चोट से Asian Games से चूके Neeraj Chopra, बोले- झटके को स्वीकार कर वापसी पर ध्यान देना जरूरी
भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने एशियाई खेलों से बाहर होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन कहा कि इस झटके को ‘स्वीकार करना’ और जल्द वापसी पर ध्यान केंद्रित करना अहम है। अठाईस वर्षीय चोपड़ा ने तोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को एथलेटिक्स में पहला ओलंपिक स्वर्ण दिलाया था। इसके बाद उन्होंने पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीता। हालांकि ट्रेनिंग के दौरान ‘लिगामेंट’ में चोट लगने के कारण वह लगातार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की हैट्रिक बनाने का मौका गंवा बैठे। यह चोट लुसाने डायमंड लीग में 88.05 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद लगी। इसके साथ ही उनका 2026 सत्र समय से पहले समाप्त हो गया और वह एशियाई खेलों के साथ डायमंड लीग फाइनल से बाहर हो गए। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के ‘खेलो भारत पॉडकास्ट’ में उन्होंने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से मुश्किल है। मैं यह नहीं कहूंगा कि यह आसान है। मेरे लिए यह थोड़ा सामान्य हो गया है क्योंकि मेरे करियर में ऐसा कई बार हुआ है। कई बार ऐसा हुआ जब मैं पूरी तरह तैयार था और अचानक चोट लग गई। ’’चोपड़ा ने कहा कि इस बार की चोट इसलिए ज्यादा निराशाजनक थी क्योंकि उन्हें लगा था कि वह पहले की परेशानी से उबरकर आखिरकार अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट आए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब मुझे लगा कि मैं आखिरकार फिर से पुराने नीरज की तरह हो गया हूं तो वही उत्साह और निरंतरता वापस आ गई है और तभी मैंने 88 मीटर का थ्रो किया। फिर उसके ठीक एक दिन बाद ट्रेनिंग के दौरान दोबारा चोट लग गई। शुरुआती कुछ मिनट मेरे लिए बहुत मुश्किल थे। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा झोंक दिया था। मैंने साल की शुरुआत से ही ट्रेनिंग शुरू कर दिया था। मैंने अपने परिवार के साथ बिल्कुल भी समय नहीं बिताया था। मैंने अपना पूरा ध्यान ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं पर केंद्रित कर दिया था क्योंकि यह साल बहुत व्यस्त रहा। मैं बार-बार यही सोचता रहा कि इतनी मेहनत करने के बाद भी मैं आखिरकार वहीं वापस आ गया था, जहां साल की शुरुआत में था। ’’जब उनसे एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों के लिए संदेश के बारे में पूछा गया तो चोपड़ा ने उन्हें इस मौके का भरपूर लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे बस यही कहूंगा कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। आपको एशियाई खेलों जैसे बड़े खेल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का मौका हर चार साल में एक बार मिलता है इसलिए अपने मन में ऐसा कुछ लेकर वापस नहीं आएं कि बाद में आपको लगे, ‘मैं यह कर सकता था’। ’’उन्होंने कहा, ‘‘अगले चार साल तक इंतजार करने के बजाय खुद को अच्छी तरह मानसिक रूप से तैयार करें और वहां अपना शतक प्रतिशत दें, ताकि आपको यह संतुष्टि रहे कि आपने अपनी कड़ी मेहनत के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। ’’चोपड़ा ने कहा, ‘‘मेरी सभी को शुभकामनाएं हैं। मुझे उम्मीद है कि एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहेगा और हर खिलाड़ी वह प्रदर्शन हासिल करेगा, जिसे वह लक्ष्य बनाकर चल रहा है।
नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम को सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने 10 मीटर मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत इवेंट में सिल्वर पर निशाना साधने वालीं इलावेनिल वलारिवन को भी सराहा है।
Team India के खिलाफ T20I मैच से Japan में Cricket को मिलेगा बढ़ावा: JCA COO Alan Curr
जापान क्रिकेट संघ (जेसीए) के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) एलन कर को उम्मीद है कि भारत के खिलाफ होने वाला पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला उनके देश में क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा और जापान को वैश्विक क्रिकेट समुदाय में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे ले जाएगा। मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत मंगलवार को सानो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर जापान के खिलाफ मैदान में उतरेगा। कर ने मीडिया बातचीत के दौरान ‘पीटीआई’ के सवाल के जवाब में कहा, “खिलाड़ी काफी उत्साहित हैं। हमारे लिए इस तरह का मौका ज्यादा नहीं आता।”उन्हें उम्मीद है कि भारत के खिलाफ यह मुकाबला भविष्य में जापान में अन्य शीर्ष क्रिकेट खेलने वाले देशों की मेजबानी का रास्ता खोल सकता है। कर ने कहा, “हम इसे अपने भविष्य के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा मान रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि जापान के मुख्यधारा के लोगों में भी इस मुकाबले को लेकर उत्सुकता पैदा हो रही है। उन्होंने कहा, “यह कहना आसान है कि मौजूदा विश्व चैंपियन भारत जापान आकर हमारी टीम के खिलाफ खेलेगा। लेकिन हमें अभी काफी लंबा रास्ता तय करना है।’’पहली बार इतने बड़े स्तर के मुकाबले की मेजबानी जापान के लिए बड़ी चुनौती है। जेसीए ने पिछले कुछ दिनों में सानो मैदान को इस मुकाबले के अनुरूप तैयार करने के लिए व्यापक बदलाव किए हैं। मैदान में अस्थायी दर्शक दीर्घाएं और ‘वीआईपी’ क्षेत्र बनाए गए हैं, टिकट जांच के लिए गेट लगाए गए हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। आम तौर पर इस मैदान में करीब 500 दर्शकों के बैठने की स्थायी व्यवस्था है। संघ ने इंग्लैंड से एक सुरक्षा सलाहकार भी बुलाया है, जो विश्व कप, ‘द हंड्रेड’ और भारत से जुड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था का अनुभव रखता है। कर ने कहा, “हम इस पूरे आयोजन को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। हमारे लिए यह दिखाना बहुत महत्वपूर्ण है कि हम इस तरह के बड़े आयोजन को संभालने की क्षमता रखते हैं।’’मौसम को लेकर हालांकि आयोजकों की चिंता बनी हुई है। जापान के दक्षिण में एक शक्तिशाली तूफान की स्थिति को देखते हुए मुकाबले की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका है। कर ने कहा, “अभी हमारे लिए सफलता का मतलब मैच का आयोजन हो पाना है। मैं इससे इनकार नहीं करूंगा, इस समय जापान के दक्षिण में एक बहुत बड़ा तूफान उठ रहा है और यही हमारी चिंता है।”मौसम से मुकाबला प्रभावित होने की आशंका के बीच कर का मानना है कि भारत के जापान दौरे ने पहले ही देश में क्रिकेट को लेकर जबरदस्त दिलचस्पी पैदा कर दी है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि सफलता का एक बड़ा हिस्सा पहले ही हासिल हो चुका है। भारत का यहां आने के लिए सहमत होना, मेरा आप लोगों से यहां बात करना और जापानी मीडिया की बड़ी संख्या में कल आकर इस मुकाबले और क्रिकेट के बारे में जानने की तैयारी करना। ये सब अपने आप में सफलता के संकेत हैं।”भारत का यह दौरा जेसीए के लंबे समय से चल रहे उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत जापान में क्रिकेट सुविधाओं को बेहतर बनाने और सानो में दुनिया की प्रमुख क्रिकेट टीमों की मेजबानी के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है।
Varun Sanyal withdraws from Asian Games: एमएमए फाइटर वरुण सान्याल का एशियन गेम्स 2026 से पत्ता कट गया है। वह 'सौना बाथ' के दौरान बेहोश हो गए। उन्हें मेडिकली अनफिट घोषित कर दिया गया है।
एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में 10m एयर राइफल रजत
(अजय मसंद)नागोया (जापान), 20 सितंबर इलावेनिल वलारिवन की मुस्कान कभी उनके गले में पड़े पदक के रंग पर निर्भर नहीं करती। रविवार को भी जब उनके हाथ से लगभग पक्का लग रहा स्वर्ण पदक फिसल गया तब यह 27 वर्षीय भारतीय एयर राइफल निशानेबाज एशियाई खेलों की रेंज से उसी सहज मुस्कान के साथ बाहर निकलीं- शांत, संयमित और आश्चर्यजनक रूप से संतुष्ट। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल के अधिकांश हिस्से में इलावेनिल पूरी तरह नियंत्रण में नजर आईं। उन्होंने करीब 1.5 अंक की बढ़त बनाई और लंबे समय तक इसे बरकरार रखा। लेकिन अंत में उनके तीन ढीले शॉट ने मुकाबले का रुख बदल दिया और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनके चेहरे पर ना निराशा थी और ना ही जो हुआ उसे छिपाने की कोई कोशिश। इलावेनिल ने कहा, ‘‘मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई थी। मुझे लगता है कि मुझे फाइनल पर थोड़ा और काम करने की जरूरत है।’’उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि मैं शीर्ष तीन में हूं। हालांकि मैं अपना ध्यान फिर से प्रक्रिया और अपनी तकनीक पर लगाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई।’’उन्होंने कहा, “जैसे ही पदक पक्का हुआ तो दबाव कम हो गया। इसके बाद मैंने अपनी प्रक्रिया को लेकर थोड़ी ढील बरती।”शायद यही स्वीकारोक्ति बताती है कि वह ऐसे नतीजे के साथ भी सहज क्यों थीं जिसे कई खिलाड़ियों के लिए स्वीकार करना मुश्किल होता। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मुझे लगता है कि यह पूरी प्रक्रिया सीखने की है।’’रविवार का रजत पदक प्रमुख एशियाई प्रतियोगिताओं में उनका लगातार तीसरा व्यक्तिगत रजत था। इससे पहले वह शिमकेंट और दिल्ली में एशियाई चैंपियनशिप में भी पोडियम पर पहुंची थीं। हालांकि एक बार फिर मामूली अंतर से स्वर्ण से चूकने पर ध्यान देने के बजाय इलावेनिल पहले ही एक बेहद साधारण चीज के बारे में सोच रही हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘‘अब शायद आराम और उबरने की प्रक्रिया होगी। मुझे अपने बिस्तर की बहुत याद आ रही है। मैं बस वापस जाकर अपने कोच और टीम साथियों के साथ इसका जश्न मनाना चाहती हूं।’’इस साल के अंत में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारियां अब कुछ दिन इंतजार कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘उबरने और खुद को तरोताजा करने के बाद मैं उस लक्ष्य पर काम शुरू करूंगी।’’यह पदक भारत के लिए दोहरी खुशी का हिस्सा भी रहा। इलावेनिल, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा विनोद ने इससे पहले टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाया। इलावेनिल के लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता से ज्यादा इन तीनों निशानेबाजों के बीच विकसित हुए रिश्ते और टीम भावना के बारे में थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह टीम के सामूहिक प्रयास के बारे में अधिक है। हमारे में से हर एक ने ट्रेनिंग सत्र के दौरान एक-दूसरे की मदद की और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।’’टीम की सबसे अनुभवी सदस्य होने के नाते इलावेनिल यह भी समझती थीं कि इन दो पदकों का भारत के बाकी निशानेबाजों पर क्या असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इससे पूरी टीम का मनोबल बढ़ेगा। पहले ही दिन हमने दो पदक जीते हैं इसलिए यहां से आगे मुझे लगता है कि अब बस आगे बढ़ते जाना है।’’लेकिन इस पदक का व्यक्तिगत महत्व इससे कहीं अधिक था। इलावेनिल को एशियाई खेलों में पदक जीतने में आठ साल लग गए। उन्होंने 2018 में जकार्ता में अपने पहले एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। इस बार वह एक अनुभवी ओलंपियन के तौर पर यहां पहुंची थीं लेकिन उनके पदकों के संग्रह में एक बड़ी कमी थी- एशियाई खेलों का पदक। इलावेनिल चाहतीं थी कि उनकी कोच नेहा चव्हाण इस पल को व्यक्तिगत रूप से देख पातीं लेकिन वह नागोया में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मेरे से कहा, ‘तुमने अपनी तरफ से पूरी मेहनत की है। इस दिन तुम इससे अधिक कुछ नहीं कर सकतीं। मैं बस यही चाहूंगी कि तुम तकनीक का पालन करो, खुद पर भरोसा रखो और हमेशा की तरह साहस के साथ खेलो’।’’इलावेनिल ने कहा, ‘‘मैं बहुत आभारी हूं कि वह हर समय मेरे साथ हैं, भले ही वह यहां मौजूद ना हों।’’नेहा की गैरमौजूदगी इस मौके पर और अधिक महसूस हुई क्योंकि यह इलावेनिल का एशियाई खेलों का पहला पदक था। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय मुझे उनकी बहुत याद आ रही है क्योंकि यह मेरा एशियाई खेल का पहला पदक है। वह इसे देखने के लिए यहां व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं हैं। अगर वह यहां होतीं तो मुझे बहुत, बहुत अच्छा लगता।
8 साल बाद ODI में उतरे ग्रीम क्रेमर, जिम्बाब्वे की नजर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में पहली जीत पर
जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया के बीच ODI सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में ग्रीम क्रेमर का मौका मिला है। ग्रीम क्रेमर 8 साल बाद जिम्बाब्वे की जर्सी में खेलने उतरे हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एमएमए फाइटर वरुण सान्याल वजन कम करने के दौरान सॉना में बेहोश हो गए। नेपाल के एक एथलीट ने उन्हें देखकर जगाया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब उनकी स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
Asian Games में Elavenil Valarivan का कमाल, भारत को निशानेबाजी में मिले 2 रजत पदक
(अजय मसंद)नागोया, 20 सितंबर एलावेनिल वलारिवन के महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियाई खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता के पहले दिन दो रजत पदक जीतकर अपने अभियान की बेहतरीन शुरुआत की। भारत की सबसे कुशल राइफल निशानेबाजों में से एक एलावेनिल ने टीम स्पर्धा में देश को रजत पदक दिलाने में मदद की और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक जीता। तमिलनाडु में जन्मी यह निशानेबाज फाइनल के अधिकतर समय तक स्वर्ण पदक जीतने की स्थिति में दिख रही थी लेकिन अंतिम क्षणों में जापान की हिनाता ताइची ने उन्हें पीछे छोड़कर सोने का तमगा हासिल किया। विश्व चैंपियनशिप 2025 की कांस्य पदक विजेता एलावेनिल ने 252.4 अंक हासिल किए, जो ताइची से सिर्फ 0.6 अंक कम थे। ताइची ने 253.0 अंक हासिल करके एशियाई खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन ने 230.4 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। एलावेनिल का यह एशियाई खेलों में पहला व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 जकार्ता और 2022 हांगझोऊ खेलों में भाग लिया था लेकिन पोडियम पर जगह बनाने में असफल रही थीं। फाइनल के अधिकांश समय तक स्वर्ण पदक उनकी मुट्ठी में लग रहा था। वह 17वें शॉट के बाद बान से 1.4 अंकों से आगे थीं, जबकि ताइची तीसरे स्थान पर थीं। एलावेनिल 21वें शॉट के बाद भी जापानी निशानेबाज से 0.2 अंकों से आगे थीं। लेकिन इसके बाद ताइची आगे हो गई। एलावेनिल अंतिम दो शॉट्स से पहले ताइची से केवल 0.3 अंक पीछे थीं। उन्होंने 10.4 अंक बनाए, लेकिन जापानी निशानेबाज ने 10.6 अंक बनाकर अपनी बढ़त 0.5 अंक कर दी। भारतीय खिलाड़ी को पदक का रंग बदलने के लिए अंतिम शॉट में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी लेकिन उन्होंने 10.1 का स्कोर बनाया। ताइची ने संयम बनाए रखते हुए 10.2 का स्कोर करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया और एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। यह रजत पदक एलावेनिल का दिन का दूसरा पदक था। इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदरसा विनोद के साथ मिलकर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था। सोनम ने भी फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह 167 अंकों के साथ छठे स्थान पर रही। एलावेनिल ने बाद में कहा, ‘‘मैं जानती थी कि मैं शीर्ष तीन में शामिल हूं। मैं अपनी प्रक्रिया और तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, फिर भी मैं थोड़ी लापरवाह हो गई। मुझे अपने फाइनल पर और काम करने की ज़रूरत है। बस इतना ही। मुझे लगा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे खुशी है कि मैंने रजत पदक जीता।’’इससे पहले एलावेनिल, सोनम और विदरसा की भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया। भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है। क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया। विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर थ्री पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग ज़िफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे, लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
एशियन गेम्स: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इंडोनेशिया को 13-1 से हराया, दिलप्रीत सिंह ने किए 4 गोल
नागोया, 20 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने रविवार को पूल ए के अपने पहले मुकाबले में इंडोनेशिया को 13-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अपने खिताब के बचाव अभियान की जोरदार शुरुआत की।
भारत और श्रीलंका के बीच कब खेला जाएगा गोल्ड मेडल मैच, पाकिस्तान के पास भी एक पदक जीतने का मौका
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराकर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है। अब गोल्ड मेडल के लिए टीम इंडिया का मुकाबला श्रीलंका से होगा।
Asian Games Hockey: भारतीय पुरुष टीम ने Indonesia को 13-1 से रौंदा, Dilpreet Singh ने दागे 4 गोल
स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह ने चार गोल करके अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई, जिससे मौजूदा चैंपियन भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के पूल ए के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया को 13-1 से हरा दिया। दिलप्रीत (18वें, 19वें, 37वें और 49वें मिनट) ने चार फील्ड गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा (6वें और 35वें मिनट) और सुखजीत सिंह (38वें और 48वें मिनट) ने दो-दो गोल दागे। गोल करने वाले अन्य भारतीय खिलाड़ियों में अभिषेक (12वें मिनट), राजिंदर सिंह (19वें मिनट), मनदीप सिंह (21वें मिनट), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (28वें मिनट) और जुगराज सिंह (47वें मिनट) शामिल थे। इंडोनेशिया की तरफ से एकमात्र गोल औलिया अल अर्द्ध ने 33वें मिनट में किया। भारत मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ अपना अगला मैच खेलेगा। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा था कि भारतीय टीमें एशियाई खेलों में अपनी पारंपरिक नीली पोशाक पहनेंगी, लेकिन पुरुष और महिला दोनों टीमों ने केसरिया रंग की पोशाक ही पहनी, जिसे उन्होंने हाल ही में नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप के दौरान पहली बार पहना था। भारत ने आक्रामक शुरुआत की। खेल के छठे मिनट में कप्तान हरमनप्रीत के ड्रैग फ्लिक को इंडोनेशिया के गोलकीपर आलम फजर ने बचा दिया लेकिन लाकड़ा ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। भारत ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और खेल के अधिकांश हिस्से में दबदबा कायम रखा। अभिषेक ने 12वें मिनट में शुरुआती शॉट को इंडोनेशियाई गोलकीपर द्वारा बचाए जाने के बाद रिबाउंड पर गोल करके बढ़त को दोगुना कर दिया। दिलप्रीत ने 18वें मिनट में अभिषेक की मदद से गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके एक मिनट बाद दिलप्रीत ने सुखजीत सिंह के दूर वाले पोस्ट से दिए गए पास को गोल में बदला। कुछ ही सेकंड बाद राजिंदर ने सुखजीत की मदद से गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। इसके महज दो मिनट बाद मनदीप ने एक और फील्ड गोल दाग दिया। भारत ने इंडोनेशियाई रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा और 27वें मिनट में पेनल्टी हासिल की जब रिबाउंड पर स्कोर करने की कोशिश करते समय मनप्रीत सिंह को ‘डी’ के अंदर फाउल किया गया। लेकिन हरमनप्रीत का प्रयास इंडोनेशियाई गोलकीपर फजर ने नाकाम कर दिया। लेकिन हरमनप्रीत ने अगले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को हाफ-टाइम तक 7-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ के शुरू में इंडोनेशिया ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जिसे अल अर्द्ध ने गोल में बदला। लेकिन भारत ने अपना दबदबा बरकरार रखा और राजिंदर से मिले सटीक पास पर शिलानंद ने अपना दूसरा गोल दागा। दिलप्रीत एक बार फिर सही समय पर सही जगह पर मौजूद थे। इंडोनेशिया के गोलकीपर के शुरुआती शॉट को रोके जाने के बाद उन्होंने गेंद को गोल में धकेलकर अपने नाम हैट्रिक दर्ज की। कुछ ही सेकंड बाद सुखजीत ने भी फील्ड गोल कर दिया। इसके बाद 47वें मिनट में जुगराज ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और एक मिनट बाद ही सुखजीत ने अपना दूसरा फील्ड गोल किया। दिलप्रीत ने एक मिनट बाद अपना चौथा गोल दागकर भारत की बड़ी जीत सुनिश्चित की।
जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। मेडल जीतने के बाद सोनम म्हास्कर ने अपनी खुशी जाहिर की और अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। मेरे लिए और भारत के लिए गर्व का पल सोनम म्हास्कर ने कहा, सबसे पहले तो यह बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे, मेरे परिवार और भारत के लिए गर्व का पल है। उन्होंने अपनी सफलता में साथ देने वाले प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया। सोनम ने कहा, मैं अपने सभी प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने यह पदक जीतने में मेरा साथ दिया। #WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Sonam Mhaskar says, First of all, it feels great. It is a proud moment for me, my family, and India. I want to thank everyone—my sponsors, the federation, SAI, and all those who supported me in… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/VcSzRxrIWT — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: 8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार... Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर 2019 में कॉलेज से शुरू हुआ सफर सोनम ने बताया कि उन्होंने 2019 में कॉलेज के दौरान खेल की शुरुआत की थी। उस समय उनके कॉलेज में केवल चार खेलों का विकल्प था, राइफल शूटिंग, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और जूडो। उन्होंने बताया कि वह मुक्केबाजी या जूडो में नहीं जाना चाहती थीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन बाद में राइफल शूटिंग में उनकी रुचि बढ़ गई। सोनम ने कहा, मैंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन फिर मेरी रुचि राइफल शूटिंग में हो गई। मैंने इसमें जिला स्कूल खेल स्तर पर एक पदक भी जीता। इस सफलता के बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्हें लगा कि वह इस खेल में आगे कुछ हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा, उस पदक से मेरी रुचि और बढ़ी और मुझे लगा कि मैं इस खेल में सच में कुछ हासिल कर सकती हूं। यहीं से मेरा सफर शुरू हुआ। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal माता-पिता को समर्पित किया पदक सोनम ने एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल अपने माता-पिता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने मुश्किल हालात के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, मैं यह पदक अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहती हूं, क्योंकि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। अगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया होता, तो मुझे नहीं लगता कि मैं आज यहां होती।
भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड मेडल मैच में अपनी जगह को पक्का कर लिया है तो वहीं इस मैच में शतकीय पारी खेलने वाली शेफाली वर्मा अब महिला टी20 इंटरनेशनल में भारत की तरफ से सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली खिलाड़ी के रूप में पहली पोजीशन पर कब्जा कर लिया है।
8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार... Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर
जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। इस पदक के साथ भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को और मजबूत किया है। 8 साल की मेहनत के बाद मिला पदक सिल्वर मेडल जीतने के बाद भारतीय निशानेबाज विदर्सा के. विनोद ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, सबसे पहले मैं बहुत खुश और आभारी हूं कि हमें यह पदक मिला। हमने यह पदक भारत और अपने देश के लिए जीता है, इसलिए मुझे बहुत गर्व है। विनोद ने बताया कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 8 साल का लंबा इंतजार और कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने कहा, यहां तक पहुंचने और इस स्तर पर मुकाबला करने में लगभग 8 साल लग गए। सफर बहुत मुश्किल था। मुझे बहुत सारे त्याग करने पड़े और कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। #WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Vidarsa K Vinod says, First of all, I am so happy and so grateful that we have this medal. We got this medal for India, for our country, so I am so proud. It took almost 8 years to come here, to… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/Aq2YygGbDK — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal हार के बाद भी नहीं मानी हार विनोद ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत और हार न मानने के जज्बे को दिया। उन्होंने कहा कि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने कभी पीछे हटने का फैसला नहीं किया। उन्होंने कहा, सफर मेरे लिए बहुत कठिन था, लेकिन मैं हार मानने के लिए तैयार नहीं थी और इसी वजह से आज यहां हूं। इसे भी पढ़ें: Asian Games Table Tennis: भारतीय पुरुष और महिला टीम ने Indonesia को 3-0 से हराया कोच और परिवार को दिया पदक का श्रेय विनोद ने अपने पदक को सबसे पहले अपने कोच मनोज कुमार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता के पीछे कोच की सबसे बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा, मैं अपना पदक सबसे पहले अपने कोच मनोज कुमार को समर्पित कर रही हूं। मेरी सफलता के पीछे सबसे अहम व्यक्ति वही हैं। इसके बाद उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, पति और भाई को भी अपनी सफलता का श्रेय दिया।
Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal
कुछ खिलाड़ियों के लिए एशियाई खेल पूरी तरह अलग दुनिया जैसे हो सकते हैं- बड़ी भीड़, बड़े नाम, अधिक उम्मीदें और महाद्वीपीय स्तर की प्रतियोगिता का दबाव लेकिन विदरसा विनोद के लिए यह महज एक और निशानेबाजी प्रतियोगिता थी। केरलम की इस निशानेबाज ने भले ही भारत की कुछ अन्य स्टार निशानेबाजों की तुलना में देर से एशियाई खेलों में कदम रखा और 27 साल की उम्र में महाद्वीपीय खेलों में पदार्पण किया लेकिन रविवार को उन्होंने दिखाया कि बड़े मंच की चमक में भी वह सहज रह सकती हैं। विदरसा ने इलावेनिल वलारिवन और सोनम उत्तम मस्कर के साथ मिलकर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। इसके साथ ही भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों में निशानेबाजी अभियान की शुरुआत पदक के साथ की। खेलों में पहली बार हिस्सा ले रही विदरसा के लिए यह प्रभावशाली आगाज था। हालांकि, क्वालीफिकेशन में 12वें स्थान पर रहने के कारण वह व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उन्हें इस बड़ी प्रतियोगिता का कोई अतिरिक्त दबाव महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं था कि मुझ पर बहुत उम्मीदें थीं या मैं सोच रही थी कि एशियाई खेल बहुत बड़ी प्रतियोगिता है। मुझे कुछ अलग महसूस नहीं हुआ। यह सामान्य प्रतियोगिता जैसी ही लगी, बस लोग अलग थे।’’ विदरसा ने कहा, ‘‘सिर्फ नाम एशियाई खेल है, बाकी सब कुछ वैसा ही लगा।’’ शायद यही सहजता उन्हें व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना पाने की निराशा से उबरने में मदद कर पाई। विदरसा ने माना कि क्वालीफिकेशन के दौरान कुछ समय के लिए उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कह सकती हूं कि मैं थोड़ी निराश थी। दो सीरीज में मेरा प्रदर्शन थोड़ा खराब रहा। उन दोनों सीरीज में स्कोर काफी नीचे चला गया और मैं निराश थी।’’ लेकिन हार मानना उनके लिए विकल्प नहीं था। विदरसा ने कहा, ‘‘मैं खुश हूं क्योंकि मैं हार मानने के लिए तैयार नहीं थी।’’ निशानेबाजी में विदरसा का सफर भी संयोग से शुरू हुआ था। केरल के सेंट मैरी कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वह एनसीसी कैडेट थीं और 2018 में उन्हें पहली बार निशानेबाजी आजमाने का मौका मिला। उन्होंने याद करते हुए कहा, ‘‘यहीं से मैंने निशानेबाजी शुरू की।’’ एक साल बाद उन्हें विश्वास होने लगा कि यह खेल उन्हें आगे ले जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘फिर 2019 में मुझे महसूस हुआ कि निशानेबाजी के लिए मेरे अंदर प्रतिभा है। मैंने पेशेवर तौर पर निशानेबाजी शुरू की।’’ हालांकि उनका आगे बढ़ना रातोंरात नहीं हुआ। वह प्रशिक्षण के लिए 2022 में दिल्ली गईं और 2025 में कजाखस्तान में एशियाई चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया जहां उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता। इसके बाद उन्होंने लगातार खुद को स्थापित किया और केवल रैंकिंग अंक (आरपीओ) के लिए खेलने वाली निशानेबाज के तौर पर क्वालीफिकेशन में सर्वाधिक स्कोर भी बनाया। अंतरराष्ट्रीय करियर के बमुश्किल एक साल बाद विदरसा ने अब अपने पदकों की सूची में एशियाई खेलों का पदक भी जोड़ लिया है। उनकी उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 10 मीटर एयर राइफल उनके लिए अभी अपेक्षाकृत नई स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने 10 मीटर एयर राइफल का प्रशिक्षण केवल दो महीने पहले शुरू किया। इस 10 मीटर राइफल के साथ मेरी पहली प्रतियोगिता हाल में चीन में विश्व कप थी।’’ हालांकि उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन है जिसमें उन्हें कहीं अधिक अनुभव है। उन्होंने कहा, ‘‘थ्री पोजीशन मेरी मुख्य स्पर्धा है। इसलिए मुझे प्रतियोगिता को लेकर कोई संदेह नहीं है। मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं।’’ विदरसा ने एशियाई खेलों से पहले 10 मीटर की ट्रेनिंग को प्राथमिकता दी थी और 50 मीटर राइफल के साथ ज्यादा अभ्यास नहीं किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कल से प्रशिक्षण शुरू करूंगी। कोई घबराहट नहीं है, कुछ नहीं। मेरे लिए 50 मीटर करना ज्यादा आसान है। सभी पोजीशन और बाकी चीजें व्यवस्थित हैं क्योंकि इस नई राइफल का इस्तेमाल करते हुए मुझे लगभग एक साल हो गया है।’’ विदरसा के लिए एशियाई खेलों का अनुभव बड़े लक्ष्य की की दिशा में एक और कदम है जो ओलंपिक क्वालीफिकेशन चक्र है। विश्व चैंपियनशिप में दुनिया के शीर्ष निशानेबाजों के खिलाफ खुद को परखने का एक और मौका मिलेगा और वह नागोया से मिली सीख को आगे ले जाने की योजना बना रही हैं।
Asian Games Table Tennis: भारतीय पुरुष और महिला टीम ने Indonesia को 3-0 से हराया
भारत की पुरुष और महिला टीम ने रविवार को यहां आइची-नागोया एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत अपने-अपने ग्रुप एफ मुकाबलों में इंडोनेशिया पर 3-0 की समान जीत के साथ की। महिला टीम के लिए श्रीजा अकुला, दीया चितले और यशस्विनी घोरपड़े ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। श्रीजा ने पहले मैच में नी महारानी को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। श्रीजा ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम 8-11 से गंवाया लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 11-4, 11-4 से जीत लिए। दीया चितले ने इसके बाद अल्माइरा नेबुचदनेज्जर को 3-0 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। दीया ने 11-9, 11-8, 11-5 से जीत दर्ज की और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। यशस्विनी घोरपड़े ने तीसरे मैच में चित्रा रस्मी को 3-0 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की। यशस्विनी ने 12-10, 11-4, 11-4 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम ने भी 3-0 की शानदार जीत दर्ज की। हालांकि दूसरे मुकाबले में उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। जी साथियान ने मुहम्मद नेगारा को 11-8, 11-7, 11-9 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद मानव ठक्कर ने मुहम्मद जुनिंद्रा के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की। मानव ने पहला गेम 11-7 से जीता लेकिन दूसरा गेम 8-11 से गंवा दिया। उन्होंने तीसरा गेम 11-6 से जीतकर फिर बढ़त हासिल की। जुनिंद्रा ने चौथा गेम 11-6 से जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचाया लेकिन मानव ने धैर्य बनाए रखते हुए पांचवां गेम 11-9 से जीत लिया। मानुष शाह ने इसके बाद अफान प्रतामा को 11-9, 11-9, 12-10 से हराकर पुरुष टीम को जीत दिलाई। महिला ग्रुप एफ में भारत के साथ इंडोनेशिया, पाकिस्तान और सिंगापुर हैं। पुरुष टीम को ईरान, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के साथ ग्रुप एफ में रखा गया है।
अजीत अगरकर के जाने का कारण की वजह सामने आई, रोहित के भविष्य से लेकर वीवीएस लक्ष्मण से मतभेद तक
अगरकर और BCCI के बीच मतभेद का सबसे अहम मुद्दा रोहित शर्मा का वनडे भविष्य बताया जा रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले चयन समिति, टीम प्रबंधन और BCCI के शीर्ष अधिकारियों के बीच रोहित के भविष्य पर चर्चा हुई थी।
भारतीय मिक्स्ड मार्शल आर्टस खिलाड़ी वरुण सान्याल एशियन गेम्स से बाहर हो गए है। उन्हें 77 kg वेट कैटेगरी के क्वार्टर फाइनल से पहले मेडिकल अनफिट घोषित कर दिया गया। मुकाबले के लिए वजन कम करने के दौरान सौना बाथ लेने में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। एक नेपाली खिलाड़ी ने उन्हें देखा और मेडिकल टीम तक पहुंचाने में मदद की। वजन घटाने के दौरान बिगड़ी तबीयत घटना की जानकारी मिलने के बाद MMA इंडिया के अध्यक्ष निखिल कुंदर और भारतीय अधिकारी भी वहां पहुंचे। डॉक्टरों ने वरुण की जांच की और उन्हें मुकाबले के लिए अनफिट घोषित कर दिया। इसके कारण वे 77 kg वेट के क्वार्टर फाइनल में नहीं उतर सके। उनका क्वार्टर फाइनल बहरीन के मुखम्मद नबीयेव से होना था। वरुण को प्रीलिमिनरी राउंड में बाई मिली थी, इसलिए वे सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। लंदन से नागोया तक लंबा सफर 27 साल के वरुण लंदन से मुंबई और फिर सिंगापुर होते हुए जापान पहुंचे थे। नागोया पहुंचने के बाद एक्रेडिटेशन से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण उन्हें गेम्स विलेज में कमरा मिलने में 10 घंटे से ज्यादा समय लग गया। कमरा मिलने के बाद भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। जिस कमरे में उन्हें ठहराया गया था, उस पर दो अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने भी अपना दावा किया था। इससे उन्हें आराम के लिए उपलब्ध समय और कम हो गया। बिस्तर तक पहुंचते-पहुंचते पूरी तरह थक चुके थे वरुण ने मीडिया से कहा, ‘जब मैं आखिरकार अपने कमरे में पहुंचा और बिस्तर पर गिरा, तब मेरा शरीर पूरी तरह थक चुका था।’ डॉक्टरों की मेडिकल क्लियरेंस नहीं मिलने के कारण वरुण 77 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में नहीं उतर सके। इस तरह उनका एशियन गेम्स अभियान मुकाबला खेले बिना ही खत्म हो गया। --------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत को हटाकर टी-20 रैंकिंग में नंबर-1 बना इंग्लैंड:श्रीलंका के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप किया, तीसरा मैच 8 विकेट से जीता इंग्लैंड ने 55 दिन बाद भारत से T20I की नंबर-1 रैंकिंग फिर छीन ली। इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में श्रीलंका को तीसरे T20I में 8 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। श्रीलंका के 124 रन के जवाब में इंग्लैंड ने 9.4 ओवर में 2 विकेट पर 126 रन बनाकर जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने 62 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल किया। यह 120+ रन के लक्ष्य का सबसे तेज T20I चेज है। पूरी खबर
Suchika Tariyal ने Asian Games MMA के सेमीफाइनल में बनाई जगह, पदक किया पक्का
सुचिका तारियाल जब 12 साल की थी तब छेड़छाड़ की एक घटना ने उनको व्यथित कर दिया और उन्होंने उसी समय प्रण लिया कि उन्हें लड़ना सीखना होगा। इस घटना के 24 साल बाद इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने हरियाणा के जूडो मैट से एशियाई खेलों के पोडियम तक सफर तय किया। उन्होंने रविवार को यहां मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर महिलाओं के पारंपरिक मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश करके भारत के लिए पदक पक्का किया। नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में सोमवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में सुचिका स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेगी। इस प्रतियोगिता में अंतिम चार में पहुंचने पर पदक पक्का हो जाता है। सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। सुचिका ने कहा, ‘‘देश के लिए एक पदक पक्का करना बहुत बड़ी बात है। अब मैं स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोडूंगी।’’महिला पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग में स्ट्राइकिंग, टेकडाउन, ग्रैपलिंग और ग्राउंड फाइटिंग का संयोजन होता है, जिसमें अंडर-60 किलोग्राम वर्ग के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। एमएमए को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। सुचिका जूडो, जिउ-जित्सु और एमएमए जैसे खेलों की अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं ऐसा खेल सीखूं जिसमें लड़ना पड़े, इसलिए मैंने जूडो को चुना। उसी सफर ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। यह अगले स्तर पर जाने के लिए आधार को मजबूत करने जैसा है, और जूडो ने इसमें मेरी बहुत मदद की है।’’उनका यह सफर हरियाणा के रोहतक से शुरू हुआ जहां वह एक साधारण और रूढ़िवादी परिवार में पली-बढ़ीं। जब वह 12 साल की थी तब छेड़छाड़ की एक घटना ने उन्हें झकझोर दिया और उन्होंने आत्मरक्षा के लिए जूडो सीखना शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में और बाद में पालम के दादा देव मंदिर केंद्र में प्रशिक्षण लिया जिसके बाद उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) भोपाल में अपने कौशल को निखारा। सुचिका ने इसके बाद जूडो में प्रभावशाली करियर बनाया। उन्होंने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठ बार राष्ट्रीय चैंपियन बनी। उन्होंने 2019 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप और 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। सुचिका ने इसके अलावा 2018 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता। सुचिका ने जिउ-जित्सु में भी हाथ आजमाए और इस खेल में भी अपनी विशेष छाप छोड़ी। उन्होंने 2024 जेजेआईएफ जिउ-जित्सु विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। एमएमए में उनका सफर काफी पहले 2017 में शुरू हो गया था, लेकिन उसके बाद उन्होंने सात साल का ब्रेक लिया और इस दौरान जूडो और जिउ-जित्सु में प्रतिस्पर्धा करना जारी रखा। उन्होंने 2024 में पेशेवर एमएमए में वापसी की और महिला स्ट्रॉवेट डिवीजन में ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन के साथ कई मुकाबलों का अनुबंध किया। उन्होंने दिसंबर 2024 में बहरीन में ब्रेव सीएफ 92 में जीत हासिल की। एमएमए में कदम रखना उनके लिए एक चुनौती भरा सफर रहा है। उन्होंने पहले और दूसरे एमएमए-एसएफआई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और उसके बाद जनवरी और मई 2026 में तीसरे और चौथे एशियाई मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किए। एशियाई खेलों की तैयारी के लिए उन्होंने मुंबई में कोच निखिल और सुशोभन के मार्गदर्शन में छह सप्ताह के शिविर में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मुंबई के ट्रैफिक में फंस जाती थी तो मेरे कोच मेरा इंतज़ार करते थे ताकि मैं आकर अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकूं। वे मुझ पर पूरा ध्यान देते थे और मेरी तकनीक को निखारने में लगे रहते थे।’’सुचिका ने कहा, ‘‘यहां तक पहुंचने में मुझे बहुत समय लगा। इसमें बहुत मेहनत लगी। पहले जूडो, फिर अन्य खेल और अब एमएमए। यह एक नया खेल है, बिल्कुल नया मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स।
शेफाली वर्मा ने खेली ऐतिहासिक शतकीय पारी, लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की धाकड़ ओपनिंग बल्लेबाज शेफाली वर्मा का एशियन गेम्स 2026 में बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में बल्ले से शानदार नाबाद शतकीय पारी देखने को मिली, जिसके दम पर कई रिकॉर्ड्स बनाने में कामयाब रहीं।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में जीत से शुरुआत की है। उसने रविवार को अपने पहले मैच में उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया। नागोया में खेले गए पूल बी के विमेंस मैच में दीपिका ने सबसे ज्यादा 8 गोल दागे। वे महिला हॉकी के किसी एक मैच में सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी बनीं। उन्होंने 8वें, 22वें, 25वें, 33वें, 36वें, 38वें, 41वें और 54वें मिनट में गोल किए। भारत की ओर से इशिका ने हैट्रिक लगाई। नवनीत कौर और ललथांतलुआंगी ने दो-दो गोल किए, जबकि लालरेमसियामी, बलजीत कौर, नेहा और साक्षी राणा ने एक-एक गोल किया। पहले हाफ में 8 गोल आए, लालरेमसियामी ने खोला खाता भारत ने शुरुआत से ही उज्बेकिस्तान पर दबाव बनाया। लालरेमसियामी ने 7वें मिनट में करीब से फील्ड गोल कर भारत का खाता खोला। इसके एक मिनट बाद दीपिका ने गोल कर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। इशिका ने 11वें मिनट में सुनेलिता टोप्पो के पास पर गोल किया। इसके एक मिनट बाद बलजीत कौर ने भारत का चौथा गोल किया। नेहा ने 18वें मिनट में फील्ड गोल कर स्कोर 5-0 कर दिया। दीपिका ने 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिक से अपना दूसरा गोल किया। नवनीत कौर ने 23वें मिनट में गोल किया। दीपिका ने 25वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को हाफ टाइम तक 8-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ में भी जारी रहा गोलों का सिलसिला हाफ टाइम के बाद भारत ने हमले और तेज कर दिए। दीपिका ने 33वें, 36वें, 38वें और 41वें मिनट में लगातार चार गोल किए। इसके बाद इशिका ने 42वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। ललथांतलुआंगी और साक्षी राणा ने 43वें मिनट में एक-एक गोल किया। नवनीत कौर ने 45वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। ललथांतलुआंगी ने 51वें मिनट में दूसरा गोल दागा। दीपिका ने 54वें मिनट में आठवां गोल किया और इसी मिनट इशिका ने भी अपना तीसरा गोल कर भारत का स्कोर 19-0 कर दिया। सविता पूनिया का 320वां इंटरनेशनल मैच अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने अपना 320वां इंटरनेशनल मैच खेला। इसके साथ ही वह वंदना कटारिया के साथ भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ियों में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गईं। उज्बेकिस्तान की टीम पूरे मैच में भारतीय गोल के सामने ज्यादा मौके नहीं बना सकी। भारत ने गेंद पर दबदबा बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए। -------------------------------------------- भारत को हटाकर टी-20 रैंकिंग में नंबर-1 बना इंग्लैंड:श्रीलंका के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप किया, तीसरा मैच 8 विकेट से जीता इंग्लैंड ने 55 दिन बाद भारत से T20I की नंबर-1 रैंकिंग फिर छीन ली। इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में श्रीलंका को तीसरे T20I में 8 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। श्रीलंका के 124 रन के जवाब में इंग्लैंड ने 9.4 ओवर में 2 विकेट पर 126 रन बनाकर जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने 62 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल किया। यह 120+ रन के लक्ष्य का सबसे तेज T20I चेज है। पूरी खबर
गोल्ड मेडल से चूकीं एलावेनिल वलारिवन, शूटिंग में जीता दूसरा मेडल
एलावेनिल वलारिवन ने टीम स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद रविवार को व्यक्तिगत वर्ग में भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीता।
आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत को दूसरा पदक भी शूटिंग से मिला है। स्टार निशानेबाज इलावेनिल वलारिवान ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया।
Asian Games Shooting: सोनम, एलावेनिल और विदरसा की तिकड़ी ने 10m एयर राइफल में जीता सिल्वर मेडल
(अजय मसंद)नागोया, 20 सितंबर भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को यहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की। भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया। भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है। क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया। विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी। इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग ज़िफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे, लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, महिला T20I में बन गईं सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना ने एशियन गेम्स 2026 में बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में अपनी 37 रनों की पारी के दम पर महिला टी20 इंटरनेशनल में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।
10 मीटर एयर राइफल में भारत ने जीता सिल्वर मेडल, चीन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की।
आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक के साथ अपना खाता खोला। इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा कोचलुमकल की तिकड़ी दूसरे स्थान पर रही।
एशियन गेम्स में वुमेंस क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 8 विकेट से मात दी। इस हार के साथ ही पाकिस्तान का गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूट गया है।
एशियन गेम्स: भारतीय महिला हॉकी टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया, दीपिका ने 8 गोल किए
भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को गिफू प्रीफेचुरल ग्रीन स्टेडियम में अपने पूल बी के पहले मैच में उज्बेकिस्तान पर 19-0 से रौंदकर एशियन गेम्स 2026 में अपने सफर...
एशियन गेम्स: भारतीय महिला हॉकी टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया, दीपिका ने दागे रिकॉर्ड आठ गोल
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में धमाकेदार शुरुआत करते हुए उज्बेकिस्तान को 19-0 से हरा दिया। दीपिका ने आठ गोल दागे, जबकि इशिका ने तीन गोल किए।
Asian Games 2026: 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में भारत ने जीता रजत पदक
भारत ने रविवार को यहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर आइची-नागोया एशियाई खेलों में अपने निशानेबाजी अभियान की शानदार शुरुआत की। एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद की भारतीय तिकड़ी ने संयुक्त रूप से 1898.0 अंक हासिल किए और चीन के बाद दूसरे स्थान पर रही। चीन की टीम ने 1904.2 के विश्व-रिकॉर्ड स्कोर के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। मेजबान जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। सोनम 634.1 अंकों के साथ भारत की शीर्ष स्कोरर रहीं। उनके बाद एलावेनिल 633.5 अंकों के साथ और विदरसा 630.4 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। एलावेनिल और सोनम ने व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत के निशानेबाजों ने रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
अटापट्टू के तूफान में बेहाल हुआ पाकिस्तान, फाइनल में पहुंचा श्रीलंका
एशियन गेम्स में श्रीलंकाई महिला टीम ने पाकिस्तान को रौंदकर फाइनल में जगह बना ली है. श्रीलंकाई टीम के लिए कप्तान चमारी अटापट्टू ने बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी कमाल किया.
IND vs BAN Live Updates: भारतीय टीम जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी करने का लिया फैसला
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सेमीफाइनल में मुकाबला बांग्लादेश की टीम से हो रहा है, जिसमें टीम इंडिया ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला मेडल पक्का, MMA फाइटर सुचिका तारियाल छाईं
सुचिका तारियाल ने रविवार को जापान के ऐची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में महिलाओं के ट्रेडिशनल -60kg सेमीफाइनल में पहुंचकर मेडल पक्का कर लिया।
Asian games 2026 Live Updates: एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट 20 सितंबर को कई अलग-अलग इवेंट्स में एक्शन में हैं, जिसमें महिला हॉकी टीम ने काफी अच्छी शुरुआत की है।
Asian Games Teqball में चूकीं Quimcy Dsouza, एकल और मिश्रित युगल दोनों में कांस्य गंवाया
भारत की क्विम्सी डिसूजा को रविवार को यहां एशियाई खेलों की टेकबॉल प्रतियोगिता में दोहरा झटका लगा जब वह महिला एकल में कांस्य पदक से चूक गईं और कुछ ही मिनटों बाद मोहम्मद अनस बेग के साथ मिश्रित युगल में तीसरे स्थान के मुकाबले में भी हार गईं। क्विम्सी ने महिला एकल के कांस्य पदक के मैच में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में वह स्थानीय खिलाड़ी युइना सकामोटो से 0-2 (11-12 11-12) से हार गईं। इसके बाद मिश्रित युगल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया न्गिह ट्रिन्ह से 0-2 (9-12 6-12) से हार का सामना करना पड़ा। जापान की विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी सकामोटो ने दर्शकों के अपार समर्थन के बीच भले ही सीधे गेम में जीत हासिल की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किया। यह मैच तीन गेम के प्रारूप में खेला जाता है और पहले दो गेम जीतने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। मुंबई की रहने वाली क्विम्सी के पास पहले गेम में गेम प्वाइंट था लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाई। दूसरे गेम में भी वह एक समय 10-8 से आगे थी लेकिन फाउल करके मैच गंवा बैठी। एकल मुकाबले में हार के तुरंत बाद ही क्विम्सी को संभलने का मुश्किल से ही समय मिला, क्योंकि वियतनामी जोड़ी के खिलाफ मिश्रित युगल में कांस्य पदक के मुकाबले के लिए उन्हें अनस के साथ कोर्ट पर वापसी करनी पड़ी। लगातार दो मैच खेलने का असर उन पर साफ दिख रहा था। दूसरे गेम में 5-9 से पिछड़ने के बाद पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण उन्होंने 10 मिनट का मेडिकल ब्रेक लिया। वह कमर पर पट्टी बांधकर लौटी लेकिन गति को बरकरार नहीं रख सकी, जिसके चलते भारतीय जोड़ी को आखिर में हार का सामना करना पड़ा। क्विम्सी हालांकि अपने शानदार प्रदर्शन से भारत का इस खेल से परिचय कराने में सफल रही। टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
एशियन गेम्स: क्विम्सी डिसूजा टेकबॉल के कांस्य पदक मुकाबले में जापान की साकामोटो से हारीं
नागोया, 20 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की क्विम्सी डिसूजा रविवार को एशियन गेम्स में महिलाओं के एकल टेकबॉल इवेंट में कांस्य पदक से चूक गईं। उन्हें जापान की युइना साकामोटो से करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
नागोया, 20 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने नागोया में चल रहे एशियन गेम्स के दौरान देश के एथलीटों का समर्थन करने के लिए जापान में इंडियन डायस्पोरा (भारतीय प्रवासी समुदाय) की तारीफ की, और इंडियन टीम का हौसला बढ़ाने में समुदाय की भूमिका पर जोर दिया।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला दिन बेहद व्यस्त रहने वाला है। कई खेलों में पदक मुकाबले होंगे।
वेस्टइंडीज ने भारत दौरे के लिए वनडे और T20I टीम घोषित कर दी है। युवा ओपनर कामिल पूरन को पहली बार T20I टीम में जगह मिली है। उन्होंने CPL 2026 में 8 पारियों में 273 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 159.64 रहा। शिमरोन हेटमायर की भी T20I टीम में वापसी हुई है। वे CPL 2026 में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्हें 3 मैचों की वनडे सीरीज से आराम दिया गया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से 18 अक्टूबर तक 3 वनडे और 5 T20I खेले जाएंगे। मुकाबले 8 शहरों में होंगे। पूरन को CPL के प्रदर्शन का इनाम कामिल पूरन CPL 2026 में सेंट लूसिया किंग्स के लिए खेले। उन्होंने 8 पारियों में 273 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 159.64 रहा। वेस्टइंडीज क्रिकेट ने उनके चयन को युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना का हिस्सा बताया है। टीम 2028 T20 वर्ल्ड कप के लिए अभी से नए खिलाड़ियों को तैयार करना चाहती है। हेटमायर T20I टीम में लौटे हेटमायर को 5 मैचों की T20I सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने पांचवें वनडे में नाबाद 69 रन की मैच विनिंग पारी खेली थी। CPL के बाद उन्हें रिकवरी के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। इसी वजह से वे वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं। कैंपबेल की वनडे में वापसी ओपनर जॉन कैंपबेल वनडे टीम में लौट आए हैं। वे हैमस्ट्रिंग चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के आखिरी दो वनडे नहीं खेल पाए थे। युवा बल्लेबाज ज्वेल एंड्रयू को दोनों टीमों में जगह मिली है। अकीम ऑगस्ट सर्जरी के बाद रिहैबिलिटेशन में हैं। इसलिए वे भारत दौरे से बाहर हैं। होल्डर को दोनों टीमों से आराम अनुभवी ऑलराउंडर जेसन होल्डर को भारत दौरे के लिए दोनों टीमों में जगह नहीं मिली है। उन्हें आराम दिया गया है। होल्डर ने जुलाई 2023 के बाद कोई वनडे नहीं खेला है। वे जून में श्रीलंका के खिलाफ वेस्टइंडीज की पिछली T20I सीरीज में टीम का हिस्सा थे। पहले दो वनडे वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन साइकल का हिस्सा भारत के खिलाफ पहले दो वनडे 2027 वनडे वर्ल्ड कप के ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन साइकल के आखिरी मैच होंगे। वेस्टइंडीज अब सीधे क्वालिफाई नहीं कर सकता। टीम को अगले साल क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट खेलना होगा। कोच डैरेन सैमी ने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज से खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण भूमिकाओं के लिए तैयार करने का मौका मिलेगा। वेस्टइंडीज की वनडे टीम शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टी, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, अमीर जांगू, अल्जारी जोसेफ, शमार जोसेफ, विटेल लॉज, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडेन सील्स। वेस्टइंडीज की T20I टीम शाई होप (कप्तान), ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, शिमरोन हेटमायर, अकील होसेन, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैमसन, रोमारियो शेफर्ड, शमार स्प्रिंगर। ----------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 55 दिन बाद इंग्लैंड भारत को हटाकर टी-20 में नंबर-1:श्रीलंका को 8 विकेट से हराया, सीरीज 3-0 जीती, 62 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल इंग्लैंड ने 55 दिन बाद भारत से T20I की नंबर-1 रैंकिंग फिर छीन ली। इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में श्रीलंका को तीसरे T20I में 8 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। श्रीलंका के 124 रन के जवाब में इंग्लैंड ने 9.4 ओवर में 2 विकेट पर 126 रन बनाकर जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने 62 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल किया। यह 120+ रन के लक्ष्य का सबसे तेज T20I चेज है। पूरी खबर
इंग्लैंड ने 55 दिन बाद भारत से T20I की नंबर-1 रैंकिंग फिर छीन ली। इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में श्रीलंका को तीसरे T20I में 8 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। श्रीलंका के 124 रन के जवाब में इंग्लैंड ने 9.4 ओवर में 2 विकेट पर 126 रन बनाकर जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने 62 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल किया। यह 120+ रन के लक्ष्य का सबसे तेज T20I चेज है। 26 जुलाई को भारत ने इंग्लैंड से छीनी थी रैंकिंग इंग्लैंड ने 11 जुलाई को भारत को 4-0 से हराकर T20I रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया था। भारत ने 26 जुलाई को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाकर यह स्थान वापस ले लिया था। अब 19 सितंबर को इंग्लैंड ने श्रीलंका को 3-0 से हराकर 55 दिन बाद नंबर-1 स्थान फिर हासिल कर लिया। बटलर ने छक्का लगाकर मैच खत्म किया 125 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत तेज रही। जोस बटलर और एनेरिन डोनाल्ड ने पहले विकेट के लिए 22 रन जोड़े। डोनाल्ड 13 रन बनाकर स्टंप हुए। इसके बाद बटलर और हैरी ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 38 गेंदों पर 85 रन की साझेदारी की। दोनों ने पावरप्ले में ही इंग्लैंड का स्कोर 82 रन तक पहुंचा दिया। ब्रुक 33 रन बनाकर रन आउट हुए। बटलर ने 32 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए। उन्होंने छक्का लगाकर इंग्लैंड को जीत दिलाई। श्रीलंका के आखिरी 6 विकेट 17 रन में गिरे टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। सॉनी बेकर ने लाहिरू उदारा को आउट किया। इसके बाद विल जैक्स ने पावरप्ले में दो विकेट लिए। पाथुम निसंका 24 गेंदों पर 36 रन बनाकर आउट हुए। कमिंदु मेंडिस ने 28 गेंदों पर 35 रन बनाए। उन्होंने 3 चौके और 2 छक्के लगाए। लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त साथ नहीं मिला। चरित असलंका रन आउट हुए। ईशान मलिंगा भी रन आउट हुए। वानिंदु हसरंगा हिट विकेट हुए। श्रीलंका ने आखिरी 6 विकेट सिर्फ 17 रन में गंवा दिए। पूरी टीम 18.5 ओवर में 124 रन पर ऑलआउट हो गई। बेकर, आर्चर और जैक्स को 2-2 विकेट इंग्लैंड के लिए सॉनी बेकर, जोफ्रा आर्चर और विल जैक्स ने 2-2 विकेट लिए। जेमी ओवरटन ने 1 विकेट लिया। बेकर ने 3.5 ओवर में 17 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। बेकर ने सीरीज के तीन मैचों में 6 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी 3.71 रही। श्रीलंका पर लगातार 15वीं जीत इंग्लैंड की श्रीलंका के खिलाफ T20I में यह लगातार 15वीं जीत है। इसके साथ इंग्लैंड ने किसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ लगातार सबसे ज्यादा T20I जीत के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। भारत का 1,605 दिन रहा नंबर-1 का पहला कार्यकाल भारत 20 फरवरी 2022 को पहली बार T20I रैंकिंग में नंबर-1 बना था। उसका यह पहला कार्यकाल 1,605 दिन चला। जुलाई 2026 में इंग्लैंड ने 4-0 की सीरीज जीतकर भारत से यह स्थान छीन लिया था। इसके बाद भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 2-0 की बढ़त बनाकर नंबर-1 स्थान वापस हासिल किया। अब 55 दिन बाद इंग्लैंड फिर भारत से नंबर-1 रैंकिंग छीनकर शीर्ष पर पहुंच गया है। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अभिषेक शर्मा ने पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को पीछे छोड़ा:ICC टी-20 रैंकिंग में नंबर-2 बल्लेबाज बने, अब टॉप-2 पोजीशन पर भारतीय प्लेयर अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टी-20 मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ताजा ICC टी-20 बैटिंग रैंकिंग में नंबर-2 पर पहुंच गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान को पीछे छोड़ा है। पूरी खबर
एशियन गेम्स में आज 9 खेलों में 27 गोल्ड मेडल मुकाबले खेले जाएंगे। इसमें सबसे ज्यादा स्विमिंग में 7 गोल्ड दांव पर होंगे। इसके अलावा टेकबॉल में 5 और कराटे में 4 गोल्ड का फैसला होगा। भारत के लिए शूटिंग, टेकबॉल और वुशु में मेडल जीतने का मौका है। इसके अलावा टीम इंडिया हॉकी, क्रिकेट, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और वुशु में भी मुकाबले खेलेगी। शूटिंग में एलावेनिल, सोनम और विदर्सा पर नजर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में भारत की एलावेनिल वालारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा के विनोद उतरेंगी। सुबह 9:45 बजे तीनों खिलाड़ी क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेंगी। इसी के साथ टीम इवेंट का फाइनल भी होगा। इंडिविजुअल इवेंट का फाइनल दोपहर 2:30 बजे खेला जाएगा। टेकबॉल में दो ब्रॉन्ज मेडल का मौका महिला सिंगल्स के ब्रॉन्ज मेडल मैच में भारत की क्विमसी जोआकिम डिसूजा जापान की यूइना सकामोटो से खेलेंगी। मिक्स्ड डबल्स के ब्रॉन्ज मेडल मैच में क्विमसी और मोहम्मद अनस इमरान बेग की जोड़ी उतरेगी। वहीं वुशु में सुरज सिंह मायांगलंबम के पास मेडल जीतने का मौका रहेगा। वे सुबह 5:30 बजे पुरुष चांगक्वान के फाइनल में उतरेंगे। उनके अलावा महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग में अपर्णा राउंड और पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग में विक्रांत बलियान राउंड ऑफ-16 खेलेंगे। हॉकी में दोनों भारतीय टीमें एक्शन में भारत की महिला हॉकी टीम सुबह 7:30 बजे उज्बेकिस्तान के खिलाफ पूल-B का मुकाबला खेलेगी। इसके बाद पुरुष टीम सुबह 11:30 बजे इंडोनेशिया से खेलेगी। दोनों टीमों के लिए यह गेम्स का पहला मुकाबला होगा। टेबल टेनिस में भारत के 4 मुकाबले टेबल टेनिस में भारतीय महिला टीम सुबह 6:30 बजे इंडोनेशिया और दोपहर 12:30 बजे सिंगापुर से खेलेगी। पुरुष टीम सुबह 9 बजे इंडोनेशिया और दोपहर 3 बजे ईरान के खिलाफ उतरेगी। सभी मुकाबले ग्रुप-F में होंगे। बैडमिंटन में कजाकिस्तान से मुकाबला भारतीय महिला बैडमिंटन टीम सुबह 11:30 बजे कजाकिस्तान के खिलाफ राउंड ऑफ-16 का मुकाबला खेलेगी। पीवी सिंधु समेत भारतीय खिलाड़ी टीम इवेंट में उतरेंगे। स्विमिंग में 4 भारतीयों पर नजर बेनेडिक्टन रोहित और आकाश मणि 100 मीटर फ्रीस्टाइल के हीट्स में उतरेंगे। ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल 100 मीटर बैकस्ट्रोक के हीट्स में हिस्सा लेंगे। फाइनल में जगह बनाने पर शाम के सेशन में आगे मुकाबला होगा।
एशियन गेम्स में विमेंस क्रिकेट का सेमीफाइनल मैच आज भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा। मुकाबला सुबह 10:30 बजे से शुरु होगा। टीम इंडिया आज जीती तो 22 सितंबर को गोल्ड मेडल मैच खेलेगी। टी-20 इंटरनेशनल में 25 बार दोनों टीमों की भिड़ंत हुई है। इनमें भारत ने 22 मुकाबले जीते हैं। वहीं बांग्लादेश को सिर्फ 3 जीत मिली है। बांग्लादेश को भारत के खिलाफ आखिरी जीत जुलाई 2023 में मिली थी। इसके बाद टीम इंडिया ने लगातार 9 मुकाबलों में बांग्लादेश को हराया। शेफाली-चरणी इस साल भारत की टॉप प्लेयर्स शेफाली वर्मा ने इस साल भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 22 मैच में 158.18 की स्ट्राइक रेट से 715 रन बनाए हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में जापान के खिलाफ 15 गेंद में नाबाद 40 रन की पारी खेली थी। गेंदबाजी में श्री चरणी टीम की टॉप विकेट टेकर रही हैं। उन्होंने 21 मैच में 5.92 की इकोनॉमी से रन देते हुए 43 विकेट लिए हैं। उन्होंने जापान के खिलाफ 4 ओवर में 10 रन देकर 4 विकेट लिए थे। बांग्लादेश को सोभना मोस्तरी और मारुफा अक्तर से उम्मीदें बांग्लादेश की सोभना मोस्तरी ने इस साल 23 मैच में 568 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 59 रन रहा। गेंदबाजी में मारुफा अक्तर ने 20 मैच में 24 विकेट लिए हैं। उनकी इकोनॉमी 6.49 रही। उन्होंने पिछले 6 टी-20 में हर मैच में कम से कम एक विकेट निकालें हैं। बांग्लादेश के लिए डॉट बल्ला बना परेशानी बांग्लादेश की बल्लेबाजी में डॉट बॉल बड़ी परेशानी बनी हुई है। एशिया कप सेमीफाइनल में टीम ने भारत के खिलाफ 64 गेंद पर रन नहीं बनाए थे। यह मैच भारत ने 40 रन से जीता था। दोनों टीमों की पॉसिबल-11 भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमालिनी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, श्री चरणी, नंदनी शर्मा। बांग्लादेश: निगार सुल्ताना (कप्तान/विकेटकीपर), दिलारा अक्तर, जुऐरिया फर्डूस, सोभना मोस्तरी, शर्मिन अक्तर, शोर्ना अक्तर, फहीमा खातून, नाहिदा अक्तर, राबेया खान, सुल्ताना खातून, मारुफा अक्तर।
भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हुआ टीम का ऐलान, पूरन को मिला मेडन कॉल-अप
क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ आगामी 3 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज के लिए टीमों की घोषणा कर दी है। वनडे और टी20 दोनों सीरीज में वेस्टइंडीज की कप्तानी शाई होप करेंगे।
58 गेंदों में टारगेट चेज कर इंग्लैंड बनी नंबर 1 टीम, T20I में खत्म हुई टीम इंडिया की बादशाहत
इंग्लैंड ने श्रीलंका का सूपड़ा साफ करते हुए 3 मैचों की वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। सीरीज के आखिरी मैच में भी श्रीलंका को निराशा हाथ लगी। इस मैच में इंग्लैंड ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से आसान जीत दर्ज की।
Chess Olympiad: D Gukesh और Arjun Erigaisi की जीत से भारत ने Spain को 3-1 से हराया
भारतीय पुरुष टीम ने शतरंज ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए स्पेन को 3-1 से हराया। विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने पूर्व विश्व चैंपियनशिप चैलेंजर अलेक्सी शिरोव को मात देकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। गुकेश ने मुकाबले में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और 42 चालों में बाजी अपने नाम कर ली। भारत को शुरुआती बढ़त अर्जुन एरिगैसी ने दिलाई। दूसरे बोर्ड पर सफेद मोहरों से खेलते हुए अर्जुन ने आक्रामक अंदाज में शानदार जीत दर्ज की। वहीं आर. प्रज्ञानानंदा को डेविड एंटोन गुइजारो ने ड्रॉ पर रोक दिया, जबकि निहाल सरीन और जैमे सैंटोस लतासा के बीच मुकाबला भी बराबरी पर समाप्त हुआ। महिला वर्ग में भी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की है और 2-0 की बढ़त बना ली है। बी. सविता श्री ने अनुभवी मंगुनतुल बातखुयाग को हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। वहीं विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने बयासगलान खिशिगबातार को मात देकर भारत की बढ़त को निर्णायक बना दिया।
बुलावायो, 19 सितंबर (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम ने पांचवें टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 13 रनों से हराया। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ करते हुए सीरीज को 5-0 से अपने नाम किया।
एकमात्र टेस्ट मैच के लिए बांग्लादेश ने किया स्क्वॉड का ऐलान, तौहीद हृदोय और जैकर अली की हुई वापसी
बांग्लादेश की क्रिकेट टीम संयुक्त अरब अमीरात में अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेलने वाली है। यह मैच 9 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा और बांग्लादेश ने इस इकलौते मैच के लिए अपने स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है।
'एशियन गेम्स' को ओलंपिक आंदोलन के साथ अपने संबंध मजबूत करने चाहिए: आईओसी अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री
नागोया, 19 सितंबर (आईएएनएस)। इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री का मानना है कि एशियन गेम्स को ओलंपिक मूवमेंट के साथ अपने संबंध मजबूत करने चाहिए। कोवेंट्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्पोर्ट्स प्रोग्राम के बारे में फैसला महाद्वीप और मेजबान देश को ही लेना चाहिए।
जापान के नागोया में सम्राट नारुहितो के ऐलान के साथ 20वें एशियाई खेलों की रंगारंग शुरुआत हुई। 46 देशों की परेड में मनु भाकर और पवन सहरावत ने भारतीय दल का नेतृत्व करते हुए तिरंगा फहराया।
Asian Games 2026 में 503 भारतीय एथलीट्स को PM Modi ने दी बधाई, कहा- देश को आप पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं और कहा कि खिलाड़ियों ने ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि आइची-नागोया में एशियन गेम्स की शुरुआत के साथ ही, भारतीय दल को मेरी शुभकामनाएं। हर खिलाड़ी ने बहुत मेहनत की है और ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें! इसे भी पढ़ें: Muscle Gain के लिए रोज कितनी चाहिए डाइट, समझें Calorie Surplus का सही नियम शनिवार को आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भारतीय दल का नेतृत्व किया। पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में हुए समारोह के साथ 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई। इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व 36 खेलों में 503 खिलाड़ियों का दल कर रहा है। पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य सहरावत को अब भाकर के साथ उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने का सम्मान मिला है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भाकर इन खेलों में भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। उन्होंने पेरिस में इतिहास रचते हुए स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया, जिन्होंने ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीते। समारोह से पहले एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) चुना गया है, तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ। उन्हें खेल में अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो आईं और उन्होंने सोचा कि वह अब कितनी आगे आ गई हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी उन्होंने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें आ गईं। और, आपको पता है, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह सच में बहुत अच्छा एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सपोर्ट दिया है। भारत का लक्ष्य 2022 के संस्करण से बेहतर प्रदर्शन करना होगा, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे - जिनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
अफगानिस्तान के खिलाफ दमदार प्रदर्शन, अक्षर पटेल चुने गए 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज'
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज में 3-0 से 'क्लीन स्वीप' किया, जिसके बाद बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल को 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया है। हेड फिजियो कमलेश जैन ने उन्हें मेडल सौंपा।
'मुझे जसपाल राणा सर की बहुत याद आई', एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी के बाद भावुक हुईं मनु भाकर
डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई करते हुए झंडा थामने को एक भावुक अनुभव बताया।
एशियन गेम्स 2026 : ओपनिंग सेरेमनी के बाद भावुक हुईं मनु भाकर
नागोया, डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई करते हुए झंडा थामने को एक भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस खास मौके पर उन्हें अपने दिवंगत कोच और मेंटर जसपाल राणा की बहुत याद आई।
ग्लेमोर्गन ने इंग्लैंड की ऑफ-स्पिनर जॉर्जिया डेविस को अपने साथ जोड़ा, 3 साल का अनुबंध
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। ग्लेमोर्गन ने 2027 सीजन से पहले वारविकशायर की ऑफ-स्पिनर जॉर्जिया डेविस को अपने साथ जोड़ा है। क्लब ने इंग्लैंड की इस खिलाड़ी के साथ तीन साल का अनुबंध किया है।
एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद
ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को कहा कि एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्हें अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की बहुत याद आई। कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ भारतीय ध्वज थामकर समारोह में हिस्सा लेना मनु के लिए यह मौका और भावुक बन गया। मनु ने यहां उद्घाटन समारोह के बाद कहा, ‘‘आज जसपाल सर की बहुत याद आई। उनके साथ नहीं होने से यह दिन वाकई भावुक कर देने वाला था। ’’प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच राणा का 11 जून को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने मनु के करियर में अहम भूमिका निभाई थी और 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्हें दो कांस्य पदक दिलाने में मार्गदर्शन किया था। चौबीस वर्षीय निशानेबाज इससे पहले भी बता चुकी हैं कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोहों को लेकर राणा की सलाह ने उनकी सोच को किस तरह प्रभावित किया था। राणा ने एक बार मनु से कहा था कि वह ऐसे समारोहों में तभी शामिल हो सकती हैं, जब वह ध्वजवाहक हों, वर्ना उन्हें समारोह टीवी पर देखना चाहिए क्योंकि आमतौर पर उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद उनकी स्पर्धाएं शुरू हो जाती थीं। मनु अपने तीसरे एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने 2018 के अपने पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य खिलाड़ियों के गांव से दूर पालेमबांग में थीं। बाद में उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और राणा की उस सलाह को याद किया जिसमें उन्होंने प्रतियोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही थी। राणा की वही सलाह शनिवार को मनु को और भावुक बना गई, जब वह खुद मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत की ध्वजवाहकों में से एक बनकर मैदान में उतरीं। स्वतंत्र भारत की ओर से ओलंपिक के एक ही चरण में दो पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी मनु अब निशानेबाजी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।
Asian Games 2026 में चोट के कारण बाहर Neeraj Chopra ने Team India का बढ़ाया हौसला
ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने 2026 एशियाई खेलों में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही भारतीय टीम को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चोपड़ा ने लिखा कि 2026 एशियाई खेलों में Team India को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं! मुझे यकीन है कि वे सभी हमें गौरवान्वित करेंगे। एशियाई खेल जापान के नागोया और आइची में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले हैं। भारत कई खेलों में हिस्सा लेने की योजना बना रहा है और खिलाड़ी इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के पिछले संस्करणों में देश के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखेंगे। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद टोक्यो 2020 ओलंपिक में पुरुषों की जैवलिन थ्रो में गोल्ड और पेरिस 2024 ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले चोपड़ा, ट्रेनिंग के दौरान टखने के लिगामेंट में चोट लगने के कारण एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इस चोट की वजह से वह इस सीज़न के बाकी मैचों से भी बाहर हो गए हैं। 19 सितंबर को आइची-नागोया में ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने की। पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में हुई इस सेरेमनी के साथ ही 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें भारत के 503 एथलीटों का दल 36 खेलों में हिस्सा ले रहा है। पिछले एशियाई खेलों में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य सहरावत और दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट भाकर ने ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय झंडा उठाया। भाकर ने पेरिस 2024 में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीते और वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हिस्सा लेंगी। वह आज़ाद भारत की पहली ऐसी एथलीट हैं जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीते हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 का आगाज, Women Cricket T20 और Hockey में कल से उतरेगा भारत सेरेमनी से पहले एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल इसके बारे में पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं। और, आप जानते हैं, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन इस मुकाम तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह वाकई दिल को छू लेने वाला एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग बियरर (ध्वजवाहक) चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सपोर्ट दिया है। भारत का लक्ष्य 2022 एशियाई खेलों के अपने प्रदर्शन से बेहतर करना होगा, जहाँ देश ने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे - जिसमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
अफगानिस्तान : टेस्ट मैच के लिए बांग्लादेश टीम का ऐलान
नई दिल्ली, अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद को इस टेस्ट के लिए आराम दिया गया है।
Ajit Agarkar और BCCI के रिश्तों में आई दरार, Rohit Sharma और Laxman बने मुख्य वजह
(फाइल तस्वीरों के साथ)... कुशान सरकार ...नयी दिल्ली, 19 सितंबर पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चल रहा विवाद और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ बढ़ते मतभेद एकदिवसीय विश्व कप 2027 से पहले सीनियर चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच रिश्ते टूटने की प्रमुख वजह बने। अगरकर के जाने की पटकथा उस समय लगभग लिखी जा चुकी थी, जब इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा के लिए मुंबई में बुलाई गई अहम बैठक से उन्होंने दूरी बना ली। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भले ही उनका बचाव किया, लेकिन बोर्ड के भीतर एक वर्ग का मानना था कि इतनी महत्वपूर्ण बैठक में चयन समिति के अध्यक्ष की मौजूदगी जरूरी थी। अगरकर विश्व कप तक पद पर बने रहने के इच्छुक थे, लेकिन पिछले एक महीने में बीसीसीआई की ओर से लगातार ऐसे संकेत मिल रहे थे कि बोर्ड अब चयन समिति में नए चेहरे की तलाश कर रहा है। आम तौर पर बोर्ड ऐसे चयनकर्ता को इतनी आसानी से नहीं हटाता, जिसकी अगुआई वाली समिति ने पिछले तीन वर्षों में सीमित ओवरों की चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली टीमें चुनी हों और उनमें से तीन में खिताब भी जीते हों। भारत ने इस दौरान दो टी20 विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। अगरकर और बीसीसीआई के बीच रिश्तों में असली दरार रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर पैदा हुई। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे शृंखला से ठीक पहले तत्कालीन चयन समिति ने टीम प्रबंधन और बीसीसीआई के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ मिलकर लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित को वनडे टीम से आगे बढ़ने का संकेत देने का फैसला किया था। यह फैसला सामूहिक था और रोहित तक बात पहुंचाने की जिम्मेदारी दक्षिण क्षेत्र के चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा को दी गई, जो रोहित के करीबी मित्रों में माने जाते हैं। रोहित 2027 वनडे विश्व कप खेलना चाहते हैं और उन्हें यह संदेश पसंद नहीं आया। उन्होंने एक प्रभावशाली बोर्ड पदाधिकारी से बात कर चयन समिति के अध्यक्ष के रवैये पर अपनी नाराजगी जाहिर की। मामला तब और पेचीदा हो गया, जब बीसीसीआई ने लॉर्ड्स वनडे के बाद रोहित के संन्यास की अटकलों को खारिज करते हुए सार्वजनिक बयान जारी कर दिया। अगरकर के करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस घटनाक्रम से आहत और नाराज थे। बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि अगरकर को इस बयान की पहले से जानकारी तक नहीं थी। बोर्ड चाहता था कि रोहित के भविष्य पर फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं की जाए। दूसरी ओर, अगरकर का मानना था कि अगर 2027 विश्व कप में यशस्वी जायसवाल को आजमाना है तो उन्हें पर्याप्त वनडे खेलने का मौका देना होगा। रोहित के पक्ष में तर्क यह था कि वह लगभग हर तीसरे वनडे में रन बना रहे थे, जबकि अगरकर के नजरिए से दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में उम्रदराज रोहित की निरंतर प्रभावशाली बल्लेबाजी की कोई गारंटी नहीं थी। इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी थाा कि भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार खिलाड़ियों के संन्यास या भविष्य पर अंतिम फैसला वास्तव में किसका होना चाहिए? अगरकर के लिए यह चयन समिति के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा था, जबकि भारतीय क्रिकेट की परंपरा में बड़े सितारों से जुड़े ऐसे फैसलों में बोर्ड प्रशासन की भूमिका हमेशा प्रभावी रही है। अगरकर और लक्ष्मण लंबे समय तक भारतीय टीम में साथ खेल चुके थे, लेकिन बाद में नीतिगत मामलों पर दोनों के बीच मतभेद गहराते गए। खासकर चोटिल खिलाड़ियों के प्रबंधन और भारत ए टीम के कार्यक्रम को लेकर दोनों की राय अलग-अलग थी। सीओई से जुड़े राज्य टीम के एक पूर्व कोच के अनुसार, ‘‘लक्ष्मण हमेशा सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध टीम को मैदान पर उतारने के पक्षधर रहे हैं। अगरकर को हालांकि यह समझना मुश्किल लगा कि एशियाई खेलों जैसे आयोजन में भारत को अपनी पहली पसंद के खिलाड़ियों के साथ खेलने की जरूरत क्यों है।’’हांग्झोउ एशियाई खेलों के दौरान भारत की कप्तानी रुतुराज गायकवाड़ ने की थी, क्योंकि मुख्य टीम वनडे विश्व कप में व्यस्त थी। लेकिन इस बार भारत की वनडे टीम में श्रेयस अय्यर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, ईशान किशन और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे। इनमें से कई खिलाड़ी पहली पसंद की टीम का हिस्सा रहे हैं। भारत ए के कार्यक्रम ने भी दोनों के बीच मतभेद बढ़ाए। पुडुचेरी में 22 सितंबर से दो अक्टूबर तक होने वाले दो भारत ए टेस्ट का कार्यक्रम श्रीनगर में होने वाले ईरानी कप से टकरा रहा था। इसके अलावा 24 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच न्यूजीलैंड ए के खिलाफ भारत ए के तीन मैचों का कार्यक्रम भारत की टी20 और वनडे शृंखला से भी टकरा रहा था। भारत ए के कार्यक्रम की जिम्मेदारी सीओई के प्रमुख और क्रिकेट संचालन टीम के पास होती है। पहले राहुल द्रविड़ भी इस जिम्मेदारी को संभाल चुके हैं। चोटिल केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों की वापसी को लेकर स्पष्ट समयसीमा नहीं होना भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा और असहमति का कारण बना। दूसरी ओर, लक्ष्मण इस बात से भी नाराज बताए गए कि सीओई को उन मामलों के लिए आलोचना झेलनी पड़ रही थी जो पूरी तरह उसके नियंत्रण में नहीं थे। शीर्ष खिलाड़ियों की चोटों की विस्तृत सूची मीडिया में आने के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी भरोसा और कमजोर हुआ। अगरकर ने ऐसे में जब महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया, तब तक रिश्तों में आई दरार काफी गहरी हो चुकी थी। इसके बाद उनका बीसीसीआई से अलग होना महज औपचारिकता भर रह गया।
रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से जुड़े कुछ मोमेंट शेयर किए हैं। उन्होंने कहा कि टेस्ट मैच के दौरान नर्वसनेस के कारण उन्हें रात में नींद नहीं आती थी। ऐसे में देर रात भूख लगने पर वे अपनी मां के हाथ के बने केले के वेफर्स खाते थे। पूर्व भारतीय कप्तान ने सोनी टीवी पर अपने नए शो 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' में यह बात कही। IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के कोच अभिषेक नायर भी शो में आए थे। जब उन्होंने रोहित से IPL टीम बदलने के बारे में पूछा, तो रोहित क जवाब था- हमेशा मुंबई। बोले- टेस्ट मैच मेरा पसंदीदा फॉर्मेट रोहित ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट उनका पसंदीदा फॉर्मेट था, लेकिन इसमें खेलने का दबाव भी काफी रहता था। उन्होंने कहा- मैं झूठ नहीं बोलूंगा, जब भी मैं टेस्ट मैच खेलता था, अंदर बहुत नर्वसनेस होती थी। टेस्ट मैच खेलना मुझे पसंद था।' 67 टेस्ट में बनाए 4,301 रन रोहित ने 2013 से 2024 के बीच भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने 12 शतक और 18 अर्धशतक की मदद से 4,301 रन बनाए। इस दौरान पारी में उनका बेस्ट स्कोर 212 रन रहा। रोहित वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में खेलते दिखेंगे रोहित इस महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरु हो रहे घरेलु वनडे सीरीज में खेलते दिखेंगे। पहला वनडे मैच 27 सितंबर को, दूसरा वनडे 30 सितंबर को गुवाहाटी और तीसरा मुकाबला 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। सभी मुकाबले दोपहर 2 बजे से शुरु होंगे। रोहित की कप्तानी में टी-20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी जीते रोहित की कप्तानी में भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा। इसी टूर्नामेंट से रोहित और कोच राहुल द्रविड़ ने भारतीय टीम के खेलने का अंदाज बदला। हालांकि भारत को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली। इसके बाद भारत ने रोहित की कप्तानी में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीती। इसके बाद BCCI ने 4 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया दौरे से ठीक पहले रोहित शर्मा को हटाकर शुभमन गिल को भारत का नया वनडे कप्तान बनाया। ---------------------------------- रोहित शर्मा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 2027 वर्ल्डकप खेलने पर रोहित बोले- टूर्नामेंट अभी बहुत दूर:जब आएगा तब देखेंगे; 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते दिखेंगे रोहित शर्मा ने 2027 वर्ल्ड कप खेलने पर कहा है कि टूर्नामेंट के करीब आने पर फैसला होगा। अक्टूबर 2027 में वर्ल्ड कप होना है। टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
47 साल के गेंदबाज ने रचा इतिहास, CPL क्वालीफायर मैच में तोड़ा सुनील नरेन का महारिकॉर्ड
इमरान ताहिर ने CPL 2026 में इतिहास रच दिया है। वे 146 विकेट लेकर कैरेबियन प्रीमियर लीग के सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। ताहिर ने सुनील नरेन के 145 विकेटों का रिकॉर्ड तोड़कर इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं।
भव्य ओपनिंग सेरेमनी के साथ हुई 'एशियन गेम्स 2026' की शुरुआत, मनु-पवन ने शान से लहराया 'तिरंगा'
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को 20वें एशियन गेम्स का भव्य उद्घाटन हुआ।
प्लेयर्स कर रहे हैं एशियन गेम्स के लिए जर्सी का इंतजार, जापान के लिए कब रवाना होगी टीम इंडिया?
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम रविवार को जापान के लिए रवाना होगी, जहां वे एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे। हालांकि, सही साइज की जर्सी न मिलने की वजह से खिलाड़ियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्वाडलहारा में होगा 'ऑल-अमेरिकन फाइनल', जोविक से भिड़ेंगी स्टर्न्स
ग्वाडलहारा, 19 सितंबर (आईएएनएस)। ग्वाडलहारा में 'डब्ल्यूटीए 500' खिताब के लिए अब पूरी तरह अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। इवा जोविक और पेटन स्टर्न्स ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले सीधे सेटों में जीतकर फाइनल में जगह बना ली है।
Nagoya में 20वें Asian Games का आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत ने की भारतीय दल की अगुवाई
(फोटो के साथ)नागोया, 19 सितंबर बीसवें एशियाई खेलों का शनिवार को यहां मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में रंगारंग और ‘हाई-टेक’ उद्घाटन समारोह के साथ आधिकारिक आगाज हुआ जिससे अव्यवस्थित तैयारियों के बाद इस बड़ी खेल प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। जापान के सम्राट नारुहितो ने महारानी मासाको, शाही परिवार के सदस्यों, एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री की मौजूदगी में खेलों के शुरू होने की घोषणा की। दो घंटे के उद्घाटन समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान से हुई जिसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जापान के आत्मरक्षा बल के नौ सदस्यों ने ध्वज को मंच तक पहुंचाया जिसके बाद उसे फहराया गया। इसके बाद स्टेडियम की रोशनी बुझा दी गई और एक ‘स्पॉटलाइट’ से राष्ट्रीय ध्वज को रोशन किया गया। उद्घाटन समारोह में आमतौर पर दिखने वाली भव्यता नजर नहीं आई और स्टेडियम में कई सीटें खाली दिखीं। इसके बाद खिलाड़ियों की परेड हुई जिसमें 45 देशों और ओलंपिक परिषद एशिया की शरणार्थी टीम ने हिस्सा लिया। इस तरह कुल 46 दलों ने परेड में भाग लिया। खिलाड़ियों की परेड की शुरुआत अफगानिस्तान के दल से हुई जबकि महाद्वीप की खेल महाशक्ति माने जाने वाले चीन ने 800 से अधिक खिलाड़ियों के बड़े दल के साथ सबका ध्यान खींचा। पेरिस ओलंपिक 2024 की दो पदक विजेता भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत परेड में भारतीय दल की अगुवाई की। दोनों ने पारंपरिक गहरे नीले (नेवी ब्लू) रंग की पोशाक पहनी हुई थी। गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को समय पर समारोह की किट नहीं मिलने के कारण सहरावत को ध्वजवाहक बनाया गया। भारत के 501 सदस्यीय दल की नजरें 2023 के हांग्झोउ एशियाई खेलों में किए गए अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने पर हैं जिसमें देश ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। उद्घाटन समारोह से पहले ही कुछ स्पर्धाएं शुरू हो गई थीं। महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने शुक्रवार को मेजबान जापान को आठ विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत टेगबॉल में भी पदक की दौड़ में है जो पहली बार एशियाई खेलों का हिस्सा बना है। क्विम्सी डिसूजा शनिवार को महिला एकल के सेमीफाइनल में हार गईं और अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। नागोया शहर का मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम उद्घाटन और समापन समारोहों की मेजबानी करेगा। इस बार एशियाई खेलों में 45 देशों के करीब 11,000 खिलाड़ी और ओलंपिक परिषद एशिया की शरणार्थी टीम हिस्सा ले रही है। खिलाड़ी 43 स्पर्धाओं में 469 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे।
इस शानदार जीत के साथ मिनर्वा ने टूर्नामेंट में लगातार चौथे मैच में क्लीन शीट हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया। चार मैचों के बाद मिनर्वा की टीम कुल 30 गोल दाग चुकी है, जबकि उनके खिलाफ अब तक एक भी गोल नहीं हुआ है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदक जीतने के अभियान को रविवार को और रफ्तार मिलेगी, जब कई भारतीय खिलाड़ी महत्वपूर्ण मुकाबलों में उतरेंगे।
ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर किए जाने से आकाश चोपड़ा हैरान, बोले-मामला थोड़ा अजीब है
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल और वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में ऋषभ पंत को जगह नहीं दी गई है।
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमें रविवार से एशियन गेम्स 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी।
'महिंद्रा ग्रुप' के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने मौजूदा चेस वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश को सराहा है। उन्होंने चेस ओलंपियाड में बोर्ड 4 पर खेलने के उनके फैसले के लिए उन्हें 'ऑफिसर एंड ए जेंटलमैन' कहा।
नागोया में एशियाई खेलों का हुआ आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत बने ध्वजवाहक
एशियाई खेल 2026 आधिकारिक तौर पर शनिवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया ने क्रिकेट को एक से बढ़कर एक खिला़ड़ी दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया टीम के मौजूदा टेस्ट कप्तान पैट कमिंस का नाम महान खिलाड़ियों में आता है।
Asian Games 2026 का आगाज, Women Cricket T20 और Hockey में कल से उतरेगा भारत
20वें एशियाई खेलों का शनिवार को यहां मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में ‘हाई-टेक’ उद्घाटन समारोह के साथ आधिकारिक आगाज हुआ जिससे अव्यवस्थित तैयारियों के बाद इस बड़ी खेल प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। दो घंटे तक चले उद्घाटन समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो, महारानी मासाको, एशियाई खेलों के अध्यक्ष युवराज अकिशिनो और राजकुमारी किको के साथ एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी उपस्थित थे। पेरिस ओलंपिक 2024 की दो पदक विजेता भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत खिलाड़ियों की परेड में 501 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई की। भारत ने 2023 में हांग्झोउ एशियाई खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारतीय दल ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। इसे भी पढ़ें: Asian Games से पहले Team India की किट और Hotel पर बवाल, BCCI को खुद संभालनी पड़ी व्यवस्था कल के मुकाबले 20वें एशियाई खेल आइची-नागोया 2026 में भारत का अभियान रविवार, 20 सितंबर को तेकबॉल, शूटिंग, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे कई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के साथ ज़ोर पकड़ेगा। रविवार को भारत का ध्यान कई मेडल इवेंट्स पर होगा, जिसमें क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा टेकबॉल में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने की होड़ में होंगे। भारत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम सुबह 10:30 बजे महिला T20 प्रतियोगिता के दूसरे सेमीफ़ाइनल में बांग्लादेश का सामना करेगी। भारत फ़ाइनल में जगह बनाने और 2022 एशियाई खेलों में जीते गए गोल्ड मेडल को बचाने की अपनी कोशिश जारी रखने की कोशिश करेगा। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें भी रविवार को एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। टेबल टेनिस में, भारत की महिला और पुरुष टीमें ग्रुप-स्टेज के मैचों में हिस्सा लेंगी। महिला टीम का मुकाबला इंडोनेशिया और सिंगापुर से होगा, जबकि पुरुष टीम इंडोनेशिया और ईरान के खिलाफ खेलेगी। वुशु में, अपर्णा महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ़ 16' में हिस्सा लेंगी, जबकि विक्रांत बालियान पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ़ 16' में मुकाबला करेंगे।
एशियन गेम्स: भारतीय मूल के लोगों से मिले मनसुख मांडविया, कहा- जापान के दिल में घर जैसा एहसास
नागोया, 19 सितंबर (आईएएनएस)। खेल मंत्री मनसुख मांडविया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का समर्थन करने के लिए इस समय जापान के आइची-नागोया में मौजूद हैं। इस दौरान मांडविया ने जापान में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की।
Team India का मिशन Aichi-Nagoya: Asian Games 2026 में इन 10 स्टार खिलाड़ियों पर टिकी निगाहें
1951 में शुरू होने के बाद से, एशियाई खेल दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक रहे हैं। यहाँ खेल की दुनिया के कई महान खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है और कई उभरते हुए टैलेंट ने इस मंच का इस्तेमाल कुछ बहुत बड़े और शानदार मुकाम तक पहुँचने के लिए किया है। भारत के बदलते स्पोर्ट्स माहौल में मेडल जीतने की चाहत और भूख पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है। ऐसे में, जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026, लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 और भारतीयों के लिए 2030 में घरेलू कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बहुत अहम इवेंट हैं। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले, आइए भारत के कुछ ऐसे खिलाड़ियों पर नज़र डालते हैं जिनसे मेडल जीतने की सबसे ज़्यादा उम्मीदें हैं। -ईशा सिंह (शूटिंग) यह बेहतरीन शूटर ज़बरदस्त फ़ॉर्म के साथ एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। वह महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल शूटिंग में नंबर वन और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस साल म्यूनिख और हांग्जो में हुए ISSF वर्ल्ड कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। म्यूनिख में, उन्होंने फ़ाइनल में 43/50 का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाया, जो यह साबित करता है कि वह बड़े मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। इस साल राजधानी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में, ईशा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड और 25 मीटर पिस्टल सिंगल्स मुक़ाबले में सिल्वर मेडल जीता। साथ ही, उन्होंने मनु भाकर और रिदम सांगवान के साथ मिलकर 25 मीटर पिस्टल टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता। 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में भी उन्होंने मनु और सुरुचि फोगाट के साथ मिलकर गोल्ड मेडल हासिल किया। मिक्स्ड टीम इवेंट में वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडलिस्ट (2023) और वर्ल्ड मीट में दो बार सिल्वर मेडलिस्ट रह चुकीं ईशा, निस्संदेह शूटिंग में मेडल जीतने की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक हैं। -मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) कॉमनवेल्थ गेम्स में कई गोल्ड मेडल, टोक्यो में 2021 ओलंपिक में सिल्वर मेडल और कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2017 में 48kg कैटेगरी में गोल्ड भी शामिल है) जीतने के बाद, भारत की अनुभवी वेटलिफ्टर अब एशियन गेम्स में अपना पहला मेडल—खासकर गोल्ड—जीतकर अपना मेडल कलेक्शन पूरा करने की कोशिश करेंगी। ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 kg कैटेगरी में गोल्ड पक्का करने के बाद, मीराबाई का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। -सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (बैडमिंटन) भारत की यह मशहूर बैडमिंटन जोड़ी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है; उन्होंने इस साल सिंगापुर ओपन और चाइना मास्टर्स के टाइटल जीते हैं और थाईलैंड में रनर-अप रहे हैं। फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया के चोई सोल-ग्यू और किम वॉन-हो को हराकर, चिराग-सात्विकसाईराज ने इतिहास रच दिया और एशियन गेम्स में भारत के लिए बैडमिंटन का पहला गोल्ड मेडल जीता। कई मुश्किलों और चोटों के बाद धीरे-धीरे अपनी बेहतरीन फ़ॉर्म में लौट रही इस जोड़ी का नाम, इस साल के एशियन गेम्स में संभावित मेडल विजेताओं की बात करते ही सबसे पहले ज़हन में आएगा। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर -भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अभी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है। इस साल घरेलू मैदान पर T20 वर्ल्ड कप का सफल बचाव करने के बाद, 2024 में अपनी जीत का सूखा खत्म करने के बाद से टीम इंडिया T20I में लगभग अजेय रही है। वैभव सूर्यवंशी (15 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी), रिकॉर्ड तोड़ने वाले शतकवीर अभिषेक शर्मा, ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे ईशान किशन और तेज़ गेंदबाज़ी के दिग्गज जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के साथ, भारत निश्चित रूप से गोल्ड मेडल का सबसे बड़ा दावेदार है। -भारतीय पुरुष हॉकी टीम भले ही टीम इंडिया FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में आठवें स्थान पर रही हो, लेकिन एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन बिल्कुल अलग रहा है; वे अब तक सिर्फ़ एक बार ही पोडियम (मेडल जीतने वालों की सूची) से बाहर रहे हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम इतिहास रच सकती है क्योंकि उनके पास पहली बार अपना गोल्ड मेडल सफलतापूर्वक बचाने का मौका है, और इससे उन्हें लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफ़िकेशन का रास्ता मिल जाएगा। -लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग) 28 साल की इस बॉक्सिंग स्टार ने हर जगह मेडल जीते हैं - चाहे वह ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ हो, एशियन गेम्स में सिल्वर हो, ग्लासगो में इस साल हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर हो या कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2023 का गोल्ड भी शामिल है)। हालांकि खेल में कुछ भी निश्चित नहीं होता, लेकिन बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने की लवलीना की क्षमता और उनका शानदार रिकॉर्ड उन्हें मेडल का पक्का दावेदार बनाता है। -तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट) 2018 और 2022 के संस्करणों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, तजिंदरपाल सिंह तूर 2026 के संस्करण में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाकर अपने लिए एक बड़ी विरासत बना सकते हैं। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर ने एशियन स्तर पर खुद को साबित कर दिया है, और एक मेडल उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 से पहले ज़रूरी बूस्ट दे सकता है। -गुरिंदरवीर सिंह (एथलेटिक्स) पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड (10.09 सेकंड) होल्डर की तुलना अपने करियर की शुरुआत में ही 'फ्लाइंग सिख' और एथलेटिक्स के दिग्गज, स्वर्गीय मिल्खा सिंह से होने लगी है। कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में चोट से जूझने के बावजूद 10.39 सेकंड का समय निकालने के बाद भी मेडल राउंड में जगह न बना पाने जैसी मुश्किलों के बावजूद, पंजाब के इस उभरते हुए स्प्रिंटिंग स्टार को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल होगा। खासकर यह देखते हुए कि इतिहास में कई बेहतरीन स्पोर्ट्स कमबैक के पीछे ऐसी ही मुश्किलें प्रेरणा का काम करती रही हैं। अपने साथी एथलीट अनिमेष कुजूर के साथ कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है, जिनके साथ उन्होंने काफी समय ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन में बिताया है और नेशनल रिकॉर्ड्स की अदला-बदली भी की है! -सुजीत कलकल (रेसलिंग) हरियाणा में न सिर्फ़ भारत, बल्कि दुनिया के कुछ बेहतरीन रेसलर तैयार करने की परंपरा रही है। प्रोटीन पाउडर और फैंसी डाइट के दौर में भी 'देसी घी और चूरमा' ने कई बार ग्लोबल स्टेज पर तिरंगा लहराया है। उम्मीद की जा सकती है कि 23 साल के सुजीत इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। इस साल बिश्केक में एशियन चैंपियनशिप में 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने और पिछले साल अंडर-23 गोल्ड व 2022 में अंडर-20 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ एज-ग्रुप रेसलिंग में सफलता हासिल करने के बाद, सुजीत निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धियों के लिए बने हैं। अगर एशियन गेम्स 2026 उनके करियर को एक नए मुकाम पर ले जाता है, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। -अनाहत सिंह (स्क्वैश) यह टीनएज स्क्वैश स्टार सभी खेलों में सबसे रोमांचक भारतीय टैलेंट में से एक के तौर पर उभर रही हैं। 2022 एशियन गेम्स में दो बार ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली अनाहत शानदार फ़ॉर्म में चल रही हैं।
Davis Cup: Sumit Nagal की हार के साथ भारत को Korea ने 3-1 से हराया
दक्षिणेश्वर सुरेश और एन श्रीराम बालाजी ने युगल मैच जीतने के बाद भारत की कोरिया के खिलाफ डेविस कप टेनिस टूर्नामेंट के मुकाबले में उम्मीदें जीवंत रखी लेकिन सुमित नागल पहले उलट एकल के मैच में सूनवू क्वोन से हार गए। इस तरह से कोरिया ने 3-1 से जीत हासिल करके यह मुकाबला अपने नाम कर दिया। दक्षिणेश्वर और बालाजी ने युगल मुकाबले में जीत हासिल करके भारत की उम्मीद जगाई जिसके बाद नागल को करो या मरो वाले मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की जरूरत थी, लेकिन भीषण गर्मी में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा और उन्हें कोरिया के नंबर एक खिलाड़ी क्वोन से 1-6, 2-6 से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले के पहले दिन शुक्रवार को दोनों एकल मैच गंवाने के कारण 0-2 से पिछड़ने के बाद भारत को कुछ अलग करने की जरूरत थी। उसने निकी पूनाचा की जगह दक्षिणेश्वर को बालाजी के साथ कोर्ट पर उतारा और उसका यह फैसला सही साबित हुआ। इन दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उई-सुंग पार्क और जी-सुंग नाम को 6-3, 3-6, 6-3 से हराया। क्वोन ने शुरुआत से ही नागल पर अपना दबदबा बनाए रखा। नागल लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहे और कोरियाई खिलाड़ी ने पहला सेट आसानी से 6-1 से जीत लिया दूसरे सेट में कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद नागल उस तरह की वापसी करने में असमर्थ रहे जो उनकी खासियत है। कोरिया की इस जीत ने उन्हें डेविस कप के प्रारूप में बदलाव के बाद नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली एशियाई टीम बना दिया। इस साल की शुरुआत में नीदरलैंड को हराने के बाद भारतीय टीम सियोल में जीत हासिल करके अंतिम आठ में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ यहां पहुंची थी लेकिन उसका सपना पूरा नहीं हो पाया। भारत को अब क्वालीफाइंग राउंड एक में खेलना होगा। यह मैच कप्तान रोहित राजपाल का डेविस कप में आखिरी मैच भी हो सकता है, जिनका अनुबंध दिसंबर 2026 तक है। अनुबंध विस्तार की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। भारत ने इससे पहले युगल मैच में शुरू से ही अपने इरादे जतला दिए थे। भारतीय खिलाड़ियों ने कोरिया के खिलाड़ियों को लय हासिल नहीं करने दी। उन्होंने नाम की सर्विस पर बार-बार हमला किया और जोरदार रिटर्न और विनर्स लगाकर बढ़त बनाई। उन्होंने एक ही गेम में चार ब्रेक के मौके बनाए। बालाजी ने जोरदार रिटर्न मारकर पहला मौका बनाया, दक्षिणेश्वर ने विनर लगाकर दूसरा मौका हासिल किया और फिर अपने फोरहैंड रिटर्न से एक और मौका बना लिया। कोरिया की टीम ने संघर्ष जारी रखा लेकिन बालाजी ने एक जोरदार वॉली शॉट लगाकर उनका प्रतिरोध तोड़ दिया। भारतीय जोड़ी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ खेलना शुरू किया। बालाजी ने इसके बाद अपनी सर्विस पर पहला सेट भारत के नाम कर दिया। दूसरे सेट में दोनों टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी सर्विस को बचाते हुए आसानी से अंक गंवाने से परहेज किया। विशेष रूप से पार्क और दक्षिणेश्वर ने अपनी सर्विस पर मजबूत पकड़ बनाए रखी। लेकिन मैच का रुख बालाजी की सर्विस गेम पर आकर पलट गया। नाम के विनर ने भारतीय टीम पर दबाव बना दिया और बालाजी के एक खराब फोरहैंड रिटर्न ने कोरियाई टीम को दो ब्रेक का मौका दिया। कोरिया के खिलाड़ियों ने दूसरे मौके को भुनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। इसके बाद उन्होंने यह सेट जीतकर मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे और निर्णायक सेट में दोनों जोड़ियों ने आक्रामक रवैया अपनाया। इस बीच दक्षिणेश्वर को अपनी सर्विस बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा, वहीं पार्क भी दबाव में आ गए। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि लगातार अपने प्रयास जारी रखे और आखिर में उन्हें सफलता भी मिल गई। भारत ने आठवें गेम में बिना कोई प्वाइंट गंवाए कोरिया की सर्विस तोड़ दी। दक्षिणेश्वर ने विजयी शॉट लगाकर बालाजी को मैच जीतने के लिए सर्विस करने का मौका दिया। कोरियाई टीम अभी हारी नहीं थी। बालाजी की सर्विस पर 30-30 की स्थिति थी। ऐसे में दक्षिणेश्वर में जोरदार शॉट लगाकर मैच प्वाइंट हासिल कर लिया। अगले प्वाइंट पर जब दोनों कोरियाई खिलाड़ी नेट की ओर बढ़ रहे थे, तब उन्होंने एक बार फिर शानदार शॉट लगाया और मैच जीत लिया।
Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर
भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। क्विम्सी ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। क्विम्सी अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। क्विम्सी ने अपनी लंबे कद का पूरा फायदा उठाते हुए बार-बार सटीक स्मैश लगाए। घुमावदार टेबल से उनकी नीची और स्लाइडिंग सर्व ने सुमाया को दबाव में रखा। उन्होंने पहला गेम 12-7 से आसानी से जीत लिया लेकिन दूसरे गेम में कहानी एकदम से बदल गई। यह खेल सेपक टकरा (पांव से वॉलीबॉल खेलने जैसा) से मिलता है और सुमाया सेपक टकरा की खिलाड़ी रही है जिसका उन्हें फायदा मिला। सुमाया ने तेजी दिखाई और क्विम्सी को हर अंक के लिए कड़ी टक्कर दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को रैलियों में उलझाया। एक समय स्कोर 9-9 से बराबरी पर था। इंडोनेशियाई खिलाड़ी के दो शानदार ड्रॉप शॉट्स ने क्विम्सी को दबाव में डाल दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने एक स्मैश शॉट बाहर मार दिया और सुमाया ने मैच को बराबरी पर ला दिया। भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक गेम में शानदार ड्रॉप शॉट्स और दमदार स्मैश के दम पर 3-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद वह 5-2 और फिर 6-3 से आगे थी लेकिन इंडोनेशिया की खिलाड़ी ने लगातार नौ अंक बनाकर जीत हासिल कर ली। क्विम्सी मैच समाप्त होने के बाद अपने आंसू नहीं रोक पाई क्योंकि वह जीत के बेहद करीब थी। उन्होंने कहा, ‘‘उसे सेपक टकरा की पृष्ठभूमि के कारण फायदा मिला, लेकिन यह एक अच्छा मैच था जिसमें बेहतर खिलाड़ी की जीत हुई।’’ टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
भारत डेविस कप से बाहर, साउथ कोरिया से हारा:सुमित नागल फिर फेल; टीम 30 साल से टॉप-8 में नहीं पहुंची
भारत का डेविस कप 2026 अभियान शनिवार को खत्म हो गया। सियोल के ओलिंपिक टेनिस कोर्ट में दक्षिण कोरिया ने भारत को 1-3 से हरा दिया। शनिवार को सुमित नागल रिवर्स सिंगल्स में सूनवू क्वोन से 1-6, 2-6 से हार गए। टीम इंडिया 1996 के बाद पहली बार डेविस कप के आखिरी आठ में जगह बनाने की कोशिश कर रही थी। सुरेश-बालाजी ने कोरियाई जोड़ी को हराया था पहले दिन के सिंगल्स मैचों के बाद भारत 0-2 से पीछे था। दूसरे दिन टीम को अभियान बचाने के लिए दोनों मैच जीतना जरूरी था। डबल्स से पहले भारत ने टीम में बदलाव किया। निकी पूनाचा की जगह धक्षिणेश्वर सुरेश को उतारा गया। उन्हें अनुभवी एन श्रीराम बालाजी के साथ जोड़ी बनाया गया। सुरेश और बालाजी ने जी सुंग नाम और उइसुंग पार्क को 6-3, 3-6, 6-3 से हराया। इस जीत से भारत के टॉप-8 में पहुंचने की उम्मीदें जगी थीं। क्वोन ने नागल और भारत का अभियान खत्म किया रिवर्स सिंगल्स में नागल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। वर्ल्ड रैंकिंग में 157वें नंबर के खिलाड़ी क्वोन ने पहला 6-1 से जीत लिया। दूसरे सेट में नागल ने वापसी की कोशिश की। लेकिन क्वोन ने दूसरा सेट 6-2 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। 247वीं रैंकिंग वाले नागल पहले पहले दिन सिंगल्स मैच में ह्योन चुंग से हार गए थे। कप्तान रोहित राजपाल का कार्यकाल समाप्त इस मुकाबले के बाद रोहित राजपाल का भारतीय कप्तान के रूप में कार्यकाल भी खत्म हो सकता है। उनका कॉन्ट्रैक्ट दिसंबर 2026 तक है और अब तक इसके विस्तार की घोषणा नहीं हुई है। भारत अब 2027 में क्वालिफायर राउंड-1 में खेलेगा। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चेस ओलिंपियाड- भारतीय मेंस टीम ने इटली को 3-1 से हराया, गुकेश जीते समरकंद में शुक्रवार को 46वें चेस ओलिंपियाड के तीसरे राउंड में भारतीय मेंस टीम ने इटली को 3-1 से हराया। वर्ल्ड चैंपियन डी. गुकेश ने 33 चाल में सबिनो ब्रुनेल्लो को हराकर जीत हासिल की। निहाल सरीन ने भी फ्रांसेस्को सोनिस को मात दी। पढ़ें पूरी खबर
एशियन गेम्स 2026: राही सरनोबत ने किसी भी समस्या से इनकार किया, कहा- हमें समय पर कमरा मिल गया था
नागोया, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय शूटर राही सरनोबत ने कहा है कि एशियन गेम्स 2026 के लिए जापान पहुंचने के बाद उन्हें रहने की जगह में कोई दिक्कत नहीं हुई। अनुभवी शूटर ने कहा कि उन्हें समय पर कमरा मिल गया था।
Asian Games Hockey में भारतीय टीमों का लक्ष्य Gold Medal और सीधा Olympic कोटा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हाल ही में विश्व कप में मिली निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में रविवार से शुरू होने वाली हॉकी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ेगी जबकि महिला टीम भी स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर दोनों भारतीय टीमों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधा टिकट मिल जाएगा, इसलिए दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। भारतीय पुरुष टीम को नीदरलैंड और बेल्जियम में हाल ही में समाप्त हुए एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के बाद अपना मनोबल बढ़ाना होगा। पिछले दो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारत को मेजबान जापान, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ पूल ए में रखा गया है, जबकि पूल बी में पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। वह इस मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा। भारत विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है लेकिन यहां वह शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है और इसलिए वह स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए उसे उन कमियों को दूर करना होगा जिन्होंने विश्व कप जीतने की उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। भारत 2016 से लेकर अब तक किसी भी प्रतियोगिता में पाकिस्तान से नहीं हारा है। पिछले 16 मुकाबलों में से 14 में भारत ने जीत हासिल की है, जिसमें हांगझोऊ एशियाई खेलों में 10-2 से और इस साल के विश्व कप में 5-3 से जीत शामिल है। जापान (97 मुकाबलों में 86 जीत) और मलेशिया (127 मुकाबलों में 89 जीत) के खिलाफ भी भारत का रिकॉर्ड शानदार है। लेकिन टीम की असली परीक्षा पूल चरण में जापान और कोरिया के खिलाफ होगी। अनुभवी मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, डिफेंडर अमित रोहिदास और स्ट्राइकर मनदीप सिंह जैसे कुछ भारतीय खिलाड़ियों का यह संभवतः आखिरी एशियाई खेल होगा और वे स्वर्ण पदक के साथ इसका समापन करने के लिए बेताब होंगे। इंडोनेशिया के बाद भारतीय पुरुष टीम 22 सितंबर को श्रीलंका, 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश का सामना करेगी। जहां तक भारतीय महिला टीम का सवाल है तो उसने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करके 52 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे वे आत्मविश्वास से भरी होंगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टीम को पूल बी में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर के साथ रखा गया है। भारतीय टीम उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जिसमें वह बड़ी जीत हासिल करना चाहेगी। लेकिन प्रतियोगिता में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा चीन ही बना हुआ है। पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज चीन इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार है। लेकिन भारतीय महिला टीम विश्व कप में चीन के खिलाफ अपने प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, जहां उन्होंने चीन की टीम को 2-2 से बराबरी पर रोक दिया था। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने से बेहतर प्रदर्शन करके एशियाई खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगी। भारतीय महिला टीम ने 1982 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उज्बेकिस्तान के बाद भारतीय महिला टीम 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ खेलेगी।
एशियाई खेलों में Manu Bhakar की अगुवाई में उतरेगा 30 सदस्यीय भारतीय शूटिंग दल
(अजय मसंद)नागोया, 19 सितंबर ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली मनु भाकर की अगुवाई में भारतीय निशानेबाज रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगे जिसमें उन्हें चीन से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। निशानेबाजी में भारत का 30 सदस्यीय दल भाग ले रहा है और उनसे पिछले एशियाई खेलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जा रही है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे। भारतीय टीम में कई ओलंपियन और विश्व स्तरीय खिलाड़ी शामिल हैं जिनमें से कुछ को बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलने का अनुभव है। लेकिन सबकी निगाहें निश्चित रूप से मनु पर होंगी, जो पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक हासिल करने के बाद एशियाई खेलों में अपना पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगी। ओलंपिक में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और कांस्य पदक हासिल किया। मनु तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रही है। उन्होंने 2018 के जकार्ता में इन खेलों में पदार्पण किया था, जहां उनके साथ एयर पिस्टल निशानेबाज सौरभ चौधरी भी थे और उन्हें जूनियर राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का मार्गदर्शन मिल रहा था। तब से बहुत कुछ बदल चुका है। राणा का इसी साल निधन हो गया और उनकी कमी बहुत खलेगी। मनु के लिए एशियाई खेलों में वापसी का एक विशेष भावनात्मक महत्व है, क्योंकि वह उस प्रतियोगिता में वापसी करेंगी जिसमें उनका सफर राणा के सानिध्य में शुरू हुआ था। मनु और ईशा सिंह 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल दोनों स्पर्धाओं में भाग लेंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल में मनु, ईशा और सुरुचि इंदर सिंह की तिकड़ी अपनी किस्मत आजमाएंगी। 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु और ईशा के साथ बेहद अनुभवी राही सरनोबत भी शामिल होंगी, जिन्होंने 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। पिस्टल स्पर्धा से पहले प्रतियोगिता की शुरुआत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा से होगी, जहां एलावेनिल वलारिवन, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा के विनोद भारत की तरफ से चुनौती पेश करेंगी। ओलंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल, नीरज कुमार पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। अनीश भानवाला शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीते थे। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम में अनुभव की कमी है। इसमें केदार्लिंग उचागनवे, कमलजीत और आकाश भारद्वाज भारत की चुनौती पेश करेंगे। कमलजीत जूनियर विश्व चैंपियन हैं, जबकि उचागनवे और भारद्वाज ने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय पदक नहीं जीता है। विश्व चैंपियन सम्राट राणा और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर की अनुपस्थिति ने नई तिकड़ी के लिए रास्ता खोल दिया है। शॉटगन स्पर्धा में नीरू ढांडा पर सबकी नजर रहेगी। इटली के लोनाटो में हाल ही में हुए विश्व कप में उनकी जीत भारतीय निशानेबाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने इस प्रतियोगिता की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था। पुरुषों और महिलाओं की स्कीट टीमों से भी काफी उम्मीद है। ओलंपियन मैराज अहमद खान के पास कई विश्व कप में खेलने का अनुभव है और उन्होंने व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित स्पर्धाओं में तीन विश्व कप पदक जीते हैं। एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता अनंतजीत सिंह नारुका ने भी दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी। ये मैच 20 सितंबर को खेला जाएगा। इस मुकाबले को टीवी और मोबाइल पर लाइव देखने का तरीका अभी से जान लीजिए।
PC: NDTV Profit टीम इंडिया के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने का प्लान नहीं बना रहा है। मौजूदा चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने बोर्ड से जुड़े बड़े लोगों को इस बारे में बता दिया है कि वो अब इस पद पर रहना नहीं चाहते हैं। भारत को 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है। इस दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 T20, 3 ODI और 2 टेस्ट मैच खेले जाएंगे। इस सीरीज से पहले टीम इंडिया को नया चीफ सिलेक्टर मिलने की संभावना है। चीफ सिलेक्टर पद के लिए दो नाम चर्चा में NDTV के मुताबिक, BCCI सूत्रों ने बताया है कि चीफ सिलेक्टर पद की दौड़ में दो नाम हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा को अजीत अगरकर की जगह लेने के लिए सबसे आगे बताया जा रहा है। प्रज्ञान ओझा अभी अजीत अगरकर की लीडरशिप वाली सिलेक्शन कमिटी का हिस्सा हैं। इसलिए, इस पोस्ट के लिए उनका नाम अहम माना जा रहा है। पार्थिव और प्रज्ञान दोनों IPL विजेता अजीत अगरकर की जगह पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल और पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा को BCCI सिलेक्शन कमिटी का चेयरमैन बनाने पर विचार किया जा रहा है। खास बात यह है कि पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा दोनों ने तीन-तीन बार IPL का खिताब जीता है। अब क्रिकेट फैंस इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि BCCI चीफ सिलेक्टर के पद के लिए किसे चुनेगा।
Asian Games 2026 में भारत की ध्वजवाहक बनने पर भावुक हुईं Manu Bhaker, कहा- यह दिल छूने वाला एहसास है
भारत की दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वालीं मनु भाकर ने 2026 एशियन गेम्स के ओपनिंग सेरेमनी में भारत के लिए फ़्लैग-बेयरर (ध्वजवाहक) के तौर पर चुने जाने पर खुशी ज़ाहिर की है। शनिवार को होने वाले इस इवेंट से पहले बात करते हुए, उन्होंने इस अनुभव को दिल को छू लेने वालाबताया और खेल में अपने सफ़र को याद किया। ओपनिंग सेरेमनी के दौरान भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत मिलकर भारत का झंडा लेकर चलेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं। और, आप जानते हैं, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह वाकई दिल को छू लेने वाला एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान का और सभी का उनके प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ। उन्होंने मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के पिछले ओपनिंग सेरेमनी के अपने अनुभवों के बारे में भी बताया। भाकर ने बताया कि 2018 में अपने पहले एशियाई खेलों के दौरान, जब वह 16 साल की थीं, तो वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाई थीं क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य विलेज से दूर पालेमबांग में थीं। उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके दिवंगत कोच और शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा ने उन्हें सलाह दी थी कि जब तक वह फ़्लैग-बेयरर न हों, तब तक ऐसी सेरेमनी में शामिल न हों, क्योंकि उनके कॉम्पिटिशन से पहले शारीरिक रूप से काफ़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि अपने पहले एशियाई खेलों के समय मैं 16 साल की थी, और यह मेरा तीसरा एशियाई खेल है। मेरा पहला एशियाई खेल जकार्ता में था, लेकिन हम पालेमबांग में थे, जो मुख्य विलेज से बहुत दूर था, इसलिए हम उसमें शामिल नहीं हो पाए। मैंने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था। उसके बाद, मेरे कोच जसपाल सर ने मुझसे कहा, 'अगर तुम फ़्लैग-बेयरर हो, तभी मैं तुम्हें सेरेमनी में शामिल होने की इजाज़त दूंगा; वरना नहीं,' क्योंकि हमारे मैच आमतौर पर पहले या दूसरे दिन ही शुरू हो जाते हैं, इसलिए शूटिंग में हमारे लिए यह बहुत भागदौड़ वाला समय होता है।
एशियन गेम्स के बैडमिंटन टीम इवेंट के ड्रॉ में भारतीय मेंस टीम का पहला मुकाबला बांग्लादेश से होगा। टीम क्वार्टरफाइनल में जापान से भिड़ सकती है। सिल्वर मेडल विजेता भारतीय मेंस टीम के सेमीफाइनल में चीन या कोरिया से मुकाबले की संभावना है। भारत, जापान, चीन और कोरिया एक ही हाफ में हैं। भारतीय विमेंस टीम अपने अभियान की शुरुआत कजाकिस्तान के खिलाफ करेगी। वह क्वार्टरफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से भिड़ सकती है। भारतीय मेंस टीम का ड्रॉ भारत को आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य सेन को कोडाई नाराओका और आयुष को यूशी तनाका को हराना होगा। सात्विक-चिराग की जोड़ी का मुकाबला होकी-कोबायाशी से हो सकता है। भारतीय मेंस टीम पिछली बार चीन से 2-3 से हारकर गोल्ड मेडल से चूक गई थी। इस बार उसका सेमीफाइनल में ही चीन से मुकाबला हो सकता है। हालांकि, धीमे कोर्ट पर जापान भारत के लिए मुश्किल चुनौती बन सकता है। जापान के पास वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट कोडाई नाराओका हैं। मलेशिया, इंडोनेशिया, हांगकांग और ताइवान को ड्रॉ के दूसरे हाफ में रखा गया है। विमेंस टीम के सामने जापान की चुनौती भारत के विमेंस टीम इवेंट के क्वार्टर फाइनल में जापान से भिड़ने की संभावना है। मुकाबले में अकाने यामागुची और पीवी सिंधु आमने-सामने हो सकती हैं। उन्नति हुड्डा का सामना टोमोका मियाजाकी से हो सकता है, जबकि ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को जापान की टॉप जोड़ी की चुनौती मिलेगी। सेमीफाइनल में कोरिया से हो सकता है मुकाबला भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने पर उसका सामना कोरिया से हो सकता है। कोरिया के पास आन से-यंग और वर्ल्ड चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट बेक हा-ना-ली सो-ही की जोड़ी है। भारत ने विमेंस टीम इवेंट में एकमात्र पदक 2014 इंचियोन एशियन गेम्स में जीता था। तब भारत ने थाईलैंड को 3-2 से हराया था, लेकिन सेमीफाइनल में कोरिया से 1-3 से हार गया था।इनल में उसे कोरिया के खिलाफ 1-3 से हार मिली थी। ------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स के बारे में सब कुछ:45 देश और 469 मेडल इवेंट एशियन गेम्स का 20वां एडिशन आज से जापान के आइची-नागोया में शुरू हो रहा है। इसमें 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा लेंगे। भारत इस बार किन खेलों में उतर रहा है, नए खेल कौन-से हैं, ओलिंपिक का टिकट कैसे मिलेगा और तैयारी पर कितना खर्च हुआ। 10 सवालों में एशियन गेम्स के बारे में। पूरी खबर…
एशियन गेम्स के बैडमिंटन टीम इवेंट के ड्रॉ में भारतीय पुरुष टीम का पहला मुकाबला बांग्लादेश से होगा। टीम क्वार्टरफाइनल में जापान से भिड़ सकती है। रजत पदक विजेता भारतीय पुरुष टीम के सेमीफाइनल में चीन या कोरिया से मुकाबले की संभावना है। भारत, जापान, चीन और कोरिया एक ही हाफ में हैं। भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत कजाकिस्तान के खिलाफ करेगी। वह क्वार्टरफाइनल में दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से भिड़ सकती है। भारतीय पुरुष टीम का ड्रॉ भारत को आगे बढ़ने के लिए लक्ष्य सेन को कोडाई नाराओका और आयुष को यूशी तनाका को हराना होगा। सात्विक-चिराग की जोड़ी का मुकाबला होकी-कोबायाशी से हो सकता है। भारतीय पुरुष टीम पिछले साल चीन से 2-3 से हारकर स्वर्ण पदक से चूक गई थी। इस बार उसका सेमीफाइनल में ही चीन से मुकाबला हो सकता है। हालांकि, धीमे कोर्ट पर जापान भारत के लिए मुश्किल चुनौती बन सकता है। जापान के पास वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट कोडाई नाराओका हैं। मलेशिया, इंडोनेशिया, हांगकांग और ताइवान को ड्रॉ के दूसरे हाफ में रखा गया है। महिला टीम के सामने जापान की चुनौती महिला क्वार्टरफाइनल में भारत का सामना जापान से होने की संभावना है। इसमें अकाने यामागुची और पीवी सिंधु आमने-सामने हो सकती हैं। उन्नति हुड्डा का मुकाबला टोमोका मियाजाकी से हो सकता है। ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को घरेलू परिस्थितियों में जापान की शीर्ष जोड़ी की चुनौती मिलेगी। सेमीफाइनल में भारत का सामना कोरिया से हो सकता है। यह मुश्किल मुकाबला होगा, क्योंकि कोरिया के पास आन से-यंग और वर्ल्ड चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट बेक हा-ना और ली सो-ही हैं। ड्रॉ के दूसरे हाफ में चीन और थाईलैंड का क्वार्टरफाइनल मुकाबला तय है। दोनों टीमों को पहले दौर में बाई मिली है। भारत ने महिला टीम इवेंट में एकमात्र पदक 2014 में इंचियोन में जीता था। उस टीम में साइना नेहवाल, पीवी सिंधु और अश्विनी पोनप्पा-सिक्की रेड्डी शामिल थीं। भारत ने तब रोमांचक मुकाबले में थाईलैंड को 3-2 से हराया था। हालांकि, सेमीफाइनल में उसे कोरिया के खिलाफ 1-3 से हार मिली थी।
BCCI Centenary Year: BCCI की सालाना मीटिंग खत्म, बोर्ड के शताब्दी वर्ष की तैयारियां शुरू
PC: navarashtra भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) शुक्रवार को हुई। इस मीटिंग में सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर को लेकर एक अहम फैसला लिया गया और बोर्ड के सौ साल पूरे होने की तैयारियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस बीच, सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन अजीत अगरकर का टर्म 6 अक्टूबर, 2026 को खत्म हो जाएगा। ऐसे में BCCI उनकी जगह नए चेयरमैन की तलाश कर रहा है। मीटिंग के बाद BCCI के एक सीनियर अधिकारी ने मीडिया को बताया कि सिलेक्शन कमिटी को लेकर फैसला लेने के लिए कुछ पदाधिकारियों को चुना गया है। इसके अलावा उन्होंने मीडिया को कोई और जानकारी नहीं दी। BCCI की 95वीं AGM में अलग-अलग राज्य क्रिकेट टीमों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस मीटिंग में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि और पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद भी मौजूद थे। MCA की BCCI से मुख्य मांग सीनियर सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के चुनाव के अलावा, BCCI जूनियर सिलेक्शन कमिटी के सभी पांच पदों को भरने की प्रक्रिया पर भी विचार कर रहा है। इस बीच, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने बोर्ड से कुछ बड़े मैचों के दौरान मुंबई को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया है। MCA सचिव उन्मेष खानविलकर ने इस बारे में जानकारी दी। प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में पिछले दो सालों से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया है। यहां आखिरी टेस्ट मैच 2024 के आखिर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था। वानखेड़े में होने वाले आगामी क्रिकेट मैचों को ध्यान में रखते हुए, महिला चैंपियंस लीग और महिला प्रीमियर लीग के कुछ मैच, जो अगले साल की शुरुआत में यहां पहली बार आयोजित किए जाएंगे। शताब्दी वर्ष की तैयारी शुरू BCCI ने मीटिंग के बाद एक प्रेस रिलीज जारी की। उस प्रेस रिलीज में कहा गया कि 2028 में BCCI के शताब्दी वर्ष के आयोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह शताब्दी वर्ष दिसंबर 2027 से शुरू होकर 2028 तक पूरे साल अलग-अलग प्रोग्राम के ज़रिए मनाया जाएगा। यह भी बताया गया है कि यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अहम पल होगा।
फुटबॉल की चोट ने क्विंसी डिसूजा को मैदान से दूर किया, लेकिन इंस्टाग्राम पर रोनाल्डिन्हो की एक रील ने उन्हें नया खेल दिखा दिया।
Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती
पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम रविवार को यहां अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश की खिलाफ करेगी जबकि महिला टीम कजाकिस्तान से भिड़ेगी। टीम प्रतियोगिता के बाद 25 सितंबर से व्यक्तिगत स्पर्धाएं होंगी। भारत को 2023 में हांगझोऊ में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा भारत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत और पुरुष एकल में एचएस प्रणय के शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक भी जीता था। भारतीय पुरुष टीम रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलने का लक्ष्य रखेगी, जबकि महिला टीम 2014 में इंचियोन में कांस्य पदक जीतने के बाद दूसरा टीम पदक हासिल करने की कोशिश करेगी। भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उसका सामना जापान से हो सकता है। इस दौर में लक्ष्य सेन का सामना कोडाई नाराओका से हो सकता है, जिन्होंने पिछले महीने नयी दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा रजत पदक जीता था। विश्व के 20वें नंबर के खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सामना स्विस ओपन विजेता और विश्व के 18वें नंबर के खिलाड़ी युशी तनाका से हो सकता है, जबकि सात्विक-चिराग का सामना ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से हो सकता है। भारत के लिए इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा। लक्ष्य अभी भी भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले पुरुष एकल खिलाड़ी हैं, लेकिन मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उन्हें विश्व चैंपियनशिप और चीन मास्टर्स के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। भारत के ड्रॉ वाले हिस्से में चीन और कोरिया भी शामिल हैं, जिसका मतलब है कि सेमीफाइनल में उसका इनमें से किसी भी टीम से मुकाबला हो सकता है। दूसरे हिस्से में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीनी ताइपे हैं। भारत की तरफ से तीसरे एकल की जिम्मेदारी किदाम्बी श्रीकांत पर आ सकती है। प्रणय भी हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बने हुए हैं। महिलाओं के वर्ग में भारत का पहला मुकाबला कजाकिस्तान से होगा और क्वार्टरफाइनल में उसका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से हो सकता है। उस मुकाबले में पीवी सिंधू का सामना तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से जबकि उन्नति हुडा का सामना 20 वर्षीय टोमोका मियाजाकी से हो सकता है। पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी का सामना जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो से हो सकता है। विश्व चैंपियनशिप में मिली शानदार सफलता के बाद यह भारतीय जोड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। सभी की निगाहें सिंधू के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी। वह जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगी। अगर महिला टीम जापान को हराने में सफल रहती है, तो सेमीफाइनल में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।
एशियन गेम्स में भारतीय शूटर्स के साथ हुई दिक्कतों का जिम्मेदार कौन?
एशियन गेम्स शुरू होने से पहले भारतीय शूटर्स को लॉजिस्टिक संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शूटर्स को समय पर होटल नहीं मिले, जिस वजह से उन्हें काफी परेशानी हुई।

