Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास
एशियाई खेलों में सिंगल्स स्क्वैश में भारत का गोल्ड मेडल का इंतजार अभी जारी रहेगा। मेंस और विमेंस दोनों के फाइनल मुकाबलों में अभय सिंह और अनाहत सिंह को हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही दोनों लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। स्क्वैश लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में डेब्यू करेगा। अभय सिंह को मलेशियाई खिलाड़ी ने हराया दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी अभय सिंह गोल्ड मेडल के मुकाबले में दुनिया के 17वें नंबर के मलेशियाई खिलाड़ी एनग ईन यो से सीधे गेम में हार गए। ईन यो ने 11-9, 11-5, 11-5 से जीत दर्ज कर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा। इस नतीजे के बाद अभय को सिल्वर मेडल मिला, लेकिन वह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। पुरुष और महिला सिंगल्स के एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल विजेताओं को लॉस एंजिल्स ओलंपिक का क्वालिफिकेशन स्पॉट मिला। इसे भी पढ़ें: Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी सेमीफाइनल में पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी थी मात 28 वर्षीय अभय ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वह सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। 2024 में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले अभय अप्रैल 2026 में पीएसए रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ 22वें स्थान पर पहुंचे थे और वर्तमान में 26वें स्थान पर हैं। अनाहत सिंह को भी सिल्वर से करना पड़ा संतोष वहीं, विमेंस स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में अनाहत सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। 18 साल की अनाहत को मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 11-4, 11-4, 11-7 से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की अनाहत का सामना दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी शिवसंगरी से था। वर्ल्ड जूनियर टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे के खिलाफ की गई वापसी जैसा प्रदर्शन फाइनल में नहीं कर पाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार अटैक करके उन पर दबाव बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत फिर भी अनाहत ने रचा इतिहास हार के बावजूद अनाहत के लिए यह एक यादगार टूर्नामेंट रहा। उन्होंने महान जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल से आगे निकलकर एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इसके साथ ही उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
एशियन गेम्स: स्क्वैश में 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।
Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एशियाई खेलों का व्यस्त कार्यक्रम अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को उरबने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शनिवार दोपहर अपना दूसरे दौर का मुकाबला खेला था। उनका तीसरे दौर का मैच रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब एक बजे खत्म हुआ। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबला रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ। चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’सिंधू ने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’एक अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा भी कार्यक्रम से खुश नहीं थीं क्योंकि कई खिलाड़ियों को एक दिन में एक से अधिक मैच खेलने पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘मैं क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगी, लेकिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता था।’’सिंधू के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कुछ लाइन कॉल बेहद करीबी थे लेकिन वह उन्हें चुनौती नहीं दे सकीं क्योंकि हॉक-आई की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों के लिए चुनौती देने का प्रावधान नहीं था। इचिनोमिया जिम्नेजियम हॉल में हॉक-आई केवल कोर्ट एक और दो पर लगाया गया है जबकि सिंधू ने कोर्ट चार पर खेला। सिंधू ने कहा, ‘‘यहां कैमरे नहीं थे। यह वास्तव में निराशाजनक था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर गिरे थे। मुझे लगता है कि एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले होते हैं।’’सिंधू ने अगले एशियाई खेलों में खेलने के सवाल पर अपना विकल्प खुला रखा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे अंदर क्षमता रही तो निश्चित रूप से। मुझे बस चोटों से बचना है। अभी सवाल यह है कि आगे क्या है? यह बहुत महत्वपूर्ण है। कदम-दर-कदम आगे बढ़ना जरूरी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित रूप से एक-एक साल के हिसाब से। यह महत्वपूर्ण है कि मैं आगे जो है, उस पर ध्यान दूं। क्योंकि अब आप 20 साल के नहीं हैं। आपको अपने शरीर और हर चीज का ख्याल रखना होता है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’सिंधू ने कहा, ‘‘हमें टूर्नामेंट चुनने होंगे। क्या करना है, क्या खेलना है और क्या नहीं खेलना है, यह तय करना होगा। क्योंकि अपने शरीर का ख्याल रखना भी महत्वपूर्ण है।
Asian Games: भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा सेमीफाइनल में पहुंचे, दो पदक किए पक्के
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने रविवार को यहां जारी एशियाई खेलों में अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश के लिए दो पदक पक्के किए। पिछले महीने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। इसके बाद परवीन ने उज्बेकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को इसी अंतर से हराकर महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले चरण में परवीन का कांस्य पदक उनसे छीन लिया गया था क्योंकि डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हरियाणा की मुक्केबाज का यह पहला मुकाबला था क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। लेकिन परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश ने सलीमोव को पूरी तरह पछाड़ते हुए दबदबे वाला प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे अंकुश इस तरह अंतिम चार में पहुंच गए और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
स्क्वाश में भारत को मिले दो सिल्वर मेडल, अनाहत और अभय सिंह ने एशियन गेम्स में किया कमाल
जूनियर वर्ल्ड चैंपियन भारत की अनाहत सिंह और अभय सिंह को स्क्वाश के एकल फाइनल में रविवार को हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स 2026 में 18 साल की भारतीय महिला स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह भले ही गोल्ड मेडल जीतने से चूक गई लेकिन एशियाई खेलों के इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और उन्नति क्वार्टर फाइनल में हारीं, भारत की चुनौती खत्म
पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। हार के बाद सिंधू ने कहा ,‘‘ मुझे दूसरे गेम में ही जीत जाना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं कर सकी। यह आसान गेम नहीं था और आसानी से अंक नहीं मिल रहे थे।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ यह दुखद है लेकिन इससे उबरना होगा। सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छा रहता लेकिन यह सब होता रहता है। मजबूती से वापसी करना अहम है।’’ उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’ सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टॉस जीतकर भारत ने चुनी बॉलिंग
तिरुवनंतपुरम, भारत और वेस्टइंडीज के बीच ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है।
Asian Games Archery: भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं
भारत ने एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में मजबूत शुरूआत की और पुरूष तथा महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीमें रविवार को सेमीफाइनल में पहुंच गई जबकि रिकर्व और मिश्रित टीमों ने भी जीत दर्ज की। पुरूष टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम ने यूएई को अंतिम 16 में 235 . 215 से हराया और क्वार्टर फाइनल में भूटान को 235 . 232 से मात दी। महिला टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप ने मंगोलिया को अंतिम 16 में 238 . 223 से हराने के बाद क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान को 233 . 230 से मात दी। दोनों टीमें 30 सितंबर को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से खेलेंगी। पुरूष रिकर्व में धीरज बोम्मदेवरा और संजय भोगे ने फिलीपींस को 5 . 1 से हराया और एक और जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला रिकर्व टीम की कीर्ति और कुमकुम ने मंगोलिया और चीनी ताइपै को 6 . 0 से मात देकर अंतिम चार में प्रवेश किया। बाद में धीरज और कुमकुम की रिकर्व मिश्रित टीम ने यूएई और वियतनाम को 6 . 0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। साहिल जाधव और चितिका की कंपाउंड मिश्रित टीम ने मंगोलिया को 160 . 146 और कजाखस्तान को 159 . 154 से हराया। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे।
'उस हार ने मुझे अंदर से तोड़ दिया...', कोहली का छलका दर्द, याद किया वर्ल्ड कप सेमीफाइनल
विराट कोहली ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के दर्द को याद किया है. कोहली ने बताया कि इस हार को स्वीकार करना उनके लिए बेहद मुश्किल था और वह मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुए थे.
अभय का गोल्ड जीतने का सपना टूटा, मलेशियाई खिलाड़ी ने हराया
एशियन गेम्स 2026 के स्क्वैश फाइनल में अभय सिंह को एनजी ईन यो के हाथों 0-3 से हार मिली. अभय ने सिल्वर जीता और सौरव घोषाल के बाद एशियन गेम्स में सिंगल्स मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय स्क्वैश प्लेयर बने.
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ करेगी जिसमें उसका सामना अफगानिस्तान की टीम से होगा।
IND vs WI 1st ODI Live Updates: भारतीय टीम ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच में तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। आइची-नागोया में मुकाबले से एक दिन पहले रविवार को भारतीय टीम ने प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। कप्तान श्रेयस अय्यर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी समेत टीम के खिलाड़ी ट्रेनिंग करते नजर आए। अर्शदीप, ईशान और वैभव ने किया अभ्यास रविवार के ट्रेनिंग सेशन में लेफ्ट आर्म पेसर अर्शदीप सिंह, ऑलराउंडर शिवम दुबे, विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अभ्यास किया। टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले की तैयारी की। महिला टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला क्रिकेट टीम पहले ही गोल्ड मेडल जीत चुकी है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। अब मेंस टीम की नजर भी गोल्ड पर होगी। भारत मेंस और वुमेन्स क्रिकेट में गोल्ड जीतता है तो एशियन गेम्स के एक संस्करण में क्रिकेट के दोनों गोल्ड उसके नाम होंगे। हांगझू में भी भारत ने जीता था गोल्ड हांगझू एशियन गेम्स में भारतीय मेंस टीम ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में गोल्ड मेडल जीता था। अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था। भारत बेहतर सीडिंग के आधार पर चैंपियन बना था। उस टीम के कई खिलाड़ी बाद में भारत की टी-20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा बने। श्रेयस अय्यर के हाथों में कमान इस बार भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। वे IPL में कोलकाता नाइटराइडर्स को चैंपियन बना चुके हैं। उनकी कप्तानी में मुंबई ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी जीती। वे दिल्ली कैपिटल्स और 2025 में पंजाब किंग्स को IPL फाइनल तक पहुंचा चुके हैं। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मेंस स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, विपराज निगम, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी। -------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड में गोल्ड की दौड़ में भारत:उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराया; आखिरी राउंड में हंगरी से मुकाबला उज्बेकिस्तान में चल रहे 46वें चेस ओलिंपियाड के 10वें राउंड में भारतीय मेंस टीम ने उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराया। इस जीत के साथ भारत पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। अब टूर्नामेंट में एक राउंड बाकी है। पूरी खबर
पीएम मोदी से 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रशंसा पाने वाले राजिंदर सिंह सीनियर कौन हैं?
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने 'मन की बात' कार्यक्रम की 138वीं कड़ी में पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी राजिंदर सिंह सीनियर की चर्चा की और युवा प्रतिभाओं को पहचान कर उनकी क्षमता को निखारने में उनके निरंतर योगदान की प्रशंसा की।
Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत
एशियाई खेलों में दो बार सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय शूटर एलावेनिल वलारिवन का गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। उनकी कामयाबी पर परिवार ने खुशी जताई और उनकी मेहनत के साथ सरकार और खेल संस्थाओं के सहयोग का भी जिक्र किया। #WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Double Asian Games silver medallist Elavenil Valarivan receives a warm welcome upon her arrival at the Sardar Vallabhbhai Patel International Airport. pic.twitter.com/FU21UVO4tS — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास पिता बोले- सबसे पहली प्राथमिकता भारत है एलावेनिल वलारिवन की कामयाबी पर उनके पिता डॉ. आर. वलारिवन ने कहा, “सबसे पहली प्राथमिकता भारत है। भारत बहुत खुश है। उसने एशियाई खेलों के पहले ही दिन भारत के लिए मेडल का खाता खोला।” उन्होंने कहा कि अब भारत के लिए और भी कई मेडल आ रहे हैं। डॉ. वलारिवन ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री का सपना सच हो रहा है। अब इसके नतीजे मिल रहे हैं।” उन्होंने बताया कि बच्चों और खिलाड़ियों को बचपन से ही चुना जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण के साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पढ़ाई में भी मदद मिल रही है। वलारिवन ने कहा, “अगले ओलंपिक और कॉमनवेल्थ में हमारे मेडलों की संख्या बहुत ज्यादा होगी।” इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म मां ने बेटी की मेहनत को दिया कामयाबी का श्रेय एलावेनिल की मां डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “यह उसकी कड़ी मेहनत है, हमारे देश के लिए यह अच्छी खबर है।” उन्होंने कहा कि सरकार उनकी बेटी का साथ दे रही है। डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “पीएम मोदी उसका साथ दे रहे हैं। एकेडमी ने उसका साथ दिया है और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात ने भी।” एलावेनिल वलारिवन की एशियाई खेलों में कामयाबी के बाद उनके अहमदाबाद लौटने पर एयरपोर्ट पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
एशियन गेम्स: श्रीशंकर, डेविड पट्टुराज ने लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई किया
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के मुरली श्रीशंकर और डेविड पट्टुराज ने रविवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में अपने-अपने ग्रुप से पुरुषों के लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games क्रिकेट: Shreyas Iyer की कप्तानी में Team India का सामना आज Afghanistan से
श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरूष क्रिकेट टीम का सामना एशियाई खेलों के पहले मैच में सोमवार को अफगानिस्तान से होगा और जापान के हालात में जल्दी ढलने की चुनौती टीमों के सामने रहेगी। कोरोगी स्पोटर्स पार्क पर ही महिला वर्ग की स्पर्धा हुई थी जिसमें भारत ने स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं के मुकाबलों में बड़े स्कोर बने लेकिन अभी तक पुरूष टीम के मैचों में बड़े स्कोर नहीं देखे गए हैं। जापान के खिलाफ मंगलवार को सानो में हुए मुकाबले में टर्निंग पिच पर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती मिली थी। भारतीय क्रिकेटर तोक्यो से नागोया बुलेट ट्रेन से पहुंचे हैं और सफर का पूरा मजा लिया। क्रिकेट नहीं खेलने वाले देश में पहली बार खेलना अधिकांश क्रिकेटरों के लिये नया अनुभव होगा। अय्यर ने नागोया के सफर के दौरान बीसीसीआई की वेबसाइट पर कहा ,‘‘ यह खूबसूरत है।’’भारत यहां पूरी मजबूत टीम लेकर आया है जिसमें अय्यर के अलावा जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल हैं। इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की गहराई को देखते हुए इस फैसले पर सवाल भी उठे थे क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि फोकस 2027 वनडे विश्व कप पर होना चाहिये। भारतीय टीम के लिये स्वर्ण से इतर कोई भी पदक निराशाजनक होगा। हाल ही में दिल्ली में भारत के हाथों श्रृंखला में बुरी तरह पराजित हुई अफगानिस्तान टीम दारविश रसूली की कप्तानी में नये खिलाड़ियों को लेकर आई है। टीम में छह खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार खेलेंगे। भारत अभियान की शुरूआत क्वार्टर फाइनल से करेगा जबकि अफगानिस्तान नेपाल के खिलाफ एक मैच खेल चुका है जिसमें उसे पराजय मिली। पहले मैच में उसने जापान को हराया था। अन्य खिलाड़ियों की तरह क्रिकेटरों को होटल की दिक्कत नहीं हुई क्योंकि बीसीसीआई ने सारा बंदोबस्त खुद किया है। खिलाड़ी नागोया में पांच सितारा होटल में रूके हैं। सभी की नजरें 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी पर लगी है लेकिन अभिषेक और संजू सैमसन के फॉर्म को देखते हुए उन्हें मौका मिलने की उम्मीद कम ही है। भारत को स्वर्ण जीतने के लिये सिर्फ तीन जीत की जरूरत है। टीमें :भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वैभव सूर्यवंशी , विपराज निगम, यश ठाकुरअफगानिस्तान : दारविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक, इमरान मीर, नजीबुल्लाह जदरान, इस्मत आलम, करीम जनत, नांगेयालिया खरोटी, अब्दुल्लाह अहमदजइ, खालिद तानीवाल, मोहम्मद अकरम, फरीदून दाउदजइ, फरमानुल्लाह सफी, हसन इसाखिल, फैसल शिनोजादा, अरब गुल मोमांद। मैच का समय : सुबह 10 बजे से।
Asian Games: Ankush Panghal ने मुक्केबाजी में पक्का किया भारत का पहला पदक
भारत के अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का करते हुए पुरूषों के 80 किलो क्वार्टर फाइनल में रविवार को ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव को 5 . 0 से हराया। ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अंकुश ने सालिमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
स्विट्जरलैंड ने अपने पहले लीग बी कैंपेन की शानदार शुरुआत की। रेमो फ्रॉयलर और जकी अमदौनी ने हाफ-टाइम से पहले गोल करके उन्हें नॉर्थ मैसेडोनिया पर 3-0 से जीत दिलाई।
एशियन गेम्स में बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल में भारत को तीन झटके लगे। तनीषा क्रैस्टो-ध्रुव कपिला और ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ियां हारकर बाहर हुईं। इसके बाद उन्नति हूडा को अकाने यामागुची ने तीन गेम में हराया।
भारत ने एशियन गेम्स की तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष, महिला कंपाउंड और मिक्स्ड रिकर्व-कंपाउंड टीमों समेत चारों टीमों के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
वेस्टइंडीज की टीम भारत के दौरे पर है, जिसमें वह शे होप की कप्तानी में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी, जिसमें इसका आगाज होने से पहले विंडीज कप्तान का बड़ा बयान सामने आया है।
उज्बेकिस्तान में चल रहे 46वें चेस ओलिंपियाड के 10वें और आखिरी से एक राउंड में भारतीय मेंस टीम ने उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराकर पॉइंट्स टेबल में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। भारत के 17 पॉइंट्स हैं, जबकि उज्बेकिस्तान 18 पॉइंट्स के साथ टॉप पर है। आखिरी राउंड में भारत का सामना हंगरी से होगा, जबकि उज्बेकिस्तान की टीम यूक्रेन से खेलेगी। भारत के लिए वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश, आर. प्रज्ञानानंद और निहाल सरीन ने जीत दर्ज की। अर्जुन एरिगैसी का मुकाबला ड्रॉ रहा। प्रज्ञानानंद, निहाल और गुकेश ने जीत दिलाई आर. प्रज्ञानानंद ने जाखोंगीर वाहिदोव को हराया। दोनों के बीच मुकाबला मेजर पीसेज एंडगेम तक पहुंचा। प्रज्ञानानंद ने यहां बेहतर खेल दिखाया और वाहिदोव को मात दी। अर्जुन एरिगैसी और अब्दिमालिक अब्दिसालिमोव का मुकाबला ड्रॉ रहा।अर्जुन के पास स्थिति को अपने पक्ष में करने के मौके थे, लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सके। निहाल सरीन ने मुहम्मदजोखिद सुयारोव को हराया। निहाल ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। उन्होंने सुयारोव की गलती का फायदा उठाया और मुकाबला अपने नाम किया। डी गुकेश ने ओर्तिक निगमातोव को हराया। गुकेश ने सफेद मोहरों से खेलते हुए शुरुआत से अपनी स्थिति मजबूत रखी। उन्होंने 47 चालों में जीत दर्ज की। इस जीत के साथ गुकेश का व्यक्तिगत स्कोर 10 मैचों में 8.5 अंक हो गया। पॉइंट्स टेबल: उज्बेकिस्तान से एक पॉइंट पीछे भारत 10वें राउंड के बाद उज्बेकिस्तान 18 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। भारत 17 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर है। यूक्रेन, जर्मनी और हंगरी के 16-16 पॉइंट्स हैं। भारत जीता और उज्बेकिस्तान हारा तो गोल्ड आखिरी राउंड में भारत को हंगरी और उज्बेकिस्तान को यूक्रेन से खेलना है। भारत अगर हंगरी को हराता है और उज्बेकिस्तान यूक्रेन से हार जाता है, तो भारत 19 पॉइंट्स के साथ टॉप पर पहुंचकर गोल्ड मेडल जीतेगा। अगर भारत जीतता है और उज्बेकिस्तान का मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो दोनों टीमें 19-19 पॉइंट्स पर होंगी। ऐसे में मेडल का फैसला टाई-ब्रेक से होगा। महिला टीम का चीन से 2-2 ड्रॉ समरकंद में ही खेले जा रहे महिला सेक्शन के 10वें राउंड में भारत और चीन का मुकाबला 2-2 से ड्रॉ रहा। दोनों टीमों के बीच मुकाबला उतार-चढ़ाव भरा रहा। भारत की वंतिका अग्रवाल और चीन की लू मियाओयी के बीच मुकाबला लंबे समय तक बराबरी का रहा। एंडगेम में वंतिका को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद बाकी मुकाबलों के रिजल्ट से दोनों टीमों का स्कोर 2-2 रहा। इस ड्रॉ के बाद चीन 18 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। कजाकिस्तान 17 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर है। भारत, पोलैंड और वियतनाम के 16-16 पॉइंट्स हैं। कजाकिस्तान ने फ्रांस को हराया कजाकिस्तान ने फ्रांस को 2.5-1.5 से हराकर महिला वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा ने जीत दर्ज की, जबकि 16 साल की एलनाज कालियाखमेत ने भी फ्रांस के खिलाफ अहम जीत हासिल की। इस जीत के बाद कजाकिस्तान के 17 पॉइंट्स हो गए और टीम चीन के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गई। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबरें कोहली बोले- 2027 में आखिरी वर्ल्ड कप खेलूंगा:ट्रॉफी के लिए सबकुछ दांव पर लगा दूंगा; वनडे में सबसे ज्यादा 54 शतक लगाने वाले बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि 2027 का वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि वे ट्रॉफी जीतने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। पूरी खबर
Asian Games में त्रिसा-गायत्री और ध्रुव-तनीषा की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में हारी
त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी एशियाई खेलों के महिला युगल क्वार्टर फाइनल में रविवार को दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। महिला एकल क्वार्टर फाइनल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू का सामना चीन की चेन यू फेइ से और उन्नति हुड्डा की टक्कर जापान की अकाने यामागुची से होगी। त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। वेम्बली स्टेडियम में यूईएफए नेशंस लीग के मुकाबले में विश्व चैंपियन स्पेन ने इंग्लैंड पर धमाकेदार जीत दर्ज की। स्पेन ने इंग्लैंड को 3-2 से हराया।
Asian Games 2026 Live: मनु भाकर एक्शन में; बैडमिंटन में तनीषा-ध्रुव ने विश्व नंबर-1 जोड़ी को चौंकाया
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।एशियन गेम्स 2026 में 27 सितंबर को भारत के लिए कई अहम मुकाबले होंगे।
Asian Games 2026 में भारत का आज का शेड्यूल, 27 सितंबर; कितने मेडल दांव पर
India Asian Games 2026 schedule today: एशियन गेम्स में भारत अभी तक 4 गोल्ड समेत 30 मेडल जीत चुका है। आज इन मेडल्स की संख्या को बढ़ाने का भारतीय एथलीट्स के पास शानदार मौका है। एक नजर शेड्यूल पर
38 के कोहली ने खोला धांसू फॉर्म का राज, बताया बैटिंग में क्या बदला?
विराट कोहली ने अपने शानदार वनडे फॉर्म का राज बताया है. उन्होंने कहा कि अब वह लोगों की उम्मीदों की चिंता किए बिना ज्यादा आजादी से खेलना चाहते हैं. कोहली का लक्ष्य टीम के लिए 30-40 रन अतिरिक्त बनाना है. उनका मानना है कि अंत तक टिके रहने पर भारत 350-360 रन तक आसानी से पहुंच सकता है.
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में दोपहर 2 बजे से मैच शुरू होगा। भारत ने इस साल 3 वनडे सीरीज खेलीं। न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ हार मिली, जबकि टीम ने अफगानिस्तान को हराया। विराट कोहली सबसे तेज 15 हजार वनडे रन से 59 रन दूर हैं। उन्होंने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं। सचिन तेंदुलकर ने 2007 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 377 पारियों में 15 हजार रन बनाए थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली के नाम 43 मैच में 2261 रन और 9 शतक हैं। एक और सेंचुरी लगाते ही वे दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। श्रीलंका के खिलाफ वे पहले ही ऐसा कर चुके हैं। भारत से 20 साल से सीरीज नहीं जीत पाया वेस्टइंडीज वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ आखिरी द्विपक्षीय वनडे सीरीज 2006 में जीती थी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच हुई 13 सीरीज भारत ने अपने नाम की हैं। भारत में वेस्टइंडीज की आखिरी सीरीज जीत 2002 में आई थी। दोनों के बीच अब तक 142 वनडे खेले गए हैं। भारत ने 72 और वेस्टइंडीज ने 64 मैच जीते हैं, जबकि 6 मुकाबले टाई या बेनतीजा रहे। वेस्टइंडीज के खिलाफ ही 2018 में 10 हजार रन पूरे किए थे कोहली ने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ विशाखापट्टनम में 129 गेंद पर नाबाद 157 रन बनाए। इसी पारी के दौरान वे 10 हजार वनडे रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने थे।उन्होंने यह उपलब्धि 205 पारियों में हासिल की थी और सचिन तेंदुलकर का 259 पारियों का रिकॉर्ड तोड़ा था। रोहित बतौर ओपनर 200वीं पारी खेलेंगे रोहित भारत के लिए बतौर ओपनर अपनी 200वीं पारी खेलने उतरेंगे। उन्होंने अब तक 199 पारियों में 9865 रन बनाए हैं। इस दौरान 18 बार नाबाद रहे। उनका बेस्ट स्कोर 264 है। औसत 54.50 और स्ट्राइक रेट 96.39 है। ओपनर के रूप में उनके नाम 32 शतक और 49 अर्धशतक हैं। भारत के लिए नंबर-4 और गेंदबाजी कॉम्बिनेशन अहम वेस्टइंडीज के शाई होप बेस्ट बैटर ग्रीनफील्ड में तेज गेंदबाजों को मदद ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में अब तक 2 वनडे खेले गए हैं। यहां सीम गेंदबाजों का औसत 25.35 है। 2018 में इसी मैदान पर वेस्टइंडीज की टीम 104 रन पर ऑलआउट हुई थी। रवींद्र जडेजा ने 4 विकेट लिए थे। बारिश की संभावना नहीं मौसम गर्म और उमस भरा है। शुक्रवार को भारत की प्रैक्टिस से करीब एक घंटे पहले तेज बारिश हुई थी, लेकिन फिलहाल मैच पर बारिश का खतरा नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI भारत- रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड, केएल राहुल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज। वेस्टइंडीज- जॉन कैंपबेल, जस्टिन ग्रीव्स/ज्वेल एंड्रयू, कीसी कार्टी, शाई होप (कप्तान-विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रॉस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती, जेयडन सील्स/शमर जोसेफ, अल्जारी जोसेफ, वाइटल लॉज।
तोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में सेमीफाइनल में भारत से 28-66 से हारने के बाद थाईलैंड ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस नतीजे के साथ थाईलैंड का अभियान ऐतिहासिक पोडियम फिनिश के साथ खत्म हुआ और पुरुष कबड्डी में 36 साल बाद एशियन गेम्स में उनका पहला मेडल आया।
तोकाई (जापान), 26 सितंबर (आईएएनएस)। थाईलैंड की पुरुष कबड्डी टीम के कोच रवींद्र शेट्टी ने कहा कि एशियन गेम्स में देश का ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल वहां इस खेल की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है। 1990 में इस खेल की शुरुआत के बाद से महाद्वीपीय प्रतियोगिता में थाईलैंड का यह पहला पुरुष कबड्डी मेडल है।
'आज मेरा सपना सच हो गया, हनुमान जी हमारे साथ हैं,' कबड्डी में गोल्ड जीतने पर कप्तान सुनील कुमार खुश
आइची, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को आइची में ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत दर्ज करते हुए एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल जीता। खिताबी जीत के बाद कप्तान सुनील कुमार ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का उनका सपना सच हो गया है।
झज्जर, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता। हरियाणा स्थित झज्जर के बुपनिया गांव के स्टार रेडर अयान लोहचब भारत की गोल्ड जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा थे। भारत के स्वर्णिम प्रदर्शन पर अयान के घर और पूरे गांव में जश्न का माहौल है। यहां लोग 30 सितंबर को उनके भव्य स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं।
IND vs WI: केएल राहुल 10000 रन की दहलीज पर, पहले वनडे में छू सकते हैं बड़ा मुकाम
पहले वनडे मैच में केएल राहुल के पास एक उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। राहुल अगर इस मैच में 35 रन बना लेते हैं, तो वे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 10000 रन पूरे कर लेंगे।
एशियन गेम्स: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने लहराया परचम, पवन सहरावत बोले- ‘खाली पेट गोल्ड जीता है’
आइची, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। ओपनिंग सेरेमनी में झंडा उठाने वाले कबड्डी टीम के दिग्गज खिलाड़ी पवन सहरावत ने बताया कि खिलाड़ियों का पूरा ध्यान फाइनल पर था और गोल्ड जीतने के बाद ही उन्होंने ठीक से खाना खाया। पवन ने बताया कि भारतीय खिलाड़ियों ने खाली 'पेट गोल्ड' जीता है।
'आपको मेरी शुभकामनाएं,' एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट्स ने लहराया तिरंगा, राष्ट्रपति मुर्मु ने सराहा
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 'एशियन गेम्स 2026' में शनिवार को देश के लिए मेडल जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम समेत, शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर और रनर प्राची चौधरी को बधाई दी है।
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में 44 साल बाद जीता रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर ऐतिहासिक रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा में भारत का 44 साल बाद पहला पदक है, वहीं अनुभवी गोला फेंक एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर भी दूसरे स्थान पर रहे जिससे देश के ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा। वहीं प्राची चौधरी ने 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत के एथलेटिक्स पदकों की संख्या आठ कर दी। प्रतियोगिताओं के चौथे दिन मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पूरे दिन लगातार हल्की बारिश होती रही जिससे मैदान गीला रहा। प्रतियोगिता के तीन दिन अभी बाकी हैं, लेकिन भारतीय एथलेटिक्स टीम को अब भी अपने पहले स्वर्ण पदक की तलाश है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को कम से कम 25 पदक जीतने की उम्मीद है। इस दिन दो मजबूत पदक दावेदार और पिछले चरण के पदक विजेता धाविका ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़) और त्रिकूद एथलीट प्रवीण चित्रावेल चोटिल होने के कारण अपनी-अपनी स्पर्धाओं से हट गए। एएफआई के एक अधिकारी के अनुसार याराजी ने ‘वार्म-अप’ के दौरान दर्द महसूस होने के बाद स्पर्धा से नाम वापस ले लिया। वहीं चित्रावेल ने अपना पहला प्रयास पूरा नहीं कर पाने के बाद पैर में दर्द होने पर प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। दिन की शुरूआत शानदार रही। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किमी तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किमी में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किमी में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे। तूर स्वर्णिम हैट्रिक से चूके :तूर की लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे। प्राची को कांस्य :उत्तर प्रदेश की प्राची ने महिला 400 मीटर दौड़ के फाइनल में 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की सलवा नासेर ने 49.20 सेकंड के इन खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ईरान की जहरा जारेई मनौजान ने 52.38 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय धाविका किरण पहल 53.41 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। प्राची ने अब अपना ध्यान चार गुणा 400 मीटर रिले पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि लोग लगातार मुझसे कहते रहे हैं कि मैं केवल रिले स्पर्धाओं में ही पदक जीत सकती हूं। आज मैंने साबित कर दिया है कि मैं व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में भी पदक जीत सकती हूं, और वह भी एशियाई खेलों में। ’’पुरुषों की 400 मीटर फाइनल स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके 45.48 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में पारुल चौधरी और पूजा क्रमशः चौथे और छठे स्थान पर रहीं। पारुल ने चार मिनट 9.46 सेकंड जबकि पूजा ने 4:16.78 सेकंड का समय दर्ज किया। इस बीच राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनीमेश कुजूर ने सेमीफाइनल की तीसरी हीट में 20.81 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल कर पुरुषों की 200 मीटर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नंदिनी कोंगन ने भी महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने अपनी हीट में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
यशस्वी जायसवाल को लेकर कोच ने दिया बेबाक बयान, कहा- उनके साथ नहीं हुई कोई नाइंसाफी
तिरुवनंतपुरम में होने वाले पहले वनडे से पहले यशस्वी जायसवाल के खेलने पर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच भारतीय बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने बयान दिया है कि टीम में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण जायसवाल को वनडे में मौका नहीं मिल पा रहा है।
एशियन गेम्स - कबड्डी में गोल्ड जीतने के बाद जयदीप बोले- घर से चूरमा और लड्डू जापान साथ ले गए थे
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान के खिलाफ 40-34 से जीत हासिल करते हुए 'गोल्ड मेडल' अपने नाम किया।
Asian Games में तजिंदरपाल सिंह तूर ने जीता रजत, ईरान के Mohammadreza ने तोड़ा रिकॉर्ड
भारत के तजिंदरपाल सिंह तूर की एशियाई खेलों की गोला फेंक स्पर्धा में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश शनिवार को यहां रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’यह पूछे जाने पर कि उन्हें कौन प्रेरित करता है, तूर ने कहा, ‘‘कोई आपको प्रेरित नहीं कर सकता। आपको खुद को प्रेरित करना होगा और खुद को संभालना होगा। ’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे।
रोहित राजपाल छोड़ सकते हैं डेविस कप की कप्तानी, AITA में सुधार और युवा खिलाड़ियों के लिए उठाई आवाज
भारत के डेविस कप टीम के कप्तान रोहित राजपाल ने अपने पद से इस्तीफा देने के संकेत दिए हैं। हालांकि उनका अनुबंध 31 दिसंबर 2026 तक है, लेकिन उनका मानना है कि अब नए और युवा चेहरों को कप्तानी की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
भारत बनाम वेस्टइंडीज - कप्तान शुभमन गिल चोट के बावजूद पहला वनडे खेलेंगे
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से वनडे सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने पुष्टि कर दी है कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल को कोई
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराया। टीम को चैंपियन बनाने में ऑलराउंडर खिलाड़ी रितु श्योराण ने अहम भूमिका निभाई। रितु के पति नसीब जांगू ने उनके दमदार प्रदर्शन पर खुशी जताई है।
एशियन गेम्स - शॉट पुट में तेजिंदरपाल सिंह तूर ने भारत को दिलाया सिल्वर
दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल से चूक गए
नागोया, 26 सितंबर (आईएएनएस)। दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल से चूक गए। शनिवार को नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पुरुषों के शॉट पुट फाइनल में उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जबकि ईरान के मोहम्मदरेजा तयेबी ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ पहला स्थान हासिल किया।
एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने जीता स्वर्ण पदक, हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने दी बधाई
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारतीय कबड्डी टीम और विशेष रूप से राज्य के खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, अद्भुत कौशल और अटूट टीम भावना का परिचय देकर पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
Asian Games Kabaddi में भारत का जलवा, पुरुष और महिला टीमों ने Iran को हराकर जीता Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 26 सितंबर एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा बरकरार रहा जहां पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शनिवार को खिताबी मुकाबलों में चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी ईरान को हराकर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने 40-34 से जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में 37-34 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम का यह एशियाई खेलों में नौवां और महिला टीम का चौथा स्वर्ण पदक है। पुरुष टीम की जीत की खास बात यह रही कि उसके सबसे अनुभवी खिलाड़ी पवन सहरावत को मैट पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मुकाबले के बीच में जब गत चैंपियन टीम नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही थी, तब रेडर अर्जुन देशवाल और देवांक ने निर्णायक क्षणों में संयम दिखाते हुए मुकाबले का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईरान ने हर अंक के लिए पूरी ताकत झोंकी और शारीरिक खेल में भारत को कड़ी चुनौती दी। उसने आखिरी के कुछ मिनटों को छोड़कर भारतीय टीम को लय में आने का मौका नहीं दिया। मध्यांतर तक ईरान 18-17 से आगे था और भारत पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि धैर्य नहीं खोया। उन्होंने खेल की गति बदली, अपने रेडरों पर भरोसा जताया और अनुभव का इस्तेमाल किया। अर्जुन और देवांक बार-बार ईरान के पाले में ज्यादा अंदर तक जाने में सफल रहे और सही मौके चुने और अहम अंक लेकर लौटे। इससे धीरे-धीरे ईरान दबाव में आने लगा। सहरावत ने मैच के बाद कहा, ‘‘मध्यांतर में ईरान 18-17 से आगे था। हमने रणनीति बनाई कि केवल उन्हीं रेडरों को भेजा जाएगा जो विपक्षी खिलाड़ियों पर दबदबा बना सकें। देशवाल और देवांक ने यह काम बखूबी किया और उनकी रेड ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।’’रणनीति में बदलाव सिर्फ रेडरों तक सीमित नहीं रहा। शुरुआती दौर में जरूरत से ज्यादा आगे जाकर फंसने वाले असलम मुस्तफा को डिफेंस में भेजा गया, जहां उन्होंने अधिक प्रभावी भूमिका निभाई। भारत ने अपनी रक्षापंक्ति भी मजबूत की, जिससे ईरान के रेडरों के लिए आसान अंक हासिल करना मुश्किल हो गया। मुकाबले का निर्णायक मोड़ तब आया जब भारत ने ऑलआउट कर अपनी बढ़त 29-24 कर ली। स्वर्ण पदक करीब दिखने लगा तो भारतीयों ने जल्दबाजी के बजाय खेल की गति धीमी कर दी। रेडर मिडलाइन के आसपास रहे, मौके का इंतजार किया और बिना जोखिम उठाए सुरक्षित लौटते रहे। ईरान के पास अंक जुटाने के लिए जोखिम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसके रेडर भारतीय पाले में ज्यादा गहराई तक आने लगे, लेकिन मजबूत होती भारतीय रक्षापंक्ति ने उन्हें अंक जुटाने के कम मौके दिये। हर नाकाम रेड के साथ ईरान पर दबाव बढ़ता गया और भारत अपनी बढ़त के सहारे धैर्य से खेलता रहा। महिला टीम ने भी दबाव भरे मुकाबले में संयम बनाए रखते हुए रिकॉर्ड चौथा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा 2010 में ग्वांग्झू खेलों में महिला कबड्डी के पदार्पण के बाद से हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। ईरान इस खेल में भारत का कठिनतम प्रतिद्वंद्वी रहा है लेकिन मुकाबले में अनुभवहीनता उसके लिये नुकसानदेह साबित हुई। भारत ने ग्रुप चरण में ईरान को हराया था और उसकी कमजोरियों का एक बार फिर फायदा उठाया। ईरान के खिलाड़ियों के पास ऊंचा कद और तकनीक थी लेकिन अनुभव नहीं था। भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26-27 कर दिया। भारत एक समय 27-22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27-26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34-28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। ईरान ने आखिर में पूरा जोर लगाकर अंतर 37-34 का किया लेकिन भारत को जीत से नहीं रोक सके। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। महाराष्ट्र की दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी सोनाली शिंगेत ने कहा ,‘‘ ईरान काफी कठिन प्रतिद्वंद्वी है और हमें पता था कि ग्रुप चरण का मुकाबला जीतने के बावजूद हमें कड़ी चुनौती मिलेगी। हमने उनके कमजोर बायें फ्लैंक का फायदा उठाया।
विराट कोहली : मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा
नई दिल्ली, भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अब आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 पर अपना पूरा ध्यान लगा रहे हैं। उन्होंने माना कि साउथ अफ्रीका में होने वाला यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी वनडे विश्व कप हो सकता है। ऐसे में वह इसे यादगार बनाने और भारत को चैंपियन बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं।
केवी नेशनल गेम्स में जयपुर की बेटियां बनी चैम्पियन - देहरादून को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराया
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बीरपुर देहरादून में आयोजित 55वीं राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में जयपुर केन्द्रीय विद्यालय नम्बर 1 की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फुटबॉल अंडर-14
रोहित शर्मा का फोकस ODI वर्ल्ड कप 2027 पर, बोले- रिटायरमेंट का ख्याल ही नहीं आता
पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने वनडे वर्ल्ड कप जीतने के अपने सपने के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट्स की चुनौती काफी अलग होती है, क्योंकि इनमें हर मैच नए मैदानों पर और अलग-अलग टीमों के खिलाफ खेलना पड़ता है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल में भारतीय टीम ने ईरान को 40-34 से हराया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय टीम को बधाई दी है।
एशियन गेम्स: भारतीय फैंस को झटका, शटलर आयुष शेट्टी का 'मेंस सिंगल्स' में सफर समाप्त
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शटलर आयुष शेट्टी का सफर 'मेंस सिंगल्स' के तीसरे राउंड में समाप्त हो गया।
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम को चैंपियन बनाने में शेफाली वर्मा ने अहम किरदार निभाया। शेफाली ने कहा कि वनडे विश्व कप जीतने के बाद से महिला क्रिकेट काफी आगे बढ़ा है। उन्होंने अपने उस मुश्किल समय को भी याद किया, जब वह टीम से बाहर चल रही थीं।
एशियन गेम्स: 'गोल्ड मेडल' के लिए 8 साल लंबा इंतजार, सोनाली शिंगटे ने इंजरी के बावजूद नहीं मानी हार
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में शनिवार को ईरान के खिलाफ 37-34 से जीत हासिल करते हुए 'गोल्ड मेडल' अपने नाम किया। सोनाली विष्णु शिंगटे को इस मेडल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है, क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में वह चोटिल होने के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थीं।
एशियन गेम्स में भारत का जलवा, वीडियो में जाने महिला कबड्डी में ईरान को हराकर जीता गोल्ड; सावन बरवाल का ऐतिहासिक सिल्वर
टीम इंडिया ने बुलेट ट्रेन से किया नागोया तक का सफर, नजरें अब एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल मैच पर
भारतीय टीम एशियन गेम्स में भाग लेने शनिवार को नागोया पहुंच गई है। प्रतियोगिता में भारत का पहला मुकाबला अफगानिस्तान के खिलाफ होगा, जहां दोनों टीमें दूसरे क्वार्टर फाइनल में एक-दूसरे से भिड़ेंगी।
आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारतीय कबड्डी ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। शनिवार का दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया जब भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 'गोल्डन डबल' हासिल किया। महिला टीम द्वारा ईरान को रोमांचक मुकाबले में हराने के बाद, पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा और देश की झोली में नौवां गोल्ड मेडल डाला। पुरुष टीम की जीत का आधार तनावपूर्ण पहले हाफ के बाद दिखाया गया संयम था। ब्रेक के समय 17-18 से पीछे रहने के बाद, सुनील कुमार की टीम ने खेल दोबारा शुरू होने पर अपनी तीव्रता बढ़ाई। उन्होंने डिफेंस को मजबूत किया और अटैक में बेहतर लय हासिल करते हुए ईरान की मजबूत टीम पर बढ़त बना ली। भारत बनाम ईरान, एशियाई खेल कबड्डी हाइलाइट्स ईरान ने भारत को हर पॉइंट के लिए कड़ी टक्कर दी और फ़ाइनल को एशियाई दिग्गजों के बीच एक और यादगार मुकाबले में बदलने की कोशिश की। लेकिन तीन साल पहले हांगझोऊ में हुए गोल्ड मेडल के हंगामेदार मुकाबले के उलट, भारत ने सबसे अहम मौकों पर अपना संयम बनाए रखा। छह पॉइंट के अंतर से मिली यह जीत एशियाई खेलों के पिछले तीन संस्करणों में ईरान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत थी। हांगझोऊ में, भारत 33-29 से जीता था, लेकिन उस फ़ाइनल पर रेफरी से जुड़े लंबे विवाद का साया पड़ा था। स्कोर 28-28 से बराबर था और खेल खत्म होने में एक मिनट से भी कम समय बचा था, तभी एक विवादित रेड को लेकर दोनों टीमों ने विरोध किया और खेल लगभग एक घंटे तक रुका रहा, जिसके बाद मुकाबला फिर से शुरू हुआ। आइची-नागोया में ऐसा कोई ड्रामा नहीं हुआ इसके बजाय, भारत ने दूसरे हाफ में धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनाई और यह सुनिश्चित किया कि ईरान हांगझोऊ की तरह आखिरी समय में वापसी न कर सके। खेल के आखिरी पलों में खिताब लगभग पक्का हो जाने के बाद, कप्तान सुनील ने आखिरी रेड के दौरान ईरानी खिलाड़ियों की ओर इशारा करते हुए संकेत दिया कि भारत का काम पूरा हो गया है। इस जीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की कबड्डी में भारत के शानदार दबदबे को और बढ़ाया। यह इस इवेंट में उनका नौवां गोल्ड मेडल है; एकमात्र हार 2018 में जकार्ता में मिली थी, जब ईरान ने सेमीफाइनल में भारत को हराकर उनका लंबा दबदबा खत्म कर दिया था। भारत ने हांगझोऊ में खिताब वापस हासिल किया और अब आइची-नागोया में सफलतापूर्वक इसका बचाव किया है। इससे पहले दिन में, महिला टीम ने ईरान को एक और रोमांचक फ़ाइनल में 37-34 से हराकर 'गोल्डन डबल' का पहला हिस्सा पूरा किया था। महिलाओं का प्रदर्शन काफ़ी शानदार रहा। पिछली बार की चैंपियन टीम ग्रुप स्टेज में बिना कोई मैच हारे आगे बढ़ी, जिसमें ईरान पर 37-23 की जीत भी शामिल थी। इसके बाद उन्होंने जापान को 50-25 से बुरी तरह हराया और फिर सेमीफ़ाइनल में नेपाल को 48-24 से मात दी। लेकिन फ़ाइनल का मुक़ाबला बिल्कुल भी आसान नहीं था। ईरान की टीम पूरे समय भारत को कड़ी टक्कर देती रही, जिससे भारत को मैच के आखिरी पलों में अपने अनुभव और मज़बूत डिफ़ेंस पर निर्भर रहना पड़ा। 37-34 की इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में महिला कबड्डी का चौथा गोल्ड मेडल जीता और भारतीय कबड्डी के लिए एक यादगार दिन पूरा किया। दो फ़ाइनल, ईरान पर दो जीत और दो गोल्ड मेडल - भारत की कबड्डी टीमों ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दबदबा साबित कर दिया।
एशियन गेम्स 2026: ओह येओनजी को हराकर प्रिया ने किया बड़ा उलटफेर, क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट प्रिया घांघस ने शनिवार को यहां निशियो जिम्नेजियम में महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 में साउथ कोरिया की दो बार की वर्ल्ड मेडलिस्ट ओह येओनजी को सर्वसम्मति से 5-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।
विराट कोहली ने कहा कि 2027 का वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि वे ट्रॉफी जीतने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। कोहली ने कहा, मैं मैदान पर अपना 100% देना चाहता हूं। लक्ष्य बिल्कुल साफ है- वर्ल्ड कप जीतना। 37 साल के कोहली सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने 2024 में टी-20 इंटरनेशनल और 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। विराट कोहली अब तक 4 वनडे वर्ल्ड कप (2011, 2015, 2019 और 2023) खेल चुके हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 54 शतक भी हैं। 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा। 50 ओवर का मैच, ढाई टी-20 जितनी क्रिकेट कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की शारीरिक और मानसिक चुनौती भी बताई। उनके मुताबिक एक वनडे में खिलाड़ी को करीब ढाई टी-20 मैच जितनी क्रिकेट खेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि 2027 वर्ल्ड कप विदेशी परिस्थितियों में होगा। अलग-अलग मैदानों और विरोधी टीमों के खिलाफ लगातार मैच खेलने से चुनौती और बढ़ेगी। ऐसे में उनकी नजर पूरे टूर्नामेंट में अपने स्तर को बनाए रखने और टीम को खिताब तक पहुंचाने पर होगी। 2011 में धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीते कोहली का यह पांचवां वनडे वर्ल्ड कप होगा। 2011 में भारतीय टीम ने धोनी की कप्तानी 28 साल बाद खिताब जीता था और कोहली उस टीम का हिस्सा थे। 2023 में भारत फाइनल तक पहुंचा, लेकिन अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गया। वर्ल्ड कप में कोहली का रिकॉर्ड भी उनके लंबे सफर को दिखाता है। उन्होंने 37 मैचों में 1,795 रन बनाए हैं। औसत 59.83 का है। उनके नाम 5 शतक और 12 अर्धशतक हैं। रोहित बोले- अभी बहुत कुछ बाकी है रोहित ने कहा कि अभी बहुत कुछ बाकी है। जब तक वे खेल रहे हैं, उन्हें आगे देखने के लिए कुछ न कुछ मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनके मन में कभी यह विचार नहीं आएगा कि उनका काम पूरा हो गया है। रोहित भी टेस्ट और टी-20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं और अब सिर्फ वनडे खेल रहे हैं। दोनों की वापसी से केरल में दिखा 'रो-को' क्रेज वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में भारतीय टीम ने अभ्यास किया। कोहली और रोहित दोनों नेट्स में उतरे। उन्हें देखने के लिए स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ पहुंच गई। कोहली ने कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा और नमन धीर की स्पिन का सामना किया। बाद में वे तेज गेंदबाजों के नेट में भी गए। रोहित ने ग्रीनफील्ड स्टेडियम में करीब 30 मिनट बल्लेबाजी की। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ डिफेंस पर भरोसा रखा और कुछ शानदार कट शॉट भी लगाए। वेस्टइंडीज सीरीज से शुरू होगी 2027 की तैयारी भारत का 2027 वर्ल्ड कप मिशन वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से आगे बढ़ेगा। पहला मुकाबला 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम, दूसरा 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इसके बाद भारत को इस साल न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 वनडे और श्रीलंका के खिलाफ 3 वनडे खेलने हैं। --------------कोहली से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…कोहली के 2027 वर्ल्डकप पर कोच बोले- चर्चा ही क्यों, रोहित को बताया मैच विनर; DDCA बोला- दिल्ली के लिए जरूर खेलेंगे विराट कोहली के बचपन के कोच राजकुमार शर्मा का मानना है कि वर्ल्ड कप में विराट की जगह पर चर्चा करना ही नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि कोहली मैदान पर अपने प्रदर्शन और फिटनेस से खुद जवाब दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
विराट कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा और यही बात उन्हें टूर्नामेंट में अपना सबकुछ देने के लिए प्रेरित करेगी। कोहली ने कहा कि उनका लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना है और इसके लिए वह पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने यह बात वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे से पहले जियोस्टार से बातचीत में कही। एक दिन में ढाई टी-20 मैच खेलने जैसा होता है कोहली ने कहा, 50 ओवर के वर्ल्ड कप की तीव्रता किसी भी चीज से ज्यादा होती है। अब यह 10 मैचों में टी-20 स्तर की तीव्रता जैसा है। लेकिन आप एक दिन में ढाई टी-20 मैच खेल रहे होते हैं। एक बड़े टूर्नामेंट और वर्ल्ड कप के 10 मैचों तक उस तीव्रता को बनाए रखना बड़ी बात है। साथ ही अब यह विदेशी परिस्थितियों में है। यह आपसे बहुत कुछ ले लेता है। भारत के लिए आखिरी वर्ल्ड कप उन्होंने आगे कहा, मेरे लिए यह भारत के लिए आखिरी वर्ल्ड कप है जो मैं खेलने वाला हूं। यही मेरी प्रेरणा है। मैं अपना सब कुछ मैदान पर छोड़ देना चाहता हूं। जाहिर तौर पर लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना है और इसे जीतने के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा, मैं उसके लिए बिल्कुल तैयार हूं। रोहित ने कहा- अभी काम पूरा नहीं हुआ रोहित शर्मा ने जियोस्टार से ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर अपनी अधूरी इच्छा पर बात की। उन्होंने कहा कि जब तक वह खेल रहे हैं, तब तक आगे देखने के लिए कुछ न कुछ रहेगा। रोहित ने कहा, यह विचार मेरे मन में कभी नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे हैं, हमेशा आगे देखने के लिए कुछ होता है। उन्होंने कहा, मैं वर्ल्ड कप को लेकर उत्साहित हूं और अपने लिए आगे क्या है, उस पर ध्यान दे रहा हूं। जब वर्ल्ड कप खेला जाता है और हम ICC टूर्नामेंट में उतरते हैं, तो उसकी अपनी अलग चुनौती होती है। रोहित ने कहा, आप अलग-अलग विरोधियों के खिलाफ खेलते हैं और अलग-अलग मैदानों पर उतरते हैं। इसलिए आपको अलग तरीके से तैयारी करनी पड़ती है और अलग तरह से सोचना पड़ता है। यही चुनौती है। विराट-रोहित ने एक साथ टी-20 से संन्यास लिया था विराट-रोहित ने पिछले साथ टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी-20 फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। विराट फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। उन्होंने प्राइज सेरेमनी के दौरान टी-20 से रिटायरमेंट का ऐलान किया। वहीं रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने संन्यास का ऐलान किया था। उनके साथ ही रविंद्र जडेजा ने भी टी-20 से संन्यास का ऐलान किया था।
Asian Games 2026: भारत ने जीते 2 गोल्ड, मेंस कबड्डी ने ईरान को हराकर फिर रचा इतिहास
एशियन गेम्स के सातवें दिन भारत को अब तक 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत कुल पांच पदक मिलने की जानकारी है। कबड्डी के अलावा एथलेटिक्स और शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाई।
Asian Games Men Hockey: भारत ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
गत चैंपियन भारत ने शनिवार को यहां पूल ए के कड़े मुकाबले में मेजबान जापान को 2-0 से हराकर एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत ने इससे पहले अपने शुरुआती तीन पूल मुकाबलों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से करारी शिकस्त दी थी। यह भारत की लगातार चौथी जीत थी जिससे उनका अजेय अभियान जारी रहा। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ अपना अंतिम पूल मैच खेलेगा, जिसमें उसके शानदार जीत दर्ज करने की उम्मीद है। जापान के खिलाफ अभिषेक (15वें मिनट) ने मैदानी प्रयास से गोल किया जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। पहले दो क्वार्टर बेहद रोमांचक रहे जिसमें जापान ने अपने आक्रामक खेल से भारत को कड़ी टक्कर दीलेकिन गत चैंपियन ने ब्रेक तक एक गोल की मामूली बढ़त बनाई हुई थी। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन नॉकआउट से पहले काफी चिंतित रहेंगे विशेषकर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में क्योंकि भारत ने शनिवार को 10 ‘सेट पीस’ हासिल किए लेकिन केवल एक को गोल में बदला। पहले क्वार्टर में जापान ने 60 प्रतिशत गेंद पर कब्जा बनाए रखा। भारत ने छठे मिनट में जल्दी ही एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन कप्तान हरमनप्रीत इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा सके। 10वें मिनट में जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने इस पर गोल किया लेकिन गोल को अमान्य कर दिया गया क्योंकि अंपायरों ने माना कि गेंद पहले एक भारतीय खिलाड़ी के पैर से लगी थी। जापान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उससे भी कुछ हासिल नहीं हुआ। भारत ने आखिरकार अभिषेक के मैदानी गोल से बढ़त हासिल की। जापान ने 17वें मिनट में अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारत ने इसका अच्छी तरह बचाव किया। भारत ने अपने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर से बढ़त बढ़ाई और कप्तान हरमनप्रीत ने जापानी गोलकीपर की दाईं ओर जोरदार नीची फ्लिक से गोल किया। चौथे क्वार्टर में भारतीयों का गेंद पर कब्जा रहा और उन्होंने तेजी से चार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन जापान की मजबूत रक्षात्मक पंक्ति के खिलाफ वे उन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहे।
भारतीय स्क्वॉश की 18 वर्षीय उभरती सितारा अनाहत सिंह ने अपनी अद्भुत खेल भावना और जुझारूपन का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल में अनाहत ने दो गेम से पिछड़ने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए दुनिया की छठवें नंबर की जापानी खिलाड़ी सातोमी वातानाबे को हरा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ अनाहत सिंह एशियाई खेलों के महिला सिंगल्स फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। अब वे लॉस एंजिल्स (LA) ओलंपिक्स 2028 का टिकट हासिल करने से महज़ एक जीत दूर हैं। 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से पिछड़ने के बाद मिली इस जीत के साथ, वह एशियन गेम्स के फ़ाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला सिंगल्स खिलाड़ी बन गईं। वहीं, 28 साल के अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफ़ान को हराकर पुरुष सिंगल्स फ़ाइनल में जगह बनाई। किसी भी भारतीय पुरुष ने एशियन गेम्स में पुरुष सिंगल्स स्क्वॉश में गोल्ड मेडल नहीं जीता है, और अभय के पास रविवार को इतिहास रचने का मौका है। गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स का टिकट भी मिल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर अनाहत ने बचाए मैच पॉइंट अनाहत, जो इस साल की शुरुआत में एक और पांच-गेम वाले मुकाबले में वातानाबे से हार गई थीं, एक बार फिर हार की ओर बढ़ती दिख रही थीं जब घरेलू खिलाड़ी ने शुरुआती दो गेम जीत लिए। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और तीसरे गेम में दो मैच पॉइंट बचाए। उन्होंने तनावपूर्ण तीसरा गेम 12-10 से जीतकर मुकाबले में वापसी की और फिर चौथा गेम 11-6 से जीतकर बराबरी कर ली। निर्णायक गेम तक, मोमेंटम पूरी तरह से बदल चुका था। अनाहत ने रैलियों पर नियंत्रण बना लिया और 11-3 से जीत हासिल की, जिससे उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स के फ़ाइनल में जगह बनाई। वातानाबे के साथ एक टक्कर के बाद यह वापसी और भी प्रभावशाली थी। अनाहत का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया था, जिससे खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा और उन्हें मेडिकल मदद लेनी पड़ी। खेल फिर से शुरू होने पर उन्हें कोई खास परेशानी नहीं हुई। इसके बजाय, इस टीनएजर ने वह संयम दिखाया जो उनके शानदार साल के दौरान लगातार साफ़ तौर पर देखा गया है। अनाहत भारत की सबसे होनहार युवा स्क्वैश खिलाड़ी के तौर पर नागोया पहुंची थीं, लेकिन जुलाई में कनाडा में जीते वर्ल्ड जूनियर खिताब ने उनके करियर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया था। उन्होंने फ़ाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर प्रतिष्ठित जूनियर वर्ल्ड टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इस जीत ने इस इवेंट पर मिस्र के लंबे दबदबे को भी खत्म कर दिया, क्योंकि 2010 के बाद से कोई भी गैर-मिस्र की महिला खिलाड़ी सिंगल्स चैंपियन नहीं बनी थी। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह इस खिताब का एक निजी महत्व भी था। अनाहत वर्ल्ड जूनियर्स में बार-बार चूक रही थीं, और पिछले टूर्नामेंट्स में क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमी-फ़ाइनल से बाहर हो गई थीं। उनकी यह जीत जूनियर सर्किट में उनके आखिरी साल में मिली और आखिरकार उस चीज़ का अंत हुआ जिसे उन्होंने शाप कहा था। अब, वह एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने से बस एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों की महिला सिंगल्स चैंपियन लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़िकेशन जगह हासिल करती है, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल होगा। अनाहत का मुकाबला मलेशिया की वर्ल्ड नंबर 5 सुब्रमण्यम शिवसंगरी और हांगकांग की चान सिन युक के बीच होने वाले दूसरे महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल के विजेता से होगा। चिनप्पा-वेलावन ने जीता ब्रॉन्ज़ इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के जहां अनाहत फ़ाइनल में पहुंचीं, वहीं भारत ने मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के ज़रिए स्क्वैश में एक ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीता। एक कड़े मुकाबले वाले सेमी-फ़ाइनल में भारतीय जोड़ी को हांगकांग के तांग मिंग होंग और ली का यी से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। पहला गेम 11-10 से हारने के बाद, जोशना और वेलावन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 11-2 से जीता। लेकिन हांगकांग की जोड़ी ने एक और कड़े तीसरे गेम में अपना संयम बनाए रखा और 11-10 से जीतकर फ़ाइनल में जगह बनाई। इसके बावजूद, यह मेडल जोशना के शानदार एशियाई खेलों के करियर में एक और उपलब्धि है। 40 वर्षीय खिलाड़ी ने अब इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में छह मेडल जीत लिए हैं, जिसमें उनके दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। हालांकि, अनाहत का फ़ोकस अब फ़ाइनल पर होगा - और एक और जीत उन्हें एक युवा टैलेंट से ओलंपिक में डेब्यू करने वाली खिलाड़ी बना सकती है।
कबड्डी में भारत को मिला दूसरा पदक, पुरुष टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जीता गोल्ड मेडल
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शनिवार को ईरान को फाइनल में मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इससे पहले महिला टीम ने भी ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
बिली जीन किंग कप 2026 का दूसरा सेमी-फ़ाइनल मुकाबला 26 सितंबर को इटली और यूक्रेन के बीच खेला जाना है। दोनों टीमों की नज़रें इस महामुकाबले को जीतकर फ़ाइनल में जगह बनाने पर होंगी। इस मैच को जीतने वाली टीम 27 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले में चेकिया का सामना करेगी। चीन के शेन्ज़ेन स्थित शेन्ज़ेन बे स्पोर्ट्स सेंटर एरिना में होने वाले इस मुकाबले में दोनों टीमों के बीच ज़बरदस्त टक्कर देखने को मिलेगी। टेनिस प्रशंसक इस हाई-वोल्टेज मैच को लाइव ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मुफ़्त में देख सकते हैं। टेनिस प्रशंसक इस मैच को VETO OTT पर लाइव देख सकते हैं। इटली बनाम यूक्रेन: कब और कहाँ लाइव देखें इटली बनाम यूक्रेन सेमी-फ़ाइनल 26 सितंबर को खेला जाएगा, जिसकी लाइव स्ट्रीमिंग स्मार्टफ़ोन और स्मार्ट टीवी पर VETO OTT ऐप पर मुफ़्त में उपलब्ध होगी। प्रशंसक VETO OTT की लाइव स्ट्रीमिंग सेवा के ज़रिए भी मैच देख सकते हैं। यह मैच 26 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे (IST) शुरू होगा। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में इटली आगे बिली जीन किंग कप में यूक्रेन के साथ पिछले मुकाबलों में इटली का दबदबा रहा है। इस प्रतियोगिता में दोनों टीमें पाँच बार आमने-सामने हुई हैं और इटली ने सभी पाँचों मुकाबले जीते हैं। उनका कुल सिंगल्स रिकॉर्ड भी इटली के पक्ष में है। दोनों टीमों के बीच 16 सिंगल्स मैच खेले गए हैं, जिनमें से इटली ने 11 और यूक्रेन ने पाँच जीते हैं। डबल्स में, टीमों के बीच पाँच मैच हुए हैं, जिनमें इटली ने चार और यूक्रेन ने एक मैच जीता है। उनकी सबसे हालिया भिड़ंत 2025 में हुई थी, जब इटली ने तीन मैचों के बाद 2-1 से जीत हासिल की थी। इटली और यूक्रेन सेमी-फ़ाइनल तक कैसे पहुँचे इटली ने अपने क्वार्टर-फ़ाइनल में चीन को 2-1 से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की। इस जीत से यूक्रेन के खिलाफ़ सेमी-फ़ाइनल में उनकी जगह पक्की हो गई। वहीं, यूक्रेन का सामना क्वार्टर-फ़ाइनल में बेल्जियम से हुआ और उन्होंने भी 2-1 से जीत हासिल की। इटली बनाम यूक्रेन मुकाबले की विजेता टीम अब 27 सितंबर को बिली जीन किंग कप के फ़ाइनल में चेकिया का सामना करेगी। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Billie Jean King Cup (@billiejeankingcup)
एशियाई खेलों में Dhiraj Bommadevara का नया रिकॉर्ड, भारत तीरंदाजी में शीर्ष पर
धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष रिकर्व और चीकिता तनिपर्थी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल करने की बदौलत भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पुरुष रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक जुटाकर नया एशियाई खेल क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पहले 36 प्रयास में में 348 और अगले 36 तीरों में 350 अंक हासिल किए। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया के ली वू सियोग के नाम था , जिन्होंने 690 अंक बनाए थे। सियोग इस बार 690 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य दक्षिण कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपे के चिन हुन तांग 692 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ के पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है। तरुणदीप राय ने 2010 में रजत पदक हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के दो बार के चैंपियन किम वूजिन भी व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश : 18 वें और 25 वें स्थान पर रहे। पुरुष रिकर्व टीम क्वालीफिकेशन में भारत दक्षिण कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। टीम को प्री - क्वार्टर फाइनल में बाय मिला है , जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारतीय टीम को पदक पक्का करने के लिए तीन जीत दर्ज करनी होंगी। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का रजत पदक जीता था। धीरज और कुमकुम मोहोड ने मिलकर 1364 अंक जुटाए , जिससे भारत को रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया के बाद दूसरी वरीयता मिली। भारतीय जोड़ी को सीधे प्री - क्वार्टर फाइनल में प्रवेश दिया गया है। महिला रिकर्व व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में किशोर तीरंदाज कुमकुम मोहोड और कीर्ति शर्मा ने नॉकआउट दौर में जगह बनाई। कुमकुम 666 अंक के साथ नौवें और कीर्ति 653 अंक के साथ 16 वें स्थान पर रहीं। अनुभवी अंकिता भकत भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। महिला रिकर्व टीम छठी वरीयता के साथ नॉकआउट दौर में पहुंची है और अपने अभियान की शुरुआत मंगोलिया के खिलाफ करेगी। चीकिता तनिपर्थी ने अधिकतम 720 में से 705 अंक हासिल कर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। ईरान की बीता अशेघजादेह ओस्कोई 704 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं , जबकि दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून और कांग योनसेओ क्रमश : तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं। तीन बार की एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता ज्योति सुरेखा वेन्नम 13 वें स्थान पर रहते हुए दूसरी सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहीं और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई। इस साल मैड्रिड में अपना पहला विश्व कप कांस्य पदक जीतने वाली किशोर तीरंदाज पृथिका प्रदीप ने 695 अंक हासिल किए , लेकिन भारतीयों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण वह व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। प्रत्येक देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं। इक्कीस वर्षीय चीकिता के प्रदर्शन से भारत महिला कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारतीय टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। हांगझोउ 2023 एशियाई खेलों में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने पांचों स्वर्ण पदक जीतकर क्लीन स्वीप किया था। भारत ने इन खेलों में कंपाउंड वर्ग में पांच स्वर्ण के अलावा एक रजत और एक कांस्य पदक भी जीता था। पुरुष कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में भारत चीन और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरे स्थान पर रहा। साहिल जाधव 709 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहे। गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु 14 वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई , जबकि दलाल व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में कट हासिल नहीं कर सके। भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का सामना करेगी। खिताब के बचाव के अभियान में भारत ने कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया है। शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी शुरुआती दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। तीरंदाजी के नॉकआउट मुकाबले रविवार से शुरू होंगे।
एशियन गेम्स 2026 के मेंस हॉकी इवेंट में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने मेजबान जापान को 2-0 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय टीम पूल-A से सेमीफाइनल में पहुंच गई। भारत के लिए अभिषेक और हरमनप्रीत सिंह ने एक-एक गोल किया। भारत ने इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और साउथ कोरिया को 8-2 से हराया था। पूल-A में भारतीय टीम टॉप पर हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने अब तक चारों मैच जीते हैं। टीम ने इन चार मुकाबलों में कुल 39 गोल किए और 4 गोल खाए। जापान के खिलाफ जीत के साथ भारत ने पूल-A में अपना अभियान मजबूत किया और सेमीफाइनल में जगह पक्की की। इंडोनेशिया-श्रीलंका के बाद साउथ कोरिया को हराया था भारत ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ की थी। भारतीय टीम ने उस मुकाबले में 13-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 16-1 की एकतरफा जीत हासिल की। तीसरे मैच में साउथ कोरिया के खिलाफ 8-2 की जीत के साथ भारत ने ग्रुप स्टेज में लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। हॉकी खिलाड़ी संजय के 100 इंटरनेशनल मैच पूरे भारतीय हॉकी खिलाड़ी संजय ने जापान के खिलाफ एशियन गेम्स 2026 के मुकाबले में सीनियर इंटरनेशनल करियर के 100 मैच पूरे कर लिए। हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए संजय को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय हॉकी टीम, जापान को 2-0 से हराया
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम इंडिया एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार है।
हार्दिक पांड्या हुए नई इंजरी का शिकार, ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ नहीं खेलेंगे वनडे सीरीज
लंबे समय से चोट के चलते भारतीय टीम से बाहर चल रहे स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ 6 अक्टूबर से होने वाली वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। हार्दिक अब नई इंजरी की चपेट में आ गए हैं।
यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा, टीम को जिताने के लिए जो भी करना पड़े, उसके लिए तैयार हूं: विराट कोहली
भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली अब आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप 2027 पर अपना पूरा ध्यान लगा रहे हैं। उन्होंने माना कि साउथ अफ्रीका में होने वाला यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी वनडे विश्व कप हो सकता है। ऐसे में वह इसे यादगार बनाने और भारत को चैंपियन बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार हैं।
Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर
भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाया जब युवा स्टार अनाहत सिंह ने महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया वहीं अभय सिंह भी पुरुष एकल के खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल रहे। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी अनाहत ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इसके बाद अभय ने पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान को 3-0 (11-3 12-10 11-6) से हराकर पुरुष एकल के फाइनल में प्रवेश किया। अनाहत और अभय दोनों अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करने से एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों में महिला और पुरूष एकल चैम्पियन को 2028 ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिलेगा। अभय ने सेमीफाइनल में शानदार शुरुआत करते हुए पहले ही गेम में 6-2 की बढ़त बना ली और 35 मिनट तक चले मैच में अपनी इस लय को बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ी खिलाड़ी ने शुरू से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। पाकिस्तान के खिलाड़ी ने दूसरे गेम में उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वह 2-0 की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहे। अभय ने तीसरे गेम में भी लय बनाए रखी और फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की। अब उनका सामना मलेशिया के एंग ऐन योउ से होगा जिन्होंने पाकिस्तान के जमान नूर को हराया। अभय ने बाद में कहा ,‘‘ यह आसान नहीं था। मैने अच्छा खेलकर इसे आसान बनाया। एशियाई खेलों में कोई मैच आसान नहीं होता।’’उन्होंने कहा ,‘‘ लोगों को भारत पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता के बारे में सुनना अच्छा लगता है लेकिन हमारे लिये यह एक मैच ही है। बहुत लोगों ने आप पर मेहनत की होती है और अपेक्षाओं पर खरे उतरना जरूरी है।’इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। जीत के बाद उन्होंने कहा ,‘‘ पिछली बार जब वह जीती थी तो मैं 2 . 0 से आगे रहने के बाद हार गई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया। अभी एक मैच और बाकी है और अगर मेरा सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से होता है तो उसके खिलाफ मैं पहले भी कई बार खेल चुकी हूं। मैं फाइनल में कोर्ट पर उतरने को लेकर बेताब हूं।’’मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े, मकसद वर्ल्ड कप जीतना; कोहली ने खुद से किए वादे का किया खुलासा
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली का अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप से पहले बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी पूरी कोशिश इसे जीतने को लेकर रहने वाली है।
युद्ध और पाबंदियों के बीच Iran की महिला Kabaddi टीम का संघर्ष, कोच Mazandarani ने बताई दास्तां
(अजय मसंद)नागोया, 26 सितंबर ईरान की महिला कबड्डी टीम ने तीन बार शिविर बदले, छह महीने में दस अलग अलग जगहों पर अभ्यास किया और अपने खिलाड़ियों का फोकस बनाये रखने के लिये मनोवैज्ञानिक की मदद ली क्योंकि युद्ध की वजह से खिलाड़ियों की एशियाई खेलों के लिये तैयारियों में बाधा पैदा हो रही थी। ईरान के कोच गुलाम रजा मजांदरानी ने भारत के खिलाफ फाइनल में मिली हार के बाद कहा ,‘‘ हमने एक मनोवैज्ञानिक की मदद ली जिसने युद्ध के दौरान खिलाड़ियों को फोकस बनाये रखने में सहायता की।’’उन्होंने कहा ,‘‘ यह आसान नहीं है। आप साथ में तैयारी करते हैं , एक तरफ युद्ध छिड़ा है और आपका परिवार खतरे में है लेकिन आपको खेल पर फोकस रखना है।’’प्रो कबड्डी लीग में मुंबई टीम के साथ जुड़े 50 बरस के मजांदरानी ने कहा ,‘‘ सभी खिलाड़ी रोज अपने परिवार को फोन करते हैं और पूछते हैं कि वे सुरक्षित हैं या नहीं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले छह महीने में हमने दस शिविर लगाये। तीन बार जगह बदलनी पड़ी।’’बार बार जगह बदलने से सुविधाओं के अभाव से भी टीम को जूझना पड़ा। कोच ने कहा ,‘‘ मेरे पास टीम तैयार करने के लिये छह महीने का ही समय था और इस बीच युद्ध छिड़ गया और दो महीने में सब कुछ खत्म हो गया। हमारे पास बहुत ही कम समय था।’उन्होंने कहा कि ईरान पर लगाई गई पाबंदियों के कारण दूसरी टीमों को वहां खेलने नहीं बुलाया जा सका और ईरान की टीम बाहर नहीं जा सकी। मजांदरानी ने कहा ,‘‘ चीनी ताइपै को बुलाने पर वे नहीं आ सकते और हम भी नहीं जा सकते थे। भारत को बुलाने पर वे नहीं आयेंगे और आप नहीं जा सकते। जापान के साथ भी ऐसा था तो हमने एक भी दोस्ताना मैच नहीं खेला।
भारत के अभय सिंह ने शनिवार को पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 (11-3, 12-10, 11-6) से हराकर एशियन गेम्स 2026 के पुरुष सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में जगह बना ली है।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और Ayush Shetty प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने सीधे गेम में जीत दर्ज करके शनिवार को यहां एशियाई खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में क्रमशः महिला एवं पुरुष एकल के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन लक्ष्य सेन दूसरे दौर में ही बाहर हो गए। विश्व में 11वें नंबर की खिलाड़ी और इस साल की जापान ओपन की विजेता सिंधू ने महिला एकल के दूसरे दौर में चीनी ताइपे की विश्व की 17वें नंबर की खिलाड़ी चियू पिन चियान को 21-19 21-14 से हराया। पहले दौर में बाय हासिल करने वाली सिंधू का अगला मुकाबला जापान की टोमोका मियाजाकी से होगा। पुरुष एकल में आयुष ने दूसरे दौर में कजाकिस्तान के मखसुत ताजिबुल्लायेव को 21-7 21-7 से हराया। उनका मुकाबला अब चीनी ताइपे के तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चाउ तिएन चेन से होगा। महिला एकल में तीन बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 खिताब जीतने वाली उन्नति हुडा ने मलेशिया की लिंग चिंग वोंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला इंडोनेशिया की छठी वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वरदानी से होगा। इससे पहले लक्ष्य को सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से तीन गेम में हार का सामना करना पड़ा। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 के विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक समय तक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। सिंधू को लय हासिल करने में समय लगा क्योंकि चियु ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और 6-2 से आगे बढ़ते हुए इंटरवल तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने लय हासिल करने बाद 19-16 की बढ़त बना ली। चियु के बैकहैंड शॉट में गलती के कारण सिंधू को तीन गेम प्वाइंट मिले। चियु ने दो प्वाइंट बचाए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने एक जोरदार क्रॉस कोर्ट पुश शॉट से पहला गेम अपने नाम कर दिया। दूसरे गेम में सिंधू का दबदबा कायम रहा। उन्होंने शुरुआत में ही 8-4 की बढ़त बना ली और इंटरवल तक 11-8 से आगे रहीं। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद छह मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया। इससे पहले सेन ने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
BREAKING :टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका: हार्दिक पंड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने पर सस्पेंस
भारतीय टीम को न्यूजीलैंड दौरे से पहले लगा बड़ा झटका, हार्दिक पांड्या चोटिल होने की वजह से हुए बाहर
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या जो पिछले काफी समय से फिटनेस की समस्या से जूझ रहे हैं वह अब फिर से चोटिल होने की वजह से आगामी न्यूजीलैंड के दौरे से भी बाहर हो गए हैं।
वैभव से भी छोटे, 11 साल के जापानी खिलाड़ी ने जीता GOLD
जापान के 11 साल के युकी कुरिहारा (Yuki Kurihara) ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया. उन्होंने ई-स्पोर्ट्स के पुयो पुयो चैम्पियंस ( Puyo Puyo Champions) में गोल्ड मेडल जीता. फाइनल में दक्षिण कोरिया के कांग डोंगशिन को 10-2 से हराया. युकी को एशियन गेम्स का सबसे कम उम्र का गोल्ड मेडलिस्ट माना जा रहा है. वह रोज 8 घंटे ट्रेनिंग करते हैं.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांबली ठाणे के वृद्धाश्रम ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं। वीडियो में कांबली कहते दिखे कि यहां अच्छी सुविधाएं हैं। यहां लोगों से बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। ऐसा महसूस ही नहीं होता कि अपने घर से दूर हूं। हालांकि, कांबली वृद्धाश्रम में रहने गए हैं या नहीं, इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। कांबली को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें विनोद कांबली काफी समय से बीमारी, पैसों की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे। कांबली के करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया था कि उनकी मानसिक स्थिति काफी नाजुक है। उनकी याददाश्त इतनी कमजोर हो गई है कि वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने शराब छोड़ दी है, लेकिन वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें स्मोकिंग नहीं करना है। वे घर के नीचे जाकर राहगीरों या ऑटो वालों से सिगरेट मांग लेते हैं। (कांबली को 'ब्रेन स्ट्रोक' का खतरा) कांबली साल 1993 से 2000 तक भारत के लिए खेले कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 2477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 4 शतक के साथ उनके 1084 रन हैं। वे भारत के लिए 1993 से 2000 तक खेले। वे घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार साल 2004 में नजर आए। कांबली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9665 रन बनाए। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 262 रन है। सचिन के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी। इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला। 1996 वर्ल्ड कप में मैदान पर रोए 13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। श्रीलंका ने 251 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम एक समय 98 रन पर एक विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी, लेकिन सचिन के आउट होने के बाद टीम का बल्लेबाजी क्रम ढह गया। टीम इंडिया ने 120 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए थे। 35वां ओवर होना था और भारतीय टीम को 156 गेंदों पर 132 चाहिए था। विनोद कांबली 10 और अनिल कुंबले बगैर खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे। इसके बाद दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। स्टेडियम के एक हिस्से में आग लगा दी। मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया। तब मैदान से लौटते समय कांबली रोने लगे। कांबली ने कीं दो शादियां कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने 1998 में नोएला लुईस से पहली शादी की थी। बाद में दोनों का डिवोर्स हो गया। इसके बाद कांबली ने फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट से शादी की और अब तक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। --------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हार्दिक पंड्या फिर चोटिल, न्यूजीलैंड सीरीज खेलने पर संशय भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या फिर चोटिल हो गए हैं। उनके दाएं पैर की आगे की हड्डी में चोट लगी है। इस वजह से वे कम से कम 3 हफ्ते तक क्रिकेट से दूर रहेंगे। पूरी खबर…
विनोद कांबली का वीडियो वायरल:थाणे के एक वृद्धाश्रम में नजर आए, फैंस सेहत को लेकर चिंतित
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कांबली थाणे के वृद्धाश्रम ‘निदान सेंटर फॉर एल्डरली केयर’ में नजर आ रहे हैं। उनकी मौजूदा हालत देखकर क्रिकेट फैंस चिंतित हैं। हालांकि, कांबली खुद सेंटर की सुविधाओं और वहां मिल रहे प्यार-सम्मान की तारीफ करते हुए नजर आए। सेंटर की सुविधाओं की तारीफ करते दिखाई दिए वीडियो में काबंली खुद सेंटर की सुविधाओं की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं। कांबली ने कहा कि वे फिलहाल ‘निदान’ में रह रहे हैं और यहां की सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। उन्होंने सेंटर की साफ-सफाई और वहां मिलने वाले व्यवहार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां रहते हुए उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं होता कि वे अपने घर से दूर हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से उन्हें बहुत प्यार और सम्मान मिल रहा है। कांबली को रही है स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें कांबली पिछले कुछ समय से बीमारी, पैसों की कमी और अपनी निजी जिंदगी की परेशानियों की वजह से लगातार खबरों में रहे हैं। इससे पहले भी उनके ऐसे वीडियो वायरल हुए थे जिनमें वे बिना किसी के सहारे चल भी नहीं पा रहे थे, जिसे देखकर भारतीय क्रिकेट फैंस बेहद दुखी हुए थे। कांबली का क्रिकेट करियर कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच और 104 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने वनडे क्रिकेट में 2477 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 14 अर्धशतक शामिल है। टेस्ट में 4 शतक के साथ उनके 1084 रन हैं। वे भारत के लिए 1993 से 2000 तक खेले। वे घरेलू क्रिकेट में आखिरी बार साल 2004 में नजर आए। कांबली ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 9665 रन बनाए। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 262 रन है। सचिन के साथ क्रिकेट में किया था डेब्यू कांबली और सचिन तेंदुलकर के बचपन के दोस्त हैं। दोनों ने मुंबई की मशहूर कांगा लीग में एकसाथ डेब्यू किया था। तेंदुलकर-कांबली ने स्कूल में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला था। दोनों ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी निभाई थी। इस साझेदारी में कांबली ने नॉटआउट 349 रन बनाए थे। यहीं से दोनों चर्चा में आए। तेंदुलकर ने 1988 में रणजी में डेब्यू किया था, जबकि कांबली को ये मौका एक साल बाद 1989 में मिला। विनोद कांबली ने कीं दो शादियां कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने पहली शादी एक क्रिश्चियन लड़की से की थी। नोएला नाम की लड़की से उनकी पहली शादी सफल नहीं हो सकी। फिल्मी दुनिया की तरफ आकर्षित हो चुके कांबली का दिल फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट पर आया। दोनों ने शादी की और अबतक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। जब मैदान पर रो पड़े थे कांबली 13 मार्च 1996 को कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल था। श्रीलंका ने 251 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम एक समय 98 रन पर एक विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में थी, लेकिन सचिन के आउट होने के बाद टीम का बल्लेबाजी क्रम ढह गया। टीम इंडिया ने 120 रनों पर 8 विकेट गंवा दिए थे। 35वां ओवर होना था और भारतीय टीम को 156 गेंदों पर 132 चाहिए था। विनोद कांबली 10 और अनिल कुंबले बगैर खाता खोले क्रीज पर मौजूद थे। इसके बाद दर्शकों ने मैदान पर बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। स्टेडियम के एक हिस्से में आग लगा दी। मैच रोक दिया गया और श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया गया। तब मैदान से लौटते समय कांबली रोने लगे।
मुकाबले में शामिल दूसरे भारतीय, नीरज चौहान और संजय यशदीप भोगे, इंडिविजुअल इवेंट में 20वें और 25वें स्थान पर रहे। नीरज ने 676 पॉइंट्स हासिल किए, जबकि संजय ने इवेंट में 665 पॉइंट्स हासिल किए।
राइफल 3पी में मेडल लाने से चूकीं तिलोत्तमा सेन
आइची, एशियन गेम्स 2026 में भारत की तिलोत्तमा सेन और विदर्शा के. विनोद व्यक्तिगत शूटिंग मेडल जीतने से चूक गईं। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा के रोमांचक फाइनल में वे मामूली अंतर से मेडल हासिल नहीं कर सकीं।
West Indies के खिलाफ वनडे सीरीज में Rohit Sharma और Virat Kohli पर रहेंगी निगाहें
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार से शुरू होने वाली तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की श्रृंखला में फिर से आकर्षण का केंद्र होंगे जबकि भारतीय टीम 2027 में होने वाले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को भी मौका देना चाहेगा। विश्व कप से पहले भारत को 14 से 20 वनडे मैच खेलने हैं (अगर विश्व कप से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है)। भारतीय टीम के लिए यह मैच काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे उसे अफ्रीकी महाद्वीप में होने वाले विश्व कप के लिए अपनी मजबूत 15 सदस्यीय टीम तैयार करने में मदद मिलेगी। भारत को यह तय करना होगा यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी को 50 ओवर के प्रारूप में बनाए रखा जाए या नहीं। कोहली के चोटिल हो जाने के कारण जायसवाल ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैच खेले। इस वजह से कप्तान शुभमन गिल को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करनी पड़ी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला में कोहली की वापसी के बाद गिल ने के फिर से पारी का आगाज किया। इस श्रृंखला के लिए जायसवाल को टीम में शामिल तक नहीं किया गया। अब बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने श्रेयस अय्यर और ईशान किशन के एशियाई खेलों के लिए जापान में होने से टीम में वापसी की है लेकिन टीम प्रबंधन इस पर गंभीरता से विचार करेगा कि क्या जायसवाल को पहले मैच से ही रोहित के साथ फिर से पारी का आगाज करने का मौका दिया जाए या रोहित-गिल की जोड़ी को ही बरकरार रखा जाए। रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ़ लॉर्ड्स में तूफानी शतक लगाकर अपने भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर कुछ समय के लिए विराम लगा दिया। रोहित इस बात से अच्छी तरह से वाकिफ होंगे कि वह अपनी लय बनाए रखें और कुछ और बड़ी पारियां खेलें, क्योंकि उन्हें पता होगा कि असफल होने पर उन पर आलोचक हावी हो जाएंगे। इसके विपरीत कोहली की स्थिति अधिक मजबूत है। वह सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे में 15000 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बनने के लिए 51 रन पीछे हैं। कोहली और रोहित दोनों ने शुक्रवार शाम को यहां नेट पर जिस तरह से करीब 20 मिनट तक बल्लेबाजी की, उससे उनकी ललक का पता चलता है। युवा खिलाड़ियों में गुरनूर बराड़ और औकिब नबी जैसे तेज गेंदबाज भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में विभिन्न मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। लेकिन इन दोनों के पास पर्याप्त अनुभव नहीं है। हार्दिक पंड्या चोटिल होने के कारण इस श्रृंखला से बाहर हो गए हैं और ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन उनकी गेंदबाजी में सुधार की गुंजाइश है। इस 23 वर्षीय ऑलराउंडर में छह वनडे मैचों में किसी भी मैच में अभी तक 10 ओवर भी नहीं फेंके हैं और हो सकता है कि इस श्रृंखला में उन्हें पूरा स्पेल करने का मौका मिल जाए। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने भी कहा कि रेड्डी के अधिक ओवर करने से टीम को फायदा होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम उन्हें ऑलराउंडर के तौर पर तैयार करते हैं तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा होगा। उनके पास अदद ऑलराउंडर बनने के लिए जरूरी प्रतिभा और क्षमता है।’’वेस्टइंडीज की बात करें तो उसे न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ लगातार घरेलू वनडे श्रृंखला में करीबी अंतर से हारने की निराशा को भूलना होगा। उसके खिलाड़ियों की मैच फीस में हाल में ही 25 प्रतिशत कटौती की गई थी और यह देखना बाकी है कि इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ता है या नहीं। टीम इस प्रकार हैं:भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रविंद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर। वेस्ट इंडीज: शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टि, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्डे, जस्टिन ग्रीव्स, आमिर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, विटेल लॉज़, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स। मैच दोपहर दो बजे शुरू होगा।
महिला कबड्डी टीम : देश को दिलाया तीसरा गोल्ड
नागोया, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में देश को तीसरा गोल्ड मेडल दिला दिया है। भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम ने हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।
46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 9वें राउंड में भारतीय मेंस टीम ने जर्मनी को 2.5-1.5 से हराया। भारत के लिए डी. गुकेश ने अलेक्जेंडर डोनचेंको को हराकर महत्वपूर्ण जीत दिलाई। इस रिजल्ट के बाद भारत 15 मैच-पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया। मेजबान उज्बेकिस्तान 16 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। गुकेश ने मुश्किल स्थिति से जीत दिलाई जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में एक समय भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में थी। निहाल सरीन की बाजी ड्रॉ हो चुकी थी, जबकि आर. प्रज्ञानानंद और अर्जुन एरिगैसी की बाजियां भी बराबरी पर थीं। गुकेश की स्थिति खराब थी। इसके बावजूद गुकेश ने खेल जारी रखा और डोनचेंको की गलती का फायदा उठाया। उन्होंने शानदार चाल चलते हुए बाजी की दिशा पलट दी और कुछ ही चालों में जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ भारत ने मैच 2.5-1.5 से अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान ने अमेरिका को हराया मेजबान उज्बेकिस्तान ने 9वें राउंड में अमेरिका को हराया। नोदिरबेक याकुबोव ने हंस नीमन के खिलाफ जीत दर्ज की। उज्बेकिस्तान 16 मैच-पॉइंट्स के साथ टॉप पर है। भारत के अलावा उज्बेकिस्तान की दूसरी टीम और आर्मेनिया के भी 15-15 पॉइंट्स हैं। विमेंस टीम ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया भारतीय विमेंस टीम ने 9वें राउंड में उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया। इस जीत के बाद भारत के 15 मैच-पॉइंट्स हो गए। चीन 17 पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर है। दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल ने भारत के लिए जीत दर्ज की। बी. सविता श्री की लगातार 7 जीत का सिलसिला ड्रॉ के साथ रुक गया। उन्होंने गुइल्डोना करीमोवा के खिलाफ बाजी बराबर की। कोनेरू हंपी की बाजी भी ड्रॉ रही। अगले राउंड में चीन से खेलेगी विमेंस टीम भारतीय मेंस टीम का अगला मुकाबला उज्बेकिस्तान की दूसरी टीम से होगा। विमेंस टीम चीन के खिलाफ खेलेगी। टूर्नामेंट में अब दो राउंड बाकी हैं। --------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड- भारत का टॉप पर पहुंचने का मौका छूटा:अजरबैजान ने 2-2 पर रोका, विमेंस में सविता श्री ने लगातार 7वां मैच जीता समरकंद में चल रहे 46वें FIDE चेस ओलिंपियाड के 8वें राउंड में डिफेंडिंग चैंपियन भारत की मेंस और विमेंस टीम को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। मेंस कैटेगरी में भारत को अजरबैजान ने 2-2 से रोका। विमेंस कैटेगरी में भी कजाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला 2-2 से बराबर रहा। भारत की मेंस टीम के पास टॉप पर पहुंचने का मौका था, लेकिन ड्रॉ के कारण यह मौका छूट गया। पूरी खबर
भारत की अनुभवी स्क्वैश खिलाड़ी जोशना चिनप्पा और सेंथिलुकमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। चिनप्पा इस बार महिला एकल का हिस्सा नहीं हैं। वह अब तक छह एशियन गेम्स मेडल जीत चुकी हैं।
Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह
भारत की युवा सनसनी अनाहत सिंह ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता के महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games Kabaddi: भारत ने Iran को 37-34 से हराकर जीता Gold
गत चैम्पियन भारत ने एशियाई खेलों की कबड्डी स्पर्धा में अपना दबदबा कायम रखते हुए ईरान को शनिवार को फाइनल में 37 . 34 से हराकर महिला वर्ग में चौथी बार स्वर्ण पदक जीत लिया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। भारत ने हाफ टाइम तक 22 . 16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26 . 27 कर दिया। भारत एक समय 27 . 22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27 . 26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34 . 28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। पुरूष टीम फाइनल में ईरान से ही खेलेगी। पुरूष और महिला की कबड्डी टीमों ने एक बार को छोड़कर हमेशा स्वर्ण पदक जीता है। पुरूष टीम भी जकार्ता में 2018 में फाइनल में ईरान से हारी थी लेकिन हांगझोउ में 2023 में खिताब फिर जीता।

