पाकिस्तान ने एशिया कप के सेमीफाइनल में बनाई जगह, हांगकांग के खिलाफ नशरा संधू ने गेंद से रचा इतिहास
नशरा संधू की घातक गेंदबाजी के दम पर पाकिस्तान ने वूमेन्स एशिया कप 2026 में हांगकांग को 72 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। संधू ने सिर्फ 7 रन देकर 6 विकेट झटके।
चीन मास्टर्स जीतने के बाद, भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी एशियन गेम्स से पहले मिले 10 दिनों के समय का पूरा फायदा उठाने पर ध्यान दे रहे हैं...
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। चीन मास्टर्स जीतने के बाद, भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी एशियन गेम्स से पहले मिले 10 दिनों के समय का पूरा फायदा उठाने पर ध्यान दे रहे हैं। मौजूदा चैंपियन होने के नाते इस बड़े टूर्नामेंट में उतरने के बावजूद, इस जोड़ी का कहना है कि उन पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है।
World Archery Para Series: Sheetal Devi और भारतीय टीमें फाइनल में पहुंचीं
अहमदाबाद, सात सितंबर भारत ने सोमवार को विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज (चरण तीन) के तीसरे दिन रिकर्व, कंपाउंड और डब्ल्यू एक वर्गों में कई स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाकर मजबूत पदक अभियान सुनिश्चित किया। दृष्टिबाधित-एक वर्ग में तन्वी प्रवीण इंगले को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फाइनल में उन्हें साइप्रस के क्रिस्टोस मिसोस ने 6-4 से हराया। युगल गर्ग ने हमवतन पवन कुमार को हराकर इस वर्ग में कांस्य पदक जीता। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की भारतीय जोड़ी ने चीन के शिया लेई और झू वेनजियान को 5-1 से हराकर पैरा रिकर्व पुरुष टीम स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया और भारत का एक और पदक पक्का किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना तीसरी वरीयता प्राप्त स्लोवाकिया से होगा। भारत ने पैरा रिकर्व महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। भावना और पूजा ने ईरान की जोड़ी को 6-2 से हराया। फाइनल में उनका सामना चीन से होगा। रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत ने पदक पक्का किया। हरविंदर और भावना ने इंडोनेशिया की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया जहां वे स्वर्ण पदक के लिए चीन से भिड़ेंगे। कंपाउंड पुरुष टीम में श्याम सुंदर स्वामी और तोमन कुमार ने भी भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया। भारतीय जोड़ी ने चीन के बाओ यिरुई और फेंग यू को 154-153 से हराया। फाइनल में उनका सामना सातवीं वरीयता प्राप्त इराक से होगा। कंपाउंड महिला टीम में शीतल देवी और पायल नाग को कजाखस्तान के खिलाफ 151-152 से करीबी हार के बाद फाइनल में जगह नहीं मिल सकी। अब वे कांस्य पदक के लिए चीन से मुकाबला करेंगी। कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में भी भारत को करीबी मुकाबले में चीन से हार मिली। दोनों टीमें 156-156 की बराबरी पर रहीं। शूटऑफ में भी स्कोर 20-20 रहा लेकिन केंद्र के ज्यादा करीब तीर लगाने के आधार पर चीन को विजेता घोषित किया गया। डब्ल्यू एक मिश्रित टीम (रिकर्व/कंपाउंड) स्पर्धा में स्वाति चौधरी और आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी ने चीन के जिन हुआन और यांग शुपेंग को 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए एक और पदक पक्का किया। स्वर्ण पदक के लिए भारतीय जोड़ी का सामना चीन से होगा। डब्ल्यू एक पुरुष टीम स्पर्धा में तीन टीमों में भारत तीसरे स्थान पर रहा। चीन और चेक गणराज्य स्वर्ण पदक के लिए भिड़ेंगे। इससे पहले दिन में मौजूदा विश्व चैंपियन शीतल देवी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया। जम्मू की भुजाहीन तीरंदाज शीतल ने सरिता को 145-143 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। अब उनका सामना कजाखस्तान की ऐजादा सेडान से होगा। सरिता कांस्य पदक के मुकाबले में चीन की वांग हुइतिंग से खेलेगी। कंपाउंड पुरूष वर्ग में मौजूदा विश्व चैम्पियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी तोमान कुमार को शीर्ष वरीयता प्राप्त इंडोनेशिया के केन स्वागुमिलांग ने 146-144 से हराया। अब वह कांस्य पदक के लिये इराक के अब्बास खादिम से खेलेंगे। केन ने भारत के गुरविंदर सिंह को क्वार्टर फाइनल में 143-141 से मात दी। पुरूषों के डब्ल्यू एक वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई जब पांचवीं वरीयता प्राप्त आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी और नौवी वरीयता प्राप्त नुरूद्दीन अपने अपने मुकाबले हार गए। महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त स्वाति चौधरी कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। वह चीन की छठी वरीयता प्राप्त लियू जिंग से 1-7 से हार गई थी। डब्ल्यू एक वर्ग के एथलीटों के शरीर के ऊपरी और निचले हिस्सों, धड़ और कम से कम तीन अंगों में अक्षमता होती है। कुछ को धनुष लोड करने में मदद के लिए एक सहायक की जरूरत होती है।
डीवाई पाटिल स्टेडियम में मरम्मत का काम जारी, नहीं खेले जा सकेंगे विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में मरम्मत का काम जारी है, जिसकी वजह से यह स्टेडियम विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी 2027 के मुकाबलों की मेजबानी नहीं कर सकेगा। यह टूर्नामेंट अगले साल 14 से 28 फरवरी के बीच भारत में खेला जाएगा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इंग्लैंड दौरे पर मौजूद खिलाड़ियों के अनुशासन और व्यवहार को लेकर इंटरनल जांच शुरू कर दी है। PCB प्रवक्ता आमिर मीर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मीडिया में आ रही खबरों को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया गया है। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान ने 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया था। हेडकोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी हटा दिया गया था। उनकी जगह व्हाइट बॉल टीम के कोच माइक हेसन और एश्ले नॉफके को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इसके बाद से टीम का इंग्लैंड दौरा लगातार विवादों में है। इससे पहले यह खबर आई थी कि पाकिस्तान ने सभी खिलाड़ियों के फोन भी जब्त कर लिए हैं। एंटी-करप्शन एंगल की बात अभी सामने नहीं आई PCB के प्रवक्ता ने कहा- ‘इंग्लैंड दौरे पर मीडिया में हमारे खिलाड़ियों के अनुशासन और व्यवहार को लेकर आई खबरों को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल इन सभी मामलों की अंदरूनी स्तर पर समीक्षा की जा रही है।’ सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि यह केवल एक अनुशासनात्मक प्रक्रिया है। इसके जरिए खिलाड़ियों के आचरण और अनुशासन से जुड़े पहलुओं को जांचा जा रहा है। हालांकि मामले में किसी एंटी-करप्शन एंगल की बात अभी तक सामने नहीं आई है। मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच की बात आमिर ने कहा- ‘PCB ऐसे मामलों को अपनी तय प्रक्रिया के मुताबिक संभालता है। यह प्रक्रिया PCB के नियमों के तहत की जा रही है और इसमें सभी संबंधित लोगों को उचित मौका दिया जा रहा है।’ बताया जा रहा है कि खिलाड़ियों के मोबाइल फोन मीडिया में जानकारी लीक होने के आरोपों की फोरेंसिक जांच के लिए लिए गए थे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। PCB ने खिलाड़ियों के फोन जब्त किए थे इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। टेस्ट मैच खत्म होने तक ये फोन बोर्ड के कब्जे में ही रहेंगे। PCB ने अभी तक यह नहीं बताया है कि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और इस कार्रवाई की वजह क्या है। हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट का मैच फिक्सिंग से पुराना नाता रहा है। इसमें 2010 के इंग्लैंड दौरे का स्पॉट फिक्सिंग मामला भी शामिल है। इस मामले में तीन खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया था। 7 खिलाड़ी और 2 कोच पहले ही हटाए गए पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़ा फेरबदल किया है। बोर्ड ने मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा समेत 7 खिलाड़ियों को टीम से रिलीज कर दिया। उनकी जगह नए खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा हेड कोच सफराज अहमद को हटा दिया गया और उनकी जगह माइक हेसन को तीसरे टेस्ट के लिए जिम्मेदारी दी गई। बॉलिंग कोच उमर गुल की जगह एश्ले नॉफके को भी लाया गया है। पाकिस्तान ने पहला टेस्ट पारी और 103 रन से और दूसरा टेस्ट 194 रन से गंवाया था। अब सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा। ऐसे में खिलाड़ियों के फोन PCB की कस्टडी में लिए जाने की रिपोर्ट ने टीम के भीतर चल रही उथल-पुथल को और बढ़ा दिया है। -------------------------- पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शोएब अख्तर बोले- पाकिस्तान क्रिकेट वेंटिलेटर पर:मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं; मिस्बाह ने भी सिस्टम पर सवाल उठाए पाकिस्तान क्रिकेट 'वेंटिलेटर पर' है और मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं बची है। इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब प्रदर्शन के बीच पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने PCB और टीम की मौजूदा स्थिति पर तीखी टिप्पणी की है। पूरी खबर पढ़ें…
15 से 27 सितंबर तक समरकंद में होने वाले 46वें शतरंज ओलंपियाड में अमेरिका मजबूत टीम के साथ उतरेगा, जबकि रूस लगातार तीसरी बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाएगा। मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने इस बार पांच मजबूत खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। इनमें लेवोन अरोनियन, फैबियानो करुआना, वेस्ली सो, हंस नीमन और अवेंडर लियांग शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय मास्टर जॉन डोनाल्डसन टीम के कप्तान होंगे, जबकि ग्रिगोरी ओपारिन प्रशिक्षक की भूमिका निभाएंगे। लेवोन अरोनियन के लिए यह ओलंपियाड खास महत्व रखता है। वह पहले आर्मेनिया की ओर से खेलते हुए तीन बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। 2021 के अंत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व शुरू करने के बाद यह उनका तीसरा ओलंपियाड होगा। उन्होंने 2022 में चेन्नई में अमेरिका के लिए पहली बार खेला था और 2024 में बुडापेस्ट में चौथा बोर्ड खेलते हुए टीम को रजत पदक दिलाने में योगदान दिया था। 43 वर्षीय अरोनियन अब एक और स्वर्ण पदक जीतकर चार ओलंपियाड जीतने वाले खिलाड़ियों के खास क्लब में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सोच रहे हैं कि अब ओलंपियाड जीतने का सही समय है। उनके मुताबिक भारत के अलावा उज्बेकिस्तान, चीन, आर्मेनिया और जर्मनी भी अमेरिका के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं। गौरतलब है कि अरोनियन इस समय ग्लोबल शतरंज लीग में गंगा ग्रैंडमास्टर्स की ओर से खेल रहे हैं। उनका मानना है कि लीग का दबाव और टीम आधारित मुकाबले ओलंपियाड से पहले अच्छी तैयारी साबित हो सकते हैं। उनके मुताबिक ऐसे मुकाबलों में हर चाल और नतीजे का दबाव महसूस होता है, जो बड़े टूर्नामेंट के माहौल को समझने में मदद करता है। दूसरी ओर रूस के शीर्ष खिलाड़ी इयान नेपोमनियाच्ची इस बार समरकंद में दिखाई नहीं देंगे। यूक्रेन शतरंज महासंघ की शिकायत के बाद खेल पंचाट ने रूस शतरंज महासंघ को निलंबित करने का आदेश दिया था। मामला उन प्रतियोगिताओं से जुड़ा था, जिनका आयोजन रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों में किया गया था। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया, जिसके बाद कई राष्ट्रीय महासंघों ने विरोध जताया। रूसी शतरंज के लिए स्थिति तब और गंभीर हुई, जब अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच ने यूरोपीय संघ की प्रतिबंध सूची में शामिल होने के बाद जुलाई में अपनी जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से दूरी बना ली। 36 वर्षीय नेपोमनियाच्ची ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना है कि रूस को उम्मीद थी कि अन्य खेलों की तरह शतरंज में भी उसकी टीमों की वापसी होगी। तटस्थ झंडे के तहत खेलने की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि बेलारूस को खेलने की अनुमति है जबकि रूस बाहर है और उम्मीद है कि आगे स्थिति खेल के हित में बेहतर होगी। इस तरह समरकंद में शतरंज की पुरानी प्रतिद्वंद्विता का नया रूप देखने को मिलेगा। कभी अमेरिका और रूस दोनों एक ही बोर्ड पर आमने-सामने उतरते थे, लेकिन इस बार अमेरिका खिताब के लिए मैदान में होगा और रूस बाहर से प्रतियोगिता देखेगा। यही बदलाव शतरंज की राजनीति और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात की बदलती तस्वीर पेश करते हैं।
'चाइना मास्टर्स' के बाद 'एशियन गेम्स' पर निगाहें, चिराग शेट्टी ने बताया क्या है प्लान?
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के सात्विकसाई रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने रविवार को 'बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 टूर्नामेंट चाइना मास्टर्स' में चीन की जोड़ी को मात देकर मेंस डबल्स का खिताब अपने नाम किया। अब इस भारतीय जोड़ी की निगाहें 'एशियन गेम्स 2026' पर हैं, जहां चिराग-सात्विक अपनी स्वर्णिम सफलता दोहराने उतरेंगे।
जापान ने भारत के खिलाफ 22 सितंबर को होने वाले टी-20 मैच के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। जापान के सानो शहर में होने वाले इस मुकाबले में केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग टीम के कप्तान होंगे। उन्होंने टी-20 में जापान के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। दोनों देशों के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशन के 75 साल पूरे होने पर यह एकमात्र मुकाबला खेला जा रहा है। इसे सुजुकी कप कहा गया है। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे से शुरू होगा। एशियन गेम्स से पहले मुकाबला एशियन गेम्स 2026 के मुकाबले जापान के आइची-नागोया शहर में खेले जाएंगे। इसमें क्रिकेट भी शामिल है। सुजुकी कप का मैच एशियन गेम्स में मेंस क्रिकेट शेड्यूल से पहले खेला जाएगा। पुरुष कैटेगरी के ये मुकाबले 24 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेले जाएंगे। भारत की टीम 19 सितंबर को रवाना होगी डिफेंडिंग चैंपियन भारत एशियन गेम्स के लिए टीम घोषित कर चुका है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी शामिल हैं। भारतीय टीम 19 सितंबर को सानो के लिए रवाना होगी। इसगे अगले दिन टीम प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लेगी। मुकाबले के लिए दोनों टीमें…. जापान: केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग (कप्तान), चार्ली हारा-हिंज़े, बेंजामिन गो-इतो डेविस, कोहेई कुबोटा, वातरु मियाउची, रियो सकुरानो-थॉमस, डेक्लन सुजुकी-मैककॉम्ब, शोमा सुगाया-स्लेटर, अलेक्जेंडर शिराई-पैटमोर, लचलान यामामोतो-लेक, माकोटो तानियामा, इब्राहिम ताकाहाशी, त्सुयोशी ताकादा, जेक कुसुडा-नैर्न और एलेस्टर कडोवाकी-फ्लेमिंग। भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह। --------------------------------- इस मैच से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत-जापान रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर सुजुकी कप भारत और जापान की टीमें दोनों देशों के रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर टी-20 क्रिकेट मैच खेलेंगी। यह मैच 22 सितंबर को जापान के सानो शहर में खेला जाएगा। इस मैच में भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। इसमें उप-कप्तान तिलक वर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी जैसे नाम भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
जापान ने भारत के खिलाफ होने वाले ऐतिहासिक T20 इंटरनेशनल मुकाबले के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। केंडल फ्लेमिंग टीम की कप्तानी करेंगे।
हैदराबाद, 7 सितंबर (आईएएनएस)। छठी हॉकी इंडिया सीनियर पुरुष इंटर-डिपार्टमेंट नेशनल चैंपियनशिप 2026 में सोमवार को आठ मैच खेले गए। इनमें सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) ने डिफेंस अकाउंट्स स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 10-0 से बड़ी जीत हासिल की।
Ishan Kishan बोले, मुश्किल दौर ने मुझे गैरजरूरी दबाव से दूर रहना सिखाया
(तस्वीरों के साथ)चेन्नई, सात सितंबर पूर्व क्षेत्र के कप्तान इशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेलने के बाद सोमवार को कहा कि करियर के मुश्किल दौर ने उन्हें ‘ ज्यादा सोचने’ और खुद से अनावश्यक उम्मीदें रखने से दूर रहना सिखाया है और अब उनका पूरा ध्यान सिर्फ रन बनाने और टीम को जीत दिलाने पर है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ खेली गई 270 रन की मैराथन पारी को किशन ने अपने अंदर आए इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने दिन का खेल खत्म होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैंने खुद को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की। यह बदलाव अपने आप हुआ। जब मैं भारतीय टीम से बाहर था, तब मुझे एहसास हुआ कि आखिरकार हमारे पास करने के लिए सिर्फ एक ही काम है और वह रन बनाना है। यही एक चीज है जो आपके करियर में आपकी मदद करती है।’’किशन ने कहा, ‘‘किसी अन्य चीज के बारे में सोचना आपकी मानसिकता को प्रभावित करता है और बेवजह का दबाव बढ़ाता है। मुझे समझ आ गया कि इन अतिरिक्त विचारों की कोई जरूरत नहीं है। हमारा काम मैदान पर उतरना और टीम के लिए मैच जीतना है।’’उन्होंने कहा, “आपको बस इसी चीज की परवाह करनी चाहिए। समय के साथ आप खुद को बेहतर तरीके से समझने और विकसित करने लगते हैं। मुझे लगता है कि जब आपका दिमाग स्पष्ट हो तो इस तरह खेलना काफी आसान हो जाता है।”किशन 2023 में भारतीय टीम के तीनों प्रारूपों में खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। लेकिन कई अप्रत्याशित घटनाक्रमों के बाद उनका करियर मुश्किल दौर में पहुंच गया और उन्हें बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध से भी बाहर होना पड़ा। किशन ने इसके बाद घरेलू क्रिकेट में जमकर मेहनत की। उन्होंने 2025-26 रणजी ट्रॉफी में शतक लगाए और झारखंड को उस सत्र की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने में अहम योगदान दिया। उन्होंने टूर्नामेंट में 517 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल थे। किशन को जल्द ही बीसीसीआई का केंद्रीय अनुबंध वापस मिल गया और सफेद गेंद के प्रारूपों में भारतीय टीम में भी जगह मिल गई। अब वह अपने करियर के उस मुश्किल दौर को पीछे छोड़ चुके हैं। किशन ने कहा, “आजकल मैं जो सबसे अच्छी चीज कर रहा हूं, वह है किसी भी चीज के बारे में ज्यादा न सोचना। एक बल्लेबाज के तौर पर मेरा काम बस मैदान पर जा कर गेंद के मुताबिक प्रतिक्रिया देना है। मैं खुद से किसी तरह की उम्मीद नहीं रखता।’’सीमित ओवरों के मुकाबले खेल कर दलीप ट्रॉफी के लिए पहुंचे किशन से जब पूछा गया कि दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों के खिलाफ फाइनल में उतरते समय उनकी रणनीति क्या थी तो उन्होंने कहा, ‘‘ यहां आने से पहले मैं बीसीसीआई के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में था। वहां हम सब खास तौर पर लाल गेंद से अभ्यास कर रहे थे। जब आप लगातार टी20 खेलते हैं तो बहुत ज्यादा शॉट खेलने लगते हैं। दलीप ट्रॉफी में पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाफ मेरी पहली पारी में भी ऐसा ही हुआ।”किशन ने उस पारी की गलती को याद करते हुए कहा, “पारी के बीच में मैं कट शॉट खेलने गया, लेकिन फिर असमंजस में पड़ गया कि गेंद को हिट करना चाहिए या नहीं। इसी सोच में मैं अपना विकेट गंवा बैठा।”फाइनल में उतरने से पहले किशन ने अपना ध्यान फिर से सही दिशा में लगाया। उन्होंने साथी बल्लेबाजों के साथ ज्यादा समय बिताया और धीरे-धीरे साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रारूपों में खेल चुके होते हैं तो टीम के साथी आपसे रन बनाने की उम्मीद करते हैं। इसलिए मेरे लिए क्रीज पर टिके रहना और अपनी टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाना बेहद जरूरी था।
Arsenal vs Chelsea: ओडेगार्ड बने टीम के हीरो, शानदार वापसी के साथ Premier League में बढ़ाया दबदबा
लंदन के दो बड़े क्लबों के बीच मुकाबले में आर्सेनल ने शानदार वापसी करते हुए चेल्सी को 2-1 से हरा दिया है। मार्टिन ओडेगार्ड के निर्णायक गोल की मदद से आर्सेनल ने 2026-27 इंग्लिश प्रीमियर लीग सत्र में अपना लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन आर्सेनल उन दो टीमों में शामिल हो गया है, जिन्होंने अब तक अपने सभी मुकाबले जीते हैं। दूसरी टीम मैनचेस्टर सिटी है। मुकाबले की शुरुआत हालांकि आर्सेनल के लिए बेहद खराब रही। चेल्सी ने मैच शुरू होने के महज 77 सेकंड बाद बढ़त बना ली। रीस जेम्स की फ्री-किक के बाद आर्सेनल के खिलाड़ी गेंद को अपने क्षेत्र से ठीक तरह बाहर नहीं निकाल सके। जोर्रेल हाटो के पास से गेंद मॉर्गन रोजर्स तक पहुंची और उन्होंने अपने पहले ही स्पर्श पर दाएं पैर से ऐसा शॉट लगाया, जो आर्सेनल के गोलकीपर डेविड राया को छकाते हुए गोल में चला गया। रोजर्स का यह गोल आर्सेनल के खिलाफ शुरुआती कुछ मिनटों में आया सबसे तेज गोल भी रहा। बता दें कि इससे पहले प्रीमियर लीग में आर्सेनल ने अगस्त 2023 में फुलहम के खिलाफ 57 सेकंड में एंड्रियास परेरा का गोल खाया था। चेल्सी के लिए यह शुरुआत इसलिए भी खास रही क्योंकि वह प्रीमियर लीग इतिहास की पहली टीम बन गई, जिसने किसी सत्र की शुरुआत के लगातार तीन मुकाबलों में शुरुआती पांच मिनट के भीतर गोल किया है। गोल खाने के बाद आर्सेनल ने तेजी से वापसी की कोशिश शुरू की। 12वें मिनट में उसे बराबरी का मौका मिला, लेकिन गेब्रियल मागाल्हाएस और रिकार्डो कैलाफियोरी की कोशिश को गोल नहीं माना गया। डेक्लान राइस की फ्री-किक पर चेल्सी के जोआओ पेड्रो गेंद को सही तरह से नहीं रोक सके। इसके बाद गेब्रियल के शॉट को गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने पोस्ट पर रोक दिया। कैलाफियोरी ने रिबाउंड पर गेंद को गोल में पहुंचाया, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद एज्री कोंसा को ऑफसाइड पाया गया और गोल रद्द कर दिया गया। आर्सेनल का दबाव लगातार बढ़ता रहा और 25वें मिनट में काई हावर्ट्ज ने टीम को बराबरी दिला दी। उन्होंने गेंद पर नियंत्रण हासिल करने के बाद चेल्सी के क्षेत्र में जगह बनाई और बेहद चतुराई से गेंद को निचले दाएं कोने में भेजकर मार्टिनेज को मात दी। हावर्ट्ज पहले चेल्सी के लिए खेल चुके हैं और उनके खिलाफ यह प्रीमियर लीग में तीसरा गोल है। गौरतलब है कि चेल्सी छोड़ने के बाद अपने पुराने क्लब के खिलाफ प्रीमियर लीग में हावर्ट्ज से ज्यादा गोल केवल मोहम्मद सलाह और केविन डी ब्रुइने ने किए हैं। दोनों खिलाड़ियों के नाम पांच-पांच गोल हैं। पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद तेज रहा। चेल्सी के मॉर्गन रोजर्स का शॉट गोल से थोड़ा दूर चला गया, जबकि पेड्रो नेटो ने दाएं हिस्से से तेजी से आगे बढ़ने के बाद गेब्रियल को पीछे छोड़ दिया और उनका शॉट पोस्ट से टकरा गया। मुकाबले के शुरुआती 25 मिनट में कुल नौ शॉट लक्ष्य पर गए, जो प्रीमियर लीग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2003-04 के बाद इस अवधि में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। दूसरे हाफ में आर्सेनल ने 50वें मिनट में बढ़त बना ली। इस बार भी हावर्ट्ज की भूमिका अहम रही। क्रिस्टोस त्जोलिस के पास को देखते हुए उन्होंने गेंद को खुद लेने के बजाय समझदारी से छोड़ दिया, जिससे पीछे से आ रहे मार्टिन ओडेगार्ड को सीधा मौका मिल गया। ओडेगार्ड ने जोरदार प्रहार करते हुए गेंद को मार्टिनेज के पार पहुंचा दिया। ओडेगार्ड के लिए यह सत्र की शानदार शुरुआत का संकेत है। उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं में चार मुकाबलों में तीन गोल कर लिए हैं, जबकि पिछले पूरे सत्र में 36 मैच खेलने के बावजूद उनके नाम केवल एक गोल था। चेल्सी ने बराबरी की कोशिश जारी रखी। मालो गुस्तो का शॉट क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया। दूसरी ओर बुकायो साका ने शानदार घुमावदार शॉट लगाया, लेकिन मार्टिनेज ने उसे बाहर कर दिया। मैच के अंतिम मिनटों में चेल्सी के पास बराबरी का सबसे बड़ा मौका आया। 89वें मिनट में एस्तेवाओ का प्रयास गोल के ऊपरी बाएं कोने की ओर जाता दिख रहा था, लेकिन डेविड राया ने शानदार छलांग लगाकर उसे रोक दिया। उनकी इस बचत ने आर्सेनल की जीत सुनिश्चित कर दी। इस जीत से आर्सेनल ने न केवल अपना शत-प्रतिशत रिकॉर्ड कायम रखा, बल्कि चेल्सी के नए प्रशिक्षक शाबी अलोंसो की शुरुआती अजेय यात्रा पर भी रोक लगा दी है। आर्सेनल के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चेल्सी के खिलाफ पहले गोल खाने के बाद उसके पिछले 14 प्रीमियर लीग मुकाबलों में उसे जीत नहीं मिली थी। अब उस सिलसिले को तोड़ते हुए आर्सेनल ने साबित किया है कि शुरुआती झटका उसे दबाव में नहीं ला सकता है।
शोएब अख्तर ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) मौजूदा टीम से निराश है और इंग्लैंड दौरे के बाद पूरी टीम बदलने की तैयारी में है।
IOA विशेष बैठक में NSGA 2025 के अनुरूप संविधान संशोधनों पर लगाएगा मुहर
नयी दिल्ली, सात सितंबर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) मंगलवार को यहां होने वाली अपनी आम सभा की विशेष बैठक (एसजीबीएम) में अपने संविधान में राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (एनएसजीए) 2025 के अनुरूप किए गए बदलावों को मंजूरी देगा। आईओए की कार्यकारी समिति ने 19 अगस्त को यहां हुई बैठक में अपने मौजूदा संविधान में किए गए संशोधनों को मंजूरी दे दी थी। आईओए के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह महज औपचारिकता होगी और एसजीबीएम में बदलावों को मंजूरी देने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। बैठक छोटी होगी।’’पता चला है कि आईओए के संशोधित संविधान का शुरुआती मसौदा पहले ही अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को भेजा जा चुका है। आम सभा आईओए के चुनाव की संभावित तारीख पर भी चर्चा करेगी जो दिसंबर में होने हैं। दिग्गज फर्राटा धाविका पीटी उषा की अगुवाई वाले मौजूदा पदाधिकारियों को 10 दिसंबर 2022 को चार साल के कार्यकाल के लिए चुना गया था। नए पदाधिकारियों के चुनाव से पहले खिलाड़ी आयोग का पुनर्गठन करना होगा और ‘स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ मेरिट’ का चयन करना होगा जिससे कि वे पदाधिकारियों के चुनाव के लिए आम सभा के मतदान करने वाले सदस्य बन सकें। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के अनुरूप खुद को ढालने के लिए आईओए के सामने कुछ पेचीदा मुद्दे हैं जिनमें उम्र और कार्यकाल से जुड़े दिशानिर्देश भी शामिल हैं। सरकार ने इसे जनवरी में अधिसूचित किया था। आईओए के मौजूदा संविधान के अनुसार चुनाव की तारीख तक 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुका कोई सदस्य पदाधिकारी के किसी पद के लिए पात्र नहीं है। हालांकि एनएसजीए के तहत 70 से 75 वर्ष की आयु वाला व्यक्ति भी चुनाव लड़ सकता है या नामांकन मांग सकता है, बशर्ते अंतरराष्ट्रीय चार्टर और नियम इसकी अनुमति देते हों। आईओए के संविधान में यह भी प्रावधान है कि कोई सदस्य लगातार दो कार्यकाल से अधिक समय तक पदाधिकारी के एक या अधिक पद पर नहीं रह सकता। दो लगातार कार्यकाल पूरे करने के बाद उसे ब्रेक लेना होगा जिसके बाद ही वह एक और कार्यकाल के लिए पद संभालने का पात्र होगा। वहीं एनएसजीए के तहत कोई व्यक्ति अध्यक्ष, महासचिव या कोषाध्यक्ष के पद पर अलग-अलग या इनके संयोजन में लगातार अधिकतम तीन कार्यकाल तक रह सकता है और इसके लिए किसी ब्रेक की जरूरत नहीं है। एनएसजीए 2025 को लागू करने के लिए आईओए की कार्यकारी समिति के सदस्यों की संख्या भी घटाकर 15 करनी होगी जिसमें भारत में आईओसी का एक सदस्य भी शामिल होगा।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनर ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को आगामी वनडे सीरीज के लिए बड़ी चुनौती बताया, उम्मीद जताई कि इस बार न्यूजीलैंड की पिचें उन्हें रास नहीं आएंगी।
साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 वनडे मैचों की सीरीज के लिए 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया। रेगुलर कप्तान टेम्बा बवुमा की वापसी हुई है। डेविड मिलर और क्विंटन डी कॉक को भी टीम में जगह मिली है। सीरीज 24 सितंबर से डरबन में शुरू होगी। मिलर और डी कॉक फिलहाल सेंट्रली कॉन्ट्रैक्टेड नहीं हैं, लेकिन दोनों ने इस साल हुए टी-20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के लिए खेला था। हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे कगिसो रबाडा को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह तेज गेंदबाज गेराल्ड कोएट्ज खेलेंगे, जिन्होंने 2023 वर्ल्ड कप के बाद से कोई वनडे नहीं खेला है। कोएट्जी की वापसी, रबाडा सीरीज से बाहर गेराल्ड कोएट्जी को हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे कगिसो रबाडा की जगह शामिल किया गया है। रबाडा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हैं और टेस्ट मैचों के लिए फिट होने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के वर्षों में कोएट्जी भी चोटों से परेशान रहे हैं। उनकी वापसी से साउथ अफ्रीका को मजबूती मिलेगी। साउथ अफ्रीका के हेड कोच शुक्री कॉनराड ने एक बयान में कहा, “गेराल्ड की टीम में वापसी देखकर अच्छा लग रहा है। सभी रिपोर्ट के मुताबिक, वह अच्छी गति से गेंदबाजी कर रहे हैं।” साउथ अफ्रीका की टीम रबाडा की रिकवरी पर नजर रख रही है। कॉनराड ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “KG वनडे से बाहर है और हम उसके रिहैबिलिटेशन पर लगातार नजर रख रहे हैं। जब हम टेस्ट टीम चुनने बैठेंगे, तब पूरी जानकारी के आधार पर फैसला लेंगे। फिजियो की रिपोर्ट के मुताबिक उसकी रिकवरी अच्छी चल रही है।” कॉनराड ने यह भी कहा कि एनरिक नॉर्त्या को इस सीरीज के लिए नहीं चुना गया है। उन्होंने कहा, “एनरिक नॉर्त्या पर वनडे के लिए विचार नहीं किया गया। मुझे नहीं लगता कि उसने अभी पर्याप्त किया है, लेकिन अगर वह बांग्लादेश सीरीज में खेले तो हैरानी नहीं होनी चाहिए।” डेवाल्ड ब्रेविस फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलेंगे आक्रामक बल्लेबाज डिवाल्ड ब्रेविस को टीम में शामिल नहीं किया गया है। वह टेस्ट सीजन की तैयारी के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलेंगे। एडेन मार्करम दूसरे और तीसरे वनडे के लिए उपलब्ध रहेंगे। कॉनराड ने कहा, “जो खिलाड़ी यहां या ‘A’ टीम में नहीं हैं, वे फर्स्ट क्लास क्रिकेट के पहले राउंड में खेलेंगे। वनडे टीम में शामिल नहीं किए गए सभी खिलाड़ी दूसरे राउंड में खेलेंगे। इसमें डिवाल्ड भी शामिल है।” उन्होंने कहा, “मिडिल ऑर्डर की जगह के लिए उसकी भिड़ंत मैथ्यू ब्रीट्जके, ट्रिस्टन स्टब्स और डेविड मिलर से है। उसे बांग्लादेश सीरीज में वनडे खेलने का मौका जरूर मिलेगा।” कॉनराड ने कहा, “इंग्लैंड के खिलाफ खेलने से पहले हमारे पास 6 वनडे हैं। इंग्लैंड सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के तौर पर होगी। एडेन, रिकल्टन, क्विंटन और टोनी जैसे कई खिलाड़ी शीर्ष क्रम में जगह के दावेदार हैं। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी को पर्याप्त मौका मिले।” 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी पर फोकस कॉनराड ने कहा कि यह सीरीज 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए साउथ अफ्रीका की योजना का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा, “वर्ल्ड कप में अब एक साल से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। यह सीरीज टीम तैयार करने की दिशा में अहम कदम है। साथ ही, इससे उन खिलाड़ियों को भी मौका मिलेगा जो इस सीजन में बांग्लादेश और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए दावेदार हैं।” उन्होंने कहा, “हमें उन संयोजनों और भूमिकाओं का साफ अंदाजा है, जिन्हें हम चाहते हैं। बल्लेबाजी में हमने ऐसा मिडिल ऑर्डर तैयार करने पर ध्यान दिया है, जो आक्रामक खेल सके, दबाव झेल सके और पारी को अंत तक ले जा सके। हमारे लिए यह संतुलन अहम होगा।” ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका की वनडे टीम टेम्बा बावुमा (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्जके, गेराल्ड कोएट्जी, क्विंटन डी कॉक, टोनी डी जॉर्जी, ब्योर्न फोर्टुइन, मार्को यानसन, केशव महाराज, क्वेना मफाका, एडेन मार्करम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, रयान रिकल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स।
भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को जापान में पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जाएगा, जो दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का प्रतीक है।
दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें कप्तान टेम्बा बवुमा और तेज गेंदबाज गेराल्ड कोएट्जी की वापसी हुई है।
पाकिस्तान क्रिकेट में फिर आया भूकंप, खिलाड़ियों की जांच शुरू, क्या फिक्सिंग की भी आ रही बू?
पाकिस्तान क्रिकेट में इस वक्त हड़कंप मचा हुआ है। वैसे तो टीम इस वक्त इंग्लैंड के दौरे पर है, लेकिन सात खिलाड़ियों को अचानक वापस बुला लिया गया है, साथ ही हेड कोच की भी छुट्टी हो गई है।
Duleep Trophy में Ishan Kishan का जलवा, 270 रन ठोक ईस्ट जोन को पहुंचाया 708 पर
(जी उन्निकृष्ण्न)चेन्नई, सात सितंबर इशान किशन ने उमस भरे मौसम में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 270 रन की पारी खेली जिससे पूर्व क्षेत्र ने सोमवार को यहां दलीप ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। किशन ने इस पारी से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने का दावा भी पेश किया। कुमार कुशाग्र ने भी 132 गेंद में 101 रन बनाकर अपना छठा प्रथम श्रेणी शतक जड़ा और किशन की करीब दो दिन तक चली 522 मिनट और 334 गेंद की मैराथन पारी में शानदार सहयोग दिया। दिन का खेल खत्म होने से कुछ मिनट पहले दक्षिण क्षेत्र ने पूर्व क्षेत्र का आखिरी विकेट हासिल किया। दिन का आकर्षण किशन की पारी रही जिसे तीन राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की मौजूदगी में खेला गया। किशन दलीप ट्रॉफी में तिहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों के क्लब में शामिल होने से चूक गए। रमन लांबा ने 1987 और गगन खोडा ने 2001 में यह उपलब्धि हासिल की थी। किशन ने पहले दिन 122 गेंद में शतक पूरा किया जबकि दूसरे शतक के लिए उन्होंने 148 गेंद खेलीं। यह धीमापन किसी बेहतरीन गेंदबाजी या मुश्किल पिच की वजह से नहीं था, बल्कि गेंदबाजों को थकाने और अपनी टीम के स्कोर को विपक्षी टीम की पहुंच से काफी दूर तक ले जाने की सोची-समझी रणनीति थी। किशन ने अपने करियर का दूसरा प्रथम श्रेणी दोहरा शतक 270 गेंद में पूरा किया जब उन्होंने कामचलाऊ स्पिनर देवदत्त पडिक्कल की गेंद को कवर के रास्ते सीमा रेखा के पार पहुंचाया। उन्हें केवल एक बार असहजता महसूस हुई जब बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की गेंद उनके पेट पर लगी और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी। हालांकि दोहरा शतक पूरा करने के बाद किशन ने आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने 200 से 250 रन तक पहुंचने के लिए सिर्फ 31 गेंद खेलीं। किशन ने स्पिनर श्रेयस गोपाल और त्रिपुराना विजय के खिलाफ दो-दो छक्के लगाए। किशन ने श्रेयस की 100 गेंदों पर 94 रन और विजय की 88 गेंदों पर 70 रन बटोरे जिससे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के दबदबे का अंदाजा लगाया जा सकता है। पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी पुल और ड्राइव उनके रन बनाने वाले मुख्य शॉट रहे और इन शॉट से उन्होंने 22 चौके लगाए। लगातार दूसरे दिन दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाज, विशेषकर मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके। सपाट पिच और उच्च स्तर की बल्लेबाजी के सामने उनकी गेंदबाजी बेअसर नजर आई। आखिरकार थकान ने किशन के शरीर को जकड़ लिया और उन्हें 301 गेंद में 250 रन बनाकर मैदान छोड़ना पड़ा। उनकी पारी में 27 चौके और सात छक्के शामिल रहे। किशन की शानदार पारी की बदौलत पूर्व क्षेत्र ने पहले सत्र में 106 और लंच के बाद के सत्र में 135 रन जोड़े। इस दौरान किशन ने पांचवें विकेट के लिए कुशाग्र के साथ केवल 290 गेंद में 230 रन और छठे विकेट के लिए अनुकूल रॉय (40 रन, 86 गेंद) के साथ 140 रन की साझेदारी कर पूर्व क्षेत्र की स्थिति और मजबूत की। कुशाग्र ने भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया और विकेट के दोनों ओर शानदार शॉट लगाकर गेंदबाजों की धुनाई की। इक्कीस वर्षीय कुशाग्र ने 128 गेंद में आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया लेकिन वह अपनी पारी को और अधिक लंबा नहीं बढ़ा सके। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने विजय की खराब शॉर्ट गेंद पर लापरवाही से पुल शॉट खेला और स्क्वायर लेग के पीछे खड़े मिलिंद को कैच दे बैठे। अंतिम सत्र के शुरुआती मिनटों में मोहम्मद शमी के आउट होने के तुरंत बाद किशन ने फिर दक्षिण क्षेत्र को परेशानी में डाल दिया और अपने पहले तिहरे शतक के करीब पहुंच गए। हालांकि वह बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर सके। किशन ने विजय (180 रन पर चार विकेट) की गेंद पर जोरदार शॉट खेला लेकिन गेंद सीधे साइट स्क्रीन के पास खड़े रविचंद्रन स्मरण के हाथों में चली गई। हालांकि तब तक किशन अपना काम कर चुके थे।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाए 708 रन : दलीप ट्रॉफी फाइनल
चेन्नई, साउथ जोन के खिलाफ एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच में कप्तान ईशान किशन ने 270 रनों की पारी खेली, जिसके दम पर ईस्ट जोन का पलड़ा काफी भारी नजर आ रहा है। दूसरे दिन की समाप्ति तक टीम 708 के स्कोर पर सिमट गई। इस पारी में ईस्ट जोन ने कुल 163 ओवरों का सामना किया।
महिला एशिया कप में फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रॉफी विवाद होने की आशंका है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रेसिडेंट मोहसिन नकवी दुबई में होने टूर्नामेंट के फाइनल में चीफ गेस्ट हो सकते हैं। ऐसे में अगर हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ट्रॉफी जीतता है, तो क्या टीम नकवी से ट्रॉफी लेगी? यह बड़ा सवाल है। पिछले साल सितंबर 2025 में भारत की पुरुष टीम ने एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती थी। उस समय भारत ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। तब भारत ने बिना ट्रॉफी के सेलिब्रेशन किया था। नकवी ट्रॉफी क्यों दे सकते हैं नकवी के पास इस प्रेजेंटेशन से जुड़े दो अहम पद हैं। वे PCB के चेयरमैन और ACC के अध्यक्ष हैं। महिला एशिया कप ACC की मेजबानी में हो रहा है। इसलिए ACC प्रेसिडेंट होने के नाते नकवी के पास विजेता टीम को ट्रॉफी देने का अधिकार है। ऐसे में अगर हरमनप्रीत कौर की टीम फाइनल में पहुंचकर खिताब जीतती है, तो दुबई में भारत-पाकिस्तान से जुड़ा एक और ट्रॉफी विवाद देखने को मिल सकता है। पिछले साल क्या हुआ था यह विवाद 28 सितंबर 2025 को पुरुष एशिया कप फाइनल में भारत की पाकिस्तान पर जीत के बाद शुरू हुआ। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम जीत गई थी, लेकिन पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन एक घंटे से ज्यादा देर तक रुका रहा। इस दौरान ट्रॉफी किससे दिलाई जाएगी, इसे लेकर चर्चा होती रही। भारत ने आखिरकार नकवी से ट्रॉफी नहीं ली। खिलाड़ियों ने बिना ट्रॉफी के पोडियम पर खिताब का जश्न मनाया, जबकि नकवी ट्रॉफी लेकर स्टेडियम से चले गए। एशिया कप की ट्रॉफी अब तक भारत को नहीं दी गई है। यह दुबई स्थित ACC के ऑफिस में रखी है। यह मामला पूरे टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा चर्चा में रहे पलों में शामिल रहा, खासकर इसलिए क्योंकि दोनों टीमों के बीच तनाव के बावजूद नकवी फाइनल में पहुंचे थे। तनावपूर्ण माहौल में हुआ था टूर्नामेंट पिछले साल का पुरुष एशिया कप पहलगाम आतंकी हमले के बाद खेला गया था। टूर्नामेंट के दौरान नकवी ने पाकिस्तान के गृह मंत्री के तौर पर सोशल मीडिया पर भारत विरोधी बयान भी शेयर किए थे। अब महिला एशिया कप फाइनल में नकवी की मौजूदगी से ट्रॉफी को लेकर एक और विवाद की आशंका बनी है। अगर भारत टूर्नामेंट जीतता है, तो ACC अध्यक्ष होने के कारण नकवी विजेता टीम को ट्रॉफी देने वाले अधिकारी हो सकते हैं। हालांकि, नकवी से ट्रॉफी लेनी है या नहीं, इसका फैसला हरमनप्रीत की अगुआई वाली भारतीय टीम पर निर्भर करेगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अब तक यह नहीं बताया है कि नकवी की मौजूदगी में जीत मिलने पर महिला टीम क्या करेगी। भारत का अब तक का प्रदर्शन आठ टीमों वाले महिला एशिया कप में भारत अब तक अजेय है। हरमनप्रीत कौर की टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत थाईलैंड के खिलाफ जीत से की। इसके बाद ग्रुप स्टेज में हांगकांग और पाकिस्तान के खिलाफ भी उसे बड़ी जीत मिली। भारत ने पाकिस्तान को दुबई में 7 विकेट से हराया था। पाकिस्तान की फातिमा सना की कप्तानी वाली टीम सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई थी। इस टूर्नामेंट में स्मृति मंधाना ने भी बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़कर महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गईं। भारत सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है और उसने अब तक कोई मैच नहीं गंवाया है। अब टीम का ध्यान नॉकआउट स्टेज पर है। अगर भारतीय टीम फाइनल तक पहुंचकर 13 सितंबर को ट्रॉफी जीतती है, तो नकवी की मौजूदगी दुबई में एक और चर्चित प्रेजेंटेशन सेरेमनी की वजह बन सकती है। फाइनल में कौन-कौन सी टीमें पहुंचेंगी, यह अभी तय नहीं है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल: 'तिहरा शतक' चूके कप्तान ईशान, ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाए 708 रन
साउथ जोन के खिलाफ एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मैच में कप्तान ईशान किशन ने 270 रनों की पारी खेली, जिसके दम पर ईस्ट जोन का पलड़ा काफी भारी नजर आ रहा है। दूसरे दिन की समाप्ति तक टीम 708 के स्कोर पर सिमट गई। इस पारी में ईस्ट जोन ने कुल 163 ओवरों का सामना किया।
ईशान किशन की ख्वाहिश रह गई अधूरी, तिहरे शतक से बाल बाल चूके, रिकॉर्ड्स की लगा दी झड़ी
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 270 रनों की धमाकेदार पारी खेली, लेकिन तिहरा शतक पूरा करने से पहले ही आउट हो गए। ईस्ट जोन की टीम ने 708 रनों का बड़ा स्कोर बना लिया है।
भारत ने 2027 साउथ एशियन फेडरेशन (SAF) गेम्स में हिस्सा लेने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इन खेलों का आयोजन 4 से 11 अप्रैल 2027 तक पाकिस्तान में होगा। अगर यह सहमति पक्की होती है, तो लंबे समय बाद भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान का दौरा करेंगे। साउथ एशियन ओलंपिक एसोसिएशन की हाईलेवल बैठक में भारत ने पाकिस्तान का न्योता स्वीकार किया। भारतीय दल में कौन-कौन से खिलाड़ी शामिल होंगे, इसकी जानकारी जनवरी में दी जाएगी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पहला दौरा कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के खेल और कूटनीतिक रिश्तों में भारी तनाव आ गया था। ऐसे में भारतीय एथलीटों का यह संभावित दौरा दोनों देशों के खेल संबंधों में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पाकिस्तान में 23 साल बाद SAF गेम्स की वापसी पाकिस्तान 23 साल बाद मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट SAF गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है। इससे पहले पाकिस्तान ने 2004 में इस्लामाबाद में इन खेलों की मेजबानी की थी। 2027 के इस टूर्नामेंट में 28 खेलों में मुकाबले होंगे। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की भारत से सहमति मिलने के बाद पाकिस्तान में तैयारियां तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने तैयारियों की समीक्षा की है। उन्होंने अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और मेडिकल सपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
Asian Games में नया रिकॉर्ड बनाने उतरेंगी Gyaneshwari Yadav, Mirabai Chanu की चुनौती पर भी बेफिक्र
(फाइल तस्वीरों के साथ)... अपराजिता उपाध्याय ...नयी दिल्ली, सात सितंबर राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ग्लास्गो के अनुभव को इस महीने होने वाले एशियाई खेलों में भुनाने के लिए तैयार हैं। छत्तीसगढ़ की 23 वर्षीय ज्ञानेश्वरी की नजर 19 सितंबर से जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को बेहतर करने पर है। जुलाई में राष्ट्रमंडल खेलों में ज्ञानेश्वरी ने 53 किग्रा भार वर्ग में स्नैच और क्लीन एवं जर्क दोनों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 199 किग्रा भार (88 किग्रा स्नैच और 111 किग्रा क्लीन एवं जर्क) के साथ रजत पदक जीता था। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) की ओर से आयोजित बातचीत में ज्ञानेश्वरी ने पीटीआई से कहा, ‘‘तैयारी अच्छी चल रही है। मैं वहां अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं। राष्ट्रमंडल खेलों में मैंने 199 किग्रा का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और अब इसे बेहतर करने की कोशिश करूंगी।’’ज्ञानेश्वरी ने कहा, ‘‘ हमें राष्ट्रमंडल खेलों के बाद ज्यादा समय नहीं मिला। हमें सिर्फ एक महीने का समय मिला। मैं स्नैच में सुधार करने की कोशिश करूंगी। अगर मैं स्नैच और क्लीन एवं जर्क दोनों में एक-एक किलोग्राम का सुधार कर पाती हूं तो यह मेरे लिए बड़ी उपलब्धि होगी। किसी भी खिलाड़ी के लिए अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना बहुत बड़ी बात होती है।’’पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान में प्रशिक्षण ले रहीं ज्ञानेश्वरी को उम्मीद है कि राष्ट्रमंडल खेलों में प्रतिस्पर्धा का अनुभव जापान में होने वाले एशियाई खेलों में उनके काम आएगा। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों से मिला अनुभव मैं एशियाई खेलों में इस्तेमाल करूंगी।’’एशियाई खेलों में हालांकि ज्ञानेश्वरी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। चीन, दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया जैसे भारोत्तोलन के पारंपरिक मजबूत देशों के खिलाड़ी भी पदक जीतने की होड़ में होंगे। एशियाई खेलों के बाद 53 किग्रा भार वर्ग में ज्ञानेश्वरी के लिए घरेलू स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। मौजूदा समय में 48-49 किग्रा वर्ग में हिस्सा ले रहीं ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू 53 किग्रा वर्ग में उतरने की तैयारी में हैं क्योंकि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में महिलाओं के लिए 53 किग्रा सबसे कम भार वर्ग होगा। एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता बिंद्यारानी देवी ने भी 53 किग्रा वर्ग में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने जुलाई में राष्ट्रमंडल खेलों में 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इस साल एशियाई चैंपियनशिप में 53 किग्रा वर्ग का कांस्य पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बेफिक्र हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मीराबाई दीदी को देखकर भारोत्तोलन शुरू किया था। अब वह कह रही हैं कि वह 53 किग्रा में आएंगी। मैं अपना 100 प्रतिशत दूंगी और पूरी मेहनत करूंगी। बाकी प्रतियोगिता तो चलती ही रहती है।
अमेरिका की सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रेस ‘फिलाडेल्फिया साइक्लिंग क्लासिक’ पूरे एक दशक के सन्नाटे के बाद फिर से सड़कों पर लौट आई है। 1985 से 2016 तक दुनिया भर के दिग्गज साइकिल चालकों को आकर्षित करने वाला यह आयोजन 10 लाख डॉलर (करीब 94 लाख रुपए) के भारी बजट और प्रायोजकों की कमी के चलते बंद हो गया था। इस बार इस रेस को वापस पटरी पर लाने वाला कोई अरबपति खेल प्रमोटर नहीं, बल्कि फिलाडेल्फिया के एक हेयर सैलून के मालिक और पूर्व शौकिया राइडर कार्लोस रोजर्स हैं। रोजर्स के चार साल के कड़े संघर्ष, शहर के पूर्व मेयर के साथ और एक प्रमुख प्रायोजक के दम पर इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का पुनर्जन्म संभव हुआ है। रोजर्स का इस रेस से भावनात्मक जुड़ाव बचपन से रहा है। वे मानायंक इलाके में पले-बढ़े, जहां इस रेस का सबसे कठिन और मशहूर हिस्सा ‘मानायंक वॉल’ मौजूद है। कभी किशोर उम्र में पुलिस की हार्ले-डेविडसन की गड़गड़ाहट देखकर रोमांचित होने वाले रोजर्स ने 1994 में एक कंपोजिट टीम से खुद इस रेस में पैडल मारे थे और लांस आर्मस्ट्रांग जैसे दिग्गजों के साथ 130 मील तक राइड की थी। अगस्त 2022 में मैरीलैंड साइक्लिंग क्लासिक देखने के बाद रोजर्स में अपने शहर की रेस को लौटाने की तड़प जगी। उन्होंने पूर्व रेस डायरेक्टर रॉबिन मॉर्टन से तकनीकी बारीकियां समझीं और अपने सैलून में बाल कटवाने आने वाले ग्राहकों से लेकर उद्योगपतियों तक सैकड़ों कोल्ड कॉल्स किए। शुरुआती असफलताओं के बाद 2024 में रोजर्स की मुलाकात उद्यमी एरिक रॉबिंस और फिलाडेल्फिया के पूर्व मेयर माइकल नटर से हुई। नटर के जुड़ते ही इस मुहिम को प्रशासनिक और नैतिक मजबूती मिली और तीनों इसके सह-संस्थापक बने। इसके बाद 2025 में ‘अमेरीगैस’ के सीईओ बॉब फ्लेक्सन बतौर टाइटल स्पॉन्सर सामने आए, जिससे 10 लाख डॉलर से जुड़े वित्तीय संकट का समाधान हुआ। जून 2025 तक जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर विश्व साइक्लिंग संस्था से 2026 के अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में इसे शामिल करने की औपचारिक मंजूरी हासिल कर ली गई। अगस्त अंत में हुई यूसीआई 1.1 श्रेणी की इस रेस में आठ वर्ल्ड टूर टीमें उतरीं, जहां पुरुष वर्ग में 193 किमी और महिला वर्ग में 100 किमी का कड़ा मुकाबला हुआ। इस आयोजन में लैंगिक समानता को तरजीह देते हुए दोनों वर्गों के लिए समान 62 लाख रुपए की इनामी राशि रखी गई थी। मानायंक वॉल के आधे मील में 250 फीट से अधिक की चढ़ाई और 14 फीसदी तक के तीखे ढलान ने एक बार फिर राइडर्स का कड़ा इम्तिहान लिया। इस ऐतिहासिक ट्रैक पर पेरिस ओलिंपिक की स्वर्ण पदक विजेता क्रिस्टन फॉल्कनर और क्विन सिमंस जैसे सितारे भी उतरे। जर्मनी के टिम टॉर्न ने पुरुष और इटली की चियारा कोंसोनी ने महिला कैटेगरी का खिताब जीता। रोजर्स के मुताबिक, दोबारा इस रेस की शुरुआत होना किसी पदक से कम नहीं है।
पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना पर भारत के खिलाफ मैच के बाद जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने विमेंस एशिया कप में शनिवार को हुए मुकाबले में भारत की ओपनर शेफाली वर्मा को आउट करने के बाद पवेलियन की ओर जाने का इशारा किया था। ICC ने फातिमा को आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन का दोषी पाया है। उनपर मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया है। साथ ही उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है। 24 महीने के अंदर फातिमा की दूसरी गलती फातिमा ने भारतीय पारी के दूसरे ही ओवर में अपनी ही गेंद पर शेफाली का कैच पकड़ा। इसके बाद फातिमा ने सेंडऑफ दिया, जिसे बल्लेबाज को भड़काने वाला इशारा माना गया। यह ICC कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.5 का उल्लंघन है। यह 24 महीने के अंदर फातिमा का दूसरा अपराध है। इससे उनके डिमेरिट पॉइंट की संख्या बढ़कर दो हो गई है। इससे पहले उन्हें 6 अगस्त 2025 को डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ टी-20 मैच के दौरान एक डिमेरिट पॉइंट मिला था। भारत ने 7 विकेट से मुकाबला जीता भारत ने यह मुकाबला 7 विकेट से जीता था। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई। यह टी-20 में उनका सबसे छोटा स्कोर है। जवाब में भारत ने 56 रन का टारगेट 8.4 ओवर में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। 7 रन देकर 3 विकेट लेने वाली श्री चरणी को मैन ऑफ द मैच चुना गया। मैच की पूरी खबर पढ़ें… ------------------------------------- इस मैच से जुड़ी यह खबर पढ़ें… पाकिस्तान ने विमेंस टी-20 में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया:शेफाली 3 हजार रन बनाने वाली यंगेस्ट खिलाड़ी; हरमनप्रीत ने बतौर कप्तान 150वां मैच खेला भारत ने विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। दुबई में पाकिस्तान की टीम सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट हो गई, जो महिला टी-20 इंटरनेशनल में उसका सबसे छोटा स्कोर है। पूरी खबर पढ़ें…
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI सीरीज के लिए साउथ अफ्रीकी टीम का ऐलान, टेम्बा बावुमा करेंगे कप्तानी
ऑस्ट्रेलिया के साउथ अफ्रीका दौरे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मेजबान साउथ अफ्रीका ने ODI सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है।
पाकिस्तानी कप्तान को भारत के सामने अकड़ दिखाना पड़ा भारी, ICC ने लिया बड़ा एक्शन
ACC वूमेन्स एशिया कप में भारतीय बल्लेबाज शैफाली वर्मा को आउट करने के बाद पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने कुछ ऐसा इशारा किया, जो अब उनके लिए महंगा पड़ गया है। ICC ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए उन पर जुर्माना लगाया है।
इंग्लैंड ने पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को पुरुष व्हाइट-बॉल टीम का स्पेशलिस्ट मेंटर नियुक्त किया है। वे साउथ अफ्रीका में अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी में टीम के साथ काम करेंगे। पीटरसन इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी-20 इंटरनेशनल और वनडे सीरीज से ब्रेंडन मैकुलम की टीम के साथ जुड़ेंगे। कोचिंग टीम में मार्कस ट्रेस्कोथिक, टिम साउदी, जीतन पटेल और सारा टेलर भी शामिल हैं। पीटरसन ने कहा- इंग्लैंड की जर्सी पहनना खास सम्मान पूर्व इंग्लैंड कप्तान केविन पीटरसन ने कहा, “मुझे बेहद गर्व है कि इस टीम के वर्ल्ड कप जीतने के सफर में मदद करने के लिए मुझे कहा गया है। 2014 के बाद पहली बार इंग्लैंड की जर्सी पहनना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और बेहद खास पल है।” उन्होंने कहा, “हमारे पास बहुत प्रतिभाशाली व्हाइट-बॉल टीम है। मैं इन खिलाड़ियों के साथ कड़ी मेहनत करने और उनकी क्षमता को ज्यादा से ज्यादा निखारने के लिए उत्साहित हूं। अगले 12 महीनों तक ब्रेंडन के थिंक टैंक का हिस्सा बनना शानदार मौका है और मैं शुरुआत करने का इंतजार नहीं कर सकता।” मैकुलम बोले- बल्लेबाजों को पीटरसन के अनुभव का फायदा मिलेगा इंग्लैंड पुरुष व्हाइट-बॉल टीम के हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम ने कहा, “मेरे मन में KP और क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के लिए बहुत सम्मान है। इंग्लिश क्रिकेट पर उनका बहुत बड़ा असर रहा है। उनके अनुभव, ज्ञान और कद का व्यक्ति टीम के साथ काम करना चाहता है, यह शानदार बात है।” मैकुलम ने कहा, “मैं खास तौर पर इस बात को लेकर उत्साहित हूं कि हमारे बल्लेबाजों को उनके साथ काम करने का मौका मिलेगा। KP को यह समझ है कि सबसे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए क्या जरूरी होता है। यह हमारे खिलाड़ियों के लिए बहुत उपयोगी होगा।” उन्होंने कहा, “हमने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान किया है और यह समझा है कि दूसरा खेल में क्या योगदान देता है। इसलिए मैं उनके साथ काम करने को लेकर उत्साहित हूं।” 10 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 5,500 से ज्यादा रन पीटरसन ने 10 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में इंग्लैंड के लिए 136 ODI और 37 T20 मैच खेले। उन्होंने 5,500 से ज्यादा रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 104 मैचों में 8,181 रन बनाए। वे एशेज और T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम का हिस्सा रह चुके हैं। पीटरसन ने 2025 इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के मेंटर के तौर पर भी काम किया था। स्काई स्पोर्ट्स के मुताबिक, यह ब्रेकिंग न्यूज है और इसमें आगे और जानकारी जोड़ी जा सकती है। अभी इस मामले में इससे ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू ODI सीरीज के लिए अपनी लगभग पूरी उपलब्ध टीम घोषित कर दी है। नियमित कप्तान टेम्बा बावुमा टीम की कमान संभालेंगे। सीरीज से दक्षिण अफ्रीका के घरेलू समर सीजन की शुरुआत होगी। टीम में डेविड मिलर और क्विंटन डी कॉक को भी जगह मिली है। दोनों खिलाड़ियों का शामिल होना इस बात का साफ संकेत है कि दक्षिण अफ्रीका उन्हें 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं में रख रहा है। मिलर और डी कॉक फिलहाल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में नहीं हैं। हालांकि, दोनों इस साल के T20 वर्ल्ड कप में खेले थे और दुनियाभर की फ्रेंचाइजी लीग में लगातार खेल रहे हैं। कगिसो रबाडा हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं, इसलिए वह इस सीरीज में नहीं खेलेंगे। उनकी जगह जेराल्ड कोएत्जी की ODI टीम में वापसी हुई है। कोएत्जी ने 2023 वर्ल्ड कप के बाद से कोई ODI नहीं खेला है। पिछले तीन साल में कोएत्जी कई चोटों से जूझ चुके हैं। उन्होंने जून में साउथ अफ्रीका A की ओर से इंग्लैंड लायंस के खिलाफ खेला था। हाल ही में वह बांग्लादेश A के खिलाफ भी मैदान पर उतरे। दक्षिण अफ्रीका के हेड कोच शुक्री कॉनराड ने टीम के बयान में कहा, “जेराल्ड की टीम में वापसी देखकर अच्छा लगा। सभी जानकारी के मुताबिक, वह अच्छी रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं।” टीम में छह तेज गेंदबाज कोएत्जी के साथ मार्को यानसन, लुंगी एनगिडी, कॉर्बिन बॉश, क्वेना मफाका और ओटनील बार्टमैन टीम के छह तेज गेंदबाजों के पैक का हिस्सा हैं। दक्षिण अफ्रीका ने दो स्पिनर्स चुने हैं। दोनों बाएं हाथ के स्पिनर हैं—केशव महाराज और ब्योर्न फोर्टुइन। फोर्टुइन इस समय नामीबिया ट्राई-सीरीज में दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घोषित टीम में नामीबिया दौरे की मूल टीम के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज टोनी डी जोरजी के अलावा किसी अन्य खिलाड़ी को जगह नहीं मिली है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका की ODI टीम टेम्बा बावुमा (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्ज्के, जेराल्ड कोएत्जी, क्विंटन डी कॉक, टोनी डी जोरजी, ब्योर्न फोर्टुइन, मार्को यानसन, केशव महाराज, क्वेना मफाका, एडेन मार्करम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, रयान रिकेल्टन और ट्रिस्टन स्टब्स। सीरीज की तारीखों की जानकारी इस कॉपी में नहीं दी गई है।
Ishan Kishan का तूफानी दोहरा शतक, दलीप ट्रॉफी फाइनल में मचाया धमाल
Ishan Kishan का तूफानी दोहरा शतक, दलीप ट्रॉफी फाइनल में मचाया धमाल
ODI World Cup 2027 से पहले अंग्रेजों की बड़ी तैयारी, पूर्व कप्तान को बनाया स्पेशलिस्ट मेंटर
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व कप्तान केविन पीटरसन को व्हाइड बॉल क्रिकेट के लिए टीम का नया मेंटर घोषित किया है। अगले साल होने वाले विश्व कप के दौरान उनकी भूमिका काफी अहम होने जा रही है।
अहमदाबाद में चल रही वर्ल्ड पैरा तीरंदाजी सीरीज (स्टेज-3) के तीसरे दिन डिफेंडिंग वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी ने विमेंस कंपाउंड इंडिविजुअल के फाइनल में जगह बना ली है। इसके साथ ही उन्होंने कंपाउंड इवेंट में भारत के लिए एक मेडल पक्का कर लिया। सेमीफाइनल में उन्होंने भारत के ही सरिता को 145-143 से हराया। अब गोल्ड मेडल के मुकाबले में उनका सामना कजाकिस्तान की ऐजादा सेइदान से होगा। वहीं सरिता के पास ब्रॉन्ज जीतने का मौका है। वे चीन की वांग हुइटिंग के खिलाफ खेलेंगी। शीतल ने सरिता को 145-143 से हराया विमेंस कंपाउंड के सेमीफाइनल में शीतल और सरिता आमने-सामने थीं। दोनों भारतीय तीरंदाजों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा। शीतल ने 145-143 के स्कोर से जीत दर्ज की और फाइनल में जगह बनाई। शीतल जम्मू की हैं और बिना हाथों के तीरंदाजी करती हैं। मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन होने के साथ वे इस मुकाबले में वर्ल्ड नंबर-1 भी हैं। मेंस कंपाउंड में टॉमन कुमार सेमीफाइनल हारे मेंस कंपाउंड में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 टॉमन कुमार को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें इंडोनेशिया के टॉप सीड केन स्वागुमिलांग ने 146-144 से हराया। अब टॉमन ब्रॉन्ज मेडल के लिए इराक के अब्बास काधिम से मुकाबला करेंगे। इससे पहले स्वागुमिलांग ने क्वार्टर फाइनल में एक और भारतीय गुरविंदर सिंह को 143-141 से हराकर बाहर किया था। W1 में पुरुषों का अभियान खत्म, स्वाति के पास मेडल का मौका W1 पुरुष वर्ग में भारत के आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी और नुरुद्दीन क्वार्टर फाइनल में हार गए। आदिल को चेकिया के मल्टीपल पैरालिंपिक मेडलिस्ट डेविड द्राहोनिंस्की ने शूट-ऑफ में 6-5 (8-10) से हराया। वहीं नुरुद्दीन को चीन के टॉप सीड यांग शुपेंग ने 6-2 से हराया। हालांकि, विमेंस W1 में भारत की उम्मीद बनी हुई है। स्वाति चौधरी को सेमीफाइनल में चीन की लियू जिंग ने 7-1 से हराया। अब स्वाति ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करेंगी। क्या होता है W1 वर्ग? W1 वर्ग में आमतौर पर ऐसे एथलीट शामिल होते हैं जिनके शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से, धड़ और कम से कम तीन अंगों में शारीरिक अक्षमता होती है। कुछ W1 एथलीट्स को धनुष में तीर लगाने में मदद के लिए असिस्टेंट की जरूरत भी होती है। ----------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… शोएब अख्तर बोले- पाकिस्तान क्रिकेट वेंटिलेटर पर:मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं; मिस्बाह ने भी सिस्टम पर सवाल उठाए पाकिस्तान क्रिकेट 'वेंटिलेटर पर' है और मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं बची है। इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब प्रदर्शन के बीच पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने PCB और टीम की मौजूदा स्थिति पर तीखी टिप्पणी की है। पूरी खबर
दलीप ट्रॉफी: ईशान किशन ने रचा इतिहास, 250 रनों की यादगार पारी खेलकर लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी
दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच चेन्नई के एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। खिताबी मुकाबले के दूसरे दिन ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 250 रनों की यादगार पारी खेलकर इतिहास रच दिया है।
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ठोका दोहरा शतक, 31 साल बाद हुआ ऐसा ‘चमत्कार’
ईशान किशन के लिए यह दोहरा शतक इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने करीब एक दशक बाद फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 200 रन का आंकड़ा पार किया है। उन्होंने साल 2016 में दिल्ली के खिलाफ 273 रन की पारी खेलकर अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला दोहरा शतक लगाया था।
US ओपन 2026 के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे डिफेंडिंग चैंपियन अल्काराज, शेल्टन से होगा मुकाबला
डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अल्काराज ने न्यूयॉर्क में खेले जा रहे US ओपन 2026 के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। वहीं सबालेंका भी अगले राउंड में पहुंच गई है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने विमेंस एशिया कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में अपनी टीम से मोमेंटम (लय) बनाए रखने की अपील की है। हरमनप्रीत ने कहा कि अगले दो मैच बेहद अहम होंगे और खिलाड़ियों को उन योजनाओं पर डटे रहना होगा, जिसे लीग स्टेज में टीम को मदद मिली है।
वर्ल्ड आर्चरी पैरा चैंपियन और भारत की स्टार पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अहमदाबाद में आयोजित हो रही वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज 2026 के तीसरे चरण के कंपाउंड महिला व्यक्तिगत वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है।
भारत-पाकिस्तान सीरीज को लेकर आईसीसी उठा सकता है बड़ा कदम, जल्द होगा ऐसा
खेल डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2013 के बाद से अब तक आपसी सीरीज नहीं खेली गई है। दोनों टीमें तब से लेकर अब तक केवल आईसीसी और एसीसी के मैच में एक-दूसरे से भिड़ती हैं। एक बार फिर से दोनों देशों के बीच आईसीसी और एसीसी मैचों के अलावा भिड़ंत हो सकती है। आईसीसी की ओर से जल्द ही इस संबंध में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। पाकिस्तान भारत से सीरीज खेलने के लिए काफी व्याकुल नजर आ रहा है। इसी महीने आईसीसी का एक सेमिनार आयोजित होने वाली है। इसमें भारत-पाक मैचों पर चर्चा हो सकती है। आईसीसी सेमिनार 22 और 23 सितंबर को दुबई में होगी। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड चाहता है कि तीन या फिर चार देशों का एक टूर्नामेंट आयोजित किया जाए, इसमें भारत और पाकिस्तान को शामिल किया जाए। इस सीरीज का वेन्यू भी न्यूट्रल रखने का प्रस्ताव है। अब आईसीसी की ओर से इस सीरीज की संभावना तलाशी जा रही है। आगामी समय ही बताएगा कि भारत-पाकिस्तान आईसीसी और एसीसी के मैच के अलावा एक-दूसरे खिलाफ कब खेलते नजर आएंगे। PC:ndtv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
मोहसिन नकवी होंगे विमेंस एशिया कप के समापान समारोह में शामिल, ट्रॉफी को लेकर छिड़ सकता है विवाद
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। एसीसी विमेंस एशिया कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में है और भारतीय टीम खिताब जीतने की सबसे मजबूत दावेदारों में से एक बनकर उभरी है। ऐसे में ट्रॉफी देने की रस्म को लेकर एक बार फिर विवाद होने की संभावना बन रही है।
मोंटी देसाई बन सकते है गुजरात क्रिकेट टीम के हेड कोच
नई दिल्ली, अनुभवी कोच मोंटी देसाई एक बार फिर भारतीय घरेलू क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। 52 वर्षीय देसाई को गुजरात क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच बनाया जा सकता है।
कैनो सलालम : जापान के एशियन गेम्स में हुनर दिखाएंगी मध्य प्रदेश की रीमा सेन
महेश्वर में नर्मदा की तेज धार के बीच नाव संभालते हुए रीमा ने न केवल खेल की बारीकियां सीखीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों से मुकाबला करना भी सीखा।
एम्स नवारो ने बनाई क्वार्टर फाइनल में जगह : यूएस ओपन
न्यूयॉर्क, अमेरिका की एम्मा नवारो ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यूएस ओपन 2026 के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए चौथे दौर के मुकाबले में एना कलिनस्काया को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया।
मैदान पर आक्रामक शैली, स्लेजिंग से ही विपक्षी टीम के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने का हुनर और आखिरी दम तक लड़ने का जज्बा।
UP T20 League: रिंकू सिंह की कप्तानी वाली मेरठ टीम बनी चैंपियन , फाइनल में लखनऊ को 94 रन से रौंदा
pc: india tv UP T20 लीग 2026 के फाइनल मैच में रिंकू सिंह की लीडरशिप वाली मेरठ मावेरिक्स ने भुवनेश्वर कुमार की लखनऊ फाल्कंस को एकतरफा मुकाबले में 94 रन से हरा दिया। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मैच में मेरठ ने शुरू से ही दबदबा बनाया और अपना पहला फाइनल मैच खेल रही लखनऊ को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। खास बात यह है कि मेरठ लगातार चौथी बार इस लीग के फाइनल राउंड में पहुंचा है। रिंकू सिंह इससे पहले दलीप ट्रॉफी में वाइस-कैप्टन रह चुके हैं। दिव्यांश जोशी ने मेरठ के लिए शानदार सेंचुरी बनाई मेरठ मावेरिक्स के कैप्टन रिंकू सिंह ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। ओपनर स्वास्तिक चिकारा और दिव्यांश जोशी ने 53 रन की तेज ओपनिंग पार्टनरशिप की। इसके बाद ओपनर दिव्यांश जोशी ने धमाकेदार परफॉर्मेंस दी और लखनऊ के बॉलर्स की धुलाई कर दी। उन्होंने अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार समेत पूरी टीम पर हमला बोला और सिर्फ 40 गेंदों में 105 रन की तूफानी सेंचुरी बनाई, जिसमें 12 चौके और 7 छक्के शामिल थे। जोशी की शानदार सेंचुरी की मदद से मेरठ मावेरिक्स ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 203 रन का मजबूत स्कोर बनाया। लखनऊ के बल्लेबाज फेल 204 रन के बड़े टारगेट के सामने, लखनऊ फाल्कंस की शुरुआत खराब रही और वे शुरू से ही बैकफुट पर थे। MD सैफ (10), हिमांशु सिंह (5) और आराध्या यादव (5) जैसे मुख्य बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए। मिडिल ऑर्डर में, अजीत वर्मा ने 24 गेंदों में 39 रन (4 चौके, 2 छक्के) बनाकर कुछ बचाव किया और कृतिका कुमार सिंह ने 21 रन जोड़े, लेकिन ये कोशिशें टीम को मैच में वापस लाने के लिए काफी नहीं थीं। लखनऊ की टीम 16 ओवर में सिर्फ़ 109 रन पर ऑल आउट हो गई, जिसमें कप्तान भुवनेश्वर कुमार 5 रन बनाकर नाबाद रहे। मेरठ के लिए विशाल चौधरी ने शानदार बॉलिंग की, उन्होंने चार ओवर में सिर्फ़ 24 रन देकर चार विकेट लिए। ज़ीशान अंसारी ने भी अच्छा योगदान दिया, उन्होंने सिर्फ़ 12 रन देकर दो विकेट लिए। करण चौधरी, विजय कुमार और यश गर्ग ने एक-एक विकेट लिया। दिव्यांग जोशी को मैन ऑफ़ द मैच का अवॉर्ड मिला मेरठ के मुख्य स्पिनर ज़ीशान अंसारी ने अपने शानदार सीज़न का अंत दो ज़रूरी विकेट लेकर किया। उन्होंने 25 विकेट लेकर सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ के तौर पर सीज़न खत्म किया और इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पर्पल कैप जीती। फ़ाइनल मैच में मेरठ के लिए विशाल चौधरी सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, उन्होंने चार ओवर में 24 रन देकर चार विकेट लिए। दिव्यांग जोशी को उनकी शानदार सेंचुरी के लिए मैन ऑफ़ द मैच चुना गया।
इंटरनेट डेस्क। ऑस्ट्रेलिया टीम इस महीने के आखिर में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज और वनडे सीरीज के लिए साउथ अफ्रीका का दौरा करेगी। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपने 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्नस लाबुशेन इस सीरीज के लिए टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे। मार्नस लाबुशेन पिछले कुछ समय से टेस्ट में रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में उन पर टीम में अपनी नंबर 3 की जगह बचाने का बहुत दबाव था। जुलाई 2023 के बाद से खेली गई अपनी पिछली 43 पारियों में वे लगातार फ्लॉप रहे हैं। उनका औसत सिर्फ 24 का रहा है और वे एक भी शतक नहीं बना पाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के सेलेक्टर्स ने कूपर कॉनोली को दूसरे बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल किया है। साउथ अफ्रीका दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, कूपर कोनोली, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुहनेमैन, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, माइकल नेसर, मैथ्यू रेनशॉ, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, ब्यू वेबस्टर pc-
इंटरनेट डेस्क। भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से क्रिकेट मैच देखने को मिल सकता हैं। दोनों ही टीमों का सामना अक्सर आईसीसी टूर्नामेंट या एशिया कप में ही देखने को मिलता रहा है। अब भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से बाइलेटरल सीरीज बंद है। ऐसे में आईसीसी ने अब एक ऐसा नया रास्ता खोज रही है जिससे दोनों टीमें आईसीसी टूर्नामेंट्स के अलावा भी आपस में भिड़ सकें। आईसीसी दो देशों वाली सीरीज के विकल्प के रूप में 3-नेशन यानी ट्राई-सीरीज या 4-नेशन टूर्नामेंट का मॉडल लाने की तैयारी में है। दुबई में 22 और 23 सितंबर को आईसीसी का एक खास सेमिनार होने वाला है, इस मीटिंग में फ्यूचर टूर प्रोग्राम के तहत 2027 से 2031 के बीच ऐसे मल्टी-नेशन टूर्नामेंट्स कराने पर चर्चा होगी। भारत सरकार और बीसीसीआई की नीति के मुताबिक पाकिस्तान के साथ अलग से सीरीज खेलना मुमकिन नहीं है, लेकिन अगर टूर्नामेंट में 3 या 4 टीमें होंगी तो भारत को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने में वैसी रुकावट नहीं आएगी जैसी सीधी सीरीज में आती है। दोनों देशों के मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए यह मुकाबले किसी तीसरे देश में आयोजित किए जा सकते हैं। PC- olympics.com
भारत से सीरीज खेलने के लिए व्याकुल है पाकिस्तान, आईसीसी जल्द ले सकता है फैसला
आईसीसी का एक सेमिनार इसी महीने होना है। इसमें भारत, पाकिस्तान और कुछ और टीमों की एक सीरीज की रूपरेखा बनाई जा सकती है। पीसीबी इस सीरीज को कराने की पूरी कोशिश में है।
टी20 सीरीज में इन 5 भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेंगी नजरे
नई दिल्ली, भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम इस सीरीज में दमदार प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में किया स्पेशल सेलिब्रेशन, शतक के बाद बैट को बना दिया वायलिन
21 साल के कुमार कुशाग्र ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में शानदार शतक लगाया है। उन्हें अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है। वह आईपीएल में गुजरात टाइटंस की टीम का हिस्सा हैं।
टी20 इंटरनेशनल में अफगानिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया का रिकॉर्ड
नई दिल्ली, भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज 13 सितंबर से होने जा रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में इस सीरीज में टीम इंडिया का पलड़ा भारी माना जा रहा है, लेकिन अफगानिस्तान का रिकॉर्ड भी पिछले कुछ समय में इस फॉर्मेट में कमाल का रहा है।
न्यूयॉर्क में खेले जा रहे US ओपन 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अल्काराज और आर्यना सबालेंका ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। सबालेंका छठी बार US ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंची विमेंस सिंगल्स में सबालेंका ने अमेरिका की टेलर टाउनसेंड को 6-4, 6-3 से मात दी। पहले सेट में दोनों के बीच कई बार सर्विस ब्रेक हुई। टाउनसेंड ने सबालेंका की शुरुआती चार सर्विस में से तीन बार ब्रेक लिया, लेकिन सबालेंका ने वापसी करते हुए पहला सेट 6-4 से जीत लिया। दूसरे सेट में 1-3 से पिछड़ने के बाद उन्होंने लगातार पांच गेम जीते और मैच अपने नाम किया। इस जीत के साथ सबालेंका लगातार छठी बार US ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं। अब उनका सामना छठी सीड और मौजूदा विंबलडन चैंपियन लिंडा नोस्कोवा से होगा। नोस्कोवा ने मार्ता कोस्ट्युक को 7-5, 5-7, 6-4 से हराया। कलाई की चोट से वापसी के बाद अल्काराज की लगातार 18वीं ग्रैंड स्लैम जीत मेंस सिंगल्स में अल्काराज ने अमेरिका के टॉमी पॉल को 6-4, 6-3, 6-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। दाहिनी कलाई की चोट के कारण करीब चार महीने कोर्ट से दूर रहने के बाद लौटे अल्काराज ने पॉल के खिलाफ तीनों सेट में दबदबा बनाए रखा। इस जीत के साथ उनकी ग्रैंड स्लैम में लगातार 18 मैच जीतने की लय बरकरार रही। टूर्नामेंट में अब तक उन्होंने सिर्फ एक सेट गंवाया है। अब क्वार्टर फाइनल में अल्काराज का सामना अमेरिका के 8वीं सीड बेन शेल्टन से होगा। शेल्टन ने स्टेफानोस त्सित्सिपास को 6-2, 6-3, 6-4 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। 5 अमेरिकी पुरुष अंतिम-16 में पहुंचे, अब 3 क्वार्टर फाइनल में US ओपन के मेंस सिंगल्स में पांच अमेरिकी खिलाड़ी अंतिम-16 में पहुंचे थे। इनमें टॉमी पॉल, बेन शेल्टन, लर्नर टिएन, फ्रांसिस टियाफो और एलेक्स माइकलसन शामिल थे। यह 1995 के बाद किसी ग्रैंड स्लैम के अंतिम-16 में पहुंचने वाले अमेरिकी पुरुष खिलाड़ियों की सबसे बड़ी संख्या थी। इनमें से टियाफो, माइकलसन और शेल्टन ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। टियाफो ने पूर्व चैंपियन डेनियल मेदवेदेव को 7-6(1), 6-4, 7-6(6) से हराया, जबकि माइकलसन ने टॉमस मार्टिन एचेवेरी को 7-6(6), 6-4, 6-4 से मात दी। अब टियाफो और माइकलसन क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने होंगे, जिससे सेमीफाइनल में एक अमेरिकी खिलाड़ी का पहुंचना तय है। वहीं, बेन शेल्टन ने स्टेफानोस त्सित्सिपास को 6-2, 6-3, 6-4 से हराकर अंतिम-8 में जगह बनाई। अब उनका सामना डिफेंडिंग चैंपियन अल्काराज से होगा। विमेंस सिंगल्स में पेगुला-नवारो का ऑल-अमेरिकन क्वार्टर फाइनल विमेंस में भी अमेरिका की दो खिलाड़ियों के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला होगा। जेसिका पेगुला ने सोराना क्रिस्टिया को 6-3, 6-4 से हराया, जबकि एमा नवारो ने अन्ना कलिन्सकाया को सीधे सेटों में मात देकर अंतिम-8 में जगह बनाई। ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत 20 साल बाद AFC U20 एशियन कप में पहुंचा:बांग्लादेश को 3-0 से हराया, सीरिया की हार से मिली टूर्नामेंट में जगह भारतीय अंडर-20 फुटबॉल टीम ने 20 साल बाद AFC U-20 एशियन कप के मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली है। रविवार को ताशकंद में खेले गए ग्रुप-B के आखिरी क्वालीफायर में बांग्लादेश को 3-0 से हराया। इसके बाद उज्बेकिस्तान ने सीरिया को 3-0 से हरा दिया। इस नतीजे के बाद भारत 6 अंक के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहा। पूरी खबर
CPL में इमरान ताहिर की टीम ने लगाया जीत का सिक्सर, 41 साल के ऑलराउंडर ने झटके 4 विकेट
गयाना अमेजन वॉरियर्स की टीम CPL 2026 में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। इमरान ताहिर की कप्तानी वाली इस टीम ने इस सीजन अब तक 6 मैच खेले हैं और सभी में उन्हें जीत मिली है।
वैभव सूर्यवंशी ने जीता दिल, खेल खत्म होते ही किया ऐसा काम
वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन के लिए पहली पारी में भले ही 44 रन बनाए, लेकिन पहले दिन के खेल में उन्होंने इससे कहीं बड़ी छाप छोड़ी. वैभव के लिए उमड़ी भीड़ और फैन्स के बीच जाकर ऑटोग्राफ देना ये बताता है कि उनकी लोकप्रियता किस स्तर तक पहुंच चुकी है.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में दूसरे दिन का खेल जारी, ईस्ट जोन का स्कोर 400 के पार, यहां देखें लाइव स्कोर
दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच चेन्नई में खेला जा रहा है। ईशान किशन ने पहले दिन धमाकेदार शतक लगाया। ईस्ट जोन की टीम फिलहाल मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।
India-Pakistan Cricket: भारत-पाकिस्तान के फैंस के लिए बड़ी खबर, फिर आमने-सामने आ सकती हैं टीमें; ट्राई सीरीज का प्रस्ताव तैयार
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो टेस्ट मैचों में मिली शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान ने तीसरे टेस्ट के लिए अपने स्क्वॉड में 7 बदलाव किए हैं। टीम में अचानक हुए इन बदलावों और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर शोएब अख्तर ने अपनी बात रखी है।
एशियाई चैंपियन अलीशा चौधरी एशियाई खेलों में बिना अपने कोच के उतरेंगी। 55 किग्रा वर्ग की अलीशा और 84 किग्रा के चेतन भट्ट के साथ कोच की जगह टीम लीडर भेजा जा रहा है।
दुबई में रविवार को महिला एशिया कप 2026 के ग्रुप-B मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 114 रन बनाए थे। जवाब में श्रीलंका ने 19.2 ओवर में 6 विकेट पर 115 रन बनाकर मैच जीत लिया। हरशिता समरविक्रमा ने दबाव के बीच 37 गेंदों पर नाबाद 48 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। श्रीलंका ने ग्रुप-B के अपने सभी मुकाबले जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया और अब सेमीफाइनल में ग्रुप-A में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से शुक्रवार को खेलेगा। वह टूर्नामेंट की डिफेंडिंग चैंपियन भी है। 44 रन पर 5 विकेट गंवाए, फिर समरविक्रमा ने संभाला 115 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। कप्तान चमारी अटापट्टू सिर्फ 1 रन बनाकर मारुफा अख्तर की गेंद पर आउट हो गईं। मारुफा ने इसके बाद इमेशा दुलानी को भी पवेलियन भेज दिया। इसके बाद सुल्ताना खातून और रितु मोनी ने भी विकेट निकाले। कवीशा दिलहारी रन आउट हो गईं और श्रीलंका 10वें ओवर तक 44 रन पर 5 विकेट गंवा चुका था। यहां बांग्लादेश जीत की स्थिति में दिखाई दे रहा था। समरविक्रमा ने इसके बाद निलाक्षिका सिल्वा के साथ मिलकर पारी संभाली। दोनों ने छठे विकेट के लिए 38 रन जोड़े। सिल्वा 18 रन बनाकर 17वें ओवर में मारुफा की गेंद पर बोल्ड हुईं, लेकिन समरविक्रमा ने हार नहीं मानी। 17वें ओवर तक बांग्लादेश के पक्ष में था मैच 17 ओवर के बाद श्रीलंका का स्कोर 86/6 था और उसे जीत के लिए 29 रन चाहिए थे। समरविक्रमा उस समय 30 गेंदों पर 28 रन बनाकर खेल रही थीं। इसके बाद उन्होंने रितु मोनी के ओवर में लगातार आक्रामक शॉट खेले। चौका और छक्का लगाकर उन्होंने जरूरी रन रेट का दबाव कम किया। 19वें ओवर में भी समरविक्रमा ने छक्का लगाया और मैच श्रीलंका के पक्ष में कर दिया। श्रीलंका को आखिरी ओवर से पहले जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। समरविक्रमा ने नाहिदा अख्तर की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से छक्का लगाकर टीम की जीत लगभग तय कर दी। श्रीलंका ने 19.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। समरविक्रमा 37 गेंदों पर 48 रन बनाकर नाबाद रहीं। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। 17 साल की प्रबोधा ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया इससे पहले श्रीलंका की 17 साल की बाएं हाथ की स्पिनर चामुडी प्रबोधा ने बांग्लादेश की बल्लेबाजी पर अंकुश लगाया। अपने करियर के सिर्फ छठे इंटरनेशनल मैच में खेल रही प्रबोधा ने 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट लिए। यह उनका इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। प्रबोधा ने पहले दिलारा अख्तर को 26 रन पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने सोभाना मोस्तारी और शोर्ना अख्तर को भी एक ही ओवर में पवेलियन भेज दिया। मोस्तारी को उन्होंने स्टंप कराया, जबकि शोर्ना का कैच खुद लपका। मोस्तारी ने संभाली पारी, बांग्लादेश 114/8 तक पहुंचा बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआती ओवरों में अच्छी शुरुआत की। दिलारा अख्तर ने 26 रन बनाए। सोभाना मोस्तारी ने 41 गेंदों पर 34 रन बनाकर पारी को संभालने की कोशिश की। मोस्तारी और शोर्ना अख्तर के बीच 41 रन की साझेदारी हुई, जिससे बांग्लादेश के 100 रन के पार जाने की उम्मीद बनी। लेकिन श्रीलंका के स्पिनरों ने डेथ ओवर्स में रन बनाने के मौके नहीं दिए। बांग्लादेश 20 ओवर में 8 विकेट पर 114 रन ही बना सका। श्रीलंका की ओर से प्रबोधा ने 3 विकेट लिए, जबकि सुगंधिका कुमारी ने 2 विकेट हासिल किए। कप्तान चमारी अटापट्टू और कवीशा दिलहारी को भी एक-एक सफलता मिली। मारुफा ने श्रीलंका को शुरुआती झटके दिए बांग्लादेश ने 114 रन का छोटा लक्ष्य होने के बावजूद गेंदबाजी से मुकाबले को रोमांचक बना दिया। तेज गेंदबाज मारुफा अख्तर ने 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट लिए। उन्होंने श्रीलंका की कप्तान अटापट्टू को सिर्फ 1 रन पर आउट किया और इसके बाद इमेशा दुलानी का विकेट भी हासिल किया। बाद में उन्होंने निलाक्षिका सिल्वा को आउट कर श्रीलंका की मुश्किल बढ़ाई। लेकिन समरविक्रमा ने दबाव में धैर्य नहीं खोया। उन्होंने पहले रन रेट को संभाला और फिर आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाकर मैच श्रीलंका की झोली में डाल दिया। उन्हें इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। सेमीफाइनल में ग्रुप-A की दूसरे नंबर की टीम से मुकाबला इस जीत के साथ श्रीलंका ग्रुप-B में अपने सभी मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गया है। वह इस चरण में पहुंचने वाली भारत के बाद दूसरी टीम बनी। अब उसका मुकाबला ग्रुप-A में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से शुक्रवार को होगा। वहीं, बांग्लादेश के लिए सेमीफाइनल की उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। उसे अपने अगले मुकाबले में UAE को हराना होगा।
इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम में बदलाव शुरू कर दिए हैं। इंग्लैंड तीन टेस्ट की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त ले चुका है और तीसरा मुकाबला बाकी है। इसी बीच पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा है कि PCB को मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं है। उनके मुताबिक, बोर्ड युवा खिलाड़ियों की नई टीम तैयार करने पर ध्यान दे रहा है। वहीं पूर्व टेस्ट कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ अलग-अलग व्यवहार किए जाने पर सवाल उठाए हैं। मिस्बाह ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और ताकत दी जाती है, जबकि स्थानीय कोचों को ज्यादा आलोचना और निगरानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को बार-बार जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय लंबे समय की योजना पर काम करना चाहिए। इंग्लैंड ने दोनों टेस्ट बड़े अंतर से जीते इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में पहला टेस्ट पारी और 103 रन से जीता था। इसके बाद लॉर्ड्स में पाकिस्तान को 194 रन से हराया। इन दोनों हार के बाद PCB ने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के स्तर पर बदलाव किए। सरफराज अहमद और उमर गुल को कोचिंग सेटअप से हटा दिया गया है। माइक हेसन ने टीम की जिम्मेदारी संभाल ली है, जबकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज एश्ले नॉफ्के उनके सहायक के तौर पर जुड़े हैं। तीसरे और आखिरी टेस्ट के लिए पाकिस्तान के स्क्वॉड से 7 खिलाड़ियों को बाहर किया गया है। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा जैसे सीनियर खिलाड़ी शामिल हैं। शोएब बोले- PCB अब नई टीम तैयार कर रहा शोएब अख्तर ने ‘OutSide EDGE’ शो में कहा कि PCB सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। उनके मुताबिक, बोर्ड इस दौरे को टीम के बड़े पुनर्निर्माण की शुरुआत के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। अख्तर ने कहा, “PCB इन खिलाड़ियों से बहुत निराश था और उसे पाकिस्तान की इस टीम से कोई उम्मीद नहीं है। प्लान इस टीम को हटाकर युवा और नए खिलाड़ियों को लाने का है। ऐसे खिलाड़ी जो सिर्फ पाकिस्तान के लिए खेलना चाहते हैं। वे अब भविष्य पर ध्यान दे रहे हैं और सही तरीके से काम कर रहे हैं।” उन्होंने हालांकि शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ जैसे तेज गेंदबाजों के करियर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। अख्तर के मुताबिक, इन खिलाड़ियों के करियर में अभी काफी क्रिकेट बाकी है। PCB अधिकारी ने कहा- ‘कुछ नहीं’ की उम्मीद अख्तर ने PCB के एक अधिकारी से हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, उन्होंने अधिकारी से पूछा था कि इंग्लैंड दौरे पर मौजूदा टीम से बोर्ड को क्या उम्मीद है। अख्तर ने अधिकारी के हवाले से कहा, “कुछ नहीं। हमारी उम्मीदें उन खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी से हैं, जिन्हें हम बड़े मंच के लिए तैयार कर रहे हैं।” अख्तर ने दावा किया कि इसी अधिकारी ने पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति को ‘वेंटिलेटर पर’ बताया था। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय क्रिकेट सेटअप को दोबारा मजबूत करने में करीब दो साल लग सकते हैं। मिस्बाह बोले- विदेशी और स्थानीय कोचों के साथ अलग व्यवहार हाल ही में राष्ट्रीय चयनकर्ता पद से हटे पूर्व टेस्ट कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने भी पाकिस्तान क्रिकेट सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जाता। मिस्बाह ने एक टीवी शो पर कहा, “यह तथ्य है कि पाकिस्तान क्रिकेट में स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है। स्थानीय कोचों को विदेशी कोचों की तुलना में ज्यादा जांच और आलोचना का सामना करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि उन्हें विदेशी कोच रखने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन विदेशी कोचों के प्रति PCB, मीडिया, आलोचकों और प्रशंसकों का रवैया ज्यादा नरम रहता है। मिस्बाह के मुताबिक, विदेशी कोचों को ज्यादा अधिकार और ताकत दी जाती है। टीम के खराब प्रदर्शन पर भी उन्हें स्थानीय कोचों की तुलना में कम जिम्मेदार ठहराया जाता है। ‘खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों को मानसिक रूप से कमजोर करते हैं’ मिस्बाह ने खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें लगातार निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ी को बार-बार आलोचना का सामना करना पड़ता है, जिससे उसके लिए फॉर्म और आत्मविश्वास हासिल करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट की मुख्य समस्या के तौर पर निरंतरता, धैर्य और लंबे समय की योजना की जरूरत बताई। मिस्बाह ने कहा कि दबाव में आकर बार-बार तुरंत फैसले लेने के बजाय प्रदर्शन और परिस्थितियों का विश्लेषण करके आगे की रणनीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें दबाव में आकर कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं करनी चाहिए। हमें प्रदर्शन और स्थिति का विश्लेषण करना चाहिए और फिर तय करना चाहिए कि आगे कैसे बढ़ना है।” मिस्बाह बोले- पाकिस्तान में फैसले अक्सर प्रतिक्रिया में लिए जाते हैं मिस्बाह के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट में अक्सर फैसले समस्या सामने आने के बाद प्रतिक्रिया के तौर पर लिए जाते हैं। उनका मानना है कि सिस्टम को लंबे समय की योजना के साथ चलाने की जरूरत है। उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट आगे इसलिए बढ़ा क्योंकि वहां घबराकर फैसले लेने के बजाय योजनाओं पर काम किया गया। उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट सिस्टम ने खिलाड़ियों को समय देकर तैयार किया। मिस्बाह के मुताबिक, भारत ने 1990 के दशक के बाद अपने क्रिकेट सिस्टम में धीरे-धीरे निवेश किया और उसका असर अब दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सिस्टम को बदलने का कोई ‘क्विक फिक्स’ नहीं होता। ‘हमारे युवा ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेल रहे’ मिस्बाह ने पाकिस्तान के युवा खिलाड़ियों की तैयारी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवा क्रिकेटर्स ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेल रहे हैं और रेड-बॉल क्रिकेट में उनका अनुभव सीमित है। उनके मुताबिक, चार दिवसीय क्रिकेट पर्याप्त नहीं खेलने से खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट के दबाव का अनुभव कम मिलता है। इससे बड़े मंच पर दबाव झेलना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाड़ियों को भी सिस्टम तैयार करने में समय लगा था। पाकिस्तान को भी धैर्य के साथ घरेलू और रेड-बॉल क्रिकेट को मजबूत करना होगा। तीसरे टेस्ट में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती पाकिस्तान अब एजबेस्टन में तीसरा टेस्ट खेलेगा। टीम के सामने सीरीज में 3-0 की हार से बचने की चुनौती है। हालांकि, इस दौरे के दौरान लिए गए फैसले और पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियां बताती हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट के सामने चुनौती सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का नतीजा नहीं है। PCB को अब टीम चयन, कोचिंग, युवा खिलाड़ियों की तैयारी और पूरे क्रिकेट सिस्टम को लेकर लंबे समय की रणनीति बनाने की जरूरत है।
मार्नस लाबुशेन को खराब फॉर्म के बावजूद साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया की 16 सदस्यीय टीम में बरकरार रखा गया है। बांग्लादेश के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज में 1, 31 और 4 रन बनाने वाले लाबुशेन को लेकर चयन पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन सेलेक्टर्स ने नंबर-3 बल्लेबाज पर अपना भरोसा कायम रखा। वहीं मैथ्यू कुहनेमन, कूपर कोनोली और माइकल नेसर को टीम में शामिल किया गया है। सीरीज का पहला टेस्ट 9 अक्टूबर से डरबन में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 18 अक्टूबर से जीक्वेबरहा और तीसरा 27 अक्टूबर से केप टाउन में होगा। 2023 के बाद टेस्ट में शतक नहीं लगा सके लाबुशेन लाबुशेन ने अपना पिछला टेस्ट शतक 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में लगाया था। इसके बाद से वे 43 पारियों में 24.69 की औसत से रन बना पाए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ हालिया सीरीज में भी उनका प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा। खराब फॉर्म के कारण उन्हें जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज की टीम से भी बाहर किया गया है। हालांकि टेस्ट चयन में सेलेक्टर्स ने उनके लाल गेंद के प्रदर्शन को अलग रखते हुए उन्हें मौका दिया है। कुहनेमन को मर्फी पर तरजीह लेफ्ट आर्म स्पिनर मैथ्यू कुहनेमन को नाथन लायन के साथ दूसरे विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में चुना गया है। उन्हें टॉड मर्फी पर प्राथमिकता मिली है। साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों को देखते हुए दूसरे टेस्ट में लायन के साथ कुहनेमन को उतारने का विकल्प भी ऑस्ट्रेलिया के पास रहेगा। 23 साल के कूपर कोनोली को भी टीम में जगह मिली है। हालिया वनडे में बांग्लादेश के खिलाफ 149 रन की पारी के बाद उनका दावा मजबूत हुआ। सेलेक्टर्स उन्हें भविष्य की योजनाओं में शामिल खिलाड़ी के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि पीठ की समस्या के कारण उनकी गेंदबाजी पर अभी काम चल रहा है। छह वनडे के बाद तीन टेस्ट, इसलिए संतुलित टीम चीफ सेलेक्टर जॉर्ज बेली ने कहा कि छह वनडे के तुरंत बाद तीन टेस्ट की सीरीज होगी और मैचों के बीच ज्यादा अंतर नहीं है। इसलिए टीम में अलग-अलग परिस्थितियों के लिए संतुलन और विकल्पों को ध्यान में रखा गया है। पेस अटैक में पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड के साथ स्कॉट बोलैंड और माइकल नेसर विकल्प होंगे। नेसर के लिए यह दौरा खास है, क्योंकि उनका जन्म साउथ अफ्रीका में हुआ है। 2018 के 'सैंडपेपरगेट' के बाद पहली बार टेस्ट दौरा यह 2018 के बॉल-टैंपरिंग विवाद के बाद ऑस्ट्रेलिया का पहला टेस्ट दौरा होगा। उस दौरे के बाद मौजूदा टीम में सिर्फ पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जो साउथ अफ्रीका में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेल चुके हैं—पैट कमिंस, जोश हेजलवुड, मिचेल स्टार्क, स्टीव स्मिथ और मैट रेनशॉ। रेनशॉ ने 2018 में सीरीज का केवल आखिरी टेस्ट खेला था। साउथ अफ्रीका दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंगलिस, मैथ्यू कुहनेमन, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, माइकल नेसर, मैट रेनशॉ, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क और ब्यू वेबस्टर।
ज्वाला गुट्टा का जन्मदिन आज: चार साल की उम्र में थामा बैडमिंटन, अश्विनी पोनप्पा के साथ हिट रही जोड़ी
भारत की पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की। उन्होंने ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। ज्वाला का आज जन्मदिन हैं। आइए जानते हैं उनके करियर के बारे में...
क्या वर्ल्ड कप में दहाड़ेंगे ये 3 पुराने शेर? खटखटाया टीम का दरवाजा!
वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर लगातार कई तरह की खबरें सामने आ रही है. खासतौर पर पुराने खिलाड़ियों को टीम में वापस लाने की मांग भी तेज है. लेकिन देखना दिलचस्प होगा कि वर्ल्ड कप के लिए भारतीय मैनजमेंट की सोच किस तरह की है. लिहाजा आने वाले समय में वनडे क्रिकेट में किन खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है.
दुबई, 6 सितंबर (आईएएनएस)। श्रीलंका ने विमेंस एशिया कप 2026 के 10वें मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ 4 विकेट से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल मे प्रवेश कर लिया है। श्रीलंकाई टीम इस टूर्नामेंट में जीत की हैट्रिक लगाकर 'ग्रुप-बी' की प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पर रही।
शुभमन गिल ने 190 की स्ट्राइक रेट से बनाए रन, अर्शदीप सिंह की टीम को 1 रन से हराया
शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 में फजलिका फॉल्कंस की तरफ से ओपनिंग करते हुए शुभमन गिल ने लुधियाना लॉयन्स के खिलाफ धुआंधार बल्लेबाजी की। उन्होंने 7 चौके और 1 छक्के की मदद से 40 रन बनाए।
नामीबिया में खेली गई टी-20 ट्राई-सीरीज के फाइनल में साउथ अफ्रीका ने जिम्बाब्वे को 48 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 205 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 18 ओवर में 157 रन पर सिमट गई। साउथ अफ्रीक के डेवाल्ड ब्रेविस को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 5 मैचों में 166.18 की स्ट्राइक रेट से 226 रन बनाए। उन्होंने सीरीज में 15 चौके और 16 छक्के लगाए। साउथ अफ्रीका ने पावरप्ले में 62 रन बनाए टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका को जोर्डन हर्मन (53) और कॉनर एस्टरहुइजेन ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने 6 ओवर में ही टीम का स्कोर 62 रन पहुंचा दिया। हर्मन ने अपना पहला टी-20 अर्धशतक लगाया। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी हुई। डुआन यान्सन ने दिया फिनिशिंग टच हर्मन के आउट होने के बाद डेवाल्ड ब्रेविस (32) और रूबिन हर्मन (27) ने 47 रन जोड़े। अंत में डुआन यान्सन ने 14 गेंदों में 23 रन बनाकर साउथ अफ्रीका को 200 के पार पहुंचाया। जिम्बाब्वे के लिए ब्रैड इवांस और न्यूमैन न्यामहूरी ने 2-2 विकेट लिए। पावरप्ले में जिम्बाब्वे ने 4 विकेट गंवाए 206 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले के शुरुआती 4 ओवरों में लगातार 4 विकेट गिरे। ब्योर्न फोर्टुइन ने सिकंदर रजा और रयान बर्ल को आउट कर जिम्बाब्वे को बैकफुट पर धकेल दिया। जिम्बाब्वे के लिए निचले क्रम में ब्रैड इवांस ने 4 चौके और 4 छक्कों की मदद से अपनी पहली टी-20 फिफ्टी (56*) लगाई। हालांकि दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे और पूरी टीम 157 रन पर ऑलआउट हो गई। इतान बॉश और डुआन यान्सन ने पावरप्ले में 2-2 विकेट झटके। फॉर्च्यून ने 24 रन देकर 3 विकेट लिए। --------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सूर्यवंशी की बैटिंग देखने उमड़ी हजारों की भीड़:93 मिनट तक वैभवमय हुआ चेपॉक, दलीप ट्रॉफी फाइनल में स्टेडियम के एक्स्ट्रा स्टैंड खोले गए चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में रविवार की सुबह अचानक भीड़ उमड़ने लगी। वजह थी दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग। जैसे ही खबर फैली कि ईस्ट जोन के सूर्यवंशी बल्लेबाज कर रहे हैं, 12 हजार से ज्यादा दर्शक स्टेडियम पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें…
वनडे सीरीज: सोफिया का शतक, आयरलैंड को 114 रन से हराकर इंग्लैंड ने 3-0 से 'क्लीन स्वीप' किया
वॉर्सेस्टर, 6 सितंबर (आईएएनएस)। इंग्लैंड की महिला टीम ने आयरलैंड को तीसरे मुकाबले में 114 रन से रौंदकर वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर लिया है। 119 रन की शतकीय पारी खेलने वालीं सोफिया डंकले को 'प्लेयर ऑफ द मैच' के साथ 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया। सोफिया ने इस सीरीज के 3 मुकाबलों में 70.67 की औसत के साथ कुल 212 रन बनाए।
दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी और साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा के बीच बातचीत का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें तिलक बल्लेबाजी कर रहे सूर्यवंशी से मजाकिया अंदाज में कहते हैं- 'क्या रे वाइस कैप्टन! तू अभी बहुत छोटा है।' तिलक कहते हैं- ‘तू इस मैच में रन नहीं बना पाएगा, क्योंकि सामने वाली टीम का कप्तान मैं हूं।’ इस पर वैभव जवाब देते हैं- ‘जिस बॉलर को लाना चाहता है ले आओ, अगले ही ओवर में मारूंगा।’ कमाल की बात है कि इस बातचीत के तुरंत बाद तिलक अपनी टीम के मेन बॉलर मोहम्मद सिराज को गेंद थमाते हैं। इस ओवर में वैभव ने 2 चौके और 1 छक्का का जड़ दिया। इसके बाद वैभव ने तिलक की ओर देखकर हंसना शुरू कर दिया। वैभव के शॉट्स के बाद सिराज को स्पेल से हटाया सिराज पर वैभव के अटैकिंग शॉट्स के बाद तिलक वर्मा दबाव में आ गए। उन्होंने 8वें ओवर में इनफील्ड के ऊपर से चौके रोकने के लिए 5 बाउंड्री राइडर तैनात किए। इस ओवर में 14 रन पड़ने के बाद तिलक ने सिराज को स्पेल से भी हटा दिया। सूर्यवंशी 44 रन बनाकर आउट हुए पहली पारी में सूर्यवंशी 37 गेंद पर 44 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 5 चौके और 1 छक्का लगाया। उन्हें सीवी मिलिंद ने कैच आउट कराया। आउट होने से पहले उन्होंने ओपनिंग पार्टनर अभिमन्यू ईश्वरन के साथ 100 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। सूर्यवंशी ने सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने पहली पारी में 92 रन और दूसरी पारी में 40 रन बनाए थे। ईशान किशन ने नाबाद शतक लगाया पहले दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने 4 विकेट पर 385 रन बना लिए हैं। टीम के कप्तान ईशान किशन 111 रन बनाकर नाबाद हैं। कुमार कुशाग्र नाबाद 63 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। दोनों के बीच 144 रन की अटूट साझेदारी हो चुकी है। मैच की पूरी खबर पढ़ें… ------------------------------------ वैभव सूर्यवंशी की यह खबर भी पढ़ें… सूर्यवंशी की बैटिंग देखने उमड़ी हजारों की भीड़:93 मिनट तक वैभवमय हुआ चेपॉक, दलीप ट्रॉफी फाइनल में स्टेडियम के एक्स्ट्रा स्टैंड खोले गए चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में रविवार की सुबह अचानक भीड़ उमड़ने लगी। वजह थी दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग। जैसे ही खबर फैली कि ईस्ट जोन के सूर्यवंशी बल्लेबाज कर रहे हैं, 12 हजार से ज्यादा दर्शक स्टेडियम पहुंच गए। पूरी खबर पढ़ें…
दलीप ट्रॉफी फाइनल में हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा, वैभव सूर्यवंशी से भिड़े तिलक वर्मा, देखें VIDEO
चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन के ओपनर वैभव सूर्यवंशी और साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा के बीच मैदान पर तीखी बहस हो गई। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई इस नोकझोंक का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Vaibhav Suryavanshi को देखने Chepauk में उमड़े 12 हजार दर्शक
चेन्नई, छह सितंबर ‘वैभव भाई, वैभव जी, वैभव।’ जैसे ही सूर्यवंशी प्रशंसकों का अभिवादन करने के लिए बाउंड्री के पास पहुंचे तो शोर अपने चरम पर पहुंच गया। प्रशंसक रविवार सुबह से ही इस उभरते क्रिकेट सितारे की एक झलक पाने के लिए इंतजार कर रहे थे। तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने यहां एमए चिदंबरम स्टेडियम चेपक में दक्षिण क्षेत्र और पूर्व क्षेत्र के बीच खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल के लिए सी, डी और ई ब्लॉक के निचले स्टैंड दर्शकों के लिए मुफ्त में खोल दिए थे। लेकिन शायद उसे यह उम्मीद नहीं थी कि करीब 12,000 दर्शक इन स्टैंड को भरने के लिए उमड़ पड़ेंगे। घरेलू क्रिकेट में ऐसा नजारा इन दिनों दुर्लभ है और अक्सर इसकी यादें 1980 और 1990 के दशक तक ही सीमित रह गई हैं। आखिरी बार ऐसा जुनून 30 जनवरी 2025 को देखने को मिला था जब विराट कोहली 12 साल बाद रणजी ट्रॉफी मैच में दिल्ली की ओर से खेलने उतरे थे। इससे पहले 2013 में लाहली में मुंबई और हरियाणा के बीच सचिन तेंदुलकर के आखिरी प्रथम श्रेणी मैच में उनकी एक झलक पाने के लिए करीब 15,000 प्रशंसक पहुंचे थे। सूर्यवंशी बल्लेबाजी में अभी उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचे हैं जिसे इन दोनों दिग्गजों ने अपने शानदार करियर में हासिल किया है लेकिन आईपीएल 2026 में विस्फोटक प्रदर्शन ने इस 15 वर्षीय खिलाड़ी को भारतीय क्रिकेट में उस तरह की लोकप्रियता दिलाई है जो चुनिंदा खिलाड़ियों को ही नसीब हुई है। इंग्लैंड के जोस बटलर जैसे खिलाड़ी का मानना है कि सूर्यवंशी टी20 के सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए बने हैं जबकि कृष्णमाचारी श्रीकांत को लगता है कि बिहार का यह युवा खिलाड़ी निकट भविष्य में टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंक सकता है। पूर्व क्षेत्र के कप्तान इशान किशन के लिए सूर्यवंशी ‘15 साल के लड़के के लिहाज से बेहद समझदार’ हैं और उन्हें अपनी जिंदगी तथा करियर की बारीकियों की पहले से ही अच्छी समझ है। हालांकि उनके शांत और संयमित व्यक्तित्व के पीछे अब भी एक शरारती बचपन छिपा है। इसकी झलक तब देखने को मिली जब उन्होंने भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के एक ओवर में छक्का और दो चौके जड़ दिए। सिराज और उनके साथी तेज गेंदबाज एमडी निधीश ने पहले सत्र की शुरुआत में कुछ तेज और उछाल भरी गेंदों से उन्हें परखने की कोशिश की लेकिन बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने उनसे बचने के लिए गेंदों को छोड़ दिया या झुककर गेंदों को जाने दिया। इसके बाद हैदराबाद के सिराज ने गेंदबाजी का कोण बदला और गेंदों को अधिक फुल लेंथ के साथ करने लगे जो खतरनाक तरीके से सूर्यवंशी के शॉट खेलने के क्षेत्र में आ रही थीं। बल्लेबाज ने इसका पूरा फायदा उठाया और कुल तीन चौके तथा एक छक्का लगाया। 14 गेंद में 11 रन पर खेल रहे सूर्यवंशी जल्द ही 24 गेंद में 34 रन तक पहुंच गए। यह 93 मिनट तक चला प्रदर्शन आखिरकार तब समाप्त हुआ जब सूर्यवंशी ने सीवी मिलिंद की गेंद को पुल किया और गेंद डीप में स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक तनय त्यागराजन के हाथों में चली गई। हालांकि दर्शक इसके बाद भी स्टेडियम से नहीं निकले। वे दिन का खेल खत्म होने तक लगातार उनका नाम पुकारते रहे जिसके बाद सूर्यवंशी ने उत्साहित प्रशंसकों के साथ कुछ मिनट बिताए। तो फिर सूर्यवंशी इस प्रशंसा और राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस लोकप्रियता को किस तरह लेते हैं? पूर्व क्षेत्र के उनके साथी खिलाड़ी शिखर मोहन ने दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘‘वह जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। वह इन सब चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते और सिर्फ अपने क्रिकेट पर ध्यान देते हैं। ड्रेसिंग रूम में उनका होना अच्छा लगता है।’’लेकिन चेन्नई की ढलती धूप में घटित उस पल ने एक बात साफ कर दी कि सूर्यवंशी युग की शुरुआत हो चुकी है।
चेन्नई की वी अनीता ने 7 महीने की प्रेग्नेंसी के दौरान ऑल इडिया कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। रामापुरम की रहने वाली 30 साल अनिता ने इंडिविजुअल कराटे प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल की। एलन तिलक कराटे स्कूल की ओर से 29 और 30 अगस्त को केरल के वडकारा में आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल चैंपियनशिप में 1,500 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें केरल ओवरऑल चैंपियन बना। वहीं तमिलनाडु की टीम दूसरे स्थान पर रही। नौकरी छोड़कर कराटे को प्रोफेशन बनाया अनिता ने तीसरी क्लास से कराटे सीखना शुरू किया था। 10वीं में पहुंचने पर परिवार ने इसे जारी रखने का विरोध किया था, लेकिन अनिता ट्रेनिंग जारी रखी। उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर LT जैसे बड़ी कंपनी में नौकरी की। हालांकि कराटे के लिए उनका जुनून कम नहीं हुआ। आखिरकार उन्होंने कॉरपोरेट करियर छोड़ कराटे को ही अपना प्रोफेशन बना लिया। 22 साल से ट्रेनिंग ले रहीं, 10 सालों से जिले की चैंपियन अनिता पिछले 22 सालों से 8वें डैन ब्लैक बेल्ट और पूर्व नेशनल चैंपियन हंशी ए अप्पुराज से ट्रेनिंग ले रही हैं। वह बीते 10 सालों से तिरुवल्लूर जिले की महिला चैंपियन हैं। इस साल फरवरी में भी वे स्टेट चैंपियनशिप में मेडल जीत चुकी हैं। महिलाओं को सेल्फ-डिफेंस की ट्रेनिंग दे रहीं अनिता का मानना है कि कराटे सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि दूसरों को सशक्त बनाने का जरिया है। 5वें डैन ब्लैक बेल्ट हासिल कर चुकीं अनिता अब सेल्फ-डिफेंस कोच हैं। अनिता स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और वर्किंग महिलाओं को ट्रेनिंग देती हैं। 2024 में शादी के बाद उनके पति पृथ्वीराज ने भी उनके इस फैसले का पूरा समर्थन किया। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… सात्विक-चिराग ने चाइना मास्टर्स बैडमिंटन जीता:चीनी जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से हराया; इस टूर्नामेंट में भारतीय जोड़ी का पहला खिताब भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। भारतीय जोड़ी ने रविवार को चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को एक घंटे 10 मिनट चले मैच में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। पूरी खबर पढ़ें…
चीन मास्टर्स में खिताबी जीत से एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ा, सात्विक-चिराग ने दिया बयान
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के बाद दोनों ने कहा कि इससे आगामी एशियाई खेलों से पहले उनका मनोबल काफी बढ़ा है।
नाइजीरिया की महिला टीम ने रोमांचक फाइनल में जिम्बाब्वे को 4 रन से हराकर आईसीसी अंडर-19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
John Abraham बोले- ISL के नए मॉडल से भारत में Football बनेगा 'नया क्रिकेट'
मुंबई, छह सितंबर नॉर्थईस्ट यूनाइटेड के मालिक जॉन अब्राहम को उम्मीद है कि 10 अक्टूबर से शुरू होने वाला आगामी इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) सत्र भारतीय फुटबॉल के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा। यह पहली बार देश की घरेलू फुटबॉल व्यवस्था में क्लबों के नेतृत्व वाली नयी संरचना की ओर बदलाव का संकेत देगा। आईएसएल का 2026-27 सत्र अगले साल मई तक चलेगा जो अपने पारंपरिक ‘होम-अवे’ (अपने मैदान और प्रतिद्वंद्वी टीम के मैदान) प्रारूप में लौटेगा। इसमें आठ महीने के दौरान कुल 163 मुकाबले खेले जाएंगे। पिछले सत्र में प्रशासनिक और व्यावसायिक अनिश्चितताओं के कारण देरी हुई थी जिसके बाद आईएसएल को सीमित अवधि में एक चरण वाले छोटे प्रारूप में आयोजित किया गया था। इस सत्र की प्रतियोगिता में शामिल 13 क्लबों में से प्रभावी रूप से किसी भी टीम को रेलीगेशन का सामना नहीं करना पड़ेगा। डायमंड हार्बर एफसी द्वारा अनिवार्य भागीदारी शुल्क का भुगतान करने में विफल रहने के कारण उसे स्वतः रेलिगेट माना जाएगा। फ्रेंचाइजी मालिकों के लीग की दिशा तय करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की चर्चा के बीच अब्राहम ने दोहराया कि उनका मानना है कि आईएसएल एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है जिसमें क्लब खुद लीग को आगे बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाएंगे। नॉर्थईस्ट यूनाइटेड की नयी आधिकारिक जर्सी के अनावरण समारोह में अब्राहम ने कहा, ‘‘इस साल से फुटबॉल भारत में ‘नया क्रिकेट’ बनेगा क्योंकि क्लब मालिकों ने लीग की कमान संभाल ली है। इस सत्र से आप भारतीय फुटबॉल में बहुत बड़ा बदलाव देखेंगे और एक मालिक के तौर पर मैं इस बदलाव को देखने के लिए उत्साहित हूं। ’’उन्होंने कहा, “इंडियन सुपर लीग के सभी मालिक चाहते हैं कि देश में फुटबॉल बेहतर हो। हम सभी एकजुट हैं और चाहते हैं कि यह व्यवस्था सफल हो। इसलिए हमें अच्छे परिणाम की उम्मीद है।”अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और आईएसएल से जुड़े पक्षों के बीच आठ जुलाई को एक ऐतिहासिक समझौता हुआ। इसके तहत क्लबों को कम से कम दो वर्षों तक देश की शीर्ष स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता को पूरी तरह संचालित करने की अनुमति दी गई। एआईएफएफ ने चार वर्षों के लिए आईएसएल के व्यावसायिक अधिकार क्लबों को सौंप दिए हैं। हालांकि क्लबों के पास दो साल बाद इस व्यवस्था से एकतरफा बाहर निकलने का विकल्प भी होगा। राष्ट्रीय महासंघ ने आईएसएल को क्लबों के नेतृत्व वाले मॉडल के तहत संचालित करने को स्वीकार कर लिया है जबकि इसके प्रशासनिक और नियामक कार्य एआईएफएफ के पास ही रहेंगे।
'बुरी किस्मत का सिलसिला टूटा', चाइना मास्टर्स का खिताब जीतने के बाद बोले सात्विक-चिराग
शेन्जेन, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की स्टार बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम किया। खिताब जीतने के बाद भारतीय जोड़ी ने इसे एक 'बुरी किस्मत के सिलसिले' का अंत और एशियन गेम्स 2026 से पहले बड़ा बूस्ट बताया।
पाकिस्तान टेस्ट टीम के अंतरिम हेड कोच माइक हेसन ने ड्रेसिंग रुम के माहौल पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के आने-जाने से अव्यवस्था पैदा हुई है। खिलाड़ी इससे निराश हैं। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच से पहले टीम को रीसेट करने की कोशिश है। इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान तीन मैचों की टेस्ट की सीरीज में 0-2 से पीछे है। दूसरे टेस्ट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया था। 4 महीने पहले हेड कोच बने सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल भी हटा दिए गए। उनकी जगह व्हाइट-बॉल टीम के कोच माइक हेसन और बॉलिंग कोच एश्ले नॉफ्के को कोचिंग स्टाफ में शामिल किया गया है। हेसन बोले- खिलाड़ियों के आने-जाने से टीम में निराशा हेसन ने कहा- ‘पिछले कुछ दिन होटल में रहना चैलेंजिंग रहा। कुछ खिलाड़ी आ रहे थे, कुछ जा रहे थे और फिर सभी खिलाड़ियों का आना हुआ।' उन्होंने आगे कहा- 'खिलाड़ी शायद मुझसे ज्यादा थोड़ी अव्यवस्था के आदी हैं। इसमें कोई शक नहीं कि वे निराश हुए हैं, बहुत ज्यादा निराश।’ हेसन ने कहा- रेड बॉल सिलेक्शन में मेरी कोई भूमिका नहीं थी हेसन ने माना कि उन्हें पाकिस्तान की मौजूदा रेड-बॉल टीम के सिलेक्शन प्रोसेस की पहले से जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तक वे पाकिस्तान में रेड-बॉल क्रिकेट से जुड़े ही नहीं थे। उन्होंने कहा- 'मैं व्हाइट-बॉल चयन पैनल का हिस्सा हूं। इस दौरे के लिए चुनी गई टीम में मेरी कोई भूमिका नहीं थी।' पिछले हफ्ते क्रिकबज ने रिपोर्ट दी थी कि PCB ने अपने ही सिलेक्टर्स को कारण बताओ नोटिस भेजा था। उनसे इमाम-उल-हक और मोहम्मद रिजवान के सिलेक्शन पर सफाई मांगी गई थी। सात खिलाड़ी टीम में शामिल, इनमें 5 अनकैप्ड पाकिस्तान ने मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और पहले मैच के कप्तान सलमान आगा सहित 7 खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया है। उनकी जगह 5 अनकैप्ड खिलाड़ियों सहित सईम अयूब और अब्दुल्ला फजल को शामिल किया गया है। ------------------------------ पाकिस्तान टीम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… एजबेस्टन टेस्ट से पहले पाकिस्तान टीम में नया विवाद:PCB ने खिलाड़ियों के फोन कस्टडी में लिए; वजह नहीं बताई पाकिस्तान क्रिकेट टीम से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। पूरी खबर पढ़ें… इमाम-रिजवान के चयन पर PCB ने सिलेक्टर्स को नोटिस दिया:24 घंटे में जवाब मांगा, एक दिन पहले 7 खिलाड़ी वापस बुलाए थे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के दौरों के लिए मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक के चयन पर सवाल उठाए हैं। क्रिकबज के अनुसार बोर्ड ने चयन समिति को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 24 घंटे में दोनों को टीम में चुनने का आधार और प्रदर्शन की जानकारी मांगी है। पूरी खबर पढ़ें…
मोहम्मद सिराज दलीप ट्रॉफी फाइनल में रहे बेअसर, लुटाए 96 रन, नहीं मिला कोई विकेट
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल के पहले दिन तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज विकेट लेने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। इस दौरान वह काफी महंगे भी साबित हुए।
Satwik-Chirag ने जीता China Masters का खिताब, फाइनल में चीनी जोड़ी को हराया
शेनजेन, छह सितंबर भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी ने रविवार को यहां शानदार वापसी करते हुए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को हराकर चीन मास्टर्स सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की दुनिया की पूर्व चौथे नंबर की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। करियर की 10वीं बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर जीत दर्ज करने के बाद सात्विक ने कहा, ‘‘यहां खेलना हमेशा अच्छा रहा है। चोट से वापसी के बाद जब भी हम यहां आए हैं, हमने अच्छा प्रदर्शन किया है। मुझे लगता है कि 2024 में ओलंपिक के बाद हम यहां खेले थे और सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। फिर पिछले साल भी हम खेले थे। उस समय हम अच्छी फॉर्म में नहीं थे, लेकिन फिर भी फाइनल तक पहुंचे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भी हम चोट से वापसी के बाद यहां आए हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह टूर्नामेंट हमारे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है। मुझे लगता है कि इस पूरे सप्ताह की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही। पहले दौर को छोड़ दें तो हमने लगभग हर मुकाबला तीन गेम में खेला है। ’’सात्विक ने कहा, ‘‘हम यहां आने से पहले ही अपनी रणनीति तैयार करके आए थे। हम उसे लागू करना चाहते थे। अगर वह काम करता तो बहुत अच्छा और अगर नहीं करता तो हम वापस जाकर फिर से उस पर काम करते। मुझे लगता है कि आज हमारी रणनीति काम कर गई। हमने आखिरकार उस सिलसिले को तोड़ दिया और 2026 में अपना दूसरा खिताब जीता। इस जीत से बहुत खुश हूं। ’’यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी। दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय जोड़ी के लिए यह खिताब जापान में 19 सितंबर से पहले होने वाले एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है जिसमें वह अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने की तैयारी कर रहे हैं। चिराग ने कहा, ‘‘यह सचमुच काफी विशेष लग रहा है। निश्चत रूप से एशियाई खेलों में जाने से पहले खिताब जीतने से हमारा आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा। इससे यह भरोसा मिलता है कि हम जिस दिशा में मेहनत कर रहे हैं, वह बिल्कुल सही है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब हम घर वापस जाएंगे और अगले 10 दिन तक कड़ी ट्रेनिंग करेंगे। इसके बाद एशियाई खेलों में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। हम वहां जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं और खेल का पूरा आनंद लेना चाहते हैं। ’’भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय सर्किट से दूर रहने के कारण रैंकिंग में गिरकर 70वें नंबर पर पहुंच गई थी। हे जी टिंग के लिए यह वापसी के बाद केवल तीसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ द्वारा लगाई गई अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। सात्विक और चिराग ने हालांकि इससे पहले चीन की इस जोड़ी के खिलाफ हुए अपने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। भारतीय जोड़ी ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में तीन गेम के तीन मुकाबले खेले थे। इन सभी मुकाबलों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था। सात्विक और चिराग ने इस साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरे फाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स से 5-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने आक्रमण जारी रखा जिससे यह बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के डिफेंस को भेदने की कोशिश की, लेकिन चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक अपनी बढ़त छह अंक की कर ली। भारतीय खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की गति से तालमेल नहीं बिठा सके और अंतर बढ़कर 7-14 हो गया। हे जी टिंग शानदार लय में नजर आ रहे थे और लगातार स्मैश लगा रहे थे। फिर चिराग की एक सर्विस गलती ने मुश्किलें और बढ़ा दीं जिससे चीन की जोड़ी ने बढ़त 17-9 कर दी। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर जाने से चीन की जोड़ी ने पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया। लेकिन भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया और प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को बार-बार फ्रंट कोर्ट में खेलने से रोका। इस तरह सात्विक और चिराग ने कड़े मुकाबले के बाद 7-6 की बढ़त हासिल कर ली। चिराग के बॉडी स्मैश से भारतीय जोड़ी ने लगातार पांचवां अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-6 कर दिया, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनकी बढ़त का सिलसिला टूट गया। चिराग के स्मैश की मदद से भारत ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बना ली। पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी के खाते में गए थे। जहां पहले गेम में अधिकांश रैलियां 15 शॉट से कम की थीं, वहीं दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा किया और हे जी टिंग और रेन को हर अंक के लिए अधिक मेहनत करने पर मजबूर किया। भारतीय जोड़ी द्वारा जीती गई 45 शॉट की एक लंबी रैली ने उनकी बढ़त को 12-8 कर दिया। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। भारतीय जोड़ी को फिर सात गेम-प्वाइंट के मौके मिले और सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर गेम अपने नाम कर लिया। चीन के खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में फिर से लय हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली। फिर उन्होंने इसे बढ़ाकर 7-3 कर दिया। चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट की मदद से भारतीय जोड़ी ने अंतर घटाकर 5-7 कर दिया। सात्विक और चिराग ने लगातार चौथा अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ तेज रैलियों के बाद चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक दो अंक की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने 11-13 के स्कोर पर मुकाबले में खुद को बनाए रखा। दोनों जोड़ियों के बीच अंक हासिल करने की जोरदार जंग जारी रही। चीन के खिलाड़ी को रैलियों के दौरान बेहतर प्रदर्शन का फायदा मिल रहा था। लेकिन उनकी सर्विस की गलती के बाद भारतीय खिलाड़ी 13-15 से पीछे बने रहे। सात्विक की सर्विस से स्कोर 14-16 हुआ और फिर भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 16-16 से बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद हे जी टिंग शटल को नेट में लगा बैठे जिससे भारत 18-17 से आगे हो गया। नेट कोर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी को तीन मैच प्वाइंट मिले और और चिराग ने जोरदार स्मैश लगाकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया।
216 रेस बाद Sergio Perez की ऐतिहासिक Pole Position, जानें Formula 1 के 10 'Late Bloomers' की कहानी
मिक हाकिनेन ने फार्मूला वन में अपने शुरुआती दो सीजन लोटस के साथ बिताए थे। 1993 में मैकलारेन के आरक्षित चालक बनने के बाद उन्हें सीजन के आखिरी दौर में रेस सीट मिली। उनकी गति ने शुरुआत से ध्यान खींचा, लेकिन मैकलारेन उस समय खिताबी मुकाबले में नहीं थी। 1994 से 1996 के बीच हाकिनेन कई बार पोडियम तक पहुंचे और 1997 में टीम के प्रदर्शन में सुधार आया। उसी साल लक्जमबर्ग ग्रां प्री में, जो जर्मनी के नूर्बुर्गरिंग में आयोजित हुई थी, हाकिनेन ने आखिरकार अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। उन्होंने 94 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि दर्ज की। इसी संख्या के साथ डेनियल रिकियार्डो का नाम भी आता है। आधे सीजन एचआरटी और दो साल टोरो रोसो में बिताने के बाद वह 2014 में रेड बुल पहुंचे। उस समय मर्सिडीज नए नियमों का फायदा उठाकर तेजी से आगे निकल चुकी थी। रिकियार्डो ने फिर भी कई मौकों पर उसे चुनौती दी और 2014 में मर्सिडीज के अलावा दौड़ जीतने वाले इकलौते चालक बने। हालांकि क्वालीफाइंग में पहला स्थान उनसे दूर रहा। 2016 में मोनाको की गलियों में रेड बुल की कार काफी तेज थी और रिकियार्डो ने निर्णायक चरण में शानदार चक्कर लगाकर पहली पोल पोजीशन अपने नाम की। निको रोसबर्ग ने 2006 में विलियम्स के साथ फार्मूला वन में कदम रखा। वह शुरुआती जीपी2 चैंपियन थे, लेकिन विलियम्स उस दौर में मुश्किल दौर से गुजर रही थी। चार साल बाद वह मर्सिडीज से जुड़े। टीम को दोबारा मजबूत होने में कुछ समय लगा और 2012 में शंघाई में कार ने अपनी क्षमता दिखाई। रोसबर्ग ने टीम साथी माइकल शूमाकर को पीछे छोड़ते हुए पोल हासिल की। यह मर्सिडीज की 1955 के बाद पहली पोल पोजीशन थी। 111 दौड़ों के बाद मिली इस सफलता को उन्होंने अगले दिन जीत में भी बदला। थियरी बुत्सेन 1983 में एरोज़ के साथ फार्मूला वन में आए और बाद में बेनेटन तथा विलियम्स का हिस्सा बने। 1988 में मैकलारेन के दबदबे के बीच उनके पास सीमित अवसर थे। 1989 में विलियम्स पहुंचने के बाद उन्हें बेहतर कार मिली। अगले साल हंगरी के हंगारोरिंग में उन्होंने टीम साथी रिकार्डो पत्रेसे को महज 0.036 सेकंड से पीछे छोड़कर पोल हासिल की। यह उनके पूरे करियर की एकमात्र पोल पोजीशन थी और इसी ने उन्हें बाद में अपनी तीसरी तथा अंतिम ग्रां प्री जीत की राह दी। उन्होंने 115 दौड़ों के बाद यह उपलब्धि हासिल की। जार्नो त्रुल्ली को एक चक्कर में असाधारण तेजी के लिए जाना जाता था। हालांकि उनके करियर का बड़ा हिस्सा मध्यक्रम की टीमों में बीता। 1997 में प्रोस्ट के साथ उन्होंने ऑस्ट्रिया में तीसरा स्थान हासिल किया। 2000 में जॉर्डन के साथ उन्होंने दो बार पहली पंक्ति में जगह बनाई, जिसमें मोनाको का प्रदर्शन खास था। 2004 में आखिरकार मोनाको में उनकी बारी आई। रेनो की कार को पोल पर पहुंचाने के बाद उन्होंने अगले दिन अपनी एकमात्र फार्मूला वन जीत भी हासिल की। यह सफलता 119 दौड़ों के बाद आई। मार्क वेबर ने 2002 में मिनार्डी के साथ पदार्पण करते हुए पांचवां स्थान हासिल कर सबका ध्यान खींचा। बाद में जगुआर और विलियम्स के साथ उन्होंने कई शानदार क्वालीफाइंग प्रदर्शन किए। 2008 में रेड बुल के साथ वह ब्रिटेन में दूसरी जगह रहे। रेड बुल के 2009 में मजबूत टीम बनने के बाद जर्मन ग्रां प्री में नूर्बुर्गरिंग पर वेबर ने पहली बार पोल हासिल की। इसके लिए उन्हें 131 दौड़ का इंतजार करना पड़ा। केविन मैग्नुसन ने 2014 में मैकलारेन के साथ पदार्पण पर पोडियम हासिल किया था, लेकिन उसके बाद करियर वैसा नहीं चला। हास में वापसी के बाद 2022 में ब्राजील के साओ पाउलो में बारिश के बीच उन्होंने सनसनीखेज पोल हासिल की। निर्णायक चरण में सबसे पहले ट्रैक पर निकलने और सूखे टायरों पर तेज समय निकालने का फायदा उन्हें मिला। इसके तुरंत बाद बारिश बढ़ गई और जॉर्ज रसेल के घूमने के कारण लाल झंडा लगा। दोबारा शुरू होने पर कोई उनके समय को नहीं तोड़ सका। 141 दौड़ों के बाद मिली यह पोल हास के लिए भी ऐतिहासिक रही। कार्लोस सैंज ने 2015 में पदार्पण किया और टोरो रोसो, रेनो तथा मैकलारेन के साथ मध्यक्रम में संघर्ष करते रहे। 2021 में फेरारी पहुंचने के बाद चार्ल्स लेक्लेर अक्सर उनसे आगे रहे। 2022 में मियामी और मोनाको में सैंज दूसरे स्थान पर रहे। आखिरकार गीली और सूखती ट्रैक वाली ब्रिटिश ग्रां प्री में उन्होंने मैक्स वेरस्टापेन को 0.072 सेकंड से पीछे छोड़कर पहली पोल हासिल की। यह उपलब्धि 151 दौड़ों के बाद आई। 191 दौड़ों के बाद पियरे गैस्ली ने भी आखिरकार पोल पोजीशन हासिल की। टोरो रोसो और अल्फाटौरी के साथ उन्होंने कई बार अपनी क्षमता दिखाई थी। 2021 में उनके कुछ क्वालीफाइंग प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहे। अल्पाइन के साथ भी उन्होंने 2024 में लास वेगास में तीसरा स्थान हासिल किया था। लेकिन 2026 की इटली ग्रां प्री में मोन्ज़ा पर गैस्ली ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए निर्णायक चरण में सबसे तेज समय निकाला। खास बात यह है कि इसी सर्किट पर उन्होंने 2020 में अपनी पहली और अब तक की एकमात्र दौड़ जीत हासिल की थी। इस सूची में सबसे ऊपर सर्जियो पेरेज़ हैं, जिन्होंने 216 दौड़ों के बाद अपनी पहली पोल पोजीशन हासिल की। सौबर, मैकलारेन और फोर्स इंडिया जैसी टीमों के साथ उन्होंने कई बार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन पोल के करीब पहुंचना मुश्किल रहा। रेड बुल में मैक्स वेरस्टापेन के साथी बनने के बाद भी वह अक्सर दूसरे स्थान पर रहे। 2021 में इमोला में वह पोल से केवल 0.035 सेकंड दूर रह गए थे। आखिरकार 2022 में जेद्दा की सड़क पर उन्होंने चार्ल्स लेक्लेर को महज 0.025 सेकंड से हराकर पहली बार पोल हासिल की। गौरतलब है कि इन आंकड़ों से साफ होता है कि फार्मूला वन में चालक की व्यक्तिगत प्रतिभा के साथ कार की क्षमता, टीम की रणनीति, मौसम और सही समय पर मिला अवसर भी बेहद अहम हैं। इन चालकों की यात्राएं बताती हैं कि पहली पोल पोजीशन तक पहुंचने में केवल गति ही नहीं, बल्कि लंबे इंतजार, निरंतरता और सही मौके की भी बड़ी भूमिका रही हैं।
एशियन गेम्स से पहले भारत की मेंस टीम जापान के खिलाफ 22 सितंबर को एक मैच खेलेगी। सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले के लिए ब्रॉडकास्टर की तलाश जारी है। जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) ब्रॉडकास्टिंग राइट्स के लिए ITW यूनिवर्स से चर्चा कर रहा है। ITW यूनिवर्स भारत में लाइव स्ट्रीमिंग और टेलीकास्ट के लिए फैनकोड, सोनी, स्टार और जी से बातचीत कर रहा है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे शुरू होगा। यूट्यूब पर स्ट्रीमिंग का शुरुआती प्लान था शुरुआत में इस मैच को कम से कम प्रोडक्शन उपकरणों के साथ यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम करने की योजना थी। इसकी वजह बताई गई कि भारत और जापान का मैच एकतरफा होने की उम्मीद है। इसलिए ब्रॉडकास्ट या स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ढूंढना मुश्किल माना जा रहा था। ग्लोबल ऑडियंस के लिए भारत-जापान मैच की लाइव स्ट्रीमिंग यूट्यूब पर की जा सकती है। हालांकि, भारतीय दर्शकों के लिए इसका प्रसारण सामान्य टीवी चैनलों या स्पोर्ट्स OTT प्लेटफॉर्म पर करने की योजना है। डिजिटल अधिकारों के लिए फैनकोड सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि उसका JCA के साथ पहले से करार रहा है। विमेंस कैटेगरी में 22 सितंबर को गोल्ड मेडल मैच होगा ITW और JCA के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय का टकराव है। भारत-जापान पुरुष मैच शुरू होने के ठीक एक घंटे बाद निशिन सिटी में महिला कैटेगरी में क्रिकेट का गोल्ड मेडल मैच होगा। भारतीय महिला टीम के फाइनल में पहुंचने की मजबूत संभावना है, जिससे दोनों मैचों में टकराव हो सकता है। एशियन गेम्स के प्रसारण अधिकार सोनी के पास हैं। प्रसारण में समय के इस टकराव से बचने के लिए आयोजकों ने मैच को 23 सितंबर को कराने का विकल्प तलाशा था। हालांकि, जापान की पुरुष टीम के एशियन गेम्स शेड्यूल के चलते ऐसा संभव नहीं हो सका। जापानी टीम को 24 सितंबर को अफगानिस्तान के खिलाफ अपने ग्रुप मैच के लिए एची जाना है, जो सानो से करीब 400 किलोमीटर दूर है। सानो स्टेडियम में दर्शकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी JCA ने कहा है कि भारत के मैच के लिए सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड को बदला जाएगा। इस मैदान में अभी 500 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। JCA ने संभावना जताई है कि 2 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंच सकते हैं। वह स्टेडियम की सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। भारत 20 सितंबर को पहुंचेगा भारतीय टीम 20 सितंबर को सानो पहुंचेगी। टीम को इस मैच से पहले 21 सितंबर को अभ्यास करना है। इसके बाद भारतीय टीम कुछ दिन सानो में ही रुकेगी। फिर एशियन गेम्स के मुकाबलों के लिए एची जाएगी। भारत का पहला मैच 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल में होगा। ------------------------------- इस मैच से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत-जापान रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर सुजुकी कप:22 सितंबर को दोनों टीमों में पहला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच, सानो में होगा मुकाबला भारत और जापान की टीमें दोनों देशों के रिश्तों के 75 साल पूरे होने पर टी-20 क्रिकेट मैच खेलेंगी। यह मैच 22 सितंबर को जापान के सानो शहर में खेला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
न्यूयॉर्क में अमेरिकी ओपन के दौरान यूकी भांबरी के दाहिने पैर पर लगी पट्टी देखकर ही अंदाजा हो गया था कि भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं हैं। घुटने से ऊपर तक उनका पैर मजबूती से बांधा गया था। इसके बावजूद 34 वर्षीय भांबरी कोर्ट पर उतरे और न्यूजीलैंड के माइकल वीनस के साथ पुरुष युगल मुकाबले में चुनौती पेश की। हालांकि भारतीय-न्यूजीलैंड की जोड़ी को पहले दौर में अमेरिका के रयान सेगर्मन और पैट्रिक ट्रैक से लगातार दो सेट में हार का सामना करना पड़ा। सेगर्मन और ट्रैक ने यह मुकाबला 7-6, 7-6 से अपने नाम किया। पहले सेट के निर्णायक खेल में उन्होंने 7-4 और दूसरे सेट के निर्णायक खेल में 7-3 से जीत दर्ज की। भांबरी और वीनस ने दोनों सेटों में कड़ा मुकाबला किया, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर अमेरिकी जोड़ी के सामने बढ़त बनाए रखने में सफल नहीं हो सके। बता दें कि भांबरी को अपनी पिछली प्रतियोगिता विंस्टन-सेलम में जांघ की मांसपेशी में खिंचाव आया था। इस चोट का असर अमेरिकी ओपन में उनकी गतिविधियों पर साफ दिखाई दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि युगल मुकाबले में भी उनके लिए कोर्ट पर तेजी से दौड़ना संभव नहीं था। खासकर छोटे शॉट या दूर जाती गेंदों तक पहुंचने के लिए तेज गति से दौड़ लगाने में उन्हें परेशानी हो रही थी। भांबरी ने बताया कि उन्होंने माइकल वीनस से ज्यादा दौड़ने और बड़े क्षेत्र को कवर करने की जिम्मेदारी संभालने को कहा था। चोट के कारण उनकी सामान्य सर्विस पर भी थोड़ा असर पड़ा। हालांकि उन्होंने इसे बड़ा बदलाव नहीं माना और कहा कि सर्विस की गति में केवल मामूली अंतर आया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले में ऐसे मौके भी आए जहां भारतीय खिलाड़ी की टीम के पास नतीजा बदलने का अवसर था। पहले सेट के निर्णायक खेल में 4-5 के स्कोर पर और दूसरे सेट में 4-1 की स्थिति के दौरान कुछ महत्वपूर्ण अंक हाथ से निकल गए। भांबरी के मुताबिक, अगर वे उन मौकों का फायदा उठाते तो मुकाबला अलग दिशा में जा सकता था। साथ ही यह भी कहना मुश्किल था कि आगे के चरणों में पैर की चोट कितना असर डालती। भांबरी ने यह भी स्पष्ट किया कि चोट गंभीर नहीं है। जांच और तस्वीरों से किसी हड्डी में टूट या मांसपेशी में बड़ी दरार की पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार यह केवल मांसपेशी में खिंचाव है, जिसके लिए आराम जरूरी है। ऐसे में आने वाले सप्ताह उनके लिए काफी अहम रहने वाले हैं। गौरतलब है कि भारतीय टेनिस टीम को 18 और 19 सितंबर को सियोल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ डेविस कप क्वालीफायर के दूसरे दौर में उतरना है। इसके ठीक एक सप्ताह बाद नागोया में एशियाई खेलों की टेनिस प्रतियोगिता शुरू हो जाएगी। इसके बाद भी नवंबर के अंत तक भांबरी का कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहने वाला है। भांबरी ने माना कि उन्हें अब कुछ समय के लिए रुकना पड़ेगा। लगातार दर्द के साथ खेलना और दर्द कम करने वाली दवाओं के सहारे प्रतियोगिताओं में उतरते रहना उनके लिए सही विकल्प नहीं होगा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी ओपन के बाद कुछ दिन आराम लेकर अपनी स्थिति का आकलन करेंगे। हालांकि डेविस कप को लेकर उन्होंने अभी अंतिम फैसला नहीं किया है, लेकिन एशियाई खेलों से हटने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इस प्रतियोगिता का इंतजार कर रहे हैं और इसे छोड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा। इसी वजह से अगले कुछ दिन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि उन्हें चोट से उबरने और लगातार सामने आ रहे बड़े मुकाबलों के बीच संतुलन बनाना होगा। अमेरिकी ओपन में भारत की एक और पुरुष युगल जोड़ी को भी पहले दौर में हार मिली। अनिरुद्ध चंद्रशेखर और रूस के इवान लिउतारेविच को ब्रिटेन के आर्थर फेरी और जोशुआ पैरिस ने 6-4, 5-7, 6-4 से हराया। इस हार के साथ भारतीय खिलाड़ियों के लिए पुरुष युगल वर्ग में अमेरिकी ओपन अभियान की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही हैं।
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में ठोका दमदार शतक, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पूरे किए 4000 रन
ईशान किशन के धमाकेदार शतक और वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक पारी के दम पर ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच के पहले दिन अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। चेन्नई में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में कप्तान ईशान किशन ने महज 122 गेंदों में शानदार शतक जड़ा।
Satwik-Chirag ने जीता China Masters का खिताब, चीनी जोड़ी को दी मात
शेनजेन, छह सितंबर भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी ने रविवार को यहां शानदार वापसी करते हुए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को हराकर चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की दुनिया की पूर्व चौथे नंबर की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी। दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय जोड़ी के लिए यह खिताब जापान में 19 सितंबर से पहले होने वाले एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है जिसमें वह अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने की तैयारी कर रहे हैं। भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय सर्किट से दूर रहने के कारण रैंकिंग में गिरकर 70वें नंबर पर पहुंच गई थी। हे जी टिंग के लिए यह वापसी के बाद केवल तीसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ द्वारा लगाई गई अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। सात्विक और चिराग ने हालांकि इससे पहले चीन की इस जोड़ी के खिलाफ हुए अपने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। भारतीय जोड़ी ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में तीन गेम के तीन मुकाबले खेले थे। इन सभी मुकाबलों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था। सात्विक और चिराग ने इस साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरे फाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स से 5-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने आक्रमण जारी रखा जिससे यह बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के डिफेंस को भेदने की कोशिश की, लेकिन चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक अपनी बढ़त छह अंक की कर ली। भारतीय खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की गति से तालमेल नहीं बिठा सके और अंतर बढ़कर 7-14 हो गया। हे जी टिंग शानदार लय में नजर आ रहे थे और लगातार स्मैश लगा रहे थे। फिर चिराग की एक सर्विस गलती ने मुश्किलें और बढ़ा दीं जिससे चीन की जोड़ी ने बढ़त 17-9 कर दी। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर जाने से चीन की जोड़ी ने पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया। लेकिन भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया और प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को बार-बार फ्रंट कोर्ट में खेलने से रोका। इस तरह सात्विक और चिराग ने कड़े मुकाबले के बाद 7-6 की बढ़त हासिल कर ली। चिराग के बॉडी स्मैश से भारतीय जोड़ी ने लगातार पांचवां अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-6 कर दिया, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनकी बढ़त का सिलसिला टूट गया। चिराग के स्मैश की मदद से भारत ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बना ली। पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी के खाते में गए थे। जहां पहले गेम में अधिकांश रैलियां 15 शॉट से कम की थीं, वहीं दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा किया और हे जी टिंग और रेन को हर अंक के लिए अधिक मेहनत करने पर मजबूर किया। भारतीय जोड़ी द्वारा जीती गई 45 शॉट की एक लंबी रैली ने उनकी बढ़त को 12-8 कर दिया। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। भारतीय जोड़ी को फिर सात गेम-प्वाइंट के मौके मिले और सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर गेम अपने नाम कर लिया। चीन के खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में फिर से लय हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली। फिर उन्होंने इसे बढ़ाकर 7-3 कर दिया। चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट की मदद से भारतीय जोड़ी ने अंतर घटाकर 5-7 कर दिया। सात्विक और चिराग ने लगातार चौथा अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ तेज रैलियों के बाद चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक दो अंक की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने 11-13 के स्कोर पर मुकाबले में खुद को बनाए रखा। दोनों जोड़ियों के बीच अंक हासिल करने की जोरदार जंग जारी रही। चीन के खिलाड़ी को रैलियों के दौरान बेहतर प्रदर्शन का फायदा मिल रहा था। लेकिन उनकी सर्विस की गलती के बाद भारतीय खिलाड़ी 13-15 से पीछे बने रहे। सात्विक की सर्विस से स्कोर 14-16 हुआ और फिर भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 16-16 से बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद हे जी टिंग शटल को नेट में लगा बैठे जिससे भारत 18-17 से आगे हो गया। नेट कोर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी को तीन मैच प्वाइंट मिले और और चिराग ने जोरदार स्मैश लगाकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया।
श्रीराम बालाजी बोले- 'ऐसा लग रहा है पिछले साल की हार का बदला ले लिया'
नई दिल्ली, एन श्रीराम बालाजी और उनके अमेरिकी साथी इवान किंग ने न्यूयॉर्क में यूएस ओपन 2026 के पुरुष डबल्स इवेंट के पहले राउंड में एक रोमांचक मुकाबले में जीत हासिल की। उन्होंने नीदरलैंड्स के सैंडर एरेन्ड्स और डेविड की जोड़ी के खिलाफ छह मैच प्वाइंट बचाकर दूसरे राउंड में जगह बनाई।
चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में रविवार की सुबह अचानक भीड़ उमड़ने लगी। वजह थी दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग। जैसे ही खबर फैली कि ईस्ट जोन के सूर्यवंशी बल्लेबाज कर रहे हैं, 12 हजार से ज्यादा दर्शक स्टेडियम पहुंच गए। आलम यह था कि तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन को तीन अतिरिक्त स्टैंड खोलने पड़े। एक डोमेस्टिक मैच में ऐसी भीड़ आमतौर पर देखने को नहीं मिलती। फाइनल मुकाबला साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच खेला चेन्नई के एम चिदंबरम स्टेडियम में खेला जा रहा है। सूर्यवंशी 44 रन बनाकर आउट हुए। मैच की पूरी खबर पढ़ें… वैभव की बैटिंग के बाद स्टैंड लगभग खाली हुआ पहले यह फाइनल बेंगलुरु में खेला जाना था। फिर BCCI ने इसे चेपॉक शिफ्ट किया, ताकि फैंस आ सकें। सूर्यवंशी ने मोहम्मद सिराज को मिड-ऑफ के ऊपर से छक्का लगाया। उन्होंने 37 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का लगाया। 93 मिनट बैटिंग करने के बाद सूर्यवंशी को साउथ जोन के चामा मिलिंद ने आउट होते ही C लोअर स्टैंड से दर्शक निकलने लगे और फिर धीरे-धीरे लगभग पूरा स्टैंड खाली हो गया। खास बात ये थी की सूर्यवंशी साउथ जोन के खिलाफ खेल रहे थे और साउथ के ही दर्शक सूर्यवंशी को सपोर्ट करने पहुंच गए। श्रीकांत बोले- सूर्यवंशी की वजह से मेरी पत्नी दलीप ट्रॉफी देख रही पूर्व भारतीय क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने 15 साल के सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव में वर्ल्ड क्रिकेट का बड़ा नाम बनने की क्षमता है। उन्होंने वैभव को आंकड़ों से परे बताया। श्रीकांत ने कहा- 'वैभव लोगों को घरेलू क्रिकेट देखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी वजह से मेरी पत्नी भी दलीप ट्रॉफी देख रही हैं।' उन्होंने कहा सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट के खोए हुए वैभव को वापस ला सकते हैं। वैभव की वजह से इंडिया-ए का मैच टेलीकास्ट हुआ सूर्यवंशी इफेक्ट सिर्फ स्टेडियम तक नहीं रुका। श्रीलंका में 9 से 21 जून तक खेली गई इंडिया-ए, अफगानिस्तान और श्रीलंका की त्रिकोणीय सीरीज भी टेलीकास्ट की गई थी। जो आमतौर पर बिना टेलीकास्ट के खेली जाती है। सूर्यवंशी भारत के लिए अब तक 6 टी-20 मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 189.22 की स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं। IPL में जर्सी बिक्री में धोनी-कोहली-रोहित को पीछे छोड़ा था IPL 2026 में सूर्यवंशी की नंबर-3 जर्सी सबसे ज्यादा बिकी थी। उन्होंने भारतीय दिग्गद धोनी, रोहित और कोहली को भी पीछ छोड़ दिया था। राजस्थान रॉयल्स के एक सूत्र ने कहा था कि किसी भी क्रिकेटर के लिए ऐसा क्रेज पहले कभी नहीं देखा। IPL 2026 में सूर्यवंशी ने सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। उन्होंने ऑरेंज कैप, मॉस्ट वैल्यूएबल प्लेयर सहित कई अवाॉर्ड जीते थे। यहां तक कि उन्होंने क्रिस गेल के सबसे ज्यादा सिक्सर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था। --------------------------- सूर्यवंशी की यह खबर भी पढ़ें… वैभव सूर्यवंशी अंडर-19 टीम से बाहर:ऑस्ट्रेलिया सीरीज नहीं खेलेंगे, BCCI के वन-वर्ल्ड कप नियम का असर; 2026 वर्ल्डकप खेल चुके BCCI ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय अंडर-19 टीम घोषित की है। इसमें पूर्व भारतीय दिग्गज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग और पूर्व भारतीय कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को जगह मिली है। पूरी खबर पढ़ें…
सात्विक-चिराग ने रच दिया इतिहास, चीन की जोड़ी को हराकर पहली बार जीता चाइना मास्टर्स का खिताब
भारतीय बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। उन्होंने रोमांचक खिताबी मुकाबले में चीन की हे जी तिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को हराकर ऐतिहासिक जीत हासिल की।
भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। भारतीय जोड़ी ने रविवार को चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को एक घंटे 10 मिनट चले मैच में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। यह टाइटल वर्ल्ड नंबर-5 भारतीय जोड़ी के लिए बड़ी जीत है। दोनों 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे। पहला गेम हारी भारतीय जोड़ी भारतीय जोड़ी पहले गेम की शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सकी। टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स के दम पर 5-0 की बढ़त बनाई। भारतीय खिलाड़ी चीनी के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश करते रहे। चीन ने इंटरवल तक छह अंकों की बढ़त बना ली। चिराग की सर्विस गलती से चीन की बढ़त 17-9 हो गई। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर चला गया और चीनी जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी की वापसी दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने डिफेंस को बेहतर किया। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया, जिससे चीनी खिलाड़ी असमंजस में रहे। उन्हें सामने आने का मौका नहीं मिला। दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियां लंबी कीं। चीनियों को हर अंक के लिए मेहनत करनी पड़ी।भारतीय जोड़ी ने 45 शॉट की रैली जीती और बढ़त 12-8 कर ली। चीनी खिलाड़ियों के नेट में शॉट मारने से भारत को गेम प्वाइंट के सात मौके मिले। सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर दूसरा गेम भारत के नाम कर दिया। तीसरे गेम में पिछड़ने के बाद जीते निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने फिर लय हासिल की और 4-0 की बढ़त बनाई। स्कोर 7-3 होने के बाद चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट से भारत ने अंतर 5-7 कर दिया। लगातार चौथा अंक जीतकर सात्विक और चिराग ने स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ फ्लैट रैलियों के बाद चीन ने इंटरवल तक दो अंकों की बढ़त बनाए रखी। अपने पसंदीदा कोर्ट साइड पर लौटने के बाद भारतीय जोड़ी 11-13 से पीछे रहते हुए भी मुकाबले में बनी रही। एक समय स्कोर 16-16 से बराबर हो गया था। हे जी टिंग के नेट में शॉट मारने से भारत 18-17 से आगे हो गया। इसके बाद नेट कॉर्ड से मिले भाग्यशाली अंक ने भारतीय जोड़ी को मैच प्वाइंट के तीन मौके दिए। चिराग ने स्मैश लगाकर मैच और चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब भारत के नाम कर दिया। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… रुमेश पाथिरागे ने जीता डायमंड लीग फाइनल; 89.04 मीटर जेवलिन थ्रो किया, श्रीलंका के पहले चैंपियन बने श्रीलंका के जेवलिन थ्रोअर रुमेश थारंगा पाथिरागे ने शनिवार को ब्रसेल्स के किंग बॉडॉइन स्टेडियम में डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीत लिया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 89.04 मीटर का थ्रो किया और लीग में पहला स्थान हासिल किया। पढ़ें पूरी खबर

