पाकिस्तान क्रिकेट टीम से 7 खिलाड़ियों की छुट्टी कर दी गई। इंग्लैंड दौरे पर लगातार दूसरी हार के बाद यह बदलाव देखने को मिला। PCB के इस फैसले की पूर्व कप्तान रमीज राजा ने आलोचना की है।
भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए अपनी टीम की घोषणा कर दी है। वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर टीम में जगह मिली है। श्रेयस अय्यर को ही कप्तान बनाया गया है, जबकि संजू सैमसन और ईशान किशन विकेटकीपर के रूप में टीम में शामिल हैं। सीरीज का पहला मैच 13 सितंबर को खेला जाएगा। इस सीरीज के सभी मुकाबले नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे। 7 प्लेयर्स की टीम में वापसी भारतीय टीम में 7 खिलाड़ियों की वापसी हुई है। इनमें जसप्रीत बुमराह, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल शामिल हैं। हार्दिक पंड्या को टीम में जगह नहीं मिली है। वह चोट से उबर रहे हैं। जिम्बाब्वे दौरे पर टीम का हिस्सा रहे 8 प्लेयर्स को बाहर किया गया है। इनमें रिंकू सिंह, प्रभसिमरन सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अशोक शर्मा और यश ठाकुर के नाम हैं। 4 खिलाड़ियों का खेलना फिटनेस पर निर्भर जसप्रीत बुमराह, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा का खेलना फिटनेस पर निर्भर करेगा। ये सभी चोट से वापसी कर रहे हैं। बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण टीम से बाहर हो गए थे। वे श्रीलंका के खिलाफ भारत की दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी नहीं खेल सके थे। भारत की टी-20 टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर )ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी*, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा*। अफगानिस्तान पहले ही टीम जारी कर चुका इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेद्दीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, नूर रहमान, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांग्याल खरोती, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, नवीन उल हक, अब्दुल्लाह अहमदजई। रिजर्व खिलाड़ी: शाहिदुल्लाह कमाल, फरीद अहमद मलिक, इजाज अहमदजई।
मोहम्मद शमी ने कातिलाना गेंदबाजी से बरपाया कहर, फिर भी नहीं मिल रही टीम इंडिया में एंट्री
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन से खेल रहे मोहम्मद शमी ने जबरदस्त गेंदबाजी। इतना ही नहीं, उन्होंने चौका लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई और उसे फाइनल में भी पहुंचा दिया।
Premier League में Arsenal ने एस्टन विला को 1-0 से हराया, बुकायो साका ने दागा विजयी गोल
आर्सेनल ने एस्टन विला को 1-0 से हराकर प्रीमियर लीग फुटबॉल टूर्नामेंट में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा, जबकि बार्सिलोना और रोमा ने क्रमश: स्पेन और इटली में शानदार जीत दर्ज की। मौजूदा चैंपियन आर्सेनल ने बुकायो साका के 59वें मिनट में किए गए गोल के दम पर तीन अंक हासिल किए। उधर ला लिगा में लामिन यामल और राफिन्हा दोनों ने दो-दो गोल किए जिससे बार्सिलोना ने रायो वैलेकानो को 5-2 से हराकर अपने घरेलू मैदान पर लगातार 21वीं जीत दर्ज की। इस जीत से बार्सिलोना गोल अंतर के आधार पर रियाल मैड्रिड से आगे निकलकर लीग तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। इटली की लीग सीरी ए में डोनेल मालेन ने दो मैचों में अपने गोल की संख्या पांच तक पहुंचा दी। उनके शानदार प्रदर्शन से रोमा ने लेचे के खिलाफ 4-0 से जीत हासिल की। इसे भी पढ़ें: Barcelona का Julian Alvarez पर बड़ा दांव, President Laporta बोले- डील के लिए आखिरी समय तक करेंगे इंतज़ार मालेन ने रोमा की फियोरेंटीना के खिलाफ शुरुआती मैच में जीत में हैट्रिक लगाई थी।
रणजी ट्रॉफी में सिद्धेश लाड बने मुंबई के कप्तान, शार्दुल ठाकुर की ली जगह
... देवार्चित वर्मा...मुंबई, एक सितंबर मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज सिद्धेश लाड को आगामी रणजी ट्रॉफी सत्र के लिए शार्दुल ठाकुर की जगह मुंबई का कप्तान नियुक्त किया गया है जबकि सीमित ओवरों के घरेलू टूर्नामेंटों में श्रेयस अय्यर या सूर्यकुमार यादव में से किसी एक को टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है। यह फैसला दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। ठाकुर को कार्यभार प्रबंधन के तहत कप्तानी से हटाया गया है। उनकी कप्तानी में 42 बार की रणजी ट्रॉफी विजेता मुंबई की टीम क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक से हार कर बाहर हो गई थी। मुंबई टीम प्रबंधन का लक्ष्य ठाकुर को लाल गेंद वाली टीम के प्रमुख गेंदबाज के रूप में अधिकतम प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करना है। ठाकुर ने अतीत में मुश्किल परिस्थितियों में बल्ले से भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुंबई लगातार दूसरे सत्र में नए कप्तान की अगुवाई में रणजी ट्रॉफी में उतरेगी। 2025-26 सत्र से पहले ठाकुर ने अजिंक्य रहाणे की जगह टीम की कमान संभाली थी। सभी प्रारूपों से इस साल जुलाई में संन्यास लेने वाले रहाणे ने 2023-24 सत्र में मुंबई को रिकॉर्ड 42वां रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया था। फाइनल में मुंबई ने विदर्भ को हराकर खिताब अपने नाम किया था। सफेद गेंद के घरेलू क्रिकेट में भी मुंबई अपने नेतृत्व विकल्पों का अधिकतम इस्तेमाल करना चाहेगी। भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के मौजूदा कप्तान श्रेयस अय्यर और उनके पूर्ववर्ती सूर्यकुमार यादव, दोनों कप्तानी की दौड़ में हैं। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘‘सफेद गेंद की कप्तानी के लिए हमारे पास श्रेयस अय्यर और सूर्यकुमार यादव, दोनों विकल्प हैं, लेकिन यह उनकी उपलब्धता पर निर्भर करेगा।’’अय्यर ने इससे पहले भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव से संभाली है। सूर्यकुमार ने इसी साल फरवरी में भारत को टी20 विश्व कप में लगातार दूसरी और कुल तीसरी खिताबी जीत दिलाई थी। अय्यर ने 2024-25 सत्र में मुंबई को सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी का खिताब भी दिलाया था। रणजी सत्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी और मुंबई की टीम एलीट ग्रुप डी के अपने पहले मुकाबले में चंडीगढ़ से भिड़ेगी। इस ग्रुप में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, रेलवे, तमिलनाडु और उत्तराखंड की टीमें भी शामिल हैं। चौतीस वर्षीय लाड को दबाव की परिस्थितियों में शांत और संयमित रहने के साथ-साथ लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता के कारण मुंबई का नया कप्तान चुना गया है। लाड 2022-23 सत्र में गोवा से जुड़े थे, लेकिन वहां एक साल बिताने के बाद मुंबई लौट आए। 2023-24 सत्र में अनिवार्य एक साल का ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ पूरा करने के बाद उन्होंने 2024-25 सत्र में फिर से मुंबई का रुख किया और टीम में वापसी की। पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में उन्होंने आठ मैचों में 77.40 की औसत से 774 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने पांच शतक और एक अर्धशतक लगाया था।।
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची ईस्ट जोन की टीम, ईशान किशन के पास एक और खिताब जीतने का मौका
ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को हराकर दलीप ट्रॉफी के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम के कप्तान ईशान किशन हैं, जो आखिर तक नाबाद रहे और अपनी टीम को जीत भी दिलाने में कामयाब रहे।
विमेंस एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन के साथ श्रीलंकाई कप्तान चामरी अट्टापट्टू आईसीसी विमेंस टी20 प्लेयर रैंकिंग में तीनों कैटेगरी में अपने करियर की बेस्ट रेटिंग प्वाइंट्स तक पहुंच गई हैं।
पाकिस्तान टेस्ट टीम में भूचाल के बाद मिस्बाह-उल-हक का सिलेक्टर पद से इस्तीफा
पाकिस्तान क्रिकेट टीम में हड़कंप मचा हुआ है। इंग्लैंड दौरे पर करारी शिकस्त झेलने के बाद से टीम में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।
लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, वीडियो में बोले- पिता की मौत के बाद लगा यही सही समय
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बेन स्टोक्स पूरे BBL सीजन में खेलेंगे:एडिलेड स्ट्राइकर्स से जुड़े, सिडनी थंडर के खिलाफ पहला मैच
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद बेन स्टोक्स बिग बैश लीग की टीम एडिलेड स्ट्राइकर्स से जुड़े हैं। वे फ्रेंचाइजी के साथ 5 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में जुड़े। एग्रीमेंट के अनुसार, अगर स्ट्राइकर्स क्वालिफाई करते हैं, तो स्टोक्स टूर्नामेंट के आखिरी दौर तक टीम के साथ रहेंगे। इस सीजन का फाइनल 26 जनवरी 2027 को होगा। स्टोक्स ने आखिरी बार 2015 की शुरुआत में BBL मैच खेला था। 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए IPL खेलने के बाद से उन्होंने कोई T20 क्रिकेट नहीं खेला है। BBL ने इस पोस्ट के लिए स्टोक्स की वापसी का ऐलान किया… स्टोक्स ने खुद स्ट्राइकर्स को चुना स्टोक्स ने BBL में लौटने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद साउथ ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट एसोसिएशन (SACA) के क्रिकेट जनरल मैनेजर साइमन इंस्ली ने उनसे बातचीत की। स्टोक्स को सिडनी सिक्सर्स और मेलबर्न रेनेगेड्स जैसी टीमों भी अपने साथ जोड़ना चाहती थीं। स्ट्राइकर्स अभी दो अन्य बड़े नामों के साथ बातचीत कर रहे हैं। टीम को उम्मीद है कि जल्द ही उनके साथ जुड़ने की पुष्टि कर दी जाएगी। उनका पहला मैच कैनबरा में सिडनी थंडर के खिलाफ होगा। स्टोक्स का परिवार भी साथ रहेगा SACA के मुताबिक, एडिलेड ओवल और एडिलेड शहर के लिए स्टोक्स का लगाव करार तय होने में अहम रहा। बाएं हाथ के बल्लेबाज स्टोक्स के एडिलेड में डेढ़ महीने के प्रवास के दौरान उनका परिवार भी उनके साथ रहने की उम्मीद है। SACA के एक सूत्र ने कहा, ‘बेन आगामी BBL सीजन में स्ट्राइकर्स की नीली जर्सी पहनने और सच्चे दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई की तरह रहने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।’ स्ट्राइकर्स में मैट शॉर्ट समेत कई लोकल प्लेयर्स BBL में निजी निवेश को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। इस बीच बड़े नाम वाले विदेशी खिलाड़ियों को जोड़ना लीग की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्टोक्स स्ट्राइकर्स के ड्रेसिंग रूम में ऑस्ट्रेलिया के नियमित सीमित ओवरों के खिलाड़ी मैट शॉर्ट के साथ रहेंगे। टीम में जेसन सांघा, लियाम स्कॉट, हेनरी थॉर्नटन और मैकेंजी हार्वे जैसे स्थानीय खिलाड़ी भी हैं। फिलहाल टीम में एलेक्स कैरी का नाम भी शामिल है। हालांकि, टेस्ट सीजन और भारत के टेस्ट दौरे के कार्यक्रम को देखते हुए उनके इस सीजन में खेलने की संभावना कम है। भारत का दौरा सिडनी में नए साल के टेस्ट के तुरंत बाद शुरू होगा। टिम पेन की कोचिंग में खेलेंगे स्टोक्स एडिलेड टीम का हिस्सा बनने के बाद स्टोक्स को टिम पेन की कोचिंग में खेलने का मौका मिलेगा। पेन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट कप्तान हैं और एशेज क्रिकेट में स्टोक्स के खिलाफ खेल चुके हैं। 2019 में जब हेडिंग्ले में स्टोक्स ने अपनी सबसे यादगार पारियों में से एक खेली थी, तब पेन ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान संभाल रहे थे। पेन ने कहा, ‘बेन क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक हैं। वह मैच जिताने की क्षमता रखने वाले ऐसे खिलाड़ी हैं, जो दबाव में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।’ ------------------------------------------------------
यूएस ओपन का ‘हैश कोर्ट':गांजे की गंध से भटक रहा है खिलाड़ियों का ध्यान; 2014 से शिकायत
न्यूयॉर्क के फ्लशिंग मीडोज में टेनिस का प्रतिष्ठित टूर्नामेंट ‘यूएस ओपन’ खेला जा रहा है। यहां खिलाड़ियों को सिर्फ अपने विरोधियों से ही नहीं, बल्कि एक और अजीबोगरीब ‘चुनौती’ से जूझना पड़ रहा है। यह चुनौती है- गांजे की तेज गंध। बिली जीन किंग नेशनल टेनिस सेंटर का कोर्ट नंबर-17 कोरोना पार्क की सीमा के काफी करीब है और ग्राउंड लेवल से थोड़ा नीचे बना है। पार्क से सटी बाउंड्री के कारण कोर्ट पर गांजे की गंध इतनी तेज आती है कि कई खिलाड़ियों ने मैच के बीच में ध्यान भटकने की शिकायत की है। डेनिश मीडिया ने गांजे की उड़ती हुई महक के कारण इसे ‘हैश कोर्ट’ का नाम दे दिया है। 2023 में जर्मनी के स्टार खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने तो इस कोर्ट को ‘स्नूप डॉग का लिविंग रूम’ तक कह दिया था। स्नूप डॉग मशहूर अमेरिकी रैपर हैं जो गांजे के शौक के लिए जाने जाते हैं। रविवार को अमेरिकी वाइल्डकार्ड खिलाड़ी कैरोल ली से भिड़ने वाली ब्रिटिश नंबर-1 महिला खिलाड़ी कैटी बोल्टर ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। दुनिया की 60वें नंबर की खिलाड़ी बोल्टर ने कहा, ‘प्रैक्टिस कोर्ट और पार्क के पास वाले कोर्ट्स पर गांजे की गंध बहुत ज्यादा आती है। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है। मैंने पहले भी कोर्ट-17 पर खेला है और मैच के बीच में इस गंध से मेरा ध्यान भटकता है। आप फोकस करने की कोशिश कर रहे होते हैं और अचानक यह गंध आपको उस पल से बाहर निकाल देती है।’ हालांकि, कुछ खिलाड़ी इस स्थिति को मजाकिया अंदाज में भी ले रहे हैं। शुक्रवार को कोर्ट-15 पर जोआना गारलैंड को हराकर क्वालिफाई करने वाली ब्रिटिश खिलाड़ी फ्रैन जोन्स ने अपना किस्सा शेयर किया। जोन्स ने कहा, ‘पिछले साल क्वालिफायर्स के पहले राउंड में मैंने मजाक में पूछा था कि क्या यह गंध आना सामान्य है? जब मुझे हां में जवाब मिला तो मैंने कहा- तो कोई अचरज नहीं कि मैं इतना अच्छा खेल रही हूं।’ जोन्स ने मजाक में कहा कि कभी-कभी उन्हें लगता है कि वह भ्रम (hallucination) का शिकार हो रही हैं। वहीं, एक अन्य ब्रिटिश खिलाड़ी हैरियट डार्ट ने कहा, ‘आखिर यह न्यूयॉर्क है। आप कहीं भी घूमें, यह महक हर जगह है।’ पहले भी कई दिग्गज खिलाड़ी दर्ज करा चुके हैं शिकायत - यूएस ओपन में यह गंध पहली बार मुद्दा नहीं बनी है। 2021 में न्यूयॉर्क में मारिजुआना लीगल होने से बहुत पहले, 2014 में ही मार्टिना हिंगिस ने ग्रैंडस्टैंड पर खेलते हुए शिकायत की थी। 2022 में निक किर्गियोस ने अंपायर से शिकायत की थी कि कोर्टसाइड पर किसी दर्शक के गांजा पीने से उनका अस्थमा ट्रिगर हो रहा है। 2023 में ग्रीस की मारिया सकारी और दिग्गज नोवाक जोकोविच ने भी इस महक को लेकर अंपायर से शिकायत दर्ज कराई थी। - यूएस ओपन परिसर (बिली जीन किंग नेशनल टेनिस सेंटर) के अंदर धूम्रपान सख्त वर्जित है। लेकिन न्यूयॉर्क में 21 साल से अधिक उम्र के वयस्कों के लिए गांजा पीना कानूनी रूप से वैध है। आयोजक यूएस टेनिस एसोसिएशन ने कहा, ‘हम अपनी बाउंड्री के बाहर होने वाली चीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं। हालांकि, हम न्यूयॉर्क पुलिस और पार्क विभाग के साथ लगातार काम कर रहे हैं ताकि फेंसिंग के पास धूम्रपान को कम किया जा सके।’
पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सिलेक्शन कमेटी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बोर्ड को ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा भेजा। यह फैसला PCB की ओर से टेस्ट टीम और टीम मैनेजमेंट में बड़े बदलाव किए जाने के अगले दिन आया है। क्रिकइंफो के मुताबिक, PCB ने अभी मिस्बाह का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने लाहौर की नेशनल क्रिकेट अकादमी में बैटिंग सलाहकार का पद छोड़ने का फैसला भी किया है। PCB ने 7 खिलाड़ियों को टेस्ट टीम से रिलीज किया पाकिस्तान तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से पीछे है। लॉर्ड्स में 194 रन से हार के बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले सोमवार को सात खिलाड़ियों को टीम से रिलीज कर दिया। बोर्ड ने हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी उनके पद से हटा दिया। टेस्ट टीम और मैनेजमेंट में बदलाव तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाएगा। टीम से रिलीज किए गए खिलाड़ियों में मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान आगा, अली उस्मान, आमेर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं। इनकी जगह पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है। इनमें अराफात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बैग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रजाउल्लाह शामिल हैं। इनके अलावा सईम अयूब और अब्दुल्ला फजल भी टेस्ट टीम से जुड़ेंगे। व्हाइट-बॉल टीम के हेड कोच माइक हेसन और बॉलिंग कोच एश्ले नॉफ्के को टेस्ट कोचिंग स्टाफ में शामिल किया गया है। मार्च में सिलेक्शन कमेटी का हिस्सा बने थे मिस्बाह को इसी साल मार्च में चार सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी में शामिल किया गया था। कमेटी में उनके अलावा आकिब जावेद, सरफराज अहमद और असद शफीक हैं। इसके साथ ही मिस्बाह का PCB के साथ साल में 180 दिन काम करने वाला बैटिंग सलाहकार का कॉन्ट्रैक्ट भी था। PCB में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं मिस्बाह 2017 में पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट कप्तान के तौर पर संन्यास लेने के बाद मिस्बाह ने PCB में कई जिम्मेदारियां संभालीं। 2019 में उन्हें हेड कोच और चीफ सेलेक्टर की दोहरी जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने अक्टूबर 2020 तक दोनों पदों पर काम किया।
मिस्बाह-उल-हक ने इंग्लैंड दौरे के बीच पाकिस्तान की पुरुष राष्ट्रीय चयन समिति से इस्तीफा देने की पेशकश की है। यह फैसला PCB की ओर से टेस्ट टीम और टीम मैनेजमेंट में बड़े बदलाव करने के अगले दिन आया है। क्रिकइंफो को जानकारी मिली है कि PCB ने अभी मिस्बाह का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने लाहौर की नेशनल क्रिकेट अकादमी में बैटिंग सलाहकार का पद छोड़ने का भी फैसला किया है। पाकिस्तान तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 से पीछे है। लॉर्ड्स में 194 रन से हार के बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले टेस्ट टीम से सात खिलाड़ियों को बाहर किया और सरफराज अहमद व उमर गुल को क्रमश: हेड कोच और बॉलिंग कोच के पद से हटा दिया। टेस्ट टीम और मैनेजमेंट में बदलाव तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना है। टीम से रिलीज किए गए सात खिलाड़ियों में मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान आगा, अली उस्मान, आमेर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं। पांच ऐसे खिलाड़ी, जिन्हें अभी टेस्ट डेब्यू नहीं करना है, टीम में शामिल होंगे। इनमें अराफात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बैग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रजाउल्लाह के नाम हैं। इनके साथ सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल भी टेस्ट टीम में जुड़ेंगे। व्हाइट-बॉल टीम के हेड कोच माइक हेसन और बॉलिंग कोच एश्ले नॉफ्के को टेस्ट कोचिंग स्टाफ में शामिल किया गया है। PCB में मिस्बाह की भूमिकाएं 2017 में पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट कप्तान के तौर पर संन्यास लेने के बाद मिस्बाह ने PCB में कई जिम्मेदारियां संभालीं। 2019 में उन्हें हेड कोच और चीफ सेलेक्टर की दोहरी जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने अक्टूबर 2020 तक दोनों पदों पर काम किया। इसके बाद उन्होंने चीफ सेलेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह हेड कोच की जिम्मेदारी पर ध्यान देने लगे। अगले साल उन्होंने हेड कोच का पद भी छोड़ दिया। दो साल बाद तत्कालीन एडहॉक मैनेजमेंट कमेटी के प्रमुख जका अशरफ ने उन्हें सलाहकार बनाया। इसके बाद से वह PCB से जुड़े रहे। घरेलू क्रिकेट में भी निभाई जिम्मेदारी मौजूदा मैनेजमेंट के 2024 में कार्यभार संभालने के बाद मिस्बाह को अब समाप्त हो चुके पुरुष चैंपियंस कप के पांच मेंटर्स में शामिल किया गया था। उन्होंने घरेलू प्रतियोगिताओं में महिला टीमों को भी मेंटर किया। पिछले महीने मुल्तान में शाहीन अफरीदी की कप्तानी में नेशनल चैंपियंस कप का 50 ओवर वाला खिताब जीतने वाली पाकिस्तान गोल्ड टीम के कोच भी मिस्बाह ही थे। इस साल मार्च में मिस्बाह को चार सदस्यीय चयन समिति में शामिल किया गया था। इस समिति में आकिब जावेद, सरफराज अहमद और असद शफीक भी हैं। मिस्बाह का PCB के साथ साल में 180 दिन काम करने वाला बैटिंग सलाहकार का कॉन्ट्रैक्ट भी था।
'यादों के लिए धन्यवाद', जय शाह ने लियोनेल मेसी को शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए शुभकामना दी
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह ने मंगलवार को अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद उनके शानदार करियर के लिए उन्हें बधाई दी है।
Lionel Messi Retirement: 21 साल, 207 मैच और 125 गोल; आंकड़ों में देखें शानदार International Career
सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक लियोनेल मेस्सी ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की और इस तरह से यह स्टार स्ट्राइकर अब अर्जेंटीना की तरफ से खेलता हुआ नहीं दिखेगा।मेस्सी ने अर्जेंटीना की तरफ से 21 साल के अपने सफ़र में कई उपलब्धियां हासिल की। उनके आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं।एक: मेस्सी ने एक बार 2022 में कतर में विश्व कप जीता है। उनके रहते हुए अर्जेंटीना की टीम दो बार 2014 और 2026 में फाइनल में पहुंची थी, जहां उसे क्रमशः जर्मनी और स्पेन से हार का सामना करना पड़ा था। छह : मेस्सी ने छह विश्व कप (2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026) में हिस्सा लिया, जो उनके लंबे समय के प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बराबर है।21: मेस्सी ने छह विश्व कप में कुल 21 गोल किए। वह फ्रांस के किलियन एमबाप्पे के बाद दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने तीन विश्व कप में 22 गोल किए हैं। 39: मेस्सी ने 39 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने अगस्त 2005 में हंगरी के खिलाफ एक मैत्री मैच में अर्जेंटीना के लिए पदार्पण करने के 21 साल बाद संन्यास लिया। उस मैच में वह मुश्किल से एक मिनट खेल पाए थे। उन्हें एक प्रतिद्वंद्वी को कोहनी मारने के लिए मैदान से बाहर भेज दिया गया था।125: मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 125 गोल किए हैं, जो अर्जेंटीना के किसी भी अन्य खिलाड़ी द्वारा किए गए गोल की संख्या से दोगुने से भी अधिक है। पिछला रिकॉर्ड गैब्रियल बतिस्तुता के नाम था, जिन्होंने 1991 से 2002 तक 78 मैचों में 54 गोल किए थे। पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146 गोल) के नाम पर दर्ज है। मेस्सी का नंबर उनके बाद आता है। 207: मेस्सी ने 207 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले लेकिन यह रिकॉर्ड नहीं है। इस सूची में भी वह पुर्तगाल के लिए 233 मैच खेलने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद दूसरे नंबर पर हैं।
ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने पहली पारी से ही सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। मोहम्मद शमी ने पहली पारी में 2 विकेट हासिल किए, जबकि मुकेश कुमार ने 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों के लिए लगातार अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी कर रही इस जोड़ी का सामना करना आसान नहीं रहा।
Lionel Messi के रिटायरमेंट पर Jay Shah बोले- एक युग का हुआ अंत, दी भावुक विदाई
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन जय शाह ने अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनेल मेसी के इंटरनेशनल फुटबॉल से रिटायरमेंट पर उन्हें विदाई दी और भारत में मेसी की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान हुई अपनी मुलाकात को याद किया। इंस्टाग्राम पर लिखते हुए, शाह ने मेसी के शानदार करियर की तारीफ़ की और उनके विनम्र स्वभाव का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक युग को परिभाषित करने वाला इंटरनेशनल सफ़र अब खत्म हो रहा है। भारत में आपकी ऐतिहासिक यात्रा के दौरान हुई हमारी मुलाकात को याद करते हुए, मैदान पर आपकी बेमिसाल प्रतिभा के साथ-साथ आपका बेहद विनम्र स्वभाव भी खास तौर पर याद आता है। इसे भी पढ़ें: England से हार के बाद Pakistan का महा बदलाव: 7 खिलाड़ी बाहर, Coaching Staff में फेरबदल शाह ने मेसी को भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट करने को गर्व का पल बताया, जो खेल की दो अलग-अलग दुनियाओं के बीच जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि व्यक्तिगत रूप से आपको हमारे देश की जर्सी भेंट करना खेल की दुनिया के बीच एक गर्व भरा पल है। इन यादों के लिए धन्यवाद, @leomessi। आपके अगले सफ़र के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ! मेसी ने 31 अगस्त को 39 साल की उम्र में इंटरनेशनल फ़ुटबॉल से संन्यास की घोषणा की, जिससे अर्जेंटीना के साथ उनका लंबा सफ़र खत्म हुआ। वह देश के लिए सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाले और सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं; उन्होंने 203 मैच खेले और 124 गोल किए। उनके नाम साउथ अमेरिकन फ़ुटबॉल के इतिहास में सबसे ज़्यादा गोल करने का रिकॉर्ड भी है। कई बार जीत के करीब पहुँचकर चूकने के बाद – जिसमें 2014 फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप फ़ाइनल में जर्मनी से हार भी शामिल है – मेसी ने 2022 में वर्ल्ड कप जीता। उन्होंने फ़ाइनल में किलियन एम्बाप्पे की फ़्रांस के ख़िलाफ़ अर्जेंटीना को जीत दिलाई। इससे अर्जेंटीना को 36 साल बाद अपना पहला और कुल मिलाकर तीसरा वर्ल्ड कप ख़िताब मिला। उन्होंने 2021 में कोपा अमेरिका जीतकर और वर्ल्ड कप जीतने के बाद 2024 में उस खिताब को बचाकर अर्जेंटीना के 28 साल के खिताबी सूखे को खत्म करने में भी अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें: India A के खिलाफ सीरीज के लिए 14 सदस्यीय Australia A टीम घोषित, 22 सितंबर से पुडुचेरी में मुकाबले इससे पहले, 2016 में कोपा अमेरिका के फाइनल में चिली से हारने के बाद मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले लिया था, लेकिन उन्होंने अपना फैसला बदल लिया और बाद में छह साल बाद अर्जेंटीना को कतर में वर्ल्ड कप जिताया। 2022 के फाइनल में, मेसी ने दो गोल किए और एक पेनल्टी को गोल में बदला, जिससे रेगुलर समय में 3-3 से बराबरी के बाद टीम को 4-2 से जीत मिली। मेसी ने 2006 से 2026 के बीच छह फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और 34 मैचों में 21 गोल किए। वह वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरे सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं; उनसे आगे फ्रांस के एम्बाप्पे हैं, जिनके नाम 22 गोल का रिकॉर्ड है। For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद बेन स्टोक्स ने उठा लिया है अब ये बड़ा कदम, आईपीएल में भी…
खेल डेस्क। हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स लम्बे समय के बाद एक बार फिर से बिग बैश लीग के आगामी सीजन में खेलते हुए नजर आएंगे। इस दिग्गज ने लीग में खेलने के लिए एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ करार किया है। वह लगभग 12 साल के बाद बिग बैश लीग में खेलते नजर आएंगे। स्टोक्स ने बीबीएल में साल 2014-15 में मेलबर्न रेनेगेड्स का प्रतिनिधित्व किया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने जानकारी दी कि बेन स्टोक्स आगामी बीबीएल सीजन के लिए आधिकारिक रूप से एडिलेड स्ट्राइकर्स टीम से जुड़ गए हैं। वह पूरे टूर्नामेंट के दौरान खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे और इस सीजन के लिए उन्हें करीब AUD $500,000 (लगभग 5 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) यानी 3.41 करोड़ रुपए का वेतन मिलेगा। माना जा रहा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब बेन स्टोक्स अब इंडियन प्रीमियर लीग में भी पूरे सीजन के दौरान खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
मुकेश कुमार ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में फेंके 14 नो बॉल, मैच में झटके 7 विकेट
दलीप ट्रॉफी 2026 का पहला सेमीफाइनल मैच ईस्ट जोन और सेन्ट्रल जोन के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 7 विकेट अपने नाम किए।
'खेल तुम्हें हमेशा याद रखेगा': Yuvraj-Kuldeep ने Football Legend Messi को कहा अलविदा
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अर्जेंटीना के लिए दो दशक के शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद संन्यास लेने वाले महान फुटबॉलर और FIFA वर्ल्ड कप विजेता लियोनेल मेसी की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि 'मैच की आखिरी सीटी बजने के काफी समय बाद भी' खेल उन्हें याद रखेगा। अर्जेंटीना के लिए दो दशक के शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद इस महान फॉरवर्ड खिलाड़ी ने संन्यास ले लिया और अपने पीछे अनगिनत यादगार पल छोड़े। इसे भी पढ़ें: England से हार के बाद Pakistan का महा बदलाव: 7 खिलाड़ी बाहर, Coaching Staff में फेरबदल युवराज ने इंस्टाग्राम पर मेसी के शानदार करियर को सम्मान देते हुए एक स्टोरी पोस्ट की और लिखा कि ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो इतिहास रचते हुए ही महान खिलाड़ी (लीजेंड) बन जाते हैं। लियो, तुम भी उन्हीं में से एक हो। क्या शानदार करियर रहा है! आखिरी सीटी बजने के बाद भी खेल तुम्हें हमेशा याद रखेगा। भारतीय स्पिनर और बार्सिलोना के फ़ैन कुलदीप यादव ने भी मेसी के अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में रोसारियो के एक छोटे से लड़के से लेकर वर्ल्ड कप चैंपियन बनने तक के उनके सफ़र को दिखाया गया था। वीडियो का कैप्शन था, ओब्रिगाडो लियो (Obrigado Leo), जिसका मतलब है थैंक यू, लियो। एक लिखित बयान में मेसी ने कहा फाइनल के बाद इतना समय बीतने और काफ़ी सोचने-विचारने के बाद, मैं सभी को बताना चाहता हूँ कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूँ। यह एक ऐसा फ़ैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूँ कि यही सही समय है। उन्होंने आगे कहा कि मैं कसम खाता हूँ कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया है - न सिर्फ़ उन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ झोंक दिया, ताकि आपको खुशियाँ दे सकूँ और फ़ुटबॉल के ज़रिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूँ। इसे भी पढ़ें: India A के खिलाफ सीरीज के लिए 14 सदस्यीय Australia A टीम घोषित, 22 सितंबर से पुडुचेरी में मुकाबले लियोनेल मेसी ने माना कि टीम से अलग होना उन्हें बहुत दुख देता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना सब कुछ दे दिया है और अब देने के लिए कुछ नहीं बचा है। उन्होंने टीम के उभरते हुए टैलेंट की भी बात की और कहा कि वे यहां रहने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि अब ज़्यादा समय नहीं बचा है और ज़िंदगी के अलग-अलग पड़ाव खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा ही पड़ाव है जो मुझे बहुत दुख देता है। मुझे नेशनल टीम का हिस्सा रहना पसंद है, हमेशा पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया है और अब देने के लिए कुछ नहीं बचा है। साथ ही, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां रहने के हकदार हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
रांची के अरगोड़ा चौक पर सब्जी तौलते अमरदीप कुमार का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। वीडियो में एक तरफ अमरदीप ग्राहकों को सब्जी तौलते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ उनके पीछे दीवार पर देश के लिए जीते गए कई मेडल टंगे दिखाई देते हैं। यह तस्वीर सिर्फ एक खिलाड़ी की मजबूरी नहीं, बल्कि संघर्ष, हौसले और व्यवस्था के बीच खड़ी एक कड़वी सच्चाई भी दिखाती है। थ्रोबॉल खिलाड़ी हैं अमरदीप अमरदीप कोई सामान्य दुकानदार नहीं हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थ्रोबॉल खिलाड़ी हैं। देश के लिए स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। कभी खेल के मैदान में तिरंगा ऊंचा करने वाले अमरदीप आज परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए सब्जी बेच रहे हैं। उनकी कहानी यह सोचने को मजबूर करती है कि देश के लिए पदक जीतने के बाद खिलाड़ियों की जिंदगी कितनी सुरक्षित होती है। हालांकि, परिस्थितियों ने उनके हाथ में तराजू जरूर थमाया है, लेकिन खेल और देश के लिए कुछ कर गुजरने का उनका जज्बा आज भी कायम है। 2015 में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक अमरदीप ने वर्ष 2013 में थ्रोबॉल खेलना शुरू किया था। सीमित संसाधनों और किसी बड़े सपोर्ट सिस्टम के बिना उन्होंने मेहनत और लगन से अपना खेल निखारा। उनकी मेहनत का परिणाम वर्ष 2015 में सामने आया, जब उनका चयन जूनियर एशियाई चैंपियनशिप के लिए हुआ। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए अमरदीप ने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। यह उपलब्धि उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट बनी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खेलते हुए उन्होंने कई बार तिरंगा लहराया और झारखंड के साथ देश का नाम रोशन किया। लेकिन मेडल जीतने की चमक के पीछे आर्थिक संघर्ष लगातार चलता रहा। अमरदीप के माता-पिता आज भी सब्जी बेचकर परिवार का जीवनयापन करते हैं। पिता के अनुसार, बेटे को प्रतियोगिताओं में भेजने के लिए परिवार को कई बार कर्ज तक लेना पड़ा। उनका कहना है कि बेटे के देश के लिए खेलने के जुनून के सामने वे पीछे नहीं हटे, लेकिन हर प्रतियोगिता से पहले पैसों की चिंता जरूर सताती रही। एशियाई चैंपियनशिप में भी जीता गोल्ड बातचीत में पता चला परिवार ने कई बार उधार लेकर अमरदीप को देश और विदेश की प्रतियोगिताओं में भेजा है। बेटे ने भी परिवार की उम्मीदों को जीत में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन आर्थिक सहयोग का स्थायी सहारा उन्हें नहीं मिल सका। अमरदीप का चयन नेपाल में होने वाली सीनियर थ्रोबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ था। यह प्रतियोगिता नेपाल में न होकर रांची में जून महीने में हुई। इस प्रतियोगिता में भी अमरदीप ने गोल्ड हासिल किया। अमरदीप कहते हैं कि सब्जी बेचकर परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ वह खेल से जुड़े रहने और देश के लिए फिर पदक जीतने का सपना संजोए हुए हैं। उनकी यही जिद और संघर्ष युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मुश्किल हालात लक्ष्य की राह रोक सकते हैं, सपने नहीं। सरकार से मदद की उम्मीद, नहीं बन रही बात अमरदीप ने झारखंड सरकार, खेल निदेशालय और खेल विभाग को लिखित रूप से सहयोग की मांग की है। उनका कहना है कि थ्रोबॉल जैसे खेलों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। विभागीय स्तर पर कई बार यह कहकर मामला टाल दिया जाता है कि थ्रोबॉल ओलंपिक खेल नहीं है, इसलिए इसे प्राथमिकता सीमित मिलती है। दूसरी ओर, खेल निदेशालय का कहना है कि इस खेल के लिए भी राज्य सरकार में कुछ प्रावधान हैं और किस मद से खिलाड़ियों को लाभ दिया जा सकता है, इस पर मंथन जारी है। सवाल यही है कि जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए पदक जीत रहे हों, तब मदद के लिए वर्षों तक इंतजार क्यों करना पड़े? अमरदीप की कहानी सरकार और खेल व्यवस्था के लिए आईना है। मेडल जीतने के बाद भी यदि खिलाड़ी को परिवार चलाने के लिए सब्जी बेचनी पड़े और अगली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने के लिए पैसों की चिंता करनी पड़े, तो व्यवस्था की प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी की उपकप्तानी वाली ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को दूसरी पारी में 158 रन पर ऑलआउट कर दिया। सेंट्रल जोन के लिए अमन मोखाड़े ने 41 रन की सबसे बड़ी पारी खेली, जबकि अरशद खान ने 25 और हर्ष दुबे ने 24 रन बनाए। ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी ने 3 विकेट लिए। सेंट्रल जोन की शुरुआत खराब रही और 37 रन तक टीम के तीन विकेट गिर गए। कप्तान रजत पाटीदार 5 और रिंकू सिंह 20 रन ही बना सके। 95 रन तक 7 विकेट गंवाने के बाद अरशद खान ने लोअर ऑर्डर के साथ मिलकर टीम को 150 रन के पार पहुंचाया, लेकिन 25 रन पर उनके आउट होते ही सेंट्रल जोन की पारी 158 रन पर सिमट गई। मुकेश कुमार ने 4 विकेट लिए ईस्ट जोन की ओर से मुकेश कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 12 ओवर में 44 रन देकर 4 विकेट लिए। मोहम्मद शमी ने 3, जबकि अभिजीत सरकार, अनुकूल रॉय और क़ुनैन कुरैशी ने 1-1 विकेट लिया। शमी ने पूरे 900 विकेट किए मोहम्मद शमी ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे शमी ने सेंट्रल जोन के खिलाफ 3 विकेट लेकर प्रोफेशनल क्रिकेट में अपने 900 विकेट पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले सिर्फ छठे भारतीय गेंदबाज बने। शमी ने 36 साल की उम्र में यह मुकाम हासिल किया। ईस्ट जोन से पहली पारी में सूर्यवंशी का अर्धशतक सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन की पहली पारी बराबरी पर रही। दोनों टीमों ने 266 रन बनाए। ईस्ट जोन के लिए वैभव सूर्यवंशी ने 92 और अभिमन्यु ईश्वर ने 69 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 161 रन जोड़े। हालांकि, इसके बाद ईस्ट जोन ने अगले 104 रन में अपने सभी विकेट गंवा दिए। सेंट्रल जोन की ओर से हर्ष दुबे ने 4, जबकि आर्यन पांडे और यश ठाकुर ने 3-3 विकेट लिए। साउथ जोन 312 रन पर ऑलआउट दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन और नॉर्थ जोन आमने-सामने हैं। तीसरे दिन साउथ जोन की टीम पहली पारी में 312 रन पर ऑलआउट हो गई। कप्तान तिलक वर्मा ने 116 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 250 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौके लगाए। श्रेयस गोपाल ने 87 और नारायण जगदीशन ने 36 रन बनाए। साउथ जोन की शुरुआत खराब रही। रितिक भुई 5 और शेख रशीद बिना खाता खोले आउट हुए। इसके बाद नारायण जगदीशन और तिलक वर्मा ने पारी संभाली। जगदीशन 36 रन बनाकर आउट हुए, जबकि तिलक ने श्रेयस गोपाल के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। तिलक-गोपाल ने 176 रन जोड़े तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल ने छठे विकेट के लिए 176 रन की साझेदारी की। गोपाल 87 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद साउथ जोन के विकेट लगातार गिरते रहे और टीम 100.3 ओवर में 312 रन पर ऑलआउट हो गई। गुरनूर बरार ने 4 विकेट लिए नॉर्थ जोन की ओर से गुरनूर बरार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 23 ओवर में 88 रन देकर 4 विकेट लिए। अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज ने 2-2 विकेट झटके, जबकि आबिद मुश्ताक को 1 सफलता मिली।
ग्लेन फिलिप्स के हाथ में लगा है मेगनेट? ये अद्भुत कैच नहीं देखा तो क्या देखा VIDEO
बल्लेबाजी में अपना खाता तक ना खोल पाने वाले ग्लेन फिलिप्स ने फील्डिंग में एक बार फिर से कमाल किया। सुनील नारायण का अद्भुत कैच पकड़कर वे छा गए, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।
रणजी ट्रॉफी से पहले बदल गया मुंबई का कप्तान, शार्दुल ठाकुर की जगह सिद्धेश लाड को मिली जिम्मेदारी
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने आगामी रणजी सीजन से पहले टीम का कप्तान बदल दिया है। शार्दुल ठाकुर की जगह उस खिलाड़ी को कमान सौंपी गई है जिन्होंने 8 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं।
इंटरनेेट डेस्क। ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका दौरे के लिए अपनी वनडे क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया है। टीम में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी हुई है। तेज गेंदबाज पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे, लेकिन ये दोनों खिलाड़ी सिर्फ साउथ अफ्रीका सीरीज में खेलते हुए नजर आएंगे। बता दें कि कमिंस की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। ऑस्ट्रेलिया की टीम 15 सितंबर से जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी और फिर 24 सितंबर से साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचों की सीरीज खेलेगी। मार्नस लाबुशेन को जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम से बाहर कर दिया गया है। टीम की घोषणा में किसी को भी स्थायी कप्तान नहीं बनाया गया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले तीन मैचों में मिचेल मार्श टीम की कमान संभालेंगे। इसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए पैट कमिंस और मिचेल मार्श मिलकर ये भूमिका निभाएंगे। जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम का स्क्वॉड जेवियर बार्टलेट, एलेक्स कैरी, कूपर कॉनॉली, पैट कमिंस (सिर्फ साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए), जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, मिचेल मार्श, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, बिली स्टैनलेक, मिचेल स्टार्क (सिर्फ साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए), एडम जम्पा PC- hindustan
LIVE: 'सूर्यवंशी शो' शुरू, आ गया पहला छक्का, बॉलर हक्का-बक्का
दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन की भिड़ंत हो रही है. जहां ईस्ट जोन के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर सबकी एक बार नजरें हैं. मुकाबले में पहले सेंट्रल जोन ने पहले खेलते हुए पहली पहली पारी में 266 रन बनाए, जवाब में ईस्ट जोन ने भी 266 रन बनाए. सेंट्रल जोन की दूसरी पारी 158 रनों पर समाप्त हुई.
यूएस ओपन के दूसरे दिन कई बड़े सितारों ने जीत के साथ दूसरे दौर में जगह बनाई। कार्लोस अल्काराज ने रोमन सफीउलिन को सीधे सेटों में हराकर शानदार शुरुआत की, जबकि स्टेन वावरिंका का ग्रैंड स्लैम करियर हार के साथ खत्म हो गया।
बेन स्टोक्स 12 साल के बाद करेंगे BBL में वापसी, एडिलेड स्ट्राइकर्स की टीम में हुए शामिल
इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स की बिग बैश लीग (BBL) में वापसी करने वाले हैं। वह लगभग 12 साल के बाद इस ऑस्ट्रेलियाई टी20 लीग में एडिलेड स्ट्राइकर्स की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे।
WWE के मंडे नाइट रॉ के हालिया एपिसोड में द उसोज, जिमी उसो और सोलो सिकोआ पर जानलेवा हमला किया गया। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। शो के कमेंटेटर जो टेसिटोर ने इसकी जानकारी दी। हमले के वीडियो में इतना खून-खराबा था कि टीवी स्क्रीन पर विजुअल्स को ब्लर किया गया। फुटेज को फ्रीज करके सेंसर भी करना पड़ा। द उसोज पर कार के पास हमला रॉयस कीज और OTM ने रॉ की शुरुआत में द उसोज, जिमी उसो पर हमला कर दिया।हमलावरों ने जिमी को कार के ऊपर पटक दिया। इसके बाद जे उसो को भी बुरी तरह पीटा गया। जे का चेहरा खून से लथपथ नजर आया, जिसके कारण WWE ने टीवी पर उस हिस्से को ब्लर कर दिया। हमले के दौरान जैकब फाटू वहां पहुंचे और हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की। हालांकि, रॉयस कीज और OTM वहां से निकल गए। इस हमले ने रॉयस कीज और OTM को WWE में एक बड़े खतरे के तौर पर स्थापित कर दिया है। सोलो सिकोआ पर बैकस्टेज हमला सोलो सिकोआ को बैकस्टेज निशाना बनाया गया। इसके बाद वह घायल हालत में पड़े मिले। इस हमले के लिए रोमन रेंस का नाम सामने आया, लेकिन रेंस ने इसमें अपना हाथ होने से इनकार किया। रेंस ने एलए नाइट का नाम भी इस मामले में नहीं जोड़ने की बात कही। तीनों को मेडिकल सेंटर ले जाया गया जो टेसिटोर ने बताया कि रॉ में हुई घटना के बाद कई स्टार्स को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि सोलो सिकोआ, जे उसो और जिमी उसो को स्थानीय मेडिकल सेंटर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर इन तीनों की चोटों का आकलन कर रहे हैं। जो टेसिटोर ने कहा,'हमें अभी इस बात की जानकारी मिली है, जो हम आपके साथ साझा कर रहे हैं। सोलो सिकोआ, जे उसो और जिमी उसो को लेकर जानकारी मिली है कि तीनों को WWE रॉ एपिसोड के बाद लोकल मेडिकल सेंटर पहुंचाया गया। वहां उनके कई चोट लगने की जानकारियां भी सामने आई हैं। ---------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… लाबुशेन ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम से बाहर:जिम्बाब्वे-साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए नहीं चुने गए; जोएल डेविस को मौका, स्टार्क-कमिंस की वापसी ऑस्ट्रेलिया ने अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के तहत जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका दौरे के लिए 17 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्नस लाबुशेन को टीम में जगह नहीं मिली है। पूरी खबर
US Open Tennis Tournament: कार्लोस अल्काराज़ ने सीधे सेटों में जीत दर्ज कर दूसरे दौर में किया प्रवेश
मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्काराज़ ने चोट से उबरने के बाद शानदार वापसी करते हुए यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट में सीधे सेटों में जीत दर्ज करके दूसरे दौर में जगह बनाई जबकि महिला वर्ग में पिछली दो बार की चैंपियन एरिना सबालेंका भी आगे बढ़ने में सफल रही। अल्काराज़ दाहिनी कलाई में चोट के कारण अप्रैल से ही बाहर थे तथा इस कारण फ्रेंच ओपन और विंबलडन में ही नहीं खेल पाए थे। स्पेन के इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने सोमवार को रोमन सफिउलिन को 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर खिताब बचाने के अपने अभियान का शानदार आगाज किया। सबालेंका के बाद आर्थर ऐश स्टेडियम में प्रवेश करने वाले दूसरी वरीयता प्राप्त अल्काराज़ मैच के आगे बढ़ने के साथ अधिक सहज नज़र आने लगे और उन्होंने शानदार खेल का नजारा पेश किया। उन्होंने दर्शकों से अपार समर्थन पाने के लिए अपने कान पर हाथ रखा और मैच के अंतिम गेम में एक शानदार वॉली विनर के बाद मुट्ठी हवा में लहराई। अल्काराज़ ने कहा, ‘‘मुझे फिर से प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिला, इससे मैं बहुत खुश हूं। इसे भी पढ़ें: यूएस ओपन के पहले दौर में मारियानो नावोन से हारे नोवाक जोकोविच, वीनस विलियम्स भी टूर्नामेंट से बाहर मुझे लगता है कि टेनिस का स्तर निश्चित रूप से बेहतर होगा। मैंने अपने पहले मैच में जिस तरह का खेल दिखाया उससे मैं खुश हूं।’’ अगर सात बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन फिट रहते हैं, तो यानिक सिनर के घुटने की चोट के कारण बाहर होने और नोवाक जोकोविच के पहले दौर में हारने के बाद, वह जल्द ही प्रबल दावेदार बन सकते हैं। महिला एकल में सबालेंका ने कैमिला ओसोरियो को 6-4, 6-4 से हराकर 2012-14 में सेरेना विलियम्स के बाद लगातार तीन यूएस ओपन चैंपियनशिप जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनने की तरफ कदम बढ़ाए। इसे भी पढ़ें: Novak Djokovic का टूटा ऐतिहासिक रिकॉर्ड, साल 2006 के बाद पहली बार किसी Grand Slam के पहले दौर में हारे वह वर्ष के अंतिम ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में पिछले तीन अवसरों पर फाइनल में पहुंच चुकी हैं। सबालेंका ने 2023 में कोको गॉफ से मिली हार से उबरते हुए 2024 में जीत हासिल की और फिर पिछले साल अमांडा अनिसिमोवा को हराकर खिताब का बचाव किया। मैच के बाद सबालेंका ने कहा,‘‘मुझे लगता है कि यह मेरे पसंदीदा स्टेडियमों में से एक है। मैंने इस स्टेडियम में सबसे अच्छी भावनाओं का अनुभव किया है।’’ हाल में सिनसिनाटी ओपन का खिताब जीतने वाले और यहां शीर्ष 10 वरीय खिलाड़ियों में शामिल आर्थर फिल्स को पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें स्टेफानोस सिटसिपास ने 4-6, 7-6 (3), 6-1, 6-4 से हराकर बाहर कर दिया। सातवीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना मुचोवा ने सिंजा क्राउस को 6-3, 6-0 से हराया। इसे भी पढ़ें: Novak Djokovic बोले, सिनसिनाटी में जल्दी हारने से US Open की तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय वहीं, उनकी हमवतन चेक खिलाड़ी और 28वीं वरीयता प्राप्त सारा बेजलेक को क्रिस्टीना बुक्सा से तीन सेटों में हार का सामना करना पड़ा।
चीन की स्टार टेनिस खिलाड़ी झेंग छिनवेन ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 10 लाख युआन यानी करीब 1.5 लाख डॉलर दान किए हैं।
लियोनल मेसी के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास के ऐलान के बाद उनकी पत्नी एंटोनेला रोकुजो भावुक हो गईं।
एशियन गेम्स से पहले बांग्लादेश को लगा बड़ा झटका, नाहिद राणा हुए टूर्नामेंट से बाहर
एशियन गेम्स 2026 से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम को एक बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज नाहिद राणा चोट की वजह से इस पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं।
लियोनल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से दूसरी बार संन्यास का एलान कर दिया है। पहली बार 2016 में लगातार फाइनल हारने के बाद उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी छोड़ने का फैसला किया था।
विराट कोहली ने बनवाया 12वां टैटू, बाएं हाथ पर दिखा खास डिजाइन; वीडियो में देंखे 5 सेशन के बाद भी काम अधूरा
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ईरानी टीम में कोच के अलावा 55 किलो भार वर्ग में मेहदी काजिमी, 60 किलो में 2021 विश्व चैंपियनशिप में ईरान के पहले पदक विजेता दानियाल शाहबख्श और प्लस 90 किलो में अमीरी इस्माइली वांदेई शामिल हैं।
US ओपन 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन कार्लोस अलकराज ने 139 दिन बाद सिंगल्स कोर्ट पर जीत के साथ वापसी की। कलाई की चोट के कारण चार महीने से ज्यादा समय तक टेनिस से दूर रहे स्पेन के अलकराज ने न्यूयॉर्क के आर्थर एश स्टेडियम में रूस के रोमन सफीउलिन को 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई। वहीं, महिला सिंगल्स में दो बार की डिफेंडिंग चैंपियन आर्यना सबालेंका ने कैमिला ओसोरियो को 6-2, 6-4 से हराकर अपने लगातार तीसरे यूएस ओपन खिताब की उम्मीद बरकरार रखी। अलकराज ने चोट के कारण इस दौरान फ्रेंच ओपन और विंबलडन में हिस्सा नहीं लिया था। वापसी के पहले मैच में उन्होंने 28 विनर्स लगाए और आक्रामक फोरहैंड से दर्शकों का मनोरंजन किया। मैच के दौरान वह दाहिने हाथ पर कम्प्रेशन स्लीव पहनकर खेले। सर्विस में परेशानी, 5 डबल फॉल्ट किए अलकराज की वापसी जीत शानदार रही, लेकिन सर्विस में उन्हें संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने मैच में सिर्फ 2 एस लगाए और 5 डबल फॉल्ट किए। हालांकि पहली सर्विस पर 68% अंक जीते। अलकराज ने माना कि सर्विस उनका सबसे कमजोर पक्ष रहा। उन्होंने कहा कि चार महीने बाद वापसी में उन्हें मैच फिटनेस को लेकर थोड़ी चिंता थी। उन्हें यह भी संदेह था कि वह पांच सेट का मैच खेल पाएंगे या नहीं। जीत के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें लय हासिल करने के लिए अभी और मैच खेलने की जरूरत है। सिनर-जोकोविच के बाहर होने से राह आसान अलकराज के लिए इस बार फाइनल तक पहुंचने की राह पहले के मुकाबले आसान हो गई है। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी यानिक सिनर घुटने की समस्या के कारण टूर्नामेंट में नहीं हैं, जबकि 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच पहले ही दौर में अर्जेंटीना के मारियानो नवोने से हारकर बाहर हो चुके हैं। दूसरी वरीयता प्राप्त अलकराज अब दूसरे दौर में पुर्तगाल के 72वीं रैंकिंग वाले जैमे फारिया से खेलेंगे। वह 2004 से 2008 तक लगातार पांच बार खिताब जीतने वाले रोजर फेडरर के बाद यूएस ओपन पुरुष सिंगल्स खिताब का बचाव करने वाले पहले खिलाड़ी बनने की कोशिश में हैं। सबालेंका ने ओसोरियो को हराया, थ्री-पीट की ओर बढ़ीं महिला सिंगल्स में दुनिया की नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने कैमिला ओसोरियो को 6-2, 6-4 से हराया। इसके साथ ही उनका लगातार तीसरा यूएस ओपन खिताब जीतने का अभियान जारी रहा। वह ओपन एरा में लगातार तीन यूएस ओपन खिताब जीतने वाली तीसरी महिला बन सकती हैं। उनसे पहले सेरेना विलियम्स और क्रिस एवर्ट ऐसा कर चुकी हैं। पहला सेट आसानी से जीतने के बाद सबालेंका को दूसरे सेट में संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने 12 अनफोर्स्ड एरर किए और पहली सर्विस पर सिर्फ 48% अंक जीते। हालांकि 4-4 के स्कोर पर उन्होंने अहम ब्रेक हासिल किया और फिर मैच अपने नाम कर लिया। अगले दौर में उनका सामना रूस की क्वालिफायर पोलिना यात्सेंको से होगा। नंबर-1 रैंकिंग पर रायबाकिना की नजर सबालेंका की नंबर-1 रैंकिंग पर भी खतरा है। ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलेना रायबाकिना उनसे सिर्फ 434 अंक पीछे हैं। सबालेंका यूएस ओपन में 2,000 रैंकिंग पॉइंट्स का बचाव कर रही हैं। नंबर-1 रैंकिंग बचाने के लिए उन्हें खिताब जीतना होगा और उम्मीद करनी होगी कि रायबाकिना सेमीफाइनल से पहले बाहर हो जाएं। अमेरिका की जेसिका पेगुला और कोको गॉफ के पास भी खिताब जीतने पर नंबर-1 बनने का मौका है। स्वियातेक और नोस्कोवा भी जीतीं छठी ग्रैंड स्लैम चैंपियन इगा स्वियातेक ने चीन की वांग शियू को 6-2, 6-3 से हराकर शुरुआत की। विंबलडन चैंपियन लिंडा नोस्कोवा ने अमेरिका की केटी वोलीनेट्स को 7-5, 6-1 से हराया। वहीं, पिछले साल यूएस ओपन की रनर-अप अमांडा अनिसिमोवा ने अपने 25वें जन्मदिन पर एशलिन क्रूगर को 6-1, 6-3 से शिकस्त दी।
मैच के दौरान पिंडली में चोट के बावजूद मैदान से बाहर जाकर नेट्स पर अभ्यास करने के इमाम-उल-हक के फैसले पर पूर्व दिग्गज इंग्लिश तेज गेंदबाज व कमेंटेटर स्टुअर्ट ब्रॉड ने तीखे सवाल खड़े किए, जिससे सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों की कड़ी आलोचना शुरू हो गई।
ट्राई सीरीज में हुआ सांसे रोक देने वाला मुकाबला, जिम्बाब्वे ने नामीबिया को आखिरी ओवर में हराया
जिम्बाब्वे के खिलाफ 195 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए नामीबिया ने 19 ओवरों में 180 रन बना लिए थे। जीत के लिए आखिरी ओवर में 16 रनों की जरूरत थी और 4 विकेट बचे हुए थे, लेकिन ब्रैड इवांस ने शानदार गेंदबाजी से बाजी पलट दी।
ऑस्ट्रेलिया ने अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी के तहत जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका दौरे के लिए 17 सदस्यीय टीम घोषित कर दी है। खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्नस लाबुशेन को टीम में जगह नहीं मिली है। वहीं जोएल डेविस पहली बार वनडे टीम में चुने गए हैं। मिचेल मार्श और ट्रैविस हेड की वापसी हुई है, जबकि पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम से जुड़ेंगे। लाबुशेन लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के खिलाफ नाबाद अर्धशतक लगाकर टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि हालिया प्रदर्शन में गिरावट के बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें इस दौरे से बाहर कर दिया। पिछले 18 वनडे पारियों में उनका औसत 21.87 रहा है। जोएल डेविस को पहली बार वनडे टीम में जगह न्यू साउथ वेल्स के ऑलराउंडर जोएल डेविस को पहली बार ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम में चुना गया है। उन्होंने जून में बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। युवा ओली पीक भी टीम में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। कूपर कोनोली को भी टीम में बरकरार रखा गया है। चयन प्रमुख जॉर्ज बेली ने कहा कि जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका में होने वाली छह मैचों की सीरीज अगले साल के वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है। जिम्बाब्वे में मार्श, साउथ अफ्रीका में कमिंस जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे मैचों में मिचेल मार्श टीम की कप्तानी करेंगे। नियमित कप्तान पैट कमिंस साउथ अफ्रीका चरण में टीम से जुड़ेंगे। हालांकि कमिंस ने संकेत दिया है कि वे साउथ अफ्रीका के सभी तीन वनडे नहीं खेलेंगे, ऐसे में मार्श फिर कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। मिचेल स्टार्क भी साउथ अफ्रीका चरण में वनडे टीम में वापसी करेंगे। जोश हेजलवुड दोनों सीरीज के लिए टीम में हैं। स्पेंसर जॉनसन भी एक साल से ज्यादा समय बाद वनडे क्रिकेट में वापसी करेंगे, जबकि बिली स्टेनलेक को भी तेज गेंदबाजी आक्रमण में शामिल किया गया है। 15 सितंबर से जिम्बाब्वे में सीरीज ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच तीन वनडे 15, 18 और 20 सितंबर को हरारे में खेले जाएंगे। इसके बाद साउथ अफ्रीका में 24 सितंबर को डरबन, 27 सितंबर को जोहान्सबर्ग और 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में तीन वनडे होंगे। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैच खेलने हैं। पहला टेस्ट 9 अक्टूबर से डरबन में शुरू होगा। ऐसे में लाबुशेन के लिए टेस्ट टीम में जगह बनाए रखना भी चर्चा का विषय रहेगा। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने संकेत दिया है कि टेस्ट और वनडे चयन को अलग-अलग देखा जाएगा। ऑस्ट्रेलिया की वनडे टीम जैवियर बार्टलेट, एलेक्स कैरी, कूपर कोनोली, पैट कमिंस (साउथ अफ्रीका चरण), जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रैविस हेड, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, मिचेल मार्श, ओली पीक, मैथ्यू रेनशॉ, बिली स्टेनलेक, मिचेल स्टार्क (साउथ अफ्रीका चरण), एडम जम्पा।
ऑस्ट्रेलिया ने वनडे सीरीज के लिए किया स्क्वॉड का ऐलान, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क की वापसी
ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के खिलाफ इसी महीने खेली जाने वाली 3-3 मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। कमिंस को साउथ अफ्रीका सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने सोमवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले अपनी टीम में बड़ा बदलाव किया। बोर्ड ने इंग्लैंड दौरे पर गई टेस्ट टीम के 7 खिलाड़ियों को घर वापस बुला लिया है। उनकी उनकी जगह सात नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। PCB ने मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद अवैस जफर और खुर्रम शहजाद को रिलीज किया। यह बदलाव लीड्स और लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान के हारने के बाद हुए हैं। टीम 3 मैचों की सीरीज में 2-0 से पीछे है। तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से शुरू होगा। सात खिलाड़ी टीम में शामिल, दो को पहली बार मौका सात नए खिलाड़ी टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें सैम अयूब, अब्दुल्ला फजल, अराफात मिन्हास, साद बैग, मुहम्मद रंधावा, रजाउल्लाह और मुहम्मद इमरान जूनियर हैं। सात में से पांच प्लेयर इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। मुहम्मद रंधावा और रजाउल्लाह ने अब तक कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। ये सभी खिलाड़ी तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान की टीम से जुड़ेंगे। सैम अयूब ने आठ टेस्ट और अब्दुल्ला फजल ने दो टेस्ट खेले हैं। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर अराफात मिन्हास पाकिस्तान के लिए तीन वनडे और चार टी-20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं। सरफराज और गुल को भी रिलीज किया पाकिस्तानी बोर्ड ने मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी रिलीज कर दिया है। अब माइक हेसन को मुख्य कोच और एशले नॉफ्के को गेंदबाजी कोच बनाया गया है। बर्मिंघम टेस्ट के लिए पाकिस्तान की अपडेटेड टीम बाबर आजम (कप्तान), अब्दुल्ला फजल, अराफात मिन्हास, अजान अवैस, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, मुहम्मद इमरान, मोहम्मद इमरान जूनियर, मुहम्मद गाजी घोरी (विकेटकीपर), रजाउल्लाह, साद बैग (विकेटकीपर), सैम अयूब, साजिद खान, सऊद शकील, शान मसूद और उबैद शाह।
लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर अर्जेंटीना के साथ अपने लंबे और यादगार सफर को विराम दे दिया है। 39 वर्षीय मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था और भीतर से उन्हें अब भी इसका दुख है, लेकिन वह समझते हैं कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का समय पूरा हो चुका है। आठ बार बैलन डी’ओर जीत चुके मेसी अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने देश के लिए 207 मुकाबलों में 125 गोल किए हैं। उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2022 में कतर विश्व कप जीता था। इसके अलावा उन्होंने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब भी देश को दिलाया है। मेसी ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी में हर मुकाबले के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश सिर्फ हाल के सफल वर्षों में ही नहीं, बल्कि पूरे करियर में अपने देश को खुशी देने और लोगों को गर्व महसूस कराने की रही है। उन्होंने अपने साथियों के साथ हासिल किए गए उन पलों को भी याद किया, जिनका सपना कभी देखा जाता था। गौरतलब है कि मेसी का अर्जेंटीना के साथ सफर हमेशा आसान नहीं रहा। 2014 के विश्व कप फाइनल में जर्मनी के हाथों मिली हार और कोपा अमेरिका के लगातार दो फाइनल गंवाने के बाद उन पर काफी सवाल उठे थे। एक समय तो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से दूरी बनाने का फैसला भी किया था। लेकिन 2021 की कोपा अमेरिका जीत ने कहानी बदल दी। इसके बाद 2022 के विश्व कप में अर्जेंटीना को चैंपियन बनाकर मेसी ने अपने करियर की सबसे बड़ी कमी पूरी कर दी। 2024 में एक और कोपा अमेरिका खिताब जीतने के बाद वह 2026 के विश्व कप में भी टीम के साथ उतरे थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस विश्व कप के फाइनल में अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार मिली। इस नतीजे के साथ मेसी को उस विदाई का मौका नहीं मिल पाया जिसकी उम्मीद उनके प्रशंसक कर रहे थे। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनकी उपलब्धियां उन्हें खेल के महानतम खिलाड़ियों में शामिल करती हैं। मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना के लिए पदार्पण किया था। शुरुआती दौर में उनकी तुलना 1986 के विश्व कप विजेता कप्तान डिएगो माराडोना से होती रही। लंबे समय तक यह बहस चली कि क्या वह माराडोना की तरह अर्जेंटीना को विश्व कप दिला पाएंगे। 2022 की ऐतिहासिक जीत के बाद मेसी ने अपनी अलग विरासत कायम कर दी। बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व खिलाड़ी मेसी अब इंटर मियामी के लिए खेलते हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय संन्यास अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। उन्होंने सोमवार को एक इंस्टा पोस्ट के जरिए इसकी जानकारा दी। मेसी ने लिखा कि अब वे राष्ट्रीय टीम की जर्सी नहीं पहनेंगे। मेसी ने बताया कि ‘उन्होंने यह फैसला वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से हारने के 2 दिन बाद ही ले लिया था।’ मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद मुश्किल और दर्दनाक है। मेसी ने लिखा, 'फाइनल के बाद से इतना समय बीत चुका है। काफी सोचने के बाद मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से संन्यास ले रहा हूं।' आगे पढ़िए मेसी ने क्या-क्या लिखा...? (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)
एक युग का अंत, महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास
अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यह ऐलान सोमवार को किया। हाल ही में फीफा विश्व कप में उनकी टीम उप विजेता रही थी।
सेंट लुईस में गुरुवार देर रात फैबियानो करूआना को 15-13 से हराकर प्रज्ञानानंद ने ग्रैंड चेस टूर फाइनल का खिताब जीत लिया। इसके साथ ही वह इस प्रतियोगिता को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। 11 साल के इतिहास में उनसे पहले केवल छह खिलाड़ी यह उपलब्धि हासिल कर सके हैं। खिताब के साथ उन्हें दो लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी मिली। यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि कुछ महीने पहले तक प्रज्ञानानंद का प्रदर्शन सवालों के घेरे में था। 2026 कैंडिडेट्स प्रतियोगिता में उनका अभियान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने भी उस दौर को उनके लिए मुश्किल समय बताया है। आनंद के मुताबिक पिछले साल के अंत से ही प्रज्ञानानंद की लय कुछ कमजोर हुई थी और कैंडिडेट्स में उनका प्रदर्शन खास प्रभावी नहीं रहा। लेकिन इसके बाद 21 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने जिस तरह वापसी की, उसने उन्हें एक बार फिर विश्व शतरंज के शीर्ष खिलाड़ियों की चर्चा में ला दिया है। आनंद ने यहां तक कहा है कि मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए प्रज्ञानानंद को इस समय दुनिया का नंबर एक खिलाड़ी माना जा सकता है। उन्होंने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि मैग्नस कार्लसन सभी समान प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेते हैं, इसलिए यह तुलना पूरी तरह सीधी नहीं है। गौरतलब है कि प्रज्ञानानंद की वापसी किसी एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रही। नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता में एक समय वह निचले स्थानों पर थे, लेकिन लगातार चार जीत दर्ज कर उन्होंने स्थिति बदल दी। इसके बाद ग्रैंड चेस टूर में उनका प्रदर्शन और मजबूत हुआ। सेंट लुईस पहुंचने से पहले वह रैपिड वर्ग जीत चुके थे और ब्लिट्ज में भी पर्याप्त अंक हासिल कर चुके थे। फाइनल में शुरुआत हालांकि उनके पक्ष में नहीं रही। फैबियानो करूआना के खिलाफ पहला शास्त्रीय मुकाबला हारने के बाद दूसरे मुकाबले में भी उन्हें बराबरी का अच्छा मौका गंवाना पड़ा। इसके बाद प्रज्ञानानंद ने रैपिड के दोनों मुकाबले जीतकर बढ़त बना ली। चार बाजियों के ब्लिट्ज वर्ग में दोनों खिलाड़ियों ने 4-4 अंक हासिल किए और भारतीय खिलाड़ी ने कुल 15-13 के अंतर से खिताब अपने नाम कर लिया। इस दौरान उन्होंने कई पुरानी चुनौतियों का भी जवाब दिया। साइप्रस कैंडिडेट्स में उन्हें दो बार हराने वाले जावोखिर सिंदारोव के साथ उन्होंने सिंकफील्ड कप में संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। सेमीफाइनल में विन्सेंट कीमर को हराकर उन्होंने पिछली हार का भी हिसाब बराबर किया। बता दें कि आनंद के अनुसार प्रज्ञानानंद की सबसे बड़ी ताकत दबाव के बीच देर से मुकाबला पलटने की क्षमता बनती जा रही है। कैंडिडेट्स की निराशा से लेकर ग्रैंड चेस टूर के खिताब तक का सफर इसी बदलाव की कहानी है। अगले महीने होने वाले शतरंज ओलंपियाड से पहले भारतीय खिलाड़ी का यह प्रदर्शन निश्चित तौर पर आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है और अब उनकी नजर अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस लय को बरकरार रखने पर है।
पाकिस्तानी ओपनर इमाम-उल-हक की चोट पर मचा बवाल, अब PCB करेगा पूरे मामले की जांच
लॉर्ड्स टेस्ट में लगी चोट अब पाकिस्तान के ओपनर इमाम-उल-हक के लिए नई मुश्किल बनती नजर आ रही है। चोट के कारण दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं करने वाले इमाम पर अब चोट को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना के बेटे रियो ने क्रिकेट खेलना शुरू किया है। रैना ने इसकी जानकारी सोमवार को एक इंस्टा पोस्ट के जरिए की। फोटो में रियो क्रिकेट किट पहने नजर आए। वे बैट फैक्ट्री जाकर अपने लिए बल्ले चुनते दिखे। रैना ने 2005 से 2018 तक भारत के लिए 322 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने 2020 में संन्यास ले लिया था। रैना ने लिखा- तुम्हारी नजरों से खेल देखूंगा 39 साल के रैना ने पोस्ट में लिखा, ‘जैसा पिता, वैसा बेटा! और अब हमारी क्रिकेट यात्रा शुरू होती है। मैं इस खेल की खुशी, उत्साह और मासूमियत फिर महसूस करने का इंतजार कर रहा हूं, इस बार तुम्हारी नजरों से। चलो, साथ में कुछ खूबसूरत यादें बनाते हैं।’ 2020 में एमएस धोनी के संन्यास लेने के बाद रैना ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। 13 साल के इंटरनेशनल करियर में उन्होंने भारत के लिए 18 टेस्ट, 226 वनडे और 78 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं। तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय हैं रैना सुरेश रैना तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय हैं। उनके ये शतक भारत के बाहर बने थे। उन्होंने 226 वनडे में 35.31 की औसत से 5,615 रन बनाए। इनमें 5 शतक और 36 अर्धशतक शामिल रहे। बाएं हाथ के बल्लेबाज रैना ने 78 टी-20 इंटरनेशनल में 29.18 की औसत से 1,605 रन बनाए। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। रैना ने 18 टेस्ट की 31 पारियों में 26.48 की औसत से 768 रन बनाए। उन्होंने एक शतक और सात अर्धशतक लगाए। CSK के साथ दो IPL टाइटल जीते IPL में रैना ने 205 मैचों में 5,528 रन बनाए हैं। रैना चेन्नई सुपर किंग्स फ्रेंचाइजी के प्रमुख खिलाड़ियों में रहे। उन्होंने अपने करियर का ज्यादातर हिस्सा चेन्नई के लिए खेला। रैना ने टीम के साथ दो चैंपियंस लीग टी20 खिताब जीते। उन्होंने IPL में 39 अर्धशतक और एक शतक लगाया है। घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश के लिए खेले रैना ने घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने टीम के लिए 2002-03 सीजन में डेब्यू किया और 2020-21 सीजन तक खेले। 109 फर्स्ट क्लास मैचों में रैना ने 42.15 की औसत से 6,871 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 204 रन है। उन्होंने 14 शतक और 45 अर्धशतक लगाए। लिस्ट ए क्रिकेट में रैना ने 302 मैचों में 35.42 की औसत से 8,078 रन बनाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 129 रन है। इस फॉर्मेट में उन्होंने सात शतक और 55 अर्धशतक लगाए। 336 टी20 मैचों में रैना ने 32.17 की औसत से 8,654 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 126 रन है। उन्होंने टी20 में चार शतक और 53 अर्धशतक लगाए। --------------------------------------------- भारतीय क्रिकेटर्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोहली के शरीर पर 12वां टैटू; बाएं हाथ पर 5 सेशन के बाद भी काम अधूरा विराट कोहली बाएं हाथ पर नया टैटू बनवा रहे हैं। यह उनके शरीर का टोटल 12वां टैटू है। वेस्टइंडीज के खिलाफ अगले महीने होने वाली वनडे सीरीज से पहले उन्होंने अपने टैटू कलेक्शन में यह नया डिजाइन जोड़ा है। इसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। पढ़ें पूरी खबर
दलीप ट्रॉफी: 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के 92 रन, पूर्व क्षेत्र 266 पर सिमटकर स्कोर बराबर
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 92 रन की आक्रामक पारी खेलकर लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी काबिलियत का प्रदर्शन किया लेकिन दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के दूसरे दिन सोमवार को पूर्व क्षेत्र की टीम मध्य क्षेत्र पर पहली पारी की बढ़त हासिल करने में नाकाम रही। बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे (66 रन पर चार विकेट) और तेज गेंदबाज यश ठाकुर (66 रन पर तीन विकेट) तथा आर्यन पांडे (43 रन पर तीन विकेट) ने पूर्व क्षेत्र के सभी 10 विकेट आपस में साझा किये जिससे पूर्व क्षेत्र की पूरी टीम 266 रन पर सिमट गई। इस तरह दोनों टीमों का पहली पारी का स्कोर बराबर रहा, क्योंकि मध्य क्षेत्र ने भी अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए थे। दिन का खेल खत्म होने तक मध्य क्षेत्र ने तीन विकेट पर 45 रन बना लिये थे। दिन का खेल खत्म होते समय अमन मोखाड़े (23) और आर्यन पांडे (04) क्रीज पर मौजूद थे। स्टंप्स से कुछ मिनट पहले तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने मध्य क्षेत्र के कप्तान रजत पाटीदार को आउट कर बड़ा झटका दिया। पंद्रह वर्षीय सूर्यवंशी ने इस दौरान दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जड़ने वाला सबसे कम उम्र का बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने 1969 में 16 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले लक्ष्मण सिंह का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की पारी की खासियत महज यह रिकॉर्ड नहीं था। 118 मिनट और 81 गेंदों तक चली उनकी पारी शुरुआत से ही पूरी तरह सहज नहीं दिखी लेकिन बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने शानदार धैर्य और जुझारूपन दिखाते हुए बल्लेबाजी जारी रखी। उन्हें 40 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला जब सारांश जैन की गेंद पर यश राठौड़ ने बैकवर्ड प्वाइंट पर आसान कैच टपका दिया। इस एक मौके को छोड़ दें तो सूर्यवंशी ने गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला और कई शानदार शॉट लगाए। उनके आक्रमण की शुरुआत तेज गेंदबाज यश ठाकुर के खिलाफ मिडविकेट के ऊपर से लगाए गए जोरदार छक्के से हुई। इस छक्के के अलावा उसी स्पेल में उन्होंने ठाकुर की गेंदों पर चार चौके भी जड़े। ठाकुर ने इससे निपटने के लिए गेंदबाजी छोर में बदलाव किया लेकिन इसका भी खास फायदा नहीं मिला। ठाकुर के बाद सूर्यवंशी ने बाकी गेंदबाजों को भी उसी आक्रामक अंदाज में निशाना बनाया। भारतीय ऑफ स्पिनर जैन की गेंद को उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से छक्के के लिए भेज कर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद हर्ष दुबे और आर्यन पांडे की गेंदों पर भी उन्होंने छक्के लगाए। एक और छक्के के बाद चौका जड़ते ही सूर्यवंशी ने 90 का आंकड़ा पार कर लिया। वह हालांकि प्रथम श्रेणी में अपने पहले शतक से चूक गये। दुबे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में लगाया गया स्लॉग-स्वीप डीप मिडविकेट पर तैनात अरशद खान के हाथों में चला गया। पवेलियन लौटते समय सूर्यवंशी के चेहरे पर निराशा साफ थी। उन्हें अहसास था कि वह शतक बनाने का सुनहरा मौका गंवा चुके हैं। इस तूफानी पारी के दौरान सूर्यवंशी ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 161 रन की शानदार साझेदारी भी की। ईश्वरन ने 106 गेंदों पर संयमित 69 रन बनाए। सूर्यवंशी को आउट करने के बाद दुबे ने अगली ही गेंद पर कुमार कुशाग्र को स्लिप में अमन मोखाड़े के हाथों कैच कराया। इसके कुछ ही देर बाद ईश्वरन को पांडे ने पगबाधा आउट किया। पांडे ने महज तीन गेंदों के अंतराल में विराट सिंह (05) और सुदीप कुमार घरामी (25) को आउट कर पूर्व क्षेत्र को मुश्किल में डाल दिया। इसके साथ ही टीम का स्कोर 213 रन पर पांच विकेट हो गया। मुश्किल दौर से धैर्य के साथ निकलने के बजाय टीम के बल्लेबाजों ने आक्रामक शॉट खेलकर दबाव से बाहर निकलने की कोशिश की। लेकिन उनका यह रवैया मध्य क्षेत्र के गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुआ और उन्होंने आसानी से विकेट निकाल लिए। रविवार को चोटिल होने के बाद दोबारा मैदान पर लौटे कप्तान ईशान किशन (16) और हरफनमौला अनुकूल रॉय (16) भी इससे अलग नहीं रहे और वह भी टीम को संकट से उबारने में नाकाम रहे। पूर्व क्षेत्र की पारी देखते ही देखते ढह गई और टीम ने महज 105 रन के अंदर अपने सभी 10 विकेट गंवा दिए। इनमें आखिरी पांच विकेट सिर्फ 53 रन के भीतर गिर गए।
टीम इंडिया से बाहर चल रहे मयंक अग्रवाल को आया बुलावा, इंग्लैंड में दिखाएंगे जलवा
टीम इंडिया से बाहर चल रहे बल्लेबाज मयंक अग्रवाल को इंग्लैंड से अच्छी खबर आई है। मयंक को डरहम ने अपनी टीम में शामिल कर लिया है।
मयंक अग्रवाल ने काउंटी चैंपियनशिप खेलने जा रहे हैं। उन्होंने डरहम के साथ एग्रीमेंट किया है। वे सीजन के अंतिम चार काउंटी चैंपियनशिप मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। मयंक पिछले 4 साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने आखिरी इंटरनेशनल मैच 12 से 14 मार्च तक बेंगलुरु में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। मयंक पिछले साल IPL फाइनल में जीतने वाली RCB की प्लेइंग इलेवन का भी हिस्सा थे। वे फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कर्नाटक के लिए खेल रहे हैं। मयंक ने पिछले साल यॉर्कशायर से शतक लगाया था मयंक ने पिछले साल यॉर्कशायर के साथ अपना पहला काउंटी करार किया था। उन्होंने तीन मैच खेले थे। पहली तीन पारियों में दो बार शून्य पर आउट होने के बाद अग्रवाल ने अपने आखिरी मैच में 175 रन बनाए थे। यह मैच उनकी मौजूदा टीम डरहम के खिलाफ था। कोच ने कहा- टीम को इंटरनेशनल बैटर की जरूरत थी डरहम के हेड कोच रयान कैंपबेल ने कहा, ‘हम अपने काउंटी चैंपियनशिप अभियान के दौरान मयंक के जुड़ने से खुश हैं।’ उन्होंने कहा, ‘डेविड बेडिंगहम के इंटरनेशनल लाल गेंद वाले सीजन के लिए साउथ अफ्रीका लौटने के बाद हमारे लिए जरूरी था कि हम सीजन के बाकी हिस्से के लिए किसी उच्च स्तर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को टीम में शामिल करें।’ कैंपबेल ने कहा, ‘मयंक बहुत प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और उनका फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड शानदार है। हम चाहते हैं कि वह डरहम के लिए योगदान दें, क्योंकि हम काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन वन में वापसी की कोशिश कर रहे हैं।’ मयंक 21 टेस्ट खेले, दोहरा शतक लगाया मयंक अग्रवाल ने भारत के लिए लाल गेंद के फॉर्मेट में 21 मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम दोहरा शतक है, जबकि उन्होंने 5 वनडे भी खेले हैं। -----------------------------------
तिलक वर्मा ने ठोकी जबरदस्त सेंचुरी, श्रेयस ने खेली शानदार पारी
तिलक वर्मा ने दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया है। इतना नहीं, श्रेयस गोपाल ने भी 88 रन बनाए, हालांकि वे अपनी सेंचुरी पूरी नहीं कर पाए।
विराट कोहली बाएं हाथ पर नया टैटू बनवा रहे हैं। यह उनके शरीर का टोटल 12वां टैटू है। वेस्टइंडीज के खिलाफ अगले महीने होने वाली वनडे सीरीज से पहले उन्होंने अपने टैटू कलेक्शन में यह नया डिजाइन जोड़ा है। इसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। टैटू बाएं बाइसेप के पास बना है और पुराने डिजाइन से जुड़ता नजर आ रहा है। इसका पैटर्न पानी की सतह पर बूंद गिरने के बाद बनने वाली लहरों जैसा है। मुंबई में टैटू आर्टिस्ट एलन गोइस के मुताबिक, इसे बनाने के लिए अब तक 5 सेशन हो चुके हैं, लेकिन काम अभी पूरा नहीं हुआ है। आर्टिस्ट ने कोहली और अन्य टैटू आर्टिस्ट्स के साथ तस्वीरें भी शेयर की हैं। विराट के शरीर पर माता-पिता के नाम का भी टैटू कोहली लंबे समय से टैटू को अपने व्यक्तित्व और जीवन के अलग-अलग पहलुओं से जोड़ते रहे हैं। उनके शरीर पर माता-पिता सरोज और प्रेम के नाम के टैटू हैं। इसके अलावा भगवान शिव और ओम से जुड़े डिजाइन भी उनके कलेक्शन का हिस्सा हैं। इस साल की शुरुआत में भी कोहली ने अपने हाथ पर बड़ा लोटस-इंस्पायर्ड डिजाइन दिखाया था। बाएं हाथ की पूरी स्लीव को नया रूप दे रहे कोहली पहले से मौजूद टैटू को हटाने या पूरी तरह ढकने के बजाय उन्हें एक नए डिजाइन में जोड़ने पर काम कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत IPL 2026 से पहले सामने आई थी। उनका मकसद पुराने डिजाइन को रीस्टोर और रीफाइन करके एक यूनिफाइड स्लीव तैयार करना है, जो उनके मौजूदा जीवन और सफर को दर्शाए। इस बदलाव में उनके शिव-इंस्पायर्ड आर्मबैंड को दोबारा डिजाइन किया गया है। इसके बाद डॉटवर्क मंडला को इसमें जोड़ा गया, जो अलग-अलग डिजाइन को आपस में जोड़ने वाले प्रमुख हिस्से के तौर पर काम करता है। ऊपरी हिस्से में लोटस और पीओनी जैसे डिजाइन भी शामिल किए गए हैं। इन प्रतीकों को आम तौर पर दृढ़ता और व्यक्तिगत विकास से जोड़ा जाता है। कोहली के 11 पुराने टैटू टैटू पूरा होने के बाद कोहली के शरीर पर कुल 12 टैटू हो जाएंगे। नए टैटू से पहले कोहली के शरीर पर 11 टैटू बताए गए हैं। इनमें जापानी समुराई, गॉड्स आई, भगवान शिव, मोनेस्ट्री, वनडे डेब्यू नंबर 175, टेस्ट डेब्यू नंबर 269, मां सरोज का नाम, पिता प्रेम का नाम, स्कॉर्पियो, ट्राइबल आर्ट और ओम शामिल हैं। 18 साल का इंटरनेशनल करियर पूरा किया कोहली ने इसी महीने इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 साल पूरे किए हैं। उन्होंने 18 अगस्त 2008 को भारत के लिए डेब्यू किया था। श्रीलंका के खिलाफ अपने पहले इंटरनेशनल मैच में उन्होंने 12 रन बनाए थे। इसके बाद कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 28 हजार से ज्यादा रन और 85 शतक बनाए हैं। अगर वह 100 इंटरनेशनल शतक पूरे करते हैं, तो ऐसा करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बनेंगे। उनसे पहले यह उपलब्धि सचिन तेंदुलकर ने हासिल की है। कोहली के नाम कुल 10 ICC अवॉर्ड भी हैं। ------------------कोहली से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कोहली खेलते तो भारत कोलंबो टेस्ट जीत जाता पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा है कि अगर विराट कोहली कोलंबो टेस्ट में खेलते तो भारत मुकाबला जीत सकता था। कैफ के मुताबिक, टेस्ट के आखिरी दिन भारतीय टीम में जोश और तेजी की कमी दिखाई दी। विराट टीम में होते तो वे खिलाड़ियों को लगातार उत्साहित करते और श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते। पढ़ें पूरी खबर.…
IPL में फिर छिड़ी इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर बहस, BCCI ने फ्रेंचाइजियों से मांगी राय
IPL 2027 के आयोजन में अभी काफी वक्त है, लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर नियम एक बार फिर चर्चा में है। BCCI ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर सभी टीमों से सुझाव मांगे हैं।
टीम इंडिया सितंबर में खेलेगी 3 टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज, कब होगा स्क्वाड का ऐलान
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इसका पहला मैच 13 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होगा। माना जा रहा है कि तीन सितंबर को टीम के स्क्वाड का ऐलान कर दिया जाएगा।
हॉकी विश्व कप महिला और पुरुष दोनों ही इवेंट का समापन हो चुका है। भारतीय टीम को एक भी पदक हाथ नहीं लगा है। हालांकि, महिला टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है, जबकि पुरुषों को निराशा हाथ लगी है। वलि
ITTF Para Future टूर्नामेंट में भारत का शानदार प्रदर्शन, 6 स्वर्ण समेत जीते कुल 16 पदक
भारत ने फिनलैंड में आयोजित आईटीटीएफ विश्व पैरा फ्यूचर लाहटी टूर्नामेंट से छह स्वर्ण, चार रजत और छह कांस्य सहित कुल 16 पदक जीतकर अपने अभियान का समापन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने एकल स्पर्धाओं में 10 पदक जीते थे। इसके बाद उन्होंने युगल में दो स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य सहित छह पदक अपने नाम किए। रमेशभाई चौधरी और सुमित सहगल ने पुरुष युगल के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के इब्राहिम अब्दुल्ला और रकन अब्दुल रहमान पर 3-0 की जीत के साथ स्वर्ण पदक जीता। सुमित ने दीपिका रानी रामनाथन के साथ जोड़ी बनाकर मिश्रित युगल का खिताब जीतकर दोहरी सफलता हासिल की। फाइनल में इस जोड़ी ने फिनलैंड के टिमो कालावेई और ऐनो तापोला को 3-0 से हराया। इसे भी पढ़ें: पटना के बाढ़ में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत, तेजस्वी यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल सोनल पटेल और रमेशभाई ने मिश्रित युगल में रजत पदक जीता, जबकि तीन भारतीय जोड़ियों ने कांस्य पदक हासिल किए। शुभम वधवा और जेडी मदन ने पुरुष युगल में, प्राची पांडे और सविता अज्जनकट्टी ने महिला युगल में और शिवम पाल और नूरअली जमानी ने मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीते।
US Open 2026 में बड़ा उलटफेर: पहले राउंड में ही बाहर हुईं दिग्गज Venus Williams
चार बार की ओलंपिक चैंपियन वीनस विलियम्स US ओपन 2026 के महिला सिंगल्स टूर्नामेंट के पहले राउंड में अपनी ही देश की सोफिया केनिन से सीधे सेटों में हारकर बाहर हो गईं। Olympics.com के अनुसार, चार बार की ओलंपिक चैंपियन विलियम्स आर्थर ऐश स्टेडियम में देर रात हुए मुकाबले में केनिन से 2-6, 6-7(6) से हार गईं। केनिन ने पहला सेट आसानी से जीता और इसे सिर्फ़ 32 मिनट में 6-2 से अपने नाम किया। इसे भी पढ़ें: Women's Asia Cup: Thailand के खिलाफ जीत के बाद भी Shafali Verma ने बल्लेबाजी पर उठाए सवाल दूसरे सेट में विलियम्स ने हिम्मत दिखाई; 2-4 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उन्होंने टाई-ब्रेक तक मुकाबला पहुँचाया, लेकिन विलियम्स के कई सेट पॉइंट चूकने के बाद केनिन ने संयम बनाए रखा और जीत हासिल की। नोवाक जोकोविच और मारियानो नावोन के बीच चार घंटे 36 मिनट तक चले लंबे मुकाबले के बाद मैच खत्म हुआ। इस हार के साथ ही विलियम्स को लगातार 14वीं बार सिंगल्स मैच में हार का सामना करना पड़ा। उनकी आखिरी सिंगल्स जीत जुलाई 2025 में हुई थी। दो बार की US ओपन चैंपियन, विलियम्स इस टूर्नामेंट के मेन ड्रॉ में 26वीं बार और कुल मिलाकर 96वीं बार ग्रैंड स्लैम में हिस्सा ले रही थीं। हालांकि उनका सिंगल्स का सफर खत्म हो गया है, लेकिन विलियम्स विमेंस डबल्स इवेंट में अपना US ओपन का सफर जारी रखेंगी, जहां वह अपनी बहन सेरेना विलियम्स के साथ जोड़ी बनाएंगी। इस जोड़ी को टूर्नामेंट के लिए वाइल्डकार्ड मिला था। WTA वेबसाइट के अनुसार, इस हार के साथ विलियम्स का इस सीज़न का रिकॉर्ड 0-12 हो गया और US ओपन में यह उनकी लगातार पांचवीं हार थी, जो शुरुआती दौर में ही हुई। इसे भी पढ़ें: Vaibhav Sooryavanshi: 15 की उम्र में तोड़ा 57 साल पुराना Duleep Trophy रिकॉर्ड, जड़े 92 रन केनिन ने 28 विनर्स और 21 अनफोर्स्ड एरर्स के साथ मैच खत्म किया, जबकि विलियम्स ने 13 विनर्स लगाए और 24 अनफोर्स्ड एरर्स किए। WTA लेवल पर केनिन की यह मेन ड्रॉ में केवल छठी जीत थी। वह इस सीज़न में पहली बार किसी टूर्नामेंट में लगातार मैच जीतने की कोशिश करेंगी, जब उनका सामना एक और अमेरिकी खिलाड़ी, नंबर 3 सीड जेसिका पेगुला से होगा, जिन्होंने एलेना-गैब्रिएला रूस को 6-3, 6-2 से हराया। वहीं दूसरी ओर, चल रहे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में नोवाक जोकोविच को शुरुआती दौर में ही चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा। For more Sports News in Hindi Today please click here.
भारत-बांग्लादेश क्रिकेट सीरीज पर आया नया अपडेट, तमीम इकबाल ने बताया बोर्ड का पूरा प्लान
इस साल अगस्त-सितंबर में भारतीय टीम को बांग्लादेश का दौरा करना था। लेकिन अब ये दौरा तय समय पर नहीं हो पाएगा। भारत बांग्लादेश सीरीज पर अब तमीम इकबाल ने एक नया अपडेट दिया है।
'कोर्ट पर मेरा अनुभव बहुत बुरा था', यूएस ओपन से पहले ही राउंड में बाहर होने पर बोले जोकोविच
24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच ने सोमवार को यूएस ओपन में अर्जेंटीना के मारियानो नवोन से पहले राउंड में मिली चौंकाने वाली हार के बाद कोर्ट पर अपने समय को बहुत बुरा अनुभव बताया। सर्बिया के स्टार टेनिस खिलाड़ी ने बताया कि लगातार शारीरिक समस्याओं - जैसे उल्टी, ऐंठन और दर्द - ने मैच खत्म करने की उनकी क्षमता पर बहुत बुरा असर डाला।
Ankur Bhattacharjee ने WTT Feeder Olomouc में रचा इतिहास, Single and Doubles में जीता Gold
भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी अंकुर भट्टाचार्य ने चेक गणराज्य में आयोजित डब्ल्यूटीटी फीडर ओलोमोक टूर्नामेंट में अपना पहला डब्ल्यूटीटी पुरुष एकल खिताब जीता और आकाश पाल के साथ युगल वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल करके दोहरी सफलता हासिल की।विश्व रैंकिंग में 78वें नंबर के खिलाड़ी अंकुर ने एकल फाइनल में स्लोवेनिया के तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी डेनी कोजुल को 3-1 (9-11, 11-4, 11-5, 11-6) से हराया। इससे पहले उन्होंने आकाश के साथ मिलकर पुरुष युगल फाइनल में हंगरी के साबा एंड्रास सैंटोसी और पोलैंड के एलन कुलज़िकी ज़ालेव्स्की को 3-1 (11-8, 4-11, 13-11, 11-9) से हराया था। अंकुर के लिए एकल फाइनल की शुरुआत अच्छी नहीं रही, क्योंकि कोजुल ने पहला गेम 11-9 से जीत लिया। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली और अगले तीन गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।पुरुष युगल में अंकुर और आकाश ने पहला गेम 11-8 से जीता, लेकिन सैंटोसी और ज़ालेव्स्की ने दूसरे गेम में 11-4 से जीत हासिल करके स्कोर बराबर कर दिया। तीसरे गेम में कड़ी टक्कर के बाद भारतीय जोड़ी ने 13-11 से जीत हासिल करके फिर से बढ़त हासिल ली और फिर चौथे गेम में भी अपना संयम बनाए रखते हुए 11-9 से जीत दर्ज की।अंकुर ने इस तरह से डब्ल्यूटीटी फीडर सीरीज में शानदार सत्र का समापन किया। यहां खिताब जीतने से पहले उन्होंने 2026 में दो टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल और दो टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
सॉफ्टबॉल से मजबूत होंगे भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते
दोनों देशों में बारी-बारी से सीरीज, विश्वस्तरीय अनुभव, इंदौर चिमनबाग मैदान पर नियमित अभ्यास हो रहा है।
इंटरनेट डेस्क। महिला एशियाकप में भारतीय टीम ने जीत के साथ आगाज किया है। टीम ने इस मैच में थाईलैंड को हराया। इसके साथ ही भारत की ओपनिंग बल्लेबाज स्मृति मंधाना विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में सूजी बेट्स को पछाड़कर दूसरे पायदान पर पहुंच गई हैं। बाएं हाथ की बल्लेबाज ने रविवार को थाईलैंड के खिलाफ विमेंस एशिया कप 2026 के तीसरे मुकाबले में 10 गेंदों का सामना करते हुए 19 रन बनाए। उनकी इस पारी में 4 चौके शामिल रहे। मंधाना के नाम कई सारे रिकॉर्ड इसी के साथ मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,756 रन बना लिए। मंधाना टेस्ट मुकाबलों में 788 रन बना चुकी हैं, जबकि वनडे फॉर्मेट में उनके नाम 5411 रन दर्ज हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 4557 रन जुटाए हैं। 30 वर्षीय मंधाना ने टेस्ट करियर के 9 मुकाबलों में 2 शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं। वहीं, 120 वनडे मुकाबलों में उनके नाम 14 शतक और 35 अर्धशतक हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मंधाना 1 शतक के साथ 35 अर्धशतक जमा चुकी हैं। इस लिस्ट में मिताली राज टॉप पर हैं, जिन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 10,868 रन बनाए। वहीं, सूजी बेट्स (10,740) इस लिस्ट में तीसरे पायदान पर पहुंच गई हैं। शार्लेट एडवर्ड्स (10,273) और स्टेफनी टेलर (10,007) क्रमश चौथे और पांचवें पायदान पर हैं। pc- indianexpress.com
US Open: दिग्गज नोवाक जोकोविच का हुआ बंटाधार, करियर में पहली बार मिला ऐसा 'जख्म'
Novak Djokovic vs Mariano Navone: नोवाक जोकोविच का यूएस ओपन 2026 में बंटाधार हो गया है। दिग्गज टेनिस प्लेयर को अपने करियर में पहली बार ऐसा 'जख्म' मिला, जिसकी फैंस ने कल्पना भी नहीं की।
20 सितंबर से होगा ओडिशा टी20 लीग सीएम ट्रॉफी का आगाज, छह टीमें टूर्नामेंट में लेंगी हिस्सा
कटक, 31 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर है। ओडिशा टी20 लीग सीएम ट्रॉफी की वापसी होने जा रही है। यह टूर्नामेंट 20 से 29 सितंबर तक कटक के मशहूर बाराबती स्टेडियम में खेला जाएगा। इसमें कुल छह टीमें हिस्सा लेंगी।
भारत के 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेंगलुरु में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में 81 गेंदों पर 92 रन की पारी खेली। उन्होंने ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए अपनी पारी में 7 छक्के और 7 चौके लगाए। हालांकि, वे शतक से 8 रन दूर रह गए। सूर्यवंशी ने 2026 में टी-20 के साथ वनडे और रेड-बॉल क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल सभी फॉर्मेट और सभी मैचों को मिलाकर वे 100 से ज्यादा छक्के लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक 161 छक्के लगाए हैं, जिसमें IPL 2026 के 72 छक्के शामिल हैं। सूर्यवंशी ने 42 बॉल पर अर्धशतक लगाया सूर्यवंशी ने 42 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने हाल ही में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले सारांश जैन के खिलाफ छक्का लगाते हुए हाफ सेंचुरी लगाई। वैभव ने अपने अर्धशतक तक पहुंचने के लिए 51 में से 38 रन बाउंड्री से बटोरे जिसमें 5 चौके और तीन छक्के शामिल थे। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में वैभव सिर्फ 8 रन बनाए पाए थे लेकिन गेंदबाजी में 11 रन देकर दो विकेट उन्होंने झटके थे। सूर्यवंशी को हर्ष दुबे ने आउट किया। रिकल्टन-एलन 99 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर साउथ अफ्रीका के रियान रिकल्टन और फिन एलन के नाम 99-99 छक्के हैं। दोनों संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। मिचेल मार्श 95 छक्कों के साथ चौथे और भारतीय बल्लेबाज इशान किशन 89 छक्कों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। इस लिस्ट में रहमनुल्लाह गुरबाज, निकोलस पून, टिम सीफर्ट, करनबीर सिंह और जोस बटलर भी शामिल हैं। 2026 में सूर्यवंशी के 3 शतक और 14 अर्धशतक वैभव ने 2026 में अब तक इंडिया अंडर-19, इंडिया ए, भारतीय टीम, राजस्थान रॉयल्स और दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए 41 मैचों की 41 पारियों में 2022 रन बनाए हैं। उनके नाम इस दौरान 3 शतक और 14 अर्धशतक हैं। वैभव ने इस साल अब तक 179 चौके और 161 छक्के लगाए हैं। वे अभी दलीप ट्रॉफी का हिस्सा हैं। अभिमन्यु ईश्वरन अर्धशतक लगाकर नाबाद दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन ने सोमवार को दूसरे दिन लंच तक 31 ओवर में 183/2 रन बनाए। टीम अभी सेंट्रल जोन के 266 रन के स्कोर से 83 रन पीछे है। सूर्यवंशी ने 92 रन की पारी खेली, जबकि अभिमन्यु ईश्वरन अर्धशतक लगाकर नाबाद हैं। कुमार कुशाग्र खाता खोले बिना आउट हुए।--------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर टीमों से राय मांगी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर IPL की सभी 10 फ्रेंचाइजियों से राय मांगी है। टीमों को सोमवार, 31 अगस्त तक अपनी राय देने को कहा गया है। कुछ महीने पहले बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने संकेत दिया था कि IPL 2026 के बाद इस नियम की समीक्षा की जाएगी।
US Open: Novak Djokovic का छलका दर्द, 'उल्टी-ऐंठन' से था बुरा हाल, ग्रैंड स्लैम उम्मीदें टूटीं
सोमवार (IST) को 2026 US ओपन के पहले राउंड में मारियानो नावोन ने बड़ा उलटफेर करते हुए नोवाक जोकोविच को हरा दिया, जिससे उनके रिकॉर्ड-ब्रेकिंग 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की कोशिश को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा। अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने आर्थर ऐश स्टेडियम में चार घंटे 36 मिनट तक चले मैराथन मुकाबले में चौथी वरीयता प्राप्त जोकोविच को 7-6(5), 5-7, 4-6, 6-2, 6-1 से हराकर 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन को पहले ही राउंड में बाहर कर दिया। इस हार के साथ ही जोकोविच 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के पहले ही राउंड में बाहर हो गए और उनके रिकॉर्ड में एक और बड़ा खिताब जोड़ने की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। इसे भी पढ़ें: Khelo India 2.0 से खिलाड़ियों का होगा समग्र विकास, हमीरपुर में बोले Anurag Thakur मैच के बाद जोकोविच ने बताया कि उन्हें पूरे सीज़न में ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, जिससे वे अपना बेस्ट प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह साफ़ था कि कोर्ट पर मुझे बहुत बुरा महसूस हो रहा था। बदकिस्मती से, इस साल लगभग हर मैच में मुझे इस समस्या से जूझना पड़ा है। उन्होंने बताया कि मैच के दौरान उन्हें उल्टी, ऐंठन और दर्द जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी मूवमेंट पर असर पड़ा और वे मैच नहीं जीत पाए। जोकोविच ने कहा कि उल्टी होना एक गंभीर समस्या थी। फिर मेरा पूरा शरीर जवाब देने लगा, खासकर ऐंठन और दर्द की वजह से। आखिर में मेरी पीठ और कंधे ने भी साथ छोड़ दिया, और मैं मैच नहीं जीत सका। तीसरा सेट जीतने और चौथे सेट में बढ़त बनाने के बावजूद, जोकोविच अपनी बढ़त बनाए नहीं रख पाए क्योंकि नावोन ने वापसी की। उन्होंने कहा कि चौथे सेट में मैं एक ब्रेक से आगे था, लेकिन मैच के चौथे गेम के बाद से ही मुझे लगातार संघर्ष करना पड़ा। मैं उनकी जीत का श्रेय कम नहीं करना चाहता। उन्हें बधाई। वह एक अच्छे इंसान और फाइटर हैं। लेकिन मुझे खेलने में मज़ा नहीं आया। जोकोविच ने कहा कि तीसरा सेट जीतने से उन्हें उम्मीद जगी थी, लेकिन आखिरकार उनकी शारीरिक स्थिति उन पर हावी हो गई। उन्होंने कहा कि मैंने एक सेट जीता और फिर तीसरा भी। तब मुझे लगा, 'ठीक है, शायद कोई मौका है'। मैं चौथे या पांचवें सेट में हार नहीं मानना चाहता था, इसलिए मैं मैच खत्म करना चाहता था। इसे भी पढ़ें: Neeraj Chopra को बड़ा झटका! टखने में चोट से Asian Games और Diamond League से बाहर निर्णायक सेट में 1-3 से पीछे रहने के दौरान, न्यूयॉर्क की भीड़ ने जोकोविच का उत्साह बढ़ाया; इस बात से 39 वर्षीय खिलाड़ी की आँखों में आँसू आ गए। उन्होंने कहा कि वे बहुत अच्छे थे। ऐसा अनुभव पाकर मैं बहुत आभारी हूँ। जहाँ तक मैच और खेलते समय मेरे शरीर और समग्र अहसास की बात है, तो यह बिल्कुल भी सुखद नहीं था। कोर्ट पर बिताए हर पल से मुझे नफ़रत-सी हो रही थी। उन्होंने भीड़ के समर्थन के लिए आभार जताया: लेकिन सच कहूँ तो, भीड़ और उनके समर्थन के नज़रिए से यह शुरुआत से ही अद्भुत था। वे अहम पलों में मेरा हौसला बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे, और मुझे इस बात का बहुत अफ़सोस है कि मैं उनके लिए उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया, जितना मुझे करना चाहिए था, या कर सकता था, या करना चाहता था। लेकिन आखिर में उन्होंने मुझे जो प्यार और सराहना दी, उसने सचमुच मेरा दिल छू लिया। For more Sports News in Hindi Today please click here.
pc: navrashtra अर्जेंटीना ने को-होस्ट नीदरलैंड्स का लगातार चौथी बार विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 जीतने का सपना तोड़ दिया। शनिवार, 29 अगस्त को एक रोमांचक फाइनल में, अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराकर विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप जीत लिया। अर्जेंटीना ने शूटआउट में संयम दिखाया और तीसरी बार वर्ल्ड टाइटल जीता। अर्जेंटीना ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप 2026 जीता अर्जेंटीना की विमेंस हॉकी टीम ने इससे पहले 2002 और 2010 में नीदरलैंड्स को हराकर टाइटल जीता था। वैगनर स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में, अर्जेंटीना के लिए विक्टोरिया ग्रेनाटो, ब्रिसा ब्रुगेसर और सोफिया काहिरा ने पेनल्टी शूटआउट में गोल किए, जबकि डियाज़ जो का गोल खारिज कर दिया गया। नीदरलैंड्स के लिए विन मारिन ने गोल किया, जबकि पिएना सैंडर्स, फेलिस अल्बर्स और मोइज़ फ्रेके ने गोल करने के मौके गंवाए। पहले 15 मिनट में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई। दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में नीदरलैंड्स को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला। दुनिया की नंबर वन ड्रैग-फ्लिकर मानी जाने वाली यबी जेनसेन ने शानदार ड्रैग-फ्लिक से बॉल को गोलपोस्ट में डाल दिया। यह टूर्नामेंट का उनका आठवां गोल था, जिससे नीदरलैंड्स को 1-0 की बढ़त मिल गई। कैप्टन ग्रेनाटो ने मैच ड्रॉ कराया ब्रेक के बाद, अर्जेंटीना ने कई पेनल्टी कॉर्नर के लिए दबाव बनाना जारी रखा, लेकिन डच गोलकीपर एन वीनेन्डाल ने शानदार बचाव करके अर्जेंटीना को बराबरी करने से रोक दिया। अर्जेंटीना ने अटैक करना जारी रखा और आखिरकार मैच के 54वें मिनट में सफल रही। गोरज़ेलानी की फ्लिक को रोकने की कोशिश में डच गोलकीपर फिसल गई और गोल के पास खड़ी कैप्टन मारिया ग्रेनाटो ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। स्कोर 1-1 हो गया। शूटआउट में डच खिलाड़ियों पर दबाव इसके बाद दोनों टीमों ने निर्णायक बढ़त लेने की कोशिश की, लेकिन कोई भी गोल नहीं कर सकी। मैच शूटआउट में गया, जहां अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। नीदरलैंड्स के लिए सिर्फ विन मारिन ही सफल रहे। फिर, अर्जेंटीना के गोल और डच खिलाड़ियों के चूके हुए प्रयासों ने मैच की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। आखिर में अर्जेंटीना ने शूटआउट 3-1 से जीतकर तीसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
ENG vs PAK: पाकिस्तान को मिली इंग्लैंड से दूसरे टेस्ट में 194 रनों से करारी हार, सीरीज भी गवाई
इंटरनेट डेस्क। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट मैच इंग्लैंड ने जीत लिया। इंग्लैंड ने दूसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रनों से हराया और इसके साथ ही सीरीज पर भी कब्जा जमा लिया। चौथी पारी में पाकिस्तान को 389 रनों का लक्ष्य मिला था, लेकिन पूरी टीम सिर्फ 194 रनों पर ऑलआउट हो गई। पाक टीम के लिए सउद शकील ने 97 रन बनाए, लेकिन दूसरी ओर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना डाला है। लॉर्ड्स पर खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहली पारी में 290 रन बनाए थे। पाकिस्तान की बल्लेबाजी सुपर फ्लॉप रही, क्योंकि पूरी टीम महज 110 के स्कोर पर सिमट गई। जब मेजबान इंग्लैंड दोबारा बैटिंग करने आया तो डैन लॉरेंस की फिफ्टी के दम पर उसने 208 रन बनाए। पहली पारी में बढ़त के आधार पर पाकिस्तान को 389 रनों का लक्ष्य मिला। सउद शकील ने 97 रन बनाए और शान मसूद ने 26 रन बनाए। उन दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रनों का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। सीरीज के पहले मुकाबले में पाकिस्तान टीम का इससे भी ज्यादा बुरा हाल हुआ था, पाक टीम वह मुकाबला पारी और 103 रनों के अंतर से हार गई थी। अब दूसरे टेस्ट में उसे 194 रनों की हार मिली है। बताते चलें कि बाबर आजम के दोबारा टेस्ट कप्तान बनने के बाद यह पाक टीम की 4 मैचों में तीसरी हार है। PC- cricinfo.com
पाकिस्तान क्रिकेट टीम की हो गई मिट्टी पलीद, बाबर आजम की कप्तानी में हुआ कबाड़ा
इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दो मैच हो गए हैं। दोनों में पाकिस्तानी टीम को हार का सामना करना पड़ा है। बाबर आजम फिर से टीम के कप्तान बने हैं।
IND vs PAK: क्या भारत-पाकिस्तान मैच में 'नो हैंडशेक' पॉलिसी बनी रहेगी? अमोल मजूमदार ने कही ये बात...
pc: navrashtra भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशिया कप के लिए पूरी तरह तैयार है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम आज, 30 अगस्त को महिला T20 एशिया कप में अपने कैंपेन की शुरुआत करेगी। पहला मैच थाईलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। यह मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। लेकिन, उससे पहले, 5 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मैच से पहले खिलाड़ियों की 'नो हैंडशेक' पॉलिसी को लेकर चर्चा हो गई है। क्या महिला एशिया कप में भी पाकिस्तान के खिलाफ हाथ न मिलाने की भारत की पॉलिसी जारी रहेगी? भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने इस पर कमेंट किया है। क्या भारत-पाकिस्तान की 'नो हैंडशेक' पॉलिसी अभी भी लागू है? थाईलैंड के खिलाफ मैच से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार ने भारत-पाकिस्तान मैच में नो हैंडशेक विवाद पर रिएक्शन दिया। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान हाथ मिलाने के बारे में पूछे जाने पर मजूमदार ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने साफ कहा कि अभी फोकस पहले मैच पर है और खिलाड़ी ऑफ-फील्ड मामलों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम ऑफ-फील्ड मामलों पर फोकस नहीं कर रहे हैं। जब हम पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलेंगे तो इस बारे में बात करेंगे। अभी हमारा फोकस कल के मैच पर है। हम एक बार में एक मैच पर फोकस कर रहे हैं। हरमनप्रीत कौर ने क्या कहा? जून 2026 में बर्मिंघम में हुए भारत-पाकिस्तान महिला T20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। उससे पहले, अक्टूबर 2025 में कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ ODI वर्ल्ड कप मैच के दौरान भी भारतीय महिला टीम ने यही पॉलिसी अपनाई थी। हालांकि, जब भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से पूछा गया कि क्या भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाफ आने वाले मैच में हाथ मिलाएंगे, तो उन्होंने साफ जवाब नहीं दिया। इसलिए, यह देखना अहम होगा कि भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ मिलाएंगे या नहीं। 2025 से नो हैंडशेक पॉलिसी शुरू हुई टीम इंडिया की क्रिकेट फील्ड पर पाकिस्तानी प्लेयर्स से हाथ न मिलाने की पॉलिसी सितंबर 2025 में हुए मेन्स एशिया कप टूर्नामेंट के दौरान शुरू हुई थी। यह फैसला 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए टेररिस्ट अटैक के बाद लिया गया था। उस एशिया कप टूर्नामेंट के दौरान, सूर्यकुमार यादव की लीडरशिप में इंडियन टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ तीनों मैचों में हाथ मिलाने से परहेज किया था। तब से, इंडियन प्लेयर्स ने अलग-अलग सीनियर, विमेंस और एज ग्रुप टूर्नामेंट में इस पॉलिसी को बनाए रखा है।
नोवाक जोकोविच पहले ही राउंड में US ओपन से हुए बाहर, अर्जेंटीना के मरियानो नावोन से हारे
यूएस ओपन के पहले दौर में मरियानो नावोन के साथ 5 सेट तक चले कड़े मुकाबले में नोवाक जोकोविच को हार का सामना करना पड़ा और वह बाहर हो गए। मैच के पांचवें सेट में जोकोविच की तबीयत बिगड़ने पर वह कोर्ट पर ही रो पड़े।
कठिन परिस्थितियों से निकलकर यहां तक पहुंचना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। उनकी उपलब्धि पहाड़ की उन बेटियों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखती हैं।
'खिलाड़ियों ने मुश्किल हालातों में शानदार क्रिकेट खेला', टीम के प्रदर्शन से गदगद इंग्लिश कप्तान रूट
इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को दूसरे टेस्ट मैच में 194 रनों से हराया। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी हासिल कर ली है।
वैभव सूर्यवंशी ने ध्वस्त कर दिया 57 साल पुराना कीर्तिमान, धमाकेदार बल्लेबाजी से रचा इतिहास
दलीप ट्रॉफी के अपने दूसरे मैच में वैभव सूर्यवंशी ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक ठोक दिया है। उन्होंने अब से करीब 57 साल पुराना कीर्तिमान ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की है।
विश्व चैंपियनशिप में शुरुआत में ही बाहर होने वाले लक्ष्य सेन अपनी इस निराशा को पीछे छोड़कर मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 1,250,000 अमेरिकी डॉलर के चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे। सेन को हालांकि पहले दौर में ही कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। वह अपने शुरुआती मैच में फ्रांस के विश्व चैंपियन एलेक्स लैनियर का सामना करेंगे। जून में यूएस ओपन सुपर 300 के फाइनल में पहुंचने वाले किदाम्बी श्रीकांत पहले मैच में चीनी ताइपे के ची यु-जेन का सामना करेंगे। इस सत्र में उनका प्रदर्शन उतार चढ़ाव वाला रहा है। कनाडा ओपन में चोट के कारण उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा, जिसके बाद कोरिया मास्टर्स में भी वे पहले ही दौर में बाहर हो गए। इसे भी पढ़ें: India Open 2028 गुवाहाटी में होगा, BAI ने सुरक्षा कारणों से लिया फैसला पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी से भारत को काफी उम्मीद होगी। सात्विक और चिराग ने इस साल की शुरुआत में सिंगापुर ओपन जीतकर दो साल का अंतरराष्ट्रीय खिताब का इंतजार खत्म किया। वे चीन के हू के युआन और लिन जियांग यी के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेंगे। इसे भी पढ़ें: Garrett Tan ने World Championships में लक्ष्य सेन को हराकर उलटफेर किया महिला एकल में भारत की निगाहें तीन युवा खिलाड़ियों उन्नति हुडा, तन्वी शर्मा और देविका सिहाग पर टिकी रहेगी। रोहतक की 18 वर्षीय उन्नति का सामना पांचवीं वरीयता प्राप्त चीन की हान यू से होगा। तन्वी का मुकाबला डेनमार्क की अमाली शुल्ज़ से होगा और देविका का बुल्गारिया की कालोयाना नलबंतोवा से होगा। अन्य मुकाबलों में हरिहरन आमसकारुनन और एम आर अर्जुन की पुरुष जोड़ी का सामना आठवीं वरीयता प्राप्त जापानी जोड़ी ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से होगा, जो 2021 के विश्व चैंपियन हैं। मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीशा क्रास्टो का मुकाबला थाई जोड़ी टोनकिड और टोनरुग साएहेंग से, जबकि रोहन कपूर और रुथविका शिवानी गड्डे का सामना चीनी ताइपे के वू गुआन शुन और ली चिया ह्सिन से होगा।
जो रूट ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच जीतकर रचा इतिहास, तोड़ा एंड्र्यू स्ट्रॉस का रिकॉर्ड
जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 194 रनों से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही रूट ने एंड्र्यू स्ट्रॉस का रिकॉर्ड तोड़ा है।
दिग्गज खिलाड़ी और रिकॉर्ड 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच अपने करियर में पहली बार यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में हारकर बाहर हो गए। उन्हें अर्जेंटीना के मारियानो नावोन ने पांच सेट तक चले कड़े मुकाबले में 7-6 (5), 5-7, 4-6, 6-2, 6-1 से हराया। यूएस ओपन के पहले दौर में जोकोविच का रिकॉर्ड 19-0 था और उन्होंने 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद से किसी भी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में अपना पहला मैच नहीं हारा था। लेकिन फ्लशिंग मीडोज में चौथी वरीयता प्राप्त और चार बार के चैंपियन 39 वर्षीय जोकोविच काफी परेशाननजर आए। साढ़े चार घंटे से अधिक चले इस मैच के दौरान उन्हें उल्टी हुई और पैरों में भी तकलीफ हुई। जोकोविच यूएस ओपन में तीसरे दौर से पहले कभी नहीं हारे थे। इसे भी पढ़ें: Novak Djokovic बोले, सिनसिनाटी में जल्दी हारने से US Open की तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय पहले सेट के दौरान उनका मैच बीच में ही रोक दिया गया ताकि बारिश के कारण आर्थर ऐश स्टेडियम की छत को बंद किया जा सके। इससे पहले तीसरी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला और 11वीं वरीयता प्राप्त मार्टा कोस्त्युक ने महिला एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया। पेगुला ने एलेना-गैब्रिएला रूसे को 6-3, 6-2 से हराया। इसे भी पढ़ें: Carlos Alcaraz US Open में खिताब बचाने उतरेंगे, चोट से उबरकर करेंगे वापसी इस सत्र में सर्वाधिक 46 मैच जीतने वाली पेगुला का अगला मुकाबला वीनस विलियम्स और वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी सोफिया केनिन के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगा। पेगुला ने कहा, ‘‘मैदान में उतरने से पहले मैं बहुत घबराई हुई थी, लेकिन मेरे कोच ने कहा कि मैंने अच्छा प्रदर्शन किया।’’ कोस्त्युक ने स्टॉर्म हंटर को 6-4, 6-1 से हराकर साल के आखिरी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की। इससे पहले वह फ्रेंच ओपन और विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी थीं। पुरुष एकल में 2021 के चैंपियन और सातवीं वरीयता प्राप्त दनिल मेदवेदेव ने ह्यूगो गैस्टन को 6-4, 6-2, 6-4 से हराया। पिछले कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले मेदवेदेव ने कहा, ‘‘पिछले कुछ सप्ताह आसान नहीं थे। लेकिन मुझे खुशी है कि आज मैं शानदार टेनिस का प्रदर्शन करने में सफल रहा।’’ अमेरिका के 20वीं वरीयता प्राप्त टॉमी पॉल ने कोलमैन वोंग से पहले सेट के टाईब्रेक में हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए 6-7 (3), 6-1, 6-3, 6-3 से जीत हासिल की। इसे भी पढ़ें: US Open में Aryna Sabalenka लगातार तीसरा खिताब जीतकर हैट्रिक लगाने उतरेंगी महिला एकल के पहले दौर में उलटफेर भी देखने को मिला क्योंकि दो बार की ग्रैंड स्लैम एकल चैंपियन और 27वीं वरीयता प्राप्त बारबोरा क्रेज्सिकोवा, कामिला रखिमोवा से 7-6 (4), 6-2 से हार गईं।
लॉर्ड्स में मिली हार के बाद फूटा बाबर आजम का गुस्सा, बल्लेबाजों से लेकर गेंदबाजों तक सभी को लताड़ा
लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों 194 रन की हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम की बल्लेबाजी और कप्तानी पर सवाल उठ रहे हैं। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी पाकिस्तान को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था।
सर्बिया के नोवाक जोकोविच US ओपन के पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गए। उन्हें अर्जेंटीना के वर्ल्ड नंबर-49 मारियानो नवोने ने पांच सेट के मुकाबले में 7-6, 5-7, 4-6, 6-2, 6-1 से हराया। इसके साथ ही जोकोविच का रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। हार के बाद जोकोविच भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक सके। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला, जो ग्रैंड स्लैम में जोकोविच के करियर का अब तक का सबसे लंबा पहला राउंड मैच रहा। 39 साल के जोकोविच ने शुरुआती तीन सेट में से दो जीते, लेकिन नवोने ने आखिरी दो सेट में शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। US ओपन में पहली बार पहले राउंड में हार जोकोविच के लिए यह US ओपन के इतिहास में पहली बार है जब वे टूर्नामेंट के पहले ही राउंड में बाहर हुए हैं। इससे पहले वे हले राउंड में कभी नहीं हारे थे। यह 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार है,जब जोकोविच किसी ग्रैंड स्लैम के पहले राउंड में बाहर हुए हैं। मैच के दौरान तबियत बिगड़ी जोकोविच ने पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए लगातार दो सेट जीतकर बढ़त बना ली थी। हालांकि, मुकाबले के अंतिम चरण में उनकी तबियत बिगड़ने लगी। मैच के दौरान उन्हें उल्टी करते देखा गया। उन्होंने इनहेलर का इस्तेमाल किया और दवा भी ली। इसके अलावा, वे बार-बार स्ट्रेचिंग करते नजर आए और पीठ व पैरों में परेशानी से जूझते दिखे। मारियानो नावोने कौन हैं? मारियानो नावोनेअर्जेंटीना के एक पेशेवर टेनिस खिलाड़ी हैं, जिनका जन्म 27 फरवरी 2001 को हुआ था। नावोने ने तीन साल की उम्र में टेनिस रैकेट उठाया। 2024 फ्रेंच ओपन में नावोने को 31वीं वरीयता दी गई थी, उसी से उन्होंने ग्रैंड स्लैम डेब्यू किया। मेदवेदेव ने US ओपन के दूसरे राउंड में पहुंचे डेनियल मेदवेदेव ने US ओपन के पहले दौर में ह्यूगो गैस्टन को 6-4, 6-2, 6-4 से हराया। यह मुकाबला 2 घंटे 14 मिनट चला। इस जीत के साथ मेदवेदेव ने करियर में आठवीं बार टूर्नामेंट के दूसरे दौर में जगह बनाई। दूसरे दौर में मेदवेदेव का सामना अमेरिकी वाइल्ड कार्ड सेबेस्टियन गोर्जनी और राफेल कोलिग्नन के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशिया कप- भारत ने थाईलैंड को 94 रन से हराया भारत ने विमेंस टी-20 एशिया कप में जीत से शुरुआत की है। टीम ने रविवार को थाईलैंड को 94 रन से हराया। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में थाईलैंड 160 रन चेज करते हुए 16.1 ओवर में 65 रन पर ऑलआउट हो गई। पूरी खबर…
सर्बिया के नोवाक जोकोविच US ओपन के पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गए। उन्हें अर्जेंटीना के वर्ल्ड नंबर-49 मारियानो नवोने ने पांच सेट के मुकाबले में 7-6, 5-7, 4-6, 6-2, 6-1 से हराया। इसके साथ ही जोकोविच का रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। यह मुकाबला 4 घंटे 36 मिनट तक चला, जो ग्रैंड स्लैम में जोकोविच के करियर का अब तक का सबसे लंबा पहला राउंड मैच रहा। 39 साल के जोकोविच ने शुरुआती तीन सेट में से दो जीते, लेकिन नवोने ने आखिरी दो सेट में शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया US ओपन में पहली बार पहले राउंड में हार जोकोविच के लिए यह US ओपन के इतिहास में पहली बार है जब वे टूर्नामेंट के पहले ही राउंड में बाहर हुए हैं। इससे पहले वे हले राउंड में कभी नहीं हारे थे। यह 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार है,जब जोकोविच किसी ग्रैंड स्लैम के पहले राउंड में बाहर हुए हैं।
नोवाक जोकोविच का यूएस ओपन में 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना पहले ही दौर में टूट गया। चौथी वरीयता प्राप्त सर्बियाई खिलाड़ी को मैरियानो नवोने ने पांच सेट तक चले मुकाबले में 7-6, 5-7, 6-4, 2-6, 6-1 से हराया।
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज से ठीक पहले सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में आक्रामक बल्लेबाजी की। अमृतसर सूरमाज के लिए खेलते हुए उन्होंने पहले ही मैच में अर्धशतक लगाया।
लंदन, 31 अगस्त (आईएएनएस)। लीड्स के बाद लॉर्ड्स के मैदान पर भी पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ करारी हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 194 रनों से जीत दर्ज की। 389 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान का बल्लेबाजी क्रम एक बार दूसरी पारी में एक बार फिर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया।
टेनिस: यूएस ओपन के पहले दिन बड़ा उलटफेर, पूर्व चैंपियन क्रेजसिकोवा बाहर; पेगुला-पाओलिनी की जीत
यूएस ओपन के पहले दिन महिला एकल में बारबोरा क्रेजसिकोवा को कामिला रखीमोवा ने हराकर बाहर कर दिया। वहीं जेसिका पेगुला और जैस्मिन पाओलिनी ने अपने शुरुआती मुकाबले जीते। पुरुष वर्ग में मारिन सिलिच और कैस्पर रूड ने चोट के कारण नाम वापस ले लिया।
फुटबॉल: 39 साल के मेसी ने दागे दनादन चार गोल, इंटर मियामी ने मॉन्ट्रियल को 7-1 से रौंद दिया
39 साल के लियोनल मेसी ने मॉन्ट्रियल के खिलाफ चार गोल दागकर इंटर मियामी को 7-1 की शानदार जीत दिलाई। मेसी ने 40वें, 52वें, 83वें मिनट और स्टॉपेज टाइम में गोल किए। उन्होंने लुइस सुआरेज के गोल में भी मदद की और 18 गोल के साथ MLS में शीर्ष पर हैं।
एशियाई खेल 2026 के लिए वुशु खिलाड़ी मर्सी नगाइमोंग का नाम चयन नीति के कारण टीम से काट दिया गया।
बीसीसीआई ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर आईपीएल की सभी 10 फ्रेंचाइजियों से औपचारिक रूप से राय मांगी है। यह कदम आईपीएल 2026 में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन को लेकर फिर शुरू हुई बहस के बाद उठाया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अगले सीजन से पहले नियम पर नई राय मांगी है। कुछ महीने पहले बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि आईपीएल 2026 के बाद इस विवादित नियम की समीक्षा की जाएगी। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रेंचाइजियों को सोमवार, 31 अगस्त तक अपनी राय देने को कहा गया है। यह क्रिकेट संचालन से जुड़े कई मुद्दों पर मांगी गई राय का हिस्सा है। बीसीसीआई ने कई मुद्दों पर मांगी राय बीसीसीआई ने पीएमओए, अंपायरिंग, प्रैक्टिस सेशन और खेलने की शर्तों पर भी टीमों से सुझाव मांगे हैं। हालांकि, इम्पैक्ट प्लेयर नियम इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। आईपीएल 2026 में 200 से ज्यादा रन के स्कोर में काफी बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद हाल के सीजन में चर्चा का विषय रहे इस नियम को लेकर बल्ले और गेंद के संतुलन पर बहस फिर तेज हो गई। बीसीसीआई ने अपने कम्युनिके में कहा, “आईपीएल 2026 की कप्तानों की बैठक में चर्चा के दौरान यह तय हुआ था कि टूर्नामेंट खत्म होने पर क्रिकेट संचालन से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सभी फ्रेंचाइजियों से राय ली जाएगी।” बोर्ड ने पहले संकेत दिया था कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम एक और सीजन जारी रहने की उम्मीद है। पिछली बैठक में कई कप्तानों ने इस नियम का विरोध किया था। सैकिया के बयान के बाद औपचारिक प्रक्रिया बीसीसीआई की ताजा पहल इस साल की शुरुआत में सैकिया के दिए बयान के बाद उठाया गया औपचारिक कदम है। उन्होंने कहा था कि अगर फ्रेंचाइजियां चिंता जताती हैं, तो बोर्ड नियम पर फिर विचार करने के लिए ज्यादा तैयार होगा। इम्पैक्ट प्लेयर नियम की आलोचना रोहित शर्मा और विराट कोहली समेत कई प्रमुख भारतीय क्रिकेटरों ने भी की है। उन्होंने गेंदबाजों की भूमिका और टी20 क्रिकेट के संतुलन पर इसके असर पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सैकिया ने मई में इस नियम का बचाव किया था। उन्होंने टूर्नामेंट में अलग-अलग तरह के नतीजों का हवाला देते हुए कहा था, “कुछ कम स्कोर वाले मैच भी हुए हैं। सभी प्रशंसक मैचों का आनंद ले रहे हैं। गेंदबाजों को भी अच्छी विकेट मिल रही हैं।” उन्होंने कहा था, “सब कुछ हो रहा है; यह एक पैकेज में पूरा गुलदस्ता है।” 31 अगस्त तक देनी होगी संयुक्त राय ताजा राय लेने की प्रक्रिया से बीसीसीआई को एक और पूरे सीजन के बाद फ्रेंचाइजियों के रुख की ज्यादा साफ तस्वीर मिल सकती है। बोर्ड ने टीमों से कहा है कि वे इन मुद्दों पर अपने-अपने क्रिकेट संचालन विभागों के साथ चर्चा करें। इसके बाद 31 अगस्त तक संयुक्त राय जमा करनी होगी। बीसीसीआई इन जवाबों को एक साथ रखकर फैसला करेगा कि आईपीएल 2027 से पहले किसी बदलाव की जरूरत है या नहीं। फिलहाल इम्पैक्ट प्लेयर नियम लागू है, लेकिन फ्रेंचाइजियों की राय तय कर सकती है कि यह नियम अगले आईपीएल में बिना बदलाव जारी रहेगा या नहीं।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष तमिम इकबाल ने रविवार को कहा कि भारत के खिलाफ सीरीज कराने के लिए नई तारीख तलाशी जा रही है। भारत को अगस्त-सितंबर में बांग्लादेश के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेलने हैं। दोनों बोर्ड की पहले हुई चर्चा के मुताबिक अब सीरीज होने की संभावना नहीं है। मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए कई लोगों का मानना है कि यह सीरीज हमेशा के लिए रद्द हो जाएगी, लेकिन तमिम इससे अलग राय रखते हैं। तमिम ने रविवार को लोकप्रिय खेल प्लेटफॉर्म ‘नॉट आउट नोमान’ से कहा, “भारत सीरीज नहीं होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।” दोनों बोर्ड सीरीज कराने के लिए बातचीत में जुटे तमिम ने कहा, “मैं आपको एक छोटी जानकारी देना चाहता हूं। दोनों बोर्ड इस सीरीज को कराने को लेकर बहुत गंभीर हैं। बीसीसीआई और बीसीबी दोनों नई तारीख तलाश रहे हैं कि इसे कब कराया जा सकता है।” उन्होंने कहा, “हम लगभग एक तारीख को लेकर भी सोच रहे हैं कि क्या उस समय सीरीज हो सकती है या नहीं। अगर मुझे लगता कि मंशा नकारात्मक है, तो आज मैं आपसे यह नहीं कहता कि देखते हैं क्या होता है, हमें उम्मीद है।” तमिम ने कहा कि दोनों बोर्ड की मंशा बहुत सकारात्मक है। उनके मुताबिक, कुछ चीजें ऐसी हैं जो उनके नियंत्रण से बाहर हैं और बीसीबी अध्यक्ष के तौर पर वह उस सीमा को पार नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, “मंशा अच्छी है और हम लगातार बातचीत कर रहे हैं। तारीखों पर भी काम किया जा रहा है, क्योंकि बांग्लादेश भी व्यस्त है और भारत भी व्यस्त है।” तमिम ने बताया कि बांग्लादेश को बीच में तीन सीरीज खेलनी हैं। उन्होंने कहा कि भारत और बीसीसीआई भी अपने मैचों के कारण काफी व्यस्त रहते हैं, लेकिन दोनों बोर्ड इस मामले पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। बीपीएल फिक्सिंग मामले में चार-पांच और नाम सामने आएंगे हाल के समय में बीसीबी ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग में फिक्सिंग घोटालों में शामिल कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। तमिम ने कहा कि चार-पांच और भ्रष्ट लोगों के नाम आने वाले दिनों में सामने लाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम पहले ही प्रेस रिलीज जारी करके चार-पांच लोगों के नाम बता चुके हैं। चार-पांच और नाम सामने लाए जाएंगे। यह ईमानदारी से जुड़ा मामला है और वकील इसे देख रहे हैं।” तमिम ने कहा कि वकील से हरी झंडी मिलने के बाद बीसीबी प्रेस रिलीज के जरिए इन नामों का खुलासा करेगा। टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलने पर बोले- बेहतर बातचीत हो सकती थी तमिम ने कहा कि बांग्लादेश पिछले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के मामले में बेहतर बातचीत कर सकता था। उन्होंने कहा कि अगर वह इस मामले में हुई पूरी घटना का खुलासा कर दें, तो सभी लोग हैरान रह जाएंगे। बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टी20 वर्ल्ड कप के पिछले संस्करण में हिस्सा नहीं लिया था। इससे पहले 2026 इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किया गया था। तमिम ने कहा, “मुझे लगता है कि हम इस मामले पर काफी बेहतर बातचीत कर सकते थे। मुस्तफिजुर का मामला ऐसा था, जिससे पूरा देश निराश था। मैंने उस दिन भी कहा था और आज भी कह रहा हूं कि ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने कहा, “यह करना किसी भी तरह सही नहीं था। उस समय मैंने इसका समर्थन किया था और आज भी कह रहा हूं कि यह नहीं होना चाहिए था। लेकिन हमें वर्ल्ड कप खेलना था।” तमिम ने कहा, “जब बांग्लादेश पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई हुआ था, तब देश के हर व्यक्ति ने जश्न मनाया था। हो सकता है कि अब टी20 वर्ल्ड कप हर दो साल या हर चार साल में होता हो, लेकिन यह वर्ल्ड कप है, जिसमें बांग्लादेश प्रतिनिधित्व करने वाला था।” उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस मामले को शुरुआत से ही ऐसे बिंदु तक ले गया, जहां से वापसी संभव नहीं रही। उनके मुताबिक, इस मामले को अधिक सावधानी और समझदारी से संभाला जा सकता था। बातचीत की कई बातें सार्वजनिक नहीं कर सकते तमिम ने कहा, “मैं यह बात इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मैं अब आईसीसी में हूं। मैं बीसीबी की वजह से आईसीसी सदस्य हूं। उस बातचीत के दौरान बहुत सी बातें कही और की गई थीं।” उन्होंने कहा, “अगर मैं उन्हें सार्वजनिक कर दूं, तो आप हैरान रह जाएंगे। मैं उन घटनाओं का खुलासा नहीं कर सकता, क्योंकि मुझे उस सम्मान को बनाए रखना है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि क्या-क्या बातें कही गई थीं, लेकिन इस चर्चा में नहीं जाना चाहिए।” तमिम ने कहा कि उस समय बाहर रहने वाले लोग केवल अपनी राय दे सकते थे। जो लोग उस समय इस मामले को संभाल रहे थे, उनके पास हर तरह की जानकारी और आंकड़े थे। उन्होंने कहा, “अब जब मुझे सुनने को मिलता है कि इस तरह की बातचीत हुई थी और ऐसी घटनाएं हुई थीं, तो सबका विश्लेषण करने के बाद मुझे लगता है कि हम इस मामले को ज्यादा सावधानी और समझदारी से संभाल सकते थे।” तमिम बोले- खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए तमिम ने कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप पहले ही दिन किसी मामले को ऐसे बिंदु पर ले जाते हैं, जहां से वापसी संभव नहीं होती, तो समाधान नहीं निकलता।” उन्होंने कहा, “कुछ मामलों में खेल को खेल ही रहने देना चाहिए। हाल में काफी परेशानी हुई है। दो देशों के बीच चल रहे युद्ध के दौरान ईरान अमेरिका में खेलने गया था। मेरा मतलब है कि वह मामला इससे भी बड़ा था, क्योंकि वहां युद्ध चल रहा था।” तमिम ने कहा कि किस देश में कौन जा रहा है और मैच किस देश में होना चाहिए, वह इन बातों के विस्तार में नहीं जाना चाहते। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में खेल को खेल की तरह ही देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से, कई बार हम इस सीमा के अंदर नहीं रहते। हम अक्सर खेल को दूसरे मामलों से भी जोड़ देते हैं।” तमिम ने कहा, “जब भी यह विषय सामने आता है, मैं यही बात दोहराता हूं कि हमें वर्ल्ड कप जरूर खेलना चाहिए था। हमें बातचीत भी बेहतर तरीके से करनी चाहिए थी। इसके अलावा मैं बहुत सी बातें नहीं बता सकता, भले ही मुझे उनके बारे में जानकारी हो।”

