बालाघाट में अतिक्रमण विवाद को लेकर दलित महिला सरपंच पर हुए हमले का मामला अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय तक पहुंच गया है। मंगलवार को सरपंच ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने हमलावरों पर परसवाड़ा पुलिस की कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। सरपंच प्रमिला उईके ने बताया कि यह घटना परसवाड़ा क्षेत्र की चीनी पंचायत के बर्राटोला में हुई। 18 जून को व्यासमून तिवारी द्वारा रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटवाकर रास्ता खोला गया था। दो दिन बाद उन्हें शिकायत मिली कि व्यासमून तिवारी उसी रास्ते की जगह पर शौचालय का गड्ढा खोद रहा है। शिकायत मिलने पर सरपंच, वार्ड पंच और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां अतिक्रमणकारियों ने समझाइश के दौरान ही विवाद शुरू कर दिया। उन्होंने जातिगत गालियां देते हुए सरपंच को धमकाया और कहा कि बार-बार समझाने आती है, इसे मारकर इसी गड्ढे में गाड़ देंगे। इसी दौरान हुई हाथापाई में व्यासमून तिवारी ने सरपंच प्रमिला उईके के चेहरे पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। सरपंच ने बताया कि परसवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है। एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच ने हमलावरों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें गांव से बाहर करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे आदिवासी समाज के साथ मिलकर आंदोलन और चक्काजाम करेंगी।
कांग्रेस ने देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बस्ती में मंगलवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। पुनीत पाठक ने केंद्र सरकार की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पुनीत पाठक ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है, जबकि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर मौन है। पुनीत पाठक ने नीट परीक्षा के अलावा लेखपाल भर्ती, यूपीएसआई, पुलिस सिपाही भर्ती, आरओ-एआरओ, एसएससी जीडी और सहायक प्रोफेसर भर्ती जैसी कई परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोप लगने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दबाव और विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार को कुछ मामलों में पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लेना पड़ा। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी तनाव के कारण विभिन्न राज्यों में छात्रों की मौतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लीक प्रश्नपत्रों के लिए अभ्यर्थियों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले गए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और देशभर में 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के हितों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर देशव्यापी छात्रों की गूंज अभियान चलाने की घोषणा की। इस प्रेस वार्ता में साधू शरण आर्य, अलीम अख्तर, सुधीर यादव, राहुल चौधरी, प्रशांत पाठक, संजय कुमार, अवनीश पांडेय सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इंदौर में गैस पाइप लाइन में ब्लास्ट:4 लोगों के झुलसने की सूचना; बोरिंग के चलते हुआ हादसा
इंदौर में मंगलवार को अवंतिका गैस पाइपलाइन में ब्लास्ट हो गया। घटना विजय नगर थाना क्षेत्र के सुमन नागर जैन मंदिर के पास की है। हादसे में विजय पटेल समेत 4 लोग झुलस गए। इनमें एक महिला भी शामिल है। जिस जगह ब्लास्ट हुआ है, वहां पर स्थानीय पार्षद बालमुकुंद सोनी द्वारा बोरिंग कराई जा रही थी। हादसे के बाद उठी आग की लपटेंसभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत दल मौके पर पहुंच गए तथा क्षेत्र की घेराबंदी कर स्थिति को नियंत्रित किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इलाके में बोरिंग का कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे गैस रिसाव शुरू हुआ और बाद में विस्फोट हो गया। धमाके के कारणों की जांच शुरूघटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंच गई। क्षेत्र को सुरक्षित कर गैस सप्लाई और पाइपलाइन की स्थिति की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इलाके में दहशत का माहौलअचानक हुए धमाके के बाद आसपास के रहवासी घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट काफी तेज था, जिससे कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। रहवासियों ने बताया कि वाटर रिटार्जिंग पार्षद बालमुकुंद सोनी द्वारा करवाया जा रहा था।
लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड के बाद बरेली में चल रहे शिक्षण संस्थानों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में रामपुर गार्डन स्थित विनटेक कंप्यूटर सेंटर और लाइब्रेरी का भी पुलिस, प्रशासन, बीडीए और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान यहां भी कई गंभीर खामियां सामने आईं। फर्स्ट फ्लोर पर संचालित हो रहा सेंटरविनटेक कंप्यूटर सेंटर और लाइब्रेरी फर्स्ट फ्लोर पर संचालित हो रही है। यहां आने वाले छात्र-छात्राओं को ऊपर जाने के लिए बेहद संकरी सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ता है। यही सीढ़ियां प्रवेश और निकास दोनों का एकमात्र रास्ता हैं। ऐसे में किसी आपात स्थिति के दौरान छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। एनओसी के सवाल पर नहीं मिला संतोषजनक जवाबनिरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम ने संस्थान प्रबंधन से भवन संबंधी जरूरी दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे। अधिकारियों ने जब बीडीए की स्वीकृति और फायर विभाग की एनओसी के बारे में पूछा तो मौके पर मौजूद स्टाफ कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। जांच में पता चला कि संस्थान आवश्यक सुरक्षा मंजूरियों के बिना संचालित हो रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालटीम ने भवन के भीतर सुरक्षा इंतजामों का भी जायजा लिया। एक ही रास्ते से छात्रों की आवाजाही और आपातकालीन निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर अधिकारियों ने चिंता जताई। लखनऊ हादसे के बाद ऐसे संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर माना जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाईसंयुक्त टीम ने संस्थान का पूरा विवरण दर्ज किया और निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट संबंधित विभागों को सौंपी जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शहर में चल रहे अन्य कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और शिक्षण संस्थानों की भी जांच जारी है।
सोनभद्र में मंगलवार को उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने मनरेगा बचाओ और अन्य मांगों को लेकर राजमार्ग से जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीब मजदूरों को गांव में ही काम उपलब्ध कराने वाली एक ऐतिहासिक योजना है। इसके तहत मजदूरों को काम और बेरोजगारी भत्ते की गारंटी मिलती थी, साथ ही ग्राम सभाओं को भी अधिकार प्राप्त थे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार मनरेगा को समाप्त कर रही है। सरकार इसे विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) योजना से बदलने की तैयारी में है, जिससे मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना का अस्तित्व खतरे में है। धरना-प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति को संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) योजना को तत्काल वापस लिया जाए और मनरेगा को उसके पुराने स्वरूप में बहाल किया जाए। अन्य मांगों में सभी ग्रामीण खेत मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम, 700 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी और 55 वर्ष की उम्र के बाद न्यूनतम 6000 रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था शामिल है। मनरेगा योजना के लिए जॉब कार्ड धारकों को ध्यान में रखते हुए 250 लाख करोड़ रुपये का बजट जारी करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में सभी ग्रामीण खेत मजदूरों को उनके प्राकृतिक संसाधनों (जल, जंगल, जमीन) को वापस करने, धारा 132 की जमीनों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक देने, पक्का आवास और कृषि के लिए पर्याप्त जमीन आवंटित करने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, विंध्य कैमूर पर्वतमालाओं के मध्य स्थित आदिवासी बहुल जनपद सोनभद्र में छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए कैमूर आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। कार्यक्रम के समापन के अंत में कार्यकर्ताओं ने लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे पर दुःख जताते हुए दो मिनट का मौन रख मृतक किशोरों के प्रति शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित किया । इस दौरान प्रमुख रूप कामरेड आर के शर्मा, कामरेड बसावन गुप्ता, कामरेड अमरनाथ बिंद, कामरेड रामभजन कुशवाहा व धन्नूराम आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित बैसुखिया गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने अम्बेडकर पार्क की बदहाल स्थिति और वर्षों से अधूरी पड़ी सड़क के निर्माण को लेकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पार्क की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और गांव की प्रमुख सड़क बनाने की मांग की। भीम युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनू राव, प्रदेश अध्यक्ष अजय राव और जिलाध्यक्ष रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि सरकार ने अम्बेडकर पार्कों के संरक्षण और डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद, बैसुखिया स्थित पार्क में अभी भी बाउंड्रीवाल और छाजन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि अम्बेडकर पार्क के चारों ओर बाउंड्रीवाल और प्रतिमा पर छाजन लगाने से न केवल पार्क की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि बाबा साहब के प्रति लोगों की आस्था और सम्मान भी सुरक्षित रहेगा। ज्ञापन में गांव की सड़क का मुद्दा भी उठाया गया। प्राथमिक विद्यालय के सामने से अम्बेडकर पार्क होते हुए अनुसूचित जाति बस्ती तक जाने वाला यह मार्ग वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस रास्ते से रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है, और सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भीम युवा वाहिनी के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अम्बेडकर पार्क की सुरक्षा और सड़क निर्माण के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को राहत मिल सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान राहुल, दुर्गावती, रेखा, साधना, लक्ष्मी, शकुन्तला देवी, संतराम, रवि किशन, गुड़िया, विमला देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
नेशनल हाईवे पर पुलिस वाहन को ट्रक ने मारी टक्कर:मंडला बाईपास के नर्मदा पुल पर 5 पुलिसकर्मी घायल
मंडला। नेशनल हाईवे-30 पर स्थित मंडला बाईपास के नर्मदा पुल पर शुक्रवार को कोतवाली पुलिस की बोलेरो और एक ट्रक के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में पुलिस वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बोलेरो में सवार पांच पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, ट्रक रायपुर की ओर से आ रहा था, जबकि कोतवाली पुलिस की बोलेरो मंडला से पदमी की ओर जा रही थी। नर्मदा पुल पर दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना तत्काल थाना और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने बताया कि दुर्घटना के बाद फरार हुए ट्रक को आगे जाकर रोक लिया गया है। ट्रक को थाने लाया जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और चालक से पूछताछ के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर में एक ऐसे मामले का पर्दाफांश हुआ जिसमें एक नाबालिक के पेट में दो माह का गर्भ था और उसकी शादी को हुए भी डेढ़ साल हो चुके थे। सूचना के बाद प्रशासन हरकत में आया और इस मामले में जांच करने के बाद कार्यवाहीं के लिए पुलिस को सिफारिश की गई। जिसके बाद खरखौदा थाने में मामला भी दर्ज कर लिया गया। अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। फिलहाल मामला दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। मामले की जानकारी यहां झज्जर में जिला सरंक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कर्मीदंर कौर ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक सूचना मिली थी कि उनके यहां एक युवती अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर अल्ट्रा साऊंड कराने आई थी। उसी दौरान उसके कागजों से पता चला कि वह नाबालिग है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उसके पेट में डेढ़ माह का गर्भ था। स्वास्थ्य विभाग की इसी सूचना पर जिला सरंक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कर्मींदर कौर ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवती सोनीपत जिले के एक गांव की रहने वाली है। वह कागजों के अनुसार अभी भी नाबालिग है। अधिकारी ने यह भी बताया कि उसकी शादी करीब डेढ साल पूर्व दिसम्बर 2024 में झज्जर जिले के एक युवक से हुई थी। गुपचुप तरीके से हुई इस शादी का शुरूआती दौर में तो किसी को पता नहीं चला,लेकिन बाद में जब युवती सरकारी अस्पताल में पेट में पल रहे गर्भ की जांच कराने गई तो उसके बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। अधिकारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी गहनता से जांच की गई और पाया गया कि युवती नाबालिग है और उसकी शादी अवैध तरीके से की गई है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कार्यवाहीं के लिए पुलिस को लिखा गया। पुलिस ने खरखौदा थाने में युवती के पति के खिलाफ पॉकसो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आरोपी की गिरफ्तारी भी की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वह ऐसे मामलों के प्रति सचेत रहे और बाल विवाह अधिनियम का उल्लंघन न करे। यदि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला आता है तो वह इस बारे में तुरन्त सूचना प्रशासन या फिर सम्बंधित विभाग को दे।
अंबेडकरनगर में 2010 में हुए प्राणघातक हमले के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रामविलास सिंह के आदेश पर उन्हें केंद्रीय कारागार बरेली से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत लाया गया। मामला 8 अगस्त 2010 का है, जब अहिरौली थाना क्षेत्र के बुढ़गौना अहिरौली निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख शेषकुमार वर्मा सुबह बाइक से पेट्रोल पंप जा रहे थे। रास्ते में राइस मिल के पास बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। हमले में शेषकुमार वर्मा को तीन गोलियां लगी थीं और गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस जांच में इस हमले के पीछे भूमि विवाद की बात सामने आई थी। मामले में अनिल कुमार सिंह, विवेक वर्मा, अरुणेश वर्मा, ध्रुवसेन सिंह, संदीप सिंह, नितिन सिंह, अजय प्रताप सिंह और सोनू सिंह उर्फ अरविंद सिंह समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। महरुआ थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर निवासी अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही वर्तमान में एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं और बरेली जेल में निरुद्ध हैं। प्राणघातक हमले का यह मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में विचाराधीन है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद मामले की अगली तारीख 23 जून निर्धारित करते हुए अजय सिपाही की पुनः व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत परिसर में पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
गाजीपुर में कांग्रेस ने NEET और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। मंगलवार को सकलेनाबाद कैंप कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष सुनील राम और शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। जिलाध्यक्ष सुनील राम ने आरोप लगाया कि 2015 में AIPMT का पेपर लीक हुआ था, और उसके बाद 2018, 2021, 2022, 2024 तथा 2026 में NEET परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए। राम ने NEET पेपर लीक के मानसिक तनाव से 12 छात्रों की मौत का जिक्र करते हुए इसे सरकार की गलत नीतियों से प्रेरित 'हत्या' करार दिया। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के सड़क पर उतरने के बाद ही सरकार को परीक्षा दोबारा कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। सुनील राम ने केंद्र सरकार पर शिक्षा बजट आधा करने का भी आरोप लगाया, जिससे गरीब छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि पिछले 12 सालों में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और 90 से ज्यादा मामले सामने आए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली। उन्होंने इसे सरकार की नाकामी बताया। विश्वकर्मा ने इस दौरान लखनऊ अग्निकांड में मारे गए छात्रों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा बजट में कटौती से गरीब छात्रों का भविष्य अंधकार में है। प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से अजय कुमार श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह, हामिद अली, गुलबास यादव, वीरेंद्र यादव और आलोक जी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सहारनपुर के थाना नागल क्षेत्र के रेलवे रोड स्थित एक महिला अस्पताल में मंगलवार को हरियाणा के सोनीपत से पहुंची। पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) टीम कार्रवाई कर रही थी, तभी भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने टीम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल कर्मचारियों के शोषण का आरोप लगाते हुए मुख्य गेट भी बंद कर दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस फोर्स बुलाई गई। दरअसल, सोनीपत की पीसीपीएनडीटी टीम को लिंग जांच करने की शिकायत मिली थी। हरियाणा की टीम ने एक महिला को डिकोय बनाकर भेजा। एक पुरुष को भी साथ भेजा गया। टीम ने दोनों का पीछा किया। वहां से गर्भवती महिला को अस्पताल में मौजूद अल्ट्रासाउंड रूम में ले जा गया। जैसे ही उसकी जांच करने लगे तभी टीम भी अल्ट्रासाउंड सेंटर में घुस गई। जांच करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने अस्पताल में मौजूद अल्ट्रासाउंड मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। टीम ने सुबह करीब नौ बजे से अस्पताल के चिकित्सकीय स्टाफ और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की। जांच की प्रक्रिया कई घंटों तक चलती रही। दोपहर बाद इस कार्रवाई की जानकारी भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं को मिली। इसके बाद संगठन के जिला अध्यक्ष नरेश स्वामी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गए। भाकियू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टीम को आवश्यक कार्रवाई कर लौट जाना चाहिए था, जबकि घंटों तक कर्मचारियों से पूछताछ कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जांच अपनी जगह है, लेकिन कर्मचारियों के साथ अनावश्यक सख्ती और लंबे समय तक पूछताछ उचित नहीं है। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीम ने खुद को अस्पताल के एक कमरे में बंद कर लिया है। कुछ कार्यकर्ताओं ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास भी किया, हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद कार्यकर्ता अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए और टीम के रवैये के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अस्पताल की चिकित्सक भाकियू के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के छोटे भाई की पत्नी हैं। इसी वजह से संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम विजय प्रताप सिंह, सीओ देवबंद शैलेंद्र प्रताप सिंह, सीओ मुकेश त्यागी सहित देवबंद, नागल, गागलहेड़ी, बड़गांव और अन्य थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही। देर शाम तक पीसीपीएनडीटी टीम अस्पताल के भीतर जांच में जुटी रही, जबकि बाहर भाकियू कार्यकर्ताओं का धरना जारी है।
वाराणसी के शहर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के तहत फायर ब्रिगेड और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की संयुक्त टीम ने आकाश कोचिंग के दो केंद्रों को सील कर दिया। जांच के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने पर यह कार्रवाई की गई। वही दो सेंटर से जब वीडीए ने नक्शा मांगा तो वहीं नहीं ठीक मिला। दोनों कोचिंग में कुल मिलाकर 2 हजार स्टूडेंट्स पढ़ाई करते थे। निकल द्वार पर मिले कूड़े-एसी के आउटरसंयुक्त टीम सबसे पहले दुर्गाकुंड स्थित कोचिंग सेंटर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि दूसरे और तीसरे तल पर संचालित कोचिंग संस्थान तक पहुंचने का मुख्य मार्ग मात्र 4 फीट चौड़ा था, जबकि छात्रों के प्रवेश और निकास के लिए यही प्रमुख रास्ता था। इसके अलावा दो अन्य निकास मार्ग भी मौजूद थे, लेकिन उनकी सीढ़ियां तीन फीट से भी कम चौड़ी थीं। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि एक स्थान पर आउटर यूनिट और बड़ी मात्रा में गत्ते रखे गए थे, जिससे निकास मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। इसे गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्काल नोटिस जारी कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अब जानिए क्या होने चाहिए थे मानकअग्निशमन विभाग के चीफ फायर ऑफिसर आनंद सिंह राजपूत ने बताया अग्नि सुरक्षा मानकों के तहत संस्थान में कम से कम दो निकास द्वार, एक स्पष्ट आपातकालीन निकास, चौड़ी एवं अवरोध मुक्त सीढ़ियां तथा सभी मंजिलों पर पर्याप्त अग्निशामक यंत्र उपलब्ध होने चाहिए। इसके अलावा स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर होज रील जैसी व्यवस्थाएं भी आवश्यक मानी जाती हैं। सुरक्षा मानकों के अनुसार प्रत्येक मंजिल पर इवेकुएशन प्लान प्रदर्शित होना चाहिए तथा स्थानीय फायर विभाग से फायर एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य है।
छिंदवाड़ा में जिले के जुन्नारदेव थाना क्षेत्र अंतर्गत नवेगांव पुलिस चौकी के बोरदेही खुर्द गांव में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बीते दिनों दो पक्षों के बीच हुए विवाद में लाठी-डंडों और पत्थरों से जमकर मारपीट हुई थी, जिसमें 6 लोग घायल हुए थे। इनमें से एक घायल की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग मृतक की पहचान सुखराम यदुवंशी (48) निवासी बोरदेही खुर्द के रूप में हुई है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले परिजन थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस से जल्द कार्रवाई करने की बात कही। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थाना प्रभारी तरुण मरकाम ने बताया कि मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए पुलिस क्षेत्र में नजर बनाए हुए है।
तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर फिसली, दो नाबालिग घायल:कन्या आश्रम के पास बांस की झाड़ियों में घुसी
मंगलवार दोपहर चंद्रशेखर आजाद नगर थाना क्षेत्र के बरझर ग्राम में एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर बांस के झुरमुट में जा घुसी। इस दुर्घटना में बाइक सवार दो नाबालिग युवक घायल हो गए। घायलों की पहचान गुजरात के वासाडुगरी निवासी 16 वर्षीय अमित (पिता रमेश) और 17 वर्षीय दशरथ (पिता शैलेश) के रूप में हुई है। अमित की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों नाबालिग गुजरात से बरझर आ रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही बरझर पुलिस चौकी प्रभारी शिवा तोमर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों घायलों को इलाज के लिए बरझर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक लोडिंग टेम्पो तेज रफ्तार में स्कूल की दीवार से टकरा गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
लखनऊ के इरम कॉलेज में लगी आग:ऑफिस के फर्नीचर और फाइलें जलीं, शॉर्ट सर्किट की आशंका
लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित शेखपुर हबीबपुर में मंगलवार दोपहर इरम कॉलेज के ऑफिस में आग लग गई। सूचना मिलते ही चौक फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पा लिया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। एफएसओ चौक ने बताया दोपहर करीब 3:50 बजे कंट्रोल रूम को इरम कॉलेज के कार्यालय में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद चौक फायर स्टेशन से दो मिनी फायर टेंडर (एमएफई) के साथ टीम मौके के लिए रवाना हुई। फर्नीचर जले, जनहानि नहीं हुई मौके पर पहुंचने पर पता चला कि कॉलेज के ऑफिस में रखे फर्नीचर, फाइलें और आलमारी आग की चपेट में आ गए थे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फायरकर्मियों ने पंपिंग कर कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
धौलपुर शहर में मंगलवार को श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से गौरव पथ स्थित कथा स्थल तक निकाली गई इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं, महिलाओं, युवाओं और शिवभक्तों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं के हाथों में कलश और भगवा ध्वज थे, जबकि भगवान शिव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कथा का आयोजन 23 जून से 29 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण किए, जबकि युवा और शिवभक्त भगवा ध्वज लेकर शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच हर हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष लगातार गूंजते रहे, जिससे पूरा नगर शिवमय नजर आया। पुष्पवर्षा कर किया श्रद्धालुओं का स्वागत यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। नगरवासियों ने भी अपने घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर खड़े होकर शोभायात्रा के दर्शन किए। श्रद्धा और उत्साह से सराबोर इस आयोजन ने पूरे शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया। कथा के पहले दिन सुनाई भगवान शिव की महिमा कलश यात्रा के समापन के बाद मानसा पूर्ण बालाजी मंदिर, वॉटर वर्क्स, गौरव पथ स्थित कथा स्थल पर संतोष सागर जी महाराज ने श्री शिवमहापुराण कथा का वाचन आरंभ किया। कथा के पहले दिन उन्होंने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन में शांति, पवित्रता और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु शिव महिमा में लीन दिखाई दिए। 29 जून तक चलेगा धार्मिक आयोजन यह धार्मिक आयोजन रामदास जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है। आयोजक समस्त सनातनी महादेव शिव भक्त परिवार के अनुसार, श्री शिवमहापुराण कथा का आयोजन 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। आयोजकों ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण एवं भगवान शिव की आराधना का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में मोमोज बेचने वाली युवती और पुलिसकर्मियों में विवाद हो गया। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने उनकी कार्ट (ठेला) को धक्का देकर पलट दिया। इससे कार्ट पर रखा मोमोज का गर्म पानी युवती रेशु गुप्ता पर गिर गया। सीने का एक हिस्सा पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उनका कहना है कि मैं अभी 27 साल की हूं, मेरी शादी भी नहीं हुई है। मेरा आने वाला भविष्य कैसा होगा। इसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती। प्रतापनगर स्थित व्यास अपार्टमेंट में अपनी मां और तीन बहनों के साथ रहने वाली रेशु (27) ने बताया- पुलिसकर्मी के मोमोज कार्ट के स्टीमर को धक्का देने से उबलता पानी शरीर पर गिर गया। इससे सीना, हाथ और जांघ बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद भी पुलिस ने मेरी मदद नहीं की। बाद में समझौते का दबाव बनाया गया। रेशु गुप्ता ने बताया- पिता लाल बहादुर गुप्ता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरी और बड़ी बहन खुशबू गुप्ता पर आ गई थी। बीएससी करने के बाद मैंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं दीं, लेकिन चयन नहीं होने पर करीब 25 दिन पहले महल रोड स्थित कैपिटल हाई स्ट्रीट पर ‘हेल्दी आटा मोमोज’ नाम से कार्ट लगाना शुरू किया था। ‘मैं कार्ट हटा रही थी, लेकिन पुलिसकर्मी ने स्टीमर को धक्का दे दिया’ रेशु ने बताया- 19 जून की शाम करीब 6:30 बजे मैं रोज की तरह कार्ट लगा रही थी। स्टीमर में पानी उबल रहा था। तभी पुलिस की एक वैन पहुंची। वाहन में बैठे पुलिसकर्मी कार्ट हटाने को कह रहे थे। मैंने जवाब दिया कि कार्ट हटा रही हूं। स्टीमर में गर्म पानी है। इसके बावजूद एक पुलिसकर्मी ने आकर स्टीमर को धक्का दे दिया। इससे उबलता पानी मेरे ऊपर गिर गया। रेशु का आरोप है कि घटना के बाद मैं दर्द से चिल्लाती रही। लेकिन पुलिसकर्मी मौके से चले गए। वहां से गुजर रहे अन्य पुलिस वाहन भी नहीं रुके। किसी ने अस्पताल तक पहुंचाने की कोशिश नहीं की। बड़ी बहन खुशबू स्कूटी से अस्पताल लेकर गई और उसी रात वकील के साथ रामनगरिया थाने पहुंचीं, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उनका दावा है कि पुलिस अधिकारियों की ओर से फोन कर समझौते की बात कही जा रही थी। वहीं, बड़ी बहन खुशबू गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें मेडिकल खर्च देने का प्रस्ताव भी दिया गया और मामला शांत करने के लिए कहा गया। ‘मेरा भविष्य क्या होगा, मैं सोच भी नहीं सकती’ अस्पताल में भर्ती रेशु ने कहा- झुलसने से सीने का एक हिस्सा पूरी तरह प्रभावित हो गया है। मैं अभी 27 साल की हूं, मेरी शादी भी नहीं हुई है। मेरा आने वाला भविष्य कैसा होगा। इसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती। युवती की बहन का आरोप- मुझ पर एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी खुशबू गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमें डराया-धमकाया। उन्होंने (पुलिस) कहा कि मुख्यमंत्री का कॉनवॉय प्रभावित हुआ है, इसलिए उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने कहा कि यदि वे शिकायत दर्ज कराएंगी तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस पर भरोसा था, लेकिन थाने में कुछ और ही देखा खुशबू ने कहा- आम लोग न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते हैं, लेकिन हमें निराशा मिली। एफआईआर दर्ज कराने के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा। शुरुआती दौर में पुलिस की प्राथमिकता कार्रवाई करने के बजाय समझौता कराने की थी। न्याय की मांग पर अड़ी रेशु रेशु गुप्ता का कहना है कि उन्होंने सभी दबावों के बावजूद समझौता करने से इनकार कर दिया। मैं गंभीर शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजर रही हूं। अब केवल निष्पक्ष जांच तथा न्याय चाहिए। ये भी पढ़ें… जयपुर-मोमोज बेचने वाली युवती पर पुलिसवाले ने खौलता पानी फेंका:बुरी तरह जली; सीएम काफिले के लिए रोड क्लियर करवा रहे थे, एक-दूसरे पर आरोप जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में मोमोज बेचने वाली युवती और पुलिसकर्मियों में विवाद हो गया। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने उनकी कार्ट (ठेला) को धक्का देकर पलट दिया। फिर खौलते पानी को युवती पर फेंक दिया। मामला 19 जून की शाम पौने सात बजे का है। घटना को लेकर 22 जून को पीड़ित की बहन ने एफआईआर दर्ज कराई है। (पूरी खबर पढ़ें)
राजधानी लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की मौत के बाद फायर ब्रिगेड ने शासन के निर्देश पर अभियान चलाया हुआ है। लखनऊ की घटना के बाद आजमगढ़ की कोचिंग सेंटर सुरक्षा के मामले में कितने तैयार हैं। इसको लेकर जब दैनिक भास्कर में पड़ताल की तो कमियां खुलकर सामने आने लगी। जिले में 100 से अधिक कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। पर शिक्षा विभाग के ऑफिस में 50 कोचिंग रजिस्टर्ड हैं। बड़ी संख्या में भारी सुरक्षा के बीच अवैध कोचिंग भी चल रही हैं। लखनऊ की घटना के बाद जिले में चलने वाली कई कोचिंग के दरवाजों पर ताले भी लगे हुए हैं। ऐसे में यदि इन स्थानों पर कोई हादसा हो जाता है तो बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती है। ऐसे में जिले में चल रही बड़ी संख्या में कोचिंग में एंट्री और एग्जिट प्वाइंट एक ही है। इसके साथी कई कोचिंग सेंटर ऐसे हैं जहां पर फायर फाइटिंग सिस्टम भी उपलब्ध नहीं है। कई कोचिंग ऐसी है। जहां पर फायर इक्विपमेंट एक्सपायर हो चुके हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में मिली यह कमियांदैनिक भास्कर की पड़ताल में जिले के रैदोपुर में चल रही आकाश कोचिंग में एंट्री और एग्जिट दोनों एक ही है। जिस बिल्डिंग में कोचिंग संचालित की जा रही है। इस बिल्डिंग में एक बैंक भी संचालित हो रही है। हालांकि यहां पर फायर फाइटिंग सिस्टम लगा हुआ है। आकाश कोचिंग के कर्मचारियों ने बताया कि हमारे यहां फायर फास्टिंग इक्विपमेंट लगे हुए हैं। मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों में संचालित होने वाली इन कोचिंग सेंटरों पर ना तो फायर फाइटिंग व्यवस्था के इंतजाम है और ना ही एग्जिट का कोई अलग रास्ता। ऐसे में किसी आपात स्थिति में यहां पर व्यापक जनहानि हो सकती है। वही ब्रह्मस्थान पर चलने वाली कई कोचिंग में ताले लगे हुए हैं। ब्रह्मस्थान पर संचालित होने वाली शताक्षी कोचिंग के मालिक आशीष राय का कहना है कि लगभग 40 बच्चे हमारे यहां पढ़ने आते हैं। वहीं सुरक्षा के लिए फायर फाइटिंग लगाए जाने के सवाल पर मलिक आशीष राय का कहना है कि फायर इक्विपमेंट जो लगा था वह एक्सपायर हो गया है अब जल्द ही लगाया जाएगा। इसे समझा जा सकता है की कोचिंग संचालक सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर हैं। CFO बोले जारी होगी नोटिसदैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए आजमगढ़ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा ने बताया कि लखनऊ जैसी घटना जिले में ना हो इसको लेकर हम लोग लगातार अभियान चला रहे हैं जो खामियां पाई जाएंगी उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और 7 दिन के भीतर जवाब देना होगा। अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिले में 40 होटल और लगभग 50 कोचिंग और हॉस्पिटल का रिकॉर्ड हमारे पास है। इन सब की चेकिंग कराई जाएगी। इसके साथ ही सभी विभागों के अधिकारियों से कोऑर्डिनेशन बनाकर जो भी लोग मानक के विपरीत पाए जाएंगे उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मप्र भाजपा कार्यसमिति सदस्यों और स्थायी समिति सदस्यों की मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने घोषणा की। कुल 106 सदस्यों को कार्यसमिति में शामिल किया गया है। इसमें नर्मदापुरम जिले के तीन पदाधिकारी को कार्यसमिति में जगह दी गई है, जबकि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। कांग्रेस छोड़कर आए नेताओं को मिली जिम्मेदारी कार्यसमिति और स्थायी समिति सदस्यों में कांग्रेस से कुछ साल पहले आए सुरेश पचौरी को स्थायी आमंत्रित सदस्य और पूर्व विधायक सविता दीवान को कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है। राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक एवं नगर पालिका पूर्व अध्यक्ष अखिलेश खंडेलवाल को कार्यसमिति सदस्य के रूप में स्थान मिला है। वहीं पूर्व राजस्व एवं कृषि मंत्री हरदा से कमल पटेल को स्थायी समिति सदस्य बनाया गया है।
एटा में बाबली नहर के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया, जिससे कार सवार पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना सकीट थाना क्षेत्र का है। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों ने बताया कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जो भारतीय जनता पार्टी का सहयोगी दल है। सभी लोग हाथरस से सकीट में आयोजित एक बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को कट मार दिया और नियंत्रण खो बैठा, जिससे ट्रक कार के ऊपर पलट गया। हादसे में घायल लोगों की पहचान गगन ठाकुर पुत्र राजेश कुमार निवासी आदर्श नगर, हाथरस, धर्मवती पत्नी राजेश कुमार एवं प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा, संतोष वर्मा पुत्र नारायणपुर निवासी हाथरस (44), अंकित पुत्र मदन मोहन निवासी हाथरस (35) तथा चालक पवन कुमार (25 ) के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और यातायात बहाल कराया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं घायलों की हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
नई दिल्ली। नशे को कहें ना- जिंदगी को कहें हां, के नारों के बीच दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल परिसर में युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश दिया गया। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल ने नशा मुक्त युवा, अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में हुए आयोजन में डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए खेल, फिटनेस और योग को प्रभावी माध्यम बताया गया। स्वीटी बूरा ने साझा किए अपने अनुभव इस दौरान हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार, विश्व बॉक्सर चैंपियन स्वीटी बूरा तथा दिल्ली पुलिस की एसीपी लक्ष्मी दुबे ने अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा से जुड़े अनुभव साझा किए। योग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश ने प्राणायाम और योगाभ्यास के जरिए मानसिक तनाव कम करने तथा शारीरिक क्षमता बढ़ाने के उपाय बताए। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने नशामुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ ली। पूरे परिवार को प्रभावित करता है नशा : डॉ. कविता डॉ. कविता शर्मा ने कहा, नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवा खेल, योग और शिक्षा को अपनाकर बदलाव के वाहक बन सकते हैं। नशा मुक्त युवा ट्रस्ट के संस्थापक डॉ संदीप डांगी ने कहा, देश का भविष्य तभी सुरक्षित होगा, जब युवा फिटनेस और सकारात्मक सोच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे। यहां देखें फोटो…
मध्यप्रदेश की कुख्यात पारदी गैंग की मूवमेंट 1 साल बाद फिर शहर में दर्ज हुई है। चोरी और बड़ी वारदातों के लिए कुख्यात इस गैंग ने सिविल लाइन और कृष्णगंज थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। दोनों वारदातों में संबंधित थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर के लोगों के लिए चड्डी बनियानधारी पारदी गैंग की दहशत एक बार फिर व्याप्त है। वहीं शहर में पारदी गैंग की मौजूदगी पर पुलिस भी अलर्ट हो चुकी है। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने मामले में कहा कि शहर में पारदी गैंग सक्रिय हुई है। कुछ जगह पर चोरी की वारदात की गई है। आम जनता से अपील है कि जरूरत पड़ने पर ही घर को सुना छोड़ें। इसके साथ ही अगर आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि होते हुए दिखाई देती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित किया जाए। यह गैंग मारपीट तक भी उतारू हो जाती हैं। सभी अलर्ट रहे। केस 1- सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हनुमान कॉलोनी में ताले तोड़कर घर के अंदर से लाखों रुपए के जेवरात और नगदी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। परिवार 15 दिन के लिए बाहर गया हुआ था। पड़ोसियों के द्वारा पीड़ित को इसकी सूचना दी गई। पीड़ित नरेंद्र सिंह की ओर से मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में रेकी करते हुए सीसीटीवी भी चड्डी बनियान गैंग के सामने आए हैं। केस 2- वहीं दूसरी तरफ कृष्णगंज थाना क्षेत्र के पुराने बूढ़ा पुष्कर रोड पर स्थित भगवान यूनिवर्सिटी के सामने एक फ्लैट में भी चोरी की वारदात सामने आई है। परिवार छुट्टियां होने के कारण बाहर गया हुआ था। मंगलवार सुबह जब वापस घर पहुंचे तो ताले टूटे हुए मिले। चोरों ने घर से बच्चों के गुल्लक और चांदी के कुछ सामान पर हाथ साफ कर लिया। कृष्णगंज थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। कोई आसपास लगे सीसीटीवी चेक किया तो उसमें भी गैंग के सदस्य दिखाई दिए। जानलेवा हमला करने से भी नहीं चूकते पारदी गिरोह के बदमाश वारदात में अगर उन्हें कोई बाधक प्रतीत होता है तो वह उस पर जानलेवा हमला करने में जरा भी नहीं हिचकते। वारदात के बाद गिरोह का एक सदस्य उस जगह पर शौच कर संकेत छोड़ जाता है। गैंग के लोग वारदात में मोबाइल फोन साथ नहीं रखते ताकि लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाती। इसके साथ ही वह पूरे शरीर पर तेल लगाकर वारदात करते हैं।
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद बरेली में चल रहे कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की परतें खुलने लगी हैं। रामपुर गार्डन स्थित गुरुकुल क्लासेज के बाद अब अरिहंत कोचिंग भी जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गई है। पुलिस, प्रशासन, बीडीए और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने जब कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया तो कई गंभीर खामियां सामने आईं। फर्स्ट फ्लोर पर चल रही कोचिंग, एक ही रास्ते से आवाजाहीअरिहंत कोचिंग फर्स्ट फ्लोर पर संचालित हो रही है। छात्रों को ऊपर जाने के लिए केवल एक संकरी सीढ़ी का सहारा लेना पड़ता है। यही सीढ़ी प्रवेश और निकास दोनों का काम करती है। ऐसे में किसी आपात स्थिति, विशेषकर आग लगने जैसी घटना के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। निरीक्षण में मिलीं कई कमियांसंयुक्त टीम ने कोचिंग भवन की जांच की तो पता चला कि संस्थान के पास न तो फायर विभाग की एनओसी है और न ही बीडीए की एनओसी हैं। इतना ही नहीं, आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी नहीं मिले। सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। नोटिस की तैयारी, बीडीए को जाएगी रिपोर्टनिरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संस्थान का पूरा विवरण दर्ज किया। फायर स्टेशन ऑफिसर (एफएसओ) संजीव यादव ने बताया कि कोचिंग संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को भेजी जाएगी, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके।लखनऊ हादसे के बाद हो रही जांच में लगातार सामने आ रही खामियां यह संकेत दे रही हैं कि शहर के कई शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अभी भी गंभीर चुनौती बना हुआ है।
बुरहानपुर में कल (बुधवार) बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी 11 केवी सिंधी बस्ती और 11 केवी गड़बड़ महाजन फीडर का रखरखाव करेगी। सहायक यंत्री एचटी मेंटेनेंस रोहित भारती ने बताया कि आवश्यक रखरखाव के कारण सुबह 8 बजे से 9 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे सरस्वती नगर, लक्ष्मी नगर, सिंधी बस्ती, नगर निगम कार्यालय, प्रगति नगर, राजीव नगर, गीता सांई नगर, अक्षरधाम कॉलोनी, ब्रह्म शक्ति नगर, गुर्जर भवन, संजय नगर पार्ट बी, मोहन नगर, सुंदर नगर, बालाजी नगर, दत्तात्रय नगर और रास्तीपुरा सहित कई क्षेत्र प्रभावित होंगे। कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती का समय कम या ज्यादा किया जा सकता है।
हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रेणु भाटिया एवं नर्स कंट्रोवर्सी के बाद सिरसा में हेल्थ विभाग में तालमेल कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी अस्पताल में नर्सिंग से लेकर सभी स्टाफ के हितों की रक्षा करेगी। अगर उनको किसी तरह की समस्या होगी या कोई विवाद होगा, उसके समाधान कराने का काम करेगी। जानकारी के अनुसार, आज मंगलवार को सिविल अस्पताल में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मीटिंग हुई। बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं, मांगों एवं उनके समाधान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने के उद्देश्य से एक तालमेल कमेटी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इस बैठक में नर्सिंग एसोसिएशन, फार्मेसी एसोसिएशन, एक्स-रे कर्मचारी संगठन, एमपीडब्ल्यू मेल एवं फीमेल संगठन सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। तालमेल कमेटी का प्रधान अमित गिल और उप-प्रधान राजविंदर कौर को बनाया गया। सचिव विजय धींगड़ा, संयुक्त सचिव नसीब सिंह, कैशियर सीमा रानी (नर्सिंग ऑफिसर) एवं हरजीत कौर (नर्सिंग ऑफिसर) और प्रेस सचिव राजकुमार भारद्वाज को बनाया गया। कमेटी में गायत्री देवी (मैट्रन), दर्शना, जागप्रीत सिंह, मदन व हेमंत कुमार को शामिल किया है। प्रतिनिधियों ने अश्वस्त किया नर्सिंग एसोसिएशन के जिला प्रधान राजकुमार भारद्वाज ने बताया, तालमेल कमेटी के सभी प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि नवगठित तालमेल कमेटी कर्मचारियों की जायज मांगों एवं समस्याओं को प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएगी तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा एवं उनके कल्याण के लिए एकजुट होकर कार्य करेगी। सभी सदस्यों ने संगठनात्मक एकता बनाए रखने एवं कर्मचारियों के अधिकारों एवं हितों के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। ओपीडी में लड़की के साथ हुई थी घटना नाबलिग के साथ ओपीडी में डॉक्टर द्वारा रेप घटना के बाद रेणू भाटिया अस्पताल में दौरे के लिए पहुंची थी। उस वक्त नाबालिग के मेडिकल जांच के दौरान कोई नर्स साथ में न होने पर भड़क गई थी। इसी पर रणू भाटिया ने ड्यूटी पर कार्यरत नर्स को ‘आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं’ वाले बयान के बाद नर्सिंग ने हड़ताल की। रेणू भाटिया के इस्तीफे के बाद भी नर्सों में गुस्सा कम नहीं हुआ। सिरसा के सिविल अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर ने एकत्रित होकर गेट मीटिंग कर प्रस्ताव रखा था। जिसके बाद ये फैसला लिया है।
सुल्तानपुर के गोसाईंगंज में एक फौजी के बुजुर्ग पिता के घर लाखों की चोरी हुई है। 21 जून की रात चोरों ने सूने घर को निशाना बनाया और लाखों के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए। मामले का खुलासा न होने पर पीड़ित मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। पीड़ित मोहम्मद तैयब ने बताया कि उनके बेटे भारतीय सेना में सेवारत हैं और घर से बाहर रहते हैं। घटना के समय तैयब घर पर अकेले थे। चोरों ने मकान के पिछले हिस्से में बनी सीढ़ियों के रास्ते घर में प्रवेश किया। उन्होंने कमरों के दरवाजे तोड़कर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और लगभग ढाई लाख रुपये की नकदी चुरा ली। वारदात को अंजाम देने के बाद चोर उसी रास्ते से फरार हो गए। मोहम्मद तैयब को सुबह नमाज के समय उठने पर घर का सामान बिखरा और दरवाजे टूटे मिले, जिससे उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर डायल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, डायल 112 की टीम और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन अभी तक चोरी हुए सामान की बरामदगी नहीं हुई है और न ही चोरों का कोई सुराग मिला है। उन्होंने एसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर जल्द खुलासे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि चोरी का जल्द खुलासा किया जाएगा।
कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती का परिणाम जारी:अनारक्षित वर्ग की कटऑफ 56.50 और ओबीसी की 55.25 अंक रही
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने आखिरकार कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक के 3446 पदों पर भर्ती का अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया है। आयोग की ओर से भर्ती की लिखित परीक्षा 13 जुलाई 2025 को आयोजित की गई थी, एक वर्ष से कम समय में अंतिम चयन परिणाम जारी किया है। आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत ने बताया कि 2024 में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। उन्होंने बताया कि अनारक्षित वर्ग के 1813, अनुसूचित जाति वर्ग के 509, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 151, अन्य पिछड़ा वर्ग के 629 और आर्थिर रुप से कमजोर वर्ग के 344 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी में 44, पूर्व सैनिक में दो और महिला श्रेणी में 689 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं कटऑफ अनारक्षित वर्ग - 56.50 अंक अन्य पिछड़ा वर्ग - 55.25 अंक अनुसूचित जाति वर्ग - 48.75 अंक अनुसूचित जनजाति वर्ग - 13.50 अंक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग - 51.00 अंक
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल की ऑर्थोपेडिक सर्जरी (हड्डी रोग विशेषज्ञ) की टीम ने एक साथ 11 मरीजों की ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की। इसमें 8 घुटने और 3 हिप रिप्लेसमेंट के केस थे। सभी मरीजों का ऑपरेशन करने के बाद छुट्टी दे दी है। ऑर्थोपेडिक सर्जरी के यूनिट-2 की टीम ने यूनिट हैड डॉ. पंकज जैन के नेतृत्व में ये सर्जरी की। ये सर्जरी सुबह 8 बजे शुरू की और दोपहर 3 बजे तक चली। इस दौरान पूरी यूनिट के सभी डॉक्टर्स ऑपरेशन थिएटर में रहे। ऑपरेशन करने वालों में डॉ. राजकुमार हर्षवाल, डॉ. अमित जैन, डॉ. हीरा लाल धवन, डॉ. मुकेश असवाल और डॉ. बृजेश सांखला के अलावा । एनेस्थीसिया टीम से डॉ. श्रीफल मीणा, डॉ. ममता खंडेलवाल और डॉ. बी.सी. जैन मौजूद रहे। डॉ. पंकज जैन ने बताया- ये सभी मरीजों को अलग-अलग समय में ओपीडी में आए और इनकी तमाम जांचे और दूसरे इंवेस्टिगेशन करने के बाद सभी की एक साथ सर्जरी करने का फैसला किया। उन्होंने बताया सभी 11 सर्जरी सफल रही। 19 जून
सतना में प्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क में की गई बढ़ोतरी का विरोध शुरू हो गया है। गल्ला तिलहन व्यापारी संघ, सतना ने मंगलवार को इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। व्यापारियों का मुख्य विरोध मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय को लेकर है। संघ का कहना है कि यह 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने में भले ही छोटी लगे, लेकिन कृषि उपज के बड़े कारोबार पर इसका प्रतिकूल और अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में अपनी वर्तमान समस्याओं का जिक्र करते हुए कई मुख्य बिंदु उठाए हैं। व्यापारियों के अनुसार, शुल्क बढ़ने से व्यापार की लागत सीधे तौर पर बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर कृषि वस्तुओं के मूल्यों पर पड़ेगा, जिससे बाजार में महंगाई बढ़ेगी और इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा। निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांगसंघ ने यह आशंका भी जताई है कि शुल्क बढ़ने से कुछ लोग टैक्स चोरी या अनधिकृत तरीकों का सहारा ले सकते हैं। गल्ला तिलहन व्यापारी संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे जनहित और व्यापार जगत के हित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करें। संघ का मानना है कि यदि इस शुल्क वृद्धि को वापस लिया जाता है, तो व्यापार सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा, शासन का राजस्व भी सुरक्षित रहेगा और आम जनता पर अनावश्यक महंगाई का बोझ नहीं पड़ेगा। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार किसान, व्यापारी और आम जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए जल्द ही इस दिशा में उचित और सकारात्मक निर्णय लेगी।
बागपत में भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप:डीएम को ज्ञापन सौंपा, मिला आश्वासन
बागपत के बसौद-अमरपुर गढ़ी गांव में सेक्टर मार्ग की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (डीएम) को शिकायत पत्र देकर खसरा संख्या 722, रकबा 0.2110 हेक्टेयर के मूल स्वरूप को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने इस भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का भी अनुरोध किया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गांव के कुछ लोग सेक्टर मार्ग की भूमि पर दीवार बनाकर अवैध कब्जा कर रहे हैं। इस मामले में पहले भी प्रशासन से शिकायत की गई थी। उस समय राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और भूमि की पैमाइश की गई थी। हालांकि, ग्रामीणों का दावा है कि यह पैमाइश और निशानदेही निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। उनका आरोप है कि अधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेजी गई है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों और शिजरे में स्पष्ट रूप से सेक्टर मार्ग के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद मौके पर इसकी स्थिति बदलने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि राजस्व अधिकारियों पर दबाव डालकर कब्जाधारियों के पक्ष में कार्रवाई कराई गई है, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई है। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि खसरा संख्या 722 को राजस्व अभिलेखों के अनुसार उसके मूल स्थान पर बहाल किया जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि जब तक इस मामले का अंतिम निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रीवा जिले की एक जनपद पंचायत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सहित 22 सदस्यों ने जनपद अध्यक्ष संगीता यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कलेक्टर और जिला प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपा है। आवेदन में अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं उनके पति पर जनपद पंचायत के कार्यों में हस्तक्षेप और जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि जनपद अध्यक्ष के पति लगातार जनपद पंचायत के प्रशासनिक और विकास कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आरोप है कि उपाध्यक्ष और महिला सदस्यों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। पंचायतों के काम में किया जाता है भेदभावसदस्यों ने शिकायत में जनपद अध्यक्ष संगीता यादव पर भी भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और कई निर्णय नियमों को दरकिनार कर लिए जा रहे हैं। इन आरोपों के बीच 22 जनपद सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी सौंप दिया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में अध्यक्ष पद पर बने रहना जनहित में नहीं है। इन सदस्यों ने किए साइनशिकायत पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में सुनीता द्विवेदी, विकास चतुर्वेदी, सरोज साहू, अमित कुमार मिश्रा, महाकालेश्वर मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, गीता शुक्ला, करुणा गुप्ता, दयावती पाठक, शेषमणि पटेल, रूपा सिंह, ममता पटेल, ललिता साकेत, अन्नू चौरसिया, आशा देवी चौरसिया, रामानुज कोल, अर्चना सिंह, ऊषा कोल, ऊषा साकेत, अर्चना शुक्ला, सूर्यवती रजक और पुष्पा कोल शामिल हैं। सदस्यों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। अब इस पूरे घटनाक्रम पर जिला प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में शादी समारोह से लौट रही एक अधेड़ महिला की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजते हुए ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। पूंछ कस्बे की रहने वाली गुड्डी देवी (58) पत्नी पूरन लाल 21 जून को अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए झांसी आई थीं। शादी समारोह चिरूला गांव में संपन्न होने के बाद सोमवार को वह अन्य रिश्तेदारों के साथ ट्रक से वापस पूंछ लौट रही थीं।मृतका के भतीजे जयगोपाल केवट ने बताया कि सोमवार शाम करीब चार बजे गुड्डी देवी सर्विस रोड पर उतर गई थीं, जबकि अन्य रिश्तेदारों को आगे जाना था, इसलिए वे ट्रक से रवाना हो गए। गुड्डी देवी सर्विस रोड से दूसरी ओर जाने के लिए अंडरब्रिज के पास पहुंची थीं, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। हादसा देखकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को एंबुलेंस से झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसका फायदा उठाकर ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतका के परिवार में शोक का माहौल है।
फरीदाबाद के सारण थाना क्षेत्र स्थित न्यू जनता कॉलोनी में संचालित मुस्कान क्लिनिक पर सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम ने कुछ संदिग्ध और प्रतिबंधित श्रेणी की दवाइयों को कब्जे में लिया, जबकि क्लिनिक संचालक की मेडिकल योग्यता और दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी गई है। सीएम फ्लाइंग को शिकायत मिली थी जानकारी के अनुसार, सीएम फ्लाइंग को शिकायत मिली थी कि क्लिनिक का संचालन बिना वैध मेडिकल डिग्री के किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से क्लिनिक पर छापा मारा गया। अनचाहे गर्भधारण रोकने के बोर्ड मिले जांच के दौरान टीम को क्लिनिक के अंदर ऐसे बोर्ड भी लगे मिले, जिन पर दावा किया गया था कि एक गोली के सेवन से छह महीने तक अनचाहे गर्भधारण को रोका जा सकता है। इस प्रकार के प्रचार और दावों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। सभी रिकॉर्ड की जांच की जा रही सीएम फ्लाइंग के अधिकारी सतबीर ने बताया कि क्लिनिक का संचालन पंकज शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने उनसे मेडिकल डिग्री, पंजीकरण और क्लिनिक संचालन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। सभी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही दस्तावेजों की वैधता स्पष्ट हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने दवाई कब्जे में ली अधिकारियों के अनुसार, क्लिनिक से बरामद दवाइयों को भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग इन दवाओं की वैधता और नियमों के अनुरूप उपयोग की पड़ताल कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और सीएम फ्लाइंग की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
नैमिषारण्य के हनुमानगढ़ी मंदिर में विशाल भंडारा:जेठ के अंतिम मंगलवार पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सीतापुर। ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार के अवसर पर जिले भर के हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने पूड़ी-सब्जी, तहरी, शरबत और अन्य प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। इसी क्रम में 88 हजार ऋषि-मुनियों की तपोस्थली माने जाने वाले पवित्र तीर्थस्थल नैमिषारण्य स्थित हनुमानगढ़ी में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला द्वारा सपरिवार पूजा-अर्चना एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने प्रभु हनुमान एवं माता ललिता के चरणों में विधिवत पूजन-अर्चन किया। भंडारे का शुभारंभ सर्वप्रथम बटुकों एवं साधु-संतों को प्रसाद वितरित कर किया गया। इसके बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर राजेश शुक्ला ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमारा जन्म सनातन धर्म में हुआ है और मां ललिता की पावन भूमि सीतापुर में रहने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि जेठ माह के अंतिम मंगलवार पर सपरिवार पूजा-अर्चना करने का अवसर प्राप्त होना अत्यंत सुखद है। उन्होंने प्रभु हनुमान से जनपद, प्रदेश और देश के सभी लोगों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि कलयुग में हनुमान जी की आराधना से आत्मिक शांति के साथ आध्यात्मिक सुख की भी प्राप्ति होती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम में राजेश वर्मा, ज्ञान तिवारी, निर्मल वर्मा, रामकृष्ण भार्गव तथा मनीष रावत सहित भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, साधु-संत, महंत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे नैमिषारण्य क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
लखनऊ की कोचिंग में हुए अग्निकांड के बाद गोरखपुर में सघन जांच की गई। प्रशासन, अग्निशमन विभाग और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की टीमों ने जांच की। सुबह कुछ कोचिंगों में जांच की खबर सार्वजनिक हुई तो कई कोचिंग संचालकों ने अपने यहां ताला लगा दिया। सुबह बच्चों को यह मैसेज भेजा गया कि उनकी क्लास चलेगी लेकिन दोपहर बाद दूसरा मैसेज भेजा गया कि आज क्लास स्थगित रहेगी। इसके बाद भी कई बच्चे निर्धारित समय से कोचिंग पहुंच गए थे। ताला बंद देखकर उन्हें निराशा हुई। कमिश्नर अनिल ढींगरा, डीएम दीपक मीणा व जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर सुबह से ही जांच शुरू हो गई थी। जांच शुरू होने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। हरिओम नगर क्षेत्र में लगभग एक दर्जन कोचिंग क्लासेज हैं। यहां टीईटी से लेकर जेईई और नीट तक की तैयारी कराई जाती है। सभी कोचिंग संस्थान दोपहर में ही बंद हो गए। आने-जाने के लिए पतली सीढ़ी का सहाराहम सबसे पहले हरिओमनगर स्थित बुद्धा कोचिंग सेंटर पहुंचे। वहां एसएससी, बैंक, रेलवे, टीईटी, यूपी एसआई आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। दैनिक भास्कर की टीम ने कोचिंग सेंटर के अंदर जाने के लिए जब मुख्य गेट पर पहुंची तो गेट में ताला बंद था। यह गेट उस सीढ़ी पर लगा था, जो ऊपर क्लास में जाती है। सीढ़ी काफी सकरी थी। एक साथ दो व्यक्ति अगल-बगल इसपर नहीं जा सकते। मौके की स्थिति देखकर यह लग रहा था कि इसी सीढ़ी का इस्तेमाल ऊपर जाने और नीचे आने के लिए किया जाता था। यानी यदि कोई आपात स्थिति आयी तो बच्चों को बचा पाना मुश्किल होगा। दैनिक भास्कर की टीम जब वहां पहुंची तो लोगों ने बताया कि थोड़ी देर पहले GDA की टीम वहां से निकली है। रास्ता बंद होने के कारण नोटिस देकर अभियंता चले गए। मकान मालिक ने कोचिंग संचालक से खाली करने को कहाहम हरिओम नगर में स्थित एसएससी मेकर कोचिंग संस्थान पहुंचे। यहां भी ताला बंद मिला। इस कोचिंग में भी आने-जाने का एक ही रास्ता है। आज दोपहर में ही इस कोचिंग को भी बंद किया गया। सुरक्षा के मानक पूरे नहीं थे इसीलिए कोचिंग संचालक ने कोचिंग बंद कर दिया गया। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि मकान मालिक ने कोचिंग संचालक को जगह खाली करने को कह दिया है। हो सकता है अब यह कोचिंग न चले। हालांकि कोचिंग से जुड़े या भवन से जुड़ा कोई जिम्मेदार व्यक्ति वहां नहीं था। इसलिए मकान खाली कराने के नोटिस की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्टार पीएमटी में सुबह बुलाया, दोपहर बाद मना किया स्टार पीएमटी लगभग 25 वर्षों से गोरखपुर में कोचिंग क्लास संचालित कर रहा है। यह कोचिंग उस दौरे से है जब बहुत कम कोचिंग क्लास हुआ करते थे। इस कोचिंग का नाम काफी प्रतिष्ठित है लेकिन जब हम हरिओम नगर स्थित इस कोचिंग पर पहुंचे तो उसका मेन गेट भी बंद मिला। शाम लगभग सवा चार बजे कुछ छात्र-छात्राएं वहां पहुंचे थे। नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि सुबह 9 बजे क्लास संचालित होने की सूचना हमें दी गई थी। दोपहर 12 बजे के बाद एक और सूचना आयी कि आज कोचिंग नहीं चलेगी लेकिन पढ़ाई करने के कारण हम उसपर ध्यान नहीं दे पाए और यहां आ गए।अचानक कोचिंग बंद करने से स्पष्ट है कि यहां भी सुरक्षा के मानक पूरे नहीं होंगे, इसीलिए जांच के भय से कोचिंग क्लास बंद की गई थी। इस कोचिंग में बेसमेंट, ग्राउंड व प्रथम तल पर कोचिंग संचालित होती है। बेसमेंट में कोचिंग का संचालन अवैध है। भवन मालिकों का भी दबाव कोचिंग से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि जांच शुरू होने के चलते भवन मालिकों ने भी कोचिंग का संचालन न करने को कहा था। इसी कारण क्लास बचानक बंद कर दी गई। भवन मालिकों को डर है कि सुरक्षा के उपाय नजर नहीं आए तो कार्रवाई उनके भवन पर और उनपर ही होगी। बेसमेंट में भी कक्षाएं संचालित मिल गईं तो कठोर कार्रवाई हो सकती है और भवन सील भी हो सकता है।
कैथल में कच्ची शराब निकालने का और इसकी भनक किसी को नहीं लगने देने का शातिर तरीका सामने आया है। तस्कर ने अपने घर में बने कमरों में पहले फर्श को उखाड़ा। उसके नीचे पांच पांच सौ लीटर की दो टंकियां दबा दी और उनमें शराब निकालने का सामान डालकर टंकियां बंद कर ऊपर से टाइलें लगवा दी। यहीं नहीं टाइलों के ऊपर भी बेड व चारपाई बिछा दी ताकि नीचे से थोथे फर्श पर किसी का पांव न टिके। डेरा गरजा सिंह के रहने वाले एक आरोपी के घर जब पुलिस कच्ची शराब की सूचना पर रेड करने पहुंची तो शुरू में कुछ हाथ नहीं लगा। जब गहनता से जांच की और थोथी लगने पर एक टाइल को उखाड़ा तो पाया कि दो मकानों में एक एक कमरे का फर्श उखाड़कर टंकियां दबाई हुई थी। मजदूरों की तरह हाथों में छैनी हथौड़े लेकर फर्श तोड़ने में जुटे पुलिसकर्मी पुलिस ने तुरंत पूर फर्श को उखड़वाया और पहले तो कच्ची शराब तैयार करने का सामान टंकियों ने निकलवाकर नष्ट करवाया और बाद में टंकियों को बाहर निकाला गया। पुलिसकर्मी मजदूरों की तरह हाथों में छैनी हथौड़े लेकर फर्श तोड़ने में जुट गए। शराब बनाने का सामान मिलने पर पुलिस ने तुरंत डेरा गरजा सिंह से आरोपी अमरिक उर्फ जोनी को काबू कर लिया। आरोपी द्वारा फर्श के नीचे एक टंकी दबा रखी थी, जो टंकी से शराब निकालने के लिए रखा गया 400 लीटर लाहण बरामद हुआ। पुलिस द्वारा नियमानुसार कार्रवाई तहत 2 घरों में फर्श के नीचे दबाई गई 3 प्लास्टिक टंकियों को भी डिस्ट्रॉय किया गया। आरोपी का रिकॉर्ड जांचा जाएगा शहर थाना एसएचओ गीता ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि डेरा गरजा सिंह में कच्ची शराब निकाली जाती है। इस पर टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान आरोपी के कब्जे से फर्श के नीचे दबाई गई टंकियों में लाहण बरामद हुआ। पुलिस द्वारा आरोपी के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी, जिसमें देखा जाएगा कि उस पर पहले भी कोई ऐसा केस दर्ज है या नहीं। समाज विरोधी अपराधों में शामिल व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगी उन्होंने कहा कि जिला पुलिस का मुख्य उद्देश्य कैथल को नशा मुक्त बनाना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशा तस्करी जैसे समाज विरोधी अपराधों में शामिल व्यक्तियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जिला पुलिस द्वारा सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन, चेकिंग अभियान तथा निगरानी की जा रही है। कैथल पुलिस भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में भाजपा जिला कार्यालय पर मनाई गई। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता श्रवण सिंह राव ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अद्वितीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से भारत में विलय करने की मांग की। देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे उन्होंने अपने एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे के संकल्प के समर्थन में आंदोलन किया और कश्मीर पहुंच गए। जहां उनके आंदोलन को कुचलने के लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में जेल में ही उनका निधन हो गया। यही वजह है कि राष्ट्र प्रथम और अखंड राष्ट्र के भाव के साथ अपने प्राण न्योछावर करने वाले डॉ मुखर्जी की पुण्यतिथि को भाजपा बलिदान दिवस के रूप में मनाती आई है। देश की आवश्यकता के हिसाब से उद्योगों का विकास हो पूर्व सांसद सुभाष बहेडिया ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद प्रथम मंत्रिमंडल में डॉ मुखर्जी उद्योग मंत्री बने और उन्होंने देश के औद्योगिक विकास की नींव रखी। उनका मानना था कि देश की आवश्यकता के हिसाब से उद्योगों का विकास हो, देश आत्मनिर्भर बने और गरीबी कम हो। लेकिन इसके बाद नेहरू और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बीच हुए समझौते के विरोध में उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और राजनीतिक विकल्प के रूप में राष्ट्रीय विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की और इसके पहले अध्यक्ष बने। जनसंघ राजनैतिक पार्टी नहीं राष्ट्र निर्माण के आंदोलन में अग्रणी संगठन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि डॉ मुखर्जी के त्याग, समर्पण एवं राष्ट्रसेवा के आदर्श हम सभी को निरंतर प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने जनसंघ को राजनैतिक पार्टी के रूप में नहीं अपितु राष्ट्र निर्माण के आंदोलन में अग्रणी संगठन के रूप में विकसित करने का काम किया। उन्होंने डॉ मुखर्जी की जयंती 6 जुलाई तक जिले के सभी बूथों पर पौधारोपण करने का आह्वान किया। इनकी रही मौजूदगी इस अवसर पर विधायक उदयलाल भडाना,वरिष्ठ नेता पेंटर सूरज का सानिध्य जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, अभियान सह संयोजक जगदीश गुर्जर, शुभम शर्मा, जिला उपाध्यक्ष गोपाल तेली, अंकुर बोरदिया, कल्पेश चौधरी, आरती कोगटा, ललिता कंवर, ललित अग्रवाल, अंकुर बोरदिया, मनोज बुलानी, शशांक बिड़ला, अभिश्रुता सोलंकी, रागिनी गुप्ता, बाबूलाल आचार्य, महेंद्र नायक, शंकरलाल जाट सांगवा, भगवत सिंह खैराबाद, घनश्याम सिंगिवाल, इमरान कायमखानी, नागेंद्र सिंह, मुकेश सोनी, ऋतुशेखर शर्मा, नंदलाल गुर्जर, सीपी जोशी, अर्पित समदानी, रेखा परिहार, ज्योति आशीर्वाद सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अशोकनगर कलेक्ट्रेट कार्यालय में मंगलवार को चंदेरी विधायक के गांव अजलेश्वर के एक व्यक्ति राम सिंह रघुवंशी ने विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी के भाई रघुवीर सिंह और भतीजे शिव रघुवंशी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत करते हुए बताया कि उनके घर पर गुंडे भेजे गए, जिन्होंने दरवाजे पर पत्थर फेंके और घर में मौजूद उनकी पत्नी व बेटी को गालियां दीं। राम सिंह रघुवंशी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब वह एक दिन पहले एक शादी में गुना गए हुए थे। उनकी पत्नी ने रात 12 बजे फोन पर उन्हें इसकी जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि गुंडों ने घर के दरवाजे पर पत्थर मारे और शराब की बोतलें भी वहां पड़ी मिलीं। जब राम सिंह ने अपनी पत्नी को वीडियो बनाने को कहा, तो वे लोग वहां से चले गए। घर के बाहर फायरिंग की आवाज भी आईआवेदक राम सिंह रघुवंशी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर फायरिंग की आवाज भी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि शिव रघुवंशी की पत्नी ईसागढ़ थाना प्रभारी हैं, और उनकी धमकी भी दी जाती है। शिकायत करने के बाद राम सिंह रघुवंशी कुछ देर तक कलेक्टर कार्यालय के गेट के बाहर अपनी शर्ट उतारकर बैठे रहे, जिसके बाद वह वहां से चले गए। विधायक के भतीजे ने आरोपों को खंडन कियावहीं, इस घटना के संबंध में विधायक के भतीजे शिव रघुवंशी ने आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उनका और उनके परिवार के किसी भी सदस्य का किसी से कोई विवाद नहीं हुआ है, न पहले कभी रहा है और न ही आज कोई विवाद हुआ है। शिव रघुवंशी ने इन आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि वह इन पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करवाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन आरोपों से उनकी और उनके परिवार की छवि खराब हुई है, जिसकी भरपाई वैधानिक कार्रवाई होने के बाद ही होगी।
राजस्थान वन विभाग की ओर से रणथंभौर में आयोजित वन्यजीव संरक्षण के लिए CSR कॉन्क्लेव का मंगलवार को समापन हुआ। जिसमें CSR फंड करीब 200 करोड़ रूपए के विकास कार्यों पर चर्चा की गई। जबकि विभिन्न संस्थाओं की ओर से 17 करोड़ रुपए के CSR फंड देने की घोषणा की गई। इस दौरान यहां 70 से विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि और वनाधिकारी मौजूद रहे। राजस्थान में पहली बार आयोजित हुई कॉन्क्लेव रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि राजस्थान वन विभाग की ओर से सोमवार को दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव का शुभारंभ हुआ था। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को प्रोत्साहित करना है। कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे। जबकि कॉन्क्लेव की अध्यक्षता वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने की। वहीं कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि अरिजीत बनर्जी रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे राजस्थान के आए उद्योगपति मौजूद रहे। कॉन्क्लेव के दूसरे दिन विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की गई। ऐसी कॉन्क्लेव राजस्थान में पहली बार आयोजित की गई है। 200 करोड़ विकास कार्यों पर की चर्चा वन मंत्री शर्मा ने कॉन्क्लेव में मौजूद उद्योगपतियों से अब जंगलों से विस्थापित होने वाले गांवों की मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि साल 2022 में वन विभाग की ओर से विस्थापित परिवारों के पैकेज में बढ़ोतरी की है, लेकिन यह काफी नहीं है। फिलहाल वन विभाग की ओर विस्थापित परिवारों को जो जमीन आवंटित की जा रही है, वो उबड़-खाबड़ होती है। जिसके चलते विस्थापित परिवार वहां जाने से हिचकते हैं। उन्होंने कहा कि परिवारों के लिए इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर उद्योगपति अच्छी सुविधायुक्त कॉलोनी विकसित करने में सीएसआर फंड से सहयोग करें। इस दौरान विभिन्न उद्योगपतियों ने CSR फंड से विकास कार्यों में भागीदारी निभाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान यहां 200 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले विकास कार्यों पर चर्चा की गई। जिनके ओएमयू राज्य स्तर पर जयपुर में होंगे।
लखनऊ के अलीगंज में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। तीन मंजिला व्यावसायिक भवन में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना पिछले 20 वर्षों में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े अग्निकांडों में से एक मानी जा रही है। इसके पहले 2026 में मेरठ में लगी आग में 64 लोगों की जान गई थी। आवासीय भवन में चल रही थीं व्यावसायिक गतिविधियां प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस भवन में आग लगी, वह मूल रूप से आवासीय भूखंड पर निर्मित था। वर्ष 2014 के बाद वहां व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हो गईं और समय के साथ भवन में कोचिंग सेंटर सहित कई संस्थान संचालित होने लगे। हालांकि भवन में आपातकालीन निकास (फायर एग्जिट) और वैकल्पिक सीढ़ियों जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई। अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने का रास्ता तलाशते रहे। ऊपरी मंजिलों पर फंसे कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों का सहारा लिया। राहत और बचाव दल के पहुंचने तक हालात बेहद गंभीर हो चुके थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भवन में फायर एग्जिट, स्मोक अलार्म और पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद होते तो मृतकों की संख्या काफी कम हो सकती थी। हादसे के बाद भवन निर्माण मानकों और फायर सेफ्टी नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अयोध्या में बड़ा झटका लगा है। अब जिले के लगभग 2.27 लाख उज्ज्वला गैस कनेक्शन धारकों को एक वर्ष में केवल चार एलपीजी सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। पहले उन्हें नौ सिलेंडरों पर सब्सिडी दी जाती थी। इस नए प्रावधान के लागू होने के बाद, लाभार्थियों को अतिरिक्त सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदने होंगे। इससे गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के रसोई बजट पर सीधा असर पड़ने की आशंका है, जिससे उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उज्ज्वला योजना के तहत शुरुआत में लाभार्थियों को प्रति वर्ष 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते थे, जिसे बाद में घटाकर नौ कर दिया गया था। अब औसत खपत के आधार पर यह संख्या और कम करके चार कर दी गई है। वर्तमान में, 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर पर लगभग 350 रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इस निर्णय से जिले के हजारों लाभार्थियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और एलपीजी की ऊंची कीमतों के बीच सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटाने से घरेलू खर्च में और वृद्धि होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार खाना पकाने के लिए गैस पर निर्भर हैं, और उन्हें अतिरिक्त सिलेंडर बाजार दर पर खरीदना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण लग रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश मिश्रा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या कम करने का यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को वर्ष में केवल चार सिलेंडरों पर ही सब्सिडी मिलेगी, जबकि इसके बाद खरीदे जाने वाले सिलेंडरों पर कोई सब्सिडी लागू नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के लिए मंगलवार को मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सीनियर अधिकारियों की अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में चंबल अभ्यारण क्षेत्र में अवैध रेत खनन, परिवहन और उससे जुड़े नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई को लेकर संयुक्त रणनीति तैयार की गई। बैठक में तीनों राज्यों ने गुंडा लिस्ट और सीसीटीवी डेटा शेयर करने, नेशनल हाईवे समेत अन्य क्षेत्रों में रेत परिवहन ,बिना रजिस्ट्रेशन नम्बर के चलने वाले वाहनों और रेत से जुड़े अपराधियों पर किस तरह शिकंजा कसा जाए इस पर चर्चा हुई और कई अहम फैसले भी लिए गए। मुरैना स्थित देवरी चंबल घड़ियाल केंद्र पर दोपहर 1 बजे हुई इस अहम बैठक में तीनों राज्यों के कलेक्टर, एसपी, कमिश्नर, डीएफओ, आरटीओ और खनिज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस चंबल क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन और उसके परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण था। तीनों राज्य गुंडा लिस्ट और सीसीटीवी डाटा शेयर करेंगे बैठक में यह तय किया गया कि तीनों राज्यों के बीच रियल टाइम डेटा और निगरानी सिस्टम साझा किया जाएगा। मुरैना और धौलपुर के घाटों पर लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड और सर्विलांस डेटा को आपस में साझा किया जाएगा, ताकि गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सके। इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन नंबर या अवैध रूप से संचालित वाहनों पर सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया। ऐसे वाहनों की पहचान कर उन्हें तत्काल जब्त करने और उन पर कानूनी कार्रवाई करने पर सहमति बनी। अपराधियों और रेत माफिया से जुड़े नेटवर्क पर भी संयुक्त नजर रखने का निर्णय लिया गया। हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा जिला बदर किए गए लोगों सहित अन्य आपराधिक तत्वों की सूची तीनों राज्यों के बीच साझा की जाएगी, ताकि सीमावर्ती इलाकों में उनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। 16 चेकपोस्टों पर निगरानी मजबूत होगी इसके साथ ही 16 प्रस्तावित चेकपोस्टों को मजबूत करने और तीनों राज्यों के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने पर भी सहमति बनी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह बैठक अब चंबल क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार पर तीन राज्यों की संयुक्त सख्ती की बड़ी शुरुआत मानी जा रही है, जिसमें पहली बार इतने स्तर पर समन्वित निगरानी और कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है।
सोनीपत में पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने आज सेक्टर-27 स्थित नवनिर्मित जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस एवं पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस नए कार्यालय का उद्देश्य पूर्वी जोन के नागरिकों को बेहतर और सुलभ पुलिस सेवाएं प्रदान करना है। कार्यालय के उद्घाटन से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन का आयोजन किया गया। इसके उपरांत, पुलिस कमिश्नर ने कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को आमजन को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 'पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता में वृद्धि करेगा नया कार्यालय' पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने इस अवसर पर कहा कि पूर्वी जोन के थाना क्षेत्रों के मध्य स्थित यह नया कार्यालय पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता में वृद्धि करेगा। यह आमजन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रशासनिक कार्यों में सुविधा होगी और नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। 'विभिन्न कार्यों में अधिक प्रभावशीलता आएगी' उन्होंने आगे कहा कि कमिश्नरेट प्रणाली के तहत आधुनिक सुविधाओं से युक्त कार्यालयों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाना है। यह नया कार्यालय पूर्वी जोन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न कार्यों में अधिक प्रभावशीलता आएगी। व्यवस्थाओं और सुविधाओं की कमिश्नर ने ली जानकारी उपस्थित अधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर को कार्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने, नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवाएं प्रदान करने और पुलिस की सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रेरित किया। इस नए कार्यालय के संचालन से पूर्वी जोन क्षेत्र के नागरिकों को पुलिस प्रशासन से संबंधित कार्यों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ व्यवस्था प्राप्त होगी। इसके साथ ही, पुलिस और जनता के मध्य संवाद, विश्वास और समन्वय को भी नई मजबूती मिलेगी। ये अधिकारी हुए शामिल इस अवसर पर जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस राजेंद्र कुमार मीणा (आईपीएस), पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन मेधा भूषण (आईपीएस), पुलिस उपायुक्त मुख्यालय सोनाक्षी सिंह (आईपीएस), पुलिस उपायुक्त क्राइम नरेंद्र कादयान (आईपीएस) सहित आयुक्तालय के सभी सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रबंधक, क्राइम यूनिट एवं पुलिस चौकियों के प्रभारी तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
शहडोल यातायात पुलिस में तैनात और सोशल मीडिया पर अपनी खास पहचान बनाने वाले हेड कांस्टेबल विवेकानंद तिवारी ने 15 जून को पुलिस विभाग से इस्तीफा दे दिया है। 3 जून को सोशल मीडिया गतिविधियों के चलते हाल ही में उन्हें निलंबित किया गया था। तिवारी ने अपना त्यागपत्र सौंपते हुए साफ कर दिया है कि वे अब पुलिस की नौकरी नहीं करना चाहते। हालांकि, विभाग ने अभी उनके इस्तीफे पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और प्रक्रिया के तहत इसकी समीक्षा की जा रही है। विवेकानंद तिवारी पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे। यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था से जुड़े उनके वीडियो और रील्स लाखों लोगों द्वारा देखे जाते थे। इसी लोकप्रियता के चलते वे मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित पुलिसकर्मियों में शामिल हो गए और उनकी एक बड़ी फैन फॉलोइंग तैयार हो गई। लेकिन कुछ समय पहले पुलिस विभाग ने उनकी इन सोशल मीडिया गतिविधियों को शासकीय सेवा नियमों के खिलाफ बताते हुए इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। बिना सूचना गायब रहने का आरोप और निलंबन हेड कांस्टेबल तिवारी पर बिना अनुमति के ड्यूटी से गायब रहने का आरोप लगा था, जिसके बाद शहडोल एसपी रामजी श्रीवास्तव ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इस पर तिवारी का पक्ष था कि वे मेडिकल इमरजेंसी के कारण छुट्टी पर थे और इसकी सूचना उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में दे दी थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद उन्हें बिना सूचना के अनुपस्थित मान लेना गलत था। हाल ही में पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने भी गाइडलाइन जारी कर स्पष्ट किया है कि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी पहनकर ऐसे रील या शॉर्ट वीडियो नहीं बनाएगा जिससे विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचे, और उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब पत्नी की कमाई और आय के स्रोतों की होगी जांच विवेकानंद तिवारी की मुश्किलें यहीं कम नहीं हुईं, अब शहडोल पुलिस ने उनकी पत्नी की आय को लेकर भी जांच शुरू कर दी है। दरअसल, तिवारी के नाम से चल रहे सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स उनकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड हैं और इन प्लेटफॉर्म्स से होने वाली मोटी कमाई भी उन्हीं के बैंक खाते में आती है। पुलिस अब एक पत्र जारी कर उनकी पत्नी की इस आय और विवेकानंद तिवारी के अन्य विभिन्न कानूनी व गैर-कानूनी आय के स्रोतों को खंगालने में जुट गई है। कार्रवाई के विरोध में उतरे सोशल मीडिया फॉलोअर्स तिवारी के निलंबन की खबर जैसे ही बाहर आई, इंटरनेट पर उनके समर्थन में एक बड़ा अभियान शुरू हो गया। हजारों फॉलोअर्स ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे कोई गलत काम नहीं कर रहे थे, बल्कि लोगों को कानून के प्रति जागरूक बना रहे थे। दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि यह मामला व्यक्तिगत लोकप्रियता का नहीं बल्कि शासकीय सेवा आचरण नियमों (Service Conduct Rules) का है, जिसका पालन करना हर कर्मचारी के लिए अनिवार्य है। नौकरी छोड़ अब राष्ट्रीय स्तर पर चलाएंगे अभियान विवेकानंद तिवारी ने बताया कि वे सिर्फ लोगों को जागरूक कर रहे थे और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। अब नौकरी के बंधनों से मुक्त होकर वे अपने इस काम के दायरे को और बढ़ाएंगे और देश-राज्य स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा जन-जागरूकता अभियान शुरू करेंगे।
शामली पुलिस ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम रिजर्व पुलिस लाइन शामली परिसर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला ने पौधारोोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। एनपी सिंह ने सभी से उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला, प्रतिसार निरीक्षक विक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। शामली पुलिस द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
भिवानी के एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए मातृशक्ति उद्यमिता योजना चला रहा है। इस योजना के तहत महिलाओं को बैंकों के माध्यम से पांच लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। हरियाणा महिला विकास निगम के जिला प्रबंधक राजकुमार ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए 88 मामलों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का लाभ हरियाणा की स्थायी निवासी महिलाएं ले सकती हैं, जिनकी वार्षिक आय पांच लाख रुपए से कम है। तीन साल तक मिलेगा अनुदान लोन के लिए आवेदन करते समय महिला उद्यमी की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक पहले से किसी ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत, समय पर किस्तों का भुगतान करने पर हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से तीन वर्षों तक सात प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। यह कारोबार किए जा सकते हैं शुरू निगम की योजना में डेयरिंग और उद्योग विभाग की नकारात्मक गतिविधियों को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं। इनमें यातायात वाहन (ऑटो रिक्शा, छोटे सामान ढोने वाले वाहन, थ्री-व्हीकल, ई-रिक्शा, टैक्सी) और सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियां (टेलरिंग, बुटीक, ब्यूटी पार्लर, फोटोकॉपी की दुकान, पापड़ बनाना, फूड स्टॉल, अचार बनाना, हलवाई की दुकान, बिस्कुट बनाना, हैंडलूम और आइसक्रीम बनाने की यूनिट) शामिल हैं।
डीग जिले में मंगलवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर करीब तीन बजे आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी चलने लगी। मौसम में आए इस बदलाव से पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे जिले में मौसम सुहावना हो गया। कई दिनों से गर्मी और उमस से बेहाल थे लोग पिछले कई दिनों से जिले में भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी था। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था, क्योंकि लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में ही रहना पसंद कर रहे थे। लगातार बनी उमस और बढ़ती बिजली खपत ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी थी। दोपहर बाद बदला मौसम का मिजाज मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने रुख बदलना शुरू किया। पहले आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ी और देखते ही देखते पूरा आसमान घने काले बादलों से ढक गया। इसके बाद तेज हवाएं चलने लगीं, जिनके साथ धूलभरी आंधी भी आई। हवा के तेज झोंकों से पेड़-पौधे झूमने लगे और कई स्थानों पर लोगों को धूल से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। ठंडी हवाओं से मिली राहत, लोगों ने लिया आनंद आंधी के कारण कुछ समय के लिए लोगों को परेशानी जरूर हुई, लेकिन मौसम में आई ठंडक ने राहत का एहसास कराया। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग बदले मौसम का आनंद लेते नजर आए। बच्चों और युवाओं में भी मौसम के इस बदलाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। किसानों की बढ़ी उम्मीदें स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार उमस भरी गर्मी से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। ऐसे में मौसम में आई यह तब्दीली राहत लेकर आई है। वहीं, आसमान में छाए बादलों ने किसानों के चेहरों पर भी उम्मीद जगाई है। किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खरीफ फसलों की तैयारियों को गति मिलेगी और खेती-किसानी के काम आसान होंगे। अब मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार मौसम में आए इस बदलाव के बाद लोगों को अब मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में जिले में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में गर्मी से राहत का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
शामली में 14 बीघा अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर:एमडीए ने ध्वस्त किए निर्माण, अन्य कॉलोनियों में हड़कंप
शामली में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कैराना कोतवाली क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। यह कॉलोनी लगभग 14 बीघा भूमि पर बिना अनुमति के बनाई जा रही थी। जानकारी के अनुसार, पानीपत-खटीमा हाईवे मार्ग पर पानीपत अंडरपास के निकट अय्यूब खान पुत्र अहमद खान और प्रॉपर्टी डीलर मुकरीम खान द्वारा यह कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसके लिए कोई स्वीकृत मानचित्र या आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी, जिसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण और तहसील की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अवैध निर्माणों को चिन्हित किया और बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कॉलोनी में बनाए गए अवैध रास्ते, प्लॉटिंग संबंधी संरचनाएं और अन्य निर्माण हटाए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की अनुमति के बिना विकसित की जाने वाली कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार अर्जुन सिंह चौहान, एमडीए के कनिष्ठ अभियंता (जेई) जगदेव सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
शहर के शासकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं की सेहत से जुड़ी एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। मंगलवार दोपहर 3 बजे महाविद्यालय परिसर में लगे वाटर कूलर के पानी में गंदगी और कीड़े पाए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। मंगलवार को जब छात्राएं पानी पीने पहुंचीं, तो उन्हें वाटर कूलर के अंदर साफ तौर पर गंदगी और कीड़े दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने तत्काल कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की और पानी पीने से इनकार कर दिया। जानकारी के अनुसार, महाविद्यालय में लगभग 5000 छात्राएं पढ़ती हैं, और 15 से अधिक प्राध्यापक व कर्मचारी भी इसी वाटर कूलर का पानी पी रहे थे। एक छात्रा द्वारा ढक्कन उठाकर देखने पर अंदर की स्थिति देखकर सभी हैरान रह गए। छात्रा प्रियांशी सिंह ने बताया कि सभी छात्राएं लंबे समय से इसी वाटर कूलर का पानी पी रही थीं। गंदगी और कीड़े दिखने के बाद अब उन्हें अपनी सेहत की चिंता सता रही है। उन्होंने मांग की है कि इस वाटर कूलर को तत्काल हटाया जाए या पूरी तरह साफ कर सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की जाए, ताकि छात्राओं को जलजनित या अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा न हो। इस मामले पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. राजेश साहू ने कहा कि उन्हें भी इसकी जानकारी अभी मिली है। उन्होंने तत्काल वाटर कूलर को बंद कर खाली कराने के निर्देश दिए हैं। डॉ. साहू ने यह भी कहा कि जब तक इसकी पूरी तरह सफाई नहीं हो जाती, तब तक कोई भी छात्रा या स्टाफ इसका उपयोग नहीं करेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि समय-समय पर जांच होनी चाहिए थी, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण नियमित निगरानी नहीं हो सकी, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मंगलवार को अंतरराज्यीय टास्क फोर्स कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मध्यप्रदेश के मुरैना जिले स्थित देवरी के घड़ियाल पालन केंद्र में हुई। इसका मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना था। बैठक की अध्यक्षता चंबल संभाग के आयुक्त सुरेश कुमार शर्मा ने की। इसमें चंबल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार जैन, धौलपुर जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान भी उपस्थित रहे। धौलपुर, मुरैना और आगरा जिलों के प्रशासनिक, पुलिस, वन, परिवहन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया। बैठक में चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन की रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, संयुक्त अभियानों को प्रभावी बनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। इस दौरान धौलपुर, मुरैना और आगरा की सीमाओं से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति बनी। यह भी तय किया गया कि अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान की व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, प्रशासन, वन और खनिज विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे। वे आधुनिक तकनीकी संसाधनों और खुफिया सूचनाओं का उपयोग कर अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखेंगे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वय बढ़ाकर अवैध खनन एवं परिवहन में लिप्त तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य चंबल नदी के पारिस्थितिक तंत्र, वन्यजीवों एवं पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित करना है, साथ ही न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन भी सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि धौलपुर जिले में जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में पहले से ही कार्रवाई जारी है। प्रतिबंधित चंबल बजरी खनन एवं परिवहन की रोकथाम के लिए प्रमुख घाटों और मार्गों पर पुलिस, प्रशासन, वन एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।
महराजगंज के उद्योग चौराहे पर युवकों के बीच हुई मारपीट का वीडियो सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वीडियो में दो पक्षों के युवक सड़क पर एक-दूसरे के साथ हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया जानकारी के मुताबिक हिमांशु और प्रियांशु का प्रिस नामक युवक के साथ अन्य लड़कों को लेकर विवाद हो गया था। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला मारपीट तक पहुंच गया। चौराहे पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, बावजूद इसके हाथापाई जारी रही। मारपीट की सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने हिमांशु, प्रियांशु और प्रिस को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के बाद पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सदर कोतवाल निर्भय सिंह ने बताया कि उद्योग चौराहे पर दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
सोनभद्र के राजकीय स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने मानदेय भुगतान में देरी और अन्य अनियमितताओं के विरोध में कार्य बहिष्कार कर दिया । निजी कंपनी एस.एम.सी. प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कार्यरत इन कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने ज्ञापन में बताया कि उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। कंपनी ने पूर्व में दो माह का मानदेय रोक लिया था, और वर्तमान में भी एक माह का मानदेय लंबित है। जब कर्मचारी मानदेय के संबंध में जानकारी मांगते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि सरकार से भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। सफाई कर्मियों का आरोप है कि उनके वेतन से भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) की कटौती तो की जाती है, लेकिन इन मदों में जमा राशि का कोई स्पष्टीकरण नहीं है। इसके अतिरिक्त, पिछले चार वर्षों से उनका मूल मानदेय 7,833 रुपये प्रतिमाह ही बना हुआ है, जबकि मानदेय बढ़ाने की बात कही जाती रही है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि कोई कर्मचारी मानदेय या अन्य समस्याओं को लेकर शिकायत करता है, तो कंपनी द्वारा उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इस स्थिति से कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने, लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने, पीएफ और ईएसआई संबंधी अनियमितताओं की जांच करने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में प्रशासन से उचित कार्रवाई उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हरियाणा सरकार ने राजस्व प्रशासन में बड़ा डिजिटल सुधार करते हुए पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में नई व्यवस्था लॉन्च करते हुए कहा कि अब प्रदेश में रजिस्ट्री और इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी तरह एक-दूसरे से जुड़ जाएगी और नागरिकों को अलग से इंतकाल के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने इसे राजस्व प्रशासन में बेहतर सुधार बताते हुए कहा कि नई व्यवस्था से लाखों किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों को राहत मिलेगी। लाडवा से शुरू हुई थी पहल, अब दूसरा चरण लागू मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र के लाडवा तहसील से पेपरलेस रजिस्ट्री प्रणाली की शुरुआत की गई थी। इसके बाद 1 नवंबर 2025 से इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया। अब इसमें कई नए सुधार जोड़कर दूसरे चरण की शुरुआत की जा रही है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल की प्रक्रिया भी स्वतः शुरू हो जाएगी। इससे जमीन खरीदने वाले लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आधार e-KYC अनिवार्य, फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के दोनों पक्षों के लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहचान की 100 प्रतिशत पुष्टि होगी और फर्जी दस्तावेजों व विवादों की संभावना कम होगी। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन लागू किया गया है। NRI और कंपनियों को भी राहत सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक लचीला बनाया है। अब यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता तो वह एक से अधिक प्रतिनिधियों को अधिकृत कर सकेगा। साथ ही डीड को नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या हेल्प डेस्क की सहायता से भी भर सकेंगे। जमीन की जानकारी होगी ऑटोमैटिक नई प्रणाली में रजिस्ट्री के दौरान ही यह जानकारी स्वतः स्क्रीन पर दिखाई देगी कि संबंधित भूमि का कौन-सा हिस्सा प्राइम श्रेणी में आता है और कौन-सा नॉन-प्राइम श्रेणी में। इससे सर्कल रेट और स्टांप ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता बढ़ेगी। DTP और NOC का झंझट खत्म मुख्यमंत्री ने बताया कि अब DTP और NOC के लिए अलग से दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित विभागों का सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इसके अलावा वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर किए जाने वाले RC-1 और RC-2 कार्यों को भी एकीकृत कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया और तेज होगी। 24 घंटे में होगा इंतकाल मुख्यमंत्री ने ऑटो इंतकाल प्रणाली की शुरुआत करते हुए बताया कि जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत हो जाएगा।वहीं जिन मामलों में खेवट विभाजन जरूरी होगा, उनमें अधिकतम 10 दिन के भीतर इंतकाल का निपटारा कर दिया जाएगा। 4 लाख लंबित इंतकाल केस निपटाए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 5 लाख से अधिक इंतकाल लंबित थे। इनमें से लगभग 4 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। ऑटो म्यूटेशन प्रणाली को पहले एक महीने तक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया गया था। इस दौरान मिले सुझावों और फीडबैक को नई प्रणाली में शामिल किया गया। प्रारंभिक चरण में ही लगभग 50 हजार इंतकाल स्वतः दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 15 दिनों में शेष सभी लंबित इंतकाल मामलों का समाधान करना है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन अब बिना मानकों के संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गया है। मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), सिटी मजिस्ट्रेट और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-104 स्थित ओम कोचिंग सेंटर को सील कर दिया। जांच में पाया गया कि कोचिंग सेंटर के पास न तो विभागीय पंजीकरण था और न ही फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)। अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा इंतजामों का भी निरीक्षण किया। आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने पर कोचिंग सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी इसके बाद टीम ने वासु एजुकेशन सेंटर पर भी कार्रवाई की। यहां भी विभागीय पंजीकरण नहीं मिला। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर इस संस्थान को भी सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने संचालकों को स्पष्ट रूप से बताया कि बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के किसी भी संस्थान को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीआईओएस चंद्रशेखर ने बताया कि जिले में बिना पंजीकरण संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इससे पहले भी बड़ी संख्या में संस्थानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए पंजीकरण कराया जाए, अन्यथा सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में जिन संस्थानों के पास वैध पंजीकरण और फायर सुरक्षा से संबंधित आवश्यक अनुमति नहीं है, उनके खिलाफ आगे भी अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य कोचिंग संस्थानों में भी हड़कंप मच गया है।
भिलाई टाउनशिप में लाइसेंस आवास, लीज रजिस्ट्रेशन और रिटेंशन स्कीम को लेकर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने मंगलवार को सेक्टर-5 स्थित कार्यायल में प्रेस वार्ता की और कहा कि आवासों से जुड़े फैसलों और लगातार जारी हो रहे नोटिसों से हजारों परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि टाउनशिप क्षेत्र में लाइसेंस वाले मकानों पर एक-एक करके नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं जिन परिवारों के पास लीज है, उनके रजिस्ट्रेशन का काम भी आगे नहीं बढ़ रहा है। रेंट रिटेंशन स्कीम से जुड़े लोगों की समस्या भी अब तक हल नहीं हुई है। इससे भिलाई के लोगों के बीच असमंजस और नाराजगी दोनों बढ़ रही है। निजी संस्थाओं या प्राइवेट बिल्डरों को सौंपने की तैयारीदेवेंद्र यादव ने कहा कि लोगों के बीच लगातार इस तरह की चर्चा चल रही है कि टाउनशिप के बड़े हिस्से को खाली कराया जा सकता है और आगे इसे निजी संस्थाओं या प्राइवेट बिल्डरों को सौंपा जा सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इन चर्चाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को थमाया जा रहा है नोटिसविधायक देवेंद्र ने कहा कि छह महीने पहले हुए भिलाई सत्याग्रह आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन की मौजूदगी में बीएसपी प्रबंधन के साथ बातचीत हुई थी। उस समय यह सहमति बनी थी कि टाउनशिप को लेकर जो भी योजना होगी, उसकी जानकारी पहले जिला प्रशासन को दी जाएगी और उसके बाद ही आगे प्रक्रिया बढ़ेगी। लेकिन मौजूदा हालात और लगातार दिए जा रहे नोटिसों से लोगों को लग रहा है कि उन्हें यहां से हटाने की तैयारी की जा रही है। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भिलाई की बसावट और यहां की सामाजिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं, उन्हें उसी तरह रहने दिया जाए और किसी परिवार को मकान खाली करने के लिए मजबूर न किया जाए। 10 हजार से ज्यादा परिवार होंगे प्रभावितउन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से 10 हजार से ज्यादा परिवार प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए उन्होंने अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को नोटिस मिल रहे हैं, उनकी टीम हर घर पहुंचेगी, लोगों से चर्चा करेगी और समर्थन जुटाने के बाद बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। देवेंद्र यादव ने कहा कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से लड़ी जाएगी। लोगों को साथ लेकर प्रबंधन के सामने उनकी बात रखी जाएगी ताकि किसी का जीवन और बसावट प्रभावित न हो। बीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री कर रहे अपने स्तर पर कोशिशबीजेपी सांसद और पूर्व मंत्री के प्रयासों पर पूछे गए सवाल के जवाब में विधायक देवेंद्र ने कहा कि वे अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अगर सरकार की नीतियां सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को मजबूत करने की नहीं होंगी तो समाधान निकालना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि भिलाई के हित में सभी जनप्रतिनिधियों और लोगों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
पिता को डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट:सोनभद्र पुलिस आरोपी बेटे को पकड़ा, डंडा बरामद
सोनभद्र में घरेलू विवाद के दौरान पिता की हत्या करने वाले बेटे को पुलिस ने घटना के महज 8 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोनू के रूप में हुई है, जिसने घरेलू विवाद के दौरान अपने पिता श्रीनाथ (52) पर डंडे से हमला कर दिया था। मामला विंढमगंज थाना क्षेत्र का है। घरेलू बात को लेकर विवाद पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 की रात करीब 11 बजे पिता-पुत्र के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर सोनू ने आवेश में आकर पास में रखा डंडा उठाकर पिता के सिर पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल श्रीनाथ को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों की तहरीर पर विंढमगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर 22 जून की शाम करीब 6:41 बजे आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर आया था, तभी उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि विवाद के दौरान उसने गुस्से में पिता पर डंडे से हमला किया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया है। आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बागपत में एक वाटर पार्क के संचालन को लेकर नया विवाद सामने आया है। नगर पालिका परिषद बागपत के मनोनीत सभासद और भाजपा नेता एडवोकेट आशीष सिंह ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें ग्राम गौरीपुर हबीबपुर स्थित एक वाटर पार्क के खिलाफ जांच की मांग की गई है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह वाटर पार्क आवश्यक स्वीकृतियों और निर्धारित सुरक्षा मानकों के बिना संचालित हो रहा है। पार्क में बड़े झूले, वाटर स्लाइड्स, डांस फ्लोर, लगभग 30 फीट ऊंची जिपलाइन और अन्य मनोरंजन गतिविधियां चल रही हैं, जिनकी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी जांच अनिवार्य है। शिकायतकर्ता आशीष सिंह ने कहा है कि ऐसी ऊंची संरचनाओं और मनोरंजन उपकरणों का वैध सुरक्षा प्रमाणन के बिना संचालन लोगों के जीवन के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने देश भर में हाल ही में हुई कई दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर चिंता व्यक्त की है। इसके अतिरिक्त, शिकायत में यह भी आरोप है कि वाटर पार्क में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में भूजल का उपयोग किया जा रहा है। यदि यह बिना आवश्यक अनुमति के हो रहा है, तो यह क्षेत्र में जल संरक्षण और भूजल स्तर के लिए एक गंभीर मुद्दा बन सकता है। आशीष सिंह ने दावा किया है कि इस मामले में पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं। बागपत विकास प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बावजूद, अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आवश्यक दस्तावेजों और स्वीकृतियों की पड़ताल करने तथा किसी भी अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने जांच कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
संभल के सिद्धपीठ प्राचीन श्रीचामुंडा देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर में संपन्न हुई। यह कथा 28 जून तक चलेगी। तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। कलश यात्रा के दौरान बाल गोपाल को छतरी से ढंककर रखा गया। भजनों की अमृतवर्षा से कल्कि नगरी भक्तिमय हो उठी। संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित प्राचीन श्रीसिद्धपीठ चामुंडा मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कथा में वृंदावन धाम से पधारे कथाव्यास मोहित कृष्ण शास्त्री ने पहले दिन प्रवचन दिए। उन्होंने सच्चिदानंद के वास्तविक स्वरूप का वर्णन करते हुए इसे परमात्मा के शाश्वत, दिव्य और अनंत स्वरूप का प्रतीक बताया। शास्त्री जी ने समझाया कि 'सत्', 'चित्' और 'आनंद' से मिलकर बने सच्चिदानंद का अर्थ शाश्वत सत्य, पूर्ण ज्ञान और परम आनंद है। उन्होंने भागवत पुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि संसार के सभी रिश्ते, सुख और भौतिक वस्तुएं नश्वर हैं, जबकि ईश्वर ही सत्य और आनंद के ऐसे स्रोत हैं जो जन्म-मृत्यु के चक्र से परे हैं। कथाव्यास ने भागवत महात्म्य, नैमिषारण्य तीर्थ का परिचय दिया और भक्ति, ज्ञान तथा वैराग्य की कथाएं सुनाईं। उन्होंने आत्मदेव की कथा और धुंधकारी मोक्ष प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता को कष्ट देता है, वह प्रेत योनि को प्राप्त होकर भटकता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे, जिससे पूरे मंदिर परिसर का माहौल आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया। श्रीमद् भागवत कथा का माहात्म्य बताते हुए उन्होंने भक्ति महारानी की कथा और गोकर्ण उपाख्यान सुनाया, जिससे भक्त भावविभोर हो गए। महाराज ने कहा, कलौ भागवती वार्ता भवरोगविनाशिनी निष्पाप शौनकजी, जिसका अर्थ है कि इस कलियुग में भगवत कथा सांसारिक रोगों की रामबाण औषधि है। इस अवसर पर मंदिर महंत मुरली सिंह, रामकिशन ठकराल, विनोद पंवार, शुभम, राजू, गोपाल, रविंद्र गुप्ता, ललित ठाकुर, अरविंद ठाकुर, दिनेश ठाकुर, रजनी चौहान, मोनिका, सुनीता, ज्योति, आराधना, राधा, कांति और सुमन सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
सुल्तानपुर में जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष अभियान मंगलवार को शुरू किया है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जिले में कुल 196 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं, जिनकी सुरक्षा और अन्य मानकों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के अनुसार, यह तीन दिवसीय जांच अभियान सभी 196 कोचिंग सेंटरों की भौतिक स्थिति और वहां उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से विश्लेषण करेगा। अभियान के तहत कोचिंग सेंटरों में फायर एनओसी की उपलब्धता, अग्निशमन उपकरणों की कार्यक्षमता और आपातकालीन निकास व्यवस्था की पड़ताल की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कोचिंग स्टाफ को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण मिला है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। ऐसी सामग्रियों से की गई पैनलिंग पर भी नजर रखी जा रही है, जिनमें आग तेजी से फैल सकती है। भीषण गर्मी के मौसम में कोचिंग सेंटरों में एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच में अक्सर पाया जाता है कि स्वीकृत बिजली लोड कम होता है, जबकि अधिक एसी चलने के कारण सिस्टम ओवरलोड हो जाता है। इससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बना रहता है, इसलिए बिजली के लोड की भी सघन जांच की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के दौरान जिन भी कोचिंग संस्थानों में मानकों की अनदेखी या सुरक्षा में कमियां पाई जाएंगी, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किया जाएगा। इन कमियों को तय समय सीमा के भीतर दूर करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर में कथित चमत्कारी दवाओं के वितरण और प्रचार-प्रसार के मामले में आयुष एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक जनरल स्टोर पर छापा मारा। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और विभिन्न बीमारियों में तत्काल राहत के दावों के बाद इस मामले का संज्ञान लिया था। जानकारी के अनुसार, शेर भाई नाम के व्यक्ति पहले एक मंदिर परिसर में दरबार लगाकर लोगों को ये दवाएं बांटता था। दावा किया जाता था कि इन दवाओं से शरीर के किसी भी हिस्से के दर्द में तुरंत आराम मिलता है। बाद में दवाओं का वितरण उसकी निजी जनरल स्टोर की दुकान से भी होने लगा। बताया जा रहा है कि फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सैकड़ों वीडियो साझा कर इन दवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। इन वीडियो में विभिन्न रोगों के उपचार और चमत्कारी लाभ के दावे किए जाने की चर्चा थी, जिससे यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। एसडीएम ने जांच के निर्देश दिए थेमामले की गंभीरता को देखते हुए, एसडीएम आयुष जैन ने आयुष विभाग को जांच के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद मंगलवार को आयुष विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम संबंधित दुकान पर जांच के लिए पहुंची। जांच के दौरान टीम को दुकान में कोई दवा नहीं मिली। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के समय संबंधित व्यक्ति ने स्वयं ही अपनी दवाओं को गलत बताते हुए उनसे दूरी बना ली। हालांकि, इस संबंध में विभागीय जांच अभी जारी है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि कार्रवाई की सूचना मिलने के बाद बड़ी मात्रा में दवाओं को पहले ही कहीं और हटा दिया गया था। हालांकि, इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाईअधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला आयुष अधिकारी डॉ. नीरजा तिवारी का कहना है कि शिकायत और वायरल प्रचार सामग्री के आधार पर जांच की गई है। जांच प्रतिवेदन तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में डिजिटल लाइब्रेरी में बड़ी लापरवाही:SDM-CO ने मारा छापा, नहीं मिला रजिस्ट्रेशन और NOC
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद अमेठी प्रशासन सतर्क है। एसडीएम प्रीति तिवारी और सीओ अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में गौरीगंज शहर की कोचिंग और लाइब्रेरी पर छापेमारी की गई। सैठा रोड स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में बड़ी अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को गौरीगंज कस्बे के सैठा रोड पर संचालित डिजिटल लाइब्रेरी पर छापा मारा। जिस भवन में पहले कोचिंग सेंटर चलता था, वहां अब लाइब्रेरी संचालित की जा रही थी। प्रथम तल के एक बड़े कमरे में सैकड़ों छात्र-छात्राएं मोबाइल के जरिए पढ़ाई करते मिले। जांच के दौरान भवन के बाहरी हिस्से में लकड़ी की अस्थायी दीवार बनी पाई गई, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। संचालक से पंजीकरण प्रमाणपत्र और अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। संचालक ने केवल उद्यम विभाग में पंजीकरण होने की बात कही। एसडीएम प्रीति तिवारी ने बताया कि लाइब्रेरी में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर चल रहे कोचिंग और लाइब्रेरी संस्थानों की जांच लगातार जारी रहेगी। टीम अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नियमों को ताक पर रखकर चल रहे संस्थानों पर अब सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
सागर में महाराजपुर थाना क्षेत्र में किसान का शव कुएं में मिला है। शव को करीब 1 किलोमीटर घसीटकर कुएं में डाला गया है, घसीटने के निशान भी मिले हैं। किसान की पहचान सरवई गांव के कुंजन यादव के रूप में हुई। मृतक के बेटे ने पड़ोसी खेत वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। कुंदन की बाइक गांव के पास पड़ी मिली और शव मंगलवार को कुएं में मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कुएं से बाहर निकलवाया गया। एफएसएल टीम ने वारदात स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच में लिया है। मारपीट कर हत्या की फिर शव कुएं में डालामृतक के बेटे मयंक यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि रात में खेत की बखरनी (जुताई) हो रही थी। पिता कुंजन यादव (40 साल) ट्रैक्टर ड्राइवर कमलेश को खाना लेकर बाइक से खेत गए थे। जहां पर मदन ठाकुर और उसके दामाद ने रात करीब 12 बजे मारपीट कर हत्या कर दी। शव खेत से घसीट कर प्रहलाद सिंह राजपूत मुहली के खेत में बने कुएं में डाल दिया। मयंक ने बताया जब रात में पिता खाना लेकर खेत में ट्रैक्टर चला रहे ड्राइवर के पास तक नहीं पहुंचे तो रात 2 बजे ड्राइवर कमलेश घर पहुंचा। उसने कहा कि खाना नहीं आया है। इसके बाद वह ड्राइवर कमलेश और गांव के हाकम सिंह तीनों पिता को ढूंढने के लिए खेत गए और सभी जगह तलाश की। लेकिन कुछ पता नहीं चला। गांव में बाइक पड़ी मिलीमंगलवार सुबह करीब 4 बजे उनकी मोटर साइकिल देवीजी के चबूतरा के यहां पड़ी मिली। सुबह करीब 8 बजे फिर तलाशी ली तो प्रहलाद राजपूत के 20 फीट गहरे कुएं में पिता की लाश मिली। पड़ोसी खेत वालों पर लगाया हत्या का आरोप मृतक के बेटे मयंक ने आरोप लगाया कि उनके मेड़ पड़ोसी मदन गौड़ और उनके एक रिश्तेदार ने मिलकर मेरे पिता की हत्या की है। उन्होंने बताया कि मदन गौड़ का खेत उनके खेत से लगा हुआ है और 8 दिन पहले खेत की बखरनी करने आए थे। तब रास्ते से निकलने की बात पर दोनों ने विवाद किया था। खेत में पत्थर फेंके थे। उनके रिश्तेदार ने देख लेने की धमकी दी थी। रास्ते से निकलने को लेकर चल रहा था विवाद मृतक के पिता ब्रजलाल ने बताया कि पिछले दो-तीन साल से सरकारी रास्ते में निकलने को लेकर मदन रोक-टोक करता था। तभी से हर साल विवाद होता आ रहा था। सूचना मिलने पर महाराजपुर थाने के प्रभारी अजय भदोरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जांच शुरू की। जिसमें 1 किलोमीटर तक शव के घिसटने के दौरान खून के निशान और एक टॉर्च को बरामद किया है। महाराजपुर थाना प्रभारी अजय सिंह भदौरिया जो बताया कि प्रथम दृष्टि हत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। लेकिन पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। जिन लोगों पर हत्या के आरोप लगे हैं वह फरार हैं।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत डीडवाना में पुलिस विभाग के सहयोग से जागरूकता सामग्री का विमोचन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जिले में 17 जून से 26 जून तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और नशा मुक्ति संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देना है। जिलेभर में चल रहे जागरूकता कार्यक्रम जिला समाज कल्याण अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया कि मंत्रालय के निर्देशों के तहत जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आमजन तक नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुंचाने और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने हेतु प्रचार सामग्री जारी की गई है। एसपी ने जनभागीदारी पर दिया जोर विमोचन के बाद जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने नशे के खिलाफ जन जागरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। डॉ. शिवरान ने कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अधिकारी रहे मौजूद कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुकेश राम कड़वासरा, चेनाराम खाण्डोटिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अभियान के तहत आगामी दिनों में भी जिलेभर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कटनी कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इसमें जिले के दूरस्थ गांवों और कस्बों से आए 175 आवेदकों ने अपनी समस्याएं कलेक्टर आशीष तिवारी के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल, एसडीएम कटनी प्रमोद चतुर्वेदी, जिला प्रबंधक लोक सेवा दिनेश विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। ग्राम टेढ़ी निवासी जानकी बाई ने शिकायत की कि उनके खेत का पूर्व में हल्का पटवारी और आरआई की ओर से गलत सीमांकन कर दिया गया था। पुनः सीमांकन के लिए लोक सेवा केंद्र में आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आवेदक को राहत प्रदान करने के निर्देश कलेक्टर ने तहसीलदार कटनी ग्रामीण को निर्धारित समयावधि में प्रकरण का निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ग्राम गोहावल निवासी अर्जुन कोल ने भूमि अभिलेख में सुधार के लिए आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई न होने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम विजयराघवगढ़ को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर आवेदक को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। ग्राम पौड़ी निवासी करन कुशवाहा ने अपने पैतृक खेत तक पहुंचने के लिए रास्ते की मांग की। उन्होंने बताया कि खेत के बीच मकान निर्मित है, जिससे खेती कार्य प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर ने सामाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश कलेक्टर ने नायब तहसीलदार बिलहरी को मौके का परीक्षण कर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में पहुंची छात्रा रिया ने बताया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक नियमित अध्ययन करने के बावजूद उन्हें पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। कलेक्टर तिवारी ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच कर पात्रतानुसार शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आधार कार्ड सुधारने के नाम पर 600 लेने का आरोप:जनसुनवाई में शिकायत पर कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
दमोह कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक आवेदक ने आधार कार्ड सुधारने के नाम पर 600 रुपये लेने का आरोप लगाया। आवेदक का कहना है कि पैसे लेने के बावजूद उसके आधार कार्ड में सुधार नहीं किया गया। हिंडोरिया निवासी सकूर बशीर ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि दमोह के तीन गुल्ली के समीप संचालित आधार केंद्र संचालक सचिन जैन ने करीब डेढ़ महीने पहले उनके आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधारने के लिए 600 रुपये लिए थे। सकूर बशीर के अनुसार, आधार कार्ड में कोई सुधार नहीं हुआ। जब वह बैंक गए तो गलत जन्मतिथि के कारण उनका काम रुक गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह दोबारा सचिन जैन के पास गए तो उन्होंने आधार कार्ड सुधारने से इनकार कर दिया। इस शिकायत पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने ई-गवर्नेंस मैनेजर महेश अग्रवाल को बुलाकर आधार केंद्र के बारे में जानकारी ली और मामले की जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर यादव ने स्पष्ट कहा कि गरीबों से अनावश्यक पैसे लेना गलत है। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी अनिल जैन को भी बुलाया और संबंधित व्यक्ति का आवेदन भिजवाकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
हिंदू स्वाभिमान परिषद और गुरु गोरखनाथ कामधेनु गौ सेवा समिति ने मंगलवार को मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एमडीए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार, अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। हिंदू स्वाभिमान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अमित भारद्वाज ने कहा कि संगठन पिछले डेढ़ साल से अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दे रहा है। इसके बावजूद संबंधित मामलों में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि कुछ अभियंताओं की मिलीभगत के कारण कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह गई है। अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप अमित भारद्वाज ने कहा कि इस संबंध में कई बार एमडीए के उपाध्यक्ष और सचिव को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। संगठन का कहना है कि अवैध निर्माण और कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई न होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अधिकारियों और अवैध निर्माण कराने वालों की मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बगलामुखी महायज्ञ संगठन ने रोटा रोड स्थित शिवकुंज कॉलोनी का मामला उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो हिंदू स्वाभिमान परिषद और गुरु गोरखनाथ कामधेनु गौ सेवा समिति एमडीए कार्यालय पर भ्रष्टाचार के विरोध में बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन करेगी। प्रदर्शन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मूलचंद शर्मा, राष्ट्रीय प्रभारी सुशील वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश अमित तोमर, मेरठ मंडल अध्यक्ष राहुल उपाध्याय, धर्माचार्य प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मृदुल शास्त्री, व्यापार प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह, बलराम यादव, संदीप शर्मा, मोहित शर्मा, विक्रांत शर्मा, सचिन, देवेंद्र शर्मा, कुंदन तथा महानगर अध्यक्ष धर्माचार्य प्रकोष्ठ अंकित बाजपेई सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ग्वालियर में एक भाजपा कार्यकर्ता की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रही है। इस पोस्ट में कार्यकर्ता ने बिजली वितरण कंपनी और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर नाराजगी जाहिर की है। कार्यकर्ता का आरोप है कि उसके मकान का बिजली बिल 31 हजार रुपए आया है। उसने समय रहते शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की विधानसभा क्षेत्र का यह कार्यकर्ता प्रदीप श्रीवास्तव निवासी है। जानिए प्रदीप ने क्या लिखा… ऊर्जा मंत्री, मैं आपकी विधानसभा 155 का रहने वाला हूं। तब ये हालत है। एक पारिवारिक घर बिल, जिसका महीने का बिल 31000 हजार है। आम आदमी आपके क्षेत्र में छोटी फैक्ट्री चला तो नहीं पाएंगे। मैं बीजेपी का कार्यकर्ता हूं, मगर आप जैसे मंत्री का होना बीजेपी के लिए सही नहीं। अगर मेरा यह बिल सही नहीं किया गया तो फिर बीजेपी के साथ रहना बेकार है। मैं 6 दिन पहले ऑनलाइन शिकायत कर चुका, अब तक कुछ नहीं हुआ। आपके गुंडे बिजली घर के कर्मचारी एक या दो दिन में बिजली काटने आ जाएंगे। अब आप देख लो क्या हो सकता है। सामान्य मकान का बिल इतना अधिक प्रदीप श्रीवास्तव ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि यदि एक सामान्य पारिवारिक मकान का बिजली बिल इतना अधिक आ सकता है, तो क्षेत्र के छोटे उद्योग और फैक्ट्री संचालक किस प्रकार अपना व्यवसाय चला पाएंगे। उन्होंने यह भी लिखा कि ऐसे हालात भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं और यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पार्टी के साथ जुड़े रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। इस मामले में अभी तक ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर या बिजली वितरण कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि शिकायत की जांच के बाद संबंधित बिल में कोई त्रुटि पाई जाती है या नहीं और विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
सिवनी के जम्बो सीताफल को मिला जीआई टैग:किसानों और आदिवासियों को मिलेगा लाभ; आय में वृद्धि की संभावना
सिवनी जिले के प्रसिद्ध जम्बो सीताफल को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है। जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के लंबे प्रयासों के बाद यह सफलता मिली है। टैग से सिवनी का जम्बो सीताफल अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना पाएगा, जिससे किसानों, संग्राहकों और आदिवासी समुदाय की आय में वृद्धि की संभावना है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की सहायक संचालक डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री में वर्ष 2023 में एफपीओ के माध्यम से आवेदन किया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद विभाग ने सिवनी के जम्बो सीताफल को जीआई टैग प्रदान कर दिया है। प्रतिवर्ष करीब 6090 टन उत्पादन होता सिवनी जिले में लगभग 695 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती और प्राकृतिक उत्पादन होता है, जिससे प्रतिवर्ष करीब 6090 टन उत्पादन प्राप्त होता है। जिले के छपारा क्षेत्र के भूतबंधानी सहित जंगलों, पहाड़ी इलाकों और खेतों की मेड़ों पर प्राकृतिक रूप से उगने वाला यह सीताफल अपने बड़े आकार, प्राकृतिक मिठास और विशिष्ट स्वाद के लिए जाना जाता है। इसकी सबसे अधिक आवक सितंबर से नवंबर के बीच होती है। औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है सिवनी का जम्बो सीताफल दिल्ली, आगरा, झांसी, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, नागपुर, रायपुर और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भेजा जाता है। हर वर्ष इसके व्यापार से दो से तीन माह के भीतर लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इस फल में करीब 40 प्रतिशत प्राकृतिक शर्करा पाई जाती है और यह औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है। जम्बो सीताफल की विशिष्ट पहचान मिली विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्यतः एक सीताफल का वजन 200 से 650 ग्राम तक होता है, जबकि भूतबंधानी क्षेत्र में कई फल 800 ग्राम से एक किलोग्राम तक के पाए जाते हैं। एक कैरेट में औसतन 80 से 90 फल होते हैं, जिसकी कीमत 800 से 900 रुपए तक पहुंच जाती है। जीआई टैग मिलने से सिवनी के जम्बो सीताफल की विशिष्ट पहचान सुरक्षित होगी। इससे इसके नाम के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और देश-विदेश के बाजारों में इसकी मांग तथा मूल्य बढ़ने की उम्मीद है। यह जिले के किसानों और आदिवासी परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाएगा। तस्वीरे देखिए…
करनाल स्नैचर और नशा तस्कर गिरफ्तार:लिफ्ट देने के बहाने छीना कैश बरामद; तस्कर से अवैध देसी शराब मिली
करनाल जिले में पुलिस ने अपराधों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए स्नैचिंग के एक आरोपी और एक अवैध शराब बेचने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने स्नैचिंग मामले में नगदी और बाइक बरामद की। जबकि दूसरे मामले में देसी शराब की बोतलें पकड़ी गईं। दोनों मामलों में पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है। सीआईए-1 की टीम ने सब इंस्पेक्टर दशरथ कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए स्नैचिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने रामपुरा कटेबाग निवासी पवन उर्फ गोलू पुत्र उत्तर पृथ्वी को मेरठ रोड क्षेत्र से काबू किया। आरोपी के कब्जे से छीनी गई 7 हजार रुपए की नगदी और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई। लिफ्ट देने के बहाने की वारदात मामले के जांच अधिकारी के अनुसार शिकायतकर्ता अवेश ने थाना सेक्टर-32/33 में शिकायत दी थी कि बीती 20 जून को वह अपने काम से घर जा रहा था। रास्ते में उसने एक अज्ञात व्यक्ति से लिफ्ट ली। कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपी ने बाइक रोककर उसके साथ हाथापाई की और उसकी नगदी छीनकर फरार हो गया। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। तकनीकी जांच से मिली सफलता पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। अवैध शराब के साथ दूसरा आरोपी गिरफ्तार दूसरे मामले में एंटी नारकोटिक सेल करनाल की टीम ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई की। गश्त के दौरान पुलिस ने गांव टपराना निवासी विजय पुत्र ताराचंद को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 13 बोतल मस्ती माल्टा देसी शराब बरामद की गई।
धार जिले के पीथमपुर तहसील के सागौर में हुए सलमान हत्याकांड के मृतक के पिता शमसुद्दीन पटेल मंगलवार को अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा को आवेदन सौंपकर न्याय की मांग की। शमसुद्दीन पटेल ने आवेदन में आरोप लगाया कि उनके पुत्र सलमान की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई थी। घटना के काफी समय बाद भी मामले के मुख्य मास्टरमाइंड सहित दो आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि घटना से जुड़े वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले को लेकर सागौर थाना और संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार की मांगपीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी पक्ष के परिजन लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और धमकियां भी दे रहे हैं। इसके चलते मृतक की पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन भय तथा असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। परिवार ने प्रशासन से मुख्य आरोपी सहित फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने, पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान करने और धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। परिजनों ने आरोपियों के कथित अवैध निर्माणों की जांच कर बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की। एसपी ने सख्त कार्रवाई की आश्वासन दियाआवेदन में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मृतक की पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कलेक्टर कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन किया जाएगा। वहीं, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शिकायतों और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 2 करोड़ की जमीन बचाने एम्बुलेंस से इंदौर पहुंची बुजुर्ग कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक गंभीर रूप से बीमार वृद्धा को परिजन आईसीयू एम्बुलेंस से इंदौर लेकर पहुंचे। परिवार का आरोप है कि उनकी करीब दो करोड़ रुपए कीमत की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर लिया गया है और लंबे समय से शिकायत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका। पढ़ें पूरी खबर… प्रेम विवाह के दो साल बाद महिला ने दी जान इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र के स्मृति नगर में रहने वाली महिला ने सोमवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर में मौजूद थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस दंपती विवाद के पहलू को भी खंगाल रही है। पढ़ें पूरी खबर… AI से बनाए फर्जी NEET पेपर...35 छात्रों से वसूले पैसे फर्जी NEET प्रश्न पत्र बेचने के आरोप में गिरफ्तार इंदौर के लॉ स्टूडेंट अक्षय मालवीय ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। उसने बताया कि इंस्टाग्राम पर एक फर्जी प्रश्न पत्र की स्टोरी पोस्ट करने पर उसे करीब 8 हजार लाइक्स मिले थे। इसके बाद सैकड़ों मैसेज आने लगे। वह सोशल मीडिया पर फेमस होना चाहता था, इसलिए बढ़ते लाइक्स और मैसेज ने उसका उत्साह बढ़ा दिया। पढ़ें पूरी खबर… उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में चुनौती प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया की अधिसूचना अब कानूनी दांवपेंच में फंस गई है। इस संबंध में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की गई है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच करेगी। पढ़ें पूरी खबर… ड्रिंक-एंड-ड्राइव में पकड़ी गाड़ी छुड़ाने थाने पहुंचे बीजेपी नेता इंदौर के विजयनगर थाने में मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया, जब ड्रिंक एंड ड्राइव में पकड़ी गई गाड़ी छुड़ाने के लिए कुछ बीजेपी नेता थाने पहुंचे। इस दौरान पुलिस स्टाफ से उनकी बहस हो गई। मामला उस समय और बढ़ गया जब थाने में मौजूद एक कुत्ते को लेकर भी विवाद हो गया। पढ़ें पूरी खबर… शिशुकुंज के 150 बच्चे बीमार, स्कूल ने 2 दिन छिपाया इंदौर के शिशुकुंज स्कूल में 150 से अधिक बच्चों के बीमार पड़ने का मामला सोमवार को अभिभावकों के हंगामे और सोशल मीडिया पर वीडियो सामने के बाद चर्चा में आया, लेकिन इसकी शुरुआत दो दिन पहले यानी 20 जून (शनिवार) से ही हो गई थी। लंच के बाद कई बच्चों को उल्टी, दस्त, गले में संक्रमण, घबराहट और बदहजमी की शिकायतें होने लगी थीं। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर से लापता नीट छात्रा का शव खरगोन में मिला इंदौर से लापता नीट (National Eligibility cum Entrance Test) छात्रा का शव खरगोन में नर्मदा नदी में मिला। लसूड़िया इलाके में तलावली चांदा की रहने वाली 18 वर्षीय निक्की यादव रविवार को नीट यूजी का पेपर देने घर से निकली थी। परीक्षा केंद्र मऊ में था। परीक्षा खत्म होने के बाद निक्की देर रात तक घर नहीं लौटी। पढ़ें पूरी खबर… भागीरथपुरा में निगम कमिश्नर ने कराई क्लोरीन टेस्टिंग भागीरथपुरा में हुए जलकांड के बाद निगम के अधिकारी लगातार यहां पानी की सप्लाई को लेकर मुस्तैद हैं। मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल भागीरथपुरा पहुंचे और पानी की क्लोरीन टेस्टिंग कराई। साथ ही यहां के रहवासियों के बातचीत कर पानी सप्लाई को लेकर जानकारी ली। निगम कमिश्नर ने यहां चल रहे निर्माण कार्यों और पानी की सप्लाई और लाइनें डालने के बाद रोड के रेस्टोरेशन के कामों को चेक किया। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर- इंस्टाग्राम पर चाकू लहराकर लाइव आए युवक इंदौर में बदमाशों के बढ़ते हौसलों का एक और मामला सामने आया है। परदेशीपुरा क्षेत्र के कुछ युवक हाथों में चाकू लेकर इंस्टाग्राम पर लाइव आए। वीडियो में युवक शराब के नशे में हथियार लहराते और अपशब्द बोलते नजर आ रहे हैं। ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के अनुसार वीडियो परदेशीपुरा क्षेत्र के बदमाश विशाल धनगर और उसके साथियों का बताया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर- 14 बाइक चोरी मामले में राजस्थान-आगर मालवा कनेक्शन इंदौर के तुकोगंज पुलिस द्वारा पकड़े गए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य से पूछताछ में अब राजस्थान और आगर मालवा कनेक्शन सामने आया है। आरोपी के पास से पहले ही 50 लाख रुपए कीमत की 14 चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस को आशंका है कि चोरी की कुछ बाइक इन इलाकों में बेची गई हैं, जिसके चलते जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
सोनीपत में छोटे के सामने बडे़ भाई की मौत:तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर, काम से घर लौट रहा था व्यक्ति
सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना रात करीब 8 बजे गांव चटिया औलिया के पावर हाउस के पास पुरखास रोड पर हुई, जब एक अज्ञात बाइक ने मृतक की बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान उदेशीपुर निवासी वजीर पुत्र ओमप्रकाश के रूप में हुई है। वजीर अपने भाई सोनू के साथ सोनीपत में मजदूरी कर घर लौट रहा था। सोनू ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बाइक पर वजीर के पीछे आ रहा था। सड़क पर गिरा, सिर में आई गंभीर चोट जब वजीर अपनी विक्की (मोपेड) पर पुरखास रोड पर पहुंचा, तो गांव पांची जाटान की तरफ से आ रही एक मोटरसाइकिल ने तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए उसकी बाइक को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वजीर अपनी विक्की सहित सड़क पर गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। हादसे के बाद अज्ञात मोटरसाइकिल सवार अपनी बाइक समेत मौके से फरार हो गया। सोनू ने तुरंत अपने भाई वजीर को संभाला, लेकिन तब तक चोटों के कारण उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने सोनू की शिकायत पर अज्ञात मोटरसाइकिल सवार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुरुष पेजेंट्स में ‘मिस्टर राजस्थान सीजन-5 2026’ के जयपुर ऑडिशन अजमेर रोड स्थित डी’सुरा क्लब में आयोजित हुए। ए इन्फिनिटी टेकओवर्स फिल्म प्रोडक्शन हाउस की ओर से आयोजित इस मेगा ऑडिशन में प्रदेशभर से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता के लिए 2000 से अधिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए, जबकि जयपुर ऑडिशन में राजस्थान के विभिन्न शहरों से आए करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ऑडिशन के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी पर्सनैलिटी, कॉन्फिडेंस, रैंप वॉक, ग्रूमिंग और कम्युनिकेशन स्किल्स का प्रदर्शन करते हुए जजों को प्रभावित किया। निर्धारित ड्रेस कोड के तहत सभी प्रतिभागी ब्लैक टी-शर्ट और जींस में नजर आए। मंच पर युवाओं का आत्मविश्वास, स्टाइल और ऊर्जा आकर्षण का केंद्र रहे। आयोजक अनूप चौधरी ने बताया कि ‘मिस्टर राजस्थान’ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला मंच है। इसका उद्देश्य राजस्थान के प्रतिभाशाली युवाओं को फैशन, मॉडलिंग और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि जयपुर के बाद प्रतियोगिता के अगले चरण के तहत उदयपुर और जोधपुर में भी ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सके। प्रतियोगिता का बहुप्रतीक्षित ग्रैंड फिनाले सितंबर 2026 में द ट्रेड इंटरनेशनल होटल में आयोजित किया जाएगा, जहां राजस्थानभर से चयनित प्रतिभागी प्रतिष्ठित खिताब के लिए मुकाबला करेंगे। ऑडिशन की जूरी में मिस्टर राज 2024 करण राजपुरोहित, मिस्टर राज 2025 रघुवीर बिश्नोई, मिसेज इंडिया ग्लैम 2024 प्रीति सचदेवा और फैशन कोरियोग्राफर राहुल शर्मा शामिल रहे। जजों ने प्रतिभागियों का विभिन्न मापदंडों पर मूल्यांकन कर अगले चरण के लिए योग्य प्रतिभाओं का चयन किया। अनूप चौधरी ने कहा कि पिछले चार सफल सीजनों के बाद इस वर्ष भी प्रतियोगिता को युवाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मिस्टर राजस्थान आज प्रदेश के युवाओं के लिए सबसे बड़े पुरुष पेजेंट्स में से एक बन चुका है। इस मंच ने कई प्रतिभाओं को मॉडलिंग, फैशन और मनोरंजन जगत में नई पहचान दिलाई है।
बाड़मेर कोतवाली पुलिस ने अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक पिस्टल, दो मैगजीन, तीन कारतूस बरामद किए है। वहीं एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से हथियार की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। कार्रवाई एएनटीएफ की सूचना पर की गई है। कोतवाली थाने के इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया- एनएनटीएफ की ओर से हमें सूचना मिली थी कि एक युवक उसके पास अवैध हथियार हो सकते हैं। उसकी तलाश करते हुए संभावित ठिकाने पर पहुंचे। वहां एक युवक देवीसिंह निवासी उण्डखा को पकड़ कर तलाशी ली गई। उसके पास एक पिस्तौल, दो मैगजीन, तीन कारतूस मिले है। फिलहाल आरोपी युवक को लेकर आए। इसके क्राइम रिकॉर्ड को खंगाला जाएगा। फिलहाल आरोपी से कहां से लेकर आया है, उस सोर्स के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी देवीसिंह के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस का मानना है कि आरोपी से हमें और हथियार मिल सकते है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
लंबे समय से मानदेय और क्लेम की राशि लंबित रहने से नाराज आशा सहयोगिनियों ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। आशा सहयोगिनी कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्वास्थ्य भवन पहुंचीं और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के माध्यम से निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान आशा सहयोगिनियों ने समय पर भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में नियमित भुगतान व्यवस्था लागू करने और लंबित राशि का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की गई है। अक्टूबर से नहीं मिला मानदेय, क्लेम राशि भी अटकी ज्ञापन में आशा सहयोगिनियों ने बताया- उनका मानदेय पिछले वर्ष अक्टूबर माह से लंबित है। इसके अलावा विभिन्न कार्यों के बदले मिलने वाली क्लेम राशि भी लंबे समय से स्वीकृत नहीं हो रही है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से भुगतान भी एकमुश्त करने के बजाय अलग-अलग किस्तों में किया जाता है, जिससे आर्थिक योजना बनाना मुश्किल हो जाता है और कर्मचारियों को अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ता है। योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के बावजूद अनदेखी का आरोप आशा सहयोगिनी भावना शर्मा ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का काम करती हैं। वे गर्भवती महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत और जिम्मेदारी के साथ काम करने के बावजूद उनकी स्वयं की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। आशा सहयोगिनियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से लंबित मानदेय व क्लेम राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
सूरजपुर जिले में 12 घंटे के भीतर करंट लगने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक मासूम बच्चे और एक युवक की मौत हो गई। पहली घटना रामानुजनगर विकासखंड के सारसताल रेलवे ट्रैक के पास हुई, जहां 25 केवी हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से 8 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना कोट गांव में हुई, जहां घर के पीछे लगाए गए झटका तार की चपेट में आने से 21 वर्षीय युवक की जान चली गई। करंट का झटका इतना तेज था कि युवक संभल नहीं सका और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। केस-1 जानकारी के अनुसार, सारसताल रेलवे ट्रैक के आसपास कुछ युवक बकरियां चरा रहे थे। उनके पीछे-पीछे गांव का 8 वर्षीय बच्चा भी वहां पहुंच गया। इसी दौरान खेलते समय या अनजाने में वह रेलवे की 25 केवी हाई वोल्टेज विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया। रेलवे की हाई वोल्टेज लाइन बनी मासूम की मौत का कारण करंट लगने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल सूरजपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बच्चा इस साल पांचवीं कक्षा में एडमिशन लेने वाला था। रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। कई स्थानों पर न तो फेंसिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि ट्रैक के आसपास सुरक्षा घेराबंदी और निगरानी की व्यवस्था होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने रेलवे विभाग से संवेदनशील क्षेत्रों में फेंसिंग, सुरक्षा दीवार और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है। केस-2 दूसरी घटना सूरजपुर जिले के कोट गांव में हुई। यहां 21 वर्षीय युवक अपने घर के पीछे स्थित खेत की ओर गया था। इसी दौरान वह बिजली प्रवाहित झटका तार की चपेट में आ गया। काफी देर बाद परिजनों की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस कर रही जांच सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण करंट लगना पाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों और घरों के आसपास जंगली जानवरों तथा मवेशियों से फसलों की सुरक्षा के लिए कई जगहों पर झटका तार लगाए जाते हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित तार किस उद्देश्य से लगाया गया था और उसमें बिजली प्रवाहित होने की स्थिति कैसे बनी। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल दोनों घटनाओं ने विद्युत सुरक्षा और जनजागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा इंतजामों की कमी सामने आई है, तो दूसरी ओर खेतों में लगाए जाने वाले झटका तारों की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पलवल में ठगी के आरोप में युवक काबू:2 मोबाइल बरामद, साइबर फ्रॉड के लिए भेजे गए मैसेज भी मिले
पलवल में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने छांयसा-मढ़नाका मार्ग पर कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिनकी जांच में साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के संकेत मिले हैं। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि 22 जून को उनकी टीम हथीन में गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि छांयसा गांव निवासी समीम साइबर ठगी की वारदातों में संलिप्त है और फिलहाल मढ़नाका गांव को जाने वाले कच्चे रास्ते पर मौजूद है। टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। मोबाइल में मिले ठगी के सबूत जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजकर बैंक खातों से पैसे निकालने से जुड़े सबूत मिले। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल की जांच में भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज पाई गई, जिसमें 12 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन कब्जे में लेकर साइबर ठगी की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सीधी में एसडीएम और थाना प्रभारी भदौरा पहुंचे:जमीनी विवाद में मारपीट मामले में दो पक्षों को दी समझाइश
सीधी के लिए मड़वास थाना क्षेत्र के ग्राम भदौरा में शासकीय भूमि और सार्वजनिक हैंडपंप को लेकर हुए विवाद और मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मंगलवार दोपहर कुसमी एसडीएम शैलेश द्विवेदी और मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सरपंच पुत्र रमेश पुनाड़िया, उपसरपंच कैलाश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। दोनों पक्षों से एसडीएम की चर्चा एसडीएम शैलेश द्विवेदी ने विवादित स्थल का निरीक्षण करने के बाद दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने सार्वजनिक हैंडपंप और शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। एसडीएम ने दोनों पक्षों से आपसी विवाद समाप्त कर गांव में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की। मारपीट के मामले में प्रकरण दर्ज मड़वास थाना प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि मारपीट की घटना के संबंध में थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने दोनों पक्षों को कानून व्यवस्था बनाए रखने की समझाइश देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों से भी की बातचीत प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव के लोगों से चर्चा कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर जोर दिया। ग्रामीणों ने भी भविष्य में आपसी सौहार्द बनाए रखने और विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का भरोसा दिलाया। प्रशासन की समझाइश के बाद गांव में फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। शासकीय भूमि और सार्वजनिक हैंडपंप को लेकर था विवाद जानकारी के अनुसार, 18 जून को सुबह करीब 10 बजे शासकीय भूमि और सार्वजनिक हैंडपंप पर कथित कब्जे को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट हुई थी। घटना में रमेश तिवारी, अमित तिवारी, सुमित तिवारी, गोबिंद सेन, मुन्ना सेन सहित दोनों पक्षों के अन्य लोग और कुछ महिलाएं भी शामिल बताई गई थीं। मारपीट में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे, जिनका उपचार जिला अस्पताल सीधी में कराया गया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और आगे किसी भी प्रकार के विवाद पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
भारतीय किसान संघ (भाकिसं) जिला हरदा की मासिक बैठक मंगलवार को बलराम सभागृह कृषि उपज मंडी में हुई। जिला प्रभारी सर्वज्ञ दीवान की उपस्थिति में हुई इस बैठक में मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी की मात्रा निर्धारित न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मूंग खरीदी की अनुमति मांगी है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा भी की थी। हालांकि, अभी तक खरीदी की मात्रा स्पष्ट नहीं की गई है। भाकिसं ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर खरीदी की मात्रा स्पष्ट नहीं की गई, तो संघ एक बड़ा आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी। संघ ने 2025 की सोयाबीन बीमा राशि के शीघ्र भुगतान की मांग भी की। बताया गया कि बीमा राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन किसानों को अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। ई-टोकन व्यवस्था सरल करने की भी मांगखाद की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। किसानों को ई-टोकन व्यवस्था को सरल करते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई। मोरंड गंजाल संयुक्त सिंचाई परियोजना के संबंध में राज्य शासन द्वारा बताया गया कि परियोजना स्वीकृत हो चुकी है। शेष खामियों को एक-दो माह में दूर कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। बैठक में जिला प्रभारी सर्वज्ञ दीवान, जिलाध्यक्ष महेश शर्मा, प्रदेश मंत्री योगेंद्र भांभू, प्रांत उपाध्यक्ष नरेंद्र दोगने, संभाग अध्यक्ष विनोद पाटिल, आनंद राम किरार, हरिशंकर सारण, राजेंद्र बांके, बृजमोहन राठौर, कैलाश जलावड़ा, विष्णु गौर, बालक दास छापरे, राजनारायण गौर, दीपचंद नवाद, विनय यादव, दीपक पटेल, सियाराम गौर, नारायण मातमा, विजेश मुकाती, संतोष गौर, रामकृष्ण कुशवाह और रेवा शंकर दोगने, रमेश जलवाणिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बंद मकान में आग, लाखों का सामान जलकर राख:मऊगंज से फायर वाहन मौके पर पहुंचा; गृहस्थी का सामान जला
मऊगंज जिले के जोरौट गांव में मंगलवार दोपहर एक बंद मकान में आग लग गई। घटना में लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया। आग लगने के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे घटना के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका। जानकारी के अनुसार, यह मकान जोरौट निवासी अर्जुन शर्मा का है, जिनका परिवार वर्तमान में नागपुर में रहता है। गांव स्थित उनका मकान बंद था और उसमें ताला लगा हुआ था। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीणों ने मकान से धुआं और आग की लपटें निकलते देखीं। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और लोगों ने तत्काल आसपास के लोगों को इकट्ठा किया। घरेलू उपयोग का सामान जलकर राख हुआ घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई। मऊगंज से फायर वाहन मौके पर पहुंचा। फायरमैन घनश्याम और उनकी टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।हालांकि, आग बुझने तक मकान के अंदर रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। ग्रामीणों के मुताबिक, घरेलू उपयोग का सामान, फर्नीचर, कपड़े और अन्य सामग्री पूरी तरह जल गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस आगजनी में करीब एक लाख रुपये या उससे अधिक का नुकसान हुआ है। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारण सामने नहीं आए हैं और स्थानीय अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है।
पानीपत जिले में इसराना उपमंडल के नौल्था गांव में प्रशासन ने गोचर भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया। इस कार्रवाई में दो एकड़ जमीन को मुक्त कराया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) मतलौडा विशाल कुमार पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। यह दो एकड़ गोचर भूमि पिछले लगभग 20 वर्षों से आरोपी सतवीर सिंह के कब्जे में थी, जिस पर वह खेती कर रहा था। नौल्था डुंगरान के सरपंच ने इस भूमि को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) को सौंपने के उद्देश्य से कब्जा मुक्त कराया है। एनजीटी को भूमि देने का प्रस्ताव हुआ था पारित इससे पहले, नौल्था के सरपंच बलराज सिंह ने एनजीटी को एक अन्य गोचर भूमि देने का प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि, उस जमीन पर भी अवैध कब्जा है। वर्तमान नौल्था डुंगरान के सरपंच ने कथित तौर पर इस जमीन का तबादला कर सतवीर सिंह के कब्जे वाली भूमि को एनजीटी को देने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने पहले से नहीं दी कोई सूचना : प्रदीप कब्जाधारी सतवीर सिंह के बेटे प्रदीप ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उन्हें कार्रवाई से पहले कोई सूचना नहीं दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि गोचर भूमि को खाली कराना है, तो नौल्था में लगभग 500 एकड़ गोचर भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिन्हें भी खाली कराया जाना चाहिए। प्रदीप ने आरोप लगाया कि सरपंच केवल कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि अपने चहेतों द्वारा बनाए गए बड़े प्लांट और मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रहा है। प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया प्रदीप ने प्रशासन पर भी भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि नौल्था में कुल 1236 एकड़ पंचायत भूमि है, लेकिन पंचायत केवल 33 एकड़ भूमि ही पट्टे पर दे पाती है। इस 33 एकड़ भूमि का राजस्व दो पंचायतों में बंट जाता है। प्रदीप के अनुसार, लगभग हजार एकड़ पंचायत भूमि पर ग्रामीणों ने अवैध कब्जा कर रखा है, जिस पर जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बिजली आपूर्ति से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की और उनके समाधान की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से दुबहड़ बिजलीघर से संबंधित समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि दुबहड़ उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी पोषक सहरसपाली पर अत्यधिक भार की समस्या को अब दूसरे 11 केवी पोषक जनाड़ी पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस कदम से दुबहड़ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की समस्या समाप्त हो गई है और अब उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मिल रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के समाधान के बाद संबंधित उपभोक्ताओं से फोन पर संपर्क कर उनका फीडबैक भी लिया जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और उपभोक्ता संतुष्टि का आकलन किया जा सके। सिंह ने निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त विद्युत परिवर्तकों (ट्रांसफार्मरों) को निर्धारित समय सीमा के भीतर बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने विद्युत अधिकारियों से जनहित से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी रखने को कहा। जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम से प्राप्त शिकायतों को तत्काल निस्तारित करने का भी निर्देश दिया, जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विद्युत व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य अभियंता (वितरण) आजमगढ़ क्षेत्र, आजमगढ़ सहित जनपद बलिया के सभी अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में कॉकरोच बनकर पहुंचा युवक:फर्जी जल बिल और हाउस टैक्स आईडी निरस्त करने की मांग की
नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। गांधी नगर निवासी विष्णुकांत शर्मा कॉकरोच का रूप धारण कर अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों की शिकायतों पर लगातार ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्होंने यह तरीका अपनाया। शर्मा ने नगर निगम आयुक्त को शिकायत सौंपते हुए अपनी पत्नी के नाम पर दर्ज कथित फर्जी जल बिल और हाउस टैक्स आईडी को रद्द करने की मांग की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में जल कनेक्शन का पूरा बिल जमा कर कनेक्शन विच्छेद करा दिया गया था, जिसकी रसीद उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद उनके नाम पर जल बिल क्रमांक WB-6/2025/1002762072 जारी किया गया है। शर्मा ने हाउस टैक्स आईडी 4811451214 को भी गलत बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी वास्तविक हाउस टैक्स आईडी 100176230 है और इससे संबंधित सभी दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। इस जनसुनवाई में वार्ड क्रमांक 21 के पार्षद बृजेश श्रीवास भी अपने क्षेत्र के निवासियों के साथ पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट का मुद्दा उठाया और निगम अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। पार्षद श्रीवास ने बताया कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें सुबह 3 बजे उठकर पानी भरना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में पानी की एक महत्वपूर्ण लाइन क्षतिग्रस्त है। रहवासी पिछले दो महीनों से निगम अधिकारियों को इसकी मरम्मत के लिए सूचित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सोनीपत में ट्रैफिक पुलिस ने जिले की यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। इसी क्रम में, पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक नरेंद्र कादयान के निर्देशन में कुंडली थाना क्षेत्र के निफ्टम चौक और एचएसआईआईडीसी चौक स्थित फ्लाईओवर के नीचे से अवैध अतिक्रमण हटाए गए। अभियान के दौरान, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक कर्मबीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फ्लाईओवर के नीचे सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी कब्जों, अवैध रूप से रखे गए सामान और यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले अतिक्रमणों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण न करने की चेतावनी भी दी गई। 'अतिक्रमण मिलने पर होगी कार्रवाई' नरेंद्र कादयान ने बताया कि सड़क और सार्वजनिक स्थान आमजन की सुविधा के लिए होते हैं। अवैध अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए ऐसे अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमित रूप से अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जहां कहीं भी अवैध अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 'आगे भी जारी रहेगा अभियान' पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक ने आमजन से भी अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण न करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सोनीपत ट्रैफिक पुलिस का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, ताकि शहर में सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी 'ग्रामीण सेवा शिविर 2026' और 'शहरी सेवा शिविर 2026' आमजन के लिए राहत का नया सवेरा साबित हो रहे हैं। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को मालिकाना हक के दस्तावेज और शहरी क्षेत्रों के लोगों को आवश्यक प्रमाण पत्र मौके पर ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बूंदी जिले में आयोजित शिविरों में एक महिला को सालों बाद अपने मकान का पट्टा मिला, जबकि एक व्यक्ति को मात्र 20 मिनट में बेटे का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। पट्टा मिलने से दूर हुई अतिक्रमण की आशंका हिण्डोली पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बड़गांव निवासी चंद्रकला देवी के पास अपने मकान का कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं था। इस कारण पड़ोसी अक्सर उनकी भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास करते थे और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। ग्रामीण सेवा शिविर में पंचायत प्रशासन और अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद्रकला देवी को उनके मकान का पट्टा सौंप दिया गया। पट्टा मिलने के बाद चंद्रकला ने राहत व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें भविष्य में अतिक्रमण या अन्य विवादों का डर नहीं रहेगा। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। 20 मिनट में मिला जन्म प्रमाण पत्र नगरपालिका देई में आयोजित शहरी सेवा शिविर ने सरकारी सेवाओं की त्वरित उपलब्धता का उदाहरण पेश किया। देई निवासी रामनिवास मीणा को शिविर के प्रचार के माध्यम से जानकारी मिली और वे अपने बेटे के जन्म पंजीयन के लिए शिविर में पहुंचे। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे दस्तावेज बनने में कई दिन लग जाते हैं, लेकिन नगरपालिका प्रशासन ने महज 20 मिनट में जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर रामनिवास को सौंप दिया। तेज और सरल प्रक्रिया से खुश रामनिवास ने कहा कि उनका समय बचा और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने राज्य सरकार और नगरपालिका प्रशासन का धन्यवाद किया। गणेश लाल को पीएम स्वनिधि योजना से मिली नई राह मनिहारी और क्रॉकरी का सामान बेचकर परिवार चलाने वाले गणेश लाल कोरोना काल में बीमारी और आर्थिक तंगी के कारण गंभीर संकट में आ गए थे। व्यापार ठप होने से उनकी पूंजी खत्म हो गई और रोजमर्रा के खर्च व कारोबार चलाने के लिए उन्हें ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ा। इससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जाता था। इसी दौरान नगर परिषद के माध्यम से उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत मिले ऋण से उन्होंने फिर से सामान खरीदकर अपना कारोबार शुरू किया। समय पर ऋण चुकाने के कारण उन्हें क्रमशः अधिक राशि के ऋण भी मिले, जिससे उनका व्यवसाय धीरे-धीरे पटरी पर लौट आया। आज गणेश लाल डिजिटल भुगतान अपनाकर बेहतर तरीके से व्यापार कर रहे हैं और योजना से मिली सहायता को अपने जीवन का बड़ा सहारा मानते हैं। दफ्तरों के चक्कर से मिल रही मुक्ति ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों का उद्देश्य विभिन्न सरकारी सेवाओं को लोगों के घरों के निकट उपलब्ध कराना है। शिविरों में पट्टे, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नामांतरण, पेंशन, राशन कार्ड सहित अन्य जरूरी कार्यों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है, जिससे आमजन को राहत मिल रही है। 24 और 25 जून को यहां लगेंगे शहरी सेवा शिविर जिले में 'शहरी सेवा शिविर 2026' का आयोजन 15 जुलाई तक किया जा रहा है। 24 और 25 जून को जिले के विभिन्न नगर निकायों में शिविर आयोजित होंगे। बूंदी नगर परिषद: 24 जून को वार्ड 19-20, 25 जून को वार्ड 21-22, स्थान– नगर परिषद कार्यालय, छत्रपुरा लाखेरी नगरपालिका: 24 जून को वार्ड 11-12, 25 जून को वार्ड 13-14, स्थान– सभाभवन हिंडोली नगरपालिका: 24 जून को वार्ड 8, 25 जून को वार्ड 9, स्थान– नगरपालिका कार्यालय केशवरायपाटन नगरपालिका: 24 जून को वार्ड 6, 25 जून को वार्ड 7, स्थान– नगरपालिका कार्यालय इंद्रगढ़ नगरपालिका: 24 जून को वार्ड 8, 25 जून को वार्ड 9, स्थान– नगरपालिका परिसर देई नगरपालिका: 24 जून को वार्ड 8, 25 जून को वार्ड 9, स्थान– नगरपालिका कार्यालय कापरेन नगरपालिका: 24 जून को वार्ड 8, 25 जून को वार्ड 9, स्थान– नगरपालिका सभागार लोगों से शिविरों का लाभ लेने की अपील प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे शिविरों में पहुंचकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे, नामांतरण, पेंशन, राशन कार्ड सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ उठाएं।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में ग्रामीणों ने डायल 112 के कर्मियों के साथ मारपीट करने वाले 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सभी का जुलूस निकाला और कोर्ट में पेश किया। ग्रामीणों ने 112 टीम में शामिल पुलिस आरक्षक के ऊपर बैठकर और ड्राइवर को लात-मुक्कों और चप्पल से इतना पीटा कि वे बेहोश हो गए थे। मामला प्रतापपुर थाना क्षेत्र का है। दरअसल, शुक्रवार 19 जून की रात प्रतापपुर-सेमरसोत रोड पर खड़े ट्रक से एक बाइक में सवार चार युवक तेज रफ्तार में टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर प्रतापपुर से डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पहले हादसे में दो घायलों को टीम ने प्रतापपुर हॉस्पिटल पहुंचाया। जब टीम दोबारा पहुंची तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। बेहोश होते तक पीटा, 3 की हो गई थी मौत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गाड़ियों की चेकिंग और ट्रक को रोकने के कारण यह हादसा हुआ। इसी बात को लेकर गुस्साए ग्रामीणों ने आरक्षक नीतेश टोप्पो और ड्राइवर चंद्रमल यादव के साथ बेरहमी से मारपीट की। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बचाया। बता दें कि इस हादसे में 3 युवकों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रक में आग लगा दी। यह मामला प्रतापपुर थाना क्षेत्र के बैकोना गांव की है। डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दोनों प्रकरणों में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पहले देखिए तस्वीरें… पुलिस ने आरोपियों का निकाला जुलूस डायल 112 टीम के घायल आरक्षक निशांत टोप्पो की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकेश पैकरा, सियज पैकरा, नरेश एवं अन्य के खिलाफ धारा 115(2), 121(1), 132, 190-, 191(2), 221, 296 के तहत अपराध दर्ज किया था। वहीं डायल 112 के ड्रायवर चंद्रमल यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने 324(5) के तहत अपराध दर्ज किया था। मामले में सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई। पुलिस ने मामले में आरोपी मुकेश पैकरा (23 वर्ष), करमसाय पैकरा (21 वर्ष), अभय पैकरा (20 वर्ष), नरेश पैकरा (27 वर्ष), पारसनाथ पैकरा (32 वर्ष), शिवसागर पैकरा (30 वर्ष), प्रकाश पैकरा (19 वर्ष), रामकेवल पैकरा (26 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को मुख्य सड़क से जूलूस निकलवाया और कहलवाया कि अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है। प्रतापपुर एसडीओपी अनूप एक्का ने बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, बैकोना चारों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर बैकोना से शादी समारोह में शामिल होने खजूरी गांव जा रहे थे। ग्राम पंचायत रामपुर के मेन रोड से गुजर रहे थे, तभी सड़क किनारे हादसे के बाद खड़े मक्का लोड ट्रक से उनकी बाइक पीछे से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि, बाइक पूरी तरह डैमेज हो गई और 3 युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल अरमान पैकरा को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। घटना से नाराज और गुस्साए लोगों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। डायल 112 कर्मियों पर वाहन चेकिंग करने के शक पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और ट्रक को आग के हवाले कर दिया था। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई और एक युवक को अंबिकापुर रेफर कर दिया गया था। ……………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें….. खड़े ट्रक से टकराई बाइक, 3 दोस्तों की मौत:सूरजपुर में शादी में जा रहे थे, गुस्साई भीड़ ने गाड़ी फूंकी, पुलिसकर्मियों को पीटा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में तेज रफ्तार बाइक सवार 4 दोस्त सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गए। हादसे में 3 युवकों की मौके पर मौत हो गई। जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रक में आग लगा दी। डायल 112 के पुलिसकर्मियों से मारपीट भी की। चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर शादी में शामिल होने जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में मोहर्रम की 7वीं तारीख पर मंगलवार को मुस्लिम समाज द्वारा हजरत मौला अब्बास की याद में पारंपरिक अलम और अखाड़ों का जुलूस निकाला गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग और युवा शामिल हुए। जुलूस में शामिल सभी अखाड़े सबसे पहले मस्जिद चौक पर एकत्रित हुए। इसके बाद जुलूस मस्जिद चौक से शुरू होकर बैंक चौराहा, मेन मार्केट, फूलचंद चौराहा और प्राथमिक विद्यालय मार्ग से होता हुआ पुनः मस्जिद चौक पहुंचा। शाम करीब 4 बजे जुलूस का समापन किया गया। युवाओं ने लाठी-तलवार से करतब दिखाए जुलूस का विशेष आकर्षण तिरंगे की थीम पर सजाया गया अलम रहा, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। इस दौरान विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने लाठी, तलवार और पारंपरिक कौशल का प्रदर्शन किया। कुछ युवाओं ने हैरतअंगेज करतब भी दिखाए, जिनकी उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की। जुलूस के समापन के बाद समाजजनों द्वारा मलिदा और शरबत का वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान नगर में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। तस्वीरें देखिए…
भिंड जिले के मिहोना थाना क्षेत्र में स्थित कछवाह क्षत्रिय समाज (कुशवाह) की कुलदेवी जमवाय माता मंदिर में चोरी की वारदात सामने आई है। अज्ञात चोर मंदिर से माता रानी के चांदी के छत्र चोरी कर ले गए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। मंदिर समिति की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कछवाहघार क्षेत्र में स्थित जमवाय माता मंदिर समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सोमवार देर रात अज्ञात बदमाश मंदिर परिसर की करीब सात फीट ऊंची दीवार फांदकर अंदर घुसे और गर्भगृह में स्थापित माता रानी पर चढ़े चांदी के छत्र चोरी कर ले गए। सुबह जब पुजारी और श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो चोरी की जानकारी सामने आई। सीसीटीवी कैमरे बंद मिलेघटना की सूचना मिलते ही मंदिर समिति के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को अवगत कराया। जांच के दौरान मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए, जिससे चोरों की पहचान करने में पुलिस को कठिनाई हो रही है। समिति सदस्यों का कहना है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया है। मंदिर समिति ने मिहोना थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी गए चांदी के छत्र बरामद करने की मांग की है। घटना के बाद समाज के लोगों में नाराजगी है और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। समिति की शिकायत पर एफआईआर मिहोना थाना पुलिस ने मंदिर समिति की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है तथा संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरी की वारदात का खुलासा किया जाएगा।
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद नोएडा में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पड़ताल में सामने आया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में एक हजार से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय के रिकॉर्ड में महज 57 कोचिंग सेंटर ही रजिस्टर्ड हैं। इनमें भी बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर ऐसे हैं जो गांव की जमीन पर बनी चार से छह मंजिला इमारतों में चल रहे हैं, जहां न आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं और न ही आपात स्थिति में बाहर निकलने का दूसरा रास्ता। सेक्टर-12 और 22 में एक कमरे में चल रही दर्जनों कोचिंग ग्राउंड पड़ताल में सेक्टर-12 और 22 में 60 से अधिक छोटे-बड़े कोचिंग सेंटर मिले। इनमें कई एक या दो कमरों में संचालित हो रहे हैं। अधिकतर इमारतों में आग बुझाने के उपकरण नहीं मिले। छात्रों और शिक्षकों के आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही सीढ़ी या रास्ता है। ऐसे में आग लगने जैसी स्थिति में दर्जनों छात्रों का सुरक्षित बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। कई इमारतों में बिजली के पैनल खुले मिले। उन्हें ढंकने तक की व्यवस्था नहीं की गई है। कुछ भवनों में नीचे मार्ट और दुकानें हैं, जबकि ऊपर की मंजिलों पर कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा चिंता नोएडा के आसपास के गांवों में बनी बहुमंजिला इमारतों में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से अधिकांश बिना किसी स्पष्ट सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं। संकरी सीढ़ियां, सीमित निकास और अग्निशमन उपकरणों की कमी छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। 57 कोचिंग का ही रजिस्ट्रेशन, 100 से ज्यादा को नोटिस डीआईओएस चंद्रशेखर के मुताबिक विभाग के रिकॉर्ड में अभी केवल 57 कोचिंग सेंटर रजिस्टर्ड हैं। 100 से अधिक कोचिंग सेंटरों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं।उनके पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। विभाग की ओर से मानकों की जांच भी की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल, बाकी कोचिंग का क्या होगा? शहर और गांवों में संचालित सैकड़ों कोचिंग सेंटर अभी भी विभागीय रिकॉर्ड से बाहर हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या इन संस्थानों की सुरक्षा जांच होगी? क्या बिना पंजीकरण और बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई होगी या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी? फैक्ट फाइल
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की टीम ने आज अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एकलिंगजी (कैलाशपुरी) तालाब के पास पहाड़ी भूमि पर किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया। यूडीए कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने बताया कि राजस्व ग्राम मूणवास की आराजी संख्या 1944/427 स्थित पहाड़ी भूमि को काटकर बिना सक्षम स्वीकृति के व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण दल ने पहले निर्माण को प्रारंभिक स्तर पर ही रुकवाते हुए संबंधित पक्ष को बिना अनुमति निर्माण नहीं करने के लिए पाबंद किया था। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया। सचिव राजपाल सिंह के अनुसार- इसके बाद उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 32 के तहत प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में भी संबंधित पक्ष कोई वैध निर्माण स्वीकृति प्रस्तुत नहीं कर सका और निर्माण कार्य जारी रखा। इस पर प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माण को सीज कर दिया। कमिश्नर खन्ना ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले नियमानुसार स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति किए गए निर्माणों का नियमन संभव नहीं होता, जिससे बाद में कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। प्राधिकरण भविष्य में भी अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा। कार्रवाई तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के निर्देशन में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेंद्र सेन, बाबूलाल तेली, पटवारी दीपक जोशी तथा होमगार्ड जाब्ते की मौजूदगी में की गई। ये खबर भी पढ़िए… फर्जी पट्टे पर बने अतिक्रमण पर UDA का चला बुलडोजर:शिल्पग्राम के पास प्लॉट पर अवैध निर्माण ध्वस्त, ग्राउंड+वन स्ट्रक्चर तोड़ा गया (पूरी खबर पढ़े..)

