दौसा जिला अंडर-23 क्रिकेट टीम घोषित, 5 अक्टूबर से जयपुर में होगा मुकाबला
जिला क्रिकेट संघ की ओर से अंडर-23 क्रिकेट चैंपियनशिप के लिए दौसा जिले की आधिकारिक टीम की घोषणा कर दी गई है। जिला क्रिकेट संघ के सचिव बृजकिशोर उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता 5 अक्टूबर से जयपुर में आयोजित की जा रही है।
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ हुई अपनी बातचीत के बारे में बताया है। गंभीर ने कहा कि उन्होंने 15 वर्षीय खिलाड़ी को समझाया कि अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, कभी-कभी खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है।
न्यू चंडीगढ़ में शनिवार को भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे में स्लो ओवर-रेट के लिए ICC ने दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया है। भारतीय खिलाड़ियों की मैच फीस का 20% और वेस्टइंडीज खिलाड़ियों की मैच फीस का 10% काटा जाएगा। टाइम अलाउंस को ध्यान में रखने के बाद भारत 4 ओवर और वेस्टइंडीज 2 ओवर पीछे रही। ICC के नियम 2.22 के तहत कार्रवाई ICC के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के मुताबिक, तय समय में ओवर पूरे नहीं करने पर हर कम ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का 5% जुर्माना लगाया जाता है। इसी नियम के तहत भारत पर 4 ओवर कम करने के लिए 20% और वेस्टइंडीज पर 2 ओवर कम करने के लिए 10% जुर्माना लगाया गया। दोनों कप्तानों ने गलती स्वीकार की ICC इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के प्रकाश भट्ट ने दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया। दोनों कप्तानों ने आरोप स्वीकार कर प्रस्तावित सजा मान ली। इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। चारों अंपायरों ने लगाए थे चार्ज स्लो ओवर-रेट के चार्ज ऑन-फील्ड अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की ने लगाए। थर्ड अंपायर शराफुद्दौला इब्ने शाहिद और फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्मा भी चार्ज लगाने की प्रक्रिया में शामिल थे। ------------------------------------------- आकाशदीप-मुकेश की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी संभव:ईरानी कप में मिलकर 14 विकेट लिए; फिट होने पर प्रसिद्ध भी जाएंगे तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी हो सकती है। बंगाल से खेलने वाले दोनों पेसर्स ने ईरानी कप में 14 विकेट लेकर अपनी दावेदारी पेश की है। रेस्ट ऑफ इंडिया की 167 रन की जीत में आकाशदीप ने 6 और मुकेश कुमार ने 8 विकेट लिए। वहीं, जांघ की चोट से जूझ रहे प्रसिद्ध कृष्णा भी फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर न्यूजीलैंड जा सकते हैं। पूरी खबर
Gautam Gambhir के सामने चयन की चुनौती, West Indies के खिलाफ संजू सैमसन या वैभव सूर्यवंशी
लखनऊ, पांच अक्टूबर एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ मंगलवार को यहां होने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आत्मविश्वास के साथ उतरेगी जिसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए सबसे बड़ी दुविधा संजू सैमसन और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी में से किसी एक का चयन करने को लेकर होगी। एशियाई खेलों में वीवीएस लक्ष्मण कोच थे और उन्होंने सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को अंतिम एकादश में रखा था लेकिन अब गंभीर कोच है और ऐसे में रणनीतिक बदलाव होना तय है, भले ही दोनों कोच आठवें नंबर तक बल्लेबाजी रखने में विश्वास रखते हैं। लेकिन अगर गंभीर की रणनीति को करीबी नजर से देखें तो वह सैमसन और सूर्यवंशी दोनों को एक साथ अंतिम एकादश में नहीं रखेंगे। अभिषेक शर्मा सलामी बल्लेबाज के रूप पसंद बने हुए हैं। निशिन सिटी के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खराब पिचों पर लक्ष्मण ने इन तीनों बल्लेबाजों को टीम में रखा। सूर्यवंशी और विश्व के नंबर एक टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की, जबकि सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। यह फैसला पिच की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। लेकिन लखनऊ के एकाना स्टेडियम की पिच पर गंभीर एक बार फिर सैमसन को सलामी बल्लेबाज के रूप में वापस लाने के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि निचले क्रम में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी का बैकअप मौजूद है। सैमसन नंबर तीन पर सहज नहीं दिखे। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में अफगानिस्तान के खिलाफ पिछली घरेलू टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में दो अर्धशतक बनाए थे। मध्य क्रम में पहले से ही कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, उप कप्तान तिलक वर्मा, ऑलराउंडर शिवम दुबे और रेड्डी के साथ-साथ अक्षर पटेल भी मौजूद हैं। ऐसे में सूर्यवंशी और सैमसन दोनों को अंतिम एकादश में रखने की संभावना बहुत कम है। कोच गंभीर के लिए एक और सिरदर्द तेज गेंदबाजी आक्रमण होगा जिसमें अनुभवी अर्शदीप सिंह के साथ-साथ अपेक्षाकृत अनुभवहीन मयंक यादव (छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच) और प्रिंस यादव (तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच) शामिल हैं। स्पिन गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी अक्षर पटेल और कुलदीप यादव संभालेंगे। अगर गंभीर बल्लेबाजी को मजबूत करना चाहते हैं, तो नमन धीर को प्रिंस या मयंक की जगह लिया जा सकता है। यह भी देखना बाकी है कि अय्यर स्पिनर के रूप में अभिषेक का इस्तेमाल करते हैं नहीं। इस बाएं हाथ के स्पिनर ने एशियाई खेलों में कुछ विकेट लेकर अपने गेंदबाजी कौशल का प्रदर्शन किया था। यह सीरीज अय्यर की कप्तानी की भी एक बड़ी परीक्षा होगी, क्योंकि उन्हें एक मजबूत टी20 टीम के खिलाफ खेलना है। वेस्टइंडीज को इस प्रारूप में मजबूत टीम माना जाता है, जिसने 2012 और 2016 में दो बार टी20 विश्व कप जीता था। अय्यर की कप्तानी में भारत ने जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान जैसी कम रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ टी20 सीरीज में जीत हासिल की है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो भारत की टीम मजबूत स्थिति में नजर आती है क्योंकि उसने स्वदेश मेंर खेले गए पिछले 10 मैचों में से नौ में कैरेबियाई टीम को हराया है। वेस्टइंडीज के पास टी20 प्रारूप में रोमारियो शेफर्ड, रोवमैन पॉवेल, शिमरोन हेटमायर, अकील हुसैन जैसे आक्रामक खिलाड़ी हैं, जिनकी भारतीय परिस्थितियों में खेलने के अनुभव के कारण इंडियन प्रीमियर लीग में काफी मांग है। शाई होप की अगुवाई वाली वेस्टइंडीज मजबूत टीम है। उसकी बल्लेबाजी काफी हद तक होप, हेटमायर, पॉवेल और शेरफेन रदरफोर्ड पर निर्भर रहेगी। वेस्टइंडीज के पास ऑलराउंडर विभाग में रोस्टन चेज, कीमो पॉल, पॉवेल और शेफर्ड जैसे खिलाड़ी हैं। वेस्टइंडीज के गेंदबाजी विभाग की कमान बाएं हाथ के स्पिनर अकील हुसैन और तेज गेंदबाज शमर जोसेफ संभालेंगे। बाएं हाथ के स्पिनर गुडाकेश मोती और चेज़ की ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से उसके आक्रमण को मजबूती मिलेगी। टीम इस प्रकार हैं:भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, इशान किशन, नमन धीर, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, मयंक यादव। वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान, विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेज़, मैथ्यू फोर्डे, शिमरोनन हेटमायर, अकील हुसेन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड, शमर स्प्रिंगर। मैच शाम 7:00 बजे शुरू होगा।
पूर्व भारतीय टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव 2026-27 रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलने के लिए उपलब्ध हैं। वे मुंबई के पहले एलीट ग्रुप D मैच में चंडीगढ़ के खिलाफ खेल सकते हैं। मुंबई और चंडीगढ़ के बीच यह मुकाबला 11 अक्टूबर से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा। सूर्यकुमार ने आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच IPL 2026 में खेला था। वहीं, पूर्व मुंबई कप्तान शार्दूल ठाकुर हाथ की चोट के कारण शुरुआती कुछ मैचों में नहीं खेल पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी में तुषार देशपांडे मुंबई के तेज गेंदबाजी अटैक की अगुआई करेंगे। पिछले साल खेला था आखिरी रणजी मैच सूर्यकुमार ने फरवरी 2025 में नागपुर में विदर्भ के खिलाफ मुंबई के लिए आखिरी रणजी मैच खेला था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने घरेलू रेड-बॉल टूर्नामेंट के लिए अपनी उपलब्धता की पुष्टि कर दी है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, सूर्या ने MCA अध्यक्ष अजिंक्य नाइक को आगामी रणजी ट्रॉफी के लिए अपनी उपलब्धता की पुष्टि की है। सूर्यकुमार ने अब तक 86 फर्स्ट-क्लास मैच खेले हैं। उनके नाम 5,758 रन हैं। उन्होंने 144 पारियों में 14 शतक और 30 अर्धशतक लगाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 42.33 है। वर्ल्डकप जीतने के बाद टीम से बाहर है सूर्या टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद सिलेक्शन कमेटी ने उन्हें कप्तानी से हटा दिया और श्रेयस अय्यर को नया कप्तान बनाया। यहां तक आयरलैंड, इंग्लैंड, जिम्मबाब्वे, अफगानिस्तान और जापान सीरीज की टीमों में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनके खराब फॉर्म को वजह बताया। शार्दुल को हाथ में चोट लगी शार्दूल को लेकर MCA के एक सूत्र के मुताबिक, शार्दूल को हाथ में चोट तब लगी, जब आयुष म्हात्रे के लगाए शॉट से गेंद उनके हाथ पर लगी। इस चोट के कारण वह कुछ मैचों से बाहर रह सकते हैं। पिछले सीजन 13 विकेट लिए थे रणजी ट्रॉफी इतिहास की सबसे सफल टीम मुंबई के लिए सीजन शुरू होने से पहले शार्दूल की गैरमौजूदगी बड़ा झटका है। 34 साल के शार्दुल ने पिछले सीजन मुंबई के लिए छह मैच खेले थे। उन्होंने 13 विकेट लिए थे और आठ पारियों में 130 रन बनाए थे। शार्दुल का आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच वेस्ट जोन के लिए दलीप ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में था। यह मुकाबला BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नॉर्थ जोन के खिलाफ हुआ था। उस मैच की दोनों पारियों में शार्दुल केवल एक विकेट ले सके थे।
Asian Games 2026 में भारत को मिले 85 Medals, 2022 के रिकॉर्ड 107 से क्यों रहा पीछे?
जापान के आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में कुल 85 मेडल जीतकर अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने एथलेटिक्स, शूटिंग और हाल ही में शामिल किए गए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि भारत 2023 एशियाई खेलों में जीते गए अपने रिकॉर्ड 106 मेडल के आंकड़े तक नहीं पहुँच पाया, लेकिन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चले इन खेलों में 503 खिलाड़ियों (जिनमें 269 पुरुष और 234 महिलाएँ शामिल थीं) के दल ने 36 खेलों में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत कुल मिलाकर, 2026 के खेल भारत के लिए दूसरे सबसे सफल खेल रहे, जिसमें भारत ने कुल 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) जीते। यह 2022 में जीते गए अब तक के सबसे ज़्यादा 107 पदकों (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) की तुलना में कम है। 2023 के एशियाई खेलों में, भारतीय खिलाड़ियों ने 106 मेडल (28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज़) जीतकर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। हालांकि यह संख्या हांगझोऊ में बने रिकॉर्ड से कम थी, फिर भी भारत ने महाद्वीपीय स्तर पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और कई खेलों में बेहतरीन खेल दिखाया। अब यह देखने का समय है कि पिछले खेलों—2022 हांगझोऊ खेलों—की तुलना में भारत का प्रदर्शन कहां कैसा रहा। इस गिरावट की मुख्य वजह एथलेटिक्स और शूटिंग थे, जिनसे पहले भारत को लगभग आधे पोडियम फ़िनिश (पदक) मिलते थे। एथलेटिक्स में पदकों की संख्या 29 से घटकर 24 रह गई; इसमें गोल्ड मेडल की संख्या छह से गिरकर एक हो गई, क्योंकि कई मौकों पर भारतीय एथलीट मामूली अंतर से पीछे रह गए, जबकि दूसरे देशों के एथलीटों ने एशियाई खेलों के रिकॉर्ड प्रदर्शन किए। शूटिंग में भी ऐसी ही गिरावट देखी गई, जहाँ पदकों की संख्या 2022 में 22 (सात गोल्ड) से घटकर 2026 में 15 (तीन गोल्ड) रह गई। रोइंग और बैडमिंटन के नतीजों में भी काफी गिरावट देखी गई, जबकि टेनिस, शतरंज और घुड़सवारी जैसे खेलों में खिलाड़ी पोडियम तक नहीं पहुँच पाए। रोइंग में बहुत निराशा हाथ लगी; खिलाड़ियों ने अपने इवेंट्स में आखिरी समय पर किए गए बदलावों की शिकायत की और यहाँ तक कि हड़ताल भी की। एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार, भारत टेनिस में कोई मेडल नहीं जीत पाया। इसके उलट, कॉम्बैट स्पोर्ट्स (लड़ाई वाले खेलों) में क्वालिटी के मामले में काफी सुधार दिखा। बॉक्सिंग और रेसलिंग में क्रमशः तीन और दो गोल्ड मेडल जीते गए, जबकि पिछले खेलों में इनमें कोई गोल्ड मेडल नहीं मिला था। आर्चरी ने नौ मेडल (जिनमें पाँच गोल्ड शामिल थे) जीतकर अपना अच्छा प्रदर्शन बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Kerala में BJYM ने रोकी खेल मंत्री O. J. Janeesh की गाड़ी, दिखाए काले झंडे क्रिकेट और कबड्डी जैसे खेलों में भारत ने अपना दबदबा बनाए रखते हुए दोनों गोल्ड मेडल जीते, वहीं हॉकी में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड मेडल हासिल किए। भारत ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और कुराश जैसे खेलों में भी पहली बार पोडियम तक जगह बनाई। भारत ने उन इवेंट्स में भी तीन सिल्वर मेडल जीते जो 2022 गेम्स का हिस्सा थे लेकिन 2026 गेम्स में शामिल नहीं हैं — दो चेस में और एक ब्रिज में। इसी तरह, रोलर स्केटिंग में भारत को दो ब्रॉन्ज़ मेडल से हाथ धोना पड़ा क्योंकि यह खेल 2026 गेम्स का हिस्सा नहीं था।
हार्दिक पांड्या की फिटनेस ने एक बार फिर भारतीय टीम को करारा झटका दिया है। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले हार्दिक के स्थान पर 23 साल के ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को इंडिया ए टीम में शामिल किया गया है।
न्यूजीलैंड के अनुभवी ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल ने 2026-27 सीजन में ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (बीबीएल) में खेलने का मौका पाने के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट के साथ 'कैजुअल' कॉन्ट्रैक्ट लेने का फैसला किया है। इस कदम से वह दुनिया भर की टी20 लीगों में खेलने के लिए अधिक उपलब्ध रहेंगे, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता अभी भी न्यूजीलैंड की नेशनल टीम के लिए खेलना ही है।
Virat-Rohit Comeback: फैंस का इंतजार होगा खत्म, 30 दिन में फिर मैदान पर दिखेगी कोहली-रोहित की जोड़ी
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वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ आगामी टी-20 सीरीज के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज अमीर जांगू को अपनी टीम में शामिल कर लिया है। उन्हें ज्वेल एंड्रयू के बैकअप के रूप में टीम में जगह दी गई है। एंड्रयू को शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान कैच पकड़ते समय उंगली में चोट लग गई थी। क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि एंड्रयू की चोट पर मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है और उनके बैकअप के तौर पर अमीर जांगू को स्क्वॉड में शामिल किया गया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला मंगलवार को लखनऊ में खेला जाएगा। तीसरे वनडे के 36वें ओवर में लगी चोट शनिवार को भारत के खिलाफ तीसरे वनडे में टीम इंडिया की पारी के 36वें ओवर की आखिरी गेंद पर ज्वेल एंड्रयू को चोट लगी। भारतीय बल्लेबाज नमन धीर ने बाएं हाथ के स्पिनर गुडाकेश मोती की गेंद को कवर की ओर हवा में खेला। एंड्रयू ने कैच पकड़ लिया, लेकिन गेंद उनकी उंगली पर जोर से लग गई। चोट लगने के तुरंत बाद एंड्रयू को मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद उन्हें एक्स-रे के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल टीम ने उनकी चोट की जांच की। चोट के कारण ओपनिंग नहीं कर सके थे एंड्रयू उंगली की चोट इतनी गंभीर थी कि ज्वेल एंड्रयू वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी के दौरान पारी की शुरुआत करने मैदान पर नहीं उतर सके। 352 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज टीम को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा। कप्तान शाई होप खुद जॉन कैंपबेल की जगह ओपनिंग करने उतरे थे। वनडे सीरीज में रहे तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज 29 साल के अमीर जांगू हाल ही में खत्म हुई वनडे सीरीज में बेहद शानदार फॉर्म में रहे हैं। तीन मैचों की वनडे सीरीज में जांगू ने नाबाद 58, 114 और 67 रनों की पारियां खेलीं। वे 239 रनों के साथ पूरी सीरीज में दोनों टीमों को मिलाकर तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इस सीरीज में केवल भारत के शुभमन गिल (334 रन) और वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप (278 रन) ही उनसे आगे थे। वेस्टइंडीज की T20I टीम शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, शिमरोन हेटमायर, अकील होसेन, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैमसन, रोमारियो शेफर्ड, शमार स्प्रिंगर। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाशदीप-मुकेश की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी संभव:ईरानी कप में मिलकर 14 विकेट लिए; फिट होने पर प्रसिद्ध भी जाएंगे तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी हो सकती है। बंगाल से खेलने वाले दोनों पेसर्स ने ईरानी कप में 14 विकेट लेकर अपनी दावेदारी पेश की है। पूरी खबर
पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन सोमवार को पत्नी सोफी शाइन के साथ तिरुमला मंदिर पहुंचे। दोनों ने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आंध्र प्रदेश के तिरुपति में धवन और सोफी पारंपरिक कपड़ों में मंदिर पहुंचे। धवन ने भक्तों से मुलाकात की और फैंस के साथ तस्वीरें भी खिंचाईं। धवन और सोफी शाइन ने 21 फरवरी 2026 को शादी की थी। व्यवस्थाओं की तारीफ की दर्शन के बाद धवन ने मीडिया से कहा कि मंदिर प्रशासन ने बहुत अच्छी व्यवस्थाएं की थीं। उन्होंने भगवान तिरुपति के अच्छे दर्शन के लिए आभार जताया। धवन ने कुर्ता और धोती पहनी थी। सोफी सफेद सूट में नजर आईं। दर्शन के बाद धवन ने कहा, मेरा दर्शन बहुत शानदार रहा। यहां प्रशासन ने बहुत अच्छी व्यवस्थाएं की थीं। भगवान तिरुपति के इतने अच्छे दर्शन पाकर मैं बहुत आभारी हूं। पहली शादी और बेटे से दूरी धवन की पहली शादी आएशा मुखर्जी से हुई थी। दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम जोरावर है। आठ साल की शादी के बाद दोनों अक्टूबर 2023 में अलग हो गए थे। दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने 5 अक्टूबर 2023 को तलाक कंफर्म किया था। धवन ने कहा है कि शादी खत्म होने के बाद वह करीब दो साल से अपने बेटे जोरावर से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल पाए हैं। शिखर ने 2022 में भारत के लिए आखिरी मैच खेला शिखर धवन ने 2010 में टी-20 और 2011 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया। हालांकि, टीम में जगह बनाने में उन्हें 3 साल लग गए। 2013 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया, यहीं से वे तीनों फॉर्मेट में फिक्स हो गए। उन्होंने 10 दिसंबर 2022 तक भारत के लिए 167 वनडे, 68 टी-20 और 34 टेस्ट खेले। इनमें 24 शतक और 55 फिफ्टी शामिल रहीं। धवन ने 24 अगस्त 2024 को इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की थी। कौन हैं सोफी शाइन? सोफी शाइन आयरलैंड की रहने वाली हैं। जब वह धवन से मिली थी तब UAE में जॉब करती थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक वह अमेरिका की फाइनेंशियल सर्विस कंपनी नॉर्दर्न ट्रस्ट कॉरपोरेशन में सेकेंड वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट कंसल्टेंट) के पद पर कार्यरत रही हैं। सोफी पिछले साल जुलाई से धवन की स्पोर्ट्स कंपनी डा वन स्पोर्ट्स की COO (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) हैं। उन्होंने आयरलैंड के लिमरिक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मार्केटिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। शुरुआती शिक्षा उन्होंने कैसलरॉय कॉलेज से पूरी की। सोफी, धवन के इंस्टाग्राम पर आने वाले कई मजेदार वीडियो में भी नजर आती रहती हैं।
भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने आमिर जांगू को किया टीम में शामिल
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज आमिर जांगू को टीम में शामिल किया है। उन्हें ज्वेल एंड्रयू की जगह कवर के तौर पर बुलाया गया है, जो वनडे सीरीज के दौरान चोटिल हो गए थे।
भारतीय सेना ने बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल को ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर स्वदेश लौटे बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल को भारतीय सेना ने बधाई दी है। नरेंद्र बॉक्सर होने के साथ-साथ भारतीय सेना में सूबेदार भी हैं और उनका प्रदर्शन एशियन गेम्स में शानदार रहा।
WCL 2026: डिविलियर्स का 360 डिग्री शो, 39 गेंदों में 70 रन; गेल की फिफ्टी भी नहीं आई काम
WCL 2026: डिविलियर्स का 360 डिग्री शो, 39 गेंदों में 70 रन; गेल की फिफ्टी भी नहीं आई काम
कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में ब्राजील के खिलाफ मैच में खाली सीटें देखने के बाद आयोजकों ने उरुग्वे के खिलाफ मुकाबले के लिए टिकट के दाम घटा दिए हैं। 6 अक्टूबर को होने वाले भारत-उरुग्वे फ्रेंडली मैच के लिए कुछ टिकटों की कीमत में 90% तक कटौती की गई है। C2 लेफ्ट और C2 राइट ब्लॉक का टिकट ₹1,999 से घटाकर सिर्फ ₹99 कर दिया गया है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने रविवार को सोशल मीडिया पर टिकट के नए रेट जारी किए। आयोजकों का लक्ष्य उरुग्वे के खिलाफ मैच में स्टेडियम की खाली सीटें भरना और ज्यादा दर्शकों को मैदान तक लाना है। 85 हजार क्षमता, ब्राजील मैच में 51 हजार से ज्यादा दर्शक 3 अक्टूबर को भारत और ब्राजील के बीच मुकाबला साल्ट लेक स्टेडियम में खेला गया था। करीब 85 हजार दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में 51 हजार से कुछ ज्यादा दर्शक पहुंचे थे। ब्राजील की टीम में विनिसियस जूनियर, गेब्रियल मैगलहेस और मार्क्विनहोस जैसे स्टार खिलाड़ी होने के बावजूद कई ब्लॉक खाली नजर आए थे। ब्राजील ने भारतीय टीम को इस मुकाबले में 4-0 से हराया था। दो बार की वर्ल्ड चैंपियन उरुग्वे पहले ही कोलकाता पहुंची भारत के खिलाफ 6 अक्टूबर को होने वाले मुकाबले के लिए उरुग्वे की टीम 30 सितंबर को ही कोलकाता पहुंच गई थी। टीम को मैच से पहले शहर के मौसम और परिस्थितियों के अनुकूल होने का समय मिल गया है। उरुग्वे 1930 और 1950 में वर्ल्ड कप चैंपियन रह चुका है। वाल्वर्डे और नुनेज जैसे स्टार खिलाड़ी शामिल उरुग्वे की टीम में रियल मैड्रिड के मिडफील्डर फेडेरिको वाल्वर्डे, रोड्रिगो बेंटानकुर, लुकास टोरेरा, जियोर्जियन डी अरास्केटा और फेकुंडो पेलिस्ट्री जैसे खिलाड़ी हैं। डिफेंस में रोनाल्ड अराउजो, जोस मारिया गिमेनेज और मथियास ओलिवेरा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। वहीं फॉरवर्ड लाइन में लिवरपूल के डार्विन नुनेज के अलावा मिगुएल मेरेंटिएल, रोड्रिगो अगुएरे और मार्टिन सत्रियानो जैसे खिलाड़ी हैं। ब्राजील से 0-4 हार के बाद उरुग्वे की चुनौती भारत को ब्राजील के खिलाफ मुकाबले में 0-4 से हार मिली थी। हालांकि, टीम ने शुरुआती करीब 30 मिनट तक ब्राजील को गोल करने का मौका नहीं दिया था। अब भारतीय टीम के सामने उरुग्वे की चुनौती है। उरुग्वे के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। वहीं आयोजकों की कोशिश भी स्टेडियम में ज्यादा से ज्यादा दर्शक जुटाने की होगी। ----------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ब्राजील ने भारत को फुटबॉल मैच में 4-0 से हराया:लीनो ने 2 गोल किए; एस्टेवाओ-पेड्रो ने एक-एक गोल किए ब्राजील ने कोलकाता में फुटबॉल मैच में भारत को 4-0 से हरा दिया। ब्राजील के लिए लीनो ने 2 गोल दागे। वहीं एस्टेवाओ और पेड्रो ने एक-एक गोल किया। पूरी खबर
न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान इस हफ्ते हो सकता है। प्रज्ञान ओझा 5 से 11 अक्टूबर के बीच होने वाली सिलेक्शन मीटिंग की अगुवाई करेंगे। वे सितंबर 2025 में टीम इंडिया के सिलेक्टर बने थे। चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर को समाप्त हो चुका है। BCCI ने अभी तक उनका उत्तराधिकारी तय नहीं किया है। न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा। वहां टीम इंडिया को पांच T20Is, पांच ODIs और दो टेस्ट खेलने हैं। नए चयनकर्ता की नियुक्ति तक समिति चार सदस्यों के साथ काम करेगी। ओझा की भूमिका अस्थायी या स्थायी, साफ नहीं क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रज्ञान ओझा अगरकर के बाद पहली चयन बैठक की जिम्मेदारी संभालेंगे। वे अंतरिम तौर पर चयन समिति के प्रमुख की भूमिका में होंगे। हालांकि, यह साफ नहीं है कि उनकी भूमिका अस्थायी होगी या स्थायी। BCCI की पांच सदस्यीय चयन समिति में नए चयनकर्ता की नियुक्ति तक चार सदस्य रहेंगे। वर्ल्डकप तैयारियों के लिए न्यूजीलैंड से वनडे सीरीज अहम सिलेक्टर्स न्यूजीलैंड दौरे की तीनों सीरीज के लिए मजबूत टीमें चुन सकते हैं। 5 मैचों की ODI सीरीज भारत को वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी में मदद करेगी। 2027 वर्ल्ड कप अगले साल 2 अक्टूबर से शुरू होना है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले हफ्ते ODI सीरीज खत्म होने के बाद भारत के कप्तान शुभमन गिल ने पहली पसंद के खिलाड़ियों को अगली सीरीज के लिए उपलब्ध रखने की इच्छा जताई थी। ---------------------------------------- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आकाशदीप-मुकेश की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी संभव तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी हो सकती है। बंगाल से खेलने वाले दोनों पेसर्स ने ईरानी कप में 14 विकेट लेकर अपनी दावेदारी पेश की है। पढ़ें पूरी खबर
भारत के खिलाफ T20I सीरीज से पहले वेस्टइंडीज ने उठाया बड़ा कदम, आमिर जंगू की टीम में एंट्री
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 6 जुलाई से T20I सीरीज का आगाज होना है। इस सीरीज से पहले वेस्टइंडीज ने आमिर जंगू को T20I स्क्वाड में शामिल किया है।
भारत के खिलाफ 6 अक्टूबर को होने वाले दोस्ताना मुकाबले से पहले उरुग्वे की फुटबॉल टीम ने कोलकाता के मशहूर ईडन गार्डन्स का दौरा किया।
ऑस्ट्रेलिया के नंबर-3 बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन ने करीब 11 महीने बाद शतक लगाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका दौरे पर है और उसे 9 अक्टूबर से पहला टेस्ट खेलना है। इससे पहले पोटचेफस्ट्रूम में क्रिकेट साउथ अफ्रीका इनविटेशनल XI के खिलाफ लाबुशेन ने 89 गेंद पर 111 रन की पारी खेली। उन्होंने 76 गेंद पर शतक पूरा किया और 19 चौके लगाए। लंबे समय से बड़ी पारी का इंतजार था लाबुशेन ने इस पारी से पहले करीब 11 महीने से किसी भी फॉर्मेट में शतक नहीं लगाया था। वे कई पारियों में अच्छी शुरुआत के बावजूद उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके। इस शतक के साथ वनडे या अन्य फॉर्मेट में उनका सेंचुरी का इंतजार खत्म हो गया है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उनकी सेंचुरी का इंतजार अभी जारी है। लाबुशेन ने आखिरी टेस्ट शतक जुलाई 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में लगाया था। उन्होंने उस पारी में 111 रन बनाए थे। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन गिरा है। इस दौरान उनकी बल्लेबाजी औसत 24.69 रही है। हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्होंने तीन पारियों में 1, 31 और 4 रन बनाए थे। कोच मैकडोनाल्ड ने कहा था- रन चाहिए बांग्लादेश सीरीज के बाद लाबुशेन की टीम में जगह को लेकर सवाल उठने लगे थे। ऑस्ट्रेलियाई कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने भी साफ कहा था कि बल्लेबाज से रन की उम्मीद है। मैकडोनाल्ड ने कहा था कि बल्लेबाज क्रीज पर कैसा दिख रहा है, यह तभी मायने रखता है जब उसका असर स्कोरबोर्ड पर भी नजर आए। अब लाबुशेन ने वार्म-अप मैच में ही सही, बड़ी पारी खेलकर रन बना दिए हैं। इनविटेशनल XI का गेंदबाजी आक्रमण कमजोर था हालांकि, लाबुशेन के शतक को टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिहाज से पूरी तरह नहीं आंका जा सकता। CSA इनविटेशनल XI का गेंदबाजी आक्रमण उस स्तर का नहीं था, जिसका सामना उन्हें टेस्ट में करना होगा। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 74 ओवर में 368 रन बनाए। इसके बावजूद लंबे समय बाद शतक लगाना लाबुशेन के लिए अहम है। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने वाले लाबुशेन के लिए यह पारी साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली हो सकती है। पोंटिंग ने कहा था- जगह मुश्किल में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग भी हाल में लाबुशेन की खराब फॉर्म पर बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि टीम में लाबुशेन की स्थिति “लगभग अस्थिर” हो गई है। यह शतक लाबुशेन को लेकर उठ रहे सभी सवालों का जवाब नहीं है। साउथ अफ्रीका का गेंदबाजी आक्रमण उन्हें इससे कहीं कड़ी चुनौती देगा। हालांकि, पहले टेस्ट से कुछ दिन पहले बड़ी पारी खेलना उनके लिए सही समय पर आया है। साउथ अफ्रीका दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, मैथ्यू कुहनेमन, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, माइकल नेसर, मैट रेनशॉ, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क और ब्यू वेबस्टर। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाशदीप-मुकेश की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी संभव:ईरानी कप में मिलकर 14 विकेट लिए; फिट होने पर हुए प्रसिद्ध भी जाएंगे तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी हो सकती है। बंगाल से खेलने वाले दोनों पेसर्स ने ईरानी कप में 14 विकेट लेकर अपनी दावेदारी पेश की है। रेस्ट ऑफ इंडिया की 167 रन की जीत में आकाशदीप ने 6 और मुकेश कुमार ने 8 विकेट लिए। वहीं, जांघ की चोट से जूझ रहे प्रसिद्ध कृष्णा भी फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर न्यूजीलैंड जा सकते हैं। पूरी खबर
न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल ने 2026-27 सीजन के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से हटकर कैजुअल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल होने का फैसला किया है।
न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल ने ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग (BBL) में खेलने का मौका तलाश रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी नेशनल क्रिकेट टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट को छोड़ दिया है। वे 2026-26 सीजन में टीम के साथ कैजुअल कॉन्ट्रैक्ट पर रहेंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की है। बोर्ड ने बताया कि ब्रेसवेल की जगह निक केली को न्यूजीलैंड की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में शामिल किया गया है। 33 साल के केली को पहला नेशनल कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कैजुअली कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों में ब्रेसवेल के साथ फिन एलन, मार्क चैपमैन, लॉकी फर्ग्यूसन, एडम मिल्न और टिम सीफर्ट भी शामिल हैं। वे भारत के खिलाफ 22 अक्टूबर से क्राइस्टचर्च में शुरू होने वाली पांच मैचों की घरेलू T20I सीरीज के लिए दावेदार भी हैं। ब्रेसवेल बोले- 'ब्लैककैप्स के लिए अब भी कमिटेड हूं' 35 साल के ब्रेसवेल ने कहा, ‘करियर के इस पड़ाव पर नए मौके तलाशाने के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट का समर्थन मिलना मेरे लिए अहम है।’ उन्होंने कहा, ‘सिर्फ व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी के तौर पर यह मौका छोड़ना मेरे लिए बहुत अच्छा था। मैं अब भी ब्लैककैप्स के लिए पूरी तरह कमिटेड हूं।’ 11 साल बाद केली को मिला पहला राष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट टॉप ऑर्डर बल्लेबाज निक केली ने फर्स्ट-क्लास डेब्यू के 11 साल बाद अपना पहला राष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। केली ने मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के लिए डेब्यू किया था। निक केली 15 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। इनमें दो T20I मैचों में कप्तानी भी शामिल है। उन्होंने इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश में चोटिल टॉम लैथम की जगह कप्तानी की थी। ---------------------------------------------------------- क्रिकेट की जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आकाशदीप-मुकेश की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी संभव तेज गेंदबाज आकाशदीप और मुकेश कुमार की न्यूजीलैंड दौरे से टेस्ट टीम में वापसी हो सकती है। बंगाल से खेलने वाले दोनों पेसर्स ने ईरानी कप में 14 विकेट लेकर अपनी दावेदारी पेश की है। पढ़ें पूरी खबर
एशियाई खेल 2026 में भारत ने 21 स्वर्ण समेत 85 पदक जीते। इनमें महिला और पुरुष खिलाड़ियों के खाते में 38-38 पदक आए, लेकिन स्वर्ण के मामले में महिलाओं ने बाजी मारी। भारतीय महिलाओं ने 11 गोल्ड जीते, जबकि पुरुषों के खाते में सात स्वर्ण आए।
खेल डेस्क। साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान और मशहूर बल्लेबाज एबी डिविलियर्स का एक बार फिर से मैदान पर जलवा देखने को मिला है। पांच साल पहले अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके डिविलियर्स ने अब वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) में वेस्टइंडीज चैंपियंस के खिलाफ केवल 39 गेंदों में 70 रन की तूफानी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट्स लगाए। यूएई के शारजाह में चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स 2026 के मुकाबले में साउथ अफ्रीका चैंपियंस का पहला मैच वेस्टइंडीज चैंपियंस से हुआ। मैच में साउथ अफ्रीका चैंपियंस पहले बल्लेबाजी करने उतरी और तीसरे नंबर पर आए डिविलियर्स ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज करते हुए केवल 27 गेंदों में ही अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। एबी डिविलियर्स ने मैदान के हर कोने में छक्के जड़े साउथ अफ्रीका चैंपियंस की कप्तानी कर रहे 42 साल के एबी डिविलियर्स ने मैदान के हर कोने में छक्के जड़े और साबित कर दिया कि उन्हें क्यों 'मिस्टर 360' कहा जाता है। उन्होंने अपनी इस पारी में केवल 39 गेंदों में 5 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 70 रन बनाए। इससे साउथ अफ्रीका की टीम 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 242 रन बनाने में सफल रही। साउथ अफ्रीका की ओर से रिचर्ड्स लेवी ने लगाया तूफानी अर्धशतक साउथ अफ्रीका की ओर से रिचर्ड्स लेवी ने केवल 39 गेंदों में 87 रन ठोक दिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम 18.2 ओवर में 145 रन पर ही ढेर हो गई। वेस्टइंडीज चैंपियंस को इस इस मैच में 97 रनों से हार मिली। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इंग्लैंड खेलेगा 50 ओवर का प्रैक्टिस मैच, पिछली गलती से लिया सबक
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इस बार इंग्लैंड की टीम पिछली गलती दोहराने के मूड में नहीं है। एशेज से पहले पर्थ में कमजोर तैयारी को लेकर आलोचना झेलने वाली इंग्लैंड ने अब ODI सीरीज से पहले बाकायदा 50 ओवर का प्रैक्टिस मैच खेलने का फैसला किया है।
आकाशदीप और मुकेश कुमार की न्यूजीलैंड दौरे पर वापसी हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बंगाल के तेज गेंदबाजों ने ईरानी कप में शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत की है। रेस्ट ऑफ इंडिया की 167 रन की जीत में आकाशदीप ने 6 और मुकेश कुमार ने 8 विकेट लिए। वहीं, वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझ रहे प्रसिद्ध कृष्णा भी फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर न्यूजीलैंड जा सकते हैं। भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट खेले जाएंगे। टेस्ट सीरीज नवंबर के आखिर में होगी। दो टेस्ट वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र का हिस्सा होंगे। आकाशदीप को टीम मैनेजमेंट की पसंद माना जा रहा रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड की परिस्थितियों को देखते हुए टीम मैनेजमेंट आकाशदीप को रेड-बॉल प्लान का अहम हिस्सा मान रहा है। वे करीब 6 महीने बाद ईरानी कप से क्रिकेट में लौटे थे। आकाशदीप ने भारत के लिए अब तक 10 टेस्ट खेले हैं और 28 विकेट लिए हैं। पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट में उन्होंने 10 विकेट भी लिए थे। मुकेश की दावेदारी भी मजबूत मुकेश कुमार ने ईरानी कप में शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। दूसरी पारी में 6 विकेट लेने के बाद उनकी न्यूजीलैंड टेस्ट टीम में वापसी की संभावना बढ़ गई है। रिपोर्ट मुताबिक, टीम मैनेजमेंट चयनकर्ताओं को आकाशदीप के साथ मुकेश कुमार के नाम पर भी विचार करने की सलाह दे सकता है। मुकेश ने जुलाई 2023 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वे भारत के लिए 3 टेस्ट खेल चुके हैं। प्रसिद्ध कृष्णा की फिटनेस पर फैसला तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा भी न्यूजीलैंड दौरे पर जा सकते हैं। 30 सितंबर को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई थी। वे मैच में सिर्फ 5 ओवर गेंदबाजी कर सके और तीसरे वनडे से बाहर रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी चोट इतनी गंभीर नहीं मानी जा रही कि उन्हें पूरे न्यूजीलैंड दौरे से बाहर होना पड़े। हालांकि, उनका चयन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से फिटनेस क्लीयरेंस मिलने पर निर्भर करेगा। तीनों के आने से तेज गेंदबाजी मजबूत होगी न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बराड़ के साथ आकाशदीप और मुकेश कुमार को भी रेड-बॉल टीम में शामिल किए जाने की संभावना है। प्रसिद्ध कृष्णा फिट हुए तो वे भी तेज गेंदबाजी विकल्पों में शामिल होंगे। भारतीय चयन समिति अगले सप्ताह न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम का चयन कर सकती है। मुख्य चयनकर्ता के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म हो चुका है और फिलहाल प्रज्ञान ओझा की अगुआई में चार सदस्यीय चयन समिति काम कर रही है। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…
World Cup 2027 Schedule: भारत-पाकिस्तान के बीच 2 बार महामुकाबला, फाइनल में पहुंचे तो तीसरी भिड़ंत संभव
SA टेस्ट सीरीज से पहले लाबुशेन ने बल्ले से किया कमाल, पोटचेफ्स्ट्रूम में जड़ा तूफानी शतक
मार्नस लाबुशेन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले पोटचेफ्स्ट्रूम में शानदार 111 रन की पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 76 गेंदों में शतक पूरा किया।
अब नीली जर्सी में कब दिखेंगे रोहित-कोहली? फिर मचाएंगे गदर!
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्ले से अपनी छाप छोड़ी. वेस्टइंडीज सीरीज के बाद अब फैन्स के जहन में एक ही सवाल है कि ये दोनों दिग्गज अब दोबारा भारत की जर्सी में मैदान पर आखिर कब नजर आएंगे.
क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी… एशियन गेम्स 2026 के दौरान इन तीनों खेलों में भारत की बादशाहत रही। महिला और पुरुषों दोनों कैटेगरी में भारत ने सभी 6 गोल्ड अपने नाम किए। लेकिन इन खेलों से इतर देखें, कहानी बदलने लगती है। भारत 2022 एशियन गेम्स वाला प्रदर्शन भी नहीं दोहरा सका। गोल्ड मेडल 28 से घटकर 21 रह गए। जबकि चीन ने 169 गोल्ड जीते, यानी भारत से 8 गुना ज्यादा। दोनों देशों की आबादी लगभग बराबर है, फिर फर्क कहां से आता है? मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और विपुल शर्मा -------ये खबर भी पढ़िए… 24 साल बाद लड़कों से आगे हुई भारत की लड़कियां: एशियन गेम्स में 4 गोल्ड ज्यादा जीते; शूटिंग-एथलेटिक्स में इस बार 9 स्वर्ण का नुकसान एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान पूरा हो चुका है। आखिरी दिन घुड़सवारी के दो गोल्ड मेडल इवेंट हैं लेकिन इनमें कोई भारतीय खिलाड़ी शिरकत नहीं कर रहा है। भारत ने जापान के आइची-नागोया में 21 गोल्ड सहित कुल 85 मेडल जीते हैं। पूरी खबर पढ़िए…
भारत ने जापान के आइची-नागोया में खेले गए एशियन गेम्स में 21 गोल्ड सहित 85 मेडल जीते। भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ ना मिलाने का सिलसिला जारी रखा। हालांकि हॉकी में दोनों टीमों के खिलाड़ी गले मिले। एथलेटिक्स में विथ्या रामराज ने पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने फाइनल में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल बचाया। इसकी बदौलत टीम ने 44 साल बाद विमेंस हॉकी में गोल्ड जीता। 13-PHOTOS में एशियन गेम्स 2026… 1. भारतीय हॉकी टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को गले लगाया 2. भारतीय क्रिकेट टीम ने 384 दिन, 7 मैच से पाकिस्तान से हाथ नहीं मिलाया 3. सूर्यवंशी को सईम ने आउट कर बच्चे का इशारा किया 4. शेफाली एशियन गेम्स में शतक जड़ने वाली पहली महिला 5. विथ्या ने पीटी उषा के 42 साल का रिकॉर्ड तोड़ा 6. सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल बचा गोल्ड जिताया 7. कुमकुम ने इंडिविजुअल रिकर्व आर्चरी में पहला गोल्ड दिलाया 8. लवलीना ने एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड जीता 9. सुजीत ने 2-9 से पिछड़ने के बाद गोल्ड जीता 10. सुचिका ज्यादा वजन से मैच हारी, नाराज होकर खिलाड़ी से हाथ नहीं मिलाया 11. प्रणवी उर्स गोल्फ का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला 12. नीरु ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में विमेंस इंडिविजुअल का पहला गोल्ड जीता 13. कबड्डी में भारत का डोमिनेंस कायम
pc: navrashtra वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा मैच भारत हार गया। लेकिन टीम इंडिया ने सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस बीच, भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने सीरीज में अपने बल्ले से धूम मचा दी। गिल ने पहले वनडे में शानदार शतक बनाया, जबकि दूसरे मैच में उन्होंने सबसे तेज दोहरा शतक बनाकर इतिहास रच दिया। हालांकि तीसरे वनडे में वह सिर्फ 1 रन पर आउट हो गए, लेकिन उन्होंने सीरीज में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो इससे पहले किसी भारतीय कप्तान ने नहीं बनाया था। गिल ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में कुल 334 रन बनाकर 15 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में इतिहास रचा वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में शुभमन गिल ने तीन पारियों में एक शतक और एक दोहरा शतक लगाते हुए कुल 334 रन बनाए। इस दौरान उनका बैटिंग एवरेज 167 रहा। इस शानदार प्रदर्शन के साथ गिल ने जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर का 15 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। गिल अब बतौर कप्तान तीन मैचों की ODI सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं, उन्होंने ब्रेंडन टेलर, बाबर आज़म और शाई होप को पीछे छोड़कर इस लिस्ट में टॉप पर जगह बनाई है। वह तीन मैचों की ODI सीरीज़ में 300 या उससे ज़्यादा रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे कप्तान हैं। गिल से पहले, भारतीय कप्तान के तौर पर तीन मैचों की ODI सीरीज़ में सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था। कोहली ने 2017 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीन मैचों की सीरीज़ में 263 रन बनाए थे। अब गिल ने 334 रन बनाकर इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। तीन मैचों की ODI सीरीज़ में कप्तान के तौर पर सबसे ज़्यादा रन शुभमन गिल (भारत) – 334 रन बनाम वेस्टइंडीज़, 2026 ब्रेंडन टेलर (ज़िम्बाब्वे) – 310 रन बनाम न्यूज़ीलैंड, 2011 शाई होप (वेस्टइंडीज़) – 278 रन बनाम भारत, 2026 बाबर आज़म (पाकिस्तान) – 276 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2021 कुर्रम खान (UAE) – 270 रन बनाम अफ़गानिस्तान, 2014 मैन ऑफ़ द सीरीज़ गिल धोनी और गांगुली के साथ शामिल हुए शुभमन गिल तीन मैचों की ODI सीरीज़ में 334 रन बनाकर सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ़ द सीरीज़ का अवॉर्ड दिया गया। यह उनके ODI करियर का सातवां मैन ऑफ़ द सीरीज़ अवॉर्ड था। इसके साथ ही, उन्होंने ODI में भारत के लिए सबसे ज़्यादा मैन ऑफ़ द सीरीज़ अवॉर्ड जीतने के मामले में सौरव गांगुली, युवराज सिंह और एम.एस. धोनी की बराबरी कर ली। अब केवल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ही वनडे में भारत के लिए मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीतने में गिल से आगे निकल पाए हैं।
एशियन गेम्स में 5वीं बार गोल्ड जीतने के बाद पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने क्या कहा?
एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को पांच- एक से हराकर खिताब अपने नाम किया। टीम इंडिया ने पांचवीं बार खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने क्या कहा, पढ़िए।
China Open में Naomi Osaka ने Sara Bejlek को हराकर Round of 16 में जगह बनाई
बीजिंग में नाओमी ओसाका ने एक बार फिर अपने अनुभव का दम दिखाया है। जापान की 12वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को चीन ओपन में सारा बेलेक को 7-6(4), 6-4 से हराकर अंतिम 16 में जगह बना ली है। 2 घंटे 1 मिनट चले इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच पहली बार आमना-सामना हुआ। यह मुकाबला महिला टेनिस की बड़ी प्रतियोगिताओं में शामिल चीन ओपन के तीसरे दौर में खेला गया था। आउटडोर हार्ड कोर्ट पर हुए मुकाबले में ओसाका को शुरुआत से ही बेलेक की ओर से कड़ी चुनौती मिली है। पहला सेट 6-6 की बराबरी पर पहुंचा, जिसके बाद टाईब्रेक में ओसाका ने 7-4 से जीत दर्ज कर बढ़त बना ली है। दूसरे सेट में भी बेलेक ने आसानी से हार नहीं मानी है। उन्होंने लंबे समय तक ओसाका के साथ बराबरी बनाए रखी और सेट को आखिरी दौर तक रोमांचक बनाए रखा है। हालांकि, अहम अंकों पर ओसाका का अनुभव काम आया और उन्होंने दूसरा सेट 6-4 से जीतकर सीधे सेटों में मुकाबला खत्म कर दिया है। बता दें कि ओसाका को चीन ओपन के पहले दौर में सीधे प्रवेश मिला था। इसके बाद उन्होंने दूसरे दौर में मारिया तिमोफीवा को 6-3, 3-6, 6-3 से हराया था। उस मुकाबले में ओसाका ने पहला सेट जीतने के बाद दूसरे सेट में 2-0 की बढ़त भी गंवाई थी, लेकिन निर्णायक सेट में उन्होंने खुद को संभालते हुए जीत हासिल की थी। सारा बेलेक के खिलाफ इस बार उन्हें तीसरे सेट की जरूरत नहीं पड़ी है। पहले सेट का टाईब्रेक मुकाबले का सबसे अहम मोड़ साबित हुआ है। उसे जीतने के बाद ओसाका ने दूसरे सेट में जरूरी मौकों पर अंक हासिल किए और मुकाबला अपने नाम किया। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस जीत के बाद चीन ओपन से ओसाका की कमाई बढ़कर $61,865 हो गई है। दूसरे दौर तक पहुंचने पर मिलने वाली राशि के मुकाबले यह $25,755 ज्यादा है। अगर वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचती हैं तो उनकी कमाई $105,720 तक पहुंच सकती है। दूसरी ओर, बेलेक को हल्के में लेना ओसाका के लिए आसान नहीं था। 20 वर्षीय खिलाड़ी ने बीजिंग में अपने पहले मुकाबले में क्वालीफायर मैडिसन इंग्लिस को 6-3, 7-5 से हराया था। इस साल फरवरी में उन्होंने अबू धाबी ओपन का खिताब जीता था। अगस्त में सिनसिनाटी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल तक पहुंचने के दौरान उन्होंने आर्यना सबालेंका और मैडिसन कीज़ जैसी खिलाड़ियों को भी हराया था। गौरतलब है कि ओसाका पूर्व विश्व नंबर 1 खिलाड़ी और 2019 चीन ओपन की विजेता हैं। वह 4 बड़ी प्रतियोगिताओं की चैंपियन भी रह चुकी हैं। 2026 में उनका प्रदर्शन भी लगातार अच्छा रहा है। उन्होंने फ्रेंच ओपन के चौथे दौर और विंबलडन के क्वार्टर फाइनल तक जगह बनाई थी, जबकि अमेरिकी ओपन में उन्हें चौथे दौर में एलेना रिबाकिना से हार मिली थी। बीजिंग में महिला वर्ग का शीर्ष हिस्सा पहले ही काफी बदल चुका है। आर्यना सबालेंका को निकोला बार्तुनकोवा ने 6-4, 6-3 से हराया है, जबकि विश्व नंबर 1 एलेना रिबाकिना को शनिवार को अलीना चाराएवा ने मात दी थी। ऐसे में ओसाका के लिए चीन ओपन में आगे बढ़ने का मौका और मजबूत हुआ है। अब उनकी नजर अंतिम 8 में जगह बनाने और प्रतियोगिता में लंबी दूरी तय करने पर हैं।
Novak Djokovic ने Rafael Nadal का रिकॉर्ड तोड़ा, China Open में दर्ज की 32वीं जीत
नोवाक जोकोविच के लिए बीजिंग का सफर एक बार फिर खास साबित हो रहा है। 39 वर्षीय सर्बियाई खिलाड़ी ने रविवार शाम शीर्ष वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 4-6, 6-4, 6-4 से हराकर चाइना ओपन के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। करीब 2 घंटे 35 मिनट चले इस मुकाबले के बाद बीजिंग में जोकोविच की लगातार जीत का आंकड़ा 32 तक पहुंच गया है। गौरतलब है कि पुरुष सिंगल्स में किसी प्रतियोगिता में लगातार इतनी जीत के साथ शुरुआत करने का यह ओपन युग का सबसे शानदार रिकॉर्ड है। इससे पहले यह उपलब्धि राफेल नडाल के नाम थी, जिन्होंने फ्रेंच ओपन में लगातार 31 मुकाबले जीतकर शानदार शुरुआत की थी। जोकोविच ने एक और जीत के साथ अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ दिया है। अब उनकी नजर चाइना ओपन का रिकॉर्ड 7वां खिताब जीतने पर हैं। हालांकि ज्वेरेव के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत जोकोविच के पक्ष में नहीं रही थी। पहले ही गेम में उनकी सर्विस टूट गई थी और जर्मनी के खिलाड़ी ने इस बढ़त का फायदा उठाते हुए पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया था। इसके बाद जोकोविच ने अपने खेल में बदलाव किया और कोर्ट के पीछे से लगातार बेहतर शॉट लगाने लगे। दूसरे सेट में उन्होंने ज्वेरेव पर दबाव बढ़ाया और 6-4 से सेट जीतकर मुकाबले में वापसी की। निर्णायक सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन जोकोविच ने सही समय पर ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और फिर अपनी बढ़त कायम रखते हुए तीसरा सेट भी 6-4 से जीत लिया। इस जीत के साथ जोकोविच ने इस सत्र में शीर्ष 2 खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी दूसरी जीत दर्ज की है। इससे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में यानिक सिनर को हराया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, वह 1973 से शुरू हुई पुरुष खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग में 39 साल की उम्र के बाद शीर्ष 3 में शामिल किसी खिलाड़ी को हराने वाले केवल तीसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले केन रोजवॉल और जिमी कॉनर्स ऐसा कर चुके हैं। मुकाबले के पहले सेट में एक नियम को लेकर दोनों खिलाड़ियों के बीच दिलचस्प बहस भी देखने को मिली थी। ज्वेरेव ने एक विज्ञापन बोर्ड में बदलाव का हवाला देते हुए वीडियो समीक्षा की मांग की थी। समीक्षा के बाद अंक दोबारा खेला गया। इस पर जोकोविच ने अंपायर से नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर खेल के दौरान कोई बाधा दिखाई दे तो खिलाड़ी को उसी समय रुकना चाहिए। बाद में उन्होंने इस नियम में बदलाव को बेहद बेवजह बताया था। अब सेमीफाइनल में जोकोविच का सामना दानिल मेदवेदेव से होगा। मेदवेदेव ने फ्रांसिस्को सेरुंडोलो को 7-6(4), 6-3 से हराकर अंतिम 4 में जगह बनाई है। वह हांगझोउ में खिताब जीतने के बाद लगातार 7 मुकाबले जीत चुके हैं। दूसरे सेमीफाइनल में एलेक्स डी मिनौर और हुबर्ट हुर्काच आमने-सामने होंगे। डी मिनौर ने आंद्रे रुबलेव को 1-6, 6-2, 6-3 से हराया है, जबकि हुर्काच ने करेन खाचानोव को 7-6(2), 6-2 से मात दी है। डी मिनौर बीजिंग में पिछले साल भी सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। वहीं, हुर्काच फरवरी 2025 में रॉटरडैम के बाद पहली बार 250 स्तर से ऊपर की प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में चटकाए सर्वाधिक विकेट, कुलदीप बने 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज'
नई चंडीगढ़, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की 2-1 से वनडे सीरीज जीत के बाद बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव को 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड के लिए चुना गया। टीम के फिजियोथेरेपिस्ट योगेश परमार ने कुलदीप की जमकर तारीफ की, क्योंकि उन्होंने इस दौरान अपनी फिटनेस की परवाह किए बिना बेहतरीन प्रदर्शन किया और कई बड़े मुकाम हासिल किए।
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी एबी डिविलियर्स शानदार प्रदर्शन भी जारी है। अपने इंटरनेशनल करियर की तरह ही उन्होंने एक बार फिर कैरेबियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए ताबड़तोड़ 70 रन बनाए।
MP Ranking Table Tennis: पंकज और भव्या बने चैंपियन, इंदौर के खिलाड़ियों का दबदबा
अंतिम दिन विभिन्न आयु वर्गों के फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
AIFF Elections: भारतीय फुटबॉल महासंघ के चुनाव 20 दिसंबर को होंगे
कोलकाता, चार अक्टूबर अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने रविवार को अपने बहुप्रतीक्षित चुनाव 20 दिसंबर को कराने का फैसला किया जिसके साथ ही नये पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के चुनाव को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता खत्म हो गई। राष्ट्रीय महासंघ की यहां हुई विशेष आमसभा बैठक (एसजीबीएम) में यह निर्णय लिया गया। बैठक में एआईएफएफ की कार्यकारी समिति के सदस्यों, संबद्ध राज्य संघों के प्रतिनिधियों के अलावा फीफा और एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) के अधिकारी भी मौजूद रहे। महासभा ने हरियाणा के पूर्व राज्य निर्वाचन आयुक्त राजीव शर्मा को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया। वह चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और उसके संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि एआईएफएफ के मौजूदा कार्यकारी समिति का कार्यकाल 30 दिसंबर तक या नयी निर्वाचित कार्यकारी समिति के पदभार संभालने तक जारी रहेगा। उसी के साथ मौजूदा समिति का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। एआईएफएफ के चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब महासंघ के भीतर शासन व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता का दौर रहा है। महासंघ अपने प्रशासनिक ढांचे को संविधान के अनुरूप बनाने के साथ-साथ वैश्विक और महाद्वीपीय फुटबॉल संस्थाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की दिशा में काम कर रहा है। इन चुनावों से भारतीय फुटबॉल के लिए अहम समय में एआईएफएफ के अगले कार्यकाल का नेतृत्व तय होगा। महासंघ राष्ट्रीय टीमों के अलावा घरेलू प्रतियोगिताओं और फुटबॉल विकास कार्यक्रमों की देखरेख करता है। रविवार की बैठक में फीफा और एएफसी अधिकारियों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं एआईएफएफ की शासन व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर करीबी नजर रखती रही हैं। एआईएफएफ के पिछले चुनाव सितंबर 2022 में हुए थे। उस समय कल्याण चौबे अध्यक्ष चुने गए थे, जबकि कर्नाटक के एन. ए. हारिस वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने थे।
वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर को मिली कप्तानी, 18 की उम्र में संभालेंगे दिल्ली की कमान
वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए दिल्ली अंडर-19 टीम का कप्तान बनाया गया है। 18 साल की उम्र में मिली इस बड़ी जिम्मेदारी के साथ उनके पास मैदान पर खुद को साबित करने का बेहतरीन मौका होगा।
44 साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड, कप्तान ने कहा- हम इसके हकदार थे
जापान में संपन्न हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस खास उपलब्धि के बाद मीडिया से बात करते हुए टीम की कप्तान ने कहा कि हम इस गोल्ड मेडल के हकदार थे।
भव्य क्लोजिंग सेरेमनी के साथ एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर
शानदार क्लोजिंग सेरेमनी के साथ एशियन गेम्स 2026 का रविवार को समापान हो गया। क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की ओर से शूटिंग में दो गोल्ड समेत तीन मेडल जीतने वालीं नीरू ढांडा...
जापान में आयोजित हुए एशियन गेम्स 2026 का समापन हो गया। भारत इस मल्टीस्पोर्ट्स टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहा। क्रिकेट हॉकी में 100 फीसदी प्रदर्शन करने वाले भारतीय दल के लिए अन्य खेलों में सफर कैसा रहा, कहां चूक हुई और 2036 के रोड मैच के लिए इन खेलों से क्या उम्मीद की जानी चाहिए विस्तार से पढ़िए।
केएल राहुल 129 रनों की तूफानी पारी के बाद भी निराश, कहा- 340 चेज हो जाते हैं, अब 400 रन बनाने होंगे
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मैच में केएल राहुल ने 129 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। हालांकि, भारत यह मैच हार गया, जिससे राहुल को शतक बनाने के बावजूद मैच जीत के साथ सीरीज में क्लीन स्वीप न कर पाने का मलाल रह गया।
पारस डोगरा : रेस्ट ऑफ इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा
श्रीनगर, रेस्ट ऑफ इंडिया ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जम्मू-कश्मीर को हराकर ईरानी कप का खिताब अपने नाम किया। जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने रेस्ट ऑफ इंडिया के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में उनकी टीम की 167 रन से हार उनके लिए सीखने का एक अहम अनुभव होगा, क्योंकि वे आने वाली रणजी ट्रॉफी सीजन की तैयारी कर रहे हैं।
एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद भारतीय महिला Hockey Team का रांची में जोरदार स्वागत
रांची, चार अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने रविवार को कहा कि मजबूत चीन के खिलाफ खेलने के बावजूद उनकी टीम को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का पूरा भरोसा था। भारत ने जापान में फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। टेटे ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘हम इस जीत के हकदार थे। इस बार हमें अपनी टीम और खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा था कि हम निश्चित रूप से स्वर्ण जीतेंगे, हालांकि चीन की टीम बहुत अच्छी थी। उस एक गोल की बढ़त को बचाकर अपने देश के लिए स्वर्ण जीतना हमारे लिए गर्व का क्षण है।’’स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की चार खिलाड़ी झारखंड से हैं। टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग सिमडेगा जिले से हैं जबकि निक्की प्रधान खूंटी की रहने वाली हैं। राज्य लौटने पर रांची हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। दीपिका ने कहा कि टीम स्वर्ण जीतने के साथ ओलंपिक में जगह पक्की करने से वह बेहद खुश है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की। इस शानदार जीत के लिए हम लंबे समय से तैयारी कर रहे थे। हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। चीन जैसी टीम के खिलाफ एक गोल की बढ़त बचाना आसान नहीं था लेकिन हमने ऐसा कर दिखाया।’’प्रधान ने कहा कि टीम को तोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किए गए मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन से आत्मविश्वास मिला और अब उसका ध्यान अगले ओलंपिक की तैयारी पर है। राज्य लौटने पर खिलाड़ियों का हवाई अड्डे पर समर्थकों ने स्वागत किया। कोच और युवा हॉकी खिलाड़ियों ने पारंपरिक मांदर की थाप पर नृत्य कर टीम का स्वागत किया। प्रधान की मां जीतन देवी ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए बताया कि शुरुआत में परिवार हॉकी से परिचित नहीं था और उन्होंने अपनी बेटी को यह खेल खेलने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब उसने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब हम इस खेल के बारे में नहीं जानते थे। हम उसे खेलने से रोकते थे, लेकिन मास्टर दशरथ उसे लगातार इस खेल के लिए प्रोत्साहित करते रहे। इसी का नतीजा है कि आज वह इस मुकाम तक पहुंची है। अब हमें उस पर बहुत गर्व है।’’सलीमा टेटे के पिता सुलक्षण टेटे ने कहा कि उनकी बेटी ने वर्षों के संघर्ष के बाद राज्य और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं क्योंकि वह अपने राज्य और देश का नाम रोशन कर रही है। उसने काफी संघर्ष के बाद स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय महिला टीम की यह जीत पूरे देश, झारखंड और निश्चित रूप से हमारे परिवार के लिए गर्व की बात है।
चीन को हराकर इतिहास रचने वाली Ishika Sambharwal का भिवानी में खास स्वागत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका सांभरवाल का रविवार को हरियाणा के भिवानी में घर लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इशिका सांभरवाल ने कहा- चीन से मुकाबले को लेकर था पूरा भरोसा इशिका सांभरवाल ने घर लौटने पर मिले स्वागत और लोगों के समर्थन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “मैं यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी खुशी में शामिल होते और मेरा समर्थन करते देखकर बेहद खुश हूं।” चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबले को लेकर इशिका ने कहा कि टीम को पता था कि चीन उनसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन खिलाड़ियों को उसे हराने का पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, “हमें पता था कि चीन हमसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन हमें भरोसा था कि हम उसे हरा सकते हैं। हमने वर्ल्ड कप में भी चीन के खिलाफ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।” अब पूरा ध्यान ओलंपिक पर एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद इशिका ने कहा कि अब टीम का पूरा ध्यान ओलंपिक पर रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा बनने को अपने लिए गर्व की बात बताया। इशिका ने कहा, “अब हमारा पूरा ध्यान ओलंपिक पर होगा। मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे इस टीम और उस स्क्वाड का हिस्सा बनने का मौका मिला, जिसने इतिहास रचा है।” #WATCH | Bhiwani, Haryana | Indian field hockey player Ishika Sambharwal says, I am extremely happy to see so many people here joining in my joy and supporting me. We obviously knew that China were a higher-ranked team than us, but we believed that we could beat them. We had also performed very well against them in the World Cup... Our sole focus will be on the Olympics. I feel extremely privileged to have been part of this squad and this team that has created history... — ANI (@ANI) October 4, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में गोल्ड जीतकर लौटीं Ishika Chaudhary, ग्वालियर में हुआ जोरदार स्वागत मां आशा सांभरवाल ने भी टीम की मेहनत को सराहा इशिका की मां आशा सांभरवाल ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार ने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में पदक जीता। आशा सांभरवाल ने कहा, “हमने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद पदक जीता। खिलाड़ी जिस तरह मेहनत कर रही हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि टीम का प्रदर्शन आगे और बेहतर ही होगा।” 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा जीत के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। 1982 के बाद दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए सूर्यांश शेडगे इंडिया-ए टीम में शामिल
पुडुचेरी, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज के लिए इंडिया-ए टीम में शामिल किया गया है। सूर्यांश मंगलवार से शुरू होने जा रही सीरीज में चोटिल हार्दिक पंड्या की जगह लेंगे।
Aichi-Nagoya Asian Games का समापन, भारत ने 85 पदक जीतकर तालिका में हासिल किया चौथा स्थान
नागोया, चार अक्टूबर दो सप्ताह से अधिक समय तक चली रोमांचक खेल प्रतिस्पर्धाओं के बाद आइची-नागोया एशियाई खेल रविवार को यहां भव्य समापन समारोह के साथ खत्म हुए। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने 19 सितंबर को शुरू हुए इन खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की। वर्ष 2030 में होने वाले एशियाई खेलों की मेजबानी दोहा करेगा। समापन समारोह के दौरान खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई। समापन समारोह में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक शामिल हुए। ‘वन एशिया’ थीम पर आधारित समारोह में भारत की ओर से दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने वाली निशानेबाज नीरू धांडा ने भारतीय दल की ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों का अभियान 85 पदकों के साथ समाप्त किया। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा जबकि चीन, जापान और कोरिया उससे आगे रहे।
एशियन गेम्स: 13 वर्षीय यू जिडी और थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन चुने गए 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर'
नागोया, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) ने रविवार को एशियन गेम्स 2026 में चीन की 13 वर्षीय स्विमिंग स्टार यू जिडी और थाईलैंड के स्प्रिंटर पुरीपोल बूनसन को क्रमशः महिला और पुरुष वर्ग में 'मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर' (एमवीपी) चुना।
एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर; दोहा को मिली 2030 की मेजबानी
Asian Games 2026 का नागोया में समापन हो गया। भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। 2030 की मेजबानी दोहा को मिली।
हार्दिक पंड्या चोट की वजह से ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। सीरीज इसी महीने 6 से 11 अक्टूबर के बीच पुडुचेरी में खेली जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी जगह बैटिंग ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को टीम में शामिल किया गया है। सूर्यांश ने बेगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। वे पहले मैच से पहले पुडुचेरी में टीम के साथ जुड़ गए हैं। हार्दिक ने आखिरी बार IPL 2026 में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला था। उन्होंने भारत के लिए आखिरी बार मार्च में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में खेले थे। जून में भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं सूर्यांश सूर्यांश शेडगे ने जून 2026 में बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ T20I से भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब इंडिया A टीम में चुने जाने के कारण वे मुंबई के रणजी ट्रॉफी ओपनर में नहीं खेल पाएंगे। मुंबई को 11 अक्टूबर से वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ पहला मैच खेलना है। नमन धीर भी सीरीज से बाहर हार्दिक के अलावा नमन धीर भी ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 3 अनऑफिशियल वनडे नहीं खेलेंगे। उन्हें 1 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। नमन को वाशिंगटन सुंदर की जगह टीम में मौका मिला है। सुंदर को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए T20I टीम से रिलीज किया गया है। वे तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी खेलेंगे। ऋतुराज गायकवाड़ कप्तान, पडिक्कल उपकप्तान ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ वनडे सीरीज में ऋतुराज गायकवाड़ इंडिया A की कप्तानी करेंगे। देवदत्त पडिक्कल उपकप्तान होंगे। टीम में साई सुदर्शन, रजत पाटीदार, प्रियांश आर्य, प्रिसिमरन सिंह, विप्रज निगम और यश ठाकुर समेत कई खिलाड़ी शामिल हैं। इंडिया A का स्क्वॉड: ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), प्रियांश आर्य, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल (उपकप्तान), रजत पाटीदार, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, विप्रज निगम, अर्शिन कुलकर्णी, अरशद खान, प्रिसिमरन सिंह (विकेटकीपर), गुरजपनीत सिंह, यश ठाकुर, सूर्यांश शेडगे ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान वनडे ट्राई-सीरीज से असलंका बाहर:खराब फॉर्म के चलते फैसला; निसांका की टीम में जगह फिटनेस पर निर्भर श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। पूरी खबर
श्रीलंका ने पाकिस्तान ट्राई सीरीज के लिए किया स्क्वॉड का ऐलान, 88 ODI खेलने वाले प्लेयर को किया बाहर
चरित असलंका का इंग्लैंड दौरे पर बेहद खराब प्रदर्शन रहा, जिसकी वजह से उन्हें पाकिस्तान में होने वाली आगामी वनडे ट्राई सीरीज से बाहर कर दिया गया है। इस ट्राई सीरीज का पहला मैच 18 अक्टूबर को खेला जाएगा।
Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत
(अजय मसंद)नागोया, चार अक्टूबर भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं को आइची-नागोया एशियाई खेलों में एक कड़वी वास्तविकता का सामना करना पड़ा जहां पिछले हांगझोउ खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद एक और बड़ी छलांग की उम्मीद थी लेकिन अभियान पदकों की संख्या में बड़ी गिरावट के साथ समाप्त हुआ। भारत ने कुल पदक तालिका में अपना चौथा स्थान बरकरार रखा लेकिन इस बार उसके खाते में 85 पदक ही रह गए जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। यह पिछले एशियाई खेलों में हासिल किए गए 106 पदकों से 21 कम और स्वर्ण पदकों के मामले में सात कम है। वर्ष 2036 तक शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष पांच खेल राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखने वाले भारत को ये आंकड़े याद दिलाते हैं कि शानदार प्रदर्शन करना एक बात है लेकिन लगातार प्रगति बनाए रखना कहीं अधिक कठिन चुनौती है। शीर्ष पर चीन का दबदबा कायम रहा। उसने 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण और कुल 269 पदकों के साथ दूसरे तथा दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण और 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत का चौथे स्थान पर रहना अब भी उसे एशिया के प्रमुख खेल राष्ट्रों में बनाए रखता है। यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है लेकिन शीर्ष पर मौजूद देशों और भारत के बीच अंतर अब भी बहुत बड़ा है। अगर अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदकों की शानदार झड़ी नहीं लगाई होती तो शीर्ष पांच में जगह बनाना भी मुश्किल होता। भारत के पदक अभियान में कमी का सबसे बड़ा कारण उसका दो पारंपरिक मजबूत खेलों निशानेबाजी और एथलेटिक्स का अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाना रहा। दोनों खेलों से काफी उम्मीदें थीं लेकिन हांगझोउ की तुलना में भारत को इस बार कम पदक मिले। इससे निरंतरता, दबाव से निपटने और तैयारी में मौजूद कमियां उजागर हुईं। निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन खास तौर पर गिरा। पिछली बार सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य सहित 22 पदक जीतने वाली 30 सदस्यीय भारतीय टीम इस बार जापान से तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य सहित 15 पदक लेकर लौटी। अभियान की शुरुआत कई मौकों के हाथ से निकलने और दावेदारों के लड़खड़ाने से हुई। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर का अभियान निराशाजनक रहा और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत पदक नहीं जीत सका। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत, आकाश भारद्वाज और केदारलिंग उचागांवने की टीम भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। सुरूचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत का निशानेबाजी में सोने के तमगे का खाता खोला। हालांकि टीम का माहौल बदलने वाली खिलाड़ी नीरू ढांडा रहीं। सत्ताइस वर्षीय नीरू ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत एशियाई खेल स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और काइनान चेनाई के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और स्वर्ण पदक जीता। लेकिन नीरू की शानदार उपलब्धियां भारतीय निशानेबाजी की व्यापक चिंताओं को पूरी तरह नहीं छिपा सकीं। एथलेटिक्स में भी भारत को बड़ा झटका लगा। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण हट गए और भारत का एक बड़ा स्वर्ण पदक दावेदार बाहर हो गया। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। तेजिंदरपाल सिंह तूर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी नहीं कर सके, जबकि लंबी कूद के मुरली श्रीशंकर और ऊंची कूद के सर्वेश कुशारे को रजत से संतोष करना पड़ा। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिखाता है कि भारत मुकाबले में तो है, लेकिन पदक के रंग को स्वर्ण में बदलने में अभी अंतर बाकी है। चोटों ने भी परेशानी बढ़ाई। ज्योति याराजी ने अभ्यास के दौरान घुटने में दर्द और परेशानी महसूस होने के बाद महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ की शुरुआती हीट से पहले नाम वापस ले लिया। घुटने की गंभीर चोट से वापसी कर रहे अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में चौथे स्थान पर रहे। किरण पाहल, एम पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने एथलेटिक्स का एकमात्र स्वर्ण दिलाया। हालांकि हांगझोउ में छह स्वर्ण जीतने वाले इस खेल का प्रदर्शन इस बार काफी नीचे रहा। निराशाजनक प्रदर्शन को असमान तैयारियों ने और मुश्किल बना दिया। खिलाड़ियों के आवास से जुड़ी समस्याएं, समर्पित खेल गांव का अभाव और लगातार परिवहन संबंधी दिक्कतों ने उनकी दिनचर्या प्रभावित की। प्रतियोगिता स्थलों तक लंबी यात्राएं, बसों में देरी और उबरने के लिए कम समय ने खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाला। ये समस्याएं हालांकि हम पदकों का बहाना नहीं हैं क्योंकि सुविधांए सभी के लिए समान थीं। इसके बावजूद आइची-नागोया खेलों ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू भी दिखाया और वह यह है कि देश का खेल आधार लगातार व्यापक हो रहा है। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। वह व्यक्तिगत रिकर्व में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते जिससे उसका कुल पदक प्रदर्शन हांगझोउ के बराबर रहा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि रिकर्व तीरंदाजों ने सभी पांच स्पर्धाओं में पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल रहा। यह दक्षिण कोरिया के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देने की भारत की गंभीर क्षमता का संकेत है। कुश्ती में भारत ने छह पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण शामिल रहे। सुजीत कलकल और अमन सहरावत ने स्वर्ण पदक की राह में ओलंपिक और विश्व चैंपियनों को हराया। ग्रीको रोमन वर्ग में नितेश सिवाच और सुनील कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया जिससे कुश्ती का कुल प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे। इसके विपरीत गोल्फ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की महिला टीम ने रजत पदक जीता जिससे भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार महिला टीम गोल्फ पदक हासिल किया। मुक्केबाजी ने भी भविष्य के लिए उम्मीद जगाई। परवीन हुड्डा ने 22 महीने के निलंबन के बाद शानदार वापसी करते हुए महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। हांगझोउ में जीता उनका कांस्य पदक निलंबन के कारण उनसे छिन गया था। लवलीना बोरगोहेन ने हांगझोउ के रजत पदक को इस बार स्वर्ण में बदला जबकि अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में एक और स्वर्ण भारत की झोली में डाला। हॉकी में भारतीय महिला टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता। उसने फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराया। लालरेमसियामी ने निर्णायक गोल किया जबकि गोलकीपर बिचु देवी ने शानदार प्रदर्शन किया और अनुभवी सविता पूनिया ने पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाई। लेकिन इस स्वर्ण से भी बड़ी उपलब्धि थी 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना रही। इससे क्वालीफिकेशन की अनिश्चितता खत्म हुई और भारतीय टीम को तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बढ़त मिली। पिछले 10 महीनों में नए कोचिंग ढांचे के तहत टीम में आया बदलाव यह दिखाता है कि लगातार और योजनाबद्ध तैयारी से क्या हासिल किया जा सकता है। पुरुष टीम ने भी एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिलिस का टिकट हासिल किया। पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल में 4-3 की जीत के बाद भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को हराया। क्रिकेट ने भारत के अभियान को शानदार अंदाज में समाप्त किया। भारत ने पुरुष फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। श्रेयस अय्यर की टीम ने दबाव भरे मुकाबले में अपना धैर्य बनाए रखा। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह भारत ने दोनों क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। आइची-नागोया खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक, नए क्षेत्रों में सफलता और भारत के पदक आधार के विस्तार के कई संकेत मिले। लेकिन निशानेबाजी और एथलेटिक्स की नाकामी ने उन कमियों को भी उजागर किया जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
'मैं बतौर बल्लेबाज मैदान पर अधिक समय बिताना चाहता था', अपनी शानदार शतकीय पारी को लेकर बोले राहुल
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। केएल राहुल ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में उनकी नाबाद 129 रन की पारी सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं थी, बल्कि क्रीज पर ज्यादा समय बिताने और अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए भी थी।
पाकिस्तान : तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान
नई दिल्ली, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने 13 साल लंबे इंटरनेशनल करियर पर ब्रेक लगाने का फैसला किया है।
'भारत ने अच्छा खेल दिखाया और हमें कड़ी चुनौती दी', ब्राजील की 4-0 से जीत के बाद बोले कोच एंसेलोटी
कोलकाता, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने भारतीय टीम की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत ने काउंटर-अटैक पर शानदार खेल दिखाया और पूरे मैच में ब्राजील को कड़ी चुनौती दी। एंसेलोटी ने माना कि विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक और कठिन था। उनके अनुसार, भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मैच में ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, जिससे ब्राजील को जीत के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
Irani Cup: शेष भारत ने जम्मू कश्मीर को 167 रन से हराया, मुकेश कुमार ने लिए छह विकेट
श्रीनगर, चार अक्टूबर मुकेश कुमार (33 रन पर छह विकेट) और आकाश दीप (25 रन पर तीन विकेट) की घातक गेंदबाजी की दम पर शेष भारत ने रविवार को चौथे और आखिरी दिन जम्मू-कश्मीर को 167 रन से हराकर ईरानी कप का खिताब जीत लिया। जीत के लिए 279 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही जम्मू-कश्मीर की टीम को ट्रॉफी अपने नाम करने के लिए केवल ड्रॉ की जरूरत थी। पहली पारी में 41 रन की बढ़त लेने वाली जम्मू कश्मीर की टीम मुकेश और आकाश दीप की धारदार गेंदबाजी के आगे दूसरी पारी में महज 111 रन पर ढेर हो गई। सलामी बल्लेबाज शुभम खजूरिया (32) और कामरान इकबाल (32) ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़कर टीम को जम्मू कश्मीर को अच्छी शुरुआत दिलाई। आकाश दीप ने इकबाल को पगबाधा कर इस साझेदारी को तोड़ा। मुकेश ने लंच से ठीक पहले 15वें ओवर में लगातार दो गेंदों पर शुभम पुंडीर और कप्तान पारस डोगरा (शून्य) को आउट कर जम्मू-कश्मीर को दोहरा झटका दिया। डोगरा के खिलाफ मुकेश की गेंद हल्की-सी बाहर निकली और उनके डिफेंस को भेदते हुए मिडिल स्टंप उखाड़ गई। लंच के समय जम्मू-कश्मीर का स्कोर 19 ओवर में तीन विकेट पर 89 रन था। खजूरिया 36 और अब्दुल समद छह रन बनाकर क्रीज पर थे। लंच के बाद पहली ही गेंद पर आकाश दीप ने खजूरिया को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की पारी पूरी तरह लड़खड़ा गयी और टीम ने अगले नौ ओवर में महज 22 रन जोड़कर अपने छह विकेट गंवा दिए। मैच में आकाश दीप के शानदार प्रदर्शन से भारतीय टीम प्रबंधन भी खुश होगा। उन्होंने कुल 23.3 ओवर गेंदबाजी करते हुए छह विकेट हासिल किए। न्यूजीलैंड के आगामी दौरे को देखते हुए आकाश का यह प्रदर्शन खासा अहम माना जा रहा है। चोट से उबरने के बाद वह अब चयन के लिए पूरी तरह फिट नजर आ रहे हैं। शेष भारत ने इससे पहले ने अपनी दूसरी पारी में बीते दिन के आठ विकेट पर 306 रन के स्कोर से आगे खेलते हुए ज्यादा देर बल्लेबाजी नहीं की और 319 रन पर ऑलआउट हो गई। जम्मू कश्मीर की ओर से उमर नजीर, सुनील कुमार और साहिल लोटरा ने तीन-तीन विकेट लिए। शेष भारत के गेंदबाजों ने उससे भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए टीम को शानदार जीत दिला दी।
श्रेयस अय्यर : सीरीज जीतना पहली प्राथमिकता
नई दिल्ली, वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्रयोग करने से ज्यादा नतीजों पर ध्यान देने की बात कही है। उनका कहना है कि अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाने से पहले सीरीज जीतना प्राथमिकता होगी।
20वें एशियन गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी शुरू हो चुकी है। जापान के नागोया शहर स्थित नागोया सिटी मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में कल्चरण इवेंट्स चल रहे हैं। सेरेमनी के दौरान भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने तिरंगा थामा। इससे पहले सऊदी अरब के घुड़सवार हमद अलदुहामी ने गेम्स का आखिरी गोल्ड मेडल जीता। क्लोजिंग सेरेमनी के 2 फोटो एशियन गेम्स 2026 की फाइनल मेडल टैली सऊदी अरब के घुड़सवार ने जीता आखिरी गोल्ड एशियन गेम्स 2026 का आखिरी गोल्ड मेडल सऊदी अरब के घुड़सवार हमद अलदुहामी ने जीता। वे घुड़सवारी के शो जम्पिंग इवेंट में चैंपियन बने। उन्हीं के देश के अब्दुलरहमान बदर एम अलराजही को सिल्वर और कतर के मोहम्मद बासेम को ब्रॉन्ज मिला। थाईलैंड के एथलीट और चीन की तैराक को MVP अवॉर्ड थाईलैंड के एथलीट बूनसोन पुरिपोल और चीन की 13 साल की तैराक यू जिदी को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर अवॉर्ड दिया। बूनसोन ने पुरुषों की 100 मीटर रेस में सेमीफाइनल में 9.91 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाया। फाइनल में उन्होंने 9.90 सेकंड के समय के साथ गोल्ड जीता। फिर 200 मीटर के सेमीफाइनल में 20.10 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाया। फाइनल में 19.88 सेकंड के साथ गोल्ड जीता। उनका समय एशियन रिकॉर्ड की बराबरी वाला रहा। यू जिदी ने महिलाओं की 200 मीटर बटरफ्लाई में 2:05.08 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। 200 मीटर इंडिविजुअल मेडले में 2:06.10 का एशियन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले में 4:28.56 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। यू जिदी ने 13 साल की उम्र में तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। वे एशियन गेम्स के इतिहास की सबसे कम उम्र की MVP बनीं।
शुभमन गिल ने जडेजा के वर्ल्ड कप सेलेक्शन पर दी बड़ी सफाई, कहा- 'जड्डू भाई को आराम दिया'
मुल्लनपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए तीसरे व अंतिम वनडे मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में जगह न मिलने पर कई सवाल खड़े हो रहे थे।
रेस्ट ऑफ इंडिया ने 31वीं बार ईरानी कप का खिताब जीत लिया है। टीम ने जम्मू-कश्मीर को 167 रन से हराया। श्रीनगर में 1 से 5 अक्टूबर तक खेले गए मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया ने पहली पारी में 237 और दूसरी पारी में 319 रन बनाए। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर की टीम पहली पारी में 278 और दूसरी पारी में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। मुकेश कुमार ने 6 विकेट लिए दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 28.4 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई। क्वामरान इकबाल ने 32 और शुभम खजूरिया ने 36 रन बनाए। इनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। रेस्ट ऑफ इंडिया के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 10.4 ओवर में 33 रन देकर 6 विकेट लिए। आकाश दीप ने 3 और मुकेश चौधरी ने एक विकेट हासिल किया। रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए स्मरण का शतक रेस्ट ऑफ इंडिया की दूसरी पारी में रविचंद्रन स्मरण ने शानदार शतक लगाया। उन्होंने 153 गेंदों पर 135 रन बनाए। उनकी पारी में 16 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। स्मरण के अलावा सनत सांगवान ने 55 और सुधीप कुमार घरामी ने 33 रन बनाए। जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 41 रन की बढ़त ली रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम पहली पारी में 237 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम ने 68.1 ओवर में 237 रन बनाए। रविचंद्रन स्मरण ने सबसे ज्यादा 68 रन बनाए, जबकि शिखर मोहन ने 60 रन की पारी खेली। जम्मू-कश्मीर की ओर से सुनील कुमार ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। इसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 278 रन बनाए। पारस डोगरा ने 75, लोन नासिर ने 64 और अब्दुल समद ने 57 रन की पारी खेली। इस तरह जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी के आधार पर रेस्ट ऑफ इंडिया पर 41 रन की बढ़त हासिल की। ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया सबसे सफल टीम रेस्ट ऑफ इंडिया ने अब तक 63 बार ईरानी कप खेला है और 31 बार खिताब जीता है। मुंबई 15 खिताब के साथ दूसरे नंबर पर है।
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडियन गोल्फ यूनियन (आईजीयू) की गवर्निंग काउंसिल ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड जीतने के लिए प्रणवी उर्स को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसके अलावा, सिल्वर जीतने वाली महिला गोल्फ टीम के प्रत्येक सदस्य को 3-3 लाख रुपये दिए जाएंगे। महिला टीम में प्रणवी के साथ ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर शामिल हैं।
मुकेश कुमार ने गेंद से मचाया तहलका, ईरानी कप में सिर्फ 33 रन देकर झटके 6 विकेट; ROI बना विजेता
भारतीय घरेलू क्रिकेट में ईरानी कप इस बार शेष भारत और जम्मू-कश्मीर की टीम के बीच में खेला गया जिसको ऋषभ पंत की कप्तानी में शेष भारत की टीम 167 रनों से अपने नाम करने में कामयाब रही जिसमें तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने अपने 6 विकेट हॉल से अहम भूमिका अदा की।
India vs Brazil Match: 0-4 से हार के बाद भी Carlo Ancelotti ने की भारतीय टीम की तारीफ
ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने रक्षात्मक रूप से भारत के व्यवस्थित प्रदर्शन और जवाबी हमलों की तारीफ करते हुए कहा कि सॉल्ट लेक स्टेडियम में ऐतिहासिक मैत्री मुकाबले में 0-4 से हार के बावजूद भारतीय टीम ने कुछ मौकों पर उनकी टीम को परेशान किया। भारत ने शुरुआती 25 मिनट में स्टार खिलाड़ियों से सजी ब्राजील की टीम के खिलाफ मजबूती से मुकाबला किया लेकिन पांच बार की विश्व चैंपियन टीम ने इसके बाद लय हासिल की और मैच पर पकड़ बना ली। एंसेलोटी ने मैच के बाद कहा, ‘‘उन्होंने अपना खेल खेलने की कोशिश की। उन्होंने बचाव किया, वे व्यवस्थित थे और उन्होंने जवाबी हमले करने की कोशिश की। मुझे लगता है कि उन्होंने अच्छा खेल खेला।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें पहला गोल करने में मुश्किल हुई, लेकिन एस्तेवाओ के गोल से बढ़त लेने के बाद हमें मैच को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के अधिक मौके मिले।’’ एंसेलोटी ने कहा, ‘‘यह अच्छा अनुभव था। हमने कुछ खिलाड़ियों को खेलने का समय दिया जो उनके लिए अच्छा परीक्षण रहा। मुझे लगता है कि यह अच्छा और मनोरंजक मैच था, जिसमें काफी तीव्रता थी। भारत ने अपना काम किया और बचाव तथा जवाबी हमले के जरिए मुकाबला करने की कोशिश की।’’ दोनों टीमों के बीच का अंतर आंकड़ों में भी साफ नजर आया। ब्राजील के पास 65.8 प्रतिशत समय गेंद रही जबकि भारत का गेंद पर कब्जा 34.2 प्रतिशत था। दक्षिण अमेरिकी टीम ने भारत के नौ के मुकाबले गोल करने के लिए 20 प्रयास किए। इनमें से ब्राजील के सात प्रयास निशाने पर रहे जबकि भारत के तीन प्रयास लक्ष्य पर थे। ब्राजील ने भारतीय बॉक्स के अंदर 29 बार ‘अटैकिंग टच’ किए जबकि भारत के ऐसे 12 टच रहे। अंतिम तिहाई में ब्राजील ने 156 सफल पास किए, जबकि भारत के 29 पास ही सफल रहे। पासिंग में भी ब्राजील आगे रहा। उसने 652 पास में 90.3 प्रतिशत सटीकता हासिल की, जबकि भारत ने 330 पास में 83.6 प्रतिशत सटीकता दर्ज की। भारत ने 23 क्लियरेंस और छह टैकल किए जबकि ब्राजील ने 14 क्लियरेंस और 13 टैकल किए। हालांकि एंसेलोटी के लिए मुकाबला केवल इन आंकड़ों या अंतिम नतीजे तक सीमित नहीं था। उनके लिए यह ब्राजील के युवा खिलाड़ियों को परखने का भी अवसर था। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक परीक्षण था। अब हमारे लिए युवा खिलाड़ियों को टीम का हिस्सा बनने का मौका देने का समय है, जिससे कि वे टीम को जान सकें और हम यह जान सकें कि भविष्य में उनमें राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने की गुणवत्ता है या नहीं। इसलिए यह अच्छा परीक्षण था।’’ एंसेलोटी ने कहा, ‘‘कुछ खिलाड़ी और बेहतर कर सकते थे जबकि कुछ ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। यह उनके लिए अच्छा रहा। बेशक, यह कोई परीक्षा नहीं थी, बल्कि अपनी गुणवत्ता दिखाने का अवसर था।’’ इटली के इस अनुभवी कोच ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में दो और भारत में एक मुकाबले में टीम के प्रदर्शन से वह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन तीन मैच के बाद हम काफी संतुष्ट हैं। मुझे लगता है कि हमने इस दौरे का अंत अच्छी भावना के साथ किया क्योंकि खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। कुछ अन्य खिलाड़ी और बेहतर कर सकते थे। हर खिलाड़ी का अपना व्यक्तित्व होता है।’’ एंसेलोटी ने कहा, ‘‘अंत में हम संतुष्ट रहे। हम किस स्तर का मैच खेलते हैं, यह मायने नहीं रखता। हमारे लिए मैच की अच्छी तैयारी करना और सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करना महत्वपूर्ण है।’’ एंसेलोटी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विंडो के दौरान युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया से शुरुआत करने और यहां आने तक उन्होंने हर मैच में सुधार किया। उन्हें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर मिला।’’ एंसेलोटी ने कोलकाता के दर्शकों का भी आभार जताया और कहा कि ब्राजील की टीम स्टेडियम में पहुंचे प्रशंसकों के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहती थी। उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां आकर खुश हैं। हमने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की। हम ब्राजील और फुटबॉल से प्यार करने वाले सभी लोगों को अपना सर्वश्रेष्ठ स्तर दिखाना चाहते थे। मुझे उम्मीद है कि उन्होंने इस रात का आनंद लिया होगा।
Harmanpreet Singh के दो गोल से भारत ने जीता एशियाई खेलों का स्वर्ण
(फिलेम दीपक सिंह)काकामिगाहारा (जापान), चार अक्टूबर भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि उनकी टीम को भरोसा था कि वे विश्व कप की निराशा को पीछे छोड़कर एशियाई खेलों का खिताब जीतने के साथ 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकते है। हरमनप्रीत ने शनिवार को फाइनल में दो गोल किए जिससे भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘फाइनल हर खिलाड़ी के लिए बड़ा मौका था। कुछ खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे जबकि कुछ चौथी, तीसरी या दूसरी बार खेल रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता था कि हम यहां स्वर्ण पदक जीतने और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने आए हैं। लक्ष्य स्पष्ट था।’’एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। टीम ने अगस्त में बेल्जियम और नीदरलैंड में हुए विश्व कप में निराशाजनक नौवां स्थान हासिल किया था। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘पूरा साल हमारे लिए बहुत कठिन रहा क्योंकि हमने कई टूर्नामेंट खेले। विश्व कप हमारे लिए अच्छा नहीं रहा लेकिन हमें पता है कि हम एशिया में हमेशा दबदबा रखते हैं। हम यहां अपने खिताब का बचाव करने आए थे।’’हरमनप्रीत ने 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को बढ़त दिलाई और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर टीम की ओर से पांचवां गोल किया। हरमनप्रीत लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। हॉकी खेलने की शुरुआत के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘यह कोई योजना नहीं थी। जब मैं स्कूल में था तो चुनने के लिए कई खेल थे। मैं हॉकी नहीं खेलना चाहता था, लेकिन हॉकी ने मुझे चुन लिया। और वहीं से मेरी यात्रा शुरू हुई।’’गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने कहा कि टीम 2028 ओलंपिक की तैयारी पूरी ताकत के साथ करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में खेलना होता है। अब तैयारी शुरू होगी और हम पूरी ताकत के साथ तैयारी करेंगे। हमें उम्मीद है कि लॉस एंजिलिस में हम पदक जीतेंगे।’’मोहित ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव आए। हमारा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर था। उतार-चढ़ाव के बावजूद हमने हर मैच में अपना 100 प्रतिशत दिया।’’चौबीस वर्षीय मोहित ने बताया कि उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक जीतते हुए टेलीविजन पर देखा था और इससे उन्हें सीनियर टीम में जगह बनाने की प्रेरणा मिली।
चाइना ओपन: दुनिया की 34वें नंबर की खिलाड़ी से हारीं नंबर 2 एरिना सबालेंका
बीजिंग, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की नंबर 2 खिलाड़ी एरिना सबालेंका को रविवार को चाइना ओपन के तीसरे राउंड में चेक रिपब्लिक की निकोला बार्टुंकोवा ने सीधे सेटों में हरा दिया।
वनडे सीरीज के बाद क्या बोले कप्तान शुभमन गिल?
न्यू चंडीगढ़, भारत और वेस्टइंडीज के बीच शनिवार को पीसीए स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ में वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला खेला गया। इस मैच में वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए भारत को 5 विकेट से हरा दिया। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा इस मैच में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने जडेजा को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने की वजह बताई।
शुभमन गिल : अगली सीरीज से हमारे सभी प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध होंगे
न्यू चंडीगढ़, भारत के कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि टीम को अगली सीरीज से ही वही प्लेइंग कॉम्बिनेशन अपनाना शुरू कर देना चाहिए, जिसे वर्ल्ड कप में उतारने की योजना है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में अब सिर्फ एक साल का समय बचा है, इसलिए लगातार नए प्रयोग करने के बजाय टीम को अपने सबसे मजबूत संयोजन के साथ खेलना चाहिए।
Anahat Singh ने एशियाई खेलों के रजत पदक के बाद 2028 Olympics पर साधी नजरें
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अनाहत सिंह जानती थीं कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना ‘बहुत यथार्थवादी’ लक्ष्य नहीं था लेकिन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर रह जाना इस भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के लिए निराशा के साथ-साथ प्रेरणा का भी कारण बना और अब उनकी नजरें 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है। अनाहत एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्क्वाश स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। हालांकि उन्हें दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई खिलाड़ी सिवसांगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अगर अनाहत फाइनल जीत जातीं तो उन्हें 2028 ओलंपिक में सीधे जगह मिल जाती लेकिन यह 18 वर्षीय खिलाड़ी अब पीएसए रैंकिंग में ऊपर चढ़कर लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। स्वदेश लौटने के बाद अनाहत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से काफी निराश थी। दोबारा खुश होने या थोड़ा बेहतर महसूस करने में मुझे कुछ दिन लगे। फाइनल में हारना अच्छा नहीं लगता, विशेषकर तब जब आप किसी बड़े मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद खिताब के इतने करीब पहुंच जाते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सकारात्मक पहलुओं को देखने की कोशिश करूंगी और इसे इस रूप में देखूंगी कि मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। अगर मैं शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन कर सकती हूं तो इसमें मेरे लिए कई अच्छी बातें भी हैं।’’अनाहत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी थीं लेकिन उन्हें पता था कि मजबूत खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए यह आसान लक्ष्य नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पहला लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतना था। मुझे पता था कि यह बहुत यथार्थवादी लक्ष्य नहीं था लेकिन निश्चित रूप से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास वैकल्पिक योजना भी होनी है जिसका मतलब रैंकिंग के जरिए क्वालीफाई करना है। अब मैं यही करने की कोशिश करूंगी। अगले 18 महीने में मैं अधिक से अधिक टूर्नामेंट खेलने और उनमें अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दूंगी, जिससे कि रैंकिंग में ऊपर जा सकूं और ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर सकूं।’’सीधे क्वालीफिकेशन का मौका हाथ से निकलने के बाद अनाहत ने अब अपना पूरा ध्यान पीएसए रैंकिंग पर लगा दिया है। अनाहत और अभय सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत पदक जीते, जबकि भारतीय महिला और पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किए। भारतीय महिला स्क्वाश टीम की कोच सुरभि मिश्रा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश थीं लेकिन उनका मानना था कि टीम स्पर्धाओं में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते थे। सुरभि ने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। अनाहत और अभय ने बहुत अच्छा किया। टीम स्पर्धा में थोड़ी निराशा है क्योंकि हम शायद थोड़ा बेहतर कर सकते थे। हम जीत से बस कुछ अंक दूर थे।’’कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं तन्वी खन्ना ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय स्क्वाश में हो रही प्रगति को दिखाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रदर्शन शानदार रहा। हमारे पास फाइनल में पहुंचने का मौका था, लेकिन इसके बावजूद टीम के रूप में हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और दिखाया कि हम शीर्ष स्तर पर हैं। उम्मीद है कि अगली बार हम स्वर्ण पदक के साथ लौटेंगे।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को गोल्ड मेडल मैच में 19 रनों से धूल चटाने के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं इस मैच के बाद टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी संजू सैमसन का बड़ा बयान सामने आया जिसमें उन्होंने साफ कहा कि हमें गोल्ड मेडल कोई थाली में परोसा हुआ नहीं मिला।
Asian Games में भारत-पाकिस्तान Cricket और हॉकी मैचों ने बनाया नया रिकॉर्ड, मिले सर्वाधिक दर्शक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, चार अक्टूबर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत-पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट फाइनल और पुरुष हॉकी सेमीफाइनल सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबले रहे। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि आइची-नागोया खेलों में खिलाड़ियों को ‘सर्वश्रेष्ठ माहौल’ उपलब्ध कराया गया जिसका प्रमाण 212 रिकॉर्ड हैं। भारत ने काकामिगाहारा के गिफू प्रांतीय ग्रीन स्टेडियम में पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराया। इसके बाद भारत ने फाइनल में मलेशिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने पुरुष क्रिकेट के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया। ओसीए समन्वय समिति के अध्यक्ष तैयब इकराम ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘प्रसारण को खेलों के इतिहास में सबसे अधिक दर्शक मिले। इसके पीछे दो बड़े मुकाबले रहे। कल पाकिस्तान-भारत क्रिकेट मैच खेलों का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला रहा और उससे एक दिन पहले (बृहस्पतिवार को) पाकिस्तान-भारत हॉकी मैच खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला था।’’पारंपरिक खेल गांव को खत्म करके लागत घटाने के फैसले, सीमित जगह वाले आवास और परिवहन संबंधी परेशानियों के कारण इन खेलों की व्यवस्थाओं की आलोचना हुई। आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव की जगह करीब 17,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए होटल के कमरों, अस्थायी लकड़ी के कंटेनरों और एक क्रूज जहाज का इस्तेमाल किया। हालांकि इकराम ने कहा कि इतने बड़े बहु-खेल आयोजनों में संचालन संबंधी चुनौतियां हमेशा रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि कुछ शिकायतें थीं और कुछ मुद्दे सामने आए। निश्चित रूप से कुछ चुनौतियां थीं, लेकिन हमने जिस तरह उन चुनौतियों का सामना किया, उसे अधिक महत्वपूर्ण तरीके से रेखांकित किया जाना चाहिए।’’इकराम ने कहा, ‘‘हमने अपने खिलाड़ियों को बेहतर परिस्थितियां, लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था देने की कोशिश की। हमने ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों और अन्य महाद्वीपीय खेलों जैसे कई बड़े आयोजन देखे हैं और संचालन में हमेशा कुछ चुनौतियां होती हैं।’’खिलाड़ियों के आवास के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने इसे काफी अच्छी तरह स्वीकार किया। यह अनुकूलन का विषय था। बड़े खेल गांव का बाद में कोई उपयोग नहीं होता, यह अलग मॉडल था। हां, भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।’’ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल-मुसल्लम ने कहा कि आइची-नागोया खेलों के दौरान 54 विश्व रिकॉर्ड, 11 जूनियर विश्व रिकॉर्ड, 89 एशियाई रिकॉर्ड और 212 एशियाई खेल रिकॉर्ड टूटे। उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि आयोजन समिति द्वारा खिलाड़ियों के लिए बनाए गए सर्वश्रेष्ठ माहौल के बिना संभव नहीं थी।’’हुसैन ने कहा, ‘‘अगर खिलाड़ी अच्छी नींद नहीं लेते, अच्छा खाना नहीं खाते और उनके लिए अच्छी परिवहन व्यवस्था नहीं होती तो वे प्रदर्शन नहीं कर सकते। हमें खुशी है कि आयोजन समिति पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ा और नागोया या कहीं भी कोई ऐसी बड़ी स्थायी परियोजना नहीं बची जिसका बाद में उपयोग नहीं हो।’’खेलों से ओसीए को हुए आर्थिक लाभ के बारे में अल-मुसल्लम ने कहा, ‘‘इन खेलों में ओसीए की मार्केटिंग और प्रायोजन से होने वाली आय 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक रही।’’खेलों को विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाने के बारे में इकराम ने कहा, ‘‘ये खेल एक अलग मॉडल था। इनकी खासियत यह थी कि इन्हें अलग-अलग प्रांत में आयोजित किया गया।’’उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक खेल भी इसी तरह के मॉडल पर विचार कर रहा है, जिसमें गोल्ड कोस्ट समेत दो या तीन मुख्य केंद्रों में खेल आयोजित किए जाएंगे।
तीरंदाजी में गोल्ड जीतने वाली कीर्ति शर्मा के कहा- मेरे पिता को मेरी सफलता का श्रेय जाता है
नागोया, एशियन गेम्स में भारत की महिला रिकर्व टीम ने गोल्ड मेडल जीता। इस टीम में कीर्ति शर्मा शामिल थीं, जिनका संबंध हरियाणा से है। रिटौली जैसे आम गाँव से निकलकर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने का कीर्ति का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है। कीर्ति ने साई, हजारीबाग में अपनी तीरंदाजी की प्रतिभा को निखारा है।
श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने रविवार को एक्स पर टीम का ऐलान किया। कुसल मेंडिस ट्राई-सीरीज में श्रीलंका की कप्तानी करेंगे। वनडे ट्राई-सीरीज 18 से 31 अक्टूबर तक रावलपिंडी और लाहौर में खेली जाएगी। इसमें श्रीलंका, पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें हिस्सा लेंगी। श्रीलंका की टीम अगले हफ्ते पाकिस्तान जाएगी निसांका चोट के कारण इस हफ्ते घोषित टी-20 इंटरनेशनल टीम में शामिल नहीं किए गए थे। वहीं, असलंका को खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर किया गया है। उन्होंने पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीनों वनडे खेले थे। इन मैचों में उन्होंने 1, 11 और 7 रन बनाए थे। श्रीलंका की टीम अगले हफ्ते पाकिस्तान जाएगी। वहां पहले तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद वनडे ट्राई-सीरीज होगी। नवंबर में पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेली जाएगी। इंग्लैंड सीरीज के 14 खिलाड़ी बरकरार पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में खेलने वाले 14 खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है। सहान अराचिगे और अविष्का फर्नांडो टीम में दो नए चेहरे हैं। 30 साल के सहान ने श्रीलंका के लिए पांच वनडे और तीन टी-20 खेले हैं। उनका आखिरी 50 ओवर का मैच जनवरी 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ था। अविष्का ने श्रीलंका के लिए आखिरी वनडे 12 फरवरी 2025 को कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्हें 51 वनडे खेलने का अनुभव है। उनके नाम 1,589 रन हैं। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज श्रीलंका ट्राई-सीरीज में अपना पहला मैच 18 अक्टूबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 22 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से मुकाबला होगा। श्रीलंका का तीसरा मैच 27 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होगा। टीम 29 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से फिर खेलेगी। फाइनल 31 अक्टूबर को गद्दाफी स्टेडियम में होगा। पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, कामिल मिशारा, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानागे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, महीश तीक्षणा, सचिंदु कोलंबगे, दुश्मंथा चमीरा, असिथा फर्नांडो, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा और पाथुम निसांका।
श्रीलंका ने पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए चरिथ असलंका को टीम से बाहर कर दिया है। पाथुम निसांका की टीम में शामिल होने की स्थिति उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने रविवार को एक्स पर टीम का ऐलान किया। कुसल मेंडिस ट्राई-सीरीज में श्रीलंका की कप्तानी करेंगे। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज वनडे ट्राई-सीरीज 18 से 31 अक्टूबर तक रावलपिंडी और लाहौर में खेली जाएगी। इसमें श्रीलंका, पाकिस्तान और इंग्लैंड की टीमें हिस्सा लेंगी। निसांका चोट के कारण इस हफ्ते घोषित टी-20 इंटरनेशनल टीम में शामिल नहीं किए गए थे। श्रीलंका क्रिकेट के मुताबिक, मेडिकल फिटनेस मिलने पर ही वे वनडे ट्राई-सीरीज के लिए पाकिस्तान जाएंगे। चरिथ असलंका को खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर किया गया है। उन्होंने पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीनों ODI खेले थे। इन मैचों में उन्होंने 1, 11 और 7 रन बनाए थे। श्रीलंका की टीम अगले हफ्ते पाकिस्तान जाएगी। वहां पहले तीन मैचों की T20I सीरीज खेली जाएगी। इसके बाद ODI ट्राई-सीरीज होगी। नवंबर में पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेली जाएगी। इंग्लैंड सीरीज के 14 खिलाड़ी बरकरार पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज में खेलने वाले 14 खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है। सहान अराचिगे और अविष्का फर्नांडो टीम में दो नए चेहरे हैं। 30 साल के सहान अराचिगे ने श्रीलंका के लिए पांच ODI और तीन T20I खेले हैं। उनका आखिरी 50 ओवर का मैच जनवरी 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ था। अविष्का फर्नांडो ने श्रीलंका के लिए आखिरी ODI 12 फरवरी 2025 को कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उन्हें 51 ODI खेलने का अनुभव है। उनके नाम 1,589 रन हैं। 18 अक्टूबर से शुरू होगी सीरीज श्रीलंका ट्राई-सीरीज में अपना पहला मैच 18 अक्टूबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 22 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से मुकाबला होगा। श्रीलंका का तीसरा मैच 27 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ होगा। टीम 29 अक्टूबर को इसी मैदान पर इंग्लैंड से फिर खेलेगी। फाइनल 31 अक्टूबर को गद्दाफी स्टेडियम में होगा। फाइनल में पहुंचने के लिए श्रीलंका को अंक तालिका में शीर्ष दो टीमों में रहना होगा। पाकिस्तान में होने वाली वनडे ट्राई-सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम कुसल मेंडिस (कप्तान और विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, कामिल मिशारा, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानागे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, महीश तीक्षणा, सचिंदु कोलंबगे, दुश्मंथा चमीरा, असिथा फर्नांडो, दिलशान मदुशंका, ईशान मलिंगा और पाथुम निसांका।
पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से किया संन्यास का ऐलान
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार को पुष्टि की कि पाकिस्तान की तेज गेंदबाज कायनात इम्तियाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है...
हार्दिक : एशियन गेम्स में हमारा लक्ष्य गोल्ड मेडल था
नागोया, एफआईएच वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम की काफी आलोचना हुई थी। हालांकि, टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर जोरदार वापसी की। शनिवार को भारत ने अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया और साथ ही लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधा क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया।
Brazil से मिली 0-4 की हार के बाद बोले Khalid Jamil, बड़े मैचों से ही सुधरेगा खेल
कोलकाता, चार अक्टूबर पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ करारी हार के बावजूद मुख्य कोच खालिद जमील ने भारत के प्रदर्शन में कई सकारात्मक पहलू देखे और उम्मीद जताई कि भविष्य में उनकी टीम को ऐसे ही बड़े मुकाबलों में खेलने के अधिक मौके मिलेंगे जिससे कि टीम बेहतर हो सके। फीफा पुरुष विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज ब्राजील ने शनिवार को यहां 138वें स्थान की भारतीय टीम को 4-0 से हराया। जमील ने मैच के बाद कहा, ‘‘निश्चित रूप से उनका स्तर बेहद ऊंचा है। उनके कोच भी अच्छे हैं और उनके पास अलग-अलग क्लबों के लिए खेल चुके खिलाड़ी हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनका सामना करना और उन्हें रोकना बहुत मुश्किल है। यह आसान काम नहीं है। ऐसा एक दिन में नहीं होता इसमें समय लगता है। दबाव हर जगह होता है। लेकिन हम जितना अधिक खेलेंगे उतना बेहतर होगा।’’उरुग्वे के खिलाफ मंगलवार को होने वाले मुकाबले को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘अगला मैच भी हमारे लिए बहुत अच्छा है, इसलिए हमें इसी तरह आगे बढ़ना होगा।’’ब्राजील 1993 में आधिकारिक फीफा रैंकिंग शुरू होने के बाद भारत का सामना करने वाला अब तक का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला प्रतिद्वंद्वी भी है। उसने 1995 में नौवें स्थान पर काबिज रूस और 1998 के जापान को पीछे छोड़ा। जमील ने भारत के प्रदर्शन पर संतोष जताया लेकिन माना कि टीम को रक्षात्मक रूप से और मजबूत होने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘महेश और थापा ने रक्षात्मक रूप से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मिडफील्ड में भी वे काफी अच्छे थे। विलियम्स, सहल (अब्दुल समद) और मनवीर ने भी अच्छा खेल दिखाया।’’जमील ने कहा, ‘‘मनवीर ने आमने-सामने की स्थिति में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। कुल मिलाकर प्रदर्शन काफी अच्छा था, खासकर विलियम्स का। उसने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। रक्षात्मक रूप से हमें थोड़ा और मजबूत होना होगा।’’भारत ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की थी लेकिन 28वें मिनट में ब्राजील के पहला गोल करने के बाद उसकी लय टूट गई। जमील का मानना था कि शुरुआती गोल ने मुकाबले का रुख बदल दिया। भारत के कोच ने हार के लिए गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू को अकेले जिम्मेदार ठहराने से इनकार करते हुए अनुभवी खिलाड़ी का मजबूती से समर्थन किया। जमील ने कहा, ‘‘यह गुरप्रीत की वजह से नहीं हुआ। डिफेंडर खिलाड़ी के करीब नहीं पहुंच पाया और वहां से गेंद भी आगे निकल गई। इसलिए कुल मिलाकर यह सभी की गलती थी।’’मंगलवार को उरुग्वे के खिलाफ अगले मैत्री मुकाबले में गुरप्रीत के खेलने के बारे में पूछे जाने पर जमील ने अंतिम एकादश की पुष्टि नहीं की लेकिन साफ किया कि यह गोलकीपर उनकी योजनाओं का हिस्सा है। उन्होंने कहा, ‘‘शायद सोम (कुमार) खेले, शायद एल्बिनो (गोम्स), कोई भी खेल सकता है। यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। लेकिन गुरप्रीत निश्चित रूप से वापसी करेगा।
'ओलंपिक के लिए जल्दी क्वालीफाई करने से तैयारी का समय मिलता है', गोल्ड मेडल जीतने के बाद बोले मनप्रीत
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि ओलंपिक 2028 के लिए जल्दी क्वालीफाई करने से भारतीय टीम को लॉस एंजिल्स गेम्स से पहले तैयारी के...
एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बाद भी Abhay Singh स्वर्ण न मिलने से नाखुश
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अभय सिंह एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बावजूद अधिक संतुष्ट नहीं हैं। यह भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी पुरुष टीम के कांस्य पदक से निराश है क्योंकि उनका मानना है कि भारत के पास पिछले एशियाई खेलों के अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने का पूरा मौका था। हवाई अड्डे से अभय ने बिना किसी माला, बैंड और शोर-शराबे के चुपचाप बाहर निकलते हुए स्वदेश वापसी की। पुरुष एकल में रजत पदक जीतने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आ रही थी। अभय ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम विपक्षी खिलाड़ी की क्षमता को देखते हुए समझ में आता है। लेकिन मैं टीम स्पर्धा के नतीजे से काफी निराश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सच में लगता है कि हमारे पास स्वर्ण पदक जीतने की गहराई और गुणवत्ता थी, लेकिन खेल इसी तरह नहीं चलता। उम्मीद है कि हम अगली बार और मजबूत वापसी करेंगे और इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’अभय (28 वर्ष) एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश का पदक जीतने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। उनसे पहले सौरव घोषाल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि को हासिल करने वाला केवल दूसरा भारतीय होना अभी मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि यह अब भी रजत पदक है। जब तक मैं स्वर्ण नहीं जीतता तब तक काम अधूरा है। भारत ने इस स्पर्धा में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उम्मीद है कि अगली बार इसमें बदलाव आएगा।’’भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों का ध्यान अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर होगा जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अभय ने कहा, ‘‘अब टीम अलग-अलग हो जाएगी और हम ओलंपिक क्वालीफिकेशन स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। फिलहाल मैं रैंकिंग में शीर्ष पर हूं और योजना इस स्थान पर बने रहने तथा लगातार सुधार करने की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी टीम के साथ बैठकर तय करूंगा कि आगे किन टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं पर हमें ध्यान देना चाहिए।
Asian Games पदक विजेता भारतीय मुक्केबाजों का दिल्ली हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ
(हिमांक नेगी)नयी दिल्ली, चार अक्टूबर रात के करीब तीन बजे थे लेकिन हवाई अड्डे पर रौनक बनी हुई थी और एशियाई खेलों में पदक जीतकर लौटे भारतीय मुक्केबाजों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उत्साहित परिजनों की मौजूदगी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बैंड, फूल-माला, मिठाइयों से खिलाड़ियों का स्वागत हुआ। भारतीय मुक्केबाजी दल के नागोया में यादगार अभियान के बाद स्वदेश वापसी पर उसका सफलता के अनुरूप स्वागत किया गया। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने खिलाड़ियों की अगवानी की। स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मेरे परिवार के सदस्य यहां आए हैं और अब हम और जश्न मनाएंगे। मेरे गांव में भी एक कार्यक्रम होगा जहां हम जश्न मनाएंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ नया सीखकर लौटा हूं और यह आगे ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया में काफी उपयोगी होगा। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’’परवीन हुड्डा के लिए यह जश्न खास तौर पर भावुक करने वाला था। उन्होंने पिछली बार एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था लेकिन निलंबन के बाद वह पदक उनसे छीन लिया गया था। इस बार उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। परवीन ने कहा, ‘‘पिछली बार मैंने कांस्य पदक जीता था लेकिन वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा क्योंकि रहने के स्थान की जानकारी (व्हेयरअबाउट नियम) से जुड़े नियम के कारण मेरा पदक छीन लिया गया था। लेकिन यही मेरी प्रेरणा थी कि मैं अलग रंग का पदक जीतकर वापसी करूं।’’भारतीय मुक्केबाज नागोया से अभूतपूर्व तीन स्वर्ण पदक के अलावा तीन कांस्य पदक लेकर लौटे। महिला टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा इस प्रदर्शन से बेहद खुश थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मुश्किल था और हमें हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देना था। आप एक पल के लिए भी ढिलाई नहीं बरत सकते। इसलिए यह उपलब्धि इतनी खास महसूस हो रही है। हमारे तीन मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे और तीनों के मुकाबले बेहद कठिन थे। तीनों में जीत हासिल करना शानदार था।’’नीवा के लिए अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की टीम में मौजूदगी भी जीत की संस्कृति बनाने में महत्वपूर्ण रही है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना नागोया से चैंपियन बनकर लौटीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था लेकिन उससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी, इसलिए इस बार मैं अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। मैं मानसिक रूप से भी काफी मजबूत और परिपक्व हुई हूं।’’लवलीना ने कहा, ‘‘पहले मैं बहुत भावुक थी और कई चीजों को दिल पर ले लेती थी, लेकिन अब मैं चीजों को बेहतर तरीके से समझती हूं। तकनीकी और मानसिक रूप से भी खेल के प्रति मेरा नजरिया बदला है।’’अगस्त में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपने पहले एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल करने वाली प्रिया घंघास भी इस अनुभव का इस्तेमाल अपनी कमियों में सुधार के लिए करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चीन के खिलाफ मुकाबले में मेरे अंदर कुछ कमियां थीं। मुक्के मारते समय मैं हमेशा अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रख पाती और फुटवर्क में भी कुछ चीजों में सुधार की जरूरत है। मैं इन चीजों पर काम करूंगी और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी करूंगी।’’कांस्य पदक विजेता कपिल पोखरिया भी राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतकर स्वदेश लौटने से खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था लेकिन पदक नहीं जीत सका था।’’बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने भी भारत के प्रदर्शन पर खुशी जताई और कहा कि एशियाई खेलों की सफलता मजबूत प्रदर्शन की श्रृंखला में एक और उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बेहद गर्व है। उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और चीन जैसे प्रमुख मुक्केबाजी देशों को पीछे छोड़कर एशिया में नंबर एक बनना शानदार उपलब्धि है।’’अजय ने कहा, ‘‘यह लगातार अच्छे प्रदर्शनों के बाद आया है। टीम बहुत अच्छा कर रही है और हमारे मुक्केबाजों में काफी आत्मविश्वास है। अब हमें सिर्फ ओलंपिक की तैयारी करनी है।
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल का वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में बल्ले से धमाकेदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिसके दम पर वह अब वनडे फॉर्मेट में तीन मैचों की सीरीज में बतौर कप्तान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
भारत ने एशियाई खेलों के अपने अभियान का अंत 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य समेत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर किया। हांगझोउ के 107 पदकों से यह प्रदर्शन पीछे रहा, लेकिन अंतिम दो दिनों में 11 स्वर्ण ने भारत को शीर्ष चार में बनाए रखा।
रोहित-कोहली को लेकर सवाल पर शुभमन गिल ने दिया करारा जवाब, आलोचकों की कर दी बोलती बंद
भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खत्म होने के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली को लेकर पूछे गए सवाल पर साफ कर दिया कि वर्ल्ड कप से एक साल से भी कम समय पहले टीम में इन दोनों अनुभवी खिलाड़ियों की काबिलियत को लेकर कोई शक नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलवान अंतिम पंघाल और महिला गोल्फ टीम को सिल्वर जीतने पर दी बधाई
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में शनिवार को कुश्ती में सिल्वर मेडल जीतने वाली अंतिम पंघाल और महिला टीम गोल्फ इवेंट में सिल्वर जीतने वाली अदिति अशोक, प्रणवी शरथ उर्स और दीक्षा डागर को बधाई दी है।
वेस्टइंडीज टीम के कप्तान शे होप के बल्ले से टीम इंडिया के खिलाफ तीसरे वनडे में 162 रनों की नाबाद पारी देखने को मिली, जिसके साथ ही अब वह रन चेज करते हुए भारतीय टीम के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा रनों की पारी खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
मोनालिसा और सोनाली ने 'सैंड आर्ट' बनाकर भारतीय क्रिकेट और हॉकी टीम को गोल्ड जीतने की बधाई दी
पुरी, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक और स्वर्णिम रहा। भारतीय दल ने मुक्केबाजी, आर्चरी, पुरुष गोल्फ, कुश्ती, क्रिकेट और हॉकी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अलग-अलग खेलों में भारतीय टीमों की उपलब्धियों से पूरे देश में जश्न का माहौल है। इस अवसर पर पुरी के सैंड आर्टिस्टों ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तानों की तस्वीर बनाकर उनका और टीमों का अभिनंदन किया है।
एशियन गेम्स: जापानी खाने से वजन बढ़ने का था डर तो देरी से पहुंचे अमन, एशियाड में जीता स्वर्ण
हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण से चूकने का दर्द अमन सेहरावत को लंबे समय तक कचोटता रहा।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों पर बात की है। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे हारने के बाद कहा- 'रोहित शर्मा और विराट कोहली अच्छी फॉर्म में हैं। उनकी जगह प्रयोग करने का समय नहीं है।' गिल ने वनडे वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग और डेथ ओवर्स में गेंदबाजी में भी सुधार की जरूरत बताई। शनिवार को केएल राहुल के शतक के बावजूद भारत चंडीगढ़ में 5 विकेट की हार मिली। हालांकि, भारत ने सीरीज 2-1 से जीती। कोहली-रोहित की फॉर्म पर गिल का भरोसा, राहुल की तारीफ की गिल ने कहा कि रोहित और विराट दोनों अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने केएल राहुल के योगदान की भी तारीफ की। गिल ने कहा, ‘वे दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित भाई ने पिछली चार पारियों में तीसरा शतक लगाया है। वे बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट भाई भी अच्छी फॉर्म में हैं। जब भी केएल राहुल को मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए अच्छा काम किया है और शानदार बल्लेबाजी की है।’ रोहित-विराट को आराम देने का समय नहीं कोहली और रोहित को कुछ वनडे में आराम देने और नए खिलाड़ियों को मौका देने के सवाल पर गिल ने कहा कि फिलहाल प्रयोग के लिए ज्यादा समय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो प्रयोग करने के लिए ज्यादा समय नहीं है। उम्मीद है कि अगली सीरीज से हमारे सभी उपलब्ध खिलाड़ी खेलेंगे। वर्ल्ड कप में जिस कॉम्बिनेशन के साथ उतरना है, उसके साथ खेलना शुरू करना जरूरी है।’ वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग बेहतर करनी होगी, 6-7 कैच छोड़े गिल ने कहा, 'हमारी फील्डिंग काफी बेहतर हो सकती है। पूरी सीरीज में हमने 6-7 कैच छोड़े। यह वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग टॉप क्लास हो।' गिल ने सीरीज में भारत की फील्डिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने करीब 6-7 कैच छोड़े। डेथ में अटैक करें या डिफेंड, रणनीति स्पष्ट नहीं गिल ने डेथ बॉलिंग को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई। उनके मुताबिक विपक्षी टीम के 5-6 विकेट गिरने के बाद फील्ड सेट करने को लेकर असमंजस रहता है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हम स्पष्ट नहीं होते कि हमें अटैक करना है या डिफेंड। खासकर डेथ ओवर्स में। अगर विपक्षी टीम के 5 या 6 विकेट गिर चुके हैं तो आप निश्चित नहीं होते कि कौन-सी फील्ड रखनी है। क्या हम बहुत जल्दी डेथ बॉलिंग शुरू कर रहे हैं या अभी भी मिडिल ओवर्स जैसी गेंदबाजी कर रहे हैं।’ स्लो ओवर रेट से आखिरी में सिर्फ 4 फील्डर बाहर रख सके तीसरे वनडे में भारत ने 351 रन बनाए थे। गिल के मुताबिक टीम मैच में नियंत्रण में थी, लेकिन स्लो ओवर रेट ने स्थिति बदल दी। भारत 46वें ओवर के बाद तय समय से चार ओवर पीछे था। इसके कारण आखिरी गेंदों में भारत को 5 की जगह सिर्फ 4 फील्डर बाउंड्री के बाहर रखने की अनुमति थी। गिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैच हमारे नियंत्रण में था। लेकिन हम चार ओवर पीछे थे और आखिरी में उन्होंने इसका फायदा उठाकर मैच हमसे छीन लिया। अगर हम ओवर पूरे कर लेते तो शायद मैच आखिरी ओवर तक जाता।’ बुमराह-हार्दिक नहीं थे, नए गेंदबाजों को मौका मिला इस सीरीज में भारत का पहला पसंदीदा गेंदबाजी अटैक उपलब्ध नहीं था। जसप्रीत बुमराह एशियन गेम्स में थे, जबकि हार्दिक पंड्या चोटिल थे। मोहम्मद सिराज ने तीन में से सिर्फ एक मैच खेला। न्यू चंडीगढ़ में डेब्यू करने वाले अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और नमन धीर ने आखिरी 10 ओवर में गेंदबाजी की। गुवाहाटी में डेब्यू करने वाले औकीब नबी ने भी पारी के आखिरी हिस्से में गेंदबाजी की। गिल प्लेयर ऑफ द सीरीज, 334 रन बनाए गिल को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 3 मैचों में 334 रन बनाए। इसमें गुवाहाटी में 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई नाबाद डबल सेंचुरी भी शामिल है। तीसरे वनडे में वह जल्दी आउट हो गए। जेडन सील्स की गेंद पर शाई होप ने बाईं ओर डाइव लगाकर एक हाथ से उनका कैच लिया। गिल ने कहा, ‘जब भी आप जल्दी आउट होते हैं तो निराशा होती है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस गेंद पर मैं बहुत कुछ कर सकता था।’ होप ने नाबाद 162 रन से वेस्टइंडीज को जिताया शाई होप ने 143 गेंद पर नाबाद 162 रन बनाए। यह सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक था। उनकी पारी से वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। होप ने अपनी बल्लेबाजी में एमएस धोनी की सलाह को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ने उन्हें नतीजे के बजाय प्रोसेस पर ध्यान देने की सलाह दी थी। साथ ही यह समझने को कहा था कि बल्लेबाज के पास उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। भारत का अगला वनडे असाइनमेंट न्यूजीलैंड के खिलाफ है। वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम का फोकस अब अपने मुख्य कॉम्बिनेशन पर रहेगा। ---------------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 10 नंबर की वेस्टइंडीज से हारी रैंकिंग टॉपर टीम इंडिया क्रिकेट वनडे रैंकिंग में नंबर-10 पर मौजूद वेस्टइंडीज ने रैंकिंग टॉपर भारत को 5 विकेट से हरा दिया। न्यू चंडीगढ़ में भारत 351 रन का स्कोर भी डिफेंड नहीं कर सका। वेस्टइंडीज ने 48.2 ओवर में 5 विकेट पर 352 रन बनाकर जीत हासिल की। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय वनडे कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद टीम की तैयारियों और सीनियर खिलाड़ियों पर बात की। उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा की फॉर्म का समर्थन किया। साथ ही फील्डिंग और डेथ बॉलिंग में सुधार की जरूरत बताई। भारत ने सीरीज 2-1 से जीती, लेकिन तीसरा वनडे 5 विकेट से गंवाया। कोहली-रोहित की फॉर्म पर गिल का भरोसा गिल ने कहा कि रोहित और विराट दोनों अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उन्होंने केएल राहुल के योगदान की भी तारीफ की। गिल ने कहा, ‘वे दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित भाई ने पिछली चार पारियों में तीसरा शतक लगाया है। वे बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट भाई भी अच्छी फॉर्म में हैं। जब भी केएल राहुल को मौका मिला है, उन्होंने टीम के लिए अच्छा काम किया है और शानदार बल्लेबाजी की है।’ रोहित-विराट को आराम देने का समय नहीं कोहली और रोहित को कुछ वनडे में आराम देने और नए खिलाड़ियों को मौका देने के सवाल पर गिल ने कहा कि फिलहाल प्रयोग के लिए ज्यादा समय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो प्रयोग करने के लिए ज्यादा समय नहीं है। उम्मीद है कि अगली सीरीज से हमारे सभी उपलब्ध खिलाड़ी खेलेंगे। वर्ल्ड कप में जिस कॉम्बिनेशन के साथ उतरना है, उसके साथ खेलना शुरू करना जरूरी है।’ 6-7 कैच छोड़े, वर्ल्ड कप से पहले फील्डिंग बेहतर करनी होगी गिल ने सीरीज में भारत की फील्डिंग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टीम ने करीब 6-7 कैच छोड़े। गिल ने कहा, 'हमारी फील्डिंग काफी बेहतर हो सकती है। पूरी सीरीज में हमने 6-7 कैच छोड़े। यह वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग टॉप क्लास हो।' डेथ में अटैक करें या डिफेंड, रणनीति स्पष्ट नहीं गिल ने डेथ बॉलिंग को लेकर भी सुधार की जरूरत बताई। उनके मुताबिक विपक्षी टीम के 5-6 विकेट गिरने के बाद फील्ड सेट करने को लेकर असमंजस रहता है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हम स्पष्ट नहीं होते कि हमें अटैक करना है या डिफेंड। खासकर डेथ ओवर्स में। अगर विपक्षी टीम के 5 या 6 विकेट गिर चुके हैं तो आप निश्चित नहीं होते कि कौन-सी फील्ड रखनी है। क्या हम बहुत जल्दी डेथ बॉलिंग शुरू कर रहे हैं या अभी भी मिडिल ओवर्स जैसी गेंदबाजी कर रहे हैं।’ स्लो ओवर रेट से आखिरी में सिर्फ 4 फील्डर बाहर रख सके तीसरे वनडे में भारत ने 351 रन बनाए थे। गिल के मुताबिक टीम मैच में नियंत्रण में थी, लेकिन स्लो ओवर रेट ने स्थिति बदल दी। भारत 46वें ओवर के बाद तय समय से चार ओवर पीछे था। इसके कारण आखिरी गेंदों में भारत को 5 की जगह सिर्फ 4 फील्डर बाउंड्री के बाहर रखने की अनुमति थी। गिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैच हमारे नियंत्रण में था। लेकिन हम चार ओवर पीछे थे और आखिरी में उन्होंने इसका फायदा उठाकर मैच हमसे छीन लिया। अगर हम ओवर पूरे कर लेते तो शायद मैच आखिरी ओवर तक जाता।’ बुमराह-हार्दिक नहीं थे, नए गेंदबाजों को मौका मिला इस सीरीज में भारत का पहला पसंदीदा गेंदबाजी अटैक उपलब्ध नहीं था। जसप्रीत बुमराह एशियन गेम्स में थे, जबकि हार्दिक पंड्या चोटिल थे। मोहम्मद सिराज ने तीन में से सिर्फ एक मैच खेला। न्यू चंडीगढ़ में डेब्यू करने वाले अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़ और नमन धीर ने आखिरी 10 ओवर में गेंदबाजी की। गुवाहाटी में डेब्यू करने वाले औकीब नबी ने भी पारी के आखिरी हिस्से में गेंदबाजी की। गिल प्लेयर ऑफ द सीरीज, 334 रन बनाए गिल को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 3 मैचों में 334 रन बनाए। इसमें गुवाहाटी में 406 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए खेली गई नाबाद डबल सेंचुरी भी शामिल है। तीसरे वनडे में वह जल्दी आउट हो गए। जेडन सील्स की गेंद पर शाई होप ने बाईं ओर डाइव लगाकर एक हाथ से उनका कैच लिया। गिल ने कहा, ‘जब भी आप जल्दी आउट होते हैं तो निराशा होती है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उस गेंद पर मैं बहुत कुछ कर सकता था।’ होप ने नाबाद 162 रन से वेस्टइंडीज को जिताया शाई होप ने 143 गेंद पर नाबाद 162 रन बनाए। यह सीरीज में उनका लगातार दूसरा शतक था। उनकी पारी से वेस्टइंडीज ने 352 रन का लक्ष्य 48.2 ओवर में हासिल कर लिया। होप ने अपनी बल्लेबाजी में एमएस धोनी की सलाह को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि धोनी ने उन्हें नतीजे के बजाय प्रोसेस पर ध्यान देने की सलाह दी थी। साथ ही यह समझने को कहा था कि बल्लेबाज के पास उसकी सोच से ज्यादा समय होता है। भारत का अगला वनडे असाइनमेंट न्यूजीलैंड के खिलाफ है। वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम का फोकस अब अपने मुख्य कॉम्बिनेशन पर रहेगा।
भारतीय टीम के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले को विंडीज टीम अपने नाम करने में कामयाब रही जिसमें तीसरे मैच में उनके कप्तान शे होप के बल्ले से शानदार नाबाद 162 रनों की पारी देखने को मिली। होप ने इस मैच में जीत के बाद दिए अपने बयान में एमएस धोनी का भी जिक्र किया।

