आज अहोई अष्टमी पर कितने बजे दिखेंगे तारे? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
Ahoi Ashtami 2026: अहोई अष्टमी का व्रत आज 1 नवंबर को रखा जा रहा है. जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, अष्टमी तिथि, तारों के दर्शन का समय, चंद्रोदय, पूजा विधि और व्रत कथा.
1 नवंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 1 November 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 1 नवंबर 2026, दिन- रविवार, कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, सप्तमी तिथि दोपहर 14.51 बजे तक फिर अष्टमी तिथि, पुष्य नक्षत्र, चंद्रमा- कर्क में, सूर्य- तुला में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.42 बजे से दोपहर 12.27 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 16.13 बजे से शाम 17.36 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम, आज अहोई अष्टमी है.
मीन राशिवालों का धन लाभ का योग है, मन की टेंशन दूर होगी, जानें जरूरी टिप
Pisces Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, मन की टेंशन दूर होगी, सुख के साधनों पर धन खर्च होगा, परिवार वालों के साथ घूमने जाएंगे, अपना खान-पान ना बिगड़ने दें.
Capricorn Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, मन में किसी बात को लेकर टेंशन रहेगी, उताबलापन आपके काम बिगाड़ सकता है, अपने परिवार वालों से कोई बात ना छुपाएं, अपने बजट को ध्यान में रख कर पैसे खर्च करें.
वृश्चिक राशि वाले आज किसी गरीब को गुड़ दान करें, जानें जरूरी टिप
Scorpio Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, अपने काम पर ध्यान लगाना होगा, परिवार से सपोर्ट मिलेगा, निवेश के मामले में सावधानी बरतें, लोगों से संपर्क बढ़ेगा, व्यापार से लाभ होगा.
तुला राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा, जानें व्यापार में कैसी रहेगी स्थिति
Libra Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, धन लाभ का योग है, परिवार में प्रेम बढ़ेगा, गर्म स्वभाव का प्रदर्शन ना करें, सेहत आपकी ठीक रहेगी, व्यापार में तरक्की के मौके मिलेंगे.
सिंह राशि वालों की आज योजनाएं सफल होंगी, इस चीज का करें दान
Leo Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: किसी जरूरी व्यक्ति से मुलाकात होगी, किसी काम में व्यस्त रहेंगे, विरोधी मौके का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे, आपकी योजनाएं सफल होंगी, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में उन्नति का समय है..
कर्क राशि वालों के आज व्यापार से संबंधित काम बनेंगे, जानें जरूरी टिप
Cancer Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: मेहनत का फल मिलेगा, धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, मान-सम्मान बढ़ेगा, कोई बड़ा कार्य बिना एग्रीमेंट किए शुरू ना करें, आत्मविश्वास आपका बढ़ेगा, व्यापार से संबंधित काम बनेंगे.
मिथुन राशि वाले आज किसी मंदिर में सेवा दें, धन लाभ के अवसर मिलेंगे
Gemini Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: अपने मन के भाव सबके सामने व्यक्त ना करें, धन लाभ के अवसर मिलेंगे, धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, खर्च ज्यादा रहेंगे, पैसा उधार लेकर खर्च ना करें, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
वृषभ राशि वालों को आज परिवार से सहयोग मिलेगा, जानें कैसी रहेगी सेहत
Taurus Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: विदेश से संबंधित काम बनेंगे, परिवार से सहयोग मिलेगा, लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा, व्यर्थ के विवाद से दूर रहें, क्रोध को अपने पर हावी ना होने दें, व्यापार में हानि हो सकती है.
मेष राशि वालों के आज अधूरे कार्य पूरे होंगे, जानें अपना शुभ रंग
Aries Daily Horoscope, 1 November 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: अधूरे कार्य पूरे होंगे, महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, आप आज किसी काम में व्यस्त रहेंगे, आपका सम्मान और बढ़ेगा, जमीन संबंधी झगड़े का निपटारा होगा, व्यापार में लाभ का योग है.
जीवन में खुशियां बढ़ेंगी, सूचनाएं साझा करेंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: आपसी मदद के लिए प्रेरित होंगे. वादा निभाने का प्रयास रहेगा. भेंटवार्ता में पहल रखेंगे. परिचितों से भेंट बढ़ाएंगे. हर्ष आनंद से जीवन जिएंगे.
दोस्तों से समय साझा करें, प्रयास बनाए रखें
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: जानकारियां जुटाएंगे. संबंधों में सहजता से आगे बढ़ते रहेंगे. परंपरागत विषयों में उत्साह बनाए रखेंगे. प्रतिभा और मेहनत से सभी को प्रभावित करेंगे.
घर में सहजता बढ़ाएंगे, विनम्र रहेंगे
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: महत्वपूर्ण चर्चा संवाद में हिस्सा लेंगे. कमतर बातों को नजरअंदाज करेंगे. उल्लेखनीय कार्यों को बढ़ावा देंगे. महत्वपूर्ण अवसरों को बढ़ावा देंगे
सबसे तालमेल रहेगा, करीबी प्रसन्न रहेंगे
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: व्यवस्थित ढंग से कार्य करेंगे. कला प्रशिक्षण पर ध्यान देंगे. समकक्षों के लिए सहयोग की भावना बढ़ेगी. विविध प्रयासों में सफल होंगे.
सहयोग बनाए रखेंगे, मधुर व्यवहार रहेगा
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: उचित जगह बनाए रखेंगे. दिखावे में नहीं आएंगे. सभी के साथ मदद का नजरिया रखेंगे. अनुशासित ढंग से कार्य आगे बढ़ाएंगे. अनुभव का भरपूर लाभ मिलेगा.
प्रयास बढ़ाएंगे, जीवन में सुख बढ़ेगा
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: अनुशासन बढ़ाए रखेंगे. उपलब्ध संसाधनों का प्रभाव इस्तेमाल करेंगे. करीबियों से चर्चा में स्पष्टता रखेंगे. पहल करने की भावना रहेगी.
घरवाले सहयोग बनाए रखेंगे, अपनों का आदर करें
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: घर का वातावरण साधारण रहेगा. कामकाजी गतिविधियां औसत रहेंगी. अन्य के प्रति संवेदनशीलता बनाए रहें. दबाव में निर्णय लेने से बचें.
कारोबार में सक्रियता लाएंगे, लाभ प्रतिशत बढ़ेगा
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा. सहजता और सक्रियता बनाए रखेंगे. औरों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे. क्षमता से अच्छा प्रदर्शन करेंगे. यात्रा पर जा सकते हैं.
लाभ संवरेगा, पद प्रतिष्ठा बढ़त पाएगी
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: ऊर्जा वान लोगों का साथ उत्साहित रखेगा. जीवनशैली आकर्षक बनाए रखेंगे. वाणी व्यवहार में विनम्रता बढ़ेगी. लोगों की आशाओं पर खरे उतरेंगे.
व्यापार के कार्य गति लेंगे, लोगों से भेंट होगी
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: सहयोगियों का समर्थन रहेगा. कारोबार अपेक्षा से अच्छा रहेगा. करीबियों के प्रति आपसी विश्वास को बढ़ाएंगे. सहकार का भाव रखेंगे. व्यर्थ हलचल से बचें.
समस्याएं उभर सकती हैं, स्वास्थ्य जांच बढ़ाएं
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 1 November 2026: धैर्य से काम लें. साधारण बातों से प्रभावित नहीं हों. सूझबूझ से अपना पक्ष बनाए रखें. अनुशासन से कार्य करें. वाणी व्यवहार सहज बनाए रखेंगे.
मेष राशि वालों की लव लाइफ में बढ़ेगा प्यार, जानें सभी 12 राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 1 November 2026 (लव राशिफल): घर के लोगों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. व्यक्तिगत रिश्तों में सुख और अपनापन बढ़ेगा.
कन्या राशि वालों के लिए खुलेंगे कमाई के नए रास्ते, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 1 November 2026 (आर्थिक राशिफल): आय में सुधार के अवसर बन सकते हैं. आप बचत बढ़ाने पर ध्यान देंगे. धन-धान्य में वृद्धि के साथ आर्थिक योजनाओं को सफलता मिलने के संकेत हैं.
आज 1 नवंबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 1 November 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज 1 नवंबर 2026 का पंचांग
दैनिक प्रेम राशिफल 31 अक्टूबर 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं। यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है: 1. मेष (Aries) दिल के मामलों में आज का दिन बेहद ऊर्जावान और खुशनुमा रहेगा। पार्टनर के साथ बिताए गए पुराने हसीन पल ताज़ा होंगे, जिससे आपसी नजदीकियां बढ़ेंगी। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अपने रिश्ते में थोड़ा और खुलापन लाएं और मन की बात खुलकर अपने हमसफर के साथ साझा करें। 2. वृष (Taurus) प्यार के मामले में स्थिरता और आत्मीयता का अहसास होगा। आपका शांत और समझदार स्वभाव आपके पार्टनर को आपकी तरफ और अधिक आकर्षित करेगा। एक-साथ बैठकर क्वालिटी टाइम बिताना आपके रिश्ते में और अधिक मिठास घोल देगा। 3. मिथुन (Gemini) दिल की बातें जुबान पर लाने का यह बहुत ही बेहतरीन समय है। बातचीत के जरिए आपके रिश्ते की पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी और नयापन आएगा। अपनी वाणी में मिठास रखें और अपने साथी को यह महसूस कराएं कि वे आपके लिए कितने खास हैं। 4. कर्क (Cancer) आपके संवेदनशील और केयरिंग स्वभाव की वजह से आप पार्टनर का दिल जीत लेंगे और रिश्ते में सुरक्षा तथा भरोसे की भावना मजबूत होगी। अपनी व्यस्त दिनचर्या में से थोड़ा सा खास वक्त निकालकर अपने पार्टनर की छोटी-छोटी इच्छाओं और भावनाओं का ख्याल ज़रूर रखें। 5. सिंह (Leo) प्रेम जीवन में एक अलग ही चमक और उत्साह देखने को मिलेगा। आपका पार्टनर आपके खुले और प्यार भरे स्वभाव की खुलकर सराहना करेगा। रिश्ते में अपनापन बनाए रखने के लिए अहंकार को बीच में न आने दें और प्यार से हर बात को सुलझाएं। 6. कन्या (Virgo) आज आपको अपने साथी का भरपूर सहयोग और स्नेह मिलेगा। साथ मिलकर किसी खूबसूरत जगह पर घूमने या शाम बिताने की योजना बन सकती है। हर छोटी बात पर कमियां निकालने से बचें और वर्तमान के पलों का भरपूर आनंद लें। 7. तुला (Libra) रिश्तों में संतुलन बनाए रखने के लिए आज थोड़ा धैर्य रखने की ज़रूरत है, क्योंकि साथी की कोई बात आपको भावुक कर सकती है। किसी भी बात पर तुरंत तीखी प्रतिक्रिया देने से बचें, बल्कि शांत मन से स्थिति को समझकर प्यार से बात संभालें। 8. वृश्चिक (Scorpio) रोमांस और आकर्षण के मामले में आज का दिन बहुत ही गहरा और रोमांचक रहेगा। पार्टनर के साथ आपके रिश्ते में विश्वास और प्रगाढ़ता आएगी। पुरानी बातों को कुरेदने के बजाय आज के रोमांटिक पलों का आनंद लें और एक-दूसरे पर पूरा भरोसा रखें। 9. धनु (Sagittarius) आपके स्वभाव का खुलापन और सकारात्मकता आपके लव पार्टनर को बेहद प्रसन्न रखेगी। एक-दूसरे के साथ हंसने-मुस्कुराने और खुलकर बात करने के कई मौके मिलेंगे। अपने साथी की महत्वाकांक्षाओं और विचारों का पूरा सम्मान करें, इससे आपका रिश्ता और मजबूत होगा। 10. मकर (Capricorn) दिल के मामलों में आप जितने गंभीर रहते हैं, आज पार्टनर की तरफ से आपको उतना ही प्यारा और मीठा सरप्राइज मिल सकता है। सिर्फ काम या जिम्मेदारियों तक सीमित न रहें, अपने प्यार का इजहार दिल खोलकर शब्दों और भावनाओं के जरिए करें। 11. कुंभ (Aquarius) आपकी लव लाइफ में एक नई ताजगी और समझदारी देखने को मिलेगी। आप दोनों एक बेहतरीन टीम की तरह एक-दूसरे का समर्थन करेंगे। साथी की सलाह को भी महत्व दें और उनके साथ अपने भविष्य को लेकर दिल से चर्चा करें। 12. मीन (Pisces) सपनों और भावनाओं की दुनिया से निकलकर आज का दिन वास्तविकता में प्यार के रंगों से भरा रहेगा। कोई खास संदेश या मुलाकात आपके दिन को खुशनुमा बना देगी। अपने दिल की भावनाओं को बिना किसी झिझक के अपने प्रिय के सामने रखें, आपको बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी।
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 01 नवंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय
01 November 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके ...
DU Assistant Recruitment: दिल्ली विश्वविद्यालय में 215 पदों पर निकली भर्ती, 19 नवंबर तक करें आवेदन
हर किसी का सपना होता है कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय में नौकरी करें। अपने ड्रीम को पूरा करने के लिए युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर बताने जा रहे हैं। असल में डीयू ने असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। जो उम्मीदवार इन पदों पर नौकरी पाना चाहता है, वो लोग जल्द ही वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 19 नवंबर, 2026 तक अपना फॉर्म भर सकते हैं। कितने पदों पर होगी भर्ती बता दें कि, इस भर्ती अभियान के चलते कुल 215 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसमें जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए कुल 164 पद, एससी के लिए कुल 33 पद और एसटी के लिए कुल 18 पद आरक्षित है। आवेदन करने के लिए जरुरी पात्रता डीयू में असिस्टेंट के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। उम्मीदवारों के पास संबंधित फील्ड में 2 सालों का अनुभव होना जरुरी है। उम्मीदवारों की अंग्रेजी टाइपिंग 35 शब्द प्रति मिनट और हिंदी टाइपिंग 30 शब्द प्रति होना अनिवार्य है। इस भर्ती के लिए अधिकतम आयु 32 वर्ष होनी चाहिए। कैस होगा चयन उम्मीदवार को सबसे पहले चयन लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा में उम्मीदवारों से सामान्य विज्ञान, रीजनिंग, गणित आदि विषयों से 200 अंकों के 100 सवाल आएंगे। इस परीक्षा में हर एक गलत सवाल के लिए एक-चौथाई अंक की नेगेटिव मार्किंग भी की जाएगी। इस परीक्षा में चयनित उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए आमंत्रित किया जाएगा। मुख्य परीक्षा 200 अंकों की होगी। इस परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को स्किल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा और यह स्किल टेस्ट 100 अंकों के लिए आयोजियत कराया जाएगा।
Ahoi Ashtami Vrat में शाम को तारों की पूजा और Arghya देकर ही क्यों खोला जाता है निर्जला उपवास
करवा चौथ व्रत के 4 दिन बाद अहोई अष्टमी का व्रत किया जाता है। हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत किया जाता है। जिस तरह से करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं करती हैं। उसी तरह से अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी उम्र और अच्छी सेहत की कामना की जाती है। इस दिन माताएं बच्चों की अच्छी सेहत और दीर्घायु की कामना करते हुए निर्जला व्रत करती है। तारों को अर्घ्य देने और उनकी पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि इस व्रत में तारों की पूजा के बाद व्रत क्यों खोला जाता है। तो आइए जानते हैं इसका रहस्य तारों को देखकर ही खोला जाता है अहोई अष्टमी का व्रत इस धारणा के पीछे का रहस्य यह है कि जैसे आकाश में हमेशा तारे टिमटिमाते रहते हैं, उसी तरह से माताओं की संतान का भविष्य भी उज्जवल बने। इस कामना के साथ अहोई अष्टमी के दिन तारों की पूजा कर उनको अर्घ्य दिया जाता है। साथ ही तारों से ही संतान की दीर्घायु की कामना की जाती है। इसे भी पढ़ें: Hindu Puja Rules: खड़े होकर पूजा करने से भटकता है मन, आरती के लिए खड़े होना जरूरी तारों की अहोई माता की संतान माना जाता है। जिस तरह से तारों पर हमेशा माता का आशीर्वाद बना रहता है। उसी तरह से बच्चों पर भी अहोई माता का आशीर्वाद बना रहे। इसकी कामना की जाती है। तारों को अर्घ्य देने का महत्व इस दिन तारों को अर्घ्य देते हुए माताएं यह प्रार्थना करती हैं कि उनके कुल में ऐसी संतानें हों, जोकि तारों के तरह हमेशा चमकती रहें और उनका प्रकाश कभी कम न हो। अहोई अष्टमी पर संतान के जीवन की खुशहाली की प्रार्थना की जाती है। जैसे तारों के बिना आकाश अधूरा है, ठीक उसी तरह से बच्चों के बिना माता-पिता का अस्तित्व नहीं होता है। इसलिए रातों को अर्घ्य देते हुए बच्चों की सलामती की प्रार्थना होती है। इस दिन तारों को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है और संतान का जीवन भी भाग्यपूर्ण होता है। कैसे किया जाता है अहोई अष्टमी व्रत अहोई अष्टमी पर महिलाएं सुबह से ही निर्जला व्रत करती हैं। इस दिन स्याहु माला धारण करके पूजा की जाती है। अहोई अष्टमी का पूरे दिन व्रत करने के बाद गोधूलि बेला में तारों का दर्शन कर अर्घ्य दिया जाता है और व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन पूजा के समय अहोई अष्टमी व्रत कथा का पाठ किया जाता है। वहीं अहोई माता को मीठी चीज का भोग अर्पित किया जाता है।
3 नवंबर को गुरु-चंद्र युति से बनेगा गजकेसरी राजयोग, 3 राशियों को होगा धन लाभ
नवंबर का महीना इस बार बेहद खास रहने वाला है। इस महीने में त्योहार तो हैं, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास है। नवंबर की शुरुआत में देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गजकेसरी राजयोग के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और करियर में सफलता के नए मार्ग खुल जाते हैं। इस संयोग के प्रभाव से मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और भाग्य का भी साथ मिल सकता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, चंद्रमा 03 नवंबर 2026 को सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर सिंह राशि में प्रवेश करेगा। यहां पर वे 5 नवंबर को सुबह 9 बजकर 34 मिनट तक विराजमान रहेंगे। सबसे जरुरी बात तो यह है कि सिंह राशि में पहले से ही देवगुरु बृहस्पति विराजमान है। इसलिए चंद्रमा और गुरु की युति से गजकेसरी राजयोग बनेगा। आइए आपको बताते हैं इन लकी राशियों के बारे में- कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए गजकेसरी योग काफी लाभदायक रहने वाला है। इस समय आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आने का संकेत हैं। कोर्ट से संबंधित मामला हल होगा। इस समय कर्क राशि के लोगों की सेहत अच्छी रहने वाली है। कोई प्रेम का प्रस्ताव लेकर आ सकता है। वर्कप्लेस पर परिस्थितियां आपके पक्ष में रह सकती हैं। कोई पुराने कार्य में सफलता प्राप्त हो सकती है। सिंह राशि सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय बेहद ही खास रहने वाला है। बिजनेस के मामले में आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। संयोग से कोई बड़ी डील प्राप्त हो सकती है। नई नौकरी के योग बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और आपकी कोई बड़ी इच्छा पूर्ण हो सकती है। कोई खास व्यक्ति आपके जीवन में आ सकता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और आपकी पहचान बढ़ेगी भाग्य का साथ मिलेगा नए अवसरों का लाभ उठाने में आप सफल रहेंगे। तुला राशि तुला राशि के लोगों को गजकेसरी राजयोग मालामाल कर देगा। धन और करियर के लिहाज से काफी अनुकूल साबित होगा। नौकरीपेशा जातकों को भी कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इस समय आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। विवाह के लिए मनचाह मौका प्राप्त होगा। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। किसी खास व्यक्ति के सहयोग से काम आगे बढ़ सकता है।
Today Ravi Pushya Nakshatra 2026: दिवाली और धनतेरस से पहले खरीदारी का सबसे बड़ा महामुहूर्त रवि पुष्य योग आ रहा है। ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना गया है। 1 नवंबर 2026 को रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र पड़ने से यह ...
Gyan Ganga: रावण के अत्याचारों से व्याकुल पृथ्वी की करुण पुकार और श्रीराम अवतार की पृष्ठभूमि
पिछले प्रसंग में हमने देखा कि रावण, कुंभकर्ण और विभीषण ने कठोर तपस्या करके ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त किए। रावण ने अपनी शक्ति के बल पर संसार को जीतने का निश्चय किया, जबकि विभीषण ने भगवान के चरणों की भक्ति माँगी। समय बीतने के साथ रावण का बल और ऐश्वर्य बढ़ता गया। लेकिन शक्ति के साथ उसके भीतर अहंकार भी बढ़ने लगा। धीरे-धीरे उसने अपने बल का उपयोग लोककल्याण के स्थान पर अत्याचार करने के लिए करना आरंभ कर दिया। रावण ने देवताओं, यक्षों, गंधर्वों, मनुष्यों और अनेक राजाओं को अपने अधीन कर लिया। संसार में कोई भी उसके सामने स्वतंत्र होकर रहने का साहस नहीं कर पाता था। वह अपनी इच्छा को ही नियम समझने लगा था। उसके भय से लोग उसकी आज्ञा का पालन करते और प्रतिदिन उसके सामने सिर झुकाते थे। इसे भी पढ़ें: Gyan Ganga: रावण का जन्म, उसके भाइयों की तपस्या और वरदान की कथा तुलसीदासजी लिखते हैं— भुजबल बिस्व बस्य करि राखेसि कोउ न सुतंत्र। मंडलीक मनि रावन राज करइ निज मंत्र॥ अर्थात् रावण ने अपने बाहुबल से संसार को अपने वश में कर लिया। कोई भी स्वतंत्र नहीं रह गया था। अनेक राजा उसके अधीन होकर उसके आदेश के अनुसार शासन करने लगे थे। रावण का अत्याचार केवल राजाओं और देवताओं तक सीमित नहीं रहा। उसके राक्षसों ने ऋषियों के आश्रमों, यज्ञों और धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डालनी आरंभ कर दी। वे अनेक प्रकार के रूप धारण करके लोगों को भयभीत करते और जहाँ धर्म का पालन होता, वहीं विघ्न उत्पन्न करते थे। तुलसीदासजी इस स्थिति का वर्णन करते हुए कहते हैं— जेहि बिधि होइ धर्म निर्मूला। सो सब करहिं बेद प्रतिकूला॥ जेहिं जेहिं देस धेनु द्विज पावहिं। नगर गाँव पुर आगि लगावहिं॥ अर्थात् राक्षस ऐसे कार्य करते थे जिनसे धर्म की जड़ कट जाए। वे वेदों के विरुद्ध आचरण करते और जहाँ गौ तथा ब्राह्मण दिखाई देते, वहाँ नगरों और गाँवों में आग लगा देते थे। इस प्रकार धर्म और सदाचार का वातावरण बिगड़ने लगा। माता-पिता का सम्मान कम होने लगा, देवताओं और गुरुओं के प्रति श्रद्धा घटने लगी तथा साधु-संतों को भी कष्ट सहना पड़ने लगा। जहाँ भगवान की भक्ति, यज्ञ, तपस्या और ज्ञान की चर्चा होनी चाहिए थी, वहाँ भय और अत्याचार का वातावरण फैल गया। तुलसीदासजी कहते हैं— सुभ आचरन कतहुँ नहिं होई। देव बिप्र गुरु मान न कोई॥ नहिं हरिभगति जग्य तप ग्याना। सपनेहुँ सुनिअ न बेद पुराना॥ अर्थात् शुभ आचरण का अभाव हो गया। लोग देवता, ब्राह्मण और गुरु का सम्मान नहीं करते थे। हरिभक्ति, यज्ञ, तपस्या और ज्ञान की चर्चा तक सुनाई नहीं देती थी। धर्म की इस दुर्दशा को देखकर पृथ्वी अत्यंत व्याकुल हो उठी। यहाँ तुलसीदासजी एक अत्यंत मार्मिक चित्र प्रस्तुत करते हैं। पृथ्वी पर पर्वत हैं, नदियाँ हैं, समुद्र हैं और असंख्य जीवों का भार है; फिर भी पृथ्वी को इनका भार उतना कष्टदायक नहीं लगता, जितना दूसरों का अनिष्ट करने वाले अधर्मी का भार लगता है। पृथ्वी मन ही मन विचार करती है कि वह रावण के अत्याचारों को देख रही है, लेकिन उसके भय से कुछ कह भी नहीं सकती। अंततः जब अत्याचार असहनीय हो गए, तब उसने देवताओं और मुनियों के पास जाने का निश्चय किया। धेनु रूप धरि हृदयँ बिचारी। गई तहाँ जहँ सुर मुनि झारी॥ निज संताप सुनाएसि रोई। काहू तें कछु काज न होई॥ अर्थात् पृथ्वी ने मन में विचार करके गौ का रूप धारण किया और वहाँ पहुँची जहाँ देवता तथा मुनि एकत्र थे। उसने रोते हुए अपना दुःख सुनाया, लेकिन तत्काल कोई भी उसकी समस्या का समाधान नहीं कर सका। यह प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण है। सनातन परंपरा में गौ को करुणा, पोषण और धर्म का प्रतीक माना गया है। पृथ्वी का गौ का रूप धारण करना उसकी असहाय अवस्था और करुण पुकार को सजीव बना देता है। वह समस्त प्राणियों को धारण करने वाली माता है, किंतु जब उसके ऊपर अधर्म का बोझ बढ़ गया, तब वह स्वयं सहायता की याचना करने लगी। पृथ्वी की व्यथा सुनकर देवता, मुनि और गंधर्व एक साथ ब्रह्माजी के लोक में पहुँचे। उनके साथ गौ के रूप में पृथ्वी भी थी। सभी अत्यंत दुःखी थे। वे जानते थे कि रावण को ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त हैं और साधारण उपायों से उसका अत्याचार समाप्त करना संभव नहीं है। ब्रह्माजी ने सबकी स्थिति समझी। वे जानते थे कि इस संकट का अंतिम समाधान स्वयं भगवान विष्णु ही कर सकते हैं। उन्होंने पृथ्वी को धैर्य रखने के लिए कहा और भगवान के चरणों का स्मरण करने का उपदेश दिया। तुलसीदासजी कहते हैं— धरनि धरहि मन धीर कह बिरंचि हरिपद सुमिरु। जानत जन की पीर प्रभु भंजिहि दारुन बिपति॥ अर्थात् ब्रह्माजी ने पृथ्वी से कहा कि वह धैर्य रखे और भगवान के चरणों का स्मरण करे। भगवान अपने भक्तों की पीड़ा जानते हैं और उनकी भयंकर विपत्ति को दूर करेंगे। अब देवताओं के सामने प्रश्न था कि भगवान को कहाँ खोजा जाए। कोई कहता था कि वे बैकुंठ में हैं, तो कोई उन्हें क्षीरसागर में विराजमान मानता था। सभी भगवान की शरण लेना चाहते थे, किंतु उनके प्रकट होने के स्थान को लेकर विचार करने लगे। इसी अवसर पर भगवान की सर्वव्यापकता का सिद्धांत सामने आता है। भगवान केवल किसी एक स्थान तक सीमित नहीं हैं। वे अपने भक्तों के हृदय में भी विराजते हैं। सच्चे प्रेम और भक्ति से पुकारने पर वे अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं। तभी आकाश में गंभीर दिव्य वाणी सुनाई दी। उस वाणी ने देवताओं और पृथ्वी के हृदय से भय तथा संदेह दूर कर दिया। भगवान ने आश्वासन दिया कि वे देवताओं के हित के लिए मनुष्य रूप धारण करेंगे और सूर्यवंश में अवतार लेकर पृथ्वी का भार दूर करेंगे। भगवान की वाणी थी— जनि डरपहु मुनि सिद्ध सुरेसा। तुम्हहि लागि धरिहउँ नर बेसा॥ अंसन्ह सहित मनुज अवतारा। लेहउँ दिनकर बंस उदारा॥ अर्थात् हे मुनियों, सिद्धों और देवताओं के स्वामी इंद्र! तुम भय मत करो। तुम सबके हित के लिए मैं मनुष्य का रूप धारण करूँगा और अपने अंशों सहित महान सूर्यवंश में अवतार लूँगा। भगवान ने आगे बताया कि पूर्वकाल में कश्यप और अदिति की तपस्या से प्रसन्न होकर उन्होंने उन्हें वरदान दिया था। अब वही कश्यप और अदिति अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के रूप में प्रकट हुए हैं। भगवान उन्हीं के घर अवतार लेंगे और रघुकुल की मर्यादा को गौरवान्वित करेंगे। तिन्ह कें गृह अवतरिहउँ जाई। रघुकुल तिलक सो चारिउ भाई॥ अर्थात् भगवान राजा दशरथ के घर अवतार लेंगे और चारों भाइयों के रूप में प्रकट होकर रघुकुल के गौरव को बढ़ाएँगे। भगवान ने पृथ्वी का भार दूर करने और अधर्म का अंत करने का वचन दिया। उनकी आकाशवाणी सुनकर देवताओं के हृदय में शांति और आनंद छा गया। ब्रह्माजी ने पृथ्वी को आश्वस्त किया और देवताओं को निर्देश दिया कि वे वानर रूप धारण करके पृथ्वी पर जन्म लें, जिससे भगवान के कार्य में सहायता कर सकें। इस प्रकार श्रीराम के अवतार की पृष्ठभूमि तैयार हुई। रावण के अत्याचारों से व्याकुल पृथ्वी की पुकार, देवताओं की प्रार्थना और भगवान का आश्वासन—ये सभी घटनाएँ एक ही सत्य की ओर संकेत करती हैं कि जब अधर्म अपनी सीमा पार कर देता है और धर्म की रक्षा कठिन हो जाती है, तब भगवान अपने भक्तों की रक्षा तथा धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। रावण को अपनी शक्ति और वरदानों पर गर्व था। उसे विश्वास था कि संसार में कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। किंतु वह भूल गया कि ईश्वर की योजना के सामने अहंकार और अत्याचार की शक्ति स्थायी नहीं होती। जिस मनुष्य को उसने तुच्छ समझकर अपनी मृत्यु के भय से बाहर रखा था, उसी मनुष्य रूप में भगवान श्रीराम अवतरित होने वाले थे। अब अयोध्या में राजा दशरथ के घर उस दिव्य अवतार का समय निकट आ रहा था, जिसकी प्रतीक्षा देवता, मुनि और स्वयं पृथ्वी कर रहे थे। जय श्रीराम। - सुखी भारती
भाई दूज 2026: 10 या 11 नवंबर? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, नियम और पौराणिक कथा
Bhai dooj 2026: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला भाई दूज (यम द्वितीया, भाऊ बीज या भातृ द्वितीया) बहन-भाई के असीम स्नेह, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक है। इस पावन दिन बहनें अपने भाइयों के दीर्घायु और खुशहाल जीवन की कामना ...
दिवाली खरीदारी के लिए 1 से 5 नवंबर तक बन रहे कई शुभ योग, ये हैं तारीखवार चौघड़िया मुहूर्त
दिवाली का त्योहार बेहद नजदीक आ चुका है। इस समय ज्यादातर घरों में सफाई चल रही है। इसके बाद लोग फेस्टिवल को लेकर शॉपिंग करना शुरु करेंगे। दिवाली का पर्व मुख्य रुप से बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। वैसे इस पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन से शुरु हो जाती है और समाप्ति भाई दूज पर होता है। दीवाली से पहले बाजारों में खास रौनक देखने को मिलती है। इस दौरान लोग तरह-तरह सामानों की खरीदारी करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में खरीदारी करना बेहद ही फायदेमंद है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि शुभ मुहूर्त के अनुसार ही खरीदारी करें। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दिवाली के लिए खरीदारी करने के लिए कई शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं। कल यानी 1 नवंबर 2026 को रवि पुष्य योग का महासंयोग बन रहा है। इस रवि पुष्य योग में सोना-चांदी, वाहन और संपत्ति खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं, 2 नवंबर को सूर्य-बुध की युति से 'बुधादित्य योग' और शुक्र-बुध के मिलन से 'लक्ष्मी नारायण योग' का निर्माण होगा। आइए आपको दिवाली खरीदारी के शुभ मुहूर्त बताते हैं- 1 नवंबर के शुभ मुहूर्त रवि पुष्य योग: सुबह 6 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त: शाम 05 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 06 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर सुबह 04 बजकर 30 मिनट तक 1 नवंबर के चौघड़िया मुहूर्त लाभ-अमृत चौघड़िया- सुबह 09 बजकर 18 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक है। शुभ चौघड़िया- दोपहर 01 बजकर 27 मिनट से 02 बजकर 50 मिनट तक शाम का शुभ समय (शुभ व अमृत)- शाम 05 बजकर 42 मिनट से रात 08 बजकर 54 मिनट तक 2 से 5 नवंबर तक के शुभ योग 2 नवंबर- इस दिन बुधादित्य योग और लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण हो रहा है। इन दोनों शुभ योगों में बर्तन, वाहन, चांदी के सिक्के, मां लक्ष्मी व भगवान गणेश की प्रतिमा, कौड़ी, शंख, स्वास्तिक और मिट्टी के दीपक खरीदना शुभ होता है। 3 नवंबर- इस दिन देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग बन रहा है। 4 नवंबर- बेहद ही शुभ ब्रह्म योग बन रहा है। 5 नवंबर- इस दिन कार्तिक मास की रमा एकादशी मनाई जाएगी। 6 नवंबर को मनाया जाएगा धनतेरस का पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सोना, चांदी, झाड़ू और लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा खरीदना काफी शुभ होता है। त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 06 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से त्रयोदशी तिथि समाप्त: 07 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 06 बजकर 19 मिनट से रात 08 बजकर 17 मिनट तक खरीदारी का शुभ समय: सुबह 10 बजकर 30 मिनट के बाद पूरे दिन दीवाली 2026 शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार दीपावली का पर्व 08 नवंबर को मनाया जाएगा। अमावस्या तिथि प्रारंभ: 08 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से अमावस्या तिथि समाप्त: 09 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक प्रदोष काल: शाम 05 बजकर 31 मिनट से रात 08 बजकर 09 मिनट तक वृषभ काल: शाम 05 बजकर 54 मिनट से रात 07 बजकर 50 मिनट तक
Hindu Puja Rules: खड़े होकर पूजा करने से भटकता है मन, आरती के लिए खड़े होना जरूरी
हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सच्चे मन से पूजा करने से जातक को अपने जीवन में बड़े पॉजिटिव बदलाव देखने को मिलते हैं। हालांकि अंजाने में कई लोग पूजा के दौरान कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिस कारण उनको पूजा का पूरा फल नहीं प्राप्त होता है। तो वहीं कई लोग खड़े होकर पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खड़े होकर पूजा-आराधना करना सही है या गलत। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। जानिए खड़े होकर पूजा करना सही है या गलत धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक रोजाना विधि-विधान से पूरा करने से जातक का मन शांत और एकाग्र होता है। शास्त्रों के हिसाब से हमेशा आसन पर बैठकर ही पूजा करनी चाहिए। माना जाता है ति खड़े होकर पूजा करने से मन और शरीर में अस्थिरता बनी रहती है। इस कारण प्रभु की आराधना में मन नहीं लगता है और मन भटकता रहता है। इसलिए कहा जाता है कि हमेशा बैठकर ही प्रभु की आराधना करनी चाहिए। दरअसल, खड़े होकर पूजा करने से शरीर में उत्पन्न होने वाली पॉजिटिव एनर्जी सीधे पृथ्वी में समा जाती है, जिस कारण जातक को पूजा का पूरा फल नहीं प्राप्त होता है। इसे भी पढ़ें: अतिचारी गुरु करेंगे 31 अक्तूबर को सिंह राशि में गोचर, देश-दुनिया में दिखेंगे बड़े बदलाव वहीं किसी भी देवी-देवता की आरती हमेशा अपने स्थान पर खड़े होकर करनी चाहिए। बैठकर आरती करने से बचना चाहिए। साथ ही पूजा के अंत में भगवान की मूर्ति की परिक्रमा जरूर करें और सच्च मन से पूजा और प्रार्थना करनी चाहिए। ऐसा करने से जातक को पूजा का पूरा फल मिलता है। जानिए पूजा के जरूरी नियम पूजा करते समय ध्यान रखें कि इस दौरान आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इन दिशाओं को पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। हमेशा आसन पर बैठकर पूजा करना चाहिए। क्योंकि बिना आसन के पूरा करना शुभ नहीं माना जाता है। वहीं पूजा के अंत में आसन के नीचे जमीन को प्रणाम करना न भूलें। पूजा और आरती के दौरान हमेशा सिर ढकना चाहिए। इसको प्रभु के प्रति सम्मान और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है। पूजा के दौरान इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि शिवलिंग, शालिग्राम, जनेऊ, शंख और देवी-देवताओं की मूर्तियों को सीधे तौर पर जमीन पर नहीं रखना चाहिए। इससे देवी-देवताओं के अपमान के रूप में देखा जाता है। इसलिए इन चीजों को किसी साफ आसन, कपड़े या फिर पात्र में रखना चाहिए।
Ahoi Ashtami Puja में गन्ना और मूली चढ़ाना बेहद शुभ, जुड़ी है संतान की खुशहाली
कल यानी 1 नवंबर 2026 को अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए रखा जाएगा। अहोई अष्टमी वाले दिन सभी माताएं अहोई माता की पूजा करती हैं। पूरा दिन व्रत रखती हैं और शाम के समय तारों को देखकर अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। इस व्रत में पूजा-पाठ के साथ ही कुछ चीजों का होना विशेष महत्व माना जाता है, जैसे कि गन्ना और मूली। अहोई अष्टमी की पूजा में गन्ना और मूली जरुर रखी जाती है। क्या आप जानते हैं कि आखिर अहोई अष्टमी व्रत में मूली और गन्ना की पूजा क्यों की जाती है? आइए आपको इसके पीछे की धार्मिक मान्यता और महत्व बताते हैं। अहोई अष्टमी पर गन्ने की पूजा क्यों होती है? अहोई अष्टमी की पूजा में गन्ना रखना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गन्ना मिठास, खुशहाली और समृद्ध का प्रतीक है। जैसे गन्ने में नेचुरल मिठास होती है, उसी तरह से माताएं कामना करती हैं कि उनकी संतान का जीवन भी हमेशा खुशियों और प्रेम से भरा हो। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अहोई माता को गन्ना अर्पित करने से संतान के जीवन में सुख-समृद्धि बनीं रहती है। अहोई अष्टमी के दिन मूली की पूजा क्यों होती है ? अहोई अष्टमी की पूजा में गन्ने के साथ ही मूली को भी रखना शुभ माना जाता है। असल में मूली को शुद्धता, स्वास्थ्य और अच्छी सेहत का प्रतीक माना जाता है। वैसे यह व्रत भी माताएं संतान के अच्छे स्वस्थ और जीवन में खुशहाली के लिए करती हैं। धार्मिक मान्यताएं के अनुसार, पूजा में मूली अर्पित करने से संतान की सेहत बेहतरीन रहती हैं और लंबी उम्र की कामना पूरी होती है। इसी कारण से अहोई अष्टमी के पूजन में मूली को भी जरुर शामिल किया जाता है। अहोई अष्टमी पर इन चीजों को चढ़ाने से मिलता है शुभ फल यह व्रत मां और संतान के बीच प्रेम और समर्पण के लिए जाना जाता है। इस दिन माता अहोई को प्रसन्न करने के लिए आप गन्ना और मूली के अलावा देवी को दूध और चावल खीर चढ़ा सकती हैं। वहीं, आप गुलगुले और मीठे पुए बनाकर देवी मां के चढ़ा सकते हैं। अहोई माता को हलवा पूरी का प्रसाद भी बेहद प्रिय है। फलों में सिंघाड़ा अहोई माता को पसंद है। वहीं देवी मां को 7 प्रकार के अनाज जैसे गेंहूं, चावल, मूंग, मसूर, जौ, चना और तिल आदि भी चढ़ा सकते हैं।
आज कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं, जिससे विशेष सफलताएं मिलेंगी। हालांकि, कुछ जातकों को गलतफहमी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं और घरेलू विवादों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में धैर्य और विवेक से काम लेना ज़रूरी होगा। मेष मान सम्मान में वृद्धि होगी। तन-मन-धन के लिए दिन अच्छा नहीं है। रोजगार के क्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा, धन लाभ होगा। हर दृष्टि से सतर्क रहें, धोखे का योग है। वृष व्यावसायिक साझेदारी में मनमुटाव समाप्त होगा। सतर्क रहें, भांझा-भतीजा नुकसान पहुंचा सकते है। नौकर और अधीनस्थ जनों के साथ विवाद न करें। समस्याएं सुलझाने में सफल रहेंगे। मिथुन सम्पर्क बढेंगे, प्रतिष्ठा भी देंगे। प्रयासों में उत्तम सफलता। विशेष प्रशिक्षण के लिए जा सकते हैं। आर्थिक मामलों में मूल को पकड़े रहें। कर्क बड़ों का स्वास्थ्य नरम, रूकावटें भी अधिक है। विवादों में विजय और तनावों से मुक्ति मिलेगी। अपने दम पर ही कुछ नया कर दिखाएंगे। लाभ के द्वार खुलेंगे, आमदनी जारी रहेगी। सिंह विद्यार्थियों को यथेच्छ शिक्षा के अवसर। मित्रों और रिश्तेदारों से झगड़ा संभव। सरकारी कार्यों में सफलता की खुशी। मनोरंजन में व्यस्त रहेंगे। कन्या बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदी करेंगे। चाहकर भी कार्य न होने का दुःख होगा। परिश्रम के अनुरूप काम भी होगा, नाम भी और लाभ भी होगा। शत्रु बढ़ेंगे, अशुभ समाचार भी मिलेंगे। तुला अचानक प्रत्याशित धन लाभ। किसी बुरी आदत के कारण खर्च एवं बदनामी। सोचे हुए सभी काम पूरे होंगे। पदोन्नति सहित अभीष्ट स्थान पर तबादला। वृश्चिक जरूरी काम पूरे होने पर खुशी। आपका परिश्रम सफल रहेगा। परिस्थितियों से समझौता करेंगे, शांत चित्त रहेंगे। हानिकारक दिन है, सतर्कता बरतें। धनु भाग्यबल कम, अतः परिश्रम का उचित फल नहीं। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। पिछले दिनों हुई हानि की भरपाई हो जाएंगी। धर्म और अध्यात्म में रूचि। मकर व्यापार विस्तार- नए व्यापार की योजना भी। वैवाहिक जीवन की खुशियां मिलेगी। आपकी सफलताएं अग्रगण्य बनाएगी। भाई बहनों में आपसी प्रेम बढ़ेगा। कुंभ पति-पत्नी के बीच की गलतफहमी दूर होगी। आर्थिक स्थिति मजबूती की ओर, राजकाज में सफलता। गुप्त योजनाएं बनेगी और सफल होगी। दृढ़ संकल्प के साथ कोई नया आरंभ। मीन पूर्वार्द्ध उत्तम रहेगा, अपराहन में परेशानियां। पुण्य कार्यों में रूचि बढ़ेगी- तीर्थ यात्रा भी संभव। मनमुटाव समाप्त होकर, सहयोग बढ़ेगा। सावधान! जेब पर डाका पड सकता है।
Chhath puja 2026: छठ पूजा इस पावन व्रत में भगवान सूर्य, छठी मइया, जल, मिट्टी और मौसम की नई फसलों (जैसे गन्ना, ठेकुआ और मौसमी फल) का पूजन कर प्रकृति का धन्यवाद किया जाता है। वर्ष 2026 में छठ पूजा का महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा। संध्या ...
राहु का कुंडली के अलग भावों में क्या हैं प्रभाव? आज कैसा रहेगा दिन, देखें भाग्य चक्र
भाग्य चक्र के इस एपिसोड में पंडित शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह का पूर्व जन्म और कर्मों से क्या गहरा संबंध है. राहु सूर्य और चंद्रमा के परिक्रमा पथ के आधार पर एक अत्यंत रहस्यमयी ग्रह माना जाता है. कुंडली के अलग-अलग भावों में राहु की स्थिति यह दर्शाती है कि व्यक्ति पूर्व जन्म में किस प्रकार के संस्कार और कर्म लेकर आया है और उसका वर्तमान जीवन पर क्या प्रभाव पड़ रहा है. साथ ही बताएंगे सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी.
Shankar Math shivling shaped temple : भारतीय मंदिर वास्तुकला (Temple Architecture) अपनी भव्यता, नक्काशी और आध्यात्मिक रहस्यों के लिए दुनियाभर में जानी जाती है। उत्तर भारत के नागर शैली के ऊंचे शिखर हों या दक्षिण भारत के द्रविड़ शैली के विशाल गोपुरम, देश के कोने-कोने में स्थित देवालय अपनी विशिष्ट बनावट से हर किसी को विस्मृत कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे मंदिर की कल्पना की है, जिसके ऊपर कोई पारंपरिक गुंबद, मीनार या कलश न हो, बल्कि समूचा मंदिर भवन ही बाहर से देखने पर एक विशालकाय, सजीव शिवलिंग के स्वरूप में दिखाई देता हो? धार्मिक और स्थापत्य कला के इस विस्मयकारी संगम को 'शंकर मठ' के नाम से जाना जाता है। दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो धरती के सीने पर साक्षात देवाधिदेव महादेव का विशाल लिंग स्वरूप स्थापित हो। इस मंदिर की वास्तुकला, आंतरिक ऊर्जा और इससे जुड़े रहस्य श्रद्धालुओं व शोधकर्ताओं दोनों को समान रूप से आकर्षित करते हैं।पारंपरिक शिखरों से बिल्कुल अलग: शिवलिंग की आकृति में रचा गया संपूर्ण गर्भगृहआमतौर पर हिंदू मंदिरों के शीर्ष पर अर्धगोलाकार गुंबद, छत्र या आकाश को छूते हुए त्रिकोणीय शिखर बनाए जाते हैं, जिन पर ध्वज और कलश स्थापित होता है। परंतु शंकर मठ की स्थापत्य योजना पारंपरिक नियमों से बिल्कुल परे एक अनूठे वैज्ञानिक व तांत्रिक दर्शन पर आधारित है। मंदिर की बाहरी दीवारों को इस तरह घुमावदार और सुडौल रूप दिया गया है कि वे जमीन से उठकर ठीक उसी अनुपात में ऊपर जाती हैं जैसा किसी प्राकृतिक शिवलिंग का आकार होता है। इसके ऊपरी हिस्से को ठीक उसी गोलाई और ढलान के साथ ढाला गया है, जो जलहरी और पिंडी के संतुलन को दर्शाता है। मंदिर का प्रवेश द्वार इस तरह नियोजित है कि श्रद्धालु जब बाहर खड़े होते हैं, तो वे एक भव्य मंदिर देखने के साथ-साथ एक विशालकाय शिवलिंग का साक्षात दर्शन करते हैं, जो अपने आप में दुनिया की विरल स्थापत्य कलाओं में गिना जाता है।गर्भगृह का ध्वनि विज्ञान और आंतरिक गूंज की रहस्यमयी ऊर्जाशंकर मठ के भीतर कदम रखते ही श्रद्धालुओं को एक अलग ही प्रकार के स्पंदन और असीम शांति का अहसास होता है। विशेषज्ञों और वास्तुकारों के अनुसार, इसका कारण मंदिर की अंडाकार (Elliptical) और शिवलिंगनुमा आंतरिक छत है। आधुनिक ध्वनिकी (Acoustics) के नियमों के अनुसार, जब मंदिर के गर्भगृह में 'ॐ नमः शिवाय' या 'महामृत्युंजय मंत्र' का उच्चारण किया जाता है, तो आवाज की तरंगें किसी सपाट दीवार से टकराने के बजाय शिवलिंग की घुमावदार दीवारों पर लगातार घूमती हैं। यह परावर्तन एक सूक्ष्म और निरंतर गूंज (Resonance) पैदा करता है, जो वहां ध्यान लगाने वाले साधकों के मन को तत्काल शांत कर देता है। ध्यान और योग की दृष्टि से इस संरचना को ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) को अवशोषित करने वाले केंद्र के रूप में देखा जाता है।प्राकृतिक पत्थरों का अनूठा शिल्प और धूप-छांव का अद्भुत संतुलनइस अनूठे मंदिर के निर्माण में न केवल ज्यामितीय सटीकता बरती गई है, बल्कि इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री भी बेहद खास है। इसे विशेष प्राकृतिक पत्थरों और पारंपरिक चूने-गारे के मिश्रण से इस प्रकार गढ़ा गया है कि भीषण गर्मी के दिनों में भी मंदिर के भीतर का तापमान बाहर की तुलना में काफी ठंडा और सुखद रहता है। दिनभर सूर्य की गति बदलने के साथ-साथ शिवलिंग के आकार वाले इस मंदिर की बाहरी सतह पर धूप और छांव का जो दृश्य बनता है, वह देखने वालों को मंत्रमुग्ध कर देता है। सुबह के समय जब सूर्य की पहली किरणें इस मंदिर के शीर्ष भाग को स्पर्श करती हैं, तो ऐसा आभास होता है मानो शिवलिंग का स्वर्ण-अभिषेक हो रहा हो।शंकर मठ से जुड़ी आध्यात्मिक मान्यताएं और श्रद्धालुओं का अनुभवधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग केवल एक प्रतीक नहीं बल्कि निराकार और साकार ब्रह्म का एकीकृत स्वरूप है। शंकर मठ की परिकल्पना इसी विचार को साकार करने के लिए की गई थी कि भक्त मंदिर की चारदीवारी में प्रवेश करने से पहले ही शिवत्व का साक्षात्कार कर सकें। स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर की परिक्रमा करने मात्र से सामान्य शिवलिंग की पूजा और परिक्रमा से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है, क्योंकि यहां श्रद्धालु किसी छोटी पिंडी की नहीं बल्कि संपूर्ण देवालय रूपी महा-शिवलिंग की प्रदक्षिणा करते हैं। महाशिवरात्रि, सावन के पवित्र सोमवार और प्रदोष व्रत के दौरान यहां दूर-दराज से आने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है, जो इस अनूठी रचना के सम्मुख नतमस्तक होकर आत्मिक शांति की कामना करते हैं।
Real vs fake rudraksha test : सनातन परंपरा में रुद्राक्ष को भगवान शिव का साक्षात स्वरूप और अत्यंत पवित्र तथा कल्याणकारी माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि रुद्राक्ष धारण करने से मन को शांति मिलती है, तनाव व रक्तचाप नियंत्रित रहता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हालांकि, बाजार में रुद्राक्ष की बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण नकली और मानव-निर्मित मनकों का अवैध कारोबार भी बड़े पैमाने पर फैल चुका है। प्लास्टिक, लकड़ी के बुरादे, बेर की गुठलियों या सामान्य बीजों को तराशकर और रासायनिक रंगों से रंगकर उन्हें दुर्लभ एकमुखी या चौदहमुखी रुद्राक्ष बताकर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। ऐसे में किसी भी रुद्राक्ष को धारण करने या खरीदने से पहले उसकी शुद्धता और असलियत परखना बेहद जरूरी है। कुछ आसान वैज्ञानिक और पारंपरिक परीक्षणों के जरिए आप घर बैठे ही असली और नकली रुद्राक्ष का सटीक फर्क पहचान सकते हैं।असली और नकली रुद्राक्ष की शारीरिक बनावट और प्राकृतिक बनावटअसली रुद्राक्ष 'एलीओकार्पस गैनिट्रस' (Elaeocarpus ganitrus) नामक पेड़ का सूखा हुआ प्राकृतिक बीज होता है। प्रकृति द्वारा निर्मित होने के कारण कोई भी असली रुद्राक्ष एकदम गोल या चिकना नहीं होता। असली रुद्राक्ष की सतह पर प्राकृतिक उभार, खुरदरापन और असमान गहराई वाले कांटे (Tubercles) मौजूद होते हैं। वहीं नकली रुद्राक्ष को अक्सर सांचे में ढालकर बनाया जाता है, जिससे उसकी सतह अप्राकृतिक रूप से काफी चिकनी, चमकदार और एक समान दिखाई देती है। यदि आप ध्यान से देखेंगे, तो असली रुद्राक्ष में प्राकृतिक रूप से बना हुआ आर-पार छिद्र (प्राकृतिक होल) होता है, जबकि नकली मनकों में ड्रिल मशीन से जबरन छेद किया जाता है, जिसके किनारे कटे-फटे और खुरदरे नजर आते हैं।पानी में डुबोकर परीक्षण करने की आसान विधि (Water Density Test)पानी का परीक्षण असली रुद्राक्ष की पहचान का सबसे प्राचीन और प्रचलित घरेलू तरीका है। इसके लिए एक कांच के पारदर्शी गिलास में साफ पानी भरें और रुद्राक्ष को उसमें धीरे से डालें। यदि रुद्राक्ष असली, भारी और पूरी तरह पका हुआ प्राकृतिक बीज है, तो वह अपने उच्च घनत्व (High Specific Gravity) के कारण पानी के तल में जाकर तुरंत डूब जाएगा। यदि रुद्राक्ष लकड़ी के खोखले खोल, प्लास्टिक या रेशेदार हल्के पदार्थ से बना नकली मनका है, तो वह पानी की सतह पर तैरता रहेगा। हालांकि, इस टेस्ट में एक सावधानी रखनी चाहिए—यदि रुद्राक्ष बहुत पुराना, सूखा हुआ या कीड़ों द्वारा अंदर से खोखला कर दिया गया हो, तो असली होने के बावजूद वह तैर सकता है। इसलिए पानी के परीक्षण के साथ-साथ अन्य विधियों की मदद लेना अधिक सुरक्षित रहता है।उबलते पानी का गर्म परीक्षण (Boiling Water Test)गंभीर मिलावट और रासायनिक गोंद की पहचान के लिए उबलते पानी का टेस्ट सबसे अचूक माना जाता है। नकली रुद्राक्ष बनाने वाले अक्सर दो साधारण रुद्राक्षों के टुकड़ों को सिंथेटिक फेविकोल या केमिकल वैक्स से चिपकाकर दुर्लभ 'गौरी-शंकर' या 'एकमुखी' रुद्राक्ष का रूप दे देते हैं। इस परीक्षण के लिए एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें रुद्राक्ष को डालकर लगभग 20 से 30 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें। यदि रुद्राक्ष शुद्ध और प्राकृतिक है, तो उबलते पानी का उसके रंग, रूप या बनावट पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही उसका प्राकृतिक रंग छूटेगा। यदि रुद्राक्ष नकली या चिपकाया हुआ है, तो उबलते पानी की गर्मी से गोंद पिघल जाएगी, जोड़ अलग हो जाएंगे और रासायनिक रंग पानी में घुलकर अलग हो जाएगा।मुखी रेखाओं (Facets/Grooves) और उभारों की सूक्ष्म जांचरुद्राक्ष के मुख (Facets) वे प्राकृतिक रेखाएं होती हैं जो बीज के शीर्ष (Apex) से लेकर उसके निचले सिरे (Bottom) तक जाती हैं। एक आवर्धक लेंस (Magnifying Glass) की मदद से इन रेखाओं को ध्यान से देखें। असली रुद्राक्ष में ये रेखाएं प्राकृतिक रूप से गहरी, थोड़ी टेढ़ी-मेढ़ी और पेड़ के तने की छाल की तरह स्वाभाविक होती हैं। नकली रुद्राक्ष में कारीगर साधारण पंचमुखी रुद्राक्ष को चाकू या ब्लेड से तराशकर कृत्रिम रेखाएं बना देते हैं। ऐसी गढ़ी गई रेखाएं बिल्कुल सीधी, धारदार और अप्राकृतिक रूप से कटी हुई दिखती हैं, जिनमें किसी भी प्राकृतिक उभार का अभाव होता है। यदि रेखाओं के किनारों पर खरोंच के निशान दिखें, तो समझ लें कि रुद्राक्ष के साथ छेड़छाड़ की गई है।तांबे के सिक्कों वाला घूर्णन परीक्षण (Copper Coin Test)यह परीक्षण रुद्राक्ष के बायो-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक गुणों पर आधारित एक लोकप्रिय पारंपरिक तरीका है। इसके लिए दो साफ तांबे के सिक्के लें। एक सिक्के को समतल सतह पर रखें और उसके ऊपर रुद्राक्ष को संतुलित करके खड़ा करें। इसके बाद दूसरे तांबे के सिक्के को रुद्राक्ष के ऊपरी सिरे पर हल्के से स्पर्श कराएं। असली रुद्राक्ष में प्राकृतिक विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा (Electromagnetic Properties) प्रवाहित होती है, जिससे हल्का सा दबाव पड़ने पर रुद्राक्ष दक्षिणावर्त (Clockwise) दिशा में धीरे-धीरे घूमने या गति करने लगता है। हालांकि, यह परीक्षण पूरी तरह वैज्ञानिक लैब टेस्ट का विकल्प नहीं है, लेकिन सामान्य तौर पर प्राकृतिक रूप से स्पंदित बीजों में यह गतिविधि स्पष्ट देखी जा सकती है।सुई और गर्म पिन से परीक्षण का तरीकारुद्राक्ष के भीतर किसी भी प्रकार के प्लास्टिक, सिंथेटिक रेजिन या मोम की मिलावट पकड़ने के लिए गर्म सुई का उपयोग किया जा सकता है। एक साधारण सिलाई वाली सुई को चिमटे से पकड़कर मोमबत्ती या गैस की लौ पर अच्छी तरह गर्म कर लें। इसके बाद सुई की नोक को रुद्राक्ष के किसी छोटे से कोने या रेखा के भीतर हल्का सा दबाएं। यदि रुद्राक्ष प्राकृतिक लकड़ी या बीज का है, तो सुई अंदर नहीं धंसेगी और केवल हल्की सी सूखी लकड़ी जलने की प्राकृतिक गंध आएगी। यदि रुद्राक्ष प्लास्टिक, फाइबर या रासायनिक मोम से बना है, तो गर्म सुई तुरंत उसके भीतर धंस जाएगी और प्लास्टिक या केमिकल के जलने की तीखी दुर्गंध आने लगेगी।एक्सरे (X-Ray) और लैब सर्टिफिकेशन की सबसे प्रामाणिक विधियदि आप बहुमूल्य या दुर्लभ रुद्राक्ष (जैसे 1 मुखी, 14 मुखी, 21 मुखी या गौरी-शंकर) खरीद रहे हैं, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय उसका वैज्ञानिक परीक्षण (Scientific Certification) कराना ही सबसे सुरक्षित मार्ग है। किसी भी प्रतिष्ठित जेमोलॉजिकल या रुद्राक्ष टेस्टिंग लैब से उसका डिजिटल एक्स-रे (X-Ray) या सीटी स्कैन करवाएं। एक्स-रे इमेज में रुद्राक्ष के आंतरिक कक्ष (Internal Compartments) और बीजों की संख्या स्पष्ट दिखाई देती है। एक असली रुद्राक्ष में बाहर से जितनी मुखी रेखाएं होती हैं, अंदर भी ठीक उतने ही आंतरिक कक्ष और प्राकृतिक बीज मौजूद होते हैं। यदि बाहर पांच रेखाएं दिख रही हैं लेकिन अंदर केवल चार या छह कक्ष हैं, तो वह निश्चित रूप से मानव-निर्मित या तराशा हुआ नकली रुद्राक्ष है। हमेशा किसी विश्वसनीय संस्थान से सरकारी मान्यता प्राप्त लैब सर्टिफिकेट (ISO Certified Lab Certificate) के साथ ही रुद्राक्ष खरीदें।
31 अक्टूबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 31 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 31 अक्टूबर 2026, दिन- शनिवार, कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, षष्ठी तिथि दोपहर 16.57 बजे तक फिर सप्तमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र सुबह 07.12 बजे तक फिर पुनर्वसु नक्षत्र, चंद्रमा- मिथुन में, सूर्य- तुला में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.42 बजे से दोपहर 12.27 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.18 बजे से सुबह 10.41 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.
मीन राशि वाले आज किसी मंदिर में मिसरी का दान करें, प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे
Pisces Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, मन में नेगेटिव विचारों को ना पालें, लोगों से उलझने से बचें, अपने काम पर ध्यान देने का समय है, व्यापार में लाभ होगा.
कुंभ राशि वालों को आज करियर के क्षेत्र में लाभ होगा, प्रॉपर्टी में निवेश सावधानी से करें
Aquarius Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: करियर के क्षेत्र में लाभ होगा, प्रॉपर्टी में निवेश सावधानी से करें, भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, कामकाज में सफलता मिलेगी, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, व्यापार में लाभ का योग है.
मकर राशि वालों की आज व्यापार में स्थिति बेहतर होगी, गाय को रोटी खिलाएँ
Capricorn Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: कोई अच्छी खबर आज मिलेगी, धन आगमन के रास्ते बढ़ेंगे, मेहनत को बढ़ाने का समय है, समाज में सम्मान बढ़ेगा, मित्रों से मुलाकात होगी, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
धनु राशि वालों के आज प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, शुभ रंग- पीला
Sagittarius Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: करियर पर ध्यान देने का समय है, प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, धैर्य से फैसले करने का समय है, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, परिवार में चल रहे मतभेद दूर होंगे, व्यापार में अपने खर्चों को कंट्रोल करें.
कन्या राशि वालों को आज कोई अच्छी खबर मिलेगी, इस चीज का करें दान
Virgo Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: कोई अच्छी खबर मिलेगी, नए लोगों से मुलाकात होगी, मेहनत करने पर साधारण लाभ होगा, कहीं यात्रा पर जाने की योजना बनेगी, काम में चुनौतियां आएंगी, व्यापार में मेहनत करने का दिन है.
सिंह राशि वाले आज काम को लेकर व्यस्त रहेंगे, लोगों से उलझने से बचें
Leo Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: काम को लेकर व्यस्त रहेंगे, आलस्य को बढ़ने ना दें, लोगों से उलझने से बचें, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, आपको दोस्त मदद करेंगे, व्यापार में सावधानी से काम करें.
कर्क राशि वालों की आज मन की चिंता दूर होगी, जानें जरूरी टिप
Cancer Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: आत्मविश्वास आपका बढ़ेगा, मन की चिंता दूर होगी, अपने काम सावधानी से करें, मित्रों से मुलाकात होगी, बड़े निवेश से अभी बचें, व्यापार में उधार लेनदेन ना करें.
मिथुन राशि वालों के आज रुके हुए काम पूरे होंगे, जानें शुभ रंग
Gemini Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: मेहनत का फल मिलेगा, रिश्ते में सुधार होगा, प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, रुके हुए काम पूरे होंगे,, व्यापार में लाभ होगा.
वृषभ राशि वाले आज वाणी पर नियंत्रण रखें, जानें कैसी रहेगी सेहत
Taurus Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: खर्चों को कंट्रोल करें, वाणी पर नियंत्रण रखें, योजना बना कर काम करने की जरूरत है, पुराने संबंधों को संभालना होगा, सेहत का ख्याल रखें, व्यापार में हानि से बचें.
मेष राशि वाले आज पक्षियों को दाना खिलाएं, परिवार से जुड़े काम बनेंगे
Aries Daily Horoscope, 31 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: मन की चिंता दूर होगी, कोई भी फैसला जल्दबाजी में करने से बचें, किसी बात को लेकर लोगों से मतभेद हो सकता है, शत्रुओं से सावधान रहें, परिवार से जुड़े काम बनेंगे, व्यापार में नुकसान हो सकता है..
आलस्य का त्याग करें, भारी भोजन से बचें
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव बना रह सकता है. सूचनाओं की लाभ उठाएं. संबंधों को भुनाने पर ध्यान दें. परिवार के साथ समय बिताने पर जोर होगा.
तैयारी के आगे बढ़ेंगे, लेनदेन सकारात्मक रहेगा
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: भेंट के मौके बनेंगे. करीबी सहयोग समर्थन बनाए रखेंगे. वादा पूरा करने का प्रयास होगा. रुके हुए कार्यों में बेहतर व प्रभावी निर्णय लेंगे.
खुशी बढ़ाएंगे, रिश्ते संवारेंगे
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: सूझबूझ और उत्साह से कार्य करेंगे. सबके साथ मिलकर लक्ष्य पाएंगे. करियर की राह पर आगे बढ़ने की कोशिश सफल होगी.
सम्मान बनाए रखें, जिद में नहीं आएं
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: सजगता से सभी मामले साधेंगे. संवेदनशीलता बनाए रखें. नजदीकी वातावरण पर नजर बनाए रखें. कार्यों में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ाएं.
अवरोधों में कम होंगे, सेहत में तेज सुधार होगा
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: अपनों का साथ समर्थन पाएंगे. महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूरा करेंगे. सकारात्मकता को बढ़ावा देगा. विविध कार्यों को सहजता से आगे बढ़ाएंगे.
अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे, संबधों को मजबूत बनाएंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: लक्ष्य साधने पर फोकस बनाए रहें. बड़ी उपलब्धियों पर ध्यान दें. नेतृत्व के अवसर बढ़ेंगे. जीवन जीने की समझ बढ़ेगी. आधुनिक तरीकों को बढ़ावा देंगे.
सबका भरोसा जीतेंगे, सहकार बढ़ाएंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: उचित दिशा में आगे बढ़ाएंगे. तेज गति से आगे बढ़ेंगे. कार्यशैली से सभी क्षेत्रों में सहजता बनाए रखेंगे. महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करेंगे.
आसपास में अनुकूलन रहेगा, अपनों का ख्याल रखें
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: अनजान की बातों में नहीं आएं. अपनों से मतभेद बढ़ाने से बचें. व्यक्तिगत कार्यां को पूरा करने का प्रयास रखें. आसपास में अनुकूलन रहेगा.
सेहत में सुधार आएगा, व्यक्त्त्वि पर ध्यान देंगे
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: परंपरागत प्रयासों पर बल बना रहेगा. महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनाएंगे. उचित दिशा में आगे बढ़ेंगे. प्रभावपूर्ण चर्चा संवाद बनाए रखेंगे.
समर्थन बना रहेगा, मान सम्मान में वृद्धि होगी
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 31 October 2026: आसपास के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखेंगे. अपनों के लिए सहजता बनी रहेगी. बड़े लोगों का समर्थन बना रहेगा. मान सम्मान में वृद्धि होगी.
वृष राशि वालों के करियर में आएगी तेजी, जानें 12 राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 31 October 2026 (करियर राशिफल): पेशेवर यात्रा के योग बन सकते हैं. कामकाज को बेहतर तरीके से संभालने के साथ प्रबंधन से जुड़े मामलों को भी मजबूती मिलेगी.
सिंह राशि वालों की लव लाइफ रहेगी शानदार, जानें 12 राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 31 October 2026 (लव राशिफल): निजी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश करेंगे. परिवार के साथ खुशियां साझा करेंगे. मित्रों और परिचितों का साथ मिलेगा.
सिंह राशि वालों को मिलेगा रुका हुआ पैसा, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 31 October 2026 (आर्थिक राशिफल): किसी काम में जोखिम लेने का विचार बना सकते हैं. प्रतिस्पर्धा में आगे रहने की कोशिश करेंगे. इस दौरान दूसरों का सहयोग मिलेगा. आपसी तालमेल बेहतर होगा.
आज 31 अक्टूबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 31 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
दीपावली पर क्यों खास हैं महाराष्ट्र के मशहूर अनारसे? जानिए इस मिठाई की दिलचस्प कहानी
Diwali 2026: दीपावली का त्योहार मिठाइयों और पारंपरिक पकवानों के बिना अधूरा-सा लगता है। इस खास अवसर पर घरों में मठरी, शकरपारे, गुझिया, चिवड़ा और तरह-तरह के लड्डू बनाए जाते हैं। इन्हीं पारंपरिक मिठाइयों में अनारसे का भी खास स्थान है। अनारसे भारतीय ...
दिवाली के पहले खरीदारी का पुष्य नक्षत्र कब से कब तक रहेगा, करें 4 उपाय- माता लक्ष्मी की मिलेगी कृपा
Pushya Nakshatra 2026: दिवाली से ठीक पहले इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है। 4 उपाय करके ...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 अक्टूबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय
31 October 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए ...
RRB NTPC Graduate Recruitment 2026 के लिए 6 नवंबर तक करें आवेदन, 3548 पदों पर मौका
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए यह खबर बेहद की काम है। भारतीय रेलवे भर्ती बोर्ड RRB एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल पदों में आवेदन करने की अंतिम तिथि नजदीक है। जिन उम्मीदवारों के पास स्नातक की डिग्री है और रेलवे में नौकरी चाहते है। वे सभी उम्मीदवार आरआरबी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर RRB NTPC Graduate Recruitment 2026 के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आपको बताते चलें कि, उम्मीदवारों के पास इन पदों पर आवेदन करने का 06 नवंबर तक का समय है। इसलिए जल्द ही आवेदन प्रक्रिया को पूर्ण कर लें। कितने पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती के तहत कुल 3548 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। वहीं, इसमें चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर के लिए कुल 127 पद, गुड्स ट्रेन मैनेजर के लिए कुल 2750 पद, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट के लिए 300 पद और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के लिए कुल 371 पद आरक्षित है। आयु-सीमा आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल भर्ती में आवेदन करने के लिए कैंडीडेट की आयु 18 से लेकर 33 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार जैसे एसएससी एवं एसटी उम्मीदवारों को 5 वर्ष की छूट, ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल की छूट और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट मिलेगी। कितनी जमा करनी होगी रजिस्ट्रेशन फीस बता दें कि, इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को कैटेगरी वाइज रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान करना होगा। अनारक्षित वर्ग के कैंडीडेट के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये और एससी एवं एसटी, ओबीसी और महिला उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 250 रुपये देने होंगे।
Dev diwali 2026 date: दीपावली के बाद देव दिवाली कब है, क्या करते हैं इस दिन, क्या है इसका महत्व
Dev diwali 2026: देव दिवाली का पर्व परंपरा से लोग देवउठनी एकादशी के दिन मनाते हैं लेकिन असल में यह कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन रहता है, क्योंकि देवताओं ने तारकासुर के वध के बाद इसी दिन गंगा के तट पर दीपावली का पर्व मनाकर खुशियों मनाई थी। इस ...
November 2026 Festival Calendar: धनतेरस, Diwali और छठ पर्व समेत प्रमुख त्योहारों की सूची
नवंबर का पूरा महीना त्योहारों से भरा हुआ है। इस महीने में व्रत-त्योहारों की झड़ी लगने वाली है। यह महीना व्रत व पर्वों के लिहाज से खास माना जा रहा है। इस अवधि में कई प्रमुख धार्मिक पर्व मनाए जाएंगे, जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस महीने में दिवाली, धनतेरस, भाई दूज, छठ पूजा और देवउठनी एकादशी जैसे बड़े त्योहारों की रौनक देखने को मिलेगी। इन त्योहारों के समय हर एक घर में पूजा-पाठ, दीपदान और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इतना ही नहीं, कई व्रत सुख-समृद्धि और संतान की लंबी आयु के लिए रखें जाएंगे। आइए आपको बताते सही त्योहारों की तिथियां, जिससे आप इन त्योहारों के लिए आसानी से तैयारी कर सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं नवंबर 2026 में पड़ने वाले मुख्य व्रत और त्योहारों की पूरी लिस्ट, जिससे आप पहले से ही इनकी तैयारी कर सकते हैं। नवंबर 2026 के व्रत-त्योहारों की तारीखों की लिस्ट 1 नवंबर 2026: अहोई अष्टमी, राधा कुंड स्नान, कालाष्टमी 5 नवंबर 2026: रमा एकादशी, कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी, गोवत्स द्वादशी 6 नवंबर 2026: धनतेरस, धनत्रयोदशी, यम दीपम, शुक्र प्रदोष व्रत 7 नवंबर 2026: काली चौदस, हनुमान पूजा, मासिक शिवरात्रि 8 नवंबर 2026: दीवाली, लक्ष्मी पूजन, नरक चतुर्दशी, काली पूजा, केदार गौरी व्रत, कमला जयंती 9 नवंबर 2026: अन्वाधान, कार्तिक अमावस्या 10 नवंबर 2026: गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा, गुजराती नववर्ष 11 नवंबर 2026: भाईदूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजा, चंद्र दर्शन 13 नवंबर 2026: छठ पर्व की शुरुआत, नागुला चविथी, लाभ चतुर्थी 14 नवंबर 2026: लाभ पंचमी 15 नवंबर 2026: छठ पूजा का दूसरा दिन, स्कंद षष्ठी 16 नवंबर 2026: वृश्चिक संक्रांति, जैन अष्टाह्निका प्रारंभ 17 नवंबर 2026: गोपाष्टमी, मंडला पूजा प्रारंभ, मासिक दुर्गाष्टमी 18 नवंबर 2026: अक्षय नवमी, आंवला नवमी, जगद्धात्री पूजा 20 नवंबर 2026: देवउठनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी, भीष्म पंचक प्रारंभ 21 नवंबर 2026: तुलसी विवाह, योगेश्वर द्वादशी, गुरुवायुर एकादशी, वैष्णव देवोत्थान एकादशी 22 नवंबर 2026: विश्वेश्वर व्रत, रवि प्रदोष व्रत 23 नवंबर 2026: बैकुंठ चतुर्दशी, मणिकर्णिका स्नान, कार्तिक चौमासी चौदस (जैन) 24 नवंबर 2026: देव दीपावली, गुरुनानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा, पुष्कर स्नान, भीष्म पंचक समाप्त 25 नवंबर 2026: मार्गशीर्ष मास प्रारंभ, रोहिणी व्रत (जैन), इष्टि 27 नवंबर 2026: गणाधिप संकष्टी, मार्गशीर्ष गणेश चतुर्थी नवंबर 2026 में ग्रह गोचर की पूरी लिस्ट 31 अक्टूबर 2026: इस दिन देवगुरु बृहस्पति सिंह राशि में गोचर कर चुके हैं और नवंबर में इसी राशि में रहेंगे। 6 नवंबर 2026: शुक्र ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। 12 नवंबर 2026: मंगल कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। 13 नवंबर 2026: बुध वृश्चित राशि में मार्गी होंगे। 14 नवंबर 2026: शुक्र तुला राशि में मार्गी होंगे। 16 नवंबर 2026: सूर्य देव तुला राशि से निकालकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। 22 नवंबर 2026: शुक्र कन्या राशि से निकालकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे।
Samudrik Shastra के अनुसार हथेली के पीछे बाल होना तय करता है आपका भविष्य और स्वभाव
सनातन धर्म में सामुद्रिक शास्त्र को बेहद अहम माना जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक जातक के शरीर की बनावट और तिलों की स्थिति से जातक के भविष्य से जुड़ी की जानकारी मिलती है। अक्सर लोग हथेली की रेखाओं पर ज्यादा ध्यान देते हैं। हालांकि हाथ के पिछले हिस्से पर उगने वाले बालों को अनदेखा कर दिया जाता है। सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक हथेली के पीछे बाल होने से आर्थिक स्थिति और जातक के जीवन से जुड़े कई रहस्यों का पता लगाया जा सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि हथेली के पीछे बाल होना किस बात का संकेत होता है। ज्यादा बाल होना सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक जिन जातकों की हथेली के पीछे ज्यादा बाल होते हैं। उनको अपने जीवन में अधिक संघर्ष करना पड़ता है। इन जातकों को सफलता पाने के लिए ज्यादा परिश्रम करना पड़ता है। इसके बाद इनको मन मुताबिक रिजल्ट मिलते हैं। यह लोग अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। हालांकि यह लोग थोड़ा गुस्सैल स्वभाव के होते हैं। इसे भी पढ़ें: Pearl Gemstone: Kundali में कमजोर चंद्रमा देखकर न पहनें Pearl, इन 4 लग्न वालों के लिए है सख्त नियम कम बाल होना सामुद्रिक शास्त्र के मुताबिक जिन जातकों की हथेली के पीछे कम बाल होते हैं। ऐसे लोग खुद को हर परिस्थिति में ढाल लेते हैं। वहीं यह जातक विपरीत परिस्थितियों में संयम और धैर्य बनाए रखते हैं और अपने जीवन में कभी घबराते नहीं है। आर्थिक और पारिवारिक मामलों में यह जातक सोच-समझकर फैसले लेते हैं। इस कारण इनको जीवन में आसानी से सफलता मिल जाती है। जिन पुरुषों के हाथ पर ज्यादा बाल होते हैं, वह निडर होकर फैसले लेते है। कई बार इनको फैसले लेने में दूसरे लोगों की मदद लेनी पड़ती है। वहीं अगर महिलाओं के हाथ पर ज्यादा घने वाले होते हैं, तो यह मानसिक तनाव और स्वभाव में उग्रता का संकेत माना जाता है। बालों के रंग से मिलते हैं कई संकेत बता दें कि जिन लोगों के हाथ के बाल पतले और मुलायम होते हैं, वह लोग दयालु, कलात्मक प्रवृत्ति और कोमल हृदय वाले होते हैं। वहीं जिनके हाथों के बाद सख्त, मोटे होते हैं, ऐसे जातक मेहनती और गुस्सैल स्वभाव के हो सकते हैं। काले और चमकदार बाल वाले जातकों का भाग्य चमकता है।
12 साल बाद गुरु का सिंह राशि में महागोचर बदलेगा 12 राशियों की किस्मत? जानिए अपना राशिफल
Jupiter Transit 2026: 31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। वे इस राशि में 25 जनवरी 2027 तक विराजमान रहेंगे और इसके बाद पुनः वक्री गति के कारण कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस समयावधि के ...
Ahoi Ashtami 2026 Date: 1 या 2 नवंबर, कब रखा जाएगा अहोई अष्टमी व्रत? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म व्रत-त्योहार का विशेष महत्व माना जाता है। अहोई अष्टमी का व्रत हिंदू धर्म में सबसे खास माना जाता है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। अहोई अष्टमी का पर्व को संतान की रक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की रक्षा के लिए व्रत रखती हैं और अहोई माता की विशेष रुप से पूजा-अर्चना की जाती है। आइए आपको इस आर्टिकल में बताते हैं अहोई अष्टमी व्रत की डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा से संबंधित नियमों के बारे में बताते हैं। कब रखा जाएगा अहोई अष्टमी 2026 का व्रत? इस बार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 01 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 51 मिनट पर शुरु होगी। वहीं, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का समापन, 02 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 10 मिनट पर होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार अहोई अष्टमी का व्रत 01 नवंबर 2026 को रखा जाएगा। अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त- शाम को 05 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 54 मिनट तक तारों को देखने का समय- शाम को 06 बजे अहोई अष्टमी के दिन चंद्रोदय का समय- रात को 11 बजकर 40 मिनट पर इन बातों का रखें ध्यान निर्जला व्रत और संकल्प सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ कपड़े पहनें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। वहीं, इस व्रत का समापन तारों को अर्घ्य देकर बाद में किया जाता है। व्रत के दौरान पानी और भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे व्रत टूट जाएगा। अहोई माता की पूजा व्रत वाले दिन शुभ मुहूर्त में दीवार पर गेरू से अहोई माता का चित्र बनाकर पूजा-अर्चना करें। देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें। फिर पूजा में रोली, अक्षत, दूध और मीठे पुए या हलवे का भोग अर्पित करें। कथा का पाठ करें पूजा के दौरान अहोई अष्टमी की व्रत को जरुर पढें या सुनें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कथा न सुनने से व्रत का अधूरा रहता है। तारों का अर्घ्य दें असल में करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है, वैसे ही अहोई अष्टमी के दिन तारों को अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। सात्विक भोजन ग्रहण करें व्रत का पारण करते समय सात्विक भोजन ही सेवन करें। प्रसाद में बनाए गए पुए या मीठे का सेवन करें।
आज कुंभ राशि वालों को होगा मुनाफा, जानें क्या कहती है आपकी राशि
Aaj ka Rashifal 30 अक्टूबर 2026, Horoscope Today: सावधानी बरतने की जरूरत है. व्यापार में अधिक निवेश करने से बचें और सोच-समझकर आगे बढ़ें. अहंकार से दूर रहना आपके लिए फायदेमंद होगा.
30 अक्टूबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 30 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 30 अक्टूबर 2026, दिन- शुक्रवार, कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, पंचमी तिथि रात 19.24 बजे तक फिर षष्ठी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र सुबह 09.04 बजे तक फिर आर्द्रा नक्षत्र, चंद्रमा- मिथुन में, सूर्य- तुला में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.42 बजे से दोपहर 12.27 बजे तक, राहुकाल- सुबह 10.41 बजे से दोपहर 12.05 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.
मीन राशि वाले आज व्यापार में फैसले सोच समझ कर करें, जानें जरूरी टिप
Pisces Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: धैर्य से काम करने का दिन है, आपका सम्मान और बढ़ेगा, लोगों से मतभेद ना बढ़े इसका ध्यान रखें, अपनी बात विनम्रता से कहें, सेहत के मामले में ध्यान दें, व्यापार में फैसले सोच समझ कर करें.
मकर राशि वाले आज इस चीज का करें दान, व्यापार के क्षेत्र में स्थिति अनुकूल रहेगी
Capricorn Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मुलाकात होगी, कोई भी काम टालने से बचें, किसी को पैसा उधार ना दें, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार के क्षेत्र में स्थिति अनुकूल रहेगी.
धनु राशि वाले आज वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, शुभ रंग-गुलाबी
Sagittarius Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, मन में नेगेटिव विचारों को जगह ना दें, अपना व्यवहार मधुर रखना होगा, किसी के कहने पर अपना विचार ना बदलें, पूरा ध्यान अपने काम पर लगाना होगा, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
वृश्चिक राशि वालों को आज करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, करें ये एक उपाय
Scorpio Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, आपका सम्मान बढ़ेगा, संतान से सुख मिलेगा, महत्वपूर्ण फैसले कर सकते हैं, लोगों से उलझने से बचें, व्यापार में जुड़े खर्चे कंट्रोल करें.
तुला राशि वालों के लिए आज अचानक पैसा आने के योग हैं, जानें जरूरी टिप
Libra Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: किसी से पैसा उधार लेकर काम ना करें, अपने गुस्से को कंट्रोल करें, प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले आज ना करें, अचानक पैसा आने के योग हैं, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में जल्दबाजी में फैसला ना करें.
कन्या राशि वालों को आज धन की प्राप्ति होगी, जाने कैसी रहेगी सेहत
Virgo Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: परिवार से जुड़े कार्य बनेंगे, धन की प्राप्ति होगी, करियर को आगे बढ़ाने की चिंता रहेगी, किसी बहस में उलझने से बचें, दूसरों के भरोसे कोई काम ना छोड़ें, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.
सिंह राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, शुभ रंग- केसरिया
Leo Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: विदेश से संबंधित काम बनेंगे, जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, कई दिनों से चली आ रही परेशानी दूर होगी, सेहत का ख्याल रखना होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कर्क राशि वालों के आज रुके हुए काम पूरे होंगे, परिवार से सपोर्ट मिलेगा
Cancer Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: रुके हुए काम पूरे होंगे, परिवार से सपोर्ट मिलेगा, करियर को आगे बढ़ाने का समय है, सेहत का ख्याल रखना होगा, लंबी दूरी की यात्रा से लाभ होगा, व्यापार में लाभ के रास्ते बनेंगे.
मिथुन राशि वाले आज किसी गरीब को भोजन दान करें, व्यापार से जुड़े काम पूरे होंगे
Gemini Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: अपने काम को संभालने का समय है, सीनियर अधिकारियों से सहयोग मिलेगा, प्रॉपर्टी में निवेश का फैसला सोच समझ कर करें, क्रोध से बचना होगा, खान-पान का ख्याल रखें, व्यापार से जुड़े काम पूरे होंगे.
वृषभ राशि वालों की आज धन की स्थिति में सुधार होगा, जाने शुभ रंग
Taurus Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: करियर से संबंधित काम बनेंगे, धन की स्थिति में सुधार होगा, किसी बात को लेकर मन में टेंशन रहेगी, कुछ नया काम करने का विचार बनेगा, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में लाभ का योग है.
मेष राशि वालों को आज अचानक कोई अच्छी खबर मिलेगी, करें ये उपाय
Aries Daily Horoscope, 30 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: अपने खर्चों को कंट्रोल करें, अचानक कोई अच्छी खबर मिलेगी, धैर्य से काम करने का दिन है, उधार लेनदेन से बचना होगा, किसी से लड़ाई झगड़े में ना पड़ें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
व्यवहार में सरलता रखें, विविधि प्रयासों में धैर्य दिखाएं
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 30 October 2026: विविध मामलों का सूझबूझ हल निकालें. अनुबंधों की अनदेखी से बचें. व्यवहार में सरलता रखें. विविधि प्रयासों में धैर्य दिखाएं. उचित प्रस्ताव प्राप्त होंगे. सभ्यता संस्कार से सभी प्रसन्न रहेंगे. स्थिति का उचित आंकलन करें.
सामंजस्य से कार्य करेंगे, उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन करेंगे
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 30 October 2026: विभिन्न कार्यों में तेजी रहेगी. सामंजस्य से कार्य करेंगे. उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन करेंगे. महत्वपूर्ण सूचनाओं की प्राप्ति होगी. नियमित गतिविधियों को बनाए रखेंगे. प्रभावपूर्ण अवसर बनेंगे. वाणिज्यिक विषय पक्ष में बनेंगे. तैयारी से आगे बढ़ेंगे.

