राहुकाल का सच: क्या यह सिर्फ अंधविश्वास है या इसके पीछे है वैज्ञानिक और ज्योतिषीय आधार?
भारतीय संस्कृति और ज्योतिष में 'राहुकाल' एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनते ही लोग सहम जाते हैं। नया व्यापार शुरू करना हो, गृह प्रवेश हो, या गाड़ी खरीदनी हो- अक्सर लोग राहुकाल की घड़ी को टाल देते हैं। लेकिन क्या इसके पीछे वाकई कोई वैज्ञानिक या खगोलीय आधार ...
वास्तु टिप्स: बाथरूम में शीशे की सही दिशा बदल सकती है आपकी किस्मत
वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु की दिशा का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। अक्सर लोग घर के मुख्य कमरों की सजावट और वास्तु का ध्यान तो रखते हैं, लेकिन बाथरूम जैसी महत्वपूर्ण जगह को अनदेखा कर देते हैं। वास्तु जानकारों का मानना है कि बाथरूम में शीशा लगाने की गलत दिशा न केवल आपके घर की सुख-समृद्धि में बाधा डालती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण भी बनती है। बाथरूम में शीशा लगाते समय यदि कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन किया जाए, तो नकारात्मक ऊर्जा को काफी हद तक कम किया जा सकता है।बाथरूम में शीशा लगाने की सही दिशाबाथरूम में नकारात्मक ऊर्जा का वास सबसे अधिक होता है, इसलिए यहां शीशा लगाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का शीशा हमेशा उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा की दीवार पर लगाना शुभ होता है। ये दोनों दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती हैं, जो सुबह उठकर शीशा देखने पर आपके भीतर ऊर्जा का संचार करती हैं। गलत दिशा में लगा शीशा घर की शांति और परिवार की सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।इन चीजों का शीशे में दिखना है अशुभबाथरूम में शीशा लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उसमें कमोड (Toilet Seat) की परछाईं बिल्कुल न दिखे। वास्तु के मुताबिक, कमोड में नकारात्मक ऊर्जा होती है। यदि शीशे में कमोड दिखाई देता है, तो वह उस नकारात्मक ऊर्जा को परावर्तित (Reflect) करके पूरे घर में फैलाता है। यदि संभव हो, तो कमोड को हमेशा उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थापित करना चाहिए। कमोड का शीशे में दिखना ऊर्जा के संतुलन को बिगाड़ देता है और घर में क्लेश व धन हानि का कारण बन सकता है।शीशे का आकार भी है महत्वपूर्णआजकल बाजार में गोल, अंडाकार (Oval) और अनोखे डिजाइन वाले शीशों का फैशन है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम के लिए आयताकार (Rectangular) या चौकोर (Square) शीशा ही सबसे उपयुक्त होता है। गोल या अंडाकार शीशों में कोण (Corners) नहीं होते, जिससे सकारात्मक ऊर्जा स्थिर नहीं रह पाती। वहीं, आयताकार या चौकोर शीशे वास्तु के अनुकूल होते हैं और बाथरूम की ऊर्जा को एक दायरे में रखते हैं। इसलिए, शीशा खरीदते समय डिजाइन से ज्यादा उसके आकार और कोणों पर ध्यान देना चाहिए। इन सरल नियमों को अपनाकर आप अपने बाथरूम की नकारात्मकता को घर से बाहर रख सकते हैं।
कब है शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी का पर्व?
Hindu Festival July 2026: धार्मिक परंपराओं के अनुसार शीतला माता की पूजा से घर में सुख-शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का वास होता है। इस दिन स्वच्छता, सात्विकता और सेवा का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर माता से परिवार की ...
Horoscope Today 2 July 2026: शनि की चाल और 2 अशुभ योगों का महासंयोग, जानें अपनी राशि का हाल
ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से आज यानी 2 जुलाई 2026 का दिन बेहद हलचल भरा और महत्वपूर्ण रहने वाला है. द्रिक पंचांग के अनुसार, सौरमंडल में सबसे धीमी गति से चलने वाले न्याय के देवता शनि देव आज सुबह 08:22 बजे रेवती नक्षत्र के पहले चरण से निकलकर दूसरे चरण में प्रवेश कर चुके हैं. इसके साथ ही ग्रहों के राजा चंद्रमा भी दोपहर 01:31 बजे वृश्चिक राशि का सफर पूरा कर मकर राशि में गोचर करेंगे.ग्रहों के इस बड़े फेरबदल के बीच आज आकाश मंडल में 'वैधृति योग' और 'विषकुम्भ योग' नाम के दो बेहद अशुभ योग बन रहे हैं. ज्योतिषियों के मुताबिक, इन अशुभ योगों के प्रभाव के कारण आज के दिन किसी भी तरह के नए या मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं कि शनि की बदली चाल और इन अशुभ योगों के बीच मेष से लेकर मीन राशि तक के लोगों का भाग्य आज कैसा रहेगा.मेष राशि (Aries)आज आप अपनी काबिलियत और मेहनत के दम पर किसी बड़े और जरूरी काम को समय पर पूरा कर लेंगे. हालांकि, अपने गुप्त शत्रुओं और विरोधियों की हरकतों को हल्के में न लें; उन पर नज़र रखना ज़रूरी है। मीडिया और कंप्यूटर क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को आज बंपर मुनाफा हो सकता है. शाम का समय परिवार के साथ बीतेगा, जिससे रिश्तों में मिठास आएगी. सेहत के लिहाज से आज एलर्जी और खांसी-जुकाम आपको परेशान कर सकते हैं।अचूक उपाय: आज किसी जरूरतमंद व्यक्ति को जरूरी दवाइयों का दान करें.वृष राशि (Taurus)वृष राशि के युवाओं के भीतर आज कुछ नया और बेहतर सीखने का जज्बा रहेगा, जो भविष्य में काम आएगा. आज आपको नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूरी बनाकर रखनी होगी, नहीं तो वे आपके काम बिगाड़ सकते हैं. प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े लोग सरकारी कागजी काम में पूरी सावधानी बरतें. घर-परिवार में आपसी प्यार और तालमेल शानदार रहेगा. महिलाओं को आज अपनी सेहत को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।.अचूक उपाय: मां भगवती की पूजा-अर्चना करें और मंदिर के बाहर गरीबों में खीर का प्रसाद बांटें.मिथुन राशि (Gemini)अगर आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा या रुका हुआ है, तो आज उसकी वसूली के लिए प्रयास तेज कर दें, सफलता मिल सकती है. पुरानी बीती बातों को दिल से लगाकर बैठने के बजाय आगे बढ़ने में ही समझदारी है. मार्केटिंग से जुड़े लोगों के हाथ आज कोई बड़ा ऑर्डर या शुभ अवसर मिल सकता है. लव पार्टनर के साथ मुलाकात के खूबसूरत मौके मिलेंगे. डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज नियमित जांच करवाते रहें.अचूक उपाय: जरूरतमंद लोगों को फल, दूध या खाने-पीने की चीजें दान करें।कर्क राशि (Cancer)आज आपको समाज या कार्यक्षेत्र में किसी अनुभवी और जिम्मेदार व्यक्ति का बेहतरीन मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे आपकी राह आसान होगी. हालांकि, जोश में आकर फिजूलखर्ची न करें; अपनी आर्थिक स्थिति का बजट देखकर ही कदम बढ़ाएं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या तरक्की से जुड़ी कोई खुशखबरी मिल सकती है. परिवार के साथ हंसी-मजाक और मनोरंजन में बेहतरीन समय बिताया जाएगा। प्रदूषण और बदलते मौसम की वजह से एलर्जी की शिकायत हो सकती है.अचूक उपाय: सुबह-सुबह मंदिर जाकर देव दर्शन करें और किसी बुजुर्ग ब्राह्मण का आशीर्वाद लें.सिंह राशि (Leo)पिछले कई दिनों से चली आ रही किसी बड़ी समस्या का समाधान मिल जाने से आज मन को बड़ी शांति और संतोष मिलेगा. ध्यान रखें कि जोश में आकर किसी भी सरकारी नियम या कानून का उल्लंघन न करें, अन्यथा फंस सकते हैं. व्यापार विस्तार की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए आज का दिन काफी अनुकूल है. घर का माहौल खुशनुमा बना रहेगा. सेहत के मामले में आज एलर्जी या यूरिन इन्फेक्शन जैसी दिक्कतें घेर सकती हैं.अचूक उपाय: अनाथ या गरीब बच्चों को उनकी जरूरत की स्टेशनरी या खाने की चीजें गिफ्ट करें.कन्या राशि (Virgo)आज आपके सामने जो भी चुनौतियां आएं, उन्हें खुले दिल से स्वीकार करें, क्योंकि यही चुनौतियां आपके लिए तरक्की के नए रास्ते खोलेंगी. शेयर मार्केट, सट्टा या तेजी-मंदी के जोखिम भरे कामों में आज बड़ा पैसा लगाने से बचें. हार्डवेयर के कारोबारियों को आज बाजार में थोड़ी मंदी का सामना करना पड़ सकता है. प्रेम संबंधों में आज भावनात्मक नजदीकियाँ और भरोसा और भी मजबूत होंगे। कफ और खांसी-जुकाम से अपना बचाव रखें.अचूक उपाय: किसी सिद्ध मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार वहां सेवा या आराधना करें.तुला राशि (Libra)आर्थिक मोर्चे पर आज का दिन अच्छा है। कहीं सुरक्षित जगह पर निवेश करना भविष्य में बड़ा फायदा दे सकता है। हालांकि, पड़ोसियों के साथ किसी भी फालतू बात पर बहस या वाद-विवाद में न पड़ें. किसी रसूखदार या राजनीतिक व्यक्ति की मदद से आपका रुका हुआ बिजनेस का काम आज दोबारा शुरू हो जाएगा. पारिवारिक जीवन में सुकून रहेगा. सेहत का ध्यान रखें, कफ और नजला की परेशानी आज बढ़ सकती है.अचूक उपाय: शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाकर प्रणाम करें.वृश्चिक राशि (Scorpio)फाइनेंस और पैसों से जुड़े कामों में आपके द्वारा किए गए पुराने प्रयासों का आज बेहद सकारात्मक और उचित परिणाम मिलेगा. कोर्ट-कचहरी या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों को आज के लिए टाल देना ही बेहतर रहेगा. इंश्योरेंस और कमिशन-बेसिस पर काम करने वाले जातकों को आज बड़ी सफलता मिल सकती है। शादीशुदा जिंदगी और लव लाइफ दोनों ही काफी रोमांटिक और मधुर रहेंगी. सड़क पर चलते समय आवारा जानवरों से दूरी बनाकर रखें.अचूक उपाय: अपनी बहन, बेटी या बुआ का सम्मान करें और उन्हें कोई सुंदर उपहार जरूर दें.धनु राशि (Sagittarius)मन में पिछले कुछ दिनों से चल रही किसी बड़ी दुविधा, उलझन और बेचैनी से आज आपको बड़ी राहत मिलने वाली है. नया वाहन या गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज उसे कुछ समय के लिए टाल दें. कार्यक्षेत्र में कर्मचारियों या कलीग्स के साथ चल रहा पुराना विवाद आज आपसी बातचीत से सुलझ जाएगा. घर के भीतर किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है। शांत रहें।. मुँह में छाले या दांत दर्द की समस्या परेशान कर सकती है.अचूक उपाय: किसी गौशाला में या बाहर गाय को गुड़-रोटी खिलाएं और उनका आशीर्वाद लें.मकर राशि (Capricorn)आर्थिक और वित्तीय मामलों को लेकर आज आपके द्वारा लिया गया कोई बड़ा फैसला बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है. विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के लिए अपनी पढ़ाई पर और अधिक फोकस करने की जरूरत है। कामकाजी महिलाएं आज अपने बिजनेस को लेकर कोई बड़ा और कड़ा फैसला ले सकती हैं. किसी पुराने जिगरी दोस्त से अचानक मुलाकात होने से पुरानी यादें ताजा होंगी. जोखिम वाले कामों से दूर रहें.अचूक उपाय: पानी की बर्बादी बिल्कुल न करें और अपने आसपास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें.कुंभ राशि (Aquarius)कुंभ राशि के युवा आज अपने करियर और भविष्य को लेकर काफी गंभीर और सजग नज़र आएंगे. जमीन-जायदाद या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में आज अचानक कोई रुकावट आ सकती है. रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी के काम से जुड़े लोगों के हाथ आज कोई बड़ी और मुनाफे वाली डील लग सकती है. प्रेमी-प्रेमिका को आज साथ में वक्त बिताने का अच्छा मौका मिलेगा. मानसिक तनाव को खुद पर हावी न होने दें.अचूक उपाय: किसी भी धार्मिक स्थल या एकांत जगह पर बैठकर कुछ देर आत्म-चिंतन करें, मानसिक शांति मिलेगी.मीन राशि (Pisces)आज का कुछ समय किसी आध्यात्मिक या धार्मिक स्थल पर बिताना आपको अद्भुत मानसिक सुकून और नई ऊर्जा देगा. ध्यान रखें कि बिना मांगे दूसरों के फालतू मामलों और पंचायतें न छेड़ें, बदनामी हो सकती है। बिजनेस में मुनाफा बढ़ाने के लिए अपनी पुरानी कार्यप्रणाली में थोड़ा आधुनिक बदलाव लाने की जरूरत है. परिवार के लोगों के बीच आपसी तालमेल और सामंजस्य बेहतरीन रहेगा। मौसम के मिजाज को देखते हुए खान-पान पर नियंत्रण रखें.अचूक उपाय: अपने इष्ट देव का ध्यान करें और किसी मंदिर में अपनी इच्छा अनुसार कुछ अन्न या धन का दान करें.
शुक्र का सिंह राशि में गोचर, 4 जुलाई से इन 6 राशियों पर होगी धन और सुख की बरसात
4 जुलाई 2026 को शुक्र ग्रह सिंह राशि में गोचर करेंगे। जानें इस गोचर से किन 6 राशियों की किस्मत चमकेगी, किसे मिलेगा धन लाभ, करियर में सफलता और प्रेम जीवन में शुभ परिणाम।
राहु-मंगल का अंगारक योग: धनिष्ठा नक्षत्र में 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 रहें सावधान, जानें 5 उपाय
धनिष्ठा नक्षत्र में राहु और मंगल के संयोग से बने अंगारक योग का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? जानें किन 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, किन 3 राशियों को रहना होगा सतर्क और कौन से 5 उपाय करेंगे अशुभ प्रभाव को कम।
Ashadha Month 2026: आषाढ़ माह प्रारंभ 2026: जानिए इस माह का महत्व और क्या करें, क्या नहीं करें?
Ashadha Maas 2026: आषाढ़ महीने का धार्मिक और प्राकृतिक दोनों ही दृष्टिकोण से बहुत अधिक महत्व है। आषाढ़ माह 2026 की शुरुआत कब से हो रही है? जानें आषाढ़ मास का धार्मिक महत्व, क्या करें, क्या नहीं करें, पूजा के नियम, दान, व्रत और इस पवित्र महीने से ...
अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित
Amarnath Yatra 2026: जय बाबा बर्फानी! अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत 3 जुलाई से होने जा रही है, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल 2026 से ही शुरू हो गए थे। यह यात्रा 28 अगस्त 2026 (रक्षाबंधन) तक चलेगी। समुद्र तल से करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित बाबा ...
सनातन धर्म में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है, क्योंकि इसके जरिए हम दिन के शुभ-अशुभ समय को जानकर अपने महत्वपूर्ण कार्यों की रूपरेखा तय करते हैं। आज 28 जून 2026, दिन रविवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि आज के दिन रवि योग, शुभ योग और शुक्ल योग का एक बेहद दुर्लभ व पवित्र त्रिकोणीय संयोग बन रहा है। रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव को समर्पित होता है, इसलिए आज के दिन की गई सूर्य उपासना जातकों के जीवन में तेज, मान-सम्मान और आरोग्य लेकर आती है।सूर्य देव को अर्घ्य देते समय न करें ये गलती, इन बातों का रखें विशेष ध्यानआज रविवार के दिन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए सुबह स्नान के बाद उन्हें तांबे के लोटे (पात्र) से अर्घ्य देना सबसे उत्तम माना जाता है। अर्घ्य के जल में लाल चंदन या रोली, अक्षत (साबुत चावल) और लाल रंग के फूल जरूर मिला लें। इसके बाद भगवान सूर्य के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करते हुए जल अर्पित करें। जल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि जल की धार के बीच से सूर्य देव के दर्शन करें। अर्घ्य देने के पश्चात वहीं खड़े होकर 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ अवश्य करें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है और उसकी नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) मजबूत होती है।ग्रह गोचर और नक्षत्र: वृश्चिक राशि में रहेंगे चंद्रमा, मंगल-गुरु का बनेगा लाभ दृष्टि योगआज के पंचांग की ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य देव जहां मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं, वहीं मन के कारक चंद्रमा पूरे दिन मंगल की राशि वृश्चिक में संचरण करेंगे। आज का नक्षत्र ज्येष्ठ मास के नाम पर आधारित 'ज्येष्ठा नक्षत्र' रहेगा, जो पूरे दिन और रात तक प्रभावी रहेगा। आज के ग्रहों की स्थिति (Planet Transits) बेहद दिलचस्प है; साहस व पराक्रम के कारक ग्रह मंगल और ज्ञान, सुख-सौभाग्य के दाता गुरु (बृहस्पति) एक-दूसरे से 60 डिग्री के कोण पर स्थित रहकर एक बेहद शुभ 'लाभ दृष्टि योग' का निर्माण कर रहे हैं। इस योग के प्रभाव से आज किए गए कार्यों में सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का सटीक समय जानेंआज 28 जून 2026 को दिन और रात के संधि काल तथा चंद्र-सूर्य की स्थिति का समय कुछ इस प्रकार रहने वाला है:सूर्योदय (Sunrise): सुबह 05:47 बजेसूर्यास्त (Sunset): शाम 07:12 बजेचन्द्रोदय (Moonrise): शाम 06:11 बजेचन्द्रास्त (Moonset): 29 जून की सुबह 04:47 बजेनोट: विभिन्न शहरों के अक्षांश और देशांतर (Geographical Location) के अंतर के कारण स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों या सेकंड का आंशिक अंतर देखा जा सकता है।आज के शुभ मुहूर्त: अभिजीत और अमृत काल में करें नए कार्यों की शुरुआतयदि आप आज कोई नया व्यापार, गृह प्रवेश, खरीदारी या कोई अन्य मांगलिक कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपको आज के शुभ चौघड़िया और मुहूर्तों का लाभ उठाना चाहिए:ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:11 बजे से 04:59 बजे तक (यह समय साधना और ध्यान के लिए सर्वश्रेष्ठ है)अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:56 बजे तक (किसी भी नए कार्य को शुरू करने का सबसे उत्तम समय)अमृत काल: दोपहर 03:15 बजे से शाम 05:02 बजे तकराहुकाल और अशुभ समय: इस दौरान भूलकर भी न करें कोई शुभ कामहिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दिन के कुछ समय ऐसे होते हैं जिनमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए इस दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से पूरी तरह बचना चाहिए:राहुकाल: शाम 05:31 बजे से 07:12 बजे तक (इस समय में कोई भी नया सौदा या यात्रा शुरू न करें)यम गण्ड: दोपहर 12:30 बजे से 02:10 बजे तककुलिक मुहूर्त: दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:31 बजे तकदुर्मुहूर्त: शाम 05:24 बजे से 06:18 बजे तकवर्ज्यम् काल: सुबह 04:28 बजे से 06:16 बजे तकआज के धार्मिक करण की स्थितिपंचांग के पांच अंगों में से एक 'करण' की स्थिति आज दो भागों में विभाजित रहेगी। पहला 'गर करण' 27 और 28 जून की मध्यरात्रि 12:43 बजे से शुरू होकर आज दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा। इसके बाद ज्योतिषीय गणना के अनुसार 'वणिज करण' प्रारंभ होगा, जो दोपहर 01:55 बजे से लेकर अगले दिन यानी 29 जून की तड़के सुबह 03:06 बजे तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक कार्यों के संपादन के लिए इन करणों का अपना विशेष महत्व होता है।
महान विचारक स्वामी विवेकानंद का मानना था कि किसी भी पुस्तक का मूल्यांकन उसके किसी एक पृष्ठ के आधार पर नहीं, बल्कि उसके समग्र अध्ययन से होना चाहिए। लेकिन भारतीय इतिहास और प्राचीन ग्रंथों के संदर्भ में अक्सर इसके विपरीत देखने को मिला है। पूर्वाग्रह से ग्रस्त कुछ वैचारिक दृष्टिकोणों ने हमेशा मनुस्मृति के केवल एक पक्ष को उभारकर उसका विश्लेषण किया। प्राचीन काल के कुछ श्लोकों और उनके चुनिंदा अर्थों को आधार बनाकर लंबे समय से इस ग्रंथ का विरोध होता रहा है, इसे जातिगत भेदभाव का मुख्य कारण भी बताया गया। लेकिन इस बार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने अपनी नई पाठ्यपुस्तकों में इसके एक दूसरे और सकारात्मक पक्ष को भी स्थान दिया है। पहली बार स्कूली पाठ्यक्रम में मनुस्मृति के एक श्लोक का उल्लेख किया जा रहा है, जिस पर अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है।कक्षा 9वीं के पाठ्यक्रम में हुआ शामिल, इतिहास के नए अध्याय में मिली जगहएनसीईआरटी ने अपने नए संशोधित और आधुनिक पाठ्यक्रम के तहत कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की इतिहास की पुस्तक में मनुस्मृति से जुड़े संदर्भ को शामिल किया है। इसे इतिहास के एक नए अध्याय, जिसका शीर्षक 'State and Society up to 1000 CE' (1000 ईस्वी तक राज्य और समाज) है, के अंतर्गत जोड़ा गया है। इस अध्याय का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्राचीन भारतीय समाज की संरचना, शासन व्यवस्था और उस दौर के सामाजिक ताने-बाने से परिचित कराना है। हालांकि, सरकार और शिक्षा बोर्ड के इस फैसले पर भी कुछ संगठन और आलोचक लगातार प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।महिला सम्मान से जुड़ा है श्लोक, 'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते' का पढ़ेंगे पाठ9वीं कक्षा के छात्र अब इतिहास की इस नई किताब में महिलाओं के सम्मान को दर्शाने वाले मनुस्मृति के अध्याय 3 के 56वें श्लोक का अध्ययन करेंगे। इस प्रसिद्ध श्लोक का मूल भाव है-यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः अर्थात् जहाँ महिलाओं का आदर और सत्कार होता है, वहाँ देवताओं का निवास होता है। पुस्तक में इस श्लोक के माध्यम से छात्रों को यह समझाने का प्रयास किया गया है कि प्राचीन भारतीय और वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति कितनी उच्च, गरिमापूर्ण और सम्मानित थी। उस दौर में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सार्वजनिक सभाओं, राजकाज और बड़े धार्मिक अनुष्ठानों में समान रूप से भाग लेती थीं। उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार था और कई ऐतिहासिक संदर्भों में वे अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने (स्वयंवर) के लिए भी स्वतंत्र थीं।किताब में निष्पक्षता का दावा: सिर्फ तारीफ नहीं, स्थिति में गिरावट का भी है जिक्रइस नए बदलाव पर सवाल उठाने वालों के विपरीत एनसीईआरटी का कहना है कि पाठ्यक्रम को पूरी तरह निष्पक्ष और ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। किताब में केवल एकतरफा तारीफ नहीं है, बल्कि उसके आगे का दूसरा पहलू भी ईमानदारी से दर्ज है। अध्याय में साफ लिखा है कि समय बीतने और राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के साथ, बाद के मध्यकाल में महिलाओं की स्थिति में काफी उतार-चढ़ाव आया और उनकी सामाजिक स्थिति में गिरावट भी दर्ज की गई। इसके अलावा, इस चैप्टर में केवल महिलाओं की दशा ही नहीं, बल्कि प्राचीन 'वर्ण' और 'जाति' व्यवस्था के क्रमिक विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि शुरुआती वैदिक समाज में किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान केवल उसके जन्म से तय नहीं होती थी, बल्कि उसके कर्म और योग्यता पर निर्भर करती थी।इतिहास के पन्नों में मनुस्मृति दहन और आज के विरोध की असल वजहएनसीईआरटी की किताब में मनुस्मृति के महज एक श्लोक का जिक्र होने के बावजूद कुछ राजनीतिक और सामाजिक संगठन इस फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं। वे साल 1927 के उस ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला दे रहे हैं जब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने सामाजिक असमानता के विरोध में मनुस्मृति का दहन किया था। आलोचकों का तर्क है कि इस ग्रंथ को स्कूली शिक्षा का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। हालांकि, दूसरी ओर इतिहासकारों का एक वर्ग यह भी मानता है कि मनुस्मृति कभी भी भारत का कोई आधिकारिक कानून लागू करने वाली किताब नहीं रही, बल्कि यह एक सामाजिक आचार संहिता थी। यह सच है कि इसमें कुछ बातें ऐसी हैं जो आधुनिक लोकतांत्रिक मूल्यों और आज के हिसाब से पूरी तरह अप्रासंगिक और आपत्तिजनक हैं, लेकिन शिक्षा बोर्ड ने इसमें से केवल नैतिक मूल्य और सकारात्मक श्लोक को ही चुना है।'विष से भी अमृत निकाल लेना चाहिए'— चाणक्य की नीति पर चला शिक्षा बोर्डमहान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में कहा था कि 'यदि विष में से भी अमृत प्राप्त हो, तो उसे निकाल लेना चाहिए और यदि गंदगी में भी सोना गिरा हो, तो उसे उठा लेना चाहिए।' एनसीईआरटी ने भी प्राचीन ज्ञान और ग्रंथों में से केवल उसी हिस्से को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल किया है जो समाज में नैतिक मूल्यों, महिलाओं के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देता है। लेकिन दुर्भाग्यवश, वैचारिक मतभेदों और नकारात्मक दृष्टिकोण के चलते इस शैक्षणिक बदलाव को सहजता से स्वीकार करने में बाधाएं आ रही हैं। बहरहाल, यह नया पाठ्यक्रम छात्रों को भारत के प्राचीन समाज को एक नए और व्यापक नजरिए से देखने का अवसर जरूर प्रदान करेगा।
अंग्रेजी कैलेंडर का सातवां महीना यानी जुलाई 2026 कई लोगों के जीवन में खुशियों की नई सौगात लेकर आने वाला है। अंक ज्योतिष के अनुसार, यह महीना कई जातकों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। सिंगल लोगों के जीवन में किसी खास की एंट्री हो सकती है, तो वहीं लंबे समय से नौकरी में प्रमोशन का इंतजार कर रहे कामकाजी लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है। व्यापार में भारी मुनाफे और आमदनी के नए स्रोत बढ़ने के भी मजबूत योग बन रहे हैं।जुलाई महीने का अपना सटीक भविष्यफल जानने के लिए आपको अपनी जन्मतिथि (Birthdate) को जोड़कर अपना मूलांक निकालना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो अंकों को जोड़ने पर आपका मूलांक 1 (जैसे: 2+8=10, 1+0=1) होगा। आइए जानते हैं मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लिए जुलाई 2026 का पूरा अंक ज्योतिषफल।मूलांक 1 (यदि जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके लिए करियर के नए और सुनहरे अवसर लेकर आ सकता है। अगर आप नौकरी बदलने या प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, तो महीने के उत्तरार्ध में कोई सकारात्मक खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके नेतृत्व और सटीक निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ होगी, लेकिन किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें।व्यापार: कारोबारियों के लिए नए क्लाइंट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की प्रबल संभावना है। पुराने व्यापारिक संपर्कों से भी बड़ा मुनाफा हो सकता है। जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, उन्हें कागजी कार्रवाई और लिखित समझौतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।आर्थिक स्थिति: इस महीने आय के स्रोत काफी मजबूत रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही खर्चों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यदि आप किसी नई जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें। फालतू खर्चों पर लगाम लगाने से आपकी बचत सुरक्षित रहेगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में आपसी विश्वास और तालमेल बढ़ेंगे। यदि पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो बातचीत के जरिए उसका समाधान निकल जाएगा। शादीशुदा जातकों को अपने जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी मांगलिक या शुभ कार्य का आयोजन हो सकता है। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे घर का माहौल शांतिपूर्ण और सुखद बना रहेगा।स्वास्थ्य: अधिक भागदौड़ के कारण थकान, सिरदर्द या अनिद्रा (नींद की कमी) जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। शरीर को पर्याप्त आराम दें और अपनी दिनचर्या अनुशासित रखें।शुभ रंग व दिन: सुनहरा और नारंगी रंग आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। शुभ दिनों में रविवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 2 (यदि जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपको कार्यस्थल पर धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह देता है। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ टीमवर्क में काम करने से आपको बेहतरीन नतीजे मिलेंगे। सीनियर्स और बॉस के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें, इससे आपको भविष्य में लाभ होगा।व्यापार: यदि आप किसी नए बिजनेस को शुरू करने का मन बना रहे हैं, तो जमीन स्तर पर बाजार का अच्छी तरह अध्ययन कर लें। पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों के सहयोग से आपका मौजूदा कारोबार सुचारू रूप से चलता रहेगा।आर्थिक स्थिति: जुलाई के महीने में आपकी आमदनी सामान्य बनी रहेगी, लेकिन घरेलू सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। किसी करीबी मित्र या रिश्तेदार को बड़ा कर्ज या पैसा उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: भावनात्मक दृष्टिकोण से यह समय काफी अच्छा रहने वाला है। रिश्तों में मजबूती आएगी और आपसी भरोसा बढ़ेगा। अविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर-परिवार के किसी बड़े सदस्य या काम की जिम्मेदारी अचानक आपके कंधों पर आ सकती है। शांति और ठंडे दिमाग से काम लेने पर आप सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों को आसानी से निभा सकेंगे।स्वास्थ्य: मानसिक तनाव और बेवजह की चिंता से बचने की कोशिश करें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: सफेद और क्रीम रंग आपके लिए उत्तम हैं। शुभ दिनों में सोमवार और शुक्रवार का सहयोग मिलेगा।मूलांक 3 (यदि जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: शिक्षा, मीडिया, मार्केटिंग, राइटिंग, कला और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों के लिए यह महीना बेहद शानदार रहने वाला है। आपको अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए मंच मिलेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों या इंटरव्यू दे रहे जातकों को सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है।व्यापार: बिजनेस के विस्तार (Expansion) की आपकी योजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी। कारोबार को बढ़ाने के लिए बनाई गई नई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी इस महीने आपको बड़ा मुनाफा कमा कर दे सकती है।आर्थिक स्थिति: आपको इस महीने एक्स्ट्रा इनकम (अतिरिक्त आय) के बेहतरीन मौके हाथ लग सकते हैं। हालांकि, शेयर बाजार या किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से आपको पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में मधुरता घुलेगी और जीवनसाथी हर मोड़ पर सहयोग करेगा। यदि जीवनसाथी के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो वह इस महीने पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।पारिवारिक जीवन: परिवार के सदस्यों के साथ किसी धार्मिक यात्रा या पिकनिक पर जाने का प्लान बन सकता है, जिससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा।स्वास्थ्य: पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों से बचने के लिए बाहर के खाने-पीने से परहेज करें। संतुलित और सात्विक आहार लें।शुभ रंग व दिन: पीला और हल्का नारंगी रंग शुभ फल देगा। दिनों में गुरुवार और रविवार आपके लिए अनुकूल रहेंगे।मूलांक 4 (यदि जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: आपकी पुरानी कड़ी मेहनत का मीठा फल अब आपको मिलने वाला है। लंबे समय से अटके हुए ऑफिशियल काम इस महीने पूरे हो जाएंगे। ऑफिस में आपका अनुशासन और समय की पाबंदी सीनियर्स को प्रभावित करेंगी।व्यापार: बिजनेस में स्थिरता (Stability) बनी रहेगी, जिससे आपका मानसिक तनाव कम होगा। पुराने ग्राहकों का आपके प्रति भरोसा और बढ़ेगा। हालांकि, किसी भी नए बड़े निवेश में हाथ डालने से पहले सावधानी बरतें।आर्थिक स्थिति: पैसों के मामले में आपकी स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत होगी। इसके बावजूद किसी भी तरह के बड़े और गैर-जरूरी खर्चों को फिलहाल के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: रिश्तों में अपनी जिद और गुस्से को आड़े न आने दें। पार्टनर के साथ किसी भी विवाद को शांत मन से बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें।पारिवारिक जीवन: घर के किसी बेहद महत्वपूर्ण निर्णय या पारिवारिक मसले में आपकी राय को विशेष महत्व दिया जाएगा, जिससे परिवार में आपका सम्मान बढ़ेगा।स्वास्थ्य: पीठ दर्द, कमर दर्द या जोड़ों में खिंचाव की समस्या आपको थोड़ा परेशान कर सकती है। डॉक्टर की सलाह लें और हल्के व्यायाम को अपने रूटीन में शामिल करें।शुभ रंग व दिन: नीला और ग्रे (स्लेटी) रंग आपके लिए सकारात्मक रहेगा। शुभ दिनों में शनिवार और रविवार का साथ मिलेगा।मूलांक 5 (यदि जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का यह महीना आपकी प्रोफेशनल लाइफ में बड़े और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आप किसी दूसरी जगह ट्रांसफर हो सकते हैं या ऑफिस में कोई बड़ी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आपके बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) की वजह से आपको वर्कप्लेस पर नई पहचान मिलेगी।व्यापार: व्यापारियों के लिए यह समय नए एग्रीमेंट्स और बड़े ऑर्डर्स मिलने का है। जो लोग ऑनलाइन बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग या ई-कॉमर्स से जुड़े हैं, उन्हें इस महीने बंपर मुनाफा होने के आसार हैं।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मोर्चे पर यह महीना आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। लंबे समय से फंसा हुआ या रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। कम समय में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में आकर किसी भी सट्टेबाजी या जोखिम भरे काम में पैसा न लगाएं।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ में रोमांस और नया उत्साह देखने को मिलेंगे। जो लोग सिंगल हैं, उनकी मुलाकात सोशल मीडिया या किसी इवेंट के दौरान किसी बेहद खास व्यक्ति से हो सकती है।पारिवारिक जीवन: घर में हंसी-खुशी का माहौल बना रहेगा। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा और परिवार के साथ किसी छोटी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।स्वास्थ्य: काम की अधिकता के कारण भागदौड़ ज्यादा रहेगी, इसलिए शरीर को पर्याप्त आराम दें और समय पर पौष्टिक भोजन करना न भूलें।शुभ रंग व दिन: हरा रंग आपके लिए सबसे ज्यादा लकी साबित होगा। दिनों में बुधवार और शुक्रवार आपके लिए शुभ हैं।मूलांक 6 (यदि जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई का महीना आपके करियर में संतुलन और निरंतर प्रगति लेकर आ रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और मिलनसार व्यवहार की हर कोई तारीफ करेगा। यदि आप सैलरी हाइक (वेतन वृद्धि) या प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं, तो महीने के आखिरी हफ्ते में कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।व्यापार: बाजार में आपकी साख बढ़ेगी जिससे पुराने ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा। जो जातक फैशन, कॉस्मेटिक्स, होटल, इंटीरियर डिजाइनिंग, कला या लक्जरी आइटम्स के बिजनेस में हैं, उन्हें बड़े ऑर्डर्स मिलने की पूरी उम्मीद है। पार्टनरशिप में पारदर्शिता रखें।आर्थिक स्थिति: इस महीने आपकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ खर्चों का ग्राफ भी ऊपर जा सकता है। आप नया वाहन, घर या परिवार की सुख-सुविधाओं पर पैसा खर्च कर सकते हैं। एक सटीक बजट बनाकर चलेंगे तो कोई दिक्कत नहीं होगी।प्रेम और वैवाहिक जीवन: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। शादीशुदा लोगों के लिए जीवनसाथी के हर कदम पर साथ देना उनके हौसले को बढ़ाएगा। पुराने मनमुटाव दूर होंगे।पारिवारिक जीवन: घर में किसी मांगलिक प्रसंग या उत्सव की रूपरेखा बन सकती है। सप्ताहांत (Weekend) पर परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से आपको मानसिक शांति मिलेगी।स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें और जंक फूड से पूरी तरह से परहेज करें। जो लोग शुगर या बढ़ते वजन से परेशान हैं, वे विशेष सावधानी बरतें।शुभ रंग व दिन: गुलाबी और हल्का नीला रंग आपके लिए अनुकूल हैं। शुभ दिनों में शुक्रवार और सोमवार शामिल हैं।मूलांक 7 (यदि जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: यह महीना आपके लिए अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने, कुछ नया सीखने और भविष्य के लिए बड़ी प्लानिंग करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जो लोग आईटी (IT), एजुकेशन, रिसर्च, डेटा एनालिसिस और कंसल्टिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनके लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। जोश में आकर नौकरी बदलने का फैसला न लें।व्यापार: कारोबारी इस महीने अपने बिजनेस के बेतहाशा विस्तार की बजाय अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज की क्वालिटी (गुणवत्ता) को सुधारने पर ज्यादा फोकस करें। इस महीने बनाई गई नई बिजनेस स्ट्रेटेजी आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ देगी।आर्थिक स्थिति: आर्थिक मामलों में महीना सामान्य रहेगा। जहां एक तरफ आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ अनचाहे और अचानक आने वाले खर्च आपका बजट बिगाड़ सकते हैं। निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: इस महीने आप स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी रह सकते हैं, जिससे आप अपनी भावनाएं पार्टनर के सामने खुलकर नहीं रख पाएंगे। इस वजह से साथी के मन में गलतफहमी पैदा हो सकती है। संवादहीनता से बचें और खुलकर बात करें।पारिवारिक जीवन: परिवार का पूरा सपोर्ट आपके साथ रहेगा, लेकिन काम के बढ़ते दबाव के बीच आप मानसिक शांति के लिए खुद के साथ अकेले में कुछ वक्त बिताने की जरूरत महसूस करेंगे।स्वास्थ्य: पर्याप्त नींद न लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। मानसिक तनाव और सिरदर्द से बचने के लिए योग, प्राणायाम और वॉक को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं।शुभ रंग व दिन: बैंगनी और सफेद रंग आपके ओरा को मजबूत करेगा। दिनों में सोमवार और गुरुवार का साथ मिलेगा।मूलांक 8 (यदि जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ हो)करियर और नौकरी: जुलाई का यह महीना कार्यस्थल पर आपके धैर्य और कठिन परिश्रम की परीक्षा ले सकता है, लेकिन घबराएं नहीं, यही मेहनत आपको महीने के अंत तक बड़ी सफलता दिलाएगी। ऑफिस में वर्कलोड और जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। सरकारी, प्रशासनिक, बैंकिंग, लॉ या मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा।व्यापार: किसी पुरानी प्रॉपर्टी, पूर्व में किए गए निवेश या लंबे समय से रुकी हुई बिजनेस डील्स से अचानक तगड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी नए डील या सरकारी दस्तावेज पर बिना पढ़े और बिना सोचे-समझे हस्ताक्षर करने की भूल न करें।आर्थिक स्थिति: लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर किसी अनजान स्कीम में भारी निवेश करने से बचें, अन्यथा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।प्रेम और वैवाहिक जीवन: काम की व्यस्तता के चलते आप अपने लाइफ पार्टनर को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे थोड़े शिकवे-शिकायतें बढ़ सकती हैं। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में बैलेंस बनाकर रखें, पुराने विवाद धीरे-धीरे सुलझ जाएंगे।पारिवारिक जीवन: घर के किसी वरिष्ठ या बुजुर्ग सदस्य की सलाह आपके किसी बड़े संकट को टालने में मददगार साबित होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अहम फैसला इस महीने लिया जा सकता है।स्वास्थ्य: हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), जोड़ों के दर्द या अत्यधिक शारीरिक थकान को सामान्य मानकर नजरअंदाज करने की गलती न करें। समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहें।शुभ रंग व दिन: गहरा नीला और काला रंग आपके लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। शुभ दिनों में शनिवार और शुक्रवार अनुकूल रहेंगे।मूलांक 9 (यदि जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ हो)करिअर और नौकरी: जुलाई 2026 आपके लिए बड़ी उपलब्धियों और सफलताओं का महीना साबित होने वाला है। जो काम महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। सेना, पुलिस, प्रशासन, मेडिकल, सोशल सर्विस और राजनीति से जुड़े जातकों को इस महीने कोई बड़ा पद या विशेष सफलता मिल सकती है।व्यापार: बिजनेस में विस्तार की जो योजनाएं ठंडे बस्ते में थीं, वे अब अमलीजामा पहनेंगी। बाजार में नए संपर्क और बड़े क्लाइंट्स आपके साथ जुड़ेंगे। कोर्ट-कचहरी या प्रतिद्वंदियों के साथ चल रहे पुराने विवाद सुलझने से आपके काम में तेजी आएगी।आर्थिक स्थिति: धन आगमन के बेहद खूबसूरत और मजबूत योग बन रहे हैं। बिजनेस में रुका हुआ पुराना पेमेंट क्लियर हो जाएगा, जिससे आपकी फाइनेंशियल कंडीशन काफी मजबूत होगी। फिर भी, बड़ा निवेश करने से पहले जोखिमों का आकलन जरूर कर लें।प्रेम और वैवाहिक जीवन: लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में गजब का आपसी तालमेल और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी। हर मुश्किल परिस्थिति में पार्टनर ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के बेहतरीन प्रस्ताव आ सकते हैं।पारिवारिक जीवन: परिवार में किसी सदस्य की नौकरी या विवाह से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है। घर में किसी मांगलिक या धार्मिक कार्य की योजना बनेगी, जिससे पूरे घर का माहौल सकारात्मक और ऊर्जावान रहेगा।स्वास्थ्य: इस महीने आपकी शारीरिक ऊर्जा और इम्युनिटी बहुत अच्छी रहेंगी। हालांकि, आपको अपने अत्यधिक गुस्से और मानसिक उत्तेजना पर कंट्रोल रखना होगा, वरना ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। नियमित वर्कआउट करें।शुभ रंग व दिन: लाल और मैरून रंग आपके भाग्य में वृद्धि करेगा। शुभ दिनों में मंगलवार और रविवार आपके लिए सर्वश्रेष्ठ रहेंगे।
ड्राइंग रूम में सोफा और टीवी की सही दिशा चमकाएगी किस्मत, वास्तु के इन नियमों से घर में बरसेगा पैसा
घर का लिविंग रूम यानी ड्राइंग रूम वह मुख्य स्थान होता है जहां परिवार के सभी सदस्य एक साथ समय बिताते हैं और घर आने वाले मेहमानों का स्वागत किया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ड्राइंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होना बेहद जरूरी है क्योंकि इसका सीधा असर घर के मुखिया की तरक्की, परिवार की सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। अक्सर लोग इंटीरियर डिजाइनिंग के चक्कर में ड्राइंग रूम में सोफा सेट और टेलीविजन (TV) जैसी मुख्य चीजों को किसी भी दिशा में रख देते हैं, जिससे घर में भारी वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। आइए जानते हैं कि वास्तु संतुलन बनाए रखने के लिए सोफा और टीवी रखने की सबसे सटीक और सही दिशा कौन सी है।सुख-समृद्धि के लिए ड्राइंग रूम में किस दिशा में रखें भारी सोफा सेटवास्तु विज्ञान के नियमों के मुताबिक, ड्राइंग रूम में सोफा सेट या किसी भी तरह के भारी फर्नीचर को रखने के लिए दक्षिण (South) और पश्चिम (West) दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। यदि आप अपने लिविंग रूम की दक्षिण-पश्चिम यानी नैऋत्य कोण की दीवारों से सटाकर सोफा रखते हैं, तो इससे घर में स्थायित्व आता है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल मजबूत होता है। बैठते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर के मुखिया का मुख हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ऐसा होने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और घर के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार तेजी से होने लगता है।किस कोने में भूलकर भी न लगाएं टीवी, हो सकता है बड़ा मानसिक तनावआधुनिक घरों में टीवी केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह अग्नि तत्व और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ा उपकरण है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ड्राइंग रूम में टीवी लगाने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East) यानी आग्नेय कोण को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस दिशा में टीवी होने से घर में रहने वाले लोगों को सकारात्मक जानकारियां मिलती हैं और उनका मानसिक विकास सही दिशा में होता है। ध्यान रखें कि भूलकर भी टीवी को उत्तर-पूर्व (North-East) यानी ईशान कोण में न लगाएं। इस पवित्र कोने में टीवी या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट रखने से घर का वास्तु बिगड़ता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में रुकावट और परिवार में बेवजह का तनाव पैदा होने लगता है।इन छोटी मगर बेहद जरूरी वास्तु टिप्स का रखें विशेष ख्यालड्राइंग रूम को वास्तु सम्मत बनाने के लिए केवल सोफा और टीवी की दिशा ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य नियमों का पालन करना भी आवश्यक है। लिविंग रूम के केंद्र यानी बीच के हिस्से को हमेशा खाली और साफ-सुथरा रखें, क्योंकि इसे ब्रह्मस्थान माना जाता है। सोफे के ठीक सामने या टीवी स्क्रीन पर मुख्य दरवाजे का सीधा प्रतिबिंब यानी परछाई नहीं पड़नी चाहिए। साथ ही, ड्राइंग रूम की दीवारों पर हमेशा हल्के और सकारात्मक रंगों जैसे क्रीम, हल्का पीला या ऑफ-व्हाइट का ही इस्तेमाल करें। इन आसान से बदलावों को अपनाकर आप अपने घर की नकारात्मक ऊर्जा को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं और सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।
Weekly Rashifal 2026: जून और जुलाई 2026 के बीच का यह सप्ताह नई ऊर्जा, नए अवसर और महत्वपूर्ण बदलावों का संकेत लेकर आ रहा है। ग्रहों की स्थिति कई राशियों को करियर, व्यापार, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान कर सकती है। कुछ जातकों ...
Horoscope June 29 June To 05 July 2026: 29 जून से 05 जुलाई तक का मेष से लेकर मीन राशि तक का साप्ताहिक राशिफल। यह सप्ताह निवेश, व्यवसाय और करियर के लिए थोड़ा उतार चढ़ाव लावा रह सकता है। करियर, सेहत और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए समय निकालना होगा। ...
राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर
वर्तमान में धन, ज्ञान और भाग्य के कारक गुरु (बृहस्पति) और मायावी ग्रह राहु के बीच यह स्थिति बन रही है। चूंकि छठा भाव रोग, ऋण, शत्रु का है और आठवां भाव संकट, अचानक बदलाव व आयु का है, इसलिए इस योग के कारण वैश्विक स्तर और सभी राशियों के जीवन में बड़े ...
निर्जला एकादशी पर ग्रहों का महासंयोग, इन 3 राशियों की पलटने जा रही है किस्मत
इस साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों ही नजरिए से बेहद खास हो गई है। साल के सभी 24 व्रतों में सबसे कठिन माने जाने वाले इस उपवास के दिन आकाश मंडल में एक ऐसा दुर्लभ नजारा बन रहा है, जो सीधे आपकी जेब और किस्मत पर असर डालेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, इस पावन अवसर पर ग्रहों के राजा और राजकुमार की जुगलबंदी से 'लक्ष्मी नारायण राजयोग' का निर्माण हो रहा है, जिसे सुख, समृद्धि और धन-दौलत देने वाला माना जाता है।आखिर कैसे बनता है यह चमत्कारी लक्ष्मी नारायण राजयोगज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, जब भी बुद्धि के देवता बुध और सुख-वैभव के कारक शुक्र ग्रह किसी एक राशि में एक साथ बैठते हैं, तो लक्ष्मी नारायण राजयोग बनता है। इस बार यह अनोखा संयोग कर्क राशि में बनने जा रहा है। मान्यता है कि इस महायोग के दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने और अपनी क्षमता के अनुसार मिट्टी के घड़े, तरबूज, ठंडे जल या वस्त्रों का दान करने से पूरे साल की सभी एकादशियों का पुण्य एक बार में ही मिल जाता है।वृषभ राशि: थमे हुए काम पकड़ेंगे रफ्तारवृषभ राशि के जातकों के लिए यह राजयोग किसी वरदान से कम नहीं है। अगर आप लंबे समय से अपने करियर या नौकरी में किसी बदलाव का इंतजार कर रहे थे, तो अब आपके प्रयास रंग लाने वाले हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है, जिससे आर्थिक स्थिति को तगड़ा बूस्ट मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन और दफ्तर में मान-सम्मान बढ़ने के पूरे आसार दिख रहे हैं।कर्क राशि: आपकी ही तिजोरी में बरसेगा धनचूंकि यह शक्तिशाली राजयोग आपकी अपनी ही राशि यानी कर्क राशि में बन रहा है, इसलिए सबसे बड़ा और सीधा फायदा आपको ही मिलने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपकी पुरानी मेहनत अब रंग लाएगी और आय के नए स्रोत सामने आएंगे। जो लोग नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय बेहद अनुकूल है। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।तुला राशि: मुश्किलों से मिलेगा छुटकारा और बढ़ेगा बैंक बैलेंसतुला राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग बंद किस्मत के ताले खोलने का काम कर सकता है। पिछले कई दिनों से जिन मानसिक या आर्थिक परेशानियों ने आपको घेर रखा था, वे अब धीरे-धीरे दूर होने लगेंगी। नौकरी और व्यापार में किए गए निवेश से आपको उम्मीद से बेहतर मुनाफा मिलने की उम्मीद है। परिवार के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और घर में सुख-शांति का माहौल रहेगा।
आज 25 जून 2026 को देश भर में पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ साल का सबसे बड़ा और कठिन माना जाने वाला 'निर्जला एकादशी व्रत' रखा जा रहा है। हिंदू सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि साल भर की सभी 24 एकादशियों में यह एकादशी सबसे श्रेष्ठ और फलदायी है। महाभारत काल से चले आ रहे इस महाव्रत के बारे में कहा जाता है कि यदि कोई श्रद्धालु हर महीने आने वाली एकादशियों का व्रत नहीं रख पाता है, तो वह केवल इस एक निर्जला एकादशी का व्रत रखकर सभी एकादशियों का पुण्य फल एक साथ प्राप्त कर सकता है। इस दिन पूरी निष्ठा से तप करने वाले भक्तों पर भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा पूरे साल बनी रहती है।चूंकि यह व्रत बिना अन्न और जल ग्रहण किए (निर्जल) रखा जाता है, इसलिए ज्येष्ठ मास की इस भीषण गर्मी में इसे निभाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में कई बार व्रती से अनजाने में या गलती से पानी पी लेने के कारण व्रत टूट जाता है। व्रत भंग होते ही मन में कई तरह की शंकाएं और सवाल उठने लगते हैं—जैसे कहीं भगवान विष्णु क्रोधित तो नहीं हो जाएंगे? क्या जीवन में कोई बड़ी परेशानी आ जाएगी? ज्योतिष शास्त्र और पुराणों में ऐसी स्थिति से निपटने और भगवान से क्षमा मांगने के कुछ बेहद सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं।उदया तिथि में आज रखा जा रहा है महाव्रतद्रिक पंचांग (Drik Panchang) की सटीक गणना के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून की शाम 06 बजकर 12 मिनट से शुरू हो चुकी है और आज 25 जून को शाम 08 बजकर 09 मिनट पर समाप्त होगी। शास्त्रों के नियमों के अनुसार, उदया तिथि की मान्यता को देखते हुए आज 25 जून को ही सूर्योदय से यह कठिन निर्जला व्रत रखा जा रहा है। आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि करने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लिया है।अगर गलती से टूट जाए एकादशी व्रत, तो पैनिक न होंशास्त्रों और परम पूज्य साधु-संतों के अनुसार, भगवान विष्णु बाहरी क्रियाओं या कठोरता से कहीं अधिक भक्त के सच्चे भाव और समर्पण के भूखे होते हैं। यदि कोई व्यक्ति केवल दिखावे के लिए व्रत रखता है और मन में कपट रखता है, तो वह व्रत केवल स्वास्थ्य के लिहाज से सही हो सकता है, भक्ति के लिए नहीं। इसके विपरीत, यदि आप सच्चे मन और अटूट श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु के प्रति समर्पित हैं और अत्यधिक प्यास या भूलवश आपसे पानी की एक घूंट अंदर चली गई है, तो भगवान कभी अपने भक्त से नाराज नहीं होते। अनजाने में हुई भूल पर पैनिक (परेशान) होने के बजाय मन में पश्चाताप का भाव रखें और नीचे दिए गए उपायों को अपनाएं।व्रत भंग होने पर तुरंत करें ये 5 ज्योतिषीय उपायअगर आपसे आज गलती से निर्जला एकादशी का नियम टूट गया है, तो इन धार्मिक विधियों से आप श्री हरि को प्रसन्न कर क्षमा पा सकते हैं:करबद्ध होकर क्षमा प्रार्थना: सबसे पहले पूजा घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। हाथ जोड़कर कहें, हे प्रभु! मुझसे अज्ञानता वश यह भूल हुई है और मेरा व्रत टूट गया है, कृपया मेरी इस मानवीय भूल को स्वीकार कर मुझे क्षमा करें।महामंत्र का निरंतर जाप: व्रत टूटने के बाद अपना मानसिक संतुलन न खोएं और पूरे दिन शुद्ध मन से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का निरंतर मन ही मन जाप करते रहें। यह मंत्र दोषों का निवारण करता है।विष्णु सहस्रनाम या गीता पाठ: शांत चित्त से एक स्थान पर बैठ जाएं और भगवान विष्णु के 1000 नामों का संग्रह 'विष्णु सहस्रनाम' (Vishnu Sahasranamam) का पाठ करें या श्रीमद्भगवद्गीता का श्रवण करें। इससे वातावरण और मन की नकारात्मकता दूर होती है।ब्राह्मणों व जरूरतमंदों को दान: शास्त्रों में व्रत के दोष से मुक्ति के लिए दान को सबसे उत्तम बताया गया है। यदि व्रत टूट गया है, तो आज शाम या अगले दिन सुबह किसी योग्य ब्राह्मण या गरीब को मौसमी फल, पानी से भरा घड़ा (कलश), सत्तू या सामर्थ्य के अनुसार अनाज का दान अवश्य करें।सात्विक आचरण और शांत मन: नियम टूटने के बाद भी मन से व्रत की भावना को न जाने दें। दिन के बचे हुए हिस्से में सात्विक आचरण बनाए रखें—जैसे किसी पर क्रोध न करें, झूठ न बोलें और किसी की बुराई या चुगली करने से बचें।असहनीय प्यास लगने पर इस विशेष विधि से पी सकते हैं पानीयदि निर्जला एकादशी के दौरान गर्मी के कारण आपकी सेहत बिगड़ने लगे या तेज प्यास से गला सूखने लगे, तो शास्त्रों में एक विशेष आपातकालीन नियम बताया गया है, जिससे प्राणों की रक्षा भी होती है और व्रत खंडित होने का दोष भी नहीं लगता:पानी पीने की तीव्र इच्छा होने पर सबसे पहले शांत होकर भगवान विष्णु के मंत्र ॐ नमो नारायणाय का 21 बार पूरी श्रद्धा से जाप करें।इसके बाद चांदी या पीतल की एक साफ थाली या पात्र लें और उसमें थोड़ा सा शुद्ध पीने का पानी डालें।इस जल में कुछ बूंदें पवित्र गंगाजल की जरूर मिला लें।अब अपने दोनों घुटनों और दोनों हाथों को जमीन पर टिकाकर (पशु की मुद्रा में) झुकें और सीधे मुंह से उस जल को ग्रहण कर लें।शास्त्रों के अनुसार, इस विशेष मुद्रा और विधि से जल ग्रहण करने पर इसे सीधे तौर पर 'पानी पीना' नहीं माना जाता, बल्कि इसे केवल कंठ को तर करना कहा जाता है। इस उपाय से आपका निर्जला एकादशी का व्रत पूरी तरह सुरक्षित रहता है और खंडित नहीं माना जाता।
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आज के समय में खुद को आकर्षक दिखाने और लाइफ में पॉजिटिविटी लाने के लिए लोग रत्न और क्रिस्टल थेरेपी का खूब सहारा ले रहे हैं। ज्योतिष और रत्न शास्त्र में नौ ग्रहों के नौ मुख्य रत्नों के अलावा कई असरदार उप-रत्नों (Semi-Precious Stones) के बारे में बताया गया है, जो सीधे तौर पर हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय स्टोन है 'पायराइट' (Pyrite)।इसे धन, समृद्धि और सोभाग्य को आकर्षित करने वाला एक अत्यंत प्रभावी रत्न माना जाता है। आजकल बाजार और ऑनलाइन स्टोर्स पर पायराइट की फैशनेबल ज्वेलरी जैसे ब्रेसलेट, अंगूठी, पेंडेंट और क्रिस्टल ट्री धड़ल्ले से बिक रहे हैं। चूंकि यह एक सेमी-प्रीशियस स्टोन है, इसलिए यह न तो बहुत ज्यादा महंगा है और न ही बहुत सस्ता, जिसके कारण इसे खरीदना हर आम और खास इंसान के लिए आसान है।पायराइट के इस बढ़ते चलन के बीच आजकल लड़कियों में इसकी पायल (Anklet) पहनने का एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है। कई युवतियां इसे धन, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानकर पैरों में धारण कर रही हैं। लेकिन क्या बिना ज्योतिषीय सलाह के पैरों में पायराइट पहनना आपके लिए सही है? आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक सच।'फूल्स गोल्ड' (Fool's Gold) के चक्कर में कहीं आप न बन जाएं फूल!दिखने में पायराइट बिल्कुल असली सोने की तरह पीला और अत्यधिक चमकीला होता है, जिसके कारण प्राचीन काल से ही इसे 'फूल्स गोल्ड' यानी 'मूर्खों का सोना' कहा जाता है। रत्न शास्त्र और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस स्टोन के भीतर सूर्य और मंगल ग्रह की प्रचंड ऊर्जा समाहित होती है। सूर्य जहां आत्मा, मान-सम्मान और आत्मविश्वास के कारक हैं, वहीं मंगल साहस और ऊर्जा के प्रतीक हैं।चूंकि इसमें दो उग्र ग्रहों की ऊर्जा होती है, इसलिए यह जरूरी नहीं कि यह रत्न हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद ही साबित हो। इसे धारण करने से पहले अपनी राशि और कुंडली में ग्रहों की वास्तविक स्थिति को जानना बेहद जरूरी है। किसी योग्य विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसे फैशन के तौर पर पहनना आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है।किन राशियों के लिए वरदान साबित होता है पायराइट?ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पायराइट मुख्य रूप से अग्नि और पृथ्वी तत्व की राशियों के लिए अत्यंत भाग्यशाली माना जाता है।मेष, सिंह और वृश्चिक राशि: इन तीन राशियों के जातकों के लिए पायराइट पहनना सबसे ज्यादा फलदायी होता है।कुंडली में ग्रहों की स्थिति: यदि आपकी कुंडली में सूर्य या मंगल ग्रह कमजोर स्थिति में हैं या पीड़ित हैं, तो पायराइट पहनना एक अचूक उपाय साबित हो सकता है।इसे धारण करने से व्यक्ति के भीतर नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का संचार होता है, करियर व बिजनेस में रुकी हुई ग्रोथ तेजी से बढ़ती है और आर्थिक तंगी दूर होती है। इन राशियों की जो लड़कियां या युवा नौकरी, नए स्टार्टअप या प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता हासिल करना चाहते हैं, उन्हें पायराइट पहनने से चमत्कारी लाभ मिल सकते हैं।इन 3 राशियों के लोग भूलकर भी न पहनें यह स्टोनजहां कुछ राशियों के लिए यह रत्न किस्मत बदलने वाला होता है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह बेहद अशुभ परिणाम भी ला सकता है।वृषभ, कर्क और मकर राशि: ज्योतिष के नियमों के अनुसार, वृषभ, कर्क और मकर राशि के जातकों को पायराइट पहनने से सख्त परहेज करना चाहिए।मजबूत सूर्य-मंगल वाले लोग: यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य और मंगल पहले से ही बहुत मजबूत या उच्च स्थिति में हैं, तो उन्हें भी यह स्टोन नहीं पहनना चाहिए।अगर ऐसी स्थिति में कोई व्यक्ति पायराइट पहनता है, तो इसकी अत्यधिक उग्र ऊर्जा के कारण जातक के स्वभाव में अचानक गुस्सा, आक्रामकता और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। इसके अलावा, उसे मानसिक तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और हर वक्त एक अज्ञात बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है।पैरों में पायराइट की पायल पहनने की कतई न करें गलतीयदि आपकी राशि मेष, सिंह या वृश्चिक है और कुंडली के अनुसार आपके लिए पायराइट पहनना बिल्कुल सही है, तो भी इसकी पायल बनाकर पैरों में पहनने की भूल कभी न करें। रत्न शास्त्र के अनुसार, पैरों में किसी भी शुभ या ऊर्जायुक्त रत्न को धारण करना उस ग्रह का घोर अनादर माना जाता है। पैर हमारे शरीर का सबसे निचला हिस्सा होते हैं, जो धूल-मिट्टी और अशुद्धियों के संपर्क में आते हैं।अगर आप पैर में सूर्य और मंगल की ऊर्जा वाले पायराइट को पहनते हैं, तो कुंडली में ये दोनों ग्रह पूरी तरह दूषित और खराब हो सकते हैं। इस गंभीर गलती के कारण आपके जीवन में निम्नलिखित नुकसान हो सकते हैं:आर्थिक अस्थिरता और धन हानि: जो रत्न धन को आकर्षित करने के लिए जाना जाता है, वही रत्न पैरों में जाने पर आपकी संचित पूंजी को नष्ट कर सकता है और बिजनेस में घाटा दे सकता है।मानसिक बेचैनी और निगेटिविटी: इसके गलत प्रभाव से घर में कलह, मानसिक अवसाद, तनाव और चारों तरफ से नकारात्मक ऊर्जा आपको घेर सकती है।सही तरीका क्या है?अगर आप पायराइट का पूरा और सकारात्मक लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे हमेशा अपने शरीर के ऊपरी हिस्से में ही धारण करें। आप इसे अंगूठी (Right Hand Ring Finger), पेंडेंट (गले में) या फिर हाथ के सुंदर ब्रेसलेट के रूप में पहन सकते हैं। सही दिशा और सही तरीके से पहना गया पायराइट ही आपके जीवन में सुख, समृद्धि, अटूट धन और सौभाग्य लेकर आएगा।
सनातन धर्म में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है, जिसके जरिए हम हर दिन के शुभ-अशुभ समय, नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति की सटीक गणना जानते हैं। आज बुधवार, 24 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। बुधवार का दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।इसके साथ ही आज का दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज ज्येष्ठ शुक्ल दशमी की शाम से ही साल के सबसे कठिन व्रतों में से एक 'निर्जला एकादशी' की तैयारियां और कड़े नियम (नहाय-खाय) शुरू हो जाएंगे। व्रती आज सात्विक भोजन ग्रहण करने के बाद अन्न-जल का त्याग करेंगे और अगले दिन 25 जून को पूर्ण रूप से निराहार और निर्जला रहकर एकादशी का महाव्रत रखेंगे, जिसका पारण 26 जून को द्वादशी तिथि को किया जाएगा।द्रिक पंचांग (Drik Panchang) और प्रोकेरल पंचांग की ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर आइए जानते हैं लखनऊ, दिल्ली समेत देश भर के लिए आज 24 जून 2026 का विस्तृत और सटीक पंचांग।आज की तिथि, वार और नक्षत्र का पूरा ब्योराआज की तिथि: आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शाम 06 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा, जो कि निर्जला एकादशी कहलाएगी।आज का वार: बुधवार (भगवान गणेश की पूजा का विशेष दिन)।आज का नक्षत्र: आज दोपहर 01 बजकर 59 मिनट तक 'चित्रा नक्षत्र' रहेगा, इसके बाद 'स्वाति नक्षत्र' की शुरुआत होगी।आज के शुभ योग: आज सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक 'परिघ योग' रहेगा, जिसके बाद बेहद कल्याणकारी 'शिव योग' प्रारंभ हो जाएगा, जो धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।आज का गोचर: आज चंद्रमा पूरे दिन और रात शुक्र की राशि 'तुला राशि' में गोचर करेंगे, जिससे मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का योग बनेगा।सूर्य और चंद्रमा के उदय व अस्त का सटीक समयआज सूर्य और चंद्रमा की आकाशीय चाल का समय कुछ इस प्रकार रहेगा (स्थानीय शहर और अक्षांश के अनुसार इसमें कुछ मिनटों का अंतर संभावित है):सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 46 मिनट परसूर्यास्त: शाम 07 बजकर 11 मिनट परचन्द्रोदय: दोपहर 02 बजकर 35 मिनट परचन्द्रास्त: 24 और 25 जून की मध्य रात्रि (देर रात) 01 बजकर 54 मिनट परआज के शुभ मुहूर्त (इन समयों में शुरू कर सकते हैं मांगलिक कार्य)आज दिन के चौघड़िए और पंचांग के अनुसार निम्नलिखित समय बेहद पवित्र और फलदायी रहने वाले हैं:ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 10 मिनट से सुबह 04 बजकर 58 मिनट तक (ईश्वर आराधना और ध्यान के लिए सर्वश्रेष्ठ)।अमृत काल: सुबह 07 बजकर 32 मिनट से सुबह 09 बजकर 17 मिनट तक (इस काल में किए गए कार्य सिद्ध होते हैं)।अभिजीत मुहूर्त: आज बुधवार होने के कारण कोई भी अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं (Nil) है।आज के अशुभ काल और राहुकाल (इस दौरान नए काम शुरू करने से बचें)ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल और अन्य अशुभ समय में किसी भी नए व्यापार, गृह प्रवेश या मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए:राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से दोपहर 02 बजकर 09 मिनट तक (इस दौरान कोई भी शुभ कार्य न करें)।यम गण्ड: सुबह 07 बजकर 27 मिनट से सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक।कुलिक मुहूर्त: सुबह 1048 बजे से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक।दुर्मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 02 मिनट से दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक।वर्ज्यम् काल: रात 08 बजकर 10 मिनट से देर रात 09 बजकर 56 मिनट तक।आज के पंचांग के अनुसार 'करण' की स्थितिगर करण: सुबह 05 बजकर 22 मिनट से शाम 06 बजकर 12 मिनट तक।वणिज करण: शाम 06 बजकर 12 मिनट से लेकर अगले दिन 25 जून की सुबह 07 बजकर 08 मिनट तक रहेगा।आज बुधवार को विघ्नहर्ता गणेश जी को दूर्वा (दूब घास) और मोदक अर्पित करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और बुद्धि-वैभव की प्राप्ति होती है। शाम के समय भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ निर्जला एकादशी व्रत का संकल्प अवश्य लें।
कर्क राशि में वक्री होंगे बुध, जानिए 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर
29 जून 2026 की रात 10:45 बजे बुध ग्रह कर्क राशि में वक्री होने जा रहे हैं, यानी वे अपनी उल्टी चाल शुरू करेंगे। इसका व्यापार, शिक्षा, कम्युनिकेशन, संचार आदि पर प्रभाव होगा। आइए जानते हैं कि बुध की यह उल्टी चाल मेष से लेकर मीन राशि तक कैसा प्रभाव ...
सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र में उपहार (Gifts) का लेन-देन सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि ऊर्जा के आदान-प्रदान का एक माध्यम माना गया है। उपहार किसी व्यक्ति के प्रति सम्मान, प्रेम और सहयोग की भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे बेहतरीन जरिया है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार उपहार देते समय हमेशा विशेष सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि एक गलत तोहफा हंसते-खेलते रिश्तों में दरार डाल सकता है, जबकि सही उपहार न केवल रिश्तों को फौलाद जैसा मजबूत बनाता है बल्कि आपके खुद के भाग्य को भी चमका देता है। इसके अलावा, तोहफे की पैकिंग और उसके पेपर का रंग भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उपहार के लेन-देन में बरतें ये सावधानियां, नहीं तो बिगड़ जाएंगे रिश्तेवास्तु विज्ञान के अनुसार, जब भी आप किसी को कोई चीज भेंट करते हैं या किसी से स्वीकार करते हैं, तो कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है:नियमित उपयोग की वस्तुएं दें: तोहफे में हमेशा ऐसी चीजें दें जो सामने वाले के रोजमर्रा के जीवन में काम आ सकें, इसे बेहद शुभ माना जाता है।सजावटी सामानों से बचें: घर को सजाने वाले शोपीस या डेकोरेटिव आइटम्स कम से कम उपहार में देने चाहिए।मेकअप और सौंदर्य प्रसाधन: श्रृंगार की सामग्री या ब्यूटी प्रोडक्ट्स केवल उन्हीं लोगों को गिफ्ट करें, जिनसे आपके बेहद करीबी या पारिवारिक रिश्ते हों।गिफ्ट की री-साइक्लिंग न करें: एक व्यक्ति से मिला हुआ उपहार कभी भी भूलकर दूसरे व्यक्ति को आगे फॉरवर्ड (गिफ्ट) नहीं करना चाहिए, इससे सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।प्यार में इन चीजों से तौबा: लव लाइफ या प्रेम संबंधों में कभी भी कांच से बनी वस्तुएं या ताजमहल जैसी चीजें उपहार में न दें, यह रिश्तों में बिखराव लाती हैं।भगवान की मूर्तियां न दें: जहां तक संभव हो, देवी-देवताओं की मूर्तियां या तस्वीरें उपहार में देने से बचना चाहिए, क्योंकि उनकी नियमित पूजा-पाठ न होने पर दोष लगता है।इन 4 चीजों का गिफ्ट मिलना चमका देता है सोई हुई किस्मतवास्तु शास्त्र में कुछ खास चीजों को 'गुड लक गिफ्ट्स' (Good Luck Gifts) की श्रेणी में रखा गया है। अगर ये चीजें आपको किसी से उपहार में मिलती हैं, तो आपकी आर्थिक और मानसिक स्थिति में चमत्कारी बदलाव आ सकते हैं:1. चांदी की वस्तुएं (Silver Items)ज्योतिष और वास्तु में चांदी का सीधा संबंध चंद्रमा से माना गया है। चांदी का कोई सिक्का, आभूषण या बर्तन उपहार में मिलना या किसी को देना घर में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।2. सात दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर (7 Running Horses)वास्तु में सात सफेद दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर या मूर्ति को बेहद फलदायी माना गया है। इसे किसी को भेंट करना या उपहार में पाना करियर, नौकरी और बिजनेस में दोगुनी रफ्तार से तरक्की (Growth) होने का सूचक है।3. मिट्टी के बर्तन या शोपीस (Earthen Artifacts)मिट्टी से बने सजावटी सामान या बर्तन अगर आपको उपहार में मिलते हैं, तो यह बहुत शुभ संकेत है। माना जाता है कि इससे समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ता है, अटका हुआ धन वापस आता है और जीवन में स्थिरता आती है।4. लाफिंग बुद्धा या फेंगशुई आइटम्स (Laughing Buddha)लाफिंग बुद्धा को खुशहाली, सकारात्मकता और आर्थिक संपन्नता लाने वाला माना जाता है। वास्तु के अनुसार, लाफिंग बुद्धा को बाजार से खुद खरीदकर लाने के बजाय, किसी दूसरे व्यक्ति से उपहार में पाना कई गुना ज्यादा लाभकारी और फलदायी होता है।रिश्ते और अवसर के उद्देश्य के हिसाब से ही चुनें परफेक्ट गिफ्टवास्तु शास्त्र कहता है कि हर रिश्ते की एक अलग ऊर्जा होती है, इसलिए हमेशा सामने वाले व्यक्ति और अवसर के उद्देश्य को ध्यान में रखकर ही उपहार का चयन करना चाहिए:वरिष्ठ या गुरुजन: अपने से बड़ों, मार्गदर्शकों या गुरुओं को हमेशा एक बेहतरीन कलम (Pen) या ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपहार में दें।प्रेम संबंध: लव पार्टनर्स को आपस में बेहतरीन सुगंध (Perfume), सुंदर कपड़े या ताजे लाल गुलाब के फूल देने चाहिए।विवाह के अवसर पर: शादी-ब्याह के मौके पर नए जोड़े को नए वस्त्र, घर गृहस्थी के उपयोग में आने वाली चीजें या मिठाई भेंट करना सर्वोत्तम माना जाता है।संतान प्राप्ति: घर में नन्हे मेहमान या संतान के आगमन के अवसर पर चांदी की कोई छोटी सी चीज (जैसे चम्मच, कटोरी या कड़ा) जरूर गिफ्ट करें।पति-पत्नी के लिए: वैवाहिक जीवन में मधुरता बनाए रखने के लिए पति-पत्नी के बीच घड़ियों (Watches) का आदान-प्रदान सबसे उत्तम माना गया है।सच्ची मित्रता: दोस्तों को हमेशा चॉकलेट या संगीत (Music) से जुड़ी कोई मनपसंद चीज उपहार में देनी चाहिए।टूटे रिश्ते को जोड़ने के लिए: अगर किसी अपने से अनबन हो गई है और आप रिश्ता दोबारा सुधारना चाहते हैं, तो उन्हें सुगंधित मोमबत्तियां (Scented Candles) और एक सुंदर घड़ी उपहार में दें।
बुध का कर्क राशि में गोचर: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
22 जून 2026 की दोपहर 03:09 बजे बुध देव चंद्र की राशि 'कर्क' में प्रवेश कर गए हैं। 4 भाग्यशाली राशियों के जीवन में तरक्की और खुशियों की नई बहार लेकर आए हैं जबकि 3 राशियों को सतर्क रहना होगा। वृषभ, कर्क, कन्या और तुला को लाभ। सिंह, वृश्चिक और धनु को ...
Baby Boy Names Born on Monday: शिव जी की विशेष कृपा वाले 'Baby Boy Names' और उनके गहरे अर्थ
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में बच्चे के जन्म के दिन का बहुत बड़ा महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सप्ताह का पहला दिन यानी सोमवार (Monday) पूरी तरह से देवाधिदेव महादेव को समर्पित होता है। ऐसा माना जाता है कि सोमवार के दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर भगवान भोलेनाथ की हमेशा विशेष और अटूट कृपा बनी रहती है। हिंदू संस्कृति में नाम का प्रभाव इंसान के स्वभाव और उसके पूरे जीवन पर पड़ता है।यदि आपके घर में भी सोमवार के दिन एक नन्हे राजकुमार (बेटे) ने जन्म लिया है, तो आप अपने लाडले के लिए भगवान शिव से प्रेरित एक बेहद अनूठा और सुंदर नाम चुन सकते हैं। यहाँ महादेव के उन शक्तिशाली और अर्थपूर्ण नामों की पूरी लिस्ट दी जा रही है, जो आपके बच्चे के जीवन को सकारात्मकता से भर देंगे।महादेव के नाम और उनके पावन अर्थ (Baby Boy Names List)नीचे भगवान शिव के कल्याणकारी नामों की सूची उनके गहरे आध्यात्मिक अर्थों के साथ दी गई है, जिन्हें आप अपने बेटे के लिए चुन सकते हैं:अ से शुरू होने वाले नामअनीश्वर: इस नाम का अर्थ है— जो स्वयं ही सबके स्वामी हैं, यानी जिसके ऊपर कोई अन्य ईश्वर न हो।अनघ: इस सुंदर नाम का मतलब होता है— जो पूरी तरह से पापरहित और पवित्र हो।अनेकात्मा: भगवान शिव के इस नाम का अर्थ है— संसार के कल्याण के लिए अनेक रूप धारण करने वाले।अव्यय: इसका अर्थ है— जो सदा एक समान रहे, जो खर्च होने या समय बीतने पर भी कभी न घटे।अव्यग्र: इस नाम का मतलब है— जो कभी भी विचलित या व्यथित न होने वाले, यानी परम शांत।अव्यक्त: इसका अर्थ है— जो सामान्य इंद्रियों के सामने आसानी से प्रकट न होने वाले, जो बेहद रहस्यमयी हों।अनंत: इस नाम का बेहद सुंदर अर्थ है— जो देश, काल और वस्तु की सीमाओं से परे हो, जिसका कभी कोई अंत न हो।क, ग और श से शुरू होने वाले नामकपर्दी: भगवान शिव के इस अनोखे नाम का मतलब है— सुंदर जटाजूट धारण करने वाले।गिरीश: इसका अर्थ है— पर्वतों के स्वामी (हिमालय और कैलाश के राजा)।गिरिश्वर: महादेव के इस नाम का मतलब है— कैलाश पर्वत पर निवास करने वाले या शयन करने वाले।शर्व: इस छोटे और मॉडर्न नाम का मतलब है— भक्तों के सभी कष्टों और दुखों को नष्ट करने वाले।शाश्वत: इसका अर्थ है— जो सनातन है, नित्य है और हमेशा रहने वाला है।त, प और व से शुरू होने वाले नामत्रिलोकेश: इस नाम का बेहद शक्तिशाली अर्थ है— तीनों लोकों (आकाश, पाताल और धरती) के स्वामी।त्रिपुरांतक: इसका अर्थ है— असुर त्रिपुरासुर का वध करने वाले, यानी बुराई का अंत करने वाले।त्रयीमूर्ति: इस नाम का धार्मिक मतलब है— वेदरूपी विग्रह करने वाले (तीनों वेदों के ज्ञाता स्वरूप)।परमात्मा: इसका अर्थ है— सब आत्माओं में सर्वोच्च, यानी परम ब्रह्म।प्रमथाधिप: इसका मतलब है— प्रमथगणों (शिव जी के गणों) के अधिपति या राजा।व्योमकेश: भगवान शिव का यह नाम बेहद खास है, इसका अर्थ है— आकाश रूपी बाल (जटाएं) धारण करने वाले।विरूपाक्ष: इसका अर्थ है— विचित्र या अलौकिक आंख वाले, यानी शिव जी के तीन नेत्र।वृषांक: इस नाम का मतलब है— बैल (नंदी) के चिह्न वाली ध्वजा या सवारी वाले।वीरभद्र: महादेव के इस रौद्र रूप का अर्थ है— जो अत्यंत वीर और पराक्रमी होते हुए भी स्वभाव से शांत स्वरूप वाले हैं।विश्वेश्वर: इस भव्य नाम का अर्थ है— सारे ब्रह्मांड और संपूर्ण विश्व के ईश्वर।स और य से शुरू होने वाले नामसदाशिव: इसका अर्थ है— जो नित्य कल्याणकारी रूप वाले हैं, जो सबका हमेशा भला करते हैं।सर्वज्ञ: इस छोटे और प्यारे नाम का मतलब है— जो सर्वव्यापी हैं और सब कुछ जानने वाले हैं।सात्त्विक: इसका अर्थ है— सत्व गुण वाले, जो पूरी तरह से सत्य, पवित्रता और अच्छाई से भरे हों।शिवाप्रिय: इस नाम का बेहद प्यारा अर्थ है— माता पार्वती (शिवा) के अत्यंत प्रिय।सामप्रिय: इसका अर्थ है— जिन्हें सामवेद के मंत्रों और सामगान से अगाध प्रेम है।यज्ञमय: भगवान शिव के इस नाम का मतलब है— जो स्वयं यज्ञ के स्वरूप हैं।सोमवार को जन्मे बच्चे का नाम रखते समय इन बातों का रखें ध्याननाम का उच्चारण: भगवान शिव के कई नाम संस्कृत के गूढ़ शब्दों से बने हैं। इसलिए ऐसा नाम चुनें जिसका उच्चारण परिवार के सभी लोग आसानी से और सही-सही कर सकें।नाम का प्रभाव: शास्त्रों के अनुसार, जब हम बच्चे को किसी शुभ नाम से बार-बार पुकारते हैं, तो उस नाम की सकारात्मक ऊर्जा बच्चे के स्वभाव में ढलने लगती है। 'शर्व', 'अनघ', 'गिरीश' या 'शाश्वत' जैसे नाम पुकारने में छोटे और बेहद आधुनिक भी लगते हैं।
आज त्रिपुष्कर योग और रविवार व्रत का महासंयोग, दोपहर से शुरू होगी भद्रा, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
हिंदू सनातन पंचांग के अनुसार आज 21 जून 2026 को बेहद खास और पवित्र संयोग बन रहा है। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और रविवार का दिन है। आज के दिन भगवान सूर्य नारायण की उपासना और रविवार व्रत का विशेष महत्व माना गया है। इसके साथ ही आज के पंचांग में त्रिपुष्कर योग जैसा फलदायी योग भी बन रहा है, जिसमें किए गए कार्यों का तीन गुना फल मिलता है। हालांकि, आज के दिन कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू करने से पहले पंचांग के नियमों और भद्रा के समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है क्योंकि दोपहर से भद्रा का साया शुरू होने जा रहा है।आज का पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की स्थितिआज 21 जून 2026 को सूर्योदय सुबह 05 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम को 07 बजकर 22 मिनट पर होगा। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है जो दोपहर 02 बजकर 40 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा जो रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लगेगा। आज चंद्रमा पूरे दिन और रात सिंह राशि में गोचर करेंगे, जबकि सूर्य देव मिथुन राशि में विराजमान हैं।त्रिपुष्कर योग का महामुहूर्त और दोपहर से भद्रा का सायाज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज दोपहर 02 बजकर 40 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 15 मिनट तक त्रिपुष्कर योग रहेगा। इस योग में भूमि, भवन की खरीदारी या कोई बड़ा निवेश करना बेहद शुभ माना जाता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि आज दोपहर 02 बजकर 40 मिनट से ही भद्रा का साया भी शुरू हो रहा है, जो अगले दिन यानी 22 जून की भोर में 03 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। चूंकि भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा, इसलिए इसका आंशिक असर रहेगा, फिर भी इस दौरान मांगलिक और विवाह जैसे शुभ कार्यों को वर्जित माना जाता है।आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समयअगर आप आज कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो दिन के सबसे शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त का उपयोग कर सकते हैं। आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। वहीं दूसरी ओर, किसी भी शुभ कार्य को करने से बचने के लिए राहुकाल के समय का ध्यान रखें। आज का राहुकाल शाम को 05 बजकर 38 मिनट से शाम को 07 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। राहुकाल के दौरान नया निवेश या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए।आज का दिशाशूल और रविवार व्रत पूजा विधिआज रविवार होने के कारण पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। इसका मतलब है कि आज के दिन पश्चिम दिशा में लंबी दूरी की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से दलिया, घी या पान खाकर निकलें। आज रविवार व्रत के दिन सुबह तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन, अक्षत और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से मान-सम्मान, नौकरी में तरक्की और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान?
ब्रह्मांड के 'कम्युनिकेशन मिनिस्टर' और बुद्धि के देवता, बुध, 29 जून 2026 की रात 10:45 बजे कर्क राशि में वक्री (Retrograde) होने जा रहे हैं, यानी वे अपनी उल्टी चाल शुरू करेंगे। ज्योतिष में बुध की वक्री चाल को थोड़ा पेचीदा माना जाता है, क्योंकि यह ...
प्रद्युम्न चतुर्थी 2026: जानिए व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को प्रद्युम्न चतुर्थी करते हैं। इस दिन व्रत रखने का बड़ा महत्व है। इस बार इस चतुर्थी का व्रत 18 जून 2026 गुरुवार के दिन रखा जाएगा। चलिए जानते हैं कि इस चतुर्थी को क्यों कहते हैं प्रद्युम्न ...
बुधादित्य और गजलक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग, 5 राशियों पर होगी धन-वर्षा
वर्तमान में वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के गोचर और चाल से कई महत्वपूर्ण और शुभ-अशुभ योग बन रहे हैं। जून 2026 में बने इन शक्तिशाली ग्रह गोचरों (विशेषकर गुरु का उच्च राशि कर्क में जाना और सूर्य-बुध का बुधादित्य योग) से मुख्य रूप से 5 राशियों को ...
देश भर में हनुमान जी को समर्पित कई मंदिर है। इस मंदिरों का अपना विशेष महत्व है। इन्हीं मंदिरों में अयोध्या का हनुमान गढ़ी मंदिर शामिल है। यह मंदिर आस्था का केंद्र है और एक ऊंचे टीले पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने के बाद ही रामलला के दर्शन का शुभ फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान जी इस मंदिर में रक्षक के रूप में वास करती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में आने पर भक्तों को खास ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है। किसी खास मौके पर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हनुमान गढ़ी मंदिर से जुड़े रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahu Ketu Temples: Rahu-Ketu के प्रकोप से हैं परेशान? India के इन 6 मंदिरों में दर्शन से मिलेगा हर संकट से छुटकारा पौराणिक कथा पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान श्रीराम ने रावण की लंका पर विजय प्राप्त की और जब अयोध्या वापस आए, तो प्रभु श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के आने का उत्साह मनाया जा रहा था। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ और राम जी ने सभी को विदा किया। लेकिन हनुमान जी अयोध्या को छोड़कर नहीं जाना चाहते थे। राम जी ने दी हनुमान जी को ये जगह हनुमानजी की भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को अयोध्या में रहने के लिए एक जगह दी। यह स्थान एक ऊंचे टीले पर मौजूद थी। जहां पर हनुमान गढ़ी मंदिर को बनाया गया था। धार्मिक मान्यता के मुताबिक ऊंचे टीले पर होने के कारण हनुमान जी को यहां से पूरी अयोध्या नगरी दिखती थी। राम जी ने रहने के लिए यह स्थान देते हुए हनुमान को यह वचन दिया कि अयोध्या मेरा दर्शन तब तक पूरा नहीं माना जाएगा, जब तक की हनुमान गढ़ी के दर्शन नहीं किए जाएंगे। मनोकामनाएं होती हैं पूरी इस प्रसंग का वर्णन स्कंद पुराण में देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी को चोला अर्पित करने से सभी दोष की समस्या से छुटकारा मिलता है। हनुमान गढ़ी मंदिर में माता अंजनी की गोद में बाल हनुमान की प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। वहीं यूपी सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण राजा विक्रमादित्य द्वारा कराया गया है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।
Monsoon 2026 Prediction: मानसून 2026 को लेकर बड़ी भविष्यवाणी, जानिए क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र
साल 2026 के जून महीने का आधा सफर तय हो चुका है और मौसम में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, इस बार ग्रहों की चाल झमाझम बारिश के योग बना रही है। जून से लेकर जुलाई 2026 के दौरान हमें मौसम के तीन बिल्कुल ...
Saur Ashadha Month 2026: सौर आषाढ़ माह प्रारंभ, जानिए महत्व
Hindu Solar Month Ashadha: सौर आषाढ़ माह हिंदू सौर कैलेंडर और ज्योतिष विज्ञान का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब हम 'सौर' आषाढ़ की बात करते हैं, तो इसका सीधा संबंध सूर्य देव के गोचर यानी राशि परिवर्तन से होता है।
सिंधु सम्राट राजा दाहिर: शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा
इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे नायक होते हैं जिनका बलिदान इतना महान होता है कि सदियाँ बीतने के बाद भी उनकी वीरता की गूँज कम नहीं होती। अविभाजित भारत के ऐसे ही एक महान हिंदू योद्धा थे—सिंधु सम्राट राजा दाहिर। आइए, इतिहास की परतों को खोलते हुए जानते हैं ...
मिथुन संक्रांति 2026: करें ये 5 विशेष दान, आर्थिक तंगी और जीवन के संकटों से मिल सकती है राहत
सूर्य देव का राशि परिवर्तन ज्योतिष में बहुत बड़ा बदलाव माना जाता है। जब सूर्य देव वृषभ राशि से निकलकर अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो इसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन स्नान और विशेष रूप से दान का बेहद खास ...
मिथुन संक्रांति 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धन-समृद्धि के अचूक उपाय
जब सूर्य देव अपने मित्र बुध की राशि 'मिथुन' में प्रवेश करते हैं, तो प्रकृति और हमारे जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। साल 2026 की यह मिथुन संक्रांति आपके आत्मबल को बढ़ाने और सूर्य देव की असीम कृपा पाने का सबसे सुनहरा मौका है। आइए जानते हैं इस ...
सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, 6 राशियों को मिलेगी करियर, नौकरी और व्यपार में बड़ी सफलता
सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। ग्रहों के राजा सूर्य का यह राशि परिवर्तन 6 राशियों के लिए फायदे का समय रहेगा। नौकरीपेशा हैं तो पदोन्नति या इंक्रीमेंट की संभावना और व्यापारी हैं तो कोई बड़ी डील हो सकती है। आइए जानते हैं कि मेष, सिंह, ...
Shukra Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष व्रत: मुहूर्त से लेकर कथा तक, जानें व्रत की पूरी जानकारी
Pradosh Vrat 2026: वर्ष 2026 में कई बार शुक्र प्रदोष व्रत आएगा। प्रत्येक प्रदोष तिथि त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव का विशेष पूजन किया जाता है। इस व्रत से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त ...
Parama Ekadashi 2026: 3 साल बाद आई परमा एकादशी, इस तरह करें पूजा और व्रत
Parama Ekadashi Puja Vidhi: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है, लेकिन अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली परमा एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और दुर्लभ माना जाता है। यह एकादशी लगभग तीन वर्ष बाद आती है, क्योंकि इसका संबंध अधिक मास ...
11 जून 2026 गुरुवार को दिन में 11:30 पर बुध ग्रह का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश होगा जहां वे 08 अगस्त तक रहकर अश्लेशा में गोचर कर जाएंगे। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं और यह मिथुन एवं कर्क राशियों के अंतर्गत आता है। इस नक्षत्र में बुध ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (09 जून, 2026)
Today 09 June 2026 horoscope in Hindi : आज 09 जून 2026, मंगलवार का दिन क्या लाया है मेष से लेकर मीन राशि के लिए, यहां जानें डेली होरोस्कोप के अनुसार वेबदुनिया पर दैनिक राशिफल के बारे में एकदम सटीक जानकारी...
दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें
ideologies list: विश्व के इतिहास में दर्शन (Philosophy), राजनीति, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विचारों और सिद्धांतों की एक विशाल श्रृंखला रही है। इन सिद्धांतों को ही हिंदी में 'वाद' और अंग्रेजी में '-ism' कहा जाता है। दुनिया के सभी ...
राहु का गोचर: 5 राशियों के लिए खुले हैं तरक्की के बंद दरवाजे, अभी भी बचा है समय
राहु का यह गोचर कुछ राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सफलता के योग बन रहे हैं। जानिए वे 5 राशियां कौन-सी हैं और कैसे उठा सकती हैं इसका लाभ।
आषाढ़ का महीना 2026: क्या करें और किन गलतियों से बचें?
मौसम बदल रहा है और इसके साथ ही शुरू हो रहा है सनातन परंपरा का बेहद खास महीना- आषाढ़। इस साल यानी 2026 में 30 जून से 14 जुलाई तक आषाढ़ का कृष्ण पक्ष रहेगा, और फिर 15 जुलाई से 29 जुलाई तक शुक्ल पक्ष चलेगा।
भविष्य मालिका की कौन-कौन सी भविष्यवाणियां अब तक हुईं सच? जानिए चौंकाने वाले तथ्य
Bhavishya Malika: ओडिशा के महान संत अच्युतानंद दास जी और उनके पंचसखाओं द्वारा करीब 500-600 साल पहले ताड़ के पत्तों पर लिखी गई 'भविष्य मालिका' आजकल अपनी सटीक भविष्यवाणियों के कारण पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रंथ के अनुयायियों और ...
8 जून से पलटेगी इन 4 राशियों की किस्मत, गुरु-शुक्र मिलकर बना रहे गजलक्ष्मी राजयोग
Gajalakshmi Rajyoga 2026: ज्योतिष की दुनिया में एक बहुत बड़ा महासंयोग होने जा रहा है। जब धन-वैभव के मालिक शुक्र और ज्ञान के देवता गुरु एक साथ हाथ मिलाते हैं, तो बनता है बेहद शुभ 'गजलक्ष्मी राजयोग'। इस बार यह दुर्लभ योग 8 जून 2026 से कर्क राशि में ...
कुंभ राशि पर चल रहा है शनि की उतरती हुई साढ़ेसाती, पढ़ें क्या होगा इसका प्रभाव
वर्तमान में मेष, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की साढ़ेसाती के 3 चरण होते हैं। प्रत्येक चरण ढाई वर्ष का होता है। मेष पर पहला चरण, मीन पर दूसरा चरण और कुंभ पर तीसरे चरण का प्रभाव है। तीसरा चरण अर्थात शनि की साढे साती अब उतार पर ...

