सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दरअसल, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) ने असिस्टेंट मैनेजर (T) ट्रेनी के 65 पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें इलेक्ट्रिकल और नॉन-इलेक्ट्रिकल के 60 पद और सिविल के 5 पद शामिल किए हैं। वैसे इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जानें शैक्षणिक योग्यता - असिस्टेंट मैनेजर (T) ट्रेनी- इलेक्ट्रिकल- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग या इससे जुड़े विषय में डिग्री होना चाहिए। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के कम से कम 60% अंक होने चाहिए। - असिस्टेंट मैनेजर (T) ट्रेनी - नॉन-इलेक्ट्रिकल: इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, IT, कंप्यूटर साइंस एंड एंजीनियरिंग या संबंधित विषय में डिग्री होना अनिवार्य है। वहीं, SC, ST और PwBD उम्मीदवारों को अंकों में नियम के अनुसार छूट दी जाएगी। - असिस्टेंट मैनेजर (सिविल) ट्रेनी: सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री होना अनिवार्य है। RCC स्ट्रक्चर, भारी मशीनों की नींव और निर्माण कार्य से जुड़े डिजाइन का 2 साल का अनुभव होने पर लाभ फायदा प्राप्त होगा। इसके अलावा, आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को 500 रुपये देना होगा। वहीं आरक्षित वर्गों को आवेदन शुल्क में छूट मिलेगी। जानें आयु सीमा के नियम इस भर्ती के लिए जनरल के लोगों को अधिकतम आयु 28 वर्ष होना अनिवार्य है। आरक्षित वर्ग के लोगों को आयु में छूट दी जाएगी। SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष और OBC (NCL) उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट मिलेगी। ऐसे करें आवेदन - सबसे पहले DTL की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें। - इसके बाद आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़कर अपनी योग्यता जरुर चेक करें। - अब आप आवेदन लिंक पर क्लिक करें। - इसके बाद मांगी गई सभी जरुरी जानकारी भर दें। - फिर शैक्षणिक योग्यता और GATE 2026 से संबंधित जानकारी दर्ज करें। - अब जरुरी दस्तावेज को अपलोड करें। - इसके बाद आवेदन शुल्क का भुगतान करें। - फिर फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारी को अच्छे से जांच कर लें। आवेदन के बाद कैसे भेजें दस्तावेज? इसके लिए आपको हार्ड कॉपी के साथ जन्मतिथि प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र व मार्कशीट, GATE 2026 स्कोरकार्ड, डिमांड ड्राफ्ट, अनुभव प्रमाण पत्र, कैटेगरी प्रमाण पत्र और पहचान पत्र की सत्यापित प्रतियां लगाएं। फिर आप सभी दास्तावेजों को स्पीड पोस्ट के जरिए नीचे पते पर भेजें। सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन), भर्ती, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड, छठी मंजिल, शक्ति सदन, कोटला रोड, नई दिल्ली-110002।
Putrada Ekadashi 2026: व्रत पारण के बिना नहीं मिलता फल, नोट करें Shubh Muhurat और पारण की सही विधि
सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। श्रवण महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस महीने में पुत्रदा एकादशी महत्वपूर्ण मानी जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, श्रवण महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi 2026) व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को सच्चे मन से करने से साधक को सभी पाप नष्ट हो हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि बनीं रहती है। किसी भी एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब इसका पारण सही से किया जाए। अगर साधक व्रत का पारण नहीं करता है, उसे शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होती है और व्रत अधूरा माना जाता है। द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण करना अनिवार्य होता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि व्रत का पारण कब और कैसे करें। पुत्रदा एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के मुताबिक, इस बार 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाएगा और 24 अगस्त को वैष्णवजन पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। पुत्रदा एकादशी तिथि की शुरुआत- 23 अगस्त को देर रात 02 बजे से। पुत्रदा एकादशी तिथि का समापन- 24 अगस्त को सुबह 04 बजकर 18 मिनट पर। पुत्रदा एकादशी व्रत पारण का समय पुत्रदा एकादशी का व्रत पारण 24 अगस्त को किया जाएगा। इस दिन व्रत का पारण करने शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 41 मिनट से लेकर शाम 04 बजकर 16 मिनट तक है। इस अवधि के दौरान किसी भी समय व्रत का पारण किया जा सकता है। पुत्रदा एकादशी व्रत की पारण विधि - द्वादशी के दिन स्नान करके सबसे पहले सूर्य देव को अर्घ्य दें। - मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल छिड़ककर उसे शुद्ध करें। - अब भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। - इसके बाद श्री विष्णु को फूल, फल, नैवेद्य और तुलसी दल अर्पित करें। - आरती करें और मंत्रों का जप करें। - फिर व्रत के दौरान हुई किसी भी जाने-अनजाने भूल को लेकर प्रभु से क्षमा याचना करें। - पारण करने से पहले किसी मंदिर में या गरीब लोगों को आटा, दाल और चावल आदि का दान करें। - आखिर में भगवान को लगाए भोग और प्रसाद का ग्रहण कर अपना व्रत खोलें।
सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करती है। हालांकि राखी बांधने से पहले विशेष पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ-मुहूर्त में विधि-विधान से रक्षाबंधन की पूजा करने से भाई के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए आपको बताते हैं रक्षाबंधन 2026 पर राखी की पूजा का शुभ समय और सही विधि। रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त इस साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। वैसे इस दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है। राखी बांधने का जो शुभ मुहूर्त है, उसी समय पूजा करना शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। जबकि, राहुकाल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहने वाला है। इस दौरान राखी बांधने और उसकी पूजा करने से बचना चाहिए। रक्षाबंधन पर किन देवी-देवताओं की पूजा करें? इस दिन राखी बांधने से पहले घर के मुख्य द्वार या दीवार पर गेरू और चावल के घोल से श्रवण कुमार का चित्र बनाकर उनकी पूजा करें। रक्षाबंधन के दिन भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की पूजा भी की जाती है। भाई की पूजा करने के लिए तैयारी ऐसे करें रक्षाबंधन के दिन भाई लकड़ी के पाट पर बैठाएं और उनका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। पूजा की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, दीपक, राखी और मिठाई रखें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं । अपने भाई के सिर पर रूमाल या कोई साफ वस्त्र रखें। कुमकुम, हल्दी और अक्षत से भाई के माथे पर मंगल तिलक लगाएं। राखी बांधने की सही विधि इसके बाद भाई की आरती उतारें। इसके बाद उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, राखी में तीन गांठें लगाना शुभ होता है। वैसे ये गांठें सुख, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक है।
बेहतर नींद के क्या उपाय है? जानें भाग्य चक्र में
आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने नींद के बारे में बताया. उन्होनें बताया कि नींद कब आती है और कब नींद की समस्या होती है और बेहतर नींद के उपाय क्या है. साथ ही कार्यक्रम में आगे उन्होनें 12 राशियों के दैनिक राशिफल के लबारे में चर्चा की.
बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन, देखें पंजाब आजतक
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है... जगतार सिंह हवारा की पैरोल और जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर पंजाब बंद रहा... सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक कई जिलों में बाजार बंद रहे, स्कूल बंद रहे और कई जगह हाईवे तक जाम किए गए... इस बंद को अकाली दल समेत कई सिख संगठनों का समर्थन मिला... वहीं प्रदर्शनकारियों ने भगवंत मान सरकार और केंद्र सरकार दोनों पर निशाना साधा...
22 अगस्त 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 22 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 22 अगस्त 2026, दिन- शनिवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र दोपहर 14.49 बजे तक फिर मूल नक्षत्र, चंद्रमा- वृश्चिक में 14.49 बजे तक फिर धनु में, सूर्य- सिंह में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.58 बजे से दोपहर 12.50 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.09 बजे से दोपहर 10.46 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.
कुंभ राशि वाले आज सेहत पर ध्यान दें, जानें पूरा भाग्यफल
Aquarius Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: लड़ाई झगड़े में फंसने से बचें, करियर से संबंधित समस्या हल होगी, जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें, बड़ा निवेश आज करने से बचें, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
मकर राशि वालों के लिए आज धन लाभ के योग हैं, करें ये एक उपाय
Capricorn Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: कार्यों के नतीजे अनुकूल होंगे, अनजान लोगों से मुलाकात होगी, धन लाभ के योग हैं, आपके खर्चे भी अचानक बढ़ेंगे, यात्रा से लाभ होगा, व्यापार में बढ़त देखने को मिलेगी.
वृश्चिक राशिवालों को भाग्य का साथ मिलेगा, अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे, जानें जरूरी टिप
Scorpio Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: भाग्य का साथ मिलेगा, अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, मन उत्साहित रहेगा, स्वास्थ्य ठीक रहेगा.
तुला राशिवालों की नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, पूरे उत्साह से काम करेंगे, जानें दैनिक राशिफल
Libra Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, पूरे उत्साह से काम करेंगे, किसी के कहने पर विचार ना बदलें, प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनेगी, धन लाभ के रास्ते खुलेंगे.
कन्या राशिवालों के परिवार की समस्याएं हल होंगी, बड़े काम योजना बना कर करें, जानें शुभ रंग
Virgo Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: आर्थिक स्थिति सुधारने के मौके मिलेंगे, परिवार की समस्याएं हल होंगी, बड़े काम योजना बना कर करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, संतान के भविष्य को लेकर चिंता रहेगी.
सिंह राशिवालोें के खर्चे बढ़ेंगे, कहीं दूर से शुभ समाचार मिलेगा, जानें दैनिक राशिफल
Leo Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपके खर्चे बढ़ेंगे, कहीं दूर से शुभ समाचार मिलेगा, शत्रु परास्त होंगे, कर्ज लेकर कोई काम ना करें, संतान से सुख मिलेगा.
कर्क राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, यात्रा से लाभ का योग है, जानें जरूरी टिप
Cancer Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, यात्रा से लाभ का योग है, कोई भी काम जल्दबाजी में ना करें, मन की परेशानी दूर होगी, नौकरी में परिवर्तन का विचार बनेगा.
मिथुन राशिवालों की अनजान लोगों से मुलाकात होगी, मन शांत रहेगा, जानें दैनिक राशिफल
Gemini Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: परिवार से संबंधित काम बनेंगे, अपना पूरा ध्यान काम में लगाने से लाभ होगा, अनजान लोगों से मुलाकात होगी, मन शांत रहेगा, टेंशन दूर होगी, आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
मेष राशिवालों के प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, कामकाज में व्यस्त रहेंगे, जानें दैनिक राशिफल
Aries Daily Horoscope, 22 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, कामकाज में व्यस्त रहेंगे, जीवन में सुख बढ़ेगा, अपना मनोबल बढ़ाने का प्रयास करें, चोट का भय रहेगा, हर कार्य सावधानी से करें.
पद प्रभाव बना रहेगा,कार्यों में गति आएगी
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: शुभ संकल्प बनाए रखेंगे.सूचनाओं की प्राप्ति होगी. अधिकारियों का समर्थन पाएंगे.कौशल का लाभ लेंगे.सभी को प्रभाव में लेने में सफल होंगे
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: अपनों का साथ समर्थन पाएंगे.लक्ष्यों को पाने की कोशिश बनाए रखेंगे.अनुकूलता और मनोत्साह बनाए रहेंगे.उचित रीति से कार्य आगे बढ़ाएंगे.
घर में आनंद रहेगा,स्वजनों से भेंट होगी
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: कार्ययोजनाएं फलित होंगी.नव संभावनाओं के अवसर बनेंगे.बडों की मदद से उत्साहित रहेंगे.सुख से समय बिताएं.मुलाकात के अवसर बनेंगे.
उतावली से बचें, सावधानी रखेंगे
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: आसपास का वातावरण साधारण रहेगा.लेनदेन के प्रति गंभीर रहेंगे.जिम्मेदारों का सहयोग रखेंगे.व्यर्थ चर्चा व संवाद में नहीं पड़ेंगे.स्पष्टता से पक्ष रखेंगे
सहयोग बनाए रखेंगे, मेलजोल बढ़ाएंगे
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: उम्मीद से बेहतर कर दिखाने के भाव में रहेंगे.कार्य व्यापार की योजनाओं को साझा करने से बचेंगे.सपनों को पूरा करने पर जोर होगा.लाभ अपेक्षा से अच्छा रहे
निर्णय ले पाएंगे,लक्ष्यों को हासिल करेंगे
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: बड़ों की आज्ञा मानेंगे.व्यर्थ की अवहेलना से बचेंगे.विविध परिणाम पक्ष में बनेंगे.बड़ों का साथ विश्वास रखेंगे.समय देने की कोशिश बनाए रखेंगे.
सकारात्मक बना रखेंगे,सबका साथ समर्थन रहेगा
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: करीबियों से शुभ संदेश मिलेंगे.आलोचनात्मक बातों से प्रभावित नहीं होंगे.अतिसंवेदनशीलता से बचेंगे.विभिन्न कार्यों में सहयोगी बनेंगे.
लाभ उम्मीद से अच्छा रहेगा, बड़ों को प्रभावित करेंगे
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: सीख सलाह पर ध्यान देंगे.परस्पर मदद का भाव बनाए रखेंगे.घर में सुख बढ़ेगा.एक दूसरे पर विश्वास दिखाएंगे.योजनाओं को मूर्तरूप देंगे.
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: परिजन विश्वसनीय रहेंगे.चर्चा उचित दिशा में बनाए रखेंगे.पेपरवर्क में लापरवाही नहीं दिखाएंगे.लंबित कार्यों में सूझबूझ रखेंगे.जवाबदेही रखें.
विषयों में गति आएगी, टीम बढ़ाएंगे
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: नीति नियम निरंतरता बनाए रखेंगे.समय सीमा का ख्याल रखेंगे.अपनों की खूबियों को बढ़ावा देंगे.अधूरे कार्य छोड़ने से बचेंगे.
फोकस रखें, व्यवस्था पर ध्यान दें
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 22 August 2026: निजी विषयों में समता व भव्यता बनाए रखेंगे.जीवनस्तर साधारण रहेगा.सकारात्मक लोगों की संगति बनाए रखें.अवसरों को भुनाने में हड़बड़ी नहीं दिखाएंगे.
कुंभ राशि वालों की पेशेवर स्थिति होगी बेहतर, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 22 August 2026 (करियर राशिफल): कारोबार में आपको कई आकर्षक प्रस्ताव प्राप्त होंगे, जो आपके व्यावसायिक प्रयासों को सही दिशा देंगे. कार्यविस्तार पर आपका विशेष जोर रहेगा.
मकर राशि वालों के रिश्ते में मिठास बढ़ेगी, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 22 August 2026 (लव राशिफल): रिश्तेदार या करीबी से कोई जरूरी और अच्छी सूचना मिल सकती है.चर्चा और संवाद में किसी भी तरह की देरी न करें, पारिवारिक मोर्चे पर समझदारी से काम लें.
मीन राशि वाले कमाएंगे बड़ा धन, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 22 August 2026 (आर्थिक राशिफल): वरिष्ठ लोगों के सहयोग से आगे बढ़ने का है.व्यापारिक मामलों में बड़े अधिकारियों से संपर्क बढ़ेगा, जिससे धन से जुड़े लेन-देन में आपको विशेष मदद मिलेगी.
आज 22 अगस्त 2026 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह
Aaj 22 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
अकाली दल, BJP साथ लड़ेंगे 2027 का विधानसभा चुनाव? देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक में आज आपको दिखाएंगे कि क्या अकाली दल और बीजेपी एक साथ लड़ेंगे 2027 का विधानसभा चुनाव. बठिंडा में क्या वाकई हाथ से उखड़ने लगी सड़क, सीएम मान के ओएसडी ने ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले को लेकर क्या दी सफाई. पठानकोट क्यों बन रहा पर्यटकों का हब, मोगा से आई परिंदों और महिला की अनोखी कहानी, लेकिन उससे पहले खबर हेडलाइंस पर.
हॉलीवुड स्टार की बॉलीवुड में बतौर विलेन होगी एंट्री, देखें मूवी मसाला
मूवी मसाला में आज बात होगी दैत्य गुरु शुक्राचार्य के रूप में अक्षय खन्ना का नया अवतार,बताएंगे कि क्या अल्लू अर्जुन की रांका में दिखेंगे हॉलीवुड एक्टर विल स्मिथ. बात होगी यश की फिल्म टॉक्सिक के इंग्लिश ट्रैलर की. साथ ही दिखाएंगे हॉलीवुड की सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म व्हेल फॉल के शानदार ट्रेलर. मनोरंजन से जुड़ी हर चटपटी खबर के लिए देखें मूवी मसाला. लेकिन शुरुआत इंटरटेनमेंट जगत की 10 बड़ी खबरों के साथ.
पति की आदतों से हैं परेशान तो करें क्या उपाय? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
आज के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय बात करेंगे पत्नियों को लेकर. बताएंगे अगर आपको आपके पतियों के स्वभाव से या आदतों से परेशानी है तो आप कौन-सा उपाय कर सकती हैं. जिससे घर में शांति बनी रहे. पति की आदतों में सुधार हो. आपके सवाल का जवाब भी देंगे. पहर और सक्सेस मंत्र के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में. देखें वीडियो.
मिथुन राशि वाले पाएंगे नौकरी से जुड़ी गुडन्यूज, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 21 अगस्त 2026, Horoscope Today: मिथुन राशि के जातकों को यात्रा से विशेष लाभ मिलेगा. कार्यक्षेत्र में अपना पूरा ध्यान देना होगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. वाणी में विनम्रता रखें, व्यापार में तेजी से काम करने का दिन है.
भद्रा नहीं, राहु डालेगा खलल! अभी से नोट करें राखी बांधने का मुहूर्त
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा, जो श्रावण पूर्णिमा तिथि पर पड़ता है. इस दिन एक विशेष चंद्र ग्रहण भी होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका धार्मिक प्रभाव नहीं होगा.
21 अगस्त 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 21 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 21 अगस्त 2026, दिन- शुक्रवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि रात 23.36 बजे तक फिर दशमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र सुबह 11.53 बजे तक फिर ज्येष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- वृश्चिक में, सूर्य- सिंह में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.58 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- सुबह 10.46 बजे से दोपहर 12.24 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.
मीन राशिवालों को सेहत का ख्याल रखना होगा, व्यापार में लाभ का योग है, जानें जरूरी टिप
Pisces Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: परिवार वालों से बहस से बचें, मन उत्साहित रहेगा, कई दिनों से चली आ रही समस्या हल होगी, नए लोगों से मिलकर मन खुश होगा, सेहत का ख्याल रखना होगा.
कुंभ राशिवालों को परिवार से सहयोग मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें दैनिक राशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करने का दिन है, आपका सम्मान बढ़ेगा, परिवार से सहयोग मिलेगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, धन कमाने के नए रास्ते तलाशने का समय है.
धनु राशिवालों को काम में सफलता मिलेगी, धन की स्थिति बेहतर होगी, जानें दैनिक राशिफल
Sagittarius Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: काम में सफलता मिलेगी, धन की स्थिति बेहतर होगी, मित्रों की मदद से काम बनेंगे, नई नौकरी का ऑफर मिलेगा, विदेश यात्रा का योग है.
वृश्चिक राशिवाले लंबी दूरी की यात्रा ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा, जानें जरूरी टिप
Scorpio Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: लोगों से उलझने से बचें, अचानक प्रॉपर्टी से संबंधित फैसला ना करें, सावधानी से काम करने का दिन है, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में लाभ होगा.
तुला राशिवालों को करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, काम पर ध्यान देना होगा, जानें दैनिक राशिफल
Libra Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: करियर के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, अपने काम पर ध्यान देना होगा, आलस्य की वजह से कोई काम ना टलें, रिश्तेदारों के साथ मिलकर कोई काम ना करें, अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा.
कन्या राशिवालों को काम पर ध्यान देना होगा, करियर में लाभ का योग है, जानें शुभ रंग
Virgo Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: अपने मन को भटकने से रोकें, काम पर ध्यान देना होगा, करियर में लाभ का योग है, धन की प्राप्ति होगी, मित्रों की मदद से काम बनेंगे.
सिंह राशिवालों का रुका हुआ पैसा मिलेगा, विदेश से संबंधित काम बनेंगे, जानें दैनिक राशिफल
Leo Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपका रुका हुआ पैसा मिलेगा, विदेश से संबंधित काम बनेंगे, हर काम सोच समझ कर करना होगा, रिश्तेदारों से मतभेद हो सकता है, लंबी दूरी की यात्रा ना करें.
कर्क राशिवालों का किसी काम में खर्च बढ़ेगा, सरकार से संबंधित काम बनेंगे, जानें जरूरी टिप
Cancer Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: लोग आपकी बातों से आकर्षित होंगे, किसी काम में खर्च बढ़ेगा, सरकार से संबंधित काम बनेंगे, रुके हुए कार्य पूरे होंगे, खानपान का ख्याल रखन होगा.
मिथुन राशिवालों को यात्रा से लाभ का योग है, कार्यक्षेत्र में ध्यान देना होगा, जानें दैनिक राशिफल
Gemini Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: यात्रा से लाभ का योग है, कार्यक्षेत्र में ध्यान देना होगा, बेरोजगारों को नौकरी मिलेगी, आपका सम्मान बढ़ेगा, वाणी में विनम्रता रखें.
वृष राशिवालों की परिवार को लेकर टेंशन रहेगी, प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, जानें शुभ रंग
Taurus Daily Horoscope, 21 August 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: परिवार को लेकर टेंशन रहेगी, प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, धन लाभ के रास्ते खुलेंगे, संतान से सुख मिलेगा, अपना मनोबल ऊंचा रखें.
वैचारिक स्तर पर बेहतर बने रहेंगे, साझीदारों का समर्थन बढ़ाएंगे
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: आवश्यक कार्यों की सूची बनाकर लक्ष्य पूरे करेंगे. आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगे. अनुकूल माहौल बना रहेगा. सामंजस्यता बनाए रखेंगे.
अपनों को समय देने की कोशिश रखें, लोगों से संवाद बनाए रखें
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: लोगों से संवाद बनाए रखें. करीबियों और परिचितों से मेलजोल बढ़ाएं. महत्वपूर्ण प्रदर्शन से सभी प्रभावित होंगे. व्यावसायिक सफलता बनाए रखेंगे.
पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, सभी विषयों में उत्साह बनाए रखेंगे
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. अवसरों को भुनाने की कोशिश होगी. अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं. औरों की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे.
बड़ों का सम्मान करें, अपनों की मदद करें
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: बड़प्पन के भाव से कार्य करें. व्यवस्था के प्रति सहयोग समर्पण बढ़ाएं. अपनों का समर्थन बना रहेगा. परिवार के लोग सहयोगी होंगे.
सेहत के प्रति सचेत रहेंगे, पारिवारिक संबंधों को बल मिलेगा
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: आसपास के वातावरण में अनुकूलन बढ़ेगा. रिश्तों के संवार के मौकों को बढ़ावा मिलेगा. महत्वपूर्ण विषयों को समय पर पूरा करेंगे. परस्पर मदद बनाए रखेंगे.
सक्रियता से आगे बढ़ेंगे, धनवृद्धि बनी रहेगी
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: सूझबूझ से कार्य करेंगे. विभिन्न प्रयासों में उत्साह दिखाएंगे. साहस और सक्रियता से आगे बढ़ेंगे. सभी सहयोग को तत्पर रहेंगे.
कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा बढ़िया, नेतृत्व बनाए रखेंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: आसपास का माहौल सुधारने में सभी सहायक होंगे. समय सीमा का ख्याल रखें. अपनों की खूबियों को बढ़ावा देंगे. मेलजोल और सहकारिता बढ़ाए रखेंगे.
लक्ष्य पर फोकस बनाए रखेंगे, न करें ये एक गलती
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: स्थिति का उचित आंकलन करेंगे. भावनात्मक संबंधो में सामान्य स्थिति बनी रहेगी. सामंजस्यता पर जोर बनाए रखें. कारोबार साधारण बना रहेगा.
विविध मामले सहज रहेंगे, आवश्यक लक्ष्यों को समय पर करेंगे
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: व्यावसायिक स्थिति को मजबूत बनाए रखें. संबंधों का लाभ उठा पाएंगे. आत्मविश्वास से लक्ष्यों को साधें. प्रबंध बेहतर बनाए रखें.
उपलब्ध अवसरों को भुनाएंगे, लगन से कार्यों को साधेंगे
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: परिवार का भरोसा जीतेंगे. जिम्मेदारी से कार्य करेंगे. आर्थिक मामलों में उचित प्रदर्शन करेंगे. रणनीति प्रभावशाली रहेगी. कौशल से कार्य करेंगे.
करियर व्यापार में सावधानी से निर्णय लें, घर में सामान्य वातावरण रहेगा
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 21 August 2026: खानपान में सहज बने रहें. करियर व्यापार में सावधानी से निर्णय लें. मन के मामलों में धैर्य बनाए रखें. दबाव की परिस्थितियों से बचें.
कुंभ राशि वाले निसंकोच आगे बढ़ेंगे, जानें अन्य राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 21 August 2026 (करियर राशिफल): घर में हर्ष-उत्सव का वातावरण बना रहेगा. कुल परिवार के लोगों में सहकारिता बढ़ने से सबको साथ लेकर चलते हुए भावनात्मक प्रदर्शन में बेहतर रहेंगे.
दैनिक प्रेम राशिफल 21 अगस्त 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं। आइए जानते हैं कि आज सभी 12 राशियों का लव लाइफ कैसा रहने वाला है: मेष (Aries): आज का दिन पार्टनर के साथ खुशियां बांटने का है। अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें, लेकिन बातचीत के दौरान वाणी में मधुरता बनाए रखें। वृषभ (Taurus): प्रेम जीवन में स्थिरता और विश्वास बढ़ेगा। अपने साथी के साथ कुछ यादगार पल बिताने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्ते में मिठास आएगी। मिथुन (Gemini): सिंगल जातकों के जीवन में किसी खास व्यक्ति की दस्तक हो सकती है। जो लोग पहले से रिश्ते में हैं, उनके बीच का संवाद बेहतर होगा। कर्क (Cancer): भावनात्मक रूप से दिन थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। पार्टनर की किसी बात को दिल से न लगाएं, बैठकर बात सुलझाने की कोशिश करें। सिंह (Leo): आज आपका आकर्षण चरम पर रहेगा। जीवनसाथी या पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा। शाम का समय रोमांस से भरा रहेगा। कन्या (Virgo): काम की व्यस्तता के कारण पार्टनर को समय देना थोड़ा कठिन हो सकता है। फोन या संदेशों के माध्यम से उनसे जुड़े रहें ताकि गलतफहमी न हो। तुला (Libra): लव लाइफ में नया उत्साह देखने को मिलेगा। अगर आप अपने रिश्ते को अगला कदम देना चाहते हैं, तो आज का दिन सकारात्मक संकेत दे रहा है। वृश्चिक (Scorpio): पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी और एक-दूसरे के प्रति भरोसा और गहरा होगा। पार्टनर के साथ किसी रोमांटिक डिनर या आउटिंग का प्लान बन सकता है। धनु (Sagittarius): आज अपने पार्टनर के विचारों का सम्मान करें। दूसरों के हस्तक्षेप के कारण रिश्ते में थोड़ा तनाव आ सकता है, इसलिए आपस में ही मामलों को सुलझाएं। मकर (Capricorn): जीवनसाथी या पार्टनर की ओर से कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है। आज आपसी केमिस्ट्री बहुत अच्छी रहने वाली है। कुंभ (Aquarius): रिश्तों में पारदर्शिता रखें। अपनी बातें स्पष्ट रूप से साझा करने से पार्टनर के साथ आपका भावनात्मक जुड़ाव और मजबूत होगा। मीन (Pisces): आज का दिन प्रेम के मामले में बेहद सुखद और सकारात्मक रहेगा। जो लोग किसी से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल है।
मकर राशि वाले सूचनाएं साझा करेंगे, जानें क्या कहती है आपकी राशि
Aaj ka Love Rashifal 21 August 2026 (लव राशिफल): सहपाठियों व महत्वपूर्ण मित्रों से मुलाकात संभव होने के साथ नए लोगों से करीबी बढ़ाएंगे. अपनों की खुशी का ख्याल रखने से मन के मामलों में सफलता मिलेगी .
तुला राशि वाले पैसों के मामले में पाएंगे लाभ, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 21 August 2026 (आर्थिक राशिफल): आप अपने पैतृक कार्यों को आगे बढ़ाएंगे और बचत पर पूरा जोर रखेंगे. बैंकिंग कार्यों में तेजी रखेंगे, जिससे करियर और कारोबार दोनों संवरेंगे.
आज 21 अगस्त 2026 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह
Aaj 21 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
बुधादित्य योग! तुला राशि वालों की मौज, 1 महीना कैसा रहेगा आपका हाल?
22 अगस्त से सिंह राशि में सूर्य और बुध मिलकर बुधादित्य राजयोग बनाने वाले हैं. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र का कहना है कि बुधादित्य योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक तो कुछ के लिए नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है.
सनातन धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व बताया गया है। साल में आने वाली सभी एकादशियों में सावन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी 'पुत्रदा एकादशी' का बहुत बड़ा स्थान है। इस वर्ष सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है कि यह व्रत मुख्य रूप से संतान की प्राप्ति और उसकी मंगलकामना के लिए किया जाता है। ऐसे में कई बार लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह व्रत केवल पुत्र प्राप्ति के लिए ही है, और जिन दंपतियों को पुत्री की कामना है, उन्हें यह व्रत कैसे करना चाहिए? आइए जानते हैं इसके धार्मिक और शास्त्र सम्मत नियम।क्या पुत्रदा एकादशी का व्रत केवल पुत्र प्राप्ति के लिए होता है?पौराणिक कथाओं और पद्म पुराण के अनुसार, पुत्रदा एकादशी की कथा में संतानहीन राजा सुकेतुमान और उनकी रानी का वर्णन मिलता है, जिन्हें भगवान विष्णु के आशीर्वाद से तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति हुई थी। शास्त्रीय कथाओं में इस व्रत का मुख्य फल पुत्र प्राप्ति से जुड़ा हुआ है, जिस कारण इसे 'पुत्रदा एकादशी' कहा जाता है। हालांकि, इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि यह व्रत केवल पुत्र की चाह रखने वालों के लिए ही है।बेटी की कामना करने वाले दंपती क्या करें?हिंदू धर्म शास्त्रों में भगवान विष्णु की उपासना और एकादशी व्रत करने के लिए किसी भी प्रकार का कोई लिंगभेद या निषेध नहीं बताया गया है। मनुस्मृति (9.130) में स्पष्ट रूप से कहा गया है— पुत्रेण दुहिता समा, जिसका अर्थ है कि पुत्री भी पुत्र के ही समान होती है।यदि कोई दंपती स्वस्थ, सुखी और सद्गुणी संतान (पुत्री) की कामना रखते हैं, तो वे पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ यह व्रत रख सकते हैं।पूजा के दौरान संकल्प लेते समय भगवान विष्णु के समक्ष अपनी मनोकामना स्पष्ट रूप से प्रार्थना के रूप में रखनी चाहिए।पुत्री की इच्छा होने पर कैसे करें पूजा और उपाय?संतान प्राप्ति की कामना के साथ यदि आप इस पावन दिन पर व्रत कर रहे हैं, तो कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए:भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा: इस दिन विधि-विधान से जगत के पालनहार भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन करें। माता लक्ष्मी को समृद्धि, सौभाग्य, ऐश्वर्य और गृहस्थ सुख की देवी माना जाता है। पूजा में माता को कमल, लाल या सफेद पुष्प अर्पित करें।तुलसी दल का अर्पण: भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। स्नान के बाद स्वच्छ तुलसी दल अर्पित करते समय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप अवश्य करें।मंत्र जाप और परिक्रमा: एकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास बैठकर श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु के मंत्र का 108 बार जाप करें और तुलसी माता की परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय भगवान से अपने परिवार के लिए एक स्वस्थ, मंगलमय और सुखी जीवन की प्रार्थना करें।
रक्षाबंधन पर भाई के तिलक में जरूर मिलाएं ये खास चीजें, सुख-समृद्धि के साथ मजबूत होगा आपसी प्रेम
भाई-बहन के पवित्र और अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन सनातन संस्कृति के सबसे खास और प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन बहनें पूरे विधि-विधान के साथ अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। राखी बांधने के साथ ही भाई के माथे पर तिलक लगाने की प्राचीन परंपरा भी चली आ रही है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब बहनें अपने भाई के माथे पर प्रेम और आशीर्वाद के साथ तिलक लगाती हैं, तो यह उनके जीवन में विजय और सकारात्मकता का प्रतीक बनता है।क्यों महत्वपूर्ण है तिलक लगाना?ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी शुभ अवसर पर जब माथे के बीच में तिलक लगाया जाता है, तो यह हमारे शरीर के सातों ऊर्जा चक्रों को सक्रिय और मजबूत करने में मदद करता है। रक्षाबंधन के दिन भाई के माथे पर सिर्फ साधारण टीका लगाने के बजाय यदि उसमें कुछ विशेष और शुभ चीजें मिला दी जाएं, तो इसका धार्मिक और सकारात्मक प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि तिलक में किन चीजों को मिलाना सबसे ज्यादा फलदायी माना गया है।1. कुमकुम का तिलककुमकुम का लाल रंग ऊर्जा, साहस और मंगल ग्रह से जुड़ा हुआ माना जाता है। भाई को तिलक लगाते समय यदि उसमें एक चुटकी कुमकुम मिलाया जाए, तो इससे भाई को जीवन में ऊर्जा, शक्ति और सकारात्मक परिणामों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।2. अक्षत (अखंडित चावल)पूजा-पाठ और हर शुभ कार्य में अक्षत का उपयोग अनिवार्य माना गया है। तिलक लगाते समय उसमें अक्षत मिलाने से घर में सुख-समृद्धि आकर्षित होती है। ज्योतिष में अक्षत का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, इसलिए माथे पर अक्षत लगाने से भाई के जीवन में वैभव और संपन्नता आती है।3. हल्दी का महत्वहल्दी को बेहद पवित्र और मांगलिक माना गया है। भाई के माथे पर तिलक करते समय उसमें एक चुटकी हल्दी मिलाना बहुत शुभ होता है। हल्दी का तिलक लगाने से कुंडली में बृहस्पति (गुरु) की स्थिति मजबूत होती है और भाई के जीवन में सुख-समृद्धि तथा खुशहाली का आशीर्वाद बना रहता है।4. सिंदूर और केसर का प्रयोगयदि आप रक्षाबंधन के दिन भाई को तिलक लगाते समय उसमें थोड़ा सा सिंदूर मिलाती हैं, तो इससे भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं। इसके साथ ही, केसर का तिलक लगाने से भाई को मानसिक ऊर्जा मिलती है और उसके जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। इन सभी पवित्र चीजों को मिलाकर लगाया गया तिलक भाई-बहन के रिश्ते को और अधिक मजबूत बनाता है।
बहुला चतुर्थी व्रत 2026: जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजन का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में कई ऐसे विशेष व्रत और त्योहार आते हैं, जिन्हें आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इन्हीं पावन व्रतों में से एक है 'बहुला चतुर्थी' (Bahula Chaturthi), जो मुख्य रूप से विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। इस खास तिथि पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली के लिए विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखकर कथा सुनने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और इच्छित फलों की प्राप्ति होती है।कब है बहुला चतुर्थी 2026? (तथि और शुभ मुहूर्त)वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 31 अगस्त 2026, सोमवार के दिन सुबह 8 बजकर 51 मिनट पर होगी। इसके अगले दिन यानी 1 सितंबर 2026, मंगलवार की सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। उदया तिथि की परंपरा और नियमों के अनुसार, बहुला चतुर्थी का मुख्य व्रत 31 अगस्त 2026 को ही रखा जाएगा।बहुला चतुर्थी पर चंद्रोदय का समयबहुला चतुर्थी के व्रत में चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है। इस व्रत को करने वाली महिलाएं शाम के समय गणेश पूजा के पश्चात चंद्रमा के दर्शन करती हैं और उन्हें अर्घ्य देकर ही अपना व्रत का पारण करती हैं। इस वर्ष बहुला चतुर्थी के दिन चंद्रोदय रात 8 बजकर 28 मिनट के आसपास होने की संभावना है। हालांकि, देश के अलग-अलग शहरों और भौगोलिक स्थानों के अनुसार चंद्रोदय के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।बहुला चतुर्थी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्वसनातन संस्कृति में भगवान गणेश और श्री कृष्ण की आराधना के लिए भाद्रपद मास को अत्यंत पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बहुला चतुर्थी का व्रत करने से घर-परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। विशेष तौर पर जो माताएं अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य और उनकी रक्षा के लिए कामना करती हैं, उनके लिए यह व्रत बेहद फलदायी माना जाता है।इस पावन दिन भगवान गणेश को दुर्वा, मोदक या लड्डू का भोग अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में इस दिन गाय माता की पूजा करने की भी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि सच्चे मन से बहुला चतुर्थी का व्रत और पूजन करने से गणपति बप्पा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की तमाम बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।
अमेरिका के फॉल इनटेक में एडमिशन ले चुके अधिकतर भारतीय छात्रों के मन में एक ही सवाल उठता है- क्या वह पहुंचते ही पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं। अमेरिका में फीस और रहने-खाने के खर्च को देखते हुए छात्रों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है। क्योंकि टॉप यूनिवर्सिटीज की सालाना फीस और रहने खाने का खर्चा करीब 50 से 60 लाख रुपए तक होता है। वहीं पूरी पढ़ाई का खर्च 1.5 करोड़ तक पहुंच जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अमेरिका के F-1 स्टूडेंट वीज पर पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पार्ट टाइम जॉब के नियम बेहद सख्त हैं। अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उसका भविष्य खतरे में पड़ सकता है। यहां तक कि डिपोर्टेशन तक का समय आ सकता है। ऐसे में हम इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि भारतीय स्टूडेंट्स फर्स्ट सेमेस्टर में पार्ट-टाइम नौकरी कर सकते हैं और इसको लेकर क्या नियम हैं। इसे भी पढ़ें: क्या 40 की उम्र में संभव है LLB? BCI के नए नियमों के तहत Age Limit और Career Switch पर एक विशेष रिपोर्ट फर्स्ट ईयर में जॉब कर सकते हैं या नहीं USICS के नियमों क मुताबिक F-1 वीजा पर पहले पूरे अकेडमिक ईयर तक आप कैंपस के बाहर कोई नौकरी नहीं कर सकते हैं। USICS के नियमों में फर्स्ट सेमेस्टर वाले स्टूडेंट्स के लिए कोई खास छूट नहीं दी गई है। कैंपस के बाहर किसी भी स्थिति में जॉब नहीं करना है। फर्स्ट ईयर छात्रों के पास ऑन कैंपस जॉब का ऑप्शन जरूर है। छात्र कैंपस के अंदर आराम से पार्ट-टाइम जॉब कर सकते हैं। फर्स्ट सेमेस्टर में क्या करें अच्छी खबर यह है कि ऑन कैंपस जॉब के लिए आपको USCIS से अलग इजाजत लेने की जरूरत नहीं होती है। इसको आपको फर्स्ट सेमेस्टर से ही शुरूकर सकते हैं। जब क्लास चल रही हो, तब आप सप्ताह में 20 घंटे तक काम कर सकते हैं। स्कूल की छुट्टियों के दौरान आप फुल टाइम यानी की सप्ताह में 40 घंटे काम कर सकते हैं। ऑन कैंपस जॉब का मतलब है, यूनिवर्सिटी के कैंपस पर होने वाला काम कैफेटेरिया में काम, लाइब्रेरी में असिस्टेंट, यूनिवर्सिटी बुकस्टोर में जॉब, या किसी प्रोफेसर के साथ रिसर्च असिस्टेंटशिप। यह जॉब कुछ मामलों में कैंपस के बाहर भी हो सकता है। बशर्ते वह जगह आपकी यूनिवर्सिटी से एजुकेशनली एफिलिएटेड हो। उसका सीधा संबंध आपकी पढ़ाई या यूनिवर्सिटी से हो। ऑन कैंपस जॉब के लिए क्लास शुरू होने से करीब 30 दिन पहले तक अप्लाई कर सकते हैं। इसलिए अगर आप फॉल इनटेक में अभी पहुंचे हैं। तो जल्द से जल्द अपने कैंपस जॉब पोर्टल या फिर इंटरनेशनल स्टूडेंट ऑफिस से संपर्क कर सकते हैं। अगर आप ऑन कैंपस जॉब ढूंढ रहे हैं, या भविष्य में ऑफ-कैंपस काम के बारे में जानना चाहते हों। तो सबसे जरूरी काम है कि अपने DSO से बात करें। DSO आपकी यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के मामलों को संभालने वाला अधिकारी होता है। वह आपको बताएगा कि कौन सी जॉब्स उपलब्ध हैं और आप उनके लिए एलिजिबल हैं या नहीं।
इंदौर में आयोजित होगा राज्य स्तरीय- लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता
इंदौर। योग, स्वास्थ्य संवर्धन एवं सामाजिक चेतना के प्रसार के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन के 'योग आयोग' के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में राज्य स्तरीय “लक्ष्य ‘मंथन’ योगासन प्रतियोगिता” का आयोजन किया जा रहा है।
सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। साल में कुल 24 एकादशी तिथियां पड़ती है और हर महीने 2 एकादशी के व्रत रखे जाते है। सावन के शुक्ल पक्ष में पुत्रदा एकादशी मनाई जाती है। इस बार सावन की पुत्रदा एकादशी 23 और 24 अगस्त 2026 को लेकर चर्चा में है। हिंदू पंचांग के अुनसार, जब एकादशी तिथि लगातार दो दिनों तक सूर्योदय के समय मौजूद रहती है, तो गृहस्थ लोगों के लिए पहले दिन व्रत रखने की परंपरा होती है। वैसे पुत्रदा एकादशी को संतान सुख से जोड़कर देखा जाता है। इस एकादशी में 'पुत्र' शब्द होने से सबके मन में सवाल आता है कि बेची की इच्छा रखने वाले दंपति क्या यह व्रत कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं पूरी जानकारी। क्या पुत्रदा एकादशी केवल बेटे की प्राप्ति के लिए है? पुत्रदा एकादशी को पौराणिक कथा राजा सुकेतुमान और उनकी पत्नी से जुड़ी है, जो संतान न होने के कारण परेशान थे। पद्म पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु द्वारा इस एकादशी को संतान प्राप्ति से संबंधित बताया गया। कथा में राजा की इच्छा पुत्र प्राप्ति की होती है और व्रत के फलस्वरुप उन्हें योग्य एवं तेजस्वी पुत्र की प्राप्ती हुई। तभी से पारंपरिक रुप से पुत्रदा एकादशी को पुत्र प्राप्ति की कामना से जोड़ा गया है। बेटी की चाह रखने वाले दंपती क्या करें? जिन दंपती को बेटी पाने की इच्छा है, वे एकादशी व्रत या भगवान विष्णु की पूजा को लेकर कोई विशेष धार्मिक रोक नहीं मानी जाती है। आप लोग स्वस्थ, संस्कारी और सुखी संतान की कामना के साथ व्रत रख सकते हैं। संकल्प लेते समय अपनी इच्छा को भगवान विष्णु के सामने प्रार्थना के रुप में रख सकते हैं। धार्मिक परंपरा में पुत्र और पुत्री दोनों को परिवार के लिए समान महत्व दिया गया है। मनुस्मति में भी “पुत्रेण दुहिता समा” का उल्लेख मिलता है, जिसका अर्थ है कि पुत्री को पुत्र के समान माना गया है। अब चाहे संतान बेटा हो या बेटी, सबसे महत्वपूर्ण कामना उसका उत्तम स्वस्थ, संस्कारी, सुरक्षित और सुखी होना है। बेटी की कामना हो तो पुत्रदा एकादशी पर करें ये पूजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ माता लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए। देवी लक्ष्मी को सिर्फ धन की देवी नहीं, बल्कि समृद्धि, सौभाग्य, ऐश्वर्य और गृहस्थ सुख से भी संबंधित हैं। - भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना चाहिए। - मां लक्ष्मी को कमल और सफेय या लाल फूल अर्पित करें। - “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें। - इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए अपनी मनोकामना प्रार्थना के रुप में रखें। - सामर्थ्य के अनुसार जरुरतमंदों को भोजन या जरुरी वस्तुओं का दान करें।
Budh Gochar 2026: बुध का सिंह राशि में प्रवेश, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार माने जाने वाले 'बुध' 22 अगस्त 2026 को शाम 7:24 बजे सूर्य के स्वामित्व वाली राशि सिंह में गोचर करने जा रहे हैं। सिंह राशि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता और मान-सम्मान का प्रतीक है। बुध का यह गोचर मुख्य ...
वास्तु शास्त्र हमारे जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बहुत से लोग घर की साज-सज्जा और साफ-सफाई पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिनका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति और घर की सुख-शांति पर पड़ता है। ऐसी ही एक आम और बेहद महत्वपूर्ण बात घर में जूते-चप्पल रखने के स्थान से जुड़ी हुई है। अक्सर लोग अपने जूते-चप्पल घर के किसी भी कोने में, मुख्य दरवाजे के सामने या इधर-उधर बिखेर कर रख देते हैं। वास्तु जानकारों का मानना है कि यह छोटी सी लापरवाही आपके घर में दरिद्रता और कंगाली को निमंत्रण दे सकती है। जूते-चप्पलों से जुड़ी ऊर्जा का सीधा संबंध हमारे भाग्य, करियर और आर्थिक समृद्धि से होता है, इसलिए वास्तु के इन नियमों को जानना हर घर के लिए बेहद जरूरी है।मुख्य दरवाजे पर जूते-चप्पल रखना क्यों है अशुभघर का मुख्य दरवाजा यानी मुख्य प्रवेश द्वार केवल आवाजाही का रास्ता नहीं होता, बल्कि यहीं से माता लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार के ठीक सामने या बिल्कुल बाहर कभी भी जूते-चप्पल का रैक नहीं रखना चाहिए और न ही जूते-चप्पलों का ढेर लगाना चाहिए। जब आप मुख्य द्वार पर ही गंदगी या बिखरे हुए जूते रखते हैं, तो वहाँ से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुक जाता है और नकारात्मक ऊर्जा व राहु का प्रभाव बढ़ने लगता है। इससे घर के सदस्यों के बीच आपसी कलह बढ़ती है, तरक्की के रास्ते बंद होने लगते हैं और बिना वजह के खर्चों में इजाफा होने लगता है। हमेशा ध्यान रखें कि मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा, हवादार और बाधा रहित होना चाहिए ताकि लक्ष्मी जी का वास आसानी से हो सके।घर में जूते-चप्पल रखने की सबसे सही दिशावास्तु नियमों के अनुसार, जूते-चप्पल रखने के लिए घर की उत्तर, पूर्व या ईशान यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे वर्जित माना गया है। इन दिशाओं में कभी भी जूते-चप्पलों का स्टैंड या रैक नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ईशान कोण को देवी-देवताओं का स्थान माना जाता है और इस दिशा में गंदगी या जूते रखने से भारी वास्तु दोष उत्पन्न होता है। घर में जूते-चप्पल रखने के लिए सबसे सही और उत्तम स्थान घर की दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण या फिर पश्चिम दिशा को माना गया है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम यानी वायव्य दिशा में भी जूते-चप्पल का रैक रखा जा सकता है। इन दिशाओं में जूते रखने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और घर की आर्थिक स्थिति पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है।बेडरूम या रसोई घर के पास भूलकर भी न रखें जूतेआजकल लोग सुविधा के चक्कर में अपने बेडरूम के अंदर या किचन के ठीक पास शू-रैक बना लेते हैं, जो वास्तु के लिहाज से बहुत बड़ा दोष माना जाता है। बेडरूम में जूते-चप्पल रखने से पति-पत्नी के बीच आपसी वैवाहिक संबंधों में तनाव और दूरियां बढ़ने लगती हैं, क्योंकि इससे रिश्ते में नकारात्मक ऊर्जा घुल जाती है। इसी प्रकार, रसोई घर को अन्नपूर्णा और माता लक्ष्मी का पवित्र स्थान माना जाता है, इसलिए किचन के आसपास या बिल्कुल सामने जूते-चप्पल उतारना या रखना अशुभता का प्रतीक है। ऐसा करने से घर में अन्न और धन का संकट पैदा होने लगता है, और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।शू-रैक से जुड़े अन्य जरूरी और महत्वपूर्ण वास्तु नियमजूते-चप्पलों के रखरखाव से जुड़े कुछ और भी नियम हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। कभी भी खुले हुए या बिना ढक्कन वाले शू-रैक का इस्तेमाल घर के मुख्य हिस्सों में नहीं करना चाहिए। हमेशा ढक्कन या दरवाजे वाले रैक का प्रयोग करें ताकि जूते-चप्पलों की बदबू और उनसे जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा बाहर न फैल सके। इसके अलावा अपने जूते-चप्पलों को हमेशा व्यवस्थित तरीके से लाइन में लगाएं, उन्हें इधर-उधर बिखेर कर न रखें। फटे-पुराने या ऐसे जूते-चप्पलों को घर में बिल्कुल न रखें जिनका इस्तेमाल अब आप नहीं करते हैं, क्योंकि बेकार और टूटे हुए जूते घर में दुर्भाग्य और नेगेटिविटी को आकर्षित करते हैं। समय-समय पर अपने शू-रैक की साफ-सफाई करते रहें ताकि आपके घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहे और माँ लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहे।
साढ़ेसाती के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 काम, वरना शनिदेव होंगे नाराज और शुरू हो जाएगा बुरा वक्त
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मफलदाता और न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है। हर व्यक्ति के जीवन में शनि की महादशा, ढैय्या या साढ़ेसाती का प्रभाव कभी न कभी अवश्य आता है। जब किसी जातक पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होती है, तो उसके जीवन में कई तरह के उतार-चढ़ाव, मानसिक तनाव और आर्थिक बाधाएं आने लगती हैं। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि यदि इस विशेष अवधि के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन न किया जाए और अनजाने में भी कुछ गलत आदतें अपना ली जाएं, तो शनिदेव बेहद नाराज हो जाते हैं। इससे जीवन में परेशानियों का दौर और अधिक लंबा और कष्टदायक हो सकता है। आइए जानते हैं कि साढ़ेसाती के प्रभाव से बचने के लिए किन 7 कामों से पूरी तरह तौबा कर लेनी चाहिए।1. गरीबों, लाचारों और असहायों का अपमान करनाशनिदेव हमेशा न्याय और कर्म के प्रदाता हैं। वे समाज के कमजोर वर्ग, मजदूरों, गरीबों और सफाई कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि आपके जीवन में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है, तो भूलकर भी किसी गरीब, कमजोर या श्रमिक वर्ग के व्यक्ति का अपमान न करें और न ही उनका हक मारें। ऐसा करने से शनिदेव की कुदृष्टि का सामना करना पड़ सकता है और आपका अच्छा समय भी बुरे वक्त में बदल सकता है।2. झूठ बोलना और दूसरों को धोखा देनाजो लोग छल-कपट का सहारा लेते हैं और दूसरों को आर्थिक या मानसिक रूप से धोखा देते हैं, उन पर शनिदेव की पैनी नजर रहती है। साढ़ेसाती के समय विशेष रूप से यह ध्यान रखना चाहिए कि आपके व्यापार या बोलचाल में ईमानदारी बनी रहे। किसी के साथ भी विश्वासघात करना या झूठ बोलकर अपना उल्लू सीधा करना आपके लिए शनि के प्रकोप का मुख्य कारण बन सकता है।3. नशे की बुरी आदतों और व्यसनों में पड़नाशनिदेव अनुशासित और सात्विक जीवनशैली पसंद करते हैं। साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव काल में मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के नशे की लत में पड़ना आपके भाग्य को पूरी तरह अंधकार में धकेल सकता है। नशे से जुड़े कार्य या तामसी वृत्तियां शनि के नकारात्मक प्रभावों को कई गुना बढ़ा देती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं।4. बड़े बुजुर्गों और माता-पिता का अनादर करनाज्योतिष में शनि को वृद्धजनों और पितातुल्य लोगों का कारक माना जाता है। घर के बुजुर्गों, माता-पिता या गुरुजनों का अपमान करना कुंडली में शनि की स्थिति को बेहद कमजोर और दूषित कर देता है। जिन घरों में बड़े-बुजुर्गों को प्रताड़ित किया जाता है या उनकी अनदेखी होती है, वहाँ शनि की साढ़ेसाती और अधिक कष्टकारी साबित होती है।5. बिना वजह जानवरों और पक्षियों को सतानाबेजुबान जीवों को कष्ट देना या उन्हें परेशान करना महापाप माना जाता है। विशेष रूप से काले कुत्ते, काले कौवे और चींटियों को सताने से शनि की भयंकर नाराजगी झेलनी पड़ती है। इसके विपरीत, इन बेजुबान जीवों की सेवा करने और उन्हें भोजन कराने से शनि के अशुभ प्रभावों में भारी कमी आती है और जीवन के रास्ते सुगम होने लगते हैं।6. आलस और काम टालने की बुरी आदतशनिदेव कर्म प्रधान हैं और उन्हें कर्मठ लोग अत्यंत प्रिय हैं। यदि आप साढ़ेसाती के दौर में अत्यधिक आलस्य दिखाते हैं, अपने जरूरी कामों को लगातार टालते रहते हैं या अपनी जिम्मेदारियों से भागते हैं, तो मान लीजिए कि आप खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। आलसी प्रवृत्ति के जातकों पर शनि का नकारात्मक प्रभाव सबसे तेजी से हावी होता है, जिससे करियर में असफलता मिलने लगती है।7. गंदे और अव्यवस्थित रहना व धन का दुरुपयोगसाढ़ेसाती के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अपने आसपास गंदगी फैलाना, गंदे कपड़े पहनना या अपने कार्यक्षेत्र को अस्त-व्यस्त रखना भी शनि को अप्रिय लगता है। इसके साथ ही, अपनी कमाई का गलत कार्यों में अपव्यय करना या पैसों का घमंड करना आपके लिए बर्बादी का द्वार खोल सकता है। इसलिए सादगी भरा और अनुशासित जीवन जीते हुए अपने कर्मों को शुद्ध रखना ही इस कालखंड से पार पाने का एकमात्र अचूक उपाय है।
भारत का गुजरात राज्य अपने आप में ही अनोखा और समृद्ध माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुजरात के भावनगर जिले में शत्रुंजय पहाड़ियों की गोद में बसा पालिताणा एक ऐसी अनोखी जगह है। जिसको मंदिरों के शहर के नाम से जाना जाता है। पूर्व में यह स्थान पादलिप्तपुर नाम से फेमस था। यह शहर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अटूट आस्था का केंद्र माना जाता है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर 800 से ज्यादा संगमरमर के मंदिर मौजूद हैं। इसी वजह से इसको मंदिरों का शहर कहा जाता है। तो आइए जानते हैं गुजरात के पालीताणा मंदिर की खासियत के बारे में... यहां हैं 800 से ज्यादा भव्य मंदिर माना जाता है कि जैन धर्म के लोगों में अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इन मंदिरों के दर्शन करना निर्वाण या फिर मोक्ष के लिए जरूरी है। शत्रुंजय पहाड़ी पर स्थित यह स्थल इतना अधिक विशाल और भव्य है कि यहां पर करीब 836 संगमरमर से तराशे मंदिर हैं। इसे भी पढ़ें: Unique Temple: भगवान विष्णु के सहस्त्रबाहु मंदिर का 'सास-बहू' नाम पड़ने के पीछे क्या है Fact? जानें पूरा सच इन मंदिरों तक पहुंचने का सफर भी किसी तपस्या से कम नहीं माना जाता है। क्योंकि मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 3500 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। यह जगह इसलिए भी खास है, क्योंकि मान्यता के हिसाब से 24 में से 23 तीर्थकरों ने यहां आकर इस अपनी उपस्थिति से इस पहाड़ी को पावन किया था। रात को रुकना है मना पालिताणा की सबसे अनोखी बात को जानकर आपको हैरानी होगी। दरअसल, यह स्थान पूरी तरह से देवताओं का निवास स्थान माना गया है। यही वजह है कि यहां पर सूर्यास्त के बाद किसी भी इंसान को रात गुजारने की अनुमति नहीं है। यहां तक कि मंदिर की सेवा करने वाले पुजारियों को भी यहां पर रात में रुकने की मनाही है। सदियों से यह परंपरा इस स्थान की दिव्यता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए चली आ रही है। जानें धार्मिक महत्व बता दें कि पहाड़ी पर बना मुख्य मंदिर प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव जी को समर्पित है। यह श्वेतांबर मूर्तिपूजक संप्रदाय के लिए सबसे अधिक पवित्र स्थान माना जाता है। हालांकि यहां पर दिगंबर जैन समुदाय का भी एक मंदिर है। यह पूरा क्षेत्र न सिर्फ धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अपनी अद्भुत नक्काशी और वास्तुकला के लिए भी पूरी दुनिया में जाना जाता है। ऐसे पहुंचें पालिताणा अगर आप भी इस पावन नगरी की यात्रा करना चाहते हैं, तो बता दें कि यहां तक पहुंचना बेहद आसान है। यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा भावनगर एयरपोर्ट है। जोकि पालिताणा से सिर्फ 55 किमी दूर पर स्थित है। वहीं अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं, तो ये शहर भावनगर और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों से रेल से अच्छे से जुड़ा है। वहीं गुजरात के सभी प्रमुख शहरों से पालिताणा के लिए बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी भी मौजूद है।
श्रावण मास में सपने में सांप दिखना देता है ये 15 संकेत, जानिए क्या हो सकता है इसका मतलब?
Sawan me saap dekhna ka matlab:सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की असीम कृपा और रहस्यमयी संकेतों का समय माना जाता है। इस दौरान स्वप्न में नाग देवता का दिखाई देना महज़ एक संयोग नहीं, बल्कि जीवन में होने वाले बड़े बदलावों का आध्यात्मिक इशारा है। आपके ...
Raksha Bandhan 2026 पर Chandra Grahan का साया: Rahu-Moon Yuti से इन 3 राशियों की बढ़ेगी Tension
इस बार 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस दौरान कुंभ राशि में चंद्रमा के साथ राहु की युति बनेंगी, जबकि इसके ठीक अगले राशि मीन में शनि देव विराजमान है। इसलिए चंद्रमा पर राहु और शनि, दोनों ग्रहों का प्रभाव पड़ने की स्थिति बनेगी। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक माना गया है। वहीं, राहु के प्रभाव से भ्रम और बेचैनी बढ़ सकती है, बल्कि शनि भावनात्मक दबाव और कार्यों में देरी का संकेत देता है। वैसे यह समय कुछ राशियों के लिए ठीक नहीं है। इस दौरान उन्होंने काफी सावधानी बरतनी है। सिंह राशि सिंह राशि के लोगों के लिए यह ग्रहण की स्थिति रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद या गलतफहमी पैदा होने की आशंका है। बिजनेस में पार्टनरशिप में जल्दबाजी से फैसला लेने से बचें। किसी बड़े निवेश या आर्थिक लेन-देन को फिलहाल टालना आपके लिए बेहतर हो सकता है। भावनाओं में आकर कोई महत्वूर्ण निर्णय न लें और इसलिए हर मामले में दूसरे पक्ष की बात जरुर सुनें। कुंभ राशि यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगने जा रहा है, राहु और चंद्रमा की युति बनने के कारण इस राशि के लोगों को मानसिक स्तर पर अधिक सतर्क रहने की जरुरत है। मन में असमंजस और बेचैनी बनीं रह सकती है, जिसकी वजह से निर्णय लेने में परेशानी हो सकती है। कई बार आप खुद को दूसरों से भावनात्मक रुप से दूर भी महसूस कर सकते हैं। रिलेशनशिप, संतान और शिक्षा से जुड़े मामलों में धैर्य बनाए रखने का समय है। किसी भी निष्कर्ष पर आने से पहले परिस्थितियों को अच्छे से समझना आपके लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है। मीन राशि मीन राशि में शनि विराजमान है और इससे पिछली राशि कुंभ में राहु-चंद्रमा की युति के प्रभाव से इस राशि के जातकों पर असर देखने को मिलेगा। वर्कप्लेस पर तनाव और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ने की संभावना है। कार्य के दौरान छोटी-छोटी बातों के लेकर चिंता बनीं रहेगी। हेल्थ के मामले में लापरवाही जरा भी न बरतें। नींद प्रभावित हो सकती है और बेवजह की चिंताएं मन को परेशान कर सकती हैं। खुद को आराम दें और पर्याप्त नींद जरुर लें। नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए ज्योतिषीय उपाय - ग्रहण वाले दिन भगवान शिव का ध्यान करें और पूजन करें। श्रद्धानुसार 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। - मन को स्थिर और शांत रखने के लिए 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र का जाप कर सकते हैं। - ग्रहण समाप्त होने के बाद अपने सामार्थ्य के अनुसार सफेद वस्तुओं का दान जरुरतमंद व्यक्ति को करें। - शिवलिंग पर जल में थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें और भगवान शिव से मानसिक शांति की प्रार्थना करें।
वहम की समस्या का क्या है कारण और निवारण? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
मानव जीवन में उसके मन की बहुत सी समस्याएं होती हैं, जिनमें से एक समस्याएं होती है वहम की. बीमारियों का वहम, जीवन में कुछ बुरा न हो जाए इसका वहम. अगर वहम की समस्या है तो इसका कारण क्या है, इसका निवारण क्या है. आज के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय बताएंगे. आपके सवाल का जवाब भी देंगे. पहर और सक्सेस मंत्र के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में. देखें वीडियो.
महाभारत काल के महान नीतिज्ञ और कूटनीति के प्रकांड विद्वान महात्मा विदुर की नीतियां आज के आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी हजारों वर्ष पूर्व थीं। विदुर नीति केवल राजनीति या कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीवन, आचरण, व्यापार और धन संचय को लेकर बेहद स्पष्ट और सटीक मार्ग बताए गए हैं। महात्मा विदुर के अनुसार, संसार में धन कमाना कठिन है, लेकिन उस धन को सही तरीके से बचाकर रखना और स्थायी समृद्धि बनाए रखना उससे भी अधिक चुनौतीपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति पैसा कमाने की शुरुआत करने से पहले महात्मा विदुर के बताए 4 मूल मंत्रों को अपने जीवन में उतार लेता है, तो उसकी तिजोरी कभी खाली नहीं होती और मां लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।1. धर्म और न्याय से कमाया धन ही देता है स्थायी बरकत महात्मा विदुर कहते हैं कि जो व्यक्ति अधर्म, छल-कपट, झूठ या दूसरों का हक छीनकर धन कमाता है, वह धन अल्पकालिक होता है। विदुर नीति के अनुसार, अनैतिक साधनों से अर्जित की गई संपत्ति शुरुआत में बढ़ती हुई दिख सकती है, लेकिन वह अंततः जातक के मान-सम्मान, स्वास्थ्य और कुल का विनाश कर देती है। वहीं दूसरी ओर, जो धन पसीने की मेहनत, ईमानदारी और न्याय के रास्ते पर चलकर अर्जित किया जाता है, वह कम होते हुए भी परिवार में शांति, बरकत और स्थायी सुख-समृद्धि लेकर आता है। ईमानदारी से कमाया गया धन पीढ़ियों तक टिकता है।2. आय से कम खर्च और सुनियोजित बचत का नियम विदुर नीति का दूसरा प्रमुख सूत्र है वित्तीय अनुशासन। महात्मा विदुर के अनुसार, बुद्धिमान व्यक्ति वही है जो अपनी आमदनी को ध्यान में रखकर ही अपने खर्चों की सीमा तय करता है। जो इंसान अपनी क्षमता से अधिक दिखावे, विलासिता या फिजूलखर्ची में पैसा बहाता है, वह शीघ्र ही भारी कर्ज के दलदल में फंस जाता है। संकट के समय केवल वही धन काम आता है जिसे संयम के साथ बचाकर रखा गया हो। इसलिए कमाई का एक निश्चित हिस्सा भविष्य की सुरक्षा और आपातकालीन जरूरतों के लिए संचित (Save) करना बेहद जरूरी है।3. कमाई में से दान और सत्कर्म: धन की शुद्धि का एकमात्र जरिया विदुर नीति में स्पष्ट कहा गया है कि जिस प्रकार तालाब का पानी यदि एक जगह रुका रहे तो वह दूषित हो जाता है और जब वह बहता रहता है तो स्वच्छ बना रहता है, ठीक उसी तरह धन की शुद्धि के लिए दान देना अनिवार्य है। व्यक्ति को अपनी मेहनत की कमाई में से सामर्थ्य अनुसार गरीबों, जरूरतमंदों, धर्म के कार्यों और सामाजिक कल्याण में सहयोग अवश्य करना चाहिए। दान देने से कभी धन घटता नहीं, बल्कि वह कई गुना होकर सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद के रूप में वापस लौटता है।4. आलस्य, व्यसन और अनैतिक संगति से दूरी महात्मा विदुर के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की दरिद्रता का सबसे बड़ा कारण आलस्य (Procrastination) और बुरी आदतें हैं। जो व्यक्ति सुबह देर से उठता है, काम को कल पर टालता है या जुआ, नशा और गलत संगत में लिप्त रहता है, उसके पास कुबेर का खजाना भी हो तो वह नष्ट हो जाता है। मां लक्ष्मी केवल उसी स्थान पर निवास करती हैं जहां परिश्रम, समय की पाबंदी, स्वच्छता और सदाचार का वातावरण होता है। कार्य में तत्परता और निरंतर सीखने की आदत ही व्यक्ति को निरंतर अमीर और सफल बनाती है।आधुनिक दौर में इन नीतियों की उपयोगिता आज के दौर में जब लोग त्वरित लाभ (Quick Money) के पीछे भागते हैं, तब महात्मा विदुर के ये सिद्धांत वित्तीय संतुलन बनाए रखने का सबसे मजबूत आधार हैं। वित्तीय अनुशासन, नैतिक निवेश और अनावश्यक रिस्क से बचना ही वह सुरक्षा चक्र है जो आर्थिक मंदी या कठिन समय में भी आपको सुरक्षित रखता है।
सनातन धर्म में चातुर्मास (आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी) के चार महीनों को तप, साधना, शुद्धि और आत्म-कल्याण के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों में जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में लीन रहते हैं और इस दौरान प्रकृति व वनस्पति की सेवा सीधे ईश्वर की उपासना के समान मानी जाती है। शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि चातुर्मास के दौरान विशिष्ट आध्यात्मिक पौधों को घर के आंगन में लगाने और नित्य उनकी पूजा करने से घर के सभी वास्तु दोष समाप्त होते हैं, कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं और परिवार में सुख, शांति तथा आर्थिक संपन्नता का वास होता है।1. तुलसी का पौधा: मां लक्ष्मी का वास और घर की सकारात्मक ऊर्जा भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अत्यंत प्रिय हैं और उनकी कोई भी पूजा या भोग तुलसी दल के बिना स्वीकार्य नहीं माना जाता। चातुर्मास में घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में तुलसी का पौधा लगाना परम कल्याणकारी होता है।नियम व लाभ: प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद तुलसी जी को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और शाम के समय गाय के शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें। इससे घर से नकारात्मक ऊर्जा, ग्रह कलह और आर्थिक बाधाएं हमेशा के लिए दूर होती हैं।2. केले का पेड़: देवगुरु बृहस्पति और भगवान सत्यनारायण की कृपा शास्त्रों के अनुसार, केले के पेड़ में साक्षात भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का वास होता है। यदि आपकी कुंडली में गुरु कमजोर है या विवाह व करियर में रुकावटें आ रही हैं, तो चातुर्मास में केले का पौधा लगाना अत्यंत शुभ माना गया है।नियम व लाभ: केले के पौधे को घर के पिछले हिस्से या ईशान कोण में लगाएं। हर गुरुवार को हल्दी मिश्रित जल, चने की दाल और गुड़ अर्पित करने से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जातक को अखंड धन-संपत्ति का वरदान देते हैं। इसे तुलसी के साथ पास-पास लगाने से लक्ष्मी-नारायण योग बनता है।3. शमी का पौधा: शनि दोष से मुक्ति और भगवान शिव का आशीर्वाद चातुर्मास के भीतर पड़ने वाले सावन और भाद्रपद के महीनों में शमी के पौधे का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। शमी पत्र भगवान शिव और गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं, साथ ही यह पौधा न्याय के देवता शनिदेव को भी शांत रखता है।नियम व लाभ: शमी के पौधे को घर के मुख्य द्वार से बाहर निकलते समय दाहिनी ओर या पश्चिम दिशा में लगाएं। शनिवार की शाम को शमी के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से साढ़ेसाती, ढैय्या और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से पूर्ण सुरक्षा मिलती है।4. आंकड़े (मदार) का पौधा: शिव कृपा और नजर दोष से रक्षा सफेद मदार या श्वेतार्क का पौधा चातुर्मास में भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। मान्यता है कि आंकड़े का पौधा जिस घर के बाहर होता है, उस परिवार पर किसी भी प्रकार की तंत्र बाधा या नजर दोष का असर नहीं होता।नियम व लाभ: इस पौधे को घर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर दाहिनी तरफ लगाएं। इसके सफेद पुष्प नित्य शिवलिंग पर अर्पित करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और लंबे समय से अटका हुआ धन वापस लौटता है।5. अपराजिता (विष्णुप्रिया): आर्थिक तंगी को जड़ से खत्म करने वाला दिव्य पौधा नीले रंग के फूलों वाली अपराजिता की बेल को 'विष्णुप्रिया' और 'लक्ष्मीप्रिया' कहा जाता है। चातुर्मास के दौरान घर में अपराजिता लगाना अपार धन खींचने का अचूक साधन माना गया है।नियम व लाभ: इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं। बुधवार और शुक्रवार के दिन अपराजिता के नीले फूल भगवान नारायण और मां महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने से व्यापार में लगातार तरक्की होती है और कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलती है।चातुर्मास में इन बातों का रखें विशेष ध्यान इन पवित्र पौधों को हमेशा स्वच्छ और पवित्र स्थान पर ही लगाएं। पौधों के आसपास कभी भी कूड़ा-करकट, जूते-चप्पल या कांटेदार कैक्टस जैसे पौधे न रखें। रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें और सूर्यास्त के बाद पौधों को जल न दें। पूरे चातुर्मास में श्रद्धापूर्वक इन पौधों की देखभाल करने से घर में खुशहाली और आध्यात्मिक शांति का स्थायी वास होता है।
मासिक दुर्गाष्टमी का पावन संयोग और भद्रा का प्रभाव वैदिक पंचांग के अनुसार, आज 20 अगस्त को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है, क्योंकि प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मासिक दुर्गाष्टमी के रूप में श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। आज के दिन भक्तजन मां दुर्गा और उनके विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं तथा व्रत रखते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज दिन की शुरुआत भद्रा के साए में हो रही है। भद्राकाल को मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है, इसलिए कोई भी नया या शुभ कार्य करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।आज का पंचांग विवरण: तिथि, नक्षत्र और योगतिथि: भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष, अष्टमी तिथि।वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)।नक्षत्र: अनुराधा नक्षत्र (इसके उपरांत ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रारंभ होगा)।योग: वैधृति योग (इसके बाद विष्कुंभ योग)।करण: विष्टि (भद्रा करण), इसके बाद बव करण।चंद्र राशि: वृश्चिक राशि में चंद्रमा का गोचर रहेगा।सूर्य राशि: सिंह राशि में सूर्य देव विराजमान रहेंगे।सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समयसूर्योदय: सुबह 05:53 बजे।सूर्यास्त: शाम 06:55 बजे।चंद्रोदय: दोपहर 12:48 बजे।चंद्रास्त: रात 11:42 बजे।आज के शुभ मुहूर्त: मांगलिक कार्यों का सही समयअभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक (यह किसी भी शुभ कार्य और पूजा-पाठ के लिए सर्वश्रेष्ठ समय है)।विजय मुहूर्त: दोपहर 02:34 बजे से 03:26 बजे तक।गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:55 बजे से 07:17 बजे तक।अमृत काल: रात 08:15 बजे से 09:48 बजे तक।ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:26 बजे से 05:09 बजे तक।अशुभ समय: राहुकाल और भद्रा से रहें सतर्कराहुकाल: दोपहर 02:01 बजे से दोपहर 03:39 बजे तक (राहुकाल में किसी भी प्रकार का नया निवेश या शुभ कार्य आरंभ न करें)।भद्रा काल: सूर्योदय के समय से लेकर सुबह तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। धार्मिक मान्यतानुसार भद्रा के दौरान विवाह, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे शुभ मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं।यमगण्ड काल: सुबह 05:53 बजे से 07:31 बजे तक।गुलिक काल: सुबह 09:08 बजे से 10:46 बजे तक।दिशाशूल: दक्षिण दिशा (आज के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचें, यदि आवश्यक हो तो दही या जीरा खाकर ही प्रस्थान करें)।मासिक दुर्गाष्टमी पूजन विधि और मां दुर्गा की कृपा मासिक दुर्गाष्टमी के दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ लाल या पीले वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर उन्हें लाल पुष्प, सिंदूर, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती और दुर्गा मंत्रों का जाप करने से जीवन के सभी संकट, रोग और कष्ट दूर होते हैं तथा परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
तुला राशि के व्यापार में लाभ का योग, जानें आपके लिए आज कैसा है दिन
Aaj ka Rashifal 20 अगस्त 2026, Horoscope Today: तुला राशि वालों को भाग्य का सपोर्ट आज मिलेगा. करियर को आगे बढ़ाने का समय है. महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी. किसी तरह की बहस से बचें. सेहत को लेकर सावधान रहें. व्यापार में लाभ का योग है.
20 अगस्त 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 20 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 अगस्त 2026, दिन- गुरुवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष,अष्टमी तिथि रात 21.18 बजे तक फिर नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र सुबह 09.08 बजे तक फिर अनुराधा नक्षत्र, चंद्रमा- वृश्चिक में, सूर्य- सिंह में, अभिजित मुहूर्त- सुबह 11.58 बजे से दोपहर 12.50 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 14.02 बजे से दोपहर 15.40 बजे तक, दिशा शूल- दक्षिण.
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Capricorn Daily Horoscope, 20 August 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: आज किसी को पैसा उधार ना दें, मन में नेगेटिव विचार हावी हो सकते हैं, प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, छोटे रोगों को हल्के में ना लें, अपने काम पर ध्यान देने का समय है.
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Sagittarius Daily Horoscope, 20 August 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: परिवार के सपोर्ट से काम बनेंगे, धन की स्थिति में सुधार होगा, करियर में बदलाव की योजना बनेगी, आपके खर्चे बढ़ेंगे, अनजान व्यक्ति पर भरोसा ना करें.
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Libra Daily Horoscope, 20 August 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट आज मिलेगा, करियर को आगे बढ़ाने का समय है, महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी, किसी तरह की बहस से बचें, सेहत को लेकर सावधान रहें, व्यापार में लाभ का योग है.
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