महिला हंड्रेड में ट्रेंट रॉकेट्स का धमाका, सनराइजर्स लीड्स को 8 विकेट से रौंदकर पहली बार बनी चैंपियन
ट्रेंट रॉकेट्स ने लॉर्ड्स में सनराइजर्स लीड्स को 8 विकेट से हराकर पहली बार महिला हंड्रेड का खिताब जीत लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए सनराइजर्स की टीम 91 रन पर ऑलआउट हो गई।
फुटबॉल से रिटायरमेंट लेने की तैयारी में क्रिस्टियानो रोनाल्डो? बोले- शायद मेरा आखिरी साल
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने संन्यास को लेकर बड़ा संकेत दिया है। 41 साल के रोनाल्डो ने कहा कि मौजूदा सीजन शायद फुटबॉल में उनका आखिरी साल हो सकता है।
मोहम्मद सिराज ने दिखाया बल्ले का दम, गगनचुंबी छक्के से चौंकाया, VIDEO हो रहा वायरल
भारतीय गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में दूसरे दिन बल्ले से सुर्खियां बटोरीं। भारत की पहली पारी के दौरान सिराज ने गगनचुंबी छक्का जड़ा।
रॉयल एनफील्ड की लोकप्रिय क्लासिक 350 को अब एक खास सैन्य अंदाज मिलने जा रहा है। कंपनी जल्द ही क्लासिक 350 का गोरखा संस्करण बाजार में उतारने की तैयारी में है। नई मोटरसाइकिल में बड़े तकनीकी बदलाव नहीं किए गए हैं, बल्कि इसका मुख्य आकर्षण नया हल्का सैन्य हरा रंग और गोरखा रेजिमेंट से जुड़े विशेष निशान हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, गोरखा संस्करण का मूल ढांचा सामान्य क्लासिक 350 जैसा ही रहेगा। मोटरसाइकिल के बाहरी हिस्से, धातु के पैनल, पहिए, निलंबन और दूसरे प्रमुख हिस्सों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसे अलग पहचान देने के लिए ईंधन टंकी और किनारे के पैनल पर गोरखा संस्करण से जुड़े विशेष चित्र लगाए गए हैं। इस मोटरसाइकिल में हल्के सैन्य हरे या जैतूनी हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। रॉयल एनफील्ड ने अभी इस रंग का आधिकारिक नाम सार्वजनिक नहीं किया है। यह रंग सेना के वाहनों में इस्तेमाल होने वाले रंगों से मिलता-जुलता है और गोरखा रेजिमेंट की पहचान से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। किनारे के पैनल पर दो खुकरी के निशान के साथ गोरखा संस्करण लिखा हुआ दिखाई देता है। ईंधन टंकी पर भी इसी संस्करण से जुड़ा विशेष चिह्न दिया गया है। बता दें कि खुकरी गोरखा सैनिकों से जुड़ा पारंपरिक घुमावदार चाकू है और गोरखा सैनिकों की वीरता तथा सैन्य परंपरा का प्रतीक माना जाता है। गोरखा सैनिकों का प्रसिद्ध युद्ध उद्घोष “आयो गोरखाली” भी उनकी पहचान का हिस्सा रहा है। मोटरसाइकिल के बाकी हिस्से में क्लासिक 350 जैसा ही रूप देखने को मिलेगा। इसमें सामने गोल शीशा, गोल हेडलैंप, चमकदार निकास पाइप, तार वाले पहिए और चालक तथा पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए अलग-अलग सीट दी गई है। इसमें गति मापने के लिए पारंपरिक सूई वाला मीटर और साथ में छोटा पर्दा मिलता है। जानकारी के मुताबिक इसमें मार्गदर्शन के लिए अलग उपकरण नहीं दिया जाएगा। रॉयल एनफील्ड ने हाल में क्लासिक 350 के दोहरे पहिया-रोधक वाले संस्करणों में सहायक और फिसलन रोकने वाला क्लच तथा तेज गति से मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी टाइप-सी सुविधा जोड़ी थी। उम्मीद है कि ये सुविधाएं गोरखा संस्करण में भी मिल सकती हैं। इंजन में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसमें वही 349 सीसी का एक सिलेंडर वाला वायु और तेल से ठंडा होने वाला इंजन मिलेगा, जो 20.2 अश्वशक्ति की ताकत और 27 न्यूटन मीटर का अधिकतम बल पैदा करता है। इंजन को पांच गति वाले गियर से जोड़ा जाएगा। आगे दूरबीन जैसी निलंबन व्यवस्था, पीछे दो झटके सोखने वाले उपकरण और दोनों पहियों पर डिस्क ब्रेक मिलेंगे। दोहरे पहिया-रोधक की सुविधा भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि क्लासिक 350 पहले से ही हेरिटेज क्लासिक, हेरिटेज प्रीमियम, सिग्नल्स, डार्क, क्लासिक क्रोम और रेडडिच जैसे कई रूपों में उपलब्ध है। गोरखा संस्करण की कीमत 18 अगस्त को पेश किए जाने के समय घोषित होने की उम्मीद है। विक्रेताओं के पास मोटरसाइकिल भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए बिक्री भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
FIH World Cup: Indian Women Hockey Team ने चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका, नवनीत और दीपिका चमकीं
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 16 अगस्त भारतीय महिला हॉकी टीम ने साहसिक प्रदर्शन करते हुए एफआईएच विश्व कप में रविवार को पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को पूल डी के सबसे कठिन मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ पर रोककर अपने अभियान की शानदार शुरूआत की। पूल डी में भारत के लिये सबसे कठिन चुनौती माने जा रहे इस मुकाबले में भारत ने शुरूआती क्वार्टर में ही दबदबा बना लिया था और चीन को खुलकर खेलने नहीं दिया। हाफटाइम तक उसके पास 2-1 की बढत थी। आखिरी क्वार्टर में अगर भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिल जाता तो नतीजा कुछ और हो सकता था। पूरे मैच में शानदार फॉर्म में रही नवनीत कौर सर्कल में गेंद लेकर घुसने का प्रयास कर रही थी लेकिन चीन ने उनके प्रयास को नाकाम कर दिया। मैच के बाद भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने भारत को पेनल्टी कॉर्नर नहीं दिये जाने पर नाराजगी भी जताई थी। भारत के लिये नवनीत कौर (आठवां मिनट) और दीपिका (26वां मिनट) ने गोल दागे जबकि चीन के लिये 14वें मिनट में झांग यिंग ने पेनल्टी स्ट्रोक पर और 39वें मिनट में मा निंग ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया। भारत को अब 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका से खेलना है जिसे आज एक अन्य मैच में इंग्लैंड ने 4-0 से हराया। भारत ने बेहद आक्रामक शुरूआत की और दूसरे ही मिनट में बायीं विंग से सुनेलिटा टोप्पो गेंद लेकर सर्कल में घुसी जिन्होंने दीपिका को पास दिया लेकिन उनके डिफ्लेक्शन के प्रयास को चीनी गोलकीपर लि तिंग ने नाकाम कर दिया। इसके तीन मिनट बाद बलजीत से गेंद लेकर दाहिनी विंग से लालरेम्सियामी ने सर्कल में प्रवेश करके भारत के लिये पेनल्टी कॉर्नर बनाया। उस समय ड्रैग फ्लिकर दीपिका मैदान पर नहीं थी जिनकी गैर मौजूदगी में नवनीत ने हिट लिया लेकिन सफलता नहीं मिली। हैदराबाद में विश्व कप क्वालीफायर में चार गोल करके ‘प्लेयर आफ द टूर्नामेंट’ रही नवनीत ने आठवें मिनट में भारत को पहली सफलता दिलाई। भारत को मिली फ्री हिट पर नेहा ने सर्कल पर नवनीत को गेंद सौंपी और उसने जबर्दस्त टाइमिंग और नियंत्रण दिखाते हुए फील्ड गोल दागा। पहले क्वार्टर का खेल पूरी तरह से भारत के नाम रहा। बलजीत और लालरेम्सियामी ने दोनों विंग से उम्दा प्रदर्शन किया जबकि फॉरवर्ड पंक्ति ने कई बार चीन के सर्कल में सेंध लगाई। रैफरी ने चीन को पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक दिया चूंकि उन्हें लगा कि शिल्पी डबास ने चीन की झांग यिंग को बाधा पहुंचाई थी। भारत ने रेफरल लिया जिसे टीवी अंपायर ने नकार दिया और यिंग ने चीन के लिये बराबरी का गोल दागा। दूसरे क्वार्टर की शुरूआत में ही शिल्पी ने पेंग यांग की रिवर्स हिट रोककर चीन को बढत बनाने से रोका। भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति ने लगातार हमले जारी रखे और इसका परिणाम 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला। इस बार भी दीपिका मैदान पर नहीं थी और नवनीत का पहला और रिबाउंड शॉट चीनी डिफेंस ने कामयाब नहीं होने दिया। लालरेम्सियामी को दूसरी हिट पर चोट भी लगी और उन्हें कुछ देर के लिये मैदान से जाना पड़ा। भारत को पेनल्टी कॉर्नर पर पहली सफलता दीपिका ने दिलाई और 24वें मिनट में गोल करके भारत को 2 -1 से बढत दिला दी। इस फैसले के खिलाफ चीन का वीडियो रेफरल नाकाम रहा। भारत ने हाफ टाइम तक चीन के खिलाफ 2-1 की बढत बना ली थी। चीन ने तीसरे क्वार्टर में मैच में वापसी की और लगातार हमलों से भारतीय डिफेंस को व्यस्त रखा। वहीं पहले क्वार्टर में आक्रामक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ी रक्षात्मक हॉकी खेलते दिखे जिसका फायदा चीन ने उठाया। अपना 314वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी खिलाड़ी सविता ने 33वें मिनट में शानदार बचाव करके चीन को बढत लेने से रोका। इसके पांच मिनट बाद पेंग यांग का गोल पर हमला उन्होंने फिर बचाया लेकिन अगले मिनट मिले पेनल्टी कॉर्नर पर मा निंग ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। चीन को 39वें मिनट में फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला और एक बार फिर सविता ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करके झांग यिंग के प्रयास को नाकाम कर दिया। आखिरी क्वार्टर में नवनीत ने 52वें मिनट में सर्कल के भीतर लालरेम्सियामी को क्रॉस दिया लेकिन उसने स्टिक लगाने में देर कर दी। रिबाउंड पर उसके शॉट लेने से पहले ही चीन के डिफेंडरों ने गेंद छीन ली। अगले मिनट चीन की झोउ मोरांग को ग्रीन कार्ड मिला और उसे दो मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा लेकिन भारत इसका फायदा नहीं उठा सका। चीन को 56वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन गोल नहीं हो सका।
Lakshya Sen BWF World Championships में बेहतर प्रदर्शन को तैयार, कहा एक मैच पर ध्यान
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का यह साल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है जिसमें वह प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उप विजेता रहे थे लेकिन इसके बावजूद विश्व रैंकिंग में 14वें स्थान पर काबिज यह खिलाड़ी सोमवार से शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर टूर्नामेंट में आगे तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व चैंपियनशिप 2021 के कांस्य पदक विजेता सेन पुरुष एकल वर्ग में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में शामिल हैं। 17 साल बाद भारत में लौट रही इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में वह घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। सेन का इस सत्र में प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, उन्होंने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन अन्य प्रतियोगिताओं में निरंतरता बनाए रखने में सफल नहीं रहे। हालांकि इस 24 वर्षीय खिलाड़ी का पूरा ध्यान विश्व चैंपियनशिप में दमदार प्रदर्शन पर है। सेन ने कहा, ‘‘मेरी पहली विश्व चैंपियनशिप का अनुभव काफी अच्छा था। इसके बाद जिन विश्व चैंपियनशिप में मैंने हिस्सा लिया, उनमें कुछ अच्छी रहीं और कुछ उतनी अच्छी नहीं रहीं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बार यहां अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं। फिलहाल हर मुकाबला कठिन है, इसलिए मुझे एक बार में एक ही मैच पर ध्यान देना होगा। मेरा लक्ष्य टूर्नामेंट में जितना संभव हो उतनी दूर तक जाना है। ’’विश्व चैंपियनशिप 2009 के बाद पहली बार भारत में आयोजित हो रही है और इसे लेकर सेन काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारतीय खिलाड़ियों को यहां घरेलू दर्शकों का बड़ा फायदा मिलेगा। हममें से कई खिलाड़ी काफी समय से यहां अभ्यास भी कर रहे हैं। भारत में, विशेषकर दिल्ली में इस टूर्नामेंट का आयोजन होना मेरे लिए बेहद खास है। ’’सेन ने कहा, ‘‘मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं, टूर्नामेंट का आनंद लेना चाहता हूं और घरेलू दर्शकों के सामने खेलना अपने आप में शानदार अहसास है। मैं इस प्रतियोगिता को लेकर बेहद उत्साहित हूं। ’’सेन ने आयोजन स्थल पर बेहतर की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगिता शुरू होने के बाद कोर्ट की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना बेहद जरूरी होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अभ्यास के दौरान हमने महसूस किया कि जब दर्शक स्टेडियम में आएंगे तो शटल का व्यवहार अलग होगा। इसलिए हमें उसी के अनुसार खुद को ढालना होगा। कुल मिलाकर बाकी परिस्थितियां काफी अच्छी हैं। दूसरे दौर के बाद हमें कोर्ट की स्थिति का और बेहतर अंदाजा हो जाएगा। ’’नयी दिल्ली में आयोजित यह विश्व चैंपियनशिप इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसी साल हुए इंडिया ओपन के दौरान वायु गुणवत्ता, स्टेडियम की सफाई, पक्षियों की बीट और आवारा जानवरों जैसी समस्याओं ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) और अन्य एजेंसियों ने आयोजन स्थल और संचालन व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं ताकि विश्व चैंपियनशिप का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी का मानना है कि कोर्ट पर हवा (ड्रिफ्ट) के प्रभाव के अनुसार खुद को ढालना सफलता की कुंजी होगी। रंकीरेड्डी ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों में हमने अभ्यास किया, लेकिन दोनों दिन परिस्थितियां अलग थीं। हर कोर्ट अलग महसूस हुआ। एक तरफ काफी ड्रिफ्ट थी जबकि दूसरी तरफ बिल्कुल नहीं थी। लेकिन मेरा मानना है कि एक बार परिस्थितियां स्थिर हो जाएंगी तो सब सामान्य हो जाएगा। फिलहाल सब कुछ अच्छा है। ’’उभरते भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने अप्रैल में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था और उनके लिए यह विश्व चैंपियनशिप अब तक के करियर का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। आयुष एशियाई चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले केवल दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने थे, जहां उन्हें मौजूदा विश्व नंबर एक और विश्व चैंपियन शी युकी से हार का सामना करना पड़ा था। विश्व चैंपियनशिप के पहले ही दौर में उनका मुकाबला फिर से शी युकी से होगा। शेट्टी ने कहा, ‘‘मैं शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूं। यहां का माहौल शानदार है और व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। विश्व चैंपियनशिप हर खिलाड़ी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच भारत में खेलना इसे मेरे लिए और भी खास बना देता है। ’’शेट्टी ने कहा कि इस बार आयोजन स्थल की सुविधाएं इंडिया ओपन की तुलना में काफी बेहतर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘छह महीने पहले यहां सुपर 750 टूर्नामेंट हुआ था और अब विश्व चैंपियनशिप हो रही है। इस बार सुविधाएं वास्तव में शानदार हैं। काफी बड़ा सुधार हुआ है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘कोर्ट की परिस्थितियां और ड्रिफ्ट कुछ हद तक इंडिया ओपन जैसा ही हैं। थोड़ी ड्रिफ्ट है और यह सभी खिलाड़ियों के लिए चुनौती होगी। हमें इसके अनुसार खुद को ढालना होगा। ’’पहले दौर में विश्व नंबर एक शी युकी से होने वाले मुकाबले पर शेट्टी ने कहा, ‘‘यह कठिन मुकाबला होगा। हम दोनों का पहला मैच है और मुझे लगता है कि यह बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा। मुझे कुछ चोटें थीं, लेकिन अब मैं पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहा हूं और पहली चुनौती के लिए तैयार हूं। मैं पिछली भिड़ंतों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। कल देखूंगा कि क्या करना है। शारीरिक और रणनीतिक रूप से मैं अब पहले से बेहतर स्थिति में हूं।
दिल्ली में सोमवार से शुरू होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में खिलाड़ियों की परीक्षा सिर्फ उनकी रफ्तार, स्मैश और नेट के पास की चाल से नहीं होने वाली है। इस बार मौसम, हवा की दिशा और उमस भी खेल का रुख बदल सकती है। दिल्ली में लगातार बदलते मौसम और 70 से 90 प्रतिशत तक पहुंच रही नमी के बीच खिलाड़ियों को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बैठाना होगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, दिल्ली में इन दिनों रुक-रुककर बारिश हो रही है और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा ऊपर रहने की संभावना है। ज्यादा उमस के कारण खिलाड़ियों को कोर्ट पर थकान और शरीर में पानी की कमी की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में लंबे मुकाबलों के दौरान शारीरिक क्षमता के साथ परिस्थितियों को समझना भी बेहद जरूरी होगा। स्टेडियम में तापमान नियंत्रित रखने के लिए वातानुकूलन व्यवस्था लगातार चलानी पड़ सकती है। लेकिन यहां हवा का मामूली बहाव भी बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। वातानुकूलन, पंखों, दरवाजों या हवा के आवागमन से पैदा होने वाली हल्की हवा भी शटल की दिशा बदल सकती है। इसका असर ऊंचे शॉट, ड्रॉप, लिफ्ट और स्मैश पर पड़ता है। खिलाड़ियों ने अभ्यास के दौरान इन बदलावों को महसूस भी किया है। चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी ने अभ्यास के बाद कहा कि कोर्ट पर उन्हें हल्की हवा महसूस हुई और खिलाड़ियों को इन परिस्थितियों का अभ्यस्त होना पड़ेगा। उन्होंने यह भी माना कि स्टेडियम में काफी बदलाव किए गए हैं और आयोजन स्थल को बेहतर तरीके से तैयार किया गया है। वहीं, टोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता चेन यू फेई ने कहा कि उन्हें अभी कोर्ट की परिस्थितियों को पूरी तरह समझने का पर्याप्त मौका नहीं मिला है। चेन कई बार विश्व चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हैं, लेकिन वह अब तक इस प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम नहीं कर पाई हैं। दूसरी ओर, दुनिया के सातवें नंबर के खिलाड़ी ली शिफेंग कोर्ट की स्थिति से खुश नजर आए। उन्होंने आयोजन स्थल और कोर्ट की तैयारी की तारीफ करते हुए कहा कि हवा का बहाव और मौसम से जुड़ी परिस्थितियां अच्छी तरह संभाली गई हैं। उनका मानना है कि इस बार आयोजन स्थल पहले की तुलना में बेहतर तैयार है। गौरतलब है कि यही जगह जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान भी खिलाड़ियों की मेजबानी कर चुकी है, लेकिन कुछ खिलाड़ियों का कहना है कि इस समय परिस्थितियां अलग महसूस हो रही हैं। इसका कारण दिल्ली का मौजूदा मौसम और वातावरण में मौजूद नमी है। बैडमिंटन में शटल की गति पर हवा और वातावरण का सीधा असर पड़ता है। हवा की दिशा बदलने से एक ही शॉट अलग गति से आगे बढ़ सकता है। इसलिए खिलाड़ियों को अपनी ताकत, शॉट की ऊंचाई और समय के हिसाब से बदलाव करना पड़ता है। गर्मी और उमस के कारण ऊर्जा भी जल्दी खर्च होती है, जिससे लंबे मुकाबलों में अंतर पैदा हो सकता है। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में कबूतरों को दूर रखने के लिए लगाया गया विशेष गैर-विषैला जेल भी तापमान के प्रति संवेदनशील है। अगर स्टेडियम ज्यादा गर्म हुआ तो इसकी स्थिरता प्रभावित हो सकती है और यह नीचे रखी सीटों पर गिर सकता है। इससे भी आयोजन के दौरान तापमान नियंत्रित रखने की अहमियत समझी जा सकती है। बता दें कि विश्व चैंपियनशिप में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी मौजूद हैं और यहां छोटी से छोटी परिस्थिति भी नतीजे पर असर डाल सकती है। इसलिए सोमवार से मुकाबले शुरू होने के बाद दर्शकों की नजर सिर्फ खिलाड़ियों के स्मैश और रैलियों पर नहीं, बल्कि दिल्ली की हवा, उमस और कोर्ट की परिस्थितियों पर भी रहेगी। इस प्रतियोगिता में परिस्थितियों के साथ जल्दी तालमेल बैठाने वाले खिलाड़ी बढ़त हासिल कर सकते हैं।
इस्लाम माखाचेव ने अपने नए भार वर्ग में भी चैंपियन बनने का सिलसिला जारी रखते हुए यूएफसी 330 के मुख्य मुकाबले में इयान मचाडो गैरी को हरा दिया। इस जीत के साथ माखाचेव ने वेल्टरवेट खिताब का पहली बार सफल बचाव किया है। अब उनकी नजरें इस भार वर्ग में अगली चुनौती पर टिकी हैं, जहां कई मजबूत दावेदार उनका इंतजार कर रहे हैं। माखाचेव ने इससे पहले हल्के भार वर्ग में अपनी पहचान बनाई थी, लेकिन वेल्टरवेट में आने के बाद भी उनका दबदबा कम नहीं हुआ है। इयान मचाडो गैरी के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अपनी कुश्ती, नियंत्रण और रणनीति का इस्तेमाल करते हुए जजों को प्रभावित किया। सर्वसम्मत निर्णय से मिली जीत ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पाउंड-फॉर-पाउंड खिलाड़ियों में अपनी जगह और मजबूत करने का मौका दिया है। गौरतलब है कि 170 पाउंड के इस भार वर्ग में माखाचेव के लिए अभी कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। अगर उनका लक्ष्य इस श्रेणी के शीर्ष दावेदारों को एक-एक करके हराना है तो कार्लोस प्रेट्स और माइकल मोरालेस उनके अगले संभावित प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं। दोनों की अपनी अलग शैली है और दोनों माखाचेव के लिए अलग तरह की चुनौती पेश कर सकते हैं। कार्लोस प्रेट्स इस समय मजबूत लय में चल रहे हैं। वह लगातार तीन मुकाबले जीत चुके हैं और ज्योफ नील, लियोन एडवर्ड्स तथा जैक डेला मैडालेना के खिलाफ शानदार नॉकआउट जीत दर्ज कर चुके हैं। उनकी आक्रामक शैली और लगातार दबाव बनाने की क्षमता माखाचेव के नियंत्रण आधारित खेल के सामने दिलचस्प मुकाबला तैयार कर सकती है। मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रेट्स अगली चुनौती के लिए माखाचेव की पसंद हो सकते हैं। दूसरी तरफ माइकल मोरालेस भी कम खतरनाक नाम नहीं हैं। वह अब तक अपने पेशेवर करियर में 19 मुकाबलों में अपराजित हैं। मोरालेस ने सीन ब्रैडी, गिल्बर्ट बर्न्स और नील मैग्नी जैसे खिलाड़ियों को नॉकआउट किया है। खास बात यह है कि वह यूएफसी 330 के मुख्य मुकाबले के लिए वैकल्पिक खिलाड़ी के तौर पर तैयार थे। हालांकि, उन्होंने पिछले साल नवंबर के बाद कोई मुकाबला नहीं लड़ा है और यही बात उनकी अगली बारी में थोड़ी देरी कर सकती है। माखाचेव के लिए एक और बड़ा विकल्प भार वर्ग बदलना भी हो सकता है। अगर वह वेल्टरवेट खिताब का एक और बचाव करते हैं तो मिडिलवेट चैंपियन सीन स्ट्रिकलैंड के खिलाफ मुकाबला भी उनके लिए आकर्षक चुनौती बन सकता है। हालांकि, फिलहाल उनका पूरा ध्यान 170 पाउंड के भार वर्ग पर रहने की संभावना है। इयान मचाडो गैरी के लिए हार के बावजूद स्थिति पूरी तरह खराब नहीं हुई है। 28 वर्षीय आयरिश खिलाड़ी पहली बार खिताब के लिए उतरे थे और उनकी उम्र को देखते हुए वापसी के लिए पर्याप्त समय है। उनकी आक्रामक शैली और लोकप्रियता उन्हें आगे भी बड़े मुकाबलों में बनाए रख सकती है। उनके लिए कार्लोस प्रेट्स या माइकल मोरालेस में से किसी एक के खिलाफ मुकाबला खिताबी दावेदारी की दिशा में अगला कदम हो सकता है। हालांकि, अगर इनमें से कोई खिलाड़ी माखाचेव से भिड़ने का मौका हासिल कर लेता है तो मचाडो गैरी को इंतजार करना पड़ेगा। एक दूसरा विकल्प जैक डेला मैडालेना हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को पहले माखाचेव और फिर कार्लोस प्रेट्स से हार मिली है। ऐसे में मचाडो गैरी के खिलाफ मुकाबला दोनों के लिए वापसी का मौका बन सकता है। मचाडो गैरी अपनी कमियों पर काम कर सकते हैं, जबकि डेला मैडालेना दो लगातार हार के बाद दोबारा शीर्ष दावेदारी में आने की कोशिश कर सकते हैं। इस समय तस्वीर काफी दिलचस्प है। माखाचेव खिताब बचाने के बाद लगातार आगे बढ़ना चाहते हैं, जबकि प्रेट्स और मोरालेस अगली चुनौती के लिए सबसे मजबूत नामों में हैं। वहीं मचाडो गैरी और डेला मैडालेना जैसे खिलाड़ी वापसी के रास्ते पर हैं। ऐसे में वेल्टरवेट वर्ग में आने वाले मुकाबले आने वाले महीनों में काफी रोमांचक होने वाले हैं।
राजस्थान रॉयल्स IPL 2027 से पहले भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल को रिलीज कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई इंडियंस के हार्दिक पंड्या के साथ उनका ट्रेड हो सकता है। खबर है कि राजस्थान का मैनेजमेंट जायसवाल के रवैये से खुश नहीं हैकइेस की मुख्य वजह रियान पराग को उनसे पहले कप्तानी सौंपना है। हालांकि फ्रेंचाइजी या खिलाड़ी की ओर से इस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान को ऑप्शन दिया जायसवाल ने IPL 2026 के 16 मैचों में 427 रन बनाए थे। उन्होंने 30.50 के एवरेज और 152.50 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। वे सीजन में सिर्फ 3 फिफ्टी लगा सके। हालांकि पूरे सीजन में उनके ओपनिंग पार्टनर वैभव सूर्यवंशी स्पॉटलाइट में रहे। वैभव ने 16 मैचों में 237.30 की स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। उन्होंने ऑरेंज कैप, सुपर सिक्सेस और सुपर स्ट्राइकर का खिताब जीता। राजस्थान को फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरुरत राजस्थान रॉयल्स को फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर की जरुरत है। पिछले साल उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ ट्रेड में संजू सैमसन के बदले सैम करन और रवींद्र जडेजा को टीम में शामिल किया था। हालांकि करन चोट की वजह से सीजन का एक भी मुकाबला नहीं खेल सके थे। हार्दिक के ट्रेड की खबरें पहले भी आ चुकीं हाल ही में रिपोर्ट आई थी कि भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स भी हार्दिक को अपनी टीम में शामिल करने के विकल्प पर विचार कर रही हैं। हालांकि स्पोर्टस्टार से बातचीत में मुंबई इंडियंस के प्रवक्ता ने खिलाड़ियों के ट्रेड के संबंध में किसी बातचीत से इनकार किया था। मुंबई का हार्दिक की कप्तानी में खराब प्रदर्शन 2020 में मुंबई इंडियंस ने अपना आखिरी IPL टाइटल जीता था। तब से टीम फाइनल में नहीं पहुंची है। मुंबई ने IPL 2024 के लिए हार्दिक को गुजरात टाइटंस से ट्रेड के जरिए हासिल किया था। तब 5 बार टीम को IPL जीताने वाले रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाकर हार्दिक को कैप्टेंसी दी गई थी। इसके बावजूद टीम की परफॉर्मेंस में कोई सुधार नहीं आया। 2024 में टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई थी। 2025 में प्लेऑफ तक पहुंची। वहीं 2026 में एक बार फिर टीम ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई।
लियोनेल मेसी की मौजूदगी के बावजूद इंटर मियामी को मेजर लीग सॉकर में शीर्ष स्थान की जंग में नैशविले के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा है। शनिवार को खेले गए मुकाबले में नैशविले ने इंटर मियामी को 4-1 से हराया। मेसी के लिए यह मुकाबला खास नहीं रहा। वह पेनल्टी चूक गए, उन्हें यलो कार्ड मिला और दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय में उनके दो शॉट पोस्ट से टकरा गए। इस जीत के साथ नैशविले ने तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। टीम के अब 43 अंक हैं और उसका रिकॉर्ड 13 जीत, दो हार और चार बराबरी का है। इंटर मियामी 38 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। इस हार के साथ मियामी का मेजर लीग सॉकर में लगातार सात मुकाबलों से चला आ रहा अजेय अभियान भी खत्म हो गया। बता दें कि इंटर मियामी इस सत्र में घर से बाहर बेहद मजबूत प्रदर्शन कर रहा था। मुकाबले से पहले टीम का बाहर का रिकॉर्ड 8 जीत, 1 हार और 1 बराबरी का था। दूसरी ओर नैशविले ने इस सत्र में अपने घरेलू मैदान पर अभी तक एक भी लीग मुकाबला नहीं गंवाया है। मुकाबले की शुरुआत में ही नैशविले ने दबाव बनाना शुरू कर दिया था। 17वें मिनट में होंडुरास के डिफेंडर एंडी नाहर ने हेडर के जरिए गोल कर मेजबान टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद इंटर मियामी को बराबरी का शानदार मौका मिला, लेकिन मेसी की पेनल्टी को नैशविले के गोलकीपर ब्रायन श्वाके ने रोक दिया। 23वें मिनट में मिली पेनल्टी पर मेसी का शॉट उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं था और गोलकीपर ने आसानी से उसे बचा लिया। पेनल्टी पर मेसी के लिए यह आंकड़ा उनकी सामान्य क्षमता के मुकाबले कमजोर रहा है। विश्व कप में भी वह दो बार पेनल्टी गंवा चुके हैं। हालांकि, पहले हाफ के अतिरिक्त समय में इंटर मियामी ने बराबरी कर ली। वेनेजुएला के टेलास्को सेगोविया ने मेसी के पास पर दाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचाया। हाफ टाइम तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर था। दूसरे हाफ में नैशविले ने पूरी तरह खेल की दिशा बदल दी। 49वें मिनट में 2022 के मेजर लीग सॉकर के सबसे मूल्यवान खिलाड़ी हानी मुख्तार ने गोल कर मेजबान टीम को फिर आगे कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड के सैम सरिज ने नैशविले की बढ़त को 3-1 कर दिया। 63वें मिनट में मुख्तार ने अपना दूसरा गोल दागकर इंटर मियामी की वापसी की सारी उम्मीदें लगभग खत्म कर दीं। इस दौरान मेसी को 59वें मिनट में पीला कार्ड भी दिखाया गया। गौरतलब है कि नैशविले इससे पहले इस साल कॉनकाकाफ चैंपियंस कप के अंतिम 16 दौर में भी इंटर मियामी को बाहर कर चुका है। यानी इस सत्र में दोनों टीमों के बीच नैशविले का पलड़ा लगातार भारी रहा है। मुकाबले के अंतिम क्षणों में मेसी ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन दूसरे हाफ के अतिरिक्त समय में उनके लगातार दो शॉट गोलपोस्ट के दोनों हिस्सों से टकरा गए। इस तरह मेसी गोल नहीं कर सके और इंटर मियामी को 1-4 की निराशाजनक हार के साथ मैदान से लौटना पड़ा है।
पोंटिंग ने बैटिंग ऑर्डर में युवा खिलाड़ियों को शामिल करने की वकालत की और कहा कि बदलाव के लिए काफी सबूत मौजूद हैं। पोंटिंग ने 'चैनल 7' से कहा, यह वाकई बहुत शर्मनाक हार है। मुझे लगता है कि बदलाव करना जरूरी है। पिछली गर्मी के आखिर में ही मैंने कहा था कि टीम को फिर से तैयार करने का यह सही समय है, क्योंकि कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन ऐसा ही रहा है।
देवदत्त पडिक्कल ने लंका में किया कमाल , द्रविड़ और पुजारा के स्पेशल क्लब में बनाई जगह
देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में दूसरे दिन 167 रन की शानदार पारी खेलकर श्रीलंका की धरती पर बड़ा कमाल कर दिया।
भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 9 विकेट पर 460 रन बना लिए। देवदत्त पड्डिकल ने 167 रन की पारी खेली। उन्होंने श्रीलंका में भारत के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर बनाया। इससे पहले बारिश की वजह से खेल 4:30 घंटे की देरी से शुरु हुआ। पहले दिन क्रैम्प की वजह से 77 रन पर रिटायर्ड हर्ट हुए केएल राहुल दोबारा बैटिंग करने आए। हालांकि वे 82 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दूसरे दिन बने टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. पडिक्कल ने चेतेश्वर पुजारा का रिकॉर्ड तोड़ा पडिक्कल श्रीलंका में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर बनाने वाले भारतीय बन गए। पडिक्कल ने गॉल में 167 रन बनाए। उन्होंने चेतेश्वर पुजारा का रिकॉर्ड तोड़ा। पुजारा ने इसी मैदान पर 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 153 रन बनाए थे। यहां से मोमेंट्स… 1. बारिश की वजह से आधे दिन का खेल धुला दूसरे दिन का खेल शुरु होने से पहले ही लगातार बारिश हुई। इसकी वजह से लगभग आधे दिन का खेल धुल गया। बारिश रुकने के बाद मैच 4 घंटे 35 मिनट की देरी से शुरु हुआ। इसके बाद इतने ओवर फेंके गए। 2. राहुल दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे पहले दिन केएल राहुल तीसरे सेशन का खेल शुरु होने से पहले पवेलियन लौट गए थे। उनके दाएं हाथ में दर्द और बाएं हाथ में क्रैम्प आया। वे लंगड़ाते हुए भी दिखे। इसके बाद शरीर के कई हिस्सों में क्रैम्प की शिकायत के बाद उन्हें वापस ड्रेसिंग रूम लौटना पड़ा। तब राहुल 77 रन बनाकर खेल रहे थे। दूसरे दिन 81वें ओवर में ऋषभ पंत के आउट होने के बाद वे दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे। हालांकि वे पिछले दिन के स्कोर में सिर्फ 5 रन और जोड़कर केशर नुवंथा की गेंद पर निशान फर्नांडो को कैच दे बैठे। 3. पड्डिकल ने चौके लगाकर अपने 150 रन पूरे किए पड्डिकल ने 86वें ओवर की आखिरी गेंद पर अपने 150 रन पूरे किए। असिथा फर्नांडो की पैड्स पर आती गेंद को पडिक्कल ने ऑन-साइड में फ्लिक खेलकर चौका लगाया। इसके बाद बैट उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। ड्रेसिंग रुम में बैठे साथी खिलाड़ियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। 4. ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर की तबीयत बिगड़ी ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर की तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने तीसरे सेशन में अंपायरिंग नहीं की। उनकी जगह रिजर्व अंपायर रवींद्र विमलासिरी ने जिम्मेदारी संभाली। 5. ध्रुव जुरेल का कैच स्लिप में छूटा 101.5 ओवर में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर ध्रुव जुरेल का कैच स्लिप में छूट गया। जुरेल ने कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर पहली स्लिप में गई। धनंजय डी सिल्वा ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से लगकर बाजू और फिर पसली से टकराई।
भारत ने पहले मैच में दिखाया दम, चीन के साथ मुकाबला हुआ ड्रॉ, नवनीत-दीपका ने किया गोल
भारतीय महिला हॉकी टीम और चीन के बीच हॉकी विश्व कप 2026 मुकाबला ड्रॉ रहा। नवनीत कौर और दीपका ने टीम के लिए गोल किया।
Formula E भारत में वापसी को उत्सुक, सह-संस्थापक लोंगो ने मेजबानी की इच्छाशक्ति मांगी
फॉर्मूला ई के सह-संस्थापक अल्बर्टो लोंगो ने कहा कि यह चैंपियनशिप भारत में वापसी करने के लिए उत्सुक है, लेकिन भारत के किसी शहर को मेजबानी की इच्छाशक्ति दिखानी होगी। ऑल-इलेक्ट्रिक विश्व चैंपियनशिप ने फरवरी 2023 में हैदराबाद ई-प्री के साथ भारत में अपनी शुरुआत की थी, लेकिन तेलंगाना में सरकार बदलने के बाद अगले वर्ष इस रेस को रद्द कर दिया गया, क्योंकि नयी सरकार ने इसमें किसी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई। लोंगो ने कहा कि फॉर्मूला ई अब भी उस बाजार में वापसी करने के लिए तैयार है जिसे वह ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक मानते हैं। लोंगो ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम भारत वापस जाना चाहेंगे लेकिन दुर्भाग्य से अभी इसको लेकर हमारी कोई बातचीत नहीं चल रही है। फॉर्मूला ई के लिए यह इतना महत्वपूर्ण बाजार है कि हम निश्चित रूप से वहां वापस जाना चाहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ फॉर्मूला ई प्रतियोगिता की मेजबानी करने की इच्छाशक्ति होनी चाहिए। यकीन मानिए हम भारत में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसे भी पढ़ें: Devdutt Padikkal के 167 रन से भारत ने चाय तक बनाए 364 रन, श्रीलंका पर कसा शिकंजा हम आज एक साथ दुनिया भर के 80 से अधिक शहरों से बातचीत कर रहे हैं। दुर्भाग्य से भारत से कोई भी हमसे संपर्क नहीं कर रहा है, और यही वह चीज है जिसे बदलने की जरूरत है।’’ फॉर्मूला ई के सीईओ जेफ डॉड्स ने भी इसी बात को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कई बेहद प्रतिष्ठित भारतीय साझेदार हैं। इसे भी पढ़ें: Festival Diet Plan: रक्षाबंधन से पहले 2 किलो वजन घटाने का Formula, डिनर में अपनाएं ये Healthy Habits इनमें महिंद्रा सबसे ऊपर है, इंफोसिस हमारी एक बड़ी साझेदार है। टाटा जगुआर रेसिंग टीम की मालिक है।’’ डॉड्स ने कहा, ‘‘भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की वृद्धि हो रही है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की अपार संभावनाएं हैं। इसलिए भारत हमारे लिए एक प्राथमिकता वाला बाजार बना हुआ है। हम चाहते हैं कि यह रेस भारत में वापसी करे।
आयरलैंड की Sophia Noble के खिलाफ मुकाबला खेलेंगी PV Sindhu, 17 साल बाद देश में बड़ी चैंपियनशिप
विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कवायद में लगी दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने कहा उनकी जीत की ललक अब भी उसी तरह बनी हुई है जैसे कि 2009 में 14 साल की उम्र में सीनियर स्तर के अपने करियर की शुरुआत के समय थी। विश्व चैंपियनशिप सोमवार से यहां शुरू होगी और सिंधू ने कहा कि वह घरेलू दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘‘मैं बेहद उत्साहित हूं और भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद कर रही हूं। यह विश्व चैंपियनशिप खास है क्योंकि यह 17 साल बाद भारत में हो रही है। उम्मीद है कि मैं पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’ सिंधू ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर जीत या पदक ने मुझे एक अलग तरह का अनुभव दिया। विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीतना एक अद्भुत सफर है। इसे भी पढ़ें: PV Sindhu की नजर BWF World Championships में इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड छठे पदक पर है पदक जीतना अपने आप में एक अद्भुत क्षण है। मुझे बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, चाहे नतीजा कुछ भी हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खेल की प्रति मेरे जज्बे और जीत हासिल करने की ललक में किसी तरह की कमी नहीं आई है। मैं अब भी पदक जीतने में सक्षम हूं। इसे भी पढ़ें: BWF World Badminton Championship 2026: दिल्ली में सजेगा बैडमिंटन का सबसे बड़ा मंच, खिलाड़ियों में भारी उत्साह मैं अब अपने पहले विश्व चैंपियनशिप की तुलना में कहीं अधिक अनुभवी और मजबूत हूं।’’ यह 31 वर्षीय खिलाड़ी हाल ही में जापान ओपन जीतकर लगभग दो साल के खिताब के सूखे को समाप्त करने के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि मुझे लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन जापान ओपन ने मुझे विश्व चैंपियनशिप से पहले आत्मविश्वास दिया। मुझे लगता है कि शारीरिक और मानसिक रूप से यह काफी अच्छा रहा है। मैं अपने खेल में बदलाव देख पा रही हूं। मुझे खुशी है कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’ सिंधू ने स्वीकार किया कि सोमवार को आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ महिला एकल अभियान की शुरुआत करते समय उन पर दबाव होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से इनकार नहीं करती कि मुझ पर दबाव नहीं है, दबाव तो है ही। इसे भी पढ़ें: BWF World Championship: नई दिल्ली पहुंचे चीनी बैडमिंटन दल ने जताई संतुष्टि लेकिन खोने के लिए कुछ नहीं है, मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं। मैंने कड़ी मेहनत की है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।
British धावक Amy Hunt ने महिला रिले में टीम को जिताया, European Athletics में जीता तीसरा स्वर्ण
ब्रिटेन की एमी हंट ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी करते हुए महिला रिले दौड़ में अपनी टीम को पहला स्थान दिलाकर यूरोपीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तीसरा स्वर्ण पदक जीता। ब्रिटेन ने पुरुषों और महिलाओं दोनों की चार गुणा 100 मीटर रिले जीतकर फर्राटा दौड़ में अपना दबदबा बरकरार रखा। हंट ने इससे पहले 100 और 200 मीटर में स्वर्ण पदक जीते थे। इसे भी पढ़ें: Beijing में Ambassador Vikram Doraiswami ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज ब्रिटेन की महिला टीम ने उनकी अगुवाई में चार गुणा 100 मीटर की दौड़ 42.05 सेकंड में पूरी की। ब्रिटेन ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ 38.45 सेकंड में पूरी करके स्वर्ण पदक जीता। इस बीच यूक्रेन की ओलंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक यारोस्लावा माहुचिख ने 1.97 मीटर की छलांग लगाकर यूरोपीय चैंपियनशिप में लगातार तीसरी बार ऊंची कूद का खिताब जीता। यूक्रेन के लिए यह मौजूदा चैंपियनशिप का पहला स्वर्ण पदक है। आयरलैंड की केट ओकॉनर ने महिला हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीता। स्पेन की मारिया पेरेज़ ने हाफ मैराथन में एक घंटे 30 मिनट छह सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इसे भी पढ़ें: POJK में ब्रिटिश नागरिक की मौत, भड़का ब्रिटेन, फंसा पाकिस्तान! इसके लगभग दो घंटे बाद इटली की 21 वर्षीय सोफिया फियोरिनी ने तीन घंटे 15 मिनट 11 सेकंड में मैराथन का खिताब अपने नाम किया।
PV Sindhu की नजर BWF World Championships में इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड छठे पदक पर है
(सौमोज्योति एस चौधरी) नयी दिल्ली, 16 अगस्त दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू सोमवार से यहां शुरू हो रही बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में घरेलू दर्शकों के सामने अपने नए आत्मविश्वास के साथ इतिहास रचने की कोशिश करेंगी। भारत 17 साल बाद इस चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है सिंधू सहित भारतीय खिलाड़ी इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। सिंधू अब तक विश्व चैंपियनशिप में पांच बार पदक जीत चुकी हैं और वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। सिंधू के अलावाचीन के लिन डैन (पांच पुरुष एकल स्वर्ण पदक) और उनकी हमवतन झाओ युनलेई (तीन मिश्रित युगल और दो महिला युगल खिताब) ने ही विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीते हैं। सेमीफाइनल में पहुंचने से सिंधू का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो जाएगा, जिससे वह चैंपियनशिप के इतिहास में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधू को अच्छा ड्रॉ मिला है। वह आयरलैंड की 141वीं रैंकिंग वाली सोफिया नोबेल के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। सिंधू का सामना प्री-क्वार्टरफाइनल में चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी यी और क्वार्टरफाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी से हो सकता है, जबकि शीर्ष वरीयता प्राप्त और ओलंपिक चैंपियन आन से यंग उनके और फाइनल के बीच संभावित बाधा बन सकती हैं। पिछले महीने जापान ओपन सुपर 750 जीतने वाली पहली भारतीय बनी सिंधू ने कहा, ‘‘मैं विश्व चैंपियनशिप के लिए उत्सुक हूं।यह भारत में हो रही है, इसलिए मैं बेहद उत्साहित हूं। उम्मीद है कि जापान ओपन जीतने से मिला आत्मविश्वास बरकरार रहेगा और मैं यहां अच्छा प्रदर्शन करूंगी। मुझे भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद है और आशा है कि मैं यहां पदक जीतूंगी।’’ भारत के महिला एकल अभियान में उन्नति हुडा भी शामिल हैं जो पहली बार विश्व चैंपियनशिप में खेलेगी। उनका पहला मैच म्यांमार की थेत हतार थुजार से होगा। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी का लक्ष्य फिर से पोडियम पर पहुंचना होगा। यह जोड़ी पहले ही दो बार विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी है। उन्होंने 2022 और 2025 में तीसरा स्थान हासिल किया था। उन्हें पहले दौर में बाई मिली है और वे दूसरे दौर से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्हें क्वार्टरफाइनल में चीन के लियांग वेइकेंग और वांग चांग तथा सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद फिक्री और फजर अल्फियन की जोड़ी का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन सबसे बड़ी चिंता सात्विक की कंधे की बार-बार होने वाली समस्या होगी जिसके कारण वह कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाए। एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुनन की दूसरी भारतीय पुरुष युगल जोड़ी भी अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेगी। वे आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। पुरुष एकल वर्ग में आयुष शेट्टी के प्रदर्शन पर भी नजर होगी। 21 वर्षीय आयुष का पहला मुकाबला मौजूदा चैंपियन और विश्व में नंबर एक शी यु ची से होगा। आयुष को चीनी खिलाड़ी से अपने पिछले तीनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन ऑस्ट्रिया के कोलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने 2021 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। वह अपने इस प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद स्पेन की पाउला लोपेज और लूसिया रोड्रिगेज के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेंगी। विश्व चैंपियनशिप में पहली बार भाग ले रही सिमरन सिंघी और कविप्रिया सेल्वम की महिला युगल जोड़ी पहले दौर में स्पेन की निकोल कारुल्ला और कारमेन मारिया जिमेनेज का सामना करेगी। मिश्रित युगल में 15वीं वरीयता प्राप्त ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो को पहले दौर में बाई मिली है और वे प्री-क्वार्टर फाइनल में चीन के गुओ शिनवा और चेन फांगहुई की छठी वरीयता प्राप्त जोड़ी का सामना कर सकते हैं। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे का पहला मैच कनाडा के जोनाथन लाई और क्रिस्टल लाई के खिलाफ होगा। दूसरे दौर में उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग यानझे और हुआंग डोंगपिंग से हो सकता है। भारत ने इससे पहले 2009 में हैदराबाद में विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी की थी। भारत के लिए यह टूर्नामेंट कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि इस साल की शुरुआत में इंडिया ओपन में वायु गुणवत्ता, आयोजन स्थल की स्वच्छता, पक्षियों की बीट और आवारा जानवरों से जुड़ी घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। यह मामला तब काफी सुर्खियों में रहा था। इसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण, भारतीय बैडमिंटन संघ और अन्य विभागों ने विश्व चैंपियनशिप के सुचारू रूप से आयोजन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
महिला टी20 एशिया कप के लिए पाकिस्तानी टीम का हुआ ऐलान, फातिमा सना संभालेंगी कप्तानी की जिम्मेदारी
दुबई में 28 अगस्त से शुरू होने वाले महिला टी20 एशिया कप को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्क्वाड का ऐलान कर दिया है, जिसमें कप्तानी की जिम्मेदारी एकबार फिर से फातिमा सना संभालते हुए दिखाई देंगी।
BAN vs AUS: बांग्लादेश टीम का बड़ा उलटफेर, कंगारू टीम को घर में 9 विकेट से हराकर रचा इतिहास
पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश को 228 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा जोश हेजलवुड ने 6 विकेट अपने नाम किए। साथी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के खाते में दो विकेट आए।
पाकिस्तान हॉकी वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ पेनल्टी कॉर्नर का सामान लाना भूल गया। टीम की सेफ्टी किट ड्रेसिंग रूम में ही रह गई। इसके कारण कप्तान अबू बकर महमूद को ग्रीन कार्ड दिखाया गया और उन्हें 2 मिनट के लिए मैदान से बाहर बैठना पड़ा। टीम को मैच में हार का सामना भी करना पड़ा। इंग्लैंड ने 4-1 से हराया। 17वें मिनट में हुआ अजीब वाकया इंग्लैंड के 1-0 से आगे होने के कुछ देर बाद करीब 17वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला। पाकिस्तान के खिलाड़ी गोल के पीछे जरूरी प्रोटेक्टिव गियर तलाशने लगे, लेकिन किट वहां मौजूद नहीं थी। बाद में पता चला कि सामान ड्रेसिंग रूम में ही छूट गया था। एक खिलाड़ी को दौड़कर किट लानी पड़ी। किट आने में हुई देरी के बाद रेफरी ने पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद को ग्रीन कार्ड दिखा दिया। उन्हें दो मिनट के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। पूर्व कप्तान ने कहा- यह ‘अनवॉन्टेड रिकॉर्ड’ पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान अकबर ने इस घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे पाकिस्तान हॉकी का एक और ‘अनवॉन्टेड रिकॉर्ड’ बताया। उनका कहना था कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पेनल्टी कॉर्नर के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि तैयारी सिर्फ रणनीति, फिटनेस और स्किल तक सीमित नहीं है। टीम में अनुशासन और बेहतर संगठन भी जरूरी है। उनके मुताबिक ऐसी घटना वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर टीम की तैयारियों पर सवाल खड़े करती है। इंग्लैंड ने जीत दर्ज की किट विवाद के बीच पाकिस्तान मैच भी नहीं बचा सका। इंग्लैंड ने 4-1 से जीत दर्ज की। स्टुअर्ट रशमेयर ने 12वें मिनट में इंग्लैंड का पहला गोल किया। इसके बाद सैम वार्ड ने दूसरे क्वार्टर में बढ़त 2-0 कर दी। सैमुअल हूपर ने 31वें मिनट में तीसरा और जेम्स एलबरी ने 47वें मिनट में चौथा गोल किया। पाकिस्तान की ओर से रेहान अब्दुल अफराज ने 50वें मिनट में एक गोल किया। पाकिस्तान को मैच में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम इनमें से किसी को भी गोल में नहीं बदल सकी। 8 साल बाद वर्ल्ड कप में लौटा पाकिस्तान पाकिस्तान की टीम 2018 के बाद पहली बार हॉकी वर्ल्ड कप खेल रही है। 2023 का वर्ल्ड कप टीम ने मिस किया था। अब उसकी अगली चुनौती 17 अगस्त को वेल्स के खिलाफ होगी। इसके बाद 19 अगस्त को पाकिस्तान का सामना भारत से होगा। भारत ने जीत से शुरुआत की भारत ने अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराकर जीत से शुरुआत की है। कप्तान हरमानप्रीत सिंह ने दो गोल दागे। भारत और इंग्लैंड का मुकाबला भी 17 अगस्त को होगा। पेनल्टी कॉर्नर में प्रोटेक्टिव गियर क्यों जरूरी? पेनल्टी कॉर्नर के दौरान गेंद बहुत तेज से आ सकती है। ऐसे में डिफेंडर के चेहरे, हाथ और पैरों पर चोट लगने का खतरा रहता है। फेस मास्क, पैड और ग्लव्स तेज शॉट या ड्रैग-फ्लिक के असर को कम करके खिलाड़ियों को गंभीर चोटों से बचाते हैं। 4 बार वर्ल्ड चैंपियन, फिर कैसे पिछड़ रहा पाकिस्तान? पाकिस्तान हॉकी का कभी दुनिया में दबदबा था। टीम ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में कुल 4 बार हॉकी वर्ल्ड कप जीता। लेकिन इसके बाद पाकिस्तान की हॉकी लगातार कमजोर होती गई। इसके पीछे घरेलू ढांचे की कमजोरी से लेकर आर्थिक संकट और प्रशासनिक खींचतान तक कई वजहें रहीं। 1. घरेलू ढांचा कमजोर पड़ा पाकिस्तान में नियमित घरेलू हॉकी टूर्नामेंट और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने वाला मजबूत सिस्टम कमजोर हुआ। इससे युवा प्रतिभाओं को लगातार मुकाबले और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए जरूरी अनुभव नहीं मिल पाया। 2. एस्ट्रोटर्फ और आधुनिक हॉकी से पिछड़ गया हॉकी के खेल में आर्टिफिशियल टर्फ, तेज गति और आधुनिक फिटनेस का महत्व बढ़ा, लेकिन पाकिस्तान इन बदलावों के साथ उसी तेजी से तालमेल नहीं बिठा सका। यूरोपीय टीमों की तेज और फिटनेस आधारित हॉकी के मुकाबले पाकिस्तान पिछड़ता चला गया। 3. पैसे और प्रशासन की कमी ने बढ़ाई मुश्किल पाकिस्तान हॉकी महासंघ आर्थिक संकट से जूझता रहा। खिलाड़ियों और कोचों को समय पर वेतन नहीं मिलने जैसी समस्याएं सामने आईं। इसके साथ ही प्रशासनिक विवाद और खींचतान ने भी टीम की तैयारियों को प्रभावित किया। 4. मैदान और सुविधाएं भी बड़ी समस्या खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए विश्व स्तरीय मैदान, आधुनिक ट्रेनिंग सुविधाएं और जरूरी उपकरण नहीं मिल पाए। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए खिलाड़ियों को तैयार करना मुश्किल होता गया। 5. क्रिकेट के क्रेज में हॉकी पीछे छूटी पाकिस्तान में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। ऐसे में प्रायोजक, मीडिया और वित्तीय संसाधनों का बड़ा हिस्सा क्रिकेट की तरफ चला गया। ---------------हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.…महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का पहला मैच:पेरिस ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट चीन से भिड़ंत; गोलकीपर सविता पर नजरें महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम आज अपना पहला मैच खेलेगी। टीम का मुकाबला चीन से होगा, जो पेरिस ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट है। पूल-D का यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे से शुरु होगा। पढ़ें पूरी खबर…
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 की मेजबानी इस बार भारत कर रहा है। इसको लेकर भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों के साथ-साथ फैंस में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। दुनिया के दिग्गजों की मौजूदगी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पीवी सिंधु ने बताया क्यों खास है आयोजन स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने कहा कि भारत में वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन होना बेहद खास है। उन्होंने बताया कि 2019 में खिताब जीतने के बाद, लगभग सात साल बाद उन्हें एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन करने की उम्मीद है। जापान ओपन के प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सिंधु का कहना है कि वे एक बार में एक मैच पर ध्यान दे रही हैं और घरेलू दर्शकों के समर्थन का पूरा फायदा उठाकर पदक जीतने का प्रयास करेंगी। #WATCH | Delhi: On the BWF World Badminton Championship 2026, Indian Badminton Player PV Sindhu says, ... It’s special because the World Championship is happening in India. I’m excited because it’s been many years since India hosted it. I won the World Championship in 2019, and… pic.twitter.com/NSrjgpv0L9 — ANI (@ANI) August 16, 2026 इसे भी पढ़ें: BWF World Championship: नई दिल्ली पहुंचे चीनी बैडमिंटन दल ने जताई संतुष्टि युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी की प्रतिक्रिया भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने इस टूर्नामेंट को सभी खिलाड़ियों के लिए एक बहुत बड़ा मंच बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। भारत में इस चैंपियनशिप का आयोजन होना उनके लिए इसे और भी खास और यादगार बना देता है। थाईलैंड के कुनलावुत विटिडसर्न भी उत्साहित थाईलैंड के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी कुनलावुत विटिडसर्न ने भारत आने पर अपनी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वे एक बार फिर भारत आकर बेहद खुश हैं और इस बड़े टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की पूरी कोशिश करेंगे। #WATCH | Delhi: On BWF World Badminton Championship, Thai Badminton player Kunlavut Vitidsarn says, ... This time I come to India again. I'm very happy, and I will try my best in this tournament... pic.twitter.com/6gMRuFau1c — ANI (@ANI) August 16, 2026 इसे भी पढ़ें: Satwik-Chirag World Championship में कंधे की चोट के बावजूद आक्रामक खेल पर कायम रहेंगे उन्नति हुड्डा की बढ़ी हुई है उत्सुकता पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग ले रहीं भारतीय खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अपने करियर की पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप अपने ही देश में खेलना उनके लिए बेहद रोमांचक है। वे इस प्रतियोगिता का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं और एक बार में एक मैच पर ध्यान केंद्रित कर आगे बढ़ना चाहती हैं।
ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश का ऐतिहासिक कारनामा, 4 दिन में जीता पहला टेस्ट
इस जीत के साथ बांग्लादेश ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। मेहमान टीम की इस कामयाबी में गेंदबाजों ने सबसे अहम भूमिका निभाई और ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को दोनों पारियों में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
Bangladesh ने Australia को डार्विन टेस्ट में 9 विकेट से हराकर रचा इतिहास
बांग्लादेश ने रविवार को यहां दुनिया की नंबर एक टीम ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे दिन ही नौ विकेट से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। यह उसकी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर पहली और कुल मिलाकर दूसरी जीत है। बांग्लादेश की पहली पारी में महत्वपूर्ण अर्धशतक बनाने वाले मेहदी हसन मिराज ने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में पांच विकेट लेकर उसे 284 रन पर आउट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह से ऑस्ट्रेलिया केवल 56 रन की बढ़त ही हासिल कर पाया। कैमरन ग्रीन ने अपना तीसरा टेस्ट शतक और ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला शतक बनाया। उन्होंने 201 गेंदों में 104 रन बनाए लेकिन इससे ऑस्ट्रेलियाई पारी की हार ही टाल पाया। बांग्लादेश के सामने केवल 57 रन का लक्ष्य था लेकिन उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही। जोश हेज़लवुड ने पहली पारी में शतक लगाने वाले तंजीद हसन को शून्य पर आउट कर दिया, लेकिन शादमान इस्लाम (नाबाद 25) और मोमिनुल हक (नाबाद 30) ने संयम बनाए रखते हुए अपनी टीम को 14.2 ओवरों में लक्ष्य तक पहुंचा दिया। बांग्लादेश की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसने मैच में शुरू से लेकर आखिर तक दबदबा बनाए रखा। ऑस्ट्रेलिया अपनी पहली पारी में केवल 198 रन ही बना सका, जिसमें स्टीव स्मिथ ने सर्वाधिक 71 रन बनाए। इसके बाद बांग्लादेश ने पिच के सपाट होने का फायदा उठाते हुए 426 रन बनाए और 228 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। ग्रीन के शानदार शतक के बावजूद ऑस्ट्रेलिया पहली पारी के खराब प्रदर्शन से नहीं उभर पाया। इस तरह से बांग्लादेश ने ऐतिहासिक जीत हासिल की। इससे पहले उसने 2017 में ढाका में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह हार उसके 149 साल के टेस्ट इतिहास में घर पर हुई सबसे अपमानजनक पराजय में से एक है। इससे अब चयनकर्ताओं पर 22 अगस्त से क्वींसलैंड राज्य के मैकाय में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले टीम में बदलाव करने का काफी दबाव होगा। ऑस्ट्रेलिया ने चौथे दिन की शुरुआत चार विकेट पर 161 रन से की लेकिन मेहदी ने 66 रन देकर पांच विकेट लिए और मेजबान टीम को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। तीसरे दिन के आखिर में स्मिथ का विकेट लेकर उन्होंने मैच को निर्णायक रूप से बांग्लादेश की ओर मोड़ दिया। इस ऑफ स्पिनर ने चौथे दिन पहले एलेक्स कैरी (30) को विकेट के पीछे लिटन दास हाथों कैच कराया और फिर ब्यू वेबस्टर (05) को बोल्ड किया। पैट कमिंस (08) की पारी संक्षिप्त रही। उन्होंने शॉर्ट लेग पर हसन मिराज को कैच दिया जो मेहदी का सुबह का तीसरा विकेट था। उन्होंने नाथन लियोन को एलबीडब्ल्यू आउट करके ऑस्ट्रेलिया की पारी का अंत किया। इस बीच हसन महमूद ने ग्रीन का महत्वपूर्ण विकेट लिया, जिन्होंने अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया।
Novak Djokovic सिनसिनाटी ओपन में पहले ही दौर का मुकाबला हारे, तिरांते ने दी मात
विंबलडन के सेमीफाइनल में हारने के बाद पहली बार किसी टूर्नामेंट में खेल रहे नोवाक जोकोविच सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में हारकर बाहर हो गए। अर्जेंटीना के 25 वर्ष की खिलाड़ी थियागो अगस्टिन तिरांते ने 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन जोकोविच को 2-6, 6-4, 6-4 से हराया। यह मैच गर्म और उमस भरे मौसम में दो घंटे 44 मिनट तक चला। इसे भी पढ़ें: Pranavi Urs ने Swiss Ladies Open में कट हासिल किया, त्वेसा मलिक चुकीं तिरांते विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर हैं। तीन बार सिनसिनाटी चैंपियन रह चुके और रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज 39 वर्षीय जोकोविच विंबलडन के सेमीफाइनल में यानिक सिनर से हार गए थे। जोकोविच को अब अमेरिकी ओपन में खेलना है, जो 30 अगस्त से न्यूयॉर्क में शुरू होगा। महिला वर्ग में फिलीपींस की एलेक्जेंड्रा एला ने एलेना-गैब्रिएला रूसे को हरा कर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। रूसे ने पहला सेट गंवाया लेकिन टखने की चोट के कारण वह आगे खेल जारी नहीं रख पाई। विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर काबिज एला ने इसी महीने की शुरुआत में वाशिंगटन में अपना पहला डब्ल्यूटीए एकल खिताब जीता था और उन्होंने अपने पिछले नौ मैचों में से आठ जीते हैं। इसे भी पढ़ें: Venus Williams को मिली लगातार 13वीं हार, Cincinnati Open के पहले दौर में अरंगो से हारीं अमेरिकी खिलाड़ी जेसिका पेगुला ने सिमोना वाल्टरट को 6-3, 6-2 से हराकर 2026 में हार्ड कोर्ट पर अपना रिकॉर्ड 25-6 कर लिया। तीसरे नंबर की खिलाड़ी पेगुला ने 2024 में सिनसिनाटी में खिताब जीता था।
FIH World Cup में भारत से मुकाबले पर बोले पाकिस्तानी कप्तान अबु बकर, रैंकिंग मायने नहीं रखती
पिछले एक दशक से अधिक समय से पाकिस्तान हॉकी टीम भारत को हरा नहीं सकी है लेकिन कप्तान अबु बकर महमूद को एफआईएच विश्व कप में इस सिलसिले को तोड़ने का यकीन है और उनका मानना है कि चिर प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले में रैंकिंग नहीं बल्कि उस दिन का खेल मायने रखता है। भारत को पाकिस्तान का सामना एफआईएच विश्व कप में 19 अगस्त को होना है। भारत ने पहले मैच में वेल्स को 3 -1 से हराया जबकि पाकिस्तान को इंग्लैंड से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। महमूद ने को दिये विशेष इंटरव्यू में कहा ,‘‘ मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है लेकिन भारत . पाकिस्तान मैच में रैकिंग मायने नहीं रखती। उस दिन का प्रदर्शन अहम होता है। मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी।’’ पाकिस्तान सीनियर पुरूष हॉकी टीम ने आखिरी बार भारत को जून 2016 में लंदन में चैम्पियंस ट्रॉफी में 4-3 से हराया था। भारत ने हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से शिकस्त दी। प्रो लीग के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तान बने महमूद ने कहा ,‘‘ भारतीय टीम एशिया की वह टीम है जिसने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं। यह एशियाई हॉकी के लिये अच्छी बात है और हम उसे विश्व कप के लिये शुभकामना देते हैं लेकिन हम भी इस बार पूरी तैयारी से आये हैं।’’ पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है लेकिन इससे ठीक पहले प्रो लीग में सारे मैच हारकर आखिरी नौवे स्थान पर रहा था। इसे भी पढ़ें: Hockey World Cup: India का मुकाबला England से, 32 साल बाद जीत हासिल करने का लक्ष्य पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि प्रो लीग में उनका लक्ष्य खिताब जीतना नहीं बल्कि सीखना था और यह विश्व कप में नजर आयेगा कि उन्होंने क्या सीखा है। विश्व कप के लिये टीम की रवानगी से ठीक पहले पाकिस्तान के डच कोच हरमान क्रूस स्वदेश लौट आये थे और गोलकीपिंग कोच बॉब योहान वेल्डोफ को जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम पर इसका कितना असर पड़ा है, यह पूछने पर महमूद ने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ में अदनान जाकिर, बॉब और सहयोगी स्टाफ ने पिछले एक महीने में काफी मेहनत की है। इससे टीम पर सकारात्मक असर पड़ा है और नतीजे दिखने लगे हैं। हमें हर दिन सरप्राइज करना और अच्छा प्रदर्शन दिखाना है। हमारा लक्ष्य एशियाई खेल है लेकिन विश्व कप में अंतिम आठ में जगह बनाना चाहेंगे।’’ महान ड्रैग फ्लिकर सोहेल अब्बास को अपना आदर्श मानने वाले 28 साल के इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘विश्व कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट है और अगर आप ये दो टूर्नामेंट नहीं खेल रहे तो विश्व हॉकी में भागीदारी नहीं कर रहे। यह हमारी खुशकिस्मती या कड़ी मेहनत है कि हम आठ साल बाद विश्व कप फिर खेल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ प्रो लीग से पहले हम विश्व रैंकिंग में 14 वें नंबर पर थे और अभी 12वें नंबर पर हैं। हमने प्रो लीग में दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेला है और बहुत कुछ सीखा है। प्रो लीग के पहले दो चरण के बाद हमने विश्व कप क्वालीफायर खेला और फाइनल तक पहुंचकर विश्व कप में जगह बनाई। इसे भी पढ़ें: Hockey World Cup में भारत ने वेल्स को 3-1 से हराया, Harmanpreet Singh ने किए 2 गोल आखिरी दो चरण में भी हमने कुछ नये प्रयोग किये। हम प्रो लीग में सीखने गए थे, खिताब जीतने नहीं क्योंकि काफी समय से हमने बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मैच नहीं खेले थे। अब विश्व कप में प्रदर्शन में नजर आयेगा कि हमने कितना कुछ सीखा है।’’ विश्व कप क्वालीफायर के फाइनल में पाकिस्तान को इंग्लैंड ने 4-1से हराया था। पाकिस्तानी टीम में सिर्फ महमूद और पूर्व कप्तान अम्माद बट ही दो खिलाड़ी हैं जिन्हें 2018 विश्व कप खेलने का अनुभव है लेकिन उन्होंने कहा कि इस टीम को संभालने की चुनौती का सामना करने के लिये वह तैयार हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ पाकिस्तान की इस टीम का कोर ग्रुप पिछले दो तीन साल से यही है , एक दो खिलाड़ी भीतर बाहर होते रहते हैं। चार पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके सौ मैच होने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: Hockey प्रतियोगिता: पुणे में कर्नाटक, बिहार और मिजोरम ने जीते अपने मैच अनुभव की कमी नहीं है , दो लड़के पहली बार विश्व कप खेलेंगे लेकिन उनकी प्रतिभा को देखकर ही विदेशी कोचों ने उन्हें चुना है। ’’ कप्तानी के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘मुझ पर जिम्मेदारी है लेकिन मुझे चुनौतियां पसंद है और उम्मीद है कि मेरे और मेरी टीम के लिये टूर्नामेंट अच्छा होगा। भारत में 2018 विश्व कप में 19 साल का था और सबसे कम उम्र का खिलाड़ी था। मैने बहुत कुछ सीखा था जो अभी भी मेरे जेहन में है। हमारी टीम के सीनियर खिलाड़ियों , ओलंपियनों से जो कुछ सीखा था वह अब अपनी टीम के युवा खिलाड़ियों से बांटना चाहूंगा।’’ महमूद ने यह भी कहा कि विश्व कप में चार खिताब जीतकर सबसे सफल टीम रही पाकिस्तान की विरासत को वह आगे बढाना चाहते हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ हम उस विरासत को जारी रखना चाहते हैं ताकि यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के पास ही रहे। हर खिलाड़ी अपनी टीम को शीर्ष पर देखना चाहता है।
सर्बिया के स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को सिनसिनाटी ओपन के शुरुआती दौर में ही हार का सामना करना पड़ा है। जोकोविच इस मैच के दौरान गर्मी से काफी परेशान दिखे और उन्हें डॉक्टर की भी मदद लेनी पड़ी।
Hockey World Cup: India का मुकाबला England से, 32 साल बाद जीत हासिल करने का लक्ष्य
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 16 अगस्त निचली रैकिंग वाली वेल्स के खिलाफ पहले मैच में जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम के सामने एफआईएच पुरूष हॉकी विश्व कप में सोमवार को विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज इंग्लैंड के रूप में पूल चरण की सबसे कठिन चुनौती होगी जिसे विश्व कप में आखिरी बार उसने तीन दशक पहले हराया था। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने शनिवार को पहले मैच में विश्व रैंकिंग में अपने से छह पायदान नीचे 15वें स्थान पर काबिज वेल्स को 3 -1 से मात दी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किये जबकि संजय ने भी पहला गोल पेनल्टी कॉर्नर पर दागा। दूसरी ओर इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पूल डी के एक अन्य मैच में 4-1 से मात दी। विश्व कप के बदले प्रारूप में हर मैच का परिणाम काफी मायने रखेगा और भारत से इससे अधिक अंतर से जीत की उम्मीद थी।पहले हर पूल की शीर्ष दो दो टीमें क्वार्टर फाइनल खेलती थी लेकिन इस बार हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर का पूल चरण खेलेंगी जिसमें आठ टीमें होंगी। इस चरण में दो पूल ई और एफ होंगे जिसमें चार चार टीमें रहेंगी लेकिन वे तीन नहीं बल्कि दो दो मैच खेलेंगी। यानी अगर भारत और इंग्लैंड दोनों अगले दौर में जाते हैं तो उनका एक दूसरे से सामना नहीं होगा और पहले पूल चरण के अंक ही आगे जायेंगे और भारत की सेमीफाइनल संभावनाओं के लिये यह मैच अहम है। पूल ई और एफ की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी। पहले मैच में भारतीय फॉरवर्ड पंक्ति ने कई अच्छे प्रयास किये और पेनल्टी कॉर्नर भी बनाये लेकिन फील्ड गोल नहीं हो सका। गोल के लिये पेनल्टी कॉर्नर पर निर्भरता कम करने और फील्ड गोल पर फोकस करने की भी जरूरत है। डिफेंस में ख्नासकर जरमनप्रीत सिंह ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फॉरवर्ड पंक्ति को बेहतर तालमेल पर ध्यान देना होगा। विश्व कप से पहले प्रो लीग के लंदन चरण में भारत का सामना इंग्लैंड से हुआ था जिसमें दोनों टीमों ने पेनल्टी शूटआउट में एक एक जीत दर्ज करके बोनस अंक हासिल किये थे। इंग्लैंड 16 मैचों में से सिर्फ दो गंवाकर प्रो लीग 2025 -26 की तालिका में बेल्जियम के बाद दूसरे स्थान पर रहा जबकि भारतीय टीम नौ टीमों में सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर आठवें स्थान पर रही। प्रो लीग के खराब प्रदर्शन के बारे में पूछने पर कप्तान हरमनप्रीत ने कहा ,‘‘ खेल में उतार चढाव आते रहते हैं लेकिन हमारा फोकस अभी विश्व कप पर है। हम बेहतर तैयारी के साथ आये हैं और टीम फॉर्म में है। हम मैच दर मैच फोकस करेंगे और गोल करने के ज्यादा से ज्यादा मौके बनाने पर फोकस होगा।’’टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मानसिक दृढता के लिये स्विटजरलैंड में तीन दिन के बूट कैम्प के अनुभव का इस्तेमाल भारत को इस मैच में करना पड़ेगा।इंग्लैंड की टीम मोंशेंग्लाबाख में 2006 से पिछले पांच विश्व कप में अंतिम पांच में रही है। विश्व कप क्वालीफायर में उसने जापान (5-0), मेजबान मिस्र (3-0) और अमेरिका (5 -0) को हराने के बाद मलेशिया को 7-1 और पाकिस्तान को 4-1 से हराया। विश्व कप में भारत का इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है और आखिरी बार उसे 1994 में सिडनी में पांचवें छठे स्थान के मुकाबले में एक गोल से जीत मिली थी। इसके बाद 1998 में यूट्रेक्ट में दोनों टीमों का सामना नहीं हुआ लेकिन अगले तीन विश्व कप (2002, 2006 और 2010) में इंग्लैंड ने भारत को 3 -2 के समान अंतर से हराया। भुवनेश्वर में 2018 में दोनों टीमों की टक्कर नहीं हुई और 2023 में पिछले विश्व कप में दोनों ने गोलरहित ड्रॉ खेला। पूल डी में इसी मैच से पहले और दूसरे स्थान की टीम का निर्धारण हो सकता है। भारत को इसके बाद पाकिस्तान से 19 अगस्त को खेलना है।
Hockey World Cup में भारत ने वेल्स को 3-1 से हराया, Harmanpreet Singh ने किए 2 गोल
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने के इरादे से उतरी भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से पूल डी के पहले मैच में शनिवार को वेल्स को 3-1 से हराकर अपने अभियान की अच्छी शुरूआत की। करीब दस हजार की दर्शक क्षमता वाले वेगनेर स्टेडियम पर अच्छी तादाद में जमा प्रशंसकों के सामने भारतीय टीम ने निराश नहीं किया। भारत के लिये ‘प्लेयर आफ द मैच ’ हरमनप्रीत ने 11वें और 43वें मिनट में गोल किये जबकि संजय ने आठवें मिनट में गोल दागा। अपना दूसरा विश्व कप खेल रही वेल्स टीम के लिये एकमात्र गोल सैम वेल्श ने 56वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर दागा। आखिरी मिनटों में वेल्स ने अंतर कम करने की भरसक कोशिश की और 54वें मिनट में उसे मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन फर्लोंग के दमदार शॉट को भारतीय गोलकीपर मोहित एचएस ने रोक लिया। इसके बाद हालांकि नाटकीय घटनाक्रम में वेल्श ने रिबाउंड पर गेंद भीतर डाली लेकिन इस गोल पर भारतीय टीम ने रेफरल लिया। टीवी अंपायर ने गोल बरकरार रखा क्योंकि सीटी बजने से पहले गेंद भीतर चली गई थी। टूर्नामेंट के नये प्रारूप को देखते हुए भारत की कोशिश अधिक अंतर से जीतने और क्लीन शीट रखने की थी लेकिन आखिरी मिनटों में एक गोल गंवाने के बाद कोच क्रेग फुल्टोन को इंग्लैंड के खिलाफ अगले कठिन मैच से पहले इस पर काम करना होगा। अपना दूसरा ही विश्व कप खेल रही वेल्स की टीम ने अच्छी शुरूआत की और पहले पांच मिनट में गेंद पर कब्जा बनाये रखा। दूसरे ही मिनट में वेल्स ने भारतीय सर्कल में प्रवेश किया जब फ्रेड न्यूबोल्ड के पास पर जैक प्रिचार्ड का शॉट गोलकीपर सूरज करकेरा ने बचा लिया। रिबाउंड पर फ्रेड का शॉट गोल के ऊपर से निकल गया। फ्रेड ने भारतीय डिफेंस को लगातार व्यस्त रखा और पांचवें मिनट में फिर गोल पर निशाना लगाया लेकिन गेंद सीधे करकेरा के पास गई। इसके बाद भारतीय टीम ने जवाबी हमला शुरू किया और हार्दिक सिंह ने सातवें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर दिलाया। कप्तान हरमनप्रीत उस समय बाहर थे और संजय का प्रयास नाकाम रहा लेकिन गेंद पहले रशर के पैर से टकराने के कारण भारत को लगातार दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार संजय का सीधा तेज शॉट वेल्स के गोलकीपर दाहिनी ओर डाइव लगाकर भी बचा नहीं सके। इसके तीन मिनट बाद जरमनप्रीत दाहिने विंग से बेहतरीन दौड़ लगाते हुए सर्कल के करीब पहुंचे लेकिन उनकी रिवर्स हिट सटीक नहीं लगी। भारत को 11वें मिनट में तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत ने कोई चूक नहीं की। एक गोल गंवाने के बाद वेल्स टीम ने अगले ही मिनट जवाबी हमला किया लेकिन जरमनप्रीत की अगुवाई में भारत के डिफेंस ने बड़ी फुर्ती दिखाते हुए उनके बराबरी के प्रयास को नाकाम कर दिया। पहला क्वार्टर खत्म होने से एक मिनट पहले भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक बाहर निकल गई। पहले क्वार्टर के बाद भारत के पास दो गोल की बढत थी और दूसरे क्वार्टर के पहले ही मिनट में इस विश्व कप के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह (417 अंतरराष्ट्रीय मैच) ने भारत को पेनल्टी कॉर्नर दिलाया। हरमनप्रीत के शॉट पर मनप्रीत गेंद को ट्रैप नहीं कर सके और मनदीप सिंह का डिफ्लैक्शन का प्रयास भी विफल रहा। वेल्स के लिये 19वें मिनट में प्रिचार्ड को डिफेंस से लंबा पास मिला जिस समय सामने गोलकीपर मोहित एचएस और डिफेंडर संजय ही थे। मोहित आगे निकले लेकिन प्रिचार्ड का शॉट गोलपोस्ट से टकराकर निकल गया। भारत को दूसरे क्ववार्टर के आखिरी मिनटों में फिर गेंद मिली और सुखजीत ने दाहिने ओर राजिंदर को पास दिया जिन्होंने शॉट भी लिया लेकिन सही निशाना नहीं लगा सके। हाफटाइम तक भारत के पास दो गोल की बढत बरकरार थी। तीसरे क्वार्टर में भारत ने उसी रफ्तार और लय के साथ हमले जारी रखे और इसका नतीजा 42वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला। हरमनप्रीत ने बायीं ओर दमदार शॉट पर दूसरा गोल दागा।
वैभव सूर्यवंशी के बाद समस्तीपुर से एक नए खिलाड़ी का उदय हुआ है। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के लिए बिहार की नूतन सिंह का ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के ट्रायल के लिए चयन हुआ है। नूतन बिहार से पहली महिला क्रिकेटर हैं, जो ट्रायल के लिए WPL में गई थी। नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है, जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। यहां तक की नूतन ने वैभव के साथ भी प्रैक्टिस की है और उनके बॉल पर वैभव चौके-छक्के लगाए करते थे। नूतन ब्रेट ली और डेल स्टेन को अपना आइडल मानती है और उनका सपना हरमनप्रीत कौर को आउट करना है। नूतन सिंह ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की… ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के लिए नूतन सिंह ने ट्रायल दिया नूतन ने 11 अगस्त से 14 अगस्त तक बेंगलुरु में आयोजित हुए ट्रायल में हिस्सा लिया था। अपने अनुभव को साझा करते हुए नूतन ने कहा, ‘काफी अच्छा एक्सपीरियंस रहा। इस WPL प्लेटफार्म से हमें आगे इंडिया टीम में खेलने का भी मौका मिलेगा। यूपी वॉरियर्ज टीम से कोच और सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे। सभी ने ट्रायल के दौरान मदद की और मार्गदर्शन भी दिया।' CSK के मैच जीतने के बाद क्रिकेट को जानने का आया जुनून क्रिकेट को अपने पैशन के रूप में चुनने पर नूतन ने बताया कि उनके परिवार में उनके पिता को क्रिकेट काफी पसंद था और सभी लोग मिलकर मैच देखते थे। खासकर IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के सभी फैन थे। एक साथ मिलकर टीवी पर मैच देखा करते थे। नूतन बताती हैं, ‘2018 में जब CSK ने फाइनल मैच जीता, तब मेरे मन में क्रिकेट को और जानने की इच्छा जागी। 2020 में कोविड के दौरान मैंने अकादमी में एडमिशन लिया और क्रिकेट खेलना शुरू किया था।’ जब नूतन ने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया तो उनके माता-पिता ने भी उनका सपोर्ट किया। वैभव सूर्यवंशी के कोच से नूतन ने ली ट्रेनिंग नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। समस्तीपुर क्रिकेट अकादमी में कोच ब्रजेश के अंडर उन्होंने 2 साल तक बॉलिंग की ट्रेनिंग ली। यहीं से उन्होंने पहली बार अंडर-19 भी खेला था। उसके बाद पटना के Gen X अकादमी में कोच अशोक से उन्होंने ट्रेनिंग ली। नूतन के बॉल पर वैभव सूर्यवंशी मारते थे चौके-छक्के नूतन ने आगे बताया कि जब वह अकादमी में ट्रेनिंग के लिए गई थी तो वहां पर पहले से ही वैभव सूर्यवंशी प्रैक्टिस कर रहे थे। यहां तक की दोनों ने साथ में कई बार प्रैक्टिस भी की और कई मैच भी खेले। क्रिकेट चुनने में माता-पिता का बहुत बड़ा रोल नूतन के माता-पिता दोनों मेडिकल लाइन में है। तीन बहनों में वह मंझली है। यहां तक पहुंचने की जर्नी को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता का मेरे क्रिकेट करियर में बहुत बड़ा रोल रहा है। नूतन ने बताया, ‘मेरे पैरेट्स ने सबसे ज्यादा मुझ पर खर्च किया है। मेरे किट, जूते में काफी पैसे खर्च होते हैं, लेकिन वे मेरी हर जरूरत की चीज को पूरा करते हैं। वे मुझे बताते भी नहीं है कि चीजें कहां से आई, कैसे मैनेज किया। उनका यही कहना है कि मुझे किसी भी चीज की कमी नहीं होनी चाहिए।’ नूतन कहती हैं, ‘मैं दिन-रात मेहनत कर रही हूं, ताकि टीम इंडिया तक जाऊं। अपने परिवार और बिहार का नाम रोशन करूं।’
Shubhankar Sharma और युवराज संधू डेनिश गोल्फ चैंपियनशिप के कट से चूके
भारतीय गोल्फर युवराज संधू और शुभंकर शर्मा शनिवार को डेनिश गोल्फ चैंपियनशिप में कट हासिल करने से चूक गए। इस तरह डीपी वर्ल्ड टूर पर उनका खराब प्रदर्शन जारी रहा। संधू ने 72 और 71 के कार्ड खेलने से कट लाइन से एक शॉट पीछे रह गए। वह लगातार चौथी बार कट से चूके। वहीं शर्मा ने मार्च के पहले हफ्ते के बाद से डीपी वर्ल्ड टूर पर बस एक बार कट हासिल किया है। वह टर्किश एयरलाइंस ओपन में संयुक्त रूप से 65वें स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Ashwin की भविष्यवाणी: Rohit Sharma के लिए Mumbai Indians के पास होनी चाहिए Coach वाली Special Role भारतीय जोड़ी अगले सप्ताह होने वाली नेक्सो चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
डार्विन टेस्ट में कैमरन ग्रीन के शतक की बदौलत ऑस्ट्रेलिया पहली पारी के 228 रन के घाटे से निकलकर 56 रन की बढ़त लेने में सफल रहा। ग्रीन ने 104 रन बनाए, जबकि मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी को 284 रन पर समेट दिया। अब बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने के लिए 57 रन बनाने हैं। 74 रन पर चौथा विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए थे ग्रीन ग्रीन उस समय बल्लेबाजी के लिए आए थे जब ऑस्ट्रेलिया ने 74 रन पर अपना चौथा विकेट गंवा दिया था। टीम पहली पारी में 198 रन पर आउट होने के कारण बांग्लादेश से 228 रन पीछे थी। ऐसे समय में ग्रीन ने पारी को संभाला और पहले स्टीव स्मिथ के साथ 49 रन की साझेदारी की। स्मिथ के आउट होने के बाद ग्रीन ने एलेक्स कैरी के साथ भी महत्वपूर्ण साझेदारी की। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट पर 161 रन बना चुका था और बांग्लादेश से 67 रन पीछे था। ग्रीन 43 और कैरी 19 रन बनाकर नाबाद थे। ग्रीन ने टिककर बल्लेबाजी की, फिर शतक पूरा किया चौथे दिन ग्रीन ने पारी को आगे बढ़ाते हुए पहले ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश की बढ़त के करीब पहुंचाया और फिर टीम को आगे भी निकाल दिया। उन्होंने लंबी पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को मैच में वापस लाया। ग्रीन ने अपना शतक पूरा किया और 104 रन बनाकर आउट हो गए। उनके शतक का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि जब वह क्रीज पर आए थे, तब ऑस्ट्रेलिया 228 रन के बड़े घाटे में था। ग्रीन ने विकेट बचाकर बल्लेबाजी की और टीम को पहले घाटे से बाहर निकाला, फिर बढ़त दिला दी। मेहदी हसन मिराज ने 5 विकेट लिए मेहदी हसन मिराज ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में 5 विकेट लिए। उन्होंने एलेक्स कैरी को 30 रन पर लिटन दास के हाथों कैच कराया, इसके बाद बो वेबस्टर को 12 रन पर बोल्ड किया। फिर पैट कमिंस को 9 रन पर शॉर्ट लेग में कैच कराया। ग्रीन के 104 रन के शतक के बाद मेहदी ने उनकी पारी भी खत्म की और आखिर में नाथन लायन को 15 रन पर LBW कर ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 284 रन पर समेट दी। बांग्लादेश ने पहली पारी में 426 रन बनाए बांग्लादेश ने पहली पारी में 426 रन बनाए थे। तंजिद हसन ने 101 रन की पारी खेली थी। यह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक था। नजमुल हुसैन शांतो ने 84 रन बनाए, जबकि मेहदी हसन मिराज ने 65 रन की उपयोगी पारी खेली। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 198 रन पर सिमट गई थी। हसन महमूद ने 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को दबाव में रखा था। बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया में पहली जीत के करीब बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट जीत की कोशिश में है। तीसरे दिन तक वह मैच पर मजबूत पकड़ बनाए हुए था और ऑस्ट्रेलिया 67 रन पीछे था। लेकिन ग्रीन के शतक और ऑस्ट्रेलिया की 50 रन की बढ़त ने अब बांग्लादेश के सामने चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करने की चुनौती खड़ी कर दी है। ऑस्ट्रेलिया के अभी दो विकेट बाकी हैं, इसलिए उसकी बढ़त और बढ़ सकती है।
IND vs SL गॉल टेस्ट के दूसरे दिन बारिश के चलते खेल नहीं हुआ शुरू, मैदान को कवर्स से ढका गया
भारत और श्रीलंका के बीच खेले गॉल के मैदान पर खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल में बारिश के खलल की वजह से मुकाबला तय समय पर शुरू नहीं हो सका है।
स्पेन की टीम ने इंटरनेशनल क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के 23 साल पुराने एक बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने के साथ उसे अपने नाम कर लिया है, जिसमें वह अब सबसे ज्यादा लगातार अंतरराष्ट्रीय मैच जीतने वाली टीम बन गई है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत जीत से की है। वेल्स को हराने के बाद अब भारतीय टीम का सामना सोमवार को ग्रुप चरण के दूसरे मैच में इंग्लैंड से होगा। विश्व कप में दोनों टीमों का रिकॉर्ड एक दूसरे के खिलाफ करीब समान ही रहा है।
IND vs SL गॉल टेस्ट मैच के दूसरे दिन कैसा रहेगा मौसम का हाल? बदले समय पर शुरू होगा खेल
गॉल के स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मुकाबले के पहले दिन के खेल में बारिश के खलल की वजह से 73 ओवर्स की गेंदबाजी हो सकी, जिसके चलते अब दूसरे दिन का खेल 15 मिनट जल्दी शुरू करने का फैसला लिया गया है।
Pranavi Urs ने Swiss Ladies Open में कट हासिल किया, त्वेसा मलिक चुकीं
प्रणवी उर्स वीपी बैंक स्विस लेडीज ओपन में कट में जगह बनाने वाली एकमात्र भारतीय गोल्फर रहीं, जबकि त्वेसा मलिक और दीक्षा डागर 36 होल के कट से चूक गईं। प्रणवी ने दूसरे राउंड में दो अंडर 69 का कार्ड खेला और संयुक्त रूप से 28वें स्थान पर हैं। वहीं त्वेसा ने 71 और दीक्षा ने 78 का स्कोर बनाया। लेडीज यूरोपियन टूर (एलईटी) के इस टूर्नामेंट में दो दौर के बाद कट ईवन पार पर रहा। तीनों भारतीयों में प्रणवी ने 70 और 69 के कार्ड के साथ दो दौर में कुल तीन अंडर का स्कोर किया। त्वेसा 72 और 71 के साथ एक अंडर और संयुक्त 65वें स्थान पर रहीं तथा एक शॉट से कट से चूक गईं। दीक्षा 71 और 78 के स्कोर के साथ संयुक्त 110वें स्थान पर रहीं। स्वीडन की काजसा अरवेफ्याल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल राउंड से पहले तीन शॉट की बढ़त बना ली है। उन्होंने पहले दौर में सात अंडर 64 के बाद दूसरे दौर में बोगी रहित पांच अंडर 66 का कार्ड खेला और कुल 12 अंडर के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान मजबूत किया।
BWF World Championship: नई दिल्ली पहुंचे चीनी बैडमिंटन दल ने जताई संतुष्टि
भारत में होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप से पहले चीन के बैडमिंटन दल ने शनिवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में तैयारियों पर संतोष जताते हुए कहा कि यहां की परिस्थितियां इस साल की शुरुआत में हुए इंडिया ओपन की तुलना में काफी बेहतर हैं। मंगलवार से शुरू होने वाली विश्व चैंपियनशिप के सुचारु आयोजन के लिए आयोजकों ने स्टेडियम में व्यापक स्तर पर सुधार किए हैं। जनवरी में इंडिया ओपन के दौरान एचएस प्रणय और लोह कीन यू के बीच दूसरे दौर के मुकाबले में कबूतरों के दो बार कोर्ट में आने से खेल रोकना पड़ा था। इसके अलावा साफ-सफाई और दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठे थे। भारत में 17 साल बाद विश्व चैंपियनशिप की वापसी हो रही है और आयोजक 17 से 23 अगस्त तक होने वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इंडिया ओपन में हिस्सा ले चुकीं तोक्यो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व नंबर चार महिला एकल खिलाड़ी चेन यूफेई ने कहा कि स्टेडियम की स्थिति अब काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि चोट के कारण इस प्रतियोगिता की तैयारी के लिए ज्यादा अभ्यास नहीं किया। चेन ने कहा, “अभी मेरा ध्यान खुद पर भरोसा बनाए रखने और पिछले नतीजों के बारे में ज्यादा न सोचने पर है। परिस्थितियां अब काफी बेहतर हैं, हालांकि मौसम अभी भी मेरे लिए थोड़ा असहज है।”विश्व नंबर नौ और 2022 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पुरुष एकल खिलाड़ी ली शिफेंग ने भी आयोजन की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘ इंडिया ओपन की तुलना में कोर्ट की स्थिति, हवा के बहाव और मौसम समेत अन्य व्यवस्थाएं अच्छी तरह संभाली गई हैं और स्टेडियम भी बेहतर स्थिति में है।’’ली ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में मेरी तैयारी अच्छी रही है और मैं इस बड़े मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हूं। मेरा ध्यान प्रतिद्वंद्वी पर केंद्रित रहने के बजाय अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू करने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।’’पेरिस ओलंपिक की पुरुष युगल रजत पदक विजेता जोड़ी और मौजूदा विश्व नंबर तीन लियांग वेइकेंग और वांग चांग ने भी कहा कि यहां की परिस्थितियां इंडिया ओपन से कुछ अलग हैं। दोनों ने बताया कि उनकी तैयारी अच्छी चल रही है और शनिवार को उनका अभ्यास सत्र भी काफी कड़ा रहा। उन्होंने कहा कि मौसम अच्छा है, लेकिन कोर्ट और परिस्थितियां इंडिया ओपन की तुलना में थोड़ी अलग हैं। विश्व नंबर तीन महिला एकल खिलाड़ी वांग झी यी ने भी स्टेडियम की मौजूदा स्थिति को बेहतर बताया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि स्टेडियम में काफी बदलाव किया गया है, जो अच्छी बात है। मैंने अभी अभ्यास पूरा किया है और कोर्ट पर थोड़ी हवा महसूस हुई, इसलिए हमें इन परिस्थितियों का अभ्यस्त होना होगा।
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच में खेली जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला डार्विन के स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें चौथे दिन का खेल जारी है और बांग्लादेश की पकड़ अभी भी काफी मजबूत है।
शोएब अख्तर का छलका दर्द, जाहिर की ये अधूरी ख्वाहिश!
अपनी पीढ़ी के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शुमार शोएब अख्तर ने एक टीवी चैनल पर बात करते हुए बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि कैसे वह टेस्ट में 400 विकेट ले सकते थे. लेकिन फिर ऐसा हो नहीं सका.
अफगानिस्तान ने आयरलैंड के खिलाफ 299 रन का लक्ष्य 48.5 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम ने 5वें और आखिरी वनडे में आयरलैंड को 6 विकेट से हराया और सीरीज 4-0 से अपने नाम की। बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेले गए मुकाबले में रहमत शाह ने नाबाद 143 रन की पारी खेली। उन्होंने सिद्दीकुल्लाह अटल (98) के साथ तीसरे विकेट के लिए 201 रन जोड़े। यह अफगानिस्तान के वनडे इतिहास में तीसरे विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है। अफगानिस्तान ने 299 रन का लक्ष्य हासिल कर वनडे में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज किया। इससे पहले टीम का सबसे बड़ा सफल रन चेज 295 रन था। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 5 मैचों की सीरीज 4-0 से जीत ली। सीरीज का पहला मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया था। 22 रन पर 2 विकेट गंवाए: मैकार्थी ने दोनों ओपनर्स को आउट किया 299 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही। टीम ने 6 ओवर के अंदर 22 रन पर 2 विकेट गंवा दिए। आयरलैंड के तेज गेंदबाज लियम मैकार्थी ने रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान को आउट किया। इसके बाद रहमत शाह और सिद्दीकुल्लाह अटल ने पारी को संभाला। दोनों ने शुरुआती दबाव से निकलते हुए धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई और आयरलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया। रहमत-अटल ने जोड़े 201 रन: तीसरे विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी रहमत शाह और सिद्दीकुल्लाह अटल ने तीसरे विकेट के लिए 201 रन की साझेदारी की। यह अफगानिस्तान की वनडे में तीसरे विकेट की नई रिकॉर्ड साझेदारी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रहमत शाह और हशमतुल्लाह शाहिदी के नाम था। दोनों ने 2021 में अबू धाबी में आयरलैंड के खिलाफ 184 रन जोड़े थे। अटल ने 98 रन बनाए और शतक से सिर्फ 2 रन दूर रह गए। उनके आउट होने के बाद भी रहमत शाह एक छोर पर टिके रहे। स्पिनर के खिलाफ बदला अंदाज: रहमत ने लगाए बड़े शॉट अफगानिस्तान का स्कोर 49/2 था, तब आयरलैंड ने लेग स्पिनर गेविन हॉए को गेंदबाजी पर लगाया। इसके बाद रहमत शाह और अटल ने स्पिन के खिलाफ तेजी से रन बनाए। हॉए ने 10 ओवर में 73 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। रहमत शाह ने 109 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी नाबाद 143 रन की पारी में 9 चौके और एक छक्का शामिल रहा। अटल के आउट होने के समय अफगानिस्तान को जीत के लिए 76 रन की जरूरत थी, लेकिन रहमत और अजमतुल्लाह ओमरजई ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। ओमरजई ने 24 रन की तेज पारी खेली। अफगानिस्तान ने 7 गेंद बाकी रहते मैच जीत लिया। आयरलैंड ने बनाए 298 रन: कैंपर शतक से 4 रन दूर रहे इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रन बनाए। कर्टिस कैंपर ने 84 गेंदों में 96 रन की तेज पारी खेली। वह शतक से 4 रन दूर रह गए। हैरी टेक्टर ने 53 रन बनाए। अफगानिस्तान की ओर से अजमतुल्लाह ओमरजई ने 3 विकेट लिए। आयरलैंड की पारी के बाद अफगानिस्तान के सामने 299 रन का लक्ष्य था, जिसे टीम ने रहमत शाह और अटल की साझेदारी की मदद से हासिल कर लिया।
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। रविवार को मैच का दूसरा दिन है। टीम इंडिया 288/2 के स्कोर से खेलना शुरू करेगी। देवदत्त पडिक्कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन से अपनी-अपनी पारी को आगे बढ़ाएंगे। दिन के खेल में बारिश बाधा बन सकती है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार आज भी गॉल में 73% बारिश का बारिश का पूर्वानुमान है। वर्षा के कारण पहले दिन 2 बार खेल रोकना पड़ा था। पंत टेस्ट में 100 छक्कों के करीब विकेटकीपर बैटर ऋषभ पंत के पास 100 छक्के पूरे करने का मौका है। वे 98 सिक्स लगा चुके हैं और 2 और सिक्स लगाते ही टेस्ट में 100 सिक्स लगाने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। पूर्व भारतीय ओपनर वीरेंद्र सहवाग के नाम 91 छक्कों का रिकॉर्ड है। कोटक बोले- राहुल फिर उतर सकते हैं भारत के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कहा कि उपकप्तान केएल राहुल को केवल ऐंठन हुई है। अगर वे ठीक रहते हैं, तो उम्मीद है कि कल खेलेंगे। राहुल पहले दिन बार-बार आ रहे क्रैम्प से काफी परेशान दिखे और 77 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर गए थे। ---------------------------------------------- गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पहले दिन भारत का स्कोर 288/2; खराब रोशनी के कारण जल्दी स्टंप्स हुआ भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। खराब रोशनी के कारण दिन का खेल समय से पहले खत्म करना पड़ा। गॅाल स्टेडियम में देवदत्त पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद हैं। ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। पढ़ें पूरी खबर
महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम आज अपना पहला मैच खेलेगी। टीम का मुकाबला चीन से होगा, जो पेरिस ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट है। पूल-D का यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे से शुरु होगा। भारत के ग्रुप में चीन, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड है। टीम के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। इस मैच में हार से भारत के लिए अगले दोनों मुकाबले डू और डाई बन जाएंगे। भारत के खिलाफ चीन का पलड़ा भारी वर्ल्ड रैकिंग में चीन चौथे और भारत नौवें स्थान पर है। चीन का पलड़ा हमेशा से भारी रहा है। दोनों की पिछली भिड़ंत 2025 एशिया कप फाइनल में हुई थी। तब चीन ने भारत को 4-1 से हराकर खिताब जीता था। इसके बाद पेरिस ओलिंपिक में भी चीनी टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। गोलकीपर सविता का तीसरा वर्ल्ड कप गोलकीपर सविता पुनिया का 313 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। यह उनका तीसरा हॉकी वर्ल्ड कप है। वे दो ओलिंपिक और तीन एशियन गेम्स भी खेल चुकी हैं। उनपर प्रेशर सिचुएशन में टीम को संभालने की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा ड्रैग फ्लिकर दीपिका और नवनीत शानदार फॉर्म में हैं। दीपिका ने नेशंस कप 2026 में 6 गोल दागे थे। यह टूर्नामेंट भारत ने जीता था। वहीं नवनीत कौर ने भी एशिया कप और वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में गोल किए थे। 11 खिलाड़ी पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहीं भारत 20 खिलाड़ियों के स्क्वाड के साथ टूर्नामेंट में उतरा है। इसमें 11 खिलाड़ी ऐसी हैं जो पहली बार वर्ल्ड कप टूर्नामेंट खेलेंगी। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट से पहले मेजबान नीदरलैंड्स के खिलाफ प्रैक्टिस मैच भी खेला था। भारत सलीमा टेटे की कप्तानी और डच कोच शोर्ड मारिने के गाइडेंस में टूर्नामेंट खेल रहा है। दोनों टीमों का स्क्वॉड भारत: सविता, बिचू देवी खरीबाम, इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरंबम, लालथंतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास, निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग, लालरेम्सियामी, रुतुजा दादासो पिसल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग। चीन: लियू पिंग, ली टोंग, यांग लियू, झांग यिंग, चेन यी, मा निंग, झोंग जियाकी, दान वेन, ली होंग, ओउ जिक्सिया (कप्तान), पेंग यांग, ज़ू मेइरोंग, हे जियाजियांग, फैन युनक्सिया, चेन यांग, तान जिनझुआंग, लियू चेनचेंग, चेन टोंग, यू अनहुई, लुओ याक्सी।
आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 को साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में आयोजित किया जाएगा, जिसकी पहले मुकाबले को लेकर आईसीसी बड़ी प्लानिंग कर रहा है।
टीम की जीत में योगदान देकर खुश हैं हरमनप्रीत, जानिए क्या है हॉकी विश्व कप में आगे का प्लान?
भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह वेल्स के खिलाफ मिली जीत से काफी खुश हैं। भारत ने तीनो गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किए। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने वेल्स को 3-1 से हराकर अपने अभियान की अच्छी शुरूआत की।
हॉकी वर्ल्ड कप: भारत ने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से रौंदा
एफआईएच मेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के अपने 'पूल-डी' के पहले मैच में शनिवार को भारत ने वेल्स पर 3-1 से शानदार जीत हासिल की।
Harmanpreet Singh के 2 गोल से जीता भारत, World Cup में वेल्स को 3-1 से हराया
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त विश्व कप के पहले मैच में वेल्स को 3 -1 से हराने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि पहले मैच में अच्छे अंतर से जीत दर्ज करके पूरे तीन अंक हासिल करना महत्वपूर्ण था। पूल डी के पहले मैच में भारत के लिये दो गोल करने वाले ‘मैन आफ द मैच’ हरमनप्रीत ने कहा ,‘‘ हमने बहुत अच्छा खेला। हमारा लक्ष्य यही था कि मैच दर मैच मौके बनाने हैं और गोल करने हैं। मैन आफ द मैच या कौन गोल कर रहा है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। बस गोल होने चाहिये। उसी मानसिकता से खेले थे।’’उन्होंने जीत के साथ शुरूआत को अहम बताते हुए कहा ,‘‘ पहले मैच में जीत का अंतर अच्छा रखना था। हम 3 -1 से जीते और तीन अंक लिये जो अच्छा परिणाम है।’’आखिरी मिनटों में वेल्स ने गोल करके भारत को क्लीन शीट नहीं लेने दी लेकिन हरमनप्रीत ने कहा कि आने वाले मैचों में उनकी टीम गलतियों से सबक लेकर खेलेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ हमने अपनी पूरी कोशिश की लेकिन उन्होंने भी अच्छा खेला।यह पहला ही मैच था और कोशिश करेंगे कि आगे के मैचों में गलती नहीं हो। ’’भारत ने तीनो गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किये जबकि कोच क्रेग फुल्टोन फील्ड गोल पर भी लगातार जोर देते आये हैं। इस बारे में पूछने पर भारतीय कप्तान ने कहा ,‘‘ हमारी फॉरवर्ड पंक्ति ने अच्छा प्रदर्शन किया और कई पेनल्टी कॉर्नर बनाये। वे फील्ड गोल करें या पीसी बनाये, टीम के लिये गोल होना अहम है। ’’विश्व कप से पहले भारतीय टीम के प्रदर्शन के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उतार चढाव खेल का हिस्सा है। अभी टीम का फोकस विश्व कप पर है और टीम अच्छे फॉर्म में है, अच्छी तैयारी से आई है और जीत का पूरा यकीन है।
Satwik-Chirag World Championship में कंधे की चोट के बावजूद आक्रामक खेल पर कायम रहेंगे
कंधे की बार-बार उभरने वाली चोट ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं और कई बार उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी के लिए भी यह स्थिति “परेशान करने वाली” रही है, लेकिन भारतीय पुरुष युगल जोड़ी घरेलू सरजमीं पर विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक के रंग को बेहतर करने के लक्ष्य के साथ अपने आक्रामक और तेजतर्रार खेल पर कायम रहेगी। सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण शानदार टूर्नामेंट के बाद भी उनके लिए लय बरकरार रखना मुश्किल रहा है। इस जोड़ी ने दो साल के अंतराल के बाद अपना पहला खिताब जीतते हुए सिंगापुर ओपन सुपर 750 अपने नाम किया था, लेकिन इसके बाद चोट फिर उभर आई और उन्हें इंडोनेशिया ओपन में मुकाबले के बीच से हटना पड़ा तथा जापान ओपन से नाम वापस लेना पड़ा। सात्विक ने पीटीआई से कहा, ‘‘कंधे की चोट के साथ खेलना हमेशा मुश्किल होता है। मैं पिछले कुछ वर्षों से इसे संभाल रहा हूं। यह समस्या बार-बार उभरती रहती है। कभी मैं अच्छा महसूस करता हूं तो कभी स्थिति ठीक नहीं होती। यह निराशाजनक है। जाहिर तौर पर जब आप लय में होते हैं तो उसे जारी रखना चाहते हैं।”उन्होंने कहा, ‘‘आप अच्छा टूर्नामेंट खेलें और फिर दोबारा बाहर हो जाएं तो यह आपके जोड़ीदार के लिए भी परेशान करने वाला होता है। यह आसान नहीं है, लेकिन अब हम इसके अभ्यस्त हो चुके हैं। हमें पता है कि ऐसी स्थिति से कैसे निपटना है। साथ ही हमें अपने शरीर की स्थिति का भी सम्मान करना होगा।’’सात्विक और चिराग पुरुष युगल वर्ग की उन शीर्ष पांच जोड़ियों में शामिल हैं, जिन पर विश्व चैंपियनशिप में खास नजर रहेगी। पुरुष युगल का मुकाबला परंपरागत रूप से बेहद खुला रहा है और पिछले छह संस्करणों में पांच देशों की छह अलग-अलग जोड़ियां खिताब जीत चुकी हैं। चिराग ने कहा, “समय के साथ युगल बैडमिंटन काफी बदल गया है। खेल अब ज्यादा तेज हो गया है, फ्लैट रैलियां और लंबी रैलियां अधिक देखने को मिलती हैं तथा इस टूर्नामेंट में हर जोड़ी काफी मजबूत है। पुरुष युगल में यह कहना मुश्किल है कि कौन सी जोड़ी खिताब जीतेगी। इसलिए मैं किसी एक जोड़ी को प्रबल दावेदार नहीं मानूंगा। मुकाबला खुला है और हर जोड़ी पदक जीतने में सक्षम है।’’मुकाबले की शुरुआत के आदान-प्रदान निर्णायक साबित हो सकते हैं। सात्विक और चिराग दोनों ही रैली के शुरुआती चार शॉट्स को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं और इसी पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। चिराग के लिए रैली के शुरुआती आदान-प्रदान पर ध्यान देने की रणनीति पहले ही कारगर साबित हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘रैली शुरू होते ही हमें शुरुआती कुछ शॉट्स पर पूरा ध्यान केंद्रित करना होगा। मुझे लगता है कि लंबी रैलियों को हम संभाल सकते हैं, लेकिन शुरुआती चार शॉट निश्चित रूप से बेहद महत्वपूर्ण होंगे। आप सर्व कर रहे हों या रिसीव, दोनों ही स्थिति में ये शॉट काफी अहम हो जाते हैं।”उन्होंने कहा, “सिंगापुर ओपन में भी यह रणनीति हमारे लिए काफी अच्छी रही थी। कोचिंग टीम से हमें कुछ बेहतरीन सुझाव मिले थे। इस विश्व चैंपियनशिप के लिए भी हमें यही कहा गया है कि खेल को सरल रखें और एक समय में सिर्फ एक मुकाबले पर ध्यान दें।’’सात्विक ने भी चिराग की बात से सहमति जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से कोच टैन के मार्गदर्शन में इसी रणनीति के साथ तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें बस उस छोटे से ब्रेक की जरूरत थी। हम कुछ समय से इसी तरह प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसमें कुछ नया नहीं है और हमारी रणनीति भी वही रहेगी।”सात्विक ने कहा कि कोच का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि एक समय में सिर्फ एक मैच पर ध्यान दें, ज्यादा न सोचें और खुद पर बहुत अधिक अपेक्षाओं का दबाव न डालें। उन्होंने कहा कि चोट से वापसी के बाद लय हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा, इसलिए उन्हें अपनी लय तलाशकर मुकाबले में ज्यादा से ज्यादा देर तक टिके रहने की कोशिश करनी होगी। विश्व नंबर एक किम वोन हो और सियो सेउंग जे ने 2025 की अपनी शानदार फॉर्म को इस सत्र की शुरुआत में भी जारी रखा था, लेकिन मई में थॉमस कप फाइनल के बाद उनकी कमजोरियां नजर आई हैं। इससे फजार अल्फियां-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी, गोह से फी-नूर इज्जुद्दीन और भारतीय जोड़ी जैसी चुनौती पेश करने वाली जोड़ियों के लिए उम्मीदें बढ़ी हैं। सात्विक ने कहा कि फजार-फिकरी और गोह-नूर की जोड़ियां रैली के शुरुआती चार शॉट्स में काफी मजबूत हैं। उनकी रैकेट स्पीड तेज है और वे शटल को पढ़ने तथा शुरुआती आदान-प्रदान को भांपने में माहिर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनके रैकेट काफी तेज हैं और रैकेट से गेंद पर नियंत्रण भी शानदार है। वे शटल को अच्छी तरह पढ़ते हैं और शुरुआती चार शॉट्स को भांपने में माहिर हैं। इसके बाद वे विपक्षी खिलाड़ियों पर काफी दबाव बना देते हैं।”उन्होंने कहा, “इनके खिलाफ खेलना आसान नहीं है। उनका सामना करना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। एक बार जब आप उनकी खेल शैली के अभ्यस्त हो जाते हैं तो कुछ सहज महसूस करने लगते हैं। इसके अलावा, वे आपको कोर्ट पर सहज होने का मौका नहीं देते। आपको कुछ हद तक असहज परिस्थितियों में खेलना पड़ता है, इसलिए दोनों जोड़ियों के खिलाफ मुकाबला हमेशा कड़ा होता है।”घरेलू परिस्थितियों को सात्विक अतिरिक्त दबाव के बजाय चुनौती के रूप में लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह मजेदार, चुनौतीपूर्ण और रोमांचक है। कोई दबाव नहीं है। सभी कहते हैं कि दबाव एक विशेषाधिकार है और हमें चुनौती स्वीकार करना पसंद है। उम्मीद है कि हम इसे सकारात्मक तरीके से संभालेंगे। उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम आएंगे और देखेंगे कि भारत में बैडमिंटन किस तरह आगे बढ़ रहा है।
भारतीय एथलेटिक्स टीम सितंबर-अक्टूबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों से पहले तोक्यो के पास सुकुबा विश्वविद्यालय में परिस्थितियों के अनुरूप ढलने के लिए एक छोटा शिविर लगाएगी। इस साल जून में भारतीय खेल प्राधिकरण ने सुकुबा विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, ताकि भारतीय खिलाड़ी, कोच और खेल वैज्ञानिक जापान में खास ट्रेनिंग और ‘एक्सचेंज प्रोग्राम’ में हिस्सा ले सकें। सुकुबा, तोक्यो से लगभग 80 किमी और नागोया से 420 किमी दूर है, जहां 23 से 29 सितंबर तक ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएं होंगी। भारतीय टीम 10 सितंबर को नयी दिल्ली में होने वाली आमंत्रण इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज में हिस्सा लेने के बाद जापान के लिए रवाना होगी। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के एक सीनियर अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘टीम 12 या 13 सितंबर को जापान के लिए रवाना होगी और वहां के माहौल के हिसाब से ढलने के लिए सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग करेगी। ’’इस बीच एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय एथलीट चेक गणराज्य के जैब्लोनेक में ट्रेनिंग करके एक-दो दिन में घर लौट रहे हैं। वे भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में एक और छोटा ट्रेनिंग शिविर करेंगे, जहां 22 अगस्त को इंडियन ओपन विश्व एथलेटिक्स रजत स्तर का कॉन्टिनेंटल टूर टूर्नामेंट आयोजित होगा। भुवनेश्वर में होने वाले इस एक दिन के टूर्नामेंट कई शीर्ष भारतीय एथलीट हिस्सा लेंगे। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा के इसमें हिस्सा लेने की उम्मीद नहीं है क्योंकि वह 21 अगस्त को लॉजेन डायमंड लीग में हिस्सा ले रहे हैं। एएफआई के एक अधिकारी ने बताया कि भुवनेश्वर में 28 जून को राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप खत्म होते ही महासंघ ने एशियाई खेलों की टीम भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को भेज दी थी।
15 अगस्त पर टीम इंडिया की शानदार जीत! हॉकी वर्ल्ड कप में वेल्स को 3-1 से हराया, हरमनप्रीत का चला जादू
भारत ने 15 अगस्त को वैगनर स्टेडियम में FIH पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में अपने पूल D के पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की। संजय और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पहले क्वार्टर में दो पेनल्टी-कॉर्नर गोल करके भारत को बढ़त दिलाई। संजय ने आठवें मिनट में पहला गोल किया, और उसके तीन मिनट बाद हरमनप्रीत ने गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया। ब्रेक के बाद भी भारत का दबदबा बना रहा; हरमनप्रीत ने 43वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल किया और बढ़त को 3-0 कर दिया। इसे भी पढ़ें: Tata Steel बेचेगी JFSPL, Churchill Brothers को 100 रुपये में मिलेगी 100% हिस्सेदारी वेल्स ने 55वें मिनट में सैम वेल्श के ज़रिए गोल किया, जो सर्कल के अंदर हुई गहमागहमी के बाद हुआ। मैच के आखिरी पलों में भारत का डिफेंस मज़बूत बना रहा और टीम ने तीनों पॉइंट पक्के कर लिए। इस जीत के साथ भारत पूल D में सबसे ऊपर पहुँच गया है और अब 17 अगस्त को उसका अगला मुक़ाबला इंग्लैंड से होगा। पूल D में भारत के प्रतिद्वंद्वियों में इंग्लैंड और कट्टर दुश्मन पाकिस्तान भी शामिल हैं। भारत ने आखिरी बार 1975 में फ़ाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर वर्ल्ड कप जीता था। तब से टीम यह ख़िताब दोबारा नहीं जीत पाई है। भुवनेश्वर में हुए 2023 के टूर्नामेंट में नौवें स्थान पर रहने के बाद, भारत इस साल गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके लिए टीम अपनी हालिया कामयाबियों – जैसे लगातार दो ओलंपिक ब्रॉन्ज़ मेडल, एक एशिया कप ख़िताब, दो एशियन चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत और एक एशिया कप गोल्ड – से मिली प्रेरणा का इस्तेमाल करेगी। इसे भी पढ़ें: Kerala Govt ने M Sreeshankar समेत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की टूर्नामेंट शुरू होने से पहले, हरमनप्रीत सिंह ने टीम के लिए वर्ल्ड कप के महत्व पर ज़ोर दिया। JioStar से बात करते हुए उन्होंने कहा, वर्ल्ड कप हम सभी के लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि इस वर्ल्ड कप के बाद क्या होगा, कोई नहीं जानता। टीम में कई सीनियर खिलाड़ी भी हैं, इसलिए हमारे लिए यह एक शानदार मौका है।
हॉकी वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने किया शानदार आगाज, वेल्स को 3-1 के अंतर से दी मात
भारतीय हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में शानदार आगाज करते हुए वेल्स के खिलाफ पूल-डी में अपने पहले मुकाबले को 3-1 से अंतर से जीतने में कामयाबी हासिल की है। इस मैच में टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा 2 गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने किए।
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। 15 अगस्त को पहले दिन का खेल शुरू होने से पहले टीम इंडिया ने झंडा फहराया। स्टंप्स तक इंडिया ने 2 विकेट पर 288 रन बना लिए हैं। देवदत्त पडिक्कल 131 और ऋषभ पंत 27 रन पर नाबाद हैं। नंबर-3 पर 19 मैच के बाद किसी भारतीय ने शतक लगाया है। इससे पहले केएल राहुल (77 रन) क्रैम्प के कारण दर्द से कराहते हुए मैदान से बाहर चले गए। पहले दिन के टॉप मोमेंट्स 1. टीम इंडिया ने मनाया इंडिपेंडेंस डे स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल तिरंगा फहराया। टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने राष्ट्रगान गाया। BCCI ने इस खास पल का वीडियो भी शेयर किया। 2. राहुल का शॉट निशान के हेलमेट पर लगा 9.5 ओवर में प्रभात जयसूर्या की गेंद पर केएल राहुल ने स्वीप शॉट खेला। गेंद शॉर्ट लेग पर खड़े निशान फर्नांडो के हेलमेट के बीचों-बीच जा लगी और डिफ्लेक्ट होकर फाइन लेग की ओर चली गई। रन पूरा होते ही राहुल तुरंत निशान का हाल जानने पहुंचे। फिजियो ने मैदान पर उनकी जांच की, जिसके बाद निशान को मैदान से बाहर ले जाया गया। 3. बारिश के कारण दो बार खेल रोका गया लंच के समय बारिश शुरू होने के कारण खेल रोक दिया गया। खिलाड़ी मैदान से बाहर लौट गए और बारिश रुकने का इंतजार किया गया। इसी वजह से लंच के बाद खेल शुरू होने में देरी हुई। 64वें ओवर की शुरुआत के पहले एक बार फिर बारिश हुई। इस बार 21 मिनट तक खेल रुका रहा। बारिश रुकने के बाद दोबारा मैच शुरु हुआ। 4. जायसवाल टेस्ट में तीसरी बार रनआउट भारत को पहला झटका 47 रन पर लगा, जब यशस्वी जायसवाल अजीबोगरीब तरीके से रनआउट हुए। 11वें ओवर की आखिरी गेंद पर केएल राहुल ने शॉट लगाया। गेंद रोकने की कोशिश में बॉलर केशरा नुवान्था ने डाइव लगाया। इसी दौरान उनसे टकराकर जायसवाल गिर पड़े। जायसवाल उठने के बाद अपनी क्रीज में वापस लौटे। हालांकि दोनों ही बल्लेबाज नॉन-स्ट्राइक एंड पर पहुंच गए। राहुल पहले क्रीज में आए, इसलिए विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के स्टंप्स बिखेरने पर जायसवाल को आउट दिया गया। जायसवाल टेस्ट में तीसरी बार रनआउट हुए। इससे पहले वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 2025 में भी रनआउट हुए थे। 5. राहुल क्रैम्प के कारण रिटायर्ड हुए तीसरे सेशन की शुरुआत से पहले केएल राहुल की परेशानी बढ़ गई। ड्रेसिंग रूम में इलाज के बाद वे मैदान पर आए, लेकिन दाएं हाथ में दर्द और क्रैम्प के कारण काफी परेशान नजर आए। उन्हें बाएं हाथ में भी मिडिल और रिंग फिंगर के बीच क्रैम्प हो गया। राहुल लंगड़ाते हुए भी दिखे और शरीर के कई हिस्सों में क्रैम्प की शिकायत के बाद उन्हें वापस ड्रेसिंग रूम लौटना पड़ा। शुभमन गिल उनकी जगह बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर आए हैं। अब रिकॉर्ड्स देखिए 1. भारत से नंबर-3 पर 34 पारियों बाद सेंचुरी भारत के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी ने 19 टेस्ट और 35 पारियों के बाद शतक लगाया है। देवदत्त पडिक्कल ने करियर की पहली सेंचुरी लगाई। इससे पहले शुभमन गिल ने 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट में नाबाद 119 रन बनाए थे। 2. पंत टेस्ट में 100 छक्कों के करीब ऋषभ पंत 23 रन बनाकर खेल रहे हैं। उन्होंने इस पारी में एक छ्क्का लगाया है। इसके साथ टेस्ट में उनके 98 छक्के हो गए हैं। दो और सिक्स लगाते ही वे टेस्ट में छक्कों का शतक पूरा करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सेहवाग 91 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। ---------------------------------------------- गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पहले दिन भारत का स्कोर 288/2; खराब रोशनी के कारण जल्दी स्टंप्स हुआ भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन 2 विकेट पर 288 रन बनाए। खराब रोशनी के कारण दिन का खेल समय से पहले खत्म करना पड़ा। गॅाल स्टेडियम में देवदत्त पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद हैं। ऋषभ पंत 27 रन पर क्रीज पर हैं। भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया था। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने हॉकी विश्व कप में जीत के साथ की शुरुआत, वेल्स को 3-1 से हराया
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने शनिवार को पुरुष हॉकी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराया।
गांधीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को लगातार 13वीं बार संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक खेलों की तैयारियों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने ऐलान किया कि देशभर में 'प्रतिभा खोज अभियान' की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों के टैलेंट को पहचानकर उन्हें ट्रेनिंग और हर तरह की मूलभूत सुविधाएं दी जाएंगी।
Kanpur में TTFI निलंबन के बाद भी शुरू होगी राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता
भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) पर प्रतिबंध के बावजूद यूटीटी राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप रविवार से यहां शुरू होगी जिसमें 12 श्रेणियों में 1900 से अधिक महिला और पुरुष खिलाड़ी भाग लेंगे। खेल मंत्रालय ने बुधवार को टीटीएफआई को निलंबित कर दिया था। इस कारण उठे विवाद के बावजूद टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इस निलंबन के कारणों में समय पर चुनाव न करा पाना भी शामिल है। टीटीएफआई ने ओलंपिक चार्टर के तहत अपनी स्वायत्तता पर जोर दिया है। इसके साथ ही उसने मंत्रालय से अपने आदेश को स्थगित रखने और मामले पर नए सिरे से विचार करने का आग्रह किया है। इसे भी पढ़ें: Lucknow-Kanpur Expressway पर High Court ने केंद्र और राज्य से भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब मांगा टीटीएफआई ने बताया कि अगले आठ दिनों में ग्रुप चरण से लेकर नॉकआउट तक लगभग 4200 मैच खेले जाएंगे। अंडर-11 और अंडर-13 लड़कों और लड़कियों के ग्रुप मैचों का पहला सेट शनिवार से शुरू होगा। सीनियर वर्ग में, हरमीत देसाई को छोड़कर, सभी शीर्ष पुरुष और महिला खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
15 अगस्त पर क्रिकेट सितारों ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं! सचिन, कोहली, हरभजन समेत इन खिलाड़ियों ने किया पोस्ट
IPL क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को कथित रेप केस में जमानत नहीं मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पोरेल को 11 अगस्त को हुगली में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने एक मेडिकल स्टूडेंट की शिकायत के बाद उनसे पूछताछ की थी। शिकायत में युवती ने रेप, ब्लैकमेल और अन्य आरोप लगाए हैं। 23 साल के अभिषेक विकेटकीपर बैटर हैं। वे बंगाल के लिए 116 और IPL टीम दिल्ली कैपिटल्स के लिए 35 मैच खेल चुके हैं। दिल्ली ने उन्हें 4 करोड़ रुपए में रीटेन किया था। शादी का वादा कर रिश्ते का आरोप शिकायत के मुताबिक, युवती ने आरोप लगाया कि पोरेल ने शादी का वादा कर उसके साथ रिश्ता बनाया। रिश्ता खत्म होने के बाद उसने निजी तस्वीरें शेयर करने की धमकी दी। पुलिस ने मामले में 19 धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर धाराएं गैर-जमानती हैं। दिल्ली में घटना का भी आरोप शिकायत में 2 अप्रैल 2026 को दिल्ली में हुई कथित घटना का भी जिक्र है। युवती ने आरोप लगाया कि उसे एक जगह बंद रखा गया। उसे खाना नहीं दिया गया। इससे उसकी तबीयत काफी खराब हो गई थी। महिला ने यह भी दावा किया कि दोनों परिवारों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई थी। बाद में पोरेल के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिलने के बाद रिश्ता बिगड़ गया। हाईकोर्ट तक पहुंचा था मामला यह मामला पहले कलकत्ता हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मगरा पुलिस स्टेशन को पोरेल के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त करने के निर्देश दिए थे। साथ ही जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था। 11 अगस्त की सुनवाई में पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि पोरेल को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें चूंचुड़ा कोर्ट में पेश किया जाएगा। क्रिकेटर ने आरोपों को झूठा बताया था क्रिकेटर अभिषेक पोरेल इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज की गई है, तो आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। यह मामला मोगरा पुलिस स्टेशन में 23 जून 2026 को दर्ज किया गया था। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने पर कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के मामलों से जुड़ी है। यह तब लागू होती है, जब आरोपी ने शुरुआत से ही शादी करने का इरादा न रखते हुए महिला को शादी का भरोसा दिया और इसी आधार पर संबंध बनाए। दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, हर टूटा हुआ शादी का वादा रेप नहीं माना जाता। अदालत यह देखती है कि आरोपी की शुरुआत से मंशा क्या थी। अगर दोनों के बीच सहमति से संबंध बने और बाद में किसी वजह से शादी नहीं हो सकी, तो इसे रेप नहीं माना जाता। खिलाड़ियों के लिए BCCI की गाइडलाइन BCCI खिलाड़ियों को मैदान के बाहर भी अनुशासन और सावधानी बरतने की सलाह देता है। IPL और अन्य टूर्नामेंटों के दौरान खिलाड़ियों, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया से जुड़ी गाइडलाइंस होती हैं, जिनके तहत ड्रेसिंग रूम, डगआउट और टीम होटल जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो या रील बनाने पर रोक रहती है। BCCI की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) खिलाड़ियों को हनी ट्रैप और अनधिकृत लोगों से संपर्क के खतरों को लेकर भी जागरूक करती है। इसके अलावा, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए आचार संहिता का पालन जरूरी है और नियमों के उल्लंघन पर फटकार, जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।-------------------------स्पोर्ट्स की यह खबरजब 4 दिन लगातार फील्डिंग करती रही टीम इंडिया:टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर की कहानी, 29 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड 2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। पूरी खबर
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है, जिसमें पुरुष और महिला दोनों इवेंट में 16-16 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। इस बार वर्ल्ड कप बदले हुए फॉर्मेट के साथ खेला जा रहा है, जिसमें हर मुकाबला टीमों के लिए काफी अहम रहेगा।
वडोदरा, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि देशभर में 'प्रतिभा खोज अभियान' चलाया जाएगा और 5 से 15 वर्ष के बच्चों की काबिलियत को पहचानकर उन्हें सरकार द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया की निकल गई सारी हेकड़ी, बांग्लादेशी टीम इतिहास रचने के बेहद करीब
ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश टेस्ट अब रोचक दौर में पहुंच चुका है। तीन दिन का खेल हो गया और और ऑस्ट्रेलियाई टीम संकट में फंसी नजर आ रही है। उम्मीद की जा रही है कि ये मैच इतिहास में दर्ज हो जाएगा।
Venus Williams को मिली लगातार 13वीं हार, Cincinnati Open के पहले दौर में अरंगो से हारीं
वीनस विलियम्स का वापसी के बाद एकल मुकाबलों में हार का सिलसिला 13 मैचों तक पहुंच गया है। सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन को शुक्रवार को सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट में भी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें पहले दौर में एमिलियाना अरंगो ने 6-2, 6-2 से हरा दिया। 46 वर्षीय वीनस को इस डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट में वाइल्डकार्ड से प्रवेश मिला था। उन्होंने जुलाई 2025 के बाद से कोई भी एकल मैच नहीं जीता है। कोलंबिया की 25 वर्षीय क्वालीफायर अरंगो ने लिंडनर टेनिस सेंटर के ग्रैंडस्टैंड कोर्ट पर वीनस को हराने में 65 मिनट का समय लिया।
भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट में दो घंटे का वक्त बर्बाद, अब कैसे किया जाएगा इसे मैनेज
भारत बनाम श्रीलंका गॉल टेस्ट में करीब दो घंटे मैच नहीं हो पाया। लंच के दौरान आई बारिश ने इसमें खलल डाला। अब तय किया गया है कि शाम को छह बजे तक आज का मैच खेला जाएगा।
IND vs SL: भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए आज का दिन बेहद खास है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में 600वां टेस्ट मैच खेलकर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
वीनस विलियम्स सिनसिनाटी ने गंवाया 13वां एकल मैच
ओहायो, सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स का एकल में हारने का सिलसिला जारी है।
Pakistan Hockey ने घरेलू ढांचे पर नहीं दिया ध्यान: पूर्व कप्तान सलमान अकबर
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त विश्व कप की सबसे कामयाब टीम रही चार बार की चैम्पियन पाकिस्तान में हॉकी के गिरते स्तर के लिये घरेलू ढांचे के अभाव को कसूरवार ठहराते हुए पूर्व कप्तान और दो बार के ओलंपियन सलमान अकबर ने कहा कि भारतीय हॉकी बीजिंग ओलंपिक 2008 के झटके के बाद समय रहते चेत गई और नतीजा लगातार दो ओलंपिक पदक के रूप में मिला। पाकिस्तान के लिये 230 मैच , 2004 और 2008 ओलंपिक खेल चुके दिग्गज गोलकीपर सलमान ने यहां को दिये खास इंटरव्यू में पाकिस्तान हॉकी के पतन के कारणों के बारे में पूछने पर कहा ,‘‘ यूं तो कई कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की। आपके घर में खिलाड़ियों के लिये प्लेटफॉर्म नहीं है। खिलाड़ी बस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मौका मिलता है तो वहां या घरेलू शिविरों तक व्यस्त रहते हैं। घरेलू ढांचा नहीं के बराबर है जहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलने चाहिये।’’पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है और प्रो लीग के पिछले सत्र में टीम आखिरी स्थान पर रही थी। अपने खेलने के दौर से आज की भारतीय टीम में आये बदलाव के बारे में पूछने पर नीदरलैंड में बसे 44 साल के इस पूर्व खिलाड़ी और जापान टीम के गोलकीपिंग कोच ने कहा ,‘‘टीम को छोड़ें , हॉकी ही इतनी बदल गई है। मैने पैतीस मिनट के दो हाफ वाली हॉकी भी खेली है लेकिन अब चार क्वार्टर का खेल हो गया है। उस दौर की भारतीय टीम ने भी अलग हॉकी खेली और आज की टीम अलग खेल रही है तो कोई तुलना हो ही नहीं सकती।’’उन्होंने यह भी कहा कि तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने और पेरिस में उसे बरकरार रखने वाली भारतीय हॉकी की मौजूदा पीढी खुशकिस्मत है कि वह ऐसे समय में खेल रही है जब भारतीय हॉकी प्रगति की राह पर है। सलमान ने कहा ,‘‘ यह पीढी खुशकिस्मत है कि ऐसे समय पर आये जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं करने के झटके बाद जाग चुकी थी। उसके बाद भारत ने अपने घरेलू ढांचे पर काम किया। आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल का व्यस्त कार्यक्रम है। उसका नतीजा भी मिला और वह भी एक दो साल में नहीं बल्कि तोक्यो ओलंपिक तक इंतजार करना पड़ा।’’उन्होंने कहा ,‘‘ उतार चढाव भी आये लेकिन भारत ने अपने कोचों तक को ट्रेनिंग दी और उनके पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल बना। अब वे हर बड़े टूर्नामेंट में पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उतरते हैं।’’सलमान ने यह भी कहा कि दोनों टीमों की परिस्थितियां चाहे जो हो लेकिन मैदानी प्रतिद्वंद्विता में कोई कमी नहीं आयेगी और पाकिस्तान पिछले दस साल में भारत से जीत नहीं पाने की कसक मिटाने की पूरी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ हाल ही में प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को आसानी से हराया लेकिन मुझे लगता है कि पाकिस्तान बदला चुकता करने की कोशिश करेगा। लोगों को भारत पाकिस्तान हॉकी देखने में मजा आता है। हॉकी के लिये यह मैच काफी अहम है।2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है और उसके पास यह सुनहरा मौका है।मैं दोनों टीमों को शुभकामना देता हूं और उम्मीद है कि अच्छी हॉकी देखने को मिलेगी और गर्मजोशी से ‘हैंडशेक’ भी करेंगे।’’उन्होंने भारत के युवा गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा के बारे में पूछने पर कहा कि पी आर श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ उन्हें काफी सीखने का मौका मिला होगा जो अब काम आयेगा। यह पूछने पर कि क्या भारत को श्रीजेश की कमी खलेगी, उन्होंने कहा ,‘‘ मैं इसके बारे में तो नहीं कह सकता लेकिन एक बेहतरीन कैरियर के बाद पूरी गरिमा के साथ वह रिटायर हुए हैं। अपने कैरियर के आखिरी दिनों में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। मौजूदा भारतीय गोलकीपर प्रो लीग और बड़ी टीमों के खिलाफ खेले हैं और उन्होंने श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ रहकर काफी कुछ सीखा होगा।’’नीदरलैंड में अपना गोलकीपिंग स्कूल शुरू करने के बाद जापान की टीम से जुड़े सलमान ने कहा कि तेजी से बदलती हॉकी में कोचिंग आसान काम नहीं है और खुद को अपडेट रखना पड़ता है। उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग में मजा आ रहा है लेकिन यह काफी कठिन काम है। जब मैने शुरू किया तो पहला ख्याल आया कि खेलना ज्यादा आसान है। यह जरूरी नहीं है कि आप बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं तो बेहतरीन कोच भी होंगे। हॉकी बहुत तेजी से बदल रही है और नये नियम आ आते हैं जिनमें आपको अपडेट रहना होता है। अगर आप सीखेंगे नहीं तो टिक नहीं सकेंगे।
Sinquefield Cup: R Praggnanandhaa ने वेस्ली सो से बाजी ड्रॉ खेली, संयुक्त दूसरे स्थान पर पहुंचे
भारतीय ग्रैंड मास्टर आर प्रज्ञाननंदा ने ग्रैंड शतरंज टूर की प्रतियोगिता सिंकफील्ड कप के पांचवें दौर में अमेरिका के वेस्ली सो के साथ बाजी ड्रॉ खेली। प्रज्ञाननंदा ने काले मोहरों से खेलते हुए यह बाजी ड्रॉ कराई। 10 खिलाड़ियों के बीच खेली जा रही इस प्रतियोगिता में उनके पांच मैच में अब तीन अंक हो गए हैं और वह संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर बने हुए हैं। वेस्ली ने 3.5 अंकों के साथ बढ़त बना रखी है। इस बीच अमेरिका के फैबियानो कारुआना और जर्मनी के विंसेंट कीमर ने अपने सफेद मोहरों के साथ सबसे महत्वपूर्ण समय पर जीत हासिल की। कारुआना ने पांचवें दौर में अर्मेनियाई मूल के अमेरिकी खिलाड़ी लेवोन अरोनियन को, जबकि विंसेंट ने खराब फॉर्म में चल रहे अनीश गिरी को हराया। इस तरह से अब प्रज्ञाननंदा, कीमर, कारुआना और मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव तीन-तीन अंक लेकर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
यशस्वी जायसवाल ने किया, वो तो अनोखा है, 30 मैच 30 मैदान और 32 पर आउट
यशस्वी जायसवाल श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन इस बीच एक गड़गड़ हुई और वे रन आउट हो गए। जायसवाल अब तक तीसरी बार इस तरह से रन आउट हुए हैं।
मोदी ने देश को बताया 2036 ओलंपिक की मेजबानी का मजबूत दावेदार, किया ये बड़ा ऐलान
मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज शुरू होने से चार दिन पहले पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के हाथ में चोट लगी। प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के खिलाफ वार्म-अप मैच में बल्लेबाजी के दौरान इंग्लैंड अंडर-19 के तेज गेंदबाज मैनी लम्सडैन की उछलती गेंद उनके दाएं हाथ के बॉटम हैंड पर लगी। बाबर 5 रन पर थे। चोट के बाद वे दर्द में दिखे और आगे बल्लेबाजी नहीं की। टीम डॉक्टर के आकलन के बाद PCB ने उन्हें एहतियातन मैच से आराम दिया है। बोर्ड के मुताबिक बाबर 17 अगस्त को हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर टीम के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लेंगे। उछलती गेंद सीधे हाथ पर लगी बाबर को यह चोट केंट में पाकिस्तान और प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के बीच चल रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच के दौरान लगी। मैनी लम्सडैन की उछलती गेंद उनके दाएं हाथ के बॉटम हैंड पर लगी। गेंद लगने के बाद बाबर दर्द में दिखे और इसके बाद बल्लेबाजी जारी नहीं रखी। PCB ने एहतियातन आराम दिया टीम डॉक्टर के शुरुआती आकलन के बाद PCB ने बाबर को प्रैक्टिस मैच के बाकी हिस्से में नहीं खेलने की सलाह दी। बोर्ड ने कहा है कि बाबर 17 अगस्त को हेडिंग्ले में पाकिस्तान टीम के अगले ट्रेनिंग सेशन में शामिल होंगे। यानी फिलहाल उन्हें सीरीज से बाहर किए जाने की कोई बात नहीं कही गई है। 19 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन टेस्ट की सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त से हेडिंग्ले में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से लॉर्ड्स और तीसरा 9 सितंबर से एजबेस्टन में होगा। यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। WTC पॉइंट्स प्रतिशत में इंग्लैंड 24.36% के साथ 7वें और पाकिस्तान 22.22% के साथ 8वें स्थान पर है। दोनों टीमों के लिए सीरीज अंक तालिका में स्थिति सुधारने का मौका है। वेस्टइंडीज में 1-1 से बराबर की थी सीरीज पाकिस्तान ने अपना पिछला टेस्ट दौरा वेस्टइंडीज में 1-1 से बराबर किया था। दूसरे टेस्ट में 8 विकेट की जीत के साथ टीम ने विदेश में लगातार 8 टेस्ट हारने का सिलसिला भी तोड़ा था। इंग्लैंड सीरीज से पहले शान मसूद की चोट से वापसी पाकिस्तान के लिए राहत की बात है। ----------------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जब 4 दिन लगातार फील्डिंग करती रही टीम इंडिया:टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर की कहानी, 29 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड 2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। पूरी खबर
IND vs SL: ‘…टेस्ट मैच में कोई रिस्क नहीं’, सुदर्शन-बुमराह को लेकर कप्तान शुभमन गिल ने कही ये बात
PC; navarashtra भारतीय टीम चल रही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर है। भारतीय टीम टेस्ट सीरीज़ का पहला मैच 15 अगस्त को गॉल स्टेडियम में खेलेगी। मैच से एक दिन पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान शुभमन गिल ने जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन की फिटनेस के बारे में सवालों के जवाब दिए। दोनों खिलाड़ी टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम में थे, लेकिन समय पर फिट नहीं होने के कारण उन्हें हटना पड़ा। कप्तान गिल ने कहा कि टीम मैनेजमेंट BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चोटों से उबर रहे दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस पर लगातार नज़र रख रहा है। हमें उनकी हालत के बारे में पता है… साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की फिटनेस के बारे में सवालों का जवाब देते हुए शुभमन गिल ने कहा, 'हां, हम दोनों खिलाड़ियों के संपर्क में हैं। उनकी फिटनेस पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हमें उनकी मौजूदा हालत के बारे में पता है। साई को टीम से बाहर करना निराशाजनक था क्योंकि शुरू में हमें लगा था कि वह सीरीज़ में होंगे, लेकिन रेगुलर चेक-अप के बावजूद उनकी हालत उतनी जल्दी नहीं सुधरी जितनी हमने उम्मीद की थी। पांच दिन के टेस्ट मैच को देखते हुए, हमने दोनों खिलाड़ियों को बाहर करने का फैसला किया। अगर यह ODI या T20 मैच होता, तो बात अलग होती। लेकिन टेस्ट मैच में आप कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। मेरा मानना है कि टेस्ट मैच में आपको दूसरे खिलाड़ियों के साथ वापसी करने के ज़्यादा मौके मिलते हैं। अगर कोई खिलाड़ी पहले दिन अच्छा परफॉर्म नहीं करता है, तो उसे टीम में वापस आने के ज़्यादा मौके मिलते हैं। इसलिए, इसे देखते हुए, साई और बुमराह को टीम से बाहर करना निराशाजनक था। तैयारी के लिए समय मिलना एक बड़ा फ़ायदा है भारतीय टीम ने टेस्ट सीरीज़ शुरू होने से पहले श्रीलंका क्रिकेट XI के ख़िलाफ़ तीन दिन का मैच खेला, जिससे उन्हें तैयारी करने और वहाँ के हालात में ढलने का अच्छा मौका मिला। टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टेस्ट मैच से पहले अगर आपके शेड्यूल में कम से कम एक हफ़्ता या 10 दिन का समय हो तो तैयारी करना बेहतर होता है। पिछले साल भी हमारा शेड्यूल बहुत बिज़ी था, इसलिए उस टाइट शेड्यूल में ढलना आसान नहीं था। हमारे कई खिलाड़ियों को अभी इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का ज़्यादा अनुभव नहीं है, इसलिए तैयारी के लिए एक्स्ट्रा समय मिलना बहुत फ़ायदेमंद है।
Craig Fulton ने कहा- Wales के खिलाफ जीत से आगाज करने उतरेगी भारतीय हॉकी टीम
भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा कि उनकी टीम शनिवार को एफआईएच हॉकी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को हल्के में नहीं लेगी जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पूरे मैच के चारों क्वार्टर में लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। इस मुकाबले में हालांकि भारत को प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन फुल्टोन ने खिलाड़ियों से प्रतिद्वंद्वी टीम का सम्मान करने और अपनी रणनीति पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने की बात कही। फुल्टोन ने मैच से पहले से कहा, ‘‘वेल्स की टीम छुपीरूस्तम है, विश्व कप में कभी कभार ऐसे ही नतीजे देखने को मिलते हैं। आपको अपनी वरीयता के अनुरूप खेलना होता है और आपसे नीचे की हर टीम के खिलाफ पूरी एकाग्रता और पूरा प्रयास करना जरूरी है। हम किसी को भी हल्के में नहीं ले रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें उनसे कड़ी टक्कर की उम्मीद है। साथ ही हमें अपनी रणनीति पर शत प्रतिशत फोकस रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि चारों क्वार्टर में हमारा एक समान फोकस रहे। ’’ विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पहले मैच की अहमियत को रेखांकित करते हुए फुल्टोन ने कहा कि भारत का लक्ष्य शानदार शुरुआत करना और पूरे तीन अंक हासिल करना है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में पहला मैच बेहद अहम होता है। इसे भी पढ़ें: White House के $400 Million Ballroom प्रोजेक्ट पर रोक के खिलाफ US Supreme Court पहुंचे Donald Trump, सुरक्षा का दिया हवाला हमारा प्रयास रहेगा कि हम शुरुआत से ही आक्रामक खेलें और पूरे तीन अंक हासिल करें। ’’ भारत का पहला मुकाबला स्वतंत्रता दिवस के दिन हो रहा है जिससे यह टीम के लिए और भी खास मौका बन गया है। फुल्टोन ने कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय गौरव का पल है। हम स्वतंत्रता दिवस पर देश को गौरवान्वित करना चाहते हैं और टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं। इसे हम एक शुभ संकेत मानते हैं। ’’ कप्तान हरमनप्रीत ने कहा कि टीम ने विरोधी टीम का गहराई से विश्लेषण किया है और पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत की है और सभी टीम का गहराई से आकलन किया है। वेल्स के खिलाफ हम काफी समय बाद खेल रहे हैं, लेकिन उनकी खेलने की शैली अब भी वैसी ही है। मैच से पहले हमारा अभ्यास सत्र शानदार रहा और टीम का माहौल काफी सकारात्मक है। इसे भी पढ़ें: FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार! ’’ हरमनप्रीत ने भी अपने कोच की तरह खिलाड़ियों को आत्ममुग्धता से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूल चरण का हर मुकाबला भारत के आगे बढ़ने के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। अच्छी शुरुआत पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय करती है। हमारे लिए पूल के तीनों मुकाबले महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यही आगे की राह आसान बनाएंगे। ’’ पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबले के बारे में पूछने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम की रणनीति एक समय में सिर्फ एक मैच पर ध्यान देने की है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार में एक मैच पर ध्यान देंगे और हर मुकाबले में अपना शत प्रतिशत देंगे। ’’ भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद टीम ने अपने खेल में काफी सुधार किया है, विशेषकर रक्षा पंक्ति और निर्णय लेने की क्षमता में। उन्होंने कहा, ‘‘पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद हमने काफी प्रगति की है। हमारी रक्षा पंक्ति मजबूत हुई है और अब हम अधिक समझदारी से हॉकी खेल रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Manpreet Singh Hockey World Cup में भारत का 51 साल पुराना खिताबी सूखा खत्म करना चाहते हैं ’’ उन्होंने स्वीकार किया कि गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन टीम लगातार इस बात पर जोर देती है कि पूरे मैच में एक जैसी आक्रामकता और एकाग्रता बनाए रखी जाए। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘गलतियां होंगी, लेकिन हम लगातार यही बात करते हैं कि चारों क्वार्टर में निरंतरता बनाए रखनी है। ’’ उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध हॉकी विरासत टीम के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रही है और खिलाड़ी विश्व कप में एक और बड़ी सफलता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी हॉकी की विरासत हमेशा हमें प्रेरित करती है। जिस तरह हमने ओलंपिक पदक का लंबा इंतजार खत्म किया था, उसी तरह इस बार विश्व कप जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। ’’ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। पदक जीतने के बाद हम सब मिलकर जश्न मनाएंगे।
स्टिक का जादू, बल्ले का जुनून, भाले की उड़ान... 80 साल में बदला खेल
भारत अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इन आठ दशकों में देश के साथ-साथ भारतीय खेलों की पहचान भी पूरी तरह बदल गई. हॉकी के स्वर्णिम दौर से लेकर क्रिकेट की बादशाहत और फिर ओलंपिक खेलों में बढ़ती कामयाबी तक, भारत का खेल सफर बदलते सपनों की कहानी बन चुका है.
Hockey World Cup 2026: भारत करेगा अभियान का आगाज, पाकिस्तान से भी भिड़ेगा; जानें मैच की तारीख, समय और Live Streaming
नीरज चोपड़ा ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में जैवलिन को 87 मीटर की लाइन से आगे फेंका, तो उन्होंने न सिर्फ़ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स में एक क्रांति भी ला दी, जिससे जैवलिन के कई टैलेंटेड खिलाड़ी ग्लोबल स्टेज पर सामने आए। पुरुषों में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट यशवीर सिंह और रोहित यादव जैसे खिलाड़ी सामने आए हैं, लेकिन महिलाओं के वर्ग में अब तक किसी बड़े स्टार की कमी थी - यानी अब तक। SAI मीडिया की एक रिलीज़ के मुताबिक, झारखंड के गुमला ज़िले के एक दूर-दराज़ आदिवासी गाँव की रहने वाली शिल्पा कुमारी - जो महिलाओं की U-17 कैटेगरी में मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं - भारत में महिला जैवलिन की अगली बड़ी उम्मीद बनकर उभरी हैं। इसे भी पढ़ें: Global Market में जबरदस्त उछाल, Gold Price 1.59 लाख के पार, Investors की बढ़ी दिलचस्पी शिल्पा के लिए, अपने गाँव की 'चौपाल' पर पड़ोसियों के साथ टेलीविज़न पर नीरज चोपड़ा का ओलंपिक कारनामा लाइव देखना एक ऐसा अनुभव था जिसने उनकी ज़िंदगी बदल दी। शिल्पा ने SAI मीडिया से बातचीत में कहा, मैंने नीरज चोपड़ा को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतते हुए देखा। इससे मुझे जैवलिन (भाला फेंक) शुरू करने की प्रेरणा मिली। मैं नीरज सर जैसा बनना चाहती हूँ और ओलंपिक मेडल जीतना चाहती हूँ। जब मैंने अपने गाँव के लोगों को नीरज चोपड़ा की जीत का जश्न मनाते देखा, तो मैंने तय किया कि तब से जैवलिन में ओलंपिक मेडल जीतना ही मेरे जीवन का लक्ष्य होगा। रांची में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAI) सेंटर में हुए एक एथलेटिक्स ट्रायल ने ही उनके ओलंपिक सपने को आगे बढ़ाया। शिल्पा के कोच बिनोद सिंह को वह दिन अच्छी तरह याद है जब उन्होंने उस खिलाड़ी को खोजा जिसे उन्होंने भारत में उभरती हुई सबसे होनहार महिला जैवलिन स्टार कहा था। इसे भी पढ़ें: Festive Fashion Trends: हरियाली तीज पर बहू के लिए चुनें Best Gold Bangles, देखें ट्रेंडिंग कलेक्शंस अनुभवी कोच ने याद करते हुए कहा, जब मैंने तीन साल पहले हमारे SAI सेंटर में एक ट्रायल के दौरान उसे पहली बार देखा, तो मैं उसके ज़बरदस्त नैचुरल टैलेंट से प्रभावित हुआ। उस समय, वह इस खेल में बिल्कुल नई थी। लेकिन मैंने उसे इसलिए चुना क्योंकि उसमें चीज़ों को फेंकने की बहुत अच्छी क्षमता थी। मैं उसकी काबिलियत देख सकता था और समझ गया था कि वह भविष्य के लिए एक बहुत अच्छी खिलाड़ी साबित हो सकती है। उन्होंने आगे कहा जब मैंने उसे रांची के SAI सेंटर में ट्रेनिंग के लिए शामिल किया, तो शिल्पा ने बहुत अच्छा प्रोग्रेस किया। उसने तेज़ी से सुधार किया और अब वह महिला जैवलिन में भारत के लिए सबसे होनहार उभरती हुई खिलाड़ी है।
बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में 426 रन बनाए और 228 रन की बढ़त हासिल की। डार्विन टेस्ट के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश की पारी खत्म की। बांग्लादेश ने 2006 में फतुल्लाह में बनाए 427 रन के अपने सर्वोच्च स्कोर की बराबरी करने से सिर्फ एक रन से चूक गया। मेहदी हसन मिराज ने 65 रन की अहम पारी खेली, जबकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने टीम की बढ़त को 200 के पार पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 198 रन बनाए थे। इसके जवाब में बांग्लादेश ने दूसरे दिन तंजिद हसन के 101 रन और नजमुल हुसैन शांतो के 84 रन की मदद से बढ़त हासिल की थी। मिराज ने निचले क्रम को संभाला तीसरे दिन बांग्लादेश ने 351/6 से आगे खेलना शुरू किया। मेहदी हसन मिराज ने एक छोर संभाले रखा और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम की बढ़त को 200 रन के पार पहुंचाया। उन्होंने 154 गेंदों पर 65 रन की पारी खेली, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। मिराज ने तस्कीन अहमद के साथ भी अहम साझेदारी की। हालांकि, इसके बाद जोश हेजलवुड की ऑफ स्टंप से बाहर जाती फुल गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर एलेक्स कैरी के हाथों में चली गई। ऑस्ट्रेलिया ने फिर मौके गंवाए, स्मिथ इतिहास बनाने से चूके ऑस्ट्रेलिया की खराब फील्डिंग तीसरे दिन भी जारी रही। बांग्लादेश के 400 रन पूरे करने के बाद स्टीव स्मिथ ने तस्कीन अहमद का आसान कैच छोड़ दिया। तस्कीन ने पैट कमिंस की गेंद पर डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की ओर शॉट खेला, जहां स्मिथ कैच नहीं पकड़ सके। अगर वह कैच ले लेते तो टेस्ट में उनके 219 कैच हो जाते और वे सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाते। फिलहाल स्मिथ और जो रूट 218-218 कैच के साथ बराबरी पर हैं। ऑस्ट्रेलिया ने मैच में अब तक छह कैच छोड़े हैं। हेजलवुड के 300 टेस्ट विकेट पूरे, ऐसा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के 9वें गेंदबाज शनिवार सुबह बांग्लादेश के गिरे तीनों विकेट जोश हेजलवुड ने लिए। उन्होंने हसन महमूद को 14 और तैजुल इस्लाम को 17 रन पर आउट करने के बाद मेहदी हसन मिराज को 65 रन पर पवेलियन भेजा। मिराज का कैच विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने लिया। इसके साथ ही हेजलवुड ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले ऑस्ट्रेलिया के 9वें गेंदबाज बन गए। हेजलवुड ने मिराज को ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के लिए मजबूर किया। गेंद बल्ले का किनारा लेकर कैरी के हाथों में चली गई। इस विकेट के साथ हेजलवुड के पारी में 5 विकेट भी पूरे हो गए। इससे पहले उन्होंने हसन महमूद को फुल और सीधी गेंद पर LBW किया था, जबकि तैजुल इस्लाम का कैच गली में कैमरन ग्रीन ने लिया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग में गलतियां भी जारी रहीं। स्टीव स्मिथ, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड ने कैच छोड़े। तंजिद के शतक ने रखी नींव बांग्लादेश की बड़ी बढ़त की नींव तंजिद हसन ने रखी। उन्होंने 101 रन की पारी खेली। यह ऑस्ट्रेलिया में किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक है। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने भी 84 रन बनाए। इन पारियों की मदद से बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के 198 रन के जवाब में मजबूत स्थिति बनाई। 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेल रहा बांग्लादेश बांग्लादेश 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेल रहा है और टीम अब ऐतिहासिक जीत की स्थिति में पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में सिर्फ 198 रन पर आउट हुआ था। हसन महमूद ने 55 रन देकर 6 विकेट लिए थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाया जाएगा।
LIVE: भारत और श्रीलंका के बीच होगा मुकाबला, कुछ ही देर बाद टॉस
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच आज खेला जाएगा। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया और धनंजय डि सिल्वा की कप्तानी में श्रीलंकाई टीम अब से कुछ ही देर बाद मैदान पर नजर आएगी। इस मैच का लाइव स्कोर आप यहां देख सकते हैं।
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होगा। भारतीय पुरुष और महिला टीमें अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम वेल्स के खिलाफ विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी और 51 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म करने के लक्ष्य से उतरेगी।
कैरम बॉल से तबाही, आर्मी में बने अफसर, फिर कहां गायब हुए अजंता मेंडिस?
एक ऐसा गेंदबाज जिसका करियर बहुत छोटा रहा, लेकिन धारधार रहा, उसके ना खेलने के बाद भी आज भी लोग उसका नाम नहीं भूले हैं, बात हो रही है अजंता मेंडिस की, आज उनकी ही बात कर लेते हैं. भारत-श्रीलंका के बीच होने वाली सीरीज से पहले उनकी एक कहानी...
2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 537/8 पर पारी घोषित कर दी। लगा, अब भारतीय गेंदबाज दबाव बनाएंगे। लेकिन आगे जो हुआ, उसने मैच की पूरी कहानी बदल दी। श्रीलंका ने 271 ओवर बल्लेबाजी कर 952/6 का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा कर दिया। सनथ जयसूर्या ने 340 रन और रोशन महानामा ने 225 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़ दिए। भारत के लिए सबसे अजीब कहानी डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी की रही। उन्होंने टेस्ट की पहली ही गेंद पर विकेट लिया। इसके बाद भारत को दूसरे विकेट के लिए दो दिन तक इंतजार करना पड़ा। पांच दिन के इस टेस्ट में 1,489 रन बने और सिर्फ 14 विकेट गिरे। मैच ड्रॉ रहा। लेकिन श्रीलंका का 952/6 टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। यह रिकॉर्ड आज तक नहीं टूट सका है। भारत से तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए सचिन तेंदुलकर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। भारत ने 167.3 ओवर में 537/8 का स्कोर बनाया और पारी घोषित कर दी। भारत की ओर से तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए। नवजोत सिंह सिद्धू ने 111 रन, सचिन तेंदुलकर ने 143 रन और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 126 रन बनाए। तेंदुलकर और अजहरुद्दीन ने चौथे विकेट के लिए 221 रन की साझेदारी की। पहली गेंद पर विकेट, फिर 576 रन की साझेदारी श्रीलंका के लिए सनथ जयसूर्या और मरवन अटापट्टू ओपनिंग करने उतरे। दूसरे दिन के आखिरी सेशन में सचिन ने डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी को गेंद थमाई। कुलकर्णी ने पहली ही गेंद पर अटापट्टू को आउट कर दिया। इसके बाद रोशन महानामा क्रीज पर आए। फिर जयसूर्या और महानामा ने भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। अटापट्टू 39 रन के टीम स्कोर पर आउट हुए। इसके बाद दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़े। तीसरे दिन दोनों ने 283 रन और चौथे दिन 265 रन जोड़े। चौथे दिन स्टंप्स तक जयसूर्या 326 और महानामा 211 रन पर नाबाद थे। पांचवें दिन महानामा 561 गेंदों पर 225 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में 27 चौके थे। अनिल कुंबले ने उन्हें आउट किया। इसके सिर्फ दो गेंद बाद जयसूर्या भी पवेलियन लौट गए। जयसूर्या टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले श्रीलंकाई बल्लेबाज बने। उन्होंने 578 गेंदों पर 340 रन बनाए। उनकी पारी में 36 चौके और 2 छक्के शामिल थे। वह 799 मिनट क्रीज पर रहे। उनका 340 रन उस समय टेस्ट इतिहास की चौथी सबसे बड़ी इंडिविजुअल पारी थी। उनसे आगे ब्रायन लारा 375, गैरी सोबर्स 365* और लेन हटन 364 रन पर थे। 576 रन की साझेदारी ने रिकॉर्ड तोड़े जयसूर्या और महानामा ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़कर उस समय की टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। उनसे पहले यह रिकॉर्ड 467 रन का था, जो न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो और एंड्रयू जोन्स ने बनाया था। दोनों की साझेदारी 500 रन का आंकड़ा पार करने वाली टेस्ट क्रिकेट की पहली साझेदारी बनी। हालांकि, 2006 में श्रीलंका के ही कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 624 रन जोड़कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जयसूर्या-महानामा के बाद भी नहीं रुका श्रीलंका जयसूर्या और महानामा के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की रन नहीं रुके। अरविंद डी सिल्वा ने 126 रन बनाए और अर्जुन रणतुंगा के साथ 175 रन की साझेदारी की। रणतुंगा ने 86 रन बनाए। इसके बाद डेब्यू कर रहे महेला जयवर्धने ने 66 रन जोड़े। श्रीलंका ने इस दौरान 903/7 के उस समय के टेस्ट रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। जयसूर्या को देखने 30 हजार फैंस पहुंचे पांचवें दिन जयसूर्या 326 रन पर नाबाद थे। वह ब्रायन लारा के 375 रन के रिकॉर्ड से सिर्फ 50 रन दूर थे। रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद में आर. प्रेमदासा स्टेडियम में 30 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंच गए। दर्शकों के लिए करीब 30 हजार मुफ्त टिकट रखे गए थे। हर नजर जयसूर्या पर थी। लेकिन लारा का रिकॉर्ड टूटने से पहले ही उनकी पारी खत्म हो गई। राजेश चौहान की गेंद पर जयसूर्या ने शॉट खेला और प्वाइंट पर सौरव गांगुली ने कैच पकड़ लिया। जयसूर्या 578 गेंदों पर 340 रन बनाकर आउट हुए। 3 भारतीय स्पिनर्स ने 220 ओवर फेंके भारतीय गेंदबाजों ने कुल 271 ओवर किए। राजेश चौहान ने 78 ओवर, अनिल कुंबले ने 72 ओवर और डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी ने 70 ओवर फेंके। तीनों ने मिलकर 220 ओवर किए और 594 रन खर्च किए। इसके बावजूद तीनों को सिर्फ एक-एक विकेट मिला। सचिन ने पिच को बताया था 'डेड ट्रैक' मैच के बाद सचिन तेंदुलकर ने जयसूर्या और महानामा की बल्लेबाजी की तारीफ की। साथ ही उन्होंने आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक पिच पर गेंदबाजों के लिए बहुत कम मदद थी। भारतीय स्पिनर्स ने लंबे स्पेल किए, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकना मुश्किल रहा। श्रीलंका रिकॉर्ड के पीछे क्यों गया? शुरुआत में जयसूर्या और महानामा का लक्ष्य सिर्फ फॉलोऑन बचाना था। लेकिन चौथे दिन टी-ब्रेक तक जयसूर्या को अंदाजा हो गया कि वह बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं। इसके बाद श्रीलंका ने पारी घोषित नहीं की। महानामा को बाद में इस बात का अफसोस रहा कि वह जयसूर्या के साथ ज्यादा देर नहीं टिक सके। उनका मानना था कि अगर वह कुछ और समय क्रीज पर रहते, तो जयसूर्या को लारा के 375 रन के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने में मदद कर सकते थे।
आज से हॉकी वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो रही है। पुरुषों क पहला ही मैच भारत और वेल्स के बीच खेला जाएगा। मैच शाम 4:30 बजे से शुरु होगा। भारतीय टीम वेल्स के खिलाफ अब तक कोई मुकाबला नहीं हारी है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह 220 इंटरनेशनल गोल कर चुके हैं। इस मैच से पहले वर्ल्ड कप में महिला टीम के 2 मुकाबले होंगे। पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और जापान, दूसरा मुकाबला जर्मनी और स्कॉटलैंड के बीच खेला जाएगा। वेल्स कभी भारत को हरा नहीं पाया भारत और वेल्स के बीच अब तक 4 मुकाबले खेले गए हैं। भारत को हर बार जीत मिली। टीम ने 2014 में 3-1 और 2018 में 4-3 से जीत दर्ज की थी। फिर 2022 में 4-1 और 2023 में 4-2 से वेल्स को हराया। हरमनप्रीत भारत के लिए 220 गोल कर चुके भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह डिफेंडर और ड्रैग फ्लिकर के रोल में खेलते हैं। वे टीम के टॉप गोल स्कोरर हैं। उन्होंने 264 मैचों सबसे ज्यादा 220 गोल किए हैं। उनके अलावा मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और फॉर्वर्ड अभिषेक पर भी निगाहें होंगी। वेल्स की टीम काफी हद तक अपने को-कप्तान गैरेथ फर्लोंग पर निर्भर है। वे पेनल्टी कॉर्नर स्पेस्लिस्ट और बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हैं। उनके नाम 166 मैचों में 113 गोल हैं। 8 भारतीय पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगेभारत 20 खिलाड़ियों के स्क्वाड के साथ टूर्नामेंट में उतरा है। टीम में 8 खिलाड़ी ऐसे हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप खेलेंगे। इसके अलावा डिफेंडर यशदीप सिवाच के लिए यह वर्ल्ड कप और खास है। वे अपना पहला वर्ल्ड कप उस देश में खेलने जा रहे हैं, जहां उनकी मां प्रीतम सिवाच ने भारत के लिए वर्ल्ड कप खेला था। वहीं भारत पहली बार टूर्नामेंट में दिग्गज गोलकीपर पी श्रीजेस के बिना उतरेगा। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक के बाद संन्यास ले लिया था। टीम के दोनों गोलकीपर सूरज करकेरा और मोहित एचएस पहली बार वर्ल्ड कप में खेलेंगे। दोनों टीमों का स्क्वाॅड भारत: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), मोहित एच.एस, सूरज करकेरा, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा।वेल्स: गैरेथ फर्लोंग (कप्तान), टोबी रेनॉल्ड्स-कॉटेरिल (गोलकीपर), राइस पेन (गोलकीपर), डेनियल किरियाकिडिस, ह्वेल जोन्स, अल्फ डिनी, जैकब ड्रेपर, रोडरी फर्लोंग, डेल हचिंसन, राइस ब्रैडशॉ, फ्रेड न्यूबोल्ड, गैरेथ ग्रिफिथ्स, बेन फ्रांसिस, निक मॉर्गन, जैक प्रिचर्ड, जोलियॉन मॉर्गन, सैम वेल्श, जॉनी फ्लेक, जेम्स टायसन, लियाम बार्कर। आज खेले जाने वाले सभी मुकाबलें… ----------------------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… महिला-पुरुष हॉकी वर्ल्डकप पहली बार एक साथ होंगे; 32 टीमों में 50 मुकाबले 15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। पहली बार महिला और पुरुष के टूर्नामेंट एक साथ हो रहे हैं। बेल्जियम और नीदरलैंड मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच आज से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि मैच के पहले दिन यहां 90% बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार मुकाबले के पांचों दिन बारिश हो सकती है। शनिवार को गॉल में सुबह से ही बारिश होने लगेगी। मैच सुबह 10 बजे से शुरु होना है। गॉल में स्पिनर्स ने 1032 विकेट झटके गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में 50वां टेस्ट मैच खेला जा रहा है। अब तक खेले गए 49 मैचों में इस मैदान की पिच स्पिनर्स को सपोर्ट करती रही है। 26 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 16 मैच पहले बॉलिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने बताया कि इस मैच की पिच में नमी रह गई है और स्पिन कम होगी। 2 भारतीय के पास गॉल में खेलने का अनुभव इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ 48% मैच जीते भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ 46 मैच खेले हैं। इनमें से 22 में जीत मिली है, जोकि 48% है। 7 में हार झेलनी पड़ी है। 17 मैच ड्रॉ रहे हैं। श्रीलंकाई पिचों में भारत की जीत का रिकॉर्ड 38% है। टीम ने श्रीलंकाई में 24 मैच खेले हैं। उसे 9 में जीत और 7 में हार मिली है। 8 मैच ड्रॉ रहे हैं। दोनों कप्तानों की बात गिल बोले- 600वें टेस्ट में कप्तानी करना सम्मान की बात कप्तान शुभमन गिल ने कहा- '600वें टेस्ट में टीम की कप्तानी करना सम्मान की बात है। WTC में वापसी के लिए भारत को करीब 6-7 टेस्ट जीतने की जरूरत है।' गिल ने कहा- प्लेयर्स के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में तुरंत ढलना आसान नहीं होता। टेस्ट सीरीज से पहले एक सप्ताह से 10 दिन की तैयारी मिलना काफी मददगार होता है।' डिसिल्वा ने कहा- गॉल में अनुभव काम आएगा श्रीलंका के कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने कहा, ‘जब आप श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले गॉल मैदान का नाम आता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने यहां बड़े होते हुए काफी क्रिकेट खेला है। यहां 50वें टेस्ट में श्रीलंका की कप्तानी करना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मैंने यहां काफी स्कूल क्रिकेट भी खेला है। इस अनुभव से इस सीरीज में मुझे फायदा मिलेगा।’ पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, सरांश जैन/मानव सुथार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। श्रीलंका: लाहिरू इगलागामगे, निशान फर्नांडो, दिनेश चांदीमल, कामिंदु मेंडिस, धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), सोनल दिनूषा, प्रभात जयसूर्या, रमेश मेंडिस, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा कहां देख सकते हैं? मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर होगा। इसे सोनी LIV पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, दैनिक भास्कर एप पर मैच का कवरेज होगा। इसे आप फॉलो कर सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्र निर्माण में खिलाड़ियों के योगदान को सराहा
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को भारत के राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में खिलाड़ियों के योगदान को रेखांकित किया। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाने वाला हर नागरिक देश की प्रगति में योगदान देता है।
पाकिस्तान की टीम अभी बाबर आजम की कप्तानी में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड दौरे पर पहुंची हुई है। इस सीरीज के शुरू होने से पहले तीन दिन प्रैक्टिस मैच में पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम बल्लेबाजी के दौरान अपने दाहिने हाथ को चोटिल कर बैठे।
Ferran Torres छोड़ेंगे Barcelona: PSG के साथ 50 Million Euro के बड़े Transfer सौदे पर लगी मुहर
बार्सिलोना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। स्पेन के विश्व कप फाइनल के नायक फेरान टोरेस अब पेरिस सेंट-जर्मेन की जर्सी में नजर आ सकते हैं। स्पेनिश मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बार्सिलोना ने 26 वर्षीय फारवर्ड को करीब 50 मिलियन यूरो में फ्रांसीसी क्लब को बेचने पर सैद्धांतिक सहमति बना ली है। दोनों क्लबों के बीच बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और अब जरूरी औपचारिकताएं बाकी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, फेरान टोरेस पेरिस सेंट-जर्मेन के साथ पांच साल का करार करने वाले हैं। स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभी चिकित्सकीय जांच और कुछ कागजी कार्रवाई होनी है। रिपोर्ट में बार्सिलोना के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन औपचारिकताओं के बाद सौदा पूरा हो जाएगा। टोरेस जनवरी 2021 में मैनचेस्टर सिटी से बार्सिलोना पहुंचे थे। उस समय बार्सिलोना ने उनके लिए 55 मिलियन यूरो से ज्यादा की रकम खर्च की थी। हालांकि, क्लब में उनका सफर हमेशा एक प्रमुख शुरुआती खिलाड़ी के तौर पर नहीं रहा। हांसी फ्लिक के 2024 में टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद टोरेस को मुख्य रूप से रॉबर्ट लेवांडोव्स्की के विकल्प के तौर पर सेंटर फारवर्ड की भूमिका में इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद टोरेस ने सीमित मौकों को अच्छी तरह भुनाया है। वह कई मुकाबलों में स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरकर टीम के लिए निर्णायक साबित हुए हैं। पिछले दो सत्रों में उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं को मिलाकर 94 मैचों में 40 गोल किए हैं। उनकी तेजी, गेंद पर नियंत्रण और आक्रमण में कई स्थानों पर खेलने की क्षमता ने उन्हें बार्सिलोना के लिए उपयोगी खिलाड़ी बनाए रखा है। गौरतलब है कि टोरेस ने हाल ही में स्पेन की विश्व कप जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी। पिछले महीने स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले गए विश्व कप फाइनल में उन्होंने अतिरिक्त समय में स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया था। उनकी इस गोल की मदद से स्पेन ने दूसरी बार विश्व कप खिताब अपने नाम किया। ऐसे में राष्ट्रीय टीम के लिए इतनी बड़ी भूमिका निभाने के कुछ ही समय बाद उनका क्लब बदलना खासा चर्चा में है। टोरेस ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत वालेंसिया की युवा व्यवस्था से की थी। बाद में वह मैनचेस्टर सिटी पहुंचे और फिर बार्सिलोना का हिस्सा बने। अब पेरिस सेंट-जर्मेन में उनके जाने से उनके करियर को एक नई दिशा मिल सकती है। बार्सिलोना के लिए यह फैसला आक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है। रॉबर्ट लेवांडोव्स्की और मार्कस रैशफोर्ड के क्लब से अलग होने के बाद टीम को आगे के मोर्चे पर नए विकल्पों की जरूरत है। टोरेस के जाने से यह जरूरत और बढ़ सकती है। मुख्य कोच हांसी फ्लिक को अब आक्रमण में अधिक विकल्प जुटाने पर ध्यान देना होगा। बता दें कि बार्सिलोना पहले ही इंग्लैंड के एंथनी गॉर्डन और बोरूसिया डॉर्टमुंड के करीम अदेयेमी को टीम में शामिल कर चुका है। इन खिलाड़ियों से टीम के आक्रमण को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद टोरेस जैसे खिलाड़ी का जाना फ्लिक के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। अगर करीब 50 मिलियन यूरो का यह सौदा पूरा हो जाता है तो पेरिस सेंट-जर्मेन को एक ऐसा खिलाड़ी मिलेगा जो बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने और अलग-अलग आक्रमणकारी भूमिकाएं निभाने का अनुभव रखता है। वहीं बार्सिलोना को अपनी नई आक्रमण योजना के लिए उपलब्ध विकल्पों पर एक बार फिर विचार करना होगा। इस सौदे के बाद दोनों क्लबों की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
मौजूदा ट्रांसफर सीजन में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने यूरी टिएलेमांस और आंद्रेई सैंटोस पर कुल करीब 85 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। हालांकि, क्लब ने अभी तक किसी एक खिलाड़ी पर 100 मिलियन पाउंड खर्च नहीं किए हैं। यह स्थिति इंग्लैंड के दूसरे बड़े क्लबों से अलग है। मैनचेस्टर सिटी, टॉटेनहम हॉटस्पर, लिवरपूल, आर्सेनल और चेल्सी सभी हाल के वर्षों में किसी न किसी खिलाड़ी पर 100 मिलियन पाउंड से अधिक खर्च कर चुके हैं। कैरिक से जब पूछा गया कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने वाले क्लबों के बीच यूनाइटेड कैसे मुकाबला करेगा, तो उन्होंने माना कि पैसा निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण है, लेकिन मैदान पर मुकाबला सिर्फ पैसे से तय नहीं होता। उन्होंने कहा कि क्लब का ध्यान मैच जीतने और उपलब्ध खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने पर है। साथ ही उन्होंने माना कि आर्थिक स्थिति जैसी है, उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि कैरिक की देखरेख में यूनाइटेड ने पिछले सत्र में तीसरे स्थान पर रहते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनसे पूछा गया कि चैंपियंस लीग में जगह मिलने से आने वाली अतिरिक्त कमाई को महंगे खिलाड़ियों पर खर्च क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पर कैरिक ने कहा कि उनके पास इसका पूरा जवाब नहीं है, लेकिन क्लब उपलब्ध साधनों के साथ टीम को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। कैरिक का मानना है कि भविष्य में टीम को लगातार मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्लब ने इस गर्मी अब तक अच्छा काम किया है, लेकिन जरूरत अभी खत्म नहीं हुई है। टीम को और खिलाड़ियों की जरूरत है और क्लब नए विकल्प तलाशता रहेगा। इसी बीच मार्कस रैशफोर्ड का भविष्य भी चर्चा में है। 28 वर्षीय रैशफोर्ड रविवार को काउंटी किल्डेयर स्थित टीम के प्रशिक्षण शिविर में लौट आए हैं। विश्व कप के बाद उन्हें आराम दिया गया था। पिछले डेढ़ साल में वह मैनचेस्टर यूनाइटेड से ऋण पर बार्सिलोना और एस्टन विला के लिए खेल चुके हैं। क्लब के अधिकारियों और पूर्व कोच रूबेन अमोरिम के साथ रिश्तों में तनाव के बाद उन्हें टीम से बाहर जाना पड़ा था। मौजूद जानकारी के अनुसार, अब रैशफोर्ड और क्लब के बीच संबंध पहले से बेहतर हुए हैं। खिलाड़ी कैरिक के साथ काम करने पर ध्यान दे रहा है, लेकिन उसकी प्राथमिकता अभी भी क्लब छोड़ने की बताई जा रही है। यूनाइटेड भी वेतन खर्च कम करने के लिए उन्हें बेचने के पक्ष में है। उनके अनुबंध के आखिरी दो वर्षों की कीमत करीब 35 मिलियन पाउंड बताई जा रही है। कैरिक ने हालांकि रैशफोर्ड के भविष्य को लेकर दरवाजा बंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि रैशफोर्ड क्लब के खिलाड़ी हैं और उन्होंने प्रशिक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया है। कैरिक ने यह भी माना कि रैशफोर्ड टीम को अलग तरह की क्षमता देते हैं और उनके पास टीम के लिए काफी कुछ करने की क्षमता है। जब कैरिक से पूछा गया कि क्या रैशफोर्ड बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं, तो उन्होंने कहा कि वह क्लब के खिलाड़ी हैं और टीम में उनकी मौजूदगी कुछ अलग देती है। यानी एक सितंबर की समय सीमा तक उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है। हैरी मैग्वायर, नूसैर मजरावी और यूरी टिएलेमांस जैसे खिलाड़ियों ने भी यूनाइटेड के खिताब जीतने की क्षमता पर भरोसा जताया है। कैरिक ने कहा कि टीम में कुछ खास हासिल करने की क्षमता है और क्लब को उसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि उन्होंने खिताब जीतने की कोई पक्की गारंटी देने से इनकार किया है। उनका कहना है कि मैनचेस्टर यूनाइटेड जैसे क्लब के लिए बड़े लक्ष्य रखना जरूरी हैं और टीम उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
कई साल की चर्चा और लगातार लगती अटकलों के बाद आखिरकार क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज शादी के बंधन में बंध गए हैं। खास बात यह है कि दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल रोनाल्डो ने अपनी शादी को किसी बड़े समारोह या सितारों से भरे आयोजन में बदलने के बजाय बेहद निजी रखा। पुर्तगाल के कास्काइस में 11 अगस्त को दोनों ने नागरिक विवाह किया और इस मौके पर उनके पांच बच्चे मौजूद रहे। रोनाल्डो और जॉर्जिना ने खुद सोशल मीडिया पर शादी की जानकारी साझा की। दोनों ने अपनी शादी की अंगूठियों की तस्वीर पोस्ट करते हुए सिर्फ ‘सीजी’ लिखा। इसके बाद रोनाल्डो के प्रतिनिधि ने विवाह की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बेहद निजी और सीमित समारोह था। मौजूद जानकारी के अनुसार, समारोह में रोनाल्डो और जॉर्जिना के पांच बच्चे शामिल हुए थे। अगर यही पूरी अतिथि सूची थी तो इस शादी में परिवार के अलावा कोई बाहरी मेहमान मौजूद नहीं था। यानी जिस शादी को लेकर लंबे समय से बड़ी पार्टी और मशहूर हस्तियों की मौजूदगी की अटकलें लगाई जा रही थीं, वह बेहद छोटे दायरे में पूरी हुई है। बता दें कि रोनाल्डो और जॉर्जिना के पांच बच्चों में से दो जॉर्जिना के जैविक बच्चे हैं, जबकि तीन बच्चे रोनाल्डो के पहले के रिश्ते से हैं। दोनों ने पिछले कई वर्षों में मिलकर एक परिवार बनाया है और शादी में भी परिवार को ही सबसे ज्यादा महत्व दिया। शादी से कुछ दिन पहले पुर्तगाल के मदीरा द्वीप स्थित फुंचाल कैथेड्रल को लेकर खूब चर्चा हुई थी। खबरें थीं कि दोनों 8 अगस्त को वहां शादी कर सकते हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रशंसक, पत्रकार और शुभचिंतक कैथेड्रल के बाहर पहुंच गए थे। हालांकि, बाद में पता चला कि वहां किसी और पुर्तगाली जोड़े की शादी थी। फैबियो रामोस और फातिमा निकोल कुन्हा टेक्सेरा का विवाह उसी स्थान पर हुआ था। इस गलत खबर के कारण रोनाल्डो और जॉर्जिना की असली शादी मीडिया और प्रशंसकों की नजर से दूर रही। रोनाल्डो ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया में हंसने वाली प्रतिक्रिया दी थी। आखिरकार 11 अगस्त को कास्काइस में हुए समारोह के बाद उन्होंने खुद शादी की तस्वीर साझा कर अटकलों पर विराम लगा दिया। गौरतलब है कि रोनाल्डो और जॉर्जिना की मुलाकात 2016 में हुई थी। उस समय जॉर्जिना मैड्रिड में गुच्ची की एक दुकान में काम करती थीं। जॉर्जिना ने बाद में अपनी धारावाहिक श्रृंखला में बताया था कि रोनाल्डो कई बार उन्हें काम से लेने आते थे। एक बार वह महंगी कार बुगाटी से उन्हें लेने पहुंचे थे, जबकि जॉर्जिना बस से काम पर जाती थीं। इसके बाद दोनों का रिश्ता लगातार आगे बढ़ा। जनवरी 2017 में दोनों पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आए। रोनाल्डो पहले ही संकेत दे चुके थे कि वह 2026 विश्व कप के बाद जॉर्जिना से शादी करना चाहते हैं। हालांकि, दोनों ने शादी की तारीख और जगह को लेकर आखिरी समय तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आने दी। शादी के बाद रोनाल्डो और जॉर्जिना अपने बच्चों के साथ लिस्बन के हुम्बर्तो डेलगाडो हवाई अड्डे पर दिखाई दिए। पुर्तगाली मीडिया के मुताबिक, परिवार ने वहां विशेष प्रवेश मार्ग का इस्तेमाल किया। माना जा रहा है कि इसके बाद वे सऊदी अरब के लिए रवाना हुए हैं। इस तरह करीब एक दशक पुराने रिश्ते को दोनों ने बेहद सादगी और निजी अंदाज में शादी के साथ नया नाम दिया।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से होगा जिसमें भारतीय पुरुष और महिला दोनों ही टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारतीय पुरुष टीम को पूल-डी में जगह मिली है जिसमें वह अपने अभियान का आगाज वेल्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले से करेगी।

