रवि शास्त्री : भारत सीरीज नहीं जीत सकता, न्यूजीलैंड पर दबाव बनाना होगा
नई दिल्ली, भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा कि न्यूजीलैंड को उसकी धरती पर हराना भारत के लिए आसान नहीं होगा। उनका मानना है कि सिर्फ अच्छी साख या रिकॉर्ड के भरोसे जीत नहीं मिलेगी, बल्कि टीम को उससे भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 99 रन पर सिमट गई। टीम 42.3 ओवर ही खेल सकी। साउथ अफ्रीका के लिए मार्को यानसन ने 33 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि वियान मुल्डर ने 14 रन देकर 2 विकेट झटके। कगिसो रबाडा को भी 2 विकेट मिले। एनरिक नॉर्त्या ने 1 विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टीव स्मिथ ने सबसे ज्यादा 28 रन बनाए। मार्नस लाबुशेन और ट्रैविस हेड ने 14-14 रन बनाए। ब्यू वेबस्टर ने 13 और मैट रेनशॉ ने 12 रन का योगदान दिया। कप्तान पैट कमिंस 7 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जोश हेजलवुड 2 रन बनाकर नाबाद रहे।
रवि रोंगाली ने जीता एक और मेडल
नागोया, भारत के रवि रोंगाली ने बुधवार को जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों के शॉट पुट एफ40 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 10.02 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया।
दिल्ली कैपिटल्स के स्पिन-बॉलिंग कोच नियुक्त : अमित मिश्रा
नई दिल्ली, दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2027 के लिए भारत के पूर्व लेग-स्पिनर अमित मिश्रा को स्पिन-बॉलिंग कोच नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ, मिश्रा उसी फ्रेंचाइजी में एक नई भूमिका के साथ वापस लौटे हैं, जहां से उन्होंने अपने आईपीएल सफर की शुरुआत की थी।
पुजारा : न्यूजीलैंड के हालात भुवनेश्वर के लिए एकदम सही
नई दिल्ली, भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि न्यूजीलैंड में होने वाली आगामी पांच मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में नई गेंद के साथ भुवनेश्वर कुमार टीम की पहली पसंद होने चाहिए। पुजारा के अनुसार, वहां के हालात इस स्विंग गेंदबाज के लिए बहुत अनुकूल हैं, जिससे वह शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
न्यूजीलैंड : स्विंग और सीम वाली परिस्थितियों में घातक साबित होंगे भुवनेश्वर कुमार
नई दिल्ली, न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड का मानना है कि चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी कर रहे अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार नई गेंद के साथ घातक साबित हो सकते हैं। अगर न्यूजीलैंड में शुरुआती सीजन की पिचें स्विंग और सीम में मदद करती हैं, तो भुवनेश्वर का अनुभव भारतीय गेंदबाजी लाइन-अप को और अधिक संतुलित बनाएगा।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले श्रेयस अय्यर ने भुवनेश्वर कुमार की वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भुवी के आने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को अनुभव मिलेगा। बुमराह की गैरमौजूदगी में युवा गेंदबाजों पर दबाव रहा है।
जेम्स पैमेंट : न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारतीय खिलाड़ियों को मुश्किल हो
नई दिल्ली, मुंबई इंडियंस के पूर्व फील्डिंग कोच जेम्स पैमेंट ने कहा है कि जब न्यूजीलैंड-भारत टी20 सीरीज शुरू होगी, तो भारत के खिलाड़ियों को थोड़ा झटका लगेगा। उन्होंने बताया कि मैच रात 8 बजे शुरू होंगे। उस समय तापमान दस डिग्री के आसपास होगा, जो भारतीय टीम के लिए मुश्किल खड़ी करेगा।
बिजली के झटके से चली गई थी आंखों की रोशनी, जापान में सीहोर के लाल ने जूडो में जीता कांस्य पदक
सीहोर के कपिल परमार ने जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में जूडो (70 किग्रा) में कांस्य पदक जीता है। दृष्टिबाधित कपिल ने अपनी कमजोरी को ताकत बनाकर देश का मान बढ़ाया है।
आईपीएल 2027: अमित मिश्रा दिल्ली कैपिटल्स के स्पिन-बॉलिंग कोच नियुक्त
दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2027 के लिए भारत के पूर्व लेग-स्पिनर अमित मिश्रा को स्पिन-बॉलिंग कोच नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ, मिश्रा उसी फ्रेंचाइजी में एक नई भूमिका के साथ वापस लौटे हैं, जहां से उन्होंने अपने आईपीएल सफर की शुरुआत की थी।
प्रीति पाल ने 100 मीटर दौड़ में भी जीता सिल्वर मेडल
नागोया, भारत की प्रीति पाल ने बुधवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 100 मीटर टी35 दौड़ स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
लगातार 13 टेस्ट के बाद भी नहीं बदली कहानी, ऑस्ट्रेलियाई टीम पर बोझ गया है बल्लेबाज
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी टेस्ट में मार्नस लाबुशेन फिर से सस्ते में आउट होकर वापस पवेलियन लौट गए। इस बीच लगातार विकेट चटकाकर साउथ अफ्रीका ने मैच पर पकड़ बनानी शुरू कर दी है।
IPL में अमित मिश्रा की हुई घर वापसी, दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब संभालेंगे स्पिन बॉलिंग कोच की कमान
आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स की फ्रेंचाइजी ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अमित मिश्रा को स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया है।
Preeti Pal ने Asian Para Games में रचा इतिहास, भारत की झोली में डाला दूसरा Silver
भारतीय पैरालंपिक पदक विजेता प्रीति पाल ने बुधवार को चल रहे एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 100 मीटर T35 श्रेणी में रजत पदक जीता। ईएसपीएन के अनुसार, प्रीति ने 13.98 सेकंड का समय लिया। वह चीनी स्वर्ण पदक विजेता और विश्व रिकॉर्ड धारक झोउ ज़िया से केवल 0.41 सेकंड पीछे रहीं। झोउ ज़िया ने इस दौरान एशियाई पैरा खेलों का एक नया रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले, बुधवार को उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर T35 फाइनल स्पर्धा में रजत पदक जीता। इसे भी पढ़ें: Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) के अनुसार, प्रीति ने 29.53 सेकंड का शानदार समय निकाला। वह चीन की स्वर्ण पदक विजेता झोउ एक्स (28.03 सेकंड) के बाद रहीं, जबकि इराक की फा सुवेद 30.82 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इसके साथ ही, इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारत के पदकों की कुल संख्या 48 हो गई है, जिसमें 12 स्वर्ण, 18 रजत और 18 कांस्य पदक शामिल हैं। कस्तूरी राजामणि ने एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए पदकों की झड़ी जारी रखी। बुधवार को उन्होंने पैरा-पावरलिफ्टिंग के महिलाओं के 67 किलोग्राम तक के इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। कस्तूरी ने तीन में से दो लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी कीं: उन्होंने 103 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया, फिर 106 किलोग्राम उठाने की कोशिश में असफल रहीं, और उसके बाद 108 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठा लिया। उनकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, दक्षिण कोरिया की किम ह्योंगहुई ने 107 किलोग्राम का वजन सफलतापूर्वक उठाया। ईएसपीएन (ESPN) के अनुसार, उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक इसके साथ ही, भारत के पदकों की कुल संख्या 47 हो गई है, जिसमें 12 गोल्ड, 17 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इससे पहले, बुधवार को भारतीय पैरा-एथलीट मंजीत ने पुरुषों की F13 जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। मंजीत ने पुरुषों की F12/13 जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में अपने दूसरे प्रयास में करियर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और F13 कैटेगरी में पदक हासिल किया।
सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को किया अलर्ट, भारतीय बल्लेबाजों को दिए खास टिप्स
गावस्कर ने न्यूजीलैंड में बड़ी पारियां खेलने के लिए कुछ भारतीय बल्लेबाजों पर भरोसा जताया। उन्होंने देवदत्त पडिक्कल की बल्लेबाजी और शतक बनाने की भूख की सराहना की। उनके मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट में लंबी पारियां खेलने की इच्छा और धैर्य बेहद जरूरी हैं।
न्यूजीलैंड में Shreyas Iyer की कप्तानी की कड़ी परीक्षा, जीत से आगाज का लक्ष्य
पिछली दो टी20 श्रृंखलाओं में अपराजेय रही भारतीय टीम को न्यूजीलैंड आकर आराम करने, अनुकूलन और अभ्यास के लिये दो ही दिन का समय मिला लेकिन अपने बल्लेबाजों के दम पर श्रेयस अय्यर की टीम जीत के साथ दौरे का आगाज करना चाहेगी। न्यूजीलैंड में पिछली बार भारत ने 2022 में नेपियर में टी20 मैच खेला था और वर्षाबाधित वह मैच डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर ड्रॉ रहा था। भारत ने वह श्रृंखला जीती थी चूंकि खराब मौसम के कारण एक ही मैच हो सका था। भारत के सिर्फ चार बल्लेबाज पहले न्यूजीलैंड में टी20 खेल चुके हैं जिनमें कप्तान अय्यर, ईशान किशन, संजू सैमसन और शिवम दुबे शामिल हैं। अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और वैभव सूर्यवंशी भले ही आक्रामक पारियां खेलने में माहिर हों लेकिन यहां की तेज और उछालभरी पिचों पर उन्हें ढलने में समय लग सकता है। अय्यर की कप्तानी की शुरूआत आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ पराजय के साथ हुई और अब उनके सामने खुद को कठिन परिस्थितियों में साबित करने की चुनौती होगी। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला ड्रॉ खेली। अगर न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला भी उसी तरह रहती है जैसे इंग्लैंड के खिलाफ थी तो अय्यर पर दबाव बढ जायेगा। ऐसा माना जा रहा है कि दो साल बाद आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले टी20 विश्व कप में वह भारत के कप्तान होंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला खत्म होने के बाद भारत से लंबी उड़ान लेकर यहां पहुंचने पर अय्यर ने कहा कि उनकी टीम को अलग अलग हालात में खेलने की आदत है। भारतीय टीम में चोटिल हरफनमौला हार्दिक पंड्या और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी नहीं हैं। बुमराह इस दौरे पर सिर्फ वनडे या टेस्ट खेलेंगे। सूर्यवंशी के खेलने की उम्मीद कम ही है लेकिन अभिषेक और सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद वापसी हुई है और स्पिनर वरूण चक्रवर्ती फिट होकर टीम में लौटे हैं। हरफनमौला नीतिश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे को अपनी उपयोगिता साबित करनी होगी। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सेंटनेर ने कहा कि शानदार बल्लेबाजों से भरी भारतीय टीम के लिये सपाट पिच बनाना सही रणनीति नहीं होती। उन्होंने उम्मीद जताई कि ग्लेन फिलिप्स और फिन एलेन जैसे उनके आक्रामक बल्लेबाज भारतीयों पर भारी पड़ेंगे। न्यूजीलैंड के पास जैकब डफी, मैट हेनरी, एडम मिल्ने, लॉकी फर्ग्युसन , काइल जैमीसन और ब्लेयर टिकनेर जैसे शानदार गेंदबाज हैं। टीमें :भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल? शिवम दुबे, नीतिश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार , वरूण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव। न्यूजीलैंड : मिचेल सेंटनेर (कप्तान), फिन एलेन, मिचेल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कोंवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्युसन , जाक फोकेस, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ। मैच का समय : दोपहर 12 . 30 से।
श्रीलंका का दौरा करेगी इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम
कोलंबो, इंग्लैंड की महिला टीम अगले साल की शुरुआत में श्रीलंका का दौरा करेगी। इस दौरे में तीन टी20 इंटरनेशनल और तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। यह दौरा दो हिस्सों में बंटा होगा, जिसके बीच में आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी खेली जाएगी। यह टूर्नामेंट 14 से 28 फरवरी 2027 तक भारत में आयोजित होगा।
कबड्डी टीम ने तीसरी बार जीता था विश्व कप
नई दिल्ली, कई ऐसे खेल हैं, जिनमें भारत का दबदबा वैश्विक स्तर पर है। कबड्डी भी उन्हीं खेलों में से एक है। पुरुष और महिला दोनों ही वर्गों में भारतीय टीमें मजबूत हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी दुनिया के सामने खुद को श्रेष्ठ साबित करती रही हैं। 2016 में भी भारतीय पुरुष टीम ने कबड्डी विश्व कप जीतकर इस खेल में अपनी श्रेष्ठता साबित की थी।
22 अक्टूबर विशेष: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने तीसरी बार जीता था विश्व कप
कई ऐसे खेल हैं, जिनमें भारत का दबदबा वैश्विक स्तर पर है। कबड्डी भी उन्हीं खेलों में से एक है। पुरुष और महिला दोनों ही वर्गों में भारतीय टीमें मजबूत हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पूरी दुनिया के सामने खुद को श्रेष्ठ साबित करती रही हैं। 2016 में भी भारतीय पुरुष टीम ने कबड्डी विश्व कप जीतकर इस खेल में अपनी श्रेष्ठता साबित की थी।
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की पूर्व क्रिकेटर वेदा कृष्णमूर्ति ने नेशनल टीम में हरमनप्रीत कौर के महत्व को रेखांकित किया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में एक शानदार पारी खेलकर फॉर्म में लौटीं इस अनुभवी बल्लेबाज के बारे में वेदा ने कहा कि पारी के बाद हरमनप्रीत का भावुक होना उनके खेल के प्रति उस जुनून को दर्शाता है, जो आज भी उनमें बरकरार है।
2027 में व्हाइट-बॉल सीरीज के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम
कोलंबो, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंग्लैंड की महिला टीम अगले साल की शुरुआत में श्रीलंका का दौरा करेगी। इस दौरे में तीन टी20 इंटरनेशनल और तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। यह दौरा दो हिस्सों में बंटा होगा, जिसके बीच में आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी खेली जाएगी। यह टूर्नामेंट 14 से 28 फरवरी 2027 तक भारत में आयोजित होगा।
खेल डेस्क। साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में मुश्किल हालात में 179 रन की शतकीय पारी खेल एक अपने नाम दो रिकॉर्ड दर्ज करवाए। उनकी इस पारी के दम पर साउथ अफ्रीका ने पहली पारी 425 रन पर घोषित की। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दो विकेट गंवाकर 19 रन बना लिए हैं। 36 साल की उम्र में बावुमा अब टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 150 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले सबसे उम्रदराज कप्तान बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का रिकॉर्ड तोड़ा। अजहरुद्दीन ने 1998 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 163 रन की शतकीय परी खेली थी। उस समय उनकी उम्र 35 साल और 38 दिन थी। वहीं, बावुमा ने 36 साल और 154 दिन की उम्र में ये रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके साथ ही वह अपने देश में किसी टेस्ट पारी में 150 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले पहले कप्तान बने हैं। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
श्रेयस अय्यर : वैभव अभी सीधे प्लेइंग-11 में नहीं आ सकते
क्राइस्टचर्च, भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टी20 इंटरनेशनल टीम में अपने मौके का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि वैभव अभी सीधे प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना सकते, क्योंकि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ओपनिंग जोड़ी के तौर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों ने वर्ल्ड पैरा क्रिकेट लीग में दिखाया अपना दम
World Para Cricket League: मुंबई मेवरिक्स की सफलता और लीग में मध्य प्रदेश के सात खिलाड़ियों की भागीदारी प्रदेश में दिव्यांग क्रिकेट को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
ICC विमेंस अंडर-19 T20 वर्ल्ड कप 2027 का शेड्यूल जारी हो गया है। टूर्नामेंट 21 जनवरी से बांग्लादेश और नेपाल में शुरू होगा। टूर्नामेंट में 16 टीमें हिस्सा लेंगी। चार ग्रुप में कुल 41 मैच खेले जाएंगे। मुकाबले दोनों देशों के चार स्टेडियम में होंगे। पहले दिन आठ टीमें चार मैचों में उतरेंगी। सह-मेजबान बांग्लादेश का सामना UAE से होगा। नेपाल 22 जनवरी को आयरलैंड के खिलाफ अभियान शुरू करेगा। डिफेंडिंग चैंपियन भारत भी 22 जनवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला मैच खेलेगा। यह टूर्नामेंट का तीसरा एडिशन होगा। पहली बार यह 2023 में खेला गया था। इन चार मैदानों पर होंगे मैच मैच चट्टग्राम के बीर श्रेष्ठ शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट मतिउर रहमान क्रिकेट स्टेडियम में होंगे। इसके अलावा सिलहट के सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, काठमांडू के TU इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और अपर मुलपानी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में मुकाबले खेले जाएंगे। ग्रुप स्टेज के मैच 26 जनवरी तक चलेंगे। इसके बाद क्वालिफाई करने वाली टीमें सुपर सिक्स स्टेज में पहुंचेंगी। सुपर सिक्स स्टेज में टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। 4 फरवरी को सेमीफाइनल, 6 फरवरी को फाइनल सेमीफाइनल 4 फरवरी को बीर श्रेष्ठ शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट मतिउर रहमान क्रिकेट स्टेडियम में होंगे। इसके लिए 5 फरवरी को रिजर्व डे रखा गया है। फाइनल 6 फरवरी को स्थानीय समयानुसार 13:30 बजे खेला जाएगा। फाइनल के लिए 7 फरवरी को रिजर्व डे तय किया गया है। भारतीय टीम शुरुआती दोनों एडिशन की चैंपियन भारतीय विमेंस अंडर-19 टीम का अब तक का वर्ल्ड कप इतिहास बेहद शानदार रहा है। भारत ने इस टूर्नामेंट के पिछले दोनों एडिशन (2023 और 2025) में खिताब जीतकर अपना दबदबा कायम रखा है। 2023 में शेफाली वर्मा की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को हराकर पहला वर्ल्ड कप जीता था, जबकि 2025 में निकी प्रसाद की कप्तानी में टीम ने साउथ अफ्रीका को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की।
Asian Para Games में भारत का जलवा, Ayush, Praveen और Sachin ने जीते Gold
भारतीय एथलीटों ने एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में तीसरे दिन भी अपना दबदबा बरकरार रखते हुए बुधवार को यहां तीन स्वर्ण पदक सहित 10 पदक जीते। आयुष वर्मा ने पुरुषों के शॉट पुट एफ53 स्पर्धा में भारत को दिन का पहला पैरा-एथलेटिक्स स्वर्ण पदक दिलाया। इसके बाद प्रवीण कुमार (पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64) और सचिन खिलारी (पुरुषों के शॉट पुट एफ46) ने स्वर्ण पदक जीते। भारत की तरफ से सुबह के सत्र में बंटी (पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64), भाग्यश्री जाधव (महिलाओं के शॉट पुट एफ34), मोहम्मद यासर (पुरुषों के शॉट पुट एफ46) और मनजीत (पुरुषों के भाला फेंक एफ12/13) ने रजत पदक हासिल किए। अनुभव चौधरी (पुरुषों की 100 मीटर टी35), परवीन (पुरुषों का शॉट पुट एफ46) और राकेशभाई भट्ट (पुरुषों की 100 मीटर टी37) ने कांस्य पदक जीते। प्रतियोगिता के दूसरे दिन मंगलवार को भारत ने एथलेटिक्स में पांच स्वर्ण पदक सहित 14 पदक जीते थे। आयुष का मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने मंगलवार को पुरुषों की भाला फेंक एफ53/एफ54 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। आयुष ने अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया। ईरान के अलीरेज़ा हेमामी 8.09 मीटर के साथ दूसरे, जबकि कंजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कालियेव 6.81 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एफ53 उन एथलीटों के लिए है जिनकी धड़ और पैरों की गति अत्यधिक जबकि हाथों की पकड़ कम प्रभावित होती है। वे बैठकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपनी छाती, ऊपरी पीठ और कंधों का उपयोग करके ताकत लगाते हैं। प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि बंटी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक, जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की कूद के साथ रजत पदक हासिल किया। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव 1.86 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। प्रवीण ने बाद में कहा, ‘‘दो सप्ताह पहले तक मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और मैं सोच रहा था कि मैं अपने स्वर्ण पदक का बचाव कैसे करूंगा। उसके बाद मैं एक हफ्ते तक आराम करता रहा, लेकिन मेरा शरीर मजबूत नहीं था। लेकिन अगर आपको देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है तो फिर बीमारी रोड़ा नहीं बन सकती।’’टी64 और टी44 वर्ग के एथलीट अक्सर संयुक्त स्पर्धा में एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं क्योंकि विश्व पैरा एथलेटिक्स पर्याप्त प्रतियोगियों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए निचले अंगों के वर्गों को एक समूह में रखता है। टी64 उन एथलीटों के लिए है जो कृत्रिम निचले अंगों का उपयोग करते हैं, जबकि टी44 उन एथलीटों के लिए है जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं लेकिन वह कृत्रिम अंगों का उपयोग नहीं करते हैं। उत्तर प्रदेश के गोविंदगढ़ गांव के रहने वाले प्रवीण ने नयी दिल्ली में 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता था। जन्म से ही शारीरिक रूप से विकलांग (एक पैर दूसरे से छोटा) होने के बावजूद वह बचपन से ही एथलेटिक्स से जुड़ गए थे। सचिन सरजेराव खिलारी ने पुरुषों के शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया। पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले सचिन ने इस तरह से पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए अपने स्वर्ण पदक का अच्छी तरह से बचाव किया। उन्होंने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 15.87 मीटर फेंककर पहला स्थान हासिल किया और 15.67 मीटर के खेलों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। भारत के ही मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता, जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। खिलारी ने कहा, ‘‘पिछले पैरा एशियाई खेलों, पैरालंपिक और विश्व पैरा चैंपियनशिप में अधिकतर समय मैं पोडियम पर अकेला था। आज दो और भारतीय खिलाड़ी मेरे साथ पोडियम पर खड़े थे। यह अविश्वसनीय है।’’एफ46 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ कटा होता है, या वे ऊपरी अंग से दिव्यांग होते हैं। वे खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपने कूल्हों और पैरों का उपयोग करके गोला फेंकने के लिए शक्ति लगाते हैं। महाराष्ट्र के सांगली जिले के करागानी गांव में किसान परिवार में जन्मे खिलारी को साइकिल दुर्घटना में बाएं हाथ में गंभीर चोट लगी। ऑपरेशन कराने के बावजूद उनका हाथ पूरी तरह से ठीक नहीं हो सका। उन्होंने कम उम्र में ही अपनी मां को खो दिया था।
भाग्यश्री ने महिलाओं की शॉट पुट एफ34 में सिल्वर मेडल जीता: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत की भाग्यश्री जाधव ने बुधवार को आइची-नागोया, जापान में आयोजित हो रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की शॉट पुट एफ34 इवेंट में 8.19 मीटर का अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो करते हुए सिल्वर मेडल जीता।
BCCI प्रेसिडेंट मिथुन मन्हास ने कहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा का चयन उम्र से नहीं होगा। टीम में जगह के लिए दोनों की फिटनेस और प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा। यह टूर्नामेंट अक्टूबर-नवंबर 2027 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। मन्हास ने भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले स्पोर्टस्टार को इंटरव्यू दिया। यह दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा। रोहित-विराट 4 नवंबर से शुरू हो रही 5 वनडे की सीरीज में खेलते दिखेंगे। मन्हास ने कहा- दोनों बैटर्स को लगातार रन बनाने होंगे मिथुन मनहास ने कहा कि वर्ल्ड कप टीम में चयन के लिए दोनों सीनियर बल्लेबाजों का लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होगा। मुझे लगता है कि अगर कोई खिलाड़ी फिट है, अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और देश को जिता रहा है। तो उसका चयन होना चाहिए।’ रोहित-विराट वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के टॉप-3 स्कोरर में शामिल हैं। वर्ल्ड कप के समय कितनी होगी रोहित-विराट की उम्र रोहित शर्मा अप्रैल 2027 में 40 साल के हो जाएंगे। जबकि, विराट कोहली वर्ल्ड कप के दौरान 38 साल के होंगे। पूर्व क्रिकेटर्स और फैंस ने भारत के ट्रांजिशन प्लांस पर सवाल उठाए हैं। यह भी चर्चा है कि आने वाले वर्षों में दोनों सीनियर खिलाड़ियों की क्या भूमिका होगी। लॉर्ड्स में शतक से लौटा रोहित का फॉर्म रोहित शर्मा की खराब वनडे फॉर्म के बीच उनके संन्यास की काफी चर्चा हुई थी। हालांकि, लॉर्ड्स में लगाए गए उनके शतक से ये चिंताएं कुछ हद तक दूर हुईं। विराट ने वनडे में अपनी भूमिका का अच्छा फायदा उठाया है। इस फॉर्मेट में उन्होंने ब्रैडमैन जैसा औसत रखते हुए लगातार रन बनाए हैं। गिल की कप्तानी में सीनियर्स की भूमिका मिथुन मन्हास ने यह भी बताया कि रोहित और विराट की मौजूदगी से शुभमन गिल को कप्तानी में मदद मिल सकती है। उन्होंने विराट के एमएस धोनी के मार्गदर्शन में सीखने और धोनी के सौरव गांगुली से मार्गदर्शन लेने का उदाहरण दिया। मनहास ने कहा, ‘शुभमन पिछले दो या तीन साल से गुजरात टाइटन्स के कप्तान हैं। वे भारत की कप्तानी भी कर रहे हैं। मुझे लगता है कि वर्ल्ड कप अभियान में यह अनुभव उनके काम आएगा।’ -------------------------------------------- टीम इंडिया से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे, रमेश पोवार भी कमेटी में भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ था। सिलेक्शन कमेटी में अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
अनुभव-राकेशभाई ने 100 मीटर दौड़ में जीते ब्रॉन्ज मेडल
नागोया, एशियन पैरा गेम्स 2026 में बुधवार को भारत के पैरा-एथलेटिक्स दल के लिए एक और शानदार दिन रहा। अनुभव चौधरी और राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ स्पर्धा के अपने-अपने फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीते।
Mitchell Santner बोले, Vaibhav Suryavanshi अगर खेले तो New Zealand ने बनाई है खास रणनीति
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने स्वीकार किया कि अगर वैभव सूर्यवंशी बृहस्पतिवार से यहां शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में भारत की अंतिम एकादश में जगह बनाते हैं तो उन्हें रोकना मुश्किल होगा लेकिन उनकी टीम ने इस युवा बल्लेबाज के लिए कुछ रणनीति तैयार की हैं। सूर्यवंशी को इस साल की शुरुआत में ब्रिटेन दौरे के लिए चुने जाने के बाद से बहुत कम मौके मिले हैं, क्योंकि नियमित सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। सैंटनर ने पहले मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘वह (सूर्यवंशी) वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली श्रृंखला में नहीं खेले थे लेकिन हमने आईपीएल में देखा है कि वह कितने अच्छे खिलाड़ी हैं। हम जानते हैं कि अभिषेक जैसे अन्य खिलाड़ी भी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सूर्यवंशी की भूमिका भी काफी बड़ी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्हें इस श्रृंखला में खेलने का मौका मिलता है तो हम जानते हैं कि वह क्या कर सकते हैं। गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना काफी मुश्किल रहा है। हमने आईपीएल में देखा कि वह कितनी आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो हमने उनके लिए रणनीति तैयार की है।’’सैंटनर से अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की लगभग चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी के बारे में भी पूछा गया। न्यूजीलैंड के कप्तान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भुवनेश्वर को यहां की परिस्थितियां पसंद आएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भुवी को बहुत पसंद आएंगी। अगर विकेट से थोड़ी भी मदद मिलती है, तो वह उसका फायदा उठा सकते हैं। भारत में कुछ सपाट पिचों पर भी उन्होंने गेंद को स्विंग कराने में कामयाबी हासिल की थी। इसलिए मुझे लगता है कि यहां उनका सामना करना न्यूजीलैंड के लिए एक चुनौती होगी।’’सैंटनर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस श्रृंखला में गेंदबाजों का दबदबा रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पहले मैच में ऐसा हो सकता है, लेकिन स्थिति बहुत जल्दी बदल सकती है। यह काफी हद तक मौसम पर निर्भर करता है। दूसरा मैच उसी पिच पर खेला जाएगा जिसका पहले मैच के लिए उपयोग किया जाएगा। इसलिए यह थोड़ा सपाट हो सकता है।’’
पावरलिफ्टिंग में देश की झोली में आया एक और मेडल
नागोया, एशियन पैरा गेम्स 2026 में बुधवार को भारत के पावरलिफ्टिंग अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली। कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने अपने आखिरी प्रयास में 108 किलो का भार उठाते हुए मेडल पर कब्जा जमाया।
मिशेल सेंटनर : भुवनेश्वर कुमार चुनौती होंगे
क्राइस्टचर्च, भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। पहला टी20 क्राइस्टचर्च के हेग्ले ओवल में भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे से खेला जाएगा। इस सीरीज से भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार 4 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी पर कहा है कि भुवी नई गेंद से उनकी टीम के लिए चुनौती साबित हो सकते हैं। सैंटनर ने टी-20 मैच से पहले कहा- ‘अगर विकेट में थोड़ी भी मदद हुई, तो वह उसका फायदा उठा लेते हैं। भारत की कुछ सपाट पिचों पर भी उन्होंने गेंद को सीम और स्विंग कराया है।’ पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। भुवनेश्वर करीब 4 साल बाद भारतीय T20I टीम में लौटे हैं। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ 5वें टी-20 मैच के लिए प्लेइंग-11 में चुना था। हालांकि, वे बारिश के कारण गेंदबाजी नहीं कर सके। भारतीय पिचों पर तंज किया, कहा- ऐसे में कौन गेंदबाज बनना चाहेगा न्यूजीलैंड के कप्तान सैंटनर ने कहा कि भुवनेश्वर यहां की परिस्थितियों का आनंद लेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भुवी को न्यूजीलैंड की परिस्थितियां पसंद आएंगी।’ उन्होंने कहा, ‘भारत में इन दिनों गेंदबाज के लिए हालात काफी चुनौतीपूर्ण हैं। हमने हाल की सीरीज में 250 रन का लक्ष्य भी हासिल होते देखा है।’ सैंटनर ने कहा, ‘ऐसे में कौन गेंदबाज बनना चाहेगा? लेकिन भुवनेश्वर को यहां की परिस्थितियां थोड़ी ज्यादा पसंद आ सकती हैं।’ वैभव के लिए भी प्लान बनाया है- सैंटनर वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए खेलते हैं, तो उन्हें रोकना मुश्किल होगा। सैंटनर ने कहा कि सूर्यवंशी के लिए न्यूजीलैंड ने कुछ योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि टीम ने उनकी बैटर्स को समझने के लिए रिसर्च की है। सैंटनर ने कहा, ‘उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली सीरीज नहीं खेली थी। लेकिन हम जानते हैं कि IPL में वह कितने अच्छे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम यह भी जानते हैं कि अभिषेक जैसे दूसरे खिलाड़ी बहुत अच्छा कर रहे हैं। सूर्यवंशी का भारत के लिए बड़ा योगदान होगा, चाहे इस सीरीज में हो या नहीं, लेकिन भविष्य में जरूर होगा।’ पिच और मौसम पर निर्भर रहेगा खेल सैंटनर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सीरीज में गेंदबाजों का दबदबा रहेगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे भी ऐसी उम्मीद है। शायद पहला मैच ऐसा हो सकता है, लेकिन हालात तेजी से बदल सकते हैं।’ उन्होंने बताया कि मुकाबला मौसम पर काफी निर्भर करेगा। दूसरे मैच में उसी पिच का इस्तेमाल होगा, जिस पर पहला मैच खेला जाएगा। इसलिए वह पिच थोड़ी सपाट हो सकती है। सैंटनर ने कहा, ‘अगर गेंद सीम करती है, तो हमें उसी के अनुसार खेलना होगा। अगर पिच सपाट रहती है, तो उसके अनुसार खेलना होगा।’ पिछली सीरीज में भारत से 4-1 से हारा था न्यूजीलैंड पांच मैचों की T20I सीरीज के बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की ODI सीरीज होगी। इसके बाद दोनों टीमें दो टेस्ट मैच खेलेंगी। सैंटनर ने कहा, ‘विश्व कप से पहले हुई सीरीज में भारत ने हमें 4-1 से हराया था। इसलिए हम जानते हैं कि भारत एक शानदार टीम है और लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।’ --------------------------------------------- भारत के न्यूजीलैंड दौरे की यह खबर भी पढ़िए… भारतीय कप्तान बोले- वैभव को अभी प्लेइंग-11 में जगह नहीं, ड्रेसिंग रूम में खुश रहें भारतीय टी-20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने बुधवार को क्राइस्टचर्च में कहा- ‘वैभव सूर्यवंशी अभी सीधे टीम में आ सकते हैं, ऐसा नहीं है। हमारे ओपनर लगातार रन बना रहे हैं और उन्होंने वर्ल्ड कप जीता है।’ पढ़ें पूरी खबर
रणजी ट्रॉफी में केरल ने ओडिशा को पारी और 36 रन से हराया। केरल ने पहली पारी में 404 रन बनाए थे, जिसके जवाब में ओडिशा की टीम पहली पारी में 225 और दूसरी पारी में 143 रन पर सिमट गई। जलज सक्सेना ने दूसरी पारी में 5 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 139 रन की नाबाद पारी खेली। तनय त्यागराजन की घातक गेंदबाजी हैदराबाद के बाएं हाथ के स्पिनर तनय त्यागराजन ने आंध्र प्रदेश के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 21 रन देकर 4 विकेट लिए और मैच में कुल 9 लिए। हैदराबाद ने पहली पारी में बढ़त बनाने के बाद दूसरी पारी में 53 रन की नाबाद पारी खेलने वाले तनय के प्रदर्शन के दम पर अपनी स्थिति मजबूत की। आंध्र प्रदेश ने 6 विकेट पर 88 रन बनाए हैं और उसे अभी 310 रन की जरूरत है। दिल्ली के खिलाफ गुजरात ने बनाए 407/6 दिल्ली के खिलाफ गुजरात ने 6 विकेट पर 407 रन बना लिए हैं। टीम अभी भी 241 रन पीछे है। चिंतन गाजा 62 रन बनाकर क्रीज पर हैं, जबकि विशाल जयसवाल उनका साथ दे रहे हैं। झारखंड के लिए शिखर मोहन की शानदार पारी महाराष्ट्र के खिलाफ झारखंड के ओपनर शिखर मोहन ने शानदार बल्लेबाजी जारी रखी है। वह 79 रन बनाकर नाबाद हैं। दूसरे विकेट के लिए उत्कर्ष सिंह के साथ उनकी 115 रन की साझेदारी हो चुकी है। झारखंड ने 1 विकेट पर 144 रन बना लिए हैं और टीम अभी महाराष्ट्र से 214 रन पीछे है। मोहन इस सीजन के अपने पहले रणजी मैच में केरल के खिलाफ शतक लगा चुके हैं। यह उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में चौथा शतक हो सकता है।
Asian Para Games में Praveen Kumar ने जीता Gold Medal, Bunty को मिला Silver
बुधवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 में, भारतीय पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार और बंटी ने पुरुषों की हाई जंप T64 स्पर्धा में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर T37 फाइनल में कांस्य पदक जीता। दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता प्रवीण ने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। वहीं, बंटी ने 1.92 मीटर की अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ रजत पदक हासिल किया। इस तरह भारत के लिए यह एक यादगार उपलब्धि रही, जिसमें देश के दो एथलीट पोडियम पर एक साथ नजर आए। इसे भी पढ़ें: Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी प्रवीण ने शुरुआत में 1.95 मीटर की ऊंचाई पार करके स्वर्ण पदक पक्का किया और गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद, उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 2.00 मीटर की ऊंचाई पार की, और फिर अपने तीसरे प्रयास में 2.05 मीटर की ऊंचाई पार करके एक नया गेम्स रिकॉर्ड कायम किया। बंटी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 1.92 मीटर की ऊंचाई पार कर रजत पदक जीता और इस स्पर्धा में भारत का दबदबा सुनिश्चित किया। ट्रैक पर भारत को एक और मेडल मिला। राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर T37 फाइनल में 11.50 सेकंड का अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। सऊदी अरब के अली अलनाखली ने 11.31 सेकंड में गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंडोनेशिया के सैप्टोयोगो पूर्णोमो ने 11.35 सेकंड में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पैरा-तैराकी में, हिमांशु नंदन ने हीट में 1:21.52 का समय निकालकर पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB11 फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वह चौथे सबसे तेज़ तैराक के रूप में आगे बढ़े; इससे पहले उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। पुरुषों की लॉन्ग जंप T13 फाइनल में भारत के सुजीत एमएस 5.74 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ छठे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद पैरा-बैडमिंटन में, नवीन शिवकुमार ने दक्षिण कोरिया के क्युंग ह्वान शिन को 26 मिनट में 21-14, 21-4 से हराकर पुरुषों की सिंगल्स SL4 के सेमीफाइनल में जगह बनाई। उनके आगे बढ़ने से इस इवेंट में भारत का एक और मेडल पक्का हो गया है, क्योंकि पैरालंपिक मेडलिस्ट सुहास यथिराज भी पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। हालांकि, पुरुषों की सिंगल्स SU5 कैटेगरी में रुथिक रघुपति का सफर क्वार्टर फाइनल में खत्म हो गया, जहां वे चीन के मिंगपान ली से 37 मिनट में 19-21, 14-21 से हार गए।
Asian Para Games में Ayush Verma ने Shot Put में जीता Gold, भारत के कुल 38 पदक हुए
भारतीय पैरा-एथलीट आयुष वर्मा ने 21 अक्टूबर को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों के शॉट पुट F53 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 10 और कुल पदकों की संख्या 38 हो गई है। वर्मा ने 'सीटेड थ्रोइंग' इवेंट में अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले, 20 अक्टूबर को उन्होंने पुरुषों के जैवलिन (भाला फेंक) F53/54 इवेंट में कांस्य पदक जीता था। इसे भी पढ़ें: Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी जापान के नागोया में आयोजित महाद्वीपीय पैरा-स्पोर्ट इवेंट में, वर्मा के स्वर्ण पदक के साथ भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर बना हुआ है। पैरा-बैडमिंटन में, पैरालंपिक पदक विजेता सुहास यथिराज ने दक्षिण कोरिया के एन. चो को सीधे गेमों में 21-12, 21-16 से हराकर पुरुष एकल SL4 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया और कम से कम एक कांस्य पदक पक्का कर लिया। वहीं, सुकांत कदम को इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान के खिलाफ कड़े मुकाबले में 17-21, 21-18, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा और वे क्वार्टर फाइनल से बाहर हो गए। पुरुष एकल WH1 क्वार्टर फाइनल में प्रेम कुमार आले भी बाहर हो गए; उन्हें दक्षिण कोरिया के हेसोंग पार्क ने 13-21, 12-21 से हराया। इसे भी पढ़ें: अहमदाबाद Commonwealth Games 2030 के लिए केंद्र देगा 2000 करोड़ रुपये की मदद महिला एकल WH1 इवेंट में, पल्लवी कलुवेहल्ली का सफर लगातार तीसरी हार के साथ ग्रुप स्टेज में ही समाप्त हो गया। उन्हें जापान की सेना टोमोयोसे ने 4-21, 4-21 से हराया, जिसके बाद वे आगे नहीं बढ़ सकीं। पैरा-आर्चरी में भारत पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गया, क्योंकि पुरुष कंपाउंड डबल्स इवेंट में टोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी चौथे स्थान पर रहे। इस जोड़ी को कांस्य पदक के मुकाबले में चीन के हाथों 153-154 से हार मिली। कुमार के आखिरी शॉट में 8 अंक मिले, जबकि शूट-ऑफ के लिए 9 अंकों की और जीत के लिए 10 अंकों की जरूरत थी। नागोया में वर्मा के स्वर्ण पदक ने भारत के अभियान को मजबूती दी, जबकि सुहास के सेमीफाइनल में पहुंचने से एक और पैरा-बैडमिंटन पदक जीतने की उम्मीदें बनी रहीं।
भारत ने बुधवार को यहां आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की शॉट पुट एफ46 में क्लीन स्वीप किया। भारतीय दल ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज—तीनों मेडल जीते।
टेंबा बावुमा : 'मैं सचिन तेंदुलकर जैसा बनना चाहता हूं'
नई दिल्ली, दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के साथ गकेबरहा में खेले जा रहे टेस्ट मैच के तीसरे दिन बेहतरीन शतक लगाते हुए अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। टेंबा बावुमा ने हमेशा से दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपना हीरो माना है और उनकी तकनीक को अपनाने की कोशिश की है।
पाकिस्तान : अराफात मिन्हास ने पांचवें ही वनडे में किया कमाल,
नई दिल्ली, पाकिस्तान ने त्रिकोणीय वनडे सीरीज के दौरान मंगलवार को रावलपिंडी में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड को 87 रन से हरा दिया। पाकिस्तान की जीत के हीरो ऑलराउंडर अराफात मिन्हास रहे। अराफात ने गेंद और बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम को यादगार जीत दिलाई।
India vs New Zealand: न्यूजीलैंड की धरती पर 7 साल से अजेय टीम इंडिया, जानें T20 में कैसा है रिकॉर्ड
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'अब कोई दबाव नहीं, अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं': हरमनप्रीत कौर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की मैच विजयी पारी खेलने के बाद कहा कि वह कप्तानी छोड़ने के बाद अपने करियर के मौजूदा दौर को बिना किसी दबाव के एंजॉय करना चाहती हैं।
'मैं सचिन तेंदुलकर जैसी तकनीक अपनाने की कोशिश करता हूं': टेंबा बावुमा
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के साथ गकेबरहा में खेले जा रहे टेस्ट मैच के तीसरे दिन बेहतरीन शतक लगाते हुए अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। टेंबा बावुमा ने हमेशा से दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपना हीरो माना है और उनकी तकनीक को अपनाने की कोशिश की है।
भारतीय टी-20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने बुधवार को क्राइस्टचर्च में कहा- ‘ऐसा नहीं है कि वैभव सूर्यवंशी अभी सीधे टीम में आ सकते हैं। हमारे ओपनर लगातार रन बना रहे हैं और उन्होंने वर्ल्ड कप जीता है।’ 31 साल के अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज से पहले कहा- ‘वैभव को आगे मौके मिलेंगे। विदेशों में खेलने का अनुभव उन्हें भविष्य के लिए तैयार करेगा।’ उन्होंने फोटोशूट के बाद पत्रकारों से बातचीज की। सूर्यवंशी को ड्रेसिंग रूम में खुश रहना चाहिए- अय्यर भारतीय T20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को ड्रेसिंग रूम में खुश रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैभव बहुत युवा हैं और उनके पास मौके पाने के लिए कई साल हैं। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए चुने जाने के बाद से वैभव ने आठ टी-20 मैच खेले हैं। उन्होंने 2 फिफ्टी के सहारे 186.36 के स्ट्राइक रेट से 246 रन बनाए हैं। इस दौरान रेग्युलर ओपनर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। एशियाड में नंबर-3 पर उतरे सैमसन एशियन गेम्स में वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग का मौका देने के लिए संजू सैमसन नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। श्रेयस अय्यर का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों में वैभव का अनुभव भविष्य की सीरीज के लिए उनकी तैयारी बेहतर करेगा। अगली बार पूरी तरह तैयार होंगे वैभव अय्यर ने कहा, ‘जब वे विदेशों में खेलेंगे, तो उन्हें इन खास पिचों पर बल्लेबाजी करने का अच्छा अंदाजा मिलेगा।’ उन्होंने कहा, ‘अगली बार जब वह इन परिस्थितियों में आएंगे, तो वे पूरी तरह तैयार होंगे। वह पहली बार यहां आने वाले टीम के दूसरे खिलाड़ियों को भी सलाह दे सकेंगे।’ आखिरी में भारत के न्यूजीलैंड दौरे का पूरा शेड्यूल… -------------------------------------------------- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे, रमेश पोवार भी कमेटी में भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ था। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
IND vs ZI: शैफाली वर्मा ने T-20 क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की हासिल
इंटरनेट डेस्क। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक ओपनर शैफाली वर्मा ने इतिहास रच दिया। उन्होंने टी20 क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 मैच के दौरान शैफाली ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए एक साल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। खास बात यह है कि इस मामले में उन्होंने टीम की साथी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है। भारतीय महिला टीम की धाकड़ बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने इस साल छक्कों की बरसात करके एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह भारत के लिए महिला टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। इस साल अभी तक वह 52 छक्के लगा चुकी हैं। इस मामले में उन्होंने हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ा है। कौर ने साल 2018 में वुमेंस टी20 क्रिकेट में 51 छक्के लगाए थे। लेकिन अब शैफाली वर्मा ने उनको पीछे छोड़ दिया है। महिला टी20 क्रिकेट के एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बात करें तो इस लिस्ट में सोफी डिवाइन और लिजेली ली जैसी दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं। इस लिस्ट में न्यूजीलैंड की दिग्गज खिलाड़ी सोफी डिवाइन सबसे आगे हैं, जिन्होंने साल 2018 में सबसे ज्यादा 67 छक्के लगाए थे। PC- cricinfo.com
पाकिस्तान के 21 साल के खिलाड़ी ने रचा इतिहास, बल्ले और गेंद से ODI क्रिकेट में बनाया अनोखा रिकॉर्ड
पाकिस्तान में खेली जा रही ट्राई सीरीज में 21 साल के पाकिस्तानी ऑलराउंडर आराफात मिन्हास ने नया इतिहास रच दिया। आराफात मिन्हास ने गेंद और बल्ले, दोनों से कमाल किया।
एशियन पैरा गेम्स में प्रवीण कुमार, आयुष वर्मा और सचिन खिलारी छाए; तीनों ने जीता गोल्ड मेडल
एशियन पैरा गेम्स में बुधवार को भारत के प्रवीण कुमार, आयुष वर्मा और सचिन खिलारी छा गए। तीनों ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। आयुष ने मंगलवार को कांस्य पदक जीता था।
Asian Para Games 2026 Day 3: भारत का शानदार प्रदर्शन, एक इवेंट में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतने का दावा
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत को एक और सोना मिल गया है। पुरुषों के शॉट पुट इवेंट में आयुष वर्मा ने गोल्ड मेडल जीता है। आयुष वर्मा ने एफ53 के फाइनल में 8.16 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड जीता।
टेम्बा बावुमा और साइमन हार्मर ने मिलकर किया कमाल, टेस्ट में बनाया साझेदारी का नया रिकॉर्ड
साउथ अफ्रीका के टेस्ट कप्तान टेम्बा बावुमा और साइमन हार्मर ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के छक्के छुड़ाते हुए नया इतिहास रच दिया। टेम्बा और हार्मर के बीच शानदार साझेदारी हुई।
सचिन खिलारी ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 की पुरुषों की एफ46 शॉटपुट स्पर्धा में आखिरी प्रयास में 15.87 मीटर का थ्रो करके गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
प्रवीण कुमार ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की हाई जंप टी44/64 स्पर्धा में 2.05 मीटर की छलांग लगाकर गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
Sachin Khilari ने Asian Para Games में नया रिकॉर्ड बनाकर जीता Gold, भारत का क्लीन स्वीप
सचिन सरजेराव खिलारी ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों के शॉट पुट एफ46 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप किया। पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले सचिन ने इस तरह से पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए अपने स्वर्ण पदक का अच्छी तरह से बचाव किया। उन्होंने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 15.87 मीटर फेंककर पहला स्थान हासिल किया और 15.67 मीटर के खेलों के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। भारत के ही मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके रजत पदक जीता, जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एफ46 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ कटा होता है, या वे ऊपरी अंग से दिव्यांग होते हैं। वे खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं और अपने कूल्हों और पैरों का उपयोग करके गोला फेंकने के लिए शक्ति लगाते हैं।
टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में भारत के वीरेंद्र सहवाग दो बार शामिल हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 278 गेंदों में और पाकिस्तान के खिलाफ 364 गेंदों में तिहरा शतक लगाया।
आयुष वर्मा ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की एफ53 शॉटपुट स्पर्धा में 8.16 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने ईरान के अलीरेजा हेमामी को सात सेंटीमीटर से पछाड़ा।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में आयुष वर्मा ने शॉट पुट F53 स्पर्धा में 8.16 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता। आयुष का इस प्रतियोगिता में यह दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने जैवलिन थ्रो F53/54 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
Asian Para Games: प्रवीण कुमार ने हाई जंप में रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड
भारत के प्रवीण कुमार ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों की ऊंची कूद टी44/64 स्पर्धा में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि बंटी ने इसी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक, जबकि बंटी ने 1.92 मीटर की कूद के साथ रजत पदक हासिल किया। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव 1.86 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। टी64 और टी44 वर्ग के एथलीट अक्सर संयुक्त स्पर्धा में एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं क्योंकि विश्व पैरा एथलेटिक्स पर्याप्त प्रतियोगियों और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए निचले अंगों के वर्गों को एक समूह में रखता है। टी64 उन एथलीटों के लिए है जो कृत्रिम निचले अंगों का उपयोग करते हैं, जबकि टी44 उन एथलीटों के लिए है जो निचले अंगों से दिव्यांग होते हैं लेकिन वह कृत्रिम अंगों का उपयोग नहीं करते हैं।
भारत की जिम्बाब्वे पर रिकॉर्ड जीत, Shafali Verma ने अपने नाम किए ये दो बड़े रिकॉर्ड
खेल डेस्क। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर (नाबाद 91) और शैफाली वर्मा (69) की तूफानी अर्धशतकीय पारियों के दम पर भारतीय टीम ने रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 92 रनों से हराकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया। ये भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घरेलू मैदान पर टी20 फॉर्मेट में अपनी सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले साल 2016 में बेंगलुरु में बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय महिला टीम ने 72 रनों से जीत दर्ज की थी। वहीं 2024 में मुंबई में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को 60 रनों से शिकस्त दी थी। मैच में भारतीय सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने अपनी तूफारी अर्धशतकीय पारी से दो बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। शैफाली ने अपनी 69 रन की पारी में केवल 37 गेंदों का सामना किया। इस पारी में उन्होंने छह चौके और पांच छक्के लगाए। वह भारत के लिए महिला टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। इस मामले में उन्होंने हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड ध्वस्त किया। इस साल अभी तक वह 52 छक्के लगा चुकी हैं। इससे पहले हरमनप्रीत कौर ने साल 2018 में वुमेंस टी20 क्रिकेट में 51 छक्के लगाए थे। एक साल में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाली भारतीय क्रिकेट बनी वहीं शैफाली एक साल में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले भारतीय क्रिकेटर भी बन गई हैं। साल 2026 में महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उन्होंने 9वीं बार अर्धशतक लगाया है। इस मुकाबले से पहले शैफाली और स्मृति मंधाना संयुक्त रूप से पहले स्थान पर थीं। दोनों ने 8-8 अर्धशतक लगाए थे। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Para Games: शीतल देवी और पायल नाग ने जीता कंपाउंड तीरंदाजी में रजत पदक
शीतल देवी और पायल नाग की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने बुधवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में फाइनल में हारने के कारण रजत पदक हासिल किया। जन्म से ही बिना हाथों वाली शीतल तथा हाथ और पांव से दिव्यांग पायल स्वर्ण पदक के मुकाबले में चीन की जू ज़ुएक़िंग और झाओ जिंग से 141-150 से हार गईं। भारतीय खिलाड़ी शुरू से ही चीन की खिलाड़ियों के सामने संघर्ष करती हुई दिखी। शीतल ने बेहतर खेल दिखाया और उन्होंने चार 10 अंक हासिल किए लेकिन पायल उनकी तरह प्रदर्शन नहीं कर पाई। उन्होंने अपने अंतिम तीर पर सात अंक बनाए। इससे पहले वह केवल नौ और आठ अंक ही हासिल कर पाईं थी। शीतल ने इस स्पर्धा में लगातार दूसरा रजत पदक जीता है। पिछले एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने सरिता देवी के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। व्यक्तिगत स्पर्धा में भी वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। जम्मू और कश्मीर के किश्तवार जिले में बसे लॉइधर गांव की रहने वाली शीतल फोकोमेलिया नामक एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति के कारण भुजाहीन पैदा हुई थी। आठ साल की उम्र में पायल 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गई जिससे उनके हाथ और पांवों को काटना पड़ा था। इस बीच तोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी की पुरुष युगल जोड़ी कांस्य पदक से चूक गई। उन्हें चीन के ऐ शिनलियांग और झांग यिचेंग से 153-154 से हार का सामना करना पड़ा।
कोच का नाम लेते ही इंटरव्यू में रो पड़ीं पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर, फिर माइक फेंककर चली गईं
हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे T20 इंटरनेशनल मुकाबले में 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की तूफानी पारी खेली। 10 चौके और पांच छक्के लगाने वाली हरमनप्रीत को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी फ्रेंच ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में हार गई है। जबकि अस्मिता चालिहा और तन्वी शर्मा विमेंस सिंगल्स में अपने-अपने मुकाबले जीतकर आगे बढ़ गई है। पेरिस में मंगलवार को मेंस डबल्स के राउंड ऑफ 32 मैच में सात्विक-चिराग की जोड़ी को फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव ने 19-21, 21-18, 13-21 से हराया। यह मुकाबला एक घंटे से कुछ ज्यादा समय चला। सात्विक-चिराग तीसरे गेम में हारे सात्विक और चिराग ने क्रिस्टो पोपोव और टोमा जूनियर पोपोव के खिलाफ दूसरा गेम जीतकर वापसी की। हालांकि, भारतीय जोड़ी निर्णायक गेम में 13-21 से हार गई। इससे पहले महिला डबल्स में ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को राउंड ऑफ 32 में हार मिली। भारतीय जोड़ी को चाइनीज ताइपे की लिन चिह-चुन और यांग चु यून ने 21-17, 21-18 से हराया। अस्मिता और तन्वी सीधे गेम में जीतीं अस्मिता ने चीन की हांग कियान शी को 21-18, 24-22 से हराया। उन्होंने यह मुकाबला 39 मिनट में जीता और अगले राउंड में जगह बनाई। तन्वी शर्मा ने अपनी हमवतन ईशारानी बरुआ को 21-12, 21-12 से हराया। 32 मिनट में मिली इस जीत के साथ तन्वी राउंड ऑफ 16 में पहुंच गईं। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन:पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने ट्रेनिंग कैंप छोड़ने पर €255 जुर्माना लगाया पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन लगाया है। उन पर करीब 27,154 रुपए (€255) का जुर्माना भी लगाया गया है। फेडरेशन ने यह कार्रवाई पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप से जाने के मामले में की। रोनाल्डो ने हालिया इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान कैंप छोड़ा था। पढ़ें पूरी खबर
भारत को पैरा एशियन गेम्स में 10वां गोल्ड:आयुष वर्मा ने शॉटपुट F53 में सोना जीता, आज तीन मेडल आए
भारत ने पैरा एशियन गेम्स में 10वां गोल्ड मेडल जीत लिया है। आयुष वर्मा ने बुधवार को पुरुष शॉटपुट F53 इवेंट में सोना जीता। आयुष 8.16 मीटर थ्रो के साथ पहले स्थान पर रहे। यह जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में आयुष का दूसरा मेडल है। वे एक ब्रॉन्ज भी जीत चुके हैं। भारत आयुष के गोल्ड के सहारे मेडल टैली में छठे नंबर पर आ गया है। उसके 10 गोल्ड, 12 सिल्वर और 16 ब्रॉन्ज हो गए हैं। आयुष ने 5वें प्रयास में बेस्ट थ्रो किया आयुष ने फाइनल इवेंट में अपने पांचवें प्रयास में अपना बेस्ट थ्रो किया। ईरान के अलीरेजा हेमामी ने 8.09 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर जीता। कजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कलीयेव 6.81 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। क्या है F53 कैटेगरी? F53 कैटेगरी उन फील्ड एथलीट्स के लिए है, जिनके धड़ और पैरों की गतिविधियां प्रभावित होती हैं। खिलाड़ी बैठकर मुकाबला करते हैं। इस कैटेगरी में हाथों की पकड़ पर असर कम होता है। आर्चरी में सिल्वर, शूटिंग में ब्रॉन्ज आया -------------------------------------------------- पैरा एशियन के दूसरे दिन के खेलों की यह खबर भी पढ़िए… भारत ने दूसरे दिन 24 मेडल जीते, डिस्कस थ्रो में तीनों मेडल अपने नाम किए; निषाद कुमार ने हाई जंप में गोल्ड जीता भारत ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन 24 मेडल जीते। इनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल रहे। इसके साथ ही भारत के कुल मेडल 35 हो गए। भारत के खाते में अब 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज हैं। पढ़ें पूरी खबर
शेफाली वर्मा ने ध्वस्त किया स्मृति मंधाना का बड़ा रिकॉर्ड, तूफानी अर्धशतक से रचा नया इतिहास
शेफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे महिला T20 इंटरनेशनल मुकाबले में 26 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। वह महिला T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं।
2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। अब तस्वीर बदल चुकी है। 2020 से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत चुका है। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड में खेली गईं। 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की सीरीज शुरू होगी। यह बदलाव कैसे आया, न्यूजीलैंड में खेलना भारत के लिए अलग चुनौती क्यों है और इस बार कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने क्या सवाल होंगे? इसे 5 फैक्ट में समझते हैं… 1. पहली जीत 53 रन से मिली भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारत को इसमें 10 रन से हार मिली। 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम इंडिया दोनों मैच गंवा बैठी। 2012 में चेन्नई में जीत करीब आई, लेकिन भारतीय टीम एक रन से चूक गई। 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में नागपुर में घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी भारत 47 रन से हार गया। लगातार नाकामियों के बाद भारत ने 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में पहली बार न्यूजीलैंड को हराया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 80-80 रन की पारियां खेलीं, जिससे मेजबान टीम ने 20 ओवर में 202/3 का स्कोर बनाया। जवाब में कीवी टीम 149/8 तक ही पहुंच सकी। भारत ने 53 रन से मुकाबला जीत लिया। 2. 2020 से भारत का दबदबा, लगातार 5 सीरीज जीतीं भारत की तस्वीर 2020 में बदली। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने सभी मुकाबले जीते। इनमें दो मैच निर्धारित 20 ओवरों के बाद टाई हुए थे, लेकिन दोनों बार भारत ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। सुपर ओवर वह अतिरिक्त ओवर होता है, जिसमें टाई मैच का फैसला करने के लिए दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके बाद 2021 में न्यूजीलैंड भारत दौरे पर आया। भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में फिर सीरीज जीती। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका। दूसरे में सूर्यकुमार यादव के नाबाद 111 रन की मदद से भारत ने 65 रन से जीत दर्ज की। तीसरा मैच बारिश से प्रभावित हुआ और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत टाई रहा। यह नियम बारिश के कारण ओवर कम होने पर दोनों टीमों के लक्ष्य की तुलना करने के लिए इस्तेमाल होता है। 3. न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत 2019 में मिली न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत के लिए टीम को फरवरी 2019 तक इंतजार करना पड़ा। ऑकलैंड में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया। हालांकि, तीन मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीती थी। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं है। इसकी वजह वहां की परिस्थितियां हैं। कुछ मैदानों पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हवा में स्विंग और पिच से उछाल मिल सकता है। मैदान की बाउंड्री भी हर दिशा में एक जैसी नहीं होती, इसलिए बल्लेबाजों को यह समझना होता है कि किस दिशा में शॉट खेलना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। 4. 2026 में वर्ल्ड कप फाइनल में हराया भारत ने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी न्यूजीलैंड को हराया था। 8 मार्च को अहमदाबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 रन बनाए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन, ईशान किशन ने 25 गेंदों पर 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। भारत ने पारी के पहले छह ओवर यानी पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 92 रन जोड़ दिए। इसका मतलब था कि टीम ने शुरुआत से ही तेज रन बनाए और कोई विकेट भी नहीं खोया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को तीन विकेट मिले। 5. श्रेयस की कप्तानी और भुवनेश्वर की वापसी पर नजर इस सीरीज में भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर की अगुआई में उतरेगी। अय्यर के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका नहीं है, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक फैसले लेने की परीक्षा भी होगी। कप्तान को मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं। शुरुआत में किस बल्लेबाज को भेजना है, किस गेंदबाज को किस समय गेंद देनी है और आखिरी ओवरों में रन तेजी से बनाने के लिए कितने विकेट बचाने हैं। अय्यर की कप्तानी में भारत का विदेश में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम को आयरलैंड ने पहली बार हराया था। इसके बाद इंग्लैंड से भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी भारत के लिए अहम होगी। उन्होंने आखिरी मैच नवंबर 2022 में खेला था। नई गेंद से गेंद को हवा में घुमाना उनकी खासियत रही है।
टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 92 रनों से हराकर बनाया नया रिकॉर्ड, घरेलू मैदान पर मिली सबसे बड़ी जीत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अंतिम टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 92 रन से हराकर 3 मैचों की सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 216 रन बनाए, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम सिर्फ 124 रन ही बना सकी।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले को 92 रन से अपने नाम करते हुए सीरीज में 3-0 से 'क्लीन स्वीप' किया...
Harmanpreet Kaur के नाबाद 91 रन, भारत ने Zimbabwe को हराकर टी20 सीरीज 3-0 से जीती
पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने पुराने तेवरों का शानदार नमूना पेश करके नाबाद 91 रन की जबरदस्त पारी खेली जिससे भारत ने मंगलवार को यहां तीसरे और अंतिम महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिंबॉब्वे को 92 रन से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए हरमनप्रीत के 41 गेंदों में नाबाद 91 रन और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के 37 गेंद पर 69 रन की मदद से सात विकेट पर 216 रन बनाए। इसके जवाब में जिंबॉब्वे की टीम सात विकेट पर 124 रन ही बना सकी। उसकी तरफ से शार्ने मायर्स ने 60 और बिलव्ड बिजा ने 44 रन का योगदान दिया लेकिन इससे केवल हार का अंतर ही कम हो पाया। भारत की तरफ से नंदिनी शर्मा ने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट लिए। भारत ने पहला मैच चार विकेट और दूसरा मैच नौ विकेट से जीता था। अब इन दोनों टीम के बीच तीन वनडे मैच की श्रृंखला खेली जाएगी। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने बल्लेबाजों को अधिक मौके देने के उद्देश्य से टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने अनुष्का शर्मा (20 गेंदों में 28 रन) को शेफाली के साथ बल्लेबाजी का आगाज करने के लिए भेजा। शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक बनाकर भारत की पारी को आगे बढ़ाया। अनुष्का और शेफाली ने 32 गेंदों में 54 रन की साझेदारी करके पारी की अच्छी नींव रखी। अनुष्का ने पांचवें ओवर में टेंडाई मकुशा की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा। दूसरी ओर शेफाली ने भी तूफानी बल्लेबाजी की और अपने पांचों छक्के डीप मिड-विकेट के ऊपर से लगाए। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। शेफाली के आउट होने के बाद हाल में तीनों प्रारूप की कप्तानी छोड़ने वाली हरमनप्रीत ने कमान संभाली। उन्होंने भी अपनी पारी में पांच छक्के लगाए। विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल था जिसमें हरमनप्रीत ने अपने आक्रामक कौशल का शानदार नमूना पेश किया। यह 37 वर्षीय बल्लेबाज एशिया कप में धीमी पिचों पर लय हासिल नहीं कर पाई थी जबकि एशियाई खेलों में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला था। यह पूर्व कप्तान इसके बाद काफी भावुक हो गई थी। पिछली 10 पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं बना पाने वाली हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘मुझे क्रीज पर कुछ समय बिताने का मौका मिला। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैं केवल अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी और जितना हो सके उतनी देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी।’’भारत ने आखिरी पांच ओवरों में चार विकेट खोकर 62 रन बनाए। जिंबॉब्वे की तरफ से बिलव्ड बिजा ने 50 रन देकर तीन विकेट लिए। जिंबॉब्वे की टीम बड़े लक्ष्य के सामने किसी भी समय जीत हासिल करने की कोशिश करती हुई नहीं दिखी। ऐसा लग रहा था कि उसके बल्लेबाज पूरे 20 ओवर तक टिके रहने की कोशिश में हैं जिसमें वह सफल भी रहे।
Asian Para Games: Discus Throw में Devendra Kumar ने पक्का किया Gold Medal
जापान के नागोया में चल रहे एशियाई पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। पुरुषों की चक्का फेंक स्पर्धा में देवेंद्र कुमार, राकेश और प्रदीप कुमार ने क्रमशः स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर भारत को तीनों पदक दिलाए हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने पैरा एथलेटिक्स में अपनी ताकत दिखाई और देश के पदक खाते में अहम योगदान दिया है। नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित पुरुषों की चक्का फेंक स्पर्धा में अलग-अलग दिव्यांगता वर्गों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। देवेंद्र कुमार ने एफ44 वर्ग में 49.71 मीटर की दूरी तक चक्का फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्हें इसके लिए 781 रजा अंक मिले। इसी वर्ग में मुकाबला कर रहे राकेश ने 49.45 मीटर का प्रदर्शन किया और 771 रजा अंकों के साथ रजत पदक जीता। वहीं, प्रदीप कुमार ने एफ64 वर्ग में 51.15 मीटर की दूरी दर्ज की। उन्हें 669 रजा अंक मिले और उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। बता दें कि पैरा खेलों में खिलाड़ियों की अलग-अलग शारीरिक स्थितियों और दिव्यांगता के आधार पर वर्ग तय किए जाते हैं। ऐसे में प्रदर्शन का आकलन केवल फेंक की दूरी से नहीं, बल्कि संबंधित वर्ग और निर्धारित अंक प्रणाली के आधार पर भी किया जाता है। भारतीय खिलाड़ियों का तीनों पदक जीतना इस स्पर्धा में देश के मजबूत प्रदर्शन को दिखाता है। भारतीय दल ने अन्य खेलों में भी कई पदक जीते हैं। पैरा एथलेटिक्स में दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर टी20 दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया। पुरुषों की चक्का फेंक एफ51, एफ52 और एफ53 स्पर्धा में प्रणव सूरमा ने स्वर्ण, जबकि राम रतन सिंह ने रजत पदक जीता। सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 दौड़ में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि तेजलबेन डामोर को कांस्य मिला। प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर टी35 दौड़ में रजत पदक जीता। भाला फेंक में प्रदीप कुमार ने रजत और आयुष वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। वहीं, पुरुषों की गोला फेंक एफ11 स्पर्धा में प्रवीण शर्मा ने कांस्य पदक जीता। पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक ने 65 किलोग्राम तक के भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया। निशानेबाजी में मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत और सृष्टि अरोड़ा ने महिलाओं की इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पैरा टेबल टेनिस में सोनलबेन पटेल, भाविना पटेल, प्राची पांडे, सहाना रवि और जेहान मदान ने कांस्य पदक हासिल किए। तैराकी में हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में और निरंजन मुकुंदन ने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा में कांस्य पदक जीते। इसके अलावा, पैरा बैडमिंटन में नितेश कुमार, प्रमोद भगत और संजना कुमारी ने अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर आगे का रास्ता तय किया। तीरंदाजी में शीतल देवी ने महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। भारतीय खिलाड़ी कई अन्य मुकाबलों में भी अंतिम चरण तक पहुंचे हैं। गौरतलब है कि इन उपलब्धियों से एशियाई स्तर पर भारतीय पैरा खिलाड़ियों का प्रदर्शन मजबूत हुआ है और वे अलग-अलग खेलों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में साउथ अफ्रीका मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। टीम ने तीसरे दिन 9 विकेट पर 425 रन बनाकर पारी घोषित की। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 रन पर 1 विकेट गंवा दिया था। मंगलवार को कप्तान टेम्बा बावुमा ने गकेबरहा में 179 रन की पारी खेली। मार्को यानसन ने 85 रन बनाए। साइमन हार्मर ने 82 रन का योगदान दिया। बावुमा ने करियर की सबसे बड़ी पारी खेली बावुमा ने टेस्ट क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाया। यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका पहला शतक भी है। टेस्ट में उन्होंने पांचवां शतक लगाया। पिच पर बल्लेबाजी आसान नहीं थी। गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और साउथ अफ्रीका ने 110 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। बावुमा ने पारी संभालते हुए शतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने पारी को आगे बढ़ाया और 179 रन तक पहुंचे। यह स्कोर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी साउथ अफ्रीकी कप्तान का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर है। यानसन ने तेज बल्लेबाजी की मार्को यानसन ने बावुमा के साथ सातवें विकेट के लिए 132 रन जोड़े। यानसन ने 100 गेंदों पर 85 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 3 छक्के शामिल थे। बावुमा जहां संभलकर खेल रहे थे, वहीं यानसन ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर पलटवार किया। उन्होंने मिचेल स्टार्क के एक ओवर में तीन चौके लगाए और स्कॉट बोलैंड की गेंदों पर भी बड़े शॉट खेले। पैट कमिंस के खिलाफ उन्होंने डीप स्क्वेयर लेग के ऊपर छक्का लगाया हार्मर ने बावुमा के साथ 183 रन जोड़े यानसन के आउट होने के बाद साइमन हार्मर ने बावुमा का साथ दिया। दोनों ने आठवें विकेट के लिए 183 रन की साझेदारी की। हार्मर ने 82 रन बनाए। बोलैंड को 5 विकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्कॉट बोलैंड ने 81 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि मिचेल स्टार्क को 3 विकेट मिले। जोश हेजलवुड ने तीसरे दिन केवल 9 ओवर गेंदबाजी की। रबाडा ने पहली ही ओवर में विकेट दिलाया कगिसो रबाडा ने पारी के पहले ही ओवर में ऑस्ट्रेलिया के निक मैडिन्सन को आउट कर दिया। मैडिन्सन चार गेंद खेलकर शून्य पर आउट हुए।
चैंपियंस लीग: आरबी लाइपजिग के खिलाफ विनीसियस की वापसी, मोरिन्हो ने कहा-किसी की जगह पक्की नहीं
रियल मैड्रिड के मुख्य कोच जोस मोरिन्हो ने कहा है कि ब्राजीलियाई स्टार विंगर विनीसियस जूनियर बुधवार को आरबी लाइपजिग के खिलाफ होने वाले यूईएफए चैंपियंस लीग...
शैफाली वर्मा ने 5 छक्के लगाकर रच दिया इतिहास, तोड़ा हरमनप्रीत कौर का बड़ा रिकॉर्ड
भारतीय महिला टीम की ओपनर शैफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक साल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस मामले में उन्होंने हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ दिया है।
FIFA चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन जुटाने Japan दौरे पर जाएंगे Gianni Infantino
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो एक बार फिर अपने पद पर बने रहने की तैयारी में जुटे हैं। इसी सिलसिले में उनका चुनावी अभियान इस सप्ताह जापान पहुंचेगा, जहां बुधवार को टोक्यो में एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अधिकारियों के साथ उनकी बैठक होनी है। मार्च में होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा में इन्फेंटिनो के फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले सप्ताह स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में उन्होंने फीफा की 37 सदस्यीय परिषद के सामने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी थी। यह विवाद विश्व कप से जुड़े 4.2 अरब डॉलर के एक प्रस्ताव को लेकर था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। इस योजना के तहत विश्व कप से जुड़े कारोबार को बेचने और उसके संचालन के लिए अलग कंपनी बनाने की तैयारी थी। फीफा परिषद संस्था का प्रमुख फैसला लेने वाला निकाय है, जिसमें दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के फुटबॉल अधिकारी शामिल हैं। जापान में होने वाली बैठक टोक्यो के एक पांच सितारा होटल में रखी गई है। इसमें मीडिया की पहुंच काफी सीमित रहने की संभावना है। बताया जा रहा है कि एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने शुरुआत में इन्फेंटिनो की योजना का विरोध किया था। हालांकि, द एथलेटिक की रिपोर्ट के अनुसार, अब उनके और इन्फेंटिनो के बीच दूरी कुछ कम हो सकती है। विवाद के बाद इन्फेंटिनो ने फीफा के फैसले लेने की प्रक्रिया की खुली और समीक्षा कराने की पेशकश भी की है। लेकिन इस प्रस्ताव से आलोचकों की चिंताएं कितनी दूर होंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। एसोसिएटेड प्रेस की ओर से जुटाए गए समर्थन के आंकड़ों के मुताबिक, इन्फेंटिनो मार्च में होने वाले चुनाव में जीत के लिए जरूरी समर्थन के करीब पहुंच चुके हैं। फीफा के कुल 211 सदस्य देशों में से 87 ने सार्वजनिक बयानों या अपने क्षेत्रीय फुटबॉल संगठनों के समर्थन के जरिए उनके पक्ष में संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्हें जीत के लिए साधारण बहुमत हासिल करना होगा। एशिया के कुछ देशों के वोट इस मुकाबले में निर्णायक हो सकते हैं। एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने विश्व कप से जुड़े प्रस्ताव पर पहले आलोचना जताई थी, लेकिन उसके सदस्य देशों की राय एक जैसी नहीं है। 2022 विश्व कप की मेजबानी करने वाले कतर ने इन्फेंटिनो का समर्थन किया है, जबकि जॉर्डन ने उनके विरोध का रुख अपनाया है। फीफा परिषद की अगली बैठक 16 दिसंबर को कतर की राजधानी दोहा में होनी है। गौरतलब है कि 1974 के बाद से फीफा का कोई भी मौजूदा अध्यक्ष चुनाव हारकर पद से नहीं हटा है। इन्फेंटिनो के खिलाफ चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को 18 नवंबर तक अपना नाम देना होगा। नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार को पिछले 5 वर्षों में कम से कम 2 वर्ष फुटबॉल से सक्रिय रूप से जुड़ा होना चाहिए और कम से कम 5 सदस्य देशों का समर्थन भी हासिल करना होगा। पैसिफिक यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विशेषज्ञ और पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी जूल्स बॉयकॉफ ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि फीफा दुनिया भर के फुटबॉल संगठनों को बड़ी रकम बांटता है, जिससे उसके नेतृत्व को समर्थन मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन पैसों का मकसद फुटबॉल का विकास होना चाहिए, लेकिन खर्च की निगरानी सीमित है। ऐसे में फीफा के कामकाज में बड़े बदलाव की जरूरत है और अध्यक्ष चुनाव के साथ संस्था की पारदर्शिता का सवाल भी अहम बना हुआ है।
Harmanpreet Kaur के नाबाद 91 रन से भारत ने Zimbabwe के सामने रखा 217 का लक्ष्य
सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 37 गेंदों में 69 रन बनाए, जबकि पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 41 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाकर अपनी विस्फोटक शैली का शानदार नमूना पेश किया जिससे भारत ने जिंबॉब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में मंगलवार को यहां सात विकेट पर 216 रन बनाए। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने बल्लेबाजों को अधिक मौके देने के उद्देश्य से टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इसी उद्देश्य से उन्होंने अनुष्का शर्मा (20 गेंदों में 28 रन) को शेफाली के साथ बल्लेबाजी का आगाज करने के लिए भेजा। शेफाली ने लगातार दूसरा अर्धशतक बनाकर भारत की पारी को आगे बढ़ाया। अनुष्का और शेफाली ने 32 गेंदों में 54 रन की साझेदारी करके पारी की अच्छी नींव रखी। अनुष्का ने पांचवें ओवर में टेंडाई मकुशा की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा। दूसरी ओर शेफाली ने भी तूफानी बल्लेबाजी की और अपने पांचों छक्के डीप मिड-विकेट के ऊपर से लगाए। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने स्पिनरों के खिलाफ स्वीप शॉट का भी प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। शेफाली के आउट होने के बाद हरमनप्रीत ने कमान संभाली। उन्होंने भी अपनी पारी में पांच छक्के लगाए। विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल था जिसमें हरमनप्रीत ने अपने आक्रामक कौशल का शानदार नमूना पेश किया। यह 37 वर्षीय बल्लेबाज एशिया कप में धीमी पिचों पर लय हासिल नहीं कर पाई थी जबकि एशियाई खेलों में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला था। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘मुझे क्रीज पर कुछ समय बिताने का मौका मिला। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैं केवल अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी और जितना हो सके उतनी देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी।’’भारत ने आखिरी पांच ओवरों में चार विकेट खोकर 62 रन बनाए। जिंबॉब्वे की तरफ से बिलव्ड बिजा ने 50 रन देकर तीन विकेट लिए। भारत तीन मैच की श्रृंखला में अभी 2-0 से आगे है। भारत ने स्पिनर श्री चरणी को विश्राम दिया है और उनकी जगह प्रेमा रावत को अंतिम एकादश में शामिल किया है।
Aman Dev ने वर्ल्ड अंडर 19 Boxing Championship के क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
भारत के अमन देव ने सर्बिया के पावले पोपोविच को हराकर विश्व अंडर-19 मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पुरुषों के 50 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अमन ने मोंटेनेग्रो के बुडवा में खेले जा रहे टूर्नामेंट में पोपोविच के खिलाफ तीनों राउंड में दबदबा बनाए रखा और 5-0 से जीत हासिल की। अब क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला जॉर्जिया के शाल्वा बेरिडजे से होगा। एक अन्य भारतीय मुक्केबाज मौसम सुहाग ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में इटली के ग्यूसेप्पे कैवेलो को 5-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। अब क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने के लिए सुहाग का मुकाबला तुर्की के मेहमत एनेस सानली से होगा। शिवम को पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सर्बिया के निकोला बोगतिनोस्की से हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय महिला टीम ने तीसरे टी-20 में जिम्बाब्वे को 217 रन का टारगेट दिया है। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 216 रन बनाए। हरमनप्रीत कौर ने 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की पारी खेली। शेफाली वर्मा ने 37 गेंदों पर 69 रन बनाए। भारत पहले ही तीन मैचों की सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुका है। हरमनप्रीत ने 200+ के स्ट्राइक रेट से बैटिंग की हरमनप्रीत ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन बाद में बड़े शॉट खेलने शुरू कर दिए। एक समय वह 12 गेंदों पर 11 रन बनाकर खेल रही थीं। हरमनप्रीत की पारी में 10 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 221.95 रहा। भारत ने आखिरी पांच ओवर में 62 रन बनाए, हालांकि इस दौरान चार विकेट भी गिरे। शेफाली ने 5 छक्के लगाए शेफाली वर्मा ने 37 गेंदों पर 69 रन की पारी खेली। उन्होंने 6 चौके और 5 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 186.49 रहा। शेफाली और अनुष्का शर्मा ने पहले विकेट के लिए 54 रन जोड़े। अनुष्का ने 20 गेंदों पर 28 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल था। इस साल भारत 128 सिक्स लगा चुका
'तमाम मुश्किलों के बावजूद यहां से पदक लेकर लौटना था', एशियन पैरा गेम्स में मेडल पर बोलीं तेजल डामोर
गांधीनगर, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात की दृष्टिबाधित धाविका तेजल डामोर ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पदार्पण करते हुए उन्होंने इस स्पर्धा में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया।
एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने एथलेटिक्स में मचाई धूम, अपने पदकों की संख्या 35 पर पहुंचाई
एशियन पैरा गेम्स 2026 में मंगलवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण पदक सहित रजत और कांस्य पदकों में भी कब्जा जमाया। भारत के पदकों की संख्या 35 पहुंच गई है। विस्तार से पढ़िए किन खिलाड़ियों ने आज पदक जीता।
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय एथलीट्स को बधाई देते हुए दृढ़ संकल्प, निरंतरता और खेल में उत्कृष्टता के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
एशियन पैरा गेम्स में यूपी के खिलाड़ियों का जलवा, छह पदक जीतने पर केशव मौर्य ने दी बधाई
लखनऊ, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन पैरा गेम्स-2026 में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पैरा खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट खेल कौशल से अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
Ranji Trophy में बंगाल की रोमांचक जीत, सेना को 148 रन पर समेटकर 60 रन से हराया
बंगाल ने रणजी ट्रॉफी के ग्रुप सी के एक मैच में मंगलवार को सेना के खिलाफ सात रन की शानदार जीत हासिल की। पालम ए ग्राउंड पर खेले गए कम स्कोर वाले मैच में सेना की टीम 209 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी दूसरी पारी में 148 रन पर आउट हो गई। बंगाल की तरफ से प्रदीप्ता प्रमाणिक सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 48 रन देकर चार विकेट लिए। सेना की तरफ से केवल सलामी बल्लेबाज नितिन तंवर ही संघर्ष कर पाए। उन्होंने 49 रन बनाए। इस ग्रुप के पालम स्थित दूसरे एयर फोर्स ग्राउंड में खेले जा रहे मैच में गुजरात अभी दिल्ली से 285 रन पीछे है। दिल्ली ने अपनी पहली पारी छह विकेट 648 रन पर घोषित कर दी थी। इसके जवाब में गुजरात ने पांच विकेट पर 363 रन बनाए हैं। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने के समय मनन हिंगराजिया 108 रन पर और चितन गाजा 41 रन पर खेल रहे थे। पुणे में महाराष्ट्र ने अपनी पहली पारी पांच विकेट पर 527 रन बनाकर समाप्त घोषित की और इस तरह से झारखंड पर 358 रन की विशाल बढ़त हासिल की। झारखंड ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट पर 130 रन बनाए हैं और अभी वह महाराष्ट्र से 228 रन पीछे है। महाराष्ट्र की तरफ से रुतुराज गायकवाड़ (नाबाद 101), अंकित बावने (नाबाद 169) और दिग्विजय पाटिल (148) ने शतक जमाए। झारखंड ने अपनी पहली पारी में 169 रन बनाए थे।
टेम्बा बावुमा ने शतक लगाकर किया बड़ा कारनामा, ऐतिहासिक पारी खेलकर तोड़ा स्मिथ का बड़ा रिकॉर्ड
साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में शानदार शतक लगाकर एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे गकेरबाह के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाले साउथ अफ्रीका के पहले कप्तान बन गए हैं।
Asian Para Games में भारत की शानदार बढ़त, Nishad Kumar और दीप्ति के दम पर जीते 35 पदक
निषाद कुमार और दीप्ति जीवनजी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की अगुवाई में भारत ने एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मंगलवार को यहां पांच स्वर्ण पदक जीते जिससे देश के कुल पदकों की संख्या 35 पर पहुंच गई। भारत ने दिन के पांचों स्वर्ण पदक एथलेटिक्स में जीते जिसमें निषाद कुमार का मौजूदा खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक भी शामिल है। निषाद ने सोमवार को लंबी कूद टी47 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मंगलवार को ऊंची कूद में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। इस तरह से वह एक ही पैरा एशियाई खेलों की दो स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाले केवल तीसरे भारतीय बन गए। उन्होंने 2.04 मीटर की छलांग लगाकर खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। दूसरे दिन के अंत में भारत 35 पदकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर था, जिनमें नौ स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल थे। इस कुल पदकों में एथलेटिक्स का योगदान फिलहाल 20 है। दीप्ति ने 56.36 सेकंड के खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर महाद्वीपीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता फिर से साबित की। तेलंगाना की 23 वर्षीय यह खिलाड़ी पूर्व विश्व चैंपियन हैं और उन्होंने 2024 पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक जीता था। दृष्टिबाधित सिमरन (महिलाओं की 200 मीटर टी12), व्हीलचेयर पर निर्भर प्रणव सूरमा (एफ51/52/53 चक्का फेंक) और देवेंद्र कुमार (एफ44/64 चक्का फेंक) ने भी स्वर्ण पदक जीते। पैरालिंपिक कांस्य पदक विजेता सिमरन ने 24.80 सेकंड के समय के साथ खेलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। खेलों में पहली बार भाग ले रही तेजलबेन दामोर ने मध्यम दृष्टिबाधित एथलीटों की इस स्पर्धा में 25.23 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य पदक जीता। भारत ने इसके अलावा निशानेबाजी, टेबल टेनिस, तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी पदक जीते। मनीष नरवाल ने रजत पदक जीतकर भारत के लिए 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक का कोटा सुरक्षित किया, जबकि सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य पदक जीता। इस तरह से भारतीय निशानेबाजों ने पुरुषों और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धाओं में दो पदक हासिल किए। पावरलिफ्टिंग में अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले 37 वर्षीय मलिक ने 192 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया। भारतीय तैराक हिमांशु नंदाल और निरंजन मुकुंदन ने देश के खाते में दो कांस्य पदक जोड़े। ऑप्टिक नर्व की खराबी के कारण जन्म से ही दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में चार तैराकों के बीच 5:10.91 का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद निरंजन ने पुरुषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा को 2:57.01 के समय में पूरा करके कांस्य पदक हासिल किया। टेबल टेनिस में रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने स्टैंडिंग कैटेगरी में पोडियम पर पहुंचने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया। भारत ने इस प्रतियोगिता में चार कांस्य पदक हासिल किए। पैरालिंपिक पदक विजेता भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची और सहाना सभी अपने-अपने महिला एकल सेमीफाइनल में से हार गईं। तीरंदाजी में मौजूदा चैंपियन शीतल देवी और खेलों में पहली बार भाग ले रही स्वाति चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाई। इस तरह से भारत के पैरा तीरंदाजों ने पांच पदक पक्के कर लिए। भारत की रिकर्व और कंपाउंड महिला युगल जोड़ियों ने भी सेमीफाइनल में जीत हासिल करके अपने-अपने स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना ली है। भारत की रिकर्व और कंपाउंड मिश्रित टीम ने क्रमशः थाईलैंड और जापान पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई। बैडमिंटन में विश्व चैंपियन प्रमोद भगत और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता कुमार नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किए।
एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन हमारे देश के खिलाड़ियों ने दौड़, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग और बैडमिंटन जैसे खेलों में बहुत ही शानदार खेल दिखाया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत के पास कुल 35 पदक हो चुके हैं, जिनमें 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
निषाद कुमार ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में जीते दो गोल्ड मेडल, बनाया खास रिकॉर्ड
एशियन पैरा गेम्स 2026 में निषाद कुमार ने कमाल कर दिया है। उन्होंने 2 गोल्ड मेडल जीतकर खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वे एक ही एशियन पैरा गेम्स में 2 गोल्ड मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय प्लेयर बन गए हैं।
एशियन पैरा गेम्स में मंगलवार को भारत ने मेंस डिस्कस थ्रो एफ43/एफ44/एफ62/एफ64 फाइनल में तीनों मेडल अपने नाम किए...
भारत बनाम जिम्बाब्वे तीन मैचों की टी-20 सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच आज रायपुर में खेला जा रहा है। इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीता है और उन्होंने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है।
Asian Para Games में Himanshu Nandal और निरंजन मुकुंदन ने जीते कांस्य पदक
भारतीय तैराक हिमांशु नंदल और निरंजन मुकुंदन ने एशियाई पैरा खेलों में अपने अपने वर्ग में मंगलवार को कांस्य पदक जीते। रोहतक के 22 वर्ष के नंदल ने पांच मिनट 10 . 91 सेकंड का समय निकालकर पुरूषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल किया। निरंजन ने पुरूषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा में दो मिनट 57 . 01 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। इस बीच चैतन्य कुलकर्णी ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस6 फाइनल में 1:12.35 के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पैरा-तैराकी में एस6 श्रेणी में वह खिलाड़ी शामिल होते हैं जिन्हें मध्यम शारीरिक अक्षमता, कम कद, अंग विच्छेदन या समन्वय संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एसएम7 मेडली उन तैराकों के लिए है जिनकी बांहों, धड़ और पैरों की मूवमेंट कम से मध्यम स्तर तक प्रभावित होती है या शरीर के एक तरफ मध्यम स्तर की दिक्कत होती है। इसमें कम कद वाले लोग या ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके अंग नहीं हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज से स्नातक हिमांशु ने जूडो में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद 2021 में तैराकी शुरू की। वह 2024 में पेरिस पैरालम्पिक में न्यूनतम क्वालीफिकेशन स्तर हासिल करने वाले भारत के पहले नेत्रहीन तैराक बने थे। वह पुरूषों के 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस11 वर्ग में चौथे स्थान पर रहे थे। एस11 श्रेणी लगभग पूरी तरह से दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिये है। रवि कार्तिक बुदिगिना पुरूषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहे। जहांगीर मिला आठवें और आखिरी स्थान पर रहे। एस 13 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें दृष्टि संबंधी दोष है, लेकिन पैरालंपिक खेलों में शामिल होने के योग्य एथलीटों में से इनकी दृष्टि हानि सबसे कम होती है। अब्दुल कादिर इंदौरी पुरूषों की 50 मीटर बटरफ्लाइ एस5 स्पर्ध में सातवें स्थान पर रहे।
नागोया, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। पैरा तैराक निरंजन मुकुंदन ने मंगलवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की एसएम7 वर्ग की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाला। निरंजन ने 2 मिनट 57.01 सेकंड का समय निकालते हुए तीसरा स्थान हासिल किया।
Asian Para Games: Pramod Bhagat और नितेश कुमार पुरुष एकल सेमीफाइनल में पहुंचे
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा तथा विश्व चैंपियन प्रमोद भगत और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता कुमार नितेश ने मंगलवार को एशियाई पैरा खेलों में पुरुष एकल एसएल3 सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर दिए। भगत ने क्वार्टरफाइनल में जापान के डाइसुके फुजिहारा को 21-12 21-10 से हराया। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला बृहस्पतिवार को कोरिया के ली सेउंघू से होगा। नितेश ने अपने हमवतन विक्रम कुमार को 21-8 21-8 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई, जहां उनका मुकाबला इंडोनेशिया के अल मुह इमरान से होगा। अगर यह दोनों खिलाड़ी सेमीफाइनल में जीत हासिल करते हैं तो फिर फाइनल में आमने-सामने होंगे। इससे पहले प्रमोद भगत और मनीषा रामदास तथा कृष्णा नागर और नित्याश्री सुमति सिवन की मिश्रित युगल टीमों ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर लिये। नागर और नित्या ने चीनी ताइपै के वू यू येन और जिन जिया सियांग को 21 . 15, 21 . 10 से हराकर ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया और एसएच6 श्रेणी के सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका कद कम है, और ऐसा ‘एकोंड्रोप्लेसिया’ या अन्य आनुवंशिक बदलावों जैसी स्थितियों के कारण होता है। भगत और रामदास ने थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम और चानिदा श्रीनावाकुल को 21 . 15, 21 . 14 से हराकर एसएल3 . एसयू5 वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिये हैं जिनके शरीर के निचले अंगों में विकार है और जो आधे कोर्ट पर ही खेलते हैं जबकि एसयू5 ऊपर के अंगों में अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिये है। मिश्रित युगल में दोनों श्रेणी के खिलाड़ियों की जोड़ी होती है। इस बीच महिला एकल एसएल3 में संजना कुमारी ने चीन की लियू युमेई को 21-19 21-12 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। पुरुष एकल में थाईलैंड के मीचाई नत्थापोंग ने पूर्व पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता नागर को 21-15, 19-21, 21-17 से हराया। पुरुष एकल एसएल4 में अभिजीत सखूजा ने चीन के चेन पेंगफेई को 21-8 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। सखूजा का मुकाबला अब हमवतन सूर्यकांत यादव से होगा, जिन्हें पहले दौर में बाई मिली थी। मौजूदा चैंपियन सुहास एलवाई ने थाईलैंड के टीमारोम सिरिपोंग को 21-5 21-7 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी का सामना अब कोरिया की चो नादान से होगा। हार्दिक मक्कड़ ने पुरुष एकल एसयू5 के राउंड ऑफ 16 में इंडोनेशिया के नुग्रोहो सूर्यो को 21-18, 21-12 से हराया।
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच की पहली पारी में 5 विकेट लेकर बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। 37 साल 190 दिन के बोलैंड टेस्ट पारी में 5 विकेट लेने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज बन गए हैं।
एशियन पैरा गेम्स : सूरमा ने जीता गोल्ड, राम रतन को मिला सिल्वर
नागोया, एशियन पैरा गेम्स 2026 में, मंगलवार को पुरुषों के डिस्कस थ्रो (एफ51/52/53) इवेंट में भारत के प्रणव सूरमा और राम रतन सिंह ने क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। सूरमा ने 11.66 मीटर की दूरी के साथ एशियन रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

