रोहित शर्मा और विराट कोहली के आलोचकों को पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहित शर्मा ने फिल्मी अंदाज में जवाब दिया है। मोहित ने फिल्म ‘जॉली एलएलबी’ के एक चर्चित डायलॉग का सहारा लेते हुए कहा, “कौन हैं ये लोग, कहां से आते हैं ये लोग।” उन्होंने साफ कहा कि रोहित और विराट की जगह पर बार-बार चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। मोहित शर्मा ने यह बात दुबई में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) सीजन-3 से इतर न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कही। वह टूर्नामेंट में इंडिया चैंपियंस टीम का हिस्सा हैं। हर सीरीज के बाद उठता है रोहित-विराट की जगह का सवाल रोहित शर्मा और विराट कोहली अब भारतीय क्रिकेट में सिर्फ वनडे फॉर्मेट में खेलते हैं। ऐसे में वनडे कम होने की वजह से हर सीरीज के आसपास दोनों के भविष्य और 2027 वर्ल्ड कप में उनकी जगह को लेकर चर्चा शुरू हो जाती है। इस सवाल पर मोहित ने कहा, मुझे एक मीम याद है- कौन हैं ये लोग, कहां से आते हैं ये लोग। मोहित का जवाब सीधे तौर पर उन लोगों पर तंज था, जो दोनों दिग्गजों की टीम में जगह पर सवाल उठा रहे हैं। विराट के आंकड़े जवाब देते हैं रोहित भी 2026 में शानदार फॉर्म में वेस्टइंडीज सीरीज में भी रोहित का बल्ला चला वेस्टइंडीज के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में रोहित भारत के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 3 पारियों में 225 रन बनाए। उनका औसत 75.00 और स्ट्राइक रेट 115 से ज्यादा रहा। सीरीज में रोहित ने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया। उनका बेस्ट स्कोर 101 रन रहा। अब न्यूजीलैंड में खेलते दिखेंगे रोहित और विराट अब न्यूजीलैंड दौरे पर खेलते दिखेंगे। दोनों 4 नवंबर से शुरू होने वाली 5 मैचों की वनडे सीरीज में खेलेंगे। इसके बाद दोनों भारत में श्रीलंका के खिलाफ 13 दिसंबर से शुरू होने वाली 3 मैचों की वनडे सीरीज में भी नजर आएंगे। कौन हैं मोहित शर्मा मोहित शर्मा भारत के पूर्व तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने भारत के लिए 26 वनडे और 8 टी-20 इंटरनेशनल खेले। उनका इंटरनेशनल करियर 2013 से 2015 तक रहा। वह 2015 वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा भी थे और टूर्नामेंट में 8 मैचों में 13 विकेट लिए थे। मोहित ने 3 दिसंबर 2025 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी। अब वे चेन्नई सुपर किंग्स के नए बॉलिंग कोच बन सकते हैं। --------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… PCB की शर्तों पर पाकिस्तान WCL से बाहर:भारतीय खिलाड़ियों से लिखित माफी और हैंडशेक की मांग थी, आयोजकों ने नहीं मानी पाकिस्तान चैंपियंस ने सोमवार को वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के तीसरे सीजन से नाम वापस ले लिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम को टूर्नामेंट में खेलने के लिए NOC देने पर कुछ शर्तें रखी थीं। पूरी खबर
भारत में 2027 से पहले लौटेगी Formula 1 रेस, खेल मंत्रालय ने शुरू की तैयारी
भारत में मोटर रेसिंग के शौकीनों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में मोटर खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और 2027 से पहले भारत में फॉर्मूला वन रेस वापस लाने की कोशिश की जा रही है। अगर योजना तय समय पर आगे बढ़ती है, तो करीब 13 साल बाद भारत में फिर से दुनिया की सबसे चर्चित मोटर रेसिंग प्रतियोगिताओं में से एक का आयोजन हो सकता है। मौजूद जानकारी के अनुसार, मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत में फॉर्मूला वन की वापसी के लिए तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि रेस के आयोजन से जुड़े ट्रैक की समस्याओं का समाधान कर लिया गया है और जरूरी काम अगले 6 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य 2027 शुरू होने से पहले भारत में फॉर्मूला वन रेस आयोजित कराने का है। बता दें कि भारत में फॉर्मूला वन की पहली रेस 2011 में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर हुई थी। इसके बाद 2012 और 2013 में भी यहां रेस आयोजित की गई। तीनों रेस में जर्मनी के सेबेस्टियन वेट्टेल ने रेड बुल रेसिंग की कार चलाते हुए जीत हासिल की थी। इस तरह बुद्ध सर्किट लगातार 3 सत्र तक भारत में फॉर्मूला वन का केंद्र रहा। हालांकि, 2013 के बाद भारत को फॉर्मूला वन कैलेंडर से बाहर कर दिया गया। कर से जुड़े विवाद, आयोजन की भारी लागत और सरकारी स्तर पर मंजूरियों से जुड़ी दिक्कतों को इसके पीछे प्रमुख कारण माना गया। इससे भारत में अंतरराष्ट्रीय मोटर खेलों के बड़े आयोजन का सिलसिला रुक गया। गौरतलब है कि बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को जर्मन वास्तुकार हरमन तिल्के ने डिजाइन किया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस ट्रैक को शुरुआत में रेसिंग जगत से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। माना जा रहा था कि इसके जरिए भारत लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय मोटर खेलों के नक्शे पर अपनी मजबूत जगह बना सकता है। लेकिन कर विवाद और दूसरी प्रशासनिक अड़चनों ने इस योजना को आगे बढ़ने नहीं दिया। अब सरकार दोबारा भारत को बड़े मोटर खेल आयोजनों का केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। मनसुख मांडविया ने यह भी कहा कि भारत में जल्द मोटोजीपी जैसी प्रतियोगिताएं लाने की योजना है। इसके लिए जरूरी सुधारों पर काम चल रहा है। मोटोजीपी दुनिया की प्रमुख मोटरसाइकिल रेसिंग प्रतियोगिता है और इसके भारत आने से देश में मोटर खेलों की लोकप्रियता और कारोबार दोनों को बढ़ावा मिल सकता है। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान केवल बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों तक सीमित नहीं है। खेलों को हर स्तर पर मजबूत करने और युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी काम किया जा रहा है। भारत में फॉर्मूला वन की वापसी के लिए अब सबसे अहम सवाल यह होगा कि ट्रैक और अन्य तैयारियां तय समय पर पूरी होती हैं या नहीं। यदि सरकार की योजना सफल होती है, तो 2027 से पहले भारत में फॉर्मूला वन की वापसी देश के मोटर खेल इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती हैं।
National Open Athletics Championship शुरू, Kishore Jena और Shaili Singh पर रहेंगी नजरें
एशियाई खेलों की थकान और व्यस्त कार्यक्रम के बीच भारत के कई बड़े एथलीट इस बार राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप से दूर हैं। ऐसे में गुरुवार से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शुरू हो रही प्रतियोगिता युवा और उभरते खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका लेकर आई है। यह प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स में अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों की तलाश के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा नजरें ऊंची कूद के खिलाड़ी सर्वेश कुशारे पर रहेंगी। उनका यह सत्र शानदार रहा है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में रजत पदक जीते हैं। 2.31 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले कुशारे सर्विसेज की ओर से मैदान में उतरेंगे। महिलाओं की 4x400 मीटर दौड़ में भारत को एशियाई खेलों में स्वर्ण दिलाने वाली टीम की सदस्य एमआर पूवम्मा और किरण पहल भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। किरण ने कहा कि एशियाई खेलों का स्वर्ण उनके लिए बेहद खास पल था और उसका जश्न अब भी जारी है। वह रेलवे की ओर से प्रतिस्पर्धा करने आई हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हैं। पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में टीएस मनु, धर्मवीर चौधरी और जय कुमार पर भी नजर रहेगी। इन तीनों ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक विशाल टीके के साथ मिलकर एशियाई खेलों में पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीता था। ऐसे में इस प्रतियोगिता में उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन से भी आगे की तैयारी का अंदाजा लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि एची-नागोया एशियाई खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में कुल 24 पदक जीते थे। हालांकि यह प्रदर्शन 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों से कमजोर रहा, जहां भारत ने 29 पदक जीते थे। इनमें 6 स्वर्ण पदक शामिल थे। इस बार भारत को एथलेटिक्स में सिर्फ 1 स्वर्ण मिला। एशियाई खेलों से पहले कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटने के कारण बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं आए। अब राष्ट्रीय चैंपियनशिप में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ध्यान रहेगा। पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मणिकांत होबलिधर वापसी कर रहे हैं। मार्च में मांसपेशियों की चोट के बाद उन्होंने पिछले महीने कर्नाटक राज्य प्रतियोगिता में 10.46 सेकंड का समय निकालकर इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया था। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 10.19 सेकंड है। महिलाओं की लंबी कूद में शाइली सिंह प्रमुख दावेदार होंगी। उन्होंने एशियाई खेलों में 6.42 मीटर की छलांग के साथ चौथा स्थान हासिल किया था। हालांकि उस प्रतियोगिता में उनके एक प्रयास की दूरी सही तरीके से नहीं नापे जाने के दावे को लेकर विवाद हुआ था। एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता एंसी सोजन इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रही हैं। भाला फेंक में एशियाई खेलों के 2 पदक विजेता यशवीर सिंह और रोहित यादव भी मैदान से बाहर हैं। वहीं हांगझोउ एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता किशोर जेना प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। ऐसे में बड़े नामों की गैरमौजूदगी के बीच यह चैंपियनशिप उन खिलाड़ियों के लिए खास मौका है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स टीम में अपनी जगह मजबूत करना चाहते हैं और देश के पदक अभियान को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान अगले हफ्ते हो सकता है। वनडे टीम की घोषणा में देरी की बड़ी वजह इस समय पुडुचेरी में चल रही भारत A और ऑस्ट्रेलिया A की अनऑफिशियल वनडे सीरीज है। चयनकर्ता कुछ खिलाड़ियों को करीब से देखना चाहते हैं, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम में जगह बनाने की दावेदारी पेश कर रहे हैं। भारत 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक न्यूजीलैंड दौरे पर रहेगा। इस दौरान टीम 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेलेगी। एक दिन पहले ही BCCI ने टी-20 टीम का ऐलान किया था। आखिरी 2 वनडे के लिए अलग टीम क्यों? चयनकर्ताओं की योजना न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक वैकल्पिक स्क्वॉड तैयार रखने की है। इसकी वजह टेस्ट सीरीज का शेड्यूल है। टेस्ट टीम में शामिल नियमित खिलाड़ियों को टेस्ट की तैयारी के लिए वनडे सीरीज खत्म होने से पहले ही न्यूजीलैंड रवाना होना पड़ सकता है। ऐसे में शुरुआती वनडे में खेलने वाले कुछ टेस्ट रेगुलर खिलाड़ियों को आखिरी दो मुकाबलों से आराम दिया जा सकता है। उनकी जगह इंडिया A के उन खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है, जो ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। सूर्यांश शेडगे भी चयनकर्ताओं की नजर में भारत A की तरफ से खेलते हुए ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे ने 7 ओवर में 40 रन देकर 4 विकेट लिए। शेडगे के लिए यह सीरीज इसलिए भी अहम है क्योंकि वह भारत के सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर विकल्पों में तेजी से उभर रहे हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ टीम में हार्दिक पंड्या के विकल्प के तौर पर शामिल किया गया था। टी-20 टीम का ऐलान, भुवनेश्वर की वापसी मंगलवार को न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की टी-20 टीम का ऐलान किया गया। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद टीम में वापसी हुई है। उन्होंने 2022 में आखिरी मैच खेला था। भारत की टी-20 टीमः श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव। ----------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… BCCI मीटिंग के बाद हरमनप्रीत ने छोड़ी कप्तानी: उनकी अगुवाई में भारत ने पहली बार महिला वर्ल्ड कप जीत हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। यह फैसला एक दिन पहले गुवाहाटी में हुई BCCI की मीटिंग के बाद आया है। पूरी खबर पढ़ें…
Hockey India League के भविष्य पर Sports Ministry ने बनाई 7 सदस्यीय कमेटी
हॉकी इंडिया लीग को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश अब तेज होती दिख रही है। खेल मंत्रालय ने संकट से जूझ रही इस लीग के भविष्य पर काम करने के लिए 7 सदस्यीय समिति का औपचारिक गठन कर दिया है। समिति में खेल मंत्रालय, हॉकी इंडिया और लीग की फ्रेंचाइजी टीमों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह कदम खेल मंत्री मनसुख मांडविया की सितंबर में हुई बैठक के बाद उठाया गया है। इस बैठक में हॉकी इंडिया के अधिकारियों और हॉकी इंडिया लीग की फ्रेंचाइजी से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतियोगिता के सामने आ रही आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी मंत्री को दी थी। इसके बाद मंत्री ने लीग के संचालन ढांचे, आर्थिक व्यवस्था और भविष्य की योजना पर प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए थे। नई समिति में खेल मंत्रालय के खेलो इंडिया से जुड़े संयुक्त सचिव विनील कृष्ण, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की, महासचिव भोला नाथ सिंह और कोषाध्यक्ष सेकर जे. मनोहरन शामिल हैं। इसके अलावा 3 फ्रेंचाइजी प्रतिनिधियों को भी समिति में जगह दी गई है। इनमें आलोक सांघी, महेश भूपति और दिव्यांशु सिंह के नाम शामिल हैं। बता दें कि सितंबर की बैठक के बाद भी ऐसी ही एक समिति बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें हॉकी इंडिया, फ्रेंचाइजी और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने थे। अब सरकार ने इस व्यवस्था को औपचारिक रूप देते हुए 7 सदस्यीय समिति बना दी है। समिति को तय समय के भीतर अपनी रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंपनी होगी। समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती लीग की आर्थिक स्थिति और उसके संचालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना है। फ्रेंचाइजी लंबे समय से लीग के प्रशासन और आर्थिक ढांचे को लेकर ज्यादा स्पष्टता चाहती हैं। बढ़ती लागत और टीमों की भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता ने लीग की अगली पारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि महिला हॉकी इंडिया लीग को बंद किए जाने की आशंका के बीच भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे और सविता पूनिया समेत कई खिलाड़ियों ने अगस्त में विश्व कप के दौरान भावुक अपील की थी। खिलाड़ियों ने आर्थिक संकट से जूझ रही महिला लीग को बचाने की मांग की थी। विश्व कप में भारतीय टीम 5वें स्थान पर रही थी, जो 1974 के बाद उसका सबसे अच्छा प्रदर्शन था। हॉकी इंडिया लीग की शुरुआत के बाद इसे भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू स्तर पर मजबूत मुकाबले और विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव देने वाला अहम मंच माना गया है। बता दें कि 7 साल के अंतराल के बाद 2024 में इसे दोबारा शुरू किया गया था। इसके बाद लीग ने भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों को एक साथ खेलने का अवसर दिया, लेकिन अब इसकी आर्थिक स्थिरता सबसे बड़ी चिंता बन गई है। इस पूरे मामले में हॉकी इंडिया के भीतर चल रहा प्रशासनिक मतभेद भी महत्वपूर्ण है। अध्यक्ष दिलीप तिर्की और महासचिव भोला नाथ सिंह के बीच हाल के हफ्तों में कई मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से अलग-अलग राय सामने आई है। विश्व कप से पहले जर्सी विवाद को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद चर्चा में रहा था। ऐसे में नई समिति के सामने केवल आर्थिक मॉडल तैयार करने की चुनौती नहीं है, बल्कि लीग के संचालन को लेकर सभी पक्षों के बीच भरोसा और स्पष्टता कायम करना भी जरूरी है। अब उसकी रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि हॉकी इंडिया लीग को किस तरह लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत और खिलाड़ियों के लिए उपयोगी प्रतियोगिता बनाया जा सकता हैं।
Neha Sangwan समेत 9 पहलवानों का US Visa रद्द, World Wrestling Championship पर खतरा
भारतीय कुश्ती दल के लिए अमेरिका जाने से पहले मुश्किल खड़ी हो गई है। 2024 की अंडर-17 विश्व चैंपियन नेहा सांगवान समेत कई भारतीय पहलवानों के अमेरिका के वीजा आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। इससे लास वेगास में 12 से 18 अक्टूबर तक होने वाली अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इन खिलाड़ियों के हिस्सा लेने पर सवाल खड़ा हो गया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, बुधवार को अमेरिकी दूतावास में वीजा इंटरव्यू के लिए पहुंचे कई पहलवानों को मौखिक रूप से बताया गया कि उनके आवेदन इसलिए स्वीकार नहीं किए गए क्योंकि उनकी उम्र 20 साल से कम है और वे औपचारिक रूप से नौकरी नहीं करते हैं। इंटरव्यू के बाद खिलाड़ियों के पासपोर्ट भी उन्हें वापस कर दिए गए। इस मामले को लेकर भारतीय कुश्ती फेडरेशन ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास से हस्तक्षेप करने और खारिज किए गए आवेदनों पर दोबारा विचार करने की अपील की है। फेडरेशन ने गुरुवार को वीजा इंटरव्यू के लिए पहुंचने वाले बाकी पहलवानों के मामलों पर भी सकारात्मक तरीके से विचार करने का अनुरोध किया है। बता दें कि भारतीय कुश्ती फेडरेशन की ओर से अमेरिकी दूतावास को भेजे गए पत्र के मुताबिक, बुधवार को कुल 24 प्रतिभागी वीजा प्रक्रिया के लिए पहुंचे थे। इनमें 16 पहलवान शामिल थे और इनमें से 9 पहलवानों के आवेदन खारिज कर दिए गए। फेडरेशन ने कहा कि उसे मिली जानकारी के अनुसार आवेदन खारिज होने की वजह खिलाड़ियों की रोजगार स्थिति और उनकी उम्र बताई गई है। फेडरेशन ने अपने पत्र में यह भी समझाने की कोशिश की है कि जिस प्रतियोगिता के लिए ये खिलाड़ी अमेरिका जा रहे हैं, वह अंडर-23 वर्ग की विश्व चैंपियनशिप है। इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की उम्र 18 से 23 साल के बीच होती है। ऐसे में कई खिलाड़ी अभी अपना पूरा ध्यान खेल करियर पर लगा रहे हैं और उनके पास कोई नियमित नौकरी होना जरूरी नहीं है। जिन पहलवानों के वीजा आवेदन खारिज होने की जानकारी सामने आई है, उनमें समर्थ गजानन म्हाकावे, धीरज कुमार मलिक, सचिन कुमार, निखिल, हरदीप, परवीन, अहिल्या शत्रुघ्न शिंदे, नेहा शर्मा और नेहा सांगवान के नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि नेहा सांगवान भारतीय कुश्ती की उभरती हुई खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने 2024 में अंडर-17 विश्व चैंपियनशिप में खिताब जीता था। ऐसे में उनके वीजा मामले को लेकर भारतीय कुश्ती जगत में भी चिंता बढ़ी है। भारतीय कुश्ती फेडरेशन ने गुरुवार को वीजा इंटरव्यू देने वाले खिलाड़ियों को लेकर भी चिंता जताई है। फेडरेशन के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर खिलाड़ी भी 20 साल से कम उम्र के हैं और फिलहाल किसी औपचारिक नौकरी में नहीं हैं। इसलिए फेडरेशन ने अमेरिकी दूतावास से इन खिलाड़ियों के मामलों को खेल प्रतियोगिता के संदर्भ में देखने का अनुरोध किया है। लास वेगास में होने वाली यह प्रतियोगिता युवा पहलवानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव और पहचान बनाने का अहम मंच है। अब भारतीय दल की भागीदारी काफी हद तक वीजा मामलों के समाधान पर निर्भर है और फेडरेशन की कोशिश है कि खिलाड़ियों को समय रहते अमेरिका जाने की अनुमति मिल सके और वे देश का प्रतिनिधित्व कर सकें, यही उम्मीद सभी की हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ वेस्टइंडीज विमेंस की 8 विकेट से दमदार जीत, टी20 सीरीज में 3-0 से 'क्लीन स्वीप'
वेस्टइंडीज की महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ ताकाशिंगा स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए टी20 सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले को 8 विकेट से अपने नाम किया...
'खास पलों से भरा रहा सफर', बीसीसीआई ने अजीत अगरकर को दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। अगरकर का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अगरकर को उनके आगे के सफर के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
भारत के 9 पहलवानों को अमेरिका का वीजा नहीं मिल पाया है। इससे लास वेगास में होने वाली U23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में उनका खेलना मुश्किल हो गया है। टूर्नामेंट 12 से 18 अक्टूबर तक होना है। वीजा नहीं मिलने वालों में 2024 U17 वर्ल्ड चैंपियन नेहा सांगवान भी शामिल हैं। पहलवानों को बुधवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में वीजा इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। वहां उन्हें मौखिक रूप से बताया गया कि उनके आवेदन 20 साल से कम उम्र और रोजगार नहीं होने के कारण खारिज किए गए हैं। इंटरव्यू के बाद उनके पासपोर्ट भी वापस कर दिए गए। WFI ने कहा- ये U23 खिलाड़ी हैं, कई अभी नौकरी नहीं करते रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी WFI ने अपने पत्र में अमेरिकी दूतावास से फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की। फेडरेशन ने कहा कि यह चैंपियनशिप U23 आयु वर्ग के लिए है और इसमें हिस्सा लेने वाले पहलवानों की उम्र 18 से 23 साल के बीच है। WFI के मुताबिक, इनमें से कई युवा खिलाड़ी अभी पूरी तरह अपने खेल करियर पर ध्यान दे रहे हैं और इसलिए उनका औपचारिक रूप से नौकरी में होना जरूरी नहीं है। 24 इंटरव्यू के लिए पहुंचे, 16 पहलवान थे WFI ने अमेरिकी दूतावास को भेजे पत्र में बताया कि बुधवार को कुल 24 प्रतिभागी वीजा अपॉइंटमेंट के लिए पहुंचे थे। इनमें 16 पहलवान थे और उनमें से 9 के वीजा आवेदन खारिज कर दिए गए। वीजा नहीं मिलने वाले पहलवानों में समर्थ गजानन म्हाकावे, धीरज कुमार मलिक, सचिन कुमार, निखिल, हरदीप, परवीन, अहिल्या शत्रुघ्न शिंदे, नेहा शर्मा और नेहा सांगवान शामिल हैं। गुरुवार को इंटरव्यू देने वाले पहलवानों को लेकर भी चिंता WFI ने सिर्फ बुधवार को वीजा नहीं मिलने वाले पहलवानों का मामला नहीं उठाया, बल्कि गुरुवार को वीजा अपॉइंटमेंट वाले खिलाड़ियों को लेकर भी अमेरिकी दूतावास से चिंता जताई है। फेडरेशन ने कहा कि गुरुवार को इंटरव्यू देने वाले ज्यादातर पहलवान भी 20 साल से कम उम्र के और फिलहाल बेरोजगार हैं। इसलिए WFI को आशंका है कि उनके आवेदनों के साथ भी यही स्थिति पैदा हो सकती है। ------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हरमनप्रीत की कप्तानी में खत्म हुआ 47 साल का सूखा:पहली बार वर्ल्ड कप जिताया, एशियन गेम्स में गोल्ड दिलाया; लॉर्ड्स में रचा इतिहास हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतकर 47 साल का खिताबी सूखा खत्म किया। हरमनप्रीत भारत को महिला वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। पूरी खबर
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC का अगला साइकल मौजूदा 9 टीमों के बजाय 12 का हो सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO टॉड ग्रीनबर्ग ने संकेत दिए हैं कि 2029-31 के WTC में जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान को शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए एक बड़ा बदलाव यह भी हो सकता है कि एक टेस्ट की सीरीज को WTC के पॉइंट्स में शामिल किया जाए। इस फैसले पर अगले महीने बाली में होने वाली ICC बैठकों में निर्णय आने की उम्मीद है। मौजूदा WTC 2019 से 9 टीमों के साथ खेला जा रहा है। हर टीम दो साल में 6 टेस्ट सीरीज खेलती है। 3 घर में और 3 विदेशी जमीन पर। अभी WTC सीरीज में कम से कम 2 टेस्ट होना जरूरी है। 12 टीमों को शामिल करने की वजह क्या है? ग्रीनबर्ग के मुताबिक 12 टीमों का मॉडल इसलिए जरूरी है, क्योंकि हर टेस्ट खेलने वाले देश को WTC में जगह देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन उनका मानना है कि यह मॉडल लंबे समय तक आर्थिक रूप से कितना टिकाऊ रहेगा, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने साफ कहा कि अगर ICC से मिलने वाली आमदनी मौजूदा स्तर पर नहीं रहती या बोर्ड अपने FTP यानी फ्यूचर टूर प्रोग्राम से पर्याप्त कमाई नहीं कर पाते, तो लगातार कमाई से ज्यादा खर्च करना संभव नहीं होगा। यही समस्या ग्लोबल क्रिकेट के कुछ हिस्सों में पहले से दिखाई दे रही है। टेस्ट क्रिकेट महंगा है, सिर्फ 11 खिलाड़ी जुटाना काफी नहीं ग्रीनबर्ग का तर्क सिर्फ मैच आयोजित करने की लागत तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक किसी देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने का असली खर्च पूरे सिस्टम को तैयार करने में है। रेड-बॉल क्रिकेटर्स तैयार करने के लिए घरेलू ढांचा, खिलाड़ी विकास और लंबे समय की व्यवस्था चाहिए। उनका मानना है कि आने वाले समय में कुछ सदस्य देश टेस्ट क्रिकेट खेलना बंद कर सकते हैं। कुछ देशों को अपने घरेलू मुकाबलों से ज्यादा विदेशी जमीन पर टेस्ट खेलने पड़ सकते हैं, ताकि उनके यहां टेस्ट क्रिकेट पूरी तरह खत्म न हो। यही वजह है कि ग्रीनबर्ग ने मौजूदा होम-एंड-अवे की बराबर व्यवस्था पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यही पारंपरिक व्यवस्था कुछ देशों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। ऑस्ट्रेलिया चाहता है साउथ अफ्रीका के साथ 5 टेस्ट ऑस्ट्रेलिया भविष्य में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 5 टेस्ट की सीरीज खेलना चाहता है। हालांकि दोनों देशों के क्रिकेट कैलेंडर में समान समय पर अपने घरेलू सीजन होने के कारण यह आसान नहीं है। पाकिस्तान भी ऑस्ट्रेलिया के लिए लंबे टेस्ट सीरीज का विकल्प हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया में बड़ी पाकिस्तानी प्रवासी आबादी को देखते हुए ग्रीनबर्ग ने इसे कमर्शियल रूप से उपयोगी बताया। पाकिस्तान दिसंबर 2027 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगा, जहां 3 टेस्ट खेले जाएंगे। इसके बाद फरवरी 2028 में श्रीलंका का दौरा प्रस्तावित है। वनडे को भी बचाने की कोशिश ग्रीनबर्ग ने वनडे क्रिकेट के भविष्य पर भी बात की। दुबई में मल्टीलेटरल टूर्नामेंट के आइडिया पर चर्चा हुई। इसमें एक सुझाव इंटरकॉन्टिनेंटल कप का भी था, जिसमें अलग-अलग महाद्वीपों की शीर्ष टीमें आमने-सामने आ सकती हैं। ग्रीनबर्ग के मुताबिक हाई परफॉर्मेंस से जुड़े लोग वनडे को खिलाड़ियों के टैलेंट डेवलपमेंट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। वहीं ICC स्तर पर वनडे वर्ल्ड कप को ग्लोबल क्रिकेट की कमर्शियल कमाई के लिए अहम माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया का अगला टेस्ट FTP लगभग तय ऑस्ट्रेलिया का 2027-31 का घरेलू टेस्ट फ्यूचर टूर प्रोग्राम भी लगभग तय हो चुका है। 2027-28 में पाकिस्तान और श्रीलंका के बाद 2028-29 में भारत ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगा। इसके बाद 2029-30 में इंग्लैंड आएगा। 2030-31 के घरेलू सीजन के लिए विपक्षी टीम अभी तय नहीं हुई है।
सौरव गांगुली : डीसी के लिए अपना बेस्ट दूंगा
नई दिल्ली, इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के नए हेड कोच सौरव गांगुली ने बुधवार को कहा कि वह अपनी नई भूमिका को लेकर उत्साहित हैं। गांगुली ने आने वाले आईपीएल सीजन में फ्रेंचाइजी को सफल बनाने के लिए अपना बेस्ट देने का वादा किया।
डीसी के लिए अपना बेस्ट दूंगा, हम किसी भी फ्रेंचाइजी को हराने में सक्षम: सौरव गांगुली
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के नए हेड कोच सौरव गांगुली ने बुधवार को कहा कि वह अपनी नई भूमिका को लेकर उत्साहित हैं...
रोनाल्डो का छलका दर्द, बताया- क्यों छोड़ दिया पुर्तगाल का कैंप
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पुर्तगाल ट्रेनिंग कैंप छोड़ने के विवाद पर पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है. रोनाल्डो ने कोच जॉर्ज जीसस पर दो बार अपना वादा तोड़ने का आरोप लगाया, कैंप छोड़ने पर माफी मांगी और कहा कि वह संभावित सजा भुगतने के बाद भी पुर्तगाल के लिए खेलना जारी रखना चाहते हैं.
हेमलता काला : हरमनप्रीत को पता था कि खिलाड़ियों से बेस्ट कैसे निकलवाना है
नई दिल्ली, हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया। महिला टीम की पूर्व चीफ सेलेक्टर हेमलता काला का मानना है कि उनकी कप्तानी के दौर की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह खिलाड़ियों से बेस्ट प्रदर्शन निकलवाने का हुनर जानती थीं।
ईशान किशन निकल गए विराट कोहली से आगे, टी20 में एक साल में बने सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी
ईशान किशन जिनका टी20 फॉर्मेट में साल 2026 में बल्ला जमकर बोलते हुए दिखाई दिया है उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी सीरीज के पहले मुकाबले में 37 रनों की अपनी नाबाद पारी के दम पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसमें वह विराट कोहली से आगे निकल गए हैं।
महिला क्रिकेट टीम के घरेलू सीजन के शेड्यूल से निराश पेरी : ऑस्ट्रेलिया
ब्रिस्बेन, स्टार ऑलराउंडर एलिस पेरी ने बुधवार को घरेलू सीजन में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम के कम मैचों वाले शेड्यूल पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि सबसे अहम महीनों में इंटरनेशनल मैच न होना दुखद है।
न्यूजीलैंड : वनडे और टी20 फॉर्मेट में डेब्यू
नई दिल्ली, ऑलराउंडर नमन धीर को सिर्फ 9 दिनों में सीमित ओवरों के दोनों फॉर्मेट में डेब्यू के बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में भी शामिल कर लिया गया है। हरफनमौला खिलाड़ी नमन धीर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ बेहतरीन ऑफब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं।
Rishabh Pant मध्यक्रम के लिए बिल्कुल सही विकल्प, Sourav Ganguly ने जताया भरोसा
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिल्ली कैपिटल्स के नवनियुक्त मुख्य कोच सौरव गांगुली को भरोसा है कि खराब दौर से जूझ रहे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत टीम के मध्यक्रम में ‘बिल्कुल फिट’ बैठेंगे और अगले आईपीएल सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे। पंत ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 111 मैच खेले और 3,284 रन बनाने के अलावा टीम की कप्तानी भी की। इसके बाद वह 2025 में लखनऊ सुपर जाइंट्स से जुड़ गए थे। सुपर जाइंट्स के साथ उनका कार्यकाल उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने के बाद उन्हें कुलदीप यादव से अदला-बदली के जरिए उनकी पुरानी टीम में वापस लाया गया है। गांगुली ने दिल्ली फ्रेंचाइजी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, ‘‘हमें मध्यक्रम के एक बल्लेबाज की जरूरत थी और पंत इसमें बिल्कुल फिट बैठते हैं। वह हमारे साथ थे और उन्होंने हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। अगले साल जब वह फिर मैदान पर उतरेंगे तो मुझे लगता है कि वह समय, अवसर और मुकाबलों का इस्तेमाल बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए करेंगे।’’पूर्व भारतीय कप्तान और बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के प्रमुख गांगुली ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि उसे दिल्ली के फिरोज शाह कोटला (अरुण जेटली स्टेडियम) में बल्लेबाजी करना पसंद है और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में हम दिल्ली की जर्सी में पंत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखेंगे।’’वर्ष 2022 में जानलेवा सड़क दुर्घटना से उबरने के बाद से पंत खराब फॉर्म के साथ-साथ लगातार चोटों से भी जूझते रहे हैं। गांगुली के लिए भी यह कुछ हद तक घर वापसी जैसा है। दिल्ली कैपिटल्स के साथ उनका जुड़ाव 2019 में शुरू हुआ था जब उन्होंने फ्रेंचाइजी में सलाहकार के तौर पर काम शुरू किया था। पिछले कुछ वर्षों में 54 वर्षीय गांगुली ने कैपिटल्स से जुड़े ढांचे में कई भूमिकाएं निभाई हैं जिनमें पुरुष और महिला दोनों टीम के क्रिकेट निदेशक का पद शामिल है। दिल्ली कैपिटल्स की दक्षिण अफ्रीकी टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स के साथ अपने कोचिंग कार्यकाल की शुरुआत करने वाले गांगुली ने इस बेहद दबाव भूमिका को लेकर अपने दृष्टिकोण के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, ‘‘यह खिलाड़ी के तौर पर खेलने जैसा नहीं है। यह थोड़ा अलग है। आपको चीजों को समझना होता है और शांत रहना होता है। आपको खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने और उनके साथ काम करने का तरीका तलाशना होता है क्योंकि हर खिलाड़ी अलग होता है।’’गांगुली ने कहा, ‘‘अब आप खुद बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर रहे होते। कोई और बल्लेबाजी या गेंदबाजी कर रहा होता है या मैच जीत रहा होता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप उनके साथ तालमेल बैठाएं, समझें कि वे क्या चाहते हैं और वे किस तरह बेहतर हो सकते हैं।’’पिछले सत्र में छठे स्थान पर रहने वाली दिल्ली कैपिटल्स के बारे में गांगुली ने कहा कि उनकी प्राथमिकता टीम को प्लेऑफ में पहुंचाना है। दिल्ली की टीम केवल एक बार 2020 सत्र में आईपीएल के फाइनल में पहुंची है। गांगुली ने कहा, ‘‘लोकेश राहुल, अक्षर पटेल, ऋषभ पंत, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स के साथ यह एक अच्छी टीम है। यह काफी मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि हम अपनी क्षमता के मुताबिक खेलेंगे।’’गांगुली ने स्वीकार किया कि दिल्ली कैपिटल्स को हाल के वर्षों में ज्यादा सफलता नहीं मिली है और अपने कार्यकाल में वह इस स्थिति को बदलने की कोशिश करेंगे।
वैभव सूर्यवंशी को 17 खिलाड़ियों में नहीं मिली जगह, स्क्वाड के साथ नए हेड कोच का भी हुआ ऐलान
रणजी ट्रॉफी 2026-27 सीजन की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है, जिसको लेकर बिहार जो इस बार एलीट ग्रुप का हिस्सा है, उन्होंने पहले 2 मैचों के लिए अपने स्क्वाड का ऐलान कर दिया है, जिसमें वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं मिली है।
श्रेयस अय्यर का दमदार प्रदर्शन
नई दिल्ली, भारत ने मंगलवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ में खेला गया पहला टी20 मैच 8 विकेट से जीता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने जहां 43 गेंदों पर 102 रन की नाबाद पारी खेली, वहीं अपना डेब्यू कर रहे नमन धीर ने 3 विकेट लिए। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अय्यर और धीर की तारीफ की है।
Asian Para Games: Pramod Bhagat और Bhavina Patel होंगे उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल 18 से 24 अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेलों के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। भारत के सबसे सफल पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल भगत ने 2014 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में छह पदक जीते हैं जिनमें दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक शामिल हैं। शीर्ष पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना ने 2018 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। भाविना ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भारत का ध्वजवाहक चुना जाना मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब आप तिरंगा थामते हैं तो आपको एहसास होता है कि आप अपने से कहीं बड़ी चीज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मैं प्रमोद के साथ उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करने को लेकर उत्साहित हूं। मुझे उम्मीद है कि हमारे सभी खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे, इस पल का आनंद लेंगे और भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) आठ अक्टूबर को विशेष विदाई समारोह में भारतीय दल को औपचारिक रूप से रवाना करेगी। समारोह में खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि होंगे जबकि युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझडिया ने कहा, ‘‘उद्घाटन समारोह में प्रमोद भगत और भाविना पटेल का भारतीय दल का नेतृत्व करना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है।’’उन्होंने कहा, ‘‘दोनों असाधारण चैंपियन हैं और उन्होंने भारतीय पैरा खेलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका सफर, उपलब्धियां और जुझारूपन उन्हें भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपयुक्त बनाता है। मुझे विश्वास है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान पर आगे बढ़ रहे हमारे खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे।
श्रेयस अय्यर और केएल राहुल की टॉप-10 में एंट्री
नई दिल्ली, वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर केएल राहुल और श्रेयस अय्यर ने वनडे और टी20 के टॉप-10 बल्लेबाजों में एंट्री की है।
भुवनेश्वर कुमार ने कब खेला था आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच, अचानक कैसे हो गई टीम इंडिया में वापसी
भारत बनाम न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। कप्तानी श्रेयस अय्यर के पास ही रहेगी, वहीं भुवनेश्वर कुमार की करीब चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी हो गई है, जो इस वक्त चर्चा का विषय है।
ICC रैंकिंग: श्रेयस अय्यर और केएल राहुल की टॉप-10 बल्लेबाजों में एंट्री
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में धमाकेदार बल्लेबाजी के दम पर केएल राहुल और श्रेयस अय्यर ने वनडे और टी20 के टॉप-10 बल्लेबाजों में एंट्री की है।
भारत के दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई अंडर-19 टीम को दूसरे यूथ टेस्ट मैच में तीन दिनों के अंदर ही एकतरफा 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसमें टीम इंडिया का हिस्सा बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज तन्मय बालौदा ने 14 विकेट लेने के साथ इतिहास रच दिया।
India's vision for 2036 Olympic bid: भारत 'राइजिंग टुगेदर' के साथ 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए दावेदारी ठोकेगा। भारत समेत सात देशों ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में दिलचस्पी जताई है।
6 वर्षीय आर्या का कमाल, अटल सेतु से गेटवे ऑफ इंडिया तक 17 किलोमीटर तैरकर बनाया रिकॉर्ड
अमरावती, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की रहने वाली महज छह वर्ष चार महीने और 20 दिन की आर्या निकी थिन्नालुरी ने अरब सागर में 17 किलोमीटर की दूरी तैरकर पूरी करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आर्या ने अटल सेतु से मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया तक की दूरी तैरकर पूरी की। उनकी इस उपलब्धि की हर तरफ चर्चा हो रही है।
दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को दो बार दिलाया ब्रॉन्ज मेडल
नई दिल्ली, दिव्या काकरान की गिनती भारत की दमदार महिला पहलवानों में की जाती है। उन्होंने एशियन गेम्स 2018 और फिर कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता।
भारतीय T20I टीम में वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज और न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुने गए वैभव सूर्यवंशी रणजी ट्रॉफी के शुरुआती दो राउंड में बिहार के लिए नहीं खेलेंगे। BCCI की ओर से नियुक्त चयन समिति ने 2026-27 रणजी सीजन के शुरुआती दो राउंड के लिए बिहार की 17 सदस्यीय टीम चुनी है, जिसमें सूर्यवंशी का नाम नहीं है। बिहार अपने रणजी अभियान की शुरुआत 11 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के खिलाफ राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में करेगा। टीम की कप्तानी साकिबुल गनी को सौंपी गई है, जबकि हिमांशु सिंह उपकप्तान होंगे। वैभव न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी-20 टीम में शामिल वैभव को न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक खेली जाएगी। बिहार को रणजी में पहला मुकाबला 11 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेलना है। ऐसे में शुरुआती दो राउंड के दौरान वैभव भारतीय टीम की तैयारी और न्यूजीलैंड दौरे में व्यस्त रहेंगे। आशुतोष अमन बने बिहार के नए हेड कोच पूर्व बिहार कप्तान आशुतोष अमन को टीम का नया हेड कोच बनाया गया है। अशोक कुमार उनके असिस्टेंट कोच होंगे। दोनों ने विनायक सामंत और कुमार मृदुल की जगह ली है। आशुतोष अमन बिहार के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेल चुके हैं और कप्तानी भी कर चुके हैं। अब उन्हें टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी दी गई है। साकिब हुसैन संभालेंगे पेस अटैक IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले तेज गेंदबाज साकिब हुसैन टीम के पेस अटैक की अगुआई करेंगे। उन्होंने अपने पहले IPL सीजन में 11 मैचों में 15 विकेट लिए थे। अनकैप्ड बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद इजहार को भी टीम में जगह मिली है। वह पहले मुंबई इंडियंस के साथ रह चुके हैं। BCCI की चयन समिति ने चुनी टीम बिहार क्रिकेट एसोसिएशन में प्रशासनिक बदलाव के बीच सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को पटना हाईकोर्ट के पूर्व जज अश्वनी कुमार सिंह को प्रशासक नियुक्त किया था। इसके बाद उन्होंने एक कमेटी बनाई और बिहार की टीमों के चयन के लिए BCCI से मदद मांगी। BCCI की ओर से नियुक्त चयन समिति में पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज हरविंदर सिंह, तमिलनाडु के पूर्व खिलाड़ी एस. शरथ और मध्य प्रदेश के पूर्व बल्लेबाज अमिताभ विजयवर्गीय शामिल थे। इस समिति ने बिहार की सीनियर पुरुष टीम चुनी है। बिहार का 17 सदस्यीय स्क्वॉड साकिबुल गनी (कप्तान), आयुष लोहारूका, मंगल महरूर, नमन गौरव, पीयूष सिंह, बिपिन कुमार सौरभ (विकेटकीपर), श्रमण निग्रोध (विकेटकीपर), आकाश राज, पृथ्वी राज, हिमांशु सिंह (उपकप्तान), खालिद आलम, सूरज कुमार कश्यप, साकिब हुसैन, मोहम्मद इजहार, शब्बीर खान, राघवेंद्र सिंह, अमोद यादव। स्टैंडबाय: नवाज खान, मलय राज, दानिश आलम, तरुण कुमार सिंह, सचिन कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह।
स्विंग के सुल्तान की टीम इंडिया में वापसी! संजू और खलील के क्लब में शामिल हुए भुवनेश्वर कुमार, फैंस में खुशी की लहर
ब्रिस्बेन, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। स्टार ऑलराउंडर एलिस पेरी ने बुधवार को घरेलू सीजन में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम के कम मैचों वाले शेड्यूल पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि सबसे अहम महीनों में इंटरनेशनल मैच न होना दुखद है।
ICC T20 Rankings: Shreyas Iyer करियर के सर्वश्रेष्ठ 7वें पायदान पर पहुंचे
दुबई, सात अक्टूबर भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर बुधवार को खेल के सबसे छोटे प्रारूप की ताजा आईसीसी रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ सातवें स्थान पर पहुंच गए जबकि वनडे कप्तान शुभमन गिल ने 50 ओवर की बल्लेबाजी सूची में शीर्ष स्थान बरकरार रखा। अय्यर की 43 गेंदों पर 10 चौकों और छह छक्कों से सजी नाबाद 102 रन की पारी ने टी20 विश्व चैंपियन को मंगलवार को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के पहले मैच में आठ विकेट की शानदार जीत दिलाई। इस विस्फोटक पारी से अय्यर को 18 पायदान का फायदा हुआ जिससे वह इस प्रारूप में भारत के तीसरे सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग बल्लेबाज बन गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की विज्ञप्ति के अनुसार ईशान किशन और अभिषेक शर्मा शीर्ष दो स्थानों पर बने हुए हैं जबकि तिलक वर्मा 10वें स्थान पर हैं जिससे भारत के चार बल्लेबाज शीर्ष 10 में शामिल हो गए हैं। पंद्रह वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आठ स्थान के फायदे से 46वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शेरफान रदरफोर्ड की तेजतर्रार 56 रन की पारी ने उन्हें 10 पायदान के फायदे से 37वें स्थान पर पहुंचा दिया जबकि पाकिस्तान के हसन नवाज (62 पायदान के फायदे से 48वें स्थान पर) एशियाई खेलों के बाद सूची में ऊपर बढ़े हैं। एशियाई खेलों के सेमीफाइनल और फाइनल में अबरार अहमद (29 रन देकर कोई विकेट नहीं और 29 रन देकर एक विकेट) के आंकड़े उन्हें गेंदबाजों में शीर्ष स्थान बरकरार रखने के लिए काफी नहीं थे। लेग स्पिनर राशिद खान आठवीं बार शीर्ष पर लौटे हैं। भारत के बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल 16 पायदान ऊपर चढ़कर सातवें स्थान पर पहुंच गए। वहीं गिल ने गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे मैच में नाबाद 223 रन बनाने के बाद वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। यह वनडे प्रारूप में उनका दूसरा दोहरा शतक था जिसने उन्हें 25 रेटिंग अंक दिलाए और इस प्रदर्शन से उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 841 रेटिंग अंकों की बराबरी की। पूर्व कप्तान विराट कोहली दूसरे से तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार शतक के बाद केएल राहुल को सात पायदान का फायदा हुआ जिससे वह 10वें स्थान से शीर्ष 10 में वापस आ गए हैं।
Lionel Messi: अपने आखिरी विदाई मैच में भावुक दिखे मेसी, जीत के साथ ली इंटरनेशल फुटबॉल से विदाई
इंटरनेट डेस्क। महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपने 21 साल लंबे इंटरनेशनल करियर का शानदार अंदाज में अंत किया। जानकारी के अनुसार ब्यूनस आयर्स में मंगलवार (6 अक्टूबर) की रात बेनिन के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत दर्ज की, मेसी ने भी अपने आखिरी मैच को गोल और दो असिस्ट के साथ यादगार बना दिया। लियोनेल मेसी ने मुकाबले के 71वें मिनट में पेनल्टी को गोल में तब्दील किया और दो गोल में असिस्ट भी किया। यानी अर्जेंटीना की जर्सी में अपने आखिरी मैच में भी उन्होंने वही किया, जिसके लिए वह पूरी दुनिया में पहचाने जाते हैं - गोल करना और टीम के लिए मौके बनाना। मेसी इस मैच में कुछ मौके पर भावुक भी हुए, अर्जेंटीना का जब राष्ट्रगान चल रहा था, तो मेसी की आंखों में आंसू थे, वहीं स्टेडियम के लिए रवाना होते समय भी मेसी को आंसू पोंछते देखा गया था। pc- BBC
ind vs wi: श्रेयस अय्यर ने शतक के दम पर तोड़ा विराट कोहली का रिकॉर्ड
इंटरनेट डेस्क। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने धमाकेदार शतक लगाकर इतिहास रच दिया। अय्यर ने सिर्फ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे. उनकी तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 172 रनों के लक्ष्य को महज 14.4 ओवर्स में 8 विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया। विराट कोहली का रिकॉर्ड किया अपने नाम श्रेयस अय्यर की इस पारी की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने विराट कोहली का एक बड़ा टी20आई रिकॉर्ड तोड़ दिया। अय्यर टी20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। इससे पहले भारत की ओर से किसी कप्तान का रन चेज में सबसे बड़ा स्कोर विराट कोहली के नाम था। कोहली ने 2019 में हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए 50 गेंदों पर नाबाद 94 रन बनाए थे। अय्यर ने 102’ रनों की पारी खेलकर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। श्रेयस अय्यर टी20आई में शतक लगाने वाले भारत के तीसरे कप्तान भी बन गए हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा ने कप्तान रहते हुए तीन टी20आई शतक लगाए थे, जबकि सूर्यकुमार यादव ने दिसंबर 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाया था। pc- cricinfo.com
आईसीसी टी20 रैंकिंग में भी श्रेयस अय्यर का धमाका, एक झटके में मारी 18 स्थानों की लंबी छलांग
आईसीसी की ओर से नई रैंकिंग जारी कर दी गई है। इसमें भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने लंबी छलांग मारी है। अय्यर ने मंगलवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सेंचुरी मारी थी।
Lionel Messi की नम आंखों से विदाई, Argentina की जर्सी में 21 साल के सफर का हुआ अंत
अर्जेंटीना एक ऐसी वास्तविकता का सामना कर रहा है जिसकी कल्पना करना भी कभी मुश्किल था कि राष्ट्रीय टीम में महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी नहीं होंगे। मेस्सी की विदाई सिर्फ एक महान खिलाड़ी के संन्यास की कहानी नहीं, बल्कि अर्जेंटीना के फुटबॉल के एक स्वर्णिम अध्याय के खत्म होने का भी अहसास है। मेस्सी (39 वर्ष) ने मंगलवार को अर्जेंटीना की जर्सी में अपना आखिरी मैच खेला और दो दशक से अधिक लंबे शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को भावुक विदाई दी। जिस खिलाड़ी ने अर्जेंटीना के फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, उसके जाने के साथ टीम एक ऐसे युग के अंत की गवाह बनी, जिसे हमेशा याद किया जाएगा। मेस्सी ने 21 वर्षों तक खेलते हुए 126 गोल दागे, दो कोपा अमेरिका खिताब और एक विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहा। उन्होंने विदाई मैच में बेनिन पर मिली 3-0 की जीत में पेनल्टी पर गोल किया और अन्य दो गोल करने में मदद की। पश्चिम अफ्रीकी देश के खिलाफ एक साधारण मैत्री मैच उस क्षण में बदल गया जिसका इस फुटबॉल के दीवाने देश को लंबे समय से डर था। वैलेंटिनो रूसो मैच देखने के लिए ब्यूनस आयर्स में एक दोस्त के घर जा रहा था। उसने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि एक युग समाप्त हो रहा है, यह जानते हुए कि वह अब राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेलेगें। मैं दुखी हूं। मुझे लगता है कि आज हर कोई परेशान है। उसकी कमी खलेगी। ’’ अर्जेंटीना के लोगों का उस शर्मीले लड़के के साथ गहरा रिश्ता रहा, जो 13 साल की उम्र में अपने गृहनगर रोसारियो को छोड़कर स्पेनिश क्लब बार्सिलोना की युवा अकादमी में चला गया था। जैसे-जैसे वह वैश्विक ‘आइकॉन’ के रूप में विकसित हुआ, उसके देशवासियों ने उसे प्यार भी किया और बुरा-भला भी कहा, कभी-कभी अपने देश के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए और उस देश के प्रति उदासीनता का आरोप लगाते हुए। लेकिन जब तक उसने अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत किया, अर्जेंटीना के प्रति उसकी निष्ठा पर अब कोई सवाल नहीं था। शिकागो विश्वविद्यालय के शिक्षाविद आंद्रेस राबिनोविच ने अर्जेंटीना की संस्कृति में फुटबॉल की भूमिका पर शोध किया है। उन्होंने कहा, ‘‘अर्जेंटीना के लोग अक्सर कहते हैं, भगवान का शुक्र है कि मेरा जन्म ऐसे समय में हुआ जब मैं मेस्सी को खेलते हुए देखने का चमत्कार अनुभव कर सका। अर्जेंटीना में रहना कठिन है। फुटबॉल अक्सर उन कुछ चीजों में से एक है जो आपको थोड़ी राहत, थोड़ी खुशी देती है। ’’ वर्षों से, अर्जेंटीना के लोग इस बात पर बहस करते रहे थे कि मेस्सी को विश्व मंच से कब और कैसे विदा होना चाहिए। 31 अगस्त को उनकी यह घोषणा कि वह राष्ट्रीय टीम से संन्यास ले रहे हैं। अर्जेंटीना के विश्व कप फाइनल में स्पेन से हारने के कुछ सप्ताह बाद यह घोषणा कृतज्ञता और शोक की बाढ़ ले आई, भले ही मेस्सी इंटर मियामी के साथ मेजर लीग सॉकर में चमकते रहेंगे। उनके साथी रोड्रिगो डि पॉल ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘मुझे नहीं पता कि कभी किसी खिलाड़ी और उसके राष्ट्र के बीच इससे बड़ी प्रेम कहानी रही है या नहीं, जैसी प्रेम कहानी आपने अर्जेंटीना के साथ मिलकर रची है। ’’ अर्जेंटीना फुटबॉल महासंघ ने मंगलवार के मैच (मेस्सी का 208वां) को राष्ट्रीय विदाई में बदल दिया जिसे ‘ द लास्ट टैंगो ’ कहा गया। ब्यूनस आयर्स के सबसे बड़े स्टेडियम के 85,000 से अधिक टिकट 90 मिनट में बिक गए। शुरुआत में करीब 60 से 300 डॉलर कीमत वाले इन टिकटों की दोबारा बिक्री वाली वेबसाइटों पर कीमत 2,500 डॉलर से भी अधिक पहुंच गई। अर्जेंटीना की 1978, 1986 और 2022 की विश्व कप विजेता टीमों के खिलाड़ी उन्हें विदाई देने के लिए लौटे। मैच खत्म होने के बाद मेस्सी की आंखें नम हो गईं, जब उनके साथी उनके चारों ओर इकट्ठा होकर तालियां बजाने लगे। ‘‘ओले, ओले, ओले, ओले, मेस्सी, मेस्सी’’ का गूंजता हुआ स्वर स्टैंड से उठा जबकि हजारों प्रशंसक उछलते हुए गा रहे थे और उनकी ओर ऐसे झुके मानो उनकी पूजा कर रहे हों। मिडफील्ड में एक बैनर ने उन्हें ‘इटरनल’ (शाश्वत) कप्तान घोषित किया। मेस्सी ने कहा, ‘‘सच तो यह है कि मैं जितना कभी बोला हूं, उससे ज्यादा बोल रहा हूं। मैं यहां से नहीं जाना चाहता, मैं इस मैदान को नहीं छोड़ना चाहता। मैं बस आपसे कहना चाहता हूं कि मैं आपसे प्यार करता हूं, मुझे आपकी कमी खलेगी और मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि मैं अर्जेंटीना का हूं। ’’ मेस्सी ने 2000 और 2010 के दशकों के दौरान अपने क्लब के साथ ट्रॉफियां जीतीं और बार्सिलोना से लेकर बांग्लादेश तक प्रशंसक बनाए। फिर भी अपने देश के लिए एक बड़ा खिताब उनसे दूर रहा। जहां दुनिया ने एक अलौकिक प्रतिभा देखी, वहीं अपने देश में कुछ लोगों ने एक ऐसे बाहरी व्यक्ति को देखा जो अर्जेंटीना में कभी पेशेवर रूप से नहीं खेला था और जो उनकी उम्मीदों के बोझ तले दबता हुआ लगता था। अर्जेंटीना की भीड़ देश की 1986 विश्व कप जीत के महानायक डिएगो माराडोना को याद करते हुए ‘डिएगो, डिएगो’ के नारे लगाती थी और वे मेस्सी को उस मानक की याद दिलाते थे जिसे वह अभी तक हासिल नहीं कर पाए थे। मेस्सी का शांत व्यक्तित्व माराडोना से बिल्कुल विपरीत था जो उनकी देशभक्ति को लेकर संदेह को और बढ़ाता था। 2016 में अर्जेंटीना के लगातार तीसरे फाइनल में हारने के बाद, मेस्सी ने कुछ समय के लिए राष्ट्रीय टीम छोड़ दी। निर्णायक मोड़ 2021 में आया, जब अर्जेंटीना ने ब्राजील को हराकर दक्षिण अमेरिका की चैंपियनशिप कोपा अमेरिका जीती और 28 वर्षों में पहली बार यह खिताब हासिल किया। मेस्सी मैदान पर गिर पड़े जबकि उनके साथी खिलाड़ी दौड़कर उन्हें गले लगाने आए। जिस खिलाड़ी पर लंबे समय से बहुत कम भावनाएं दिखाने का आरोप लगता रहा था, वह सिसकियां नहीं रोक पा रहा था। अगले साल कतर में विश्व कप की जीत ने एक राष्ट्रीय नायक के रूप में उनकी जगह पक्की कर दी। मेस्सी ने वह एकमात्र पुरस्कार दिला दिया जो उनसे दूर रहा था और लाखों अर्जेंटीनी सामूहिक उल्लास में सड़कों पर उमड़ पड़े, उनके नारों में उनका नाम और उनकी पीठ पर उनका नंबर 10 था। पिछले कुछ हफ्तों से अर्जेंटीना के अखबार मेस्सी की यादों और उनकी उपलब्धियों को समर्पित भावुक लेखों से भरे रहे हैं। वहीं, देशभर में मेस्सी के सम्मान में बनाए गए भित्तिचित्र (म्यूरल) भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। अर्जेंटीना के प्रमुख दैनिक ‘ला नासियोन’ ने एक डॉक्यूमेंट्री ‘इम्मॉर्टल’ जारी की और उनके करियर को समर्पित 196 पन्नों का विशेष संस्करण प्रकाशित किया। जून से विश्व कप ट्रॉफी के साथ घुटने टेककर बैठे मेस्सी की 26 मीटर (85 फुट) ऊंची प्रतिमा पैटागोनिया में खड़ी हुई है। मंगलवार को ब्यूनस आयर्स का मशहूर ओबेलिस्क स्मारक राष्ट्रीय ध्वज के रंगों आसमानी और सफेद रोशनी से जगमगा उठा। वहीं, समाचार वेबसाइटों ने बेनिन के खिलाफ दोस्ताना मुकाबले के हर मिनट की लाइव कवरेज की मानो यह विश्व कप का फाइनल मुकाबला हो।
सुजीत कलकल : जापान ने आने के बाद मां के हाथ का बना चूरमा और खीर खाई है
नई दिल्ली, भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता। 65 किग्रा फ्रीस्टाइल के एशियन चैंपियन ने कहा है कि जापान से लौटने के बाद, उन्होंने सबसे ज्यादा मां के हाथ का बना चूरमा और खीर खाई है।
2036 Olympic Games: भारत 'Rising Together' विजन के साथ IOC के सामने पेश करेगा पहली प्रस्तुति
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी टी उषा ने बुधवार को घोषणा की कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी ‘राइजिंग टुगेदर’ (साथ मिलकर आगे बढ़ना) के विजन पर आधारित होगी और देश इस महीने के अंत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के भविष्य मेजबान आयोग के सामने अपनी दावेदारी की पहली प्रस्तुति देगा। आईओसी ने मंगलवार को कहा था कि भारत, जर्मनी, कतर और तुर्किये समेत सात देशों ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में दिलचस्पी जताई है इसलिए इन देशों को अगले महीने आईओसी के भविष्य मेजबान आयोग के सामने अपने खेलों से जुड़े प्रस्ताव पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है। आईओए की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मांडविया ने कहा, ‘‘2036 के लिए भारत की महत्वाकांक्षा एक सरल विचार पर आधारित है कि खेल हमारे देश के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकते हैं। ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी से लाखों युवा भारतीय खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे, स्वस्थ और सक्रिय समुदाय मजबूत होंगे तथा शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। ’’अहमदाबाद ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत का पसंदीदा का शहर है। भारत में अब तक ओलंपिक का आयोजन नहीं हुआ है। भारत ने 2024 में खेलों की मेजबानी के लिए अपना दिलचस्पी पत्र (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) आईओसी को सौंपा था। उषा ने कहा कि आईओए भारत की ओलंपिक मेजबानी की आकांक्षाओं को आईओसी की ओर से मिली मान्यता से बेहद सम्मानित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें भविष्य के खेलों के संभावित मेजबानों के एक असाधारण समूह का हिस्सा होने पर गर्व है। ’’उषा ने कहा, ‘‘हमारे लिए ‘राइजिंग टुगेदर’ महज एक नारा नहीं है बल्कि भारत की ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और विविधता को एक साझा ओलंपिक सपने के पीछे एकजुट करने की मजबूत प्रतिबद्धता है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘2036 के लिए विजन (परिकल्पना) तैयार करते समय भारत ऐसे खेलों की मेजबानी करना चाहता है जो एक युवा, गतिशील और उभरते भारत के आत्मविश्वास को दर्शाएं। साथ ही, यह ओलंपिक और पैरालंपिक आंदोलनों की नई पीढ़ियों, नए समुदायों और दुनिया भर में नए क्षितिज तक पहुंचने की महत्वाकांक्षा में योगदान दे। ’’उषा ने कहा, ‘‘हम आईओसी के साथ संवाद जारी रखने और अक्टूबर के अंत में पहली बार आयोग के सामने अपनी महत्वाकांक्षा पेश करने को लेकर उत्साहित हैं। ’’आईओसी ने कहा कि दावेदार देशों की परियोजनाओं का आकलन कई तकनीकी पहलुओं के आधार पर किया जाएगा। इनमें आयोजन स्थलों की मास्टर प्लानिंग, खिलाड़ियों का अनुभव, वित्त पोषण की रणनीति, राजनीतिक और जनसमर्थन, खेलों के आयोजन की क्षमता तथा मेजबान शहरों और समुदायों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने की योजना शामिल हैं। हंगरी, कतर, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका भी 2036 ओलंपिक की मेजबानी के अधिकार की दौड़ में शामिल अन्य दावेदार हैं। नवंबर में होने वाली प्रस्तुतियों के बाद चयन प्रक्रिया का अगला चरण ‘टार्गेटिड डायलॉग’ की जगह ‘स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ होगा जिसे संशोधित मेजबान चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसके बाद अंतिम चरण 2028 में शुरू होगा। आईओए ने कहा कि ‘राइजिंग टुगेदर’ इस विश्वास को दर्शाता है कि 2036 खेल के माध्यम से भारत के परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण क्षण हो सकता है। आईओए ने कहा, ‘‘भारत के लिए ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी एक ऐसा ऐतिहासिक अवसर होगा जो खेलों को देश के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ईशान किशन ने टीम की जीत में योगदान देना और आनंद लेना महत्वपूर्ण
नई दिल्ली, लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मैच के बाद नेशनल टीम में वापसी पर बात करते हुए विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने कहा कि भारतीय टीम से बाहर रहने के दौरान उन्हें अपनी कमियों को समझने और फिटनेस, बैटिंग और घरेलू क्रिकेट के जरिए अपने खेल को बेहतर बनाने का मौका मिला।
भारतीय अंडर-19 टीम ने दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 10 विकेट से हराया
अहमदाबाद, भारत की अंडर-19 टीम ने दूसरे अनौपचारिक चार दिवसीय टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम को 10 विकेट से रौंदा। टीम की इस जीत के नायक तन्मय बलोदा रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 8 और मैच में कुल 14 विकेट अपने नाम किए।
सुजीत कलकल : भारत के लिए जीता गोल्ड, दिवाली जैसा महसूस हुआ
नई दिल्ली, एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय पहलवान सुजीत कलकल से जब उनसे पूछा गया कि 24 अक्टूबर से 1 नवंबर तक कजाकिस्तान में होने वाली रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद वह दिवाली कैसे मनाएंगे, तो उन्होंने कहा, देश के लिए गोल्ड जीतना ही मेरे लिए दिवाली है। सुजीत ने साफ किया कि उनके लिए व्यक्तिगत जश्न से ज्यादा अहम देश को सफलता दिलाना है।
लियोनेल मेसी ने फेयरवेल स्पीच में दी बड़ी चेतावनी, बोले- कुछ लोग नहीं चाहते कि अर्जेंटीना जीते
महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की ओर से ब्यूनस आयर्स में आखिरी मैच खेला। इस मैच के साथ ही मेसी की इंटरनेशनल फुटबॉल से विदाई हो गई।
Sujit Kalkal 2028 Olympics के लिए ग्राउंड गेम और डिफेंस पर बढ़ा रहे हैं ध्यान
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान सुजीत कलकल ने बुधवार को बताया कि वह आक्रामक दांव-पेंच के साथ अपने ‘ग्राउंड गेम’ पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं। सुजीत ने कहा कि कोच का मानना है कि अगर वह मैट पर गिरने के बाद प्रतिद्वंद्वी को पकड़कर अंक हासिल करने वाले दांव-पेंच और तकनीक (ग्राउंड अटैक) में भी मजबूत हो जाते हैं तो उनकी पहले से आक्रामक कुश्ती और ज्यादा प्रभावी हो जाएगी और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में उन्हें इसका फायदा मिलेगा। सुजीत ने एशियाड में अपने पदार्पण में पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कहा कि उनके कोच ने उनसे ‘ग्राउंड पोजीशन’ से हमला करने की क्षमता सुधारने के साथ-साथ बेहतर बचाव करने को कहा है और यह ऐसा क्षेत्र है जिन पर उन्हें काम करने की जरूरत है। सुजीत ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में कहा, ‘‘सबसे पहले तो मेरे मुकाबलों में जो परिस्थितियां बार-बार आती हैं, मुझे उन पर और काम करना है। मेरे कोच ने मुझे बताया है कि ‘ग्राउंड’ पर थोड़ी कमजोरी है इसलिए भविष्य में मैं ग्राउंड से अटैक करूंगा और अच्छी तरह डिफेंड करूंगा। ’’हरियाणा के इस पहलवान की एशियाई खेलों में सफलता कहीं अधिक आक्रामक रवैये पर आधारित थी जिसके बारे में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फ्रीस्टाइल कोच एमजारियोस ‘शाको’ बेंटिनिडिस ने उनके साथ विशेष रूप से काम किया था। कोच ने उन्हें यह अहसास तब कराया जब वह रूस में एक प्रतियोगिता जीतने के बावजूद वह पर्याप्त हमला नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सोचा कि अगर मुझमें आक्रामकता तो मुझे ऐसा करना चाहिए। इस मैच में मैंने हर मुकाबले में आक्रामक रूख अपनाया और अंक बनाए। ’’सुजीत ने अब अपना लक्ष्य ओलंपिक चैंपियन बनने पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि पेरिस ओलंपिक में जगह नहीं बना पाने की निराशा अब पीछे छूट चुकी है और वह 2028 खेलों की तैयारी करते हुए वर्तमान और भविष्य पर ध्यान देंगे। सुजीत ने कहा, ‘‘ओलंपिक हर खिलाड़ी का सपना होता है। ओलंपिक चैंपियन बनना, अपने देश के झंडे को शीर्ष पर रखना। इसलिए, अगर हम ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं, तो स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करें। ’’तेईस वर्षीय पहलवान पेरिस ओलंपिक से चूक गया था क्योंकि भारत उनके वर्ग में कोटा हासिल करने में विफल रहा था। पहलवान ने याद किया कि बाढ़ सहित परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर थीं जिनके कारण वह क्वालीफिकेशन प्रतियोगिता तक नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा, ‘‘पेरिस में जो हुआ, वह भगवान की इच्छा थी। हम इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते। हम पूरी कोशिश करेंगे कि अतीत पर ज्यादा ध्यान नहीं दें। हम अपने वर्तमान और भविष्य पर ध्यान देंगे। ’’इन झटकों के बाद सुजीत की एशियाई खेलों की जीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि नागोया में उनका रवैया आखिरी सेकेंड तक लड़ते रहने का था, खासकर फाइनल में 2-9 से पिछड़ने के बाद। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं हार रहा हूं, तो आखिरी सांस तक लड़ना मेरा कर्तव्य है। हमारे अंदर जितनी भी ताकत बची है, मैं अपना सब कुछ लगा दूंगा।
भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने बुधवार को पूर्व चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर के लिए पोस्ट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- ‘प्रिय अजित भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बड़ा सम्मान रहा।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘वे तीन ICC ट्रॉफियां आपके विश्वास की गवाही हैं। टीम पहले और हमेशा टीम सबसे आगे।’ गंभीर ने कहा, ‘मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके साथ अधिक नरमी बरतेगा। हर चीज के लिए धन्यवाद।’ 3 दिन पहले 4 अक्टूबर को भारतीय टीम के चीफ सिलेक्टर के तौर पर अजित अगरकर का कार्यकाल समाप्त हो गया। पूर्व तेज गेंदबाज ने अपने कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाया। गंभीर-अगरकर पिछले 2 साल से साथ काम कर रहे गौतम गंभीर और अजित अगरकर पिछले 2 साल से भारतीय क्रिकेट के लिए एक साथ काम कर रहे थे। अगरकर को 4 जुलाई 2023 को भारतीय टीम का सिलेक्टर बनाया गया था। 4 जुलाई 2023 को गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने। यहां से दोनों ने मिलकर 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में टी-20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े खिताब जीते। BCCI ने सिलेक्टर्स पद के लिए आवेदन बुलाए अजित का कार्यकाल समाप्त होने के बाद BCCI ने 6 अक्टूबर को मेंस सिलेक्शन कमेटी के एक पद के लिए आवेदन बुलाए हैं। BCCI के मुताबिक आवेदन करने वाले उम्मीदवार ने कम से कम 7 टेस्ट या 30 फर्स्ट क्लास मैच खेले हों, या 10 ODI और 20 फर्स्ट क्लास मैच खेले हों। उम्मीदवार का क्रिकेट से रिटायर हुए कम से कम 5 साल पूरे होना जरूरी है। जो व्यक्ति BCCI के नियमों के तहत किसी क्रिकेट कमेटी में कुल 5 साल रह चुका है, वह इस पद के लिए योग्य नहीं होगा। ------------------------------------------------------------------
अहमदाबाद में खेले गए दूसरे चार दिवसीय मैच में भारत अंडर-19 ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 को 10 विकेट से हरा दिया। हरियाणा के बाएं हाथ के स्पिनर तन्मय बालोदा की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने तीसरे दिन ही मैच अपने नाम कर लिया। बालोदा ने दोनों पारियों में कुल 73 रन देकर 14 विकेट लिए। इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की चार दिवसीय सीरीज 2-0 से जीत ली। इससे पहले भारतीय टीम ने वनडे सीरीज भी 3-0 से अपने नाम की थी। तीसरे दिन बालोदा ने शुरुआती 4 ओवर में दिए 2 लिए ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे दिन अपनी दूसरी पारी 4 विकेट पर 86 रन से आगे शुरू की। पहली पारी में 141 रन से पिछड़ने के बाद टीम को बड़ी साझेदारी की जरूरत थी, लेकिन बालोदा ने दिन के शुरुआती चार ओवर में ही जेड हॉलिक और चार्ली हेंडरसन को आउट कर दिया। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी दबाव में आ गई। मीडियम पेसर प्रियांशु सिंह ने जैकब पीट्ज और थॉमस वासिओ को पवेलियन भेजा। 151 रन पर सिमटी ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी बालोदा ने इसके बाद पैट्रिक सुलिवन और टीम के टॉप स्कोरर ब्लेक कैटल को आउट किया। कैटल ने 63 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 151 रन पर सिमट गई। बालोदा ने दूसरी पारी में 41 रन देकर 8 विकेट लिए। इससे पहले उन्होंने पहली पारी में 32 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे। इस तरह मैच में उनके खाते में 14 विकेट रहे। उन्हें निलंबित रोहित यादव की जगह आखिरी समय में टीम में शामिल किया गया था। भारत ने 5 गेंद में हासिल किया 11 रन का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया के 151 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारत के सामने जीत के लिए सिर्फ 11 रन का लक्ष्य था। सलामी बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी ने स्पेंसर ग्रीन के पहले ही ओवर में दो चौके लगाए और 5 गेंद में बिना कोई विकेट गंवाए भारत को जीत दिला दी। पहली पारी में भारत ने 141 रन की बढ़त बनाई थी टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 174 रन पर ऑलआउट हो गई थी। इसके जवाब में भारत ने कप्तान यशवर्धन चौहान के 52 और विकेटकीपर बल्लेबाज अभिप्राय बिस्वास के 73 रन की मदद से 315 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के लेग स्पिनर स्पेंसर ग्रीन ने 110 रन देकर 7 विकेट लिए। इसके बावजूद भारत ने पहली पारी में 141 रन की बढ़त हासिल की, जो आखिर में मैच का अहम अंतर साबित हुई। भारत ने 2-0 से जीती चार दिवसीय सीरीज भारत ने पहला चार दिवसीय मैच राजकोट में एक पारी और 48 रन से जीता था। अहमदाबाद में जीत के साथ भारतीय अंडर-19 टीम ने सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। इससे पहले वनडे सीरीज में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से हराया था।
जीशान अंसारी की उत्तर प्रदेश रणजी टीम में की वापसी
लखनऊ, उत्तर प्रदेश क्रिकेट में लंबे समय तक मुख्य टीम से बाहर रहने के बाद लेग-स्पिनर जीशान अंसारी छह साल के अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी टीम में वापसी करने जा रहे हैं।
विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से दी गई सफाई में इन मुलाकातों को किसी आर्थिक समझौते से जोड़ने से साफ इनकार किया गया है। टीम का कहना है कि विराट और अनुष्का की प्रेमानंद महाराज से मुलाकातों को उनकी व्यक्तिगत आस्था और श्रद्धा के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
इंग्लैंड ने चेकिया को 3-0 से हराया: नेशंस लीग
लंदन, इंग्लैंड के स्टार स्ट्राइकर हैरी केन ने अपने करियर के 125वें अंतरराष्ट्रीय मैच में दो गोल दागकर एक खास रिकॉर्ड की बराबरी की।
भारत ने ओलंपिक 2036 की मेजबानी हासिल करने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी.टी. उषा ने बताया कि आईओसी के फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने अगले महीने प्रेजंटेशन दिया जाएगा।
कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में मंगलवार रात खेले गए इंटरनेशनल फ्रेंडली फुटबॉल मैच में उरुग्वे ने भारत को 6-1 से हराया। दुनिया की 20वें नंबर की टीम के खिलाफ भारतीय मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा ने 22वें मिनट में गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया था। यह गोल भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। हालांकि, बारिश और आसमानी बिजली के कारण करीब 35 मिनट के ब्रेक के बाद उरुग्वे ने मैच पर पूरी तरह कब्जा कर लिया और भारत के खिलाफ 5 और गोल दागे। थापा के गोल से 1982 की याद ताजा हुई भारत ने उरुग्वे के खिलाफ इससे पहले 1982 के नेहरू कप में गोल किया था। ईडन गार्डन्स में खेले गए उस मुकाबले में मानस भट्टाचार्य ने भारत के लिए गोल किया था। भारत को उस मैच में 1-3 से हार मिली थी। इस बार थापा ने उसी शहर में भारत के लिए गोल किया। 22वें मिनट में रेयान विलियम्स के शॉट को उरुग्वे के गोलकीपर गैस्टन कार्डोजो पूरी तरह रोक नहीं सके। रिबाउंड पर मौजूद थापा ने गेंद को गोल में पहुंचाया और भारत को बराबरी दिला दी। नुनेज की पेनल्टी से उरुग्वे ने ली बढ़त मैच की शुरुआत में उरुग्वे ने भारत पर दबाव बनाया। 11वें मिनट में प्रमवीर ने बॉक्स में फेडेरिको विनास को गिरा दिया। इसके बाद उरुग्वे को पेनल्टी मिली। स्टार स्ट्राइकर डार्विन नुनेज ने इस मौके को गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके 11 मिनट बाद भारत ने बराबरी कर ली। इसके बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का नजर आया, लेकिन मौसम के कारण खेल का रुख बदल गया। बारिश और बिजली के कारण 35 मिनट रुका मैच तेज बारिश और आसमानी बिजली के कारण मुकाबला करीब 30 से 35 मिनट तक रोकना पड़ा। खेल दोबारा शुरू होने के बाद उरुग्वे ने तेजी से आक्रमण किया। ब्रेक के बाद नाहितान नांदेज के लो-क्रॉस पर मैक्सिमिलियानो अराउजो ने गोल कर उरुग्वे को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद भारतीय टीम के लिए मैच में वापसी करना मुश्किल होता गया। दूसरे हाफ में उरुग्वे ने 4 गोल किए दूसरे हाफ में उरुग्वे ने भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। 53वें मिनट में रोड्रिगो जालाजार ने बॉक्स के बाहर से तेज शॉट लगाकर स्कोर 3-1 कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद अराउजो ने अपना दूसरा गोल कर उरुग्वे की बढ़त 4-1 कर दी। आखिरी मिनटों में मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व विंगर फाकुंदो पेलिस्ट्री ने दो शानदार असिस्ट किए। उनकी मदद से जुआन सानाब्रिया और रोड्रिगो अगुइरे ने गोल दागे और उरुग्वे ने मुकाबला 6-1 से जीत लिया। उरुग्वे ने दूसरे हाफ में मैच पूरी तरह अपने नाम किया भारत ने पहले हाफ में बराबरी तक पहुंचकर उरुग्वे को चुनौती दी, लेकिन ब्रेक के बाद साउथ अमेरिकी टीम की आक्रमण क्षमता के सामने भारतीय डिफेंस दबाव में आ गया। उरुग्वे ने दूसरे हाफ में चार गोल किए और मैच 6-1 से अपने नाम किया। ---------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… हरमनप्रीत की कप्तानी में खत्म हुआ 47 साल का सूखा:पहली बार वर्ल्ड कप जिताया, एशियन गेम्स में गोल्ड दिलाया; लॉर्ड्स में रचा इतिहास हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतकर 47 साल का खिताबी सूखा खत्म किया। हरमनप्रीत भारत को महिला वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। पूरी खबर
PC: DNA INDIA 2025 विमेंस ODI वर्ल्ड कप की अहम खिलाड़ी स्मृति मंधाना ने 9 मैचों में 54.25 की औसत से 434 रन बनाए और दूसरी सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। उनके योगदान में एक सेंचुरी और दो फिफ्टी शामिल हैं, जिसमें साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में उनकी 45 रन की शानदार पारी भी शामिल है। जीत के बाद, उनकी मार्केट वैल्यू बढ़ गई है, और उन्हें 1 करोड़ रुपये से ज़्यादा के नए एंडोर्समेंट डील मिले हैं। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट, मैच फीस और WPL सैलरी मंधाना, जो BCCI की सीनियर महिलाओं के लिए सालाना रिटेनरशिप के ग्रेड A में हैं, टीम इंडिया की एक अहम सदस्य हैं। बोर्ड उन्हें सालाना 50 लाख रुपये सैलरी देता है। इसके अलावा, उन्हें T20I के लिए 3 लाख रुपये, ODI के लिए 6 लाख रुपये और टेस्ट के लिए 15 लाख रुपये की फिक्स्ड मैच फीस मिलती है। वह विमेंस प्रीमियर लीग के इतिहास की सबसे महंगी खिलाड़ी हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 2023 के मेगा ऑक्शन में 3.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, और वह हर सीज़न में इतनी ही सैलरी कमाती हैं। कप्तान के तौर पर, उन्होंने RCB को जीत दिलाई। ब्रांड, प्रॉपर्टी और कारें मंधना हीरो, नाइकी, हुंडई, रेड बुल और गार्नियर जैसे कई ब्रांड्स की एंडोर्सर हैं। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, वह हर ब्रांड के लिए 75 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये के बीच चार्ज करती हैं। वह महाराष्ट्र के सांगली में रहती हैं। उनके घर में एक गार्डन, लाइब्रेरी, होम थिएटर और जिम है। दिल्ली और मुंबई में उनकी रियल एस्टेट भी है। वह SM-18 स्पोर्ट्स कैफे नाम का एक रेस्टोरेंट चलाती हैं। उन्हें महंगी गाड़ियां पसंद नहीं हैं। उन्होंने अपने भाई-बहन के लिए हुंडई क्रेटा और अपने पिता के लिए मारुति स्विफ्ट खरीदी। उनके पास एक रेंज रोवर इवोक है जिसकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये है।
India से पहले T20 में हार के बाद बोले Shai Hope, हालात समझने में चूकी टीम
लखनऊ, सात अक्टूबर वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने कहा कि भारत के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश में उनकी टीम थोड़ी ‘बिखर गई’ और परिस्थितियों को सही ढंग से पढ़ने में उसकी नाकामी श्रृंखला के पहले मैच में आठ विकेट की हार का मुख्य कारण रही। होप ने कहा कि भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलते हुए वेस्टइंडीज टीम को आक्रामक होना जरूरी था जो वे मंगलवार को नहीं हो सके। मेहमान टीम 19.1 ओवर में 170 रन पर आउट हो गई और भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक की बदौलत 14.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। अर्धशतक लगाने वाले होप ने मैच के बाद कहा, ‘‘मुझे लगा कि आखिरी चरण में बल्लेबाजी थोड़ी बिखर गई थी। ऐसा लगा जैसे हम किसी समय 270 या 280 रन बनाने की कोशिश कर रहे थे, आप जानते हैं हमें स्थिति को थोड़ा अच्छी तरह समझकर मैच खेलना था। शायद खुद को थोड़ा और समय देना था क्योंकि हम जानते हैं कि अगर हमारे हाथ में विकेट हों तो हम आखिरी चरण में हमेशा नुकसान पहुंचा सकते हैं। ’उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘यह बस अधिक आक्रामक होने और बारीकियों पर अधिक ध्यान देने की बात है इसलिए जब भी मैं यहां भारत में क्रिकेट खेलता हूं तो इन सभी छोटी-छोटी चीजों को एक साथ रखने की कोशिश करता हूं। और कभी-कभी आपको थोड़ी किस्मत की भी जरूरत होती है। ’’दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने कहा कि भारत के दौरे पर सफलता के लिए परिस्थितियों का आकलन करना महत्वपूर्ण है। पांच मैचों की श्रृंखला का दूसरा मैच अब नौ अक्टूबर को रांची में होगा। होप ने कहा, ‘‘आप जानते हैं जब आप भारत आते हैं, उनकी घरेलू परिस्थितियों में खेलते हैं, तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलना होता है। आप जानते हैं कि उन्हें हराना बहुत मुश्किल है इसलिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी गलतियों से ज्यादा सही फैसले हों। और आज हम ऐसा अच्छी तरह नहीं कर पाए।
फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के 5 करोड़ वाले दावे को विराट कोहली के प्रवक्ता ने पूरी तरह झूठा बताया है। विराट के प्रवक्ता ने कहा कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से अपनी गहरी आस्था और सम्मान के चलते मिलते हैं।
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के आरोप को खारिज कर दिया है। उनकी टीम ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा- ‘विराट कोहली को लेकर जो दावे किए हैं, वे पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं।’ बयान में आगे कहा गया है कि ये दावे तथ्यात्मक रूप से भी गलत हैं। विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी से केवल अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण मिलते हैं।' एक दिन पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि एक गुट ने भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को कथित तौर पर 5 करोड़ रुपए देकर प्रेमानंद महाराज के दरबार में बुलाया था। विराट कोहली की टीम ने यह बयान जारी किया… फलाहारी महाराज का वह पत्र, जिसमें कोहली को 5 करोड़ देकर बुलाना का दावा हुआ (इस खबर को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं।)
सुनिश्चित करना होगा कि हम लगातार विकेट न गंवाए: होप
लखनऊ, वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने माना कि बीच के ओवरों में टीम के खराब प्रदर्शन और लगातार विकेट गिरने की वजह से भारत ने पहले टी20 इंटरनेशनल मैच पर पकड़ बना ली।
22 नवंबर 2022 को भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय टीम की जर्सी में अपना आखिरी मैच खेला था। इन बीते चार वर्षों में कई तेज गेंदबाज टीम इंडिया में आए और धीरे-धीरे भुवनेश्वर का नाम गुमनाम होता चला गया।
Lionel Messi का विदाई मैच: Argentina ने Benin को 3-0 से हराया
ब्यूनस आयर्स, सात अक्टूबर (एपी) दो दशक तक अर्जेंटीना के फुटबॉल की धड़कन रहे लियोनेल मेस्सी ने देश के लिए अपने आधिकारिक विदाई मैच को यादगार बना दिया। उन्होंने बेनिन के खिलाफ टीम की 3-0 की जीत में पेनल्टी पर एक गोल करने के साथ दो गोल करने में मदद की। ब्यूनस आयर्स के मोन्यूमेंटल स्टेडियम में खेले गए मैच में हजारों प्रशंसकों ने इस महान खिलाड़ी को जोरदार तालियों और नारों के साथ अंतिम विदाई दी। अर्जेंटीना के इस सुपरस्टार ने 85,000 प्रशंसकों के सामने अपने 21 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन किया जिसमें उन्होंने 126 गोल, 2022 विश्व कप खिताब और दो कोपा अमेरिका खिताब शामिल रहे। मेस्सी ने पिच के केंद्र से माइक्रोफोन में बोलते हुए दर्शकों से कहा, ‘‘20 से अधिक वर्षों तक इस जर्सी को पहनना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। मैंने कभी लड़ना नहीं छोड़ा, मैदान पर अपना सब कुछ देना कभी नहीं छोड़ा। मैं हमेशा वापस आता रहना चाहूंगा क्योंकि अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना आपके साथ होने वाली सबसे खूबसूरत चीज है। ’’उनके कई साथी खिलाड़ी भावुक हो गए थे। उन सभी ने लियोनेल स्कालोनी के नेतृत्व वाले कोचिंग स्टाफ और प्रशंसकों ने खड़े होकर तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया। मेस्सी ने कहा, ‘‘मुझे आप सभी की याद आएगी। अब मैं आपकी तरफ रहूंगा, राष्ट्रीय टीम और आने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करूंगा। ’’उन्होंने कहा, ‘‘जब हम एकजुट होते हैं तो हम किसी से भी ज्यादा मजबूत होते हैं और किसी भी चीज पर काबू पा सकते हैं। मुश्कल समय आगे है क्योंकि इस ग्रुप ने जो हासिल किया है, उसे दोहराना आसान नहीं होगा। ’’मेस्सी द्वारा लिए गए कॉर्नर किक के बाद, डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने हेडर से 48वें मिनट में गोल कर टीम के लिए गोल कर दिया। इसके बाद मेस्सी ने युवा प्रतिभा निकोलस पाज को पास दिया जिन्होंने 61वें मिनट में बाएं पैर से शानदार फिनिश के साथ गोल किया। दस मिनट बाद पेनल्टी पर मेस्सी ने बाएं पैर से गोल दाग दिय जिससे सर्वकालिक शीर्ष गोल स्कोरर के रूप में उनके गोलों की संख्या और बढ़ गई। दर्शकों ने उनके सम्मान में गाना शुरू किया, ‘‘ओले, ओले, मेस्सी। ’’39 साल की उम्र में भी शीर्ष स्तर पर खेलते हुए मेस्सी ने 31 अगस्त को घोषणा की थी कि वह विदाई लेने वाले हैं। मेस्सी ने अपना अंतिम मैच (अर्जेंटीना के लिए उनका 208वां मैच) शानदार आतिशबाजी के प्रदर्शन के बीच खेला। उन्होंने विशेष संस्करण की जर्सी पहनी थी जिसमें मानक डिजाइन की तुलना में चौड़ी लंबी धारियां, एक विशाल सूरज और पीठ पर सुनहरे रंग का नंबर 10 था। पीठ के विवरण में प्रिंट में बकरे के सींग थे ‘गोट’ (जीओएटी) का संकेत जो जानवर और ‘ग्रेटैस्ट ऑफ ऑल टाइम’ दोनों को संदर्भित करता है। अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच शुरू होने के दस मिनट बाद, रेफरी ने अर्जेंटीना के कप्तान को सम्मानित करने के लिए मैच रोक दिया। प्रतिद्वंद्वी और साथी खिलाड़ी उनका अभिवादन करने के लिए आगे आए जबकि प्रशंसक खड़े होकर तालियां बजाने लगे। मेस्सी ने हाथ उठाकर आभार जताया। मैच समाप्त होने के बाद, उन्होंने अपने साथियों को उन खिताबों के लिए धन्यवाद दिया जो उन्होंने जीते थे और उन्हें एक निर्देश दिया, ‘‘हमें एक मजबूत, एकजुट ग्रुप बनाना होगा क्योंकि कुछ लोग चाहते हैं कि राष्ट्रीय टीम असफल हो, और हमें उन्हें यह संतुष्टि नहीं देनी चाहिए। ’’महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना के उत्तराधिकारी के रूप में मेस्सी ने 2005 में सीनियर राष्ट्रीय टीम में पदार्पण किया। 2022 तक उनका सफर निराशाओं से भरा रहा। लेकिन 2022 में आखिरकार उन्होंने विश्व कप उठाया और यह ऐसी जीत थी जिसने खेल के महानतम खिलाड़ियों की सूची में उनकी जगह पक्की करने के साथ अर्जेंटीना में एक राष्ट्रीय नायक के रूप में उनकी स्थिति को मजबूत किया। अपने बेटे थियागो, माटेओ और सिरो के साथ मेस्सी जब भावुक हो गए तब अर्जेंटीना का राष्ट्रगान गाया। गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने उनके कंधों पर हाथ रखकर उन्हें सांत्वना देने की कोशिश की।
Sourav Ganguly बोले: Delhi Capitals कोच और CAB अध्यक्ष पद में हितों का टकराव नहीं
कोलकाता, सात अक्टूबर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच का पद संभालने के साथ ही बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष बने रहने में हितों का कोई टकराव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास बीसीसीआई लोकपाल का आदेश है। गांगुली पहली बार किसी आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) टीम के मुख्य कोच का पद संभालेंगे। वह दिल्ली कैपिटल्स में हेमंग बदानी की जगह लेंगे और 2027 सत्र में टीम का मार्गदर्शन करेंगे। वह हालांकि 2019 से कैपिटल्स से जुड़े हुए हैं। वह पुरुष और महिला दोनों टीम के लिए क्रिकेट निदेशक सहित कई भूमिकाएं निभा चुके हैं। पर आईपीएल फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच के तौर पर यह उनका पहला कार्यकाल होगा। गांगुली ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘दिल्ली कैपिटल्स अच्छा खेलेगी। मैं इस भूमिका के लिए उत्साहित हूं। ’’गांगुली ने यह बात साल्ट लेक स्टेडियम में भारतीय फुटबॉल टीम की उरुग्वे के खिलाफ फीफा अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में मिली 1-6 की हार के बाद संवाददाताओं से कही। दो भूमिकाओं से होने वाले संभावित हितों के टकराव के बारे में पूछे जाने पर गांगुली ने कहा, ‘‘मेरे पास लोकपाल का आदेश है। ’’गांगुली ने भारतीय फुटबॉल टीम के शीर्ष अंतरराष्ट्रीय टीम के खिलाफ खेलने के फैसले का भी समर्थन किया और कहा कि इस तरह का अनुभव देश के फुटबॉलरों को बेहतर बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक अच्छी पहल है और वे (खिलाड़ी) इसी तरह सीखेंगे। यह (विकास) रातोंरात नहीं होता। आप अच्छी टीम के खिलाफ खेलकर ही बेहतर होते हैं। ’’भारतीय फुटबॉल टीम ने बेंगलुरु में पनामा के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला, जिसके बाद उसे पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील (0-4) और दो बार के विश्व चैंपियन उरुग्वे (1-6) के खिलाफ लगातार हार मिली। गांगुली ने सुपरस्टार लियोनल मेस्सी के बेनिन के खिलाफ विदाई मैच के बारे में भी बात की, उन्होंने कहा, ‘‘मैं सुबह मैच नहीं देख पाऊंगा, इसलिए मैं दोबारा प्रसारित होने पर ही इसे देखूंगा। मेस्सी के सन्यास के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यही खेल का नियम है। यह सभी के लिए है। ’’गांगुली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्षों का नेतृत्व पूरा करने पर बधाई भी दी। उन्होंने कहा, ‘‘वह एक विशाल देश के नेता हैं। उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं, हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं।
हमने भारत को मैच में वापसी करने का मौका दिया', सुनिश्चित करना होगा कि हम लगातार विकेट न गंवाए : होप
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने माना कि बीच के ओवरों में टीम के खराब प्रदर्शन और लगातार विकेट गिरने की वजह से भारत ने पहले टी20 इंटरनेशनल मैच पर पकड़ बना ली। श्रेयस अय्यर की नाबाद 102 रनों की पारी की बदौलत टीम इंडिया ने भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में 8 विकेट से जीत हासिल की।
Harmanpreet Kaur Captaincy: कप्तानी छोड़ते ही फिर चर्चा में हरमनप्रीत कौर, इन 5 उपलब्धियों ने बनाया ऐतिहासिक कप्तान
नमन धीर ने डेब्यू में ही किया बड़ा धमाका, टी20 इंटरनेशनल में दूसरी बार हुआ ऐसा कारनामा
नमन धीर को वनडे के अब अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेलने का मौका मिला गया है। इसमें उनकी बल्लेबाजी तो नहीं आई, लेकिन गेंदबाजी में जरूर धीर ने कमाल किया और तीन विकेट लेने में कामयाबी हासिल की।
लियोनेल मेसी ने ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मास मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मुकाबला खेला। इस मुकाबले के साथ ही फुटबॉल के जादूगर कहे जाने वाले मेसी की अर्जेंटीना की जर्सी में भावुक विदाई हुई। अपने ऐतिहासिक करियर में मेसी ने कई बड़े मुकाम हासिल किए और वह अपने पीछे वो विरासत छोड़कर गए, जिसकी बराबरी शायद कभी नहीं की जा सकेगी।
एशियन गेम्स 2026 का समापन हो गया है। एशियाड में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। खिलाड़ी अब स्वदेश लौट आए हैं, जहां पदक विजेताओं का स्वागत हो रहा है।
अर्जेंटीना के फैंस अपने दिग्गज खिलाड़ी लियोनल मेसी को आखिरी बार राष्ट्रीय टीम की जर्सी में खेलता देखने के लिए उमड़ पड़े। ब्यूनस आयर्स के लिए यह रात यादगार रही और मेसी के करियर का शानदार तरीके से जश्न मनाया गया।
Team India: न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम घोषित, 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी
Team India: न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम घोषित, 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी
OUT या NOT OUT? ईशान किशन के कैच पर थर्ड अंपायर के फैसले से भड़के WI के खिलाड़ी, VIDEO वायरल
लखनऊ में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले T20I मुकाबले में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मैथ्यू फोर्ड के कैच पर तीसरे अंपायर ने ईशान किशन को आउट नहीं दिया।
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट के लिए वरदान बताया है। उन्होंने कहा- ‘कोहली के आंकड़े और विश्व क्रिकेट में योगदान खुद उनकी महानता बताते हैं। उन्होंने रोहित के अनुभव को भी टीम के लिए बड़ी ताकत बताया।’ तनवीर ने दुबई में न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत की। उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप, रोहित-कोहली की एज और फिटनेस पर किए गए सवालों के जवाब दिए। उनके मुताबिक, उम्र को नकारात्मक नहीं देखना चाहिए, अगर खिलाड़ी फिटनेस और फॉर्म बनाए रखे। कहा- कोहली के आंकड़े खुद बोलते हैं तनवीर ने कहा कि विराट कोहली के आंकड़े इतने बड़े हैं कि उनके बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘विराट के आंकड़े इतने शानदार हैं कि मुझे कुछ कहने की जरूरत नहीं है। वे खुद बोलते हैं।’ तनवीर ने कहा कि कोहली ने भारतीय क्रिकेट के अलावा विश्व क्रिकेट की भी बड़ी सेवा की है। उन्होंने फैंस को खुशी के अनगिनत पल दिए और अपनी असाधारण प्रतिभा से उनका मनोरंजन किया। तनवीर बोले- कोहली का खेलना भारतीय क्रिकेट के लिए आशीर्वाद तनवीर ने कहा कि वह विराट कोहली को ज्यादा से ज्यादा समय तक खेलते देखना चाहते हैं। उन्होंने रोहित के साथ कोहली की तुलना करते हुए कहा कि उनका खेलना भारतीय क्रिकेट के लिए आशीर्वाद है। पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज ने कहा, ‘जैसा मैंने रोहित के बारे में कहा था, कोहली का ज्यादा से ज्यादा समय तक खेलना भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा आशीर्वाद है।’ रोहित के 2027 वर्ल्ड कप खेलने पर सवाल तनवीर का मानना है कि उम्र को हमेशा नकारात्मक नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उनके मुताबिक, फिटनेस और प्रदर्शन बरकरार रहने पर अनुभवी खिलाड़ी टीम को काफी फायदा दे सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर आप खुद को फिट रखते हैं और प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो उम्र दोगुना फायदा देती है। लोग अक्सर उम्र को नकारात्मक नजर से देखते हैं, लेकिन मैं इसे किसी भी टीम के लिए बड़ी ताकत मानता हूं।’ तनवीर ने अनुभव की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा कि अनुभवी खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को संभालने के साथ युवा साथियों का मार्गदर्शन भी कर सकते हैं। रोहित की फॉर्म और फिटनेस दोनों जरूरी रोहित ने अपनी पिछली 5 वनडे पारियों में शानदार फॉर्म दिखाई है। उन्होंने मुल्लांपुर और गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ 92 और 101 रन बनाए। तिरुवनंतपुरम में उन्होंने 32 रन की पारी खेली। वेस्टइंडीज सीरीज से पहले रोहित ने इस साल की शुरुआत में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में शानदार 138 रन बनाए थे। तनवीर ने माना कि रोहित के लिए टॉप लेवल पर बने रहने के लिए फिटनेस और फॉर्म जरूरी हैं। ------------------------------------------------------ भारत-पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत-पाकिस्तान मैच के टिकट के लिए 1 लाख आवेदन, 2027 वर्ल्ड कप टिकटों की भारी डिमांड 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के मुकाबले के लिए टिकटों की भारी डिमांड है। इस मैच के लिए पिछले 3 दिन में ICC के पास 1 लाख से अधिक आवेदन आ चुके हैं। यह मैच जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में होने वाला है। इसकी दर्शक क्षमता 34 हजार है। पढ़ें पूरी खबर
अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी ने राष्ट्रीय टीम के लिए आखिरी मुकाबला खेला। मेसी के अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच में अर्जेंटीना को बेनिन पर बड़ी जीत मिली जिसमें मेसी का योगदान भी अहम रहा।
आंखों में आंसू लिए लियोनेल मेसी ने खेला विदाई मैच, गोल दागा और अर्जेंटीना को भी जिताया
लियोनेल मेसी ने अपना आखिरी इंटरनेशनल फुटबॉल गेम 6 अक्टूबर को खेला। बेनिन के खिलाफ अर्जंटीना की टीम मैदान पर उतरी, जो मेसी का विदाई मैच था।
लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी में अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलकर फुटबॉल से विदाई ली। 39 साल के मेसी ने बुधवार को ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मास मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ फ्रेंडली मैच में टीम की कप्तानी की। अर्जेंटीना ने यह मुकाबला 3-0 से जीता। मैच को ‘द लास्ट टैंगो’ नाम दिया गया था। इस मौके पर 2022 वर्ल्ड कप जीतने वाली अर्जेंटीना टीम के सदस्य और उनके परिवार भी स्टेडियम में मौजूद रहे। 10वें मिनट में मेसी की जर्सी नंबर-10 के सम्मान में रुका मैच मैच के 10वें मिनट में खेल कुछ देर के लिए रोक दिया गया। यह मेसी की मशहूर जर्सी नंबर-10 के सम्मान में किया गया। स्टेडियम में मौजूद फैंस ने खड़े होकर तालियों के साथ मेसी का अभिवादन किया। असिस्ट के बाद 71वें मिनट में पेनल्टी से गोल किया मेसी ने अपने आखिरी मैच में भी अपना प्रभाव छोड़ा। दूसरे हाफ की शुरुआत में उन्होंने निकोलस ओटामेंडी के गोल में असिस्ट किया। इसके बाद 71वें मिनट में मिली पेनल्टी पर मेसी ने टॉप-राइट कॉर्नर में शॉट लगाकर गोल किया। आठ बार के बैलन डी'ओर विजेता ने इस तरह अर्जेंटीना की जर्सी में अपने आखिरी मुकाबले में एक गोल और एक असिस्ट किया। वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के बाद लिया था संन्यास का फैसला मेसी ने 31 अगस्त को इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास की घोषणा की थी। यह फैसला 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में स्पेन के खिलाफ अर्जेंटीना की हार के दो महीने से कुछ अधिक समय बाद आया था। इसके बाद अर्जेंटाइन फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) ने मेसी से एक आखिरी मैच खेलने का अनुरोध किया था। 207 मैच, 126 गोल और 66 असिस्ट के साथ विदाई मेसी अर्जेंटीना के लिए रिकॉर्ड 207 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद विदा हुए। उन्होंने टीम के लिए 126 गोल और 66 असिस्ट किए। ये तीनों ही अर्जेंटीना के रिकॉर्ड हैं। उनके इंटरनेशनल करियर में 2022 वर्ल्ड कप, 2021 और 2024 कोपा अमेरिका, 2022 फिनालिसिमा और 2008 बीजिंग ओलिंपिक का गोल्ड मेडल शामिल है। मेसी ने अपने करियर में रिकॉर्ड बराबरी के 6 वर्ल्ड कप खेले। इनमें से 2022 में अर्जेंटीना ने फ्रांस को फाइनल में हराकर खिताब जीता था। इस दौरान उनके साथ उनके लंबे समय के प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने भी 6 वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया। अर्जेंटीना की जर्सी छोड़ी, लेकिन क्लब के लिए खेलते रहेंगे मेसी अब अर्जेंटीना के लिए मैदान पर नहीं उतरेंगे। लेकिन क्लब फुटबॉल में उनका सफर जारी रहेगा। वे इंटर मियामी क्लब से खेलते हैं। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… लक्ष्मण अब नियमित रूप से सिलेक्शन मीटिंग में होंगे शामिल:BCCI ने कम्युनिकेशन बेहतर करने के लिए लिया फैसला; इंजरी-फिटनेस की जानकारी सीधे मिलेगी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फैसला लिया है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण अब हर सीनियर सिलेक्शन कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। इसका मकसद चयनकर्ताओं और बेंगलुरु स्थित CoE के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस, इंजरी और रिहैब से जुड़ी जानकारी में किसी तरह का कम्युनिकेशन गैप नहीं रहने देना है। पूरी खबर
लियोनल मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेल लिया।
VVS Laxman अब सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में रहेंगे मौजूद, BCCI का फैसला
(कुशान सरकार)नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भविष्य में सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में शामिल होंगे। वह गुवाहाटी में टी20 अंतरराष्ट्रीय और भारत ए टीम के चयन के लिए हुई बैठक में भी मौजूद थे। सैकिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘अब से वीवीएस लक्ष्मण सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में शामिल होंगे ताकि चयनकर्ताओं और सीओई के बीच किसी तरह की संवादहीनता नहीं हो।’’लक्ष्मण और अब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच संवाद की स्पष्ट कमी रही थी। माना जाता है कि चोटिल खिलाड़ियों के बारे में सीओई की ओर से समयसीमा की जानकारी नहीं मिलने के कारण कई बार अप्रिय स्थिति पैदा हुई। सैकिया ने कहा, ‘‘मुंबई में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया कि सीओई के क्रिकेट प्रमुख के तौर पर लक्ष्मण आगे से सभी बैठकों में शामिल होंगे। इसका उद्देश्य संवादहीनता को रोकना और चयनकर्ताओं को सही निर्णय लेने के लिए सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है।
Shreyas Iyer के तूफानी शतक से भारत ने West Indies को आठ विकेट से रौंदा
लखनऊ, छह अक्टूबर कप्तान श्रेयस अय्यर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला शतक जड़ा, जबकि पदार्पण कर रहे हरफनमौला नमन धीर ने तीन विकेट चटकाए जिससे भारत ने मंगलवार को पांच मैचों की श्रृंखला के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वेस्टइंडीज को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी। धीर ने चार ओवर में 31 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि कुलदीप यादव और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट चटकाए। इससे वेस्टइंडीज की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.1 ओवर में 171 रन पर ऑलआउट हो गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अय्यर ने 43 गेंदों पर 10 चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 102 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने ईशान किशन (27 गेंद में नाबाद 37 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 68 गेंद में 137 रन की अटूट साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत भारत ने 14.4 ओवर में दो विकेट पर 172 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। भारत की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। अभिषेक शर्मा (21) और संजू सैमसन (11) चार ओवर के भीतर पवेलियन लौट गए और भारत का स्कोर 35 रन पर दो विकेट हो गया। रोस्टन चेज ने अभिषेक को आउट किया, जबकि शिमरॉन हेटमायर ने लॉन्ग ऑफ से दौड़कर शानदार कैच पकड़ा। अगले ओवर में संजू सैमसन अकील हुसैन की गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद अय्यर और किशन ने मोर्चा संभाल लिया। अय्यर ने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए और तेजी से रन बनाते हुए अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने रोस्टन चेज के खिलाफ छक्का लगाकर 42 गेंदों में शतक पूरा किया और फिर अगली गेंद पर एक रन चुराकर टीम को जीत दिला दी। इससे पहले वेस्टइंडीज की ओर से कप्तान शाई होप ने 37 गेंद में 52 और शरफेन रदरफोर्ड ने 34 गेंद में 56 रन की पारी खेली। होप ने दूसरे ओवर में मयंक यादव की गेंदों पर चार चौके जड़ कर वेस्टइंडीज को तेज शुरुआत दिलाई। भारत को पहली सफलता अर्शदीप सिंह ने कामिल पूरन (12) को बोल्ड कर दिलाई। छठे ओवर में वेस्टइंडीज को दोहरा झटका लगा। पहले हेटमायर (5) रन आउट हुए और फिर अक्षर पटेल ने रोवमैन पॉवेल को खाता खोले बिना पवेलियन भेज दिया। इसके बाद रदरफोर्ड ने वेस्टइंडीज की पारी को संभाला। उन्होंने नौवें ओवर में कुलदीप यादव पर दो छक्के लगाए और 11वें ओवर में अक्षर पटेल के खिलाफ दो चौके और एक छक्का जड़ा। रदरफोर्ड के आने के बाद दूसरे छोर से बल्लेबाजी कर रहे होप ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया। धीर ने 12वें ओवर में उन्हें अक्षर के हाथों डीप मिडविकेट पर कैच कराकर पवेलियन भेजा। इसके बाद कुलदीप ने चेज (5) को पगबाधा आउट किया। 12.3 ओवर में वेस्टइंडीज का स्कोर पांच विकेट पर 114 रन हो गया। रोमारियो शेफर्ड (7) ने धीर की गेंद पर छक्का लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर लॉन्ग ऑफ पर तिलक वर्मा को कैच दे बैठे। कुलदीप की गेंद पर इशान ने शानदार कैच लेकर फोर्ड की दो रन की पारी का अंत किया। धीर ने इसके बाद शमर स्प्रींगर (9) को अक्षर पटेल के हाथों कैच कराकर अपना तीसरा विकेट हासिल किया। चोट के बाद वापसी कर रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव इस मुकाबले में महंगे साबित हुए लेकिन पारी के 19वें ओवर में उन्होंने रदरफोर्ड का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया, जिन्हें धीर ने डीप स्क्वायर लेग पर कैच किया। अंत में अक्षर पटेल ने अकील हुसैन (15) को इशान के हाथों लॉन्ग ऑन पर कैच कराकर वेस्टइंडीज की पारी समेट दी।
Argentina vs Benin Football Live Score, Lionel Messi Farewell Match :फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनल मेसी आज अर्जेंटीना के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मुकाबला खेलने उतरेंगे।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने फैसला लिया है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण अब हर सीनियर सेलेक्शन कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। इसका मकसद चयनकर्ताओं और बेंगलुरु स्थित CoE के बीच खिलाड़ियों की फिटनेस, इंजरी और रिहैब से जुड़ी जानकारी में किसी तरह का कम्युनिकेशन गैप नहीं रहने देना है। लक्ष्मण ने हाल में गुवाहाटी में हुई टी-20 और इंडिया A की चयन बैठक में हिस्सा लिया था। अब वह आगे होने वाली सभी सीनियर सेलेक्शन मीटिंग का हिस्सा रहेंगे। BCCI सचिव बोले- सही फैसला लेने के लिए सटीक जानकारी जरूरी सैकिया ने कहा कि यह फैसला मुंबई में हुई BCCI की समीक्षा बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण BCCI में हेड ऑफ क्रिकेट और CoE प्रमुख हैं। उनके पास खिलाड़ियों की इंजरी, फिटनेस और रिहैब से जुड़ी जानकारी रहती है। ऐसे में उनके हर सेलेक्शन मीटिंग में मौजूद रहने से चयनकर्ताओं को खिलाड़ियों की उपलब्धता की सटीक जानकारी मिल सकेगी। सैकिया ने कहा, लक्ष्मण अब सभी सीनियर सेलेक्शन कमेटी की बैठकों में शामिल होंगे, ताकि चयनकर्ताओं और CoE के बीच कोई कम्युनिकेशन गैप न रहे। लगातार हो रही खिलाड़ियों की इंजरी BCCI के लिए चिंता भारतीय टीम में लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने के कारण उपलब्धता प्रभावित हुई है। हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी इस पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इंजरी और व्यस्त शेड्यूल के कारण टीम अपनी पसंद की गेंदबाजी लाइन-अप के साथ नहीं खेल पा रही है। गिल ने यह भी कहा था कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए टीम के पास ज्यादा प्रयोग करने का समय नहीं है। टीम चाहती है कि आने वाली सीरीज में उस कॉम्बिनेशन को ज्यादा से ज्यादा मौका मिले, जो वर्ल्ड कप में खेलने की संभावना रखता है। इंजरी मैनेजमेंट और चयन के बीच बेहतर तालमेल की कोशिश लक्ष्मण के नियमित रूप से सेलेक्शन मीटिंग में शामिल होने से CoE में चल रहे खिलाड़ियों के रिहैब और फिटनेस प्रोग्राम की जानकारी सीधे चयनकर्ताओं तक पहुंचेगी। इससे चोटिल खिलाड़ियों की उपलब्धता और उनके चयन को लेकर फैसले लेते समय टीम को अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है। ___________________________ टी-20 में 2 साल बाद भारतीय कप्तान का शतक:ईशान को नॉटआउट देने पर वेस्टइंडीज नाराज, डेब्यू पर नमन धीर का रिकॉर्ड भारत ने पहले टी-20 मैच में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। मंगलवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने करियर का पहला टी-20 इंटरनेशनल शतक लगाया। इस फॉर्मेट में में 2 साल के इंतजार के बाद किसी भारतीय कप्तान ने शतक जमाया है। साथ ही रनचेज में 4 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने शतकीय पारी खेली है। पूरी खबर
हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप जीतकर 47 साल का खिताबी सूखा खत्म किया। हरमनप्रीत भारत को महिला वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। इसके अलावा, उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल भी जीता। टेस्ट क्रिकेट में भी हरमनप्रीत ने भारत को लॉर्ड्स में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दिलाई। स्टोरी में हरमनप्रीत की टॉप-5 अचीवमेंट्स… 1. वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 2025 विमेंस वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता। 2 नवंबर को खेले गए फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। इसके साथ ही हरमनप्रीत भारत को विमेंस वर्ल्ड कप जिताने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। भारतीय टीम 1978 से इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही थी। 2. एशियन गेम्स में दो गोल्ड, कॉमनवेल्थ में सिल्वर हरमनप्रीत ने भारतीय महिला टीम को 2022 और 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जितया। इसके अलावा 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने सिल्वर हासिल किया। फाइनल में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 रन से हार मिली थी। 3. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 170 रन की ऐतिहासिक पारी कप्तानी से अलग हरमनप्रीत की सबसे यादगार पारियों में 2017 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की पारी शामिल है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 170 रन बनाए थे। यह वनडे वर्ल्ड कप में किसी भारतीय महिला बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है। हालांकि, भारत की ओर से वनडे में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी के मामले में वह दूसरे नंबर पर हैं, क्योंकि दीप्ति शर्मा ने 188 रन बनाए हैं। 4. लॉर्ड्स में टेस्ट जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड को टेस्ट मैच में 270 रन से हराया। इस जीत के साथ हरमनप्रीत लॉर्ड्स में टेस्ट जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। 5. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी टेस्ट जीत का इतिहास 2023 में हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराया। इसके साथ वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट जीतने वाली पहली भारतीय महिला कप्तान बनीं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 12 टेस्ट खेले गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 5 और भारत ने 1 मैच जीता है। 6 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। ----------------------हरमनप्रीत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…BCCI मीटिंग के बाद हरमनप्रीत ने छोड़ी कप्तानी हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी है। उन्होंने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। यह फैसला एक दिन पहले गुवाहाटी में हुई BCCI की मीटिंग के बाद आया है। पूरी खबर…
भारत ने पहले टी-20 मैच में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। मंगलवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने करियर का पहला टी-20 इंटरनेशनल शतक लगाया। इस फॉर्मेट में में 2 साल के इंतजार के बाद किसी भारतीय कप्तान ने शतक जमाया है। साथ ही रनचेज में 4 साल बाद किसी भारतीय बल्लेबाज ने शतकीय पारी खेली है। भारत Vs वेस्टइंडीज पहले टी-20 के टॉप रिकॉर्ड्स और मोमेंट्स… 1. 2024 के बाद पहली बार टीम इंडिया के कप्तान का शतक श्रेयस बतौर टी-20 कप्तान भारत के लिए शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बने। 2 साल बाद टी-20 फॉर्मेट में किसी भारतीय कप्तान ने शतक जमाया है। श्रेयस से पहले आखिरी बार रोहित शर्मा ने 2024 में ऐसा किया था। 2. रनचेज में शतक का सूखा खत्म हुआ श्रेयस अय्यर ने दूसरी पारी में नाबाद 102 रन बनाए। वे रनचेज में शतक लगाने वाले भारत के चौथे खिलाडी बने। केएल राहुल ने टारगेट का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा 2 शतक लगाए हैं। 4 साल बाद रनचेज में किसी भारतीय बल्लेबाज ने शतक लगाया है। इससे पहले सूर्यकुमार ने 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाया था। 3. नमन धीर ने अक्षर-प्रज्ञान की बराबरी की नमन धीर ने लखनऊ में 4 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट लिए। वे डेब्यू टी-20 में 3 विकेट लेने वाले भारत के तीसरे स्पिनर बने। इससे पहले प्रज्ञान ओझा और अक्षर पटेल यह कारनामा कर चुके हैं। 4. अक्षर पटेल ने चौथी बार पावरप्ले में विकेट मेडन ओवर डाला अक्षर ने लखनऊ में छठे ओवर में बिना रन दिए रोवमेन पावेल का विकेट लिया। उन्होंने चौथी बार टी-20 में ऐसा किया। टी-20 में पावरप्ले में सबसे ज्यादा बार विकेट मेडन ओवर डालने का भारतीय रिकॉर्ड भुवनेश्वर कुमार के नाम है। उन्होंने 6 बार यह कारनामा किया है। 5. हेटमायर 7वीं बार टी-20 में रनआउट हुए शिमरोन हेटमायर सातवीं बार टी-20 इंटरनेेशनल में रनआउट हुए। इसके साथ ही वे टी-20 में सबसे ज्यादा बार रनआउट होने वाले वेस्टइंडीज के बल्लेबाज बन गए। आंद्रे फ्लेचर 6 बार रनआउट हुए हैं। 6. रदरफोर्ड ने इस साल डेथ ओवर्स में सबसे ज्यादा रन बनाए शेरफेन रदरफोर्ड ने 2026 में टी-20 के 16वें से 20वें ओवर के दौरान 616 रन बनाए हैं। वे इस मामले में पहले नंबर पर हैं। दसुन शनाका 598 रन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। यहां से टॉप-3 मोमेंट्स… 1. मंयक यादव के ओवर में 4 चौके लगे मयंक यादव के पहले ओवर में शाई होप ने 4 चौके बटोरे। उन्होंने पहली गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से चौका लगाया। फिर दूसरी गेंद पर डाउन द ग्राउंड शॉट खेलकर 4 रन के लिए भेजा। इसके बाद आखिरी 2 गेंद पर भी चौके लगाए। 2. अजीबोगरीब तरीके से रनआउट हुए हेटमायर पहली पारी के 6वें ओवर में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अजीबोगरीब तरीके से रनआउट हुए। अक्षर के हाथ से गेंद डिफ्लेक्ट होकर कवर की ओर गई। वहां फील्डिंग कर रहे श्रेयस अय्यर ने गेंद कलेक्टर कर विकेटकीपर संजू सैमसन की ओर थ्रो किया। इसके तुरंत बाद सैमसन ने गिल्लियां बिखेरी दी। रिप्ले में दिखा कि हेटमायर ने डाइव लगाकर जब क्रीज में पहुंचने की कोशिश की, तब उनका बल्ला और हैंडल हवा में था। इसके बाद थर्ड अंपायर ने उन्हें रनआउट करार दिया। हालांकि हेटमायर फैसले से नाराज दिखे। 3. ईशान को थर्ड अंपायर ने नॉट-आउट दिया, वेस्टइंडीज के खिलाड़ी नाराज हुए भारतीय पारी के 11वें ओवर में थर्ड अंपायर ने एक विवादित फैसला दिया। इस पर वेस्टइंडीज के खिलाड़ी सहित कोच डैरेन सैमी भी नाराज दिखे। शमर स्प्रिंग ने ओवर की पांचवी गेंद फुलटॉस डाली। किशन ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की। डीप स्क्वायर कवर पर फील्डिंग कर रहे फोर्ड ने ओर डाइव लगाकर कैच पकड़ा। इसके बाद थर्ड अंपायर ने काफी देर तक कैच को चेक किया। इसके बाद ईशान को नॉट-आउट करार दिया। फैसला आते ही फोर्ड हैरान होकर मैदान पर बैठ गए। वेस्टइंडीज के खिलाड़ी भी मुस्कुराते नजर आए। डगआउट में बैठे वेस्टइंडीज डैरेन सैमी ने भी हाथ उठाकर फैसले पर नाराजगी जताई।
श्रेयस अय्यर ने शतक लगाने के बाद ठोका बड़ा दावा, बोले- इसी माइंडसेट से खेले तो बनेंगे सबसे खतरनाक टीम
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नाबाद 102 रनों की तूफानी शतकीय पारी खेलकर टीम इंडिया को बेहतरीन जीत दिलाई। वहीं मैच के बाद उन्होंने टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है।
वेस्टइंडीज को 8 विकेट रौंदने के बाद भारतीय कप्तान अय्यर बोले- वो एक खतरनाक टीम है
लखनऊ, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। कप्तान श्रेयस अय्यर की शतकीय पारी के दम पर भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच को 8 विकेट से अपने नाम किया। शानदार जीत के बावजूद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज को एक 'खतरनाक टीम' बताया है।
Harmanpreet Kaur ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी छोड़ी, Smriti Mandhana संभालेंगी कमान
(फाइल तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारत की एकमात्र विश्व कप विजेता महिला क्रिकेट कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को तीनों प्रारूपों की कप्तानी से इस्तीफा देते हुए कहा कि बतौर कप्तान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाई है और अब वह “एक बार फिर सिर्फ खेल के प्यार और जुनून के लिए खेलने को तैयार हैं।”सैतीस वर्षीय हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया, जिसमें पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसकी आगे की दिशा का आकलन किया गया। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए। स्मृति मंधाना लंबे समय से भारतीय महिला टीम की कप्तानी करने की अपनी इच्छा जाहिर करती रही हैं। ऐसे में वह अगली कप्तान बनने की सबसे मजबूत दावेदार थीं। मंगलवार देर शाम बीसीसीआई ने उनकी कप्तान के रूप में नियुक्ति की औपचारिक घोषणा कर दी। कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहीं हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘ मैं आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों प्रारूपों की कप्तानी से हट रही हूं।’’उन्होंने कहा, “यह फैसला आसान नहीं है। इसके साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे अनगिनत पल जुड़े हैं, जो जीवन भर मेरे साथ रहेंगे।”हरमनप्रीत ने यह भावुक संदेश इंस्टाग्राम पर साझा किया। इसके साथ उन्होंने ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान की ओर मुंह करके खड़े अपनी तस्वीर भी पोस्ट की। इससे पहले हरमनप्रीत ने कम से कम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक टीम की कप्तानी करने की इच्छा जताई थी। भारत इन खेलों के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुका है। बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) के एक सूत्र ने ‘पीटीआई’ को बताया कि अनुभवी खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर वनडे और टेस्ट टीम की कप्तानी जारी रखना चाहती थीं। बोर्ड ने हालांकि उन्हें बताया कि वह तीनों प्रारूपों में नेतृत्व में बदलाव की योजना बना रहा है। ऐसे में स्मृति मंधाना की अगली कप्तान बनने की संभावना है। हरमनप्रीत के योगदान को लेकर जारी अपने आधिकारिक बयान में बीसीसीआई ने उन्हें “भारतीय महिला क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली खिलाड़ी” बताया। हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में टी20 टीम की कमान संभाली थी। इसके बाद 2022 में उन्हें वनडे टीम का कप्तान बनाया गया और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं। हरमनप्रीत ने 2016 में भारतीय टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी और करीब एक दशक तक इस जिम्मेदारी को निभाया। 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई और 2023 में वह तीनों प्रारूपों की कप्तान बन गईं। पंजाब के मोगा की इस खिलाड़ी ने कहा, “मुझे लगता है कि मैंने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को सम्मान के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट का नेतृत्व करने का अवसर मिलने के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी।”हरमनप्रीत हालांकि तीनों प्रारूपों में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, “अब मेरे लिए नया अध्याय शुरू करने का समय है। कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी खत्म नहीं होगा। मैंने अपना खून, पसीना, त्याग और सम्मान सब कुछ इस टीम को दिया है। मैं अब फिर से सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलने को तैयार हूं। कप्तानी का अंत हुआ है, सफर जारी है।”अपने भावुक बयान में अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि कप्तान के रूप में उन्होंने टीम को अपना सब कुछ दिया और कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पीछे रखकर टीम की जरूरतों को प्राथमिकता दी। उन्होंने लिखा, ‘‘मैंने अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने खेल तथा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का एक हिस्सा भी टीम को दिया। ऐसे कई मौके आए जब मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, अपने विकास और अपनी इच्छाओं को पीछे रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना था कि टीम सबसे पहले होनी चाहिए।”हरमनप्रीत को भारत की महानतम क्रिकेटरों में शुमार किया जाता है। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने पिछले साल पहली बार वनडे विश्व कप जीता था। हाल ही में टीम ने एशियाई खेलों के टी20 प्रारूप में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक भी हासिल किया। इसके अलावा हरमनप्रीत की अगुआई में भारत ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी की। उन्होंने कहा, “एक कप्तान के रूप में मुझे कई कठिन फैसले लेने पड़े। ऐसे फैसले जिन्हें हमेशा समझा नहीं गया, जो हमेशा आसान नहीं थे और कभी-कभी जिनकी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी।”उन्होंने आगे कहा, “मेरा हर फैसला टीम को बेहतर बनाने के प्रेरित था। इसमें अन्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना शामिल है।’’इस साल की शुरुआत में भारत के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाने और बल्ले से खासकर टी20 प्रारूप में हरमनप्रीत के अपेक्षाकृत निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनकी कप्तानी को लेकर आलोचना बढ़ने लगी थी। पूर्व खिलाड़ी डायना एडुल्जी समेत कुछ लोगों ने स्मृति मंधाना को कप्तानी सौंपे जाने की वकालत भी की थी। हरमनप्रीत ने कहा, “मैंने सब कुछ देखा है। मैंने टीम के सबसे बुरे दौर, निराशा, आलोचना, लोगों के सवाल और ऐसे दिन देखे हैं, जब लगता था कि कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं हो रहा। लेकिन मैंने जीत की सबसे बड़ी खुशियां भी महसूस की हैं—जीत, जश्न, देश के लिए खेलने का गर्व और वे पल, जिन्होंने हमारे हर त्याग को सार्थक बना दिया।”उन्होंने कहा कि वह कप्तानी की जिम्मेदारी “भावनाओं से भरे दिल, लेकिन मन में शांति के साथ” छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, “ मुझे सच में विश्वास है कि मेरी टीम एक अच्छी स्थिति में है। ऐसी टीम, जिसमें प्रतिभा, चरित्र, आत्मविश्वास और एक उज्ज्वल भविष्य है। मैं उसके आगे के सफर को देखने और उसका हिस्सा बने रहने के लिए बेहद उत्साहित हूं।
श्रेयस अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 मैच में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया है। उनकी इस शतक की वजह से टीम इंडिया को जीत मिली है।
प्रसिद्ध की चोट ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, NZ सीरीज पर संकट
प्रसिद्ध कृष्णा की हैमस्ट्रिंग चोट ने टीम इंडिया की चिंता बढ़ा दी है. तेज गेंदबाज के करीब तीन सप्ताह तक मैदान से बाहर रहने की संभावना है, जिससे न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज में उनके खेलने पर संशय बना हुआ है.
Uruguay ने अंतरराष्ट्रीय मैत्री फुटबॉल मैच में India को 6-1 से हराया
कोलकाता, छह अक्टूबर उरुग्वे ने मंगलवार को यहां अंतरराष्ट्रीय मैत्री फुटबॉल मैच में दूसरे हाफ में आक्रामक प्रदर्शन करते हुए भारत को 6-1 से करारी शिकस्त दी। दो बार की विश्व चैंपियन टीम को डार्विन नुनेज ने 11वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर बढ़त दिलाई। परमवीर सिंह को बॉक्स के अंदर फेडेरिको विनास के खिलाफ फाउल करने का दोषी ठहराए जाने के बाद उरुग्वे को पेनल्टी मिली थी। हालांकि भारत ने शानदार जवाब देते हुए 22वें मिनट में अनिरुद्ध थापा के गोल से बराबरी कर ली। रयान विलियम्स के शॉट को गोलकीपर थियागो कार्डोजो ने रोक दिया लेकिन थापा ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। उरुग्वे ने 28वें मिनट में मैक्सिमिलियानो अराउजो के गोल से फिर बढ़त हासिल कर ली। भारतीय रक्षापंक्ति की चूक का फायदा उठाते हुए अराउजो ने नजदीक से गेंद को गोल में पहुंचाया। पहले हाफ के आधे घंटे के तुरंत बाद बिजली चमकने के कारण खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। मौसम से जुड़ी इस बाधा के बाद मुकाबला दोबारा शुरू हुआ। दूसरे हाफ में भारत उरुग्वे के आक्रामक खेल का सामना नहीं कर सका। रोड्रिगो सालाजार ने 53वें मिनट में उरुग्वे की ओर से तीसरा गोल किया। इसके छह मिनट बाद अराउजो ने अपना दूसरा गोल करके स्कोर 4-1 कर दिया और इसके साथ ही भारत की वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई। उरुग्वे ने भारतीय रक्षापंक्ति में मौजूद खाली जगहों का लगातार फायदा उठाया। जुआन मैनुअल सनाब्रिया ने 71वें मिनट में पांचवां गोल किया जबकि रोड्रिगो अगुइरे ने 86वें मिनट में छठा गोल दागकर भारत की करारी हार पूरी कर दी। यह हार खालिद जमील की टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबलों की श्रृंखला का निराशाजनक अंत रही। भारत ने इससे पहले पनामा के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला था और फिर शनिवार को पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील के हाथों 0-4 से हार गया था।
Jannik Sinner घुटने के इलाज के लिए Tennis कोर्ट से दूर, विंबलडन के बाद नहीं खेलेंगे 2026 Season
दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी जानिक सिनर ने घुटने की लगातार बनी हुई चोट के कारण 2026 का अपना सत्र समय से पहले खत्म करने का फैसला किया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो के जरिए इसकी जानकारी दी। सिनर ने बताया कि डॉक्टरों से सलाह के बाद उन्होंने घुटने के इलाज का रास्ता चुना है। सिनर ने कहा कि वह इस समय अपने लंबे टेनिस करियर को प्राथमिकता देना चाहते हैं और पूरी तरह फिट होकर कोर्ट पर लौटने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने फैंस को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया और जल्द ही दोबारा टेनिस कोर्ट पर नजर आने की उम्मीद जताई। मौजूद जानकारी के अनुसार, 25 साल के सिनर ने जुलाई में विंबलडन जीतने के बाद से कोई मुकाबला नहीं खेला है। यह उनके करियर का 5वां ग्रैंड स्लैम खिताब था। इसके बाद घुटने की परेशानी के कारण उन्होंने उत्तर अमेरिकी हार्ड कोर्ट दौर और एशियाई दौर के कई टूर्नामेंटों से अपना नाम वापस ले लिया था। सिनर के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि साल का आखिरी बड़ा टूर्नामेंट एटीपी फाइनल्स नजदीक है। वह इस प्रतियोगिता के पिछले 2 संस्करणों के विजेता हैं। उन्होंने 2024 और 2025 में ट्यूरिन में आयोजित इस प्रतियोगिता का खिताब बिना एक भी सेट गंवाए जीता था। एटीपी फाइनल्स में उनका जीत-हार का रिकॉर्ड 15-2 है। ऐसे में उनका इस बार खिताब की रक्षा के लिए कोर्ट पर नहीं उतरना टूर्नामेंट के समीकरण को भी बदल सकता है। गौरतलब है कि 2026 का शुरुआती हिस्सा सिनर के लिए बेहद शानदार रहा था। उन्होंने इंडियन वेल्स, मियामी, मोंटे कार्लो, मैड्रिड और रोम में लगातार 5 एटीपी मास्टर्स 1000 खिताब जीते। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने करियर गोल्डन मास्टर्स की उपलब्धि भी पूरी की। टेनिस में करियर गोल्डन मास्टर्स उस उपलब्धि को कहा जाता है, जब कोई खिलाड़ी अपने करियर में सभी 9 एटीपी मास्टर्स 1000 प्रतियोगिताओं के खिताब कम से कम एक बार जीत लेता है। सिनर इस उपलब्धि को हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। इसी शानदार दौर में सिनर ने लगातार 30 मुकाबले जीतकर अपने करियर की सबसे लंबी जीत की श्रृंखला भी बनाई थी। उनकी यह शानदार लय फ्रेंच ओपन के दूसरे दौर में टूट गई थी। इसके बावजूद 2026 में उनका प्रदर्शन लंबे समय तक चर्चा में रहा। अब सिनर के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूरी तरह स्वस्थ होकर वापसी करने की है। घुटने की चोट का इलाज कराने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी के तौर पर लगातार दबाव में हैं। हालांकि, लंबे करियर को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जल्द वापसी के बजाय पूरी फिटनेस हासिल करने को प्राथमिकता दी है। सिनर ने अपने संदेश में संकेत दिया कि वह उपचार के बाद पूरी ताकत के साथ लौटना चाहते हैं। उनके लिए फिलहाल सबसे जरूरी लक्ष्य चोट से पूरी तरह उबरना और भविष्य में बिना किसी परेशानी के प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलना है। प्रशंसकों को अब उनके अगले सत्र में वापसी का इंतजार रहेगा और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी आगे की जानकारी पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
चोट से उबरकर Carlos Alcaraz की शानदार वापसी, Japan Open Tennis फाइनल में दर्ज की जीत
कार्लोस अल्काराज ने चोट के कारण लंबे समय तक टेनिस से दूर रहने के बाद शानदार वापसी करते हुए मंगलवार को टोक्यो में जापान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। दुनिया के नंबर 3 खिलाड़ी अल्काराज ने फाइनल में चेक गणराज्य के जिरी लेहेका को 7-6(4), 6-4 से हराकर लगातार दूसरी बार यह खिताब जीता है। यह जीत अल्काराज के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि कलाई की चोट के कारण वह अप्रैल में बार्सिलोना टूर्नामेंट के बाद सीधे अगस्त के आखिर में अमेरिकी ओपन में लौटे थे। टोक्यो में खेला गया यह उनकी वापसी के बाद सिर्फ दूसरा टूर्नामेंट था। ऐसे में खिताब जीतना उनके लिए फिटनेस और आत्मविश्वास दोनों के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है। अल्काराज ने मैच के बाद कहा कि लंबे समय बाद दोबारा ट्रॉफी उठाना उनके लिए बहुत खास है। उन्होंने माना कि पूरे सप्ताह वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल नहीं दिखा सके, लेकिन अहम मौकों पर सही फैसले लेने और जरूरी अंक जीतने में सफल रहे। उनके मुताबिक फाइनल पूरे सप्ताह का उनका सबसे अच्छा और लगातार बेहतर प्रदर्शन वाला मुकाबला रहा। फाइनल की शुरुआत हालांकि अल्काराज के लिए अच्छी नहीं रही। जिरी लेहेका ने पहले ही गेम में उनकी सर्विस तोड़कर आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में आत्मविश्वास के साथ गेंद पर प्रहार किया। चेक खिलाड़ी ने पहले ही गेम में 3 ब्रेक प्वाइंट हासिल किए और तीसरे मौके को भुना लिया। लेकिन अल्काराज ने दबाव में अपना खेल बदल दिया। उन्होंने छठे गेम में शानदार बैकहैंड विजेता शॉट लगाकर सर्विस वापस हासिल की। पहले सेट के टाईब्रेक में भी लेहेका ने 4-2 की बढ़त बना ली थी, लेकिन इसके बाद अल्काराज ने लगातार 5 अंक जीतकर सेट अपने नाम कर लिया। इस दौरान उनके फोरहैंड ने खास भूमिका निभाई। दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा। अल्काराज ने 7वें गेम में मैच की एकमात्र सर्विस ब्रेक हासिल की और फिर अपनी बढ़त बनाए रखते हुए 96 मिनट में मुकाबला खत्म कर दिया। आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने पहली सर्विस के बाद मिलने वाले 39 में से 33 अंक जीते, यानी 85 प्रतिशत अंक उनके नाम रहे। इस जीत के साथ अल्काराज ने 2025 बार्सिलोना फाइनल में होल्गर रूने के खिलाफ मिली हार के बाद से 500 स्तर के टूर्नामेंटों में अपना रिकॉर्ड 21-0 कर लिया है। वह टोक्यो खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाले इतिहास के सिर्फ तीसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले स्टीफन एडबर्ग ने 1989 से 1991 तक लगातार 3 बार और पीट सम्प्रास ने 1993 और 1994 में यह उपलब्धि हासिल की थी। चोट के दौरान अल्काराज के मन में वापसी को लेकर कई सवाल भी आए थे। उन्होंने बताया कि वह सोचते थे कि क्या वह पूरी तरह स्वस्थ होकर लौट पाएंगे, क्या पहले की तरह बिना दर्द के गेंद मार सकेंगे और क्या उनका खेल उसी स्तर पर रहेगा। हालांकि उन्होंने इन नकारात्मक विचारों को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उनकी टीम और उन्हें भरोसा था कि पूरी तरह फिट होने के बाद वह बिना किसी डर के खेल सकेंगे। मौजूद जानकारी के अनुसार, 23 साल के अल्काराज पहले ही वर्ष के अंत में होने वाले निट्टो एटीपी फाइनल्स के लिए जगह पक्की कर चुके हैं। टोक्यो में खिताबी जीत के बाद वह बेन शेल्टन को पीछे छोड़ते हुए ट्यूरिन के लिए जारी दौड़ में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। ऐसे में चोट से वापसी के बाद यह खिताब अल्काराज के लिए साल के बाकी बड़े मुकाबलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली जीत साबित हुई है।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया को झटका, कैमरून ग्रीन डरबन टेस्ट से 'आउट'
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 9 अक्टूबर से शुरू होने जा रही टेस्ट सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका लगा है। कैमरून ग्रीन डरबन में होने वाले सीरीज के पहले मैच में नहीं खेल सकेंगे। हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने इसकी पुष्टि की है।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टी-20 टीम का ऐलान कर दिया गया है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद वापसी हुई है। उन्होंने अपना आखिरी मैच 2022 में खेला था। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी टीम में बरकरार हैं। भारत 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक न्यूजीलैंड दौरे पर रहेगा। इस दौरान टीम 5 टी-20, 5 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेलेगी। अभी वनडे और टेस्ट टीम की घोषणा नहीं हुई है। भारत की टी-20 टीमः श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव। हम खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं…
सोशल मीडिया पर नस्लीय दुर्व्यवहार का शिकार हुईं Coco Gauff, China Open विवाद पर तोड़ी चुप्पी
बीजिंग में चीन ओपन का मुकाबला जीतने के बाद अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी कोको गॉफ को सोशल मीडिया पर भारी नस्लीय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा है। चीन की 16 वर्षीय सन शिनरान के खिलाफ मुकाबले में एक विवादित प्वाइंट के बाद गॉफ की आलोचना शुरू हुई थी, लेकिन बाद में मामला नस्लीय टिप्पणियों तक पहुंच गया। 2 बार की ग्रैंड स्लैम विजेता गॉफ ने साफ कहा कि उनके खेल या किसी फैसले से असहमति जताई जा सकती है, लेकिन इसके नाम पर नस्लवादी भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता। सोमवार को खेले गए मुकाबले में 22 वर्षीय गॉफ ने सन शिनरान को 7-5, 6-1 से हराकर चीन ओपन के चौथे दौर में जगह बनाई। हालांकि, पहले सेट के आखिरी हिस्से में हुए एक विवाद के कारण मैच के बाद उनकी जीत से ज्यादा चर्चा उस एक प्वाइंट को लेकर हुई। दरअसल, पहले सेट में स्कोर 5-5 के करीब था और दोनों खिलाड़ी एक अहम रैली खेल रही थीं। इसी दौरान कोर्ट के किनारे लगे विज्ञापन बोर्ड में अचानक झिलमिलाहट दिखाई दी। गॉफ ने खेल रोक दिया और हाथ उठाकर अंपायर का ध्यान इस तरफ दिलाया। उस समय सन शिनरान एक ऐसा शॉट लगाने की स्थिति में थीं, जिससे वह अंक जीत सकती थीं। इसके बाद अंपायर ने वीडियो समीक्षा की और फैसला दिया कि उस प्वाइंट को दोबारा खेला जाएगा। गॉफ ने दोबारा खेले गए प्वाइंट को अपने नाम किया और फिर अपनी सर्विस बचाकर स्कोर 5-5 कर दिया। इसके बाद उन्होंने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया और पहला सेट जीतने के बाद दूसरे सेट में 6-1 से आसानी से मैच अपने नाम कर लिया। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर गॉफ के खिलाफ काफी टिप्पणियां की गईं। मंगलवार को एक नस्लीय गाली वाली पोस्ट का जवाब देते हुए गॉफ ने कहा कि किसी को उन्हें पसंद न करना या घटना को लेकर उनसे असहमत होना अलग बात है, लेकिन नस्लीय टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह न तो धोखेबाज हैं और न ही किसी का हक छीनने वाली खिलाड़ी हैं। गॉफ ने यह भी समझाया कि उन्होंने खेल के नियमों के तहत ही वीडियो समीक्षा की मांग की थी। कुछ परिस्थितियों में खिलाड़ी यह समीक्षा मांग सकते हैं, खासकर जब खेल के दौरान किसी बाहरी चीज से खिलाड़ी का ध्यान भंग होने की संभावना हो। इसलिए गॉफ का कहना था कि विवादित अंक को दोबारा खेलने का फैसला नियमों के तहत हुआ था। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों के खिलाफ बढ़ते दुर्व्यवहार को लेकर महिला टेनिस संस्था पहले से चिंतित है। संस्था ने खिलाड़ियों और अधिकारियों से जुड़े हजारों सोशल मीडिया संदेशों पर नजर रखने के लिए एआई आधारित व्यवस्था भी शुरू की है। एक अध्ययन के मुताबिक, 2025 में खिलाड़ियों को 12,000 से ज्यादा अपमानजनक पोस्ट और कमेंट्स मिले थे, जबकि 2024 में यह संख्या करीब 8,000 थी। मैच के बाद गॉफ ने सन शिनरान से भी बात की और विवादित घटना के लिए माफी मांगी। उन्होंने चीनी खिलाड़ी की तारीफ करते हुए कहा कि वह शानदार प्रतिभा हैं और उन्होंने पूरी स्थिति को समझा। सन शिनरान चीन ओपन में विशेष प्रवेश के जरिए शामिल हुई थीं और यह उनके महिला पेशेवर टेनिस दौरे का पहला मुकाबला था। इससे कुछ समय पहले ही उन्होंने अमेरिकी ओपन की जूनियर प्रतियोगिता का खिताब जीता था। गॉफ ने कहा कि मैच के बाद सन को भावुक देखकर उन्हें अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई। खुद गॉफ भी 2019 में केवल 15 साल की उम्र में विंबलडन के चौथे दौर तक पहुंची थीं। इसलिए वह समझ सकती हैं कि घरेलू दर्शकों के सामने इतने बड़े मुकाबले में हार के बाद सन पर क्या बीत रही होगी। इस विवाद के बावजूद गॉफ ने मैच में खुद को संभाला और शानदार प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई है। अब चीन ओपन में उनकी नजर आगे बढ़ने पर है, जबकि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि खिलाड़ियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर होने वाले नस्लीय और व्यक्तिगत दुर्व्यवहार को रोकने के लिए और कितने कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
BCCI ने Ajit Agarkar का कार्यकाल पूरा होने पर चयन समिति पद के लिए मांगे आवेदन
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को पुरुष चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए। यह पद चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हुआ है। अगरकर का कार्यकाल चार अक्टूबर को समाप्त हुआ। इस पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने 18 सितंबर को बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक के शुरू होने से ठीक पहले बोर्ड को सूचित कर दिया था कि वह अपने अनुबंध का विस्तार नहीं चाहते हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा फिलहाल पुरुष टीम की चयन समिति के अंतरिम अध्यक्ष हैं। शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह चयन समिति के अन्य मौजूदा सदस्य हैं। बीसीसीआई ने अपनी वेबसाइट पर कहा, ‘‘भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अपनी पुरुष चयन समिति में एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित करता है।’’पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर है। चालीस वर्षीय ओझा ने 24 टेस्ट खेले हैं। यदि बीसीसीआई जिस उम्मीदवार को इस पद के लिए चुनता है उसने बाएं हाथ के इस पूर्व स्पिनर से कम टेस्ट मैच खेले हैं तो वरिष्ठता के आधार पर ओझा को पूर्णकालिक मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जा सकता है। यदि चयन समिति में शामिल होने के लिए चर्चा में चल रहे पार्थिव पटेल को नियुक्त किया जाता है तो वरिष्ठता के मामले में वह ओझा से आगे निकल जाएंगे। विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव ने भारत के लिए 25 टेस्ट खेले हैं। बोर्ड ने आवेदकों के लिए समान पात्रता मानदंड रखे हैं। उम्मीदवार ने कम से कम सात टेस्ट, 30 प्रथम श्रेणी मैच या 10 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 20 प्रथम श्रेणी मैच खेले होने चाहिए। इसके अलावा उनके लिए कम से कम पांच साल पहले क्रिकेट से संन्यास लेना अनिवार्य है। बीसीसीआई ने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति जो बीसीसीआई के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और नियमों में परिभाषित किसी क्रिकेट समिति का कुल मिलाकर पांच साल की अवधि तक सदस्य रहा है, वह पुरुष चयन समिति का सदस्य बनने के लिए पात्र नहीं होगा।’’बीसीसीआई में प्रत्येक क्षेत्र से एक चयनकर्ता नियुक्त करने की व्यवस्था अब अनिवार्य नियम नहीं रह गई है। हाल में पुरुष चयन समिति में एक ही क्षेत्र से दो चयनकर्ता भी एक साथ शामिल रहे हैं।
पहला टी20: 'रन आउट' के साथ शिमरॉन हेटमायर के नाम पर जुड़ा 'अनचाहा रिकॉर्ड'
शिमरॉन हेटमायर भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में महज 5 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद उनके नाम 'अनचाहा रिकॉर्ड' जुड़ गया है...

