जापान के आइची नागायो में 5वें पैरा एशियन गेम्स का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला और रिकॉर्ड कुल 114 मेडल जीतने में सफलता मिली।
भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में न्यूजीलैंड दौरे का आगाज टीम इंडिया ने काफी शानदार तरीके से किया है, तो वहीं अब अय्यर के पास बतौर कप्तान रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ने का भी मौका है।
पाकिस्तान में 7 सितंबर से 1 अक्टूबर 2028 तक महिला टी-20 वर्ल्ड कप खेला जाएगा। 12 टीमों के इस टूर्नामेंट की मेजबानी पहली बार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को मिली है। पाकिस्तान चाहता है कि भारत के मुकाबलों को छोड़कर टूर्नामेंट के बाकी मैच उसके यहां हों। भारत के मैच UAE में कराए जा सकते हैं। इसकी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक तनाव और ICC का हाइब्रिड मॉडल है। भारत के मैच UAE में क्यों हो सकते हैं? भारत नॉकआउट में पहुंचा तो क्या होगा? भारत महिला क्रिकेट की मजबूत टीमों में शामिल है। इसलिए टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों के वेन्यू तय करते समय भारत के सेमीफाइनल या फाइनल तक पहुंचने की संभावना को भी ध्यान में रखना होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, PCB अधिकारी ने कहा है कि अगर भारत फाइनल में नहीं पहुंचता है, तो खिताबी मुकाबला लाहौर में कराया जा सकता है। 12 टीमों के टूर्नामेंट में 10 स्थान तय 2028 महिला T20 वर्ल्ड कप में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें से आठ टीमों ने 2026 महिला T20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में अपने प्रदर्शन के आधार पर जगह पक्की की। ये टीमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका हैं। मेजबान होने के कारण पाकिस्तान को सीधी जगह मिली है। ICC महिला टी-20 रैंकिंग में तय कट-ऑफ तारीख पर आयरलैंड ने भी स्थान हासिल किया। बाकी दो टीमें 10 टीमों के ग्लोबल क्वालिफायर से आएंगी। पहलगाम हमले के बाद क्रिकेट में भी बढ़ी दूरी भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव नया नहीं है, लेकिन अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद हालात और बिगड़ गए। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 26 लोगों की जान गई थी। भारत ने इसके बाद मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की। दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव भी बढ़ा। इसका असर क्रिकेट पर भी दिखाई दिया। पुरुष टीम ने हाथ नहीं मिलाया, महिला टीम ने भी अपनाया यही रुख पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में हाथ मिलाने की परंपरा भी विवाद का विषय बन गई। सितंबर 2025 में UAE में हुए पुरुषों के एशिया कप में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने टॉस के समय हाथ नहीं मिलाया। मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया। सूर्यकुमार ने जीत को पहलगाम हमले के पीड़ितों और भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित किया था। इसके बाद भारतीय महिला टीम ने भी यही रुख अपनाया। अक्टूबर 2025 में श्रीलंका के कोलंबो में महिला वनडे वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने टॉस के समय हाथ नहीं मिलाया। 2028-29 के क्रिकेट कैलेंडर में और क्या?
Neeraj Chopra सोनीपत में UBS Athletics Kids Cup फाइनल में 350 बच्चों से मिलेंगे
ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा अब अपने गृह राज्य हरियाणा में बच्चों को खेलों से जोड़ने की एक खास पहल का हिस्सा बनने जा रहे हैं। भाला फेंक में देश का नाम रोशन करने वाले नीरज 24 अक्टूबर को सोनीपत के राई स्थित हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में आयोजित यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप के नगर स्तरीय फाइनल में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में 350 से अधिक बच्चे हिस्सा लेंगे, जिन्होंने क्षेत्र में स्कूल स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करके यहां तक जगह बनाई है। इस आयोजन के साथ हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर को इस पहल के स्थायी केंद्रों के रूप में शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने का अवसर देना है। नीरज चोपड़ा खुद हरियाणा से आते हैं और यहीं से उनके खेल सफर की शुरुआत हुई थी। ऐसे में उनके गृह राज्य में इस कार्यक्रम का पहुंचना खास माना जा रहा है। नीरज चोपड़ा ने कहा कि हरियाणा उनके लिए हमेशा खास रहेगा, क्योंकि खेलों में उनके सफर की शुरुआत इसी जगह से हुई थी। उनका मानना है कि हर बच्चे को, चाहे वह किसी भी जगह या परिवार से आता हो, खेलने और अपनी क्षमता पहचानने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप के जरिए ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक खेलों का मौका पहुंचाने और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की जा रही है। नीरज के मुताबिक, जितने अधिक बच्चे खेलेंगे, देश को भविष्य के चैंपियन मिलने की संभावना भी उतनी ही बढ़ेगी। बता दें कि नीरज चोपड़ा पिछले 2 वर्षों से इस पहल के प्रचारक के रूप में जुड़े हुए थे। इस साल वह आयोजन करने वाली कंपनी एसडी स्पोर्ट्स इंडिया के सह-मालिक भी बन गए हैं। इससे खेलों को बढ़ावा देने और बच्चों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की दिशा में उनकी भागीदारी और बढ़ गई है। राई में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के दौरान नीरज प्रतिभागियों से मिलेंगे और उनकी भागीदारी तथा उपलब्धियों के लिए पुरस्कार भी देंगे। यूबीएस एथलेटिक्स किड्स कप के सह-संस्थापक और एसडी स्पोर्ट्स इंडिया के सह-मालिक डेनियल शेंकर ने भी हरियाणा में इस पहल के विस्तार पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक कार्यक्रम आयोजित करना ही मकसद नहीं है, बल्कि बच्चों को नियमित रूप से एथलेटिक्स में हिस्सा लेने के अवसर देना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा में इस पहल को लंबे समय तक जारी रखा जाएगा। गौरतलब है कि 2023 में मुंबई से शुरू हुई इस पहल के तहत अब तक कई शहरों में बच्चों को खेलों से जोड़ा जा चुका है। तीसरे सत्र में अब तक 250,000 बच्चे इसमें हिस्सा ले चुके हैं। मुंबई के बाद यह कार्यक्रम पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद तक पहुंचा है। अब हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के जुड़ने से इसका दायरा और बढ़ेगा। इस पहल का लक्ष्य बच्चों को शुरुआती उम्र से खेलों का अनुभव देना और भारत में मजबूत खेल संस्कृति तैयार करना है।
Kabaddi Championship में Team India का आगाज, England और Malaysia के खिलाफ होंगे पहले मैच
कबड्डी प्रेमियों के लिए शुक्रवार से एक बड़ा मुकाबला शुरू होने जा रहा है। भारत उद्घाटन राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप में अपने अभियान की शुरुआत पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में जीत के इरादे से करेगा। पुरुष टीम का पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा, जबकि महिला टीम मलेशिया के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। यह प्रतियोगिता 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक वीर सावरकर खेल परिसर में आयोजित की जाएगी, जिसमें 13 देशों की 23 टीमें हिस्सा लेंगी। इस चैंपियनशिप में पुरुष और महिला वर्गों के कुल 62 मुकाबले खेले जाएंगे। प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ कर रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ की मंजूरी मिली है। इस आयोजन के जरिए अलग-अलग देशों की टीमों को कबड्डी में अपनी ताकत दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। पुरुष वर्ग में 13 टीमों को 2 समूहों में बांटा गया है। भारत को समूह ए में रखा गया है, जहां उसके साथ नाइजीरिया, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, तंजानिया और श्रीलंका की टीमें हैं। वहीं, समूह बी में बांग्लादेश, केन्या, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड और सिंगापुर शामिल हैं। भारतीय पुरुष टीम की कमान सुरजीत सिंह के हाथों में होगी, जबकि नवीन कुमार उपकप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे। भारतीय पुरुष टीम को शुरुआती दौर में कुल 6 मुकाबले खेलने हैं। इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच के बाद भारत 24 अक्टूबर को युगांडा, 25 अक्टूबर को मलेशिया, 26 अक्टूबर को नाइजीरिया, 27 अक्टूबर को तंजानिया और 29 अक्टूबर को श्रीलंका से भिड़ेगा। लगातार मुकाबलों के बीच टीम को अपनी लय बनाए रखने के साथ-साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी ध्यान देना होगा। महिला वर्ग में 10 टीमों को 2 समूहों में रखा गया है। भारत समूह ए में सिंगापुर, नाइजीरिया, युगांडा और मलेशिया के साथ है। समूह बी में बांग्लादेश, केन्या, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और श्रीलंका की टीमें शामिल हैं। भारतीय महिला टीम की कप्तानी निधि शर्मा करेंगी, जबकि रितु उपकप्तान होंगी। महिला टीम अपने पहले मुकाबले में मलेशिया से खेलेगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को सिंगापुर, 25 अक्टूबर को युगांडा और 26 अक्टूबर को नाइजीरिया से उसका सामना होगा। महिला वर्ग के समूह चरण के मुकाबले 28 अक्टूबर तक पूरे हो जाएंगे। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, हर टीम अपने समूह की बाकी सभी टीमों से एक-एक बार खेलेगी। दोनों समूहों में शीर्ष 2 स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। समूह ए की विजेता का मुकाबला समूह बी में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा, जबकि समूह बी की विजेता टीम समूह ए की दूसरे नंबर की टीम से भिड़ेगी। गौरतलब है कि सेमीफाइनल मुकाबले 30 अक्टूबर को खेले जाएंगे, जबकि पुरुष और महिला वर्ग के फाइनल 31 अक्टूबर को होंगे। भारतीय टीमों के सामने शुरुआती दौर से ही अच्छा प्रदर्शन करने और खिताब की ओर कदम बढ़ाने की चुनौती होगी। घरेलू कबड्डी में भारत की मजबूत पहचान को देखते हुए दोनों टीमों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है और प्रशंसकों की नजरें उनके शुरुआती मुकाबलों पर टिकी हैं।
एशियाई पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 30 गोल्ड सहित जीते 114 मेडल
एशियाई पैरा गेम्स में भारतीय दल ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक जीते, जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं।
Super 750 टूर्नामेंट के अंतिम 8 में थमा Ashmita Chaliha का सफर, French Open में मिली हार
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा फ्रेंच ओपन में भले ही सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गईं, लेकिन उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान खींचा है। क्वार्टर फाइनल में भारत की 27 वर्षीय खिलाड़ी को जापान की नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में अश्मिता ने शानदार वापसी की, लेकिन निर्णायक गेम में जापानी खिलाड़ी के अनुभव के आगे उन्हें 21-10, 17-21, 21-16 से हार झेलनी पड़ी। मुकाबले की शुरुआत ओकुहारा ने बेहतर तरीके से की। उन्होंने तेजी से खेलते हुए 5-1 की बढ़त बना ली और मध्यांतर तक 11-6 से आगे रहीं। ब्रेक के बाद भी जापानी खिलाड़ी ने अपना दबाव बनाए रखा। अश्मिता को लय हासिल करने का ज्यादा मौका नहीं मिला और ओकुहारा ने पहला गेम आसानी से 21-10 से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में मुकाबले का रुख बदल गया। अश्मिता ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और 4-4 की बराबरी के बाद तेजी से अंक जुटाने शुरू किए। बेहतर नेट खेल और लगातार तेज शॉट्स की मदद से उन्होंने मध्यांतर तक 11-5 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद ओकुहारा ने वापसी की कोशिश की और लंबी रैलियों के दौरान अपनी फुर्ती का अच्छा प्रदर्शन करते हुए स्कोर 15-15 तक पहुंचा दिया। ऐसा लग रहा था कि जापानी खिलाड़ी दूसरा गेम भी अपने नाम कर लेंगी, लेकिन अश्मिता ने दबाव में धैर्य बनाए रखा। 16-16 की बराबरी के बाद उन्होंने फिर से बढ़त बनाई। दूसरी ओर, ओकुहारा की कुछ गलतियों का भारतीय खिलाड़ी को फायदा मिला और अश्मिता ने 21-17 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में भी अश्मिता ने अच्छी शुरुआत करते हुए 4-2 की बढ़त हासिल की। हालांकि, ओकुहारा ने जल्द ही वापसी की और 7-4 से आगे निकल गईं। अश्मिता ने हार नहीं मानी और स्कोर 9-9 कर दिया। मध्यांतर तक जापानी खिलाड़ी 11-9 से आगे थीं, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने फिर जोर लगाया और 12-12 तथा 14-14 पर बराबरी हासिल कर ली। निर्णायक समय में लगातार संघर्ष का असर अश्मिता के खेल पर दिखाई देने लगा। उनसे कुछ गलतियां हुईं, जिसका ओकुहारा ने फायदा उठाया। जापानी खिलाड़ी ने 20-16 की बढ़त लेकर 4 मैच अंक हासिल किए और पहले ही मौके पर मुकाबला खत्म कर दिया। गौरतलब है कि असम की रहने वाली अश्मिता चालिहा के लिए यह टूर्नामेंट काफी खास रहा। विश्व रैंकिंग में 36वें स्थान पर मौजूद अश्मिता ने क्वार्टर फाइनल से पहले प्री-क्वार्टर फाइनल में 3 बार की विश्व चैंपियन खिलाड़ी को 21-19, 21-18 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत के साथ वह पहली बार सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं। भले ही उनका सफर यहीं थम गया, लेकिन मजबूत खिलाड़ियों के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने भारतीय बैडमिंटन के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं।
Asian Para Games में भारत ने रचा इतिहास, 30 स्वर्ण समेत रिकॉर्ड 114 पदक जीते
भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन करते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारत ने शुक्रवार को यहां आखिरी दिन रिकॉर्ड प्रदर्शन के दम पर 30 स्वर्ण सहित कुल 114 पदक जीतकर अपना अभियान समाप्त किया। भारत ने इस बार इन खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था जो 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले चरण में हिस्सा लेने वाले दल की संख्या से लगभग आधा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हांगझोउ में 27 स्वर्ण सहित 108 पदक जीते थे जो उस समय देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। यहां जारी खेलों में शुक्रवार को पहली बार स्वर्ण पदक जीतने में पैरा एथलेटिक्स का दबदबा नहीं रहा बल्कि बैडमिंटन खिलाड़ियों, तीरंदाजों और निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया। इस तरह भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ अपना अभियान पूरा किया। भारत फिलहाल पदक तालिका में चौथे स्थान पर है, लेकिन शनिवार को कुछ स्पर्धाओं के फाइनल होने के कारण उसकी स्थिति बदल सकती है। भारत का उन स्पर्धाओं में कोई खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले रहा है। अभियान के आखिरी दिन भारत ने नौ स्वर्ण पदक जीते जो इस चरण में उसका एक दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। ये स्वर्ण पदक तीरंदाजी, निशानेबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में मिले। एथलेटिक्स ने हमेशा की तरह भारत के लिए पदक संख्या में इजाफा किया। इस स्पर्धा में भारत ने कुल 65 पदक जीते जो 2023 के मुकाबले 12 अधिक हैं। शुक्रवार को हालांकि बैडमिंटन खिलाड़ियों ने भी सुर्खियां बटोरीं और तीन स्वर्ण पदक जीते। इनमें पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार के व्यक्तिगत वर्गों के स्वर्ण पदक शामिल हैं। अनुभवी नितेश ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में स्वर्ण और मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 स्पर्धा में रजत पदक जीता जबकि इन खेलों में पदार्पण कर रहे नवीन ने पुरुष एकल एसएल4 वर्ग का स्वर्ण अपने नाम किया। 31 वर्षीय नितेश ने पुरुष एकल फाइनल में हमवतन और तोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने तुलसीमति मुरुगेसन के साथ मिश्रित युगल में रजत पदक जीता। नवीन ने एसएल4 वर्ग के फाइनल में इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। तुलसीमति ने भी यादगार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। उन्होंने महिला युगल का खिताब अपने नाम किया। पेरिस पैरालंपिक की रजत पदक विजेता 24 वर्षीय तुलसीमति ने मानसी जोशी के साथ मिलकर महिला युगल एसएल3-एसयू5 का खिताब जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन की यांग किउशिया और शियाओ जुशियान को 21-16, 21-13 से हराया। इससे पहले तुलसीमति को महिला एकल एसयू5 के फाइनल में यांग किउशिया से 18-21, 11-21 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एथलेटिक्स में संदीप और हानी ने क्रमशः पुरुषों की 400 मीटर टी64 और भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते। मौजूदा पैरालंपिक और विश्व चैंपियन सुमित अंतिल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की भाला फेंक एफ42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा में भारत का दबदबा कायम किया। उन्होंने 72.46 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। एफ42 वर्ग में हिस्सा लेने वाले महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि एफ44 वर्ग के संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया। महेंद्र को कम दूरी के बावजूद रजत पदक मिला। संयुक्त स्पर्धाओं में खिलाड़ियों की रैंकिंग तय करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आरएजेडए अंक में महेंद्र को बढ़त मिली, जिसके आधार पर उन्हें संदीप से ऊपर स्थान दिया गया। भाला फेंक और चक्का फेंक जैसी मैदान में होने वाली स्पर्धाओं में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने और मुकाबले को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एफ42, एफ44, एफ62 और एफ64 जैसे वर्गों को अक्सर एक संयुक्त स्पर्धा में शामिल किया जाता है। एफ42 और एफ44 वर्ग में निचले अंगों से संबंधित अक्षमता वाले वे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जो भाला फेंकने या दौड़ने के लिए कृत्रिम पैर का इस्तेमाल नहीं करते। एफ62 और एफ64 वर्ग में निचले अंगों से संबंधित अक्षमता वाले वे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं, जो कृत्रिम पैर या पैरों की मदद से खड़े होकर खेलते हैं। व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाले प्रणव सूरमा ने पुरुषों की क्लब थ्रो स्पर्धा में 32.87 मीटर का खेलों का रिकॉर्ड बनाकर भारत को दिन का आखिरी स्वर्ण पदक दिलाया। इससे पहले संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा के फाइनल में 52.28 सेकेंड का समय लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। हमवतन अजय कुमार ने 53.61 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भाला फेंक एफ37/38 के फाइनल में हानी ने 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले निमिषा चक्कुंगलपरम्बिल और प्रमोद बिजारनिया ने क्रमशः महिलाओं की लंबी कूद टी47 और पुरुषों की 1500 मीटर टी46 स्पर्धाओं में रजत पदक जीते। पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में प्रमोद ने चार मिनट 9.65 सेकंड का समय निकाला। पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 357.5 अंक हासिल कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह इन खेलों में उनका दूसरा स्वर्ण पदक था। मोना ने इस साल की शुरुआत में भारत के लिए 2028 पैरालंपिक का पहला कोटा हासिल किया था। पैरालंपिक निशानेबाजी में एसएच1 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले या ऊपरी अंगों में दिव्यांगता होती है और जो अपने हाथों से बंदूक का भार संभाल सकते हैं। इससे पहले मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 250.0 अंक के खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। अवनि लेखरा ने 249.6 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया। पैरालंपिक चैंपियन तीरंदाज हरविंदर सिंह और उनके साथ पहली बार इन खेलों में हिस्सा ले रहे विजय सुंडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की रिकर्व युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, भारतीय महिला युगल टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हरविंदर और विजय ने फाइनल में चीन के युन डुओ और झाओ लिशुए को 5-1 से हराया। वहीं, महिला युगल फाइनल में भावना चौधरी और पूजा जटिया की जोड़ी महिला पैरा रिकर्व युगल फाइनल में चीन की गाओ जिहान और वांग शूकियान से 0 . 6 से हार गई और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय तैराकी दल ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए इन खेलों में कुल 11 पदक जीते जिनमें तीन रजत पदक शामिल हैं। आखिरी दिन हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में कांस्य पदकों की हैट्रिक पूरी की। ‘ऑप्टिक नर्व’ (दृष्टि तंत्रिका) में खराबी के कारण जन्म से दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा को एक मिनट 5.90 सेकंड में पूरी कर कांस्य पदक की हैट्रिक भी पूरी की। हिमांशु इससे पहले पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। इन खेलों में तीन पदक जीतने के साथ ही वह हमवतन रवि बुडिगिना की बराबरी पर पहुंच गए जिन्होंने दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते हैं। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में पांच मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर अपने पदकों का खाता खोला था। चार तैराकों के बीच हुए मुकाबले में वह तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 में कांस्य जीता और शुक्रवार को तीसरा पदक हासिल कर अपनी हैट्रिक पूरी की। एस11 वर्ग में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें वे खिलाड़ी शामिल हैं जिनकी दृष्टि क्षमता बेहद कम है या जिन्हें प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं होता।
World Wrestling Championship: अमन सहरावत और अंतिम पंघाल हटे, सुजीत कलकल करेंगे अगुआई
एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अमन सहरावत और रजत पदक विजेता अंतिम पंघाल ने शनिवार से शुरू होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियनशिप से नाम वापस ले लिये हैं जिससे कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में होने वाली इस प्रतियोगिता में भारतीय चुनौती की अगुआई सुजीत कलकल करेंगे। जापान में हुए एशियाई खेलों में महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाली अंतिम ने चयन के लिए हुए अंतिम ट्रायल मुकाबले में अपने 53 किग्रा वर्ग के बजाय 55 किग्रा वर्ग में उतरने की इच्छा जताई थी। लेकिन बाद में उन्होंने प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। इस भार वर्ग में अब निशु भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अमन भी चयन ट्रायल में शामिल नहीं हुए। उनके इस फैसले का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। अब राहुल 57 किग्रा वर्ग में भारत की चुनौती पेश करेंगे। सुजीत पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में उतरेंगे। उन्होंने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने पहले घोषणा कर चुका था कि एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले पहलवानों और पिछली विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में विजेता रहे पहलवानों के बीच एक बार फिर मुकाबले कराए जाएंगे। इन मुकाबलों के जरिए विश्व चैंपियनशिप के लिए अंतिम चयन होना था। इस बीच महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में परवीन और नीलम के बीच हुए चयन मुकाबले को लेकर विवाद हो गया। परवीन ने मुकाबले में बेईमानी का आरोप लगाते हुए डब्ल्यूएफआई और खेल मंत्रालय से शिकायत की थी। डब्ल्यूएफआई के एक सूत्र ने बताया कि इस मामले को विश्व कुश्ती संघ (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के पास भेजा गया जिसने नीलम के पक्ष में फैसला दिया। विश्व चैंपियनशिप का आगाज ग्रीको रोमन के 55, 60, 70 और 82 किग्रा के भार वर्ग के साथ शनिवार से होगा। भारतीय टीम:पुरुष फ्रीस्टाइल: राहुल(57 किग्रा), निखिल(61 किग्रा), सुजीत कलकल(65 किग्रा), विशाल कालीरमन(70 किग्रा), सागर जगलान(74 किग्रा), सौरभ यादव(79 किग्रा), पुष्पेंद्र दलाल(86 किग्रा), सचिन(92 किग्रा), विक्की(97 किग्रा), जसपूरन सिंह(125 किग्रा)महिला फ्रीस्टाइल: नीलम(50 किग्रा), निशु(53 किग्रा), अहिल्या एस. शिंदे(55 किग्रा), नेहा शर्मा(57 किग्रा), मनीषा भानवाला(59 किग्रा), नेहा(62 किग्रा) रजनीता(65 किग्रा), सृष्टि(68 किग्रा), तनु शर्मा(72 किग्रा),काजल(76 किग्रा)ग्रीको-रोमन: ललित(55 किग्रा), हर्ष(60 किग्रा), साहिल(63 किग्रा), सचिन सहरावत(67 किग्रा), करनजीत सिंह(72 किग्रा), लवप्रीत सिंह(77 किग्रा), प्रिंस(82 किग्रा), सुनील कुमार(87 किग्रा), नितेश सिवाच(97 किग्रा),जोगिंदर राठी(130 किग्रा)।
पैरा एशियन गेम्स 2026 में पुरुष जैवलिन थ्रो के इवेंट में भारतीय एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसमें सुमित अंतिल ने जहां गोल्ड मेडल जीता तो वहीं सिल्वर और ब्रॉन्ज पर भी कब्जा करने में कामयाबी मिली।
French Open में PV Sindhu की धमाकेदार जीत, चिउ पिन-चियन को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचीं
23 अक्टूबर को फ्रेंच ओपन 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में, पीवी सिंधु ने चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को सीधे गेम में हराकर महिला एकल के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। ओलंपिक्स.कॉम के अनुसार, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और विश्व रैंकिंग में 11वें नंबर पर मौजूद सिंधु ने एरिना ग्रैंड पेरिस में क्वार्टर फाइनल मुकाबला 39 मिनट में 21-13, 21-14 से जीत लिया। सिंधु ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा; पहले गेम के इंटरवल तक वह 11-5 से आगे थीं और अंत तक अपनी बढ़त कायम रखते हुए आसानी से गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भी उन्होंने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा, 7-0 की बढ़त बनाई और जीत हासिल की। इसे भी पढ़ें: Para Asian Games 2026 | बैडमिंटन में भारत का दबदबा, नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने जीते स्वर्ण पदक यह चिउ के खिलाफ सिंधु की करियर की दूसरी जीत है; इससे पहले उन्होंने पिछले महीने एशियाई खेल 2026 में उन्हें हराया था। इस जीत के साथ, सिंधु इस साल चार BWF वर्ल्ड टूर टूर्नामेंटों के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। इससे पहले वह जनवरी में मलेशिया ओपन और जून में ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन के सेमीफाइनल (अंतिम चार) तक पहुंची थीं, और जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीता था। 24 अक्टूबर को होने वाले सेमीफाइनल में, सिंधु का मुकाबला या तो इंडोनेशिया की विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता पुत्री कुसुमा वर्दानी से होगा, या फिर जापान की हिना अकेची से। इसे भी पढ़ें: Noida Sports City में 70 प्रतिशत जमीन पर खेल सुविधाएं, संशोधित मास्टर लेआउट को मंजूरी BWF सुपर 750 इवेंट में सिंधु भारत की इकलौती दावेदार बची हैं, क्योंकि उसी दिन क्वार्टर फाइनल में एक अन्य भारतीय खिलाड़ी अश्मिता चालिहा बाहर हो गईं। ओलंपिक्स.कॉम के अनुसार, चालिहा - जिन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को हराया था - जापान की ओलंपिक पदक विजेता नोजोमी ओकुहारा से 21-10, 17-21, 21-16 से हार गईं। भारत का पुरुष एकल (मेंस सिंगल्स) अभियान 22 अक्टूबर को समाप्त हो गया, जिसमें आयुष शेट्टी चोट के कारण बाहर हो गए और लक्ष्य सेन ने अपने पहले मैच से पहले ही नाम वापस ले लिया। पुरुष युगल (मेंस डबल्स) जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, तथा महिला युगल (वीमेंस डबल्स) टीम ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद भी टूर्नामेंट के पहले ही दौर में बाहर हो गईं।
Asian Para Games में भारत का दबदबा, Javelin Throw में जीते Gold Silver और Bronze
शुक्रवार (23 अक्टूबर) को एक और जैवलिन इवेंट में भारत ने सभी मेडल अपने नाम किए। F42-44/61-64 कंबाइंड कैटेगरी में सुमित अंतिल ने गोल्ड, महेंद्र गुर्जर ने सिल्वर और संदीप संजय सरगर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। सुमित (T64) ने 72.46 मीटर की थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया और 1,112 अंक बनाए। वहीं, गुर्जर (T42) और संजय सरगर (T44) ने अपनी-अपनी कैटेगरी में क्रमशः 59.03 मीटर और 64.48 मीटर की दूरी के साथ नए 'गेम्स रिकॉर्ड' बनाए, और क्रमशः 1,066 व 1,006 अंक हासिल किए। इसे भी पढ़ें: Para Asian Games 2026 | बैडमिंटन में भारत का दबदबा, नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने जीते स्वर्ण पदक 28 वर्षीय अंतिल, जो दो बार के पैरालंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक हैं, मई में बनाए गए अपने 74.82 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को तो नहीं दोहरा सके, लेकिन F64 प्रतियोगिता में उनका दबदबा कायम रहा। अंतिल ने 2023 एशियाई पैरा खेलों में 73.29 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था, जो उस समय एक विश्व रिकॉर्ड था। महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। संयुक्त-वर्ग (कंबाइंड-क्लास) स्पर्धाओं में रैंकिंग तय करने वाले 'RAZA पॉइंट्स' के आधार पर, गुर्जर, सरगर से आगे रहे। प्रतियोगिता में F42, F44, F62 और F64 श्रेणियों के एथलीटों को एक साथ शामिल किया गया था ताकि प्रतिभागियों की संख्या अधिक हो सके। F42 और F44 श्रेणी के एथलीट बिना कृत्रिम अंगों (प्रोस्थेसिस) के हिस्सा लेते हैं, जबकि F62 और F64 श्रेणी के एथलीट कृत्रिम अंगों का उपयोग करते हुए खड़े होकर थ्रो करते हैं। एक दुर्घटना में अपना बायां पैर गंवाने से पहले, अंतिल एक होनहार पहलवान थे। बाद में, एक साथी एथलीट के जरिए उन्हें पैरा-स्पोर्ट्स के बारे में पता चला और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2023 से 2025 तक लगातार तीन बार 'वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप' का खिताब जीता है। इसे भी पढ़ें: Ahmedabad में 23 अक्टूबर से पहली Commonwealth Kabaddi Championship, 13 देश होंगे शामिल F42 जैवलिन (भाला फेंक) कैटेगरी में नेशनल चैंपियन और एशियाई रिकॉर्ड धारक, गुर्जर भारत के प्रमुख पैरा-एथलीटों में से एक बनकर उभरे हैं। मई 2025 में, स्विट्जरलैंड के नॉटविल में आयोजित 'वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री' के दौरान, गुर्जर ने F42 जैवलिन थ्रो में 61.17 मीटर की दूरी तय करके एक विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसी इवेंट में उन्होंने T42 लॉन्ग जंप में भी स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के सांगली जिले के संदीप संजय सरगर ने बचपन में पैर की गंभीर चोट को मात देकर पैरा-एथलेटिक्स में अपना करियर बनाया। केमिस्ट्री में BSc पूरी करने के बाद, 2016 में उन्होंने जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) की शुरुआत की। अपने गृहनगर में ट्रेनिंग के सीमित मौकों को देखते हुए, बेहतर सुविधाओं के लिए सरगर पुणे चले गए। वहां उन्होंने अपने खेल के सपनों को पूरा करने के साथ-साथ डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के तौर पर भी काम किया।
श्री चरणी के चार विकेट, पहले महिला ODI में भारत ने जिम्बाब्वे को 197 पर रोका
श्री चरणी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके जिससे भारत ने शुक्रवार को यहां पहले महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जिम्बाब्वे को 197 रन पर समेट दिया। जिम्बाब्वे के लिए बिलव्ड बीजा ने 62 रन की अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन इसके बावजूद टीम 200 रन के अंदर सिमट गई। श्री चरणी ने 10 ओवर में 23 रन देकर चार विकेट झटककर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने अहम मौकों पर विकेट चटकाकर जिम्बाब्वे की पारी को झकझोर दिया। क्रांति गौड़ (42 रन देकर तीन विकेट) ने भी उनका अच्छा साथ निभाया। दोनों ने यहां कोटांबी के बल्लेबाजी के मुफीद विकेट पर जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया। बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (25) और चिपो मुगेरी टिरिपानो (21) को आउट करके जिम्बाब्वे को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद उन्होंने न्याशा ग्वांजुरा (13) और खतरनाक दिख रही मिशेल मावुंगा को पवेलियन भेजकर भारत का दबदबा बनाए रखा। वहीं क्रांति ने शुरुआती ओवरों में दो कैच छूटने के बावजूद अपना ध्यान नहीं भटकने दिया और तीन विकेट हासिल किए। इनमें बीजा का अहम विकेट भी शामिल था। जिम्बाब्वे की चौथे नंबर की बल्लेबाज बीजा ने सतर्कता और आक्रामकता का अच्छा मिश्रण दिखाया। उन्होंने एक छोर संभालते हुए 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 62 रन बनाए। पर दूसरे छोर पर उन्हें साथ नहीं मिला। भारत ने भले ही मैदान पर दबदबा बनाया हो लेकिन एक बार फिर खराब क्षेत्ररक्षण देखने को मिला और टीम ने कुछ आसान कैच टपका दिए। जिम्बाब्वे की सलामी बल्लेबाज मुपाचिकवा और तीसरे नंबर की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो को जीवनदान मिले। तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर गौड़ की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बाएं हाथ की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो ने ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पीछे गई। विकेटकीपर ऋचा घोष आसान कैच पकड़ने में नाकाम रहीं। आठवें ओवर में मुपाचिकवा ने गौड़ की वाइड गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर दूसरी स्लिप में खड़ी दीप्ति शर्मा (44 रन देकर दो विकेट) के पास चली गई। हालांकि दीप्ति ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई। बाद में जब मावुंगा तेजी से रन बना रही थीं, तब 40वें ओवर में दीप्ति की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला। क्रांति गौड़ के पास डीप मिडविकेट पर उनका जोरदार शॉट लपकने का मौका था, लेकिन वह यह मुश्किल कैच नहीं पकड़ सकीं।
भारत के स्टार पैरा भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने शुक्रवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की एफ 42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खिताब का बचाव किया तो वहीं इस स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किये। दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता और विश्व रिकॉर्ड धारक 28 वर्षीय सुमित ने अपने दूसरे प्रयास में 72.46 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक हासिल किया। सुमित ने 2023 के एशियाई पैरा खेलों में 73.29 मीटर के तत्कालीन विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने इस साल मई में 74.82 मीटर का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। शुक्रवार को वह अपना रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके, लेकिन एफ64 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए अन्य खिलाड़ियों से आगे रहे। एफ42 वर्ग में हिस्सा लेने वाले महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि एफ44 वर्ग के संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया। महेंद्र को कम दूरी के बावजूद रजत पदक मिला। संयुक्त स्पर्धाओं में खिलाड़ियों की रैंकिंग तय करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले आरएजेडए अंक में महेंद्र को बढ़त मिली, जिसके आधार पर उन्हें संदीप से ऊपर स्थान दिया गया। भाला फेंक और चक्का फेंक जैसी मैदान में होने वाली स्पर्धाओं में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने और मुकाबले को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एफ42, एफ44, एफ62 और एफ64 जैसे वर्गों को अक्सर एक संयुक्त स्पर्धा में शामिल किया जाता है। एफ42 और एफ44 वर्ग में निचले अंगों से संबंधित अक्षमता वाले वे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जो भाला फेंकने या दौड़ने के लिए कृत्रिम पैर का इस्तेमाल नहीं करते। एफ62 और एफ64 वर्ग में निचले अंगों से संबंधित अक्षमता वाले वे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं, जो कृत्रिम पैर या पैरों की मदद से खड़े होकर खेलते हैं।
बीसीसीआई ने जूनियर समिति के चार सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया है, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ 2 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने वाले परविंदर अवाना को नियुक्त किया गया है।
भारतीय महिला क्रिकेटर सब्बिनेनी मेघना ने 30 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। आंध्र प्रदेश की मेघना ने 2016 में भारत के लिए डेब्यू किया। उन्होंने 3 वनडे और 17 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले। इसके अलावा, वह विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के तीन सीजन में भी उतरीं। अब खिलाड़ियों को तैयार करना चाहती हैं मेघना संन्यास की घोषणा करते हुए मेघना ने कहा कि मैदान उनके लिए दूसरे घर जैसा रहा है। क्रिकेट ने उन्हें मुश्किल हालात में टिके रहना और जीवन भर याद रहने वाली दोस्तियां दीं। मेघना ने यह भी साफ किया कि खिलाड़ी के रूप में उनका सफर भले खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव बना रहेगा। वह भविष्य में युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने और खेल के विकास में योगदान करना चाहती हैं। 20 साल की उम्र में भारत के लिए खेलना शुरू किया मेघना ने 20 नवंबर 2016 को वेस्टइंडीज के खिलाफ विजयवाड़ा में टी-20 इंटरनेशनल से डेब्यू किया। अपने पहले मैच में उन्होंने 16 गेंदों पर 17 रन बनाए, लेकिन भारतीय टीम 31 रन से हार गई। मेघना को वनडे इंटरनेशनल खेलने का मौका करीब पांच साल बाद मिला। फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के क्वीन्सटाउन में उन्होंने अपना पहला वनडे खेला। इस मैच में वह 14 गेंदों पर 4 रन ही बना सकीं। लेकिन दूसरे वनडे में 50 गेंदों पर 49 रन बनाए और तीसरे में सिर्फ 41 गेंदों पर 61 रन की पारी खेली। सीनियर महिला टूर्नामेंट में 142 बेस्ट स्कोर इंटरनेशनल टीम में जगह बनाने के लिए घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन बेहद अहम होता है। मेघना ने 2021-22 के सीनियर महिला वनडे टूर्नामेंट में रेलवे की ओर से खेलते हुए 6 मैचों में 388 रन बनाए। वह उस प्रतियोगिता की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए। उनका बेस्ट स्कोर 142 रन था। एशिया कप विजेता टीम और कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेघना भारतीय महिला टीम का हिस्सा थीं, जिसने 2016 और 2022 में महिला टी-20 एशिया कप जीता। 2022 में उन्हें बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी जगह मिली। यह टूर्नामेंट इसलिए खास था, क्योंकि पहली बार महिला टी-20 क्रिकेट को कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल किया गया था। भारत ने इस प्रतियोगिता में फाइनल तक का सफर तय किया और ऑस्ट्रेलिया से हारकर सिल्वर मेडल जीता। 17 टी-20 इंटरनेशनल में 258 रन बनाए मेघना ने भारत के लिए 17 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में 258 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनका बेस्ट स्कोर 69 रन रहा और उन्होंने एक अर्धशतक लगाया। उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच अक्टूबर 2022 में थाईलैंड के खिलाफ था। यानी वह करीब चार साल से भारत के लिए इंटरनेशनल मैच नहीं खेल रही थीं। WPL में गुजरात से शुरुआत, RCB के साथ जीता खिताब भारत के लिए खेलने के अलावा मेघना ने महिला प्रीमियर लीग में भी अपनी पहचान बनाई। मेघना ने 2023 में लीग के पहले सीजन में गुजरात जायंट्स के लिए खेलना शुरू किया। इसके बाद वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से जुड़ीं और 2024 व 2025 के सीजन में इसी टीम का हिस्सा रहीं। उन्होंने WPL में कुल 15 मैच खेले और 302 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 53 रन रहा।
भारत के पंकज आडवाणी 29वीं बार क्यू स्पोर्ट्स वर्ल्ड चैंपियन बने। 41 साल के आडवाणी ने इंग्लैंड के रॉबर्ट हॉल को हराकर वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीता। 5 घंटे चले फाइनल में आडवाणी ने 1906 पॉइंट्स बनाए, जबकि हॉल 1206 पॉइंट्स तक पहुंचे। एक समय हॉल 317 पॉइंट्स से आगे थे। लेकिन आडवाणी ने 587 पॉइंट्स की सीरीज खेलकर मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इस चैंपियनशिप में किसी खिलाड़ी की यह सबसे बड़ी सीरीज है। बिलियर्ड्स में ‘ब्रेक’ क्या होता है? बिलियर्ड्स में खिलाड़ी क्यू नाम की लंबी स्टिक से गेंदों को मारता है और नियमों के मुताबिक पॉइंट्स जुटाता है। लगातार एक ही बारी में बनाए गए पॉइंट्स को ‘ब्रेक’ कहा जाता है। यानी आडवाणी का 587 का ब्रेक यह बताता है कि उन्होंने अपनी बारी में लगातार खेलते हुए 587 पॉइंट्स बनाए। शुरुआत में बढ़त, फिर हॉल की वापसी फाइनल की शुरुआत आडवाणी ने 91 पॉइंट्स के ब्रेक से की। लेकिन हॉल ने 203 पॉइंट्स की सीरीज बनाकर बढ़त हासिल कर ली। करीब दो घंटे तक दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा। इसके बाद आडवाणी ने एक और ब्रेक बनाकर बढ़त लेने की कोशिश की। हालांकि, हॉल ने अगले करीब 30 मिनट में 331 पॉइंट्स का बड़ा ब्रेक खेला। इससे वह आडवाणी से 300 से ज्यादा पॉइंट्स आगे निकल गए। 115 मिनट बाकी थे, स्कोर 697-1014 जब मुकाबले में 115 मिनट बाकी थे, तब स्कोर आडवाणी के 697 और हॉल के 1014 पॉइंट्स था। हॉल 317 पॉइंट्स आगे थे। उनके सामने पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का मौका था। इससे पहले वह वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप के पांच फाइनल खेल चुके थे, लेकिन खिताब नहीं जीत पाए थे। ऐसे दबाव में आडवाणी ने 210 पॉइंट्स का ब्रेक बनाया और अंतर घटाकर करीब 100 पॉइंट्स कर दिया। इसके बाद हॉल से एक आसान शॉट चूक गया। बिलियर्ड्स में ऐसी गलती विरोधी खिलाड़ी को दोबारा टेबल पर खेलने का मौका दे सकती है। आडवाणी ने इसी मौके का पूरा फायदा उठाया। फाइनल तक पहुंचने का सफर आडवाणी ने खिताब जीतने से पहले क्वार्टरफाइनल में भारत के ही सौरव कोठारी को 1134-575 से हराया। यह मुकाबला करीब तीन घंटे चला। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के डेविड कॉजियर को 1607-1271 से मात दी। अब इंदौर में 30वें वर्ल्ड टाइटल की तैयारी आडवाणी अब बिलियर्ड्स से अलग क्यू स्पोर्ट्स के दूसरे प्रारूप स्नूकर की तैयारी करेंगे। वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप नवंबर में इंदौर में होनी है। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर पढ़िए… भारत ने टी-20 में अपना सबसे बड़ा रनचेज किया, पहले मैच में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टी-20 मैच 4 विकेट से जीत लिया है। इसके साथ ही टीम इंडिया पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। पढ़ें पूरी खबर
आईसीसी रैंकिंग में अंग्रेजों की मिट्टी पलीद, अफगानिस्तान ने भी पछाड़ दिया
श्रीलंकाई टीम ने गुरुवार को इंग्लैंड को ऐसी हार थमाई जो उसे सालों तक खलती रहेगी। यही कारण रहा कि अंग्रेज टीम को अब आईसीसी रैंकिंग में भी नुकसान उठाना पड़ा है।
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए आईसीसी ने बड़ा फैसला लेते हुए क्वालीफायर को जनवरी-फरवरी 208 में कराने का फैसला लिया है, तो वहीं अगले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच भी इंग्लैंड की मेजबानी में खेला जाएगा।
नितेश, थुलसिमथी ने बैडमिंटन मिक्स्ड डबल्स में सिल्वर जीता: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, भारत के नितेश कुमार और थुलसिमथी मुरुगेसन ने शुक्रवार को मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।
Asian Para Games में Himanshu Nandal ने जीता तीसरा कांस्य, पदकों की लगाई हैट्रिक
भारतीय पैरा तैराक हिमांशु नंदल ने शुक्रवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पदकों की हैट्रिक पूरी की। यह इन खेलों में उनका तीसरा कांस्य पदक है। ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) में खराबी के कारण जन्म से दृष्टिहीन 22 वर्षीय हिमांशु ने यह स्पर्धा एक मिनट 5.90 सेकंड में पूरी की। जापान के उचु तोमिता ने 58.22 सेकंड के समय के साथ खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के चुआनझेन सुन ने 58.70 सेकंड में रजत पदक हासिल किया। हिमांशु इससे पहले पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धाओं में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। इन खेलों में तीन पदक जीतने के साथ ही वह हमवतन रवि बुडिगिना की बराबरी पर पहुंच गए, जिन्होंने दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते हैं। हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में पांच मिनट 10.91 सेकंड का समय निकालकर अपने पदकों का खाता खोला था। चार तैराकों के बीच हुए मुकाबले में वह तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 में कांस्य जीता और शुक्रवार को तीसरा पदक हासिल कर अपनी हैट्रिक पूरी की। एस11 वर्ग में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें वे खिलाड़ी शामिल हैं जिनकी दृष्टि क्षमता बेहद कम है या जिन्हें प्रकाश का बिल्कुल भी आभास नहीं होता। हिमांशु की एशियाई पैरा खेलों तक की यात्रा बचपन से ही खेलों से जुड़ी रही है। हरियाणा के रोहतक में खेलों के माहौल वाले परिवार में पले-बढ़े हिमांशु के पिता राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेल चुके हैं। चार वर्ष की उम्र में वह दिल्ली आ गए और राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संघ से जुड़े और ब्रेल लिपि सीखी। शुरुआत में उन्होंने जूडो में अपनी पहचान बनाई और राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीते। उन्होंने वर्ष 2021 में तैराकी को अपना नया लक्ष्य बनाया। तैराकी में उनका सफर तेजी से आगे बढ़ा। वर्ष 2024 में हिमांशु पेरिस पैरालंपिक के लिए न्यूनतम योग्यता मानक हासिल करने वाले भारत के पहले दृष्टिहीन तैराक बने। दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक हिमांशु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार प्रगति की है। वर्ष 2025 में सिंगापुर में आयोजित विश्व पैरा तैराकी चैंपियनशिप में उन्होंने दो स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
BCCI ने शुक्रवार को पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज परविंदर अवाना को जूनियर सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया। क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी ने इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद उनके नाम की सिफारिश की थी। उनके अलावा 3 अन्य सदस्य को भी कमिटी में शामिल किया गया है। पांचवे सदस्य की नियक्ति जल्द की जाएगी। अवाना के चेयरमैन बनने की मुख्य वजह… कमिटी में नियुक्त हुए अन्य 3 सदस्यों के बारे में जानिए… ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढें… प्रज्ञान ओझा BCCI चीफ सिलेक्टर बने, अगरकर की जगह लेंगे:रमेश पोवार भी कमेटी में, जानिए सचिन-गावस्कर जैसे दिग्गज क्यों नहीं बनते सिलेक्टर भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को अजित अगरकर की जगह BCCI का चीफ सिलेक्टर बनाया गया है। अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को खत्म हुआ था। वहीं, सिलेक्शन कमेटी में अगरकर की जगह पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को शामिल किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत ए और न्यूजीलैंड ए की टीमें तीन अनाधिकारिक टेस्ट मैचों की सीरीज में भिड़ने जा रही हैं। सीरीज का पहला मैच 24 अक्टूबर को सुबह साढ़े तीन बजे से शुरू होगा। इसमें भारतीय टीम के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
जापान में चल रहे पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, जिसमें पिछली बार के जीते गए गोल्ड मेडल की संख्या की बराबरी कर ली है।
पंकज आडवाणी ने डब्ल्यूबीएल विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतकर करियर का 29वां विश्व खिताब जीता। उन्होंने फाइनल में इंग्लैंड के रॉब हॉल को 1906-1206 से शिकस्त दी।
ईशान किशन NZ के खिलाफ दूसरे टी20 से बाहर, वैभव को मिलेगा मौका?
न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम को एक बड़ा झटका लगा है. पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी ईशान किशन चोटिल हो गए हैं. पहले टी20 मैच के दौरान उनके पैर की मांसपेशियों में हल्की खिंचाव या चोट आई थी, जिसके कारण वह दूसरे टी20 मुकाबले से बाहर हो चुके हैं.
भारत और जिम्बाब्वे विमेंस टीम के बीच पहला वनडे वडोदरा में खेला जा रहा है। जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। टीम ने 17 ओवर में 3 विकेट पर 66 रन बना लिए हैं। ड्रिंक्स ब्रेक के समय बेलव्ड बीजा 9 और शार्ने मेयर्स 4 रन बनाकर क्रीज पर हैं। भारत की ओर से श्री चरणी ने 2 विकेट लिए हैं, जबकि क्रांति गौड़ को एक सफलता मिली है। चरणी ने चिपो मुगेरी-तिरिपानो को 21 रन और मोडेस्टर मुपाचिकवा को 25 रन के स्कोर पर आउट किया। श्री चरणी ने दिलाई भारत को दूसरी और तीसरी सफलता जिम्बाब्वे को पहला झटका तीसरे ओवर में लगा, जब क्रांति गौड़ ने लॉरीन फिरी को एक रन पर आउट किया। इसके बाद मुगेरी-तिरिपानो और मुपाचिकवा ने दूसरे विकेट के लिए 43 रन की साझेदारी की। श्री चरणी ने 11वें ओवर में मुगेरी-तिरिपानो को LBW आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। उन्होंने 27 गेंदों पर 21 रन बनाए। इसके बाद 15वें ओवर में चरणी ने मुपाचिकवा को क्रांति गौड़ के हाथों कैच कराया। मुपाचिकवा ने 44 गेंदों पर 25 रन बनाए, जिसमें 4 चौके शामिल रहे। भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन श्री चरणी ने 5 ओवर में 9 रन देकर 2 विकेट लिए हैं। क्रांति गौड़ ने 4 ओवर में 20 रन देकर एक विकेट हासिल किया। दीप्ति शर्मा ने 2 ओवर में 5 रन दिए हैं, जबकि सयाली सतघरे और जिंतिमणि कलिता को अभी विकेट नहीं मिला है। भारत की प्लेइंग-XI स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, प्रतीका रावल, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसबनिस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और क्रांति गौड़।
भारत के हरमीत देसाई और यशस्विनी घोरपड़े ने शुक्रवार को एशियन टेबल टेनिस चैंपियनशिप में ऐतिहासिक मेडल पक्का कर लिया है। 72 साल बाद इस टूर्नामेंट की मिक्स्ड डबल्स कैटेगरी में पदक आया है। 1954 ने यतिन व्यास और मीना परांड़े ने इस कैटेगरी का सिल्वर मेडल जीता था। हरमीत-यशस्विनी ने साउथ कोरिया की जोड़ी को हराया भारतीय जोड़ी ने ताशकंद में क्वार्टर फाइनल में साउथ कोरिया के पार्क गांगह्योन और ली डेउन को 3-2 से हराया। सेमीफाइनल में हरमीत-यशस्विनी का मैच जापान के सोरा मात्सुशिमा और मिवा हारिमोटो से होगा। भारत की दूसरी मिश्रित युगल जोड़ी पायस जैन और सिंड्रेला दास पदक दौर में नहीं पहुंच सकी। क्वार्टर फाइनल में उन्हें चीन के यी चेन और हुआंग यूझेंग ने 3-0 से हराया। एशियाड में मेडल चूक गए थे हरमीत और यशस्विनी हरमीत और यशस्विनी हाल के एशियन गेम्स में पदक से चूक गए थे। हरमीत ने एशियन गेम्स में 3 इवेंट में हिस्सा लिया था। लेकिन, मेडल नहीं जीत सके थे। यशस्विनी भी पिछले महीने आयोजित गेम्स में खाली हाथ लौटी थीं। वे महिला एकल के तीसरे दौर में हार गई थीं। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… भारतीय स्विमर पर होटल स्टाफ से छेड़छाड़ का आरोप, जापान में पैरा एशियन गेम्स से वापस भेजा पैरा एशियन गेम्स में हिस्सा लेने गए भारतीय तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख को जापान से वापस भेज दिया गया है। उन पर नागोया के होटल में महिला हाउसकीपिंग कर्मचारी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर
एशियन पैरा गेम्स: नितेश, थुलसिमथी ने बैडमिंटन मिक्स्ड डबल्स में सिल्वर जीता
भारत के नितेश कुमार और थुलसिमथी मुरुगेसन ने शुक्रवार को मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता।
Pankaj Advani ने जीता WBL विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप, Rob Hall को हराकर 29वां खिताब किया नाम
क्यू खेल के दिग्गज खिलाड़ी पंकज आडवाणी ने यहां डब्ल्यूबीएल विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीतकर करियर का 29वां विश्व खिताब अपने नाम किया और साबित कर दिया कि इस खेल में उनका जलवा अब भी कायम है। इकतालिस वर्षीय आडवाणी सेमीफाइनल में पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय थे और अंततः उन्होंने पांच घंटे तक चले बेहद रोमांचक फाइनल में इंग्लैंड के रॉब हॉल को 1906-1206 से शिकस्त दी। आडवाणी और हॉल दोनों के लिए फाइनल काफी अहम था। हॉल इससे पहले पांच बार विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन हर बार खिताब जीतने से चूक गए थे। वहीं आडवाणी की नजरें क्यू खेलों में अपने विश्व खिताबों के बेमिसाल रिकॉर्ड को और बेहतर करने पर थीं। फाइनल की शुरुआत आडवाणी ने 91 के ब्रेक के साथ की। इसके बाद हॉल ने 203 का शानदार ब्रेक बनाकर बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले के करीब दो घंटे बाद दोनों खिलाड़ी लगभग बराबरी पर थे। तभी आडवाणी ने एक और शतकीय ब्रेक लगाकर बढ़त बना ली। अगले 30 मिनट तक हॉल ने शानदार बिलियर्ड्स खेलते हुए 331 का ब्रेक बनाया और कई बार के विश्व चैंपियन आडवाणी से 300 से अधिक अंकों की बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले में दो घंटे से भी कम समय बचा था और अंकों का अंतर लगातार बढ़ने के कारण आडवाणी मुश्किल स्थिति में नजर आ रहे थे। जब स्कोर 1014-697 था और मुकाबले में 115 मिनट बाकी थे, तब हॉल अपने पहले विश्व खिताब की ओर बढ़ते दिख रहे थे। लेकिन आडवाणी ने उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं दिया। आडवाणी ने 210 का शानदार ब्रेक बनाकर हॉल की बढ़त घटाकर 100 अंक कर दी। इसके तुरंत बाद प्रतिद्वंद्वी के एक आसान शॉट चूकने पर आडवाणी को फिर मौका मिल गया। इसके बाद आडवाणी ने चैंपियनशिप का सबसे यादगार प्रदर्शन करते हुए 587 का ब्रेक बनाया। यह इस साल की विश्व चैंपियनशिप का सबसे बड़ा ब्रेक था। इस शानदार प्रदर्शन ने उनके प्रतिद्वंद्वी की खिताब जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और आडवाणी का नाम एक बार फिर प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर दर्ज हो गया। पुरस्कार समारोह के दौरान हॉल ने आडवाणी की असाधारण वापसी और उनके शानदार प्रदर्शन की तारीफ की। इससे पहले आडवाणी ने तीन घंटे तक चले क्वार्टर फाइनल में हमवतन सौरव कोठारी को 1134-575 से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार फॉर्म में चल रहे डेविड कॉजियर को 1607-1271 से शिकस्त दी। अब आडवाणी नवंबर में इंदौर में होने वाली आईबीएसएफ विश्व स्नूकर चैंपियनशिप की तैयारी शुरू करेंगे।
PC: navarashtra वैभव सूर्यवंशी के फैंस के लिए अच्छी खबर है। इशान किशन की चोट की वजह से, वैभव के न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे T20I के लिए फाइनल 11 में शामिल होने की संभावना है। पहले T20I के बाद बैटिंग कोच सीतांशु कोटक ने यह घोषणा की। यह खबर सुनकर इस 15 साल के विस्फोटक बल्लेबाज के फैंस बहुत उत्साहित थे। वैभव 24 फरवरी को खेले जाने वाले दूसरे मैच में खेलेंगे! सीरीज का दूसरा मैच 24 फरवरी को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा, जहां पहला T20I खेला गया था और इसे जीतने के लिए भारत को T20 इतिहास का सबसे बड़ा टारगेट चेज करना था। RevSportz के एक सवाल का जवाब देते हुए, भारतीय बैटिंग कोच ने साफ किया: इशान किशन को हैमस्ट्रिंग में मामूली चोट है, यही वजह है कि तिलक वर्मा को बैटिंग ऑर्डर में तीसरे नंबर पर प्रमोट किया गया है। एहतियात के तौर पर, इशान के दूसरे T20I में खेलने की संभावना नहीं है। अगर ईशान नहीं खेलते हैं, तो वैभव सूर्यवंशी के खेलने का अच्छा चांस है। ईशान पांचवें नंबर पर अच्छा नहीं कर पाए पहले बैटिंग के लिए बुलाए जाने पर, न्यूज़ीलैंड ने ग्लेन फिलिप्स की ज़बरदस्त हाफ सेंचुरी की मदद से इंडिया के खिलाफ़ अपना सबसे बड़ा T20I स्कोर 225/4 बनाया। जवाब में, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने इंडिया को वैसी शुरुआत दी जैसी उसे चाहिए थी। हालांकि, अभिषेक के आउट होने के बाद, ईशान की जगह तीसरे नंबर पर बैटिंग करने आए तिलक वर्मा को देखकर सब हैरान रह गए; तिलक आमतौर पर चौथे नंबर पर बैटिंग करते हैं। अपनी नई पोज़िशन पर, वह 11 बॉल पर सिर्फ़ 6 रन बनाकर आउट हो गए। अब प्रेशर इंडिया पर था। ईशान पांचवें नंबर पर बैटिंग करने आए और तीन बॉल पर सिर्फ़ एक रन बनाकर आउट हो गए। गंभीर और अय्यर पहले ही कह चुके हैं कि वैभव को इंतज़ार करना होगा हेड कोच गौतम गंभीर अक्सर कहते रहे हैं कि अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी ने इंडिया को T20 वर्ल्ड कप जिताया था और इस चैंपियन जोड़ी को बदला नहीं जाएगा। वैभव अभी सिर्फ़ 15 साल के हैं और उन्हें कई मौके मिलेंगे। इसके अलावा, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 21 अक्टूबर को पहले T20I से एक दिन पहले कहा था कि वैभव को प्लेइंग 11 में जगह पाने के लिए इंतज़ार करना होगा। लेकिन, अब जब ईशान चोटिल हैं, तो उनके पास अच्छा मौका है। वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू किया वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू के बाद से, भारत ने 22 T20I खेले हैं, लेकिन उन्हें उनमें से सिर्फ़ आठ में ही शामिल किया गया है। IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद, वैभव सूर्यवंशी को पहली बार UK दौरे पर भारतीय टीम में शामिल किया गया था। उन्होंने आयरलैंड में अपने मौके का इंतज़ार किया, लेकिन आख़िरकार उन्हें इंग्लैंड में मौका मिला। वैभव इंग्लैंड की तेज़ और उछाल वाली पिचों पर इंग्लिश तेज़ गेंदबाज़ों का सामना नहीं कर पाए। वह तीन मैचों में सिर्फ़ 42 रन बना सके, लेकिन ज़िम्बाब्वे में अपनी अगली सीरीज़ में, उन्होंने अपनी फ़ॉर्म वापस पा ली और तीन मैचों में दो हाफ़-सेंचुरी लगाईं। लेकिन, भारत के घर लौटने पर, 15 साल के इस खिलाड़ी को बेंच पर बैठा दिया गया और संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए फिर से नियुक्त किया गया।
यूएस जीपी से पहले बोले मैक्स वेरस्टैपेन 'आपको ट्रैक को पूरी तरह से खोलना होगा'
नई दिल्ली, रेड बुल ड्राइवर मैक्स वेरस्टैपेन ने वीकेंड के यूनाइटेड स्टेट्स ग्रैंड प्रिक्स से पहले ऑस्टिन ट्रैक पर बम्प्स की बुराई करते हुए कहा कि उन्हें बम्प्स मंजूर नहीं हैं।
भारत के संदीप और हानी ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को क्रमश: पुरूषों की 400 मीटर टी64 फाइनल और पुरूषों की भालाफेंक एफ37 /38 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते।
तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद की बांग्लादेश टेस्ट टीम में वापसी हो गई है। वे वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में उतरेंगे। 31 साल के तस्कीन को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से आराम दिया गया था। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को वेस्टइंडीज से पहले टेस्ट के लिए 15 सदस्यीय टीम जारी की। यह मैच 28 अक्टूबर से मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह सीरीज ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है। नाहिद राणा बाहर, लिटन दास की वापसी नाहिद राणा चोट की जांच के लिए इस समय ऑस्ट्रेलिया में हैं। पुरानी चोट के कारण वह पहले टेस्ट से बाहर हो गए हैं। उनके दूसरे टेस्ट तक लौटने की संभावना भी कम है। विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास टीम में उपलब्ध रहेंगे। वे कूल्हे की हड्डी की चोट के कारण UAE में हुई त्रिकोणीय सीरीज नहीं खेल पाए थे। चयनकर्ताओं ने तस्कीन अहमद के साथ हसन महमूद, इबादत हुसैन और शोरफुल इस्लाम को पेस अटैक में शामिल किया है। ताइजुल इस्लाम, मेहदी हसन मिराज और नईम हसन टीम के 3 स्पिनर हैं। बांग्लादेश की 15 सदस्यीय टीम नजमुल हुसैन शान्तो (कप्तान), शादमान इस्लाम, तंजीद हसन, मोमिनुल हक, मुशफिकुर रहीम, लिटन दास, तौहीद हृदोय, जाकर अली, मेहदी हसन मिराज (उपकप्तान), तैजुल इस्लाम, नईम हसन, हसन महमूद, तस्कीन अहमद, इबादत हुसैन और शोरफुल इस्लाम। ---------------------------------------- इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंडिया-ए के खिलाफ न्यूजीलैंड टीम जारी, 11 इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल; राइस मारियू कप्तान न्यूजीलैंड क्रिकेट ने इंडिया ए के खिलाफ 3 अनऑफिशियल टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम जारी कर ली है। इस टीम में 11 इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। यह सीरीज 24 अक्टूबर से शुरू होगी। इसका उद्देश्य 19 नवंबर से शुरू होने वाली सीनियर टीमों की 2 टेस्ट की सीरीज से पहले रेड-बॉल तैयारी करना है। पढ़ें पूरी खबर
अब कब होगा भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टी20 मुकाबला, मैच शुरू होने का वक्त भी नोट कर लीजिए
भारतीय क्रिकेट टीम के हौसले बुलंद हैं। पहले ही टी20 मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को पटकनी दी है और अब दूसरे मैच की बारी है। जो 24 अक्टूबर को उसी क्राइस्टचर्च के मैदान पर होगा, जहां पहला मुकाबला खेला गया था।
झारखंड के 21 साल के बाएं हाथ के ओपनर शिखर मोहन को इंडिया A टीम में शामिल किया गया है। वे न्यूजीलैंड A के खिलाफ चार दिवसीय सीरीज के दूसरे और तीसरे मैच के लिए उपलब्ध रहेंगे। मोहन ने मौजूदा रणजी ट्रॉफी में लगातार दो मैचों में शतक लगाए हैं। इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुना गया है। पहला मैच कल से न्यूजीलैंड A और इंडिया A के बीच सीरीज का पहला मैच शनिवार से लिंकन में शुरू होगा। इसके बाद दूसरा मैच 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक क्राइस्टचर्च और तीसरा 7 से 10 नवंबर तक फिर लिंकन में खेला जाएगा। ये तीनों मैच भारत की न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तैयारी का हिस्सा हैं। भारत को पांच टी-20 और पांच वनडे के बाद न्यूजीलैंड में दो टेस्ट खेलने हैं। इंडिया A टीम में केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, साई सुदर्शन, वॉशिंगटन सुंदर और आकाश दीप शामिल हैं। रणजी ट्रॉफी में लगातार शतक केरल के खिलाफ पहले रणजी मैच में मोहन ने 196 गेंदों पर 143 रन बनाए। उनकी पारी में 18 चौके और दो छक्के शामिल थे। झारखंड ने इस मैच में पहली पारी की बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किए। महाराष्ट्र के खिलाफ दूसरे मैच में झारखंड पहली पारी में 358 रन से पिछड़ गया था। टीम पर बड़ी हार का खतरा था। मोहन ने दूसरी पारी में दबाव के बीच 127 रन बनाए। उनकी पारी से झारखंड हार से बच गया और टीम को एक अंक मिला। 12 मैचों में 1,109 रन मोहन ने पिछले साल फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अब तक खेले 12 मैचों में 1,109 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 61.61 है। 19 नवंबर से शुरू होगा पहला टेस्ट भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टेस्ट 19 नवंबर से वेलिंगटन में शुरू होगा। दूसरा टेस्ट 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। इंडिया A टीम यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, आर स्मरण, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (कप्तान और विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, औकीब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, बी साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार, ऋषभ पंत (फिटनेस पर निर्भर) और शिखर मोहन (दूसरे और तीसरे मैच के लिए)।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज सब्बीनेनी मेघना ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। मेघना 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रही थीं।
मोना अग्रवाल ने जीता दूसरा गोल्ड: एशियन पैरा गेम्स
टोयोटा, भारतीय पैरा-शूटर मोना अग्रवाल ने आइची प्रीफ. जनरल शूटिंग गैलरी में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 इवेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड मेडल जीता।
SL vs ENG: श्रीलंका ने वनडे इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत की दर्ज, अपने नाम की ये उपलब्धि
इंटरनेट डेस्क। श्रीलंका के बल्लेबाजों ने ट्राई सीरीज में इंग्लैंड के गेंदबाजों की रेल बना दी और एकदिवसीय क्रिकेट के इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। जी हां इस मैच में पवन रत्नायके (130 रन) और दासुन शनाका (97 रन) शानदार पारियों के दम पर पाकिस्तान की मेजबानी में खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज के तीसरे मुकाबले में श्रीलंका ने वनडे इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ रावलपिंडी के मैदान पर खेले गए मुकाबले में 430 रनों के रिकॉर्ड चेज का पीछा सफलतापूर्वक किया। इस मैच में श्रीलंका ने दो विकेट से जीत दर्ज की। इंग्लैंड ने मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान हैरी ब्रूक (202) की दोहरी शतकीय पारी के दम पर 50 ओवर्स में 429 रनों का स्कोर बनाया था। इसके बाद श्रीलंका की तरफ से पवन रत्नायके ने130 और दासुन शनाका ने 97 रनों की पारी खेली श्रीलंका को आसान जीत दिला दी। इस जीत से श्रीलंका ने भारतीय टीम को पीछे छोड़ दिया है। वह अब एकदिवसीय क्रिकेट में एशियाई टीम के तौर पर सर्वाधिक सफल रन चेज करने वाली टीम बन गई है। इससे पहले सितंबर महीने के आखिर में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में 406 रनों का टारगेट हासिल किया था। PC- cricinfo.com
भारतीय महिला टीम की बल्लेबाज सब्बीनेनी मेघना ने संन्यास लिया, कहा- 'क्रिकेट हमेशा दिल में रहेगा'
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शीर्ष क्रम की बल्लेबाज रहीं सब्बीनेनी मेघना ने शुक्रवार को क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। मेघना 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रही थीं।
Cricket Records: वनडे में इन बल्लेबाजों ने जड़े दोहरे शतक, रोहित शर्मा के नाम सबसे बड़ा स्कोर; जानें भारतीय खिलाड़ियों का रिकॉर्ड
Ishan Kishan जांघ में खिंचाव के चलते New Zealand के खिलाफ दूसरे T20 से बाहर
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन दाहिने जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को दूसरा टी20 मैच नहीं खेल सकेंगे। भारत ने पहला मैच चार विकेट से जीता था। बीसीसीआई ने एक बयान में कहा ,‘‘ ईशान किशन दाहिने जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव के कारण दूसरा टी20 मैच नहीं खेल सकेंगे। उन्हें पहले टी20 के दौरान यह खिंचाव आया था। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है।’’बीसीसीआई ने यह नहीं बताया कि उन्हें फिट होने में कितना समय लगेगा। किशन पहले मैच में खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे लेकिन यह 23 वर्षीय खिलाड़ी भारतीय बल्लेबाजी क्रम का महत्वपूर्ण सदस्य है। किशन के बाहर होने से 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए अंतिम एकादश में शामिल होने का रास्ता खुल सकता है। सूर्यवंशी ने हाल में जापान में एशियाई खेलों के दौरान अंतिम एकादश में जगह बनाई थी लेकिन वह वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला और न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच में नहीं खेल पाए थे। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने मौजूदा श्रृंखला से पहले कहा था कि सलामी बल्लेबाज के रूप में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और ऐसे में सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल करना आसान नहीं होगा। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा था कि अगर सूर्यवंशी को मौका मिलता है तो उन्होंने इस युवा बल्लेबाज के लिए रणनीति तैयार कर रखी है।
अनाहत सिंह ने सेमीफाइनल में बनाई जगह: सिलिकॉन वैली स्क्वैश
रेडवुड सिटी, दुनिया की 15वें नंबर की खिलाड़ी भारत की अनाहत सिंह ने मिस्र की छठी सीड सलमा हैनी पर पांच गेम की रोमांचक जीत के साथ सिलिकॉन वैली ओपन स्क्वैश के सेमीफाइनल में जगह बना ली।
आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में भारत ने 103 पदक जीतकर 2023 हांगझोऊ खेलों के 27 स्वर्ण पदकों की बराबरी कर ली है। 24 अक्टूबर को एक दिन की प्रतियोगिता बाकी है।
ईशान किशन दूसरे टी20 से बाहर, क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका? प्लेइंग-11 पर बढ़ा सस्पेंस
बीसीसीआई के मुताबिक, ईशान किशन दाएं पैर की मांसपेशियों में हल्की चोट से जूझ रहे हैं। इसे लो-ग्रेड राइट एडडक्टर स्ट्रेन कहा जाता है। बोर्ड ने अपने बयान में बताया कि पहले टी20 मुकाबले के दौरान लगी चोट के कारण ईशान दूसरे मैच के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। उनकी रिकवरी पर बीसीसीआई की मेडिकल टीम नजर रख रही है।
पांचवें दिन की धमाकेदार शुरुआत: एशियन पैरा गेम्स
नागोया, जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 के पांचवें दिन (शुक्रवार) की शुरुआत भारतीय दल के लिए शानदार रही है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 से ईशान किशन बाहर: बीसीसीआई
नई दिल्ली, न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले टी20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम को दूसरे टी20 से पहले बड़ा झटका लगा है।
मोना ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में 357.5 अंक के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि हनी ने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण अपने नाम किया।
खेल मंत्री मांडविया ने पदक विजेताओं को दी बधाई: एशियन पैरा गेम्स
नई दिल्ली, जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 के पांचवें दिन (शुक्रवार) की शुरुआत भारतीय दल के लिए शानदार रही है।
ईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 से बाहर, BCCI ने दी जानकारी
न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च में खेले गए पहले टी20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम को दूसरे टी20 से पहले बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन चोट की वजह से दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे।
इंडिया ए के स्क्वॉड में BCCI ने किया बड़ा बदलाव, 21 साल के शिखर को मिली जगह
इंडिया ए की टीम न्यूजीलैंड ए के खिलाफ तीन चार-दिवसीय मैच खेलेगी। यह मुकाबले सीनियर भारतीय टीम के न्यूजीलैंड दौरे पर होने वाले व्हाइट-बॉल मैचों के साथ-साथ खेले जाएंगे। BCCI ने आखिरी दो मैचों के लिए इंडिया ए स्क्वॉड में बदलाव किया है।
Mona Agarwal ने 357.5 स्कोर के साथ रचा नया World Record, एशियाई पैरा खेलों में जीता दूसरा गोल्ड
भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता। मोना ने 357 . 5 स्कोर करके इन खेलों में दूसरा स्वर्ण अपने नाम किया। इससे पहले विश्व रिकॉर्ड 356 का था जो स्वीडन की अन्ना बेंसन के नाम था। उन्होंने इस साल जुलाई में यह रिकॉर्ड बनाया था। चीन की झांग कुइपिंग ने 353 . 7 अंक लेकर रजत और दक्षिण कोरिया की किम मियुंग ने 344 . 4 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारत की अवनि लेखरा 333 . 2 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही। पैरा निशानेबाजी में एसएच1 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले या ऊपरी अंगों में कोई शारीरिक अक्षमता है लेकिन जो बिना किसी गन स्टैंड या सहारे के अपने हाथों से ही बंदूक का वजन संभाल सकते हैं। मोना ने इससे पहले महिलाओं की दस मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में खेलों के रिकॉर्ड के साथ 250 अंक लेकर स्वर्ण जीता था जबकि लेखरा को रजत पदक मिला था।
Harvinder Singh और विजय सुंडी ने Asian Para Games में जीता स्वर्ण पदक, चीन को दी मात
पैरालम्पिक चैम्पियन हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को पैरा रिकर्व पुरूष युगल फाइनल में चीन को 5 . 1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता जबकि महिला युगल टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों टीमों के बीच पहला सेट 35 . 35 से बराबरी पर था। भारत ने दूसरा सेट 37 . 36 से और तीसरा 38 . 36 से जीता। चीन के युन डुओ और झाओ लिक्सू की जोड़ी प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रख सकी। इससे पहले भारत की भावना चौधरी और पूजा जटिया की जोड़ी महिला पैरा रिकर्व युगल फाइनल में चीन की गाओ जिहान और वांग शूकियान से 0 . 6 से हार गई और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने 31, 30 , 29 स्कोर किया जबकि चीन ने 38 , 35 और 39 स्कोर किया। हरविंदर और भावना मिश्रित युगल सेमीफाइनल में चीन के झाओ लिक्सू और वांग शूकियान से 0 . 6 से हार गए और अब कांस्य पदक के लिये ईरान के खिलाफ खेलेंगे। हरविंदर ने 2018 एशियाई पैरा खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीता था और हांगझोउ में दो कांस्य जीते थे। उन्होंने पेरिस पैरालम्पिक में व्यक्तिगत स्वर्ण जीता था जबकि तोक्यो पैरालम्पिक में कांस्य पदक हासिल किया था।
'हम अपनी गलती जानते हैं', श्रीलंका से रिकॉर्ड हार के बाद बोले इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक
पाकिस्तान में खेली जा रही वनडे त्रिकोणीय सीरीज में गुरुवार को खेले गए एक हाईस्कोरिंग मैच में इंग्लैंड को श्रीलंका के खिलाफ एक बड़ी और ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि हमें अपनी गलती पता है।
IND vs NZ: भारत ने न्यूजीलैंड को पहले मुकाबले में दी मात, रिकॉर्ड जीत की हासिल
इंटरनेट डेस्क । भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच भारत ने अपने नाम कर लिया। इस मैच में संजू सैमसन (67), नमन धीर (नाबाद 42) और कप्तान श्रेयस अय्यर (42) की शानदार पारियों के दम पर भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में विजयी आगाज किया है। न्यूजीलैंड की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए हैं। भारतीय टीम ने 49.4 ओवरों में 6 विकेट गंवाकर रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल किया। ये लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया की टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत है। टीम इंडिया की ओर से पांच गेंदबाजों ने बॉलिंग की जिसमें सभी ने 40 या उससे अधिक रन खर्च कर दिए। इसी के साथ टी20 इंटरनेशनल में भारतीय टीम के गेंदबाजों के नाम एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब टी20 इंटरनेशनल में टीम इंडिया की तरफ से पांच गेंदबाजों ने किसी मुकाबले में गेंदबाजी करते हुए 40 या उससे अधिक रन दे डाले। अन्तरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में ऐसा 13वीं बार हुआ है। PC- cricinfo.com
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ शनिवार को होने वाले दूसरे T20I में नहीं खेलेंगे। उनकी दाईं जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव है। क्राइस्टचर्च में सीरीज के पहले मैच के दौरान ईशान को यह चोट लगी थी। BCCI ने शुक्रवार को सोशल प्लेटफॉर्म X पोस्ट करके यह जानकारी दी। बोर्ड ने कहा- मेडिकल टीम चोट की निगरानी कर रही BCCI ने बयान में कहा, ‘ईशान किशन को पहले T20I के दौरान दाईं तरफ की एडडक्टर मांसपेशियों में हल्की चोट लगी थी। मेडिकल टीम ईशान की स्थिति पर नजर रख रही है।’ हालांकि, BCCI ने यह नहीं बताया कि ईशान को ठीक होने में कितना समय लगेगा। एडडक्टर मांसपेशियां जांघ के अंदरूनी हिस्से में होती हैं। पहले मैच में एक रन ही बना सके थे ईशान ईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच में 3 गेंद पर एक रन ही बना सके थे। उन्होंने मिचेल सैंटनर ने फिन एलन के हाथों कैच कराया। भारत ने हैगली ओवल मैदान पर खेले गए इस मैच को 4 विकेट से जीता। भारतीय टीम ने इस मुकाबले में 226 रन का टारगेट चेज किया। जोकि इंडिया का सबसे बड़ा रन चेज है। ------------------------------------------------ भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… आयुष म्हात्रे ने जांघ के पिछले हिस्से की सर्जरी कराई, 2-3 महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने दाईं जांघ के पिछले हिस्से (हैमस्ट्रिंग) की सर्जरी कराई है। वे करीब 2-3 महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे। आयुष म्हात्रे मुंबई की रणजी टीम के उपकप्तान है। पढ़ें पूरी खबर
भारत की अनाहत सिंह ने सिलिकॉन वैली ओपन के क्वार्टर फाइनल में मिस्र की सलमा हानी को पांच गेम में हराकर पहली बार पीएसए गोल्ड स्तर के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान आयुष म्हात्रे ने दाईं जांघ के पिछले हिस्से (हैमस्ट्रिंग) की सर्जरी कराई है। वे करीब 2-3 महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे। 19 साल के आयुष 11 अक्टूबर को रणजी ट्रॉफी में चंडीगढ़ के खिलाफ रन लेने के दौरान चोटिल हो गए। वे मुंबई की रणजी टीम के उपकप्तान भी हैं। कोकिलाबेन अस्पताल में सर्जरी हुई मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में गुरुवार को उनकी सर्जरी हुई। BCCI के एक सूत्र के मुताबिक, सर्जरी डॉ. दिनशॉ पार्डीवाला ने की। सूत्र ने बताया कि सर्जरी सफल रही है। म्हात्रे अच्छी तरह रिकवर कर रहे हैं और शुक्रवार सुबह बैसाखी के सहारे धीरे-धीरे चलना भी शुरू कर दिया। IPL के दौरान भी चोटिल हुए थे म्हात्रे यह म्हात्रे का IPL के दौरान बाईं हैमस्ट्रिंग में लगी चोट के बाद पहला मैच था। उन्हें 18 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए चोट लगी थी। बाईं हैमस्ट्रिंग की चोट के बाद म्हात्रे ने बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीन महीने बिताए थे। वहां उनका इलाज और रिहैबिलिटेशन हुआ। मुंबई को ओपनिंग जोड़ी बदलनी पड़ी म्हात्रे की चोट के कारण मुंबई को इस रणजी ट्रॉफी सीजन में दो मैचों में दूसरी ओपनिंग जोड़ी उतारनी पड़ी। चंडीगढ़ के खिलाफ म्हात्रे ने यशस्वी जायसवाल के साथ ओपनिंग की थी। भारतीय ओपनर के राष्ट्रीय टीम की ड्यूटी पर जाने के बाद हिमाचल प्रदेश के खिलाफ मुंबई के अवे मैच में अंगकृष रघुवंशी और दिव्यांश सक्सेना ने पारी की शुरुआत की।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच के दौरान ईशान किशन चोटिल हो गए थे, जिसकी वजह से उनके बैटिंग ऑर्डर में बदलाव किया गया। टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने यह जानकारी दी है। अब वह दूसरे टी20 मैच से बाहर हो गए हैं।
नितेश-नवीन ने बैडमिंटन में जीता गोल्ड, संदीप ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बना डाला
एशियन पैरा गेम्स में भारत ने शुक्रवार को बैडमिंटन, एथलेटिक्स और तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीते. नितेश कुमार ने प्रमोद भगत को हराया, नवीन शिवकुमार भी चैंपियन बने, जबकि संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 रेस में विश्व रिकॉर्ड बनाया. हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने तीरंदाजी में चीन को हराकर गोल्ड जीता.
Para Asian Games 2026 | बैडमिंटन में भारत का दबदबा, नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने जीते स्वर्ण पदक
पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पैरा-एथलीटों का दबदबा और स्वर्णिम प्रदर्शन लगातार जारी है। बैडमिंटन के पुरुष एकल वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी धाक जमाते हुए दो स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाले। नितेश कुमार ने SL3 श्रेणी में और नवीन शिवकुमार ने SL4 श्रेणी के पुरुष एकल बैडमिंटन फाइनल में शानदार जीत दर्ज करते हुए देश का तिरंगा फहराया। फाइनल मुकाबले में नितेश कुमार का सामना अपने ही देश के प्रमोद भगत से हुआ। दो पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं के बीच हुए इस मैच में नितेश कुमार ने 21-18, 21-16 से जीत हासिल की। मैच के बाद, नितेश कुमार ने अपने स्वर्ण पदक जीतने के अनुभव के बारे में बात की और बताया कि वे इस जीत से कितने खुश हैं। NDTV के अनुसार, नितेश कुमार ने कहा, एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर बहुत खुशी हो रही है। पिछली बार मैं जीत के काफी करीब था, तीसरे सेट में मैं 19-16 से आगे चल रहा था, लेकिन फिर हार गया। इसलिए इस बार जीतना, और वह भी प्रमोद के खिलाफ सीधे दो सेटों में जीतना, वाकई बहुत खास है। मुझे लगता है कि ऐसी चीजें बहुत कम ही देखने को मिलती हैं। वहीं, प्रमोद भगत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वे काफी निराश थे और उन्होंने बताया कि वे एक और स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से उतरे थे, लेकिन उन्हें दूसरे स्थान से ही काम चलाना पड़ा। भगत ने कहा, मुझे उतना अच्छा नहीं लग रहा है, क्योंकि मैंने एशियन गेम्स में लगातार दो स्वर्ण पदक जीते थे और यहाँ मैं तीसरा स्वर्ण जीतने की कोशिश कर रहा था। मेरे पास सब कुछ था, लेकिन आज मेरे कुछ स्ट्रोक गलत हो गए और मेरा जजमेंट भी थोड़ा गड़बड़ा गया, जिस वजह से मुझे अब केवल रजत पदक से ही संतोष करना पड़ रहा है। नवीन शिवकुमार ने फ्रेडी सेतियावान को हराकर स्वर्ण पदक जीता इसके अलावा, नवीन शिवकुमार ने भी पुरुष एकल बैडमिंटन के SL4 फाइनल में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। इंडोनेशिया के फ्रेडी सेटियावान के खिलाफ मुकाबले में शिवकुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को महज 36 मिनट में 21-9, 21-17 से हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। शिवकुमार की यह जीत पैरा एशियन गेम्स 2026 में भारत का 24वां स्वर्ण पदक रही। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस टूर्नामेंट में भारतीय दल अपने खाते में और कितने स्वर्ण पदक जोड़ पाता है। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi
Asian Para Games: संदीप और हानी ने नए World Record के साथ जीता स्वर्ण, भारत के कुल 100 पदक पूरे
भारत के संदीप और हानी ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को क्रमश: पुरूषों की 400 मीटर टी64 फाइनल और पुरूषों की भालाफेंक एफ37 /38 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते। संदीप ने 52 . 28 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि अजय कुमार को कांस्य पदक मिला। सउदी अरब के नूर अलसाना को 53 . 13 सेकंड के साथ रजत पदक मिला जबकि अजय ने खेलों का रिकॉर्ड बनाकर 53 . 61 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता। संदीप और अलसाना टी44 श्रेणी में खेलते हैं जबकि कुमार टी64 श्रेणी के खिलाड़ी हैं। दोनों श्रेणियों की स्पर्धा अक्सर संयुक्त होती है। भालाफेंक एफ37 /38 स्पर्धा में हानी ने 60 . 49 मीटर (रजा अंक 1116) का विश्व रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ईरान के होरमोज एस को 50 . 68 मीटर (रजा अंक 1009) के साथ रजत और चीन के यू चेंगजी को 53 . 66 मीटर (रजा अंक 943) के साथ कांस्य पदक मिला। इसके साथ ही भारत के इन खेलों में सौ पदक हो गए हैं। पैरा भालाफेंक में एफ37 और एफ38 श्रेणी के खिलाड़ी एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं और उनकी रैंकिंग रजा अंक के आधार पर तय की जाती है। यही कारण है कि होरमोज का थ्रो कम दूरी का होने के बावजूद उन्हें रजत पदक मिला जबकि यू को बेहतर थ्रो के बावजूद रजा अंक कम होने से कांस्य से संतोष करना पड़ा। पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में संदीप और अलसाना को टी44 श्रेणी में रखा गया है जबकि अजय टी64 श्रेणी में आते हैं। दोनों ही पैरों (निचले अंगों) से जुड़ी श्रेणी हैं और इनमें अक्सर एक साथ स्पर्धा कराई जाती है। इससे पहले प्रमोद बिजारनिया और निमिषा चाक्कुंगालपाराम्बिल ने क्रमश: पुरूषों की 1500 मीटर टी46 और महिलाओं की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में रजत पदक जीता। निमिषा ने 5 . 37 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि श्रीलंका की धनंजना विक्रमसिंघे ने खेलों के रिकॉर्ड 5 . 52 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन जिन ने 5 . 17 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरूषों के 1500 मीटर टी46 फाइनल में प्रमोद ने चार मिनट 09.65 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। श्रीलंका के पुवाकपितिकांदे पी वाहुमपुरागे रिकॉर्ड चार मिनट 03.25 सेकंड का समय निकालकर शीर्ष पर रहे। फिलीपींस के किंग जेम्स रेयेस को कांस्य पदक मिला जिन्होंने चार मिनट 13 . 18 सेकंड का समय निकाला। पैरा-एथलेटिक्स में टी46 श्रेणी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करने वाले उन एथलीटों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में कोई कमी या अक्षमता है। जैसे कि कोहनी के ऊपर या नीचे से एक हाथ का न होना, या कंधे या कोहनी से जुड़ी कोई अन्य गंभीर कार्यात्मक अक्षमता होना। टी47 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके शरीर के ऊपरी हिस्से के एक तरफ (यानी एक हाथ में) कोई कमी या विकार हो मसलन कोहनी या कलाई के नीचे से हाथ का न होना, हाथ का जन्म से न होना, या किसी एक हाथ की मांसपेशियों की ताकत कम होना या हाथ की गति सीमित होना। भारत के प्रवीण शर्मा पुरूषों के चक्काफेंक एफ11 फाइनल में 30 . 64 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहे। ईरान ने तीनों पदक जीते। अमीषा रावत महिलाओं की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में 11 . 16 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रही।
इंडिया ए सीरीज के लिए न्यूजीलैंड ने किया टीम का ऐलान, 24 साल के खिलाड़ी को मिली कप्तानी
इंडिया ए के खिलाफ 3 मल्टी डे मैचों के लिए न्यूजीलैंड ने अपने स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। इस स्क्वॉड में आदि अशोक, क्रिस्टियन क्लार्क सहित 11 ऐसे प्लेयर्स हैं जो इंटरनेशनल क्रिकेट में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में 52.28 सेकंड के विश्व रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। अजय कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
एशियन पैरा गेम्स: हरविंदर-विजय ने तीरंदाजी में जीता स्वर्ण, भावना-पूजा को रजत से करना पड़े संतोष
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने पैरा तीरंदाजी में एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने पुरुष रिकर्व युगल फाइनल में चीन को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
एशियन पैरा गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। नितेश कुमार, नवीन शिवकुमार और हरविंदर सिंह-संदीप विजय ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि संदीप कुमार ने 400 मीटर टी64 में विश्व रिकॉर्ड बनाया।
Asian Para Games में भारत चमका, Pramod Bijarnia और निमिषा ने जीते रजत पदक
भारत के प्रमोद बिजारनिया और निमिषा चाक्कुंगालपाराम्बिल ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को क्रमश: पुरूषों की 1500 मीटर टी46 और महिलाओं की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में रजत पदक जीता। निमिषा ने 5 . 37 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ रजत पदक हासिल किया जबकि श्रीलंका की धनंजना विक्रमसिंघे ने खेलों के रिकॉर्ड 5 . 52 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन जिन ने 5 . 17 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरूषों के 1500 मीटर टी46 फाइनल में प्रमोद ने चार मिनट 09.65 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। श्रीलंका के पुवाकपितिकांदे पी वाहुमपुरागे रिकॉर्ड चार मिनट 03.25 सेकंड का समय निकालकर शीर्ष पर रहे। फिलीपींस के किंग जेम्स रेयेस को कांस्य पदक मिला जिन्होंने चार मिनट 13 . 18 सेकंड का समय निकाला। पैरा-एथलेटिक्स में टी46 श्रेणी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करने वाले उन एथलीटों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों में कोई कमी या अक्षमता है। जैसे कि कोहनी के ऊपर या नीचे से एक हाथ का न होना, या कंधे या कोहनी से जुड़ी कोई अन्य गंभीर कार्यात्मक अक्षमता होना। टी47 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनके शरीर के ऊपरी हिस्से के एक तरफ (यानी एक हाथ में) कोई कमी या विकार हो मसलन कोहनी या कलाई के नीचे से हाथ का न होना, हाथ का जन्म से न होना, या किसी एक हाथ की मांसपेशियों की ताकत कम होना या हाथ की गति सीमित होना। भारत के प्रवीण शर्मा पुरूषों के चक्काफेंक एफ11 फाइनल में 30 . 64 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहे। ईरान ने तीनों पदक जीते।
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने इंडिया ए के खिलाफ 3 अनऑफिशियल टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम जारी कर ली है। इस टीम में 11 इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। यह सीरीज 24 अक्टूबर से शुरू होगी। इसका उद्देश्य 19 नवंबर से शुरू होने वाली सीनियर टीमों की 2 टेस्ट की सीरीज से पहले रेड-बॉल तैयारी करना है। पहला मैच लिंकन के बर्ट सटक्लिफ ओवल में होगा। इंडिया A टीम में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, ऋषभ पंत और वॉशिंगटन सुंदर जैसे इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल हैं। मारियू को कमान सौंपी, निक केली भी खेल सकते हैं कैंटरबरी के राइस मारियू पहले दो मैचों में न्यूजीलैंड A की कप्तानी करेंगे। तीसरे मैच के कप्तान का फैसला बाद में किया जाएगा। टीम में आदि अशोक, क्रिस्टियन क्लार्क, डीन फॉक्सक्रॉफ्ट, मैट फिशर, मिच हे, जेडन लेनॉक्स, बेन लिस्टर, हेनरी निकोल्स और टिम रॉबिन्सन शामिल हैं। इन सभी के पास इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने का अनुभव है। निक केली के तीसरे मैच में खेलने की संभावना है। फोर्ड ट्रॉफी के साथ चलेगी सीरीज यह सीरीज ब्लैककैप्स की भारत के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज और न्यूजीलैंड की घरेलू 50 ओवर की प्रतियोगिता फोर्ड ट्रॉफी के साथ-साथ चलेगी। हर मैच के लिए 13 खिलाड़ियों को चुना जाएगा। बाकी खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट की जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। कैम पॉल न्यूजीलैंड ए से डेब्यू कर सकते हैं कैंटरबरी के ऑलराउंडर कैम पॉल भी न्यूजीलैंड A के लिए डेब्यू कर सकते हैं। वे चोट के कारण पिछला दौरा नहीं खेल पाए थे। 21 साल के कैम पॉल ने अपने पांच फर्स्ट-क्लास मैचों में दो बार पांच विकेट लिए हैं। उनका बॉलिंग औसत 22 से थोड़ा कम है। इंडिया ए के खिलाफ न्यूजीलैंड ए की टीम पहला मैच: राइस मारियू (कप्तान), मैट बॉयल, मैक्स चू, क्रिस्टियन क्लार्क, डीन फॉक्सक्रॉफ्ट, जक गिब्सन, मिच हे (विकेटकीपर), कर्टिस हीफी, साइमन कीन, जेडन लेनॉक्स, जारोड मैके, टिम रॉबिन्सन, फ्रेजर शीट। दूसरा मैच: राइस मारियू (कप्तान), मैट बॉयल, क्रिस्टियन क्लार्क, मैट फिशर, डीन फॉक्सक्रॉफ्ट, जक गिब्सन, मिच हे (विकेटकीपर), कर्टिस हीफी, साइमन कीन, जेडन लेनॉक्स, जारोड मैके, टिम रॉबिन्सन, फ्रेजर शीट। तीसरा मैच: आदि अशोक, मैट बॉयल, मैक्स चू (विकेटकीपर), डीन फॉक्सक्रॉफ्ट, कर्टिस हीफी, साइमन कीन, निक केली, बेन लिस्टर, राइस मारियू, जारोड मैके, कैम पॉल, हेनरी निकोल्स, फ्रेजर शीट। --------------------------------------------------------- क्रिकेट की यह खबर भी पढ़िए… भारत ने टी-20 में अपना सबसे बड़ा रनचेज किया, पहले मैच में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टी-20 मैच 4 विकेट से जीत लिया है। इसके साथ ही टीम इंडिया पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई है। पढ़ें पूरी खबर
Asian Para Games में Nitesh Kumar और नवीन ने जीते बैडमिंटन स्वर्ण पदक
भारत के नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने एशियाई पैरा खेलों में शुक्रवार को बैडमिंटन पुरूष एकल एसएल3 और एसएल4 स्वर्ण पदक जीता। पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेताओं के बीच हुए मुकाबले में नितेश ने 38 वर्ष के प्रमोद भगत को 21 . 18, 21 . 16 से हराया। वहीं 2018 और 2022 में स्वर्ण जीतने वाले प्रमोद को रजत पदक मिला। पेरिस पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेता नितेश ने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। पिछली बार मैं काफी करीब पहुंचकर हार गया था। इस बार प्रमोद को दो गेम में हराना काफी खास है और ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’’नवीन ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 36 मिनट तक चले मुकाबले में 21 . 9, 21 . 17 से हराया। तोक्यो पैरालम्पिक के स्वर्ण पदक विजेता भगत ने कहा ,‘‘ मुझे अच्छा नहीं लग रहा क्योंकि मैं लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतना चाहता था। लेकिन आज मेरे कुछ स्ट्रोक्स गलत हो गए और निर्णय भी सही नहीं रहे।’’नित्या श्री सुमति सिवन ने महिला एकल एसएच6 फाइनल में चीन की लि फेंगमेइ से 12 . 21, 13 . 21 से हारने के बाद रजत पदक जीता। इससे पहले तुलसीमति मुरूगेसन को महिला एसयू5 वर्ग में रजत से संतोष करना पड़ा जो फाइनल में चीन की यांग कियूशिया से 18 . 21, 11 . 21 से हार गई। पेरिस पैरालम्पिक की रजत पदक विजेता तुलसीमति दो स्वर्ण पदकों की दौड़ में है। वह मिश्रित युगल में नितेश के साथ फाइनल खेलेंगी जबकि मानसी जोशी के साथ महिला युगल फाइनल में भी हैं। पैरा बैडमिंटन में एसएल3 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों (पैरों) में काफी विकलांगता है और वे आधे कोर्ट पर खेलते हैं, जबकि एसएल4 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके निचले अंगों में विकलांगता तो है, लेकिन उनका चलने और दौड़ने का संतुलन बेहतर है। एसयू5 उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके ऊपरी अंगों (हाथों) में विकलांगता है, जबकि एसएच6 कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए है।
भारत ने पैरा एशियन गेम्स के 5वें दिन शुक्रवार को अब तक 5 गोल्ड मेडल जीत लिए। इससे उसके 26 गोल्ड मेडल हो गए हैं। दिन का पहला गोल्ड हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने रिकर्व आर्चरी में सोना जीता। उसके बाद नीतेश कुमार बैडमिंटन में चैंपियन बने। हनी जेवलिन थ्रो में वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ एशियन चैंपियन बने। भारत ने मेडल का शतक पूरा कर लिया है। वह मेडल टैली में चौथे नंबर पर आ गया है। उसके पास कुल 102 मेडल हैं। इनमें 33 सिल्वर और 43 ब्रॉन्ज शामिल हैं। बैडमिंटन : नीतेश कुमार ने प्रमोद को हराकर जीता पुरुष SL3 गोल्ड नीतेश कुमार ने बैडमिंटन की मेंस सिंगल्स SL3 कैटेगरी के फाइनल में अपने ही देश के हमवतन प्रमोद भगत को सीधे गेमों में 21-18, 21-16 से हराया। नीतेश के पास अब थुलासिमथि के साथ मिक्स्ड डबल्स SL3-SU5 में भी गोल्ड जीतने का मौका है। वहीं, महिला SU5 में थुलासिमथि मुरुगेसन को सिल्वर मिला। उन्हें चीन की यांग क्यूशिया ने हराया। भारतीय जोड़ियों के पास भी गोल्ड जीतने का मौका आर्चरी : हरविंदर-विजय ने चीन को 5-1 से हराया रिकर्व आर्चरी की रिकर्व मेंस डबल्स कैटेगरी में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने फाइनल में चीन को 5-1 से हराया। भारतीय जोड़ी ने दूसरा और तीसरा सेट जीतकर खिताब अपने नाम किया। पहला गेम दोनों टीमों के बीच 35-35 से बराबर रहा। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम 37-36 से जीता। भारतीय जोड़ी ने तीसरा गेम 38-36 से जीता। उसने गेम के आधार पर मुकाबला 5-1 से अपने नाम कर लिया। वहीं, महिला पैरा रिकर्व डबल्स में भारत को सिल्वर मेडल मिला। भावना चौधरी और पूजा जाटयान को फाइनल में चीन की गाओ जिहान और वांग शुएचियान ने 6-0 से हराया। ----------------------------------------------- पैरा एशियन गेम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पैरा एशियन गेम्स- भारत ने चौथे दिन 26 मेडल जीते; 7 गोल्ड, 4 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज भारत ने पैरा एशियन गेम्स में गुरुवार को 26 मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड, 4 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल मेडल की संख्या 88 हो गई। पढ़ें पूरी खबर
'मेरी नजर में इस दोहरे शतक की कोई कीमत नहीं'- श्रीलंका के हाथों हार के बाद छलका हैरी ब्रूक का दर्द
ODI ट्राई सीरीज के तीसरे मैच में श्रीलंका ने 430 रन का लक्ष्य हासिल कर इंग्लैंड को 2 विकेट से हरा दिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान हैरी ब्रूक के शानदार दोहरे शतक की बदौलत 50 ओवर में 429 रन बनाए थे।
क्राइस्टचर्च में असली खेल तो नमन ने किया, 15 गेंदों में पलट दिया मैच
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल में 225 रन का टारगेट हासिल कर चार विकेट से जीत दर्ज की. संजू सैमसन ने 67 रन बनाए, जबकि श्रेयस अय्यर और नमन धीर ने 42-42 रन की पारियां खेलीं. नमन ने 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाकर नंबर-7 या उससे नीचे भारत के लिए सफल टी20 इंटरनेशनल चेज में नया रिकॉर्ड बनाया.
श्रीलंका ने वनडे ट्राई सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ 429 रन चेज कर दिए। यह वनडे क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा रनचेज है। ट्राई सीरीज में तीसरी टीम मेजबान पाकिस्तान है। रावलपिंडी में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 4 विकेट पर 429 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंद पर 202 रन बनाए। उन्होंने वनडे का सबसे तेज दोहरा शतक लगाया। जवाब में श्रीलंका ने 49.5 ओवर में 8 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। पवन रत्नायके ने 106 गेंद पर 130 रन बनाए। दासुन शनाका और असिथा फर्नांडो ने भी 97-97 रन की पारी खेली। वहीं जनिथ लियानागे 27 गेंद पर 61 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। आखिरी ओवर का ड्रामा ENG Vs SL मैच की रिपोर्ट… बैंटन ने शुरुआत दी, ब्रूक ने 400 के पार पहुंचाया रत्नायके का शतक, शनाका की तेज पारी और लियानागे का विजयी छक्का ---------------------------- हैरी ब्रूक के रिकॉर्ड की पूरी खबर पढ़ें… गिल की फास्टेस्ट डबल सेंचुरी का रिकॉर्ड महीनेभर में टूटा:ब्रूक का 114 गेंदों पर दोहरा शतक; वनडे में भारतीयों की सबसे ज्यादा डबल सेंचुरी इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने सबसे तेज वनडे दोहरा शतक लगा दिया। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज में 114 गेंदो पर दोहरा शतक बनाया। इसके साथ ही ब्रूक ने भारत के शुभमन गिल के सबसे तेज दोहरा शतक का रिकॉर्ड तोड़ा। गिल ने 21 दिन पहले 30 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 117 बॉल पर डबल सेंचुरी लगाई थी। पूरी खबर पढ़ें…
श्रीलंका क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान में खेली जा रही वनडे ट्राई सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ रावलपिंडी के मैदान पर खेले गए मुकाबले में 430 रनों का टारगेट चेज करने के साथ इतिहास रच दिया है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 23 अक्टूबर से घर पर जिम्बाब्वे महिला टीम के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है, जिसमें उससे ठीक पहले टीम इंडिया के स्क्वॉड में रेणुका सिंह ठाकुर की जगह पर जिंतिमणि कलिता को शामिल किया गया है।
फिल्म की रिलीज रुकवाने दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली, जानिए क्या है पूरा मामला
मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व क्रिकेटर के वकील ने कहा, 'फिल्म (दूसरा) का प्रचार सौरव गांगुली के नाम पर किया जा रहा है। सौरव गांगुली ही इस फिल्म के असली हीरो हैं। वह और उनका जीवन ही इस फिल्म का मुख्य विषय हैं।'
भुवनेश्वर कुमार ने वापसी के बाद हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, अब इस मामले में बने नंबर-1 गेंदबाज
भारतीय टीम में लंबे समय के बाद वापसी करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च के स्टेडियम में खेले गए 5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की जिसमें अब वह पावरप्ले में सबसे ज्यादा डॉट गेंद फेंकने वाले गेंदबाज बन गए हैं।
Deepti Sharma नई भूमिका के लिए तैयार, कप्तान Smriti Mandhana को देंगी पूरा सहयोग
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान दीप्ति शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपनी नयी जिम्मेदारी को चुनौती के रूप में ले रही हैं और कप्तान स्मृति मंधाना की हरसंभव मदद करने के लिए तैयार हैं। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की वनडे शृंखला शुक्रवार से शुरू हो रही है। दीप्ति ने कहा कि टीम अपनी हालिया सफलता को आगे बढ़ाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। मंधाना को हाल ही में भारतीय महिला टीम के वनडे और टी20 प्रारूप का कप्तान नियुक्त किया गया है। हरमनप्रीत कौर के तीनों प्रारूपों में कप्तानी छोड़ने के फैसले के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ घरेलू वनडे शृंखला के लिए दीप्ति को उपकप्तान बनाया गया है। शृंखला के पहले मुकाबले की पूर्व संध्या पर दीप्ति ने कहा, “जब भी मुझे कोई नई जिम्मेदारी मिलती है, मैं उसे चुनौती के रूप में लेती हूं। जब मुझे इस भूमिका के बारे में पता चला तो अच्छा लगा कि मैं टीम के लिए दूसरी खिलाड़ियों की ज्यादा से ज्यादा मदद कर सकती हूं। यह जिम्मेदारी मिलने पर मैं बहुत खुश थी।”उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना है, चाहे मैं खिलाड़ी के रूप में खेलूं या उपकप्तान के तौर पर। इस भूमिका में मैं स्मृति की हरसंभव मदद कर सकती हूं।’’दीप्ति ने पिच को बल्लेबाजी के अनुकूल बताते हुए कहा कि अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है तो टीम की नजरें 300 रन से अधिक का स्कोर खड़ा करने पर रहेंगी। उन्होंने कहा, “पिच बहुत अच्छी है। अभ्यास सत्र के दौरान हमें लगा कि यहां बल्लेबाजी करना अच्छा रहेगा। हम काफी मैच खेल चुके हैं और हमारी टीम को अच्छी तरह पता है कि पिच कैसी होगी और परिस्थितियां किस तरह की रहेंगी। इसलिए हमें काफी हद तक अंदाजा है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए।”दीप्ति ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 300 रन बनाना होगा। यह हालांकि टॉस के समय पिच और परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा। हम अगर पहले बल्लेबाजी करते हैं तो कम से कम 300 रन बनाने का प्रयास करेंगे।”भारतीय उपकप्तान ने पहले वनडे के लिए टीम के संयोजन का खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि इस पर फैसला मैच शुरू होने से पहले लिया जायेगा। दीप्ति ने कहा, ‘‘टीम का संयोजन मैच से ठीक पहले पता चलेगा। हमारे लिए यह जरूरी है कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अच्छा संतुलन बने। हम जो भी संयोजन चुनेंगे, वह टीम के लिए अच्छा होगा।’’दीप्ति ने जिम्बाब्वे की टीम को कमतर आंकने से आगाह करते हुए कहा कि प्रतिद्वंद्वी टीम में कई नये खिलाड़ी हैं और टी20 प्रारूप में उसके प्रदर्शन से पता चलता है कि उसके पास अच्छे बल्लेबाज मौजूद हैं।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने गुरुवार को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ वनडे ट्राई-सीरीज के तीसरे मुकाबले में दोहरा शतक जड़ा...
साउथ अफ्रीका की टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबराह के स्टेडियम में खेले गए तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे मुकाबले को एक पारी और 31 रनों से अपने नाम करने के साथ सीरीज को अब 1-1 की बराबरी पर ला दिया है, तो वहीं WTC प्वाइंट्स टेबल में भी इसकी हलचल देखने को मिली।
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने माना कि नई गेंद के साथ गेंदबाजों की खराब शुरुआत टीम की हार का मुख्य कारण रही...
भारतीय टीम बन गई T20I में सिक्सर किंग, वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ नंबर-1 की कुर्सी पर किया कब्जा
न्यूजीलैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च के स्टेडियम में पहले टी20 मैच में भारतीय टीम ने जीता हासिल करने के साथ टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
अभिषेक शर्मा ने 12 बॉल पर 29 रन बनाकर रचा इतिहास, दुनिया का कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया ये कारनामा
भारत बनाम न्यूजीलैंड पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में अभिषेक शर्मा ने धमाकेदार बल्लेबाजी की। इस दौरान उनके बल्ले से तीन छक्के आए और कई रिकॉर्ड उन्होंने ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की।
Asian Para Games में Sheetal Devi का कमाल, दो घंटे में जीते दो स्वर्ण पदक
भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी ने दो घंटे से भी कम समय में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया जबकि एथलेटिक्स दल ने यहां एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदकों की संख्या 88 तक पहुंचाने में सबसे अहम योगदान दिया। मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज 19 वर्षीय शीतल ने सबसे पहले तोमन कुमार के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक बरकरार रखा। भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की तेओडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग को 151-148 से हराया। इसके बाद शीतल ने चार अंक से पिछड़ने के बावजूद सिंगापुर की अलीम नूर शाहिदा को 142-139 से हराकर व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। यह मुकाबला हांगझोउ में 2023 में हुए पिछले सत्र के व्यक्तिगत फाइनल का दोहराव था। भारत के लिए दिन की शुरुआत शानदार रही। सुवर्णा राज ने महिलाओं की एफ54 चक्का फेंक स्पर्धा में 15.66 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। व्हीलचेयर पर निर्भर 44 वर्षीय खिलाड़ी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए चार बार चक्का 15 मीटर से अधिक दूर फेंका और अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। दिन बढ़ने के साथ भारत की पदक तालिका में और इजाफा हुआ। भारत के कुल पदकों की संख्या 88 हो गई है जिसमें 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल हैं। पैरा तैराकी, पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते। भारत के पदकों में पैरा एथलेटिक्स का योगदान सबसे अधिक रहा है। इस प्रतियोगिता में भारत ने 18 स्वर्ण, 16 रजत और 18 कांस्य सहित कुल 52 पदक जीते हैं। दिन के प्रमुख प्रदर्शनों में शैलेश कुमार की अगुवाई में पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों का क्लीन स्वीप और महिलाओं तथा पुरुषों की 400 मीटर टी47 दौड़ में क्रमश: अंजनाबेन बुंबाडिया और दिलीप महादू गावित के स्वर्ण पदक शामिल रहे। बुंबाडिया ने महिलाओं की 400 मीटर टी47 दौड़ में 59.97 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत की जयंति बेहेडा एक मिनट 0.65 सेकेंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर खेलों का रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने बुधवार को लंबी कूद में कांस्य पदक जीता था। पूर्व पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता वरुण भाटी ने सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 1.84 मीटर की छलांग के साथ रजत पदक जीता जबकि राहुल 1.81 मीटर की छलांग लगाकर तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद गावित ने पुरुषों की 400 मीटर टी47 दौड़ में 48.27 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने बुधवार को 100 मीटर स्पर्धा में भी पहला स्थान हासिल किया था। दिन का समापन लंबी कूद के खिलाड़ी सोलाइराज धर्मराज के स्वर्ण पदक के साथ हुआ। उन्होंने टी44/टी62/टी64 की संयुक्त स्पर्धा में 7.15 मीटर की छलांग लगाकर एशियाई रिकॉर्ड बनाया और अपना खिताब बरकरार रखा। महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में दृष्टिबाधित तेजलबेन दामोर ने 57.60 सेकेंड का समय लेकर रजत पदक जीता। यह इन खेलों में उनका दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 200 मीटर टी12 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था। तीरंदाजी में स्वाति चौधरी ने भी इतिहास रचा। वह डब्ल्यू1 वर्ग में एशियाई पैरा खेलों में भारत का पहला पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनीं। हालांकि, महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में उन्हें चीन की सेन मेंगकान के खिलाफ 4-6 से हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। किशोर पैरा तैराक रवि बुडिगिना ने पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पदकों की हैट्रिक पूरी की। उनके अलावा तीन अन्य भारतीय तैराकों ने भी पदक जीते। कपिल कुमार ने रजत पदक हासिल किया जबकि स्वातिक पाटिल और तेजस नंदकुमार ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते। इसके साथ ही तैराकी में भारत के पदकों की संख्या 10 हो गई। भारतीय दल को हालांकि अब भी स्वर्ण पदक का इंतजार है। रवि इससे पहले इस सप्ताह पुरुषों की एस13 100 मीटर बैकस्ट्रोक और फ्रीस्टाइल स्पर्धाओं में रजत पदक जीत चुके हैं। आंध्र प्रदेश के 18 वर्षीय दृष्टिबाधित तैराक ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल में 25.89 सेकेंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। छब्बीस वर्षीय कपिल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस10 स्पर्धा में चार मिनट 38.44 सेकेंड का समय लेकर रजत पदक जीता। जापान के अकितो मिनाई ने चार मिनट 27.44 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। चौबीस वर्षीय स्वातिक ने पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी9 स्पर्धा में एक मिनट 13.77 सेकेंड का समय लेकर भारत को एक और पदक दिलाया। एसबी9 वर्ग न्यूनतम शारीरिक अक्षमता वाले तैराकों के लिए है, जबकि एस13 वर्ग में दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनकी दृष्टि संबंधी अक्षमता के बावजूद पात्र दृष्टिबाधित वर्गों में सबसे कम दृष्टि हानि होती है। दिन में पूल में उतरने वाले अंतिम भारतीय तेजस ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस7 स्पर्धा में एक मिनट 18.58 सेकेंड का समय लेकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिन्हें शारीरिक अक्षमता होती है और जिनका बांहों तथा धड़ पर नियंत्रण होता है लेकिन पैरों की कार्यक्षमता सीमित होती है या अंगों में कुछ विशेष कमियां होती हैं। भारत ने पुरुष एकल एसएल3 बैडमिंटन स्पर्धा में कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया जब प्रमोद भगत ने रोमांचक तीन गेम के सेमीफाइनल में कोरिया के ली सियुंघू को हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना हमवतन नितेश कुमार से होगा। छह बार के विश्व चैंपियन और तोक्यो पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता 38 वर्षीय भगत ने दो घंटे नौ मिनट तक चले कड़े मुकाबले में ली को 16-21, 21-18, 21-17 से हराया। इससे पहले पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 और मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 दोनों स्पर्धाओं के फाइनल में पहुंचकर दो स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद कायम रखी। वहीं नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 के फाइनल में जगह बनाई। नितेश ने 52 मिनट तक चले मुकाबले में इंडोनेशिया के एम इमरान को 21-19, 21-16 से हराकर पुरुष एकल एसएल3 के फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले उन्होंने थुलासिमथी मुरुगेसन के साथ मिलकर 42 मिनट के रोमांचक सेमीफाइनल में चीन की ली मिंगपिन और शियाओ जूशियान की जोड़ी को 21-19, 14-21, 21-17 से हराया। भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पांच कांस्य पदक भी जीते। भारत की भाविना पटेल और शुभम वाधवा ने मिश्रित युगल एक्सडी7 टेबल टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक के साथ अपना अभियान समाप्त किया। सेमीफाइनल में उन्हें दक्षिण कोरिया के जांग योंगजिन और ली मिग्यू के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को अंतिम चार के मुकाबले में 6-11, 11-8, 5-11, 8-11 से हार मिली। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में जापान की किमी बेस्शो और मासानोरी ऊनो की जोड़ी को सीधे गेम में हराकर उन्होंने पदक पक्का कर लिया था। भाविना और शुभम ने जापानी जोड़ी को 11-9, 11-3, 11-6 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
भारत ने न्यूजीलैंड को पहले टी-20 मैच में 6 विकेट से हरा दिया। क्राइस्टचर्च में खेले गए मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार ने पहली बार टी-20 इंटरनेशनल में नो-बॉल डाली। उन्होंने बिना नो-बॉल दिए सबसे ज्यादा ओवर फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 29 रन की पारी खेलने वाले भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने अपनी पहली ही गेंद पर छक्का लगाया। वे 7वीं बार टी-20 इंटरनेशनल में ऐसा कर चुके हैं। वहीं भारतीय क्रिकेटर केएल राहुल और ध्रुव जुरेल यह मैच देखने पहुंचे थे। भारत-न्यूजीलैंड पहले टी-20 में बने टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. भुवनेश्वर ने बिना नो-बॉल डाले 299.3 ओवर डाले भुवनेश्वर कुमार ने बिना नो-बॉल दिए टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 299.3 ओवर डालने का रिकॉर्ड बनाया। नामीबिया के डेविड वीजे 180.4 ओवर के साथ दूसरे नंबर पर हैं। 2. भुवनेश्वर पावरप्ले में 680 डॉट बॉल डाल चुके भुवनेश्वर ने फुल मेंबर टीमों में टी-20 इंटरनेशनल के पावरप्ले में सबसे ज्यादा डॉल बॉल फेंकने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 680 डॉट बॉल के साथ न्यूजीलैंड के टिम साउदी का रिकॉर्ड तोड़ा। साउदी ने टी-20 इंटरनेशनल में 679 डॉट बॉल डाली थी। 3. अभिषेक सबसे ज्यादा बार पहली गेंद पर सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज अभिषेक ने टी-20 इंटरनेशनल में पारी की पहली गेंद पर सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने गुरुवार को 7वीं बार यह कारनामा किया। उन्होंने अफगानिस्तान के शफीकुल्लाह शिनवारी के 6 छक्कों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 4. भारत का टी-20 में सबसे बड़ा सफल रनचेज भारत ने क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड 19.4 ओवर में 226 रन का टारगेट हासिल किया। यह टी-20 इंटरनेशनल में भारत का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। इससे पहले टीम ने 2023 में ऑस्ट्रेलिया और जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 209 रन का लक्ष्य हासिल किया था। 5. भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पावरप्ले का सबसे बड़ा स्कोर बनाया भारत ने क्राइस्टर्च में पहले 6 ओवर में 1 विकेट पर 94 रन बनाए। यह टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। ओवरऑल टी-20 में टीम का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर 100/0 है, जो उसने 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया था। 6. टी-20 में पहली बार भारत के 5 गेंदबाजों ने 40 या ज्यादा रन दिए क्राइस्टर्च में भारत के पांचो गेंदबाजों ने कोटे के अपने 4 ओवर में 40 से ज्यादा रन दिए। टी-20 में भारत के साथ पहली बार ऐसा हुआ है। भुवनेश्वर ने 49, अर्शदीप ने 45, मयंक यादव ने 40, अक्षर पटेल ने 51, नीतीश कुमार रेड्डी ने 40 रन दिए। यहां से टॉप मोमेंट्स… 1. राहुल, ध्रुव जुरेल और पडिक्कल मैच देखने पहुंचे क्राइस्टचर्च में भारतीय क्रिकेटर केएल राहुल और विकेटकीपर ध्रुव जुरेल मैच देखने पहुंचे। उनके साथ बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल और स्पिनर मानव सुथार भी दिखे। उन्होंने पवेलियन से मैच का आनंद उठाया। 2. भुवनेश्वर कुमार के अंगुठे पर गेंद लगी 16वें ओवर की दूसरी गेंद पर ग्लेन फिलिप्स ने शॉट खेलकर एक रन लिया। गेंद को रोकने की कोशिश में भुवनेश्वर कुमार चोटिल हुए। गेंद भुवनेश्वर की कलाई और अंगूठे के बीच के हिस्से पर लगी। इसके बाद फिजियो ने मैदान पर पहुंचकर उनका ट्रीटमेंट किया और आइस पैक लगाया। इसके बाद भुवनेश्वर ने गेंदबाजी जारी रखी। 3. फ्री-हिट पर कैच हुए जैकब्स, रेड्डी सेलिब्रेट करने लगे भुवनेश्वर कुमार ने 16वें ओवर में लगातार दूसरी बाउंसर फेंकी, जिसे अंपायर ने नो-बॉल करार दिया। फ्री-हिट पर बेवॉन जैकब्स ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद को ठीक से टाइम नहीं कर पाए। लॉन्ग ऑन पर नीतीश कुमार रेड्डी ने कैच पकड़ लिया। हालांकि उन्हें ध्यान ही नहीं रहा कि यह फ्री हिट थी और गेंद पकड़ने के बाद जश्न मनाने लगे। 4. सैंटनर और फिलिप्स के साथ गेंद बाउंड्री लाइन के बाहर गई भारतीय पारी के तीसरे ओवर में मिचेल सैंटनर और ग्लेन फिलिप्स के बीच एक मजेदार इंसीडेंट हुआ। इसकी वजह से टीम इंडिया को 4 रन मिल गए। लॉकी फर्ग्यूसन के ओवर की तीसरी गेंद पर संजू सैमसन ने कवर के ऊपर शॉट खेला। मिड-ऑफ से मिचेल सैंटनर और एक्स्ट्रा कवर से ग्लेन फिलिप्स गेंद के पीछे दौड़े। फिलिप्स ने डाइव लगाकर गेंद को बाउंड्री के अंदर रोकने की कोशिश की। इसी दौरान स्लाइड कर रहेे सैंटनर से गेंद टकराई और दोनों गेंद के साथ बाउंड्री रोप को पार कर गए। इसके बाद दोनों मुस्कुराते नजर आए। 5. कैच पकड़ने की कोशिश में सिर के बल गिरे सैंटनर 12वें ओवर में लॉकी फर्ग्यूसन की गेंद पर अक्षर पटेल ने मिड-ऑफ के ऊपर शॉट खेला। मिचेल सैंटनर ने पीछे जाकर कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद हाथ से निकल गई। वे सिर के बल गिर पड़े। इसके बाद साथी खिलाड़ियों ने उनका हाल जाना। फिजियो भी मैदान पर पहुंचे। सैंटनर ने खेल जारी रखा।
जो रूट का वनडे में एक और कारनामा, इंग्लैंड के लिए रच दिया इतिहास
जो रूट ने वनडे इंटरनेशनल में अपने आठ हजार रन पूरे कर लिए हैं। वे इंग्लैंड के लिए ऐसा करने वाले पहले और अकेले खिलाड़ी हो गए हैं। विश्व क्रिकेट में वे सबसे तेज यहां तक पहुंचने वाले चौथे नंबर के बल्लेबाज हैं।
Christchurch T20I में India ने New Zealand को चार विकेट से हराया, 230 रन चेज कर रचा इतिहास
(तीसरे पैरा में सुधार के साथ)क्राइस्टचर्च, 22 अक्टूबर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की शुरुआती ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी के बाद आखिरी ओवरों में नमन धीर की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला के पहले मुकाबले में बृहस्पतिवार को यहां न्यूजीलैंड को चार विकेट से शिकस्त दी। पहले फिन एलेन और ग्लेन फिलिप्स की विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड ने चार विकेट पर 225 रन बनाए। इसके साथ ही उसने भारत के खिलाफ अपने सर्वोच्च स्कोर की बराबरी की। यह घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड का अब तक का सर्वोच्च स्कोर भी रहा। भारत ने 19.4 ओवर में छह विकेट पर 230 रन बनाकर इस प्रारूप में लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की। सैमसन ने 33 गेंदों में आठ चौकों और चार छक्कों की मदद से 67 रन बनाने के अलावा अभिषेक के साथ पहले विकेट के लिए 35 गेंदों में 93 रन की साझेदारी की। अभिषेक ने 12 गेंदों में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से 29 रन बनाए। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने 28 गेंदों में 42 रन की पारी खेलकर मध्यक्रम को संभाला। उन्होंने अक्षर पटेल (14 गेंदों में 24 रन) के साथ 24 गेंदों में 45 रन की साझेदारी कर भारत की मैच में वापसी कराई। आखिरी ओवरों में नमन ने 15 गेंदों में नाबाद 42 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम प्रबंधन के भरोसे को सही साबित किया। उन्होंने अय्यर के साथ छठे विकेट के लिए 23 गेंदों में 43 रन जोड़े। न्यूजीलैंड की ओर से मिचेल ब्रेसवेल और कप्तान मिचेल सैंटनर ने दो-दो विकेट लिए। नियमित तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के कारण भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में धार की कमी साफ दिखाई दी। एलेन ने 24 गेंदों में 45 रन बनाए, जबकि फिलिप्स ने 40 गेंदों में नाबाद 82 रन की तूफानी पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के आक्रामक तेवरों के सामने भारतीय गेंदबाज बेअसर नजर आए। लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक और सैमसन ने एक बार फिर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। सैमसन ने पहले ओवर में मैट हेनरी के खिलाफ चौका लगाकर हाथ खोले, जबकि अभिषेक ने छक्के के साथ ओवर का समापन किया। लॉकी फर्ग्यूसन के खिलाफ सैमसन ने लगातार गेंदों पर चौका, छक्का और चौका लगाया। इससे भारत ने तीसरे ओवर में 22 रन बटोर लिए। अभिषेक ने अगले ओवर में एडम मिल्ने के खिलाफ चौका लगाया। इसके बाद एक वाइड गेंद भी सीमा रेखा के पार चली गई और भारत ने 3.1 ओवर में ही बिना किसी नुकसान के 50 रन पूरे कर लिए। अभिषेक ने आक्रामक तेवर जारी रखते हुए ओवर का समापन लगातार दो छक्कों के साथ किया। रनों की गति पर अंकुश लगाने के लिए गेंद ब्रेसवेल को सौंपी गई। इस स्पिनर ने सैमसन से छक्का और चौका खाने के बाद अभिषेक को चकमा देकर भारत को पहला झटका दिया। पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर एक विकेट पर 94 रन था। सैंटनर और ब्रेसवेल की स्पिन जोड़ी कुछ हद तक भारत की रन गति पर अंकुश लगाने में सफल रही। इसका फायदा न्यूजीलैंड को सैमसन और फिर तिलक वर्मा (11 गेंदों में छह रन) तथा ईशान किशन (तीन गेंदों में एक रन) के विकेट हासिल करने के रूप में मिला। भारत ने सातवें से 11वें ओवर के बीच 34 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिए। बढ़ती जरूरी रन गति के दबाव के बीच अक्षर ने सैंटनर के खिलाफ चौका और ब्रेसवेल के खिलाफ छक्का लगाया। दूसरे छोर से अब तक संयमित अंदाज में खेल रहे अय्यर ने 14वें ओवर में हेनरी के खिलाफ दो शानदार छक्के जड़कर दबाव कम किया। फर्ग्यूसन ने अगले ओवर में अक्षर को आउट कर किया। क्रीज पर आए नमन धीर ने सैंटनर के खिलाफ लगातार गेंदों पर छक्का और चौका लगाकर उनके गेंदबाजी आंकड़ों को बिगाड़ दिया। भारत को जब दो ओवर में 16 रन की जरूरत थी, तब अय्यर मिल्ने की गेंद पर सैंटनर को कैच दे बैठे। नमन ने आखिरी ओवर में हेनरी के खिलाफ चौका और छक्का लगाकर भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। इससे पहले शुरुआत में गेंद को स्विंग मिल रही थी लेकिन न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने इस चुनौती का बखूबी सामना किया और बाद में भारतीय गेंदबाज़ों पर जमकर प्रहार किए। करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने उतरे भुवनेश्वर कुमार ने अपने पहले ओवर में अच्छी गेंदबाजी की लेकिन अगले ओवर में टिम सीफर्ट (17 गेंदों में 24 रन) ने उन पर दो चौके और लॉन्ग-ऑन के ऊपर से एक गगनचुंबी छक्का जड़ दिया। इस ओवर में कुल 17 रन बने। इसके बाद अगले ओवर में एलन ने अर्शदीप सिंह को निशाना बनाया। उनके ओवर में भी 17 रन आए, जिससे पावरप्ले में न्यूजीलैंड को तेज शुरुआत मिली। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने ऑफ-साइड में शानदार शॉट लगाकर खूब रन बटोरे। पावरप्ले के दौरान ही मयंक यादव को गेंदबाजी पर लगाया गया। अतिरिक्त गति से गेंदबाज़ी करने वाले मयंक ने पांचवें ओवर की आखिरी गेंद पर सीफर्ट को विकेट के पीछे कैच कराकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद गेंदबाजी के लिए अक्षर के खिलाफ एलन और डेरिच मिचेल ने एक-एक छक्का जड़कर स्कोर को शुरूआती छह ओवरों में एक विकेट पर 65 रन कर दिया। अर्शदीप ने अपने दूसरे स्पेल में मिचेल का विकेट हासिल किया, लेकिन भुवनेश्वर कुमार भारतीय टीम को कोई बड़ी सफलता नहीं दिला सके। उनके तीसरे ओवर में 14 रन बने। इसके बाद उन्हें पारी का 20वां और अंतिम ओवर सौंपा गया, जिसमें भी 14 रन खर्च हुए। भुवनेश्वर ने अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 49 रन दिए। फिलिप्स ने पारी का समापन कवर क्षेत्र के ऊपर से शानदार स्विच-हिट लगाकर किया। बेवन जैकब्स की 16 गेंदों पर 31 रन की तेजतर्रार पारी ने भी न्यूजीलैंड को 200 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी पारी का मुख्य आकर्षण अर्शदीप सिंह की गेंद पर लगाया गया पहली ही गेंद का सीधा छक्का रहा। भारतीय गेंदबाजों में अक्षर सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने अपने चार ओवरों में 51 रन लुटाए। न्यूज़ीलैंड ने आखिरी पांच ओवरों में 67 रन बटोरकर भारतीय गेंदबाजी की कमजोरी को पूरी तरह से उजागर कर दिया।
कप्तान अय्यर जीत के बावजूद गेंदबाजों से रहे नाखुश, नमन धीर को लेकर दिया बड़ा बयान
भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड दौरे का ऐतिहासिक जीत के साथ आगाज करते हुए क्राइस्टचर्च के स्टेडियम में खेले गए 5 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले को 4 विकेट से अपने नाम किया। टीम इंडिया की जीत में युवा खिलाड़ी नमन धीर ने बल्ले से अहम भूमिका अदा की जिसको लेकर कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी उनकी तारीफ की।
संजू-अभिषेक की तबाही, फिर नमन का विस्फोट... भारत ने NZ से यूं छीनी जीत
भारत ने न्यूजीलैंड को पहले टी20 मुकाबले में 4 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. अब सीरीज का दूसरा मुकाबला 24 अक्टूबर को खेला जाएगा.
हैरी ब्रूक ने वनडे में ठोक दी सबसे तेज डबल सेंचुरी, शुभमन गिल का वर्ल्ड रिकॉर्ड चकनाचूर
हैरी ब्रूक ने वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक लगा दिया है। उन्होंने शुभमन गिल का रिकॉउ्र तोड़ने में कायमाबी हासिल की है। वे इंग्लैंड के लिए डबल सेंचुरी लगाने वाले पहले और अकेले खिलाड़ी बन गए हैं।

