हुंडई मोटर इंडिया ने अपनी पॉपुलर सेडान 'वरना' का नया मॉडल आज 9 मार्च को लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹10.98 लाख है। कंपनी ने इस लग्जरी सेडान में डिजाइन, टेक्नोलॉजी और सेफ्टी से जुड़े 25 से ज्यादा बड़े बदलाव किए हैं। डिजाइन: ब्लैक क्रोम ग्रिल और नए अलॉय व्हील्स से मिला स्पोर्टी लुक नई वरना के एक्सटीरियर में कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। इसमें अब ब्लैक क्रोम रेडिएटर ग्रिल, डुअल LED प्रोजेक्टर हेडलैंप्स और नए डिजाइन के फ्रंट और रियर बंपर दिए गए हैं। कार को स्पोर्टी लुक देने के लिए 16-इंच के डायमंड-कट अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं। हुंडई ने दो नए कलर ऑप्शन भी पेश किए हैं- क्लासी ब्लू और टाइटन ग्रे मैट। इनके साथ स्टारी नाइट, टाइटेनियम ब्लैक, टाइटन ग्रे, एटलस व्हाइट और ब्लैक रूफ के साथ एटलस वाइट (डुअल टोन) जैसे पुराने शेड्स भी मिलेंगे। कार की लंबाई 4,565mm है। इंटीरियर: प्रीमियम टच और सेगमेंट में पहली बार 'वॉक-इन डिवाइस' कार का केबिन अब पहले से ज्यादा प्रीमियम है। इसमें D-कट स्टीयरिंग व्हील और लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री है। ड्राइवर की सीट 8-वे इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट और मेमोरी फंक्शन के साथ आती है। फ्रंट पैसेंजर सीट में 4-वे इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट के साथ सेगमेंट में पहली बार 'इलेक्ट्रिक वॉक-इन डिवाइस' दिया गया है। पिछली खिड़की के लिए सनशेड और स्मार्ट ट्रंक जैसे फीचर्स भी हैं। इंजन और पावर: दो पेट्रोल इंजन ऑप्शंस के साथ मिलेगी ड्राइविंग के अन्य फीचर्स में पैडल शिफ्टर्स, ड्राइव मोड्स (नॉर्मल, इको और स्पोर्ट) और माइलेज सुधारने के लिए आइडल स्टॉप एंड गो (ISG) टेक्नोलॉजी शामिल है। सेफ्टी: 7 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS से लैस हुंडई ने सेफ्टी पर काफी जोर दिया है। नई वरना में 75 से ज्यादा एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें से 35 फीचर्स स्टैंडर्ड (सभी वेरिएंट्स में) हैं। एक्सपर्ट टिप: किसे कौन सा मॉडल खरीदना चाहिए?
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक एसयूवी BE 6 का स्पेशल बैटमैन एडिशन भारत में एक बार फिर लॉन्च किया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 28.49 लाख रुपए है, जो पुराने मॉडल से 70,000 रुपए ज्यादा है। वहीं, चार्जर के लिए अलग से ₹50,000 से ₹75,000 देने होंगे। स्पेशल एडिशन की डिमांड को देखते हुए महिंद्रा ने इसे दोबारा रिलॉन्च किया है। महिंद्रा BE 6 बैटमैन एडिशन की बुकिंग 10 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे से शुरू होगी। इस बार 24 घंटे में जितनी बुकिंग मिलेंगी, कंपनी उतनी ही कारें बनाएगी और 20 अप्रैल 2026 से डिलीवरी शुरू करेगी। कंपनी ने पिछली बार सिर्फ 300 यूनिट ही सेल की थी। महिंद्रा ने BE 6 के इस स्पेशल एडिशन के लिए DC कॉमिक्स के साथ पार्टनरशिप की है। कार फुल चार्ज पर 682km की रेंज के साथ आती है। ये गाड़ी भारत में टाटा कर्व ईवी, हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और MG ZS EV को टक्कर देती है। एक्सटीरियर: सैटिन ब्लैक कलर और गोल्डन फिनिश यह स्पेशल एडिशन BE 6 के टॉप 'पैक थ्री' वैरिएंट पर बेस्ड है, लेकिन इसमें 'डार्क नाइट' मूवी से इन्स्पायर्ड कई बदलाव किए गए हैं। पूरी कार सैटिन ब्लैक पेंट में आती है। फ्रंट फेंडर, व्हील कैप और रियर बम्पर पर बैटमैन का लोगो दिया गया है। कार के सस्पेंशन और ब्रेक कैलिपर्स को गोल्डन फिनिश दी गई है। इसमें बड़े 20-इंच के अलॉय व्हील्स मिलते हैं। इसके पैनोरमिक ग्लास रूफ में रेड कलर की बैटमैन थीम वाली लाइटिंग है। साथ ही, पडल लैंप्स जमीन पर बैटमैन का लोगो प्रोजेक्ट करते हैं। इंटीरियर: ऑल-ब्लैक डैशबोर्ड और यूनिक नंबर वाली नेमप्लेट अंदर आपको प्रीमियम 'बैटमैन' कार का अनुभव मिलता है। केबिन को पूरी तरह ब्लैक रखा गया है, जिसमें डैशबोर्ड और सेंटर कंसोल पर गोल्डन ट्रिम्स का इस्तेमाल हुआ है। सीटों पर ब्लैक स्वेड लेदर फिनिश के साथ गोल्डन स्टिचिंग और बैटमैन लोगो दिया गया है। सेंटर कंसोल पर एक गोल्डन प्लेट लगी है, जिस पर हर कार का एक यूनिक प्रोडक्शन नंबर लिखा होगा। स्टीयरिंग व्हील पर लगे बूस्ट मोड बटन पर भी बैटमैन का लोगो मौजूद है। फीचर्स: डुअल स्क्रीन और 16-स्पीकर साउंड सिस्टम पैक थ्री वैरिएंट पर बेस्ड होने के कारण इसमें फीचर्स की कोई कमी नहीं है। कार में 12.3-इंच की दो बड़ी स्क्रीन (इंफोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर) दी गई हैं। ऑगमेंटेड रियलिटी बेस्ड हेड-अप डिस्प्ले (HUD) और 360-डिग्री कैमरा मिलता है। वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और 16-स्पीकर वाला हरमन कार्डन साउंड सिस्टम दिया गया है। सेफ्टी फीचर्स: लेवल-2 ADAS और 7 एयरबैग्स सुरक्षा के लिहाज से महिंद्रा ने इसे लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) से लैस किया है। इसमें 7 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और सुरक्षा के कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं।
टोयोटा किर्लोस्कर ने भारतीय बाजार में अपनी पॉपुलर MPV रूमियन का नया एंट्री-लेवल बेस वैरिएंट E लॉन्च किया है। इस नए वैरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 9.56 लाख रुपए है। खास बात यह है कि नया वैरिएंट आने से रूमियन की शुरुआती कीमत अब पहले से 95,000 रुपए सस्ती हो गई है। मारुति सुजुकी अर्टिगा पर बेस्ड MPV अब 4 वेरिएंट्स- E, S, G और V में आएगी। नया 'E' वैरिएंट मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ पेश किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार पेट्रोल वैरिएंट में 20.52kmpl और CNG वैरिएंट में 26.11km का माइलेज देती है। टोयोटा की सबसे सस्ती MPV रूमियन स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच कनेक्टिविटी जैसे लेटेस्ट फीचर्स से लैस है। कार के इंजन को स्मार्टफोन से स्टार्ट/स्टॉप किया जा सकता है। टोयोटा ग्लांजा, अर्बन क्रूजर और मारुति सुजुकी इनविक्टो के बाद रूमियन दोनों कंपनियों के बीच शेयर किया गया चौथा बैज-इंजीनियर्ड मॉडल है। इसके साथ ही जापानी कार मेकर कंपनी टोयोटा के पास इंडियन मार्केट में मौजूद अपने MPV पोर्टफोलियो में इनोवा क्रिस्टा, इनोवा हाइक्रॉस और वेलफायर के बाद सबसे अफोर्डेबल कार है। एक्सटीरियर: इंटीग्रेटेड LED DRLs के साथ LED प्रोजेक्टर हेडलैंप कार की मैन्युफैक्चरिंग मारुति सुजुकी करती है और ग्लांजा की तरह टोयोटा को सप्लाई करती है। टोयोटा रुमियन में अर्टिगा की तुलना में कुछ कॉस्मेटिक चेंजेस मिलते हैं। सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट ग्रिल में नजर आता है जो इनोवा क्रिस्टा से ली गई है। ग्रिल में हनीकॉम्ब पैटर्न है और यह क्रोम से घिरा हुआ है। ग्रिल के दोनों और इंटीग्रेटेड LED DRLs के साथ LED प्रोजेक्टर हेडलैंप का सेटअप दिया गया है। फ्रंट बम्पर को भी नया डिजाइन दिया गया है और निचले हिस्से पर एक और क्रोम एलीमेंट्स है। इसके दोनों ओर फोगलैंप मिलते हैं। साइड में नए 7-स्पोक डायमंड-कट अलॉय व्हील मिलते हैं, जो अर्टिगा से अलग हैं। कार की साइड और रियर प्रोफाइल में कोई बलदाव नहीं है। रूमियन के इंटीरियर में अर्टिगा की तरह डुअल-टोन ट्रीटमेंट मिलता है, इसमें स्टीयरिंग व्हील पर टोयोटा का नया लोगो एकमात्र अंतर है। इसके अलावा 7 सीटर लेआउट के साथ इक्यूपमेंट्स भी अर्टिगा से लिए गए हैं। इंटीरियर डिजाइन: 7-इंच टचस्क्रीन के साथ 60:40 स्प्लिट सीटें कलर थीम और लेआउट: ड्यूल-टोन बेज और ब्लैक इंटीरियर, जो केबिन को स्पेशियस और साफ-सुथरा लुक देता है। डैशबोर्ड सिंपल है, जिसमें वुड-फिनिश्ड इंसर्ट्स हैं। सीटिंग और स्पेस: 7-सीटर लेआउट के साथ दूसरी रो की 60:40 स्प्लिट सीटें, जो स्लाइड और फोल्ड हो सकती हैं। बूट स्पेस 209 लीटर है, जो सीट्स फोल्ड करने पर 550 लीटर तक बढ़ता है। तीसरी रो छोटे बच्चों या शॉर्ट ट्रिप्स के लिए ठीक है। कंफर्ट फीचर्स: हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, सेकंड रो AC वेंट्स, और फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग व्हील (ऑडियो/ब्लूटूथ कंट्रोल के साथ)। कुछ वेरिएंट्स में क्रूज कंट्रोल और आर्मरेस्ट भी हैं। इंफोटेनमेंट: 7-इंच टचस्क्रीन, जो वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले सपोर्ट करता है। 6-स्पीकर साउंड सिस्टम के साथ। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर एनालॉग है, जिसमें छोटा डिजिटल डिस्प्ले है। परफॉर्मेंस: CNG में 26.11km/kg का माइलेज टोयोटा रुमियन में अर्टिगा वाला ही 1.5-लीटर का नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 103hp की पावर और 137Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स और 6-स्पीड टॉर्क कनवर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलता है। रूमियन को फैक्ट्री फिटेड CNG किट के साथ भी पेश किया गया है। ये इंजन CNG मोड में 88hp की पावर और 121.5Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि कार मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ 20.11 kmpl, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ 20.51kmpl और CNG में 26.11km/kg का माइलेज देती है। कंपनी ने इस कार को पेट्रोल इंजन के साथ ही नियो ड्राइव (इंटीग्रेटेड स्टार्टर जेनरेटर - ISG) और E-CNG टेक्निक से भी लैस किया है। कंपनी का कहना है कि नई नियो ड्राइव टेक्नोलॉजी और E-CNG टेक्नीक इस कार के माइलेज को बेहतर बनाते हैं। ये कार पेट्रोल (नियो ड्राइव) और CNG यानी दोनों फ्यूल ऑप्शन के साथ अवेलेबल है।
मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की चिंता खत्म हो गई है। क्योंकि, होर्मुज रूट बंद होने के बाद सरकार ने कुल इम्पोर्ट का 10% कच्चा तेल नए रूट से मंगाना शुरू कर दिया है। सरकार ने ये फैसला सप्लाई प्रभावित होने के कारण लिया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के पास तेल का पर्याप्त भंडार है और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, होर्मुज रूट बंद होने की वजह से बीते 8 दिन में इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम 27% तक बढ़ गए हैं। सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। आज हम देश को फिर से यह भरोसा दिलाते हैं कि कीमतों में कोई इजाफा नहीं होगा। जरूरत का 70% कच्चा तेल अब दूसरे रास्तों से आएगा ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को ब्लॉक कर दिया है, जहां से दुनिया की 20% तेल सप्लाई होती है। वहीं, भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए भारत ने अपनी रणनीति बदल ली है और इस विवादित रास्ते पर निर्भरता कम कर दी है। 10% की बढ़ोतरी: भारत ने उन रास्तों से होने वाले कच्चे तेल के आयात में 10% की बढ़ोतरी की है, जो होर्मुज के दायरे में नहीं आते। नया रूट: पहले भारत अपनी जरूरत का 60% कच्चा तेल होर्मुज के अलावा अन्य रास्तों से मंगाता था, जिसे अब बढ़ाकर 70% कर दिया गया है। इससे खाड़ी देशों में छिड़ी जंग का असर भारत की सप्लाई चेन पर कम पड़ेगा। बता दें कि भारत अपनी जरूरत का करीब 85-90% कच्चा तेल 40+ देशों से मंगाता है। ईरान ने भरोसा दिया: होर्मुज से कार्गो मूवमेंट जल्द शुरू होगा सरकार ने ये संकेत भी दिए हैं कि होर्मुज रूट के पास जहाजों की आवाजाही जल्द ही शुरू हो सकती है। देश में तेल का भंडार बढ़ा, सरकार का बढ़ा कॉन्फिडेंस पश्चिम एशिया में चल रही उथल-पुथल के बावजूद भारत की एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत हुई है। सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि हालिया समीक्षा में तेल के स्टॉक के स्तर में सुधार देखा गया है। LPG के दाम को लेकर भ्रम फैला रही कांग्रेस सरकार ने रसोई गैस (LPG) की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस का दावा आधिकारिक बयानों की गलत व्याख्या है। ईरान-इजराइल जंग से कच्चा तेल 92 डॉलर प्रति बैरल के पार अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच कच्चे तेल की कीमत एक हफ्ते में लगभग 27% बढ़ गई है। आज शनिवार (7 मार्च) को भी ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव करीब 9% बढ़कर 92.69 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। यह अप्रैल 2024 के बाद इसका उच्चतम स्तर भी है। 28 फरवरी को जंग की शुरूआत हुई थी, तब क्रूड ऑयल की कीमत 72.87 डॉलर प्रति बैरल थी। तब से अब तक यानी 8 दिन में क्रूड ऑयल की कीमत करीब 20 डॉलर प्रति बैरल बढ़ी है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल 55 रुपए महंगा:पेट्रोल 336 और डीजल 321 रुपए लीटर हुआ, अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का असर पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% की बढ़ोतरी की है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत अब 335.86 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 321.17 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। सरकार का तर्क है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग व मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिसकी वजह से यह फैसला लेना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…
एपल ने इस हफ्ते कई प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। कंपनी ने आईफोन 17ई, नया आईपैड एयर, मैकबुक नियो, अपडेटेड मैकबुक प्रो और मैकबुक एयर पेश किए हैं। इन लॉन्च से साफ है कि एपल अब प्रीमियम के साथ बजट सेगमेंट में भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। खासकर आईफोन 17ई और मैकबुक नियो को उन यूजर्स के लिए बनाया गया है जो कम कीमत में एपल इकोसिस्टम में एंट्री चाहते हैं। 1- 64 हजार रु. में आईफोन 17ई एपल ने अपनी बजट आईफोन सीरीज में आईफोन 17ई लॉन्च किया। इसकी शुरुआती कीमत करीब 64 हजार रु है। यह बेस iPhone 17 से लगभग ₹16,500 सस्ता है। मुख्य फीचर्स- A19 चिप (iPhone 17 वाली) 256GB स्टोरेज 48MP कैमरा C1X मॉडेम से तेज नेटवर्क स्पीड सुपर रेटिना डिस्प्ले सिरेमिक शील्ड 2 प्रोटेक्शन, MagSafe और Qi2 वायरलेस चार्जिंग आईपैड एयर 12 GB रैम, M4 चिप एपल ने आईपैड एयर का नया वर्जन भी लॉन्च किया है जिसमें M4 चिप दी गई है।इसमें रैम 8GB से बढ़ाकर 12GB कर दी है, लेकिन कीमत वही करीब ₹64,900 है। मुख्य फीचर्स- 11-इंच व 13-इंच Liquid Retina डिस्प्ले, 128GB से लेकर 1TB तक विकल्प, iPadOS 26 ऑपरेटिंग सिस्टम , टच आईडी सेंसर }एपल C1X मॉडेम }एपल पेंसिल प्रो और एपल पेंसिल (USB-C) सपोर्ट }एपल इंटेलिजेंस सपोर्ट। मैकबुक नियो - सस्ता लैपटॉप एपल ने पहली बार MacBook Neo नाम से एंट्री-लेवल लैपटॉप लॉन्च किया है।कीमत 256GB मॉडल की करीब ₹69,900 है। मुख्य फीचर्स-13-इंच डिस्प्ले, A18 Pro चिप 8GB RAM , दो USB-C पोर्ट , 512GB मॉडल में Touch ID भी दिया गया है। छात्रों और शिक्षकों को करीब ₹8,300 रुपए (100 डॉलर) की छूट भी दी जाएगी।
जर्मनी के दक्षिण पश्चिम में बसा बादेन-वुरटमबर्ग लंबे समय से जर्मनी के बिजनेस मॉडल की मिसाल है। इसकी छोटी, मध्यम और बड़ी कंपनियां हाई क्वालिटी का सामान खासकर कारें बनाने के लिए काफी लोगों को रोजगार देती हैं, लेकिन इन दिनों अमेरिकी टैरिफ, चीन से बढ़ते आयात और ऑटोमोबाइल सेक्टर के संकट में आने से यह सब खतरे में पड़ गया है। आर्थिक मंत्री निकोल हॉफमीस्टर-क्राउट कहते हैं, यह सेक्टर अपने इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। राज्य की राजधानी स्टटगार्ट के आसपास लगभग दो लाख जॉब उस पर निर्भर हैं। मर्सिडीज और पोर्शे कामगारों की छंटनी कर रही हैं। बड़ी सप्लायर कंपनी बॉश्च 2030 तक 22 हजार जॉब कम करेगी। कम्बशन एंजिन (पेट्रोल, डीजल, गैस) पर निर्भर छोटी मितेलस्टैंड कंपनियां ज्यादा मुश्किल में हैं। इलेक्ट्रिक कारों के आने से इनकी बिक्री घटने का खतरा पैदा हो गया है। स्टटगार्ट स्थित कॉरपोरेट वकील मार्टिन मुछा कहते हैं, पहले जो कंपनियां अपना स्टाफ कम कर रहीं थीं,अब वे कंपनियां बंद हो रही हैं। कंपनियों के संकट में होने से टैक्स की आय कम हुई है। पिछले दो साल में कॉरपोरेट टैक्स आय में आधी गिरावट आई है। कारों में मंदी देखकर लोग दूसरे क्षेत्र में दस्तक देने लगे हैं। पांच हजार वर्करों की कूलिंग टेक्नोलॉजी कंपनी ईबीएम पैप्स्ट ने नए सिरे से कुछ करने की संभावना दिखाई है। पांच साल पहले स्थिति बिगड़ते देख कंपनी ने कार बिजनेस छोड़कर डेटा सेंटरों के कूलिंग सिस्टम पर दांव लगाया है। कई लोग ऑटो सेक्टर में अब भी भविष्य देखते हैं। सत्तारूढ़ ग्रीन्स पार्टी के सेम ओजडेमिर कहते हैं, हमें भविष्य की कार बनाने वाला बनना चाहिए। पेटेंट के 40% आवेदन यहीं से बादेन-वुटनबर्ग की वर्कफोर्स बेहद हुनरमंद है। वहां अच्छे विश्वविद्यालय और इनोवेशन का माहौल है। जर्मनी की 13% आबादी के राज्य में देश के लगभग 40% पेटेंट आवेदन आते हैं। एआई, रोबोटिक्स और हेल्थ केयर की अच्छी स्थिति है।
एआई का मेडिकल क्षेत्र में दखल बढ़ रहा है, लेकिन हालिया रिपोर्ट ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘नेचर मेडिसिन’ में छपी एक स्टडी के अनुसार, ओपनएआई का नया फीचर चैटजीपीटी हेल्थ मेडिकल इमरजेंसी पहचानने में गंभीर चूक रहा है।शोध के अनुसार, जिन मामलों में तुरंत अस्पताल जाना जीवन बचाने के लिए अनिवार्य था, उनमें से 51.6% बार एआई ने मरीज को घर पर रहने या सामान्य अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह लापरवाही किसी के मौत की वजह बन सकती है। वो सब कुछ, जो आपके लिए जानना जरूरी है दोस्त की सलाह पर बदलता है फैसला - मरीज कह दे कि उसके दोस्त ने इस बीमारी को मामूली बताया है, तो एआई द्वारा लक्षणों को कम गंभीर बताने की संभावना 12 गुना बढ़ जाती है। दम घुटने पर भी ‘इंतजार’ की सलाह - सांस की गंभीर समस्या वाली महिला को 84% बार बाद में अपॉइंटमेंट लेने को कहा, जबकि मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम टूटने का डर था। सुरक्षित लोगों को डराया - इसके विपरीत, 64.8% ऐसे लोग जो पूरी तरह सुरक्षित थे, उन्हें एआई ने तुरंत इमरजेंसी में जाने की गलत सलाह देकर स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ बढ़ाने का काम किया। सुसाइड - सुसाइड के मामलों में एआई का व्यवहार सबसे ज्यादा डराने वाला है। जब एक मरीज ने सवाल के साथ नॉर्मल लैब रिपोर्ट जोड़ दी तो एआई के सारे सुरक्षा गार्डरेल गायब हो गए। ओपनएआई का पक्ष - कंपनी का कहना है कि लोग असल जिंदगी में एआई का इस्तेमाल अलग तरीके से करते हैं और मॉडल को लगातार रिफाइन किया जा रहा है।
टेक कंपनी नथिंग ने आज 5 मार्च को नई स्मार्टफोन सीरीज 'नथिंग फोन 4a' भारत सहित ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर दी है। इसमें नथिंग फोन (4a) और नथिंग फोन (4a) प्रो शामिल है। लंदन में हुए एक इवेंट के दौरान इन दोनों हैंडसेट्स से पर्दा उठाया गया। नए फोन की सबसे बड़ी खासियत इसके ट्रांसपेरेंट डिजाइन के साथ नया 'ग्लिफ बार' इंटरफेस है, जो नोटिफिकेशन्स आने पर चमकती है। फोन 4a प्रो में 140X अल्ट्रा जूम वाला 50MP कैमरा है। कंपनी का दावा है कि ये इतने जूम कैमरा वाला ये दुनिया का पहला फोन है। कीमत और ऑफर्स: शुरुआती कीमत ₹31,999 कंपनी ने नथिंग फोन (4a) की शुरुआती कीमत 31,999 रुपए और नथिंग फोन 4a प्रो की शुरुआती कीमत 39,999 रुपए रखी है। फोन खरीदने पर आपको ₹1,000 का बैंक ऑफर और ₹6,000 का एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा। नथिंग फोन 4a की सेल 13 मार्च से और फोन 4a प्रो की सेल 27 मार्च से शुरू होगी। डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: नया ग्लिफ बार और ट्रांसपेरेंट लुक नथिंग ने अपने सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन को बरकरार रखा है, लेकिन इसमें कुछ बड़े बदलाव किए हैं। डिस्प्ले: 120Hz रिफ्रेश रेट और 5000 निट्स की ब्राइटनेस कैमरा: 70x और 140x अल्ट्रा जूम की सुविधा दोनों फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है: परफॉरमेंस और बैटरी: स्नैपड्रैगन 7 सीरीज का पावर अन्य फीचर्स कनेक्टिविटी के लिए दोनों फोन में 5G, वाई-फाई 6, ब्लूटूथ 5.4 और NFC जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सिक्योरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है।
फ्रांसिसी कार कंपनी रेनो भारत में 4-मीटर से छोटी नई SUV लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अपनी इस अपकमिंग कार के नाम का खुलासा किया है, जिसे 'रेनो ब्रिजर' नाम से उतारा जाएगा। रेनो कार का कॉन्सेप्ट मॉडल 10 मार्च को अपने ग्लोबल स्ट्रैटेजिक प्लान के दौरान पेश करेगी। नई कॉम्पैक्ट SUV को भारत में ही डिजाइन किया गया है। यह उन शहरी परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो एक छोटी लेकिन स्पेशियस SUV चाहते हैं। इसे 6 एयरबैग्स और टर्बो इंजन के साथ पेश किया जाएगा। भारत में ये मारुति सुजुकी जिम्नी और महिंद्रा थार (3-डोर RWD) को टक्कर देगी। इंडियन मार्केट में 2027 तक आ सकती है रेनो ब्रिजर का फिलहाल कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके प्रोडक्शन वर्जन को 2027 के अंत तक भारत में लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी इसे ₹10 लाख के आसपास की शुरुआती कीमत पर लॉन्च कर सकती है। अभी इसकी बुकिंग शुरू नहीं हुई है। एक्सटीरियर: LED लाइटिंग सेटअप के साथ मस्कुलर फ्रंट ग्रिल ब्रिजर की सबसे खास बात इसकी लंबाई है। यह 4-मीटर से छोटी कार होगी, जिससे इसे ट्रैफिक में चलाना और पार्क करना आसान होगा। हालांकि, कंपनी ने अभी पूरे लुक का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि इसमें रेनो डस्टर की तरह ही मस्कुलर फ्रंट ग्रिल, ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस और स्पोर्टी व्हील आर्क्स मिलेंगे। इसमें मॉडर्न LED लाइटिंग सेटअप और स्टाइलिश अलॉय व्हील्स मिल सकते हैं, जो इसे एक प्रीमियम अर्बन SUV का लुक देंगे। इंटीरियर: कॉम्पैक्ट साइज के बावजूद स्पेशियस केबिन मिलेगा रेनो का दावा है कि 'ब्रिजर' साइज में कॉम्पैक्ट होने के बावजूद अंदर से काफी स्पेशियस होगी। इसके इंटीरियर को स्मार्ट तरीके से डिजाइन किया गया है, ताकि छोटे साइज में भी लेगरूम और हेडरुम से समझौता न करना पड़े। इसमें लेटेस्ट टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल क्लस्टर और प्रीमियम डैशबोर्ड लेआउट मिलने की उम्मीद है। चूंकि इसे शहरी परिवारों के लिए बनाया गया है, इसलिए इसमें कई स्मार्ट स्टोरेज स्पेस भी दिए जा सकते हैं। परफॉरमेंस: टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स रेनो ब्रिजर को एक 'अर्बन SUV' के रूप में प्रमोट किया जा रहा है, लेकिन इसका मुकाबला सीधे तौर पर जिम्नी और थार जैसी ऑफ-रोडिंग लुक वाली कारों से होगा। इसमें रेनो के मौजूदा टर्बो पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो अच्छी पावर और बेहतर माइलेज का बैलेंस देगा। कंपनी इसमें ऑटोमैटिक और मैनुअल दोनों गियरबॉक्स के विकल्प दे सकती है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स और 360-डिग्री कैमरा रेनो ब्रिजर में कम से कम 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) जैसे फीचर्स मिल सकते हैं। इसके अलावा, टॉप वैरिएंट्स में ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) और 360-डिग्री कैमरा जैसे एडवांस फीचर्स भी दिए जा सकते हैं।
दिग्गज टेक कंपनी एपल ने अपना अब तक का सबसे किफायती लैपटॉप 'मैकबुक नियो' लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे उन यूजर्स के लिए पेश किया है जो कम बजट में मैकबुक का अनुभव लेना चाहते हैं। इसकी शुरुआती कीमत भारत में 69,990 रुपए रखी गई है। आईफोन वाली चिप के साथ आएगा लैपटॉप मैकबुक नियो में A18 प्रो चिपसेट दिया गया है। ये 6-कोर CPU और 5-कोर GPU के साथ आता है। इसमें 16-कोर वाला न्यूरल इंजन (NPU) भी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टास्क को तेजी से प्रोसेस करता है। ये चिप आईफोन 16 प्रो में मिलती थी। एपल का दावा है कि स्मार्टफोन चिपसेट होने के बावजूद यह लैपटॉप ब्राउजिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, फोटो एडिटिंग और डेली ऑफिस वर्क को बड़ी आसानी से हैंडल कर सकता है। 13-इंच की स्क्रीन और चार कलर्स डिजाइन के मामले में यह काफी हद तक मैकबुक एयर जैसा दिखता है। इसमें 13-इंच की लिक्विड रेटिना (IPS LCD) डिस्प्ले दी गई है। इसे टिकाऊ एल्युमिनियम एनक्लोजर से बनाया गया है और यह चार कलर्स- ब्लश, इंडिगो, सिल्वर और सिट्रस में उपलब्ध होगा। बैटरी लाइफ और स्टोरेज ऑप्शन्स एपल के मुताबिक, मैकबुक नियो को एक बार फुल चार्ज करने पर 16 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक टाइम मिलता है। इसमें 36.5Wh की बैटरी लगी है। इसे बॉक्स में मिलने वाले 20W के USB-C पावर अडैप्टर से चार्ज किया जा सकता है। कनेक्टिविटी और एक्सटर्नल डिस्प्ले सपोर्ट इसमें एक USB 3 टाइप-सी पोर्ट दिया गया है, जो डिस्प्ले पोर्ट की तरह भी काम करता है। इसके अलावा एक दूसरा USB 2 टाइप-सी पोर्ट और 3.5mm का हेडफोन जैक भी मिलता है। यह 60Hz रिफ्रेश रेट पर एक एक्सटर्नल 4K डिस्प्ले को सपोर्ट कर सकता है। कीमत और उपलब्धता भारत में मैकबुक नियो की शुरुआती कीमत 69,990 रुपए है। इसके लिए प्री-ऑर्डर एपल की वेबसाइट पर शुरू हो गए हैं। इसकी बिक्री 11 मार्च से शुरू होगी। यह लेटेस्ट macOS पर काम करेगा। वीडियो कॉल के लिए इसमें 1080p फेसटाइम HD कैमरा और स्पेशियल ऑडियो सपोर्ट वाले डुअल स्पीकर दिए गए हैं। किसके लिए है यह लैपटॉप? स्टूडेंट्स के लिए: पढ़ाई, प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन क्लासेज के लिए यह बेस्ट है। बेसिक ऑफिस वर्क: अगर आपका काम केवल ईमेल, एक्सेल और ब्राउजिंग का है। एपल इकोसिस्टम: जो लोग कम बजट में पहली बार विंडोज से मैक पर शिफ्ट होना चाहते हैं। इन्फो-बॉक्स: क्या है A18 प्रो चिप? यह वही प्रोसेसर है जो एपल के आईफोन 16 प्रो में मिलता है। यह बहुत ही कम बिजली की खपत करता है, जिससे लैपटॉप गर्म नहीं होता और बैटरी ज्यादा चलती है।
देश के बड़े औद्योगिक घराने JSW ग्रुप की ऑटोमोबाइल कंपनी अपनी पहली गाड़ी लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने अपनी अपकमिंग SUV का डिजाइन पेटेंट भारत में फाइल कर दिया है। यह नई SUV चीन की कंपनी चेरी के 'जेटूर T2' (Jetour T2) मॉडल पर बेस्ड होगी। पिछले हफ्ते ही कंपनी ने डीलर के लिए इस गाड़ी का टीजर जारी किया था। जानकारी के मुताबिक, JSW मोटर्स इसे 2026 की दिवाली के आसपास बाजार में उतार सकती है। दिसंबर में फाइल हुआ था पेटेंट, फरवरी में मिली मंजूरी इस SUV का डिजाइन पेटेंट 18 दिसंबर 2025 को चेरी ऑटोमोबाइल ने फाइल किया गया था, जिसे 27 फरवरी 2026 को मंजूरी मिली है। पेटेंट से साफ है कि भारत में आने वाली JSW की इस SUV का लुक ग्लोबल मार्केट में बिकने वाली जेटूर T2 जैसा ही होगा। हालांकि, इंटरनेशनल मॉडल में ग्रिल पर 'JETOUR' लिखा होता है, लेकिन भारत में यहां 'JSW' की ब्रांडिंग देखने को मिल सकती है। डिजाइन: मस्कुलर लुक और बॉक्सी स्टाइल टीजर से जो इशारा मिला था, डिजाइन पेटेंट भी लगभग उसी बात पर मुहर लगाता दिख रहा है। JSW मोटर्स, जेटूर T2 के बॉक्सी और रफ-एंड-टफ स्टाइल में बहुत ही मामूली बदलाव करेगी। इसके फ्रंट में चौकोर LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक ब्लैक ट्रिम पीस से जुड़ी हैं। इसमें हनीकॉम्ब (मधुमक्खी के छत्ते जैसी) पैटर्न वाली ग्रिल भी देखी जा सकती है। इसके मस्कुलर बंपर पर एक फॉग लैंप और दोनों तरफ पिक्सल DRL क्लस्टर्स के दो जोड़े दिए गए हैं। इसका बोनट काफी उभरा हुआ है और दोनों तरफ पकड़ने वाले हैंडल दिए गए हैं। साइड की तरफ देखें तो डिजाइन पेटेंट में दरवाजों पर लगे हुए साइड मिरर दिख रहे हैं, जो कि दिलचस्प है क्योंकि पिछले टीजर में ये मिरर ए-पिलर (आगे वाले खंभे) से जुड़े हुए दिखाए गए थे। इंटरनेशनल मॉडल के मुकाबले इसके रूफ रेल्स के बीच का गैप भी थोड़ा अलग है। बाकी सब कुछ जैसे कि अलॉय व्हील्स, पहियों के ऊपर वाली क्लैडिंग, खिड़कियों की लाइन वैसी ही हैं। ये मॉडल पीछे से कैसा दिखता है इसकी तस्वीरें नहीं आई है, लेकिन अगर बाकी डिजाइन को देखें तो ग्लोबल मॉडल के मुकाबले इसमें शायद ही कोई बदलाव दिखे। पावरट्रेन: हाइब्रिड इंजन के साथ मिलेगी जबरदस्त रेंज JSW मोटर्स भारत में इस SUV का 'i-DM' (प्लग-इन हाइब्रिड) वर्जन पेश करेगी। इसमें पेट्रोल इंजन और बैटरी दोनों का कॉम्बिनेशन होगा। महाराष्ट्र के प्लांट में असेंबल होगी, ₹15 लाख हो सकती है कीमत JSW मोटर्स इस SUV को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित प्लांट में असेंबल करेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत 15 लाख रुपए के करीब हो सकती है। इसका मुकाबला टाटा हैरियर, सफारी और महिंद्रा XUV700 जैसी गाड़ियों से होगा। नॉलेज बॉक्स: यूटिलिटी बॉक्स: किसे खरीदनी चाहिए: जिन्हें शहर में इलेक्ट्रिक की बचत चाहिए और लॉन्ग ट्रिप पर रेंज की चिंता नहीं करनी, उनके लिए प्लग-इन हाइब्रिड एक बेहतर विकल्प है।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत में अपनी लग्जरी MPV (मल्टी पर्पस व्हीकल) वी-क्साल का अपडेटेड 2026 मॉडल लॉन्च किया है। कंपनी ने इसमें 15 स्पीकर वाला थिएटर जैसा साउंड सिस्टम और 360-डिग्री कैमरा जैसे सेफ्टी फीचर्स के साथ उतारा है। इसके अलावा पहली बार कार में पेट्रोल इंजन भी मिलेगा। कंपनी ने V-क्लास को 2022 डिस्कंटीन्यू कर दिया था। अब इसे नए फीचर्स के साथ 1.40 करोड़ रुपए की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत में उतारा है। इस नई कार की डिलीवरी मार्च के अंत तक शुरू हो जाएगी। इसका मुकाबला मार्केट में लेक्सस LM और टोयोटा वेलफायर जैसी प्रीमियम वैन से होगा। एक्सटीरियर डिजाइन: केबिन को ठंडा रखने वाला स्पेशल ग्रीन ग्लास नई वी-क्लास को कंपनी ने 3430mm के 'एक्स्ट्रा-लॉन्ग-व्हीलबेस' के साथ उतारा गया है, जो भारत में बिकने वाली मर्सिडीज की किसी भी अन्य कार से सबसे ज्यादा है। वी-क्लास में चारों तरफ 'ग्रीन-टिंटेड' कांच लगा है। इसमें सामने की तरफ लेमिनेटेड विंडशिल्ड और साइड व पीछे की खिड़कियों में खास सेफ्टी ग्लास है, जो चिलचिलाती धूप में भी केबिन को ठंडा रखने में मदद करते हैं। फ्रंट लुक: सामने से देखने पर कार का डिजाइन बिल्कुल नया लगता है। इसमें यू-शेप वाली 'इल्लुमिनेटेड' (चमकने वाली) ग्रिल दी गई है, जिस पर मर्सिडीज का खास स्टार लोगो मिलता है। ग्रिल के दोनों तरफ डुअल-पोड LED हेडलाइट्स हैं और किनारों पर पतली LED DRL (डे-टाइम रनिंग लाइट्स) दी गई हैं, जो इसे मॉडर्न लुक देती हैं। कार का हुड हल्का सा झुका हुआ है, जो इसे एक बड़ी MPV वाला लुक देता है। इस डिजाइन की वजह से यह काफी ऊंची और स्पेशियस नजर आती है। छत पर रूफ रेल्स कार के लुक को और भी अट्रेक्टिव बनाती हैं। साइड प्रोफाइल: बॉडी क्लेडिंग नहीं होने से साइड से कार काफी 'क्लीन' लगती है। यहां 18-इंच के डुअल-टोन डायमंड कट अलॉय व्हील्स मिलते हैं। सेकेंड रो में एंट्री के लिए इलेक्ट्रिक स्लाइडिंग डोर दिए गए हैं। साथ ही, पुराने स्टाइल के डोर हैंडल और इंडिकेटर वाले ORVM मिलते हैं। खिड़कियों के किनारे लगी क्रोम स्ट्रिप कार के लुक में हल्का कंट्रास्ट जोड़ती है। रियर प्रोफाइल: पीछे वाले हिस्से की बात करें तो यहां से यह ऊंची और सुव्यवस्थित है, जिसमें वर्टिकल एलईडी टेललाइट, एक पतला बंपर, एक क्रोम स्ट्रिप और एक रूफ स्पॉइलर है, जो इसे शानदार फिनिश देता है। पीछे से MPV काफी ऊंची और सिस्टमैटिक नजर आती है। यहां वर्टिकल LED टेललाइट्स, एक पतला बंपर और रूफ स्पॉइलर दिया गया है। बीच में दी गई क्रोम स्ट्रिप इसके पिछले हिस्से को प्रीमियम फिनिश देती है। कलर ऑप्शन: यह कार ऑब्सीडियन ब्लैक, हाई-टेक सिल्वर, अल्पाइन ग्रे, सोडालाइट ब्लू और क्रिस्टल वाइट कलर में अवेलेबल होगी। इंटीरियर: 12.3-इंच की दो डिजिटल डिस्प्ले और दो कलर थीम कार के केबिन में दो कलर थीम है। इसमें एक फुली ब्लैक और दूसरी बैज अपहोल्स्ट्री के साथ ब्लैक थीम दी गई है। डैशबोर्ड का डिजाइन काफी सिंपल और साफ-सुथरा रखा गया है। इसमें 12.3-इंच की दो डिजिटल डिस्प्ले दी गई हैं। टचस्क्रीन के साथ यहां जरूरी फंक्शन के लिए फिजिकल बटन और रोटरी कंट्रोल (घुमाने वाले बटन) भी मिलते हैं। इसके सेंटर कंसोल को 'टेबल-टॉप' जैसा लुक दिया गया है, जहां टॉगल स्विच और बटन हैं। पूरे केबिन में हाई-क्वालिटी लेदर (लूनागो या प्रीमियम लेदर) और सॉफ्ट-टच मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है। डैशबोर्ड और दरवाजों पर लकड़ी (वुड) और ब्रश्ड सिल्वर फिनिशिंग दी गई है। स्टीयरिंग व्हील पर भी प्रीमियम लेदर है। इस पर टच कंट्रोल्स के साथ-साथ कुछ जरूरी स्विच भी हैं। ड्राइवर की सुविधा और बेहतर ड्राइविंग एक्सपीरियंस के लिए इसमें पैडल शिफ्टर्स भी दिए गए हैं। एक्सटेंडेबल अंडर-थाई सपोर्ट के साथ फ्लैक्सिबल सीटें वी-क्लास की सीटें काफी फ्लैक्सिबल हैं। इसके 6-सीटर वर्जन में दूसरी और तीसरी लाइन में अलग-अलग 'कैप्टन सीटें' मिलती हैं। इन सीटों को आप तीन तरह से सेट कर सकते हैं। आगे वाली सीटें काफी आरामदायक हैं। लंबे सफर पर थकान न हो, इसके लिए खासकर लंबी हाइट वाले पैसेंजर्स के लिए सीटों में 'एक्सटेंडेबल अंडर-थाई सपोर्ट' (पैरों के नीचे एक्स्ट्रा सपोर्ट) भी दिया गया है। फीचर्स: 15-स्पीकर वाला बुर्मेस्टर साउंड सिस्टम, लेकिन सनरूफ की कमी कंफर्ट के लिए मर्सिडीज ने इसमें एयर सस्पेंशन दिया है, जो खराब सड़कों पर भी झटके महसूस नहीं होने देता। परफॉरमेंस: पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन का विकल्प नई V-Class में ग्राहकों को दो पावरफुल इंजन ऑप्शन मिलते हैं: V300 d (डीजल): इसमें 2-लीटर का टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन है जो 237hp की पावर जनरेट करता है। V300 (पेट्रोल): इसमें 2-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है जो 231hp की पावर देता है। इसमें माइल्ड-हाइब्रिड तकनीक भी जोड़ी गई है। दोनों ही इंजन के साथ 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलता है। कंपनी इसके लिए ₹90,000 से शुरू होने वाले सर्विस पैकेज भी ऑफर कर रही है। सेफ्टी फीचर्स: 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग और ड्राइवर मॉनिटरिंग मर्सिडीज वी-क्लास को यूरो एनकैप क्रैश टेस्ट में 5-स्टार रेटिंग मिली है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें कई एडवांस फीचर्स हैं:
एंथ्रोपिक की को-फाउंडर एवं प्रेसिडेंट डेनिएला अमोडेई संभावित ग्राहकों और पार्टनर्स से मिलती हैं, तो मीटिंग के बाद लोग उनसे एक सवाल जरूर पूछते हैं- मेरा बच्चा कॉलेज में क्या पढ़े?’ डेनिएला कहती हैं, ‘एआई मॉडल तेजी से नौकरियों का स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसे में माता-पिता की चिंता स्वाभाविक है। एआई की दुनिया के दिग्गज मानते हैं कि टेलॉजी से जुड़ी स्किल जल्द पुरानी हो सकती हैं, पर घबराना समाधान नही हैं। इंसान के व्यवहार में शामिल लचीलापन, आलोचनात्मक सोच, नैतिकता और जिम्मेदारी जैसे गुण असली ताकत हैं। शीर्ष एआई लीडर अपने बच्चों को इन्हीं गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। जानिए उनकी परवरिश का तरीका… मेलजोल और जुड़ाव अहम डेनिएला कहती हैं,‘जैसे-जैसे एआई बढ़ेगा, सहानुभूति, दयालुता और दूसरों से जुड़ने की क्षमता का महत्व बढ़ता जाएगा। ‘मशीनें संवाद कर सकती हैं, पर वे इंसान की तरह महसूस नहीं कर सकतीं। डेनिएला कहती हैं, ‘भविष्य में वही बच्चा सफल होगा जो लोगों के साथ रिश्ता बनाना जानता हो।’ इंसान हमेशा इंसानों के साथ रहना पसंद करता है, अकेलापन दुख देता है। इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे ज्यादा मेलजोल बढ़ाएं व अपनी अनोखी पहचान के साथ लोगों को समझें। इंसान की रचनात्मकता और समूह में रहने की चाह कभी खत्म नहीं होगी। इंसानी विशेषज्ञता की जरूरत रहेगी पेड एआई के को-फाउंडर मैनी मेडिना के (4, 9, 19, 26 साल उम्र) चार बच्चे हैं। वे मानते हैं भविष्य में दो क्षेत्र एनर्जी व हेल्थकेयर सबसे वाइब्रेंट रहेंगे। मेडिना कहते हैं,‘कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए इंसानी विशेषज्ञता हमेशा जरूरी रहेगी। वे कहते हैं,‘परोपकार और पर्यावरण की देखभाल जैसे काम मशीनें दिल से नहीं कर सकतीं। बच्चे एआई को खतरा नहीं टूल की तरह देखें।’ लचीलापन और तर्कशक्ति महत्वपूर्ण एसएपी में एआई वर्क ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्ट कैरोलिन हैंके का 15 साल का बेटा फुटबॉलर बनना चाहता है। कैरोलिन इसे सही मानती हैं। उनका कहना है कि आज के टेक स्किल दो साल बाद पुराने हो जाएंगे, इसलिए लचीलापन और बदलाव स्वीकार करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण है। वे अपने बेटे को गणित व तार्किक सोच पर ध्यान देने को कहती हैं क्योंकि एआई के दौर में लॉजिकल थिंकिंग ही मजबूत आधार होगी। हरफनमौला बनना जरूरी व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर एथन मॉलिक के दो बच्चे (16 व 19 साल) हैं। एआई पर बात तो करते हैं, पर बहुत ज्यादा नहीं सोचते। वे बच्चों को ‘हरफनमौला’ बनने की सलाह देते हैं। जैसे डॉक्टर का काम बीमारी पकड़ना नहीं, बल्कि मरीज को समझना और ढांढस बंधाना भी है। वे कहते हैं कि लिबरल आर्ट्स पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है ताकि बच्चे हर परिस्थिति में खुद को ढाल सकें। जिम्मेदारी लेना सीखना अहम माइक्रोसॉफ्ट की चीफ साइंटिस्ट जेमी टीवन कहती हैं,‘एआई सुझाव तो दे सकता है, पर फैसले की जिम्मेदारी नहीं ले सकता।’ इसलिए वे बच्चों को कानून या अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों जाने के लिए कहती हैं, जहां फैसलों की जवाबदेही इंसान की होती है। वे मानती हैं, गहराई से सोचने व मुश्किल काम करने की आदत ही बच्चों को मशीनों से आगे रखेगी।
टेक कंपनी एपल ने आज 2 मार्च को भारत सहित ग्लोबल मार्केट में अपनी अपडेटेड 17 सीरीज में सबसे सस्ता फोन आईफोन 17e लॉन्च कर दिया है। आईफोन 16e के मुकाबले इसमें कई अपडेट्स किए गए हैं, जैसे- लेटेस्ट A19 चिप-सेट, 48MP फ्यूजन कैमरा, बेहतर मजबूती, मैग्सेफ सपोर्ट और बेस वैरिएंट में स्टोरेज को दोगुना यानी 256GB कर दिया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपडेटेड M4 प्रोसेसर के साथ नया आईपैड एयर भी पेश किया, जो पिछली जनरेशन के मुकाबले 30% फास्ट है। आईफोन 17e और आईपैड एयर की शुरुआती कीमत 64,900 रुपए है। आईफोन 17e की शुरुआती कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले ज्यादा है, जिसकी वजह संभवतः मेमोरी चिप्स की कमी है। पिछले साल आईफोन 16e को 59,900 रुपए में लॉन्च किया गया था। हालांकि, 16e के बेस मॉडल में 128GB स्टोरेज थी, जबकि 17e के बेस मॉडल में 256GB मैमोरी दी गई है। दोनों डिवाइस को 4 मार्च शाम 7:45 बजे से बुक कर सकेंगे, जबकि सेल 11 मार्च से शुरू होगी। डिजाइन: 'मैट' फिनिश के साथ सिरेमिक शील्ड 2 की सेफ्टी आईफोन 17e के फ्रंट में सिरेमिक शील्ड 2 का इस्तेमाल किया गया है, जो स्क्रेच से 3 गुना ज्यादा सुरक्षा देता है। बैक पैनल पर मैट टेक्स्चर दिया गया है, जिससे हाथ में पकड़ने पर यह फिसलता नहीं है। इसमें पुराने मॉडल की तरह ही 'नॉच' डिजाइन बरकरार है। फोन में शॉर्टकट्स के लिए खास एक्शन बटन दिया गया है। चार्जिंग के लिए इसमें USB टाइप-C पोर्ट मिलता है। यह 3 कलर- सॉफ्ट पिंक, व्हाइट और ब्लैक में उपलब्ध होगा। स्पेसिफिकेशन्स: 48MP कैमरा और एप्पल इंटेलिजेंस डिजाइन: स्लिम प्रोफाइल और डेस्कटॉप जैसा एक्सपीरियंस मिलेगा एप्पल ने आईपेड एयर के सिग्नेचर स्लिम और लाइटवेट डिजाइन को बरकरार रखा है। यह प्रीमियम एल्युमिनियम मटेरियल से बना है, जो हाथ में पकड़ने पर काफी प्रीमियम और मजबूत फील देता है। यह 11 और 13 इंच के दो साइज में आता है। इसमें सुपर रेटिना डिस्प्ले के साथ पतले बेजल्स दिए गए हैं। इसमें फास्ट डेटा ट्रांसफर और चार्जिंग के लिए USB टाइप-C पोर्ट है। यह नए 'एपल पेंसिल प्रो' और मैजिक कीबोर्ड को सपोर्ट करता है, जिससे इसे मिनी लैपटॉप की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। स्पेसिफिकेशन्स: M4 चिपसेट और 12GB की बड़ी मेमोरी ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सबसे पतला आईफोन लॉन्च, कीमत ₹1.20 लाख: आईफोन-17 सीरीज में 4 फोन आएंगे, हार्ट रेट बताने वाला पहला एयरपॉड भी लॉन्च एपल ने अपने सालाना इवेंट 'ऑव ड्रॉपिंग' में अपना सबसे पतला आईफोन लॉन्च किया। आईफोन एयर 5.6mm पतला है। इसकी शुरुआती कीमत 1.20 लाख रुपए है। इवेंट में आईफोन 17, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स भी लॉन्च किया गया है। प्रो वैरिएंट में अब तक की सबसे बड़ी आईफोन बैटरी मिलेगी। 17 सीरीज की शुरुआती कीमत 82,900 रुपए है। लेकिन इस बार 128 GB के स्टोरेज ऑप्शन को हटा दिया गया है। शुरुआत 256 GB के स्टोरेज से की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका ने ईरान पर किए गए हवाई हमले में उसी AI कंपनी एन्थ्रोपिक के टूल्स का इस्तेमाल किया है, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सरकारी बैन लगाया था। अमेरिकी मीडिया हाउस द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने पुष्टि की है। मिडल ईस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) समेत दुनिया भर के कमांड एन्थ्रोपिक के 'क्लॉड' एआई टूल का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, सेंटकॉम ने ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा ऑपरेशन में इस्तेमाल हो रहे सिस्टम्स पर कमेंट करने से इनकार कर दिया। टारगेट पहचानने के लिए इस्तेमाल हुआ क्लॉड AI जानकारों का कहना है कि बैन के बावजूद कमांड इस टूल का इस्तेमाल इंटेलिजेंस असेसमेंट, टारगेट की पहचान और युद्ध के हालातों को समझने (सिमुलेशन) के लिए कर रही है। इससे पता चलता है कि सैन्य ऑपरेशन्स में ये एआई टूल्स कितनी गहराई तक शामिल हो चुके हैं। रक्षा विभाग ने कंपनी को बताया सुरक्षा के लिए खतरा पेंटागन में AI मॉडल्स के इस्तेमाल को लेकर सरकार और एन्थ्रोपिक के बीच महीनों से विवाद चल रहा है। ट्रम्प ने शुक्रवार को ही सरकारी एजेंसियों को कंपनी के साथ काम बंद करने का आदेश दिया था और रक्षा विभाग ने इसे सुरक्षा के लिए खतरा और अपनी सप्लाई चेन के लिए जोखिम बताया था। कंपनी बोली- AI से जान लेना गलत यह विवाद तब बढ़ा जब एन्थ्रोपिक ने अमेरिकी रक्षा विभाग को 'बिना किसी शर्त' के अपने टूल का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। इस वजह से उसका कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया रक्षा विभाग चाहता था कि एक बार कॉन्ट्रैक्ट होने के बाद वे इस टूल को 'सभी कानूनी स्थितियों' में इस्तेमाल कर सकें। इसमें खुफिया जानकारी जुटाने से लेकर हमले के टारगेट तय करना शामिल है। यानी, सेना एआई को एक 'हथियार' की तरह इस्तेमाल करना चाहती है। लेकिन एन्थ्रोपिक 'सेफ एआई' पर जोर देती है। उसने अपने कॉन्ट्रैक्ट में यह शर्त रखने की कोशिश की कि उसके AI टूल का इस्तेमाल घातक सैन्य ऑपरेशन्स या सीधे तौर पर युद्ध में जान लेने के लिए न हो। मस्क की xAI और ओपन एआई से समझौता ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि सेना से इस तकनीक को पूरी तरह हटाने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा। यह प्रक्रिया काफी जटिल है क्योंकि डेटा-माइनिंग फर्म पालान्टिर जैसे पार्टनर्स भी इसी तकनीक के जरिए सैन्य डेटा प्रोसेस करते हैं। विकल्प के तौर पर पेंटागन ने अब इलॉन मस्क की कंपनी xAI और OpenAI के साथ क्लासिफाइड सेटिंग्स में काम करने के लिए समझौते किए हैं। वेनेजुएला ऑपरेशन में भी हुआ था क्लॉड का इस्तेमाल क्लॉड AI का इस्तेमाल वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने जैसे बड़े सैन्य ऑपरेशन्स में भी हुआ है। यह पहली बार था जब एआई का इस्तेमाल इतने बड़े और गुप्त ऑपरेशन में किया गया था। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई थी। क्या है एनट्रॉपिक का 'क्लॉड' AI? क्लॉड एक एडवांस AI चैटबॉट है, जो टेक्स्ट जनरेशन, डेटा एनालिसिस और कोडिंग जैसे कामों में माहिर है। इसे ओपन AI के पूर्व एग्जीक्यूटिव्स ने 2021 में शुरू किया था। हाल ही में एक फंडिंग राउंड के बाद एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन 380 बिलियन डॉलर यानी, करीब 34 लाख करोड़ रुपए हो गई है। नॉलेज पार्ट: युद्ध में कैसे मदद करता है AI? मिलिट्री ऑपरेशंस में AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कामों के लिए किया जाता है:
दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क अब एक ऐसे भविष्य की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, जहां काम शब्द डिक्शनरी से बाहर हो सकता है। मस्क का नया मंत्र है सस्टेनेबल अबंडेंस। यह एक ऐसी दुनिया का खाका है जहां रोबोटिक सेना इंसानों की हर जरूरत पूरी करेगी, पैसा बेमानी हो जाएगा और श्रम का वजूद खत्म हो जाएगा। नवंबर में टेस्ला की शेयरधारक बैठक में मस्क ने एक साइनबोर्ड के सामने खड़े होकर ऐलान किया कि एआई और रोबोटिक्स के जरिये हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला अब ‘ऑप्टिमस’ जैसे इंसानी रोबोट बना रही है; ‘स्पेसएक्स’ कक्षीय डेटा केंद्रों को बढ़ावा दे रही है। एआई स्टार्टअप एक्सएआई को लेकर उनका दावा है कि वह मानवता की लगभग सभी समस्याओं को हल कर देगी। ‘मस्क का दावा है कि 12 से 18 महीनों के भीतर यह युग शुरू हो जाएगा और अरबों रोबोट होंगे जो इंसानों की हर जरूरत को पूरा करेंगे। 54 वर्षीय मस्क का यह नया नारा उनके एक दशक पुराने रुख से उलट है, जब उन्होंने चेतावनी दी थी कि बेकाबू एआई मानव जाति को नष्ट कर सकती है। अब यह अवधारणा उनके व्यापार विस्तार के लिए एक मिशन बन गई है। टेस्ला की चेयरपर्सन रॉबिन डेनहोम ने बताया कि मस्क का सस्टेनेबल अबंडेंस का लक्ष्य उस भारी-भरकम पे-पैकेज के पीछे का मुख्य तर्क था, जो उन्हें दुनिया का पहला ट्रिलियनेयर बना सकता है। टेस्ला एक ऐसी दुनिया बनाना चाहती है जहां वस्तुओं और सेवाओं का प्रचुर मात्रा में उत्पादन हो सके। यह अर्थव्यवस्थाओं की उत्पादकता बढ़ाने के बारे में है।’ मस्क के इसे सपने के आलोचक कहते हैं कि ये रोबोट और स्पेस डेटा सेंटर हकीकत से कोसों दूर हैं, लेकिन मस्क ने दुनिया को एक ऐसी बहस में जरूर झोंक दिया है जहां काम, पैसा और वजूद के मायने बदलने वाले हैं। 1800 के दशक में कार्ल मार्क्स ने सामूहिक संपत्ति का सपना देखा था और 1930 में अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स ने भविष्यवाणी की थी कि भविष्य में इंसान हर हफ्ते सिर्फ 15 घंटे ही काम करेंगे। मस्क के मित्र और एक्सप्राइज फाउंडेशन के फाउंडर पीटर डियामांडिस कहते हैं कि मस्क का लक्ष्य मानवता के लिए ‘बेसलाइन’ तैयार करना है। अगर मंगल पर कोई मल्टी-ट्रिलियनेयर रह रहा है और पृथ्वी पर 8 अरब लोगों का जीवन स्तर शानदार है, तो कोई समस्या नहीं है। यदि काम नहीं होगा, तो सामाजिक ढांचा ढह जाएगा मस्क के इस जादुई विजन को हर कोई सच नहीं मान रहा है। आलोचकों का तर्क है कि यदि काम करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है, तो समाज का ढांचा ढह जाएगा। शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर एलेक्स इमास ने सवाल उठाया कि मस्क ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह तकनीक से पैदा हुई इस संपत्ति का बंटवारा कैसे करेंगे। मालिक कौन होगा? अगर नीतियां नहीं बदलीं, तो हम स्वर्ग में नहीं, बल्कि एक भयावह नर्क में होंगे, जहां मांग पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।’
चाइनीज टेक कंपनी शाओमी भारतीय बाजार में शनिवार को अपना अगला फ्लैगशिप टैबलेट शाओमी पैड 8 लॉन्च करने जा रही है। लॉन्चिंग इवेंट शाम 6:30 बजे होगा। इवेंट में शाओमी 17 और 17 अल्ट्रा स्मार्टफोन्स भी पेश किए जाएंगे। यह टैबलेट गेमिंग और मल्टीटास्किंग के शौकीनों के लिए पावरफुल स्पेसिफिकेशन्स के साथ आएगा। इसमें स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर, 3.2K रेजोल्यूशन वाली 11.2-इंच एमोलेड डिस्प्ले और 9200mAh बैटरी मिलेगी। कंपनी टैबलेट को दो वर्जन में पेश करेगी। इसमें एक स्टैंडर्ड डिस्प्ले वर्जन होगा, जबकि दूसरा नैनो टेक्स्चर डिस्प्ले के साथ आएगा। इसकी शुरुआती कीमत 30 हजार रुपए हो सकती है। इसकी सीधी टक्कर वनप्लस पैड गो 2 और सैमसंग गैलेक्सी टैब S10 लाइट से होगी। डिजाइन: स्लिम बॉडी और प्रीमियम मेटल फिनिश डिजाइन के मामले में शाओमी पैड 8 काफी मॉडर्न और स्लिम है। यह मात्र 5.75 mm पतला है और इसका वजन लगभग 485 ग्राम है, जिससे इसे लंबे समय तक हाथ में पकड़ना आसान है। फ्रंट में बहुत पतले बेजल्स दिए गए हैं। इसका बैक पैनल क्लीन है, जहां एक स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इसे प्रीमियम शेड्स में लाया जा सकता है। यह शाओमी के 'फोकस पेन प्रो' स्टायलस और बैकपैक कीबोर्ड को सपोर्ट करता है, जिसमें जेस्चर इनेबल्ड टचपैड दिया गया है। स्पेसिफिकेशन्स: 3.2K रेजोल्यूशन और पावरफुल प्रोसेसर डिस्प्ले: इसमें 3.2K रेजोल्यूशन वाली 11.2 इंच की स्क्रीन मिलेगी, जो 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है। आंखों की सेफ्टी के लिए इसमें TV रीनलैंड आई प्रोटेक्शन और DC डिमिंग फीचर दिया गया है। कैमरा: फोटोग्राफी और स्कैनिंग के लिए रियर में 13MP का कैमरा और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है। परफॉर्मेंस: इसमें स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर दिया गया है। यह चिपसेट गेमिंग और क्रिएटिव काम के लिए नियर-फ्लैगशिप पावर देता है। इसमें 12GB तक की रैम और 256GB तक की इंटरनल स्टोरेज मिल सकती है। पावरबैकअप: टैबलेट में 9,200mAh की बैटरी लगी है। भारत में इसे 45W फास्ट चार्जिंग के साथ उतारा जाएगा। ऑडियो और कनेक्टिविटी: बेहतर साउंड के लिए डॉल्बी एटमॉस के साथ क्वाड-स्पीकर (4 स्पीकर्स) सेटअप है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 5.4 और USB टाइप-C पोर्ट मिलेगा।
ब्रिटिश टू-व्हीलर दिग्गज ट्रायम्फ और भारतीय कंपनी बजाज ऑटो मिलकर भारत में अपनी सबसे सस्ती मोटरसाइकिल रेंज उतारने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रायम्फ की नई 350cc रेंज यानी सीरीज को अप्रैल में लॉन्च किया जा सकता है। यह नई सीरीज कंपनी की अभी बिक रही स्पीड 400 और स्क्रैम्बलर 400X के नीचे प्लेस की जाएगी। जिससे प्रीमियम बाइक्स के शौकीनों को कम बजट में बेहतर ऑप्शन मिल सकेंगे। बजाज के चाकन प्लांट में प्रोडक्शन होगा ट्रायम्फ की इन नई बाइक्स का प्रोडक्शन बजाज ऑटो के पुणे स्थित चाकन प्लांट में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारत में अपना मार्केट शेयर बढ़ाना है। वर्तमान में ट्रायम्फ की 400cc रेंज को भारतीय बाजार में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। जिसके बाद अब कंपनी वॉल्यूम सेगमेंट (ज्यादा बिक्री वाले सेगमेंट) पर फोकस कर रही है। बजाज-ट्रायम्फ की पार्टनरशिप का मकसद प्रीमियम इंजीनियरिंग को किफायती दाम पर अवेलेबल कराना है। इंजन और परफॉर्मेंस, 350cc का नया प्लेटफॉर्म नई बाइक्स में बिल्कुल नया 350cc का सिंगल-सिलेंडर लिक्विड-कूल्ड इंजन मिल सकता है। हालांकि इसके पावर आउटपुट की जानकारी अभी ऑफिशियल तौर पर सामने नहीं आई है। हालांकि, माना जा रहा है कि यह 30-35 BHP की पावर जनरेट कर सकता है। इसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जा सकता है। कंपनी इसे सिटी राइडिंग और हाईवे क्रूजिंग दोनों के लिहाज से ट्यून करेगी। स्पीड और स्क्रैम्बलर लुक बरकरार रहेगा सोर्स के मुताबिक, 350cc रेंज में भी दो मॉडल देखने को मिल सकते हैं- एक 'स्पीड' (स्ट्रीट नेकेड) और दूसरा 'स्क्रैम्बलर'। इनका लुक काफी हद तक मौजूदा 400cc मॉडल्स जैसा ही होगा। इनमें राउंड एलईडी हेडलाइट, टियर-ड्रॉप फ्यूल टैंक और प्रीमियम फिनिशिंग देखने को मिलेगी। हालांकि, कीमत कम रखने के लिए कंपनी कुछ कंपोनेंट्स जैसे टायर और सस्पेंशन सेटअप में बदलाव कर सकती है। रॉयल एनफील्ड से मुकाबला होगा भारत में 350cc सेगमेंट पर फिलहाल रॉयल एनफील्ड (क्लासिक 350, हंटर और बुलेट) का दबदबा है। ट्रायम्फ की नई 350cc बाइक सीधे तौर पर हंटर 350 और क्लासिक 350 को चुनौती देगी। इसके अलावा होंडा की CB350 और जावा-येज्दी की बाइक्स से भी इसका कड़ा मुकाबला होगा। ट्रायम्फ की ब्रांड वैल्यू इस रेस में उसे बढ़त दिला सकती है। कितनी हो सकती है कीमत? कीमत की बात करें तो ट्रायम्फ इसे काफी एग्रेसिव रख सकती है। अनुमान है कि नई 350cc रेंज की एक्स-शोरूम कीमत 1.90 लाख रुपए से 2.10 लाख रुपए के बीच शुरू हो सकती है। मौजूदा स्पीड 400 की कीमत लगभग 2.40 लाख रुपए है। कम कीमत होने से यह उन युवाओं के लिए पहली पसंद बन सकती है जो प्रीमियम ब्रांड की ओर शिफ्ट होना चाहते हैं। अगले साल का प्लान, शोरूम्स की संख्या बढ़ेगी लॉन्चिंग के साथ ही ट्रायम्फ और बजाज मिलकर अपने डीलरशिप नेटवर्क का भी विस्तार कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले साल तक भारत के 100 से ज्यादा शहरों में अपनी पहुंच बनाना है। अभी कई छोटे शहरों में ट्रायम्फ के शोरूम नहीं हैं, जिससे सर्विस और सेल्स में दिक्कत आती है। नई सस्ती रेंज आने के बाद कंपनी टायर-2 और टायर-3 शहरों पर ज्यादा फोकस करेगी। ये खबर भी पढ़ें… 1 अप्रैल से 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल अनिवार्य: तेल कंपनियों को E20 पेट्रोल बेचना होगा, पुरानी गाड़ियों के माइलेज पर असर संभव केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। हालांकि, देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है।
गूगल ने अपना अब तक का सबसे तेज और एडवांस AI इमेज जनरेशन मॉडल नैनो बनाना 2 लॉन्च कर दिया है। CEO सुंदर पिचाई ने इसे गूगल का 'बेस्ट इमेज मॉडल' बताया है। यह नया टूल कल्पना को हाई-क्वालिटी तस्वीर में बदल सकता है। गूगल सर्च की मदद से रियल-टाइम जानकारी का इस्तेमाल कर सटीक और असली दिखने वाली इमेज भी तैयार करता है। यह साधारण AI टूल्स की तुलना में ज्यादा तेजी से और ज्यादा बारीकी के साथ रिजल्ट देता है। आइए जानते हैं कि यह टूल कैसे आपके काम आ सकता है… 1. पुरानी फोटो को नया लुक देना: चेहरा वही, स्टाइल नया अक्सर हम अपनी किसी पुरानी फोटो का बैकग्राउंड बदलना चाहते हैं, लेकिन चेहरे में बदलाव आने का डर रहता है। नैनो बनाना 2 की 'फेस कंसिस्टेंसी' खूबी की वजह से अब आप अपनी फोटो में चेहरा वही रखकर सिर्फ कपड़े, हेयरस्टाइल या बैकग्राउंड सटीकता से बदल सकते हैं। कैसे करें: बस फोटो अपलोड करें और कहें- मेरा चेहरा यही रहने दें, लेकिन मुझे पहाड़ों के बैकग्राउंड में फॉर्मल सूट पहने हुए दिखाएं। यह तुरंत नई इमेज जनरेट कर देगा। 2. बच्चों की पढ़ाई और प्रोजेक्ट्स में मदद: अब खुद बनाएं इन्फोग्राफिक्स इस टूल की समझ इतनी गहरी है कि यह जटिल ग्राफिक्स भी बना सकता है। जैसे कई बार स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए अक्सर हमें इंटरनेट पर सटीक डायग्राम नहीं मिलते। कई बार ये अपनी भाषा में भी नहीं मिलते। इस टूल की मदद से आप अपनी पसंद के भाषा में 4K इन्फोग्राफिक बनवा सकते हैं। ये इंग्लिश ग्राफिक को हिंदी में भी बदल सकते हैं। कैसे करें: जेमिनी एप में जाकर बोलें- सौर मंडल का एक 4K चार्ट बनाएं जिसमें हर ग्रह का नाम हिंदी में लिखा हो। यह तुरंत आपको एक फ्रेश और ओरिजिनल इमेज बना कर दे देगा। इसे निर्देश दें कि वॉटर साइकिल का एक 4K इन्फोग्राफिक बनाओ जिसमें हिंदी में साफ लेबल लिखे हों। यह पढ़ने लायक टेक्स्ट और रियलिस्टिक लाइटिंग के साथ इमेज तैयार कर देगा। 3. दुकानदारों और बिजनेस के लिए फ्री ग्राफिक डिजाइनर अगर आप अपना छोटा बिजनेस चलाते हैं और सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट की फोटो डालनी है, तो अब महंगे डिजाइनर की जरूरत नहीं है। नैनो बनाने आपके लिए ये काम तेजी से कर देगा। कैसे करें: अपने प्रोडक्ट की फोटो खींचें और AI को निर्देश दें- इस जूते की फोटो को एक स्टाइलिश शोरूम के बैकग्राउंड में रखें और ऊपर '50% डिस्काउंट' लिख दें। 4. वॉट्सएप और सोशल मीडिया के लिए यूनिक स्टिकर और डीपी आप ऐसे मीम्स या स्टिकर्स बना सकते हैं जो इंटरनेट पर कहीं और नहीं मिलेंगे। कैसे करें: जेमिनी एप में जाकर बोलें- एक चश्मा पहने हुए कुत्ते की फनी फोटो बनाओ जो समोसा खा रहा हो। यह सेकंड्स में आपको इमेज दे देगा। गूगल के इन एप्स में मिलेगा नैनो बनाना 2 का सपोर्ट गूगल नैनो बनाने को अपने पूरे इकोसिस्टम में जोड़ रहा है। यूजर्स इसका इस्तेमाल जेमिनी एप , गूगल सर्च के AI मोड, गूगल लेंस और गूगल के 'फ्लो' वीडियो टूल में कर सकेंगे। इससे ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटो एडिटिंग का काम हर किसी के लिए आसान हो जाएगा। अगस्त 2025 में शुरू हुआ था नैनो बनाना का सफर
गेमिंग फोन बनाने वाली टेक कंपनी आईक्यू ने भारत में अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन आईक्यू 15R लॉन्च कर दिया है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7600mAh की बैटरी है, जो कंपनी के मुताबिक अब तक के किसी भी आइक्यू फोन में मिलने वाली सबसे बड़ी पावर यूनिट है। इसके अलावा, यह स्मार्टफोन क्वालकॉम के लेटेस्ट स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर के साथ आने वाला देश का तीसरा फोन है और इसमें फोटोग्राफी के लिए OIS के साथ 50 मेगापिक्सल का सोनी का कैमरा दिया गया है। आइकू 15R को 3 स्टोरेज वैरिएंट्स में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 44,999 रुपए रखी गई है। फोन की सेल 3 मार्च से शुरू होगी। शुरुआती सेल में फोन पर क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर 4 हजार रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। डिजाइन: IP69 रेटिंग और अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर फोन का डिजाइन प्रीमियम है और इसे पकड़ने पर यह एक सॉलिड फ्लैगशिप का अहसास देता है। मटेरियल और कलर: इसे ट्रायम्फ सिल्वर और डार्क नाइट जैसे दो क्लासी कलर्स में लाया गया है। बैक पैनल पर स्मूथ टेक्स्चर दिया गया है। बिल्ड: फोन में ऊपर की तरफ IR ब्लास्टर और नीचे की तरफ टाइप-C पोर्ट व स्पीकर ग्रिल दी गई है। डिस्प्ले: फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स वाली पंच-होल डिस्प्ले है। इसमें सुरक्षा के लिए अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है, जो गीले हाथों से भी अनलॉक हो जाता है। सेफ्टी: इसे IP68 और IP69 रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और पानी (गर्म पानी की बौछार भी) से सुरक्षित रखती है। आईक्यू 15R: स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: फोन में 6.59-इंच की 1.5K एमोलेड स्क्रीन दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है और इसकी पीक ब्राइटनेस 5000 निट्स है। आंखों की सुरक्षा के लिए 4320Hz PWM डिमिंग दी गई है। कैमरा: रियर में डुअल कैमरा सेटअप है। इसमें OIS के साथ 50MP सोनी LYT700V मेन सेंसर और 8MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस है। सेल्फी के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। परफॉर्मेंस: फोन में 3nm का स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 चिपसेट है, जिसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 3.8GHz है। इसमें हैवी गेमिंग के लिए 6.5k आइस कोर VC कूलिंग सिस्टम लगा है। पावरबैकअप: 7600mAh की बैटरी को चार्ज करने के लिए 100W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट है। टेस्टिंग में यह फोन 45 मिनट में 20% से 100% फुल चार्ज हो गया। सॉफ्टवेयर और अन्य फीचर्स यह फोन लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 पर आधारित ओरिजन OS 6.0 पर चलता है। कंपनी ने इसके साथ 4 साल के OS अपग्रेड और 7 साल के सुरक्षा अपडेट देने का वादा किया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 6.0, Wi-Fi 7, NFC और शानदार ऑडियो अनुभव के लिए स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। हालांकि, देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है। 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर का ही E20 पेट्रोल बेच सकेंगे इस फ्यूल के लिए रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) कम से कम 95 तय किया गया है, ताकि इंजनों को सुरक्षित रखा जा सके। RON यानी फ्यूल की 'नॉकिंग' (इंजन के अंदर समय से पहले आग लगना) को रोकने की क्षमता को दिखाता है। RON यह बताता है कि पेट्रोल कितना 'मजबूत' या 'सहनशील' है। जिस पेट्रोल का RON नंबर जितना ज्यादा होगा, वह उतनी ही आसानी से इंजन के दबाव को झेलेगा और बिना किसी आवाज या झटके के सही समय पर जलेगा। इससे इंजन की लाइफ बढ़ती है और वह सुचारू रूप से चलता है। अभी तक भारत में बिकने वाला साधारण पेट्रोल का 91 RON होता है और सिर्फ 'प्रीमियम' पेट्रोल (जैसे XP95) ही 95 RON का मिलता है। पुरानी गाड़ियों का माइलेज 3-7% तक गिर सकता है इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि 2023 से 2025 के बीच बने ज्यादातर वाहन E-20 ईंधन के हिसाब से ही डिजाइन किए गए हैं, इसलिए उनमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि, बहुत पुराने वाहनों में कुछ समस्याएं दिख सकती हैं… माइलेज: पुराने वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी में 3% से 7% तक की गिरावट आ सकती है। पुर्जों पर असर: लंबे समय तक इस्तेमाल से पुराने इंजनों के रबर और प्लास्टिक के हिस्सों में खराबी आने की आशंका है। इन इलाकों में मिल सकती है थोड़ी छूट पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि असाधारण परिस्थितियों में कुछ खास इलाकों के लिए सीमित समय के लिए इस नियम से छूट दी जा सकती है। हालांकि, मुख्य रूप से यह नियम पूरे देश के फ्यूल स्टेशनों पर लागू होगा। एथेनॉल से ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा विदेशी मुद्रा बचाई सरकार के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है। तेल मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की वजह से भारत ने ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इसके अलावा, एथेनॉल का उत्पादन गन्ना, मक्का और अनाज से होता है, जिससे किसानों की आय में भी बढ़ेगी। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। 1G एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठा ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। 2G एथेनॉल : सेकंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे - चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। 3G बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एलगी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। अप्रैल-2023 से देश में बिक रहा E-20 पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से होने वाले एयर पॉल्यूशन को रोकने और फ्यूल के दाम कम करने के लिए दुनियाभर की सरकारें एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल पर काम कर रही हैं। भारत में भी एथेनॉल को पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इससे गाड़ियों का माइलेज भी बढ़ेगा। देश में 5% एथेनॉल से प्रयोग शुरू हुआ था जो अब 20% तक पहुंच चुका है। सरकार अप्रैल के महीने में नेशनल बायो फ्यूल पॉलिसी लागू कर E-20 (20% एथेनॉल + 80% पेट्रोल) से E-80 (80% एथेनॉल + 20% पेट्रोल) पर जाने के लिए प्रोसेस शुरू कर चुकी है। इसके अलावा देश में अप्रैल से सिर्फ फ्लेक्स फ्यूल कंप्लाइंट गाड़ियां ही बेची जा रही हैं। साथ ही पुरानी गाड़ियां एथेनॉल कंप्लाएंट व्हीकल में चेंज की जा सकेंगी। एथेनॉल मिलाने से क्या फायदा है? पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से पेट्रोल के उपयोग से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इसके इस्तेमाल से गाड़ियां 35% कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन करती है। सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन भी एथेनॉल कम करता है। एथेनॉल में मौजूद 35% ऑक्सीजन के चलते ये फ्यूल नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को भी कम करता है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से रोकने की याचिका खारिज: सुप्रीम कोर्ट में सरकार बोली- याचिकाकर्ता इंग्लैंड का, बाहरी नहीं बताएगा कौन सा पेट्रोल इस्तेमाल करें सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के प्लान को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इस प्लान के तहत देश में बिकने वाले पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। 2023 में एथेनॉल मिलाने की शुरुआत की गई थी। सरकार ने 2025-26 तक देश के सभी पेट्रोल पंप्स पर E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने का टारगेट रखा है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने ये फैसला सुनाया। ये याचिका वकील अक्षय मल्होत्रा ने दायर की थी। पूरी खबर पढ़ें…
केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिलेगी। समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर? सवाल. क्या है सिम बाइंडिंग? जवाब. सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ 'लॉक' कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा। सवाल. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जवाब. जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। सवाल. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? जवाब. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। सवाल. 1 मार्च से यूजर्स को क्या करना होगा? जवाब. यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग एप काम करना बंद कर सकता है। सवाल. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? जवाब. इंडस्ट्री एसोसिएशन (IAMAI) ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉगआउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा। साथ ही उन यूजर्स को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं। सवाल. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? जवाब. केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक कंपनियों को 120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी… 1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं। कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है। 2. BSNL अफसर का मामला हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था। सिंधिया ने कहा कि इस मामले में 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी हेल्दी कैश फ्लो जेनरेट कर रही है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप अकाउंट हैक करने की नई ट्रिक सामने आई: CERT-In ने जारी की चेतावनी, हैकर्स घोस्ट पेयरिंग से पूरा कंट्रोल ले रहे; जानें कैसे बचें भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने वॉट्सएप यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने बताया कि हैकर्स वॉट्सएप के डिवाइस लिंकिंग फीचर का गलत इस्तेमाल करके अकाउंट हैक कर रहे हैं। इस नए कैंपेन को घोस्ट पेयरिंग नाम दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
साउथ कोरियन टेक कंपनी सैमसंग ने अपनी सबसे पावरफुल स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 भारत सहित ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर दी है। इसमें गैलेक्सी S26 अल्ट्रा, गैलेक्सी S26+ और गैलेक्सी S26 शामिल हैं। इनकी कीमत 87,999 रुपए से शुरू होती है, जो 1,89,999 रुपए तक जाती है। वहीं, गैलेक्सी बड्स 4 सीरीज भी लॉन्च की गई है। सभी डिवाइस की प्री-बुकिंग शुरू कर दी गई है। 11 मार्च से इनकी सेल शुरू होगी। अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर स्थित सैन होजे SAP सेंटर में बुधवार रात (26 फरवरी) हुए इवेंट में कंपनी ने S26 अल्ट्रा स्मार्टफोन को खास प्राइवेसी फीचर्स के साथ पेश किया। इसमें प्राइवेसी डिस्प्ले, प्राइवेसी अलर्ट्स, प्राइवेट एल्बम, एडवांस्ड नॉक्स प्रोटेक्शन और कॉल स्क्रीनिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा तीनों स्मार्टफोन्स में क्रिएटिव स्टूडियो, फोटो असिस्ट, ऑडियो इरेजर और ऑटो ट्रिम और नोट समरी, चैट असिस्ट, रियल-टाइम लैंग्वेज ट्रांसलेशन, सर्कल टू सर्च जैसे एडवांस्ड AI फीचर्स को अपग्रेड किया गया है। S26 सीरीज के स्मार्टफोन्स में 7 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा। S26 अल्ट्रा के मुख्य प्राइवेसी फीचर्स 1. प्राइवेसी डिस्प्ले डिस्प्ले के पिक्सल इस तरह से लाइट छोड़ते हैं, कि सामने से देखने वाले को सब साफ दिखता है, लेकिन साइड से देखने वाले को स्क्रीन काली या धुंधली दिखती है। आप इसे सेटिंग्स से या पावर बटन को दो बार दबाकर तुरंत ऑन/ऑफ कर सकते हैं। आप चाहें तो अपनी पसंद के एप को भी इस फीचर से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। इसके दो मोड हैं… 2. प्राइवेसी अलर्ट्स सैमसंग ने इसमें AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया है। अगर कोई एप आपकी मर्जी के बिना बैकग्राउंड में आपकी लोकेशन, कॉल लॉग्स या कॉन्टैक्ट्स एक्सेस करने की कोशिश करता है, तो फोन आपको तुरंत 'रियल-टाइम अलर्ट' देगा। 3. एडवांस्ड नॉक्स प्रोटेक्शन 4. प्राइवेट एल्बमअब गैलरी में ही एक खास 'प्राइवेट एल्बम' का फीचर दिया गया है। इसमें आप अपनी पर्सनल फोटो और वीडियो को अलग फोल्डर बनाए बिना या सैमसंग अकाउंट में लॉग-इन किए बिना सीधे छुपा सकते हैं। यह नॉक्स सुरक्षा से लॉक रहता है। 5. कॉल स्क्रीनिंगAI की मदद से यह फीचर अनजान कॉल करने वालों की पहचान करता है और उनकी कॉल उठाने से पहले ही आपको बताएगा कि वे किस काम के लिए फोन कर रहे हैं। इससे स्पैम कॉल्स से आपकी प्राइवेसी बनी रहती है। गैलेक्सी AI की मदद से वीडियो एडिट कर सकेंगे क्रिएटिव यूजर्स के लिए फोटो असिस्ट और क्रिएटिव स्टूडियो जैसे ऑप्शन्स दिए गए हैं। इनसे इमेज में ऑब्जेक्ट हटाना, बैकग्राउंड एडजस्ट करना और फोटो में एक्स्ट्रा चीजों को जोड़ा जा सकेगा। वहीं गैलेक्सी AI की मदद से वीडियो को भी एडिट किया जा सकेगा। इसके अलावा, नया सुपर स्टडी वीडियो, होरिजोंटल लॉक स्टाइल, लो-लाइट में फोटो-वीडियो के लिए नाइटोग्राफी, 30fps पर 8K वीडियो रिकॉर्डिंग और APV कोडेक जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। APV कोडेक से कम साइज में हाई-क्वालिटी वीडियो रिकॉर्ड की जा सकेगी और सबसे बड़ी बात, बार-बार एडिट करने के बाद भी वीडियो क्वालिटी खराब नहीं होगी। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज में मुख्य एआई फीचर्स सर्किल टू सर्च 2.0 सैमसंग गैलेक्सी S26 स्मार्टफोन सीरीज में सर्किल टू सर्च फीचर अपग्रेड हो गया है। अब आप स्क्रीन पर किसी भी कठिन गणित के सवाल या फिजिक्स के फॉर्मूले को सर्किल करेंगे, तो AI न सिर्फ उसका जवाब देगा, बल्कि उसे स्टेप-बाय-स्टेप हल करने का तरीका भी बताएगा। अगर आपके बैकग्राउंड में कोई गाना बज रहा है, तो बस होम बटन दबाकर होल्ड करें, वह तुरंत उस गाने का नाम और सिंगर बता देगा। रियल-टाइम वीडियो कॉल ट्रांसलेशन पहले यह सिर्फ फोन कॉल तक सीमित था, लेकिन S26 में अब यह वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और गूगल मीट जैसे ऐप्स पर भी काम करेगा। अगर आप किसी विदेशी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं, तो AI रियल-टाइम में उनकी भाषा को हिंदी में ट्रांसलेट करके स्क्रीन पर दिखाएगा और आपकी बात उन्हें उनकी भाषा में सुनाएगा। नोट असिस्ट और वेब समरी जनरेटिव वॉलपेपर और स्टूडियो आप अपनी किसी भी नॉर्मल सेल्फी को 3D कार्टून, वॉटरकलर पेंटिंग या स्केच में बदल सकते हैं। इसके अलावा, आप सिर्फ लिखकर अपने फोन के लिए यूनिक वॉलपेपर तैयार करवा सकते हैं। ग्राफिक -अंकित पाठक
रेनो इंडिया अपनी सबसे पॉपुलर SUV 'डस्टर' को भारतीय बाजार में 17 मार्च को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने 27 जनवरी को इसे नए डिजाइन के साथ रिवील किया था। नई डस्टर न सिर्फ लुक में ज्यादा मस्कुलर हो गई है, बल्कि इसमें पहली बार स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन और 2 टर्बो इंजन का ऑप्शन भी दिया गया है। कंपनी ने इसे नए R-GMP प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। इसकी एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत करीब ₹10 लाख हो सकती है। नई डस्टर की बुकिंग ₹21,000 के टोकन अमाउंट के साथ शुरू की गई है। टर्बो-पेट्रोल वैरिएंट की डिलीवरी अप्रैल से शुरू होगी, जबकि हाइब्रिड दिवाली के आसपास शोरूम पर मिलेगा। कार में गूगल OS के साथ टच स्क्रीन इन्फॉटेन्मेंट सिस्टम, पैनोरमिक सनरूफ, 700 लीटर का बूट स्पेस, 360-डिग्री कैमरा, 18-इंच अलॉय व्हील्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। वहीं, 6 एयरबैग्स के साथ 31 स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और 17 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम (ADAS) भी दिया जाएगा। साल 2012 में पहली बार लॉन्च हुई डस्टर ने भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की शुरुआत की थी, जिसे 2022 में डिस्कंटीन्यू कर दिया गया था। अब 3 साल बाद इसकी भारत में एंट्री हुई है। नई डस्टर हुंडई क्रेटा, टाटा सिएरा, किआ सेल्टोस, मारुति विक्टोरिस, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर को टक्कर देगी। एक्सटीरियर डिजाइन: Y-शेप्ड हेडलैंप्स और 18-इंच के अलॉय व्हील्स न्यू जनरेशन डस्टर को CMF-B प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म को डेसिया, रेनो और निसान ने मिलकर डेवलप किया है। नई डस्टर का डिजाइन ग्लोबल मार्केट में बिकने वाले मॉडल डेसिया से इन्सपायर्ड है। इंटीरियर डिजाइन: 10.1 इंच की टचस्क्रीन और डबल-लेयर डैशबोर्ड नई डस्टर में डबल-लेयर डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें हल्के और डार्क ब्लैक शेड्स हैं। सेंटर कंसोल ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ है। हायर वैरिएंट में दो डिजिटल स्क्रीन मिलेंगी। इसमें ड्राइवर के लिए 7 इंच की स्क्रीन और इंफोटेनमेंट के लिए गूगल OS के साथ 10.25 इंच की टचस्क्रीन शामिल है। सेंटर AC वेंट के नीचे एक हॉरिजोंटल पैनल में कई बटन मिलते हैं, जो इंफोटेनमेंट और HVC सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। एक 12V पावर सॉकेट और USB आउटलेट को नीचे की ओर प्लेस किया गया है। ऐसा लगता है कि मैनुअल गियरबॉक्स से लैस डस्टर का गियर लीवर मौजूदा रेनॉल्ट मॉडल से लिया गया है और यह भारत में काइगर और ट्राइबर के समान दिखता है। हायर वैरिएंट में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स ऑप्शन और एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक भी मिलता है। तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भारी दिखता है और इसमें इंफोटेनमेंट, टेलीफोनी और क्रूज कंट्रोल के लिए बटन हैं। टॉप-स्पेक डस्टर के फीचर्स में वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी, ऑटोमेटिक क्लाइमेंट कंट्रोलऔर 6 स्पीकर के साथ एक आर्कमिस 3D साउंड सिस्टम शामिल होगा। नई डस्टर में ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सहित ADAS जैसे सेफ्टी फीचर भी मिलेंगे। परफॉर्मेंस: हाइब्रिड सिस्टम के साथ 3 इंजन ऑप्शन नई रेनो डस्टर में 3 इंजन ऑप्शन दिए गए हैं। इसमें एक माइल्ड हाइब्रिड के साथ 1.3 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है, जो 160PS की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड DCT ऑटोमेटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है। वहीं दूसरा, 1-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100PS की पावर और 160Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलेगा। वहीं तीसरा, 1.8 लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन भी है, जो 8 स्पीड DHT ट्रांसमिशन के साथ आएगा। दिवाली 2026 तक लॉन्च होने वाले इस वर्जन में 1.4kWh की बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर मिलेगी। इसका कुल सिस्टम आउटपुट 160hp होगा।
सैमसंग आज रात 11 बजे अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 लॉन्च करेगी। कंपनी इस साल भी तीन मॉडल्स- गैलेक्सी S26, S26+ और S26 अल्ट्रा बाजार में उतारेगी। हर साल ये सीरीज पेश होती है। इस बार कंपनी का फोकस एडवांस AI फीचर्स पर है। इसके अलावा स्लिम डिजाइन और पावरफुल 'स्नैपड्रैगन एलीट जेन 5' प्रोसेसर पर भी फोकस है। शुरुआती कीमत ₹79,999 हो सकती है डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: स्लिम बॉडी और टाइटेनियम फ्रेम गैलेक्सी S26 सीरीज में इस बार डिजाइन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं इस बार इसे फैंटम ब्लैक, क्रीम और ग्रीन के अलावा कुछ नए टाइटेनियम शेड्स में पेश किया जा सकता है। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज एक्सपैक्टेड स्पेसिफिकेशंस
टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में मंगलवार को चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर हुई चर्चा बेनतीजा रही। मीटिंग के दौरान मतभेद उभरने के बाद खुद चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को टालने की बात कही। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप तभी सबसे अच्छा काम करता है जब टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के फैसले एक समान हों। नोएल टाटा ने नए बिजनेस के घाटे पर जताई चिंता इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने मीटिंग के दौरान ग्रुप के कुछ नए बिजनेस में हो रहे घाटे का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की मांग की। हालांकि, बोर्ड के अन्य निदेशकों ने चंद्रशेखरन का समर्थन करते हुए कहा कि ये घाटे 'ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स' (नए शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स) से जुड़े हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मुनाफा देने में थोड़ा समय लगता है और यह पहले से तय योजना का हिस्सा है। कार्यकाल विस्तार के लिए नोएल टाटा की 4 शर्तें माना जा रहा है कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए चार प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं: चंद्रशेखरन को जून में रिटायरमेंट नियमों से चाहिए होगी छूट एन चंद्रशेखरन इस साल जून में 63 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा संस के नियमों के मुताबिक, नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 साल तय है। अगर उनका कार्यकाल फरवरी 2027 के बाद भी आगे बढ़ाया जाता है, तो इसके लिए बोर्ड को एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास करना होगा और रिटायरमेंट नियमों में छूट देनी होगी। निदेशकों ने की वोटिंग की पेशकश, चेयरमैन ने टाला फैसला बोर्ड की पुनर्नियुक्ति समिति की प्रमुख अनीता जॉर्ज ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि नए प्रोजेक्ट्स में शुरुआती घाटे सामान्य बात है। चर्चा के बाद जब कुछ निदेशकों ने इस मुद्दे पर वोटिंग कराने का प्रस्ताव दिया, तो चंद्रशेखरन ने खुद इसे फिलहाल टालने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि टाटा संस और मुख्य शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स के बीच पूर्ण सहमति होना ग्रुप के भविष्य के लिए जरूरी है। टाटा ग्रुप में विवाद, सरकार को दखल देना पड़ा रतन टाटा के निधन के बाद अक्टूबर 2024 में उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया। वहीं नवंबर 2024 में नोएल को टाटा संस के बोर्ड में भी शामिल किया गया। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया यह फैसला ट्रस्ट के भीतर एकमत नहीं था। इससे टाटा संस को कंट्रोल करने वाले टाटा ट्रस्ट्स में बोर्ड सीट को लेकर सीधा-सीधा बंटवारा हो गया। एक गुट बोर्ड मेंबर नोएल टाटा के साथ है, तो दूसरा गुट मेहली मिस्त्री के साथ। मिस्त्री का कनेक्शन शापूरजी पल्लोनजी फैमिली से है जिसकी टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है। टाटा संस की बोर्ड सीट को लेकर हुए विवाद के बीच 7 अक्टूबर को सीनियर लीडरशिप ने गृहमंत्री अमित शाह के घर पर 45 मिनट की मीटिंग की। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कहा कि घरेलू झगड़े को जल्द निपटा लिया जाए, ताकि कंपनी पर असर न हो। मीटिंग में गृहमंत्री शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और ट्रस्टी डेरियस खंबाटा शामिल हुए। टाटा ग्रुप में टाटा संस की 66% हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। यह भारत की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, 10 अलग-अलग बिजनेस में इसकी 30 कंपनियां दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में कारोबार करती हैं। टाटा संस टाटा कंपनियों की प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर है। टाटा संस की 66% इक्विटी शेयर कैपिटल टाटा के चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं, जो एजुकेशन, हेल्थ, आर्ट एंड कल्चर और लाइवलीहुड जनरेशन के लिए काम करता है। 2023-24 में टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल रेवेन्यू 13.86 लाख करोड़ रुपए था। यह 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह से शाम तक हमारी जिंदगी में शामिल है। कंपनी चाय पत्ती से लेकर घड़ी, कार और एंटरटेनमेंट सर्विसेज देती है।
रेडमी 15C रिव्यू:बजट फोन में 50MP कैमरा और 120Hz डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी से दो दिन चलेगा
अगर आप 10 से 15 हजार की रेंज में नया 5G स्मार्टफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो रेडमी ने नया स्मार्टफोन रेडमी 15C लॉन्च किया है। फोन मार्केट में आते ही अपनी बड़ी बैटरी और स्ट्रांग बिल्ड क्वालिटी को लेकर सुर्खियों में है। फोन एक महीने यूज करने के साथ हमने इसे परखा है और इसकी खूबियों व खामियों को जाना है, तो चलिए जानते हैं, इसमें क्या खास है… डिजाइन: IP64 रेटिंग के साथ पॉलीकार्बोनेट बॉडी इसका बैक पैनल ग्लॉसी और ग्लिटरी फिनिश में दिया गया है, जो लाइट पड़ने पर शाइन करता है। हालांकि ये पूरा पॉलीकार्बोनेट यानी प्लास्टिक का बना है, पर हाथ में प्रीमियम फील देता है। स्मार्टफोन का वजन 212 ग्राम है, जो थोड़ा भारी लग सकता है। साइड में पावर बटन में फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है। निचले हिस्से में 3.5mm हेडफोन जैक, टाइप-C पोर्ट, माइक और सिंगल डाउन-फायरिंग स्पीकर है। इसमें 3.5mm जैक भी है और आप दो सिम के साथ एक मेमोरी कार्ड भी लगा सकते हैं। सिक्योरिटी के लिए साइड में फिंगरप्रिंट स्कैनर है जो काफी फास्ट काम करता है, और हां, IP64 रेटिंग भी है, तो हल्की-फुल्की पानी की बूंदों से डरने की जरूरत नहीं है। रेडमी 15C: स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: बात करें इसकी स्क्रीन की तो यहां 6.9 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट पर काम करता है, यानी स्क्रॉलिंग एकदम स्मूथ है। कलर्स काफी वाइब्रेंट और अच्छे लगते हैं। यह TUV सर्टिफाइड स्क्रीन है, जो ज्यादा देर तक फोन चलाने पर आंखों को सुरक्षित रखती है। परफॉर्मेंस: रेडमी 15C में परफॉर्मेंस के लिए फोन में मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर है, जो 2.4 गीगाहर्ट्ज तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। ये इस बजट में काफी पावरफुल प्रोसेसर है। फोन में आप BGMI जैसे गैम 60fps पर खेल सकते हैं, लेकिन कहीं-कहीं थोड़ा लैग फील होता है। फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्ड हाइपर OS 2 पर काम करता है। इसमें दो फीचर्स काम के हैं- पहला, आप बिना किसी अनाउंसमेंट के कॉल रिकॉर्ड कर सकते हैं। दूसरा, इसमें सर्कल टू सर्च और गूगल जेमिनी AI का सपोर्ट भी है। कंपनी ने 2 साल के एंड्रॉइड अपडेट्स का भी वादा किया है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 50MP का मेन कैमरा है। दिन की रोशनी में ये काफी अच्छी और शार्प फोटोज लेता है, खास तौर पर इसके पोर्ट्रेट शॉट्स हमें पसंद आए। वीडियो रिकॉर्डिंग 1080p में 30fps पर रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिसकी स्टेबिलिटी डिसेंट है। सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा है, जो सोशल मीडिया के लिए ठीक-ठाक फोटो देता है। बैटरी: फोन की सबसे बड़ी ताकत की बात करें तो पावर बैकअप के लिए इसमें 6000mAh की बैटरी दी गई है। यह 19 घंटे, 18 मिनट का PC मार्क बैटरी बेंचमार्क स्कोर हासिल कर चुकी है। अगर आप नॉर्मल यूजर हैं, तो ये बैटरी आराम से 2 दिन चलेगी। इसके साथ 33W का चार्जर दिया गया है। इसके साथ ही फोन में रिवर्स चार्जिंग भी मिलती है, जिससे दूसरे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं। कीमत: कुल मिलाकर रेडमी 15C एक डिसेंट डिवाइस है। कंपनी ने स्मार्टफोन को 3 वैरिएंट में पेश किया है। इसके 4GB रैम वैरिएंट की कीमत 12,499 रुपए, 6GB रैम वेरिएंट की 13,999 रुपए और 8GB रैम वैरिएंट की 15,499 रुपए है। फोन डस्ट पर्पल, मूनलाइट ब्लू और मिडनाइट ब्लैक कलर ऑप्शन के साथ अवेलेबल है। फाइनल वर्डिक्ट अगर आपकी प्रायोरिटी बड़ी बैटरी, नया सॉफ्टवेयर और अच्छे लुक्स हैं, तो ये एक सॉलिड डील है। बस गेमिंग और डिस्प्ले रेजोल्यूशन में थोड़ा समझौता करना होगा।
फेसबुक और गूगल सहित अमेरिका की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के सामने एक नई तरह की चुनौती आ रही है। कई देशों की सरकारें टीनएजर्स के लिए इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर रोक लगा रही हैं। वे एप्स को लत लगाने वाला और नुकसानदेह बता रही हैं। हालांकि टेक्नोलॉजी कंपनियां ने जवाबी मुहिम छेड़ दी है। यूरोपियन यूनियन (ईयू) में अमेरिकी कंपनियों ने पिछले साल बड़े होर्डिंग लगाने,राजनेताओं को लुभाने और अपनी लॉबिंग लॉबी मजबूत करने पर भारी खर्च किया है। दरअसल, यूरोपीय संसद में टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने के प्रस्ताव पेश किए जा चुके हैं। 720 सदस्यीय संसद में सोशल मीडिया पर बैन के विधेयकों को आसानी से रोका जा सकता है। बड़ी टेक कंपनियों ने ईयू के सांसदों की लॉबिंग पर पिछले वर्ष 1615 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। कॉरपोरेट यूरोपियन ऑब्जर्वेटरी और लॉबी कंट्रोल संगठन के अनुसार 2021 से 2025 के बीच फैसलों को इंडस्ट्री के पक्ष में करने के लिए चली मुहिम में 55% से अधिक इजाफा हुआ है। सबसे अधिक खर्च फेसबुक की कंपनी मेटा ने किया है। इसके बाद गूगल है। इन कंपनियों के खिलाफ याचिका दायर करने वालों ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब को डिटिजल कैसिनो कहा है। याचिकाकर्ताओं के वकीलों का आरोप है कि प्लेटफॉर्म के अनंत स्क्रॉलिंग जैसे फीचर युवा यूजरों को आदी बनाते हैं। टेक कंपनियां मानती हैं कि यूरोपियन यूनियन के 27 देशों में लागू होने वाले नए कानून से दुनिया भर में उनके कामकाज पर असर पड़ेगा। इसलिए यूरोपीय राजनेताओं को मनाने पर ज्यादा जोर लगाया जा रहा है। वे प्रतिबंध के विकल्प के लिए तगड़ी मुहिम चला रही हैं। यूरोपीय सांसदों से चर्चा में मेटाने टीन अकाउंट्स का प्रस्ताव दिया है। 2024 में पेश इन अकाउंट्स में 16 साल से कम आयु के यूजर्स के अकाउंट पर पैरेंट्स का नियंत्रण रहता है। कुछ कंपनियां ने 15,16 साल से कम आयु के लिए माता-पिता की मंजूरी जरूरी करने का प्रस्ताव दिया है। यूरोपीय आयोग इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत हो गया है। यूरोप के प्रारूप प्रस्ताव डिजिटल फेयरनेस एक्ट पर ब्रसेल्स में इस साल मतदान हो सकता है। रेलवे स्टेशनों पर होर्डिंग से लेकर बड़े-बड़े विज्ञापन तक छप रहे वाशिंगटन के ट्रेड ग्रुप- कंप्यूटर एंड कम्युनिकेशन इंडस्ट्री एसोसिएशन ने ब्रसेल्स में रेलवे स्टेशनों पर होर्डिंग लगाए हैं। इनमें ईयू से सोशल मीडिया प्रतिबंधों को रद्द करने की अपील की गई है। विज्ञापनों में प्रिंटिंग प्रेस के आविष्कारक जोहान्स गुटेनबर्ग, रेडियो बनाने वाले गुग्लिमो मार्कोनी जैसे यूरोपियन आईकन दिखाए गए हैं। पिछले साल नवंबर में मेटा ने यूरोप के अखबारों में पूरे पेज का विज्ञापन दिया। सांसदों को प्रभावित करने के लिए 890 लॉबिस्ट सक्रिय ब्रसेल्स में 890 फुलटाइम लॉबिस्ट काम कर रहे हैं। यह यूरोपीय संसद के सदस्यों की संख्या से अधिक है। ये लॉबिस्ट सोशल मीडिया बैन के खिलाफ अभियान चलाने के साथ यूरोप के एआई कानून और डेटा प्राइवेसी नियमों को बेअसर करना चाहते हैं। टेक कंपनियां धुर दक्षिणपंथी सांसदों पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। अकेले मेटा ने जुलाई 2024 और दिसंबर 2025 के बीच सांसदों के साथ 38 बैठकें की हैं। अमेरिका के आठ राज्यों सहित कई देशों में पहल पिछले साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया ने किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाया है। इसके बाद फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क का कहना है कि वे जल्द अपनी नीति की घोषणा करेंगे। अमेरिका के 8 राज्यों में भी किशोरों को सोशल मीडिया से अलग रखने केविधेयक पेश किए गए हैं।
इसुजु इंडिया ने भारतीय बाजार में अपने पॉपुलर पिक-अप ट्रक वी-क्रॉस का 2026 अपडेटेड मॉडल लॉन्च कर दिया है। नए मॉडल की सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने अब इसके 4x2 वैरिएंट को पूरी तरह बंद कर दिया है, यानी अब यह कार केवल 4x4 ऑप्शन में ही खरीदी जा सकेगी। एडवेंचर और ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के लिए इसमें कई हाई-टेक फीचर्स जोड़े गए हैं, जो इसे पहले से ज्यादा प्रीमियम बनाते हैं। इसुजु वी-क्रॉस: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर: ब्लैक फिनिश ग्रिल और 18-इंच के अलॉय व्हील्स 2026 मॉडल के डिजाइन में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव किए गए हैं। फ्रंट प्रोफाइल: ग्रिल के चारों ओर अब पियानो ब्लैक फिनिश वाली पट्टी दी गई है। फॉग लैंप्स के चारों ओर बॉडी कलर की फिनिशिंग है और स्किड प्लेट पर क्रोम का हल्का टच मिलता है। साइड और रियर प्रोफाइल: इसमें 18-इंच के नए अलॉय व्हील्स और लंबी काली रूफ रेल्स दी गई हैं। डोर हैंडल्स पर क्रोम फिनिश और ORVM पर इंटीग्रेटेड एलईडी टर्न इंडिकेटर्स मिलते हैं। कलर ऑप्शंस: यह कुल 7 कलर्स में उपलब्ध है, जिसमें नॉटिलस ब्लू और स्पिनेल माइका जैसे शेड्स शामिल हैं। इंटीरियर: ब्लैक-ब्राउन थीम के साथ प्रीमियम केबिन केबिन के अंदर कदम रखते ही आपको नया ब्लैक और ब्राउन कलर का डुअल-टोन केबिन मिलता है। इसमें लेदरेट अपहोल्स्ट्री और डैशबोर्ड पर सॉफ्ट-टच लेयर्स का इस्तेमाल किया गया है। सेंटर कंसोल में एक रोटरी नॉब दिया गया है, जिससे अलग-अलग मोड्स को कंट्रोल करना आसान हो जाता है। फीचर्स: 10.3-इंच की बड़ी स्क्रीन और ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग इस बार कंपनी ने टेक्नोलॉजी पर खास ध्यान दिया है। इंफोटेनमेंट: पुराने 9-इंच सिस्टम की जगह अब 10.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन दिया गया है। इसमें वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले की सुविधा है। खास फीचर्स: इसमें पहली बार 360-डिग्री कैमरा और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जोड़ा गया है। साथ ही 8-स्पीकर साउंड सिस्टम, 6-वे पावर एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। परफॉरमेंस: दमदार डीजल इंजन और 4WD सेटअप इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले वाला ही भरोसेमंद इंजन मिलता है: इंजन: 1.9-लीटर, 4-सिलेंडर डीजल इंजन। पावर/टॉर्क: यह 163 PS की पावर और 360 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन: इसमें 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक का विकल्प मिलता है। अब यह स्टैंडर्ड रूप से 4-व्हील ड्राइव (4WD) के साथ आती है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स और ट्रैक्शन कंट्रोल सुरक्षा के लिहाज से नई वी-क्रॉस में कई फीचर्स शामिल हैं: इसमें टॉप वैरिएंट्स में 6 एयरबैग्स दिए गए हैं। एबीएस (ABS) के साथ ईबीडी (EBD), हिल स्टार्ट असिस्ट और हिल होल्ड कंट्रोल। ट्रैक्शन कंट्रोल, रियर डिफॉगर और बच्चों की सुरक्षा के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स।
चीनी इंजीनियर हॉवर्ड हुआंग की कहानी किसी साइंस फिक्शन फिल्म के हकीकत में बदलने जैसी है। बीजिंग में हाल ही में आयोजित दुनिया के पहले ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में जब चीनी रोबोट ‘टिएन कूं अल्ट्रा’ ने 100 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता, तो पूरी दुनिया दंग रह गई। लेकिन इस जीत के पीछे वह खास तकनीक थी, जिसने इन मशीनों को 3-डी विजन सेंसर्स के जरिये इंसानी नजर दी। इसे हुआंग की कंपनी ऑर्बेका ने बनाया है। उन्होंने 2013 में इस कंपनी की नींव रखी थी। बीजिंग यूनिवर्सिटी और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से इंजीनियरिंग कर चुके हुआंग कभी सिर्फ रिसर्च पेपर लिखते थे। 2004 की फिल्म ‘आई रोबोट’ ने उनका नजरिया बदला। उन्होंने अकैडमिक करिअर छोड़कर फैक्ट्रियों के लिए रिसर्च करना शुरू किया। उनके इस काम ने उन्हें रातोरात रोबोट की दुनिया का हीरो बना दिया है। अपने इनोवेशन पर हुआंग कहते हैं, ‘हम रोबोट को ऐसी नजर देना चाहते हैं, जो इंसानों से भी बेहतर हो।’ वे कहते हैं कि हमारी कंपनी ऐसे कैमरे बनाती है जो न केवल रंग बल्कि गहराई को भी पहचानते हैं। इससे रोबोट जटिल माहौल में इंसानों की तरह नेविगेट कर पाते हैं। ऑर्बेक की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चीन और दक्षिण कोरिया के मोबाइल सर्विस रोबोटिक्स बाजार में 3डी विजन सेंसर्स की 70% हिस्सेदारी इसी कंपनी की है। कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में फिनटेक दिग्गज और जैक मा के नेतृत्व वाला ‘आंट ग्रुप’ भी है। ये कंपनियां ऑर्बेक के कैमरों का इस्तेमाज फेशियल रिकग्निशन यानी चेहरे के जरिये होने वाले भुगतान के लिए करती हैं। बहरहाल, हुआंग का पूरा ध्यान इंसान जैसे रोबोट बनाने पर है। उनकी कंपनी न केवल सेंसर्स बना रही है, बल्कि सालाना एक लाख ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट असेंबल करने की क्षमता भी विकसित कर चुकी है। वे अब वियतनाम में अपनी दूसरी फैक्ट्री बना रहे हैं ताकि अमेरिकी बाजार की मांग पूरी की जा सके। 2025 के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी को 90 करोड़ का लाभ हुआ, जो एक साल पहले 140 करोड़ रुपए घाटे में थी। आय 938 करोड़ रही, पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना है। कंपनी के शेयरों में आए उछाल ने हुआंग को अरबपति बना दिया। जनवरी के मध्य तक उनकी कुल संपत्ति करीब 15 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। एआई और 3डी सेंसर्स के मिलन से आने वाली है बड़ी क्रांति -यह तकनीक रोबोट को इंसानों की तरह गहराई को पहचानने की शक्ति देती है, जिससे वे जटिल और चुनौतीपूर्ण वातावरण में आसानी से नेविगेट कर सकते हैं और आसपास की चीजों के साथ तालमेल बिठा सकते हैं।- एडवांस्ड सेंसर के कारण एआई-पावर्ड ह्यूमनॉइड का बाजार तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जो 2050 तक 7.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।-इन सेंसर्स का इस्तेमाल फैक्ट्री के कामों, साफ-सफाई करने वाले सर्विस रोबोट्स और बुजुर्गों की देखभाल करने वाले ‘ह्यूमन-केयर’ बॉट्स में बड़े स्तर पर होने जा रहा है।-लिडार और 3डी विजन सेंसर्स के मेल से सेल्फ-ड्राइविंग कारों और ड्रोन्स के लिए लंबी दूरी के नेविगेशन और पहचान की सटीक राह खुल रही है।- चीन में इन पुर्जों के बड़े स्तर पर उत्पादन से ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने की लागत अगले 5-10 वर्षों में लगभग आधी हो सकती है, जिससे यह तकनीक आम उपयोग के लिए बेहद सुलभ हो जाएगी।- जेनरेटिव एआई और स्मार्ट एआई चिप्स के साथ इन विजन सेंसर्स का एकीकरण रोबोट्स को अपने वातावरण के प्रति अधिक संवेदनशील और समझदार बना रहा है।

