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राहु-केतु गोचर: जानें कब हो रहा है राशि परिवर्तन और किन राशियों की चमकेगी किस्मत

राहु-केतु का कुंभ और सिंह राशि में गोचर जारी है। जानिए 5 दिसंबर 2026 तक कौन सी राशियां रहेंगी भाग्यशाली और किन उपायों से दूर होंगे अशुभ प्रभाव।

वेब दुनिया 5 Sep 2026 5:40 pm

सूर्य-शनि के षडाष्टक योग से चमकेगा 5 राशियों का भाग्य, जानें क्या आपकी राशि शामिल है?

वर्तमान में सूर्य सिंह राशि में और शनि मीन राशि में होकर षडाष्टक योग का निर्माण कर रहे हैं। इस योग में दोनों ग्रह एक दूसरे से 6/8 का संबंध (षडाष्टक योग) बनाते हैं। षड यानी छह और अष्टक यानी आठ। सूर्य और शनि के 150 डिग्री (षडाष्टक/क्विंकंक्स) के इस ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 4:29 pm

5 सितंबर 2026 को ग्रहों की चाल और नक्षत्रों के संयोग से किन राशियों के जीवन में आने वाला है बड़ा बदलाव

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 5 सितंबर 2026 का यह बेहद खास दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ योग लेकर आया है। आज पंचांग के अनुसार कई ऐसी शुभ ग्रहों की युति और दृष्टि बन रही है, जिसके प्रभाव से मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के जीवन पर सीधा असर पड़ने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक आज का दिन विशेष रूप से कुछ चुनिंदा राशियों के लिए आर्थिक समृद्धि, करियर में तरक्की और पारिवारिक सुख-शांति के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा। जब भी ग्रहों की स्थिति में इस तरह का सकारात्मक बदलाव होता है, तो उसका असर हमारे दैनिक कामकाज, व्यापार, नौकरी और स्वास्थ्य पर साफ तौर पर दिखाई देता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज का यह शुक्रवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहने वाला है और किस राशि के भाग्य में धन योग का विशेष लाभ लिखा है।वृषभ और कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन क्यों साबित होगा बेहद शानदार और धनदायक?आज के राशिफल के अनुसार वृषभ और कर्क राशि के जातकों के लिए 5 सितंबर 2026 का दिन किसी वरदान से कम नहीं रहने वाला है। वृषभ राशि के जातकों को व्यापार में लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। यदि आप कोई नया निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए बेहद अनुकूल और फायदेमंद साबित हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, कर्क राशि के जातकों के जीवन में भी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा से धन योग का निर्माण हो रहा है, जिससे नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या सैलरी में इंक्रीमेंट की खुशखबरी मिल सकती है। परिवार के सदस्यों का भरपूर सहयोग मिलेगा और माता-पिता के आशीर्वाद से आपके सभी रुके हुए कार्य तेजी से पूरे होने लगेंगे। वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी और जीवनसाथी के साथ किसी खूबसूरत यात्रा पर जाने का योग भी बन सकता है।मेष, मिथुन, सिंह और कन्या राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य के मामले में कैसा रहेगा आज का दिन?मेष राशि के जातकों को आज अपने गुस्से और वाणी पर विशेष संयम रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ऑफिस में किसी सहकर्मी के साथ अनबन होने की संभावना बन सकती है। मिथुन राशि के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर लेकर आएगा, और किसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलने के योग हैं। सिंह राशि के जातकों को आज अपने स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सतर्क रहना होगा, विशेषकर खान-पान में लापरवाही बिल्कुल न बरतें। कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन बिजनेस के सिलसिले में की जाने वाली यात्राओं के लिए बेहद शुभ रहेगा, जिससे भविष्य में बड़े व्यापारिक अनुबंध हासिल हो सकते हैं। इन सभी राशियों के जातकों को अपने दिन को बेहतर बनाने के लिए सुबह स्नान करके भगवान सूर्य को अर्ध्य देना और हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के भाग्य के सितारे आज क्या दे रहे हैं संकेत?तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन दांपत्य जीवन में खुशियां लेकर आएगा और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी। वृश्चिक राशि के लोगों को अचानक से धन लाभ होने की प्रबल संभावना है, जिससे पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। धनु राशि के जातकों का झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर अधिक रहेगा, जिससे मानसिक शांति की प्राप्ति होगी। मकर राशि के नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिसे वे अपनी मेहनत से बखूबी पूरा करेंगे। कुंभ राशि के जातकों के रुके हुए सरकारी कार्य आज किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से आसानी से हल हो जाएंगे। मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन कला, संगीत और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से उपलब्धियों भरा रहने वाला है। कुल मिलाकर 5 सितंबर 2026 का यह दिन सभी राशियों के लिए आत्ममंथन, कर्मठता और सकारात्मक ऊर्जा का एक बेहतरीन संतुलन लेकर आया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:03 pm

पूजा घर में देवी-देवताओं की मूर्तियां और तस्वीरें आमने-सामने रखना क्यों माना जाता है वास्तु के अनुसार अशुभ

सनातन संस्कृति और हमारे प्राचीन भारतीय गृह निर्माण और जीवन शैली में वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण स्थान माना गया है, जिसमें घर के हर एक कोने और विशेषकर पूजा घर की बनावट को लेकर बेहद सख्त नियम बताए गए हैं। अक्सर लोग अनजाने में या केवल सजावट के चक्कर में अपने घर के मंदिर या पूजा रूम में भगवान की मूर्तियों और तस्वीरों को इस तरह से स्थापित कर देते हैं कि उनका मुख एक-दूसरे के बिल्कुल सामने यानी आमने-सामने आ जाता है। प्रसिद्ध वास्तु गुरुओं और ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार, पूजा घर में कभी भी देवी-देवताओं की मूर्तियों को आमने-सामने भूलकर भी नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसके पीछे बहुत ही गहरे नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव जुड़े होते हैं। जब भगवान की प्रतिमाएं एक-दूसरे की ओर मुख करके रखी जाती हैं, तो उससे उत्पन्न होने वाली ऊर्जा का टकराव (Energy Clash) होता है, जिससे घर का सूक्ष्म वातावरण प्रभावित होता है और पारिवारिक जीवन में बिना वजह के तनाव, कलह और अशांति के बादल मंडराने लगते हैं। इसलिए घर की सुख-शांति और सकारात्मक माहौल को बनाए रखने के लिए यह बेहद आवश्यक है कि हम मंदिर की सजावट करते समय इन बुनियादी वास्तु नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करें।वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर में भगवान की स्थापना से जुड़े अन्य प्रमुख और कड़े नियम क्या हैं?घर का मंदिर वह पवित्र स्थान होता है जहाँ बैठकर व्यक्ति अपने पूरे दिन की थकान और मानसिक चिंताओं को भुलाकर ईश्वर से जुड़ता है, इसलिए इस स्थान की ऊर्जा हमेशा शांत, पवित्र और सकारात्मक होनी चाहिए। वास्तु के नियमों के मुताबिक, पूजा घर में कभी भी भगवान की बहुत बड़ी या भारी मूर्तियां स्थापित नहीं करनी चाहिए, और यदि घर में मूर्तियां रखी भी गई हैं, तो उनकी ऊंचाई अंगूठे के पोर यानी लगभग 6 इंच से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, कभी भी गणेश जी, हनुमान जी या माता दुर्गा की उग्र या बैठी हुई ऐसी मुद्राएं जिनमें वे क्रोध में हों, घर के मंदिर में नहीं रखनी चाहिए; हमेशा शांत, सौम्य और मुस्कुराते हुए स्वरूप की प्रतिमाएं ही पूजनीय मानी जाती हैं। मंदिर का स्थान हमेशा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में होना सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह दिशा देवताओं की दिशा मानी जाती है और इस ओर मुख करके पूजा करने से व्यक्ति की एकाग्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा में जबरदस्त वृद्धि होती है। पूजा घर कभी भी शौचालय या बाथरूम के ठीक बगल में या उसके ऊपर-नीचे नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे घर में भारी वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है।भगवान की मूर्तियों की दिशा और उनकी दृष्टि को लेकर वास्तु में क्या विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है?जब हम पूजा घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें या मूर्तियां स्थापित करते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण बात यह ध्यान रखनी होती है कि भगवान की दृष्टि किस दिशा में पड़ रही है और वे किस ओर मुख करके बैठे हैं। वास्तु गुरुओं का यह स्पष्ट निर्देश होता है कि पूजा करते समय व्यक्ति का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए, जिसका अर्थ है कि भगवान की मूर्तियां पश्चिम या दक्षिण दिशा की दीवार पर इस प्रकार स्थापित की जानी चाहिए कि उनका मुख पूर्व या उत्तर की तरफ रहे। कभी भी किसी भी देवता की पीठ (Back) मुख्य दरवाजे की तरफ नहीं होनी चाहिए और न ही भगवान की मूर्ति की पीठ के दर्शन पूजा करने वाले को होने चाहिए, क्योंकि भगवान की पीठ के दर्शन करना अशुभ माना जाता है। मूर्तियों को हमेशा दीवार से कम से कम एक या दो इंच की दूरी पर रखना चाहिए ताकि उनके चारों तरफ हवा और ऊर्जा का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहे। इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बातों की अनदेखी करने से घर में बरकत रुक जाती है और सदस्यों की तरक्की में बार-बार बाधाएं आने लगती हैं।घर के मंदिर में वास्तु नियमों का पालन करने से जीवन में सकारात्मकता और आर्थिक संपन्नता कैसे आती है?वास्तु शास्त्र केवल कुछ दीवारों और सामानों को सेट करने का विज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे आसपास की प्रकृति और ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं के बीच एक खूबसूरत तालमेल बिठाने का प्राचीन जरिया है। जब हम अपने घर के पूजा स्थल को पूरी तरह से वास्तु के नियमों के अनुसार सजाते हैं—जैसे कि दीप प्रज्वलित करने का सही स्थान, घंटियों और शंख की सही दिशा, और मूर्तियों का उचित विन्यास—तो पूरे घर में एक दिव्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। सुबह और शाम के समय जब परिवार के सभी सदस्य एक शांत और अनुशासित पूजा रूम में बैठकर प्रार्थना करते हैं, तो उससे मिलने वाली मानसिक शांति और आत्मीय बल अमूल्य होता है। इसलिए, यदि आपके भी घर के मंदिर में भगवान की मूर्तियां आमने-सामने रखी हैं या अन्य कोई वास्तु दोष है, तो किसी योग्य वास्तु गुरु की सलाह लेकर उन्हें तुरंत ठीक कर लें ताकि आपके घर में हमेशा सुख, शांति, वैभव और मां लक्ष्मी का वास बना रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:02 pm

श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित कुम्हार के चाक और ब्रह्मांडीय गति के बीच का यह अद्भुत संबंध क्या

सनातन संस्कृति और प्राचीन भारतीय ग्रंथों में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का ऐसा अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है, जिसे पढ़कर आज के आधुनिक वैज्ञानिक भी दांतों तले उंगली दबा लेते हैं। हमारे महान ग्रंथों में से एक 'श्रीमद्भागवत पुराण' (Shrimad Bhagavata Puran) में ब्रह्मांड की रचना, ग्रहों की चाल, सूर्य की गति और ऋतुचक्र के बदलाव को समझाने के लिए एक बहुत ही सुंदर और सटीक दार्शनिक उदाहरण दिया गया है, जिसकी तुलना कुम्हार के घूमते हुए चाक (Potter's Wheel) से की गई है। पुराणों के अनुसार, जिस प्रकार एक कुशल कुम्हार अपने चाक को तेजी से घुमाता है और उस पर रखी मिट्टी से सुंदर घड़े व बर्तन गढ़ता है, ठीक उसी प्रकार काल चक्र और प्रकृति की शक्तियां इस पूरे ब्रह्मांडीय तंत्र को निरंतर गतिमान रखती हैं। इस आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से हमारे ऋषियों ने सदियों पहले ही यह समझा दिया था कि इस सृष्टि में कुछ भी स्थिर नहीं है, बल्कि हर एक ग्रह, तारा और ऋतु एक निश्चित चाक की तरह निरंतर घूम रही है और अपने नियत समय पर परिणामों को जन्म दे रही है।सूर्य की दैनिक और वार्षिक गति किस प्रकार इस ब्रह्मांडीय चाक के पहिए के रूप में कार्य करती है?श्रीमद्भागवत पुराण के पांचवें स्कंध और अन्य अध्यायों में खगोलीय घटनाओं का अत्यंत सूक्ष्म और वैज्ञानिक विवरण मिलता है, जिसमें सूर्य की गति को ब्रह्मांड का मुख्य इंजन बताया गया है। ग्रंथ के अनुसार, सूर्य देव इस काल चक्र के रथ पर सवार होकर निरंतर अपनी दिशा और गति बदलते रहते हैं, जिससे दिन और रात का चक्र तथा विभिन्न महीनों का निर्धारण होता है। जिस प्रकार कुम्हार का चाक एक धुरी पर टिककर गोल-गोल घूमता है, उसी प्रकार हमारे सौरमंडल में सूर्य की परिक्रमा और उसकी गति इस पूरी प्रकृति को संचालित करती है। जब सूर्य उत्तर या दक्षिण की ओर गमन करता है, तो पृथ्वी पर प्रकाश और ऊर्जा का संतुलन बदलता है, जिसे आधुनिक विज्ञान भी आज उत्तरायण और दक्षिणायن के रूप में पूरी तरह से प्रमाणित कर चुका है। प्राचीन आचार्यों ने इस खगोलीय प्रक्रिया को बहुत ही सरल भाषा में आम जनमानस तक पहुँचाने के लिए कुम्हार के चाक का यह रूपक दिया था ताकि हर कोई यह समझ सके कि यह पूरा संसार एक अदृश्य और सुव्यवस्थित नियम के तहत बंधा हुआ है।ऋतुचक्र का बदलना और मौसम का यह फेरबदल क्या इस घूमते हुए काल चक्र का ही एक हिस्सा है?गर्मी, सर्दी, बरसात, बसंत और शरद जैसी विभिन्न ऋतुओं का समय पर आना और जाना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि प्रकृति अपने निर्धारित नियमों के अनुसार कितनी अनुशासित है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, कुम्हार के चाक की गति की तरह ही यह ऋतुचक्र भी निरंतर घूमता रहता है, जहाँ एक ऋतु के समाप्त होते ही दूसरी ऋतु का प्रवेश उसी चाक के अगले हिस्से की तरह सामने आ जाता है। जब चाक घूमता है तो उसके अलग-अलग हिस्से पर अलग-अलग आकृतियां बनती हैं, ठीक उसी तरह इस ऋतुचक्र के बदलने से पृथ्वी पर कभी फसलें लहलहाती हैं, कभी नदियां उफनती हैं तो कभी पतझड़ के बाद नए पत्तों का सृजन होता है। हमारे जीवन का पूरा चक्र भी इसी प्रकृति के साथ जुड़ा हुआ है, और यदि मनुष्य इस ब्रह्मांडीय लय को समझ ले तो वह अपने जीवन को और अधिक संतुलित तथा आनंदमय बना सकता है। प्राचीन ऋषियों का यह ज्ञान केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध रूप से खगोल विज्ञान (Astronomy) और मौसम विज्ञान (Meteorology) का एक अनमोल खजाना है।आधुनिक विज्ञान और प्राचीन पुराणों के इस ज्ञान का मिलन आज के समय में क्यों इतना प्रासंगिक है?आज के इस वैज्ञानिक युग में जब इंसान अंतरिक्ष की गहराइयों को टटोलने और ब्लैक होल के रहस्यों को जानने की कोशिश कर रहा है, तब प्राचीन ग्रंथों में छिपे इन वैज्ञानिक सत्यों की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। आधुनिक खगोलविदों ने यह मान लिया है कि हमारे पूर्वजों ने बिना किसी आधुनिक टेलीस्कोप के केवल अपनी सूक्ष्म दृष्टि और ध्यान की शक्ति से ब्रह्मांड की गतियों का जो आकलन किया था, वह आज केMathematical models के बिल्कुल करीब बैठता है। श्रीमद्भागवत पुराण में दिए गए इन प्रतीकों और रहस्यों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाना बेहद जरूरी है ताकि वे यह जान सकें कि हमारी सनातन संस्कृति अवैज्ञानिक नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के सबसे गहरे सत्यों को बहुत पहले ही उजागर कर चुकी है। जब हम कुम्हार के चाक के इस दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को गहराई से समझते हैं, तो हमें यह अहसास होता है कि हमारे ग्रंथ केवल धर्म की किताबें नहीं हैं, बल्कि यह संपूर्ण ब्रह्मांड के विज्ञान का एक मुकम्मल दस्तावेज हैं जो हर युग में मानवता को सही दिशा दिखाते रहेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 1:00 pm

बुध का उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

Mercury's Nakshatra change: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के नक्षत्र परिवर्तन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ग्रह जब भी किसी नए नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उसका सीधा प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन और वैश्विक परिस्थितियों पर पड़ता है। इसी क्रम ...

वेब दुनिया 5 Sep 2026 12:34 pm

शनि ग्रह की वजह से कौन-सी बीमारियां होती है? देखें भाग्य चक्र

आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि शनि ग्रह की वजह से कौन-सी बीमारियां होती है और उन बीमारियों से निपटने के ज्योतिषी उपाय क्या है. कार्यक्रम में आगे उन्होनें 12 राशियों के दैनिक राशिफ के बारे में चर्चा की.

आज तक 5 Sep 2026 10:03 am

साप्ताहिक राशिफल 7 से 13 सितंबर 2026: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर और धन लाभ के प्रबल योग, जानें अपनी राशि का भविष्य

सितंबर 2026 का दूसरा सप्ताह खगोलीय और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 7 से 13 सितंबर के दौरान चंद्रमा का गोचर कर्क राशि से लेकर तुला राशि तक होगा, जिसके चलते जातकों की मानसिक स्थिति, निर्णय क्षमता और कार्यशैली में लगातार परिवर्तन देखने को मिलेंगे। सूर्य देव के राशि परिवर्तन की पूर्व संध्या और बुध, शुक्र व गुरु के विशेष संरेखण के कारण यह सप्ताह कई राशियों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और करियर के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा।जहां एक ओर अग्नि तत्व की राशियों को ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता का वरदान मिलेगा, वहीं पृथ्वी और वायु तत्व की राशियों के लिए वित्तीय नियोजन और संपर्क सूत्रों के विस्तार का समय रहेगा। जल तत्व की राशियों को अपनी आंतरिक भावनाओं और पारिवारिक संतुलन पर ध्यान केंद्रित करना होगा। ग्रहों की यह चाल संकेत दे रही है कि व्यापारिक सौदों में तेजी आएगी और शेयर बाजार, रियल एस्टेट व तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए यह सप्ताह कैसा रहने वाला है।मेष, सिंह और धनु राशि (अग्नि तत्व): पदोन्नति के योग और कारोबार में विस्तारमेष राशि के जातकों के लिए 7 से 13 सितंबर का समय आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में चल रही पुरानी रुकावटें समाप्त होंगी और उच्च अधिकारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो सप्ताह के मध्य तक किसी प्रतिष्ठित संस्थान से बुलावा आ सकता है। व्यापारियों को प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त मिलेगी और किसी बड़े अनुबंध पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी, हालांकि जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना और लाल रंग का उपयोग करना आपके लिए विशेष फलदायी रहेगा।सिंह राशि वालों के लिए यह सप्ताह अपने नेतृत्व कौशल को साबित करने का है। यदि आप प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति या किसी प्रबंधन पद से जुड़े हैं, तो आपके मान-सम्मान में जबरदस्त वृद्धि होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझने के आसार हैं, जिससे आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। अत्यधिक कार्यभार के कारण थकान और अनिद्रा की समस्या हो सकती है, इसलिए अपने विश्राम का भी ध्यान रखें। रविवार को सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।धनु राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह भाग्य में वृद्धि लेकर आया है। उच्च शिक्षा और शोध कार्यों से जुड़े विद्यार्थियों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित होगा। यदि आप विदेश यात्रा या किसी सुदूर स्थान पर स्थानांतरण की योजना बना रहे थे, तो उसमें सफलता मिलेगी। धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों में आपका रुझान बढ़ेगा, जिससे मानसिक शांति का अनुभव होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा, लेकिन सट्टेबाजी या जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह दूर रहें। गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और पीली वस्तुओं का दान करें।वृषभ, कन्या और मकर राशि (पृथ्वी तत्व): संपत्ति लाभ, धन संचय और करियर में स्थिरतावृषभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह वित्तीय दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी रहने वाला है। पूर्व में किए गए निवेश से अच्छा रिटर्न मिलेगा और रुका हुआ धन वापस आने की पूरी उम्मीद है। भूमि, भवन या नए वाहन की खरीद-फरोख्त की योजनाएं गति पकड़ेंगी। पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा और किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा तैयार हो सकती है। कार्यक्षेत्र में अपनी योजनाओं को तब तक सार्वजनिक न करें जब तक वे पूरी न हो जाएं। शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को सफेद मिष्ठान का भोग लगाएं।कन्या राशि वालों के लिए यह सप्ताह बौद्धिक कौशल और संवाद क्षमता के बल पर सफलता हासिल करने का है। मीडिया, मार्केटिंग, बैंकिंग और लेखन से जुड़े लोगों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जा सकता है। व्यापार में नए साझेदार जुड़ सकते हैं, जिससे भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ होगा। स्वास्थ्य के मामले में पेट से संबंधित हल्की परेशानी हो सकती है, इसलिए खान-पान में संयम बरतें। बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना और हरी मूंग की दाल का दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।मकर राशि के जातकों के लिए यह समय कड़ी मेहनत के बाद मनचाहा फल प्राप्त करने का है। कार्यस्थल पर आपको कोई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट सौंपा जा सकता है, जो आपके करियर को नई दिशा देगा। सरकारी नौकरी करने वालों को पदोन्नति या मनचाहे स्थान पर तबादले का लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ेगा, लेकिन आप अपनी सूझबूझ से सभी समस्याओं को सुलझा लेंगे। शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और जरूरतमंदों की मदद करें।मिथुन, तुला और कुंभ राशि (वायु तत्व): नए संपर्क, व्यापारिक यात्राएं और आकस्मिक लाभमिथुन राशि के जातकों के लिए 7 से 13 सितंबर का सप्ताह नई ऊर्जा और नए विचारों से भरा रहेगा। आईटी, सॉफ्टवेयर और कंसल्टेंसी के क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को विदेशी स्रोतों से लाभ हो सकता है। इस सप्ताह आपकी वाणी में आकर्षण रहेगा, जिससे लोग आपसे प्रभावित होंगे। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम मिलेंगे। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और अविवाहित लोगों के लिए विवाह के नए प्रस्ताव आ सकते हैं। नियमित रूप से प्राणायाम करें ताकि मानसिक एकाग्रता बनी रहे।तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह संतुलन साधने का रहेगा। साझेदारी में चल रहे व्यापार में पारदर्शिता बनाए रखें, अन्यथा किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें और किसी को बड़ा उधार देने से बचें। कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है। वैवाहिक जीवन में पुराने मतभेद दूर होंगे और आपसी तालमेल बेहतर होगा। शुक्रवार को सुगंधित इत्र का प्रयोग करें और जरूरतमंद कन्याओं को वस्त्र या फल भेंट करें।कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय अपनी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का है। कला, संगीत, रिसर्च और नवाचार से जुड़े लोगों को समाज में विशेष पहचान मिलेगी। आमदनी के एक से अधिक स्रोत विकसित होंगे, जिससे आपकी संचित पूंजी में इजाफा होगा। सप्ताह के अंत में किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है, जो भविष्य में किसी बड़े व्यावसायिक अवसर का रूप ले सकती है। शनिवार के दिन पक्षियों को सात प्रकार का अनाज खिलाएं।कर्क, वृश्चिक और मीन राशि (जल तत्व): भावनात्मक मजबूती, पारिवारिक सुख और आध्यात्मिक प्रगतिकर्क राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने अंतर्मन की आवाज सुननी चाहिए। आपकी छठी इंद्री (सिक्स्थ सेंस) आपको सही निर्णय लेने में मदद करेगी। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों की ओर से आ रही चुनौतियां समाप्त होंगी। रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल के कारोबारियों के लिए समय अनुकूल है। माता-पिता का आशीर्वाद लेकर शुरू किया गया नया काम सफलता दिलाएगा। सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें तथा 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।वृश्चिक राशि वालों के लिए यह सप्ताह अत्यंत प्रभावशाली साबित होगा। आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति आपको कठिन से कठिन परिस्थितियों से बाहर निकाल लेगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या इन्क्रीमेंट से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है, हालांकि वे आपका कोई नुकसान नहीं कर पाएंगे। प्रेम संबंधों में अपने साथी की भावनाओं का सम्मान करें और जिद्दी स्वभाव से बचें। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करना आपके लिए विशेष फलदायी होगा।मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह आध्यात्मिक शांति और सामाजिक प्रतिष्ठा लेकर आएगा। धर्म-कर्म और परोपकार के कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी, जिससे आपका सामाजिक दायरा विस्तृत होगा। आयात-निर्यात या बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले लोगों को शानदार लाभ होगा। संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है जिससे घर में उत्सव का माहौल बनेगा। गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करें और हल्दी का तिलक लगाएं।सभी 12 राशियों के लिए इस सप्ताह के सरल और अचूक ज्योतिषीय उपायइस सप्ताह ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए कुछ सामान्य वैदिक नियमों का पालन अवश्य करें। प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्य देव को जल अर्पित करने से शरीर में ऊर्जा और आत्मबल का संचार होता है। घर के मुख्य द्वार पर नियमित रूप से गंगाजल का छिड़काव करें और संध्या के समय कपूर जलाएं, जिससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश न कर सके। अपनी वाणी पर संयम रखें और किसी भी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों को भली-भांति पढ़ लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Sep 2026 8:53 am

मिथुन राशि वालों की पैसों की स्थिति में आएगा सुधार, जानें सभी राशियों का हाल

Aaj ka Rashifal 5 सितंबर 2026, Horoscope Today: मित्रों की मदद से आसानी से बन जाएंगे. आज तेजी से काम करने का दिन है और महत्वपूर्ण लोगों से खास मुलाकात होगी.मन की पुरानी टेंशन दूर होगी.

आज तक 5 Sep 2026 6:00 am

5 सितंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग

Aaj 5 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 5 सितंबर 2026, दिन- शनिवार, भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, नवमी तिथि रात 21.53 बजे तक फिर दशमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र रात 21.30 बजे तक फिर आर्द्रा नक्षत्र, चंद्रमा- वृष में सुबह 10.18 बजे तक फिर मिथुन में, सूर्य- सिंह में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.54 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.10 बजे से सुबह 10.45 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

आज तक 5 Sep 2026 2:30 am

मीन राशिवालों की महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, अहंकार से बचें, जानें जरूरी टिप

Pisces Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, अहंकार से बचें, ऐसा कोई काम ना करें की टेंशन और बढ़े, व्यापार में सावधानी से निवेश करें.

आज तक 5 Sep 2026 2:24 am

कुंभ राशिवाले जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, बड़ा निवेश करने से बचें, जानें दैनिक राशिफल

Aquarius Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, करियर से संबंधित समस्या हल होगी, जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, बड़ा निवेश आज करने से बचें, सेहत पर ध्यान देना होगा.

आज तक 5 Sep 2026 2:20 am

मकर राशिवालों के विदेश से संबंधित काम बनेंगे, रिसर्च से जुड़े काम में लाभ होगा, जानें शुभ रंग

Capricorn Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: विदेश से संबंधित काम बनेंगे, रिसर्च से जुड़े काम में लाभ होगा, धैर्य से काम करने का समय है, अनजान लोगों से मुलाकात होगी, धन लाभ के योग हैं.

आज तक 5 Sep 2026 2:18 am

धनु राशिवालों को भाग्य का साथ मिलेगा, मेहनत का फल प्राप्त होगा, जानें दैनिक राशिफल

Sagittarius Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, मेहनत का फल प्राप्त होगा, रुके हुए काम पूरे होंगे, विदेश से संबंधित काम बनेंगे, मन की चिंता दूर होगी.

आज तक 5 Sep 2026 2:14 am

तुला राशिवालों का धन लाभ का योग है, करियर से संबंधित कार्य बनेंगे, जानें दैनिक राशिफल

Libra Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, करियर से संबंधित कार्य बनेंगे, नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनेगी, परिवार की सलाह से बड़े फैसले करें.

आज तक 5 Sep 2026 2:08 am

कन्या राशिवाले खर्चों को कंट्रोल करें, धन संबंधी समस्याएं हल होंगी, जानें शुभ रंग

Virgo Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: विदेश से संबंधित काम बनेंगे, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, धन संबंधी समस्याएं हल होंगी, रिश्तेदारों से मतभेद हो सकता है, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी.

आज तक 5 Sep 2026 2:06 am

सिंह राशिवालों का धैर्य से काम करने का दिन है, लोगों से उलझने से बचें, जानें दैनिक राशिफल

Leo Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: धैर्य से काम करने का दिन है, लोगों से उलझने से बचें, मानसिक चिंता दूर होगी, अपने खर्टों को कंट्रोल करें, संतान से सुख मिलेगा.

आज तक 5 Sep 2026 2:02 am

कर्क राशिवालों का सम्मान और बढ़ेगा, सेहत आपकी ठीक रहेगी, जानें जरूरी टिप

Cancer Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: मन में नेगेटिव विचारों को ना पालें, आपका सम्मान और बढ़ेगा, सेहत आपकी ठीक रहेगी, नौकरी में परिवर्तन का विचार बनेगा, व्यापार में धन आगमन के रास्ते बनेंगे.

आज तक 5 Sep 2026 2:00 am

मिथुन राशिवालों के मित्रों की मदद से काम बनेंगे, तेजी से काम करने का दिन है, जानें दैनिक राशिफल

Gemini Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: मित्रों की मदद से काम बनेंगे, तेजी से काम करने का दिन है, महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, मन की टेंशन दूर होगी, आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.

आज तक 5 Sep 2026 1:56 am

वृष राशिवालों को मेहनत का फल प्राप्त होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है, जानें शुभ रंग

Taurus Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: धन की स्थिति सुधारने के प्रयास बढ़ाने होंगे, सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी, प्रोफेशन के मामले में जल्दबाजी में फैसले ना करें, मेहनत का फल प्राप्त होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है.

आज तक 5 Sep 2026 1:54 am

मेष राशिवालों की सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी, जानें दैनिक राशिफल

Aries Daily Horoscope, 5 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: शिक्षा से जुड़े लोगों को लाभ होगा, संतान संबंधी परेशानी दूर होगी, अपना मनोबल बढ़ाने का प्रयास करें, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी.

आज तक 5 Sep 2026 1:50 am

संतुलन बनाए रखेंगे, सामंजस्य बनाए रखेंगे

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: घर परिवार पर ध्यान देंगे. जोखिम लेने से बचेंगे. व्यक्तिगत मामलों में अतिरिक्त सतर्कता और संतुलन बनाए रखेंगे. सामंजस्य बनाए रखेंगे.

आज तक 5 Sep 2026 1:24 am

भरोसा रखेंगे, औरों की मदद करेंगे

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: पहल से बचें. व्यक्तिगत कार्यों में निरंतरता रखें. विवादित विषयों को टालें. व्यवस्था का सम्मान करें. सूझबूझ से पक्ष रखें. दिखावे में आने से बचें.

आज तक 5 Sep 2026 1:18 am

प्रबंध बेहतर रहेगा, मौके का लाभ उठाएंगे

Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: अपनों का साथ समर्थन पाएंगे. आधुनिक एवं पुरातन तौर तरीकों से कार्य आगे बढ़ाएंगे. सबका समर्थन बना रहेगा. जल्दी निर्णय लेने पर जोर बनाए रहेंगे.

आज तक 5 Sep 2026 1:16 am

रिश्तों में सहज रहें, घर में आदर स्नेह बनाए रखें

Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: राह की बाधाओं का सूझबूझ से हल निकालें. लोगों का भरोसा बनाए रखें. एक दूसरे के विश्वास पर खरे उतरें. चर्चाओं को सहजता से आगे बढ़ाएं.

आज तक 5 Sep 2026 1:12 am

संतुलन रखेंगे, लक्ष्य साधेंगे

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: नियमों का अनुपालन बनाए रखेंगे. करीबियों के सहयोग से विभिन्न परिणाम सकारात्मक बनेंगे. व्यावसायिक मामले बेहतर बनेंगे.

आज तक 5 Sep 2026 1:10 am

अनुशासन बढ़ाएंगे, सेहत सुधार पाएगी

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: कार्य व्यापार तेजी से आगे बढ़ाएंगे. हर क्षेत्र में बेहतर करेंगे. वातावरण अनुकूल और उत्साहजन बना रहेगा. भावनात्मक पक्ष मजबूत होगा.

आज तक 5 Sep 2026 1:06 am

अपेक्षित लाभ बनाए रखेंगे, विभिन्न कार्य बनेंगे

Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: मोर्चोपर अनुकूलता बनी रहेगी. सहयोगियों से तालमेल बढ़ेगा. पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. परिस्थितियां बेहतर बनेंगी. भेंट व चर्चा में स्पष्टता रखेंगे.

आज तक 5 Sep 2026 1:04 am

लिखापढ़ी बढ़ाएंगे, कारोबार में भूलचूक से बचें

Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: प्रयासों में धैर्य दिखाएंगे. प्रतिभा प्रदर्शन में सामान्य रहेंगे. पूर्वाग्रह की स्थिति से बचें. एक सिरे से उलझन को सुलझाने का जतन करें.

आज तक 5 Sep 2026 1:00 am

रुटीन बनाए रखेंगे, सक्रियता बढ़ेगी

Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: आर्थिक मामलों को बेहतर प्रदर्शन रहेगा. आधुनिक ढंग से कार्यों को आगे बढ़ाएंगे. पेशेवर विषयों पर नियंत्रण बढ़ाएंगे. लेनदेन में सक्रियता रखेंगे.

आज तक 5 Sep 2026 12:58 am

सुबह जल्दी उठें, अनुशासन बढ़ाएं

Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 5 September 2026: भावनात्मक चर्चाओं में प्रभावी बने रहेंगे. आधुनिक ढंग से कार्य करेंगे. नया सीखने की कोशिश होगी. दोस्त सहयोग बनाए रखेंगे.

आज तक 5 Sep 2026 12:52 am

Krishna Janmashtami Moon Rise Time: दिल्ली, मुंबई से Mathura तक जानें चंद्रोदय का सही समय

देशभर में आज 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। भाद्रमास की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन लोग अपने घरों के मंदिर को सजाते हैं, भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। खासतौर पर इस दिन रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है, रात 12 बजे के बाद चंद्रमा को जल अर्पित करने के बाद ही व्रत को पूर्ण माना जाता है। हालांकि, इस दिन चंद्रमा बाकी दिनों से काफी लेट निकालता है। आज चांद अलग-अलग शहरों पर अलग-अलग समय पर दिखाई देगा। आइए आपको इस लेख में बताते हैं, आपके शहर में चंद्रमा कब निकलेगा। जन्माष्टमी का चांद आपके शहर में कब निकलेगा? शहर चांद निकलने का समय दिल्ली रात में 11 बजकर 24 मिनट पर मथुरा रात में 11 बजकर 26 मिनट पर वृंदावन रात में 11 बजकर 29 मिनट पर लखनऊ रात में 11 बजकर 14 मिनट पर मेरठ रात में 11 बजकर 22 मिनट पर नोएडा रात में 11 बजकर 23 मिनट पर गाजियाबाद रात में 11 बजकर 22 मिनट पर बिजनौर रात में 11 बजकर 18 मिनट पर सोनीपत रात में 11 बजकर 25 मिनट पर कानपुर रात में 11 बजकर 17 मिनट पर मुंबई रात में 11 बजकर 59 मिनट पर फरीदाबाद रात में 11 बजकर 25 मिनट पर मुजफ्फरनगर रात में 11 बजकर 19 मिनट पर हिसार रात में 11 बजकर 29 मिनट पर सिरसा रात में 11 बजकर 31 मिनट पर अमृतसर रात में 11 बजकर 24 मिनट पर अंबाला रात में 11 बजकर 20 मिनट पर अजमेर रात में 11 बजकर 41 मिनट पर उदयपुर रात में 11 बजकर 50 मिनट पर गुरुग्राम रात में 11 बजकर 26 मिनट पर पटना रात में 11 बजे आगरा रात में 11 बजकर 24 मिनट पर उज्जैन रात में 11 बजकर 45 मिनट पर कोलकाता रात में 10 बजकर 54 मिनट पर चंडीगढ़ रात में 11 बजकर 20 मिनट पर जन्माष्टमी पर चंद्रमा पूजा विधि और मंत्र - अपने शहर में चांद निकलने के बाद चंद्रमा के दर्शन जरुर करें और सबसे पहले 'सोमाय सोमेश्वराय सोमपतये सोमसम्भवाय सोमाय नमो नमः' मंत्र का जप करें। - मंत्र जप करने के बाद चंद्रमा की पूजा करें और फिर शंख में जल, कुश, फल, गंध आदि लेकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। - अर्घ्य देने के बाद 'क्षीरोदार्णवसंभूत अत्रिनेत्रसमुद्भव, गृहाणार्घ्य शशांकेमं रोहिण्या सहितो मम। ज्योत्स्नापते नमस्तुभ्यं नमस्ते ज्योतिषां पते, नमस्ते रोहिणीकान्त अर्घ्य मे प्रतिगृह्यताम्।' मंत्र का जप करें। - रात्रि के दौरान श्रीकृष्ण के नाम का भजन कीर्तन करना चाहिए। फिर सुबह स्नानादि करके पूजा के बाद भोजन किया जाता है। कुछ लोगों के यहां श्रीकृष्ण के जन्म के बाद, चंद्रमा दर्शन के बाद व्रत का पारण किया जाता है।

प्रभासाक्षी 4 Sep 2026 4:46 pm

Love Horoscope For 5 September 2026 | आज का प्रेम राशिफल 5 सितंबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

दैनिक प्रेम राशिफल 5 सितंबर 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं। यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है: आज का लव राशिफल: बदलती ग्रहों की चाल और आपके दिल के तार आज सितारे आपके प्रेम जीवन को एक नया मोड़ देने के संकेत दे रहे हैं। कुछ राशियों के लिए आज का दिन आत्मीयता और रोमांस से भरा रहेगा, तो कुछ को अपने संबंधों में थोड़ा धैर्य और संयम बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं कि आज आपकी राशि आपके दिल के राज के बारे में क्या कहती है: मेष (Aries) आज आपके प्रेम संबंधों में एक अनोखी गर्माहट और ताजगी देखने को मिलेगी। पार्टनर के साथ बिताए गए फुर्सत के पल आपसी बंधन को और गहरा करेंगे। यदि आप सिंगल हैं, तो आज आपकी जिंदगी में किसी दिलचस्प शख्स का प्रवेश हो सकता है। वृषभ (Taurus) प्रेम के सफर में आज सुकून और मिठास का अहसास रहेगा। आपकी सौम्य वाणी और सकारात्मक रवैया साथी का दिल जीत लेगा। पुरानी बातों को पीछे छोड़कर केवल एक-दूसरे के साथ का आनंद लें। मिथुन (Gemini) आज रिश्तों में थोड़ा धैर्य बनाए रखना हितकर रहेगा। छोटी-मोटी असहमतियों पर तूल देने से बचें। अपने विचार खुलकर और शांत मन से रखें, ताकि कोई गलतफहमी न पनपे। कर्क (Cancer) भावनात्मक रूप से आज का दिन बेहद खूबसूरत है। अगर पिछले कुछ दिनों से कोई तल्खी चली आ रही थी, तो आज वह पूरी तरह दूर हो जाएगी। आपस में भरोसा और आत्मीयता बढ़ेगी। सिंह (Leo) आपका आकर्षण और आत्मविश्वास आज पार्टनर को बेहद प्रभावित करेगा। दांपत्य जीवन में सामंजस्य रहेगा और साथ मिलकर आने वाले दिनों की योजनाएं बनाने के लिए दिन सही है। कन्या (Virgo) काम की भागादौड़ी के बीच अपने प्रिय के लिए थोड़ा वक्त जरूर निकालें। आपका एक छोटा सा प्यार भरा प्रयास या संदेश रिश्ते में नई ऊर्जा भर देगा। तुला (Libra) प्रेम जीवन में संतुलन और सहजता बनी रहेगी। किसी बाहरी व्यक्ति की सलाह पर ध्यान देने के बजाय अपने पार्टनर और अपने विवेक पर भरोसा रखें। वृश्चिक (Scorpio) मन में किसी भी तरह का संशय न रखें। बेबाक और पारदर्शी बातचीत ही आज आपके रिश्ते को मजबूत रखेगी। दिल की बात साफ शब्दों में कहें। धनु (Sagittarius) आज आपकी लव लाइफ में नई उमंग और उत्साह रहेगा। साथी की ओर से मिला कोई सरप्राइज या मीठा संदेश आपका पूरा दिन खुशनुमा बना सकता है। मकर (Capricorn) रिश्ते में परिपक्वता और आपसी आदर की भावना प्रमुख रहेगी। कार्यक्षेत्र का तनाव घर के माहौल पर हावी न होने दें, तभी निजी पलों में शांति मिलेगी। कुंभ (Aquarius) अपनी भावनाओं और स्नेह को व्यक्त करने के लिए आज का दिन शानदार है। अचानक हुई कोई मुलाकात या बातचीत आपके चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकती है। मीन (Pisces) आपका स्नेही और केयरिंग अंदाज पार्टनर के दिल को छू जाएगा। जो लोग लंबे समय से सिंगल हैं, उनके जीवन में किसी खास रिश्ते की शुरुआत का अहसास हो सकता है।

प्रभासाक्षी 4 Sep 2026 1:10 pm

September Personality Traits: मेहनती और बुद्धिमान होते हैं सितंबर में जन्मे जातक, जानें इनके Top Secrets

अगर किसी व्यक्ति का जन्म सितंबर महीने में हुआ है। तो ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक इन जातकों के व्यक्तित्व में कुछ खास गुण हो सकते हैं। सितंबर के महीने में जन्म लेने वाले जातक आमतौर पर मेहनती, बुद्धिमान और प्रतिभाशाली होते हैं। इनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और इनकी बात रखने की क्षमता काफी अच्छी होती है। यह मुश्किल समय में भी समाधान निकाल लेते हैं। कई बार इनकी यह खूबियां इनको प्रोफेशनल लाइफ में आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। तो आइए जानते हैं सितंबर महीने में जन्मे लोगों में क्या-क्या खूबियां होती हैं। काम में प्रति होते हैं जिम्मेदार यह लोग अपने काम के प्रति सजग रहते हैं। यह किसी भी काम को अधूरे मन से करना पसंद नहीं करते हैं। काम में छोटी-छोटी कमियों को दूर रखने की कोशिश करते हैं। यह आदत उनको अपने क्षेत्र में अलग पहचान बनाने में मदद करती है। इसे भी पढ़ें: Love Horoscope For 3 September 2026 | आज का प्रेम राशिफल 3 सितंबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन समाधान निकालने में माहिर इस महीने जन्मे लोगों की एक खूबी यह है कि इनमें समस्या को सुलझाने की क्षमता होती है। फिर चुनौती चाहे व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी हो या कामकाज से। यह इससे घबराने की वजह समधान और कारण पर ध्यान देते हैं। शांत दिमाग से मुश्किल परिस्थितियों को समझना और सही रास्ता तलाशना इनकी खास विशेषता होती है। मेहनती और ईमानदार इन महीने जन्मे लोग अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर होते हैं। यह एक बार जिस काम को हाथ में ले लेते हैं, उसको पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते हैं। वह अपनी सफलता को शॉर्टकट की जगह मेहनत और ईमानदारी से पूरा करने में विश्वास रखते हैं। प्रभावशाली संवाद शैली सितंबर के महीने में जन्म लेने वाले लोगों की संवाद शैली काफी प्रभावशाली मानी जाती है। यह सामने वाले की बातों को ध्यान से सुनते हैं और परिस्थिति के हिसाब से अपनी बात को रखते हैं। आत्मविश्वास के साथ बात करते हैं, इनके यह क्षमता बिजनेस, ऑफिस और सामाजिक जीवन में लाभ पहुंचाती है। रिश्तों का साथ निभाते हैं इस महीने जन्म लेने वाले लोग रिश्तों के प्रति वफादार माने जाते हैं। यह लोग जिनको अपना मानते हैं, उनके साथ मुश्किल समय में खड़े रहते हैं। आपसी समझ और भरोसे को महत्व देने की वजह से टीमवर्क या पार्टनरशिप वाले कामों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। फीलिंग्स पर रखते हैं कंट्रोल सिंतबर में जन्मे लोग सामान्य रूप से संतुलित और संयमित माने जाते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी यह फौरन प्रतिक्रिया देने की जगह स्थिति को समझने की कोशिश करते हैं। गुस्से या तनाव के समय खुद पर कंट्रोल रखना इनकी ताकत होती है। इस कारण यह जीवन में आने वाली समस्याओं का सामना धैर्य के साथ कर पाते हैं। आलोचना को मानते हैं सीख इस महीने जन्मे लोग अपनी कमियों को स्वीकार करने के पीछे नहीं हटते हैं। वह सही आलोचना मिलने पर उससे सीख लेते हैं। अपनी गलतियों को सुधारते हैं और लगातार खुद को बेहतर बनाते हैं।

प्रभासाक्षी 4 Sep 2026 12:50 pm

गोगा नवमी 2026: जाहरवीर गोगादेव के 5 चमत्कार जो आपको चौंका देंगे

Miracles of Goga Maharaj: प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को 'गोगा नवमी' का पर्व बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता और सिद्ध पुरुष जाहरवीर गोगादेवजी की पूजा-अर्चना को समर्पित है। गोगाजी महाराज को ...

वेब दुनिया 4 Sep 2026 12:14 pm

Janmashtami Festival पर जानें क्यों 'Krishna' से पहले 'Radha' का नाम लेना माना जाता है बेहद शुभ

आज यानी 4 सितंबर को देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे रहते हैं, हालांकि कान्हा का स्मरण राधा रानी का नाम लिए बिना पूरा नहीं माना जाता है। कई बार आपने लोगों के मुंह से सुना होगा, 'राधे-कृष्ण', 'राधे-राधे' या 'राधा-कृष्ण'। क्या आप जानते हैं कि भगवान कृष्ण का नाम लेने से पहले राधा का नाम क्यों लिया जाता है? इसके पीछे कई धार्मिक मान्यताएं और अद्भुत रहस्य छिपा है। आइए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं। राधा नाम से प्रसन्न होते हैं श्रीकृष्ण धार्मिक ग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण राधा रानी का नाम लेने से प्रसन्न होते हैं और हमेशा भक्तों पर कृपा बरसाते है। श्रीकृष्ण ने स्वंय राधा को अपनी आत्म बताया है और कहा कि राधा उन्हीं में वास करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा रानी को भगवान श्रीकृष्ण की शक्ति माना जाता है। जैसा कि सूर्य और उसकी किरणें कभी अलग नहीं होती है, वैसे ही राधा और कृष्ण भी एक-दूसरे के पूरक माने जाते है। राधा-कृष्ण का प्रेम साधारण नहीं है, बल्कि दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। माना जाता है कि जब भी कोई साधक राधा नाम जपता है, तो उसे श्रीकृष्ण की कृपा जरुर प्राप्त होती है। राधा नाम में छिपा है प्रेम और भक्ति का भाव असल में राधा-कृष्ण की कथा में राधा को निष्काम और पूर्ण प्रेम का प्रतीक माना गया है। उनका प्रेम किसी सांससारिक अपेक्षा से जुड़ा नहीं था, इसी कारण से कृष्ण भक्ति में राधा नाम को विशेष महत्व दिया है। राधा की कृपा से ही मिलते हैं कृष्ण धार्मिक मान्यता के अनुसार, राधा रानी भगवान कृष्ण की सबसे प्रिय हैं। जो साधक राधा नाम का स्मरण करता है, उस पर राधा-रानी की विशेष कृपा रहती है और इनके माध्यम से श्रीकृष्ण आपकी इच्छाओं को पूरा करते हैं। कई धार्मिक कथाओं में इस बात का भी वर्णन किया है कि श्रीकृष्ण ने राधा रानी को स्वंय ये वरदान दिया है कि उनका नाम हमेशा कृष्ण से पहले लिया जाता है। जो भक्त राधा रानी की भक्ति करेगा, वो उसकी पुकार सबसे पहले सुनेंगे। इस भाव के कारण वृंदावन और बरसाना की गलियों में आज भी श्रद्धालु अभिवादन के तौर पर 'राधे-राधे' कहते हैं।

प्रभासाक्षी 4 Sep 2026 12:01 pm

Rashifal Today 4 September: धन के मामले में आज किसकी चमकेगी किस्मत? जानें मूलांक 1 से लेकर 9 तक का अंक ज्योतिष और आर्थिक राशिफल

अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, प्रत्येक तारीख की अपनी एक विशेष ऊर्जा और कंपन (Vibration) होती है। आज की तारीख 4 सितंबर 2026 (04-09-2026) का मूलांक 4 बनता है, जिसके अधिपति ग्रह राहु देव माने जाते हैं। इसके साथ ही आज के दिन का भाग्यांक (4+9+2+0+2+6 = 23 = 2+3 = 5) बनता है, जिसका स्वामी बुद्धि और व्यापार के कारक ग्रह बुध देव हैं। अंक 4 और अंक 5 का यह समन्वय अचानक धन लाभ, बौद्धिक रणनीतियों, शेयर बाजार, ट्रेडिंग और व्यावसायिक निर्णयों के लिए बेहद हलचल भरा साबित होता है।इसके अतिरिक्त, आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व भी है, जिसके चलते दैवीय कृपा से कई जातकों के अटके हुए वित्तीय मामले सुलझने की पूरी संभावना है। आइए जानते हैं कि जन्मतिथि के आधार पर मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए आज धन और करियर का दिन कैसा रहेगा।मूलांक 1 (किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 1 के स्वामी सूर्य देव हैं। आज राहु के अंक 4 के साथ आपका तालमेल मिलाजुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों से प्रोत्साहन मिलेगा। हालांकि, धन के मामले में आज किसी भी प्रकार का अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। यदि आप सरकारी योजनाओं या बॉन्ड्स में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो दोपहर के बाद का समय अनुकूल रहेगा।आर्थिक स्थिति: आय के नियमित स्रोत स्थिर रहेंगे, लेकिन फिजूलखर्ची पर लगाम लगानी होगी।शुभ अंक व रंग: 1, सुनहरा पीला।उपाय: आज भगवान श्रीकृष्ण को पीले गेंदे के फूल अर्पित करें।मूलांक 2 (किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 2 के स्वामी चंद्र देव हैं। आज चंद्रमा उच्च राशि में होने और रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से मूलांक 2 के जातकों के लिए दिन आर्थिक दृष्टि से अत्यंत मंगलकारी रहेगा। यदि लंबे समय से आपका कोई पैसा बाजार में या किसी रिश्तेदार के पास फंसा हुआ था, तो उसके वापस मिलने के प्रबल संकेत हैं। कला, रचनात्मक क्षेत्र, सौंदर्य प्रसाधन और लिक्विड बिजनेस से जुड़े लोगों को शानदार मुनाफा हो सकता है।आर्थिक स्थिति: अचानक धन लाभ के योग हैं; बचत में वृद्धि होगी।शुभ अंक व रंग: 7, दूधिया सफेद।उपाय: शिवलिंग या लड्डू गोपाल का कच्चे दूध व गंगाजल से अभिषेक करें।मूलांक 3 (किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 3 के अधिपति देवगुरु बृहस्पति हैं। आज आपकी बौद्धिक क्षमता और सही परामर्श के जरिए बड़ा आर्थिक लाभ मिलने के आसार हैं। शिक्षण, बैंकिंग, कंसल्टेंसी और कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन कोई बड़ा अनुबंध या इंसेंटिव लेकर आ सकता है। पारिवारिक संपत्ति या पुश्तैनी मामलों में चल रहा विवाद शांतिपूर्वक सुलझ सकता है, जिससे धन लाभ का रास्ता खुलेगा।आर्थिक स्थिति: आमदनी में निरंतरता रहेगी; निवेश के नए अवसर प्राप्त होंगे।शुभ अंक व रंग: 3, गहरा पीला या केसरिया।उपाय: माखन-मिश्री में तुलसी दल डालकर कान्हा जी को भोग लगाएं।मूलांक 4 (किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को जन्मे लोग)आज का दिन पूरी तरह आपका ही है, क्योंकि आज की तारीख का मूलांक भी 4 है जिसके स्वामी राहु हैं। आज आपके दिमाग में आउट-ऑफ-द-बॉक्स विचार आएंगे, जो व्यापार और करियर में नया मोड़ ला सकते हैं। शेयर बाजार, क्रिप्टो, आईटी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जुड़े लोगों को अप्रत्याशित वित्तीय लाभ मिल सकता है। लेकिन ध्यान रहे, अति-उत्साह में आकर किसी संदिग्ध स्कीम में मोटी रकम न फंसाएं।आर्थिक स्थिति: अप्रत्याशित लाभ के योग, लेकिन कानूनी कागजात जांचकर ही हस्ताक्षर करें।शुभ अंक व रंग: 5, आसमानी नीला।उपाय: जरूरतमंदों को फल या भोजन का दान करें।मूलांक 5 (किसी भी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 5 के स्वामी बुध देव हैं, जो आज के भाग्यांक 5 के भी स्वामी हैं। यह दुर्लभ संयोग आपके व्यापार, संचार और सौदों में जबरदस्त गति लाएगा। यदि आप साझेदारी में कोई नया व्यवसाय शुरू करने या नया क्लाइंट जोड़ने का प्रयास कर रहे थे, तो आज आपको बड़ी सफलता मिलेगी। वाणी के प्रभाव से अटके हुए सौदे फाइनल होंगे और नकदी प्रवाह (Cash Flow) में जोरदार सुधार देखा जाएगा।आर्थिक स्थिति: व्यापारिक मुनाफा उच्चतम स्तर पर रहेगा; धन के नए स्रोत खुलेंगे।शुभ अंक व रंग: 6, पन्ना हरा।उपाय: भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण को हरी इलायची और मिश्री अर्पित करें।मूलांक 6 (किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 6 के स्वामी दैत्यगुरु शुक्र हैं। आज विलासिता, फैशन, ज्वेलरी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिए धन की आवक काफी अच्छी रहने वाली है। हालांकि, भौतिक सुख-सुविधाओं, वस्त्रों और घर की साज-सज्जा पर आज भारी खर्च हो सकता है। यदि आप कोई नया वाहन या कीमती वस्तु खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बजट का ध्यान जरूर रखें ताकि भविष्य में नकदी का संकट न हो।आर्थिक स्थिति: आय अच्छी रहेगी, लेकिन लक्जरी पर खर्च बढ़ने से बजट डगमगा सकता है।शुभ अंक व रंग: 9, सिल्वर या गुलाबी।उपाय: मंदिर में सफेद चंदन या इत्र का दान करें।मूलांक 7 (किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 7 के स्वामी केतु हैं। आज अंक 4 के प्रभाव से आपको आर्थिक मामलों में अत्यधिक सतर्क और शांत रहने की जरूरत है। किसी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर कोई बड़ा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या निवेश न करें। शोध, अनुसंधान, धार्मिक साहित्य और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े लोगों को अपनी मेहनत का पूरा आर्थिक फल मिलेगा। आज का दिन बड़े लेन-देन के बजाय वित्तीय योजनाएं बनाने के लिए उत्तम है।आर्थिक स्थिति: सामान्य रहेगी; उधार देने या लेने से पूरी तरह बचें।शुभ अंक व रंग: 2, हल्का ग्रे या क्रीम।उपाय: भगवान कृष्ण को मोरपंख अर्पित करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करें।मूलांक 8 (किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 8 के स्वामी कर्मफलदाता शनि देव हैं। अंक 4 और अंक 8 के बीच गहरा कार्मिक संबंध होता है। आज आपको अपनी पिछली कड़ी मेहनत का सीधा आर्थिक लाभ मिलने वाला है। रियल एस्टेट, लोहा, मशीनरी, मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग के कारोबारियों के लिए आज का दिन बड़े सौदे लेकर आ सकता है। कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है जिससे भविष्य में वेतन वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।आर्थिक स्थिति: धीमी लेकिन बेहद ठोस और स्थिर वित्तीय प्रगति देखने को मिलेगी।शुभ अंक व रंग: 8, गहरा नीला या बैंगनी।उपाय: शाम के समय पीपल के वृक्ष के पास तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।मूलांक 9 (किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को जन्मे लोग)मूलांक 9 के स्वामी ऊर्जा और पराक्रम के कारक मंगल देव हैं। आज अंक 4 और मंगल के बीच का संयोजन आपको अत्यधिक ऊर्जावान और आक्रामक बना सकता है। व्यापार में जल्दबाजी या क्रोध में आकर कोई भी वित्तीय निर्णय न लें। कोर्ट-कचहरी या संपत्ति से जुड़े विवादों में आज आपके पक्ष में बात बन सकती है। विदेश से जुड़े व्यापार या ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स से धन आगमन के अच्छे संकेत हैं।आर्थिक स्थिति: मध्यम से बेहतर रहेगी; आकस्मिक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।शुभ अंक व रंग: 3, लाल या नारंगी।उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लड्डू गोपाल को लाल चंदन का तिलक लगाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Sep 2026 9:41 am

Janmashtami 2026: द्वापर युग जैसे दुर्लभ संयोग में आज मनेगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, जानें निशिता काल पूजा का सटीक मुहूर्त और पारण समय

सनातन परंपरा में आस्था और भक्ति का सबसे बड़ा महापर्व 'श्रीकृष्ण जन्माष्टमी' आज यानी शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को पूरे देश में अपार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की जन्माष्टमी को अत्यंत विशेष और कल्याणकारी माना जा रहा है क्योंकि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आकाश मंडल में ठीक वैसा ही दुर्लभ महासंयोग बना है जैसा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के समय बना था।श्रीमद्भागवत और भविष्य पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, हर्षण योग और वृषभ राशि में उच्च के चंद्रमा के संचरण के दौरान मध्यरात्रि में हुआ था। कई वर्षों बाद ऐसा अवसर आया है जब अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का ऐसा शुभ समागम एक ही दिन विद्यमान है। यही कारण है कि स्मार्त (गृहस्थ) और वैष्णव परंपरा के सभी प्रमुख संप्रदाय, मथुरा-वृंदावन और द्वारकाधीश मंदिर समेत पूरे देश में आज एक ही दिन कृष्ण जन्मोत्सव का पावन पर्व मना रहे हैं।जन्माष्टमी 2026: तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त का समयपंचांगीय गणना के अनुसार इस वर्ष तिथियों और नक्षत्रों का विवरण इस प्रकार है:भाद्रपद अष्टमी तिथि का आरंभ: 4 सितंबर 2026 को तड़के 02:25 बजेभाद्रपद अष्टमी तिथि का समापन: 5 सितंबर 2026 को देर रात 12:13 बजेरोहिणी नक्षत्र का आरंभ: 4 सितंबर 2026 को रात 12:29 बजेरोहिणी नक्षत्र का समापन: 4 सितंबर 2026 को रात 11:04 बजेचंद्र राशि: चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में संचरण कर रहे हैं।निशिता काल पूजा मुहूर्त: केवल 46 मिनट का सबसे फलदायी समयभगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि के गहन प्रहर यानी 'निशिता काल' (Nishita Kaal) में माना जाता है। इस दौरान की गई पूजा, नाम-जप और साधना सहस्त्र गुना फलदायी मानी गई है।निशिता काल पूजा का शुभ समय: 4 सितंबर की रात 11:57 PM से लेकर 5 सितंबर की रात 12:43 AM तक।पूजा की कुल अवधि: लगभग 46 मिनट।जन्मोत्सव का मुख्य क्षण (Midnight Moment): ठीक मध्यरात्रि 12:00 बजे शंखध्वनि, घंटियों की गूंज और खीरे के सांकेतिक विच्छेदन (नाल छेदन) के साथ कान्हा का स्वागत किया जाएगा।(नोट: स्थानीय सूर्योदय और अक्षांश भेद के कारण विभिन्न शहरों जैसे कोलकाता, मुंबई, अहमदाबाद में निशिता काल के समय में 5 से 15 मिनट का आंशिक अंतर हो सकता है)।दुर्लभ 'जयंती योग' और सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभावइस वर्ष जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभस्थ चंद्रमा का एक साथ होना ज्योतिष शास्त्र में 'जयंती योग' की संज्ञा पाता है। इस योग में व्रत और बाल-गोपाल की आराधना करने से तीन जन्मों के जाने-अनजाने किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में अक्षय सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा आज के दिन 'सर्वार्थ सिद्धि योग' और 'हर्षण योग' का भी सुंदर प्रभाव रहेगा, जिससे लंबे समय से रुके हुए मांगलिक कार्य और आर्थिक प्रयास निर्विघ्न सिद्ध होंगे।मध्यरात्रि में कैसे करें लड्डू गोपाल की विधि-विधान से पूजा?घर के मंदिर में बाल-गोपाल का पूजन अत्यंत सहज और प्रेमपूर्ण भाव से किया जाता है:गंगाजल व पंचामृत अभिषेक: मध्यरात्रि के शुभ मुहूर्त में एक साफ कांसे या चांदी की थाली में बाल गोपाल की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें कच्चे गाय के दूध, दही, देसी घी, शहद, शर्करा (पंचामृत) और अंत में गंगाजल से प्रेमपूर्वक स्नान कराएं।मनोहर श्रृंगार: प्रभु को स्वच्छ मुलायम वस्त्र से पोंछकर पीले या चमकीले वस्त्र धारण कराएं। मस्तक पर चंदन-केसर का तिलक लगाएं, मुकुट, मोरपंख, बाजूबंद और छोटी बांसुरी अर्पित करें।झूला दर्शन: श्रृंगार के बाद लड्डू गोपाल को फूलों और मोतियों से सजे पालने (झूले) में विराजमान कराएं।प्रिय नैवेद्य और भोग: प्रभु को उनकी सर्वाधिक प्रिय चीजें—माखन-मिश्री, धनिए की पंजीरी, मखाना खीर, फल और मेवे का भोग लगाएं। ध्यान रहे कि प्रत्येक भोग सामग्री के ऊपर तुलसी दल अनिवार्य रूप से रखा जाए, क्योंकि तुलसी के बिना कान्हा भोग स्वीकार नहीं करते।आरती व कीर्तन: धूप-दीप दिखाकर 'आरती कुंजबिहारी की' गाएं और हाथ में घंटी व शंख बजाते हुए क्षमा प्रार्थना करें।जन्माष्टमी व्रत पारण का सही समय और नियमधार्मिक मान्यताओं और पंचांग के अनुसार व्रत का पारण दो तरह से किया जाता है:सूर्योदय के बाद पारण: शास्त्रों के विधान के अनुसार, कई भक्त अगले दिन सूर्योदय के बाद अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र के बीतने पर व्रत खोलते हैं। इसके लिए 5 सितंबर 2026 को सुबह 06:02 बजे के बाद पारण करना श्रेष्ठ माना जाएगा।जन्मोत्सव के तुरंत बाद पारण: पारिवारिक परंपराओं और स्मार्त मान्यताओं के तहत कई लोग मध्यरात्रि 12:45 बजे आरती व पूजा संपन्न होने के बाद धनिया पंजीरी, चरणामृत और फलाहारी प्रसाद ग्रहण करके भी व्रत का पारण करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Sep 2026 9:40 am

4 सितंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग

Aaj 4 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 4 सितंबर 2026, दिन- शुक्रवार, भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र 23.04 बजे तकफिर मृगशिरा नक्षत्र, चंद्रमा- वृष में, सूर्य- सिंह में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.55 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक, राहुकाल- सुबह 10.45 बजे से दोपहर 12.20 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम, आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी है.

आज तक 4 Sep 2026 2:30 am

मीन राशिवालों को करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, जानें शुभ रंग

Pisces Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: मन को शांत रख कर फैसले करें, आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे, वाहन सावधानी से चलाएं, सेहत पर ध्यान देना होगा.

आज तक 4 Sep 2026 2:24 am

कुंभ राशिवालों की मन की टेंशन दूर होगी, नई नौकरी का ऑफर मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल

Aquarius Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, मन की टेंशन दूर होगी, नई नौकरी का ऑफर मिलेगा, परिवार के सहयोग से काम बनेंगे.

आज तक 4 Sep 2026 2:20 am

मकर राशिवालों को भाग्य का साथ मिलेगा, धन प्राप्ति के रास्ते बनेंगे, जानें जरूरी टिप

Capricorn Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: आगे बढ़कर काम करने का दिन है, भाग्य का साथ मिलेगा, धन प्राप्ति के रास्ते बनेंगे, पुरानी योजनाओं पर फिर से काम शुरु होगा, अपनी सोच को पॉजिटिव रख कर फैसला करना होगा.

आज तक 4 Sep 2026 2:18 am

धनु राशिवालों की परिवार से जुड़ी समस्याएं हल होंगी, कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, जानें शुभ रंग

Sagittarius Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: परिवार से जुड़ी समस्याएं हल होंगी, कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, ऑफिस में सहयोगियों से मदद मिलेगी, संतान की सेहत को लेकर चिंता रहेगी, यात्रा से लाभ होगा.

आज तक 4 Sep 2026 2:14 am

वृश्चिक राशि वालों के आज व्यापार से जुड़े बनेंगे काम, कृष्णजी को ये चीज करें अर्पित

Scorpio Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: आपकी योजनाएं सफल होंगी, मित्रों की सहायता से काम बनेगा, रिश्तेदारों से संबंध सुधरेंगे, पैसों से जुड़ा फैसला सोच समझ कर करें, अपनी सेहत का ख्याल रखें, व्यापार से जुड़े काम बनेंगे.

आज तक 4 Sep 2026 2:12 am

तुला राशि वाले आज उधार लेनदेन से बचें, जरूरी टिप- कम बोलें

Libra Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: उधार लेनदेन से बचना होगा, करीबी लोगों से अनबन हो सकती है, नेगेटिव विचारों से बचें, छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलेगी, सेहत के मामले में सावधान रहना होगा, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 4 Sep 2026 2:08 am

कन्या राशि वालों के आज व्यापार में तेजी आएगी, कृष्ण जी को बांसुरी अर्पित करें

Virgo Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: आपकी कार्य क्षमता बढ़ेगी, धन लाभ के रास्ते खुलेंगे, मन की परेशानियां दूर होंगी, रिश्ते मजबूत होंगे, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में तेजी आएगी

आज तक 4 Sep 2026 2:06 am

कर्क राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा, जानें अपना दैनिक राशिफल

Cancer Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, योजनाएं आपकी सफल होंगी, कहीं से शुभ समाचार मिलेगा, मित्रों की मदद से काम बनेंगे, क्रोध से बचना होगा, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 4 Sep 2026 2:00 am

मिथुन राशि वाले आज केसरिया रंग के पहनें कपड़े, रुके हुए काम बनेंगे

Gemini Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: आपकी नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, रुके हुए काम बनेंगे, जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा, कोर्ट केस में सफलता मिलेगी, सेहत को लेकर सावधान रहना होगा, व्यापार से जुड़े फैसले सावधानी से करें.

आज तक 4 Sep 2026 1:56 am

वृषभ राशि वालों के लिए आज धन लाभ का योग है, करें ये उपाय

Taurus Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: करियर में सुधार का योग है, धन लाभ का योग है, यात्रा के योग बन रहे हैं, रुका हुआ पैसा प्राप्त होगा, जल्दबाजी में कोई काम करने से बचें, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 4 Sep 2026 1:54 am

मेष राशि वाले आज कृष्ण जी की पूजा करें, शुभ रंग होगा सफेद

Aries Daily Horoscope, 4 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: धैर्य से कार्य करने का दिन है, सेहत के मामले में ध्यान देना होगा, लोगों से मतभेद हो सकता है, परिवार की सलाह से फैसला करें, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में ज्यादा निवेश ना करें.

आज तक 4 Sep 2026 1:50 am

विविध कार्य गति लेंगे, मेलजोल के अवसर बनेंगे

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: कार्यविस्तार का जोर बना रहेगा. सहयोगियों का समर्थन रहेगा. कारोबार अपेक्षा से अच्छा रहेगा. करीबियों से आपसी विश्वास बढ़ाएंगे.

आज तक 4 Sep 2026 1:24 am

नजरिया स्पष्ट बनाए रखें, सूझबूझ से अपना पक्ष बनाए रखें

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: औरों की बातों में नहीं आएं. आशंका की भावना बनी रहेगी. प्रबंध कार्यों में सक्रियता बनाए रखें. धैर्य से लक्ष्य तक पहुंचने के प्रयास बढ़ाएं.

आज तक 4 Sep 2026 1:22 am

सहयोगियों से रहें सतर्क, धन से जुड़ा कोई बड़ा फैसला न लें

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: आधुनिक कार्योंको आगे बढ़ाएंगे. आपसी मदद के लिए प्रेरित होंगे. वादा निभाने का प्रयास रहेगा. भेंटवार्ता में पहल रखेंगे. परिचितों से भेंट बढ़ाएंगे.

आज तक 4 Sep 2026 1:18 am

धनु राशि वालों को रहना होगा मानसिक तनाव से दूर, रुका हुआ मिल सकता है वापिस

Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: परंपरागत विषयों में उत्साह बनाए रखेंगे. प्रतिभा और मेहनत से सभी को प्रभावित करेंगे. भेंट मुलाकात में विश्वास बनाए रखेंगे.

आज तक 4 Sep 2026 1:16 am

बजट पर ध्यान दें, संबंधों में संतुलन रखें

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: निजी मामलों में सहयोग दें. घर वालों का साथ बनाए रहें. सबसे सामंजस्य बढ़ाने पर जोर होगा. अनुशासन और निरंतरता बनाए रखें. समय पर कार्य पूरे करें.

आज तक 4 Sep 2026 1:10 am

व्यवस्थित ढंग से कार्य करेंगे, घर में यादगार पल बनेंगे

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: अनोखे प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा. सबके भरोसे पर खरे उतरेंगे. बड़ों से मेल मुलाकात बनाए रखेंगे. सहजता से व्यापार आगे बढ़ाएंगे.

आज तक 4 Sep 2026 1:06 am

अधिकतर मामले सकारात्मक बने रहेंगे, सहजता से आगे बढ़ेंगे

Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा. प्रबंध के मामलों में सक्रियता बनाए रखेंगे.

आज तक 4 Sep 2026 1:04 am

जल्दी फैसले लेने से बचें, जिद में नहीं आएं

Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: व्यक्तिगत मामलों में धैर्य का परिचय दें. घर का वातावरण साधारण रहेगा. कामकाजी गतिविधियां औसत रहेंगी. अन्य के प्रति संवेदनशील रहें.

आज तक 4 Sep 2026 12:58 am

कारोबारी संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा, परिचितों संग समय बिताएंगे

Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: औरों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे. क्षमता से अच्छा प्रदर्शन करेंगे. यात्रा पर जा सकते हैं. अपनों से शुभ सूचनाएं मिलेंगी.

आज तक 4 Sep 2026 12:54 am

व्यवस्था प्रभावपूर्ण बनाए रखेंगे, विवेक से काम लें

Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 4 September 2026: व्यक्तिगत प्रयासों को महत्व देंगे. अधिकारों के संरक्षण को बनाए रखेंगे. सहकार की भावना से आगे बढ़ेंगे. सबका समर्थन हासिल करेंगे.

आज तक 4 Sep 2026 12:52 am

मीन राशि वाले सामंजस्य बढ़ाएंगे, जानें अन्य राशियों का हाल

Aaj ka Career Rashifal 4 September 2026 (करियर राशिफल): आवश्यक कार्यों पर पूरा ध्यान दें.अपने व्यावसायिक रुटीन को संवारें. लेनदेन को लंबित रखने से बचें, कार्य व्यापार में सतर्कता से आगे बढ़ें.

आज तक 4 Sep 2026 12:48 am

धनु राशि वाले सहनशीलता बढ़ाएं, जानें अन्य राशियों का हाल

Aaj ka Love Rashifal 4 September 2026 (लव राशिफल): आप अपनी बात पूरे विश्वास से कह पाएंगे . आपके व्यक्तिगत मामले बेहद सुखप्रद बने रहेंगे. आपको कोई शुभ सूचना मिलेगी, रिश्तों में मिठास बढ़ेगी.

आज तक 4 Sep 2026 12:46 am

आज 4 सितंबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि

Aaj 4 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग

आज तक 4 Sep 2026 12:40 am

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर घर लाएं ये 5 शुभ चीजें, बढ़ेगी सुख-संपन्नता

इस बार जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी. जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की विशेष पूजा की जाती है. घरों और मंदिरों में भजन-कीर्तन होते हैं. अर्धरात्रि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण का जन्म कराया जाता है. मान्यता है इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा मन में सकारात्मकता और भक्ति का भाव बढ़ाती है.

आज तक 3 Sep 2026 10:00 pm

आचार्य चाणक्य की नीतियां: जीवन में इन 5 तरह के लोगों से हमेशा रहें सावधान, वरना हर कदम पर मिलेगा सिर्फ धोखा और पछतावा

भारतीय इतिहास और सनातन संस्कृति में जब भी श्रेष्ठ कूटनीति, दूरदर्शिता और जीवन प्रबंधन की बात आती है, तो आचार्य चाणक्य का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उनकी अद्भुत नीतियां और व्यावहारिक विचार सदियों बीत जाने के बाद भी आज के आधुनिक युग में उतने ही प्रासंगिक और सटीक हैं जितने कि वे द्वापर या मौर्य काल में हुआ करते थे। आचार्य चाणक्य ने अपने ज्ञान और जीवन के अनुभवों के आधार पर मानव समाज को एक ऐसी दिशा दिखाई है जिसके जरिए व्यक्ति अच्छे और बुरे इंसानों के बीच आसानी से फर्क करना सीख सकता है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि मनुष्य अपनी भोलाभाजी या बिना सोचे-समझे किसी पर भी अति-विश्वास करने की आदत के कारण जीवन में ऐसे लोगों को अपना करीबी बना लेता है जो असल में उनके शुभचिंतक नहीं बल्कि उनके सबसे बड़े शत्रु होते हैं।आज की इस भागदौड़ भरी और स्वार्थी दुनिया में रिश्तों के मायने तेजी से बदल रहे हैं। लोग मुंह पर मीठी-मीठी बातें करते हैं और पीठ पीछे साजिश रचने से बाज नहीं आते। ऐसे में यह बेहद जरूरी हो जाता है कि हम आचार्य चाणक्य द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करें और उन चेहरों को पहचानें जो हमारे जीवन को प्रताड़ित या असफल बनाने की साजिश रचते हैं। चाणक्य नीति हमें यह सिखाती है कि दोस्ती या किसी भी प्रकार का संबंध बनाते समय अत्यधिक सावधानी बरतना क्यों आवश्यक है। यदि समय रहते इन पांच प्रकार के नकारात्मक और खतरनाक लोगों की पहचान न की जाए, तो जीवन में सफलता की हर सीढ़ी पर केवल असफलता, धोखा और मानसिक तनाव ही हाथ लगता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आचार्य चाणक्य के अनुसार वे कौन से पांच लोग हैं जिनसे हमें हमेशा दो गज की दूरी बनाकर रखनी चाहिए।1. बात-बात पर झूठ बोलने वाले और मक्कार स्वभाव के लोगआचार्य चाणक्य स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हैं कि जो व्यक्ति अपनी बात को सच साबित करने के लिए या अपने छोटे-छोटे स्वार्थों को पूरा करने के लिए बार-बार झूठ बोलता है, उस पर कभी भी भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। झूठ बोलने वाले लोग अपनी आदतों से लाचार होते हैं और वे जरूरत पड़ने पर अपनों को भी संकट में डालने से नहीं कतराते। ऐसे लोग कभी भी किसी भी रिश्ते को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ नहीं निभा सकते हैं। खासतौर पर मित्रता जैसे पवित्र रिश्ते में यदि कोई व्यक्ति झूठ का सहारा लेता है, तो वह सबसे बड़ा आस्तीन का सांप साबित होता है।झूठे लोग अपने फायदे के लिए किसी दूसरे व्यक्ति की मेहनत और प्रतिष्ठा को बर्बाद करने से भी पीछे नहीं हटते। उनके चेहरे पर हमेशा एक कृत्रिम मुखौटा लगा होता है, जिसके पीछे उनका वास्तविक और स्वार्थी चरित्र छिपा होता है। यदि आपके आसपास भी कोई ऐसा व्यक्ति है जो छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलने की कला में माहिर है, तो तुरंत संभल जाइए और उससे उचित दूरी बना लीजिए, अन्यथा एक दिन उसका यही झूठ आपके जीवन में भारी संकट और मानसिक पछतावे का कारण बन जाएगा।2. मुंह पर प्रशंसा और पीठ पीछे वार करने वाले कपटी लोगचाणक्य नीति के अनुसार, दुनिया में सबसे खतरनाक वे लोग होते हैं जो आपके सामने तो आपकी तारीफ करते हैं, मीठी-मीठी बातें करते हैं और खुद को आपका सबसे बड़ा हितैषी बताते हैं, लेकिन मौका मिलते ही आपकी पीठ पीछे आपके खिलाफ षड्यंत्र रचते हैं। ऐसे दोमुंहे और कपटी लोगों को पहचानना बेहद कठिन होता है क्योंकि उनका आचरण बहुत ही शातिर होता है। वे आपके सामने दोस्त बनकर रहते हैं लेकिन असल में वे आपके सबसे बड़े शत्रु होते हैं।इस प्रकार के लोग कभी भी आपके सच्चे और वफादार मित्र नहीं हो सकते। वे आपकी कमजोरियों को बहुत बारीकी से नोट करते हैं और सही समय आने पर उन्हीं कमजोरियों का इस्तेमाल आपको नुकसान पहुंचाने के लिए करते हैं। आचार्य चाणक्य का मानना था कि खुले दुश्मन से निपटना आसान होता है, लेकिन छुपकर वार करने वाले ऐसे कपटी मित्रों से बचना बहुत जरूरी होता है। यदि ऐसे लोग आपके जीवन में सक्रिय हैं, तो वे धीरे-धीरे आपका आत्मविश्वास और मानसिक शांति दोनों ही छीन लेते हैं।3. ईर्ष्या और जलन की भावना से भरे हुए नकारात्मक लोगएक सफल और आगे बढ़ने वाले इंसान के जीवन में ईर्ष्यालु लोगों का होना सबसे बड़ा अवरोध पैदा करता है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति आपकी प्रगति, आपकी सफलता या आपके सुख को देखकर अंदर ही अंदर जलता है और आपसे ईर्ष्या रखता है, उससे तुरंत नाता तोड़ लेना चाहिए। एक सच्चा और जेन्युइन मित्र हमेशा आपकी तरक्की पर खुश होता है और आपकी पीठ थपथपाता है, इसके विपरीत ईर्ष्यालु प्रवृत्ति का व्यक्ति आपकी सफलता से दुखी होता है और हमेशा आपकी टांग खींचने के फिराक में रहता है।ऐसे लोग आपके सामने भले ही मुस्कुराएं, लेकिन उनके दिल में आपके प्रति दुर्भावना भरी होती है। वे चुपचाप आपके खिलाफ नकारात्मकता का माहौल बनाते हैं और समाज या कार्यक्षेत्र में आपकी छवि को धूमिल करने की कोशिश करते हैं। ईर्ष्या एक ऐसी दीमक है जो इंसान के भीतर पनपती है और दूसरों को भी बर्बाद कर देती है। इसलिए, यदि कोई व्यक्ति आपकी उपलब्धियों से चिढ़ता है या आपकी खुशियों को बर्दाश्त नहीं कर पाता है, तो समझ लीजिए कि वह आपका शुभचिंतक नहीं बल्कि आपका गुप्त विरोधी है।4. आपके गोपनीय राज और बातें दूसरों तक पहुंचाने वाले लोगविश्वास किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होता है, और यदि वही नींव हिल जाए तो पूरा रिश्ता भरभरा कर गिर जाता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, कई बार हम अंजाने में या भरोसे के नाम पर ऐसे लोगों को अपना करीबी बना लेते हैं जिन्हें अपने जीवन के सबसे गुप्त राज और निजी बातें बता देते हैं। लेकिन यदि वह व्यक्ति भरोसे के लायक नहीं है और आपके रहस्यों को अपने तक सीमित नहीं रख पाता है, तो वह आपके लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है।जो लोग दूसरों की चुगली करने के शौकीन होते हैं और आपकी कमजोरियों या पर्सनल बातों को बाजार में या अन्य लोगों के सामने परोसते हैं, वे समाज में आपको अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसे लोगों की जुबान पर कोई नियंत्रण नहीं होता है और वे स्वार्थवश आपके हर एक राज को दूसरों के सामने उजागर कर देते हैं। चाणक्य सलाह देते हैं कि अपने जीवन के महत्वपूर्ण रहस्यों को हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए और केवल उन्हीं लोगों पर भरोसा करना चाहिए जिनकी निष्ठा पूरी तरह से परखी हुई हो।5. केवल अपने मतलब और स्वार्थ के लिए रिश्ता रखने वाले मतलबी लोगइस भौतिकवादी संसार में अधिकांश लोग अपने स्वार्थ के वशीभूत होकर ही रिश्ते बनाते हैं, लेकिन आचार्य चाणक्य ऐसे स्वार्थी और मतलबी लोगों से सख्ती से बचने की सलाह देते हैं। स्वार्थी व्यक्ति केवल तब तक ही आपके साथ मीठी बातें करेगा और आपकी मदद का दिखावा करेगा जब तक उसका अपना कोई निजी काम या फायदा निकल रहा हो। जैसे ही उसका मतलब पूरा हो जाता है, वह आपको ऐसे छोड़ देगा जैसे दूध से मक्खी निकाली जाती है।ऐसे लोग संकट के समय कभी भी आपके साथ खड़े नजर नहीं आएंगे, बल्कि वे मुसीबत की आहट मिलते ही सबसे पहले कन्नी काट लेंगे। वे अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और इसके लिए वे आपके हितों की बलि चढ़ाने में भी संकोच नहीं करेंगे। जीवन में प्रगति करने और मानसिक शांति बनाए रखने के लिए यह अति आवश्यक है कि आप ऐसे मतलबी और अवसरवादी लोगों को पहचानें और अपनी जिंदगी से बाहर का रास्ता दिखाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Sep 2026 5:38 pm

जन्माष्टमी पर कल कर लें ये 3 उपाय, दूर होंगी परेशानियां

Krishna Janmashtami Upay 2026:जन्माष्टमी 2026 पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए करें ये 3 आसान उपाय. जानें धन लाभ, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन से जुड़े खास उपाय.

आज तक 3 Sep 2026 5:36 pm

Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र, आरती और अचूक उपाय

Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद के कृष्‍णपक्ष की अष्टमी तिथि का मनाते हैं। इस बार भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा हैं। इस बार स्मार्त और वैष्णव दोनों ही मतों के अनुसार 4 सितंबर 2026 को यह उत्सव मनाया ...

वेब दुनिया 3 Sep 2026 5:29 pm

Krishna Janmashtami 2026: ऐश्वर्य एवं वैराग्य का अद्भुत संगम है श्रीकृष्ण

भगवान श्रीकृष्ण भारत की माटी, भारत की आत्मा और भारत के जनजीवन की धड़कन हैं। वे केवल आराधना के देवता नहीं, बल्कि जीवन को देखने की एक दृष्टि, संघर्षों से जूझने की प्रेरणा और भविष्य की ओर बढ़ने की दिशा हैं। वे ऐश्वर्य एवं वैराग्य का अद्भुत एवं निराला संगम हैं। श्रीकृष्ण के बिना भारतीय जीवन-दर्शन की कल्पना अधूरी है। जीवन के लगभग प्रत्येक आयाम-परिवार, समाज, राजनीति, प्रशासन, अर्थव्यवस्था, युद्ध, शांति, प्रेम, मित्रता, कर्तव्य, त्याग, नेतृत्व और आध्यात्मिकता में श्रीकृष्ण के विचारों और आदर्शों की छाप दिखाई देती है। इसीलिए जन्माष्टमी केवल श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि उनके विचारों को जीवन में उतारने का अवसर है। श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे अद्भुत एवं विलक्षण महानायक हैं, जिनके व्यक्तित्व में विरोधाभास दिखाई देने वाले अनेक गुण एक साथ समाहित हो जाते हैं। वे द्वारका के शासक हैं, लेकिन उन्हें सामान्यतः ‘राजा श्रीकृष्ण’ नहीं कहा जाता। वे ब्रजनंदन हैं, नंदलाल हैं, कन्हैया हैं, माखनचोर हैं, गोपियों के चितचोर हैं और रासरचैया हैं। यही उनकी महानता है कि सत्ता के शिखर पर पहुंचकर भी वे जनमानस से कभी दूर नहीं हुए। उनका नेतृत्व राजमहलों तक सीमित नहीं था, वह गांवों की गलियों, ग्वाल-बालों, किसानों, पशुपालकों और सामान्य जन के हृदय तक पहुंचता था। श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि श्रेष्ठ नेतृत्व केवल अधिकार प्राप्त करने का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने की कला है। उन्होंने सत्ता को कभी व्यक्तिगत सुख का साधन नहीं बनाया। समाज और राष्ट्र की व्यवस्था उनके लिए कर्तव्य थी और धर्म उनकी आत्मनिष्ठा। इसीलिए उन्होंने परिस्थितियों से पलायन नहीं किया। जहां प्रेम की आवश्यकता थी वहां प्रेम दिया, जहां मित्रता की आवश्यकता थी वहां मित्र बने, जहां संवाद जरूरी था वहां संवाद किया और जहां अधर्म का प्रतिकार आवश्यक हुआ वहां अत्यंत कठोर होकर सामने आए। यही संतुलन कुशल नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान है। आज प्रबंधन की दुनिया में निर्णय क्षमता, समय-प्रबंधन, संकट-प्रबंधन, नेतृत्व, संवाद-कौशल, मनोविज्ञान और रणनीति को सफलता की अनिवार्य शर्त माना जाता है। इन सभी क्षेत्रों में श्रीकृष्ण का जीवन असाधारण उदाहरण प्रस्तुत करता है। कुरुक्षेत्र में अर्जुन जब मोह और मानसिक द्वंद्व से घिरकर अपने कर्तव्य से विमुख होने लगे, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें केवल युद्ध के लिए प्रेरित नहीं किया, बल्कि जीवन का विराट दर्शन दिया। उन्होंने अर्जुन को कर्म का मर्म समझाया-मनुष्य का अधिकार कर्म पर है, परिणाम पर नहीं। यह संदेश आज भी हर विद्यार्थी, कर्मचारी, उद्यमी, प्रशासक, राजनीतिज्ञ और सामान्य व्यक्ति के लिए उतना ही उपयोगी है। इसे भी पढ़ें: Krishna Janmashtami 2026: 4 सितंबर को मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 15 साल बाद रोहणी नक्षत्र में मनेगा श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हमारी सबसे बड़ी कमजोरी अक्सर कर्म से अधिक परिणाम की चिंता होती है। परिणाम की चिंता मन को भय, तनाव और असमंजस से भर देती है। श्रीकृष्ण का कर्मयोग इस मानसिक बोझ से मुक्ति का मार्ग देता है। अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा, क्षमता और ईमानदारी से करना और परिणाम को व्यापक व्यवस्था पर छोड़ देना-यह जीवन-प्रबंधन का ऐसा सूत्र है जिसकी उपयोगिता कभी समाप्त नहीं हो सकती। श्रीकृष्ण की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक थी-स्थिर बुद्धि। शिशुपाल ने राजसूय यज्ञ की सभा में उन्हें लगातार अपमानित किया, फिर भी वे शांत रहे। दुर्योधन के दरबार में शांति-दूत बनकर गए और वहां भी उनका अपमान हुआ, लेकिन वे विचलित नहीं हुए। इससे हमें सीख मिलती है कि उत्तेजना में लिया गया निर्णय प्रायः समस्या बढ़ाता है, जबकि शांत मन समाधान का रास्ता खोलता है। आधुनिक परिवारों से लेकर संसद, प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों तक, यह प्रबंधन-सूत्र आज भी उतना ही प्रासंगिक है। श्रीकृष्ण केवल युद्धनीति के ज्ञाता नहीं थे, वे शांति के भी सबसे बड़े समर्थक थे। महाभारत का युद्ध उनकी पहली पसंद नहीं था। उन्होंने युद्ध रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। जब संवाद और न्याय की संभावनाएं समाप्त हो गईं, तभी धर्म की रक्षा के लिए युद्ध का मार्ग स्वीकार किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि शक्ति का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि न्याय की रक्षा करने की क्षमता है। सच्ची शांति वही है जिसके पीछे न्याय और आत्मबल की शक्ति हो। श्रीकृष्ण का सामाजिक दृष्टिकोण भी अत्यंत व्यापक था। उन्होंने ग्रामीण जीवन, गौ-संस्कृति, प्रकृति और सामुदायिक जीवन को सम्मान दिया। गोवर्धन प्रसंग हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामुदायिक एकता का संदेश देता है। माखन और दूध-दही के प्रसंगों को केवल बाल-क्रीड़ा के रूप में देखने के बजाय उनमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय संसाधनों की रक्षा का संदेश भी देखा जा सकता है। श्रीकृष्ण का लोकजीवन से जुड़ाव बताता है कि कोई भी राष्ट्र तभी मजबूत बन सकता है जब उसकी विकास-यात्रा गांवों, किसानों, श्रमिकों और सामान्य नागरिकों को साथ लेकर चले। उनका व्यक्तित्व एक अद्भुत समन्वय है। वे अर्जुन के सारथी हैं और साथ ही विश्वरूप के दर्शन कराने वाले योगेश्वर। वे सुदामा के मित्र हैं और अत्याचारियों के लिए सुदर्शन चक्रधारी। वे बांसुरी की मधुरता हैं तो धर्मरक्षा के लिए आवश्यक कठोरता भी। वे प्रेम हैं, करुणा हैं, नीति हैं, रणनीति हैं, त्याग हैं और कर्म हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण को किसी एक सीमा में बांधना उनके विराट व्यक्तित्व को छोटा करना होगा। श्रीकृष्ण का एक महत्वपूर्ण संदेश है कि व्यक्ति को अपनी क्षमताओं का बहुआयामी विकास करना चाहिए। परंपरा में उनके द्वारा चौंसठ कलाओं के ज्ञान का उल्लेख मिलता है। इसका व्यापक संदेश यह है कि शिक्षा केवल रोजगार पाने का साधन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व को पूर्ण बनाने की प्रक्रिया है। आज के समय में जब शिक्षा को केवल अंक, नौकरी और प्रतियोगिता तक सीमित करने का खतरा है, श्रीकृष्ण का जीवन हमें ज्ञान, कला, कौशल, सृजनशीलता और चरित्र के समन्वय की प्रेरणा देता है। श्रीकृष्ण की राजनीति सत्ता प्राप्ति की राजनीति नहीं, बल्कि लोककल्याण और धर्मस्थापना की राजनीति थी। उनके जीवन में हमें यह सूत्र मिलता है कि सत्ता पर नैतिकता का अंकुश होना चाहिए और शक्ति का उपयोग जनहित के लिए होना चाहिए। आज भारत विकसित भारत के 2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। आर्थिक शक्ति, विज्ञान, तकनीक, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक समरसता-हर क्षेत्र में भारत नई संभावनाओं की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में श्रीकृष्ण का दर्शन हमें बताता है कि विकास केवल भौतिक समृद्धि का नाम नहीं है। विकास तब सार्थक होगा जब उसमें चरित्र होगा, कर्तव्य होगा, करुणा होगी, न्याय होगा और अंतिम व्यक्ति के जीवन में भी आशा का प्रकाश पहुंचेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की जो व्यापक यात्रा चल रही है, उसमें श्रीकृष्ण के कर्म, कर्तव्य, रणनीति, राष्ट्रहित और लोककल्याण के आदर्शों से प्रेरणा लेने की बड़ी संभावनाएं हैं। अंतरराष्ट्रीय जीवन में भी श्रीकृष्ण का संदेश महत्वपूर्ण है। आज दुनिया संघर्षों, युद्धों, अविश्वास और शक्ति-संघर्षों से जूझ रही है। ऐसे समय में श्रीकृष्ण की नीति कहती है-पहले संवाद, फिर समन्वय और अंततः न्याय की रक्षा के लिए आवश्यक शक्ति। भारत यदि विश्व में शांति, सह-अस्तित्व और मानवकल्याण का मार्ग प्रशस्त करना चाहता है तो उसे अपनी सांस्कृतिक चेतना के इस महान स्रोत से ऊर्जा लेनी होगी। श्रीकृष्ण हमें यह भी सिखाते हैं कि जीवन केवल सुख का नाम नहीं है। संघर्ष आएंगे, परिस्थितियां बदलेंगी, प्रियजन दूर होंगे, संकट सामने खड़े होंगे, लेकिन मनुष्य को अपने धर्म और कर्तव्य से विचलित नहीं होना चाहिए। यही कारण है कि गीता का संदेश किसी एक युग, धर्म या समुदाय के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए जीवन का मार्गदर्शन बन गया है। जन्माष्टमी के अवसर पर हमें केवल मंदिरों में घंटियां नहीं बजानी हैं, बल्कि अपने भीतर के अंधकार को भी पहचानना है। हमारे भीतर का कंस अहंकार हो सकता है, लोभ हो सकता है, क्रोध हो सकता है, भय हो सकता है और स्वार्थ भी। हमारे भीतर का अर्जुन भ्रमित और कमजोर हो सकता है। ऐसे में हमें अपने भीतर के श्रीकृष्ण को जगाना होगा-विवेक के रूप में, कर्म के रूप में, साहस के रूप में, प्रेम के रूप में और सत्य के रूप में। श्रीकृष्ण कोई बीता हुआ इतिहास नहीं हैं। वे भारतीय चेतना की सतत प्रवाहित जीवन-ऊर्जा हैं। वे केवल एक महानायक नहीं, बल्कि जीवन के महाप्रबंधक हैं। केवल धर्म के उपदेशक नहीं, बल्कि कर्म की प्रेरणा हैं। केवल बांसुरी की मधुर धुन नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध उठने वाला सुदर्शन भी हैं। श्रीकृष्ण एक व्यक्ति नहीं, एक दृष्टि हैं। श्रीकृष्ण एक कथा नहीं, एक चेतना हैं। श्रीकृष्ण केवल आराध्य नहीं, जीवन को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा हैं। - ललित गर्ग लेखक, पत्रकार, स्तंभकार

प्रभासाक्षी 3 Sep 2026 5:01 pm

कब है ऋषि पंचमी? जानें अपामार्ग स्नान का महत्व, व्रत के नियम और सप्तऋषि पूजन परंपरा

Rishi Panchami Vrat 2026: ऋषि पंचमी सनातन धर्म में सप्तऋषियों की कृपा, आशीर्वाद और जीवन के जाने-अनजाने पापों के क्षालन (शुद्धिकरण) के लिए समर्पित एक अत्यंत पावन एवं महत्वपूर्ण व्रत है। यह पर्व प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ...

वेब दुनिया 3 Sep 2026 5:01 pm

Vrindavan Shaktipeeth: मां Katyayani Temple का पौराणिक इतिहास और महारास से जुड़ा दिव्य रहस्य

वृंदावन की पावन धरती मां कात्यायनी का शक्तिपीठ मंदिर है। यह मंदिर आस्था और प्रेम का बड़ा केंद्र माना जाता है। यहां पर स्वयं देवी राधा और गोपियों ने तपस्या की थी। वृंदावन का नाम आते ही मन में सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण की छवि उभर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्रज भूमि की रक्षा और यहां की अधिष्ठात्री देवी मां कात्यायनी हैं। वृंदावन के राधा बाग इलाके में स्थित मां कात्यायनी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक जब भगवान श्रीहरि विष्णु ने अपनी सुदर्शन चक्र से मां सती के शरीर के टुकड़े किए थे, तो देवी सती के केश यानी बाल इस स्थान पर गिरे थे। जिस कारण इसको उमा शक्तिपीठ भी कहा जाता है। इसे भी पढ़ें: Famous Krishna Temple: Puri Jagannath से Bhalka Tirth तक, जानिए श्रीकृष्ण के चमत्कारी Temples का रहस्य मंदिर का निर्माण इस मंदिर के निर्माण का इतिहास भी किसी चमत्कार से कम नहीं है। साल 1923 में स्वामी केशवानंद महाराज द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। स्वामी जी ने 33 सालों तक हिमालय की कंदराओं में कठिन तपस्या की थी। इस दौरान उनको एक दिव्य दृष्टि मिली, जिसमें उनको वृंदावन में इस लुप्त शक्तिपीठ को ढूंढने और मंदिर को स्थापित करने का आदेश मिला। स्वामी केशवानंद ने अपने योगबल से इस स्थान को पहचाना था। आज के समय में यह मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है। मंदिर की बनावट और मां की अष्टधातु की प्रतिमा यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना है, जोकि देखने में काफी भव्य लगता है। मंदिर के मुख्य द्वार पर दो सुनहरे शेर खड़े हैं, जोकि मां की शक्ति का एहसास कराते हैं। मंदिर के गर्भगृह में मां कात्यायनी की अष्टधातु की विशाल प्रतिमा है और मां की चार भुजाएं हैं। दाहिनी भुजाओं में वर और अभय मुद्रा है। वहीं बाईं भुजाओं में कमल का पुष्प और तलवार है। मां कात्यायनी के अलावा यहां पर भगवान विष्णु, भोलेनाथ, गणेश जी और सूर्य देव की मूर्तियां भी हैं। जोकि इस मंदिर को पूर्ण पंचदेव मंदिर बनाती हैं। श्रीकृष्ण ने गोपियों के लिए रचाया 'महारास' इस मंदिर का संबंध द्वापर युग और भगवान श्रीकृष्ण से है। श्रीमद्भागवत पुराण के मुताबिक वृंदावन की गोपियों श्रीकृष्ण को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं। इसलिए लिए गोपियों ने पूरे कार्तिक माह यमुना नदी के किनारे मां कात्यायनी की बालू से मूर्ति बनाकर पूजा-अर्चना की थी। गोपियों की भक्ति से प्रसन्न होकर मां कात्यायनी ने उनको वरदान दिया। इस वरदान के चलते शरद पूर्णिमा की रात श्रीकृष्ण ने 16,108 रूप धारण किए थे। वहीं हर गोपी के साथ रास रचाया था। धार्मिक मान्यता है कि जो भी कुंवारे युवक-युवतियां यहां आकर मां के दर्शन करते हैं, उनके विवाह में आने वाली परेशानी दूर होती है।

प्रभासाक्षी 3 Sep 2026 4:21 pm

कृष्ण का जन्म : अंधकार में प्रकाश का अवतरण

कृष्ण का जन्म The post कृष्ण का जन्म : अंधकार में प्रकाश का अवतरण appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 3 Sep 2026 4:03 pm

Love Horoscope For 3 September 2026 | आज का प्रेम राशिफल 3 सितंबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

दैनिक प्रेम राशिफल 3 सितंबर 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं। यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है: आज का लव राशिफल मेष: रिश्तों में नया जोश और आत्मीयता देखने को मिलेगी। एक-दूसरे के विचारों को प्राथमिकता देने से मन प्रसन्न रहेगा। अविवाहितों के लिए किसी नए परिचय की संभावना बन रही है। वृषभ: दांपत्य एवं प्रेम संबंधों में सौहार्द और सुकून रहेगा। परस्पर विश्वास बढ़ेगा। संयमित भाषा का प्रयोग करने से दिन बेहद सुखद बीतेगा। मिथुन: संबंधों में थोड़ी परिपक्वता और संयम से काम लें। बेवजह की शंकाओं से दूरी बनाएं और बातचीत का रास्ता खुला रखें। कर्क: दिल से दिल का खिंचाव महसूस होगा। पुरानी तल्खियां खत्म होंगी और आपसी समझ का दायरा और अधिक चौड़ा होगा। सिंह: आपकी स्पष्टवादिता और सौम्य व्यवहार साथी का मन मोह लेगा। साथ मिलकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए दिन उत्तम है। कन्या: काम की अधिकता के बीच अपने प्रिय के लिए थोड़ा वक्त जरूर चुराएं। आपका यह प्रयास आपके रिश्ते में एक नई ऊर्जा भर देगा। तुला: प्रेम पक्ष में संतुलन और तालमेल बना रहेगा। बाहरी लोगों के हस्तक्षेप से दूर रहकर केवल एक-दूसरे की बात पर भरोसा रखें। वृश्चिक: मन में घुमड़ रहे विचारों को दबाने के बजाय सीधे शब्दों में जाहिर करें। पारदर्शिता आपके रिश्ते को और मजबूती प्रदान करेगी। धनु: आज आपकी लव लाइफ में उत्साह और उमंग का माहौल रहेगा। साथी की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया आपका दिल खुश कर सकती है। मकर: रिश्ते में गंभीरता और आपसी आदर का भाव प्रमुख रहेगा। दिनभर के तनाव को अपने निजी स्थान में हावी न होने दें। कुंभ: अपनी अनुभूतियों और स्नेह को बयां करने के लिए शानदार समय है। अचानक बना कोई प्लान आपको और करीब लाएगा। मीन: आपकी संवेदनशीलता और परवाह करने का अंदाज पार्टनर को बेहद भाएगा। एकाकी जीवन जी रहे जातकों के जीवन में हलचल संभव है।

प्रभासाक्षी 3 Sep 2026 1:31 pm

व्रत में Satvik Food ही क्यों खाया जाता है? जानिए इसके पीछे की पूरी परंपरा

हिंदू धर्म में त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर व्रत रखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। व्रत का मतलब सिर्फ भूखा रहना नहीं है, बल्कि इस दौरान शरीर, मन और विचारों पर संयम रखने पर जोर दिया जाता है। यही वजह है कि व्रत में खान-पान का भी खास ध्यान रखा जाता है। व्रत के दौरान ज्यादातर लोग सात्विक और हल्का भोजन करते हैं। माना जाता है कि इससे शरीर पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता और पूजा-पाठ, ध्यान और मंत्र जाप में मन लगाने में आसानी होती है। व्रत में सात्विक भोजन ही क्यों खाया जाता है? हमने अक्सर सुना है, जैसा खाए अन्न, वैसा होए मन। सात्विक भोजन को सादा, शुद्ध और आसानी से पचने वाला माना जाता है। व्रत का उद्देश्य सिर्फ खाना छोड़ना नहीं, बल्कि खुद को संयमित रखना और भगवान की भक्ति में मन लगाना भी है। अगर व्रत में बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी खाना खाया जाए तो शरीर में सुस्ती और आलस महसूस हो सकता है। वहीं, हल्का और सात्विक भोजन शरीर को आराम देता है और मन को शांत रखने में मदद कर सकता है। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 Date to Puja Muhurat: 4 या 5 सितंबर? जानें सही Shubh Muhurat और तिथि व्रत में क्या-क्या खा सकते हैं? व्रत में फलाहार को सबसे आसान और अच्छा विकल्प माना जाता है। आप अपनी पसंद के अनुसार सेब, केला, अनार, पपीता, नारियल जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा एनर्जी के लिए मखाना और सूखे मेवे भी खाए जाते हैं। दूध, दही और छाछ भी व्रत के दौरान कई लोग अपनी डाइट में शामिल करते हैं। सामान्य अनाज की जगह व्रत में कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और राजगीरा जैसी चीजों से बने व्यंजन खाए जाते हैं। आलू और शकरकंद भी व्रत के दौरान खाए जाने वाले आम खाद्य पदार्थ हैं। व्रत में सेंधा नमक ही क्यों खाया जाता है? व्रत के दौरान सामान्य सफेद नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करने की परंपरा है। इसे कई धार्मिक परंपराओं में उपवास के लिए उपयुक्त माना जाता है। व्रत में फल, सब्जियों या चाट जैसी चीजों में स्वाद बढ़ाने के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसे सबसे शुद्ध या स्वास्थ्य के लिए अपने आप बेहतर मानने का दावा हर स्थिति में सही नहीं है, सेंधा नमक भी मुख्य रूप से नमक ही है, इसलिए इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Hal Shashthi 2026: संतान की खुशहाली के लिए माताएं रखेंगी व्रत, जानें पूजन के लिए सही Shubh Muhurat व्रत में किन चीजों से परहेज किया जाता है? व्रत के नियमों के अनुसार आमतौर पर गेहूं, चावल, दाल, चना और मटर जैसे रोजमर्रा के अनाज और दालों से परहेज किया जाता है। कई हिंदू परंपराओं में प्याज और लहसुन को तामसिक भोजन माना जाता है, इसलिए व्रत के दौरान इन्हें नहीं खाया जाता। इसके अलावा मांस, अंडा और शराब जैसी चीजों से भी पूरी तरह दूरी रखी जाती है। व्रत के दौरान बहुत ज्यादा तेल और मसाले वाला खाना खाने से भी बचना चाहिए। आखिर व्रत का मकसद सिर्फ पेट भरना नहीं, बल्कि सादगी और संयम के साथ दिन बिताना है। हर व्रत के नियम अलग हो सकते हैं यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि हर व्रत में खान-पान के नियम एक जैसे नहीं होते। नवरात्रि, एकादशी और जन्माष्टमी जैसे व्रतों में फलाहार और खाने-पीने के नियमों में अंतर हो सकता है। कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ व्रतों में दिन में एक बार फलाहार या सात्विक भोजन किया जाता है। इसलिए किसी भी व्रत को रखने से पहले उसकी परंपरा और नियमों की जानकारी लेना बेहतर होता है। सात्विक भोजन व्रत का अहम हिस्सा व्रत में सात्विक भोजन को सिर्फ एक खान-पान की परंपरा नहीं, बल्कि सादगी, संयम और ईश्वर के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा जाता है। हल्का और सीमित भोजन करने से व्यक्ति अपना ध्यान पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों पर केंद्रित करने की कोशिश करता है। इसलिए अगली बार जब आप व्रत रखें तो सिर्फ यह न सोचें कि क्या खाना है, बल्कि यह भी समझें कि व्रत का असली उद्देश्य संयम और भक्ति है।

प्रभासाक्षी 3 Sep 2026 1:01 pm

गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर, इन 08 अक्टूबर तक 12 राशियों पर पड़ेगा बड़ा असर; जानें राशिफल

गुरु (बृहस्पति) के कर्क राशि और बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में गोचर के प्रभाव से सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। 19 अगस्त से शुरू हुआ यह गोचर चक्र 08 अक्टूबर तक अश्लेषा के विभिन्न चरणों से होकर गुजरेगा। मेष ...

वेब दुनिया 3 Sep 2026 12:01 pm

Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घर ले आएं ये 5 चमत्कारी चीजें, कान्हा जी की कृपा से दूर होगी कंगाली, घर में बरसेगा धन और सुख-समृद्धि

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सनातन धर्म के सबसे बड़े और पावन पर्वों में से एक है। इस दिन देश भर के मंदिरों और घरों में रोहिणी नक्षत्र के शुभ संयोग में बाल गोपाल (लड्डू गोपाल) का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है।धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, जन्माष्टमी का दिन केवल व्रत और पूजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक संपन्नता को आमंत्रित करने का भी सर्वश्रेष्ठ अवसर माना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि इस पावन तिथि पर कान्हा जी की प्रिय और शुभ मानी जाने वाली कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाकर स्थापित करने से घर के वास्तु दोष मिट जाते हैं, गृह क्लेश समाप्त होता है और परिवार में सुख, शांति व वैभव का स्थायी वास होता है।1. चांदी या लकड़ी की बांसुरी: वास्तु दोषों का खात्मा और रिश्तों में मिठासभगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की कल्पना उनकी अधरों पर सजी मुरली (बांसुरी) के बिना अधूरी है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में बांसुरी को शांति, सम्मोहन और सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा संवाहक माना गया है:कहां स्थापित करें: जन्माष्टमी के दिन चांदी, पीतल या बांस की बनी एक छोटी बांसुरी खरीदकर लाएं और मध्यरात्रि पूजन के समय इसे लड्डू गोपाल के चरणों में अर्पित करें।लाभ: पूजन के बाद इस बांसुरी को अपने घर के मुख्य द्वार, लिविंग रूम या धन के स्थान (तिजोरी) में रखने से वास्तु के तमाम नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल व प्रेम बढ़ता है।2. कामधेनु गाय और बछड़े की प्रतिमा: संतान सुख और आर्थिक उन्नतिकान्हा जी को 'गोपाल' कहा जाता है क्योंकि उनका संपूर्ण बचपन गौ-माता की सेवा और उनके सानिध्य में बीता। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है:कैसी प्रतिमा लाएं: जन्माष्टमी के दिन पीतल, अष्टधातु या चांदी की ऐसी मूर्ति घर लाएं जिसमें कामधेनु गाय अपने बछड़े को दुलारती या दूध पिलाती नजर आ रही हो।लाभ: इसे घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में स्थापित करने से लंबे समय से अटकी आर्थिक परेशानियां हल होने लगती हैं और जिन दंपतियों को संतान प्राप्ति में बाधाएं आ रही हों, उनके घर में शीघ्र शुभ समाचार के योग बनते हैं।3. मोरपंख: राहु-केतु के दोष शांत और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षाश्रीकृष्ण के मुकुट पर हमेशा शोभा पाने वाला मोरपंख केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली सुरक्षा कवच माना गया है:कहां लगाएं: जन्माष्टमी के दिन एक या तीन मोरपंख घर लाकर कृष्ण जी के विग्रह पर लगाएं। अगले दिन इनमें से एक मोरपंख को अपने स्टडी रूम या बच्चों की किताबों के बीच रखें और एक मोरपंख को घर की दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा या तिजोरी में स्थापित करें।लाभ: इससे घर में बुरी नजर, प्रेत बाधा या नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश रुकता है। साथ ही कुंडली में राहु और केतु की अशुभ दशा से जूझ रहे जातकों को मानसिक शांति मिलती है।4. माखन-मिश्री की हांडी: आरोग्य और दरिद्रता का नाशबाल गोपाल का सबसे प्रिय भोग माखन और मिश्री है। जन्माष्टमी पर बाजार से मिट्टी की एक छोटी मटकी (हांडी) खरीदकर घर लाएं:पूजा का नियम: इस मटकी को रंग-बिरंगे गोटे और वस्त्रों से सजाएं और इसमें घर का निकला ताजा सफेद मक्खन और धागे वाली मिश्री भरकर मध्यरात्रि में कान्हा जी को भोग लगाएं।लाभ: भोग लगाने के बाद इस माखन-मिश्री को परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद स्वरूप बांटें। मान्यता है कि इससे घर में कभी अन्न और धन का भंडार खाली नहीं होता और सदस्यों का स्वास्थ्य उत्तम बना रहता है।5. लड्डू गोपाल का नया विग्रह या झूला: घर में सौभाग्य और नवचेतना का संचारयदि आपके घर में पहले से बाल गोपाल विराजमान नहीं हैं, तो जन्माष्टमी का दिन उन्हें घर लाने के लिए सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है:यदि पहले से लड्डू गोपाल हैं, तो उनके लिए धातु (पीतल, चांदी या लकड़ी) का एक नया नक्काशीदार सुंदर झूला (Palna) घर लाएं।जन्माष्टमी की रात पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से ठाकुर जी का अभिषेक करें, उन्हें नए पीले वस्त्र, मुकुट, कुंडल और तुलसी दल पहनाकर झूले में झुलाएं।प्रेमभाव से भगवान को झूला झुलाने से घर का वातावरण आनंदित होता है और जीवन की तमाम उथल-पुथल शांत होकर स्थायी स्थिरता में बदल जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Sep 2026 8:07 am

3 सितंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग

Aaj 3 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 3 सितंबर 2026, दिन- गुरुवार, भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, सप्तमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र, चंद्रमा- मेष में सुबह 07.25 बजे तक फिर वृष में, सूर्य- सिंह में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.55 बजे से दोपहर 12.46 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 13.55 बजे से दोपहर 15.30 बजे तक, दिशा शूल- दक्षिण.

आज तक 3 Sep 2026 2:30 am

मीन राशिवालों की नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, बचत की आदत बढ़ाना होगा, जानें शुभ रंग

Pisces Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, बचत की आदत बढ़ाना होगा, ऑफिस में तनाव रहेगा, काम को बोझ ना समझें, यात्रा से लाभ होगा.

आज तक 3 Sep 2026 2:24 am

कुंभ राशिवालों की धन की स्थिति में सुधार होगा, करियर को आगे बढ़ाने का समय है, जानें दैनिक राशिफल

Aquarius Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: धन की स्थिति में सुधार होगा, करियर को आगे बढ़ाने का समय है, मित्रों की सलाह से काम करें लाभ होगा, कार्यों में खर्च अधिक होगा, अपना बजट ना बिगड़ने दें, मानसिक तनाव बढ़ेगा, गुस्सा ना करें.

आज तक 3 Sep 2026 2:20 am

धनु राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, काम में सफलता मिलेगी, जानें शुभ रंग

Sagittarius Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, काम में सफलता मिलेगी, आलस्य की वजह से कहीं पहुंचने में देरी ना करें, कोई गुप्त शत्रु नुकसान पहुंचा सकता है सावधान रहें, आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.

आज तक 3 Sep 2026 2:14 am

वृश्चिक राशिवाले वाणी को कंट्रोल में रखें, परिवार में मतभेद ना बढ़ने दे, जानें दैनिक भाग्यफल

Scorpio Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: वाणी को कंट्रोल में रखें, किसी शुभचिंतक से मदद ले सकते हैं, वाहन से चोट का खतरा है, गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें, खर्च बढ़ने ना दें, परेशानी हो सकती है, परिवार में मतभेद ना बढ़ने दें, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 3 Sep 2026 2:12 am

तुला राशिवालों के स्वभाव में उत्तेजना रहेगी, गुस्से से बचें, जानें दैनिक राशिफल

Libra Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, पार्टनरशिप में कोई काम ना करें, स्वभाव में उत्तेजना रहेगी, गुस्से से बचें, खर्च बढ़ेंगे, अपने बजट पर ध्यान दें, संतान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी, व्यापार में ध्यान देने का समय है.

आज तक 3 Sep 2026 2:08 am

कन्या राशिवाले मेहनत करने से पीछे ना रहें, जानें दैनिक भाग्यफल

Virgo Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: परिवार की बातों को अनुसान ना करें, करियर में आपके प्रयास सफल होंगे, उन्नति के रास्ते आपके लिए बनेंगे, मेहनत करने से पीछे ना रहें, अपने अंतरमन की आवाज सुन कर फैसला करें, व्यापार में निवेश बढ़ाने का समय है.

आज तक 3 Sep 2026 2:06 am

सिंह राशिवालों के लिए मेहनत करने का समय, संतान से सुख मिलेगा, जानें दैनिक भाग्यफल

Leo Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: मेहनत से काम करने का समय है, अपने रिश्तों को सुधारना होगा, धन आगमन के रास्ते खुलेंगे, संतान से सुख मिलेगा, क्रोध की वजह से काम बिगड़ सकता है सावधान रहें, व्यापार में लाभ होगा.

आज तक 3 Sep 2026 2:02 am

कर्क राशिवाले उधार लेनदेन से बचें, खान-पान रखें ठीक, जानें दैनिक राशिफल

Cancer Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: उधार लेनदेन से बचना होगा, परिवार से अपने मन की बात जरूर कहें, खान-पान ठीक रखें, सेहत को लेकर परेशानी हो सकती है, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, व्यापार में हर काम सावधानी से करें.

आज तक 3 Sep 2026 2:00 am

मिथुन राशिवालों के लिए अचानक यात्रा का योग, शुभ रंग गुलाबी, जानें दैनिक भाग्यफल

Gemini Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: आपकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, प्रेम के मामले में सफलता मिलेगी, रुके हुए काम पूरे होंगी, अचानक यात्रा का योग बनेगा, हमेशा पैसे के बारे में ना सोचें, व्यापार में लाभ के अवसर मिलेंगे.

आज तक 3 Sep 2026 1:56 am

वृष राशिवालों के पास पैसा आएगा, मित्रों से मदद मिलेगी, जानें दैनिक राशिफल

Taurus Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, पैसा आपके पास आएगा, काम में आ रही रुकावटें दूर होंगी, मित्रों से मदद मिलेगी, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.

आज तक 3 Sep 2026 1:54 am

मेष राशिवालों के रुके हुए काम पूरे होंगे, क्रोध को काबू में रखें, जानें दैनिक राशिफल

Aries Daily Horoscope, 3 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: रुके हुए काम पूरे होंगे, आपका काम आपको सम्मान दिलाएगा, रिश्तेदारों से मतभेद दूर होंगे, क्रोध को काबू में रखें, धन की प्राप्ति होगी, व्यापार में स्थिति में सुधार होगा.

आज तक 3 Sep 2026 1:50 am

शुभ सूचनाएं मिलेंगी, लक्ष्य पर फोकस बनाए रखेंगे

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 3 September 2026: इच्छित वस्तु की प्राप्ति हो सकती है. शुभ सूचनाएं मिलेंगी. लक्ष्य पर फोकस बनाए रखेंगे. सुख सुविधाओं पर बल देंगे. जिम्मेदारों की सलाह पर अमल बढ़ाएंगे. रिश्तों को अपनाने आगे रहेंगे. कामकाजी समझ समझ व सहकारिता बढ़ाएंगे.

आज तक 3 Sep 2026 1:24 am

कारोबारी स्थिति नियंत्रण में रहेगी, जोखिम से दूरी रखें

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 3 September 2026: कार्यों में जल्दबाजी न दिखाएं. अनुभवी की सलाह का सम्मान करें. व्यावसायिक योजनाओं को धैर्य से आगे बढ़ाएंगे. लाभ की स्थिति बेहतर बनी रहेगी. परस्पर सहयोग रखें. कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास करें.

आज तक 3 Sep 2026 1:22 am

लेन-देन में सहज रहेंगे, जल्दबाजी में समझौता न करें

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 3 September 2026: प्रबंध क्षमता का लाभ मिलेगा. विभिन्न मामलों में प्रभावपूर्ण स्थिति बनाए रखेंगे. कार्यगति बेहतर रहेगी. उम्मीदों को बनाए रखने की कोशिश होगी. अपना पक्ष स्पष्टता से रखेंगे. आर्थिक विषयों में मजबूती रहेगी.

आज तक 3 Sep 2026 1:18 am