Virat Kohli Statement: 139 रन के बाद भी रिकॉर्ड नहीं, विराट कोहली के दिमाग में है ये बड़ा लक्ष्य
Virat Kohli Statement: 139 रन के बाद भी रिकॉर्ड नहीं, विराट कोहली के दिमाग में है ये बड़ा लक्ष्य
PC: Instagram/indiancricketteam विराट कोहली ने तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले एकदिवसीय (ODI) मुकाबले में नाबाद 139 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। इस बेहतरीन पारी के साथ ही उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपने 15,000 रन पूरे कर लिए और इस मुकाम तक सबसे तेजी से पहुँचने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। वनडे प्रारूप में अब वे केवल 'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर (18,426 रन) से पीछे हैं। कोहली ने सिर्फ 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए, जिसमें 9 छक्के और 10 चौके शामिल थे, जिससे भारत ने आठ विकेट बाकी रहते 296 रन का टारगेट हासिल कर लिया। मैच के बाद, पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में, कोहली ने कहा कि उनका फोकस फिजिकली फिट रहकर हर मौके का पूरा फायदा उठाना है। 2027 ODI वर्ल्ड कप के करीब आने के साथ, कोहली ने कहा कि वह जानते हैं कि वह इस फॉर्मेट में क्या हासिल करना चाहते हैं और उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए एग्रेसिव बैटिंग और लापरवाही भरे शॉट्स से बचने के बीच बैलेंस बनाने की अहमियत पर जोर दिया। DNA को पसंदीदा सोर्स के तौर पर जोड़ें कोहली ने 2027 वर्ल्ड कप पर अपने फोकस के बारे में बताया कोहली ने कहा- ''मेरा मतलब है, क्लैरिटी भी। हम वर्ल्ड कप से एक साल दूर हैं। मुझे पता है कि मेरा गोल क्या है। मेरे लिए यह बिल्कुल साफ़ है कि हमें जो भी गेम मिलें, मुझे बस गेम के अलग-अलग पहलुओं पर काम करते रहना है, खुद को फिजिकली फिट रखना है, खुद को चैलेंज करना है कि मैं मैदान पर रहूँ, अगर हो सके तो आखिरी 15 ओवर में बाउंड्री से बाउंड्री तक दौड़ूँ, इनर रिंग में फील्डिंग करूँ, इंटेंसिटी दिखाऊँ। अगर मैं इन सभी बॉक्स पर टिक करता रहूँ, जैसा कि मैंने कहा, तो मेरे पास इस फॉर्मेट में खेलने के लिए भी कुछ समय बचा है, और मैं बस हर दिन का मज़ा लेना चाहता हूँ। इसलिए जब मुझे कोई मौका मिलता है, तो मैं खुशी महसूस करता हूँ, न कि एंग्जायटी या उसका ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाने का प्रेशर महसूस करता हूँ। और मैं बस खुद को एक्सप्रेस करना चाहता हूँ और अपना गेम खेलना चाहता हूँ। मैंने खुद से वादा किया है कि मैं पॉजिटिव होकर खेलूँगा क्योंकि मैं कर सकता हूँ। इसलिए मैं ऐसे ही खेलना जारी रखूँगा, लेकिन लापरवाह नहीं बनूँगा। उन्होंने कहा, ''एक प्रोफेशनल और एक अनुभवी खिलाड़ी के तौर पर, मुझमें इस तरह से बिना सोचे-समझे शॉट खेले और टीम को जीत दिलाने की काबिलियत होनी चाहिए।''
Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए 2026 एशियाई खेलों में क्रिकेट का सफ़र शुरू होने वाला था। 'मेन इन ब्लू' को 28 सितंबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में क्वार्टर फ़ाइनल में अफ़गानिस्तान का सामना करना था। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम को उम्मीद थी कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे और सेमीफ़ाइनल में जगह बनाएंगे। हालाँकि, मौसम की वजह से रुकावट आने के कारण, एक भी गेंद फेंके बिना ही मैच रद्द कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: Virat Kohli और Gill के शतक, पहले ODI में भारत ने West Indies को 8 विकेट से दी मात दिलचस्प बात यह है कि जापान में क्रिकेट के लिए मौसम काफी खराब रहा है और कई मैचों में रुकावटें आई हैं; भारत और अफ़गानिस्तान के बीच का मैच तो टॉस से पहले ही बारिश की वजह से रद्द हो गया। नतीजतन, बेहतर T20I रैंकिंग के कारण भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में पहुँच गई है और अफ़गानिस्तान बाहर हो गया है। सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की करने के बाद, भारतीय टीम का मुक़ाबला श्रीलंका और नेपाल के बीच होने वाले चौथे क्वार्टर-फ़ाइनल के विजेता से होगा। गौरतलब है कि सेमीफ़ाइनल भी 1 अक्टूबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा। मुकाबले से पहले, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने एशियन गेम्स में भारतीय टीम की उम्मीदों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि विरोधी टीम को कम आंकना ठीक नहीं है। मैच से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अय्यर ने कहा कि देखिए, जब आप भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो हमेशा यह उम्मीद की जाती है कि आप टॉप पर रहें। और यह एक अच्छा दबाव है। जब उम्मीदें होती हैं, तो आप अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। लेकिन साथ ही, मुझे लगता है कि हमें नतीजे के बारे में ज़्यादा नहीं सोचना चाहिए। हमने एक टीम के तौर पर एक स्टैंडर्ड तय किया है। हम हर मैच में उस स्टैंडर्ड से बेहतर करने की कोशिश करते हैं। इसे भी पढ़ें: '2027 वनडे वर्ल्ड कप मेरा आखिरी होगा, ट्रॉफी जीतने के लिए सब कुछ न्योछावर कर दूंगा', विराट कोहली का बड़ा ऐलान यह ध्यान देने वाली बात है कि खराब मौसम के कारण पाकिस्तान और हांगकांग के बीच होने वाला एशियाई खेलों का पहला क्वार्टर-फ़ाइनल भी रद्द कर दिया गया है। भारतीय टीम की तरह ही, पाकिस्तान ने भी अपने प्रतिद्वंद्वी की तुलना में बेहतर T20I रैंकिंग के कारण सेमी-फ़ाइनल के लिए सीधे क्वालिफ़ाई कर लिया है। सेमी-फ़ाइनल मुक़ाबले में उनकी टीम का सामना बांग्लादेश या मलेशिया से होगा।
Asian Games में Esha Singh ने 25 मीटर पिस्टल में जीता सिल्वर, मनु भाकर पदक से चूकीं
भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की महिला 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में एक निशाने से स्वर्ण पदक गंवाया लेकिन लगातार पांच शूट-ऑफ के रोमांचक दौर के बाद रजत पदक पक्का करने में सफल रही। हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा इस वर्ग की मौजूदा विश्व नंबर एक हैं। उन्होंने रजत की दौड़ में बने रहने के लिए तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें चीन की शियाओ जियारुईशुआन के साथ दो और शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा। निर्धारित सीरीज के बाद दोनों के 38-38 अंक थे, लेकिन अंतिम निशाने में ईशा चूक गईं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक ने ईशा के खिलाफ शूट-ऑफ में हारने के बाद 34 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर इस स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद एशियाई खेलों से पदक के बिना लौटेंगी। ईशा ने क्वालीफिकेशन में आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचकर भारत की पदक उम्मीदें कायम रखीं। मनु 579 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। ईशा ने क्वालीफिकेशन में 580 अंक जुटाए थे। मनु के लिए यह एशियाई खेलों का निराशाजनक अभियान रहा। इससे पहले वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी पदक जीतने में नाकाम रही थीं। भारतीय महिला टीम भी पदक की दौड़ में थी, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक टीम पर भारी पड़ी। सरनोबत ने चौथी सीरीज (प्रत्येक सीरीज में पांच निशाने लगाने होते हैं) में 39 अंक का निराशाजनक स्कोर किया। इसके बाद भारत की पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।
भारत को पिंकी बलहारा ने महिला कुराश स्पर्धा में पदक दिलाया है। पिंकी को महिला 78 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से 0-5 से हार मिली। इस तरह उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
... सुमन रे ...नयी दिल्ली, 28 सितंबर भारत के एशियाई खेलों के कबड्डी चैंपियनों के स्वदेश लौटने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जश्न के रंग में रंग गया, जहां स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष और महिला टीमों के खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके कुछ ही देर बाद स्वर्ण पदक विजेता सुरूचि सिंह और कमलजीत सिंह की अगुवाई में निशानेबाजों के पहुंचने से जश्न का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष और महिला टीमों के खिलाड़ियों के स्वागत के लिए परिवार के सदस्य, पड़ोसी और साथी खिलाड़ी निर्धारित समय से काफी पहले ही बड़ी संख्या में हवाई अड्डे पहुंच गए थे। खिलाड़ियों की एक झलक मिलते ही इंतजार का माहौल जश्न में बदल गया। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान सुनील कुमार ने ढोल की थाप के बीच ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘आत्मविश्वास ने हमें स्वर्ण पदक दिलाया। इस तरह का स्वागत देखकर मैं बहुत खुश हूं। उम्मीद है कि एक दिन कबड्डी ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक बार फिर दिखाया है कि हम दुनिया में कबड्डी खेलने वाले सबसे अच्छे देश हैं। खिताब बरकरार रखना बेहद सुखद है। मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। हमारी टीम ने स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपना पूरा दमखम और जज्बा दिखाया।’’महिला टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टीम ने ईरान के खिलाफ फाइनल में कड़ी चुनौती के बावजूद निर्णायक मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने भी कबड्डी को राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक में शामिल किए जाने की वकालत की। पुष्पा ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमारी प्रतिद्वंद्वी ईरान ने वास्तव में अच्छी चुनौती दी, लेकिन प्रतिभा और अनुभव दोनों के मामले में हम बेहतर टीम थे। भारत इस खेल में पूरी तरह अपना दबदबा बनाए हुए है, लेकिन कबड्डी दुनियाभर में लोकप्रिय हो रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि कबड्डी को राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया जाए और उम्मीद है कि एक दिन यह ओलंपिक का भी हिस्सा बनेगी।’’महिला कबड्डी खिलाड़ी मनीषा कुमारी का स्वागत बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के बैंड ने किया। उन्होंने अपनी सफलता में सुरक्षा बल के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बीएसएफ की लगातार मदद और समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहूंगी। हम पर कोई दबाव नहीं था। हम स्वर्ण पदक जीतने के दृढ़ संकल्प के साथ उतरे थे और हमने इसे हासिल किया।’’कबड्डी खिलाड़ियों के अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होने के साथ जब जश्न का माहौल कुछ शांत होने लगा, तभी निशानेबाजों के पहुंचने से हवाई अड्डे पर एक बार फिर जोरदार स्वागत और तालियों की गूंज सुनाई दी। सभी की नजरें कमलजीत और सुरूचि की जोड़ी पर थीं, जिन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। कमलजीत ने कहा, ‘‘10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में स्वर्ण जीतना आसान नहीं था। मुकाबला काफी कठिन था और हमने अपना धैर्य बनाए रखा। मुझे सुरूचि के लिए बहुत खुशी है, जिन्होंने शानदार जज्बा और बेहतरीन फॉर्म दिखाया और हमने मिलकर शीर्ष स्थान हासिल किया।’’एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए स्वर्ण पदक जीतने वाली सुरूचि ने कहा कि वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि का अभी धीरे-धीरे अहसास हो रहा है। मिश्रित टीम में स्वर्ण जीतकर मैं बेहद खुश हूं। यह मुझे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। भारत इस स्पर्धा में काफी मजबूत है और हमें उम्मीद है कि ओलंपिक में भी इस वर्ग में एक और पदक जीतेंगे।
ईशा सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता। ईशा और किम ह्योन सुक के बीच कांस्य-रजत के लिए तीन शूट-ऑफ हुए, जिसमें ईशा ने बाजी मारी।
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: भारत ने जीते दो और मेडल, ईशा सिंह का सिल्वर पर कब्जा
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को भारत ने अब तक दो मेडल हासिल किए हैं। भारत के कुल पदकों की संख्यों 40 के करीब पहुंच गई है।
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 28 सितंबर मैदान पर अपनी रफ्तार से पदक जीतने वाली फर्राटा धाविका हरिता भद्रा के पैरों में ही नहीं, हाथ में भी हुनर है जो उनके द्वारा बनाये गए गहनों की खूबसूरती में नजर आता है। अपने पदार्पण एशियाई खेलों में 200 मीटर का कांस्य पदक जीतने वाली हरिता अपने ब्रांड ‘दागिना’ के लिये जल्दी ही नये ईयरिंग डिजाइन करने वाली है जो इस पदक को समर्पित होगा। 23 वर्ष की इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ मैं जरूर ऐसा कुछ डिजाइन करूंगा तो इस पदक को समर्पित होगा। शायद एक ईयरिंग या कुछ ऐसा जिसकी प्रेरणा जापान से मिली हो।’’हरिता एशियाई खेलों के लिये शुरूआत में भारतीय एथलेटिक्स टीम का हिस्सा नहीं थी लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ ने ऐन मौके पर स्थानीय आयोजकों से अनुरोध करके उन्हें शामिल किया। उन्हें और पांच अन्य खिलाड़ियों को खेल मंत्रालय से दो सितंबर को मंजूरी मिली। उन्होंने 200 मीटर फाइनल में 23 . 20 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय रेस थी। हरिता ने कहा ,‘‘ यह पदक मेरे लिये काफी मायने रखता है क्योंकि पहली बार भारत के लिये खेल रही थी और मुझे खुशी है कि पदक जीत सकी।’’उन्होंने कहा ,‘‘ रेस से पहले मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मुझे अपने शरीर पर भरोसा रखना है और अंत तक हार नहीं मानना है। मैं रेस का मजा लेने उतरी थी और मुझ पर कोई दबाव नहीं था क्योंकि मैने मेहनत की थी।’’मुंबई की रहने वाली हरिता ब्रिटेन में लोबोरो यूनिवर्सिटी से खेल विज्ञान, कोचिंग और शारीरिक शिक्षा में बीएससी भी कर रही है।
भारतीय मुक्केबाज एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल में चुनौती पेश कर रहे हैं। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगेहन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर दिया है। अब प्रिया और कपिल क्वार्टर फाइनल में चुनौती पेश करने उतरेंगे।
IND vs AFG Asian Games: India vs Afghanistan: बारिश के कारण बिना गेंद खेले रद्द हुआ क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने पहले वनडे के बाद कहा कि टीम वनडे प्रारूप में आठवें बल्लेबाजी क्रम पर ध्यान दे रही है, लेकिन विभिन्न संयोजनों को आजमाया जाएगा ताकि पता चले के टीम के लिए क्या सर्वश्रेष्ठ है।
टीम इंडिया की बिना खेले एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में एंट्री, पाकिस्तान भी अंतिम चार में पहुंचा
भारतीय क्रिकेट टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एशियन गेम्स के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाला मैच बारिश के कारण हो ही नहीं पाया। इस बीच पाकिस्तानी टीम भी आखिरी चार में पहुंच गई है।
इंटर मियामी सीएफ को एमएलएस रेगुलर सीजन के मुकाबले में अपने घरेलू मैदान पर कोलंबस क्रू के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इंटर मियामी के कप्तान लियोनल मेसी ने शानदार फ्री-किक के जरिए टीम का एकमात्र गोल किया।
शतरंज: चेस ओलंपियाड में भारतीय टीम ने जीते सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल, पीएम मोदी ने दी बधाई; क्या बोले?
46वें चेस ओलंपियाड 2026 में भारतीय पुरुष टीम ने सिल्वर और महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों टीमों को बधाई दी।
एमएलएस: मेसी का गोल भी नहीं टाल सका इंटर मियामी की हार, कोलंबस क्रू ने 2-1 से दर्ज की जीत
कोलंबस, 28 सितंबर (आईएएनएस)। इंटर मियामी सीएफ को एमएलएस रेगुलर सीजन के मुकाबले में अपने घरेलू मैदान पर कोलंबस क्रू के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। सोमवार को स्कॉट्स मिरेकल-ग्रो फील्ड में खेले गए इस मैच में इंटर मियामी के कप्तान लियोनेल मेसी ने शानदार फ्री-किक के जरिए टीम का एकमात्र गोल किया। हालांकि, मेसी के गोल के बावजूद उनकी टीम हार टाल नहीं सकी।
Tejaswin Shankar ने Asian Games में जीता कांस्य, रजत गंवाने पर जताई निराशा
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर ने एशियाई खेलों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर एक बार फिर खुद को साबित किया, लेकिन शीर्ष दो में जगह नहीं बना पाने की कसक उन्हें कचोट रही है। पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले तेजस्विन ने रविवार को 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। जापान के युमा मुरुयामा ने 8,123 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के चेन एक्स ने 8,012 अंक जुटाकर रजत पदक अपने नाम किया। मुरुयामा ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। तेजस्विन ने निराशा भरे अंदाज में कहा, ‘‘तीसरा स्थान वह नहीं था, जिसके लिए मैं लक्ष्य बना रहा था। मुझे इस कांस्य के सिलसिले को खत्म करना होगा। इस समय मैं काफी निराश हूं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कांस्य जीता है, बल्कि मैंने रजत गंवाया है।’’दिल्ली के 27 वर्षीय एथलीट ने 10 स्पर्धाओं वाली डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा 1500 मीटर दौड़ 4:33.09 के समय के साथ जीती। उन्होंने मुरुयामा (4:33.92) को पीछे छोड़ा। हालांकि, 1500 मीटर के नतीजे का पदकों पर खास असर नहीं पड़ा, क्योंकि इससे पहले ही मुरुयामा स्वर्ण पदक के लिए पर्याप्त अंक हासिल कर चुके थे। तेजस्विन जानते थे कि स्वर्ण पदक उनकी पहुंच से बाहर है, लेकिन 1500 मीटर दौड़ के दौरान उनके दिमाग में फरवरी में चीन में हुई एशियाई इंडोर चैंपियनशिप की हेप्टाथलॉन स्पर्धा के दौरान मुरुयामा से 1000 मीटर दौड़ में मिली हार चल रही थी। इंडोर चैंपियनशिप में सात स्पर्धाएं होती है। तेजस्विन ने कहा, ‘‘उस समय बात पदक की नहीं थी, बल्कि इस बात की थी कि युमा ने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में आखिरी एक किलोमीटर में मुझे हरा दिया था। सोशल मीडिया पर उस दौड़ की रील काफी चलती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं वह रील देखता हूं, मुझे लगता है कि स्वर्ण जीतने के बावजूद मैं उस एक किलोमीटर में उसे नहीं हरा सका। इसलिए 1500 मीटर की पूरी दौड़ के दौरान जब वह मुझसे आगे था, मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मुझे उसे पकड़ना है। आखिर में मैं उसे वही जवाब दूंगा, जो उसने उस दिन मुझे दिया था।’’तेजस्विन ने 1500 मीटर दौड़ जीतने पर संतोष जताया। उन्होंने लंबी कूद और ऊंची कूद में भी जीत हासिल की। उन्होंने कहा, ‘‘वह पूरी दौड़ में आगे था। उसने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में भी ऐसा ही किया था। मुझे पता था कि कब बढ़त लेनी है और मैंने बिल्कुल वही किया। 1500 मीटर में अपने प्रदर्शन से मैं काफी संतुष्ट था।’’एशियाई खेलों से पहले तेजस्विन ने तीन डेकाथलॉन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था। इनमें ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेल भी शामिल थे, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में भी हिस्सा लिया था। उनका मानना है कि इस साल एक प्रतियोगिता ज्यादा हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘मुरुयामा ने अप्रैल में एक डेकाथलॉन में हिस्सा लिया और फिर मई में एक और प्रतियोगिता में उतरे, हालांकि वह उसे पूरा नहीं कर सके। यह उनका दूसरा डेकाथलॉन था। ये चीजें मायने रखती हैं। मैं 30 जनवरी से लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहा हूं। मैं किसी को दोष नहीं दे रहा।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस साल मैंने चार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। मैं खुश हूं कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मुझे राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप से हटने की अनुमति दी।’’मई में फेडरेशन कप के दौरान 8,057 अंक का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले तेजस्विन इस बार उस आंकड़े के करीब नहीं पहुंच सके, लेकिन पूरे सत्र में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल मेरी हर डेकाथलॉन में 7,900 से अधिक अंक रहे हैं। यह अपने आप में मेरे सुधार को दर्शाता है। एक बड़े प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतरता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब मुझे 8,300 अंक तक पहुंचने के लिए 300 और अंक जुटाने होंगे और अगले साल विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करना होगा। यही मेरी अगली चुनौती है।’’प्रतियोगिता खत्म होने के बाद तेजस्विन अब अमेरिका लौटकर अपनी पढ़ाई और शिक्षण संबंधी जिम्मेदारियां संभालेंगे। वह अमेरिका की कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी के काइन्सियोलॉजी विभाग में स्नातक शिक्षण सहायक हैं। साल के बाकी महीनों में कुछ आराम करने के बाद वह अपनी यह जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मंगलवार को अमेरिका वापस जा रहा हूं। मेरी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियां हैं। मैं ‘टीचिंग असिस्टेंट’ हूं और मुझे विद्यार्थियों के ‘असाइनमेंट’ जांचने हैं। मैं एक सप्ताह से अपने छात्रों से नहीं मिला हूं, इसलिए मुझे वापस जाकर काम शुरू करना होगा।’’जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कंसास के अपने छात्रों के लिए आदर्श बन सकते हैं, तो तेजस्विन ने कहा, ‘‘बिल्कुल नहीं। मुझे किसी के लिए आदर्श बनने की परवाह नहीं है। अगर कोई मेरी प्रशंसा करना चाहता है तो यह ठीक है।
इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान मैच पर बारिश का साया, रद्द हुआ मुकाबला तो किसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट
भारत और अफगानिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 मेंस क्रिकेट का क्वार्टर फाइनल मैच आज खेला जाना है, लेकिन इस पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है। अगर बारिश की वजह से मैच रद्द होता है किसे सेमीफाइनल में एंट्री मिलेगी?
एशियाई खेलों में Pinaky Balhara ने कुराश के सेमीफाइनल में बनाई जगह, पदक पक्का
पिंकी बलहारा ने सोमवार को एशियाई खेलों में महिला 78 किग्रा कुराश वर्ग के क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया। बलहारा ने एकतरफा मुकाबले में लिम को कोई अंक हासिल नहीं करने दिया और आसानी से सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उनकी नजरें 2018 एशियाई खेलों के अपने रजत पदक से बेहतर प्रदर्शन करने पर भी हैं। इस 27 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया। ‘चाला’ तब दिया जाता है जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को गिराने में सफल रहता है, लेकिन उसके दांव में पूरी तरह नियंत्रण नहीं होता। पिंकी ने 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं की 52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। तब कुराश ने पहली बार एशियाई खेलों में जगह बनाई थी। बलहारा अब सेमीफाइनल में सोमवार को ही दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से भिड़ेंगी।
IND VS WI: विराट कोहली ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, हासिल की ये बड़ी उपलब्धि भी
इंटरनेट डेस्क। वेस्टइंडीज और भारत के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज के पहले ही मैच में भारत को जीत मिली है। इस मैच में अर्धशतक लगाते ही कोहली ने सचिन तेंदुलकर का एक बड़ा रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इतना ही नहीं, इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन भी पूरे कर लिए और ऐसा करने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर को पछाड़ते हुए सबसे तेज 15 हजार ओडीआई रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। कोहली ने नॉन-एशियाई टीमों के खिलाफ ओडीआई में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। इसके अलावाउन्होंने 50 ओवर के क्रिकेट में 15 हजार रन का आंकड़ा भी छू लिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में कोहली ने शुरुआत से ही अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाई। विकेटों के बीच तेज दौड़ और गेंद को गैप में भेजकर रन बटोरते हुए उन्होंने पारी को आगे बढ़ाया। देखते ही देखते 37 साल के बल्लेबाज ने सिर्फ 40 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। अल्जारी जोसेफ के खिलाफ 27वें ओवर में छक्का लगाकर उन्होंने यह खास मुकाम हासिल किया। इस अर्धशतक के साथ कोहली ने नॉन-एशियाई टीमों के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने के मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। कोहली के खाते में अब नॉन-एशियाई टीमों के खिलाफ 96 फिफ्टी प्लस स्कोर हो गए हैं। विराट कोहली की इस अर्धशतकीय पारी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन पूरे करना भी रहा। 59 रन के स्कोर पर पहुंचते ही उन्होंने यह कारनामा किया। इस तरह वह वनडे में सचिन तेंदुलकर के बाद 15 हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए। PC- cricinfo.com
IND vs AFG Live: टीम इंडिया की नजरें सेमीफाइनल की टिकट पर, थोड़ी देर में होगा टॉस
भारत और अफगानिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का दूसरा क्वार्टर फाइनल मैच खेला जाएगा। इस मैच को जीतकर टीम इंडिया सेमीफाइनल का टिकट हासिल करना चाहेगी।
एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद पीवी सिंधु ने सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा कि वह हार से दुखी हैं, लेकिन एक दर्दनाक नतीजा उनके 12 साल के एशियन गेम्स सफर को तय नहीं कर सकता। दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट 27 सितंबर को विमेंस सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में चीन की चेन यूफेई से 21-11, 18-21, 10-21 से हार गई थीं। 'क्वार्टरफाइनल में जीत से तीन अंक दूर थी सिंधु ने लिखा, ‘मुझे इसे शब्दों में कहने के लिए थोड़ा समय चाहिए था। मेरा एशियन गेम्स अभियान खत्म हो गया है और मैं दुखी हूं। क्वार्टरफाइनल में जीत से सिर्फ तीन अंक दूर थी। मैं बार-बार उन्हीं तीन अंकों के बारे में सोच रही हूं।’ सिंधु ने कहा कि चीन में खेले हालिया मुकाबले की तरह इस मैच में भी अहम मौकों पर लंबी और कड़ी रैलियां निर्णायक साबित हुईं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास मौका था, लेकिन उसे गंवाना दुख देता है।’ 18 घंटे में तीन मैच खेले, शरीर पर असर पड़ा सिंधु ने एशियन गेम्स के शेड्यूल पर भी बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें 18 घंटे के अंदर तीन मैच खेलने पड़े। सिंधु ने कहा कि उनकी टीम पहले ही उन मौकों पर काम कर रही है, जहां मैच को अपने पक्ष में खत्म करने में चूक हुई। उन्होंने कहा कि मैं दुखी हूं, लेकिन यह ठीक है। मुझे खुशी है कि यह अब भी मेरे लिए इतना मायने रखता है कि इतना दर्द हो रहा है। मैं अब भी इसे चाहती हूं। मैं अब भी कोर्ट पर अपना सब कुछ देती हूं। यही भावना मुझे आगे बढ़ाती है। 2014 से चौथे एशियन गेम्स तक का सफर याद किया सिंधु ने अपने 12 साल के एशियन गेम्स सफर को भी याद किया। उन्होंने लिखा, ‘गर्व करने की भी वजह है। 2014 में अपने पहले एशियन गेम्स से लेकर अब चौथे गेम्स तक, 12 साल भारत के लिए अपना सब कुछ दिया है। एक दर्दनाक नतीजा उस सफर को तय नहीं कर सकता, जो मेरे लिए इतना मायने रखता है।’ सिंधु ने फैन्स का शुक्रिया अदा किया सिंधु ने देर रात तक जागकर उनका मैच देखने और समर्थन करने वाले फैन्स का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, ‘उन सभी लोगों का धन्यवाद, जो देर रात तक जागे, चीयर किया और मुझ पर विश्वास रखा। मैं भी उन आखिरी तीन अंकों को हमारे लिए जीतना चाहती थी। मेरे साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद। मैं फिर कोशिश करूंगी।’ ------------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने पहली बार एक इनिंग में 9 सिक्स लगाए:सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने, भारत में 42वां शतक लगाया भारत ने रविवार को तिरुवनंतपुरम में पहले वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। विराट कोहली ने अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। उन्होंने नाबाद 139 रन की पारी खेली। पूरी खबर
पीवी सिंधू एशियन गेम्स के महिला एकल क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन यूफेई से हारकर बाहर हो गईं। इसके बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पोस्ट में व्यस्त शेड्यूल, कम रिकवरी समय और वीडियो रिव्यू सिस्टम की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए।
एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष Volleyball टीम का दबदबा, हांगकांग को 3-0 से हराया
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने सोमवार को एशियाई खेलों के पूल-सी के मुकाबले में हांगकांग को 3-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। भारत ने रोमांचक मुकाबले में 25-22, 25-19, 25-21 से जीत हासिल की। भारतीय टीम ने इस मुकाबले को सीधे सेट में जीता लेकिन हांगकांग ने हर सेट में टीम को कड़ी चुनौती दी। हांगकांग ने लंबे समय तक भारत के बढ़त के अंतर को एक-दो अंकों से अधिक नहीं होने दिया। निर्णायक मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपना स्तर उठाया और मैच को अपने पक्ष में खत्म किया। हांगकांग ने लगातार दबाव बनाए रखा और भारतीय टीम को पूरे मुकाबले में अपनी लय बरकरार रखने तथा अंतिम चरण में सटीक खेल दिखाने के लिए मजबूर किया। खासकर दाएं छोर से उसके आक्रमण प्रभावी रहे, जिससे भारतीय रक्षापंक्ति को परेशानी हुई और वह मुकाबले में बना रहा। भारत ने इससे पहले वियतनाम को भी 3-0 से हराकर अभियान की शुरुआत की थी। भारतीय टीम अब मंगलवार को कतर का सामना करेगी।
शुभमन गिल ने पहले वनडे में कुलदीप यादव को बताया गेम चेंजर, विराट कोहली पर दिया दिल जीतने वाला बयान
शुभमन गिल ने विराट कोहली नहीं, बल्कि कुलदीप यादव को मैच जिताने वाला खिलाड़ी बताया। गिल के मुताबिक, बीच के ओवरों में कुलदीप ने जिस तरह विकेट चटकाए, उसी वजह से वेस्टइंडीज की टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाई।
निशिन, 28 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान क्रिकेट टीम बिना मैदान पर उतरे ही एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। सोमवार को पाकिस्तान और हांगकांग, चीन के बीच होने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया।
Prasidh Krishna ने West Indies के खिलाफ संभाली गेंदबाजी की जिम्मेदारी, 2 विकेट झटके
(तस्वीरों के साथ)... जी उन्नीकृष्णन ....तिरुवनंतपुरम, 28 सितंबर विराट कोहली, शुभमन गिल और कुलदीप यादव के शानदार प्रदर्शन के आगे प्रसिद्ध कृष्णा के 10 ओवर में 60 रन देकर दो विकेट के प्रदर्शन को शायद ज्यादा तवज्जो नहीं मिली लेकिन रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में उनकी गेंदबाजी ने यह जरूर दिखाया कि वह विपरीत परिस्थितियों में भी टीम के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं। वेस्टइंडीज ने 14वें ओवर में बिना किसी नुकसान के 100 रन पूरे कर लिए थे और टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी। भारतीय गेंदबाजों ने हालांकि शानदार वापसी करते हुए कैरेबियाई टीम को सात विकेट पर 295 रन के स्कोर तक सीमित कर दिया। भारत ने विराट कोहली की नाबाद 139 रन और कप्तान शुभमन गिल की 110 रन की शतकीय पारियों के दम पर 42वें ओवर में ही आठ विकेट से जीत दर्ज कर ली। प्रसिद्ध ने कहा कि पिच पर हार्ड लेंथ (गेंद को ऐसी जगह टप्पा दिलाना कि बल्लेबाज यह तय न कर सके कि आगे बढ़कर खेले या पीछे हटकर) उनकी गेंदबाजी की प्रमुख ताकत रही है और पिछले कुछ समय से वह अपनी लेंथ को बेहतर करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हार्ड लेंथ ऐसी चीज है, जिस पर मैं पूरी जिंदगी गेंदबाजी करता आया हूं। मैं थोड़ा ज्यादा शॉर्ट गेंदबाजी कर रहा था और काफी समय से इस पर काम कर रहा हूं। जब आपको पता हो कि मैदान पर उतरकर क्या करना है और टीम के भीतर भी स्पष्टता हो, तो आपके लिए अपनी भूमिका निभाना आसान हो जाता है।”कर्नाटक के इस गेंदबाज ने केसी कार्टी और रोस्टन चेज को आउट किया। कुलदीप यादव (40 रन पर चार विकेट) के लगातार प्रहारों के बीच इन विकेटों ने वेस्टइंडीज की पारी पर और दबाव बढ़ा दिया। उन्होंने कहा, “टीम के अंदर लगातार संवाद होता रहता है और यही चीज मुझे बेहतर गेंदबाजी करने में मदद करती है।”प्रसिद्ध के इस प्रदर्शन का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह एशियाई खेलों के लिए जापान में हैं। वहीं, मोहम्मद सिराज की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। ऐसे में प्रसिद्ध को नितीश कुमार रेड्डी और महज सात वनडे का अनुभव रखने वाले गुरनूर बराड़ के साथ तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। अपना 29वां वनडे खेलने वाले प्रसिद्ध अचानक इस युवा तेज गेंदबाजी समूह के सबसे अनुभवी सदस्य बन गए। उन्होंने इस जिम्मेदारी का आनंद लिया। इस 30 वर्षीय गेंदबाज ने कहा, “गुरनूर के साथ मेरा अच्छा तालमेल है। हम दोनों गुजरात टाइटंस के लिए करीब दो साल साथ खेल चुके हैं। एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियों को जानना दबाव के समय काफी मददगार साबित होता है और मैदान पर बातचीत के जरिए हम एक-दूसरे का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।”प्रसिद्ध ने कोहली और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप के प्रदर्शन की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “डगआउट में बैठे खिलाड़ी उस समय सोच रहे थे कि कोहली को आखिर गेंदबाजी कैसे की जाए। कोहली बेहद शानदार तरीके से गेंद को हिट कर रहे थे और उनके जैसे खिलाड़ी को इस अंदाज में बल्लेबाजी करते देखना अविश्वसनीय अनुभव था।”उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि कुलदीप क्या कर सकते हैं और उनकी मेहनत का इस तरह परिणाम मिलना पूरी टीम के लिए खुशी की बात है। उन्होंने हाल में इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट और वनडे मैच भी खेले हैं तथा वह लगातार अपनी गेंदबाजी पर मेहनत कर रहे हैं। कुलदीप के प्रदर्शन से पूरी टीम बेहद खुश है।
IND vs AFG एशियन गेम्स का क्वार्टर फाइनल मैच फ्री में कैसे देखें लाइव? ये है सबसे आसान तरीका
भारत और अफगानिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का दूसरा क्वार्टर फाइनल मैच आज खेला जाएगा। इस मैच को आप कब, कहां और कैसे लाइव देख सकते हैं यहां उसकी जानकारी दी गई है।
Asian Games Live 2026: एशियन गेम्स में आज एथलेटिक्स और शूटिंग में इतिहास रचने उतरेंगे भारतीय जांबाज
एशियन गेम्स 2026 के 9वें दिन भारत का शेड्यूल काफी बिजी रहने वाला है। भारत फिलहाल 12 खेलों में 4 गोल्ड मेडल समेत 37 पदक जीत चुका है, जिनमें से 11 पदक अकेले शूटिंग से आए हैं।
Asian Games 2026 Live: 28 सितंबर को तीरंदाजों पर नजर, 25 मीटर एयर पिस्टल में मनु भाकर से उम्मीदें
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।भारत 37 पदकों के साथ 12वें स्थान पर है। 28 सितंबर को तीरंदाजी और शूटिंग समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
एशियन गेम्स के 9वें दिन भारत को शूटिंग में मनु भाकर से गोल्ड मेडल की उम्मीद होगी। उनके पास 2 मेडल जीतने का मौका होगा। वे पहले ईशा सिंह और राही सरनोबत के साथ महिला 25 मीटर पिस्टल के इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन में उतरेंगी। इसी समय टीम का फाइनल भी होगा। इसके अलावा इंडिविजुअल कैटेगरी का मेडल इवेंट भी आज ही खेला जाएगा। वहीं श्रीशंकर मुरली लॉन्ग जंप और गुलवीर सिंह 1500 मीटर के फाइनल में खेलेंगे। वहीं बॉक्सिंग में प्रिया, कपिल पोखरिया और लवलीना बोरगोहेन के भी अहम मुकाबले होंगे। आज 24 गोल्ड दांव पर एशियन गेम्स में आज कुल 24 गोल्ड मेडल इवेंट होंगे। एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 9 गोल्ड दांव पर होंगे। इसके अलावा शूटिंग, डाइविंग, कुराश, BMX रेसिंग, टेबल टेनिस और वेटलिफ्टिंग में भी गोल्ड मेडल का फैसला होगा। सुबह 3:58 बजे शुरु होंगे भारत के मुकाबले दिन की शुरुआत सुबह 3:58 बजे सर्फिंग से होगी। सिवराज बाबू और किशोर कुमार अंबारसु पुरुष शॉर्टबोर्ड हीट्स में उतरेंगे। 4:45 बजे तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ी कंपाउंड इंडिविजुअल राउंड ऑफ-32 और राउंड ऑफ-16 में खेलेंगे। सुबह 6:10 बजे मनु भाकर, ईशा सिंह और राही सरनोबत महिला 25 मीटर पिस्टल की इंडिविजुअल क्वालिफिकेशन में उतरेंगी। इसी समय टीम फाइनल भी होगा। क्वालिफाई करने पर तीनों दोपहर 10:45 बजे इंडिविजुअल फाइनल खेलेंगी। कुराश में पिंकी बलहारा का मेडल मुकाबला सुबह 8 बजे से पिंकी बलहारा महिला 78 किग्रा वर्ग में क्वार्टर फाइनल में उतरेंगी। जीतने पर वह सेमीफाइनल और इसके बाद मेडल मुकाबले में पहुंच सकती हैं। मेंस हॉकी में बांग्लादेश से मुकाबला दोपहर 3:30 बजे भारतीय पुरुष हॉकी टीम पूल-A के मुकाबले में बांग्लादेश से भिड़ेगी। वहीं स्क्वैश में भारत की महिला टीम चीन और जापान, जबकि पुरुष टीम चीन और साउथ कोरिया के खिलाफ पूल मुकाबले खेलेगी। एथलेटिक्स में श्रीशंकर और गुलवीर के फाइनल शाम 4:13 बजे अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में उतरेंगे। 4:25 बजे श्रीशंकर मुरली और डेविड सोलोमन पुरुष लॉन्ग जंप फाइनल खेलेंगे। 4:35 बजे गुलवीर सिंह और यूनुस शाह पुरुष 1500 मीटर फाइनल में उतरेंगे। इसके अलावा महिला डिस्कस थ्रो, महिला और पुरुष 400 मीटर हर्डल्स, पुरुष जेवलिन थ्रो, महिला 5000 मीटर और महिला 4x100 मीटर रिले के फाइनल भी होंगे। बॉक्सिंग में प्रिया, कपिल और लवलीना का क्वार्टर फाइनल मैच दोपहर 2:15 बजे प्रिया महिला 60 किग्रा क्वार्टर फाइनल में मिजगोना समदोवा से खेलेंगी। 3:45 बजे कपिल पोखरिया पुरुष 90 किग्रा क्वार्टर फाइनल में किम गिचाए के खिलाफ उतरेंगे। 4 बजे लवलीना बोरगोहेन महिला 75 किग्रा क्वार्टर फाइनल खेलेंगी।
एशियन गेम्स में आज भारत और अफगानिस्तान के बीच मेंस क्रिकेट का क्वार्टर फाइनल मैच खेला जाएगा। मुकाबला निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सुबह 10:30 बजे से शुरु होगा। हालांकि मैच के दौरान भारी बारिश की संभावना है। इसी मैदान पर पहले के दो मैच भी बारिश से धुल चुके हैं। अगर यह मुकाबला भी रद्द होता है तो बेहतर रैकिंग के आधार पर भारत सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। इस बीच सबसे बड़ा सवाल वैभव सूर्यवंशी के खेलने को लेकर है। हालांकि अफगानिस्तान सीरीज में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इसके बाद शायद ही ओपनिंग कॉम्बिनेशन में कोई बदलाव हो। 2023 गेम्स के फाइनल में खेली थी दोनों टीमें 2023 एशियन गेम्स के फाइनल में भारत और अफगानिस्तान की भिड़ंत हुई थी। पहले बैटिंग करते हुए अफगानिस्तान ने 18.2 ओवर में 5 विकेट पर 112 रन बनाए थे। तभी बारिश आ गई और आगे का खेल नहीं हो सका था। तब भारत को बेहतर टी-20 रैकिंग के आधार गोल्ड मेडल दिया गया था। भारत से कभी नहीं जीता अफगानिस्तान अफगानिस्तान की टीम भारत को टी-20 में कभी नहीं हरा पाई है। दोनों के बीच अब तक 12 मुकाबले हुए हैं। इनमें भारत ने 11 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। हाल में भारत में हुई बाइलेटरल टी-20 सीरीज में भी अफगानिस्तान को 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। ईशान और अभिषेक भारत के टॉप टी-20 बल्लेबाज ईशान किशन ने इस साल भारत के लिए सबसे ज्यादा 905 रन बनाए हैं। उन्होंने 27 मैच में 171.07 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की है। उनका बेस्ट स्कोर 103 रन है। वे इस समय टी-20 रैंकिंग में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज हैं। दूसरे नंबर पर भारत के ही अभिषेक शर्मा हैं। उन्होंने इस साल खेले 27 मैच में 743 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 204.68 रहा है। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह इस साल भारत के टॉप विकेट टेकर रहे हैं। उन्होंने 22 मैच में 30 विकेट लिए हैं। वहीं तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी अटैक की अगुवाई करेंगे। अफगानिस्तान टीम में 6 अनकैप्ड खिलाड़ी अफगानिस्तान ने राशिद खान, मोहम्मद नबी, इब्राहिम जादरान और अजमतुल्लाह उमरजई जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को एशियन गेम्स स्क्वॉड में जगह नहीं दी है। टीम में छह अनकैप्ड खिलाड़ी हैं, जबकि 5 के पास 10 से कम इंटरनेशनल मैचों का अनुभव है। दरविश रसूली और अब्दुल्लाह अहमदजई ही ऐसे दो खिलाड़ी हैं, जो हाल की भारत-अफगानिस्तान सीरीज में टीम का हिस्सा थे। रसूली और अहमदजई पर अफगानिस्तान की नजर अफगानिस्तान के कप्तान दरविश रसूली ने 2026 में 12 मैच में 285 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 134.43 रहा है। उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में अब्दुल्लाह अहमदजई स्क्वाड में शामिल खिलाड़ियों में टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने इस साल 5 मैच में 6 विकेट लिए हैं। उनकी इकोनॉमी 6.94 रही है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11 भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, वॉशिंग्टन सुंदर, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर/अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह। अफगानिस्तान: दरविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद अकरम, हसन ईसाखिल, करीम जनत, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), इस्मत आलम, नांगेयालिया खान, अब्दुल्लाह अहमदजई, फरीदून दाउदजई, अरब गुल।
टॉम बैंटन का शतक, श्रीलंका को 223 रन से रौंदकर इंग्लैंड ने 2-1 से जीती वनडे सीरीज
लंदन, 27 सितंबर (आईएएनएस)। इंग्लैंड ने रविवार को श्रीलंका के खिलाफ केनिंग्टन ओवल में खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे और अंतिम मैच को 223 रनों के विशाल अंतर से जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में 139 रन की नाबाद पारी खेलने वाले विराट कोहली ने कहा कि उनका ध्यान कभी व्यक्तिगत रिकॉर्ड या माइलस्टोन पर नहीं रहा। उन्होंने बताया कि उनके लिए टीम की जरूरत के हिसाब से खेलना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
भारत अंडर-19 ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 को पहले यूथ टेस्ट के पहले दिन 217 रन पर ऑलआउट कर दिया। भारत की ओर से ईशान ओम ने 53 रन देकर 5 विकेट लिए। तेज गेंदबाज मोहित उल्वा ने 37 रन देकर 3 विकेट चटकाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए ब्लेक कैटल ने 102 रन की पारी खेली। भारत ने दिन का खेल खत्म होने तक 1 ओवर में 8/0 रन बनाए हैं। लक्ष्य रायचंदानी 8 और सागर विर्क 0 रन पर नाबाद हैं। 27/3 के बाद कैटल-हॉलिक ने संभाला ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही। मोहित उल्वा ने हेडन बारबुलोविक और कप्तान मैथ्यू लॉफ को जल्दी आउट कर 7 रन पर दो विकेट निकाल दिए। इसके बाद ओम ने नील पटेल को 11 रन पर LBW कर दिया। ऑस्ट्रेलिया 27/3 के स्कोर पर था। इसके बाद ब्लेक कैटल और जेड हॉलिक ने पारी संभाली। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 147 रन जोड़े। कैटल ने 40वें ओवर में चौके के साथ अर्धशतक पूरा किया, जबकि हॉलिक ने 16 ओवर बाद फिफ्टी लगाई। हॉलिक के आउट होते ही ऑस्ट्रेलिया के विकेट गिरे 65वें ओवर में उल्वा ने हॉलिक को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर साझेदारी तोड़ी। हॉलिक ने 160 गेंदों पर 59 रन बनाए। इसके बाद कैटल ने अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 198 गेंदों पर 102 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। लेकिन शतक के कुछ ही देर बाद यशवर्धन चौहान ने उन्हें बोल्ड कर दिया। कैटल के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बाकी 5 विकेट सिर्फ 33 रन के अंदर गंवा दिए। ओम ने 5 बैटर्स आउट किए ईशान ओम ने ऑस्ट्रेलिया के निचले क्रम को समेट दिया। उन्होंने चार्ल्स हेंडरसन, कैसी बार्टन, स्पेंसर ग्रीन और थियो त्सिंगोस को आउट किया। ओम ने 24.5 ओवर में 5 मेडन के साथ 53 रन देकर 5 विकेट लिए। यशवर्धन चौहान को भी 2 विकेट मिले। ऑस्ट्रेलिया की पारी 86.5 ओवर में 217 रन पर खत्म हुई। ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट करने के बाद भारत ने दिन के आखिरी में एक ओवर बल्लेबाजी की। लक्ष्य राइचंदानी ने कैसी बार्टन की गेंद पर दो चौके लगाए। भारत ने 1 ओवर में 8/0 रन बनाए। ----------------------स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…कोहली बोले- 2027 में आखिरी वर्ल्ड कप खेलूंगा:ट्रॉफी के लिए सबकुछ दांव पर लगा दूंगा; वनडे में सबसे ज्यादा 54 शतक लगाने वाले बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि 2027 का वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने कहा कि वे ट्रॉफी जीतने के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाने को तैयार हैं। पूरी खबर पढ़ें…
कोहली को उनके अंदाज में खेलने दें, वे आपके लिए मैच जीतेंगे: कप्तान गिल
तिरुवनंतपुरम, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने विराट कोहली की तूफानी शतकीय पारी के दम पर रविवार को ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ 8 विकेट से जीत दर्ज की। कोहली ने 88 गेंदों में 9 छक्कों और 10 चौकों के साथ नाबाद 139 रन बनाए। सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि कोहली से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने का सबसे अच्छा तरीका है कि उन्हें उनके अंदाज में खेलने दिया जाए।
Asian Games में पदक जीतने वाले भारतीय एथलीटों को PM Narendra Modi ने सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जापान के नागोया में एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। इनमें रजत पदक विजेता एंसी सोजन, अनाहत सिंह और अभय सिंह शामिल हैं। एंसी ने महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीता जबकि हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया। अनाहत और अभय ने क्रमश: महिला और पुरुष एकल स्क्वाश में रजत पदक जीते। सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद में रजत जबकि तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलन में कांस्य पदक जीता। एंसी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि उनके ‘मजबूत और जुझारू प्रदर्शन’ से देश को बेहद खुशी हुई है। मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीतने पर एंसी सोजन को बधाई! उनका मजबूत और जुझारू प्रदर्शन देश के लिए बेहद खुशी लेकर आया है। वह आने वाले समय में भी इसी तरह बड़ी सफलताएं हासिल करती रहें।’’प्रधानमंत्री ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर भद्रा को भी बधाई दी और कहा कि उनकी उपलब्धि पर भारत को गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 200 मीटर में हरिता भद्रा का शानदार कांस्य! अपने पहले एशियाई खेलों में हिस्सा लेते हुए उन्होंने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ दौड़ लगाई और पोडियम पर स्थान हासिल किया। इस शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई। भारत को उन पर गर्व है।’’प्रधानमंत्री ने अनाहत और अभय की भी सराहना की। मोदी ने अभय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश में रजत पदक जीतने पर अभय सिंह को बधाई! उनके कौशल और दृढ़ संकल्प ने भारत को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि वर्षों से की गई उनकी कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आगे के सफर के लिए उन्हें शुभकामनाएं।’’युवा खिलाड़ी अनाहत के बारे में प्रधानमंत्री ने पोस्ट किया, ‘‘अनाहत का शानदार रजत! एशियाई खेलों में महिला एकल स्क्वाश में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने जबरदस्त कौशल का प्रदर्शन किया, खासकर कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले में। वह नई ऊंचाइयां हासिल करती रहें और भारत के लिए कई और गौरव हासिल करें।’’प्रधानमंत्री मोदी ने कुशारे और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल चौधरी की भी सराहना की। मोदी ने कुशारे के बारे में कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पुरुषों की ऊंची कूद में सर्वेश कुशारे का ऐतिहासिक रजत! शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में भारत के पांच दशक लंबे पदक के इंतजार को खत्म किया है। यह दृढ़ता और संकल्प से हासिल की गई बेहद यादगार उपलब्धि है।’’पारुल चौधरी के लिए उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतने के लिए पारुल चौधरी का शानदार प्रदर्शन! उन्होंने अपनी उपलब्धि को और खास बनाते हुए पोडियम तक पहुंचने के दौरान अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके समर्पण और दृढ़ता ने भारत को गौरवान्वित किया है। उनके आगे के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
इंग्लैंड ने तीसरे वनडे में श्रीलंका को 223 रन से हरा दिया। इसी के साथ इंग्लैंड ने 3 मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। यह श्रीलंका के खिलाफ इंग्लैंड की लगातार 5वीं वनडे सीरीज जीत है। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 355/7 बनाए। बैंटन ने 95 गेंदों पर पहला वनडे शतक पूरा किया और 126 रन की पारी खेली। हैरी ब्रूक ने 77 और जॉर्डन कॉक्स ने 76 रन बनाए। श्रीलंका की पूरी टीम 29.1 ओवर में 132 रन पर सिमट गई। लियाम डॉसन ने 3 और गस एटकिंसन ने 2 विकेट लिए। बैंटन ने पारी संभाली इंग्लैंड को दूसरे ओवर में ही झटका लगा। बेन डकेट 5 गेंद में बिना खाता खोले दिलशान मदुशंका की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद बैंटन और जो रूट ने पारी संभाली। दोनों ने टीम को 10 ओवर में 50/1 तक पहुंचाया। रूट 37 गेंद में 18 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद बैंटन ने ब्रूक के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। बैंटन ने लगातार दूसरा 50+ स्कोर बनाया और 33वें ओवर में 95 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। बैंटन और ब्रूक के बीच तीसरे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी हुई। ब्रूक ने 49 गेंदों में फिफ्टी पूरी की और 77 रन बनाए। बैंटन 38वें ओवर में 126 रन बनाकर आउट हुए। आखिरी 10 ओवर में 104 रन 40 ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर 251/4 था। इसके बाद जॉर्डन कॉक्स ने तेजी से रन बनाए। उन्होंने 42 गेंदों में फिफ्टी पूरी की और 76 रन की पारी खेली। विल जैक्स और जेमी ओवरटन ने भी तेज रन जोड़े। इंग्लैंड ने आखिरी 10 ओवर में 104 रन बनाए, जिसमें अंतिम 5 ओवर में 57 रन आए। टीम 355/7 तक पहुंच गई। श्रीलंका की खराब शुरुआत 356 रन का पीछा करते हुए श्रीलंका के ओपनर पथुम निसांका सिर्फ 1 रन बनाकर सोनी बेकर की गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच हुए। कुसल मेंडिस ने 26 गेंदों पर 35 रन बनाकर कुछ तेजी दिखाई। लेकिन गस एटकिंसन ने उन्हें आउट कर किया। इसके बाद कामिंदु मेंडिस भी एटकिंसन की गेंद पर आउट हो गए। पवन रत्नायके और चरिथ असलंका ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन रनआउट ने यह साझेदारी तोड़ दी। अगले ओवर में असलंका 7 रन बनाकर आउट हो गए। 17वें ओवर में श्रीलंका 82/6 पर पहुंच गया था। डॉसन ने निचला क्रम समेटा लियानगे ने कुछ आक्रामक शॉट खेले, लेकिन उन्हें भी ज्यादा देर टिकने का मौका नहीं मिला। डॉसन ने दुनिथ वेलालगे और असिथा फर्नांडो को आउट किया। ईशान मलिंगा ने कुछ बाउंड्री जरूर लगाईं, लेकिन जैक्स ने उन्हें भी पवेलियन भेज दिया। श्रीलंका की पारी 29.1 ओवर में 134 रन पर खत्म हुई। डॉसन ने 3/26 और एटकिंसन ने 2/26 के आंकड़े दर्ज किए।
साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे वनडे में 32 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने 3 मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। तीसरा वनडे 30 सितंबर को सेनवेस पार्क में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 365/9 का स्कोर बनाया। डेविड मिलर ने 142 और कप्तान टेम्बा बावुमा ने 103 रन की पारी खेली। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 156 रन की साझेदारी हुई। जवाब में ऑस्ट्रेलिया 49.4 ओवर में 333 रन पर ऑलआउट हो गया। मिचेल मार्श और ट्रैविस हेड ने 84-84 रन बनाए। मिलर ने 73 गेंदों में शतक लगाया साउथ अफ्रीका की शुरुआत खराब रही। ऐडन मार्करम पहली ही गेंद पर आउट हो गए। क्विंटन डी कॉक भी 36 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इसके बाद बावुमा और मैथ्यू ब्रीट्जके ने पारी को संभाला, लेकिन ब्रीट्जके 30 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद मिलर क्रीज पर आए और बावुमा के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 156 रन जोड़े। बावुमा ने 112 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह उनके घरेलू मैदान पर पहला वनडे शतक था। मिलर ने सिर्फ 73 गेंदों में सेंचुरी पूरी की। इसके बाद उन्होंने अगले 20 गेंदों में 39 रन जोड़कर स्कोर को 300 के पार पहुंचाया। उनकी 142 रन की पारी वनडे करियर की सबसे बड़ी पारी रही। मार्श-हेड ने 130 रन जोड़े 366 रन का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने तेज शुरुआत की। मिचेल मार्श और ट्रैविस हेड ने पहले विकेट के लिए 130 रन जोड़े। दोनों ने पावरप्ले में ही 77 रन बना दिए थे। मार्श ने 32 गेंदों में फिफ्टी पूरी की और 84 रन बनाए। हेड ने 55 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 84 रन की पारी खेली। इसके बाद फोर्टुइन ने मार्श को बोल्ड किया, जबकि ऐडन मार्करम ने हेड को LBW आउट किया। स्पिनर्स ने बीच के ओवरों में मैच पलटा हेड के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया का रनरेट कम हो गया। केशव महाराज, ब्योर्न फोर्टुइन और ऐडन मार्करम ने मिलकर 5 विकेट लिए और ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रेलिया ने 17वें से 40वें ओवर के बीच 121 रन के अंदर 6 विकेट गंवा दिए। इसके बाद आखिरी 10 ओवर में उसे 113 रन की जरूरत थी। जैक एडवर्ड्स और जेवियर बार्टलेट ने 61 रन की साझेदारी कर ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें जगाईं। बार्टलेट ने 26 गेंदों में फिफ्टी पूरी की, लेकिन उनके आउट होते ही ऑस्ट्रेलिया की पारी लड़खड़ा गई। टीम 49.4 ओवर में 333 रन पर ऑलआउट हो गई। एलिस की चोट से ऑस्ट्रेलिया को झटका ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख गेंदबाज नाथन एलिस भी मैच में चोटिल हो गए। उन्होंने सिर्फ 4 ओवर गेंदबाजी की और साइड स्ट्रेन के कारण मैदान से बाहर चले गए। पिंक डे पर साउथ अफ्रीका 10वीं बार जीता जोहान्सबर्ग में मुकाबला पिंक डे के तहत खेला गया। यह आयोजन ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता और इलाज के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से किया जाता है। यह इसका 14वां संस्करण था और साउथ अफ्रीका ने इनमें से 10 मुकाबले जीते हैं।
Virat Kohli और Gill के शतक, पहले ODI में भारत ने West Indies को 8 विकेट से दी मात
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (नाबाद 139 रन) और कप्तान शुभमन गिल (110 रन) ने 50 ओवर के प्रारूप में अपनी महारत का प्रदर्शन करते हुए शानदार शतक जड़े जिससे भारत ने रविवार को यहां पहले वनडे में वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर तीन मैच की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली। कोहली ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 10 चौके और नौ छक्के जड़े। उन्होंने और गिल ने दूसरे विकेट के लिए 150 रन जोड़कर मेजबान टीम को 296 रन का लक्ष्य 41.4 ओवर में दो विकेट पर 300 रन बनाकर हासिल करने में मदद की। वेस्टइंडीज के लिए भी जस्टिन ग्रीव्स (101 रन) ने शतक जड़ा लेकिन कुलदीप यादव के शानदार चार विकेट के स्पेल से पहले ही यह फीका पड़ गया। गिल ने अपना 10वां वनडे शतक जड़ा जबकि कोहली ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को धुनते हुए अपना 55वां शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 86वां शतक पूरा किया। इसके अलावा कोहली वनडे में सचिन तेंदुलकर के बाद 15000 रन बनाने वाले इतिहास के दूसरे बल्लेबाज भी बन गए। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (32 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 75 रन बनाने के बाद कोहली के साथ गिल की पारी और निखर गई। गिल ने 11 रन पर मिले जीवनदान का पूरा फायदा उठाया। स्थानापन्न खिलाड़ी कीमो पॉल ने जेडन सील्स की गेंद पर उनका कैच छोड़ दिया जिसके बाद भारतीय कप्तान ने 49 गेंदों में 50 रन बनाए और अगले 50 रन 47 गेंदों में पूरे किए। इस दौरान कई खूबसूरत शॉट्स की फेहरिस्त देखने को मिली जिसमें अल्जारी जोसफ की गेंदों पर स्क्वायर कट और कवर के बीच, सील्स की गेंद पर स्क्वायर कट और स्पिनर गुडाकेश मोती के खिलाफ छक्के और चौके शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर, कोहली ने वही किया जो वह इन सभी वर्षों से करते आए हैं। उन्होंने तेज दौड़ लगाकर रन जुटाए और फिर बेहरतीन शॉट्स की झड़ी लगादी। उनकी पारी में एकमात्र गलत शॉट जोसफ की गेंद पर था जो विकेटकीपर के सिर के ऊपर से छक्के के लिए चला गया। जल्द ही बेहतरीन स्तर के शॉट्स की बौछार होने लगी और जोसफ को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने लगातार तीन चौके और बाद में मैदान के बीच से एक छक्का लगाकर 40 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। थके हुए दिख रहे गिल तब आउट हुए जब रोस्टन चेज की गेंद पर स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश में कैच डीप में खड़े ज्वेल एंड्रयू ने लपक लिया। लेकिन 37 वर्षीय खिलाड़ी कोहली ने जल्द ही केवल 74 गेंद में शतक पूरा कर लिया। इसके बाद ग्रीनफील्ड स्टेडियम कोहली के नारों और प्रशंसा की गूंज से भर गया। दिल्ली के इस खिलाड़ी ने मोती की गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से जोरदार छक्का लगाकर 94 रन से सीधे तीन अंकों का आंकड़ा छुआ। इससे पहले कुलदीप (40 रन देकर चार विकेट) की शानदार गेंदबाजी से भारत ने ग्रीव्स के शतक के बावजूद वेस्टइंडीज को सात विकेट पर 295 रन ही बनाने दिए। ग्रीव्स और उनके सलामी जोड़ीदार जॉन कैंपबेल (62 रन, 60 गेंद) ने 19.2 ओवर में 135 रन जोड़े जिससे वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने की स्थिति में दिख रहा था। लेकिन कुलदीप ने ऐसी पिच पर कुछ जादू बिखेरा जिसने स्पिनरों को थोड़ी मदद दी और विंडीज बल्लेबाजों के रनों की रफ्तार पर लगाम लगा दी। बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप ने अपनी चतुराई का भी शानदार परिचय दिया। कैंपबेल को ऑफ-स्टंप के बाहर दो वाइड गेंदों से असमंजस में रखने के बाद कुलदीप ने एक गेंद फुल गेंद डाली और बाएं हाथ के बल्लेबाज का गलत टाइम किया हुआ स्वीप शॉट मिड-ऑन पर प्रसिद्ध कृष्णा के हाथों में चला गया। भारत के लिए यह बड़ी राहत थी क्योंकि कैंपबेल अच्छी लय में दिख रहे थे। कैंपबेल ने 49 गेंद में अर्धशतक लगाने से पहले रविंद्र जडेजा पर एक चौका और दो छक्के लगाए थे। कुलदीप ने जल्द ही शाई होप को आउट करके एक और बड़ा झटका दिया। वेस्टइंडीज के कप्तान कुलदीप की लाइन में बदलाव से चकमा खा गए और गेंद को जडेजा के हाथों में उछाल बैठे। शतकवीर ग्रीव्स और ज्वेल एंड्रयू लगातार गेंदों पर कुलदीप का शिकार बने। अचानक वेस्टइंडीज का स्कोर एक विकेट पर 176 रन से पांच विकेट पर 198 रन तक पहुंच गया। अमीर जांगू (नाबाद 58 रन) ने छठे विकेट के लिए रोस्टन चेज के साथ 48 रन और सातवें विकेट के लिए मैथ्यू फोर्ड के साथ 38 रन की साझेदारियां करके टीम को 300 के करीब पहुंचाया। जांगू के पुल शॉट देखने लायक थे जिन्होंने कुछ मौकों पर तेज गेंदबाज प्रसिद्ध की गेंदों को धुना। ग्रीव्स ने चारों ओर कुछ बेहतरीन शॉट खेले जिससे वेस्टइंडीज ने पहले 20 ओवर के हिस्से में छह रन प्रति ओवर से अधिक की दर से रन बनाए। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 42 गेंदों में अपना अर्धशतक और बाद में 104 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। भारत को निश्चित रूप से जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों की कमी महसूस हुई जो एशियाई खेलों के लिए जापान में हैं। वहीं वरुण चक्रवर्ती भी चोट से उबर रहे हैं।
Kylian Mbappe बाएं घुटने की चोट के कारण Nations League के 3 मैचों से बाहर
फ्रांस के कप्तान और स्टार फुटबॉलर किलियन एमबाप्पे को तुर्किये के खिलाफ मुकाबले में बाएं घुटने में चोट लगी है। उनके क्लब रियल मैड्रिड ने शनिवार को जांच के बाद बताया कि एमबाप्पे के बाएं घुटने के पिछले हिस्से में हाइपरएक्सटेंशन की समस्या सामने आई है। हालांकि, अभी उनकी चोट को गंभीर नहीं बताया गया है और स्पेन में घरेलू मुकाबले शुरू होने तक उनके फिट होने की उम्मीद बनी हुई है। एमबाप्पे ने शुक्रवार को तुर्किये के खिलाफ फ्रांस की 1-0 की जीत में टीम के लिए एकमात्र गोल किया था। यह फ्रांस की ओर से उनका 67वां गोल था। कोकेली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान गोल करने के कुछ ही देर बाद उन्हें परेशानी महसूस हुई। उनके साथी खिलाड़ी गोल का जश्न मनाने के लिए उनके पास पहुंचे, लेकिन एमबाप्पे दर्द के कारण परेशान नजर आए। मौजूद जानकारी के अनुसार, एमबाप्पे ने उपचार मिलने के बाद कुछ देर तक मैदान पर बने रहने की कोशिश की। हालांकि, बाद में वह मैदान पर ही बैठ गए और अपने बाएं घुटने के बाहरी हिस्से को छूकर उसकी स्थिति देखने लगे। इसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा और उनकी जगह देजिरे डुए ने खेल संभाला। रियल मैड्रिड ने शनिवार को एमबाप्पे की जांच की। क्लब के मुताबिक, उनके बाएं घुटने के पिछले हिस्से की नसों और आसपास के हिस्से में खिंचाव से जुड़ी समस्या सामने आई है। क्लब ने फिलहाल उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। फ्रांस के नए कोच जिनेदिन जिदान ने भी साफ किया कि टीम एमबाप्पे को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। उन्होंने अगले 10 दिनों में होने वाले 3 नेशंस लीग मुकाबलों के लिए एमबाप्पे को टीम से दूर रखने का फैसला किया है। फ्रांस को सोमवार को बेल्जियम के दौरे पर जाना है। इसके बाद 2 और 5 अक्टूबर को स्टेड डी फ्रांस में इटली और बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले खेले जाने हैं। गौरतलब है कि एमबाप्पे के लिए अब सबसे बड़ा सवाल क्लब स्तर पर वापसी को लेकर है। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के बाद रियल मैड्रिड को 10 अक्टूबर को विलारियल के खिलाफ खेलना है। घुटने की चोट को देखते हुए उस मुकाबले में एमबाप्पे की वापसी जल्दी हो सकती है। हालांकि, स्पेन के समाचार पत्र एएस की रिपोर्ट के अनुसार, उनका लक्ष्य 25 अक्टूबर को बार्सिलोना के खिलाफ होने वाले क्लासिको तक पूरी तरह फिट होना हो सकता है। एमबाप्पे इस समय रियल मैड्रिड के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और फ्रांस के लिए भी उनकी भूमिका बेहद अहम है। ऐसे में क्लब और राष्ट्रीय टीम दोनों ही उनकी वापसी में जल्दबाजी से बचते हुए पूरी तरह फिट होने पर ध्यान दे रहे हैं।
पहला वनडे : तिरुवनंतपुरम में कोहली का विस्फोटक शतक, भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा
भारत ने विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल की शतकीय पारियों के दम पर वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार को खेले गए वनडे सीरीज के पहले मैच में 8 विकेट से जीत हासिल की। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले को अपने नाम करते हुए मेजबान देश ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है।
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतने के बाद, भारत की एंसी सोजन ने अपनी साधारण शुरुआत और ऑटो ड्राइवर पिता द्वारा किए गए त्याग को याद किया।
शुभमन गिल का धमाका, वेस्टइंडीज के खिलाफ जड़ा 10वां ODI शतक, हाशिम अमला की कर ली बराबरी
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शानदार शतक जड़ा। उन्होंने पारी का आगाज करते हुए 110 रनों की पारी खेली।
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में विराट कोहली ने शानदार शतक जड़कर इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 86 शतक पूरे कर लिए। यह उनका ODI क्रिकेट में 55वां शतक है।
Asian Games एथलेटिक्स में Sarvesh Kushare और Ancy Sojan को रजत, भारत ने 5 पदक जीते
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाईं लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जिससे देश ने एथलेटिक्स में पांच पदक अपनी झोली में डाले। डेकाथलीट तेजस्विन शंकर, पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में और 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीता जिससे मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत के एथलेटिक्स में कुल पदकों की संख्या 13 (छह रजत, सात कांस्य) हो गई। लगातार दूसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। प्रतियोगिता खत्म होने में दो दिन बचे हैं लेकिन भारत की 75 सदस्यीय मजबूत एथलेटिक्स टीम को अब भी स्वर्ण की तलाश में है। ट्रैक एवं फील्ड में रविवार को पांच पदक के साथ भारत के कुल 37 पदक हो गए हैं जिसमें चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। निराश एंसी ने कहा, ‘‘ दो सेंटीमीटर से चूकने का थोड़ा दुख है। आखिरी क्षण तक मैं स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में थी। लेकिन किस्मत कुछ और थी। आज मेरा दिन नहीं था। एंसी के नाम 6.88 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन एक बात के लिए मैं खुश हूं। यह मेरे दूसरे एशियाई खेल हैं और दोनों में मैं पदक विजेता हूं। यह मेरे लिए अंत नहीं है। मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगी। ’’हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि ऐसे खेल चार साल बाद आते हैं। आप कभी नहीं जानते कि चार साल में क्या होगा। ’’कुशारे चीन में हुए पिछले चरण में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था, इसलिए मैं स्वर्ण जीतना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं कर सका। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि पदक आया है। इससे आगे बढ़ने में मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा। ’’डेकाथलीट शंकर ने पिछले चरण में जीते रजत पदक में एक कांस्य पदक और जोड़ दिया। उन्होंने दो दिनों तक चली इस कठिन 10 खेलों की स्पर्धा में 7934 अंक जुटाए। जापान के मारुयामा ने 8123 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जबकि चीन के चेन एक्स ने 8012 अंक जुटाकर रजत पदक जीता। शंकर ने कहा, ‘‘यह कांस्य जीतने से ज्यादा रजत हारने जैसा था। ’’उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 8057 अंकों का है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस साल डेकाथलॉन की चार प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। मैं 30 जनवरी से लगातार यही कर रहा हूं लेकिन किसी को दोष नहीं दे रहा। मुझे यह करना ही था और मुझे वह प्रदर्शन हासिल करना था। ’’पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। अन्य स्पर्धाओं में लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। श्रीशंकर ने 7.84 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर क्वालीफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया जबकि सोलोमन की 7.62 मीटर की छलांग ने उन्हें सातवें स्थान पर रखा और दोनों ने पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष ने 49.61 सेकंड के समय के साथ शुरुआती हीट में दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हालांकि दूसरी हीट में प्रतिस्पर्धा कर रहे यशस पलाक्षा ने पहली बाधा पार करने से पहले ही दौड़ रोक दी और दौड़ पूरी नहीं कर सके। दोनों भारतीय महिलाएं अपनी-अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ में स्वतः आगे बढ़ गईं। विथ्या ने 55.73 सेकेंड का समय दर्ज किया जबकि अनु ने 55.84 सेकेंड का समय लिया।
Arjun Erigaisi की जीत और Savitha Shri के Draw से भारत ने Chess Olympiad में जीते दो पदक
भारत की महिला और पुरुष शतरंज टीमों ने समरकंद में खेले गए शतरंज ओलंपियाड का शानदार अंदाज में समापन किया है। महिला टीम ने कांस्य पदक हासिल किया, जबकि पुरुष टीम रजत पदक जीतने में सफल रही। आखिरी दौर में दोनों टीमों को कड़े मुकाबलों का सामना करना पड़ा, लेकिन निर्णायक मौकों पर खिलाड़ियों ने धैर्य दिखाते हुए भारत की पदक की उम्मीदों को कायम रखा। महिला टीम के लिए आखिरी दौर की सबसे अहम कहानी साविता श्री की रही। भारत का मुकाबला जॉर्जिया से था और एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम पदक की दौड़ से बाहर हो सकती है। कोनेरू हम्पी ने सिर्फ 24 चाल में जीत दर्ज कर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन दिव्या देशमुख को हार का सामना करना पड़ा। वंतिका अग्रवाल का मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिससे चौथे बोर्ड पर साविता की बाजी बेहद महत्वपूर्ण हो गई। साविता के लिए यह मुकाबला आसान नहीं था। काले मोहरों से खेलते हुए वह मेरी अरबिद्जे के खिलाफ दबाव में थीं। अरबिद्जे के मोहरे लगातार सक्रिय होते गए और साविता के राजा को भी कई बार मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया। करीब 83 चाल तक चली बाजी में साविता ने लगातार सटीक बचाव किया और आखिरकार मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ। इस नतीजे के साथ भारत ने जॉर्जिया को 2-2 से बराबरी पर रोका और महिला वर्ग में 17 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष वर्ग में अर्जुन एरिगैसी ने आखिरी दौर में भारत के लिए अहम जीत हासिल की। हंगरी के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने अनुभवी पीटर लेको को हराया। लंबी बाजी में एरिगैसी ने आखिर में अपने वजीर और ऊंट के जरिए हमला तैयार किया और निर्णायक स्थिति में हाथी का बलिदान देकर लेको के राजा को घेर लिया। इसके बाद लेको ने बाजी छोड़ दी। अर्जुन की जीत के साथ प्रज्ञानानंद और निहाल सरीन की बाजियां बराबरी पर रहीं, जबकि डी गुकेश को ग्लेब दुडिन से हार मिली। भारत और हंगरी का मुकाबला 2-2 से बराबर रहा। भारत के 18 अंक रहे और जर्मनी के भी इतने ही अंक थे, लेकिन टाईब्रेक में भारत का स्कोर 405.5 रहा, जबकि जर्मनी का 386.5 अंक था। इस आधार पर भारत ने रजत पदक जीता। उज्बेकिस्तान 20 अंकों के साथ स्वर्ण पदक पर रहा।
एशियन गेम्स: अभय-अनाहत का कमाल, भारत ने स्क्वॉश में जीते 2 सिल्वर मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए रविवार का दिन मिला-जुला रहा. जहां एक तरफ बैडमिंटन कोर्ट से निराशाजनक खबर आई, वहीं दूसरी तरफ स्क्वॉश और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ाया. स्क्वॉश के सिंगल्स मुकाबलों में भारत को दोहरी और ऐतिहासिक सफलता हासिल हुई है. पुरुष और महिला एकल वर्ग के फाइनल मुकाबलों में भारत के अभय सिंह और अनाहत सिंह ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किए.
Asian Games में Tejaswin Shankar ने जीता Decathlon Bronze, 1500m दौड़ में पहला स्थान
अयाची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए रविवार का दिन कई उतार-चढ़ाव वाला रहा। तेजस्विन शंकर ने दो दिनों तक चले कठिन डेकाथलॉन मुकाबले का अंत 1500 मीटर दौड़ जीतकर किया और कुल 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 1500 मीटर में उन्होंने 4:33.09 का समय निकाला और जापान के युमा मारुयामा को पीछे छोड़ा। हालांकि, अंतिम दौड़ जीतने के बावजूद तेजस्विन स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके। जापान के युमा मारुयामा ने पहले के मुकाबलों में हासिल बढ़त के दम पर कुल 8,123 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीता। चीन के शिंगहुआ चेन ने अंतिम दौड़ में तीसरा स्थान हासिल किया और कुल अंकों के आधार पर रजत पदक अपने नाम किया। बता दें कि डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग स्पर्धाएं होती हैं और खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं। तेजस्विन ने इनमें से 3 स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लंबी कूद, ऊंची कूद और 1500 मीटर में जीत दर्ज की। दो दिन तक चले इस मुकाबले में लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। तेजस्विन का कांस्य भारत के लिए इन एशियाई खेलों का 35वां पदक रहा। इसके साथ भारत की पदक संख्या 4 स्वर्ण, 15 रजत और 16 कांस्य तक पहुंच गई। एथलेटिक्स में यह भारत का 11वां पदक है। हालांकि, ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारत अभी भी अपने पहले स्वर्ण पदक का इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि रविवार को एथलेटिक्स में भारत के लिए अंसी सोजन ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह स्वर्ण पदक से सिर्फ 2 सेंटीमीटर दूर रह गईं। महिलाओं की लंबी कूद में अंसी ने 5वें प्रयास में 6.53 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन चीन की यिंगयिंग हुआंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर उनसे स्वर्ण छीन लिया। अंसी की आखिरी छलांग 6.49 मीटर रही और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत की शाइली सिंह भी पदक की दौड़ में थीं, लेकिन अंतिम प्रयास में चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग लगाकर उन्हें पीछे कर दिया। शाइली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6.42 मीटर रहा और वह चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने जापान की अबिगेइरुफुका इदो को सिर्फ 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। इंडोनेशिया की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन की युजी चेन ने 22.93 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ 6वें स्थान पर रहीं। इस तरह एथलेटिक्स में एक ही दिन भारत को कई अहम पदक मिले, लेकिन स्वर्ण पदक की तलाश जारी रही। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा में जीत के साथ अपना अभियान पदक के साथ खत्म किया है।
टेम्बा बावुमा ने मचाया तहलका, ODI में शतक ठोकने वाले बने सबसे उम्रदराज साउथ अफ्रीकी कप्तान
साउथ अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे ODI में बल्ले से शानदार पारी खेली। टेम्बा बावुमा ने 112 गेंदों में शतक जड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।
एशियन गेम्स: 'आखिरी पॉइंट तक हार नहीं मानना चाहती थी', ऐतिहासिक सिल्वर के बाद अनाहत ने कहा
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने के बाद कहा कि वह आखिरी पॉइंट तक लड़ना चाहती थीं, भले ही मलेशिया की डिफेंडिंग चैंपियन एस. शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने उन्हें काफी पीछे धकेल दिया था।
सर्वेश कुशारे ने रचा इतिहास, एशियन गेम्स में खत्म किया 56 साल का सूखा, हाई जंप में जीता सिल्वर मेडल
एशियन गेम्स 2026 में संडे का दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए शानदार रहा। सर्वेश कुशारे ने मेन्स हाई जंप में सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले एन्सी सोजन ने महिला लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
Asian Games में गोल्ड से बस एक छलांग दूर थीं Ancy Sojan, चीन की खिलाड़ी ने आखिरी दांव से मारी बाजी
एशियन गेम्स में भारत की एंसी सोजन रविवार को महिलाओं की लंबी कूद में स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंचीं, लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने आखिरी शानदार प्रयास से उनसे सोना छीन लिया। सोजन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, शाइली सिंह चौथे स्थान पर रहीं। आखिरी प्रयास में बदला पूरा नतीजा एंसी सोजन ने फाइनल में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखी। अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने 6.53 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। यह प्रदर्शन उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के लिए काफी मजबूत नजर आ रहा था। लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर सोजन को पीछे छोड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस तरह सोजन की 6.53 मीटर की छलांग उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रही। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास शाइली सिंह पदक से चूकीं भारत की शाइली सिंह भी लंबी कूद के फाइनल में उतरीं, लेकिन वह पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं। उन्होंने 6.42 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और चौथे स्थान पर रहीं। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक जीता। 200 मीटर में हरिता भद्रा ने जीता कांस्य महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में भी भारत को पदक मिला। हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। हरिता ने जापान की इडो अबिगेइरुफुका को सिर्फ 0.01 सेकंड से पीछे छोड़ा। जापान की खिलाड़ी ने 23.21 सेकंड में दौड़ पूरी की। सिंगापुर की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। भारत की दूसरी फाइनलिस्ट उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज दो स्पर्धाओं में भारत के खाते में दो पदक महिलाओं की लंबी कूद और 200 मीटर की इन दो स्पर्धाओं से भारत को एक रजत और एक कांस्य पदक मिला। लंबी कूद में एंसी सोजन ने रजत पदक जीता, जबकि हरिता भद्रा ने 200 मीटर में कांस्य अपने नाम किया।
Asian Games में भारत की झोली में आए दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
यूक्रेन को हराकर चेक रिपब्लिक ने 12वीं बार जीता बिली जीन किंग कप का खिताब
कैरोलिना मुचोवा और लिंडा नोस्कोवा की जीत ने चेक रिपब्लिक को 6 साल बाद फिर से बिली जीन किंग कप 2026 का चैंपियन बना दिया।
Kuldeep Yadav के 4 विकेट से भारत ने West Indies को 295 रन पर रोका
जस्टिन ग्रीव्स (101 रन) के शतक के बावजूद भारत ने कुलदीप यादव (40 रन देकर चार विकेट) की शानदार गेंदबाजी के दम पर रविवार को यहां पहले वनडे में वेस्टइंडीज को सात विकेट पर 295 रन ही बनाने दिए। ग्रीव्स और उनके सलामी जोड़ीदार जॉन कैंपबेल (62 रन, 60 गेंद) ने 19.2 ओवर में 135 रन जोड़े जिससे वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने की स्थिति में दिख रहा था। लेकिन कुलदीप ने ऐसी पिच पर कुछ जादू बिखेरा जिसने स्पिनरों को थोड़ी मदद दी और विंडीज बल्लेबाजों के रनों की रफ्तार पर लगाम लगा दी। बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप ने अपनी चतुराई का भी शानदार परिचय दिया। कैंपबेल को ऑफ-स्टंप के बाहर दो वाइड गेंदों से असमंजस में रखने के बाद कुलदीप ने एक गेंद फुल गेंद डाली और बाएं हाथ के बल्लेबाज का गलत टाइम किया हुआ स्वीप शॉट मिड-ऑन पर प्रसिद्ध कृष्णा के हाथों में चला गया। भारत के लिए यह बड़ी राहत थी क्योंकि कैंपबेल अच्छी लय में दिख रहे थे। कैंपबेल ने 49 गेंद में अर्धशतक लगाने से पहले रविंद्र जडेजा पर एक चौका और दो छक्के लगाए थे। कुलदीप ने जल्द ही शाई होप को आउट करके एक और बड़ा झटका दिया। वेस्टइंडीज के कप्तान कुलदीप की लाइन में बदलाव से चकमा खा गए और गेंद को जडेजा के हाथों में उछाल बैठे। शतकवीर ग्रीव्स और ज्वेल एंड्रयू लगातार गेंदों पर कुलदीप का शिकार बने। अचानक वेस्टइंडीज का स्कोर एक विकेट पर 176 रन से पांच विकेट पर 198 रन तक पहुंच गया। अमीर जांगू (नाबाद 58 रन) ने छठे विकेट के लिए रोस्टन चेज के साथ 48 रन और सातवें विकेट के लिए मैथ्यू फोर्ड के साथ 38 रन की साझेदारियां करके टीम को 300 के करीब पहुंचाया। जांगू के पुल शॉट देखने लायक थे जिन्होंने कुछ मौकों पर तेज गेंदबाज प्रसिद्ध की गेंदों को धुना। इससे पहले ग्रीव्स ने चारों ओर कुछ बेहतरीन शॉट खेले जिससे वेस्टइंडीज ने पहले 20 ओवर के हिस्से में छह रन प्रति ओवर से अधिक की दर से रन बनाए। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 42 गेंदों में अपना अर्धशतक और बाद में 104 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। भारत को निश्चित रूप से जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ियों की कमी महसूस हुई जो एशियाई खेलों के लिए जापान में हैं। वहीं वरुण चक्रवर्ती भी चोट से उबर रहे हैं।
Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज
भारत की एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की महिला लंबी कूद स्पर्धा में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एंसी 6.53 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ के फाइनल में 23.20 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। भद्रा जापान की इडो अबिगेइरुफुका से ठीक आगे तीसरे स्थान पर रहीं। इडो ने 23.21 सेकेंड का समय लिया। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह को महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने अपने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की कूद के साथ भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र के सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड के समय से स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय से रजत पदक जीता। फाइनल में शामिल दूसरी भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।
बॉक्सर नरेंद्र पहुंचे सेमीफाइनल में
निशियो, भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने रविवार को क्वार्टर फाइनल में अथापोंग सेंगटेप को शिकस्त देकर पुरुषों के 90+ किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बना ली। इसी के साथ नरेंद्र ने अपना मेडल सुनिश्चित कर लिया है। दूसरी तरफ, पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन सिवाच को जापान के शुनसुके कितामोटो से हार का सामना करना पड़ा।
भारत बनाम वेस्टइंडीज: कैंपबेल-ग्रीव्स के बीच शतकीय साझेदारी, कैरेबियन टीम ने बनाए 295 रन
तिरुवनंतपुरम, 27 सितंबर (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज ने सलामी जोड़ी के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत के सामने वनडे सीरीज के पहले मैच में जीत के 296 रन का विशाल लक्ष्य रखा है। यह मुकाबला रविवार को ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है।
एन्सी सोजन के हाथ से फिसला लॉन्ग जंप में गोल्ड, 2cm से चीन ने मारी बाजी, सिल्वर से करना पड़ा संतोष
एशियन गेम्स 2026 के महिला लॉन्ग जंप फाइनल में भारत की एन्सी सोजन ने 6.53 मीटर की छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता। एन्सी के पास गोल्ड जीतने का मौका था, लेकिन चीन की एथलीट ने कमाल करते हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
हरिता ने 200 मीटर दौड़ में जीता ब्रॉन्ज
नागोया, भारत ने रविवार को एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 में स्प्रिंट इवेंट्स का समापन महिलाओं और पुरुषों की 200 मीटर फाइनल में अलग-अलग नतीजों के साथ किया। एक ओर, हरिता भद्रा ने कड़े मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि अनिमेष कुजूर पुरुषों की रेस में पांचवें स्थान पर रहे।
श्रेयस अय्यर : एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना बहुत जरुरी है
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम को सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना है। मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि हम किसी भी टीम को कम नहीं आंक रहे। हमारा लक्ष्य गोल्ड जीतना है।
महिला बॉक्सर परवीन ने जीता मेडल : एशियन गेम्स
निशियो, भारतीय महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने रविवार को 65 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की नवबखोर खमिदोवा को 5-0 से मात दी। निशियो जिम्नेजियम में इस जीत के साथ परवीन ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग का दूसरा मेडल सुनिश्चित किया।
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने रविवार को एशियन गेम्स आइची-नागोया 2026 में स्प्रिंट इवेंट्स का समापन महिलाओं और पुरुषों की 200 मीटर फाइनल में अलग-अलग नतीजों के साथ किया। एक ओर, हरिता भद्रा ने कड़े मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जबकि अनिमेष कुजूर पुरुषों की रेस में पांचवें स्थान पर रहे।
अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीता, रचा इतिहास
नागोया, भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।
Asian Games Squash: Anahat Singh और अभय सिंह फाइनल में हारे, भारत को मिला रजत
(अजय मसंद)नागोया, 27 सितंबर भारत का स्क्वाश में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा जब अनाहत सिंह और अभय सिंह को रविवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 44 मिनट में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए। अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली। इस नतीजे का मतलब है कि अनाहत और अभय दोनों 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अब भारतीय खिलाड़ियों को क्वालीफाई करने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। स्क्वाश में किसी भी भारतीय ने अब तक व्यक्तिगत वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक नहीं जीता है। सौरव घोषाल भी दो बार इसके करीब पहुंचे थे लेकिन उन्हें भी 2014 के इंचियोन और 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। यो और शिवासांगरी दोनों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले शुरुआती दो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। दोनों ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया। विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में की गई वापसी को दोहरा नहीं सकीं। अनाहत-सातोमी सेमीफाइनल को करीब से देखने वाली शिवासांगरी स्पष्ट रणनीति के साथ उतरीं और उसे पूरी तरह से अमल में भी लाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रमण के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि अनाहत के लिए यह अभियान यादगार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले 26वीं रैंकिंग वाले अभय भी दुनिया के 18वें नंबर के यो को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। यो ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह अभय की मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठवीं हार है। अभय ने कहा, ‘‘आज के प्रदर्शन से निराश हूं लेकिन अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करता हूं। आज वह मेरे से बेहतर था और जीत का हकदार था। उसने खेल के हर पहलू में अच्छा प्रदर्शन किया। उसका अनुभव काम आया। वह इससे पहले एशियाई खेलों के फाइनल में खेल चुका है इसलिए मुझे लगता है कि इससे थोड़ा फर्क पड़ा।’’अभय के लिए यह हार बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने का सबक भी रही। उन्होंने कहा, ‘‘बड़े मुकाबलों में उसका संयम सीखने लायक है। हर जीत या हार एक सबक होती है जिसे घर वापस ले जाना होता है और मैं भी यही करूंगा।’’अभय के पास इस निराशा पर ज्यादा समय तक विचार करने का वक्त नहीं है क्योंकि उनकी नजरें लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय ज्यादा कुछ कहना थोड़ा मुश्किल है लेकिन उस स्थान के लिए अभी एक और मौका है। उम्मीद है कि चीजें सही दिशा में जाएंगी और मैं उसे हासिल कर पाऊंगा।’’भारत को टीम स्पर्धाओं में भी पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी।
Asian Games में बाधा दौड़ धावक Yashas Palaksha चोट के कारण हीट से बाहर
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारत के ट्रैक एवं फील्ड के चोटिल खिलाड़ियों की सूची रविवार को उस समय और लंबी हो गई जब 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी यशस पलाक्षा अपनी हीट (शुरुआती दौर) के बीच में ही हट गए। इससे इन खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया और इसके लिए जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यशस ने 10 सितंबर को नयी दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा नहीं लिया था जिसमें एशियाई खेलों के लिए चुने गए लगभग सभी खिलाड़ियों ने भाग लिया था। उस समय अटकलें थीं कि यशस चोट से जूझ रहे हैं। महिला 100 मीटर बाधा दौड़ की ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल ने भी नयी दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। दोनों ने शनिवार को चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने का फैसला किया। याराजी घुटने की समस्या से जूझ रही थीं जबकि चित्रावेल पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशान थे। हालांकि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने उनके कोचों द्वारा फिटनेस का आश्वासन दिए जाने और चिकित्सा प्रमाणपत्र दिखाए जाने के बाद दोनों को खेलने की मंजूरी दे दी थी। रविवार को यशस 400 मीटर बाधा दौड़ की हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही पैर की मांसपेशियों में संभावित चोट के कारण दौड़ से हट गए जिसके कारण उनका परिणाम डीएनएफ (दौड़ पूरी नहीं की) रहा। भारतीय टीम के एक कोच ने पीटीआई से कहा, ‘‘टीम के डॉक्टरों ने उनकी चोट का आकलन किया है।’’शनिवार को याराजी 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले वार्म अप के दौरान ‘दर्द महसूस होने’ के बाद हट गई थीं। चित्रावेल त्रिकूद में अपने पहले प्रयास के लिए तैयार हुए लेकिन इसे पूरा नहीं कर पाए और पिंडली पकड़कर बाहर आ गए। बाद में उन्हें व्हीलचेयर पर बाहर ले जाया गया और उनके नाम पर एनएम (कोई वैध दूरी नहीं) दर्ज हुआ। एएफआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज (शनिवार) महिला 100 मीटर बाधा दौड़ के लिए वार्म अप के दौरान उन्हें असहजता महसूस हुई और कोचिंग टीम ने एहतियात के तौर पर उन्हें दौड़ से हटाने का फैसला किया। उनकी दीर्घकालिक फिटनेस हमारी पहली प्राथमिकता है।’’चित्रावेल के बारे में एएफआई ने कहा, ‘‘प्रवीण चित्रावेल ने पुरुष तिहरी कूद फाइनल में पहले दौर के बाद अपना नाम वापस ले लिया और कोई वैध दूरी दर्ज नहीं की गई।’’एएफआई ने कहा, ‘‘उन्होंने टीम के साथ अपना प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया था और प्रतियोगिता से पहले या उसके दौरान टीम प्रबंधन को किसी चोट या चिकित्सकीय समस्या की जानकारी नहीं दी थी। हटने का फैसला खिलाड़ी ने खुद लिया।’’एएफआई के एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई को बताया था कि महासंघ उन निजी संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगेगा जिनके साथ याराजी और चित्रावेल प्रशिक्षण ले रहे थे।
विराट कोहली ने रचा इतिहास, मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त
वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले ODI में मैदान पर उतरते ही विराट कोहली ने इतिहास रच दिया। उन्होंने मोहम्मद अजहरुद्दीन का 28 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया कारनामा कर दिया।
Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास
एशियाई खेलों में सिंगल्स स्क्वैश में भारत का गोल्ड मेडल का इंतजार अभी जारी रहेगा। मेंस और विमेंस दोनों के फाइनल मुकाबलों में अभय सिंह और अनाहत सिंह को हार का सामना करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही दोनों लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। स्क्वैश लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में डेब्यू करेगा। अभय सिंह को मलेशियाई खिलाड़ी ने हराया दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी अभय सिंह गोल्ड मेडल के मुकाबले में दुनिया के 17वें नंबर के मलेशियाई खिलाड़ी एनग ईन यो से सीधे गेम में हार गए। ईन यो ने 11-9, 11-5, 11-5 से जीत दर्ज कर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा। इस नतीजे के बाद अभय को सिल्वर मेडल मिला, लेकिन वह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए। पुरुष और महिला सिंगल्स के एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल विजेताओं को लॉस एंजिल्स ओलंपिक का क्वालिफिकेशन स्पॉट मिला। इसे भी पढ़ें: Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी सेमीफाइनल में पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी थी मात 28 वर्षीय अभय ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वह सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। 2024 में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले अभय अप्रैल 2026 में पीएसए रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ 22वें स्थान पर पहुंचे थे और वर्तमान में 26वें स्थान पर हैं। अनाहत सिंह को भी सिल्वर से करना पड़ा संतोष वहीं, विमेंस स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल में अनाहत सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। 18 साल की अनाहत को मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 11-4, 11-4, 11-7 से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की अनाहत का सामना दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी शिवसंगरी से था। वर्ल्ड जूनियर टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे के खिलाफ की गई वापसी जैसा प्रदर्शन फाइनल में नहीं कर पाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार अटैक करके उन पर दबाव बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत फिर भी अनाहत ने रचा इतिहास हार के बावजूद अनाहत के लिए यह एक यादगार टूर्नामेंट रहा। उन्होंने महान जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल से आगे निकलकर एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इसके साथ ही उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
एशियन गेम्स: स्क्वैश में 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा।
Asian Games: भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा सेमीफाइनल में पहुंचे, दो पदक किए पक्के
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने रविवार को यहां जारी एशियाई खेलों में अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश के लिए दो पदक पक्के किए। पिछले महीने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। इसके बाद परवीन ने उज्बेकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को इसी अंतर से हराकर महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले चरण में परवीन का कांस्य पदक उनसे छीन लिया गया था क्योंकि डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हरियाणा की मुक्केबाज का यह पहला मुकाबला था क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। लेकिन परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश ने सलीमोव को पूरी तरह पछाड़ते हुए दबदबे वाला प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे अंकुश इस तरह अंतिम चार में पहुंच गए और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
स्क्वाश में भारत को मिले दो सिल्वर मेडल, अनाहत और अभय सिंह ने एशियन गेम्स में किया कमाल
जूनियर वर्ल्ड चैंपियन भारत की अनाहत सिंह और अभय सिंह को स्क्वाश के एकल फाइनल में रविवार को हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
एशियन गेम्स 2026 में 18 साल की भारतीय महिला स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह भले ही गोल्ड मेडल जीतने से चूक गई लेकिन एशियाई खेलों के इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
Asian Games: Murali Sreeshankar और विथ्या रामराज समेत कई भारतीय एथलेटिक्स फाइनल में पहुंचे
लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड पुत्तुराज सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने एशियाई खेलों में अपनी अपनी स्पर्धाओं के फाइनल में प्रवेश कर लिया। श्रीशंकर ने क्वालीफिकेशन में 7 . 84 मीटर की कूद लगाई और दूसरे स्थान पर रहे जबकि पुत्तुराज 7 . 62 मीटर के प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे। दोनों ने पुरूषों की लंबी कूद के फाइनल में जगह बना ली। पुरूषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष पहली हीट में 49 . 61 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे और फाइनल में पहुंचे। यशास पालाक्षा दूसरी हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही रूक गए और रेस पूरी नहीं कर सके। भारतीय महिलायें अपनी अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ फाइनल में पहुंच गई। विथ्या ने 55 . 73 सेकंड का समय निकाला जबकि अनु ने 55 . 84 सेकंड में दूरी तय की। पुरूषों के डेकाथलन में तेजस्विन शंकर 6571 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि दो स्पर्धायें बाकी हैं। महिलाओं की 200 किलोमीटर पैदल चाल फाइनल में मंजू रानी एक घंटा 40 मिनट 17 सेकंड का समय निकालकर छठे स्थान पर रही जबकि प्रियंका अयोग्य करार दी गई।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और उन्नति क्वार्टर फाइनल में हारीं, भारत की चुनौती खत्म
पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। हार के बाद सिंधू ने कहा ,‘‘ मुझे दूसरे गेम में ही जीत जाना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं कर सकी। यह आसान गेम नहीं था और आसानी से अंक नहीं मिल रहे थे।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ यह दुखद है लेकिन इससे उबरना होगा। सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छा रहता लेकिन यह सब होता रहता है। मजबूती से वापसी करना अहम है।’’ उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’ सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टॉस जीतकर भारत ने चुनी बॉलिंग
तिरुवनंतपुरम, भारत और वेस्टइंडीज के बीच ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है।
Asian Games Archery: भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं
भारत ने एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में मजबूत शुरूआत की और पुरूष तथा महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीमें रविवार को सेमीफाइनल में पहुंच गई जबकि रिकर्व और मिश्रित टीमों ने भी जीत दर्ज की। पुरूष टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम ने यूएई को अंतिम 16 में 235 . 215 से हराया और क्वार्टर फाइनल में भूटान को 235 . 232 से मात दी। महिला टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप ने मंगोलिया को अंतिम 16 में 238 . 223 से हराने के बाद क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान को 233 . 230 से मात दी। दोनों टीमें 30 सितंबर को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से खेलेंगी। पुरूष रिकर्व में धीरज बोम्मदेवरा और संजय भोगे ने फिलीपींस को 5 . 1 से हराया और एक और जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला रिकर्व टीम की कीर्ति और कुमकुम ने मंगोलिया और चीनी ताइपै को 6 . 0 से मात देकर अंतिम चार में प्रवेश किया। बाद में धीरज और कुमकुम की रिकर्व मिश्रित टीम ने यूएई और वियतनाम को 6 . 0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। साहिल जाधव और चितिका की कंपाउंड मिश्रित टीम ने मंगोलिया को 160 . 146 और कजाखस्तान को 159 . 154 से हराया। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे।
'उस हार ने मुझे अंदर से तोड़ दिया...', कोहली का छलका दर्द, याद किया वर्ल्ड कप सेमीफाइनल
विराट कोहली ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार के दर्द को याद किया है. कोहली ने बताया कि इस हार को स्वीकार करना उनके लिए बेहद मुश्किल था और वह मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुए थे.
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ करेगी जिसमें उसका सामना अफगानिस्तान की टीम से होगा।
IND vs WI 1st ODI Live Updates: भारतीय टीम ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच में तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है, जिसमें टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। आइची-नागोया में मुकाबले से एक दिन पहले रविवार को भारतीय टीम ने प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया। कप्तान श्रेयस अय्यर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी समेत टीम के खिलाड़ी ट्रेनिंग करते नजर आए। अर्शदीप, ईशान और वैभव ने किया अभ्यास रविवार के ट्रेनिंग सेशन में लेफ्ट आर्म पेसर अर्शदीप सिंह, ऑलराउंडर शिवम दुबे, विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन, कप्तान श्रेयस अय्यर और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अभ्यास किया। टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले की तैयारी की। महिला टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला क्रिकेट टीम पहले ही गोल्ड मेडल जीत चुकी है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। अब मेंस टीम की नजर भी गोल्ड पर होगी। भारत मेंस और वुमेन्स क्रिकेट में गोल्ड जीतता है तो एशियन गेम्स के एक संस्करण में क्रिकेट के दोनों गोल्ड उसके नाम होंगे। हांगझू में भी भारत ने जीता था गोल्ड हांगझू एशियन गेम्स में भारतीय मेंस टीम ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में गोल्ड मेडल जीता था। अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था। भारत बेहतर सीडिंग के आधार पर चैंपियन बना था। उस टीम के कई खिलाड़ी बाद में भारत की टी-20 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा बने। श्रेयस अय्यर के हाथों में कमान इस बार भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। वे IPL में कोलकाता नाइटराइडर्स को चैंपियन बना चुके हैं। उनकी कप्तानी में मुंबई ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भी जीती। वे दिल्ली कैपिटल्स और 2025 में पंजाब किंग्स को IPL फाइनल तक पहुंचा चुके हैं। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय मेंस स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, विपराज निगम, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी। -------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… चेस ओलिंपियाड में गोल्ड की दौड़ में भारत:उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराया; आखिरी राउंड में हंगरी से मुकाबला उज्बेकिस्तान में चल रहे 46वें चेस ओलिंपियाड के 10वें राउंड में भारतीय मेंस टीम ने उज्बेकिस्तान-2 को 3.5-0.5 से हराया। इस जीत के साथ भारत पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। अब टूर्नामेंट में एक राउंड बाकी है। पूरी खबर
श्रीशंकर, डेविड पट्टुराज ने लॉन्ग जंप पहुंचे फाइनल में
नागोया, भारत के मुरली श्रीशंकर और डेविड पट्टुराज ने रविवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में अपने-अपने ग्रुप से पुरुषों के लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
पीएम मोदी से 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रशंसा पाने वाले राजिंदर सिंह सीनियर कौन हैं?
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित अपने 'मन की बात' कार्यक्रम की 138वीं कड़ी में पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी राजिंदर सिंह सीनियर की चर्चा की और युवा प्रतिभाओं को पहचान कर उनकी क्षमता को निखारने में उनके निरंतर योगदान की प्रशंसा की।
Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत
एशियाई खेलों में दो बार सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय शूटर एलावेनिल वलारिवन का गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। उनकी कामयाबी पर परिवार ने खुशी जताई और उनकी मेहनत के साथ सरकार और खेल संस्थाओं के सहयोग का भी जिक्र किया। #WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Double Asian Games silver medallist Elavenil Valarivan receives a warm welcome upon her arrival at the Sardar Vallabhbhai Patel International Airport. pic.twitter.com/FU21UVO4tS — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास पिता बोले- सबसे पहली प्राथमिकता भारत है एलावेनिल वलारिवन की कामयाबी पर उनके पिता डॉ. आर. वलारिवन ने कहा, “सबसे पहली प्राथमिकता भारत है। भारत बहुत खुश है। उसने एशियाई खेलों के पहले ही दिन भारत के लिए मेडल का खाता खोला।” उन्होंने कहा कि अब भारत के लिए और भी कई मेडल आ रहे हैं। डॉ. वलारिवन ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री का सपना सच हो रहा है। अब इसके नतीजे मिल रहे हैं।” उन्होंने बताया कि बच्चों और खिलाड़ियों को बचपन से ही चुना जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण के साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पढ़ाई में भी मदद मिल रही है। वलारिवन ने कहा, “अगले ओलंपिक और कॉमनवेल्थ में हमारे मेडलों की संख्या बहुत ज्यादा होगी।” इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म मां ने बेटी की मेहनत को दिया कामयाबी का श्रेय एलावेनिल की मां डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “यह उसकी कड़ी मेहनत है, हमारे देश के लिए यह अच्छी खबर है।” उन्होंने कहा कि सरकार उनकी बेटी का साथ दे रही है। डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “पीएम मोदी उसका साथ दे रहे हैं। एकेडमी ने उसका साथ दिया है और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात ने भी।” एलावेनिल वलारिवन की एशियाई खेलों में कामयाबी के बाद उनके अहमदाबाद लौटने पर एयरपोर्ट पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
एशियन गेम्स: श्रीशंकर, डेविड पट्टुराज ने लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई किया
नागोया, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के मुरली श्रीशंकर और डेविड पट्टुराज ने रविवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में अपने-अपने ग्रुप से पुरुषों के लॉन्ग जंप फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games क्रिकेट: Shreyas Iyer की कप्तानी में Team India का सामना आज Afghanistan से
श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरूष क्रिकेट टीम का सामना एशियाई खेलों के पहले मैच में सोमवार को अफगानिस्तान से होगा और जापान के हालात में जल्दी ढलने की चुनौती टीमों के सामने रहेगी। कोरोगी स्पोटर्स पार्क पर ही महिला वर्ग की स्पर्धा हुई थी जिसमें भारत ने स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं के मुकाबलों में बड़े स्कोर बने लेकिन अभी तक पुरूष टीम के मैचों में बड़े स्कोर नहीं देखे गए हैं। जापान के खिलाफ मंगलवार को सानो में हुए मुकाबले में टर्निंग पिच पर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती मिली थी। भारतीय क्रिकेटर तोक्यो से नागोया बुलेट ट्रेन से पहुंचे हैं और सफर का पूरा मजा लिया। क्रिकेट नहीं खेलने वाले देश में पहली बार खेलना अधिकांश क्रिकेटरों के लिये नया अनुभव होगा। अय्यर ने नागोया के सफर के दौरान बीसीसीआई की वेबसाइट पर कहा ,‘‘ यह खूबसूरत है।’’भारत यहां पूरी मजबूत टीम लेकर आया है जिसमें अय्यर के अलावा जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल हैं। इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की गहराई को देखते हुए इस फैसले पर सवाल भी उठे थे क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि फोकस 2027 वनडे विश्व कप पर होना चाहिये। भारतीय टीम के लिये स्वर्ण से इतर कोई भी पदक निराशाजनक होगा। हाल ही में दिल्ली में भारत के हाथों श्रृंखला में बुरी तरह पराजित हुई अफगानिस्तान टीम दारविश रसूली की कप्तानी में नये खिलाड़ियों को लेकर आई है। टीम में छह खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार खेलेंगे। भारत अभियान की शुरूआत क्वार्टर फाइनल से करेगा जबकि अफगानिस्तान नेपाल के खिलाफ एक मैच खेल चुका है जिसमें उसे पराजय मिली। पहले मैच में उसने जापान को हराया था। अन्य खिलाड़ियों की तरह क्रिकेटरों को होटल की दिक्कत नहीं हुई क्योंकि बीसीसीआई ने सारा बंदोबस्त खुद किया है। खिलाड़ी नागोया में पांच सितारा होटल में रूके हैं। सभी की नजरें 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी पर लगी है लेकिन अभिषेक और संजू सैमसन के फॉर्म को देखते हुए उन्हें मौका मिलने की उम्मीद कम ही है। भारत को स्वर्ण जीतने के लिये सिर्फ तीन जीत की जरूरत है। टीमें :भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वैभव सूर्यवंशी , विपराज निगम, यश ठाकुरअफगानिस्तान : दारविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक, इमरान मीर, नजीबुल्लाह जदरान, इस्मत आलम, करीम जनत, नांगेयालिया खरोटी, अब्दुल्लाह अहमदजइ, खालिद तानीवाल, मोहम्मद अकरम, फरीदून दाउदजइ, फरमानुल्लाह सफी, हसन इसाखिल, फैसल शिनोजादा, अरब गुल मोमांद। मैच का समय : सुबह 10 बजे से।
Asian Games: Ankush Panghal ने मुक्केबाजी में पक्का किया भारत का पहला पदक
भारत के अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का करते हुए पुरूषों के 80 किलो क्वार्टर फाइनल में रविवार को ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव को 5 . 0 से हराया। ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अंकुश ने सालिमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
स्विट्जरलैंड ने अपने पहले लीग बी कैंपेन की शानदार शुरुआत की। रेमो फ्रॉयलर और जकी अमदौनी ने हाफ-टाइम से पहले गोल करके उन्हें नॉर्थ मैसेडोनिया पर 3-0 से जीत दिलाई।
एशियन गेम्स में बैडमिंटन के क्वार्टर फाइनल में भारत को तीन झटके लगे। तनीषा क्रैस्टो-ध्रुव कपिला और ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ियां हारकर बाहर हुईं। इसके बाद उन्नति हूडा को अकाने यामागुची ने तीन गेम में हराया।

