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रंगों में छिपे इंडस्ट्रियल केमिकल बढ़ाते हैं 30% स्किन-आई केस:एक्सपर्ट बोले- बचाव के लिए ट्रिपल लेयर प्रोटेक्शन प्लान अपनाएं; अस्पताल और 108-104 अलर्ट

होली रंगों और उमंग का त्योहार है, लेकिन हर साल इसके बाद अस्पतालों में त्वचा, आंख और बालों से जुड़ी शिकायतों में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सस्ते और चमकीले रंगों के लिए इंडस्ट्रियल केमिकल, हेवी मेटल्स और अल्कलाइन पाउडर का उपयोग किया जा रहा है, जो त्वचा के प्राकृतिक बैरियर और पीएच स्तर को बिगाड़ देते हैं। 4 मार्च को होगी खेली जाएगी। राजधानी भोपाल में इस बार भी अस्पतालों ने विशेष तैयारी की है। डॉक्टरों ने ‘ट्रिपल लेयर प्रोटेक्शन प्लान’ अपनाने की सलाह दी है, वहीं 108 एंबुलेंस और 104 हेल्पलाइन को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। इंडस्ट्रियल केमिकल से बढ़ती समस्यागांधी मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक एंड बर्न विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आनंद गौतम बताते हैं कि बीते कुछ वर्षों में होली के रंगों में लेड, कॉपर सल्फेट, माइका पाउडर और अन्य इंडस्ट्रियल केमिकल का उपयोग बढ़ा है। कम लागत में रंग तैयार करने की होड़ में त्वचा के लिए हानिकारक तत्व मिलाए जा रहे हैं। ये रसायन त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाकर उसका प्राकृतिक बैरियर कमजोर कर देते हैं। इससे रेडनेस, खुजली, एक्ने, एलर्जी और यहां तक कि केमिकल डर्मेटाइटिस जैसी समस्या हो सकती है। किन लोगों को ज्यादा सावधानीडॉ. गौतम के अनुसार ऑयली स्किन, एक्ने-प्रोन स्किन या अत्यधिक ड्रायनेस वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। त्वचा की ऊपरी परत एक सुरक्षात्मक ढाल की तरह काम करती है, जो नमी को बनाए रखती है और बाहरी नुकसान से बचाती है। यदि यह बैरियर कमजोर हो जाए तो रंगों के कैमिकल सीधे अंदरूनी त्वचा पर असर डालते हैं। आंखों की सुरक्षा जरूरीआंखों में रंग जाने पर खुद से आई ड्रॉप न डालें। बार-बार साफ पानी से धोएं और जलन खत्म न हो तो चिकित्सक से सलाह लें। यदि रेडनेस, खुजली या धुंधलापन बढ़े तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। भोपाल में 108 एंबुलेंस अलर्ट होली के दौरान राजधानी में 108 एंबुलेंस सेवा पूरी तत्परता से तैनात रहेगी। AIIMS Bhopal, Hamidia Hospital, JP Hospital Bhopal सहित प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। सीएमएचओ कार्यालय ने आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों में ऑन-कॉल डॉक्टर और आरक्षित बेड की व्यवस्था की गई है। सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार के अनुसार 108 सेवा जीवन रक्षक उपकरणों से सुसज्जित है और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराएगी। 104 हेल्पलाइन भी सक्रिय104 हेल्थ हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इस नंबर पर कॉल कर नागरिक सामान्य बीमारी, त्वचा एलर्जी, मानसिक तनाव या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर डॉक्टर से मुफ्त परामर्श ले सकते हैं। सुरक्षित होली की अपीलमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने अपील की है कि केमिकल फ्री रंगों का उपयोग करें, शराब और नशीले पदार्थों से दूर रहें तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। त्योहार की खुशियां तभी कायम रहेंगी, जब सावधानी और सुरक्षा साथ हो। इस बार होली में रंगों के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। अस्पतालों की विशेष व्यवस्था (होली एवं रंग पंचमी पर)

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 4:19 am