सिंह राशि वाले आज किसी गरीब को गुड़ दान करें, परिवार को और वक्त दें
Leo Daily Horoscope, 4 October 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपके खर्चे बढ़ेंगे, किसी से मतभेद हो सकता है, परिवार को और वक्त दें, क्रोध की वजह से काम बिगड़ सकता है, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
कर्क राशि वालों के लिए आज धन लाभ का योग है, इस मंत्र का करें जाप
Cancer Daily Horoscope, 4 October 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, शत्रुओं पर विजय मिलेगी, उधार लेनदेन से बचें, हर काम सोच समझ कर करें, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में लाभ का योग है.
मिथुन राशि वाले आज लोगों से उलझने से बचें, जानें कैसी रहेगी सेहत
Gemini Daily Horoscope, 4 October 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: आपके खर्चे बढ़ेंगे, लोगों से उलझने से बचें, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, रिश्तेदारों से मतभेद हो सकता है, सेहत पर ध्यान दें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
वृषभ राशि वालों को आज भाग्य का साथ मिलेगा, शुभ रंग- केसरिया
Taurus Daily Horoscope, 4 October 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, अचानक कोई अच्छी खबर मिलेगी, जीवन में सुख बढ़ेगा, कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी।, जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, व्यापार में और ध्यान देना होगा.
मेष राशि वालों को आज व्यापार में लाभ होगा, गाय को रोटी खिलाएं
Aries Daily Horoscope, 4 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, इमोशनल हो कर फैसला करने से बचें, मन की टेंशन दूर होगी, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में लाभ होगा.
सहजता बढ़ाएं, करीबी लोग मददगार रहेंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: उलझन से बचें. अधिकारियों से सामंजस्य बिठाएं. संकीर्णता का त्याग करें. व्यवस्था के प्रति सहजता बढ़ाएं. करीबी लोग मददगार रहेंगे.
समझौतों में सावधान रहेंगे, कला कौशल को बढ़ाएंगे
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: निजी विषयों में सहजता के साथ आगे बढ़ेंगे. प्रलोभन के जाल में आने से बचें. लंबित कार्यों में सूझबूझ रखें. व्यवस्था में बदलाव से बचेंगे.
सहजता बनाए रखेंगे, प्रिय से भेंट होगी
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: सहकारिता का भाव बढ़ा रहेगा. अपनों से किया वादा पूरा करेंगे. भावनात्मक मजबूती दिखाएंगे. व्यक्तिगत मामलों पर पकड़ बनाए रखेंगे. करीबी मददगार होंगे.
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: जवाबदेही बनाए रखें. सजगता से जिम्मेदारी निभाएं. विविध वाणिज्यिक का प्रयास बनाए रखें. रुटीन विषयों को गति दें. निजता पर जोर रहेगा.
संवार पर बना रहेगा, शारीरिक दोष दूर होंगे
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: आपसी सामंजस्य से कार्य करेंगे. कारोबार में उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन रहेगा. महत्वपूर्ण सूचनाओं की प्राप्ति होगी. नियमित गतिविधियों को बनाए रखेंगे.
करीबी से मुलाकात होगी, भेंट के अवसर बनेंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: लाभ बेहतर रहेगा. दायित्वों को पूरा करेंगे. लक्ष्य पर नजर बनाए रखेंगे. व्यर्थ की बहस में नहीं आएंगे. सूझबूझ से जरूरी कार्यों को पूरा करेंगे.
करीबी बढ़ेगी, चर्चा में स्पष्टता रखेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: विविध लक्ष्य पूरे करेंगे. विभिन्न मोर्चाें पर सफलता बनी रहेगी. सहयोगियों से तालमेल बढ़ेगा. योजनाओं पर अमल बढ़ाएंगे. पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी.
तैयारी से पक्ष रखें, अनावश्यक स्पर्धा से बचें
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: संकेंतों को नजरअंदाज करने से बचें. अहंकार में नहीं आएंगे. रुटीन प्रदर्शन बनाए रखेंगे. व्यवस्था के प्रति समर्पण बढ़ा रहेगा.
कारोबार संवार पाएगा, पेशेवरों से भेंट होगी
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: विविध प्रयास प्रभावपूर्ण रहेंगे. करीबियों से भेंट मुलाकात होगी. उत्सव आयोजन में शामिल होंगे. व्यक्तित्व सुधार पाएगा. रचनात्मक नजरिया रखेंगे.
व्यवहार में स्पष्टता रहेगी, स्वास्थ्य संवार पाएगा
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 4 October 2026: निभाने में आगे रहेंगे. यात्राओं की संभावना बनी रहेगी. विभिन्न मोर्चे पर सफलता पाएंगे. वित्तीय पक्ष बेहतर रहेगा. जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है
सिंह राशि वालों को नए मौके मिलेंगे, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 4 October 2026 (करियर राशिफल): लंबे समय से अटका कोई प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है. कारोबारियों को विस्तार के नए मौके मिलेंगे . प्रभावशाली लोगों से संपर्क लाभकारी रह सकते हैं.
कुंभ वाले गलतफहमी से बचें, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 4 October 2026 (लव राशिफल): पुरानी गलतफहमियां बातचीत से दूर हो सकती हैं. सिंगल लोगों को नया रिश्ता शुरू करने से पहले सामने वाले को समझने का समय लेना चाहिए.
मीन राशि वाले बजट पर दें ध्यान, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 4 October 2026 (आर्थिक राशिफल): वित्तीय योजनाओं को गति मिलेगी. निवेश और बैंकिंग से जुड़े मामलों में रुचि बढ़ेगी. नौकरीपेशा लोगों को आय बढ़ाने या नई जिम्मेदारी मिलेगी.
आज 4 अक्टूबर 2026 का पंचांग, मुहूर्त, राहु काल और आज की तिथि
Aaj 4 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
सनातन धर्म में माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए कई तरह के कठिन व्रत रखती हैं, जिनमें जितिया व्रत (Jitiya Vrat 2026) का विशेष और सर्वोच्च स्थान है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह निर्जला व्रत संतान की सुरक्षा और खुशहाली को समर्पित होता है। इस दौरान महिलाएं भगवान जीमूतवाहन की विधि-विधान से पूजा करती हैं। जितिया व्रत के पावन पर्व पर संतान की लंबी आयु की कामना के साथ-साथ पारंपरिक लोक परंपराओं का भी खास महत्व होता है।अक्सर आपने देखा होगा कि छोटे बच्चों को बहुत जल्दी नजर लग जाती है, जिसके कारण वे अचानक बीमार रहने लगते हैं या रोने लगते हैं। जितिया व्रत के दिन बच्चों को बुरी नजर से बचाने और उनकी रक्षा के लिए सरसों के तेल से जुड़ी एक विशेष रस्म निभाई जाती है। एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, जितिया व्रत का मुख्य उद्देश्य ही संतान की सुरक्षा और दीर्घायु है, इसलिए इस दिन बच्चों की नजर उतारने और सरसों के तेल का टीका लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।क्यों और कैसे की जाती है सरसों के तेल से नजर उतारने की रस्मधार्मिक और लोक मान्यताओं के अनुसार, सरसों के तेल को नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। जितिया के दिन सरसों के तेल के साथ-साथ काली राई, थोड़ा सा नमक और सूखी लाल मिर्च का इस्तेमाल करके बच्चों की नजर उतारी जाती है। मां अपनी संतान के सभी कष्टों को दूर करने और उसे बुरी बलाओं से बचाने के लिए पूरी श्रद्धा के साथ यह उपाय करती है।नजर उतारने की इस प्रक्रिया के लिए आपको कुछ बेहद सामान्य सामग्री की आवश्यकता होती है, जो आसानी से घर में मिल जाती है:शुद्ध सरसों का तेल (थोड़ा सा)एक छोटी कटोरी या दीपकथोड़ी सी काली राई के दानेएक चुटकी नमक2 से 3 सूखी लाल मिर्चरूई की एक बातीबच्चे को किस दिशा में बैठाएं और क्या है सही विधिशास्त्रीय नियमों और मान्यताओं के अनुसार, नजर उतारने की इस रस्म को करते समय बच्चे को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आराम से बैठाना चाहिए। इसके बाद घर की मां या परिवार की किसी बड़ी महिला सदस्य द्वारा यह विधि पूरी की जाती है।पारंपरिक विधि के अनुसार, सबसे पहले एक कटोरी में थोड़ा सा सरसों का तेल लें और उसमें काली राई, नमक तथा सूखी लाल मिर्च का स्पर्श कराएं। इसके बाद रूई की बाती या अपनी दाहिनी हथेली की मदद से इस पूरी सामग्री को बच्चे के सिर से लेकर पैर तक सात बार उल्टी दिशा (एंटी-क्लॉकवाइज) में घुमाया जाता है। नजर उतारते समय मन ही मन भगवान जीमूतवाहन का ध्यान करना चाहिए और बच्चे की लंबी आयु व अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करनी चाहिए। मन में पूरी तरह सकारात्मक भाव रखना बेहद जरूरी माना गया है।नजर उतारने के बाद सामग्री का क्या करेंनजर उतारने की यह विधि पूरी होने के बाद इस्तेमाल की गई सामग्री (जैसे राई, मिर्च और तेल) को बहुत ही सुरक्षित तरीके से घर से बाहर नष्ट कर देना चाहिए। कई पारंपरिक घरों में इस सामग्री को उपले या कपूर की तेज अग्नि में जला दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब अग्नि में राई और मिर्च के चटकने की आवाज आती है, तो इसका मतलब होता है कि बच्चे की बुरी नजर उतर गई है।बच्चे को क्यों लगाया जाता है सरसों के तेल का टीकानजर उतारने की इस रस्म को संपन्न करने के बाद बच्चे के पैर के तलवों, कान के पीछे या माथे पर शुद्ध सरसों के तेल का एक छोटा सा टीका लगाने का भी पुराना रिवाज है। माना जाता है कि यह उपाय बच्चे के चारों तरफ एक सुरक्षा कवच बना देता है, जिससे उसे किसी भी बुरी नजर या नकारात्मक प्रभाव से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) का पर्व बेहद पवित्र, ऊर्जावान और उत्साह से भरा माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है। इन नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखे जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों जो भक्त सच्चे मन से मां अंबे की साधना करते हैं, उनके जीवन के सभी प्रकार के कष्ट, भय और संकट दूर होते हैं तथा माता रानी की कृपा से घर-परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और ऐश्वर्य का वास होता है।महाअष्टमी और महानवमी का महत्व और सही तिथियांशारदीय नवरात्र के दौरान अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। इन दोनों ही तिथियों पर मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ-साथ कन्या पूजन (Kanya Pujan) करने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्र की पूजा और साधना का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। आइए जानते हैं कि इस साल महाअष्टमी और महानवमी की सही तिथियां और मुहूर्त क्या हैं:महाअष्टमी 2026 तिथि और मुहूर्त: पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर को सुबह 08 बजकर 27 मिनट पर होगी, जबकि इस तिथि का समापन 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर महाअष्टमी 19 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी।महानवमी 2026 तिथि और मुहूर्त: आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के नियमानुसार महानवमी और कन्या पूजन 20 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।घर पर कन्या पूजन करने की सही और सरल विधिमाता रानी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कन्या पूजन के नियमों का पूरी श्रद्धा के साथ पालन करना चाहिए। कन्या पूजन की संपूर्ण विधि इस प्रकार है:आदरपूर्वक आमंत्रण: कन्या पूजन के दिन कन्याओं को आदर और सम्मान के साथ अपने घर बुलाएं। घर के द्वार पर उनका स्वागत करें।चरण धोना: कन्याओं के घर में प्रवेश करने पर उनके चरणों को जल से धोएं और साफ तौलिए से gently पोंछें।आसन और तिलक: कन्याओं को उत्तर दिशा की ओर मुख करके एक स्वच्छ और पवित्र आसन पर आराम से बिठाएं। इसके बाद सभी कन्याओं को कुमकुम, रोली और अक्षत का तिलक लगाएं और उनके दाहिने हाथ में कलावा (रक्षा सूत्र) बांधें।आरती और भोग: शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करके सभी कन्याओं की प्रेमपूर्वक आरती उतारें और उन पर पुष्प वर्षा करें। इसके बाद उन्हें मां को अर्पित किया गया सात्विक भोजन (पूरी, चना और हलवा) श्रद्धा के साथ परोसें।आशीर्वाद और दक्षिणा: भोजन कराने के पश्चात सभी कन्याओं के चरण छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार उन्हें उपहार या दक्षिणा (फलर, वस्त्र या पैसे) भेंट करें। अंत में पूजन के दौरान हुई किसी भी भूल-चूक के लिए माता रानी और कन्याओं से क्षमा प्रार्थना करें।
Pitru Paksha: मातृ नवमी पर घर की बहुएं इस विधि से करें महिला पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण
हिंदू धर्म पितृ पक्ष का समय बेहद खास माना जाता है और यह समय पितृ पक्ष का चल रहा है। आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को 'मातृ नवमी' के नाम से जाना जाता है। यह तिथि पितृ पक्ष की पावन अवधि में पड़ती है और इस दौरान सभी महिला पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है। जैसे बेटे अपने पिता और पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं, उसी तरह इस दिन घर की बहुएं दिवंगत महिला पूर्वजों का श्राद्ध विधि-विधान से करती हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। मातृ नवमी के दिन दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं। जिन विवाहित महिलाओं की मृत्यु नवमी तिथि को हुई हो या जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात न हो, उनका श्राद्ध भी इसी दिन किया जाता है। मातृ नवमी के दिन सभी मृत महिलाओं का श्राद्ध करने के लिए एक विशेष दिन माना जाता है। आइए आपको बताते हैं किस दिन मातृ नवमी है और किस विधि से श्राद्ध करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मातृ नवमी 2026 कब है? नवमी तिथि आरंभ - 04अक्टूबर, रविवार को प्रातः 05:51 बजे नवमी तिथि समाप्त - 05 अक्टूबर, सोमवार प्रातः 03:53 बजे तक उदया तिथि के अनुसार मातृ नवमी 04 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी। मातृ नवमी कुतुप मूहूर्त - प्रातः 11:46 से दोपहर 12:33 तक, इस दिन श्राद्ध के लिए 47 मिनट की अवधि शुभ मानी जा रही है। रौहिण मूहूर्त - दोपहर 12:33 से दोपहर 01:20 तक मातृ नवमी का श्राद्ध करने की विधि - इस दिन सुबह जल्दी उठकर सभी दिवंगत महिलाओं का आह्वाहन किया जाता है और उनके लिए श्राद्ध कर्म का संकल्प लिया जाता है। - महिला पूर्वजों के लिए तर्पण में काले तिल और सफेद पुष्पों के लेकर उनके लिए तर्पण किया जाता है। यह कार्य मुख्य रुप घर की बहू और अन्य कोई स्त्री कर सकती है। - मातृ नवमी के दिन चावल या जौ के आटे से पिंड बनाए जाते हैं और इसे घी के मिश्रण में दूध और चीनी भी मिलाकर भी बनाया जा सकता है। - पिंडदान के साथ ही जल का तर्पण किया जाता है और पूर्वजों को याद करते हुए उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की जाती है। - इतना ही नहीं, इस दिन पंचबलि भोग भी निकला जाता है और माता की पंसद को भोजन तैयार किया जाता है। ब्राह्मणी को भोज कराया जाता है। - अगर दिवंगत महिला सुहागिन थी, तो दान में श्रृंगार की चीजें दी जाती हैं। - गोबर के उपले से हवन करते हुए मृत महिलाओं की विदाई की जाती है और फिर उनकी मुक्ति की प्रार्थना की जाती है। इसके साथ ही घर की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। मातृ नवमी का महत्व हिंदू धर्म में नवमी श्राद्ध तिथि को 'मातृ नवमी' भी कहा जाता है। महिलाओं का श्राद्ध करने के लिए यह तिथि सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। परिवार की उन सभी दिवंगत महिला सदस्यों को प्रसन्न करने के लिए नवमी तिथि पर श्राद्ध किया जाता है। जिन महिलाओं का निधन शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि में हुआ है या किसी भी तिथि में हुआ है। इस दिन समस्त मृत महिला पूर्वजों का श्राद्ध करके उन्हें धरती लोक से विदा किया जाता है।
इस वर्ष 24 सितंबर से शुरू हुआ पितृ पक्ष 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के साथ संपन्न होगा। इस पूरे पखवाड़े में एकादशी श्राद्ध (ग्यारस श्राद्ध) का अत्यंत विशेष और महिमामयी स्थान है। वर्ष 2026 में एकादशी श्राद्ध सोमवार, 06 अक्टूबर को मनाया जाएगा ...
कब है इंदिरा एकादशी? जानें इसका महत्व, पूजन विधि और पौराणिक कथा
Indira Ekadashi 2026 : इंदिरा एकादशी सनातन धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी एकादशी मानी जाती है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली यह एकादशी सीधे तौर पर पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) से जुड़ी होती है। इस एकादशी का खास महत्व है क्योंकि ...
सूर्य और शनि का समसप्तक योग, 12 राशियों पर पड़ेगा असर; जानें किसे लाभ और किसे नुकसान
सूर्य और शनि का समसप्तक योग ज्योतिष और खगोल विज्ञान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली घटना माना जाता है। जब दो प्रमुख ग्रह एक-दूसरे से ठीक 180 डिग्री की दूरी पर यानी आमने-सामने (एक-दूसरे के सातवें भाव में) स्थित होते हैं, तो इसे 'समसप्तक योग' ...
आज रखा जा रहा है जितिया व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय
Jitiya Vrat 2026: आज 3 अक्टूबर को जितिया व्रत रखा जा रहा है. जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री, भगवान जीमूतवाहन की पूजा विधि और 4 अक्टूबर को पारण का सही समय.
सिंह राशि वालों को मिलेगी अच्छी खबर, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 3 अक्टूबर 2026, Horoscope Today: कर्ज लेकर कोई काम करने से बचें. संतान से सुख की प्राप्ति होगी, लेकिन व्यापार के मामले में थोड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है.
3 अक्टूबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 3 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 3 अक्टूबर 2026, दिन- शनिवार, आश्विन मास, कृष्ण पक्ष,सप्तमी तिथि सुबह 07.59 बजे तक फिर अष्टमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र, चंद्रमा- मिथुन में, सूर्य- कन्या में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.46 बजे से दोपहर 12.34 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.12 बजे से सुबह 10.41 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.
मीन राशि वालों की आज प्रोफेशन में उन्नति होगी, करें ये एक उपाय
Pisces Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: पूरी प्लानिंग से काम करने का दिन है, प्रोफेशन में उन्नति होगी, महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, अहंकार से बचें, ऐसा कोई काम ना करें की टेंशन और बढ़े, व्यापार में सावधानी से निवेश करें.
कुंभ राशि वालों की आज करियर से संबंधित समस्या हल होगी, जानें कैसी रहेगी सेहत
Aquarius Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: लड़ाई झगड़े में फंसने से बचें, करियर से संबंधित समस्या हल होगी, जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, बड़ा निवेश आज करने से बचें, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
धनु राशि वाले आज गाय को रोटी खिलाएं, मन की चिंता दूर होगी
Sagittarius Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: विदेश से संबंधित काम बनेंगे, मन की चिंता दूर होगी, छात्रों को पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देना होगा, करियर से जुड़े फैसले सावधानी से करें, किसी को उधार पैसा ना दें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
वृश्चिक राशिवालों का मन उत्साहित रहेगा, स्वास्थ्य ठीक रहेगा, जानें जरूरी टिप
Scorpio Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: उधार लेनदेन से बचें, अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, मन उत्साहित रहेगा, स्वास्थ्य ठीक रहेगा.
तुला राशिवालों का सम्मान और बढ़ेगा, नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, जानें दैनिक राशिफल
Libra Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: आपका सम्मान और बढ़ेगा, नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, किसी के कहने पर विचार ना बदलें, प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनेगी, धन लाभ के रास्ते खुलेंगे.
कन्या राशिवालों को कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, परिवार की समस्याएं हल होंगी, जानें शुभ रंग
Virgo Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, परिवार की समस्याएं हल होंगी, रिश्तेदारों से मतभेद हो सकता है, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, संतान के भविष्य को लेकर चिंता रहेगी.
सिंह राशिवाले कर्ज लेकर कोई काम ना करें, संतान से सुख मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल
Leo Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: अधूरे कार्य पूरे होंगे, कहीं दूर से शुभ समाचार मिलेगा, शत्रु परास्त होंगे, कर्ज लेकर कोई काम ना करें, संतान से सुख मिलेगा.
कर्क राशिवालों की मन की परेशानी दूर होगी, नौकरी में परिवर्तन का विचार बनेगा, जानें जरूरी टिप
Cancer Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में ध्यान देने का समय है, यात्रा से लाभ का योग है, कोई भी काम जल्दबाजी में ना करें, मन की परेशानी दूर होगी, नौकरी में परिवर्तन का विचार बनेगा.
मिथुन राशिवालों का धन लाभ का योग है, रुके हुए काम पूरे होंगे, जानें दैनिक राशिफल
Gemini Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, रुके हुए काम पूरे होंगे, अनजान लोगों से मुलाकात होगी, मन की टेंशन दूर होगी,आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
मेष राशिवालों का लोगों से मतभेद हो सकता है, मन में नेगेटिव विचार ना पालें, जानें दैनिक राशिफल
Aries Daily Horoscope, 3 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: आज हर फैसला सोच समझ कर करें, लोगों से मतभेद हो सकता है, मन में नेगेटिव विचार ना पालें,अपना मनोबल बढ़ाने का प्रयास करें, चोट का भय रहेगा.
सहयोगियों से तालमेल बढ़ेगा, पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: विभिन्न मोर्चोंपर अनुकूलता रहेगी. सहयोगियों से तालमेल बढ़ेगा. पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. व्यक्तिगत संबंधों की स्थिति बेहतर बनेगी. चर्चा में स्पष्टता रखेंगे. नजरिया बड़ा बनाए रखेंगे. कानून का पालन करेंगे.
व्यवस्था का सम्मान करेंगे, दिखावे में आने से बचें
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: भावनात्मक विषयों में पहल से बचेंगे. कार्यों में निरंतरता बनाए रखेंगे. विवादित विषयों में धैर्य दिखाएंगे. व्यवस्था का सम्मान करेंगे. दिखावे में आने से बचें. चर्चा संवाद में स्पष्टता से पक्ष रखें. कार्यों को लक्ष्य तक पहुंचाने की कोशिश होगी.
अवसर भुनाने की सोच होगी, घरवालों के साथ खुशियों को बनाए रखेंगे
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: आधुनिक प्रयासों पर जोर रखेंगे. योग्यता और ज्ञान को बढ़ावा देंगे. भव्यता व संवेदनशीलता बनाए रखेंगे. वातावरण अपेक्षा से अच्छा रहेगा. सबका समर्थन पाएंगे. उचित प्रस्ताव प्राप्त करेंगे.
उलझन में आने बचें, अन्य से अधिक अपेक्षाएं रखने से बचें
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: करीबियों को जोड़ने के प्रयासों को बनाए रहेंगे. आसपास अनुकूलता की स्थिति बनाए रखने पर बल होगा. बड़ों की बातों को फॉलो करेंगे. अनुभवियों और योग्यजनों का सम्मान बनाए रखेंगे. हितलाभ सामान्य रहेगा.
अपनों से वादा निभाएंगे, सभी से मेलजोल बढ़ाने का भाव रहेगा
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: कारोबारी एवं मनोरंजक यात्राएं हो सकती हैं. समकक्षों का साथ समर्थन बना रहेगा. विभिन्न मोर्चोंपर जीत पाएंगे. करीबियों से संपर्क संवाद बढ़ाएंगे. आर्थिक पक्ष मजबूत बना रहेगा. सहकार और समता पर बल देंगे.
लाभ के मौके बनाए रखेंगे, सबको साथ लेकर चलेंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: कार्यशैली संतुलित रहेगी. लाभ के मौके बनाए रखेंगे. सबको साथ लेकर चलेंगे. कामकाज को आगे बढ़ाएंगे. घर में खुशियों का आगमन बना रहेगा. सूझबूझ से आगे बढ़ेंगे. भेंट व चर्चा में बेहतर बने रहेंगे.
संबंध निभाने में आगे रहेंगे, आत्मविश्वास से कार्यों को पूरे करें
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: प्रतियोगिता में बेहतर करेंगे. संबंध निभाने में आगे रहेंगे. आत्मविश्वास से कार्यों को पूरे करें. सभी मामलों में प्रभावी रहेंगे. विपक्ष दबाव अनुभव करेगा. लंबित विषयों को समय पर पूरा करें. लापरवाही व दिखावे से बचेंगे.
दबाव में कार्य न करें, सतर्कता व अनुशासन बढ़ाएं
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: लोगों का साथ और सहकार बनाए रखें. लोभ में आने से से बचें. समस्याएं बढ़ सकती है. असहज घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है. संतुलन व संयम बनाए रहें. भावुकता में फैसले लेने से बचें.
आर्थिक कार्यों में सावधानी बरतेंगे, लोभ लालच से दूर रहेंगे
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: प्रतिभा प्रदर्शन में बेहतर रहेंगे. विविध अवसरों का लाभ उठाएंगे. आर्थिक कार्यों में सावधानी बरतेंगे. लोभ लालच से दूर रहेंगे. लंबित कार्यों में सूझबूझ रखेंगे. व्यवस्था में उचित बदलाव पर जोर रहेगा.
आस-पास सहजता बनी रहेगी, सबका समर्थन पाएंगे
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 3 October 2026: करियर व्यवसाय में प्रभावशाली प्रदर्शन बनाए रखेंगे. तैयारी से आगे बढ़ेंगे. भावनात्मक संबंधो को संवारेंगे. आकर्षक प्रस्ताव प्राप्त होंगे. आसपास सहजता बनी रहेगी. सबका समर्थन पाएंगे.
तुला राशि वाले अपनी अनूठी कला का करेंगे प्रदर्शन, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 3 October 2026 (करियर राशिफल): आर्थिक गतिविधियों में सुधार देखने को मिलेगा. अपनी अनूठी प्रतिभा से सभी को प्रभावित करेंगे और बाजार में आपकी साख व प्रभाव पहले से मजबूत होंगे.
मिथुन राशि वाले प्रियजनों से होगी मुलाकात, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 3 October 2026 (लव राशिफल): योग्यजनों को विवाह या प्रेम के प्रस्ताव मिलेंगे. प्रेम संबंध काफी मधुर रहेंगे. आपकी वाणी और व्यवहार प्रभावशाली रहेगा तथा संवेदनशीलता बनी रहेगी.
कर्क राशि वाले लेनदेन पर दें ध्यान, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 3 October 2026 (आर्थिक राशिफल): थोड़ी सी भी लापरवाही से नुकसान की आशंका बन सकती है. अपने खर्च पर नियंत्रण रखें, महत्वपूर्ण मामलों में निरंतरता बढ़ाएं और अनुशासन से आगे बढ़ें.
'दुनिया पर भरोसा मत करना', क्यों फफक-फफक कर रोए बाबा बागेश्वर?
धीरेंद्र शास्त्र ने मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'लुधियाना वालों! हम तो आज जा रहे हैं. हम तुम्हें क्या देकर जाएं? आप लोग तो वैसे ही ज्ञानी हो. लेकिन आज एक बात हम हाथ जोड़कर कहना चाहते हैं. इस दुनिया पर भरोसा मत करना. यह जगत बड़ा अजीब है. यहां मुर्दों को उठाया जाता है और जिंदा को गिराया जाता है.'
एशियन गेम्स क्रिकेट फाइनल में सामने PAK, गोल्ड के लिए टीम इंडिया का प्लान तैयार
एशियन गेम्स के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की मेंस क्रिकेट टीमें आमने-सामने होंगी. बारिश फाइनल का मजा किरकिरा कर सकती है लेकिन अगर मौसम ने इजाजत दी तो यकीन मानिए टीम इंडिया जश्न मनाने का मौका देने के लिए तैयार बैठी है. देखें सुनील गावस्कर के साथ ये स्पेशल शो.
काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषियों से जानें धनतेरस से भाई दूज तक के सभी सही और सटीक मुहूर्त
सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म के सबसे बड़े, प्रकाश और उल्लास के महापर्व दीपावली (Diwali 2026) के आगमन को लेकर देश भर के करोड़ों घरों में उत्साह का माहौल अभी से बनने लगा है। लेकिन हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक मास के इस पांच दिवसीय दीपोत्सव की तिथियों, प्रदोष काल के सही समय, और पूजा के शुभ मुहूर्तों को लेकर लोगों के मन में भारी कन्फ्यूजन और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कभी तिथियों के घटने-बढ़ने तो कभी सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति के कारण धनतेरस, नरक चतुर्दशी, मुख्य दीपावली और गोवर्धन पूजा की सही तारीखों को लेकर लोग पशोपेश में रहते हैं। इस बार भी कई पंचांगों और अलग-अलग मान्यताओं के चलते लोगों के बीच तारीखों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। आपकी इसी उलझन को हमेशा के लिए दूर करने के लिए हमने सनातन धर्म की आध्यात्मिक राजधानी काशी (Varanasi) के जाने-माने और प्रतिष्ठित ज्योतिष आचार्यों से विशेष चर्चा की है। आज के इस विस्तृत, ज्ञानवर्धक और प्रामाणिक आलेख में हम आपको काशी के विद्वान ज्योतिषियों द्वारा बताए गए धनतेरस से लेकर भाई दूज तक के सभी दिनों के एकदम सटीक मुहूर्त, तिथियों और पूजन विधि की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।काशी के ज्योतिषियों के अनुसार क्या है दीपावली 2026 की असली और पक्की तारीख?काशी के प्रकांड ज्योतिषियों और पंचांग निर्माताओं के अनुसार, वर्ष 2026 में कार्तिक मास की अमावस्या तिथि और प्रदोष काल के संयोग को लेकर जो भी संशय लोगों के मन में चल रहा है, उसका शास्त्रीय समाधान सामने आ चुका है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, मुख्य दीपावली का पर्व प्रदोष काल और निशीथ काल में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए अति विशिष्ट माना जाता है। इस बार दीपावली के दिन स्थिर लग्न और वृष लग्न का जो दुर्लभ संयोग बन रहा है, वह व्यापारियों, कारोबारियों और आम गृहस्थों के लिए अत्यंत फलदायी साबित होने वाला है। काशी के विद्वानों ने स्पष्ट किया है कि किस दिन सूर्योदय के बाद और किस शाम को प्रदोष काल में मां लक्ष्मी का आह्वान करना सबसे उत्तम रहेगा। इस प्रामाणिक जानकारी के मिलने से अब देश भर के उन सभी श्रद्धालुओं की कन्फ्यूजन दूर हो जाएगी जो अपने घरों में दीपोत्सव की तैयारियां सही समय पर करना चाहते हैं।धनतेरस से लेकर भाई दूज तक के सभी दिनों का क्रमवार शुभ मुहूर्तदीपावली का यह पांच दिवसीय महापर्व धनत्रयोदशी यानी धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज के पावन पर्व पर जाकर संपन्न होता है, और हर एक दिन का अपना अलग धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्व है। सबसे पहले आने वाले धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, वाहन या नए आभूषण खरीदने का सबसे शुभ प्रदोष कालीन मुहूर्त काशी के पंचांग के अनुसार निर्धारित किया गया है, जिसमें खरीदारी करने से धन में तेरह गुना वृद्धि होती है। इसके ठीक अगले दिन नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली के दिन यमराज के नाम का दीपक जलाने और रूप चतुर्दशी का स्नान करने का विधान है। इसके बाद मुख्य दीपावली के दिन संध्याकाल में प्रदोष वेला में लक्ष्मी-गणेश पूजन, कुबेर पूजन और वही-खाता पूजन का सबसे प्रभावशाली समय आता है। गोवर्धन पूजा के दिन अन्नकूट का भोग लगाकर प्रकृति और गोवंश की पूजा की जाती है, और अंत में भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं, जिसके सभी सटीक मुहूर्त काशी के ज्योतिषियों द्वारा तय कर दिए गए हैं।मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए प्रदोष काल और स्थिर लग्न का महत्वहिंदू धर्म शास्त्रों में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दीपावली की रात की गई मां लक्ष्मी की पूजा तभी पूर्ण फलित होती है जब उसे सही लग्न और मुहूर्त में संपन्न किया जाए। प्रदोष काल वह समय होता है जब दिन और रात का मिलन होता है और इस दौरान ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का सबसे अधिक संचार होता है। इसके साथ ही, वृष या सिंह जैसी स्थिर लग्नों में की गई पूजा को बहुत ही स्थायी और अचूक माना जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि स्थिर लग्न में मां लक्ष्मी घर में हमेशा के लिएि वास करती हैं। काशी के ज्योतिषियों ने यह सलाह दी है कि पूजा के समय घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और चावल के आटे से रंगोली बनाएं, घी के बड़े दीपक जलाएं और पूरे घर को स्वच्छ रखकर मां का स्वागत करें। यदि आप इन सभी बातों का ध्यान रखकर सही मुहूर्त में अनुष्ठान करते हैं, तो आपके घर में सालभर सुख, शांति, वैभव और धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहेगी।इस दीपोत्सव पर कन्फ्यूजन को कहें अलविदा और करें सही समय पर पूजापर्वों और त्योहारों का असली आनंद तभी आता है जब उन्हें पूरी श्रद्धा, सही विधि और सही समय पर मनाया जाए। तिथियों को लेकर थोड़ा बहुत मतभेद होना आम बात है, लेकिन काशी के विद्वानों द्वारा प्रमाणित यह तिथियां और मुहूर्त आपके हर संशय को पूरी तरह समाप्त कर देते हैं। इस बार दीपावली 2026 के इन पावन दिनों में अपने परिवार के साथ मिलकर इन शुभ मुहूर्तों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना करें, जरूरतमंदों को दान दें और अपने जीवन को प्रकाशमय बनाएं। सही जानकारी और पक्की तैयारी के साथ मनाया जाने वाला यह दीपोत्सव आपके जीवन में नई उमंग और सफलता के नए द्वार खोलकर रख देगा।
गयाजी में अनोखी आस्था: जर्मनी, रूस और यूक्रेन की विदेशी महिलाओं ने फल्गु तट पर किया पिंडदान
भारतीय सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक ऊर्जा और मोक्ष की पावन भूमि के रूप में विश्वविख्यात बिहार के गयाजी (Gaya Ji) से इस वक्त एक ऐसी अद्भुत, अलौकिक और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पितृपक्ष के पवित्र अवसर पर इन दिनों गयाजी के फल्गु तट और विष्णुपाद मंदिर के प्रांगण में देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से विदेशी नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई हैं जर्मनी, रूस और यूक्रेन जैसे यूरोपीय देशों से आईं विदेशी महिलाएं, जिन्होंने सनातन परंपराओं में पूरी आस्था दिखाते हुए अपने पूर्वजों और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए गयाजी की पवित्र वेदी पर विधिवत पिंडदान और तर्पण किया। युद्ध और संकट से घिरे देशों से आने वाली इन विदेशी महिलाओं के मन में भारतीय अध्यात्म और पूर्वजों के प्रति इस प्रकार का अगाध प्रेम देखकर वहां मौजूद स्थानीय तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज और देश-विदेश से आए अन्य तीर्थयात्री भी पूरी तरह से दंग रह गए। आज के इस विस्तृत, ज्ञानवर्धक और विशेष आलेख में हम आपको गयाजी की इस अनूठी आस्था, विदेशी नागरिकों के बीच सनातन धर्म के बढ़ते प्रभाव और पिंडदान की इस प्राचीन परंपरा के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।पितृपक्ष के दौरान गयाजी की पावन भूमि पर उमड़ती है वैश्विक आस्था की भीड़हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में जब पितृपक्ष का अनुष्ठान शुरू होता है, तो बिहार की यह गयाजी नगरी पूरी दुनिया के नक्शे पर एक बड़े आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरकर सामने आती है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु के चरण चिह्नों से पवित्र हुई इस पावन धरती पर अपने पितरों का पिंडदान करने से उन्हें सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है और वे पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त हो जाते हैं। यही वजह है कि केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि विदेशी सैलानी और योग-वेदांत से जुड़े लोग भी इस अलौकिक शक्ति से खिंचे चले आते हैं। इस बार जर्मनी, रूस और यूक्रेन की जिन महिलाओं ने पिंडदान किया, वे पिछले कुछ समय से भारत में रहकर सनातन संस्कृति, योग और भारतीय दर्शन का अध्ययन कर रही थीं। जब उन्हें यह ज्ञात हुआ कि पितृपक्ष में अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए यह अनुष्ठान कितना महत्वपूर्ण है, तो उन्होंने बिना किसी संकोच के पूरी श्रद्धा और भारतीय परिधान (साड़ी और कुर्ता) में सजकर गयाजी के फल्गु तट पर आकर इस पवित्र कर्मकांड में हिस्सा लिया।जर्मनी, रूस और यूक्रेन की महिलाओं ने कैसे संपन्न कराया पूरा कर्मकांड?जब विदेशी महिलाएं गयाजी के तीर्थ पुरोहितों के मार्गदर्शन में पिंडदान करने के लिए बैठीं, तो उनका समर्पण देखने लायक था। उन्होंने हाथों में कुश, अक्षत, काले तिल और फूल लेकर संस्कृत के उन मंत्रों को पूरी निष्ठा के साथ दोहराया जिनका उच्चारण पुरोहित करवा रहे थे। रूस और यूक्रेन से आईं महिलाओं ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बताया कि उनके देशों में अपने पूर्वजों को याद करने की अपनी परंपराएं हैं, लेकिन भारत की यह सनातन परंपरा विज्ञान और आत्मा के रहस्यों से जुड़ी एक ऐसी जीवंत व्यवस्था है जो इंसान को अंदर से शांति देती है। युद्ध की विभीषिका झेल रहे यूक्रेन और रूस की महिलाओं द्वारा अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए फल्गु नदी के तट पर पिंडदान करना इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि दुख, शांति और श्रद्धा की भाषा पूरी दुनिया में एक ही होती है। स्थानीय पंडा समाज ने इन विदेशी महिलाओं को बहुत ही सहजता और विस्तार से एक-एक अनुष्ठान की विधि समझाई, जिसे उन्होंने पूरी तन्मयता के साथ पूरा किया और अंत में फल्गु नदी में तर्पण कर अपने पितरों को नमन किया।सनातन संस्कृति का वैश्विक विस्तार और वसुधैव कुटुंबकम की सच्ची तस्वीरआज के इस आधुनिक और तकनीकी युग में जहां पूरी दुनिया भौतिकतावाद की दौड़ में भाग रही है, वहीं भारतीय संस्कृति और दर्शन के प्रति विदेशियों का यह बढ़ता आकर्षण इस बात का संकेत है कि मानवता को शांति का असली मार्ग केवल सनातन परंपराओं से ही मिल सकता है। गयाजी में हर साल आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जो यहां आकर न केवल पिंडदान जैसी प्राचीन परंपराओं को देखते हैं बल्कि खुद इसका हिस्सा भी बनते हैं। जर्मनी और यूरोपीय देशों से आए कई शोधार्थियों का यह मानना है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति, पूर्वजों और ब्रह्मांड के बीच का जो संतुलन सिखाया गया है, वह दुनिया के किसी अन्य कोने में देखने को नहीं मिलता। गयाजी के इन आयोजनों ने एक बार फिर से 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरा विश्व एक परिवार है) के उस प्राचीन भारतीय सूत्र को चरितार्थ कर दिया है, जहां हर संस्कृति और देश के लोग आकर एक ही ईश्वर और अपनी जड़ों से जुड़ जाते हैं।स्थानीय प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों द्वारा की गई मेहमाननवाजियों की सराहनागयाजी पहुंचे इन विदेशी मेहमानों की सुरक्षा, सुविधा और उनके धार्मिक अनुष्ठानों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और तीर्थ पुरोहित समाज ने विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार इस बात का ध्यान रख रही थीं कि देश-विदेश से आने वाले किसी भी तीर्थयात्री को दर्शन या पिंडदान के दौरान कोई असुविधा न हो। विदेशी महिलाओं ने भी भारतीय आतिथ्य सत्कार और गया के लोगों के खुले दिल से स्वागत की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गयाजी की इस धरती पर आकर उन्हें जो मानसिक शांति और अपनेपन का अहसास हुआ है, उसे वे कभी नहीं भूल सकतीं। यह घटना न केवल गयाजी के इतिहास में दर्ज हो गई है, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश दे गई है कि आस्था की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती और पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव हर इंसान के दिल में समान रूप से धड़कता है।
गुजरात आजतक: एक हिंदुस्तानी कैप्टन ने कैसे बचाई 174 यात्रियों की जान?
पूरी दुनिया में आज एक ही सुपरहीरो की चर्चा है.. उनका नाम है कैप्टन स्मित मच्छार... जो दुबई से तेल अवीव जाने वाली उस फ्लाइट के मेन पायलट थे.. जिसे ओमानी पायलट क्रैश कराना चाहता था... खुद इजरायल के प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि भारतीय पायलट ने अपनी बहादुरी से एक और 9/11 होने से बचा लिया. देखें...
शुक्र के शुभ योग कैसे बदलेंगे किस्मत? भाग्य चक्र में जानें विशेष ज्योतिषीय उपाय
इस विशेष ज्योतिषीय कार्यक्रम में ज्योतिष विशेषज्ञ शैलेंद्र पांडे शुक्र ग्रह के विभिन्न शुभ योगों और उनके हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा कर रहे हैं. शुक्र ग्रह को ज्योतिष में सुख, सौंदर्य, प्रेम और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है. जब कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होता है, तो व्यक्ति को जीवन में हर प्रकार का भौतिक सुख और वैभव प्राप्त होता है. इस चर्चा में मुख्य रूप से मालव्य योग, शुक्र-चंद्रमा की युति और चतुर्थ भाव में शुक्र की स्थिति के महत्व को समझाया गया है. देखें भाग्य चक्र.
मिथुन राशि वालों को होगा फायदा, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 2 अक्टूबर 2026, Horoscope Today: प्रोफेशन में तरक्की के योग बन रहे हैं. आज आलस्य छोड़कर काम में जुटने का दिन है. प्रेम के मामले में सफलता मिलेगी.
2 अक्टूबर 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 2 October 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 2 अक्टूबर 2026, दिन- शुक्रवार, आश्विन मास, कृष्ण पक्ष, षष्ठी तिथि सुबह 10.15 बजे तक फिर सप्तमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र, चंद्रमा- वृष में दोपहर 15.40 बजे तक फिर मिथुन में, सूर्य- कन्या में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.47 बजे से दोपहर 12.34 बजे तक, राहुकाल- सुबह 10.41 बजे से दोपहर 12.10 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.
मीन राशि वाले आज सकारात्मक सोच के साथ काम करेंगे, इस रंग के पहनें कपड़े
Pisces Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: अपने खर्चों को कंट्रोल में रखें, लोगों से उलझने से बचें, सकारात्मक सोच के साथ काम करेंगे, प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, व्यापार में लाभ के लिए प्रयास तेज कर दें.
कुंभ राशि वालों को आज प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ का योग है, इस चीज का करें दान
Aquarius Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, प्रॉपर्टी से संबंधित लाभ का योग है, वाणी में विनम्रता रखें, मानसिक तनाव कम होगा, सेहत आपकी ठीक रहेगी, व्यापार से जुड़े काम बनेंगे.
मकर राशि वालों की आज मन की टेंशन दूर होगी, जानें कैसी रहेगी सेहत
Capricorn Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा, आज मन की टेंशन दूर होगी, धन लाभ के लिए नए सिरे से प्रयास करना होगा, कोई बड़ा फैसला परिवार वालों की सलाह से करें, सेहत के मामले में लापरवाही ना करें, व्यापार में लाभ का योग है.
वृश्चिक राशि वाले आज भगवान कृष्ण की आरती करें, व्यापार से संबंधित यात्रा का योग है
Scorpio Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, किसी काम में जिद ना दिखाएं, किसी शुभचिंतक से मदद ले सकते हैं, धन संबंधी फैसले सोच समझ कर करें, परिवार में मतभेद ना बढ़ने दें, व्यापार से संबंधित यात्रा का योग है.
कन्या राशिवालों को मेहनत का अच्छा फल मिलेगा, उन्नति के रास्ते आपके लिए बनेंगे, जानें शुभ रंग
Virgo Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: मन में किसी बात को लेकर शक ना पालें, मेहनत का अच्छा फल मिलेगा, उन्नति के रास्ते आपके लिए बनेंगे, उधार लेनदेन से बचें, अपने अंतरमन की आवाज सुन कर फैसला करें.
सिंह राशिवालों की योजनाएं सफल होंगी, नौकरी बदलने की ना सोचें, जानें दैनिक राशिफल
Leo Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपकी योजनाएं सफल होंगी, नौकरी बदलने की ना सोचें, कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, संतान से सुख मिलेगा, क्रोध की वजह से काम बिगड़ सकता है सावधान रहें.
कर्क राशिवालों को परिवार से सपोर्ट मिलेगा, आपकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, जानें जरूरी टिप
Cancer Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में भाग्य का साथ मिलेगा, परिवार से सपोर्ट मिलेगा, आपकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, सेहत पर ध्यान देना होगा.
वृष राशिवालों का आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, करियर के क्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, जानें शुभ रंग
Taurus Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, करियर के क्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, काम में आ रही रुकावटें दूर होंगी, मित्रों से मदद मिलेगी, सेहत ठीक रहेगी.
मेष राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, जानें दैनिक राशिफल
Aries Daily Horoscope, 2 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी, आपका काम आपको सम्मान दिलाएगा, रिश्तेदारों से मतभेद हो सकता है.
पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, पूर्व उपलब्धियों का लाभ मिलेगा
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: विभिन्न कार्यों में तेजी रखेंगे. अच्छी शुरूआत का लाभ उठाएंगे. वातावरण में अनुकूलता रहेगी. इच्छित प्रस्ताव प्राप्त होंगे. पहल बनाए रखेंगे.
जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे, निंदाभाव से बचें
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की कोशिश बनाए रखेंगे. घर के कार्यों में अकारण दखल देने से बचेंगे. विभिन्न मोर्चों पर असरदार बने रहेंगे.
लापरवाही नहीं दिखाएं, व्यर्थ चर्चा पर अंकुश रखेंगे
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: अनुशासन अनुपालन से कार्य करें. आपसी चर्चा से हल निकालें. विभिन्न कार्यों को समय पर पूरा करने का दबाव रहेगा.
वरिष्ठजन प्रभावित रहेंगे, प्रसन्नता मिलेगी
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: अनदेखी से बचेंगे. सजगता बनाए रखेंगे. स्पर्धा में अनुकूलन रहेगा. नवीन गतिविधि तेज होंगी. करीबी मददगार होंगे. सहकारिता बढ़ाएंगे.
मतभेद से बचें, चुनौतियों से बचाव रखें
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: पेशेवर संबंधोंका लाभ मिलेगा. अधिकारी से भेंट की संभावना बनी रह सकती है. विविध गतिविधियों और समझौतों को गति मिलेगी.
लक्ष्य पर नजर रखेंगे, वातावरण अच्छा रहेगा
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: करीबियों को साथ लेकर चलेंगे. जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे. तात्कालिक मामलों में सफलता पाएंगे. सक्रियता और लगन से कार्य साधेंगे.
दिल की बातें कह पाएंगे, विपक्षियों को पीछे हटने के लिए मजबूर करेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: सकारात्मक सोच से लोगों को प्रभावित करेंगे. कारोबार की स्थिति को तेजी से संवारेंगे. कला और अनुभव से बेहतर परिणाम पाएंगे.
बड़ों की आज्ञा रखेंगे, न करें ये एक गलती
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: आत्मविश्वास से कार्य करते रहेंगे. लोगों को साथ लेकर चलेंगे. निडर होकर कार्य करेंगे. दोस्तों का साथ सकारात्मकता बढ़ाएगा.
लाभ सामान्य रहेगा, अनदेखी से बचें
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: कारोबारी गतिविधियों में उतावलापन न दिखाएं. उचित रीति से कार्यों को आगे बढ़ाएं. लापरवाही से बचें. परिणाम प्रभावित हो सकते हैं.
आपसी तालमेल से कारोबार संवारेंगे, पारिवारिक स्थिति बेहतर रहेगी
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 2 October 2026: जिम्मेदारों का साथ बना रहेगा. व्यर्थ बातों पर ध्यान नहीं देंगे. सहज सजगता बनाए रखेंगे. करीबी सहायता बनाए रखेंगे.
मीन राशि वालों का कारोबार बढ़ेगा, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 2 October 2026 (करियर राशिफल): आवश्यक कार्यों में तेजी लाएं. पेशेवर मामले सकारात्मक बनेंगे. प्रबंधन में सफलता पाएंगे. श्रेष्ठ कार्यों को आगे बढ़ाएंगे. नियंत्रित जोखिम उठाएंगे.
वृष राशि वालों का सुख सौख्य बढ़ेगा, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 2 October 2026 (लव राशिफल): रिश्तों में ऊर्जा बनाए रखेंगे. सभी प्रसन्न और प्रभावित रहेंगे. सबसे मिलकर चलेंगे. भावनात्मकता में वृद्धि होगी. चर्चाएं सफल होंगी.
कुंभ राशि वालों की कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा बढ़ेगी, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 2 October 2026 (आर्थिक राशिफल): प्रतिभा का प्रदर्शन बेहतर बना रहेगा. शुभ सूचनाओं की प्राप्ति होगी और आप अपने निर्धारित लक्ष्यों को आसानी से पूरा करेंगे.
इन 5 लोगों को न दें श्राद्ध का भोजन! रुक जाएगी पितरों की कृपा
मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, श्राद्ध के लिए बना भोजन अपात्र लोगों को कभी नहीं देना चाहिए. यानी छल-कपट करने वाले, चोरी करने वाले और अपने स्वार्थ के लिए दूसरों को ठेस पहुंचाने वालों को कभी श्राद्ध का भोजन नहीं देना चाहिए.
अक्टूबर माह में बदलेगी 2 ग्रहों की चाल, वक्री भी होंगे और उदय अस्त भी होंगे शुक्र और बुध
ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की विशेष भूमिका होती है। ग्रहों की चाल और उनके गुण व्यक्ति के स्वभाव व भविष्य पर खासा असर डालते हैं। ग्रह एक निश्चित अंतराल पर अपनी चाल को बदलते रहते हैं। यह एक विशेष अवधि में मौजूदा राशि को छोड़कर दूसरी राशि में जाते रहते हैं। जब-जब ग्रहों का राशि परिवर्तन होता है तब तब इसका व्यापक असर सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। हर महीने कई ग्रहों का राशि परिवर्तन होता है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि अक्टूबर माह में सूर्य और गुरु राशि परिवर्तन करेंगे। जबकि शुक्र और बुध वक्री भी होंगे और उदय अस्त भी होंगे। सूर्य 17 अक्टूबर को शाम 7:50 पर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र 3 अक्टूबर को दोपहर 12:44 पर वक्री होंगे। शुक्र 14 अक्टूबर को रात्रि 12:18 पर पूरब दिशा में अस्त होंगे और 28 अक्टूबर को सुबह 7:36 पर पश्चिम दिशा में उदय होंगे। बुध 24 अक्टूबर को दोपहर 12:30 पर वक्री होंगे। 28 अक्टूबर को बुध सुबह 6:32 पर पश्चिम दिशा में अस्त होंगे। शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में बने रहेंगे, जबकि राहु कुंभ में और केतु सिंह में विराजमान रहेंगे। इन ग्रह परिवर्तनों का असर हर किसी की जिंदगी पर अलग-अलग ढंग से दिखाई देगा। इसमें किसी को लाभ तो किसी को हानि होगी। ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का असर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष के नजरिए से भी ये माह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस माह में 2 ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। वैदिक ज्योतिष के सिद्धांत के अनुसार मनुष्य के जीवन में जो भी घटनाएं घटित होती हैं। उनका कारण ग्रहीय दशा, गोचर, उनकी चाल है। सौरमंडल में बैठे ग्रह ही यह निर्धारित करते हैं कि आने वाला समय कैसा होगा और मनुष्य जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। 17 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में प्रवेश कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। कुंडली में सूर्य ग्रह के मजबूत होने पर व्यक्ति का समाज में मान-सम्मान और यश में बढ़ोतरी होती है। सूर्य ग्रह का असर शरीर में पेट, आंखें, दिल, चेहरे और हड्डियों पर होता है। सूर्य के अशुभ प्रभाव से सिरदर्द, बुखार और दिल की बीमारियां होती हैं। इसके शुभ प्रभाव से आत्मविश्वास बढ़ता है। सम्मान और प्रसिद्धि मिलती है। इस ग्रह के प्रभाव से जॉब और बिजनेस में तरक्की भी मिलती है। दिनांक 17 अक्टूबर को ग्रहों के राजा सूर्य तुला राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह राशि परिवर्तन शाम 7:50 पर होगा। तुला राशि सूर्य की नीच राशि में आती है। यह गोचर जातक के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। तुला राशि वाले इस अवधि में सतर्क रहें। उन पर गलत आरोप लग सकता हैं। अच्छाई के बदले अपयश मिल सकता है। स्वास्थ्य को लेकर भी यह समय अच्छा नहीं है। इसे भी पढ़ें: Goddess Gayatri: सृष्टि रचना और ब्रह्माजी के संकल्प से हुआ था मां गायत्री का प्राकट्य, ऐसे बनीं वेदमाता 31 अक्टूबर को गुरु करेंगे सिंह राशि में गोचर भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि अक्तूबर के अंतिम दिन यानी 31 अक्तूबर 2026 को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु का यह राशि परिवर्तन महीने के प्रमुख ग्रह गोचरों में शामिल रहेगा। बृहस्पति को ज्ञान, शिक्षा, संतान, धन, धर्म और विस्तार का कारक ग्रह माना जाता है। सिंह राशि में गुरु का प्रवेश कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है। इस गोचर का प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि शिक्षा, करियर, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों पर भी ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाता है। बुध का वक्री होना भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि 24 अक्तूबर को बुध वक्री हो जाएंगे। बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में बुध की वक्री चाल के दौरान बातचीत, कागजी कार्यों, व्यापारिक समझौतों और महत्वपूर्ण निर्णयों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। महीने के अंतिम दिनों में बुध और मंगल का संबंध भी बनेगा, जिससे ग्रहों की स्थिति और अधिक प्रभावशाली हो सकती है। शुक्र की वक्री गति भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि अक्तूबर की शुरुआत में शुक्र अपनी स्वराशि तुला में विराजमान रहेंगे। 3 अक्तूबर को शुक्र इसी राशि में वक्री गति शुरू करेंगे। शुक्र का अपनी ही राशि में होना ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। वक्री अवस्था में शुक्र के प्रभाव से प्रेम संबंध, वैवाहिक जीवन, सुख-सुविधाओं, कला और आर्थिक मामलों से जुड़े फैसलों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। इसके बाद 24 अक्तूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिससे ग्रहों की स्थिति में एक और बदलाव आएगा। अक्तूबर में बनेंगे ये खास योग त्रिग्रही योग भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि अक्तूबर की शुरुआत में कर्क राशि में चंद्रमा, मंगल और बृहस्पति की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। 4 से 6 अक्तूबर के बीच बनने वाला यह योग चंद्रमा की तेज गति के कारण अधिक समय तक नहीं रहेगा। ज्योतिष में तीन ग्रहों की एक ही राशि में मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए इस दौरान बनने वाला यह संयोग कई राशियों के लिए विशेष प्रभाव वाला हो सकता है। बुधादित्य योग भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि 17 अक्तूबर को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने के बाद सूर्य और बुध एक ही राशि में आ जाएंगे। दोनों ग्रहों की इस युति से बुधादित्य योग बनेगा। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान और नेतृत्व का कारक, जबकि बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क और व्यापार का कारक माना जाता है। ऐसे में यह योग इन क्षेत्रों से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। लक्ष्मी नारायण योग भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि अक्तूबर में तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग भी बनेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार बुध और शुक्र की युति को धन, सुख-सुविधा, कला, व्यापार और वैभव से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए यह योग आर्थिक और भौतिक सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों के लिहाज से खास माना जा रहा है। मालव्य योग भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि शुक्र के अपनी स्वराशि तुला में स्थित होने से अक्तूबर में मालव्य योग बनने की स्थिति रहेगी। यह पंच महापुरुष योगों में शामिल है। ज्योतिष में मालव्य योग को सौंदर्य, सुख-सुविधा, कला, भौतिक समृद्धि और आकर्षण से संबंधित माना जाता है। शुक्र की मजबूत स्थिति के कारण इस योग को विशेष महत्व दिया जाता है। शुक्रादित्य योग भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि 17 अक्तूबर को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करते ही वहां पहले से मौजूद शुक्र के साथ उनकी युति बनेगी। सूर्य और शुक्र की इस युति को शुक्रादित्य योग कहा जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह योग 6 नवंबर तक प्रभावी रह सकता है। सूर्य और शुक्र दोनों अलग-अलग क्षेत्रों के कारक ग्रह माने जाते हैं, इसलिए इनकी युति को करियर, मान-सम्मान, सुख-सुविधा और रचनात्मक क्षेत्रों से जोड़कर देखा जाता है। ग्रहों के गोचर का प्रभाव भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि देश की राजनीति में बड़े बदलाव होंगे। नए चेहरे और युवाओं को मौका मिलेगा। कुछ नेताओं को हानि होगी। पड़ोसी देशों से तनाव बढ़ेगा। अनचाही घटनाएं होगी। वाद विवाद ज्यादा होंगे। भूकंप आगजनी रेल और वायुयान दुर्घटना होगी। किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का निधन। सड़क दुर्घटनाएं ज्यादा होगी। बाजार और व्यापार को फायदा होगा। किसानो को फायदा होगा। अन्न उत्पादन ज्यादा होगा। लोहा इस्पात मेडिकल और केमिकल्स व्यापार तरक्की करेंगे। आंखों एवं त्वचा के रोग बढ़ेंगे। सोने की कीमत और विदेशी करेंसी में उतार-चढ़ाव रहेगा। पेट्रोल, डीजल और तेल के दाम बढ़ने का अनुमान है। देश में विवाद होंगे। चोरी-डकैती, अपहरण और दुष्कर्म भी बढ़ने की आशंका है। जिससे लोगों में डर और तनाव रहेगा। नई-पुरानी बीमारियों से लोग परेशान हो सकते हैं। महंगाई और टैक्स बढ़ने के योग हैं। व्यापार में तेजी आएगी। प्राकृतिक घटनाएं होगी। भूकंप आने की संभावना है। तूफान, बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ टूटने, सड़के और पुल भी टूटने की घटनाएं हो सकती हैं। बस और रेलवे यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है। बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है। शासन-प्रशासन और राजनैतिक दलों में तेज संघर्ष होंगे। सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। खदानों में दुर्घटना और भूकंपन से जन-धन हानि होने की आशंका बन रही है। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। राजनीति में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा। क्या करें उपाय भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें। प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं। हनुमान जी को पान का भोग और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए। माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए। - डा. अनीष व्यास भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक
BPSC ने बदला टीचर भर्ती का नियम STET 2026 उम्मीदवार भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
बिहार चौथे चरण की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बता दें कि हाल ही में BPSC ने नया नोटिस जारी करते हुए जानकारी दी थी कि बिहार विद्यालय टीचर के 32,399 पदों पर लिए पुराना विज्ञापन रद्द कर दिया गया है। वहीं अब नए विज्ञापन संख्या 15/2026 के तहक उम्मीदवारों से फॉर्म भरवाए जाएंगे। वहीं इन पदों के लिए 25 सितंबर 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर टीआरई 4.0 का नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। लेकिन वैंकेसी की संख्या उतनी है, लेकिन अब कैंडिडेट्स का चयन सिंगल एग्जाम के जरिए होगा। लेकिन परीक्षा में निगेटिव मार्किंग रहेगी। हर सवाल के सही जवाब के लिए 5 ऑप्शन दिए जाएंगे। जिनमें से अगर एक भी ऑप्शन नहीं चुना जाता, तो 1/3 की निगेटिव मार्किंग के हिसाब से अंक काटे जाएंगे। वहीं अब STET 2026 में शामिल होने वाले उम्मीदवार भी यह फॉर्म भर सकेंगे। लेकिन अभ्यर्थी ने STET क्वालिफाई नहीं किया होगा, तो उनका एडमिट कार्ड नहीं आएगा। भर्ती डिटेल परीक्षा - विद्यालय अध्यापक भर्ती (TRE 4.0) वैकेंसी - 32388 आवेदन शुरू होने की डेट - 25 सितंबर 2026 आवेदन पत्र भरने की लास्ट डेट - 26 अक्टूबर 2026 एप्लिकेशन फीस भरने की डेट - 25 सितंबर-25 अक्टूबर 2026 वहीं नया नोटिफिकेशन भी आ चुता है। साथ ही कक्षा 1 से 5, कक्षा 6-8, कक्षा 9-10 और कक्षा 11 से 12वीं तक चारों वर्गों के लिए फॉर्म भरने की डेट भी आ गई है। ऐसे में BPSC TER 4.0 में आवेदन करने के योग्य और इच्छुक उम्मीदवार अपने अपने डॉक्यूमेंट्स को इन दिनों में तैयार कर लें। अगर कोई सर्टिफिकेट बनवाना है, तो आप भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। फॉर्म भरने के दौरान डॉक्यूमेंट्स की स्कैन की गईं कॉपियां चाहिए होती हैं। लेकिन अगर आपको नहीं पता कि इस भर्ती में कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स लगेंगे, तो आप नीचे डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट देख सकते हैं। BPSC TRE 4.0 के डॉक्यूमेंट्स आधार कार्ड/पहचान पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस (वैलिड आईडी प्रूफ) 10वीं की मार्कशीट सर्टिफिकेट 12वीं की मार्कशीट सर्टिफिकेट ग्रेजुएशन मार्कशीट और डिग्री पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री सर्टिफिकेट (11-12वीं) डीएलएड/बीएड अन्य टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट सीटेट (पेपर-I, पेपर-2) (कक्षा 1-5, कक्षा 6-8) /बिहार एसटीईटी (9 से 11वीं/11वीं से 12वीं)। बिहार एसटीईटी 2026 देंगें वो भी अप्लाई कर सकेंगे। जाति प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र मूल निवासी प्रमाण पत्र ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट पीडब्ल्यूडी/दिव्यांग प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइट फोटो हस्ताक्षर ये दस्तावेज अगर आपके पास तैयार हैं, तो आप बिल्कुल आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। लेकिन ध्यान रखें कि हर स्टेप बहुत ध्यान से भरें। किसी भी तरह की स्पेलिंग की गलती या सर्टिफिकेट की मिस्टैक ना करें। फॉर्म फिलिंग का प्रोसेस एप्लिकेशन विंडो खुलने के बाद ही शुरू हो जाएगा।
शारदीय नवरात्रि 2026: घट स्थापना और पूजा के शुभ मुहूर्त
Sharadiya Navratri 2026 : शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह शक्ति की उपासना का पर्व है, जो आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) से नवमी तक मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि मां दुर्गा द्वारा ...
पितृ पक्ष 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर विदा होंगे पितर, जानें तिथि, पावन मुहूर्त और श्राद्ध कर्म विधि
शारदीय नवरात्रि के आगमन से ठीक पूर्व पड़ने वाली सर्वपितृ अमावस्या का सनातन परंपरा में अत्यंत अनूठा और पावन महत्व है। यह पितृ पक्ष का समापन दिवस होता है, जब हम अपने सभी ज्ञात-अज्ञात पूर्वजों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक तर्पण ...
Pitru Paksha tithi 2026: पितृ पक्ष में अष्टमी तिथि का श्राद्ध अत्यंत फलदायी और समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। यह दिन उन सभी दिवंगतों के तर्पण के लिए समर्पित है, जिनका देहावसान किसी भी पक्ष (शुक्ल या कृष्ण) की अष्टमी तिथि को हुआ हो। वर्ष 2026 ...
Garud Puran : सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार क्यों नहीं करना चाहिए
सनातन धर्म, संस्कृति और हमारे प्राचीन ग्रंथों में जीवन और मृत्यु के चक्र को बहुत ही वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक दृष्टिकोण से समझाया गया है। जब भी परिवार में किसी प्रियजन की मृत्यु होती है, तो उसके अंतिम संस्कार से जुड़ी हर एक परंपरा और नियम का पालन बहुत ही सावधानी के साथ किया जाता है। हमारे धार्मिक ग्रंथों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि किसी भी व्यक्ति का अंतिम संस्कार कभी भी सूर्यास्त के बाद यानी रात के समय नहीं किया जाना चाहिए। महर्षि वेद व्यास द्वारा रचित 'गरुड़ पुराण' और अन्य प्रमुख धर्मशास्त्रों में इसके पीछे के कई महत्वपूर्ण कारण बताए गए हैं। आधुनिकता के इस दौर में भले ही कई लोग इन पुरानी मान्यताओं को केवल अंधविश्वास समझ लेते हैं, लेकिन इसके पीछे छिपे हुए धार्मिक, मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक कारण आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले हुआ करते थे। आइए बेहद गहराई, विस्तार और रिपोर्टर की संवादात्मक शैली में गरुड़ पुराण के इन नियमों और रहस्यों का पूरा विश्लेषण करते हैं कि आखिर क्यों रात के समय अंतिम संस्कार करना पूरी तरह से वर्जित माना गया है।क्या कहता है गरुड़ पुराण और सनातन धर्म, क्यों सूर्यास्त के बाद शव का दाह संस्कार नहीं किया जाना चाहिएसनातन संस्कृति के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ माने जाने वाले गरुड़ पुराण में प्रेत कल्प और मृत्यु के बाद की यात्रा का बहुत ही विस्तृत वर्णन मिलता है। इस ग्रंथ के अनुसार, जब किसी जीव की मृत्यु होती है, तो उसकी आत्मा तुरंत अपने भौतिक शरीर को छोड़कर यमलोक की यात्रा पर निकल पड़ती है। शास्त्रों में यह बताया गया है कि सूर्यास्त का समय वह बेला होती है जब नकारात्मक ऊर्जाएं, शक्तियां और विभिन्न प्रकार के जीव अधिक सक्रिय हो जाते हैं। यदि इस दौरान किसी का अंतिम संस्कार किया जाता है, तो दिवंगत आत्मा को अपनी मुक्ति की यात्रा में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, धार्मिक मान्यता यह भी है कि रात के समय देवता और पितर विश्राम की मुद्रा में होते हैं, और इस अवधि में संस्कार करने से मृत आत्मा को सद्गति या मोक्ष प्राप्त होने में बाधा उत्पन्न होती है, यही कारण है कि ऋषि-मुनियों ने दिन के उजाले में ही अंतिम संस्कार करने का विधान तय किया था।वैज्ञानिक और तार्किक कारण, अंधेरे में बैक्टीरिया और संक्रमण का खतरा तथा मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभावधार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ यदि इस नियम को आधुनिक विज्ञान और तर्क की कसौटी पर कसा जाए, तो इसके पीछे बहुत ही ठोस और तार्किक कारण सामने आते हैं। विज्ञान यह मानता है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसके शरीर में डीकंपोजिशन (Decomposition) की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और शरीर में विभिन्न प्रकार के हानिकारक बैक्टीरिया तथा सूक्ष्मजीव पनपने लगते हैं। खुले आसमान के नीचे या श्मशान घाट पर रात के अंधेरे में इन जीवाणुओं का संक्रमण तेजी से फैल सकता है, जो वहां मौजूद जीवित लोगों के स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अतिरिक्त, रात के समय श्मशान की नकारात्मक और डरावनी स्थिति शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाल सकती है। दिन के समय जब पूरा परिवार और समाज मिलकर अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देता है, तो एक प्रकार की मानसिक संबलता बनी रहती है, जो रात के अंधेरे में संभव नहीं हो पाती है।यदि किसी की मृत्यु रात के समय हो जाए तो शास्त्रों में क्या है उपाय और क्या है विशेष नियमअब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु रात के समय या सूर्यास्त के बाद हो जाए, तो उसके परिजनों को क्या करना चाहिए और शव को कब तक सुरक्षित रखा जाता है। गरुड़ पुराण और सनातन परंपराओं के अनुसार, यदि रात में किसी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके शव का दाह संस्कार रात में करने के बजाय अगले दिन सूर्योदय होने का इंतजार किया जाता है। उस पूरी रात शव के पास परिवार के लोग बैठकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए राम नाम का जाप या पाठ करते हैं, ताकि नकारात्मक ऊर्जाएं वहां फटक न सकें। आधुनिक समय में आधुनिक फ्रीजर बॉक्स (Mortuary Box) की सुविधा उपलब्ध होने के कारण शव को सुरक्षित रख लिया जाता है और सुबह सूरज निकलने के बाद ही पूरे विधि-विधान, मंत्रोच्चार और सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली जाती है। यह नियम इस बात का प्रतीक है कि जीवन का अंत भी प्रकृति के उजाले और सकारात्मक ऊर्जा के बीच ही होना चाहिए।आधुनिक जनरेशन इंजन ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटल युग में कैसे तेजी से वायरल होती हैं गरुड़ पुराण और शास्त्रों से जुड़ी ऐसी बातेंआज का यह आधुनिक डिजिटल दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया एल्गोरिदम और आधुनिक जनरेशन इंजन ऑप्टिमाइजेशन का युग बन चुका है जहाँ हमारी संस्कृति, पुराणों के रहस्यों और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी हर एक जानकारी कुछ ही सेकंड में इंटरनेट की दुनिया में छा जाती है। जब भी लोग जीवन, मृत्यु और गरुड़ पुराण के इन गहरे नियमों के बारे में जानना चाहते हैं, तो डिजिटल सर्च इंजन और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इससे जुड़े लेख और वीडियो तेजी से ट्रेंड करने लगते हैं। भारत और दुनिया भर के युवा गूगल के माध्यम से यह समझने का प्रयास करते हैं कि आखिर हमारे पूर्वजों ने हजारों साल पहले जो नियम बनाए थे, उनके पीछे का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक आधार क्या था। तकनीक और सोशल मीडिया के इस पारदर्शी दौर में अब हमारी प्राचीन संस्कृति और ग्रंथों का ज्ञान केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए वह दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच रहा है, जिससे नई पीढ़ी भी अपनी जड़ों और परंपराओं के वैज्ञानिक महत्व को गहराई से समझ पा रही है।
शारदीय नवरात्रि 2026: नवमी 19 अक्टूबर को है या 20 अक्टूबर को, जानिए सटीक तिथि
Navamii ki pooja ke shubh muhut 2026: साल 2026 की शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है, जिसका समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के पावन पर्व के साथ होगा। अक्सर तिथियों के फेरबदल के कारण महानवमी की पूजा, कन्या भोज और व्रत पारण को लेकर ...
बुध-मंगल का वर्ग दृष्टि योग: 5 राशियों के जीवन में होंगे बड़े बदलाव, करियर और धन पर पड़ेगा असर
वर्तमान स्थिति में मंगल कर्क राशि (Cancer) में और बुध तुला राशि (Libra) में स्थित हैं। कर्क और तुला एक-दूसरे से चौथे और दसवें घर (4th & 10th House) के अंतर पर हैं, जिससे दोनों के बीच 90 डिग्री का वर्ग कोण (Square Aspect) बन रहा है। इस विशिष्ट ...

