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न्यू जेनरेशन रेनो डस्टर आज लॉन्च होगी:कॉम्पैक्ट SUV में हाइब्रिड के साथ तीन इंजन ऑप्शन मिलेंगे, सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS फीचर

रेनो इंडिया आज (26 जनवरी) भारत में अपनी पॉपुलर SUV डस्टर का फोर्थ जनरेशन मॉडल रिवील करने जा रही है। फ्रांसीसी कार निर्माता कंपनी कार के टीजर जारी कर फर्स्ट लुक दिखा चुकी है। कार में सेफ्टी के लिए लेवल-2 एडास फीचर मिल सकते हैं। साल 2012 में पहली बार लॉन्च हुई डस्टर ने भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की शुरुआत की थी, जिसे 2022 में डिस्कंटीन्यू कर दिया था। अब कंपनी इसे बिल्कुल नए अवतार और एडवांस फीचर्स के साथ दोबारा पेश कर रही है। 10 से 20 लाख रुपए के बीच हो सकती है कीमत कार के टीजर वीडियो में पुराने डस्टर की यादें दिखाई गई हैं। इसमें बच्चे का टॉय मॉडल, पुरानी डस्टर का रफ टेरेन पर चलना और गैंग्स ऑफ डस्टर कम्युनिटी के विजुअल हैं। आखिर में नई डस्टर रेड कवर में दिखाई गई, साथ ही LED DRL और रियर लाइटिंग हाइलाइट की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नई डस्टर 10-20 लाख रुपए के आसपास लॉन्च की जा सकती है। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा, टाटा हैरियर, किआ सेल्टोस, फॉक्सवैगन टाइगुन, स्कोडा कुशाक, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर से होगा। एक्सटीरियर डिजाइन: Y-शेप्ड हेडलैंप्स और मस्कुलर लुक न्यू जनरेशन डस्टर को CMF-B प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म को डेसिया, रेनो और निसान ने मिलकर डेवलप किया है। नई डस्टर का डिजाइन ग्लोबल मार्केट में बिकने वाले मॉडल डेसिया से इन्सपायर्ड होगा। कार का लुक पहले से ज्यादा अग्रेसिव है। गाड़ी में Y शेप की LED हेडलाइट्स, वर्टिकल एयर इन्लेट्स के साथ नए डिजाइन के फ्रंट बंपर और स्किड्स प्लेट्स हैं। इसके अलावा गाड़ी में नए डिजाइन का बोनट, चौकोर व्हील आर्च, V शेप की टेललाइट्स मिलते हैं। कार 5 और 7 सीटों के ऑप्शन के साथ आएगी। इसकी लेंथ को मौजूदा मॉडल से बढ़ाकर 4340mm किया गया है, वहीं व्हीलबेस को घटाकर 2,657mm किया गया है। इंटीरियर डिजाइन: 10.1 इंच की टचस्क्रीन और डबल-लेयर डैशबोर्ड नई डस्टर में डबल-लेयर डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें हल्के और गहरे ग्रे शेड्स हैं। सेंटर कंसोल ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ है। हायर वैरिएंट में दो डिजिटल स्क्रीन मिलेंगी। इसमें ड्राइवर के लिए 7 इंच की स्क्रीन और इंफोटेनमेंट के लिए 10.1 इंच की टचस्क्रीन शामिल है। सेंटर AC वेंट के नीचे एक हॉरिजोंटल पैनल में कई बटन मिलते हैं जो इंफोटेनमेंट और HVC सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। एक 12V पावर सॉकेट और USB आउटलेट को नीचे की ओर प्लेस किया गया है। ऐसा लगता है कि मैनुअल गियरबॉक्स से लैस डस्टर का गियर लीवर मौजूदा रेनॉल्ट मॉडल से लिया गया है और यह भारत में काइगर और ट्राइबर के समान दिखता है। हायर वैरिएंट में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स ऑप्शन और एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक भी मिलता है। तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भारी दिखता है और इसमें इंफोटेनमेंट, टेलीफोनी और क्रूज कंट्रोल के लिए बटन हैं। टॉप-स्पेक डस्टर के फीचर्स में वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी, ऑटोमेटिक क्लाइमेंट कंट्रोलऔर 6 स्पीकर के साथ एक आर्कमिस 3D साउंड सिस्टम शामिल होगा। नई डस्टर में ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सहित ADAS जैसे सेफ्टी फीचर भी मिलेंगे। परफॉर्मेंस: हाइब्रिड सिस्टम के साथ 3 इंजन ऑप्शन मिलेंगे अपकमिंग SUV में 3 इंजन ऑप्शन मिलेंगे। कार ऑफ -रोडिंग कैपेबिलिटी के साथ आएगी। कार में एक 1.3-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो 154bhp की पावर जनरेट करता है। दूसरा इसमें 1.0-लीटर का टर्बो पेट्रोल मिल सकता है। इसके अलावा इसमें 1.2-लीटर के हाइब्रिड पेट्रोल इंजन का ऑप्शन भी मिलेगा, जो 170bhp की पावर और 200Nm का पीक टॉर्क जनरेट करेगा। ट्रांसमिशन के लिए इन इंजनों को 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 26 Jan 2026 10:43 am

वॉट्सएप के एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन पर सवाल:मुकदमे में दावा- मेटा आपकी प्राइवेट चैट्स देख सकता है; कंपनी ने आरोपों को फर्जी बताया

दुनिया के सबसे पॉपुलर मैसेजिंग एप वॉट्सएप की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर प्राइवेसी को लेकर आरोपों के घेरे में है। सैन फ्रांसिस्को की एक फेडरल कोर्ट में दायर नए मुकदमे में दावा किया गया है कि कंपनी यूजर्स के उन चैट्स को भी देख सकती है, जिन्हें वह एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड (E2E) बताकर पूरी तरह सुरक्षित होने का दावा करती है। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के यूजर्स के एक ग्रुप ने यह क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया है। अमेरिका की एक कोर्ट में दायर मुकदमे में कहा गया है कि मेटा और वॉट्सएप अपने अरबों यूजर्स को सुरक्षा के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि कंपनी के पास लगभग सभी प्राइवेट बातचीत को स्टोर करने, उसका एनालिसिस करने और उसे एक्सेस करने की क्षमता है। वहीं मेटा ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि यह मुकदमा पूरी तरह से आधारहीन है और वे याचिकाकर्ताओं के वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। मुकदमे में क्या है मुख्य आरोप? मुकदमे में कहा गया है कि वॉट्सएप का यह दावा कि सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही मैसेज पढ़ सकते हैं, असल में गलत है। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, मेटा के पास ऐसी तकनीक और एक्सेस है, जिससे वह यूजर्स के मैसेजेस को देख सकता है। इसमें कुछ व्हिसलब्लोअर्स के हवाले से भी जानकारी दी गई है। जिन्होंने दावा किया है कि मेटा के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर यूजर्स के डेटा तक पहुंच बना सकते हैं। यह मुकदमे काल्पनिक कहानी मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा, 'यह दावा करना कि लोगों के वॉट्सएप मैसेज एनक्रिप्टेड नहीं हैं, पूरी तरह से गलत और हास्यास्पद है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वॉट्सएप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है, जो सुरक्षा के मामले में दुनिया भर में मानक माना जाता है। कंपनी ने इस मुकदमे को फिक्शन (काल्पनिक कहानी) करार दिया है। 5 देशों के यूजर्स ने की शिकायत इस कानूनी कार्रवाई में भारत भी शामिल है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के यूजर्स इस क्लास-एक्शन सूट का हिस्सा हैं। अगर कोर्ट इसे क्लास-एक्शन के तौर पर मंजूरी दे देती है, तो दुनिया भर के करोड़ों यूजर्स इस मुकदमे के दायरे में आ सकते हैं और भविष्य में मेटा को भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। क्या होता है एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन? वॉट्सएप का दावा है कि उसके एप पर होने वाली हर चैट एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होती है। इसका मतलब है कि जब आप कोई मैसेज भेजते हैं, तो वह एक सीक्रेट कोड में बदल जाता है जिसे केवल रिसीवर का फोन ही डिकोड कर सकता है। कंपनी का कहना है कि बीच में न तो वॉट्सएप और न ही उसकी पेरेंट कंपनी मेटा इस मैसेज को पढ़ सकती है। ताजा मुकदमे ने इसी दावे की सच्चाई पर सवाल उठाए हैं। पहले भी विवादों में रही है मेटा की प्राइवेसी पॉलिसी मेटा (पहले फेसबुक) का प्राइवेसी रिकॉर्ड काफी विवादित रहा है। साल 2020 में कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के बाद कंपनी को 5 बिलियन डॉलर का जुर्माना भरना पड़ा था। इसके अलावा सितंबर 2025 में वॉट्सएप के पूर्व सुरक्षा प्रमुख अताउल्लाह बेग ने भी आरोप लगाया था कि करीब 1,500 इंजीनियरों के पास यूजर्स के डेटा का अनियंत्रित एक्सेस है। ये खबर भी पढ़ें... थार रॉक्स का 'स्टार एडिशन' लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹16.85 लाख: नया सिट्रीन यलो कलर के साथ ब्लैक इंटीरियर; पैनोरमिक सनरूफ और 360 कैमरा जैसे फीचर्स महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर 5-डोर SUV थार रॉक्स का एक नया स्पेशल स्टार एडिशन भारत में लॉन्च कर दिया है। यह नया एडिशन टॉप-एंड AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे रेगुलर मॉडल से अलग और प्रीमियम बनाते हैं। कंपनी ने इसमें नए सिट्रीन यलो कलर ऑप्शन के साथ अंदर ब्लैक-आउट थीम दी है। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 25 Jan 2026 10:50 am

थार रॉक्स का 'स्टार एडिशन' लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹16.85 लाख:नया सिट्रीन येलो कलर के साथ ब्लैक इंटीरियर; पैनोरमिक सनरूफ और 360° कैमरा जैसे फीचर्स

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी पॉपुलर 5-डोर SUV थार रॉक्स का एक नया स्पेशल स्टार एडिशन भारत में लॉन्च कर दिया है। यह नया एडिशन टॉप-एंड AX7L ट्रिम पर बेस्ड है और इसमें कई कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं, जो इसे रेगुलर मॉडल से अलग और प्रीमियम बनाते हैं। कंपनी ने इसमें नए सिट्रीन येलो कलर ऑप्शन के साथ अंदर ब्लैक-आउट थीम दी है। कीमत: पेट्रोल-डीजल दोनों ऑप्शन, शुरुआती कीमत ₹16.85 लाख थार रॉक्स स्टार एडिशन की कीमतें इसके इंजन और गियरबॉक्स के आधार पर तय की गई हैं। इसके डीजल मैनुअल वैरिएंट की शुरुआत ₹16.85 लाख से होती है, जबकि पेट्रोल ऑटोमैटिक की कीमत ₹17.85 लाख है। इसका सबसे महंगा डीजल ऑटोमैटिक वैरिएंट ₹18.35 लाख (एक्स-शोरूम) में मिलेगा। यह बुकिंग के लिए कंपनी की डीलरशिप पर अवेलेबल है। थार रॉक्स स्टार एडिशन: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर: ग्लॉस-ब्लैक ग्रिल और नया सिट्रीन येलो कलर ऑफ रोडिंग एसयूवी के स्टार एडिशन में सबसे खास इसका लुक है। रेगुलर थार रॉक्स में ग्रिल बॉडी कलर की होती है, लेकिन स्टार एडिशन में इसे 'ग्लॉस-ब्लैक' फिनिश दिया गया है। इसके अलावा इसके अलॉय व्हील्स भी अब पूरी तरह ब्लैक हैं। कंपनी ने इसमें एक नया सिट्रीन येलो शेड पेश किया है। इसके अलावा, यह टैंगो रेड, एवरेस्ट वाइट और स्टेल्थ ब्लैक कलर में भी मिलेगी। पहचान के लिए इसके C-पिलर पर स्टार एडिशन का खास बैज लगाया गया है। इंटीरियर: लाइट थीम की जगह अब मिलेगा ऑल-ब्लैक केबिन थार रॉक्स के रेगुलर मॉडल में लाइट कलर थीम में इंटीरियर मिलता है, लेकिन स्टार एडिशन में पूरी तरह से ब्लैक थीम दी गई है। इसमें ब्लैक लेदरेट अपहोल्स्ट्री के साथ स्वेड एक्सेंट्स दिए गए हैं, जो केबिन को स्पोर्टी और प्रीमियम फील देते हैं। डैशबोर्ड का लेआउट वही है, जो AX7L ट्रिम में मिलता है। फीचर्स: पैनोरमिक सनरूफ और 360-डिग्री कैमरा जैसे लग्जरी फीचर्स फीचर्स की बात करें तो इसमें 10.25-इंच की दो स्क्रीन (एक इंफोटेनमेंट और दूसरी इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए) दी गई हैं। इंफोटेनेमेंट सिस्टम वायरलेस एपल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो सपोर्ट के साथ दिया गया है। इसके अलावा कार में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ और 9-स्पीकर वाला हरमन कार्डन साउंड सिस्टम दिया गया है। परफॉर्मेंस: 177hp की पावर, लेकिन सिर्फ रियर व्हील ड्राइव का ऑप्शन इंजन की बात करें तो इसमें कोई बदलाव नहीं है, लेकिन एक बात ध्यान देने वाली है कि स्टार एडिशन सिर्फ रियर-व्हील ड्राइव (RWD) ऑप्शन मिलेगा, इसमें 4x4 का ऑप्शन नहीं है। सेफ्टी फीचर्स: ADAS के साथ 6 एयरबैग्स मिलेंगे एसयूवी में सेफ्टी के लिए टॉप-नोच फीचर्स दिए गए हैं। इसमें लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम), 6 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और सभी पहियों पर डिस्क ब्रेक जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा इसमें अलग-अलग टेरेन मोड्स भी दिए गए हैं, जो खराब सड़कों पर ड्राइविंग को आसान बनाते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jan 2026 12:01 am

यामाहा ने 3.06 लाख हाइब्रिड स्कूटर वापस बुलाए:रे-जेडआर और फसीनो के फ्रंट ब्रेक कैलिपर में आई खराबी; कंपनी फ्री में बदलेगी पार्ट्स

इंडिया यामाहा मोटर ने तकनीकी खराबी के कारण 3,06,635 स्कूटरों को वापस बुलाया है। कंपनी के इस रिकॉल में 2 मई 2024 से 3 सितंबर 2025 के बीच बनाए गए रे-ZR 125 Fi हाइब्रिड और फसीनो 125 Fi हाइब्रिड के मॉडल शामिल हैं। इस रिकॉल का कारण फ्रंट ब्रेक कैलिपर में संभावित तकनीकी खामी बताई गई है। कंपनी ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। फ्रंट ब्रेक कैलिपर में है खराबी, सीमित हो सकती है ब्रेकिंग कंपनी ने कहा है कि कुछ स्पेशल कंडीशंस में ब्रेक कैलिपर सही से परफॉर्म नहीं करेगा। कंपनी ने बताया कि कुछ खास कंडीशंस में ब्रेक कैलिपर सही से परफॉर्म नहीं करेगा। इसका मतलब है कि अचानक ब्रेक लगाने या ढलान जैसी स्थितियों में ब्रेकिंग पर असर पड़ सकता है। कस्टमर से नहीं लिया जाएगा कोई चार्ज कंपनी ने बताया कि यामाहा मोटर के अधिकृत वर्कशॉप मॉडल्स के ऑनर्स से संपर्क करेंगे, जहां डिफेक्ट को सही किया जाएगा। वाहन मालिकों को खराब पार्ट को बदलने की जानकारी दे दी जाएगी। प्रभावित ग्राहक अपने नजदीकी यामाहा शोरूम या सर्विस सेंटर पर अपनी गाड़ी की जांच करा सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए ग्राहक यामाहा के टोल-फ्री नंबर 1800-420-1600 पर कॉल कर सकते हैं या yes@yamaha-motor-india.com पर ईमेल कर सकते हैं। डिफेक्ट सुधारने या पार्ट्स बदलने के लिए कस्टमर से किसी भी तरह का चार्ज नहीं लिया जाएगा। ऐसे चेक करें: आपका स्कूटर रिकॉल का हिस्सा है या नहीं अगर आपके पास भी यामाहा का 125cc हाइब्रिड स्कूटर है, तो आप खुद ऑनलाइन चेक कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी इस लिस्ट में है या नहीं: रिकॉल क्या है और क्यों होता है? जब कोई कंपनी अपने बेचे गए प्रोडक्ट को वापस मंगाती है, तो इसे रिकॉल कहते हैं। किसी कंपनी के द्वारा रिकॉल का फैसला उस वक्त लिया जाता है जब उसके प्रोडक्ट में कोई खराबी होती है। रिकॉल की प्रोसेस के दौरान वो प्रोडक्ट की खराबी को दुरुस्त करना चाहती है। ताकि भविष्य में प्रोडक्ट को लेकर ग्राहक को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। कंपनी के रिकॉल पर एक्सपर्ट की सलाह कार में खराबी को लेकर कंपनी को पहले सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (SIAM) को एक डेटा देना पड़ता है। इसमें कार की खराबी के साथ कितने प्रतिशत लोगों को प्रॉब्लम हो रही है, बताना पड़ता है। इसके बाद सियाम अप्रूवल देता है। कंपनी खराबी को ठीक करने के लिए एक टाइम तय करती है। यदि किसी ग्राहक की गाड़ी उसके खरीदे गए शहर से बाहर है, तब वो उस शहर के नजदीकी सर्विस सेंटर पर भी उसे ठीक करा सकता है।

दैनिक भास्कर 23 Jan 2026 9:56 pm

Apple iPhone 17e : सस्ते iPhone की वापसी, एपल के सबसे किफायती मॉडल के चर्चे

एप्पल की ओर से एक किफायती मॉडल iPhone 17e के चर्चे हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक यह 2026 की पहली छमाही (संभवतः मार्च-मई) में लॉन्च हो सकता है। इसमें Dynamic Island फीचर मिलेगा, जिसका मतलब है कि अब पुराने 'Notch' वाले डिजाइन की छुट्टी हो जाएगी। यह ...

वेब दुनिया 23 Jan 2026 5:08 pm

मोटोरोला सिग्नेचर स्मार्टफोन 7 साल सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ लॉन्च:फोन में 50MP सेल्फी कैमरा और स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर, कीमत ₹59,999 से शुरू

टेक कंपनी मोटोरोला ने आज (23 जनवरी) भारतीय बाजार में नया स्मार्टफोन मोटोरोला सिग्नेचर लॉन्च कर दिया है। स्मार्टफोन को स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ उतारा गया है। यह चिपसेट वाला ये भारत में दूसरा स्मार्टफोन है। इससे पहले वनप्लस 15R में यह चिपसेट दिया गया था। फोन में 7 साल की सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ 165Hz रिफ्रेश रेट वाली टच स्क्रीन और 50 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा दिया गया है। ये पेरिस्कोप लेंस वाला दुनिया का सबसे पतला फोन है। यह सिर्फ 6.99mm पतला है। फोन को तीन स्टोरेज वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 59,999 रुपए है। यह हैंडसेट 30 जनवरी से फ्लिपकार्ट पर बिक्री के लिए अवेलेबल होगा। लॉन्च ऑफर में स्मार्टफोन पर 5000 रुपए का कैशबैक मिलेगा। डिजाइन: मिलिट्री ग्रेड बिल्ड और लग्जरी फैब्रिक फिनिश फोन को हाथ में लेने पर यह काफी प्रीमियम और हल्का फील होता है। इसका वजन सिर्फ 187 ग्राम है और यह एक अल्ट्रा-थिन डिवाइस है। फोन में एयरक्राफ्ट ग्रेड एल्युमीनियम फ्रेम और बैक पैनल पर लग्जरी इंस्पायर्ड फैब्रिक फिनिश दी गई है। फोन पेनटोन मार्टिनी ऑलिव और पेनटोन कार्बन कलर में अवेलेबल है। इसे IP68 और IP69 की वाटर और डस्ट रेजिस्टेंट रेटिंग मिली है। साथ ही यह मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड ड्यूरेबल फोन है। फोन के राइट साइड पर पावर और वॉल्यूम बटन हैं, जबकि लेफ्ट साइड पर एक डेडिकेटेड 'Moto AI' बटन दिया गया है। नीचे की तरफ टाइप-C पोर्ट, सिम स्लॉट और 'साउंड बाय बोस' (Bose) सर्टिफाइड स्पीकर्स मिलते हैं। मोटोरोला सिग्नेचर: स्पेसिफिकेशन्स कैमरा: मोटोरोला सिग्नेचर में फोटोग्राफी के लिए कुल चार कैमरा हैं और चारों ही 50 मेगापिक्सल के हैं। सेल्फी कैमरा की बात पहले करें तो डिवाइस के फ्रंट पैनल पर पंच-होल में 50MP सोनी LYT500 सेंसर लगाया गया है। यह क्वाड पिक्सल टेक्नोलॉजी से लैस है और फोन के फ्रंट कैमरा से 4K वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है। वहीं, फोन के बैक पैनल पर LED फ्लैश से लैस 50 मेगापिक्सल मेन सोनी LYT828 OIS सेंसर दिया गया है, जिसके साथ 3x ऑप्टिकल जूम और 100x सुपर जूम की क्षमता वाला 50 मेगापिक्सल पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और 122 FOV वाला 50 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस लगाया गया है। प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर: परफॉर्मेंस की बात करें तो मोटोरोला सिग्नेचर में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है। यह 3 नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना मोबाइल चिपसेट है, जो 3.32 गीगाहर्ट्ज से लेकर 3.8 गीगाहर्ट्ज तक की क्लॉक स्पीड पर रन करने की क्षमता रखता है। मोटोरोला सिग्नेचर को एंड्रॉयड 16 पर लॉन्च किया गया है। कंपनी ने इसे 7 जेनरेशन की OS अपग्रेड और 7 साल की ही सिक्योरिटी अपडेट के साथ पेश किया है। यह पहली बार है, जब किसी मोटोरोला के फोन में इतनी लंबी अपडेट दी जा रही है। फोन एंड्रॉएड 23 OS के लिए तैयार है। डिस्प्ले: नए मोटोरोला फोन में 2780 x 1264 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.8 इंच की फुल HD स्क्रीन दी गई है। यह एक्सट्रीम एमोलेड पैनल पर बनी डिस्प्ले है, जो 165Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है और इसकी पीक ब्राइटनेस 6200 निट्स है। फास्ट रिफ्रेश रेट और हाई ब्राइटनेस बढ़िया गेमिंग एक्सपीरियंस देने के साथ ही आउटडोर यूज को भी आसान बनाने में मदद करती है। कंपनी ने मोबाइल की स्क्रीन को गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 से प्रोटेक्ट किया है। बैटरी और चार्जिंग: पावर बैकअप के लिए स्मार्टफोन में 5200mAh सिलिकॉन कार्बन बैटरी पर लॉन्च किया गया है। आज कल 15 हजार तक के फोन में 7,000mAh बैटरी दी जाने लगी है। ऐसे में बड़ी बैटरी की चाहत रखने वाले मोबाइल यूजर्स को यहां निराशा हो सकती है। हालांकि, कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज के बाद यह 52 घंटे तक का बैकअप दे सकती है। चार्ज करने के लिए फोन में 90W की टर्बो पावर फास्ट चार्जिंग तकनीक दी गई है। कंपनी की मानें तो मोबाइल को सिर्फ 7 मिनट चार्ज कर दिनभर का बैकअप मिलेगा। मोटोरोला सिग्नेचर 50W वायरलेस चार्जिंग तकनीक से भी लैस है।

दैनिक भास्कर 23 Jan 2026 4:05 pm

नई मर्सिडीज EQS सिंगल चार्ज में 820km चलेगी:शुरुआती कीमत ₹1.34 करोड़, रियल इमेजेस में देखें कैसी दिखती है इलेक्ट्रिक SUV

जर्मन लग्जरी कार मेकर मर्सिडीज-बेंज ने भारत में अपनी फ्लैगशिप इलेक्ट्रिक एसयूवी 'EQS' का नया सेलिब्रेशन एडिशन लॉन्च किया है। कंपनी ने इसके 5-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.34 करोड़ और 7-सीटर वर्जन की कीमत ₹1.48 करोड़ (एक्स-शोरूम) रखी है। इस स्पेशल एडिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी ने इसके बेस वैरिएंट (EQS 450) में भी अब स्पोर्टी 'AMG लाइन' ट्रिम शामिल कर दिया है। मर्सिडीज के मुताबिक, 2025 में EQS भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV रही है। डिजाइन: अब और भी स्पोर्टी हुई लग्जरी एसयूवीसेलिब्रेशन एडिशन के जरिए मर्सिडीज ने बेस 450 वैरिएंट के लुक्स को अपडेट किया है। इसमें अब AMG लाइन के स्पोर्टी फ्रंट और रियर बंपर दिए गए हैं। साथ ही, कार में 21-इंच के बड़े AMG-स्पेसिफिकेशन वाले अलॉय व्हील्स मिलते हैं, जो इसे रोड पर एक दमदार प्रेजेंस देते हैं। इससे पहले तक AMG लाइन ट्रिम स्रिफ टॉप-एंड EQS 580 वैरिएंट में ही अवेलेबल था। इंटीरियर: 56-इंच की हाइपरस्क्रीन और रियर वेंटिलेटेड सीट्सकार के केबिन में मर्सिडीज की सिग्नेचर 'हाइपरस्क्रीन' दी गई है। यह 56-इंच की विशाल स्क्रीन है जो पूरे डैशबोर्ड पर फैली हुई है। इसमें ड्राइवर के लिए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बीच में इंफोटेनमेंट सिस्टम और पैसेंजर के लिए अलग स्क्रीन दी गई है। लग्जरी को बढ़ाते हुए अब दोनों वैरिएंट्स में रियर-सीट वेंटिलेशन फंक्शन को स्टैंडर्ड कर दिया गया है। इसके अलावा 4-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइट और वायरलेस चार्जर जैसे फीचर्स केबिन को खास बनाते हैं। परफॉर्मेंस: 122kWh की बड़ी बैटरी और 820km की रेंजपरफॉर्मेंस के मामले में यह कार बेहद पावरफुल है। दोनों ही वैरिएंट्स में 122kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है: EQS 450: यह 5-सीटर कॉन्फ़िगरेशन में आती है। इसमें ड्यूल-मोटर सेटअप है जो 360hp की पावर और 800Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसकी रेंज 820km (MIDC) है। EQS 580: यह 7-सीटर ऑप्शन के साथ आती है। इसके ड्यूल-मोटर सेटअप से 544hp की पावर और 858Nm का टॉर्क मिलता है। इसकी रेंज 809km (MIDC) है। सेफ्टी फीचर्स: 9 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS सुरक्षा के लिहाज से मर्सिडीज ने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी है। कार में लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है, जो ड्राइविंग के दौरान दुर्घटनाओं से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा सेफ्टी के लिए 9 एयरबैग्स, 360-डिग्री कैमरा और 15-स्पीकर वाला बुर्मेस्टर प्रीमियम ऑडियो सिस्टम दिया गया है।

दैनिक भास्कर 22 Jan 2026 5:19 pm

विनफास्ट VF6-VF7 को भारत NCAP से 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली:​​​​​​​दोनों इलेक्ट्रिक SUV को एडल्ट और चाइल्ड प्रोटेक्शन में हाई स्कोर

वियतनामी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी विनफास्ट के दो इलेक्ट्रिक SUV मॉडल VF6 और VF7 को भारत NCAP से टॉप 5-स्टार सेफ्टी सर्टिफिकेशन मिला है। दोनों मॉडल्स ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP) दोनों कैटेगरी में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। यह रेटिंग भारत में विनफास्ट के हालिया लॉन्च के बाद ही मिली है और कंपनी की सेफ्टी पर मजबूत कमिटमेंट को दिखाती है। भारत NCAP के रिजल्ट्स के मुताबिक, VF 6 ने एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 32 में से 27.13 पॉइंट्स और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 49 में से 44.41 पॉइंट्स स्कोर किए। वहीं VF 7 ने AOP में 32 में से 28.54 पॉइंट्स और COP में 49 में से 45.25 पॉइंट्स हासिल किए। दोनों मॉडल्स का फ्रंटल, साइड और पोल इंपैक्ट टेस्ट्स में अच्छा परफॉर्मेंस रहा, जिससे हाई लेवल की प्रोटेक्शन मिली। हालांकि, VF 6 में फ्रंटल कोलिजन में ड्राइवर के चेस्ट को थोड़ा कम प्रोटेक्शन मिला, लेकिन कुल मिलाकर 5-स्टार रेटिंग बनी रही। विनफास्ट का भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लान विनफास्ट ने 2025 में भारत में एंट्री की थी और अब तमिलनाडु में लोकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है। कंपनी ने 2 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट कमिट किया है। VF 6 और VF 7 को भारत में मेड-इन-इंडिया तरीके से बनाया जा रहा है। VF 6 की शुरूआती कीमत 16.49 लाख और VF 7 की शुरूआती कीमत 20.89 लाख रुपए (एक्सशोरूम) है। कंपनी के ये दोनों मॉडल कॉम्पैक्ट और मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में टाटा कर्व, नेक्सन ev, महिंद्रा XUV400 जैसे मॉडल्स से मुकाबला करेंगे। सेफ्टी फीचर्स और टेक्नोलॉजी दोनों मॉडल्स में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जैसे 6 एयरबैग्स, ABS, EBD, ESP, 360 डिग्री कैमरा, ADAS लेवल-2 फीचर्स और सॉलिड बॉडी स्ट्रक्चर दिए गए हैं। विनफास्ट ने वॉलंटरी तरीके से इन मॉडल्स को भारत NCAP टेस्ट के लिए सबमिट किया था, जो कंपनी की क्वालिटी और सेफ्टी पर भरोसे को दिखाता है। यह रेटिंग टाटा और महिंद्रा के कई EV मॉडल्स के 5-स्टार स्कोर से मैच करती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव्स का बयान विनफास्ट के एग्जीक्यूटिव्स ने कहा कि यह 5-स्टार रेटिंग भारत के कस्टमर्स के लिए सेफ्टी और क्वालिटी का मजबूत मैसेज है। कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है और जल्द ही और मॉडल्स लॉन्च करने की प्लानिंग है। फ्यूचर प्लान्स और मार्केट इंपैक्ट विनफास्ट भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में तेजी से एक्सपैंड करने की तैयारी में है। लोकल प्रोडक्शन से कीमतें कंट्रोल में रहेंगी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम चल रहा है। यह 5-स्टार रेटिंग कस्टमर्स के बीच भरोसा बढ़ाएगी, खासकर फैमिली SUV बायर्स के लिए। आने वाले महीनों में कंपनी और डिटेल्स शेयर कर सकती है।

दैनिक भास्कर 21 Jan 2026 8:10 pm

भारत में एपल पे सर्विस जल्द लॉन्च होगी:आईफोन यूजर्स बिना कार्ड स्वाइप किए पेमेंट कर सकेंगे, मास्टरकार्ड और वीजा के साथ बातचीत शुरू

एपल भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने मास्टरकार्ड और वीजा जैसे बड़े कार्ड नेटवर्क के साथ बातचीत शुरू कर दी है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, एपल भारत में जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल लेने की प्रोसेस में है। कंपनी का प्लान इसे साल 2026 तक फेज तरीके से रोलआउट करने का है। शुरुआत में बिना UPI के लॉन्च हो सकती है सर्विस खबरों के मुताबिक, एपल पे के पहले फेज में कंपनी यूपीआई (UPI) के लिए थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करेगी। शुरुआत में एपल का पूरा फोकस कार्ड-बेस्ड कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स पर होगा। यानी आईफोन यूजर्स अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को एपल वॉलेट में स्टोर कर सकेंगे और मर्चेंट आउटलेट्स पर सिर्फ फोन टैप करके पेमेंट कर पाएंगे। टैप-टू-पे फीचर से मिलेगी सुविधा एपल पे के आने से यूजर्स को फिजिकल कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं होगी। इसमें 'टैप-टू-पे' तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) पर आधारित है। यूजर्स फेस आईडी या टच आईडी के जरिए पेमेंट को ऑथेंटिकेट कर सकेंगे। इससे पेमेंट प्रोसेस काफी तेज और सुरक्षित हो जाएगा। वर्तमान में भारतीय कार्ड्स को एपल वॉलेट में जोड़ने की सुविधा अवेलेबल नहीं है। रेगुलेटरी नियमों को पूरा करने में जुटी कंपनी भारत में डिजिटल पेमेंट्स को लेकर आरबीआई (RBI) के कड़े नियम हैं, विशेषकर डेटा स्टोरेज और कार्ड टोकनाइजेशन को लेकर। एपल इन सभी नियमों के पालन के लिए रेगुलेटर्स से चर्चा कर रही है। साथ ही बैंकों के साथ कॉमर्शियल एग्रीमेंट और फीस स्ट्रक्चर पर भी बातचीत चल रही है। एपल हर ट्रांजैक्शन पर बैंक से एक छोटा हिस्सा बतौर फीस लेता है, जिसे लेकर भारत में बैंकों के साथ सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। गूगल पे और फोनपे को मिल सकती है टक्कर एपल पे का मुकाबला पहले से मौजूद गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे दिग्गजों से होगा। हालांकि, एपल पे सिर्फ एपल डिवाइसेस (आईफोन, एपल वॉच, आईपैड) पर ही काम करेगा। हालांकि, बाकी ऐप्स एंड्रॉयड और IOS दोनों पर चलते हैं। भारत में एपल का मार्केट शेयर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में प्रीमियम यूजर्स के बीच यह सर्विस काफी पॉपुलर हो सकती है। ग्लोबल मार्केट में 89 देशों में मौजूद है सर्विस एपल पे वर्तमान में दुनिया के 89 देशों में अवेलेबल है। भारत में इसकी एंट्री एपल की उस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत वह चीन के बाद भारत को अपने सबसे बड़े मार्केट के रूप में देख रही है। इससे पहले एपल ने भारत में रेजर-पे के साथ मिलकर इंटरनेशनल पेमेंट्स के लिए कुछ फीचर्स रोलआउट किए थे, लेकिन डोमेस्टिक लेवल पर पूरी सर्विस का आना अभी बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... टोयोटा की पहली e-SUV अर्बन क्रूजर एबेला अनवील: 543KM रेंज, लेवल-2 ADAS जैसे फीचर्स; टाटा नेक्सन EV को टक्कर देगी जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 21 Jan 2026 3:20 pm

टोयोटा की पहली e-SUV अर्बन क्रूजर एबेला अनवील:543KM रेंज, लेवल-2 ADAS जैसे फीचर्स; टाटा नेक्सन EV को टक्कर देगी

जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार 'अर्बन क्रूजर एबेला' अनवील कर दी है। यह एक मिड-साइज इलेक्ट्रिक SUV है, जिसे मारुति सुजुकी की 'इलेक्ट्रिक विटारा' (e Vitara) के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और अपकमिंग हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक से होगा। डिजाइन में मारुति से अलग और मस्कुलर लुक एबेला का ओवरऑल प्रोफाइल काफी हद तक मारुति की ई-विटारा जैसा ही है, लेकिन टोयोटा ने इसके फ्रंट डिजाइन में बदलाव किए हैं। इसमें स्लीक LED हेडलाइट्स और मस्कुलर फ्रंट बंपर दिया गया है। कार में 18-इंच के एयरो-ऑप्टिमाइज्ड अलॉय व्हील्स और ब्लैक बॉडी क्लैडिंग दी गई है, जो इसे रफ-एंड-टफ लुक देती है। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललैंप्स और रूफ स्पॉइलर मिलता है। कार की लंबाई 4,285mm और व्हीलबेस 2,700mm है, जिससे इसमें अंदर काफी स्पेस मिलता है। दो बैटरी पैक के साथ आएगी, 543 किमी की रेंज टोयोटा एबेला को दो बैटरी पैक विकल्पों के साथ पेश किया गया है। पहला 49kWh का बैटरी पैक है जो 144hp की पावर जनरेट करता है। दूसरा बड़ा 61kWh का बैटरी पैक है, जो 174hp की पावर देता है। दोनों ही मॉडल 189Nm का टॉर्क जनरेट करते हैं। कंपनी का कहना है कि इसके बड़े बैटरी पैक के साथ 543 किलोमीटर (ARAI सर्टिफाइड) की रेंज मिलेगी। खास बात यह है कि इसे फ्रंट व्हील ड्राइव (FWD) और ऑल व्हील ड्राइव (AWD) दोनों विकल्पों में उतारा जाएगा। इंटीरियर में 10.25-इंच की दो स्क्रीन और प्रीमियम फीचर्स कार का केबिन काफी मॉडर्न है। इसमें 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और इतने ही साइज का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। फीचर्स की बात करें तो इसमें पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, एम्बिएंट लाइटिंग और डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे लग्जरी फीचर्स मिलते हैं। ड्राइवर की सुविधा के लिए इसमें रोटरी डायल गियर सिलेक्टर और टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील दिया गया है। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS और 6 एयरबैग्स सुरक्षा के मामले में टोयोटा ने इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी है। एबेला में लेवल-2 ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) दिया गया है, जिसमें अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जैसे सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड तौर पर मिल सकते हैं। कंपनी ने नहीं दी कीमत और लॉन्चिंग की जानकारी हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक कीमतों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी एक्स-शोरूम कीमत 18 लाख रुपए से 25 लाख रुपए के बीच हो सकती है। इसे 2026 की शुरुआत में शोरूम पर देखा जा सकेगा। टोयोटा इसके साथ 8 साल की बैटरी वारंटी और 60% एश्योर्ड बायबैक जैसे ऑफर्स भी दे सकती है।

दैनिक भास्कर 20 Jan 2026 12:28 pm

जिओ-हॉटस्टार के नए सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च, कीमत ₹79 से शुरू:प्रीमियम एनुअल प्लान ₹700 महंगा हुआ, नई दरें 28 जनवरी से लागू; देखें लिस्ट

जियो स्टार ने अपने OTT प्लेटफॉर्म 'जियो हॉटस्टार' के नए अपडेटेड सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च कर दिए हैं। कंपनी ने पहली बार मोबाइल, सुपर और प्रीमियम तीनों कैटेगरी में मंथली प्लान पेश किए हैं। अब मोबाइल पर कंटेंट देखने के लिए यूजर्स को कम से कम ₹79 का खर्च करना होगा। इसके साथ ही कंपनी ने सुपर और प्रीमियम प्लान्स की कीमतों में 47% तक की बढ़ोतरी की है। नई दाम 28 जनवरी 2026 से लागू होंगे। पुराने ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर जिओ-हॉटस्टार ने साफ किया है कि यह बदलाव सिर्फ 28 जनवरी के बाद जुड़ने वाले नए ग्राहकों के लिए है। जिन लोगों के पास पहले से एक्टिव सब्सक्रिप्शन है, उन्हें पुरानी कीमतों पर ही सर्विस मिलती रहेगी। हालांकि, इसके लिए उन्हें अपना 'ऑटो-रिन्यूअल' मोड ऑन रखना होगा। अगर पुराना सब्सक्रिप्शन खत्म हो जाता है और यूजर नया पैक लेता है, तो उसे नई कीमतें चुकानी होंगी। कनेक्टेड टीवी पर बढ़ी व्यूअरशिप, इसलिए बदले रेट जिओ-स्टार के हेड (SVOD बिजनेस) सुशांत श्रीराम ने बताया कि पिछले 11 महीनों में कनेक्टेड टीवी (बड़ी स्क्रीन) पर कंटेंट देखने वाले यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने प्राइसिंग स्ट्रक्चर में बदलाव किया है ताकि यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से ज्यादा विकल्प मिल सकें। प्लेटफॉर्म के पास फिलहाल 45 करोड़ से ज्यादा मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और गूगल प्ले स्टोर पर इसके 100 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं। मोबाइल यूजर्स को हॉलीवुड कंटेंट के लिए अलग से देने होंगे पैसे नए नियमों के मुताबिक, मोबाइल प्लान लेने वाले यूजर्स को अब हॉलीवुड फिल्में और सीरीज देखने के लिए अलग से 'ऐड-ऑन' पैक खरीदना होगा। ₹79 वाले मंथली मोबाइल प्लान के साथ अगर कोई हॉलीवुड कंटेंट देखना चाहता है, तो उसे ₹49 एक्स्ट्रा देने होंगे। वहीं, सुपर और प्रीमियम प्लान में हॉलीवुड कंटेंट पहले की तरह ही शामिल रहेगा। प्रीमियम सालाना प्लान सबसे ज्यादा महंगा हुआ कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल प्रीमियम एनुअल प्लान में देखने को मिला है। पहले इसके लिए ₹1,499 देने पड़ते थे, जो अब बढ़कर ₹2,199 हो गए हैं। इसी तरह सुपर एनुअल प्लान भी ₹899 से बढ़कर ₹1,099 का हो गया है। प्रीमियम प्लान में यूजर्स एक साथ 4 डिवाइसेस पर 4K क्वालिटी में कंटेंट देख सकते हैं, जबकि सुपर प्लान में 2 डिवाइसेस और मोबाइल प्लान में सिर्फ 1 मोबाइल डिवाइस पर एक्सेस मिलता है। लाइव स्पोर्ट्स में सभी को देखने होंगे विज्ञापन जिओ-हॉटस्टार ने विज्ञापन की पॉलिसी में भी स्थिति साफ की है। मोबाइल और सुपर प्लान लेने वाले यूजर्स को सभी कंटेंट (फिल्में, सीरीज) के बीच विज्ञापन दिखाए जाएंगे। वहीं, प्रीमियम यूजर्स के लिए एंटरटेनमेंट कंटेंट तो 'ऐड-फ्री' रहेगा, लेकिन लाइव स्पोर्ट्स (जैसे क्रिकेट मैच) और लाइव शो के दौरान उन्हें भी विज्ञापन देखने होंगे।

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 10:34 pm

टोयोटा अर्बन क्रूजर EV कल लॉन्च होगी:फुल चार्ज पर 543km की रेंज और 10.25-इंच की स्क्रीन; क्रेटा इलेक्ट्रिक से मुकाबला

जापानी कार निर्माता कंपनी टोयोटा कल (20 जनवरी) भारत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV अर्बन क्रूजर EV लॉन्च करने जा रही है। कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक SUV को एक बार फुल चार्ज करने पर 550 किलोमीटर की रेंज मिलेगी। यह मारुति सुजुकी की अपकमिंग इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा का री-बैज वर्जन है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹21 लाख से ₹26 लाख के बीच हो सकती है। डिलीवरी मार्च-अप्रैल 2026 से शुरू हो सकती है। मिड-साइज सेगमेंट में आने वाली इस इलेक्ट्रिक SUV का सीधा मुकाबला हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक, टाटा हैरियर ईवी और महिंद्रा BE6 से होगा। हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर बनाई गई है ईवी टोयोटा अर्बन क्रूजर को हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर बनाया गया है, जिसे कंपनी ने मारुति सुजुकी के साथ मिलकर बनाया है। यह नई कार ईवीएक्स का रिबैज्ड वर्जन है, जिसके प्रोडक्शन वर्जन को इटली के मिलान में हुए मोटर शो EICMA-2024 में ग्लोबल मार्केट के लिए ई-विटारा नाम से पेश किया गया था। अर्बन क्रूजर ईवी के प्रोडक्शन मॉडल में अपने कॉन्सेप्ट मॉडल से कुछ बदलाव किए गए हैं। इसकी लंबाई को 15mm और चौड़ाई को 20mm कम किया गया है, लेकिन इसकी ऊंचाई को 20mm बढ़ाई गई है। व्हीलबेस की लंबाई 2,700mm ही है। खास बात यह है कि ये डायमेंशन अर्बन क्रूजर ईवी को ई विटारा से थोड़ा बड़ा बनाते हैं। एक्सटीरियर: LED लाइटिंग सेटअप के साथ 19-इंच के एलॉय व्हील्स कार का ओवर ऑल बॉडी स्ट्रक्चर ई-विटारा जैसा ही है, लेकिन इसकी फ्रंट प्रोफाइल बिल्कुल अलग है। इसमें एक चौड़ी क्रोम स्ट्रिप है, जो दोनों LED हेडलैम्प्स को जोड़ती है और पूरा सेटअप एक ब्लैक केसिंग में घिरा है। दोनों तरफ 12 छोटी-छोटी गोल LED DRLs दी गई हैं। नीचे की तरफ एक मोटा बम्पर है और दोनों तरफ वर्टिकल एयर वेंट दिए गए हैं। साइड से देखने पर टोयोटा की ईवी मारुति eVX जैसी ही नजर आ रही है, जिसमें चौकोर व्हील आर्च, डोर पर चौड़ी बॉडी क्लैडिंग और सी-पिलर पर लगे रियर डोर हैंडल दिए गए हैं। इसमें ई-विटारा की तरह 19-इंच के एलॉय व्हील्स दिए गए हैं, लेकिन डिजाइन अलग है। रियर प्रोफाइल पूरी तरह से eVX जैसी दिख रही है। इसमें एक बड़ा बंपर, रूफ इंटीग्रेटेड स्पॉइलर और बीच में रिफ्लेक्टिंग एलिमेंट के साथ एंड-टू-एंड कनेक्टेड टेल लैंप सेटअप है। DRLs की तरह ही, टेललैंप में भी गोल लाइटिंग एलिमेंट दिए गए हैं, जो इसे ई-विटारा से अलग बनाते हैं। इंटीरियर और फीचर्स: 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम अर्बन क्रूजर ईवी का केबिन बिल्कुल ई-विटारा जैसा ही है। इसकी कलर केबिन थीम को अलग रखा गया है, जो पूरी तरह से ब्लैक है। केबिन का बाकी हिस्सा लेयर्ड डैशबोर्ड, सेमी-लेदरेट अपहोल्स्ट्री, स्क्वैरिश एसी वेंट, ब्रश एल्युमिनियम और ग्लॉस ब्लैक एलिमेंट्स दिए गए हैं। इसमें 2-स्पोक फ्लेट बॉटम स्टीयरिंग व्हील और वर्टिकल ओरिएंटेड AC वेंट्स के चारों ओर ग्लॉस ब्लैक टच दिया गया है। इसके केबिन का प्रमुख हाइलाइट इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग स्क्रीन सेटअप दिया गया है, जिसमें एक इंफोटेनमेंट और दूसरी ड्राइवर डिस्प्ले है। फीचर लिस्ट में 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 10.1 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, फिक्स्ड ग्लासरूफ, JBL साउंड सिस्टम और पावर्ड ड्राइवर सीटें शामिल हैं। इसमें वायरलेस फोन चार्जर, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल भी होगा। दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ 550 किलोमीटर की रेंज यूरोपियन मार्केट में टोयोटा अर्बन क्रूजर ईवी को ई-विटारा की तरह दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ पेश किया गया है। इसमें 49kWh और 61kWh का बैटरी पैक ऑप्शन शामिल है। कंपनी ने अभी तक कार की सर्टिफाइड रेंज का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है इसकी फुल चार्ज में रेंज 550 किलोमीटर तक हो सकती है, जो ई विटारा से 150km ज्यादा है। कार में 2 व्हील ड्राइव और 4 व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया जाएगा। सेफ्टी फीचर्स : ADAS के साथ 360-डिग्री कैमरा सेफ्टी के लिए अर्बन क्रूजर ईवी में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) मिलेगा। इसमें लेन कीप असिस्ट, अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर शामिल होंगे। अन्य फीचर में 7 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360-डिग्री कैमरा, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) और कई एयरबैग मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 19 Jan 2026 5:03 pm

इस साल आ सकता है एपल का फोल्डेबल आईफोन:7.8 इंच की होगी अंदर वाली स्क्रीन, फेस आईडी की जगह टच आईडी मिलने की उम्मीद

एपल के पहले फोल्डेबल आईफोन का इंतजार कर रहे फैन्स के लिए बड़ी खबर है। दिग्गज टेक एनालिस्ट जेफ पु ने निवेशकों के लिए जारी एक नोट में इस डिवाइस में क्या-क्या मिल सकता है इसकी जानाकरी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एपल का यह फोन 2026 में लॉन्च हो सकता है। यह डिवाइस दिखने में काफी हद तक आईपैड मिनी जैसा होगा और इसमें मजबूती के लिए खास लिक्विड मेटल का इस्तेमाल किया जाएगा। इस साल एपल का लॉन्चिंग इवेंट सितंबर में हो सकता है। दो डिस्प्ले और टाइटेनियम बॉडी मिलेगीएनालिस्ट जेफ पु के अनुसार, फोल्डेबल आईफोन में दो डिस्प्ले होंगे। बाहर वाला कवर डिस्प्ले 5.3 इंच का होगा, जबकि फोन को खोलने पर अंदर की मेन स्क्रीन 7.8 इंच की होगी। फोन की बॉडी को एल्युमीनियम और टाइटेनियम से बनाया जाएगा। इसके हिंज यानी मुड़ने वाले हिस्से में टाइटेनियम और लिक्विड मेटल का इस्तेमाल होगा, ताकि बार-बार मोड़ने पर भी यह खराब न हो और काफी मजबूत रहे। फेस आईडी नहीं, टच आईडी मिलने की संभावनाइस फोन की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी सिक्योरिटी फीचर है। आमतौर पर एपल अपने प्रीमियम आईफोन्स में फेस आईडी देता है, लेकिन फोल्डेबल फोन में कंपनी टच आईडी का इस्तेमाल कर सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि एपल ने यह फैसला तकनीकी वजहों से लिया है या फिर फोन की लागत कम करने के लिए। टेक एक्सपर्ट्स इसे थोड़ा निराशाजनक मान रहे हैं क्योंकि फेस आईडी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। कैमरा सेटअप: अंदर 18MP के सेल्फी कैमरेकैमरा की बात करें तो जेफ पु ने बताया कि इसमें फ्रंट-फेसिंग दो 18MP के कैमरे हो सकते हैं। इनमें से एक कैमरा अंदर वाली बड़ी डिस्प्ले पर और दूसरा बाहर वाली स्क्रीन पर मिलेगा। वहीं, फोन के पिछले हिस्से (रियर) पर 48-48 मेगापिक्सल के दो सेंसर वाला डुअल कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। कीमत 2 लाख रुपए के पार जा सकती हैएपल ने आधिकारिक तौर पर कीमत को लेकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन लीक्स और मार्केट ट्रेंड्स के मुताबिक यह फोन काफी महंगा होगा। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि इसकी कीमत 2,399 डॉलर (करीब 2.17 लाख रुपए) तक हो सकती है। वहीं कुछ का मानना है कि एपल इसे 2,000 डॉलर (करीब 1.81 लाख रुपए) के आसपास लॉन्च कर सकता है। साफ है कि एपल का यह पहला फोल्डेबल फोन आम आईफोन के मुकाबले काफी प्रीमियम कैटेगरी में होगा। सैमसंग और गूगल से मुकाबलासैमसंग (Galaxy Z Fold) और गूगल (Pixel Fold) पहले से ही इस मार्केट में हैं। एपल करीब 5 साल की देरी से इस सेगमेंट में कदम रखेगा। एपल का अभी तक कोई फोल्डेबल डिवाइस नहीं है। फोल्डेबल फोन सेगमेंट में सैमसंग का ग्लोबल मार्केट शेयर 35.4% है।

दैनिक भास्कर 18 Jan 2026 3:19 pm

गुजरात में ₹35,000 करोड़ का निवेश करेगी मारुति:​​​​​​​गांधीनगर के खोराज में नया प्लांट लगाएगी, 12 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी अब गुजरात में अपनी मौजूदगी और ज्यादा बढ़ाने जा रही है। कंपनी ने राज्य के खोराज (गांधीनगर जिला) में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए गुजरात सरकार के साथ ₹35,000 करोड़ के निवेश का करार किया है। शनिवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची की मौजूदगी में इसका इन्वेस्टमेंट लेटर सौंपा गया। इस नए प्लांट से राज्य में करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सालाना 10 लाख कारें बनाने की क्षमता होगी खोराज में बनने वाला यह नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर फैला होगा। कंपनी का लक्ष्य है कि यहां हर साल 10 लाख (1 मिलियन) गाड़ियां बनाई जाएं। गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (GIDC) इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन मुहैया करा रहा है। इस निवेश के साथ ही गुजरात भारत के एक बड़े ऑटोमोबाइल हब के रूप में और मजबूती से उभरेगा। 2031 तक 40 लाख गाड़ियां बनाने का टारगेट मारुति सुजुकी का लक्ष्य साल 2030-31 तक अपनी कुल प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाकर 40 लाख यूनिट सालाना करने का है। फिलहाल कंपनी की क्षमता करीब 24-25 लाख यूनिट के आसपास है। खोराज प्लांट इस विजन को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनी ने हाल ही में हरियाणा के खरखोदा में भी अपने नए प्लांट का काम शुरू किया है। 12 हजार डायरेक्ट और लाखों इनडायरेक्ट जॉब्स मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल 12,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा, बल्कि आसपास के इलाकों में छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में एक पूरा 'ऑटो क्लस्टर' तैयार होगा। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने भी इसे गुजरात की ग्रोथ स्टोरी के लिए एक गर्व का पल बताया। 2025 में मारुति ने बनाया प्रोडक्शन का रिकॉर्ड कंपनी के लिए पिछला साल काफी शानदार रहा है। साल 2025 में मारुति सुजुकी ने 22.55 लाख से ज्यादा गाड़ियां बनाईं, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें फ्रोंक्स, बलेनो, स्विफ्ट और डिजायर जैसी कारों का सबसे ज्यादा योगदान रहा। एक्सपोर्ट के मामले में भी कंपनी ने 21% की ग्रोथ दर्ज की है। जापान और भारत की पार्टनरशिप और मजबूत होगी यह प्रोजेक्ट भारत और जापान के बीच औद्योगिक रिश्तों को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची ने कहा कि गुजरात का इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस के अनुकूल माहौल ही वजह है कि कंपनी यहां अपना विस्तार कर रही है। यह प्लांट 'मेक इन इंडिया' और 'मेड फॉर द वर्ल्ड' के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 7:27 pm

मस्क के बच्चे की मां ने ग्रोक पर केस किया:अश्लील फोटो बनाने का आरोप लगाया; कंपनी बोली- यूजर ने एग्रीमेंट का उल्लंघन किया

टेस्ला और X (पहले ट्विटर) के मालिक इलॉन मस्क के बच्चों में से एक की मां एश्ले सेंट क्लेयर ने xAI कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका आरोप कि xAI के चैटबॉट ग्रोक (Grok) ने यूजर्स को उनकी आपत्तिजनक डीपफेक फोटो बनाने की परमिशन दी, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा और बदनामी झेलनी पड़ी। राइटर और पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट 27 साल की एश्ले सेंट क्लेयर ने गुरुवार को न्यूयॉर्क सिटी की स्टेट सुप्रीम कोर्ट में यह मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रोक से बनाई गई फोटो में उनकी 14 साल की उम्र की एक पुरानी फोटो को बदला। इसमें उन्हें बिकिनी पहने दिखाया गया। इसके अलावा कुछ दूसरी फोटो में उन्हें एक एडल्ट महिला के रूप में सेक्सुअल पोजिशन में और यहां तक कि स्वस्तिक छपी बिकिनी पहने दिखाया गया। एश्ले सेंट क्लेयर यहूदी हैं, इसलिए उन्होंने इसे और भी अपमानजनक और डराने वाला बताया। वहीं, xAI का आरोप है कि सेंट क्लेयर ने अपने यूजर एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। जिसमें कहा गया है कि कंपनी के खिलाफ केस केवल टेक्सास के फेडरल कोर्ट में ही किया जा सकता है। xAI ने भी काउंटर केस किया गुरुवार को ही xAI ने इस केस को न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट से हटाकर मैनहट्टन के फेडरल कोर्ट में ट्रांसफर करा लिया। इतना ही नहीं, उसी दिन xAI ने टेक्सास के फेडरल कोर्ट में एश्ले सेंट क्लेयर के खिलाफ दावा भी दायर कर दिया। इस दावे में xAI ने हर्जाने की रकम की मांग की है। X और xAI पर गंभीर आरोप सेंट क्लेयर का कहना है कि जैसे ही उन्हें इन डीपफेक फोटो के बारे में पता चला, उन्होंने पिछले साल ही X को इसकी शिकायत की और तस्वीरें हटाने की मांग की। लेकिन शुरुआती जवाब में प्लेटफॉर्म ने कहा कि ये फोटो उसकी पॉलिसी का उल्लंघन नहीं करतीं। बाद में X ने यह भरोसा दिलाया कि उनकी सहमति के बिना उनकी फोटो का इस्तेमाल या एडिटिंग नहीं की जाएगी। इसके बावजूद सेंट क्लेयर का दावा है कि उनके साथ जवाबी कार्रवाई (रिटैलियेशन) की गई।उन्होंने आरोप लगाया- कौन हैं एश्ले सेंट क्लेयर? एश्ले सेंट क्लेयर, इलॉन मस्क के 16 महीने के बेटे रोमुलस की मां हैं। वे न्यूयॉर्क सिटी में रहती हैं। अपने केस में उन्होंने इमोशनल परेशानी और अन्य कानूनी दावों के लिए बिना तय की गई हर्जाने की रकम और कोर्ट से xAI को उनके और डीपफेक बनाने से तुरंत रोकने का आदेश मांगा है। 15 जनवरी- ग्रोक से अश्लील इमेज बनाने पर दुनियाभर में रोक X ने 15 जनवरी को घोषणा की थी कि अब ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को कपड़े कम करके दिखाने या एडिट करने का काम उन जगहों पर नहीं करेगा, जहां यह गैर-कानूनी है। इमेज बनाने और एडिटिंग की सुविधा सिर्फ पेड अकाउंट्स तक सीमित की जाएगी, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। X ने यह भी कहा कि उसकी नीति में बच्चों के सेक्सुअल हैरेसमेंट, बिना सहमति की न्यूडिटी और अनचाहे सेक्सुअल कंटेंट के लिए जीरो टॉलरेंस है। ऐसे किसी भी कंटेंट को तुरंत हटाया जाएगा और बच्चों से जुड़े यौन शोषण के मामलों में संबंधित अकाउंट्स की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 6:53 am

दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X डाउन:यूजर्स एक्सेस नहीं कर पा रहे, ब्लैंक स्क्रीन दिख रही; 4 दिन में दूसरी बार सर्विस ठप

इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस ठप हो गई है। भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर के हजारों यूजर्स ने शिकायत की है कि वे अपना फीड एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं और ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट 'डाउनडिटेक्टर' पर रात 8.48 बजे सबसे ज्यादा 74,598 लोग शिकायत रिपोर्ट कर चुके थे। यूजर्स का कहना है कि वे न तो अपनी टाइमलाइन देख पा रहे हैं और न ही नई पोस्ट कर पा रहे हैं। X की सर्विस 4 दिन में दूसरी बार ठप हुई है। इससे पहले 13 जनवरी को भी भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में हजारों यूजर्स को एक्सेस करने में परेशानी हुई थी। 57% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। 57% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 33% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 10% ने बताया कि उन्हें सर्वर कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। एप और वेब दोनों पर लोडिंग की समस्या, ग्रोक AI भी बंद इस आउटेज का असर मोबाइल एप्लिकेशन और डेस्कटॉप वर्जन दोनों पर देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने बताया कि एप खोलने पर उन्हें सिर्फ ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। यही नहीं, मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट 'ग्रोक' भी काम नहीं कर रहा है। यूजर्स जब रिफ्रेश कर रहे हैं, तो पुरानी पोस्ट भी गायब हो रही हैं और कोई नया डेटा लोड नहीं हो रहा है। यूजर को दिख रहा क्लाउडफ्लेयर एरर मैसेज लॉगिन करने की कोशिश कर रहे कई यूजर्स को 'Cloudflare' का एरर मैसेज दिखाई दे रहा है। इसमें लिखा आ रहा है कि क्लाउडफ्लेयर इस वेबसाइट की सुरक्षा करता है, लेकिन वेब सर्वर तक पहुंचने में समस्या हो रही है। हालांकि, तकनीकी जानकारों का मानना है कि यह समस्या बाहरी नेटवर्क की नहीं, बल्कि X के अपने सर्वर की आंतरिक खराबी के कारण आई है। इस हफ्ते दूसरी बार ठप हुई सर्विस, यूजर्स ने पूछा- क्या साइबर अटैक हुआ? X में इस हफ्ते यह दूसरा बड़ा ग्लोबल आउटेज है। इससे पहले मंगलवार (13 जनवरी) को भी सर्विस घंटों तक बाधित रही थी। बार-बार आ रही इस तकनीकी खराबी को लेकर यूजर्स अब सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं। डाउनडिटेक्टर के कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने लिखा, X फिर से डाउन है, क्या यह कोई साइबर हमला है? यह काफी असामान्य है। दूसरे यूजर ने पूछा कि क्या वेबसाइट केवल उनके लिए धीमी है या सबको दिक्कत आ रही है। X की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं इलॉन मस्क या X की सपोर्ट टीम ने अभी तक इस आउटेज की वजह या इसके ठीक होने के समय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आमतौर पर X ऐसे मामलों में आंतरिक रूप से पैच अपडेट जारी करता है, जिसके बाद सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती है। बार-बार होने वाले इन तकनीकी हादसों ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 10:59 pm

242 अवैध ऑनलाइन गेमिंग लिंक्स ब्लॉक:अब तक 7800 से ज्यादा वेबसाइट्स बंद, ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

सरकार ने शुक्रवार (16 जनवरी) को देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी 242 वेबसाइट्स के लिंक्स ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं। 'ऑनलाइन गेमिंग एक्ट' बबने के बाद ये सरकार की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। यह कदम युवाओं को वित्तीय और सामाजिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट संसद में पास होने के बाद से प्रवर्तन कार्रवाइयों में भारी तेजी आई है। अब तक 7,800 से अधिक अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को बंद किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य उन प्लेटफार्मों पर नकेल कसना है जो त्वरित धन का लालच देकर लोगों को गुमराह करते हैं। अगस्त में बना था ऑनलाइन गेमिंग पर कानून प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया है। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है। WHO ने भी माना गेमिंग डिसऑर्डर को गंभीर बीमारी सट्टेबाजी और जुए की लत सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को एक स्वास्थ्य स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया है। WHO के अनुसार, यह एक ऐसा पैटर्न है जिसमें व्यक्ति का खेल पर नियंत्रण नहीं रहता, वह दैनिक गतिविधियों की उपेक्षा करने लगता है और हानिकारक परिणामों के बावजूद खेल जारी रखता है। युवाओं की लत रोकने की कोशिश सरकारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अवैध ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने समाज को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कई परिवारों ने अपनी पूरी जमा-पूंजी गंवा दी है, तो कई युवा इसकी लत का शिकार हो गए हैं। कुछ मामलों में तो वित्तीय तंगी के कारण आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। सरकार ने इन खतरों को पहचानते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। ई-स्पोर्ट्स और क्रिएटिव इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा नए कानून का मकसद सिर्फ पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि एक संतुलन बनाना भी है। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग डिजिटल इकोनॉमी का एक गतिशील हिस्सा है। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम... देश में करीब 65 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हैं। ज्यादातर लोग रियल मनी गेम्स में दांव लगाते हैं। इनका सालाना कारोबार 1.8 लाख करोड़ से ज्यादा है। इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 9:56 pm

टोल प्लाजा 1 अप्रैल से कैशलेस, नकद भुगतान बंद होगा:सिर्फ फास्टैग या UPI से टैक्स लिया जाएगा; अभी 25 टोल पर ट्रायल शुरू

1 अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। नए नियमों के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के लिए सिर्फ फास्टैग (FASTag) या UPI पेमेंट का ही इस्तेमाल करना होगा। यह जानकारी टीवी न्यूज चैनल आज तक को इंटरव्यू में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने दी। उन्होंने कहा कि टोल पर नकद (कैश) लेनदेन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल नाकों पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और सफर को बाधा रहित बनाना है। इस 'नो-स्टॉप' सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल देश के 25 टोल प्लाजा पर टेस्ट किया जा रहा है। हालांकि अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन आना बाकी है। ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी खत्म करने की कोशिश केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस डिजिटल बदलाव को लागू करने के लिए अंतिम रूप दे रहा है। वर्तमान में फास्टैग अनिवार्य होने के बावजूद कई जगहों पर कैश लेनदेन होते हैं। डिजिटल पेमेंट न करने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। कैश बंद होने से गाड़ियों को टोल बूथ पर रुकना नहीं पड़ेगा। सरकार के इस फैसले के 3 बड़े कारण डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के अलावा सरकार इसके जरिए तीन प्रमुख टारगेट पूरे करना चाहती है... बैरियर-मुक्त टोलिंग की तरफ बढ़ने की तैयारी कैश पेमेंट बंद करना देश में 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम है। सरकार ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें हाईवे पर कोई फिजिकल बैरियर (नाका) नहीं होगा। गाड़ियां हाईवे की रफ्तार पर चलती रहेंगी और कैमरों व सेंसर्स की मदद से टोल अपने आप कट जाएगा। अपना फास्टैग बैलेंस चेक करें नया नियम लागू होने से पहले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फास्टैग अकाउंट को एक्टिव रखें। अगर आप फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। 1 अप्रैल के बाद बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है या वापस लौटाया जा सकता है। हालांकि नए नियमों की डिटेल आना बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... फास्टैग के लिए KYV प्रोसेस 1 फरवरी से खत्म होगी: वाहन मालिकों को बार-बार अपडेट नहीं करना पड़ेगा, बैंक खुद डेटा वेरिफाई करेंगे 1 फरवरी 2026 से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 7:00 pm

ग्रोक से अश्लील इमेज बनाने पर दुनियाभर में रोक:महिलाओं-बच्चों की तस्वीरों के मिसयूज के बाद फैसला; भारत में 3,500 फोटो हटाए थे

इलॉन मस्क के X ने ग्रोक AI से रियल लोगों की अश्लील इमेज बनाने पर वर्ल्डवाइड बैन लगा दिया है। यह फैसला AI-पावर्ड चैटबॉट से महिलाओं और बच्चों की फोटोज मिसयूज की शिकायतों के बाद लिया गया है। अब यूजर्स इस टूल का इस्तेमाल करके किसी भी असली व्यक्ति की ऐसी फोटो नहीं बना पाएंगे जो आपत्तिजनक हो या जिसमें उन्हें कम कपड़ों में दिखाया गया हो। ये रिस्ट्रिक्शन पेड और अनपेड सभी यूजर्स पर लगाया गया है। अश्लील फोटो एडिटिंग पर पूरी तरह रोक X के सेफ्टी अकाउंट ने गुरुवार इस बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने तकनीकी स्तर पर ऐसे बदलाव किए हैं, जिससे ग्रोक अब असली लोगों की बिना कपड़ों वाली फोटो नहीं बना पाएगा। इसमें बिकिनी जैसे कपड़ों वाली एडिटिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कंपनी का कहना है कि यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि किसी की निजता का उल्लंघन न हो और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किसी को परेशान करने के लिए न किया जा सके। महिलाओं की शिकायतों से शुरू हुई जांच पिछले साल दिसंबर में कई महिलाओं ने X पर शिकायत की कि उनकी फोटोज ग्रोक से सेक्शुअल इमेज बनाने में यूज हो रही हैं। IT मिनिस्ट्री की साइबर लॉ डिवीजन ने X को निर्देश दिया कि IT रूल्स 2021 के तहत कंटेंट हटाएं। दरअसल कुछ यूजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से वे महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद ग्रोक AI को प्रॉम्प्ट दिया जाता है कि महिलाओं की फोटो को गलत और आपत्तिजनक रूप में दिखाया जाए। AI से कपड़े बदलने या तस्वीर को सेक्शुअल अंदाज में पेश करने जैसी प्रॉम्प्ट दिए जाते हैं। इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से कोई अनुमति नहीं ली जाती। कई बार वे महिलाएं खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि ग्रोक इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है। भारत में 3,500 फोटो हटाई गईं, 600 यूजर्स पर बैन X ने भारत सरकार को सौंपी अपनी एक्शन रिपोर्ट में बताया कि उसने भारत में Grok के जरिए बनाई गई लगभग 3,500 आपत्तिजनक और अश्लील फोटो को हटा दिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने उन 600 यूजर्स की पहचान करके उन्हें प्लेटफॉर्म से बाहर कर दिया था, जो बार-बार इस AI चैटबॉट का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। मस्क बोले थे- जिम्मेदारी टूल की नहीं, यूजर की इससे पहले X के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि ग्रोक आपत्तिजनक तस्वीरें बना रहा है, लेकिन यह ऐसे है जैसे किसी बुरी बात को लिखने के लिए पेन को दोष देना। कलम यह तय नहीं करती कि क्या लिखा जाएगा। यह काम उसे पकड़ने वाला करता है। मस्क ने कहा कि Grok भी उसी तरह काम करता है। आपको क्या मिलेगा, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसमें क्या इनपुट देते हैं। क्योंकि जिम्मेदारी टूल की नहीं, उसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की होती है।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 4:33 pm

गाड़ियां करीब आते ही खुद एक-दूसरे को अलर्ट देंगी:नए व्हीकल में 2026 के अंत तक V2V चिप जरूरी, 5-7 हजार तक कीमत बढ़ेगी

अब गाड़ियां करीब आते ही खुद एक-दूसरे को अलर्ट करेंगी। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार साल 2026 के अंत तक देश में 'व्हीकल-टू-व्हीकल' (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को अनिवार्य करने की प्लानिंग कर रही है। इस तकनीक की मदद से गाड़ियां सड़क पर चलते हुए एक-दूसरे को सेफ्टी अलर्ट भेज सकेंगी, जिससे टक्कर और हादसों को रोका जा सकेगा। यह फैसला 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की बैठक के बाद लिया गया है। सरकार का टारगेट 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50% तक कम करना है। कैसे काम करेगी तकनीक: पायलट की तरह बात करेंगे ड्राइवर्स नितिन गडकरी ने इस सिस्टम को समझाते हुए बताया कि इसके लागू होने के बाद गाड़ियां आपस में वैसे ही बात कर सकेंगी, जैसे आसमान में पायलट करते हैं। हर गाड़ी में एक 'ऑन-बोर्ड यूनिट' (OBU) फिट की जाएगी। यह यूनिट आसपास की दूसरी गाड़ियों को अपनी लोकेशन, स्पीड, डायरेक्शन और ब्रेक लगाने जैसी जानकारी वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए भेजेंगी। इससे ड्राइवर को खतरा दिखने से पहले ही अलर्ट मिल जाएगा। कोहरे और अंधे मोड़ पर भी मिलेगा अलर्ट V2V टेक्नोलॉजी उन हालात में सबसे ज्यादा कारगर होगी, जहां कैमरा या रडार काम नहीं कर पाते। 5 से 7 हजार रुपए तक महंगी हो सकती हैं गाड़ियां सरकार इस पूरे प्रोग्राम पर करीब 5,000 करोड़ रुपए खर्च कर सकती है। हालांकि, गाड़ियों में लगने वाली ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) की कीमत 5,000 से 7,000 रुपए के बीच होने का अनुमान है। शुरुआत में इसे नई कारों, बसों और ट्रकों के लिए अनिवार्य किया जा सकता है। बाद में पुरानी गाड़ियों में भी इसे अलग से लगवाने का नियम आ सकता है। जानकारों का मानना है कि इससे गाड़ियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। स्पेक्ट्रम के लिए दूरसंचार विभाग से समझौता V2V सिस्टम को चलाने के लिए खास फ्रीक्वेंसी की जरूरत होती है। गडकरी ने बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ एक जॉइंट टास्क फोर्स बनाई गई है। विभाग 5.875-5.905GHz बैंड में 30MHz स्पेक्ट्रम अलॉट करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। सड़क परिवहन सचिव वी. उमाशंकर के मुताबिक, ऑटो कंपनियों के साथ तकनीकी मानकों (Technical Standards) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चुनौती: 2026 के अंत तक लागू करना कितना मुमकिन? भले ही सरकार ने 2026 की समयसीमा तय की है, लेकिन यह लक्ष्य काफी चुनौतीपूर्ण है। ADAS और V2V में क्या अंतर है? आजकल कई कारों में ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) आता है, जो कैमरा और सेंसर पर निर्भर है। यह सिर्फ वही देख सकता है जो कैमरे के सामने है। वहीं V2V तकनीक वायरलेस सिग्नल पर काम करती है। यानी अगर आपके आगे एक बड़ा ट्रक चल रहा है और उसके आगे कोई खतरा है, तो ADAS उसे नहीं देख पाएगा, लेकिन V2V के जरिए आगे वाली गाड़ी का सिग्नल ट्रक के पार आपकी कार तक पहुंच जाएगा। ------------------------------------------------------------------------------- ऑटो से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख:नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन टाटा मोटर्स ने आज (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 3:52 pm

बजाज का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर चेतक C25 लॉन्च:फुल मेटल बॉडी के साथ 113km की रेंज, 2.5 घंटे में 80% चार्ज होगा; कीमत ₹91,399

टू-व्हीलर मेकर बजाज ऑटो के सब ब्रांड चेतक इलेक्ट्रिक ने अपना सबसे सस्ता ई-स्कूटर 'चेतक C25' भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार फुल चार्ज करने पर 113 किलोमीटर चलता है और इसे सिर्फ 2.5 घंटे में 80% चार्ज किया जा सकता है। नई चेतक C25 में बजाज का नया चेसिस फ्रेम इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बैटरी पैक फ्लोरबोर्ड के नीचे है। इससे ई-स्कूटर में 25 लीटर का अंडर सीट स्पेस मिलेगा। कंपनी ने इसकी एक्स-शोरूम कीमत 91,399 रुपए रखी है। भारत में ये ई-स्कूटर TVS आईक्यूब और ओला S1 X को टक्कर देगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 9:33 am

मेड-इन-इंडिया मर्सिडीज-मेबैक GLS ₹2.75 करोड़ में लॉन्च:लोकल असेंबली से ₹42 लाख सस्ती हुई लग्जरी SUV; सेलिब्रेशन एडिशन की कीमत ₹4.10 करोड़

मर्सिडीज-बेंज ने भारत में बनी (लोकल असेंबल) मेबैक GLS 600 को लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 2.75 करोड़ रुपए रखी गई है। खास बात यह है कि भारत में असेंबल होने के कारण इसकी कीमत पूरी तरह से इम्पोर्टेड (CBU) मॉडल के मुकाबले करीब 42 लाख रुपए कम हो गई है। पहले इम्पोर्टेड मॉडल की कीमत 3.17 करोड़ रुपए थी। कंपनी ने इसके साथ ही एक खास 'सेलिब्रेशन एडिशन' भी उतारा है, जिसकी कीमत 4.10 करोड़ रुपए है। लोकल असेंबली से कीमतों में बड़ी कटौती मर्सिडीज-बेंज इंडिया अब अपनी सबसे प्रीमियम SUV, मेबैक GLS को पुणे के चाकन प्लांट में असेंबल कर रही है। भारत में मर्सिडीज के लिए मेबैक सीरीज काफी सफल रही है और इसे स्थानीय स्तर पर बनाने का फैसला ग्राहकों को लुभाने के लिए किया गया है। कीमत में ₹42 लाख की बड़ी गिरावट उन खरीदारों के लिए फायदेमंद होगी जो अल्ट्रा-लग्जरी SUV सेगमेंट में निवेश करना चाहते हैं। मेबैक GLS सेलिब्रेशन एडिशन भी पेश हुआ रेगुलर मॉडल के अलावा, कंपनी ने 'मेबैक GLS सेलिब्रेशन एडिशन' को भी मार्केट में उतारा है। 4.10 करोड़ रुपए की कीमत वाला यह वर्जन उन ग्राहकों के लिए है जो एक्सक्लूसिविटी पसंद करते हैं। इसमें कुछ खास कॉस्मेटिक बदलाव, नए पेंट स्कीम और इंटीरियर में ज्यादा कस्टमाइजेशन के विकल्प दिए गए हैं। इंजन और परफॉर्मेंस: 4.0-लीटर V8 इंजन इस अल्ट्रा-लग्जरी SUV में 4.0-लीटर का V8 ट्विन-टर्बोचार्ज्ड इंजन दिया गया है। यह इंजन 557 hp की पावर और 730 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें 48-वोल्ट माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम भी मिलता है, जो जरूरत पड़ने पर एडिशनल 22 hp की पावर और 250 Nm का टॉर्क देता है। यह गाड़ी महज 4.9 सेकंड में 0 से 100Kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। इंटीरियर: चलता-फिरता फर्स्ट क्लास लाउंज मेबैक GLS का केबिन किसी प्राइवेट जेट जैसा महसूस होता है। इसमें पीछे की सीटों पर रिक्लाइनिंग फंक्शन, मसाज और वेंटिलेशन की सुविधा दी गई है। साथ ही रियर-सीट एंटरटेनमेंट पैकेज के तहत टचस्क्रीन टैबलेट और प्रीमियम बर्मेस्टर सराउंड साउंड सिस्टम मिलता है। पूरी बॉडी पर क्रोम फिनिश और 22-इंच के सिग्नेचर मेबैक अलॉय व्हील्स इसे सड़क पर अलग पहचान देते हैं। भारत में मेबैक का बढ़ता क्रेज मर्सिडीज-बेंज के मुताबिक, भारत में मेबैक ब्रांड की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे पहले कंपनी मेबैक S-Class को भी भारत में असेंबल करना शुरू कर चुकी है। कंपनी का लक्ष्य लग्जरी सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करना है। क्योंकि अब भारतीय बाजार में रोल्स रॉयस कलिनन और बेंटले बेंटायगा जैसी गाड़ियों से भी मुकाबला बढ़ रहा है। क्या होती है लोकल असेंबली? जब कोई विदेशी कंपनी कार को पूरी तरह से बने-बनाए रूप में विदेश से मंगवाती है, तो उसे CBU (कंप्लीट बिल्ट यूनिट) कहा जाता है। इस पर भारत सरकार करीब 100% से ज्यादा टैक्स (इम्पोर्ट ड्यूटी) वसूलती है। वहीं जब गाड़ी के पुर्जे मंगाकर उन्हें भारत में जोड़ा यानी असेंबल किया जाता है, तो उसे CKD (कंप्लीट नॉक्ड डाउन) यानी लोकल असेंबली कहते हैं। इस पर टैक्स कम लगता है, जिससे कार की कीमत काफी कम हो जाती है। ये खबर भी पढ़ें... 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख: नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन, सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा टाटा मोटर्स ने (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है और जल्द ही डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी। भारत में इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से है। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 14 Jan 2026 3:31 pm

2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख:नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन, सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा

टाटा मोटर्स ने आज (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है और जल्द ही डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी। भारत में इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से है। टाटा पंच भारत में पहली बार 2021 में लॉन्च की गई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में इसे ट्विन सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ CNG वर्जन में उतारा गया था। जनवरी-2024 में इसे अपडेट लुक और नए फीचर के साथ इलेक्ट्रिक वर्जन पेश किया गया था।

दैनिक भास्कर 13 Jan 2026 8:34 pm

एपल ने AI के लिए गूगल जैमिनी से पार्टनरशिप की:आईफोन में सिरी को बेहतर करेंगे, मस्क ने डील को गलत बताया

एपल और गूगल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर समझौता हुआ है। जिसके तहत अब एपल के AI फाउंडेशन मॉडल्स गूगल के जेमिनी एआई मॉडल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार किया जाएगा। गूगल जेमिनी मॉडल एपल के नए सिरी (Siri) और एपल इंटेलिजेंस फीचर्स को और बेहतर बनाएगा। गूगल ने एक्स पर पोस्ट डालकर इस साझेदारी का ऐलान किया है। गूगल ने कहा कि आईफोन, आईपैड और मैकबुक में एपल इंटेलीजेंस फीचर्स को बेहतर और सिरी को अधिक पर्सनलाइज्ड बनाने के लिए यह पार्टनरशिप हुई है। बयान में कहा गया है कि सिरी के नए वर्जन को इसी साल लॉन्च किया जाएगा। जेमिनी AI एपल के सिरी को बेहतर बनाएगाइस पार्टशिप पर प्रतिक्रिया देते हुए इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गूगल के पास पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम हैं, ऐसे में यह डील उसकी ताकत का गलत इस्तेमाल करने जैसा लगता है। मस्क की कंपनी xAI 'ग्रोक' (Grok) नाम का AI चैटबॉट बनाती है, जो सीधे तौर पर गूगल के जेमिनी को टक्कर देता है। मस्क पहले से ही एपल और OpenAI के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये कंपनियां ऐप स्टोर पर प्रतिद्वंद्वी AI सेवाओं को ब्लॉक कर रही हैं। यह मुकदमा फिलहाल अदालत में चल रहा है। डील की खबर से गूगल की वैल्यू 4 ट्रिलियन डॉलर पहुंचीडील की खबर आने के बाद सोमवार को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के शेयर में 1% से ज्यादा की तेजी रही। इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू ने 4 ट्रिलियन डॉलर (361 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल गई है। गूगल दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। इस पार्टनरशिप के तहत गूगल के जेमिनी मॉडल एपल के 'प्राइवेट क्लाउड कंप्यूटिंग' इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेंगे और इस साल के आखिर तक नया सिरी लॉन्च किया जा सकता है। एपल ने कहा- गूगल की टेक्नोलॉजी सबसे बेहतरएपल ने गूगल की तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि उनके इवैल्यूएशन प्रोसेस में जेमिनी सबसे बेहतर साबित हुआ है। एपल के मुताबिक, 'एपल फाउंडेशन मॉडल्स' के लिए जेमिनी सबसे सक्षम आधार प्रदान करता है।

दैनिक भास्कर 13 Jan 2026 12:54 pm

गूगल जेमिनी अब शॉपिंग कराएगा, सर्च में 'बाय बटन' मिलेगा:वॉलमार्ट-शॉपीफाई के साथ मिलकर बनाया सिस्टम; अब बिना वेबसाइट खोले पेमेंट होगा

अब जेमिनी सिर्फ आपके सवालों के जवाब ही नहीं देगा, बल्कि आपके लिए शॉपिंग भी करेगा। कंपनी जेमिनी में एक नया 'बाय बटन' जोड़ रही है। इस फीचर की मदद से यूजर्स जेमिनी के चैट इंटरफेस को छोड़े बिना ही अपनी पसंद का सामान खरीद सकेंगे। गूगल ने इस नई सुविधा को 'एजेंटिक शॉपिंग' एक्सपीरियंस का नाम दिया है। अभी ये फीचर केवल अमेरिका में उपलब्ध है। जल्द ही भारत में भी लॉन्च किया जाएगा। गूगल ने अमेरिका में इसके लिए वॉलमार्ट, टारगेट, शॉपीफाई जैसे बड़े रिटेलर्स के साथ टाइ-अप किया है। गूगल पे से होगा पेमेंट, जल्द जुड़ेगा पेपैल गूगल ने इसे अपने पेमेंट गेटवे से जोड़ा है। जैसे ही आप 'बाय' बटन पर क्लिक करेंगे, एप के अंदर ही एक चेकआउट विंडो खुल जाएगी। यह फीचर आपके गूगल पे में पहले से सेव जानकारी का इस्तेमाल करेगा। कंपनी जल्द ही इसमें पेपैल का सपोर्ट भी जोड़ने वाली है। डिलीवरी और सर्विस की जिम्मेदारी रिटेलर की होगी भले ही आप ट्रांजैक्शन जेमिनी एप के अंदर कर रहे हैं, लेकिन सामान की डिलीवरी और सर्विस की जिम्मेदारी गूगल की नहीं होगी। उदाहरण के लिए, अगर आपने जेमिनी के जरिए वॉलमार्ट से कोई सामान मंगवाया है, तो उसकी शिपिंग, रिटर्न और कस्टमर सर्विस का सारा काम वॉलमार्ट ही संभालेगा। गूगल यहां सिर्फ एक प्लेटफॉर्म या माध्यम की तरह काम कर रहा है। जेमिनी से शॉपिंग की पूरी प्रोसेस समझें भारत में अभी क्या है स्थिति? अभी भारत में जेमिनी एप शॉपिंग में मदद तो करता है, लेकिन वह अलग-अलग वेबसाइट्स के प्रोडक्ट्स की तुलना दिखाता है और खरीदने के लिए बाहरी साइट्स के लिंक देता है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही भारतीय यूजर्स को भी सीधे एप से खरीदारी का विकल्प मिलेगा। भविष्य में बदल जाएगा खरीदारी का तरीका गूगल का मानना है कि एआई एजेंट आने वाले समय में शॉपिंग के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे। अब ग्राहकों को दर्जनों टैब्स खोलने या अलग-अलग एप्स में लॉगिन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप बस एआई को बताएंगे कि आपको क्या चाहिए और वह आपके बजट और पसंद के हिसाब से बेस्ट ऑप्शन ढूंढकर वहीं पेमेंट करवा देगा।

दैनिक भास्कर 12 Jan 2026 8:58 pm

विनफास्ट ने भारत में 4 महीने में 1,000 इलेक्ट्रिक-कार बेचीं:टाटा, महिंद्रा और MG के बाद चौथी बड़ी EV कंपनी; सितंबर में 2 मॉडल लॉन्च किए थे

वियतनाम की इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनी विनफास्ट ने भारत में एंट्री के 4 महीनों के अंदर 1,000 यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। इस बिक्री के साथ ही विनफास्ट, टाटा मोटर्स , एमजी और महिंद्रा के बाद भारत की चौथी सबसे बड़ी ईवी ब्रांड बनकर उभरी है। कंपनी ने पिछले साल सितंबर में अपने दो मिड-साइज एसयूवी मॉडल के साथ भारतीय बाजार में कदम रखा था। 2026 की शुरुआत से तेज बिक्री आंकड़ों के मुताबिक, विनफास्ट ने 2025 के आखिरी तीन महीनों में करीब 830 गाड़ियां बेची थीं। वहीं, नए साल यानी 2026 की शुरुआत भी कंपनी के लिए अच्छी रही है। जनवरी के शुरुआती दिनों में ही कंपनी अब तक 200 से ज्यादा ईवी बेच चुकी है। सितंबर में भारतीय बाजार में एंट्री हुई थी विनफास्ट ने भारत में अपने ऑपरेशन की शुरुआत पिछले साल सितंबर में की थी। कंपनी ने मिड-साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में दो मॉडल उतारे थे- VF 6 और VF 7। इन दोनों गाड़ियों को भारतीय ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। विनफास्ट VF 6 और VF 7 के फीचर्स VF 6 एक प्रीमियम कॉम्पैक्ट SUV है, जो 'द डुअलिटी इन नेचर' के कॉन्सेप्ट से इंस्पायर है। इसमें 59.6 kWh की बैटरी है, जो 25 मिनट में 10% से 70% तक चार्ज हो जाती है और 468 Km तक की ARAI सर्टिफाइड रेंज देती है। वहीं बोल्ड और प्रीमियम VF 7 'द यूनिवर्स इज असिमेट्रिकल' डिजाइन फिलॉसफी के साथ आता है। ये एक बड़ी SUV है, जिसकी लंबाई 4.5 मीटर से ज्यादा और व्हीलबेस 2,840 mm है। ये दो बैटरी ऑप्शन्स (59.6 kWh और 70.8 kWh) और पांच वेरिएंट्स- अर्थ, विंड, विंड इनफिनिटी, स्काई और स्काई इनफिनिटी में अवेलेबल हैं। इसमें FWD और AWD ड्राइवट्रेन ऑप्शन्स भी हैं। तमिलनाडु में 50,000 यूनिट्स कैपेसिटी का असेंबली प्लांट विनफास्ट की EV तूतुकुड़ी, तमिलनाडु में असेंबल होती हैं। फैक्ट्री की सालाना कैपेसिटी 50,000 यूनिट्स है, जो बढ़ाकर 1,50,000 यूनिट्स की जा सकती है। ये प्लांट भारत में कंपनी की पहली फैसिलिटी है। कंपनी ने भारत में एंट्री के साथ लोकल असेंबली पर फोकस किया, जो कॉस्ट कम रखने और जॉब्स क्रिएट करने में मदद करता है। ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें टेस्ला के बाद विनफास्ट ने भारत में पहला शोरूम खोला:सूरत के इस शोरूम में VF 6 और VF 7 शोकेस करेगी, कंपनी का 35 डीलरशिप ओपन करने का प्लान इलॉन मस्क की टेस्ला के बाद अब वियतनाम की इलेक्ट्रिक मेकर विनफास्ट ने भारत में अपना पहला शोरूम गुजरात के सूरत में ओपन किया है। रविवार (27 जुलाई) को 3,000 स्क्वायर फीट के इस शोरूम का इनोग्रेशन किया गया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 12 Jan 2026 11:25 am

इंस्टाग्राम के 1.75 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक:फोन नंबर-ईमेल डार्क वेब पर बिक रहा; भारत में सबसे ज्यादा यूजर, अपना अकाउंट ऐसे बचाएं

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के 1.75 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का पर्सनल डेटा लीक हो गया है। ये जानकारी साइबर क्रिमिनल्स के हाथ लग गई है। एंटीवायरस सॉफ्टवेयर फर्म मालवेयरबाइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक लीक डेटा में यूजरनेम, घर का पता, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस जैसी चीजें शामिल हैं। कंपनी ने कहा कि ये डेटा डार्क वेब पर बिक रहा है और इससे फिशिंग या अकाउंट हैकिंग जैसे खतरे बढ़ सकते हैं। 2024 में हुई सुरक्षा चूक से डेटा लीक मालवेयरबाइट्स ने अपने कस्टमर्स को ईमेल में बताया कि ये लीक उनकी रूटीन डार्क वेब स्कैन में पकड़ा गया। ये 2024 में इंस्टाग्राम के API (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, जो ऐप्स को एक-दूसरे से कनेक्ट करता है) से जुड़ा है। कंपनी ने कहा कि इस डेटा से साइबर क्रिमिनल्स यूजर्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। भारत सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है स्टेटिस्टा के मुताबिक भारत में इंस्टाग्राम के अक्टूबर 2025 तक सबसे ज्यादा यूजर्स 48 करोड़ यूजर्स हैं। यहां फेसबुक और वॉट्सऐप के भी 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं, जो मेटा का सबसे बड़ा बाजार है। लीक डेटा में भारत के यूजर्स की जानकारी भी हो सकती है, जिससे भारतीय यूजर्स के लिए खतरा बढ़ सकता है। हैकर्स कैसे कर सकते हैं इस डेटा का इस्तेमाल? यह लीक सिर्फ इंस्टाग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि लीक हुए क्रेडेंशियल्स (लॉगिन डीटेल्स) का इस्तेमाल करके हैकर्स: फिशिंग : आपको फर्जी ईमेल या मैसेज भेजकर फंसा सकते हैं। अकाउंट टेकओवर: आपका अकाउंट हाईजैक कर सकते हैं। क्रेडेंशियल स्टफिंग: अगर आप बाकी जगह (जैसे फेसबुक, नेटफ्लिक्स या बैंक) भी वही पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं, तो हैकर्स वहां भी सेंध लगा सकते हैं। मेटा ने डेटा ब्रीच के आरोपों को नकारा मेटा के प्रवक्ता ने डेटा ब्रीच की बात को नकारा है। उन्होंने कहा हमने एक समस्या को ठीक कर लिया है जिसकी वजह से कोई बाहरी पार्टी कुछ इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए पासवर्ड रीसेट ईमेल भेजने का अनुरोध कर पा रही थी। हमारे सिस्टम में कोई डेटा ब्रीच नहीं हुआ है और लोगों के इंस्टाग्राम अकाउंट्स सुरक्षित हैं।

दैनिक भास्कर 11 Jan 2026 3:47 pm

ऑफिस के काम में इंसानों को पीछे छोड़ देगा AI:ओपनएआई असली कामकाज से ट्रेंड कर रहा नया AI मॉडल, नौकरियां जा सकती है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ये सीधे तौर पर ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरियों पर असर डाल कर सकता है। वायर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई एक एडवांस सिस्टम तैयार कर रही है। ये ऑफिस के रोजमर्रा के लगभग हर काम को इंसानों से ज्यादा सटीक और बेहतर तरीके से करने में खुद-ब-खुद सक्षम होगा। इंसानों के असली कामकाज के डेटा से ट्रेनिंग दी जा रही इस मॉडल को तैयार करने के लिए ओपनएआई इंसानों के असली कामकाज के डेटा का इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी ने इसके लिए 'हैंडशेक एआई' कंपनी के साथ पार्टनरशिप की है। इसके तहत अलग-अलग प्रोफेशन के कॉन्ट्रैक्टर्स से उनके पुराने और मौजूदा ऑफिस वर्क का डेटा जुटाया जा रहा है। इससे AI सीखेगा कि असल दुनिया में टास्क कैसे पूरे किए जाते हैं। ओपनएआई ने कॉन्ट्रैक्टर्स से दो तरह का डेटा मांगा है… कंपनी ने कॉन्ट्रैक्टर्स से कहा है कि वे उन जटिल कामों का डेटा दें जिन्हें पूरा करने में घंटों या दिनों का समय लगता है। ओपनएआई यह देखना चाहता है कि उसके ट्रेंड किए गए नए AI मॉडल्स इंसानों के मुकाबले कितने बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। कंपनी ने डेटा सिक्योरिटी का भी ध्यान रखा है कॉन्ट्रैक्टर्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि डेटा अपलोड करने से पहले वे 'प्रोपराइटरी' (कंपनी की निजी) और 'पर्सनली आइडेंटिफिएबल' (पहचान बताने वाली) जानकारी को हटा दें। इंसानों से बेहतर तरीके से काम कर सकेगा AI टेक इंडस्ट्री के कई एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल से 'वाइट कॉलर जॉब्स' (ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी) के लिए मुश्किल पैदा हो सकती है। ओपनएआई का अंतिम लक्ष्य 'आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस' (AGI) हासिल करना है। इन 5 सेक्टरों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है 1. डेटा एंट्री और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स: AI अब डेटा को इंसानों से ज्यादा तेजी और सटीकता से प्रोसेस कर सकता है। जो लोग एक्सेल शीट मैनेज करने, शेड्यूलिंग करने या डेटा ऑर्गेनाइज करने का काम करते हैं, उनके काम को एआई एजेंट्स पूरी तरह टेकओवर कर सकते हैं। 2. कंटेंट राइटिंग और बेसिक कोडिंग: जूनियर डेवलपर्स और बेसिक कंटेंट राइटर्स के लिए आने वाला समय कठिन हो सकता है। कंपनियां अभी एक सीनियर डेवलपर/राइटर और AI की मदद से पूरी टीम का काम निकाल रही हैं। आने वाले समय में AI और बेहतर हो जाएगा। 3. कस्टमर सपोर्ट और कॉल सेंटर्स: चैटबॉट्स अब पहले से कहीं ज्यादा 'इंसानी' हो गए हैं। ओपनएआई जिस तरह से 'रियल-वर्ल्ड' डेटा पर ट्रेनिंग दे रहा है, उससे एआई अब कस्टमर की शिकायतों को समझना और उनका समाधान करना सीधे तौर पर सीख जाएगा। 4. लीगल और पैरालीगल वर्क: कानूनी दस्तावेजों को पढ़ना, उनमें से जरूरी पॉइंट्स निकालना और रिसर्च करना एआई के लिए आसान हो गया है। जूनियर वकील या रिसर्चर्स जो केस स्टडीज और ड्राफ्टिंग का काम करते हैं, एआई उनके घंटों का काम मिनटों में कर सकता है। 5. फाइनेंस और अकाउंटिंग: बहीखाता, टैक्स कैलकुलेशन और ऑडिटिंग जैसे कामों में AI का दखल बढ़ रहा है। अकाउंटिंग फर्म्स अब बड़े पैमाने पर एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे बेसिक अकाउंटेंट्स की जरूरत कम हो रही है। एक्सपर्ट बोले- टिके रहने के लिए स्किल्स बढ़ानी होगी 1. एआई को पार्टनर बनाएं: सबसे जरूरी है कि आप अपने क्षेत्र से जुड़े एआई टूल्स को चलाना सीखें। अगर आप राइटर हैं तो चैटजीपीटी, जेमिनी, ग्रॉक जैसे टूल्स का सही इस्तेमाल आना चाहिए। कोडर हैं तो को-पायलट और डिजाइनर हैं तो मिडजर्नी जैसे टूल्स आने चाहिए। 2. 'सॉफ्ट स्किल्स' पर फोकस: AI डेटा प्रोसेस कर सकता है, लेकिन वह भावनाएं नहीं समझ सकता। टीम मैनेजमेंट, नेगोशिएशन और लीडरशिप ऐसे गुण हैं जिनकी जरूरत हर कंपनी को रहेगी। टीम को मुश्किल समय में संभालना अभी इंसान ही कर सकता है। 3. क्रिटिकल थिंकिंग: एआई कई बार गलत जानकारी देता है। ऐसे में 'क्रिटिकल थिंकिंग' जरूरी है। एआई के आउटपुट को चेक करना और उसे कंपनी की जरूरत के हिसाब से ढालना। समस्या को पहचानना और उसका यूनिक समाधान सोचना भी AI से आगे रखेगा। 4. लगातार सीखना: अब वो दौर गया जब एक बार डिग्री ले ली और पूरी लाइफ नौकरी चल गई। तकनीक हर 6 महीने में बदल रही है। खुद को 'अपस्किल' करते रहें। इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों पर नजर रखें। जितना अपडेटेड रहेंगे, उपयोगिता उतनी ही बनी रहेगी।

दैनिक भास्कर 11 Jan 2026 2:54 pm

टेस्ला का चौथा शोरूम बेंगलुरु में खुलेगा:कंपनी ने कहा- सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु; दिल्ली-मुंबई-गुरुग्राम के बाद अब कर्नाटक में एक्सपेंशन

टेस्ला इंडिया ने अब बेंगलुरु में अपना चौथा शोरूम खोलने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने X पर पोस्ट शेयर कर लिखा, 'सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु'। यह कदम भारत में टेस्ला की तेज एक्सपेंशन की ओर इशारा करता है। जहां कंपनी पहले से दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में मौजूद है। बेंगलुरु में नया शोरूम कब और कैसे खुलेगा टेस्ला ने अभी सटीक ओपनिंग डेट नहीं बताई है, लेकिन कंपनी का फोकस तेजी से बढ़ते साउथ इंडियन मार्केट पर है। बेंगलुरु में IT हब होने की वजह से यहां हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और EV इंटरेस्टेड कस्टमर्स की संख्या अच्छी है। लोग X पर काफी एक्साइटेड हैं। एक यूजर ने लिखा, 'वेलकम टू नम्मा बेंगलुरु'। दूसरे यूजर ने कहा, 'बेंगलुरु में वेल्दी टेस्ला फैन बेस है, यह बहुत शानदार होने वाला है। पहले से मौजूद शोरूम्स की लिस्ट मॉडल Y की डिलीवरी और प्राइस डिटेल्स टेस्ला ने भारत में अपना Model Y लॉन्च किया है, जिसकी कीमत ₹59.89 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। कंपनी का प्लान है कि सितंबर तक डिलीवरी शुरू कर दे। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई प्रायोरिटी मार्केट हैं, लेकिन अब बेंगलुरु भी जल्द जुड़ेगा। Model Y के दो वैरिएंट हैं - RWD और लॉन्ग रेंज RWD। सुपरचार्जिंग नेटवर्क का एक्सपेंशन टेस्ला चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस कर रही है। पिछले साल दिसंबर में गुरुग्राम के DLF होराइजन सेंटर में पहला सुपरचार्जर लगाया गया। अब दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में नेटवर्क बढ़ाने का प्लान है। इससे कस्टमर्स को सीमलेस और सस्टेनेबल मोबिलिटी मिलेगी। टेस्ला का कहना है कि ये कदम भारत में ग्रेजुअल एक्सपेंशन का हिस्सा हैं। आने वाले महीनों में और शहरों में प्रेजेंस बढ़ सकती है। कंपनी ने मुंबई से शुरुआत की थी टेस्ला ने सालों से भारत में एंट्री की कोशिश की, लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी और रेगुलेशंस की वजह से देरी हुई। 2025 में सरकार की EV पॉलिसी में छूट मिलने के बाद कंपनी ने मुंबई से शुरुआत की। अब तेजी से शोरूम और चार्जिंग स्टेशन बढ़ा रही है। कंपनी का फोकस ब्रैंड बिल्डिंग और डिमांड चेक करने पर है, फिलहाल मैन्युफैक्चरिंग प्लान्स नहीं बताए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें... भारत में लॉन्च हुई टेस्ला मॉडल Y की पहली तस्वीरें: अमेरिका से ₹28 लाख महंगी, जानें बुकिंग से लेकर कीमत और सर्विसिंग की सभी डिटेल्स दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला का पहला शोरूम आज यानी, 15 जुलाई को मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में खुल गया है। अभी केवल मॉडल Y कार भारत में बेची जाएगी। इसकी कीमत 60 लाख रुपए से शुरू है। ये अमेरिका की तुलना में 28 लाख रुपए ज्यादा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टेस्ला शोरूम क उद्घाटन किया। इसके साथ ही कारों की बुकिंग शुरू हो गई है। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:02 pm