BREAKING:Para Asian Games: दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर दौड़ में जीता गोल्ड, गेम्स रिकॉर्ड के साथ रचा इतिहास
Asian Para Games 2026: पहले ही दिन भारत ने जीते 11 मेडल, 4 गोल्ड के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान
Asian Para Games 2026: पहले ही दिन भारत ने जीते 11 मेडल, 4 गोल्ड के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान
Asian Para Games: Pramod Bhagat और Krishna Nagar की जोड़ियां सेमीफाइनल में, दो पदक पक्के
भारत के प्रमोद भगत और मनीषा रामदास और कृष्णा नागर और नित्याश्री सुमति सिवन की मिश्रित युगल टीमों ने एशियाई पैरा खेलों में अपनी अपनी स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर लिये। नागर और नित्या ने चीनी ताइपै के वू यू येन और जिन जिया सियांग को 21 . 15, 21 . 10 से हराकर ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया और एसएच6 श्रेणी के सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका कद कम है, और ऐसा ‘एकोंड्रोप्लेसिया’ या अन्य आनुवंशिक बदलावों जैसी स्थितियों के कारण होता है। भगत और रामदास ने थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम और चानिदा श्रीनावाकुल को 21 . 15, 21 . 14 से हराकर एसएल3 . एसयू5 वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिये हैं जिनके शरीर के निचले अंगों में विकार है और जो आधे कोर्ट पर ही खेलते हैं जबकि एसयू5 ऊपर के अंगों में अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिये है। मिश्रित युगल में दोनों श्रेणी के खिलाड़ियों की जोड़ी होती है।
Manish Narwal ने एशियाई पैरा खेलों में जीता रजत, पक्का किया लॉस एंजिलिस कोटा
मनीष नरवाल ने एशियाई पैरा खेलों में मंगलवार को पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लॉस एंजिलिस पैरालम्पिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया। बल्लभगढ के अर्जुन पुरस्कार प्राप्त निशानेबाज ने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 233 . 7 अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। वह लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा निशानेबाज बने। इससे पहलने मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर कोटा हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 241.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन के यांग चाओ को कांस्य पदक मिला। भारत के रूद्रांक्ष खंडेलवाल 127 . 3 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहे। नरवाल ने पेरिस पैरालम्पिक 2024 में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था जबकि हांगझोउ में 2023 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।
खेल डेस्क। पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान ट्रेनिंग कैंप छोड़ना बहुत ही महंगा पड़ गया है। इस संबंध में पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने इस दिग्गज के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। फेडरेशन ने रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन लगाने के साथ ही उन पर करीब 27,154 रुपए (€255) का जुर्माना भी लगाया गया है। रोनाल्डो ने हालिया इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान कैंप छोड़ा था। फेडरेशन का ये फैसला 30 सितंबर से लागू माना गया है। अब रोनाल्डो 14 नवंबर को पुर्तगाल के आगामी अन्तरराष्ट्रीय मैच से वापसी कर सकेंगे। 41 साल के रोनाल्डो के खिलाफ फेडरेशन ने औपचारिक कार्रवाई शुरू की थी। वह टीम के कप्तान भी हैं। आपको बता दें कि गत माह के आखिर में नॉर्वे के खिलाफ पुर्तगाल की 2-1 की जीत के दौरान रोनाल्डो बेंच पर बैठे रहे थे। इसके बाद उनकी कोच जॉर्ज जीसस से कहासुनी भी हो गई थी। पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी रोनाल्डो ने इस संबंध में दावा था कि जीसस ने उन्हें पहले करीब 30 मिनट खिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन मैदान पर नहीं उतारा। कोच के इस फैसलेसे रोनाल्डो नाराज थे। उन्हें लगा कि कोच ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। रोनाल्डो ने ट्रेनिंग कैंप छोड़ के लिए मांगी थी माफी तनाव बढ़ने के बाद उन्होंने डेनमार्क के खिलाफ मैच से पहले पुर्तगाल का ट्रेनिंग कैंप छोड़ दिया। हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने साथियों और समर्थकों से सार्वजनिक रूप से लंबी माफी मांगी। उन्होंने ये भी कहा था कि राष्ट्रीय टीम छोड़ने पर उन्हें सजा मिलनी चाहिए। PC:facebook अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने मंगलवार को भाला फेंक में प्रदीप कुमार के रजत और आयुष वर्मा के कांस्य पदक के साथ दोहरी सफलता हासिल की।
अफगानिस्तान ने UAE में चल रही ट्राई सीरीज के दूसरे मैच में जिम्बाब्वे को 158 रन से हराया। इसी के साथ टीम ने टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। जोकि शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में खेला जाएगा। इसी मैदान पर सोमवार रात को अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 294 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 38.4 ओवर में 136 रन पर ऑलआउट हो गई। सेदिकुल्लाह अटल ने शतक लगाया। राशिद खान ने 4 विकेट झटके। अफगानिस्तान बेहतर नेट रन रेट के आधार पर फाइनल में पहुंची है। पॉइंट्स टेबल में तीनों टीमों के पास 2-2 अंक हैं। दूसरे फाइनलिस्ट का फैसला जिम्बाब्वे-बांग्लादेश मैच से होगा। अटल-इब्राहिम में शतकीय साझेदारी अफगानिस्तान के ओपनर रहमनुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादराान ने अच्छी शुरुआत की। दोनों ने बाउंड्री से शुरुआत की और सात ओवर में 50 रन जोड़ लिए। इसके बाद रहमानुल्लाह गुरबाज चॉप ऑन होकर आउट हो गए। इब्राहिम जादरान ने तेजी से रन बनाए, जबकि सेदिकुल्लाह अटल ने पारी को संभाला। दोनों ने शतकीय साझेदारी की। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने अपने अर्धशतक भी पूरे किए। ब्रैड इवांस ने इब्राहिम को 90 रन पर आउट कर यह साझेदारी तोड़ी। रहमत शाह और अजमतुल्लाह उमरजई जल्दी-जल्दी आउट हो गए। यहां से अटल ने हशमतुल्लाह शाहिदी के साथ 42 रन की साझेदारी कर टीम को फिर संभाला। अटल ने 44वें ओवर में अपना तीसरा ODI शतक पूरा किया। अगले ही ओवर में अटल रनआउट हो गए। जिम्बाब्वे की खराब शुरुआत 295 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। उसने 43 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। 13वें ओवर में एएम गजनफर ने बेनेट को LBW आउट किया। यहां से टीम ने 295 रन के लक्ष्य के बजाय 196 रन तक पहुंचने पर ध्यान दिया। ताकि नेट रन रेट के आधार पर फाइनल में जगह बना सके। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। 32वें ओवर में राशिद खान ने दो ओवर बाद राशिद खान ने रयान बर्ल को LBW किया। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने अगले तीन ओवर में विकेट लिए। इससे अफगानिस्तान की जीत लगभग तय हो गई। --------------------------------------------------------------------- क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे:रमेश पोवार भी कमेटी में, जानिए सचिन-गावस्कर जैसे दिग्गज क्यों नहीं बनते सिलेक्टर भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ था। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
दीप्ति जीवांजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला 400 मीटर टी20 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
Asian Para Games में भारत का दबदबा, भालाफेंक में Pradeep Kumar को मिला सिल्वर
भारत के प्रदीप कुमार ने एशियाई पैरा खेलों में पुरूषों की भालाफेंक स्पर्धा में एफ53/54 श्रेणी में लगातार दूसरा रजत पदक जीता जबकि आयुष वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। प्रदीप ने एफ54 में 27 . 45 मीटर का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। आयुष ने एफ53 वर्ग में कांस्य पदक जीता। थाईलैंड के सहर दाम याएना ने एफ54 वर्ग में 23 . 13 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। शारीरिक अक्षमता का स्तर अधिक होने से उन्हें अधिक रजा अंक मिले। रजा अंक एक ऐसी पद्धति है जिसके जरिये जब किसी प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गीकरणों को एक ही स्पर्धा में शामिल किया जाता है तो विकलांगता के स्तर को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन को अंकों में बदला जाता है। ईरान के इरफान बंदोरी को 30 . 24 मीटर के रिकॉर्ड के साथ फिर स्वर्ण पदक मिला। एफ 53 एथलीटों की बाजुओं और हाथों में आमतौर पर पूरी कार्यक्षमता होती है लेकिन उनके पेट की मांसपेशियों और रीढ़ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में कोई गतिविधि नहीं होती जिसके कारण वे बिना सहारे के बैठ नहीं पाते। एफ 54 एथलीटों की बाजुओं की मांसपेशियां पूरी तरह से ताकतवर होती हैं और धड़ की मांसपेशियों में भी आंशिक से लेकर पूरी ताकत होती है हालांकि धड़ के बीच के हिस्से और पैरों की मूवमेंट काफी हद तक प्रभावित रहती है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की पदक की तलाश जारी है। दीप्ति जीवांजी ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि शीतल देवी ने एक और विश्व रिकॉर्ड बनाया। तीरंदाजी, पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन और निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
दीप्ति जीवनजी ने पैरा एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता:यह 5वां गोल्ड मेडल, भारत के अब तक 19 मेडल
भारत ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में 5 गोल्ड सहित 19 मेडल जीत लिए हैं। इनमें से 4 गोल्ड एथलीट्स ने दिलाए। जबकि, एक शूटिंग में आया। मंगलवार को गेम्स का दूसरा दिन है। भारतीय एथलीट दीप्ति जीवनजी ने विमेंस की 400 मीटर टी20 दौड़ में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 56.36 सेकेंड का समय निकालकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। दीप्ति ने लगातार दूसरी बार सोना जीता दीप्ति ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का गोल्ड जीता। उन्होंने 2022 में 56.59 सेकेंड का समय लिया था। इस बार उन्होंने अपने समय में 0.23 सेकेंड का सुधार किया। जापान की नीना कानो ने सिल्वर और अकारी काटो ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 23 साल की दीप्ति तेलंगाना की रहने वाली हैं। वे 2 बार पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने 2024 में गोल्ड मेडल जीता था। वह इसी स्पर्धा में पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं। T20 कैटेगरी में बौद्धिक अक्षमता वाले एथलीट शामिल होते हैं। इस कैटेगरी के खिलाड़ियों को जानकारी समझने, ध्यान लगाने और रेस की योजना बनाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रदीप को सिल्वर, आयुष ने जीता ब्रॉन्ज पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/54 इवेंट में भारत ने दो मेडल जीते। प्रदीप कुमार ने लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने F54 कैटेगरी में 27.45 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो किया। आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर के थ्रो के बावजूद ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्हें रजा पॉइंट्स के आधार पर पोडियम में जगह मिली।ईरान के एरफान बंडोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। प्रवीण को F11 शॉर्ट पुट में ब्रॉन्ज मिला प्रवीण कुमार ने F11 शॉर्ट पुट इवेंट में पर्सनल बेस्ट थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्होंने F11 कैटेगरी में 13.86 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस कैटेगरी में वे प्लेयर्स आते हैं, जिन्हें दिखाई नहीं देता। ------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन:पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने ट्रेनिंग कैंप छोड़ने पर €255 जुर्माना लगाया पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन लगाया है। उन पर करीब 27,154 रुपए (€255) का जुर्माना भी लगाया गया है। फेडरेशन ने यह कार्रवाई पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप से जाने के मामले में की। रोनाल्डो ने हालिया इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान कैंप छोड़ा था। पढ़ें पूरी खबर
भारत ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में 5 गोल्ड सहित 19 मेडल जीत लिए हैं। इनमें से 4 गोल्ड एथलीट्स ने दिलाए। जबकि, एक शूटिंग में आया। मंगलवार को गेम्स का दूसरा दिन है। भारतीय एथलीट दीप्ति जीवनजी ने विमेंस की 400 मीटर टी20 दौड़ में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 56.36 सेकेंड का समय निकालकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। प्रवीण कुमार ने F11 शॉर्ट पुट इवेंट में पर्सनल बेस्ट थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्होंने F11 कैटेगरी में 13.86 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस कैटेगरी में वे प्लेयर्स आते हैं, जिन्हें दिखाई नहीं देता। दीप्ति ने लगातार दूसरे बार गोल्ड जीता दीप्ति ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का गोल्ड जीता। उन्होंने 2022 में 56.59 सेकेंड का समय लिया था। इस बार उन्होंने अपने समय में 0.23 सेकेंड का सुधार किया। प्रदीप को सिल्वर, आयुष ने जीता ब्रॉन्ज पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/54 इवेंट में भारत ने दो मेडल जीते। प्रदीप कुमार ने लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने F54 कैटेगरी में 27.45 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो किया। आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर के थ्रो के बावजूद ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्हें रजा पॉइंट्स के आधार पर पोडियम में जगह मिली।ईरान के एरफान बंडोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। -------------------------------
2019 से न्यूजीलैंड की धरती पर टी20 में 'अजेय' टीम इंडिया, जानिए कैसा है हेड टू हेड रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज गुरुवार (22 अक्टूबर) से होने जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम ने अपना आखिरी मुकाबला टी20 विश्व कप 2026 में खेला था, जहां फाइनल में टीम इंडिया ने धमाकेदार जीत दर्ज की थी।
एशियन पैरा गेम्स में दीप्ति जीवनजी ने जीता गोल्ड मेडल, 400 मीटर में बनाया रिकॉर्ड
दीप्ति जीवनजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
जयपुर में अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा, फुटेज में देंखे 3 बदमाश गिरफ्तार; 19 चोरी के मोबाइल बरामद
रवि शास्त्री की BCCI को सलाह, वीडियो में जाने ODI वर्ल्ड कप 2027 तक जसप्रीत बुमराह को तीनों फॉर्मेट में न खिलाएं
रणजी ट्रॉफी में चिन्मय सुतार का ऐतिहासिक धमाका, वीडियो में जाने 400 रन बनाकर रचा इतिहास; पृथ्वी शॉ का रिकॉर्ड तोड़ा
BCCI में बड़ा बदलाव: प्रज्ञान ओझा बने चीफ सिलेक्टर, वीडियो में जाने अजित अगरकर की जगह रमेश पोवार को मिली जिम्मेदारी
दो मिनट के वीडियो में जाने फॉर्म-6 में क्या बदलाव चाहता है महाराष्ट्र?
दो मिनट के वीडियो में जाने फॉर्म-6 में क्या बदलाव चाहता है महाराष्ट्र?
पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन लगाया है। उन पर करीब 27,154 रुपए (€255) का जुर्माना भी लगाया गया है। फेडरेशन ने यह कार्रवाई पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप से जाने के मामले में की। रोनाल्डो ने हालिया इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान कैंप छोड़ा था। यह फैसला 30 सितंबर से लागू माना गया है। इसलिए रोनाल्डो 14 नवंबर को पुर्तगाल के अगले इंटरनेशनल मैच से वापसी कर सकेंगे। 41 साल के फॉरवर्ड के खिलाफ फेडरेशन ने औपचारिक कार्रवाई शुरू की थी। वह टीम के कप्तान भी हैं। कोच पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया था सितंबर के आखिर में नॉर्वे के खिलाफ पुर्तगाल की 2-1 की जीत के दौरान रोनाल्डो बेंच पर बैठे रहे थे। इसके बाद उनकी कोच जॉर्ज जीसस से कहासुनी हुई थी। रोनाल्डो का दावा था कि जीसस ने उन्हें पहले करीब 30 मिनट खिलाने का भरोसा दिया था। मैच के दौरान जीसस ने उन्हें वॉर्म-अप करने को कहा, लेकिन मैदान पर नहीं उतारा। रोनाल्डो इस फैसले से नाराज थे। उन्हें लगा कि कोच ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। रोनाल्डो ने यह भी आरोप लगाया था कि जीसस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति पर सार्वजनिक रूप से सफाई देने का दूसरा वादा किया था। बाद में ऐसा नहीं हुआ। नेशंस लीग में नॉर्वे के खिलाफ रोनाल्डो को नहीं खिलाया गया डेनमार्क मैच से पहले कैंप छोड़ा था तनाव बढ़ने के बाद अल-नसर के कप्तान ने डेनमार्क के खिलाफ मैच से पहले पुर्तगाल का ट्रेनिंग कैंप छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों और समर्थकों से सार्वजनिक रूप से लंबी माफी मांगी। उन्होंने माना कि राष्ट्रीय टीम छोड़ने पर उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अल-नस्र के फॉरवर्ड ने उचित सजा देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि रोल मॉडल होने के कारण उनके काम की सख्ती से जांच जरूरी है। जीसस के फैसलों की आलोचना के बावजूद पुर्तगाल के कप्तान ने कहा कि वह अपने फैसले के नतीजे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। 10 अक्टूबर को शुरू हुई थी कार्रवाई 10 अक्टूबर को पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने बताया था कि उसने रोनाल्डो के खिलाफ औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। अंतिम फैसले तक रोनाल्डो पर बैन लगने की संभावना बनी हुई थी। अब फेडरेशन ने 30 दिन का बैन और €255 का जुर्माना लगाया है। इस वजह से वह 14 नवंबर को वापसी कर सकेंगे। उस दिन पुर्तगाल का अगला इंटरनेशनल मैच तय है। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… साउथ कोरिया की आन सी-यंग ने डेनमार्क ओपन जीता, यह 47वां खिताब, सबसे ज्यादा बैडमिंटन टाइटल जीतने वाली महिला खिलाड़ी साउथ कोरिया की आन से-यौंग ने बैडमिंटन के विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल टाइटल जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 18 अक्टूबर को डेनमार्क ओपन के फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-23, 21-14, 21-18 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर लगा एक महीने का बैन, साथ में लगा फाइन; जानिए क्यों मिली उन्हें ये सजा?
क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने 30 दिन का सस्पेंशन और 255 यूरो का फाइन लगाया है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान पुर्तगाल टीम छोड़ दी थी।
'दम है तो...अख्तर के चैलेंज पर भड़के थे सहवाग, हुई जबरदस्त भिड़ंत!
भारत और पाकिस्तान के बीच 14 साल से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है. दोनों टीम के बीच पिछली सीरीज दिसंबर 2012 में हुई थी. तब पाकिस्तान टीम भारत आई थी. पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग पाकिस्तान के खिलाफ कई यादगार पारियां खेलने में कामयाब रहे हैं.
रणजी ट्रॉफी में 77 साल पुराना इतिहास दोहराते हुए मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने शानदार चौहरा शतक जड़ा। 1949 के बाद ऐसा कारनामा करने वाले वह दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं।
साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में 5 विकेट गंवा दिए हैं। गकेबेरहा में खेले जा रहे मुकाबले में टीम ने पहली पारी में 5 विकेट पर 97 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने 4 विकेट चटकाए हैं। वहीं मिचेल स्टार्क को 1 विकेट मिला। साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा 41 रन बनाकर नाबाद हैं। वियान मुल्डर 2 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। मैच के दूसरे दिन भी खेल बारिश से प्रभावित रहा। 2 दिनों में कुल 43 ओवर का ही खेल हो सका है। हालांकि तीसरे दिन कम बारिश का अनुमान है। 6 घंटे की देरी से शुरू हुआ खेल मैच के पहले दिन सिर्फ 12.2 ओवर का खेल हो सका था। दूसरे दिन भी मैदान गीला होने और बारिश के कारण खेल तय समय पर शुरू नहीं हो सका। कई बार पिच का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:45 बजे खेल शुरू हुआ। यानी निर्धारित समय से करीब 6 घंटे की देरी हुई। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड बीमारी के कारण मैदान पर नहीं उतरे। बोलैंड ने लगातार 2 गेंद पर 2 विकेट लिए थे स्कॉट बोलैंड ने पहले दिन लगातार 2 गेंदों पर 2 विकेट लिए थे। उन्होंने पारी के 9वें ओवर में एडेन मार्करम और डेविड बेडिंघम को आउट किया। दूसरे दिन भी उन्होंने सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान किया। बोलैंड ने 30 साल के डेब्यूटेंट मार्कस एकरमैन को विकेटकीपर एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके भी मिचेल स्टार्क की गेंद पर आउट हो गए। इस बीच टेम्बा बावुमा ने संभलकर बल्लेबाजी की। उन्होंने पैट कमिंस की बाउंसर पर छक्का भी जड़ा। बावुमा और रिकल्टन ने संभाली पारी साउथ अफ्रीका के कप्तान बावुमा ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने रयान रिकल्टन के साथ पांचवे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की। दिन का खेल खत्म होने से 2 ओवर पहले रिकल्टन 31 रन बनाकर मैट रेनशॉ को कैच दे बैठे। ---------------------------------- पहले टेस्ट मैच की खबर भी पढ़ें… बावुमा की कप्तानी में पहली बार टेस्ट हारा साउथ अफ्रीका:डरबन में ऑस्ट्रेलिया ने 214 से हराया, मैच में हेजलवुड को 8 विकेट टेम्बा बावुमा की कप्तानी में पहली बार साउथ अफ्रीका कोई टेस्ट मैच हार गया है। टीम को डरबन में हुए पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 214 रन से हरा दिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पूरी खबर पढ़ें…
एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार आगाज, निषाद कुमार ने रचा इतिहास, पहले दिन आए 4 गोल्ड मेडल
एशियन पैरा गेम्स 2026 के पहले दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए हैं। इस बेहतरीन शुरुआत में मोना अग्रवाल, निषाद कुमार, सौम्या और रिंकू ने गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया है।
Rinku Hooda ने नागोया में जीता स्वर्ण पदक, मां को किया समर्पित
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 19 अक्टूबर मां के निधन के बाद पिछले दो महीने से परेशान चल रहे रिंकू हुड्डा ने उनके लिए एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प लिया था और सोमवार को नागोया में उन्होंने ऐसा ही किया। रिंकू ने आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इसे अपनी मां को समर्पित किया। इस स्पर्धा में भारत के अजीत सिंह ने भी रजत पदक जीता। नागोया से पीटीआई के साथ टेलीफोन पर बातचीत में रिंकू ने कहा, ‘‘पिछले दो महीने से मैं थोड़ा परेशान था। मेरी मां का आठ अगस्त को निधन हो गया था। मैं अब भी परेशान हूं। बाहर से सब ठीक लगता है, लेकिन अंदर से ऐसा नहीं है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी मां के लिए यह स्वर्ण पदक जीतना चाहता था। इसलिए मैं यह स्वर्ण पदक अपनी मां को समर्पित करना चाहूंगा।’’हरियाणा के धामड़ गांव के 27 वर्षीय रिंकू को मां के निधन के बाद परिवार के साथ समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला क्योंकि 13 दिन की शोक अवधि पूरी होते ही उन्हें प्रशिक्षण के लिए लौटना पड़ा।’’रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले रिंकू ने कहा, ‘‘उनका निधन आठ अगस्त को हुआ था। 19 अगस्त को 13वें दिन की रस्म पूरी होते ही मैंने प्रशिक्षण शुरू कर दिया था। हालांकि, शुरुआत में मैंने हल्का अभ्यास किया।’’प्रशिक्षण शुरू करते ही रिंकू के कंधे में चोट लग गई जिसके कारण उन्हें करीब तीन सप्ताह तक आराम करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कंधे में ग्रेड-1 का मांसपेशीय खिंचाव था। इसके बाद मैंने करीब 20 दिन आराम किया। अब मैं चोट से पूरी तरह उबर चुका हूं।’’रिंकू ने कहा, ‘‘पहले मैं टेपिंग वगैरह करता था। अब भी टेपिंग करता हूं, लेकिन मुझे दर्द महसूस नहीं हुआ।’’रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता और अजीत सिंह को महज नौ सेंटीमीटर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया। रिंकू की जिंदगी तीन साल की उम्र में बदल गई थी जब खेती के दौरान हुए एक हादसे में उनका बायां हाथ कट गया। धान की बुवाई में इस्तेमाल होने वाली मशीन में हाथ फंस जाने के कारण उनका हाथ काटना पड़ा। रिंकू ने 2018 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य और 2022 में चीन में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। उन्होंने 2023 और 2025 की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी क्रमश: रजत और स्वर्ण पदक हासिल किया। हालांकि, उनके पदकों के संग्रह में अब तक पैरालंपिक पदक शामिल नहीं है। रिंकू ने कहा, ‘‘मैंने अभी तक पैरालंपिक में कोई पदक नहीं जीता है। अब मेरा लक्ष्य यही है। मैं इस पर अधिक ध्यान दूंगा।’’
न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में मानव सुथार को शामिल न किए जाने से भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक को 'झटका' लगा है। कार्तिक मानते हैं...
मिजोरम के चिन्मय सुतार रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक ही पारी में 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। अपने करियर का दूसरा फर्स्ट-क्लास मैच खेलते हुए, सुतार ने सोविमा...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को 'एशियन पैरा गेम्स 2026' में भारत के लिए पदक जीतने वाले एथलीट्स को बधाई दी। भारत ने सोमवार को कुल 11 मेडल (4 गोल्ड, 5 सिल्वर और...
एशियन पैरा गेम्स: भारत ने पहले दिन चार स्वर्ण सहित 11 पदक जीतकर शानदार शुरुआत की
भारत ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में शानदार शुरुआत करते हुए 4 गोल्ड सहित कुल 11 मेडल अपने नाम किए हैं। एथलेटिक्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। पढ़िए सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के बारे में।
187 रन पर गिरे 7 विकेट, फिर 22 साल के बल्लेबाज ने नंबर 9 पर आकर ठोका शतक, लगाए 6 छक्के
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में कर्नाटक के 22 साल के युवा खिलाड़ी मनवंत कुमार ने सौराष्ट्र के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। इस मैच में उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला शतक लगाया।
WPL Auction: 27 स्थानों के लिए 146 क्रिकेटरों की सूची जारी, कोच्चि में लगेगी बोली
भारतीय बल्लेबाज जी कमलिनी, ऑलराउंडर स्नेह राणा, ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यू और श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू उन 146 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें 28 अक्टूबर को कोच्चि में होने वाली महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की नीलामी सूची में रखा गया है। लीग के 2027 सत्र से पहले उपलब्ध 27 स्थानों के लिए इन खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। नीलामी सूची में 22 भारतीय ‘कैप्ड’ खिलाड़ी, 14 विदेशी ‘कैप्ड’ खिलाड़ी, 97 ‘अनकैप्ड’ (जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला हो) भारतीय खिलाड़ी और 13 ‘अनकैप्ड’ विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। नीलामी के लिए सबसे अधिक बेस प्राइस 50 लाख रुपये रखा गया है। इसके अलावा खिलाड़ियों को 40 लाख, 30 लाख, 20 लाख और 10 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणियों में रखा गया है। मुंबई इंडियंस ने विकेटकीपर-बल्लेबाज कमलिनी को नीलामी से पहले टीम से रिलीज कर दिया था। उन्हें 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली कैपिटल्स ने स्नेह राणा को रिलीज किया था। उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में रखा गया है। श्रीलंका की कप्तान अटापट्टू भी इसी श्रेणी में शामिल हैं। 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में भारत की किरण नवगिरे और ऑस्ट्रेलिया की हीथर ग्राहम तथा जेस जोनासन जैसी प्रमुख खिलाड़ी भी शामिल हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से रिलीज की गई ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर मोलिन्यू का बेस प्राइस 50 लाख रुपये है। सबसे अधिक बेस प्राइस वाली श्रेणी में केवल दो खिलाड़ी हैं। इसमें इंग्लैंड की सोफिया डंकली भी शामिल हैं। डंकली 2024 में गुजरात जायंट्स की ओर से खेल चुकी हैं।
प्रज्ञान ओझा बने BCCI के नए चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह
प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट में अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। चयन समिति में वरिष्ठता के आधार पर उन्हें अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर और घरेलू क्रिकेट के अनुभव को इस भूमिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
WPL Auction 2027 के लिए 146 प्लेयर का नाम आया सामने, सिर्फ 27 स्लॉट के लिए लगेगी बोली
WPL 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी। इस ऑक्शन में 5 टीमें मिलकर 146 खिलाड़ियों में से 27 नए खिलाड़ियों को अपनी टीम में चुनेंगी।
एशियन पैरा गेम्स 2026: एथलेटिक्स के पहले दिन भारत ने तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते
भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता।
13 नवंबर से होगी आईडब्ल्यूएल 2026-27 सीजन की शुरुआत; इन 8 टीमों के बीच खिताबी जंग
भारत की प्रमुख महिला क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता, इंडियन विमेंस लीग (आईडब्ल्यूएल) का 2026-27 सीजन 13 नवंबर से शुरू होने जा रहा है, जिसमें आठ क्लब खिताब के लिए कोलकाता...
जसप्रीत बुमराह को तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए, टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ने क्यों दिया ऐसा बयान
रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह को सलाह दी है कि 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक फिट रहने के लिए उन्हें सभी फॉर्मेट खेलने से बचना चाहिए। उन्हें मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए और वनडे व टी20 में जरूरत के मुताबिक खेलना चाहिए।
प्रज्ञान ओझा बने BCCI चयन समिति के नए चेयरमैन, रमेश पवार की भी हुई एंट्री
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने प्रज्ञान ओझा को पुरुष चयन समिति का नया चेयरमैन नियुक्त किया है. प्रज्ञान ओझा पूर्व अध्यक्ष अजित अगरकर की जगह लेंगे. इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटर रमेश पवार की भी चयन समिति में एंट्री हुई है. नई चयन समिति में शिव सुंदर दास, आरपी सिंह और अजय रात्रा भी शामिल हैं. बीसीसीआई ने अजित अगरकर के शानदार कार्यकाल की सराहना की, जिसके दौरान भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं.
Sheetal Devi ने तीरंदाजी में की World Record की बराबरी, Swati Chaudhary ने भी रचा इतिहास
एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। जापान के आइची-नागोया में सोमवार को तीरंदाजी मुकाबलों में स्वाति चौधरी और शीतल देवी ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। स्वाति ने महिलाओं के रैंकिंग दौर में नया एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड बनाया, जबकि शीतल देवी ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया है। अपने पहले एशियाई पैरा खेल में हिस्सा ले रहीं स्वाति चौधरी ने महिलाओं के रैंकिंग दौर में कुल 648 अंक हासिल किए। उन्होंने पहले हिस्से में 332 और दूसरे हिस्से में 316 अंक बनाए। इस दौरान उनके निशाने पर 9 बार एक्स और 14 बार 10 अंक आए। उनका कुल स्कोर 2023 में हांगझोऊ में चीन की मिनयी चेन के बनाए 627 अंकों के रिकॉर्ड से काफी आगे रहा। इस प्रदर्शन के साथ स्वाति ने नया एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इससे पहले भारत की शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड तीरंदाजी के रैंकिंग दौर में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। यह मुकाबला ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क के बहुउद्देश्यीय मैदान में खेला गया। तुर्किये की ओजनुर क्योर भी इस विश्व रिकॉर्ड की संयुक्त हिस्सेदार हैं। शीतल ने अपने प्रदर्शन से एशियाई रिकॉर्ड भी बेहतर किया। उन्होंने इस साल मार्च में थाईलैंड के बैंकॉक में 698 अंक हासिल किए थे, लेकिन इस बार 6 अंक ज्यादा बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने दोनों हिस्सों में 352-352 अंक बनाए। उनके निशाने पर 32 बार एक्स और 25 बार 10 अंक आए। इस स्कोर के साथ वह रैंकिंग दौर में पहले स्थान पर रहीं। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ में बनाए अपने 680 अंकों के एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। भारत की पायल नाग ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 675 अंक बनाए और संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने पहले हिस्से में 334 और दूसरे में 341 अंक हासिल किए। उनके खाते में 12 एक्स और 20 बार 10 अंक दर्ज हुए। शीतल और पायल ने मिलकर महिलाओं के कंपाउंड युगल रैंकिंग दौर में 1,379 अंक बनाए और शीर्ष स्थान हासिल किया। इसमें शीतल का योगदान 704 और पायल का 675 अंक रहा। पुरुषों के कंपाउंड तीरंदाजी रैंकिंग दौर में भारत के हरविंदर सिंह 631 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने पहले हिस्से में 310 और दूसरे में 321 अंक बनाए। उनके निशाने पर 8 एक्स और 13 बार 10 अंक आए। वहीं, विजय सुंडी ने 630 अंकों के साथ सातवां स्थान हासिल किया। उन्होंने पहले हिस्से में 318 और दूसरे में 312 अंक बनाए, जबकि उनके खाते में 6 एक्स और 13 बार 10 अंक दर्ज हुए। गौरतलब है कि रैंकिंग दौर के अंक खिलाड़ियों की आगे की स्पर्धाओं में स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारतीय तीरंदाजों के इन प्रदर्शन से टीम का मनोबल बढ़ा है और आने वाले मुकाबलों में उनसे बेहतर नतीजों की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को जैवलिन थ्रो एफ46 स्पर्धा में रिंकू और अजीत सिंह ने शीर्ष दो स्थान हासिल करते हुए देश का मान बढ़ाया...
Asian Para Games में भारत का दमदार आगाज, पहले दिन 4 स्वर्ण समेत 11 पदक जीते
भारत ने सोमवार को यहां निशानेबाज मोना अग्रवाल और लंबी कूद के एथलीट निषाद कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से एशियाई पैरा खेलों में शानदार शुरुआत करते हुए चार स्वर्ण सहित कुल 11 पदक जीते। भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की कंपाउंड स्पर्धा के क्वालीफिकेशन दौर में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत ने इस तरह पहले दिन कुल 11 पदक जीते जिनमें चार स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। इसके साथ ही देश पदक तालिका में चौथे स्थान पर है। दिन की शुरुआत में ही मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में शानदार वापसी करते हुए हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पीछे छोड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। शाम का सत्र पैरा एथलेटिक्स खिलाड़ियों के नाम रहा। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार, मध्यम दूरी की धाविका सौम्या और भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। निषाद के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास रहा क्योंकि वह अपने करियर में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय लंबी कूद स्पर्धा में हिस्सा ले रहे थे। छह साल की उम्र में घास काटने वाली मशीन से हुए हादसे में अपना दायां हाथ गंवाने वाले निषाद ने 7.11 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया। महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में दृष्टिबाधित सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। हमवतन राधा वेंकटेश ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधिता की सबसे गंभीर श्रेणी टी11 में भारत की रवन्नी वलासनैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को कपड़ों, जूतों और बिब से जुड़े तकनीकी नियमों का पालन नहीं करने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में भारत का दबदबा रहा। रिंकू ने 65.11 मीटर और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर भाला फेंककर क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीते। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का यह इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो। जूडो खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन :भारत के दृष्टिबाधित जूडो खिलाड़ियों ने दो पदक जीते जिसमें कोकिला ने महिलाओं के जे2-52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जबकि कपिल परमार ने पुरुषों के जे1-70 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों की कांस्य पदक विजेता कोकिला को फाइनल में किर्गिस्तान की ऐबिके उलानबेक काइजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। काइजी ने महज 21 सेकेंड में इप्पोन हासिल करके स्वर्ण पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है, जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी अहनाफ रफली शिदकी के खिलाफ कांस्य पदक के मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की जूडो स्पर्धाएं जे1 और जे2 वर्गों में आयोजित होती हैं। जे2 वर्ग के खिलाड़ियों में दृष्टिबाधिता होती है, लेकिन आमतौर पर उनकी देखने की क्षमता जे1 वर्ग के खिलाड़ियों से बेहतर होती है। जे1 वर्ग में पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ी भी शामिल होते हैं। तैराकी में रजत पदक :भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में 56.68 सेकेंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। एस13 वर्ग में कम दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। टेबल टेनिस और बैडमिंटन में पदक पक्के :पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल सहित भारत के कई टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश के लिए तीन अलग-अलग वर्गों में पदक पक्के किए। प्राची पांडे ने महिला वर्ग छह के मुकाबले में थाईलैंड की कानोकपॉर्न फाथुमचाई को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई सोनलबेन ने वर्ग तीन में थाईलैंड की दरारत असायुत को शिकस्त दी। भाविना ने वर्ग चार-पांच में चीन की झांग मियाओ को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। प्राची न्यूरो-डिजेनेरेटिव बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने ग्रुप चरण के अपने दूसरे मुकाबले में फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराया। इस जीत के साथ वह एक जीत और एक हार के रिकॉर्ड के साथ ग्रुप ए में दूसरे स्थान पर रहीं। प्राची के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही एशियाई पैरा खेलों की इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक सुनिश्चित हो गया। वर्ग छह में ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जिनके दोनों हाथों और पैरों में गंभीर शारीरिक अक्षमता होती है और जो खड़े होकर खेलते हैं। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एमटेक की पढ़ाई पूरी कर चुकीं प्राची फाइनल में जगह बनाने के लिए मंगलवार को इराक की नजला अल-दय्येनी से भिड़ेंगी। सोनलबेन ने महिला एकल वर्ग तीन के क्वार्टर फाइनल में दरारत को 3-1 (11-7, 8-11, 11-5, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वर्ग तीन में व्हीलचेयर पर बैठकर खेलने वाले ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका बैठने के दौरान संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है जबकि बांह और हाथों की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य रहती है। राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता भाविना ने भी वर्ग चार-पांच के क्वार्टर फाइनल में चीन की झांग मियाओ को 3-1 (8-11, 11-6, 11-1, 11-6) से हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। वर्ग चार-पांच में शारीरिक अक्षमता वाले वे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं जो बैठकर खेलते हैं। तीनों भारतीय खिलाड़ियों का कम से कम कांस्य पदक जीतना सुनिश्चित हो गया है। बैडमिंटन में नितेश कुमार और थुलासिमथी मुरुगेसन की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित युगल में एसएल3-एसयू5 ग्रुप बी में सेमीफाइनल में प्रवेश करके पदक पक्का किया। भारतीय जोड़ी को अपने पहले मैच में चीन की यांग जियानयुआन और यांग किउक्सिया से वॉकओवर मिला। इसके बाद उन्होंने चीन के चेन पेंगफेई और हुआंग ज़िक्सुआन को सिर्फ 23 मिनट में 21-4, 21-18 से हराकर ग्रुप रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक के चैंपियन नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 श्रेणी के ग्रुप ए में दक्षिण कोरिया के जू डोंगजे को 21-13, 21-15 से हराकर आसान जीत दर्ज की। रुथिक रघुपाथी ने पुरुष एकल एसयू5 ग्रुप सी मैच में थाईलैंड के सोमसिरी प्रिचा पर 21-12, 21-12 से जीत हासिल करके भारत की जीत का सिलसिला जारी रखा। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में गंभीर विकलांगता है और जो आधे कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करते हैं, जबकि एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में विकलांगता है। मिश्रित युगल में जोड़ियां इन दोनों श्रेणियों के खिलाड़ियों को मिलाकर बनाई जाती हैं।
रोहित, जसकरण और चंद्रमोहन ने जीता ब्रॉन्ज: अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप
लास वेगास, अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के आखिरी दिन, भारत के फ्रीस्टाइल पहलवानों ने अपने सभी पदक मुकाबलों में जीत हासिल की।
Ramesh Powar भारतीय पुरुष चयन समिति में शामिल, Pragyan Ojha बने रहेंगे प्रमुख
भारत के पूर्व स्पिनर रमेश पोवार को सोमवार को राष्ट्रीय पुरुष सीनियर चयन समिति में शामिल किया गया जबकि प्रज्ञान ओझा पैनल के अध्यक्ष बने रहेंगे। ओझा ने अजित अगरकर की जगह ली है जिनका कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हो गया था।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि अंतरिम प्रमुख ओझा वरिष्ठता (टेस्ट मैच की संख्या) के आधार पर समिति की अध्यक्षता करेंगे। बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर ओझा ने अपने पांच साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में 24 टेस्ट खेले थे।बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पूर्व भारतीय बल्लेबाज अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की सदस्यता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने सर्वसम्मति से पोवार की नियुक्ति की सिफारिश की।’’अपने क्रिकेट करियर के दौरान 48 वर्षीय पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।इसके बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में भी कई जिम्मेदारियां निभाईं। वह भारतीय महिला टीम, मुंबई और गुजरात के मुख्य कोच रहे हैं। इसके अलावा वह यहां बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र में गेंदबाजी कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं।भारतीय महिला टीम के साथ पोवार के कार्यकाल के दौरान टीम ने 2022 में एशिया कप का खिताब जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया।पोवार का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा लेकिन वह मुंबई के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने 148 प्रथम श्रेणी मैच में 470 विकेट लिए।वह निचले क्रम के उपयोगी बल्लेबाज भी रहे और उन्होंने सात शतक तथा 17 अर्धशतकों की मदद से 4,245 रन बनाए।पीटीआई को मिली जानकारी के अनुसार नए चयनकर्ता के लिए चयन प्रक्रिया 15 अक्टूबर को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में हुई थी।पोवार के अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर सलिल अंकोला, वसीम जाफर, जैकब मार्टिन और कोनोर विलियम्स भी साक्षात्कार में शामिल हुए थे।हालांकि सीएसी के सदस्यों ने चयन समिति के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए पोवार के नाम पर मुहर लगाई। यह व्यवस्था कम से कम 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 50 ओवर के विश्व कप को देखते हुए की गई है।जाफर ने 2000 से 2008 के बीच भारत के लिए 31 टेस्ट खेले थे। उन्होंने 34 के औसत से 1,944 रन बनाए जिसमें पांच शतक शामिल हैं। अगर मुंबई के इस पूर्व बल्लेबाज को चुना जाता तो वह चयन समिति के अध्यक्ष पद पर ओझा की जगह लेते।बीसीसीआई ने चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में भारतीय क्रिकेट में उल्लेखनीय योगदान के लिए अगरकर की भी सराहना की।सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान प्रतिबद्धता, दृढ़ विश्वास और योगदान के लिए अजित अगरकर के प्रति आभार व्यक्त करता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जुलाई 2023 में नियुक्ति के बाद अगरकर ने ऐसे महत्वपूर्ण दौर में समिति का नेतृत्व किया जब भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी, दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते।’’पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।भाषा पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।
नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन: जापान
बीजिंग, जापान के आइची प्रांत के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन 18 अक्टूबर की शाम को हुआ।
Asian Para Games: सौम्या ने 1500 मीटर दौड़ में जीता Gold Medal, राधा को मिला रजत
भारत की सौम्या ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है।
एशियन पैरा गेम्स 2026: सौम्या और रिंकू ने भारत को दिलाया गोल्ड, राधा को रजत
एशियाई पैरा खेल 2026 में भारत की बेटियों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। सौम्या ने भारत को महिलाओं की 1500 मीटर टी12/13 प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल दिलाया है, जबकि राधा वेंकटेश को सिल्वर मेडल मिला है। रिंकू सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
जैवलिन में रिंकू का गोल्ड, अजीत को सिल्वर, ट्रैक पर सौम्या ने भी जीता सोना
एशियन पैरा गेम्स में सोमवार को जैवलिन थ्रो F46 स्पर्धा में रिंकू ने 65.11 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता. महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 रेस में सौम्या ने गोल्ड और राधा वेंकटेश ने सिल्वर अपने नाम किया.
भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में नहीं मिली एंट्री, अब सेंचुरी ठोक दे दिया जवाब
रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हुए सरफराज खान ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया है। ये प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनकी 19वीं सेंचुरी है।
मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नगालैंड के खिलाफ 400 रन की नाबाद पारी खेली। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह आंकड़ा छूने वाले दूसरे भारतीय बने। उनसे पहले 1948 में महाराष्ट्र के बाबासाहेब निंबालकर ने काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। दीमापुर में 29 साल के चिन्मय ने 517 गेंदों पर 46 चौके और 7 छक्के लगाए। इस पारी के साथ वे रणजी ट्रॉफी की एक पारी में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने पृथ्वी शॉ के 379 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आखिरी विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी दूसरे फर्स्ट क्लास मैच में ही 400 रन चिन्मय ने अपना दूसरा फर्स्ट क्लास मैच खेलते हुए यह ऐतिहासिक पारी खेली। 2026-27 सीजन से पहले उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से NOC लेकर मिजोरम की टीम जॉइन की थी। मिजोरम के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी में 99 रन बनाए थे। हालांकि, टीम को 3 विकेट से हार मिली थी। इस साल चिन्मय विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेले। जून में उन्होंने मुंबई T20 लीग में मराठा रॉयल्स को खिताब बचाने में मदद की। टूर्नामेंट में लगातार दो अर्धशतक लगाने वाले चिन्मय ने छह पारियों में 212 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट करीब 120 रहा। ब्रैडमैन के रिकॉर्ड तोड़ने से 8 रन दूर रह गए निंबालकर निंबालकर ने दिसंबर 1948 में पुणे में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। उनकी पारी में 49 चौके और एक छक्का शामिल था। उस मैच में काठियावाड़ ने पहली पारी में 238 रन बनाए थे। जवाब में महाराष्ट्र ने 826/4 का स्कोर खड़ा कर दिया। तीसरे दिन निंबालकर 443 रन पर नाबाद थे और डॉन ब्रैडमैन के 452 रन के तत्कालीन फर्स्ट क्लास विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 9 रन दूर थे। लंच के बाद काठियावाड़ के कप्तान ने महाराष्ट्र के पारी घोषित नहीं करने पर मैदान में उतरने से इनकार कर दिया। महाराष्ट्र के कप्तान राजा गोखले और अंपायरों ने उनसे कुछ और ओवर खेलने की अपील की, ताकि निंबालकर रिकॉर्ड तोड़ सकें। लेकिन काठियावाड़ की टीम मैदान छोड़कर चली गई और मैच गंवा दिया। -------------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
BREAKING : BCCI में बड़ा बदलाव! प्रज्ञान ओझा बने चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह
कपिल परमार ने जूडो में ब्रॉन्ज मेडल जीता: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत के कपिल परमार ने सोमवार को 2026 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों के जे1-70 किग्रा पैरा-जूडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अजित अगरकर की जगह पर पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। अब पुरुष टीम की नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा (चेयरमैन), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार हैं। प्रज्ञान ने इंटरनेशनल करियर में 140+ विकेट लिए पोवार ने दो टेस्ट और 31 वनडे खेले पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे खेले हैं। वह मुंबई के पूर्व भारतीय स्पिनर हैं। इसके अलावा, वह दो अलग-अलग कार्यकाल में भारतीय सीनियर विमेन टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। दो बार महिला टीम के कोच रहे रमेश पोवार दो अलग-अलग कार्यकालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे। उन्होंने पहली बार 2018 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और बाद में मई 2021 में उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त किया गया था। मिताली राज के साथ हुआ था विवाद पोवार का सबसे चर्चित विवाद 2018 विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कप्तान मिताली राज के साथ हुआ था। मिताली ने उन पर भेदभाव करने, अपमानित करने और करियर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। यह विवाद तब और गहरा गया जब मिताली को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद पोवार को पद से हटा दिया गया था। अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की कमेटी ने किया चयन BCCI के मुताबिक, क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। कमेटी ने BCCI मुख्यालय में आवेदनकर्ताओं की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू किए। इसके बाद रमेश पोवार के नाम पर मुहर लगी। -----------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोच गौतम गंभीर ने अजित अगरकर के लिए पोस्ट किया टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने बुधवार को पूर्व चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर के लिए पोस्ट लिखी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ‘प्रिय अजित भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बड़ा सम्मान रहा।’ पढ़ें पूरी खबर…
बीसीसीआई का बड़ा ऐलान, प्रज्ञान ओझा बने नए सेलेक्शन कमिटी के चीफ, रमेश पवार भी हुए शामिल
BCCI ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को मेंस सेलेक्शन कमिटी का नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त किया है। रमेश पोवार को भी सेलेक्शन कमिटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक ने कहा है कि इंजरी पर अफसोस करने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय कोच गौतम गंभीर से हुई बातचीत ने उन्हें मुश्किल दौर से उबरने में मदद की। भारत के खिलाफ सितंबर में हुई टी-20 सीरीज के पहले मैच में टॉस से 20 मिनट पहले उनके कंधे की चोट फिर उभर आई थी। इसकी वजह से वे मैच नही खेल सके। तब नवीन 9 महीने की रिहैबिलिटेशन के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले थे। नवीन ने क्रिकबज से बातचीत में कहा कि अब उनका पूरा ध्यान फिटनेस हासिल करने पर है। वह जल्दबाजी में वापसी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वे तभी खेलेंगे, जब उन्हें अपने कंधे पर पूरा भरोसा होगा। नवीन ने कहा- गंभीर से 20-25 मिनट बातचीत ने नजरिया बदला नवीन ने बताया कि भारत के खिलाफ तीसरे टी-20 के बाद वह मैदान पर अकेले बैठे थे। तभी गौतम गंभीर ने उनसे चोट और मैच नहीं खेलने की वजह पूछी। गंभीर IPL में लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ उनके कोच रह चुके हैं। नवीन के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्होंने गंभीर को बताया कि लंबे समय तक मेहनत करने के बाद दोबारा चोटिल होना उन्हें मानसिक रूप से कितना प्रभावित कर रहा था। करीब 20-25 मिनट की इस बातचीत से उन्हें अपनी परेशानियों में उलझे रहने के बजाय दोबारा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। कंधे की चोट के कारण टी-20 वर्ल्ड कप भी नहीं खेले नवीन दिसंबर 2025 के बाद से कोई प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेले हैं। दाएं कंधे में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण वह इस साल टी-20 वर्ल्ड कप से भी बाहर रहे। फ्रैक्चर 8 से 10 सप्ताह में ठीक हो गया था, लेकिन इसके बाद रिकवरी लंबी चली। कंधे के लैब्रम की मरम्मत के लिए उन्हें दूसरी सर्जरी भी करानी पड़ी। कंधे के कैप्सूल को कसने की जरूरत के कारण वापसी में और समय लगा। नवीन ने कहा कि लगातार राष्ट्रीय टीम और अलग-अलग लीग में खेलने के बाद अचानक जिम और फिजियोथेरेपी तक सीमित हो जाना उनके लिए मुश्किल था। 34-35 साल तक खेलना चाहते हैं नवीन का मानना है कि उनके पास उच्च स्तर पर क्रिकेट खेलने के लिए अभी 7-8 साल हैं। उन्होंने कहा कि अगले 6-7 साल तक अच्छा क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें मेहनत करनी होगी और मुश्किलों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इंटरनेशनल टीम में जगह या प्लेइंग-11 में वापसी को लेकर नहीं सोच रहे। उन्हें अपनी स्किल पर भरोसा है और पूरी फिटनेस हासिल करने के बाद वह मैदान पर अपना प्रदर्शन दिखाना चाहते हैं। फिटनेस पर पूरा भरोसा होने पर ही लौटेंगे नवीन ने वापसी के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। वह रिहैबिलिटेशन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और गेंदबाजी की तैयारी जारी रखेंगे। उनके मुताबिक, क्रिकेट में लौटने से पहले उन्हें अपनी फिटनेस और कंधे को लेकर 100-120% भरोसा चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की टीम में जगह नहीं मिलती, तो भी यह करियर का अंत नहीं होगा। लीग क्रिकेट में प्रदर्शन करने के मौके मौजूद हैं। नवीन ने कहा कि जीवन ने उन्हें सिखाया है कि एक दिन शानदार प्रदर्शन हो सकता है और अगले दिन खराब। इसलिए उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
पहली बार लॉन्ग जंप में उतरे निषाद कुमार, सीधे गोल्ड पर लगाई छलांग
निषाद कुमार ने एशियन पैरा गेम्स में भारत को पैरा एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया. उन्होंने पुरुषों की T47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता. खास बात यह रही कि यह उनका पहला प्रतिस्पर्धी लॉन्ग जंप मुकाबला था. अब वह अपने पसंदीदा इवेंट हाई जंप T47 में भी उतरेंगे.
बाबर आजम ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने 141 वनडे पारियों में 6671 रन बना लिए हैं। उन्होंने विराट कोहली और हाशिम अमला जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है।
Asian Para Games 2026 में Nishad Kumar ने Long Jump T47 में जीता Gold Medal
सोमवार (19 अक्टूबर) को चल रहे एशियाई पैरा गेम्स 2026 में, निषाद कुमार ने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। हिमाचल प्रदेश के 27 वर्षीय एथलीट, जो पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में दो बार पैरालंपिक पदक जीत चुके हैं, ने सोमवार को अपनी दूसरी स्पर्धा में हिस्सा लिया और उसमें भी पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी स्पर्धा की शुरुआत 6.95 मीटर की छलांग के साथ की। इसके बाद, अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 7.09 मीटर और तीसरे प्रयास में 7.11 मीटर की दूरी तय की। चौथे प्रयास में वे एक सफल छलांग नहीं लगा सके, और पांचवें प्रयास में उन्होंने फिर से 7.11 मीटर की दूरी तय की। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 6.99 मीटर की दूरी तय करके पोडियम पर जगह बनाई। 6.99 मीटर की यह छलांग उनके इस सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रही। इससे पहले उन्होंने 6.71 मीटर, 6.88 मीटर, 6.81 मीटर और 6.76 मीटर की दूरियां तय की थीं। एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में सबसे बेहतरीन छलांग का रिकॉर्ड चीन के हाओ वांग के नाम है। वांग ने 7 अक्टूबर 2018 को जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में 7.53 मीटर की दूरी तक छलांग लगाई थी। मोना अग्रवाल ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी ही देश की अवनि लेखरा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही, एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (SH1) स्पर्धा में भारत ने पहले और दूसरे स्थान पर रहते हुए अपने पदकों का खाता खोला। 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने वालीं मोना छठे स्थान से ऊपर उठीं और 250.0 के स्कोर के साथ एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंकों से पीछे छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि ने 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके इस पदक से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी मिल गया है। इससे पहले, मोना ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित 'वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप' में रजत पदक जीतकर भारत के लिए एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था।
भारत के सब्सक्रिप्शन-फ्री OTT प्लेटफॉर्म VETO ने ‘VETO Sports Carnival’ पेश किया है। इसके तहत दर्शक क्रिकेट, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और टेनिस जैसे खेलों के 300 घंटे से ज्यादा लाइव मुकाबले देख सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए प्लेटफॉर्म पर सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं होगी।
Kapil Parmar ने Asian Para Games में जीता Bronze Medal इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हराया
सोमवार को जापान के नागोया में चल रहे 2026 एशियन पैरा गेम्स में, भारत के कपिल परमार ने पुरुषों के J1 -70kg पैरा-जुडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में, परमार ने इंडोनेशिया के शिदकी राफली अहनाफ को 69 सेकंड में 'इप्पोन' (Ippon) से हरा दिया। पेरिस 2024 पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले कपिल परमार का यह एशियन पैरा गेम्स में दूसरा मेडल है; इससे पहले उन्होंने 2023 के हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इन गेम्स में उनका यह ब्रॉन्ज मेडल, भारत के लिए कुल तीसरा मेडल है और पैरा-जुडो में देश का पहला मेडल है। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्रतियोगिता में इससे पहले, क्वार्टर फाइनल में परमार ने मंगोलिया के बातरसुरेन बाट-एर्डेने को 'गोल्डन स्कोर' के दौरान 4 मिनट 53 सेकंड में 'इप्पोन' से हराकर अगले दौर में जगह बनाई थी। अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए परमार ने कहा कि मैं अच्छा महसूस कर रहा हूँ। काफी समय हो गया था जब मैंने कोई मेडल जीता था। मैंने बहुत कड़ी मेहनत की है। मेरे कोच ने भी मुझ पर बहुत मेहनत की है। मैं तो गोल्ड मेडल जीतने की तैयारी के साथ आया था, लेकिन आज मेरा दिन या मेरी किस्मत साथ नहीं थी, इसलिए मुझे ब्रॉन्ज मेडल मिला। सभी भारतीयों का बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) और SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का बहुत-बहुत धन्यवाद। सभी का धन्यवाद। OGQ (ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट) का भी धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद, भारत। परमार के कोच, मुनव्वर अंजार ने इस मेडल के महत्व पर जोर दिया, खासकर इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में परमार को कई निजी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें उनकी मां की खराब तबीयत भी शामिल थी। अंजार ने कहा, उनके लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतना बहुत जरूरी था। उन्होंने पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। लेकिन उसके बाद कुछ ऐसी स्थितियां बनीं कि घर पर उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं थी। इस वजह से वह काफी टूट गए थे, मानसिक रूप से भी। लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्हें यह मेडल अपनी मां को समर्पित करना चाहिए। और आज उन्होंने ऐसा ही किया। सबसे बड़ी बात यह है कि हमें मेडल मिला। और हमें जो ब्रॉन्ज मेडल मिला है, उसके सहारे हम आने वाले पैरालंपिक के लिए बहुत कड़ी तैयारी करेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप परमार ने पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में इतिहास रच दिया। वह पैरालंपिक मेडल जीतने वाले भारत के पहले जूडोका (judo athlete) बन गए हैं, जिन्होंने पुरुषों की J1 -60kg कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनके खेल करियर में कई मुश्किलें आईं; एक बार जब वह पानी से भरे खेत में काम कर रहे थे, तब वहां बिजली का एक तार गिर गया, जिससे उन्हें करंट लगा और उनकी आंखों की रोशनी चली गई। इन मुश्किलों के बावजूद, परमार ने लखनऊ की इंडियन पैरा जूडो एकेडमी में अपनी ट्रेनिंग जारी रखी और अब वह इस खेल के प्रमुख एथलीटों में से एक बन गए हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं, जिनमें 2023 में अलेक्जेंड्रिया में, और 2024 में अंताल्या और त्बिलिसी में आयोजित IBSA जूडो ग्रां प्री प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर इस साल विदेश में भारत के सबसे तेज रनर बने हैं। खास बात यह है कि जिस दिन उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया, उस दिन उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बावजूद वे रेस में उतरे और अपना बेस्ट दिया। जर्मनी में उन्होंने 100 मीटर की रेस 10.14 सेकंड में पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने अपना पर्सनल बेस्ट टाइम भी बनाया। अनिमेष का एथलेटिक्स का सफर भी काफी दिलचस्प है। वे सैनिक स्कूल अंबिकापुर में फुटबॉल खेलते थे। एक दिन दोस्तों ने कहा कि तुम्हारी स्पीड अच्छी है, एथलेटिक्स में भी ट्राई करो। इसके बाद उन्होंने पहली बार स्टेट मीट में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने 100 मीटर रेस के साथ शॉटपुट में भी गोल्ड मेडल जीता। उस समय उन्हें यह भी पता नहीं था कि इस प्रतियोगिता के जरिए नेशनल के लिए सिलेक्शन हो रहा है। आज अनिमेष इंटरनेशनल लेवल पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। वे एशियन गेम्स में मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। हालांकि, व्यक्तिगत रेस में मेडल नहीं जीत पाने का मलाल भी है। उनका सपना है कि किसी बड़े इंटरनेशनल इवेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतें और पोडियम पर बीच में खड़े होकर देश का राष्ट्रगान सुनें। दैनिक भास्कर डिटिजल की टीम अनिमेष कुजूर के रायपुर स्थित घर पहुंची। टीम ने उनसे उनके अब तक के सफर, मुश्किल दिनों, माता-पिता के सपोर्ट और आगे के टारगेट पर बात की। पढ़िए इंटरव्यू... देखिए ये तस्वीरें… सवाल: आप सैनिक स्कूल में फुटबॉल खेलते थे, फिर एथलेटिक्स में आने का ख्याल कैसे आया? जवाब: मैं सैनिक स्कूल अंबिकापुर से पास आउट हुआ। 2020 में स्कूल से निकलने के अगले ही दिन कोविड शुरू हो गया था। मेरे पेरेंट्स ने कभी नहीं कहा कि बाहर मत जाओ या खेलना बंद कर दो। दोनों DSP हैं। उस समय उनकी ड्यूटी लोगों को क्वारंटाइन कराने में भी लगती थी, लेकिन उन्होंने मुझे खेलने से नहीं रोका। मैं ग्राउंड में जाता था, जहां पुलिस और आर्मी की भर्ती की तैयारी करने वाले लोग ट्रेनिंग करते थे। मैं भी उनके साथ कभी दौड़ लेता था, कभी शॉटपुट, हाई जंप या लॉन्ग जंप ट्राई कर लेता था। ऐसे ही धीरे-धीरे फुटबॉल से मेरा इंटरेस्ट एथलेटिक्स में बढ़ने लगा। कोविड के बाद स्टेट मीट होने वाला था। मेरे फुटबॉल खेलने वाले दोस्तों ने कहा कि तुम्हारी स्पीड अच्छी है, तुम भी जाकर ट्राई करो। मैं प्रतियोगिता से एक दिन पहले पहुंचा था। उसी शाम मुझे बताया गया कि ब्लॉक कैसे लगाते हैं और स्टार्ट कैसे लेते हैं। इससे पहले मुझे एथलेटिक्स के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था। सिंथेटिक ट्रैक पर भी मैं पहली बार दौड़ा था। मैंने 100 मीटर रेस और शॉटपुट में हिस्सा लिया और दोनों में गोल्ड जीत लिया। मुझे यह भी नहीं पता था कि यहां से नेशनल के लिए सिलेक्शन हो रहा है। बाद में एसोसिएशन से फोन आया कि मेरा नेशनल के लिए सिलेक्शन हो गया है और मुझे गुवाहाटी जाना है। सवाल: पहली बार नेशनल खेलने गए तो क्या लगा कि इस खेल में आगे बढ़ सकते हैं? जवाब: जनवरी 2021 में पहली बार नेशनल खेलने गुवाहाटी गया था। पहली बार पेरेंट्स के बिना बाहर गया था। वहां 100 मीटर में पांचवीं और 200 मीटर में चौथी रैंक मिली, तब लगा कि इस खेल में आगे भी ट्राई करना चाहिए। इसके बाद फिर कोविड आ गया। लगा कि अभी तो शुरुआत की थी और फिर रुकना पड़ रहा है। अक्टूबर 2021 में दिल्ली में अंडर-23 की प्रतियोगिता हुई। मैंने सोचा कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ भी ट्राई करते हैं। 200 मीटर में मेरी पांचवीं रैंक आई। मेरे लिए यह बड़ी बात थी कि कम उम्र में सीनियर खिलाड़ियों के साथ फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद हैदराबाद में साईं के साथ ट्रेनिंग करने का मौका मिला। फिर बिलासपुर में अंडर-23 प्रतियोगिता में मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं से रिलायंस फाउंडेशन से जुड़ने का रास्ता खुला। सवाल: गुरविंदर सिंह के साथ एक ही प्रतियोगिता में बार-बार रिकॉर्ड टूटे, उस दिन क्या चल रहा था? जवाब: इस बार हम सबने पूरी ताकत लगा दी थी। सेमीफाइनल में गुरविंदर ने 10.18 सेकंड का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद मैंने 10.17 सेकंड का टाइम निकाला और रिकॉर्ड को 10.15 सेकंड तक ले गया। अगले दिन गुरविंदर ने 10.09 सेकंड में रेस पूरी की, जबकि मेरा टाइम 10.20 सेकंड रहा। उस दिन रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बन रहे थे। हम लोगों को भी काफी मजा आया। इसके बाद हम दोनों का कॉमनवेल्थ के लिए सिलेक्शन हुआ। ट्रैक पर हमारे बीच मुकाबला रहता है, लेकिन उसके बाहर हम अच्छे दोस्त हैं। हम रिले टीम में भी साथ रहते हैं। इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में जाते हैं तो कई बार साथ ही रहते हैं। रेस में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश होती है, लेकिन बाकी समय दोस्ती रहती है। सवाल: जर्मनी में जिस दिन आपने 10.14 सेकंड का अपना बेस्ट टाइम दिया, उस दिन आपकी तबीयत खराब थी। फिर भी रेस में उतरने का फैसला कैसे किया? जवाब: इस साल जून में जर्मनी में प्यूमा फास्ट आर्म्स फास्टेस्ट कॉम्पिटिशन था। उस समय मेरी तबीयत थोड़ी खराब थी। मैं पोलैंड में टीम के साथ था और वहां से अकेले जर्मनी गया था। पहली बार इस तरह अकेले ट्रैवल करके कॉम्पिटिशन में हिस्सा ले रहा था। मेरे मन में था कि इतनी दूर आया हूं, तो मुझे खुद ही सब मैनेज करना होगा। हर बार कोच या फिजियो मेरे साथ नहीं आ सकते। मैं वहां यह एक्सक्यूज नहीं देना चाहता था कि तबीयत खराब थी, इसलिए अच्छा नहीं कर पाया। मैंने किसी तरह खुद को संभाला और रेस में उतरा। तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद 10.14 सेकंड का अपना पर्सनल बेस्ट टाइम दिया। मेरे लिए यह बहुत अच्छा पल था। अब मेरा टारगेट 10 सेकंड से कम टाइम निकालना है। 10 सेकंड से नीचे रेस पूरी करने का जो मजा होगा, वह अलग ही होगा। सवाल: पहली बार इंटरनेशनल मेडल जीता था, तब क्या फीलिंग थी? जवाब: पहली बार विदेश रूस गया था। वहां कजान में कॉम्पिटिशन था। मैं देख रहा था कि भारतीय खिलाड़ी मेडल जीतने के बाद तिरंगे के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। मैं स्टैंड में बैठा सोच रहा था कि मेरा दिन कब आएगा। फिर जब मैंने 200 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता, तो लगा कि कल तक जिस चीज के बारे में सोच रहा था, आज वही मेरे साथ हो रहा है। तिरंगा लेकर फोटो खिंचवाना बहुत प्राउड मोमेंट था। इसके बाद एशियन चैंपियनशिप और दूसरी इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भी मेडल मिले। हर बार देश के लिए खेलना और तिरंगे के साथ खड़े होना बहुत अच्छा लगता है। सवाल: एशियन गेम्स में मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज मिला, लेकिन व्यक्तिगत रेस में मेडल नहीं आए। इसका कितना मलाल है? जवाब: 100 मीटर मेरे लिए साइड इवेंट जैसा है, जबकि 200 मीटर मेरा मेन इवेंट है। एशियन गेम्स में मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। उस समय यही सोच रहा था कि भारत के लिए दौड़ना है और अपना पूरा दम लगाना है। लेकिन व्यक्तिगत रेस में क्या हुआ, यह मुझे खुद भी समझ नहीं आया। ट्रेनिंग कैंप तक सब अच्छा चल रहा था। मुझे लगता था कि अपनी नॉर्मल टाइमिंग में दौड़ता तो 200 मीटर में मेडल आ सकता था। 100 मीटर में पर्सनल बेस्ट देना पड़ता, लेकिन 200 मीटर में भी उम्मीद थी। मैंने कोच से इस बारे में बात की है। कभी-कभी ट्रेनिंग में अच्छा करने के बाद भी कॉम्पिटिशन में वैसा प्रदर्शन नहीं हो पाता। इसकी वजह समझने और आगे सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं। मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज जीतना अच्छी बात थी, लेकिन व्यक्तिगत इवेंट में भी भारत के लिए मेडल जीतना चाहता था। सवाल: बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में उतरते समय प्रेशर रहता है? जवाब: पहले मुझे लगता था कि बड़े कॉम्पिटिशन में बहुत प्रेशर होगा। लेकिन पिछले साल मोनाको में डायमंड लीग खेलने का एक्सपीरियंस मेरे लिए काफी खास रहा। वहां दुनिया के बड़े एथलीटों के साथ मुकाबला किया और उनसे मिला। मैंने देखा कि इतने बड़े खिलाड़ी भी काफी चिल रहते हैं। तब समझ आया कि कई बार हम खुद ही अपने ऊपर जरूरत से ज्यादा प्रेशर बना लेते हैं। अब बड़े कॉम्पिटिशन में जाने पर घबराहट नहीं होती, बल्कि एक्साइटमेंट होता है कि चलो, अब कुछ अच्छा करने का मौका मिलेगा। सवाल: पेरेंट्स दोनों पुलिस सेवा में हैं। जब आपने एथलेटिक्स को करियर बनाने का फैसला किया, तो उनका क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे पेरेंट्स हमेशा सपोर्टिव रहे हैं। पापा और मम्मी का कहना था कि जो करना है, करो। मम्मी और मौसी को थोड़ी चिंता रहती थी कि अगर पढ़ाई नहीं की तो आगे क्या होगा। उनकी चिंता भी सही थी। लेकिन परिवार ने मुझे कभी रोका नहीं। उन्होंने फाइनेंशियली, मेंटली और हर तरह से सपोर्ट किया। मैं खुद को लकी मानता हूं कि उन्होंने मुझे इस फील्ड में आगे बढ़ने का मौका दिया। अब उन्हें भी खुशी होती है कि जिस काम पर उन्होंने भरोसा किया, उसमें मैं आगे बढ़ रहा हूं। मुझे लगता है कि उन्होंने जो विश्वास दिखाया, उस पर खरा उतरना मेरे लिए बहुत जरूरी था। सवाल: कभी लगा कि एथलेटिक्स छोड़कर कोई दूसरा करियर चुन लेना चाहिए? जवाब: स्कूल के समय मेरा टारगेट नेशनल डिफेंस एकेडमी में जाना था। सैनिक स्कूल का माहौल ही ऐसा था। प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल और कई अधिकारी डिफेंस से जुड़े थे। हमें डिफेंस से जुड़ी जगहों पर जाने और उन्हें समझने का मौका भी मिलता था। लेकिन एथलेटिक्स में आने के बाद कभी ऐसा नहीं लगा कि गलत रास्ता चुन लिया है। अब इसी खेल में आगे बढ़ रहा हूं। परिवार का भरोसा मिला है और मैं इस फील्ड में अच्छा करना चाहता हूं। इसलिए इसे छोड़ने के बारे में नहीं सोचता। सवाल: आप साल में कम ही दिन घर पर रहते हैं। घर और परिवार की याद आती है? जवाब: मैं क्लास-6 से हॉस्टल में रहा हूं। वहां एक फोन पर करीब 80 बच्चों की फैमिली को बात करनी होती थी। फोन करने का समय भी तय था। कभी कॉल लग जाता था, कभी नहीं। कई बार एक-दो हफ्ते तक घर पर बात नहीं हो पाती थी। शुरुआत में हॉस्टल में थोड़ा अजीब लगता था, लेकिन धीरे-धीरे आदत हो गई। अब इतने साल से घर से दूर रहने के कारण इसकी आदत बन गई है। जब घर आता हूं तो परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगता है। सवाल: छत्तीसगढ़ और देश के लोगों को आपसे काफी उम्मीदें हैं। क्या यह उम्मीदें कभी प्रेशर बनती हैं? जवाब: मैं समझता हूं कि लोगों को उम्मीद रहती है कि छत्तीसगढ़ का खिलाड़ी आगे बढ़े और देश के लिए मेडल जीते। लेकिन अच्छे रिजल्ट आने में समय लगता है। मैंने अपना करियर बाकी खिलाड़ियों की तरह बहुत पहले शुरू नहीं किया था। अगर पहले शुरू करता तो शायद कुछ चीजें पहले हो जातीं। अब जिस समय शुरुआत की है, उसी हिसाब से आगे बढ़ रहा हूं। हमने पहले से प्लान किया है कि किस साल कौन-सी प्रतियोगिता पर फोकस करना है। इसलिए लोगों को भी समझना चाहिए कि हर चीज तुरंत नहीं होती। मेहनत करनी पड़ती है और समय देना पड़ता है। सवाल: खेल के साथ डाइट और फिटनेस को कैसे मैनेज करते हैं? घर आने पर पसंद का खाना मिलता है? जवाब: बाहर का खाना और ऐसी चीजें, जो मेरी डाइट के लिए सही नहीं हैं, उन्हें जितना हो सके अवॉइड करता हूं। घर के खाने में चावल और रोटी भी जरूरी हैं, लेकिन डाइट को ट्रेनिंग के हिसाब से मैनेज करना पड़ता है। अभी घर आया हूं तो पसंद का खाना भी खा रहा हूं। मेरा फेवरेट चिली चिकन है। मेरी मामी ने खास तौर पर मेरे लिए चिली चिकन बनाया था। घर आकर ऐसा खाना खाने का मजा ही अलग है। सवाल: आपकी ट्रेनिंग कैसी रहती है? क्या आराम करने का भी समय मिलता है? जवाब: हमारी ट्रेनिंग में ट्रैक और जिम के दिन अलग-अलग होते हैं। ट्रैक वाले दिन सुबह करीब 5:30 बजे उठना पड़ता है। सुबह 6:30 से 10 या कभी 10:30 बजे तक वर्कआउट चलता है। इसके बाद स्विमिंग होती है और फिर लंच। लंच के बाद बॉडी की स्ट्रेंथ और जिन हिस्सों में कमी है, उन पर काम करते हैं। शाम को रिकवरी सेशन, स्टीम बाथ और दूसरी रिकवरी एक्सरसाइज होती हैं। रात की नींद भी बहुत जरूरी है, इसलिए कोच दिन में ज्यादा सोने नहीं देते। आराम के लिए मूवी देखता हूं, वेब सीरीज देखता हूं या कभी थिएटर चला जाता हूं। शनिवार शाम को दोस्तों के साथ मॉल या आसपास घूमने निकल जाते हैं। मुझे वॉक करना भी बहुत पसंद है। रविवार को पूरा दिन चिल करने की कोशिश करता हूं। सवाल: छत्तीसगढ़ में खेलों को और बेहतर बनाने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं? जवाब: दूसरे राज्यों और देशों में स्पोर्ट्स का कल्चर पहले से बना हुआ है। उन्हें पता है कि खिलाड़ी तैयार करने के लिए किस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए। छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में काम हो रहा है, लेकिन अभी और काम किया जा सकता है। जैसे-जैसे यहां से नए खिलाड़ी निकलेंगे, सरकार को भी समझ आएगा कि ग्रासरूट लेवल पर किन चीजों की जरूरत है। बच्चों को शुरुआत से अच्छे मौके मिलने चाहिए, ताकि वे अपने खेल में आगे बढ़ सकें। मेरे हिसाब से खिलाड़ी, परिवार और सरकार, सभी में कुछ करने का जुनून होना चाहिए। खिलाड़ी में पैशन हो और उसे परिवार और सरकार का सपोर्ट मिले, तो मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ सकता है। सवाल: अब आगे का टारगेट क्या है? अगले साल किन प्रतियोगिताओं पर फोकस रहेगा? जवाब: नवंबर और दिसंबर में भारत में ट्रेनिंग करूंगा। इसके बाद विदेश में ट्रेनिंग के लिए जाने का प्लान है। अभी तय किया जा रहा है कि कहां जाना है। अगले साल एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे बड़े इवेंट हैं। इन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करना है। इसके बाद ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करना बड़ा टारगेट है। मैं चाहता हूं कि भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। जब पोडियम पर बीच में खड़े होकर देश का राष्ट्रगान सुनने का मौका मिलता है, तो वह एहसास अलग होता है। अब तक कई मेडल जीते हैं, लेकिन उस जगह खड़े होने का सपना है।
शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
साउथ कोरिया की आन से-यौंग ने बैडमिंटन के विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल टाइटल जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने रविवार को डेनमार्क ओपन के फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-23, 21-14, 21-18 से हराया। डेनमार्क के ओडेंस शहर में मिली इस जीत के साथ सी-यंग के इंटरनेशनल टाइटल की संख्या 47 हो गई। उन्होंने इंडोनेशिया की दिग्गज सुसी सुसांती (46 टाइटल) के 29 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने इसकी पुष्टि की। BWF के रिकॉर्ड 1989 से रखे जा रहे हैं और इनमें रीजनल टूर्नामेंट में जीते खिताब शामिल नहीं हैं। BWF ने 24 साल की एन सी-यंग को ‘ऑल टाइम ग्रेट’ बताया। सी-यंग ने कहा- मैं और रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हूं जीत के बाद सी-यंग ने कहा, ‘मैं बहुत इतिहास बनाना और रिकॉर्ड तोड़ना चाहती हूं, लेकिन एक समय में एक मैच पर ध्यान देती हूं।’ उन्होंने कहा, ‘यही मेरी प्रेरणा है। दर्शक मेरे लिए आते हैं और मुझे खुशी है कि लोग मेरा हर मैच पसंद करते हैं।’ दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी अन लगातार 105 हफ्तों से शीर्ष रैंकिंग पर हैं। उन्होंने 2025 में एक सीजन में रिकॉर्ड 11 खिताब जीते थे। इस साल भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है। फाइनल में टखने की चोट के बाद वापसी की आन से-यौंग फाइनल में यामागुची के खिलाफ पहला गेम 21-23 से हार गई थीं। उन्होंने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और इसे 21-14 से जीत लिया। इससे मुकाबला निर्णायक गेम में पहुंच गया। तीसरे गेम में आन एक समय 5-11 से पीछे थीं। कोर्ट पर फिसलने के बाद उनके दाएं टखने में चोट लगी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी लय वापस हासिल की। उन्होंने कोर्ट के धीमे हिस्से का फायदा उठाया और तीसरा गेम 21-18 से जीत लिया। आन ने मैच के बाद कहा, ‘कोर्ट खराब था और मैं फिसल गई। मैं अपने शरीर की जांच कराऊंगी और अपने कोच से बात करूंगी।’ उन्होंने कहा, ‘अंतिम गेम में मैं कोर्ट के धीमे हिस्से में थी और मुझे ज्यादा भरोसा था।’ सी-यंग ने इस सीजन 9 टाइटल जीते सी-यंग ने इस सीजन में BWF वर्ल्ड टूर के छह सिंगल्स और ओवरऑल 9 खिताब जीते हैं। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भी बड़े खिताब हासिल किए हैं। टीम प्रतियोगिताओं में भी उन्हें सफलता मिली है। 2026 में उन्हें अब तक सिर्फ एक हार मिली है। मार्च में ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में चीन की वांग झियी ने उन्हें हराया था। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया:पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। पढ़ें पूरी खबर
Asian Para Games में Kapil Parmar ने जीता कांस्य, इंडोनेशियाई खिलाड़ी को दी मात
भारतीय जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने सोमवार को यहां इंडोनेशिया के अहनाफ रफली शिदकी को हराकर एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की जे1-70 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पिछले एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक जीतने वाले कपिल को सेमीफाइनल में एक अन्य इंडोनेशियाई खिलाड़ी जुनेदी के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बनाई। प्लेऑफ मुकाबले में कपिल ने एक इप्पोन हासिल करके 1-0 से जीत दर्ज की। जूडो में इप्पोन सबसे अधिक अंक देने वाला मूव है जिससे मुकाबला तुरंत जीत लिया जाता है। यह मुकाबला एक मिनट से कुछ अधिक समय तक चला। कपिल की मां की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है। भावुक कपिल ने कहा, ‘‘मैं यहां स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से आया था, लेकिन कांस्य पदक ही जीत सका। स्वर्ण पदक के मामले में आज किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मैं इस कांस्य पदक के लिए आभारी हूं। मैंने बहुत मेहनत की है और लंबे समय बाद यह मेरा पहला पदक है।’’जे1 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ियों से लेकर ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिन्हें रोशनी का बहुत कम आभास होता है। कपिल ने 2024 पैरालंपिक में भी कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा वह 2019 राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता रहे थे।
आयुष बदोनी ने ठोक दी डबल सेंचुरी, प्रियांश आर्या एक रन से चूके, दिल्ली के सामने गुजरात की हालत खराब
रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के कप्तान आयुष बदोनी ने गुजरात के खिलाफ दोहरा शतक लगाया है। प्रियांश आर्या के 199 रनों की पारी की मदद से टीम ने अब 500 से अधिक रन बना लिए हैं।
इंटरनेट डेस्क। पैरा एशियन गेम्स में राजस्थान की बेटियों ने देश का नाम रोशन किया है। जापान में शुरू हुए पैरा एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में देश को पहले दिन आज 2 पदक दिलाए। खबरों के अनुसार, आर2 विमेंस 10 मीटर राइफल शूटिंग की एसएच1 कैटेगरी में मोना ने गोल्ड और अवनि ने सिल्वर पर निशाना साधा है। एसएच1 कैटेगरी में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले शूटर हिस्सा लेते हैं। इस इवेंट के क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। पेरिस पैरालंपिक्स की कांस्य पदक विजेता मोना ने फाइनल में दमदार वापसी की। एक समय वे 5वें स्थान पर चल रही मोना ने 250.0 अंक के एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड के साथ अवनि को शिकस्त दी। 2 बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनी 249.6 अंक के साथ दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। मोना उनसे केवल 0.4 अंक आगे रहीं। कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। PC:jagran
Mona Agarwal ने Asian Para Games में जीता गोल्ड, हमवतन अवनि को पछाड़कर बनाया रिकॉर्ड
मोना अग्रवाल ने सोमवार को यहां फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया जिससे भारत ने एशियाई पैरा खेलों में पहला-दूसरा स्थान हासिल कर पदक तालिका में अपना खाता खोला। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के साथ एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पछाड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया। मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। एसएच1 वर्ग निचले अंगों में विकलांगता वाले निशानेबाजों के लिए है। जयपुर की इन दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना के 239.1 अंक थे जबकि अवनि 239.2 अंक के साथ उनसे 0.1 अंक आगे थीं। मोना ने आखिरी शॉट में शानदार 10.8 अंक हासिल किए जबकि अवनि 10.5 अंक ही जुटा सकीं। इस तरह 38 वर्षीय दो बच्चों की मां मोना ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मोना ने क्वालीफिकेशन में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने आठ निशानेबाजों के बीच 629.1 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल करते हुए एशियाई पैरा खेलों का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया था। कार दुर्घटना के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर निशाना लगाने वाली अवनि 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि फाइनल की शुरुआत में तस्वीर अलग थी। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरी अवनि ने 10.8 अंक के साथ शुरुआत की जबकि मोना ने 10.1 अंक हासिल किए। पहले पांच शॉट के बाद अवनि 53.2 अंक के साथ आगे थीं। अगले पांच शॉट के बाद भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और 104.8 अंक तक पहुंच गईं। उस समय मोना 102.9 अंक के साथ छठे स्थान पर थीं। इसके बाद एलिमिनेशन चरण में मुकाबले का रुख बदल गया। अवनि लगातार कुछ कम स्कोर वाले शॉट लगाने लगीं जबकि मोना ने धीरे-धीरे अपनी स्थिति में सुधार किया। इससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। मोना के लिए यह स्वर्ण पदक धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी का परिणाम रहा। अवनि के लिए यह रजत पदक उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है।
Asian Para Games 2026: भारत ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में 'डबल धमाल' से अपना मेडल का खाता खोला। मोना अग्रवाल ने गोल्ड जबकि अवनि लेखरा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
ट्रेड की अफवाहों के बीच आर अश्विन ने हार्दिक पांड्या की अगली IPL फ्रेंचाइजी पर दिया बड़ा संकेत
PC: The indian express मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या के ट्रेड और उनकी अगली आईपीएल टीम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच, अनुभवी स्पिनर आर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बड़ा संकेत देते हुए बताया है कि हार्दिक पंड्या चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बजाय राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम में शामिल होने की रेस में सबसे आगे हो सकते हैं। आइए जानते हैं इस पूरी रिपोर्ट की खास बातें: आर अश्विन का बड़ा दावा अश्विन ने बातचीत के दौरान उन चर्चाओं को खारिज किया जिसमें एमएस धोनी द्वारा हार्दिक को सीएसके में लाने की बात कही जा रही थी। उनके मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स (RR) इस ट्रेड लिस्ट में सबसे ऊपर है। मुंबई इंडियंस में कप्तानी और संघर्ष दो साल पहले गुजरात टाइटंस छोड़कर मुंबई इंडियंस में लौटने और रोहित शर्मा की जगह कप्तान बनने के बाद से टीम का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। पिछले सीजन में टीम के खराब प्रदर्शन और फैंस की नाराजगी के बाद से ही उनके संभावित ट्रेड की अटकलें लगाई जा रही हैं। विकल्प और भविष्य यदि हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस छोड़ते हैं, तो फ्रेंचाइजी भविष्य के कप्तान के रूप में तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों पर विचार कर सकती है। वहीं, आरआर और सीएसके दोनों ही एक बेहतरीन ऑलराउंडर को अपने पाले में करने के लिए उत्सुक नजर आ रही हैं।
मोना अग्रवाल ने गोल्ड और अवनि लेखरा ने जीता सिल्वर: एशियन पैरा गेम्स
टोयोटा, भारतीय शूटर मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को यहां ऐची प्रीफ. जनरल शूटिंग गैलरी में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 इवेंट में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता।
Asian Para Games 2026: 10m Air Rifle में Mona Agarwal ने जीता Gold, Avani को Silver
19 अक्टूबर को आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने इन खेलों में भारत के लिए पहले पदक पक्के किए। सातवीं सीरीज के बाद 250 के स्कोर के साथ मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 249.6 के पिछले एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया; यह पिछला रिकॉर्ड 2023 के हांगझोऊ खेलों में अवनि लेखरा ने बनाया था। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद अवनि लेखरा ने सातवीं सीरीज के बाद 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। इससे पहले दिन में, मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में 629.1 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने चीन की झांग कुइपिंग के नाम दर्ज पिछले एशियाई पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड को तोड़ दिया। मोना अग्रवाल 629.4 के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने से बहुत कम अंतर से चूक गईं; यह विश्व रिकॉर्ड संयुक्त रूप से अवनि लेखरा और स्लोवाकिया की वेरोनिका वाडोविकोवा के नाम है। अवनि लेखरा ने क्वालिफिकेशन राउंड में 626.4 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video पुरुषों की 10m एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 फाइनल में, भारत कोई पदक नहीं जीत सका। महावीर स्वरूप उन्हाल्कर 205.9 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहे और पांचवीं सीरीज के बाद प्रतियोगिता से बाहर हो गए, जबकि पहली बार हिस्सा ले रहे राकेश निदागुंडी 141.5 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे। निदागुंडी और उन्हाल्कर दोनों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था; पुरुषों के क्वालीफिकेशन इवेंट में 6 सीरीज के बाद, निदागुंडी 619.3 के स्कोर के साथ सातवें और उन्हाल्कर 617.4 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहे थे। आनंदा कृष्णन क्वालीफाई नहीं कर सके और 605.2 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहे।
हांगकांग सिक्सेस 2026 के लिए अफगान टीम का ऐलान, गुलबदीन नायब बने कप्तान
अफगानिस्तान ने हांगकांग सिक्सेस 2026 के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें अनुभवी ऑलराउंडर गुलबदीन नायब को कप्तान बनाया गया है।
राजस्थान के सीकर में जन्मी मोना अग्रवाल नौ महीने की उम्र में पोलियो से प्रभावित हो गई थीं। उन्होंने पैरा एथलेटिक्स और सिटिंग वॉलीबॉल के बाद दिसंबर 2021 में निशानेबाजी शुरू की।
भारतीय जूडोका कोकिला ने फाइनल में बनाई जगह: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत की कोकिला ने सोमवार को आइची-नागोया में 2026 एशियन पैरा गेम्स में महिलाओं की जे2-52 किग्रा गोल्ड मेडल बाउट में अपनी जगह पक्की कर ली।
शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स में की वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी, एशियाई रिकॉर्ड भी किया ध्वस्त
भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला कंपाउंड क्वालीफाइंग राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की।
मोना अग्रवाल ने 2026 एशियाई पैरा खेलों की महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 250.0 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। अवनी लेखरा 249.6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
French Open में लय तलाशेंगी PV Sindhu, पहले दौर में शीर्ष वरीय एन से यंग से मुकाबला
अनुभवी पीवी सिंधू की अगुुवाई में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हाल के अपने खराब प्रदर्शन को पीछे छोड़कर मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 950,000 अमेरिकी डॉलर इनामी फ्रेंच ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब होंगे। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू महिला एकल के पहले दौर में दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त आन से यंग का सामना करेंगी, जबकि पुरुष एकल में छठी वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन पहले मुकाबले में जापान के कोदाई नाराओका से भिड़ेंगे। पिछले सप्ताह डेनमार्क ओपन में भी सिंधू पहले दौर में ही जर्मनी की यवोन ली से हार गई थी और उन्हें यंग को चुनौती देने के लिए अपने खेल का स्तर काफी बढ़ाना होगा। लक्ष्य पीठ की चोट से उबरकर नाराओका को हराने और एशियाई खेलों की पुरुष टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाने में सफल रहे थे, लेकिन उसके बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। पुरुष एकल में किदाम्बी श्रीकांत का पहला मुकाबला हमवतन आयुष शेट्टी से होगा। पुरुष युगल मेंं सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी एशियाई खेलों के पहले दौर में बाहर हो गए थे। फ्रेंच ओपन में उनका सामना फ्रांस के दो भाइयों क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव से होगा। महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी पहले दौर में ताइवान की लिन चिह-चुन और यांग चू युन से भिड़ेगी। महिला एकल में भारत की दो उभरती हुई खिलाड़ी तन्वी शर्मा और इशारानी बरुआ पहले दौर में एक-दूसरे का सामना करेंगी। अश्मिता चालिहा चीन की हान कियान शी के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी, जबकि उन्नति हुडा का सामना जापान की रिको गुंजी से होगा। देविका सिहाग पहले दौर में इंडोनेशिया की पांचवीं वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वर्दानी का सामना करेगी।
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में भारत को पहले दिन सोमवार को 2 पदक दिलाए। राइफल शूटिंग में मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता। जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में दोनों ने शानदार वन-टू फिनिश किया। क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ मोना अग्रवाल राजस्थान के सीकर की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए। पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई। राजस्थान महिला टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं मोना कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी 2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं। -------------------------------------------- पैरा एशियाड से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बिना हाथ की तीरंदाज शीतल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बराबर किया, पैरा एशियन गेम्स में 704 अंक लिए बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। पढ़ें पूरी खबर
सलमान अली आगा ने रचा इतिहास, नंबर-5 पर शतक जड़ते हुए कर दिया कमाल, मोहम्मद यूसुफ छूट गए पीछे
सलमान अली आगा ने श्रीलंका के खिलाफ ODI ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में 90 गेंदों पर 107 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया। वह पाकिस्तान के लिए ODI में पांचवें या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
बिना हाथ की तीरंदाज शीतल देवी ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में सोमवार को वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। जोकि तुर्की की ओज्नुर गिर्डी के नाम था। 19 साल की शीतल ने महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में 720 में से 704 अंक हासिल किए। शीतल ने 72 तीरों में 57 बार परफेक्ट 10 लगाए। इनमें 32 शॉट लक्ष्य के सबसे अंदरूनी स्कोरिंग जोन में लगे। पेरिस पैरालिंपिक की कांस्य पदक विजेता शीतल ने पायल के साथ भारत को महिला कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर पहुंचाया। भारत ने 1,379 अंक के साथ चीन को पीछे छोड़ा। शीतल ने नया एशियन रिकॉर्ड बनाया जम्मू-कश्मीर की शीतल ने महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में लगभग हर शॉट पर सटीक निशाना लगाया। उनके 32 शॉट लक्ष्य के सबसे अंदरूनी हिस्से में लगे, जिन्हें X कहा जाता है। शीतल ने पिछला एशियन रिकॉर्ड छह अंकों से बेहतर किया। यह रिकॉर्ड 698 अंक का था। 704 अंक के साथ उन्होंने एशियन पैरा गेम्स में नया रिकॉर्ड बनाया। मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन शीटल ने अपना एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड भी बेहतर किया। उन्होंने 2023 में हांगझोउ में 680 अंक बनाए थे। पायल 675 अंक के साथ 5वें नंबर पर रहीं एशियन गेम्स में डेब्यू कर रहीं पायल ने भी महिला कंपाउंड क्वालिफिकेशन में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 675 अंक के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। ओडिशा की चारों अंगों से दिव्यांग पायल इस साल अप्रैल में चर्चा में आई थीं। उन्होंने बैंकॉक में वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में गोल्ड जीता था। उस मुकाबले में पायल ने शीतल को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अब दोनों के प्रदर्शन ने भारत की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में पदक की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। भारत सेमीफाइनल में पहुंचा शीतल और पायल के कुल 1,379 अंकों से भारत महिला कंपाउंड टीम क्वालिफिकेशन में पहले स्थान पर रहा। चीन 1,338 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत के मजबूत क्वालिफिकेशन प्रदर्शन से टीम को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली। भारतीय जोड़ी अब 5वीं वरीयता प्राप्त थाईलैंड और चौथी वरीयता वाले कजाकिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल के विजेता से खेलेगी। --------------------------------------------
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रहीं सविता पूनिया ने एशियाई खेलों के फाइनल से पहले की भावुक रात को याद किया। खिलाड़ियों ने अपने सपने साझा किए थे।
खेल डेस्क। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा (55 रन) और स्मृति मंधाना (47 रन) की तूफानी पारियों के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मैच में जिम्बाब्वे को नौ विकेट से शिकस्त दी। शैफाली वर्मा ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों में 55 रनों की तूफानी पारी खेली। इस मैच में मंधाना और शैफाली ने मिलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। इन दोनों ने मिलकर एक ही कैलेंडर ईयर के दौरान अन्तरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेटर में 1000 से अधिक रन की साझेदारी की है। वहीं दोनों ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इन दोनों ने साल 2026 में अब तक 9 बार 50 से अधिक रनों की शानदार साझेदारी करके हॉन्ग कॉन्ग की जोड़ी यास्मीन दसवानी और नताशा माइल्स का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। हॉन्ग कॉन्ग की जोड़ी ने साल 2026 में 8 बार ऐसा किया था। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर भी यही भाररतीय जोड़ी है, जिसने साल 2024 में 7 बार यह कारनामा किया था। टीम इंडिया ने 67 गेंदें बाकी रहते मैच जीता इस मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीत का भी रिकॉर्ड बनाया। रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ 103 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने 67 गेंदें बाकी रहते ही मैच अपने नाम किया। टी20 क्रिकेट के इतिहास में 100 से ज्यादा रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए विश्व सर्वाधिक गेंदे रहते हुए मैच जीतने का यह विश्व रिकॉर्ड है। इस मामले में अब टीम इंडिया पहले नंबर पर आ गई है। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
एशियन पैरा गेम्स के पहले दिन भारत की चुनौती शुरू हो गई है। आइची-नागोया में भारतीय खिलाड़ी तीरंदाजी, बैडमिंटन और निशानेबाजी समेत विभिन्न स्पर्धाओं में उतर रहे हैं।
सलमान आगा के शतक से जीता पाकिस्तान, ट्राई सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका को 37 रनों से दी मात
पाकिस्तान ने ODI ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 37 रन से हराकर जीत के साथ शुरुआत की। रावलपिंडी में खेले गए मैच में सलमान अली आगा ने 90 गेंदों पर 107 रन की शानदार पारी खेली, जिसकी बदौलत पाकिस्तान ने 49.5 ओवर में 305 रन बनाए।
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच गकेबरहा में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में अनोखा रिकॉर्ड बना है। ये रिकॉर्ड खिलाड़ियों की उम्र से जुड़ा हुआ है।
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुमराह के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को अगले साल के अंत में होने वाले ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए। शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स में कहा कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेलें। वनडे और T20 में उन्हें कभी-कभार ही उतारा जाए, ताकि वह चोट से बच सकें। बुमराह न्यूजीलैंड दौरे से कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। वे कीवियों के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से अहम है। शास्त्री की 3 बातें… न्यूजीलैंड दौरे पर गिल की कप्तानी की परीक्षा न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर सबसे ज्यादा ध्यान है। ऐसे में विदेशी दौरे पर टीम की कप्तानी को लेकर भी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज में अपनी कप्तानी साबित की थी। यह विदेशी कप्तान के तौर पर उनका पहला दौरा था। गिल ने उस सीरीज में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए थे। टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में गिल सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने अपने दूसरे विदेशी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ 1-0 से सीरीज जीती। भुवनेश्वर कुमार के चयन को शास्त्री ने सही बताया पिछले 24 महीनों में भुवनेश्वर कुमार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसके बाद भारतीय टीम में उनका चयन स्वाभाविक था। शास्त्री ने इसे ‘नो-ब्रेनर’ बताया। उन्होंने कहा, ‘अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। इसे बाजार से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। IPL में उन्होंने जिस तरह का फॉर्म दिखाया, उसके आधार पर वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श होंगे।’ पंत को मैच की स्थिति समझने की सलाह शास्त्री ने आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत को समझदारी से खेलने और मैच की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऋषभ पंत को कभी कोई संदेश नहीं दिया। मैं उनसे सिर्फ समझदारी से खेलने को कहता हूं। उन्हें किसी के लिए अपना खेल बदलने की जरूरत नहीं है।’ शास्त्री ने कहा, ‘उन्हें अपने स्वाभाविक खेल के साथ मैदान पर उतरना चाहिए और दर्शकों का मनोरंजन करना चाहिए। बस उन्हें मैच की स्थिति के बारे में जागरूक रहना होगा।’ भारत का न्यूजीलैंड दौरा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनीलिव पर लाइव देखा जा सकेगा। _______________________________ टेस्ट क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… बारिश और बोलैंड ने साउथ अफ्रीका को दबाव में डाला, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 विकेट गिरे; पहले दिन 12.2 ओवर का खेल हो सका ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट लिए। गकेबरहा में रविवार को बारिश के कारण खेल बार-बार रुका। पढ़ें पूरी खबर
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने बुमराह के ज्यादा इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि जसप्रीत बुमराह को अगले साल के अंत में होने वाले ODI वर्ल्ड कप तक तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए। शास्त्री ने रविवार देर रात स्टार स्पोर्ट्स में कहा कि बुमराह टेस्ट क्रिकेट खेलें। वनडे और T20 में उन्हें कभी-कभार ही उतारा जाए, ताकि वह चोट से बच सकें। बुमराह न्यूजीलैंड दौरे से कॉम्पिटिटिव क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। वे कीवियों के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से अहम है। शास्त्री की 3 बातें… न्यूजीलैंड दौरे पर गिल की कप्तानी की परीक्षा न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पर सबसे ज्यादा ध्यान है। ऐसे में विदेशी दौरे पर टीम की कप्तानी को लेकर भी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल ने 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ सीरीज में अपनी कप्तानी साबित की थी। यह विदेशी कप्तान के तौर पर उनका पहला दौरा था। गिल ने उस सीरीज में आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने 75.40 की औसत से 754 रन बनाए थे। टेस्ट सीरीज में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में गिल सिर्फ डॉन ब्रैडमैन से पीछे हैं। ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 810 रन बनाए थे। इसके बाद गिल ने अपने दूसरे विदेशी दौरे में श्रीलंका के खिलाफ 1-0 से सीरीज जीती। भुवनेश्वर कुमार के चयन को शास्त्री ने सही बताया पिछले 24 महीनों में भुवनेश्वर कुमार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसके बाद भारतीय टीम में उनका चयन स्वाभाविक था। शास्त्री ने इसे ‘नो-ब्रेनर’ बताया। उन्होंने कहा, ‘अनुभव का कोई विकल्प नहीं है। इसे बाजार से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। IPL में उन्होंने जिस तरह का फॉर्म दिखाया, उसके आधार पर वह न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए आदर्श होंगे।’ पंत को मैच की स्थिति समझने की सलाह शास्त्री ने आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ पंत को समझदारी से खेलने और मैच की स्थिति पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘मैंने ऋषभ पंत को कभी कोई संदेश नहीं दिया। मैं उनसे सिर्फ समझदारी से खेलने को कहता हूं। उन्हें किसी के लिए अपना खेल बदलने की जरूरत नहीं है।’ शास्त्री ने कहा, ‘उन्हें अपने स्वाभाविक खेल के साथ मैदान पर उतरना चाहिए और दर्शकों का मनोरंजन करना चाहिए। बस उन्हें मैच की स्थिति के बारे में जागरूक रहना होगा।’ भारत का न्यूजीलैंड दौरा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनीलिव पर लाइव देखा जा सकेगा। _______________________________
बांग्लादेश को मिली नई कप्तान, नाहिदा अख्तर संभालेंगी T20 की कमान, शोभना को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
बांग्लादेश की अनुभवी स्पिनर नाहिदा अख्तर को महिला T20I टीम का नया कप्तान बनाया गया है। उन्हें एक साल के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है और अगले महीने होने वाली ICC महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2026 उनका पहला टूर्नामेंट होगा।
Ind W vs Zim W: शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के तूफानी खेल से भारत ने जीती T20I सीरीज
भारतीय महिला टीम ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (55 रन, 25 गेंद) और कप्तान स्मृति मंधाना (नाबाद 47 रन, 25 गेंद) की पारियों से रविवार को यहां दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को 8.5 ओवर में नौ विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। शेफाली और मंधाना ने पहले विकेट के लिए 96 रन की साझेदारी से भारतीय टीम ने 67 गेंद रहते आसानी से 103 रन के लक्ष्य का पीछा कर लिया। इस तरह मंधाना ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली श्रृंखला में जीत से शुरूआत की। शेफाली की पारी में छह चौके और चार छक्के जड़े थे जबकि मंधाना ने छह चौके और दो छक्के जमाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान मिशेल मावुंगा की लगातार तीन गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाया। शेफाली ने बिलव्ड बिजा पर छक्का जड़कर 24 गेंद में अपना 22वां टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक जड़ा लेकिन अगली ही गेंद पर वह इस गेंदबाज का शिकार हो गईं। मंधाना ने भी आक्रामक अंदाज बल्लेबाजी करते हुए तेज गेंदबाज नयाशा ग्वानजुरा की लगातार चार गेंदों पर चौके जड़े। उन्होंने ओलिंडर चारे की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच समाप्त किया। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की कम अनुभवी टीम को आठ विकेट पर 102 रन के स्कोर पर रोक दिया। जिम्बाब्वे के लिए चिपो टिरिपानो 34 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहीं। कप्तान जोसफिने एनकोमो ने नाबाद 27 रन का योगदान दिया। बाकी की खिलाड़ी दोहरे अंक तक भी नहीं पहुंच सकीं। भारत के लिए निकी प्रसाद ने सात रन देकर दो जबकि क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा, दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक एक विकेट झटका। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद जिम्बाब्वे की टीम पूरे समय अपनी पारी को गति देने के लिए संघर्ष करती रही। तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने सलामी बल्लेबाज केलिस नधलोवु को 11 गेंद में बिना खाता खोले बोल्ड कर दिया जिससे अफ्रीकी टीम की शुरुआत खराब रही। जिम्बाब्वे पावरप्ले में एक विकेट गंवाकर केवल 20 रन बना सकी। इस दौरान टीम ने सिर्फ एक चौका लगाया जो पावरप्ले की आखिरी गेंद पर आया। फिर बिलव्ड बिजा भी आउट हो गईं। इसके बाद कप्तान जोसफिने और चिपो टिरिपानो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़कर पारी को संभालने की कोशिश की। इस दौरा चिपो टिरिपानो को 20 और 22 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान मिला। उन्होंने भारत की प्रमुख बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के खिलाफ लगातार दो रिवर्स स्वीप चौके भी लगाए। इस साझेदारी के दौरान जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने सात चौके लगाए और सातवें से 15वें ओवर के बीच 56 रन जोड़े। हालांकि ऑफ स्पिनर निकी ने चिपो टिरिपानो को ऋचा घोष के हाथों कैच कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। निकी ने नयाशा ग्वानजुरा को पगबाधा आउट किया। वह हैट्रिक की कोशिश में थीं, लेकिन यह उपलब्धि हासिल नहीं कर सकीं। हालांकि, तब तक भारत मैच पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर चुका था।
पैरा एशियन गेम्स की आधिकारिक तौर पर शुरुआत हो चुकी है। रविवार को उद्घाटन समारोह के साथ ही इन खेलों का बिगुल बज गया है। भारत ने पिछली बार शानदार प्रदर्शन किया था। आइए जानते हैं उन पैरा एथलीटों के बारे में जो इस बार पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं...

