अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहा। लांगस्निंग एफसी ने भी शानदार जुझारूपन दिखाया और पांच अंक के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए अपना अभियान समाप्त किया। शिलांग लाजोंग के लिए जोआओ विटोर डी पाउला मोराइस ने दो गोल दागे। उन्होंने पहला गोल आधे घंटे से पहले और दूसरा मध्यांतर के बाद किया। एवेरब्राइटन साना ने टीम के लिए तीसरा गोल किया। लांगस्निंग एफसी ने जोरदार वापसी करते हुए किर्मेनशेम मुखिम, वदाजिएद किनसाई रिंगखलेम और सैयद अहमद के गोल से स्कोर बराबर किया। अहमद ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के अंतिम लम्हों में गोल दागकर अपनी टीम को बराबरी दिलाई। ईस्ट बंगाल और जमशेदपुर एफसी ने भी टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ दो टीम के रूप में क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। दोनों ने बेहतर गोल अंतर के आधार पर यह उपलब्धि हासिल की। गुवाहाटी में स्थानीय खिलाड़ी और भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर हालिचरण नारजारी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बोडोलैंड एफसी ग्रुप एफ के अपने अंतिम मुकाबले में स्थानीय प्रतिद्वंद्वी कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी को 6-0 से हराने के बाद भी नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका। हालिचरण ने चार गोल दागे और दो गोल करने में मदद की। उन्होंने दोनों हाफ में दो-दो गोल किए जबकि कौशिक दैमारी और ग्वग्वमसार गायरी ने भी दूसरे हाफ में गोल करके बोडोलैंड एफसी को बड़ी जीत दिलाई। हालांकि इस शानदार जीत और तीन मैच में छह अंक हासिल करने के बावजूद बोडोलैंड एफसी दूसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के रूप में क्वार्टर फाइनल में जगह नहीं बना सका। ईस्ट बंगाल एफसी और जमशेदपुर एफसी के भी छह-छह अंक रहे लेकिन बेहतर गोल अंतर के कारण उन्होंने बाजी मार ली। इस बीच कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी लगातार दूसरे सत्र में बिना कोई अंक हासिल किए अपना अभियान समाप्त करने वाली टीम रही। रांची में 17 वर्षीय लॉमसांगजुआला की 25 मिनट में हैट्रिक और अमन सीके के शानदार खेल से जमशेदपुर एफसी ने ग्रुप सी के अपने अंतिम मुकाबले में भारतीय वायुसेना एफटी को 6-0 से हराया। रेनियर फर्नांडिस ने चौथे मिनट में जमशेदपुर एफसी के लिए पहला गोल किया जिसके बाद दूसरे हाफ में लॉमसांगजुआला ने दो गोल दागे। अमन सीके ने जमशेदपुर का चौथा गोल किया जबकि लॉमसांगजुआला ने 80वें मिनट में हैट्रिक पूरी की। इसके बाद रयान सी ने छठा गोल करके जमशेदपुर एफसी की एकतरफा जीत पूरी की।
15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। पहली बार महिला और पुरुष के टूर्नामेंट एक साथ हो रहे हैं। बेल्जियम और नीदरलैंड मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं। भारतीय पुरुष टीम वेल्स के खिलाफ टूर्नामेंट का पहला मैच खेलेगी। यह मैच दोपहर 4:30 बजे शुरू होगा। इससे पहले महिलाओं का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच दोपहर 1:30 बजे से होगा। 16 दिन चलेंगे टूर्नामेंट, 2 वेन्यू पर मुकाबले शनिवार से शुरू होने वाले टूर्नामेंट 16 दिन तक चलेंगे। दोनों टूर्नामेंट में कुल 50 मैच खेले जाएंगे। इनका आयोजन 2 फेज में होगा। पहला ग्रुप स्टेज, क्रॉसओवर पूल। फिर सेमीफाइनल और फाइनल मैच होंगे। सभी मैच 2 वेन्यू पर आयोजित होंगे। कुल 32 टीमें हिस्सा ले रहीं मेंस और विमेंस वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें (कुल 32 टीमें) हिस्सा लेंगी। ग्रुप स्टेज में 16 टीमें 4 ग्रुप (ए, बी, सी, डी) में बंटेंगी और हर टीम 3 मैच खेलेगी। हर ग्रुप से टॉप-2 टीम क्रॉसओवर राउंड में जाएगी। इन 8 टीमों को 2 ग्रुपों में बांटा जाएगा। इस राउंड में हर टीम तीन और मैच खेलेगी। ये मुकाबले उन टीमों से होंगे, जिनसे उसका मैच नहीं हुआ है। यहां से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल पहुंचेंगी। 29-30 अगस्त को फाइनल होंगे फाइनल मैच 29 और 30 अगस्त को खेले जाएंगे। महिला वर्ल्ड कप का फाइनल 29 अगस्त को खेला जाएगा। जबकि, पुरुष वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला 30 अगस्त को रात 8:00 बजे से शुरू होगा। दोनों फाइनल के दिन ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होंगे। बेल्जियम में पहली बार वर्ल्ड कप हरमनप्रीत और सलीमा भारत के कप्तान पुरुष टीम : गोलकीपर्स: मोहित एच.एस., सूरज करकेरा। डिफेंडर्स: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच। मिडफील्डर्स: मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे। फॉरवर्ड्स: मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा। महिला टीम: गोलकीपर्स: सविता पूनिया, बिशू देवी खरीबाम। डिफेंडर्स: ईशिका चौधरी, सुशीला चानु पुखरंबम, लालथंटलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास। मिडफील्डर्स: सलीमा टेटे (कप्तान), निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, दीपिका सोरेंग। फॉरवर्ड्स: लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, ईशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग। ईनामी राशि नहीं, ट्रॉफी और मेडल मिलेंगे हॉकी वर्ल्ड कप में ईनामी राशि नहीं है। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) वर्ल्ड कप या प्रो लीग जैसे वर्ल्ड लेवल टूर्नामेंट्स में ट्रॉफी और मेडल्स देते हैं। नीदरलैंड ने सभी वर्ल्ड कप खेले भारत, नीदरलैंड और स्पेन जैसी टीमों ने सभी पुरुष वर्ल्ड कप खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अर्जेंटीना 15-15 बार यह ग्लोबल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। पाकिस्तान ने 14 और बेल्जियम ने 8 बार हिस्सा लिया है।वहीं, नीदरलैंड, अर्जेंटीना और जर्मनी ने विमेंस कैटेगरी के सभी वर्ल्डकप खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया 14, इंग्लैंड-स्पेन 13-13, चीन 10 और भारत ने 9 बार यह टूर्नामेंट खेला है। भारत ने 1975 में पहला वर्ल्ड कप जीता था भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 1971 में शुरू हुए पहले हॉकी वर्ल्ड कप से ही इस टूर्नामेंट में खेलना शुरू कर दिया था। टीम ने अब तक 15 बार टूर्नामेंट में भाग लिया और केवल एक बार वर्ल्ड कप जीता है। भारतीय हॉकी टीम ने 1975 में कुआलालंपुर, मलेशिया में खेले गए वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर यह खिताब अपने नाम किया था। भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब तक कोई वर्ल्ड कप नहीं जीता है। टीम ने 1974 में अपने पहले वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। जंग के कारण पाकिस्तान से छिनी पहले वर्ल्ड कप की मेजबानी हॉकी वर्ल्ड कप कराने का विचार सबसे पहले पाकिस्तान एयर मार्शल नूर खान के दिमाग में आया था। मार्च 1969 में FIH की बैठक में भारत और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से टूर्नामेंट कराने का प्रस्ताव रखा। इसी बीच 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग शुरू हो गई। पाकिस्तान ने भारत को खेलने का न्योता तो दिया, लेकिन वहां के कुछ राजनेताओं और क्रिकेट खिलाड़ी अब्दुल हफीज कारदार के नेतृत्व में लोगों ने भारत की भागीदारी का हिंसक विरोध शुरू कर दिया। मैच शुरू होने से चंद महीने पहले मार्च 1971 में FIH ने सुरक्षा कारणों से इस मेगा इवेंट को पाकिस्तान से हटाकर एक न्यूट्रल यूरोपीय देश स्पेन (बार्सिलोना) में शिफ्ट कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान ने पहला टाइटल जीता था। --------------------------------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया बोले- विमेंस हॉकी में किसी को भी हरा सकता है भारत, मेडल जीतने की काबिलियत भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी। विमेंस हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा है कि भारत वर्ल्ड कप 2026 में पोडियम फिनिश कर सकता है। जियोहॉस्टार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी टीम को हरा सकता है। पढ़ें पूरी खबर
भारत कल से 600वां टेस्ट खेलेगा:जीता तो वेस्टइंडीज की बराबरी करेगा; श्रीलंका में स्पिन खेलना चुनौती
भारत 15 अगस्त से अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। अगर इंडिया इस मुकाबले को जीत लेता है, तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा। इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ 48% मैच जीते क्या चैलेंज होंगे? किन प्लेयर्स पर नजरें गॉल 68% विकेट स्पिनर्स ने झटके गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच ट्रेडिशनली स्पिन गेंदबाजों की मददगार पिच मानी जाती है। इस मैदान पर 49 मैच खेले गए हैं। इनमें 68% विकेट स्पिनर्स के नाम रहे हैं। 26 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 16 मैच पहले बॉलिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। मैच के पांचों दिन बारिश के आसार गॉल टेस्ट बारिश की भेंट चढ़ सकता है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार इसके पांचों दिन बारिश के आसार हैं। मैच के पहले दिन 82% बारिश का पूर्वानुमान है। पॉसिबल प्लेइंग-11 यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, सरांश जैन/मानव सुथार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। कहां देख सकते हैं? मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर होगा। इसे सोनी LIV पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, दैनिक भास्कर ऐप पर मैच का कवरेज होगा। इसे आप फॉलो कर सकते हैं। --------------------------------------------- गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है, मोर्केल ने कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्कील्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सबसे बड़ी चुनौती मेजबान टीम के दो स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस रहने वाले हैं, जिसमें दोनों का गॉल के मैदान पर अब तक जबरदस्त रिकॉर्ड देखने को मिला है।
बैंकॉक में भारत का गौरव बढ़ाएंगी नन्हीं योग प्रतिभा वान्या शर्मा
कम उम्र में योगासन के क्षेत्र में अपनी मेहनत, लगन और शानदार प्रदर्शन से पहचान बनाने वाली वान्या शर्मा के लिए यह प्रतियोगिता एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि का अवसर है। भारत की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेते हुए वान्या एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी।
अभी तक तेज शतरंज में अपने शांत स्वभाव और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले निहाल सरीन के लिए पेरिस में चल रहा ई-स्पोर्ट्स विश्व कप 2026 उम्मीद के मुताबिक शुरू नहीं हुआ है। प्रतियोगिता के पहले ही मुकाबले में उन्हें अपने करीबी दोस्त और भारतीय साथी अर्जुन एरिगैसी के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा है। निहाल हाल ही में बुलेट शतरंज प्रतियोगिता जीतकर पेरिस पहुंचे थे। उन्होंने फाइनल में अलिरेजा फिरोजजा को हराकर खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में उनसे इस प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन अर्जुन के खिलाफ मुकाबले में तस्वीर पूरी तरह अलग रही। मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच 10 मिनट की बाजियों वाला मुकाबला हुआ, जिसमें अतिरिक्त समय नहीं मिलता है। पहली बाजी में अर्जुन ने सफेद मोहरों से खेलते हुए कैरो-कान शैली अपनाई। उन्होंने शुरुआत से ही निहाल पर दबाव बनाया और घड़ी पर भी समय का दबाव बढ़ाते रहे। लगातार दबाव के बीच निहाल की स्थिति कमजोर होती गई और अर्जुन ने पहली बाजी जीत ली। दूसरी बाजी में निहाल को वापसी के लिए जीत जरूरी थी, लेकिन अर्जुन ने उन्हें कोई आसान मौका नहीं दिया। अर्जुन ने ऐसी स्थिति बनाई जिसमें निहाल को बढ़त बनाने का रास्ता नहीं मिला। इसके बाद निहाल की एक चाल की गलती का फायदा उठाकर अर्जुन ने बाजी अपने नाम कर ली और मुकाबला 2-0 से जीत लिया। अर्जुन ने मुकाबले के बाद कहा कि निहाल बेहद मजबूत खिलाड़ी हैं और बिना अतिरिक्त समय वाली तेज शतरंज में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि इस प्रारूप को लेकर अर्जुन को भरोसा था कि वह निहाल के खिलाफ अच्छी चुनौती दे सकते हैं। निहाल के लिए प्रतियोगिता अभी खत्म नहीं हुई है। ई-स्पोर्ट्स विश्व कप के इस प्रारूप में सीधे हार के बाद खिलाड़ी प्रतियोगिता से बाहर नहीं होते। निचले वर्ग में उन्हें दोबारा वापसी का मौका मिलता है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए लगातार जीत दर्ज करनी होगी। अर्जुन के लिए भी खुशी ज्यादा देर नहीं रही। उन्हें सेमीफाइनल में अलिरेजा फिरोजजा ने हरा दिया। वहीं भारत के एक और खिलाड़ी प्रनेश एम को उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने क्वार्टर फाइनल में शिकस्त दी है। इस तरह अब अर्जुन, निहाल और प्रनेश तीनों निचले वर्ग में हैं। अमेरिका के ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा ने अर्जुन के प्रदर्शन को खास बताया है। उनका मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों में अर्जुन की शुरुआती तैयारी सबसे मजबूत है और वह काफी आक्रामक अंदाज में शतरंज खेलते हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के सामने अब प्रतियोगिता में बने रहने और मजबूत वापसी करने की चुनौती है। बता दें कि अलिरेजा फिरोजजा इस समय फ्रांस की ओर से खेलते हैं और 2019 में ईरान से फ्रांस चले गए थे। उन्हें इस साल के शतरंज ओलंपियाड के लिए फ्रांस की राष्ट्रीय टीम से बाहर किया गया है। ऐसे में पेरिस में उनका प्रदर्शन भी चर्चा में बना हुआ है। अब निचले वर्ग के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों की नजर वापसी पर टिकी हुई हैं।
श्रीलंका में एक क्रिकेट मैच के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है, जिसमें कोलंबो में मैच के दौरान खिलाड़ियों के साथ हुई बहस के कारण 62 साल के कोच सुमित फर्नांडो की मौत हो गई जिन्होंने पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेट कप्तान कुसल मेंडिस को उनके स्कूली दिनों में कोचिंग दी थी।
श्रीलंका में पानी को लेकर खिलाड़ियों के झगड़े में 62 साल के एक कोच की मौत हो गई। घटना 8 अगस्त की है, लेकिन इसकी जानकारी गुरुवार को आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार एक मैच के दौरान 2 खिलाड़ियों में पानी के लिए झगड़े हुआ। इस दौरान कोच सुमिथ फर्नांडो को चोट लग गई। सुमिथ को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 11 अगस्त को उन्होंने दम तोड़ दिया। 13 अगस्त को कोच फर्नांडो का अंतिम संस्कार हुआ। फर्नांडो श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट कप्तान कुसल मेंडिस को स्कूल के दिनों में कोचिंग देते थे। पुलिस ने इस मामले में 17 साल के एक स्कूली खिलाड़ी को गिरफ्तार किया है। अदालत ने आरोपी को बाल हिरासत में भेजा पुलिस ने आरोपी को कोलंबो की अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने आरोपी को 17 अगस्त तक जुवेनाइल सुपरविजन में रखने का आदेश दिया है। सुमिथ क्लब क्यूरेटर भी रहे सुमिथ कोलंबो के बाहरी इलाके मोरातुवा के प्रिंस ऑफ वेल्स कॉलेज के पूर्व कोच थे। वे ब्लूमफील्ड क्रिकेट एंड एथलेटिक क्लब के क्यूरेटर भी रहे। यह क्लब श्रीलंका में फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलता है। ------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें गॉल टेस्ट- भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है:गेंदबाजी कोच मोर्केल ने संकेत दिए; कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्किल्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
पूर्व भारतीय खिलाड़ी विनय कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कर्नाटक टीम के बने हेड कोच
भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जिनका घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड देखने को मिलता है उनको कर्नाटक क्रिकेट संघ ने आगामी घरेलू सीजन के लिए अपनी टीम का नया हेड कोच नियुक्त करने का फैसला लिया है।
'गौतम गंभीर अच्छा बंदा है, लेकिन...'हरभजन सिंह ने टीम इंडिया के हेड कोच को लेकर क्यों कही ये बात? जाने पूरा बयान
विमेंस हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा है कि भारत वर्ल्ड कप 2026 में पोडियम फिनिश कर सकता है। जियोहॉस्टार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी टीम को हरा सकता है। हॉकी वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा। भारत पूल-डी में चीन, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ है। टीम चीन के खिलाफ 16 अगस्त को टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। नेशंस कप जीतने के बाद भारत का कॉन्फिडेंस बढ़ा इसस पहले विमेंस टीम ने नेशंस कप 2025-26 में गोल्ड मेडल जीता था। टीम ने ऑकलैंड में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से हराया। इसके बाद टीम से हॉकी वर्ल्ड कप में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। सविता बोलीं- लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलना गर्व की बात सविता पूनिया लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी। इस पर उन्होंने कहा- किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलिंपिक और वर्ल्ड कप सबसे बड़े मंच होते हैं। देश के लिए खेलना हर एथलीट का सपना होता है। तीसरा वर्ल्ड कप खेलना बड़ी उपलब्धि है।' उन्होंने कहा- 'मेरे पास ज्यादा एक्सपीरियंस है। मेरी कोशिश प्रेसर सिचुएशन में शांत रहकर टीम को संभालना होगा। मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश करुंगी।' खिलाड़ी फिटनेस और डाइट पर खुद ध्यान दे रहे सविता ने बताया कि पिछले कुछ सालों में भारतीय हॉकी का अप्रोच बदल गया है। पहले खिलाड़ी केवल कोच की गाइडलाइंस मानते थे। अब हर खिलाड़ी अपनी फिटनेस, रिकवरी और डाइट का खुद ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोलकीपरों के लिए हफ्ते में 3 से 4 एक्स्ट्रा ट्रेनिंग सेशन होते हैं। सविता ने कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ की सविता ने टीम की कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ करते हुए कहा- वह न सिर्फ बेहतरीन कप्तान हैं, बल्कि शानदार और आक्रामक मिडफील्डर भी हैं।' उन्होंने कहा- सलीमा की स्पीड हमारी सबसे बड़ी ताकत है, खासकर पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में।' उन्होंने बताया कि सलीमा सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करती हैं और उनसे सलाह लेती हैं। उप-कप्तान नवनीत कौर और सलीमा मिलकर पूरी टीम को एकजुट रखती हैं।' ------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी वर्ल्डकप में 19 अगस्त को भारत Vs पाकिस्तान:महिला टीम का पहला मुकाबला चीन से; 15 अगस्त से टूर्नामेंट की शुरुआत मेंस और विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेला जाएगा। 30 अगस्त तक चलने वाले 16 टीमों के टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला गया है। अब क्वार्टर फाइनल नहीं होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
विमेंस हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा है कि भारत वर्ल्ड कप 2026 में पोडियम फिनिश कर सकता है। जियोहॉस्टार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी टीम को हरा सकता है। हॉकी वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाएगा। भारत पूल-डी में चीन, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के साथ है। टीम चीन के खिलाफ 16 अगस्त को टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत करेगी। नेशंस कप जीतने के बाद भारत का कॉन्फिडेंस बढ़ा इसस पहले विमेंस टीम ने नेशंस कप 2025-26 में गोल्ड मेडल जीता था। टीम ने ऑकलैंड में खेले गए फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से हराया। इसके बाद टीम से हॉकी वर्ल्ड कप में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। सविता बोलीं- लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलना गर्व की बात सविता पूनिया लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी। इस पर उन्होंने कहा- किसी भी खिलाड़ी के लिए ओलिंपिक और वर्ल्ड कप सबसे बड़े मंच होते हैं। देश के लिए खेलना हर एथलीट का सपना होता है। तीसरा वर्ल्ड कप खेलना बड़ी उपलब्धि है।' उन्होंने कहा- मेरे पास ज्यादा एक्सपीरियंस है। मेरी कोशिश प्रेसर सिचुएशन में शांत रहकर टीम को संभालना होगा। मैं अपना बेस्ट देने की कोशिश करुंगी।' खिलाड़ी फिटनेस और डाइट पर खुद ध्यान दे रहे सविता ने बताया कि पिछले कुछ सालों में भारतीय हॉकी का अप्रोच बदल गया है। पहले खिलाड़ी केवल कोच की गाइडलाइंस मानते थे। अब हर खिलाड़ी अपनी फिटनेस, रिकवरी और डाइट का खुद ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोलकीपरों के लिए हफ्ते में 3 से 4 एक्स्ट्रा ट्रेनिंग सेशन होते हैं। सविता ने कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ की सविता ने टीम की कप्तान सलीमा टेटे की तारीफ करते हुए कहा- वह न सिर्फ बेहतरीन कप्तान हैं, बल्कि शानदार और आक्रामक मिडफील्डर भी हैं।' उन्होंने कहा- सलीमा की स्पीड हमारी सबसे बड़ी ताकत है, खासकर पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में।' उन्होंने बताया कि सलीमा सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करती हैं और उनसे सलाह लेती हैं। उप-कप्तान नवनीत कौर और सलीमा मिलकर पूरी टीम को एकजुट रखती हैं।' ------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… हॉकी वर्ल्डकप में 19 अगस्त को भारत Vs पाकिस्तान:महिला टीम का पहला मुकाबला चीन से; 15 अगस्त से टूर्नामेंट की शुरुआत मेंस और विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से नीदरलैंड्स और बेल्जियम में खेला जाएगा। 30 अगस्त तक चलने वाले 16 टीमों के टूर्नामेंट का फॉर्मेट बदला गया है। अब क्वार्टर फाइनल नहीं होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय टीम को 15 अगस्त से श्रीलंका के दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गॉल के स्टेडियम में खेलना है, जिसमें प्लेइंग 11 में तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को खिलाने का फैसला लिया जा सकता है।
Kerala Govt ने M Sreeshankar समेत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की
केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने और उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले राज्य के खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की। राज्य के खेल, युवा मामले एवं पंजीकरण मंत्री ओ जे जनीश ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया है। राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले लंबी कूद के खिलाड़ी एम श्रीशंकर और पुरुष 100 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले पैरा एथलीट मोहम्मद बासिल को 20-20 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा अंडर-12 विश्व शतरंज चैंपियनशिप की विजेता दिवी बिजेश और अंडर-23 एशियाई खेलों की मिश्रित रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य सैंड्रा मोल साबू को भी 20-20 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। राष्ट्रमंडल खेलों में तैराकी स्पर्धा के फाइनल तक पहुंचे साजन प्रकाश और चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले के फाइनल में पहुंचे अंसा बाबू को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। सरकारी बयान के अनुसार श्रीशंकर और मोहम्मद बासिल के कोच को भी दो-दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सरकार ने कहा कि मौजूदा नकद पुरस्कार नीति खिलाड़ियों की उपलब्धियों के अनुरूप नहीं थी इसलिए पुरस्कार राशि बढ़ाने का फैसला किया गया है। मौजूदा नियमों के अनुसार स्वर्ण पदक विजेता को पांच लाख रुपये, रजत पदक विजेता को तीन लाख रुपये और कांस्य पदक विजेता को एक लाख रुपये दिए जाते हैं। सरकार ने बताया कि एम श्रीशंकर को 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने पर पहले ही 10 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही सरकार वर्ष 2019 से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लंबित नकद पुरस्कारों का भुगतान भी कर रही है। पहले चरण में इस उद्देश्य के लिए 1.5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि शेष राशि का भुगतान भी अगले कुछ महीनों में करने की प्रक्रिया जारी है। सरकार ने दोहराया कि उसकी नीति खेल क्षेत्र को खिलाड़ी-केंद्रित बनाना और खेलों में अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप से बचना है।
हैदराबाद में 17 साल पहले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकीं भारत की पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे का मानना है कि प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की भारत में वापसी पिछले एक दशक में देश के खेलों में हुई शानदार प्रगति का प्रतीक है।
भारत ने नाइजीरिया के लागोस में कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में पहली बार ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब जीता है। भारतीय फेंसर्स ने सीनियर और अंडर-23 कैटेगरी में कुल 35 मेडल जीते। इनमें 13 गोल्ड, 8 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस प्रदर्शन के लिए भारत को विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी भी मिली। यह कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन की ओर से चैंपियनशिप में सबसे अच्छे ओवरऑल प्रदर्शन के लिए दी जाती है। चौथे दिन 6 में से 5 गोल्ड जीते सीनियर भारतीय फेंसर्स ने प्रतियोगिता के चौथे दिन 6 इवेंट में से 5 में गोल्ड जीते। भारत ने पुरुष सेबर, महिला सेबर, पुरुष एपे, महिला एपे और महिला फॉइल में गोल्ड हासिल किया। पुरुष फॉइल में भारत को सिल्वर मेडल मिला। फेंसिंग में भारत का सबसे सफल प्रदर्शन भारत ने सेबर, एपे और फॉइल तीनों हथियारों में मजबूत प्रदर्शन किया। अंडर-23 खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ सीनियर फेंसर्स की सफलता ने भारत को चैंपियनशिप में शीर्ष पर पहुंचाया। FAI महासचिव ने खिलाड़ियों को बधाई दी फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) के महासचिव राजीव मेहता ने भारतीय टीम की सफलता पर खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पहली बार कॉमनवेल्थ ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब जीतना भारतीय फेंसिंग में प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत का परिणाम है।
क्या Aftab Alam से शादी करेंगी अर्शी खान? बॉलीवुड एक्ट्रेस ने अफेयर की खबरों पर तोड़ी चुप्पी
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'टेक्नोलॉजी ने मुझे बचा लिया'; स्टीव स्मिथ ने माना लगा था उनके बल्ले का किनारा, देखें VIDEO
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच में खेली जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला डॉर्विन के मैदान पर खेला जा रहा है, जिसके पहले दिन के खेल में उस समय बड़ा विवाद देखने को मिला जब स्टीव स्मिथ आउट होकर पवेलियन की तरफ चल दिए लेकिन बाद में डीआरएस ने उनको बचा लिया।
भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। मोर्केल ने कहा- ‘तीनों गेंदबाज की स्कील्स अलग-अलग है। इनमें 20 विकेट लेने की काबिलियत है। कुलदीप बाएं हाथ की कलाई वाली स्पिन से गेंदबाजी करते हैं। जडेजा लगतार विकेट पर गेंदबाजी कर सकते हैं। वहीं सुथार उंचे कद के साथ पुराने दौर वाली बाएं हाथ की स्पिन डालते हैं।' मोर्केल बोले- गॉल की पिच पर स्पिनर अटैकिंग ऑप्शन मोर्केल ने कहा कि- गॉल की पिच पर भारत के स्पिन गेंदबाज टीम को अटैकिंग ऑप्शन देते हैं। मैच आगे बढ़ने के साथ पिच पर स्पिनरों को मदद करेगी।' उन्होंने कहा- यहां खेले गए मैचों पर नजर डालें तो तीन स्पिनरों के साथ जाना सही लगता है।' हालांकि मोर्केल का मानना है कि कप्तान शुभमन गिल इन गेंदबाजों का कैसे इस्तेमाल करते हैं, इसपर काफी कुछ निर्भर करेगा। भारत 2 पेसर के साथ उतर सकता है टीम मोहम्मद सिराज के साथ एक और तेज गेंदबाज खेल सकता है। मोर्केल ने कहा कि प्रसिद्ध और गुरनूर में से जिसे प्लेइंग-11 में जगह मिलेगी, वह जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों ने काफई डोमेस्टिक क्रिकेट खेला है। मोर्केल ने कहा- शॉर्ट बॉल का समझदारी से इस्तेमाल हो मोर्केल ने माना कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती गर्मी होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा- तेज गेंदबाज के लिए 20 से 35 ओवर के बाद गेंद नरम हो जाएगी। गेंदबाजों को क्रीज का इस्तेमाल करने और शॉर्ट बॉल के इस्तेमाल में समझदारी दिखाने की जरुरत है।' ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 10 हार के बाद भी गंभीर के समर्थन में मिश्रा:कहा-कोच के साथ खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी, रेड-बॉल क्रिकेट को देना होगा समय भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर के लिए अब तक का सफर आसान नहीं रहा है। टेस्ट में 10 हार के बाद भी पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने उनका समर्थन किया है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज के मैच टीवी और मोबाइल पर कहां आएंगे, टी20 सीरीज का बदल सकता है शेड्यूल
भारत और अफगानिस्तान के बीच सितंबर में तीन टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इसके मीडिया राइट्स बिक गए हैं। साथ ही ये भी खबर सामने आई है कि इसके शेड्यूल में हल्का सा फेरबदल किया जा सकता है।
इंग्लैंड की 100 गेंदों वाली चर्चित लीग द हंड्रेड का छठा सीजन इस समय एक बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। एक तरफ हैरी ब्रुक और जोस बटलर जैसे स्टार खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ टूर्नामेंट की लगातार कम होती लोकप्रियता आयोजकों की नींद उड़ा रही है। भारी-भरकम निवेश और आईपीएल फ्रेंचाइजियों की एंट्री के बावजूद द हंड्रेड को दर्शकों से बेहद निराशाजनक प्रतिक्रिया मिली है। आलम यह है कि शुरुआती मैचों में दर्शकों की संख्या में पिछले साल की तुलना में 20 से 27 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण स्थानीय पहचान का खोना माना जा रहा है। आईपीएल मालिकों ने टूर्नामेंट में भारी निवेश किया है, लेकिन इसके साथ ही टीमों का रंग-रूप, जर्सी और नाम भी पूरी तरह बदल दिया गया है। ओवल इनविंसिबल्स अब एमआई लंदन बन गई है, मैनचेस्टर ओरिजिनल्स को मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स को सनराइजर्स लीड्स नाम दे दिया गया है। इंग्लैंड के क्रिकेट फैंस अपनी स्थानीय टीमों से गहरा भावनात्मक जुड़ाव रखते हैं। अचानक से जर्सी का रंग और टीम का नाम बदलने से दर्शक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। दर्शकों की बेरुखी का दूसरा कारण टिकटों के बढ़ते दाम हैं। शुरुआती सीजनों में जिन मैचों के लिए परिवारों और बच्चों को फ्री पास बांटे जाते थे, अब उनके लिए करीब 5800 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। इसके विपरीत, इंग्लैंड के पारंपरिक काउंटी और टी20 ब्लास्ट में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है। यॉर्कशायर और लंकाशायर के बीच हुए टी20 ब्लास्ट मैच में 16,500 दर्शकों के साथ स्टेडियम खचाखच भरा था, जबकि द हंड्रेड में हैरी ब्रुक की पारी देखने बमुश्किल 9000 लोग स्टेडियम पहुंचे। सवाल उठ रहे हैं कि क्या द हंड्रेड अगले तीन साल भी अपना अस्तित्व बचा पाएगा? हालांकि, निवेशकों को उम्मीद है कि जब भविष्य में टूर्नामेंट का विस्तार होगा और शायद भारतीय खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति मिलेगी, तब टीवी और कमर्शियल वैल्यू कई गुना बढ़ जाएगी। छोटे-बड़े क्लबों में आर्थिक असमानता पैदा कर रही लीग आर्थिक मोर्चे पर भी यह टूर्नामेंट इंग्लिश काउंटी में एक बड़ी खाई पैदा कर रहा है। द हंड्रेड की मेजबानी न करने वाले छोटे काउंटी क्लबों को ईसीबी की तरफ से लगभग 300 करोड़ रुपए की एकमुश्त रकम मिली है। इससे वे अपनी सुविधाओं को बेहतर बना रहे हैं। लेकिन जानकारों को डर है कि लंबे समय में मेजबान टीमें इतनी अमीर हो जाएंगी कि छोटे और बड़े काउंटी क्लबों के बीच की आर्थिक असमानता बढ़ जाएगी।
भारत की नंबर 1 पैरा पैडलर नूरजहां 'सरदार पटेल स्पोर्ट्स अवार्ड' से सम्मानित
भारत की टॉप-रैंक वाली पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी नूरजहां नूरअली जमानी को गुजरात सरकार ने प्रतिष्ठित सरदार पटेल स्पोर्ट्स अवार्ड से सम्मानित किया है। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार को गांधीनगर में एक समारोह के दौरान नूरजहां को यह अवार्ड दिया।
IND vs AFG: सीरीज शुरू होने से पहले आया बड़ा अपडेट, 13 सितम्बर से होने वाले मैचों की तारीखें बदलने की तैयारी
डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में पहले दिन बांग्लादेश के गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया अपनी पहली पारी में महज 198 रन पर ढेर हो गया।
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप हमारी ओलंपिक अभियान की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है: पी. टी. उषा
नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने 17-23 अगस्त तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाली बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के लिए वैश्विक बैडमिंटन समुदाय का नई दिल्ली में स्वागत किया है। आईओए अध्यक्ष पी. टी. उषा ने कहा है कि वर्ल्ड चैंपियनशिप ओलंपिक अभियान के लिए भारत की प्रतिबद्धता और खेल के विकास को और मजबूत करती है।
मिचेल स्टार्क ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंटरनेशनल लेफ्ट हैंडर्स डे पर रचा इतिहास
मिचेल स्टार्क अब टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले ही दिन वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है।
'इंग्लैंड एैसे मौके नहीं देगा!' शोएब अख्तर ने इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तानी टीम को दिखाया आईना
PC: ndtv पाकिस्तान तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए इंग्लैंड दौरे पर है। यह सीरीज़ 19 अगस्त से शुरू होगी। यह सीरीज़ ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-2027 का हिस्सा है। लेकिन इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों की चुनौती खत्म हो गई है। हालांकि, यह सीरीज़ दोनों टीमों के लिए अहम होगी। इंग्लैंड की पिचों पर पाकिस्तान का इतिहास चुनौतीपूर्ण रहा है। पाकिस्तान टेस्ट टीम की कमान अब बाबर आज़म के हाथों में है। उनकी लीडरशिप में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज़ के साथ सीरीज़ 1-1 से बराबर की थी। दूसरे टेस्ट में मिली जीत पाकिस्तान की 3 साल में विदेश में पहली जीत थी। अब असली चुनौती इंग्लैंड दौरे पर होगी। क्योंकि इंग्लैंड की टीम बहुत आक्रामक क्रिकेट खेलने के लिए जानी जाती है। अब जो रूट ने लीडरशिप संभाल ली है। इसलिए, इंग्लैंड दौरा पाकिस्तान के लिए एक मुश्किल पेपर होगा। शोएब अख्तर ने क्या कहा? शोएब अख्तर ने पाकिस्तानी टीम की खिंचाई करके एक घरेलू टीम को मुश्किल में डाल दिया है। शोएब अख्तर ने कहा कि इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज़ जैसी गलतियां नहीं करेगी। ‘इंग्लैंड वेस्टइंडीज़ की गलतियों को नहीं दोहराएगा, इसलिए पाकिस्तान को मैच जीतने का मौका मिला। इंग्लैंड तेज़ गेंदबाज़ों के लिए अच्छे हालात बनाएगा, जिसका सामना करना पाकिस्तान के लिए बहुत मुश्किल होगा।’ पाकिस्तान वेस्टइंडीज़ में पहला टेस्ट मैच हार गया था। फिर उसने दूसरा टेस्ट मैच 8 विकेट से जीता। इससे पाकिस्तान की वर्ल्ड टेस्ट रैंकिंग में थोड़ा सुधार हुआ है और वेस्टइंडीज़ टीम सबसे नीचे चली गई है। इंग्लैंड में पाकिस्तान का टेस्ट परफॉर्मेंस इंग्लैंड की धरती पर पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच 51 टेस्ट मैच हुए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 21 मैच जीते हैं, जबकि पाकिस्तान ने 11 मैच जीते हैं। जबकि 19 मैच ड्रॉ रहे हैं। पाकिस्तान ने इंग्लैंड में अब तक खेली गई 14 टेस्ट सीरीज़ में से सिर्फ़ 3 टेस्ट सीरीज़ जीती हैं। इसने 1987, 1992 और 1996 में टेस्ट सीरीज़ जीती है। पाकिस्तान इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ शेड्यूल पहला टेस्ट: 19 से 23 अगस्त 2026 – हेडिंग्ले, लीड्स दूसरा टेस्ट: 27 से 31 अगस्त 2026 – लॉर्ड्स, लंदन तीसरा टेस्ट: 9 से 13 सितंबर 2026 – एजबेस्टन, बर्मिंघम
Sunil Gavaskar: पहले ऐसा करना बंद करो, तभी जीतोगे... गावस्कर ने भारतीय टीम की आलोचना की
PC: TV9 पिछले कुछ महीनों में इंडियन क्रिकेट टीम का परफॉर्मेंस उतना अच्छा नहीं देखा गया है। T-20 सीरीज में इंडियन टीम का परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा है। इस वजह से कई दिग्गजों ने इंडियन टीम की काफी आलोचना की है। अब इंडिया और श्रीलंका के बीच टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होने वाली है। अब इंडियन टीम इस सीरीज के लिए कड़ी प्रैक्टिस कर रही है। अब इस सीरीज से पहले पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इंडियन टीम के बारे में अपनी राय रखी है। उन्होंने अब टीम पर खूब निशाना साधा है। सुनील गावस्कर ने कहा कि, “इंडियन क्रिकेट टीम के हर खिलाड़ी को अपनी इमेज के बारे में सोचे बिना टीम के परफॉर्मेंस पर फोकस करना चाहिए।” गावस्कर अकेले ऐसे नहीं हैं जिन्होंने यह राय रखी है। हेड कोच गौतम गंभीर को भी सुपरस्टार कल्चर पसंद नहीं है और वे चाहते हैं कि सिर्फ एक या दो खिलाड़ियों के बजाय पूरी इंडियन टीम को पहचान मिले। गावस्कर का यह कमेंट गॉल में इंडिया और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट से पहले आया है। इंडिया के सामने अगले साल द ओवल में होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की बड़ी चुनौती है। पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज हारने के बाद, फाइनल में पहुंचने का कोई भी मौका रखने के लिए इंडिया को अपने बाकी बचे नौ टेस्ट मैचों में से सात जीतने होंगे। गावस्कर ने कहा, इंडिया दो टेस्ट मैचों की सीरीज में श्रीलंका को क्लीन स्वीप कर सकता है और यह सब टीम को चाहिए कॉन्फिडेंस पर निर्भर करता है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा, “प्रायोरिटी पूरे इंडियन क्रिकेट को दी जानी चाहिए, न कि सिर्फ कुछ बड़े प्लेयर्स को। श्रीलंका में दो मैचों की सीरीज आसान नहीं होगी, क्योंकि श्रीलंका अपने घर में एक मजबूत टीम है। ये दो टेस्ट मैच जीतना नए टेस्ट सीजन की अच्छी शुरुआत होगी और टीम को वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए जरूरी मोमेंटम भी देगा,” गावस्कर ने स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में लिखा। उन्होंने आगे कहा, “ऐसा करने के लिए बहुत मेहनत और थोड़ी किस्मत की जरूरत होती है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि किसी को यह मानना चाहिए कि इंडियन क्रिकेट को प्रायोरिटी दी जानी चाहिए, न कि किसी एक व्यक्ति को, चाहे उसका नाम कितना भी बड़ा क्यों न हो।” श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ तीन दिन का प्रैक्टिस मैच खेला और छह विकेट से जीत हासिल की। देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में नाबाद शतक बनाया।
Jorge Messi के निधन से टूटे लियोनेल मेसी, रोनाल्डो ने बढ़ाया हौसला, भावुक मैसेज में लिखी दिल जीत लेने वाली बात
जालंधर के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने अपनी करीब 30 साल की क्रिकेट यात्रा और सफलता के बारे में खुलकर बात की। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत के लिए 100 टेस्ट मैच खेलना, टेस्ट क्रिकेट में देश की पहली हैट्रिक लेना और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक सीरीज में 32 विकेट लेना वाहेगुरु की मेहर और परिवार के त्याग का नतीजा है। हरभजन ने कहा कि इंसान जीवन में जो कुछ हासिल करता है, उसमें उसकी भूमिका सिर्फ एक माध्यम की होती है। असली दिशा और आशीर्वाद ऊपर वाले का होता है। उन्होंने कहा कि 30 साल क्रिकेट खेलने के बाद भी वह अपनी सफलता का श्रेय सिर्फ अपनी मेहनत को नहीं, बल्कि वाहेगुरु की मेहर को देते हैं। हरभजन ने साल 2016 में भारत के लिए आखिरी मैच खेला था। इसके बाद 24 दिसंबर 2021 में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद मार्च 2022 में राजनीति में एंट्री की। उन्हें AAP सरकार ने पंजाब से राज्यसभा सांसद बनाया। हालांकि 24 अप्रैल 2026 को वे AAP छोड़कर BJP में शामिल हो गए। हरभजन सिंह की 3 बड़ी बातें… 1998 में खेला था पहला टेस्ट हरभजन सिंह ने अपना पहला टेस्ट मैच 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 2015 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके अलावा पहला वनडे मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ 1998 में खेला था। उनका आखिरी वनडे मुकाबला 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ था। 2016 एशिया कप में आखिरी मुकाबला खेला 2016 में हरभजन ने यूएई के खिलाफ एशिया कप में अपना आखिरी टी-20 मैच खेला था। यही उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच भी था। IPL में हरभजन के नाम 163 मैच में 150 विकेट दर्ज है। वे मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेल चुके हैं। हरभजन से जुड़े 5 पुराने विवाद जानिए…. ********** ये खबर भी पढ़ें: नशेड़ियों के VIDEO पर फंसने के बाद भज्जी का जवाब: कहा- इस मुद्दे को दबा नहीं सकते; AAP मंत्री ने कहा था- कार्रवाई होगी पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ भाजपा में गए राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर 2 युवकों का नशे में झूमते हुए वीडियो शेयर करने पर विवाद खड़ा हो गया है। सांसद ने राज्य में नशे की स्थिति और सरकारों की नीतियों पर दुख जाहिर किया था। (पढ़ें पूरी खबर)
Xavi Hernandez बने नीदरलैंड फुटबॉल टीम के मुख्य कोच, 1978 के बाद पहले विदेशी
नीदरलैंड ने स्पेन के दिग्गज फुटबॉलर झावी हर्नांडेज़ को अपना मुख्य कोच नियुक्त किया है। यह 1978 के बाद पहला अवसर है जबकि नीदरलैंड ने किसी विदेशी को अपनी राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है। वह रोनाल्ड कोमैन की जगह लेंगे जिन्होंने विश्व कप के बाद अपना पद छोड़ दिया था। इसे भी पढ़ें: AIFF को ASEAN Cup और Brazil मैच में टकराव सुलझाने के लिए FIFA के जवाब का इंतजार है झावी उस स्पेनिश टीम के सदस्य थे जिसने 2010 में विश्व कप फाइनल में नीदरलैंड को हराया था। 46 वर्षीय झावी इससे पहले बार्सिलोना के मुख्य कोच थे लेकिन उन्होंने मई 2024 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नीदरलैंड पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को से हारने के बाद विश्व कप के राउंड ऑफ 32 से बाहर हो गया था।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के पहले दिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज लगातार संघर्ष करते नजर आए।
ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार अर्धशतक जड़ा। इस तरह उन्होंने एलन बॉर्डर को पीछे छोड़ दिया।
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन कंगारू टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टी-ब्रेक तक 8 विकेट पर 183 रन बनाए। स्टीव स्मिथ 67 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि नाथन लायन बिना खाता खोले उनका साथ दे रहे हैं। 74 रन पर ऑस्ट्रेलिया के 4 विकेट गिरे लंच ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया ने 74 रन पर चार अहम विकेट गंवा दिए। टीम ने सिर्फ 29 रन के अंदर अपने 4 विकेट खो दिए। ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका तेज गेंदबाज हसन महमूद ने दिया। उन्होंने जैक वेदराल्ड (23) को आउट कर बांग्लादेश को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद अपने अगले ही ओवर में हसन महमूद ने ट्रेविस हेड को भी पवेलियन भेज दिया। हेड 22 रन बनाकर आउट हुए। दोनों ओपनर्स के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया का मिडिल ऑर्डर भी दबाव में आ गया। लाबुशेन फिर फेल हुए ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन का खराब फॉर्म इस मैच में भी जारी रहा। वे 20 गेंदों का सामना करने के बाद सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। लाबुशेन को अपना खाता खोलने के लिए 14 गेंदों का इंतजार करना पड़ा। यह लगातार आठवीं टेस्ट पारी है, जब वह 50 रन के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके हैं। पिछले साल दिसंबर से लाबुशेन का अर्धशतक नहीं बना है।
भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर के लिए अब तक का सफर आसान नहीं रहा है। टेस्ट में 10 हार के बाद भी पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने उनका समर्थन किया है। मिश्रा ने कहा कि इस दौर के लिए सिर्फ कोच को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को भी ज्यादा जिम्मेदारी लेने की जरूरत है और गंभीर को रेड-बॉल क्रिकेट में समय मिलना चाहिए। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में टीम इंडिया ने शानदार नतीजे दिए हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं। इसी वजह से टीम के कोचिंग सेटअप और खासतौर पर गंभीर की भूमिका पर चर्चा होती रही है। टेस्ट में गंभीर पर क्यों उठे सवाल गंभीर के कार्यकाल में न्यूजीलैंड ने भारत को घरेलू मैदान पर 3-0 से हराया, जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को घर में 2-0 की हार झेलनी पड़ी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से गंवाई। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर रही। मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल में भी भारत की स्थिति फिलहाल मजबूत नहीं है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज टीम के लिए बेहद अहम होने वाली हैं। मिश्रा ने कोच को दोष देने से इनकार किया लगातार खराब नतीजों के बीच अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच रखने की चर्चा भी सामने आती रही है। अमित मिश्रा इस सोच से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। मिश्रा ने कहा, “कोच के लिए यह मुश्किल है। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को ज्यादा जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। कई सालों से एक कोच सभी फॉर्मेट के लिए रहा है। किसी भी कोच को समय देना जरूरी है।” मिश्रा ने बताया कि मौजूदा टेस्ट टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके पास अभी ज्यादा अनुभव नहीं है। उन्होंने कहा, “टेस्ट मैचों में हमारे पास कम अनुभव वाले नए खिलाड़ी हैं। कोच और खिलाड़ियों को साथ मिलकर काम करने और विकसित होने में समय लगता है।” राहुल द्रविड़ का उदाहरण दिया अपनी बात समझाने के लिए अमित मिश्रा ने राहुल द्रविड़ का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, राहुल द्रविड़ को खुद को स्थापित करने में 1-1.5 साल लगे थे। उसके बाद प्रदर्शन में सुधार आया। मिश्रा के मुताबिक, इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह मिलना ही काफी नहीं है। खिलाड़ियों को हालात के हिसाब से अपना खेल बदलना भी आना चाहिए। उन्होंने कहा, आप 140-145 करोड़ लोगों में से चुने जाते हैं। आपको पिच के व्यवहार और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होता है। इसी वजह से आप शीर्ष स्तर पर खेल रहे हैं। कोच का बचाव करते हुए मिश्रा ने साफ कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोच को दोष देना चाहिए।” गंभीर को रेड-बॉल में और समय देने की मांग मिश्रा का मानना है कि गंभीर को टेस्ट क्रिकेट में अपनी योजनाएं लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में समय दीजिए। उन्हें टीम के नए खिलाड़ियों को समझाने की जरूरत है। कोच और खिलाड़ी की भूमिका का फर्क बताते हुए मिश्रा ने कहा, कोच का काम मानसिक पहलुओं और स्किल्स पर काम करना है, लेकिन खिलाड़ियों को मैदान पर प्रदर्शन करना होता है। अपने खेलने के दिनों को याद करते हुए मिश्रा ने कहा कि उस समय भी खिलाड़ियों से परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने की उम्मीद की जाती थी। उन्होंने कहा, आपको दबाव लेना होता है, परिस्थितियों को समझना होता है। आपको समय बिताना होता है और परिस्थिति, खिलाड़ी, गेंदबाज और विकेट के अनुसार अपना खेल बदलना होता है।
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का आगाज हो चुका है। दोनों टीमों के बीच डार्विन में पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रही है।
स्पेन के दिग्गज फुटबॉलर जावी हर्नांडीज को नीदरलैंड्स की राष्ट्रीय टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह 1978 के बाद डच टीम के पहले विदेशी जन्मे कोच बन गए हैं। जावी का कार्यकाल 2030 विश्व कप तक रहेगा। वह रोनाल्ड कोमैन की जगह लेंगे।
लियोनल मेसी अपने पिता जॉर्ज मेसी के निधन के महज चार दिन बाद इंटर मियामी के लिए मैदान पर लौट आए।
East Bengal ने Al Arabi को 4-1 से हराया, AFC Champions League Two के ग्रुप चरण में पहुंचे
ईस्ट बंगाल ने बुधवार को साल्ट लेक स्टेडियम में कुवैत के अल अरबी एससी को अतिरिक्त समय में 4-1 से हराकर एएफसी चैंपियंस लीग टू के ग्रुप चरण में जगह बना ली। एक समय हार की ओर बढ़ रही मेजबान टीम ने आखिरी क्षणों में शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया। ईस्ट बंगाल नियमित समय में 0-1 से पिछड़ रहा था और मैच में सिर्फ 14 मिनट का खेल बाकी था। ऐसे में जय गुप्ता ने 90वें मिनट में बराबरी का गोल कर टीम की उम्मीदें जगा दीं। अतिरिक्त समय में ईस्ट बंगाल ने पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया। कप्तान मोहम्मद राशिद ने 108वें मिनट में गोल कर मेजबान टीम को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद स्थानापन्न खिलाड़ी डेविड लालहलांसांगा ने 117वें मिनट में तीसरा गोल दागकर टीम की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। अतिरिक्त समय के इंजरी टाइम के पहले मिनट में रोहित दानू ने चौथा गोल कर ईस्ट बंगाल की यादगार वापसी पर मुहर लगा दी।
Arjun Erigaisi ने EWC में निहाल सरीन को दी मात, फिरोजा से हारकर निचले वर्ग में खिसके
भारत के स्टार शतरंज खिलाड़ी अर्जुन एरिगैसी ने बुधवार को ईस्पोर्ट्स विश्व कप (ईडब्ल्यूसी) में उतार-चढ़ाव भरे दिन में हमवतन निहाल सरीन को 2-0 से हराकर ऊपरी वर्ग में जगह बनाई, लेकिन बाद में अलीरेजा फिरोजा से हारकर निचले वर्ग में खिसक गए। ‘जेन.जी टीम’ से खेल रहे अर्जुन ने दिन की शुरुआत शानदार अंदाज में की और ‘एस8यूएल ईस्पोर्ट्स’ के निहाल सरीन को 2-0 से हराकर ऊपरी वर्ग में आगे बढ़े। फिरोजा ने हालांकि उन्हें आर्मगेडन टाईब्रेकर तक पहुंचे मुकाबले में शिकस्त दी, जिससे अर्जुन को निचले वर्ग में जाना पड़ा। अर्जुन अब बृहस्पतिवार को निचले वर्ग के क्वार्टर फाइनल में निहाल सरीन और चीन के वेई यी के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेंगे। इस मुकाबले का विजेता निचले वर्ग के सेमीफाइनल में अर्जुन का सामना करेगा और जीतने वाला खिलाड़ी प्लेऑफ में पहुंचेगा। ‘एस8यूएल ईस्पोर्ट्स’ के प्रज्ञानेश एम निचले वर्ग के क्वार्टर फाइनल में बेंजामिन बोक का सामना करेंगे। इस मुकाबले के विजेता की भिड़ंत सेमीफाइनल में जान-क्रिजस्तोफ डूडा से होगी और वहां जीतने वाला खिलाड़ी भी प्लेऑफ में जगह बनाएगा। प्रज्ञानेश को इससे पहले ऊपरी वर्ग के क्वार्टर फाइनल में नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव से हार मिली थी। ग्रुप ए में शामिल फिरोजा और अब्दुसत्तोरोव पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। इस ग्रुप में अर्जुन, निहाल और प्रज्ञानेश समेत तीन भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। ग्रुप बी में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने ऊपरी वर्ग के सेमीफाइनल में हंस मोके नीमन को हराकर प्लेऑफ में जगह बनाई। अमेरिका के हिकारू नाकामुरा ने भी ग्रुप बी से प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया।
AIFF को ASEAN Cup और Brazil मैच में टकराव सुलझाने के लिए FIFA के जवाब का इंतजार है
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) भारत की पहली फीफा आसियान कप में भागीदारी को लेकर असमंजस की स्थिति में है क्योंकि टूर्नामेंट का फाइनल तीन अक्टूबर को प्रस्तावित ब्राजील के खिलाफ हाई प्रोफाइल मैत्री मैच से टकरा रहा है। यह मैत्री मैच उसी दिन कोलकाता में प्रस्तावित है। एआईएफएफ के एक अधिकारी ने बुधवार को पीटीआई से कहा, ‘‘हम फीफा के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।’’भारत को डिवीजन-एक यानी प्रीमियर डिवीजन के ग्रुप ए में इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ रखा गया है। यह टूर्नामेंट 24 सितंबर से तीन अक्टूबर तक इंडोनेशिया में खेला जाना है। भारत के अभियान में तीन ग्रुप मैच के बाद तीन अक्टूबर को फाइनल शामिल है। एआईएफएफ की छह अगस्त को हुई कार्यकारी समिति की बैठक में आसियान कप और ब्राजील के खिलाफ मैत्री मैच दोनों में भाग लेने का फैसला किया गया था। इसके लिए दोनों प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग टीम भेजने की योजना थी। हालांकि, भारतीय फुटबॉल के दिग्गज बाइचुंग भूटिया ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा था कि फीफा आसियान कप में भारत को अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम उतारनी चाहिए। फीफा के नियम किसी देश को फीफा से मान्यता प्राप्त प्रतियोगिता में अंडर-23 या दूसरी श्रेणी की टीम उतारने की अनुमति नहीं देते हैं। इसका मतलब है कि भारत ब्राजील के खिलाफ कोलकाता में सीनियर टीम के खेलने के दौरान आसियान कप में रिजर्व टीम नहीं उतार सकता। एआईएफएफ ने इस महीने की शुरुआत में अपनी बैठक के बाद कहा था, ‘‘कार्यकारी समिति ने फीफा अंतरराष्ट्रीय मैच विंडो के दौरान खेले जाने वाले ब्राजील के खिलाफ मैच को भारतीय खिलाड़ियों को दुनिया के सबसे मजबूत फुटबॉल देशों में से एक के खिलाफ खेलने का अमूल्य अनुभव देने का अनूठा अवसर माना।’’महासंघ ने यह भी कहा था कि वह दोनों प्रतियोगिताओं के लिए अलग-अलग टीम उतारने की अपनी योजना के बारे में फीफा को औपचारिक रूप से सूचित करेगा। अब एआईएफएफ फीफा के जवाब का इंतजार कर रहा है कि क्या इस तरह की व्यवस्था को मंजूरी दी जा सकती है। समझा जाता है कि महासंघ ब्राजील के खिलाफ मैच को बरकरार रखने का इच्छुक है और साथ ही अन्य अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच आयोजित करने के विकल्प तलाश रहा है ताकि राष्ट्रीय टीम को पर्याप्त मैच अभ्यास मिल सके। यदि भारत आसियान कप से हटता है तो उस पर वित्तीय जुर्माने सहित नियामकीय कार्रवाई भी हो सकती है। कार्यक्रम संबंधी यह समस्या नवंबर तक भी जारी रह सकती है क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रस्तावित मैत्री मुकाबलों की तारीखें सैफ चैंपियनशिप से टकरा सकती हैं। फिलहाल एआईएफएफ अक्टूबर में होने वाले टकराव को सुलझाने और भारत के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को अंतिम रूप देने पर काम कर रहा है। साथ ही यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि सीनियर टीम को अधिकतम अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिले।
Durand Cup: NEROCA FC ने रेंगदाई को 3-1 से हराया, Indian Army भी जीती
नेरोका एफसी ने बुधवार को यहां नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रहे एफसी रेंगदाई को ग्रुप डी मैच में 3-1 से हराकर 135वें डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट में अपने अभियान का अंत जीत के साथ किया। जोना कामेई ने 19वें मिनट में रेंगदाई को बढ़त दिलाई लेकिन आठ मिनट बाद थौडाम नैनी सिंह के आत्मघाती गोल से नेरोका ने बराबरी कर ली। रेंगदाई को 55वें मिनट में उस समय 10 खिलाड़ियों तक सीमित होना पड़ा जब पी एम राकेवेइचे को लाल कार्ड दिखाया गया। इसके तीन मिनट बाद सोरैशाम सूरजकांता सिंह को दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया और उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया गया जिससे रेंगदाई के नौ ही खिलाड़ी ही मैदान पर रह गए। नेरोका ने आखिरकार अपनी संख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाया और स्थानापन्न चाबुंगबाम लिंकी मैतेई ने 89वें मिनट में इमर्सन मैतेई के क्रॉस पर हेडर से गोल कर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद युमनाम रेनेडी मैतेई ने इंजरी टाइम में गोल कर नेरोका की जीत पक्की कर दी। इस जीत के साथ नेरोका ने तीन मैच में चार अंक रहे जबकि पहले ही क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुकी रेंगदाई ने ग्रुप चरण का अंत छह अंक के साथ किया। कोलकाता में भारतीय सेना फुटबॉल टीम ने ग्रुप बी के आखिरी मुकाबले में दूसरे हाफ में शानदार वापसी करते हुए मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब को 2-1 से हराया। ललथांकिमा ने 34वें मिनट में शानदार गोल कर मोहम्मडन स्पोर्टिंग को बढ़त दिलाई लेकिन पी क्रिस्टोफर कामेई ने 59वें मिनट में गोल करके भारतीय सेना की टीम को वापसी कराई। इसके बाद शफील पीपी ने इंजरी टाइम के पहले मिनट (90+एक मिनट) में निर्णायक गोल दागकर भारतीय सेना को जीत दिलाई। इस जीत के साथ सेना की टीम ने ग्रुप बी में तीन मैच में तीन जीत से नौ अंक हासिल किए और शीर्ष स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की।
Lionel Messi ने फुटबॉल जारी रखने पर जताया संदेह, पिता Jorge को दी श्रद्धांजलि
महान खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपने दिवंगत पिता जॉर्ज को श्रद्धांजलि देते हुए खुलासा किया कि अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने का सफर उनके लिए कितना मुश्किल था। उन्होंने साथ ही फुटबॉल खेलना जारी रखने को लेकर भी अनिश्चितता जताई। मेस्सी ने इंस्टाग्राम पर स्पेनिश में लिखे पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि आपके बिना मैं क्या करूंगा। मुझे नहीं पता कि आगे कैसे बढ़ना है। मैंने हमेशा सिर्फ फुटबॉल खेला है और अब मुझे गंभीर संदेह है कि मैं इसे अधिक लंबे समय तक जारी रख पाऊंगा या नहीं।’’इस फुटबॉल स्टार के करियर में अहम भूमिका निभाने वाले जॉर्ज मेस्सी का शनिवार को 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह मेस्सी के एजेंट थे और उनके कारोबारी मामलों का प्रबंधन भी करते थे। मेस्सी की अगुआई में अर्जेन्टीना ने इस साल विश्व कप फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन उप विजेता बनकर संतोष करना पड़ा। टीम के पहले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ अपना पहला गोल करने के बाद वह भावुक नजर आए थे। बाद में उन्होंने कहा था कि उनके आंसू ‘खेल से इतर किसी कारण’ से थे। मेस्सी ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘आपने मेरे से इस आखिरी विश्व कप में खेलने के लिए कई बार कहा था और टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले आपकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। यह पहली बार था जब आप टूर्नामेंट में नहीं होने वाले थे। लेकिन मां लगातार कहती रहीं कि आप ठीक हो जाओगे और यात्रा करने के लिए पर्याप्त स्वस्थ हो जाओगे। मैं आपसे कहता रहा कि हम फाइनल तक पहुंचेंगे ताकि आप वहां आ सको।’’उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के लिए विश्व कप जीतना चाहते थे। मेस्सी ने लिखा, ‘‘मैं ऐसा नहीं कर सका। मेरे पैरों में कोई ताकत नहीं बची थी। इस बार मैंने अपने शरीर की क्षमता से भी आगे जाकर खेलने की कोशिश की लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सका। मैं कभी भी पूरी तरह सहज महसूस नहीं कर पाया।’’पिछले कुछ दिनों में मेस्सी परिवार के प्रति समर्थन के कई संदेश आए हैं। मेस्सी अर्जेंटीना लौट गए थे और अपनी एमएलएस टीम इंटर मियामी के मॉन्टेरे के खिलाफ हालिया लीग्स कप मुकाबले में नहीं खेल पाए थे।
इब्राहिम जादरान ने ODI में किया बड़ा कारनामा, जहीर अब्बास और पीटरसन जैसे दिग्गजों की बराबरी की
अफगानिस्तान के सलामी बल्लेबाज इब्राहिम जादरान ने आयरलैंड के खिलाफ चौथे ODI में शानदार शतक जड़ते हुए बड़ी उपलब्धि हासिल की। जादरान ODI में 2000 रन पूरे करने वाले संयुक्त रूप से तीसरे सबसे तेज बल्लेबाज बन गए हैं।
टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा सीजन में अपने आधे मैच खेल चुकी है। टीम 48.15% पॉइंट्स के साथ 5वें स्थान पर है। भारत को 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। भारत के फाइनल में पहुंचने के क्या समीकरण हैं और श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का टीम की उम्मीदों पर क्या असर होगा आगे पढ़िए… भारत फाइनल में कैसे पहुंच सकता है? फाइनल में पहुंचने के लिए टॉप-2 में रहना जरूरी हैा। भारत अगर अपने बाकी 9 मैच जीत लेता है तो उसके 74.07 परसेंट पॉइंट्स होंगे और टॉप-2 फिनिश पक्का हो जाएगा। एक भी मैच हारने पर भारत के 68.52 परसेंट पॉइंट्स होंगे। इस स्थिति में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा। 2 मैच हारने की स्थिति में भारत का फाइनल में पहुंचना लगभग असंभव हो जाएगा। श्रीलंका से हारे तो पाकिस्तान से भी पिछड़ सकते हैं श्रीलंका दौरे के 5 पॉसिबल रिजल्ट हैं। 2-0 से सीरीज जीतने पर टीम इंडिया के 57.58% अंक हो जाएंगे। इसी दौरान अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम बांग्लादेश को एक भी मैच हरा देती है, तो भारत चौथे स्थान पर आ जाएगा। वहीं, 0-2 से हारने की स्थिति पर भारतीय टीम के 36.36 परसेंट पॉइंट्स हो जाएंगे और वह श्रीलंका से भी नीचे हो जाएगी। यहां से फाइनल की राह बेहद मुश्किल हो जाएंगी। इस स्थिति में भारत पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान से भी पीछे हो सकता है। हालांकि, इसके लिए पाकिस्तान को इंग्लैंड पर 3–0 से जीत दर्ज करनी होगी। अभी 9 मुकाबले बाकी; 3 सीरीज खेलनी हैं मौजूदा साइकल में भारतीय टीम को 9 मैच खेलने हैं। इनमें 2 मैच श्रीलंका, 2 मैच न्यूजीलैंड और 5 मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम सीरीज में खेलने हैं। श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया को नवंबर महीने में न्यूजीलैंड दौरे पर जाना है। उसके बाद 5 मैचों की होम सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करनी है। साउथ अफ्रीका से क्लीन स्वीप ने नुकसान पहुंचाया शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने इंग्लैंड दोरे से अपने अभियान का आगाज किया। टीम ने वहां 5 मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। इंग्लैंड से लौटने के बाद वेस्टइंडीज को होम कंडीशंस में वेस्टइंडीज को 2-0 से हरा दिया। यहां तक सब ठीक था। लेकिन, पिछले साल उसे वर्ल्ड चैंपियन साउथ अफ्रीका ने 2 मैचों की सीरीज में 2-0 से हराते हुए क्लीन स्वीप किया। यहीं भारतीय टीम पॉइंट्स टेबल में पिछड़ गई। ------------------------------------------
पिता के निधन से टूट गए हैं लियोनेल मेसी, रिटायरमेंट के दिए संकेत; बोले- पैरों में ताकत ही नहीं बची
लियोनेल मेस्सी ने अपने दिवंगत पिता जॉर्ज को श्रद्धांजलि देते हुए खुलासा किया कि अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक पहुंचाने का सफर उनके लिए कितना मुश्किल था। उन्होंने फुटबॉल खेलना जारी रखने को लेकर भी अनिश्चितता जताई।
नंबर 3 लॉक, नंबर-6 पर पेच...सरफराज या जुरेल में से किसे मिलेगा मौका
Galle Test 2026: श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट से पहले टीम इंडिया के सामने नंबर-6 को लेकर बड़ा सवाल है. सरफराज खान और ध्रुव जुरेल में से किसी एक को चुनना होगा. जुरेल के पास टेस्ट अनुभव है, जबकि सरफराज का स्पिन के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार है. गेंदबाजी में भी तीसरे तेज गेंदबाज या अतिरिक्त स्पिनर को लेकर टीम मैनेजमेंट असमंजस में है.
अफगानिस्तान ने बुधवार को बेलफास्ट में आयरलैंड पर 42 रन की जीत दर्ज की। टीम ने 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। सीरीज का आखिरी मैच 15 अगस्त को बेलफास्ट में ही खेला जाएगा। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 343 रन बनाए। सेदिकुल्लाह अटल ने 143 और इब्राहिम जादरान ने 107 रन बनाए। जवाब में आयरलैंड 48 ओवर में 301 रन पर ऑलआउट हो गई। एंडी बालबर्नी ने 109 और कर्टिस कैम्फर ने 84 रन बनाए। अफगानिस्तान से यमीन अहमदजई ने 4 विकेट और राशिद खान ने 3 विकेट लिए। आयरलैंड के मैकडोनफ ने 3 और गेविन होई ने 2 विकेट चटकाए। अटल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गुरबाज जल्दी आउट, अटल-जादरान ने पारी संभाली अफगानिस्तान को शुरुआत में ही झटका लगा। पिछले मैच के टॉप स्कोरर रहमानुल्लाह गुरबाज दूसरे ओवर में आउट हो गए। इसके बाद अटल और जादरान ने दूसरे विकेट के लिए 231 रन की साझेदारी करके पारी संभाली। यह वनडे में अफगानिस्तान के लिए इस विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। दोनों ने 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। यह रिकॉर्ड करीन सादिक और मोहम्मद शहजाद के नाम था, जिन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ 218 रन की साझेदारी की थी। 25वें जन्मदिन पर अटल का शतक अटल ने अपने 25वें जन्मदिन पर शतक लगाया। उन्होंने पारी के बीच के ओवरों में समझदारी से बल्लेबाजी की और जब भी पारी धीमी पड़ने लगी, खासकर स्पिन के खिलाफ बाउंड्री लगाकर फिर से गति बढ़ाई। अटल ने लगातार बाउंड्री लगाकर गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। वे 150 रन के करीब पहुंचते दिख रहे थे, लेकिन लॉन्ग ऑन पर गलत टाइमिंग वाले शॉर्ट पर आउट हो गए। आयरलैंड की शुरुआत धीमी रही बड़े लक्ष्य के जवाब में आयरलैंड ने धीमी शुरुआत की। शुरुआती पहले 8 ओवर में टीम केवल 25 रन बना सकी। यमीन अहमदजई और अजमतुल्लाह उमरजई ने शुरुआती स्पेल में स्विंग गेंदबाजी से आयरिश ओपनर्स को परेशान किया। पॉल स्टर्लिंग लगातार गेंदों से चूकते रहे, जबकि बालबर्नी ने संभलकर बल्लेबाजी की। कैम्फर ने 46 गेंदों में 84 रन बनाए मैच हाथ से निकलने के बाद कर्टिस कैम्फर ने टी-20 अंदाज में बैटिंग की। उन्होंने 46 गेंदों पर 84 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 5 छक्के शामिल थे। कैम्फर ने सीधे बल्ले से तेज शॉट लगाकर रन बनाए। वे 48वें ओवर में आयरलैंड के नौवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। उनकी पारी से आयरलैंड 300 रन के पार पहुंच सका।
पीआर श्रीजेश ने विश्व कप को लेकर टीम को दी सलाह, बताया क्या होना चाहिए टारगेट
पीआर श्रीजेश ने खिलाड़ियों को हॉकी विश्व कप के दौरान शांत रहने, भूमिका पर ध्यान देने और अपनी तैयारी पर भरोसा रखने की सलाह दी है। उनको उम्मीद है कि टीम कम से कम से टॉप-4 में आएगी।
अफगानिस्तान के खिलाड़ी सेदिकुल्लाह अटल ने आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के चौथे मुकाबले में 143 रनों की शतकीय पारी अपने बर्थडे के दिन खेलकर इतिहास रच दिया है, जिसमें वह जन्मदिन पर वनडे में सर्वाधिक रनों की पारी खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।

