वनडे क्रिकट में आज जो रूट रचेंगे इतिहास! आज तक इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज नहीं कर सका है ऐसा
खेल डेस्क। इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट के पास आज पाकिस्तान के खिलाफ रावलपिंडी में खेले जा रहे ट्राई सीरीज के मैच में बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करवाने का मौका होगा। वह वनडे क्रिकेट में 8000 रन पूरे करने से महज 97 रन दूर हैं। अगर रूट आज ये आंकड़ा छू लेते हैं, तो वह वनडे क्रिकेट में 8000 रन बनाने वाले इंग्लैंड के पहले क्रिकेटर बन जाएंगे। अब तक 33 बल्लेबाज वनडे में आठ हजार या उससे ज्यादा रन बनाने में सफल हुए हैं, लेकिन इंग्लैंड की ओर से कोई भी ये कारनामा नहीं कर पाया है। जो रूट अब तक 195 वनडे मैचों की 184 पारियों में 7903 रन अपने नाम दर्ज करवा चुके हैं। उनका वनडे में औसत 50.66 और स्ट्राइक रेट 87.68 रहा है। वह क्रिकेट के इस फॉर्मेट में 20 शतक और 48 अर्धशतक लगा चुके हैं। उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 166 रन है। वह इंग्लैंड के लिए वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर हैं। इस मामले में दूसरे स्थान पर 2019 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य इयोन मोर्गन हैं, जिन्होंने 225 मैचों में 6957 रन बनाए थे। जोस बटलर 204 मैचों में 5678 रन के सथ तीसरे स्थान पर हैं। इस साल वनडे में शानदार रहा है रूट का प्रदर्शन रूट इस साल वनडे क्रिकेट में बेहतरीन फॉर्म में हैं। वह अब तक 9 पारियों में 114.60 के शानदार औसत से 573 रन बना चुके हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए हैं। उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 111 रन रहा है। PC:cricinfo अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Para Games: पावरलिफ्टर अशोक ने 65 किग्रा वर्ग में 192 किलो उठाकर जीता रजत पदक
भारत के अशोक ने एशियाई पैरा खेलों में पुरूषों की 65 किलो पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता। पिछली बार कांस्य जीतने वाले 37 वर्ष के अशोक ने 192 किलो वजन उठाया। चीन के पैरालम्पिक चैम्पियन जोउ यि ने 216 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इंडोनेशिया के मारगोनो को कांस्य पदक मिला। अशोक ने 187 किलो के साथ शुरूआत की जबकि दूसरे प्रयास में 192 किलो वजन उठाया। वह अंतिम प्रयास में 201 किलो नहीं उठा सके। सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले अशोक को बचपन में पोलियो हो गया था। पैरा पावरलिफ्टिंग एक बेंच प्रेस प्रतियोगिता है जिसमें शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत की परीक्षा ली जाती है। इसमें केवल एक ही स्पर्धा होती है लेकिन खिलाड़ी अलग-अलग वजन श्रेणियों में हिस्सा लेते हैं। पावरलिफ्टिंग में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के कूल्हों या पैरों में कोई शारीरिक अक्षमता होती है। राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता झंडू कुमार आठ प्रतियोगियों में पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने 190 किलो वजन उठाया। वह अगले दो प्रयास में 195 किलो वजन नहीं उठा सके। मलेशिया के अनक गस्टिन ने 225 किलो वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। महिलाआं के 61 किलो तक के वर्ग में सुमन देवी छठे और सीमा रानी सातवें स्थान पर रहीं। सुमन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 101 किलो रहा जबकि सीमा के दो प्रयास नाकाम रहे और एकमात्र वैध प्रयास में उन्होंने 96 किलो वजन उठाया।
तैराकी में हिमांशु नंदन ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
नागोया, भारतीय तैराक हिमांशु नंदन ने मंगलवार को यहां एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 5 मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर पोडियम पर अपनी जगह बनाई। इस स्पर्धा में कुल चार तैराक शामिल थे।
नंदनी-क्रांति : वनडे में शट-पेरी ने लगाई छलांग
दुबई, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन के बाद, भारत की नंदनी शर्मा और क्रांति गौड़ को आईसीसी महिला टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में फायदा मिला है। वहीं, बांग्लादेश के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप के बाद, ऑस्ट्रेलिया की मेगन शट, एलिस पेरी और एनाबेल सदरलैंड ने वनडे रैंकिंग में अपनी स्थिति बेहतर की है।
Asian Para Games: Himanshu Nandal ने तैराकी में जीता Bronze, Sheetal Devi फाइनल में पहुंची
मंगलवार को चल रहे एशियाई खेलों में, पैरा-तैराक हिमांशु नांदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 श्रेणी में भारत के लिए कांस्य पदक जीता। ईएसपीएन के अनुसार, हिमांशु ने इस संस्करण में पैरा-तैराकी में भारत के लिए दूसरा पदक जीता। चार तैराकों के फाइनल में उन्होंने 5:10.91 के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। वे रजत पदक विजेता उचु तोमिता (जापान) से 32 सेकंड पीछे रहे, और स्वर्ण पदक विजेता चुआनझेन सन (चीन) से 45 सेकंड पीछे रहे; चुआनझेन सन ने इस दौरान एक एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh ने SCO बैठक में उठाया आतंकवाद का मुद्दा, देश-विदेश की प्रमुख खबरें रवि कार्तिक बुडिगिना, जिन्होंने इससे पहले पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में रजत पदक जीता था, पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में 5:41.70 के समय के साथ छठे स्थान पर रहे। इसके साथ ही, एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदकों की कुल संख्या 24 हो गई है, जिसमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और 11 कांस्य पदक शामिल हैं। इसके अलावा, पैरा कंपाउंड तीरंदाजी युगल स्पर्धा में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने थाईलैंड की फानिभा स्राथोंगमाएव और वासाना खुथाविसाप को 151–135 से हराया, और अब वे फाइनल में चीन का सामना करेंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप इससे पहले, भारतीय शूटर सृष्टि अरोड़ा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ESPN के अनुसार, सृष्टि ने 214.7 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी पहली दो सीरीज में 96.3 का स्कोर बनाया था। इसके बाद वह तीसरे स्थान पर आ गईं और अंत तक अपनी जगह बनाए रखीं। वह ईरान की सारेह जवानमर्दी (237.0) और फ़ैज़ेह अहमदी (237.3) के पीछे रहीं, जिन्होंने क्रमशः सिल्वर और गोल्ड मेडल जीते। इससे पहले, पैरालंपिक में हिस्सा ले चुके पैरा-शूटर मनीष नरवाल ने चल रहे इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।
टी20 रैंकिंग में नंदनी और क्रांति को बढ़त, वनडे में शट-पेरी ने लगाई छलांग
दुबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन के बाद, भारत की नंदनी शर्मा और क्रांति गौड़ को आईसीसी महिला टी20 गेंदबाजी रैंकिंग में फायदा मिला है। वहीं, बांग्लादेश के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप के बाद, ऑस्ट्रेलिया की मेगन शट, एलिस पेरी और एनाबेल सदरलैंड ने वनडे रैंकिंग में अपनी स्थिति बेहतर की है।
युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने कीवी गेंदबाजों में अपनी बल्लेबाजी का खौफ भर दिया है।
रणजी ट्रॉफी 2026-27 के दूसरे राउंड में मंगलवार को तमिलनाडु ने उत्तराखंड को पारी और 66 रन से हरा दिया। बाएं हाथ के स्पिनर साई किशोर ने दूसरी पारी में हैट्रिक समेत 6 विकेट लिए। अजीत राम ने भी 4 विकेट झटके। उत्तराखंड ने पहली पारी में 134 रन बनाए थे। तमिलनाडु ने 313 रन बनाकर 179 रन की बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में उत्तराखंड की टीम 113 रन पर ऑलआउट हो गई। उसके आखिरी 5 विकेट सिर्फ 10 रन पर गिर गए। उत्तराखंड की दूसरी पारी उत्तराखंड के लिए दूसरी पारी में देगा निश्चल ने सबसे ज्यादा 25 रन बनाए। लक्ष्य रायचंदानी ने 19 और अवनीश सुधा ने 18 रन बनाए। कुणाल चंदेला ने 16, जगदीश सुचित ने 14 और मंयक मिश्रा ने 12 रन बनाए। सौरभ रावत, आदित्य रावत और देवेंद्र सिंह बोरा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। जनमेजय जोशी बिना खाता खोले नाबाद रहे। साई किशोर की हैट्रिक साई किशोर ने उत्तराखंड की दूसरी पारी के 43वें ओवर में हैट्रिक ली। उन्होंने चौथी गेंद पर लक्ष्य रायचंदानी को आउट किया। इसके बाद पांचवीं गेंद पर सौरभ रावत और छठी गेंद पर आदित्य रावत आउट हुए। साई किशोर ने आरव महाजन, जगदीश सुचित और देवेंद्र सिंह बोरा का विकेट भी लिया। विदर्भ ने जम्मू-कश्मीर को 3 विकेट से हराया विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में लगातार दूसरी जीत दर्ज की। 79 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने 26 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे। मंदार महाले ने 25 रन बनाए, जबकि हर्ष दुबे नाबाद 22 और नचिकेत भूटे नाबाद 13 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। असम ने त्रिपुरा को हराया असम ने त्रिपुरा के खिलाफ जीत दर्ज की। त्रिपुरा के मनिशंकर मुरासिंह ने 161 रन बनाकर टीम को बढ़त दिलाने की कोशिश की, लेकिन असम को जीत के लिए सिर्फ 21 रन का टारगेट मिला। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… शेफाली वर्मा पर ICC की कार्रवाई:गेंद गुस्से में जमीन पर फेंकने के लिए फटकार लगाई भारतीय ऑलराउंडर शेफाली वर्मा पर ICC ने आचार संहिता तोड़ने के लिए कार्रवाई की है। उन्हें फटकार लगाई और एक डिमेरिट पॉइंट मिला है। पूरी खबर…
बाबर आजम 34 रन बनाकर आउट:पाकिस्तान के 93/4; जो रूट 8,000 वनडे रन से 97 रन दूर
रावलपिंडी में इंग्लैंड के खिलाफ ट्राई सीरीज के दूसरे वनडे में पाकिस्तान ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 93 रन बना लिए हैं। बाबर आजम 34 रन बनाकर आउट हुए। साद बेग और हसन नवाज नाबाद हैं। इंग्लैंड की ओर से विल जैक्स, गस एटकिंसन, सन्नी बेकर और आदिल राशिद को 1-1 विकेट मिला। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी थी। वहीं, इंग्लैंड के जो रूट 8,000 वनडे रन पूरे करने से 97 रन दूर हैं। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले पहले इंग्लिश खिलाड़ी बन सकते हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट 8,000 वनडे रन से 97 रन दूर हैं। रूट 8,000 वनडे रन बनाने वाले पहले इंग्लिश खिलाड़ी बन सकते हैं। उन्होंने 195 मैचों की 184 पारियों में 7,903 रन बनाए हैं। रूट इंग्लैंड के सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज जो रूट ने वनडे में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उनके नाम 20 शतक और 48 अर्धशतक हैं। उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 166 रन है। इंग्लैंड के लिए वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में पूर्व वर्ल्ड कप विजेता कप्तान इयोन मॉर्गन दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 225 मैचों में 6,957 रन बनाए हैं, जिसमें 13 शतक शामिल हैं। जोस बटलर इस सूची में तीसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 204 मैचों में 5,678 रन बनाए हैं और 11 शतक लगाए हैं। इस साल शानदार फॉर्म में रूट रूट ने इस साल वनडे की 9 पारियों में 114.60 की औसत से 573 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 88.01 रहा है। उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए हैं। उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 111 रन है। रूट ने 2025 में भी वनडे में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 15 वनडे और पारियों में 57.71 की औसत से 808 रन बनाए थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 95.50 रहा था। उन्होंने तीन शतक और चार अर्धशतक लगाए थे।
चेन्नई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने टेबल टेनिस खिलाड़ी बेबी सहाना रवि के लिए 30 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। सहाना रवि ने जापान में आयोजित आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की क्लास 9 श्रेणी में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
पलक सिंह -श्रेया श्रीवास : डब्ल्यूपीएल 2027 के ऑक्शन में शामिल
रायपुर, महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2027 का ऑक्शन 28 अक्टूबर को कोच्चि में होना है। इस ऑक्शन के लिए छत्तीसगढ़ की अंडर-19 महिला खिलाड़ी पलक सिंह और श्रेया श्रीवास का भी चयन हुआ है।
ICC रैंकिंग में भारतीय गेंदबाजों की बड़ी छलांग, श्रीचरणी और दीप्ति शर्मा की बादशाहत बरकरार
जिम्बाब्वे के खिलाफ T20I सीरीज में शानदार प्रदर्शन का फायदा भारतीय महिला क्रिकेटरों को ICC की ताजा रैंकिंग में मिला है। भारतीय गेंदबाज का ICC रैंकिंग में जलवा बरकरार है।
भारतीय ऑलराउंडर शेफाली वर्मा पर ICC ने आचार संहिता तोड़ने के लिए कार्रवाई की है। उन्हें फटकार लगाई और एक डिमेरिट पॉइंट मिला है। यह मामला 18 अक्टूबर को रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी-20 का है। शेफाली ने कैच छूटने के बाद गुस्से में गेंद जमीन पर फेंकी थी। इस मैच में शेफाली भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था। पहली पारी के 12वें ओवर का मामला ICC के मुताबिक, शेफाली ने प्लेयर्स और प्लेयर सपोर्ट पर्सनेल के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2 का उल्लंघन किया। यह नियम इंटरनेशनल मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण, कपड़े, मैदान के उपकरण या फिक्स्चर के गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। दूसरे टी-20 के पहली पारी के 12वें ओवर में श्री चरणी की गेंद पर मिड-ऑफ में चिपो मुगेरी-तिरिपानो का कैच छूटने के बाद शेफाली ने गेंद जमीन पर फेंक दी थी। शेफाली ने अपनी गलती मान ली। उन्होंने ICC इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरीज की GS लक्ष्मी की ओर से प्रस्तावित सजा भी स्वीकार कर ली। तीसरे टी- में इतिहास बनाने का मौका भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीसरा टी-20 आज खेला जाएगा। यह मुकाबला रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में शेफाली के पास इतिहास बनाने का मौका है। वे 78 या उससे ज्यादा रन बनाती हैं, तो विमेंस टी-20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर ईयर में 1,000 रन बनाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। शेफाली ने 2026 में अब तक 26 मैचों में 922 रन बनाए हैं। वे विमेंस टी-20 इंटरनेशनल में एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में पहले स्थान पर हैं। मंधाना से आगे निकल सकती हैं शेफाली 2026 में एक शतक और आठ अर्धशतक लगा चुकी हैं। मंगलवार को रायपुर में अर्धशतक लगाने पर वे एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड भी तोड़ देंगी। स्मृति ने 2024 में भारत के लिए 23 टी-20 इंटरनेशनल की 21 पारियों में 8 अर्धशतक लगाए थे।
Asian Para Games: मनीष नरवाल को Silver Medal, सृष्टि अरोड़ा ने जीता कांस्य
मनीष नरवाल ने एशियाई पैरा खेलों में मंगलवार को पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लॉस एंजिलिस पैरालम्पिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया जबकि सृष्टि अरोड़ा ने महिला वर्ग में कांस्य पदक जीता। इस तरह से भारत निशानेबाजी में अब चार पदक जीत चुका है जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। बल्लभगढ के अर्जुन पुरस्कार प्राप्त निशानेबाज ने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 233 . 7 अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। वह लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा निशानेबाज बने। इससे पहलने मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर कोटा हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 241.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन के यांग चाओ को कांस्य पदक मिला। भारत के रूद्रांक्ष खंडेलवाल 127 . 3 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहे। नरवाल ने पेरिस पैरालम्पिक 2024 में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था जबकि हांगझोउ में 2023 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। नरवाल ने 570 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था, जबकि खंडेलवाल 571 के स्कोर के साथ क्वालीफाइंग में दूसरे स्थान पर रहे थे। नारवाल ने फाइनल में शानदार शुरुआत की, लेकिन जो जियोंगडू ने पहले पांच शॉट के बाद 4.3 अंक की बढ़त बना ली। उन्होंने आखिर तक अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए स्वर्ण पदक जीता। नरवाल शुरुआत में वे पेशेवर फुटबॉलर बनना चाहते थे, लेकिन शारीरिक अक्षमता के कारण उन्होंने निशानेबाजी को अपनाया। सृष्टि ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में तीसरा स्थान हासिल करके भारत के खाते में एक और कांस्य पदक जोड़ा। आठ निशानेबाजों के फाइनल में सृष्टि ने 214.7 अंक बनाए तथा वह ईरान की फ़ैज़ेह अहमदी (237.3) और सारेह जवानमर्दी (237.0) के के बाद तीसरे स्थान पर रही। दूसरी भारतीय खिलाड़ी सुमेधा पाठक (111.4) फाइनल में बाहर होने वाली पहली खिलाड़ी थीं। एसएच1 श्रेणी उन निशानेबाजों के लिए है जो निचले या ऊपरी अंगों से दिव्यांग होते हैं लेकिन वह बिना किसी मदद के बंदूक पकड़ सकते हैं।
जेहान दोराब मदान : टेबल टेनिस में जीता ब्रॉन्ज मेडल
नागोया, एशियन पैरा गेम्स 2026 में मंगलवार को जेहान दोराब मदान ने पैरा टेबल टेनिस पुरुष सिंगल्स क्लास 1 में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
सृष्टि अरोड़ा ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में जीता ब्रॉन्ज मेडल
नागोया, भारत की सृष्टि अरोड़ा ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने पदार्पण पर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच 1 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। मंगलवार को हुए फाइनल में उन्होंने 214.7 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
द्रौपदी मुर्मु ने शॉट पुट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर प्रवीण शर्मा को बधाई देते हुए लिखा, 'एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों के शॉट पुट एफ11 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर प्रवीण शर्मा को हार्दिक बधाई।
जो रूट इतिहास रचने के करीब, ODI में 8000 रन बनाने वाले पहले इंग्लिश बल्लेबाज बनने का मौका
इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ODI क्रिकेट में 8000 रन पूरे करने से सिर्फ 97 रन दूर हैं। उन्होंने अब तक 195 मैचों में 7903 रन बनाए हैं, जिसमें 20 शतक और 48 अर्धशतक शामिल हैं।
Asian Champions Trophy 2026 में दर्शकों को मिलेगी फ्री एंट्री, बस अपनाना होगा ये तरीका
Asian Champions Trophy 2026: जालंधर और मोहाली में 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के सभी मैचों में दर्शकों को मुफ्त प्रवेश मिलेगा। हॉकी इंडिया ने मंगलवार को यह घोषणा की।
पावरलिफ्टिंग में अशोक मलिक का जलवा: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत के अशोक कुमार मलिक ने आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की 65 किलोग्राम पैरा पावरलिफ्टिंग के फाइनल में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
गुजरात सरकार ने सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का प्लॉट देने की मंजूरी दे दी है। इसमें 500 वर्ग मीटर जमीन फ्री दी जाएगी, जिसकी कीमत 10.50 करोड़ रुपए है। वहीं, बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन के लिए तय कीमत का 55% देना होगा। इसकी अनुमानित कीमत 5.52 करोड़ रुपए है। नगर निगम आयुक्त ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए स्थायी समिति के सामने रखा है। इस प्लॉट की कुल कीमत 20.53 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसे देने की प्रक्रिया 14 साल बाद फिर शुरू हुई है। इस मामले में नगर निगम को जरूरी आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, प्लॉट पर कब्जा लेने के लिए अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। यूसुफ ने 14 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का साथ दिया था। उनके साथ TMC के 19 अन्य सांसद भी पार्टी से अलग हुए थे। यूसुफ ने 2012 में जमीन मांगी थी यूसुफ पठान का घर वडोदरा के तांदलजा इलाके में है। उनके घर के पास शुभम पार्टी प्लॉट के नजदीक 978 वर्ग मीटर जमीन है। साल 2012 में पठान ने यह जमीन मांगी थी। नगर निगम ने प्रस्ताव मंजूर किया, लेकिन राज्य सरकार ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद जमीन पर बाउंड्री वॉल और पशुओं के लिए शेड बनाया गया। नगर निगम का नोटिस मिलने पर पठान हाईकोर्ट गए थे। अब 14 साल बाद जमीन देने की प्रक्रिया फिर शुरू हुई है। यूसुफ ने 31 अगस्त को हाईकोर्ट से अपील वापस ली ----------- ये खबर भी पढ़ें… यूसुफ पठान बोले- ममता ने सांसदी छोड़ने को नहीं कहा:वे चुनाव नहीं लड़ रहीं; गांगुली ने भी पोस्ट करके खबर को गलत बताया TMC सांसद यूसुफ पठान ने कहा कि ममता बनर्जी ने कभी भी उनसे लोकसभा सीट छोड़ने के लिए नहीं कहा है। पार्टी के किसी नेता ने भी मुझे ऐसा कोई मैसेज नहीं दिया है। मीडिया में जो खबरें चल रही हैं वह गलत हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पुर्तगाल फुटबॉल संघ ने राष्ट्रीय टीम बीच में छोड़ने के मामले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 255 यूरो का जुर्माना और 30 दिन का निलंबन लगाया है।
Asian Para Games में Srishti Arora ने 10m Air Pistol में Bronze Medal जीता
20 अक्टूबर को जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय निशानेबाज सृष्टि अरोड़ा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में कांस्य पदक जीता। अरोड़ा ने कुल 214.7 के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया; उन्होंने अपनी पहली दो सीरीज में 96.3 का स्कोर किया था। ESPN के अनुसार, पूरे इवेंट के दौरान वह तीसरे स्थान पर बनी रहीं। उनसे आगे ईरान की फ़ैज़ेह अहमदी रहीं, जिन्होंने 237.3 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि सारेह जवानमर्दी ने 237.0 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक इस पदक के साथ, एशियाई पैरा खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या 23 हो गई है, जिसमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और दस कांस्य पदक शामिल हैं। इससे पहले, भारतीय पैरा-शूटर मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता। नरवाल ने 233.7 का स्कोर किया। वह दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू (जिन्होंने 241.3 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता) के पीछे रहे, जबकि चीन के यांग चाओ उनसे पीछे रहे। पांचवें स्थान पर क्वालीफाई करने के बावजूद, फाइनल की दूसरी सीरीज में 49.8 के शानदार स्कोर की बदौलत नरवाल पोडियम तक पहुंचने में सफल रहे। वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर जो जियोंगडू का इस इवेंट में दबदबा रहा। इसी इवेंट में एक और भारतीय फाइनलिस्ट रुद्रांश खंडेलवाल सातवें स्थान पर रहे। क्वालीफिकेशन राउंड में वह दूसरे स्थान पर थे, लेकिन फाइनल में जल्दी बाहर हो गए। खंडेलवाल ने लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। पैरा-टेबल टेनिस में, जहान मदान ने पुरुषों की सिंगल्स क्लास 1 इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। पांच खिलाड़ियों के मुकाबले में वह चौथे स्थान पर रहे, लेकिन साथी भारतीय खिलाड़ी संदीप डांगी से बेहतर प्रदर्शन करके मेडल हासिल करने में कामयाब रहे। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence पैरा-पावरलिफ्टिंग में, अशोक ने पुरुषों की 65 किलोग्राम कैटेगरी में 192 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट लगाकर सिल्वर मेडल जीता। वह चीन के ज़ू यी के पीछे रहे, जिन्होंने 216 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। भारत ने प्रतियोगिता के पहले दिन कुल 11 मेडल जीते - चार गोल्ड, पांच सिल्वर और दो ब्रॉन्ज।
जैवलिन थ्रो : भारत को मिली दोहरी खुशी
नागोया, एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। पैरा जैवलिन थ्रो में भारत की झोली में एक साथ दो और मेडल आए हैं। प्रदीप कुमार ने एफ54 स्पर्धा में सिल्वर जीता, तो आयुष वर्मा ने एफ53 में ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।
बेबी सहाना रवि ने जीता ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल
नागोया, भारत की बेबी सहाना रवि ने पैरा टेबल टेनिस महिला सिंगल्स क्लास 9 इवेंट में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
Cristiano Ronaldo पर Disciplinary Action: राष्ट्रीय कैंप छोड़ने पर लगा जुर्माना और 30 दिनों का Ban
हाल ही में हुए इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान पुर्तगाल की नेशनल टीम के कैंप से चले जाने के कारण, पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का सस्पेंशन और €255 का जुर्माना लगाया है। यह अनुशासनात्मक फैसला पुर्तगाल के कप्तान और कोच जॉर्ज जीसस के बीच हुए उस विवाद के बाद लिया गया है, जो नॉर्वे के खिलाफ मैच में रोनाल्डो को खेलने का मौका न मिलने को लेकर हुआ था। इस मैच में रोनाल्डो को उम्मीद थी कि उन्हें लगभग 30 मिनट खेलने का मौका मिलेगा, क्योंकि उनका दावा था कि मैच से पहले जीसस ने उन्हें ऐसा करने का भरोसा दिया था। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक शुरुआत में तो उनका मैच से बाहर रहने का ही प्लान था, लेकिन बाद में एक टैक्टिकल फैसले के चलते जीसस और रोनाल्डो के बीच बातचीत हुई, जिसमें उन्हें 30 मिनट तक खेलने का मौका मिलने की संभावना बनी। इसे ध्यान में रखते हुए अल-नसर के इस फॉरवर्ड ने अपनी रिकवरी की तैयारी भी कर ली थी, लेकिन अंत में उन्हें मैच में नहीं उतारा गया, क्योंकि उस समय पुर्तगाल बढ़त बनाए हुए था। 41 वर्षीय खिलाड़ी ने बाद में बताया कि वह इस फैसले से खुश नहीं थे और मैच के बाद उन्होंने जीसस के साथ एक मीटिंग की। इस दौरान, उन्होंने कोच से मीडिया के सामने माफी मांगने को कहा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे रोनाल्डो और भी नाराज हो गए और डेनमार्क के खिलाफ होने वाले अगले मैच से पहले ही पुर्तगाल कैंप छोड़कर चले गए। बाद में उन्होंने अपने साथियों और समर्थकों से विस्तार से माफी मांगी, और यह भी माना कि टीम छोड़ने के कारण उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। रोनाल्डो ने फुटबॉल की एक प्रमुख हस्ती के रूप में अपनी जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया। उन्होंने अपने लिए उचित सजा की मांग की और कहा कि एक रोल मॉडल होने के नाते, उनके आचरण का कड़ाई से मूल्यांकन किया जाना चाहिए। जीसस के साथ मतभेदों की खबरों के बावजूद, उन्होंने कहा कि वह जो भी नतीजा आएगा, उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ ने 10 अक्टूबर को पुष्टि की कि स्ट्राइकर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। यह प्रक्रिया अब उनके निलंबन और आर्थिक जुर्माने के साथ पूरी हो गई है। हालांकि, रोनाल्डो की बताई गई कमाई के मुकाबले 255 यूरो का जुर्माना बहुत छोटी रकम है, लेकिन इस निलंबन का पुर्तगाल के इस अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के खेल जीवन पर असर पड़ेगा। महासंघ ने इस प्रतिबंध को 30 सितंबर से प्रभावी माना है, जो कि उनके ट्रेनिंग कैंप से जाने की तारीख थी। इस व्यवस्था के तहत, रोनाल्डो 14 नवंबर को वापसी कर सकेंगे, जब पुर्तगाल को अपना अगला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना है।
दीप्ति जीवनजी ने बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, दीप्ति जीवनजी ने मंगलवार को एशियन पैरा गेम्स 2026 में एथलेटिक्स की महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड के समय के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
गांधीनगर, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। साई नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई), गांधीनगर और 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व करने वाली भारत की पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडे ने जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला एकल क्लास 9 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। प्राची ने इस स्पर्धा में भारत के लिए पहला मेडल जीतकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
वनडे ट्राई सीरीज: अफगानिस्तान ने जिम्बाब्वे को 158 रनों से रौंदा
अबू धाबी, अफगानिस्तान ने वनडे ट्राई सीरीज के दूसरे मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 158 रनों से रौंदा। अफगानिस्तान से मिले 295 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम सिर्फ 136 रन बनाकर ऑलआउट हुई।
Asian Para Games में Baby Sahana Ravi और Prachi Pandey ने जीते Bronze Medal
20 अक्टूबर को 2026 एशियाई पैरा खेलों में, भारतीय पैरा-टेबल टेनिस खिलाड़ी बेबी सहाना रवि और प्राची पांडे ने क्रमशः महिला एकल क्लास 9 और क्लास 6 स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते। महिला एकल क्लास 9 प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में, बेबी सहाना को चीन की माओ जिंगडियन ने 0-3 (8-11, 2-11, 4-11) से हराया, जिसके चलते उन्हें कांस्य पदक मिला। एशियाई पैरा खेलों में पैरा टेबल टेनिस की 'स्टैंडिंग' श्रेणी में यह भारत का पहला पदक था। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्राची पांडे ने महिला सिंगल्स क्लास 6 इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। सेमीफाइनल मैच में उन्हें इराक की नजला अल-दयेनी से 9-11, 2-11, 8-11 से हार का सामना करना पड़ा। बेबी सहाना रवि और प्राची पांडे के ब्रॉन्ज मेडल के साथ, भारत ने एक ही दिन पैरा टेबल टेनिस में चार पदक हासिल किए। इससे पहले, महिला सिंगल्स क्लास 4-5 के सेमीफाइनल में चीन की झांग बियान से 0-3 से हारने के बाद भाविना पटेल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 2020 पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वालीं पटेल को सेमीफाइनल मैच में 7-11, 5-11, 7-11 से हार मिली। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई सोनलबेन पटेल ने भी महिला सिंगल्स क्लास 3 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। वह अपना सेमीफाइनल मुकाबला दक्षिण कोरिया की यूं जियू से 7-11, 5-11, 6-11 से हार गईं। 2026 एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन भारत ने कुल आठ मेडल जीते। पैरा टेबल टेनिस में मिले चार पदकों के अलावा, पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/F54 इवेंट में प्रदीप कुमार ने सिल्वर और आयुष वर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि पुरुषों के शॉट पुट F11 इवेंट में प्रवीण शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। सबसे शानदार प्रदर्शन भारतीय पैरा-एथलीट दीप्ति जीवनजी का रहा, जिन्होंने महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड के गेम्स-रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।
Asian Para Games 2026: पहले ही दिन भारत ने जीते 11 मेडल, 4 गोल्ड के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान
Asian Para Games 2026: पहले ही दिन भारत ने जीते 11 मेडल, 4 गोल्ड के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान
Asian Para Games: Pramod Bhagat और Krishna Nagar की जोड़ियां सेमीफाइनल में, दो पदक पक्के
भारत के प्रमोद भगत और मनीषा रामदास और कृष्णा नागर और नित्याश्री सुमति सिवन की मिश्रित युगल टीमों ने एशियाई पैरा खेलों में अपनी अपनी स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के कर लिये। नागर और नित्या ने चीनी ताइपै के वू यू येन और जिन जिया सियांग को 21 . 15, 21 . 10 से हराकर ग्रुप ए में दूसरा स्थान हासिल किया और एसएच6 श्रेणी के सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका कद कम है, और ऐसा ‘एकोंड्रोप्लेसिया’ या अन्य आनुवंशिक बदलावों जैसी स्थितियों के कारण होता है। भगत और रामदास ने थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम और चानिदा श्रीनावाकुल को 21 . 15, 21 . 14 से हराकर एसएल3 . एसयू5 वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाई। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिये हैं जिनके शरीर के निचले अंगों में विकार है और जो आधे कोर्ट पर ही खेलते हैं जबकि एसयू5 ऊपर के अंगों में अक्षमता वाले खिलाड़ियों के लिये है। मिश्रित युगल में दोनों श्रेणी के खिलाड़ियों की जोड़ी होती है।
Manish Narwal ने एशियाई पैरा खेलों में जीता रजत, पक्का किया लॉस एंजिलिस कोटा
मनीष नरवाल ने एशियाई पैरा खेलों में मंगलवार को पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर लॉस एंजिलिस पैरालम्पिक 2028 का कोटा भी हासिल कर लिया। बल्लभगढ के अर्जुन पुरस्कार प्राप्त निशानेबाज ने आठ खिलाड़ियों के फाइनल में 233 . 7 अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। वह लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल करने वाले तीसरे भारतीय पैरा निशानेबाज बने। इससे पहलने मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर कोटा हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के जो जियोंगडू ने एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 241.3 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन के यांग चाओ को कांस्य पदक मिला। भारत के रूद्रांक्ष खंडेलवाल 127 . 3 के स्कोर के साथ सातवें स्थान पर रहे। नरवाल ने पेरिस पैरालम्पिक 2024 में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता था जबकि हांगझोउ में 2023 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।
खेल डेस्क। पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान ट्रेनिंग कैंप छोड़ना बहुत ही महंगा पड़ गया है। इस संबंध में पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने इस दिग्गज के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। फेडरेशन ने रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन लगाने के साथ ही उन पर करीब 27,154 रुपए (€255) का जुर्माना भी लगाया गया है। रोनाल्डो ने हालिया इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान कैंप छोड़ा था। फेडरेशन का ये फैसला 30 सितंबर से लागू माना गया है। अब रोनाल्डो 14 नवंबर को पुर्तगाल के आगामी अन्तरराष्ट्रीय मैच से वापसी कर सकेंगे। 41 साल के रोनाल्डो के खिलाफ फेडरेशन ने औपचारिक कार्रवाई शुरू की थी। वह टीम के कप्तान भी हैं। आपको बता दें कि गत माह के आखिर में नॉर्वे के खिलाफ पुर्तगाल की 2-1 की जीत के दौरान रोनाल्डो बेंच पर बैठे रहे थे। इसके बाद उनकी कोच जॉर्ज जीसस से कहासुनी भी हो गई थी। पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी रोनाल्डो ने इस संबंध में दावा था कि जीसस ने उन्हें पहले करीब 30 मिनट खिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन मैदान पर नहीं उतारा। कोच के इस फैसलेसे रोनाल्डो नाराज थे। उन्हें लगा कि कोच ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। रोनाल्डो ने ट्रेनिंग कैंप छोड़ के लिए मांगी थी माफी तनाव बढ़ने के बाद उन्होंने डेनमार्क के खिलाफ मैच से पहले पुर्तगाल का ट्रेनिंग कैंप छोड़ दिया। हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने साथियों और समर्थकों से सार्वजनिक रूप से लंबी माफी मांगी। उन्होंने ये भी कहा था कि राष्ट्रीय टीम छोड़ने पर उन्हें सजा मिलनी चाहिए। PC:facebook अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने मंगलवार को भाला फेंक में प्रदीप कुमार के रजत और आयुष वर्मा के कांस्य पदक के साथ दोहरी सफलता हासिल की।
Asian Para Games: भाविना पटेल और Sonal Patel ने टेबल टेनिस में जीता कांस्य
भारत की भाविना पटेल और सोनल पटेल ने एशियाई पैरा खेलों की टेबल टेनिस महिला एकल स्पर्धा में अपने अपने वर्ग के सेमीफाइनल हारने के बाद मंगलवार को कांस्य पदक जीता। पैरालम्पिक की पूर्व रजत पदक विजेता भाविना को महिलाओं के एकल 4 - 5 वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की आठ बार की पैरालम्पिक चैम्पियन झांग बियान के हाथों 7 . 11, 5 . 11, 7 . 11 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं सोनलबेन को तीन बार की पैरालम्पिक पदक विजेता दक्षिण कोरिया की जियू यूनप ने क्लास 3 सेमीफाइनल में सीधे गेम में हराया। पिछली बार कांस्य जीतने वाली भाविना ने 2018 खेलों में रजत पदक जीता था। 40 वर्ष की बियान ने पिछले पैरा एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। गुजरात की 39 वर्ष की भाविना राष्ट्रमंडल खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं। 4 - 5 वर्ग में वे खिलाड़ी आते हैं जिनका शरीर के ऊपरी हिस्से पर पूरा नियंत्रण हैं लेकिन पैरों या निचले हिस्से में विकार के कारण व्हीलचेयर पर हैं। जकार्ता में 2018 खेलों में युगल रजत पदक जीतने वाली सोनलबेन को गत चैम्पियन यून ने 11 . 7, 11 . 5, 11 . 6 से मात दी। क्लास3 व्हीलचेयर श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनका बैठने का संतुलन कमजोर होता है और धड़ पर नियंत्रण सीमित होता है, लेकिन उनके हाथ और बाजू की कार्यक्षमता सामान्य या लगभग सामान्य होती है।
अफगानिस्तान ने UAE में चल रही ट्राई सीरीज के दूसरे मैच में जिम्बाब्वे को 158 रन से हराया। इसी के साथ टीम ने टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है। जोकि शुक्रवार, 23 अक्टूबर को अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में खेला जाएगा। इसी मैदान पर सोमवार रात को अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 294 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 38.4 ओवर में 136 रन पर ऑलआउट हो गई। सेदिकुल्लाह अटल ने शतक लगाया। राशिद खान ने 4 विकेट झटके। अफगानिस्तान बेहतर नेट रन रेट के आधार पर फाइनल में पहुंची है। पॉइंट्स टेबल में तीनों टीमों के पास 2-2 अंक हैं। दूसरे फाइनलिस्ट का फैसला जिम्बाब्वे-बांग्लादेश मैच से होगा। अटल-इब्राहिम में शतकीय साझेदारी अफगानिस्तान के ओपनर रहमनुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादराान ने अच्छी शुरुआत की। दोनों ने बाउंड्री से शुरुआत की और सात ओवर में 50 रन जोड़ लिए। इसके बाद रहमानुल्लाह गुरबाज चॉप ऑन होकर आउट हो गए। इब्राहिम जादरान ने तेजी से रन बनाए, जबकि सेदिकुल्लाह अटल ने पारी को संभाला। दोनों ने शतकीय साझेदारी की। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने अपने अर्धशतक भी पूरे किए। ब्रैड इवांस ने इब्राहिम को 90 रन पर आउट कर यह साझेदारी तोड़ी। रहमत शाह और अजमतुल्लाह उमरजई जल्दी-जल्दी आउट हो गए। यहां से अटल ने हशमतुल्लाह शाहिदी के साथ 42 रन की साझेदारी कर टीम को फिर संभाला। अटल ने 44वें ओवर में अपना तीसरा ODI शतक पूरा किया। अगले ही ओवर में अटल रनआउट हो गए। जिम्बाब्वे की खराब शुरुआत 295 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की शुरुआत खराब रही। उसने 43 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। 13वें ओवर में एएम गजनफर ने बेनेट को LBW आउट किया। यहां से टीम ने 295 रन के लक्ष्य के बजाय 196 रन तक पहुंचने पर ध्यान दिया। ताकि नेट रन रेट के आधार पर फाइनल में जगह बना सके। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। 32वें ओवर में राशिद खान ने दो ओवर बाद राशिद खान ने रयान बर्ल को LBW किया। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने अगले तीन ओवर में विकेट लिए। इससे अफगानिस्तान की जीत लगभग तय हो गई। --------------------------------------------------------------------- क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे:रमेश पोवार भी कमेटी में, जानिए सचिन-गावस्कर जैसे दिग्गज क्यों नहीं बनते सिलेक्टर भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ था। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। पढ़ें पूरी खबर
दीप्ति जीवांजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला 400 मीटर टी20 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की पदक की तलाश जारी है। दीप्ति जीवांजी ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि शीतल देवी ने एक और विश्व रिकॉर्ड बनाया। तीरंदाजी, पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन और निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
दीप्ति जीवनजी ने पैरा एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता:यह 5वां गोल्ड मेडल, भारत के अब तक 19 मेडल
भारत ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में 5 गोल्ड सहित 19 मेडल जीत लिए हैं। इनमें से 4 गोल्ड एथलीट्स ने दिलाए। जबकि, एक शूटिंग में आया। मंगलवार को गेम्स का दूसरा दिन है। भारतीय एथलीट दीप्ति जीवनजी ने विमेंस की 400 मीटर टी20 दौड़ में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 56.36 सेकेंड का समय निकालकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। दीप्ति ने लगातार दूसरी बार सोना जीता दीप्ति ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का गोल्ड जीता। उन्होंने 2022 में 56.59 सेकेंड का समय लिया था। इस बार उन्होंने अपने समय में 0.23 सेकेंड का सुधार किया। जापान की नीना कानो ने सिल्वर और अकारी काटो ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। 23 साल की दीप्ति तेलंगाना की रहने वाली हैं। वे 2 बार पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुकी हैं। उन्होंने 2024 में गोल्ड मेडल जीता था। वह इसी स्पर्धा में पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं। T20 कैटेगरी में बौद्धिक अक्षमता वाले एथलीट शामिल होते हैं। इस कैटेगरी के खिलाड़ियों को जानकारी समझने, ध्यान लगाने और रेस की योजना बनाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रदीप को सिल्वर, आयुष ने जीता ब्रॉन्ज पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/54 इवेंट में भारत ने दो मेडल जीते। प्रदीप कुमार ने लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने F54 कैटेगरी में 27.45 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो किया। आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर के थ्रो के बावजूद ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्हें रजा पॉइंट्स के आधार पर पोडियम में जगह मिली।ईरान के एरफान बंडोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। प्रवीण को F11 शॉर्ट पुट में ब्रॉन्ज मिला प्रवीण कुमार ने F11 शॉर्ट पुट इवेंट में पर्सनल बेस्ट थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्होंने F11 कैटेगरी में 13.86 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस कैटेगरी में वे प्लेयर्स आते हैं, जिन्हें दिखाई नहीं देता। ------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन:पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने ट्रेनिंग कैंप छोड़ने पर €255 जुर्माना लगाया पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन लगाया है। उन पर करीब 27,154 रुपए (€255) का जुर्माना भी लगाया गया है। फेडरेशन ने यह कार्रवाई पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप से जाने के मामले में की। रोनाल्डो ने हालिया इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान कैंप छोड़ा था। पढ़ें पूरी खबर
भारत ने नागोया में चल रहे पैरा एशियन गेम्स में 5 गोल्ड सहित 19 मेडल जीत लिए हैं। इनमें से 4 गोल्ड एथलीट्स ने दिलाए। जबकि, एक शूटिंग में आया। मंगलवार को गेम्स का दूसरा दिन है। भारतीय एथलीट दीप्ति जीवनजी ने विमेंस की 400 मीटर टी20 दौड़ में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 56.36 सेकेंड का समय निकालकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। प्रवीण कुमार ने F11 शॉर्ट पुट इवेंट में पर्सनल बेस्ट थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्होंने F11 कैटेगरी में 13.86 मीटर के थ्रो के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इस कैटेगरी में वे प्लेयर्स आते हैं, जिन्हें दिखाई नहीं देता। दीप्ति ने लगातार दूसरे बार गोल्ड जीता दीप्ति ने लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का गोल्ड जीता। उन्होंने 2022 में 56.59 सेकेंड का समय लिया था। इस बार उन्होंने अपने समय में 0.23 सेकेंड का सुधार किया। प्रदीप को सिल्वर, आयुष ने जीता ब्रॉन्ज पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/54 इवेंट में भारत ने दो मेडल जीते। प्रदीप कुमार ने लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने F54 कैटेगरी में 27.45 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो किया। आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर के थ्रो के बावजूद ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्हें रजा पॉइंट्स के आधार पर पोडियम में जगह मिली।ईरान के एरफान बंडोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। -------------------------------
2019 से न्यूजीलैंड की धरती पर टी20 में 'अजेय' टीम इंडिया, जानिए कैसा है हेड टू हेड रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आगाज गुरुवार (22 अक्टूबर) से होने जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम ने अपना आखिरी मुकाबला टी20 विश्व कप 2026 में खेला था, जहां फाइनल में टीम इंडिया ने धमाकेदार जीत दर्ज की थी।
एशियन पैरा गेम्स में दीप्ति जीवनजी ने जीता गोल्ड मेडल, 400 मीटर में बनाया रिकॉर्ड
दीप्ति जीवनजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
Team India का न्यूजीलैंड में कैसा है T20 रिकॉर्ड? 5 मैचों की सीरीज में आंकड़ों की होगी असली परीक्षा
Team India का न्यूजीलैंड में कैसा है T20 रिकॉर्ड? 5 मैचों की सीरीज में आंकड़ों की होगी असली परीक्षा
जयपुर में अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा, फुटेज में देंखे 3 बदमाश गिरफ्तार; 19 चोरी के मोबाइल बरामद
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दो मिनट के वीडियो में जाने फॉर्म-6 में क्या बदलाव चाहता है महाराष्ट्र?
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पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन लगाया है। उन पर करीब 27,154 रुपए (€255) का जुर्माना भी लगाया गया है। फेडरेशन ने यह कार्रवाई पुर्तगाल के ट्रेनिंग कैंप से जाने के मामले में की। रोनाल्डो ने हालिया इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान कैंप छोड़ा था। यह फैसला 30 सितंबर से लागू माना गया है। इसलिए रोनाल्डो 14 नवंबर को पुर्तगाल के अगले इंटरनेशनल मैच से वापसी कर सकेंगे। 41 साल के फॉरवर्ड के खिलाफ फेडरेशन ने औपचारिक कार्रवाई शुरू की थी। वह टीम के कप्तान भी हैं। कोच पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया था सितंबर के आखिर में नॉर्वे के खिलाफ पुर्तगाल की 2-1 की जीत के दौरान रोनाल्डो बेंच पर बैठे रहे थे। इसके बाद उनकी कोच जॉर्ज जीसस से कहासुनी हुई थी। रोनाल्डो का दावा था कि जीसस ने उन्हें पहले करीब 30 मिनट खिलाने का भरोसा दिया था। मैच के दौरान जीसस ने उन्हें वॉर्म-अप करने को कहा, लेकिन मैदान पर नहीं उतारा। रोनाल्डो इस फैसले से नाराज थे। उन्हें लगा कि कोच ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। रोनाल्डो ने यह भी आरोप लगाया था कि जीसस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति पर सार्वजनिक रूप से सफाई देने का दूसरा वादा किया था। बाद में ऐसा नहीं हुआ। नेशंस लीग में नॉर्वे के खिलाफ रोनाल्डो को नहीं खिलाया गया डेनमार्क मैच से पहले कैंप छोड़ा था तनाव बढ़ने के बाद अल-नसर के कप्तान ने डेनमार्क के खिलाफ मैच से पहले पुर्तगाल का ट्रेनिंग कैंप छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों और समर्थकों से सार्वजनिक रूप से लंबी माफी मांगी। उन्होंने माना कि राष्ट्रीय टीम छोड़ने पर उन्हें सजा मिलनी चाहिए। अल-नस्र के फॉरवर्ड ने उचित सजा देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि रोल मॉडल होने के कारण उनके काम की सख्ती से जांच जरूरी है। जीसस के फैसलों की आलोचना के बावजूद पुर्तगाल के कप्तान ने कहा कि वह अपने फैसले के नतीजे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। 10 अक्टूबर को शुरू हुई थी कार्रवाई 10 अक्टूबर को पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने बताया था कि उसने रोनाल्डो के खिलाफ औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। अंतिम फैसले तक रोनाल्डो पर बैन लगने की संभावना बनी हुई थी। अब फेडरेशन ने 30 दिन का बैन और €255 का जुर्माना लगाया है। इस वजह से वह 14 नवंबर को वापसी कर सकेंगे। उस दिन पुर्तगाल का अगला इंटरनेशनल मैच तय है। ------------------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… साउथ कोरिया की आन सी-यंग ने डेनमार्क ओपन जीता, यह 47वां खिताब, सबसे ज्यादा बैडमिंटन टाइटल जीतने वाली महिला खिलाड़ी साउथ कोरिया की आन से-यौंग ने बैडमिंटन के विमेंस सिंगल्स में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल टाइटल जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 18 अक्टूबर को डेनमार्क ओपन के फाइनल में जापान की अकाने यामागुची को 21-23, 21-14, 21-18 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर लगा एक महीने का बैन, साथ में लगा फाइन; जानिए क्यों मिली उन्हें ये सजा?
क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन ने 30 दिन का सस्पेंशन और 255 यूरो का फाइन लगाया है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान पुर्तगाल टीम छोड़ दी थी।
'दम है तो...अख्तर के चैलेंज पर भड़के थे सहवाग, हुई जबरदस्त भिड़ंत!
भारत और पाकिस्तान के बीच 14 साल से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है. दोनों टीम के बीच पिछली सीरीज दिसंबर 2012 में हुई थी. तब पाकिस्तान टीम भारत आई थी. पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग पाकिस्तान के खिलाफ कई यादगार पारियां खेलने में कामयाब रहे हैं.
पुर्तगाली फुटबॉल महासंघ ने राष्ट्रीय टीम का कैंप छोड़ने के मामले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर 30 दिन का निलंबन और 255 यूरो का जुर्माना लगाया है।
रणजी ट्रॉफी में 77 साल पुराना इतिहास दोहराते हुए मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने शानदार चौहरा शतक जड़ा। 1949 के बाद ऐसा कारनामा करने वाले वह दूसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं।
साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में 5 विकेट गंवा दिए हैं। गकेबेरहा में खेले जा रहे मुकाबले में टीम ने पहली पारी में 5 विकेट पर 97 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड ने 4 विकेट चटकाए हैं। वहीं मिचेल स्टार्क को 1 विकेट मिला। साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा 41 रन बनाकर नाबाद हैं। वियान मुल्डर 2 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। मैच के दूसरे दिन भी खेल बारिश से प्रभावित रहा। 2 दिनों में कुल 43 ओवर का ही खेल हो सका है। हालांकि तीसरे दिन कम बारिश का अनुमान है। 6 घंटे की देरी से शुरू हुआ खेल मैच के पहले दिन सिर्फ 12.2 ओवर का खेल हो सका था। दूसरे दिन भी मैदान गीला होने और बारिश के कारण खेल तय समय पर शुरू नहीं हो सका। कई बार पिच का निरीक्षण करने के बाद स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:45 बजे खेल शुरू हुआ। यानी निर्धारित समय से करीब 6 घंटे की देरी हुई। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड बीमारी के कारण मैदान पर नहीं उतरे। बोलैंड ने लगातार 2 गेंद पर 2 विकेट लिए थे स्कॉट बोलैंड ने पहले दिन लगातार 2 गेंदों पर 2 विकेट लिए थे। उन्होंने पारी के 9वें ओवर में एडेन मार्करम और डेविड बेडिंघम को आउट किया। दूसरे दिन भी उन्होंने सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान किया। बोलैंड ने 30 साल के डेब्यूटेंट मार्कस एकरमैन को विकेटकीपर एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके भी मिचेल स्टार्क की गेंद पर आउट हो गए। इस बीच टेम्बा बावुमा ने संभलकर बल्लेबाजी की। उन्होंने पैट कमिंस की बाउंसर पर छक्का भी जड़ा। बावुमा और रिकल्टन ने संभाली पारी साउथ अफ्रीका के कप्तान बावुमा ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने रयान रिकल्टन के साथ पांचवे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की। दिन का खेल खत्म होने से 2 ओवर पहले रिकल्टन 31 रन बनाकर मैट रेनशॉ को कैच दे बैठे। ---------------------------------- पहले टेस्ट मैच की खबर भी पढ़ें… बावुमा की कप्तानी में पहली बार टेस्ट हारा साउथ अफ्रीका:डरबन में ऑस्ट्रेलिया ने 214 से हराया, मैच में हेजलवुड को 8 विकेट टेम्बा बावुमा की कप्तानी में पहली बार साउथ अफ्रीका कोई टेस्ट मैच हार गया है। टीम को डरबन में हुए पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 214 रन से हरा दिया। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पूरी खबर पढ़ें…
Rinku Hooda ने नागोया में जीता स्वर्ण पदक, मां को किया समर्पित
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 19 अक्टूबर मां के निधन के बाद पिछले दो महीने से परेशान चल रहे रिंकू हुड्डा ने उनके लिए एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प लिया था और सोमवार को नागोया में उन्होंने ऐसा ही किया। रिंकू ने आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इसे अपनी मां को समर्पित किया। इस स्पर्धा में भारत के अजीत सिंह ने भी रजत पदक जीता। नागोया से पीटीआई के साथ टेलीफोन पर बातचीत में रिंकू ने कहा, ‘‘पिछले दो महीने से मैं थोड़ा परेशान था। मेरी मां का आठ अगस्त को निधन हो गया था। मैं अब भी परेशान हूं। बाहर से सब ठीक लगता है, लेकिन अंदर से ऐसा नहीं है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी मां के लिए यह स्वर्ण पदक जीतना चाहता था। इसलिए मैं यह स्वर्ण पदक अपनी मां को समर्पित करना चाहूंगा।’’हरियाणा के धामड़ गांव के 27 वर्षीय रिंकू को मां के निधन के बाद परिवार के साथ समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला क्योंकि 13 दिन की शोक अवधि पूरी होते ही उन्हें प्रशिक्षण के लिए लौटना पड़ा।’’रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले रिंकू ने कहा, ‘‘उनका निधन आठ अगस्त को हुआ था। 19 अगस्त को 13वें दिन की रस्म पूरी होते ही मैंने प्रशिक्षण शुरू कर दिया था। हालांकि, शुरुआत में मैंने हल्का अभ्यास किया।’’प्रशिक्षण शुरू करते ही रिंकू के कंधे में चोट लग गई जिसके कारण उन्हें करीब तीन सप्ताह तक आराम करना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कंधे में ग्रेड-1 का मांसपेशीय खिंचाव था। इसके बाद मैंने करीब 20 दिन आराम किया। अब मैं चोट से पूरी तरह उबर चुका हूं।’’रिंकू ने कहा, ‘‘पहले मैं टेपिंग वगैरह करता था। अब भी टेपिंग करता हूं, लेकिन मुझे दर्द महसूस नहीं हुआ।’’रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता और अजीत सिंह को महज नौ सेंटीमीटर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया। रिंकू की जिंदगी तीन साल की उम्र में बदल गई थी जब खेती के दौरान हुए एक हादसे में उनका बायां हाथ कट गया। धान की बुवाई में इस्तेमाल होने वाली मशीन में हाथ फंस जाने के कारण उनका हाथ काटना पड़ा। रिंकू ने 2018 एशियाई पैरा खेलों में कांस्य और 2022 में चीन में आयोजित प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। उन्होंने 2023 और 2025 की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी क्रमश: रजत और स्वर्ण पदक हासिल किया। हालांकि, उनके पदकों के संग्रह में अब तक पैरालंपिक पदक शामिल नहीं है। रिंकू ने कहा, ‘‘मैंने अभी तक पैरालंपिक में कोई पदक नहीं जीता है। अब मेरा लक्ष्य यही है। मैं इस पर अधिक ध्यान दूंगा।’’
न्यूजीलैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में मानव सुथार को शामिल न किए जाने से भारत के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर मुरली कार्तिक को 'झटका' लगा है। कार्तिक मानते हैं...
मिजोरम के चिन्मय सुतार रणजी ट्रॉफी के इतिहास में एक ही पारी में 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। अपने करियर का दूसरा फर्स्ट-क्लास मैच खेलते हुए, सुतार ने सोविमा...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को 'एशियन पैरा गेम्स 2026' में भारत के लिए पदक जीतने वाले एथलीट्स को बधाई दी। भारत ने सोमवार को कुल 11 मेडल (4 गोल्ड, 5 सिल्वर और...
एशियन पैरा गेम्स: भारत ने पहले दिन चार स्वर्ण सहित 11 पदक जीतकर शानदार शुरुआत की
भारत ने सोमवार को एशियन पैरा गेम्स में शानदार शुरुआत करते हुए 4 गोल्ड सहित कुल 11 मेडल अपने नाम किए हैं। एथलेटिक्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। पढ़िए सभी मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के बारे में।
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के 2027 सीजन से पहले ऑक्शन 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगा। इसमें 146 खिलाड़ी हिस्सा लेंगी, लेकिन पांचों टीमों के पास मिलाकर सिर्फ 27 खिलाड़ियों की जगह खाली है। इंग्लैंड की बल्लेबाज सोफिया डंकली और ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यू ने अपनी बेस प्राइस 50 लाख रुपए रखी है। बेस प्राइस वह शुरुआती कीमत होती है, जहां से किसी खिलाड़ी के लिए बोली शुरू हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं कि खिलाड़ी को 50 लाख रुपए मिलना तय है। अगर कोई टीम बोली नहीं लगाती, तो खिलाड़ी अनसोल्ड भी रह सकती है। ऑक्शन में भारतीय खिलाड़ियों की संख्या सबसे ज्यादा है। 119 भारतीय और 27 विदेशी हैं। लेकिन टीमों को भारतीय खिलाड़ियों के लिए 20 और विदेशी खिलाड़ियों के लिए सिर्फ 7 जगह भरनी है। 5 बड़े फैक्ट्स में ऑक्शन का पूरा गणित समझिए… 1. ऑक्शन कैसे होता है? बेस प्राइस और पर्स का मतलब समझिए ऑक्शन में टीमें उन खिलाड़ियों के लिए बोली लगाती हैं, जिन्हें वे अपने साथ जोड़ना चाहती हैं। हर खिलाड़ी अपनी एक शुरुआती कीमत तय करती है, जिसे बेस प्राइस कहते हैं। इसके बाद टीमें बोली बढ़ाती हैं और सबसे ऊंची बोली लगाने वाली टीम खिलाड़ी को खरीद लेती है। लेकिन हर टीम के पास खर्च करने के लिए सीमित पैसा होता है। इसे पर्स कहते हैं। टीम जितना पैसा पहले खर्च कर चुकी है, उसके बाद उतना ही पैसा बचता है, जिसे वह ऑक्शन में इस्तेमाल कर सकती है। दूसरी सीमा खिलाड़ियों की संख्या है। किसी टीम के पास जितनी खाली जगह है, वह उसी हिसाब से खिलाड़ी खरीद सकती है। इस बार पांचों टीमों के पास कुल 27 स्लॉट खाली हैं। इनमें 20 भारतीय और 7 विदेशी खिलाड़ियों के लिए हैं। 2. किस खिलाड़ी ने कितनी बेस प्राइस रखी? सबसे ऊंची बेस प्राइस रखने वाली डंकली और मोलिन्यू हैं। मोलिन्यू पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल चुकी हैं। 2024 में टीम के खिताबी अभियान के दौरान उन्होंने 10 मैचों में 12 विकेट लिए थे। 2025 में वे घुटने की चोट से नहीं खेल सकीं। डंकली 2023 में गुजरात जायंट्स के लिए खेली थीं। उन्होंने 2024 सीजन के लिए अपना नाम नहीं दिया था और 2025 के ऑक्शन में अनसोल्ड रही थीं। इस बार दोनों खिलाड़ियों की बेस प्राइस सबसे ज्यादा है, लेकिन उन्हें कितनी रकम मिलेगी, यह ऑक्शन में लगने वाली बोली से तय होगा। 3. कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ी कौन होती हैं? ऑक्शन की खबरों में कैप्ड और अनकैप्ड शब्द बार-बार आते हैं। इसका आसान मतलब है- इस ऑक्शन में 119 भारतीय खिलाड़ियों में 22 कैप्ड और 97 अनकैप्ड हैं। विदेशी खिलाड़ियों में 14 कैप्ड और 13 अनकैप्ड खिलाड़ी हैं। विदेशी समूह में एसोसिएट देशों की छह खिलाड़ी भी शामिल हैं। एसोसिएट देश वे क्रिकेट बोर्ड हैं, जो टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते। 4. यूपी वॉरियर्स के पास 8 स्लॉट यूपी वॉरियर्स पांच भारतीय और तीन विदेशी खिलाड़ियों के लिए बोली लगा सकती है। इसलिए उसके पास आठ खाली स्लॉट हैं और पांचों टीमों में सबसे ज्यादा खिलाड़ियों को खरीदने की जरूरत है। टीम ने जिन खिलाड़ियों को रिलीज किया, उनमें डिएंड्रा डॉटिन, क्लो ट्रायन और किरण नवगिरे शामिल हैं। उसने तारा नॉरिस को मुंबई इंडियंस के साथ 10 लाख रुपए के ट्रेड में भी भेजा। ट्रेड का मतलब है कि ऑक्शन के बजाय दो फ्रेंचाइजी आपसी सहमति से खिलाड़ी को एक टीम से दूसरी टीम में भेजती हैं। मुंबई इंडियंस के पास 6 खाली स्लॉट हैं, लेकिन सभी भारतीय खिलाड़ियों के लिए हैं। गुजरात जायंट्स ने 15 खिलाड़ियों को रिटेन किया और चार को रिलीज किया। इसलिए उसके पास सिर्फ तीन स्लॉट खाली हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 4 खिलाड़ियों को रिलीज किया, जिनमें ग्रेस हैरिस शामिल हैं। टीम के पास पांच स्लॉट खाली हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने छह खिलाड़ियों को रिलीज किया और पांच जगह भरनी हैं। 5. इंग्लैंड की कई खिलाड़ी ऑक्शन में क्यों नहीं आईं? इस ऑक्शन में इंग्लैंड की सिर्फ दो खिलाड़ियों सोफिया डंकली और किरा चैथली ने नाम दर्ज कराया है। चैथली की बेस प्राइस 10 लाख रुपए है। डैनी वायट-हॉज, एलिस कैप्सी, डैनी गिब्सन, लॉरेन फिलर और लिन्से स्मिथ जैसी कई खिलाड़ी इस बार ऑक्शन में शामिल नहीं हुई हैं। इसके पीछे दो अहम वजहें बताई गई हैं- पहली वजह: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कार्यक्रम- इंग्लैंड की टीम फरवरी की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ तीन टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल सकती है। यह कार्यक्रम WPL के आखिरी सप्ताह से टकरा सकता है। दूसरी वजह: कमाई का अंतर- इंग्लैंड की कई खिलाड़ी द हंड्रेड जैसे टूर्नामेंट में WPL की अधिकतम बेस प्राइस से ज्यादा रकम कमा सकती हैं। पिछले साल द हंड्रेड में कुछ खिलाड़ियों की कमाई 1.90 लाख पाउंड तक थी, जबकि WPL में सबसे ऊंची बेस प्राइस 50 लाख रुपए है।
187 रन पर गिरे 7 विकेट, फिर 22 साल के बल्लेबाज ने नंबर 9 पर आकर ठोका शतक, लगाए 6 छक्के
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में कर्नाटक के 22 साल के युवा खिलाड़ी मनवंत कुमार ने सौराष्ट्र के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। इस मैच में उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास करियर का पहला शतक लगाया।
WPL Auction: 27 स्थानों के लिए 146 क्रिकेटरों की सूची जारी, कोच्चि में लगेगी बोली
भारतीय बल्लेबाज जी कमलिनी, ऑलराउंडर स्नेह राणा, ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यू और श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू उन 146 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें 28 अक्टूबर को कोच्चि में होने वाली महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की नीलामी सूची में रखा गया है। लीग के 2027 सत्र से पहले उपलब्ध 27 स्थानों के लिए इन खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। नीलामी सूची में 22 भारतीय ‘कैप्ड’ खिलाड़ी, 14 विदेशी ‘कैप्ड’ खिलाड़ी, 97 ‘अनकैप्ड’ (जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला हो) भारतीय खिलाड़ी और 13 ‘अनकैप्ड’ विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। नीलामी के लिए सबसे अधिक बेस प्राइस 50 लाख रुपये रखा गया है। इसके अलावा खिलाड़ियों को 40 लाख, 30 लाख, 20 लाख और 10 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणियों में रखा गया है। मुंबई इंडियंस ने विकेटकीपर-बल्लेबाज कमलिनी को नीलामी से पहले टीम से रिलीज कर दिया था। उन्हें 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली कैपिटल्स ने स्नेह राणा को रिलीज किया था। उन्हें 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में रखा गया है। श्रीलंका की कप्तान अटापट्टू भी इसी श्रेणी में शामिल हैं। 40 लाख रुपये के बेस प्राइस वाली श्रेणी में भारत की किरण नवगिरे और ऑस्ट्रेलिया की हीथर ग्राहम तथा जेस जोनासन जैसी प्रमुख खिलाड़ी भी शामिल हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से रिलीज की गई ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर मोलिन्यू का बेस प्राइस 50 लाख रुपये है। सबसे अधिक बेस प्राइस वाली श्रेणी में केवल दो खिलाड़ी हैं। इसमें इंग्लैंड की सोफिया डंकली भी शामिल हैं। डंकली 2024 में गुजरात जायंट्स की ओर से खेल चुकी हैं।
WPL Auction 2027 के लिए 146 प्लेयर का नाम आया सामने, सिर्फ 27 स्लॉट के लिए लगेगी बोली
WPL 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी। इस ऑक्शन में 5 टीमें मिलकर 146 खिलाड़ियों में से 27 नए खिलाड़ियों को अपनी टीम में चुनेंगी।
एशियन पैरा गेम्स 2026: एथलेटिक्स के पहले दिन भारत ने तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते
भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता।
13 नवंबर से होगी आईडब्ल्यूएल 2026-27 सीजन की शुरुआत; इन 8 टीमों के बीच खिताबी जंग
भारत की प्रमुख महिला क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता, इंडियन विमेंस लीग (आईडब्ल्यूएल) का 2026-27 सीजन 13 नवंबर से शुरू होने जा रहा है, जिसमें आठ क्लब खिताब के लिए कोलकाता...
जसप्रीत बुमराह को तीनों फॉर्मेट नहीं खेलना चाहिए, टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ने क्यों दिया ऐसा बयान
रवि शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह को सलाह दी है कि 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक फिट रहने के लिए उन्हें सभी फॉर्मेट खेलने से बचना चाहिए। उन्हें मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए और वनडे व टी20 में जरूरत के मुताबिक खेलना चाहिए।
प्रज्ञान ओझा बने BCCI चयन समिति के नए चेयरमैन, रमेश पवार की भी हुई एंट्री
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने प्रज्ञान ओझा को पुरुष चयन समिति का नया चेयरमैन नियुक्त किया है. प्रज्ञान ओझा पूर्व अध्यक्ष अजित अगरकर की जगह लेंगे. इसके साथ ही पूर्व क्रिकेटर रमेश पवार की भी चयन समिति में एंट्री हुई है. नई चयन समिति में शिव सुंदर दास, आरपी सिंह और अजय रात्रा भी शामिल हैं. बीसीसीआई ने अजित अगरकर के शानदार कार्यकाल की सराहना की, जिसके दौरान भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफियां जीतीं.
Asian Para Games: भारत ने नागोया में एथलेटिक्स के पहले दिन जीते 6 पदक
भारत के पैरा एथलीटों ने सोमवार को यहां आईची-नागोया एशियाई पैरा खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण सहित छह पदक जीते। लंबी कूद में निषाद कुमार, भाला फेंक में रिंकू और दृष्टिबाधित मध्य दूरी की धाविका सौम्या ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। भारत ने एथलेटिक्स तीन स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। जापान ने मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में एथलेटिक्स स्पर्धाओं के पहले दिन तीन स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य सहित कुल आठ पदक जीते। निषाद ने पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का एथलेटिक्स में स्वर्ण पदकों का खाता खोला। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले एशियाई पैरा खेलों में भी ऊंची कूद की टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने लंबी कूद में अपने तीसरे और पांचवें दोनों प्रयासों में 7.11 मीटर की छलांग लगाई। दिलचस्प बात यह है कि वह पहली बार लंबी कूद में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद मौजूदा खेलों में अपनी पसंदीदा स्पर्धा ऊंची कूद टी47 में भी भाग लेंगे। उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव और श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान ने क्रमशः 6.99 मीटर और 6.55 मीटर के प्रयास से रजत और कांस्य पदक जीते। टी47 श्रेणी में वह खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनके शरीर के ऊपरी अंगों में अक्षमता होती है। निषाद जब छह साल के थे तब हिमाचल प्रदेश में अपने खेत में घास काटने वाली मशीन से उनका दाहिना हाथ कट गया था। सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के सबसे गंभीर टी11 वर्ग में भारत की रवन्नी वलसानैनी ने कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में मूल रूप से तीसरे स्थान पर रहने वाली रक्षिता राजू को तकनीकी उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। यह उल्लंघन कपड़ों, जूतों और प्रतियोगिता में इस्तेमाल होने वाले बिब नंबर से संबंधित नियमों का पालन नहीं करने के कारण हुआ। भारत के लिए तीसरा स्वर्ण रिंकू ने पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में जीता जबकि उनके हमवतन अजीत सिंह ने रजत पदक हासिल किया। रिंकू ने 65.11 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने अजीत को महज नौ सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा। अजीत ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता। तीन खिलाड़ियों की इस स्पर्धा में इंडोनेशिया के आर सत्योनो ने 55.30 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एफ46 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे विच्छेदन हुआ हो या उन्हें इसी तरह की शारीरिक अक्षमता हो।
Sheetal Devi ने तीरंदाजी में की World Record की बराबरी, Swati Chaudhary ने भी रचा इतिहास
एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। जापान के आइची-नागोया में सोमवार को तीरंदाजी मुकाबलों में स्वाति चौधरी और शीतल देवी ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। स्वाति ने महिलाओं के रैंकिंग दौर में नया एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड बनाया, जबकि शीतल देवी ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया है। अपने पहले एशियाई पैरा खेल में हिस्सा ले रहीं स्वाति चौधरी ने महिलाओं के रैंकिंग दौर में कुल 648 अंक हासिल किए। उन्होंने पहले हिस्से में 332 और दूसरे हिस्से में 316 अंक बनाए। इस दौरान उनके निशाने पर 9 बार एक्स और 14 बार 10 अंक आए। उनका कुल स्कोर 2023 में हांगझोऊ में चीन की मिनयी चेन के बनाए 627 अंकों के रिकॉर्ड से काफी आगे रहा। इस प्रदर्शन के साथ स्वाति ने नया एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इससे पहले भारत की शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड तीरंदाजी के रैंकिंग दौर में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। यह मुकाबला ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क के बहुउद्देश्यीय मैदान में खेला गया। तुर्किये की ओजनुर क्योर भी इस विश्व रिकॉर्ड की संयुक्त हिस्सेदार हैं। शीतल ने अपने प्रदर्शन से एशियाई रिकॉर्ड भी बेहतर किया। उन्होंने इस साल मार्च में थाईलैंड के बैंकॉक में 698 अंक हासिल किए थे, लेकिन इस बार 6 अंक ज्यादा बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने दोनों हिस्सों में 352-352 अंक बनाए। उनके निशाने पर 32 बार एक्स और 25 बार 10 अंक आए। इस स्कोर के साथ वह रैंकिंग दौर में पहले स्थान पर रहीं। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ में बनाए अपने 680 अंकों के एशियाई पैरा खेल रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। भारत की पायल नाग ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 675 अंक बनाए और संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने पहले हिस्से में 334 और दूसरे में 341 अंक हासिल किए। उनके खाते में 12 एक्स और 20 बार 10 अंक दर्ज हुए। शीतल और पायल ने मिलकर महिलाओं के कंपाउंड युगल रैंकिंग दौर में 1,379 अंक बनाए और शीर्ष स्थान हासिल किया। इसमें शीतल का योगदान 704 और पायल का 675 अंक रहा। पुरुषों के कंपाउंड तीरंदाजी रैंकिंग दौर में भारत के हरविंदर सिंह 631 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने पहले हिस्से में 310 और दूसरे में 321 अंक बनाए। उनके निशाने पर 8 एक्स और 13 बार 10 अंक आए। वहीं, विजय सुंडी ने 630 अंकों के साथ सातवां स्थान हासिल किया। उन्होंने पहले हिस्से में 318 और दूसरे में 312 अंक बनाए, जबकि उनके खाते में 6 एक्स और 13 बार 10 अंक दर्ज हुए। गौरतलब है कि रैंकिंग दौर के अंक खिलाड़ियों की आगे की स्पर्धाओं में स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारतीय तीरंदाजों के इन प्रदर्शन से टीम का मनोबल बढ़ा है और आने वाले मुकाबलों में उनसे बेहतर नतीजों की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को जैवलिन थ्रो एफ46 स्पर्धा में रिंकू और अजीत सिंह ने शीर्ष दो स्थान हासिल करते हुए देश का मान बढ़ाया...
रोहित, जसकरण और चंद्रमोहन ने जीता ब्रॉन्ज: अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप
लास वेगास, अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के आखिरी दिन, भारत के फ्रीस्टाइल पहलवानों ने अपने सभी पदक मुकाबलों में जीत हासिल की।
Ramesh Powar भारतीय पुरुष चयन समिति में शामिल, Pragyan Ojha बने रहेंगे प्रमुख
भारत के पूर्व स्पिनर रमेश पोवार को सोमवार को राष्ट्रीय पुरुष सीनियर चयन समिति में शामिल किया गया जबकि प्रज्ञान ओझा पैनल के अध्यक्ष बने रहेंगे। ओझा ने अजित अगरकर की जगह ली है जिनका कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हो गया था।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा कि अंतरिम प्रमुख ओझा वरिष्ठता (टेस्ट मैच की संख्या) के आधार पर समिति की अध्यक्षता करेंगे। बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर ओझा ने अपने पांच साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में 24 टेस्ट खेले थे।बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘पूर्व भारतीय बल्लेबाज अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की सदस्यता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने सर्वसम्मति से पोवार की नियुक्ति की सिफारिश की।’’अपने क्रिकेट करियर के दौरान 48 वर्षीय पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले।इसके बाद उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में भी कई जिम्मेदारियां निभाईं। वह भारतीय महिला टीम, मुंबई और गुजरात के मुख्य कोच रहे हैं। इसके अलावा वह यहां बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र में गेंदबाजी कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं।भारतीय महिला टीम के साथ पोवार के कार्यकाल के दौरान टीम ने 2022 में एशिया कप का खिताब जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया।पोवार का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही छोटा रहा लेकिन वह मुंबई के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने 148 प्रथम श्रेणी मैच में 470 विकेट लिए।वह निचले क्रम के उपयोगी बल्लेबाज भी रहे और उन्होंने सात शतक तथा 17 अर्धशतकों की मदद से 4,245 रन बनाए।पीटीआई को मिली जानकारी के अनुसार नए चयनकर्ता के लिए चयन प्रक्रिया 15 अक्टूबर को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में हुई थी।पोवार के अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर सलिल अंकोला, वसीम जाफर, जैकब मार्टिन और कोनोर विलियम्स भी साक्षात्कार में शामिल हुए थे।हालांकि सीएसी के सदस्यों ने चयन समिति के नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए पोवार के नाम पर मुहर लगाई। यह व्यवस्था कम से कम 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 50 ओवर के विश्व कप को देखते हुए की गई है।जाफर ने 2000 से 2008 के बीच भारत के लिए 31 टेस्ट खेले थे। उन्होंने 34 के औसत से 1,944 रन बनाए जिसमें पांच शतक शामिल हैं। अगर मुंबई के इस पूर्व बल्लेबाज को चुना जाता तो वह चयन समिति के अध्यक्ष पद पर ओझा की जगह लेते।बीसीसीआई ने चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में भारतीय क्रिकेट में उल्लेखनीय योगदान के लिए अगरकर की भी सराहना की।सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान प्रतिबद्धता, दृढ़ विश्वास और योगदान के लिए अजित अगरकर के प्रति आभार व्यक्त करता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जुलाई 2023 में नियुक्ति के बाद अगरकर ने ऐसे महत्वपूर्ण दौर में समिति का नेतृत्व किया जब भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी, दो एशिया कप खिताब और लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते।’’पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।भाषा पुरुष चयन समिति: प्रज्ञान ओझा (अध्यक्ष), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार।
नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन: जापान
बीजिंग, जापान के आइची प्रांत के नागोया में 5वें एशियाई पैरा गेम्स का उद्घाटन 18 अक्टूबर की शाम को हुआ।
Asian Para Games: सौम्या ने 1500 मीटर दौड़ में जीता Gold Medal, राधा को मिला रजत
भारत की सौम्या ने सोमवार को यहां एशियाई पैरा खेलों की महिलाओं की 1500 मीटर टी12-टी13 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जबकि हमवतन राधा वेंकटेश ने रजत पदक अपने नाम किया। सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके रजत पदक हासिल किया। दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में सौम्या के गाइड कुमार भरत थे जबकि राधा के साथ गोविंद सोलंकी ने गाइड की भूमिका निभाई। जापान की माना सासाकी तीसरे स्थान पर रहीं। टी11 से टी13 तक की स्पर्धाएं दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए होती हैं। टी11 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिन्हें बिलकुल दिखाई नहीं देता या वे लगभग पूरी तरह दृष्टिहीन होते हैं जबकि टी13 वर्ग में गंभीर दृष्टिबाधिता होती है। टी12 वर्ग के खिलाड़ियों की दृष्टिबाधिता इन दोनों वर्गों के बीच होती है।
एशियन पैरा गेम्स 2026: सौम्या और रिंकू ने भारत को दिलाया गोल्ड, राधा को रजत
एशियाई पैरा खेल 2026 में भारत की बेटियों ने कमाल का प्रदर्शन किया है। सौम्या ने भारत को महिलाओं की 1500 मीटर टी12/13 प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल दिलाया है, जबकि राधा वेंकटेश को सिल्वर मेडल मिला है। रिंकू सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है।
बंगाल के अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन 31 वर्ष के हो चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद, अभी तक उन्हें भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है।
जैवलिन में रिंकू का गोल्ड, अजीत को सिल्वर, ट्रैक पर सौम्या ने भी जीता सोना
एशियन पैरा गेम्स में सोमवार को जैवलिन थ्रो F46 स्पर्धा में रिंकू ने 65.11 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड और अजीत सिंह ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता. महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 रेस में सौम्या ने गोल्ड और राधा वेंकटेश ने सिल्वर अपने नाम किया.
भारत बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज में नहीं मिली एंट्री, अब सेंचुरी ठोक दे दिया जवाब
रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलते हुए सरफराज खान ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा कर लिया है। ये प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनकी 19वीं सेंचुरी है।
BREAKING : BCCI में बड़ा बदलाव! प्रज्ञान ओझा बने चीफ सिलेक्टर, रमेश पोवार को भी मिली चयन समिति में जगह
कपिल परमार ने जूडो में ब्रॉन्ज मेडल जीता: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत के कपिल परमार ने सोमवार को 2026 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों के जे1-70 किग्रा पैरा-जूडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अजित अगरकर की जगह पर पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। अब पुरुष टीम की नई चयन समिति में प्रज्ञान ओझा (चेयरमैन), शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पोवार हैं। प्रज्ञान ने इंटरनेशनल करियर में 140+ विकेट लिए पोवार ने दो टेस्ट और 31 वनडे खेले पोवार ने भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे खेले हैं। वह मुंबई के पूर्व भारतीय स्पिनर हैं। इसके अलावा, वह दो अलग-अलग कार्यकाल में भारतीय सीनियर विमेन टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। दो बार महिला टीम के कोच रहे रमेश पोवार दो अलग-अलग कार्यकालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच रहे। उन्होंने पहली बार 2018 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और बाद में मई 2021 में उन्हें फिर से इस पद पर नियुक्त किया गया था। मिताली राज के साथ हुआ था विवाद पोवार का सबसे चर्चित विवाद 2018 विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान कप्तान मिताली राज के साथ हुआ था। मिताली ने उन पर भेदभाव करने, अपमानित करने और करियर को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। यह विवाद तब और गहरा गया जब मिताली को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद पोवार को पद से हटा दिया गया था। अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे की कमेटी ने किया चयन BCCI के मुताबिक, क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी में अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे शामिल थे। कमेटी ने BCCI मुख्यालय में आवेदनकर्ताओं की स्क्रीनिंग और इंटरव्यू किए। इसके बाद रमेश पोवार के नाम पर मुहर लगी। -----------------क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें कोच गौतम गंभीर ने अजित अगरकर के लिए पोस्ट किया टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने बुधवार को पूर्व चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर के लिए पोस्ट लिखी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ‘प्रिय अजित भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बड़ा सम्मान रहा।’ पढ़ें पूरी खबर…
बीसीसीआई का बड़ा ऐलान, प्रज्ञान ओझा बने नए सेलेक्शन कमिटी के चीफ, रमेश पवार भी हुए शामिल
BCCI ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को मेंस सेलेक्शन कमिटी का नया चीफ सेलेक्टर नियुक्त किया है। रमेश पोवार को भी सेलेक्शन कमिटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक ने कहा है कि इंजरी पर अफसोस करने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय कोच गौतम गंभीर से हुई बातचीत ने उन्हें मुश्किल दौर से उबरने में मदद की। भारत के खिलाफ सितंबर में हुई टी-20 सीरीज के पहले मैच में टॉस से 20 मिनट पहले उनके कंधे की चोट फिर उभर आई थी। इसकी वजह से वे मैच नही खेल सके। तब नवीन 9 महीने की रिहैबिलिटेशन के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करने वाले थे। नवीन ने क्रिकबज से बातचीत में कहा कि अब उनका पूरा ध्यान फिटनेस हासिल करने पर है। वह जल्दबाजी में वापसी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वे तभी खेलेंगे, जब उन्हें अपने कंधे पर पूरा भरोसा होगा। नवीन ने कहा- गंभीर से 20-25 मिनट बातचीत ने नजरिया बदला नवीन ने बताया कि भारत के खिलाफ तीसरे टी-20 के बाद वह मैदान पर अकेले बैठे थे। तभी गौतम गंभीर ने उनसे चोट और मैच नहीं खेलने की वजह पूछी। गंभीर IPL में लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ उनके कोच रह चुके हैं। नवीन के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्होंने गंभीर को बताया कि लंबे समय तक मेहनत करने के बाद दोबारा चोटिल होना उन्हें मानसिक रूप से कितना प्रभावित कर रहा था। करीब 20-25 मिनट की इस बातचीत से उन्हें अपनी परेशानियों में उलझे रहने के बजाय दोबारा आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। कंधे की चोट के कारण टी-20 वर्ल्ड कप भी नहीं खेले नवीन दिसंबर 2025 के बाद से कोई प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेले हैं। दाएं कंधे में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण वह इस साल टी-20 वर्ल्ड कप से भी बाहर रहे। फ्रैक्चर 8 से 10 सप्ताह में ठीक हो गया था, लेकिन इसके बाद रिकवरी लंबी चली। कंधे के लैब्रम की मरम्मत के लिए उन्हें दूसरी सर्जरी भी करानी पड़ी। कंधे के कैप्सूल को कसने की जरूरत के कारण वापसी में और समय लगा। नवीन ने कहा कि लगातार राष्ट्रीय टीम और अलग-अलग लीग में खेलने के बाद अचानक जिम और फिजियोथेरेपी तक सीमित हो जाना उनके लिए मुश्किल था। 34-35 साल तक खेलना चाहते हैं नवीन का मानना है कि उनके पास उच्च स्तर पर क्रिकेट खेलने के लिए अभी 7-8 साल हैं। उन्होंने कहा कि अगले 6-7 साल तक अच्छा क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें मेहनत करनी होगी और मुश्किलों का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इंटरनेशनल टीम में जगह या प्लेइंग-11 में वापसी को लेकर नहीं सोच रहे। उन्हें अपनी स्किल पर भरोसा है और पूरी फिटनेस हासिल करने के बाद वह मैदान पर अपना प्रदर्शन दिखाना चाहते हैं। फिटनेस पर पूरा भरोसा होने पर ही लौटेंगे नवीन ने वापसी के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की है। वह रिहैबिलिटेशन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और गेंदबाजी की तैयारी जारी रखेंगे। उनके मुताबिक, क्रिकेट में लौटने से पहले उन्हें अपनी फिटनेस और कंधे को लेकर 100-120% भरोसा चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की टीम में जगह नहीं मिलती, तो भी यह करियर का अंत नहीं होगा। लीग क्रिकेट में प्रदर्शन करने के मौके मौजूद हैं। नवीन ने कहा कि जीवन ने उन्हें सिखाया है कि एक दिन शानदार प्रदर्शन हो सकता है और अगले दिन खराब। इसलिए उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
एशियन पैरा गेम्स: निषाद कुमार ने लहराया तिरंगा, टी47 लॉन्ग जंप में देश के लिए जीता गोल्ड मेडल
भारत के निषाद कुमार ने आइची-नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों की टी47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद ने सोमवार को 7.11 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर अपने शानदार पैरा-एथलेटिक्स करियर में एक अप्रत्याशित स्वर्ण पदक जोड़ दिया।
पहली बार लॉन्ग जंप में उतरे निषाद कुमार, सीधे गोल्ड पर लगाई छलांग
निषाद कुमार ने एशियन पैरा गेम्स में भारत को पैरा एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया. उन्होंने पुरुषों की T47 लॉन्ग जंप स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता. खास बात यह रही कि यह उनका पहला प्रतिस्पर्धी लॉन्ग जंप मुकाबला था. अब वह अपने पसंदीदा इवेंट हाई जंप T47 में भी उतरेंगे.
बाबर आजम ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने 141 वनडे पारियों में 6671 रन बना लिए हैं। उन्होंने विराट कोहली और हाशिम अमला जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है।
Asian Para Games 2026 में Nishad Kumar ने Long Jump T47 में जीता Gold Medal
सोमवार (19 अक्टूबर) को चल रहे एशियाई पैरा गेम्स 2026 में, निषाद कुमार ने पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। हिमाचल प्रदेश के 27 वर्षीय एथलीट, जो पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में दो बार पैरालंपिक पदक जीत चुके हैं, ने सोमवार को अपनी दूसरी स्पर्धा में हिस्सा लिया और उसमें भी पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी स्पर्धा की शुरुआत 6.95 मीटर की छलांग के साथ की। इसके बाद, अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 7.09 मीटर और तीसरे प्रयास में 7.11 मीटर की दूरी तय की। चौथे प्रयास में वे एक सफल छलांग नहीं लगा सके, और पांचवें प्रयास में उन्होंने फिर से 7.11 मीटर की दूरी तय की। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 6.99 मीटर की दूरी तय करके पोडियम पर जगह बनाई। 6.99 मीटर की यह छलांग उनके इस सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रही। इससे पहले उन्होंने 6.71 मीटर, 6.88 मीटर, 6.81 मीटर और 6.76 मीटर की दूरियां तय की थीं। एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की लॉन्ग जंप T47 स्पर्धा में सबसे बेहतरीन छलांग का रिकॉर्ड चीन के हाओ वांग के नाम है। वांग ने 7 अक्टूबर 2018 को जकार्ता में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में 7.53 मीटर की दूरी तक छलांग लगाई थी। मोना अग्रवाल ने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी ही देश की अवनि लेखरा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही, एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (SH1) स्पर्धा में भारत ने पहले और दूसरे स्थान पर रहते हुए अपने पदकों का खाता खोला। 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतने वालीं मोना छठे स्थान से ऊपर उठीं और 250.0 के स्कोर के साथ एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंकों से पीछे छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि ने 249.6 के स्कोर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके इस पदक से भारत को 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी मिल गया है। इससे पहले, मोना ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित 'वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) वर्ल्ड चैंपियनशिप' में रजत पदक जीतकर भारत के लिए एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था।
भारत के सब्सक्रिप्शन-फ्री OTT प्लेटफॉर्म VETO ने ‘VETO Sports Carnival’ पेश किया है। इसके तहत दर्शक क्रिकेट, फुटबॉल, वेटलिफ्टिंग और टेनिस जैसे खेलों के 300 घंटे से ज्यादा लाइव मुकाबले देख सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए प्लेटफॉर्म पर सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं होगी।
Kapil Parmar ने Asian Para Games में जीता Bronze Medal इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हराया
सोमवार को जापान के नागोया में चल रहे 2026 एशियन पैरा गेम्स में, भारत के कपिल परमार ने पुरुषों के J1 -70kg पैरा-जुडो इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता। ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में, परमार ने इंडोनेशिया के शिदकी राफली अहनाफ को 69 सेकंड में 'इप्पोन' (Ippon) से हरा दिया। पेरिस 2024 पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले कपिल परमार का यह एशियन पैरा गेम्स में दूसरा मेडल है; इससे पहले उन्होंने 2023 के हांगझोऊ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इन गेम्स में उनका यह ब्रॉन्ज मेडल, भारत के लिए कुल तीसरा मेडल है और पैरा-जुडो में देश का पहला मेडल है। इसे भी पढ़ें: देश और दुनिया की दोपहर की बड़ी खबरें, पढ़ें प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम प्रतियोगिता में इससे पहले, क्वार्टर फाइनल में परमार ने मंगोलिया के बातरसुरेन बाट-एर्डेने को 'गोल्डन स्कोर' के दौरान 4 मिनट 53 सेकंड में 'इप्पोन' से हराकर अगले दौर में जगह बनाई थी। अपने प्रदर्शन पर बात करते हुए परमार ने कहा कि मैं अच्छा महसूस कर रहा हूँ। काफी समय हो गया था जब मैंने कोई मेडल जीता था। मैंने बहुत कड़ी मेहनत की है। मेरे कोच ने भी मुझ पर बहुत मेहनत की है। मैं तो गोल्ड मेडल जीतने की तैयारी के साथ आया था, लेकिन आज मेरा दिन या मेरी किस्मत साथ नहीं थी, इसलिए मुझे ब्रॉन्ज मेडल मिला। सभी भारतीयों का बहुत-बहुत धन्यवाद। आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) और SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का बहुत-बहुत धन्यवाद। सभी का धन्यवाद। OGQ (ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट) का भी धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद, भारत। परमार के कोच, मुनव्वर अंजार ने इस मेडल के महत्व पर जोर दिया, खासकर इसलिए क्योंकि हाल के महीनों में परमार को कई निजी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें उनकी मां की खराब तबीयत भी शामिल थी। अंजार ने कहा, उनके लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतना बहुत जरूरी था। उन्होंने पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। लेकिन उसके बाद कुछ ऐसी स्थितियां बनीं कि घर पर उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं थी। इस वजह से वह काफी टूट गए थे, मानसिक रूप से भी। लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्हें यह मेडल अपनी मां को समर्पित करना चाहिए। और आज उन्होंने ऐसा ही किया। सबसे बड़ी बात यह है कि हमें मेडल मिला। और हमें जो ब्रॉन्ज मेडल मिला है, उसके सहारे हम आने वाले पैरालंपिक के लिए बहुत कड़ी तैयारी करेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप परमार ने पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में इतिहास रच दिया। वह पैरालंपिक मेडल जीतने वाले भारत के पहले जूडोका (judo athlete) बन गए हैं, जिन्होंने पुरुषों की J1 -60kg कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता। उनके खेल करियर में कई मुश्किलें आईं; एक बार जब वह पानी से भरे खेत में काम कर रहे थे, तब वहां बिजली का एक तार गिर गया, जिससे उन्हें करंट लगा और उनकी आंखों की रोशनी चली गई। इन मुश्किलों के बावजूद, परमार ने लखनऊ की इंडियन पैरा जूडो एकेडमी में अपनी ट्रेनिंग जारी रखी और अब वह इस खेल के प्रमुख एथलीटों में से एक बन गए हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं, जिनमें 2023 में अलेक्जेंड्रिया में, और 2024 में अंताल्या और त्बिलिसी में आयोजित IBSA जूडो ग्रां प्री प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर इस साल विदेश में भारत के सबसे तेज रनर बने हैं। खास बात यह है कि जिस दिन उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया, उस दिन उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बावजूद वे रेस में उतरे और अपना बेस्ट दिया। जर्मनी में उन्होंने 100 मीटर की रेस 10.14 सेकंड में पूरी की। इसके साथ ही उन्होंने अपना पर्सनल बेस्ट टाइम भी बनाया। अनिमेष का एथलेटिक्स का सफर भी काफी दिलचस्प है। वे सैनिक स्कूल अंबिकापुर में फुटबॉल खेलते थे। एक दिन दोस्तों ने कहा कि तुम्हारी स्पीड अच्छी है, एथलेटिक्स में भी ट्राई करो। इसके बाद उन्होंने पहली बार स्टेट मीट में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने 100 मीटर रेस के साथ शॉटपुट में भी गोल्ड मेडल जीता। उस समय उन्हें यह भी पता नहीं था कि इस प्रतियोगिता के जरिए नेशनल के लिए सिलेक्शन हो रहा है। आज अनिमेष इंटरनेशनल लेवल पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। वे एशियन गेम्स में मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। हालांकि, व्यक्तिगत रेस में मेडल नहीं जीत पाने का मलाल भी है। उनका सपना है कि किसी बड़े इंटरनेशनल इवेंट में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतें और पोडियम पर बीच में खड़े होकर देश का राष्ट्रगान सुनें। दैनिक भास्कर डिटिजल की टीम अनिमेष कुजूर के रायपुर स्थित घर पहुंची। टीम ने उनसे उनके अब तक के सफर, मुश्किल दिनों, माता-पिता के सपोर्ट और आगे के टारगेट पर बात की। पढ़िए इंटरव्यू... देखिए ये तस्वीरें… सवाल: आप सैनिक स्कूल में फुटबॉल खेलते थे, फिर एथलेटिक्स में आने का ख्याल कैसे आया? जवाब: मैं सैनिक स्कूल अंबिकापुर से पास आउट हुआ। 2020 में स्कूल से निकलने के अगले ही दिन कोविड शुरू हो गया था। मेरे पेरेंट्स ने कभी नहीं कहा कि बाहर मत जाओ या खेलना बंद कर दो। दोनों DSP हैं। उस समय उनकी ड्यूटी लोगों को क्वारंटाइन कराने में भी लगती थी, लेकिन उन्होंने मुझे खेलने से नहीं रोका। मैं ग्राउंड में जाता था, जहां पुलिस और आर्मी की भर्ती की तैयारी करने वाले लोग ट्रेनिंग करते थे। मैं भी उनके साथ कभी दौड़ लेता था, कभी शॉटपुट, हाई जंप या लॉन्ग जंप ट्राई कर लेता था। ऐसे ही धीरे-धीरे फुटबॉल से मेरा इंटरेस्ट एथलेटिक्स में बढ़ने लगा। कोविड के बाद स्टेट मीट होने वाला था। मेरे फुटबॉल खेलने वाले दोस्तों ने कहा कि तुम्हारी स्पीड अच्छी है, तुम भी जाकर ट्राई करो। मैं प्रतियोगिता से एक दिन पहले पहुंचा था। उसी शाम मुझे बताया गया कि ब्लॉक कैसे लगाते हैं और स्टार्ट कैसे लेते हैं। इससे पहले मुझे एथलेटिक्स के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था। सिंथेटिक ट्रैक पर भी मैं पहली बार दौड़ा था। मैंने 100 मीटर रेस और शॉटपुट में हिस्सा लिया और दोनों में गोल्ड जीत लिया। मुझे यह भी नहीं पता था कि यहां से नेशनल के लिए सिलेक्शन हो रहा है। बाद में एसोसिएशन से फोन आया कि मेरा नेशनल के लिए सिलेक्शन हो गया है और मुझे गुवाहाटी जाना है। सवाल: पहली बार नेशनल खेलने गए तो क्या लगा कि इस खेल में आगे बढ़ सकते हैं? जवाब: जनवरी 2021 में पहली बार नेशनल खेलने गुवाहाटी गया था। पहली बार पेरेंट्स के बिना बाहर गया था। वहां 100 मीटर में पांचवीं और 200 मीटर में चौथी रैंक मिली, तब लगा कि इस खेल में आगे भी ट्राई करना चाहिए। इसके बाद फिर कोविड आ गया। लगा कि अभी तो शुरुआत की थी और फिर रुकना पड़ रहा है। अक्टूबर 2021 में दिल्ली में अंडर-23 की प्रतियोगिता हुई। मैंने सोचा कि सीनियर खिलाड़ियों के साथ भी ट्राई करते हैं। 200 मीटर में मेरी पांचवीं रैंक आई। मेरे लिए यह बड़ी बात थी कि कम उम्र में सीनियर खिलाड़ियों के साथ फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद हैदराबाद में साईं के साथ ट्रेनिंग करने का मौका मिला। फिर बिलासपुर में अंडर-23 प्रतियोगिता में मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं से रिलायंस फाउंडेशन से जुड़ने का रास्ता खुला। सवाल: गुरविंदर सिंह के साथ एक ही प्रतियोगिता में बार-बार रिकॉर्ड टूटे, उस दिन क्या चल रहा था? जवाब: इस बार हम सबने पूरी ताकत लगा दी थी। सेमीफाइनल में गुरविंदर ने 10.18 सेकंड का रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद मैंने 10.17 सेकंड का टाइम निकाला और रिकॉर्ड को 10.15 सेकंड तक ले गया। अगले दिन गुरविंदर ने 10.09 सेकंड में रेस पूरी की, जबकि मेरा टाइम 10.20 सेकंड रहा। उस दिन रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बन रहे थे। हम लोगों को भी काफी मजा आया। इसके बाद हम दोनों का कॉमनवेल्थ के लिए सिलेक्शन हुआ। ट्रैक पर हमारे बीच मुकाबला रहता है, लेकिन उसके बाहर हम अच्छे दोस्त हैं। हम रिले टीम में भी साथ रहते हैं। इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में जाते हैं तो कई बार साथ ही रहते हैं। रेस में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश होती है, लेकिन बाकी समय दोस्ती रहती है। सवाल: जर्मनी में जिस दिन आपने 10.14 सेकंड का अपना बेस्ट टाइम दिया, उस दिन आपकी तबीयत खराब थी। फिर भी रेस में उतरने का फैसला कैसे किया? जवाब: इस साल जून में जर्मनी में प्यूमा फास्ट आर्म्स फास्टेस्ट कॉम्पिटिशन था। उस समय मेरी तबीयत थोड़ी खराब थी। मैं पोलैंड में टीम के साथ था और वहां से अकेले जर्मनी गया था। पहली बार इस तरह अकेले ट्रैवल करके कॉम्पिटिशन में हिस्सा ले रहा था। मेरे मन में था कि इतनी दूर आया हूं, तो मुझे खुद ही सब मैनेज करना होगा। हर बार कोच या फिजियो मेरे साथ नहीं आ सकते। मैं वहां यह एक्सक्यूज नहीं देना चाहता था कि तबीयत खराब थी, इसलिए अच्छा नहीं कर पाया। मैंने किसी तरह खुद को संभाला और रेस में उतरा। तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद 10.14 सेकंड का अपना पर्सनल बेस्ट टाइम दिया। मेरे लिए यह बहुत अच्छा पल था। अब मेरा टारगेट 10 सेकंड से कम टाइम निकालना है। 10 सेकंड से नीचे रेस पूरी करने का जो मजा होगा, वह अलग ही होगा। सवाल: पहली बार इंटरनेशनल मेडल जीता था, तब क्या फीलिंग थी? जवाब: पहली बार विदेश रूस गया था। वहां कजान में कॉम्पिटिशन था। मैं देख रहा था कि भारतीय खिलाड़ी मेडल जीतने के बाद तिरंगे के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। मैं स्टैंड में बैठा सोच रहा था कि मेरा दिन कब आएगा। फिर जब मैंने 200 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता, तो लगा कि कल तक जिस चीज के बारे में सोच रहा था, आज वही मेरे साथ हो रहा है। तिरंगा लेकर फोटो खिंचवाना बहुत प्राउड मोमेंट था। इसके बाद एशियन चैंपियनशिप और दूसरी इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भी मेडल मिले। हर बार देश के लिए खेलना और तिरंगे के साथ खड़े होना बहुत अच्छा लगता है। सवाल: एशियन गेम्स में मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज मिला, लेकिन व्यक्तिगत रेस में मेडल नहीं आए। इसका कितना मलाल है? जवाब: 100 मीटर मेरे लिए साइड इवेंट जैसा है, जबकि 200 मीटर मेरा मेन इवेंट है। एशियन गेम्स में मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। उस समय यही सोच रहा था कि भारत के लिए दौड़ना है और अपना पूरा दम लगाना है। लेकिन व्यक्तिगत रेस में क्या हुआ, यह मुझे खुद भी समझ नहीं आया। ट्रेनिंग कैंप तक सब अच्छा चल रहा था। मुझे लगता था कि अपनी नॉर्मल टाइमिंग में दौड़ता तो 200 मीटर में मेडल आ सकता था। 100 मीटर में पर्सनल बेस्ट देना पड़ता, लेकिन 200 मीटर में भी उम्मीद थी। मैंने कोच से इस बारे में बात की है। कभी-कभी ट्रेनिंग में अच्छा करने के बाद भी कॉम्पिटिशन में वैसा प्रदर्शन नहीं हो पाता। इसकी वजह समझने और आगे सुधार करने की कोशिश कर रहा हूं। मिक्स्ड रिले में ब्रॉन्ज जीतना अच्छी बात थी, लेकिन व्यक्तिगत इवेंट में भी भारत के लिए मेडल जीतना चाहता था। सवाल: बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में उतरते समय प्रेशर रहता है? जवाब: पहले मुझे लगता था कि बड़े कॉम्पिटिशन में बहुत प्रेशर होगा। लेकिन पिछले साल मोनाको में डायमंड लीग खेलने का एक्सपीरियंस मेरे लिए काफी खास रहा। वहां दुनिया के बड़े एथलीटों के साथ मुकाबला किया और उनसे मिला। मैंने देखा कि इतने बड़े खिलाड़ी भी काफी चिल रहते हैं। तब समझ आया कि कई बार हम खुद ही अपने ऊपर जरूरत से ज्यादा प्रेशर बना लेते हैं। अब बड़े कॉम्पिटिशन में जाने पर घबराहट नहीं होती, बल्कि एक्साइटमेंट होता है कि चलो, अब कुछ अच्छा करने का मौका मिलेगा। सवाल: पेरेंट्स दोनों पुलिस सेवा में हैं। जब आपने एथलेटिक्स को करियर बनाने का फैसला किया, तो उनका क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे पेरेंट्स हमेशा सपोर्टिव रहे हैं। पापा और मम्मी का कहना था कि जो करना है, करो। मम्मी और मौसी को थोड़ी चिंता रहती थी कि अगर पढ़ाई नहीं की तो आगे क्या होगा। उनकी चिंता भी सही थी। लेकिन परिवार ने मुझे कभी रोका नहीं। उन्होंने फाइनेंशियली, मेंटली और हर तरह से सपोर्ट किया। मैं खुद को लकी मानता हूं कि उन्होंने मुझे इस फील्ड में आगे बढ़ने का मौका दिया। अब उन्हें भी खुशी होती है कि जिस काम पर उन्होंने भरोसा किया, उसमें मैं आगे बढ़ रहा हूं। मुझे लगता है कि उन्होंने जो विश्वास दिखाया, उस पर खरा उतरना मेरे लिए बहुत जरूरी था। सवाल: कभी लगा कि एथलेटिक्स छोड़कर कोई दूसरा करियर चुन लेना चाहिए? जवाब: स्कूल के समय मेरा टारगेट नेशनल डिफेंस एकेडमी में जाना था। सैनिक स्कूल का माहौल ही ऐसा था। प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल और कई अधिकारी डिफेंस से जुड़े थे। हमें डिफेंस से जुड़ी जगहों पर जाने और उन्हें समझने का मौका भी मिलता था। लेकिन एथलेटिक्स में आने के बाद कभी ऐसा नहीं लगा कि गलत रास्ता चुन लिया है। अब इसी खेल में आगे बढ़ रहा हूं। परिवार का भरोसा मिला है और मैं इस फील्ड में अच्छा करना चाहता हूं। इसलिए इसे छोड़ने के बारे में नहीं सोचता। सवाल: आप साल में कम ही दिन घर पर रहते हैं। घर और परिवार की याद आती है? जवाब: मैं क्लास-6 से हॉस्टल में रहा हूं। वहां एक फोन पर करीब 80 बच्चों की फैमिली को बात करनी होती थी। फोन करने का समय भी तय था। कभी कॉल लग जाता था, कभी नहीं। कई बार एक-दो हफ्ते तक घर पर बात नहीं हो पाती थी। शुरुआत में हॉस्टल में थोड़ा अजीब लगता था, लेकिन धीरे-धीरे आदत हो गई। अब इतने साल से घर से दूर रहने के कारण इसकी आदत बन गई है। जब घर आता हूं तो परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगता है। सवाल: छत्तीसगढ़ और देश के लोगों को आपसे काफी उम्मीदें हैं। क्या यह उम्मीदें कभी प्रेशर बनती हैं? जवाब: मैं समझता हूं कि लोगों को उम्मीद रहती है कि छत्तीसगढ़ का खिलाड़ी आगे बढ़े और देश के लिए मेडल जीते। लेकिन अच्छे रिजल्ट आने में समय लगता है। मैंने अपना करियर बाकी खिलाड़ियों की तरह बहुत पहले शुरू नहीं किया था। अगर पहले शुरू करता तो शायद कुछ चीजें पहले हो जातीं। अब जिस समय शुरुआत की है, उसी हिसाब से आगे बढ़ रहा हूं। हमने पहले से प्लान किया है कि किस साल कौन-सी प्रतियोगिता पर फोकस करना है। इसलिए लोगों को भी समझना चाहिए कि हर चीज तुरंत नहीं होती। मेहनत करनी पड़ती है और समय देना पड़ता है। सवाल: खेल के साथ डाइट और फिटनेस को कैसे मैनेज करते हैं? घर आने पर पसंद का खाना मिलता है? जवाब: बाहर का खाना और ऐसी चीजें, जो मेरी डाइट के लिए सही नहीं हैं, उन्हें जितना हो सके अवॉइड करता हूं। घर के खाने में चावल और रोटी भी जरूरी हैं, लेकिन डाइट को ट्रेनिंग के हिसाब से मैनेज करना पड़ता है। अभी घर आया हूं तो पसंद का खाना भी खा रहा हूं। मेरा फेवरेट चिली चिकन है। मेरी मामी ने खास तौर पर मेरे लिए चिली चिकन बनाया था। घर आकर ऐसा खाना खाने का मजा ही अलग है। सवाल: आपकी ट्रेनिंग कैसी रहती है? क्या आराम करने का भी समय मिलता है? जवाब: हमारी ट्रेनिंग में ट्रैक और जिम के दिन अलग-अलग होते हैं। ट्रैक वाले दिन सुबह करीब 5:30 बजे उठना पड़ता है। सुबह 6:30 से 10 या कभी 10:30 बजे तक वर्कआउट चलता है। इसके बाद स्विमिंग होती है और फिर लंच। लंच के बाद बॉडी की स्ट्रेंथ और जिन हिस्सों में कमी है, उन पर काम करते हैं। शाम को रिकवरी सेशन, स्टीम बाथ और दूसरी रिकवरी एक्सरसाइज होती हैं। रात की नींद भी बहुत जरूरी है, इसलिए कोच दिन में ज्यादा सोने नहीं देते। आराम के लिए मूवी देखता हूं, वेब सीरीज देखता हूं या कभी थिएटर चला जाता हूं। शनिवार शाम को दोस्तों के साथ मॉल या आसपास घूमने निकल जाते हैं। मुझे वॉक करना भी बहुत पसंद है। रविवार को पूरा दिन चिल करने की कोशिश करता हूं। सवाल: छत्तीसगढ़ में खेलों को और बेहतर बनाने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं? जवाब: दूसरे राज्यों और देशों में स्पोर्ट्स का कल्चर पहले से बना हुआ है। उन्हें पता है कि खिलाड़ी तैयार करने के लिए किस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए। छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में काम हो रहा है, लेकिन अभी और काम किया जा सकता है। जैसे-जैसे यहां से नए खिलाड़ी निकलेंगे, सरकार को भी समझ आएगा कि ग्रासरूट लेवल पर किन चीजों की जरूरत है। बच्चों को शुरुआत से अच्छे मौके मिलने चाहिए, ताकि वे अपने खेल में आगे बढ़ सकें। मेरे हिसाब से खिलाड़ी, परिवार और सरकार, सभी में कुछ करने का जुनून होना चाहिए। खिलाड़ी में पैशन हो और उसे परिवार और सरकार का सपोर्ट मिले, तो मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ सकता है। सवाल: अब आगे का टारगेट क्या है? अगले साल किन प्रतियोगिताओं पर फोकस रहेगा? जवाब: नवंबर और दिसंबर में भारत में ट्रेनिंग करूंगा। इसके बाद विदेश में ट्रेनिंग के लिए जाने का प्लान है। अभी तय किया जा रहा है कि कहां जाना है। अगले साल एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसे बड़े इवेंट हैं। इन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करना है। इसके बाद ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करना बड़ा टारगेट है। मैं चाहता हूं कि भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। जब पोडियम पर बीच में खड़े होकर देश का राष्ट्रगान सुनने का मौका मिलता है, तो वह एहसास अलग होता है। अब तक कई मेडल जीते हैं, लेकिन उस जगह खड़े होने का सपना है।

