बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान?
ब्रह्मांड के 'कम्युनिकेशन मिनिस्टर' और बुद्धि के देवता, बुध, 29 जून 2026 की रात 10:45 बजे कर्क राशि में वक्री (Retrograde) होने जा रहे हैं, यानी वे अपनी उल्टी चाल शुरू करेंगे। ज्योतिष में बुध की वक्री चाल को थोड़ा पेचीदा माना जाता है, क्योंकि यह ...
प्रद्युम्न चतुर्थी 2026: जानिए व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को प्रद्युम्न चतुर्थी करते हैं। इस दिन व्रत रखने का बड़ा महत्व है। इस बार इस चतुर्थी का व्रत 18 जून 2026 गुरुवार के दिन रखा जाएगा। चलिए जानते हैं कि इस चतुर्थी को क्यों कहते हैं प्रद्युम्न ...
बुधादित्य और गजलक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग, 5 राशियों पर होगी धन-वर्षा
वर्तमान में वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के गोचर और चाल से कई महत्वपूर्ण और शुभ-अशुभ योग बन रहे हैं। जून 2026 में बने इन शक्तिशाली ग्रह गोचरों (विशेषकर गुरु का उच्च राशि कर्क में जाना और सूर्य-बुध का बुधादित्य योग) से मुख्य रूप से 5 राशियों को ...
दुनिया में जब जब युद्ध होते हैं एक सवाल ज़रूर उभरता है कि युद्ध से क्या हासिल। फिर यह कहा जाता है कि युद्ध से कुछ हासिल नहीं होता लेकिन फिर भी दुनिया के सबसे ताक़तवर देश सालों तक युद्ध लड़ते रहते हैं। युद्ध करवाने वाले ताकतवर नेता कुछ तो हासिल करते ही होंगे। दर्जनों देशों के प्रभावशाली, प्रशासक, मंत्री अपने अपने तरीकों और चुने हुए शब्दों में समझाते रहते हैं कि युद्ध से बहुत नुकसान हो रहा है, दुनिया की आर्थिक स्थिति परेशान होकर उलझी पड़ी है, हज़ारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन युद्ध है कि जारी रखा जाता है। रूस युक्रेन युद्ध इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। दूसरी मिसाल है, अमरीका इजराइल ईरान की लड़ाई जिसके सौंवे दिवस के अशुभ अवसर पर अमरीका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। मानो या न मानो युद्ध से कुछ तो हासिल हो रहा है। युद्ध विराम और शांति बातचीत की राख के नीचे शोले बुझते ही नहीं, माहौल में तनाव उबलता रहता है युद्ध के ड्रोन मंडराते रहते हैं। युद्ध का सबसे बड़ा हासिल व्याव्सायिक फायदा है। खालिस व्यवसायी राष्ट्रपति, अपना नुक्सान ज़्यादा नहीं होने देंगे, दूसरों का बेड़ा गर्क करवा देंगे। उनके हिसाब से युद्ध भी एक सौदा है। उनकी हर चाल ऐसा दिखाती है। कुछ भी सोच सकते हैं। बड़ा सोचना, ज्यादा मांगना उनकी व्यावसायिक शैली में शामिल है। ज़्यादा मांगेंगे तो ज्यादा मिलेगा, कम मांगोगे तो कम ही मिलने वाला है। उन्हें खुद को खबर बनाना आता है। चर्चा में बनाए रखना आता है। वे व्याव्सायिक राजनीतिज्ञों की तरह परिस्थितियों के सभी दरवाज़े खुले रखते हैं। खूब शोर करते हैं और दूसरों को डराते रहते हैं। कहकर मुकर जाते हैं। जैसा बंदा वैसी डील करने को तत्पर रहते हैं। अब तो वैसे भी हर चीज़ में व्यापार और बाज़ार मिला दिया गया है। बड़ा दांव ज्यादा खतरा लेकिन फायदा भी उसी अनुपात में। आम लोग ही तो मरते हैं, घायल हो जाते हैं, विस्थापित होते हैं। ईमारतें और हथियार तबाह होते रहते हैं फिर नए बनाने के लिए मरम्मत के लिए, उद्योग क्षेत्र को काम मिलता है। कुछ भी हो जाए व्यवसाय फैलता रहता है। महंगाई का कर्तव्य तो हमेशा बढ़ते जाना है। इसे भी पढ़ें: विश्वगुरु न होते हुए (व्यंग्य) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हारकर उदास बैठी हैं। युद्ध जारी रखने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधकों को यह संतुष्टि रहती है कि युद्ध निरंतर है। उन्हें अनिश्चितताओं से घिरी दुनिया से क्या लेना। धार्मिक कट्टरता शत्रुता बढ़े तो बढ़े। राजनीति को तो यह सब फैलाकर ही रखना होता है। कितने ही अनुभवी, यशस्वी नेताओं की सामरिक शक्ति, रुआब और प्रभाव की पोल खुलती जाती है लेकिन युद्ध से उनकी नाक ऊंची रहती है। स्वार्थ पूरा होता है और नकली इज्ज़त बनी रहती है। जो शांति स्थापित करने के लिए युद्ध जारी रखते हैं इतिहास उन्हें भूलता नहीं। क्या फर्क पड़ता है अगर युद्ध के कारण याद रखता है। अगर युद्ध से फायदा न हो तो कई तरह का नुक्सान करने वाले इस खतरनाक काम को कौन महीनों तक करता रहेगा। हर व्यवसाय में छिपे हुए फायदे होते हैं जिनका किसी को भी पता नहीं चलता सिर्फ उन्हें पता होता है जो उनके मालिक होते हैं। युद्ध एक व्यवसाय ही तो है जिसका हासिल, ख़ास लोगों को होने वाला किसी न किसी तरह का अशुभ लाभ है। - संतोष उत्सुक
देश भर में हनुमान जी को समर्पित कई मंदिर है। इस मंदिरों का अपना विशेष महत्व है। इन्हीं मंदिरों में अयोध्या का हनुमान गढ़ी मंदिर शामिल है। यह मंदिर आस्था का केंद्र है और एक ऊंचे टीले पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने के बाद ही रामलला के दर्शन का शुभ फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान जी इस मंदिर में रक्षक के रूप में वास करती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में आने पर भक्तों को खास ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है। किसी खास मौके पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हनुमान गढ़ी मंदिर से जुड़े रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahu Ketu Temples: Rahu-Ketu के प्रकोप से हैं परेशान? India के इन 6 मंदिरों में दर्शन से मिलेगा हर संकट से छुटकारा पौराणिक कथा पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान श्रीराम ने रावण की लंका पर विजय प्राप्त की और जब अयोध्या वापस आए, तो प्रभु श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के आने का उत्साह मनाया जा रहा था। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ और राम जी ने सभी को विदा किया। लेकिन हनुमान जी अयोध्या को छोड़कर नहीं जाना चाहते थे। राम जी ने दी हनुमान जी को ये जगह हनुमानजी की भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को अयोध्या में रहने के लिए एक जगह दी। यह स्थान एक ऊंचे टीले पर मौजूद थी। जहां पर हनुमान गढ़ी मंदिर को बनाया गया था। धार्मिक मान्यता के मुताबिक ऊंचे टीले पर होने के कारण हनुमान जी को यहां से पूरी अयोध्या नगरी दिखती थी। राम जी ने रहने के लिए यह स्थान देते हुए हनुमान को यह वचन दिया कि अयोध्या मेरा दर्शन तब तक पूरा नहीं माना जाएगा, जब तक की हनुमान गढ़ी के दर्शन नहीं किए जाएंगे। मनोकामनाएं होती हैं पूरी इस प्रसंग का वर्णन स्कंद पुराण में देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी को चोला अर्पित करने से सभी दोष की समस्या से छुटकारा मिलता है। हनुमान गढ़ी मंदिर में माता अंजनी की गोद में बाल हनुमान की प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। वहीं यूपी सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण राजा विक्रमादित्य द्वारा कराया गया है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।
Monsoon 2026 Prediction: मानसून 2026 को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, जानिए क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र
साल 2026 के जून महीने का आधा सफर तय हो चुका है और मौसम में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, इस बार ग्रहों की चाल झमाझम बारिश के योग बना रही है। जून से लेकर जुलाई 2026 के दौरान हमें मौसम के तीन बिल्कुल ...
सिंधु सम्राट राजा दाहिर: शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा
इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे नायक होते हैं जिनका बलिदान इतना महान होता है कि सदियाँ बीतने के बाद भी उनकी वीरता की गूँज कम नहीं होती। अविभाजित भारत के ऐसे ही एक महान हिंदू योद्धा थे—सिंधु सम्राट राजा दाहिर। आइए, इतिहास की परतों को खोलते हुए जानते हैं ...
मिथुन संक्रांति 2026: करें ये 5 विशेष दान, आर्थिक तंगी और जीवन के संकटों से मिल सकती है राहत
सूर्य देव का राशि परिवर्तन ज्योतिष में बहुत बड़ा बदलाव माना जाता है। जब सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो इसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन स्नान और विशेष रूप से दान का बेहद खास ...
मिथुन संक्रांति 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धन-समृद्धि के अचूक उपाय
जब सूर्य देव अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो प्रकृति और हमारे जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। साल 2026 की यह मिथुन संक्रांति आपके आत्मबल को बढ़ाने और सूर्य देव की असीम कृपा पाने का सबसे सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं इस ...
सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, 6 राशियों को मिलेगी करियर, नौकरी और व्यपार में बड़ी सफलता
सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। ग्रहों के राजा सूर्य का यह राशि परिवर्तन 6 राशियों के लिए फायदे का समय रहेगा। नौकरीपेशा हैं तो पदोन्नति या इंक्रीमेंट की संभावना और व्यापारी हैं तो कोई बड़ी डील हो सकती है। आइए जानते हैं कि मेष, सिंह, ...
Shukra Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष व्रत: मुहूर्त से लेकर कथा तक, जानें व्रत की पूरी जानकारी
Pradosh Vrat 2026: वर्ष 2026 में कई बार शुक्र प्रदोष व्रत आएगा। प्रत्येक प्रदोष तिथि त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव का विशेष पूजन किया जाता है। इस व्रत से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त ...
बुध का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के बनेंगे प्रबल योग
11 जून 2026 गुरुवार को बुध ग्रह का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश हो गया है, जहां वे 08 अगस्त तक रहकर अश्लेशा में गोचर कर जाएंगे। इस नक्षत्र में बुध ग्रह करीब 58 दिनों तक रहेंगे। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं और यह मिथुन एवं कर्क राशियों ...
Parama Ekadashi 2026: 3 साल बाद आई परमा एकादशी, इस तरह करें पूजा और व्रत
Parama Ekadashi Puja Vidhi: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली परमा एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ माना जाता है। यह एकादशी लगभग तीन वर्ष बाद आती है, क्योंकि इसका संबंध अधिक मास ...
11 जून 2026 गुरुवार को दिन में 11:30 पर बुध ग्रह का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश होगा जहां वे 08 अगस्त तक रहकर अश्लेशा में गोचर कर जाएंगे। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं और यह मिथुन एवं कर्क राशियों के अंतर्गत आता है। इस नक्षत्र में बुध ...
दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें
ideologies list: विश्व के इतिहास में दर्शन (Philosophy), राजनीति, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विचारों और सिद्धांतों की एक विशाल श्रृंखला रही है। इन सिद्धांतों को ही हिंदी में 'वाद' और अंग्रेजी में '-ism' कहा जाता है। दुनिया के सभी ...
राहु का गोचर: 5 राशियों के लिए खुले हैं तरक्की के बंद दरवाजे, अभी भी बचा है समय
राहु का यह गोचर कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सफलता के योग बन रहे हैं। जानिए वे 5 राशियां कौन-सी हैं और कैसे उठा सकती हैं इसका लाभ।
आषाढ़ का महीना 2026: क्या करें और किन गलतियों से बचें?
मौसम बदल रहा है और इसके साथ ही शुरू हो रहा है सनातन परंपरा का बेहद खास महीना- आषाढ़। इस साल यानी 2026 में 30 जून से 14 जुलाई तक आषाढ़ का कृष्ण पक्ष रहेगा, और फिर 15 जुलाई से 29 जुलाई तक शुक्ल पक्ष चलेगा।
भविष्य मालिका की कौन-कौन सी भविष्यवाणियां अब तक हुईं सच? जानिए चौंकाने वाले तथ्य
Bhavishya Malika: ओडिशा के महान संत अच्युतानंद दास जी और उनके पंचसखाओं द्वारा करीब 500-600 साल पहले ताड़ के पत्तों पर लिखी गई 'भविष्य मालिका' आजकल अपनी सटीक भविष्यवाणियों के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रंथ के अनुयायियों और ...
8 जून से पलटेगी इन 4 राशियों की किस्मत, गुरु-शुक्र मिलकर बना रहे गजलक्ष्मी राजयोग
Gajalakshmi Rajyoga 2026: ज्योतिष की दुनिया में एक बहुत बड़ा महासंयोग होने जा रहा है। जब धन-वैभव के मालिक शुक्र और ज्ञान के देवता गुरु एक साथ हाथ मिलाते हैं, तो बनता है बेहद शुभ 'गजलक्ष्मी राजयोग'। इस बार यह दुर्लभ योग 8 जून 2026 से कर्क राशि में ...
गुरु का कर्क राशि में महागोचर, 2 राशियों के लिए अशुभ, 3 पर मिलाजुला प्रभाव, करें 5 उपाय
2 जून 2026 को गुरु ने कर्क में में गोचर किया है। बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर कुछ राशियों के लिए शुभ, कुछ के लिए अशुभ और कुछ के लिए मिलाजुला असर रहेगा। यदि आपकी राशि पर गुरु के कर्क में गोचर का अशुभ या मिलाजुला असर है तो आजमाएं 5 उपाय और निश्चिंत ...
कुंभ राशि पर चल रहा है शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती, पढ़ें क्या होगा इसका प्रभाव
वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की साढ़ेसाती के 3 चरण होते हैं। प्रत्येक चरण ढाई वर्ष का होता है। मेष पर पहला चरण, मीन पर दूसरा चरण और कुंभ पर तीसरे चरण का प्रभाव है। तीसरा चरण अर्थात शनि की साढे साती अब उतार पर ...
गुरु का कर्क राशि में गोचर: किन राशियों के लिए रहेगा शुभ और अशुभ
12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 2 जून 2026 को ज्ञान, भाग्य, अध्यात्म, धन और संतान के परम कारक देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर गए हैं। इस गोचर से मेष, मिथुन, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों के लिए लाभ होगा। वृषभ, ...
गायत्री मंत्र को वेदों का महामंत्र माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस मंत्र में इतनी शक्ति है कि यह सूखी हुई जिंदगी को भी हरा-भरा कर सकता है। लेकिन अक्सर लोग जाने-अनजाने में इसका जाप करते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उन्हें इसका ...
Weekly Numerology Horoscope 1-7 June 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल, जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत?
June First Week Numerology: जून 2026 का पहला सप्ताह कई लोगों के लिए नए अवसर, आर्थिक प्रगति और व्यक्तिगत विकास के संकेत लेकर आया है। वहीं कुछ मूलांक वालों को इस दौरान धैर्य, संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता होगी। यहां जानें इस सप्ताह का ...
अधिकमास पूर्णिमा व्रत: शुभ संयोग और मुहूर्त में करें लक्ष्मी नारायण की पूजा, जानिए उपाय
अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा 30 और 31 मई 2026 को रहेगी। इस दुर्लभ संयोग में लक्ष्मी नारायण की पूजा करके आप जीवनभर के संताप से मुक्त होगी सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं तिथि, मुहूर्त, पूजा विधि और महत्वपूर्ण
जून माह में रहेगी ज्येष्ठ माह की 2 एकादशियां, जानिए तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
Jyeshtha Month Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह की एकादशियां विशेष रूप से भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होती हैं। इस दिन भक्त विधिपूर्वक उपवास रखकर विष्णु सहस्रनाम, गीता पाठ और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि एकादशी के दिन किया गया ...
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
Nirjala Ekadashi Date 2026: निर्जला एकादशी हिन्दू धर्म के प्रमुख व्रतों में से एक है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को आती है। इस दिन व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन निर्जल यानी बिना जल ग्रहण किए व्रत करते ...
जून में कर्क राशि में बनेगा गजलक्ष्मी योग, 4 राशियों को मिलेगा अचानक से धन
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब धन के दाता शुक्र और ज्ञान के कारक गुरु की युति किसी शुभ राशि में होती है तब गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण होता है। 8 जून 2026 से कर्क राशि में बनने वाला यह योग कुछ विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला माना जा ...
गुरुवार किस देवी या देवता का दिन होता है, क्या करना चाहिए इस दिन?
हिंदू धर्म में गुरुवार (Thursday) का दिन मुख्य रूप से ब्रह्मा, भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और गुरुओं के गुरु भगवान दत्तात्रेय को समर्पित है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व होता है क्योंकि वे भगवान विष्णु की अर्धांगिनी ...
जून 2026 के ग्रह गोचर: किस राशि पर पड़ेगा सबसे बड़ा असर?
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से जून 2026 का महीना बेहद महत्वपूर्ण और हलचल भरा होने जा रहा है। इस महीने कई बड़े ग्रह अपनी चाल बदल रहे हैं, जिसमें सबसे बड़ा और ऐतिहासिक गोचर देवगुरु बृहस्पति का है। इसके अलावा शुक्र, सूर्य, मंगल और बुध का भी राशि परिवर्तन होने ...
Purnima date 2026: अधिकमास की पूर्णिमा का व्रत रखने का क्या है महत्व, जानिए पूजा मुहूर्त और विधि
Adhik Maas Purnima Vrat: अधिकमास पूर्णिमा का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, दान, स्नान और पूजा करने से कई गुना अधिक फल ...
बुध का वृषभ राशि में उदय, 12 राशियों पर कैसा रहेगा असर?
बुद्धि, संवाद, व्यापार और तर्क क्षमता के कारक बुध ग्रह 26 मई 2026 की रात 11:19 बजे वृषभ राशि में उदित हो रहे हैं। ज्योतिष में बुध का उदय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे रुके हुए कामों में गति आती है और करियर-कारोबार में नई ऊर्जा देखने को ...
जून 2026 का ज्योतिषीय विश्लेषण: कैसा रहेगा मौसम, राजनीति, राशि और देश-दुनिया का हाल?
जून 2026 में ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई बड़े बदलावों के संकेत दे रही है। इस महीने मौसम, वर्षा, राजनीतिक घटनाक्रम, देश-दुनिया की हलचल और जनजीवन पर क्या असर पड़ सकता है? जानें ज्योतिषीय गणनाओं और ग्रहयोगों के आधार पर जून माह का विस्तृत विश्लेषण। इसी के ...
ganga dussehra katha: गंगा के पृथ्वी पर अवतरण के पर्व को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र में सर्वश्रेष्ठ नदी 'गंगा' स्वर्ग से अवतरित हुई थीं। इस वर्ष 25 मई 2026 को गंगा दशहरा मनाया जा रहा है। अत: इस पावन दिन ...
Ganga Dussehra Bhog: गंगा दशहरा पर मैया को अर्पित करें ये विशेष भोग
Ganga Puja Prasad: गंगा दशहरा पर 10 की संख्या का बड़ा महत्व है। यदि आप भी गंगा मैया से आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं तो यह कोशिश करें कि आप जो भी भोग- जैसे मालपुए, सत्तू के लड्डू या फल, अर्पित कर रहे हैं तो उनकी संख्या 10 ही हो।
अधिकमास: पुरुषोत्तम मास की आरती
॥ श्री पुरुषोत्तम देव की आरती ॥ purushottam maas ki aarti ॥जय पुरुषोत्तम देवा,स्वामी जय पुरुषोत्तम देवा।महिमा अमित तुम्हारी,सुर-मुनि करें सेवा॥जय पुरुषोत्तम देवा॥
मृत आत्माओं से संपर्क करके रुथ मोंटगोमरी ने की भविष्वाणियां, कब होगी सच?
रूथ शिक मोंटगोमरी (11 जून, 1912–10 जून, 2001) एक पत्रकार थीं, जिनका वाशिंगटन, DC में रिपोर्टर, संवाददाता और सिंडिकेटेड स्तंभकार के रूप में एक लंबा और प्रतिष्ठित करियर रहा। उन्होंने मृत आत्माओं से संपर्क के आधार पर भविष्य की घटनाओं का वर्णन किया है ...

