तोकाई (जापान), 26 सितंबर (आईएएनएस)। थाईलैंड की पुरुष कबड्डी टीम के कोच रवींद्र शेट्टी ने कहा कि एशियन गेम्स में देश का ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल वहां इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है। 1990 में इस खेल की शुरुआत के बाद से महाद्वीपीय प्रतियोगिता में थाईलैंड का यह पहला पुरुष कबड्डी मेडल है।
'आज मेरा सपना सच हो गया, हनुमान जी हमारे साथ हैं,' कबड्डी में गोल्ड जीतने पर कप्तान सुनील कुमार खुश
आइची, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को आइची में ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत दर्ज करते हुए एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल जीता। खिताबी जीत के बाद कप्तान सुनील कुमार ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का उनका सपना सच हो गया है।
झज्जर, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता। हरियाणा स्थित झज्जर के बुपनिया गांव के स्टार रेडर अयान लोहचब भारत की गोल्ड जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा थे। भारत के स्वर्णिम प्रदर्शन पर अयान के घर और पूरे गांव में जश्न का माहौल है। यहां लोग 30 सितंबर को उनके भव्य स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं।
IND vs WI: केएल राहुल 10000 रन की दहलीज पर, पहले वनडे में छू सकते हैं बड़ा मुकाम
पहले वनडे मैच में केएल राहुल के पास एक उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। राहुल अगर इस मैच में 35 रन बना लेते हैं, तो वे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 10000 रन पूरे कर लेंगे।
एशियन गेम्स: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने लहराया परचम, पवन सहरावत बोले- ‘खाली पेट गोल्ड जीता है’
आइची, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ओपनिंग सेरेमनी में झंडा उठाने वाले कबड्डी टीम के दिग्गज खिलाड़ी पवन सहरावत ने बताया कि खिलाड़ियों का पूरा ध्यान फाइनल पर था और गोल्ड जीतने के बाद ही उन्होंने ठीक से खाना खाया। पवन ने बताया कि भारतीय खिलाड़ियों ने खाली 'पेट गोल्ड' जीता है।
'आपको मेरी शुभकामनाएं,' एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट्स ने लहराया तिरंगा, राष्ट्रपति मुर्मु ने सराहा
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 'एशियन गेम्स 2026' में शनिवार को देश के लिए मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम समेत, शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर और रनर प्राची चौधरी को बधाई दी है।
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में 44 साल बाद जीता रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर ऐतिहासिक रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा में भारत का 44 साल बाद पहला पदक है, वहीं अनुभवी गोला फेंक एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर भी दूसरे स्थान पर रहे जिससे देश के ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा। वहीं प्राची चौधरी ने 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत के एथलेटिक्स पदकों की संख्या आठ कर दी। प्रतियोगिताओं के चौथे दिन मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पूरे दिन लगातार हल्की बारिश होती रही जिससे मैदान गीला रहा। प्रतियोगिता के तीन दिन अभी बाकी हैं, लेकिन भारतीय एथलेटिक्स टीम को अब भी अपने पहले स्वर्ण पदक की तलाश है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को कम से कम 25 पदक जीतने की उम्मीद है। इस दिन दो मजबूत पदक दावेदार और पिछले चरण के पदक विजेता धाविका ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़) और त्रिकूद एथलीट प्रवीण चित्रावेल चोटिल होने के कारण अपनी-अपनी स्पर्धाओं से हट गए। एएफआई के एक अधिकारी के अनुसार याराजी ने ‘वार्म-अप’ के दौरान दर्द महसूस होने के बाद स्पर्धा से नाम वापस ले लिया। वहीं चित्रावेल ने अपना पहला प्रयास पूरा नहीं कर पाने के बाद पैर में दर्द होने पर प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। दिन की शुरूआत शानदार रही। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किमी तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किमी में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किमी में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे। तूर स्वर्णिम हैट्रिक से चूके :तूर की लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे। प्राची को कांस्य :उत्तर प्रदेश की प्राची ने महिला 400 मीटर दौड़ के फाइनल में 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की सलवा नासेर ने 49.20 सेकंड के इन खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ईरान की जहरा जारेई मनौजान ने 52.38 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय धाविका किरण पहल 53.41 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। प्राची ने अब अपना ध्यान चार गुणा 400 मीटर रिले पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि लोग लगातार मुझसे कहते रहे हैं कि मैं केवल रिले स्पर्धाओं में ही पदक जीत सकती हूं। आज मैंने साबित कर दिया है कि मैं व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में भी पदक जीत सकती हूं, और वह भी एशियाई खेलों में। ’’पुरुषों की 400 मीटर फाइनल स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके 45.48 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में पारुल चौधरी और पूजा क्रमशः चौथे और छठे स्थान पर रहीं। पारुल ने चार मिनट 9.46 सेकंड जबकि पूजा ने 4:16.78 सेकंड का समय दर्ज किया। इस बीच राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनीमेश कुजूर ने सेमीफाइनल की तीसरी हीट में 20.81 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल कर पुरुषों की 200 मीटर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नंदिनी कोंगन ने भी महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने अपनी हीट में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
यशस्वी जायसवाल को लेकर कोच ने दिया बेबाक बयान, कहा- उनके साथ नहीं हुई कोई नाइंसाफी
तिरुवनंतपुरम में होने वाले पहले वनडे से पहले यशस्वी जायसवाल के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बयान दिया है कि टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण जायसवाल को वनडे में मौका नहीं मिल पा रहा है।
एशियन गेम्स - कबड्डी में गोल्ड जीतने के बाद जयदीप बोले- घर से चूरमा और लड्डू जापान साथ ले गए थे
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए 'गोल्ड मेडल' अपने नाम किया।
Asian Games में तजिंदरपाल सिंह तूर ने जीता रजत, ईरान के Mohammadreza ने तोड़ा रिकॉर्ड
भारत के तजिंदरपाल सिंह तूर की एशियाई खेलों की गोला फेंक स्पर्धा में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश शनिवार को यहां रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’यह पूछे जाने पर कि उन्हें कौन प्रेरित करता है, तूर ने कहा, ‘‘कोई आपको प्रेरित नहीं कर सकता। आपको खुद को प्रेरित करना होगा और खुद को संभालना होगा। ’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे।
रोहित राजपाल छोड़ सकते हैं डेविस कप की कप्तानी, AITA में सुधार और युवा खिलाड़ियों के लिए उठाई आवाज
भारत के डेविस कप टीम के कप्तान रोहित राजपाल ने अपने पद से इस्तीफा देने के संकेत दिए हैं। हालांकि उनका अनुबंध 31 दिसंबर 2026 तक है, लेकिन उनका मानना है कि अब नए और युवा चेहरों को कप्तानी की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
भारत बनाम वेस्टइंडीज - कप्तान शुभमन गिल चोट के बावजूद पहला वनडे खेलेंगे
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से वनडे सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पुष्टि कर दी है कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल को कोई
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराया। टीम को चैंपियन बनाने में ऑलराउंडर खिलाड़ी रितु श्योराण ने अहम भूमिका निभाई। रितु के पति नसीब जांगू ने उनके दमदार प्रदर्शन पर खुशी जताई है।
एशियन गेम्स - शॉट पुट में तेजिंदरपाल सिंह तूर ने भारत को दिलाया सिल्वर
दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल से चूक गए
नागोया, 26 सितंबर (आईएएनएस)। दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल से चूक गए। शनिवार को नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पुरुषों के शॉट पुट फाइनल में उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जबकि ईरान के मोहम्मदरेजा तयेबी ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया।
एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने दी बधाई
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय कबड्डी टीम और विशेष रूप से राज्य के खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, अद्भुत कौशल और अटूट टीम भावना का परिचय देकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
Asian Games Kabaddi में भारत का जलवा, पुरुष और महिला टीमों ने Iran को हराकर जीता Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 26 सितंबर एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा बरकरार रहा जहां पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शनिवार को खिताबी मुकाबलों में चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी ईरान को हराकर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने 40-34 से जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में 37-34 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम का यह एशियाई खेलों में नौवां और महिला टीम का चौथा स्वर्ण पदक है। पुरुष टीम की जीत की खास बात यह रही कि उसके सबसे अनुभवी खिलाड़ी पवन सहरावत को मैट पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मुकाबले के बीच में जब गत चैंपियन टीम नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही थी, तब रेडर अर्जुन देशवाल और देवांक ने निर्णायक क्षणों में संयम दिखाते हुए मुकाबले का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईरान ने हर अंक के लिए पूरी ताकत झोंकी और शारीरिक खेल में भारत को कड़ी चुनौती दी। उसने आखिरी के कुछ मिनटों को छोड़कर भारतीय टीम को लय में आने का मौका नहीं दिया। मध्यांतर तक ईरान 18-17 से आगे था और भारत पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि धैर्य नहीं खोया। उन्होंने खेल की गति बदली, अपने रेडरों पर भरोसा जताया और अनुभव का इस्तेमाल किया। अर्जुन और देवांक बार-बार ईरान के पाले में ज्यादा अंदर तक जाने में सफल रहे और सही मौके चुने और अहम अंक लेकर लौटे। इससे धीरे-धीरे ईरान दबाव में आने लगा। सहरावत ने मैच के बाद कहा, ‘‘मध्यांतर में ईरान 18-17 से आगे था। हमने रणनीति बनाई कि केवल उन्हीं रेडरों को भेजा जाएगा जो विपक्षी खिलाड़ियों पर दबदबा बना सकें। देशवाल और देवांक ने यह काम बखूबी किया और उनकी रेड ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।’’रणनीति में बदलाव सिर्फ रेडरों तक सीमित नहीं रहा। शुरुआती दौर में जरूरत से ज्यादा आगे जाकर फंसने वाले असलम मुस्तफा को डिफेंस में भेजा गया, जहां उन्होंने अधिक प्रभावी भूमिका निभाई। भारत ने अपनी रक्षापंक्ति भी मजबूत की, जिससे ईरान के रेडरों के लिए आसान अंक हासिल करना मुश्किल हो गया। मुकाबले का निर्णायक मोड़ तब आया जब भारत ने ऑलआउट कर अपनी बढ़त 29-24 कर ली। स्वर्ण पदक करीब दिखने लगा तो भारतीयों ने जल्दबाजी के बजाय खेल की गति धीमी कर दी। रेडर मिडलाइन के आसपास रहे, मौके का इंतजार किया और बिना जोखिम उठाए सुरक्षित लौटते रहे। ईरान के पास अंक जुटाने के लिए जोखिम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसके रेडर भारतीय पाले में ज्यादा गहराई तक आने लगे, लेकिन मजबूत होती भारतीय रक्षापंक्ति ने उन्हें अंक जुटाने के कम मौके दिये। हर नाकाम रेड के साथ ईरान पर दबाव बढ़ता गया और भारत अपनी बढ़त के सहारे धैर्य से खेलता रहा। महिला टीम ने भी दबाव भरे मुकाबले में संयम बनाए रखते हुए रिकॉर्ड चौथा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा 2010 में ग्वांग्झू खेलों में महिला कबड्डी के पदार्पण के बाद से हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। ईरान इस खेल में भारत का कठिनतम प्रतिद्वंद्वी रहा है लेकिन मुकाबले में अनुभवहीनता उसके लिये नुकसानदेह साबित हुई। भारत ने ग्रुप चरण में ईरान को हराया था और उसकी कमजोरियों का एक बार फिर फायदा उठाया। ईरान के खिलाड़ियों के पास ऊंचा कद और तकनीक थी लेकिन अनुभव नहीं था। भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26-27 कर दिया। भारत एक समय 27-22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27-26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34-28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। ईरान ने आखिर में पूरा जोर लगाकर अंतर 37-34 का किया लेकिन भारत को जीत से नहीं रोक सके। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। महाराष्ट्र की दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी सोनाली शिंगेत ने कहा ,‘‘ ईरान काफी कठिन प्रतिद्वंद्वी है और हमें पता था कि ग्रुप चरण का मुकाबला जीतने के बावजूद हमें कड़ी चुनौती मिलेगी। हमने उनके कमजोर बायें फ्लैंक का फायदा उठाया।
विराट कोहली : मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा
नई दिल्ली, भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अब आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 पर अपना पूरा ध्यान लगा रहे हैं। उन्होंने माना कि साउथ अफ्रीका में होने वाला यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी वनडे विश्व कप हो सकता है। ऐसे में वह इसे यादगार बनाने और भारत को चैंपियन बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं।
केवी नेशनल गेम्स में जयपुर की बेटियां बनी चैम्पियन - देहरादून को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराया
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बीरपुर देहरादून में आयोजित 55वीं राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में जयपुर केन्द्रीय विद्यालय नम्बर 1 की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फुटबॉल अंडर-14
रोहित शर्मा का फोकस ODI वर्ल्ड कप 2027 पर, बोले- रिटायरमेंट का ख्याल ही नहीं आता
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने वनडे वर्ल्ड कप जीतने के अपने सपने के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट्स की चुनौती काफी अलग होती है, क्योंकि इनमें हर मैच नए मैदानों पर और अलग-अलग टीमों के खिलाफ खेलना पड़ता है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में भारतीय टीम ने ईरान को 40-34 से हराया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय टीम को बधाई दी है।
एशियन गेम्स: भारतीय फैंस को झटका, शटलर आयुष शेट्टी का 'मेंस सिंगल्स' में सफर समाप्त
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शटलर आयुष शेट्टी का सफर 'मेंस सिंगल्स' के तीसरे राउंड में समाप्त हो गया।
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम को चैंपियन बनाने में शेफाली वर्मा ने अहम किरदार निभाया। शेफाली ने कहा कि वनडे विश्व कप जीतने के बाद से महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। उन्होंने अपने उस मुश्किल समय को भी याद किया, जब वह टीम से बाहर चल रही थीं।
एशियन गेम्स: 'गोल्ड मेडल' के लिए 8 साल लंबा इंतजार, सोनाली शिंगटे ने इंजरी के बावजूद नहीं मानी हार
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में शनिवार को ईरान के खिलाफ 37-34 से जीत हासिल करते हुए 'गोल्ड मेडल' अपने नाम किया। सोनाली विष्णु शिंगटे को इस मेडल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में वह चोटिल होने के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थीं।
एशियन गेम्स में भारत का जलवा, वीडियो में जाने महिला कबड्डी में ईरान को हराकर जीता गोल्ड; सावन बरवाल का ऐतिहासिक सिल्वर
टीम इंडिया ने बुलेट ट्रेन से किया नागोया तक का सफर, नजरें अब एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल मैच पर
भारतीय टीम एशियन गेम्स में भाग लेने शनिवार को नागोया पहुंच गई है। प्रतियोगिता में भारत का पहला मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ होगा, जहां दोनों टीमें दूसरे क्वार्टर फाइनल में एक-दूसरे से भिड़ेंगी।
आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारतीय कबड्डी ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। शनिवार का दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया जब भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 'गोल्डन डबल' हासिल किया। महिला टीम द्वारा ईरान को रोमांचक मुकाबले में हराने के बाद, पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा और देश की झोली में नौवां गोल्ड मेडल डाला। पुरुष टीम की जीत का आधार तनावपूर्ण पहले हाफ के बाद दिखाया गया संयम था। ब्रेक के समय 17-18 से पीछे रहने के बाद, सुनील कुमार की टीम ने खेल दोबारा शुरू होने पर अपनी तीव्रता बढ़ाई। उन्होंने डिफेंस को मजबूत किया और अटैक में बेहतर लय हासिल करते हुए ईरान की मजबूत टीम पर बढ़त बना ली। भारत बनाम ईरान, एशियाई खेल कबड्डी हाइलाइट्स ईरान ने भारत को हर पॉइंट के लिए कड़ी टक्कर दी और फ़ाइनल को एशियाई दिग्गजों के बीच एक और यादगार मुकाबले में बदलने की कोशिश की। लेकिन तीन साल पहले हांगझोऊ में हुए गोल्ड मेडल के हंगामेदार मुकाबले के उलट, भारत ने सबसे अहम मौकों पर अपना संयम बनाए रखा। छह पॉइंट के अंतर से मिली यह जीत एशियाई खेलों के पिछले तीन संस्करणों में ईरान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत थी। हांगझोऊ में, भारत 33-29 से जीता था, लेकिन उस फ़ाइनल पर रेफरी से जुड़े लंबे विवाद का साया पड़ा था। स्कोर 28-28 से बराबर था और खेल खत्म होने में एक मिनट से भी कम समय बचा था, तभी एक विवादित रेड को लेकर दोनों टीमों ने विरोध किया और खेल लगभग एक घंटे तक रुका रहा, जिसके बाद मुकाबला फिर से शुरू हुआ। आइची-नागोया में ऐसा कोई ड्रामा नहीं हुआ इसके बजाय, भारत ने दूसरे हाफ में धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनाई और यह सुनिश्चित किया कि ईरान हांगझोऊ की तरह आखिरी समय में वापसी न कर सके। खेल के आखिरी पलों में खिताब लगभग पक्का हो जाने के बाद, कप्तान सुनील ने आखिरी रेड के दौरान ईरानी खिलाड़ियों की ओर इशारा करते हुए संकेत दिया कि भारत का काम पूरा हो गया है। इस जीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की कबड्डी में भारत के शानदार दबदबे को और बढ़ाया। यह इस इवेंट में उनका नौवां गोल्ड मेडल है; एकमात्र हार 2018 में जकार्ता में मिली थी, जब ईरान ने सेमीफाइनल में भारत को हराकर उनका लंबा दबदबा खत्म कर दिया था। भारत ने हांगझोऊ में खिताब वापस हासिल किया और अब आइची-नागोया में सफलतापूर्वक इसका बचाव किया है। इससे पहले दिन में, महिला टीम ने ईरान को एक और रोमांचक फ़ाइनल में 37-34 से हराकर 'गोल्डन डबल' का पहला हिस्सा पूरा किया था। महिलाओं का प्रदर्शन काफ़ी शानदार रहा। पिछली बार की चैंपियन टीम ग्रुप स्टेज में बिना कोई मैच हारे आगे बढ़ी, जिसमें ईरान पर 37-23 की जीत भी शामिल थी। इसके बाद उन्होंने जापान को 50-25 से बुरी तरह हराया और फिर सेमीफ़ाइनल में नेपाल को 48-24 से मात दी। लेकिन फ़ाइनल का मुक़ाबला बिल्कुल भी आसान नहीं था। ईरान की टीम पूरे समय भारत को कड़ी टक्कर देती रही, जिससे भारत को मैच के आखिरी पलों में अपने अनुभव और मज़बूत डिफ़ेंस पर निर्भर रहना पड़ा। 37-34 की इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में महिला कबड्डी का चौथा गोल्ड मेडल जीता और भारतीय कबड्डी के लिए एक यादगार दिन पूरा किया। दो फ़ाइनल, ईरान पर दो जीत और दो गोल्ड मेडल - भारत की कबड्डी टीमों ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दबदबा साबित कर दिया।
एशियन गेम्स 2026: ओह येओनजी को हराकर प्रिया ने किया बड़ा उलटफेर, क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट प्रिया घांघस ने शनिवार को यहां निशियो जिम्नेजियम में महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 में साउथ कोरिया की दो बार की वर्ल्ड मेडलिस्ट ओह येओनजी को सर्वसम्मति से 5-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।
विराट कोहली ने कहा कि 2027 का वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि वे ट्रॉफी जीतने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। कोहली ने कहा, मैं मैदान पर अपना 100% देना चाहता हूं। लक्ष्य बिल्कुल साफ है- वर्ल्ड कप जीतना। 37 साल के कोहली सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने 2024 में टी-20 इंटरनेशनल और 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। विराट कोहली अब तक 4 वनडे वर्ल्ड कप (2011, 2015, 2019 और 2023) खेल चुके हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 54 शतक भी हैं। 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा। 50 ओवर का मैच, ढाई टी-20 जितनी क्रिकेट कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की शारीरिक और मानसिक चुनौती भी बताई। उनके मुताबिक एक वनडे में खिलाड़ी को करीब ढाई टी-20 मैच जितनी क्रिकेट खेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि 2027 वर्ल्ड कप विदेशी परिस्थितियों में होगा। अलग-अलग मैदानों और विरोधी टीमों के खिलाफ लगातार मैच खेलने से चुनौती और बढ़ेगी। ऐसे में उनकी नजर पूरे टूर्नामेंट में अपने स्तर को बनाए रखने और टीम को खिताब तक पहुंचाने पर होगी। 2011 में धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीते कोहली का यह पांचवां वनडे वर्ल्ड कप होगा। 2011 में भारतीय टीम ने धोनी की कप्तानी 28 साल बाद खिताब जीता था और कोहली उस टीम का हिस्सा थे। 2023 में भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गया। वर्ल्ड कप में कोहली का रिकॉर्ड भी उनके लंबे सफर को दिखाता है। उन्होंने 37 मैचों में 1,795 रन बनाए हैं। औसत 59.83 का है। उनके नाम 5 शतक और 12 अर्धशतक हैं। रोहित बोले- अभी बहुत कुछ बाकी है रोहित ने कहा कि अभी बहुत कुछ बाकी है। जब तक वे खेल रहे हैं, उन्हें आगे देखने के लिए कुछ न कुछ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके मन में कभी यह विचार नहीं आएगा कि उनका काम पूरा हो गया है। रोहित भी टेस्ट और टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे खेल रहे हैं। दोनों की वापसी से केरल में दिखा 'रो-को' क्रेज वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में भारतीय टीम ने अभ्यास किया। कोहली और रोहित दोनों नेट्स में उतरे। उन्हें देखने के लिए स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ पहुंच गई। कोहली ने कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और नमन धीर की स्पिन का सामना किया। बाद में वे तेज गेंदबाजों के नेट में भी गए। रोहित ने ग्रीनफील्ड स्टेडियम में करीब 30 मिनट बल्लेबाजी की। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ डिफेंस पर भरोसा रखा और कुछ शानदार कट शॉट भी लगाए। वेस्टइंडीज सीरीज से शुरू होगी 2027 की तैयारी भारत का 2027 वर्ल्ड कप मिशन वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से आगे बढ़ेगा। पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम, दूसरा 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद भारत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 वनडे और श्रीलंका के खिलाफ 3 वनडे खेलने हैं। --------------कोहली से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…कोहली के 2027 वर्ल्डकप पर कोच बोले- चर्चा ही क्यों, रोहित को बताया मैच विनर; DDCA बोला- दिल्ली के लिए जरूर खेलेंगे विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा का मानना है कि वर्ल्ड कप में विराट की जगह पर चर्चा करना ही नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि कोहली मैदान पर अपने प्रदर्शन और फिटनेस से खुद जवाब दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा और यही बात उन्हें टूर्नामेंट में अपना सबकुछ देने के लिए प्रेरित करेगी। कोहली ने कहा कि उनका लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना है और इसके लिए वह पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह बात वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे से पहले जियोस्टार से बातचीत में कही। एक दिन में ढाई टी-20 मैच खेलने जैसा होता है कोहली ने कहा, 50 ओवर के वर्ल्ड कप की तीव्रता किसी भी चीज से ज्यादा होती है। अब यह 10 मैचों में टी-20 स्तर की तीव्रता जैसा है। लेकिन आप एक दिन में ढाई टी-20 मैच खेल रहे होते हैं। एक बड़े टूर्नामेंट और वर्ल्ड कप के 10 मैचों तक उस तीव्रता को बनाए रखना बड़ी बात है। साथ ही अब यह विदेशी परिस्थितियों में है। यह आपसे बहुत कुछ ले लेता है। भारत के लिए आखिरी वर्ल्ड कप उन्होंने आगे कहा, मेरे लिए यह भारत के लिए आखिरी वर्ल्ड कप है जो मैं खेलने वाला हूं। यही मेरी प्रेरणा है। मैं अपना सब कुछ मैदान पर छोड़ देना चाहता हूं। जाहिर तौर पर लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना है और इसे जीतने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, मैं उसके लिए बिल्कुल तैयार हूं। रोहित ने कहा- अभी काम पूरा नहीं हुआ रोहित शर्मा ने जियोस्टार से ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर अपनी अधूरी इच्छा पर बात की। उन्होंने कहा कि जब तक वह खेल रहे हैं, तब तक आगे देखने के लिए कुछ न कुछ रहेगा। रोहित ने कहा, यह विचार मेरे मन में कभी नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे हैं, हमेशा आगे देखने के लिए कुछ होता है। उन्होंने कहा, मैं वर्ल्ड कप को लेकर उत्साहित हूं और अपने लिए आगे क्या है, उस पर ध्यान दे रहा हूं। जब वर्ल्ड कप खेला जाता है और हम ICC टूर्नामेंट में उतरते हैं, तो उसकी अपनी अलग चुनौती होती है। रोहित ने कहा, आप अलग-अलग विरोधियों के खिलाफ खेलते हैं और अलग-अलग मैदानों पर उतरते हैं। इसलिए आपको अलग तरीके से तैयारी करनी पड़ती है और अलग तरह से सोचना पड़ता है। यही चुनौती है। विराट-रोहित ने एक साथ टी-20 से संन्यास लिया था विराट-रोहित ने पिछले साथ टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी-20 फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। विराट फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। उन्होंने प्राइज सेरेमनी के दौरान टी-20 से रिटायरमेंट का ऐलान किया। वहीं रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने संन्यास का ऐलान किया था। उनके साथ ही रविंद्र जडेजा ने भी टी-20 से संन्यास का ऐलान किया था।
Asian Games 2026: भारत ने जीते 2 गोल्ड, मेंस कबड्डी ने ईरान को हराकर फिर रचा इतिहास
एशियन गेम्स के सातवें दिन भारत को अब तक 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत कुल पांच पदक मिलने की जानकारी है। कबड्डी के अलावा एथलेटिक्स और शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाई।
Asian Games Men Hockey: भारत ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
गत चैंपियन भारत ने शनिवार को यहां पूल ए के कड़े मुकाबले में मेजबान जापान को 2-0 से हराकर एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत ने इससे पहले अपने शुरुआती तीन पूल मुकाबलों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से करारी शिकस्त दी थी। यह भारत की लगातार चौथी जीत थी जिससे उनका अजेय अभियान जारी रहा। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ अपना अंतिम पूल मैच खेलेगा, जिसमें उसके शानदार जीत दर्ज करने की उम्मीद है। जापान के खिलाफ अभिषेक (15वें मिनट) ने मैदानी प्रयास से गोल किया जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। पहले दो क्वार्टर बेहद रोमांचक रहे जिसमें जापान ने अपने आक्रामक खेल से भारत को कड़ी टक्कर दीलेकिन गत चैंपियन ने ब्रेक तक एक गोल की मामूली बढ़त बनाई हुई थी। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन नॉकआउट से पहले काफी चिंतित रहेंगे विशेषकर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में क्योंकि भारत ने शनिवार को 10 ‘सेट पीस’ हासिल किए लेकिन केवल एक को गोल में बदला। पहले क्वार्टर में जापान ने 60 प्रतिशत गेंद पर कब्जा बनाए रखा। भारत ने छठे मिनट में जल्दी ही एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन कप्तान हरमनप्रीत इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा सके। 10वें मिनट में जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने इस पर गोल किया लेकिन गोल को अमान्य कर दिया गया क्योंकि अंपायरों ने माना कि गेंद पहले एक भारतीय खिलाड़ी के पैर से लगी थी। जापान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उससे भी कुछ हासिल नहीं हुआ। भारत ने आखिरकार अभिषेक के मैदानी गोल से बढ़त हासिल की। जापान ने 17वें मिनट में अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारत ने इसका अच्छी तरह बचाव किया। भारत ने अपने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर से बढ़त बढ़ाई और कप्तान हरमनप्रीत ने जापानी गोलकीपर की दाईं ओर जोरदार नीची फ्लिक से गोल किया। चौथे क्वार्टर में भारतीयों का गेंद पर कब्जा रहा और उन्होंने तेजी से चार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन जापान की मजबूत रक्षात्मक पंक्ति के खिलाफ वे उन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहे।
भारतीय स्क्वॉश की 18 वर्षीय उभरती सितारा अनाहत सिंह ने अपनी अद्भुत खेल भावना और जुझारूपन का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल में अनाहत ने दो गेम से पिछड़ने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए दुनिया की छठवें नंबर की जापानी खिलाड़ी सातोमी वातानाबे को हरा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ अनाहत सिंह एशियाई खेलों के महिला सिंगल्स फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। अब वे लॉस एंजिल्स (LA) ओलंपिक्स 2028 का टिकट हासिल करने से महज़ एक जीत दूर हैं। 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से पिछड़ने के बाद मिली इस जीत के साथ, वह एशियन गेम्स के फ़ाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला सिंगल्स खिलाड़ी बन गईं। वहीं, 28 साल के अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफ़ान को हराकर पुरुष सिंगल्स फ़ाइनल में जगह बनाई। किसी भी भारतीय पुरुष ने एशियन गेम्स में पुरुष सिंगल्स स्क्वॉश में गोल्ड मेडल नहीं जीता है, और अभय के पास रविवार को इतिहास रचने का मौका है। गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स का टिकट भी मिल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर अनाहत ने बचाए मैच पॉइंट अनाहत, जो इस साल की शुरुआत में एक और पांच-गेम वाले मुकाबले में वातानाबे से हार गई थीं, एक बार फिर हार की ओर बढ़ती दिख रही थीं जब घरेलू खिलाड़ी ने शुरुआती दो गेम जीत लिए। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और तीसरे गेम में दो मैच पॉइंट बचाए। उन्होंने तनावपूर्ण तीसरा गेम 12-10 से जीतकर मुकाबले में वापसी की और फिर चौथा गेम 11-6 से जीतकर बराबरी कर ली। निर्णायक गेम तक, मोमेंटम पूरी तरह से बदल चुका था। अनाहत ने रैलियों पर नियंत्रण बना लिया और 11-3 से जीत हासिल की, जिससे उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स के फ़ाइनल में जगह बनाई। वातानाबे के साथ एक टक्कर के बाद यह वापसी और भी प्रभावशाली थी। अनाहत का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया था, जिससे खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा और उन्हें मेडिकल मदद लेनी पड़ी। खेल फिर से शुरू होने पर उन्हें कोई खास परेशानी नहीं हुई। इसके बजाय, इस टीनएजर ने वह संयम दिखाया जो उनके शानदार साल के दौरान लगातार साफ़ तौर पर देखा गया है। अनाहत भारत की सबसे होनहार युवा स्क्वैश खिलाड़ी के तौर पर नागोया पहुंची थीं, लेकिन जुलाई में कनाडा में जीते वर्ल्ड जूनियर खिताब ने उनके करियर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया था। उन्होंने फ़ाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर प्रतिष्ठित जूनियर वर्ल्ड टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इस जीत ने इस इवेंट पर मिस्र के लंबे दबदबे को भी खत्म कर दिया, क्योंकि 2010 के बाद से कोई भी गैर-मिस्र की महिला खिलाड़ी सिंगल्स चैंपियन नहीं बनी थी। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह इस खिताब का एक निजी महत्व भी था। अनाहत वर्ल्ड जूनियर्स में बार-बार चूक रही थीं, और पिछले टूर्नामेंट्स में क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमी-फ़ाइनल से बाहर हो गई थीं। उनकी यह जीत जूनियर सर्किट में उनके आखिरी साल में मिली और आखिरकार उस चीज़ का अंत हुआ जिसे उन्होंने शाप कहा था। अब, वह एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने से बस एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों की महिला सिंगल्स चैंपियन लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़िकेशन जगह हासिल करती है, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल होगा। अनाहत का मुकाबला मलेशिया की वर्ल्ड नंबर 5 सुब्रमण्यम शिवसंगरी और हांगकांग की चान सिन युक के बीच होने वाले दूसरे महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल के विजेता से होगा। चिनप्पा-वेलावन ने जीता ब्रॉन्ज़ इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के जहां अनाहत फ़ाइनल में पहुंचीं, वहीं भारत ने मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के ज़रिए स्क्वैश में एक ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीता। एक कड़े मुकाबले वाले सेमी-फ़ाइनल में भारतीय जोड़ी को हांगकांग के तांग मिंग होंग और ली का यी से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। पहला गेम 11-10 से हारने के बाद, जोशना और वेलावन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 11-2 से जीता। लेकिन हांगकांग की जोड़ी ने एक और कड़े तीसरे गेम में अपना संयम बनाए रखा और 11-10 से जीतकर फ़ाइनल में जगह बनाई। इसके बावजूद, यह मेडल जोशना के शानदार एशियाई खेलों के करियर में एक और उपलब्धि है। 40 वर्षीय खिलाड़ी ने अब इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में छह मेडल जीत लिए हैं, जिसमें उनके दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। हालांकि, अनाहत का फ़ोकस अब फ़ाइनल पर होगा - और एक और जीत उन्हें एक युवा टैलेंट से ओलंपिक में डेब्यू करने वाली खिलाड़ी बना सकती है।
कबड्डी में भारत को मिला दूसरा पदक, पुरुष टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जीता गोल्ड मेडल
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान को फाइनल में मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इससे पहले महिला टीम ने भी ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
बिली जीन किंग कप 2026 का दूसरा सेमी-फ़ाइनल मुकाबला 26 सितंबर को इटली और यूक्रेन के बीच खेला जाना है। दोनों टीमों की नज़रें इस महामुकाबले को जीतकर फ़ाइनल में जगह बनाने पर होंगी। इस मैच को जीतने वाली टीम 27 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले में चेकिया का सामना करेगी। चीन के शेन्ज़ेन स्थित शेन्ज़ेन बे स्पोर्ट्स सेंटर एरिना में होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच ज़बरदस्त टक्कर देखने को मिलेगी। टेनिस प्रशंसक इस हाई-वोल्टेज मैच को लाइव ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मुफ़्त में देख सकते हैं। टेनिस प्रशंसक इस मैच को VETO OTT पर लाइव देख सकते हैं। इटली बनाम यूक्रेन: कब और कहाँ लाइव देखें इटली बनाम यूक्रेन सेमी-फ़ाइनल 26 सितंबर को खेला जाएगा, जिसकी लाइव स्ट्रीमिंग स्मार्टफ़ोन और स्मार्ट टीवी पर VETO OTT ऐप पर मुफ़्त में उपलब्ध होगी। प्रशंसक VETO OTT की लाइव स्ट्रीमिंग सेवा के ज़रिए भी मैच देख सकते हैं। यह मैच 26 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे (IST) शुरू होगा। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में इटली आगे बिली जीन किंग कप में यूक्रेन के साथ पिछले मुकाबलों में इटली का दबदबा रहा है। इस प्रतियोगिता में दोनों टीमें पाँच बार आमने-सामने हुई हैं और इटली ने सभी पाँचों मुकाबले जीते हैं। उनका कुल सिंगल्स रिकॉर्ड भी इटली के पक्ष में है। दोनों टीमों के बीच 16 सिंगल्स मैच खेले गए हैं, जिनमें से इटली ने 11 और यूक्रेन ने पाँच जीते हैं। डबल्स में, टीमों के बीच पाँच मैच हुए हैं, जिनमें इटली ने चार और यूक्रेन ने एक मैच जीता है। उनकी सबसे हालिया भिड़ंत 2025 में हुई थी, जब इटली ने तीन मैचों के बाद 2-1 से जीत हासिल की थी। इटली और यूक्रेन सेमी-फ़ाइनल तक कैसे पहुँचे इटली ने अपने क्वार्टर-फ़ाइनल में चीन को 2-1 से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की। इस जीत से यूक्रेन के खिलाफ़ सेमी-फ़ाइनल में उनकी जगह पक्की हो गई। वहीं, यूक्रेन का सामना क्वार्टर-फ़ाइनल में बेल्जियम से हुआ और उन्होंने भी 2-1 से जीत हासिल की। इटली बनाम यूक्रेन मुकाबले की विजेता टीम अब 27 सितंबर को बिली जीन किंग कप के फ़ाइनल में चेकिया का सामना करेगी। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Billie Jean King Cup (@billiejeankingcup)
एशियाई खेलों में Dhiraj Bommadevara का नया रिकॉर्ड, भारत तीरंदाजी में शीर्ष पर
धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष रिकर्व और चीकिता तनिपर्थी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल करने की बदौलत भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पुरुष रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक जुटाकर नया एशियाई खेल क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पहले 36 प्रयास में में 348 और अगले 36 तीरों में 350 अंक हासिल किए। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया के ली वू सियोग के नाम था , जिन्होंने 690 अंक बनाए थे। सियोग इस बार 690 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य दक्षिण कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपे के चिन हुन तांग 692 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ के पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है। तरुणदीप राय ने 2010 में रजत पदक हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के दो बार के चैंपियन किम वूजिन भी व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश : 18 वें और 25 वें स्थान पर रहे। पुरुष रिकर्व टीम क्वालीफिकेशन में भारत दक्षिण कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। टीम को प्री - क्वार्टर फाइनल में बाय मिला है , जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारतीय टीम को पदक पक्का करने के लिए तीन जीत दर्ज करनी होंगी। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का रजत पदक जीता था। धीरज और कुमकुम मोहोड ने मिलकर 1364 अंक जुटाए , जिससे भारत को रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया के बाद दूसरी वरीयता मिली। भारतीय जोड़ी को सीधे प्री - क्वार्टर फाइनल में प्रवेश दिया गया है। महिला रिकर्व व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में किशोर तीरंदाज कुमकुम मोहोड और कीर्ति शर्मा ने नॉकआउट दौर में जगह बनाई। कुमकुम 666 अंक के साथ नौवें और कीर्ति 653 अंक के साथ 16 वें स्थान पर रहीं। अनुभवी अंकिता भकत भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। महिला रिकर्व टीम छठी वरीयता के साथ नॉकआउट दौर में पहुंची है और अपने अभियान की शुरुआत मंगोलिया के खिलाफ करेगी। चीकिता तनिपर्थी ने अधिकतम 720 में से 705 अंक हासिल कर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। ईरान की बीता अशेघजादेह ओस्कोई 704 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं , जबकि दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून और कांग योनसेओ क्रमश : तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं। तीन बार की एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता ज्योति सुरेखा वेन्नम 13 वें स्थान पर रहते हुए दूसरी सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहीं और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई। इस साल मैड्रिड में अपना पहला विश्व कप कांस्य पदक जीतने वाली किशोर तीरंदाज पृथिका प्रदीप ने 695 अंक हासिल किए , लेकिन भारतीयों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण वह व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। प्रत्येक देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं। इक्कीस वर्षीय चीकिता के प्रदर्शन से भारत महिला कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारतीय टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। हांगझोउ 2023 एशियाई खेलों में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने पांचों स्वर्ण पदक जीतकर क्लीन स्वीप किया था। भारत ने इन खेलों में कंपाउंड वर्ग में पांच स्वर्ण के अलावा एक रजत और एक कांस्य पदक भी जीता था। पुरुष कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में भारत चीन और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरे स्थान पर रहा। साहिल जाधव 709 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहे। गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु 14 वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई , जबकि दलाल व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में कट हासिल नहीं कर सके। भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का सामना करेगी। खिताब के बचाव के अभियान में भारत ने कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया है। शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी शुरुआती दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। तीरंदाजी के नॉकआउट मुकाबले रविवार से शुरू होंगे।
एशियन गेम्स 2026 के मेंस हॉकी इवेंट में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने मेजबान जापान को 2-0 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय टीम पूल-A से सेमीफाइनल में पहुंच गई। भारत के लिए अभिषेक और हरमनप्रीत सिंह ने एक-एक गोल किया। भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और साउथ कोरिया को 8-2 से हराया था। पूल-A में भारतीय टीम टॉप पर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने अब तक चारों मैच जीते हैं। टीम ने इन चार मुकाबलों में कुल 39 गोल किए और 4 गोल खाए। जापान के खिलाफ जीत के साथ भारत ने पूल-A में अपना अभियान मजबूत किया और सेमीफाइनल में जगह पक्की की। इंडोनेशिया-श्रीलंका के बाद साउथ कोरिया को हराया था भारत ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ की थी। भारतीय टीम ने उस मुकाबले में 13-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 16-1 की एकतरफा जीत हासिल की। तीसरे मैच में साउथ कोरिया के खिलाफ 8-2 की जीत के साथ भारत ने ग्रुप स्टेज में लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। हॉकी खिलाड़ी संजय के 100 इंटरनेशनल मैच पूरे भारतीय हॉकी खिलाड़ी संजय ने जापान के खिलाफ एशियन गेम्स 2026 के मुकाबले में सीनियर इंटरनेशनल करियर के 100 मैच पूरे कर लिए। हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए संजय को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय हॉकी टीम, जापान को 2-0 से हराया
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम इंडिया एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार है।
हार्दिक पांड्या हुए नई इंजरी का शिकार, ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ नहीं खेलेंगे वनडे सीरीज
लंबे समय से चोट के चलते भारतीय टीम से बाहर चल रहे स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ 6 अक्टूबर से होने वाली वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। हार्दिक अब नई इंजरी की चपेट में आ गए हैं।
यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा, टीम को जिताने के लिए जो भी करना पड़े, उसके लिए तैयार हूं: विराट कोहली
भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अब आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 पर अपना पूरा ध्यान लगा रहे हैं। उन्होंने माना कि साउथ अफ्रीका में होने वाला यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी वनडे विश्व कप हो सकता है। ऐसे में वह इसे यादगार बनाने और भारत को चैंपियन बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं।
Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर
भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाया जब युवा स्टार अनाहत सिंह ने महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया वहीं अभय सिंह भी पुरुष एकल के खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल रहे। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी अनाहत ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इसके बाद अभय ने पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान को 3-0 (11-3 12-10 11-6) से हराकर पुरुष एकल के फाइनल में प्रवेश किया। अनाहत और अभय दोनों अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करने से एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों में महिला और पुरूष एकल चैम्पियन को 2028 ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिलेगा। अभय ने सेमीफाइनल में शानदार शुरुआत करते हुए पहले ही गेम में 6-2 की बढ़त बना ली और 35 मिनट तक चले मैच में अपनी इस लय को बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ी खिलाड़ी ने शुरू से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। पाकिस्तान के खिलाड़ी ने दूसरे गेम में उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वह 2-0 की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहे। अभय ने तीसरे गेम में भी लय बनाए रखी और फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की। अब उनका सामना मलेशिया के एंग ऐन योउ से होगा जिन्होंने पाकिस्तान के जमान नूर को हराया। अभय ने बाद में कहा ,‘‘ यह आसान नहीं था। मैने अच्छा खेलकर इसे आसान बनाया। एशियाई खेलों में कोई मैच आसान नहीं होता।’’उन्होंने कहा ,‘‘ लोगों को भारत पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता के बारे में सुनना अच्छा लगता है लेकिन हमारे लिये यह एक मैच ही है। बहुत लोगों ने आप पर मेहनत की होती है और अपेक्षाओं पर खरे उतरना जरूरी है।’इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। जीत के बाद उन्होंने कहा ,‘‘ पिछली बार जब वह जीती थी तो मैं 2 . 0 से आगे रहने के बाद हार गई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया। अभी एक मैच और बाकी है और अगर मेरा सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से होता है तो उसके खिलाफ मैं पहले भी कई बार खेल चुकी हूं। मैं फाइनल में कोर्ट पर उतरने को लेकर बेताब हूं।’’मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े, मकसद वर्ल्ड कप जीतना; कोहली ने खुद से किए वादे का किया खुलासा
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली का अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी पूरी कोशिश इसे जीतने को लेकर रहने वाली है।
युद्ध और पाबंदियों के बीच Iran की महिला Kabaddi टीम का संघर्ष, कोच Mazandarani ने बताई दास्तां
(अजय मसंद)नागोया, 26 सितंबर ईरान की महिला कबड्डी टीम ने तीन बार शिविर बदले, छह महीने में दस अलग अलग जगहों पर अभ्यास किया और अपने खिलाड़ियों का फोकस बनाये रखने के लिये मनोवैज्ञानिक की मदद ली क्योंकि युद्ध की वजह से खिलाड़ियों की एशियाई खेलों के लिये तैयारियों में बाधा पैदा हो रही थी। ईरान के कोच गुलाम रजा मजांदरानी ने भारत के खिलाफ फाइनल में मिली हार के बाद कहा ,‘‘ हमने एक मनोवैज्ञानिक की मदद ली जिसने युद्ध के दौरान खिलाड़ियों को फोकस बनाये रखने में सहायता की।’’उन्होंने कहा ,‘‘ यह आसान नहीं है। आप साथ में तैयारी करते हैं , एक तरफ युद्ध छिड़ा है और आपका परिवार खतरे में है लेकिन आपको खेल पर फोकस रखना है।’’प्रो कबड्डी लीग में मुंबई टीम के साथ जुड़े 50 बरस के मजांदरानी ने कहा ,‘‘ सभी खिलाड़ी रोज अपने परिवार को फोन करते हैं और पूछते हैं कि वे सुरक्षित हैं या नहीं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले छह महीने में हमने दस शिविर लगाये। तीन बार जगह बदलनी पड़ी।’’बार बार जगह बदलने से सुविधाओं के अभाव से भी टीम को जूझना पड़ा। कोच ने कहा ,‘‘ मेरे पास टीम तैयार करने के लिये छह महीने का ही समय था और इस बीच युद्ध छिड़ गया और दो महीने में सब कुछ खत्म हो गया। हमारे पास बहुत ही कम समय था।’उन्होंने कहा कि ईरान पर लगाई गई पाबंदियों के कारण दूसरी टीमों को वहां खेलने नहीं बुलाया जा सका और ईरान की टीम बाहर नहीं जा सकी। मजांदरानी ने कहा ,‘‘ चीनी ताइपै को बुलाने पर वे नहीं आ सकते और हम भी नहीं जा सकते थे। भारत को बुलाने पर वे नहीं आयेंगे और आप नहीं जा सकते। जापान के साथ भी ऐसा था तो हमने एक भी दोस्ताना मैच नहीं खेला।
भारत के अभय सिंह ने शनिवार को पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 (11-3, 12-10, 11-6) से हराकर एशियन गेम्स 2026 के पुरुष सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में जगह बना ली है।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और Ayush Shetty प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने सीधे गेम में जीत दर्ज करके शनिवार को यहां एशियाई खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में क्रमशः महिला एवं पुरुष एकल के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन लक्ष्य सेन दूसरे दौर में ही बाहर हो गए। विश्व में 11वें नंबर की खिलाड़ी और इस साल की जापान ओपन की विजेता सिंधू ने महिला एकल के दूसरे दौर में चीनी ताइपे की विश्व की 17वें नंबर की खिलाड़ी चियू पिन चियान को 21-19 21-14 से हराया। पहले दौर में बाय हासिल करने वाली सिंधू का अगला मुकाबला जापान की टोमोका मियाजाकी से होगा। पुरुष एकल में आयुष ने दूसरे दौर में कजाकिस्तान के मखसुत ताजिबुल्लायेव को 21-7 21-7 से हराया। उनका मुकाबला अब चीनी ताइपे के तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चाउ तिएन चेन से होगा। महिला एकल में तीन बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 खिताब जीतने वाली उन्नति हुडा ने मलेशिया की लिंग चिंग वोंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला इंडोनेशिया की छठी वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वरदानी से होगा। इससे पहले लक्ष्य को सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से तीन गेम में हार का सामना करना पड़ा। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 के विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक समय तक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। सिंधू को लय हासिल करने में समय लगा क्योंकि चियु ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और 6-2 से आगे बढ़ते हुए इंटरवल तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने लय हासिल करने बाद 19-16 की बढ़त बना ली। चियु के बैकहैंड शॉट में गलती के कारण सिंधू को तीन गेम प्वाइंट मिले। चियु ने दो प्वाइंट बचाए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने एक जोरदार क्रॉस कोर्ट पुश शॉट से पहला गेम अपने नाम कर दिया। दूसरे गेम में सिंधू का दबदबा कायम रहा। उन्होंने शुरुआत में ही 8-4 की बढ़त बना ली और इंटरवल तक 11-8 से आगे रहीं। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद छह मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया। इससे पहले सेन ने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
BREAKING :टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका: हार्दिक पंड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने पर सस्पेंस
भारतीय टीम को न्यूजीलैंड दौरे से पहले लगा बड़ा झटका, हार्दिक पांड्या चोटिल होने की वजह से हुए बाहर
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या जो पिछले काफी समय से फिटनेस की समस्या से जूझ रहे हैं वह अब फिर से चोटिल होने की वजह से आगामी न्यूजीलैंड के दौरे से भी बाहर हो गए हैं।
वैभव से भी छोटे, 11 साल के जापानी खिलाड़ी ने जीता GOLD
जापान के 11 साल के युकी कुरिहारा (Yuki Kurihara) ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया. उन्होंने ई-स्पोर्ट्स के पुयो पुयो चैम्पियंस ( Puyo Puyo Champions) में गोल्ड मेडल जीता. फाइनल में दक्षिण कोरिया के कांग डोंगशिन को 10-2 से हराया. युकी को एशियन गेम्स का सबसे कम उम्र का गोल्ड मेडलिस्ट माना जा रहा है. वह रोज 8 घंटे ट्रेनिंग करते हैं.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांबली ठाणे के वृद्धाश्रम ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं। वीडियो में कांबली कहते दिखे कि यहां अच्छी सुविधाएं हैं। यहां लोगों से बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। ऐसा महसूस ही नहीं होता कि अपने घर से दूर हूं। हालांकि, कांबली वृद्धाश्रम में रहने गए हैं या नहीं, इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। कांबली को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें विनोद कांबली काफी समय से बीमारी, पैसों की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे। कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया था कि उनकी मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। (कांबली को 'ब्रेन स्ट्रोक' का खतरा) कांबली साल 1993 से 2000 तक भारत के लिए खेले कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 2477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 4 शतक के साथ उनके 1084 रन हैं। वे भारत के लिए 1993 से 2000 तक खेले। वे घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार साल 2004 में नजर आए। कांबली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9665 रन बनाए। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 262 रन है। सचिन के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी। इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला। 1996 वर्ल्ड कप में मैदान पर रोए 13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। श्रीलंका ने 251 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम एक समय 98 रन पर एक विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी, लेकिन सचिन के आउट होने के बाद टीम का बल्लेबाजी क्रम ढह गया। टीम इंडिया ने 120 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए थे। 35वां ओवर होना था और भारतीय टीम को 156 गेंदों पर 132 चाहिए था। विनोद कांबली 10 और अनिल कुंबले बगैर खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे। इसके बाद दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। स्टेडियम के एक हिस्से में आग लगा दी। मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया। तब मैदान से लौटते समय कांबली रोने लगे। कांबली ने कीं दो शादियां कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने 1998 में नोएला लुईस से पहली शादी की थी। बाद में दोनों का डिवोर्स हो गया। इसके बाद कांबली ने फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट से शादी की और अब तक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। --------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड सीरीज खेलने पर संशय भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या फिर चोटिल हो गए हैं। उनके दाएं पैर की आगे की हड्डी में चोट लगी है। इस वजह से वे कम से कम 3 हफ्ते तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। पूरी खबर…
विनोद कांबली का वीडियो वायरल:थाणे के एक वृद्धाश्रम में नजर आए, फैंस सेहत को लेकर चिंतित
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांबली थाणे के वृद्धाश्रम ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं। उनकी मौजूदा हालत देखकर क्रिकेट फैंस चिंतित हैं। हालांकि, कांबली खुद सेंटर की सुविधाओं और वहां मिल रहे प्यार-सम्मान की तारीफ करते हुए नजर आए। सेंटर की सुविधाओं की तारीफ करते दिखाई दिए वीडियो में काबंली खुद सेंटर की सुविधाओं की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं। कांबली ने कहा कि वे फिलहाल ‘निदान’ में रह रहे हैं और यहां की सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। उन्होंने सेंटर की साफ-सफाई और वहां मिलने वाले व्यवहार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां रहते हुए उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं होता कि वे अपने घर से दूर हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। कांबली को रही है स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें कांबली पिछले कुछ समय से बीमारी, पैसों की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे, जिसे देखकर भारतीय क्रिकेट फैंस बेहद दुखी हुए थे। कांबली का क्रिकेट करियर कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 2477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 4 शतक के साथ उनके 1084 रन हैं। वे भारत के लिए 1993 से 2000 तक खेले। वे घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार साल 2004 में नजर आए। कांबली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9665 रन बनाए। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 262 रन है। सचिन के साथ क्रिकेट में किया था डेब्यू कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी। इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला। विनोद कांबली ने कीं दो शादियां कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने पहली शादी एक क्रिश्चियन लड़की से की थी। नोएला नाम की लड़की से उनकी पहली शादी सफल नहीं हो सकी। फिल्मी दुनिया की तरफ आकर्षित हो चुके कांबली का दिल फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट पर आया। दोनों ने शादी की और अबतक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। जब मैदान पर रो पड़े थे कांबली 13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। श्रीलंका ने 251 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम एक समय 98 रन पर एक विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी, लेकिन सचिन के आउट होने के बाद टीम का बल्लेबाजी क्रम ढह गया। टीम इंडिया ने 120 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए थे। 35वां ओवर होना था और भारतीय टीम को 156 गेंदों पर 132 चाहिए था। विनोद कांबली 10 और अनिल कुंबले बगैर खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे। इसके बाद दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। स्टेडियम के एक हिस्से में आग लगा दी। मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया। तब मैदान से लौटते समय कांबली रोने लगे।
मुकाबले में शामिल दूसरे भारतीय, नीरज चौहान और संजय यशदीप भोगे, इंडिविजुअल इवेंट में 20वें और 25वें स्थान पर रहे। नीरज ने 676 पॉइंट्स हासिल किए, जबकि संजय ने इवेंट में 665 पॉइंट्स हासिल किए।
राइफल 3पी में मेडल लाने से चूकीं तिलोत्तमा सेन
आइची, एशियन गेम्स 2026 में भारत की तिलोत्तमा सेन और विदर्शा के. विनोद व्यक्तिगत शूटिंग मेडल जीतने से चूक गईं। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा के रोमांचक फाइनल में वे मामूली अंतर से मेडल हासिल नहीं कर सकीं।
West Indies के खिलाफ वनडे सीरीज में Rohit Sharma और Virat Kohli पर रहेंगी निगाहें
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार से शुरू होने वाली तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की श्रृंखला में फिर से आकर्षण का केंद्र होंगे जबकि भारतीय टीम 2027 में होने वाले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को भी मौका देना चाहेगा। विश्व कप से पहले भारत को 14 से 20 वनडे मैच खेलने हैं (अगर विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है)। भारतीय टीम के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे उसे अफ्रीकी महाद्वीप में होने वाले विश्व कप के लिए अपनी मजबूत 15 सदस्यीय टीम तैयार करने में मदद मिलेगी। भारत को यह तय करना होगा यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी को 50 ओवर के प्रारूप में बनाए रखा जाए या नहीं। कोहली के चोटिल हो जाने के कारण जायसवाल ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैच खेले। इस वजह से कप्तान शुभमन गिल को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला में कोहली की वापसी के बाद गिल ने के फिर से पारी का आगाज किया। इस श्रृंखला के लिए जायसवाल को टीम में शामिल तक नहीं किया गया। अब बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने श्रेयस अय्यर और ईशान किशन के एशियाई खेलों के लिए जापान में होने से टीम में वापसी की है लेकिन टीम प्रबंधन इस पर गंभीरता से विचार करेगा कि क्या जायसवाल को पहले मैच से ही रोहित के साथ फिर से पारी का आगाज करने का मौका दिया जाए या रोहित-गिल की जोड़ी को ही बरकरार रखा जाए। रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ़ लॉर्ड्स में तूफानी शतक लगाकर अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर कुछ समय के लिए विराम लगा दिया। रोहित इस बात से अच्छी तरह से वाकिफ होंगे कि वह अपनी लय बनाए रखें और कुछ और बड़ी पारियां खेलें, क्योंकि उन्हें पता होगा कि असफल होने पर उन पर आलोचक हावी हो जाएंगे। इसके विपरीत कोहली की स्थिति अधिक मजबूत है। वह सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे में 15000 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बनने के लिए 51 रन पीछे हैं। कोहली और रोहित दोनों ने शुक्रवार शाम को यहां नेट पर जिस तरह से करीब 20 मिनट तक बल्लेबाजी की, उससे उनकी ललक का पता चलता है। युवा खिलाड़ियों में गुरनूर बराड़ और औकिब नबी जैसे तेज गेंदबाज भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में विभिन्न मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। लेकिन इन दोनों के पास पर्याप्त अनुभव नहीं है। हार्दिक पंड्या चोटिल होने के कारण इस श्रृंखला से बाहर हो गए हैं और ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन उनकी गेंदबाजी में सुधार की गुंजाइश है। इस 23 वर्षीय ऑलराउंडर में छह वनडे मैचों में किसी भी मैच में अभी तक 10 ओवर भी नहीं फेंके हैं और हो सकता है कि इस श्रृंखला में उन्हें पूरा स्पेल करने का मौका मिल जाए। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने भी कहा कि रेड्डी के अधिक ओवर करने से टीम को फायदा होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम उन्हें ऑलराउंडर के तौर पर तैयार करते हैं तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा होगा। उनके पास अदद ऑलराउंडर बनने के लिए जरूरी प्रतिभा और क्षमता है।’’वेस्टइंडीज की बात करें तो उसे न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ लगातार घरेलू वनडे श्रृंखला में करीबी अंतर से हारने की निराशा को भूलना होगा। उसके खिलाड़ियों की मैच फीस में हाल में ही 25 प्रतिशत कटौती की गई थी और यह देखना बाकी है कि इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है या नहीं। टीम इस प्रकार हैं:भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर। वेस्ट इंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स। मैच दोपहर दो बजे शुरू होगा।
महिला कबड्डी टीम : देश को दिलाया तीसरा गोल्ड
नागोया, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को तीसरा गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।
भारत की अनुभवी स्क्वैश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा और सेंथिलुकमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। चिनप्पा इस बार महिला एकल का हिस्सा नहीं हैं। वह अब तक छह एशियन गेम्स मेडल जीत चुकी हैं।
Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह
भारत की युवा सनसनी अनाहत सिंह ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता के महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games Kabaddi: भारत ने Iran को 37-34 से हराकर जीता Gold
गत चैम्पियन भारत ने एशियाई खेलों की कबड्डी स्पर्धा में अपना दबदबा कायम रखते हुए ईरान को शनिवार को फाइनल में 37 . 34 से हराकर महिला वर्ग में चौथी बार स्वर्ण पदक जीत लिया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। भारत ने हाफ टाइम तक 22 . 16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26 . 27 कर दिया। भारत एक समय 27 . 22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27 . 26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34 . 28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। पुरूष टीम फाइनल में ईरान से ही खेलेगी। पुरूष और महिला की कबड्डी टीमों ने एक बार को छोड़कर हमेशा स्वर्ण पदक जीता है। पुरूष टीम भी जकार्ता में 2018 में फाइनल में ईरान से हारी थी लेकिन हांगझोउ में 2023 में खिताब फिर जीता।
Asian Games में भारत Canoeing में खाली हाथ, पदक स्पर्धाएं हटने और फाइनल में हार से झटका
भारत को एशियाई खेलों की कैनोइंग स्पर्धा से खाली हाथ लौटना पड़ेगा जबकि हांगझोउ खेलों में भारत को एक कांस्य पदक मिला था। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरूष कैनो युगल 1000 मीटर में कांस्य पदक जीता था जब अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। वह स्पर्धा इन एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं है जिससे भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा। पुरूषों के कयाक एकल 500 मीटर में भारत के हर्षवर्धन सिंह शक्तावत अपने सेमीफाइनल में एक मिनट 50 . 543 सेकंड का समय निकालकर चौथे स्थान पर रहे। फाइनल बी में तीन प्रतियोगियों में वह शीर्ष रहे। मिश्रित कैनो युगल 500 मीटर में राजू रावत और नेहा देवी फाइनल ए में नौ जोड़ियों में आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने दो मिनट 891 सेकंड का समय निकाला। मिश्रित कयाक युगल 500 मीटर में भारत की पार्वती गीता और प्रसन्ना कुमार फाइनल ए में नौवे और आखिरी स्थान पर रहे। इससे पहले वे सेमीफाइनल में चार जोड़ियों में दूसरे स्थान पर थे।
अगर मेडल ना जीतता तो समय की बर्बादी होती; मैराथन में ऐतिहासिक सिल्वर जीतने वाले सावन बरवाल
बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैराथन में भारत को अप्रत्याशित रजत पदक दिलाया और इस दौरान अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरी की।
नौकरी के लिए शुरू हुई थी गुलवीर की दौड़, एशियन गेम्स 206 में सिल्वर मेडल जीतने तक पहुंची
यूपी के अलीगढ़ के गुलवीर सिंह ने सेना में भर्ती के लिए दौड़ना शुरू किया था। गुलवीर सिंह एशियन गेम्स में रजत और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी बने। गुलवीर सिंह हाफ मैराथन को एक घंटे से कम समय में दौड़कर पूरी करने वाले पहले भारतीय हैं।
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में जीता रजत पदक, बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल के लिए इस साल की शुरुआत में मैराथन में जाने का फैसला महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि उन्होंने शनिवार को यहां एशियाई खेलों में रजत पदक जीता और इसके बाद कहा कि अगर वह यह उपलब्धि हासिल नहीं करते तो यह ‘‘समय की बर्बादी’’ होती। बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैराथन में भारत को अप्रत्याशित रजत पदक दिलाया और इस दौरान अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरी की। यह मैराथन में उनका लगातार दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड था। इसी साल अप्रैल में रॉटरडैम में उन्होंने अपने करियर की पहली मैराथन दौड़ में ही 2:11:58 के समय के साथ शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सेना में कार्यरत इस 28 वर्षीय एथलीट ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं 15-16 साल से अभ्यास और प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं। अगर मुझे यह पदक नहीं मिलता तो यह सब व्यर्थ जाता और समय की बर्बादी होती। यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के रहने वाले बरवाल के पिता कुलदीप नयी दिल्ली में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां सुभद्रा देवी गृहिणी हैं। बरवाल पिछले एक दशक से भी अधिक समय से लंबी दूरी की दौड़ में भाग ले रहे हैं। उन्हें अपने भाई से प्रेरणा मिली जो स्कूल की एथलेटिक्स टीम में शामिल थे। एक दिन वह अपने भाई के साथ गए और ट्रैक के किनारे दौड़ने लगे। इसके बाद उन्हें 14 साल की उम्र में 1500 मीटर की दौड़ के लिए स्कूल की टीम में शामिल कर लिया गया। राष्ट्रीय स्तर पर वह पहली बार 2015 में अंडर-18 वर्ग में 3000 मीटर की दौड़ में शामिल हुए। उनका पहला सीनियर स्तर का मुकाबला 2021 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर की दौड़ थी। उन्होंने देहरादून में 2025 के राष्ट्रीय खेलों में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीता। वह 2019 में खेल कोटा के तहत अपने बड़े भाई के साथ सेना में भर्ती हो गए थे। पुणे के सैन्य खेल संस्थान में यूनिस खान और रिलायंस फाउंडेशन में अजीत मार्कोस जैसे अपने कोच की सलाह पर उन्होंने मैराथन की ओर रुख किया। उनका वीओ2 मैक्स (अधिकतम ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता) उच्च पाया गया था, जो उन्हें 42.195 किमी की दूरी के लिए बहुत अच्छा धावक बनाता है। बरवाल ने कहा, ‘‘मुझे मैराथन में अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा भरोसा था। इसलिए यह सही फैसला था।’’बरवाल से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता था कि वह अपनी पहली दो मैराथन दौड़ में ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाएंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लक्ष्य के साथ ही मैराथन में भाग लिया था। मैराथन में भारतीय एथलीट दो घंटे 12 मिनट से कम समय नहीं निकाल पा रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया। मैंने स्वयं से कहा कि अगर मैं दो घंटे 12 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी नहीं कर पाता, तो मैराथन दौड़ने का कोई मतलब नहीं है।’’एशियाई खेलों में हालांकि उनका पूरा ध्यान पदक जीतने पर था। उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नहीं दौड़ा। मेरा लक्ष्य पदक जीतना था। जब मैंने अच्छी गति से दौड़ना शुरू किया तब मुझे लगा कि मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं।
एशियन गेम्स: महिला कबड्डी टीम ने देश को दिलाया तीसरा गोल्ड, फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को तीसरा गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।
Asian Games 2026: भारत की महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया
Asian Games 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह एशियन गेम्स में भारत का महिला कबड्डी में चौथा स्वर्ण है।
एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 26 सितंबर का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास और रोमांच से भरा रहा। एक तरफ जहाँ महिला कबड्डी टीम ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया, वहीं दूसरी ओर स्क्वैश के मिक्स्ड डबल्स इवेंट से भी भारत की झोली में एक कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक आया। भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराया और यह कड़ा मुक़ाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारतीय दल के पदकों की संख्या में और इजाफ़ा हुआ। मैच के दौरान कई मौकों पर ऐसा लगा कि ईरान भारत को हरा देगा। हालाँकि, दबाव के बावजूद टीम ने शानदार खेल दिखाया और एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। दिलचस्प बात यह है कि मैच के आखिरी पलों में ईरान ने कई गलतियाँ कीं; एक समय तो उनकी टीम के दो रेडर्स ने 'डबल एंट्री' भी कर दी। छोटी-मोटी गलतियों के अलावा, भारतीय टीम की मानसिक मज़बूती ने उन्हें मैच जीतने और अंततः पहले स्थान पर रहने में मदद की। संजू देवी एक बार फिर भारत के लिए स्टार साबित हुईं, जैसा कि वे पूरे टूर्नामेंट के दौरान रही थीं। स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा जहाँ एक तरफ़ देश महिला कबड्डी फ़ाइनल में भारत की गोल्ड मेडल जीत से बेहद खुश है, वहीं दूसरी तरफ़ थोड़ी निराशा भी हुई क्योंकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स मुक़ाबले में ब्रॉन्ज़ मेडल ही जीत सकी। उन्होंने 26 सितंबर को सेमीफ़ाइनल में हांगकांग के ली का यी और तांग मिंग होंग का सामना किया। इस जोड़ी को सेमीफ़ाइनल में तीन गेम के मुक़ाबले में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा। कड़े मुक़ाबले में भारतीय जोड़ी 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हुई तीन गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वे अभी भी स्टैंडिंग में 12वें स्थान पर हैं और आने वाले इवेंट्स में और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि पुरुषों की कबड्डी टीम भी जल्द ही गोल्ड मेडल मैच में मुख्य आकर्षण होगी, और इस मुकाबले में भारत से एक और शीर्ष स्थान हासिल करने की उम्मीद की जा सकती है। आगे की राह: पुरुषों की कबड्डी टीम पर होंगी नज़रें महिला टीम की स्वर्णिम सफलता के बाद अब पूरे देश की निगाहें पुरुषों की कबड्डी टीम पर टिकी हैं। पुरुष टीम भी जल्द ही अपने गोल्ड मेडल मैच में उतरने जा रही है। टीम के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत को कबड्डी स्पर्धा से एक और गोल्ड मेडल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा आगामी एथलेटिक्स और अन्य प्रमुख स्पर्धाओं से भी भारत के खाते में कई और पदक आने की संभावना है।
भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी एशियन गेम्स के पदक मुकाबलों में चुनौती पेश कर रहे हैं। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी को सेमीफाइनल में हार मिली और उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स में भारत का तीसरा गोल्ड, महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर रचा इतिहास
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अपना तीसरा गोल्ड मेडल जीत लिया है। महिला कबड्डी टीम ने शनिवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने इस जीत के साथ 2022 में जीते खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
India ODI World Cup Plan: वेस्टइंडीज सीरीज से शुरू हुई 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी, मोर्ने मोर्केल ने बताया गेंदबाजों का मास्टरप्लान
नई दिल्ली, भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। बरवाल के सिल्वर ने इवेंट में देश के मेडल जीतने का 44 साल का इंतजार समाप्त किया। बरवाल को उनकी उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बधाई दी है।
West Indies Cricket Crisis: भारत दौरे से पहले वेस्टइंडीज क्रिकेट पर आर्थिक संकट, खिलाड़ियों की सैलरी में 25% कटौती
धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में बनाया रिकॉर्ड, रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक लेकर शीर्ष पर
हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में अपने अभियान की शानदार शुरूआत करते हुए पुरूष रिकर्व क्वालीफिकेशन दौर में रिकॉर्ड 698 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पहले 36 तीरों पर 348 स्कोर किया और आखिरी 36 में 350 स्कोर के साथ 720 में से 698 अंक बनाये। पिछला एशियाई क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड कोरिया के ली वू सियोग के नाम था जिन्होंने 690 अंक बनाये थे। सियोक चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपै के चिन हुन तांग तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को अब 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ में पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरूष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में कभी स्वर्ण नहीं जीता है। तरूणदीप राय ने 2010 में रजत पदक जीता था। कोरियाई टीम से दो बार के चैम्पियन किम वूजिन व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर में जगह बनाने में नाकाम रहे। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश: 18वें और 25वें स्थान पर रहे। टीम क्वालीफिकेशन में भारत कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारत को प्री क्वार्टर फाइनल तक बाय मिला है जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारत को पदक पक्का करने के लिये तीन जीत दर्ज करनी होगी। भारतीय पुरूष टीम ने हांगझोउ में रजत पदक जीता था। महिला कंपाउंड वर्ग में 21 वर्ष की चितिका तानीपर्थी ने 720 में से 705 अंक लेकर व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। हांगझोउ में भारतीय कंपाउंड टीम ने पांचों स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य जीता था। ज्योति सुरेखा वेन्नम क्वालीफिकेशन में 13वें स्थान पर रही लेकिन प्रिथिका प्रदीप व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी। वह भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रही और हर देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही फाइनल खेलेंगे। टीम वर्ग में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा और वह मंगोलिया के खिलाफ शुरूआत करेगा।
भारतीय महिला टीम की कबड्डी में बादशाहत कायम, एशियन गेम्स 2026 में ईरान को हराकर जीता गोल्ड
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में महिला कबड्डी प्रतियोगिता में ईरान को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। भारत अभी तक पांचों बार फाइनल में पहुंचा और चौथी बार स्वर्ण पदक जीता है।
Asian Games: Manush Shah और Yashaswini Ghorpade प्री-क्वार्टर फाइनल में हारे
भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानुष शाह और यशस्विनी घोरपड़े को एशियाई खेलों में शनिवार को यहां क्रमशः पुरुष और महिला एकल के प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से भारत ने इस प्रतियोगिता में एक पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। मानुष को पुरुष एकल में चीन के विश्व में आठवें नंबर के खिलाड़ी लिन शिदोंग से 0-4 (4-11, 4-11, 9-11, 10-12) से हार का सामना करना पड़ा। घोरपड़े महिला एकल के तीसरे दौर में जापान की मिवा हारिमोतो से 1-4 (5-11, 11-4, 4-11, 5-11) से हार गईं। इस तरह से भारत का टेबल टेनिस में अभियान भी समाप्त हो गया। उसने इस प्रतियोगिता में एक पदक जीता। मानुष और दीया चिताले ने शुक्रवार को मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता था। एशियाई खेलों के इतिहास में यह भारत का मिश्रित युगल में दूसरा पदक था। इससे पहले अचंता शरत कमल और मनिका बत्रा ने जकार्ता एशियाई खेल 2018 में कांस्य पदक जीता था। भारत का एशियाई खेलों में यह टेबल टेनिस में कुल मिलाकर चौथा पदक था।
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। बरवाल के सिल्वर ने इवेंट में देश के मेडल जीतने का 44 साल का इंतजार समाप्त किया। बरवाल को उनकी उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बधाई दी है।
लक्ष्य सेन एशियन गेम्स के दूसरे दौर से बाहर, सिंगापुर के लोह यू को दी कड़ी टक्कर
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन का एशियन गेम्स में शनिवार को एकल का सफर सिंगापुर के लोह कीन यू के खिलाफ एक कड़े मुकाबले में हार के साथ खत्म हुआ।
एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट इवेंट के क्वार्टर फाइनल में 28 सितंबर को भारत का सामना अफगानिस्तान से होगा। भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है और उसका मुकाबला ग्रुप स्टेज के रनरअप से होना था। अफगानिस्तान ग्रुप-A में 2 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। नेपाल और मेजबान जापान का आखिरी ग्रुप मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। जापान को 1 अंक मिला और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गया, जबकि नेपाल 3 अंकों के साथ ग्रुप-A में टॉप पर रहा। नेपाल ने 15 ओवर में बनाए 149 रन निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में बारिश की आशंका के कारण नेपाल और जापान का मैच 15-15 ओवर का कर दिया गया था। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल की शुरुआत खराब रही। ओपनर कुशल भुर्तेल 12 गेंद में 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद नेपाल के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए। टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन बनाए। सुंदीप जोरा और लोकेश बम के अर्धशतक सुंदीप जोरा ने नाबाद 57 रन की पारी खेली। उन्होंने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की और बाद में पारी को संभालते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। लोकेश बम ने सिर्फ 22 गेंद में नाबाद 52 रन बनाए। उन्होंने तेजी से रन बनाए और कई छक्के लगाए। दोनों ने मिलकर नेपाल को 149 रन तक पहुंचाया। आसिफ शेख ने भी टीम के स्कोर में योगदान दिया। कुशल मल्ला और गुलशन झा 2-2 रन बनाकर आउट हुए। बारिश के कारण जापान की पारी शुरू नहीं हो सकी नेपाल की पारी खत्म होने के बाद मैदान पर फिर तेज बारिश शुरू हो गई। काफी इंतजार के बाद भी हालात नहीं सुधरे और मैदान खेलने लायक नहीं हो सका। जापान की टीम अपनी पारी में एक भी गेंद नहीं खेल सकी। इसके बाद अंपायरों ने मैच को बिना किसी नतीजे के खत्म करने का फैसला किया। जापान को 1 अंक मिला और वह ग्रुप-A में तीसरे स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। नेपाल टॉप, अफगानिस्तान दूसरे स्थान पर नेपाल के 3 अंक रहे और वह ग्रुप-A में पहले स्थान पर रहा। अफगानिस्तान के 2 अंक रहे, जिससे उसने दूसरे स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। जापान को सिर्फ 1 अंक मिला। इस तरह ग्रुप-A से नेपाल और अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली दो टीमें बनीं। ------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स में नेपाल का उलटफेर:अफगानिस्तान को 5 विकेट से हराया, 103 रन का टारगेट 18वें ओवर में हासिल किया नेपाल ने एशियन गेम्स के क्रिकेट इवेंट में अफगानिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया है। जापान के निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी की। टीम 20 ओवर में सिर्फ 102 रन बना सकी। जवाब में नेपाल ने 17.2 ओवर में 5 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पूरी खबर
एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट इवेंट के क्वार्टर फाइनल में 28 सितंबर को भारत का सामना अफगानिस्तान से होगा। अफगानिस्तान ग्रुप-A में 2 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। नेपाल और मेजबान जापान के बीच शुक्रवार को खेला गया आखिरी ग्रुप मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे जापान को 1 अंक मिला और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गया। नेपाल 3 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप पर रहा। नेपाल ने 15 ओवर में बनाए 149 रन निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में बारिश की आशंका के कारण नेपाल और जापान का मैच 15-15 ओवर का कर दिया गया था। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नेपाल की शुरुआत खराब रही। ओपनर कुशल भुर्तेल 12 गेंद में 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद नेपाल के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए। टीम ने निर्धारित 15 ओवर में 4 विकेट पर 149 रन बनाए। सुंदीप जोरा और लोकेश बम के अर्धशतक सुंदीप जोरा ने नाबाद 57 रन की पारी खेली। उन्होंने शुरुआत में आक्रामक बल्लेबाजी की और बाद में पारी को संभालते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। लोकेश बम ने सिर्फ 22 गेंद में नाबाद 52 रन बनाए। उन्होंने तेजी से रन बनाए और कई छक्के लगाए। दोनों ने मिलकर नेपाल को 149 रन तक पहुंचाया। आसिफ शेख ने भी टीम के स्कोर में योगदान दिया। कुशल मल्ला और गुलशन झा 2-2 रन बनाकर आउट हुए। बारिश के कारण जापान की पारी शुरू नहीं हो सकी नेपाल की पारी खत्म होने के बाद मैदान पर फिर तेज बारिश शुरू हो गई। काफी इंतजार के बाद भी हालात नहीं सुधरे और मैदान खेलने लायक नहीं हो सका। जापान की टीम अपनी पारी में एक भी गेंद नहीं खेल सकी। इसके बाद अंपायरों ने मैच को बिना किसी नतीजे के खत्म करने का फैसला किया। जापान को 1 अंक मिला और वह ग्रुप-A में तीसरे स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। नेपाल टॉप, अफगानिस्तान दूसरे स्थान पर नेपाल के 3 अंक रहे और वह ग्रुप-A में पहले स्थान पर रहा। अफगानिस्तान के 2 अंक रहे, जिससे उसने दूसरे स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। जापान को सिर्फ 1 अंक मिला। इस तरह ग्रुप-A से नेपाल और अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली दो टीमें बनीं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का क्वार्टर फाइनल में सामना अफगानिस्तान की टीम से होगा, जिसमें दोनों टीमों के बीच में यह मैच 28 सितंबर को खेला जाएगा।
एशियन गेम्स: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान पर ली बड़ी बढ़त, पहले हाफ में आगे; स्वर्ण जीतने का मौका
भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीमों के बीच एशियन गेम्स का फाइनल मैच जारी है। भारतीय टीम गत चैंपियन है और उसकी नजरें स्वर्ण का बचाव करने पर टिकी हुई है।
India vs West Indies ODI: पहले वनडे में बन सकते हैं 3 बड़े रिकॉर्ड, विराट कोहली-जडेजा और रोहित शर्मा पर नजर
IND vs WI: शुभमन गिल पहले ODI से बाहर? ट्रेनिंग सेशन के दौरान चोट लगने की वजह से उनका खेलना संदिग्ध
PC: news24online भारत के कप्तान शुभमन गिल को शुक्रवार को ट्रेनिंग सेशन के दौरान चोट लगी। गिल को नेट्स में बैटिंग करते समय मोहम्मद सिराज की एक उछलती हुई गेंद उनकी दाहिनी कोहनी पर लगी। उसके बाद वे नेट्स से तुरंत वापस चले गए और उनका इलाज किया गया। यह घटना तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI से ठीक दो दिन पहले हुई। चोट लगने के बाद सिराज ने गिल का हालचाल पूछा, जबकि पास के नेट पर बैटिंग कर रहे विराट कोहली भी यह देखने गए कि कप्तान कैसा महसूस कर रहे हैं। बाद में गिल को अपनी कोहनी पकड़े बैठे देखा गया, जबकि सपोर्ट स्टाफ ने उनके हाथ पर पट्टी बांध दी। गिल के पास रिकवरी के लिए कम समय गिल को ये चोट भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI मैच से ठीक दो दिन पहले लगी है, जो रविवार को तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है। इसलिए गिल के पास भारत की तीन मैचों की ODI सीरीज़ शुरू होने से पहले ठीक होने के लिए कम समय है। भारत कई चोटों की चिंताओं से जूझ रहा है भारत को 2026 सीज़न के दौरान कई चोटों की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों ने इंग्लैंड के लिमिटेड ओवर्स टूर के दौरान या उसके आस-पास मैच नहीं खेले हैं। बुमराह और रेड्डी अब वापस आ गए हैं, जबकि हार्दिक पांड्या और हर्षित राणा अभी भी बाहर हैं। भारत बनाम वेस्टइंडीज पहला ODI भारत रविवार को तिरुवनंतपुरम में पहले ODI में वेस्टइंडीज का सामना करेगा। गिल के नेतृत्व में, भारतीय टीम उम्मीद करेगी कि कप्तान कोहनी की चोट से पूरी तरह ठीक हो जाएं और सीरीज़ के पहले मैच के लिए उपलब्ध रहें। भारत ODI टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उप-कप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।
लक्ष्य सेन एशियन गेम्स के पुरुष एकल के दूसरे दौर में सिंगापुर के लोह कीन यू से 21-12, 15-21, 21-14 से हारकर बाहर हो गए।
इंटरनेट डेस्क। जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में आज भारत के सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इससे मैराथन में भारत का 44 साल का पदक का सूखा खत्म हो गया है। सावन ने आज तड़के 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक पर कब्जा किया। देश को 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स मैराथन में पोडियम फिनिश मिली। इस इवेंट में 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत को कांस्य पदक मिला था। वहीं शूटिंग में भारत को 11वां मेडल मिला है। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन कैटेगरी में भारतीय टीम ने दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक जीता। इस टीम में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद के नाम शामिल रहे। शूटिंग में भारत को अब तक एक गोल्ड, छह सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मिल चुके हैं। इससे भारत अब पदक तालिका में 12वें स्थान पर आ गया है। भारत के कुल 25 पदक हो चुके हैं। इसमें 2 गोल्ड, 11 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज शामिल हैं। कबड्डी से आज मिल सकते हैं दो स्वर्ण पदक आज भारत के खाते में कबड्डी से दो स्वर्ण पदक आ सकते हैं। आज महिला और पुरुष वर्ग के कबड्डी फाइनल खेले जाएंगे। भारत की महिला और पुरुष टीम का फाइनल मुकाबला ईरान से होगा। महिला टीम का मैच सुबह 9:30 बजे, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला दोपहर 2:30 बजे से शुरु होगा। भारतीय टीमें कबड्डी में स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार हैं। वहीं कई अन्य एथलीटों से भी पदक की उम्मीद है। PC:indiatv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Games में Tilottama Sen और भारतीय तिकड़ी ने 50m राइफल 3P में जीता सिल्वर
भारत की तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने एशियाई खेलों में शनिवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में रजत पदक जीता और तिलोत्तमा तथा विदर्सा ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बना ली। भारतीय टीम ने 1763 अंक बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 1773 अंक लेकर खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान को कांस्य पदक मिला। व्यक्तिगत वर्ग में आशी और तिलोत्तमा शीर्ष तीन में रहे जिन्होंने 395 . 25 एक्स और 395 . 23 एक्स स्कोर किया। विदर्सा ने 588 स्कोर करके क्वालीफिकेशन में छठा स्थान हासिल किया। विश्व में 107वीं रैंकिंग पर काबिज तिलोत्तमा नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में कुल 590 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं आशी ने 585 अंक बनाये। आशी और तिलोत्तमा ने नीलिंग और प्रोन चरण में 395 स्कोर किया जिसमें आशी ने इनर 10 में 25 और तिलोत्तमा ने 23 निशाने लगाये। तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग में बेहतर प्रदर्शन करके 590 स्कोर किया और शीर्ष तीन में पहुंच गई। विदर्सा ने भी फाइनल में जगह बनाई। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में निशानेबाज नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग पोजिशन में निशाने लगाते हैं।
भारत ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में 1763 अंकों के साथ रजत पदक जीता। चीन ने स्वर्ण और कजाकिस्तान ने कांस्य अपने नाम किया। तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई, जबकि आशी चौकसे 15वें स्थान पर रहीं।
आइची, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। तीनों ने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 1763 पॉइंट्स बनाए।
Asian Games: Loh Kean Yew से तीन गेम में हारे Lakshya Sen, दूसरे दौर से बाहर
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन एशियाई खेलों में दूसरे दौर से बाहर हो गए जिन्हें पुरूष एकल वर्ग में पूर्व विश्व चैम्पियन सिंगापुर के लोह कीन यू ने तीन गेम में हराया। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। उन्होंने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
Asian Games मैराथन में Sawan Barwal ने 44 साल बाद भारत को दिलाया रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर अप्रत्याशित रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है। भारत ने पिछली बार मैराथन में पदक 1982 के एशियाई खेलों में जीता था। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किलोमीटर तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किलोमीटर में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किलोमीटर में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। घर के पास एक ट्रैक को देखने के बाद बरवाल की दौड़ में रूचि जगी। उनके बड़े भाई भी स्कूल की ट्रैक टीम में थे। बरवाल ने 14 वर्ष की उम्र में 1500 मीटर की तैयारी शुरू की। उन्होंने अंडर 18 आयुवर्ग में 2015 में 3000 मीटर रेस में भाग लिया। सीनियर स्तर पर उनकी पहली रेस 2021 में 5000 मीटर की थी। उन्होंने देहरादून में 2025 राष्ट्रीय खेलों में 5000 और 10000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। वह 2019 में खेल कोटे से अपने भाई के साथ सेना में शामिल हुए। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे।
सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष मैराथन का रजत पदक जीतकर भारत का 44 साल का इंतजार खत्म किया। हिमाचल प्रदेश के मंडी से आने वाले सावन भारतीय सेना में हवलदार हैं और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।
एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास
राइफल निशानेबाज इलावेनिल वालारिवन ने कहा कि मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैम्पियन दक्षिण कोरिया की बान योजिन को हराकर एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा का रजत पदक जीतने से उन्हें महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में आखिरी समय तक शीर्ष पर रहने के बाद स्वर्ण चूकने की निराशा दूर करने में मदद मिली। इलावेनिल समेत आठ भारतीय निशानेबाजों का शुक्रवार की देर रात जापान से भारत लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। इलावेनिल ने कहा ,‘‘ मैं खुशकिस्मत हूं कि देश का प्रतिनिधित्व करने और पदक जीतने का मौका मिला। स्वर्ण नहीं जीत पाने की निराशा है लेकिन अभी यह शुरूआत है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैंने विश्व चैम्पियन और ओलंपिक चैम्पियन को हराया जो तीसरे स्थान पर रही। मेरे पास शानदार टीम है और हमारी ट्रेनिंग सही थी। इस पदक से आत्मविश्वास बढा है और मुझे पता है कि मेरी तैयारी सही रास्ते पर है।’’भारतीय निशानेबाजी दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्ष के मैराज अहमद खान ने कहा ,‘‘ पिछले 25 साल से मैं काम कर रहा हूं। मैने 2006 एशियाई खेलों में पहला पदक जीता था और दो दशक बाद देश के लिये पदक जीता है।’’दो रजत पदक जीतने वाले अनंतजीत सिंह नरूका ने कहा ,‘‘ यह काफी मायने रखता है। मैने चीन में भी दो पदक जीते थे और इस बार भी। हम सभी के लिये यह गर्व का पल है। हमने इसके लिये काफी मेहनत की थी। पदक का रंग बेहतर होता तो और अच्छा लगता लेकिन खुशी है कि दो पदक जीते।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।

