सावन का महीना चल रहा है। सभी श्रद्धालु महादेव की पूजा-अर्चना और प्रभु की कृपा पाने में लगे हैं। कई लोग सावन के महीने में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए जाते हैं, इन्हीं से एक है चौथा ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का वर्णन स्कंद पुराण, शिव पुराण और वायु पुराण जैसे प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में भी देखने को मिलता है। मध्य प्रदेश के नर्मदा नदी के उत्तरी तट पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, जो कि इंदौर से करीब 77 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, यहां पर रोजाना तीनों लोकों की यात्रा के बाद भगवान शिव विश्राम करने के लिए आते हैं। इसलिए इस मंदिर में भगवान शिव के विश्राम व्यवस्था, अनुष्ठान और शयन दर्शन का ध्यान रखा जाता है। आइए आपको यहां के इतिहास के बारे में बताते हैं। ओंकारेश्वर के दर्शन नहीं किए तो तीर्थ यात्रा अधूरी मानी जाती है हिंदू धर्म में सभी तीर्थ यात्रा के दर्शन के बाद ओंकारेश्वर के दर्शन करना व पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। यहां पर तीर्थ यात्री सभी तीर्थों का जल लेकर ओंकारेश्वर धाम में शिवलिंग पर जला अर्पित करते हैं, तभी सभी तीर्थ पूर्ण माने जाते हैं। वरना वे यात्रा अधूरी मानी जाती है। मंदिर में 3 समय होती है आरती बता दें कि, ओंकारेश्वर में कई मंदिर स्थित है। नर्मदा के दोनों दक्षिणी व उत्तरी तटों पर मंदिर बसे हैं। ओंकारेश्वर में ओमकार पर्वत का परिक्रमा पथ करीब 7 किलोमीटर लंबा मार्ग है, जो कि पक्के सीमेंट से बना है। रास्ते भर मन मोह लेने वाले नजारे देखने को मिलते हैं। परिक्रमा पथ पर सुंदर संगम स्थल भी हैं। ओंकारेश्वर मंदिर में रोजाना 3 पूजा होती है। तीनों ही पूजा कराने के लिए अगल-अलग पुजारी है। सुबह के समय ट्रस्ट के पुजारी, दोपहर के समय सिंधिया घराने के पुजारी और शाम की पूजा में होलकर स्टेट के पुजारी पूजा करते हैं। हर सोमवार को एक पालकी पर भगवान ओंकारेश्वर की तीन मुखों वाली सोने की मूर्ति को रखकर जुलूस निकाला जाता है। इस भव्य नजारे को देखने के लिए स्थानीय लोगों को भगवान के दर्शन प्राप्त होते हैं।
श्रावण मास में रविवार का खास उपाय, 11वें दिन इस मंत्र का जाप करने से प्रसन्न होंगे शिवजी और सूर्यदेव
सावन का महीना पूर्णतः भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है, लेकिन जब सावन का कोई दिन रविवार को पड़ता है, तो इसका आध्यात्मिक महत्व दोगुना हो जाता है। ज्योतिष और शास्त्रों में सूर्यदेव को भगवान शिव का ही प्रत्यक्ष स्वरूप (शिव-सूर्य) माना गया है। सावन के ...
सावन का दूसरा सोमवार और सोम प्रदोष का महासंयोग: जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और विशेष उपाय
जब देवों के देव महादेव का प्रिय श्रावण मास हो और उसी दौरान सोमवार के दिन प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन जाए, तो इसकी महिमा और भी अधिक फलदायी हो जाती है। जब त्रयोदशी तिथि सोमवार को पड़ती है, तो इसे 'सोम प्रदोष' कहा जाता है। श्रावण सोमवार और प्रदोष का ...
क्या आप भी केवीएस, एनवीएस और ईएमआरएस टियर-2 परीक्षा 2026 का रिजल्ट का इतंजार कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। दरअसल, सीबीएसई की सीटीईटी इकाई ने आधिकारिक रुप से जानकारी दी है कि टियर-2 भर्ती परीक्षा के नतीजे अगस्त में ही घोषित किए जाएंगे। बता दें कि, 7 अगस्त को एक आधिकारिक रुप से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। कब जारी होगा रिजल्ट? असल में इन परीक्षाओं का आयोजन मार्च 2026 में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए किया गया था। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, टियर-2 का रिजल्ट अगस्त 2026 के मध्य से चरणबद्ध तरीके से घोषित किए जाएंगे। रिजल्ट में इतनी देरी क्यों है? आपको बता दें कि, टियर-2 परीक्षा में ऑब्जेक्टिव और डिस्क्रिप्टिव दोनों प्रकार के प्रश्न शामिल थे। परीक्षा में 68 विषयों की 2.1 लाख से अधिक डिस्क्रिप्टिव उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाना था। वैसे OMR शीट और आंसर-की संबंधित कार्य पूरा हो चुका है, जबकि डिस्क्रिप्टिव उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अंतिम चरण में है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे रिजल्ट से संबंधित जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट पर भरोसा करें। जाने रिजल्ट के बाद अगला चरण जब टियर-2 का रिजल्ट घोषित हो जाएगा, तो सफल उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल किया जाएगा। इसके लिए उम्मीदवार अपने स्कोर कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर लें। इसके बाद संबंधित पद के अनुसार स्किल टेस्ट या इंटरव्यू आयोजित किया जा सकता है। सभी चरणों में उम्मीदवारों के प्रदर्शन के अनुसार अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाएगी। मेरिट सूची में नाम आने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। फिर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कैसे चेक करें रिजल्ट? - आप KVS, NVS, EMRS या CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें। - अब होमपेज पर 'Recruitment' या 'Result' सेक्शन पर क्लिक करें। - इसके बाद KVS/NVS/EMRS Tier 2 Result 2026 लिंक को चूज करें। - अपना आवेदन नंबर और जन्मतिथि/पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन करें। - लॉगिन करते ही आपका रिजल्ट या स्कोरकार्ड स्क्रीन पर नजर आएगा। - ध्यान से रिजल्ट में दर्ज सभी जानकारी के चेक कर लें। - भविष्य के लिए रिजल्ट डाउनलोड करें और इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
Lucknow के Mohanlalganj में स्थित Kashishwar Temple, एक ही शिवलिंग पर दर्शन देता है पूरा शिव परिवार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में स्थित काशीश्वर मंदिर की अपनी विशेषता के लिए फेमस है। यहां पर स्थापित करीब 4 फीट ऊंचे शिवलिंग में पूरा शिव परिवार विराजमान माना जाता है। इस शिवलिंग पर प्राकृतिक रूप से बनी लाल धारियों और आकृतियों में मां पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की छवि साफ दिखेगी। राजा काशी प्रसाद द्वारा यह मंदिर 1860 में बनवाया गया था। तो आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत के बारे में... इतिहास मंदिर निर्माण का कार्य राजा काशी प्रसाद ने 1860 में करवाया था। उन्हीं के नाम पर इस मंदिर का नाम भी काशीश्वर महादेव पड़ा। यह मंदिर भारतीय स्थापत्य कला और लखनवी नवाबी वास्तुकला के अधार पर बना है। इस मंदिर में अष्टकोणीय यानी 8 कोनों वाली संरचना है। वहीं इसके चारों और 8 छोटे शिवालय बने हुए हैं। इसे भी पढ़ें: विभिन्न द्रव्यों से बनते हैं शिवलिंग, जानिये किस द्रव्य से बने शिवलिंग के पूजन से क्या लाभ होता है? इस मंदिर का शिखर इतना ऊंचा है कि इसको कई किमी दूर से भी देखा जा सकता है। काशीश्वर महादेव का मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित स्थल है। शिवलिंग पर विराजमान पूरा शिव परिवार मोहनलालगंज में मौजूद इस मंदिर में शिवलिंग में मां पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की छवि है। शिवलिंग पर बनी लाल धारियों को शिव परिवार की छवि मानी जाती है। इसके अलावा गर्भग्रह में भगवान गणेश, मां दुर्गा, सूर्य देव और भगवान विष्णु की मूर्तियां विराजमान हैं। वहीं मंदिर के गर्भग्रह के बाहर नंदी महाराज विराजमान है मंदिर खुलने और आरती का समय मंदिर सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ लगती है। प्रतिदिन शाम को डमरू, नगाड़ों और मंजीरों की थाप पर बाबा का भव्य शृंगार और महाआरती की जाती है। इसके अलावा वह मंदिर के बारे में बताते हुए कहते हैं कि मंदिर का शिखर इतना ऊंचा है, कि पांच किलोमीटर दूर से यह नजर आता है। ऐसे पहुंचे काशीश्वर महादेव मंदिर अगर आप भी इस सावन काशीश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करना चाहती हैं। तो आपको लखनऊ चारबाग स्टेशन या रायबरेली स्टेशन आना होगा। लखनऊ चारबाग स्टेशन से मोहनलालगंज की दूरी 25-30 किमी है। चारबाग से आप ऑटो या बस से यहां तक आ सकती हैं। वहीं रायबरेली स्टेशन से मोहनलालगंज की दूरी करीब 58 किमी है। आप बस या ऑटो से यहां पहुंच सकती हैं। वहीं मोहनलालगंज मेन रोड से मंदिर की दूरी करीब 740 किमी है। यहां से आप पैदल या फिर ऑटो आदि से मंदिर तक पहुंच सकती हैं।
गड्ढों का नामकरण सामाजिक योजना (व्यंग्य)
ऐसा माना जाता है कि सब एक दूसरे से सीखते हैं। बच्चे अपने अभिभावकों ,अध्यापकों और वरिष्ठों से सीखते हैं। यह भी माना जाता है कि उम्र में छोटों से भी सीखा जा सकता है। विशाल देश, कम जनसंख्या वाले देश से भी प्रेरित हो सकते हैं। हमने भी इतनी बड़ी दुनिया से कुछ न कुछ सीखा है। कोई इस बात को माने या माने लेकिन दुनिया ने हमसे भी बहुत कुछ सीखा है। यह भी सब जानते हैं लेकिन कुछ लोग नहीं मानते कि संसार में हमने ही सब कुछ सबसे पहले बताया और बनाया। दुनिया फिर बदल रही है और लड़ने मरने पर उतारू है। ऐसी स्थिति में कभी कभार किसी अन्य देश या व्यक्ति से कुछ सीखने में हर्ज़ नहीं है। पिछले दिनों खबर आई थी कि चंद्रमा से पृथ्वी पर लौट रहे अमुक मिशन के अन्तरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह के दो गड्ढों के नाम अपने प्रियजनों के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा है। यह एक नितांत नवोन्मेषी विचार है जो हमारे उपजाऊ दिमागों में कभी नहीं आया यह बात दीगर है कि हम चंदा को मामाजी मानते हैं। उनके यहां और हमारे यहां भी असंख्य गड्ढे हैं। पुराने, नए, गहरे, लम्बे, चौड़े, सड़क के हर हिस्से में हैं। गड्ढों के मोहल्लों में अनेक लोगों की हड्डियां टूटती हैं। बहस होती है, ख़बरें छपती हैं, रंगीन फ़ोटोज़ भी छपती हैं। नगर पालिका को ऐसी हरकतें पसंद नहीं आती इसलिए गड्ढों को ईंट, रोड़े और मिटटी से भर दिया जाता है। इसे भी पढ़ें: पौधारोपण करना एक कला है (व्यंग्य) उन अन्तरिक्ष यात्रियों से प्रेरणा लेकर अपने गड्ढों की नामकरण योजना शुरू की जा सकती है। जिसे भावनात्मक कोण दिया जा सकता है। कुछ समय बाद राजनीतिक दृष्टिकोण भी दे सकते हैं। थोड़ी कोशिश की जाए तो गड्ढों को धार्मिक रंग में भी डुबो सकते हैं। इच्छुक नागरिक पसंदीदाह गड्ढे को अपना बनाकर प्रिय नाम दे सकते हैं। इस तरह नागरिकों की भावनाएं ज्यादा फलफूल कर संतुष्ट हो सकती हैं। वैसे तो गड्ढे स्पीड ब्रेकर की तरह काम करते हैं लेकिन समाज सेवी संस्थाएं, आधा दर्जन गड्ढे भरवाकर, सड़क किनारे अपनी संस्था का आकर्षक विज्ञापन पट्ट लगा सकते हैं। सफल वैवाहिक जीवन बिताने वाले हर साल एक बड़ा गड्ढा भरवाकर जश्न मना सकते हैं। खड्डे जैसे दिखने वाले गड्ढों में, वास्तव में नालायक लेकिन खुद को लायक मानने वाले नेता से वृक्षारोपण समारोह का उद्घाटन करवाकर क्षेत्र में हरियाली बढ़ाई जा सकती है। रील बनाने वालों को नया विषय मिल सकता है। गड्ढे के नामकरण से प्रेरित खबर लिखने वाले बेहतर लिखने की प्रेरणा ले सकते हैं। संभव है वह दिन आए जब अमुक खास गड्ढे का नामकरण, अपनी पसंद का करवाने वालों में होड़ मच जाए। विचार, इनकार, इकरार और तकरार हो। कुछ गड्ढों की किस्मत अच्छी होती है जिनका ज़िक्र मुख्यमंत्री तक पहुंचता है और उनकी गोद भराई की रस्म शुरू हो जाती है। समझदार स्थानीय प्रशासन संदर्भित सामाजिक सेवाओं के बदले, गड्ढे के स्थान, आकार और प्रकार के आधार पर मनमाने पैसे वसूल कर सकती है। इससे गरीब नगरपालिकाओं को नियमित आमदनी हो सकती है जिनसे वह दूसरे काम भी करवा सकती है। अब आप ही बताइए, गड्ढों का नामकरण सामाजिक योजना बढ़िया रहेगी न। - संतोष उत्सुक
सावन के दूसरे शनिवार पर किस तरह के लाभ प्राप्त होंगे? देखें भाग्य चक्र
आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंंद्र पांडेय ने बताया कि जितने जरूरी सावन के सोमवार होेते है उतने ही जरूरी सावन के शनिवार होते है. साथ ही उन्होनें सावन के दूसरे शनिवार पर किस तरह के लाभ प्राप्त होंगे इसपर चर्चा की. कार्यक्रम में आगे उन्होनें 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में भी चर्चा की.
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन और एक ही राशि में दो या दो से अधिक ग्रहों का एक साथ आना विशेष ज्योतिषीय घटनाओं में गिना जाता है। नवग्रहों के राजा माने जाने वाले सूर्य देव जब भी अपना स्थान बदलते हैं, तो संपूर्ण ब्रह्मांडीय ऊर्जा और मानव जीवन पर उसका गहरा और व्यापक प्रभाव पड़ता है। इस बार खगोलीय पंचांग के अनुसार एक बेहद महत्वपूर्ण और दुर्लभ स्थिति बनने जा रही है। सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह (Leo) में प्रवेश करने वाले हैं, जहां छाया ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं। जब आत्मा, आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और पिता के कारक सूर्य अपनी स्वयं की राशि में आकर मोक्ष, शोध और आध्यात्म के कारक केतु के साथ मिलते हैं, तो 'सूर्य-केतु युति' का निर्माण होता है।स्वराशि में होने के कारण सूर्य इस दौरान अत्यंत बलवान और सकारात्मक स्थिति में रहते हैं। यद्यपि सामान्यतः केतु के साथ सूर्य का संयोग ग्रहण दोष या भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला माना जाता है, लेकिन जब यह घटना सूर्य की अपनी राशि सिंह में घटित होती है, तो इसका स्वरूप काफी भिन्न हो जाता है। यहां सूर्य की प्रचंड ऊर्जा केतु के नकारात्मक प्रभावों को निष्प्रभावी कर देती है और केतु की गूढ़ व आध्यात्मिक शक्ति को सही दिशा प्रदान करती है। इस महासंयोग के प्रभाव से देश-दुनिया में राजनीतिक व सामाजिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, वहीं 12 राशियों में से 3 ऐसी भाग्यशाली राशियां हैं जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा।सिंह राशि में सूर्य का स्वराशि गोचर: जानिए इस महासंयोग की समय अवधिज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य देव हर महीने अपनी राशि बदलते हैं। जब सूर्य का प्रवेश अपनी खुद की राशि यानी सिंह राशि में होता है, तो इसे 'सिंह संक्रांति' कहा जाता है। सिंह राशि में केतु का पहले से मौजूद होना और फिर सूर्य का उसमें प्रवेश करना एक दुर्लभ संयोग बनाता है। यह गोचर अवधि कई मायनों में ऐतिहासिक रहने वाली है। सूर्य की स्वराशि उपस्थिति के कारण जातकों के जीवन में अचानक निर्णय लेने की क्षमता, साहस और नेतृत्व कौशल में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।छाया ग्रह केतु व्यक्ति को गहराई से सोचने और शोध करने की शक्ति देता है, जबकि सूर्य उसे कार्यरूप में परिणत करने का पराक्रम प्रदान करता है। यही कारण है कि यह युति कई लोगों के लिए करियर में अचानक बड़ा उछाल लाने और लंबे समय से अटके हुए जटिल कार्यों को चुटकियों में हल करने का माध्यम बनेगी। विशेष रूप से जो लोग प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति, शोध कार्य, चिकित्सा और कलात्मक क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं, उन्हें इस अवधि में अपार प्रसिद्धि और सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।इन 3 खुशकिस्मत राशियों की बदलेगी तकदीर, शुरू होंगे अच्छे दिनसूर्य और केतु की यह शक्तिशाली युति यद्यपि सभी 12 राशियों के किसी न किसी भाव को प्रभावित करेगी, लेकिन 3 मुख्य राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह अवधि आर्थिक समृद्धि, करियर में पदोन्नति और जीवन में स्थिरता लेकर आ रही है।1. मेष राशि (Aries): शिक्षा, प्रतियोगिता और धन लाभ का खुला द्वारमेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर पंचम भाव (विद्या, संतान, बुद्धि व अचानक धन लाभ) में होने जा रहा है। मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है, जिसके सूर्य और केतु दोनों के साथ मित्रवत संबंध हैं।करियर और शिक्षा: जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं या उच्च शिक्षा की तैयारी में जुटे हैं, उन्हें इस अवधि में शानदार सफलता मिल सकती है। आपके बौद्धिक कौशल की सराहना होगी और कार्यस्थल पर आपकी योजनाओं को स्वीकार किया जाएगा।आर्थिक लाभ: शेयर बाजार, सट्टा या किसी पुराने निवेश से अचानक बड़ा आर्थिक फायदा होने के मजबूत संकेत हैं। जो पैसा लंबे समय से कहीं अटका हुआ था, उसकी वापसी संभव है।पारिवारिक जीवन: संतान पक्ष से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है जिससे परिवार में उत्सव का माहौल रहेगा।2. सिंह राशि (Leo): आत्मविश्वास में वृद्धि, पद-प्रतिष्ठा और सामाजिक रसूखसिंह राशि के जातकों के लिए यह युति उनके लग्न यानी प्रथम भाव में ही बनने जा रही है। लग्न भाव में अपनी ही राशि का सूर्य होना व्यक्ति को एक दिव्य आकर्षण, निडरता और जबरदस्त नेतृत्व क्षमता प्रदान करता है।करियर और व्यापार: नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (Promotion) और ट्रांसफर के साथ मनचाही जिम्मेदारी मिल सकती है। यदि आप सरकारी क्षेत्र से जुड़े कार्यों में प्रयासरत थे, तो सफलता मिलने के पूर्ण योग हैं। व्यापारियों को नए बड़े ऑर्डर्स मिल सकते हैं।आर्थिक स्थिति: आय के नए और स्थायी स्रोतों का निर्माण होगा। समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आपकी सलाह को तवज्जो देंगे।स्वास्थ्य: ऊर्जा और उत्साह का स्तर ऊंचा रहेगा, हालांकि केतु के प्रभाव के कारण सिरदर्द या आंखों में हल्की जलन जैसी समस्या से बचने के लिए खान-पान पर ध्यान दें।3. धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का भरपूर साथ और धार्मिक-व्यावसायिक यात्राएंधनु राशि के जातकों के लिए यह महासंयोग नवम भाव यानी भाग्य और धर्म के स्थान पर बनने जा रहा है। धनु राशि का स्वामी गुरु (बृहस्पति) है, जिसके कारण यह युति आपके लिए भाग्य के नए दरवाजे खोलने वाली साबित होगी।आर्थिक और व्यावसायिक स्थिति: व्यापार के सिलसिले में की गई दूरगामी यात्राएं आपके लिए अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होंगी। विदेशी स्रोतों या विदेशी कंपनियों से जुड़े काम में लगे लोगों को भारी धन लाभ हो सकता है।भाग्य का सहयोग: अब तक आप जिस काम में असफलता का सामना कर रहे थे, वहां भी भाग्य का साथ मिलते ही काम बनने लगेंगे। पैतृक संपत्ति से जुड़ा विवाद आपके पक्ष में हल हो सकता है।आध्यात्मिक प्रगति: केतु का नवम भाव पर प्रभाव आपको धार्मिक और गूढ़ विद्याओं की ओर आकर्षित करेगा, जिससे आपको मानसिक शांति और आत्मबल प्राप्त होगा।सूर्य-केतु युति के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?यद्यपि यह युति इन राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाली है, लेकिन सूर्य की उग्रता और केतु की अनिश्चितता के संयोजन के कारण कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बरतना भी अत्यंत आवश्यक है:अहंकार और वाणी पर नियंत्रण रखें: सूर्य का अत्यधिक प्रभाव व्यक्ति के अंदर अहंकार या अति-आत्मविश्वास (Overconfidence) ला सकता है। कार्यस्थल या परिवार में दूसरों पर अपने विचार थोपने से बचें और सौम्य वाणी का प्रयोग करें।त्वरित प्रतिक्रिया देने से बचें: केतु का स्वभाव अचानक निर्णय दिलवाने का होता है। किसी भी बड़े वित्तीय दस्तावेज या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले कानूनी पहलुओं की भली-भांति जांच कर लें।पिता और वरिष्ठों का सम्मान करें: सूर्य पिता और उच्च अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। उनके साथ किसी भी प्रकार के मतभेद से बचें और उनका आशीर्वाद लेकर ही नए काम की शुरुआत करें।सूर्य-केतु युति के शुभ प्रभावों को बढ़ाने के आसान और सिद्ध उपायइस विशेष ग्रह गोचर के दौरान यदि कुछ सरल और अचूक धार्मिक उपाय किए जाएं, तो इसके शुभ फलों में कई गुना बढ़ोतरी होती है और संभावित नकारात्मक प्रभाव पूरी तरह शांत हो जाते हैं:सूर्य देव को अर्घ्य दें: रोजाना प्रातःकाल स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, चुटकी भर रोली और लाल फूल डालकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दें और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें।गणेश जी की उपासना: केतु ग्रह के अशुभ प्रभावों को दूर करने के लिए भगवान गणेश की पूजा सबसे उत्तम मानी जाती है। प्रतिदिन गणपति जी को दुर्वा अर्पित करें और 'ॐ गं गणपतये नमः' का जप करें।दान-पुण्य करें: रविवार के दिन तांबे के बर्तन, गेहूं, गुड़ या लाल वस्त्रों का दान किसी जरूरतमंद को करें। इससे सूर्य ग्रह की स्थिति और अधिक बलवान होती है।गायत्री मंत्र का पाठ: मानसिक शांति और निर्णय क्षमता को मजबूत बनाने के लिए प्रतिदिन कम से कम 108 बार गायत्री मंत्र का जाप अवश्य करें।ग्रहों का यह दुर्लभ गोचर जीवन में सकारात्मक बदलाव और नए अवसर लेकर आता है। सही समय पर सही रणनीति अपनाने और संयम से काम लेने पर यह समय आपको सफलता और आर्थिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकता है।
8 या 9 अगस्त, कब है कामिका एकादशी का व्रत? ये है पारण टाइमिंग
Sawan Kamika Ekadashi 2026: हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन कामिका एकादशी मनाई जाती है. इस दिन लक्ष्मी नारायण जी की पूजा एवं भक्ति की जाती है. सनातन शास्त्रों में व्रत की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है. साधक मनचाही मुराद पाने के लिए कामिका एकादशी का व्रत रखते हैं.
8 अगस्त 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
Aaj 8 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 08 अगस्त 2026, दिन- शनिवार, श्रावण मास, कृष्ण पक्ष, दशमी तिथि 13.59 बजे तक फिर एकादशी तिथि , रोहिणी नक्षत्र शाम 16.51 बजे तक फिर मृगशिरा नक्षत्र, चंद्रमा- वृष में, सूर्य- कर्क में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- सुबह 09.06 बजे से सुबह 10.47 बजे तक, दिशा शूल- पूर्व.
मीन राशिवालों की नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, हर काम सोच समझ कर करें, जानें शुभ रंग
Pisces Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: आपकी नेतृत्व क्षमता और बढ़ेगी, हर काम सोच समझ कर करें, कठोर वाणी के प्रयोग से इमेज बिगड़ सकती है सावधान रहें, धन के मामले में सफलता मिलेगी, मित्रों की मदद से काम बनेंगे.
कुंभ राशिवालों की धन की स्थिति बेहतर होगी, इनकम बढ़ाने का प्रयास करें, जानें दैनिक राशिफल
Aquarius Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: धन की स्थिति बेहतर होगी, अपनी इनकम बढ़ाने का प्रयास करें, मन से नेगेटिव विचार दूर होंगे, कार्यक्षेत्र में सफलता का योग है, मेहनत के मार्ग पर चलने से लाभ होगा, परिवार से सहयोग मिलेगा.
मकर राशिवालों को कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, विदेश से संबंधित काम बनेंगे, जानें जरूरी टिप
Capricorn Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: कहीं दूर से अच्छी खबर मिलेगी, विदेश से संबंधित काम बनेंगे, किसी काम के कर कोई मीटिंग होगी, लोग आपके व्यवहार की तारीफ करेंगे, धन लाभ के प्रयास सफल होंगे.
धनु राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, करियर में तरक्की के योग है, जानें शुभ रंग
Sagittarius Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, करियर में तरक्की के योग है, आपका पूरा समय सही तरीके से उपयोग करें, संतान को लेकर चिंता रहेगी, अपने काम को और समय देना होगा, वाणी पर नियंत्रण रखें.
तुला राशि वाले आज इगो से बचेंगे तो रुके हुए काम बनेंगे, जानें दैनिक राशिफल
Libra Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: पूरे उत्साह से काम करेंगे, मित्रों से सहयोग मिलेगा, रुके हुए काम बनेंगे, धन लाभ के लिए किए गए प्रयास सफल होंगे, परिवार को और वक्त देना होगा, क्रोध से बचना होगा, व्यापार में निवेश के लिए उत्तम समय है.
कन्या राशि वालों के परिवार की समस्याएं होंगी हल, इस चीज का करें दान
Virgo Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: परिवार की समस्याएं हल होंगी, प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनेगी, मन में नेगेटिव विचार आएंगे, अपने काम पर से मन हटेगा, अपने व्यवहार में विनम्रता रखें, धार्मिक कार्यों में समय बिताएंगे, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.
सिंह राशि वालों के आज रुके हुए काम बनेंगे, व्यापार में होगा लाभ
Leo Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करें, संतान से सुख मिलेगा, सेहत को लेकर चिंता रहेगी, रुके हुए काम बनेंगे, लंबी दूर की यात्रा ना करें, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में लाभ होगा.
कर्क राशि वाले आज सफेद रंग के पहनें कपड़े, होगा लाभ
Cancer Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Kark Rashifal in Hindi: उधार लेनदेन से बचें, किसी से मतभेद हो सकता है, कोर्ट केस में सफलता मिलेगी, सेहत पर ध्यान देना होगा, नौकरी से संबंधित फैसले आज ना करें, हर काम सावधानी से करें, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
मिथुन राशि वाले आज गाय को रोटी खिलाएं, आर्थिक स्थिति होगी बेहतर
Gemini Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा, धन लाभ के रास्ते खुलेंगे, मित्रों से बातचीत होगी, व्यापार में फायदा होगा, अपने समय का अच्छे काम में उपयोग करें, व्यापार से जुड़े काम बनेंगे.
वृषभ राशि वालों का आज कैसा रहेगा दिन? जानें अपना शुभ रंग
Taurus Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: अचानक कोई अच्छी खबर मिलेगी, धन संबंधी फैसले सोच समझ कर करें, वाणी का प्रयोग सोच समझ कर करें, खर्चों में बढ़ोतरी होगी, कहीं दूर से शुभ समाचार मिलेगा, आलस्य की वजह से काम में देरी होगी, व्यापार में नुकसान हो सकता है.
मेष राशि वालों को आज धन की होगी प्राप्ति, मंदिर में तुलसी का पौधा करें दान
Aries Daily Horoscope, 8 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, धन की प्राप्ति होगी, मन उत्साहित रहेगा, कार्यक्षेत्र में स्थिति मजबूत होगी, लंबी दूरी की यात्रा ना करें, सेहत ठीक रहेगी, व्यापार में लाभ होगा.
स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, दिनचर्या संतुलित रहेगी
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: तार्किक चर्चाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे.प्रबंध बेहतर बना रहेगा.व्यवस्था के मामलों में योजनानुरूप प्रदर्शन रखेंगे.चर्चा में मिठास रखेंगे.
कार्यों में शामिल होंगे, व्यक्तित्व बल पाएगा
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: नवीन कार्यों के लिए पहल बढ़ाएंगे.घर में आनंद से रहेंगे.परिचितों और पसंदीदा लोगों से भेंट होगी.घर में रचनात्मक प्रयासों में गति आएगी.
रुटीन बना रहेगा, नियमों का सम्मान करें
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: चर्चा में सजगता बनाए रहें.अपने काम से काम रखें.व्यवहार में सुधार लाएं.विविध प्रयासों में परिस्थिति का उचित आंकलन अवश्य कर लें.
आलस्य से बचें, स्वास्थ्य अच्छा रहेगा
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: समय प्रबंधन व वाणिज्यिक संबंधों पर ध्यान देंगे.तैयारी के साथ घर से निकलेंगे.लक्ष्य पर फोकस रखेंगे.इच्छित परिणाम बनेंगे.सुखद संदेश मिलेंगे.
अपनों पर फोकस रखें, भावनात्मक दबाव से बचें
Aaj ka Tula (Libra) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: संतुलित गति से आगे बढते रहें.व्यर्थ की योजनाओं व वादों में उलझने से बचें.संकीर्णता का त्याग करें.व्यावसायिक लाभ सामान्य रहेंगे.
व्यक्तित्व संवारेंगे, दोष कम होंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: आत्मविश्वास से लोगों से काम ले पाएंगे.अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे.योजनाएं असरदार रहेंगी.तेजगति से लक्ष्य पूरे करेंगे.मेलजोल में बेहतर रहेंगे.
अनुशासन से कार्य करेंगे, विरोधी सक्रिय रहेंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: सजगता से अपना पक्ष रखेंगे.बातचीत में स्पष्टता बढ़ाएंगे.योजनानुसार कार्य करते रहेंगे.आसपास के वातावरण में सामान्य माहौल रहेगा.
बल मिलेगा, करीबियों का भरोसा बढ़ेगा
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: करीबियों से समझौतों को गति मिलेगी.दिनचर्या व्यवस्थित रखेंगे.बात को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे.उपलब्धियां बनी रहेगी.उचित प्रस्ताव पाएंगे.
खर्च पर अंकुश रखें, वादा पूरा करें
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: परिजनों के प्रति आदर सम्मान का भाव बढ़ाएं.कार्यव्यवस्था का ध्यान बनाए रखें.जिम्मेदारों से सामंजस्य रहेगा.सबको साथ लेकर चलें.व्यवहार साधारण रहेगा.
दिनचर्या आकर्षक रहेगी, खानपान संतुलित होगा
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 8 August 2026: निजी मामलों में शुभता रहेगी.सहयोग व सहकारिता से लक्ष्य पाएंगे.प्रभावपूर्ण स्थिति बनी रहेगी.घर में सबके साथ तालमेल बढ़ेगा.जीवन सुखकर रहेगा.
कन्या राशि वालों को मिलेगा सहकर्मियों का पूरा साथ, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Career Rashifal 8 August 2026 (करियर राशिफल): राह के अवरोध स्वतः दूर हो जाएंगे. अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे और प्रदर्शन अच्छा रहेगा.
वृषभ राशि वाले प्रियजनों से रखेंगे अच्छे तालमेल, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Love Rashifal 8 August 2026 (लव राशिफल): व्यक्तिगत जीवन अच्छा रहेगा और आदर-स्नेह का प्रदर्शन करेंगे. संबंधों में सुधार आएगा, प्रियजन की बात सुनेंगे और मित्रों से तालमेल बढ़ेगा.
तुला राशि वाले अपरिचितों से रखें दूरी, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Arthik Rashifal 8 August 2026 (आर्थिक राशिफल): अपनी वित्तीय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना चाहिए. विविध मामलों में बिना वजह पहल करने से बचें.
आज 8 अगस्त 2026 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह
Aaj 8 August 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
शिव कचहरी! जहां लगती है महादेव की अदालत! ऐसे मिलती है पापों से मुक्ति
वैसे तो प्रयागराज के शिवकुटी इलाके में बने शिव कचहरी को बेहद प्राचीन मंदिर माना जाता है. लेकिन सालों पहले इसे एक अदालत का स्वरूप दिया गया और इसका नाम 'शिव कचहरी' पड़ गया. मंदिर परिसर में एक या दो नहीं, बल्कि कुल 286 शिवलिंग स्थापित हैं. परिसर में थोड़ी ऊंचाई पर स्थित अलग स्वरूप का मुख्य शिवलिंग 'मुख्य न्यायाधीश' के रूप में विराजित है.
शिव को कैसे पाया जाए, सावन में क्यों बढ़ जाता है जलाभिषेक का महत्व? कथावाचकों से जानिए
महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को आजतक 'धर्म संसद' का आयोजन किया गया. इस दौरान 'शिव कथा' सेशन में कथावाचक महेश गिरी ने सावन के महीने में भगवान शिव के जलाभिषेक के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को बताया. देखें पूरा Video.
'धर्म संसद' के मंच पर मनोज तिवारी, भक्ति और शक्ति के महत्व पर दिया जोर, Video
महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को आज तक की 'धर्म संसद' का आयोजन किया गया. इस दौरान बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने भी शिरकत की. बीजेपी सांसद तिवारी ने इस बीच उज्जैन से अपने गहरे और विशेष संबंध का भी जिक्र किया. साथ ही भक्ति और शक्ति के महत्व पर भी दिया जोर. अधिक जानने के लिए देखें वीडियो.
'हम अमृत तत्व को भूल केवल...', 'धर्म संसद' के मंच पर कुंभ को लेकर क्या बोले संत?
महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को आजतक 'धर्म संसद' का आयोजन किया गया. इस दौरान 'महाकाल की नगरी में कुंभ' सेशन में प्रमुख संतों ने कुंभ की परंपरा, धर्म के वास्तविक अर्थ और युवाओं को जोड़ने के मुद्दे पर खुलकर बात की. देखें पूरा Video.
'धर्म संसद' के मंच पर बाबा सत्यनारायण मौर्य, सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति पर की चर्चा
महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को आज तक की 'धर्म संसद' का आयोजन किया गया. इस दौरान विशेष सत्र 'बम बम भोले' में प्रसिद्ध कवि, चित्रकार- कथावाचक बाबा सत्यनारायण मौर्य ने शिरकत की.बाबा सत्यनारायण ने अपनी कविताओं और चित्रकारी की प्रतिभा को भी सामने रखा. देखें वीडियो.
Sawan में Rudraksha Mala से जाप करते समय न करें ये बड़ी गलतियां, जानिए रुद्राक्ष माला के जप के नियम
सावन का महीना एक ऐसा है जब आप भगवान शिव का आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं। श्रावण मास भगवान शंकर को अति प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पवित्र महीने में महादेव का रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है और भोलेनाथ की कृाप से बिगड़े काम पूरे होते हैं। इस महीने में रुद्राक्ष की माना से मंत्र जप करना अधिक फलदायी माना जाता है, क्योंकि रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष माला से जप करने से साधक को शुभ परिणाम मिलते हैं। जप के दौरान कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियम का पालन न करने से शुभ फल प्राप्त नहीं होता है और महादेव की कृपा नहीं बरसती। आइए आपको इस लेख में बताते हैं रुद्राक्ष माला से जप के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। रुद्राक्ष माला के जप के नियम - रुद्राक्ष की माला से जप करने से पहले स्नान करना अनिवार्य है और फिर सूर्य देव को अर्घ्य दें। - माला से जप करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। - पूजा के समय भूलकर भी जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। बैठने के लिए किसी आसन का इस्तेमाल करें। - रुद्राक्ष की माला फेरते समय अंगूठे और मध्यम उंगली का ही इस्तेमाल करें। जप के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां - जब आप जप करें तो ध्यान रखें कि माला तर्जनी उंगली से स्पर्श नहीं होनी चाहिए। - जप करने के बाद माला को किसी पवित्र स्थान पर रखें। भूलकर भी जमीन पर नहीं रखें। - ध्यान रखें कि रुद्राक्ष का माला टूटा या चटका हुआ नहीं होना चाहिए। यदि माला खंडित है, तो उसे किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें। - आप जिस माला से भगवान शिव का नाम का जप करते हैं, तो उस माला को किसी अन्य व्यक्ति को न दें। - यदि आप माला को गले में धारण करें, तो उस माला से कभी जप नहीं करें। दोनों माला अलग-अलग नहीं होने चाहिए। - ध्यान रखें कि माला जप करने वाला व्यक्ति को तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। - रुद्राक्ष की माला को गंदे हाथों से और बिना स्नान किए भूलकर भी नहीं छूना चाहिए। - धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन और इन नियमों के पालन करने से रुद्राक्ष की माला से जप करने से महादेव जल्दी प्रसन्न होंगे और आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
'धर्म संसद' के मंच पर संतों-विद्वानों ने धार्मिक आस्था, मंदिरों की पारदर्शिता पर रखे विचार, देखें
महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को आज तक की 'धर्म संसद' का आयोजन किया गया. इस दौरान 'महाकाल की महिमा' सेशन में प्रमुख संतों, विद्वानों और महाकाल मंदिर के पुजारियों ने धार्मिक आस्था, मंदिरों की पारदर्शिता पर खुलकर अपनी बात रखी. अधिक जानने के लिए देखें वीडियो.
शुक्र का हस्त नक्षत्र में गोचर: जानिए मेष से मीन तक 12 राशियों पर क्या होगा असर
11 अगस्त 2026, मंगलवार को प्रातः 06:33 बजे सौंदर्य, प्रेम, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह 'शुक्र' उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के चतुर्थ पद से निकलकर हस्त नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेगा। हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जो मन और भावनाओं ...
'मेरे भोले का डमरू बाजे...', लोकगायक सुंदरलाल मालवीय की आवाज में सुनें शिव भजन
महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को आज तक की 'धर्म संसद' का आयोजन किया गया. जिसमें सीएम मोहन यादव समेत कई साधु-संत शिरकत करेंगे. कार्यक्रम की शुरुआत लोकगायक सुंदरलाल मालवीय के 'हर हर महादेव' सेशन से हुई, जहां उन्होंने अपनी मधुर आवाज से भगवान शिव के भजनों की प्रस्तुत से लोगों का मन मोह लिया. देखें वीडियो.
दैनिक प्रेम राशिफल 7 अगस्त 2026: इन राशियों के जातकों में आज रोमांटिक माहौल रहने की संभावना है। सभी सूर्य राशियों के लिए दैनिक ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पाएं। यहाँ बिना किसी सिंबल के आज का सभी 12 राशियों का लव राशिफल दिया गया है: मेष: आज पार्टनर के साथ सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। पुरानी कड़वाहट दूर होगी और शाम के समय साथ में सुखद पल बिताने का मौका मिलेगा। वृषभ: प्रेम जीवन में नया उत्साह देखने को मिलेगा। यदि किसी से दिल की बात कहना चाहते हैं, तो आज का दिन आपके पक्ष में रुख कर सकता है। मिथुन: व्यस्त दिनचर्या के बावजूद साथी के लिए समय निकालना जरूरी होगा। बातचीत में मधुरता रखें ताकि कोई अवांछित खिंचाव न पैदा हो। कर्क: साथी की ओर से कोई खास सरप्राइज या सहयोग मिल सकता है। आपके बीच का भावनात्मक जुड़ाव पहले से कहीं अधिक गहरा होगा। सिंह: पार्टनर के प्रति आपका स्वभाव थोड़ा अधिक संवेदनशील रहेगा। अपनी बातें थोपने के बजाय उनके नजरिए को भी समझने की कोशिश करें। कन्या: लव लाइफ में सुकून और शांति का माहौल रहेगा। सिंगल जातकों की किसी समझदार व्यक्ति से बातचीत शुरू होने के अच्छे आसार हैं। तुला: रिश्तों में किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें। धैर्य से काम लेंगे तो साथी के साथ तालमेल और भी बेहतर होता जाएगा। वृश्चिक: आपके रिश्ते में ताजगी और एक नया आकर्षण देखने को मिलेगा। साथ बैठकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना मन को प्रसन्न करेगा। धनु: किसी तीसरे व्यक्ति की राय को अपने रिश्ते के बीच न आने दें। आपस में सीधे संवाद से ही हर उलझन का समाधान निकलेगा। मकर: काम के तनाव को घर या रिश्ते तक न लाएं। शाम को पार्टनर के साथ समय बिताने से दिनभर की थकान मिट जाएगी। कुंभ: नए विचारों और साझा पसंद की गतिविधियों से संबंध में मजबूती आएगी। शादीशुदा जातकों के लिए आज का दिन काफी खुशनुमा रहेगा। मीन: साथी से अपनी भावनाएं व्यक्त करने में संकोच न करें। आपकी सच्चाई और सरलता पार्टनर का दिल जीत लेगी।
बेटियों ने वीडियो कॉल पर ही करा दिया पिता का अंतिम संस्कार, देखें वारदात
हरियाणा के सोनीपत में एक बुजुर्ग की मौत हर किसी को झकझोर रही है. यहां के वृद्धाश्रम में 74 वर्षीय शिवचरण रामरत्न गुप्ता की मौत हो गई. वृद्धाश्रम संचालक के बताने पर शिवचरण की तीन बेटियां नहीं पहुंचीं और ₹5100 भेजकर वीडियो कॉल पर ही पिता का अंतिम संस्कार करा दिया. इतना ही नहीं, बेटियां अस्थियां लेने भी नहीं पहुंचीं. देखें वारदात.
मीन राशिवालों का सम्मान और बढ़ेगा, धन लाभ के लिए प्रयास तेज कर दें, जानें शुभ रंग
Pisces Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Meen Rashifal in Hindi: कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, पूरी योजना के साथ काम करने का दिन है, आपका सम्मान और बढ़ेगा,धन लाभ के लिए प्रयास तेज कर दें, अपनी बात विनम्रता से कहें, अपना खान-पान ठीक रखें.
कुंभ राशिवालों का धन लाभ का योग है, मित्रों की मदद से काम बनेंगे, जानें जरूरी टिप
Aquarius Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, मित्रों की मदद से काम बनेंगे, सीनियर अधिकारियों से सहयोग मिलेगा, भाग्य का साथ मिलेगा, अपनी सोच को सकारात्मक रखें.
मकर राशिवाले कोई भी काम टालने से बचें, किसी को पैसा उधार ना दें, जानें शुभ रंग
Capricorn Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Makar Rashifal in Hindi: आपके खर्चे बढ़ेंगे, सकारात्मक सोच के साथ काम करने का दिन है, महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मुलाकात होगी, कोई भी काम टालने से बचें, किसी को पैसा उधार ना दें, सेहत पर ध्यान देना होगा.
धनु राशिवालों को भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, धन लाभ का योग है, जानें दैनिक राशिफल
Sagittarius Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Dhanu Rashifal in Hindi: भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, धन लाभ का योग है, कोई भी काम करने में जल्दबाजी ना दिखाएं, अपना व्यवहार मधुर रखना होगा, किसी के कहने पर अपना विचार ना बदलें.
वृश्चिक राशि वालों को आज व्यापार में होगा लाभ, जानें पूरा भाग्यफल
Scorpio Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: परिवार के काम बनेंगे, आपका सम्मान बढ़ेगा, संतान से सुख मिलेगा, निवेश के लिए दिन अच्छा है, महत्वपूर्ण फैसले कर सकते हैं,अपनी उम्र से बड़े लोगों से मन भेद हो सकता है, व्यापार में लाभ का योग है.
तुला राशि वालों के आज रुके हुए बनेंगे काम, किसी गरीब को फल का करें दान
Libra Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Tula Rashifal in Hindi: मित्रों की मदद से काम बनेंगे, कार्य क्षेत्र में मेहनत करने का दिन है, रुके हुए काम बनेंगे, लोग आप से ज्यादा अपेक्षा रखेंगे, अचानक पैसा आने के योग हैं, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में जल्दबाजी में फैसला ना करें.
कन्या राशि वालों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन, जानें शुभ रंग
Virgo Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: प्रॉपर्टी से संबंधित काम बनेंगे, रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी, धन की प्राप्ति होगी, करियर को आगे बढ़ाने की चिंता रहेगी, किसी बहस में उलझने से बचें, दूसरों के भरोसे कोई काम ना छोड़ें, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.
सिंह राशि वालों की आज कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, करें ये उपाय
Leo Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Singh Rashifal in Hindi: आपकी योजनाएं सफल होंगी, कार्यक्षेत्र में स्थिति बेहतर होगी, मन खुश रहेगा, संतान से सुख मिलेगा, कई दिनों से चली आ रही परेशानी दूर होगी, सेहत का ख्याल रखना होगा, व्यापार में स्थिति बेहतर होगी.
मिथुन राशि वालों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, जानें अपना दैनिक राशिफल
Gemini Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, आज आपका सम्मान और बढ़ेगा, काम में सफलता मिलेगी, प्रॉपर्टी में निवेश का फैसला सोच समझ कर करें, क्रोध से बचना होगा, खान-पान का ख्याल रखें, व्यापार में लाभ का योग है.
वृषभ राशि वाले आज किसी गरीब को भोजन दान करें, होगा लाभ
Taurus Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Vrishabh Rashifal in Hindi: हर काम सावधानी से करें, करियर संबंधी फैसला जल्दबाजी में ना करें, रिश्तेदारों से मतभेद हो सकता है, किसी बात को लेकर मन में टेंशन रहेगी, कुछ नया काम करने का विचार बनेगा, सेहत पर ध्यान देना होगा, व्यापार में हानि हो सकती है सावधान रहें.
मेष राशि वालों को आज भाग्य का मिलेगा सपोर्ट, जानें अपना शुभ रंग
Aries Daily Horoscope, 7 August 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: आज भाग्य का सपोर्ट मिलेगा, आज कोई अच्छी खबर मिलेगी, धैर्य से काम करने का दिन है, परिवार में सुख बढ़ेगा, खर्चों में कंट्रोल में रखना होगा, इमोशन से भरा दिन होगा, व्यापार में लाभ का योग है.
मीन वालों का अध्यात्म को तरफ होगा रुझान, यात्रा का बन रहा है योग
Aaj ka Meen (Pisces) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: सभी के प्रति सम्मान का भाव रखेंगे. कलात्मकता को बढ़ावा मिलेगा. प्रतिभा से सभी प्रभावित होंगे. स्पर्धा में आगे रहेंगे. यात्रा के अवसर बने रहेंगे.
दुश्मनों की अपने काम से बोलती करें बंद, पद प्रतिष्ठा सामान्य बनी रहेगी
Aaj ka Kumbh (Aquarius) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: करीबी लोगों से सुखद पलों को साझा करेंगे. दिल की बात कहने में जल्दबाजी न दिखाएं. योजनाओं को प्राथमिकता में रखेंगे. विविध मोर्चाें पर उन्नति बनी रहेगी.
वातावरण उत्साही बना रहेगा, परिस्थितियों का लाभ उठाएंगे
Aaj ka Makar (Capricorn) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: वादा पूरा करेंगे. लाभ का प्रतिशत बढ़त पर बना रहेगा. लक्ष्य पर फोकस बना रहेगा. इच्छित सूचनाओं की प्राप्ति होगी. जिम्म्मेदारों का साथ पाएंगे.
रुटीन मामलों पर फोकस बढ़ाएं, घर के बड़ों का सम्मान रखें
Aaj ka Dhanu (Sagittarius) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: कारोबार में सकारात्मकता बनाए रखें. सतर्कता से कार्य साधने पर जोर होगा. गोपनीयता पर जोर रहेगा. व्यर्थ बयानबाजी से बचें.
निजी मामलों में मिठास रहेगी, पद प्रतिष्ठा बढ़त पर रहेगी
Aaj ka Vrishchik (Scorpio) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: विभिन्न कार्यों में गंभीर चर्चा बनाए रखेंगे. कार्यकारी प्रयास उम्मीद से अच्छे रहेंगे. विविध परिस्थितियां बल पाएंगी. लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर होगा.
पेशेवर प्रभावशाली स्थिति बनाए रखेंगे, लाभ के मौके बनेंगे
Aaj ka Kanya (Virgo) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: सकारात्मक बदलावों का स्वागत करेंगे. घर का वातावरण अनुकूल रहेगा. संबंधों को सुधारने में रुचि रखेंगे. तेजी से कदम आगे बढ़ाएंगे.
नकारात्मक बातों से असहज नहीं होंगे, आर्थिक मामलों में उत्साह दिखाएंगे
Aaj ka Singh (Leo) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: चर्चा संवाद में स्पष्टता रखेंगे. कार्यों को परिणाम तक पहुंचाने में सहज होंगे. तेजी की कोशिश होगी. करीबियों का साथ और समर्थन बना रहेगा.
आर्थिक अवरोध दूर होंगे, उच्च प्रदर्शन बनाए रहेंगे
Aaj ka Kark (Cancer) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: बेहतर कर दिखाने का भाव बना रहेगा. नए तौरतरीकों को बढ़ावा देंगे. योजनाओं को उत्साह से आगे बढ़ाएंगे. कला कौशल में रुचि रहेगी.
विपक्षियों से उलझने से बचेंगे, बातचीत में गंभीर रहें
Aaj ka Mithun (Gemini) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: प्रतिभा पर भरोसा बढ़ाएं. चिंता से बचते हुए अवरोधों का हल निकालें. लेनदेन में सजगता बनाए रहें. सूझबूझ व तर्कशीलता बनाए रखें.
लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएंगे, नियमों को पालन करेंगे
Aaj ka Vrishabh (Taurus) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: कारोबार में उच्च संभावनाओं को बल मिलेगा. बातचीत में प्रभावी बने रहेंगे. तैयारी पर जोर होगा. लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएंगे. योजनाओं में पहल रखेंगे.
सौदों को आगे बढ़ाएंगे, आयोजन में शामिल होंगे
Aaj ka Mesh (Aries) Tarot Card Horoscope, 7 August 2026: आत्मविश्वास से लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे. लोगों की व्यर्थ बातों पर कम ध्यान देंगे. कार्ययोजनाओं पर अमल बढ़ाएंगे. सहजता से आगे बढ़ेंगे.
15 अगस्त को हरियाली तीज, साल में एक नहीं 7 बार आती है तीज
इस साल हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त को रखा जाएगा. इस दिन सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु और घर की सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि तीज का त्योहार साल में एक नहीं, बल्कि सात बार अलग-अलग महीनों में आता है.
कर्ज से मुक्ति, रुका धन भी लौटेगा! बस सावन के हर शुक्रवार कर लें ये काम
भगवान शिव का प्रिय श्रावण मास चल रहा है. इस साल श्रावण मास 30 जुलाई से लेकर 28 अगस्त तक रहेगा. ज्योतिषविदों का मानना है कि सावन के शुक्रवार कुछ दिव्य उपाय करने से धन संबंधी समस्याओं से राहत पाई जा सकती है.
कब है रक्षाबंधन? नोट कर लें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का इंतजार सभी को है. इस बार का रक्षा बंधन बेहद खास है क्योंकि रक्षा बंधन पर ग्रहण का साया रहने वाला है. जानते हैं राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, चंद्र ग्रहण का समय और इससे जुड़े सभी जरूरी नियम.
भाई-बहन के प्रेम और अटूट विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस बार का रक्षाबंधन कई मायनों में बेहद खास और चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इस साल रक्षाबंधन के दिन ही आंशिक चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) भी लग रहा है। इस खबर के सामने आते ही लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इस ग्रहण का असर राखी के त्योहार पर पड़ेगा या नहीं। क्या भारत में यह ग्रहण नजर आएगा और क्या इसका सूतक काल मान्य होगा? आइए जानते हैं ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार इस पूरी स्थिति का सटीक विश्लेषण।क्या भारत में दिखाई देगा 28 अगस्त का चंद्र ग्रहणखगोलीय गणना के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को लगने वाला यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। वैज्ञानिकों और खगोलविदों के मुताबिक, ग्रहण के स्पर्श काल के दौरान भारत में चंद्रमा क्षितिज के नीचे रहेगा, जिसकी वजह से देश के किसी भी कोने से इस खगोलीय घटना को नग्न आंखों से या प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा।क्या भारत में मान्य होगा सूतक कालसनातन धर्म और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल का नियम तभी प्रभावी माना जाता है जब संबंधित ग्रहण उस देश या क्षेत्र विशेष में दिखाई दे रहा हो। चूंकि 28 अगस्त का यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए देश में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा। यही कारण है कि सूतक के नियमों का पालन करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस दौरान देश के सभी मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और नियमित पूजा-पाठ तथा धार्मिक अनुष्ठान सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।क्या रक्षाबंधन के पर्व पर पड़ेगा कोई प्रभावग्रहण के भारत में नजर न आने के कारण रक्षाबंधन के पूरे पर्व पर इसका किसी भी तरह का कोई नकारात्मक धार्मिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। बहनें बिना किसी संकोच या असमंजस के अपने भाइयों के तय शुभ मुहूर्त में कलाई पर राखी बांध सकेंगी। पंचांग के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन के दिन किसी भी प्रकार का भद्रा का साया भी नहीं रहेगा, जिससे राखी बांधने के लिए पूरा दिन अत्यंत शुभ और फलदायी रहेगा। इसके अलावा हवन, दान-पुण्य और अन्य सभी मांगलिक कार्य भी बिना किसी बाधा के संपन्न किए जा सकेंगे।
पवित्र सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ जगत के पालनहार भगवान विष्णु की उपासना के लिए भी बेहद खास माना जाता है। सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन जो भी भक्त सच्चे मन और विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस बार कामिका एकादशी बेहद खास संयोग के साथ आ रही है, इसलिए इस दिन कुछ विशेष उपायों को करने से कई गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है।कामिका एकादशी 2026 की सही तिथि और शुभ योगहिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 8 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 9 अगस्त को तड़के 1 बजकर 4 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर कामिका एकादशी का व्रत और पूजन 9 अगस्त 2026 को ही रखा जाएगा। इस बार की कामिका एकादशी इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इस दिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार दो बेहद शुभ और फलदायी योग यानी 'द्विपुष्कर योग' और 'हर्षण योग' का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इन शुभ योगों में किए गए कार्यों का कई गुना अधिक सकारात्मक फल प्राप्त होता है।भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये 4 कामविधि-विधान से करें श्रीहरि की पूजा: कामिका एकादशी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु की षोडशोपचार पूजा करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले रंग के पुष्प, तुलसी दल और सात्विक भोग अर्पित करें। साथ ही पूजा के समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करना बेहद फलदायी होता है।तुलसी पूजन और दीया जलाना: हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है। एकादशी के दिन तुलसी के पौधे की विशेष पूजा करें और शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर अपनी मनोकामना कहें। ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते हैं, इसलिए एक दिन पहले ही पत्ते तोड़कर रख लें।दीपदान और जरूरतमंदों को दान: इस पावन तिथि पर दीपदान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इसके अलावा अपनी क्षमता और सामर्थ्य के अनुसार गरीब व जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अन्य जरूरी चीजों का दान करें। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।मन और वाणी पर रखें संयम: एकादशी व्रत के दिन केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक शुद्धि का भी खास ध्यान रखना चाहिए। इस दिन किसी के लिए भी मन में बुरे विचार न लाएं, किसी को अपशब्द न कहें और न ही किसी का अपमान करें। झूठ बोलने से बचें और अपने गुस्से पर पूरी तरह नियंत्रण रखते हुए अपना पूरा दिन भगवान के स्मरण में बिताएं।
धन खींचते हैं ये 7 पौधे, सही दिशा में लगाते ही बढ़ेगा बैंक बैलेंस!
Vastu Tips: क्या आपके घर में भी है पैसों की तंगी? वास्तु और फेंगशुई के अनुसार घर में रखें ये 7 चमत्कारिक पौधे जो चुम्बक की तरह खींचते हैं धन और सुख-समृद्धि. जानिए इन्हें घर में रखने की सही दिशा, नियम और इसके अद्भुत लाभ.
Kamika Ekadashi 2026 : कामिका एकादशी श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली अत्यंत फलदायी और पवित्र एकादशी है। चातुर्मास की शुरुआत के बाद यह पहली एकादशी पड़ती है, इसलिए सनातन धर्म में इसका विशेष महत्व है। यह एकादशी भक्ति, आस्था और आत्म-शुद्धि का ...
बनने वाला है शिव कृपा का प्रतीक केदार योग, 3 राशियां होंगी धनवान
Shiv Kripa Yog: : 9 अगस्त को बनने जा रहा है दुर्लभ केदार योग. जानिए किन 3 भाग्यशाली राशियों की चमकेगी किस्मत और होगी छप्परफाड़ धन की प्राप्ति.
बुधादित्य राजयोग से बदलेगी इन 5 राशियों की तकदीर, करियर और कारोबार में मिल सकती है बड़ी सफलता
16 जुलाई से सूर्य कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं और अब 5 अगस्त 2026 को बुध ने भी इसी राशि में प्रवेश किया है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग बनता है। कर्क राशि में बुधादित्य राजयोग बनने से मुख्य रूप से इन 5 राशियों के ...
अंक-दर्शन : रसोई के मसाले और ग्रहों का रहस्य (भाग–5 : तेजपत्ता)
जीवन में कुछ वस्तुएं ऐसी होती हैं जिनका महत्व उनकी प्रत्यक्ष उपस्थिति से नहीं, बल्कि उनके अदृश्य प्रभाव से समझा जाता है। वे स्वयं अधिक दिखाई नहीं देतीं, किंतु उनके बिना संपूर्ण व्यवस्था अधूरी प्रतीत होती है। भारतीय रसोई का तेजपत्ता भी ऐसी ही एक ...
आज रात अपनी राशि में जाएंगे चंद्रमा, 3 राशियों को मिलेगी सफलता!
Chandra Gochar 2026: आज देर रात चंद्रमा की चाल में होने वाला बदलाव 3 राशियों के जीवन में सुख-समृद्धि की बारिश करने वाला है. दरअसल, वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा का गोचर बहुत ही विशेष माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि चंद्रमा के गोचर से किन राशियों को फायदा होगा.
कुंभ राशि वाले जमकर कमाएंगे पैसा, जानें पूरे राशिचक्र पर प्रभाव
Kal Ka Rashifal 7 August 2026: व्यापार में स्थिति शुभ रहेगी. किसी भी तरह की जिद और अहंकार से बचें. सहकर्मियों की उपेक्षा न करें और व्यक्तिगत विषयों पर ध्यान दें. पैतृक संपत्ति से लाभ मिलेगा.
घर में 3 जगहों पर रखी 3 चीजें खींच लेती हैं सारा धन! तुरंत बदलें जगह
Vastu Tips: घर में सोफा, टीवी और फ्रिज जैसी चीजें अगर गलत दिशा में रखी जाएं, तो यह आर्थिक तंगी और कंगाली की वजह बन सकती है. जानिए धन-दौलत बचाने के लिए इन सामानों को रखने की सही दिशा और वास्तु नियम.
12 या 13 अगस्त, कब है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण? ये है सही तिथि
Surya Grahan 2026 Kab lgega: सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसे वैज्ञानिक के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टिकोण से काफी खास माना जाता है. बता दें कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या पर लगेगा. 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा व आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है.
रक्षाबंधन के दिन चांद का रंग होगा ऐसा! भारत में कहां दिखेगा नज़ारा?
Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त 2026 रक्षाबंधन पर लगने वाले चंद्र ग्रहण और ब्लड मून को लेकर जानें क्या भारत में दिखेगा चांद का लाल रंग और क्या है सूतक काल का सच.
सूर्य-शनि का नवपंचम योग: इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, सफलता के खुलेंगे नए रास्ते
7 अगस्त 2026 को सूर्य और शनि देव एक-दूसरे से 120 डिग्री के कोण पर स्थित होने जा रहे हैं. ग्रहों के इस विशेष स्थिति को त्रि-एकादश या नवपंचम योग कहते हैं। इस दौरान मुख्य रूप से 4 राशियों के लिए स्वर्णिम समय की शुरुआत होती है। ये राशियां हैं- मेष राशि, ...
कौन थीं कैकसी? जिसका किरदार करती नजर आएंगी शोभना
Ramayana: रामायण के अनुसार, कैकसी पाताल लोक के राजा सुमाली की पुत्री और ऋषि विश्रवा की पत्नी थी. कैकसी की ही प्रेरणा से रावण ने गोकर्ण क्षेत्र में घोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से वरदान पाया और कुबेर को हटाकर लंका पर अपना अधिकार जमाया.
अमीर बनना है तो छोड़ दें 4 बुरी आदतें, वरना हमेशा रहेगी पैसों की तंगी!
Vastu Tips for Financial Prosperity: घर में बरकत और धन वृद्धि के लिए अपनाएं ये आसान वास्तु नियम. जानें मुख्य द्वार, उत्तर दिशा और तिजोरी रखने की सही दिशा जिससे दूर होगी पैसों की तंगी.
11 अगस्त को नक्षत्र बदलेंगे शुक्र देव! 3 राशियों की चमकेगी किस्मत
Shukra Nakshatra Parivartan 2026: क्या आप जानते हैं कि 11 अगस्त से चंद्रमा के हस्त नक्षत्र में शुक्र देव का आगमन 3 चुनिंदा राशियों के जीवन में धन-समृद्धि की बारिश करने वाला है. कला और व्यापार के कारक इस नक्षत्र में शुक्र की चाल से मानसिक तनाव खत्म होगा. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
वृषभ राशि में चंद्रमा का प्रवेश, 4 राशियों का शुरू स्वर्णिम काल
Chandra Gochar 2026: वृषभ राशि में चंद्रमा के गोचर से इन 4 राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम. जानें किन राशियों को मिलेगा बंपर धन लाभ और करियर में तरक्की.
श्मशान घाट पर मायके वालों ने क्यों रुकवाया महिला का अंतिम संस्कार? देखें वारदात
झांसी में एक लव मैरिज का 9 महीने बाद ही दुखद अंत हुआ. पति सागर ने जहर खा किया, तो इधर घर में मौजूद पत्नी राधा ने अपने में फंदा लगा कर खुद को खत्म कर लिया. राधा के ससुराल वाले रात को उसके शव को लेकर बबीना कैंट के श्मशान घाट में पहुंचे तो मायके वालों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया. देखें वारदात.
हिंदू सनातन परंपरा में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, धार्मिक अनुष्ठान, यात्रा या मांगलिक आयोजन से पहले दैनिक पंचांग का अवलोकन करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के पांच मुख्य अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—के विश्लेषण से हमें दिन के शुभ और अशुभ समय का सटीक ज्ञान प्राप्त होता है। आज 6 अगस्त 2026, दिन गुरुवार है। गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। हालांकि, आज के पंचांगीय गणना के अनुसार दिन भर में 2 अशुभ योगों का निर्माण हो रहा है और साथ ही दोपहर के समय डेढ़ घंटे का राहुकाल भी रहेगा। ऐसे में किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना अति आवश्यक है। आइए जानते हैं 6 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग, राहुकाल का समय और आज के विशेष धार्मिक उपाय।6 अगस्त 2026 का पंचांग और ग्रहों की स्थितिआज भाद्रपद (श्रावण पूर्णिमांत) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज का दिन उन लोगों के लिए विशेष है जो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की साधना करते हैं। ग्रहों की स्थिति के अनुसार सूर्य देव आज कर्क राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में संचरण करेंगे।दिनांक: 6 अगस्त 2026 (6 August 2026)दिन: गुरुवार (Thursday)विक्रम संवत: 2083 (कीलका)शक संवत: 1948 (शोभकृत)मास: भाद्रपद (श्रावण)पक्ष: कृष्ण पक्षतिथि: नवमी तिथि दोपहर 02:14 बजे तक, तत्पश्चात दशमी तिथि प्रारंभनक्षत्र: कृतिका नक्षत्र सुबह 10:42 बजे तक, तत्पश्चात रोहिणी नक्षत्रयोग: व्याघात योग दोपहर 01:05 बजे तक, तत्पश्चात हर्षण योगकरण: गर करण दोपहर 02:14 बजे तक, तत्पश्चात वणिज करणसूर्य राशि: कर्क राशिचंद्र राशि: वृषभ राशि (दिन-रात)सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समयपंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय दैनिक पूजा-पाठ और संकल्प लेने के लिए अत्यंत प्रासंगिक होता है। आज के समय की तालिका निम्न प्रकार है:सूर्योदय: सुबह 05:45 बजेसूर्यास्त: शाम 07:08 बजेचंद्रोदय: रात्रि 12:18 बजे (7 अगस्त तड़के)चंद्रास्त: दोपहर 01:45 बजे (6 अगस्त)दिशा शूल: दक्षिण दिशा (आज दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा आवश्यक हो तो दही या पीली सरसों खाकर निकलें।)गुरुवार को बन रहे 2 अशुभ योग और डेढ़ घंटे का राहुकालज्योतिषीय गणना के अनुसार आज 6 अगस्त को दो मुख्य अशुभ योगों का प्रभाव रहेगा। पहला 'व्याघात योग', जो दोपहर 01:05 बजे तक रहेगा। व्याघात योग में किए गए कार्यों में बाधाएं आने और असफलता मिलने की आशंका रहती है। इसके अतिरिक्त, आज विष्टि करण यानी 'भद्रा' का साया भी आंशिक रूप से प्रभाव डालेगा, जिससे मांगलिक कार्यों में विघ्न उत्पन्न हो सकते हैं।वैदिक ज्योतिष में राहुकाल को किसी भी नए, शुभ या मांगलिक कार्य के लिए अत्यंत अशुभ माना गया है। राहुकाल के दौरान गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना, मुंडन, सगाई या कोई बड़ा वित्तीय लेन-देन करने से बचना चाहिए।राहुकाल: दोपहर 01:30 बजे से शाम 03:08 बजे तक (कुल अवधि: 1 घंटा 38 मिनट)यमगंड काल: सुबह 05:45 बजे से 07:25 बजे तकदुर्मुहूर्त: सुबह 10:15 बजे से 11:08 बजे तक एवं दोपहर 03:32 बजे से 04:25 बजे तकवर्ज्यम: रात्रि 08:12 बजे से 09:48 बजे तकशुभ मुहूर्त और अभिजीत समय: कब करें नए कार्यों की शुरुआत?यदि आप आज कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, वाहन या संपत्ति खरीदना चाहते हैं, तो अशुभ योगों और राहुकाल को छोड़कर शुभ मुहूर्तों का उपयोग कर सकते हैं। पंचांग में 'अभिजीत मुहूर्त' को दिन का सबसे पवित्र और फलदायी समय माना जाता है, जिसमें राहुकाल के दोष भी समाप्त हो जाते हैं।अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से दोपहर 12:51 बजे तकब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:21 बजे से 05:03 बजे तकअमृत काल: सुबह 08:20 बजे से 09:55 बजे तकविजय मुहूर्त: दोपहर 02:38 बजे से 03:31 बजे तकगोधूलि मुहूर्त: शाम 06:55 बजे से 07:18 बजे तकनिशिता मुहूर्त: मध्यरात्रि 12:05 बजे से 12:48 बजे तक (7 अगस्त)गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का महत्वआज गुरुवार का दिन होने के कारण भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का पूजन करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है। ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, विवाह, संतान, भाग्य और धन-समृद्धि का कारक ग्रह माना गया है। जिनकी कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर स्थिति में हो या कार्यों में बार-बार रुकावट आ रही हो, उन्हें आज के दिन विशेष साधना करनी चाहिए।आज सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के समक्ष देशी घी का दीपक प्रज्वलित करें। भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले फूल, हल्दी, चना दाल और गुड़ अर्पित करें। इसके बाद केले के वृक्ष में जल अर्पित कर चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और अशुभ योगों का प्रभाव क्षीण हो जाता है।अशुभ योगों के दुष्प्रभाव से बचने के अचूक उपाययदि आपको राहुकाल या अशुभ योगों के समय ही कोई अनिवार्य कार्य करना पड़े, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर उनके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है:विष्णु सहस्रनाम का पाठ: आज के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से सभी प्रकार के राहु दोष, व्याघात योग और ग्रहों की प्रतिकूलता समाप्त होती है।पीली वस्तुओं का दान: गरीब या जरूरतमंद व्यक्तियों को चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, बेसन के लड्डू या पीले फल दान करें।केसर का तिलक: माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाकर ही घर से बाहर निकलें। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलती है।गाय को गुड़ और रोटी: आज के दिन पहली रोटी पर थोड़ा सा देसी घी, हल्दी और गुड़ रखकर गाय माता को खिलाएं। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है।दैनिक पंचांग का धार्मिक व व्यावहारिक महत्वदैनिक पंचांग केवल तिथियों और समय का ब्योरा नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा और मानव जीवन के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक प्राचीन वैज्ञानिक माध्यम है। जब हम पंचांग के अनुसार अपने दिन की योजना बनाते हैं, तो हम कुदरती चक्र के अनुकूल काम करते हैं, जिससे सफलता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। आज 6 अगस्त 2026 को भले ही दो अशुभ योग और राहुकाल का समय विद्यमान है, लेकिन अभिजीत मुहूर्त और भगवान विष्णु की नियमित भक्ति से आप अपने दिन को मंगलमय और सुखद बना सकते हैं।

