कर्क राशि वालों को आज भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, जामें पूरा भाग्यफल
Cancer Daily Horoscope, 20 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, मित्रों की मदद से काम बनेंगे, परिवार में सुख बढ़ेगा, कॉन्फिडेंस अच्छा रहेगा आप को बड़ा निर्णय ले सकते हैं, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, व्यापार में लाभ होगा.
मिथुन राशि वाले आज किसी गरीब को गुड़ का दान करें, लोगों से उलझने से बचें
Gemini Daily Horoscope, 20 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: आपके खर्चे बढ़ेंगे, रोग परेशान कर सकते हैं, लोगों से उलझने से बचें, भावनाओं में बहकर कोई भी काम करने से बचें, धन से जुड़े मामले में धोखा मिल सकता है सावधान रहें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
वृषभ राशि वालों के लिए आज धन लाभ का योग है, जानें शुभ रंग
Taurus Daily Horoscope, 20 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, रुके हुए काम पूरे करने का दिन है, प्रॉपर्टी खरीदने का योग है, आपका सम्मान और बढ़ेगा, दुश्मन शांत रहेंगे, व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी.
मेष राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ का योग है, करें ये उपाय
Aries Daily Horoscope, 20 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: परिवार में सुख बढ़ेगा, यात्रा से लाभ होगा, मन की चिंता दूर होगी, बातचीत में अहंकार ना दिखाएं, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में लाभ का योग है.
कार्यक्षेत्र में उत्साह दिखाएंगे, नियंत्रण रखेंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: लोगों का भरोसा बनाए रहेंगे. जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचेंगे. परिचितों से करीबी बढ़ाएंगे. अपनों के साथ वक्त बिताने का प्रयास रहेगा
आपसी विश्वास बढ़ेगा, दोस्ती बेहतर होगी
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: विविध प्रयासों को आत्मविश्वास से आगे बढ़ाएंगे. व्यर्थ बातों में समय नष्ट करने से बचें. संबधों में शुभता की स्थिति रहेगी. संबंध बेहतर बनाए रखेंगे.
संबंधों को संवारेंगे, सबको साथ रखेंगे
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: शुभचिंतकों की सलाह से आगे बढ़ेंगे. कठिनाइयों को सहजता से पार करेंगे. आत्मविश्वास से सभी कार्य करेंगे. कार्यक्षेत्र में प्रभावी स्थिति बनी रहेगी.
घर में आनंद रहेगा, संबंधों में मिठास बढ़ी रहेगी
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: पहल के प्रयास बनाए रखें. विविध परिणाम पक्ष में बनेंगे. उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने पर जोर रहेगा. व्यावसायिक कार्यों में तेजी रखेंगे.
साथ वक्त बिताएंगे, रिश्तों में स्पष्टता रखेंगे
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: भावनात्मक पक्ष मजबूत बना रहेगा. लोगों को आकर्षिक करने में सफल होंगे. स्वयं पर भरोसा बढ़ाएंगे. घर के लोगों के साथ वक्त बिताएंगे.
सतर्कता से आगे बढ़ें, जोखिम से बचें
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: अपनों की अनदेखी न करें. परिचितों की सलाह का सम्मान करें. लक्ष्य पर फोकस बढ़ाएं. घर में स्पष्ट नजरिया बनाए रखें. सावधानी से कार्य करें
पार्टी में शामिल होंगे, घरवालों में सहयोग मिलेगा
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: परिणाम पक्ष में बनाए रहेंगे. प्रबंध कार्यों को बढ़ावा देने के अवसर बनेंगे. योजनाओं को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाएंगे.
घर वाले सहयोग देंगे, अपनों की अनदेखी न करेंगे
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: विविध प्रयासों में नियमितता और निरंतरता बनाए रखें. लोगों को जोड़ने की कोशिश करें. अपनों से भेंटवार्ता बनाए रहें. रिश्तों में विश्वास से आगे बढ़ें.
शुभ सूचनाएं मिलेंगी, मेलजोल बढ़ाए रखेंगे
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: कारोबारी मामलों में उचित रणनीति से आगे बढ़ेंगे. सभी को प्रभावित करेंगे. संपर्क संवाद में आगे होंगे. विविध विषयों में उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन रहेगा.
बड़प्पन रखें, निजी विषयों में धैर्य से आगे बढ़ें
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 20 September 2026: सभी के प्रति सहयोग बढ़ाएं. अफवाहों से बचाव बनाए रखें. अपनों अनदेखी से बचें. स्वार्थ की भावना का त्याग करें. अनावश्यक बहस विरोध से बचें.
कुंभ राशि वाले स्मार्ट वर्किंग अपनाएं, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 20 September 2026 (करियर राशिफल): सक्रियता और अनुशासन पर विशेष जोर रखें. नीति-नियमों की अनदेखी न करें.तार्किक गतिविधियों को बढ़ावा दें. अतिउत्साह से बचें.
कुंभ राशि वालों का अच्छा समय बीतेगा, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 20 September 2026 (लव राशिफल): जरूरी बात कहने में थोड़ा संकोच हो सकता है, लेकिन दूसरों का भरोसा बनाए रखें. मित्रों का साथ मिलने से रिश्तों को मजबूती मिलेगी. प्रियजनों की भावनाओं का आदर करें
मीन राशि वालों के सम्मान में वृद्धि होगी, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 20 September 2026 (आर्थिक राशिफल): संतुलन बनाए रखने पर आपका विशेष जोर रहेगा. टीम भावना के साथ काम करने से आपकी कार्यक्षमता और व्यावसायिक प्रतिष्ठा दोनों में इजाफा होगा
आज 20 सितंबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 20 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
बचत के लिए सहज वातावरण रहेगा, संरक्षण बनाए रखेंगे
Aaj ka Meen Rashifal 20 September 2026, Pisces Horoscope Today: रिश्ते मजबूत बने रहेंगे. सहयोग की भावना बढे़गी. प्रेम प्रसंग मधुर रहेंगे. सबको साथ लेकर चलेंगे. परस्पर समर्थन की भावना रहेगीं. संबंधों को प्राथमिकता में रखेंगे. मित्र सहयोगी संतुलन बनाए रहेंगे. प्रियजन से भेंट होगी. आदर सम्मान रहेगा.
Rajasthan University of Health Sciences में Medical Officer के 600 पदों पर मौका
सरकारी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए यह खबर बेहद काम की है। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी ने मेडिकल ऑफिसर के 600 पदों पर भर्ती निकाली है। इच्छुक उम्मीदवार जल्द ही आवेदन करें। अप्लाई करने के लिए आपको उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ruhsraj.org पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। जाने एजुकेशनल क्वालिफिकेशन इसके लिए अभ्यर्थी के पास एमबीबीएस की डिग्री होनी चाहिए। राजस्थान मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। इसके साथ ही देवनागरी लिपि में हिंदी और राजस्थान की संस्कृति का नॉलेज होना चाहिए। आयु सीमा और सैलरी अभ्यर्थी की न्यूनतम 22 वर्ष होनी चाहिए और अधिकतम 45 वर्ष होना चाहिए। वहीं, आरक्षित वर्गों को उम्र विशेष छूट दी जाएगी। चयनित किए गए उम्मीदवारों को 15,600- 39,100 रुपए प्रतिमाह। आवेदन फीस - आवेदन के लिए उम्मीदवारों को 5000 रुपए फीस का भुगतान करना होगा। - राज्य के एससी, एसटी वर्ग के लिए यह फीस 2,500 रुपए तय किए गए हैं। कैसे करें आवेदन? - राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ऑफिशियल वेबसाइट ruhsraj.org पर जाएं। - अब आपको 'ऑनलाइन आवेदन करें' लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। - जरुरी डिटेल्स को दर्ज करके फॉर्म भरें। - इसके बाद मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। - अब फॉर्म सब्मिट करें। इसके बाद प्रिंटआउट लेकर रख लें।
साप्ताहिक लव राशिफल 21 से 27 सितंबर 2026: कर्क और तुला राशि वालों के सुलझेंगे दिल के उलझे धागे
सितंबर महीने के इस नए और बेहद खूबसूरत सप्ताह की शुरुआत के साथ ही ग्रहों की चाल ने प्रेम जीवन और रिश्तों के समीकरणों में बड़े बदलाव करने शुरू कर दिए हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 21 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक का यह पूरा हफ्ता कई राशियों की लव लाइफ में एक नई ऊर्जा, ताजगी और मिठास लेकर आया है। विशेष तौर पर कर्क और तुला राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता बेहद राहत भरा रहने वाला है, क्योंकि उनके दिल के कई दिनों से उलझे हुए धागे अब धीरे-धीरे सुलझते नजर आएंगे और रिश्तों में प्यार का असली रंग खिल उठेगा। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर की यूजर-फ्रेंडली और आकर्षक शैली, तथा एसईओ और एईओ मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए इस साप्ताहिक लव राशिफल का विस्तृत और विश्लेषणात्मक जायजा प्रस्तुत किया जा रहा है कि यह हफ्ता सभी बारह राशियों के प्रेम संबंधों के लिए क्या कुछ खास लेकर आया है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि: रिश्तों में संवाद की अहमियत और रोमांटिक पलों की दस्तकराशिचक्र की पहली तीन राशियों—मेष, वृषभ और मिथुन—के लिए यह सप्ताह अपने पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करने और गिले-शिकवे दूर करने का सबसे बेहतरीन समय साबित होगा। मेष राशि के जातकों को इस हफ्ते अपने गुस्से पर थोड़ा नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है, अन्यथा प्रिय के साथ छोटी-सी बात पर अनबन हो सकती है। वहीं, वृषभ राशि के जो जातक अभी तक सिंगल हैं, उनकी जिंदगी में किसी खास शख्स की एंट्री हो सकती है, जो उनके दिल की धड़कनों को बढ़ा देगा। मिथुन राशि के लोग अपनी मीठी वाणी और समझदारी से अपने पार्टनर का दिल जीतने में कामयाब रहेंगे, जिससे दोनों के बीच का आपसी विश्वास और अधिक मजबूत होगा।कर्क, सिंह और कन्या राशि: कर्क राशि के सुलझेंगे दिल के मामले, पार्टनर के साथ बढ़ेगा तालमेलइस साप्ताहिक राशिफल का मुख्य आकर्षण कर्क और तुला राशि के जातक हैं, जिनके लिए यह हफ्ता किसी वरदान से कम नहीं है। कर्क राशि के जातकों के प्रेम जीवन में पिछले कुछ हफ्तों से जो अनबन, गलतफहमियां या मानसिक तनाव चल रहा था, वे अब पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर हैं। आपके दिल के उलझे हुए धागे धीरे-धीरे सुलझेंगे और पार्टनर के साथ आपके रिश्ते में प्यार का असली रंग खिलने लगेगा। सिंह राशि के लोग अपने पार्टनर को कोई सरप्राइज गिफ्ट दे सकते हैं, जिससे रिश्ते में नया रोमांच आएगा। कन्या राशि के जातकों को अपने काम के साथ-साथ अपनी लव लाइफ के लिए भी थोड़ा समय निकालना होगा, ताकि रिश्ते में बोरियत न आए।तुला, वृश्चिक और धनु राशि: तुला राशि के जातकों के जीवन में बिखरेगी प्यार की रोशनी, दूर होंगी दूरियांतुला राशि के जातकों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 का यह पूरा सप्ताह बेहद रूमानी और सुखद अनुभव लेकर आया है। यदि आपके और आपके जीवनसाथी के बीच किसी बात को लेकर पिछले दिनों से दूरियां आ गई थीं, तो इस हफ्ते वे सभी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी और आप दोनों एक-दूसरे के और अधिक करीब आ जाएंगे। वृश्चिक राशि के जातकों को अपनी भावनाओं को अपने पार्टनर के सामने खुलकर व्यक्त करने की जरूरत है, तभी रिश्ते में पारदर्शिता आएगी। धनु राशि के लोग अपने साथी के साथ किसी लंबी ड्राइव या डिनर डेट पर जाने की योजना बना सकते हैं, जो उनके रिश्ते को एक नई और खूबसूरत दिशा देगा।मकर, कुंभ और मीन राशि: वैवाहिक जीवन में मिठास और भविष्य के लिए बड़े फैसलेराशिचक्र की अंतिम तीन राशियों—मकर, कुंभ और मीन—के लिए यह हफ्ता रिश्तों में स्थिरता और परिपक्वता लाने वाला रहेगा। मकर राशि के जातक अपने परिवार की सहमति से अपने रिश्ते को शादी के बंधन में बदलने का बड़ा फैसला ले सकते हैं, जिसे दोनों परिवारों का पूरा समर्थन मिलेगा। कुंभ राशि के लोगों को अपने साथी की छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें समझने का प्रयास करना चाहिए, जिससे आपसी रिश्ता और अधिक प्रगाढ़ होगा। मीन राशि के जातक अपनी रोमांटिक कल्पनाओं और क्रिएटिव स्वभाव से अपने पार्टनर का दिल मोह लेंगे, जिससे उनका पूरा सप्ताह प्रेम और आनंद के साये में बीतेगा।
Numerology Prediction 19 September: मूलांक 1 से 9 तक का जानें पूरा भविष्यफल
19 सितंबर का यह दिन अपने दम पर आगे बढ़ने की चाह और अपनों के साथ मिलकर चलने की खूबी का एक प्यारा-सा मेल लेकर आएगा। अंक ज्योतिष के अनुसार, आज का दिन अपने सपनों की ओर पूरे आत्मविश्वास से कदम बढ़ाने का है। इसके साथ ही यह भी याद रखने का है कि अपनों का साथ होना और धैर्य भी जरुरी है। आज का दिन मेल-मिलाप, चर्चाओं और सूझबूझ से भरे फैसले लेने के लिए बहुत उत्तम है। पहल करें, पर दूसरों की बात को भी पूरा मान दें। मलूांक 1: आज का दिन आप अपने काम को खुद संभाले और आगे बढ़ने की इच्छा जागृत रहेगी। अपनी अकेले चलाने के बजाय दूसरों के साथ मिलकर मिलकर चलें। सेहत अच्छी रहेगी और छोटी-छोटी बातें मानसिक थकान दे सकती हैं। अपनी रफ्तार को धीरे रखें। किसी भी रिश्ते में थोड़ा समय जरुर दें। मूलांक 2 : आपको इस समय विवादों से दूर रहना है। आपकी कूटनीति और समझ को पूरी तरह से सपोर्ट मिलेगा। हालांकि अपनी टीम के साथ मिलकर कार्य करें, आपसी बातचीत और मिलजुलकर किए जाने वाले कार्य पूरे होंगे। हेल्थ को लेकर मन परेशान रह सकता है। सबको खुश करने की कोई जरुरत नहीं है। अपनी जरुरतों को बिल्कुल न दबाएं। मूलांक 3 : आज का दिन बातचीत करने का आपका हुनर आपकी बड़ी ताकत बनेगा। किसी जरुरी चर्चा या बैठक से आपके लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। दूसरों की बातें ध्यान सुनें। रिश्तों में हंसी-खुशी का स्वभाव माहौल को खुशनुमा बनाएगा, किसी अपने के साथ दिल की बातें साझा करें। मूलांक 4 : हर बार किसी बात पर अड़े रहना ठीक नहीं है। आपको बेहतर परिणाम आज मिल सकते हैं। स्वस्थ के मामले में डेली रुटीन बनाना जरुरी है। रिश्तों में किसी बड़े की सलाह जरुर लें और उनकी बातें सुनें। किसी बात की जिद न पकड़ें। मूलांक 5: आज का दिन आपका मन तुरंत बदलाव चाहेगा, धैर्य बनाए रखें। सेहत के मामले में आपका तेज दिमाग और बेचैन ऊर्जा को शांत करने के लिए एक समय पर ही काम करें और बीच-बीच में आराम जरुर करें। रिश्तों में आजादी सही है, लेकिन दूरी बनाने के स्थान पर बात प्यार से समझें। अगर प्रगति धीमी दिखाई दे रही हैं, तो उस काम को बोर न समझें। मूलांक 6: इस समय मिलजुलकर कार्य करने का समय है। आपको किसी मुश्किल परिस्थिति में बीच बचाव करने या भावनात्मक शांति को सबसे पहले रखें। दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में अपनी ऊर्जा खत्म न करें। रिश्तों में प्यार और समझ के लिए बेहतरीन दिन है। मूलांक 7 : अपने मन में चलने वाली बातों को सिर्फ सीमित न रखें, बल्कि जरुरत पड़ने पर अपनों के साथ जरुर शेयर करें। मानसिनक थकान हो सकती है, आपको आराम करने की काफी जरुरी है। किसी भी बात या बातचीत के बारे में बहुत ज्यादा गहराई से न सोचें और खुद को परेशान न करें। रिश्तों में एकांत जैसा लग सकता है, बिना बताए अचानक खामोश होने से बचें, अपनी बातों को शेयर करें। मूलांक 8 : आज के दिन आपकी बड़ी इच्छाएं और काम के लक्ष्य मजबूत रहेंगे। कड़े नियमों के बजाय थोड़े नरम रुख और समझदारी से काम लेने को कहता है। सबकी बातें जरुर सुनें। सेहत के मामले में काम को अपने ऊपर हावी न होने दें, थोड़ा मानसिक आराम आपको बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा। रिश्ते में किसी भी चीज को नियंत्रण न करें, बल्कि अपनी भावनाओं को खुलकर बोलें। प्यार-मिलाप से काम बनें, तो वहां पर सख्ती दिखाना ठीक नहीं। मूलांक 9 : आज का दिन आपकी सोच समाज के लिए कुछ अच्छा करने के लिए हो सकती है। सेहत के मामले में दूसरों की समस्याओं से अधिक भावनात्मक रुप से न जुड़ें, वरना आपकी ऊर्जा जा सकती है। रिश्तों में करुणा और आपसी समझ का माहौल रहने वाला है। किसी पुरानी गलतफहमी को किसी कड़वाहट के आसानी से सुलझाया जा सकता है। किसी भी तरह की उन जिम्मेदारियों को मत लें, जो आपकी नहीं है।
भारतीय सनातन संस्कृति में घर का मुख्य द्वार और उसकी चौखट (देहरी) केवल ईंट, पत्थर या लकड़ी की चौखट भर नहीं होती, बल्कि यह परिवार की मर्यादा, ऊर्जा संतुलन और सुख-समृद्धि का प्रधान केंद्र मानी जाती है। अक्सर हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग टोकते हैं कि चौखट पर खड़े होकर विलाप नहीं करना चाहिए, रोना नहीं चाहिए या पैर रखकर नहीं खड़ा होना चाहिए। आज की आधुनिक पीढ़ी इसे कई बार केवल अंधविश्वास या पुरानी सोच मानकर नजरअंदाज कर देती है, लेकिन यदि गहराई से पड़ताल की जाए तो इस नियम के पीछे अत्यंत तार्किक वास्तु नियम, पौराणिक मान्यताएं और मनोवैज्ञानिक कारण मौजूद हैं।मां लक्ष्मी का अनादर और घर में दरिद्रता का आगमनधार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार घर का मुख्य द्वार वह पहला स्थान है जहां से सकारात्मक दैवीय शक्तियां और धन की देवी मां लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। मुख्य द्वार की देहरी को मां लक्ष्मी और कुलदेवी का सम्मान क्षेत्र माना गया है। प्राचीन परंपरा में महिलाएं प्रतिदिन सुबह उठकर सबसे पहले चौखट की सफाई करती हैं, जल छिड़कती हैं और वहां स्वास्तिक अथवा रंगोली बनाती हैं।जब कोई व्यक्ति चौखट पर खड़ा होकर रोता है, चीखता है या शोक व्यक्त करता है, तो वहां तत्काल नकारात्मक ऊर्जा का घेरा बन जाता है। आंसुओं और विलाप को अमंगल का सूचक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर के द्वार पर शोक और रुदन का माहौल रहता है, वहां मां लक्ष्मी प्रवेश करने के बजाय द्वार से ही वापस लौट जाती हैं। परिणामस्वरूप उस परिवार में धीरे-धीरे आर्थिक तंगी, बेवजह के खर्चे और दरिद्रता अपने पैर पसारने लगती है।राहु का प्रभाव और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वारवास्तु शास्त्र और ज्योतिष के दृष्टिकोण से घर की देहरी का सीधा संबंध छाया ग्रह राहु से माना गया है। चौखट दो अलग-अलग ऊर्जा क्षेत्रों का मिलन बिंदु होती है—एक बाहर की खुली, चंचल ऊर्जा और दूसरी घर के अंदर की संरक्षित, निजी ऊर्जा। इस संधि स्थल को अत्यधिक संवेदनशील ऊर्जा क्षेत्र माना जाता है।जब कोई व्यक्ति चौखट पर खड़ा होकर रोता है या क्लेश करता है, तो उस स्थान पर राहु का अशुभ प्रभाव अचानक प्रबल हो जाता है। रोने से उत्पन्न होने वाली भारी और विषादपूर्ण तरंगें घर की सकारात्मक ऊर्जा के सुरक्षा चक्र को तोड़ देती हैं। इससे न केवल घर के अंदर तनाव और अवसाद का माहौल बनने लगता है, बल्कि परिवार के सदस्यों के आपसी तालमेल में दरार पड़ने लगती है और बिना किसी स्पष्ट कारण के आए दिन झगड़े होने लगते हैं।वास्तु पुरुष और पहरेदार ऊर्जा का अपमानवास्तु शास्त्र के अनुसार हर निर्मित भवन में 'वास्तु पुरुष' का वास होता है। मुख्य द्वार को वास्तु पुरुष के सिर या ऊर्जावान मुख के समान आदरणीय माना गया है। इसके अतिरिक्त, सनातन मान्यता है कि घर की देहरी पर द्वारपाल और कुलदेवता की अदृश्य शक्तियां तैनात रहती हैं, जो बाहर की बुरी नजर, तंत्र-मंत्र और अमंगलकारी तत्वों से घर की रक्षा करती हैं।जब कोई व्यक्ति देहरी पर खड़े होकर अश्रु बहाता है, तो यह उस रक्षक ऊर्जा और कुलदेवता का तिरस्कार माना जाता है। गरुड़ पुराण और अन्य स्मृति ग्रंथों में भी कहा गया है कि मांगलिक स्थलों और मुख्य द्वारों पर केवल शुभ, शांत और आनंदमय विचार ही व्यक्त किए जाने चाहिए। रोने या विलाप करने से वास्तु दोष उत्पन्न होता है, जो लंबे समय तक घर के मुखिया और संतान के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।नरसिंह अवतार की कथा और देहरी की आध्यात्मिक पवित्रतापौराणिक इतिहास में चौखट का महत्व भगवान नृसिंह के प्राकट्य से भी जुड़ा हुआ है। दैत्यराज हिरण्यकश्यप को वरदान था कि वह न दिन में मरेगा न रात में, न घर के अंदर मरेगा न बाहर, न अस्त्र से मरेगा न शस्त्र से। भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध करने के लिए संध्याकाल चुना और स्थान के रूप में घर की देहरी यानी चौखट को चुना।यह पौराणिक घटना इस बात का प्रमाण है कि देहरी संसार और आंतरिक जगत के बीच की सीमा रेखा है। यह स्थान न्याय, संतुलन और दैवीय उपस्थिति का प्रतीक है। ऐसे अति-संवेदनशील और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थान पर शोक मनाना या विलाप करना आध्यात्मिक मर्यादा के विरुद्ध आचरण माना गया है। इसलिए भी बुजुर्ग इस स्थान को सदैव शांत और पूज्य बनाए रखने की हिदायत देते हैं।मनोवैज्ञानिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कारणइस धार्मिक परंपरा के पीछे गहरे व्यावहारिक और सामाजिक नियम भी निहित हैं। प्राचीन समय में घर की बातें घर की चारदीवारी तक ही सीमित रखी जाती थीं। चौखट वह जगह होती है जहां से आने-जाने वाले राहगीर, पड़ोसी और बाहरी लोग आसानी से आपको देख और सुन सकते हैं। यदि कोई चौखट पर रोएगा, तो घर की निजी समस्याएं, दुख और कमजोरी सार्वजनिक हो जाती है।इसके अतिरिक्त, किसी भी व्यक्ति के घर से निकलते समय या किसी शुभ कार्य के लिए जाते समय उसे रोता हुआ चेहरा दिखना मानसिक रूप से हतोत्साहित करता है। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से यह व्यक्ति के आत्मविश्वास को कमजोर करता है और उसे यात्रा या काम में असफलता का भय सताने लगता है। घर में लौटते समय भी यदि द्वार पर कोई रोता मिले, तो दिनभर की मानसिक शांति भंग हो जाती है। बुजुर्गों की यह सलाह दरअसल परिवार के मान-सम्मान, आंतरिक ऊर्जा और सुखद वातावरण को सुरक्षित रखने की एक कालजयी व्यवस्था है।
महाभारत युद्ध के समापन के बाद जब सूर्यपुत्र कर्ण वीरगति को प्राप्त होकर स्वर्ग लोक पहुंचे, तो वहां उनके साथ एक ऐसी विचित्र घटना घटी जिसने दान की पूरी परिभाषा ही बदल दी। जीवनभर अपनी चौखट पर आए किसी भी याचक को खाली हाथ न लौटाने वाले और दुनिया में 'दानवीर' की उपाधि पाने वाले कर्ण जब परलोक पहुंचे, तो उन्हें भीषण भूख का सामना करना पड़ा। पृथ्वी पर अपार स्वर्ण, रत्न और भूमि का दान करने वाले इस महायोद्धा को देवलोक में खाने के लिए एक दाना अन्न तक नसीब नहीं हुआ। इस पौराणिक घटना का सीधा संबंध हमारे सनातन धर्म के 16 दिवसीय पितृपक्ष और श्राद्ध तर्पण की परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है।स्वर्ग में कर्ण के सामने भोजन की जगह परोसा गया सोना और रत्नकथा के अनुसार, जब कर्ण कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में अपने प्राण त्यागने के बाद स्वर्ग लोक पहुंचे, तो देवराज इंद्र और अन्य देवताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। कर्ण के असीम दानी स्वभाव और त्याग के कारण उन्हें स्वर्ग में उच्च स्थान दिया गया। युद्ध की भीषण थकान और मृत्यु के बाद जब कर्ण को तीव्र भूख लगी, तो उन्होंने भोजन की इच्छा व्यक्त की। देवदूतों ने उनके सामने स्वर्ण थालियों में सजाकर वस्तुएं रखीं, लेकिन जब कर्ण ने थाली से पर्दा हटाया तो वे स्तब्ध रह गए। थाली में कोई फल, मिष्ठान या अन्न नहीं था, बल्कि उसमें केवल चमकता हुआ सोना, हीरे, माणिक और बहुमूल्य आभूषण रखे हुए थे।कर्ण ने सोचा कि शायद यह कोई भूल है, इसलिए उन्होंने पुनः शुद्ध सात्विक भोजन की याचना की। अगली बार भी सेवकों ने उनके सम्मुख रत्न, मोती और कंचन ही परोसा। भूख से व्याकुल कर्ण के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने विस्मित होकर पूछा कि एक अत्यंत क्षुधित व्यक्ति सोने और आभूषणों को कैसे खा सकता है? क्या यह उनके दानवीर होने का उपहास उड़ाया जा रहा है या स्वर्ग के नियमों में भोजन का कोई स्थान नहीं है? इस पर देवदूतों ने विनम्रतापूर्वक उत्तर दिया कि स्वर्ग लोक का विधान यह है कि मनुष्य ने पृथ्वी पर जो दान किया होता है, उसे परलोक में उसी रूप में उपभोग के लिए प्राप्त होता है।यमराज ने उजागर किया कर्ण के जीवन का सबसे बड़ा अनजाना दोषअपनी इस विकट स्थिति का समाधान पाने के लिए कर्ण सीधे मृत्यु और न्याय के देवता यमराज तथा देवराज इंद्र के समक्ष पहुंचे। कर्ण ने अत्यंत विनम्र भाव से प्रश्न किया कि हे देव, मैंने अपने संपूर्ण जीवन में कभी किसी को निराश नहीं किया। मेरे द्वार से कोई ब्राह्मण, भिक्षुक या दीन-हीन खाली हाथ नहीं लौटा। मैंने विपुल मात्रा में सोना, चांदी, रत्न, गौ और भूमि का दान दिया, फिर मेरे साथ यह अन्याय क्यों हो रहा है कि मुझे जीवित रहने का मूल आधार अन्न तक नहीं मिल रहा है?यमराज ने कर्ण की व्यथा सुनकर अत्यंत शांत स्वर में कहा कि हे सूर्यपुत्र, इसमें कोई संदेह नहीं कि आपका दान अद्वितीय था और आपके जैसा दानी त्रिलोक में कोई दूसरा नहीं हुआ। परंतु आपने अपने जीवनकाल में केवल भौतिक संपदा, सोना, चांदी और आभूषणों का ही दान किया। आपने कभी किसी भूखे को अपने पूर्वजों के नाम से अन्न का दान नहीं दिया और न ही कभी अपने पितरों का स्मरण कर जल तर्पण किया। यमराज ने स्पष्ट किया कि सनातन व्यवस्था में पितृ ऋण सबसे प्रमुख ऋण माना गया है। व्यक्ति चाहे जितना भी धन बांट दे, यदि वह अपने पितरों के निमित्त अन्न और जल का अर्पण नहीं करता, तो परलोक में उसकी आत्मा को अन्न की तृप्ति प्राप्त नहीं हो सकती।जब कर्ण ने व्यक्त की अपनी विवशता और अज्ञात कुल का दर्दयमराज का यह तर्क सुनकर कर्ण की आंखें भर आईं। कर्ण ने अपने अतीत की पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहा कि हे धर्मराज, मेरे साथ जीवनभर भाग्य ने छल किया। मैं सूतपुत्र के रूप में पला-बढ़ा और मुझे अपने वास्तविक कुल तथा जन्मदाताओं का कभी ज्ञान ही नहीं था। जब तक महाभारत का युद्ध अपने अंतिम चरण में नहीं पहुंचा, तब तक मुझे यह ज्ञात ही नहीं था कि मैं पांडवों का ज्येष्ठ भ्राता और कुंती का पुत्र हूं। जब मुझे मेरे माता-पिता, कुल और पूर्वजों की पहचान ही नहीं थी, तो मैं किसके नाम से श्राद्ध करता और किसको जल अर्पित करता?कर्ण की यह दलील न्यायसंगत और हृदय विदारक थी। उन्होंने जानबूझकर अपने पितरों की उपेक्षा नहीं की थी, बल्कि वे अपनी नियति के कारण इस सत्य से अनभिज्ञ रहे थे। कर्ण के इस सच्चे पश्चाताप और विवशता को देखकर देवराज इंद्र और यमराज अत्यंत द्रवित हुए। उन्होंने माना कि कर्ण का यह दोष अज्ञानतावश हुआ था, न कि किसी अहंकार या दुर्भावना के कारण।16 दिनों के लिए पृथ्वी पर कर्ण की वापसी और श्राद्ध का विधानकर्ण की इस भूल का प्रायश्चित करने के लिए यमराज ने उन्हें एक विशेष वरदान दिया। उन्हें 16 दिनों की अवधि के लिए पुनः सशरीर पृथ्वी लोक पर जाने की अनुमति दी गई। यमराज ने निर्देश दिया कि इस अवधि में कर्ण पृथ्वी पर रहकर अपने ज्ञात और अज्ञात पूर्वजों का ध्यान करें, उनके निमित्त जल का तर्पण करें और निर्धनों, ब्राह्मणों तथा असहायों को भरपेट अन्न का दान दें।कर्ण ने अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक पूरे 16 दिनों तक पृथ्वी पर वास किया। इन 16 दिनों में उन्होंने सूर्य देव, अपने समस्त पितरों और ब्रह्मांड की अतृप्त आत्माओं के नाम से विधि-विधानपूर्वक तर्पण किया। उन्होंने बड़े स्तर पर अन्नक्षेत्र चलाए, जहां प्रतिदिन हजारों भूखों को भोजन कराया गया और जल दान दिया गया। जब यह 16 दिन समाप्त हुए और कर्ण पुनः स्वर्ग लोक लौटे, तो उनके लिए स्वर्ग का भंडार अमृत तुल्य अन्नों और व्यंजनों से भर चुका था। उनकी आत्मा सदा-सदा के लिए तृप्त हो गई।पितृपक्ष और महालया की परंपरा का आज के संदर्भ में महत्वमहाभारत काल में कर्ण द्वारा बिताए गए यही 16 दिन आज हिंदू धर्म में 'पितृपक्ष' या 'श्राद्ध पक्ष' के नाम से जाने जाते हैं। इस कालखंड की अंतिम तिथि को 'सर्वपितृ अमावस्या' या 'महालया' कहा जाता है। कर्ण की यह कथा हमें यह गंभीर आध्यात्मिक संदेश देती है कि केवल धन, वैभव या विलासिता की वस्तुओं का दान ही पर्याप्त नहीं होता। जीवन में अन्नदान और जलदान को महादान की श्रेणी में रखा गया है।सनातन परंपरा में माना जाता है कि व्यक्ति के पास चाहे कितनी भी दौलत क्यों न हो, यदि वह अपनी जड़ों और अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त नहीं करता, तो उसका पुण्य अधूरा रह जाता है। गया, प्रयागराज, हरिद्वार, वाराणसी और बद्रीनाथ के ब्रह्मकपाल जैसे पवित्र तीर्थों पर आज भी लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त जो पिंडदान और तर्पण करते हैं, उसके पीछे कर्ण की यही पौराणिक कथा सबसे बड़ी प्रेरणा बनकर विद्यमान है। यह कथा सिखाती है कि पूर्वजों के प्रति किया गया श्रद्धा भाव ही वास्तव में आत्मा को परम शांति और संतुष्टि प्रदान करता है।
आज मनाई जा रही राधा अष्टमी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी के पावन पर्व पर जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व. भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की कृपा पाने के लिए ऐसे करें विधि-विधान से पूजा.
19 सितंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 19 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 19 सितंबर 2026, दिन- शनिवार, भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि दोपहर 15.26 बजे तक फिर नवमी तिथि, मूल नक्षत्र, चंद्रमा- धनु में, सूर्य- कन्या में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.50 बजे से दोपहर 12.39 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.11 बजे से सुबह 10.43 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व, आज राधा अष्टमी है.
मीन राशिवालों के धन कमाने के नए रास्ते बनेंगे, प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनेगी, जानें शुभ रंग
Pisces Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: धन की स्थिति में सुधार होगा, धन कमाने के नए रास्ते बनेंगे, प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनेगी, मित्रों से मदद मिलेगी, मान-सम्मान बढ़ेगा.
कुंभ राशिवालों को मेहनत का फल मिलेगा, कामकाज में सफलता मिलेगी, जानें दैनिक राशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: मेहनत का फल मिलेगा, कामकाज में सफलता मिलेगी, परिवार के साथ वक्त बीतेगा, मन की टेंशन दूर होगी, लंबी दूरी की यात्रा से बचें.
मकर राशिवालों का समाज में सम्मान बढ़ेगा, मित्रों से मुलाकात होगी, जानें जरूरी टिप
Capricorn Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, लोग आपके काम की तारीफ करेंगे, समाज में सम्मान बढ़ेगा, मित्रों से मुलाकात होगी, गाड़ी से चोट का खतरा है, गाड़ी खुद ना चलाएं.
धनु राशिवालों का सम्मान और बढ़ेगा धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: आपका सम्मान और बढ़ेगा, धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, परिवार में चल रहे मतभेद दूर होंगे, प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ होगा, संतान से खुशी मिलेगी.
तुला राशि वाले आज इस चीज का करें दान, उन्नति के नए रास्ते मिलेंगे
Libra Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: परिवार में सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, नए लोगों से मुलाकात होगी, आपको उन्नति के नए रास्ते मिलेंगे, धन आगमन होगा, रिश्तेदारों से संबंधों में सुधार होगा, व्यापार से जुड़े काम बनेंगे.
कन्या राशि वालों को आज धन लाभ होगा, बरतें ये सावधानी
Virgo Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करने की जरूरत है, आपको धन लाभ होगा, काम में चुनौतियां आएंगी, साहस के साथ सामना करेंगे, किसी से झगड़ा करने से बचें, व्यापार में लाभ का योग है.
सिंह राशि वालों को आज रुका हुआ पैसा मिलेगा, करें ये उपाय
Leo Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: अनजान लोगों के साथ डील सावधानी से करें, काम को लेकर व्यस्त रहेंगे, आपको दोस्त मदद करेंगे, रुका हुआ पैसा मिलेगा, नए सिरे से रिश्ते शुरू होंगे, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कर्क राशि वालों के लिए आज व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी, शुभ रंग- सफेद
Cancer Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: कार्यों के अच्छे नतीजे मिलेंगे, धन की प्राप्ति होगी, यात्रा के योग बन रहे हैं, भाग्य का साथ मिलेगा, नए लोगों से मुलाकात होगी, व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी.
मिथुन राशि वाले आज इस रंग के पहनें कपड़े, धन प्राप्ति के अवसर मिलेंगे
Gemini Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, रुके हुए काम पूरे होंगे, धन प्राप्ति के अवसर मिलेंगे, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
वृषभ राशि वालों को आज भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी
Taurus Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, पुराने संबंधों में नई जान आएगी, करियर पर ध्यान देने का समय है, घर परिवार में खुशहाली बढ़ेगी, आज कोई अच्छी खबर मिलेगी, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
मेष राशि वाले आज गाय को रोटी खिलाएं, रुके हुए काम पूरे होंगे
Aries Daily Horoscope, 19 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: मन में किसी बात को लेकर चिंता रहेगी, आपके रुके हुए काम पूरे होंगे, योजनाएं सफल होंगी, खुद के विवेक से कोई निर्णय लें, परिवार को समय देना होगा, व्यापार से जुड़े काम सावधानी से करें.
साथी सहयोगी होंगे, संबंधों में मधुरता रखेंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: ऊर्जा व उत्साह का बनाए रखेंगे. नवीन मामले उम्मीद के अनुरूप गति लेंगे. व्यापार में बेहतर बने रहेंगे. अधिकतर मामलों में सफलता प्राप्त करेंगे.
प्रतिष्ठा पर बल दें, सहयोग बनाए रहें
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: संवैधानिक सूझबूझ से आगे बढ़ें. परंपराओं का पालन करेंगे. कार्योंमें निरंतरता बनाए रखेंगे. पेशेवरों को नियमित प्रस्ताव प्राप्त होंगे
करीबी मददगार होंगे, वातावरण में अनुकूलन बढ़ेगा
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: जिम्मेदारों से अपनी बात कह पाएंगे. वातावरण में अनुकूलन रहेगा. भावनात्मक दबाव की स्थापित से बचेंगे. जल्दबाजी में नहीं आएंगे.
स्पर्धा में रुचि रहेगी, सक्रियता बनी रहेगी
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: भावनात्मक प्रदर्शन में आगे बने रहेंगे. महत्वपूर्ण विषयों को गति देंगे. परस्पर भरोसा बढ़ेगा. मनोवांछित परिणाम बनेंगे. योजनाओं को मूर्तरूप देंगे.
अवसरों को भुनाएं, सीख सलाह अपनाएं
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: सबका सहयोग बनाए रख. विभिन्न कामकाज में सहज ढंग से आगे बढ़ें. भेंट संवाद में स्पष्टता बनाए रखें. साथियों की मदद करें. लंबित कार्यों को पूरा करें.
प्रभाव बनाए रखेंगे, सहकार का भाव रहेगा
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: चालाक लोगों से दूरी रखें. जिम्मेदारियों को निभाएंगे. आत्मविश्वास बनाए रखें. भावनात्मक फैसलों में नहीं आएंगे. व्यक्तिगत सहजता बनाए रहेंगे.
खानपान में सजग रहें, सात्विकता बढ़ाएं
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: पेशेवर मामलों के सक्रियता बनाए रखेंगे. तात्कालिक लक्ष्यों को पाने का प्रयास बढ़ाएं. व्यवसाय के प्रति गंभीरता बनाए रखें. सभी का साथ लेकर चलें.
सहयोग मिलेगा, संबंधों को निभाएंगे
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: जरूरी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. पद प्रतिष्ठा के अनुरूप कार्य व्यवहार रखेंगे. वरिष्ठों की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे.
परिणाम पक्ष में बनेंगे, दोस्तों का साथ रहेगा
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 19 September 2026: महत्वपूर्ण कार्य सहजता से करेंगे. जरूरी कार्यों को प्राथमिकता में रखेंगे. लक्ष्यगत प्रयास पूरे करें. विभिन्न मोर्चे पर औसत प्रदर्शन बनाए रखेंगे
मिथुन राशि वाले लक्ष्य पर फोकस रखें, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 19 September 2026 (करियर राशिफल): सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. कामकाज में तेजी आएगी. टीम का सहयोग मिलेगा. साझेदारी से जुड़े काम आगे बढ़ेंगे. पेशेवर रिश्ते मजबूत होंगे.
कर्क राशि वाले पार्टनर की बात धैर्य से सुनें, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 19 September 2026 (लव राशिफल): प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी. पार्टनर की भावनाओं और इच्छाओं का सम्मान करेंगे. परिवार का सहयोग मिलेगा. रिश्तों में प्रेम और विश्वास बढ़ेगा.
मिथुन राशि वालों की योजनाओं में आएगी तेजी, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 19 September 2026 (आर्थिक राशिफल): कर्क राशि के जातकों का निवेश बढ़ेगा. वित्तीय प्रबंधन पर पूरा जोर बना रहेगा और आप अपने समकक्षों को साथ लेकर चलेंगे.
दैनिक प्रेम राशिफल 19 सितंबर 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं। यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है: मेष: अपने पार्टनर से कोई भी बात न छिपाएं। खुलकर की गई चर्चा आप दोनों के बीच के बंधन को और मजबूत करेगी। वृषभ: आज लव लाइफ में सुकून और मिठास बनी रहेगी। जीवनसाथी का छोटा सा प्यार भरा इशारा भी आपका मूड बना देगा। मिथुन: पुरानी बातों को याद करके अपना आज खराब न करें। शांति से बैठकर मामला सुलझाना ही समझदारी होगी। कर्क: दिल की बात दिल में रखने के बजाय पार्टनर से जाहिर कर दें। आपका यह कदम रिश्ते में नया विश्वास जगाएगा। सिंह: प्रेम संबंधों में आज नई ताजगी महसूस होगी। साथ में कोई प्यारा सा प्लान बनाएं और खूबसूरत पल बिताएं। कन्या: अपने साथी की पसंद-नापसंद का ख्याल रखें। थोड़ी सी तवज्जो और परवाह आपके रिश्ते को नई ऊर्जा देगी। तुला: आज प्यार और नजदीकी बढ़ाने का सही समय है। जो भी मनमुटाव चल रहे थे, वे आज पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। वृश्चिक: राय अलग होने पर बहस में न उलझें। ठंडे दिमाग से साथी की बात सुनें और अपनी वाणी में मधुरता रखें। धनु: अविवाहित लोगों के जीवन में किसी नए व्यक्ति का आगमन हो सकता है। नए संबंधों की ओर कदम बढ़ाने का बेहतरीन मौका है। मकर: रिश्ते में गंभीरता और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का अहसास बढ़ेगा। भविष्य के फैसलों पर एक राय बनेगी। कुंभ: आपके प्यार और भरोसे की आज परीक्षा हो सकती है, जिसमें आप सफल रहेंगे। शाम का समय सिर्फ एक-दूसरे के नाम रहेगा। मीन: अपने साथी के प्रति आपकी वफादारी उन्हें बेहद खास महसूस कराएगी। आपका यह स्वभाव रिश्ते में कभी कड़वाहट नहीं आने देगा।
अखिलेश यादव का PDA वाला रथ, क्या जीत पाएंगे 2027? देखें विशेष
आज विशेष में सबसे पहले बात यूपी के पावर प्ले की... बस चुनावों में कुछ ही महीनों का वक्त है.. और तैयारियां दोनों ही खेमों से भरपूर हैं... अखिलेश PDA के सहारे हैं.. बीजेपी सनातन के भरोसे हैं.. सवाल है कि जनता ने क्या सोचा है.. उधर लखनऊ में अखिलेश का PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक रथ तैयार हो चुका है.. इसी रथ के सहारे अखिलेश यादव अब चुनावों से पहले पूरे यूपी में कैंपेनिंग करेंगे.. लेकिन उनकी पिछली दो बार की ये कोशिश असफल हो चुकी है.
राधाष्टमी! महारास सांसारिक नृत्य नहीं बल्कि परम आनंद की आध्यात्मिक अवस्था
कई बार राधा-कृष्ण के प्रेम और महारास को सामान्य सांसारिक दृष्टि से देखकर उसका उपहास किया जाता है. महारास को केवल नृत्य या नाच-गाने की घटना मान लेना इसके आध्यात्मिक अर्थ को सीमित कर देना है. वास्तव में महारास को भक्ति की उस उच्च अवस्था के रूप में देखा जाता है, जहां भक्त का अहंकार, सांसारिक आसक्ति और व्यक्तिगत स्वार्थ पीछे छूट जाते हैं और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव जागृत होता है.
गणेश विसर्जन 2026: ऑफिस की वजह से छूटा सुबह का समय, 5वें दिन शाम और रात के अचूक शुभ मुहूर्त
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ पावन गणेशोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण के साथ मनाया जा रहा है। शास्त्रों और कुल-परंपराओं के अनुसार कई श्रद्धालु अपने घरों और प्रतिष्ठानों में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को डेढ़ दिन, पांच दिन, सात दिन अथवा अनंत चतुर्दशी यानी दसवें दिन तक स्थापित रखने का धार्मिक संकल्प लेते हैं। इस वर्ष 18 सितंबर 2026 को 5 दिवसीय गणेश स्थापना का पांचवां दिन संपन्न हो रहा है। ऐसे में जिन भक्तों ने पंचम दिवस पर बप्पा की विदाई का संकल्प लिया था, उनमें से कई कामकाजी लोग सुबह की व्यस्त दिनचर्या और दफ्तर के काम के कारण प्रातःकाल या दोपहर के समय प्रतिमा विसर्जन नहीं कर पाए। वैदिक ज्योतिष गणना के अनुसार चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि शाम और रात्रि के समय भी विघ्नहर्ता को भावभीनी विदाई देने के लिए अत्यंत कल्याणकारी और मंगलकारी चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध हैं।ज्योतिषाचार्य श्री चंद्रेश शर्मा से जानिए 5वें दिन के संपूर्ण शुभ मुहूर्तवैदिक ज्योतिष और पंचांग गणना के विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य श्री चंद्रेश शर्मा के अनुसार, गणेश विसर्जन के लिए शास्त्रसम्मत चौघड़िया का विशेष महत्व माना गया है। दिनभर के समय चक्र में चर, लाभ, अमृत और शुभ के चौघड़िया में बप्पा की विदाई करना घर-परिवार के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली होता है। 18 सितंबर 2026 को पांचवें दिन के लिए दिन के मुहूर्त बीत जाने के बाद भी शाम और रात के समय दो प्रमुख समय खंड उपलब्ध हैं, जिनमें भक्त अपनी सुविधानुसार गणपति बप्पा को विधिपूर्वक विसर्जित कर सकते हैं:प्रातःकालीन मुहूर्त (बीत चुका): सुबह 6:11 बजे से 10:45 बजे तक (चर, लाभ और अमृत का चौघड़िया)।दोपहर का मुहूर्त (बीत चुका): दोपहर 12:17 बजे से 1:48 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)।शाम का शुभ मुहूर्त: शाम 4:51 बजे से 6:22 बजे तक (चर का चौघड़िया)।रात्रि का विशेष मुहूर्त: रात 9:19 बजे से 10:48 बजे तक (लाभ का चौघड़िया)। यदि आप नौकरी या व्यापार के सिलसिले में दिन में समय नहीं निकाल पाए हैं, तो शाम 4:51 से 6:22 बजे के बीच या फिर रात्रि में 9:19 से 10:48 बजे के मध्य पूरे आदर, ढोल-नगाड़ों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बप्पा को विसर्जित कर सकते हैं।मिट्टी से जल तक का दार्शनिक रहस्य: गणेश विसर्जन का वास्तविक आध्यात्मिक संदेशसनातन धर्म में गणेश विसर्जन केवल एक औपचारिक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह जीवन और ब्रह्मांड के शाश्वत सत्य का गहरा दार्शनिक प्रतीक है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, विसर्जन प्रक्रिया हमें यह सार्वभौमिक संदेश देती है कि इस नश्वर संसार में कोई भी रूप, पद, वैभव या भौतिक वस्तु स्थायी नहीं है। जिस प्रकार प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की मनोहारी प्रतिमा कुछ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद पुनः जलतत्व में विलीन हो जाती है, ठीक उसी प्रकार मनुष्य का यह शरीर भी पंचतत्वों से मिलकर बना है और अंततः उसी प्रकृति में समाहित हो जाना है। यह पर्व सिखाता है कि सांसारिक उपलब्धियों से अत्यधिक आसक्ति और मोह रखने के बजाय कर्तव्य और निष्काम कर्म को प्राथमिकता देनी चाहिए। पांच दिनों तक बप्पा की सेवा कर उनके विसर्जन का संकल्प इसी निष्काम भक्ति और समर्पण भाव को दर्शाता है।पंचोपचार पूजा से क्षमा याचना तक: विसर्जन के अनिवार्य शास्त्रोक्त नियमगणपति बप्पा को विदाई देने से पूर्व घर के पूजा स्थल पर विधि-विधान से अंतिम पूजन करना अनिवार्य है। इसके लिए परिवार के सभी सदस्यों को एकत्रित होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। सर्वप्रथम भगवान गणेश को अक्षत, रोली, चंदन और सिंदूर का तिलक लगाएं। इसके पश्चात उन्हें प्रिय दूर्वा की 21 गांठे, लाल गुड़हल या गेंदे के ताजे पुष्प और जनेऊ अर्पित करें। भोग के रूप में मोदक, बेसन के लड्डू, ऋतुफल और नारियल समर्पित करें। तत्पश्चात धूप और दीप प्रज्वलित कर परिवार सहित गणेश जी की आरती उतारें। विसर्जन यात्रा आरंभ करने से पूर्व हाथ में जल और पुष्प लेकर भगवान से हाथ जोड़कर प्रार्थना करें: हे विघ्नहर्ता, अज्ञानतावश या भूलवश पूजा में हुई किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए हमें क्षमा करें और हमारे परिवार पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ': आदरपूर्वक करें विदाईक्षमा प्रार्थना और आरती के उपरांत भगवान गणेश की प्रतिमा को दोनों हाथों से उठाकर अपने मस्तक से स्पर्श कराएं और फिर सम्मानपूर्वक एक लकड़ी के पाटे पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर उस पर विराजमान करें। इसके बाद घर से विसर्जन स्थल, पवित्र नदी, जलाशय या घर पर ही बनाए गए स्वच्छ जलकुंड की ओर प्रस्थान करें। रास्ते भर गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के साथ वातावरण को गुंजायमान रखें। विसर्जन स्थल पर पहुंचकर प्रतिमा को झटके से फेंकने के बजाय अत्यंत आदर और प्रेम भाव से धीरे-धीरे जल में प्रवाहित करें। साथ ही भगवान से यह मंगल कामना करें कि वे घर के सारे संकट, रोग और दरिद्रता अपने साथ ले जाएं और सुख, शांति व समृद्धि का आशीर्वाद देकर जाएं।
UPSC ESE 2027 का नोटिफिकेशन जारी, BTech पास युवाओं के लिए शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया
सरकारी नौकरी की चाहत रखने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके उम्मीदवार के लिए सुनहरा मौका सामने आया है। यूपीएससी ने इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (ESE) 2027 के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग सभी कैटेगरी के लिए रिक्तियां आई है। वहीं, 16 सितंबर से इसके लिए आवेदन शुरु हो चुके है। आइए आपको इस भर्ती से संबंधित सारी डिटेल्स बताते हैं। यूपीएससी ESE के लिए योग्यता - किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री (बी.ई/बीटेक) हासिल की हो। - सिविल, मैकनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग इन चार ब्रांच के अभ्यर्थी ही योग्य हैं। - या कैंडिडेट का इंस्टीट्यूशन मेंबरशिप एग्जामिनेश (IETE) या एसोसिएट मेंबरशिप एग्जामिनेशन क्वालिफाई किया हो। - वहीं, कुछ पदों के लिए जैसे (IRRS) के लिए एमएससी (फिजिक्स/इलेक्ट्ऱॉनिक्स/वायरलेस/ कम्युनिकेशन) वाले भी योग्य होंगे। - उम्मीदवार ने कम से कम 21 वर्ष की उम्र पूरी कर ली हो और अधिकतम 30 वर्ष का न हुआ हो। उम्र की निर्धारण के लिए 1 जनवरी 2027 की तारीख देखी जाएगी। यदि इसे एज लिमिट के हिसाब से देखा जाए, तो कैंडिडेट का जन्म 2 जनवरी 1997 से पहले 1 जनवरी 2006 के बाद का नहीं होना चाहिए। - वहीं, आरक्षित वर्गों के लिए उम्र सीमा में छूट मिलेगी। तीन चरणों में होगा सेलेक्शन पहला स्टेज- इंजीनियरिंग सर्विस प्रीलिमिनरी एग्जाम: यह ऑब्जेक्टिव टाइप होगा। जिसके जरिए कैंडिडेट्स प्रमुख परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएंगे। इस एग्जाम में 2 पेपर अधिकतम 500 नंबर के होंगे। वहीं, पेपर-I 200 नंबर और पेपर-II 300 नंबर का पूछा जाएगा। जिसके मेरिट लिस्ट बनेगी। स्टेज 2- इंजीनियरिंग सर्विस मेन एग्जाम: इसमें भी दो कन्वेशियल टाइप पेपर इंजीनियरिंग से संबंधित आएंगे। परीक्षा की अवधि 3 घंटे की होगी। हर पेपर 300 नंबर का होगा। स्टेज 3- इंटरव्यू/पर्सनालिटी टेस्ट: साक्षात्कार भी 200 नंबर का होगा। जिसमें कैंडिडेट्स के व्यक्तित्व हो देखा जाएगा।
Radha Ashtami 2026: राधा रानी को बेहद प्रिय है अरबी समेत अन्य 5 चीजों का भोग, अर्पित करें ये भोग
हिंदू धर्म में राधा अष्टमी व्रत का विशेष महत्व है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो भक्तजन राधा अष्टमी का व्रत करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। राधा अष्टमी के दिन विधिवत रुप से राधा रानी की पूजा अर्चना की जाती है, उन्हें प्रसन्न करने के लिए उनके प्रिय भोग अर्पित कर सकते हैं। इस बार राधा अष्टमी का व्रत 19 सितंबर 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि राधा रानी के प्रिय भोग कौन से हैं। राधा रानी के प्रिय भोग - इस खास मौके पर आप राधा रानी को मालपुआ और रबड़ी का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मालपुआ और रबड़ी का भोग राधा अष्टमी को अधिक प्रिय है। - राधा अष्टमी के दिन श्रीजी को पंचामृत का भोग जरुर लगाएं। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल मिलाकर पंचामृत का भोग जरुर लगाएं। राधा-रानी को भी भगवान कृष्ण की तरह ही धनिया की पंजरी का भोग अति प्रिय है। इसलिए इस दिन राधा रानी के साथ-साथ भगवान कृष्ण को भी धनिया पंजीरी का भोग अर्पित करें। - खासतौर पर भगवान कृष्ण को माखन मिश्री अधिक प्रिय है। इसलिए राधा अष्टमी के दिन राधा रानी के माखन मिश्री का भोग जरुर लगाएं। - राधा रानी को इस दिन आप खीर का भोग अर्पित कर सकते हैं। आप चाहे तो चावल की खीर या मखाने की खीर भी बना सकते हैं। - राधा अष्टमी के दिन राधा रानी को अरबी का भोग जरुर लगाएं। राधा रानी को अरबी को भोग काफी पसंद होता है। अरबी का भोग राधा अष्टमी के दिन माता को जरुर लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि आप जो भी सब्जी राधा रानी के लिए बना रहे भोग के लिए, तो उसमें भूलकर भी लहसुन प्याज न डालें। सात्विक सब्जी का भोग लगाएं।
Today Tarot Card Reading: मिथुन राशि के रिश्तों में बढ़ेगा प्यार, वृषभ और सिंह को बरतनी होगी सावधानी
आज का दिन यानी 18 सितंबर उन लोगों के लिए सबसे खास हो सकता है, जो काफी समय किसी बात को लेकर मन ही मन में अटके हुए थे। टैरो के कार्ड्स में थकान के बाद क्लैरिटी दिखाई दे रही है। वहीं, कुछ रिश्तों में पुरानी कहानी फिर से सिर उठा रही है। वहीं, एक मौका आपकी दिशा भी बादल सकता है। आइए आपको टैरो के जरिए बताते हैं सभी 12 राशियों का आज का दिन कैसे जाने वाला है। मेष दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Five of Cups, The Hanged Man Reversed, Three of Swords Reversed इस बीच मेष राशि के मन के अंदर किसी पुरानी निराशा देखने को मिल सकती है। अगर कोई अवसर आपके हाथ से छूट गया, किसी रिश्ते में बात आपके मुताबिक नहीं बनी या किसी फैसले का रिजल्ट उम्मीद के हिसाब से परिणाम नहीं आया, तो इसका मलाल आज आपको हो सकता है। जब आप किसी परिस्थिति में अपनी पसंद के मुताबिक मोड़ने की कोशिश करेंगे, उतना ही अटके हुए महसूस करेंगे। कुछ चीजें छोड़ने से आपको हल्का महसूस होगा। कोई पुरानी चोट पर बात हो सकती है, या कम से कम उसके असर से दूरी बनने लगेगी। आज आगे बढ़ने का रास्ता अतीत को मिटाना नहीं, उससे अपना रिश्ता बदलना है। आज का मुख्य संदेश - जो हो चुका है उसे बदलने की चाहत को छोड़कर अब तय करें कि अपनी अगली चाल पर कितना असर देना हैं। वृषभ दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Five of Wands, Four of Swords Reversed, Queen of Cups Reversed वृषभ राशि के जातकों का आज का गिन तनाव से भरा हो सकता है, किसी से मतभेद शुरु हो सकता है। ऑफिस में लोग अपनी बात मनवाने पर अड़े रहें या घर में किसी छोटी बात पर माहौल बिगड़ सकता है, तो उसका असर उम्मीद से ज्यादा हो सकता है। आपका मन पहले से ही आराम चाह रहा है। कई बार बाहर का तनाव खत्म हो जाए, तब भी दिमाग उसी घटना को दोहराता है। इमोशनल ओवरलोड बढ़ रहा है। आज का दिन नुकासनदायक हो सकता है, इसलिए कुछ चीजों से दूरी बनाकर चलें। कभी-कभी शांत होकर सोचना ही समझदारी काम होता है। आज की सलाह: बहस खत्म होने के बाद भी उसे अपने दिमाग में जारी न रखें। मिथुन दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Ten of Cups, Knight of Cups, Four of Swords मिथुन राशि के जातक आज रिश्तों की ऊर्जा सबसे खूबसूरत हिस्सों में एक हो सकती है। आप अपने पार्टनर के साथ कोई सहज और दिल से हुई बातचीत आपको फिर से करीब लेकर आएगी। किसी का खास जेस्चर, मैसेज या अचानक मिले ध्यान से मन भी बदल जाएगा। अगर आप सिंगल हैं, तो कोई व्यक्ति आकर्षित कर सकता है, लेकिन इसकी खासियत केवल आकर्षण नहीं होगी। उसके साथ सहज संबंध महसूस हो सकता है। वैसे किसी भी रिश्ते को तुरंत नाम देने की जरुरत नहीं है। आज रिश्ते में शांति ज्यादा महत्वपूर्ण रहने वाली है। कोई भी भावनात्मक थकान थी, को किसी अपने के साथ बस बैठना या सामान्य बातचीत करने से मन ठीक होगा। आज की सलाह: जो रिश्ता आपको सुकून देता है उसे जरूरत से ज्यादा परखने की बजाय उसे महसूस करें। कर्क दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Six of Wands Reversed, King of Cups Reversed, The High Priestess आज के दिन कर्क राशि वाले यह सोचते रहेंगे कि उनकी मेहनत का उतना असर नहीं दिखा जितना उन्होंने उम्मीद की थी। वर्क में पहचान न मिलना या किसी करीबी से वह रिस्पॉन्स न मिलना जिसकी आपको काफी जरुरत थी, जो आपको काफी बेचैन कर सकता है। आपका मन कुछ चीजों को लेकर ज्यादा घुमेगा। खासकर जब सामने वाला अपनी भावनाएं साफ नहीं कर रहा हो। हालांकि, आज जवाब किसी और के मुंह से सुनने के स्थान पर आपको खुद के अंदर ही मिलेगा। किसी भी व्यक्ति के बारे में हल्का-फुल्का एहसास मिल सकता है। इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा। शक बिल्कुल भी न करें। आज ऑब्जर्व करने वाले ज्यादा ताकतवार साबित हो सकते हैं। आज की सलाह: जिसे लेकर मन बार-बार संकेत दे रहा है उसे नोटिस करें लेकिन बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष न निकालें। सिंह दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Three of Wands Reversed, Seven of Swords Reversed, Wheel of Fortune Reversed गौरतलब है कि सिंह राशि वालों के जातक जितना आगे बढ़ने का प्लान बना रहे हैं, उतना ही पीछे जा रहे है। क्योंकि इस समय आपको काफी अड़चन देखने को मिलेगी। आपको इस अवधि में ऐसी बात का पता चलेगा कि जो पहले पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। वहीं, किसी व्यक्ति का असली सोच, किसी काम की वास्तिवक स्थिति या किसी अधूरे कम्युनिकेशन की सच्चाई सामने आ सकती है। इस समय आपको क्लैरिटी मिल सकती है, हालांकि यह जरुरी नहीं है कि चीजें तुरंत बदल जाएंगी। गुस्से में किसी प्रकार का प्लान बदलने से बचें। कभी-कभी सबसे समझदार कदम सिर्फ इतना होता है कि सच्चाई को स्वीकार करके सही मौके का इंतजार किया जाए। आज की सलाह: अब जब तस्वीर साफ हो रही है तो धैर्य रखें और जल्दबाजी में दिशा न बदलें। कन्या दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Four of Cups Reversed, The World, The Moon कन्या राशि के जातकों के लिए आज का समय कुछ ऐसा होगा कि, जिस चीज को आपने काफी इग्नोर किया था, उससे कोई पुराना मौका, काम या विचार अचानक फिर से आकर्षक लगेगा। आपको महसूस होगा कि आखिरकार एक अध्याय बंद हो रहा है और अब आगे देखना चाहिए। अभी नई दिशा पूरी तरह साफ नहीं होगी। यह जरुरी नहीं है कि एक रास्ता खत्म होते ही अगला रास्ता भी तुरंत दिखाई दे। आपको कई संभावनाएं दिखेंगी और साथ ही कुछ डर भी कौन-सा सच है और कौन-सा केवल ओवरथिंकिंग, यह पहचानना काफी मुश्किल हो सकता है। इसलिए आज फाइनल डिसीजन लेना इतना जरुरी नहीं है। आज की सलाह: पुरानी चीज को खत्म होने दें और अनिश्चितता को तुरंत खतरा मानने से बचें। तुला दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: The Hermit, Ten of Swords Reversed, Knight of Wands Reversed तुला राशि वालों के मन में भीड़ से दूर रहने का मन करेगा। बार-बार लोगों की राय, काम का शोर या किसी पुरानी सिचुएशन की चर्चा से थककर आप शायद अपने साथ रहना पसंद करेंगे। यह अकेलापन नहीं बल्कि मानसिक जगह की जरुरत है। किसी भी दर्दनाक फेज से गुजर रहे हैं, तो आप उससे बाहर निकल सकते हैं और इसका असर आपको कम महसूस होगा। अगर आपको राहत मिलती है, तो किसी नई चीज में अचानक कूदना ठीक नहीं है। मन उत्साहित हो सकता है, लेकिन अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है। अगर आप थोड़ा रुकना चाहते हैं, तो आप कमजोर नहीं है। यह आपकी इस समय बड़ी ताकत हो सकती है। आज की सलाह: खुद को स्पेस दें और सिर्फ खालीपन से बचने के लिए कोई नया रास्ता न चुनें। वृश्चिक दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Four of Pentacles Reversed, Queen of Swords Reversed, The Chariot वृश्चिक राशि वालों के लिए आज किसी चीज को छोड़ना काफी मुश्किल हो सकता है, जो चीज आपको लंबे समय से कसकर पकड़े हुए हैं। पैसा, रिश्ता, पुराना फैसला या किसी सिचुएशन पर अपना कंट्रोल, कुछ भी हो सकता है। शुरुआत में असुरक्षित लगेगा, हालांकि आपको धीरे-धीरे समझ आ जाएगा कि पकड़ बनाए रखने में जितनी एनर्जी जा रही थी, वह आपकी प्रोग्रेस रोक रही थी। कोई तीखी बात फिर से समाने आ सकती है। सामने वाले रुखा हो या आप खुद गुस्से में ज्यादा बोल जाएं। इसलिए अपनी बात रखें और लेकिन लड़ाई बनाना नहीं। आज आगे बढ़ने की ताकत किसी को हराने से नहीं, दिशा तय करने से आएगी। आज की सलाह: अपनी बात मजबूती से रखें लेकिन गुस्से को बातचीत की दिशा तय न करने दें। धनु दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Two of Pentacles, The Star, Two of Wands आज का दिन धनु राशि वालों को लगेगा कि आब एक नई दिशा का चयन करना काफी जरुरती है। पिछले दिनों आपने कई जिम्मेदारियां संभाली हैं और शायद इसी कारण से अपने बड़े लक्ष्य पर ध्यान कम गया। वहीं, कोई सपना, करियर प्लान या पर्सनल लक्ष्य फिर से मन में जगह बना सकता है। आज फिर किसी दो ऑप्शन में से किसी एक को चुनने का सवाल भी उठा सकती हैं। दोनों में कुछ फायदे हैं, इसलिए फैसला तुरंत लेना आसान नहीं होगा। हालांकि आपको आज मंजिल तय करने की जरुरत नहीं है। अगले पड़ाव का चयन करना सही होगा। आपकी उम्मीद तब मजबूत होगी जब वह किसी ठोस कदम से जुड़े जाएंगे। आज की सलाह: आज पूरी मंजिल नहीं, बस सही अगला कदम चुनें। मकर दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Three of Swords Reversed, King of Swords, Seven of Pentacles मकर राशि के जातक आज किसी पुराने रिश्ते के भावनात्मक अनुभव फील कर सकते हैं। कोई बात आपको किसी चीज ने पकड़ के बैठी हुई, अब उसे याद करते हुए, कोई भी प्रतिक्रिया न दें। आप भावनाओं के स्थान पर समझ के साथ देख पाएंगे। किसी भी रिश्ते, पुराने फैसले या खुद के बारे में बनाई हुईं धारणा बदल सकती है। वैसे काम और पैसे में भी यह समझ आपके काफी काम आने वाली है। कोई परिणाम धीरे मिल रहा है तो उसे तुरंत असफलता मत मानिए। पहले देखें कि आपने जो लगाया है उसके पीछे वास्तव में कितनी संभावना है। धैर्य बनाकर चलें। आज के लिए आपका सबसे अच्छा हथियार जल्दबाजी नहीं बल्कि शांत और साफ सोच है। आज की सलाह: पुराने अनुभव को सबक बनाएं, वर्तमान का बोझ नहीं। कुंभ दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Nine of Wands Reversed, King of Pentacles Reversed, Temperance Reversed आज कुंभ राशि के जातकों को शरीर और मन दोनों एक साथ यह संकेत देगा कि बहुत कुछ लंबे समय से खींचा जा रहा है। काम की लगातार जिम्मेदारियां, पैसे को लेकर चिंता या भविष्य की सिक्योरिटी की फ्रिक आपको अंदर से थका सकती है। बाहर से आप अपनी रुटीन फॉलो करेंगे, लेकिन अंदर ही चिड़चिड़ापन और अधीरता बढ़ेगी। एक तरफ खर्च या काम का प्रेस होगा, दूसरी तरफ आराम का समय कम। वैसे यहां बैलेंस बनाना ही काफी जरुरी है। सबसे पहले वह चीज संभालें जिसका असर बाकी सब पर पड़ रहा है। वहीं, आज परफेक्शन की जरुरत नहीं है। बस थोड़ी-सी व्यवस्था भी राहत देगी। आज की सलाह: हर समस्या को एक साथ सुलझाने की कोशिश न करें और अपनी एनर्जी को प्राथमिकता दें। मीन दैनिक टैरो राशिफल टैरो कार्ड्स: Three of Pentacles Reversed, Two of Cups, Six of Cups Reversed आज मीन राशि वालों को किसी रिश्ते में वास्तविक नजदीकी महसूस हो सकती है। कोई बातचीत, साथ बिताया समय या सामने वाले का व्यवहार आपको एहसास दिलाएगा कि यहां भावनात्मक समझ मौजूद है। लेकिन जैसे-जैसे करीबियां बढ़ेंगी, कोई पुरानी याद या पुराना रिश्ता भावनात्मक समझ मौजूद है। जैसे ही आप किसी के करीब जाएंगे, वैसे ही आपको कोई पुरानी याद या पुराना रिश्ता भी मन में जगह बना सकता है। जरुरी नहीं है कि अतीत सच में वापस आए। कभी-कभी पुराना अनुभव केवल यह तय करता है कि हम वर्तमान को किस नजर से देख रहे हैं। अपने जीवन में नए व्यक्ति को पुराने अनुभव की गलतियों की सजा न दें। केवल भावनात्मक जुड़ाव के कारण उन संकेतों को भी नजरअंदाज न करें, जो सहयोग की कमी दिखा रहे हैं। काम में टीम के साथ थोड़ा तालमेल बिगड़ सकता है, इसलिए अपनी उम्मीदें साफ रखें। रिश्ते में अपना हार्ट ओपन रखें, अतीत की आंखों से वर्तमान न देखें। आज की सलाह: वर्तमान रिश्ते को उसकी अपनी सच्चाई पर परखें, पुराने अनुभवों के चश्मे से नहीं।
राधा अष्टमी 2026: श्रीराधा से जुड़े ब्रजमंडल के इन पवित्र स्थानों की जानें दिव्य लीलाएं
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रहती है तो शुक्ल पक्ष की अष्टमी को श्रीराधा जी का जन्मोत्सव रहता है। श्रीराधा जी की जयंती को राधा अष्टमी कहते हैं। चलिए जानते हैं कि श्रीराधा रानी जी का मधुरा, गोकुल, नंदगांव, गोवर्धन, ...
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर घरों और पूजा पंडालों में विधि-विधान से विराजे प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के 5 दिवसीय उत्सव का आज विदाई पर्व है। सनातन परंपरा में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और कुल परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन, 7 दिन या फिर अनंत चतुर्दशी पर पूरे 10 दिन बाद बप्पा का विसर्जन करते हैं। जिन भक्तों ने अपने घर में 5 दिनों के लिए विघ्नहर्ता को आमंत्रित किया था, वे आज नम आंखों और ढोल-ताशों की गूंज के साथ लाडले गजानन को विदाई दे रहे हैं। शास्त्रों में मान्यता है कि बप्पा को विदा करते समय सही शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और विधि-विधान का पालन करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का स्थायी वास होता है।5वें दिन गणेश विसर्जन 2026: नोट करें शुभ चौघड़िया मुहूर्तज्योतिष शास्त्र के अनुसार विसर्जन का कर्म शुभ चौघड़िया और अनुकूल लग्न में करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। राहुकाल के समय विसर्जन करने से बचना चाहिए। आज के प्रमुख विसर्जन मुहूर्त इस प्रकार हैं:प्रातःकालीन मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत): सुबह 06:15 बजे से सुबह 10:45 बजे तक का समय बप्पा की अंतिम आरती और विदाई शोभायात्रा शुरू करने के लिए बेहद उत्तम है।मध्याह्न मुहूर्त (शुभ चौघड़िया): दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 01:45 बजे तक दोपहर का सबसे शुभ समय रहेगा।सायंकालीन मुहूर्त (चर, लाभ): शाम 04:50 बजे से शाम 06:20 बजे तक और गोधूलि वेला के समय भी विसर्जन का अनुष्ठान संपन्न किया जा सकता है।राहुकाल से बचें: दिन के उस विशिष्ट 90 मिनट के पहर (राहुकाल) के दौरान विसर्जन कर्म अथवा अंतिम प्रस्थान टालना शास्त्र सम्मत माना गया है।विसर्जन से पहले की संपूर्ण पूजन विधि: न भूलें यह क्रमबप्पा को विदा करने से पूर्व उनका आदर-सत्कार उसी भाव से करना चाहिए जैसा स्थापना के दिन किया गया था। सबसे पहले भगवान गणेश को गंगाजल और पंचामृत के छींटे देकर स्वच्छ वस्त्र अथवा पीतांबरी अर्पित करें। इसके बाद रोली, अक्षत, चंदन, इत्र और दूर्वा की 21 गांठें अर्पित करें। लाल गुड़हल का पुष्प गणपति को अत्यंत प्रिय है, इसे अवश्य चढ़ाएं। इसके उपरांत मोदक, बेसन के लड्डू, ऋतु फल और पंचमेवा का भोग लगाएं।परिवार के सभी सदस्य मिलकर गणेश जी की धूप-दीप से आरती गाएं। इसके बाद एक साफ पीले या लाल कपड़े में थोड़ी सुपारी, अक्षत, दूर्वा, दक्षिणा और मोदक बांधकर 'पाथेय' (यात्रा का भोजन/राशन) के रूप में बप्पा की प्रतिमा के साथ रखें। मान्यता है कि विदाई के समय भगवान को खाली हाथ नहीं भेजा जाता।पाटा हिलाने की परंपरा और क्षमा याचना का महत्वआरती और भोग के उपरांत विसर्जन यात्रा शुरू करने से पहले उस चौकी या पाटे को, जिस पर बप्पा स्थापित हैं, ईशान कोण की दिशा में धीरे से कुछ इंच आगे खिसकाएं। इसे 'पाटा हिलाना' कहते हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि भगवान का आतिथ्य पूर्ण हुआ और अब वे अपने धाम (कैलाश) प्रस्थान कर रहे हैं।इसके बाद हाथ जोड़कर जाने-अनजाने पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा मंत्र का जाप करें:आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥भगवान से प्रार्थना करें कि वे परिवार के सारे कष्ट, विघ्न और नकारात्मक ऊर्जा अपने साथ ले जाएं तथा घर में रिद्धि-सिद्धि और बरकत छोड़ जाएं।इको-फ्रेंडली विसर्जन: घर की बाल्टी या गमले में कैसे करें विदाई?नदियों और जलाशयों की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए आज घर पर ही पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। यदि आपके घर में मिट्टी (शाडू माटी) के गणेश जी स्थापित हैं, तो एक बड़े टब, साफ बाल्टी या गमले में स्वच्छ जल भरें और उसमें थोड़ा गंगाजल, हल्दी और ताजे पुष्प डालें। इसके बाद जयकारों के साथ बप्पा की प्रतिमा को जल में धीरे से विसर्जित करें। जब मिट्टी पूरी तरह घुल जाए, तो उस पवित्र मिट्टी और जल को तुलसी के पौधे को छोड़कर घर के अन्य फूलों वाले गमलों या पौधों की जड़ों में डाल दें। इससे बप्पा की कृपा आपके घर के प्रांगण में ही सदैव हरी-भरी बनी रहेगी।विसर्जन के समय भूलकर भी न करें ये 4 गलतियांप्रतिमा को फेंकें नहीं: किसी नदी, नहर या तालाब में विसर्जित करते समय प्रतिमा को कभी भी पुल या किनारे से फेंके नहीं। पूरे आदर के साथ जल में उतरकर या किनारे बैठकर दोनों हाथों से धीरे-धीरे जलमग्न करें।पीठ न दिखाएं: जब तक बप्पा जल में पूरी तरह विलीन न हो जाएं, तब तक हाथ जोड़कर प्रार्थना मुद्रा में रहें, तुरंत पीठ फेरकर न लौटें।पूजा सामग्री का अपमान न हो: विसर्जन के साथ प्रयुक्त फूल, माला और नारियल को प्लास्टिक की थैलियों में बांधकर जल में न फेंके, बल्कि सूखे कचरे का अलग से निस्तारण करें।काले या नीले वस्त्र न पहनें: विसर्जन के पावन अवसर पर काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें; इस दिन पीला, नारंगी, लाल या श्वेत वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
कुंभ राशि वालों को हो सकता है बड़ा नुकसान, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 18 सितंबर 2026, Horoscope Today: समाज में आपका मान-सम्मान और अधिक बढ़ेगा. सुख-शांति बनाए रखने के लिए आपके द्वारा किए गए प्रयास पूरी तरह सफल होंगे
18 या 19 सितंबर, कब है राधा अष्टमी? दूर करें तिथि का कंफ्यूजन
Radhashtami 2026 Date: ज्योतिष के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि श्री राधा रानी को समर्पित है. इस खास दिन श्री राधा रानी का अवतरण हुआ था, इसलिए इस दिन को राधा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन श्री राधा रानी की पूजा की जाती है और उन्हें उनकी प्रिया चीजों का भोग लगाया जाता है. ऐसा करने से साधक को राधा रानी की कृपा प्राप्त होती है और राधा रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
18 सितंबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 18 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 18 सितंबर 2026, दिन- शुक्रवार, भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष, सप्तमी तिथि दोपहर 13 बजे तक फिर अष्टमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र रात 22.44 बजे तक फिर मूल नक्षत्र, चंद्रमा- वृश्चिक में रात 22.44 बजे तक फिर धनु में, सूर्य- कन्या में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.51 बजे से दोपहर 12.40 बजे तक, राहुकाल- सुबह 10.43 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.
मीन राशिवालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, करियर के क्षेत्र में लाभ होगा, जानें शुभ रंग
Pisces Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, करियर के क्षेत्र में लाभ होगा, परिवार में सुख बढ़ेगा, आपके काम की सराहना होगी, धन लाभ के लिए अपने प्रयास तेज करना होगा.
मकर राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, बेरोजगारों को नौकरी मिलेगी, जानें जरूरी टिप
Capricorn Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, बेरोजगार लोगों को नौकरी मिलेगी, शत्रुओं पर विजय मिलेगी, काम में आ रही रुकावटें दूर होंगी, अपनी मेहनत पर भरोसा करें लाभ होगा.
धनु राशिवालों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, सीनियर अधिकारी प्रसन्न रहेंगे, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: करियर के क्षेत्र में स्थिति बेहतर होगा, आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, सीनियर अधिकारी प्रसन्न रहेंगे, जीवनसाथी से सुख मिलेगा, गाड़ी चलते समय सावधानी बरतें.
वृश्चिक राशि वालों को आज करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें जरूरी टिप
Scorpio Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: मन की टेंशन दूर होगी, करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, शिक्षा से जुड़े लोगों को लाभ होगा, रिश्तेदारों से मतभेद दूर होंगे, अनजान लोगों से बड़ी डील करते समय अलर्ट रहें, व्यापार में लाभ का योग है.
तुला राशि वालों की आज सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, खर्चों को कंट्रोल करें
Libra Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: सुख सुविधाएं बढ़ेंगी, अपने खर्चों को कंट्रोल करें, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, नई नौकरी के लिए प्रयास बढ़ाना होगा, अधूरे कार्य पूरे करने का समय है, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कन्या राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा, बरतें ये सावधानी
Virgo Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, आपकी नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी, रुके हुए काम फिर से शुरू होंगे, व्यापार से जुड़े आपके काम बनेंगे.
सिंह राशि वाले आज भगवान गणेश को हरे फल अर्पित करें, व्यापार में होगा लाभ
Leo Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपका सम्मान बढ़ेगा, धन लाभ के लिए प्रयास बढ़ाना होगा, करियर में तरक्की का योग है, परेशानियों से छुटकारा मिलेगा, भावनाओं में बह कर फैसला करने से बचें, व्यापार में लाभ का योग है.
कर्क राशि वालों के आज रुके हुए काम पूरे होंगे, इस रंग के पहनें कपड़े
Cancer Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: रुके हुए काम पूरे होंगे, कहीं दूर से कोई शुभ समाचार मिलेगा, वैवाहिक जीवन में सुख बढ़ेगा, सेहत को लेकर चिंता रहेगी, अपने आय और व्यय में संतुलन बना कर करें, व्यापार में स्थिति में सुधार होगा.
मिथुन राशि वालों के लिए आज व्यापार में धन आगमन के रास्ते बनेंगे, जानें पूरा भाग्यफल
Gemini Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: मन का तनाव दूर होगा, तेजी से काम करने का दिन है, यात्रा से लाभ के योग बन रहे हैं. करियर के क्षेत्र में स्थिति अनुकूल रहेगी, परिवार को और वक्त देना होगा, व्यापार में धन आगमन के रास्ते बनेंगे.
मेष राशि वाले आज आज उधार लेन-देन से बचें, जानें शुभ रंग
Aries Daily Horoscope, 18 September 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करने का दिन है, आज उधार लेन देन से बचें, मन में नेगेटिव विचार ना पालें, रिश्तों को संभालने का समय है, सेहत पर ध्यान दें, खानपान ठीक रखें, व्यापार में नुकसान हो सकता है सावधान रहें.
मित्रों के साथ सहजता बढ़ैगी, तेजी से आगे बढ़ते रहेंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: व्यक्तिगत गतिविधियों में संपर्क संचार संवार पाएगा. विविध वस्तुओं और संबंधों में रुचि रहेगी. नवीन प्रयासों को बल देंगे.
स्वास्थ्य की जांच कराते रहें, कामकाज बेहतर रहेगा
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: वादविवाद से बचें. सहयोग का नजरिया रखें. स्वास्थ्य की जांच कराते रहें, कामकाज बेहतर रहेगा, वरिष्ठों का सानिध्य व समर्थन पाएंगे.
संबंधों में मजबूती आएगी. विभिन्न मामलों सहजता बनाए रखेंगे
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: संबंधों में मजबूती आएगी. वातावरण को आकर्षक रखेंगे. वादा वचन निभाने में आगे रहेंगे. विभिन्न मामलों सहजता बनाए रखेंगे
स्वास्थ्य की बातों को नजरअंदाज न करें, भावनाओं पर नियंत्रण बढ़ाएं
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: स्वास्थ्य की बातों को नजरअंदाज न करें, आत्मविश्वास को बढ़ाकर रखें. आवश्यक कार्याें को उचित दिशा दें.कारोबार में औसत स्थिति बनाए रहेंगे.
सुखद यात्रा पर जा सकते हैं, घर में आनंद रहेगा
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: रिश्तों में सहजता बढ़ाएंगे. व्यक्तिगत प्रयास पक्ष में बनेंगे. पेशेवर संबंधों का लाभ मिलेगा. करीबी साथ और समर्थन बनाए रखेंगे. स्पर्धा पर जोर देंगे.
आवश्यक मीटिंग्स को बढ़ावा मिलेगा, सेहत अच्छी रहेगी
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: कारोबार में नवीन संभावनाओं को बल मिलेगा. विभिन्न कार्यों में अपेक्षा के अनुरूप गति रहेगी. प्रबंध पर जोर रहेगा. विविध मामलों में सक्रियता बढ़ेगी.
घर में लोगों का आना होगा, दोस्तों संग समय बीतेगा
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: भावनात्मक सहजता बनी रहेगी. तैयारी और विवेक से पक्ष रखेंगे. समान सोच के लोगों के साथ समय बिताएंगे. ऊर्जाऔर उत्साह से भरे रहेंगे.
कर्क वाले नए अवसरों पर तुरंत करें फोकस, कारोबार में मिलेंगे फायदे के मौके
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन सक्रियता और रचनात्मकता से आगे बढ़ने का है. महत्वपूर्ण योजनाओं को गति मिलेगी और कारोबार में सफलता के मौके बनेंगे.
मिथुन वालों काम में नियमितता से मिलेगा फायदा, भावनाओं में जल्दबाजी से बचें
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलन और नियमितता बनाए रखने का है. कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करें.
वृष वालों को मेहनत और अनुशासन से मिलेगा फायदा, कारोबार में बढ़ेगी सकारात्मकता
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: वृष राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य और निरंतरता बनाए रखने का है. कारोबार और पेशेवर मामलों में सकारात्मक नतीजे मिल सकते हैं.
मेष वाले बिना जांच-पड़ताल के न उठाएं कदम, कारोबार में बरतें सावधानी
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 18 September 2026: मेष राशि वालों के लिए आज का दिन सतर्कता से आगे बढ़ने का है. जरूरी काम बिना तैयारी के करने से बचें और कारोबार से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें.
कर्क राशि वाले प्रतिक्रिया देने से बचें, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 18 September 2026 (करियर राशिफल): करियर में धैर्य और मेहनत से आगे बढ़ें. कामकाज सामान्य गति से चलता रहेगा, लेकिन जल्द निर्णय लेने से बचना जरूरी है. पेशेवर मामलों में अपनी मेहनत बढ़ाएं
वृष राशि वाले अहंकार से बचें, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 18 September 2026 (लव राशिफल): प्रेम जीवन में सुखद बदलाव देखने को मिल सकते हैं. प्रियजन की बातों पर ध्यान देंगे और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा.
मेष राशि वाले स्मार्ट नीति अपनाएं, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 18 September 2026 (आर्थिक राशिफल): सावधानी जरूरी है. खर्च बढ़ा हुआ रह सकता है और निवेश में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है. किसी भी आकर्षक प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा न करें
आज 18 सितंबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 18 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश: मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर पड़ेगा भारी असर
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य देव जब भी अपनी राशि बदलते हैं, तो उसका सीधा और गहरा प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ सभी बारह राशियों के जातकों के जीवन पर पड़ता है। हाल ही में सूर्य देव ने सिंह राशि की यात्रा समाप्त करते हुए कन्या राशि में प्रवेश कर लिया है, जो ज्योतिषीय हलकों में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण गोचर माना जा रहा है। कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं, और सूर्य व बुध की युति से कई प्रकार के शुभ योगों का निर्माण होता है, जिससे इस गोचर का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। जब ग्रहों के राजा सूर्य कन्या राशि में विराजमान होते हैं, तो व्यक्ति के करियर, मान-सम्मान, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और आर्थिक स्थिति में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। कुछ राशियों के लिए यह गोचर किसी वरदान से कम साबित नहीं होने वाला है, तो वहीं कुछ अन्य राशियों के जातकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इस विस्तृत आलेख में हम मेष से लेकर मीन राशि तक सभी जातकों पर पड़ने वाले इस सूर्य गोचर के संपूर्ण प्रभावों का विश्लेषण करने जा रहे हैं, ताकि आप समय रहते अपनी योजनाओं को सही दिशा दे सकें।मेष, वृषभ और मिथुन राशि पर कन्या राशि के सूर्य गोचर का मिलाजुला असरमेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर छठे भाव में हो रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप आपको अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी और कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। हालांकि, इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि गुप्त शत्रुओं से तनाव मिल सकता है। वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर पंचम भाव में रहेगा, जो छात्रों और प्रेम जीवन बिता रहे लोगों के लिए बेहद अनुकूल साबित होगा। शिक्षा के क्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होंगी और अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर चौथे भाव में होने के कारण पारिवारिक जीवन में कुछ उथल-पुथल या माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है। संपत्ति या वाहन से जुड़े मामलों में आपको कागजी कार्रवाई बेहद सावधानी से करनी होगी अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन तीनों ही राशियों के जातकों को अपनी प्राथमिकताओं को तय करते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है ताकि वे इस गोचर की सकारात्मक ऊर्जा का पूरा लाभ उठा सकें।कर्क, सिंह और कन्या राशि के जातकों के जीवन में क्या लेकर आया है यह गोचर?कर्क राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर तीसरे भाव में होगा, जो आपके पराक्रम, साहस और आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि करेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक सिद्ध होंगी। सिंह राशि, जो खुद सूर्य की अपनी राशि है, के जातकों के लिए यह गोचर दूसरे भाव यानी धन और वाणी के भाव में हो रहा है। इसके प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, रुका हुआ धन वापस मिलेगा और आपकी वाणी में एक अलग ही प्रभाव देखने को मिलेगा जो लोगों को आकर्षित करेगा। कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर उनके अपने ही लग्न भाव यानी प्रथम भाव में हो रहा है, जिसके कारण आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा और कार्यक्षेत्र में आपके नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। हालांकि, स्वभाव में थोड़ा अहंकार या जिद्दीपन आ सकता है, जिससे आपको बचने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय आपके लिए काफी ऊर्जावान रहने वाला है, बस आपको अपने गुस्से पर थोड़ा नियंत्रण रखना होगा।तुला, वृश्चिक और धनु राशि के लिए कैसी रहेगी यह अवधि? जानिए क्या कहते हैं सितारेतुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर बारहवें भाव में हो रहा है, जिसके कारण आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है और विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं। इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य और कानूनी मामलों पर विशेष ध्यान देना होगा, अन्यथा बेवजह की भागदौड़ बढ़ सकती है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर ग्यारहवें भाव में यानी लाभ स्थान पर हो रहा है, जो आपके लिए बेहद शानदार साबित होगा। आय के नए स्रोत बनेंगे, करियर में प्रमोशन या इंक्रीमेंट मिलने की प्रबल संभावना है और समाज में आपके मान-प्रतिष्ठा में चार चांद लगेंगे। धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर दसवें भाव यानी कर्म और करियर के भाव में हो रहा है, जो नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए बहुत ही शुभ परिणाम लेकर आया है। दफ्तर में आपके काम की तारीफ होगी और उच्च अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। इन तीनों राशियों के लिए यह समय मिले-जुले परिणामों वाला रहेगा, जिसमें वृश्चिक और धनु राशि वालों की किस्मत चमकने के पूरे आसार हैं।मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों की चमकेगी किस्मत या बढ़ेंगी मुश्किलें?मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर नौवें भाव यानी भाग्य स्थान पर हो रहा है, जिससे आपके अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे और धार्मिक कार्यों के प्रति आपकी रुचि बढ़ेगी। लंबी दूरी की यात्राएं आपके लिए बेहद सुखद और लाभदायक साबित होंगी। कुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर आठवें भाव में होने के कारण थोड़ा संघर्षपूर्ण रह सकता है, जिसमें अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या आर्थिक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान वाहन चलाते समय और निवेश करते समय बहुत अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर सातवें भाव यानी दांपत्य जीवन और साझेदारी के भाव में हो रहा है, जिसके कारण वैवाहिक जीवन में वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं। व्यापारिक साझेदारियों में पारदर्शिता रखना बेहद जरूरी होगा ताकि किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके। कुल मिलाकर, सूर्य का यह कन्या राशि गोचर सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आया है, और सही उपायों को अपनाकर इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।
राधा अष्टमी 2026 और श्रीजी के भोग का धार्मिक महत्व: क्यों है यह पर्व खास
सनातन धर्म और बांके बिहारी की नगरी वृंदावन से लेकर पूरे देश में श्री राधा अष्टमी का पर्व अत्यंत उल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली राधा रानी प्रकटोत्सव के इस पावन अवसर पर देश भर के मंदिरों और घरों में विशेष उत्सवों का आयोजन किया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की अर्धांगिनी और प्रेम की अधिष्ठात्री देवी श्री राधा रानी के बिना कृष्ण भक्ति हमेशा अधूरी मानी जाती है, इसलिए जितनी महिमा जन्माष्टमी की है, उतनी ही अलौकिक महत्ता राधा अष्टमी की भी है। इस दिन भक्तजन व्रत रखते हैं, विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी आराध्य को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के व्यंजनों और मिष्ठानो का भोग लगाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीजी (राधा रानी) को उनकी पसंद के विशेष भोग अर्पित करने से वे अतिप्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों के सभी दुखों को दूर करके उनके घर में सुख-समृद्धि, प्रेम और बरकत का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस राधा अष्टमी पर आपको किन 5 विशेष चीजों का भोग अपनी लाडली को जरूर लगाना चाहिए, जिससे आपके जीवन के सारे कष्ट दूर हो सकें।भोग की सूची में सबसे खास है 'अरबी': जानिए क्यों श्रीजी को बेहद प्रिय है यह व्यंजनजब भी बरसाना या नंदगांव में श्रीजी के विशेष भोग की बात आती है, तो उसमें 'अरबी' से बने व्यंजनों का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। ब्रज की परंपरा और पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के अनुसार, राधा रानी को अरबी की सब्जी या अरबी से बने विभिन्न पकवान बेहद पसंद हैं। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर भगवान को लगने वाले भोग में अरबी का क्या महत्व है? दरअसल, ब्रज की पारंपरिक रसोई में मौसमी सब्जियों का विशेष स्थान रहा है, और अरबी को सात्विक तथा पारंपरिक विधि से तैयार करके जब श्रीजी को परोसा जाता है, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। राधा अष्टमी के दिन विशेष रूप से रसेदार या सूखी अरबी की सब्जी को बिना लहसुन-प्याज के शुद्ध देसी घी और मसालों से तैयार करके भोग थाल में जरूर शामिल करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस एक चीज का भोग लगाने से राधा रानी अत्यंत प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों के घर में कभी भी अन्न और धन की कोई कमी नहीं होने देती हैं।पांच खास चीजें जो राधा अष्टमी पर लगानी चाहिए: भोग की पूरी थाली और उसका विधानअरबी के अलावा चार अन्य ऐसी कौन सी चीजें हैं जिन्हें राधा रानी के भोग में शामिल करना अनिवार्य माना गया है? आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण चीज है शुद्ध देसी घी से बना 'माखन और मिश्री'। भगवान कृष्ण की तरह ही श्रीजी को भी सफेद मक्खन और मिश्री का भोग अत्यंत प्रिय है, जो उनके बाल स्वरूप और प्रेम का प्रतीक है। तीसरी चीज है 'पंचामृत', जो दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल को मिलाकर पूरी पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है और इसमें तुलसी का पत्ता अवश्य डाला जाता है। चौथी वस्तु है 'सिंघाड़े के आटे की पूरी या हलवा', क्योंकि भाद्रपद के मौसम में व्रत के दौरान सिंघाड़े या मखाने से बनी चीजें बहुत पवित्र मानी जाती हैं। और पांचवीं तथा अंतिम विशेष चीज है 'मखाने की खीर या मौसमी फल', जिसमें अनार, केला और अंगूर जैसे मीठे फलों को शामिल किया जाता है। इन पांचों चीजों (अरबी, मक्खन-मिश्री, पंचामृत, सिंघाड़े का प्रसाद और मौसमी फल) से सजी भोग की थाली जब आप पूरी श्रद्धा के साथ श्रीजी को समर्पित करते हैं, तो आपकी पूजा पूर्ण मानी जाती है।राधा अष्टमी पर पूजा की विधि और भोग लगाने के सही नियमकिसी भी पावन पर्व पर जब हम भगवान को भोग लगाते हैं, तो उसके कुछ निश्चित नियम और परंपराएं होती हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। राधा अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करें। इसके बाद एक चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाकर श्री राधा-कृष्ण की सुंदर प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें। षोडशोपचार विधि से उनका पूजन करें, उन्हें पीले फूल, श्रृंगार की वस्तुएं, इत्र और सुंदर वस्त्र अर्पित करें। जब आप भोग तैयार करें, तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रसोई में पूरी तरह से सात्विकता बनी रहे और प्याज-लहसुन का प्रयोग बिल्कुल भी न हो। भोग लगाते समय भोजन में तुलसी दल (Tulsi Dal) अवश्य रखें, क्योंकि बिना तुलसी के भगवान कोई भी भोग स्वीकार नहीं करते हैं। भोग अर्पित करने के बाद हाथ में जल लेकर आचमन करें और सच्चे मन से राधा रानी का ध्यान करते हुए मंत्रों का जाप करें। इस प्रकार पूरी विधि-विधान से किया गया पूजन आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।राधा रानी की कृपा से जीवन में प्रेम, शांति और समृद्धि का आगमनराधा अष्टमी का यह पर्व हमें यह सिखाता है कि जीवन में प्रेम, समर्पण और सेवा का क्या महत्व है। जो भक्त सच्चे भाव से राधा रानी की आराधना करता है, उसे श्रीहरि विष्णु और भगवान कृष्ण की कृपा अपने-आप प्राप्त हो जाती है। इस साल राधा अष्टमी 2026 के इस पावन अवसर पर जब आप अपने घर में श्रीजी का दरबार सजाएं और उन्हें अरबी सहित इन पांच खास चीजों का भोग लगाएं, तो अपने परिवार की सुख-शांति और उन्नति की कामना जरूर करें। यह छोटे-छोटे धार्मिक अनुष्ठान और परंपराएं हमारे जीवन में अध्यात्मिक शांति के साथ-साथ पारिवारिक सौहार्द को भी मजबूत बनाते हैं। तो देर किस बात की, आज ही अपनी तैयारी पूरी करें और विधि-विधान के साथ राधा रानी को उनका प्रिय भोग लगाकर अपने जीवन को धन्य बनाएं।
मुख्य प्रवेश द्वार का वास्तु और जीवन में इसका गहरा महत्व: क्यों जरूरी है सही चीजें रखना
भारतीय सनातन संस्कृति और प्राचीन वास्तु शास्त्र में हमारे घर के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Door) को सिर्फ एक आने-जाने का रास्ता मात्र नहीं माना गया है, बल्कि इसे घर की ऊर्जा का मुख्य द्वार कहा जाता है। वास्तु विशेषज्ञों और ज्योतिष आचार्यों का ऐसा मानना है कि ब्रह्मांड की सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही प्रकार की ऊर्जाएं इसी मुख्य दरवाजे से होकर हमारे घर के भीतर प्रवेश करती हैं। यदि घर का मुख्य द्वार वास्तु के नियमों के अनुसार व्यवस्थित और दोषमुक्त होता है, तो वहां रहने वाले सदस्यों के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और धन का प्रवाह निरंतर बना रहता है। इसके विपरीत, यदि मुख्य दरवाजे के पास वास्तु से जुड़ी अनदेखियां या बाधाएं रहती हैं, तो वहां आर्थिक तंगी, मानसिक कलह और तमाम तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। हाल ही में कई जाने-माने वास्तु गुरुओं ने एक बार फिर से इस बात पर जोर दिया है कि घर के मुख्य दरवाजे पर यदि कुछ खास और पवित्र वस्तुओं को स्थान दिया जाए, तो यह मां लक्ष्मी को अपनी ओर आकर्षित करने का सबसे अचूक उपाय बन जाता है। इस लेख में हम आपको उन्हीं 5 विशेष चीजों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, जिन्हें आज ही अपने मुख्य द्वार पर रखकर आप अपने घर की किस्मत बदल सकते हैं और बरकत के नए रास्ते खोल सकते हैं।पहली चीज: मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए लगाएं शुभ चिन्ह और बंधनवारवास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य दरवाजे पर सबसे पहली और जरूरी चीज पारंपरिक शुभ प्रतीक चिन्हों और ताजे फूलों की बंधनवार (Toran) को माना गया है। आम, अशोक या पीपल के पत्तों से बनी ताजी बंधनवार और गेंदे के फूलों की माला को मुख्य द्वार पर प्रतिदिन या विशेष त्योहारों व शुभ अवसरों पर लटकाना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा, दरवाजे के दोनों छोर पर हल्दी, कुमकुम या अष्टगंध से मां लक्ष्मी के चरण चिह्न (जो घर के अंदर की ओर आते हुए हों) और पवित्र 'स्वास्तिक' (Swastika) का चिह्न अवश्य बनाना चाहिए। वास्तु गुरुओं का कहना है कि ये चिन्ह नकारात्मक ऊर्जाओं और बुरी नजर को घर की देहरी से बाहर ही रोक देते हैं, जबकि सकारात्मक और दैवीय ऊर्जाओं को आमंत्रित करते हैं। जब भी कोई मेहमान या घर का सदस्य इस पवित्र दरवाजे से प्रवेश करता है, तो उसके मन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसलिए आज ही अपने मुख्य द्वार की साफ-सफाई करके वहां इन पावन प्रतीकों को सजाएं और देखें कि कैसे घर का माहौल धीरे-धीरे खुशहाल और ऊर्जावान होने लगता है।दूसरी चीज: धन की देवी को आकर्षित करने के लिए मुख्य द्वार पर रखें धातु या कांच का पात्रवास्तु शास्त्र में जल और धातु के संतुलन को घर में धन के आगमन का मुख्य कारक माना गया है। वास्तु गुरुओं की सलाह के अनुसार, घर के मुख्य द्वार के दाहिने या बाएं कोने पर यदि एक साफ-सुथरे कांच या पीतल के बर्तन में थोड़ा सा साफ पानी भरकर उसमें ताजे फूल (जैसे गुलाब या गेंदे की पंखुड़ियां) और थोड़े से सुगंधित तेल की बूंदें डाल दी जाएं, तो यह बहुत बड़ा वास्तु लाभ देता है। पानी को रोजाना बदलना चाहिए ताकि वहां किसी भी तरह की अशुद्धता न फैले। यह उपाय मुख्य द्वार की ऊर्जा को शांत, पवित्र और तरोताजा बनाए रखता है। इसके अलावा, मुख्य दरवाजे के ठीक सामने किसी भी प्रकार का कूड़ादान (Dustbin), टूटा हुआ सामान या जूतों का ढेर बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे मां लक्ष्मी नाराज होकर वापस लौट जाती हैं। मुख्य द्वार के पास रखी यह जल से भरी कटोरी या पात्र घर के भीतर आने वाली हर बुरी ऊर्जा को अवशोषित कर लेती है और केवल सकारात्मकता को ही अंदर आने देती है, जिससे घर में बरकत के द्वार हमेशा खुले रहते हैं।तीसरी चीज: नकारात्मकता दूर भगाने और बरकत बढ़ाने के लिए सिंदूर और कलावा का विशेष प्रयोगभारतीय परंपराओं में सिंदूर और मौली यानी कलावा को अत्यधिक पवित्र और रक्षात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर के मुख्य दरवाजे की चौखट के दोनों किनारों पर यदि नियमित रूप से या शुभ मुहूर्त में कलावा (लाल या पीला धागा) बांधा जाए और उस पर कुमकुम व सिंदूर का तिलक लगाया जाए, तो यह घर के सदस्यों की बुरी नजर और तंत्र बाधाओं से रक्षा करता है। मुख्य द्वार पर आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए चौखट के पास थोड़े से चावल की ढेरी पर एक छोटी सी सुपारी या एक सिक्का रखना भी बहुत शुभ माना जाता है। यह उपाय इस बात का प्रतीक है कि आपके घर में अन्न और धन के भंडार हमेशा भरे रहेंगे और कभी किसी चीज की कमी नहीं आएगी। वास्तु शास्त्र में इन छोटे-छोटे उपायों का बहुत बड़ा और चमत्कारी प्रभाव बताया गया है, जिन्हें करने के लिए किसी बड़े खर्च की नहीं, बल्कि केवल थोड़ी सी श्रद्धा और नियम की आवश्यकता होती है। आज ही अपने घर के मुख्य दरवाजे पर इस प्राचीन नियम को अपनाकर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकते हैं।चौथी और पांचवी चीज: मुख्य द्वार पर घी का दीपक और धातु का सिक्का रखने का अचूक विधानवास्तु शास्त्र के अंतिम लेकिन सबसे महत्वपूर्ण दो उपाय हैं- संध्या के समय मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना और चौखट के पास चांदी या तांबे का सिक्का रखना। संध्या काल (गोदूलि बेला) को मां लक्ष्मी के भ्रमण का समय माना जाता है, और ऐसे में यदि घर के मुख्य द्वार के बाहर एक छोटा सा शुद्ध घी का दीपक जला दिया जाए, तो उस घर में कभी भी अंधेरा और दरिद्रता प्रवेश नहीं करती है। इसके अलावा, एक लाल कपड़े में एक तांबे या चांदी का सिक्का और थोड़ी सी कौड़ी या गोमती चक्र बांधकर यदि मुख्य द्वार के पास सुरक्षित रख दिया जाए या छुपा दिया जाए, तो यह तिजोरी की तरह काम करता है और घर में अपार धन-धान्य की वृद्धि करता है। वास्तु गुरुओं का यह स्पष्ट संदेश है कि मुख्य द्वार हमेशा रोशन, साफ-सुथरा और सुगंधित होना चाहिए, क्योंकि जिस घर का दरवाजा मुस्कुराता है, उसी घर में देवी लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। इन पांचों चीजों को आज ही अपने घर के मुख्य द्वार पर स्थापित करें और अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि और बरकत के नए द्वार खोलें।
बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत
07 सितंबर को बुध के बाद 17 सितंबर 2026 को सूर्य ग्रह ने कन्या राशि में गोचर किया है। बुध और सूर्य की इस युति से कन्या राशि में एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली 'बुधादित्य राजयोग' का निर्माण हुआ है। ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को सफलता, पद-प्रतिष्ठा और आत्मा ...

