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8 नवंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग

Aaj 8 November 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 8 नवंबर 2026, दिन- रविवार, कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथि सुबह 11.27 बजे तक फिर अमावस्या तिथि, स्वाति नक्षत्र, चंद्रमा- तुला में, सूर्य- तुला में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.43 बजे से दोपहर 12.26 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 16.10 बजे से दोपहर 17.31 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.

आज तक 8 Nov 2026 2:30 am

मीन राशि वालों को आज भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, शत्रुओं को लेकर लापरवाह ना हों

Pisces Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, अपने समय का पूरा उपयोग करें, जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी, आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी, शत्रुओं को लेकर लापरवाह ना हों, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 8 Nov 2026 2:24 am

कुंभ राशि वाले आज बादामी रंग के पहनें कपड़े, कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी

Aquarius Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, आज कोई बड़ा सौदा करने से बचें, अपनी बात पर अड़े ना रहें, लोगों के सुझाव मानने से लाभ होगा, अपने खर्चों को कंट्रोल में रखें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.

आज तक 8 Nov 2026 2:20 am

मकर राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी, किसी गरीब को फल दान करें

Capricorn Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: मन में बेचैनी रहेगी, परिवार वालों से सहयोग मिलेगा, जो काम आप कर रहे हैं उसे पूरा करें, लोग क्या सोच रहे हैं उस पर ध्यान ना दें, कोई मित्र धोखा दे सकता है सावधान रहें, व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी.

आज तक 8 Nov 2026 2:18 am

धनु राशि वाले आज क्रोध से बचें, जानें व्यापार में कैसी रहेगी स्थिति

Sagittarius Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: किसी से लड़ाई झगड़ा हो सकता है, आज सावधान रहने का दिन है, पैसा उधार लेकर कोई काम ना करें, यात्रा से बचना होगा, दाम्पत्य जीवन में मतभेद ना बढ़ने दें, अपने खर्चों को कंट्रोल में रखें, व्यापार में परेशानी आ सकती है.

आज तक 8 Nov 2026 2:14 am

तुला राशि वाले आज किसी को पैसा उधार ना दें, जानें जरूरी टिप

Libra Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: परिवार से जुड़े मसले हल होंगे, किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात होगी, प्रियजनों के साथ कुछ अनबन हो सकती है, किसी काम में ज्यादा उतावलापन ना दिखाएं, किसी को पैसा उधार ना दें, व्यापार में ध्यान देने का समय है.

आज तक 8 Nov 2026 2:08 am

सिंह राशि वालों का आज प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा, जानें शुभ रंग

Leo Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा, परिवार के साथ वक्त बीतेगा, धैर्य रखने का समय है, आवेश में आकर कोई बात कहने से बचें, प्रेम संबंधों में गहराई और बढ़ेगी, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.

आज तक 8 Nov 2026 2:02 am

कर्क राशि वाले आज गाय को रोटी खिलाएं, व्यापार में लाभ होगा

Cancer Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, मित्रों की मदद से काम बनेंगे, परिवार में सुख बढ़ेगा, कॉन्फिडेंस अच्छा रहेगा आप कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, व्यापार में लाभ होगा.

आज तक 8 Nov 2026 2:00 am

मिथुन राशि वाले आज लोगों से उलझने से बचें, जानें जरूरी टिप

Gemini Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: आपके खर्चे बढ़ेंगे, रोग परेशान कर सकते हैं, लोगों से उलझने से बचें, भावनाओं में बहकर कोई भी काम करने से बचें, धन से जुड़े मामले में धोखा मिल सकता है सावधान रहें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.

आज तक 8 Nov 2026 1:56 am

वृषभ राशि वालों के लिए आज आज धन लाभ का योग है, इस चीज का करें दान

Taurus Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, रुके हुए काम पूरे करने का दिन है, प्रॉपर्टी खरीदने का योग है, आपका सम्मान और बढ़ेगा, दुश्मन शांत रहेंगे, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी.

आज तक 8 Nov 2026 1:54 am

मेष राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ का योग है, जानें कैसी रहेगी सेहत

Aries Daily Horoscope, 8 November 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: परिवार में सुख बढ़ेगा, यात्रा से लाभ होगा, मन की चिंता दूर होगी, बातचीत में अहंकार ना दिखाएं, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 8 Nov 2026 1:50 am

आज खुलेंगे तरक्की के रास्ते, रिश्तों में भी आएगी खुशहाली

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 8 November 2026: कला कौशल और अनुभव से राह बनाए रखेंगे. प्रतिभा पर भरोसा बढ़ाएं. लेनदेन में सजगता बनाए रहेंगे. तर्कशील व्यवहार से सभी प्रभावित होंगे.

आज तक 8 Nov 2026 1:24 am

आज खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते, पुराने काम होंगे पूरे

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 8 November 2026: नए अवसरों को लाभ लेंगे. महत्वपूर्ण कार्यों को गति देंगे. हरसंभव प्रयास बनाए रखेंगे. आत्मविश्वास से लक्ष्य पाएंगे.

आज तक 8 Nov 2026 1:22 am

आज चमकेगी किस्मत, कारोबार में बढ़ेगा मुनाफा

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 8 November 2026: प्रबंध के मामलों को आगे बढ़ाएंगे. करीबी मददगार होंगे. लाभ ऊंचा बना रहेगा. व्यवसाय में सक्रियता बना रहेंगे.

आज तक 8 Nov 2026 1:18 am

आज सोच-समझकर लें फैसले, आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी

Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 8 November 2026: परिस्थिति के अनुरूप कदम आगे बढ़ाएंगे. स्थिति का उचित मूल्यांकन कर बढ़त बनाएं. हर हाल सकारात्मक बने रहने का प्रयास रखें.

आज तक 8 Nov 2026 1:12 am

आज का दिन शानदार रहेगा, धन लाभ के बनेंगे नए अवसर

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 8 November 2026: योजनागत लक्ष्यों का अनदेखा नहीं करेंगे. विविध प्रयासों में तेजी बनाए रखेंगे. इच्छित संभावनाओं को बल मिलेगा. सहकार में गति आएगी.

आज तक 8 Nov 2026 1:10 am

आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहेगा, आर्थिक मामलों में रहें सतर्क

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 8 November 2026: कार्यगति सामान्य रह सकती है. लक्ष्यों में निरंतरता पर जोर रखें. रिश्तों के प्रति संवेदनशील रहेंगे. घर में सामान्य माहौल रहेगा.

आज तक 8 Nov 2026 1:06 am

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 08 नवंबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

08 November 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 5:05 pm

भाई दूज पर क्यों लगाया जाता है तिलक? बहनें क्यों खिलाती हैं भाई को पान? जानें इसका पौराणिक महत्‍व

Bhai Dooj 2026: भाई दूज (यम द्वितीया) सनातन धर्म में भाई-बहन के अटूट प्रेम, सम्मान और समर्पण का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। यह त्योहार हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। 5 दिवसीय दिवाली उत्सव का यह अंतिम और पांचवां दिन ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 2:20 pm

दिवाली के पहले धनतेरस पर बनाएं कुबेर-लक्ष्मी 'धन वर्षा पोटली': वर्षभर घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

शास्त्रों में माना जाता है कि दीपावली की पावन रात महालक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को धन-धान्य का आशीर्वाद देती हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपके घर और व्यापार में पूरे वर्ष बरकत बनी रहे, तो दीपावली पूजन के समय 'कुबेर-लक्ष्मी धन वर्षा ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 2:06 pm

Bestu Varas पर नए बही-खाते और नमक खरीदने की परंपरा, गुजराती शुरू करते हैं New Year

पूरे देश में दिवाली का पर्व बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। एक ओर जहां देश भर के बाकी हिस्सों में दिवाली पर्व और गोवर्धन पूजा की धूम रहती है। तो वहीं गुजराती समुदाय में इसको नए साल की शुरूआत का प्रतीक माना जाता है। दिवाली के ठीक अगले दिन यानी की कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गुजराती नव वर्ष मनाया जाता है। इसको स्थानीय भाषा में बेस्टु वरस कहा जाता है। दुनिया भर में गुजराती समाज के लोग इसको बड़ी उत्साह और धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को नए साल की बधाई देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर दिवाली के ठीक अगले दिन ही गुजरातियों का नया साल क्यों शुरू होता है। तो आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह और पौराणिक कथा के बारे में... इसे भी पढ़ें: Diwali 2026: मां Lakshmi और गणेश जी की आराधना 8 नवंबर को, Pradosh Kaal में करें Deepawali पूजन जानिए पौराणिक कथा पौराणिक मान्यता के मुताबिक हर साल गोकुलवासी राजा इंद्र की पूजा करते थे। लेकिन श्रीकृष्ण के समझाने पर ब्रजवासियों ने इंद्र देव की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा करना शुरू कर दी। जो उनके पशुओं को चारा और जीने का आधार देता है। इससे देवराज इंद्र नाराज हुए और उन्होंने ब्रज पर मूसलाधार बारिश करना शुरूकर दिया। वहीं श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर पूरे ब्रजवासियों की रक्षा की थी। सात दिनों की लगातार बारिश के बाद जब देवराज इंद्र का घमंड टूटा और बारिश थमी। तो ब्रजवासियों ने कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की और खुशी मनाई। इसी खास दिन के बाद से गुजराती समुदाय के लोग इसको नए साल के रूप में मनाने लगे। बता दें कि सात दिनों के बाद जब इंद्र देव का घमंड टूटा और बारिश थमी, तो कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन लोगों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की और खुशी मनाई। इसी खास दिन के बाद से गुजराती समुदाय के लोग इसे नए साल के रूप में मनाने लगे। गुजराती कैलेंडर यानी विक्रम संवत के अनुसार इसी दिन से नए साल की शुरुआत होती है। नए व्यापारिक साल की शुरूआत हमेशा से गुजरात व्यापार और उद्योग का गढ़ माना जाता है। व्यापारी वर्ग के लोग दीपावली के दिन पुराने फाइनेंशियल ईयर का आखिरी दिन होता है, जिसको चोपड़ा पूजन कहा जाता है। इसके बाद वह अपने पुराने खातों को बंद कर देते हैं और इसके अगले दिन बेस्टु वरस से नए व्यापारिक साल की शुरूआत होती है। नए खाते शुरू करने से पहले स्वास्तिक बनाकर शुभ-लाभ लिखा जाता है। जिससे कि आने वाले साल में व्यापार में बरकत हो। ऐसे मनाया जाता है बेस्टु वरस गुजरात में नया साल बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर पूजा-अर्चना करते हैं और भगवान को नए वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार करते हैं। इस दिन लोगों के घरों में तरह-तरह के स्वादिष्ट मिठाइयां, गुजराती पकवान, ढोकला, मथरी और सुहाली बनाई जाती है। क्या है साबरास खरीदने की परंपरा बेस्टु वरस के दिन नमक यानी 'साबरास' खरीदने की परंपरा होती है। गुजरात में नमक को साबरास कहा जाता है, जिसका अर्थ है 'सब रसों का राजा।' धार्मिक मान्यता है कि साल के पहले दिन घर में नया नमक लाने से पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होती है और लक्ष्मी जी की भी कृपा बनी रहती है। वहीं गुजराती लोग इस दिन नए साल को मनाने के अलावा आपसी मनमुटाव को पूरी तरह से खत्म करते हैं। वहीं एक-दूसरे के गले लगकर 'साल मुबारक' कहते हैं और एक नई शुरूआत करते हैं।

प्रभासाक्षी 7 Nov 2026 1:55 pm

दीपावली पर कितने दीपक जलाने चाहिए? कहां-कहां जलाते हैं ये दीप? जानिए परंपरा का महत्व

Deepawali 2026: दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशियों और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों को दीपों से सजाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि दीपक जलाने से घर का अंधकार दूर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 1:38 pm

Lakshmi vs Kamala Devi: माता लक्ष्मी और कमला माता में क्या है बड़ा अंतर? सच जानकर रह जाएंगे हैरान

हिंदू धर्म और तंत्र शास्त्र में माँ लक्ष्मी और दस महाविद्याओं में से दसवीं महाविद्या माँ कमला (कमलात्मिका) को स्वरूप, साधना और उद्देश्य के आधार पर अलग-अलग रूपों में समझा जाता है। यद्यपि माँ कमला को माँ लक्ष्मी का ही तांत्रिक स्वरूप (स्वरूपगत ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 1:24 pm

नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली पर 14 दीप जलाने का है विशेष विधान

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाए जाने वाले पर्व को रूप चौदस, नरक चतुर्दशी और लोकप्रिय रूप से 'छोटी दिवाली' के नाम से जाना जाता है। दीपावली के ठीक एक दिन पहले आने वाले इस पावन पर्व का सनातन धर्म में अत्यधिक गहरा आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज, भगवान श्री कृष्ण, हनुमान जी और माता महालक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार, छोटी दिवाली की शाम को घर और बाहर कुल 14 विशेष स्थानों पर दीप प्रज्वलित करने का विधान बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति विधि-विधान के साथ इन चौदह जगहों पर दीपक जलाता है, उसके घर से दरिद्रता रूपी 'अलक्ष्मी' का नाश होता है और परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु (Untimely death) के भय से रक्षा होती है। इस विशेष रात जलाए जाने वाले चौदह दीये न केवल अंधकार को दूर करते हैं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आयु की रक्षा का वरदान भी लेकर आते हैं।किन 14 स्थानों पर जलाए जाते हैं दीपक? घर के मुख्य द्वार से लेकर रसोई और पीपल के पेड़ तक का है विधानशास्त्रों के अनुसार छोटी दिवाली की संध्या के समय यम के निमित्त चौदह दीपकों (यम चौदस दीये) को जलाने की एक निश्चित और पवित्र परंपरा है। आइए जानते हैं वे 14 स्थान कौन से हैं जहां संध्याकाल में घी या सरसों के तेल के दीपक अवश्य प्रज्वलित करने चाहिए। सबसे पहला दीपक घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ रखा जाता है ताकि नकारात्मक शक्तियां प्रवेश न करें। दूसरा दीपक घर के मंदिर या पूजा स्थल में रखा जाता है। तीसरा दीपक रसोई घर में, चौथा पानी के मटके या पीने के पानी के स्थान पर (पितृ स्थान), पांचवां घर के तुलसी के पौधे के पास, छठा पीपल के पेड़ के नीचे, सातवां घर के नजदीक किसी प्राचीन मंदिर में, आठवां कचरा फेंकने या कूड़ेदान के पास, नौवां स्नानघर या बाथरूम के पास, दसवां घर की छत के मुंडेर पर, ग्याहरवां घर की सीढ़ियों पर, बारहवां घर के सबसे अंधेरे कोने में, तेरहवां चौराहे पर (यम के नाम का चौमुखी दीया) और चौदहवां दीपक अपने इष्टदेव या कुल देवता का स्मरण करते हुए जलाया जाता है। इन चौदह स्थानों पर प्रकाश करने से घर के सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वतः शांत हो जाते हैं।अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति और यमराज की प्रसन्नता के लिए सूर्यास्त के बाद किया जाता है विशेष दीपदानछोटी दिवाली की रात यमराज की पूजा और दीपदान का समय सूर्यास्त के ठीक बाद का माना जाता है। इस दिन संध्या के समय पुराने मिट्टी के दीये में सरसों का तेल डालकर उसमें कुछ काले तिल और कौड़ी डालकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नाम से दीपक प्रज्वलित किया जाता है, जिसे 'यम का दीया' भी कहा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार के किसी भी सदस्य पर अकाल मृत्यु का संकट नहीं मंडराता है। इसके साथ ही, रूप चौदस के दिन सुबह सूर्योदय से पहले शरीर पर उबटन लगाकर अपामार्ग (चिरचिटा) की पत्तियों को सिर के ऊपर से घुमाकर स्नान करने का भी विशेष विधान है, जिससे शरीर के सारे रोग और पाप नष्ट हो जाते हैं। छोटी दिवाली का यह पावन पर्व हमें स्वच्छता, आरोग्यता और सकारात्मकता का संदेश देता है, इसलिए इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ इन चौदह दीपकों को जलाकर अपने परिवार के उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की कामना अवश्य करनी चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Nov 2026 1:02 pm

दिवाली पूजन 2026: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए रखें इन नियमों का ध्यान

कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला दीपोत्सव और महालक्ष्मी पूजन भारतीय संस्कृति व सनातन परंपरा का सबसे पावन पर्व है। मान्यता है कि इस पावन रात्रि को मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से साधक के जीवन से दरिद्रता, आर्थिक तंगी और नकारात्मक ऊर्जा सदा के लिए समाप्त हो जाती है। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दिवाली पूजन का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब पूजा पूरी निष्ठा, पवित्रता और सही नियमों के पालन के साथ की जाए। अक्सर अनजाने में हुई छोटी-छोटी भूल या गलतियां पूजा के पूर्ण फल में बाधा पैदा कर देती हैं। इसलिए इस दिवाली यदि आप भी अपने घर-परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और मां लक्ष्मी का स्थायी वास चाहते हैं, तो पूजन से जुड़े मुख्य नियमों, सही विधि तथा 'क्या करें और क्या न करें' की विस्तृत जानकारी का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।दिवाली पूजन में क्या करें: सफाई, कलश स्थापना, दीपक की दिशा और सही सामग्री से करें लक्ष्मी जी का स्वागतदिवाली पूजन के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान ध्यान करने के बाद सबसे पहले पूरे घर, विशेषकर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) और पूजा स्थल की गंगाजल छिड़ककर पवित्र सफाई करें। घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं और मां लक्ष्मी के पद-चिह्न तथा रंगोली सजाएं, क्योंकि मुख्य द्वार से ही शुभ ऊर्जा का प्रवेश होता है। शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करते समय लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर मां लक्ष्मी और गणेश जी की नई मूर्तियां स्थापित करें, जिसमें गणेश जी को हमेशा लक्ष्मी जी के बाईं ओर रखना चाहिए। पूजा में धन की देवी को लाल गुलाब, कमल का फूल, कमलगट्टा, कौड़ी, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, धनिया, बताशे और खीर का भोग अवश्य लगाएं। इसके अतिरिक्त, ईशान कोण या उत्तर दिशा में चौमुखी देसी घी का मुख्य दीपक जलाएं जो पूरी रात प्रज्वलित रहे। पूजा के समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।दिवाली पूजन में क्या न करें: पुरानी खंडित मूर्तियां, काले कपड़े, कलेश और इन गलतियों से बचेंशास्त्रों के अनुसार, दिवाली पूजन की पावन रात कुछ विशेष कार्यों को करने से सख्त परहेज करना चाहिए ताकि माता लक्ष्मी अप्रसन्न न हों। पूजा स्थल या घर के किसी भी कोने में खंडित मूर्तियां, टूटे-फूटे बर्तन, बंद पड़ी घड़ियां या जंग लगा पुराना सामान न रखें, इन्हें दिवाली से पहले ही घर से बाहर कर देना चाहिए। पूजा के समय भूलकर भी काले, भूरे या गहरे नीले रंग के वस्त्र धारण न करें; इसके बजाय लाल, पीले, गुलाबी या नारंगी रंग के नए कपड़े पहनना अत्यंत शुभ होता है। लक्ष्मी पूजन के दौरान घर में किसी भी प्रकार का गृह-कलेश, गुस्सा, अपशब्द या बुजुर्गों का अनादर न करें, क्योंकि जिस घर में अशांति होती है वहां लक्ष्मी जी कभी निवास नहीं करतीं। इसके अलावा, पूजा में तुलसी दल या दूर्वा (लक्ष्मी जी को नहीं चढ़ानी चाहिए) चढ़ाने से बचें और आरती के बाद घर के मुख्य द्वार को देर रात तक पूरी तरह बंद न करें। इन नियमों का नियमपूर्वक पालन करने से आपके जीवन में खुशहाली और अपार धन-धान्य की वर्षा होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Nov 2026 1:01 pm

दिवाली की रात महालक्ष्मी पूजन में राशि अनुसार फूलों के प्रयोग से बदल सकती है किस्मत

रोशनी और खुशियों के पावन त्योहार दीपावली की रात धन की देवी मां महालक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की आराधना का सबसे उत्तम अवसर माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पूजन के दौरान अर्पित किए जाने वाले हर फूल का अपना एक विशेष आध्यात्मिक महत्व और ग्रह-नक्षत्रों से गहरा जुड़ाव होता है। अक्सर लोग लक्ष्मी पूजन में केवल गुलाब या गेंदे के सामान्य फूलों का ही उपयोग करते हैं, लेकिन अगर आप अपनी जन्म राशि के स्वामी ग्रह और मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तुओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रंग और सुगंध वाले पुष्प अर्पित करते हैं, तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि सही राशि अनुसार फूल चढ़ाने से जन्मकुंडली में मौजूद ग्रह दोष शांत होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में स्थायी वास करती हैं।मेष से कन्या राशि तक: जानें अपनी राशि के लिए कौन सा फूल रहेगा सबसे फलदायी और सिद्धदिवाली पूजन के दौरान मेष राशि के जातकों को मंगल ग्रह की शुभता और महालक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लाल गुलाब या लाल गुड़हल का फूल चढ़ाना चाहिए, जिससे धन में वृद्धि होती है। वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं, अतः इस राशि वाले जातकों को मां लक्ष्मी को बेहद प्रिय सफेद कमल या मोगरा का सुगंधित फूल अर्पित करना चाहिए, इससे जीवन में वैभव और सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं। मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए इन जातकों के लिए हरी पत्तियां या पीले-हरे कनेर और गेंदे के पुष्प से मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करना शुभ फलदायक साबित होता है। कर्क राशि के जातकों को चंद्रमा का आशीर्वाद पाने के लिए सफेद कमल का फूल या चमेली चढ़ानी चाहिए। सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य की कृपा और धन-समृद्धि हेतु लाल कनेर या गुलाबी कमल अर्पित करना अत्यंत फलदायी रहता है। कन्या राशि के जातकों को कमलगट्टा या हरे-पीले ताजे पुष्प माता के चरणों में समर्पित करने चाहिए।तुला से मीन राशि तक: सुख-समृद्धि और धन वर्षा के लिए जरूर करें इन विशेष पुष्पों का अर्पणतुला राशि के स्वामी भी शुक्र देव हैं, अतः इस राशि के जातकों को दिवाली की पावन रात मां लक्ष्मी को सफेद गुलाब, रजनीगंधा या इत्र में डूबे सफेद पुष्प अर्पित करने चाहिए। वृश्चिक राशि के जातकों को मंगल ग्रह की ऊर्जा और देवी की कृपा के लिए लाल गुलाब या गुड़हल के फूल चढ़ाने चाहिए। धनु राशि के जातकों के स्वामी बृहस्पति हैं, इसलिए इन्हें पीले गेंदे के फूल या पीला कमल अर्पित करना चाहिए, जिससे ज्ञान और धन में बढ़ोतरी होती है। मकर और कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव हैं; अतः मकर राशि वालों को नीले अपराजिता (शंखपुष्पी) या नीले फूल अर्पित करने चाहिए, जबकि कुंभ राशि के जातकों को बैंगनी-नीले पुष्प या कमल का फूल चढ़ाना अत्यंत लाभकारी रहता है। मीन राशि के जातकों को देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करने के लिए पीले कमल या पीले गेंदे के पुष्प अर्पित करके पूजा संपन्न करनी चाहिए। इस प्रकार राशि अनुसार श्रद्धापूर्वक किए गए पुष्प अर्पण से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हमेशा आपके परिवार पर बना रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Nov 2026 1:00 pm

South India के 5 प्रमुख Temples जहां पूजा से मिलती है धन, समृद्धि और सफलता

हर व्यक्ति की चाहत होती है कि उनके जीवन में पैसा और समृद्धि हो। जब भी कम धन, यश, समृद्धि या भौतिक सुख की कामना करते हैं। तो हम सभी के दिमाग में सबसे पहले मां लक्ष्मी का नाम आता है। हालांकि उत्तर भारत के विपरीत दक्षिण भारत में ऐसे कई देवी-देवता हैं, जिनकी पूजा संपन्नता, आर्थिक स्थिरता, सफलता और समृद्धि का आशीष मिला है। इन देवताओं के पास भक्त बेहतर करियर, आर्थिक कल्याण और बिजनेस अवसर के उद्देश्य से मंदिरों में दर्शन करते हैं और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको दक्षिण भारत के 5 ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको धन और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। भगवान वेंकटेश्वर भगवान वेंकटेश्वर को जगत के पालनहार भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। दक्षिण भारत में वेंकटेश्वर भगवान की व्यापक रूप से पूजा की जाती हैं। उनको श्रीनिवास, तिरुपति बालाजी औऱ गोविंद जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है। आंध्र प्रदेश के तिरुपति में स्थिति भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर दुनिया का सबसे समृद्ध और पवित्र तीर्थ स्थल है। इसे भी पढ़ें: भगवान Dhanvantari के अमृत कलश और 14 दिव्य रत्नों से जुड़ा है Dhanteras का पावन पर्व भगवान वेंकटेश्वर को आध्यात्मिकता अलावा भौतिक सुख-सुविधा और समृद्धि से जोड़ा जाता है। भक्तों का मानना है कि भगवान वेंकटेश्वर की पूजा करने से जीवन में सफलता, सौभाग्य और शांति की प्राप्ति होती है। देवी अष्टलक्ष्मी दक्षिण भारत में देवी लक्ष्मी के पूजनीय रूपों में अष्टलक्ष्मी शामिल हैं। अष्टलक्ष्मी नाम का अर्थ है कि लक्ष्मी के 8 रूप, जिनमें से हर एक समृद्धि के अलग तरह का प्रतिनिधित्व करता है। इनमें आदि लक्ष्मी आध्यात्मिक धन, धान्य लक्ष्मी भोजन और पोषण, धना लक्ष्मी, भौतिक सुख, गज लक्ष्मी शक्ति और राजत्व, वीर लक्ष्मी हिम्मत, विजय लक्ष्मी जीत, संतान लक्ष्मी संतान और परिवार, और विद्या लक्ष्मी ज्ञान का प्रतीक है। देवी पद्मावती तमिल में देवी पद्मावती को अलमेलु और तेलुगु में अलमेलुमंगा के नाम से भी जाना जाता है। यह दक्षिण भारत में व्यापक रूप से पूजी जाने वाली देवियों में शामिल हैं। देवी पद्मावती को मां लक्ष्मी का अवतार और भगवान श्रीवेंकटेश्वर की पत्नी माना जाता है। देवी पद्मावती को समृद्धि, पैसा और करुणा की देवी माना जाता है और वैष्णव परंपराओं में उनका स्थान बेहद खास है। दक्षिण भारत में देवी पद्मावती के कई मंदिर हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश के तिरुचनूर में श्री पद्मावती अम्मावरी मंदिर शामिल है। देवी कनक दुर्गा देवी कनक दुर्गा को आदि पराशक्ति का दिव्य रूप भी माना जाता है। देवी कनक दुर्गा की पूजा आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित मंदिर में की जाती है, जहां पर उनको स्वयंभू माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां की पूजा-अर्चना करते हैं, उनको डर से दूर होने की शक्ति मिली है और जीवन से बुरे से बुरे दौर से उबरने की शक्ति मिलती है। देवी कनक दुर्गा की पूजा से धन, समृद्धि और सुरक्षा प्राप्त होती है। भगवान कुबेर भगवान कुबेर को धन और समृद्धि का देवता माना जाता है। इनको देवताओं का कोषाध्यक्ष भी कहा जाता है। माना जाता है कि जो भी लोग श्रद्धा और निष्ठा के साथ भगवान कुबेर की आराधना करते हैं, उनको समृद्धि, आर्थिक स्थिरता और सफलता प्राप्त होती है। आमतौर पर भक्त मां लक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा-आराधना करते हैं।

प्रभासाक्षी 7 Nov 2026 10:46 am

क्या पहली बार रत्न खरीद रहे हैं? असली लाभ के लिए वजन से लेकर उंगली तक 5 बातों का रखें ध्यान

रत्न शास्त्र के अनुसार, बिना ज्योतिषीय सलाह के रत्न पहनना हानिकारक हो सकता है। रत्न खरीदने से पहले कुंडली, वजन, धातु, उंगली और रत्न की गुणवत्ता का ध्यान रखना आवश्यक है।

जागरण 7 Nov 2026 10:36 am

Guru Ketu Yuti 2026: 5 दिसंबर तक सिंह राशि में गुरु-केतु की युति, इन 5 राशियों की खुलने वाली है लॉटरी

31 अक्टूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में प्रवेश हो चुका है, जहाँ पहले से ही केतु ग्रह विराजमान हैं। सिंह राशि में गुरु और केतु का यह महामिलन 5 दिसंबर 2026 तक रहेगा। ज्योतिष में गुरु को समृद्धि, ज्ञान और वृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 10:03 am

दीवाली की रात अचानक दिख जाए उल्लू, तो समझें चमकने वाली है किस्मत, मिलते हैं ये 5 बड़े संकेत

हिंदू धर्म में दीवाली की रात उल्लू का दिखना बेहद शुभ माना गया है। यह धन लाभ, व्यापार में तरक्की और मां लक्ष्मी की कृपा सहित कई सकारात्मक संकेत देता है।

जागरण 7 Nov 2026 10:00 am

आखिर क्यों काली चौदस की रात को ही होता है तंत्र-मंत्र? यहां पढ़ें इस पर्व से जुड़ी 5 मान्यताएं

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को काली चौदस मनाई जाती है, जिसमें मां काली, हनुमान जी और यमराज की पूजा का विधान है। यह पर्व नरकासुर वध, यम दीपक, नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति और अभ्यंग स्नान जैसी पांच प्रमुख मान्यताओं से जुड़ा है।

जागरण 7 Nov 2026 9:45 am

Chhoti Diwali 2026 Wishes: Facebook और WhatsApp पर लगाएं ये शानदार स्टेटस, हर कोई करेगा तारीफ

7 नवंबर 2026 को मनाई जा रही छोटी दीवाली के अवसर पर अपनों को भेजने के लिए शुभकामना संदेश, वॉट्सऐप मैसेज और सोशल मीडिया स्टेटस दिए गए हैं। यह पर्व रोशनी, सुख-समृद्धि और खुशियां बांटने का सुनहरा दिन माना जाता है।

जागरण 7 Nov 2026 9:26 am

नरक चतुर्दशी पर सिर्फ यमराज नहीं, पितरों के लिए भी जलता है दीप, समझें इसका रहस्य

नरक चतुर्दशी पर यमराज और पितरों के लिए दीपक जलाने का महत्व है। यह पर्व अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है और पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है, जिसमें 14 दीपक विभिन्न स्थानों पर जलाए जाते हैं।

जागरण 7 Nov 2026 9:24 am

Aaj Ka Rashifal: आज 07 नवंबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

Today 07 November horoscope in Hindi : आज 07 नवंबर, 2026, शनिवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 7:00 am

07 November Birthday: आपको 7 नवंबर, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

07 November Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 7 को जन्मे व्यक्तियों ...

वेब दुनिया 7 Nov 2026 7:00 am

7 नवंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग

Aaj 7 November 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 7 नवंबर 2026, दिन- शनिवार, कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी तिथि सुबह 10.47 बजे तक फिर चतुर्दशी तिथि, चित्रा नक्षत्र, चंद्रमा- कन्या में शाम 17.15 बजे तक फिर तुला में, सूर्य- तुला में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.43 बजे से दोपहर 12.26 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.21 बजे से सुबह 10.43 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.

आज तक 7 Nov 2026 2:30 am

मीन राशि वालों को आज अचानक कोई अच्छी खबर मिलेगी, शुभ रंग-क्रीम

Pisces Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: अचानक कोई अच्छी खबर मिलेगी, मित्रों से मदद मिलेगी, किसी से उलझने से बचें, किसी को पैसा उधार ना दें, सेहत का ख्याल रखें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.

आज तक 7 Nov 2026 2:24 am

कुंभ राशि वालों के आज रुके हुए काम बनेंगे, गाय को रोटी खिलाएं

Aquarius Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, आपकी योजनाएं सफल होंगी, रुके हुए काम बनेंगे, परिवार के साथ वक्त बीतेगा, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.

आज तक 7 Nov 2026 2:20 am

धनु राशि वाले आज हनुमान जी की पूजा करें, धन लाभ के रास्ते खुलेंगे

Sagittarius Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: धन लाभ के रास्ते खुलेंगे, अपने काम को बढ़ाने का समय है, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, परिवार में चल रहे मतभेद दूर होंगे, संतान से खुशी मिलेगी, व्यापार में तरक्की के मौके मिलेंगे.

आज तक 7 Nov 2026 2:14 am

वृश्चिक राशि वाले आज किसी को पैसा उधार ना दें, जानें व्यापार में कैसी रहेगी स्थिति

Scorpio Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: काम में आ रही रुकावटें दूर होंगी, किसी को पैसा उधार ना दें, नेगेटिव विचारों से बचें, सेहत का ख्याल रखें, बहुत दिनों से अटका हुआ काम पूरा होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है सावधान रहें.

आज तक 7 Nov 2026 2:12 am

तुला राशि वालों को आज कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, यात्रा से लाभ के योग हैं

Libra Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, मन की चिंता दूर होगी, भाग्य का साथ मिलेगा, यात्रा से लाभ के योग हैं, किसी भी काम में जल्दबाजी से बचें, व्यापार में निवेश बढ़ाने का समय है.

आज तक 7 Nov 2026 2:08 am

कन्या राशि वालों के लिए आज प्रॉपर्टी खरीदने का योग है, जानें कैसी रहेगी सेहत

Virgo Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: आपका सम्मान और बढ़ेगा, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, प्रॉपर्टी खरीदने का योग है, काम में चुनौतियां आएंगी, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में ध्यान देने का समय है.

आज तक 7 Nov 2026 2:06 am

सिंह राशि वालों के आज अधूरे कार्य पूरे होंगे, रुका हुआ पैसा मिलेगा

Leo Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: अधूरे कार्य पूरे होंगे, नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी, परेशानियों से छुटकारा मिलेगा, आपको दोस्त मदद करेंगे, रुका हुआ पैसा मिलेगा, व्यापार से जुड़े कार्य बनेंगे.

आज तक 7 Nov 2026 2:02 am

कर्क राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा, शुभ रंग होगा क्रीम

Cancer Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: मन की उलझनें दूर होंगी, परिवार में सुख बढ़ेगा, आपके काम बनेंगे, भाग्य का साथ मिलेगा, नए लोगों से मुलाकात होगी, व्यापार के रुके हुए काम पूरे होंगे.

आज तक 7 Nov 2026 2:00 am

मिथुन राशि वाले आज किसी गरीब को भोजन दान करें, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी

Gemini Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: अपने काम पर ध्यान देना होगा, वाहन सावधानी से चलाएं, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, धन प्राप्ति के अवसर मिलेंगे, लगातार बढ़ रहा खर्च परेशान कर सकता है, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी.

आज तक 7 Nov 2026 1:56 am

वृषभ राशि वालों के आज परिवार की मदद से काम बनेंगे, जानें जरूरी टिप

Taurus Daily Horoscope, 7 November 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: किसी से मतभेद हो सकता है, उधार लेनदेन से बचना होगा, हर काम सोच समझ कर करें, परिवार की मदद से काम बनेंगे, मन में नेगेटिव विचार ना पालें, व्यापार में हर काम सावधानी से करें.

आज तक 7 Nov 2026 1:54 am

बड़ों से परिचय का लाभ लेंगे, लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखेंगे

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 7 November 2026: चर्चा के केंद्र में बने रहेंगे. विविध प्रयासों में गति लाएंगे. सामूहिक विषयों में रुचि रहेगी. भावनात्मक मामलों में सहज रहेंगे. भेंट संवाद पर फोकस रहेगा. जोखिम उठाने की सोच रह सकती है. मिलकर आगे बढ़ने का भाव रहेगा.

आज तक 7 Nov 2026 1:24 am

परिणाम पक्ष में बनेंगे, संबंधियों से सहयोग बढ़ाए रहें

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 7 November 2026: व्यवसाय के सभी पहलुओं में संतुलन रखेंगे. स्पर्धा का भाव बनाए रखेंगे. महत्वपूर्ण मामलों को साधेंगे. निजी गतिविधियों में तेजी बढ़ेगी. नवीन संभावनाओं को बल देंगे. परिणाम पक्ष में बनेंगे. संबंधियों से सहयोग बढ़ाए रहें.

आज तक 7 Nov 2026 1:22 am

आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा, अपनों के साथ सुखद पल बिताएंगे

Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 7 November 2026: घर में हर्ष का वातावरण रहेगा. आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा. अपनों के साथ सुखद पल बिताएंगे. खुशियों को बढ़ावा मिलेगा. व्यवस्था पर नियंत्रण रखेंगे. मित्र एवं करीबी मददगार होंगे. व्यक्तिगत विषयों पर फोकस होगा. नेतृत्व स्वीकारेंगे.

आज तक 7 Nov 2026 1:18 am

कार्य व्यवहार में भव्यता बनाए रहेंगे, परिचितों का समर्थन बना रहेगा

Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 7 November 2026: लक्ष्य पूरे करने का प्रयास रहेगा. कार्य व्यवहार में भव्यता बनाए रहेंगे. परिचितों का समर्थन बना रहेगा. महत्वपूर्ण अवसरों का लाभ उठाएंगे. करीबियों से चर्चा संवाद संवार पर रहेगा. सक्रियता और सूझबूझ बनाए रखेंगे.

आज तक 7 Nov 2026 1:16 am

स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार होगा, रुटीन बेहतर रहेगा

Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 7 November 2026: प्रदर्शन संवार पर रहेगा. घर में सहकार का भाव बढ़ेगा. आत्म्विश्वास से भरे रहेंगे. व्यक्तिगत मामलों में उमंग उत्साह से आगे बढ़ेंगे. सुनियोजित ढंग से कार्य करेंगे. शुभ सूचनाओं की प्राप्ति होगी.

आज तक 7 Nov 2026 1:12 am

नकारात्मक बातों से दूरी बनाएं, जरूरत की सुविधाएं जुटाएंगे

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 7 November 2026: प्रभावपूर्ण स्थिति बनाए रखेंगे. चर्चा में स्पष्टता बनी रहेगी. रिश्तेदारों का सहयोग पाएंगे. अफवाहों से प्रभावित नहीं हों. नीति नियमों की समझ बढ़ाएं. विविध विषयों में सक्रियता बनाए रखें.

आज तक 7 Nov 2026 1:10 am

विभिन्न अवसर का लाभ उठाएंगे, आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 7 November 2026: संतुलित प्रदर्शन से सभी प्रभावित होंगे. लक्ष्य पर फोकस बनाए रहेंगे. विभिन्न अवसर का लाभ उठाएंगे. आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी. कारोबारी मामलों में संतुलन बढ़ाएंगे. आवश्यक मामले पक्ष में रहेंगे.

आज तक 7 Nov 2026 1:06 am

धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यमराज का दीपक?

धनतेरस पर मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा के साथ यमराज के नाम का दीपक जलाने की भी परंपरा है. मान्यता है कि यम दीपक जलाने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से रक्षा मिलती है और लंबी आयु की कामना पूरी होती है. इस साल यम दीपक जलाने का शुभ समय शाम 5 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 51 मिनट तक है.

आज तक 6 Nov 2026 7:00 pm

Diwali 2026: मां Lakshmi और गणेश जी की आराधना 8 नवंबर को, Pradosh Kaal में करें Deepawali पूजन

हर साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को दीपवली का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस तिथि पर भगवान श्रीराम 14 साल का वनवास पूरा करके मां सीता और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या वापस आए थे। श्रीराम के अयोध्या वापस आने की खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उत्सव मनाया था। वहीं दिवाली की रात धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि दीपावली पर अमावस्या तिथि और प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और घर में उनका वास होता है। हालांकि इस बार दीपावली की डेट को लेकर लोगों के मन में कंफ्यूजन है। तो आइए जानते हैं दिवाली की डेट, लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में... इसे भी पढ़ें: Dhanteras पर समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे Lord Dhanvantari तिथि और मुहूर्त वैदिक पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह की अमावस्या तिथि की शुरूआत 08 नवंबर की सुबह 11:27 मिनट से हो रही है। वहीं अगले दिन यानी की 09 नवंबर 2026 की रात 12:31 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि और प्रदोष काल के आधार पर 08 नवंबर 2026 को दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। वहीं इस दिन लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त शाम 05: 54 से 07:50 बजे है और प्रदोष काल शाम 05:31 से 08:09 बजे तक है। पूजन विधि सबसे पहले पूजा स्थल की अच्छे से सफाई करें और फिर ईशान कोण दिशा में लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। अब इस पर अक्षत रखें और भगवान गणेश व मां लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करें। इसके बाद चौकी के पास तांबे या पीतल के कलश में शुद्ध जल और गंगाजल भरकर रखें। कलश के अंदर सुपारी, एक सिक्का, अक्षत और रोली आदि डालें। फिर कलश के मुख पर आम के पत्ते रखकर उस पर दीपक रखें। अब हाथ में थोड़ा सा जल लेकर अपने ऊपर और सभी पूजन सामग्री के ऊपर छिड़काव करें और इस दौरान 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥' मंत्र का जाप करें। फिर आचमन करने के बाद दाहिने हाथ में फल, अक्षत, फूल और जल लेकर मां लक्ष्मी और श्रीगणेश से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। दिवाली पूजा से पहले प्रथम पूज्य देवता भगवान गणेश की पूजा करें और उनको रोली, अक्षत, दूर्वा, मिठाई और धूप-दीप अर्पित करें। इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा शुरू करें। मां लक्ष्मी को रोली, कुमकुम का तिलक करें। फिर लाल फूल, कमल, खील, बताशे, मिठाई और फल आदि अर्पित करें। इसके बाद तिजोरी में रखन के लिए पीली कौड़ियों, कुछ सिक्के, कमलगट्टे और गोमती चक्र को मां लक्ष्मी के चरणों में रखें और फिर कुबेर देव की पूजा-अर्चना करें। अब भगवान गणेश की आरती और मां लक्ष्मी की आरती करें और अंजाने में पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें। लक्ष्मी-गणेश की पूजा के बाद घर के सभी जगहों पर दीपक रखें।

प्रभासाक्षी 6 Nov 2026 5:54 pm

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 07 नवंबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

07 November 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके ...

वेब दुनिया 6 Nov 2026 5:04 pm

पराली जलाए जाने को लेकर सरकार क्या ले रही है एक्शन? देखें पंजाब आजतक

पंजाब आजतक के इस बुलेटिन में आज आपको द‍िखाएंगे क्या वाकई पंजाब में जल रही है पराली और सरकार इस पर क्या ले रही है एक्शन. द‍िल्ली में बढ़ते प्रदूषण और पंजाब खेतों से उढ़ते धुएं ने कैसे बढ़ाई दी दो राज्यों की स‍ियासत. आजतक की एक्सक्लूस‍िव पड़ताल, ज‍िसने पाक‍िस्तान से चलाए जा रहे इंस्टाग्राम मॉड्यूल का खुलासा क‍िया. सूबे से जुड़ी हर अहम खबर लेक‍िन पहले देखेंगे हेडलाइंस.

आज तक 6 Nov 2026 2:59 pm

Sanjeev Kumar Death Anniversary: दो National Award जीतने वाले अभिनेता Sanjeev Kumar का 47 की उम्र में हुआ था निधन

आज ही के दिन यानी की 06 नवंबर को हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता संजीव कुमार का निधन हो गया था। वह एक ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अपने अभिनय के जरिए बड़े पर्दे पर एक ऐसी अमिट लकीर खींची, जिसको समय की धूल भी धुंधली नहीं कर पाई है। अभिनेता संजीव कुमार अपने हर किरदार में जान फूंक देते थे। उनका यह सफर जितना जादुई और सम्मोहक था, उतना ही ज्यादा संघर्ष भरा भी रहा था। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर अभिनेता संजीव कुमार के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार गुजरात के सूरत में 09 जुलाई 1938 को संजीव कुमार का जन्म हुआ था। उनका असली नाम हरिहर जेठालाल जरीवाला था। वैसे तो वह गुजराती परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उनका परिवार बाद में मुंबई आकर बस गया था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरूआत थिएटर से की थी। इसे भी पढ़ें: Shakuntala Devi Birth Anniversary: मानव कंप्यूटर के नाम से फेमस थीं शकुंतला देवी, पलक झपकते ही हल कर देती थीं मुश्किल गणनाएं फिल्मी सफर साल 1960 में संजीव कुमार ने फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' से बॉलीवुड में कदम रखा था। संजीव कुमारी की बहुमुखी प्रतिभा ने उनको हर तरह के किरदार निभाने में माहिर बना दिया था। वह ड्रामा, कॉमेडी और गंभीर किरदारों जान फूंकना बखूबी जानते थे। फिर साल 975 में आई फिल्म 'शोले' में उन्होंने 'ठाकुर' का रोल निभाकर हर किसी के दिल में अपनी खास जगह बनाई थी। फिल्म आंधी में भी अभिनेता की एक्टिंग को काफी पसंद किया गया था। इसके अलावा संजीव कुमार ने 'अंगूर', 'कोशिश', 'नमकीन', 'आंधी', 'त्रिशूल', 'संघर्ष' और 'खिलौना' जैसी फिल्मों में काम किया है। अभिनेता ने करीब 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था और कई पुरस्कार भी जीते थे। इसमें दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी शामिल हैं। लव लाइफ अपनी एक्टिंग का सादगी से लाखों दिलों पर राज करने वाले अभिनेता संजीव कुमार असल जिंदगी में ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी पर दिल हार बैठे थे। वह हेमा मालिनी का हाथ मांगने के लिए उनके घर भी गए, लेकिन अभिनेत्री की मां ने अपनी बिरादरी का हवाला देते हुए इस रिश्ते से इंकार कर दिया था। इसके बाद संजीव कुमार इस कदर टूटे कि उन्होंने ताउम्र शादी न करने का फैसला कर लिया। वहीं संजीव कुमार ने खुद पर जान लुटाने वाली सुलक्षणा पंडित के प्यार को भी ठुकरा दिया था। डेथ वहीं 06 नवंबर 1985 को 47 साल की उम्र में अभिनेता संजीव कुमार ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।

प्रभासाक्षी 6 Nov 2026 2:57 pm

साल की अंतिम सोमवती अमावस्या कब': जानें सही तारीख

हिंदू पंचांग और सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष और अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तो इसे 'सोमवती अमावस्या' के नाम से जाना जाता है। साल 2026 की अंतिम सोमवती अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं के मन में तारीख और शुभ मुहूर्त को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान, ध्यान, गरीब व जरूरतमंदों को दान और अपने पितरों का स्मरण करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, इस विशेष दिन पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-शांति के लिए पीपल के पेड़ की परिक्रमा करती हैं और विशेष पूजा-अर्चना करती हैं। यदि आप भी साल के इस आखिरी पावन अवसर पर व्रत रखने, स्नान-दान करने और पितृ दोष की शांति के लिए उपाय करने की सोच रहे हैं, तो आइए पंडितों और ज्योतिष आचार्यों से जानते हैं इस साल की अंतिम सोमवती अमावस्या की सटीक तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व।साल 2026 की अंतिम सोमवती अमावस्या की तिथि और पंचांग के अनुसार सही समयपंचांग गणना के अनुसार, साल 2026 की यह आखिरी सोमवती अमावस्या मार्गशीर्ष (अगहन) या पौष मास के विशेष संयोग में आ रही है। अमावस्या तिथि का आरंभ रविवार की रात या सोमवार की तड़के शुरू होकर सोमवार की पूरी रात तक प्रभावी रहेगा। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, स्नान और दान का मुख्य पर्व सोमवार के दिन ही मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना बताती है कि इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर करेंगे और आकाश में बेहद शुभ नक्षत्रों का संयोग बनेगा। सोमवती अमावस्या के दिन सुबह सूर्योदय के साथ ही पवित्र नदियों (जैसे गंगा, यमुना या सरयू) में स्नान करने का विधान है। यदि आप किसी नदी के तट पर जाने में असमर्थ हैं, तो घर के पानी में ही थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करने से भी पवित्र नदियों में स्नान करने के समान ही पुण्य फल की प्राप्ति होती है।स्नान-दान और पूजा के लिए चौघड़िया व शुभ मुहूर्त: जानें किस समय करें अनुष्ठानसोमवती अमावस्या के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र का दान करने से कई गुना अधिक फल मिलता है। इस दिन के प्रमुख शुभ चौघड़िया और मुहूर्त इस प्रकार हैं:ब्रह्म मुहूर्त (स्नान का सबसे उत्तम समय): सुबह 05:05 बजे से सुबह 05:58 बजे तकअमृत चौघड़िया (दिन का शुभ मुहूर्त): सुबह 07:02 बजे से सुबह 08:21 बजे तकअभिजित मुहूर्त (पूजा व दान के लिए): दोपहर 11:45 बजे से दोपहर 12:28 बजे तकलाभ व अमृत काल (संध्याकालीन मुहूर्त): शाम 04:12 बजे से शाम 05:35 बजे तकइन निर्धारित मुहूर्तों में पूजा-पाठ और दान करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।पीपल के पेड़ की परिक्रमा और पितृ दोष से मुक्ति के अचूक उपायसोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल के पेड़ में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के साथ-साथ सभी देवी-देवताओं और पितरों का वास होता है। इस दिन सुबह स्नान के बाद पीपल के पेड़ के पास जाएं, वहां जल चढ़ाएं, कच्चा सूत लपेटकर 108 बार परिक्रमा करें और घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से महिलाओं का सुहाग अखंड रहता है और घर में आ रही समस्त प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। इसके अलावा, जिन जातकों की कुंडली में पितृ दोष, कालसर्प दोष या शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या चल रही हो, उनके लिए सोमवती अमावस्या के दिन गरीबों को काले तिल, कंबल, अन्न और दक्षिण का दान करना रामबाण उपाय माना गया है। पितरों की तृप्ति के लिए इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण करने से पितृगण प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 2:37 pm

धनतेरस पर सिर्फ 11 रुपये में खरीदें ये 5 चीजें': सोना-चांदी खरीदना जरूरी नहीं

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस का पावन पर्व हिंदू धर्म में बहुत ही खास और सौभाग्यशाली माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है। सनातन परंपरा के अनुसार, धनतेरस के दिन सोना, चांदी, पीतल के बर्तन, वाहन या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की पुरानी परंपरा है, ताकि घर में बरकत बनी रहे। हालांकि, महंगाई के इस दौर में हर व्यक्ति के लिए सोने या चांदी जैसी महंगी धातुएं खरीदना संभव नहीं हो पाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यदि आपका बजट कम है या आप सोने-चांदी की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं, तो भी आप बेहद मामूली कीमत यानी मात्र 11 रुपये से लेकर कुछ ही रुपयों में मिलने वाली 5 बेहद पवित्र चीजें खरीदकर मां लक्ष्मी की उतनी ही असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं? ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के जानकारों के अनुसार, ये छोटी-छोटी चीजें आपके जीवन से दरिद्रता और आर्थिक संकट को हमेशा के लिए दूर कर सकती हैं। आइए जानते हैं कि धनतेरस के शुभ अवसर पर वे कौन सी 5 चीजें हैं जिन्हें घर लाना बेहद शुभ माना जाता है।धनतेरस पर क्यों है इन छोटी चीजों का महत्व? जानिए धार्मिक और आध्यात्मिक कारणआम तौर पर लोग यही सोचते हैं कि धनतेरस का मतलब केवल सोने-चांदी के गहने या महंगे बर्तन खरीदना ही होता है, लेकिन प्राचीन धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, पूजा की भावना और सामग्री की पवित्रता सबसे ज्यादा मायने रखती है। इस दिन खरीदी जाने वाली सामान्य वस्तुएं भी यदि सही विधि और मुहूर्त में घर लाई जाएं, तो वे साक्षात मां लक्ष्मी और कुबेर देवता को प्रसन्न करने का जरिया बन जाती हैं। इन चीजों में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने की अद्भुत क्षमता होती है। यदि आप भी इस धनतेरस अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं और घर में सुख-शांति बनाए रखना चाहते हैं, तो बाजार में आसानी से मिलने वाली इन पांच चीजों को अपनी शॉपिंग लिस्ट में जरूर शामिल करें, जो आपके बजट पर भी भारी नहीं पड़ेंगी।1. साबुत धनिया (Coriander Seeds): मां लक्ष्मी को अर्पित करने से बढ़ती है बरकतधनतेरस के दिन सूखा साबुत धनिया खरीदना और उसे घर लाना अत्यंत शुभ माना जाता है। धनिया को धन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। धनतेरस या दीपावली के दिन पूजा के दौरान थोड़ा सा साबुत धनिया मां लक्ष्मी को अर्पित करें और पूजा के बाद इस धनिए का कुछ हिस्सा अपने घर के गमले या बगीचे में बो दें, जबकि बाकी बचे हुए धनिया को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या पैसे रखने की जगह पर रख लें। मान्यता है कि जैसे-जैसे धनिया के पौधे उगते हैं, वैसे-वैसे आपके घर में धन और वैभव की वृद्धि होती है। बाजार में यह मात्र 10 से 20 रुपये में आसानी से मिल जाता है।2. कौड़ी (Kaudi): पीली कौड़ियां मां लक्ष्मी को हैं बेहद प्रिय, तिजोरी में रखेंसमुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी के साथ ही कौड़ियां भी प्रकट हुई थीं, इसलिए कौड़ियों को मां लक्ष्मी का भाई या उनका प्रिय स्वरूप माना जाता है। धनतेरस के दिन 5 या 11 पीली कौड़ियां खरीदकर घर लाएं और धनतेरस की रात उनकी विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के बाद इन पीली कौड़ियों को एक लाल रंग के साफ कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी, लॉकर या अलमारी में रख लें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से कभी भी धन की कमी नहीं होती है और फिजूलखर्च पर लगाम लगती है। यह बेहद चमत्कारी उपाय माना जाता है जो बहुत कम खर्च में आपकी किस्मत बदल सकता है।3. कमल गट्टे की माला (Kamal Gatta Mala): आर्थिक तंगी को दूर करने का अचूक उपायकमल का फूल मां लक्ष्मी का सबसे पसंदीदा आसन माना जाता है और कमल के फूल से निकलने वाले बीजों को 'कमल गट्टा' कहा जाता है। धनतेरस के दिन कमल गट्टे की माला या कमल गट्टे के कुछ दाने बाजार से अवश्य खरीदकर लाएं। मां लक्ष्मी के पूजन के दौरान कमल गट्टे की माला से उनके मंत्रों का जाप करना या इसे पूजा स्थान पर रखना बहुत फलदायी होता है। दीपावली के बाद इस माला को अपनी तिजोरी में स्थापित करने से मां लक्ष्मी का स्थाई वास आपके घर में हो जाता है और कर्ज जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।4. गोमती चक्र (Gomti Chakra): नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर घर में लाएं सकारात्मकतागोमती नदी में पाए जाने वाले श्वेत और पीले रंग के गोमती चक्र दुर्लभ और चमत्कारी माने जाते हैं। इनके एक तरफ चक्र का निशान होता है जो भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस के दिन 7 या 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र खरीदकर घर लाना चाहिए। इन्हें सिंदूर या हल्दी लगाकर लाल कपड़े में बांधकर घर की तिजोरी में रखने से घर को किसी भी प्रकार की बुरी नजर या नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। यह व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करने और तरक्की के नए रास्ते खोलने में भी बहुत मददगार साबित होता है।5. नमक का पैकेट (New Salt Packet): नकारात्मकता मिटाकर घर में लाएं शुद्धतासाधारण सा दिखने वाला खाने का नमक भी मां लक्ष्मी और राहु के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने का बहुत बड़ा माध्यम माना जाता है। धनतेरस के दिन नया नमक का पैकेट खरीदना और उसी नमक से दीपावली के दिन घर में पसार (पोंछा) लगाना या भोजन बनाना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि नया नमक घर की सारी नेगेटिव एनर्जी को सोख लेता है और घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम व स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इस प्रकार, बिना ज्यादा पैसे खर्च किए आप इन पांच पवित्र चीजों से अपने धनतेरस को बेहद खास और मंगलमय बना सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 2:36 pm

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने का रहस्य और नियम': क्यों है इस दिन झाड़ू खरीदना इतना शुभ

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानी धनतेरस का पावन पर्व हिंदू धर्म में बहुत ही खास और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा का विधान है। धनतेरस के दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और वाहन जैसी कीमती चीजें खरीदते हैं, लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी चीज है जिसके बिना धनतेरस की खरीदारी अधूरी मानी जाती है और वह है 'झाड़ू'। क्या आपने कभी सोचा है कि हर साल धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने की इतनी प्राचीन और मजबूत परंपरा क्यों चली आ रही है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को केवल सफाई करने का साधन नहीं बल्कि मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यदि आप भी इस धनतेरस अपने घर में सुख, शांति और स्थाई समृद्धि चाहते हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि धनतेरस पर झाड़ू क्यों खरीदी जाती है और इसे घर लाने के बाद कौन से विशेष नियम अपनाने चाहिए।धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की पौराणिक और धार्मिक मान्यता: क्यों इसे माना जाता है मां लक्ष्मी का रूप?सनातन संस्कृति और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को बहुत पवित्र स्थान दिया गया है। झाड़ू के संबंध में यह मान्यता है कि यह घर की गंदगी के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy), दरिद्रता और आलस्य को बाहर निकालती है। जिस घर में साफ-सफाई और स्वच्छता रहती है, वहीं पर मां लक्ष्मी का वास होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, ठीक उसी समय मां लक्ष्मी भी अवतरित हुई थीं। मां लक्ष्मी को स्वच्छता अत्यधिक प्रिय है, इसलिए धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदकर घर में लाने से घर की दरिद्रता का नाश होता है और धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है। यही कारण है कि इस दिन हर वर्ग के लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार एक नई झाड़ू जरूर खरीदते हैं।झाड़ू घर लाने के बाद क्या करें और क्या न करें? जानिए बरकत बनाए रखने के अचूक वास्तु नियमबाजार से धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदकर घर लाने के बाद कुछ विशेष नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है, अन्यथा पूजा और खरीदारी का पूरा फल नहीं मिलता है:सफेद धागा बांधें: नई झाड़ू घर लाने के बाद उसकी पूजा करने से पहले उसके निचले हिस्से में एक सफेद रंग का रेशमी या सूती धागा बांध देना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है और घर में बरकत आती है।गुप्त जगह पर रखें: झाड़ू को कभी भी खुले में या मुख्य दरवाजे के सामने नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा घर के किसी कोने में लिटाकर ऐसी जगह रखें जहाँ बाहरी लोगों की नजर आसानी से न पड़े।झाड़ू का अपमान न करें: झाड़ू में मां लक्ष्मी का वास माना जाता है, इसलिए कभी भी झाड़ू को पैर न लगाएं और न ही इसके ऊपर से लांघें। यदि ऐसा अनजाने में भी हो जाए, तो हाथ जोड़कर माफी मांग लेनी चाहिए।तिजोरी की तरह रखें संभाल कर: कभी भी झाड़ू को खड़ी अवस्था में न रखें, हमेशा जमीन पर लिटाकर ही रखना चाहिए। सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।किस धातु या किस चीज की झाड़ू खरीदना है सबसे शुभ? इन बातों का रखें विशेष ध्यानआजकल बाजार में प्लास्टिक और सिंथेटिक फिलामेंट वाली फैंसी झाड़ू भी बिकने लगी हैं, लेकिन धार्मिक और वास्तु दृष्टिकोण से धनतेरस के दिन हमेशा सींक वाली झाड़ू या फूल झाड़ू ही खरीदनी चाहिए। अगर संभव हो तो प्राकृतिक घास या सींक से बनी झाड़ू ही घर लाएं। इसके अलावा, कभी भी टूटी-फूटी या पुरानी झाड़ू का इस्तेमाल घर में नहीं करना चाहिए। दीपावली या धनतेरस के दिन पुरानी झाड़ू को घर से बाहर निकाल देना चाहिए और उसकी जगह नई झाड़ू का उपयोग शुरू करना चाहिए। इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर आप अपने जीवन में आर्थिक तंगी को दूर कर सकते हैं और पूरे साल अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 2:34 pm

Narak Chaturdashi 2026: नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान का सबसे शुभ मुहूर्त कब है? जानें सही विधि और नियम

2026: नरक चतुर्दशी पर अभ्यंग स्नान का सबसे शुभ मुहूर्त, उबटन लगाने की सही विधि, सामग्री और अपामार्ग प्रयोग के नियम यहाँ पढ़ें। जानें सूर्योदय से पहले स्नान का धार्मिक महत्व।

वेब दुनिया 6 Nov 2026 2:31 pm

आखिर क्यों मनाई जाती है दीपावली? जानें 5 ऐसी बातें जो शायद ही जानते होंगे

Deepawali 2026: देश में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में दीपावली का विशेष स्थान है। रोशनी, खुशियों, उमंग और उत्साह का यह पर्व हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस अवसर पर घरों को दीपों से सजाया जाता है, रंगोली बनाई जाती है, ...

वेब दुनिया 6 Nov 2026 1:48 pm

गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड और एक्स, लव ट्रायंगल का अजीब अंत; देखें वारदात

केरलम की राजधानी त‍िरुवनंतपुरम से एक अजीब वारदात की खबर सामने आई है. 17 साल के एक नाबाल‍िग लड़के का अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया. इस ब्रेकअप के बाद उस लड़की की ज‍िंदगी में एक नया दोस्त आया. अब वह अपने नए दोस्त की तस्वीर सोशल मीड‍िया पर डालने लगी. इसे देखकर एक्स बॉयफ्रेंड को गुस्सा आ गया. अब उसने कत्ल करने का प्लान बनाया. पर कत्ल क‍िसी और का होना था और हो क‍िसी और हो का गया. देखें क्या है ये वारदात.

आज तक 6 Nov 2026 1:31 pm

धनतेरस पर खरीदारी का सबसे बड़ा मुहूर्त, बस थोड़ी देर में होगा शुरू

Dhanteras 2026: धनतेरस पर खरीदारी के लिए आज दूसरा शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त है. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. यानी इस शुभ घड़ी में खरीदारी के लिए आपको करीब 1 घंटा 8 मिनट का समय मिलेगा.

आज तक 6 Nov 2026 11:00 am

धनतेरस 2026: सोना-चांदी खरीदने का सबसे सटीक मुहूर्त, यम दीपदान का समय और धन्वंतरि पूजन की संपूर्ण विधि

भारतीय सनातन संस्कृति, लोक आस्था और प्रकाश पर्व दीपावली के सबसे पहले और अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव यानी 'धनतेरस 2026' (Dhanteras 2026) का आज पूरे देश में भव्य और हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाया जा रहा है। आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी, विघ्नहर्ता भगवान गणेश और धन के रक्षक कुबेर देव को समर्पित यह पावन पर्व हर घर में सुख, शांति, अच्छी सेहत और अपार बरकत लेकर आता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के इस मंगलकारी अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने और नई वस्तुएं, बर्तन तथा विशेष तौर पर सोना-चांदी (Gold & Silver) खरीदने से घर में सालभर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसके अलावा, इस दिन शाम के समय परिवार की रक्षा और लंबी आयु की कामना के लिए यमराज के नाम से दीपदान करने की भी प्राचीन परंपरा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, दीपदान का सही समय कब है और सोना-चांदी खरीदने के कौन-से योग सबसे उत्तम माने गए हैं।धनतेरस 2026: किन देवी-देवताओं की पूजा का होता है विधान और क्या है उनका महत्वधनतेरस का यह पवित्र त्योहार केवल खरीदारी का दिन नहीं है, बल्कि यह पंचदिवसीय दीपोत्सव का आध्यात्मिक आरंभ है। इस दिन मुख्य रूप से पांच दिव्य शक्तियों और देवताओं की पूजा की जाती है, जिनका हमारे जीवन में विशेष स्थान है:भगवान धन्वंतरि: इन्हें आयुर्वेद, चिकित्सा और अच्छे स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। समुद्र मंथन के दौरान इसी तिथि पर वे अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इनकी पूजा से आरोग्य और लंबी आयु का वरदान मिलता है।माता लक्ष्मी: धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी की उपासना से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।कुबेर देव: भगवान कुबेर को देवताओं का कोषाध्यक्ष और धन का संरक्षक माना जाता है। इनकी कृपा से घर की तिजोरियां हमेशा भरी रहती हैं।भगवान गणेश: किसी भी शुभ कार्य या उत्सव की शुरुआत प्रथम पूज्य भगवान गणेश के आह्वान और पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है।यमराज: धनतेरस की संध्या पर मृत्यु के देवता यमराज के निमित्त दीपक जलाया जाता है, जिसे 'यम दीपदान' कहा जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।धनतेरस 2026 पर पूजा का शुभ मुहूर्त और सरल विधिपंचांग के अनुसार, धनतेरस के दिन प्रदोष काल में पूजा करना सबसे उत्तम और फलदायी माना जाता है। इस वर्ष प्रदोष काल में पूजा का मुख्य शुभ समय शाम 6 बजकर 19 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप घर के मंदिर में आसानी से विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कर सकते हैं।पूजन की संपूर्ण विधि:सबसे पहले अपने घर के मंदिर और पूजा स्थल की अच्छी तरह साफ-सफाई करें और वहां गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र कर लें।अब एक साफ लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर उस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर देव की मूर्तियां या तस्वीरें स्थापित करें।पूजा की शुरुआत करते हुए घी या सरसों के तेल का शुद्ध दीपक प्रज्वलित करें और सभी देवी-देवताओं को जल तथा पंचामृत अर्पित करें।इसके बाद भगवान को चंदन, कुमकुम, अक्षत (चावल), रोلي और कलावा चढ़ाएं। साथ ही ताजे फूल, माला, फल, मिठाई और पंचमेवा का भोग लगाएं।कुबेर देव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए उनके पवित्र मंत्र 'ॐ श्रीं कुबेराय नमः' का 11 या 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करें।पूजा के अंत में सभी देवी-देवताओं की आरती करें और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। इसके बाद दिनभर में खरीदे गए सोने, चांदी, सिक्के या नए बर्तनों को भी पूजा में रखकर उनका पूजन करें।यम दीपदान का महत्व और सही समयधनतेरस की शाम को मुख्य द्वार पर या घर की दक्षिण दिशा में यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा बहुत पुरानी है। धार्मिक मान्यता है कि यह दीपदान परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु और अनहोनी के भय से सुरक्षित रखता है। इस वर्ष यम दीपदान का शुभ समय शाम 5 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस समय आटे या मिट्टी के चौमुखी दीपक में सरसों का तेल डालकर बाती लगाएं और उसे प्रज्वलित कर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रख दें। कई जगहों पर इस दिन 13 या 26 दीपक जलाने का भी विधान है, जिससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए और सोना-चांदी का सबसे सटीक शुभ मुहूर्तधनतेरस पर नई वस्तुएं घर लाना अत्यंत मांगलिक माना जाता है। इस दिन लोग अपनी आवश्यकता और श्रद्धा के अनुसार विभिन्न चीजें खरीदते हैं:सोना और चांदी: आभूषण, सिक्के या धातु के रूप में सोना-चांदी खरीदना स्थायी समृद्धि का प्रतीक है।बर्तन: भगवान धन्वंतरि के हाथों में अमृत कलश होने के कारण तांबे, पीतल या चांदी के नए बर्तन खरीदने की परंपरा है।झाड़ू: नई झाड़ू खरीदने से घर की दरिद्रता और नकारात्मकता बाहर चली जाती है।दीपक और मूर्तियां: दिवाली की पूजा के लिए मिट्टी के दीये, मां लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियां भी आज ही खरीदी जाती हैं।सोना-चांदी खरीदने के प्रमुख मुहूर्त:मुख्य खरीदारी अवधि: 6 नवंबर की सुबह 10:30 बजे से 7 नवंबर की सुबह 6:37 बजे तक (पूरा दिन और रात)।अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:55 बजे से 12:40 बजे तक।प्रदोष काल / वृषभ लग्न: शाम 6:02 बजे से रात 8:34 बजे तक (यह समय स्थिर लग्न होने के कारण खरीदारी के लिए सर्वोत्तम माना गया है)।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 10:57 am

Dhanteras 2026: सिर्फ खरीदारी काफी नहीं, आरोग्य, दीर्घायु और अटूट धन पाने के लिए जरूरी हैं ये 13 प्राचीन और शुभ परंपराएं

भारतीय सनातन संस्कृति, लोक आस्था और पर्व-त्योहारों की इस गौरवशाली परंपरा में दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का आरंभ जिस सबसे पहले और अत्यंत पवित्र उत्सव से होता है, वह है 'धनतेरस 2026' (Dhanteras 2026)। धन, सुख-समृद्धि, वैभव, आरोग्य और दीर्घायु के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी तथा धन के कुबेर देव को समर्पित यह पावन पर्व देश के कोने-कोने में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। आम तौर पर लोगों का यह मानना होता है कि धनतेरस का मतलब केवल बाजार से सोना, चांदी, बर्तन या नए आभूषण खरीद लेना है, लेकिन शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन केवल खरीदारी करना ही पर्याप्त नहीं है। धनतेरस के इस मंगलकारी अवसर पर ऐसी 13 विशेष और प्राचीन परंपराएं बताई गई हैं, जिनका पालन करने से मनुष्य को आरोग्य, दीर्घायु और अटूट धन-धान्य की प्राप्ति होती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे 13 शुभ परंपराएं और मान्यताएं कौन सी हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन में मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं।1. भगवान धन्वंतरि की उपासना और आरोग्य का वरदानधनतेरस के इस पावन पर्व का सबसे मुख्य और ऐतिहासिक आधार आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि का अवतरण है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन परिवार के उत्तम स्वास्थ्य, निरोगी काया और लंबी आयु की कामना के लिए भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए उनके इस पौराणिक मंत्र का सच्चे मन से जाप करना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है:“ऊं नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय सर्वामय विनाशनाय त्रैलोक्यनाथाय श्री महाविष्णवे नमः॥”2. मां लक्ष्मी और कुबेर देव की संयुक्त पूजा से स्थायी धन की प्राप्तिकेवल धन का आ जाना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसका लंबे समय तक टिकना और घर में सुरक्षित रहना भी बहुत जरूरी होता है। धनतेरस के दिन भगवान कुबेर के साथ-साथ धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष विधान है। जहां एक तरफ मां लक्ष्मी अपने भक्तों को अपार सुख-समृद्धि और वैभव का आशीर्वाद देती हैं, वहीं दूसरी तरफ भगवान कुबेर को धन का संरक्षक और धन-संचय (Wealth Accumulation) का देवता माना जाता है। इन दोनों की संयुक्त कृपा से घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती है।3. नई झाड़ू की खरीदारी: घर से दरिद्रता और नकारात्मकता का नाशधनतेरस के दिन बाजार से नई झाड़ू खरीदकर घर लाना बेहद प्राचीन और लोकप्रिय परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि झाड़ू को मां लक्ष्मी का ही एक रूप माना गया है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि नई झाड़ू से घर की सफाई करने से घर की सारी दरिद्रता, आलस और नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है और सकारात्मकता तथा मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है। झाड़ू खरीदते समय इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा सम संख्या में या एक साफ-सुथरी नई झाड़ू ही घर लेकर आएं।4. साबुत नमक से घर की शुद्धि और सकारात्मकता का संचारवास्तु शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन घर में साबुत नमक (विशेषकर सेंधा नमक या खड़ा नमक) खरीदकर लाना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन नमक खरीदकर घर लाने और उसका एक हिस्सा पोछा लगाते समय पानी में उपयोग करने से घर का वातावरण पूरी तरह शुद्ध हो जाता है। यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और घर में सुख-शांति तथा सकारात्मकता का संचार करता है।5. साबुत धनिया और उसके बीज घर लाना: धन-धान्य में वृद्धि का प्रतीकधनतेरस के दिन माता लक्ष्मी के चरणों में साबुत धनिया (Coriander Seeds) अर्पित करने और उसे घर में लाने की परंपरा बहुत पुरानी है। ऐसा माना जाता है कि साबुत धनिया बरकत का प्रतीक है। पूजा के दौरान धनिया चढ़ाने के बाद कुछ दानों को संभालकर अपनी तिजोरी या गमले में बोया जाता है, जो इस बात का प्रतीक है कि आपके धन और समृद्धि में लगातार वृद्धि होती रहेगी।6. सोना खरीदना: स्थायी संपत्ति और संपन्नता का अमर प्रतीकधनतेरस पर सोना (Gold) खरीदना सदियों से संपन्नता और उच्च आर्थिक स्थिति का प्रतीक माना जाता है। सोने को बहुत ही पवित्र धातु माना गया है, जो कभी खराब नहीं होती। ऐसी मान्यता है कि इस दिन घर में सोना लाने से माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा के लिए आपके घर में स्थिर हो जाती है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।7. चांदी की खरीदारी: शीतलता, शुभता और सौभाग्य का वाससोने की तरह ही चांदी (Silver) को भी चंद्रमा का प्रतीक और बेहद शुभ धातु माना गया है। चांदी में शीतलता और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। धनतेरस के दिन चांदी का सिक्का, मूर्ति या छोटी वस्तु खरीदने से घर में सौभाग्य, शांति और यश की प्राप्ति होती है। कई लोग इस दिन चांदी के सिक्के पर बने लक्ष्मी-गणेश के स्वरूप को घर लाकर उसकी पूजा करते हैं।8. नए बर्तन खरीदना और उन्हें खाली न रखनाधनतेरस के पावन अवसर पर तांबे, पीतल या अन्य धातुओं के नए बर्तन खरीदने की परंपरा भगवान धन्वंतरि के अमृत कलश से जुड़ी हुई है। यह इस बात का प्रतीक है कि आपके घर में अन्न और जल की कभी कमी नहीं होगी। हालांकि, एक महत्वपूर्ण नियम यह है कि धनतेरस के दिन खरीदे गए नए बर्तनों को कभी भी घर में खाली नहीं लाना चाहिए। उन्हें घर लाने से पहले उनमें थोड़ा सा चावल, जल, शक्कर या मिठाई जरूर भर लेनी चाहिए।9. अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए 'यमराज का दीपक' (यम दीपेदान)धनतेरस की शाम को मुख्य रूप से 'यम दीपेदान' यानी यमराज के नाम का दीपक जलाने की अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा है। परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्त रखने और उनकी लंबी आयु की कामना के लिए घर के मुख्य द्वार पर या दक्षिण दिशा की ओर मुख करके आटे का चौमुखी दीपक जलाया जाता है। यह परंपरा पूर्वजों और यमराज के प्रति सम्मान प्रकट करने का माध्यम है।10. घर में बरकत और सुरक्षा के लिए 'कुबेर दीपक' प्रज्वलित करनायमराज के दीपक के साथ-साथ धनतेरस की रात को घर में 'कुबेर दीपक' जलाने की भी परंपरा है। यह दीपक विशेष रूप से घर की तिजोरी, पूजा स्थल या धन रखने वाले स्थान के पास जलाया जाता है। इसे धन-संचय, व्यापार में वृद्धि और घर में अटूट बरकत का प्रतीक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह दीपक घर में कभी भी पैसों की तंगी नहीं होने देता।11. तिजोरी और व्यापारिक बही-खातों की विशेष पूजाधनतेरस के दिन कई घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में अपनी तिजोरी, लॉकर और नए बही-खातों की पूजा करने की परंपरा निभाई जाती है। चूंकि तिजोरी और बही-खाते सीधे तौर पर हमारे व्यावसायिक जीवन और धन के आदान-प्रदान से जुड़े होते हैं, इसलिए इस दिन इनकी विधिवत पूजा करके मां लक्ष्मी से प्रार्थना की जाती है कि वे आने वाले पूरे वर्ष व्यापार में लाभ और सफलता प्रदान करें।12. मुख्य द्वार पर लक्ष्मी चरण बनाना: मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारीदीपावली और धनतेरस के आगमन पर घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर चावल के आटे या सिंदूर से मां लक्ष्मी के शुभ चरण (Lakshmi Charan) बनाने की प्राचीन परंपरा है। इन चरणों का मुख हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, जो इस बात का प्रतीक होता है कि माता लक्ष्मी ने आपके घर में प्रवेश कर लिया है और अब आपके घर में स्थायी रूप से वास करेंगी।13. जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र का दान करनासनातन संस्कृति में किसी भी बड़े पर्व या उत्सव का आनंद तब तक पूरा नहीं होता, जब तक उसमें परोपकार और दान को शामिल न किया जाए। धनतेरस के पावन दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी गरीब, असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र या उपयोगी सामग्री का दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किया गया दान आपके जीवन के सभी संकटों को दूर करता है और आपके घर में कई गुना अधिक सुख-समृद्धि वापस लेकर आता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 10:54 am

धनतेरस 2026: दिल्ली, पटना और लखनऊ से लेकर मुंबई तक... जानिए आपके शहर में सोना-चांदी खरीदने का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त

भारतीय सनातन संस्कृति, लोक आस्था और पर्व-त्योहारों की इस पावन श्रृंखला में दीपावली के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित उत्सव यानी 'धनतेरस 2026' (Dhanteras 2026) का आज पूरे देश में भव्य जश्न मनाया जा रहा है। आरोग्य और आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के कुबेर देवता को समर्पित यह पवित्र पर्व हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और अपार बरकत लेकर आता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के इस पावन अवसर पर नई वस्तुएं, बर्तन, और विशेष तौर पर सोना-चांदी (Gold & Silver) खरीदना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। पंचांग के जानकारों के अनुसार, इस साल धनतेरस पर खरीदारी के लिए एक लंबा और अत्यंत मंगलकारी समय मिल रहा है। चूंकि देश के अलग-अलग हिस्सों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर होता है, इसलिए हर शहर का शुभ मुहूर्त भी थोड़ा भिन्न होता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके अपने शहर में आज सोना और चांदी खरीदने का सबसे सटीक और उत्तम मुहूर्त क्या है।धनतेरस 2026: जानिए खरीदारी का मुख्य पंचांग और कुल अवधिहिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से हो चुका है, और इसका समापन 7 नवंबर की सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार, इस साल धनतेरस पर खरीदारी के लिए श्रद्धालुओं को सुबह से लेकर अगले दिन भोर तक का एक बहुत ही लंबा और व्यापक समय प्राप्त हो रहा है।शास्त्रीय दृष्टि से बात करें तो धनतेरस के पूरे दिन में कभी भी सोना-चांदी और जरूरत का सामान खरीदा जा सकता है। हालांकि, शाम के समय प्रदोष काल और 'स्थिर वृषभ लग्न' में खरीदारी करना सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि स्थिर लग्न में खरीदी गई वस्तुएं घर में लंबे समय तक टिकती हैं और माता लक्ष्मी की कृपा को स्थिर रखती हैं। आइए देश के प्रमुख शहरों के हिसाब से शाम के उन खास मुहूर्तों पर नजर डालते हैं, जो खरीदारी के लिए सर्वश्रेष्ठ माने गए हैं।दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में खरीदारी के शुभ मुहूर्तप्रत्येक शहर के स्थानीय समय और सूर्यास्त की स्थिति को ध्यान में रखते हुए धनतेरस की शाम को पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेगा:नई दिल्ली: शाम 6:02 मिनट से रात 7:57 मिनट तकमुंबई: शाम 6:35 मिनट से रात 8:35 मिनट तकपटना: शाम 5:36 मिनट से शाम 7:33 मिनट तकलखनऊ: शाम 5:50 मिनट से शाम 7:47 मिनट तककानपुर: शाम 5:53 मिनट से शाम 7:50 मिनट तकगुरुग्राम: शाम 6:03 मिनट से रात 7:59 मिनट तकनोएडा: शाम 6:01 मिनट से रात 7:57 मिनट तकजयपुर: शाम 6:11 मिनट से रात 8:07 मिनट तकउदयपुर: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तकभोपाल: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तकवाराणसी: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तकइंदौर: शाम 5:45 मिनट से शाम 7:42 मिनट तकधनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना क्यों माना जाता है इतना खास और शुभसनातन परंपरा में धनतेरस के दिन बहुमूल्य धातुओं को घर लाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरी धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। चूंकि कलश को धातु का प्रतीक माना गया है, इसलिए इस दिन धातु खरीदना अत्यंत मांगलिक माना जाता है।चाहे आप सोने के आभूषण खरीदें, चांदी का कोई नया सिक्का लें, या फिर पीतल और तांबे के नए बर्तन घर लाएं, इन सभी वस्तुओं को मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर का आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है। यदि आपका बजट बहुत बड़ा नहीं है, तो भी अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार चांदी का एक छोटा सिक्का या जरूरत का कोई भी उपयोगी बर्तन खरीदकर इस परंपरा को निभा सकते हैं। अपने शहर के शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए आज परिवार के साथ खरीदारी करें और मां लक्ष्मी तथा भगवान धन्वंतरि से अपने घर-परिवार में सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 10:50 am

धनतेरस 2026: शुक्र प्रदोष और हस्त नक्षत्र के अद्भुत महासंयोग पर करें खरीदारी, सबसे शुभ मुहूर्त और घर लाने योग्य वस्तुएं

भारतीय सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और पर्व-त्योहारों की इस पावन श्रृंखला में दीपावली के महापर्व का आरंभ जिस सबसे पहले और महत्वपूर्ण उत्सव से होता है, वह है 'धनतेरस' (Dhanteras 2026)। धन, सुख-समृद्धि, वैभव, आरोग्य और दीर्घायु के देवता भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी तथा कुबेर देव को समर्पित यह पवित्र पर्व इस वर्ष बेहद ही दुर्लभ, अद्भुत और मंगलकारी ज्योतिषीय संयोगों के साथ मनाया जा रहा है। पंचांग के जानकारों और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार धनतेरस के दिन 'शुक्र प्रदोष' और 'हस्त नक्षत्र' का एक अत्यंत दुर्लभ महासंयोग बना है। इसके साथ ही, धन के कारक ग्रह शुक्र का राशि परिवर्तन भी इसी दिन हो रहा है, जो इस पर्व के महत्व को और अधिक बढ़ा देता है। ऐसे में आज के दिन की गई खरीदारी और पूजन-अर्चन साधकों के जीवन में कई गुना अधिक फलदायी और शुभ परिणाम लेकर आने वाली है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस वर्ष धनतेरस का शुभ मुहूर्त क्या है, हस्त नक्षत्र का क्या महत्व है और अपनी राशि व जरूरतों के अनुसार आज के दिन घर में किन चीजों को लाना सबसे ज्यादा शुभ माना गया है।दुर्लभ संयोगों में मनाया जा रहा है धनतेरस 2026, बन रहा है शुक्र प्रदोष और हस्त नक्षत्र का मेलहिंदू पंचांग और खगोलीय गणना के अनुसार, इस वर्ष धनतेरस का यह पावन पर्व कई मायनों में विशेष रहने वाला है। एक तरफ जहां शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की उपासना के लिए पहले से ही बेहद खास माना जाता है, वहीं इस बार धनतेरस के दिन 'शुक्र प्रदोष व्रत' का भी अद्भुत संयोग बन गया है। इसके अलावा, आसमान में 'हस्त नक्षत्र' का प्रबल योग भी विद्यमान है, जो अगले दिन यानी 7 नवंबर की सुबह 4 बजकर 43 मिनट तक रहने वाला है।धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं में हस्त नक्षत्र को बहुत ही सृजनात्मक, स्थिर और शुभ फल देने वाला नक्षत्र माना गया है। इस नक्षत्र में की गई खरीदारी लंबे समय तक शुभ फल प्रदान करती है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से शुरू हो चुकी है, जो 7 नवंबर की सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक प्रभावी रहेगी। प्रदोष काल में मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विधान होने के कारण आज का दिन खरीदारी और अनुष्ठान के लिए सर्वोच्च माना गया है। दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश में धनतेरस की पूजा का मुख्य और अत्यंत शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 2 मिनट से लेकर रात 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, जिसके दौरान भक्त स्थिर लग्न में माता लक्ष्मी का स्वागत कर सकते हैं।हस्त नक्षत्र और विशेष योग में क्या खरीदना रहेगा सबसे शुभ? जानिए अपनी जरूरत के अनुसार सही वस्तुएंधनतेरस के दिन बाजार से कुछ न कुछ नया सामान घर लाने की प्राचीन परंपरा रही है। लोग अपनी श्रद्धा, सामर्थ्य और आवश्यकता के अनुसार सोना, चांदी, बर्तन, वाहन या अन्य वस्तुएं खरीदते हैं। लेकिन इस बार हस्त नक्षत्र के विशेष प्रभाव के कारण यदि आप अपनी विशिष्ट जरूरतों और लक्ष्यों को ध्यान में रखकर खरीदारी करते हैं, तो इसका आपको चमत्कारी लाभ मिल सकता है:बच्चों की शिक्षा और करियर के लिए: यदि आप अपने बच्चों की बौद्धिक क्षमता, एकाग्रता और पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर करना चाहते हैं, तो इस धनतेरस पर बच्चों के अध्ययन कक्ष के लिए अच्छी क्वालिटी की कॉपियां, किताबें या पेन जैसी पठन-पाठन से जुड़ी वस्तुएं खरीदकर घर लाएं। इसे बहुत शुभ माना गया है।रिश्तों में मिठास और मजबूती के लिए: यदि पारिवारिक जीवन या वैवाहिक संबंधों में किसी प्रकार का मनमुटाव चल रहा है और आप अपने रिश्तों को मजबूत करना चाहते हैं, तो इस दिन अपने पार्टनर को एक सुंदर मोर का पंख भेंट करें। हिंदू धर्म में मोर का पंख प्रेम, आपसी मेलजोल और गहरे सकारात्मक संबंधों का प्रतीक माना जाता है।धन, बचत और आर्थिक समृद्धि के लिए: आर्थिक तंगी से मुक्ति पाने और घर में स्थायी बरकत बनाए रखने के लिए इस साल धनतेरस के पावन अवसर पर एक छोटा चांदी का सिक्का, श्री यंत्र या माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की छोटी प्रतिमा अवश्य खरीदें। इसे विधिवत पूजा के बाद अपनी तिजोरी में स्थापित करना बेहद लाभकारी होता है।करियर में नई शुरुआत और स्पष्टता के लिए: यदि आप अपने व्यवसाय, नौकरी या किसी नए वेंचर की शुरुआत करने जा रहे हैं, तो आपके लिए एक नई प्रीमियम डायरी और पेन खरीदना सबसे उत्तम रहेगा। यह आपके लक्ष्यों को स्पष्ट करने और कार्यक्षेत्र में सफलता के नए मार्ग प्रशस्त करने में मददगार साबित होगा।उत्तम सेहत और जीवन शक्ति के लिए: आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता भगवान धन्वंतरि के इस पर्व पर अपनी और परिवार की अच्छी सेहत के लिए तांबे का लोटा या शुद्ध पानी भरने का कोई अन्य पारंपरिक बर्तन घर लाना चाहिए। इसके अलावा, घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बनाए रखने के लिए धनतेरस के दिन एक शुद्ध पीतल का दीपक जरूर खरीदना चाहिए, जिसे शाम को प्रज्वलित किया जा सके।धनतेरस पर पूजन की सही विधि और मां लक्ष्मी-कुबेर को प्रसन्न करने के उपायधनतेरस के दिन केवल खरीदारी करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि विधि-विधान के साथ भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा करना भी उतना ही आवश्यक है। संध्या काल में प्रदोष मुहूर्त के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद उत्तर या ईशान दिशा में एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।पूजा के दौरान सभी देवी-देवताओं को रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद कुबेर यंत्र या चांदी के सिक्के की पूजा करें। संध्या के समय घर के मुख्य द्वार पर और आंगन में यमराज के नाम का चौमुखी दीया (यम दीप) जलाकर रखें, जिससे अकाल मृत्यु और नकारात्मक ऊर्जा का भय समाप्त होता है। इस प्रकार पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया धनतेरस का यह अनुष्ठान आपके घर में सालभर सुख, शांति और अपार धन-धान्य का वास सुनिश्चित करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Nov 2026 10:41 am

दिवाली की रात करें ये 10 आसान उपाय, पैसों की तंगी और हर संकट से तुरंत मिलेगी मुक्ति

Diwali remedies 2026: दिवाली पर सुख-समृद्धि, संकट-निवारण और महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए शास्त्रों एवं लोक-मान्यताओं में कई उपाय बताए गए हैं। आपके दिए गए आलेख को भाषा-शैली में सुधार करते हुए अलग-अलग श्रेणियों में सुव्यवस्थित रूप से यहाँ ...

वेब दुनिया 6 Nov 2026 10:28 am

Aaj Ka Rashifal: आज 06 नवंबर, 2026 का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल

Today 06 November horoscope in Hindi : आज 06 नवंबर, 2026, शुक्रवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...

वेब दुनिया 6 Nov 2026 7:00 am

5 नवंबर 2026 का पंचांग: आज धनतेरस है, जानें अभिजित मुहूर्त और राहुकाल

Aaj 6 November 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 6 नवंबर 2026, दिन- गुरुवार, कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष, एकादशी तिथि सुबह 10.35 बजे तक फिर द्वादशी तिथि, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, चंद्रमा- सिंह में सुबह 09.34 बजे तक फिर कन्या में, सूर्य- तुला में, विजय मुहूर्त- सुबह 11.43 बजे से दोपहर 12.26 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 13.27 बजे से दोपहर 14.49 बजे तक, दिशा शूल- दक्षिण, आज रमा एकादशी है.

आज तक 6 Nov 2026 2:30 am

मीन राशि वालों को आज करियर के क्षेत्र में लाभ होगा, व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी

Pisces Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, करियर के क्षेत्र में लाभ होगा, परिवार में सुख बढ़ेगा, आपके काम की सराहना होगी, धन लाभ के लिए अपने प्रयास तेज करना होगा, व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी.

आज तक 6 Nov 2026 2:24 am

कुंभ राशि वाले आज वाहन सावधानी से चलाएं, जरूरी टिप- कम बोलें

Aquarius Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: वाहन सावधानी से चलाएं, करियर से संबंधित फैसला जल्दबाजी में ना करें, संतान को लेकर चिंता रहेगी, योजना बना कर काम करना होगा, व्यापार में उधार लेन-देन से नुकसान होगा.

आज तक 6 Nov 2026 2:20 am

मकर राशि वालों को आज भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, करें ये एक उपाय

Capricorn Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलेगी, शत्रुओं पर विजय मिलेगी, काम में आ रहीं रुकावटें दूर होंगी, अपनी मेहनत पर भरोसा करें लाभ होगा, व्यापार में धन की स्थिति बेहतर होगा.

आज तक 6 Nov 2026 2:18 am

धनु राशि वालों को आज जीवनसाथी से सुख मिलेगा, जानें करियर की कैसी रहेगी स्थिति

Sagittarius Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: करियर के क्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, सीनियर अधिकारी प्रसन्न रहेंगे, जीवनसाथी से सुख मिलेगा, गाड़ी चलते समय सावधानी बरतें, व्यापार में धन का आगमन बढ़ेगा.

आज तक 6 Nov 2026 2:14 am

वृश्चिक राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ का योग है, शुभ रंग- केसरिया

Scorpio Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: मन की टेंशन दूर होगी, करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, शिक्षा से जुड़े लोगों को लाभ होगा, रिश्तेदारों से मतभेद दूर होंगे, अनजान लोगों से बड़ी डील करते समय अलर्ट रहें, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 6 Nov 2026 2:12 am

तुला राशि वालों के लिए आज सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, जानें जरूरी टिप

Libra Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, नई नौकरी के लिए प्रयास बढ़ाना होगा, अधूरे कार्य पूरे करने का समय है, व्यापार में नुकसान हो सकता है.

आज तक 6 Nov 2026 2:08 am

सिंह राशि वालों के लिए आज करियर में तरक्की का योग है, जानें जरूरी टिप

Leo Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपका सम्मान बढ़ेगा, धन लाभ के लिए प्रयास बढ़ाना होगा, करियर में तरक्की का योग है, परेशानियों से छुटकारा मिलेगा, भावनाओं में बह कर फैसला करने से बचें, व्यापार में लाभ का योग है.

आज तक 6 Nov 2026 2:02 am

कर्क राशि वाले आज किसी गरीब को फल दान करें, रुके हुए काम पूरे होंगे

Cancer Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: रुके हुए काम पूरे होंगे, कहीं दूर से कोई शुभ समाचार मिलेगा, वैवाहिक जीवन में सुख बढ़ेगा, सेहत को लेकर चिंता रहेगी, अपने आय और व्यय में संतुलन बना कर करें, व्यापार में स्थिति में सुधार होगा.

आज तक 6 Nov 2026 2:00 am

मिथुन राशि वालों का आज मन का तनाव दूर होगा, जानें व्यापार में कैसी रहेगी स्थिति

Gemini Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: मन का तनाव दूर होगा, तेजी से काम करने का दिन है, यात्रा से लाभ के योग बन रहे हैं, करियर के क्षेत्र में स्थिति अनुकूल रहेगी, परिवार को और वक्त देना होगा, व्यापार में धन आगमन के रास्ते बनेंगे.

आज तक 6 Nov 2026 1:56 am

वृषभ राशि वालों के लिए आज घर में धन का आगमन होगा, करें ये उपाय

Taurus Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, परिवार में शुभ काम की योजना बनेगी, घर में धन का आगमन होगा, आपका सम्मान और बढ़ेगा, सुख शांति के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे, व्यापार में कार्य बढ़ाने का समय है.

आज तक 6 Nov 2026 1:54 am

मेष राशि वाले आज उधार लेन देन से बचें, जानें अपना शुभ रंग

Aries Daily Horoscope, 6 November 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करने का दिन है, आज उधार लेन देन से बचें, मन में नेगेटिव विचार ना पालें, रिश्तों को संभालने का समय है, सेहत पर ध्यान दें, खानपान ठीक रखें, व्यापार में नुकसान हो सकता है सावधान रहें.

आज तक 6 Nov 2026 1:50 am

नेतृत्व बल पाएगा, अवसर भुनाएंगे

Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 6 November 2026: वातावरण में अनुकूलन बनाए रहेगा. जीवनशैली आकर्षक रहेगी. विविध वस्तुओं में रुचि रहेगी. योजनाएं सूझबूझ से आगे बढ़ेंगे. दोस्तों का साथ पाएंगे.

आज तक 6 Nov 2026 1:24 am

चर्चा में सतर्कता बढ़ाएं, अनुशासन बढ़ाएं

Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 6 November 2026: किसी खास की तलाश में बनाए रख सकते हैं. जिम्मेदारियों को निभाएंगे. अवसरों को भुनाने में जल्दबाजी से बचें. स्थिति का उचित आंकलन करें.

आज तक 6 Nov 2026 1:22 am

लक्ष्य प्राप्त करेंगे,  जिम्मेदारियों को निभाएंगे

Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 6 November 2026: समझ बढ़ाएंगे. लाभकारी परिस्थितियां बल पाएंगी. विविध विषयों में सुधार बनाए रहेंगे. नवीन मामलों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाएंगे. व्यक्तित्व बल पाएगा.

आज तक 6 Nov 2026 1:16 am

व्यक्तित्व आकर्षक होगा, दिनचर्या पर ध्यान देंगे

Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 6 November 2026: तालमेल बढ़ेगा. कार्ययोजनाओं पर अमल बढ़ाएंगे. पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. वाणिज्यिक स्थिति बेहतर रहेगी. लोगों पर प्रभाव छोड़ने में सफल होंगे.

आज तक 6 Nov 2026 1:12 am

रुटीन रखें, लापरवाही न दिखाएं

Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 6 November 2026: लेनदेन में स्पष्टता बढ़ाएं. रिश्तों में धैर्य दिखाएं. करीबी से सहज संबंध बनाए रखेंगे. सजगता सतर्कता से आगे बढ़ेंगे. बड़ों की बातों का अनुपालन करें.

आज तक 6 Nov 2026 1:10 am

सफलता पाएंगे, बड़े लक्ष्य साधेंगे

Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 6 November 2026: वाणी व्यवहार आकर्षक बना रहेगा. सभी को प्रसन्न और प्रभावित रहेंगे. अपनों के साथ समर्थन से उपलब्धियों को बढ़ाएंगे. साथी सहयोगी होंगे.

आज तक 6 Nov 2026 1:06 am

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 नवंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

06 November 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके ...

वेब दुनिया 5 Nov 2026 5:04 pm