Venus Williams को मिली लगातार 13वीं हार, Cincinnati Open के पहले दौर में अरंगो से हारीं
वीनस विलियम्स का वापसी के बाद एकल मुकाबलों में हार का सिलसिला 13 मैचों तक पहुंच गया है। सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन को शुक्रवार को सिनसिनाटी ओपन टेनिस टूर्नामेंट में भी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें पहले दौर में एमिलियाना अरंगो ने 6-2, 6-2 से हरा दिया। 46 वर्षीय वीनस को इस डब्ल्यूटीए 1000 टूर्नामेंट में वाइल्डकार्ड से प्रवेश मिला था। उन्होंने जुलाई 2025 के बाद से कोई भी एकल मैच नहीं जीता है। कोलंबिया की 25 वर्षीय क्वालीफायर अरंगो ने लिंडनर टेनिस सेंटर के ग्रैंडस्टैंड कोर्ट पर वीनस को हराने में 65 मिनट का समय लिया।
PM Narendra Modi on Olympics 2036: भारत की दावेदारी मजबूत, देश में चलेगा विशेष प्रतिभा खोज अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा। मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्रमुख योजना ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) ने खिलाड़ियों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह योजना 2014 में शुरू की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘खेल जगत में भारत अपनी जगह बना रहा है। हम अक्सर अपना राष्ट्रगान सुनते हैं और तिरंगा फहराते हुए देखते हैं। खेलो इंडिया गेम्स ने बड़ी सफलता हासिल की है। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने MSME उद्योग से 40 देशों के FTA का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया चाहे वो खेलो इंडिया गेम्स हो, यूनिवर्सिटी गेम्स हो, बीच गेम्स हो, शीतकालीन खेल हो या फिर खेल प्रशिक्षण, खेल चिकित्सा, खेल पोषण, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘भारत का प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है और हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने के प्रबल दावेदार हैं। हम 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी कर रहे हैं। ओलंपिक में लगभग 40 खेल होते हैं, जिनमें लगभग 350 स्पर्धाएं शामिल हैं। यह दुख की बात है कि हम इनमें से कम से कम दो तिहाई स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते क्योंकि हम क्वालीफाई ही नहीं कर पाते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने तय किया है कि 2036 तक हम कम से कम तीन चौथाई प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। हम देश के हर कोने में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए पांंच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू कर रहे हैं। उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।’’ भारत ने 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावा पेश किया है। इसे भी पढ़ें: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से बोले PM Modi, वैश्विक संकट के बावजूद किसानों को दिया सस्ता Urea इसकी घोषणा 2029 में होने की संभावना है। पीटीआई ने इस साल जनवरी में खबर दी थी कि 2036 के ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए प्रतिभाओं की खोज शुरू करने की योजना पर विचार-विमर्श चल रहा है, ताकि देश जलीय खेलों जैसे तैराकी तथा साइकिलिंग जैसे खेलों में अपनी स्थिति मजबूत कर सके। इन दोनों प्रतियोगिताओं में कुल मिलाकर 100 से अधिक ओलंपिक पदक दांव पर लगे होते हैं, लेकिन भारत ने इन खेलों में अभी तक एक भी पदक नहीं जीता है। इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का किया आह्वान, समुद्री मार्गों पर चेताया भारत 2030 में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। यह शहर 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है। प्रतिभा खोज कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर काफी हद तक निर्भर करेगा, जिसका उपयोग फिटनेस परीक्षणों के लिए किया जाएगा, जो हृदय संबंधी सहनशक्ति, मांसपेशियों की ताकत, गति और चपलता, लचीलापन और संतुलन के साथ-साथ गति को मापने के लिए व्यायाम की एक श्रृंखला है। एक सरकारी सूत्र ने जनवरी में पीटीआई को बताया था, ‘‘स्कूल जाने वाले हर बच्चे को अपनी खेल क्षमताओं का पता नहीं होता या वे स्वाभाविक रूप से खेल में रुचि नहीं लेते। लेकिन अगर हम बुनियादी परीक्षणों के माध्यम से व्यक्तिगत क्षमताओं को समझने के लिए राष्ट्रव्यापी स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान चला सकें, तो हमें ऐसे बच्चे मिल सकते हैं जो खेल में अच्छे हैं लेकिन उन्हें अभी तक इसका अहसास नहीं है।’’ मोदी ने इसके साथ ही यह भी कहा कि भारत को अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने की आकांक्षा रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की खेल प्रतियोगिताएं आखिर भारत में क्यों न होंं।
भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट में दो घंटे का वक्त बर्बाद, अब कैसे किया जाएगा इसे मैनेज
भारत बनाम श्रीलंका गॉल टेस्ट में करीब दो घंटे मैच नहीं हो पाया। लंच के दौरान आई बारिश ने इसमें खलल डाला। अब तय किया गया है कि शाम को छह बजे तक आज का मैच खेला जाएगा।
IND vs SL: भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए आज का दिन बेहद खास है। टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल में 600वां टेस्ट मैच खेलकर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
वीनस विलियम्स सिनसिनाटी ने गंवाया 13वां एकल मैच
ओहायो, सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स का एकल में हारने का सिलसिला जारी है।
Pakistan Hockey ने घरेलू ढांचे पर नहीं दिया ध्यान: पूर्व कप्तान सलमान अकबर
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 15 अगस्त विश्व कप की सबसे कामयाब टीम रही चार बार की चैम्पियन पाकिस्तान में हॉकी के गिरते स्तर के लिये घरेलू ढांचे के अभाव को कसूरवार ठहराते हुए पूर्व कप्तान और दो बार के ओलंपियन सलमान अकबर ने कहा कि भारतीय हॉकी बीजिंग ओलंपिक 2008 के झटके के बाद समय रहते चेत गई और नतीजा लगातार दो ओलंपिक पदक के रूप में मिला। पाकिस्तान के लिये 230 मैच , 2004 और 2008 ओलंपिक खेल चुके दिग्गज गोलकीपर सलमान ने यहां को दिये खास इंटरव्यू में पाकिस्तान हॉकी के पतन के कारणों के बारे में पूछने पर कहा ,‘‘ यूं तो कई कारण हैं लेकिन सबसे बड़ा कारण है कि पाकिस्तान ने कभी भी अपनी हॉकी के घरेलू ढांचे को मजबूत करने की कोशिश नहीं की। आपके घर में खिलाड़ियों के लिये प्लेटफॉर्म नहीं है। खिलाड़ी बस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मौका मिलता है तो वहां या घरेलू शिविरों तक व्यस्त रहते हैं। घरेलू ढांचा नहीं के बराबर है जहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलने चाहिये।’’पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है और प्रो लीग के पिछले सत्र में टीम आखिरी स्थान पर रही थी। अपने खेलने के दौर से आज की भारतीय टीम में आये बदलाव के बारे में पूछने पर नीदरलैंड में बसे 44 साल के इस पूर्व खिलाड़ी और जापान टीम के गोलकीपिंग कोच ने कहा ,‘‘टीम को छोड़ें , हॉकी ही इतनी बदल गई है। मैने पैतीस मिनट के दो हाफ वाली हॉकी भी खेली है लेकिन अब चार क्वार्टर का खेल हो गया है। उस दौर की भारतीय टीम ने भी अलग हॉकी खेली और आज की टीम अलग खेल रही है तो कोई तुलना हो ही नहीं सकती।’’उन्होंने यह भी कहा कि तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने और पेरिस में उसे बरकरार रखने वाली भारतीय हॉकी की मौजूदा पीढी खुशकिस्मत है कि वह ऐसे समय में खेल रही है जब भारतीय हॉकी प्रगति की राह पर है। सलमान ने कहा ,‘‘ यह पीढी खुशकिस्मत है कि ऐसे समय पर आये जब भारतीय हॉकी 2008 बीजिंग ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं करने के झटके बाद जाग चुकी थी। उसके बाद भारत ने अपने घरेलू ढांचे पर काम किया। आज उनके पास हॉकी इंडिया लीग है और पूरे साल का व्यस्त कार्यक्रम है। उसका नतीजा भी मिला और वह भी एक दो साल में नहीं बल्कि तोक्यो ओलंपिक तक इंतजार करना पड़ा।’’उन्होंने कहा ,‘‘ उतार चढाव भी आये लेकिन भारत ने अपने कोचों तक को ट्रेनिंग दी और उनके पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का पूल बना। अब वे हर बड़े टूर्नामेंट में पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उतरते हैं।’’सलमान ने यह भी कहा कि दोनों टीमों की परिस्थितियां चाहे जो हो लेकिन मैदानी प्रतिद्वंद्विता में कोई कमी नहीं आयेगी और पाकिस्तान पिछले दस साल में भारत से जीत नहीं पाने की कसक मिटाने की पूरी कोशिश करेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ हाल ही में प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को आसानी से हराया लेकिन मुझे लगता है कि पाकिस्तान बदला चुकता करने की कोशिश करेगा। लोगों को भारत पाकिस्तान हॉकी देखने में मजा आता है। हॉकी के लिये यह मैच काफी अहम है।2016 के बाद से पाकिस्तान भारत से नहीं जीता है और उसके पास यह सुनहरा मौका है।मैं दोनों टीमों को शुभकामना देता हूं और उम्मीद है कि अच्छी हॉकी देखने को मिलेगी और गर्मजोशी से ‘हैंडशेक’ भी करेंगे।’’उन्होंने भारत के युवा गोलकीपरों मोहित एचएस और सूरज करकेरा के बारे में पूछने पर कहा कि पी आर श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ उन्हें काफी सीखने का मौका मिला होगा जो अब काम आयेगा। यह पूछने पर कि क्या भारत को श्रीजेश की कमी खलेगी, उन्होंने कहा ,‘‘ मैं इसके बारे में तो नहीं कह सकता लेकिन एक बेहतरीन कैरियर के बाद पूरी गरिमा के साथ वह रिटायर हुए हैं। अपने कैरियर के आखिरी दिनों में उनका प्रदर्शन अद्भुत रहा। मौजूदा भारतीय गोलकीपर प्रो लीग और बड़ी टीमों के खिलाफ खेले हैं और उन्होंने श्रीजेश जैसे दिग्गज के साथ रहकर काफी कुछ सीखा होगा।’’नीदरलैंड में अपना गोलकीपिंग स्कूल शुरू करने के बाद जापान की टीम से जुड़े सलमान ने कहा कि तेजी से बदलती हॉकी में कोचिंग आसान काम नहीं है और खुद को अपडेट रखना पड़ता है। उन्होंने कहा ,‘‘ कोचिंग में मजा आ रहा है लेकिन यह काफी कठिन काम है। जब मैने शुरू किया तो पहला ख्याल आया कि खेलना ज्यादा आसान है। यह जरूरी नहीं है कि आप बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं तो बेहतरीन कोच भी होंगे। हॉकी बहुत तेजी से बदल रही है और नये नियम आ आते हैं जिनमें आपको अपडेट रहना होता है। अगर आप सीखेंगे नहीं तो टिक नहीं सकेंगे।
यशस्वी जायसवाल ने किया, वो तो अनोखा है, 30 मैच 30 मैदान और 32 पर आउट
यशस्वी जायसवाल श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन इस बीच एक गड़गड़ हुई और वे रन आउट हो गए। जायसवाल अब तक तीसरी बार इस तरह से रन आउट हुए हैं।
मोदी ने देश को बताया 2036 ओलंपिक की मेजबानी का मजबूत दावेदार, किया ये बड़ा ऐलान
मोदी ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार है और और इसमें देश की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पांच से 15 वर्ष की आयु वर्ग के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू किया जाएगा।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज शुरू होने से चार दिन पहले पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के हाथ में चोट लगी। प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के खिलाफ वार्म-अप मैच में बल्लेबाजी के दौरान इंग्लैंड अंडर-19 के तेज गेंदबाज मैनी लम्सडैन की उछलती गेंद उनके दाएं हाथ के बॉटम हैंड पर लगी। बाबर 5 रन पर थे। चोट के बाद वे दर्द में दिखे और आगे बल्लेबाजी नहीं की। टीम डॉक्टर के आकलन के बाद PCB ने उन्हें एहतियातन मैच से आराम दिया है। बोर्ड के मुताबिक बाबर 17 अगस्त को हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड पर टीम के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लेंगे। उछलती गेंद सीधे हाथ पर लगी बाबर को यह चोट केंट में पाकिस्तान और प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के बीच चल रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच के दौरान लगी। मैनी लम्सडैन की उछलती गेंद उनके दाएं हाथ के बॉटम हैंड पर लगी। गेंद लगने के बाद बाबर दर्द में दिखे और इसके बाद बल्लेबाजी जारी नहीं रखी। PCB ने एहतियातन आराम दिया टीम डॉक्टर के शुरुआती आकलन के बाद PCB ने बाबर को प्रैक्टिस मैच के बाकी हिस्से में नहीं खेलने की सलाह दी। बोर्ड ने कहा है कि बाबर 17 अगस्त को हेडिंग्ले में पाकिस्तान टीम के अगले ट्रेनिंग सेशन में शामिल होंगे। यानी फिलहाल उन्हें सीरीज से बाहर किए जाने की कोई बात नहीं कही गई है। 19 अगस्त से शुरू होगी टेस्ट सीरीज पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन टेस्ट की सीरीज का पहला मुकाबला 19 अगस्त से हेडिंग्ले में खेला जाएगा। दूसरा टेस्ट 27 अगस्त से लॉर्ड्स और तीसरा 9 सितंबर से एजबेस्टन में होगा। यह सीरीज आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। WTC पॉइंट्स प्रतिशत में इंग्लैंड 24.36% के साथ 7वें और पाकिस्तान 22.22% के साथ 8वें स्थान पर है। दोनों टीमों के लिए सीरीज अंक तालिका में स्थिति सुधारने का मौका है। वेस्टइंडीज में 1-1 से बराबर की थी सीरीज पाकिस्तान ने अपना पिछला टेस्ट दौरा वेस्टइंडीज में 1-1 से बराबर किया था। दूसरे टेस्ट में 8 विकेट की जीत के साथ टीम ने विदेश में लगातार 8 टेस्ट हारने का सिलसिला भी तोड़ा था। इंग्लैंड सीरीज से पहले शान मसूद की चोट से वापसी पाकिस्तान के लिए राहत की बात है। ----------------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जब 4 दिन लगातार फील्डिंग करती रही टीम इंडिया:टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर की कहानी, 29 साल से नहीं टूटा रिकॉर्ड 2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। पूरी खबर
BCCI, जय शाह, तेंदुलकर, लक्ष्मण, गंभीर, कुंबले ने दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
देश अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस का जश्न देश के हर वर्ग में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भारतीय क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था बीसीसीआई और पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।
IND vs SL: ‘…टेस्ट मैच में कोई रिस्क नहीं’, सुदर्शन-बुमराह को लेकर कप्तान शुभमन गिल ने कही ये बात
PC; navarashtra भारतीय टीम चल रही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर है। भारतीय टीम टेस्ट सीरीज़ का पहला मैच 15 अगस्त को गॉल स्टेडियम में खेलेगी। मैच से एक दिन पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान शुभमन गिल ने जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन की फिटनेस के बारे में सवालों के जवाब दिए। दोनों खिलाड़ी टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम में थे, लेकिन समय पर फिट नहीं होने के कारण उन्हें हटना पड़ा। कप्तान गिल ने कहा कि टीम मैनेजमेंट BCCI के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चोटों से उबर रहे दोनों खिलाड़ियों की फिटनेस पर लगातार नज़र रख रहा है। हमें उनकी हालत के बारे में पता है… साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की फिटनेस के बारे में सवालों का जवाब देते हुए शुभमन गिल ने कहा, 'हां, हम दोनों खिलाड़ियों के संपर्क में हैं। उनकी फिटनेस पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हमें उनकी मौजूदा हालत के बारे में पता है। साई को टीम से बाहर करना निराशाजनक था क्योंकि शुरू में हमें लगा था कि वह सीरीज़ में होंगे, लेकिन रेगुलर चेक-अप के बावजूद उनकी हालत उतनी जल्दी नहीं सुधरी जितनी हमने उम्मीद की थी। पांच दिन के टेस्ट मैच को देखते हुए, हमने दोनों खिलाड़ियों को बाहर करने का फैसला किया। अगर यह ODI या T20 मैच होता, तो बात अलग होती। लेकिन टेस्ट मैच में आप कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। मेरा मानना है कि टेस्ट मैच में आपको दूसरे खिलाड़ियों के साथ वापसी करने के ज़्यादा मौके मिलते हैं। अगर कोई खिलाड़ी पहले दिन अच्छा परफॉर्म नहीं करता है, तो उसे टीम में वापस आने के ज़्यादा मौके मिलते हैं। इसलिए, इसे देखते हुए, साई और बुमराह को टीम से बाहर करना निराशाजनक था। तैयारी के लिए समय मिलना एक बड़ा फ़ायदा है भारतीय टीम ने टेस्ट सीरीज़ शुरू होने से पहले श्रीलंका क्रिकेट XI के ख़िलाफ़ तीन दिन का मैच खेला, जिससे उन्हें तैयारी करने और वहाँ के हालात में ढलने का अच्छा मौका मिला। टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि टेस्ट मैच से पहले अगर आपके शेड्यूल में कम से कम एक हफ़्ता या 10 दिन का समय हो तो तैयारी करना बेहतर होता है। पिछले साल भी हमारा शेड्यूल बहुत बिज़ी था, इसलिए उस टाइट शेड्यूल में ढलना आसान नहीं था। हमारे कई खिलाड़ियों को अभी इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का ज़्यादा अनुभव नहीं है, इसलिए तैयारी के लिए एक्स्ट्रा समय मिलना बहुत फ़ायदेमंद है।
Craig Fulton ने कहा- Wales के खिलाफ जीत से आगाज करने उतरेगी भारतीय हॉकी टीम
भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा कि उनकी टीम शनिवार को एफआईएच हॉकी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को हल्के में नहीं लेगी जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पूरे मैच के चारों क्वार्टर में लगातार अच्छा प्रदर्शन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। इस मुकाबले में हालांकि भारत को प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन फुल्टोन ने खिलाड़ियों से प्रतिद्वंद्वी टीम का सम्मान करने और अपनी रणनीति पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने की बात कही। फुल्टोन ने मैच से पहले से कहा, ‘‘वेल्स की टीम छुपीरूस्तम है, विश्व कप में कभी कभार ऐसे ही नतीजे देखने को मिलते हैं। आपको अपनी वरीयता के अनुरूप खेलना होता है और आपसे नीचे की हर टीम के खिलाफ पूरी एकाग्रता और पूरा प्रयास करना जरूरी है। हम किसी को भी हल्के में नहीं ले रहे हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें उनसे कड़ी टक्कर की उम्मीद है। साथ ही हमें अपनी रणनीति पर शत प्रतिशत फोकस रखना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि चारों क्वार्टर में हमारा एक समान फोकस रहे। ’’ विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में पहले मैच की अहमियत को रेखांकित करते हुए फुल्टोन ने कहा कि भारत का लक्ष्य शानदार शुरुआत करना और पूरे तीन अंक हासिल करना है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में पहला मैच बेहद अहम होता है। इसे भी पढ़ें: White House के $400 Million Ballroom प्रोजेक्ट पर रोक के खिलाफ US Supreme Court पहुंचे Donald Trump, सुरक्षा का दिया हवाला हमारा प्रयास रहेगा कि हम शुरुआत से ही आक्रामक खेलें और पूरे तीन अंक हासिल करें। ’’ भारत का पहला मुकाबला स्वतंत्रता दिवस के दिन हो रहा है जिससे यह टीम के लिए और भी खास मौका बन गया है। फुल्टोन ने कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय गौरव का पल है। हम स्वतंत्रता दिवस पर देश को गौरवान्वित करना चाहते हैं और टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत करना चाहते हैं। इसे हम एक शुभ संकेत मानते हैं। ’’ कप्तान हरमनप्रीत ने कहा कि टीम ने विरोधी टीम का गहराई से विश्लेषण किया है और पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस टूर्नामेंट के लिए बहुत मेहनत की है और सभी टीम का गहराई से आकलन किया है। वेल्स के खिलाफ हम काफी समय बाद खेल रहे हैं, लेकिन उनकी खेलने की शैली अब भी वैसी ही है। मैच से पहले हमारा अभ्यास सत्र शानदार रहा और टीम का माहौल काफी सकारात्मक है। इसे भी पढ़ें: FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार! ’’ हरमनप्रीत ने भी अपने कोच की तरह खिलाड़ियों को आत्ममुग्धता से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पूल चरण का हर मुकाबला भारत के आगे बढ़ने के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। अच्छी शुरुआत पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय करती है। हमारे लिए पूल के तीनों मुकाबले महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यही आगे की राह आसान बनाएंगे। ’’ पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबले के बारे में पूछने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम की रणनीति एक समय में सिर्फ एक मैच पर ध्यान देने की है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार में एक मैच पर ध्यान देंगे और हर मुकाबले में अपना शत प्रतिशत देंगे। ’’ भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि 2024 पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद टीम ने अपने खेल में काफी सुधार किया है, विशेषकर रक्षा पंक्ति और निर्णय लेने की क्षमता में। उन्होंने कहा, ‘‘पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद हमने काफी प्रगति की है। हमारी रक्षा पंक्ति मजबूत हुई है और अब हम अधिक समझदारी से हॉकी खेल रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Manpreet Singh Hockey World Cup में भारत का 51 साल पुराना खिताबी सूखा खत्म करना चाहते हैं ’’ उन्होंने स्वीकार किया कि गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन टीम लगातार इस बात पर जोर देती है कि पूरे मैच में एक जैसी आक्रामकता और एकाग्रता बनाए रखी जाए। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘गलतियां होंगी, लेकिन हम लगातार यही बात करते हैं कि चारों क्वार्टर में निरंतरता बनाए रखनी है। ’’ उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध हॉकी विरासत टीम के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रही है और खिलाड़ी विश्व कप में एक और बड़ी सफलता हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी हॉकी की विरासत हमेशा हमें प्रेरित करती है। जिस तरह हमने ओलंपिक पदक का लंबा इंतजार खत्म किया था, उसी तरह इस बार विश्व कप जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। ’’ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। पदक जीतने के बाद हम सब मिलकर जश्न मनाएंगे।
स्टिक का जादू, बल्ले का जुनून, भाले की उड़ान... 80 साल में बदला खेल
भारत अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इन आठ दशकों में देश के साथ-साथ भारतीय खेलों की पहचान भी पूरी तरह बदल गई. हॉकी के स्वर्णिम दौर से लेकर क्रिकेट की बादशाहत और फिर ओलंपिक खेलों में बढ़ती कामयाबी तक, भारत का खेल सफर बदलते सपनों की कहानी बन चुका है.
Hockey World Cup 2026: भारत करेगा अभियान का आगाज, पाकिस्तान से भी भिड़ेगा; जानें मैच की तारीख, समय और Live Streaming
बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में 426 रन बनाए और 228 रन की बढ़त हासिल की। डार्विन टेस्ट के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश की पारी खत्म की। बांग्लादेश ने 2006 में फतुल्लाह में बनाए 427 रन के अपने सर्वोच्च स्कोर की बराबरी करने से सिर्फ एक रन से चूक गया। मेहदी हसन मिराज ने 65 रन की अहम पारी खेली, जबकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने टीम की बढ़त को 200 के पार पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 198 रन बनाए थे। इसके जवाब में बांग्लादेश ने दूसरे दिन तंजिद हसन के 101 रन और नजमुल हुसैन शांतो के 84 रन की मदद से बढ़त हासिल की थी। मिराज ने निचले क्रम को संभाला तीसरे दिन बांग्लादेश ने 351/6 से आगे खेलना शुरू किया। मेहदी हसन मिराज ने एक छोर संभाले रखा और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम की बढ़त को 200 रन के पार पहुंचाया। उन्होंने 154 गेंदों पर 65 रन की पारी खेली, जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। मिराज ने तस्कीन अहमद के साथ भी अहम साझेदारी की। हालांकि, इसके बाद जोश हेजलवुड की ऑफ स्टंप से बाहर जाती फुल गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर एलेक्स कैरी के हाथों में चली गई। ऑस्ट्रेलिया ने फिर मौके गंवाए, स्मिथ इतिहास बनाने से चूके ऑस्ट्रेलिया की खराब फील्डिंग तीसरे दिन भी जारी रही। बांग्लादेश के 400 रन पूरे करने के बाद स्टीव स्मिथ ने तस्कीन अहमद का आसान कैच छोड़ दिया। तस्कीन ने पैट कमिंस की गेंद पर डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग की ओर शॉट खेला, जहां स्मिथ कैच नहीं पकड़ सके। अगर वह कैच ले लेते तो टेस्ट में उनके 219 कैच हो जाते और वे सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी बन जाते। फिलहाल स्मिथ और जो रूट 218-218 कैच के साथ बराबरी पर हैं। ऑस्ट्रेलिया ने मैच में अब तक छह कैच छोड़े हैं। हेजलवुड के 300 टेस्ट विकेट पूरे, ऐसा करने वाले ऑस्ट्रेलिया के 9वें गेंदबाज शनिवार सुबह बांग्लादेश के गिरे तीनों विकेट जोश हेजलवुड ने लिए। उन्होंने हसन महमूद को 14 और तैजुल इस्लाम को 17 रन पर आउट करने के बाद मेहदी हसन मिराज को 65 रन पर पवेलियन भेजा। मिराज का कैच विकेटकीपर एलेक्स कैरी ने लिया। इसके साथ ही हेजलवुड ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 300 विकेट पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले ऑस्ट्रेलिया के 9वें गेंदबाज बन गए। हेजलवुड ने मिराज को ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के लिए मजबूर किया। गेंद बल्ले का किनारा लेकर कैरी के हाथों में चली गई। इस विकेट के साथ हेजलवुड के पारी में 5 विकेट भी पूरे हो गए। इससे पहले उन्होंने हसन महमूद को फुल और सीधी गेंद पर LBW किया था, जबकि तैजुल इस्लाम का कैच गली में कैमरन ग्रीन ने लिया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग में गलतियां भी जारी रहीं। स्टीव स्मिथ, कैमरन ग्रीन और ट्रैविस हेड ने कैच छोड़े। तंजिद के शतक ने रखी नींव बांग्लादेश की बड़ी बढ़त की नींव तंजिद हसन ने रखी। उन्होंने 101 रन की पारी खेली। यह ऑस्ट्रेलिया में किसी बांग्लादेशी बल्लेबाज का पहला टेस्ट शतक है। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने भी 84 रन बनाए। इन पारियों की मदद से बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के 198 रन के जवाब में मजबूत स्थिति बनाई। 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेल रहा बांग्लादेश बांग्लादेश 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट खेल रहा है और टीम अब ऐतिहासिक जीत की स्थिति में पहुंच गई है। ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में सिर्फ 198 रन पर आउट हुआ था। हसन महमूद ने 55 रन देकर 6 विकेट लिए थे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल टैलेंट हंट चलाया जाएगा।
LIVE: भारत और श्रीलंका के बीच होगा मुकाबला, कुछ ही देर बाद टॉस
भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच आज खेला जाएगा। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया और धनंजय डि सिल्वा की कप्तानी में श्रीलंकाई टीम अब से कुछ ही देर बाद मैदान पर नजर आएगी। इस मैच का लाइव स्कोर आप यहां देख सकते हैं।
आजादी से पहले ही दुनिया में बजा भारत का डंका! इन महान खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में बनाई देश की पहचान
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होगा। भारतीय पुरुष और महिला टीमें अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम वेल्स के खिलाफ विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी और 51 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म करने के लक्ष्य से उतरेगी।
कैरम बॉल से तबाही, आर्मी में बने अफसर, फिर कहां गायब हुए अजंता मेंडिस?
एक ऐसा गेंदबाज जिसका करियर बहुत छोटा रहा, लेकिन धारधार रहा, उसके ना खेलने के बाद भी आज भी लोग उसका नाम नहीं भूले हैं, बात हो रही है अजंता मेंडिस की, आज उनकी ही बात कर लेते हैं. भारत-श्रीलंका के बीच होने वाली सीरीज से पहले उनकी एक कहानी...
2 अगस्त 1997। कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट शुरू हुआ। श्रीलंका को टेस्ट टीम बने 15 साल हो चुके थे। तब तक 75 टेस्ट में सिर्फ 9 जीत मिली थीं। घर में 32 में 6 और विदेश में 43 में 3 मैच जीते थे। सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 537/8 पर पारी घोषित कर दी। लगा, अब भारतीय गेंदबाज दबाव बनाएंगे। लेकिन आगे जो हुआ, उसने मैच की पूरी कहानी बदल दी। श्रीलंका ने 271 ओवर बल्लेबाजी कर 952/6 का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा कर दिया। सनथ जयसूर्या ने 340 रन और रोशन महानामा ने 225 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़ दिए। भारत के लिए सबसे अजीब कहानी डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी की रही। उन्होंने टेस्ट की पहली ही गेंद पर विकेट लिया। इसके बाद भारत को दूसरे विकेट के लिए दो दिन तक इंतजार करना पड़ा। पांच दिन के इस टेस्ट में 1,489 रन बने और सिर्फ 14 विकेट गिरे। मैच ड्रॉ रहा। लेकिन श्रीलंका का 952/6 टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। यह रिकॉर्ड आज तक नहीं टूट सका है। भारत से तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए सचिन तेंदुलकर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। भारत ने 167.3 ओवर में 537/8 का स्कोर बनाया और पारी घोषित कर दी। भारत की ओर से तीन बल्लेबाजों ने शतक लगाए। नवजोत सिंह सिद्धू ने 111 रन, सचिन तेंदुलकर ने 143 रन और मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 126 रन बनाए। तेंदुलकर और अजहरुद्दीन ने चौथे विकेट के लिए 221 रन की साझेदारी की। पहली गेंद पर विकेट, फिर 576 रन की साझेदारी श्रीलंका के लिए सनथ जयसूर्या और मरवन अटापट्टू ओपनिंग करने उतरे। दूसरे दिन के आखिरी सेशन में सचिन ने डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी को गेंद थमाई। कुलकर्णी ने पहली ही गेंद पर अटापट्टू को आउट कर दिया। इसके बाद रोशन महानामा क्रीज पर आए। फिर जयसूर्या और महानामा ने भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया। अटापट्टू 39 रन के टीम स्कोर पर आउट हुए। इसके बाद दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़े। तीसरे दिन दोनों ने 283 रन और चौथे दिन 265 रन जोड़े। चौथे दिन स्टंप्स तक जयसूर्या 326 और महानामा 211 रन पर नाबाद थे। पांचवें दिन महानामा 561 गेंदों पर 225 रन बनाकर आउट हुए। उनकी पारी में 27 चौके थे। अनिल कुंबले ने उन्हें आउट किया। इसके सिर्फ दो गेंद बाद जयसूर्या भी पवेलियन लौट गए। जयसूर्या टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले श्रीलंकाई बल्लेबाज बने। उन्होंने 578 गेंदों पर 340 रन बनाए। उनकी पारी में 36 चौके और 2 छक्के शामिल थे। वह 799 मिनट क्रीज पर रहे। उनका 340 रन उस समय टेस्ट इतिहास की चौथी सबसे बड़ी इंडिविजुअल पारी थी। उनसे आगे ब्रायन लारा 375, गैरी सोबर्स 365* और लेन हटन 364 रन पर थे। 576 रन की साझेदारी ने रिकॉर्ड तोड़े जयसूर्या और महानामा ने दूसरे विकेट के लिए 576 रन जोड़कर उस समय की टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। उनसे पहले यह रिकॉर्ड 467 रन का था, जो न्यूजीलैंड के मार्टिन क्रो और एंड्रयू जोन्स ने बनाया था। दोनों की साझेदारी 500 रन का आंकड़ा पार करने वाली टेस्ट क्रिकेट की पहली साझेदारी बनी। हालांकि, 2006 में श्रीलंका के ही कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 624 रन जोड़कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जयसूर्या-महानामा के बाद भी नहीं रुका श्रीलंका जयसूर्या और महानामा के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की रन नहीं रुके। अरविंद डी सिल्वा ने 126 रन बनाए और अर्जुन रणतुंगा के साथ 175 रन की साझेदारी की। रणतुंगा ने 86 रन बनाए। इसके बाद डेब्यू कर रहे महेला जयवर्धने ने 66 रन जोड़े। श्रीलंका ने इस दौरान 903/7 के उस समय के टेस्ट रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। जयसूर्या को देखने 30 हजार फैंस पहुंचे पांचवें दिन जयसूर्या 326 रन पर नाबाद थे। वह ब्रायन लारा के 375 रन के रिकॉर्ड से सिर्फ 50 रन दूर थे। रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद में आर. प्रेमदासा स्टेडियम में 30 हजार से ज्यादा दर्शक पहुंच गए। दर्शकों के लिए करीब 30 हजार मुफ्त टिकट रखे गए थे। हर नजर जयसूर्या पर थी। लेकिन लारा का रिकॉर्ड टूटने से पहले ही उनकी पारी खत्म हो गई। राजेश चौहान की गेंद पर जयसूर्या ने शॉट खेला और प्वाइंट पर सौरव गांगुली ने कैच पकड़ लिया। जयसूर्या 578 गेंदों पर 340 रन बनाकर आउट हुए। 3 भारतीय स्पिनर्स ने 220 ओवर फेंके भारतीय गेंदबाजों ने कुल 271 ओवर किए। राजेश चौहान ने 78 ओवर, अनिल कुंबले ने 72 ओवर और डेब्यूटेंट निलेश कुलकर्णी ने 70 ओवर फेंके। तीनों ने मिलकर 220 ओवर किए और 594 रन खर्च किए। इसके बावजूद तीनों को सिर्फ एक-एक विकेट मिला। सचिन ने पिच को बताया था 'डेड ट्रैक' मैच के बाद सचिन तेंदुलकर ने जयसूर्या और महानामा की बल्लेबाजी की तारीफ की। साथ ही उन्होंने आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक पिच पर गेंदबाजों के लिए बहुत कम मदद थी। भारतीय स्पिनर्स ने लंबे स्पेल किए, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकना मुश्किल रहा। श्रीलंका रिकॉर्ड के पीछे क्यों गया? शुरुआत में जयसूर्या और महानामा का लक्ष्य सिर्फ फॉलोऑन बचाना था। लेकिन चौथे दिन टी-ब्रेक तक जयसूर्या को अंदाजा हो गया कि वह बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं। इसके बाद श्रीलंका ने पारी घोषित नहीं की। महानामा को बाद में इस बात का अफसोस रहा कि वह जयसूर्या के साथ ज्यादा देर नहीं टिक सके। उनका मानना था कि अगर वह कुछ और समय क्रीज पर रहते, तो जयसूर्या को लारा के 375 रन के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने में मदद कर सकते थे।
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच आज से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। हालांकि मैच के पहले दिन यहां 90% बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार मुकाबले के पांचों दिन बारिश हो सकती है। शनिवार को गॉल में सुबह से ही बारिश होने लगेगी। मैच सुबह 10 बजे से शुरु होना है। गॉल में स्पिनर्स ने 1032 विकेट झटके गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में 50वां टेस्ट मैच खेला जा रहा है। अब तक खेले गए 49 मैचों में इस मैदान की पिच स्पिनर्स को सपोर्ट करती रही है। 26 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 16 मैच पहले बॉलिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने बताया कि इस मैच की पिच में नमी रह गई है और स्पिन कम होगी। 2 भारतीय के पास गॉल में खेलने का अनुभव इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ 48% मैच जीते भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ 46 मैच खेले हैं। इनमें से 22 में जीत मिली है, जोकि 48% है। 7 में हार झेलनी पड़ी है। 17 मैच ड्रॉ रहे हैं। श्रीलंकाई पिचों में भारत की जीत का रिकॉर्ड 38% है। टीम ने श्रीलंकाई में 24 मैच खेले हैं। उसे 9 में जीत और 7 में हार मिली है। 8 मैच ड्रॉ रहे हैं। दोनों कप्तानों की बात गिल बोले- 600वें टेस्ट में कप्तानी करना सम्मान की बात कप्तान शुभमन गिल ने कहा- '600वें टेस्ट में टीम की कप्तानी करना सम्मान की बात है। WTC में वापसी के लिए भारत को करीब 6-7 टेस्ट जीतने की जरूरत है।' गिल ने कहा- प्लेयर्स के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में तुरंत ढलना आसान नहीं होता। टेस्ट सीरीज से पहले एक सप्ताह से 10 दिन की तैयारी मिलना काफी मददगार होता है।' डिसिल्वा ने कहा- गॉल में अनुभव काम आएगा श्रीलंका के कप्तान धनंजय डिसिल्वा ने कहा, ‘जब आप श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले गॉल मैदान का नाम आता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने यहां बड़े होते हुए काफी क्रिकेट खेला है। यहां 50वें टेस्ट में श्रीलंका की कप्तानी करना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मैंने यहां काफी स्कूल क्रिकेट भी खेला है। इस अनुभव से इस सीरीज में मुझे फायदा मिलेगा।’ पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, सरांश जैन/मानव सुथार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। श्रीलंका: लाहिरू इगलागामगे, निशान फर्नांडो, दिनेश चांदीमल, कामिंदु मेंडिस, धनंजय डिसिल्वा (कप्तान), निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), सोनल दिनूषा, प्रभात जयसूर्या, रमेश मेंडिस, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा कहां देख सकते हैं? मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर होगा। इसे सोनी LIV पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, दैनिक भास्कर एप पर मैच का कवरेज होगा। इसे आप फॉलो कर सकते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्र निर्माण में खिलाड़ियों के योगदान को सराहा
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को भारत के राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में खिलाड़ियों के योगदान को रेखांकित किया। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाने वाला हर नागरिक देश की प्रगति में योगदान देता है।
पाकिस्तान की टीम अभी बाबर आजम की कप्तानी में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड दौरे पर पहुंची हुई है। इस सीरीज के शुरू होने से पहले तीन दिन प्रैक्टिस मैच में पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम बल्लेबाजी के दौरान अपने दाहिने हाथ को चोटिल कर बैठे।
Ferran Torres छोड़ेंगे Barcelona: PSG के साथ 50 Million Euro के बड़े Transfer सौदे पर लगी मुहर
बार्सिलोना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। स्पेन के विश्व कप फाइनल के नायक फेरान टोरेस अब पेरिस सेंट-जर्मेन की जर्सी में नजर आ सकते हैं। स्पेनिश मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बार्सिलोना ने 26 वर्षीय फारवर्ड को करीब 50 मिलियन यूरो में फ्रांसीसी क्लब को बेचने पर सैद्धांतिक सहमति बना ली है। दोनों क्लबों के बीच बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और अब जरूरी औपचारिकताएं बाकी हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, फेरान टोरेस पेरिस सेंट-जर्मेन के साथ पांच साल का करार करने वाले हैं। स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभी चिकित्सकीय जांच और कुछ कागजी कार्रवाई होनी है। रिपोर्ट में बार्सिलोना के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इन औपचारिकताओं के बाद सौदा पूरा हो जाएगा। टोरेस जनवरी 2021 में मैनचेस्टर सिटी से बार्सिलोना पहुंचे थे। उस समय बार्सिलोना ने उनके लिए 55 मिलियन यूरो से ज्यादा की रकम खर्च की थी। हालांकि, क्लब में उनका सफर हमेशा एक प्रमुख शुरुआती खिलाड़ी के तौर पर नहीं रहा। हांसी फ्लिक के 2024 में टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद टोरेस को मुख्य रूप से रॉबर्ट लेवांडोव्स्की के विकल्प के तौर पर सेंटर फारवर्ड की भूमिका में इस्तेमाल किया गया। इसके बावजूद टोरेस ने सीमित मौकों को अच्छी तरह भुनाया है। वह कई मुकाबलों में स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरकर टीम के लिए निर्णायक साबित हुए हैं। पिछले दो सत्रों में उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं को मिलाकर 94 मैचों में 40 गोल किए हैं। उनकी तेजी, गेंद पर नियंत्रण और आक्रमण में कई स्थानों पर खेलने की क्षमता ने उन्हें बार्सिलोना के लिए उपयोगी खिलाड़ी बनाए रखा है। गौरतलब है कि टोरेस ने हाल ही में स्पेन की विश्व कप जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी। पिछले महीने स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले गए विश्व कप फाइनल में उन्होंने अतिरिक्त समय में स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया था। उनकी इस गोल की मदद से स्पेन ने दूसरी बार विश्व कप खिताब अपने नाम किया। ऐसे में राष्ट्रीय टीम के लिए इतनी बड़ी भूमिका निभाने के कुछ ही समय बाद उनका क्लब बदलना खासा चर्चा में है। टोरेस ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत वालेंसिया की युवा व्यवस्था से की थी। बाद में वह मैनचेस्टर सिटी पहुंचे और फिर बार्सिलोना का हिस्सा बने। अब पेरिस सेंट-जर्मेन में उनके जाने से उनके करियर को एक नई दिशा मिल सकती है। बार्सिलोना के लिए यह फैसला आक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण है। रॉबर्ट लेवांडोव्स्की और मार्कस रैशफोर्ड के क्लब से अलग होने के बाद टीम को आगे के मोर्चे पर नए विकल्पों की जरूरत है। टोरेस के जाने से यह जरूरत और बढ़ सकती है। मुख्य कोच हांसी फ्लिक को अब आक्रमण में अधिक विकल्प जुटाने पर ध्यान देना होगा। बता दें कि बार्सिलोना पहले ही इंग्लैंड के एंथनी गॉर्डन और बोरूसिया डॉर्टमुंड के करीम अदेयेमी को टीम में शामिल कर चुका है। इन खिलाड़ियों से टीम के आक्रमण को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद टोरेस जैसे खिलाड़ी का जाना फ्लिक के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। अगर करीब 50 मिलियन यूरो का यह सौदा पूरा हो जाता है तो पेरिस सेंट-जर्मेन को एक ऐसा खिलाड़ी मिलेगा जो बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने और अलग-अलग आक्रमणकारी भूमिकाएं निभाने का अनुभव रखता है। वहीं बार्सिलोना को अपनी नई आक्रमण योजना के लिए उपलब्ध विकल्पों पर एक बार फिर विचार करना होगा। इस सौदे के बाद दोनों क्लबों की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
मौजूदा ट्रांसफर सीजन में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने यूरी टिएलेमांस और आंद्रेई सैंटोस पर कुल करीब 85 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। हालांकि, क्लब ने अभी तक किसी एक खिलाड़ी पर 100 मिलियन पाउंड खर्च नहीं किए हैं। यह स्थिति इंग्लैंड के दूसरे बड़े क्लबों से अलग है। मैनचेस्टर सिटी, टॉटेनहम हॉटस्पर, लिवरपूल, आर्सेनल और चेल्सी सभी हाल के वर्षों में किसी न किसी खिलाड़ी पर 100 मिलियन पाउंड से अधिक खर्च कर चुके हैं। कैरिक से जब पूछा गया कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने वाले क्लबों के बीच यूनाइटेड कैसे मुकाबला करेगा, तो उन्होंने माना कि पैसा निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण है, लेकिन मैदान पर मुकाबला सिर्फ पैसे से तय नहीं होता। उन्होंने कहा कि क्लब का ध्यान मैच जीतने और उपलब्ध खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने पर है। साथ ही उन्होंने माना कि आर्थिक स्थिति जैसी है, उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि कैरिक की देखरेख में यूनाइटेड ने पिछले सत्र में तीसरे स्थान पर रहते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनसे पूछा गया कि चैंपियंस लीग में जगह मिलने से आने वाली अतिरिक्त कमाई को महंगे खिलाड़ियों पर खर्च क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पर कैरिक ने कहा कि उनके पास इसका पूरा जवाब नहीं है, लेकिन क्लब उपलब्ध साधनों के साथ टीम को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। कैरिक का मानना है कि भविष्य में टीम को लगातार मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्लब ने इस गर्मी अब तक अच्छा काम किया है, लेकिन जरूरत अभी खत्म नहीं हुई है। टीम को और खिलाड़ियों की जरूरत है और क्लब नए विकल्प तलाशता रहेगा। इसी बीच मार्कस रैशफोर्ड का भविष्य भी चर्चा में है। 28 वर्षीय रैशफोर्ड रविवार को काउंटी किल्डेयर स्थित टीम के प्रशिक्षण शिविर में लौट आए हैं। विश्व कप के बाद उन्हें आराम दिया गया था। पिछले डेढ़ साल में वह मैनचेस्टर यूनाइटेड से ऋण पर बार्सिलोना और एस्टन विला के लिए खेल चुके हैं। क्लब के अधिकारियों और पूर्व कोच रूबेन अमोरिम के साथ रिश्तों में तनाव के बाद उन्हें टीम से बाहर जाना पड़ा था। मौजूद जानकारी के अनुसार, अब रैशफोर्ड और क्लब के बीच संबंध पहले से बेहतर हुए हैं। खिलाड़ी कैरिक के साथ काम करने पर ध्यान दे रहा है, लेकिन उसकी प्राथमिकता अभी भी क्लब छोड़ने की बताई जा रही है। यूनाइटेड भी वेतन खर्च कम करने के लिए उन्हें बेचने के पक्ष में है। उनके अनुबंध के आखिरी दो वर्षों की कीमत करीब 35 मिलियन पाउंड बताई जा रही है। कैरिक ने हालांकि रैशफोर्ड के भविष्य को लेकर दरवाजा बंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि रैशफोर्ड क्लब के खिलाड़ी हैं और उन्होंने प्रशिक्षण में अच्छा प्रदर्शन किया है। कैरिक ने यह भी माना कि रैशफोर्ड टीम को अलग तरह की क्षमता देते हैं और उनके पास टीम के लिए काफी कुछ करने की क्षमता है। जब कैरिक से पूछा गया कि क्या रैशफोर्ड बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं, तो उन्होंने कहा कि वह क्लब के खिलाड़ी हैं और टीम में उनकी मौजूदगी कुछ अलग देती है। यानी एक सितंबर की समय सीमा तक उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है। हैरी मैग्वायर, नूसैर मजरावी और यूरी टिएलेमांस जैसे खिलाड़ियों ने भी यूनाइटेड के खिताब जीतने की क्षमता पर भरोसा जताया है। कैरिक ने कहा कि टीम में कुछ खास हासिल करने की क्षमता है और क्लब को उसी लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि उन्होंने खिताब जीतने की कोई पक्की गारंटी देने से इनकार किया है। उनका कहना है कि मैनचेस्टर यूनाइटेड जैसे क्लब के लिए बड़े लक्ष्य रखना जरूरी हैं और टीम उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
कई साल की चर्चा और लगातार लगती अटकलों के बाद आखिरकार क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज शादी के बंधन में बंध गए हैं। खास बात यह है कि दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल रोनाल्डो ने अपनी शादी को किसी बड़े समारोह या सितारों से भरे आयोजन में बदलने के बजाय बेहद निजी रखा। पुर्तगाल के कास्काइस में 11 अगस्त को दोनों ने नागरिक विवाह किया और इस मौके पर उनके पांच बच्चे मौजूद रहे। रोनाल्डो और जॉर्जिना ने खुद सोशल मीडिया पर शादी की जानकारी साझा की। दोनों ने अपनी शादी की अंगूठियों की तस्वीर पोस्ट करते हुए सिर्फ ‘सीजी’ लिखा। इसके बाद रोनाल्डो के प्रतिनिधि ने विवाह की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बेहद निजी और सीमित समारोह था। मौजूद जानकारी के अनुसार, समारोह में रोनाल्डो और जॉर्जिना के पांच बच्चे शामिल हुए थे। अगर यही पूरी अतिथि सूची थी तो इस शादी में परिवार के अलावा कोई बाहरी मेहमान मौजूद नहीं था। यानी जिस शादी को लेकर लंबे समय से बड़ी पार्टी और मशहूर हस्तियों की मौजूदगी की अटकलें लगाई जा रही थीं, वह बेहद छोटे दायरे में पूरी हुई है। बता दें कि रोनाल्डो और जॉर्जिना के पांच बच्चों में से दो जॉर्जिना के जैविक बच्चे हैं, जबकि तीन बच्चे रोनाल्डो के पहले के रिश्ते से हैं। दोनों ने पिछले कई वर्षों में मिलकर एक परिवार बनाया है और शादी में भी परिवार को ही सबसे ज्यादा महत्व दिया। शादी से कुछ दिन पहले पुर्तगाल के मदीरा द्वीप स्थित फुंचाल कैथेड्रल को लेकर खूब चर्चा हुई थी। खबरें थीं कि दोनों 8 अगस्त को वहां शादी कर सकते हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रशंसक, पत्रकार और शुभचिंतक कैथेड्रल के बाहर पहुंच गए थे। हालांकि, बाद में पता चला कि वहां किसी और पुर्तगाली जोड़े की शादी थी। फैबियो रामोस और फातिमा निकोल कुन्हा टेक्सेरा का विवाह उसी स्थान पर हुआ था। इस गलत खबर के कारण रोनाल्डो और जॉर्जिना की असली शादी मीडिया और प्रशंसकों की नजर से दूर रही। रोनाल्डो ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया में हंसने वाली प्रतिक्रिया दी थी। आखिरकार 11 अगस्त को कास्काइस में हुए समारोह के बाद उन्होंने खुद शादी की तस्वीर साझा कर अटकलों पर विराम लगा दिया। गौरतलब है कि रोनाल्डो और जॉर्जिना की मुलाकात 2016 में हुई थी। उस समय जॉर्जिना मैड्रिड में गुच्ची की एक दुकान में काम करती थीं। जॉर्जिना ने बाद में अपनी धारावाहिक श्रृंखला में बताया था कि रोनाल्डो कई बार उन्हें काम से लेने आते थे। एक बार वह महंगी कार बुगाटी से उन्हें लेने पहुंचे थे, जबकि जॉर्जिना बस से काम पर जाती थीं। इसके बाद दोनों का रिश्ता लगातार आगे बढ़ा। जनवरी 2017 में दोनों पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आए। रोनाल्डो पहले ही संकेत दे चुके थे कि वह 2026 विश्व कप के बाद जॉर्जिना से शादी करना चाहते हैं। हालांकि, दोनों ने शादी की तारीख और जगह को लेकर आखिरी समय तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आने दी। शादी के बाद रोनाल्डो और जॉर्जिना अपने बच्चों के साथ लिस्बन के हुम्बर्तो डेलगाडो हवाई अड्डे पर दिखाई दिए। पुर्तगाली मीडिया के मुताबिक, परिवार ने वहां विशेष प्रवेश मार्ग का इस्तेमाल किया। माना जा रहा है कि इसके बाद वे सऊदी अरब के लिए रवाना हुए हैं। इस तरह करीब एक दशक पुराने रिश्ते को दोनों ने बेहद सादगी और निजी अंदाज में शादी के साथ नया नाम दिया।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 15 अगस्त से होगा जिसमें भारतीय पुरुष और महिला दोनों ही टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारतीय पुरुष टीम को पूल-डी में जगह मिली है जिसमें वह अपने अभियान का आगाज वेल्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले से करेगी।
टेस्ट क्रिकेट में भारत के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल की बैटिंग कप्तानी मिलने के बाद काफी बेहतर हो गई है। कप्तानी मिलने से पहले गिल ने 59 पारियों में करीब 35 की औसत से रन बनाए थे। वहीं, कप्तान बनने के बाद से उन्होंने 15 पारियों में 82 से ऊपर की औसत से बैटिंग की है। शतक बनाने की फ्रिक्वेंसी भी बेहतर हुई गिल ने कप्तान बनने से पहले 59 पारियों में सिर्फ 5 शतक जमाए थे। यानी करीब 12 पारियों में एक शतक। वहीं, कप्तान बनने के बाद उन्होंने 15 पारियों में ही 6 शतक जमा दिए हैं। यानी अब वे हर शतक के लिए तीन से भी कम पारियां ले रहे हैं। ब्रैडमैन भी पहुंच से दूर नहीं क्रिकेट आंकड़ों पर काम करने वाली संस्था CricViz के अनुसार, बतौर कप्तान कम से कम 10 पारियों के बाद ऑल टाइम औसत के मामले में गिल दूसरे नंबर पर हैं। उनसे आगे सिर्फ डॉन ब्रैडमैन हैं। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ने कप्तान रहते हुए 101.51 की औसत से रन बनाए थे। टीम का प्रदर्शन सुधारना चुनौती गिल ने कप्तान बनने के बाद से अपनी बल्लेबाजी भले ही काफी बेहतर कर ली है, लेकिन टीम के प्रदर्शन पर इसका खास असर नहीं दिखा। गिल की कप्तानी में भारत ने अब तक 9 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें भारत को 5 में जीत और 3 में हार झेलनी पड़ी है। एक टेस्ट डॉ रहा है। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। वहीं, साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर में सीरीज हार गई। हालांकि, गिल चोटिल होने के कारण साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का एक मैच नहीं खेल पाए थे। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद:VVS लक्ष्मण को मिल सकती है जिम्मेदारी, गंभीर-अगरकर 2027 वर्ल्डकप तक बने रहेंगे BCCI भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम को एक साथ जोड़ने की तैयारी में है। बोर्ड पहली बार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाने जा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके लिए उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल बढ़ाने की तैयारी है। पूरी खबर पढ़ें…
Shoaib Akhtar: Imran Khan की कप्तानी में 400 टेस्ट विकेट ले सकता था
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा है कि अगर उन्हें इमरान खान की कप्तानी में खेलने का मौका मिलता तो वह टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट हासिल कर सकते थे। अपनी पीढ़ी के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शुमार शोएब ने 46 टेस्ट में 178 विकेट लिए थे। उन्होंने 2011 में भारत में हुए विश्व कप के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। उस समय तत्कालीन कप्तान शाहिद अफरीदी के साथ उनके मतभेद की खबरें सामने आई थीं। ‘जियो टीवी’ के एक कार्यक्रम में शोएब ने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 400 से अधिक विकेट हैं और उनका मानना है कि उनके पसंदीदा कप्तान इमरान खान के नेतृत्व में खेलने से उनके करियर पर बड़ा असर पड़ सकता था। शोएब (51 वर्ष) ने कहा, ‘‘अगर मैं पहले इमरान खान के आक्रामक नेतृत्व में खेला होता तो मैंने बहुत कुछ सीखा होता और टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट लिए होते।’’शोएब ने रावलपिंडी में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। यह उनका घरेलू मैदान भी था। उस समय पाकिस्तान के कप्तान वसीम अकरम ने इस युवा तेज गेंदबाज को पदार्पण कराने को लेकर आशंका जताई थी और माना था कि यह सही समय नहीं है। समय के साथ दोनों तेज गेंदबाजों के रिश्ते जटिल रहे और उनमें प्रशंसा के साथ-साथ मतभेद के दौर भी आए।
Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में संपन्न ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों की शुक्रवार को सराहना की और कहा कि ये खिलाड़ी ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं तथा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने ग्लास्गो खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय सेना के दल के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। राजनाथ ने कहा, ‘‘आप सिर्फ सेना का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं।’’राजनाथ ने शारीरिक और मानसिक दबाव पर काबू पाने तथा अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश को गौरवान्वित करने के लिए खिलाड़ियों की मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ विश्वास की भी सराहना की। उन्होंने उनकी उपलब्धि को ‘असाधारण’ बताते हुए कहा कि ये खिलाड़ी विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं क्योंकि वे ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं। राष्ट्रमंडल खेल 2026 का समापन तीन अगस्त को हुआ। भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर रहा। सेना के 20 खिलाड़ियों के दल ने 16 पदक जीते जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने दो पदक जीते। मुक्केबाजी में छह में से चार स्वर्ण पदक महिला मुक्केबाजों द्वारा जीतने का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि यह उपलब्धि ‘भारत की बढ़ती नारी शक्ति का प्रमाण’ है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं खेल को आगे बढ़ाने और रक्षा बलों में शामिल होने के लिए और अधिक प्रेरित होंगी। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी एशियाई खेलों के लिए भी शुभकामनाएं दीं। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी यहां कर्तव्य भवन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने ऊंची कूद में भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का पहला रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी इतिहास रचा। वह एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता।
भारतीय महिला टीम को एशिया कप और एशियन गेम्स 2026 से पहले बड़ा झटका लगा है, जिसमें हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते जेमिमा रोड्रिग्स बाहर हो गई हैं जिनकी जगह पर बीसीसीआई ने एशिया कप के लिए रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया है।
महिला क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्स हैमस्ट्रिंग चोट के कारण एशिया कप और एशियन गेम्स से बाहर हो गई हैं। उन्हें यह चोट इसी महीने इंग्लैंड में द हंड्रेड टूर्नामेंट के दौरान लगी थी। उनकी जगह प्रतिका रावल को टीम में शामिल किया गया है। BCCI ने शुक्रवार को बताया कि 25 साल जेमिमा की मेडिकल टीम ने जांच की है। जांच में उनकी हैमस्ट्रिंग में गंभीर स्तर का टियर मिला है। BCCI ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। एशिया कप 28 अगस्त से 5 सिंतबर तक दुबई में खेला जाएगा। द हंड्रेड लीग खेलते समय जेमिमा चोटिल हुईं BCCI ने बताया कि इंग्लैंड में द हंड्रेड लीग के एक मैच में 3 अगस्त को जेमिमा के दाहिनी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। मेडिकल टीम ने बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उनकी जांच की। इसमें हाई-ग्रेड टियर इंजरी कन्फर्म हुई है। एशियन गेम्स जापान के नागोया में 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेला जाएगा। टूर्नामेंट टी-20 फॉर्मेट में होगा। एशिया कप के लिए भारत की टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमालिनी (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल। ----------------------------------- महिला क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ऑस्टेलिया की उपकप्तान गार्डनर पर चीटिंग के आरोप; पूर्व पत्नी ने कहा- इसी वजह से हुआ तलाक ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान एश्ले गार्डनर पर चीटिंग के आरोप लगे हैं। उनकी पूर्व पत्नी मोनिका राइट ने उन पर साथी खिलाड़ी जॉर्जिया वोल के साथ संबंध में होने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर
कोलकाता, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को हाल ही में चिट्ठी के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी। गांगुली का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस को जानकारी दे दी है और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस इसको जल्द ही सुलझा लेगी।
टाटा स्टील ने Jamshedpur FC की पूरी हिस्सेदारी चर्चिल को सौंपी
टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी का ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस चर्चिल ब्रदर्स को 100 रुपये की टोकन राशि में हस्तांतरित कर दिया है. इसके साथ 12 खिलाड़ी और दो कोच भी गोवा के क्लब के साथ जुड़ेंगे. चर्चिल ब्रदर्स 4 सितंबर से शुरू होने वाले ISL 2026-27 सीजन में जमशेदपुर की जगह खेलेगा. टाटा स्टील ने ISL से बाहर निकलने के बावजूद ग्रासरूट और युवा फुटबॉल पर अपना फोकस जारी रखने की बात कही है.
ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान एश्ले गार्डनर पर चीटिंग के आरोप लगे हैं। उनकी पूर्व पत्नी मोनिका राइट ने उन पर साथी खिलाड़ी जॉर्जिया वोल के साथ धोखा देने का आरोप लगाए। राइट ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर कार्रवाई नहीं करने और गार्डनर को लीडरशिप रोल में बनाए रखने की आलोचना की थी। दोनों ने 2025 में शादी की थी। उसके एक साल बाद गार्डनर-राइट का तलाक फाइल हो चुका है। आरोप के बावजूद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उपकप्तान बनाए रखा आरोप के बावजूद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने गार्डनर को महिला टीम की उपकप्तान बनाए रखा है। इस पर CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने कहा- ‘कल बोर्ड स्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बोर्ड ने इस बारे में अपडेट मांगा था, जो हमने दिया।’ ग्रीनबर्ग ने कहा- ‘इसका नतीजा यह रहा कि बोर्ड गार्डनर के उपकप्तान पद पर बने रहने का पूरा समर्थन करता है। गार्डनर को इस भूमिका के लिए नियुक्त किया गया था और बोर्ड उनके लिए बहुत ऊंचा सम्मान रखता है।’ हमें रिश्ते की जानकारी पहले से थी ग्रीनबर्ग ने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को गार्डनर और वोल के रिश्ते के बारे में सार्वजनिक होने से पहले पता था। उन्होंने बताया कि इस मामले के बाद खिलाड़ियों के रिश्तों और लीडरशिप रोल के लिए वर्कप्लेस पॉलिसी में एक्स्ट्रा सॉल्यूशन जोड़े हैं। उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि टीम के चयन में वास्तविक या दिखने वाले हितों के टकराव की स्थिति न बने। उपकप्तान को टीम के चयन में कोई अधिकार नहीं होता। इसके अलावा, हमने इसे निजी मामला माना है।' वोल के चयन की बातचीत नहीं कर सकेंगी गार्डनर ग्रीनबर्ग ने साफ किया कि उपकप्तान के तौर पर गार्डनर को वोल के प्लेइंग-11 या टीम में चयन को लेकर खिलाड़ी या चयनकर्ताओं से कोई बातचीत नहीं कर सकेंगी। उन्हें ऐसे किसी भी दूसरे मामले से भी दूर रहना होगा, जिससे हितों के टकराव की संभावना बन सकती है। ग्रीनबर्ग ने इस पर कहा, ‘हां, यह सही है। हमें लगता है कि यह जरूरी है। भले ही वास्तविक टकराव न हो, लेकिन बाहर के लोगों, टीम की दूसरी खिलाड़ियों या स्टाफ को टकराव की आशंका दिख सकती है।’
'टेस्ट में आप कोई जोखिम नहीं लेना चाहते'; सुदर्शन-बुमराह को लेकर पहली बार आया कप्तान गिल का बयान
भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का आगाज होने से पहले 2 बड़े झटको का सामना करना पड़ा था, जिसमें बुमराह और सुदर्शन अनफिट होने की वजह से स्क्वाड से बाहर हो गए। अब दोनों की फिटनेस को लेकर पहली बार कप्तान शुभमन गिल का बयान सामने आया है।
पहली बार एक साथ हो रहा महिला और पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन, 15 अगस्त से होगी टूर्नामेंट की शुरुआत
बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में 15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन होगा, जिसमें पहली बार महिला और पुरुष दोनों ही टूर्नामेंट के मुकाबले एक साथ खेले जाएंगे। जिसमें सभी मुकाबले दो वेन्यू पर होंगे।
भारत-श्रीलंका टेस्ट से पहले गिल ने खोले पत्ते! प्लेइंग XI को लेकर दिया बड़ा अपडेट, जानें कौन अंदर-कौन बाहर
बड़े बदलाव के मूड में BCCI, न कोच और न मुख्य चयनकर्ता VVS Laxman को दिया जा सकता है यह बड़ा पद
पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेटर के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इससे पहले यह पद पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री के पास था और वह बाद में टीम इंडिया के मुख्य कोच बने थे।
मनप्रीत सिंह ने अपने चौथे विश्व कप से पहले दिया बयान, कहा- शायद ये मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा
मनप्रीत सिंह ने कहा है कि शायद वह अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे। मनप्रीत चौथी बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनने वाले हैं और इस बार इसे यादगार बनाना चाहते हैं।
Deepti Sharma 'The Hundred' में खेलकर करेंगी Women's Asia Cup की पूरी तैयारी
भारत की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इस महीने के अंत में शुरू होने वाले महिला एशिया कप से पहले अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में खुद को और बेहतर बनाने के लिए ‘द हंड्रेड’ में खेल रही हैं। महिला एशिया कप 28 अगस्त से दुबई में शुरू होगा। मौजूदा समय में दीप्ति गत चैंपियन सनराइजर्स लीड्स वुमैन के लिए गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। दीप्ति ने ‘जियोस्टार’ से बातचीत में कहा, ‘‘फिलहाल मेरा पूरा ध्यान ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट पर है। 28 अगस्त से महिला एशिया कप शुरू हो रहा है जो भारतीय टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे लिए ‘द हंड्रेड’ में खेलना बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में अपने कौशल पर काम करने का शानदार मौका है। इसे भी पढ़ें: IIT Kharagpur: नालंदा भवन से गिरकर छात्र अंकित शर्मा की मौत, पुलिस जांच शुरू मैं इस टूर्नामेंट का पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रही हूं ताकि एशिया कप में पूरी तैयारी के साथ उतर सकूं। ’’ दीप्ति ने कहा कि वह सनराइजर्स लीड्स के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश कर रही हैं और इससे न केवल उनके व्यक्तिगत खेल में सुधार होगा बल्कि लंबे समय में टीम को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सनराइजर्स लीड्स के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हूं। इसे भी पढ़ें: First Indian in Space | अंतरिक्ष में दिखे थे 'भगवान' का जवाब देने वाले 'स्पेस हीरो' की अनसुनी कहानी | Matrubhoomi इससे एक खिलाड़ी के रूप में मेरा विकास होगा और आगे चलकर टीम को भी इसका लाभ मिलेगा। ’’ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के महत्व पर दीप्ति ने कहा कि नीली जर्सी पहनना गर्व के साथ बड़ी जिम्मेदारी का भी अहसास कराता है और प्रशंसकों का समर्थन उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अतिरिक्त प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब आप भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनते हैं तो यह आपके लिए, आपके परिवार के लिए और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होता है। यह सिर्फ एक जर्सी नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत और त्याग का नतीजा है।
गुरनूर या प्रसिद्ध, गॉल टेस्ट के प्लेइंग 11 में इनमें से कौन खेलेगा?कप्तान शुभमन गिल ने दिया बयान
श्रीलंका के खिलाफ गॉल के मैदान पर खेले जाने दो टेस्ट मुकाबले के पहले मैच में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 को लेकर कप्तान शुभमन गिल ने बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ किया है कि गुरनूर या प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक को मौका मिल सकता है।
Manpreet Singh Hockey World Cup में भारत का 51 साल पुराना खिताबी सूखा खत्म करना चाहते हैं
अपने संभावत: आखिरी हॉकी विश्व कप अभियान की तैयारी कर रहे अनुभवी भारतीय मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा कि वह इसे यादगार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और भारत को 51 साल बाद पहली बार विश्व कप खिताब दिलाने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। दो बार ओलंपिक पदक विजेता टीम के सदस्य रहे मनप्रीत चौथे विश्व कप में खेलेंगे। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत 1975 की अपनी एकमात्र खिताबी सफलता में एक और विश्व कप जीत जोड़ने की कोशिश कर रहा है। मनप्रीत ने ‘जियोस्टार’ से कहा, ‘‘यह विश्व कप मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि यह मेरा चौथा विश्व कप है। हमने लगातार दो ओलंपिक पदक जीते हैं लेकिन विश्व कप का पदक अब भी नहीं है। हर खिलाड़ी दोनों पदक जीतने का सपना देखता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए यह आखिरी विश्व कप हो सकता है इसलिए मैं इसी सोच के साथ इसमें उतर रहा हूं। मैं वह हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हूं जो हम अब तक नहीं कर सके हैं। हमें भावनात्मक रूप से संतुलित रहना होगा, अपनी भूमिकाओं पर कायम रहना होगा और अनुशासन के साथ खेलना होगा। यही हमें जीत का सबसे अच्छा मौका देगा।’’बेल्जियम और नीदरलैंड 15 से 30 अगस्त तक इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे। मनप्रीत ने कहा, “टीम में खिताब जीतने के लिए अनुभव और प्रतिभा दोनों हैं। हमने अच्छी तैयारी की है और हमारा आत्मविश्वास ऊंचा है। हमने ओलंपिक पदक जीते हैं और अब विश्व कप में भी खिताब जीतने का समय है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि हम विश्व कप के फाइनल में पहुंचेंगे। टीम पूरे विश्वास के साथ खेल रही है और हर प्रशिक्षण सत्र में शत प्रतिशत दे रही है।’’भारत को पूल डी में वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ रखा गया है। वह शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। मनप्रीत ने यह भी कहा कि भारत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान सहित अपने प्रतिद्वंद्वियों की प्रतिष्ठा से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहे पाकिस्तान के खिलाफ खेलें या किसी अन्य टीम के, हम अपनी रणनीति पर कायम रहते हैं। हम प्रतिद्वंद्वी के नाम या उसकी प्रतिष्ठा में नहीं उलझते।’’मनप्रीत ने कहा, ‘‘हॉकी टीम खेल है और अगर कोई एक खिलाड़ी अकेले सब कुछ करने की कोशिश करता है तो इससे टीम को नुकसान हो सकता है। हमें एक-दूसरे पर भरोसा करना होगा और एक इकाई के रूप में खेलना होगा।
हॉकी विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने उतरेगा भारत
लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करना होगा।
FIH World Cup 2026: हरमनप्रीत सिंह के कंधों पर इतिहास दोहराने की जिम्मेदारी, Team India तैयार!
भारत FIH पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में हिस्सा लेगा और 1975 में अपनी एकमात्र खिताबी जीत के 51 साल बाद एक नई विरासत बनाने की कोशिश करेगा। कुआलालंपुर में कप्तान अजीत पाल सिंह की अगुवाई में खेला गया वह टूर्नामेंट भारतीय खेल इतिहास का एक यादगार हिस्सा है और उस दौर को दर्शाता है जब हॉकी देश की खेल पहचान का मुख्य हिस्सा थी। बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाला 2026 विश्व कप 15 अगस्त से शुरू हो रहा है। भारत इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ वापसी कर रहा है, लेकिन उसका ध्यान मौजूदा लक्ष्यों पर है। इसे भी पढ़ें: 1975 के बाद फिर इतिहास दोहराने की चुनौती, Hockey World Cup में Team India के पास सुनहरा मौका कप्तान हरमनप्रीत सिंह और उनकी टीम पुरानी यादों को प्रेरणा में और अपनी प्रतिष्ठा को ठोस नतीजों में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रही है, क्योंकि वे जानते हैं कि सिर्फ़ इतिहास के दम पर जीत हासिल नहीं की जा सकती। मौजूदा टीम और 1975 की चैंपियन टीम के बीच एक दिलचस्प समानता देखने को मिलती है। 1975 में जब भारत चैंपियन बना था, तब अजीत पाल सिंह ने अपने दूसरे वर्ल्ड कप में टीम की कप्तानी की थी; इससे पहले उन्होंने 1971 में भी टीम की कमान संभाली थी। इसी तरह, हरमनप्रीत भी दूसरी बार वर्ल्ड कप में भारत की कप्तानी करेंगे (उन्होंने पहली बार 2023 में ऐसा किया था)। इस तरह, अजीत पाल सिंह के बाद वे दो वर्ल्ड कप में कप्तानी करने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत की हालिया तैयारियों से उम्मीदें जगी हैं। टीम ने FIH प्रो लीग के आखिरी चरण में बेहतर खेल दिखाया, जिसमें मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड पर जीत शामिल है। इसके अलावा, भारत ने अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को दो बार हराया और शूटआउट में इंग्लैंड को मात दी। पाकिस्तान और इंग्लैंड, दोनों ही भारत के वर्ल्ड कप पूल में शामिल हैं, जिससे इन नतीजों का महत्व और बढ़ जाता है। भारत को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। इसे भी पढ़ें: Gautam Gambhir को भज्जी की सलाह: Rohit-Virat के Experience पर जताएं भरोसा, उम्र नहीं Performance है पैमाना टूर्नामेंट की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ़ मैच से होगी, इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान के खिलाफ़ मैच खेले जाएंगे। पूल स्टेज का छोटा फ़ॉर्मेट होने के कारण गलती की गुंजाइश बहुत कम है, क्योंकि हर मैच टूर्नामेंट में आगे बढ़ने की राह पर असर डाल सकता है। 2026 टूर्नामेंट के फ़ॉर्मेट में एक नई चुनौती भी है। इस इवेंट में पारंपरिक क्वार्टर-फ़ाइनल स्टेज नहीं होगा। इसके बजाय, शुरुआती पूल की टॉप दो टीमें दूसरे चरण में पूल E और F में जाएंगी, जबकि बाकी टीमें क्लासिफ़िकेशन पूल G और H में जाएंगी। पूल E और F की टॉप दो टीमें सीधे सेमी-फ़ाइनल में पहुंचेंगी। शुरुआती पूल में क्वालिफ़ाई करने वाली दूसरी टीमों के खिलाफ़ मिले नतीजे आगे भी गिने जाएंगे, जिससे पहले चरण का हर मैच बहुत अहम हो जाता है। For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.
India vs Sri Lanka 1st Test: 15 अगस्त को भिड़ेंगे भारत-श्रीलंका, जानें मैच का समय, वेन्यू और LIVE Streaming डिटेल
Harbhajan Singh का बयान: T20 से बल्लेबाजों का धैर्य कम हुआ, Test Cricket में बड़े स्कोर घटे
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने कहा है कि टी20 के दौर से विकसित आक्रामक बल्लेबाजी शैली की कीमत बल्लेबाजों को अपने धैर्य से चुकानी पड़ी है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों द्वारा खेली जा रही लंबी पारियों की घटती संख्या की ओर इशारा किया। उन्होंने पिछली पीढ़ी के टेस्ट बल्लेबाजों को याद किया जो आक्रामकता के साथ लंबे समय तक बल्लेबाजी करने और बड़े स्कोर खड़े करने की क्षमता रखते थे। हरभजन ने पीटीआई के साथ पॉडकास्ट साक्षात्कार में कहा, ‘‘टी20 के इस दौर में मौजूदा पीढ़ी के बल्लेबाजों में पहले के बल्लेबाजों जैसा धैर्य नहीं है। बहुत कम बल्लेबाज ऐसे हैं जो टिककर खेल सकें और एक पारी में 250 या 300 रन बना सकें क्योंकि अगर आप इतने ज्यादा शॉट खेलेंगे तो आउट होने का खतरा हमेशा रहेगा। आजकल टेस्ट में किसी बल्लेबाज को तिहरा शतक बनाते हुए बहुत ही कम देखा जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पहले ब्रायन लारा थे, फिर क्रिस गेल, वीरेंद्र सहवाग और मैथ्यू हेडन, इन सभी ने तिहरे शतक लगाए। लारा ने 400 रन बनाए। एबी डिविलियर्स और जाक कैलिस भी थे जिन्होंने बड़े दोहरे शतक लगाए।’’ टेस्ट क्रिकेट में हाल में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों में पाकिस्तान के अजहर अली (2016), ऑस्ट्रेलिया के डेविड वार्नर (2019), इंग्लैंड के हैरी ब्रूक (2024) और दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर (2025) शामिल हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि अब ऐसी पारियां कितनी कम देखने को मिलती हैं। इसे भी पढ़ें: Harbhajan Singh का दावा, Vaibhav Suryavanshi पर आक्रामक गेंदबाजी ही एकमात्र तरीका हरभजन ने कहा, ‘‘जब हमने क्रिकेट खेलना शुरू किया था तब खेल की रफ्तार थोड़ी धीमी थी, हालांकि वह उस समय के अनुरूप थी। तब केवल कुछ ही बल्लेबाज छक्कों पर भरोसा करते थे।’’ भारत के लिए 1998 में पदार्पण करने वाले हरभजन ने कहा कि 2000 के दशक की शुरुआत में टेस्ट बल्लेबाजी के प्रति अपने रवैये के मामले में ऑस्ट्रेलिया बाकी टीमों से आगे था। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं 2001 से देखूं तो ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी टीम थी जो टेस्ट में तेजी से रन बनाती थी और अपने समय से आगे थी। बाकी टीमें सामान्य क्रिकेट खेलती थीं और एक दिन में 250 रन बनाती थीं, जबकि ऑस्ट्रेलिया हर बार एक दिन में 350 रन बनाने के बारे में सोचता था। उनका दबदबा था।’’ उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में आई तेजी ने गेंदबाजों, खासकर स्पिनरों को भी लगातार आक्रामक होती बल्लेबाजी के अनुरूप खुद को ढालने के लिए मजबूर किया। हरभजन ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे मैंने अधिक क्रिकेट खेला, हर साल टेस्ट क्रिकेट भी आगे बढ़ता गया और खेल की रफ्तार तेज होती गई। इसे भी पढ़ें: Pressure में खेली गई वो पारी! David Miller के करियर का turning point, जानिए स्पिनरों को भी अधिक सजग रहने की जरूरत पड़ी। अगर आप आक्रामक खेल के खिलाफ खुद को समय के साथ नहीं ढालते तो पीछे रहना तय था।’’ इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा कि गेंदबाजों को अब अलग तरीके से सोचना होगा और आक्रामक बल्लेबाजों को उनके पसंदीदा शॉट खेलने से रोकने के तरीके तलाशने होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘आपको अलग योजना और अलग मानसिकता के साथ आना होगा। आपको लगातार डॉट गेंदें डालकर दबाव बनाना होगा और बल्लेबाज को अलग तरह का शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की कोशिश करनी होगी।’’ हरभजन ने कहा, ‘‘2001 से अब तक टेस्ट क्रिकेट में टीमों के खेलने के तरीके में पूरी तरह बदलाव आया है। अगर आप देखें कि इंग्लैंड टेस्ट (बैजबॉल) कैसे खेलता है, तो वह एक दिन में 500 रन बनाने की कोशिश करता है और इसी कोशिश में 70 या 80 रन पर भी ऑल आउट हो सकता है।’’ खेल के बदलते स्वरूप को स्वीकार करते हुए भी हरभजन ने कहा कि उन्हें टेस्ट मैच में पहले वाली अनिश्चितता की कमी खलती है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट का आकर्षण उस दौर में था जब हम खेलते थे। मैच पांच दिन तक चलता था और पांचवें दिन तक यह पता नहीं होता था कि कौन सी टीम जीतेगी।’’ हरभजन का यह भी मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग के बढ़ते प्रभाव ने युवा क्रिकेटरों के लिए प्रोत्साहन के स्वरूप को बदल दिया है। आकर्षक टी20 टूर्नामेंट खिलाड़ियों को पहचान और आर्थिक लाभ हासिल करने का तेज रास्ता उपलब्ध कराता है। उनका मानना है कि इससे लाल गेंद के क्रिकेट से ध्यान कुछ हद तक हटा है। इसे भी पढ़ें: Gautam Gambhir को भज्जी की सलाह: Rohit-Virat के Experience पर जताएं भरोसा, उम्र नहीं Performance है पैमाना उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि लाल गेंद से सफेद गेंद क्रिकेट की ओर ध्यान थोड़ा खिसका है। इसका कारण यह है कि आईपीएल एक बहुत बड़ा मंच है, जो खिलाड़ी को पहचान के साथ-साथ बड़ी रकम भी दिलाता है। आप रातोंरात स्टार बन जाते हैं और इससे पहले कि आपको पता चले, आप भारत के लिए खेल रहे होते हैं।’’ इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘‘पहले के समय में लोग भारत के लिए खेलने के लिए 10 साल तक भी मेहनत करते थे। अमोल मजूमदार और अमरजीत केपी जैसे कई खिलाड़ी थे जिन्होंने काफी रन बनाए लेकिन भारत के लिए नहीं खेल सके क्योंकि सीनियर टीम में जगह नहीं थी।’’ हरभजन ने कहा, “लेकिन अब तीन प्रारूप हैं इसलिए भारत के लिए खेलने के ज्यादा मौके हैं।
महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल की पुरानी मंडी निवासी युवा खिलाड़ी इशिता यादव का चयन एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप-2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इशिता 17 से 20 अगस्त तक उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतियोगिता में एशिया के 15 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। इशिता यादव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। वह शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग के साथ-साथ स्केटिंग की भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं, उनके चयन से जिले में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताया है। माता-पिता को दिया श्रेय इशिता ने अपनी सफलता का श्रेय पिता इंद्रजीत यादव, माता माधुरी यादव, कोच फिलिप्स सर, दादा हुक्म सिंह, दादी वीरमती देवी तथा गुदड़ी वाले हनुमान के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और कोच के लगातार सहयोग व मार्गदर्शन से ही वह इस मुकाम तक पहुंच सकी हैं। अनेक लोगों ने दी बधाई परिवार के सदस्यों राव मूलचंद यादव, होशियार सिंह, अजीत यादव, सुरभि यादव और रामरती देवी सहित अन्य परिजनों व शुभचिंतकों ने इशिता को बधाई देते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत इशिता का भारतीय टीम में चयन न केवल उनके खेल जीवन की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। अब सभी को उम्मीद है कि वह एशियन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और हरियाणा का नाम रोशन करेंगी।
एशिया कप से पहले 'द हंड्रेड' में अपनी स्किल पर काम कर रही हूं: दीप्ति शर्मा
लीड्स, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी और दिग्गज ऑल-राउंडर दीप्ति शर्मा ने कहा है कि वह 28 अगस्त से दुबई में शुरू होने वाली महिला एशिया कप से पहले अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए 'द हंड्रेड' में सनराइजर्स लीड्स के साथ अपने समय का इस्तेमाल कर रही हैं।
टाटा स्टील ने इंडियन सुपर लीग की अपनी फुटबॉल टीम 'जमशेदपुर FC' को केवल 100 रुपए में गोवा के मशहूर स्पोर्ट्स क्लब चर्चिल ब्रदर्स को बेचने का फैसला किया है। टाटा स्टील ने अपनी 100% हिस्सेदारी ट्रांसफर करने के लिए शेयर परचेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम, डील की शर्तों और भारतीय फुटबॉल पर इसके असर को QA रिपोर्ट में समझें… सवाल 1. इस ₹100 की डील में चर्चिल ब्रदर्स को क्या-क्या मिलेगा? जवाब: इस डील के तहत चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर FC का इंडियन सुपर लीग स्पोर्टिंग लाइसेंस, टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स मिलेंगे। इसमें 12 खिलाड़ियों और 2 कोचों के एक्टिव कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं, जिन्हें सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स टेकओवर करेगा। सवाल 2. यह डील कब से लागू होगी और इसके लिए किन मंजूरी की जरूरत है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से क्लब की तमाम जिम्मेदारियों, खिलाड़ियों और कोच के कॉन्ट्रैक्ट्स को संभालेगा। हालांकि, इस ट्रांसफर को ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) और अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज से मंजूरी मिलना बाकी है। सवाल 3. टाटा स्टील ने जमशेदपुर FC बेचने का फैसला क्यों लिया? जवाब: यह फैसला टाटा स्टील के उस हालिया ऐलान के तुरंत बाद आया है, जिसमें कंपनी ने कहा था कि जमशेदपुर FC आगामी ISL सीजन में हिस्सा नहीं लेगी। ISL के बढ़ते वित्तीय घाटे और लीग मॉडल की कॉमर्शियल विजिबिलिटी पर उठ रहे सवालों के कारण कंपनी ने हटने का फैसला लिया। सवाल 4. खरीदार क्लब 'चर्चिल ब्रदर्स' का बैकग्राउंड क्या है? जवाब: चर्चिल ब्रदर्स गोवा का एक प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक फुटबॉल क्लब है, जिसे करीब चार दशकों का अनुभव है। यह क्लब भारतीय फुटबॉल की आई-लीग का दो बार चैंपियन रह चुका है और देश के सबसे पुराने व लगातार खेलने वाले क्लबों में गिना जाता है। सवाल 5. क्या ISL में बाकी टीमों और मीडिया राइट्स की स्थिति भी खराब है? जवाब: हां, ISL का कॉमर्शियल मॉडल इस वक्त भारी दबाव में है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ISL के मीडिया राइट्स की वैल्यू में भारी गिरावट आई है। जहां पहले जियो स्टार सालाना ₹275 करोड़ देता था, वहीं 2025-26 सीजन के लिए फैनकोड से सिर्फ ₹8.6 करोड़ का ऑफर मिला है। सवाल 6. क्या टाटा स्टील से पहले भी किसी बड़े इन्वेस्टर ने भारतीय फुटबॉल छोड़ा है? जवाब: हां, इससे पहले मैनचेस्टर सिटी के मालिक 'सिटी फुटबॉल ग्रुप' (CFG) ने पिछले साल मुंबई सिटी FC से अपना इनवेस्टमेंट वापस ले लिया था। इसके अलावा, फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) और AIFF के बीच 15 साल पुराना कमर्शियल एग्रीमेंट विवादों के चलते खत्म हो चुका है। सवाल 7. भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम को अब तक कितना नुकसान हो चुका है? जवाब: बाजार के अनुमानों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 15 सालों में भारतीय फुटबॉल इकोसिस्टम में भारी निवेश किया गया, लेकिन इस दौरान क्लबों और निवेशकों को ₹5,000 करोड़ से अधिक का नुकसान झेलना पड़ा है। सवाल 8. क्लब बेचने के बाद क्या टाटा स्टील फुटबॉल से पूरी तरह बाहर हो जाएगी? जवाब: नहीं, टाटा स्टील ने साफ किया है कि वह ग्रासरूट और यूथ फुटबॉल में निवेश जारी रखेगी। कंपनी विशेष रूप से स्थानीय और जनजातीय युवाओं के विकास पर फोकस करेगी। वह अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AIFF के सहयोग से यूथ एकेडमी और ग्रासरूट डेवलपमेंट के लिए करेगी। सवाल 9. टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) का क्या इतिहास रहा है? जवाब: टाटा ग्रुप का भारतीय फुटबॉल में बहुत पुराना योगदान रहा है। टाटा फुटबॉल एकेडमी (TFA) की स्थापना 1987 में हुई थी। अब तक TFA से 300 से अधिक कैडेट्स ट्रेनिंग ले चुके हैं, जिनमें से 150 से ज्यादा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है JFSPL और I-League vs ISL यदि आप भारतीय फुटबॉल के प्रशंसक हैं, तो ISL के घटते वित्तीय राजस्व और बड़े कॉर्पोरेट्स के पीछे हटने से आने वाले सीजनों में लीग के फॉर्मेट, टेलीकास्ट क्वालिटी और विदेशी खिलाड़ियों के अनुबंध पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
Asian Games 2026: Gold पर रहेगी नीरज चोपड़ा की नजर, 72 सदस्यीय Athletics टीम का ऐलान
जापान के आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होंगे, जिसमें 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी 43 खेलों में हिस्सा लेंगे। भारत इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में हांगझोऊ 2023 में किए गए अपने शानदार प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के इरादे से उतरेगा, जहाँ देश ने कुल 107 मेडल जीते थे - 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़। भारत की एथलेटिक्स टीम की घोषणा हो गई है। नीरज चोपड़ा के टीम का नेतृत्व करेंगे। यह जैवलिन थ्रो एथलीट एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाने पर नज़र रखेगा। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की 72-सदस्यीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है: Throws 1. करणवीर - शॉट पुट 2. तेजिंदरपाल सिंह तूर - शॉट पुट 3. मनप्रीत कौर - शॉट पुट 4. कृष्णा जयशंकर - शॉट पुट 5. रोहित यादव - जैवलिन 6. नीरज चोपड़ा - जैवलिन 7. अन्नू रानी - जैवलिन 8. दमनीत सिंह - हैमर थ्रो 9. परवीन कुमार - हैमर थ्रो 10. अनुष्का यादव - हैमर थ्रो 11. तान्या चौधरी - हैमर थ्रो 12. सीमा - डिस्कस थ्रो 13. सान्या यादव - डिस्कस थ्रो Middle & Long Distance 1. मो. अफ़सल - 800 मी 2. कृष्ण कुमार - 800 मी 3. गौतमी जयारमन - 800 मीटर 4. पारुल चौधरी - 1500/3000 मीटर एससी/5000 मीटर 5. गुलवीर सिंह - 5000/10,000 मी 6. अविनाश साबले - 300 मीटर एससी Jumps 1. सर्वेश कुशारे - ऊंची कूद 2. आदर्श राम - ऊंची कूद 3. पूजा ऊंची कूद 4. सुप्रिया बी - ऊंची कूद 5. मुरली श्रीशंकर - लंबी कूद 6. शाहनवाज खान - लंबी कूद 7. एंसी सोजन - लंबी कूद 8. शैली सिंह - लंबी कूद 9. प्रवीण चित्रवेल - ट्रिपल जंप 10. कार्तिक उन्नीकृष्णन - ट्रिपल जंप 11. आई.आशा इलांगो - ट्रिपल जंप 12. निहारिका वशिष्ठ - ट्रिपल जंप 13. देव मीना - पोल वॉल्ट 14. कुलदीप यादव - पोल वॉल्ट 15. सिंधुश्री जी - पोल वॉल्ट 16. बरानिका एलंगोवन - पोल वॉल्ट Hurdles 1. तेजस शिर्से - 110 मीटर बाधा दौड़ 2. ज्योति याराजी - 100 मीटर बाधा दौड़ 3. नंदिनी के - 100 मीटर बाधा दौड़ 4. यशस पी - 400 मीटर बाधा दौड़ 5. संतोष टी - 400 मीटर बाधा दौड़ 6. विथ्या रामराज - 400 मीटर बाधा दौड़/4x400 मीटर रिले 7. अनु आर - 400 मीटर बाधा दौड़ Race Walk 1. मंजू रानी - रेसवॉक मैराथन 2. प्रियंका गोस्वामी - रेसवॉक मैराथन स्प्रिंट और रिले 1. गुरिंदरवीर सिंह - 100/4x100m मिक्स्ड रिले 2. अनिमेष कुजूर - 100/200/4x100m मिक्स्ड रिले 3. हरिता भद्रा - 200m/4x100m मिक्स्ड 4. उन्नति बोल्लांडा - 200m/4x100m मिक्स्ड Combined Events 1. तौफीक एन - डेकाथलॉन 2. तेजस्विन शंकर - डेकाथलॉन 3. पूजा हेप्टाथलॉन 4. अनामिका के- हेप्टाथलॉन पुरुषों की 400m/4x400m रिले 1. विशाल टीके - 400m/4x400m रिले 2. राजेश रमेश - 400m/4x400m रिले 3. मनु टीएस - 4x400m रिले/4x400m मिक्स्ड रिले 4. धर्मवीर चौधरी - 4x400m रिले 5. जय कुमार - 4x400m रिले/4x400m मिक्स्ड रिले 6. मोहम्मद अशफ़ाक - 4x400m रिले महिलाओं की 400m/4x400m रिले 1. प्राची - 400m/4x400m रिले 2. किरण पहल - 400m/4x400m रिले 3. नीरू पाठक - 4x400m रिले 4. रशदीप कौर - 4x400m रिले/मिक्स्ड 4x400m रिले 5. अंसा बाबू - 4x400m रिले/मिक्स्ड 4x400m रिले 6. पूवम्मा - 4x400m रिले 7. सलोनी नागर - 4x400m रिले 4x100m रिले / मिक्स्ड 4x100m रिले 1. प्रणव गुरव - 4x100 मीटर मिश्रित 2. स्नेहा एसएस-4x100 मीटर रिले/मिश्रित 4x100 मीटर रिले 3. तमन्ना-4x100 मीटर रिले/मिश्रित 4x100 मीटर रिले 4. सुदेशना शिवंकर - 4x100 मीटर रिले 5. नित्य गंधे - 4x100 मीटर रिले 6. सरबनी नंदा - 4x100 मीटर रिले 7. अबिनया राजराजन - 4x100 मीटर रिले
BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाने की तैयारी है। बोर्ड उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल बढ़ा सकता है। नई जिम्मेदारी में लक्ष्मण जूनियर क्रिकेट से लेकर सीनियर टीम तक के बीच तालमेल बनाएंगे। खिलाड़ियों के रिहैब, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति के साथ मेन्स और विमेंस क्रिकेट की निगरानी करेंगे। BCCI में पहली बार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाया जा रहा है। इसका मकसद सीनियर टीम, चयन समिति, CoE और यूथ क्रिकेट को एक सिस्टम से जोड़ना है। टैलेंट की पहचान से लेकर खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और सीनियर टीम तक उनके सफर की निगरानी लक्ष्मण की जिम्मेदारी में आ सकती है। BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद BCCI में डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद पहले नहीं था। इस नई जिम्मेदारी के जरिए सीनियर टीम के कोच, चयनकर्ता, CoE और यूथ क्रिकेट को एक सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसका मकसद टैलेंट की पहचान से लेकर खिलाड़ियों के डेवलपमेंट तक एक जैसी रणनीति तैयार करना है। लक्ष्मण पहले से CoE में युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं। वे जूनियर टीमों, खिलाड़ियों के रिहैब और मेन्स-वूमेन्स क्रिकेट के पाथवे से जुड़े काम देखते हैं। ऐसे में नई जिम्मेदारी को उनके मौजूदा काम का अगला स्तर माना जा रहा है। गंभीर और अगरकर की भूमिका में अभी बदलाव नहीं रिपोर्ट के मुताबिक नई व्यवस्था में लक्ष्मण की भूमिका हेड कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर से ऊपर होगी। हालांकि, इसका दोनों की मौजूदा जिम्मेदारियों पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा। गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच और अगरकर मुख्य चयनकर्ता की भूमिका में बने रहेंगे। दोनों का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक जारी रहने की बात सामने आई है। अगरकर के कार्यकाल को लेकर सितंबर में फैसला होना है मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का मौजूदा कार्यकाल सितंबर में खत्म होना है। पिछले कुछ समय से टीम चयन और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर उनके फैसलों पर चर्चा रही है। ऐसे में लक्ष्मण को नई जिम्मेदारी देने को BCCI के क्रिकेटिंग सिस्टम में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मौजूदा जानकारी के मुताबिक अगरकर की जिम्मेदारी में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। गंभीर के टेस्ट भविष्य को लेकर भी चर्चा रही गौतम गंभीर के कोचिंग भविष्य को लेकर भी हाल के महीनों में चर्चा हुई है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के प्रदर्शन और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 टेस्ट मैचों की सीरीज को गंभीर के रेड-बॉल क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट के तौर पर लक्ष्मण की नियुक्ति का मतलब गंभीर को हटाना नहीं है। स्टाफ नियुक्त करने की जिम्मेदारी भी लक्ष्मण के पास होगी लक्ष्मण अब तक CoE में जूनियर भारतीय टीमों, खिलाड़ियों के रिहैब और टैलेंट डेवलपमेंट से जुड़े काम देखते रहे हैं। नई भूमिका में उनके पास कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियों की जिम्मेदारी भी होगी। इससे भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग स्तरों पर काम कर रहे कोच और स्टाफ एक ही दिशा में काम कर सकेंगे। लक्ष्मण की जिम्मेदारी टैलेंट की पहचान से लेकर उसे सीनियर क्रिकेट के लिए तैयार करने तक रहेगी। भारतीय क्रिकेट में एक सिस्टम बनाने की कोशिश नई भूमिका का सबसे बड़ा मकसद भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना है। अभी सीनियर टीम, सिलेक्शन कमेटी, CoE और एज-ग्रुप क्रिकेट अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। लक्ष्मण की नई भूमिका में इन सभी के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश होगी। इसका फायदा लंबे समय में खिलाड़ियों के डेवलपमेंट और टैलेंट पूल को मजबूत करने में मिल सकता है। लक्ष्मण पहले से इस सिस्टम के साथ जुड़े हैं, इसलिए BCCI ने उनकी जिम्मेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत कल से 600वां टेस्ट खेलेगा:जीता तो वेस्टइंडीज की बराबरी करेगा; श्रीलंका में स्पिन खेलना चुनौती भारत 15 अगस्त से अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। अगर इंडिया इस मुकाबले को जीत लेता है, तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा। पूरी खबर
इंदौर में चल रही पैरा राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस स्पर्धा में कड़ी मेहनत के बाद अब खिताबी मुकाबला
इंदौर के अभय प्रशाल में प्रथम पैरा राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस चैम्पियनशिप खेली जा रही है।
मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, पदक का सूखा खत्म करने का इरादा: मनप्रीत सिंह
भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने कहा है कि एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। मनप्रीत ने कहा कि वह विश्व कप को जीतकर इसे यादगार बनाना चाहते हैं।
1975 के बाद फिर इतिहास दोहराने की चुनौती, Hockey World Cup में Team India के पास सुनहरा मौका
लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरूष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी तो उसका लक्ष्य विश्व कप में 51 साल के पदक के सूखे को खत्म करने के अभियान का शानदार आगाज करके देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा देने का होगा।आठ बार के ओलंपिक चैम्पियन भारत ने एकमात्र विश्व कप 1975 में कुआलालम्पुर में पाकिस्तान को हराकर जीता था। इससे पहले 1971 में कांस्य और 1973 में रजत पदक अपने नाम किया था लेकिन पिछले 51 साल में पोडियम पर जगह बनाने में भारतीय टीम नाकाम रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मौजूदा भारतीय टीम के पास इस बार सबसे सुनहरा मौका है। पूल चरण में भारत (आठवीं रैंकिंग) के सामने जिन टीमों की चुनौती है, उनमें सिर्फ इंग्लैंड (तीसरी रैंकिंग) ही उससे आगे है जबकि पाकिस्तान 12वें और वेल्स 15वें स्थान परहै।टूर्नामेंट के नये प्रारूप में हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी जहां उन्हें चार चार टीमों के दो समूहों में बांटा जायेगा और दूसरे पूल की टीमों से इस दौर में सामना होगा। इसमें दूसरी क्वालीफाइड टीम के खिलाफ पिछले दौर के अपने पूल के अंक जोड़े जायेंगे। दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी।भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि टीम उसी मानसिकता और तैयारी के साथ उतरेगी जो पिछले दो ओलंपिक में थी। उन्होंने कहा ,‘‘ हमें यकीन है कि जिस तरह से तोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीता था, इस बार विश्व कप में 51 साल की कमी पूरी कर देंगे। हम उसी जज्बे, उसी सोच और तैयारी के साथ यहां आये हैं। विश्व कप में पदक जीतने का दबाव नहीं है बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने शीर्ष टीमों के खिलाफ लगातार खेला है और युवा खिलाड़ी भी आत्मविश्वास से ओतप्रोत हैं। अच्छी बात यह भी है कि पिछले कुछ टूर्नामेंटों में हमने काफी फील्ड गोल किये है।’’भारत ने राजगीर में एशिया कप जीता लेकिन प्रो लीग के पिछले सत्र में नौ टीमों में सिर्फ पाकिस्तान के ऊपर आठवें स्थान पर रही। विश्व कप से ठीक पहले हालांकि प्रो लीग के यूरोप चरण में भारत ने मौजूदा विश्व और यूरोपीय चैम्पियन जर्मनी को हराया और ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड को भी मात दी। कोच क्रेग फुल्टोन ने प्रो लीग 2025-26 में 33 खिलाड़ियों को आजमाने के बाद विश्व कप टीम चुनी जिसमें भारत के लिये सर्वाधिक 417 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके दिग्गज मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी हैं तो यशदीप सिवाच, मोहित एचएस, शिलानंद लाकड़ा समेत आठ खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप होगा।विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में बूट कैंप में विषम परिस्थितियों का सामना करके मानसिक दृढता के साथ आई भारतीय टीम के मानसिक कोच पैडी अपटन का मानना है कि पदक के बारे में अभी से सोचने की बजाय मैच दर मैच रणनीति बनाई जायेगी। विश्व कप 2011 जीतने वाली क्रिकेट टीम और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के साथ काम कर चुके अपटन ने कहा ,‘‘ हमने इस टीम को हर हालात का सामना करने के लिये शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया है। पदक तक के सफर की चुनौतियों का सामना करने में यह टीम सक्षम है और मुझे यकीन है कि ओलंपिक के बाद विश्व कप का भी पदक जीत सकती है।’’पी आर श्रीजेश के संन्यास के बाद यह पहला बड़ा टूर्नामेंट है और युवा गोलकीपरों मोहित एचएस तथा सूरज करकेरा के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। वहीं डिफेंस में अमित रोहिदास और कप्तान हरमनप्रीत सिंह का अनुभव काम आयेगा जिनकी ड्रैग फ्लिक पर भी भारत के गोलों का दारोमदार रहेगा। मनप्रीत और हार्दिक सिंह जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी मिडफील्ड की कमान संभालने के लिये हैं तो फॉरवर्ड पंक्ति में अभिषेक और मनदीप पर नजरे रहेंगी जो 300 अंतरराष्ट्रीय मैचों से सिर्फ 12 मैच दूर हैं।अपनी मेजबानी में हुए पिछले दो विश्व कप में छठे और आठवें स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन टॉनिक का काम करेगा जिसकी जरूरत उसे अगले महीने एशियाई खेलों में पड़ेगी जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना लक्ष्य है। मैदान पर अच्छा प्रदर्शन टूर्नामेंट से ठीक पहले मैदान के बाहर हुए कई विवादों को हाशिये पर रखने के लिये भी जरूरी है।दूसरी ओर भारत में पिछले विश्व कप में पदार्पण के बाद लगातार दूसरा टूर्नामेंट खेल रही वेल्स टीम की नजरें उलटफेर करने पर लगी होंगी। विश्व हॉकी के मानचित्र पर खुद को स्थापित करने की कोशिश में जुटी वेल्स टीम ने इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ अभ्यास मैच खेलकर विश्व कप की तैयारी की है और उसे पिछले प्रदर्शन से बेहतर की उम्मीद है।पूल चरण में भारत को 17 अगस्त को इंग्लैंड से और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलना है।
पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 11 अगस्त को जॉर्जिना रोड्रिगेज से शादी की है। यह शादी तलाक की दशा में संपत्ति का बंटवारा ना होने की शर्त पर हुई है। हालांकि, तलाक होने पर रोनाल्डो अपनी पत्नी को हर महीने 1.10 करोड़ रुपये पेंशन देंगे। एक 53 करोड़ से अधिक की कीमत का बंगला भी देना होगा।
MS धोनी से प्रेरणा लेती हैं भारतीय गोलकीपर बिछू देवी, वर्ल्ड कप से पहले दिया ये बयान
विश्व कप में दबाव का सामना शांत रहकर करने को सफलता की कुंजी मानने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की होनहार गोलकीपर इस हुनर के लिये एमएस धोनी को आदर्श मानती हैं और उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करती हैं ।
भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में कर्स्टन का प्लान साफ, बोले- रणनीति लागू करना सबसे बड़ी चुनौती
श्रीलंका के कोच ने बताया कि उनकी टीम ने भारत के प्रत्येक बल्लेबाज और गेंदबाज के खिलाफ अलग-अलग योजनाएं तैयार की हैं। टीम के पास खिलाड़ियों के लिए ए, बी और सी प्लान मौजूद हैं। हालांकि, कर्स्टन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं और इसी वजह से किसी एक योजना पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता।
MS Dhoni से प्रेरणा लेकर मैदान पर शांत रहना चाहती हैं गोलकीपर Bichu Devi
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन (नीदरलैंड), 14 अगस्त विश्व कप में दबाव का सामना शांत रहकर करने को सफलता की कुंजी मानने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की होनहार गोलकीपर इस हुनर के लिये ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी को आदर्श मानती हैं और उन्हीं के नक्शेकदम पर चलने की कोशिश करती हैं। दूसरा विश्व कप खेल रही बिछू ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ धोनी जिस तरह से दबाव में भी शांत रहते हैं, मैं भी वैसा ही करने की कोशिश करती हूं। यही सोचती हूं कि डर के आगे जीत है। कितना भी दबाव सामने आये, मैं शांत रहूंगी। जब उनकी फिल्म आई तो मैने बार बार देखी। उन्होंने जीवन में इतना संघर्ष किया और इतनी ऊंचाई तक पहुंचे , उनसे बहुत प्रेरणा मिलती है।’’भारतीय टीम को विश्व कप में पहला मुकाबला 16 जून को चीन से खेलना है और मणिपुर की 26 वर्ष की इस खिलाड़ी ने कहा कि वह सफलता के लिये बेसिक्स पर अमल करने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ अब कुछ ज्यादा सोचना नहीं है। जो अब तक तैयारी की है , उसी पर फोकस है। कुछ अतिरिक्त प्रयास नहीं करना है।’’पिछले विश्व कप से अब तक के सफर में बिछू की सोच में भी काफी बदलाव आया है और बड़े टूर्नामेंट या दिग्गज टीमों की ख्याति से वह डरती नहीं है।’’उन्होंने कहा ,‘‘मैं पिछले विश्व कप में बिल्कुल नयी थी और बहुत दबाव ले लिया था कि इतने बड़े टूर्नामेंट में कैसे खेलूंगी लेकिन अब परिपक्वता आई है और फोकस बस अच्छे प्रदर्शन पर है।’’बिछू ने कहा ,‘‘आक्रामक हॉकी के इस दौर में दुनिया की शीर्ष स्ट्राइकरों के सामने अब दिक्कत नहीं होती। हमने बड़ी टीमों के खिलाफ इतने मैच खेले हैं कि अब फर्क नहीं पड़ता। बस मैदान पर शांत रहकर फैसले लेने हैं जो मैं ले लूंगी।’’सविता पूनिया जैसी दिग्गज गोलकीपर के टीम में होने के बावजूद अपनी पहचान बनाने वाली बिछू दरअसल हॉकी नहीं, फुटबॉल खेलना चाहती थी लेकिन ट्रायल के लिये पहुंचने में देरी होने से उनकी किस्मत बदल गई। उन्होंने बताया ,‘‘ मैं गलती से हॉकी खिलाड़ी बनी हूं क्योंकि मैने फुटबॉलर बनने का सपना देखा था। इम्फाल साइ सेंटर पर ट्रायल देने गई थी लेकिन एक दिन देरी होने से वेकेंसी फुल हो गई थी। वहां साइ के निदेशक ने पापा से बोला कि इसको हॉकी खेलने दो, कुछ महीने बाद फुटबॉल टीम में ले लेंगे। मैने हॉकी के सारे ट्रायल पास कर लिये लेकिन दो महीने बाद फुटबॉल टीम के लिये पूछा तो उन्होंने कहा कि साइ में अब हॉकी खिलाड़ी के रूप में नाम दर्ज हैं तो फुटबॉल नहीं खेल सकती।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैं बहुत रोई और पापा को बोला कि मुझे ले जाओ लेकिन उन्होंने समझाया। धीरे धीरे हॉकी में मन रमने लगा। लेकिन मैं शुरू में स्ट्राइकर थी और गोल करके जश्न मनाना मुझे अच्छा लगता था। फिर मणिपुर में नीलकमल सर साइ सेंटर आये थे जिन्होंने गोलकीपर बनाने की सलाह दी।’’मप्र अकादमी में कैरियर का आगाज करने वाली बिछू को गोलकीपर की किट भी काफी देर से मिली और मिली भी तो उनके साइज की नहीं थी। उन्होंने बताया ,‘‘मैं मप्र अकादमी में 2015 में चली गई थी जहां से शुरूआत हुई। मुझे छह महीने बाद गोलकीपर की किट मिली लेकिन लेगगार्ड इतने बड़े थे कि कटवाकर खेलना पड़ा।’’सविता के साथ अपने रिश्ते को प्रतिस्पर्धा का नहीं बल्कि एक दूसरे से सीखने का मानने वाली बिछू ने कहा कि उनके अनुभव से काफी मदद मिलती है। बिछू ने कहा ,‘‘ सविता दी से बहुत कुछ सीखने को मिला। उनसे लगातार पूछती हूं कि दिमाग में उस समय क्या चल रहा था या फैसले कैसे लेने हैं तो वह बताती हैं कि बाहरी आवाजों पर ध्यान नहीं देना है और अपने खेल पर फोकस रखना है। एक बड़ी बहन की तरह सिखाया है और मेरे से भी सीखती हैं। मैच में गोल खाने के बाद एक दूसरे का मनोबल बढाते हैं।
मिचेल स्टार्क ने कपिल देव को छोड़ा पीछे, टॉप 10 में पहुंचने के बेहद करीब
मिचेल स्टार्क ने टेस्ट में अपने 435 विकेट पूरे कर लिए हैं। अब वे कपिल देव से आगे निकल गए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन उन्होंने एक और विकेट लेकर ये काम कर दिया।
श्रीलंका में क्रिकेट कोच की दर्दनाक मौत! मैच के दौरान खिलाड़ियों से हुआ विवाद, 17 वर्षीय खिलाड़ी गिरफ्तार
PC: navarashtra भारत और श्रीलंका के बीच बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज़ शनिवार, 15 अगस्त से शुरू हो रही है। भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुँचने के लिए इस सीरीज़ के दोनों टेस्ट मैच जीतने की कोशिश करेगी। भारतीय टीम मैनेजमेंट दुविधा में है क्योंकि गॉल में स्पिनरों को ज़्यादा मदद मिलने की संभावना है। गौतम गंभीर और शुभमन गिल को अभी तीन स्पिनर और दो तेज़ गेंदबाज़ों पर फ़ैसला करना है। यह ज़रूरी होगा कि टीम तीन तेज़ गेंदबाज़ों को मौका देगी या फ़ाइनल 11 खिलाड़ियों में चार स्पिनर शामिल करेगी। हालाँकि, बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिया है कि भारत पहले टेस्ट में तीन लेफ़्ट-आर्म स्पिनर खिला सकता है। भारत 3 स्पिनरों के साथ मैदान में उतरेगा भारतीय टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिया है कि भारत गॉल में श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में तीन लेफ़्ट-आर्म स्पिनर खिला सकता है। कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा की बॉलिंग स्टाइल और विकेट लेने की क्षमता अलग-अलग है। कुलदीप में अपनी लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिन से बैट्समैन को बेवकूफ बनाने की काबिलियत है, जडेजा की सटीक बॉलिंग सबसे अच्छे बैट्समैन को भी परेशान कर सकती है, जबकि सुथार की बॉलिंग हमें लेफ्ट-आर्म स्पिन बॉलिंग के ट्रेडिशनल स्टाइल की याद दिलाती है। कुलदीप का एक्सपीरियंस बहुत ज़रूरी है मोर्कल ने मीडिया से कहा, हमारे पास कुलदीप है और वह एक अग्रेसिव बॉलर है। उसका एक्सपीरियंस हमारे लिए बहुत ज़रूरी है। मुझे लगता है कि वे सभी अपने-अपने स्टाइल में अलग हैं। मानव बॉल को थोड़ा ज़्यादा टर्न कराता है, जडेजा थोड़ा ज़्यादा सटीक है, और मुझे नहीं लगता कि तीन लेफ्ट-आर्म स्पिनर होना हमारे लिए कोई बड़ी चिंता की बात है। तीन स्पिनर खिलाना सही फैसला है... मोर्कल ने आगे कहा, अगर आप इस ग्राउंड की हिस्ट्री देखें, यहां मैच कैसे खेले गए हैं, तो मुझे लगता है कि तीन स्पिनरों को मौका देना सही तरीका है। हमारी स्पिन बॉलिंग को देखते हुए, यह बहुत एग्रेसिव ऑप्शन है। लेकिन पिच को देखते हुए, यह एक अच्छी पिच लग रही है और मेरा मानना है कि जैसे-जैसे टेस्ट आगे बढ़ेगा, कुछ बदलाव होंगे। लेकिन, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कप्तान शुभमन गिल इन बॉलर्स का किसी खास समय पर कैसे इस्तेमाल करते हैं। लेकिन स्किल के मामले में, इन सभी में हमारे लिए 20 विकेट लेने की क्षमता है।' टीम हर सिचुएशन के लिए तैयार.. मोर्कल ने कहा, 'टीम ने हर तरह के सिचुएशन के लिए तैयारी की है, जिसमें मेंटल स्ट्रेंथ, लंबे समय तक बैटिंग करना और सही जगह पर बॉलिंग करना ज़रूरी होगा। मोर्कल फास्ट बॉलिंग को लेकर परेशान नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि प्रदीश कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने डोमेस्टिक लेवल पर मुश्किल कंडीशन में काफी क्रिकेट खेला है। यहां, उनके लिए असली चैलेंज तेज गर्मी, ह्यूमिडिटी और कूकाबुरा बॉल का सॉफ्ट होना होगा।'
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जार्जिना रोड्रिगेज ने 11 अगस्त को निजी समारोह में शादी की। शादी के बाद सामने आई रिपोर्टों में उनके विवाह की वित्तीय शर्तों की चर्चा है।
AUS vs BAN: मिचेल स्टार्क के नाम दर्ज हुई बड़ी उपलब्धि, इस मामले में की कपिल देव की बराबरी
इंटरनेट डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए। 36 साल के मिचेल स्टार्क ने इस मामले में श्रीलंका के महान स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ा। इतना ही नहीं, वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में भारत के महान कप्तान कपिल देव की बराबरी पर भी पहुंच गए हैं। मुकाबला शुरू होने से पहले स्टार्क और रंगना हेराथ टेस्ट विकेटों के मामले में बराबरी पर थे। उसके बाद विकेट लेते ही वो आगे निकल गए। 434वां टेस्ट विकेट हासिल करने के साथ मिचेल स्टार्क ने भारत के महान कप्तान और ऑलराउंडर कपिल देव की भी बराबरी कर ली। कपिल देव ने 1978 से 1994 के दौरान 131 टेस्ट मैच खेलकर 434 विकेट हासिल किए थे। स्टार्क ने यह आंकड़ा अपने 106वें टेस्ट में ही छू लिया। दोनों अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं। PC- JAGRAN
Hockey World Cup 2026 में ऐसा है टीम इंडिया का शेड्यूल, इस दिन पाकिस्तान से होनी है भिड़ंत
Hockey World Cup 2026 India Schedule: नीदरलैंड में 15 अगस्त से खेले जाने वाले हॉकी मेंस वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का शेड्यूल कैसा है? ये जान लीजिए।
महिला टेनिस खिलाड़ियों के लिए SRY जीन टेस्ट अनिवार्य करने के WTA के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है।
पूर्व भारतीय विकेटकीपर फारुख इंजीनियर को पद्मश्री मिलने का इंतजार 53 साल बाद भी खत्म नहीं हुआ है। 88 साल के इंजीनियर के मुताबिक, 1973 में अखबारों के जरिए उन्हें पता चला था कि सरकार ने उन्हें पद्मश्री के लिए चुना है। उस समय वे इंग्लैंड में भारतीय टीम के साथ खेल रहे थे। टीम मैनेजर हेमू अधिकारी ने भी उन्हें इसकी जानकारी दी थी। लेकिन इसके बाद उन्हें सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली। न मेडल मिला और न ही प्रमाणपत्र। पद्म पुरस्कार की वेबसाइट पर इंजीनियर का नाम 1973 के पद्मश्री सम्मान पाने वालों में दर्ज है। हालांकि, इसके बाद पुरस्कार उन तक क्यों नहीं पहुंचा। इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब इस मामले में BCCI सरकार को पत्र लिखने की तैयारी कर रहा है। इंजीनियर बोले- मेडल ट्रॉफी कैबिनेट में रखूंगा इंजीनियर इंग्लैंड में रहते हैं, लेकिन कहते हैं कि भारत उनके दिल में है। उनका कहना है कि वे पद्मश्री को अपने घर की ट्रॉफी कैबिनेट में रखना चाहते हैं और राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति के हाथों सम्मान लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में उनके और क्लाइव लॉयड के नाम पर स्टैंड हैं, लेकिन राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री लेना उनके लिए उससे भी बड़ा सम्मान होगा। जय शाह से मदद मांगी इंजीनियर ने हाल में ICC चेयरमैन जय शाह से भी इस मामले में मदद मांगी थी। उन्होंने बताया कि पिछले महीने जय शाह ने उनकी मदद करने का भरोसा दिया। इससे पहले उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली से भी इस मामले में मदद मांगी थी। 1971 की ऐतिहासिक सीरीज के बाद मिला था सम्मान फारुख इंजीनियर को 1971 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत में योगदान के बाद पद्मश्री के लिए चुना गया था। उस सीरीज के तीसरे टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 59 रन बनाए। भारत की टीम 125/5 के मुश्किल स्कोर पर थी, तब इंजीनियर ने एकनाथ सोलकर के साथ साझेदारी कर टीम को संभाला। दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत को 174 रन का लक्ष्य हासिल करने में मदद की। 46 टेस्ट खेले, 2,611 रन बनाए इंजीनियर ने भारत के लिए 1961 से 1975 तक 46 टेस्ट खेले। उन्होंने 2,611 रन बनाए। उनका टेस्ट औसत 31.08 रहा। वे उस दौर के मशहूर स्पिन चौकड़ी बिशन सिंह बेदी, ईरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर और एस. वेंकटराघवन के विकेटकीपर भी रहे। उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में 1966-67 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मद्रास टेस्ट का शतक शामिल है। उन्होंने उस पारी में लंच से पहले ही 94 रन बना लिए थे। शानदार बल्लेबाज और फुर्तीले विकेटकीपर थे इंजीनियर फारुख इंजीनियर अपने दौर के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाजों में गिने जाते थे। वे आक्रामक बल्लेबाजी के साथ विकेट के पीछे अपनी तेज रिफ्लेक्स के लिए मशहूर थे। यही वजह थी कि 1970 के दशक की शुरुआत में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में हुई रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड-XI सीरीज के लिए उन्हें पहली पसंद का विकेटकीपर चुना गया। इंजीनियर बाद में इंग्लैंड में बस गए और लंकाशायर के लिए भी क्रिकेट खेला। MCA भी मदद के लिए आगे आया फारुख इंजीनियर ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी इस मामले में मदद मांगी है। जून-जुलाई में MCA प्रेसिडेंट-XI के इंग्लैंड दौरे के दौरान इंजीनियर को सम्मानित किया गया था। इसी दौरान उन्होंने MCA के कोषाध्यक्ष अरमान मलिक से पद्मश्री का मेडल हासिल करने में मदद करने को कहा। --------------गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है, मोर्केल ने कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्कील्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पढ़ें पूरी खबर
AUS vs BAN: तमीम ने रचा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने वाले बने पहले बांग्लादेशी बल्लेबाज
इंटरनेट डेस्क। बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डार्विन टेस्ट में शतक ठोक दिया है। तमीम ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी पारी खेलने का बांग्लादेशी रिकॉर्ड हसन सरकार के नाम था। उन्होंने 2003 में 76 रन बनाए थे। 25 साल के तमीम के करियर का यह दूसरा ही टेस्ट मैच है। 25 साल के तंजीद हसन तमीम का टेस्ट क्रिकेट में यह पहला शतक है। उन्होंने 188 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने 8 चौकों के अलावा एक छक्का भी मारा। यह ओवरऑल टेस्ट में किसी भी बांग्लादेशी बल्लेबाज का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा शतक है। 2006 में शहरियार नफीस ने फतुल्लाह में 138 रनों की पारी खेली थी। नाथन लायन ने पवेलियन भेजा तमीम हसन शतक लगाने के बाद ज्यादा समय क्रीज पर नहीं टिक पाए। वह 101 रनों की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए। अनुभवी ऑफ स्पिनर नाथन लायन ने उनका विकेट लिया। 197 गेंदों पर तमीम के बल्ले से 101 रन निकले। यह 2022 में डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ महमुदुल हसन जॉय के 137 रन के बाद किसी बांग्लादेशी ओपनर का घर से बाहर लगाया गया पहला शतक भी है। PC- cricinfo.com
भारत की 72 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में पहली बार पुरुषों (34) से ज्यादा महिला एथलीट (38) शामिल हैं। नीरज चोपड़ा, पारुल चौधरी समेत पांचों पिछली बार के स्वर्ण विजेता टीम में हैं।
तंजीद हसन तमीम ने बांग्लादेश के लिए खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन शतक ठोक दिया है। वे ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर शतक लगाने वाले बांग्लादेश के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। अब ऑस्ट्रेलिया के लिए इस मैच को बचा पाना काफी मुश्किल नजर आ रहा है।
India ने FIFA ASEAN Cup से नाम वापस लिया, Brazil के खिलाफ खेलेगा मैच
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के उप महासचिव एम सत्यनारायणन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने अक्टूबर में पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच को प्राथमिकता देते हुए पहले फीफा आसियान कप से नाम वापस ले लिया है। भारत के आगामी टूर्नामेंट से हटने का मतलब यह भी है कि वह फीफा से मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता में दक्षिण-पूर्व एशिया की कुछ प्रमुख टीम के खिलाफ खेलने का मौका गंवा देगा। सत्यनारायणन ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने फीफा आसियान कप से नाम वापस ले लिया है क्योंकि हम ब्राजील और फीफा आसियान कप दोनों में नहीं खेल सकते।’’ पहली बार आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता की परिकल्पना आसियान क्षेत्र की टीमों के लिए एक नई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के रूप में की गई थी जिसमें भारत को गैर आसियान प्रतिभागियों में से एक के तौर पर आमंत्रित किया गया था। भारत ने शुरुआत में फीफा के इस नए टूर्नामेंट में भाग लेने का निमंत्रण स्वीकार किया था और बाद में उसे डिवीजन-एक के ग्रुप ए में इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ रखा गया था। यह प्रतियोगिता 21 सितंबर से छह अक्टूबर के बीच फीफा की अंतरराष्ट्रीय विंडो (अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन के लिए निश्चित समय) के दौरान होनी है। हालांकि तीन अक्टूबर को कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में ब्राजील के खिलाफ भारत के मैच की प्रतिबद्धता के कारण कार्यक्रम में टकराव पैदा हो गया। इसे भी पढ़ें: Lionel Messi को Kerala लाने के प्रयास में हुई अनियमितताओं की जांच कराएगी सरकार एआईएफएफ ने पहले आसियान कप में अलग या डेवलपमेंटल टीम उतारने की संभावना पर विचार किया था लेकिन अब पूरी तरह हटने और अंतरराष्ट्रीय विंडो का इस्तेमाल मैत्री मुकाबलों के लिए करने का फैसला किया है। ब्राजील के खिलाफ मुकाबले की आधिकारिक घोषणा पिछले महीने की गई थी। इस बीच बृहस्पतिवार को आई रिपोर्टों के मुताबिक भारत 2026 फीफा विश्व कप में खेलने वाली टीमों के खिलाफ भी मैत्री मैच कराने की संभावना तलाश रहा है। इसे भी पढ़ें: Xavi Hernandez बने नीदरलैंड फुटबॉल टीम के मुख्य कोच, 1978 के बाद पहले विदेशी केप वर्दे और ईरान के नामों पर चर्चा होने की खबर है। हालांकि एआईएफएफ ने अभी इन मुकाबलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एआईएफएफ का यह फैसला इस साल की शुरुआत में बनाई गई उसकी योजना से महत्वपूर्ण बदलाव है जब उसने फीफा का निमंत्रण स्वीकार करने के साथ ही प्रतियोगिता में भागीदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। भारत 2027 एएफसी एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहा है और हाल के वर्षों में उसे नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी हासिल करने में भी संघर्ष करना पड़ा है।
Nihal Sarin और Arjun Erigaisi ईस्पोर्ट्स विश्व कप शतरंज क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
भारतीय ग्रैंडमास्टर्स निहाल सरीन और अर्जुन एरिगेसी ने बृहस्पतिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए ईस्पोर्ट्स विश्व कप (ईडब्ल्यूसी) शतरंज टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। इसके साथ ही नॉकआउट चरण में भारत की चुनौती की अगुआई यही दोनों खिलाड़ी करेंगे। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने ग्रुप चरण के अंतिम दिन निचले ब्रैकेट से वापसी करते हुए अंतिम-आठ में प्रवेश किया। अब वे शुक्रवार को नॉकआउट मुकाबलों में उतरेंगे। इस टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि 15 लाख अमेरिकी डॉलर है। पिछले साल आयोजित पहले ईडब्ल्यूसी शतरंज टूर्नामेंट में भी दोनों भारतीय खिलाड़ी प्लेऑफ में पहुंचे थे। इसे भी पढ़ें: E-sports World Cup: Paris में Arjun Erigaisi का दबदबा, Nihal Sarin को 2-0 से हराकर लोअर ब्रैकेट में धकेला तब निहाल क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे जबकि अर्जुन ने चौथा स्थान हासिल किया था।
Sri Lanka में मैच के दौरान विवाद के बाद कोच Sumith Fernando की मौत, 17 वर्षीय खिलाड़ी हिरासत में
कोलंबो में एक क्रिकेट मैच के दौरान खिलाड़ियों के साथ हुई बहस के कारण 62 साल के एक कोच की मौत हो गई जिन्होंने श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट कप्तान कुसल मेंडिस को उनके स्कूली दिनों में कोचिंग दी थी। पुलिस ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस मामले में स्कूल के 17 साल के खिलाड़ी को सोमवार को सुमित फर्नांडो पर कथित हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मंगलवार को उसे कोलंबो की एक अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 17 अगस्त तक बाल सुधार गृह में भेज दिया गया। इसे भी पढ़ें: India vs Sri Lanka Test: Washington Sundar के बाहर होने से Team India की बढ़ी मुश्किलें, लगा बड़ा झटका पुलिस के अनुसार आठ अगस्त को कोलंबो में खेले जा रहे एक क्रिकेट मैच के दौरान पीने के पानी को लेकर हुए विवाद के बाद दो खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान सुमित फर्नांडो भी इस विवाद में शामिल हो गए और कथित तौर पर उन पर हमला किया गया। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। फर्नांडो मोरातुवा स्थित प्रिंस ऑफ वेल्स कॉलेज के पूर्व क्रिकेट कोच रह चुके थे। उनके मार्गदर्शन में कुसल मेंडिस सहित कई प्रतिभाशाली स्कूली क्रिकेटरों ने प्रशिक्षण लिया था। बाद में फर्नांडो ने श्रीलंका की प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने वाले ब्लूमफील्ड क्रिकेट एंव एथलेटिक क्लब में क्यूरेटर (पिच प्रभारी) के रूप में भी कार्य किया। इसे भी पढ़ें: Ajinkya Rahane Test Debut as Commentator: मैदान के बाद अब Commentary Box में दिखेगा भारतीय दिग्गज का जलवा फर्नांडो का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को किया गया।
इगा स्वियातेक ने नेशनल बैंक ओपन का खिताब जीता:रायबकिना को 6-2, 6-3 से हराया; इस साल की पहली ट्रॉफी
पोलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त इगा स्वियातेक ने गुरुवार को टोरंटो में नेशनल बैंक ओपन का फाइनल जीता। उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त एलेना रायबकिना को 6-2, 6-3 से हराकर इस साल का पहला WTA टूर खिताब जीता। यह उनके करियर का 26वां खिताब है। 29 मिनट में जीता पहला सेट 7वीं वरीयता प्राप्त स्वियातेक ने मैच की शुरुआत में ही दूसरी वरीयता प्राप्त रायबकिना की सर्विस ब्रेक कर दी। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए पहला सेट 29 मिनट में 6-2 से जीत लिया। दूसरे सेट में स्कोर 2-2 से बराबर था, तभी स्वियातेक ने रायबकिना की सर्विस फिर ब्रेक कर दी। इसके बाद उन्होंने अपनी सर्विस पर नियंत्रण बनाए रखा और सेट 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। रैंकिंग में 5वें नंबर पर पहुंचेंगी नेशनल बैंक ओपन का खिताब जीतने के बाद स्वियातेक WTA रैंकिंग में 2 स्थान ऊपर चढ़कर 5वें नंबर पर पहुंचेंगी। फाइनल में हारने के बावजूद रायबकिना दुनिया की नंबर-2 खिलाड़ी बनी रहेंगी। स्वियातेक ने कहा- पूरी तरह फोकस थी खिताब जीतने के बाद स्वियातेक ने कहा कि वह मुकाबले के दौरान पूरी तरह फोकस थीं। उन्होंने बताया कि वह मैच को शारीरिक स्तर पर खेलना चाहती थीं और लगातार दबाव बनाए रखना चाहती थीं। डबल्स में सिनीयाकोवा-झांग चैंपियन महिला डबल्स फाइनल में कतेरीना सिनीयाकोवा और शुआई झांग की जोड़ी ने सारा एरानी और निकोल मेलिचार-मार्टिनेज की जोड़ी को 6-3, 6-4 से हराकर खिताब जीता।
कैनेडियन ओपन: इगा स्वियाटेक ने जीता महिला एकल का खिताब, एलेना रायबाकिना 6-2, 6-3 से हारीं
टोरंटो, 14 अगस्त (आईएएनएस)। पौलेंड की इगा स्वियाटेक ने कैनेडियन ओपन 2026 महिला एकल का खिताब जीत लिया है। टोरंटो में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्वियाटेक ने कजाकिस्तान की एलेना रायबाकिना को 6-2, 6-3 से हराकर खिताब अपने नाम किया। स्वियाटेक का इस सीजन का यह पहला खिताब है।
India vs Afghanistan: गणेश चतुर्थी पर होगा महामुकाबला? ACB ने BCCI से 14 सितंबर की तारीख बदलने की क्यों की मांग
स्कॉटलैंड के फोर्थहिल में ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 का ट्राई-सीरीज मुकाबला खेला जा रहा है। इसमें स्कॉटलैंड के 23 साल के ऑफ-स्पिनर लाइल रॉबर्टसन ने वनडे डेब्यू पर 6 विकेट लिए। वे पुरुष वनडे डेब्यू पर 6 विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज बन गए। रॉबर्टसन ने कनाडा के खिलाफ 10 ओवर में 52 रन देकर 6 विकेट लिए, जिससे स्कॉटलैंड ने कनाडा को 170 रन से हराया। रबाडा और फिदेल एडवर्ड्स के क्लब में शामिल हुए रॉबर्टसन रॉबर्टसन पुरुष वनडे डेब्यू पर 6 विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज हैं। उनसे पहले स्कॉटलैंड के चार्ली कैसल ने 7, जबकि साउथ अफ्रीका के कगिसो रबाडा और वेस्टइंडीज के फिदेल एडवर्ड्स ने 6-6 विकेट लिए थे। आखिरी 15 गेंद में 5 विकेट रॉबर्टसन ने कनाडा की पारी के आखिरी हिस्से में मैच का रुख पूरी तरह स्कॉटलैंड के पक्ष में कर दिया। उन्होंने अपने आखिरी 15 गेंद में 5 विकेट लिए। श्रेयस मोव्वा और जाहिद शीरजाद को लगातार गेंदों पर आउट किया। इसके बाद कलीम सना को बोल्ड कर कनाडा की पारी खत्म की। रॉबर्टसन ने कुल 10 ओवर में 52 रन देकर 6 विकेट लिए। बेरिंटन का 7वां वनडे शतक इससे पहले कप्तान रिची बेरिंटन ने 120 रन की पारी खेलकर स्कॉटलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। यह उनके वनडे करियर का 7वां शतक है। उन्होंने ब्रैंडन मैकमुलन के साथ तीसरे विकेट के लिए 140 रन की पार्टनरशिप की। मैकमुलन ने 64 रन बनाए। माइकल जोन्स ने 41 और मैथ्यू क्रॉस ने नाबाद 51 रन बनाए। आखिरी ओवरों में जैक जार्विस ने 14 गेंद में 30 रन बनाकर स्कॉटलैंड का स्कोर 347 रन तक पहुंचाया। बेरिंटन ने बनाया छक्कों का रिकॉर्ड बेरिंटन ने अपनी शतकीय पारी में 4 छक्के लगाए। इसके साथ ही वनडे में उनके छक्कों की संख्या 90 हो गई। उन्होंने जॉर्ज मुन्से के 87 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए स्कॉटलैंड के लिए वनडे में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। कनाडा की टीम 177 रन पर सिमटी 348 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कनाडा की शुरुआत खराब रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही विकेट गंवा दिए। परगट सिंह ने 42 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से पर्याप्त साथ नहीं मिला। रॉबर्टसन के अलावा स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने भी लगातार दबाव बनाए रखा और कनाडा की पूरी टीम 35 ओवर में 177 रन पर सिमट गई। लीग-2 में स्कॉटलैंड टॉप पर इस जीत के बाद स्कॉटलैंड आईसीसी (ICC) क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 की प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गया। टीम पहले ही वर्ल्ड कप क्वालीफायर के लिए जगह पक्की कर चुकी है। अब लीग-2 में इस जीत के साथ स्कॉटलैंड ने अपना अभियान शीर्ष स्थान पर खत्म किया।
कितने बजे शुरू होगा भारत बनाम श्रीलंका पहला टेस्ट मैच, नोट कीजिए टाइम नहीं तो छूट जाएगा मुकाबला
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज शुरू होने जा रही है। दो मैचों की सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। भारतीय समय अनुसार मैच कितने बजे शुरू होगा, इस बात को अभी से जान लीजिए, ताकि आप पूरे मैच का आनंद ले सकें।
हार से शुरुआत, जीत से अंत... गॉल में टीम इंडिया के हर टेस्ट की कहानी!
Team India Galle Stats in Test: भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है. पहला मैच गॉल में होना है. ऐसे में सवाल है कि जिस गॉल के मैदान में भारत को पहला मुकाबला खेलना है, वहां भारतीय टीम का टेस्ट रिकॉर्ड कैसा है.
Shillong Lajong FC ने 3-3 से ड्रॉ के साथ Durand Cup के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया
शिलांग लाजोंग एफसी ने बृहस्पतिवार को यहां डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के ग्रुप ई के मुकाबले में लांगस्निंग एफसी के साथ 3-3 से रोमांचक ड्रॉ खेलकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की। इस नतीजे से शिलांग लाजोंग सात अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहा। लांगस्निंग एफसी ने भी शानदार जुझारूपन दिखाया और पांच अंक के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए अपना अभियान समाप्त किया। शिलांग लाजोंग के लिए जोआओ विटोर डी पाउला मोराइस ने दो गोल दागे। उन्होंने पहला गोल आधे घंटे से पहले और दूसरा मध्यांतर के बाद किया। एवेरब्राइटन साना ने टीम के लिए तीसरा गोल किया। लांगस्निंग एफसी ने जोरदार वापसी करते हुए किर्मेनशेम मुखिम, वदाजिएद किनसाई रिंगखलेम और सैयद अहमद के गोल से स्कोर बराबर किया। अहमद ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के अंतिम लम्हों में गोल दागकर अपनी टीम को बराबरी दिलाई। ईस्ट बंगाल और जमशेदपुर एफसी ने भी टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ दो टीम के रूप में क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। दोनों ने बेहतर गोल अंतर के आधार पर यह उपलब्धि हासिल की। गुवाहाटी में स्थानीय खिलाड़ी और भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर हालिचरण नारजारी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बोडोलैंड एफसी ग्रुप एफ के अपने अंतिम मुकाबले में स्थानीय प्रतिद्वंद्वी कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी को 6-0 से हराने के बाद भी नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका। हालिचरण ने चार गोल दागे और दो गोल करने में मदद की। उन्होंने दोनों हाफ में दो-दो गोल किए जबकि कौशिक दैमारी और ग्वग्वमसार गायरी ने भी दूसरे हाफ में गोल करके बोडोलैंड एफसी को बड़ी जीत दिलाई। हालांकि इस शानदार जीत और तीन मैच में छह अंक हासिल करने के बावजूद बोडोलैंड एफसी दूसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के रूप में क्वार्टर फाइनल में जगह नहीं बना सका। ईस्ट बंगाल एफसी और जमशेदपुर एफसी के भी छह-छह अंक रहे लेकिन बेहतर गोल अंतर के कारण उन्होंने बाजी मार ली। इस बीच कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी लगातार दूसरे सत्र में बिना कोई अंक हासिल किए अपना अभियान समाप्त करने वाली टीम रही। रांची में 17 वर्षीय लॉमसांगजुआला की 25 मिनट में हैट्रिक और अमन सीके के शानदार खेल से जमशेदपुर एफसी ने ग्रुप सी के अपने अंतिम मुकाबले में भारतीय वायुसेना एफटी को 6-0 से हराया। रेनियर फर्नांडिस ने चौथे मिनट में जमशेदपुर एफसी के लिए पहला गोल किया जिसके बाद दूसरे हाफ में लॉमसांगजुआला ने दो गोल दागे। अमन सीके ने जमशेदपुर का चौथा गोल किया जबकि लॉमसांगजुआला ने 80वें मिनट में हैट्रिक पूरी की। इसके बाद रयान सी ने छठा गोल करके जमशेदपुर एफसी की एकतरफा जीत पूरी की।
15 अगस्त से हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत हो रही है। पहली बार महिला और पुरुष के टूर्नामेंट एक साथ हो रहे हैं। बेल्जियम और नीदरलैंड मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं। भारतीय पुरुष टीम वेल्स के खिलाफ टूर्नामेंट का पहला मैच खेलेगी। यह मैच दोपहर 4:30 बजे शुरू होगा। इससे पहले महिलाओं का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और जापान के बीच दोपहर 1:30 बजे से होगा। 16 दिन चलेंगे टूर्नामेंट, 2 वेन्यू पर मुकाबले शनिवार से शुरू होने वाले टूर्नामेंट 16 दिन तक चलेंगे। दोनों टूर्नामेंट में कुल 50 मैच खेले जाएंगे। इनका आयोजन 2 फेज में होगा। पहला ग्रुप स्टेज, क्रॉसओवर पूल। फिर सेमीफाइनल और फाइनल मैच होंगे। सभी मैच 2 वेन्यू पर आयोजित होंगे। कुल 32 टीमें हिस्सा ले रहीं मेंस और विमेंस वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें (कुल 32 टीमें) हिस्सा लेंगी। ग्रुप स्टेज में 16 टीमें 4 ग्रुप (ए, बी, सी, डी) में बंटेंगी और हर टीम 3 मैच खेलेगी। हर ग्रुप से टॉप-2 टीम क्रॉसओवर राउंड में जाएगी। इन 8 टीमों को 2 ग्रुपों में बांटा जाएगा। इस राउंड में हर टीम तीन और मैच खेलेगी। ये मुकाबले उन टीमों से होंगे, जिनसे उसका मैच नहीं हुआ है। यहां से टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल पहुंचेंगी। 29-30 अगस्त को फाइनल होंगे फाइनल मैच 29 और 30 अगस्त को खेले जाएंगे। महिला वर्ल्ड कप का फाइनल 29 अगस्त को खेला जाएगा। जबकि, पुरुष वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला 30 अगस्त को रात 8:00 बजे से शुरू होगा। दोनों फाइनल के दिन ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होंगे। बेल्जियम में पहली बार वर्ल्ड कप हरमनप्रीत और सलीमा भारत के कप्तान पुरुष टीम : गोलकीपर्स: मोहित एच.एस., सूरज करकेरा। डिफेंडर्स: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच। मिडफील्डर्स: मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलाकंता शर्मा, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे। फॉरवर्ड्स: मंदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा। महिला टीम: गोलकीपर्स: सविता पूनिया, बिशू देवी खरीबाम। डिफेंडर्स: ईशिका चौधरी, सुशीला चानु पुखरंबम, लालथंटलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास। मिडफील्डर्स: सलीमा टेटे (कप्तान), निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, दीपिका सोरेंग। फॉरवर्ड्स: लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसाल, नवनीत कौर, दीपिका सहरावत, ईशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग। ईनामी राशि नहीं, ट्रॉफी और मेडल मिलेंगे हॉकी वर्ल्ड कप में ईनामी राशि नहीं है। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) वर्ल्ड कप या प्रो लीग जैसे वर्ल्ड लेवल टूर्नामेंट्स में ट्रॉफी और मेडल्स देते हैं। नीदरलैंड ने सभी वर्ल्ड कप खेले भारत, नीदरलैंड और स्पेन जैसी टीमों ने सभी पुरुष वर्ल्ड कप खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अर्जेंटीना 15-15 बार यह ग्लोबल टूर्नामेंट खेल चुकी हैं। पाकिस्तान ने 14 और बेल्जियम ने 8 बार हिस्सा लिया है।वहीं, नीदरलैंड, अर्जेंटीना और जर्मनी ने विमेंस कैटेगरी के सभी वर्ल्डकप खेले हैं। ऑस्ट्रेलिया 14, इंग्लैंड-स्पेन 13-13, चीन 10 और भारत ने 9 बार यह टूर्नामेंट खेला है। भारत ने 1975 में पहला वर्ल्ड कप जीता था भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 1971 में शुरू हुए पहले हॉकी वर्ल्ड कप से ही इस टूर्नामेंट में खेलना शुरू कर दिया था। टीम ने अब तक 15 बार टूर्नामेंट में भाग लिया और केवल एक बार वर्ल्ड कप जीता है। भारतीय हॉकी टीम ने 1975 में कुआलालंपुर, मलेशिया में खेले गए वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर यह खिताब अपने नाम किया था। भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब तक कोई वर्ल्ड कप नहीं जीता है। टीम ने 1974 में अपने पहले वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था। जंग के कारण पाकिस्तान से छिनी पहले वर्ल्ड कप की मेजबानी हॉकी वर्ल्ड कप कराने का विचार सबसे पहले पाकिस्तान एयर मार्शल नूर खान के दिमाग में आया था। मार्च 1969 में FIH की बैठक में भारत और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से टूर्नामेंट कराने का प्रस्ताव रखा। इसी बीच 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच जंग शुरू हो गई। पाकिस्तान ने भारत को खेलने का न्योता तो दिया, लेकिन वहां के कुछ राजनेताओं और क्रिकेट खिलाड़ी अब्दुल हफीज कारदार के नेतृत्व में लोगों ने भारत की भागीदारी का हिंसक विरोध शुरू कर दिया। मैच शुरू होने से चंद महीने पहले मार्च 1971 में FIH ने सुरक्षा कारणों से इस मेगा इवेंट को पाकिस्तान से हटाकर एक न्यूट्रल यूरोपीय देश स्पेन (बार्सिलोना) में शिफ्ट कर दिया था। हालांकि, पाकिस्तान ने पहला टाइटल जीता था। --------------------------------------------------------- हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया बोले- विमेंस हॉकी में किसी को भी हरा सकता है भारत, मेडल जीतने की काबिलियत भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया लगातार तीसरा वर्ल्ड कप खेलेंगी। विमेंस हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पुनिया ने कहा है कि भारत वर्ल्ड कप 2026 में पोडियम फिनिश कर सकता है। जियोहॉस्टार से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत किसी भी टीम को हरा सकता है। पढ़ें पूरी खबर
भारत कल से 600वां टेस्ट खेलेगा:जीता तो वेस्टइंडीज की बराबरी करेगा; श्रीलंका में स्पिन खेलना चुनौती
भारत 15 अगस्त से अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। अगर इंडिया इस मुकाबले को जीत लेता है, तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा। इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ 48% मैच जीते क्या चैलेंज होंगे? किन प्लेयर्स पर नजरें गॉल 68% विकेट स्पिनर्स ने झटके गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच ट्रेडिशनली स्पिन गेंदबाजों की मददगार पिच मानी जाती है। इस मैदान पर 49 मैच खेले गए हैं। इनमें 68% विकेट स्पिनर्स के नाम रहे हैं। 26 मैच पहले बैटिंग करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 16 मैच पहले बॉलिंग करने वाली टीम ने जीते हैं। मैच के पांचों दिन बारिश के आसार गॉल टेस्ट बारिश की भेंट चढ़ सकता है। मौसम वेबसाइट एक्यूवेदर के अनुसार इसके पांचों दिन बारिश के आसार हैं। मैच के पहले दिन 82% बारिश का पूर्वानुमान है। पॉसिबल प्लेइंग-11 यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, सरांश जैन/मानव सुथार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। कहां देख सकते हैं? मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर होगा। इसे सोनी LIV पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा, दैनिक भास्कर ऐप पर मैच का कवरेज होगा। इसे आप फॉलो कर सकते हैं। --------------------------------------------- गॉल टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है, मोर्केल ने कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्कील्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पढ़ें पूरी खबर
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सबसे बड़ी चुनौती मेजबान टीम के दो स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस रहने वाले हैं, जिसमें दोनों का गॉल के मैदान पर अब तक जबरदस्त रिकॉर्ड देखने को मिला है।
बैंकॉक में भारत का गौरव बढ़ाएंगी नन्हीं योग प्रतिभा वान्या शर्मा
कम उम्र में योगासन के क्षेत्र में अपनी मेहनत, लगन और शानदार प्रदर्शन से पहचान बनाने वाली वान्या शर्मा के लिए यह प्रतियोगिता एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि का अवसर है। भारत की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेते हुए वान्या एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी।
अभी तक तेज शतरंज में अपने शांत स्वभाव और दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले निहाल सरीन के लिए पेरिस में चल रहा ई-स्पोर्ट्स विश्व कप 2026 उम्मीद के मुताबिक शुरू नहीं हुआ है। प्रतियोगिता के पहले ही मुकाबले में उन्हें अपने करीबी दोस्त और भारतीय साथी अर्जुन एरिगैसी के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा है। निहाल हाल ही में बुलेट शतरंज प्रतियोगिता जीतकर पेरिस पहुंचे थे। उन्होंने फाइनल में अलिरेजा फिरोजजा को हराकर खिताब अपने नाम किया था। ऐसे में उनसे इस प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन अर्जुन के खिलाफ मुकाबले में तस्वीर पूरी तरह अलग रही। मौजूद जानकारी के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों के बीच 10 मिनट की बाजियों वाला मुकाबला हुआ, जिसमें अतिरिक्त समय नहीं मिलता है। पहली बाजी में अर्जुन ने सफेद मोहरों से खेलते हुए कैरो-कान शैली अपनाई। उन्होंने शुरुआत से ही निहाल पर दबाव बनाया और घड़ी पर भी समय का दबाव बढ़ाते रहे। लगातार दबाव के बीच निहाल की स्थिति कमजोर होती गई और अर्जुन ने पहली बाजी जीत ली। दूसरी बाजी में निहाल को वापसी के लिए जीत जरूरी थी, लेकिन अर्जुन ने उन्हें कोई आसान मौका नहीं दिया। अर्जुन ने ऐसी स्थिति बनाई जिसमें निहाल को बढ़त बनाने का रास्ता नहीं मिला। इसके बाद निहाल की एक चाल की गलती का फायदा उठाकर अर्जुन ने बाजी अपने नाम कर ली और मुकाबला 2-0 से जीत लिया। अर्जुन ने मुकाबले के बाद कहा कि निहाल बेहद मजबूत खिलाड़ी हैं और बिना अतिरिक्त समय वाली तेज शतरंज में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि इस प्रारूप को लेकर अर्जुन को भरोसा था कि वह निहाल के खिलाफ अच्छी चुनौती दे सकते हैं। निहाल के लिए प्रतियोगिता अभी खत्म नहीं हुई है। ई-स्पोर्ट्स विश्व कप के इस प्रारूप में सीधे हार के बाद खिलाड़ी प्रतियोगिता से बाहर नहीं होते। निचले वर्ग में उन्हें दोबारा वापसी का मौका मिलता है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए लगातार जीत दर्ज करनी होगी। अर्जुन के लिए भी खुशी ज्यादा देर नहीं रही। उन्हें सेमीफाइनल में अलिरेजा फिरोजजा ने हरा दिया। वहीं भारत के एक और खिलाड़ी प्रनेश एम को उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने क्वार्टर फाइनल में शिकस्त दी है। इस तरह अब अर्जुन, निहाल और प्रनेश तीनों निचले वर्ग में हैं। अमेरिका के ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा ने अर्जुन के प्रदर्शन को खास बताया है। उनका मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों में अर्जुन की शुरुआती तैयारी सबसे मजबूत है और वह काफी आक्रामक अंदाज में शतरंज खेलते हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के सामने अब प्रतियोगिता में बने रहने और मजबूत वापसी करने की चुनौती है। बता दें कि अलिरेजा फिरोजजा इस समय फ्रांस की ओर से खेलते हैं और 2019 में ईरान से फ्रांस चले गए थे। उन्हें इस साल के शतरंज ओलंपियाड के लिए फ्रांस की राष्ट्रीय टीम से बाहर किया गया है। ऐसे में पेरिस में उनका प्रदर्शन भी चर्चा में बना हुआ है। अब निचले वर्ग के मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों की नजर वापसी पर टिकी हुई हैं।
डब्ल्यूपीजीटी 2026: रिद्धिमा ने 3-शॉट की बढ़त बरकरार रखी, 12वें लेग में चौथे खिताब पर निगाहें
बेंगलुरु, 13 अगस्त (आईएएनएस)। विमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) 2026 के 12वें लेग में रिद्धिमा दिलावरी ने एक राउंड शेष रहते अपनी तीन-शॉट की बढ़त बरकरार रखी। गुरुवार को बेंगलुरु के प्रेस्टीज गोल्फशायर में आयोजित प्रतियोगिता में अनुभवी नेहा त्रिपाठी (72-69) 3-अंडर 141 के स्कोर के साथ हीना कांग (73-68) और मन्नत बरार (70-71) के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं।
श्रीलंका में एक क्रिकेट मैच के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है, जिसमें कोलंबो में मैच के दौरान खिलाड़ियों के साथ हुई बहस के कारण 62 साल के कोच सुमित फर्नांडो की मौत हो गई जिन्होंने पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेट कप्तान कुसल मेंडिस को उनके स्कूली दिनों में कोचिंग दी थी।
श्रीलंका में पानी को लेकर खिलाड़ियों के झगड़े में 62 साल के एक कोच की मौत हो गई। घटना 8 अगस्त की है, लेकिन इसकी जानकारी गुरुवार को आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार एक मैच के दौरान 2 खिलाड़ियों में पानी के लिए झगड़े हुआ। इस दौरान कोच सुमिथ फर्नांडो को चोट लग गई। सुमिथ को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 11 अगस्त को उन्होंने दम तोड़ दिया। 13 अगस्त को कोच फर्नांडो का अंतिम संस्कार हुआ। फर्नांडो श्रीलंका के पूर्व क्रिकेट कप्तान कुसल मेंडिस को स्कूल के दिनों में कोचिंग देते थे। पुलिस ने इस मामले में 17 साल के एक स्कूली खिलाड़ी को गिरफ्तार किया है। अदालत ने आरोपी को बाल हिरासत में भेजा पुलिस ने आरोपी को कोलंबो की अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने आरोपी को 17 अगस्त तक जुवेनाइल सुपरविजन में रखने का आदेश दिया है। सुमिथ क्लब क्यूरेटर भी रहे सुमिथ कोलंबो के बाहरी इलाके मोरातुवा के प्रिंस ऑफ वेल्स कॉलेज के पूर्व कोच थे। वे ब्लूमफील्ड क्रिकेट एंड एथलेटिक क्लब के क्यूरेटर भी रहे। यह क्लब श्रीलंका में फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलता है। ------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें गॉल टेस्ट- भारत तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है:गेंदबाजी कोच मोर्केल ने संकेत दिए; कहा- कुलदीप, जडेजा और सुथार की स्किल्स अलग भारत गॉल टेस्ट में तीन लेफ्ट आर्म स्पिनर उतार सकता है। टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके संकेत दिए। टीम कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा को प्लेइंग-11 में मौका दे सकती है। पूरी खबर पढ़ें…

