फेंसिंग में छाया MP का नाम, खुशी दाभाडे भारतीय टीम में शामिल
तलवारबाजी के रिंग में एक बार फिर मध्यप्रदेश का नाम गूंजने वाला है. भोपाल की एमपी राज्य फेंसिंग अकादमी की स्टार खिलाड़ी खुशी दाभाडे अब नाइजीरिया में होने वाली सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में भारतीय तिरंगे का मान बढ़ाएंगी.
पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने खिलाड़ियों के धीरे फिट होने में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) को दोषी मानने से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि 'क्रिकेटर मशीन नहीं है। ऐसा नहीं है कि हर बार वे जल्दी चोट से उबर जाएंगे।' लक्ष्मण BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख हैं। उन्होंने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि CoE और पुरुष-महिला दोनों टीमों के मैनेजमेंट के बीच शानदार तालमेल है। लक्ष्मण का बयान ऐसे टाइम पर आया है, जब देशभर में खिलाड़ियों के चोटिल होने पर सवाल उठ रहे हैं। लक्ष्मण ने कहा- CoE सिर्फ रिहैब सेंटर नहीं लक्ष्मण ने कहा- ‘CoE सिर्फ रिहैब सेंटर नहीं है। क्रिकेटरों को बेहतर बनाने में इसकी बड़ी भूमिका है। इसलिए चोट के लिए दोष शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, क्योंकि इससे किसी को बलि का बकरा बनाया जाता है।’ लक्ष्मण ने कहा कि फिटनेस के नियम कड़े हैं। साथ ही सभी खिलाड़ियों के शरीर का नेचर भी अलग है। इस वजह से कोई खिलाड़ी तय समयसीमा में पूरी तरह फिट नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि चोट का पता होने से लेकर खिलाड़ी के फिट होकर जाने तक उसकी मॉनिटरिंग होती है। इसी के आधार पर उसका वर्कलोड बढ़ाया जाता है। लक्ष्मण ने खिलाड़ी के इंजरी से फिट होने तक का प्रोसेस समझाया लक्ष्मण ने अपनी बात समझाने के लिए जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सिलेक्टर्स CoE से खिलाड़ी की फिटनेस की रिपोर्ट मांगता है। CoE यह रिपोर्ट सिलेक्शन कमिटी के प्रेसिडेंट को भेजता है। इसकी कॉपी दोनों टीमों के हेड कोच और BCCI को भी दी जाती है। लक्ष्मण ने कहा- ‘बुमराह और सुदर्शन के नाम के आगे हमेशा एक स्टार चिन्ह लगा होता है। इसका मतलब है- फिट रहने पर खेलेंगे। अगर खिलाड़ी की प्रोग्रेस धीमी होती है, तो सिलेक्शन कमिटी प्रेसिडेंट और हेड कोच को इन्फोर्मेशन दी जाती है। लक्ष्मण बोले- चोट चिंता की वजह नहीं है लक्ष्मण ने बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने पर कहा- ‘मुझे नहीं लगता कि यह चिंता का कारण है। जब कोई खिलाड़ी हाई लेवल पर खेलता है, तो उससे 100% से ज्यादा देने की उम्मीद होती है।’ उन्होंने कहा- खिलाड़ियों की चोट को देखने का बाहरी दुनिया का नजरिया बदलना चाहिए। CoE के फिटनेस स्टाफ एड्रियन, निक और कमलेश काम कर रहे हैं। सीरीज से 3-4 हफ्ते पहले सिलेक्शन मीटिंग होती है BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सीरीज से पहले टीम का सिलेक्शन प्रोसेस समझाया। उन्होंने कहा कि टीम के रवाना होने से कम से कम 3 से 4 हफ्ते पहले मीटिंग होती है। इसलिए उस समय खिलाड़ी की सही स्थिति पता नहीं होती। इसी वजह से उसके नाम के आगे स्टार लगाया जाता है और स्क्वाड में रखा जाता है। ---------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 5 हजार इंटरनेशनल मैचों वाला पहला फॉर्मेट बना वनडे:भारत सबसे ज्यादा खेला, ऑस्ट्रेलिया जीत में आगे; सचिन रनों के बादशाह, कोहली शतकों के किंग इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार किसी फॉर्मेट में 5 हजार मैच पूरे हो गए हैं। यह उपलब्धि हासिल हुई वनडे को। जिस स्कॉटलैंड में अभी कॉमनवेल्थ गेम्स हुए हैं वहीं 5000वां वनडे मैच भी खेला गया। शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच हुए इस मुकाबले को स्कॉटलैंड ने 9 रन से जीत लिया। पूरी खबर पढ़ें…
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम चोटों के संकट से जूझ रही है।
सीडब्ल्यूजी 2026: उपलब्धि के बाद पीएम मोदी से मिलने का इंतजार, खिलाड़ियों में उत्साह
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम 4 बजे 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2026' में देश का मान बढ़ाने वाले भारतीय एथलीट्स से मुलाकात करेंगे, जिसे लेकर खिलाड़ियों में काफी उत्साह नजर आ रहा है।
1971 से 2023 तक के सफर में भारत को एकमात्र सफलता 1975 में कुआलालम्पुर में मिली जब अजित पाल सिंह की कप्तानी वाली टीम ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। पाकिस्तान टूर्नामेंट की सबसे कामयाब टीम रही है।
PV Sindhu के बाद अब Tanvi और Ashmita को तराश रहे Park Tae-sang, भारतीय कोच की ये बड़ी सफलता
लगातार दो सप्ताह। दो सुपर 300 खिताब। दो अलग-अलग खिलाड़ी। किसी भी कोच को इन उपलब्धियों पर गर्व होना स्वाभाविक है और दक्षिण कोरिया के रहने वाले भारतीय बैडमिंटन कोच पार्क ताए-सांग भी इनसे कुछ अलग नहीं हैं।यह पहला अवसर नहीं है जबकि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने पार्क के मार्गदर्शन में खिताब जीते हैं। पीवी सिंधू ने उनके कुछ रहते हुए ही ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। पिछले रविवार को पार्क से कोचिंग लेने वाली 17 वर्षीय तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन जीता। इसके सात दिन बाद 26 वर्षीय अश्मिता चालिहा ने करियर को खतरे में डालने वाली घुटने की चोट से उबरकर कोरिया मास्टर्स जीता।पार्क ने कोरिया के आसन से पीटीआई से कहा, ‘‘ये दो सप्ताह बेहद शानदार रहे। पिछले सप्ताह तन्वी का प्रदर्शन लाजवाब था। वह मात्र 17 वर्ष की हैं और उन्होंने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब जीता। आज तो मुझे और भी अधिक खुशी हुई क्योंकि यह अश्मिता का पहला फाइनल था और उन्होंने खिताब जीत लिया। एक कोच के तौर पर मैं बेहद खुश हूं।’’ पार्क ने इससे पहले हैदराबाद में पीवी सिंधू के साथ चार साल बिताए। वह सिंधू के तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने तक इस स्टार भारतीय खिलाड़ी के साथ रहे। सिंधू के साथ भागीदारी समाप्त होने के बाद भारतीय बैडमिंटन संघ ने पार्क से युवा खिलाड़ियों के साथ काम करने के बारे में संपर्क किया।पार्क ने कहा, ‘‘जब मैंने सिंधु के साथ काम करना शुरू किया, तब वह पहले से ही विश्व चैंपियन थीं और उनके आसपास अच्छे सीनियर खिलाड़ियों का समूह था। इस बार मैंने सोचा, चलो निचले स्तर से शुरुआत करते हैं। इसका उद्देश्य भारतीय खिलाड़ियों की एक नई पीढ़ी तैयार करना था।’’ गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में तीन साल बिताने के बाद अब इसके परिणाम दिखने लगे हैं। पार्क इन दोनों खिताब को बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की तरफ पहला कदम मानते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पिछले दो सप्ताह में बीडब्ल्यूएफ 300 स्तर के दो खिताब जीतना अच्छी उपलब्धि है, लेकिन ये केवल 300 स्तर के टूर्नामेंट हैं। खिलाड़ी अब 500, 750 और 1000 स्तर के टूर्नामेंटों पर नजर लगाए हुए हैं।’’ पार्क ने कहा, ‘‘तन्वी और अश्मिता दोनों के लिए हमारा लक्ष्य एक ही है। उन्हें लॉस एंजिलिस में 2028 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए तैयार करना। अगले साल एक मई से ओलंपिक क्वालीफाइंग दौड़ शुरू हो जाएगी, इसलिए अगला साल बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम अब 500 स्तर के टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू करेंगे। हम 750 स्तर के टूर्नामेंट में भी खेल सकते हैं। आज के परिणाम के बाद अश्मिता की विश्व रैंकिंग में इतना सुधार होना चाहिए कि वह इनमें से कुछ टूर्नामेंटों में भाग ले सके।
वर्ल्ड एथलेटिक्स U20 चैंपियनशिप में बसंत मेघवाल ने रचा इतिहास, हाई जंप में सिल्वर मेडल पर किया कब्जा
वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भारत के एथलीटों ने इतिहास रच दिया है। हाई जंप में बसंत कुमार मेघवाल ने सिल्वर मेडल जीतकर नया कीर्तिमान रच दिया, जबकि लॉन्ग जंप में शाहनवाज खान ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पंड्या की एक्स-वाइफ नताशा स्टेनकोविक पैपराजी पर भड़क गईं। यह घटना शनिवार रात हुई, जब नताशा को मुंबई के जुहू इलाके में स्पॉट किया गया था। नताशा अपने करीबी दोस्त और मॉडल अलेक्जेंडर एलेक्स इलिक के साथ नजर आईं। पैपराजी ने उन्हें कैमरे में कैद करने के लिए घेर लिया और लगातार तस्वीरें लेने लगे। इस दौरान नताशा असहज नजर आईं। वह पैपराजी के लगातार तस्वीरें लेने और प्राइवेसी में दखल देने से नाराज दिखीं। हार्दिक ने 2020 में नताशा स्टेनकोविक से शादी की थी बता दें कि हार्दिक ने मई 2020 में नताशा स्टेनकोविक से शादी की थी। उसी साल नताशा ने बेटे अगस्त्य को 30 जुलाई 2020 को जन्म दिया। साल 2024 में दोनों अलग हो गए। हार्दिक इन दिनों माहिका शर्मा को डेट कर रहे हैं। वहीं, हार्दिक पंड्या ने फरवरी के महीने में बेटे अगस्त्य पंड्या को एक लग्जरी कार गिफ्ट की थी। कार डिलीवरी के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। हार्दिक ने बेटे को लैंड रोवर डिफेंडर गिफ्ट की थी, जिसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए बताई गई थी। दरअसल, लैंड रोवर मुंबई के इंस्टाग्राम पेज पर तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया था, ‘हार्दिक पंड्या ने एक बार फिर अपनी डिफेंडर खरीदने के लिए नवनीत मोटर्स को चुना। भरोसे पर बना रिश्ता। उत्कृष्टता पर टिका फैसला। मुंबई में डिलीवर, लैंड रोवर डिफेंडर। अगस्त्य पंड्या और स्टेनकोविक को प्रेजेंट। दमदार परफॉर्मेंस के लिए तैयार। आगे बढ़कर नेतृत्व करने वालों के लिए बनाई गई।’ हार्दिक पंड्या भी पैपराजी पर भड़के थे बता दें कि हार्दिक ने दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया पर अपनी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा की तस्वीरों को लेकर नाराजगी जताई थी। दरअसल, कुछ पैपराजी ने माहिका की फोटो गलत एंगल से क्लिक की, जब वह मुंबई के बांद्रा इलाके में एक रेस्टोरेंट की सीढ़ियों से नीचे उतर रही थीं। हार्दिक ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखकर कहा था, ‘मैं समझता हूं कि पब्लिक फिगर होने का मतलब है कि लोगों का ध्यान मुझ पर रहेगा और मेरी हरकतों पर नजर रखी जाएगी। यह मेरे काम और मेरी जिंदगी का हिस्सा है, लेकिन आज जो हुआ, वह बिल्कुल गलत था। माहिका बस सीढ़ियों से उतर रही थी, तभी कुछ फोटोग्राफर्स ने गलत एंगल से उसकी फोटो खींची। किसी भी महिला की तस्वीर इस तरह से नहीं लेनी चाहिए। यह एक प्राइवेट मोमेंट था, जिसे सस्ती पब्लिसिटी बना दिया गया।’ पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ब्रेट ली ने कहा कि वैभव की उम्र चाहे 15, 16, 17 या 18 साल हो, इससे उनकी प्रतिभा कम नहीं हो जाती। उनके मुताबिक, महत्वपूर्ण यह है कि युवा बल्लेबाज उच्चतम स्तर पर खेलने की क्षमता और आत्मविश्वास दिखा रहा है।
नाहिद अली ने की वर्ल्ड अर्निस चैंपियनशिप में जीत हासिल
सांबा, जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी नाहिद अली चौधरी ने वर्ल्ड एस्क्रीमा काली में बेहतरीन प्रदर्शन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4 बजे कॉमनवेल्थ गेम्स के खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। भारत मेडल टैली में चौथे नंबर पर रहा। बॉक्सिंग सबसे बड़ा मेडल बैंक भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। यानी हर चार में से एक मेडल बॉक्सिंग से आया। एथलेटिक्स में 10 मेडल आए, लेकिन इसमें गोल्ड नहीं मिला। वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। कुल मिलाकर 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए। 1934 में भारत पहली बार खेला था ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का निधन अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। पिछले कुछ महीनों से उनका इलाज चल रहा था। मेसी के बचपन के क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि की। क्लब ने शोक जताते हुए उन्हें मेसी के करियर की सबसे मजबूत ताकत बताया। पूरी खबर…
अलेक्जेंड्रोवा ने बनाई फाइनल में जगह
टोरंटो, कनाडा ओपन से बाहर होने वाली शीर्ष 5 खिलाड़ियों में बेलारूस की टेनिस प्लेयर आर्यना सबालेंका का नाम भी जुड़ गया है।
साई सुदर्शन की चोट बनी सरफराज के लिए मौका, श्रीलंका टेस्ट सीरीज में हो सकती है वापसी
भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से टेस्ट सीरीज का आगाज होना है। इस सीरीज से पहले टीम इंडिया के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने रविवार को कोरिया मास्टर्स सुपर 300 महिला सिंगल्स का खिताब जीता। उन्होंंने 53 मिनट चले फाइनल मुकाबले में चीन की चौथी सीड हान कियान शी को हराया। उन्होंने 14-21, 21-14, 21-14 से जीत दर्ज कर अपना पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीता। भारत ने लगातार दूसरा BWF वर्ल्ड टूर फाइनल का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले तन्वी शर्मा ने पिछले रविवार यानी 2 अगस्त को ताइपे ओपन जीता था। पहले गेम में हान ने बनाई बढ़त अश्मिता ने मैच की शुरुआत में 3-0 की बढ़त बनाई। वह शुरुआती दौर में 9-5 से आगे थीं। इसके बाद हान ने वापसी की और दोनों खिलाड़ी 11-11 की बराबरी पर पहुंच गईं। चीनी खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाकर खेल पर कंट्रोल बनाया। हान ने पहला गेम जीतकर बढ़त हासिल की। दूसरे गेम में अश्मिता की वापसी अश्मिता ने दूसरे गेम में आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने स्मैश से हान पर दबाव बनाया और तेज डिफेंसिव रिटर्न से 6-6 के बाद बढ़त बना ली। ब्रेक के समय अश्मिता 11-8 से आगे थीं। इसके बाद भी उन्होंने रैलियों पर नियंत्रण बनाए रखा। हान अंतर कम नहीं कर सकीं और अश्मिता 17-10 से आगे हो गईं। भारतीय खिलाड़ी ने एक और तेज अटैकिंग शॉट के साथ गेम 21-14 से जीतकर मुकाबला बराबर कर दिया। तीसरे गेम में 11-9 से पिछड़ने के बाद अश्मिता की वापसी अंतिम गेम की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला रहा। अश्मिता ने 5-2 की बढ़त बनाई, लेकिन मिड-गेम ब्रेक तक हान 11-9 से आगे निकल गईं। अश्मिता ने वापसी करते हुए लाइन के किनारे शॉट लगाकर 12-11 की बढ़त बनाई। इसके बाद अश्मिता गेम में लगातार आगे रहीं। उन्होंने हान के कोर्ट में खाली जगहों का फायदा उठाया और स्कोर 19-14 कर दिया। हान का रिटर्न बाहर जाने पर अश्मिता को आखिरी पॉइंट मिला। इसके साथ ही उन्होंने चैंपियनशिप अपने नाम की। 2024 में घुटने की सर्जरी हुई थी अश्मिता को 2024 में कोरिया ओपन के दौरान दाएं घुटने में मेडियल मेनिस्कस में चोट लगी थी। इसके बाद उनकी सर्जरी हुई और लंबे समय तक रिहैबिलिटेशन किया। वह अगले साल फरवरी में वापस लौटीं और 14 टूर्नामेंट में खेलीं। उन्होंने BWF टूर पर चाइना मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स में लगातार क्वार्टरफाइनल खेले। इसके बाद मकाऊ ओपन में सेमीफाइनल तक पहुंचीं। वर्ल्ड नंबर-50 अश्मिता गुवाहाटी स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पार्क ताए-सांग से ट्रेनिंग लेती हैं। ---------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… शाहनवाज खान ने लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज जीता:U20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का तीसरा पदक, तीसरे राउंड में 7.84 मीटर छलांग लगाई भारतीय एथलीट शाहनवाज खान ने रविवार को अमेरिका के यूजीन में चल रही अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में तीसरे राउंड में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर पोडियम स्थान हासिल किया। पूरी खबर पढ़ें…
अश्मिता चालिहा ने जीता कोरिया मास्टर्स सुपर 300 का खिताब, फाइनल में कियान शी को हराया
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने रविवार को बीडब्ल्यूएफ कोरिया मास्टर्स सुपर 300 टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने महिला सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में चीन की हान कियान शी को हराकर अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीता।
Basant Kumar Meghwal ने World Athletics U20 में जीता रजत पदक, शाहनवाज को मिला कांस्य
यूजीन (अमेरिका), नौ अगस्त बसंत कुमार मेघवाल विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में ऊंची कूद में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं, जबकि शाहनवाज खान ने लंबी कूद में कांस्य पदक जीता, जिससे भारत के लिए यह दिन यादगार बन गया और प्रतियोगिता में उसके कुल पदकों की संख्या तीन पहुंच गई। राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के सीमावर्ती शहर अनूपगढ़ के रहने वाले 19 वर्षीय मेघवाल ने शनिवार को चैंपियनशिप के चौथे दिन 2.21 मीटर की कूद लगाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और रजत पदक जीता। अल्जीरिया के यूनेस अयाची ने स्वर्ण पदक, जबकि ग्रेट ब्रिटेन के ओटिस पूल ने कांस्य पदक हासिल किया। तीनों पदक विजेता केवल 2.21 मीटर की ऊंचाई तक कूद लगा सके और 2.24 मीटर की ऊंचाई पार करने में असफल रहे। ऐसी स्थिति में पिछली ऊंचाई को पार करने के प्रयासों की संख्या के आधार पर स्थानों का निर्धारण किया गया। अयाची ने अपने पहले प्रयास में ही 2.21 मीटर की ऊंचाई पार कर ली थी, जबकि मेघवाल और पूल ने क्रमशः अपने दूसरे और तीसरे प्रयास में यह ऊंचाई हासिल की थी। भारतीय नौसेना में कार्यरत मेघवाल के रजत पदक ने उन्हें विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में ऊंची कूद में पदक जीतने वाला पहला भारतीय भी बना दिया। भारतीय महिला ऊंची कूद की पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सहाना कुमारी से प्रशिक्षण लेने वाले मेघवाल ने इस सत्र में अपने प्रदर्शन में 10 सेंटीमीटर का सुधार किया है। इससे पहले उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2.11 मीटर था। इसके बाद शाहनवाज ने पुरुषों की लंबी कूद में 7.84 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक जीतकर चैंपियनशिप में भारत के पदकों की संख्या को तीन तक पहुंचा दिया। इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने तीसरे प्रयास में सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। उन्होंने क्रमश: 7.67 मीटर, 7.72 मीटर, 7.84 मीटर, 7.52 मीटर, 7.83 मीटर और 5.37 मीटर छलांग लगाई। फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय आरसी जिथिन अर्जुनान ने अपने पहले और चौथे प्रयास में 7.59 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर आठवां स्थान हासिल किया। इटली के डेनियल इन्जोली ने 7.97 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया के मेसन मैकग्रोडर ने 7.96 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया। इससे पहले आशीष यादव ने प्रतियोगिता के तीसरे दिन पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला था। यादव विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में भाला फेंक में रजत पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले नीरज चोपड़ा ने यह उपलब्धि हासिल की थी। चोपड़ा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह अभी ‘केवल शुरुआत’ है।
Ashmita Chaliha ने जीता Korea Masters, चीन की हान कियान को हराकर हासिल किया पहला BWF खिताब
आसन (कोरिया), नौ अगस्त भारत की अश्मिता चालिहा ने रविवार को यहां कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी को हराकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब हासिल जीता। असम की रहने वाली इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए विश्व में 35वें नंबर की खिलाड़ी हान को 53 मिनट तक चले मैच में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। चालिहा ने कहा, ‘‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह अविश्वसनीय है लेकिन मैं इसे समझने की कोशिश कर रही हूं। इसने मेरी आगे और भी कुछ हासिल करने की भूख बढ़ा दी है।’’इस तरह से भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दूसरे सप्ताह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का खिताब जीता। तन्वी शर्मा ने पिछले रविवार को ताइपे ओपन का खिताब अपने नाम किया था। भारतीय खिलाड़ी ने अच्छी शुरुआत की तथा पहले 3-0 और फिर 9-5 से बढ़त हासिल कर ली। लेकिन हान ने शानदार वापसी की और उन्होंने स्कोर 11-11 से बराबर कर दिया। चीनी शटलर ने अपनी लय हासिल करने के बाद लगातार अंक बनाए और मैच पर नियंत्रण बना दिया। इसके बाद उन्हें पहला गेम जीतने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। विश्व रैंकिंग में 50वें स्थान पर काबिज चालिहा ने दूसरे गेम में अधिक आत्मविश्वास के साथ आक्रामक खेल दिखाया और अपने स्मैश का अच्छा इस्तेमाल करते हुए हान पर दबाव बनाया। एक समय दोनों खिलाड़ी 6-6 से बराबरी पर थी। लेकिन इंटरवल तक भारतीय खिलाड़ी 11-8 से आगे हो गई। उन्होंने इसके बाद भी अपना दबदबा बनाए रखा। हान अंतर को कम करने के लिए संघर्ष करती रही। चालिहा ने 17-10 से बढ़त हासिल करने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा और मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम के शुरू में दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे के सामने कड़ी चुनौती पेश की। चालिहा ने शुरू में 5-2 की बढ़त हासिल कर ली, लेकिन इंटरवल तक हान 11-9 से आगे थी। चालिहा ने संघर्ष जारी रखा और धीरे-धीरे मैच का रुख अपने पक्ष में मोड़ लिया। उन्होंने लगातार छह अंक बनाकर 15-11 से बढ़त हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने एक क्रॉस-कोर्ट विनर से स्कोर 19-14 कर दिया। इसके बाद हान ने अपना रिटर्न शॉट बाहर मार दिया, जिससे चालिहा को चैंपियनशिप प्वाइंट मिल गया और फिर उन्होंने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने में देर नहीं लगाई। चालिहा ने कहा, ‘‘पहले गेम में ड्रिफ्ट की वजह से थोड़ी मुश्किल हुई, इसलिए मैं इस पर नियंत्रण नहीं बना सकी लेकिन दूसरे गेम में दूसरी तरफ स्थिति बेहतर थी और ड्रिफ्ट कम थी, इसलिए मैं इसे नियंत्रित कर पाई। तीसरे गेम में 11 प्वाइंट के बाद, मैंने फिर से रणनीति बदली, इसलिए मैं बेहतर स्थिति में थी। मुझे खुशी है कि मैं यह कर पाई।’’चालिहा 2024 में कोरिया ओपन के दौरान चोटिल हो गई थी। उनके दाहिने घुटने में चोट लगी थी जिसके लिए उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। उन्होंने अगले साल फरवरी में वापसी की और 14 प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इस साल उन्होंने बीडब्ल्यूएफ टूर पर शानदार वापसी करते हुए चाइना मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स के क्वार्टर फाइनल और फिर मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। चालिहा गुवाहाटी स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में पार्क ताए-सांग के मार्गदर्शन में अभ्यास करती है।
भारत के कप्तान शुभमन गिल ने उंगली में चोट लगने के तीन दिन बाद पहली बार बल्लेबाजी की। वे रविवार को कोलंबो के नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट ग्राउंड में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच के तीसरे दिन बल्लेबाजी करते दिखे। भारत ने सुबह गेंदबाजी शुरू करने से पहले अपनी पहली पारी 357/6 घोषित कर दी थी। श्रीलंका क्रिकेट XI ने पहली पारी में 363/8d का स्कोर बनाया था। नेट्स में बल्लेबाजी करते दिखे गिल सुबह के सत्र में भारत के गेंदबाजी शुरू करने के बाद प्रसारण की तस्वीरों में गिल पैड पहनकर नेट्स में बल्लेबाजी करते दिखे। अभ्यास मैच के तीसरे दिन का भारत बनाम श्रीलंका XI लाइव स्कोर भी जारी किया गया। अभ्यास मैच शुरू होने से एक दिन पहले गुरुवार को ट्रेनिंग के दौरान 26 साल के गिल की उंगली में चोट लगी थी। इसके बाद वे मैच के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरे थे। BCCI ने अपने बयान में कहा था, “गुरुवार को भारत के अभ्यास सत्र के दौरान कप्तान शुभमन गिल की दाहिनी हाथ की अनामिका उंगली में चोट लगी। एहतियात के तौर पर वे श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन मैदान पर नहीं उतरेंगे।” KL राहुल ने संभाली कप्तानी गिल की गैरमौजूदगी में KL राहुल ने मैदान पर कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभाई। गिल भारत की पहली पारी में बल्लेबाजी करने नहीं उतरे। भारत की ओर से बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने 142 रन की पारी खेलकर शतक लगाया। बुमराह और सुंदर पहले ही बाहर अगले सप्ताह गॉल में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अभियान फिर शुरू होने से पहले भारत को कई चोटों का सामना करना पड़ा है। जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर चोटों के कारण बाहर हो चुके हैं। BCCI ने दो टेस्ट की सीरीज के लिए टीम जारी की थी, तब बुमराह का टीम में शामिल होना फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर था। पहले टेस्ट से करीब चार सप्ताह का समय होने के कारण भारत को उम्मीद थी कि बुमराह तब तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे। भारत उन्हें अभ्यास मैच में खेलने की संभावना कम होने के बावजूद टीम में शामिल करना चाहता था। हालांकि, रिहैबिलिटेशन के दौरान बुमराह के घुटने में परेशानी महसूस होने की बात सामने आई है। इसके चलते उनकी वापसी में अभी समय लगने की उम्मीद है। साई सुदर्शन भी समय पर फिट नहीं हुए शनिवार को बाएं हाथ के बल्लेबाज साई सुदर्शन भी दो टेस्ट की सीरीज के लिए समय पर फिट नहीं हो सके। पिछले महीने दो ‘ए’ टेस्ट मैचों में सुदर्शन ने दो शतक लगाए थे। श्रीलंका ‘ए’ के खिलाफ दूसरे मैच के दौरान उन्हें चोट लगी थी। इसके बाद से वे बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन कर रहे हैं।
भारत ने वॉर्मअप मैच में 6 विकेट खोकर 357 रनों पर घोषित की पहली पारी, पडिक्कल ने जड़ा शतक
कोलंबो, 9 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के बीच तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबला नोंडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब मैदान में खेला जा रहा है। भारतीय टीम ने अपनी पारी 6 विकेट खोकर 357 रन बनाने के बाद घोषित की।
भारतीय एथलीट शाहनवाज खान ने रविवार को अमेरिका के यूजीन में चल रही अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में तीसरे राउंड में 7.84 मीटर की छलांग लगाकर पोडियम स्थान हासिल किया। 18 साल के शाहनवाज इस चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय हैं। उनसे पहले शनिवार को आशीष यादव ने जेवलिन थ्रो में और बासंत कुमार मेघवाल ने हाई जंप में सिल्वर जीता। तीसरे राउंड में 7.84 मीटर की छलांग एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने रविवार को पोस्ट कर लिखा, शाहनवाज ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारत के लिए पदक संख्या तीन। फेडरेशन ने आगे लिखा, यह जुझारूपन से भरी प्रतियोगिता थी। शुरुआत में पीछे रहने के बाद शाहनवाज ने पूरी ताकत लगाई। उन्होंने तीसरे राउंड में शानदार 7.84 मीटर की छलांग लगाई और पांचवें राउंड में 7.83 मीटर के साथ इसे मजबूत किया। इटली के इंजोली ने जीता स्वर्ण इटली के इंजोली ने 7.97 मीटर की छलांग के साथ गोल्ड और ऑस्ट्रेलिया के मैकग्रोडर ने 7.96 मीटर के साथ सिल्वर मेडल जीता। बासंत मेघवाल ने हाई जंप में सिल्वर जीता इससे पहले बासंत कुमार मेघवाल ने हाई जंप में अपने बेस्ट प्रदर्शन के साथ सिल्वर मेडल जीता था। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के शहर अनूपगढ़ के 19 साल क मेघवाल ने 2.21 मीटर की ऊंचाई पार की थी। उन्होंने चैंपियनशिप के चौथे और अंतिम से एक पहले दिन शनिवार को यह उपलब्धि हासिल की। यह 2.21 मीटर की छलांग उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अल्जीरिया के यूनेस अयाची ने गोल्ड और ग्रेट ब्रिटेन के ओटिस पूल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का निधन अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। पिछले कुछ महीनों से उनका इलाज चल रहा था। मेसी के बचपन के क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि की। क्लब ने शोक जताते हुए उन्हें मेसी के करियर की सबसे मजबूत ताकत बताया। पूरी खबर…
सचिन तेंदुलकर नहीं, इस दिग्गज को ब्रेट ली ने बताया क्रिकेट का GOAT, कहां- आंकड़े झूठ नहीं बोलते
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने सचिन तेंदुलकर के बजाय जैक कैलिस को क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ी यानी GOAT चुना है।
क्या वो वाकई 15 साल का है? वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर ब्रेट ली ने दिया हैरान करने वाला रिएक्शन
विश्व क्रिकेट में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की उम्र को लेकर चर्चा है, जिस पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने हैरान करने वाला बयान दिया है। ली ने कहा कि वैभव की उम्र मायने नहीं रखती।
Durand Cup: Shillong Lajong FC ने Mumbe FC को 5-0 से हराया, ग्रुप E में पहुंचे शीर्ष पर
शिलांग, आठ अगस्त एवरब्राइटसन साना के दो गोल की मदद से शिलांग लाजोंग एफसी ने डूरंड कप के ग्रुप ई मैच में मुंबे एफसी को 5-0 से करारी शिकस्त दी। साना के अलावा विजेता टीम के लिए अभय गुरुंग, ट्रेमिकी लामुरोंग और फिगो सिंडाई ने भी गोल किए। इस जीत के साथ शिलांग लाजोंग ने टूर्नामेंट में अपनी शानदार शुरुआत को बरकरार रखा है और ग्रुप चरण के बाकी मैचों से पहले वह ग्रुप ई में सबसे ऊपर हैं। लैंग्सनिंग एफसी चार अंक के साथ दूसरे और नोंगक्सेह एसएस एंड सीसी एक अंक के साथ तीसरे स्थान पर है। मुंबे एफसी तालिका में सबसे नीचे है। वहीं गुवाहाटी में हुए एक अन्य मुकाबले में अलादीन अजाराई के दो गोल, स्थानापन्न खिलाड़ियों मैकार्टन लुई निक्सन और पदार्पण कर रहे एट्यान गोंजालेज मोरालेस के गोल की मदद से मौजूदा चैंपियन नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी ने ग्रुप एफ में कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी को 4-1 से करारी शिकस्त दी। मॉर्निंग स्टार की ओर से जूनियर ओन्गुएने न्केंगुए ने एक गोल किया। इस जीत से नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी की नॉकआउट चरण में जगह बनाने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। इसके साथ ही डूरंड कप में उसका अजेय अभियान 14 मैच तक पहुंच गया है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की उम्मीदों को लगा तगड़ा झटका, भारत-बांग्लादेश सीरीज पर संकट गहराया
भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाली सीरीज पर संकट गहरा गया है। शेख हसीना के दिल्ली से हालिया वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा है, जिससे सीरीज खतरे में पड़ गई है।
Lionel Messi के पिता Jorge Messi का निधन, 68 वर्ष की उम्र में रोसारियो में ली अंतिम सांस
मोंटेवीडियो (उरुग्वे), आठ अगस्त (एपी) फुटबॉल स्टार और अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी के पिता जॉर्ज मेस्सी का शनिवार को मध्य अर्जेंटीना के शहर रोसारियो के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे। रोसारियो स्थित क्लब एटलेटिको न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उनके निधन की जानकारी दी। पोस्ट में बताया गया कि पिछले कुछ महीनों से उनका एक अज्ञात बीमारी के लिए उपचार चल रहा था। क्लब ने उन्हें ‘वह स्तंभ और वह व्यक्ति बताया जिन्होंने अपनी पत्नी सेलिया कुकितिनी के साथ मिलकर दूरदर्शिता, लगन और स्नेह के साथ सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के करियर को संवारा और समर्थन दिया। ’’दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल महासंघ ने भी एक बयान जारी कर लियोनेल मेस्सी को अपनी संवेदना व्यक्त की। लियोनेल मेस्सी ने इस वर्ष के विश्व कप में अर्जेंटीना को उपविजेता बनाया। टीम के पहले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ अपने तीन गोल में से पहला गोल करने के बाद वह भावुक नजर आए थे। बाद में उन्होंने कहा कि वह ‘खेल से जुड़ी किसी वजह से नहीं’ रोए थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मुश्किल और कठिन दिन बिताए। मैं दल और अपने सभी साथियों का आभारी हूं क्योंकि वे हमेशा मेरे साथ रहे और मुझे हिम्मत देते रहे, ताकि मैं ठीक रह सकूं। ’’उस समय मीडिया में आई खबरों से मेस्सी परिवार काफी नाराज हुआ था। कुछ दिनों बाद परिवार ने एक बयान जारी कर पुष्टि की कि ‘जॉर्ज स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं’, लेकिन उनकी बीमारी की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। जॉर्ज मेस्सी रासायनिक तकनीशियन थे और स्टील उद्योग में काम करते थे। वह मिडफील्डर के रूप में फुटबॉल भी खेलते थे और न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज की युवा टीम तक पहुंचे थे, लेकिन अर्जेंटीना में अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करने के लिए उन्हें फुटबॉल छोड़ना पड़ा। उन्होंने अपने तीसरे बेटे लियोनेल के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह उनके एजेंट रहे और उनके व्यावसायिक मामलों का प्रबंधन करते थे। 2000 के दशक की शुरुआत में वही युवा लियोनेल मेस्सी को ट्रायल के लिए बार्सिलोना लेकर गए थे। इसी ट्रायल ने लियोनेल मेस्सी के लिए कैटालुनियाई क्लब की युवा अकादमी ला मासिया के दरवाजे खोल दिए। लियोनेल मेस्सी ने 2005 में पेशेवर फुटबॉल में पदार्पण किया और बाद में आठ बार ‘बैलन डीओर’ पुरस्कार जीता। उन्होंने अर्जेंटीना को 2022 का विश्व कप खिताब दिलाया। 2007 में रेडियो डेल प्लाता को दिए एक इंटरव्यू में लियोनेल मेस्सी ने कहा था, ‘‘मेरे पिता हमेशा मेरे साथ रहे। कभी-कभी बार्सिलोना पहुंचने पर मैं अपने कमरे में बंद होकर रोता था, मेरे पिता भी मेरे सामने नहीं रोकर अकेले रोते थे, या यह सोचते थे कि मैंने उन्हें रोते हुए नहीं देखा। हम दोनों ऐसा दिखावा करते थे कि हम ठीक हैं, लेकिन हम ठीक नहीं थे। मेरे पिता मुझसे यह भी पूछते थे कि जब निराशा होती है तो मैं क्या करना चाहता हूं, क्या मैं वहीं रहना चाहता हूं या वापस जाना चाहता हूं। मैं रहना चाहता था और वह मेरे साथ रहे। ’’जॉर्ज मेस्सी ने बार्सिलोना के साथ लियोनेल के अनुबंधों पर बातचीत की और बाद में पेरिस सेंट-जर्मेन तथा इंटर मियामी में उनके स्थानांतरण से जुड़े सौदे भी किए। वह अपने प्रसिद्ध बेटे के ‘इमेज राइट्स’ के इस्तेमाल के साथ-साथ ‘रीयल एस्टेट’, होटल और रेस्तरां में किए गए उनके कई निवेशों का प्रबंधन भी करते थे। 2016 में पिता और पुत्र को स्पेन की अदालतों ने कर चोरी के आरोपों में दोषी ठहराया था। हालांकि, उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा क्योंकि सजा दो साल से कम थी।
Ashish Yadav ने World U20 Athletics में भालाफेंक का रजत पदक जीता, भारत का खाता खोला
यूजीन, आठ अगस्त आशीष यादव ने विश्व एथलेटिक्स अंडर 20 चैम्पियनशिप में पुरूषों के भालाफेंक में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला जबकि राष्ट्रीय सीनियर रिकॉर्डधारी पूजा सिंह ने महिलाओं की ऊंची कूद के फाइनल में जगह बना ली। यादव ने तीसरे दौर में 74 . 09 मीटर का थ्रो फेंककर रजत पदक हासिल किया। वहीं भारत के टी धरणीधरन 72 . 35 मीटर के थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहे। यादव अपने सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन से 40 सेमी पीछे रह गए। उन्होंने मार्च में पटियाला में इंडियन ओपन थ्रो प्रतिस्पर्धा में 74 . 49 मीटर का थ्रो फेंका था। 19 वर्ष के यादव दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के बाद इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए। चोपड़ा ने 2016 में पोलैंड में 86 . 48 मीटर के विश्व जूनियर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। यह रिकॉर्ड आज भी उनके नाम है। दक्षिण अफ्रीका के जान हेंड्रिक हेमैंस ने 80 . 50 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं डोमिनिका के एडिसन जेम्स को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 73 . 89 मीटर का थ्रो फेंका था। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक किसान परिवार में जन्मे यादव हरियाणा के हिसार स्थित आईआईएस-साइ सेंटर में मुख्य कोच अरविंद कुमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेते हैं। वह नीरज चोपड़ा के प्रदर्शन से प्रेरणा लेते हैं। चोपड़ा ने भी इस युवा खिलाड़ी की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, ‘‘भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते और जीतते देखना हमेशा शानदार अहसास होता है। एक भाला फेंक खिलाड़ी के तौर पर यह उपलब्धि मेरे लिए कुछ ज्यादा खास है। अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने पर आशीष मुझे तुम पर बेहद गर्व है। यह तो बस शुरुआत है! ’’यादव ने 2026 सत्र की शुरुआत शानदार अंदाज में की और अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को सुधारते हुए 74.49 मीटर की दूरी तक भाला फेंका। उन्होंने 73.12 मीटर के थ्रो के साथ जूनियर फेडरेशन कप में भी रजत पदक जीता। हालांकि मई में हांगकांग में हुई एशियाई अंडर-20 चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जहां 69.58 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ वह पांचवें स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने लुधियाना में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-9 में वापसी की और 72.27 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। एक दिन पहले पुरूषों की 400 मीटर हीट के पहले दौर में अंडर 20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले मोहम्मद अशफाक फाइनल में 46 . 20 सेकंड का समय निकालकर आठवें स्थान पर रहे। अमेरिका के जेडेन डेलोन ने 44 . 47 सेकंड के साथ स्वर्ण और उनके हमवतन किंसी विल्सन ने 44 . 62 मीटर के साथ रजत पदक जीता। दक्षिण अफ्रीका के लीन्डर्ट के को कांस्य पदक मिला। महिलाओं की ऊंची कूद में पूजा ने 1 . 79 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। दोनों क्वालीफिकेशन ग्रुप से 1 . 79 मीटर की बाधा पार करने वाले को फाइनल में जगह मिली। पुरूषों की लंबी कूद में शाहनवाज खान और जितिन अर्जुन ने फाइनल में जगह बना ली। शाहनवाज क्वालीफिकेशन ग्रुप ए में 7 . 79 मीटर की कूद के साथ चौथे और कुल पांचवें स्थान पर रहे जबकि जितिन 7 . 57 मीटर की कूद लगाकर 12वें स्थान पर रहे। महिलाओं की भालाफेंक स्पर्धा में पूनम अपने क्वालीफिकेशन ग्रुप में आठवें और कुल 13वें स्थान के साथ फाइनल में जगह नहीं बना सकी।
बार्सिलोना ने जॉर्ज मेसी के निधन पर शोक जताया, लियोनेल के पिता को दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। बार्सिलोना ने क्लब के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी को श्रद्धांजलि दी है। शनिवार को अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में लंबी बीमारी के बाद 68 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए 9 टीमें हुईं तय, अब वेस्टइंडीज का डायरेक्ट क्वालिफाई करना हुआ मुश्किल
साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए अफगानिस्तान की टीम के रैंकिंग के आधार पर डायरेक्ट क्वालिफाई कर लिया है तो वहीं अब वेस्टइंडीज के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आइस स्केटिंग में वान्या बोहरा का कमाल, एशियन गेम्स के लिए टीम इंडिया में चयन
राजस्थान के धौलपुर की 16 वर्षीय खिलाड़ी वान्या बोहरा ने आइस स्केटिंग में शानदार प्रदर्शन कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. नीरजा मोदी स्कूल जयपुर में 11वीं कक्षा की छात्रा वान्या का चयन एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में हुआ है. वर्षों की मेहनत, परिवार के सहयोग और कोचिंग ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है.
डूरंड कप: शिलांग लाजोंग एफसी ने मुंबई एफसी को हराकर 'ग्रुप-ई' में टॉप स्थान हासिल किया
शिलांग, 8 अगस्त (आईएएनएस)। 135वें डूरंड कप के 'ग्रुप-ई' मैच में शिलांग लाजोंग एफसी ने मुंबई एफसी को 5-0 से रौंदा। शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में जीत से शिलांग लाजोंग एफसी के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
लियोनल मेसी पर टूटा दुखों का पहाड़, पिता जॉर्ज मेसी का निधन
अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का लंबी बीमारी के बाद 68 साल की उम्र में निधन हो गया है। जॉर्ज शुरू से ही मेसी के करियर में एक अहम व्यक्ति रहे।
गुरनूर बरार ने वॉर्मअप मैच में बल्ले से लूटी महफिल, 5 गेंदों में जड़ दिए चार छक्के; देखें VIDEO
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार का श्रीलंका के दौरे पर खेले जा रहे तीन दिनों के वॉर्मअप मुकाबले के दूसरे दिन बल्ले से कमाल देखने को मिला, जिसमें उन्होंने दिन के आखिरी ओवर में चार छक्के जड़ दिए।
कोयंबटूर, 8 अगस्त (आईएएनएस)। हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा ने 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026 - डिवीजन 'ए' का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस टीम ने शनिवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में खेले गए रोमांचक फाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश के खिलाफ 2-1 से जीत हासिल की।
बुमराह से लेकर कई स्टार खिलाड़ियों की चोट ने बढ़ाई चिंता! BCCI ने अब उठाया बड़ा कदम, फिटनेस पर होगी खास नजर
अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनेल मेसी के पिता जॉर्ज मेसी का 68 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। पिछले कुछ महीनों से उनका इलाज चल रहा था। मेसी के बचपन के क्लब न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने शनिवार को उनके निधन की पुष्टि की। क्लब ने शोक जताते हुए उन्हें मेसी के करियर की सबसे मजबूत ताकत बताया। जॉर्ज सिर्फ मेसी के पिता नहीं थे। वे दो दशक से ज्यादा समय तक उनके एजेंट और सलाहकार भी रहे। बार्सिलोना, PSG और इंटर मियामी जैसे बड़े क्लब ट्रांसफर में उनकी अहम भूमिका रही। क्लब ने आधा झंडा झुकाया न्यूवेल्स ओल्ड बॉयज ने श्रद्धांजलि में क्लब का झंडा आधा झुका दिया। क्लब ने कहा, जॉर्ज और उनकी पत्नी सेलिया ने मेसी के हर सफर में साथ दिया। बचपन की ट्रेनिंग से लेकर वर्ल्ड फुटबॉल के टॉप तक पहुंचने में जॉर्ज का योगदान रहा। जून में परिवार ने मांगी थी प्राइवेसी जून में मेसी परिवार ने बताया था कि जॉर्ज स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं। वे डॉक्टरों की निगरानी में थे। परिवार ने मीडिया से अफवाहें न फैलाने और प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील भी की थी। 13 साल की उम्र में मेसी को बार्सिलोना ले गए जॉर्ज अर्जेंटीना के रोसारियो में स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। शुरुआती दिनों में उन्होंने मेसी को स्थानीय क्लब में ट्रेनिंग भी दी। जब मेसी में ग्रोथ हार्मोन डिफिशिएंसी का पता चला, तब इलाज का खर्च उठाना मुश्किल था। ऐसे में जॉर्ज 13 साल के मेसी को लेकर बार्सिलोना पहुंचे। बार्सिलोना ने ला मासिया अकादमी में दाखिला दिया। इलाज का खर्च भी क्लब ने उठाया। इसके बाद जॉर्ज हर कदम पर बेटे के साथ रहे। दो दशक तक संभाले प्रोफेशनल फैसले मेसी के प्रोफेशनल करियर की शुरुआत से ही जॉर्ज उनके एजेंट रहे। उन्होंने बार्सिलोना के बड़े कॉन्ट्रैक्ट, 2021 में क्लब छोड़ने की प्रक्रिया, PSG और बाद में इंटर मियामी ट्रांसफर तक सभी अहम बातचीत संभाली। 2023 में बार्सिलोना अध्यक्ष जोआन लापोर्टा को भी जॉर्ज ने ही मेसी के इंटर मियामी जाने का फैसला बताया था। वर्ल्ड कप के दौरान भी चर्चा में रहे 2026 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान भी जॉर्ज की तबीयत चर्चा में रही। अल्जीरिया के खिलाफ गोल करने के बाद भावुक हुए मेसी ने कहा था कि पिछले कुछ दिन उनके लिए बेहद मुश्किल रहे हैं। बाद में परिवार ने बयान जारी कर बीमारी की पुष्टि की। 2016 में टैक्स केस में दोषी ठहरे 2016 में स्पेन की अदालत ने लियोनेल मेसी और जॉर्ज मेसी को टैक्स चोरी के मामले में दोषी ठहराया था। हालांकि दोनों को दो साल से कम सजा मिली। इसलिए उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। -----------------------------फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ेंस्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता:फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराया स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। उसने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल किया। स्पेन दूसरी बार फीफा वर्ल्ड चैंपियन बना है। उसने पहली बार 2010 में नीदरलैंड को हराकर यह ट्रॉफी जीती थी। पढ़ें पूरी खबर…
लियोनल मेसी के पिता का 68 साल की उम्र में हुआ निधन, पिछले काफी समय से चल रहे थे बीमार
अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी लियोनल मेसी जो फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर काफी चिंतित थे उनपर अब दुखों का पहाड़ टूटा है, जिसमें मेसी के पिता जॉर्ज का 68 साल की उम्र में निधन हो गया है।
इप्सविच टाउन ने फुलहम से सर्बिया के मिडफील्डर सासा लुकिच को साइन किया
इप्सविच, 8 अगस्त (आईएएनएस)। इप्सविच टाउन ने सर्बियाई मिडफील्डर सासा लुकिच को फुलहम से साइन किया है। टीम के साथ उनका अनुबंध 2030 तक रहेगा। 29 साल के लुकिच की फीस का खुलासा नहीं किया गया है।
दीपा कर्माकर- प्रोडुनोवा वॉल्ट की महारथी और ओलंपिक फाइनल में पहुंची देश की पहली जिम्नास्ट
भारतीय जिम्नास्ट की दुनिया में दीपा कर्माकर का नाम प्रतिष्ठा के साथ लिया जाता है। दीपा दुनिया की
इंडियन एरोबिक जिम्नास्ट अरिहा पंगमबम ने कहा कि एशियन एरोबिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में उनका ऐतिहासिक स्वर्ण पदक पिछले संस्करण में पदक से चूकने के बाद खुद में सुधार करने के पक्के इरादे का नतीजा था। अरिहा ने कहा कि उन्होंने प्रतियोगिता की तैयारी के लिए हर दिन लगभग छह घंटे ट्रेनिंग की।
जेमिमा चोट के कारण 'द हंड्रेड' से बाहर, एशिया कप में खेलने पर भी संदेह
हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण भारतीय बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स 'द हंड्रेड' के शेष मुकाबलों से बाहर हो गई हैं। जेमिमा के आगामी विमेंस टी20 एशिया कप में खेलने पर भी गंभीर संदेह पैदा हो गया है।
'आप पर बहुत गर्व है', नीरज चोपड़ा ने अंडर-20 वर्ल्ड्स में रजत पदक जीतने वाले आशीष यादव को दी बधाई
ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने पर युवा जेवलिन थ्रोअर आशीष यादव को बधाई दी है। चोपड़ा ने आशीष की उपलब्धि को बेहद खास बताया है।
ऋषभ पंत ने फिर से दोहराई वही पुरानी गलती, प्रैक्टिस मैच में सिर्फ 2 रन बनाकर हुए आउट; देखें VIDEO
भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का श्रीलंका के दौरे पर टेस्ट सीरीज का आगाज होने से पहले खेले जा रहे वॉर्मअप मुकाबले में बल्ला खामोश देखने को मिला जिसमें वह सिर्फ 2 रन बनाकर ही पवेलियन लौट गए।
ESFI ने BRICS Esports Championship के लिए घोषित की भारतीय टीम, Tekken 8 में वानी और सिंह
भारतीय ईस्पोर्ट महासंघ (ईएसएफआई) ने शनिवार को राष्ट्रीय ईस्पोर्ट चैंपियनशिप के खत्म होने के बाद मॉस्को में होने वाली ब्रिक्स ईस्पोर्ट चैंपियनशिप 2026 और लॉस एंजिलिस में होने वाले वैश्विक ईस्पोर्ट खेलों के लिए टीम की घोषणा की। पांच अगस्त को खत्म हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप आधिकारिक चयन टूर्नामेंट था। इसमें देश के शीर्ष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया ताकि उन्हें दुनिया के दो बड़े टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल सके। इसे भी पढ़ें: Gajendra Singh Shekhawat बोले: BRICS देश केवल आर्थिक नहीं, साझा संस्कृति से जुड़े हैं मॉस्को में नौ से 15 सितंबर के बीच होने वाली ब्रिक्स ईस्पोर्ट चैंपियनशिप के लिए भारत दो सदस्यीय टेकेन 8 दल भेजेगा जिसमें अर्सलान वानी और गुराशीष सिंह शामिल हैं। इस बीच भारत ने वैश्विक ईस्पोर्ट खेल 2026 के लिए भी अपनी टीम तय कर ली है जिसमें टीम पीसी, कंसोल और मोबाईल प्लेटफॉर्म जैसे कई खिताबों के लिए चुनौती पेश करेगी।
Davis Cup में South Korea से भिड़ेगा भारत, 18-19 सितंबर को होगा मुकाबला
दक्षिण कोरिया 18 और 19 सितंबर को भारत के खिलाफ डेविस कप दूसरे दौर के क्वालीफायर की मेजबानी करेगा। भारत इस समय डेविस कप रैंकिंग में 19वें और कोरिया 16वें स्थान पर है। कोरिया का भारत के खिलाफ जीत हार का रिकॉर्ड 6 . 5 का है। भारतीय टीम का चयन 10 अगस्त को किया जायेगा। दोनों टीमों के बीच पिछला मुकाबला एक दशक पहले हुआ था जब भारत ने चंडीगढ में एशिया ओशियाना ग्रुप एक के मुकाबले में 4 . 1 से जीत दर्ज की थी। दूसरे दौर में विजयी रहने वाली टीम नवंबर में होने वाले अंतिम आठ मुकाबले में जगह बनायेगी। इसे भी पढ़ें: ESFI ने BRICS Esports Championship के लिए घोषित की भारतीय टीम, Tekken 8 में वानी और सिंह कोरिया 2022 और 2023 में 16 टीमों के डेविस कप फाइनल में पहुंच चुका है।
लंदन में इन दिनों आम लोगों, युवाओं और बच्चों से उनके खेलने की मुफ्त जगहें छीनी जा रही हैं। शहर के सार्वजनिक स्केटपार्क, बच्चों के खेल के मैदान और बास्केटबॉल कोर्ट को तेजी से महंगे ‘पैडल कोर्ट’ में बदला जा रहा है। पैडल, टेनिस से मिलता-जुलता एक रैकेट खेल है, जो ब्रिटेन में इन दिनों काफी ट्रेंड में है। लेकिन परेशानी की बात यह है कि ये नए पैडल कोर्ट ‘पे-टू-प्ले’ (पैसे देकर खेलने वाले) मॉडल पर आधारित हैं। स्थानीय लोग इसे पैसे वालों के लिए सुविधाएं विकसित करने का तरीका मान रहे हैं। इस ट्रेंड का सबसे ताजा शिकार बार्किंग स्केटपार्क बना है, जो लंदन का इकलौता फुल-साइज इनडोर स्केटपार्क था। इसे हाल ही में हमेशा के लिए बंद कर दिया गया ताकि वहां पैडल कोर्ट बनाया जा सके। आइवा सैटो जैसी कई मांएं इस फैसले से नाराज हैं। उनकी 11 साल की बेटी टोको राष्ट्रीय स्तर की स्केटबोर्डर है, लेकिन अब उसके पास अभ्यास करने के लिए कोई सुरक्षित इंडोर जगह नहीं बची है। एक जिम्नास्टिक सेंटर भी बंद करके उसे प्राइवेट पैडल क्लब में बदल दिया गया था। लोगों के गुस्से की असली वजह इन कोर्ट्स की भारी-भरकम फीस है। लंदन में एक घंटे के लिए पैडल कोर्ट बुक करने का औसत खर्च 51 पाउंड (करीब 5,400 रुपए) है। आर्थिक रूप से कमजोर इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए यह रकम बहुत ज्यादा है। यह खेल इतना महंगा है कि यह आम लोगों को उनके ही इलाके की सुविधाओं से दूर कर रहा है। जनता अब इसके खिलाफ लामबंद भी हो रही है। कैमडन इलाके में बच्चों के खेलने की मुफ्त जगह को तोड़कर पैडल कोर्ट बनाने का प्रस्ताव था, जिसे एक साल के भारी विरोध के बाद पिछले हफ्ते रद्द करना पड़ा। बार्किंग स्केटपार्क को बचाने के लिए भी 4,500 से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन याचिका साइन की है। प्रशासन और ऑपरेटर कंपनियों का तर्क है कि पुराने पार्क घाटे में चल रहे थे। लेकिन जनता का सवाल यही है कि क्या किसी नए खेल को बढ़ावा देने के लिए आम लोगों के हिस्से की मुफ्त सार्वजनिक जगहें छीनना जायज है? बढ़ता खेल: 6 साल में 87 से 2 हजार तक पहुंच गई कोर्ट्स की संख्या टेनिस और स्क्वॉश के मेल से बना यह खेल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ब्रिटेन में इसे खेलने वालों की संख्या 10 लाख पार कर चुकी है। दुनियाभर में इसके करीब 3.5 करोड़ खिलाड़ी हैं। लंदन में हाल ही में आयोजित प्रीमियर पैडल टूर्नामेंट के टिकट हाथों-हाथ बिक गए। साल 2020 में ब्रिटेन में पैडल के सिर्फ 87 कोर्ट थे, जबकि अब इनकी संख्या दो हजार से ज्यादा है।
भारतीय बल्लेबाज साई सुदर्शन चोट के कारण श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं। बाएं पैर के अंगूठे (बिग टो) की चोट से पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण BCCI की मेडिकल टीम ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट में वापसी की मंजूरी नहीं दी। उनकी जगह देवदत्त पडिक्कल के पहले टेस्ट में नंबर-3 पर खेलने की संभावना है। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के SSC मैदान पर खेला जाएगा। यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। इंडिया-ए दौरे में लगी थी चोट साई सुदर्शन को पिछले महीने श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे अनऑफिशियल टेस्ट के दौरान पैर के अंगूठे में चोट लगी थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में रिहैब कर रहे थे। उन्होंने बल्लेबाजी और फील्डिंग अभ्यास भी शुरू कर दिया था, लेकिन मेडिकल टीम ने उन्हें पूरी तरह फिट नहीं माना। पडिक्कल नंबर-3 के सबसे बड़े दावेदार सुदर्शन की गैरमौजूदगी में देवदत्त पडिक्कल पहले टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करेंगे। पडिक्कल ने कोलंबो में श्रीलंका इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय वॉर्म-अप मैच में शतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत की है। हालांकि, टीम में सुदर्शन की जगह किस खिलाड़ी को शामिल किया जाएगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पहले से चोटों से जूझ रही है टीम इंडिया श्रीलंका दौरे से पहले ही भारतीय टीम कई चोटों से परेशान है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं। वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते पहला टेस्ट नहीं खेलेंगे। हर्षित राणा (हैमस्ट्रिंग), नीतीश कुमार रेड्डी (क्वाड्रिसेप्स) और आकाश दीप (पीठ की चोट) भी उपलब्ध नहीं हैं। वहीं टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की दाएं हाथ में चोट लगी है। एहतियात के तौर पर उन्होंने वॉर्म-अप मैच नहीं खेला और BCCI की मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है। साई सुदर्शन 7 टेस्ट खेल चुके साई सुदर्शन ने अब तक भारत के लिए 7 टेस्ट, 3 वनडे और 1 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 12 पारियों में 31.91 की औसत से 383 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। वहीं वनडे में उन्होंने तीन मैचों की तीन पारियों में 127 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 63.50 रहा और उन्होंने दो अर्धशतक लगाए।
देवदत्त पडिक्कल ने लगाया धमाकेदार शतक, वॉर्म-अप मैच में श्रीलंकाई गेंदबाजों के छुड़ाए पसीने
टीम इंडिया के बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका XI के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में धमाकेदार सेंचुरी लगाई है। उन्होंने ये सेंचुरी 121 गेंदों में पूरी की।
Hockey World Cup में तिरंगे के सम्मान के लिए उतरें: Ashok Kumar और Aslam Sher Khan का इमोशनल संदेश
आपको यह भूल जाना है कि आप अपने या टीम के लिये खेल रहे हैं, बस यही भाव रखना है कि देश के लिये हर हालत में जीतना है तो आपको पदक जीतने से कोई नहीं रोक सकता,’’ भारतीय हॉकी टीम के नाम यह संदेश है 1975 विश्व कप विजेताओं का।भारत ने अब तक एकमात्र विश्व कप 1975 में कुआलालम्पुर में जीता था और उस जीत के सूत्रधार थे असलम शेर खान और अशोक ध्यानचंद। 1975 विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 51वें मिनट में विजयी गोल करके भारत को 2 . 1 से जीत दिलाने वाले अशोक कुमार ने से कहा ,‘‘ मैं भारतीय टीम से इतना ही कहूंगा कि यह ध्यान में रखें कि जीत या हार आपकी नहीं, आपके देश की होगी। इससे आपको खुद ब खुद प्रेरणा मिलेगी। यह 51 साल का इंतजार बहुत लंबा हो गया है और अब पदक जीतना ही है।’’ वहीं 1975 में सेमीफाइनल में आखिरी मिनटों में स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरकर मलेशिया के खिलाफ बराबरी का गोल दागने वाले असलम शेर खान ने कहा ,‘‘ हम विश्व कप खेलने उतरे तो हमारे लिये देश मां की तरह था और हम उसी जज्बे से खेलते थे। आपको भी यह सोचकर मैदान पर उतरना होगा कि हम मां के लिये खेल रहे हैं और जुनून ऐसा होना चाहिये कि हर कीमत पर जीतकर उतरेंगे।’’मांट्रियल ओलंपिक 1976 खेल चुके असलम ने कहा ,‘‘ अच्छे प्रदर्शन के साथ देश के सम्मान के लिये खेलने की भावना जरूरी है। आप अगर ये सोचकर खेलें कि अपने लिये या टीम के लिये नहीं बल्कि देश के लिये खेल रहे हैं तो आपको जीतने से कोई नहीं रोक सकता। यह मेरा अपना तर्जुबा है।’’ अशोक और असलम 1971 बार्सीलोना विश्व कप में कांस्य और 1973 में एम्सटर्डम में रजत पदक जीत चुके थे लेकिन चैम्पियन नहीं बन पाने की कसक ने 1975 में उन्हें जी जान लगाने के लिये प्रेरित किया। उनका कहना है कि कुआलालम्पुर जाने से पहले चंडीगढ में अभ्यास के दौरान पूरी टीम बस स्वर्ण जीतने का ही लक्ष्य लेकर पसीना बहा रही थी। म्युनिख ओलंपिक 1972 में कांस्य पदक जीत चुके अशोक ने कहा ,‘‘1971 में हमने कांस्य जीता था लेकिन जब सेमीफाइनल हार गए थे तब कोच बलबीर सिंह सीनियर इतना रोये थे कि चुप कराना मुश्किल हो गया था। देश के लिये जीतने का जज्बा ऐसा था।फिर 1973 में रजत मिला तो मन में कसक रह गई कि स्वर्ण से चूक गए।’’ महान ध्यानचंद के बेटे और रूप सिंह के भतीजे अशोक ने कहा,‘‘ मुझे तो यह भी लगता था कि पिताजी और चाचा को ये पदक कैसे दिखाऊं। देश में कांस्य या रजत लेकर लौटने पर शर्म आती थी।’’ असलम ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया ,‘‘ हम जब कुआलालम्पुर जा रहे थे तो चंडीगढ में शिविर लगा था जिसमें देश के हर कोने से आये खिलाड़ी मिलकर एक ही लक्ष्य के लिये खेल रहे थे क्योंकि पिछले दो विश्व कप में हम स्वर्ण से चूक गए थे।’’उन्होंने कहा ,‘‘हमने कभी खुद को किसी से कमतर नहीं माना चाहे जर्मनी हो, हालैंड या आस्ट्रेलिया। इसी आत्मविश्वास की जरूरत है और यह जज्बा होने पर इस टीम को कोई नहीं रोक सकता।’’ पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ सेमीफाइनल में आखिरी मिनटों में उतरे असलम ने कहा ,‘‘ ज्यादा समय मैं बाहर बैठा और व्यक्तिगत तड़प इतनी थी कि रोज रात को सोने से पहले आंख में आंसू आते थे कि मुझे खेलने का मौका नहीं मिला।सेमीफाइनल में आखिरी 15 मिनट में दो हफ्ते की वह तड़प ही मुझसे गोल करा गई।’’यह पूछने पर कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम को क्या संदेश देना चाहेंगे, असलम ने कहा ,‘‘ यह टीम सक्षम है क्योंकि इसने लगातार दो ओलंपिक में कांस्य पदक जीते हैं। लेकिन ओलंपिक के डायनेमिक्स विश्व कप से अलग होते हैं जिसे ध्यान में रखना होगा।’’उन्होंने यह भी कहा ,‘‘ तोक्यो ओलंपिक कोविड के साये में हुए थे लेकिन पेरिस में उस प्रदर्शन को दोहराना अहम था। अगर पेरिस ओलंपिक वाले उसी जज्बे से खेल सके तो भारत का 51 साल बाद पोडियम पर रहना तय है।’’ वहीं अशोक ने खिलाड़ियों को मैदान पर त्वरित फैसले लेने की सलाह दी और कहा कि बेसिक्स पर डटे रहें। उन्होंने कहा ,‘‘ मैने जिस तरह से खेला और जो सीखा, वह इतना ही है कि किस वक्त , क्या करना है और यह फैसले त्वरित लेने हैं। गेंद पर नियंत्रण, आक्रमण, गेंद पकड़ना, पासिंग यह सब फैसले तुरंत लेने हैं।हॉकी टीम का खेल है और हर खिलाड़ी अहम है। मेरा यह भी मानना है कि फॉरवर्ड पंक्ति को असाधारण प्रयास करने होंगे।’’ विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में खेला जायेगा।
ट्रेविस हेड का बयान : टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी के लिए तैयार हूं
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के बल्लेबाज ट्रेविस हेड का कहना है कि वह टेस्ट क्रिकेट में बतौर सलामी बल्लेबाज आगे भी खेलना जारी रखना चाहते हैं। हेड ने कहा कि वह अपने खेल को लेकर काफी सहज हैं और वह ओपनर के तौर पर अहम भूमिका निभा सकते हैं।
pc: dna india ऋषभ पंत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देर रात ऑनलाइन अपील करके सबका ध्यान खींचा। पंत ने अपने होम स्टेट में ज़मीन खरीदने में मदद मांगी, और बताया कि वह दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। अभी, पंत श्रीलंका में हैं, 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ की तैयारी कर रहे हैं। उत्तराखंड के रुड़की में जन्मे पंत ने साफ़ किया कि वह कोई मुफ़्त चीज़ नहीं मांग रहे हैं—वह सरकारी ज़मीन उसकी तय कीमत पर खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रॉब्लम तीन साल से चल रही है, और वह अभी तक ज़मीन नहीं खरीद पाए हैं। शनिवार सुबह, पंत ने सबके सामने मुख्यमंत्री से अपील की। उन्होंने X पर लिखा, “हेलो सर, आप कैसे हैं? मुझे बहुत समय हो गया है, खासकर उत्तराखंड से होने के नाते। मैं दिल्ली से वापस जाने के लिए ज़मीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन मुझे यहाँ कुछ भी सही नहीं मिला।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे उत्तराखंड बहुत पसंद है। मैं आपसे ज़मीन खरीदने में मदद करने के लिए कह रहा हूँ—सारे पेपरवर्क से निपटना एक बुरा सपना बन गया है। जब मैं राज्य का प्रचार कर रहा था, तब से ज़मीन का एक और मुद्दा है जो अभी तक हल नहीं हुआ है।” पंत ने कहा, “मैं घर लौटना चाहता हूं और उत्तराखंड में अपने लोगों की मदद करना चाहता हूं। प्लीज़ इस पर ध्यान दें। तीन साल हो गए हैं, और मुझे कोई ज़मीन नहीं मिली है।” उन्होंने आखिर में कहा, “अगर मुझे सरकारी रेट पर ज़मीन मिल जाए, तो कम से कम मैं यहां अपना पहला घर तो बना ही सकता हूं। मुझे सच में नहीं पता कि यह कैसे करना है।” पंत का पोस्ट तेज़ी से वायरल हो गया और मुख्यमंत्री धामी ने जल्द ही जवाब दिया। अपने जवाब में धामी ने पंत को उत्तराखंड का गौरव बताया। उन्होंने पंत की उपलब्धियों की तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने राज्य को देश और दुनिया भर में पहचान दिलाई है। धामी ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले को देखने के लिए कहा है और वादा किया है कि वे पंत से संपर्क करेंगे और नियमों के अनुसार हर संभव मदद करेंगे। पंत की जड़ें हरिद्वार जिले के रुड़की में हैं। उन्होंने वहीं से क्रिकेट खेलना शुरू किया, लेकिन प्रोफेशनल करियर बनाने के लिए दिल्ली चले गए। इतने सालों में, वह भारत के टॉप विकेटकीपर-बल्लेबाजों में से एक बन गए हैं। हालांकि वह घरेलू क्रिकेट में दिल्ली को रिप्रेजेंट करते हैं, लेकिन पंत ने कभी अपने होम स्टेट से नाता नहीं तोड़ा, और अब वह खुले तौर पर उत्तराखंड को अपना बेस बनाकर योगदान देने की अपील कर रहे हैं। उत्तराखंड सरकार के साथ उनका कनेक्शन नया नहीं है—वह अगस्त 2022 में राज्य के ब्रांड एंबेसडर बने थे। सरकार ने तब कहा था कि उनकी सफलता उत्तराखंड के युवाओं को स्पोर्ट्स में आगे बढ़ने के लिए इंस्पायर करेगी। अब, लगभग चार साल बाद, पंत फिर से चर्चा में हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि कुछ ही दिन पहले, वह 2025-26 के लिए उत्तराखंड के सबसे ज़्यादा इंडिविजुअल टैक्सपेयर बने, जिन्होंने 23.84 करोड़ रुपये इनकम टैक्स दिया। वह इंडिविजुअल लिस्ट में टॉप पर थे और सभी नॉन-कॉर्पोरेट टैक्सपेयर्स में चौथे नंबर पर थे।
44वीं सीनियर नेशनल नेटबॉल चैंपियनशिप 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश पुरुष टीम का अंतिम चयन गाजियाबाद में हुआ। खिलाड़ियों को किट और ट्रैक सूट वितरित किए गए।
ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट खिलाड़ियों के IPL 2027 में खेलने पर सवाल खड़े हो गए हैं। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा कि अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलिया को 20 टेस्ट समेत 34 इंटरनेशनल मैच खेलने हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के वर्कलोड को देखते हुए IPL को लेकर मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं। 20 टेस्ट, एशेज और वर्ल्ड कप... सबसे व्यस्त रहेगा ऑस्ट्रेलिया का शेड्यूल ऑस्ट्रेलिया अगले एक साल में बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ कुल 20 टेस्ट खेलेगा। इसके अलावा जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट बॉल सीरीज भी होगी। अगर टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचती है तो एक टेस्ट और जुड़ जाएगा। इसके बाद जून-जुलाई 2027 में इंग्लैंड में एशेज और फिर अक्टूबर-नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाएगा। IPL को नहीं किया खारिज मैकडोनाल्ड ने कहा कि IPL ऑस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ियों के विकास और तैयारी का अहम हिस्सा है। दुनिया की बेस्ट टी-20 लीग में खेलने से खिलाड़ियों को फायदा मिलता है। शुरुआत यही होगी कि खिलाड़ी IPL खेल सकते हैं। बाद में परिस्थितियों के हिसाब से फैसला लिया जाएगा। कमिंस, स्टार्क और हेजलवुड पर सबसे ज्यादा नजर ऑस्ट्रेलियाई टीम मैनेजमेंट की सबसे बड़ी चिंता तेज गेंदबाज पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड का वर्कलोड है। तीनों लगातार टेस्ट क्रिकेट खेलेंगे और एशेज भी सामने होगी। मैकडोनाल्ड ने कहा कि खिलाड़ियों के शरीर को आराम देना भी उतना ही जरूरी है, ताकि वे पूरे सीजन में अपना बेस्ट प्रदर्शन कर सकें। भारत दौरे के बाद होगा बड़ा फैसला कोच ने कहा कि IPL को लेकर कोई फैसला अभी नहीं लिया जाएगा। खिलाड़ियों की फिटनेस, गेंदबाजी का वर्कलोड और मानसिक थकान हर टेस्ट के बाद आंकी जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि न्यूजीलैंड सीरीज के चौथे टेस्ट या भारत दौरे के बाद पैट कमिंस या मिचेल स्टार्क की स्थिति क्या होगी। इसलिए फैसला समय आने पर ही लिया जाएगा। 2023 का उदाहरण भी दिया मैकडोनाल्ड ने याद दिलाया कि 2023 में पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और ट्रेविस हेड ने IPL नहीं खेला था। उन्होंने आराम किया और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप, एशेज और वनडे वर्ल्ड कप जीता। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी के खराब प्रदर्शन का कारण सीधे IPL को नहीं माना जा सकता। उन्होंने कैमरन ग्रीन का उदाहरण देते हुए कहा कि इंग्लैंड में उनकी चुनौतियां अनुभव की कमी की वजह से थीं, न कि IPL खेलने की वजह से। ---------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…5 हजार इंटरनेशनल मैचों वाला पहला फॉर्मेट बना वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार किसी फॉर्मेट में 5 हजार मैच पूरे हो गए हैं। यह उपलब्धि हासिल हुई वनडे को। जिस स्कॉटलैंड में अभी कॉमनवेल्थ गेम्स हुए हैं वहीं 5000वां वनडे मैच भी खेला गया। शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच हुए इस मुकाबले को स्कॉटलैंड ने 9 रन से जीत लिया। पूरी खबर…
आईपीएल 2027 को लेकर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को लेने पड़ सकते हैं मुश्किल फैसले: मैकडोनाल्ड
ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने संकेत दिए हैं कि देश के प्रमुख टेस्ट क्रिकेटरों को अगले साल होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी भागीदारी को लेकर मुश्किल फैसले लेने पड़ सकते हैं, क्योंकि टीम अपने इंटरनेशनल कैलेंडर के सबसे व्यस्त दौर में से एक के लिए तैयारी करेगी।
इंटरनेट डेस्क। भारतीय टीम के खिलाड़ी ऋषभ पंत ने देर रात उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी को एक्स पर एक मैसेज किया और कहा की मुझे रहने के लिए जमीन दिलवाएं। पंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन खरीदने में मदद करने की अपील की है। उन्होंने लिखा- दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होकर अपने गृहराज्य में घर बनाना चाहता हूं। मैं 3 साल से परेशान हूं, लेकिन अब तक जमीन नहीं मिल पाई है। पंत फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए उत्तराखंड में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले व्यक्ति हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 23.84 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स भरा था। पंत ने एक्स पर लिखा, हैलो सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का होने के नाते मुझे बहुत समय हो गया है। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे नहीं मिल रही। मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। मेरी आपसे रिक्वेस्ट है कि प्लीज जमीन खरीदने में मेरी मदद करें। मेरे लिए यह एक बुरा सपना बन गया है। मैंने सब कुछ ताक में रखकर राज्य का प्रमोशन किया था। मैं उत्तराखंड में लोगों की मदद करने के लिए अपने मूल स्थान पर वापस जाना चाहता हूं। मैं अपने पहाड़ी लोगों के पास लौटना चाहता हूं। प्लीज इस मामले को देखें। 3 साल हो गए हैं, आपके जवाब का इंतजार है, कोई जमीन नहीं मिली। pc- BBC
Aashish Yadav ने World U20 Championships भालाफेंक में 74.09 मीटर थ्रो से जीता रजत पदक
यूजीन, आठ अगस्त आशीष यादव ने विश्व एथलेटिक्स अंडर 20 चैम्पियनशिप में पुरूषों के भालाफेंक में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला जबकि राष्ट्रीय सीनियर रिकॉर्डधारी पूजा सिंह ने महिलाओं की ऊंची कूद के फाइनल में जगह बना ली। यादव ने तीसरे दौर में 74 . 09 मीटर का थ्रो फेंककर रजत पदक हासिल किया। वहीं भारत के टी धरणीधरन 72 . 35 मीटर के थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहे। यादव अपने सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन से 40 सेमी पीछे रह गए। उन्होंने मार्च में पटियाला में इंडियन ओपन थ्रो प्रतिस्पर्धा में 74 . 49 मीटर का थ्रो फेंका था। 19 वर्ष के यादव दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के बाद इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए। चोपड़ा ने 2016 में पोलैंड में 86 . 48 मीटर के विश्व जूनियर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। यह रिकॉर्ड आज भी उनके नाम है। दक्षिण अफ्रीका के जान हेंड्रिक हेमैंस ने 80 . 50 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं डोमिनिका के एडिसन जेम्स को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 73 . 89 मीटर का थ्रो फेंका था। एक दिन पहले पुरूषों की 400 मीटर हीट के पहले दौर में अंडर 20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले मोहम्मद अशफाक फाइनल में 46 . 20 सेकंड का समय निकालकर आठवें स्थान पर रहे। अमेरिका के जेडेन डेलोन ने 44 . 47 सेकंड के साथ स्वर्ण और उनके हमवतन किंसी विल्सन ने 44 . 62 मीटर के साथ रजत पदक जीता। दक्षिण अफ्रीका के लीन्डर्ट के को कांस्य पदक मिला। महिलाओं की ऊंची कूद में पूजा ने 1 . 79 मीटर के साथ फाइनल में जगह बनाई। दोनों क्वालीफिकेशन ग्रुप से 1 . 79 मीटर की बाधा पार करने वाले को फाइनल में जगह मिली। पुरूषों की लंबी कूद में शाहनवाज खान और जितिन अर्जुन ने फाइनल में जगह बना ली। शाहनवाज क्वालीफिकेशन ग्रुप ए में 7 . 79 मीटर की कूद के साथ चौथे और कुल पांचवें स्थान पर रहे जबकि जितिन 7 . 57 मीटर की कूद लगाकर 12वें स्थान पर रहे। महिलाओं की भालाफेंक स्पर्धा में पूनम अपने क्वालीफिकेशन ग्रुप में आठवें और कुल 13वें स्थान के साथ फाइनल में जगह नहीं बना सकी।
कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ खेले जा रहे वॉर्मअप मैच में भारत ने दूसरे दिन लंच तक पहली पारी में 67 रन पर एक विकेट गंवा दिया है। भारत अभी 296 रन पीछे है। यशस्वी जायसवाल 0 रन पर आउट हुए, जबकि केएल राहुल 23 और देवदत्त पडिक्कल 44 रन बनाकर नाबाद हैं। तीन दिवसीय मैच के दूसरे दिन शनिवार को श्रीलंका ने अपनी पहली पारी 363/8 के स्कोर पर डिक्लेयर की। टीम की ओर से रविंदु रसनथा ने 71 और निशान फर्नांडो ने 66 रन बनाए। भारत के लिए रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मनव सुथार ने 2-2 विकेट लिए, जबकि गुरनूर बरार को एक सफलता मिली। चोट के कारण नहीं खेले कप्तान गिल भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल इस मुकाबले के पहले दिन नहीं उतरे। BCCI के मुताबिक, गुरुवार के अभ्यास सत्र में उनके दाएं हाथ की उंगली में चोट लग गई थी। एहतियात के तौर पर उन्हें आराम दिया गया और उनकी जगह केएल राहुल ने टीम की कप्तानी संभाली। तैयारियों के लिए अहम है वॉर्म-अप मैच तीन दिन का यह वॉर्म-अप मैच भारत के लिए काफी अहम है। टेस्ट की सीरीज से पहले खिलाड़ियों को श्रीलंका की परिस्थितियों और स्पिन के अनुकूल ढलने का मौका मिलेगा। भारत ने अपना पिछला टेस्ट जून में खेला था। भारत फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज टीम के लिए काफी अहम मानी जा रही है। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 5 हजार इंटरनेशनल मैचों वाला पहला फॉर्मेट बना वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार किसी फॉर्मेट में 5 हजार मैच पूरे हो गए हैं। यह उपलब्धि हासिल हुई वनडे को। जिस स्कॉटलैंड में अभी कॉमनवेल्थ गेम्स हुए हैं वहीं 5000वां वनडे मैच भी खेला गया। शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच हुए इस मुकाबले को स्कॉटलैंड ने 9 रन से जीत लिया। पूरी खबर…
SL vs IND: स्टेडियम में फ्री में देख सकते हैं आप भारत और श्रीलंका टेस्ट मैच, नहीं देना होगा पैसा
इंटरनेट डेस्क। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले फैंस को बड़ी खुशखबरी दी है। भारत और श्रीलंका के बीच शुरू होने जा रही सीरीज के पहले बोर्ड की और से बड़ा ऐलान किया गया है। जानकारी के अनुसार 15 अगस्त से गॉल में शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान क्रिकेटप्रेमियों को स्टेडियम में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। पहला मैच गॉल स्टेडियम पर होगा जबकि दूसरा टेस्ट कोलंबो में 23 से 27 अगस्त के बीच खेला जायेगा। इस सीरीज से पहले भारत और श्रीलंका के बीच तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला जा रहा है। श्रीलंका क्रिकेट ने एक विज्ञप्ति में कहा ,श्रीलंका क्रिकेट यह घोषणा करता है कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज के दौरान दर्शकों को मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा जिससे क्रिकेटप्रेमियों को विश्व स्तरीय टेस्ट क्रिकेट देखने का मौका मिलेगा। श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट देखने दर्शक कम ही आते हैं। पहले भी भारतीय टीमों ने खाली स्टेडियमों में मैच खेले हैं। PC- cricinfo.com
ऋषभ पंत ने सीएम से आधी रात को लगाई मदद की गुहार, पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट करके दिया भरोसा
टीम इंडिया के क्रिकेटर ऋषभ पंत दिल्ली छोड़कर उत्तराखंड में बसना चाहते हैं और वहां अपना घर बनाना चाहते हैं। लेकिन जमीन खरीदने में आ रही परेशानियों की वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद मांगी है।
आशीष यादव ने यूजीन में चल रही अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के तीसरे दिन मेंस जेवलिन थ्रो इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। भारत के युवा एथलीटआशीष ने तीसरे राउंड में 74.09 मीटर का थ्रो किया, जिससे उन्हें सिल्वर मिला। इसी फाइनल में शामिल दूसरे भारतीय टी. धरनिधरन 72.35 मीटर के थ्रो के साथ छठे स्थान पर रहे। नीरज ने 2016 में गोल्ड जीता था 19 साल के आशीष इस इवेंट में मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा के बाद दूसरे भारतीय बन गए हैं। दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा ने 2016 में पोलैंड में हुई चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था। नीरज ने उसी स्पर्धा में 86.48 मीटर का थ्रो किया था, जो अब भी वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड है। साउथ अफ्रीका के जान-हेन्ड्रिक हेमन्स को गोल्ड गोल्ड मेडल साउथ अफ्रीका के जान-हेन्ड्रिक हेमन्स ने जीता। उन्होंने अपने छठे और आखिरी अटेम्प्ट में 80.50 मीटर भाला फेंका। हेमन्स का यह थ्रो इस सीजन का U20 वर्ल्ड लीड प्रदर्शन रहा। पूजा हाई जंप के फाइनल में भारत की पूजा ने चैंपियनशिप में विमेंस हाई जंप के फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 1.79 मीटर की ऊंचाई पहले ही प्रयास में पार की। अब पूजा 10 अगस्त को भारतीय समानुसार रात 1 बजे होने वाले फाइनल में मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगी। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 5 हजार इंटरनेशनल मैचों वाला पहला फॉर्मेट बना वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार किसी फॉर्मेट में 5 हजार मैच पूरे हो गए हैं। यह उपलब्धि हासिल हुई वनडे को। जिस स्कॉटलैंड में अभी कॉमनवेल्थ गेम्स हुए हैं वहीं 5000वां वनडे मैच भी खेला गया। शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच हुए इस मुकाबले को स्कॉटलैंड ने 9 रन से जीत लिया। पूरी खबर…
Rishabh Pant ने CM पुष्कर धामी से लगाई मदद की गुहार, आखिर किस परेशानी से जूझ रहे हैं क्रिकेटर
Rishabh Pant ने CM पुष्कर धामी से लगाई मदद की गुहार, आखिर किस परेशानी से जूझ रहे हैं क्रिकेटर
वॉर्म-अप मैच में खुल गई बांग्लादेश की पोल, 54 रनों पर सिमटी पूरी टीम, मिली करारी हार
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच में बांग्लादेशी क्रिकेट टीम को एक पारी और 38 रनों से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले की दूसरी पारी में बांग्लादेश की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम सिर्फ 54 रनों पर सिमट गई।
पाकिस्तान सीरीज से पहले इंग्लैंड को लगा बड़ा झटका, सलामी बल्लेबाज हो सकता है बाहर
पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेलनी है। पहले दो टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड की टीम का ऐलान हो चुका है। लेकिन टेस्ट सीरीज से पहले इंग्लैंड की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत इस समय श्रीलंका दौरे पर प्रैक्टिस मैच खेल रहे हैं। हालांकि, मैच के अलावा जमीन खरीदने को लेकर भी वे परेशान हैं। पंत ने आधी रात को X पर पोस्ट कर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन खरीदने में मदद मांगी। वे दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होकर अपने राज्य में पहला घर बनाना चाहते हैं। पंत ने साफ किया कि उन्हें जमीन गिफ्ट में नहीं चाहिए। वे सरकार से तय रेट पर जमीन खरीदना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे 3 साल से परेशान हैं और अब तक उन्हें जमीन नहीं मिली है। पंत ने धामी से की अपील ऋषभ पंत ने शनिवार सुबह एक सार्वजनिक अपील की। इसमें उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में जमीन खरीदने में मदद करने की रिक्वेस्ट की। पंत ने X पर लिखा, ‘@pushkardhami हेलो सर, आप कैसे हैं??? मुझे बहुत समय हो गया है, खासकर उत्तराखंड का लोकल होने के नाते। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं और मुझे यहां रहने के लिए कुछ भी आसान और बड़ा नहीं मिला।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। मेरी आपसे विनम्र रिक्वेस्ट है कि प्लीज जमीन खरीदने में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल यह क्लैरिटी के साथ एक बुरा सपना बन गया है। दूसरी जमीन भी ओस है, जो मुझे तब मिली थी, जब मैं सब कुछ अंदर रखने से पहले राज्य को प्रमोट कर रहा था।’ पंत ने कहा, ‘मैं उत्तराखंड के आसपास मदद करने और बनाने के लिए अपने मूल स्थान पर वापस जाना चाहता हूं। मैं अपने पहाड़ी लोगों के पास वापस जाना चाहता हूं। प्लीज इस मामले को देखें। 3 साल हो गए हैं, आपके जवाब का इंतजार है, कोई जमीन नहीं मिली।’ कहा- गिफ्ट नहीं, सरकार से खरीदना चाहता हूं अपनी पोस्ट पर कमेंट करते हुए पंत ने लिखा, ‘इंटरनेशनल लेवल पर सबसे ऊंचे लेवल पर हमारे राज्यों को रिप्रेजेंट करने के लिए एक गिफ्ट बहुत अच्छा रहेगा। लेकिन अगर आप इजाजत दें तो मैं इसे गवर्नमेंट से खरीदना चाहता हूं।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘सरकार के रेट पर कम से कम मैं अपने राज्य में अपना पहला घर बनवा सकता हूं। हमारे राज्य में प्लीज हेल्प करें। सच में मुझे नहीं पता था कि यह कैसे करना है।’ रुड़की में हुआ जन्म, दिल्ली से शुरू किया प्रोफेशनल सफर ऋषभ पंत का जन्म उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था। उन्होंने अपने क्रिकेट का सफर रुड़की से शुरू किया और प्रोफेशनली खेल को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली चले गए। इसके बाद पंत ने खुद को सभी फॉर्मेट में भारत के सबसे अच्छे विकेटकीपर-बल्लेबाजों में से एक के तौर पर स्थापित किया। वे घरेलू क्रिकेट में दिल्ली को रिप्रेजेंट करते हैं, लेकिन उत्तराखंड के साथ उनका मजबूत कनेक्शन बना हुआ है। पंत की लेटेस्ट पोस्ट्स से राज्य को अपना घर बनाने और उसके विकास में योगदान देने की उनकी इच्छा दिखाई देती है। 2025-26 में उत्तराखंड के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले व्यक्ति बने पंत की यह अपील ऐसे समय में आई है, जब कुछ ही दिन पहले वे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए उत्तराखंड में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले व्यक्ति बने थे। कहा जाता है कि उन्होंने इनकम टैक्स के तौर पर 23.84 करोड़ रुपए का पेमेंट किया था।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने फैंस को बड़ा तोहफा दिया है। भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज के दौरान फैंस को स्टेडियम में फ्री में एंट्री मिलेगी, यानी लोग बिना टिकट के मैच देख सकेंगे।
अरिहा पंगंबम ने एरोबिक जिम्नास्टिक्स में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, बनीं एशियाई चैंपियन
अरिहा पंगंबम को एरोबिक जिम्नास्टिक्स में एशियाई चैंपियन बना दिया। इस 22 वर्षीय जिम्नास्ट ने शुक्रवार को फिलीपींस के टगाएटे शहर में एशियाई चैंपियनशिप की सीनियर महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
गंभीर का लंका में रिकॉर्ड प्रचंड, टेस्ट में गरजे, पर यहां चूके
Gautam Gambhir Sri Lanka Record in Tests, ODIs and T20Is: भारतीय टीम का श्रीलंका दौरा शुरू हो चुका है. 15 अगस्त से पहला टेस्ट गॉल में होना है फिलहाल टीम इंडिया अभ्यास मैच खेल रही है. लेकिन इस खबर में हम यह जानेंगे कि गौतम गंभीर का श्रीलंका की धरती रिकॉर्ड कैसा रहा है. क्योंकि बतौर खिलाड़ी वो कई मौकों पर श्रीलंका जा चुके हैं
इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार किसी फॉर्मेट में 5 हजार मैच पूरे हो गए हैं। यह उपलब्धि हासिल हुई वनडे को। जिस स्कॉटलैंड में अभी कॉमनवेल्थ गेम्स हुए हैं वहीं 5000वां वनडे मैच भी खेला गया। शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच हुए इस मुकाबले को स्कॉटलैंड ने 9 रन से जीत लिया। वनडे फॉर्मेट 1971 में वजूद में आया। था। टेस्ट क्रिकेट शुरू होने के 94 साल बाद। टेस्ट अभी 3000 मैचों के आंकड़े तक भी नहीं पहुंचा है और वनडे ने 5 हजार मैचों का सफर पूरा कर लिया है। 1971 से अब तक 55 सालों में 29 देशों ने वनडे खेले। इसी फॉर्मेट से वर्ल्ड कप का कॉन्सेप्ट आया और इसी फॉर्मेट में भारत पहली बार चैंपियन भी बना। वनडे इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा मैच किसने खेला, सबसे ज्यादा जीत किस टीम को मिली, सबसे ज्यादा रन और शतक किसने बनाए, गेंदबाजी में सबसे आगे कौन है? इन सभी सवालों के जवाब आगे मिलेंगे… 1. 1877 में पहला इंटरनेशनल मैच खेला गया क्रिकेट का पहला फॉर्मेट टेस्ट है। 1877 में पहला टेस्ट मैच खेला गया था। अब तक 2629 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। वहीं टी-20 की शुरुआत 2004 में हुई थी। 2. भारत 575 मैच जीता भारत ने 1081 वनडे में 575 मुकाबले जीते। मैचों के मामले में ऑस्ट्रेलिया दूसरे, जबकि जीत के मामले में पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया को 1025 मैचों में 619 में जीत मिली। पाकिस्तान तीसरे स्थान पर है। उसने 1002 मैच खेले और 529 में जीत दर्ज की। 3. पाकिस्तान विदेश में भारत से ज्यादा मैच जीता ऑस्ट्रेलिया और भारत ने घर पर सबसे ज्यादा मैच जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया को 298, भारत को 235 मैचों में जीत मिली। हालांकि विदेशों में जीत के मामले भारत, पाकिस्तान से पीछे है। पाकिस्तान ने विदेश में 171, जबकि भारत ने 169 मैच जीते हैं। 4. ऑस्ट्रेलिया 6 बार वर्ल्ड कप जीता वनडे वर्ल्ड कप के 13 एडिशन खेले जा चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा 6 ट्रॉफी जीती हैं। भारत और वेस्टइंडीज के नाम 2-2 खिताब हैं। 5. सचिन ने 463 मैच खेले सचिन ने वनडे में सबसे ज्यादा 463 वनडे मैच खेले हैं। इस लिस्ट में श्रीलंका के चार, पाकिस्तान के 3, भारत के 2 और ऑस्ट्रेलिया के एक खिलाड़ी शामिल हैं। 6. टॉप-10 रन स्कोरर में चार भारतीय वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-10 खिलाड़ियों में चार भारतीय शामिल हैं। सचिन पहले, कोहली दूसरे, रोहित शर्मा तीसरे और सौरव गांगुली चौथे स्थान पर हैं। 7. कोहली, सचिन, रोहित के सबसे ज्यादा शतक कोहली ने वनडे में सबसे ज्यादा 54 शतक लगाए हैं। सचिन 49 शतक के साथ दूसरे, जबकि रोहित 34 शतक के साथ तीसरे स्थान पर हैं। रिकी पोटिंग 30 शतक के साथ चौथे नंबर पर हैं। 8. मुरलीधरन ने 534 विकेट लिए श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ने वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। उन्होंने 350 मैच में 534 विकेट लिए हैं। सबसे ज्यादा 5 विकेट हॉल का रिकॉर्ड पाकिस्तान के वकार युनूस के नाम है। उन्होंने 13 बार पारी में 5 या ज्यादा विकेट लिए हैं। 9. कप्तानी का रिकॉर्ड रिकी पोंटिंग के नाम सबसे ज्यादा वनडे मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के नाम है। उन्होंने बतौर कप्तान 230 वनडे मैच खेले और सबसे ज्यादा 165 मैच जीते है। 10. रोहित का हाईएस्ट स्कोर, धोनी स्टंपिंग में आगे वनडे का हाईएस्ट स्कोर रोहित के नाम हैं। उन्होंने 2014 में श्रीलंका के खिलाफ एक पारी में 264 रन बनाए थे। वे 3 दोहरा शतक लगाने वाले एकमात्र प्लेयर हैं। सबसे ज्यादा 369 छक्कों का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम हैं। सचिन ने सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच और सीरीज खिताब जीता। धोनी ने सबसे ज्यादा 123 स्टंपिंग की।
वनडे क्रिकेट का 5000वां मैच शुक्रवार को स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच खेला गया। इसे स्कॉटलैंड ने जीता। 5 जनवरी 1971 को बारिश से धुले एक टेस्ट मैच की भरपाई के लिए शुरू हुआ वनडे फॉर्मेट आज मैचों की संख्या के लिहाज से क्रिकेट का सबसे बड़ा फॉर्मेट बन चुका है। इन 55 सालों में क्रिकेट के सबसे ज्यादा प्रयोग भी इसी फॉर्मेट में हुए। तीसरे अंपायर से लेकर डे-नाइट क्रिकेट, सफेद गेंद, पावरप्ले, DRS, DLS और सुपर ओवर तक लगभग हर बड़ा बदलाव सबसे पहले वनडे में ही लागू हुआ। 5 चैप्टर वनडे क्रिकेट के बदलने की कहानी… रद्द टेस्ट मैच से हुई थी वनडे की शुरुआत पहला वनडे 5 जनवरी 1971 को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया था। इंग्लैंड दौरे का तीसरा टेस्ट लगातार चार दिन बारिश में धुल गया था। दर्शकों को खाली हाथ लौटने से बचाने के लिए आखिरी दिन 40-40 ओवर का एक सीमित ओवर मैच कराया गया। उस समय खिलाड़ियों ने सफेद कपड़े पहने थे और लाल गेंद से मैच खेला गया। तब किसी ने नहीं सोचा था कि यही क्रिकेट के सबसे लोकप्रिय फॉर्मेट्स में से एक की शुरुआत होगी। 25 साल तक वनडे का कोई तय फॉर्मेट ही नहीं था आज 50 ओवर का वनडे सामान्य बात है, लेकिन शुरुआत में ऐसा नहीं था। पहला वनडे 40-40 ओवर का था और उसमें 8 गेंद का ओवर होता था। इंग्लैंड 55 ओवर के मैच कराता था, जबकि 1975 और 1979 के पहले दो वर्ल्ड कप 60 ओवर के हुए। न्यूजीलैंड में 35 ओवर, वेस्टइंडीज में 45 ओवर और पाकिस्तान में अलग-अलग समय पर 35, 40 और 50 ओवर के मुकाबले खेले गए। शुरुआती दौर में हर देश अपनी सुविधा और दिन के उजाले के हिसाब से ओवर तय करता था। बाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में समानता लाने के लिए 50 ओवर का फॉर्मेट अपनाया गया। 1978 में वेस्टइंडीज पहला देश बना जिसने 50 ओवर के वनडे कराए। फिर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे अपनाया। 1987 का वर्ल्ड कप पहली बार 50 ओवर का हुआ, लेकिन तब भी इंग्लैंड 55 ओवर के वनडे खेलता रहा। आखिरकार 1996 वर्ल्ड कप के बाद पूरी दुनिया में 50 ओवर का फॉर्मेट लागू हो गया। केरी पैकर विवाद ने क्रिकेट की तस्वीर बदल दी 1977 में ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कारोबारी केरी पैकर ने वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट (WSC) शुरू की। उन्होंने दुनिया के बड़े खिलाड़ियों को कॉन्ट्रैक्ट पर लेकर अलग टूर्नामेंट कराया। इसमें सभी बड़े खिलाड़ियों ने पेस्टल रंगों की जर्सी पहनी। इस सीरीज के बाद क्रिकेट में तीन बदलाव आए। एक कप्तान ने 10 फील्डर बाउंड्री पर लगा दिए, फिर आया पावरप्ले वनडे में फील्डिंग नियम भी एक घटना के बाद बदले। 1979 में इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रियरली ने आखिरी गेंद पर विकेटकीपर समेत सभी 10 फील्डर बाउंड्री पर लगा दिए। बल्लेबाज के लिए चौका या छक्का लगाना लगभग असंभव हो गया। इसके बाद फील्डिंग रिस्ट्रिक्शन लाया गया। 1992 वर्ल्ड कप में इन्हें पहली बार माना गया। 2005 में पावरप्ले आया। 2008, 2011 और 2012 में इसके नियम बदले गए। 2015 से मौजूदा फील्डिंग नियम लागू हैं। बारिश के नियम सबसे ज्यादा बदले वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा प्रयोग बारिश से प्रभावित मैचों के नियमों में हुए। शुरुआत में हर देश अपने हिसाब से नियम बनाता था। कहीं रनरेट से नतीजा निकलता था तो कहीं पहले 45 ओवर के स्कोर से फैसला होता था। 1991 के शारजाह कप में खराब रोशनी के दौरान ऐसी स्थिति बन गई कि खिलाड़ियों, कप्तानों और अंपायरों तक को नहीं पता था कि मैच का नतीजा कैसे निकलेगा। इसके बाद ICC ने सभी देशों के लिए एक समान नियम बनाने की प्रक्रिया शुरू की। 1992 में नए नियम लागू किए गए, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुए। आखिरकार 1997 में पहली बार डकवर्थ-लुईस (DL) नियम लागू हुआ। 1999 में ICC ने इसे आधिकारिक रूप से अपनाया। बाद में स्टीवन स्टर्न के बदलावों के बाद यही DLS सिस्टम बन गया, जो आज भी इस्तेमाल होता है। सुपर सब आया, लेकिन एक साल भी नहीं चला आज IPL का इम्पैक्ट प्लेयर नियम चर्चा में रहता है, लेकिन इसका पहला रूप वनडे में 2005 में देखने को मिला था। तब 'सुपर सब' नियम लागू किया गया, जिसमें टीम पहले से एक अतिरिक्त खिलाड़ी को चुनती थी और मैच के दौरान उसे उतार सकती थी। इंग्लैंड के विक्रम सोलंकी पहले सुपर सब बने, लेकिन यह प्रयोग सफल नहीं रहा और एक साल के भीतर ही इसे खत्म करना पड़ा। टाई मैच का फैसला भी कई बार बदला शुरुआती दौर में टाई मैच का फैसला विकेटों की संख्या या लीग स्टेज के प्रदर्शन के आधार पर होता था। 2011 वर्ल्ड कप से नॉकआउट मुकाबलों में सुपर ओवर लागू किया गया। 2019 वर्ल्ड कप फाइनल में बाउंड्री काउंट नियम की दुनिया भर में आलोचना हुई। इसके बाद ICC ने नियम बदल दिया और 2023 से हर टाई वनडे का फैसला सुपर ओवर से होना अनिवार्य कर दिया। सफेद गेंद ने खत्म की रिवर्स स्विंग, फिर बदला नियम 2001 तक लाल गेंद पूरी तरह वनडे से बाहर हो गई। लेकिन सफेद गेंद जल्दी गंदी होने लगी, इसलिए ICC ने एक पारी में दो नई गेंदों का नियम लागू किया। इससे गेंद ज्यादा देर नई रही और रिवर्स स्विंग लगभग खत्म हो गई। इसके बाद गेंदबाजों की शिकायतों को देखते हुए 2025 में नियम बदला गया। अब 34 ओवर के बाद गेंदबाजी टीम दोनों में से किसी एक पुरानी गेंद से बाकी ओवर करा सकती है, जिससे रिवर्स स्विंग की संभावना बढ़ जाती है। 55 साल में बल्लेबाजी पूरी तरह बदल गई वनडे के शुरुआती 1000 मैचों में पहली पारी का औसत स्कोर 213.9 रन था। पिछले 1000 मैचों में यह बढ़कर 249.97 रन हो गया। पहले 3000 मैचों में केवल 360 बार टीमें 300 रन के पार पहुंची थीं, जबकि पिछले 1000 मैचों में ही 321 बार 300+ स्कोर बने। इनमें 86 बार स्कोर 350 रन से भी ज्यादा रहा। अब टीमें लक्ष्य का पीछा करते हुए भी 300 रन आसानी से बना रही हैं। बैटिंग औसत 26.39 से बढ़कर 29.03 हो गया है, जबकि स्ट्राइक रेट 66.15 से बढ़कर 83.4 पहुंच गया। पहले जहां हर 127 गेंद पर एक छक्का लगता था, अब हर 55.42 गेंद पर छक्का लग रहा है। गेंदबाज भी पहले से ज्यादा विकेट ले रहे हैं और पांच विकेट लेने की घटनाएं भी लगभग दोगुनी हो गई हैं। टी-20 ने वनडे को चुनौती दी, लेकिन खत्म नहीं कर पाया 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और उसके बाद दुनिया भर में शुरू हुई फ्रेंचाइजी लीगों के कारण द्विपक्षीय वनडे सीरीज कम हो गई हैं। इसके बावजूद वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट इस फॉर्मेट को पॉपुलर बनाए हुए हैं। ----------------------------------------------------------
आईओसी ने प्रकाशित की 'ऑनलाइन अब्यूज रिपोर्ट', एथलीटों की बेहतर सुरक्षा की मांग की
इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने शुक्रवार को पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स और मिलानो कॉर्टिना 2026 ओलंपिक विंटर गेम्स से ऑनलाइन अब्यूज और रिपोर्ट प्रकाशित की
स्कॉटलैंड ने जीता 5000वां वनडे:कनाडा को 9 रन से हराया; फेनली मैकार्थी ने शतक लगाया
स्कॉटलैंड ने वनडे क्रिकेट के 5000वें मैच में कनाडा को 9 रन से हरा दिया। डंडी (स्कॉटलैंड) में खेले गए ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 के इस ऐतिहासिक मुकाबले में फिनले मैकक्रीथ ने शतक लगाया और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। टॉस हारकर बैटिंग कर रही स्कॉटिश टीम ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 281 रन बनाए। जवाब में कनाडा 49.2 ओवर में 272 रन पर ऑलआउट हो गया। ब्रैंडन मैकमुलेन ने 3 और ओलिवर डेविडसन ने 2 विकेट लिए। स्कॉटलैंड की खराब शुरुआत, मुंसे जीरो पर आउट स्कॉटलैंड की शुरुआत खराब रही और जॉर्ज मुन्से खाता खोले बिना आउट हो गए। इसके बाद मैकक्रीथ और ब्रैंडन मैकमुलेन ने पारी संभाली। मैकक्रीथ ने 140 गेंदों पर 112 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। रिची बेरिंगटन ने 29 और माइकल जोंस ने 36 रन बनाए। अंत में सफयान शरीफ ने 8 गेंदों पर नाबाद 22 और ऑलिवर डेविडसन ने 4 गेंदों पर नाबाद 11 रन बनाकर स्कॉटलैंड का स्कोर 281 रन तक पहुंचाया। कनाडा के लिए जाहिद शिरजाद ने 3 और कलीम सना ने 2 विकेट लिए। युवराज समरा ने कनाडा को तेज शुरुआत दिलाई 282 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए युवराज समरा ने 65 गेंदों पर 78 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल थे। लेकिन उनके आउट होने के बाद कनाडा की पारी लड़खड़ा गई। हार्श ठाकर ने 52 गेंदों पर 23 रन बनाए, जबकि निकोलस किर्टन 16 और श्रीयस मुवा 22 रन बना सके। इसके बाद कप्तान साद बिन जफर ने नाबाद 40 और अंश पटेल ने 32 गेंदों पर 41 रन बनाकर कनाडा को जीत के करीब पहुंचाया। एहसान के ओवर में पलटा मैच कनाडा जीत की ओर बढ़ता दिख रहा था, लेकिन 49वें ओवर की पहली बॉल पर अंश पटेल 41 रन के स्कोर पर रनआउट हो गए। इसी ओवर में जैनुल्लाह एहसान ने कलीम सना (एक रन) को बोल्ड कर दिया। फिर 50वें ओवर में सफयान शरीफ ने जाहिद शिर्जाद को मुन्से के हाथों कैच कराकर कनाडा को ऑलआउट कर दिया। इससे पहले ब्रैंडन मैकमुलेन और ऑलिवर डेविडसन ने कनाडा के मध्यक्रम पर दबाव बनाया। ----------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… साउथ अफ्रीका-जिम्बाब्वे वर्ल्डकप की तैयारी में नामीबिया दौरे पर जाएंगे; तीनों देशों के बीच टी-20 ट्राई सीरीज 2027 क्रिकेट वर्ल्ड कप की तैयारियों के तहत साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया अगले महीने नामीबिया में व्हाइट-बॉल सीरीज खेलेंगे। पढ़ें पूरी खबर
खेलो इंडिया योजना पैरा स्पोर्ट के लिए गेम-चेंजर बन सकती है : तीरंदाज शीतल देवी
जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ के एक दूर-दराज गांव से तीरंदाजी में शीर्ष तक पहुंचने के अपने सफर के बारे में शीतल देवी ने कहा, पैरा-एथलीटों के लिए बड़ी चुनौती प्रतिभा नहीं, बल्कि अवसर का न मिलना है। एक पैरालंपिक चैंपियन के तौर पर मुझे जो प्यार और पहचान मिली है, उसके लिए वर्षों की मेहनत लगी है।
Liverpool का साथ छोड़ Mohamed Salah ने चुनी नई राह, Trabzonspor के साथ 2 साल का Contract साइन
मोहम्मद सलाह ने अपने शानदार फुटबॉल करियर की नई शुरुआत करते हुए तुर्की के क्लब ट्राबजोनस्पोर के साथ दो साल का अनुबंध कर लिया है। मिस्र के अनुभवी खिलाड़ी पिछले सत्र के अंत में लिवरपूल से अलग होने के बाद स्वतंत्र खिलाड़ी बन गए थे। अब उन्होंने नया क्लब चुनते हुए तुर्की लीग में खेलने का फैसला किया है। मौजूद जानकारी के अनुसार बुधवार को वह इस्तांबुल पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में मौजूद प्रशंसकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके आधिकारिक अनुबंध समारोह का आयोजन गुरुवार को किया जाना है। बता दें कि 34 वर्षीय मोहम्मद सलाह पिछले कई वर्षों से दुनिया के सबसे सफल और प्रभावशाली फुटबॉल खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। लिवरपूल के साथ बिताया गया उनका समय बेहद यादगार रहा। उन्होंने इंग्लैंड के इस क्लब के लिए कई बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया और टीम को कई अहम खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौरतलब है कि मोहम्मद सलाह ने लिवरपूल के लिए कुल 442 मुकाबले खेले और 257 गोल किए। इस दौरान उन्होंने क्लब को दो लीग खिताब, एक यूरोपीय चैंपियंस लीग सहित कुल आठ बड़े खिताब जिताने में अहम योगदान दिया। इसी प्रदर्शन की वजह से उन्हें लिवरपूल के इतिहास के महान खिलाड़ियों में शामिल किया जाता है। हालांकि पिछले सत्र में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पूरे सत्र में केवल 12 गोल किए। इसके साथ ही उस समय के मुख्य प्रशिक्षक आर्ने स्लॉट के साथ उनके मतभेद भी चर्चा का विषय बने रहे। मार्च महीने में सलाह ने साफ कर दिया था कि वह सत्र समाप्त होने के बाद क्लब छोड़ देंगे, जबकि उनके अनुबंध में अभी एक वर्ष बाकी था। इसके बाद से उनके अगले क्लब को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। मौजूद जानकारी के अनुसार ट्राबजोनस्पोर ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए अनुभवी खिलाड़ी को अपने साथ जोड़ लिया है। क्लब को उम्मीद है कि सलाह का अनुभव और गोल करने की क्षमता टीम को आने वाले सत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी। बता दें कि ट्राबजोनस्पोर तुर्की का सात बार का लीग चैंपियन क्लब है। पिछले सत्र में टीम तीसरे स्थान पर रही थी और अब वह खिताब की दौड़ में खुद को और मजबूत करना चाहती है। ऐसे में मोहम्मद सलाह जैसे बड़े खिलाड़ी का जुड़ना क्लब के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि सलाह का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने लंबे समय तक यूरोप के शीर्ष स्तर पर खेलते हुए लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अब तुर्की लीग में उनसे गोल करने के साथ-साथ टीम का नेतृत्व करने की भी उम्मीद की जा रही है। फिलहाल सभी की नजर उनके आधिकारिक पदार्पण पर रहेगी। प्रशंसकों को उम्मीद है कि मोहम्मद सलाह अपने नए क्लब के साथ भी वही शानदार खेल दिखाएंगे, जिसके दम पर उन्होंने विश्व फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई हैं।
Injury से जूझ रहे Neymar का बड़ा ऐलान: December तक Santos में रहेंगे, फिर Retirement पर फैसला
नेमार के फुटबॉल करियर को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ब्राजील के अनुभवी खिलाड़ी ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनकी यात्रा लगभग खत्म हो चुकी है और क्लब स्तर पर भी वह अपने भविष्य को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं करना चाहते हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार नेमार ने कहा कि उनका सैंटोस के साथ दिसंबर तक अनुबंध है और वह उसे पूरी ईमानदारी से पूरा करेंगे। इसके बाद ही तय करेंगे कि खेलना जारी रखना है, किसी दूसरे क्लब में जाना है या फिर संन्यास लेना है। बता दें कि 2026 विश्व कप में ब्राजील का सफर अंतिम-16 चरण में नॉर्वे से हार के साथ खत्म हो गया था। इस हार के बाद नेमार ने पहली बार कहा था कि शायद अब वह राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेलना चाहते। हाल ही में उन्होंने फिर दोहराया कि उन्होंने पीली जर्सी के लिए अपना सब कुछ दिया और अब आगे बढ़ने का समय आ सकता है। नेमार ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय में लगातार चोटों से उबरना उनके लिए आसान नहीं था। हालांकि अब वह पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं और मैदान पर अपनी फिटनेस में लगातार सुधार देख रहे हैं। उनका कहना है कि करियर के इस दौर में भी वह हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि सऊदी अरब का क्लब छोड़ने के बाद जनवरी 2025 में नेमार अपने पुराने क्लब सैंटोस लौटे थे। शुरुआत में उनके लौटने को लेकर जबरदस्त उत्साह था, लेकिन मैदान पर उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लगातार चोटों और फिटनेस समस्याओं के कारण वह कई मुकाबलों से बाहर रहे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उन्होंने ब्राजील लीग में 29 मैचों में 14 गोल किए और चार गोल कराने में मदद की है, लेकिन टीम की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इसी दौरान नेमार कई विवादों की वजह से भी सुर्खियों में रहे। प्रशिक्षण के दौरान युवा खिलाड़ी रोबिन्हो जूनियर के साथ उनका विवाद सामने आया था, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। इसके अलावा हाल ही में रेमो के खिलाफ जीत के बाद विरोधी समर्थकों को उकसाने वाले उनके व्यवहार की भी काफी आलोचना हुई थी। क्लब अध्यक्ष अंतोनियो कार्लोस टेक्सेरा ने भी इस पर नाराजगी जताई थी। मौजूद जानकारी के अनुसार विश्व कप के दौरान भी नेमार का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में वह दूसरे हाफ में मैदान पर आए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके। इसके बाद उनके चयन और प्रदर्शन को लेकर काफी सवाल उठे। कई विशेषज्ञों का मानना था कि टीम को युवा खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए था। बता दें कि नेमार ने अपने करियर में बार्सिलोना, पेरिस सेंट जर्मेन और ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के साथ कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। वह लंबे समय तक दुनिया के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिने जाते रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में लगातार चोटों और फिटनेस समस्याओं ने उनके खेल पर असर डाला है। फिलहाल नेमार ने साफ किया है कि उनका पूरा ध्यान दिसंबर तक सैंटोस के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है। इसके बाद ही वह अपने करियर के अगले कदम पर फैसला करेंगे। ऐसे में फुटबॉल जगत की नजर अब इस बात पर रहेगी कि क्या नेमार खेलना जारी रखते हैं या फिर अपने शानदार करियर को विराम देने का फैसला करते हैं।
Hansi Flick के प्लान को बड़ा झटका! Security Reasons से Barcelona ने टाला 15 August का अभ्यास मुकाबला
नई फुटबॉल सीजन की तैयारियों के बीच स्पेन के दिग्गज क्लब बार्सिलोना ने एक बड़ा फैसला लिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, क्लब ने मोरक्को के तांजियर शहर में 15 अगस्त को खेले जाने वाले प्रस्तावित अभ्यास मुकाबले को रद्द कर दिया है। यह मुकाबला स्थानीय क्लब इत्तिहाद तांजियर के खिलाफ खेला जाना था, लेकिन हाल के घटनाक्रम को देखते हुए क्लब ने यात्रा नहीं करने का फैसला किया है। बता दें कि बार्सिलोना के निदेशक मंडल की पिछली बैठक में इस अभ्यास मुकाबले को मंजूरी दी गई थी। क्लब की योजना थी कि स्पेन लीग की शुरुआत से पहले खिलाड़ियों को एक और प्रतिस्पर्धी मुकाबला खेलने का मौका मिले। हालांकि बाद में हालात बदलने के बाद क्लब ने पूरी स्थिति की समीक्षा की और अंत में इस मुकाबले को रद्द करना ही बेहतर समझा। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह फैसला हाल ही में सियूटा में हुई घटनाओं के बाद लिया गया है। पिछले सप्ताह बड़ी संख्या में मोरक्को के नागरिक स्पेन के स्वायत्त शहर सियूटा में अवैध रूप से प्रवेश कर गए थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर कई तरह की चिंताएं सामने आईं। बार्सिलोना प्रबंधन का मानना है कि ऐसे माहौल में टीम को मोरक्को भेजना उचित नहीं होगा। गौरतलब है कि इस फैसले से बार्सिलोना को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि इस मुकाबले के लिए क्लब को लगभग 45 लाख यूरो की उपस्थिति राशि मिलने वाली थी। इसके बावजूद क्लब ने साफ किया है कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों की सुरक्षा किसी भी आर्थिक लाभ से अधिक महत्वपूर्ण है। अब क्लब के मुख्य प्रशिक्षक हांसी फ्लिक और प्रबंधन मिलकर यह तय करेंगे कि स्पेन लीग के पहले मुकाबले से पहले किसी अन्य स्थान पर एक और अभ्यास मैच कराया जा सकता है या नहीं। कोचिंग स्टाफ चाहता है कि टीम को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले कम से कम एक और मजबूत मुकाबला खेलने का अवसर मिले ताकि खिलाड़ी पूरी लय में आ सकें। बता दें कि अब तक बार्सिलोना इस तैयारी सत्र में दो अभ्यास मुकाबले खेल चुका है। टीम ने पहले अपने घरेलू मैदान पर सीई यूरोपा का सामना किया और उसके बाद इंग्लैंड दौरे के दौरान बर्मिंघम सिटी के खिलाफ मैच खेला। इसके अलावा प्रेस्टन नॉर्थ एंड के साथ बंद दरवाजों के पीछे एक अभ्यास मुकाबला तय था, लेकिन विरोधी टीम के पास पर्याप्त मुख्य खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होने के कारण वह मुकाबला भी रद्द कर दिया गया। मौजूद जानकारी के अनुसार, बार्सिलोना का पहले केन्या की राजधानी नैरोबी में भी एक अभ्यास मुकाबला खेलने का विचार था, लेकिन वह योजना भी आगे नहीं बढ़ सकी। फिलहाल टीम का कार्यक्रम नॉटिंघम फॉरेस्ट और उडीनीज़े के खिलाफ मुकाबलों के बाद अल अहली के साथ जोआन गाम्पर ट्रॉफी खेलने का है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्लब नया अभ्यास मुकाबला तय करता है या मौजूदा कार्यक्रम के साथ ही नए सत्र की शुरुआत करता है।
स्पेन के दिग्गज फुटबॉल क्लब रियल मैड्रिड ने ब्राजील के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर के साथ नए कॉन्ट्रैक्ट करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अब विनीसियस जूनियर 30 जून 2032 तक रियल मैड्रिड का हिस्सा बने रहेंगे। इस नए समझौते के साथ क्लब ने साफ कर दिया है कि वह आने वाले वर्षों में भी अपनी टीम की सबसे मजबूत कड़ी के रूप में विनीसियस पर भरोसा बनाए रखना चाहता है। बता दें कि पिछले कई महीनों से विनीसियस जूनियर के भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। अलग-अलग क्लबों की रुचि और नए अनुबंध को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। हालांकि अब रियल मैड्रिड ने आधिकारिक घोषणा करके सभी चर्चाओं को खत्म कर दिया है। विनीसियस जूनियर जुलाई 2018 में महज 18 साल की उम्र में ब्राजील के क्लब फ्लामेंगो से रियल मैड्रिड से जुड़े थे। शुरुआती दिनों में उन्हें खुद को साबित करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता से दुनिया के सबसे खतरनाक आक्रमणकारी खिलाड़ियों में अपनी जगह बना ली है। गौरतलब है कि आठ सत्रों में विनीसियस जूनियर रियल मैड्रिड के लिए 375 मुकाबले खेल चुके हैं और 128 गोल कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने क्लब को कुल 14 बड़े खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई है। इनमें दो यूरोपीय चैंपियनशिप, तीन क्लब विश्व कप, दो यूरोपीय सुपर कप, तीन स्पेन लीग खिताब, एक स्पेन कप और तीन स्पेन सुपर कप शामिल हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, विनीसियस जूनियर ने रियल मैड्रिड की दोनों हालिया यूरोपीय चैंपियनशिप जीत में भी यादगार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 2022 में पेरिस और 2024 में लंदन में खेले गए फाइनल मुकाबलों में महत्वपूर्ण गोल कर टीम को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो विनीसियस जूनियर को वर्ष 2024 में विश्व के सर्वश्रेष्ठ पुरुष फुटबॉल खिलाड़ी का सम्मान मिला था। इसके अलावा उन्हें अंतरमहाद्वीपीय कप 2024 का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, 2023-24 यूरोपीय चैंपियनशिप का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, 2022 क्लब विश्व कप का स्वर्ण गेंद पुरस्कार और 2021-22 यूरोपीय चैंपियनशिप का सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी भी चुना गया था। उन्हें दो बार विश्व की सर्वश्रेष्ठ ग्यारह में भी जगह मिल चुकी है। रियल मैड्रिड का यह फैसला केवल एक कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे क्लब की लंबी अवधि की योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में भी टीम की आक्रमण पंक्ति की जिम्मेदारी काफी हद तक विनीसियस जूनियर के कंधों पर रहने की उम्मीद की जा रही है।
FIFA Crisis: इंफैन्टिनो की माफी के बाद भी UEFA की World Cup Boycott की धमकी बरकरार
फुटबॉल की दुनिया में इस समय फीफा के भीतर बड़ा विवाद चल रहा है। फीफा अध्यक्ष जियानी इंफैन्टिनो ने विश्व कप से जुड़े कमर्शियल अधिकारों में हिस्सेदारी बेचने की योजना वापस लेने के बाद माफी तो मांग ली है, लेकिन इसके बावजूद यूरोप का फुटबॉल संगठन यूईएफए अपने रुख पर कायम है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यूईएफए का कहना है कि उसकी सभी शर्तें पूरी होने तक विश्व कप समेत फीफा की प्रतियोगितियों के बहिष्कार का विकल्प खुला रहेगा। बता दें कि मोरक्को के रबात शहर में फीफा के वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक के बाद फीफा ने स्वीकार किया कि प्रस्ताव तैयार करने और उसे आगे बढ़ाने में कुछ गलतियां हुईं। संगठन ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए, इसके लिए समीक्षा की जाएगी। साथ ही फीफा के शीर्ष अधिकारियों ने जियानी इंफैन्टिनो के नेतृत्व पर अपना पूरा भरोसा भी दोहराया है। हालांकि यूईएफए इस जवाब से संतुष्ट नहीं है। संगठन का कहना है कि सिर्फ योजना वापस लेना काफी नहीं है। उसका मानना है कि फीफा को यह भी भरोसा देना होगा कि भविष्य में विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं के कमर्शियल अधिकारों को निजी निवेशकों के हाथों में देने की कोशिश दोबारा नहीं होगी। यूईएफए ने यह भी दोहराया कि उसे अब जियानी इंफैन्टिनो के नेतृत्व पर पहले जैसा विश्वास नहीं रहा है। गौरतलब है कि विवाद की शुरुआत उस प्रस्ताव से हुई थी, जिसमें विश्व कप के कमर्शियल अधिकारों से जुड़ी नई इकाई में हिस्सेदारी बेचकर बड़ी रकम जुटाने की योजना बनाई गई थी। इस प्रस्ताव का दुनिया के कई प्रमुख फुटबॉल संगठनों ने विरोध किया। बढ़ते दबाव के बाद फीफा को आखिरकार यह योजना वापस लेनी पड़ी। इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के संगठन फिफप्रो ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने फीफा अध्यक्ष पर अपने पद के अधिकारों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है। वहीं इंग्लैंड फुटबॉल संघ ने भी इंफैन्टिनो के अगले कार्यकाल के समर्थन से हाथ खींच लिया है। मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इस विवाद को खेल प्रशासन में बड़े सुधार की जरूरत का संकेत बताया है। दूसरी ओर अफ्रीका फुटबॉल महासंघ ने जियानी इंफैन्टिनो का खुलकर समर्थन किया है। महासंघ के अध्यक्ष पत्रिस मोत्सेपे ने कहा कि उनकी कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से फीफा अध्यक्ष के समर्थन की पुष्टि की है और अफ्रीकी फुटबॉल के लिए उनके योगदान की सराहना की है। मौजूद जानकारी के अनुसार, उत्तरी अमेरिका के फुटबॉल संगठन और एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने भी पहले इस निजी निवेश योजना पर आपत्ति जताई थी। वहीं फीफा के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विवाद बढ़ने के बाद इस प्रस्ताव से दूरी बना ली थी। अब पूरी नजर इस बात पर है कि फीफा और यूईएफए के बीच आगे क्या बातचीत होती है। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो विश्व फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल फीफा संगठन में नेतृत्व और पारदर्शिता को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है।
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज में दर्शकों को फ्री इंट्री मिलेगी। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने नोटिफिकेशन जारी कर इसका ऐलान किया है। भारत इस सीरीज में दो टेस्ट मैच खेलेगा। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में, जबकि दूसरा मैच कोलंबो में 23 अगस्त से खेला जाएगा। गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में दर्शकों को गेट नंबर-4 से फ्री इंट्री मिलेगी। कोलंबो के SSC मैदान में गेट नंबर 3, 4, 5 और 7 से बिना टिकट एंट्री दी जाएगी। बोर्ड ने दर्शकों से अपील की है कि बड़ी संख्या में मैच देखने आएं। भारत WTC पॉइंट्स टेबल में पाचंवे नंबर पर भारत फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर है। श्रीलंका छठे नंबर पर है। WTC के लिहाज से दोनों टीमों के लिए यह सीरीज जीतना जरुरुी है। 2017 में भारत ने क्लीन स्वीप किया था भारत ने 2017 में श्रीलंका के पिछले टेस्ट दौरे पर 3-0 से सीरीज जीती थी। टीम ने गॉल में 304 रन, कोलंबो में पारी और 53 रन जीत दर्ज की थी। फिर पल्लेकेले में श्रीलंका को पारी और 171 रन से हराया। श्रीलंका पिछला सीरीज हार कर आ रहा है। टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से हार मिली थी। --------------------------- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… गॉल टेस्ट के लिए भारत की स्पिन पर खास तैयारी:गंभीर ने टूटी-फूटी पिच बनवाई, बल्लेबाजों को स्कूली स्पिनरों से प्रैक्टिस कराई श्रीलंका के स्पिनिंग ट्रैक पर जीत की तैयारी में भारतीय टीम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले हेड कोच गौतम गंभीर ने कोलंबो में गॉल जैसी टूटी-फूटी पिच बनवाकर बल्लेबाजों को अभ्यास कराया। पूरी खबर पढ़ें…
बांग्लादेश के सबसे बड़े क्रिकेटर शाकिब अल हसन एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार सुरक्षा की गारंटी दे तो वह बांग्लादेश लौटकर अदालत का सामना करने और 2027 वर्ल्ड कप खेलने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ सरकार के कई मंत्री और क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी मानते हैं कि उनकी वापसी फिलहाल संभव नहीं है। आखिर शाकिब क्यों देश से बाहर हैं, उन पर कौन-कौन से केस हैं, क्या वे 2027 वर्ल्ड कप खेल पाएंगे और उनकी वापसी में सबसे बड़ी रुकावट क्या है; 5 सवालों में पूरी कहानी… सवाल-1: शाकिब बांग्लादेश से बाहर क्यों हैं? जवाब: शाकिब अल हसन सिर्फ क्रिकेटर नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से सांसद भी रहे हैं। अगस्त 2024 में सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ हत्या और भ्रष्टाचार समेत कई मामले दर्ज हुए। इसके बाद से वह अमेरिका में रह रहे हैं और बांग्लादेश नहीं लौटे। सवाल-2: क्या शाकिब पर लगे आरोप गंभीर हैं? जवाब: शाकिब के खिलाफ दर्ज सबसे चर्चित मामला हत्या का है। हालांकि उनका कहना है कि जिस दिन हत्या हुई, उस समय वह कनाडा के टोरंटो में क्रिकेट मैच खेल रहे थे। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे तो वह देश लौटकर अदालत में पेश होंगे और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करेंगे। सवाल-3: उनकी वापसी में सबसे बड़ी बाधा क्या है? जवाब: सबसे बड़ी बाधा क्रिकेट नहीं, बल्कि राजनीति है। हाल ही में शाकिब ने शेख हसीना की ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया और कहा कि कप्तान जो कहेंगी, हम वही करेंगे। उन्होंने अवामी लीग से दूरी बनाने से भी इनकार किया। इसके कुछ समय बाद उनके घर पर हमला भी हुआ। इससे साफ है कि उनकी राजनीतिक पहचान अभी भी विवाद का केंद्र बनी हुई है। सवाल-4: क्या शाकिब 2027 वर्ल्ड कप खेल पाएंगे? जवाब: 39 साल के शाकिब की इच्छा है कि वह पहले बांग्लादेश में विदाई मैच खेलें और फिर 2027 वनडे वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व करें। लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्हें कानूनी राहत मिलती है या नहीं और सरकार उनकी वापसी की अनुमति देती है या नहीं। फिलहाल वह खुद भी मानते हैं कि उम्र उनके पक्ष में नहीं है और उनके पास ज्यादा समय नहीं बचा है। सवाल-5: सरकार और क्रिकेट बोर्ड का रुख क्या है? जवाब: बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा है कि उन्हें शाकिब की वापसी की संभावना नहीं दिखती। क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों का भी मानना है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में उनकी वापसी आसान नहीं होगी। यानी शाकिब की वापसी का फैसला क्रिकेट प्रदर्शन से ज्यादा राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी। ----------------------------शाकिब से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में क्रिकेटर शाकिब अल-हसन के घर पर हमला बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटर और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा शहर में बने घर पर हमला हुआ है। यह घटना पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब के शामिल होने के कुछ घंटों बाद हुई। पढ़ें पूरी खबर
ऑस्ट्रेलियन अवॉर्ड्स में दिखा ट्रैविस हेड का जलवा, लगातार दूसरी बार जीता एलन बॉर्डर मेडल
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के धाकड़ ओपनिंग बल्लेबाज ट्रैविस हेड का इस बार ऑस्ट्रेलियन अवॉर्ड में भी जलवा देखने को मिला जिसमें वह एलेक्स कैरी और मिचेल स्टार्क को पछाड़ते हुए लगातार दूसरी बार एलन बॉर्डर मेडल जीतने में कामयाब रहे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अवॉर्ड्स: हेड, स्टार्क, मार्श और टिम डेविड छाए
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित क्रिकेटरों के सम्मान समारोह में सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने एलन बॉर्डर मेडल जीता है। यह लगातार दूसरा साल है, जब हेड ने यह सम्मान हासिल किया है।
भारत बनाम श्रीलंका इलेवन पहले दिन का खेल खत्म हो गया है। श्रीलंका ने 8 विकेट पर 363 रन बना दिए हैं। इस बीच मोहम्मद सिराज को एक भी विकेट नहीं मिला, हालांकि वे नए हेयर स्टाइल की वजह से चर्चा में जरूर रहे।
Korea Masters Badminton: Ashmita Chaliha ने Top Seed को हराया, Rakshita से होगा अब रोमांचक मुकाबला
भारत की अश्मिता चालिहा और रक्षिता रामराज ने शुक्रवार को यहां 250,000 अमेरिकी डॉलर इनामी कोरिया मास्टर्स सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई जहां वे आमने-सामने होंगी। विश्व में 50वें नंबर की खिलाड़ी अश्मिता ने टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए क्वार्टर फाइनल के रोमांचक मुकाबले में जापान की विश्व में 22वें नंबर की खिलाड़ी और यहां शीर्ष वरीयता प्राप्त हिना अकेची को 20-22, 21-15, 21-19 से पराजित किया। इस जीत के साथ ही भारतीय खिलाड़ी ने पिछले साल मलेशिया सुपर 100 में हिना से मिली हार का बदला भी चुकता कर दिया। रक्षिता ने एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए तीसरी वरीयता प्राप्त और हमवतन तन्वी शर्मा को 18-21, 21-19, 21-18 से हराकर उलटफेर किया। यह मुकाबला एक घंटे से अधिक समय तक चला। तन्वी के खिलाफ यह उनकी चौथी जीत है। तन्वी ने पिछले सप्ताह ताइपे ओपन में अपना पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब जीता था।हालांकि कृष्णा प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी मलेशिया के मान वेई चोंग और सोह वूई यिक से 7-21, 8-21 से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। हिना ने अच्छी शुरुआत करते हुए 7-5 की बढ़त बना ली, जिसके बाद अश्मिता ने स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। लेकिन भारतीय खिलाड़ी की कुछ गलतियों से जापानी खिलाड़ी ने इंटरवल तक 11-9 की बढ़त हासिल कर ली। अश्मिता ने हालांकि कड़ी चुनौती पेश की। उन्होंने 12-12 और फिर 15-15 पर स्कोर बराबर कर लिया। इसके बाद उन्होंने 17-15 और 18-16 से बढ़त बना ली। हिना ने हालांकि अच्छी वापसी की और क्रॉस-कोर्ट विनर लगाकर पहला गेम जीत लिया।दूसरे गेम में अश्मिता ने जोरदार वापसी की। स्कोर 7-7 से बराबर होने के बाद उन्होंने लगातार छह अंक जीतकर 13-7 की बढ़त बना ली। हालांकि हिना ने अंतर को कम करके 14-16 कर दिया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और अगले छह में से पांच अंक जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।निर्णायक गेम भी कुछ इसी तरह चला, जिसमें अश्मिता ने 9-3 की बढ़त बना ली और इंटरवल तक 11-9 की बढ़त बरकरार रखी। उन्होंने इसे 18-11 तक पहुंचाया, लेकिन हिना ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार छह अंक जीतकर अंतर को 17-18 तक कम कर दिया। अश्मिता ने अंतिम क्षणों में अपना संयम बनाए रखा और यादगार जीत हासिल की।रक्षिता और तन्वी के बीच भी मुकाबला काफी रोमांचक रहा। पहले गेम में रक्षिता ने 13-8 की बढ़त बना ली, लेकिन तन्वी ने शानदार वापसी करते हुए अगले नौ में से आठ अंक हासिल किए और स्कोर को 8-13 से 16-14 तक ले जाने के बाद गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे और तीसरे गेम में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों ने एक दूसरे से आगे निकलने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन तीसरे और निर्णायक गेम के आखिर में तन्वी की तीन गलतियां उन्हें भारी पड़ गई। रक्षिता ने इसका फायदा उठाकर तीसरा गेम और मैच अपने नाम कर दिया।
2027 क्रिकेट वर्ल्ड कप की तैयारियों के तहत साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया अगले महीने नामीबिया में व्हाइट-बॉल सीरीज खेलेंगे। तीनों टीमों के बीच पहले टी-20 ट्राई सीरीज होगी, इसके बाद मेजबान नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। सभी मुकाबले विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड पर होंगे। टी-20 ट्राई सीरीज की शुरुआत 28 अगस्त से होगी। फाइनल 6 सितंबर को खेला जाएगा। इसके बाद 9 से 13 सितंबर तक साउथ अफ्रीका और नामीबिया के बीच तीन वनडे मैच होंगे। सीरीज का मुनाफा अफ्रीका क्रिकेट एसोसिएशन को जाएगा क्रिकेट नामीबिया के अनुसार यह ट्राई सीरीज 2027 में शुरू होने वाले अफ्रीका वर्ल्ड कप की नींव रखने का भी प्रयास है। इस टूर्नामेंट का उद्देश्य अफ्रीकी देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक मुकाबले उपलब्ध कराना है। सीरीज से होने वाला पूरा मुनाफा अफ्रीका क्रिकेट एसोसिएशन को दिया जाएगा, ताकि महाद्वीप में क्रिकेट के विकास पर खर्च किया जा सके। क्रिकेट नामीबिया के CEO जोहान मुलर ने कहा कि साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे का इस सीरीज के लिए सहमत होना अफ्रीकी क्रिकेट को मजबूत करने की साझा सोच को दर्शाता है। वर्ल्ड कप के सह-मेजबान हैं तीनों देश साउथ अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे 2027 वनडे वर्ल्ड कप की संयुक्त मेजबानी करेंगे। क्रिकेट साउथ अफ्रीका के CEO फोलेट्सी मोसेकी ने कहा कि यह दौरा न केवल पड़ोसी देशों के साथ क्रिकेट संबंध मजबूत करेगा, बल्कि अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप के लिए भी माहौल तैयार करेगा। वर्ल्ड कप 4 अक्टूबर से 11 नवंबर तक खेला जाएगा 2027 वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन 4 अक्टूबर से 11 नवंबर तक साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। टूर्नामेंट के मुकाबले 12 अलग-अलग स्टेडियम में खेले जाएंगे। -------------------------……………………………. स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… गॉल टेस्ट के लिए भारत की स्पिन पर खास तैयारी:गंभीर ने टूटी-फूटी पिच बनवाई, स्कूली स्पिनरों से कराया बल्लेबाजों का अभ्यास श्रीलंका के स्पिनिंग ट्रैक पर जीत की तैयारी में भारतीय टीम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले हेड कोच गौतम गंभीर ने कोलंबो में गॉल जैसी टूटी-फूटी पिच बनवाकर बल्लेबाजों को अभ्यास कराया। गंभीर का कहना है कि पहले टेस्ट की शुरुआत तक टीम हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार होगी। पूरी खबर
नामीबिया की मेजबानी में साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे खेलेगी टी20 ट्राई सीरीज, शेड्यूल का हुआ ऐलान
नामीबिया की मेजबानी में साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे की टीम 28 अगस्त से टी20 ट्राई सीरीज खेलेगी, जिसके आधिकारिक शेड्यूल का ऐलान कर दिया गया है, जिसमें सभी दस मैच विंडहोक के नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जाएंगे।
साउथ अफ्रीका की टी-20 लीग SA20 के 5वें सीजन से पहले सभी 6 फ्रेंचाइजियों ने ऑक्शन से पहले अपने रिटेन और प्री-साइन किए गए खिलाड़ियों के नामों की घोषणा कर दी है। 7 अक्टूबर को होने वाले ऑक्शन से पहले अब लीग की टीमों में केवल 19 स्लॉट्स ही खाली बचे हैं। टूर्नामेंट का आगाज 17 जनवरी से होगा, जबकि फाइनल मुकाबला 21 फरवरी को खेला जाएगा। 3 बार की चैंपियन सनराइजर्स ईस्टर्न केप में मिचेल मार्श का डेब्यू ऑस्ट्रेलिया की टी-20 टीम के कप्तान मिचेल मार्श SA20 में अपना डेब्यू 3 बार की चैंपियन सनराइजर्स ईस्टर्न केप के साथ करने जा रहे हैं। द हंड्रेड में सनराइजर्स के स्वामित्व वाली लीड्स टीम का हिस्सा रहे मार्श अब सेंट जॉर्ज पार्क के फैंस के बीच नजर आएंगे। सनराइजर्स की बैटिंग लाइन-अप में उनके साथ क्विंटन डी कॉक, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, जॉर्डन हरमन और कप्तान ट्रिस्टन स्टब्स शामिल हैं। सैम करन और जो रूट की हुई नई और पुरानी टीमों में वापसी शुरुआती दो सीजन में एमआई केप टाउन का हिस्सा रहे इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन अब डरबन्स सुपर जायंट्स (DSG) के लिए खेलेंगे। यहां वे अपने इंग्लैंड के साथी खिलाड़ी जोस बटलर के साथ मैदान साझा करेंगे। वहीं, इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट एक बार फिर पार्ल रॉयल्स (बोलैंड पार्क) में लौट आए हैं, जहां वे लुआन-ड्रे प्रिटोरियस के साथ ओपनिंग करते दिखे थे। प्रिटोरिया कैपिटल्स के टॉप ऑर्डर में साल्ट और शॉर्ट शामिल पिछले सीजन की उपविजेता प्रिटोरिया कैपिटल्स ने अपने टॉप ऑर्डर को मजबूती देने के लिए इंग्लैंड के फिल साल्ट और ऑस्ट्रेलिया के मैट शॉर्ट को अपनी टीम में जोड़ा है। दोनों खिलाड़ी वर्तमान में द हंड्रेड में वेल्श फायर के लिए एक साथ ओपनिंग कर रहे हैं। कैपिटल्स के पास पहले से ही डेवाल्ड ब्रेविस, शेर्फेन रदरफोर्ड, आंद्रे रसेल और कॉनर एस्टरहुइज़न जैसे पावर-हिटर्स मौजूद हैं। 2 टीमों के 19 खिलाड़ियों के स्क्वॉड पूरे डरबन्स सुपर जायंट्स और पार्ल रॉयल्स ने ऑक्शन से पहले ही अपने 19 खिलाड़ियों के पूरे स्क्वॉड लॉक कर लिए हैं। बाकी बची 4 टीमों में 19 स्लॉट्स खाली हैं। जोबर्ग सुपर किंग्स को 7, MI केप टाउन को 6 और प्रिटोरिया कैपिटल्स को 5 खिलाड़ी खरीदने होंगे। सभी 6 फ्रेंचाइजियों ने अपने विदेशी खिलाड़ियों के प्री-साइनिंग स्लॉट्स भर लिए हैं, जबकि सुपर किंग्स के पास अभी वाइल्डकार्ड पिक का विकल्प बाकी है। 17 जनवरी को ओपनिंग मैच, 21 फरवरी को फाइनल SA20 का 5वां सीजन 17 जनवरी (रविवार) से शुरू होगा। पहला मुकाबला सेंट जॉर्ज पार्क में सनराइजर्स ईस्टर्न केप और प्रिटोरिया कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा, जो पिछले सीजन के फाइनल का रिपीट होगा। टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला (फाइनल) रविवार, 21 फरवरी को न्यूलैंड्स में आयोजित किया जाएगा। डरबन्स सुपर जायंट्स (फुल 19 स्क्वॉड) जोस बटलर, डेवोन कॉनवे, सैम करन, लियम लिविंगस्टोन, सुनील नरेन, केन विलियमसन, मार्केस एकरमैन, डेविड बेडिंगहम, ईथन बॉश, गेराल्ड कोएत्ज़ी, टोनी डी ज़ोर्ज़ी, डारिन डुपाविलॉन, साइमन हार्मर, इवान जोन्स, एडेन मार्करम, काइल सिमंड्स, क्वेना मफाका, एंडिले सिमलेन, हेनरिक क्लासेन। जोबर्ग सुपर किंग्स (मौजूदा स्क्वॉड) ल्यूस डु प्लॉय, जेसन होल्डर, अकील होसेन, जेम्स विंस, मैथ्यू डी विलीयर्स, डोनावॉन फरेरा, डियान फॉरेस्टर, दुआन जानसेन, राइली रूसो, जानको स्मिट, प्रिनेलन सुब्रायन, जेरेन बाचर। MI केप टाउन का स्क्वॉड राशिद खान, निकोलस पूरन, विल जैक्स, कगिसो रबाडा, रयान रिकेल्टन, रीजा हेंड्रिक्स, कॉर्बिन बॉश, जॉर्ज लिंडे, डेन पीड्ट, थॉमस केबर, जेसन स्मिथ, तियान वान वुरेन, ट्रिस्टन लूस। पार्ल रॉयल्स की टीम जो रूट, डेविड मिलर, सिकंदर रजा, अजमतुल्लाह उमरजई, मुजीब उर रहमान, गुडाकेश मोती, डेनियल लॉरेंस, थॉमस रियू, काइल वेरेन, ओटनील बार्टमैन, ब्योर्न फोर्टुइन, डेलानो पॉटगीटर, हार्डस विलजोएन, रुबिन हरमन, आसा ट्राइब, कीगन लायन-कैशे, जैकब जोहानेस बैसन, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, न्कोबानी मोकोएना। प्रिटोरिया कैपिटल्स का स्क्वॉड फिल सॉल्ट, मैथ्यू शॉर्ट, आंद्रे रसेल, शेरफेन रदरफोर्ड, डेवाल्ड ब्रेविस, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, कॉनर एस्टरहुइजन, विहान लुब्बे, ब्राइस पार्सन्स, गिडियन पीटर्स, लिजाड विलियम्स, कोडी यूसुफ, बायांडा मजोला। सनराइजर्स ईस्टर्न केप का स्क्वॉड मिचेल मार्श, क्विंटन डिकॉक, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यानसन, एनरिक नॉर्टजे, मैथ्यू ब्रीट्जके, जॉर्डन हरमन, पैट्रिक क्रूगर, एडम मिल्ने, रिशाद हुसैन, लुथो सिपामला, सेनुरन मुथुसामी, लुईस ग्रेगरी, जेम्स कोल्स और मिचेल वान ब्यूरेन सीजे किंग, जेपी किंग।
Neeraj Chopra बने UBS Athletics Kids Cup के सह-मालिक, 10 लाख बच्चों को जोड़ने का लक्ष्य
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप के सह-मालिक बन गए हैं। चोपड़ा पिछले दो सत्र से बच्चों से जुड़े इस कार्यक्रम के ब्रांड एंबेसडर के रूप में भी काम कर चुके हैं। यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप जमीनी स्तर की उन पहल में से एक है, जिसका उद्देश्य बच्चों को मनोरंजक, समावेशी और सुलभ प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेलों से परिचित कराना है। इसने पांच शहरों के 2,500 से अधिक स्कूलों में 250,000 से अधिक बच्चों को इस पहल से जोड़ा है। चोपड़ा ने विज्ञप्ति में कहा, ’’पिछले दो सत्र में मैंने देखा है कि यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप ने विभिन्न स्कूलों के बच्चों पर कितना प्रभाव डाला है। प्रत्येक बच्चे को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Ashfaq ने World Athletics U20 में 400m राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा, सेमीफाइनल में प्रवेश हमारा लक्ष्य दस लाख बच्चों तक पहुंचना और युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना है।
Ariha Pangambam ने स्वर्ण पदक जीता: एरोबिक जिम्नास्टिक्स एशियाई चैंपियनशिप में रचा इतिहास
अरिहा पंगंबम एरोबिक जिम्नास्टिक्स एशियाई चैंपियनशिप की सीनियर महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। भारतीय जिम्नास्ट ने फाइनल में 19.100 के स्कोर के साथ पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया और इस प्रतियोगिता में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता। अरिहा ने ‘आर्टिस्ट्री’ के लिए 8.650, ‘एक्ज़ीक्यूशन’ के लिए 7.600 और ‘डिफ़िकल्टी’ के लिए 2.850 अंक हासिल करके खिताब अपने नाम किया। भारतीय जिम्नास्टिक महासंघ के अध्यक्ष सुधीर मित्तल ने कहा, ‘‘हमारे लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। उन्हें और उनके कोच को बधाई।
Sahil Jadhav ने Shane Watson की किताब पढ़कर सीखा दबाव संभालना, एशियाई खेलों पर ध्यान
जब तीरंदाज साहिल जाधव ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉटसन की पुस्तक ‘द विनर्स माइंडसेट’ पढ़नी शुरू की तो उनका उद्देश्य मोबाइल पर बिताए जा रहे समय को कम करना था लेकिन इससे उन्होंने दबाव की परिस्थितियों से निपटने के लिए भी उपयोगी जानकारी हासिल की। यह पुस्तक ‘‘हर खेल और जीवन में आपका सर्वश्रेष्ठ रूप सामने लाने’’ का वादा करती है और जाधव का कहना है कि उन्हें इससे सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए दबाव से पार पाने की उपयोगी जानकारी मिली है। जाधव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने लगभग एक महीने पहले शेन वॉटसन की किताब ‘द विनर्स माइंडसेट’ पढ़ना शुरू की थी। इसे भी पढ़ें: Glasgow CWG में भारतीय मुक्केबाजों का Golden धमाका, अब Asian Games में होगी असली परीक्षा मेरा शुरुआती इरादा फोन पर बिताए जाने वाले समय को कम करना था। लेकिन मुझे इस किताब से बड़ी प्रतियोगिताओं में दबाव से निपटने और एकाग्रता बनाए रखने का भी बहुमूल्य ज्ञान मिला।’’ मानसिक दृढ़ता और धैर्य ऐसे गुण हैं जिनकी जाधव को अपने पूरे करियर में जरूरत पड़ी है। इस 25 वर्षीय खिलाड़ी का अभी तक करियर उतार चढ़ाव वाला रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘‘मैंने तीरंदाजी काफी देर से 19 साल की उम्र में शुरू की। लेकिन मेरे परिवार ने मेरा भरपूर समर्थन किया। राष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला पदक जीतने में मुझे सात साल लग गए। इसे भी पढ़ें: Mirabai Chanu: एशियाई खेलों में पदक जीतना मेरा अगला लक्ष्य, मीराबाई चानू ने कही यह बात यह धैर्य और दृढ़ संकल्प की परीक्षा थी क्योंकि हर साल मैं बेहद कम अंतर से पदक जीतने से चूक जाता था।
वैभव सूर्यवंशी का दिखेगा अब नया अवतार, राजस्थान रॉयल्स के साथ बहा रहे हैं पसीना
वैभव सूर्यवंशी अब रेड बॉल क्रिकेट में नजर आएंगे। 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी का आयोजन होगा। इसमें वे ईस्ट जोन के उपकप्तान बनाए गए हैं। इसकी तैयारी वैभव ने शुरू कर दी है।
अजिंक्य रहाणे ने विदेशी टी20 लीग में लिया खेलने का फैसला, ETPL में एम्स्टर्डम फ्लेम्स का बने हिस्सा
अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई को इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया था, जिसके बाद अब उन्होंने यूरोपियन टी20 लीग जो 26 अगस्त से शुरू होगी उसमें एम्स्टर्डम फ्लेम्स की तरफ से खेलने का फैसला लिया है।

